Airtel ने लॉन्च किए 3 नए Voice-Only प्लान, कीमत ₹185 से शुरू
Airtel ने यूजर्स के लिए तीन नए Voice-Only रिचार्ज प्लान पेश किए हैं. इनकी कीमत 185 रुपये से शुरू होती है. इन प्लान्स में अनलिमिटेड कॉलिंग और 300 SMS की सुविधा मिलती है. अगर आप इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करते, तो ये प्लान आपके लिए काम के हो सकते हैं.
लालू यादव के घर पहुंचीं मल्लिका शेरावत, राबड़ी देवी से की मुलाकात
पटना में तेज प्रताप यादव ने बॉलीवुड एक्ट्रेस मल्लिका शेरावत को अपने परिवार से मिलवाया. इस दौरान रोहिणी आचार्य भी मौजूद रहीं. सोशल मीडिया पर इससे जुड़ा एक वीडियो वायरल हो रहा है.
जिस श्रद्धा को नहीं पकड़ पाई पुलिस, वो पहुंची UP? लगाई सरेंडर अर्जी
लखनऊ के चर्चित व्यापारी शिवा शर्मा हत्याकांड में मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे ने गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद अदालत में सरेंडर अर्जी दाखिल की है. बताया जा रहा है कि उसने दो दिन पहले अर्जी दी थी और नेपाल से उत्तर प्रदेश लौटने के बाद अब आत्मसमर्पण की तैयारी में है.
भारी-भरकम रजाई-कंबल घेर लेते हैं हर कोना? अपनाएं ये ट्रिक्स
Winter Cleaning Tips: गुलाबी ठंड की दस्तक के साथ ही बक्सों और अलमारियों से भारी-भरकम रजाई और कंबल बाहर निकलने शुरू हो जाते हैं लेकिन ये बहुत ज्यादा जगह घेर लेते हैं. ऐसे में यहां हम आपको कुछ आसान और स्मार्ट स्टोरेज ट्रिक्स बता रहे हैं जिनकी मदद से आप कम से कम जगह में भी अपने सभी मोटे कपड़ों को बेहद सफाई और करीने से सेट कर सकते हैं.
4 दिन काम, 2.5 करोड़ तक कमाई! AI पर JPMorgan CEO की भविष्यवाणी
जेपी मॉर्गन के CEO जेमी डिमोन का कहना है कि आने वाले 30 सालों में AI की मदद से लोगों का काम करने का समय कम हो सकता है. इससे कर्मचारियों को कम घंटे काम करने और सालाना 3 लाख डॉलर तक कमाने का मौका मिल सकता है. हालांकि, उन्होंने AI से जुड़े साइबर सुरक्षा के खतरों को लेकर भी आगाह किया है. उनका कहना है कि तेजी से बढ़ती AI तकनीक कारोबारों और सरकारों के लिए सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चुनौतियां पैदा कर सकती है.
Kolkata के Chorbagan Sarbojanin Durga Puja Pandal में भगदड़, 19 की मौत; आयोजकों समेत 7 गिरफ्तार
कोलकाता में शनिवार शाम दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मचने से 19 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। मामले में पुलिस ने आयोजकों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में हत्या के बराबर नहीं माने जाने वाली गैर इरादतन हत्या का मामला भी दर्ज किया है। भारी बारिश के बीच मची भगदड़ यह घटना शनिवार शाम करीब 7:40 बजे चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई। सप्तमी के दिन यहां बड़ी संख्या में लोग पूजा देखने पहुंचे थे। इसी दौरान तेज बारिश के बीच भगदड़ मच गई। पुलिस ने चोरबागान दुर्गा पूजा समिति के सचिव राज कुमार सेवड़ा और उपाध्यक्ष शांतनु दुबे को भी गिरफ्तार किया है। इनके अलावा बांस का ढांचा तैयार करने वाले बिप्लब मुखर्जी, भीड़ संभालने की जिम्मेदारी वाले कौशिक साहा और पिंटू डे तथा निजी सुरक्षा के प्रभारी सुमन चक्रवर्ती और राजेश पाल को गिरफ्तार किया गया है। इसे भी पढ़ें: Kolkata भगदड़ के बाद Amit Shah ने रद्द किए दुर्गा पूजा कार्यक्रम, अस्पताल जाकर घायलों से मिलेंगे लाउडस्पीकर से हुई घोषणा के बाद बढ़ी भीड़ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि चोरबागान में आयोजित दुर्गा पूजा के आयोजकों की ओर से की गई एक घोषणा के बाद लोगों में अचानक तेजी से आगे बढ़ने की स्थिति बनी, जिससे यह दर्दनाक घटना हुई। उन्होंने कोलकाता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में घायलों से मिलने के बाद पत्रकारों से कहा, मौके पर अधिकारियों की शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह घटना पूजा आयोजकों की ओर से लाउडस्पीकर पर की गई घोषणा के कारण हुई। हालांकि, लाउडस्पीकर पर आखिर क्या घोषणा की गई थी, यह तुरंत साफ नहीं हो पाया। इसे भी पढ़ें: Kolkata भगदड़ में 19 मौतों के बाद दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा जांचेगी उच्चस्तरीय समिति निजी सुरक्षाकर्मियों की सीटी को लेकर भी दावा अधिकारी ने यह भी बताया कि दो मृतकों के परिवार वालों ने दावा किया है कि पंडाल में निजी सुरक्षाकर्मियों के सीटी बजाने के बाद वहां मौजूद लोगों में अचानक भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। परिवार वालों के मुताबिक, उस समय कई लोग पंडाल में जाने के लिए इंतजार कर रहे थे। सीटी बजने के बाद लोगों में तेजी से आगे बढ़ने की स्थिति बनी, जिससे भगदड़ मच गई।
सुरक्षा, सम्मान, सामर्थ्य और समृद्धि से आलोकित हो रहा है नारीशक्ति का जीवन: मुख्यमंत्री
लखनऊ, 18 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र की अष्टमी तिथि पर मां महागौरी के स्वरूप की पूजा की। उन्होंने मां महागौरी को शांति, पवित्रता और करुणा की प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने रविवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर लिखा कि मां महागौरी की आराधना हमें स्मरण कराती है कि समाज की वास्तविक उन्नति तभी संभव है, जब हर मां स्वस्थ और सुरक्षित हो, हर बेटी को पोषण एवं बेहतर भविष्य मिले तथा प्रत्येक नारी सम्मान के साथ आत्मनिर्भर होकर जीवन यापन कर सके। अब सुरक्षा, सम्मान, सामर्थ्य और समृद्धि से नारीशक्ति का जीवन आलोकित हो रहा है।नारीशक्ति को बनाया प्रगति का सक्रिय भागीदारमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने नारीशक्ति को प्रदेश की प्रगति का सक्रिय भागीदार बनाते हुए सुरक्षा, सम्मान, पोषण, शिक्षा और आर्थिक स्वावलंबन के अवसरों का विस्तार किया है।आर्थिक स्वावलंबन का मार्ग किया प्रशस्तमुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले सरकार की नाकामी पर भी प्रहार किया। कहा कि उस समय जहां प्रदेश में बच्चों के पोषण से जुड़ी व्यवस्था माफिया के शिकंजे में दम तोड़ रही थी, वहीं प्रदेश में डबल इंजन सरकार बनने के बाद हमने टेक होम राशन के उत्पादन और वितरण की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सौंपकर व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की और नारीशक्ति के आर्थिक स्वावलंबन का मार्ग प्रशस्त किया। इस पहल ने प्रदेश में पोषण सेवाओं को सुदृढ़ करने के साथ ही कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई को अधिक प्रभावी बनाया।आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ायासीएम ने बताया कि हमने बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा की आधारशिला रखने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय में वृद्धि कर इसे ₹3,000 से बढ़ाकर ₹12,000 प्रतिमाह किया है। साथ ही, स्वास्थ्य बीमा का लाभ देकर उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक कल्याण को भी संबल प्रदान किया जा रहा है।ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहीं 4 लाख से अधिक महिलाएंमुख्यमंत्री ने लिखा कि आज प्रदेश में बलिनी, सामर्थ्य, काशी, बाबा गोरखनाथ और सृजनी जैसी दुग्ध उत्पादक कंपनियों से जुड़कर 31 जनपदों की 4 लाख से अधिक महिलाएं दुग्ध उत्पादन को आय, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बनाते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायत में बीसी सखी पहल ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।सशक्त नारी, समृद्ध उत्तर प्रदेशमुख्यमंत्री ने बताया कि आज प्रदेश में 1 करोड़ 20 लाख से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई गाथा लिख रही हैं। लखपति दीदी पहल के माध्यम से महिलाएं अपनी मेहनत और हुनर को नियमित आय एवं आर्थिक समृद्धि में बदलकर अपने परिवार की खुशहाली सुनिश्चित कर रही हैं। मां महागौरी की कृपा से प्रदेश में आज नारीशक्ति का जीवन सुरक्षा, सम्मान, सामर्थ्य और समृद्धि से आलोकित हो रहा है। सशक्त नारी, समृद्ध उत्तर प्रदेश।
कोलकाता पंडाल भगदड़ पर पीएम मोदी ने किया मुआवजे का एलान, जताया दुख
कोलकाता पंडाल भगदड़ पर पीएम मोदी ने किया मुआवजे का एलान, जताया दुख
गलत दिन तो नहीं कर रहे कन्या पूजन? जानें अष्टमी-नवमी की तिथि और मुहूर्त
Kanya Pujan 2026 Shubh Muhurat: इस साल शारदीय नवरात्र में कन्या पूजन की तारीख को लेकर लोगों के मन में सवाल हैं. ऐसे में अगर आप भी कन्या पूजन की तैयारी कर रहे हैं, तो यहां जानिए सही तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा की आसान विधि और जरूरी सामग्री.
करोड़ों की कमाई, बड़ी-बड़ी डिग्रियां... अनिरुद्ध-काव्या मारन में कौन किससे आगे?
अनिरुद्ध और काव्या की शादी के चर्चे जोरों-शोरों से हो रहे हैं. कुछ ही दिनों में दोनों सात-फेरे लेकर एक-दूसरे के हो जाएंगे. इस बीच उनकी नेट वर्थ और एजुकेशन क्वालिफिकेशन भी सुर्खियों में आ गई है. आखिर दोनों कितने पढ़े-लिखे हैं?
यूपी: बलरामपुर में दुर्गा पूजा पंडाल के बाहर कार ने 7 लोगों को रौंदा, 3 की मौत
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में दुर्गा पूजा पंडाल के बाहर 7 श्रद्धालुओं को तेज रफ्तार कार ने रौंद दिया. इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और चार गंभीर रूप से घायल हो गए. पुलिस ने ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है.
भारत जैसा ही नवरात्रि का जश्न? पाकिस्तान से सामने आए कई VIDEO
पाकिस्तान के कराची से नवरात्रि सेलिब्रेशन के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं. इनमें एक महिला कंटेंट क्रिएटर मंदिर पहुंचकर वहां की पूजा, गरबा और भंडारे की झलक दिखाती नजर आ रही है. वीडियो सामने आने के बाद लोग पाकिस्तान में हिंदू समुदाय के बीच नवरात्रि के आयोजन को लेकर चर्चा कर रहे हैं.
कोलकाता दुर्गा पंडाल हादसा: कुप्रबंधन और भ्रामक घोषणाओं से मची भगदड़, 19 की मौत; पुलिस ने बताया कहां हुई चूक----Kolkata Durga Pandal Stampede: Police Cite Mismanagement, Confusing Announcements and Security Lapses
भूल भुलैया डिजाइन, अफवाह और... 19 मौतों की अबतक सामने आईं ये चार वजह
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की घटना ने आयोजकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस जांच में पाया गया कि भीड़ नियंत्रण के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं थे, सुरक्षा कर्मियों की संख्या कम थी और पंडाल के अंदर काफी अंधेरा था.
तस्वीर में छिपे उल्लू को ढूंढ पाएंगे आप? 10 सेकंड का चैलेंज
Optical Illusion: इस ऑप्टिकल इल्यूजन में तस्वीर के अंदर छिपे उल्लू को सिर्फ 10 सेकंड में ढूंढने का चैलेंज दिया गया है. क्या आपकी नजर इतनी तेज है कि आप छिपी 5 बिल्ली खोज सकें?
Tamil Nadu में Northeast Monsoon की दस्तक, Chennai समेत 17 जिलों में Yellow Alert जारी
तमिलनाडु में पूर्वोत्तर मानसून के सक्रिय होने के साथ ही चेन्नई और आसपास के जिलों में भारी बारिश हुई। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने रविवार को यह जानकारी दी। चेन्नई के कई हिस्सों में शनिवार रात भारी बारिश हुई, जिससे कई इलाके जलमग्न हो गए और यातायात प्रभावित हुआ। बारिश का सबसे अधिक असर शुरुआत में उत्तरी चेन्नई में हुआ, जहां एक घंटे से भी कम समय में छह से 10 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। शनिवार शाम साढ़े पांच बजे तक पिछले 24 घंटों में कांचीपुरम जिले के उत्तिरमेरूर में सबसे अधिक 15 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसी अवधि में कल्लाकुरिची के मनालूरपेट में 12 सेंटीमीटर बारिश हुई। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र और भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पुष्टि की कि पूर्वोत्तर मानसून सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी तमिलनाडु और तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर वायुमंडल की ऊपरी परतों में चक्रवाती परिसंचरण तथा लक्षद्वीप से दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक फैली कम दबाव की पट्टी के कारण भारी बारिश हुई। आईएमडी ने चेन्नई, तिरुवल्लूर, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, कुड्डालोर और तिरुचि समेत 17 जिलों में 23 अक्टूबर तक बारिश को लेकर ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। ‘येलो अलर्ट’ का मतलब छह से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेन्नई, चेंगलपट्टू, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम, विल्लुपुरम, कुड्डालोर, मयिलादुथुराई, नागपट्टिनम, तंजावुर, तिरुवरूर, पुदुक्कोट्टई, रामनाथपुरम, शिवगंगा, तूतीकोरिन, कल्लाकुरिची, अरियालुर, पेरम्बलूर, तिरुचिरापल्ली, नीलगिरि, कोयंबटूर और तिरुनेलवेली समेत कई जिलों में व्यापक पैमाने पर बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। विभाग के अनुसार, पुडुचेरी और कराईकल में भी बारिश होने की संभावना है।
700 एकड़ में फैला है चित्तौड़गढ़ किला, जानें यहां घूमने की 5 खास जगहें
Chittorgarh Fort Rajasthan: अगर आपको ऐतिहासिक जगहों, पुराने महलों और राजस्थान की संस्कृति को करीब से जानने में दिलचस्पी है तो चित्तौड़गढ़ किला आपके लिए बेस्ट हो सकता है. यहां रानी पद्मावती से जुड़ी लोककथाओं से लेकर विजय स्तंभ और प्राचीन मंदिरों तक, देखने और जानने के लिए बहुत कुछ है.
सर्दियों में पानी गर्म करना होगा आसान, ये हीटर रॉड है खास
सर्दियों में पानी गर्म करने के लिए हीटर रॉड का इस्तेमाल करते हैं, तो इसकी सेफ्टी पर ध्यान देना जरूरी है. 1500W की इस हीटर रॉड में शॉक-प्रूफ डिजाइन, टच प्रोटेक्शन कवर और ऑटो कट-ऑफ जैसे फीचर्स मिलते हैं. जानिए इसके फीचर्स, इस्तेमाल करने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां.
56 की उम्र में 5वें बच्चे के पिता बनेंगे सैफ? बोले- रात में...
कपिल शर्मा के शो में करीना कपूर और सैफ अली खान ने अपनी लव लाइफ को लेकर कई सीक्रेट खोले. उन्होंने बताया कि कैसे शादी के 14 साल बाद भी उनके रिश्ते में प्यार बरकरार है. कपिल, सैफ को 5वें बच्चे को लेकर भी टीज करते दिखे.
कोलकाता हादसे के घायलों से मिले अमित शाह, डॉक्टरों से लिया हेल्थ अपडेट
कोलकाता के चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के कारण 19 लोगों की मौत हो गई. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कोलकाता पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और अस्पताल में इलाज की स्थिति का जायजा लिया. इससे पहले उन्होंने कालीघाट मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रभावित परिवारों के लिए प्रार्थना भी की थी.
फ्रांस में बढ़ती महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़पें हुईं। कई शहरों में आगजनी, तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं सामने आईं।
पानी की टंकी का बिजनेस... हर महीने कराएगा 50 हजार रुपये की कमाई
घर हो, दुकान हो या फैक्ट्री, पानी स्टोर करने के लिए टंकी की जरूरत हर जगह होती है. ऐसे में प्लास्टिक की पानी की टंकी बनाने का बिजनेस शुरू करने की योजना बना रहे लोगों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि इसके लिए कितनी पूंजी चाहिए और क्या इसके लिए मशीनों की भी जरूरत होती है. इस कारोबार में निवेश छोटा या बड़ा हो सकता है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितनी टंकियां बनाना चाहते हैं, किस क्षमता की टंकियां तैयार करेंगे और उत्पादन के लिए किस तरह की मशीनों का इस्तेमाल करेंगे.
कुकी समुदाय के घरों में आगजनी, फायरिंग... फिर धधक रहा मणिपुर!
मणिुपर के कामजोंग जिले में उग्रवादियों ने गांव पर हमला किया और कई घरों में आग लगा दी. इस वजह से कई लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े. कुछ लोगों को आर्मी कैंप में शरण लेनी पड़ी.
शनि-सूर्य ने बनाया षडाष्टक योग, इन 3 राशियों की 1 महीना खूब होगी कमाई
सूर्य ने तुला राशि मे गोचर कर लिया है. इस राशि में रहकर सूर्य की सीधी दृष्टि कुंभ राशि में विराजमान राहु पर पड़ेगी. साथ ही, मीन राशि में बैठे शनि के साथ उनका षडाष्टक योग भी बनेगा. ज्योतिषविदों ने शनि-सूर्य के बीच बने षडाष्टक योग को कुछ राशियों के लिए शुभ बताया है.
चेन्नई में झमाझम बारिश, अलर्ट पर प्रशासन, NDRF ने परखीं तैयारियां
चेन्नई में लगातार भारी बारिश का दौर जारी है, जिसमें सबसे ज्यादा असर उत्तरी चेन्नई में देखने को मिला है. इस बीच, नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) ने बचाव और राहत कार्यों की समीक्षा की है.
PK ने नीतीश कुमार को क्यों कहा सबसे समझदार नेता?
बिहार के कटिहार जिले के कुरसेला प्रखंड स्थित अयोध्यागंज बाजार के प्राचीन मां दुर्गा मंदिर में शारदीय नवरात्रि की सप्तमी पर विशेष धार्मिक आयोजन हुआ। इस दौरान मां दुर्गा को 101 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया और नौ कुमारी कन्याओं को देवी के नौ रूपों में सजाया गया।
युवराज का 19 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त! नमन धीर ने रचा इतिहास
बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांचवां टी20 मुकाबला बारिश की वजह से धुल गया. लेकिन फिर भी मुकाबले के दौरान नमन धीर की तूफानी बल्लेबाजी ने फैन्स का ध्यान अपनी ओर खींचने का काम किया.
