ट्रंप की सरकार रहेगी, लेकिन पावर चली जाएगी? मिडटर्म में हार के होंगे साइड इफेक्ट!
अमेरिका के मिडटर्म चुनावों के नतीजों ने डोनाल्ड ट्रंप की सियासी मुश्किलें बढ़ा दी हैं. जिन चुनावों को ट्रंप के लिए जनता के मूड का इम्तिहान माना जा रहा था, उनमें डेमोक्रेट्स ने कई अहम मोर्चों पर बढ़त बनाई है. अब इन नतीजों का असर ट्रंप की बची हुई सत्ता और 2028 की सियासत पर पड़ना तय है.
नेशनल कॉन्फ्रेंस में नहीं थम रही कलह, 10 नाराज विधायकों की तीसरी बैठक
जम्मू-कश्मीर की नेशनल कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के हालिया कैबिनेट फेरबदल के बाद पार्टी में कलह खुलकर सामने आई हैं. नाराज विधायकों की लगातार बैठकें हो रही हैं, जिनमें उनकी मांगों और रणनीति पर चर्चा हो रही है. बुधवार को एक बार फिर नाराज विधायकों ने बंद कमरे में अहम मीटिंग की.
गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला: वीजा की मुख्य श्रेणियां 13 से घटकर होंगी 9, आवेदन फॉर्म 70% होगा छोटा
केंद्रीय गृह मंत्रालय भारत की वीजा व्यवस्था में बड़ा बदलाव कर रहा है, जिसमें मुख्य वीजा श्रेणियों को 13 से घटाकर 9 किया जाएगा।
'बच्चों को रातोंरात स्कूलों से नहीं निकाल सकते', बॉम्बे हाई कोर्ट ने 14 स्कूलों को दी राहत
बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई के मलाड इलाके में संचालित 14 गैरमान्यता प्राप्त स्कूलों को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के अंत तक पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी है. अदालत ने कहा कि वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को रातोंरात स्कूलों से नहीं हटाया जा सकता.
जब नितिन गडकरी ने स्विगी से मंगाया सामान, कीमत देखकर दिया ऐसा रिएक्शन
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्होंने एक बार स्विगी से घर के लिए सामान मंगाया था और उसकी कीमत उन्हें थोड़ी ज्यादा लगी थी।
27 साल पुराने मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला: राज्यों का अतिरिक्त बिक्री कर लगाने का अधिकार सही
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों द्वारा अतिरिक्त बिक्री कर या सरचार्ज लगाने के अधिकार को बरकरार रखा है।
'मां, मुझे गोली मार दी...' घायल मनोज ने किया फोन, अस्पताल में तोड़ा दम
बाइक ठीक कराने निकला मनोज शायद घर लौटने की उम्मीद लेकर गया था, लेकिन रिपेयरिंग सेंटर पर हमलावरों ने उसे घेर लिया. पेट में गोली लगने के बाद भी उसने मां और दोस्त को फोन किया. अस्पताल में उसकी मौत हो गई. डेढ़ महीने पहले जेल से छूटे मनोज की हत्या के पीछे पुरानी रंजिश और गैंगवार का शक है.
अनुराग से पहले IPS अभिषेक तिवारी का भी इस्तीफा, दोनों रहे सागर एसपी
मध्य प्रदेश में सागर जिले के SP रहे IPS अफसर अनुराग सुजानिया ने पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया है. जहरीली शराब कांड के बाद SP पद से हटाए जाने के सात दिन बाद उन्होंने यह फैसला लिया. इस्तीफा अभी मंजूर नहीं हुआ है. इससे पहले सागर के ही पुलिस कप्तान रहे आईपीएस अभिषेक तिवारी ने भी नौकरी छोड़ दी थी. पढ़ें शराब और सागर से जुड़े दो रोचक संयोग...
चोरी-छिपे मिलते थे प्रेमी-प्रेमिका, परिवार ने कराई शादी
UP के प्रयागराज से प्रेमिका से मिलने कौशांबी पहुंचे युवक को युवती के परिजनों ने रेस्टोरेंट में पकड़ लिया. चार साल से चल रहे प्रेम प्रसंग पर दोनों परिवारों के बीच बातचीत हुई और सहमति बनने के बाद रामजानकी मंदिर में वैदिक रीति-रिवाज से दोनों की शादी करा दी गई.
केरलम में सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जांच के आदेश, दो करोड़ की रिश्वत का आरोप
केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दो करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के लगभग दो दशक पुराने मामले में प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए हैं।
जेडी वेंस ने ईरान जंग को बताया मिडटर्म चुनाव में हार की वजह, कहा- ट्रंप से छिटके वोटर्स
अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने हार की मुख्य वजह ईरान युद्ध और बढ़ती महंगाई को बताया है, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हार को व्यक्तिगत झटका नहीं माना.
हरियाणा में नई लैंड पूलिंग पॉलिसी 2026 मंजूर: जमीन देने पर 50% विकसित एरिया और ₹1 लाख सालाना मदद
हरियाणा सरकार ने राज्य में शहरीकरण, आधुनिक टाउनशिप और औद्योगिक गलियारों के निर्माण के लिए जमीन देने वाले किसानों और भू-मालिकों के हितों की रक्षा हेतु एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में बहुप्रतीक्षित 'लैंड पूलिंग पॉलिसी-2026' (Land Pooling Policy-2026) को औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी गई है। यह नीति पुरानी 2022 की पॉलिसी का स्थान लेगी, जिसमें बाजार मूल्य और मुआवजे की जटिल गणना के कारण किसानों के बीच असंतोष बना रहता था। नई नीति का मुख्य उद्देश्य जबरन भूमि अधिग्रहण के दौर को पूरी तरह समाप्त कर किसानों को विकास की प्रक्रिया में सीधा शेयरधारक और बराबर का साझीदार बनाना है।सरकार की इस नीति से गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, सोनीपत और रोहतक समेत पूरे प्रदेश में बुनियादी ढांचे का विस्तार बिना किसी गतिरोध के तेजी से हो सकेगा। कृषि प्रधान राज्य होने के नाते हरियाणा में किसानों की जमीन को उनकी सबसे बड़ी पूंजी और विरासत माना जाता है। सरकार के अनुसार, यह नया कानूनी ढांचा सुनिश्चित करता है कि किसान केवल अपनी पैतृक जमीन गंवाने वाले लाचार पक्षकार न रहें, बल्कि आधुनिक शहरों के निर्माण से सृजित होने वाली रियल एस्टेट संपत्ति के सीधे हकदार बनें।50 फीसदी विकसित जमीन की गारंटी: जानिए प्लॉट आवंटन का नया गणितनई लैंड पूलिंग नीति का सबसे आकर्षक पहलू विकसित भूमि के बंटवारे का स्पष्ट और पारदर्शी फॉर्मूला है। स्वीकृत लेआउट प्लान के अनुसार परियोजना के कुल बिक्री योग्य (Saleable) क्षेत्र का सीधा 50 प्रतिशत हिस्सा भू-मालिकों को वापस दिया जाएगा। बाकी बचा 50 प्रतिशत क्षेत्र विकास एजेंसी—जैसे हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) या HSIIDC—के पास रहेगा, जिसका उपयोग चौड़ी सड़कें, सीवरेज, हरित पार्क, जल निकासी जैसी नागरिक सुविधाएं तैयार करने और प्रशासनिक लागत निकालने के लिए किया जाएगा।किसानों को उनके दिए गए रकबे के अनुपात में आवासीय, वाणिज्यिक, संस्थागत या औद्योगिक भूखंड दिए जाएंगे। नीति में यह भी तय किया गया है कि बड़े रकबे वाले भू-मालिकों को अनिवार्य रूप से कॉमर्शियल कियोस्क या बूथ आवंटित किए जाएंगे, जिससे उन्हें भविष्य में नियमित किराए की आय प्राप्त हो सके। इसके अलावा भूखंडों के विखंडन को रोकने के लिए न्यूनतम साइज भी तय किए गए हैं, जिसके तहत आवासीय भूखंड न्यूनतम 100 वर्ग मीटर, औद्योगिक 250 वर्ग मीटर और संस्थागत 500 वर्ग मीटर के आकार के होंगे। जिन छोटे भू-मालिकों का योगदान 999 वर्ग मीटर से कम का होगा, उन्हें नए भूमि अधिग्रहण कानून (LARR Act 2013) के तय मुआवजे या आरक्षित दर, जो भी अधिक हो, के अनुसार नकद भुगतान किया जाएगा।चार साल तक ₹1 लाख प्रति एकड़ अंतरिम सहायता और 9% ब्याज का कड़ा नियमअक्सर देखा जाता है कि जब किसान अपनी खेती योग्य जमीन विकास परियोजना को सौंपते हैं, तो इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने में लंबा वक्त लग जाता है और उस दौरान उनकी नियमित फसल की आमदनी बंद हो जाती है। इस आर्थिक संकट को दूर करने के लिए हरियाणा सरकार ने प्रति एकड़ ₹1 लाख की वार्षिक अंतरिम वित्तीय सहायता का प्रावधान किया है। यह राशि सेल डीड पंजीकरण की तिथि से लगातार चार वर्षों तक किसानों के खातों में सीधे भेजी जाएगी।नीति में नौकरशाही की हीला-हवाली पर रोक लगाने के लिए जवाबदेही भी तय की गई है। यदि विकास एजेंसी सेल डीड होने के 15 दिनों के भीतर इस वित्तीय सहायता का भुगतान करने में विफल रहती है, तो संबंधित भू-मालिक को देरी की अवधि के लिए 9 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज सहित भुगतान करना अनिवार्य होगा। यह प्रावधान किसानों को एक तरह से सामाजिक और वित्तीय सुरक्षा कवच प्रदान करता है, ताकि विकास की अवधि के दौरान उनके परिवार की आजीविका पर कोई आंच न आए।4 साल में प्रोजेक्ट पूरा करने की डेडलाइन, काम न होने पर जमीन होगी वापसपुरानी लैंड पूलिंग व्यवस्था में परियोजनाओं के पूरा होने की कोई ठोस समय-सीमा न होने के कारण योजनाएं वर्षों तक लटकी रहती थीं। नई लैंड पूलिंग पॉलिसी-2026 में प्रोजेक्ट पूर्णता की समय-सीमा को 5 वर्ष से घटाकर कड़ाई से 4 वर्ष कर दिया गया है। यदि विकास एजेंसी अंतिम योजना मंजूरी के बाद 4 वर्ष की तय अवधि के भीतर बुनियादी ढांचे का निर्माण पूरा नहीं कर पाती है, तो जमीन स्वतः भू-मालिकों को वापस लौटा दी जाएगी।इसके साथ ही भू-मालिकों की सुविधा के लिए लैंड एंटाइटेलमेंट सर्टिफिकेट्स (LEC) को आपस में क्लब करने की छूट दी गई है, जिससे एक ही परिवार या गांव के लोग मिलकर बड़ा संयुक्त भूखंड हासिल कर सकें। वहीं, विकास एजेंसी द्वारा भूखंडों की बायबैक अवधि को 1 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष कर दिया गया है, ताकि जो किसान विकसित जमीन अपने पास न रखकर तुरंत नकदी चाहते हैं, वे सरकार को तय दरों पर अपनी जमीन वापस बेच सकें।बिचौलियों पर लगाम और अवैध कॉलोनियों के मकड़जाल पर प्रहारराज्य में जमीन अधिग्रहण के नाम पर सक्रिय अवैध दलालों और बेतरतीब कटने वाली अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए नीति में 'लैंड एग्रीगेटर' की भूमिका को कानूनी रूप दिया गया है। पंजीकृत संपत्ति एजेंटों को एग्रीगेटर बनने की अनुमति दी गई है, जिन्हें संबंधित राजस्व संपदा के कलेक्टर रेट का अधिकतम 0.5 प्रतिशत पारिश्रमिक दिया जाएगा। यह भुगतान किसान की जेब से नहीं कटेगा, बल्कि विकास एजेंसी द्वारा सीधे किया जाएगा।सरकार का मानना है कि यह नीति किसानों को जबरन विस्थापन के डर से मुक्त करेगी और उन्हें आधुनिक औद्योगिक व आवासीय विकास का बराबर का साझेदार बनाएगी। हरियाणा का यह 50-50 विकास मॉडल न केवल किसानों को समृद्ध करेगा बल्कि राज्य के नियोजित और आधुनिक विकास को भी नई रफ्तार देगा।
जिन राज्यों में एसआईआर चल रहा है, वहां भी अब फॉर्म-6 से घोषणा पत्र को किया गया अलग
चुनाव आयोग ने अब उन सभी राज्यों में फॉर्म-6 से घोषणा पत्र को अलग कर दिया है, जहां मतदाता सूची का विशेष सघन पुनरीक्षण चल रहा है या हो चुका है।
TRAI ने लॉन्च किया Network Anubhav पोर्टल: अब मैप पर दिखेगा इंटरनेट स्पीड और कॉल ड्रॉप का असली सच
