Pisces Tarot Card Rashifal: कमाई बढ़ाने के नए रास्ते खोजेंगे, दिनचर्या में बदलाव संभव
Pisces Tarot Card Horoscope 03 October: Temperance की ऊर्जा धन कमाने के अन्य विकल्पों पर विचार प्रिय के साथ विवाह की बाद परिजनों के समक्ष रखने की कोशिश और पारिवारिक एवं व्यावसायिक जीवन को एक दूसरे पर प्रभाव न डालने के प्रयास की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते हैं, मीन राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तो, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Aquarius Tarot Card Rashifal: करीबी की ईर्ष्या से रहें सावधान, भविष्य की बातें रखने से बचें
Aquarius Tarot Card Horoscope 03 October : Five of pentacles की ऊर्जा छोटी-छोटी बातों पर विवाद न करने की कोशिश, साझेदार के साथ वैचारिक मतभेद सुलझाने की आवश्यकता और नए संपर्कों के साथ संबंध मजबूत करने की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते हैं, कुंभ राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Capricorn Tarot Card Rashifal: करियर प्रोफाइल संवारने का समय, व्यवहार में गंभीरता जरूरी
Capricorn Tarot Card Horoscope 03 October: The Fool की ऊर्जा स्वतंत्र तरीके से जीवन जीने से सोच में बदलाव की आवश्यकता, अपने व्यवहार में व्यावहारिकता और गंभीरता लाने का प्रयास और समय-समय पर स्वयं को अपडेट करते रहने से लाभ प्राप्ति की बात लेकर आ सकती है.आईए जानते हैं, मकर राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों,आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
बंगाल में एसएफआई की सभा में हंगामा, मंच-कुर्सियां तोड़ीं, भाजपा पर आरोप
बंगाल के उत्तर 24 परगना के बणिक मोड़ पर शुक्रवार शाम माकपा के छात्र संगठन एसएफआई की सभा को लेकर विवाद के बाद हंगामा हो गया। सभा स्थल पर तोड़फोड़ की गई और मंच व कुर्सियां तोड़े जाने के साथ फ्लेक्स फाड़ने का आरोप है।
Sagittarius Tarot Card Rashifal: अनैतिक कामों से बनाएं दूरी, सरकारी मामलों में बढ़ सकती है परेशानी
Sagittarius Tarot Card Horoscope 03 October: The Tower की ऊर्जा अनैतिक तरीकों से पैसा कमाने या कार्य पूरे करने से मान सम्मान में कमी, घरेलू मुद्दों पर विवाद बढ़ने की स्थिति से परेशान और सभी महत्वपूर्ण गतिविधियों पर निगाह बनाए रखने की आवश्यकता की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते हैंधनु राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तो आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
'राहुल गांधी देश को गुमराह कर गृह युद्ध भड़काना चाहते हैं', निशिकांत दुबे का तीखा हमला
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा है कि 1983 में असम में हुए नेल्ली नरसंहार को रोका जा सकता था। इसमें लगभग 5,000 बांग्लादेशी मुसलमान मारे गए थे।
Libra Tarot Card Rashifal: अपनी सुरक्षा का रखें ख्याल, नई नौकरी की तलाश होगी तेज
Libra Tarot Card Horoscope 03 October: Page of cups की ऊर्जा किसी के द्वारा लगाए गए गलत आरोपों से बाहर निकालने का प्रयास,नौकरी में स्थानांतरण के चलते परेशान होने की स्थिति और परिवार के सभी सदस्यों के साथ मिलजुल कर व्यवस्था बेहतर बनाने की बात लेकर आ सकती है.आईए जानते हैं, तुला राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तो, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Virgo Tarot Card Rashifal: पुराना रिश्ता ला सकता है तनाव, कामकाज में बदलाव के संकेत
Virgo Tarot Card Horoscope 03 October: Five of cups की ऊर्जा पुराने संबंधों के सामने आने से परिवार में संबंध तनाव, कार्य क्षेत्र में अपने कार्यों को सही तरीके से व्यवस्थित करने की आवश्यकता और छोटे-छोटे बदलाव से व्यवसाय में नवीनता बनाए रखने की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते हैं, कन्या राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तो, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Leo Tarot Card Rashifal: मुश्किलों में भी नहीं टूटेगा हौसला, गलतियों से मिलेगा सबक
Leo Tarot Card Horoscope 03 October: Seven of wands की ऊर्जा आत्मविश्वास और मनोबल बनाए रखने की आवश्यकता,व्यर्थ के कागजों को संभाल कर रखने से परेशानी और समय-समय पर छोटे-छोटे बदलाव से कार्यों में नवीनता बनाए रखने की आवश्यकता की बात लेकर आ सकती है.आईए जानते हैं,सिंह राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तो,आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
कर्नाटक में भाजपा नेताओं पर एफआईआर: मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश का आरोप; कई जिलों में मामले दर्ज
Cancer Tarot Card Rashifal: आर्थिक लेनदेन में सावधानी जरूरी, पारिवारिक तनाव के संकेत
Cancer Tarot Card Horoscope 03 October: Seven of swords की ऊर्जा कार्यों को अनैतिक तरीके से पूरा करने से बचाव,विवाहोत्तर संबंध के कारण परिवार में हलचल और अपने कार्यों को पूरा न कर पाने की स्थिति में मदद लेने की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते हैं,कर्क राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तो, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
मध्य प्रदेश: दुष्कर्म के प्रयास में की थी मां की जघन्य हत्या, बेटे को मिली फांसी की सजा
मध्य प्रदेश के सागर जिले में दुष्कर्म की कोशिश में 50 वर्षीय मां की पत्थर से हमला करके की गई हत्या में आरोपित बेटे को सत्र न्यायालय ने फांसी की सजा सुनाई है।
राजस्थान: पुष्कर से केन्या-थाईलैंड की तीन विदेशी महिलाएं गिरफ्तार, भेजा गया डिटेंशन सेंटर
पुष्कर में तीन विदेशी महिलाओं को वीजा नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इनमें थाईलैंड की दो महिलाएं अवैध तरीके से भारत-नेपाल सीमा पार कर भारत आई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस सुधीर कुमार सक्सेना को एक-सदस्यीय, उच्चाधिकार प्राप्त और स्वतंत्र समिति के तौर पर नियुक्त किया है।
बचपन में ही अपनी आंखों की रोशनी पूरी तरह खो चुके अशोक गंगाधर भोये ने हिम्मत नहीं हारी और दृष्टि न होने के बावजूद अपने हुनर को तराशा। वह बिना देखे पुराने रेडियो, टेप रिकॉर्डर और दूसरे इलेक्ट्रानिक सामान की मरम्मत करते हैं।
भोपाल में पूर्व आईएएस अधिकारी के हत्यारोपित की दिल्ली-पंजाब रूट पर तलाश; पुलिस की कई टीमें रवाना
सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की भोपाल स्थित मकान में बुधवार तड़के गला रेतकर हत्या करने का आरोपित केयरटेकर वरुण कुमार को भोपाल पुलिस हर संभावित दिशा में तलाश रही है।
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से चोरी 132 मोबाइल बांग्लादेश में बेचे जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। वहीं, चार आरोपित फरार हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग पर अड़ी सीजेपी, दिल्ली और मुंबई में एक साथ भारी विरोध-प्रदर्शन
गांधी जयंती के दिन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए। इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कोशिश की गई।
गुजरात के दो आईएएस अधिकारियों को सरकार ने दी अनिवार्य सेवानिवृत्ति, सीबीआई ने किया था गिरफ्तार
गुजरात कैडर के आइएएस अधिकारी के. राजेश और गौरव दहिया को केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने उनके सेवा रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद समय से पहले सेवानिवृत्त कर दिया है।
10 अक्तूबर को जंतर-मंतर पर जुटेंगे अभिजीत दिपके, बड़ा एलान
10 अक्तूबर को जंतर-मंतर पर जुटेंगे अभिजीत दिपके, बड़ा एलान
तमिलनाडु उप चुनाव में पहुंचा CEC का मुद्दा, थलपति विजय पर स्टालिन ने साधा निशाना
मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर जारी विवाद ने तमिलनाडु विधानसभा उप चुनाव में भी एंट्री ले ली है। स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय पर निशाने साधते हुए पूछा कि आखिर अभी तक उन्होंने एसआईआर और सीईसी के मुद्दे पर कुछ भी बयान क्यों नहीं दिया है?
ज्ञानेश कुमारके इस्तीफे की मांग: दीपके बोले- 10 अक्तूबर को जंतर-मंतर पर जुटेंगे, पुलिस की सख्ती पर क्या कहा?
ट्रंप के दबाव में झुके G7 देश, इमरजेंसी रिजर्व से 10 करोड़ बैरल तेल-डीजल जारी होगा
G7 देशों ने आपातकालीन भंडार से 10 करोड़ बैरल डीजल और कच्चा तेल जारी करने पर सहमति दी है. साथ ही उन्होंने ऊर्जा निर्यात पर रोक न लगाने का वादा किया है. यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दबाव के बाद आया, जिन्होंने यूरोपीय संघ को चेताया था कि डीजल भंडार न खोलने पर अमेरिका डीजल निर्यात पर रोक लगा सकता है.
कांग्रेस का यूपी रीसेट, महाराष्ट्र में MLC दांव: 2 अक्टूबर के फैसलों के पीछे क्या है रणनीति?
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश अध्यक्ष और इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है। महाराष्ट्र विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के लिए पार्टी ने अभिजीत वंजारी, जयंत असगांवकर और अदिति पोहरे को उम्मीदवार बनाया। दोनों फैसले संगठन और विशेष मतदाता समूहों में राजनीतिक उपस्थिति मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखे जा सकते हैं।
विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीराज नायर ने गुजरात में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मंजूरी मिलने का स्वागत किया
अष्टमी तिथि का श्राद्ध आज, जानें तर्पण-पिंडदान का शुभ मुहूर्त और विधि
अष्टमी तिथि 3 अक्टूबर को सुबह 7 बजकर 59 मिनट पर शुरू होगी. इसका समापन 4 अक्टूबर को सुबह 5 बजकर 51 मिनट पर होगा. श्राद्ध कर्म के लिए कुतुप मुहूर्त को विशेष माना गया है. 3 अक्टूबर को कुतुप वेला सुबह 11 बजकर 46 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 34 मिनट तक रहने वाला है.
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर CJP ने मुंबई में भरी हुंकार, देखें 10तक
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई छिड़ गई है. दिल्ली में विपक्षी दलों और उनकी छात्र विंग ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए विरोध प्रदर्शन किया, और जंतर मंतर तक पहुंचने के लिए पुलिस से भिड़ंत भी की. वहीं, मुंबई में CEC के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी ने हल्ला बोला तो, बॉलीवुड सेलिब्रिटीज़ से लेकर Gen-Z भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए. देखें 10 तक.
अभिजीत दीपके ने किया जंतर मंतर 2.0 का ऐलान, 10 अक्तूबर को CJP का मार्च, दिल्ली पुलिस को चेतावनी
अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त की मांग करते हुए जंतर मंतर 2.0 का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं। तो कॉकरोच जनता पार्टी 10 अक्तूबर को दिल्ली में मार्च करके जंतर मंतर पर प्रदर्शन करेगी।
MK Stalin ने CM Vijay पर साधा निशाना, SIR विवाद पर चुप्पी पर उठाए सवाल
धारापुरम, दो अक्टूबर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) मुद्दे पर आवाज नहीं उठाने को लेकर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर शुक्रवार को निशाना साधते हुए सवाल किया कि क्या तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के संस्थापक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से डरते हैं। स्टालिन ने छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिए यहां एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि टीवीके सरकार को समर्थन देने वाले दल भी सवाल कर रहे हैं कि विजय ने एसआईआर-सीईसी विवाद पर कुछ क्यों नहीं कहा। टीवीके को बाहर से समर्थन दे रहे वाम दल कई मुद्दों को लेकर विजय के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना करते रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री जी, आपको किस बात का डर है? जब देश भर के सभी नेता इस मुद्दे पर बोल रहे हैं, तो आप इस पर भी मुंह नहीं खोल पा रहे हैं, इसकी क्या वजह है? मुख्यमंत्री जी, क्या आप भाजपा से इतना डरते हैं?’’स्टालिन ने कहा कि कुछ दिन पहले यहां प्रचार करने आए विजय ने सच बोल दिया था। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने यह स्वीकार करके सच बोल दिया कि टीवीके भाजपा की एक शाखा है।
दिल्ली में शुरू हुआ प्रदूषण नियंत्रण वॉर रूम, CM रेखा ने किया लॉन्च
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण पर नजर रखने के लिए DPCC का ICCC शुरू किया है, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शास्त्री पार्क के डीएमआरसी आईटी पार्क में किया. यह सेंटर 24x7 चलेगा और सर्दियों में वॉर रूम की तरह काम करेगा. 700 से ज्यादा निर्माण साइट्स पर AI और CCTV से निगरानी होगी, रोड स्वीपिंग मशीनें GPS से जुड़ेंगी और वायुदूत टीमों के बॉडी कैमरे सेंटर से जुड़ेंगे.
