सजधज कर तैयार प्रियंका, फिरंगी पति संग की करवा चौथ की पूजा
प्रियंका चोपड़ा विदेश में रहकर भीहर त्योहार को धूमधाम से मनाती हैं. उन्होंने हर साल की तरह इस साल भी पति निक जोनस के लिए करवाचौथ का व्रतरखा.
हेल्थकेयर में भारत ने की तरक्की, आयुष्मान योजना सफल : डॉ. महेश शर्मा
भारत में हार्ट बाईपास सर्जरी सहित कई गंभीर बीमारियों का इलाज पश्चिमी देशों की तुलना में कम खर्च में उपलब्ध है. सांसद डॉ. महेश शर्मा ने इंडिया टुडे हेल्थवेल्थ समिट में मेडिकल सुविधाओं के विस्तार और आयुष्मान भारत योजना की सफलता पर चर्चा की. उन्होंने बताया कि मेडिकल शिक्षा के विस्तार से डॉक्टरों की संख्या बढ़ी है.
Delhi Police ने 1.5 करोड़ रुपये के MDMA और कोकीन के साथ 4 तस्कर पकड़े
दिल्ली पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में तीन नाइजीरियाई नागरिकों और दिल्ली के एक निवासी को गिरफ्तार किया है तथा उनके पास से 417 ग्राम एमडीएमए और 105 ग्राम कोकीन बरामद की है, जिसकी कुल कीमत 1.5 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आरोपी सहयोगियों के एक गिरोह के माध्यम से कथित तौर पर मादक पदार्थों की खरीद, भंडारण और आपूर्ति करते थे तथा थोक एवं खुदरा वितरण में शामिल थे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान नाइजीरियाई नागरिकों नामदी ओसिता उर्फ जोहान पीटर (46), विक्टर ओकाफोरो (33) और ओबिन्ना माइक अर्नेस्ट (32) तथा स्थानीय नागरिक अत्तर सिंह उर्फ लकी (23) के रूप में हुई है। तीनों विदेशी नागरिक और सिंह दिल्ली के नीलोठी इलाके में रहते हैं। अधिकारी ने कहा कि 25 सितंबर को एक पुलिस टीम को सूचना मिली कि पीटर पूरे दिल्ली-एनसीआर में कोकीन और एमडीएमए की आपूर्ति करता है तथा चंद्र विहार में शुक्र बाजार रोड के पास मादक पदार्थों को पहुंचाने आएगा। उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए टीम मौके पर पहुंची और पीटर तथा उसके दो सहयोगियों ओकाफोरो और अर्नेस्ट को पकड़ लिया। अधिकारी ने बताया कि तलाशी के दौरान, टीम ने पीटर और ओकाफोरो के पास से क्रमशः 55 ग्राम और 301 ग्राम एमडीएमए बरामद किया, जबकि अर्नेस्ट के पास से 105 ग्राम कोकीन जब्त की गई। अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान पीटर और अर्नेस्ट ने सिंह के साथ अपने संबंधों का खुलासा किया, जिसके बाद सिंह को नीलोठी स्थित उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से 61 ग्राम और एमडीएमए बरामद किया। इस संबंध में अपराध शाखा थाने में स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। तीनों विदेशी भारत में रहने के लिए वैध वीजा प्रस्तुत करने में नाकाम रहे जिसके बाद प्राथमिकी में आव्रजन एवं विदेशी अधिनियम, 2025 की धाराएं भी जोड़ी गईं। अधिकारी ने कहा कि पीटर 2013 में पर्यटन वीजा पर भारत आया था और वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से रह रहा था, जबकि अर्नेस्ट 2016 में कारोबारी वीजा पर आया था और ओकाफोरो 2020 में चिकित्सा वीजा पर आया था। पुलिस ने बताया कि इन तीनों विदेशी नागरिकों के खिलाफ हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली और हरियाणा में पूर्व में एनडीपीएस के तहत मामले दर्ज थे। पुलिस ने कहा कि सिंह व्यक्तिगत उपभोग के लिए मादक खरीदता था और इसी दौरान इन तीनों के संपर्क में आया था और बाद में पैसा कमाने के लिए नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने लगा। पुलिस ने कहा कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है।
35 लाख अभ्यर्थी देंगे PET परीक्षा, प्रयागराज में बंद रहेंगे स्कूल
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की ओर से आयोजित की जा रही प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET 2026) को देखते हुए प्रयागराज जिले में बड़ा फैसला लिया गया है. 30 अक्टूबर को जिले के कक्षा 6 से 12 तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे. जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) डॉ. संतोष कुमार राय ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर सभी प्रधानाचार्यों को इसका सख्त अनुपालन करने का निर्देश दिया है.
फोन को डिजिटल क्लटर से फ्री कैसे करें? Gen Z के लिए 7 आसान तरीके
आजकल फोन में हजारों फोटो, बेकार के स्क्रीनशॉट, गैरजरूरी ऐप्स और लगातार आने वाले नोटिफिकेशन जमा हो जाते हैं. इससे जरूरी चीजें ढूंढना मुश्किल हो सकता है. ऐसे में जेन जी कुछ आसान तरीकों से अपने फोन को डिजिटल क्लटर से फ्री कर सकती हैं. गैलरी और डाउनलोड्स साफ करने से लेकर नोटिफिकेशन कम करने तक, ये तरीके फोन को व्यवस्थित रखने में मदद करेंगे.
Arjun Bijlani:
PM Modi गुजरात में 14 हजार करोड़ की योजनाओं की देंगे सौगात, PM Kisan की 24वीं किस्त भी होगी जारी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर जाएंगे। इस दौरान वह 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री अपने गुजरात प्रवास के दौरान ही ‘पीएम-किसान’ योजना के तहत 19,000 करोड़ रुपये की 24वीं किस्त जारी करेंगे और दो ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाएंगे। प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध एकता नगर का दौरा भी करेंगे, जहां वह सांस्कृतिक और पर्यटन महोत्सव ‘भारत पर्व 2026’ का उद्घाटन करेंगे और नर्मदा आरती में शामिल होंगे। मोदी शुक्रवार को गुजरात पहुंचने के बाद सबसे पहले बनासकांठा में ‘एम्ब्रियो ट्रांसफर टेक्नोलॉजी-इन विट्रो फर्टिलाइजेशन’ प्रयोगशाला और ‘भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर’ का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री बनासकांठा में 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे। साथ ही वह ‘पीएम-किसान’ योजना के तहत 19,000 करोड़ रुपये की 24वीं किस्त जारी करेंगे और दो ट्रेन सेवाओं की शुरुआत करेंगे। मोदी का बनासकांठा में एक जनसभा को भी संबोधित करने का कार्यक्रम है। मोदी 31 अक्टूबर को एकता नगर में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे और 400 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री इसके बाद एकता नगर में वर्षा वन और वामन वृक्ष वाटिका का दौरा करेंगे और सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में शामिल होंगे। मोदी अपने गुजरात प्रवास के दौरान अहमदाबाद मेट्रो के चरण 2ए और चरण 2बी की आधारशिला रखेंगे। अमहदाबाद मेट्रो के चरण 2ए की लंबाई छह किलोमीटर से अधिक होगी, जिसमें कोटेश्वर रोड से हवाई अड्डे के बीच पांच स्टेशन होंगे, जबकि चरण 2बी की लंबाई 3.3 किलोमीटर से अधिक होगी, जिसमें गिफ्ट सिटी से शाहपुर तक के तीन स्टेशन शामिल होंगे। वह लगभग 2,600 करोड़ रुपये की लागत से अहमदाबाद-मेहसाणा रोड (राज्य राजमार्ग संख्या-41) को चार लेन से आठ लेन में परिवर्तित करने और सुदृढ़ करने की परियोजना की आधारशिला रखेंगे। इस परियोजना से अहमदाबाद और उत्तरी गुजरात के बीच यात्रा तेज, सुरक्षित और अधिक आरामदायक होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री गुजरात प्रवास के दौरान 4,030 नए बाल-अनुकूल आंगनवाड़ी केंद्रों की आधारशिला रखेंगे और गुजरात में 361 पूर्ण बाल-अनुकूल आंगनवाड़ी केंद्रों का उद्घाटन करेंगे। इस परियोजना पर 800 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा और करीब चार लाख लोगों को लाभ होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी कृषि अवसंरचना कोष के तहत पूरी की गई 521 परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिसपर लगभग 4,950 करोड़ रुपये की लागत आई है। इन परियोजनाओं में कोल्ड स्टोरेज सुविधाएं और कोल्ड स्टोरेज शृंखला,गोदाम, साइलो, पॉलीहाउस एवं ग्रीनहाउस, एकीकृत प्राथमिक एवं माध्यमिक प्रसंस्करण सुविधाएं और प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र शामिल हैं। प्रधानमंत्री 30 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के हिस्से के रूप में एकता नगर में भारत पर्व 2026 का उद्घाटन करेंगे। भारत की सांस्कृतिक विरासत तथा राष्ट्रीय एकता के उत्सव के रूप में परिकल्पित और एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना के प्रतीक के रूप में यह महोत्सव राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपनी विशिष्ट परंपराओं, लोक प्रदर्शनों, क्षेत्रीय व्यंजनों, हस्तशिल्प और पर्यटक आकर्षणों को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करेगा। इस महोत्सव से एकता नगर और आसपास की जगहों पर पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह 15 नवंबर 2026 तक जारी रहेगा।
गंभीर समझा रहे, वैभव सुन रहे... ऑकलैंड में फिर मचेगा बल्ले से कोहराम?
गौतम गंभीर प्रैक्टिस सेशन में वैभव सूर्यवंशी को कुछ समझाते नजर आए, जिससे न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे टी20 में इस युवा बल्लेबाज के खेलने को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है. ईशान किशन की ग्रोइन इंजरी पर अब भी स्थिति स्पष्ट नहीं है. अगर ईशान नहीं खेलते हैं, तो वैभव को अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग का एक और मौका मिल सकता है.
अभी और कितना इंतजार? बस कुछ घंटों में दिखेगा करवा चौथ का चांद
इस सालराजधानी दिल्ली मेंकरवा चौथ पररात 8 बजकर 17 मिनट पर चांद निकलने की बात कही जा रही है.हालांकि देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में इसका समय अलग हो सकता है. यानी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, मुबंई, जम्मू, अहमदाबाद और जम्मू में चांद दिखने का समय अलग हो सकता है.
यूपी MLC चुनाव: सपा का 'अल्पसंख्यक कार्ड' रहा बेदम, मुस्लिम बेल्ट में नहीं चली साइकिल
भारी मुस्लिम आबादी के बावजूद सपा बरेली-मुरादाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव में बुरी तरह हार गई, जहां बीजेपी प्रत्याशी ने 17,676 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की. इस हार ने सपा के पारंपरिक मुस्लिम कार्ड पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है और इस क्षेत्र के दिग्गज मुस्लिम व यादव नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं.
मां से झगड़े के बाद तालाब पहुंची युवती, ऐन वक्त पर गोताखोर ने बचा लिया, Video
भोपाल के वीआईपी रोड पर बड़े तालाब में छलांग लगाने की कोशिश कर रही 22 वर्षीय युवती को गोताखोर फैजुल्ला खान ने समय रहते बचा लिया. प्रारंभिक पूछताछ में युवती ने मां से पैसों के लेनदेन और बहन से विवाद की बात बताई. तलैया थाना पुलिस युवती से पूछताछ कर रही है और उसे समझाइश दे रही है.
देश में लगातार बढ़ रहे 'डिजिटल अरेस्ट' स्कैम को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कड़ी नाराजगी जताई। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने सवाल उठाया कि जागरूकता अभियान, मीडिया में खबरों और अदालत के आदेशों के बावजूद पढ़े-लिखे लोग साइबर ठगों के ...
त्योहारों पर आसमान छू रहा हवाई किराया, दिल्ली-कोलकाता रूट पर ₹78,000 का हुआ टिकट
Diwali Chhath Airfare Surge:
स्पेन में दर्दनाक ट्रेन हादसा, 60 से ज्यादा की मौत, देखें दुनिया आजतक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ये दावा किया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध जल्द खत्म हो सकता है. ट्रंप ने ये दावा तब किया जब यूरोपीय देशों ने भी शांति की पहल तेज कर दी. हालांकि वार्ता की कोशिश के बीच यूक्रेनी शहरों पर रूस के हमले जारी हैं. वहीं, स्पेन में एक दर्दनाक ट्रेन हादसा हुआ. ये हादसा इतना जबरदस्त था कि इसमें 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. दुनिया की ऐसी ही ताजा और अहम खबरों के लिए देखें दुनिया आजतक.
डिनर में बनाएं रेस्टोरेंट जैसी गाढ़ी और मलाईदार पनीर लबाबदार
Paneer Lababdar: अगर आप भी आज करवा चौथ के डिनर में कुछ टेस्टी खाना चाहती हैं तो रेस्ट्रॉन्ट से नहीं बल्कि घर पर आसानी से पनीर लबाबदार की रेसिपी ट्राई करें. यहां हम आपको इसे बनाने का आसान तरीका बता रहे हैं.
ट्रेन में रात को फोन चार्ज करना क्यों है खतरनाक? जानिए सच
ट्रेन में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक चार्जिंग पॉइंट बंद रखने का नियम है. लेकिन क्या ट्रेन में फोन चार्ज करने से बैटरी फट सकती है? आखिर AC और DC करंट में क्या अंतर है और चार्जिंग के दौरान आग लगने का खतरा क्यों बढ़ता है? जानिए इसकी वजह.
झटके में 8 रुपये लीटर महंगा हुआ दूध, सरकार का बड़ा फैसला
कर्नाटक सरकार ने नंदिनी दूध के दाम में बड़ी बढ़ोतरी की है. दूध के दाम में प्रति लीटर 8 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. इस बढ़ोतरी के तहत 7 रुपये का लाभ किसानों को दिया जाएगा और 1 रुपये का लाभ मिल्क फेडरेशन को जाएगा.
रणबीर कपूर, नितेश तिवारी, रवि दुबे और नमित मल्होत्रा की मौजूदगी में आयोजित इस पहल ने छात्रों को रामायण के चिरस्थायी मूल्यों, इसके प्रतिष्ठित पात्रों और उनके फैसलों और रिश्तों की आज के दौर में प्रासंगिकता पर खुलकर संवाद करने का एक अनूठा अवसर दिया.
LIVE: दरभंगा स्नातक सीट से RJD की जीत, अनिल झा ने BJP के सर्वेश कुमार को हराया
LIVE: लखनऊ में कल बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति की बैठक होने जा रही है, इसके उद्घाटन सत्र में गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल होंगे.यह बैठक प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की अध्यक्षता में 30 अक्टूबर को डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय में होगी.
Fake Job Offer को कैसे पहचानें, यहां जानिए 5 टिप्स?
अगर आप नौकरी की तलाश में हैं तो ये खबर आपके लिए. आजकल फेक जॉब ऑफर करने वाला गिरोह बहुत एक्टिव है. जो नौकरी की लालच देकर युवाओं को झांसे में ले रहे हैं जिनसे सावधान रहना बहुत जरूरी है. यहां पर 5 ऐसे टिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे आप जॉब स्कैमर या फेक जॉब की पहचान आसानी से कर सकते हैं.
MCOCA और NDPS केस में वांछित मां-बेटा गिरफ्तार, Delhi Police ने दबोचा
दिल्ली पुलिस ने एक संगठित मादक पदार्थ गिरोह का हिस्सा होने और महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत दर्ज मामलों में वांछित 47 वर्षीय महिला और उसके बेटे को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान नीलम राणा और राहुल राणा (27) के रूप में हुई है, जिन्हें मंगलवार को दिल्ली में उनके संबंधित आवासीय ठिकानों से गिरफ्तार किया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि वे इस साल फरवरी में तिलक नगर थाने में दर्ज मकोका के एक मामले और 2021 में ख्याला थाने में स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में वांछित थे। पुलिस ने बताया कि मकोका का मामला हेरोइन की खरीद और बिक्री में शामिल एक कथित संगठित आपराधिक गिरोह से संबंधित है, जिसमें नीलम के पति और राहुल के पिता राजेश राणा उर्फ बंटी को इसका कथित सरगना बताया गया है। पुलिस ने बताया कि उसके खिलाफ मामले में आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। पुलिस के मुताबिक, नीलम 1995 से अब तक आबकारी कानून के उल्लंघन और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों समेत 13 आपराधिक मामलों में शामिल रही है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि एनडीपीएस अधिनियम के दो अन्य मामलों में भी उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट लंबित थे। अधिकारी ने कहा कि राहुल का नाम 2021 के एक एनडीपीएस मामले में भी है। जांच से पता चला है कि इस परिवार ने हेरोइन की खरीद और बिक्री के लिए एक संगठित गिरोह बनाया था और इसकी कमाई से काफी संपत्ति अर्जित की गई है। अधिकारी ने कहा कि राजेश राणा की गिरफ्तारी के बाद नीलम और राहुल छिप गए थे और गिरफ्तारी से बचने के लिए बार-बार अपने ठिकाने बदल रहे थे। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।
Karwa Chauth Katha Aarti: करवा चौथ की पूजा में जरूर पढ़ें ये कथा और आरती
KarwaChauth Ki Katha: करवा चौथ की पूजा के दौरान करवा चौथ की कथा सुनना या पढ़ना बेहद जरूरी माना जाता है. साथ ही करवा माता की आरती भी बेहद महत्वपूर्ण होती है.