Noida में ऑनलाइन गेम के चक्कर में अकाउंटेंट ने कंपनी के 50 लाख रुपये गंवाए
नोएडा स्थित एक कंपनी के अकाउंटेंट ने ऑनलाइन गेम खेल कर मोटी रकम कमाने के लालच में कथित तौर पर कंपनी के खाते से 50 लाख रुपये साइबर अपराधियों के खाते में हस्तांतरित कर दिए। कंपनी के मालिक की शिकायत पर पुलिस ने अकाउंटेंट के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) प्रीति यादव ने बताया कि टुकडिया लखमन ने शनिवार रात साइबर अपराध थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता के अनुसार, सेक्टर 80 स्थित उनकी कंपनी कॉरपोरेट उपहार और ‘हाउसकीपिंग’ का काम करती है। कंपनी के दोनों बैंक खातों की देखरेख के लिए पीयूष मिश्रा को अकाउंटेंट नियुक्त किया गया था। शिकायत के मुताबिक, पीयूष को ऑनलाइन गेम खेलकर अधिक लाभ कमाने का प्रस्ताव मिला था। इस प्रस्ताव को स्वीकार करने के बाद उसने एक सितंबर 2025 से एक अक्टूबर 2026 के बीच गेमिंग ऐप में रकम लगाने के लिए कंपनी के दोनों बैंक खातों से 50 लाख रुपये हस्तांतरित कर दिए। कंपनी के मालिक ने अकाउंटेंट पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि साइबर अपराध के एक अन्य मामले में सेक्टर 78 निवासी मनीषा शर्मा ने शनिवार रात शिकायत दर्ज कराई अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनसे ऑनलाइन शेयर बाजार में निवेश के नाम पर संपर्क किया और अलग-अलग मौकों पर विभिन्न बैंक खातों में कुल छह लाख 50 हजार रुपये हस्तांतरित करवा लिए। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, अपर पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा एवं साइबर सुरक्षा) मनीषा सिंह ने बताया कि साइबर अपराधियों को म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने उपलब्ध कराने के आरोप में साइबर अपराध थाना पुलिस ने 21 वर्षीय मोम्मद समीर नामक युवक को गिरफ्तार किया है। म्यूल खाते ऐसे बैंक खाते होते हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम के लेनदेन के लिए किया जाता है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में आरोपी के तीन अन्य साथियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अपर पुलिस उपायुक्त ने बताया कि आरोपी के खिलाफ महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, बिहार, हरियाणा, केरल, दिल्ली, गुजरात, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, झारखंड और कर्नाटक समेत 13 राज्यों में 33 से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्वालियर में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात हुए ट्रक हादसे में श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार अत्यंत ही हृदयविदारक है। दुःख की इस घड़ी में राज्य सरकार सभी प्रभावित परिवारों के साथ है। मुख्यमंत्री ने सभी मृतकों ...
5 मौतें, बहन-बहनोई की प्रताड़ना...महेश के आखिरी वॉइस नोट में क्या?
ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के मामले को पुलिस ने सुसाइड बताया है. मौत से पहले महेश ने मोबाइल में वॉइस नोट रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने अपनी दो बहनों और एक बहनोई पर परिवार की मौत का जिम्मेदार होने का आरोप लगाया.
Mayawati ने Akash Anand को सौंपी रैलियों की कमान, ससुर की वापसी की संभावना पूरी तरह खारिज
बसपा प्रमुख मायावती ने रविवार को कहा कि उनके भतीजे आकाश आनंद परिपक्वता दिखाते हुए पार्टी को परिवार से ऊपर प्राथमिकता दे रहे हैं और बहुजन समाज को उनसे काफी उम्मीदे हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में आनंद कई कार्यक्रमों की घोषणा करते हुए यह बात कही। मायावती ने स्पष्ट किया कि आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को अब किसी भी परिस्थिति में पार्टी में वापस नहीं लिया जाएगा। मायावती ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद आनंद पार्टी और आंदोलन के कार्यों को परिवार तथा रिश्ते-नातों से ऊपर प्राथमिकता देते हुए अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आनंद अब काफी सूझबूझ और परिपक्वता के साथ पार्टी के कामकाज में जुट गए हैं और बहुजन समाज के लोगों को उनसे काफी अपेक्षाएं हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख के अनुसार, आनंद 28 अक्टूबर को बुलंदशहर, दो नवंबर को सहारनपुर, 20 नवंबर को अयोध्या, 22 नवंबर को आगरा और 29 नवंबर को कानपुर नगर में पार्टी की ओर से आयोजित जनसभाओं को संबोधित करेंगे। मायावती ने पोस्ट में कहा कि आनंद इसके अलावा 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर पंजाब में बसपा द्वारा आयोजित विचार संगोष्ठी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि वह छह दिसंबर को डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में आयोजित विचार संगोष्ठी को भी संबोधित करेंगे। मायावती ने कहा कि आनंद के पार्टी और आंदोलन के कार्यों में पूरी सक्रियता से जुटने से यह साबित होता है कि पिछले दिनों पार्टी में जो अप्रिय घटनाक्रम हुए, उनके लिए आनंद की तुलना में उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ ज्यादा जिम्मेदार थे। उन्होंने कहा कि इसी वजह से सिद्धार्थ को पार्टी से बाहर किया गया और उन्हें राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दी गई। बसपा प्रमुख ने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि कुछ स्वार्थी तत्व विभिन्न हथकंडे अपनाकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने और आनंद को सौंपे गए कार्यक्रमों को पूरी मेहनत से सफल बनाने की अपील की। मायावती ने सिद्धार्थ की पार्टी में संभावित वापसी को लेकर जारी अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिद्धार्थ को अब किसी भी स्थिति में और किसी भी कीमत पर पार्टी में वापस नहीं लिया जाएगा। मायावती ने कहा कि आकाश के छोटे भाई ईशान आनंद भी बसपा के दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय में सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि लंदन से वकालत की पढ़ाई पूरी कर चुके ईशान, उनके दिशा-निर्देशन में विशेष रूप से पार्टी के चुनाव संबंधी कार्यों और अन्य दस्तावेजी प्रक्रियाओं में मदद करेंगे।
बेडरूम से रसोई तक, घर के किस कमरे में कौन-सा पेंट लगाना सही है?
घर की पुताई/पेंटिंग के लिए मैट, ग्लॉसी या सैटिन में से कौन-सा पेंट चुनना चाहिए? जानें तीनों फिनिश के फायदे-नुकसान, बेडरूम और रसोई के लिए सही पेंट चुनने का तरीका और लेड-फ्री पेंट इस्तेमाल करना क्यों जरूरी है.
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में जहां पूरा शहर मां दुर्गा की आराधना और दुर्गा पूजा उत्सव के उल्लास में डूबा हुआ था, वहीं महासप्तमी की शाम एक भीषण और दिल दहला देने वाले हादसे ने खुशियों के माहौल को मातम में बदल दिया। उत्तर कोलकाता के गिरीश पार्क थाना क्षेत्र स्थित करीब 91 साल पुराने ऐतिहासिक 'चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा' पंडाल में दर्शन के दौरान अचानक मची भगदड़ में अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 25 से अधिक श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मृतकों में महिलाएं और एक सात साल की बच्ची भी शामिल है। घटना के बाद पंडाल को तत्काल सील कर दिया गया है और घायलों को कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (MCH) में भर्ती कराया गया है।शाम 7:40 बजे आखिर क्या हुआ? कैसे भड़की अफरा-तफरीयह दर्दनाक हादसा शनिवार शाम करीब 7 बजकर 40 मिनट पर हुआ। महासप्तमी होने के कारण चोरबागान पंडाल की अनूठी थीम और प्रतिमा के दर्शन के लिए दोपहर से ही हजारों की संख्या में लोगों का रेला उमड़ रहा था।प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय पुलिस के अनुसार, हादसे की मुख्य वजहें निम्नलिखित रहीं:अचानक तेज बारिश और संकरा रास्ता: शाम को अचानक झमाझम बारिश शुरू हो गई। जो लोग पहले से पंडाल के अंदर दर्शन कर रहे थे, वे भीगने से बचने के लिए बाहर निकलने के बजाय वहीं रुक गए।बाहर से अंदर की ओर जबरदस्त धक्का-मुक्की: उसी समय संकरी गलियों में कतार में खड़े हजारों लोग बारिश से बचने और अंदर जाने के लिए प्रवेश द्वारों की तरफ तेजी से बढ़े।निकास द्वार पर भयंकर दबाव: एक ही समय पर अंदर जाने और बाहर निकलने के रास्तों पर लोगों का भारी जमावड़ा हो गया। निकास द्वार के पास भीड़ के अत्यधिक दबाव के कारण आगे चल रहे कुछ लोग फिसलकर नीचे गिर पड़े।एक-दूसरे को कुचलते हुए भागे लोग: पीछे से आ रहे बेकाबू हुजूम को आगे गिरने वालों का आभास नहीं हुआ और लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरते चले गए। कई मिनटों तक चले इस हंगामे में दम घुटने और कुचले जाने से 17 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि 2 ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ा।भीड़ प्रबंधन में गंभीर चूक: 12 से अधिक लोग हिरासत मेंहादसे के बाद कोलकाता पुलिस और एंटी-राउडी सेक्शन (ARS) ने घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिए हैं। पूजा आयोजन समिति के सदस्यों और निजी सुरक्षा गार्डों समेत 12 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि पंडाल में क्षमता से तीन गुना अधिक भीड़ को एक साथ प्रवेश दिया गया था और निकास द्वारों पर रोशनी व आपातकालीन इंतजाम नाकाफी थे। जांच एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या भीड़ के दबाव से पंडाल के बैरिकेड या किसी ढांचे का हिस्सा ढहा था, जिसके बाद यह भगदड़ शुरू हुई।केंद्र और राज्य सरकार की ओर से बड़ी सहायता राशि का ऐलानइस भीषण त्रासदी पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है।प्रधानमंत्री राहत कोष (PMNRF): प्रधानमंत्री कार्यालय ने मृतकों के परिजनों को ₹2-2 लाख और घायलों को ₹50-50 हजार की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।राज्य सरकार का पैकेज: राज्य प्रशासन ने मृतकों के आश्रितों को ₹25 लाख की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है, जबकि घायलों को ₹5 लाख की सहायता और मुफ्त इलाज मुहैया कराया जा रहा है।कलकत्ता हाईकोर्ट की निगरानी में जांच की तैयारीराज्य सरकार ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से इस मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और फॉरेंसिक विशेषज्ञों को शामिल कर एक स्वतंत्र फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी गठित करने का अनुरोध करने का फैसला किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चाहे आयोजन समिति का कोई पदाधिकारी हो, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी या होमगार्ड—भीड़ प्रबंधन में लापरवाही बरतने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इस हादसे के बाद पूरे कोलकाता में अन्य सभी बड़े पूजा पंडालों की सुरक्षा ऑडिट के सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
केरल की रहने वाली अरुंधति ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी शादी में शामिल होने का न्योता दिया है। अरुंधति की शादी 20 दिसंबर को केरल के अलुवा स्थित ग्रीन पार्क कन्वेंशन सेंटर में राहुल के साथ होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी ...
त्योहारी सीजन के दौरान यदि आप वीकेंड पर परिवार के साथ लंबी यात्रा, शॉपिंग या दफ्तर जाने के लिए अपनी कार या बाइक की टंकी फुल कराने पेट्रोल पंप का रुख कर रहे हैं, तो सबसे पहले अपनी जेब का हिसाब-किताब जरूर देख लें। देश की प्रमुख सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs)—इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL)—ने आज यानी 18 अक्टूबर 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल के खुदरा बिक्री मूल्य (Retail Selling Price) की दैनिक सूची जारी कर दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की वैश्विक कीमतों में जारी हलचलों और डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर की नियमित समीक्षा के बाद राष्ट्रीय स्तर पर आज भी ईंधन की कीमतों में स्थिरता बनाए रखी गई है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, कानपुर और देश के प्रमुख महानगरों में पेट्रोल और डीजल किस भाव पर बिक रहा है, इसका विस्तृत ब्योरा नीचे दिया गया है।18 अक्टूबर 2026: देश के 4 बड़े महानगरों में पेट्रोल-डीजल का ताजा भावदेश के प्रमुख चार महानगरों में राज्य स्तरीय मूल्य वर्धित कर (VAT) और स्थानीय परिवहन लागत अलग-अलग होने के कारण कीमतों में भिन्नता देखी जाती है। आज देश के प्रमुख मेट्रो शहरों में 1 लीटर पेट्रोल और डीजल की कीमतें इस प्रकार दर्ज की गई हैं:नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सबसे सस्ता ईंधन मिल रहा है, जहाँ 1 लीटर पेट्रोल की कीमत ₹94.72 और 1 लीटर डीजल का भाव ₹87.62 पर स्थिर बना हुआ है।मुंबई: आर्थिक राजधानी मुंबई में स्थानीय वैट की दरें अधिक होने के कारण पेट्रोल ₹103.44 प्रति लीटर और डीजल ₹89.97 प्रति लीटर के स्तर पर बिक रहा है।कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आज वाहन चालकों को 1 लीटर पेट्रोल के लिए ₹103.94 और डीजल के लिए ₹90.76 का भुगतान करना पड़ रहा है।चेन्नई: तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में पेट्रोल का भाव ₹100.75 प्रति लीटर और डीजल का भाव ₹92.34 प्रति लीटर दर्ज किया गया है।लखनऊ, कानपुर और यूपी के प्रमुख शहरों में ईंधन के आज के रेटउत्तर प्रदेश में रिफाइनरी से दूरी और फ्रेट चार्ज (परिवहन शुल्क) के आधार पर जिलों के स्तर पर मामूली अंतर देखने को मिलता है। राजधानी लखनऊ के हजरतगंज, गोमती नगर, आलमबाग और इंदिरानगर जैसे प्रमुख इलाकों के पेट्रोल पंपों पर आज सामान्य पेट्रोल की दर ₹101.86 प्रति लीटर और डीजल की दर ₹95.36 प्रति लीटर पर टिकी हुई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के अन्य प्रमुख औद्योगिक और व्यावसायिक जनपदों में आज के ताजा रेट इस प्रकार हैं:कानपुर नगर व देहात: कानपुर में पेट्रोल ₹101.65 प्रति लीटर और डीजल ₹95.15 प्रति लीटर की दर से मिल रहा है।नोएडा व ग्रेटर नोएडा (गौतमबुद्ध नगर): दिल्ली से सटे नोएडा में पेट्रोल ₹94.66 प्रति लीटर और डीजल ₹87.76 प्रति लीटर पर उपलब्ध है।गाजियाबाद: ट्रांस-हिंडन और पुराने गाजियाबाद क्षेत्र में पेट्रोल ₹94.58 प्रति लीटर और डीजल ₹87.68 प्रति लीटर दर्ज किया गया है।वाराणसी (काशी): धर्मनगरी वाराणसी में पेट्रोल का रेट ₹102.50 प्रति लीटर और डीजल ₹95.68 प्रति लीटर चल रहा है।प्रयागराज (इलाहाबाद): संगम नगरी में 1 लीटर पेट्रोल ₹102.25 और डीजल ₹95.75 के भाव पर बिक रहा है।मेरठ: पश्चिमी यूपी के मेरठ जिले में पेट्रोल ₹94.43 प्रति लीटर और डीजल ₹87.50 प्रति लीटर के स्तर पर है।गोरखपुर: पूर्वांचल के प्रमुख केंद्र गोरखपुर में पेट्रोल ₹101.90 प्रति लीटर और डीजल ₹95.40 प्रति लीटर पर स्थिर है।आगरा: ताजनगरी आगरा में पेट्रोल ₹101.55 प्रति लीटर और डीजल ₹95.05 प्रति लीटर के भाव पर मिल रहा है।पेट्रोल और डीजल की अंतिम कीमत कैसे तय होती है?जब कोई आम नागरिक पेट्रोल पंप पर ₹100 का पेट्रोल भरवाता है, तो उसमें से एक बड़ा हिस्सा टैक्स और कमीशन के रूप में जाता है। ईंधन का अंतिम खुदरा मूल्य तय करने में चार बड़े घटक काम करते हैं:बेस प्राइस (Base Price): अंतरराष्ट्रीय बाजार से खरीदे गए कच्चे तेल को रिफाइनरी तक लाने और उसे प्रोसेस करने की मूल लागत, जो आमतौर पर कुल कीमत का लगभग 45 से 50 प्रतिशत होती है।केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Central Excise Duty): केंद्र सरकार द्वारा प्रत्येक लीटर पेट्रोल और डीजल पर लगाया जाने वाला फिक्स्ड टैक्स।डीलर कमीशन (Dealer Commission): पेट्रोल पंप संचालकों को पंप के रखरखाव, कर्मचारियों के वेतन और बिजली खर्च के लिए तेल कंपनियों द्वारा दिया जाने वाला तय कमीशन (लगभग ₹3 से ₹4 प्रति लीटर)।राज्य सरकार का वैट (State VAT): प्रत्येक राज्य सरकार अपनी राजस्व आवश्यकताओं के अनुसार ईंधन पर अलग-अलग प्रतिशत में वैट लगाती है। यही कारण है कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बॉर्डर्स पार करते ही पेट्रोल और डीजल के दामों में ₹5 से ₹10 प्रति लीटर तक का भारी अंतर देखने को मिलता है।घर बैठे अपने मोबाइल से केवल एक SMS भेजकर जानें अपने शहर का रेटसरकारी तेल कंपनियों ने ईंधन दरों की जानकारी को पूरी तरह पारदर्शी और सुलभ बना रखा है। यदि आप पेट्रोल पंप जाने से पहले अपने नजदीकी आउटलेट का सटीक रेट जानना चाहते हैं, तो बिना इंटरनेट के भी अपने फोन से केवल एक सामान्य टेक्स्ट मैसेज भेजकर ताजा भाव जान सकते हैं:इंडियन ऑयल (IOCL) के ग्राहक: अपने मैसेज बॉक्स में टाइप करें RSP पेट्रोल पंप का डीलर कोड और इसे 9224992249 पर भेज दें।भारत पेट्रोलियम (BPCL) के ग्राहक: अपने मोबाइल से RSP डीलर कोड लिखकर 9222201122 पर सेंड करें।हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के ग्राहक: अपने फोन से HPPRICE डीलर कोड लिखकर 9222201122 पर भेजें।मैसेज भेजते ही कुछ ही सेकंड्स में संबंधित तेल कंपनी की ओर से आपके फोन पर उस विशेष पेट्रोल पंप पर लागू पेट्रोल और डीजल के आधिकारिक प्रति लीटर रेट का एसएमएस प्राप्त हो जाएगा। प्रत्येक पेट्रोल पंप का डीलर कोड वहां डिस्पेंसिंग मशीन या बिलिंग काउंटर के पास बड़े अक्षरों में प्रदर्शित रहता है।
कोलकाता पंडाल हादसा: कुणाल घोष बोले- चोरबागान भगदड़ में हुई मौतें प्रशासन की विफलता; सरकार से की क्या मांग? kolkata-chorbagan-durga-puja-pandal-stampede-TMC-kunal-ghosh-administration-failure-political-reaction-updates