देशभर में मोबाइल इंटरनेट और ब्रॉडबैंड की सुस्त रफ्तार, आए दिन होने वाले कॉल ड्रॉप्स और नेटवर्क कवरेज को लेकर टेलीकॉम ऑपरेटरों के दावों पर अब सीधा जनता का पहरा होगा। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने उपभोक्ताओं के डिजिटल अनुभव को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से अपना एकीकृत जियोस्पेशियल और एनालिटिकल डैशबोर्ड 'नेटवर्क अनुभव' (Network Anubhav Platform) आधिकारिक रूप से पेश कर दिया है। अक्सर देखा गया है कि टेलीकॉम कंपनियां 5G और हाई-स्पीड 4G के नाम पर 100 एमबीपीएस से अधिक स्पीड का प्रचार करती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में उपभोक्ताओं को बफरिंग और नेटवर्क ग्लिच का सामना करना पड़ता है। ट्राई का यह नया प्लेटफॉर्म सेवा प्रदाताओं के दावों और उपभोक्ताओं को मिलने वाली वास्तविक सर्विस क्वालिटी के बीच के अंतर को सार्वजनिक करेगा।ट्राई के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनकी कनेक्टिविटी का वास्तविक अधिकार देना और टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स (TSPs) को यह स्पष्ट रूप से दिखाना है कि किस इलाके में उनके नेटवर्क को तत्काल सुधार की जरूरत है। यह पहल डिजिटल इंडिया मिशन के तहत उपभोक्ताओं के क्वालिटी ऑफ एक्सपीरियंस (QoE) को मापने का सबसे बड़ा क्राउड-सोर्स्ड प्रयास बनकर उभरी है।MySpeed, MyCall और DND का एकीकृत संगम: कैसे काम करेगा यह नया डैशबोर्ड?'नेटवर्क अनुभव' कोई अलग-थलग काम करने वाला पोर्टल नहीं है, बल्कि यह ट्राई के पहले से संचालित प्रमुख उपभोक्ता टूल्स को एक ही छत के नीचे लाकर एक शक्तिशाली जियोस्पेशियल मैप तैयार करता है। इसमें मुख्य रूप से तीन स्रोतों से प्राप्त रियल-टाइम डेटा का विश्लेषण किया जाता है:पहला घटक ट्राई MySpeed है, जिसके जरिए उपयोगकर्ता अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर पर डाउनलोड स्पीड, अपलोड स्पीड, लेटेंसी, पैकेट लॉस और जिटर की लाइव टेस्टिंग करते हैं। दूसरा घटक ट्राई MyCall है, जो कॉल खत्म होने के बाद उपभोक्ताओं से 1 से 5 स्टार की रेटिंग और कॉल ड्रॉप, आवाज टूटने या ऑडियो डिले जैसी समस्याओं का सीधा फीडबैक जुटाता है। तीसरा स्रोत ट्राई द्वारा देश के विभिन्न शहरों, राजमार्गों और ग्रामीण इलाकों में कराए जाने वाले इंडिपेंडेंट ड्राइव टेस्ट्स (IDT) का आधिकारिक तकनीकी डेटा है।इन तीनों डेटा सेट्स को जब भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) मैप पर प्लॉट किया जाता है, तो देश के किसी भी शहर, जिले, कस्बे या पिनकोड का वास्तविक नेटवर्क परफॉर्मेंस मैप उभरकर सामने आ जाता है। इस तरह किसी भी ऑपरेटर द्वारा किए गए तकनीकी दावे को स्थानीय स्तर पर उपभोक्ता तुरंत सत्यापित कर सकते हैं।पिनकोड और जीपीएस के जरिए खुलेगी कंपनियों की पोल: उपभोक्ता को क्या होगा सीधा फायदा?इस प्लेटफॉर्म से देश के 120 करोड़ से अधिक टेलीकॉम उपभोक्ताओं को अपनी उंगलियों पर सटीक जानकारी मिलेगी। आम उपभोक्ता अक्सर नया सिम कार्ड खरीदते समय या घर में फिक्स्ड ब्रॉडबैंड कनेक्शन लगवाते समय विज्ञापनों पर निर्भर रहते थे, लेकिन अब वे 'नेटवर्क अनुभव' पोर्टल पर जाकर अपने इलाके का पिनकोड या जीपीएस लोकेशन दर्ज करके यह देख सकते हैं कि उनकी गली या मोहल्ले में जियो, एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया या बीएसएनएल में से किसका सिग्नल सबसे मजबूत है और किसकी औसत डाउनलोड स्पीड बेहतर है।डैशबोर्ड पर मोबाइल नेटवर्क के साथ-साथ फिक्स्ड लाइन ब्रॉडबैंड की स्पीड और स्थिरता का भी अलग-अलग विश्लेषण उपलब्ध कराया गया है। उपभोक्ता न केवल 4G और 5G टेक्नोलॉजी के आधार पर तुलना कर सकते हैं, बल्कि यह भी देख सकते हैं कि इनडोर यानी घर के अंदर नेटवर्क रिसेप्शन कैसा है और आउटडोर में कैसा। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म में DND (डू नॉट डिस्टर्ब) व्यवस्था को भी जोड़ा गया है, जिससे अनचाही कमर्शियल कॉल्स और स्पैम एसएमएस की रोकथाम के साथ-साथ 'नो योर सेंडर' सुविधा के जरिए संदिग्ध कॉलर्स की पहचान की जा सकेगी।टेलीकॉम कंपनियों की जवाबदेही तय: अब आंकड़ों की बाजीगरी पर लगेगी लगामट्राई का यह कदम सेवा प्रदाताओं के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। अब तक टेलीकॉम कंपनियां औसत सर्किल-स्तरीय आंकड़ों के आधार पर अपने नेटवर्क को बेहतर साबित करती रही हैं, जिससे किसी एक शहर या ग्रामीण पॉकेट में नेटवर्क की नाकामी छिप जाती थी। लेकिन 'नेटवर्क अनुभव' के पूरी तरह पारदर्शी होने के बाद कंपनियां खराब सर्विस वाले क्षेत्रों को नजरअंदाज नहीं कर पाएंगी।नियामक का कहना है कि यह डेटा पूरी तरह से अनामीकृत (Anonymized) रहता है, यानी यूजर की कोई भी निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं होती, केवल नेटवर्क का तकनीकी डेटा ही साझा किया जाता है। टेलीकॉम कंपनियां इस डेटा का उपयोग अपने सेल टावरों के ऑप्टिमाइजेशन, अतिरिक्त स्पेक्ट्रम आवंटन और ब्लैकस्पॉट्स को भरने के लिए करेंगी। यदि कोई ऑपरेटर लगातार कई हफ्तों तक किसी क्षेत्र में तय मानकों से नीचे की सर्विस देता पाया जाता है, तो नियामक के नए क्वालिटी ऑफ सर्विस (QoS) नियमों के तहत भारी जुर्माने और सुधारात्मक कदमों का सामना करना पड़ सकता है।कैसे करें इस्तेमाल? जानिए पोर्टल और ऐप्स से जुड़ने का पूरा तरीकाउपभोक्ता इस पारदर्शी व्यवस्था का हिस्सा बनने के लिए सीधे आधिकारिक वेबसाइट anubhav.trai.gov.in पर जा सकते हैं। वेब पोर्टल पर होमपेज पर ही इंटरैक्टिव मैप प्रदर्शित होता है, जहां ऑपरेटर, तकनीक (4G/5G/ब्रॉडबैंड) और राज्य या शहर का चयन करके लाइव आंकड़े देखे जा सकते हैं।इसके साथ ही, एंड्रॉयड और आईओएस यूजर्स गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से TRAI MySpeed, TRAI MyCall और TRAI DND ऐप्स को मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं। जब भी कोई उपभोक्ता इन ऐप्स पर अपनी स्पीड टेस्ट करता है या कॉल की गुणवत्ता पर रेटिंग देता है, तो वह डेटा तुरंत क्राउड-सोर्स्ड नेटवर्क का हिस्सा बन जाता है। ट्राई ने देश के सभी स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे इन टूल्स का सक्रिय उपयोग करें, ताकि सामूहिक डेटा के दम पर टेलीकॉम कंपनियों को बेहतर और निर्बाध डिजिटल सेवाएं देने के लिए बाध्य किया जा सके।
भारत के हरित ऊर्जा क्षेत्र ने पिछले दो वर्षों में अभूतपूर्व छलांग लगाई है। नई दिल्ली में आयोजित 'भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो' (BRESE) के मंच से केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने यह आधिकारिक आंकड़ा साझा किया कि देश के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र ने बीते दो सालों में करीब 67 अरब डॉलर यानी लगभग 6 लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष निवेश आकर्षित किया है। किसी एक विशिष्ट उद्योग में इतने कम समय में इतनी बड़ी पूंजी का आना भारतीय अर्थव्यवस्था और ग्लोबल इनवेस्टर्स के भरोसे को साफ दर्शाता है। देश की गैर-जीवाश्म बिजली उत्पादन क्षमता आज 310 गीगावाट (GW) के आंकड़े को पार कर चुकी है। इसके बावजूद केंद्रीय मंत्री इस ऐतिहासिक आंकड़े पर आत्ममुग्ध होने के मूड में बिल्कुल नहीं दिखे। उन्होंने दो टूक शब्दों में वैश्विक और घरेलू उद्योगपतियों को आगाह किया कि यह उपलब्धि केवल शुरुआती मील का पत्थर है और भारत का अंतिम लक्ष्य इससे कहीं ज्यादा बड़ा और चुनौतीपूर्ण है। केंद्रीय मंत्री ने उद्योग जगत के दिग्गजों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि भारत 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता स्थापित करने और 2070 तक 'नेट ज़ीरो' कार्बन उत्सर्जन का संकल्प ले चुका है। अगर देश को इस ऐतिहासिक लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से हासिल करना है, तो वर्तमान ₹6 लाख करोड़ का निवेश पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मंच से उद्योग को जगाते हुए कहा कि अगले पांच से छह वर्षों में भारत को स्वच्छ ऊर्जा के बुनियादी ढांचे, ट्रांसमिशन लाइनों और स्टोरेज सिस्टम में कम से कम 30 लाख करोड़ रुपये (लगभग 360 अरब डॉलर) से अधिक की अतिरिक्त पूंजी झोंकनी होगी। ऐसे में ₹6 लाख करोड़ के आंकड़े पर जश्न मनाने के बजाय काम की रफ्तार को चौगुना करने की सख्त जरूरत है।रिकॉर्ड उत्पादन के बाद भी मंत्री प्रह्लाद जोशी क्यों नहीं हैं संतुष्ट?ऊर्जा मंत्रालय की कमान संभाल रहे प्रह्लाद जोशी की इस असंतुष्टि के पीछे ठोस व्यावहारिक और तकनीकी वजहें हैं। भारत की आर्थिक विकास दर इस समय दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रही है और देश का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) लगभग 7 प्रतिशत की रफ्तार से दौड़ रहा है। इस तेज रफ्तार औद्योगिकीकरण, शहरीकरण और ग्रामीण विद्युतीकरण के चलते देश की बिजली की मांग में सालाना आधार पर अप्रत्याशित उछाल दर्ज किया जा रहा है। अगर भारत ने अपने बिजली उत्पादन नेटवर्क को पारंपरिक कोयले से हटाकर स्वच्छ ऊर्जा पर तुरंत शिफ्ट नहीं किया, तो ग्रिड पर दबाव असहनीय स्तर तक पहुंच सकता है। दूसरा सबसे बड़ा पहलू समय सीमा का है। वर्ष 2030 आने में अब केवल चार साल का वक्त बाकी है और देश को 310 GW से बढ़कर 500 GW तक पहुंचना है। यानी हर साल औसतन 40 से 50 गीगावाट नई क्षमता ग्रिड से जोड़नी होगी। इसके साथ ही मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि केवल सोलर पैनल या विंड टरबाइन लगा देना ही ऊर्जा सुरक्षा नहीं है। जब सूरज ढल जाता है और हवा धीमी पड़ती है, तब देश को चौबीसों घंटे (Round-The-Clock) बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट्स (PSP) की सख्त दरकार है। वर्तमान में स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की गति उस रफ्तार से मेल नहीं खा रही है जिस रफ्तार से उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा रही है, और यही विसंगति नीति निर्माताओं के लिए गंभीर चिंता का सबब बनी हुई है।भारत का 'मेगा ग्रीन रोडमैप': सोलर, विंड और हाइड्रोजन पर चौतरफा वारकेंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने इस चुनौती से पार पाने के लिए एक त्रिआयामी 'मेगा ग्रीन प्लान' का खाका तैयार किया है, जिसके तहत वित्तीय, तकनीकी और नीतिगत बाधाओं को एक साथ खत्म करने की रणनीति बनाई गई है। इस रोडमैप का पहला बड़ा आधार घरेलू विनिर्माण को सशक्त बनाना है ताकि भारत चीनी उपकरणों और विदेशी सप्लाई चेन पर अपनी निर्भरता पूरी तरह समाप्त कर सके। मंत्री ने जानकारी दी कि देश की सोलर मॉड्यूल विनिर्माण क्षमता 2 GW से छलांग लगाकर 225 GW तक पहुंच चुकी है, जबकि सोलर सेल क्षमता 45 GW को छू रही है। अब सरकार का फोकस सिलिकॉन इंगॉट्स, वेफर्स और सेल लेवल पर शत-प्रतिशत आत्मनिर्भरता हासिल करना है, जिसके लिए उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (PLI) के नियमों को और अधिक कड़ा तथा परिणामोन्मुख बनाया जा रहा है। रोडमैप का दूसरा मजबूत स्तंभ 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन' है। भारत ने दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन हाइड्रोजन ऑफटेक समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत 5.5 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष उत्पादन की प्रतिबद्धता हासिल की जा चुकी है। अकेले इस सेगमेंट में करीब ₹90,000 करोड़ का पूंजीगत निवेश पाइपलाइन में है और इसका 70 प्रतिशत हिस्सा वैश्विक बाजारों में निर्यात के लिए निर्धारित किया गया है। भारत में ग्रीन अमोनिया की खोज दर ₹45.70 से ₹49.75 प्रति किलोग्राम तक नीचे आ चुकी है, जो वैश्विक बेंचमार्क के मुकाबले बेहद प्रतिस्पर्धी है। यह उपलब्धि भारत को केवल ऊर्जा उपभोक्ता ही नहीं बल्कि स्वच्छ ईंधन का वैश्विक निर्यातक बनाने की क्षमता रखती है।