गर्भवती महिला को ले जा रही एम्बुलेंस बनी चिता! सिलेंडर ब्लास्ट में 10 मरे
पाकिस्तान के सिंध प्रांत के थारपारकर जिले में गुरुवार को एंबुलेंस के अंदर ऑक्सीजन सिलेंडर फटने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई. मरने वालों में वह महिला भी है, जिसे बच्चे के जन्म के बाद परेशानियों के कारण दानो ढांढल के बेसिक हेल्थ सेंटर से मीठी शहर के जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था.
कर्नाटक में नंदिनी दूध की कीमतों में 8 रुपये प्रति लीटर की हुई बढ़ोतरी, 1 नवंबर से लागू होंगी नई दरें
स्पेन ट्रेन हादसे पर सरकार के खिलाफ फूटा लोगों का आक्रोश, देखें दुनिया आजतक
स्पेन में हाई स्पीड ट्रेन दुर्घटना पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है. राजधानी मैड्रिड में सरकार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों की पुलिस से झड़प हो गई. परिवहन मंत्रालय के बाहर जुटे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जलती चीजें और बोतलें फेंकीं. रेल हादसे में कम से कम 68 लोगों की मौत हो चुकी है. देखें दुनिया आजतक.
'मंजीरे सुनना चाहता हूं', रामायण के गाने पर 'कृष्ण' ने दिखाए तेवर
नीतीश भारद्वाज ने नितेश तिवारी की 'रामायण' के गाने 'मंगल रंग' की एक पंक्ति शेयर की और पूछा, 'क्या कोई इसके गहरे अर्थ को समझ सकता है?' साथ ही उम्मीद जताई कि 'भारतीय, साई पल्लवी को सीता के रूप में स्वीकार कर लेंगे.'
40 साल पहले रिलीज हुआ यह गीत आज भी करवा चौथ के मौके पर सुहागिनों की जुबां पर रहता है. अनुराधा पौडवाल और कविता कृष्णमूर्ति की मधुर आवाज में सजा 'भला है बुरा है जैसा भी है मेरा पति मेरा देवता है' पति के प्रति प्यार और सम्मान को दर्शाता है.
23 साल की उम्र में ऐश्वर्या राय ने अपने देसी अंदाज और शानदार डांस से इस गाने को यादगार बना दिया था. आशा भोसले की मधुर आवाज और नुसरत फतेह अली खान के संगीत से सजा ‘यह गाना आज भी 90 के दशक के सबसे पसंदीदा गीतों में गिना जाता है.
अर्चना पूरन सिंह के परिवार में खुशियों ने दस्तक दी है. छोटे बेटे आयुष्मान सेठी ने अपनी लॉन्ग-टाइम गर्लफ्रेंड समीक्षा शेट्टी संग सगाई कर ली है, और इटली से आई उनकी ड्रीमी तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं.
गुजरात के एकतानगर में बना अनोखा रेन फॉरेस्ट, PM मोदी करेंगे लोकार्पण
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एकतानगर में 9.49 करोड़ रुपए से बने रेन फॉरेस्ट का लोकार्पण करेंगे. 47,000 वर्ग मीटर में फैला यह प्रोजेक्ट प्रकृति, जैवविविधता, मनोरंजन और पर्यावरण की जानकारी को जोड़ते हुए टिकाऊ पर्यटन तथा स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा.
चलती कार की छत पर खड़ा होकर रुपये उड़ाने लगा युवक, Video
हापुड़ में चलती कार की छत पर खड़े होकर रुपये उड़ाते और कार से आतिशबाजी करते युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के गांव सरूरपुर का बताया जा रहा है. सीओ गढ़ राहुल यादव ने वीडियो का संज्ञान लेकर जांच और वाहन व संबंधित लोगों की पहचान के बाद यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की बात कही है.
जिस टीचर ने लगाया खाने में कीड़े का आरोप, वो गिरफ्तारी के बाद सस्पेंड
खिलाड़ियों को परोसे गए खाने में कीड़े मिलने का मामला गुणवत्ता से आगे बढ़कर गिरफ्तारी और निलंबन तक पहुंच गया. केरल के कोझिकोड में राज्य स्तरीय स्पोर्ट्स के भोजन को लेकर शिकायत करने वाले फिजिकल एजुकेशन टीचर जिजो जेम्स को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
आनंद मोहन झा। विधाननगर सपनों की दुनिया दिखाने वाले कई चमकदार वादों के पीछे एक अंधेरा सच भी छिपा होता है। कुछ लोग इसी सपने को अपना चारा बना लेते हैं। बंगाल के विधाननगर में सामने आया ताज़ा मामला इसी कड़वी सच्चाई की गवाही देता है। पुलिस के अनुसार एक युवती को फिल्म में हीरोइन […]
UP Government ने सख्त किए भर्ती नियम, हिंसक व्यवस्था परिवर्तन वाले नहीं पाएंगे सरकारी नौकरी
उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी सेवाओं में सीधी भर्ती के लिए अभ्यर्थियों के चरित्र और पिछले रिकॉर्ड के सत्यापन संबंधी नियम सख्त कर दिए हैं जिसके तहत हिंसक तरीके से ‘समाज की विद्यमान व्यवस्था को बदलने’ का उद्देश्य रखने वाले संगठनों के सदस्यों को राज्य की सरकारी नौकरियों में शामिल होने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। उप्र सरकार के नए दिशा-निर्देशों के तहत हत्या, बलात्कार, आतंकवादी गतिविधियों, भ्रष्टाचार, प्रश्नपत्र लीक करने और संगठित सॉल्वर गिरोह चलाने जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य ठहराने का प्रावधान किया गया है। प्रमुख सचिव (नियुक्ति एवं कार्मिक) एम. देवराज ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में 28 अक्टूबर को इस संबंध में संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए। ये नियम राज्य सरकार के विभागों के अलावा उसके अधीन निगमों, परिषदों, शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक उपक्रमों और शहरी तथा ग्रामीण स्थानीय निकायों पर भी लागू होंगे। आदेश के मुताबिक, हिंसक तरीकों से स्थापित व्यवस्था को बदलने के उद्देश्य से काम करने वाले संगठनों के सदस्य पाए जाने पर अभ्यर्थी को सरकारी नौकरी के अयोग्य माना जाएगा। हालांकि, किसी विशेष राजनीतिक विचारधारा का समर्थक होना अपने आप में अयोग्यता का आधार नहीं होगा। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक आदेश के तहत नए नियमों में अपराधों की विभिन्न श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इनमें राज्य के विरुद्ध अपराध, हत्या, हत्या का प्रयास, दहेज हत्या, यौन अपराध, महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने, अपहरण, मानव तस्करी, लूट, डकैती, संगठित अपराध, आतंकवादी गतिविधियों और भीड़ द्वारा हिंसा जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। आदेश के अनुसार परीक्षा एवं चयन प्रक्रिया में अनुचित साधनों, फर्जी प्रमाणपत्रों, प्रश्नपत्र लीक और सॉल्वर गिरोह से जुड़े मामलों को भी विशेष रूप से शामिल किया गया है। आदेश के तहत सरकार ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, धनशोधन निवारण अधिनियम, एनडीपीएस अधिनियम, पॉक्सो अधिनियम और सार्वजनिक परीक्षा में अनुचित साधनों की रोकथाम से संबंधित कानूनों के तहत आने वाले निर्धारित अपराधों को भी अयोग्यता के दायरे में रखा गया है। आदेश के अनुसार कुछ गंभीर अपराधों में आरोप तय होना ही अयोग्यता का आधार होगा, जबकि अन्य मामलों में दोषसिद्धि आवश्यक होगी। इस प्रकार, अयोग्यता का निर्धारण संबंधित अपराध और उसके लिए तय श्रेणी के मुताबिक किया जाएगा। दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि केवल प्राथमिकी दर्ज होने या पुलिस जांच लंबित रहने से किसी अभ्यर्थी को स्वत: अयोग्य नहीं माना जाएगा और इसी तरह, बरी हो चुके अभ्यर्थियों, कानूनी रूप से समझौता किए गए मामलों और किशोर न्याय अधिनियम के दायरे में आने वाले मामलों में भी स्वत: अयोग्यता लागू नहीं होगी। आदेश में सरकार ने यह भी कहा है कि 21 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद चरित्र सत्यापन की तारीख से पिछले तीन वर्षों के दौरान हिंसक गतिविधियों में शामिल रहने वाले अभ्यर्थी के मामले में उसकी सक्रिय संलिप्तता की आशंका पर विचार किया जा सकता है, हालांकि, उसके आचरण और सोच में वास्तविक सकारात्मक बदलाव के दस्तावेजी प्रमाणों पर भी विचार किया जाएगा। आदेश के मुताबिक नए प्रावधानों के तहत चरित्र सत्यापन लंबित होने के कारण सामान्य परिस्थितियों में नियुक्ति पत्र रोकना जरूरी नहीं होगा और नियुक्ति प्राधिकारी अभ्यर्थी से निर्धारित सत्यापन प्रपत्र और स्वघोषणा पत्र लेकर औपबंधिक (अस्थायी) नियुक्ति दे सकेंगे और बाद में जानकारी गलत पाए जाने या महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने पर नियुक्ति रद्द करने के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकेगी। आदेश के मुताबिक जिला पुलिस और स्थानीय अभिसूचना इकाई को सत्यापन संबंधी अनुरोध मिलने के 30 दिन के भीतर रिपोर्ट देनी होगी और गृह विभाग इस समयसीमा के पालन की निगरानी करेगा। सामान्य सत्यापन के दौरान अभ्यर्थी को पूछताछ के लिए घर बुलाने, थाने में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने या अतिरिक्त दस्तावेज देने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। आदेश के अनुसार अगर पुलिस या स्थानीय अभिसूचना इकाई की रिपोर्ट प्रतिकूल होती है, तो जिलाधिकारी को अंतिम सिफारिश भेजने से पहले अभ्यर्थी को व्यक्तिगत रूप से या ऑनलाइन अपना पक्ष रखने का अवसर देना होगा। आदेश के मुताबिक संवेदनशील पदों या सुरक्षा की दृष्टि से विशेष जांच जरूरी होने वाले मामलों में औपबंधिक नियुक्ति नहीं दी जाएगी और ऐसे मामलों में विस्तृत सत्यापन के बाद ही नियुक्ति की जा सकेगी और इसके लिए संबंधित विभाग को कारणों सहित मुख्यमंत्री का पूर्व अनुमोदन प्राप्त करना होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पहले से सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारियों का दोबारा चरित्र सत्यापन नहीं कराया जाएगा, हालांकि जरूरत पड़ने पर उनके पूर्व विभागों से सेवा संबंधी अभिलेख मंगाए जा सकेंगे।
वाणी साहित्य उत्सव का आगाज, पहले दिन युद्ध, स्त्री विमर्श और एआई के दौर में लेखन पर हुआ मंथन
शहर में पढ़ने लिखने वालों के लिए तीन दिन का तीर्थ है, नाम है वाणी साहित्य उत्सव। देशभर से कई भाषाओं के लेखक सम्पादक वाणी के मंच को साझा कर रहे हैं। गुरुवार 29 अक्टूबर 2026 को उत्सव का दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुभारंभ हुआ। उद्घाटन अवसर पर साहित्य, कला ...
उत्तराखंड: धामी सरकार के विरासत अभियान से हजारों लोगों को राहत, 4,943 संपत्ति मामलों का निस्तारण
मुख्यमंत्री धामी के विरासत अभियान के तहत, 4,943 विरासत मामलों का समाधान किया गया और धारा 34 और 33A के तहत 9,244 दाखिलों पर प्रग
दूसरी तिमाही में 7.35% GDP ग्रोथ का अनुमान, लेकिन महंगाई बनी चुनौती, वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट
वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के 'नाउकास्टिंग' मॉडल के अनुसार वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि दर 7.35% रहने का अनुमान है.
Karwa Chauth 2026 : मुस्कान और रविता ने चूड़ियां, बिंदी समेत श्रृंगार का सामान मांगा था, जिसे संस्था ने उपलब्ध करा दिया.
योगा से लेकर शिक्षा और सनातन तक... बाबा रामदेव ने खुलकर रखी अपनी बात, देखें
इंडिया टुडे हेल्थवेल्थ समिट में योगगुरु बाबा रामदेव ने शिरकत की. इस दौरान उन्होंने 'आओ योग करें' सेशन में रोजमर्रा की जिंदगी में स्वस्थ रहने के तमाम टिप्स दिए. साथ ही बाबा रामदेव ने खान-पान को लेकर भी अपने विचार रखे. उन्होंने योग-प्राणायाम के फायदों से लेकर स्वस्थ जीवनशैली के भी तौर-तरीके बताए. देखें वीडियो.
आखिर आ ही गया वाराणसी का नतीजा, MLC चुनाव में सपा के आशुतोष सिन्हा जीते
उत्तर प्रदेश की वाराणसी स्नातक MLC सीट पर समाजवादी पार्टी के आशुतोष सिन्हा ने जीत दर्ज की है. उन्होंने बीजेपी के केदार नाथ सिंह को भारी मतों के अंतर से हराया है. आशुतोष सिन्हा ने इस सफलता का श्रेय पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं को दिया है. इसके साथ ही उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश में सपा की सरकार बनने का दावा किया है.
मानसा में ड्रग ओवरडोज से युवक की मौत पर क्यों बवाल, देखें पंजाब आजतक
पंजाब आजतक के इस बुलेटिन में आज आपको दिखाएंगे पंजाब पुलिस क्यों ताबूत लेकर भाग रही, मानसा में ड्रग्स के ओवरडोज से युवक की मौत पर क्यों फैल रहा है तनाव, पंजाब में कहां गुरुद्वारे में चली गोली, कैसे बढ़ने वाली है विक्रम मजीठिया की मुश्किलें. सूबे से जुड़ी हर खबर लेकिन पहले देखेंगे हेडलाइंस.
RBI Polymer Notes Pilot Project:
Bombay High Court से Imran Khan को राहत, Leave India नोटिस पर लगी रोक
अभिनेता इमरान खान, जिनके पास 'ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया' (OCI) कार्ड है, ने अधिकारियों से उन सबूतों को साझा करने के लिए कहा है, जिनके आधार पर वे उनका कार्ड रद्द करने पर विचार कर रहे हैं। गुरुवार को खान ने 'फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस' (FRRO) द्वारा जारी 'लीव इंडिया नोटिस' (भारत छोड़ने का नोटिस) को चुनौती दी। मुंबई पुलिस द्वारा एक विरोध प्रदर्शन स्थल से हिरासत में लिए जाने के बाद, इस नोटिस में उन्हें 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का निर्देश दिया गया था। बॉम्बे हाई कोर्ट ने अब इस नोटिस पर 2 नवंबर तक रोक लगा दी है। 22 अक्टूबर के एक पत्र में खान ने FRRO को बताया कि 17 अक्टूबर को उन्हें जो 'शो-कॉज़ नोटिस' (कारण बताओ नोटिस) जारी किया गया था, उसमें मुंबई पुलिस द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों और एक रिपोर्ट का जिक्र था। हालांकि, उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने ये दस्तावेज उनके साथ साझा नहीं किए थे। 'शो-कॉज़ नोटिस' में किसी व्यक्ति से यह स्पष्टीकरण मांगा जाता है कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। खान ने यह भी कहा कि नोटिस में उनके नाम से दिया गया बयान “अधूरा” था। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई पुलिस ने “FIR दर्ज करने के सिलसिले में उनका बयान दर्ज करने की कोशिश तक नहीं की”। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ कार्रवाई करने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का उचित मौका नहीं दिया गया। इसे भी पढ़ें: E-Commerce मंचों के छोटे विक्रेताओं को राहत, गोदाम को PPOB बनाने की मिली छूट उनके आवेदन में कहा गया है, मुझे उन सभी सामग्रियों की जांच करने का अवसर दिया जाना चाहिए, जिन पर आपने भरोसा किया है। इस अनुरोध को पूरा करने और संबंधित सामग्री उपलब्ध कराने से यह सुनिश्चित होगा कि मुझे 'नागरिकता अधिनियम' (Citizenship Act) के कानूनी प्रावधानों के अनुसार अपनी बात रखने का उचित मौका मिले। अभिनेता ने कहा कि इन दस्तावेजों को साझा करना इसलिए और भी जरूरी है क्योंकि नोटिस में दिए गए कारण अस्पष्ट और विरोधाभासी हैं। उन्होंने तर्क दिया कि सामग्री उपलब्ध कराने से निर्णय लेने की प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। उन्होंने यह भी बताया कि दस्तावेजों को साझा करने से अधिकारियों को कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन अगर उन्हें ये दस्तावेज नहीं मिलते हैं, तो वे सही ढंग से जवाब नहीं दे पाएंगे और इससे उनका OCI (ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया) दर्जा खतरे में पड़ सकता है। इसे भी पढ़ें: राजस्थान में नदियों के प्रदूषण पर Supreme Court सख्त, CBI जांच की दी चेतावनी उन्होंने कहा मांगी गई जानकारी देने से आपके कार्यालय को कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन अगर मैं SCN (कारण बताओ नोटिस) का उचित जवाब नहीं दे पाता हूँ, तो मेरा OCI कार्ड रद्द हो सकता है। इमरान खान ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे इस बात पर विचार करें कि वह 42 वर्षों तक भारत में रहे हैं और उन्होंने यहीं अपना जीवन बसाया और परिवार बनाया है। उनके अभ्यावेदन में कहा गया मैं चल रही प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हूँ। मुझे यह भी विश्वास है कि आपके कार्यालय मेरे अनुरोध पर शीघ्र कार्रवाई करेंगे और इसे प्राथमिकता देंगे।
इजरायल में किंगमेकर 'अरब', क्या मैजिक नंबर ला पाएंगे नेतन्याहू?