त्योहारी सीजन के बीच रसोई का बजट संभालने वाले करोड़ों परिवारों के लिए घरेलू रसोई गैस (LPG) के ताजा भाव जारी हो गए हैं। सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs)—इंडियन ऑयल (Indane), भारत पेट्रोलियम (Bharat Gas) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HP Gas)—ने 18 अक्टूबर 2026 को 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैर-सब्सिडी एलपीजी सिलेंडर के खुदरा विक्रय मूल्य (RSP) की दरें अपडेट कर दी हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और एलपीजी इनपुट लागत की समीक्षा के बाद घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में आम उपभोक्ताओं के लिए स्थिरता बनी हुई है। दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, कानपुर और देश के सभी प्रमुख महानगरों में आज घरेलू गैस सिलेंडर किस भाव पर मिल रहा है, इसका पूरा ब्योरा सामने आ चुका है।18 अक्टूबर 2026: देश के 4 प्रमुख महानगरों में 14.2 किलो सिलेंडर के रेटदेश के प्रमुख मेट्रो शहरों में स्थानीय टैक्स, वैट और ट्रांसपोर्टेशन लागत के अंतर के चलते गैस सिलेंडर के दाम अलग-अलग होते हैं। आज चार बड़े महानगरों में 14.2 किलोग्राम घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें इस प्रकार हैं:महानगर (Metro City)14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर का भावनई दिल्ली (New Delhi)₹942.00मुंबई (Mumbai)₹941.50कोलकाता (Kolkata)₹968.00चेन्नई (Chennai)₹957.50लखनऊ, कानपुर और यूपी के प्रमुख शहरों में आज क्या हैं एलपीजी के दाम?उत्तर प्रदेश में स्थानीय परिवहन और लॉजिस्टिक्स शुल्कों के कारण जिलों के स्तर पर मामूली अंतर देखने को मिलता है। राजधानी लखनऊ में घरेलू गैस सिलेंडर ₹979.50 पर स्थिर बना हुआ है। यूपी के प्रमुख जनपदों में 14.2 किलो सिलेंडर की आज की दरें नीचे दी गई हैं:लखनऊ (Lucknow): ₹979.50कानपुर नगर (Kanpur Urban): ₹957.00कानपुर देहात (Kanpur Rural): ₹959.50प्रयागराज (Prayagraj): ₹994.50वाराणसी (Varanasi): ₹1,005.50नोएडा / ग्रेटर नोएडा (Gautam Buddha Nagar): ₹939.50गाजियाबाद (Ghaziabad): ₹939.50मेरठ (Meerut): ₹939.50गोरखपुर (Gorakhpur): ₹1,004.00आगरा (Agra): ₹951.00बरेली (Bareilly): ₹960.00अयोध्या / फैजाबाद (Faizabad): ₹1,004.50प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत मिलने वाली सीधी सब्सिडीसामान्य उपभोक्ताओं के लिए जहां गैस सिलेंडर बाजार भाव (RSP) पर बिकता है, वहीं केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' के तहत पंजीकृत गरीब परिवारों को सीधी लक्षित सब्सिडी (Targeted Subsidy) दी जाती है।केंद्र सरकार की ओर से उज्ज्वला योजना के पात्र लाभार्थियों को प्रति 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर ₹300 की नकद सब्सिडी सीधे उनके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी जाती है।इसका सीधा अर्थ है कि यदि दिल्ली में सामान्य उपभोक्ता ₹942.00 का भुगतान करता है, तो सब्सिडी रिफंड के बाद उज्ज्वला लाभार्थी के लिए प्रभावी लागत मात्र ₹642.00 पड़ती है।इसी प्रकार लखनऊ में ₹979.50 के बाजार भाव के मुकाबले सब्सिडी के बाद उज्ज्वला परिवारों को सिलेंडर लगभग ₹679.50 का पड़ता है। एक वित्तीय वर्ष में परिवार को अधिकतम 12 रिफिल सिलेंडरों पर यह सब्सिडी मिलती है।19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर का क्या है ताजा हाल?घरेलू एलपीजी की कीमतों में जहां स्थिरता बनी हुई है, वहीं होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और हलवाई कारोबारियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर (Commercial LPG) के दाम हर महीने की पहली तारीख को अंतरराष्ट्रीय गैस बेंचमार्क के अनुसार संशोधित किए जाते हैं। वर्तमान में दिल्ली में 19 किलो का व्यावसायिक सिलेंडर ₹2,810.00 और लखनऊ में ₹2,932.50 के स्तर पर बिक रहा है। कमर्शियल सिलेंडर पर किसी भी प्रकार की सब्सिडी लागू नहीं होती है।घर बैठे अपने मोबाइल से अपने शहर का एलपीजी रेट कैसे चेक करें?गैस उपभोक्ता बिना किसी डीलर के पास जाए अपने स्मार्टफोन से रोजाना का सही और पारदर्शी मूल्य जांच सकते हैं:इंडियन ऑयल की आधिकारिक वेबसाइट: आप सीधे IOCL के आधिकारिक पोर्टल (iocl.com) पर जाकर 'Indane Cooking Gas Overview' सेक्शन में अपने शहर और पिनकोड का चयन कर ताजा रेट देख सकते हैं।इंडियनऑयल वन (IndianOil ONE) / उमंग (UMANG) ऐप: मोबाइल ऐप में लॉगिन करके बुकिंग के समय ही स्क्रीन पर देय राशि दिख जाती है।एसएमएस और वॉट्सऐप सर्विस: इंडेन, भारत गैस या एचपी गैस के अधिकृत वॉट्सऐप नंबर पर 'REFILL' या 'PRICE' लिखकर भेजने पर तुरंत उस दिन का आधिकारिक मूल्य और बुकिंग कंफर्मेशन प्राप्त हो जाता है।
Kolkata के चोरबागान Durga Puja पंडाल में मची भगदड़, आयोजकों समेत 7 गिरफ्तार
कोलकाता पुलिस ने चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ के सिलसिले में पूजा आयोजकों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। शनिवार को हुए इस हादसे में कम से कम 19 लोगों की मौत हुई है। पुलिस ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए गैर इरादतन हत्या का मामला भी दर्ज किया है। पुलिस ने घटना की जांच के सिलसिले में शनिवार रात 14 लोगों को हिरासत में लिया था। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। ये उन 14 लोगों में शामिल हैं, जिन्हें कल रात हिरासत में लिया गया था। कुछ और लोगों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है।’’उन्होंने कहा, ‘‘शवों की पहचान करने की प्रक्रिया जारी है।’’उत्तरी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम बारिश के बीच अचानक भीड़ बढ़ने से भगदड़ मच गई थी, जिसमें कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य लोग घायल हो गए।
24 घंटे, 5 राज्य और 49 मौतें: कोलकाता भगदड़ से लेकर ग्वालियर हादसे तक, त्योहारों के बीच पसरा मातम
बीते 24 घंटों में देशभर में हुए पांच भीषण हादसों ने त्योहारों की खुशियों को मातम में बदल दिया है। ग्वालियर, कोलकाता, बलरामपुर, कोटा और हैदराबाद में हुई इन घटनाओं में कई लोगों की जान गई और अनेक घायल हुए।
Jailer 2 Box Office Collection Day 3: रजनीकांत का बॉक्स ऑफिस पर तूफान, शनिवार को ₹144 करोड़ का आंकड़ा किया पारमेटा डिस्क्रिप्शन: रजनीकांत की एक्शन थ्रिलर फिल्म 'जेलर 2' (Jailer 2) ने तीसरे दिन शनिवार को बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्डतोड़ कमाई की है। जानिए फिल्म के घरेलू और वर्ल्डवाइड कलेक्शन, ऑक्यूपेंसी और वीकेंड रिपोर्ट का पूरा ब्योरा।सिनेमाघरों में एक बार फिर 'थलाइवा' यानी सुपरस्टार रजनीकांत का जबर्दस्त जलवा देखने को मिल रहा है। निर्देशक नेल्सन दिलीपकुमार के निर्देशन में बनी बहुप्रतीक्षित एक्शन-थ्रिलर फिल्म 'जेलर 2' (Jailer 2) बॉक्स ऑफिस पर नोटों की बारिश कर रही है। गुरुवार और शुक्रवार को शानदार ओपनिंग लेने के बाद रिलीज के तीसरे दिन यानी पहले शनिवार को फिल्म ने अप्रत्याशित छलांग लगाई है। वीकेंड की छुट्टी का पूरा फायदा उठाते हुए फिल्म ने भारत और विदेशी बाजारों में कमाई के कई पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं और महज 3 दिनों के भीतर ₹144 करोड़ के कुल नेट कलेक्शन का आंकड़ा पार कर लिया है।शनिवार को सिनेमाघरों में सुनामी: तीसरे दिन तोबड़तोड़ कलेक्शनशुरुआती ट्रेड अनुमानों और बॉक्स ऑफिस डेटा के अनुसार, शनिवार को फिल्म के घरेलू कलेक्शन में 40 प्रतिशत से अधिक की जबर्दस्त उछाल दर्ज की गई। शुक्रवार को जहां फिल्म ने कार्यदिवस होने के बावजूद मजबूत पकड़ बनाए रखी थी, वहीं शनिवार सुबह के पहले शो से ही थिएटर्स हाउसफुल नजर आए। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के साथ-साथ उत्तर भारत के मल्टीप्लेक्सों में भी दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी। तीसरे दिन फिल्म ने भारत में सभी भाषाओं (तमिल, तेलुगु, हिंदी और कन्नड़) को मिलाकर लगभग ₹52 करोड़ से ₹55 करोड़ का धुआंधार नेट कलेक्शन किया, जिसके साथ ही भारत में इसका 3 दिनों का कुल नेट कलेक्शन ₹144.50 करोड़ के पार पहुंच गया।ऑक्यूपेंसी और शोज: सिंगल स्क्रीन से लेकर मल्टीप्लेक्स तक हाउसफुलशनिवार को फिल्म की ओवरऑल तमिल ऑक्यूपेंसी 78 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई, जबकि शाम और रात के शोज में यह आंकड़ा 90 प्रतिशत के पार चला गया। चेन्नई, कोयंबटूर, मदुरै और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में थिएटर मालिकों को दर्शकों की भारी मांग के चलते देर रात और तड़के सुबह के एक्स्ट्रा स्पेशल शोज जोड़ने पड़े। वहीं हैदराबाद और विजयवाड़ा में तेलुगु डब वर्जन को लेकर दर्शकों का क्रेज चरम पर रहा, जहां ऑक्यूपेंसी 70 प्रतिशत से ऊपर बनी रही। दिल्ली-एनसीआर और मुंबई जैसे हिंदी भाषी क्षेत्रों में भी वर्ड-ऑफ-माउथ का असर दिखा और मल्टीप्लेक्सों में दोपहर के बाद के सभी प्रमुख शोज पूरी तरह पैक रहे।वर्ल्डवाइड कलेक्शन: 3 दिनों में ₹250 करोड़ ग्रॉस क्लब की ओर कदमघरेलू बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाने के साथ-साथ 'जेलर 2' ओवरसीज मार्केट में भी नया इतिहास रच रही है। संयुक्त राज्य अमेरिका (USA), ब्रिटेन (UK), खाड़ी देशों (UAE/GCC), मलेशिया और सिंगापुर में थलाइवा का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। विदेशी बॉक्स ऑफिस से मिले शुरुआती रुझानों को जोड़ दिया जाए, तो फिल्म का 3 दिनों का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन ₹230 करोड़ से ₹250 करोड़ के करीब पहुंच चुका है। ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि यह फिल्म इस साल की सबसे तेज गति से वैश्विक स्तर पर ₹300 करोड़ क्लब में शामिल होने वाली भारतीय फिल्मों की सूची में शीर्ष पर पहुंच जाएगी।रजनीकांत का स्वैग और नेल्सन का निर्देशन: क्यों दर्शकों को पसंद आ रही फिल्म?'जेलर' के पहले भाग की जबरदस्त सफलता के बाद सीक्वल को लेकर प्रशंसकों में भारी उम्मीदें थीं और फिल्म उन उम्मीदों पर पूरी तरह खरी उतरी है। रिटायर्ड जेलर 'टाइगर मुथुवेल पांडियन' के रूप में रजनीकांत की स्क्रीन प्रजेंस, उनका धीमा और खतरनाक स्वैग, और पंच डायलॉग्स दर्शकों को सिनेमाघरों में सीटियां और तालियां बजाने पर मजबूर कर रहे हैं। नेल्सन दिलीपकुमार का चुस्त स्क्रीनप्ले, फिल्म का डार्क ह्यूमर और अनिरुद्ध रविचंदर का रोंगटे खड़े कर देने वाला बैकग्राउंड म्यूजिक (BGM) फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी बनकर उभरा है। इसके अलावा फिल्म में रखे गए सरप्राइज कैमियो और जबरदस्त एक्शन सीन्स ने सोशल मीडिया पर जबर्दस्त हाइप बना दी है।रविवार को टूटेगा कमाई का महा-रिकॉर्ड: ₹200 करोड़ की ओर नजरेंशनिवार के इस तूफानी प्रदर्शन के बाद अब फिल्म इंडस्ट्री और ट्रेड पंडितों की निगाहें पहले रविवार पर टिकी हुई हैं। रविवार के लिए एडवांस बुकिंग के आंकड़े शनिवार की तुलना में भी 25 प्रतिशत अधिक मजबूत दिखाई दे रहे हैं। यदि रविवार को भी यही रफ्तार जारी रहती है, तो 'जेलर 2' अपने पहले 4 दिनों के विस्तारित वीकेंड में केवल भारत के घरेलू बॉक्स ऑफिस से ही ₹200 करोड़ नेट का जादुई मील का पत्थर पार करने की पूरी ताकत रखती है। रजनीकांत ने 70 से अधिक की उम्र में एक बार फिर साबित कर दिया है कि बॉक्स ऑफिस के असली 'कमांडर' और 'सुपरस्टार' वही हैं।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र का नियोजित और संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में उत्तरकाशी के बर्नीगाड़ क्षेत्र में 218 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं ...
कैंसर मरीजों को बड़ी राहत: 137 दवाइयां होंगी 70% तक सस्ती, NPPA ने मुनाफे पर लगाई 30% की सख्त कैप
देश भर में कैंसर जैसी घातक और लंबे समय तक चलने वाली जानलेवा बीमारी से जूझ रहे लाखों मरीजों और उनके परिवारों के लिए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक और मानवीय राहत भरा फैसला लिया है। अक्सर कैंसर के इलाज में दवाओं और इंजेक्शन के भारी-भरकम बिलों के कारण मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों की जिंदगी भर की जमा-पूंजी समाप्त हो जाती है और वे गंभीर कर्ज के जाल में फंस जाते हैं। इस मानवीय और स्वास्थ्य संकट को दूर करने के लिए केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण यानी एनपीपीए (NPPA) ने कड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाली 137 गैर-अनुसूचित (Non-Scheduled) एंटी-कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन (Trade Margin Rationalisation - TMR) की ऊपरी सीमा को 30 प्रतिशत पर सीमित (Cap) कर दिया है। सरकार के इस कड़े नीतिगत हस्तक्षेप के बाद आगामी 9 नवंबर से इन जीवनरक्षक कैंसर दवाओं की अधिकतम खुदरा कीमतों (MRP) में 70 प्रतिशत तक की भारी गिरावट देखने को मिलेगी।30% ट्रेड मार्जिन कैप क्या है और यह फॉर्मूला कैसे काम करेगा?अब तक गैर-अनुसूचित दवाओं के मामले में दवा कंपनियां, थोक वितरक (स्टॉकिस्ट्स) और निजी अस्पताल अपनी मर्जी से कई सौ प्रतिशत तक का भारी-भरकम ट्रेड मार्जिन जोड़कर एमआरपी तय करते थे। कई बार जिस इंजेक्शन या दवा की लागत कंपनी के स्तर पर ₹1,000 होती थी, उस पर बिचौलियों का मनमाना कमीशन जोड़कर मरीजों को ₹8,000 से ₹10,000 तक में बेचा जाता था। एनपीपीए ने ड्रग्स (प्राइसेज कंट्रोल) ऑर्डर, 2013 (DPCO 2013) के पैरा 19 के तहत प्रदत्त जनहित की आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करते हुए इस अनियंत्रित मुनाफे पर ताला लगा दिया है। नए फॉर्मूले के तहत, किसी भी दवा की एमआरपी (MRP) प्रथम डिस्ट्रीब्यूटर को बेचे गए मूल्य (Price to Stockist - PTS) पर अधिकतम 30 प्रतिशत ट्रेड मार्जिन जोड़कर ही तय की जा सकती है। इसे सरल उदाहरण से ऐसे समझें: यदि किसी कैंसर-रोधी वायल का प्राइस टू स्टॉकिस्ट (PTS) ₹70 है, तो उस पर अधिकतम 30% मार्जिन (₹30) और लागू वस्तु एवं सेवा कर (GST) जोड़कर उसकी अंतिम एमआरपी ₹100 से अधिक किसी भी स्थिति में नहीं रखी जा सकेगी।किन-किन गंभीर कैंसर की प्रमुख दवाओं पर पड़ेगा सीधा असर?स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के अंतर्गत देश के शीर्ष ऑन्कोलॉजिस्ट्स, कैंसर सर्जनों, मेडिकल विशेषज्ञों और अस्पताल प्रशासकों की एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति ने इन 137 आवश्यक दवाओं की सूची तैयार की है। यह सूची 20 से अधिक प्रकार के कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली थेरेपी को कवर करती है। इस सूची में विशेष रूप से शामिल की गई प्रमुख दवाएं:इम्यूनोथेरेपी और टार्गेटेड थेरेपी: पेम्ब्रोलिज़ुमैब (Pembrolizumab), डुरवालुमैब (Durvalumab), एटेजोलिज़ुमैब (Atezolizumab) और ओसिमर्टिनिब (Osimertinib) जैसे आधुनिक और अत्यधिक महंगे मॉलिक्यूल्स।ब्रेस्ट और प्रोस्टेट कैंसर की दवाएं: डेनोसुमैब (Denosumab), जो ब्रेस्ट और प्रोस्टेट कैंसर के मरीजों में हड्डियों की सुरक्षा के लिए दी जाती है।कोलन, ओवेरियन और सर्वाइकल कैंसर: बेवाकिज़ुमैब (Bevacizumab) जैसी एंटी-कैंसर दवाएं।कीमोथेरेपी सपोर्ट ड्रग्स: पेगफिल्ग्रास्टिम (Pegfilgrastim), जो कीमोथेरेपी के दौरान मरीजों में सफेद रक्त कोशिकाओं (WBC) की कमी यानी न्यूट्रोपेनिया को रोकने में बेहद अहम मानी जाती है। इन दवाओं के सस्ते होने से दिल्ली स्थित एम्स (AIIMS), लखनऊ के केजीएमयू (KGMU) व कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान, मुंबई के टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल से लेकर देश के तमाम सरकारी व निजी अस्पतालों में कीमोथेरेपी करा रहे मरीजों के हर चक्र (Cycle) के खर्च में हजारों-लाखों रुपयों की बचत होगी।2019 के पायलट प्रोजेक्ट की बड़ी कामयाबी का हुआ विस्तारयह पहली बार नहीं है जब सरकार ने कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन सीमित किया है। इससे पहले साल 2019 में एनपीपीए ने एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 42 गैर-अनुसूचित एंटी-कैंसर दवाओं पर 30% ट्रेड मार्जिन कैप लागू किया था। उस ऐतिहासिक कदम का नतीजा यह निकला था कि बाजार में मौजूद 526 प्रमुख ब्रांड्स की कीमतों में 90 प्रतिशत तक की जबर्दस्त गिरावट दर्ज की गई थी, जिससे मरीजों को सालाना लगभग ₹1,000 करोड़ की बचत हुई थी। उसी सफल मॉडल को विस्तार देते हुए अब 137 आधुनिक और उच्च लागत वाली दवाओं को इस सुरक्षा घेरे में लाया गया है।दवा कंपनियों, स्टॉकिस्ट्स और अस्पतालों के लिए सख्त समयसीमासरकारी अधिसूचना जारी होने के बाद सभी हितधारकों के लिए कड़े अनुपालन निर्देश तय कर दिए गए हैं:संशोधित मूल्य सूची जमा करना: सभी घरेलू व बहुराष्ट्रीय दवा निर्माताओं और आयातकों को गैजेट अधिसूचना जारी होने के 7 दिनों के भीतर अपने सभी 137 फॉर्मूलेशन की संशोधित एमआरपी की गणना कर एनपीपीए और राज्य दवा नियंत्रकों (State Drug Controllers) को ऑनलाइन सौंपनी होगी।सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने का आदेश: कंपनियों को नई मूल्य सूची अपनी वेबसाइटों पर जारी करनी होगी और सभी अधिकृत वितरकों व अस्पतालों को भेजनी होगी।अस्पतालों की अनिवार्य जिम्मेदारी: चूंकि कैंसर दवाओं का एक बड़ा हिस्सा सीधे अस्पतालों की फार्मेसी से दिया जाता है, इसलिए सभी निजी और कॉरपोरेट अस्पतालों को 9 नवंबर से अपने परिसर के बिलिंग काउंटरों और आधिकारिक वेबसाइटों पर इन घटी हुई कीमतों का डिस्प्ले बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा।सप्लाई की निरंतरता: किसी भी कंपनी को मनमाने तरीके से दवाओं का उत्पादन या आयात बंद करने की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई कंपनी उत्पादन बंद करना चाहती है, तो उसे 6 महीने पहले सरकार को पूर्व सूचना देनी होगी ताकि बाजार में कृत्रिम कमी न पैदा हो सके।मरीज और उनके परिजन कैसे चेक कर सकेंगे सही रेट?एनपीपीए ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म को मजबूत किया है। 9 नवंबर से जब भी मरीज या उनके तीमारदार किसी मेडिकल स्टोर या अस्पताल से कैंसर की दवाएं खरीदें, तो वे केंद्र सरकार के आधिकारिक मोबाइल ऐप 'फार्मा सही दाम' (Pharma Sahi Daam App) या एनपीपीए के ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर संबंधित दवा के साल्ट और ब्रांड का सीलिंग रेट देख सकते हैं। यदि कोई अस्पताल या मेडिकल स्टोर पुरानी छपी हुई एमआरपी पर अधिक कीमत वसूलता है, तो उसी ऐप के जरिए सीधे शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी। राज्य औषधि प्रशासन की प्रवर्तन टीमें औचक निरीक्षण करेंगी और अधिक वसूली करने वाले संस्थानों से ब्याज सहित अतिरिक्त राशि जब्त कर कानूनी मुकदमा दर्ज करेंगी।
कोलकाता भगदड़ से सबक! यूपी में दुर्गा पंडालों की सुरक्षा पर CM योगी के कड़े निर्देश
कोलकाता के चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के बाद उत्तर प्रदेश सरकार अलर्ट हो गई है. पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस कप्तानों और कमिश्नरों को सख्त निर्देश दिए हैं. प्रशासन ने पंडालों की अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा और आपातकालीन निकास व्यवस्था की जांच के निर्देश दिए हैं.
दिवाली के बाद होगा मंगल का बड़ा गोचर, 4 राशियों की चमकेगी किस्मत
Mangal Gochar November 2026: नवंबर 2026 में मंगल सिंह राशि में गोचर करेंगे. ज्योतिष के अनुसार, मेष, सिंह समेत 4 राशियों को धन लाभ, करियर में तरक्की और कारोबार में नए अवसर मिल सकते हैं. जानें मंगल गोचर की तारीख और किन राशियों को होगा फायदा.