रूफटॉप क्रांति और ग्रिड ट्रांसमिशन का विस्तार: अंतिम छोर तक बदलावइस मेगा प्लान का तीसरा और सबसे संवेदनशील घटक आम उपभोक्ता को सीधे स्वच्छ ऊर्जा से जोड़ना है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' इस बदलाव का चेहरा बनकर उभरी है, जिसके तहत 65 लाख से अधिक घरों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं और हर छह दिन में एक लाख नए परिवार इस योजना से जुड़ रहे हैं। ग्रामीण और कृषि अर्थव्यवस्था को डीजल मुक्त बनाने के लिए 'पीएम-कुसुम' (PM-KUSUM) योजना के तहत लाखों सोलर सिंचाई पंप लगाए जा रहे हैं, जिससे किसानों की उत्पादन लागत घट रही है और अतिरिक्त सौर बिजली बेचकर वे आमदनी के नए रास्ते बना रहे हैं। हालांकि इस उत्पादन को संभालना बिना अत्याधुनिक ट्रांसमिशन नेटवर्क के संभव नहीं है। केंद्रीय मंत्री ने स्वीकार किया कि ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर (GEC) का समय पर निर्माण न होना और अंतर-राज्यीय पारेषण शुल्क (ISTS) से जुड़े विवाद परियोजनाओं की रफ्तार को धीमा करते हैं। इसलिए सरकार ने राष्ट्रीय ग्रिड को उच्च क्षमता वाली 800 केवी एचवीडीसी (HVDC) लाइनों से लैस करने और राजस्थान, गुजरात, लद्दाख और आंध्र प्रदेश के दूरदराज सोलर व विंड पार्कों को सीधे औद्योगिक राज्यों से जोड़ने के लिए समयबद्ध वित्तीय स्वीकृतियां जारी की हैं। सरकार की स्पष्ट नीति है कि किसी भी सूरत में जमीन अधिग्रहण या ट्रांसमिशन की कमी के चलते रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स अटकने नहीं दिए जाएंगे।वैश्विक निवेशकों के लिए खुला निमंत्रण और भविष्य की राहप्रह्लाद जोशी ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों, घरेलू बैंकों और बहुराष्ट्रीय निवेशकों से आह्वान किया कि वे भारत की ऊर्जा क्रांति में अपनी भागीदारी को केवल कागजी समझौतों तक सीमित न रखें बल्कि तत्काल पूंजी निवेश करें। पिछले दशक में सौर ऊर्जा की दरें ₹5.50 प्रति यूनिट से गिरकर ₹2.15 प्रति यूनिट पर आ चुकी हैं, और बैटरी स्टोरेज के साथ भी यह दर ₹2.70 प्रति यूनिट के आकर्षक स्तर पर आ गई है। ऐसे में स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में लगाया गया पैसा न केवल पर्यावरण की रक्षा करेगा, बल्कि सुरक्षित और टिकाऊ वित्तीय रिटर्न भी सुनिश्चित करेगा। भारत का ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन अब मात्र एक सरकारी लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह देश की संप्रभुता, औद्योगिक सुरक्षा और विदेशी मुद्रा भंडार के संरक्षण से जुड़ा राष्ट्रीय मिशन बन चुका है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री का कड़ा रुख यह स्पष्ट संदेश देता है कि ₹6 लाख करोड़ का मुकाम मील का सिर्फ पहला पत्थर है; भारत की वास्तविक ग्रीन परीक्षा 2030 तक 500 गीगावाट के शिखर को छूने और ₹30 लाख करोड़ के विशाल पूंजी प्रवाह को जमीन पर उतारने के साथ पूरी होगी।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री ने कहा कि उनके गठबंधन में शामिल होने का स्वागत किया जाएगा और दावा किया कि मंत्रिमंडल के अगले विस्तार में उन्हें जगह देने पर विचार किया जा सकता है।
Nagpur से तीन लोग शेयर ट्रेडिंग धोखाधड़ी में पकड़े गए
मुंबई, चार नवंबर महाराष्ट्र के नागपुर के तीन लोगों को पुलिस ने शेयर कारोबार में निवेश से जुड़े घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। जांच में साइबर धोखाधड़ी के कम से कम 73 मामलों में उनकी संलिप्तता सामने आई है, जिनमें मुंबई के छह मामले भी शामिल हैं। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि मुंबई अपराध शाखा के दक्षिण साइबर पुलिस थाने ने तीनों आरोपियों से ठगी की रकम को इधर-उधर भेजने के लिए बनाई गई 11 मुखौटा कंपनियों की चेकबुक और पासबुक, 25 सिम कार्ड, डेबिट कार्ड, क्यूआर कोड और रबर की मुहरें जब्त की हैं। पुलिस के अनुसार, 10 जून से आठ सितंबर के बीच 58.72 लाख रुपये की कथित ठगी का शिकार हुए एक व्यक्ति की शिकायत पर नौ सितंबर को मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने बताया कि मीरा अय्यर नाम की एक महिला और उसके साथियों ने शेयर कारोबार में निवेश पर ऊंचा मुनाफा दिलाने का लालच देकर पीड़ित को अपने जाल में फंसाया और उससे विभिन्न खातों में 58,72,410 रुपये जमा करवाए। शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। तकनीकी विश्लेषण और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल से मिले आंकड़ों से पता चला कि ठगी की रकम में से 24.75 लाख रुपये नागपुर की जरिपटका शाखा स्थित भारतीय स्टेट बैंक के एक चालू खाते में भेजे गए थे। यह खाता ‘ग्रेन गार्डन डिलाइट्स प्राइवेट लिमिटेड’ नामक एक मुखौटा कंपनी के नाम पर पंजीकृत था। जांच के सिलसिले में मुंबई साइबर पुलिस नागपुर पहुंची, जहां उसने सोमवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नागपुर निवासी अमित दिलीपराव काले (34), रितिक शैलेश धारगावे (25) और अनिरुद्ध सतीश उके (30) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, काले इस धोखाधड़ी का कथित मुख्य साजिशकर्ता है। जांचकर्ताओं ने पाया कि काले और उके ने धारगावे के दस्तावेजों और किराये के फर्जी समझौते का इस्तेमाल कर ‘ग्रेन गार्डन डिलाइट्स प्राइवेट लिमिटेड’ नाम से कंपनी बनाई और बैंक में चालू खाता खुलवाया।
9 साल की बच्ची की मौत से उठे सवाल, कैसे आया हार्ट अटैक?
दिल्ली के मयूर विहार में 9 साल की बच्ची की स्कूल में अचानक मौत के बाद कम उम्र में हार्ट अटैक को लेकर सवाल उठ रहे हैं. डॉक्टर के मुताबिक, बच्चों में कार्डियोमायोपैथी और दिल की धड़कनों में गड़बड़ी अचानक मौत की वजह बन सकती हैं. वीडियो में जानें डिटेल्स.
अब मछलियां भी मिलेंगी आर्गेनिक, केंद्र सरकार ने तय किए कड़े मानक
केंद्रीय सरकार ने सिक्किम के सोरेंग में देश के पहले जैविक मत्स्य पालन क्लस्टर के लिए एसओपी जारी की है।
दिल्ली रैली में नहीं जाने की सजा; गुजरात युवा कांग्रेस के 49 पदाधिकारी सस्पेंड
भारतीय युवा कांग्रेस ने दिल्ली के रामलीला मैदान में 'इंडिया' गठबंधन की रैली में अनुपस्थित रहने पर गुजरात के 49 पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इस रिपोर्ट में विस्तृत जानकारी…
गुजरात में पशुपालकों को बड़ी राहत: अब मवेशियों को मिलेगा भारी सब्सिडी वाला बीमा कवच
गुजरात सरकार ने राज्य के लाखों पशुपालकों और किसानों की आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक पशुधन बीमा योजना को धरातल पर उतार दिया है। अक्सर देखा जाता है कि किसी गंभीर बीमारी, महामारी या अचानक दुर्घटना के कारण दुधारू और भारवाहक पशुओं की असामयिक मृत्यु हो जाती है, जिससे छोटे और सीमांत पशुपालक भारी वित्तीय संकट में घिर जाते हैं। इस जोखिम को समाप्त करने के लिए राज्य सरकार ने राष्ट्रीय पशुधन मिशन के सहयोग से एक सुदृढ़ व्यवस्था तैयार की है, जिसके तहत गाय, भैंस और कच्छ-सौराष्ट्र के प्रसिद्ध ऊंटों का व्यापक बीमा किया जा रहा है। इस योजना का सीधा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पशु की असमय मृत्यु की स्थिति में पशुपालक की नियमित आजीविका प्रभावित न हो और उसे नया पशु खरीदने के लिए किसी साहूकार या कर्ज के जाल में न फंसना पड़े।राज्य के पशुपालन विभाग ने इस योजना के क्रियान्वयन को बेहद पारदर्शी और किसान-हितैषी बनाया है, ताकि गांव-देहात के अंतिम छोर पर बैठे चरवाहे और दुग्ध उत्पादक भी बिना किसी जटिल कागजी कार्रवाई के इसका लाभ उठा सकें। आधुनिक डिजिटल तकनीकों और स्थानीय पशु चिकित्सा केंद्रों के नेटवर्क के जरिए गांव-गांव कैंप आयोजित करने की रूपरेखा तैयार की गई है, जिससे राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।प्रीमियम का 85 प्रतिशत खर्च उठाएगी सरकार, पशुपालकों की जेब पर नहीं पड़ेगा बोझइस नई पशुधन बीमा योजना की सबसे प्रमुख विशेषता इसमें मिलने वाली वित्तीय छूट है। आमतौर पर वाणिज्यिक बीमा कंपनियों के महंगे प्रीमियम के कारण ग्रामीण पशुपालक अपने मवेशियों का बीमा कराने से कतराते थे, लेकिन सरकार ने इस बाधा को पूरी तरह खत्म कर दिया है। योजना के नियमों के अनुसार, कुल निर्धारित वार्षिक बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत हिस्सा सरकार वहन करेगी, जबकि लाभार्थी पशुपालक को अपनी जेब से केवल 15 प्रतिशत का मामूली प्रीमियम ही जमा करना होगा। उदाहरण के तौर पर, एक वर्ष के लिए लगभग ₹40,000 के बीमित मूल्य वाले मवेशी के लिए पशुपालक को औसतन मात्र ₹229 से ₹250 के आसपास का खर्च देना पड़ता है, जबकि शेष पूरी धनराशि सब्सिडी के रूप में सीधे बीमा कंपनी को हस्तांतरित कर दी जाती है।यह व्यवस्था न केवल बड़े डेयरी फार्म मालिकों बल्कि उन भूमिहीन खेतिहर मजदूरों और घुमंतू पशुपालकों के लिए भी वरदान साबित होगी, जिनकी पूरी पारिवारिक आय एक या दो दुधारू मवेशियों अथवा ऊंटों के दूध और ढुलाई पर निर्भर करती है। सरकार द्वारा उठाया गया यह वित्तीय कदम पशुपालकों के जोखिम को न्यूनतम स्तर पर ले आता है, जिससे राज्य में श्वेत क्रांति और डेयरी क्षेत्र के निवेश को भी नई रफ्तार मिलेगी।गाय, भैंस और रेगिस्तान के जहाज 'ऊंट' को भी पहली बार मिला व्यापक सुरक्षा कवचगुजरात के भौगोलिक परिदृश्य में जहां उत्तर गुजरात, मध्य गुजरात और सौराष्ट्र के इलाकों में गिर गाय और जाफराबादी/महेसाणी भैंसें डेयरी सेक्टर की रीढ़ मानी जाती हैं, वहीं कच्छ के विशाल रण और सीमावर्ती इलाकों में खराई और कच्ची ऊंट प्रजाति स्थानीय मालधारी समुदाय के जीवन का मुख्य आधार हैं। इस योजना के तहत पहली बार गाय और भैंसों के साथ-साथ ऊंटों को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है, जिससे शुष्क क्षेत्रों के ऊंट पालकों में भारी उत्साह है। योजना के प्रावधानों के मुताबिक, पशुओं की नस्ल, उम्र और दुग्ध उत्पादन क्षमता अथवा कार्यक्षमता के आधार पर उनकी बीमित राशि तय की जाती है, जो सामान्यतः ₹40,000 से लेकर ₹60,000 प्रति पशु तक बैठती है।यदि किसी बीमित पशु की आकाशीय बिजली गिरने, सड़क दुर्घटना, सांप के काटने, आग लगने या किसी संक्रामक बीमारी से मृत्यु हो जाती है, तो निर्धारित क्लेम प्रक्रिया के तहत पूरी बीमित राशि सीधे पशुपालक के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। इसके अलावा, कई परिस्थितियों में स्थायी दिव्यांगता के मामलों में भी नियमानुसार 75 प्रतिशत तक की आर्थिक क्षतिपूर्ति का प्रावधान रखा गया है, ताकि पशु के अनुपयोगी होने पर भी परिवार की आर्थिक स्थिति न बिगड़े।ईयर टैगिंग और आवेदन प्रक्रिया: जानिए कैसे उठाएं योजना का पूरा लाभयोजना का लाभ लेने के लिए पशु की प्रामाणिक पहचान होना सबसे अनिवार्य शर्त है। इसके लिए पशुपालन विभाग के पंजीकृत पशु चिकित्सकों और प्रसार कार्यकर्ताओं द्वारा पशु के कान में एक विशेष 12 अंकों वाला माइक्रोचिपयुक्त ईयर-टैग (Ear Tag) लगाया जाता है, जिसे राष्ट्रीय 'भारत पशुधन' पोर्टल पर डिजिटल रूप से पंजीकृत किया जाता है। यह टैग पशु के पहचान पत्र की तरह कार्य करता है, जिसमें पशु की नस्ल, उम्र, स्वास्थ्य इतिहास और मालिक का पूरा ब्योरा दर्ज होता है। किसी भी अप्रिय घटना या मृत्यु के समय यही टैग क्लेम पास कराने का मुख्य आधार बनता है, इसलिए पशुपालकों को टैग को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।आवेदन करने के लिए पशुपालक अपने नजदीकी सरकारी पशु चिकित्सालय, प्रथम उपचार केंद्र, ग्राम पंचायत के ई-ग्राम केंद्र अथवा स्थानीय दुग्ध सहकारी मंडली (डेयरी समिति) से सीधा संपर्क कर सकते हैं। आवेदन के लिए पशुपालक का आधार कार्ड, बैंक पासबुक की प्रतिलिपि, राशन कार्ड और पशु का स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र आवश्यक होता है। अधिकारियों का कहना है कि औपचारिकताएं पूरी होते ही पॉलिसी दस्तावेज और बीमा संदर्भ संख्या सीधे पशुपालक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर डिजिटल लिंक के जरिए भेज दी जाती है, जिससे दलालों और बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो जाती है।