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें केपीएससी की पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती में अनियमितताओं की जांच के लिए एसआईटी गठित करने को कहा गया था। न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई की पीठ ने कर्नाटक सरकार की याचिका पर यह फैसला सुनाया और मूल याचिकाकर्ताओं से जवाब मांगा है।
केंद्र सरकार ने गोबरधन योजना शुरू की है, जिसका लक्ष्य कचरे से ऊर्जा (कंप्रेस्ड बायोगैस) उत्पादन को बढ़ावा देना है। यह योजना 23,731 करोड़ रुपये के निवेश से ईंधन आयात घटाएगी, रोजगार पैदा करेगी और किसानों को ऊर्जादाता बनाएगी।
ओडिशा की सभी Gram Panchayats को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए 44 दिन का विशेष अभियान शुरू
भुवनेश्वर, दो अक्टूबर ओडिशा सरकार ने राज्यभर की ग्राम पंचायतों को ‘बाल श्रम मुक्त’ बनाने के लिए शुक्रवार को 44-दिवसीय अभियान शुरू किया। अभियान की शुरुआत दो अक्टूबर को ग्राम सभाओं में बाल श्रम के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने के साथ हुई और यह 14 नवंबर यानी बाल दिवस तक चलेगा। ओडिशा के मुख्यमंत्री कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “बच्चे हमारे राज्य की अमूल्य संपत्ति हैं। यह सुनिश्चित करना कि उनका बचपन श्रम-मुक्त हो तथा उन्हें शिक्षा और सुरक्षा के मौलिक अधिकार मिलें, प्रत्येक नागरिक और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।”मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी एक वीडियो संदेश जारी कर ओडिशा के लोगों से अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने और राज्य को बाल श्रम मुक्त बनाने में योगदान देने की अपील की। महिला एवं बाल विकास विभाग का प्रभार संभाल रहीं उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिदा तथा श्रम एवं ईएसआई और पंचायती राज विभाग के मंत्री रबी नारायण नायक ने भी वीडियो संदेश जारी किए। उन्होंने नागरिकों और सभी संबंधित पक्षों से मिलकर ओडिशा की प्रत्येक ग्राम पंचायत को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए काम करने का आग्रह किया। अभियान में समुदाय के नेतृत्व वाले दृष्टिकोण को अपनाया गया है और ग्राम पंचायत को कार्रवाई की प्राथमिक इकाई बनाया गया है। एक अधिकारी के अनुसार, इसके तहत बिना किसी समानांतर व्यवस्था का गठन किए मौजूदा जमीनी स्तर की संस्थाओं और व्यवस्थाओं को सक्रिय किया जाएगा। इनमें पंचायती राज संस्थाएं (पीआरआई), स्कूल और स्कूल प्रबंधन समितियां (एसएमसी), मिशन शक्ति स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता और श्रम प्रशासन शामिल हैं। समन्वित तरीके से अभियान के क्रियान्वयन के लिए विभागवार निर्देश जारी किए गए हैं। इसके लिए पंचायती राज एवं पेयजल विभाग, मिशन शक्ति तथा स्कूल एवं जन शिक्षा विभाग के संयुक्त संचार के माध्यम से निर्देश जारी किए गए हैं, जबकि श्रम एवं ईएसआई विभाग ने इसकी सक्रिय शुरुआत की है। अभियान के तहत ग्राम पंचायतों को समुदायों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ने, संवेदनशील बच्चों की पहचान करने, स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति और उन्हें स्कूल में बनाए रखने को बढ़ावा देने, बाल श्रम के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता पैदा करने तथा बाल श्रम के मामले सामने आने पर समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
वीकेंड पर पहाड़ों में गाड़ियों का सैलाब, जोशीमठ से शिमला तक भीषण जाम
2 अक्टूबर की छुट्टी के बाद शुरू हुए लॉन्ग वीकेंड पर पहाड़ों में सैलानियों और तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. जोशीमठ-बद्रीनाथ यात्रा मार्ग पर 7 से 9 किलोमीटर तक वाहनों की कतार लगी है, जबकि कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर भी कई किलोमीटर लंबा जाम है. दोनों जगह यात्रियों को घंटों सड़क पर फंसे रहना पड़ रहा है.
PMO अधिकारी बनकर बंगाल सचिवालय पहुंची महिला, मंत्री को हुआ शक और...
पश्चिम बंगाल पुलिस ने PMO की वरिष्ठ अधिकारी बनकर नबन्ना सचिवालय में प्रवेश करने के आरोप में डॉ. आकांक्षा विद्यार्थी को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उसे PMO से जुड़ी होने का दावा करते हुए PWD मंत्री अजय पोद्दार से मुलाकात का समय लिया था. मुलाकात के दौरान मंत्री को उनके बयानों पर शक हुआ, जिसके बाद उनकी पहचान की जांच कराई गई.
गुवाहाटी के खानापारा इलाके में स्थित लोकल कैफे एंड लाउंज नामक नाइटक्लब में गुरुवार देर रात एक महिला के साथ कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार किया गया। आरोप है कि बाउंसरों ने महिला को नंगा कर हमला किया।
कर्नाटक के बेलगावी में मुस्लिम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के आरोप में भाजपा नेताओं के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है। बिदर और मैसूरु में भी ऐसी ही शिकायतें सामने आई हैं, जबकि भाजपा ने मुख्यमंत्री के खिलाफ एफआइआर की मांग को लेकर धरना दिया।
बिग बॉस 20 से बाहर हुईं रीति, काजी तौकीर के गले लग फूट-फूटकर रोईं
रीति तिवारी को 'बिग बॉस 20' में मिड-वीक एविक्शन का सामना करना पड़ा. उनके बाहर होने की घटना, सलमान खान द्वारा 'डिस बैटल' को लेकर उन्हें फटकार लगाने के कुछ ही दिनों बाद हुई.
गुरदासपुर में 19 साल के तजिंदर की मौत पर विवाद, SIT ने शुरू की जांच
गुरदासपुर में 19 साल के तजिंदर सिंह की मौत के मामले में विवाद बढ़ गया है. परिवार के सवालों के बाद SIT जांच कर रही है. पुलिस ने सुखमनप्रीत कौर को गिरफ्तार किया है. पढ़ें पूरी कहानी.
SRFTI Kolkata में हिंसक झड़प के बाद पांचवें दिन भी कक्षाएं और शूटिंग ठप
कोलकाता, दो अक्टूबर सत्यजीत रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एसआरएफटीआई) में हिंसा के बाद शुक्रवार को लगातार पांचवें दिन भी कक्षाएं और फिल्मों की शूटिंग निलंबित रहीं। छात्र सख्त सुरक्षा उपायों और बाहरी राजनीतिक कार्यक्रमों पर रोक की मांग को लेकर शैक्षणिक गतिविधियों का बहिष्कार जारी रखे हुए हैं। छात्रों और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध उपभोक्ता जागरूकता संगठन अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत (एबीजीपी) के सदस्यों के बीच 27 सितंबर को हुई हिंसा के बाद से संस्थान में कक्षाएं नहीं हो रही हैं। एसआरएफटीआई छात्र संघ के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हमारा बहिष्कार जारी है। छात्रों ने शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ फिल्मों की शूटिंग भी रोक दी हैं। हम परिसर में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और फिल्म से जुड़े काम से असंबंधित बाहरी लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध चाहते हैं।’’एसआरएफटीआई छात्र संघ ने 27 सितंबर को विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। छात्रों ने सवाल उठाया था कि निजी दक्षिणपंथी राजनीतिक संगठन को परिसर की उन सुविधाओं के इस्तेमाल की अनुमति क्यों दी गई, जो परंपरागत रूप से केवल फिल्म प्रदर्शन और अकादमिक सिनेमा के लिए आरक्षित हैं। बाद में सभागार के अंदर विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें करीब 30 छात्र और दो शिक्षक घायल हो गए। छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें ‘‘राष्ट्र-विरोधी’’ कहा गया। दूसरी ओर, एबीजीपी ने आरोप लगाया कि छात्रों ने उसके कानूनी कार्यक्रम में बाधा डाली, पोस्टर और भारत माता की तस्वीर को नुकसान पहुंचाया तथा उसके सदस्यों के साथ मारपीट की। पश्चिम बंगाल सरकार ने हिंसा की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। बांग्ला फिल्म जगत और राष्ट्रीय सिनेमा से जुड़े 90 से अधिक प्रमुख फिल्मकारों एवं कलाकारों ने हिंसा की निंदा की है। इनमें वरुण ग्रोवर, पायल कपाड़िया, दिबाकर बनर्जी, रीमा दास और चैती घोषाल जैसी प्रमुख हस्तियां शामिल हैं।
गांधी जयंती पर सीएम पेमा खांडू की खास अपील, साल में 100 घंटे स्वच्छता को करें समर्पित
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने गांधी जयंती पर लोगों से साल में 100 घंटे स्वच्छता को समर्पित करने का आग्रह किया। उन्होंने इटानगर में 'स्वच्छता ही सेवा-2026' समारोह में जनभागीदारी और गांधीजी के आदर्शों पर जोर दिया।
ब्रिटिश नागरिक फिर भी UP सरकार से ली सैलरी, मौलाना की प्रॉपर्टी अटैच
UP News: ब्रिटिश नागरिकता लेकर आजमगढ़ के मदरसे से 53.46 लाख सैलरी उठाने वाले मौलाना शमशुल हुदा खान पर ED का एक्शन. संतकबीर नगर में प्लॉट अटैच. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
भाजपा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी पर चुप्पी साधने के लिए हमला किया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सांप्रदायिक राजनीति में लिप्त है।
नाइट क्लब में महिला से मारपीट, कपड़े उतारकर पीटने का Video वायरल
यह घटना द लोकल्स कैफे एंड लाउंज में हुई बताई जा रही है. सामने आए एक वीडियो में महिला बिना कपड़ों के फर्श पर पड़ी दिखाई दे रही है, जबकि दो महिला बाउंसर उसे लात से मारती हुईं नजर आ रही हैं.
सुप्रीम कोर्ट को अगले हफ्ते मिल सकते हैं तीन नए जज, कोलेजियम ने की सिफारिश
सुप्रीम कोर्ट को अगले सप्ताह तीन नए जज मिलने की संभावना है, जिनकी सिफारिश कोलेजियम ने 29 सितंबर को की थी। इन नियुक्तियों के बाद शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों की संख्या 37 हो जाएगी, जो स्वीकृत संख्या से एक कम होगी।
Kotdwar में व्यापारी को धमकी देने के आरोप में पकड़े गए Mohammad Deepak को मिली जमानत
कोटद्वार (उत्तराखंड), दो अक्टूबर ‘मोहम्मद दीपक’ के नाम से चर्चित जिम संचालक दीपक कुमार को कोटद्वार में एक व्यापारी से कथित तौर पर अभद्रता करने और उसे जान से मारने की धमकी देने के मामले के बाद शांति भंग की आशंका में गिरफ्तार किए जाने के एक दिन बाद शुक्रवार को जमानत मिल गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, शाम करीब साढ़े छह बजे दीपक को पौड़ी जिले के कोटद्वार के उपजिलाधिकारी की अदालत में पेश किया गया, जहां उसे डेढ़ लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी गई। दीपक को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 130 के तहत नोटिस जारी करते हुए 50-50 हजार रुपये के तीन मुचलकों, यानी कुल डेढ़ लाख रुपये के मुचलकों पर जमानत दी गई। नोटिस में कहा गया है कि अगले छह महीने के दौरान उसके कारण किसी भी तरह से शांति भंग होने पर उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कोटद्वार के व्यापारी संजीव टोंक ने बृहस्पतिवार शाम पुलिस को दी तहरीर में दीपक पर अभद्र व्यवहार करने, अपशब्द कहने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। तहरीर के मुताबिक, सोशल मीडिया पर दीपक द्वारा साझा की गई एक पोस्ट पर टोंक ने एक टिप्पणी की थी, जिसके बाद बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे दीपक उसकी दुकान पर पहुंचा और उससे कथित तौर पर अपशब्द कहे तथा जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दीपक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(2) (आपराधिक धमकी) और धारा 352 (जानबूझकर अपमान कर शांति भंग करने के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान मिले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर मामले में बीएनएस की धारा 196 (धर्म, जाति, आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य बढ़ाने या सौहार्द बिगाड़ने संबंधी अपराध) और धारा 115 (जानबूझकर चोट पहुंचाना) भी जोड़ी गईं। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और उपलब्ध तस्वीरों तथा वीडियो में प्रथम दृष्टया शिकायतकर्ता से अपशब्द कहे जाने और उसे धमकी दिए जाने के साक्ष्य मिले। पुलिस ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि दीपक का नाम पहले भी विभिन्न सामाजिक विवादों से जुड़े मामलों में सामने आता रहा है, जिनके कारण क्षेत्र की शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई थी। पुलिस के मुताबिक, लोगों को एकत्र करने और तनावपूर्ण माहौल पैदा करने संबंधी उसकी गतिविधियों की सूचनाएं भी मिली थीं जिसके बाद कानून-व्यवस्था प्रभावित होने और शांति भंग की आशंका को देखते हुए दीपक को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 170 (संज्ञेय अपराध को होने से रोकने के लिए गिरफ्तारी) के तहत बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया था। दीपक कुमार इस साल जनवरी में उस समय चर्चा में आया था, जब कोटद्वार में कुछ लोगों ने एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार की दुकान के नाम में ‘बाबा’ शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी। दीपक ने दुकानदार के समर्थन में हस्तक्षेप किया और विरोध कर रहे लोगों से बहस के दौरान अपना नाम ‘मोहम्मद दीपक’ बताया था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित होने के बाद वह इसी नाम से चर्चित हो गया।
सब्जी मंडी में आई 4 फीट लंबी लौकी, लोगों ने साथ में ली सेल्फी, Video
धौलपुर जिले के सरमथुरा की सब्जी मंडी में चार फीट लंबी लौकी लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई. सब्जी विक्रेता मदन मोहन कुशवाह इसे अपने खेत से बेचने के लिए मंडी लेकर पहुंचे थे. इतनी लंबी लौकी देखकर ग्राहक और दूसरे विक्रेता हैरान रह गए. कई लोगों ने इसके साथ सेल्फी ली और फोटो-वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड किए.