इजरायल की सत्ता की लड़ाई में इस बार अरब पार्टियों की भूमिका बेहद अहम हो गई है. नेतन्याहू का गठबंधन बहुमत के आंकड़े से पीछे है, जबकि विपक्ष भी सरकार बनाने के लिए जरूरी समर्थन जुटाने की कोशिश में है. रा’आम और जॉइंट लिस्ट की 19 सीटें चुनावी समीकरण बदल सकती हैं. ऐसे में सवाल है कि क्या अरब पार्टियां किंगमेकर बनेंगी और नेतन्याहू 61 सीटों का मैजिक नंबर हासिल कर पाएंगे?
वर्ल्ड स्ट्रोक डे: स्ट्रोक के लक्षण दिखते ही लें चिकित्सकीय सहायता, हर मिनट है कीमती
स्ट्रोक एक ऐसी गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त की आपूर्ति बाधित होने या रक्तस्राव (Bleeding) होने से ब्रेन सेल्स क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। ऐसे मामलों में इलाज में होने वाली देरी मरीज की स्थिति को और अधिक गंभीर बना ...
होर्मुज में माइंस से टकराए तीन टैंकर, ईरान ने 'जासूस' ड्रोन भी पकड़ा
आईआरजीसी ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में माइंस से टकराकर 3 टैंकरों में आग लगी और अमेरिका का कथित जासूसी ड्रोन सुरक्षित उतारा गया. इन घटनाओं के बाद उसने समुद्री प्रदूषण की जिम्मेदारी जहाज मालिकों और चालक दल पर डाली और उकसावे वाली कार्रवाई पर निर्णायक जवाब की चेतावनी दी.
सानिया मिर्जा की जमीन पर बन रही मस्जिद? पिता ने बताया सच
सानिया मिर्जा की टेनिस एकेडमी की जमीन पर मस्जिद बनने के वायरल दावों को उनके पिता इमरान मिर्जा ने खारिज किया है. उन्होंने सानिया और मोहम्मद अजहरुद्दीन की वायरल तस्वीर को AI से तैयार बताया और इंस्टाग्राम पर सफाई दी है.
'संघ के गढ़' में बीजेपी की करारी हार, MLC चुनावों में MVA का परचम
महाराष्ट्र विधानपरिषद की पांच सीटों में से महाविकास आघाडी ने तीन जीतीं और महायुती को दो सीटें मिलीं. नागपुर ग्रेजुएट्स में कांग्रेस के अभिजित वंजारी ने बीजेपी के सुधाकर कोहले को 3271 वोटों से हराया. संभाजीनगर में शरद पवार की एनसीपी के प्रतापसिंह पाटील ने अजित पवार की एनसीपी के सतीश चव्हाण को हराया.
सिर के बल गोवर्धन परिक्रमा कर रहा शख्स, 21 KM की यात्रा ऐसे पूरी करेंगे
सिर के बल चलकर यानी शीर्षासन करते हुए एक शख्स गिरिराज जी की 21 किलोमीटर लंबी परिक्रमा शुरू की है. शख्स हर दिन इस तरह से 600 मीटर की यात्रा पूरी कर रहा है. इस अनोखी परिक्रमा का वीडियो खूब वायरल हो रहा है.
नक्की झील घूमने जाएं तो मिस न करें ये 5 शानदार जगहें
राजस्थान के एकमात्र और खूबसूरत हिल स्टेशन माउंट आबू (Mount Abu) की हसीन वादियों में स्थितनक्की लेकClick to open side panel for more information (Nakki Lake) पर्यटकों के बीच हमेशा से ही आकर्षण का मुख्य केंद्र रही है। चारों तरफ से हरी-भरी पहाड़ियों, प्राचीन चट्टानों और सुहाने मौसम से घिरी यह झील सैलानियों को अपनी ओर खींच लेती है। यदि आप भी माउंट आबू जाने का प्लान बना रहे हैं और नक्की झील के आसपास की खूबसूरती का पूरा लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो यहाँ की कुछ ऐसी खास जगहें हैं जिन्हें आपको अपनी यात्रा के दौरान बिल्कुल भी मिस नहीं करना चाहिए। पहाड़ों के बीच छिपे इन खूबसूरत नजारों को देखकर आपका दिल पूरी तरह से खुश हो जाएगा और आपकी यह ट्रिप यादगार बन जाएगी। आइए जानते हैं नक्की झील के आसपास घूमने लायक उन 5 बेहतरीन जगहों के बारे में जो आपकी यात्रा में चार चांद लगा देंगी।#1 टॉड रॉक (Toad Rock): नक्की झील के किनारे मेंढक के आकार की रहस्यमयी चट्टान और सनसेट का अद्भुत नजारानक्की झील के ठीक किनारे पर स्थितटॉड रॉकClick to open side panel for more information पर्यटकों के लिए सबसे पसंदीदा ट्रेकिंग स्पॉट और आकर्षण का केंद्र है। प्रकृति द्वारा गढ़ी गई यह एक ऐसी अद्भुत चट्टान है जिसका आकार पानी में डुबकी लगाने के लिए तैयार बैठे मेंढक (Toad) जैसा दिखाई देता है। इस चट्टान तक पहुँचने के लिए एक छोटा और रोमांचक ट्रेक करना पड़ता है, जो चारों तरफ की हरियाली के बीच से होकर गुजरता है। टॉड रॉक की चोटी पर पहुँचकर जब आप नीचे की ओर देखेंगे तो पूरी नक्की झील और माउंट आबू शहर का विहंगम दृश्य दिखाई देता है। शाम के समय यहाँ से सूर्यास्त (Sunset) का नजारा देखना पर्यटकों के लिए एक बेहद जादुई और रूहानी अनुभव होता है, जिसे कैमरे में कैद करने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं।#1 सनसेट पॉइंट (Sunset Point): नक्की झील से कुछ ही दूरी पर स्थित है प्रकृति प्रेमियों का स्वर्गनक्की झील के पास ही स्थितसनसेट पॉइंटClick to open side panel for more information माउंट आबू के सबसे प्रसिद्ध और लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शुमार है। यहाँ से अरावली पहाड़ियों की लंबी श्रृंखलाओं के पीछे ढलते हुए सूरज का नजारा बेहद भव्य और मंत्रमुग्ध कर देने वाला होता है। शाम के वक्त जब सूरज की सुनहरी किरणें पहाड़ियों और घाटियों पर पड़ती हैं, तो पूरा वातावरण एक अलग ही रंग में रंग जाता है। इस पॉइंट तक पहुँचने के लिए पैदल रास्ते के अलावा घोड़े की सवारी (Horse Riding) का भी विकल्प मिलता है, जो बच्चों और युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है। यहाँ शाम के समय स्थानीय हस्तशिल्प, राजस्थानी कपड़ों और पारंपरिक वस्तुओं की खरीदारी के लिए छोटी-छोटी दुकानें भी सजी रहती हैं, जहाँ पर्यटक घूमना बहुत पसंद करते हैं।#1 रघुनाथ मंदिर (Raghunath Temple): नक्की झील के तट पर स्थित सदियों पुराना और पवित्र आध्यात्मिक स्थलअगर आप प्रकृति की सुंदरता के साथ-साथ थोड़ा आध्यात्मिक सुकून भी पाना चाहते हैं, तो नक्की झील के उत्तरी तट पर स्थित प्राचीनरघुनाथ मंदिरClick to open side panel for more information के दर्शन जरूर करें। भगवान राम को समर्पित यह मंदिर लगभग 14वीं शताब्दी का पुराना माना जाता है और इसका धार्मिक तथा ऐतिहासिक दोनों दृष्टियों से बहुत बड़ा महत्व है। मंदिर की वास्तुकला पुरानी शैली की है और यहाँ आने वाले पर्यटकों को एक अलग ही प्रकार की शांति का अनुभव होता है। झील के बिल्कुल पास होने के कारण मंदिर परिसर से पानी की लहरों और आसपास के शांत वातावरण का अनूठा मेल दिखाई देता है। पर्यटक झील में बोटिंग करने के बाद यहाँ आकर कुछ पल सुकून के बिताते हैं और अपनी यात्रा की सुखद कामना करते हैं।#1 गुरु शिखर (Guru Shikhar): माउंट आबू की सबसे ऊंची चोटी से देखिए बादलों और पहाड़ियों का खूबसूरत संसारनक्की झील से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थितगुरु शिखरClick to open side panel for more information पूरे अरावली पर्वतमाला की सबसे ऊंची चोटी है, जिसकी समुद्र तल से ऊंचाई लगभग 1,722 मीटर है। इस चोटी पर पहुँचकर ऐसा महसूस होता है मानो आप बादलों को छू रहे हों। यहाँ से चारों तरफ फैली हरी-भरी घाटियों और गहरी वादियों के नजारे देखकर आँखें चौंक जाती हैं। गुरु शिखर की चोटी पर ही भगवान दत्तात्रेय का प्रसिद्ध मंदिर और एक प्राचीन वेधशाला (Observatory) भी स्थित है। माउंट आबू आने वाले हर पर्यटक के लिए यह जगह मस्ट-विजिट लिस्ट में शामिल होती है, क्योंकि यहाँ से दिखाई देने वाला सूर्योदय और बादलों की लुकाछिपी का खेल जीवन भर याद रहता है।#1 नक्की झील में बोटिंग और शांतिपूर्ण वॉक: झील के ठंडे पानी में पैडल बोट का रोमांचक अनुभवइस पूरी यात्रा का मुख्य केंद्र यानीनक्की झीलClick to open side panel for more information खुद अपने आप में एक संपूर्ण आकर्षण है। यहाँ की झील में पैडल बोट (Pedal Boat), रो बोट और मोटर बोट की बेहतरीन सुविधा उपलब्ध है, जिसके जरिए आप झील के बीचों-बीच जाकर चारों तरफ की पहाड़ियों का दीदार कर सकते हैं। झील के चारों तरफ बनाए गए सुंदर वॉकवे पर सुबह और शाम के वक्त ठंडी हवाओं के बीच टहलना पर्यटकों को बेहद सुकून देता है। झील के बीच में एक छोटा सा द्वीप भी है जहाँ फव्वारे लगे हुए हैं। कुल मिलाकर, नक्की झील और उसके आसपास की ये 5 जगहें आपके वेकेशन को बेहद रोमांचक, खुशनुमा और यादगार बना देंगी।
Signal ऐप से संपर्क करते थे टाइगर श्रॉफ के हमलावर, 10 दिन की कस्टडी मांगी
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में मुंबई क्राइम ब्रांच ने सभी 11 आरोपियों की 10 दिन की पुलिस कस्टडी मांगी. पुलिस के मुताबिक, आरोपी सिग्नल जैसे ऐप से संपर्क करते थे. मामले में फरार गैंग लीडर अनिल पंडित की भूमिका, हथियारों के स्रोत और डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है. पढ़ें पूरी कहानी.