राज्यों का ईज ऑफ कंस्ट्रक्शन इंडेक्स बनाएगा NHAI, हाईवे में देरी से हर साल 3000 करोड़ का नुकसान
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) राज्यों के लिए 'ईज ऑफ कंस्ट्रक्शन इंडेक्स' बना रहा है ताकि सरकारी औपचारिकताओं के कारण होने वाली परियोजनाओं में देरी को उजागर किया जा सके।
डेमोक्रेट्स की बढ़त से फिसला क्रूड ऑयल, $100 के करीब पहुंचे भाव; जानिए ट्रंप के फैसलों का पूरा गणित
वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। लंबे समय से 100 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर से काफी ऊपर बना हुआ अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड टूटकर अब 100 डॉलर प्रति बैरल के इर्द-गिर्द पहुंच गया है, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) फिसलकर 95 डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहा है। बाजार के जानकारों का मानना है कि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स के मजबूत प्रदर्शन और सत्ता संतुलन में आए बदलाव के कारण बाजार की धारणा में यह बदलाव देखा जा रहा है। ऊर्जा निवेशकों को अब आशंका है कि वॉशिंगटन में विधायी गतिरोध बढ़ने से सख्त टैरिफ और आक्रामक विदेश नीति के एजेंडे पर ब्रेक लग सकता है, जिसका सीधा असर कमोडिटी की कीमतों पर दिख रहा है।ऊर्जा विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पहले से ही तनाव में थी, लेकिन अमेरिकी राजनीतिक समीकरणों के बदलते ही तेल सटोरियों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी है। व्हाइट हाउस की नीतियों में संभावित बदलाव, आर्थिक सुस्ती के संकेत और मध्य पूर्व को लेकर आ रहे मिश्रित बयानों ने मिलकर क्रूड ऑयल पर चौतरफा दबाव बनाया है।मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेट्स का उभार और वैश्विक बाजारों की प्रतिक्रियाअमेरिकी संसद के दोनों सदनों में डेमोक्रेटिक पार्टी के बढ़ते नियंत्रण ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कई इकनॉमिक नीतियों पर अनिश्चितता के बादल खड़े कर दिए हैं। वॉल स्ट्रीट से लेकर लंदन और सिंगापुर तक के बाजारों में इस बात की चर्चा है कि क्या ट्रंप प्रशासन अपने विवादास्पद फैसलों—खासकर टैरिफ वॉर और ऊर्जा प्रतिबंधों—को पहले जैसी आक्रामकता से आगे बढ़ा पाएगा। विश्लेषकों का मानना है कि विधायी शक्ति में कटौती होने से ऊर्जा से जुड़े बड़े बिलों पर ब्रेक लगना तय है, जिससे बाजार में सप्लाई शॉर्टेज का डर अचानक कम हो गया है।इस राजनीतिक घटनाक्रम के साथ ही अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में भी सुस्ती दर्ज की गई है। आमतौर पर जब अमेरिकी कांग्रेस में शक्ति का संतुलन बंट जाता है, तो किसी बड़े अचानक आर्थिक फैसले की संभावना सीमित हो जाती है। निवेशकों ने इसे एक संकेत के तौर पर लिया कि व्हाइट हाउस अब एकतरफा फैसले लेकर ग्लोबल सप्लाई चेन को झटके नहीं दे सकेगा, जिसके चलते तेल की खरीदारी में आक्रामकता थमी और भाव नीचे आ गए।ट्रंप के कड़े फैसलों और बयानों से कैसे हिचकोले खाता रहा तेल बाजारडोनाल्ड ट्रंप का कार्यकाल अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार के लिए हमेशा से एक रोलरकोस्टर की तरह रहा है। उनके आक्रामक रुख ने कई मौकों पर तेल की कीमतों में जबर्दस्त उछाल पैदा किया, तो वहीं उनके अचानक बदले सुर ने बाजार को पलक झपकते ही धड़ाम कर दिया। जब ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की रूपरेखा खींची और मध्य पूर्व में सैन्य कार्रवाइयों के संकेत दिए, तो होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली आपूर्ति बाधित होने की आशंका में कच्चा तेल रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था। बाजार को डर था कि दुनिया के कुल समुद्री तेल परिवहन का 20 प्रतिशत हिस्सा रुक जाएगा, जिससे कीमतें आसमान छू लेंगी।इसके बाद रूस-यूक्रेन संकट के संदर्भ में रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की चेतावनियों ने भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में खलबली मचा दी थी। यदि यह कानून पूरी तरह लागू होता, तो चीन और भारत जैसे बड़े आयातक देशों की सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती थी, जिससे मांग और आपूर्ति का संतुलन बुरी तरह बिगड़ जाता। हालांकि, चुनाव से ठीक पहले ट्रंप ने अचानक कूटनीतिक समझौते और शांति वार्ता के संकेत देकर यह दावा किया कि तेल की कीमतें गिरनी चाहिए और युद्ध की कोई जल्दबाजी नहीं है। उनके इन यू-टर्न भरे बयानों ने हेज फंड्स को अपनी पोजीशन बदलने पर मजबूर किया, जिसके चलते तेल बाजार में भारी उतार-चढ़ाव दर्ज हुआ।भारत जैसे बड़े आयातक देशों पर क्या होगा इसका सीधा प्रभाव?भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल का 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास या उससे नीचे आना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। यदि तेल के दाम लंबे समय तक 100 डॉलर से ऊपर बने रहते, तो देश का चालू खाता घाटा (CAD) तेजी से बढ़ता, भारतीय रुपये पर भारी दबाव आता और घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण महंगाई दर अनियंत्रित हो सकती थी।इसके अलावा, भारत के लिए रूसी कच्चे तेल की रियायती खरीद ऊर्जा सुरक्षा का एक मजबूत स्तंभ बनी हुई है। ट्रंप प्रशासन द्वारा 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने के प्रस्ताव को रोके जाने और अब अमेरिकी संसद में संतुलन बदलने से नई दिल्ली को अपनी स्वतंत्र ऊर्जा नीति जारी रखने की गुंजाइश मिली है। भारतीय रिफाइनरियों के लिए कम लागत पर क्रूड मिलना न केवल देश के विदेशी मुद्रा भंडार को बचाता है, बल्कि ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट नियंत्रित रखकर औद्योगिक विकास को भी गति देता है।आगामी तिमाहियों में क्रूड का आउटलुक और आगे की राहऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि क्रूड ऑयल का 100 डॉलर का स्तर एक बेहद संवेदनशील तकनीकी स्तर है। यदि यह स्तर टूटता है, तो बाजार में और अधिक मंदी आ सकती है। हालांकि, ओपेक प्लस (OPEC+) देशों की उत्पादन नीतियां और मध्य पूर्व में कतर द्वारा की जा रही मध्यस्थता वार्ताओं के नतीजे आने वाले दिनों में कीमतों की अंतिम दिशा तय करेंगे।यदि व्हाइट हाउस और तेहरान के बीच पर्दे के पीछे चल रही बातचीत किसी औपचारिक समझौते की ओर बढ़ती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में अतिरिक्त बैरल तेल की आपूर्ति बहाल हो सकती है, जो कीमतों को और नीचे खींच सकती है। दूसरी ओर, यदि ट्रंप प्रशासन अपने वीटो पावर और कार्यकारी आदेशों के जरिए व्यापारिक पाबंदियों को कड़ा रखता है, तो तेल की कीमतों में दोबारा उछाल से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल, डेमोक्रेट्स की वापसी से बनी स्थिति ने ऊर्जा सट्टेबाजों को बैकफुट पर ला दिया है और दुनिया भर के उपभोक्ता देशों को एक जरूरी राहत पहुंचाई है।
वोटर लिस्ट से छूटे लोगों के जुड़ेंगे नाम, घर-घर जाकर महिलाओं की पहचान करेंगी आशा
उत्तर प्रदेश में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची से छूटे पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा. इस अभियान में खासतौर पर युवा और महिला मतदाताओं पर ध्यान दिया जाएगा.
अपनी आपातकालीन पूंजी (इमरजेंसी फंड) या दैनिक खर्चों की बचत को सुरक्षित रखने के लिए भारतीय निवेशक मुख्य रूप से दो विकल्पों पर भरोसा करते हैं—वाणिज्यिक बैंक (कमर्शियल बैंक) का सेविंग्स अकाउंट और इंडिया पोस्ट (India Post) का पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट (POSA)। जब बात ब्याज दर की आती है, तो डाकघर बचत खाते पर केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित स्थिर 4.0% वार्षिक ब्याज दिया जाता है। दूसरी तरफ, अधिकांश प्रमुख सरकारी और बड़े निजी बैंक (जैसे SBI, HDFC, ICICI, PNB) सामान्य बचत खातों पर ₹1 लाख से ₹10 लाख तक के बैलेंस पर 2.70% से 3.00% वार्षिक ब्याज ही देते हैं। हालांकि, कुछ चुनिंदा निजी बैंक या स्मॉल फाइनेंस बैंक बड़े बैलेंस पर 4% से 6% तक का स्लैब-आधारित ब्याज देते हैं, लेकिन पारंपरिक और सुरक्षित बड़े बैंकों की तुलना में डाकघर का 4.0% ब्याज दर आज भी लगभग 1% से 1.30% तक अधिक रिटर्न सुनिश्चित करता है।₹5 लाख जमा करने पर 1 साल में कहां कितनी होगी कमाई?यदि आप ₹5,00,000 (पांच लाख रुपये) की राशि को पूरे एक वर्ष के लिए बिना निकाले बचत खाते में बनाए रखते हैं, तो ब्याज की गणना इस प्रकार रहेगी:खाता प्रकार (Account Type)लागू वार्षिक ब्याज दर1 वर्ष में मिलने वाला ब्याज (लगभग)1 साल बाद कुल बैलेंस (₹)बड़े बैंक (SBI, PNB, HDFC आदि)~2.70% - 3.00%₹13,500 - ₹15,000₹5,13,500 - ₹5,15,000पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट4.00%₹20,000₹5,20,000कमाई का अंतर (Difference)+1.00% से +1.30%₹5,000 से ₹6,500 ज्यादाडाकघर में अधिक लाभडाकघर के बचत खाते में ₹5 लाख रखने पर आपको बड़े पारंपरिक बैंकों के मुकाबले सालभर में लगभग ₹5,000 से ₹6,500 तक का अतिरिक्त शुद्ध ब्याज मुनाफा मिलता है।