जुगाड़ के 'पिलर' पर खड़ा बिहार का एजुकेशन सिस्टम, 5 जिलों से रियलिटी चेक
खगड़िया के स्कूल में 7 साल की बच्ची की मौत के बाद आजतक ने बिहार के सरकारी स्कूलों का रियलिटी चेक किया तो कई जिलों में बदहाली की तस्वीर सामने आई. कहीं पिलर जवाब दे चुका है, कहीं छत का प्लास्टर गिर रहा है तो कहीं जर्जर कमरों के कारण बच्चे बरामदे या टीन शेड में पढ़ने को मजबूर हैं. पढ़िए, बच्चों की लाचारी और सोए सिस्टम की पोल खोलती 5 जिलों से हमारी ग्राउंड रिपोर्ट.
'किट्टू... ओ किट्टू बेटा', जेल में बच्चों से मिले कैदी पिता फफक पड़े
Khandwa News: गांधी जयंती पर खंडवा जेल में 120 बंदियों की उनके मासूम बच्चों से कराई गई प्रत्यक्ष मुलाकात. पिता को घोड़ा बना बच्चों ने दिखाया गरबा, विदाई में छलके आंसू. पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
Muzaffarpur में घर से 435 किलो Smack बरामद, भाई-बहन को पुलिस ने किया अरेस्ट
मुजफ्फरपुर, दो अक्टूबर बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में पुलिस ने एक घर से कथित तौर पर 435 किलोग्राम स्मैक, 2.10 लाख रुपये नकद और चार मोबाइल फोन बरामद कर एक भाई और उसकी बहन को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, जब्त मादक पदार्थ 2,015 पैकेट में रखा था और गायघाट थाना क्षेत्र के हनुमान नगर गांव स्थित एक घर से इसकी कथित तौर पर बिक्री की जा रही थी। मुजफ्फरपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह प्रभाकर ने कहा, ‘‘पुलिस को बृहस्पतिवार को सूचना मिली थी कि शिव शंकर कुमार और उसकी बहन अपने घर से कथित तौर पर स्मैक बेच रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने परिसर में छापेमारी की। तलाशी के दौरान घर से मादक पदार्थ, नकदी और मोबाइल फोन बरामद किए गए।’’उन्होंने बताया कि दोनों भाई-बहन को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया और पूछताछ के दौरान उन्होंने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वे अपने घर में स्मैक रखते और उसकी बिक्री करते थे। प्रभाकर ने कहा, ‘‘गायघाट थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच की जा रही है। पुलिस गिरफ्तार भाई-बहन के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।’’अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के परिवार के सदस्यों के मादक पदार्थों की तस्करी में कथित रूप से शामिल रहने का पुराना इतिहास है। प्रभाकर ने बताया कि पुलिस अब मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े इस कथित नेटवर्क की जांच कर रही है, ताकि इससे जुड़े अन्य लोगों और बरामद स्मैक के स्रोत का पता लगाया जा सके।
गांधी जयंती पर कैप्टन स्मित ने दुनिया को क्या दिया संदेश? देखें ब्लैक & व्हाइट
फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित ने पीएम मोदी से बातचीत की. कैप्टन स्मित ने कहा कि जब को-पायलट ने उन पर हमला कर दिया, वो लगातार हनुमान चालीसा का जाप कर रहे थे और उनके मन में सिर्फ एक बात थी कि मैं इन यात्रियों को इस तरह मरने नहीं दे सकता. जब पूरा भारत गांधी जयंती मना रहा है, तब उसी दिन कैप्टन स्मित ने अपनी बहादुरी से 174 यात्रियों की जान बचाकर अहिंसा का संदेश पूरी दुनिया को दिया है. देखें ब्लैक एंड व्हाइट.
नए कैप्टन के साथ कांग्रेस ने पंजाब में शुरू की है अपनी लड़ाई... गोल मारेंगे या खाएंगे?
पंजाब में अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने परगट सिंह को नया प्रदेश अध्यक्ष चुना है. कई बातें हैं जिनका फायदा परगट सिंह को मिला.
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने माना है कि यूक्रेन के हमलों से रूस को नुकसान पहुंचा है, लेकिन उन्होंने पीछे नहीं हटने के भी साफ संकेत दिए. साथ ही नाटो और यूरोपीय देशों को भी खुलकर चेतावनी दे दी है कि रूस हर तरह के खतरे के लिए तैयार है.
CBI ने मुंबई में CPWD इंजीनियर और 4 अन्य को 50 लाख की घूसखोरी में पकड़ा
नयी दिल्ली, दो अक्टूबर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मुंबई में जमीन के एक टुकड़े के संबंध में अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने के लिए कथित तौर पर 50 लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के एक कार्यकारी अभियंता, उसके एक रिश्तेदार और मुंबई स्थित रियल एस्टेट समूह के तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि सीपीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता विक्रांत वर्मा, उनके रिश्तेदार सौरव गुप्ता, रियल एस्टेट समूह (बाया ग्रुप ऑफ कंपनीज) के उपाध्यक्ष अरविंद सेमवाल, प्रबंधक चेतन महाजन और बाया ग्रुप के तहत आने वाली साझेदारी कंपनी रेनसां में साझेदार अनिल देशमुख के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, आरोप है कि आरोपी कार्यकारी अभियंता ने मुंबई के वडाला में जमीन के एक टुकड़े के संबंध में एनओसी जारी करने के लिए अपने रिश्तेदार के माध्यम से एक करोड़ रुपये के अनुचित लाभ की मांग की, जिसे बाद में 70 लाख रुपये पर तय किया गया। एनओसी में यह कहा जाना था कि उक्त जमीन पर सीपीडब्ल्यूडी का कोई दावा नहीं है और रियल एस्टेट समूह वहां निर्माण परियोजना शुरू करना चाहता था। सीबीआई प्रवक्ता के बयान के अनुसार, पत्र 50 लाख रुपये के भुगतान के बदले जारी किया गया था और बाकी 20 लाख रुपये का भुगतान एक सप्ताह बाद किया जाना था। बयान में कहा गया, सीबीआई ने एक अक्टूबर को जाल बिछाया और आरोपी सरकारी कर्मचारी के रिश्तेदार को 50 लाख रुपये की रिश्वत की रकम ले जाते हुए पकड़ लिया। उसने यह रकम कार्यकारी अभियंता की ओर से रियल एस्टेट समूह के उपाध्यक्ष से स्वीकार की थी। प्रवक्ता ने बताया कि कार्यकारी अभियंता को नवी मुंबई के वाशी में पकड़ा गया, जहां वह रिश्वत की रकम लेने के लिए इंतजार कर रहा था। बयान में कहा गया, रियल एस्टेट समूह के एक प्रबंधक और एनओसी मांगने वाली कंपनी के एक साझेदार को भी गिरफ्तार किया गया, जो लेन-देन के दौरान वहां मौजूद थे। सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
ताऊ के बेटे ने दौड़ा-दौड़ाकर बेल्ट से पीटा, CCTV में कैद हुई पूरी घटना
बिजनौर में मामूली कहासुनी के बाद ताऊ के बेटे अनस ने अपने चाचा के बेटे अब्दुल रहीस को सड़क पर दौड़ाकर बेल्ट से पीटा. करीब 57 सेकंड की पूरी घटना CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई. वीडियो में अनस करीब आठ बार बेल्ट से वार करता दिख रहा है. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और घायल को मेडिकल के लिए भेजा.
मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP के प्रदर्शन के दौरान स्थानीय लोगों का गुस्सा सामने आया, भीड़ से आवाजाही प्रभावित होने पर लोगों ने विरोध जताया है.
घर-घर पानी और... बाढ़ पीड़ितों के बीच मदद लेकर पहुंचा किन्नर समाज
गोपालगंज में बाढ़ से कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित है. घरों में पानी भरने से लोगों के सामने खाने-पीने और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट है. ऐसे मुश्किल वक्त में किन्नर समाज ने बाढ़ पीड़ित परिवारों की मदद के लिए कदम बढ़ाया. जितिया पर्व को देखते हुए कुचायकोट, गोपालगंज, मांझा, बरौली और बैकुंठपुर के प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री बांटी गई.
यूपी चुनाव में कांग्रेस ने खेला ब्राह्मण, दलित और मुसलमान कार्ड; क्या है रणनीति
आराधना मिश्रा के जरिए पार्टी ने डबल दांव चला है। उनके जरिए कांग्रेस ने ब्राह्मण के साथ-साथ महिला वोटरों को भी लुभाने की कोशिश की है। वह कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी हैं और कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता हैं।
सपा के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहता है निलंबित Constable, ड्यूटी से था गायब
गोरखपुर (उप्र), दो अक्टूबर गोरखपुर का एक निलंबित पुलिस कांस्टेबल समाजवादी पार्टी (सपा) के एक कार्यक्रम में दिखाई दिया, जहां वह विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार कर रहा था। वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लंबे समय से ड्यूटी से उसकी गैरहाजिरी की जांच कर रहे हैं। कांस्टेबल श्याम सुंदर चौहान ने शुक्रवार को फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि उनका मानना है कि वह नेता बनकर लोगों की मदद कर सकते हैं। चौहान गोरखपुर में डायल-112 में तैनात था और कथित तौर पर करीब एक साल तक ड्यूटी से गैरहाजिर रहा। करीब तीन महीने पहले उसकी अनियमित उपस्थिति का पता चलने के बाद उसे निलंबित कर दिया गया था। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि उस पर विभागीय कार्रवाई के बावजूद पुलिस लाइन में रिपोर्ट नहीं करने का भी आरोप है। पिछले महीने चौहान सपा के एक कार्यक्रम में शामिल होते हुए दिखाई दिया था। वहां उसने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए समर्थन मांगा था। चौहान ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि वह लंबे समय से सपा की विचारधारा से प्रभावित रहा है और चुनावी राजनीति में प्रवेश करना चाहता है। उन्होंने संत कबीर नगर से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की इच्छा भी जताई। चौहान ने कहा, “मुझे लगा कि पुलिस विभाग में रहते हुए मैं लोगों को न्याय नहीं दिला सकता। इसलिए मैंने राजनीति में आने का फैसला किया। मैं पिछले तीन साल से इस विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय हूं और लोगों की मदद कर रहा हूं। अगर सपा मुझे संत कबीर नगर से टिकट देती है तो मैं लोगों के लिए काम करूंगा।”संत कबीर नगर के महुली थाना क्षेत्र के नैना झला गांव के रहने वाले चौहान उत्तर प्रदेश पुलिस के 1994 बैच के हैं। वर्ष 2023 में उनका तबादला कुशीनगर से गोरखपुर की डायल-112 इकाई में हुआ था। उत्तर प्रदेश सरकार के सेवा आचरण नियमों के तहत सरकारी कर्मचारियों को सेवा में रहते हुए राजनीतिक दलों से जुड़ने या चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं है। पुलिस अधीक्षक (अपराध) अयोध्या सिंह ने कहा कि चौहान लंबे समय से ड्यूटी पर हाजिरी नहीं लगाने के कारण निलंबित था। सिंह ने कहा, “उससे संपर्क करने और अनुपस्थिति के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
'शिवाजी पार्क, शिवाजी पार्क'; रैली से पहले अभिजीत दीपके बने ऑटो रिक्शा ड्राइवर
अभिजीत दीपके के इस अंदाज को देखने के लिए वहां लोगों की भीड़ जुट गई। कुछ लोगों ने उन्हें पहचान लिया और उनसे हाथ मिलाया। दीपके के इस ऑटो चालक वाले अंदाज के पीछे आंदोलन में ज्यादा लोगों को जोड़ने की कोशिश बताई गई।
गाजियाबाद में बड़ा हादसा टला: हाईराइज सोसायटी की 12वीं मंजिल से गिरा छज्जा, कार के उड़े परखच्चे
गाजियाबाद के वैशाली में एक हाईराइज सोसायटी में शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया. यहां 12वीं मंजिल से अचानक छज्जे का हिस्सा आ गिरा.