PNB Greater Noida शाखा में करोड़ों का फर्जीवाड़ा, 16 शिकायतों पर FIR, 5 कर्मचारी सस्पेंड
उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में ग्रेटर नोएडा के PI-1 सेक्टर स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की एक शाखा में करोड़ों रुपये के कथित घोटाले का मामला सामने आया है। ग्राहकों का आरोप है कि उनकी जानकारी के बिना ही उनके खातों से लाखों-करोड़ों रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। पुलिस ने 16 खाताधारकों की शिकायतों के आधार पर FIR दर्ज कर ली है, जबकि बैंक ने शाखा प्रबंधक (ब्रांच मैनेजर) समेत पांच कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। प्रभावित ग्राहकों में किसान, आस-पास के गांवों के निवासी और विभिन्न सेक्टरों व हाउसिंग सोसायटियों में रहने वाले लोग शामिल हैं। उनका आरोप है कि उनकी अनुमति के बिना उनके खातों से बड़ी रकम - जिसमें फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में जमा पैसे भी शामिल हैं - दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी गई। कुछ खाताधारकों ने बताया कि उनके खातों से 35 लाख और 40 लाख रुपये गायब हो गए, जबकि अन्य ने 1 करोड़ रुपये तक की रकम ट्रांसफर होने की बात कही। यह कथित घोटाला तब सामने आया जब ग्राहकों ने चेक के जरिए भुगतान करने की कोशिश की, लेकिन उनके चेक बाउंस हो गए। जब उन्होंने अपने खाते का बैलेंस चेक करने के लिए बैंक से संपर्क किया, तो पता चला कि पैसे उन लोगों के खातों में ट्रांसफर कर दिए गए थे, जिनके नाम बिल्कुल उनके जैसे ही थे। कई ग्राहकों ने दावा किया कि उनकी पासबुक में अभी भी पुराना बैलेंस और ट्रांजैक्शन की एंट्री दिख रही थी, जबकि असल में उनके खातों से पैसे निकल चुके थे। इसे भी पढ़ें: राजस्थान में नदियों के प्रदूषण पर Supreme Court सख्त, CBI जांच की दी चेतावनी ब्रांच मैनेजर समेत 5 कर्मचारी सस्पेंड शिकायतों के बाद, PNB ने ब्रांच के पूरे स्टाफ को बदल दिया और कामकाज संभालने के लिए दूसरी ब्रांचों से कर्मचारियों को तैनात किया। बताया जा रहा है कि करीब 10 से 12 कर्मचारियों को बदला गया है, जबकि पुराने स्टाफ के खिलाफ आंतरिक जांच चल रही है। बैंक ने कथित अनियमितताओं के मामले में ब्रांच मैनेजर रानी समेत पांच कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। इन कर्मचारियों पर लगे आरोपों की अभी पुष्टि होनी बाकी है। पुलिस ने बैंक से आंतरिक जांच रिपोर्ट मांगी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि लेन-देन कैसे हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। इसे भी पढ़ें: E-Commerce मंचों के छोटे विक्रेताओं को राहत, गोदाम को PPOB बनाने की मिली छूट ग्राहकों ने CBI जांच की मांग की इस कथित धोखाधड़ी के बाद प्रभावित खाताधारकों और 'किसान मजदूर संगठन' के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया। कई किसानों का दावा है कि उनके खातों में उनकी जमीन के बदले मिला भारी मुआवजा जमा था, जिसमें से कुछ खातों में लाखों-करोड़ों रुपये थे। प्रदर्शनकारियों ने सख्त कार्रवाई, गायब हुए पैसों की रिकवरी और इस कथित धोखाधड़ी की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है। साथ ही, यह सवाल भी बना हुआ है कि पैसे किन खातों में ट्रांसफर किए गए और वे फंड अब कहां हैं। बढ़ते तनाव को देखते हुए, एहतियात के तौर पर बैंक के बाहर प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC) के जवानों को तैनात किया गया है।
नीले ड्रम में लाश नहीं, नोटों का खजाना, करोड़ों के कैश ने सबको चौंकाया
प्रयागराज के नवाबगंज थाना क्षेत्र के बरईपुर रामनगर गांव में एक मकान के बरामदे की खुदाई के दौरान जमीन में गड़े तीन ड्रम मिले. इनमें पॉलिथीन में लपेटकर नोटों के बंडल रखे गए थे. शुरुआती अनुमान में नकदी करोड़ों रुपये की बताई जा रही है. पुलिस ने दो सगे भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है. आयकर और अन्य एजेंसियों को भी सूचना दी गई है.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक की 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली को समर्थन द
PTR में जंगल सफारी के साथ घूमिए पलामू किला और कमलदह झील
अगर आप भी इस बार के वीकेंड या छुट्टियों में भीड़-भाड़ वाले हिल स्टेशनों से दूर प्रकृति के करीब, रोमांच और इतिहास से भरपूर किसी शानदार जगह की तलाश में हैं, तो झारखंड का लातेहार जिला आपके लिए एकदम परफेक्ट डेस्टिनेशन साबित हो सकता है। वन्यजीवों की अठखेलियां, जंगलों की रहस्यमयी दुनिया और सदियों पुराने इतिहास को समेटेपलामू टाइगर रिजर्वClick to open side panel for more information (PTR) पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। यहाँ बेहद किफायती और जेब पर भारी पड़े बिना आप जंगल सफारी का लुत्फ उठा सकते हैं, साथ ही राजा-महारानी के काल केपलामू फोर्टClick to open side panel for more information और खूबसूरतकमलदाह लेकClick to open side panel for more information का दीदार कर सकते हैं। यह पूरा टूर प्रकृति प्रेमियों और एडवेंचर पसंद करने वाले पर्यटकों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है।पलामू टाइगर रिजर्वClick to open side panel for more informationदेश के सबसे पुराने और प्रमुख टाइगर रिजर्व में शुमार है, जो अपनी समृद्ध जैव विविधता और घने जंगलों के लिए देश-विदेश में जाना जाता है। इस विशाल संरक्षित वन क्षेत्र में पर्यटकों के लिए जंगल सफारी की बेहतरीन व्यवस्था की गई है, जहाँ आप जिप्सियों के जरिए वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास का करीब से अनुभव कर सकते हैं।वन्यजीवों का दीदार: यहाँ सफारी के दौरान आपको बाघ, तेंदुए, हाथियों के झुंड, गौर (भारतीय बाइसन) और कई दुर्लभ प्रजाति के हिरण आसानी से देखने को मिल सकते हैं।बर्ड वाचिंग का रोमांच: पक्षी प्रेमियों के लिए यह किसी स्वर्ग से कम नहीं है, क्योंकि सर्दियों और सामान्य दिनों में यहाँ देश-विदेश से आने वाले सैकड़ों प्रजाति के प्रवासी और रंग-बिरंगे पक्षी देखने को मिलते हैं।किफायती शुल्क: पीटीआर में जिप्सो सफारी और पार्क में प्रवेश का शुल्क बहुत ही कम है, जिससे पर्यटक कम बजट में भी प्रकृति का भरपूर आनंद उठा सकते हैं।जंगल सफारी के रोमांच के बाद इतिहास के पन्नों को पलटने के लिए पर्यटकों के पासपलामू फोर्टClick to open side panel for more information देखने का सुनहरा मौका होता है। औरंगा नदी के तट पर घने जंगलों के बीच बने ये प्राचीन किले चेरो राजवंश के गौरवशाली इतिहास और उनकी वास्तुकला की बेहतरीन मिसाल पेश करते हैं।ऐतिहासिक वास्तुकला: यहाँ दो मुख्य किले बने हुए हैं, जिन्हें पुराना किला और नया किला कहा जाता है, जिनकी पत्थर की दीवारें और बुर्ज आज भी उस दौर की कहानियाँ बयां करते हैं।नयनाभिराम दृश्य: पहाड़ियों और हरियाली के बीच स्थित होने के कारण इस किले की चोटी से आसपास के जंगलों और वादियों का अद्भुत और मनोरम दृश्य दिखाई देता है जो फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए बेस्ट स्पॉट है।इस टूरिस्ट सर्किट का एक और प्रमुख आकर्षणकमलदाह लेकClick to open side panel for more information है, जो पलामू किले के ठीक पास में स्थित है। शांत वातावरण और पानी के बीच खिले ढेरों कमलों के फूलों वाली यह झील पर्यटकों को मानसिक शांति और सुकून का अहसास कराती है।शांत और प्राकृतिक माहौल: भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर इस झील के किनारे बैठकर कुछ पल बिताना सैलानियों को बेहद तृप्त करता है।फोटोग्राफी और पिकनिक स्पॉट: यह स्थान परिवार और दोस्तों के साथ एक दिन की पिकनिक मनाने तथा खूबसूरत तस्वीरें क्लिक करने के लिए बहुत ही शानदार माना जाता है।
करवा चौथ पर जानिए पूजन विधि और व्रत खोलने का सही तरीका!
करवा चौथ पर सुहागिनें पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं. शाम को भगवान शिव, माता पार्वती और करवा माता की पूजा के बाद चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है. दिल्ली में चंद्रोदय रात 8 बजकर 17 मिनट पर होने की संभावना है. जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, चंद्रमा को अर्घ्य देने की विधि और व्रत खोलने का सही तरीका.
राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान, दिल्ली सरकार की ओर से पेश हुईं एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) ऐश्वर्या भाटी ने गुरुवार को कहा कि सरकार प्रदूषण से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछली बार की तुलना में, सरकार अब इस समस्या से निपटने के लिए कहीं बेहतर तरीके से तैयार है। ऐश्वर्या भाटी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि दिल्ली के बाहर से राजधानी में आने वाले ऐसे वाहन, जो BS-VI उत्सर्जन मानकों का पालन नहीं करते हैं, उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा, ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए सरकारी कार्यालयों के काम के घंटों में बदलाव किया गया है। इसे भी पढ़ें: ADAS और नए Z12E इंजन के साथ Maruti Fronx देगी ज्यादा माइलेज, टेस्टिंग में दिखी कार निर्माण स्थलों के पास एंटी-स्मॉग गन लगाई गईं: दिल्ली सरकार उन्होंने बताया कि निर्माण स्थलों के पास एंटी-स्मॉग गन लगाई गई हैं। इसके अलावा, प्रदूषण की निगरानी करने और उसे कम करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, जैसे कि वार्षिक प्रदूषण नियंत्रण योजना, एक समर्पित नियंत्रण केंद्र, और 'वायु रक्षक' पहल। दिल्ली सरकार ने बताया कि पूरी राजधानी में कुल 608 एंटी-स्मॉग गन तैनात की गई हैं। विराट कोहली जैसी मशहूर हस्तियों की मदद लेने का सुझाव: सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा कि प्रदूषण के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए मशहूर हस्तियों की मदद क्यों नहीं ली जा रही है। कोर्ट ने विशेष रूप से सुझाव दिया कि क्रिकेटर विराट कोहली जैसी लोकप्रिय हस्तियों को शामिल करके जागरूकता अभियान चलाए जाएं। कोर्ट ने कहा कि जानी-मानी हस्तियों के शामिल होने से प्रदूषण के बारे में जागरूकता बढ़ाने और लोगों को इस समस्या के खिलाफ कदम उठाने के लिए प्रेरित करने में मदद मिल सकती है। इसे भी पढ़ें: Digital Fraud पीड़ितों के नुकसान की भरपाई करें बैंक, Supreme Court ने RBI से मांगी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के पक्ष में नहीं दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण और पटाखों पर प्रतिबंध लगाने के मुद्दे पर भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के पक्ष में नहीं है, और स्पष्ट किया कि उसका इरादा लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है। साथ ही, कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि पटाखों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए मौजूदा नियमों को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिवाली का त्योहार एक सकारात्मक माहौल बनाता है। इसलिए, यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि त्योहार के दौरान नियमों का पालन हो और प्रदूषण भी नियंत्रण में रहे। कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे दिवाली के आसपास के दो दिनों में विशेष रूप से सतर्क रहें। प्रदूषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विराट कोहली जैसी मशहूर हस्तियों को शामिल करें: सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा कि प्रदूषण के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए विराट कोहली जैसी जानी-मानी हस्तियों की मदद क्यों नहीं ली जा रही है। कोर्ट ने कहा कि रातों-रात हर व्यक्ति की सोच और व्यवहार को बदलना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है; लोगों की आदतें बदलने में समय लगता है। इसलिए, जागरूकता अभियानों के साथ-साथ नियमों को सख्ती से लागू करना भी जरूरी है। अदालत ने प्रदूषण संकट से निपटने के महत्व पर जोर दिया, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों पर इसके पड़ने वाले असर को देखते हुए।
बिहार टेंडर घोटाला: अब IAS संतोष मल्ल से ED की पूछताछ, 5 आईएएस अफसर जांच के घेरे में
पटना स्थित ED कार्यालय में दोपहर 1 बजे पहुंचे संतोष मल्ल, सरकारी टेंडरों में कथित अनियमितताओं और ठेकेदार रिशु श्री से अधिकारियों के संपर्कों की जांच तेज
SA vs AUS: स्टीव स्मिथ की इंजरी की वजह से मिला मौका
ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले जा रहे बेहद रोमांचक और हाई-वोल्टेज टेस्ट मुकाबले में कंगारू टीम के धाकड़ बल्लेबाज जोश इंग्लिस (Josh Inglis) ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत में तहलका मचा दिया है। दिग्गज बल्लेबाज स्टीव स्मिथ की अचानक हुई उंगली की चोट (Finger Injury) के कारण करीब 10 महीने बाद टेस्ट प्लेइंग इलेवन में वापसी करने वाले जोश इंग्लिस ने इस मौके को दोनों हाथों से भुनाया। दबाव के क्षणों में क्रीज पर उतरकर उन्होंने न केवल ऑस्ट्रेलियाई पारी को संभाला, बल्कि दक्षिण अफ्रीका के खतरनाक तेज गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए एक शानदार और धमाकेदार शतक (Century) जड़ दिया। करीब 10 महीने के लंबे इंतजार के बाद मिली इस शतकीय पारी ने न केवल कंगारू टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है, बल्कि नेशनल टीम के मध्यक्रम में जगह पक्की करने के लिए चयनकर्ताओं के सामने भी अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दी है।#1 स्टीव स्मिथ की चोट बनी वरदान: जानिए कैसे 10 महीने बाद टेस्ट टीम में हुई जोश इंग्लिस की सरप्राइज एंट्रीदक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के इस महत्वपूर्ण मुकाबले से ठीक पहले ऑस्ट्रेलियाई खेमे के लिए एक बुरी खबर आई थी, जब नेट्स में प्रैक्टिस के दौरान पूर्व कप्तान स्टीव स्मिथ अपनी दाहिनी हाथ की उंगली चोटिल कर बैठे। मेडिकल टीम द्वारा स्मिथ को मैच से बाहर किए जाने के बाद प्लेइंग इलेवन में अचानक बड़ा बदलाव करना पड़ा। टीम मैनेजमेंट ने घरेलू क्रिकेट में शानदार फॉर्म में चल रहे और लंबे समय से बैंच पर बैठे जोश इंग्लिस को मध्यक्रम की जिम्मेदारी सौंपी। गौरतलब है कि इंग्लिस ने अपना आखिरी टेस्ट मैच करीब 10 महीने पहले खेला था। लंबे समय तक रेड-बॉल क्रिकेट से दूर रहने के बावजूद जब वे मैदान पर उतरे, तो उनका आत्मविश्वास देखने लायक था।#1 दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों पर कहर बनकर टूटे इंग्लिस: चौके-छक्कों की बरसात कर पूरा किया शतकटॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही थी। दक्षिण अफ्रीकी पेस अटैक—विशेष रूप से कगिसो रबाडा और एनरिक नॉर्त्जे—ने शुरुआती झटके देकर कंगारू टीम का शीर्ष क्रम पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था। ऐसे नाजुक मोड़ पर क्रीज पर कदम रखते ही जोश इंग्लिस ने रक्षात्मक रुख अपनाने के बजाय अपने स्वाभाविक आक्रामक खेल को हथियार बनाया। उन्होंने विकेट के चारों तरफ आकर्षक और दर्शनीय शॉट्स खेले। क्रीज का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए उन्होंने महज कुछ ही गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और फिर देखते ही देखते चौके-छक्कों की मदद से 100 रनों का जादुई आंकड़ा पार कर लिया। उनकी इस शतकीय पारी ने दक्षिण अफ्रीकी कप्तानों की तमाम रणनीतियों पर पानी फेर दिया।#1 कमबैक शतक से रचा इतिहास: चयनकर्ताओं और आलोचकों को दिया करारा जवाब10 महीने के लंबे अंतराल के बाद टेस्ट टीम में वापसी करते हुए शतक जमाना किसी भी एथलीट के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। जोश इंग्लिस ने अपनी इस अविश्वसनीय शतकीय पारी के जरिए यह साबित कर दिया है कि वे केवल सीमित ओवरों (ODI और T20) के ही नहीं, बल्कि सबसे लंबे और कड़े फॉर्मेट (Test Cricket) के भी एक बेहतरीन और भरोसेमंद बल्लेबाज हैं। मैच के दौरान उनकी टाइमिंग, संयम और आक्रामकता का संतुलन बेमिसाल रहा। क्रिकेट दिग्गजों और ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने भी इंग्लिस के इस कमबैक की जमकर तारीफ की है और माना जा रहा है कि स्मिथ के ठीक होने के बाद भी अब इंग्लिस को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखना टीम प्रबंधन के लिए आसान नहीं होगा।#1 ऑस्ट्रेलियाई टीम का स्कोर मजबूत स्थिति में: मैच पर मजबूत पकड़ बनाकर दक्षिण अफ्रीका पर बनाया दबावजोश इंग्लिस के इस दर्शनीय शतक और निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ हुई उपयोगी साझेदारियों की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में एक सम्मानजनक और मजबूत स्कोर खड़ा कर लिया है। शुरुआती झटकों से उबरते हुए टीम ने न केवल वापसी की, बल्कि मैच में दक्षिण अफ्रीका पर मनोवैज्ञानिक बढ़त भी हासिल कर ली है। अब मैच के बाकी बचे दिनों में सारा दारोमदार ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर रहेगा कि वे इस विशाल स्कोर का फायदा उठाते हुए प्रोटियाज टीम पर पहली पारी में दबाव बनाएं। फिलहाल, सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट स्टेडियम तक हर तरफ केवल जोश इंग्लिस के इस ऐतिहासिक 'कमबैक सेंचुरी' की ही गूंज सुनाई दे रही है।
IPL 2027: मुंबई इंडियंस ने लसिथ मलिंगा से तोड़ा रिश्ता
आईपीएल (IPL) के आगामी सीजन यानी आईपीएल 2027 (IPL 2027) से पहले पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) फ्रेंचाइजी ने एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। टीम प्रबंधन ने अपने कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ में बड़े पैमाने पर फेरबदल करते हुए महान तेज गेंदबाज और गेंदबाजी कोच लसिथ मलिंगा (Lasith Malinga) से अपना नाता तोड़ लिया है। मलिंगा के अलावा मुंबई इंडियंस ने दो अन्य प्रमुख सपोर्ट स्टाफ सदस्यों को भी टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इस बड़े प्रशासनिक बदलाव के बाद से क्रिकेट गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है कि आगामी मिनी ऑक्शन और अगले सीजन के लिए फ्रेंचाइजी किसी नई रणनीति और नए कोचिंग सेटअप के साथ मैदान पर उतरने की तैयारी कर रही है।मुंबई इंडियंस के कोचिंग सेटअप से लसिथ मलिंगा की विदाई, जानिए क्या रहा उनका कार्यकालआईपीएल इतिहास के सबसे सफल गेंदबाजों में शुमार और अपनी खतरनाक 'यॉर्कर' के लिए दुनिया भर में पहच जाने वाले लसिथ मलिंगा पिछले कुछ वर्षों से मुंबई इंडियंस के बॉलिंग कोच के रूप में टीम के साथ जुड़े हुए थे। मलिंगा ने साल 2024 से 2026 तक बतौर गेंदबाजी कोच फ्रेंचाइजी की मुख्य भूमिका निभाई थी और अपनी देखरेख में युवा तेज गेंदबाजों को तैयार किया था। मुंबई इंडियंस ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि लसिथ मलिंगा अब आगामी सत्र में उनके कोचिंग सेटअप का हिस्सा नहीं होंगे। फ्रेंचाइजी ने उनके अमूल्य योगदान, प्रतिबद्धता और वर्षों की सेवाओं के लिए मलिंगा का आभार व्यक्त किया है, लेकिन अचानक हुए इस अलगाव ने फैंस को जरूर हैरान कर दिया है।मलिंगा के साथ पारस म्हाम्ब्रे और कार्ल हॉपकिंसन की भी छुट्टीलसिथ मलिंगा के अलावा मुंबई इंडियंस ने जिन दो अन्य सदस्यों को सपोर्ट स्टाफ से बाहर किया है, उनमें अनुभवी कोच पारस म्हाम्ब्रे (Paras Mhambrey) और फील्डिंग कोच कार्ल हॉपकिंसन (Carl Hopkinson) के नाम शामिल हैं। पारस म्हाम्ब्रे लंबे समय से भारतीय क्रिकेट और इस फ्रेंचाइजी से जुड़े रहे थे। म्हाम्ब्रे ने मुंबई इंडियंस के साथ अपने दो अलग-अलग कार्यकालों (साल 2011 से 2017 और फिर 2024 से 2026 तक) में अपनी सेवाएं दी थीं। वहीं दूसरी ओर, कार्ल हॉपकिंसन साल 2025 की शुरुआत से टीम के साथ बतौर फील्डिंग कोच जुड़े हुए थे। एक साथ तीन बड़े दिग्गजों के बाहर होने से यह साफ हो गया है कि मुंबई इंडियंस का मैनेजमेंट टीम की कमियों को दूर करने के लिए अंदरखाने बड़े बदलाव करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।मेगा और मिनी ऑक्शन से पहले टीम मैनेजमेंट में क्यों हो रहे हैं इतने बड़े बदलाव?आईपीएल 2027 के मिनी ऑक्शन से ठीक पहले मुंबई इंडियंस फ्रेंचाइजी द्वारा उठाए गए इस कदम के पीछे कई कयास लगाए जा रहे हैं। पिछले कुछ सीजन में टीम के प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव और रणनीतिक कमियों को देखते हुए प्रबंधन अब पूरी तरह से नए जोश और फ्रेश माइंडसेट के साथ उतरना चाहता है। टीम के ड्रेसिंग रूम के माहौल और खिलाड़ियों के प्रदर्शन को नई धार देने के लिए कोचिंग स्टाफ में सर्जरी की गई है। आने वाले दिनों में मुंबई इंडियंस मैनेजमेंट इन खाली हुए पदों पर नए और युवा दिग्गजों को शामिल करने की घोषणा कर सकता है, जिससे आगामी सीजन में टीम का प्रदर्शन और अधिक मजबूत हो सके।
SIR गलत या सही? मंत्री जी ने कहा- ठीक तो अध्यक्ष ने उठाए सवाल, कांग्रेस में चल क्या रहा?