ब्याज गणना और क्रेडिट होने का तरीका: दैनिक बैलेंस बनाम न्यूनतम बैलेंसब्याज की गणना के मामले में बैंक और डाकघर के फॉर्मूले में एक बड़ा तकनीकी अंतर है जिसे समझना आवश्यक है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार सभी बैंक बचत खाते पर ब्याज की गणना दैनिक क्लोजिंग बैलेंस (Daily Product Basis) पर करते हैं और यह ब्याज हर तीन महीने (त्रैमासिक) में सीधे आपके खाते में क्रेडिट कर दिया जाता है। दूसरी ओर, पोस्ट ऑफिस बचत खाते में ब्याज की गणना महीने की 10वीं तारीख और महीने के अंतिम दिन के बीच के सबसे न्यूनतम बैलेंस पर की जाती है। यदि आपने महीने की 10 तारीख के बाद कोई बड़ी रकम खाते में डाली, तो उस पूरे महीने उस अतिरिक्त रकम पर ब्याज नहीं मिलेगा। इसके अलावा, डाकघर में यह ब्याज तिमाही आधार पर खाते में नहीं जुड़ता, बल्कि पूरे वित्तीय वर्ष के अंत में (31 मार्च को) एकमुश्त क्रेडिट किया जाता है।टैक्स के नियम: धारा 80TTA और 10(15) के तहत डाकघर को मिलने वाली विशेष छूटटैक्स के मोर्चे पर पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट बैंक खातों की तुलना में दोहरे कर लाभ प्रदान करता है। आयकर कानून की धारा 80TTA के तहत सामान्य नागरिकों को किसी भी बैंक या डाकघर बचत खाते से मिलने वाले ब्याज पर एक वित्तीय वर्ष में ₹10,000 तक की छूट मिलती है (वरिष्ठ नागरिकों को धारा 80TTB के तहत ₹50,000 तक की छूट मिलती है)। लेकिन डाकघर बचत खाते के साथ आयकर अधिनियम की धारा 10(15)(i) के तहत एक अतिरिक्त विशेष छूट मिलती है। इसके अनुसार सिंगल पोस्ट ऑफिस बचत खाते के ब्याज पर ₹3,500 और जॉइंट खाते के ब्याज पर ₹7,000 तक की राशि पहले से ही पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है। इसके बाद बची हुई ब्याज आय पर धारा 80TTA के तहत ₹10,000 की सामान्य छूट का दावा किया जा सकता है।सुरक्षा, लिक्विडिटी और डिजिटल सुविधाएं: आपके लिए कौन-सा विकल्प बेहतर?यदि आपका प्राथमिक लक्ष्य बिना किसी जोखिम के केवल ब्याज दर को अधिकतम करना और टैक्स छूट का लाभ उठाना है, तो पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट एक बेहतर विकल्प है। डाकघर में जमा पूरा पैसा सीधे केंद्र सरकार (सॉवरेन गारंटी) के अधीन होता है, जबकि बैंकों में ₹5 लाख तक की पूंजी ही डीआईसीजीसी (DICGC) द्वारा सुरक्षित होती है। हालांकि, यदि आपको लगातार ऑनलाइन ट्रांजैक्शन, त्वरित यूपीआई (UPI), नेट बैंकिंग, मर्चेंट पेमेंट्स और किसी भी वक्त पैसे निकालने की सुविधा चाहिए, तो आधुनिक तकनीक और मजबूत सर्वर के मामले में कमर्शियल बैंक अधिक सुविधाजनक साबित होते हैं। अधिकांश वित्तीय विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रोजमर्रा के खर्चों और लिक्विडिटी के लिए बैंक खाता रखें, जबकि अपनी इमरजेंसी बचत का एक हिस्सा अधिक ब्याज कमाने के लिए डाकघर खाते में रखें।
Tvisha Sharma death case: MP High Court ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत अर्जी ठुकराई
जबलपुर, चार नवंबर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने अपनी पुत्रवधू त्विषा शर्मा की कथित आत्महत्या के मामले में गिरफ्तार पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा है कि मामले की जांच जारी है और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकल पीठ ने बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद 26 अक्टूबर को जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। त्विषा के परिवार की ओर से पेश अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि उच्च न्यायालय ने बुधवार देर शाम सिंह की जमानत याचिका पर 23 पृष्ठ का अपना आदेश अपलोड किया। आदेश में न्यायमूर्ति निरंकारी ने कहा कि मामले के सभी तथ्यों और परिस्थितियों, आरोपों की प्रकृति और गंभीरता, जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों, मृतका की मौत से ठीक पहले की परिस्थितियों, सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को देखते हुए अदालत इस स्तर पर आरोपी को जमानत देने के पक्ष में नहीं है। अदालत ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 193(9) के तहत आगे की जांच जारी है और महत्वपूर्ण फोरेंसिक एवं डिजिटल साक्ष्यों की जांच रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी। मामले की जांच कर रहे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के वकील सुयश मोहन गुरु ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा कि उच्च न्यायालय ने सभी तथ्यों का विस्तार से विश्लेषण करने के बाद गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका खारिज की है। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने जमानत याचिका में दिए गए सभी तर्कों का जवाब दिया। गुरु ने बताया कि सीबीआई ने अदालत को अवगत कराया कि त्विषा शर्मा के मुख्य मोबाइल फोन और घर में लगे डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) की जांच अभी जारी है। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने मामले के पूरे घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए फैसला सुनाया। उन्होंने कहा, ‘‘मामले के पूरे घटनाक्रम से पता चलता है कि शुरुआत से ही सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की गई थी। अदालत ने इस संभावना से इनकार नहीं किया है। हमने भी यही दलील दी थी।’’गिरिबाला सिंह की पुत्रवधू और पूर्व मॉडल त्विषा शर्मा ने 12 मई को अपने ससुराल में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने उनकी सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया था। गिरिबाला सिंह को भोपाल की जिला अदालत से 14 मई को जमानत मिली थी, जिसे उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए उनकी अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी। इसके बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। सीबीआई ने गिरिबाला सिंह और उनके बेटे को गिरफ्तार किया था। जिला अदालत से जमानत याचिका खारिज होने पर गिरिबाला सिंह ने उच्च न्यायालय का रुख किया था। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी थी कि गिरिबाला सिंह सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हैं। उनकी उम्र और बीमारियों का हवाला देते हुए यह भी कहा गया था कि वह पिछले पांच महीने से न्यायिक हिरासत में हैं। अदालत ने कहा कि आरोपों की गंभीरता, उपलब्ध साक्ष्यों और जांच जारी होने के मद्देनजर इस स्तर पर जमानत नहीं दी जा सकती।
रामायण देखकर इमोशनल बादशाह, अल्लू अर्जुन बोले - ये फिल्म से बढ़कर
अल्लू अर्जुन, ऋषभ शेट्टी और अन्य कलाकारों ने 'रामायण: पार्ट 1' की टीम को फिल्म की थिएटर रिलीज से पहले शुभकामनाएं दीं. उन्होंने इस फिल्म को भारतीय संस्कृति का एक ऐसा उत्सव बताया, जो सिनेमा के स्तर को ऊंचा उठा सकता है.
PNB 365 दिन की FD: त्योहारी सीजन में सुरक्षित निवेश और तयशुदा रिटर्न
त्योहारी सीजन और वित्तीय वर्ष के दूसरे हिस्से में सुरक्षित रिटर्न की तलाश कर रहे निवेशकों के लिए देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक, पंजाब नेशनल बैंक (PNB), 1 साल यानी 365 दिन की अवधि वाली फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर आकर्षक ब्याज ऑफर कर रहा है। शेयर बाजार की अस्थिरता से दूर अपनी गाढ़ी कमाई को बिना किसी रिस्क के बढ़ाने के लिए सरकारी बैंक की सावधि जमा योजनाएं सबसे भरोसेमंद माध्यम मानी जाती हैं। पीएनबी की 365 दिन की स्पेशल एफडी में सामान्य नागरिकों के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) और अति वरिष्ठ नागरिकों (Super Senior Citizens) को अतिरिक्त ब्याज का फायदा दिया जा रहा है, जिससे कम समय में बंधी-बंधाई गारंटीड कमाई संभव होती है।सामान्य, सीनियर और सुपर सीनियर नागरिकों के लिए ब्याज दरेंपंजाब नेशनल बैंक 365 दिन (1 वर्ष) की अवधि के लिए जमाकर्ताओं की आयु वर्ग के आधार पर अलग-अलग ब्याज दरें प्रदान करता है। सामान्य नागरिकों (60 वर्ष से कम आयु) के लिए यह दर 6.25% से 6.55% के दायरे में रहती है। वहीं 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य दर से 0.50% (50 बेसिस प्वाइंट) अतिरिक्त ब्याज मिलता है, जिससे उनकी ब्याज दर 7.05% तक पहुंच जाती है। 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के सुपर सीनियर नागरिकों को बैंक 0.80% तक का अतिरिक्त ब्याज लाभ देता है, जिससे उनकी प्रभावी ब्याज दर और अधिक आकर्षक हो जाती है। चूंकि पीएनबी तिमाही आधार पर ब्याज की चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) गणना करता है, इसलिए 1 साल की मैच्योरिटी पर वास्तविक यील्ड (वार्षिक रिटर्न) साधारण ब्याज से भी ज्यादा निकलकर आती है।₹5 लाख जमा करने पर 1 साल में कितनी होगी कमाई? समझें पूरा गणितयदि आप पीएनबी की 365 दिन वाली एफडी में ₹5,00,000 (पाँच लाख रुपये) की एकमुश्त राशि जमा करते हैं, तो 1 साल पूरा होने पर आपको मिलने वाला रिटर्न इस प्रकार रहेगा:जमाकर्ता श्रेणी (Category)लागू ब्याज दर (वार्षिक)1 साल में अर्जित ब्याज (लगभग)मैच्योरिटी पर कुल राशि (₹)सामान्य नागरिक (General)6.55%₹33,565₹5,33,565वरिष्ठ नागरिक (Senior Citizen)7.05%₹36,200₹5,36,200सुपर सीनियर सिटीजन (80+ वर्ष)7.35%₹37,790₹5,37,790वरिष्ठ नागरिकों को ₹5 लाख के मूलधन पर 1 साल में लगभग ₹36,200 का शुद्ध ब्याज मुनाफा मिलेगा, जबकि सामान्य नागरिकों को लगभग ₹33,565 का तय रिटर्न प्राप्त होगा।टीडीएस और टैक्स नियम: ब्याज पर कटौती से कैसे बचें?बैंक एफडी से होने वाली ब्याज आय पर आयकर नियमों के तहत स्रोत पर कर कटौती (TDS) लागू होती है। एक वित्तीय वर्ष में सामान्य नागरिकों के लिए सभी शाखाओं को मिलाकर कुल ब्याज ₹40,000 से अधिक होने पर और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹50,000 से अधिक होने पर 10% टीडीएस काटा जाता है। यदि आपका पैन कार्ड बैंक खाते से लिंक नहीं है, तो यह कटौती 20% तक हो सकती है। ₹5 लाख की इस 1 साल की एफडी में सामान्य नागरिक की ब्याज आय ₹33,565 रहने के कारण यह ₹40,000 की टीडीएस सीमा के भीतर ही रहती है, जिससे बैंक द्वारा कोई टीडीएस नहीं काटा जाएगा। वहीं यदि वरिष्ठ नागरिकों की कुल आय कर योग्य सीमा से कम है, तो वे वित्तीय वर्ष की शुरुआत में बैंक में फॉर्म 15H जमा कर सकते हैं, जबकि सामान्य नागरिक फॉर्म 15G जमा करके टीडीएस कटौती से पूरी तरह छूट पा सकते हैं।पीएनबी में घर बैठे ऑनलाइन एफडी कैसे बुक करें?पीएनबी में 365 दिन की एफडी खोलने के लिए बैंक शाखा जाने की अनिवार्यता नहीं है। यदि आपके पास पीएनबी का बचत खाता और नेट बैंकिंग या PNB ONE मोबाइल बैंकिंग ऐप है, तो आप इसे मिनटों में एक्टिवेट कर सकते हैं। इसके लिए PNB ONE ऐप में लॉगिन करें, 'Services' सेक्शन में जाकर 'Open Fixed Deposit (FD)' चुनें। इसके बाद डिपॉजिट राशि में ₹5,00,000 दर्ज करें और टेन्योर में 365 दिन (1 वर्ष) का विकल्प चुनें। ब्याज भुगतान का प्रकार (मैच्योरिटी पर री-इन्वेस्टमेंट या तिमाही भुगतान) चुनकर और नॉमिनी की पुष्टि कर ट्रांजैक्शन पासवर्ड दर्ज करते ही आपकी एफडी तुरंत जनरेट हो जाएगी और उसकी डिजिटल रसीद ईमेल व फोन पर प्राप्त हो जाएगी।
नवंबर में बैंकों की FD दरें: कहां मिल रहा है सबसे ज्यादा मुनाफा?