देश के एफएमसीजी (FMCG) और पैकेज्ड फूड बाजार में खाद्य सुरक्षा और भ्रामक विज्ञापनों को लेकर सर्वोच्च नियामक ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने देश की दो सबसे दिग्गज बहुराष्ट्रीय कंपनियों—हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) और नेस्ले इंडिया (Nestl India)—को उनके प्रमुख उत्पादों पर भ्रामक स्वास्थ्य दावों और अनिवार्य विनियामक मंजूरियों की अनदेखी के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के कड़े मानकों की अनदेखी करने वाली कंपनी मैसर्स बाला जी फूड प्रोडक्ट्स (Bala Ji Food Products) का विनिर्माण लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। नियामक के इस बड़े कदम ने पूरे पैकेज्ड फूड, हेल्थ सप्लीमेंट और न्यूट्रिशन इंडस्ट्री में हड़कंप मचा दिया है।हॉर्लिक्स पर भ्रामक दावों को लेकर HUL को FSSAI का नोटिसFSSAI की ओर से हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड को जारी नोटिस उसके लोकप्रिय हेल्थ ड्रिंक 'हॉर्लिक्स मदर्स प्लस केसर' (Horlicks Mother's Plus Kesar 400g) से जुड़ा हुआ है। नियामक ने अपनी जांच में पाया कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और उत्पाद की पैकेजिंग पर गैर-प्रमाणित और अत्यधिक भ्रामक स्वास्थ्य दावे (Misleading Claims) किए जा रहे थे। उत्पाद के नाम और विवरण के साथ 'गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान बच्चे के जन्म के सही वजन (Birth Weight) के लिए प्रोटीन और दिमागी विकास के लिए डीएचए' जैसे दावों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया था। इसके अलावा विज्ञापनों में 'हेल्दी मसल्स' (Healthy Muscles) शब्द का प्रयोग किया गया था, जो खाद्य सुरक्षा और मानक (विज्ञापन और दावे) विनियमों के तहत 'हेल्दी' शब्द के वैधानिक उपयोग की शर्तों का सीधा उल्लंघन करता है। FSSAI ने HUL को सख्त निर्देश दिया है कि वह निर्धारित समयसीमा के भीतर यह स्पष्ट करे कि इन अप्रमाणित दावों के जरिए उपभोक्ताओं को भ्रमित करने पर उसके खिलाफ दंडात्मक कानूनी कार्रवाई क्यों न की जाए।बिना पूर्व अनुमति बिक रहा था नेस्ले का रिसोर्स रीनल पाउडरदूसरी तरफ, दुनिया की सबसे बड़ी फूड कंपनियों में शुमार नेस्ले इंडिया भी FSSAI के कड़े रडार पर आ गई है। नेस्ले इंडिया को उसके न्यूट्रिशन सप्लीमेंट 'नेस्ले रिसोर्स रीनल' (Resource Renal Vanilla Flavoured Powder) के संबंध में नोटिस जारी किया गया है। यह उत्पाद मुख्य रूप से क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) यानी गुर्दे की गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों के आहार प्रबंधन (Dietary Management) के लिए बाजार में बेचा जा रहा था। जांच में सामने आया कि किसी विशेष मेडिकल उद्देश्य वाले खाद्य उत्पाद (FSMP) को भारतीय बाजार में उतारने के लिए नियामक से जो अनिवार्य पूर्व मंजूरी (Prior Approval) और विशिष्ट लेबलिंग क्लीयरेंस लेना जरूरी होता है, नेस्ले ने वह प्रक्रिया पूरी ही नहीं की थी। FSSAI ने स्पष्ट किया कि अनिवार्य विनियामक अनुमोदन के अभाव में यह उत्पाद गैर-अनुपालन (Non-compliant) की श्रेणी में आता है, जिससे किडनी जैसी संवेदनशील बीमारी के मरीजों के स्वास्थ्य को लेकर जोखिम पैदा हो सकता है।बाला जी फूड प्रोडक्ट्स का लाइसेंस सस्पेंड, सुखदर्शन फार्मा पर भी गिरी गाजबड़े ब्रांड्स को नोटिस थमाने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले खाद्य कारोबारियों पर FSSAI ने सीधी कार्रवाई की है। नियामक ने गंभीर सुरक्षा उल्लंघनों, अस्वच्छ परिस्थितियों और मानकों की अवहेलना के चलते मैसर्स बाला जी फूड प्रोडक्ट्स (M/s Bala Ji Food Products) और मैसर्स सुखदर्शन फार्मा (M/s Sukhdarshan Pharma) के फूड लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिए हैं। बाला जी फूड प्रोडक्ट्स को निर्देश दिया गया है कि वह अपनी यूनिट में उत्पादन, पैकेजिंग, भंडारण और वितरण की सभी गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दे। यदि कंपनी बिना लाइसेंस बहाली के किसी भी उत्पाद का निर्माण या बिक्री करती पाई गई, तो संबंधित प्रमोटरों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।पैकेज्ड फूड और सप्लीमेंट्स पर FSSAI का देशव्यापी सख्त अभियानत्योहारी सीजन के दौरान खाद्य उत्पादों की भारी मांग को देखते हुए नियामक ने देशव्यापी स्तर पर मॉनिटरिंग बेहद तेज कर दी है। हाल के दिनों में जहां प्रियागोल्ड बिस्किट में पशु चारे वाले चोकर के इस्तेमाल पर सूर्या फूड एंड एग्रो, घटिया दूध पर डोडला डेयरी और कीटनाशक अवशेषों पर यूईआईआर ऑर्गेनिक के खिलाफ कानूनी मुकदमे की मंजूरी दी गई है, वहीं अब हॉर्लिक्स और नेस्ले जैसे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स पर कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि नियमों के मामले में कोई भी कंपनी कानून से ऊपर नहीं है। FSSAI ने सभी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स (Blinkit, Zepto, Flipkart, BigBasket) को भी सख्त चेतावनी दी है कि वे अपने पोर्टल्स से ऐसे सभी हेल्थ ड्रिंक्स और सप्लीमेंट्स के भ्रामक दावों को तुरंत हटाएं, जिनके पास वैज्ञानिक प्रमाणन या वैध लेबलिंग अप्रूवल मौजूद नहीं है।जागरूक उपभोक्ता के तौर पर क्या सावधानियां बरतें?राजधानी लखनऊ, कानपुर, दिल्ली-एनसीआर सहित देश के किसी भी शहर में रहने वाले जागरूक नागरिकों को हेल्थ सप्लीमेंट्स या डिब्बाबंद फूड प्रोडक्ट्स खरीदते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए:भ्रामक दावों के बहकावे में न आएं: किसी भी पाउडर, ड्रिंक या फूड पर लिखे 'सुपर हेल्थ', 'मिरेकल ग्रोथ' या 'क्विक रिकवरी' जैसे दावों को अंतिम सच न मानें।FSSAI अप्रूवल और कैटेगरी कोड जांचें: गंभीर बीमारियों (जैसे डायबिटीज या किडनी रोग) के लिए विशेष पोषण सप्लीमेंट खरीदने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें और देखें कि उत्पाद पर वैध FSSAI लाइसेंस नंबर व श्रेणी अंकित है या नहीं।शिकायत कहां दर्ज कराएं: यदि आपको किसी ब्रांड के पैकेजिंग दावों में विसंगति दिखाई दे या उत्पाद की गुणवत्ता पर संदेह हो, तो FSSAI के आधिकारिक ऐप 'फूड सेफ्टी कनेक्ट' (Food Safety Connect App) पर तुरंत ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं ताकि संबंधित बैच की लैब जांच कराई जा सके।
हादसों की रात्रि: कोलकाता, ग्वालियर, नासिक से यूपी तक दुर्गा पूजा पर 6 शहरों में हादसे, 43 मौतें
कल रात देश के अलग-अलग हिस्सों में पांच बड़े हादसे हुए, जिनमें करीब 42 लोगों की जान चली गई. कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़, ग्वालियर में ट्रक हादसा से लेकर आसनसोल में चिमनी गिरने की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया.
दैनिक चाय-नाश्ते, वीकेंड आउटिंग और छोटे-मोटे गैर-जरूरी खर्चों में कटौती करके यदि कोई व्यक्ति हर महीने मात्र ₹5,000 बचाने का संकल्प ले ले, तो यह छोटी-सी बचत आने वाले समय में उसे करोड़पति बना सकती है। अक्सर लोग यह मान बैठते हैं कि संपत्ति निर्माण (Wealth Creation) केवल लाखों रुपये कमाने वाले उद्योगपतियों या बड़े अधिकारियों के बस की बात है, लेकिन आधुनिक वित्तीय बाजार का सबसे क्रांतिकारी हथियार 'सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान' (SIP) इस सोच को पूरी तरह गलत साबित करता है। इक्विटी म्यूचुअल फंड में अनुशासित तरीके से किया गया छोटा निवेश चक्रवृद्धि ब्याज यानी कंपाउंडिंग (Power of Compounding) के दम पर समय के साथ एक विशाल वित्तीय सुरक्षा कवच तैयार कर देता है।SIP और कंपाउंडिंग का गणित: ₹5,000 से कैसे बनती है विशाल संपत्ति?म्यूचुअल फंड में एसआईपी के जरिए निवेश करने पर आपका पैसा केवल साधारण ब्याज नहीं कमाता, बल्कि आपके रिटर्न पर भी रिटर्न बनता है। भारतीय शेयर बाजार (Nifty 50 और ब्रॉड मार्केट इंडेक्स) ने ऐतिहासिक रूप से 10 से 15 साल की लंबी अवधि में औसतन 12% का वार्षिक चक्रवृद्धि रिटर्न (CAGR) दिया है। मासिक एसआईपी के भविष्य के मूल्य (Future Value) की गणना का मानक वित्तीय सूत्र निम्नलिखित है:$$FV = P imes frac{(1 + r)^n - 1}{r} imes (1 + r)$$यहाँ $P$ मासिक निवेश राशि (₹5,000) है, $r$ मासिक ब्याज दर ($12\% div 12 div 100 = 0.01$) है, और $n$ कुल महीनों की संख्या है। जब आप शुरुआती सालों में निवेश करते हैं, तो आपकी जमा पूंजी ज्यादा दिखती है और रिटर्न कम; लेकिन जैसे-जैसे समय 10 या 15 साल के पार पहुंचता है, अर्जित ब्याज आपकी मूल पूंजी से कहीं अधिक बड़ा हो जाता है।5, 10 और 20 साल का पूरा हिसाब: किस अवधि में कितना मिलेगा फंड?यदि आप प्रति माह ₹5,000 की निरंतर एसआईपी जारी रखते हैं और आपको 12% का औसत वार्षिक रिटर्न मिलता है, तो विभिन्न अवधियों में बनने वाले फंड का विस्तृत ब्योरा नीचे दिया गया है:निवेश अवधि (समय)कुल जमा की गई पूंजी (Your Investment)12% पर अनुमानित अर्जित लाभ (Wealth Gain)कुल मैच्योरिटी फंड (Expected Corpus)5 वर्ष (60 माह)₹3,00,000₹1,12,432~₹4,12,432 (लगभग ₹4.12 लाख)10 वर्ष (120 माह)₹6,00,000₹5,61,695~₹11,61,695 (लगभग ₹11.62 लाख)15 वर्ष (180 माह)₹9,00,000₹16,22,880~₹25,22,880 (लगभग ₹25.23 लाख)20 वर्ष (240 माह)₹12,00,000₹37,95,740~₹49,95,740 (लगभग ₹50 लाख)बाजार के उतार-चढ़ाव के अनुसार रिटर्न में बदलाव का असर:10% वार्षिक रिटर्न (कंजर्वेटिव दृष्टिकोण) पर: 10 साल में कुल फंड ₹10.33 लाख और 20 साल में ₹37.97 लाख बनेगा।14% वार्षिक रिटर्न (एग्रेसिव दृष्टिकोण) पर: 10 साल में कुल फंड ₹13.10 लाख और 20 साल में ₹65.82 लाख के पार पहुंच जाएगा।यदि इस ₹5,000 की SIP को 25 साल तक निर्बाध चलने दिया जाए, तो 12% की दर से आपकी कुल जमा पूंजी मात्र ₹15 लाख होगी, जबकि कुल फंड ₹99.91 लाख यानी लगभग ₹1 करोड़ बन जाएगा।इंटरएक्टिव SIP वेल्थ कैलकुलेटर: समय के साथ ऐसे बढ़ेगा आपका कॉर्पसनीचे दिए गए सिमुलेशन विजेट के जरिए आप मासिक निवेश राशि, अपेक्षित रिटर्न की दर और समय क्षितिज (Years) को एडजस्ट करके लाइव देख सकते हैं कि आपकी संपत्ति किस तरह विस्तार लेती है:स्टेप-अप SIP का जादुई फॉर्मूला: 20 साल में ₹1 करोड़ का पड़ाव कैसे पार करें?यदि आप 20 साल में ₹50 लाख के बजाय ₹1 करोड़ से अधिक का कोष बनाना चाहते हैं, तो आपको अपनी शुरुआती बचत में बहुत भारी बढ़ोतरी करने की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए सबसे कारगर तरीका है '10% एनुअल स्टेप-अप SIP' (Step-Up SIP)। हर साल वेतन वृद्धि या आय बढ़ने के साथ अपनी मासिक एसआईपी में केवल 10% की बढ़ोतरी करें (जैसे पहले साल ₹5,000, दूसरे साल ₹5,500, तीसरे साल ₹6,050)। इस 10% स्टेप-अप फॉर्मूले का प्रभाव देखिए:20 वर्षों में आपकी जेब से कुल जमा पूंजी लगभग ₹34.36 लाख जाएगी।12% के औसत रिटर्न पर 20 साल के अंत में आपका कुल कॉर्पस ₹1.03 करोड़ के पार पहुंच जाएगा। यानी सिर्फ थोड़ी-सी अनुशासित वृद्धि आपके अंतिम फंड को दोगुना कर देती है।₹5,000 की SIP के लिए सही फंड का चयन कैसे करें?म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय सारा पैसा किसी एक ही जोखिम भरे फंड में लगाने की गलती न करें। ₹5,000 के मासिक बजट को संतुलित और जोखिम-मुक्त विकास के लिए इस प्रकार विभाजित किया जा सकता है:लार्ज कैप / Nifty 50 इंडेक्स फंड (₹2,500 - 50%): यह देश की शीर्ष 50 ब्लूचिप कंपनियों में निवेश करता है, जिससे आपके पोर्टफोलियो को ठोस स्थिरता और बाजार के अनुरूप सुरक्षित रिटर्न मिलता है।फ्लेक्सी कैप फंड (₹1,500 - 30%): फंड मैनेजर को बाजार के अवसरों के अनुसार लार्ज, मिड और स्मॉल कैप में पूंजी लगाने की पूरी आजादी होती है, जिससे अतिरिक्त अल्फा रिटर्न जनरेट होता है।मिड कैप फंड (₹1,000 - 20%): तेजी से बढ़ती मझोली कंपनियों में लंबी अवधि के दौरान हाई-ग्रोथ रिटर्न हासिल करने के लिए यह हिस्सा आदर्श माना जाता है।नए निवेशकों के लिए 3 जरूरी वित्तीय सावधानियांबाजार गिरने पर कभी SIP न रोकें: जब शेयर बाजार में गिरावट आती है, तो नेट एसेट वैल्यू (NAV) सस्ती हो जाती है। ऐसे समय में आपकी ₹5,000 की किस्त में अधिक यूनिट्स अलॉट होती हैं, जिसे 'रुपी कॉस्ट एवरेजिंग' कहा जाता है। गिरावट के समय एसआईपी चालू रखना ही भविष्य में बंपर मुनाफे की नींव रखता है।इमरजेंसी फंड अलग रखें: अपने 6 महीने के अनिवार्य खर्चों को सेविंग्स अकाउंट या लिक्विड फंड में सुरक्षित रखें ताकि किसी मेडिकल इमरजेंसी या नौकरी के संकट के समय आपको अपनी चालू एसआईपी न तोड़नी पड़े।डायरेक्ट प्लान और ग्रोथ ऑप्शन चुनें: हमेशा म्यूचुअल फंड के 'Direct Plan - Growth' विकल्प में निवेश करें। रेगुलर प्लान में वितरकों का 1% से 1.5% कमीशन कटता है, जो 20 साल की अवधि में आपके अंतिम मुनाफे से ₹5 लाख से ₹8 लाख तक कम कर सकता है।यदि आप अपनी वर्तमान आय, उम्र और वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार इस एसआईपी योजना को और अधिक व्यक्तिगत बनाना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए विकल्पों के जरिए अतिरिक्त विवरण दर्ज कर सकते हैं:
बॉलीवुड एक्ट्रेस राखी सावंत के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है. 16 साल पुराने एक केस में ये वारंट जारी किया गया है.