कर्नाटक कांग्रेस में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर अंदरूनी मतभेद सामने आए हैं। राज्य मंत्री सतीश जारकीहोली ने इस प्रक्रिया का बचाव किया है। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बी के हरिप्रसाद ने उन मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर सवाल उठाए हैं।
नौकरी छोड़ 2023 में पहली बार थामी पिस्टल, पहले ही इवेंट में जीता गोल्ड
दृढ़ इच्छाशक्ति, अटूट हौसले और कुछ कर गुजरने के जुनून के आगे दुनिया की बड़ी से बड़ी रुकावटें भी घुटने टेक देती हैं। इस कहावत को अक्षरशः सच कर दिखाया है देश की होनहार निशानेबाज और एशियन पैरा गेम्स की पदकवीर सृष्टि पांडे ने। एक समय था जब सृष्टि एक कॉरपोरेट दफ्तर में बैठकर अपनी 9 से 5 की सुरक्षित नौकरी कर रही थीं, लेकिन उनके सपनों की उड़ान इससे कहीं अधिक ऊंची थी। अपनी स्थापित नौकरी को अलविदा कहकर साल 2023 में जब उन्होंने पहली बार हाथ में एयर पिस्टल थामी, तो शायद ही किसी ने सोचा होगा कि वे इतिहास रचने जा रही हैं। शूटिंग रेंज में कदम रखते ही सृष्टि ने अपने पहले ही प्रतिस्पर्धी इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर सभी को हैरान कर दिया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का तिरंगा लहराते हुए देश को गौरवान्वित किया। सृष्टि की यह असाधारण कहानी आज देश के करोड़ों युवाओं और दिव्यांग एथलीटों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बन चुकी है।#1 कॉरपोरेट लाइफ को अलविदा कह स्पोर्ट्स में कदम: सृष्टि पांडे का शुरुआती जीवन और शूटिंग का फैसलासृष्टि पांडे की जिंदगी अन्य सामान्य युवाओं की तरह ही आरामदायक ढर्रे पर चल रही थी। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वे एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में अच्छी सैलरी वाली नौकरी कर रही थीं। हालांकि, उनके मन के किसी कोने में देश के लिए खेल के मैदान में कुछ बड़ा करने का जज्बा हमेशा हिलोरें मार रहा था। शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने कभी खुद को कमजोर नहीं समझा। साल 2023 में उन्होंने एक बड़ा और बेहद जोखिम भरा फैसला लेते हुए अपनी कॉरपोरेट जॉब से इस्तीफा दे दिया। उनके इस फैसले पर शुरुआत में परिजनों और परिचितों को थोड़ा संशय जरूर हुआ, लेकिन सृष्टि का लक्ष्य पूरी तरह से स्पष्ट था। उन्होंने पेशेवर रूप से निशानेबाजी (Para Shooting) को अपने करियर के रूप में चुनने का पक्का इरादा कर लिया था।#1 पहली बार पिस्टल पकड़ी और रचा इतिहास: डेब्यू नेशनल इवेंट में ही जीता स्वर्णिम पदकबिना किसी पूर्व व्यावसायिक पृष्ठभूमि के शूटिंग रेंज में उतरना आसान नहीं था। 2023 के शुरुआती महीनों में जब सृष्टि ने पहली बार शूटिंग अकादमी में कदम रखा और हाथ में 10 मीटर एयर पिस्टल पकड़ी, तो उनके कोच ने भी उनके भीतर एक जन्मजात प्रतिभा और एकाग्रता को पहचान लिया। दिन में 6 से 8 घंटे की कड़ी मेहनत, सांसों के नियंत्रण का अभ्यास और सटीक निशानेबाजी के घंटों रियाज के बाद वे अपने पहले राष्ट्रीय स्तर के कॉम्पिटिशन में उतरीं। अपने डेब्यू इवेंट में ही दुनिया भर के अनुभवी निशानेबाजों को पीछे छोड़ते हुए सृष्टि पांडे ने निशाने पर सटीक प्रहार किया और सीधे गोल्ड मेडल (Gold Medal) अपने नाम कर लिया। इस अभूतपूर्व सफलता ने भारतीय शूटिंग जगत के दिग्गजों का ध्यान उनकी तरफ खींचा।#1 एशियन पैरा गेम्स में भारत का मान बढ़ाया: एशियन मंच पर मेडल जीतकर तिरंगा फहरायाडेब्यू में ही स्वर्ण पदक जीतने के बाद सृष्टि का चयन भारतीय पैरा शूटिंग टीम में हुआ। उन्होंने राष्ट्रीय कोचिंग कैंप में अपने कौशल को और अधिक निखारा तथा एशियन पैरा गेम्स (Asian Para Games) के क्वालीफाइंग राउंड्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय दल में अपनी जगह पक्की की। अंतरराष्ट्रीय शूटिंग रेंज पर दबाव के बावजूद सृष्टि के हाथ नहीं कांपे। कड़े और रोमांचक मुकाबले में उन्होंने एक-एक शॉट पूरी एकाग्रता के साथ दागा और पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया। एशियन पैरा गेम्स के पोडियम पर खड़े होकर जब देश का राष्ट्रगान बजा, तो सृष्टि की आँखों में खुशी के आंसू और चेहरे पर ऐतिहासिक जीत का गर्व साफ देखा जा सकता था।#1 सफलता की राह में चुनौतियां और कड़ी ट्रेनिंग: जानिए कैसे मिली मानसिक और शारीरिक मजबूतीपैरा शूटिंग एक ऐसा खेल है जिसमें केवल शारीरिक क्षमता ही नहीं, बल्कि अत्यधिक मानसिक शांति, एकाग्रता और धैर्य की आवश्यकता होती है। नौकरी छोड़कर अचानक एक नए खेल को अपनाना मानसिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण था। सृष्टि बताती हैं कि पिस्टल थामने के शुरुआती दिनों में कलाई और कंधों पर भारी तनाव आता था, लेकिन फिजियोथेरेपी और कड़े शारीरिक व्यायाम की मदद से उन्होंने अपनी क्षमता को बढ़ाया। इसके साथ ही ध्यान (Meditation) और विजुअलाइजेशन तकनीकों ने उन्हें दबाव वाले क्षणों में शांत रहने में मदद की। उनकी यह कड़ी मेहनत और अनुशासित दिनचर्या ही थी जिसके दम पर वे इतने कम समय में सफलता की बुलंदियों पर पहुंच सकीं।#1 आने वाले पैरालिंपिक पर नजर: जानिए देश की इस स्वर्णिम निशानेबाज का अगला बड़ा लक्ष्यएशियन पैरा गेम्स में मिली इस शानदार सफलता के बाद अब सृष्टि पांडे का अगला और सबसे बड़ा सपना पैरालिंपिक खेलों (Paralympics) में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतना है। वे वर्तमान में आगामी विश्व कप और अंतरराष्ट्रीय क्वालीफाइंग टूर्नामेंट्स के लिए कड़ा अभ्यास कर रही हैं। सृष्टि का मानना है कि यदि आपके इरादे पक्के हों और मेहनत में ईमानदारी हो, तो कोई भी शारीरिक अक्षमता या उम्र की सीमा आपके सपनों के आड़े नहीं आ सकती। वे आज देश की हजारों लड़कियों के लिए एक मिसाल बन चुकी हैं जो अपनी जिंदगी में लीक से हटकर कुछ नया और बड़ा करने का जज्बा रखती हैं।
Digital Fraud पीड़ितों के नुकसान की भरपाई करें बैंक, Supreme Court ने RBI से मांगी रिपोर्ट
'डिजिटल अरेस्ट' के मामलों पर, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वह RBI के KYC संशोधन निर्देशों की समीक्षा करेगा, जिन्हें 31 दिसंबर तक लागू किया जाना है। शीर्ष अदालत ने कहा कि यह बैंकों की जिम्मेदारी है कि वे ग्राहकों के साथ हो रही धोखाधड़ी और उनके खातों में होने वाले संदिग्ध लेन-देन के बारे में नजदीकी पुलिस थानों को सूचित करें। सुप्रीम कोर्ट ने RBI से उन बैंकों की सूची मांगी है, जिन्हें 'डिजिटल अरेस्ट' से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। साथ ही, कोर्ट ने पीड़ितों को हुए नुकसान की भरपाई के उपाय करने को भी कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, डिजिटल धोखाधड़ी के शिकार लोगों के नुकसान की भरपाई के लिए बैंकों को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। कोर्ट ने यह भी बताया कि भले ही डिजिटल अपराधों में 50 प्रतिशत की कमी आई है, फिर भी इस साल अब तक पीड़ितों को ऐसे अपराधों के कारण 800 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। इसे भी पढ़ें: केरल की वृद्ध संरक्षण पहल से जगेगी नई चेतना सुप्रीम कोर्ट ने 'डिजिटल अरेस्ट' से जुड़े स्वतः संज्ञान (suo motu) मामले में व्हाट्सएप को भी पक्ष रखने की अनुमति दी। इस पर व्हाट्सएप ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने अब तक 9,400 संदिग्ध अकाउंट्स को बैन कर दिया है। यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब दिल्ली पुलिस ने इस हफ्ते की शुरुआत में दो लोगों को गिरफ्तार किया। इन पर आरोप है कि वे एक ऐसा बैंक अकाउंट (म्यूल अकाउंट) चला रहे थे, जिसका इस्तेमाल 2.10 करोड़ रुपये की 'डिजिटल अरेस्ट' धोखाधड़ी से जुड़ी रकम को इधर-उधर करने के लिए किया गया था। जांच के दौरान, पुलिस ने आरोपियों—सोनू खान (36) और अर्जुन चौधरी (38)—के पास से चार मोबाइल फोन, छह डेबिट कार्ड और 10 चेकबुक बरामद कीं। इसे भी पढ़ें: ADAS और नए Z12E इंजन के साथ Maruti Fronx देगी ज्यादा माइलेज, टेस्टिंग में दिखी कार 'नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल' पर दर्ज शिकायतों की जांच के दौरान, पुलिस को पता चला कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के यमुना विहार में रजिस्टर्ड एक बैंक अकाउंट में 12 अक्टूबर को 98,592 रुपये आए थे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह रकम उस मामले से जुड़ी है, जिसे 'इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस' (IFSO) यूनिट ने दर्ज किया था। यह मामला जनकपुरी के एक निवासी की शिकायत पर दर्ज हुआ था, जिसके साथ 'डिजिटल अरेस्ट' स्कैम के जरिए करीब 2.10 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई थी। पुलिस के अनुसार, 23 अक्टूबर को अशोक नगर में डिस्पोजेबल सामान बेचने वाली एक दुकान पर सोनू खान का पता चला। वहां से तीन मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड और चेकबुक बरामद की गईं। पूछताछ में खान ने बताया कि अर्जुन चौधरी ने ही यह दुकान खुलवाने में मदद की थी और बदले में आर्थिक सहायता देकर उसके बैंक अकाउंट्स पर अपना नियंत्रण बना लिया था। अधिकारी ने बताया, बाद में चौधरी को भी पकड़ लिया गया और उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। पुलिस का कहना है कि पैसों के लेन-देन (मनी ट्रेल) का पता लगाने और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करने के लिए आगे की जांच जारी है।
यूक्रेन में ट्रेन पर रूस का ड्रोन हमला, 13 लोगों की मौत, प्लेटफॉर्म पर मच गई चीख-पुकार
यूक्रेनी रेलवे के अनुसार, हमले से पहले संभावित खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद प्लेटफॉर्म पर यात्री और अन्य लोग मौजूद थे. ड्रोन के टकराने के बाद प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई और कई लोग इसकी चपेट में आ गए.
तीन दिन की कस्टडी में जामिया के NSUI कार्यकर्ता, उठी रिहाई की मांग
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के दौरान NSUI के दो कार्यकर्ताओं जीशान और फैजान को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने उनकी तत्काल रिहाई की मांग की है और चेतावनी दी है कि यह कार्रवाई आंदोलन को कमजोर नहीं करेगी बल्कि और तेज करेगी.
इमरान खान की बहन नौरीन की जेल में बिगड़ी तबीयत, हाई BP के बाद अस्पताल में भर्ती
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन नौरीन नियाजी की जेल में अचानक तबीयत बिगड़ गई. उन्हें लाहौर के पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी में भर्ती कराया गया है. नौरीन को दिल की बीमारी और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, जिसके कारण उनकी एनजियोप्लास्टी हो सकती है.
I-PAC छापेमारी मामले में बढ़ेंगी ममता बनर्जी की मुश्किलें? फैसला सुरक्षित
I-PAC छापेमारी मामले में ममता बनर्जी और पश्चिम बंगाल की तत्कालीन सरकार के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा. ईडी ने सीबीआई जांच की मांग की है. जानें क्या है पूरा मामला?
लगातार बारिश से किसानों की बढ़ी धड़कन, खेतों में पककर तैयार धान की फसल पर मंडराया संकट
धान की फसल: धान की फसल, मौसम ब्रेकिंग बोकारो: पिंड्राजोरा क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश ने धान की खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में फसल पककर तैयार है, लेकिन जलजमाव के कारण कटाई में गंभीर परेशानी हो रही है।
हरियाणा में आज दिखेगा अर्नब तूफान का असर: 15 जिलों में बारिश-ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट
हरियाणा मौसम अलर्ट: हरियाणा में भी चक्रवाती तूफान अर्नब का असर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। गुरुवार सुबह पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद, नारनौल, यमुनानगर, पंचकूला, अंबाला, जींद, कुरुक्षेत्र और करनाल जिले के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी के बाद आसमान में काली घटाएं छाई हुई हैं। चंडीगढ़ मौसम केंद्र की चेतावनी: मौसम विज्ञान.