गुजरात कैडर के IAS अफसर K Rajesh और Gaurav Dahiya को केंद्र ने सेवा से हटाया
अहमदाबाद, दो अक्टूबर गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारियों के. राजेश और गौरव दहिया को केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने उनकी सेवा संबंधी रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद समय से पहले सेवानिवृत्त कर दिया है। सरकार के शीर्ष सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि डीओपीटी ने गुजरात कैडर के 2011 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी राजेश और 2010 बैच के आईएएस अधिकारी गौरव दहिया को समय से पहले सेवानिवृत्त करने का फैसला किया है। राजेश जुलाई 2022 से निलंबित हैं। उन्हें सुरेंद्रनगर के जिलाधिकारी के रूप में कार्यकाल के दौरान कथित रिश्वतखोरी के एक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद निलंबित किया गया था। वहीं, निलंबन के बाद बहाल किए जाने पर दहिया को गांधीनगर में अतिरिक्त विकास आयुक्त के पद पर तैनात किया गया था। सीबीआई के अनुसार, राजेश ने अपात्र लोगों को शस्त्र लाइसेंस मंजूर करने, अयोग्य लाभार्थियों को सरकारी जमीन आवंटित करने और सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को नियमित करने के लिए कथित तौर पर रिश्वत ली थी। सीबीआई की हिरासत के बाद राजेश को साबरमती केंद्रीय जेल में रखा गया था। अगस्त 2022 में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अदालत के आदेश के बाद उन्हें हिरासत में लिया, जब उसने सीबीआई के मामले के आधार पर अलग से जांच शुरू की। बाद में सीबीआई ने शस्त्र लाइसेंस जारी करने, सरकारी जमीन आवंटित करने और अन्य आरोपों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में राजेश के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। गिरफ्तारी के समय राजेश गांधीनगर में सामान्य प्रशासन विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत थे। गिरफ्तारी के बाद गुजरात सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था। दिल्ली की एक महिला द्वारा दो शादियां करने, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी देने का आरोप लगाए जाने के बाद दहिया को अगस्त 2019 में निलंबित कर दिया गया था। महिला ने आरोप लगाया था कि दहिया ने पहले से विवाहित होने की बात बताए बिना फरवरी 2018 में उससे शादी की थी। महिला ने उन पर प्रताड़ित करने और निजी तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल करने का भी आरोप लगाया था। दहिया ने इन आरोपों से इनकार किया और दावा किया कि महिला ने उन्हें ‘‘मोहपाश’’ में फंसाया तथा ब्लैकमेल कर रही थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी शादी की बताई जा रही तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ की गई थी। गुजरात सरकार ने आरोपों की जांच के लिए एक जांच समिति गठित की थी, जबकि महिला की शिकायत मिलने के बाद गांधीनगर पुलिस ने अलग से जांच की। इसके बाद जुलाई 2023 में दहिया को बहाल कर दिया गया और गांधीनगर में अतिरिक्त विकास आयुक्त नियुक्त किया गया। सूत्रों ने बताया कि दोनों अधिकारियों को समय से पहले सेवानिवृत्त करने का फैसला केंद्र द्वारा उनके सेवा रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद लिया गया।
सारण, बिहार में बाढ़ राहत के लिए 19 एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमें तैनात की गई हैं, साथ ही प्रभावित निवासियों की सहायता के
जंतर-मंतर पर CEC के खिलाफ प्रदर्शन, एशियन गेम्स में भारत का कमाल, देखें हेडलाइंस
दिल्ली पुलिस ने चुनाव आयोग के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे आंदोलनकारियों को रोक दिया है. इस प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के नेताओं सहित कई लोगों को हिरासत में लिया गया है और सुरक्षा के लिहाज से 11 मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया है.
बाथरूम खोला तो सामने था 10 फीट का अजगर, गर्ल्स हॉस्टल में हड़कंप
सागर में तिली इलाके के गर्ल्स हॉस्टल के बाथरूम में करीब 10 फीट लंबा अजगर मिलने से छात्राओं में अफरा-तफरी मच गई. सूचना पर स्नेक कैचर अकील बाबा मौके पर पहुंचे और अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू किया. अकील बाबा के मुताबिक, पहाड़ी से लगे इस इलाके में पहले भी कई बार अजगर निकल चुके हैं और वह करीब 70 से 75 अजगरों को रेस्क्यू कर चुके हैं.
किराए के घर में जाने से पहले देखें ये 7 चीजें, बचेगा हजारों का खर्च
किराए के घर में सामान शिफ्ट करने से पहले सिर्फ कमरों का साइज और लोकेशन देखना काफी नहीं है. बिजली, पानी, लीकेज, सीलन, बाथरूम, किचन और मीटर रीडिंग समेत कुछ जरूरी चीजों की अच्छी तरह चेक कर लेना चाहिए. घर में पहले से मौजूद खराबियों की फोटो और वीडियो भी बना लें, ताकि बाद में किसी तरह का विवाद न हो. शिफ्ट होने से पहले की गई ये छोटी सी जांच आपको हजारों रुपये के अनचाहे खर्च और बेवजह की परेशानी से बचा सकती है.
हॉकी टीम के कैप्टन से पंजाब कांग्रेस के 'कमांडर' तक... कौन हैं परगट सिंह
परगट सिंह को कांग्रेस ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया है. परगट सिंह तीन ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. वह 1992 और 1996 के ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रहे हैं. 2012 में अकाली दल के टिकट पर जालंधर कैंट से चुनाव जीतकर उन्होंने राजनीति में कदम रखा. बाद में कांग्रेस में शामिल होकर इसी सीट से विधायक चुने गए.
दिल्ली से मुंबई तक CEC ज्ञानेश कुमार पर कैसे मचा संग्राम, देखें खबरदार
गांधी जयंती के अवसर पर विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली से लेकर मुंबई तक जोरदार प्रदर्शन किया. आम आदमी पार्टी, लेफ्ट और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जंतर मंतर पर सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए मार्च निकाला, जहां पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में लिया. मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. देखें खबरदार.
'कछुआ' ने जीती रेस! ग्वालियर की इशिका चौधरी को गोल्ड, चीन को हराया
Gwalior Daughter wins gold: Gwalior News: एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी टीम ने चीन को 1-0 से हराकर जीता GOLD! ग्वालियर की बेटी इशिका चौधरी का शानदार प्रदर्शन. घर में आतिशबाजी, अब ओलंपिक पर नजर. पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
कौन हैं आराधना मिश्रा, जिन्हें कांग्रेस ने दी UP की कमान... पार्टी ने एक तीर से दो निशाने कैसे लगाए
यूपी में कांग्रेस ने आराधना मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है. यूपी चुनाव से पहले अध्यक्ष पद पर उनकी नियुक्ति का बड़ा राजनीतिक संदेश भी है.
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, दिल्ली से लेकर मुंबई तक सड़कों पर उतरा विपक्ष
गांधी जयंती पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली, मुंबई समेत कई शहरों में प्रदर्शन हुए. दिल्ली में करीब 1,100 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें AAP नेताओं और कई छात्र संगठनों के कार्यकर्ता शामिल थे. प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के लिए कई जगह बैरिकेड लगाए गए और 12 मेट्रो स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट गेट बंद रहे.
ममता बनर्जी की 2021 की चोट फर्जी थी, साबित करने के लिए मेडिकल सबूत मौजूद: Suvendu Adhikari
नंदीग्राम, दो अक्टूबर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को दावा किया कि 2021 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान नंदीग्राम में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पैर में लगी चोट ‘‘फर्जी’’ थी और दावा किया कि इसे साबित करने के लिए उनके पास दस्तावेजी सबूत हैं। शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम-दो विकासखंड के बिरुलिया बाजार में एक सभा को संबोधित कर थे। यही वह स्थान है जहां पांच साल पहले बनर्जी घायल हुई थीं। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अगर उन्हें कभी चुनौती दी गई तो वह इन सबूतों को सार्वजनिक कर देंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री बनने के बाद मैं एसएसकेएम अस्पताल गया था। मैं अस्पताल समिति का अध्यक्ष हूं क्योंकि यह भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के अधिकार क्षेत्र में आता है, जहां का मैं निर्वाचित प्रतिनिधि हूं।’’मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘एक्स-रे की प्लेट संबंधित मरीज को दी जाती है, लेकिन रिपोर्ट की एक प्रति अस्पताल के पास रहती है। अब वह कागज मेरे पास है। उस समय वह (ममता बनर्जी) मुख्यमंत्री थीं। उनके डॉक्टरों ने लिखा था, ‘कोई फ्रैक्चर नहीं है।’ ’’नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार हसीरानी रथ के समर्थन में प्रचार कर रहे शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि बनर्जी जिस वाहन में यात्रा कर रही थीं, उसका खुला दरवाजा सड़क किनारे स्थित लोहे के एक खंभे से टकराकर वापस उनकी ओर आ गया था, जिससे उनके पैर में ‘‘मामूली चोट’’ लगी थी। मुख्यमंत्री अधिकारी ने आरोप लगाया कि उन्होंने (ममता) ठीक पैर पर पट्टी बांध ली और इस घटना का इस्तेमाल पूरे नंदीग्राम को बदनाम करने के लिए किया। अधिकारी ने कहा, ‘‘अगर मुझे कभी चुनौती दी गई तो मैं इसे सार्वजनिक कर दूंगा। मैं अब पुलिस मंत्री भी हूं। उन्होंने पूरे बिरुलिया इलाके और इस क्षेत्र का अपमान किया। सीआईडी ने उस घटना के सिलसिले में हमारे स्थानीय नेताओं को बार-बार तलब किया था। मैं इनमें से कुछ भी नहीं भूला हूं।’’पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 10 मार्च, 2021 को चुनाव प्रचार के दौरान नंदीग्राम के बिरुलिया के रेयापाड़ा इलाके में बाएं पैर और कमर में गंभीर चोट लगी थी। बनर्जी ने शुरू में कहा था कि कुछ अज्ञात लोगों ने जानबूझकर उन्हें उनकी खुली कार के दरवाजे की ओर धक्का दिया, जिससे दरवाजा उनके बाएं पैर पर जोर से लगा और भारी भीड़ के बीच उनका पैर कुचल गया। बाद में अस्पताल से जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने बताया था कि समर्थकों का अभिवादन करते समय बड़ी संख्या में लोग उनकी कार के पास आ गए थे, जिससे उनका पैर कुचल गया और उन्हें चोट लगी। चिकित्सकीय जांच में उनके बाएं टखने और पैर की हड्डी तथा लिगामेंट में गंभीर चोट की पुष्टि हुई थी। इसके अलावा, उनके दाएं कंधे, बांह, गर्दन और कमर में चोट के निशान और दर्द था। उन्हें तुरंत कोलकाता वापस लाया गया और राज्य सरकार द्वारा संचालित एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। विस्तृत जांच के बाद बनर्जी को 12 मार्च को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। उनके बाएं पैर पर प्लास्टर लगा था और इसके बावजूद उन्होंने बाद में व्हीलचेयर पर बैठकर चुनाव प्रचार जारी रखा था। तृणमूल कांग्रेस ने उस विधानसभा चुनाव में शानदार जीत दर्ज की थी। पार्टी ने 294 में से 216 सीट पर जीत हासिल की थी, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 77 सीट तक सीमित रह गई थी।
40 साल के बेटे ने खुद के अपहरण का नाटक किया, पिता से 90 लाख रुपये मांगे
बेंगलुरु पुलिस के मुताबिक, मनीष ने अपने पिता को बताया था कि वह पैसों के लेन-देन के सिलसिले में ट्रेन से गदग जा रहा है और अगली सुबह उन्हें फोन करेगा. अगली सुबह, मनोहर को अपने बेटे के नंबर से एक वाट्सअप कॉल आया.
iPhone 18 Pro देखने के बहाने महिला से छीना, 11 दिन बाद 3 लुटेरे अरेस्ट
ग्रेटर नोएडा में मोबाइल और चेन स्नैचिंग करने वाले तीन बदमाशों को बिसरख पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से iPhone 18 Pro समेत पांच मोबाइल, दो तमंचे, कारतूस, 2500 रुपये और वारदात में इस्तेमाल बाइक मिली है. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने 21 सितंबर को महिला से फोन देखने के बहाने छीन लिया था.