देश भर में कैंसर जैसी घातक और जानलेवा बीमारी से जूझ रहे लाखों मरीजों और उनके परिवारों के लिए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक और बेहद राहत भरा कदम उठाया है। अक्सर कैंसर के महंगे इलाज और दवाओं के भारी-भरकम बिलों के कारण मध्यमवर्गीय व गरीब परिवारों की जीवनभर की जमा-पूंजी खत्म हो जाती है और वे गंभीर वित्तीय संकट में फंस जाते हैं। इस मानवीय और स्वास्थ्य संकट को दूर करने के लिए केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण यानी एनपीपीए (NPPA) ने एक असाधारण अधिसूचना जारी की है। प्राधिकरण ने बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाली 137 नॉन-शेड्यूल्ड एंटी-कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन (Trade Margin Rationalisation - TMR) की ऊपरी सीमा को 30 प्रतिशत पर सीमित (Cap) कर दिया है। सरकार के इस कड़े नीतिगत हस्तक्षेप के बाद आगामी 9 नवंबर 2026 से इन जीवनरक्षक कैंसर दवाओं की अधिकतम खुदरा कीमतों (MRP) में 70 प्रतिशत तक की भारी गिरावट देखने को मिलेगी।30% ट्रेड मार्जिन कैप क्या है और यह फॉर्मूला कैसे काम करेगा?अब तक नॉन-शेड्यूल्ड दवाओं के मामले में दवा कंपनियां, थोक वितरक (स्टॉकिस्ट्स) और निजी अस्पताल अपनी मर्जी से कई सौ प्रतिशत तक का भारी-भरकम ट्रेड मार्जिन जोड़कर एमआरपी तय करते थे। कई बार जिस इंजेक्शन या दवा की लागत कंपनी के स्तर पर ₹1,000 होती थी, उस पर मनमाना कमीशन जोड़कर मरीजों को ₹8,000 से ₹10,000 में बेचा जाता था।एनपीपीए ने ड्रग्स (प्राइसेज कंट्रोल) ऑर्डर, 2013 (DPCO 2013) के पैरा 19 के तहत प्रदत्त जनहित की आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करते हुए इस असीमित मुनाफे पर ताला लगा दिया है। नए फॉर्मूले के तहत, किसी भी दवा की एमआरपी (MRP) प्रथम डिस्ट्रीब्यूटर को बेचे गए मूल्य (Price to Stockist - PTS) पर अधिकतम 30 प्रतिशत ट्रेड मार्जिन जोड़कर ही तय की जा सकती है।इसे सरल उदाहरण से ऐसे समझें: यदि किसी कैंसर-रोधी वायल का प्राइस टू स्टॉकिस्ट (PTS) ₹70 है, तो उस पर अधिकतम 30% मार्जिन (₹30) और लागू वस्तु एवं सेवा कर (GST) जोड़कर उसकी अंतिम एमआरपी ₹100 से अधिक किसी भी स्थिति में नहीं रखी जा सकेगी।किन-किन गंभीर कैंसर की प्रमुख दवाओं पर पड़ेगा सीधा असर?स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के अंतर्गत देश के शीर्ष ऑन्कोलॉजिस्ट्स, कैंसर सर्जनों, मेडिकल विशेषज्ञों और अस्पताल प्रशासकों की एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति ने इन 137 आवश्यक दवाओं की सूची तैयार की है। यह सूची 20 से अधिक प्रकार के कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली थेरेपी को कवर करती है।इस सूची में विशेष रूप से शामिल की गई प्रमुख दवाएं:इम्यूनोथेरेपी और टार्गेटेड थेरेपी: पेम्ब्रोलिज़ुमैब (Pembrolizumab), डुरवालुमैब (Durvalumab), एटेजोलिज़ुमैब (Atezolizumab) और ओसिमर्टिनिब (Osimertinib) जैसे आधुनिक और अत्यधिक महंगे मॉलिक्यूल्स।ब्रेस्ट और प्रोस्टेट कैंसर की दवाएं: डेनोसुमैब (Denosumab), जो ब्रेस्ट और प्रोस्टेट कैंसर के मरीजों में हड्डियों की सुरक्षा के लिए दी जाती है।कोलन, ओवेरियन और सर्वाइकल कैंसर: बेवाकिज़ुमैब (Bevacizumab) जैसी एंटी-कैंसर दवाएं।कीमोथेरेपी सपोर्ट ड्रग्स: पेगफिल्ग्रास्टिम (Pegfilgrastim), जो कीमोथेरेपी के दौरान मरीजों में सफेद रक्त कोशिकाओं (WBC) की कमी यानी न्यूट्रोपेनिया को रोकने में बेहद अहम मानी जाती है।इन दवाओं के सस्ते होने से दिल्ली स्थित एम्स (AIIMS), लखनऊ के केजीएमयू (KGMU) व कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान, मुंबई के टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल से लेकर देश के तमाम सरकारी व निजी अस्पतालों में कीमोथेरेपी करा रहे मरीजों के हर चक्र (Cycle) के खर्च में हजारों-लाखों रुपयों की बचत होगी।2019 के पायलट प्रोजेक्ट की बड़ी कामयाबी का हुआ विस्तारयह पहली बार नहीं है जब सरकार ने कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन सीमित किया है। इससे पहले साल 2019 में एनपीपीए ने एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 42 गैर-अनुसूचित एंटी-कैंसर दवाओं पर 30% ट्रेड मार्जिन कैप लागू किया था। उस ऐतिहासिक कदम का नतीजा यह निकला था कि बाजार में मौजूद 526 प्रमुख ब्रांड्स की कीमतों में 90 प्रतिशत तक की जबर्दस्त गिरावट दर्ज की गई थी, जिससे मरीजों को सालाना लगभग ₹1,000 करोड़ की बचत हुई थी। उसी सफल मॉडल को विस्तार देते हुए अब 137 आधुनिक और उच्च लागत वाली दवाओं को इस सुरक्षा घेरे में लाया गया है।दवा कंपनियों, स्टॉकिस्ट्स और अस्पतालों के लिए सख्त समयसीमासरकारी अधिसूचना जारी होने के बाद सभी हितधारकों के लिए कड़े अनुपालन निर्देश तय कर दिए गए हैं:7 दिनों में संशोधित मूल्य सूची: सभी घरेलू व बहुराष्ट्रीय दवा निर्माताओं और आयातकों को गैजेट अधिसूचना जारी होने के 7 दिनों के भीतर अपने सभी 137 फॉर्मूलेशन की संशोधित एमआरपी की गणना कर एनपीपीए और राज्य दवा नियंत्रकों (State Drug Controllers) को ऑनलाइन सौंपनी होगी।सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने का आदेश: कंपनियों को नई मूल्य सूची अपनी वेबसाइटों पर जारी करनी होगी और सभी अधिकृत वितरकों व अस्पतालों को भेजनी होगी।अस्पतालों की अनिवार्य जिम्मेदारी: चूंकि कैंसर दवाओं का एक बड़ा हिस्सा सीधे अस्पतालों की फार्मेसी से दिया जाता है, इसलिए सभी निजी और कॉरपोरेट अस्पतालों को 9 नवंबर 2026 से अपने परिसर के बिलिंग काउंटरों और आधिकारिक वेबसाइटों पर इन घटी हुई कीमतों का डिस्प्ले बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा।सप्लाई की निरंतरता: किसी भी कंपनी को मनमाने तरीके से दवाओं का उत्पादन या आयात बंद करने की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई कंपनी उत्पादन बंद करना चाहती है, तो उसे 6 महीने पहले सरकार को पूर्व सूचना देनी होगी ताकि बाजार में कृत्रिम कमी न पैदा हो सके।मरीज और उनके परिजन कैसे चेक कर सकेंगे सही रेट?एनपीपीए ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म को मजबूत किया है। 9 नवंबर 2026 से जब भी मरीज या उनके तीमारदार किसी मेडिकल स्टोर या अस्पताल से कैंसर की दवाएं खरीदें, तो वे केंद्र सरकार के आधिकारिक मोबाइल ऐप 'फार्मा सही दाम' (Pharma Sahi Daam App) या एनपीपीए के ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर संबंधित दवा के साल्ट और ब्रांड का सीलिंग रेट देख सकते हैं। यदि कोई अस्पताल या मेडिकल स्टोर पुरानी छपी हुई एमआरपी पर अधिक कीमत वसूलता है, तो उसी ऐप के जरिए सीधे शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी। राज्य औषधि प्रशासन की प्रवर्तन टीमें औचक निरीक्षण करेंगी और अधिक वसूली करने वाले संस्थानों से ब्याज सहित अतिरिक्त राशि जब्त कर कानूनी मुकदमा दर्ज करेंगी।
मीठा छोड़ें, व्रत में बनाएं दही आलू की सब्जी और सिंघाड़े की पूड़ी
अगर आप भी व्रत में रोज-रोज वही मीठा और फलाहारी आलू, नमकीन खाकर बोर हो गए हैं तो यहां हम आपको दही आलू की रसेदार सब्जी और सिंघाड़ा पूड़ी बनाने का आसान तरीका बता रहे हैं जिससे आपका नवरात्रि लंच भी स्पेशल हो जाएगा.
SIR में जिनके नाम कट गए, उन्हें सता रहा जेल जाने का डर? फॉर्म-6 में बदलाव की उठी मांग
यह पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भी विचाराधीन है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ दिल्ली और अन्य राज्यों में फॉर्म 6 के इस्तेमाल से जुड़ी भ्रम की स्थिति पर सुनवाई कर रही है।
दिव्या भारती 90 के दशक की वो अदाकारा हैं, जिन्होंने चंद फिल्मों से सुपरस्टार का खिताब हासिल कर लिया. उन्होंने बॉलीवुड में ऐसी जगह बनाई कि आज भी उनकी छाप को कोई मिटा नहीं पाया. फिल्मों से लेकर गानों तक को आज भी खूब सुना जाता है.
शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न चाहने वाले निवेशकों के लिए 5 साल की बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) आज भी सबसे पसंदीदा विकल्प है। पांच साल की अवधि की एफडी न केवल आपके मूलधन को 100% सुरक्षा प्रदान करती है, बल्कि बैंकों की तिमाही चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) के दम पर लंबी अवधि में एक मजबूत वेल्थ कॉर्पस भी तैयार करती है। यदि आप अपनी गाढ़ी कमाई में से ₹10 लाख, ₹20 लाख या ₹30 लाख जैसी बड़ी रकम 5 साल के लिए किसी प्रमुख बैंक में लॉक करने की सोच रहे हैं, तो सामान्य नागरिकों और वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) को मैच्योरिटी पर लाखों रुपयों का शुद्ध मुनाफा मिलता है।प्रमुख बैंकों में 5 साल की FD पर वर्तमान ब्याज दरेंवर्तमान में देश के प्रमुख सरकारी और निजी बैंक 5 साल की अवधि पर सामान्य नागरिकों को औसतन 6.00% से 6.60% और वरिष्ठ नागरिकों को 6.80% से 7.20% तक का वार्षिक ब्याज ऑफर कर रहे हैं:भारतीय स्टेट बैंक (SBI): सामान्य नागरिकों के लिए 6.05% और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 7.05% (SBI 'वीकेयर' स्पेशल रेट सहित)।HDFC बैंक व ICICI बैंक: सामान्य नागरिकों के लिए 6.50% और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 7.00% से 7.10%।पंजाब नेशनल बैंक (PNB) व बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB): सामान्य नागरिकों के लिए 6.00% से 6.30% और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 6.80% से 7.00%।(औसत बेंचमार्क दर: सामान्य नागरिकों के लिए 6.50% और सीनियर सिटीजन्स के लिए 7.10% p.a.)तिमाही चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) का वित्तीय फॉर्मूलाभारतीय बैंकों में एफडी पर ब्याज की गणना हर तीन महीने (Quarterly) में मूलधन में जोड़कर की जाती है। इसका मानक वित्तीय सूत्र है:$$A = P left(1 + frac{r}{400} ight)^{4 imes t}$$यहाँ:$A$ = मैच्योरिटी पर मिलने वाली कुल राशि (Maturity Value)$P$ = जमा किया गया मूलधन (Principal Amount)$r$ = लागू वार्षिक ब्याज दर (%)$t$ = कुल समय (5 वर्ष, यानी कुल 20 तिमाहियां: $4 imes 5 = 20$)₹10 लाख, ₹20 लाख और ₹30 लाख जमा पर मैच्योरिटी का पूरा गणितयदि आप 5 साल की अवधि के लिए लोकप्रिय निजी व सरकारी बैंकों के औसत रिटर्न (सामान्य नागरिकों के लिए 6.50% और सीनियर सिटिजन्स के लिए 7.10%) पर निवेश करते हैं, तो आपका फंड इस प्रकार बढ़ेगा:1. सामान्य नागरिकों के लिए (6.50% वार्षिक ब्याज दर पर):मूलधन (Principal)5 साल में कुल अर्जित ब्याज (Interest Earned)5 साल बाद मैच्योरिटी राशि (Total Corpus)₹10,00,000 (10 लाख)₹3,80,419₹13,80,419₹20,00,000 (20 लाख)₹7,60,839₹27,60,839₹30,00,000 (30 लाख)₹11,41,258₹41,41,2582. सीनियर सिटिजन्स के लिए (7.10% वार्षिक ब्याज दर पर):मूलधन (Principal)5 साल में कुल अर्जित ब्याज (Interest Earned)5 साल बाद मैच्योरिटी राशि (Total Corpus)₹10,00,000 (10 लाख)₹4,21,460₹14,21,460₹20,00,000 (20 लाख)₹8,42,920₹28,42,920₹30,00,000 (30 लाख)₹12,64,380₹42,64,380(नोट: यदि आप SBI में सामान्य नागरिक के रूप में 6.05% पर जमा करते हैं, तो ₹10 लाख पर ब्याज लगभग ₹3,49,600 बनेगा, जबकि 7.05% पर सीनियर सिटिजन को लगभग ₹4,17,900 का ब्याज मिलेगा।)5 साल की एफडी ग्रोथ सिमुलेशन: समय के साथ ऐसे बढ़ेगा आपका पैसानीचे दिए गए सिमुलेशन विजेट के जरिए आप मूलधन (Principal Amount), समय और ब्याज दर को एडजस्ट करके देख सकते हैं कि 5 साल के दौरान आपकी पूंजी तिमाही चक्रवृद्धि के साथ किस गति से बढ़ती है:5 साल की FD में निवेश करते समय 4 अहम वित्तीय सावधानियांटैक्स-सेवर FD बनाम रेगुलर FD का फर्क समझें: 5 साल की एफडी दो तरह की होती है। टैक्स-सेवर एफडी में पुरानी कर व्यवस्था के तहत धारा 80C में ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट मिलती है, लेकिन इसमें 5 साल का सख्त लॉक-इन होता है (बीच में पैसा नहीं निकाल सकते और न ही लोन ले सकते हैं)। यदि आप ₹10 लाख से ₹30 लाख जमा कर रहे हैं, तो टैक्स-सेवर की सीमा केवल ₹1.5 लाख तक ही सीमित रहेगी; बाकी राशि सामान्य 5-वर्षीय एफडी में जाएगी जिस पर प्री-मैच्योर विड्रॉल और लोन की सुविधा मिलती है।TDS और टैक्स स्लैब का प्रभाव: एफडी से होने वाली ब्याज आय पूरी तरह कर-योग्य होती है और आपकी कुल आय में जुड़कर आपके टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगता है। सामान्य नागरिकों के लिए सालाना ब्याज ₹40,000 और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹50,000 से अधिक होने पर बैंक 10% TDS काट लेते हैं। इसलिए वास्तविक रिटर्न की गणना करते समय अपने टैक्स ब्रैकेट का ध्यान अवश्य रखें।DICGC बीमा सुरक्षा और बैंकों का विभाजन: रिज़र्व बैंक के DICGC नियमों के तहत प्रत्येक बैंक में एक ग्राहक के केवल ₹5 लाख तक के मूलधन और ब्याज को ही सरकारी बीमा गारंटी प्राप्त होती है। इसलिए यदि आप ₹20 लाख या ₹30 लाख की बड़ी पूंजी लगा रहे हैं, तो पूरी रकम किसी एक ही बैंक में रखने के बजाय 2 या 3 अलग-अलग शीर्ष बैंकों (जैसे SBI, HDFC, PNB) में ₹5-₹10 लाख के टुकड़ों में बांटकर निवेश करना अधिक सुरक्षित रहता है।FD लैडरिंग (FD Laddering) तकनीक: ₹30 लाख को एक साथ 5 साल के लिए लॉक करने के बजाय उसे 1, 2, 3, 4 और 5 साल की अलग-अलग एफडी में बांट दें। इससे हर साल आपकी एक एफडी मैच्योर होगी, जिससे लिक्विडिटी बनी रहेगी और भविष्य में ब्याज दरें बढ़ने पर री-इन्वेस्टमेंट का लाभ भी मिलेगा।
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फॉर्म-7 को लेकर गलत जानकारी दी तो होगा एक्शन, यूपी के CEO ने दिए निर्देश
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-31 के तहत मतदाता सूची तैयार करने, उसमें सुधार करने या किसी का नाम जोड़ने-हटाने के लिए जानबूझकर गलत जानकारी देना अपराध है.
मैथिली ठाकुर के कार्यक्रम के नाम पर लाखों की ठगी, संतोष पोद्दार गिरफ्तार
बेगूसराय पुलिस ने गायिका मैथिली ठाकुर का सांस्कृतिक कार्यक्रम कराने के नाम पर 2.40 लाख रुपये की ठगी के आरोपी संतोष पोद्दार को गिरफ्तार किया है. आरोपी ने 25 अगस्त 2024 को कार्यक्रम कराने के लिए अग्रिम राशि ली थी, लेकिन कार्यक्रम रद्द होने के बाद सिर्फ 30 हजार रुपये लौटाए.
कनाडा के मिलिट्री बेस पर भयंकर आग, कई लोगों की मौत; PM कार्नी ने जताया दुख
अल्बर्टा के पास कनाडाई मिलिट्री बेस पर आग लगने की खबर है. इस दुर्घटना में कई लोगों की मौत हो गई है.
नवरात्रि पर शनिवार रात देश के 5 शहरों में 5 बड़े हादसों ने 42 लोगों की जान ले ली।
Muzaffarnagar POCSO Court ने छह साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को सुनाई उम्रकैद
मुजफ्फरनगर जिले की एक विशेष अदालत ने छह वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में एक व्यक्ति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सरकारी वकील ने रविवार को यह जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि अदालत ने आरोपपत्र दाखिल होने के 90 दिन के भीतर मुकदमे का निस्तारण कर दिया। सरकारी वकील प्रदीप बालियान ने बताया कि विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) मनोज कुमार सिद्धू की अदालत ने दोषी पप्पू पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। बालियान ने बताया कि अदालत ने निर्देश दिया है कि जुर्माने की पूरी राशि पीड़िता को दी जाए। उन्होंने बताया कि घटना 19 अप्रैल 2026 की है। छह वर्षीय बच्ची कुछ सामान खरीदने के लिए पप्पू की दुकान पर गई थी। आरोप है कि इस दौरान आरोपी उसे किसी दूसरी जगह ले गया और उससे दुष्कर्म किया। बालियान ने बताया कि घटना के बाद मामले में पुलिस ने जांच शुरू की और पांच जून 2026 को अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। उन्होंने बताया कि इसके बाद विशेष अदालत में मुकदमे की सुनवाई हुई और आरोपपत्र दाखिल होने के 90 दिन के भीतर मामले का फैसला सुना दिया गया। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई और साथ ही, पीड़िता को आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जुर्माने की पूरी रकम उसे देने का निर्देश दिया।
550 की चाय- 800 के गोलगप्पे, इतना महंगा है कपिल शर्मा का कैफ
हाल ही में कॉमेडियन भारती सिंह अपने परिवार संग कपिल शर्मा के दुबई वाले Kap’s Cafe में पहुंची थीं. उन्होंने कैफे का टूर भी फैंस को दिया था और वहां के खाने की जमकर तारीफ भी की थी.
बूटकट से बेल बॉटम तक, Gen Z ने लौटाए 90s के ये 5 फैशन ट्रेंड
90 के दशक का फैशन एक बार फिर जेन जी के बीच पॉपुलर हो रहा है. बूटकट जींस, बेल बॉटम पैंट, बैगी जींस, चेक वाली शर्ट और डेनिम जैकेट जैसे कपड़े जेन जी की अलमारी में वापसी कर रहे हैं. जानिए पुराने दौर के इन फैशन ट्रेंड्स को जेन जी किस तरह नए अंदाज में अपना रही है.
32 साल से कम है उम्र, नहीं है अनुभव, UN दे रहा है युवाओं को नौकरी
दुनिया की सबसे बड़ी संस्था संयुक्त राष्ट्र में पहली नौकरी पाना कई युवाओं का सपना होता है. लेकिन इन पदों के लिए अच्छे वर्क एक्सपीरियंस की जरूरत होती है. लेकिन UN ने यंग प्रोफेशनल्स प्रोग्राम के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके तहत उन युवाओं की भी भर्ती हो सकती है, जिनके पास एक्सपीरियंस नहीं हैं. आप सीधे पी-1 और पी-2 स्तर के अंतरराष्ट्रीय अधिकारी बन सकते हैं. अब सवाल उठता है कि कैसे तो चलिए इससे जुड़ी सारी प्रक्रिया जानते हैं.
घर में घुस आए स्टिंक बग तो कैसे भगाएं? इन आसान तरीकों से रोकें कीड़ों की एंट्री
How to Get Rid of Stink Bugs: स्टिंक बग ठंड से बचने के लिए घरों में घुस सकते हैं और खतरा महसूस होने पर बदबू छोड़ते हैं. जानिए खिड़की-दरवाजों की दरारें बंद करने, स्टिकी ट्रैप लगाने और सफाई रखने से इन कीड़ों को कैसे दूर रखें.
कोलकाता पूजा पंडाल भगदड़ में 19 की मौत, अब सभी पंडालों की होगी जांच; सरकार ने बनाई समिति
बंगाल सरकार ने पूजा पंडालों की सुरक्षा की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है। चोरबागान में दुर्गा पूजा पंडाल में मरने वालों का आंकड़ा 19 हो गया है।
कोलकाता चोरबागान दुर्गा पंडाल हादसे में 19 की मौत
कोलकाता के उत्तर इलाके में चोरबागान सार्वजनीन पूजा पंडाल में सप्तमी की शाम भारी भीड़ के बीच हादसा हो गया। पंडाल का एक हिस्सा ढहने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई और 25 लोग घायल हुए।
गुजरात को वैश्विक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2027 (Vibrant Gujarat Global Summit 2027) की तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में होने वाले इस समिट से ...
गंदा टॉयलेट दिखे तो खींचें फोटो, NHAI देगा ₹1,000, जानें तरीका
हाईवे पर सफर के दौरान गंदे टॉयलेट की समस्या से अब राहत मिल सकती है. अगर आपको टोल प्लाजा पर टॉयलेट गंदा मिलता है, तो आप ऐप के जरिए इसकी शिकायत कर सकते हैं. खास बात यह है कि शिकायत करने पर आपको 1,000 रुपये का इनाम भी मिल सकता है.
पहले पति को छोड़ा, दूसरे का कर दिया मर्डर! बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर रची साजिश
हरियाणा के फरीदाबाद में गोपाल नाम के शख्स की हत्या कर दी गई थी. अब इस मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी काजल और उसके बॉयफ्रेंड योगेंद्र को गिरफ्तार किया है. पुलिस का कहना है कि योगेंद्र को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद था. 14-15 अक्टूबर की रात काजल ने सोते समय अपने पति गोपाल की गर्दन पर चाकू से कई वार किए थे. इसके बाद पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी.
ग्रेटर नोएडा कांड में जुड़ा सास, बहू और साजिश का एंगल, 5 की मौत में बड़ी बहू के सनसनीखेज आरोप
ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के 5 लोगों के मृत पाए जाने के बाद इलाके में दहशत का माहौल है. फूड पॉइजनिंग की आशंका के बीच पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. वहीं, बहू ने अपनी सास पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
ये हैं भारत की 9 शाही हवेलियां; जहां कोने-कोने में दिखेगा शाही अंदाज!