देश में J&K के बाद छत्तीसगढ़ में नेताओं की सुरक्षा पर उड़ रहे सबसे ज्यादा करोड़
देश के सबसे संवेदनशील और रणनीतिक राज्यों में गिने जाने वाले छत्तीसगढ़ को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा हुआ है। सुरक्षा और प्रशासनिक खर्च के नए आंकड़ों के अनुसार, देश में जम्मू-कश्मीर के बाद अगर किसी राज्य में नेताओं, जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक हस्तियों की वीआईपी सुरक्षा पर सरकारी खजाने का सबसे बड़ा हिस्सा पानी की तरह बहाया जा रहा है, तो वह छत्तीसगढ़ है। राज्य सरकार हर साल केवल माननीयों, मंत्रियों, पूर्व जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था, बुलेटप्रूफ गाड़ियों, एस्कॉर्ट और गार्ड्स पर औसतन 150 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम राशि खर्च कर रही है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र की आड़ में सुरक्षा के नाम पर हो रहे इस बेतहाशा खर्च को लेकर अब आम जनता और प्रशासनिक गलियारों में सवाल उठने शुरू हो गए हैं कि क्या वाकई इतने बड़े बजट का सही इस्तेमाल हो रहा है या यह केवल वीआईपी कल्चर का एक बड़ा जरिया बन चुका है।#1 जम्मू-कश्मीर के बाद छत्तीसगढ़ क्यों बना नेताओं की सुरक्षा में सबसे बड़ा खर्चीला राज्य?देश के राजनीतिक मानचित्र पर छत्तीसगढ़ की स्थिति हमेशा से नक्सल हिंसा और उग्रवाद के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील रही है। साल 2013 का झीरम घाटी नक्सली हमला, जिसमें कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का सफाया हो गया था, उसके बाद से ही राज्य में जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर सुरक्षा एजेंसियों और सरकार का रुख बेहद सख्त हो गया। वर्तमान आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में वर्तमान विधायकों, पूर्व विधायकों, सांसदों, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्षों और यहां तक कि जिला स्तरीय नेताओं को भी एक्स (X), वाई (Y), वाई-प्लस (Y+), जेड (Z) और जेड-प्लस (Z+) श्रेणी की वीआईपी सुरक्षा प्रदान की गई है। इस पूरी सुरक्षा व्यवस्था में हजारों सशस्त्र पुलिस बल (CAF), जिला पुलिस बल और विशेष सुरक्षा समूह (SSG) के जवान चौबीसों घंटे तैनात रहते हैं, जिनकी सैलरी, भत्ते और लॉजिस्टिक्स पर हर साल करीब 150 करोड़ रुपये का विशाल बजट खर्च होता है।#1 बुलेटप्रूफ गाड़ियां, फ्यूल और एस्कॉर्ट का काफिला: सरकारी खजाने पर भारी पड़ रहा 'वीआईपी कल्चर'नेताओं की सुरक्षा केवल गार्ड्स की तैनाती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका एक बहुत बड़ा हिस्सा वाहनों के काफिले और लॉजिस्टिक्स पर खर्च होता है। राज्य के मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और बस्तर व सरगुजा संभाग जैसे अत्यधिक नक्सल प्रभावित इलाकों में दौरा करने वाले नेताओं के लिए विशेष रूप से बुलेटप्रूफ (Bulletproof) फॉर्च्यूनर, सफारी और जिप्सी गाड़ियों का बेड़ा इस्तेमाल किया जाता है। इन बख्तरबंद गाड़ियों का रखरखाव (Maintenance) बेहद खर्चीला होता है और सामान्य गाड़ियों की तुलना में इनमें ईंधन की खपत बहुत अधिक होती है। इसके अलावा, एस्कॉर्ट गाड़ियों का काफिला, पायलट वाहन और जवानों के आने-जाने व ठहरने का दैनिक खर्च रोजाना लाखों रुपये में पहुंच जाता है। जनहित के विकास कार्यों के लिए इस्तेमाल होने वाला करदाताओं का यह पैसा हर साल नेताओं की सुरक्षा में स्वाहा हो रहा है।#1 सुरक्षा ऑडिट पर उठे सवाल: क्या वास्तव में खतरे में हैं सभी नेता या सिर्फ रुतबे की जंग?गृह मंत्रालय की गाइडलाइंस के अनुसार, किसी भी जनप्रतिनिधि या व्यक्ति को सुरक्षा देने से पहले खुफिया एजेंसियों (IB और स्टेट इंटेलिजेंस) द्वारा थ्रेट पर्सेप्शन रिपोर्ट (Threat Perception Report) यानी खतरे के आकलन की विस्तृत समीक्षा की जाती है। लेकिन छत्तीसगढ़ में जिस पैमाने पर जिला स्तर के नेताओं और पूर्व जनप्रतिनिधियों को भारी सुरक्षा मुहैया कराई गई है, उस पर अब एक्सपर्ट्स और इंटेलिजेंस के पूर्व अधिकारी भी उंगली उठाने लगे हैं। जानकारों का कहना है कि कई बार राजनीतिक दबाव और रुतबा दिखाने के लिए भी सुरक्षा श्रेणियों का आवंटन कर दिया जाता है। चुनाव खत्म होने के बाद भी कई पूर्व नेताओं से सुरक्षा वापस नहीं ली जाती, जिससे पुलिस महकमे में बल (Manpower) की भारी कमी हो जाती है और आम जनता की सुरक्षा के लिए थानों में जवानों का अकाल पड़ जाता है।#1 आम जनता की सुरक्षा राम भरोसे, थानों में जवानों की कमी और नेताओं के घर पहराछत्तीसगढ़ में नेताओं की वीआईपी सुरक्षा का सबसे नकारात्मक असर आम जनता की कानून-व्यवस्था पर देखने को मिल रहा है। राज्य के मैदानी और शहरी इलाकों—जैसे रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और भिलाई—के थानों में पुलिस बल की भारी कमी है। पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी अपराध नियंत्रण और सड़कों पर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, लेकिन हजारों जवानों को नेताओं के बंगलों के बाहर पहरेदारी करने, उनके काफिले को रास्ता देने और व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी (PSO) के रूप में तैनात कर दिया गया है। जनता और नागरिक संगठनों ने मांग उठाई है कि राज्य में सुरक्षा व्यवस्था का निष्पक्ष कैडर रिव्यू (Cadre Review) किया जाना चाहिए ताकि अनावश्यक सुरक्षा हटाकर उस बजट को राज्य की स्वास्थ्य, शिक्षा और पुलिस व्यवस्था के आधुनिकीकरण में लगाया जा सके।
गाजीपुर में चक्रवाती तूफान का असर, 28 से 31 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट
गाजीपुर मौसम: गाजीपुर जिले में बुधवार से मौसम बदलने की संभावना है। चक्रवाती तूफान के प्रभाव के चलते 28 से 31 अक्टूबर तक गरज-चमक, बिजली गिरने, तेज हवाएं चलने और भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इस दौरान तापमान में 6 से 9 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बाद आपदा प्रबंधन विभाग.
नाबालिग अध्यक्ष' वाले बयान पर मचा बवाल
छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानों के तीर चलने और तीखी जुबानी जंग का दौर एक बार फिर से बेहद तेज हो गया है। इस बार राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और मौजूदा उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा के बीच सीधा राजनीतिक टकराव देखने को मिला है। विवाद की मुख्य वजह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय नेतृत्व और छत्तीसगढ़ मामलों से जुड़े वरिष्ठ नेता नितिन नवीन पर भूपेश बघेल द्वारा दिया गया बेहद विवादित बयान है। पूर्व सीएम बघेल ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करते हुए सार्वजनिक तौर पर तंज कसा और भाजपा के शीर्ष नेता को 'नाबालिग अध्यक्ष' करार दे दिया। इस तंजभरे बयान के सामने आते ही सत्ताधारी भाजपा खेमे में भारी उबाल आ गया, जिसके बाद प्रदेश के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने मोर्चा संभालते हुए भूपेश बघेल पर करारा पलटवार किया और उन्हें पंजाब में कांग्रेस की हार व राजनीतिक नाकामी की याद दिला डाली।#1 भूपेश बघेल का हमला: कहा- 'भाजपा के नाबालिग अध्यक्ष की बात को कोई गंभीरता से नहीं लेता'पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने भाजपा नेताओं के बयानों को पूरी तरह से हास्यास्पद और खारिज करने लायक बताया। राहुल गांधी और कांग्रेस पर विदेशी ताकतों के प्रभाव व अव्यवस्था फैलाने के आरोपों का जवाब देते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के 'नाबालिग अध्यक्ष' जो भी कह रहे हैं, उसे देश में कोई सीरियसली (गंभीरता से) नहीं लेता है। पूर्व मुख्यमंत्री ने गृह मंत्रालय और केंद्र सरकार की विफलताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर वाकई देश में कोई विदेशी फंडिंग या ताकतें अशांति फैला रही हैं, तो सरकार और उसके गृहमंत्री क्या कर रहे हैं? भूपेश बघेल द्वारा इस्तेमाल किए गए 'नाबालिग' शब्द ने राजनीतिक गलियारों में एक नया बवंडर खड़ा कर दिया।#1 डिप्टी सीएम विजय शर्मा का करारा पलटवार: 'पंजाब का हश्र भूल गए क्या बघेल जी?'पूर्व मुख्यमंत्री के इस विवादित बयान पर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बेहद आक्रामक अंदाज में पलटवार किया। विजय शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि जिस नेता को अब खुद छत्तीसगढ़ की जनता गंभीरता से नहीं ले रही है, वे दूसरों को सीख दे रहे हैं। विजय शर्मा ने भूपेश बघेल को उनके उस चुनावी दौर की याद दिलाई जब कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें पंजाब विधानसभा चुनाव का मुख्य पर्यवेक्षक बनाया था। डिप्टी सीएम ने कहा कि भूपेश बघेल जी शायद भूल रहे हैं कि पंजाब में जब वे प्रभारी बनकर गए थे, तो वहाँ कांग्रेस का क्या हश्र हुआ था? पूरी पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया था। विजय शर्मा ने आगे कहा कि नितिन नवीन भाजपा के बेहद कुशल रणनीतिकार हैं और उनकी ही बूथ-लेवल प्लानिंग के दम पर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सत्ता से बेदखल हुई थी।#1 छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव का अतीत और दोनों नेताओं के बीच पुरानी राजनीतिक अदावतगौरतलब है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान नितिन नवीन भाजपा के राज्य सह-प्रभारी के रूप में जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत कर रहे थे। उनकी माइक्रो-मैनेजमेंट और रणनीतिक घेराबंदी के चलते भाजपा ने पूर्ण बहुमत हासिल किया और तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सत्ता को उखाड़ फेंका। यही वजह है कि दोनों नेताओं और दलों के बीच राजनीतिक अदावत काफी पुरानी और गहरी मानी जाती है। जब से नितिन नवीन को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारियां दी गई हैं, तब से कांग्रेस लगातार उन पर हमलावर रही है, जबकि भाजपा उनके नेतृत्व और चुनावी ट्रैक रिकॉर्ड का बचाव करते हुए कांग्रेस पर लगातार हमला बोल रही है।#1 छत्तीसगढ़ में गर्माया सियासी माहौल: पक्ष और विपक्ष में जुबानी जंग जारी'नाबालिग अध्यक्ष' और 'पंजाब की हार' को लेकर शुरू हुआ यह वाकयुद्ध अब थमने का नाम नहीं ले रहा है। रायपुर से लेकर दिल्ली तक के राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर गरमा-गर्मी का माहौल बना हुआ है। एक तरफ जहां कांग्रेस पार्टी भूपेश बघेल के तर्कों का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार की विदेश और सुरक्षा नीतियों पर सवाल खड़े कर रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा कार्यकर्ता और मंत्री पूर्व सीएम के खिलाफ सड़कों व सोशल मीडिया पर मोर्चा खोले हुए हैं। जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह जुबानी जंग और भी अधिक तीखी हो सकती है, क्योंकि आगामी राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए दोनों ही दल एक-दूसरे पर बढ़त बनाने का कोई भी मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहते।
चक्रवाती तूफान 'अर्नब' छत्तीसगढ़ में दाखिल, बस्तर से लेकर रायपुर तक अलर्ट मोड पर प्रशासन
बंगाल की खाड़ी से उठे भयानक चक्रवाती तूफान 'अर्नब' (Cyclone Arnab) ने तटीय राज्यों में तबाही मचाने के बाद अब छत्तीसगढ़ के मैदानी और दक्षिणी इलाकों में प्रवेश कर लिया है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों से टकराने के बाद हालांकि यह तूफान कमजोर होकर अवदाब (Depression) में तब्दील हो गया है, लेकिन इसके असर से प्रदेश भर के मौसम में अचानक भारी बदलाव आया है। बस्तर संभाग समेत राज्य के 12 से अधिक जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का सिलसिला शुरू हो चुका है। राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से हरकत में आ चुके हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक प्रशासनिक मशीनरी को 24 घंटे हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।#1 बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में तूफान का सबसे ज्यादा असर, भारी बारिश की चेतावनीमौसम विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात 'अर्नब' के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने से बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर और महासमुंद जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं और लगातार हो रही बारिश से निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा पैदा हो गया है। बस्तर जिले में 18 से अधिक राहत शिविर तैयार किए गए हैं और तटीय इलाकों में मुनादी कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है। बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए बांधों और जलाशयों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।#1 आपात स्थिति से निपटने के लिए 24 घंटे एक्टिव कंट्रोल रूम, जारी हुए ये आपातकालीन नंबर्सआपदा प्रबंधन विभाग ने किसी भी आपात स्थिति, जलभराव या दुर्घटना की सूचना देने और सहायता प्राप्त करने के लिए राज्य और जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष (Control Room) स्थापित कर दिए हैं जो 24 घंटे काम कर रहे हैं:राज्य स्तरीय राज्य आपदा कंट्रोल रूम (टोल फ्री नंबर): 1070रायपुर जिला नियंत्रण कक्ष: 0771-2413233बस्तर (जगदलपुर) बाढ़ नियंत्रण कक्ष: 07782-223122बालोद जिला कंट्रोल रूम: 07749-223950प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम खराब रहने के दौरान बेवजह घरों से बाहर न निकलें, कच्चे या जर्जर मकानों में जाने से बचें और जलभराव वाले स्थलों व नदी-नालों के करीब बिल्कुल न जाएं। किसी भी आपदा या मदद की जरूरत होने पर सीधे जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर्स पर संपर्क किया जा सकता है।#1 बिजली, स्वास्थ्य और रेलवे विभाग हाई अलर्ट पर, अधिकारियों की छुट्टियां रद्दतूफान 'अर्नब' के प्रभाव को देखते हुए राज्य शासन के निर्देश पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा ने समीक्षा बैठक की है। अतिसंवेदनशील जिलों में अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। बिजली विभाग की विशेष टीमों को तैनात किया गया है ताकि आंधी-तूफान से पेड़ गिरने या पोल टूटने पर तत्काल बिजली आपूर्ति बहाल की जा सके। इसके साथ ही, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने भी एडवायजरी जारी कर यात्रियों को स्टेशन पहुँचने और ट्रेनों के समय में बदलाव की पुष्टि करने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग ने सर्पदंश और जल जनित बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी दवाइयों का स्टॉक सुनिश्चित किया है।#1 अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील: जानिए आगे कैसा रहेगा छत्तीसगढ़ में मौसम का हालमौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ के दक्षिणी और मध्य हिस्से में रुक-रुक कर भारी से अति भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग में भी काले बादलों का डेरा जमा रहेगा और मध्यम से तेज बारिश दर्ज की जा सकती है। 30 अक्टूबर के बाद धीरे-धीरे चक्रवात का प्रभाव कम होने की उम्मीद जताई गई है। राज्य सरकार ने सभी कलेक्टर्स और एसपी को निर्देश दिया है कि संवेदनशील गांवों और बस्तियों में राहत टीमों (SDRF/NDRF) को मुस्तैद रखा जाए ताकि जन-धन की क्षति को शून्य रखा जा सके।
पटना स्नातक MLC सीट पर आ गई वोटों की पूरी डिटेल