त्योहारी और वित्तीय वर्ष की दूसरी छमाही में सुरक्षित निवेश और बंधी-बंधाई कमाई की तलाश कर रहे निवेशकों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) एक बार फिर आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हालिया मौद्रिक नीति और लिक्विडिटी समीक्षा के बाद सरकारी, निजी और स्मॉल फाइनेंस बैंकों (SFBs) ने अपनी ब्याज दरों को नए सिरे से अपडेट किया है। जहां भारतीय स्टेट बैंक (SBI), एचडीएफसी (HDFC) और आईसीआईसीआई (ICICI) जैसे बड़े वाणिज्यिक बैंक 6.40% से 7.20% तक की सुरक्षित और स्थिर ब्याज दरें दे रहे हैं, वहीं स्मॉल फाइनेंस बैंक जमाकर्ताओं को आकर्षित करने के लिए 8.25% से लेकर 8.60% तक का रिकॉर्ड रिटर्न ऑफर कर रहे हैं। यदि आप नवंबर में नई एफडी कराने या अपनी पुरानी जमा पूंजी को रिन्यू करने की योजना बना रहे हैं, तो बड़े बैंकों और स्मॉल फाइनेंस बैंकों की तुलना करके सही अवधि चुनना सबसे जरूरी कदम है।प्रमुख सरकारी और प्राइवेट बैंकों की ब्याज दरें: SBI, HDFC, ICICI और BOIदेश के दिग्गज लेंडर्स में लंबी और मध्यम अवधि के लिए अलग-अलग स्पेशल टेन्योर पर अतिरिक्त ब्याज का लाभ दिया जा रहा है।बैंक का नाम (Bank Name)सामान्य नागरिकों के लिए उच्चतम दरवरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के लिए दरसबसे आकर्षक अवधि (Tenure)भारतीय स्टेट बैंक (SBI)6.45%7.05%444 दिन (अमृत वृष्टि) / 5 से 10 वर्षHDFC बैंक6.60%7.10%2 वर्ष 11 महीने से 3 वर्षICICI बैंक6.60%7.10%2 वर्ष से अधिक की विशेष अवधिबैंक ऑफ इंडिया (BOI)6.70%7.20%3 वर्ष की मानक अवधिकोटक महिंद्रा बैंक6.80%7.55%2 वर्ष से कम 3 वर्ष तककेनरा बैंक6.75%7.25%555 दिन की स्पेशल स्कीमबड़े कमर्शियल बैंकों में बैंक ऑफ इंडिया (BOI) और कोटक महिंद्रा बैंक क्रमशः 6.70% और 6.80% की आकर्षक दरें दे रहे हैं। वहीं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अपनी विशेष 'अमृत वृष्टि' (444 दिन) योजना पर सामान्य ग्राहकों को 6.45% और वरिष्ठ नागरिकों को 6.95% तक ब्याज उपलब्ध करा रहा है।स्मॉल फाइनेंस बैंकों में तगड़ा रिटर्न: 8.60% तक की छप्परफाड़ कमाईयदि आपका प्राथमिक लक्ष्य पूंजी पर अधिकतम ब्याज हासिल करना है, तो स्मॉल फाइनेंस बैंक पारंपरिक बैंकों से 1.5% से 2% तक अधिक ब्याज दे रहे हैं।स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB)सामान्य नागरिकों को ब्याज दरवरिष्ठ नागरिकों को ब्याज दरमुख्य आकर्षक अवधिसूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक8.25%8.60%5 वर्ष की अवधिउत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक8.10%8.50%666 दिन की विशेष अवधिशिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक7.75%8.25%24 से 36 महीनेस्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक7.25%7.75%12 से 24 महीनेसूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक में 5 वर्ष की एफडी पर वरिष्ठ नागरिकों को 8.60% और सामान्य नागरिकों को 8.25% की सर्वाधिक दर मिल रही है। वहीं उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक 666 दिन की विशेष स्कीम पर वरिष्ठ नागरिकों को 8.50% का शानदार मुनाफा दे रहा है।क्या स्मॉल फाइनेंस बैंकों में जमा पूंजी सुरक्षित है? DICGC नियमकई जमाकर्ताओं के मन में यह आशंका रहती है कि क्या छोटे या स्मॉल फाइनेंस बैंकों में पैसा जमा करना सुरक्षित है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियमानुसार सभी स्मॉल फाइनेंस बैंक भारतीय बैंकिंग विनियमन कानून के तहत शेड्यूल्ड बैंकों की तरह ही संचालित होते हैं। इसके तहत प्रत्येक बैंक में जमाकर्ता की ₹5,00,000 (मूलधन + ब्याज) तक की राशि 'डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन' (DICGC) द्वारा 100% बीमित (Insured) होती है। इसका अर्थ यह है कि यदि किसी भी परिस्थिति में बैंक पर कोई वित्तीय संकट आता है, तो केंद्र सरकार और आरबीआई की गारंटी के तहत ₹5 लाख तक का भुगतान पूरी तरह सुरक्षित रहता है। समझदारी इसी में है कि स्मॉल फाइनेंस बैंकों में एक ही बैंक में बड़ी पूंजी लगाने के बजाय ₹4.5 लाख से ₹5 लाख तक के अलग-अलग बैंकों में खाते खोलकर जोखिम को शून्य करते हुए ऊंचे ब्याज का पूरा फायदा उठाया जाए।टैक्स और मैच्योरिटी प्लानिंग: अपनी एफडी से कैसे निकालें अधिकतम लाभ?फिक्स्ड डिपॉजिट चुनते समय केवल ब्याज दर ही नहीं, बल्कि उस पर लगने वाले टैक्स (TDS) और लिक्विडिटी का ध्यान रखना भी जरूरी है। एक वित्तीय वर्ष में सामान्य नागरिकों के लिए ₹40,000 से अधिक और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹50,000 से अधिक के एफडी ब्याज पर बैंक 10% टीडीएस काटते हैं। यदि आपकी कुल वार्षिक आय टैक्स स्लैब में नहीं आती, तो समय रहते बैंक में फॉर्म 15G या 15H जमा कर टीडीएस कटौती रोकी जा सकती है। इसके अलावा पूरी राशि को एक ही लंबी अवधि की एफडी में ब्लॉक करने के बजाय 'एफडी लैडरिंग' (FD Laddering) तकनीक अपनाएं, यानी अपनी पूंजी को 1 वर्ष, 2 वर्ष और 3 वर्ष की अलग-अलग किस्तों में बांटकर जमा करें। इससे हर साल कुछ पैसा मैच्योर होकर आपके हाथ में आएगा, जिससे जरूरत पड़ने पर लिक्विडिटी भी बनी रहेगी और यदि ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो पैसे को फिर से ऊंचे रेट पर री-इन्वेस्ट करने का अवसर भी मिलेगा।
तमिलनाडु में टॉपर पर CM विजय ने लुटाया प्यार, सोने का हार देकर किया सम्मानित
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने बुधवार को चेन्नई में एक कार्यक्रम में 12वीं कक्षा में राज्य स्तर पर प्रथम स्थान पाने वाली छात्रा को सोने का हार दिया। यह कार्यक्रम 10वीं और 12वीं कक्षा के होनहार छात्रों को सम्मानित करने के लिए आयोजित किया गया था।
BSBD अकाउंट क्या है और इसमें मिनिमम बैलेंस की कोई बाध्यता क्यों नहीं?
देश के प्रमुख सरकारी और निजी बैंकों में सामान्य बचत खाता (Regular Savings Account) खुलवाने पर ग्राहकों को हर महीने औसत न्यूनतम बैलेंस (MAB) बनाए रखना अनिवार्य होता है। मेट्रो और शहरी क्षेत्रों में यह सीमा ₹3,000 से लेकर ₹10,000 तक होती है, और बैलेंस कम होते ही बैंक भारी जुर्माना काट लेते हैं। आम नागरिकों, छात्रों, छोटे कारोबारियों और नौकरीपेशा लोगों को इस वित्तीय बोझ से बचाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट (BSBD Account) का प्रावधान किया है। यह पूरी तरह से 'जीरो बैलेंस' बचत खाता होता है। इसका मतलब है कि यदि आपके खाते में ₹0 (शून्य बैलेंस) भी रहता है, तो भी बैंक न तो आपसे कोई पेनाल्टी वसूल सकता है और न ही खाते का बैलेंस निगेटिव कर सकता है। यह खाता देश के प्रत्येक नागरिक के लिए उपलब्ध एक सामान्य बैंकिंग सेवा है, जिसे कोई भी बैंक खोलने से इनकार नहीं कर सकता।मुफ्त एटीएम, डेबिट कार्ड और चेकबुक समेत मिलने वाली प्रमुख सुविधाएंआरबीआई के कड़े दिशा-निर्देशों के अनुसार बीएसबीडी खाताधारकों को बिना किसी अतिरिक्त चार्ज के आवश्यक बैंकिंग सेवाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जाती हैं। खाताधारक को खाता खोलते समय एक मुफ्त एटीएम कार्ड या एटीएम-कम-डेबिट कार्ड (अमूमन RuPay कार्ड) जारी किया जाता है। खास बात यह है कि इस डेबिट कार्ड पर न तो जारी करते समय कोई फीस लगती है और न ही हर साल काटा जाने वाला एनुअल मेंटेनेंस चार्ज (AMC) लिया जा सकता है। इसके अलावा बैंक शाखा में जाकर या कैश डिपॉजिट मशीन (CDM) के जरिए कैश जमा करने पर कोई सीमा नहीं होती; आप महीने में जितनी बार चाहें बिना किसी शुल्क के नकद जमा कर सकते हैं। इसके साथ ही खाताधारक को प्रति वर्ष न्यूनतम 25 पन्नों की चेकबुक और मुफ्त बैंक पासबुक दी जाती है। पुरानी पासबुक के पन्ने भर जाने पर नई पासबुक जारी करने का भी कोई चार्ज नहीं लगता।विड्रॉल की सीमा और डिजिटल ट्रांजैक्शन के क्या हैं नियम?बीएसबीडी खाते में निकासी यानी विड्रॉल को लेकर आरबीआई ने बेहद स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। खाताधारक को हर महीने कम से कम 4 फ्री विड्रॉल (निकासी) की सुविधा मिलती है। इसमें बैंक शाखा से कैश निकालना, अपने बैंक के एटीएम से पैसे निकालना या किसी दूसरे बैंक के एटीएम से ट्रांजैक्शन करना शामिल है। एक महीने में 4 मुफ्त निकासी पूरी होने के बाद यदि आप बैंक शाखा या एटीएम से अतिरिक्त कैश निकालते हैं, तो बैंक उस पर एक मामूली शुल्क ले सकते हैं। हालांकि, डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा राहत भरा नियम यह है कि यूपीआई (UPI), एनईएफटी (NEFT), आरटीजीएस (RTGS), आईएमपीएस (IMPS) और पीओएस (PoS) मशीनों पर किए जाने वाले ऑनलाइन लेनदेन को इन 4 विड्रॉल में नहीं गिना जाता है। इसका अर्थ यह है कि आप मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और गूगल पे या फोनपे जैसे ऐप के जरिए बिना किसी गिनती की बंदिश के फ्री डिजिटल पेमेंट कर सकते हैं।रेगुलर सेविंग्स खाते और बीएसबीडी खाते में मुख्य अंतरसामान्य बचत खाते और बीएसबीडी खाते के बीच का अंतर समझना बेहद जरूरी है ताकि आप अपनी जरूरत के अनुसार सही फैसला ले सकें। रेगुलर सेविंग्स खाते में प्रीमियम क्रेडिट कार्ड, अनलिमिटेड शाखा लेन-देन, उच्च ओवरड्राफ्ट सीमा और वेल्थ मैनेजमेंट जैसी सेवाएं मिलती हैं, लेकिन इसके बदले भारी न्यूनतम बैलेंस मेंटेन करना पड़ता है। दूसरी ओर बीएसबीडी खाते का प्राथमिक उद्देश्य पारदर्शी और मुफ्त बुनियादी बैंकिंग देना है। ब्याज दर की बात करें तो बीएसबीडी खाते में जमा पैसों पर भी उतना ही सामान्य ब्याज मिलता है जितना बैंक के किसी रेगुलर सेविंग्स अकाउंट पर दिया जाता है। इस खाते पर भी डीआईसीजीसी (DICGC) के तहत ₹5 लाख तक का बीमा कवर पूरी तरह लागू होता है। यदि आप बैंक के अनचाहे सर्विस चार्ज, एसएमएस चार्ज और बैलेंस मेंटेन न करने पर लगने वाली पेनाल्टी से परेशान हैं, तो बीएसबीडी खाता सबसे सुरक्षित और किफायती विकल्प साबित होता है।कौन खुलवा सकता है यह खाता और क्या हैं जरूरी शर्तें?भारत का कोई भी वैध नागरिक, जिसकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक है (नाबालिग भी अभिभावक के साथ), बीएसबीडी खाता खुलवा सकता है। इसके लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड (या फॉर्म 60) और पासपोर्ट साइज फोटो जैसे सामान्य केवाईसी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। यदि किसी के पास पूर्ण केवाईसी दस्तावेज नहीं हैं, तो वह 'स्मॉल अकाउंट' (सरलीकृत केवाईसी) के रूप में भी शुरुआत कर सकता है। हालांकि इस खाते के साथ एक महत्वपूर्ण वैधानिक शर्त जुड़ी है: एक व्यक्ति का उसी बैंक में या किसी अन्य बैंक में पहले से कोई दूसरा चालू बीएसबीडी या सामान्य बचत खाता नहीं होना चाहिए। यदि आपके पास उसी बैंक में पहले से कोई रेगुलर सेविंग्स अकाउंट है, तो बीएसबीडी खाता खोलने के 30 दिनों के भीतर आपको अपना पुराना खाता बंद करना होगा।सामान्य खाते को BSBD में कैसे बदलें और नया खाता कैसे खोलें?यदि आप अपने मौजूदा बचत खाते में मिनिमम बैलेंस के झंझट से तंग आ चुके हैं, तो आपको नया खाता खोलने के लिए भटकने की जरूरत नहीं है। आरबीआई के नियमों के अनुसार कोई भी ग्राहक अपने मौजूदा रेगुलर सेविंग्स खाते को बीएसबीडी खाते में बदलने (Convert) के लिए बैंक को लिखित आवेदन दे सकता है। बैंक को आवेदन मिलने के 7 कार्यदिवसों के भीतर खाते को बीएसबीडी में बदलना अनिवार्य होता है। यह सुविधा कई बैंकों की नेट बैंकिंग और मोबाइल ऐप पर भी ऑनलाइन उपलब्ध करा दी गई है। वहीं नया खाता खुलवाने के लिए आप अपने नजदीकी बैंक शाखा में जाकर सीधे 'Basic Savings Bank Deposit Account' का फॉर्म भर सकते हैं या बैंक के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर वीडियो केवाईसी के माध्यम से घर बैठे जीरो बैलेंस खाता एक्टिवेट करवा सकते हैं।
कर्नाटक के दामाद हैं अमेरिका में जीते अब्दुल, अब बनेंगे पहले मुस्लिम सीनेटर
अमेरिका के पहले मुस्लिम सीनेटर बनकर इतिहास रचने वाले अब्दुल अल-सैयद का कर्नाटक से नाता है. उनकी डॉक्टर पत्नी सारा जुकाकू का कर्नाटक के भटकल से संबंध रहा है. सारा के दादा जेएच शम्सुद्दीन जुकाकू मैसूर रियासत की सरकार में डिप्टी फाइनेंस मिनिस्टर रहे थे.
गौर से लेकर गिद्धों बढ़ी मौजूदगी, बांधवगढ़ के वन्यप्राणी भी मना रहे उत्सव
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में गौर, हाथियों और गिद्धों की मौजूदगी से जैव विविधता समृद्ध हो रही है. कान्हा से लाए गए बारहसिंगा को नए आवास के अनुकूल बनाने की तैयारी जारी है.
दिल्ली में दिवाली से पहले ट्रैफिक चरमराया, जानें कारण
दिवाली और धनतेरस से पहले दिल्ली के बाजारों में खरीदारी के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है. साउथ एक्स के पास रिंग रोड और मोदी मिल फ्लाईओवर पर भीषण जाम लगा. अवैध पार्किंग के चलते एम्बुलेंस और इमरजेंसी सेवाएं भी प्रभावित हुईं. त्योहारों के इस सीजन में ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रखना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बन गया है.