Famous havelis in India: भारत में सिर्फ किले और महल ही नहीं बल्कि हवेलियां भी आपको देखने को मिलेंगी. जो आपको इतिहास को करीब से जानने का मौका देती हैं, इनकी सुंदरता किसी का भी दिल जीत सकती हैं. अगर आपको भी पुरानी चीजों को देखने में मजा आता है तो आप इन हवेलियों को अपनी बकेट लिस्ट में शामिल कर सकते हैं.
यूरिक एसिड के मरीज कौन-कौन सी चाय पी सकते हैं?
यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है? यहां हम आपको कुछ ऐसे चाय के बारे में बताएंगे, जिससे यूरिक एसिड को कंट्रोल किया जा सकता है. यहां जानते हैं-
Kolkata Stampede Update: कोलकाता के चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई और 15 घायल हुए।
पैरेंट्स की शादी पर सलमान ने खोला बड़ा राज, खिलाफ थे नाना
सलमान खान ने 'बिग बॉस 20' में बताया कि उनके माता-पिता की शादी के बाद, उनके नाना ने पांच साल तक सलीम खान से बात नहीं की थी. उन्होंने आगे बताया कि बाद में उनके नाना को इस बात का पछतावा हुआ.
राजधानी दिल्ली के बाजारों में चल रहे लगातार विरोध-प्रदर्शनों और सुरक्षा पाबंदियों के बीच व्यापारिक समुदाय में गहरा असंतोष फैल गया है। त्योहारी सीजन और आगामी शादियों के कारोबार पर पड़ रहे गंभीर असर को देखते हुए दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को औपचारिक पत्र लिखा है। व्यापारियों ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने और राष्ट्रीय राजधानी में 31 जनवरी 2027 तक सभी प्रकार के राजनीतिक प्रदर्शनों, रैलियों और सड़क जाम को स्थगित या प्रतिबंधित करने की मांग की है। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल (BUVM) और अन्य स्थानीय मार्केट एसोसिएशनों ने न केवल प्रधानमंत्री मोदी, बल्कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से भी पत्र लिखकर इस अवधि में व्यापक जनहित और अर्थव्यवस्था की खातिर प्रदर्शन टालने की गुहार लगाई है।रोजाना 100 करोड़ रुपये का भारी नुकसान और खाली पड़े प्रमुख बाजारकनॉट प्लेस (CP), पालिका बाजार, जनपथ, लाजपत नगर, शंकर मार्केट और चांदनी चौक जैसे दिल्ली के प्रमुख रिटेल और थोक बाजारों के दुकानदारों का कहना है कि प्रदर्शनों के कारण कारोबार पूरी तरह ठप हो गया है। एसोसिएशनों के अनुसार, सुरक्षा घेराबंदी, बैरिकेडिंग और रास्तों के बंद होने की वजह से बाजारों में ग्राहकों की संख्या नगण्य हो गई है, जिससे अकेले दिल्ली के बाजारों को रोजाना 100 करोड़ रुपये तक का सीधा कारोबारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। व्यापारियों ने दावा किया कि अक्टूबर से लेकर जनवरी तक का समय रिटेल सेक्टर के लिए साल का सबसे अहम वक्त होता है, जब नवरात्रि, धनतेरस, दिवाली और शादियों के सीजन में साल की लगभग 40 से 50 प्रतिशत बिक्री होती है। व्यापारियों ने पहले से ही करोड़ों रुपये का नया स्टॉक उधार और निवेश कर मंगवाया हुआ है, लेकिन ग्राहक न आने से यह पूंजी फंस गई है।नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद के ग्राहकों की आवाजाही ठपव्यापारियों ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में रेखांकित किया है कि दिल्ली के बाजारों की आजीविका केवल स्थानीय निवासियों पर निर्भर नहीं है, बल्कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद जैसे एनसीआर शहरों से रोजाना लाखों खरीदार दिल्ली आते हैं। प्रदर्शनों और पुलिस सुरक्षा के चलते जब प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू होता है या नजदीकी मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद किए जाते हैं, तो एनसीआर के ग्राहक दिल्ली आने से पूरी तरह परहेज करने लगते हैं। इसके अलावा, माल की आवाजाही और डिलीवरी लॉजिस्टिक्स में भारी रुकावट आ रही है, जिससे थोक सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हो गई है।लोकतांत्रिक अधिकार बनाम आजीविका: व्यापारियों ने मांगा संतुलनव्यापारिक संगठनों ने स्पष्ट किया है कि उनका यह पत्र या मांग किसी के भी लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ नहीं है। व्यापारियों का कहना है कि वे विरोध करने के अधिकार का सम्मान करते हैं, लेकिन यह विरोध आम नागरिकों, दुकानदारों, कर्मचारियों और दिहाड़ी मजदूरों की आजीविका को बंधक बनाकर नहीं होना चाहिए। पत्र में कहा गया है कि कारोबार में भारी गिरावट के बावजूद दुकानदारों को भारी-भरकम किराया, बिजली के बिल, कर्मचारियों का वेतन और बैंक लोन की ईएमआई चुकानी पड़ती है। यदि 31 जनवरी 2027 तक बाजारों को राजनीतिक तनाव और प्रदर्शनों से मुक्त नहीं रखा गया, तो छोटे दुकानदार और मजदूर भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे।कानूनी सुरक्षा और सरकार से मुआवजे की भी मांगबाजार प्रतिनिधियों ने दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष भी अपनी परेशानियां रखी हैं और सरकार से मांग की है कि बार-बार होने वाले इन प्रदर्शनों के लिए विशेष वैकल्पिक स्थल तय किए जाएं ताकि वाणिज्यिक हब बाधित न हों। साथ ही, कुछ एसोसिएशनों ने अनिश्चितता और अशांति के कारण हुए करोड़ों के वित्तीय नुकसान की भरपाई के लिए राहत पैकेज या मुआवजे की भी अपील की है। व्यापारियों ने उम्मीद जताई है कि केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस प्रशासन त्योहारी सीजन की संवेदनशीलता को समझते हुए बाजारों के निर्बाध संचालन के लिए कड़े कदम उठाएंगे।
सुरक्षित निवेश और निश्चित रिटर्न चाहने वाले निवेशकों के लिए सरकारी बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) हमेशा से सबसे भरोसेमंद विकल्प रही है। देश के दूसरे सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की 390 दिनों की स्पेशल एफडी इस समय कम समय में आकर्षक ब्याज पाने के लिए एक लोकप्रिय अवधि बनी हुई है। अगर आप 390 दिनों (लगभग 1 वर्ष 25 दिन) की अवधि के लिए ₹5 लाख की एकमुश्त राशि जमा करने की योजना बना रहे हैं, तो बैंक की तिमाही चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) व्यवस्था के तहत आपको शानदार रिटर्न मिलता है।PNB 390 दिन FD: ब्याज दरें और पात्रता श्रेणियांपंजाब नेशनल बैंक 390 दिनों की अवधि के लिए जमाकर्ताओं को उम्र के आधार पर तीन अलग-अलग स्लैब में ब्याज दरें उपलब्ध कराता है:सामान्य नागरिक (Regular / General Citizens - 60 वर्ष से कम): 6.30% से 6.40% वार्षिकसीनियर सिटिजन (Senior Citizens - 60 से 80 वर्ष): 6.80% से 6.90% वार्षिक (0.50% अतिरिक्त ब्याज)सुपर सीनियर सिटीजन (Super Senior Citizens - 80 वर्ष और उससे अधिक): 7.10% से 7.20% वार्षिक (0.80% तक अतिरिक्त ब्याज)₹5 लाख जमा पर ब्याज और मैच्योरिटी का पूरा कैलकुलेशनबैंकों में 1 वर्ष से अधिक की एफडी पर ब्याज की गणना तिमाही चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding Formula: $A = P imes (1 + r/4)^{4 imes t}$) के आधार पर की जाती है। 390 दिन (लगभग 1.068 वर्ष) की अवधि पर ₹5 लाख के मूलधन पर मिलने वाला रिटर्न विवरण:जमाकर्ता श्रेणीलागू वार्षिक ब्याज दर (p.a.)मूलधन (Principal)390 दिन में कुल अर्जित ब्याजमैच्योरिटी पर कुल राशिसामान्य नागरिक (Regular)6.40%₹5,00,000~₹35,040₹5,35,040सीनियर सिटिजन (60+ वर्ष)6.90%₹5,00,000~₹37,860₹5,37,860सुपर सीनियर सिटीजन (80+ वर्ष)7.20%₹5,00,000~₹39,560₹5,39,560(नोट: गणना तिमाही चक्रवृद्धि और 390 दिन की अवधि के वास्तविक दिनों के आधार पर अनुमानित है। ब्याज दर में मामूली स्लैब बदलाव के अनुसार कुल राशि में कुछ रुपयों का अंतर संभव है।)PNB की इस एफडी स्कीम के मुख्य फायदे और सुविधाएं390 दिन की एफडी उन निवेशकों के लिए आदर्श मानी जाती है जो अपने फंड को 2 या 3 साल जैसी लंबी अवधि के लिए लॉक नहीं करना चाहते, लेकिन 1 साल की तुलना में ज्यादा रिटर्न चाहते हैं:लोन और ओवरड्राफ्ट सुविधा: आपातकाल की स्थिति में एफडी तोड़ने के बजाय आप जमा राशि के 90% तक का लोन या ओवरड्राफ्ट बेहद कम ब्याज दर पर उठा सकते हैं।सुरक्षित सरकारी गारंटी: PNB एक प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है, जिसमें DICGC के तहत जमाकर्ताओं के ₹5 लाख तक के मूलधन और ब्याज को कानूनी सुरक्षा प्राप्त होती है।समय से पहले निकासी (Premature Withdrawal): जरूरत पड़ने पर बैंक के तय नियमों के अनुसार मामूली पेनाल्टी देकर एफडी को समय से पहले भी बंद किया जा सकता है।टैक्स और टीडीएस (TDS) के नियमआयकर नियमों के तहत बैंक एफडी से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह कर-योग्य होता है:TDS सीमा: एक वित्तीय वर्ष में सामान्य नागरिकों के लिए ब्याज ₹40,000 और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹50,000 से अधिक होने पर बैंक स्रोत पर कर (TDS) काटता है।₹5 लाख पर स्थिति: 390 दिन के इस निवेश में सामान्य नागरिकों का कुल ब्याज लगभग ₹35,040 रहेगा, जो ₹40,000 की सीमा के भीतर है, इसलिए यदि बैंक में आपकी कोई अन्य एफडी नहीं है, तो बैंक द्वारा टीडीएस नहीं काटा जाएगा।टैक्स छूट फॉर्म: यदि आपकी कुल वार्षिक आय कर-योग्य सीमा से कम है, तो आप बैंक में फॉर्म 15G (सामान्य नागरिकों के लिए) या फॉर्म 15H (सीनियर सिटिजन्स के लिए) जमा करके टीडीएस कटौती से बच सकते हैं।
चोरबागन दुर्गा पूजा समिति के पूर्व महासचिव ने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान बारिश होना कोई नई बात नहीं है. वह पिछले 15 सालों से पूजा का आयोजन कर रहे थे. लेकिन पूजा से ठीक पहले उनसे इस्तीफा देने के लिए कहा गया, जबकि उस समय तक पंडाल की तैयारी शुरू हो चुकी थी.
ग्रेटर नोएडा: 5 मौतों के मामले में नया मोड़, मृतक की 2 बहनों- बहनोई पर FIR
ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा में एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ आया है. मृतक महेश के साले की शिकायत पर उसकी दो बहनों और एक बहनोई के खिलाफ प्रताड़ना के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है.
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) को लेकर कूटनीतिक और आर्थिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते के पहले चरण (First Tranche) को अंतिम रूप देने की कवायद अब अपने आखिरी पड़ाव में पहुंच चुकी है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा और उच्चस्तरीय वार्ताओं के बीच यह संकेत मिल रहे हैं कि दोनों वैश्विक साझेदार टैरिफ में कटौती और बाजार पहुंच को लेकर आपसी सहमति बनाने के बेहद करीब हैं। इस समझौते के तहत जहां भारत अपने कपड़ा, जेनेरिक दवाओं, ऑटो कंपोनेंट्स, मसालों और आईटी उत्पादों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर के विशाल अमेरिकी बाजार में तरजीही व शुल्क-मुक्त पहुंच चाहता है, वहीं वाशिंगटन की नजर भारतीय कृषि और उपभोक्ता बाजार पर टिकी है। हालांकि, फल, नट्स, सोयाबीन तेल और वाइन जैसी वस्तुओं पर रियायत मिलने की संभावनाओं के बावजूद भारतीय डेयरी क्षेत्र और पशुपालकों के हित अब भी इस पूरी बातचीत का सबसे संवेदनशील और पेचीदा मुद्दा बने हुए हैं।अमेरिकी फल, नट्स और सोयाबीन तेल: भारतीय बाजार में क्या सस्ता हो सकता है?व्यापार समझौते के मसौदे के तहत भारत चुनिंदा अमेरिकी कृषि और प्रसंस्कृत उत्पादों पर सीमा शुल्क यानी बेसिक कस्टम्स ड्यूटी में चरणबद्ध कटौती या उसे पूरी तरह समाप्त करने पर विचार कर रहा है। इसमें अमेरिका के वाशिंगटन राज्य के सेब, प्रीमियम चेरी, बादाम, अखरोट (Tree Nuts) और क्रैनबेरी जैसे फल प्रमुख हैं। इसके अलावा, अमेरिकी सोयाबीन तेल और पशु आहार के लिए प्रयुक्त होने वाले डिस्टिलर्स ड्राइड ग्रेंस (DDGS) के आयात नियमों को सुगम बनाने पर बातचीत चल रही है। यदि इन पर टैरिफ कम होता है, तो भारत के महानगरों और खुदरा बाजारों में प्रीमियम अमेरिकी फल और पैकेज्ड ड्राई फ्रूट्स अधिक प्रतिस्पर्धी दामों पर उपलब्ध हो सकेंगे। साथ ही, पोल्ट्री और पशु आहार उद्योग को उच्च प्रोटीन वाला चारा रियायती दरों पर मिलने की उम्मीद है, जिससे लागत नियंत्रण में मदद मिल सकती है।प्रीमियम वाइन और स्पिरिट्स: घरेलू उद्योग की सुरक्षा के साथ न्यूनतम आयात मूल्य की शर्तअमेरिकी कैलिफोर्निया वाइन और बोर्बोन व्हिस्की के भारतीय बाजार में प्रवेश को लेकर भी लंबे समय से बहस चल रही है। वर्तमान में भारत विदेशी शराब पर 150 प्रतिशत तक का भारी आयात शुल्क वसूलता है। प्रस्तावित व्यापार ढांचे में अमेरिकी वाइन और स्पिरिट्स पर टैरिफ को घटाने का प्रस्ताव तो शामिल है, लेकिन भारत सरकार ने इसके लिए सख्त 'न्यूनतम आयात मूल्य' (Minimum Import Price - MIP) का सुरक्षा कवच तैयार किया है। इसका सीधा मतलब यह है कि टैरिफ रियायत केवल उच्च मूल्य वाली प्रीमियम वाइन और स्पिरिट्स पर ही लागू होगी। इस संतुलनकारी फॉर्मूले से भारत का उद्देश्य महाराष्ट्र के नासिक और कर्नाटक के घरेलू वाइन उत्पादकों को सस्ते विदेशी आयात की डंपिंग से बचाना है, ताकि स्थानीय शराब और स्पिरिट्स उद्योग का कारोबारी ढांचा सुरक्षित बना रहे।डेयरी सेक्टर पर भारत का कड़ा रुख: आखिर कहां फंसा है पेंच?भारत और अमेरिका के बीच इस ऐतिहासिक ट्रेड डील में सबसे बड़ी दीवार डेयरी उत्पाद ही बने हुए हैं। अमेरिका अपने चीज, मक्खन, स्किम्ड मिल्क पाउडर और मट्ठा (Whey) उत्पादों के लिए भारतीय बाजार को पूरी तरह खोलने का दबाव बनाता रहा है। दूसरी ओर, भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि वह अपने करोड़ों छोटे और सीमांत दूध उत्पादक किसानों की आजीविका पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।इस गतिरोध के पीछे दो बड़े और गैर-परक्राम्य (Non-negotiable) कारण हैं:सांस्कृतिक और धार्मिक संवेदनशीलता: भारत का सख्त नियम है कि देश में केवल उसी डेयरी उत्पाद के आयात की अनुमति दी जा सकती है, जो ऐसे दुधारू पशुओं से प्राप्त हुआ हो जिन्हें कभी रक्त का भोजन, आंतरिक अंग या जुगाली करने वाले पशुओं के मांस का आहार (Ruminant Feed / Blood Meal) न दिया गया हो। चूंकि अमेरिकी डेयरी फार्मिंग में पशुओं के चारे में ऐसे तत्वों का उपयोग आम है, इसलिए भारत इसके प्रमाणन पर पूरी तरह अड़ा हुआ है।लाखों ग्रामीण परिवारों की आजीविका: भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है और यह क्षेत्र अमूल, पराग, नंदिनी जैसी सहकारी समितियों और ग्रामीण महिलाओं की रीढ़ पर टिका है। सब्सिडी-आधारित विशाल अमेरिकी डेयरी कंपनियों को बिना किसी रोक-टोक के प्रवेश देने से घरेलू दूध की कीमतें क्रैश हो सकती हैं, जिसका सीधा नुकसान भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को उठाना पड़ेगा। इसी कारण भारत ने डेयरी, मुख्य अनाज (गेहूं-चावल) और जीएम (GM) फसलों को अपनी सख्त 'नेगेटिव लिस्ट' में बनाए रखा है।घरेलू किसानों और सोयाबीन उत्पादकों की चिंताएंव्यापार समझौते की खबरों के बीच मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और कर्नाटक के सोयाबीन किसानों और किसान संगठनों ने भी चिंताएं जाहिर की हैं। अमेरिका में सोयाबीन की खेती बड़े पैमाने पर आधुनिक मशीनों और भारी सरकारी सब्सिडी के दम पर की जाती है, जिसके चलते वहां की उत्पादन लागत काफी कम है। भारतीय किसान संगठनों का तर्क है कि यदि अमेरिकी सोयाबीन तेल या प्रसंस्कृत सोयाबीन उत्पादों को बिना पर्याप्त सुरक्षा शुल्क के बड़े पैमाने पर भारत आने दिया गया, तो स्थानीय मंडियों में तिलहन की फसल औंधे मुंह गिर सकती है। वाणिज्य मंत्रालय ने हालांकि स्पष्ट किया है कि जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) सोयाबीन के सीधे दाने के आयात की अनुमति नहीं होगी और घरेलू कीमतों की सुरक्षा के लिए रेगुलेटरी मैकेनिज्म हमेशा सक्रिय रहेगा।वैश्विक भू-राजनीति और ऊर्जा सुरक्षा का बड़ा समीकरणयह व्यापार वार्ता केवल कृषि उत्पादों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक भू-राजनीति से भी जुड़े हैं। वैश्विक टैरिफ दबावों और तेल आपूर्ति के बदलते समीकरणों के बीच भारत अमेरिका से तेल, प्राकृतिक गैस (एलएनजी) और उच्च तकनीक वाले डेटा सेंटर कंपोनेंट्स की खरीद बढ़ाकर व्यापार घाटे को संतुलित करने की दिशा में बढ़ रहा है। विदेश मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय के वार्ताकारों का प्राथमिक लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत को अमेरिकी बाजार में वियतनाम, चीन या बांग्लादेश जैसे क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर या समान प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिले।आने वाले हफ्तों में मुंबई और नई दिल्ली में होने वाली द्विपक्षीय बैठकों के बाद यह तय होगा कि क्या दोनों महाशक्तियां डेयरी के पेंच को सुलझाकर या उसे अलग रखकर पहले चरण के अंतरिम समझौते (Interim Deal) पर औपचारिक मुहर लगाती हैं। भारत का संदेश पूरी तरह स्पष्ट है—व्यापारिक सहयोग का स्वागत है, लेकिन देश के अन्नदाता और पशुपालकों के हितों की बलि देकर कोई भी डील स्वीकार्य नहीं होगी।
फ्रांस में बढ़ती महंगाई, सार्वजनिक सेवाओं की बिगड़ती स्थिति और सरकारी नीतियों के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क उठी। शनिवार को पेरिस समेत कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जमकर झड़पें हुईं। हालात बिगड़ने के बाद पुलिस ने ...