बिहार विधान परिषद (Bihar Legislative Council) की सबसे हाई-प्रोफाइल और चर्चित मानी जाने वाली पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनावी फैसला आ चुका है। शुरुआत से ही मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह के आक्रामक तेवरों और बयानों के कारण सुर्खियों में रही इस सीट पर आखिरकार जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वरिष्ठ नेता नीरज कुमार ने जीत का परचम लहराते हुए इतिहास रच दिया है। वोटों की गिनती पूरी होने के बाद आधिकारिक और राउंडवार आंकड़ों की तस्वीर पूरी तरह से साफ हो चुकी है। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी जेडीयू, मुख्य विपक्षी दल राजद (RJD), प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी और कांग्रेस उम्मीदवारों के बीच था।#1 कोटा सिस्टम से तय हुई जीत: चौथे दौर के बाद नीरज कुमार ने हासिल किया निर्णायक मतों का आंकड़ापटना स्नातक सीट पर विजेता का फैसला पारंपरिक बहुमत के बजाय वरीयता मतों (Preferential Votes) की कोटा प्रणाली (Quota System) के आधार पर हुआ। कुल पड़े वैध वोटों की संख्या के आधार पर जीत के लिए आवश्यक न्यूनतम कोटा तय किया गया था। जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार ने शुरुआती दौर से ही बढ़त बनाए रखी। पहले दौर की मतगणना में नीरज कुमार को 2,149 प्रथम वरीयता के वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी राजद के उम्मीदवार को 2,041 मत प्राप्त हुए थे। अंतिम राउंड की गिनती और एलिमिनिटरी राउंड की प्रोसेस पूरी होने के बाद नीरज कुमार ने तय न्यूनतम कोटा को सफलतापूर्वक हासिल कर जीत दर्ज की और लगातार चौथी बार एमएलसी बनने का रिकॉर्ड बनाया।#1 नीरज, दिलीप, अनुज और असदुल्लाह को मिले वोटों का पूरा गणितमतगणना केंद्र से निकलकर सामने आई अधिकृत रिपोर्ट के अनुसार, उम्मीदवारों को मिले कुल मतों और उनकी अंतिम रैंकिंग का विवरण कुछ इस प्रकार रहा:नीरज कुमार (JDU - विजेता): प्रथम वरीयता और ट्रांसफर मतों को मिलाकर विजयी कोटा हासिल करते हुए पहले स्थान पर रहे और जीत दर्ज की।दिलीप कुमार पटेल (RJD - उपविजेता): राजद प्रत्याशी दूसरे स्थान पर रहे। उन्होंने नीरज कुमार को कड़ी टक्कर दी लेकिन कोटे के जादुई आंकड़े से पीछे रह गए।डॉ. अनुज कुमार सिंह (जन सुराज - तीसरा स्थान): मोकामा विधायक अनंत सिंह के खुले समर्थन के बावजूद जन सुराज उम्मीदवार तीसरे स्थान पर खिसक गए।डॉ. असदुल्लाह खान (कांग्रेस - चौथा स्थान): कांग्रेस के खाते में बेहद कम वोट आए और उनके प्रत्याशी चौथे पायदान पर सिमट गए।#1 नहीं चला अनंत सिंह का 'पावर गेम': बाहुबली के दावों और हवा-हवाई वादों की खुली पोलइस चुनाव परिणाम ने मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह को सबसे बड़ा सियासी झटका दिया है। चुनाव प्रचार के दौरान अनंत सिंह ने खुलेआम जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार की जमानत जब्त कराने और जन सुराज प्रत्याशी अनुज सिंह को बंपर वोटों से जिताने का दावा किया था। इस बगावत के कारण जेडीयू ने अनंत सिंह को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित भी कर दिया था। हालांकि, जब नतीजे सामने आए तो जनता ने बाहुबल और बयानबाजी के बजाय नीरज कुमार के 18 सालों के संसदीय अनुभव और विकास कार्यों पर अपनी मुहर लगाई। नतीजों के बाद अनंत सिंह ने भी हार स्वीकार करते हुए कहा कि जनता ही मालिक है और जो जनता चुनेगी वही होगा।#1 नीरज कुमार ने रचा इतिहास: 2008 से लगातार जीत की हैट्रिक के बाद चौथी बार बने MLCअपनी धमाकेदार जीत के बाद जेडीयू कार्यालय पहुंचे नीरज कुमार का कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। जीत के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने इस सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीतियों और एनडीए कार्यकर्ताओं के कड़े परिश्रम को दिया। नीरज कुमार का राजनीतिक सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। साल 2002 में अपना पहला चुनाव हारने के बाद वे 2008 में पहली बार एमएलसी चुने गए थे। इसके बाद 2014, 2020 और अब 2026 में लगातार चौथी बार इस प्रतिष्ठित सीट पर कब्जा जमाकर उन्होंने यह साबित कर दिया है कि पटना स्नातक क्षेत्र में उनका जनाधार अटूट है।
बिहार विधान परिषद चुनाव परिणाम: कांग्रेस '1 से 0' और राजद '0 से 1
बिहार विधान परिषद (Bihar Legislative Council) की आठ सीटों पर संपन्न हुए उपचुनाव और द्विवार्षिक चुनाव के नतीजों ने राज्य के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया है। इन परिणामों ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस के बीच महाविकास गठबंधन (महागठबंधन) की अंदरूनी कड़वाहट और शक्ति-संतुलन की पोल खोलकर रख दी है। चुनाव परिणामों में सबसे बड़ा झटका कांग्रेस पार्टी को लगा है, जिसकी इकलौती सीट भी हाथ से निकल गई और वह शून्य पर सिमट गई। दूसरी ओर, राजद ने भाजपा के तीन दशक पुराने गढ़ को ढहाकर 'शून्य से एक' सीट का सफर तय करते हुए अपनी खोई ताकत वापस पाई है। इस नाटकीय उलटफेर के बाद अब बिहार की राजनीति और खुद कांग्रेस के अंदरूनी खेमे में यह बड़ा सवाल कौंध रहा है कि आखिर कब तक देश की सबसे पुरानी पार्टी 'बी टीम' (B-Team) का ठप्पा अपने माथे पर लगाकर लालू प्रसाद यादव के 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास (Lalu Awas) से तय होने वाले राजनीतिक फैसलों की बलि चढ़ती रहेगी।#1 दरभंगा और पटना शिक्षक सीटों के नतीजे: कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष का किला ढहा, राजद ने भाजपा को चटाई धूलविधान परिषद के इन नतीजों में सबसे चौंकाने वाली हार दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से देखने को मिली। यहाँ कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा को करारी हार का सामना करना पड़ा। प्रशांत किशोर की नई नवेली जन सुराज पार्टी (Jan Suraaj Party) समर्थित उम्मीदवार सुरेश प्रसाद राय ने कांग्रेस के इस अभेद्य किले में सेंध लगाते हुए डॉ. मदन मोहन झा को शिकस्त दी और कांग्रेस का खाता तक नहीं खुलने दिया। इसके ठीक विपरीत, पटना शिक्षक सीट पर लालू यादव की राजद ने जबरदस्त राजनीतिक घेराबंदी की। राजद प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार ने लगातार पांच बार से जीतते आ रहे भाजपा के कद्दावर नेता नवल किशोर यादव को पटखनी देकर सीट अपने नाम कर ली। इस तरह जहां राजद शून्य से उठकर एक सीट जीतने में कामयाब रही, वहीं कांग्रेस अपनी जीती हुई सीट गंवाकर एक से सीधे शून्य पर आ गिरी।#1 सीट बंटवारे से लेकर उम्मीदवार तय करने तक: लालू आवास का एकतरफा दबाव और कांग्रेस का आत्मसमर्पणराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में कांग्रेस की इस दुर्दशा के पीछे कोई और नहीं बल्कि उसकी खुद की लाचारी और राजद के सामने घुटने टेकने की नीति है। चुनाव चाहे विधानसभा के हों, लोकसभा के हों या फिर विधान परिषद के, टिकट बंटवारे की पूरी पटकथा लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के आवास पर ही लिखी जाती है। कांग्रेस के स्थानीय नेताओं को केवल सहमति की मुहर लगाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। क्षेत्रीय स्तर पर अपने जनाधार और समर्पित कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर जब-जब कांग्रेस ने राजद की शर्तों पर समझौते किए हैं, तब-तब उसे मुंह की खानी पड़ी है। राजद अपने राजनीतिक आधार (MY समीकरण व कैडर) को मजबूत करने के लिए कांग्रेस के प्रभाव वाले क्षेत्रों का इस्तेमाल करती है, लेकिन जब कांग्रेस उम्मीदवारों को जिताने की बारी आती है, तो राजद का जमीनी वोट बैंक खामोशी से अपना रास्ता बदल लेता है।#1 'बी टीम' के ठप्पे से घुटता कांग्रेस कैडर: क्या अब राजद के राजनीतिक प्रभाव से आजाद होगी पार्टी?एमएलसी चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस के भीतर असंतोष का गुबार फूट पड़ा है। पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं और युवा नेताओं का खुलकर कहना है कि जब तक पार्टी राज्य में लालू-तेजस्वी की बैसाखियों के सहारे चलेगी, तब तक उसका अपना स्वतंत्र अस्तित्व कभी बहाल नहीं हो सकता। जनता के बीच कांग्रेस को केवल राजद की 'सहायक' या 'बी टीम' के रूप में देखा जाने लगा है, जिससे पार्टी का पारंपरिक वोट बैंक (उच्च जातियां, मुस्लिम और अति पिछड़ा वर्ग) अब तीसरे विकल्पों जैसे जन सुराज या एनडीए की ओर शिफ्ट हो रहा है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि लालू आवास के इशारों पर फैसले लेने की इस आत्मघाती नीति ने कांग्रेस के संगठन को बिहार में पूरी तरह से पंगु बना दिया है, और यदि अब भी केंद्रीय कमान ने कड़े फैसले नहीं लिए तो पार्टी का वजूद राज्य से हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।#1 बिहार में नए राजनीतिक विकल्पों का उदय: जन सुराज की एंट्री और महागठबंधन के भविष्य पर मंडराता संकटइन चुनाव परिणामों का एक सबसे बड़ा संदेश यह भी है कि बिहार की प्रबुद्ध और शिक्षित जनता—चाहे वह शिक्षक हों या स्नातक—अब पारंपरिक गठबंधनों के बजाए नए विकल्पों को स्वीकार कर रही है। जन सुराज पार्टी द्वारा पहली ही बार में एमएलसी सीट जीतकर खाता खोलना यह साबित करता है कि जनता राजद-कांग्रेस के पुराने राजनीतिक ढर्रे से तंग आ चुकी है। आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आए ये परिणाम महागठबंधन के लिए भारी चेतावनी हैं। यदि कांग्रेस ने खुद को राजद के राजनीतिक दबदबे और लालू आवास के फरमानों से मुक्त करके अपनी स्वतंत्र रणनीति नहीं बनाई, तो बिहार के आगामी सियासी महासमर में कांग्रेस का सूपड़ा साफ होना तय माना जा रहा है।
ललन सिंह और संजय झा की अंदरूनी जंग में मोहरा बने अनंत सिंह
बिहार की राजनीति में सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भीतर चल रहा वर्चस्व का बड़ा खेल अब पूरी तरह से सड़कों और चौराहों पर बेपर्दा हो चुका है। मोकामा के चर्चित बाहुबली विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को जेडीयू से 6 साल के लिए निष्कासित किए जाने और उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश के बाद राज्य का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। लेकिन इस पूरी कार्रवाई के केंद्र में केवल विधान परिषद चुनाव (MLC Election) का विवाद नहीं है, बल्कि पार्टी के दो सबसे कद्दावर दिग्गजों—केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा—के बीच चल रही वर्चस्व की अंदरूनी जंग है। राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा जोरों पर है कि ललन सिंह और संजय झा के बीच पावर गेम और शह-मात की इस लड़ाई में अनंत सिंह बलि का बकरा बन गए हैं।एमएलसी चुनाव में बागी तेवर और जेडीयू के शीर्ष नेतृत्व के बीच बटीं गुटबंदियांबिहार विधान परिषद के पटना स्नातक चुनाव के दौरान इस अंदरूनी कलह की पहली चिंगारी भड़की थी। जेडीयू के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मैदान में उतरे अनंत सिंह ने जब जनसुराज प्रत्याशी का समर्थन किया, तो इसे पार्टी की अनुशासनहीनता माना गया। हालांकि, जब तक मामले को सुलझाने की बात थी, तब तक ललन सिंह ने बीच-बचाव करते हुए यह बयान दिया था कि ताली एक हाथ से नहीं बजती और पार्टी से भी कुछ चूक हुई है। लेकिन दूसरी ओर, संजय झा और पार्टी के अन्य रणनीतिकारों ने इसे सीधे तौर पर चुनौती माना। ललन सिंह द्वारा मोकामा विधायक के बचाव की कोशिशों और संजय झा खेमे द्वारा सख्त कार्रवाई के दबाव ने पार्टी के भीतर दो बड़े पावर सेंटर्स की दरार को पूरी तरह उजागर कर दिया।दिल्ली में संसद परिसर में ललन-संजय की चुप्पी ने दिए बड़े राजनीतिक संकेतअनंत सिंह और उनकी पत्नी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश जारी होने के तुरंत बाद जब दिल्ली में मीडिया ने ललन सिंह और संजय झा को एक साथ घेरा, तो वहां जो नजारा देखने को मिला उसने पूरी कहानी बयान कर दी। निष्कासन के सवाल पर ललन सिंह ने सीधे तौर पर संजय झा की ओर इशारा करते हुए कह दिया कि यह उनके अधिकार क्षेत्र का मामला है, उनसे बात कीजिए और वे गाड़ी में बैठकर निकल गए। वहीं, जब संजय झा से सवाल पूछा गया तो उन्होंने भी चुप्पी साध ली और बिना कुछ बोले आगे बढ़ गए। केंद्रीय नेतृत्व के दो शीर्ष स्तंभों का इस तरह मीडिया के सामने जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालना और चुप्पी साधना यह साबित करता है कि जेडीयू के भीतर फैसलों को लेकर गहरी खींचतान जारी है।'छोटे सरकार' का अगला कदम: क्या नई रणनीति से पलटेंगे बिहार का सियासी समीकरण?जेडीयू से बाहर का रास्ता दिखाए जाने और विधानसभा सदस्यता खत्म करने के लिए स्पीकर को पत्र भेजे जाने के बाद 'छोटे सरकार' के नाम से मशहूर अनंत सिंह ने भी अपने तेवर कड़े कर लिए हैं। मोकामा में अपना मजबूत जनाधार रखने वाले अनंत सिंह ने संकेत दिए हैं कि वे आने वाले समय में अपने समर्थकों के साथ नई राजनीतिक राह चुन सकते हैं। बिहार की राजनीति के जानकारों का मानना है कि मोकामा और आसपास के भूमिहार बहुल इलाकों में अनंत सिंह की सीधी पकड़ को नजरअंदाज करना जेडीयू के लिए भी आने वाले विधानसभा चुनावों में भारी पड़ सकता है। फिलहाल, ललन सिंह और संजय झा की इस अंदरूनी जंग से उपजे सियासी बवंडर पर पूरे बिहार की नजरें टिकी हुई हैं।
यूपी में आसमान से बरसेगी आफत, तेज हवाओं और बिजली गिरने का अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे चक्रवाती मौसम तंत्र के असर से उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को तेज हवाओं, गरज-चमक, वज्रपात और भारी बारिश की आशंका जताई गई है. राहत आयुक्त कार्यालय ने जिलाधिकारियों को एडवाइजरी जारी की है. गोरखपुर में आपदा नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहेगा और किसानों को फसल सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है.
मोबाइल को दीवार पर मारो और हो जाएगा अरेस्ट, बेसिक बात भी नहीं समझ पाते; क्यों भड़क गए CJI सूर्यकांत
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि क्या लोग इतनी सी बुनियादी बात भी नहीं समझ सकते कि मोबाइल से गिरफ्तारी नहीं हो सकती। अगर यही है तो मोबाइल को दीवार पर दे मारें, गिरफ्तारी का डर ही खत्म हो जाएगा!
आंखों की रोशनी पर स्क्रीन का असर, बढ़ रही ये बीमारी
मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर के बढ़ते यूज से बच्चों और युवाओं में आंखों की समस्याएं जैसे मायोपिया और ड्राई आई बढ़ रही हैं. डॉ. सुदीप्तो पाकरासी ने बताया कि स्क्रीन की रोशनी के साथ देखने का तरीका भी आंखों की सेहत पर असर डालता है.
कर्नाटक में PDS अनाज तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, 215 गिरफ्तार
कर्नाटक सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत वितरित किए जाने वाले 17.78 लाख किलोग्राम चावल और अन्य खाद्यान्न पिछले तीन महीने में जब्त किए हैं। राशन के अनाज की कथित तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के तहत इस मामले में 215 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री रिजवान अरशद के निर्देश पर विभागीय अधिकारी एक अगस्त से राज्य भर में राशन की आपूर्ति करने वाले वाहनों की नियमित जांच कर रहे हैं और निजी गोदामों पर छापेमारी कर रहे हैं। मंत्री के कार्यालय की ओर से बृहस्पतिवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, जब्त की गई वस्तुओं में चावल, गेहूं, रागी और विभिन्न प्रकार की दालें शामिल हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि बेलगावी जिले में पीडीएस का पांच लाख किलोग्राम से अधिक अनाज जब्त किया गया, जबकि कोलार जिले में 3.5 लाख किलोग्राम अनाज बरामद हुआ। बागलकोट और विजयपुरा जिलों में भी एक-एक लाख किलोग्राम से अधिक चावल और अन्य खाद्यान्न जब्त किए गए। छापेमारी और जांच के सिलसिले में विभिन्न पुलिस थानों में कुल 238 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। अधिकारियों ने राशन के अनाज की अवैध ढुलाई में कथित तौर पर इस्तेमाल किए जा रहे 156 वाहन भी जब्त किए हैं। बयान के अनुसार रसोई गैस सिलेंडरों और पेट्रोल-डीजल के अवैध भंडारण के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। इस दौरान पिछले तीन महीने में 14,250 लीटर पेट्रोल और 1,492 गैस सिलेंडर जब्त किए गए। विज्ञप्ति के मुताबिक, जब्त खाद्यान्न, गैस सिलेंडर और पेट्रोल का कुल मूल्य लगभग 10 करोड़ रुपये आंका गया है। अरशद ने अधिकारियों को पीडीएस के चावल और अन्य खाद्यान्न की कथित तस्करी में शामिल नेटवर्क के खिलाफ छापेमारी जारी रखने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि गरीबों के लिए निर्धारित खाद्यान्न को दूसरे कामों में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, राज्य में सूखे की स्थिति है और गरीब लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में उनके लिए निर्धारित चावल का व्यावसायिक इस्तेमाल करना और उससे मुनाफा कमाना अक्षम्य अपराध है। हमारी सरकार ऐसा नहीं होने देगी। मंत्री ने चावल की कीमतों में हालिया वृद्धि के बीच अवैध रूप से चावल का भंडारण करने या उसे कालाबाजारी में बेचने की कोशिश करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा, यदि कोई चावल की बढ़ती कीमतों से पैदा हुई स्थिति का फायदा उठाकर अवैध रूप से चावल का भंडारण करने या उसे कालाबाजारी में बेचने की कोशिश करता है, तो विभाग उसके खिलाफ भी कार्रवाई करेगा।
'पुलिस-लाठी से न डरें', राहुल गांधी का 'दिल्ली चलो' कॉल
राहुल गांधी ने 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाले मार्च के लिए लोगों को बुलाया है. X पर जारी संदेश में उन्होंने इसे लोकतंत्र बचाने, वोट चोरी रोकने और संविधान की रक्षा का मार्च बताया. उनका कहना है कि यह किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि देश का मार्च है.