जयपुरवासियों ने लिया शहर को स्वच्छ, सुंदर, हरित और आधुनिक बनाने का संकल्प
लौटेगा जयपुर का वैभव, सालभर चलेंगे कार्यक्रम जयपुर। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, सांसद मंजू शर्मा और महापौर सुनील कोठारी ने संयुक्तरूप ऐलान किया कि जयपुर की 300वीं वर्षगांठ पर पूरे साल हर दिन यहां की विरासत, संस्कृति और पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए लगातार लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ये कार्यक्रम जनजागरण अभियान, सामाजिक […] The post जयपुरवासियों ने लिया शहर को स्वच्छ, सुंदर, हरित और आधुनिक बनाने का संकल्प appeared first on Sabguru News .
अमेरिकी ने 2X स्पीड में पढ़ी हनुमान चालीसा, लोग बोले- जय हनुमान
टेक्सास में रहने वाले एक शख्स ने इंस्टाग्राम पर खुद का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह 2X स्पीड में हनुमान चालीसा का पाठ करते नजर आए. इस वीडियो पर लोगों ने जमकर तारीफ की, कुछ ने मजाकिया कमेंट किए तो कई यूजर्स ने सम्मान जताया.
जशपुर में मिर्च की बोरियों के नीचे छिपा 440 किलो Ganja जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार
जशपुर, दो अक्टूबर छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पुलिस ने एक ट्रक से 440 किलोग्राम से अधिक गांजा बरामद कर इस सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि बरामद गांजे की अनुमानित कीमत 2,20,31,500 रुपये है, जबकि ट्रक की कीमत लगभग 20 लाख रुपये है। उन्होंने बताया कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने और प्रभावी कार्रवाई करने के लिए ओडिशा की सीमा से लगे लावाकेरा पुलिस जांच बिंदु पर विशेष मादक पदार्थ रोधी दल को तैनात किया गया है जो संदिग्ध वाहनों की लगातार जांच कर रहा है। उन्होंने बताया कि इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि ओडिशा की ओर से एक वाहन में गांजा लेकर कुछ तस्कर जशपुर जिले की सीमा में प्रवेश करने वाले हैं। अधिकारियों ने बताया कि सूचना मिलने के बाद शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे लावाकेरा पुलिस जांच अवरोधक पर मादक पदार्थ रोधी दल और तपकरा थाने की संयुक्त टीम ने ओडिशा की ओर से आने वाले संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान ओडिशा की ओर से आ रहे एक छोटे ट्रक को संदेह के आधार पर रोका गया और उसमें सवार दो लोगों से पूछताछ की गई, जिन्होंने अपनी पहचान मोहम्मद वसीम (28) और मोहम्मद आसिफ (34) के रूप में बताई। दोनों उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के रहने वाले हैं। अधिकारियों ने बताया कि ट्रक में लदे सामान के बारे में पूछे जाने पर दोनों ने कहा कि उसमें मिर्च की बोरियां हैं, जिन्हें वे ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जा रहे हैं। संदेह होने पर पुलिस ने वाहन में लदे सामान की बारीकी से जांच की। उन्होंने बताया कि ट्रक में ऊपर की ओर मिर्च से भरी बोरियां रखी थीं। अधिकारियों ने बताया कि नीचे रखी बोरियों की जांच करने पर उनमें टेप से लिपटे पैकेट मिले। उन्होंने बताया कि इन पैकेट में गांजा पाया गया। अधिकारियों ने बताया कि ट्रक से कुल 14 बोरियों में रखे 440 पैकेट में 440.63 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने गांजा और ट्रक जब्त कर लिया। उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे गांजा ओडिशा के बोध क्षेत्र से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज ले जा रहे थे। धिकारियों ने बताया कि गांजा किस व्यक्ति से खरीदा गया था और उत्तर प्रदेश में इसे किसे पहुंचाया जाना था, इसकी पूरी कड़ी का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जशपुर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा, ‘‘जशपुर पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत यह एक बड़ी और महत्वपूर्ण कार्रवाई है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की हर कड़ी की जांच कर रही है।’’उन्होंने कहा, ‘‘गांजा कहां से खरीदा गया, इसके पीछे कौन लोग हैं और इसे उत्तर प्रदेश में किसे पहुंचाया जाना था, इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर गहन जांच की जा रही है। नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जशपुर पुलिस नशे के खिलाफ पूरी दृढ़ता और निरंतरता के साथ कार्रवाई करती रहेगी।’’सिंह ने बताया कि जनवरी 2026 से अब तक जशपुर पुलिस ने गांजा तस्करी के कुल 16 मामलों में करीब आठ करोड़ रुपये मूल्य का 1,906 किलोग्राम गांजा बरामद किया है और 22 तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। उन्होंने बताया कि साथ ही तस्करी में इस्तेमाल 17 कार और एक पिकअप वाहन जब्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ जशपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन आघात’ जारी है।
कांग्रेस में बड़ा बदलाव, यूपी और पंजाब में नए चेहरों को कमान
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश और पंजाब में संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की है। पार्टी ने आराधना मिश्रा ‘मोना’ को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (यूपीसीसी) का अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को प्रदेश कांग्रेस का वर्किंग प्रेसिडेंट बनाया गया है।
मैंने ठान लिया था कि लोगों को मरने नहीं दूंगा, पीएम मोदी से बोले कैप्टन स्मित मच्छार
मच्छार ने वीडियो कॉल पर प्रधानमंत्री को घटना के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि जब भी वह संकट में होते हैं, तो वह 'हनुमान चालीसा' का पाठ करते हैं। उन्होंने कहा कि मैं घायल हालत में (कॉकपिट के) फर्श पर पड़ा था। मेरे अंदर जितनी भी ताकत बची थी, मैंने सही कदम उठाया और विमान को सुरक्षित बचा लिया।
उत्तराखंड में BJP 60 से ज्यादा सीटें जीतकर बनाएगी सरकार, Ram Madhav ने दिया कार्यकर्ताओं को मंत्र
देहरादून, दो अक्टूबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उत्तराखंड के नवनियुक्त प्रभारी राम माधव ने शुक्रवार को पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अगले साल होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव में 60 सीट पर जीत हासिल करने का लक्ष्य रखें। उत्तराखंड की 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए अगले साल चुनाव होना है। प्रदेश प्रभारी बनने के बाद पहली बार यहां प्रदेश भाजपा मुख्यालय पहुंचे माधव ने पार्टी की एक संगठनात्मक बैठक में कहा, “हमें चुनाव में पूर्ण बहुमत नहीं बल्कि सबसे बड़े बहुमत यानि 60 से ज्यादा सीट जीतने के लिए काम करना है।”माधव ने कहा कि बहुत से राज्य ऐसे हैं जहां भाजपा लगातार तीन बार जीती है और उत्तराखंड में भी ऐसा ही करना है। इस दौरान पार्टी की सह प्रभारी और सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि उत्तराखंड की जनता भाजपा को तीसरी बार अपना आशीर्वाद देने के लिए तैयार है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कार्यकर्ताओं को पार्टी की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि अब राजनीतिक परीक्षा का समय आ गया है और कार्यकर्ताओं को जनता के बीच अपनी उपस्थिति और अधिक बढ़ानी है।
रजिस्ट्रेशन के बहाने ऑफिस बुलाया, फिर हेडमास्टर ने छात्रा से की छेड़खानी
बांका के गांधी उच्च विद्यालय, सबलपुर के प्रभारी हेडमास्टर विकास कुमार को नाबालिग छात्रा से छेड़खानी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि स्कूल की छुट्टी के बाद रजिस्ट्रेशन के काम के बहाने छात्रा को कार्यालय बुलाकर गलत नीयत से उसके शरीर को छुआ गया. शिकायत पर पुलिस ने POCSO समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया.
गाय चोरी से गैंगस्टर एक्ट तक... 50 हजार का इनामी अवसाब गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के कौशांबी में गाय चोरी, गोवध निवारण अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट के मामले में फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी अवसाब को पुलिस ने फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है. मंझनपुर पुलिस, सीआईडब्लू और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई की. आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए फरीदाबाद में रहकर काम कर रहा था.