देश भर में चाय की चुस्की के साथ बड़े चाव से खाए जाने वाले बिस्किट को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है। भारत के लोकप्रिय स्नैक ब्रांड्स में शुमार 'प्रियागोल्ड' (Priyagold Biscuits) बनाने वाली प्रमुख कंपनी 'सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड' (Surya Food & Agro Ltd.) के खिलाफ भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने बड़ा कानूनी शिकंजा कस दिया है। खाद्य सुरक्षा नियामक द्वारा की गई उच्चस्तरीय जांच और फैक्ट्री परिसर के औचक निरीक्षण में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि बिस्किट निर्माण में फाइबर (Fiber) के स्रोत के रूप में उस चोकर (Bran) का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो इंसानों के खाने के लिए नहीं बल्कि पशुओं के चारे (Cattle Feed) के लिए चिह्नित था। इस अक्षम्य लापरवाही और सार्वजनिक स्वास्थ्य से खिलवाड़ पर कड़ा रुख अपनाते हुए FSSAI ने कंपनी का विनिर्माण लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और अदालत में आपराधिक मुकदमा (Prosecution) चलाने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है।प्रियागोल्ड बिस्किट फैक्ट्री में जांच के दौरान क्या मिला?उपभोक्ताओं और सूत्रों से मिली शिकायतों के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की एक विशेष टीम ने विनिर्माण संयंत्र का सघन मुआयना किया था। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की आंखें तब फटी रह गईं, जब फैक्ट्री परिसर में भारी मात्रा में ऐसी बोरियां बरामद हुईं, जिन पर स्पष्ट रूप से 'पशु आहार' (Cattle Feed / Animal Feed Bran) लिखा हुआ था। जांच में साबित हुआ कि कंपनी लागत घटाने और बिस्किट में फाइबर की मात्रा बढ़ाने के लिए इंसानी उपभोग के मानकों पर पूरी तरह अयोग्य इस चोकर को कच्चे माल की तरह धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रही थी। इसके अतिरिक्त, प्लांट के भीतर हाइजीन और सैनिटेशन के बुनियादी नियमों की धज्जियां उड़ती मिलीं। कच्चे माल के भंडारण में फंगस और गंदगी का जोखिम, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता में घोर लापरवाही, कीट नियंत्रण (Pest Control) के पुख्ता इंतजाम न होना और अधबने मिश्रण को खुले में रखने जैसी कई गंभीर अनियमितताएं मौके पर पकड़ी गईं।पशु चारे वाला चोकर इंसानी सेहत के लिए कितना खतरनाक?स्वास्थ्य विशेषज्ञों और फूड साइंटिस्ट्स के अनुसार, पशुओं के लिए तैयार किए जाने वाले चोकर और इंसानों के खाने योग्य खाद्य-ग्रेड चोकर के प्रसंस्करण मानकों में जमीन-आसमान का अंतर होता है। पशु आहार के लिए प्रयुक्त चोकर में धूल-मिट्टी, माइकोटॉक्सिन (फंगल जहर), भारी धातुएं, कीटनाशकों के अत्यधिक अवशेष और हानिकारक बैक्टीरिया जैसे ई-कोलाई व साल्मोनेला की मौजूदगी का भारी जोखिम रहता है। जब ऐसे दूषित चोकर को बिस्किट जैसे रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों में मिलाया जाता है, तो यह बच्चों और वयस्कों के पाचन तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इसके नियमित सेवन से पेट में गंभीर संक्रमण, लिवर और आंतों की सूजन, फूड पॉइजनिंग और दीर्घकालिक रूप से प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने का गंभीर खतरा पैदा हो जाता है।FSSAI का कड़ा एक्शन: लाइसेंस रद्द की तैयारी और कोर्ट में चलेगा केसखाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 (FSSA Act 2006) के तहत किसी भी खाद्य उत्पाद में असुरक्षित, घटिया और इंसानी उपभोग के अयोग्य सामग्री का इस्तेमाल गैर-कानूनी और दंडनीय अपराध है। FSSAI के सक्षम प्राधिकारी ने जांच रिपोर्ट और लैब निष्कर्षों की समीक्षा के बाद सूर्या फूड एंड एग्रो के खिलाफ सक्षम अदालत में आपराधिक अभियोजन (Criminal Prosecution) शुरू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। कानून के जानकारों का कहना है कि यदि अदालत में आरोप सिद्ध होते हैं, तो कंपनी प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों को भारी आर्थिक जुर्माने के साथ-साथ कई वर्षों की जेल की सजा का सामना करना पड़ सकता है। नियामक ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक पूरे सुरक्षा प्रोटोकॉल और कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक संबंधित यूनिट से उत्पादन और वितरण पर रोक बरकरार रहेगी।डोडला डेयरी और अन्य खाद्य कंपनियों पर भी गिरी गाजFSSAI द्वारा चलाए जा रहे इस देशव्यापी सख्त अभियान की जद में सिर्फ प्रियागोल्ड ही नहीं, बल्कि कई अन्य नामी कंपनियां भी आई हैं। नियामक ने 'डोडला डेयरी लिमिटेड' (Dodla Dairy) के फुल क्रीम दूध के नमूनों की जांच के बाद उसके खिलाफ भी मुकदमा चलाने की मंजूरी दी है। रेफरल फूड लैबोरेटरी की जांच में डोडला डेयरी के दूध में फैट तय मानक से काफी कम पाया गया, वहीं कथित तौर पर डिटर्जेंट या कास्टिक सोडा जैसे संदूषकों की मौजूदगी की पुष्टि हुई, जिससे दूध को 'असुरक्षित' श्रेणी में डाला गया। इसके अलावा, 'यूईआईआर ऑर्गेनिक फूड्स' (Ueir Organic Foods) की पीली किशमिश में स्वीकार्य सीमा से कई गुना अधिक खतरनाक कीटनाशक (थायमेथोक्सम और फ्लूओपाइराम) पाए जाने पर उस पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं नरपधम फूड्स, सन रिजेस हेल्थ केयर्स और शा कांतिलाल जयंतिलाल को भी स्वच्छता और लाइसेंस उल्लंघन पर कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।उपभोक्ता कैसे रहें सतर्क और मिलावट पर कहां करें शिकायत?इस बड़े खुलासे ने एक बार फिर पैकेज्ड फूड इंडस्ट्री की विश्वसनीयता और आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लखनऊ, दिल्ली-एनसीआर, कानपुर और देश के किसी भी शहर में रहने वाले जागरूक उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी पैकेटबंद खाद्य सामग्री को खरीदने से पहले उसकी पैकेजिंग, FSSAI लाइसेंस नंबर, बैच नंबर और इंग्रेडिएंट लिस्ट की बारीकी से जांच करें। यदि आपको किसी भी बिस्किट, बेकरी उत्पाद या डिब्बाबंद खाद्य सामग्री के स्वाद, गंध या गुणवत्ता में कोई असामान्यता महसूस होती है, तो तुरंत FSSAI के ऑनलाइन पोर्टल 'फूड सेफ्टी कनेक्ट' (Food Safety Connect App / foscos.fssai.gov.in) पर सीधे शिकायत दर्ज कराएं या टोल-फ्री नंबर 1800112100 पर संपर्क करें। खाद्य सुरक्षा विभाग को हर नागरिक की शिकायत पर अनिवार्य जांच करनी होती है।
वित्तीय स्वतंत्रता हासिल करने और रिटायरमेंट या बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए 1 करोड़ रुपये का फंड बनाना अधिकांश कामकाजी पेशेवरों का एक प्राथमिक वित्तीय लक्ष्य होता है। म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए नियमित निवेश कर कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि ब्याज) की शक्ति का लाभ उठाकर यह लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। लंबी अवधि के इक्विटी म्यूचुअल फंड (Nifty 50 या ब्रॉड मार्केट इंडेक्स फंड्स) में ऐतिहासिक रूप से औसतन 12% का वार्षिक चक्रवृद्धि रिटर्न (CAGR) एक व्यावहारिक और यथार्थवादी पैमाना माना जाता है।SIP गणना का वित्तीय मॉडल और फॉर्मूलाम्यूचुअल फंड एसआईपी में भविष्य का कुल कोष (Future Value) ज्ञात करने का वित्तीय सूत्र निम्नलिखित है:$$FV = P imes frac{(1 + r)^n - 1}{r} imes (1 + r)$$यहाँ:$FV$ (Future Value): लक्षित फंड = ₹1,00,00,000$r$ (Monthly Interest Rate): $12\% div 12 div 100 = 0.01$ प्रति माह$n$ (Total Months): निवेश के कुल महीनों की संख्या ($Years imes 12$)$P$ (Monthly SIP): प्रति माह आवश्यक निवेश राशि10, 15 और 20 वर्षों में ₹1 करोड़ के लिए मासिक SIP का तुलनात्मक हिसाबयदि आप 12% वार्षिक रिटर्न का अनुमान लगाते हैं, तो अलग-अलग समय सीमाओं के अनुसार आवश्यक मासिक निवेश और आपकी जेब से जाने वाली कुल लागत का विवरण नीचे दिया गया है:निवेश अवधि (समय)आवश्यक मासिक SIP (P)आपकी कुल निवेशित पूंजीअनुमानित अर्जित वेल्थ (ब्याज/रिटर्न)कुल कॉर्पस (लक्ष्य)10 वर्ष (120 माह)₹43,041 / माह₹51,64,920 (51.6%)₹48,35,080 (48.4%)₹1,00,00,00015 वर्ष (180 माह)₹19,819 / माह₹35,67,420 (35.7%)₹64,32,580 (64.3%)₹1,00,00,00020 वर्ष (240 माह)₹10,009 / माह₹24,02,160 (24.0%)₹75,97,840 (76.0%)₹1,00,00,000नोट: यदि रिटर्न की दर 12% से बदलकर 10% (कंजर्वेटिव) या 14% (एग्रेसिव) होती है:10 वर्ष में: 10% रिटर्न पर लगभग ₹48,414/माह, जबकि 14% पर लगभग ₹38,245/माह।15 वर्ष में: 10% रिटर्न पर लगभग ₹23,928/माह, जबकि 14% पर लगभग ₹16,390/माह।20 वर्ष में: 10% रिटर्न पर लगभग ₹13,169/माह, जबकि 14% पर लगभग ₹7,535/माह।इंटरएक्टिव SIP वेल्थ सिमुलेशन: समय और कंपाउंडिंग का प्रभावनीचे दिए गए सिमुलेशन विजेट के जरिए आप समय क्षितिज (Years), मासिक योगदान (Monthly SIP) और अपेक्षित रिटर्न दर (Rate) को एडजस्ट करके देख सकते हैं कि आपकी संपत्ति समय के साथ किस तरह बढ़ती है:लक्ष्य हासिल करने के लिए 3-सूत्रीय व्यावहारिक कार्ययोजनासमय पर निवेश शुरू करें (Start Early): 10 साल में ₹1 करोड़ बनाने के लिए आपको ₹43,000 से अधिक प्रति माह लगाने होंगे, जबकि 20 साल का समय देने पर मात्र ₹10,000 प्रति माह में यह लक्ष्य पूरा हो जाता है। 10 साल की अतिरिक्त अवधि आपकी जेब से जाने वाली लागत को सीधे आधा कर देती है।10% वार्षिक स्टेप-अप (Step-Up SIP) अपनाएं: यदि शुरुआत में ₹20,000 या ₹43,000 प्रति माह निकालना संभव न हो, तो छोटी राशि (जैसे ₹10,000/माह) से शुरू करें और अपनी आय में वृद्धि के साथ हर साल SIP राशि में 10% की बढ़ोतरी करें। इससे आप कम प्रारंभिक पूंजी के साथ भी 12-14 साल में ₹1 करोड़ का पड़ाव पार कर सकते हैं।पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन: ₹1 करोड़ के लक्ष्य के लिए केवल एक फंड पर निर्भर न रहें। अपने मासिक आवंटन को 50% लार्ज/इंडेक्स फंड (स्थिरता के लिए), 30% फ्लेक्सी-कैप फंड, और 20% मिड-कैप फंड में विभाजित रखें ताकि जोखिम नियंत्रित रहे और रिटर्न का संतुलन बना रहे।यदि आप अपनी वर्तमान मासिक आय, बचत क्षमता या मौजूदा निवेश पोर्टफोलियो के अनुसार इस योजना को कस्टमाइज करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए विकल्पों के जरिए अतिरिक्त विवरण जोड़ सकते हैं:
नवजात बच्चों के पोषण और दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने एक ऐतिहासिक और कड़ा कदम उठाया है। नियामक संस्था ने 6 महीने तक के बच्चों के लिए बनने वाले व्यावसायिक शिशु आहार यानी इन्फेंट मिल्क फॉर्मूला और बेबी फूड में किसी भी प्रकार की अतिरिक्त चीनी यानी एडेड शुगर (Added Sugar) मिलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का नया ड्राफ्ट प्रस्ताव तैयार किया है। देश भर में बाल रोग विशेषज्ञों, पोषण वैज्ञानिकों और जागरूक अभिभावकों द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही मांगों के बाद FSSAI ने खाद्य सुरक्षा मानकों को वैश्विक स्तर पर अपग्रेड करने की दिशा में यह ठोस पहल की है। इस नए नियम का सीधा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार में बिकने वाले डिब्बाबंद शिशु आहार में केवल प्राकृतिक रूप से मौजूद शर्करा ही रहे, ताकि शुरुआती महीनों से ही बच्चों के शरीर में रिफाइंड या कृत्रिम मिठास का प्रवेश न हो सके।नवजात शिशुओं के भोजन में एडेड शुगर पर पूरी रोक का नया मसौदाFSSAI द्वारा तैयार किए गए नए मसौदे के तहत खाद्य सुरक्षा और मानक (विशेष आहार उपयोग या विशेष चिकित्सीय उपयोग या कार्यात्मक खाद्य पदार्थ या नए खाद्य पदार्थ) विनियमों में संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है। नए दिशानिर्देशों के अनुसार, छह महीने तक की उम्र के बच्चों के लिए तैयार किए जाने वाले इन्फेंट फॉर्मूला में सुक्रोज, कॉर्न सिरप, फ्रुक्टोज या किसी भी प्रकार के रिफाइंड स्वीटनर का अलग से इस्तेमाल पूरी तरह गैर-कानूनी होगा। उत्पाद में केवल वही शर्करा मान्य होगी जो दूध के प्राकृतिक घटक लैक्टोज (Lactose) के रूप में स्वाभाविक तौर पर मौजूद रहती है। यदि कोई बहुराष्ट्रीय या घरेलू कंपनी छह महीने तक के नवजातों के आहार में अतिरिक्त मिठास या फ्लेवर्ड शुगर मिलाती पाई गई, तो उत्पाद को सीधे तौर पर मिलावटी और स्वास्थ्य मानकों के प्रतिकूल घोषित किया जाएगा।शुरुआती उम्र में अतिरिक्त चीनी से बच्चों की सेहत को क्या खतरे हैं?बाल स्वास्थ्य और पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि जन्म के पहले छह महीनों में शिशु का पाचन तंत्र, लिवर और अग्न्याशय (Pancreas) बहुत संवेदनशील होते हैं। इस नाजुक दौर में यदि बच्चों को एडेड शुगर वाला डिब्बाबंद आहार दिया जाए, तो उनके शरीर में इंसुलिन का संतुलन बिगड़ने लगता है और मीठे स्वाद की लत पड़ जाती है। यही लत आगे चलकर बचपन में ही मोटापे (Childhood Obesity), दांतों के सड़ने, कमजोर मेटाबॉलिज्म और भविष्य में टाइप-2 डायबिटीज व हृदय रोगों का मुख्य कारण बनती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी पहले छह महीने तक केवल स्तनपान और उसके बाद सुरक्षित, बिना अतिरिक्त चीनी वाले पूरक आहार की सिफारिश करता है। FSSAI के इस कदम से शिशुओं की पोषण संबंधी नींव प्राकृतिक और सुरक्षित रूप से मजबूत होगी।बेबी फूड कंपनियों की पैकेजिंग और लेबलिंग पर क्या लागू होंगे नियम?इस नए प्रस्ताव के लागू होने के बाद बेबी फूड और इन्फेंट न्यूट्रिशन बनाने वाली सभी कंपनियों को अपनी पैकेजिंग, सामग्री सूची और पोषण लेबल में भारी बदलाव करने होंगे। निर्माताओं को डिब्बे के फ्रंट पैनल पर स्पष्ट और बड़े अक्षरों में यह घोषित करना होगा कि उत्पाद में 'शून्य अतिरिक्त चीनी' (No Added Sugar) है। इसके अलावा किसी भी तरह के भ्रामक दावों, जैसे कि मिठास को प्राकृतिक बताकर सिरप मिलाने की अनुमति नहीं होगी। खाद्य सुरक्षा विभाग बाजार से बिकने वाले फॉर्मूला मिल्क के बैच की रैंडम लैब जांच करेगा, जिसमें कार्बोहाइड्रेट प्रोफाइल का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा ताकि प्राकृतिक लैक्टोज और जोड़ी गई अतिरिक्त चीनी के बीच अंतर को तकनीकी रूप से पकड़ा जा सके।सार्वजनिक सुझावों के बाद देश भर में लागू होगा अंतिम कानूनFSSAI ने इस ड्राफ्ट नोटिफिकेशन को विस्तृत परामर्श के लिए सार्वजनिक दायरे में रखा है, ताकि सभी संबंधित पक्षों को अपनी राय देने का अवसर मिले। निर्धारित 60 दिनों की समय सीमा के भीतर बाल रोग विशेषज्ञ, सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता, उपभोक्ता अधिकार मंच, माता-पिता और खाद्य उद्योग के प्रतिनिधि अपने तकनीकी सुझाव और प्रतिक्रियाएं दर्ज करा सकेंगे। सभी सुझावों की समीक्षा और वैज्ञानिक पैनल के अंतिम अनुमोदन के बाद इसे आधिकारिक तौर पर राजपत्र में अधिसूचित किया जाएगा। कानून के लागू होते ही नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माताओं पर भारी आर्थिक जुर्माना लगाने, उत्पाद का स्टॉक जब्त करने और विनिर्माण लाइसेंस रद्द करने जैसे कड़े दंडात्मक प्रावधान प्रभावी हो जाएंगे।
Kolkata भगदड़ के बाद Amit Shah ने रद्द किए दुर्गा पूजा कार्यक्रम, अस्पताल जाकर घायलों से मिलेंगे
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उत्तरी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में घायल हुए लोगों से रविवार को मुलाकात करेंगे। शाह ने इस हादसे के बाद पश्चिम बंगाल में अपने निर्धारित दुर्गा पूजा कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। उत्तरी कोलकाता में शनिवार शाम बारिश के बीच दुर्गा पूजा पंडाल में अचानक भीड़ बढ़ने से भगदड़ मच गई थी, जिसमें कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर शनिवार शाम कोलकाता आए शाह के यहां कॉलेज स्ट्रीट इलाके में स्थित कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल जाने की संभावना है, जहां अधिकतर घायलों का इलाज जारी है। उनके आधिकारिक कार्यक्रम में किए गए बदलावों की घोषणा अभी नहीं की गई है। पंडाल में दर्शन के लिए आए घायलों में से दो को सरकारी एसएसकेएम (सेठ सुखलाल करनानी मेमोरियल) अस्पताल के ट्रॉमा केयर सेंटर में भी भर्ती कराया गया है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि शाह उनसे मिलने भी जाएंगे या नहीं। शाह ने शनिवार को कोलकाता पहुंचने के बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा था, ‘‘मुझे अभी-अभी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की अत्यंत हृदयविदारक खबर मिली है। मैंने इस संबंध में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से बात की है। मैं इस हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं और उनके परिजन के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।’’उन्होंने कहा था, ‘‘प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि घायलों को हरसंभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। मैं पश्चिम बंगाल में कल के अपने सभी निर्धारित कार्यक्रम स्थगित कर घायलों से मिलने अस्पताल जाऊंगा। मैं मां दुर्गा से सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।’’शाह के पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार, उन्हें रविवार सुबह बेलूर मठ स्थित रामकृष्ण मिशन के मुख्यालय जाना था और इसके बाद दिन में हावड़ा और कोलकाता में कई सामुदायिक दुर्गा पूजा आयोजनों में शामिल होना था। उन्हें उत्तरी कोलकाता के शोभाबाजार राजबाड़ी में दुर्गा पूजा में भी शामिल होना था। शोभाबाजार राजबाड़ी में 250 से अधिक वर्षों से दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है। राजबाड़ी एक शाही महल है, जहां राजा नवकृष्ण देब के वंशज रहते हैं। शाह का दोपहर में दिल्ली लौटने का कार्यक्रम था। शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को कहा था कि इस हादसे के मद्देनजर शाह ने दुर्गा पूजा पंडालों में जाने के अपने कार्यक्रम रद्द करने का फैसला किया है और वह अस्पताल में घायलों से मिलने के बाद राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना होंगे।