Lava के स्मार्टफोन पर बंपर ऑफर, फीचर्स फोन पर भी डिस्काउंट
Lava ने फेस्टिव ऑफर्स का ऐलान कर दिया है, जिसके तहत लावा के स्मार्टफोन और फीचर्स फोन पर बंपर डिस्काउंट मिलेगा. कुछ दिन में दिवाली आने वाली है और उससे पहले बहुत से लोग अपने लिए न्यू स्मार्टफोन खरीदते हैं. हर एक ब्रांड इस मौके का फायदा उठाना चाहते हैं.
माइक्रो चीटिंग और ब्रेडक्रम्बिंग, Gen Z डेटिंग के 5 डेंजरस कोड्स?
आजकल जेन जी की डेटिंग लाइफ में सिर्फ घोस्टिंग ही नहीं, बल्कि कई नए ट्रेंड्स भी चर्चा में हैं. ब्रेडक्रंबिंग, माइक्रो-चीटिंग, सिचुएशनशिप, बेंचिंग और सॉफ्ट लॉन्च या हार्ड लॉन्च जैसे टर्म्स रिश्तों की अलग-अलग आदतों को बताते हैं. जानिए इन 5 डेटिंग कोड्स का मतलब और कैसे ये आज के रिश्तों में कंफ्यूजन बढ़ा सकते हैं.
दिवाली पर जगमग रहेगा यूपी, दिवाली-छठ पर नहीं होगी बिजली कटौती
ऊर्जा मंत्री ने झटपट पोर्टल पर नए बिजली कनेक्शन के लिए लंबित आवेदनों का जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए. उन्होंने निरस्त किए गए आवेदनों की समीक्षा कर व्यवस्था में जरूरी सुधार करने को भी कहा.
PM मोदी दो दिन के गुजरात दौरे पर, किसानों को देंगे 19 हजार करोड़ की सौगात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30-31 अक्टूबर 2026 को गुजरात दौरे पर रहेंगे. इस दौरान वो बनासकांठा और एकता नगर में 14,400 करोड़ रुपए से ज्यादा की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे. वो PM-किसान योजना की 24वीं किस्त के तहत 19,000 करोड़ रुपए किसानों को जारी करेंगे और राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह की अध्यक्षता करेंगे.
जयपुर में ट्रैफिक का जानलेवा मकड़जाल, बेलगाम अतिक्रमण और पार्किंग का संकट
राजस्थान की विश्व प्रसिद्ध विरासत और राजधानीजयपुरClick to open side panel for more information में हर दिन सड़कों पर उतरने वाले लाखों आम नागरिकों, व्यापारियों और पर्यटकों के लिए ट्रैफिक की बदहाली एक विकराल और दर्दनाक समस्या बन चुकी है। 'पिंक सिटी' की खूबसूरती और ऐतिहासिक आकर्षण पर अतिक्रमण के काले बादल और पार्किंग की घोर किल्लत ग्रहण लगा रहे हैं। शहर के व्यस्ततम चौराहों से लेकर परकोटे के पारंपरिक बाज़ारों तक में वाहनों की लंबी-लंबी कतारें, पैदल चलने वालों के लिए जगह की कमी और घंटों लगने वाले ट्रैफिक जाम ने जनता का जीना मुहाल कर दिया है। पब्लिक ओपिनियन (Public Opinion) के माध्यम से जब जयपुर की आम जनता, दुकानदारों, युवाओं और दैनिक यात्रियों से इस ज्वलंत मुद्दे पर बात की गई, तो उनका गुस्सा प्रशासन की उदासीनता और नगर निगम की लचर कार्यप्रणाली पर जमकर फूटा। लोगों ने सीधे तौर पर सवाल उठाते हुए शहर को इस ट्रैफिक के मकड़जाल से मुक्ति दिलाने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है।#1 जयपुर के परकोटे से लेकर वीआईपी इलाकों तक ट्रैफिक का बुरा हाल: जनता ने बयां किया अपना दर्दजयपुरClick to open side panel for more informationशहर की रीढ़ माने जाने वाले चारदीवारी क्षेत्र (परकोटा)—जैसे जौहरी बाज़ार, बापू बाज़ार, चांदपोल, और हवामहल मार्ग—में स्थिति दिन-ब-दिन बेहद विस्फोटक होती जा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह की शुरुआत होते ही सड़कों पर गाड़ियों का रेंगना शुरू हो जाता है, जो देर रात तक बदस्तूर जारी रहता है। सिर्फ ऐतिहासिक परकोटा ही नहीं, बल्कि मानसरोवर, वैशाली नगर, मालवीय नगर और टोंक रोड जैसे नए और पॉश इलाकों में भी चौराहे जाम की चपेट में हैं। स्कूल जाने वाले नन्हें बच्चे, दफ्तर समय पर पहुंचने की जद्दोजहद में लगे नौकरीपेशा लोग और आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस में फंसे मरीज हर दिन इस जाम की भारी कीमत चुका रहे हैं। जनता का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस केवल चालान काटने और कैमरों के जरिए फाइन भेजने में व्यस्त है, लेकिन जमीनी स्तर पर जाम खुलवाने के लिए चौराहों पर होमगार्ड या सिपाही तक तैनात नहीं नजर आते।#1 सड़कों और फुटपाथों पर अवैध कब्जे: अतिक्रमणकारियों के आगे लाचार दिखा नगर निगम प्रशासनपब्लिक ओपिनियन के दौरान शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और व्यापारियों ने खुलकर कहा कि जयपुर में ट्रैफिक जाम की सबसे बड़ी और मूल वजह सड़कों और फुटपाथों पर पसर चुका अवैध अतिक्रमण है। बाज़ारों में मुख्य सड़कों के किनारों पर ठेलों, ढाबों, अस्थायी दुकानों और रेहड़ी-पटरी वालों ने इस तरह कब्जा कर रखा है कि पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ पूरी तरह खत्म हो चुके हैं। मजबूरी में पैदल चलने वाले लोग जब मुख्य सड़क पर चलते हैं, तो हादसों का खतरा बढ़ जाता है और गाड़ियों की रफ्तार थम जाती है। दुकानदारों का आरोप है कि नगर निगम का सतर्कता दस्ता (Vigilance Team) और स्थानीय पुलिस केवल खानापूर्ति के नाम पर कभी-कभार छोटी-मोटी कार्रवाई करती है, लेकिन उनके जाते ही कुछ ही घंटों में अतिक्रमणकारी दोबारा काबिज हो जाते हैं। मिलीभगत और हफ्ता वसूली के चलते इस अवैध कब्जे पर कोई स्थायी बुलडोजर या सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।#1 स्मार्ट सिटी में पार्किंग की भारी किल्लत: नो-पार्किंग में गाड़ियां खड़ी करने को मजबूर हैं वाहन चालकजयपुर को 'स्मार्ट सिटी' का दर्जा दिए जाने के बावजूद शहर में व्यवस्थित और बहुस्तरीय पार्किंग (Multilevel Parking) का भारी अभाव है। जयपुर की आबादी और वाहनों की संख्या जिस तेजी से बढ़ी है, उसके मुकाबले सार्वजनिक पार्किंग स्थलों का विकास बिल्कुल शून्य के बराबर रहा है। खरीदारी करने या काम के सिलसिले में बाज़ार आने वाले लोगों को अपनी गाड़ियां खड़ी करने के लिए कई किलोमीटर तक भटकना पड़ता है। पार्किंग स्पेस न मिलने के कारण मजबूरी में लोग सड़कों के किनारों पर या नो-पार्किंग ज़ोन में वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे पहले से संकरी सड़कें और अधिक तंग हो जाती हैं। ट्रैफिक क्रेन द्वारा नो-पार्किंग से गाड़ियां उठाकर भारी-भरकम जुर्माना वसूलना तो आसान है, लेकिन नगर निगम और जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) जनता को पर्याप्त पार्किंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के मामले में पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं।#1 जयपुर को जाम मुक्त बनाने के लिए जनता ने सरकार और प्रशासन के सामने रखीं ये बड़ी मांगेंशहर के भविष्य और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए जयपुरवासियों ने शासन-प्रशासन के सामने बेहद व्यावहारिक सुझाव और मांगें रखी हैं। आम जनता का कहना है कि सबसे पहले परकोटे और मुख्य बाज़ारों को पूरी तरह से 'नो-एनक्रोचमेंट ज़ोन' (No-Encroachment Zone) घोषित किया जाए और अवैध कब्जों को बुलडोजर चलाकर स्थायी रूप से हटाया जाए। इसके अलावा, व्यस्त इलाकों में खाली पड़ी जमीनों का अधिग्रहण कर अत्याधुनिक मल्टीलेवल पार्किंग कॉम्प्लेक्स बनाए जाएं। जनता ने यह भी मांग उठाई है कि ई-रिक्शा और सिटी बसों के लिए अलग लेन और रूट निर्धारित किए जाएं क्योंकि बिना किसी परमिट के बेतरतीब चलने वाले ई-रिक्शा भी जाम की बहुत बड़ी वजह बन चुके हैं। यदि राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने समय रहते इन जमीनी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकाला, तो आने वाले समय में जयपुर का ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो जाएगा और पर्यटन व्यवसाय को भी भारी नुकसान पहुंचेगा।
Sai Pallavi on Ravana: रणबीर कपूर और साई पल्लवी की फिल्म 'रामायणम्' के वर्ल्ड प्रीमियर के बाद साई पल्लवी का रावण को लेकर दिया गया बयान चर्चा में है. उन्होंने कहा कि रावण पूरी तरह बुरा नहीं था. उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया है
11 लाख रुपये लो और नौकरी छोड़ दो, Microsoft इंजीनियर को कंपनी ने दिया ऑफर
Microsoft Voluntary Exit Offer: वॉलंटरी एग्जिट ऑफर स्कीम (VEO) के तहत माइक्रोसॉफ्ट की तरफ से कर्मचारियों को ऑफर दिया जा रहा है. इसमें तीन महीने की सैलरी के साथ रिजाइन करने की बात कही जा रही है.
बेमौसम बारिश से बहरागोड़ा में धान की फसल पर संकट
बेमौसम बारिश: बेमौसम बारिश, मौसम ब्रेकिंग (बहरागोड़ा): साइक्लोन अर्णब के प्रभाव से हो रही लगातार बारिश के चलते बहरागोड़ा प्रखंड क्षेत्र में पककर तैयार धान की फसल पर बड़ा संकट मंडरा गया है। किसानों को भारी नुकसान की आशंका सता रही है।
फील्ड फायरिंग रेंज में चूका बम का निशाना: सीधा आ गिरा तुलसाराम के खेत में
राजस्थान के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज से सटे ग्रामीण इलाके में उस वक्त हड़कंप और दहशत का माहौल बन गया, जब युद्धाभ्यास के दौरान दागा गया एक जिंदा बम अपने तय निशाने से पूरी तरह भटक गया। निशाने से चूकते ही यह विस्फोटक सीधा पास के गांव में स्थित किसान तुलसाराम के कृषि खेत में आ गिरा। खेत की जमीन से टकराते ही इतना भीषण और जोरदार धमाका हुआ कि आसपास का कई किलोमीटर का इलाका थर्रा उठा और ग्रामीण डर के मारे अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। गनीमत यह रही कि जिस वक्त यह मिसाइल या बम खेत में गिरा, उस समय खेत के उस हिस्से में कोई मजदूर या परिवार का सदस्य मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा और दर्दनाक हादसा टल गया। हालांकि, धमाके का असर इतना जबरदस्त था कि खेत में कई फीट गहरा गड्ढा बन गया और आसपास की फसलों को नुकसान पहुंचा है।#1 फील्ड फायरिंग रेंज से दागा गया विस्फोटक भटक गया रास्ता: जानिए कैसे हुआ यह बड़ा हादसापोकरण और आसपास का सीमावर्ती रेगिस्तानी क्षेत्र सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहां भारतीय सेना और रक्षा एजेंसियां नियमित रूप से अपने तोपखानों, टैंकों और मिसाइल प्रणालियों का अभ्यास करती हैं। मिली जानकारी के अनुसार, फील्ड फायरिंग रेंज में सामान्य दिनों की तरह ही सैन्य अभ्यास और फायरिंग का दौर चल रहा था। इसी दौरान दागा गया एक भारी विस्फोटक गोला तकनीकी खामी या हवा की रफ्तार के कारण अपनी निर्धारित रेंज की सीमा को पार कर गया। फायरिंग रेंज की बाउंड्री से बाहर निकलकर यह सीधा सिविलियन एरिया यानी नागरिक आबादी के करीब बने तुलसाराम के खेत में जाकर गिरा। धमाके की गूंज इतनी तेज थी कि कई किलोमीटर दूर स्थित गांवों में भी खिड़कियां और दरवाजे कांप उठे, जिससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई।#1 किसान तुलसाराम के खेत में बना 10 फीट गहरा गड्ढा, ग्रामीणों में भारी दहशत और आक्रोशहादसे के तुरंत बाद किसान तुलसाराम और आसपास के दर्जनों ग्रामीण बदहवास हालत में मौके पर पहुंचे। वहां का नजारा देखकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए। जिस जगह पर बम गिरा था, वहां धुएं का गुबार उड़ रहा था और खेत की उपजाऊ जमीन पर लगभग 8 से 10 फीट गहरा और चौड़ा गड्ढा बन चुका था। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब फायरिंग रेंज से छूटकर कोई बम या गोला उनके रिहाइशी इलाकों या खेतों में आकर गिरा हो। इस तरह की घटनाओं से हमेशा जान-माल का खतरा बना रहता है। इस घटना से गुस्साए स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था और रेंज की बाउंड्री वॉल की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए अपना विरोध दर्ज कराया है और मुआवजे की मांग की है।#1 सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला और सेना की टीम मौके पर पहुंची: जांच के आदेश जारीघटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस थाने और जिला प्रशासन के अधिकारियों को दी गई। खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम, प्रशासनिक अधिकारी और सेना के सुरक्षा विशेषज्ञ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे इलाके को सील (Cordon Off) कर दिया। सेना और पुलिस के तकनीकी विशेषज्ञों ने मौके पर पहुंचकर मलबे के नमूनों को एकत्रित किया ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह किस प्रकार का गोला या मिसाइल थी और किस तकनीकी चूक के कारण यह रिहाइशी इलाके की तरफ भटक गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने किसान तुलसाराम और ग्रामीणों को शांत कराते हुए आश्वस्त किया है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी और नियमानुसार हुए नुकसान का आकलन कर मुआवजा प्रदान किया जाएगा।#1 रिहाइशी इलाकों की सुरक्षा बढ़ाने और सुरक्षा मानकों को सख्त करने की उठी मांगइस गंभीर घटना के बाद पोकरण और आसपास के सीमावर्ती गांवों के जन प्रतिनिधियों तथा ग्रामीणों ने रक्षा मंत्रालय और जिला प्रशासन से फायरिंग रेंज के सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने की पुरजोर मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि रेंज के आसपास आबादी का विस्तार हो चुका है, ऐसे में अभ्यास के दौरान दिशा और दूरी का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। यदि यह बम खेत के बजाय किसी मकान या मवेशियों के बाड़े पर गिरता, तो भारी तबाही मच सकती थी। फिलहाल सेना की ओर से भी इस मामले की आंतरिक जांच (Court of Inquiry) शुरू कर दी गई है ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा चूकों की पुनरावृत्ति को पूरी तरह से रोका जा सके।

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