बॉयफ्रेंड से बहस, अपार्टमेंट का बेड और सड़ी हुई लाश; महिला डॉक्टर की मौत पर गहराया राज
हैदराबाद में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां पर एक 27 साल की महिला डॉक्टर संदिग्ध हालात में मृत पाई गई। मामला हफीजपेट इलाके में शुक्रवार का है। महिला का शव यहां के एक सर्विस अपाटमेंट में पाया गया।
CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग पर Mumbai में कॉजपा का भारी प्रदर्शन, दिल्ली कूच की चेतावनी
मुंबई, दो अक्टूबर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन में शुक्रवार को यहां शिवाजी पार्क में हजारों लोग शामिल हुए। संगठन के नेता अभिजीत दीपके ने चेतावनी दी कि अगर कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया तो जंतर-मंतर पर फिर से आंदोलन शुरू किया जाएगा। दीपके ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी निशाना साधा। कॉजपा नेता अजिंक्य शिंदे ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने 2025 की मतदाता सूचियों पर रोक लगाने और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया तय करने वाले 2023 के कानून को रद्द करने की भी मांग की। दीपके ने आरोप लगाया कि ‘‘मतदाताओं के नाम हटाए जाने’’ के बाद भाजपा ने उन राज्यों में जीत हासिल की, जहां वह नरेन्द्र मोदी की लहर पर भी चुनाव नहीं जीत सकी थी। उन्होंने कहा, ‘‘अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो देशभर के ‘जेन जी’ के लोग दिल्ली जाएंगे। वहां ‘जंतर-मंतर पर फिर से प्रदर्शन करेंगे।’’दीपके ने ‘‘चलो दिल्ली’’ का आह्वान भी किया। कॉजपा संस्थापक ने कहा, ‘‘सरकार इतनी अक्षम है कि हमें दो महीने में फिर से विरोध प्रदर्शन करना पड़ रहा है।’’उन्होंने नीट प्रश्नपत्र लीक के मामले को लेकर जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का संदर्भ दिया। दीपके ने एक साथ चुनाव कराने के प्रस्ताव का जिक्र करते हुए दावा किया कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी का असली उद्देश्य ‘‘एक देश, एक चुनाव, एक पार्टी’’ है। उन्होंने कहा कि कॉजपा ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन शुरू करने के लिए महाराष्ट्र को चुना, क्योंकि कथित अनियमितताओं की शुरुआत इसी राज्य से हुई थी। दीपके ने दावा किया कि दो वर्षों में 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। उन्होंने कहा कि 2024 में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 97 करोड़ थी और 2024 के लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और ‘इंडिया’ गठबंधन के बीच जीत का अंतर केवल दो प्रतिशत था। दीपके ने आरोप लगाया कि चुनाव से 15 दिन पहले कुमार की नियुक्ति ‘‘अंतर बढ़ाने’’ के लिए की गई थी। उन्होंने दावा किया कि 2024 में भाजपा ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव ‘‘चुरा लिया’’, क्योंकि मतदाता सूची में 40 लाख मतदाताओं के नाम जोड़े गए थे। दीपके ने कहा कि भाजपा समर्थक तर्क देते हैं कि तेलंगाना, कर्नाटक और झारखंड में विपक्षी दलों ने जीत हासिल की इसलिए चुनाव निष्पक्ष हैं। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन जब मैच फिक्स होता है तो ऐसा नहीं होता कि हर गेंद नो-बॉल हो और हर कैच छूट जाए।’’कॉजपा संस्थापक ने भाजपा पर महाराष्ट्र में शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) से शुरुआत करते हुए क्षेत्रीय दलों को खत्म करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को ‘‘मुखौटा कंपनी’’ करार दिया। पुलिस ने मध्य मुंबई के शिवाजी पार्क में सीजेपी के विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में युवा वहां पहुंच गए। दीपके ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को उन्हें और अन्य प्रदर्शनकारियों को जेल में डालने की चुनौती दी थी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाते हुए व्यंग्यात्मक मीम और फिल्मों के संवाद वाली तख्तियां लेकर बड़ी संख्या में युवा प्रदर्शनकारी पहुंचे। शिवाजी पार्क में पुलिस द्वारा बड़ी संख्या में लगाए गए बैरिकेड और तेज गर्मी भी प्रदर्शनकारियों के उत्साह को कम नहीं कर सकी। शिवाजी पार्क के निवासियों के विरोध और दादर स्टेशन तक भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद प्रदर्शनकारी क्रांतिकारी नारों, गांधी के उद्धरणों और कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर थामे नजर आये। तिरंगे के साथ ‘‘ज्ञानू, तुझा डेमोक्रेसी वर भरोसा नाय के?’’, ‘‘ज्ञानेश ब्रो, जस्ट रिजाइन’’ और ‘‘गद्दार ज्ञानू मस्ट गो’’ जैसे नारे लिखे पोस्टर लिए स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) समेत विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में युवा इलाके में जुटे। अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी, गायक विशाल ददलानी और महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी भी प्रदर्शन स्थल पर मौजूद थे। शिवसेना (उबाठा) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने कॉजपा के आंदोलन को समर्थन दिया है। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कॉजपा प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार इतनी ‘‘अक्षम’’ है कि नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के दो महीने के भीतर ही उन्हें एक और प्रदर्शन करना पड़ा। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को प्रदर्शनकारियों को जेल भेजने की चुनौती भी दी। कॉजपा के विरोध-प्रदर्शन के मद्देनजर शुक्रवार को शिवाजी पार्क के आसपास बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था। पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने शाम चार बजे प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले मध्य मुंबई में दादर स्टेशन और शिवाजी पार्क मैदान के आसपास सुरक्षा कड़ी की। एक अधिकारी ने बताया कि किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस और अन्य एजेंसियों के सुरक्षा कर्मियों को रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि शिवाजी पार्क की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर व्यापक स्तर पर बैरिकेड भी लगाए गए हैं। इस बीच, इलाके के निवासियों ने अपने पड़ोस में प्रदर्शन आयोजित किए जाने का कड़ा विरोध किया है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, ‘‘प्रस्तावित प्रदर्शन हमारे इलाके की शांति और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है। वे इसे जबरन आयोजित करने की कोशिश कर रहे हैं। आवासीय क्षेत्र में इस तरह के प्रदर्शनों की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।’’इससे पहले दिन में, कॉजपा के संयोजक अभिजीत दीपके ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर दक्षिण मुंबई में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। कॉजपा सीईसी की नियुक्ति में पारदर्शिता की मांग करने के साथ ही एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। कॉजपा ने यह मांग तब की जब कुछ दिनों पहले ही अंग्रेजी दैनिक इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर में दावा किया गया था कि निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने देशभर में मतदाता सूची के ‘एसआईआर’ के दौरान नाम जोड़े और हटाए जाने समेत कई मुद्दों पर आपत्तियां जताई थीं। निर्वाचन आयोग ने हालांकि एक बयान में स्पष्ट किया था कि तीन सदस्यीय आयोग ने एसआईआर समेत सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए हैं।
देश भर में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए निवेश करने वालों की तादाद रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है। हर महीने बैंक खाते से तय रकम कटती है, लेकिन जब तीन-चार साल बाद निवेशक अपना पोर्टफोलियो चेक करते हैं, तो अक्सर मायूसी हाथ लगती है। कई बार रिटर्न बैंक एफडी से थोड़ा ही बेहतर दिखता है या बिल्कुल सपाट नजर आता है। ऐसे में निवेशकों को लगता है कि म्यूचुअल फंड में रिस्क ज्यादा और मुनाफा कम है। हकीकत यह है कि समस्या SIP के मॉडल में नहीं, बल्कि उसे लागू करने के तरीके और आम गलतियों में छिपी होती है।1. रिटर्न के पीछे भागकर गलत फंड कैटेगरी चुननाज्यादातर नए निवेशक पिछला एक साल का रिटर्न देखकर किसी भी फंड में SIP शुरू कर देते हैं। जब कोई सेक्टर जैसे आईटी, फार्मा या डिफेंस बूम पर होता है, तो लोग सेक्टर या थीमेटिक फंड में पैसा लगाने लगते हैं। जैसे ही उस सेक्टर का चक्र बदलता है, फंड का परफॉर्मेंस गिर जाता है और पोर्टफोलियो लाल निशान में आ जाता है। म्यूचुअल फंड में लंबी अवधि के लिए फ्लेक्सी-कैप, लार्ज व मिड-कैप या इंडेक्स फंड्स को मुख्य आधार बनाना चाहिए, न कि किसी ट्रेंडिंग सेक्टर को।2. जरूरत से ज्यादा फंड्स का जमावड़ा (ओवर-डाइवर्सिफिकेशन)एक आम गलती यह होती है कि निवेशक 10 से 15 अलग-अलग स्कीम्स में 500 या 1000 रुपये की SIP शुरू कर देते हैं। उन्हें लगता है कि ज्यादा फंड्स रखने से रिस्क कम हो जाएगा। असल में इसे 'पोर्टफोलियो ओवरलैप' कहते हैं। अगर आपने पांच अलग-अलग कंपनियों के लार्ज-कैप या फ्लेक्सी-कैप फंड ले रखे हैं, तो उन सभी में रिलायंस, एचडीएफसी बैंक या इंफोसिस जैसे समान स्टॉक्स ही होंगे। इससे न तो रिस्क घटता है और न ही रिटर्न बढ़ता है, बल्कि खर्च (एक्सपेंस रेशियो) बढ़ जाता है। एक संतुलित पोर्टफोलियो के लिए 4 से 5 अच्छे फंड्स काफी होते हैं।3. स्टेप-अप SIP न करना और निवेश की रकम न बढ़ानाकमाई और महंगाई हर साल बढ़ती है, लेकिन निवेशक अपनी SIP की रकम को सालों-साल वही रखते हैं। अगर आपने पांच साल पहले 5,000 रुपये महीने से शुरुआत की थी और आज भी उतनी ही रकम जा रही है, तो महंगाई आपके रिटर्न का बड़ा हिस्सा खा जाती है। हर साल सैलरी या आमदनी में बढ़ोतरी के साथ कम से कम 10% की स्टेप-अप SIP जोड़ना जरूरी है। यह छोटा सा बदलाव 10 से 15 साल में आपके अंतिम कॉर्पस को लगभग दोगुना तक बढ़ा सकता है।4. बाजार में गिरावट आने पर SIP रोक देनाशेयर बाजार का स्वभाव ही उतार-चढ़ाव भरा होता है। जब बाजार में 10% या 15% का करेक्शन आता है, तो घबराकर कई निवेशक अपनी SIP पॉज कर देते हैं या रिडीम कर लेते हैं। यह SIP के बुनियादी सिद्धांत 'रुपी कॉस्ट एवरेजिंग' के बिल्कुल खिलाफ है। मंदी या गिरावट के समय जब एनएवी (NAV) सस्ती होती है, तब आपकी तय रकम में ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं। जब बाजार वापस रिकवर करता है, तो यही सस्ती यूनिट्स तेजी से वेल्थ बनाती हैं। गिरावट के समय SIP रोकना सबसे बड़ा नुकसानदायक फैसला साबित होता है।5. डायरेक्ट प्लान की जगह रेगुलर प्लान में फंसे रहनाबहुत से निवेशकों को यह पता ही नहीं होता कि वे रेगुलर प्लान में निवेश कर रहे हैं या डायरेक्ट प्लान में। रेगुलर प्लान में डिस्ट्रीब्यूटर या ब्रोकर का कमीशन शामिल होता है, जिसके चलते इसका टोटल एक्सपेंस रेशियो (TER) डायरेक्ट प्लान से 0.5% से 1.5% तक अधिक होता है। सुनने में यह एक फीसदी छोटा लग सकता है, लेकिन 15 से 20 साल के कंपाउंडिंग सफर में यह कमीशन आपके कुल कॉर्पस का 15% से 20% तक काट लेता है। अपने पोर्टफोलियो को डायरेक्ट प्लान में स्विच करना शुद्ध रिटर्न बढ़ाने का आसान तरीका है।6. डिविडेंड (IDCW) विकल्प चुनना, ग्रोथ नहींकई निवेशक नियमित आय के लालच में 'पेआउट ऑफ इनकम डिस्ट्रीब्यूशन कम कैपिटल विड्रॉल' (IDCW) चुन लेते हैं। जब फंड हाउस डिविडेंड देता है, तो वह एनएवी से ही कटकर आता है और उस पर निवेशक के टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स भी लगता है। इससे कंपाउंडिंग की चेन टूट जाती है। अगर आपका लक्ष्य रिटायरमेंट, घर या बच्चे की पढ़ाई के लिए बड़ा फंड बनाना है, तो हमेशा 'ग्रोथ' (Growth) विकल्प ही चुनना चाहिए ताकि हर रुपये का री-इन्वेस्टमेंट होकर कंपाउंडिंग का पूरा फायदा मिल सके।7. पोर्टफोलियो की सालाना समीक्षा और रीबैलेंसिंग न करना'इन्वेस्ट करो और भूल जाओ' का फॉर्मूला पूरी तरह सही नहीं है। साल में कम से कम एक बार अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करना जरूरी है। अगर कोई फंड लगातार दो से तीन साल तक अपने बेंचमार्क इंडेक्स और साथी फंड्स से पीछे चल रहा है, तो उसके फंड मैनेजर के बदलाव या रणनीति की जांच करनी चाहिए। साथ ही, इक्विटी और डेट के अनुपात को अपने लक्ष्य के करीब पहुंचने पर रीबैलेंस करना चाहिए ताकि अचानक आने वाली बाजार की गिरावट से आपका संचित मुनाफा सुरक्षित रह सके।अपने पोर्टफोलियो को ट्रैक पर कैसे लाएं?अगर आपका पोर्टफोलियो भी उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ रहा है, तो सबसे पहले अपने फंड्स की लिस्ट निकालें। डुप्लीकेट या एक ही श्रेणी वाले फंड्स को छांटकर 3 से 4 मजबूत डायवर्सिफाइड फंड्स में सीमित करें। अपने प्लान्स को डायरेक्ट ग्रोथ में बदलें और ऑटोमैटिक 10% एनुअल स्टेप-अप चालू करें। बाजार की हर छोटी-बड़ी हलचल पर रिएक्ट करने के बजाय कम से कम 7 से 10 साल का नजरिया रखें। जब अनुशासन और सही रणनीति एक साथ मिलते हैं, तभी SIP की असली ताकत सामने आती है।