बैंक की शाखा में चेक ड्रॉप बॉक्स में डालने या काउंटर पर रसीद लेकर जमा करने के बाद कई बार ग्राहक हफ्तों तक खाते में पैसे आने का इंतजार करते रहते हैं। बाद में पता चलता है कि चेक बैंक से ही कहीं खो गया है या क्लीयरिंग हाउस के रास्ते में गुम हो गया है। ऐसी स्थिति में आम खाताधारक अक्सर घबरा जाते हैं कि उनके पैसे डूब गए या चेक का कोई गलत इस्तेमाल कर लेगा। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के ग्राहक सेवा और 'चेक कलेक्शन पॉलिसी' (Cheque Collection Policy) के दिशानिर्देशों के अनुसार, बैंक में जमा होने के बाद चेक सुरक्षित रखने और उसे भुनाने की पूरी जिम्मेदारी बैंक की होती है। यदि बैंक की लापरवाही या ट्रांजिट में चेक खो जाता है, तो बैंक अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकता।बैंक से चेक खो जाने पर किसकी होगी जिम्मेदारी?RBI के स्पष्ट नियमों के मुताबिक, जब कोई ग्राहक चेक बैंक में जमा कर देता है और पावती (Acknowledgement Slip) प्राप्त कर लेता है, तब वह चेक बैंक की कस्टडी में माना जाता है। क्लीयरिंग प्रक्रिया (CTS Clearing) या एक शाखा से दूसरी शाखा तक चेक भेजने (Transit) के दौरान यदि दस्तावेज खोता है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी कलेक्टिंग बैंक या संबंधित पेइंग बैंक की होती है। उपभोक्ता संरक्षण कानून और बैंकिंग लोकपाल के आदेशों के तहत इसे 'सेवा में कमी' (Deficiency in Service) माना गया है। बैंक ग्राहक को यह कहकर वापस नहीं लौटा सकता कि चेक का खोना उसकी गलती नहीं है।चेक खो जाने पर ग्राहक को तुरंत क्या कदम उठाने चाहिए?अगर आपके खाते में निर्धारित समय (लोकल चेक के लिए सामान्यतः 2-3 कार्यदिवस) के बाद भी राशि क्रेडिट नहीं हुई है, तो बिना देरी किए निम्नलिखित कदम उठाएं:बैंक से लिखित सूचना और मिसिंग सर्टिफिकेट लें: सबसे पहले होम ब्रांच जाकर शाखा प्रबंधक से मिलें और चेक जमा करने की मूल पर्ची (Deposit Slip) दिखाएं। बैंक यदि स्वीकार करता है कि चेक खो गया है, तो उनसे लिखित में 'चेक लॉस्ट सर्टिफिकेट' (Lost Cheque Certificate / Non-Payment Certificate) जारी करने की मांग करें।ड्रॉअर (चेक देने वाले) को तुरंत अलर्ट करें: जिसने आपको चेक जारी किया था, उसे तुरंत फोन और ईमेल पर सूचित करें कि बैंक से चेक गुम हो गया है। उनसे कहें कि वे अपने बैंक खाते में जाकर संबंधित चेक नंबर पर तत्काल 'Stop Payment' का निर्देश दर्ज करवा दें, ताकि किसी भी स्थिति में उस खोए हुए चेक का गलत इस्तेमाल न हो सके।डुप्लीकेट चेक का अनुरोध करें: चेक जारीकर्ता को बैंक द्वारा जारी किया गया लॉस्ट सर्टिफिकेट या लिखित पुष्टि दिखाएं और उसी राशि का नया या डुप्लीकेट चेक जारी करने का अनुरोध करें।RBI नियमों के तहत मुआवजे और खर्च की भरपाई का नियमचेक खोने की स्थिति में ग्राहक को होने वाली परेशानी और वित्तीय नुकसान की भरपाई के लिए RBI ने सख्त दिशा-निर्देश तय किए हैं:स्टॉप पेमेंट और डुप्लीकेट चेक का खर्च: चेक देने वाले (ड्रॉअर) के बैंक द्वारा स्टॉप पेमेंट लगाने पर लगने वाले बैंक चार्ज और डुप्लीकेट चेक जारी करने के सभी प्रशासनिक खर्चों की भरपाई कलेक्टिंग बैंक को ही करनी होगी।ब्याज सहित हर्जाना: यदि चेक खोने की सूचना बैंक ने संग्रह अवधि (Collection Period) समाप्त होने के बाद दी है, तो बैंक को देरी की अवधि के लिए लागू बचत बैंक या फिक्स्ड डिपॉजिट ब्याज दर के अनुसार हर्जाना देना होगा। इसके अतिरिक्त, डुप्लीकेट चेक प्राप्त होने तक लगने वाले समय (आमतौर पर 15 दिन या उससे अधिक) के लिए भी बैंक को अतिरिक्त ब्याज अदा करना पड़ता है।लापरवाही पर मुआवजा: यदि बैंक असहयोग करता है या ग्राहक को लॉस्ट सर्टिफिकेट देने से मना करता है, जिसके कारण भुगतान पूरी तरह अटक जाता है, तो बैंक पर उपभोक्ता अदालत या बैंकिंग लोकपाल भारी हर्जाना लगा सकता है।यदि बैंक मदद न करे तो कहां और कैसे करें शिकायत?यदि शाखा प्रबंधक आपकी शिकायत पर ध्यान नहीं देता है या लिखित प्रमाण देने में टालमटोल करता है, तो आप इन चरणों में अपनी कानूनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं:बैंक के आंतरिक शिकायत निवारण (Internal Grievance Cell): बैंक के नोडल अधिकारी या प्रिंसिपल नोडल ऑफिसर (PNO) को ऑनलाइन पोर्टल के जरिए लिखित शिकायत भेजें।आरबीआई एकीकृत लोकपाल (RBI Integrated Ombudsman): यदि बैंक में शिकायत दर्ज कराने के 30 दिनों के भीतर संतोषजनक समाधान नहीं मिलता है या बैंक शिकायत खारिज कर देता है, तो आप आरबीआई के सीएमएस पोर्टल (cms.rbi.org.in) पर जाकर सीधे बैंकिंग लोकपाल के समक्ष शिकायत दर्ज कर सकते हैं।उपभोक्ता फोरम (Consumer Commission): सेवा में घोर लापरवाही और मानसिक प्रताड़ना के लिए आप जिला उपभोक्ता आयोग (District Consumer Disputes Redressal Commission) का दरवाजा भी खटखटा सकते हैं, जहां कोर्ट बैंक को चेक राशि व मानसिक क्षतिपूर्ति का भुगतान करने का आदेश दे सकती है।
देश में त्योहारों और आगामी मांग के बीच चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और खुदरा कीमतों पर नकेल कसने के लिए चीनी और गन्ने के रस (Sugarcane Juice) से एथेनॉल उत्पादन पर तत्काल प्रभाव से सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMCs)—इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम—को गन्ने के रस, चीनी सिरप और बी-हैवी शीरे (B-Heavy Molasses) से एथेनॉल खरीद पर कड़े अंकुश लगाने को कहा गया है। सरकार का सीधा मकसद यह सुनिश्चित करना है कि देश के मिलों में मौजूद गन्ने का अधिकतम इस्तेमाल बायोफ्यूल बनाने के बजाय आम नागरिकों के लिए चीनी उत्पादन में हो सके।घरेलू बाजार में चीनी की सप्लाई और कीमतों पर ब्रेक लगाने की तैयारीदेश के खुदरा बाजारों में चीनी की बढ़ती कीमतों और प्रमुख उत्पादक राज्यों में मौसमी अनिश्चितताओं के कारण सरकार ने यह कदम उठाया है। पिछले कुछ समय से महाराष्ट्र, कर्नाटक और पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे प्रमुख गन्ना बेल्ट में वर्षा के उतार-चढ़ाव और संभावित पैदावार को लेकर चिंताएं जताई जा रही थीं। अगर गन्ने के रस और हाई-ग्रेड शीरे को भारी मात्रा में एथेनॉल बनाने के लिए डाइवर्ट कर दिया जाता, तो मिलों में तैयार चीनी का उत्पादन घट सकता था, जिससे आने वाले महीनों में कीमतें आसमान छूने लगतीं। खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आम उपभोक्ता की रसोई का बजट और खाद्य सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है, जिसके चलते एथेनॉल आपूर्ति चक्र में गन्ने के उपयोग पर यह अस्थायी पाबंदी लगाना आवश्यक हो गया था।तेल कंपनियों के लिए नए निर्देश: अब मक्का और टूटे चावल पर होगा जोरसरकार ने 20 प्रतिशत एथेनॉल सम्मिश्रण (Ethanol Blending) के राष्ट्रीय लक्ष्य को धीमा किए बिना रणनीति में बदलाव किया है। सरकारी तेल कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे गन्ने की जगह अन्य वैकल्पिक स्रोतों से एथेनॉल की आपूर्ति बढ़ाएं। इसके लिए तेल कंपनियों ने 11 अरब लीटर से अधिक एथेनॉल खरीद के टेंडर में मक्का (Corn), क्षतिग्रस्त खाद्यान्न और टूटे हुए चावल (Broken Rice) से बने एथेनॉल को प्राथमिकता दी है। इस कदम से डिस्टिलरीज को खाद्यान्न आधारित एथेनॉल उत्पादन की ओर शिफ्ट होना पड़ेगा, जबकि चीनी मिलें केवल सी-हैवी शीरे (C-Heavy Molasses)—जो चीनी निकालने के बाद बचा हुआ उप-उत्पाद है—का सीमित उपयोग ही एथेनॉल के लिए कर सकेंगी। इससे पेट्रो-ब्लेंडिंग का काम भी जारी रहेगा और चीनी का स्टॉक भी सुरक्षित रहेगा।चीनी मिलों और गन्ना किसानों पर फैसले का क्या प्रभाव होगा?इस फैसले का सीधा असर उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक की चीनी मिलों पर पड़ेगा। बीते कुछ वर्षों में मिलों ने एथेनॉल उत्पादन से मिलने वाले त्वरित भुगतान के सहारे किसानों के गन्ना बकाये का तेजी से निपटान किया था। गन्ने के रस से सीधे एथेनॉल बनाने पर रोक लगने से मिलों की नकदी तरलता (Liquidity) पर हल्का दबाव पड़ सकता है, हालांकि बाजार में चीनी की मजबूत मांग से उनके राजस्व का संतुलन बना रहेगा। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी, मुजफ्फरनगर, शामली और मेरठ जैसे क्षेत्रों के किसानों के लिए राहत की बात यह है कि पेराई सत्र के दौरान मिलों को चीनी उत्पादन के लिए अधिक गन्ने की जरूरत होगी, जिससे उनके गन्ने की शत-प्रतिशत खरीद सुनिश्चित रहेगी।आम जनता को राहत: त्योहारों और शादियों के सीजन में स्थिर रहेंगे दामकेंद्र सरकार के इस कड़े कदम का सबसे बड़ा फायदा सीधे तौर पर आम मध्यमवर्गीय परिवार और थोक उपभोक्ताओं को मिलने वाला है। मिठाई उद्योग, बेकरी कारोबार, कोल्ड ड्रिंक्स निर्माताओं और आम परिवारों के लिए चीनी के भाव में संभावित उछाल अब पूरी तरह थम जाएगा। बाजार में चीनी का पर्याप्त बफर स्टॉक उपलब्ध रहने से सट्टेबाजी और कृत्रिम जमाखोरी पर भी रोक लगेगी। खाद्य मंत्रालय राज्य सरकारों और जिला प्रशासनों के साथ मिलकर खुदरा कीमतों की साप्ताहिक निगरानी कर रहा है, ताकि मिलों से लेकर खुदरा दुकानों तक उपभोक्ताओं को उचित दर पर चीनी मिलती रहे।
ग्वालियर में दर्दनाक हादसा: शीतला माता मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं को ट्रक ने रौंदा, 14 की मौत
ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास शनिवार देर रात एक अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आने से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई और 40 लोग घायल हो गए। हादसा लगभग 1.30 बजे चीनोर की तरफ से आने वाली सड़क पर हुआ। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि नवरात्रि के ...
भारत में सुबह की शुरुआत बिना कड़क चाय की चुस्की के अधूरी मानी जाती है। चाहे दिल्ली की नुक्कड़ वाली टपरी हो, कोलकाता का मिट्टी का कुल्हड़ हो या लखनऊ और कानपुर के चौक, चाय सिर्फ एक पेय नहीं बल्कि करोड़ों भारतीयों का दैनिक भावनात्मक जुड़ाव है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस चाय की प्याली से आपको दिनभर की ताजगी मिलती है, उसमें स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले केमिकल या कीटनाशक भी घुले हो सकते हैं? इसी गंभीर स्वास्थ्य चिंता पर कड़ा संज्ञान लेते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने बड़ा कदम उठाया है। नियामक संस्था ने चाय की पत्तियों में पेस्टिसाइड्स की सुरक्षित मात्रा तय करने के लिए एक विस्तृत मसौदा यानी ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस नए कदम का सीधा मकसद आम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना और भारतीय चाय की अंतरराष्ट्रीय साख को दोबारा मजबूत बनाना है।चाय में कीटनाशकों की मात्रा पर FSSAI का नया ड्राफ्ट और सुरक्षा सीमादेश की सर्वोच्च खाद्य नियामक संस्था FSSAI ने खाद्य सुरक्षा और मानक (संदूषक, विषाक्त पदार्थ और अवशेष) विनियमों में संशोधन का प्रस्ताव रखते हुए विभिन्न कीटनाशकों की अधिकतम अवशेष सीमा यानी मैक्सिमम रेजिड्यू लिमिट (MRL) को वैज्ञानिक आधार पर तय किया है। अक्सर चाय के पौधों को कीटों, फफूंद और विभिन्न बीमारियों से बचाने के लिए बागानों में कीटनाशकों और फंगीसाइड्स का छिड़काव किया जाता है। असम, पश्चिम बंगाल के तराई व दार्जिलिंग, और दक्षिण भारत के नीलगिरि के विशाल चाय बागानों में नमी के कारण कीटों का प्रकोप आम है। कई बार किसान व उत्पादक कीटों से फसल बचाने के चक्कर में अत्यधिक या असंतुलित मात्रा में पेस्टिसाइड्स का इस्तेमाल कर बैठते हैं। यह रसायन पत्तियों की प्रोसेसिंग के बाद भी पूरी तरह खत्म नहीं होते और पैकेटबंद चायपत्ती के जरिए सीधे आपकी रसोई और चायदानी तक पहुंच जाते हैं। इसी को रोकने के लिए FSSAI ने स्पष्ट कर दिया है कि किस रसायन की कितनी मात्रा को चाय में स्वीकार्य माना जाएगा और किस स्तर के बाद उत्पाद को सीधे तौर पर असुरक्षित घोषित कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।आम जनता की सेहत पर पेस्टिसाइड्स का क्या असर पड़ता है?स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक रसायनों और भारी कीटनाशक अवशेषों वाली चाय का सेवन शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर धीमा जहर बनकर असर करता है। इनमें मौजूद कुछ यौगिक लिवर और किडनी पर दबाव बढ़ाते हैं, पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं और हार्मोनल असंतुलन का कारण भी बन सकते हैं। वैज्ञानिक शोधों में यह बात सामने आई है कि पेस्टिसाइड्स के अनियंत्रित अवशेष शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर सकते हैं। FSSAI का यह नया नियामक ढांचा सीधे तौर पर उपभोक्ता सुरक्षा को केंद्र में रखता है, ताकि जब कोई नागरिक सुबह चाय की चुस्की ले, तो उसे यह भरोसा रहे कि कप में घुली चाय कड़े सुरक्षा परीक्षणों और शुद्धता के सख्त मानकों से गुजरकर आई है।असम से दार्जिलिंग तक चाय बागानों और उद्योगों पर इस फैसले का प्रभावभारत दुनिया के सबसे बड़े चाय उत्पादक और उपभोक्ता देशों में शुमार है। घरेलू खपत के साथ-साथ भारत से यूरोप, अमेरिका, रूस और खाड़ी देशों को बड़े पैमाने पर प्रीमियम चाय निर्यात की जाती है। पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चाय की खेपों में अत्यधिक केमिकल मिलने के कारण कई बार भारतीय निर्यात को कड़े सवालों और अस्वीकृति का सामना करना पड़ा था। FSSAI के नए ड्राफ्ट नियमों से घरेलू बाजार और वैश्विक निर्यात दोनों में संतुलन बनेगा। इंडियन टी एसोसिएशन और छोटे चाय उत्पादक संघों के लिए अब यह अनिवार्य होगा कि वे बागान स्तर पर कीटनाशकों के छिड़काव के समय, उनकी मात्रा और तुड़ाई के बीच के सुरक्षित अंतराल का कड़ाई से पालन करें। इस कड़े कदम से असम के डिब्रूगढ़, जोरहाट, बंगाल के सिलीगुड़ी व जलपाईगुड़ी और दक्षिण भारत के मुन्नार क्षेत्र के उत्पादकों को आधुनिक, जैविक व सुरक्षित कृषि पद्धतियों की ओर तेजी से बढ़ना होगा।पारदर्शी प्रक्रिया: आप भी दे सकते हैं अपने सुझाव और आपत्तियांFSSAI ने इस ड्राफ्ट को तुरंत लागू करने से पहले सार्वजनिक डोमेन में रखा है, जिससे सभी हितधारकों को अपनी बात रखने का पूरा मौका मिले। ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख से 60 दिनों की अवधि के भीतर किसान, चाय बागान मालिक, वैज्ञानिक, खाद्य विशेषज्ञ और आम उपभोक्ता अपनी राय, सुझाव या आपत्तियां आधिकारिक पोर्टल के जरिए दर्ज करा सकते हैं। प्राप्त प्रतिक्रियाओं और तकनीकी समीक्षा के बाद ही इस मसौदे को अंतिम रूप देकर पूरे देश में कानूनन लागू किया जाएगा। नियमों के प्रभावी होते ही खाद्य सुरक्षा अधिकारी बाजार से रैंडम सैंपल लेकर लैब्स में जांच करेंगे और मानक टूटने पर कड़े जुर्माने व लाइसेंस रद्द करने जैसी सजा का प्रावधान होगा।अपनी चाय को सुरक्षित रखने के लिए उपभोक्ता क्या करें?नियामक के कड़े नियमों के बीच जागरूक नागरिक के तौर पर उपभोक्ताओं को भी कुछ बुनियादी सावधानियां बरतनी चाहिए। हमेशा FSSAI लाइसेंस नंबर और पैकेजिंग पर गुणवत्ता चिह्न देखकर ही चाय खरीदें। अनब्रांडेड या बिना लेबल वाली खुली चायपत्ती से बचें, क्योंकि उसमें मिलावट और अप्राकृतिक रंगों का जोखिम अधिक रहता है। चाय बनाते समय पहली उबाल के नियमों का ध्यान रखें और संभव हो तो प्रमाणित जैविक यानी ऑर्गेनिक चाय विकल्पों को भी अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करें। FSSAI की यह नई पहल भारतीय चाय संस्कृति को सुरक्षित, पारदर्शी और स्वस्थ बनाने की दिशा में एक बेहद जरूरी कदम साबित होगी।
10वीं के बाद ये डिप्लोमा कोर्स, नौकरी और कमाई के खुलेंगे रास्ते
वैसे तो कक्षा 10वीं में छात्र अपनी आगे की पढ़ाई पर विचार करते हैं, लेकिन कई बार कई कारणों की वजह से वह पढ़ाई आगे नहीं कर पाते हैं, तो वह डिप्लोमा कोर्स करके कमाई के रास्ते खोल सकते हैं. चलिए जानते हैं इसके बारे में.
El-Nino Effect: अल नीनो के असर से गड़बड़ाएगा मौसम, फरवरी में ही दस्तक दे सकती है गर्मी
El-Nino Effect : मौसम के लिहाज से आने वाला साल और गर्म रह सकता है। क्लाईमेट ट्रेंड्स की रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि इस बार अल नीनो के असर से मौसम गड़बड़ा सकता है और गर्मी भी फरवरी में ही दे सकती है। इस साल देश में सामान्य से 13 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।
न्यूज डायरी: कर्नाटक में किसान आंदोलन पर अड़े, CM की अपील ठुकराई; लद्दाख में एएचडीसी की चुनाव प्रक्रिया बदली

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