महानगरों और बड़े शहरों में रहने वाले कामकाजी जोड़ों के बीच इन दिनों एक अजीब सी उलझन तेजी से बढ़ रही है। घर में दोहरी कमाई (Dual Income) आ रही है, दोनों पार्टनर अच्छे पैकेज पर काम कर रहे हैं, फिर भी महीने के आखिरी हफ्ते में बैंक बैलेंस लगभग शून्य हो जाता है। क्रेडिट कार्ड के बिल देखकर पसीने छूटते हैं और समझ ही नहीं आता कि लाखों रुपये की संयुक्त आमदनी आखिर खर्च कहां हो गई। दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, लखनऊ या हैदराबाद जैसे शहरों में रहने वाले नौकरीपेशा कपल्स के लिए यह एक आम समस्या बन चुकी है। फाइनेंस विशेषज्ञों की मानें तो इसका कारण कम आमदनी नहीं, बल्कि वित्तीय तालमेल और बुनियादी बजटिंग का अभाव है।1. संयुक्त बजट और वित्तीय लक्ष्यों पर खुलकर बात न करनाभारतीय परिवारों में पैसों को लेकर खुलकर बात करने की हिचकिचाहट अब भी देखी जाती है। जब दोनों पार्टनर कमा रहे होते हैं, तो अक्सर यह मान लिया जाता है कि खर्चे अपने आप मैनेज हो रहे हैं। एक साथी घर का किराया और बिजली बिल दे रहा है, तो दूसरा ग्रॉसरी और बाहर खाने का खर्च उठा रहा है। लेकिन कोई भी बैठकर यह तय नहीं करता कि महीने भर में कुल बचत कितनी होनी चाहिए। भविष्य के लक्ष्य जैसे नया घर खरीदना, कार लेना, रिटायरमेंट या बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए कोई स्पष्ट रूपरेखा नहीं होती। जब तक कमाई और खर्च का संयुक्त खाका तैयार नहीं होगा, तब तक पैसा पानी की तरह बहता रहेगा।2. लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन और सोशल मीडिया का दिखावाकमाई बढ़ने के साथ-साथ जीवनशैली के खर्चों का बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन इसे जरूरत से ज्यादा बढ़ा लेना वित्तीय संकट का मुख्य कारण बनता है। इसे अर्थशास्त्र की भाषा में 'लाइफस्टाइल क्रीप' या 'लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन' कहा जाता है। वीकेंड पर महंगे कैफे में जाना, हर छह महीने में नया गैजेट या स्मार्टफोन अपग्रेड करना, ब्रांडेड कपड़ों की शॉपिंग और सोशल मीडिया पर दिखने वाली भव्य छुट्टियों की होड़ में अनाप-शनाप खर्च करना बजट को पूरी तरह बिगाड़ देता है। पार्टनर यह सोचकर खर्च करते रहते हैं कि अगली सैलरी आते ही सब संभल जाएगा, लेकिन हकीकत में वे एक ऐसे चक्रव्यूह में फंस जाते हैं जहां बचत की गुंजाइश खत्म हो जाती है।3. क्रेडिट कार्ड और ईएमआई का बेलगाम इस्तेमालक्रेडिट कार्ड सहूलियत के लिए होते हैं, लेकिन अनुशासन की कमी इन्हें सबसे बड़ा कर्ज का जाल बना देती है। कई कपल्स 'नो कॉस्ट ईएमआई' और 'बाय नाउ पे लेटर' के झांसे में आकर ऐसी चीजें भी खरीद लेते हैं जिनकी उन्हें तुरंत जरूरत नहीं होती। जब महीने की पहली तारीख को सैलरी आती है, तो उसका एक बड़ा हिस्सा सीधे क्रेडिट कार्ड के बिल और पर्सनल लोन की किस्तों में कट जाता है। हाथ में जो रकम बचती है, वह घर के रोजमर्रा के खर्चों के लिए भी कम पड़ जाती है। इसके बाद बचे हुए दिनों का गुजारा करने के लिए फिर से क्रेडिट कार्ड स्वाइप किया जाता है, जिससे यह सिलसिला कभी खत्म ही नहीं होता।4. आपातकालीन फंड और इंश्योरेंस की अनदेखीआमतौर पर दोहरी आय वाले जोड़ों को लगता है कि अगर किसी एक की नौकरी चली भी जाए या कोई संकट आए, तो दूसरे की आमदनी से सब संभल जाएगा। यह अति-आत्मविश्वास भारी पड़ सकता है। मेडिकल इमरजेंसी, अचानक नौकरी छूटना या परिवार में कोई बड़ा संकट आने पर जब पर्याप्त इमरजेंसी फंड (कम से कम 6 महीने का खर्च) नहीं होता, तो निवेश तोड़ना पड़ता है या भारी ब्याज पर कर्ज लेना पड़ता है। इसके अलावा, दोनों पार्टनर्स के पास पर्याप्त टर्म इंश्योरेंस और कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस का न होना भी मेहनत से बचाई गई सारी पूंजी को एक झटके में खत्म कर सकता है।5. टैक्स प्लानिंग और व्यवस्थित निवेश में देरीज्यादातर कामकाजी कपल्स वित्तीय वर्ष के आखिरी महीनों में यानी जनवरी से मार्च के बीच हड़बड़ी में टैक्स बचाने के रास्ते ढूंढते हैं। बिना सोचे-समझे ऐसी पॉलिसियां या स्कीम्स ले ली जाती हैं जिनका रिटर्न महंगाई दर को भी मात नहीं दे पाता। इसके अलावा, बचत को सिर्फ सेविंग्स अकाउंट में पड़े रहने देना भी एक बड़ी चूक है, क्योंकि बचत खाते में पड़ा पैसा न सिर्फ खर्च होने के जोखिम में रहता है बल्कि उस पर मिलने वाला ब्याज महंगाई से कम होता है। सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP), म्यूचुअल फंड्स, पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) और इक्विटी में नियमित निवेश न करने से कंपाउंडिंग का फायदा नहीं मिल पाता।वर्किंग कपल्स कैसे सुधारें अपनी वित्तीय स्थिति?इस स्थिति से बाहर निकलने के लिए पति-पत्नी को मिलकर एक पारदर्शी वित्तीय योजना बनानी चाहिए। इसके लिए 50:30:20 का नियम सबसे कारगर माना जाता है, जिसमें कुल आमदनी का 50 प्रतिशत अनिवार्य जरूरतों (किराया, राशन, बिल) पर, 30 प्रतिशत जीवनशैली और व्यक्तिगत इच्छाओं पर, और कम से कम 20 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से निवेश और बचत में जाना चाहिए। दोनों पार्टनर्स को मिलकर एक संयुक्त बैंक खाता खोलना चाहिए जिसमें घर के साझा खर्चों और बचत की रकम डाली जाए, जबकि कुछ हिस्सा अपने-अपने व्यक्तिगत खातों में भी रखा जा सकता है। हर महीने के अंत में बैठकर खर्चों की समीक्षा करना और आने वाले महीने की योजना बनाना बैंक बैलेंस को सुरक्षित रखने की सबसे मजबूत आदत है।
म्यूचुअल फंड्स में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए संपत्ति निर्माण करने वाले निवेशकों के मन में सबसे आम दुविधा यह होती है कि ₹20,000 प्रति माह के निवेश को कितने फंड्स में बांटना चाहिए। अक्सर नए निवेशक सुरक्षा के नाम पर 8 से 10 अलग-अलग स्कीम्स में ₹2,000-₹2,500 की एसआईपी शुरू कर देते हैं। वित्तीय विशेषज्ञों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CAs) के अनुसार, यह रणनीति लाभ पहुंचाने के बजाय पोर्टफोलियो को नुकसान पहुंचाती है।वित्तीय भाषा में इसे 'ओवर-डायवर्सिफिकेशन' (Over-diversification) या 'पोर्टफोलियो क्लटरिंग' कहा जाता है। जब आप ₹20,000 की राशि को 8-10 फंड्स में बिखेर देते हैं, तो कई फंड्स एक जैसे शेयरों (जैसे एचडीएफसी बैंक, रिलायंस, इंफोसिस, आईसीआईसीआई बैंक) में ही पैसा लगाते हैं। इसे 'पोर्टफोलियो ओवरलैप' कहते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि निवेशक को कई फंड्स का अतिरिक्त एक्सपेंस रेशियो चुकाना पड़ता है, बिना किसी अतिरिक्त रिटर्न के। ₹20,000 की मासिक एसआईपी के लिए 3 से अधिकतम 4 फंड्स का संतुलित गुलदस्ता सबसे आदर्श माना जाता है।₹20,000 मंथली SIP के लिए CA द्वारा अनुशंसित 4-फंड मॉडलएक सुदृढ़, दीर्घकालिक और जोखिम-समायोजित पोर्टफोलियो के लिए पूंजी का आवंटन विभिन्न मार्केट कैपिटलाइजेशन (लार्ज, मिड, स्मॉल कैप) में संतुलित होना चाहिए:1. फ्लेक्सी कैप फंड (Flexi Cap Fund) — ₹7,000 (35%): यह पोर्टफोलियो की रीढ़ बनता है। फंड मैनेजर बाजार की चाल के आधार पर लार्ज, मिड और स्मॉल कैप में लचीलेपन से बदलाव कर सकता है, जिससे पोर्टफोलियो को निरंतर स्थिरता मिलती है।2. लार्ज एंड मिड कैप / निफ्टी 50 इंडेक्स फंड — ₹5,000 (25%): देश की शीर्ष 50 या 100 दिग्गज कंपनियों में सीधा निवेश, जो अत्यधिक बाजार गिरावट के समय भी पूंजी को सुरक्षा और कम वोलैटिलिटी प्रदान करता है।3. मिड कैप फंड (Mid Cap Fund) — ₹5,000 (25%): उभरती हुई मध्यम आकार की कंपनियां जो भविष्य की लार्ज कैप बनने की क्षमता रखती हैं। यह हिस्सा लंबी अवधि में अल्फा (अतिरिक्त रिटर्न) जनरेट करने में मदद करता है।4. स्मॉल कैप फंड (Small Cap Fund) — ₹3,000 (15%): उच्च जोखिम लेकिन बहुत तेज वृद्धि वाला सेगमेंट। लंबी अवधि (7 से 10 वर्ष या अधिक) में यह घटक पूरे पोर्टफोलियो के रिटर्न को 14% से 15% के स्तर तक ले जाने की क्षमता रखता है।₹20,000 की SIP से 10, 15 और 20 वर्षों में कितना फंड बनेगा?यदि आप अनुशासन के साथ इस ₹20,000 की मासिक किस्त को 12% से 14% के औसत ऐतिहासिक सीएजीआर (CAGR) पर जारी रखते हैं, तो चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding) का प्रभाव इस प्रकार दिखेगा:समय अवधि (वर्ष)कुल जमा मूलधन12% वार्षिक रिटर्न पर फंड14% वार्षिक रिटर्न पर फंड5 वर्ष₹12,00,000₹16,49,700₹17,35,00010 वर्ष₹24,00,000₹46,40,790₹52,41,80015 वर्ष₹36,00,000₹1,00,91,520₹1,23,08,50020 वर्ष₹48,00,000₹1,99,82,960₹2,63,27,000तालिका दर्शाती है कि 15वें वर्ष में कुल जमा मात्र ₹36 लाख होता है, लेकिन 12% की दर से भी आपका कुल कॉर्पस ₹1 करोड़ को पार कर जाता है।ज्यादा फंड्स रखने के 4 बड़े नुकसान1. ओवरलैपिंग (Overlapping) की समस्या: जब आप 8 अलग-अलग इक्विटी फंड खरीदते हैं, तो लगभग सभी फंड्स के टॉप होल्डिंग्स में वही 15-20 ब्लूचिप शेयर बार-बार रिपीट होते हैं। आप सोचते हैं कि आप डाइवर्सिफाई कर रहे हैं, लेकिन वास्तव में आप एक ही शेयर कई बार खरीद रहे होते हैं।2. रिटर्न का औसत हो जाना (Diluted Returns): यदि किसी एक फंड ने 35% का शानदार रिटर्न दिया, लेकिन उसमें आपकी एसआईपी मात्र ₹1,500 की थी, तो उस बेहतरीन प्रदर्शन का आपके कुल पोर्टफोलियो पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।3. पोर्टफोलियो ट्रैक करने और टैक्स की जटिलता: 8 से 10 फंड्स के कैपिटल गेन्स स्टेटमेंट, रीबैलेंसिंग और टैक्स फाइलिंग (LTCG / STCG) को संभालना बेहद जटिल हो जाता है।4. उच्च एक्सपेंस रेशियो: कई एक्टिव फंड्स रखने से आप अनावश्यक रूप से फंड हाउसों को मैनेजमेंट फीस के रूप में अपनी पूंजी का हिस्सा देते रहते हैं।लखनऊ से देश भर के निवेशकों के लिए CA की 3 गोल्डन टिप्सडायरेक्ट प्लान (Direct Plan) चुनें: हमेशा रेगुलर प्लान के बजाय डायरेक्ट ग्रोथ प्लान में निवेश करें। इससे 0.75% से 1% तक का ब्रोकरेज कमीशन बचता है, जो 15-20 वर्षों में ₹15 से ₹25 लाख का अतिरिक्त फंड जोड़ सकता है।सालाना 10% स्टेप-अप (Step-Up SIP) अपनाएं: जैसे-जैसे आपकी आय बढ़े, अपनी एसआईपी को हर साल 10% (यानी ₹20,000 से ₹22,000) बढ़ाएं। 10% स्टेप-अप के साथ 15 साल में आपका कॉर्पस ₹1 करोड़ के बजाय ₹1.75 करोड़ तक पहुंच सकता है।सालाना एक बार समीक्षा करें: हर महीने या हर हफ्ते एनएवी (NAV) देखने की आदत छोड़ें। साल में केवल एक बार अपने 3-4 फंड्स के प्रदर्शन की तुलना उनके बेंचमार्क इंडेक्स से करें। यदि कोई फंड लगातार 2 साल तक अपने बेंचमार्क से पिछड़ रहा हो, तभी उसे किसी बेहतर फंड में स्विच करें।
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर दिल्ली में प्रदर्शन, Atishi समेत 700 हिरासत में
नयी दिल्ली, दो अक्टूबर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को विपक्षी दल और छात्र संगठन सड़कों पर उतरे लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें जंतर मंतर पहुंचने से पहले ही हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए लोगों में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी भी शामिल थीं। प्रदर्शनकारियों में आम आदमी पार्टी (आप) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) तथा अन्य छात्र संगठनों के सदस्य शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं और बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर सीईसी कुमार के इस्तीफे की मांग की। दिल्ली पुलिस ने करीब 700 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा और संगठन के अन्य सदस्यों को जंतर-मंतर की ओर दौड़ते देखा गया, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें बीच में ही रोक दिया। फिरोजशाह रोड और अशोक रोड जैसे कई स्थानों पर, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड को पार करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक लिया। अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शन स्थल पर किसी भी अनधिकृत जमावड़े को रोकने के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। प्रदर्शन स्थल और आसपास के इलाकों में इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित कर दी गईं। दिल्ली मेट्रो ने प्रदर्शन स्थल के आसपास राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय और पटेल चौक सहित 12 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास अस्थायी रूप से बंद कर दिया। जंतर मंतर के आसपास के क्षेत्र और इसकी ओर जाने वाली सड़कों पर अराजक दृश्य देखा गया क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड के बीच से अपना रास्ता बनाने का प्रयास किया। दिल्ली पुलिस के जवान भी बार-बार सार्वजनिक घोषणा कर रहे थे और लोगों से जंतर-मंतर पर इकट्ठा न होने के लिए कह रहे थे। विरोध प्रदर्शन के दौरान कुमार के खिलाफ नारे लगे। इनमें एक कचौड़ी, दो समोसा, ज्ञानेश तुम्हारा क्या भरोसा और गली-गली में शोर है, मोदी-ज्ञानेश वोट चोर हैं जैसे नारे शामिल हैं। वे कुमार की तस्वीर लगी तख्तियां भी पकड़े थे जिस पर लिखा था “रिजाइन दो”। सीईसी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चेहरे वाले मुखौटे पहने हुए, भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के प्रदर्शनकारियों ने रायसीना रोड पर आईवाईसी कार्यालय से मार्च निकाला, जंतर मंतर की ओर बढ़ते हुए उन्होंने नारे लगाए और पोस्टर और बैनर लेकर कुमार से जवाबदेही की मांग की। आईवाईसी अध्यक्ष उदय भानु चिब ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। चिब के नेतृत्व में संगठन के कार्यकर्ताओं ने ‘सीईसी इस्तीफा दो’, ‘निर्वाचन आयोग जवाब दो’ और ‘लोकतंत्र बचाओ’ जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारी युवा कांग्रेस कार्यालय से निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे, तभी दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोक दिया और हिरासत में ले लिया। चिब ने कहा, निर्वाचन आयोग हर वोट की शुचिता की रक्षा करने के लिए जिम्मेदार है। जब मतदाता सूची से संबंधित फैसलों पर आयोग के भीतर ही सवाल उठाए जा रहे हैं, तो देश जवाब और जवाबदेही का हकदार है। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ समेत कई कार्यकर्ताओं को भी मौके से हिरासत में लिया गया। जाखड़ को संगठन के कार्यालय से जंतर-मंतर की ओर पैदल मार्च के दौरान हिरासत में लिया गया। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, आरोप लगाया कि एनएसयूआई के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने दावा किया कि मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं पर पुलिस कार्रवाई की गई थी। एसएफआई और डीवाईएफआई कार्यकर्ताओं ने भी जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश की। एसएफआई महासचिव आइशी घोष ने कहा कि दोनों संगठनों के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। घोष ने कहा, ‘‘दिल्ली पुलिस राजधानी में अपराधों को रोकने में सक्षम नहीं है, लेकिन जब ज्ञानेश कुमार जैसे किसी व्यक्ति की सुरक्षा की बात आती है, तो वे बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आते हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘यह लोकतंत्र नहीं है। अगर पुलिस को लगता है कि वे हमें हिरासत में लेकर आंदोलन को रोक सकते हैं, तो हम उन्हें बताना चाहते हैं कि यह तो सिर्फ शुरुआत है।’’पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों से लगभग 700 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें आप नेता और आइसा, एसएफआई, एनएसयूआई और अन्य छात्र संगठनों के सदस्य शामिल थे। पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि पूर्वाह्न 11 बजे एसएफआई के करीब 700 कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश की लेकिन उन्हें अशोक रोड गोल चक्कर पर रोक दिया गया, जिनमें से कई लोगों को हिरासत में ले लिया गया। ‘आप’ की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज को पुलिस कार्रवाई के विरोध में सड़क पर लेटते हुए देखा गया और बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। हिरासत में लिए गए लोगों में ‘आप’ नेता आतिशी और संजीव झा भी शामिल हैं। पुलिस ने कहा कि उसने आप नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह को नॉर्थ एवेन्यू में रोक दिया। सिंह ने बाद में कहा कि कि वह वोट चोरी के खिलाफ संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरने पर बैठे थे। आतिशी ने कहा कि प्रदर्शनकारी लोकतंत्र और मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, जब अंग्रेजों ने भारत पर शासन किया, तो गांधीजी ने लोगों के वोट देने के अधिकार के लिए लड़ाई लड़ी। आज, जब हमारे पास वह अधिकार है, ज्ञानेश कुमार इसे छीनने की कोशिश कर रहे हैं। आतिशी ने कहा कि जब उन्होंने अपनी आवाज उठाने के लिए जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश की, तो पुलिस उन्हें बसों में ले गई और फतेहपुर बेरी थाने में हिरासत में रखा गया। उन्होंने कहा, हम मोदीजी की पुलिस से नहीं डरते। हम वोट के अधिकार की रक्षा के लिए लड़ना जारी रखेंगे। वोट चोरी के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। निर्वाचन आयोग की प्रणाली को सही करना होगा और ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा। भारद्वाज ने कहा कि पुलिस ने उन्हें बताया कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी, लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि जब जंतर-मंतर एक निर्धारित प्रदर्शन स्थल है तो लोकतंत्र में प्रदर्शन करने के लिए अनुमति की क्या आवश्यकता है। भारद्वाज ने यह भी कहा कि पार्टी ने करीब एक हफ्ते पहले प्रदर्शन की अनुमति मांगने के लिए पत्र सौंपे थे। भारद्वाज ने कहा, ‘‘हम अपनी चिंताओं को उठाने के लिए अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।’’उन्होंने कहा कि एक थाना प्रभारी (एसएचओ) सहित लगभग 10 से 15 पुलिसकर्मी उनके आवास के बाहर तैनात थे। झा ने सवाल किया कि क्या शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना अपराध बन गया है। उन्होंने कहा कि गांधी जयंती पर सीईसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के दौरान उन्हें हिरासत में लिया गया। आइसा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने हिरासत के दौरान महिलाओं सहित प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग किया।
भारत सरकार द्वारा 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) आज देश भर के अभिभावकों के लिए अपनी लाडली की उच्च शिक्षा और विवाह के खर्चों को सुरक्षित करने का सबसे लोकप्रिय साधन बन चुकी है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026 में केंद्र सरकार इस योजना पर 8.2% वार्षिक ब्याज दर की पेशकश कर रही है, जो सभी लघु बचत योजनाओं (जैसे पीपीएफ के 7.1%) और बड़े सरकारी व निजी बैंकों की एफडी दरों से काफी अधिक है।सुकन्या समृद्धि योजना की सबसे बड़ी खूबी इसका दीर्घकालिक कम्पाउंडिंग चक्र और EEE (Exempt-Exempt-Exempt) टैक्स स्टेटस है। इसका अर्थ यह है कि इसमें जमा की जाने वाली राशि पर आयकर की धारा 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है, हर साल अर्जित होने वाला ब्याज पूरी तरह कर-मुक्त होता है और 21 वर्ष बाद मिलने वाली पूरी मैच्योरिटी राशि पर भी ₹1 का भी टैक्स नहीं चुकाना पड़ता।₹5,000 महीने (सालाना ₹60,000) के निवेश का 15 साल और 21 साल का सटीक हिसाबयदि आप अपनी बिटिया के जन्म से लेकर 10 वर्ष की आयु के भीतर सुकन्या खाता खोलते हैं और हर महीने ₹5,000 की बचत करते हैं, तो 15 साल के निवेश और 21 साल की मैच्योरिटी का वित्तीय ब्रेकडाउन इस प्रकार बनता है:मासिक जमा राशि: ₹5,000वार्षिक जमा राशि: ₹60,000जमा करने की कुल अवधि: 15 वर्षकुल जमा की गई मूल पूंजी (Principal Amount): ₹60,000 15 = ₹9,00,000 (नौ लाख रुपये)अंतिम 6 वर्षों में जमा (16वें से 21वें वर्ष तक): ₹0 (कोई नया पैसा जमा नहीं करना होता)8.2% की दर से कुल अर्जित अनुमानित ब्याज: लगभग ₹20,19,000 (बीस लाख उन्नीस हजार रुपये)21 साल की मैच्योरिटी पर कुल मिलने वाला फंड: ₹29,19,000 (उनतीस लाख उन्नीस हजार रुपये)(नोट: यह गणना 8.2% की वर्तमान वार्षिक कम्पाउंडिंग ब्याज दर के पूरी अवधि में स्थिर रहने के आधार पर की गई है। सरकार हर तिमाही में ब्याज दरों की समीक्षा करती है)।15 साल के निवेश के बाद अगले 6 साल कैसे बढ़ता है पैसा?सुकन्या समृद्धि योजना का सबसे बड़ा फायदा इसका 'इंटरेस्ट ऑन इंटरेस्ट' यानी चक्रवृद्धि ब्याज का जादू है। नियम के अनुसार, खाता खुलने की तारीख से केवल शुरुआती 15 वर्षों तक ही किस्त जमा करनी होती है। 16वें साल से लेकर 21वें साल तक अभिभावक को एक भी रुपया जमा नहीं करना पड़ता, लेकिन 15 साल तक जमा हुआ पूरा फंड अगले 6 साल तक 8.2% की दर से लगातार बढ़ता रहता है।माइलस्टोन (अवधि)कुल जमा मूलधनअनुमानित अर्जित ब्याजकुल संचित फंड बैलेंस5 वर्ष बाद₹3,00,000₹73,800₹3,73,80010 वर्ष बाद₹6,00,000₹3,53,600₹9,53,60015 वर्ष बाद (जमा बंद)₹9,00,000₹9,00,100₹18,00,10018 वर्ष बाद (उच्च शिक्षा आयु)₹9,00,000 (अपरिवर्तित)₹13,81,000₹22,81,00021 वर्ष बाद (मैच्योरिटी)₹9,00,000₹20,19,000₹29,19,000तालिका से स्पष्ट है कि 15वें वर्ष में आपका कुल बैलेंस करीब ₹18 लाख होता है, जो बिना कोई अतिरिक्त पैसा जमा किए 21वें साल में बढ़कर ₹29 लाख से अधिक हो जाता है।18 वर्ष की आयु पर आंशिक निकासी और विवाह के नियमअभिभावकों के मन में यह सवाल अक्सर रहता है कि क्या बिटिया की पढ़ाई के लिए 21 साल तक इंतजार करना अनिवार्य है? योजना के नियम इसके लिए लचीलापन प्रदान करते हैं:उच्च शिक्षा के लिए 50% निकासी: जब बिटिया 18 वर्ष की आयु पूरी कर ले या 10वीं कक्षा उत्तीर्ण कर ले, तो कॉलेज या यूनिवर्सिटी की उच्च शिक्षा की फीस भरने के लिए पिछले वित्तीय वर्ष के अंत में मौजूद कुल बैलेंस का 50% तक निकाला जा सकता है।विवाह पर खाता बंद होना: यदि बिटिया की शादी 18 वर्ष की आयु के बाद होती है, तो विवाह के समय खाते का पूरा पैसा अंतिम रूप से निकाला जा सकता है और खाता समय पूर्व बंद किया जा सकता है।न्यूनतम और अधिकतम जमा सीमा: खाते में एक वित्तीय वर्ष के दौरान न्यूनतम ₹250 और अधिकतम ₹1,50,000 तक जमा किए जा सकते हैं।लखनऊ से देश भर के डाकघरों और बैंकों में खाता खोलने की प्रक्रियाउत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, दिल्ली, मुंबई, पटना या देश के किसी भी शहर व कस्बे में सुकन्या खाता खोलना बेहद आसान है। यह खाता किसी भी नजदीकी डाकघर (Post Office) या अधिकृत सरकारी/प्राइवेट बैंक (जैसे SBI, PNB, BOB, HDFC, ICICI) की शाखा में खोला जा सकता है।खाता खोलने के लिए आवश्यक दस्तावेज:बिटिया का जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)माता-पिता या कानूनी अभिभावक का पैन कार्ड और आधार कार्डनिवास प्रमाण पत्र और पासपोर्ट साइज फोटोपहली किस्त के लिए न्यूनतम ₹250 की राशिएक परिवार में अधिकतम 2 बेटियों के नाम पर यह खाता खोला जा सकता है (जुड़वां या तीन बच्चियां होने की स्थिति में तीसरे खाते की विशेष छूट मिलती है)।

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