3-4 चम्मच घी, नींबू का रस और इलायची पाउडर... विदेशी मांग रहे ये मिठाई
त्योहार के मौके पर वैसे तो सभी मिठाइयों की भारी डिमांड रहती है. लेकिन इनमें अलवर का कलाकंद बेहद खास रहता है. अलवर का कलाकंद देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेश में भी सप्लाई होता है. यह बाहर से हल्का भूरा और अंदर से मलाईदार और मीठा होता है.
यौन शोषण मामलों की सुनवाई के लिए बढ़ेंगी फास्ट ट्रैक कोर्ट, कैबिनेट की मंजूरी
केंद्र सरकार ने रेप और बाल यौन शोषण मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट योजना को मार्च 2031 तक बढ़ाने की मंजूरी दी है. योजना के तहत विशेष अदालतों की संख्या 779 से बढ़ाकर 850 की जाएगी और 3,788 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
CJP अब खत्म है, रीढ़ की हड्डी टूट गई: बोले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज काटजू ने कहा कि सीजेपी अब खत्म हो गई। रीढ़ की हड्डी टूट गई। पीस बॉन्ड साइन करने से अब ये खत्म हो गए। कुछ नहीं रहा इनमें। बता दें कि पिछले महीने भी काटजू ने सीजेपी नेताओं पर हमला बोला था और कहा था कि चारों का करियर खत्म हो गया है।
आजम खान ने ईडी की गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती, गुरुवार को होगी सुनवाई
समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान ने रामपुर जेल से रिहाई के तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए जाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को सुनवाई करेगा।
छह थानों की पुलिस ने मिलकर पकड़े 9 तस्कर, 16 किलो से ज्यादा गांजा बरामद
दीपावली से पहले कौशांबी पुलिस ने ऑपरेशन सवेरा के तहत अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान चलाया. छह थाना क्षेत्रों में हुई कार्रवाई के दौरान नौ आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. पुलिस ने इनके कब्जे से कुल 16 किलो 758 ग्राम गांजा बरामद किया है. आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया जा रहा है.
दीपावली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सेंट्रल रेलवे ने अपने मंडल के पांच प्रमुख स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है। यह प्रतिबंध 5 नवंबर 2026 से 15 नवंबर 2026 तक लागू रहेगा।
सिक्किम में कड़ाके की ठंड: छांगू में माइनस दो तो नाथुला में माइनस पांच डिग्री तक पहुंचा पारा
सिक्किम में सर्दी का असर लगातार बढ़ रहा है, जहां छांगू झील और नाथुला में तापमान तेजी से गिर रहा है।
कारगिल में बेकाबू होकर खाई में गिरा सैन्य वाहन, दो जवान शहीद
लद्दाख के कारगिल में नेशनल हाईवे-01 पर नामिका ला पास के पास भारतीय सेना का एक भारी वाहन गहरी खाई में गिर गया. इस हादसे में वाहन के चालक और सह-चालक दोनों जवान मौके पर ही शहीद हो गए. पुलिस ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और शवों को निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा.
देश के नंबर-1 CM बने योगी आदित्यनाथ, 897 अंकों के साथ 'बेस्ट सीएम सर्वे 2026' में किया टॉप
देशभर के मुख्यमंत्रियों को लेकर आए एक ताजा राष्ट्रीय सर्वे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर देश में पहला स्थान हासिल कर बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है। 'फेम इंडिया पत्रिका' और 'एशिया पोस्ट' द्वारा किए गए संयुक्त 'बेस्ट ...
US चुनाव में डेमोक्रेट्स की बढ़त के बाद चीन का आया बयान
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की बढ़त के बाद चीन ने इसे अमेरिका का आंतरिक मामला बताया है. बीजिंग ने दोनों देशों के बीच संवाद, सहयोग और शीर्ष नेताओं के बीच बनी सहमति को लागू करने की इच्छा जताई है. ये बैठक 18-19 नवंबर को चीन के शेनझेन में होने वाले APEC सम्मेलन के दौरान हो सकती है. हालांकि, चीन ने इसकी औपचारिक पुष्टि नहीं की है.
'सुप्रिया अब तैयार हैं', PM मोदी ने शरद पवार को किया फोन; सियासी अटकलें तेज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शरद पवार को फोन कर उनका हालचाल पूछा, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में नई अटकलें तेज हो गईं।
तमिलनाडु सीएम थलपति विजय ने चेन्नई के लिए मांगा 'सुप्रीम कोर्ट', पीएम मोदी को लिखा खत
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय ने चेन्नई में सुप्रीम कोर्ट की एक स्थायी ब्रांच स्थापित करने की मांग की है। उन्होंने पीएम मोदी को पत्र लिखकर इस मुद्दे को उच्चतम न्यायलय के सामने उठाने की अपील की है।
दिवाली की सफाई में कूड़े में न फेंकें ये चीजें, घर सजाने में आएंगी काम
दीपावली से पहले घर की अच्छी तरह से साफ-सफाई की जाती है और इस सफाई में काफी कचरा भी निकलता है. मगर सफाई में इन 5 चीजों को बिल्कुल भी कूड़ा समझकर डस्टबिन में फेंकने की गलती न करें. इन 5 चीजों का इस्तेमाल आप दिवाली पर घर को सजाने के लिए दोबारा इस्तेमाल कर सकते हैं. आइए आपको इन चीजों के बारे में बताते हैं.
Agniveer योजना में विस्तार, मोदी की VISTAR योजना समेत देश-विदेश की प्रमुख खबरें
नयी दिल्ली, चार नवंबर बुधवार को रात साढ़े नौ बजे तक ‘भाषा’ की विभिन्न फाइल से जारी मुख्य समाचार इस प्रकार हैं : दि98मंत्रिमंडल दूसरी लीड अग्निवीरसरकार ने अग्निवीरों को दो साल का सेवा विस्तार देने की घोषणा की, स्थायी भर्ती का मार्ग प्रशस्त हुआनयी दिल्ली, ‘अग्निपथ’ योजना में बड़े बदलाव के तहत सरकार ने बुधवार को घोषणा की कि उन ‘अग्निवीरों’ को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार दिया जाएगा जिनका चार साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इसके बाद निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करने और व्यक्तिगत सहमति देने वाले अग्निवीरों को स्थायी भर्ती की पेशकश की जाएगी। दि91मोदी विस्तार योजनामोदी ने सांख्यिकी प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए ‘विस्तार’ योजना को मंजूरी दिए जाने की सराहना कीनयी दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ‘विस्तार’ योजना को बुधवार को मंजूरी दिए जाने की सराहना करते हुए कहा कि बेहतर आंकड़ों से बेहतर फैसले लेने, नीतियां बनाने और लोगों तक अधिक प्रभावी ढंग से सेवाएं पहुंचाने में मदद मिलेगी। प्रादे156पंजाब राहुल लीड मोदीपांच मिनट में साबित कर दूंगा मोदी ‘राष्ट्र-विरोधी’ हैं: राहुल ने फिर दी खुली बहस की चुनौतीसंगरूर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके उस आरोप पर खुली बहस की फिर से चुनौती दी, जिसमें कांग्रेस को ‘देशद्रोही’ कहा गया था। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि वह पांच मिनट के भीतर यह साबित कर सकते हैं कि वास्तव में प्रधानमंत्री ही इस ‘टैग’ के लिए फिट बैठते हैं। वि32अमेरिका चुनाव चौथी लीड परिणामडेमोक्रेट्स ने ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को दी करारी शिकस्त, दोनों सदनों पर जमाया कब्जावाशिंगटन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका देते हुए देश के मतदाताओं ने मंगलवार को हुए बहुचर्चित मध्यावधि चुनावों में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी को अमेरिकी संसद का नियंत्रण सौंप दिया और कई अहम राज्यों में गवर्नर पदों पर भी पार्टी को जीत दिलाई। प्रादे191 महाराष्ट्र पवार लीड मोदीपुणे के अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद शरद पवार मुंबई में भर्तीमुंबई/पुणे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) के प्रमुख शरद पवार को बुधवार को पुणे के एक मल्टी-स्पेशियलिटी स्वास्थ्य केंद्र से छुट्टी मिलने के कुछ ही घंटे बाद मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। दि102संसद समिति एफसीआरए हितधारकएसीआरए विधेयक पर संयुक्त समिति 12 नवंबर को विभिन्न हितधारकों के साथ बैठक करेगीनयी दिल्ली, विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक पर संसद की संयुक्त समिति 12 नवंबर को बैठक करेगी और बैप्स, ऑक्सफैम, गिरजाघर के पदाधिकारियों और वकीलों समेत विभिन्न हितधारकों के साथ एक-एक करके विचार-विमर्श करेगी। दि99भाजपा राहुल मोदी बहससंसद में बहस से भागना और बाहर बहस की मांग करना संविधान का अपमान: भाजपा का राहुल गांधी पर निशानानयी दिल्ली, भाजपा ने बुधवार को राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह एक तरफ तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ खुली बहस की मांग कर रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ संसद में चर्चा से ‘‘भाग रहे’’ हैं। पार्टी ने कहा कि उनका यह रुख संविधान की मूल भावना का अपमान होने के साथ ही देश के मतदाताओं के साथ मजाक है। दि95न्यायालय सीईसी कार्रवाई छूटन्यायालय सीईसी, निर्वाचन आयुक्तों को कानूनी कार्रवाई से मिली छूट के खिलाफ याचिकाओं पर करेगा सुनवाईनयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय बुधवार को राजद सांसद मनोज झा और सामाजिक कार्यकर्ता अरुण अग्रवाल की उन याचिकाओं पर सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया, जिनमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) और निर्वाचन आयुक्तों पर मुकदमा चलाये जाने से छूट देने वाले कानून के एक प्रावधान की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है। दि15 : कांग्रेस अमेरिका मध्यावधिअमेरिका के मध्यावधि चुनावों ने संस्थागत संतुलन बहाल किया, भारत में 2014 से यह बिगड़ा है: कांग्रेसनयी दिल्ली, कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि अमेरिका के मध्यावधि चुनावों ने उस संस्थागत संतुलन को बहाल किया है, जो गणतांत्रिक लोकतंत्र के मूल में है और भारत में 2014 से यह खतरनाक ढंग से बिगड़ा हुआ है। प्रादे176लोकसभा अध्यक्ष एनसीपीआईअयोग्यता संबंधी नोटिस पर और समय मांगने वाले बागी तृणमूल सांसदों के आवेदनों पर विचार करूंगा : बिरलातिरुवनंतपुरम, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को कहा कि वह तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी सांसदों की उन अर्जियों पर बारीकी से विचार करेंगे, जिनमें उन्होंने अयोग्यता नोटिस का जवाब देने के लिए और समय मांगा है। प्रा157महाराष्ट्र कांग्रेस लीड बर्वेवीडियो में कांग्रेस सांसद पार्टी की महिला सांसद को थप्पड़ मारते दिखे, दोनों ने घटना को तूल नहीं दियानागपुर, दिल्ली में एक विरोध रैली के दौरान कांग्रेस के रामटेक से सांसद श्यामकुमार बर्वे द्वारा पार्टी की ही सांसद प्रतिभा धानोरकर को हल्के से थप्पड़ मारे जाने का एक वीडियो बुधवार को विवाद का विषय बन गया, हालांकि दोनों नेताओं ने इस घटना को महज एक मजाक बताकर टाल दिया। प्रादे135मप्र संघ लीड होसबालेमहासचिव होसबाले ने एसआईआर को सही ठहराया, ‘अराजक शक्तियों’ के प्रति आगाह कियाइंदौर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह (महासचिव) दत्तात्रेय होसबाले ने निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को बुधवार को उचित ठहराते हुए कहा कि इस प्रक्रिया का मकसद इन सूचियों को त्रुटिहीन बनाना है। वि33इजराइल तीसरीलीड चुनावधोखाधड़ी के दावों के बीच इजराइल ने चुनाव परिणामों को मंजूरी दीयरुशलम,वोट चोरी और धांधली के आरोपों के बीच, इजराइल की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) के अध्यक्ष नोम सोहलबर्ग ने चुनाव के नतीजे बुधवार को राष्ट्रपति इसाक हर्जोग को सौंप दिए, जिससे नयी सरकार के गठन को लेकर विचार-विमर्श की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अर्थ78अमेरिका चुनाव व्यापार विशेषज्ञचुनाव में हार के बाद ट्रंप भारत के साथ जल्द व्यापार समझौता करने की कर सकते कोशिश: विशेषज्ञनयी दिल्ली, अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में हार के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के साथ जल्द व्यापार समझौता करने की कोशिश कर सकते हैं। विशेषज्ञों ने यह राय जताई है। अर्थ85लीड ट्राई नेटवर्क अनुभव मंचट्राई का नेटवर्क अनुभव प्लेटफॉर्म शुरू, ग्राहक कंपनियों के इंटरनेट नेटवर्क की कर सकेंगे तुलनानयी दिल्ली, मोबाइल कनेक्शन लेने या दूरसंचार कंपनी बदलने से पहले अब उपभोक्ता अपने इलाके में अलग-अलग कंपनियों के इंटरनेट नेटवर्क की स्थिति की तुलना कर सकेंगे। इसके लिए दूरसंचार नियामक ट्राई ने बुधवार को ‘नेटवर्क अनुभव प्लेटफॉर्म’ शुरू किया। इस पर मोबाइल इंटरनेट की डाउनलोड और अपलोड की गति के परीक्षण नतीजे उपलब्ध होंगे। खेल20खेल लीड भारततेज गेंदबाजों और कोहली के कमाल से भारत ने जीता पहला वनडेऑकलैंड, तेज गेंदबाजों के कमाल और विराट कोहली की धमाकेदार अर्धशतकीय पारी की मदद से भारत ने बुधवार को यहां बारिश से प्रभावित पहले एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में न्यूजीलैंड को डकवर्थ लुईस पद्वति से पांच विकेट से हराकर पांच मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त हासिल की। खेल39खेल रणजी ग्रुप एरणजी ट्रॉफी: विदर्भ ने मध्य प्रदेश को पारी और 20 रन से रौंदानागपुर, हर्ष दुबे और पार्थ रेखाड़े के पांच-पांच विकेट की बदौलत विदर्भ ने बुधवार को यहां रणजी ट्रॉफी के ग्रुप ए मुकाबले में मध्य प्रदेश पर पारी और 20 रन से शानदार जीत दर्ज की।
जयपुर में EPFO का प्रवर्तन अधिकारी एक लाख रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट, ACB ने रंगे हाथों दबोचा
जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बुधवार को जयपुर में कार्रवाई करते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के प्रवर्तन अधिकारी सोनू मौर्य को एक लाख रुपए की कथित रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोप है कि अधिकारी ने एक निजी फर्म के कर्मचारियों का भविष्य निधि (PF) जमा नहीं कराने से […] The post जयपुर में EPFO का प्रवर्तन अधिकारी एक लाख रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट, ACB ने रंगे हाथों दबोचा appeared first on Sabguru News .
धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी पर संतों ने क्या कहा?
धीरेंद्र शास्त्री ने कथा के दौरान भगवान राम को सीधा और श्रीकृष्ण को टेढ़ा बताया था. उनके इस बयान पर संत समाज के कई लोगों ने नाराजगी जताई और राम-कृष्ण में भेद को सनातन परंपरा के विरुद्ध बताया. हालांकि, कुछ संतों ने उनका समर्थन भी किया. वीडियो में जानें मामला.
भीलवाड़ा के सांवरिया सेठ मंदिर में दिनदहाड़े चोरी, CCTV में कैद हुई पूरी वारदात
भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के मांडल कस्बे में एक अजीबोगरीब चोरी का मामला सामने आया है। यहां मोहन कॉलोनी स्थित सांवरिया सेठ मंदिर में एक अज्ञात व्यक्ति ने दिनदहाड़े भगवान की प्रतिमा पर चढ़े चांदी के आभूषण चोरी कर लिए। आरोपी ने वारदात से पहले मंदिर में भगवान की परिक्रमा की, हाथ जोड़कर प्रार्थना […] The post भीलवाड़ा के सांवरिया सेठ मंदिर में दिनदहाड़े चोरी, CCTV में कैद हुई पूरी वारदात appeared first on Sabguru News .
चोरी-छिपे मिलते थे प्रेमी-प्रेमिका, परिजनों ने पकड़ा तो करा दी शादी
कौशांबी में चार साल से चल रहे प्रेम प्रसंग का दिलचस्प अंत हुआ. दरअसल, प्रयागराज से प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक को युवती के परिजनों ने रेस्टोरेंट में पकड़ लिया. इस बीच दोनों परिवारों के बीच पहले शादी को लेकर असहमति रही, लेकिन समझाने-बुझाने के बाद सभी राजी हो गए. इसके बाद रामजानकी मंदिर में दोनों ने वैदिक रीति-रिवाज से सात फेरे लिए.
Delhi Air Pollution: 288 दिनों में सबसे खराब स्तर पर पहुंचा AQI, 22 केंद्रों पर हवा गंभीर
नयी दिल्ली, चार नवंबर दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में बुधवार को तेज गिरावट दर्ज की गई और वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 377 के साथ ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गया। यह ‘गंभीर’ श्रेणी के स्तर के करीब है। वहीं, 22 निगरानी केंद्रों पर प्रदूषण का स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता और बिगड़ने की आशंका के बीच दिवाली नजदीक आने के साथ राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण बढ़ने की स्थिति से निपटने की तैयारी की जा रही है। राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को एक्यूआई 377 रहा जो 20 जनवरी के बाद सबसे अधिक है, जब यह 378 दर्ज किया गया था। इस तरह बुधवार को एक्यूआई 288 दिनों में सबसे खराब स्तर पर रहा। दिल्ली स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में सबसे अधिक 458 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके बाद जहांगीरपुरी और पंजाबी बाग में 448-448, जबकि मुंडका में 439 एक्यूआई दर्ज किया गया। कुल 59 निगरानी केंद्रों में से 22 पर वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’, 32 पर ‘बहुत खराब’ और पांच पर ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 को ‘मध्यम’, 201 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 को ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच के एक्यूआई को ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा जाता है। वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के अनुसार, दिल्ली की वायु गुणवत्ता बृहस्पतिवार को ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रहने की आशंका है। छह से सात नवंबर तक इसके और बिगड़कर ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचने का अनुमान है। बुधवार को दिल्ली में पीएम10 प्रमुख प्रदूषक के रूप में उभरा। इससे पहले लगातार तीन दिनों तक पीएम 2.5 प्रमुख प्रदूषक रहा था। पीएम10 आमतौर पर मोटे कणों वाले प्रदूषण से जुड़ा होता है, जिसमें सड़क की धूल और निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल शामिल है। दिल्ली के प्रमुख मौसम केंद्र सफदरजंग में अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसम के सामान्य तापमान से 0.7 डिग्री कम है। पालम में अधिकतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.6 डिग्री कम है, जबकि लोधी रोड में यह 29.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.4 डिग्री कम है। रिज और आया नगर मौसम केंद्रों पर अधिकतम तापमान क्रमशः 28.6 डिग्री और 29.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से क्रमशः 1.3 डिग्री और 1.1 डिग्री कम है। सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.8 डिग्री अधिक है। पालम में न्यूनतम तापमान 16.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.7 डिग्री अधिक है, जबकि लोधी रोड में यह 16.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक है। रिज में न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम है, जबकि आया नगर में यह 16.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.4 डिग्री अधिक है। निर्णय सहायता प्रणाली (डीएसएस) के अनुसार, बुधवार को दिल्ली के प्रदूषण में परिवहन क्षेत्र का योगदान 15.5 प्रतिशत रहा, जबकि पराली जलाने से 20.2 प्रतिशत प्रदूषण हुआ। दिल्ली के प्रदूषण में अन्य क्षेत्रों का योगदान इस प्रकार रहा- उद्योगों का 2.9 प्रतिशत, कचरा जलाने का 1.3 प्रतिशत, निर्माण गतिविधियों का 2.2 प्रतिशत, सड़क की धूल का 1.1 प्रतिशत, आवासीय स्रोतों का 3.8 प्रतिशत और अन्य क्षेत्रों का एक प्रतिशत। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के जिलों में गाजियाबाद का योगदान सात प्रतिशत, रोहतक का 3.8 प्रतिशत, गुरुग्राम का 2.7 प्रतिशत, सोनीपत का 2.2 प्रतिशत, जींद का 1.8 प्रतिशत और भिवानी का 1.3 प्रतिशत रहा। प्रदूषण में अन्य स्रोतों का योगदान 28.5 प्रतिशत रहा। इस बीच, उपग्रहों ने चार नवंबर को अध्ययन के दायरे में शामिल छह राज्यों में पराली जलाने की 467 घटनाओं का पता लगाया। इनमें पंजाब में 151, हरियाणा में 10, उत्तर प्रदेश में 33, राजस्थान में 111, उत्तराखंड में पांच और मध्य प्रदेश में 157 घटनाएं शामिल हैं। दिल्ली में पराली जलाने की कोई घटना दर्ज नहीं की गई। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर) की अंतरिक्ष से कृषि पारिस्थितिकी तंत्र की निगरानी और मॉडलिंग के लिए अनुसंधान संघ (क्रीम्स) प्रयोगशाला के अनुसार, 15 सितंबर से चार नवंबर के बीच दिल्ली सहित सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पराली जलाने की कुल 4,800 घटनाओं का पता चला है। इनमें पंजाब में 2,347, हरियाणा में 62, उत्तर प्रदेश में 392, दिल्ली में दो, राजस्थान में 949, उत्तराखंड में 183 और मध्य प्रदेश में 865 घटनाएं शामिल हैं।
जेल में मनेगी गिरिबाला सिंह की दिवाली, हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज
ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी. अदालत ने डिजिटल सबूतों, CCTV फुटेज और लंबित CFSL रिपोर्ट को अहम माना.
ABVP का दिल्ली में महासम्मेलन, कांग्रेस पर बोला हमला, 15 हजार विद्यार्थियों के शामिल होने का दावा
ABVP Delhi Mahasammelan: चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने दिल्ली में एक विशाल छात्र महासम्मेलन का आयोजन किया. 'अराजकता छोड़ो, लोकतंत्र अपनाओ' के नारे के साथ एबीवीपी ने कांग्रेस और वामपंथी दलों पर लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख कमजोर करने का आरोप लगाया.
Mahadev App के सह-प्रवर्तक रवि उप्पल UAE में हिरासत में, प्रत्यर्पण की तैयारी
नयी दिल्ली, चार नवंबर महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के सह-प्रवर्तक रवि उप्पल को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में गिरफ्तार कर लिया गया है और प्रत्यर्पित करा कर भारत लाया जाएगा। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एक टीम द्वारा ओमान से उप्पल के दोस्त और महादेव ऐप के एक अन्य प्रवर्तक, सौरभ चंद्राकर को वापस लाये जाने के बाद, यह घटनाक्रम हुआ है। ओमान की एक अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा धन शोधन के एक मामले में की जा रही जांच के सिलसिले में, चंद्राकर को प्रत्यर्पित करने की अनुमति दी थी। अधिकारियों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि दुबई के अधिकारियों ने उप्पल (46) को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ भारतीय जांच एजेंसियों ने इंटरपोल रेड नोटिस जारी किया था। उन्होंने बताया कि सीबीआई और ईडी उसे प्रत्यर्पित कराने की कोशिश कर रही है। जांच एजेंसियों ने दावा किया है कि चंद्राकर की तरह ही, उप्पल ने भी दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित द्वीपीय देश, वानुअतु से पासपोर्ट हासिल किया है। अक्टूबर 2023 में उप्पल के खिलाफ दाखिल किये गए आरोपपत्र में कहा गया था कि उसने ‘‘अपराध से कमाई की और उसका फायदा उठाया, तथा वह इस रकम को छिपाने और उसके हेरफेर में शामिल है।’’इसमें आरोप लगाया गया है कि उप्पल, ‘‘सहायक उप निरीक्षक चंद्रभूषण वर्मा और कुछ अन्य लोगों के जरिए, छत्तीसगढ़ के नौकरशाहों और राजनेताओं तक रकम पहुंचाने के काम की देखरेख कर रहा था।’’उप्पल और चंद्राकर, दोनों ही छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई शहर के रहने वाले हैं। एजेंसी ने बताया कि महादेव ऐप, जिसे महादेव ऑनलाइन बुक भी कहा जाता है, ने 2019-20 में अपना संचालन शुरू किया। 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान इसके उपयोगकर्ताओं की संख्या में ‘‘तेजी से’’ बढ़ोतरी हुई और यह लगातार बढ़ती गई। हजारों ‘पैनल’ के जरिए संचालित होने वाले इस ऐप के जरिये 2019 से अब कथित तौर पर 80,000 करोड़ रुपये अर्जित किये गए।
इजरायल से भारत तक हलचल; मिडटर्म में हार के बाद ट्रंप का अगला कदम क्या, बदलेगी विदेश नीति?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मिडटर्म चुनाव में बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने हाउस और सीनेट दोनों में जीत हासिल कर ली है। ऐसे में दुनिया भर की सरकारें अब यह देख रही हैं कि कांग्रेस में सत्ता बदलने से वाशिंगटन की विदेश नीति पर क्या असर पड़ेगा।
Ramayana देखकर रो पड़े बादशाह, जटायु का सीन देख उमड़े जज्बात!
रणबीर कपूर की रामायण देखकर बादशाह भावुक हो गए। सिंगर ने बताया कि बचपन से कहानी जानने के बावजूद फिल्म ने उन्हें रुला दिया. जानें फिल्म के रिव्यू और जटायु सीन की खासियत.
राहुल गांधी विदेशी नेताओं के साथ बातचीत के जरिए भारत को शर्मिंदा कर रहे हैं, भाजपा भड़की
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि गांधी को विदेशी प्रभाव के आरोपों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ बहस करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि मोदी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति लगातार मजबूत की है।
Pawan Singh First Song: पवन सिंह ने 11 साल की उम्र में 1997 में भोजपुरी गाना 'ओढ़निया वाली' गाया था. 'लॉलीपॉप लागेलू' से पहले का यह गाना आज भी यूट्यूब पर लोगों का ध्यान खींच रहा है.
10 हजार रुपए के लिए घर में घुसकर आतंक! सड़क पर हथियार भी लहराए
Bhopal criminal Arshad Babba: भोपाल के कांग्रेस नगर में 10 हजार रुपए मांगने और विरोध पर घर में घुसकर मारपीट व तोड़फोड़ करने का आरोप। निगरानीशुदा बदमाश अरशद बब्बा का वीडियो वायरल, पुलिस ने केस दर्ज किया.
छोटी और बड़ी दिवाली क्या एकसाथ मनेगी? 8 या 9 नवंबर का कन्फ्यूजन खत्म
इस साल छोटी और बड़ी दिवाली का त्योहार एकसाथ 8 नवंबर को मनाया जाएगा. दिवाली की पूजा प्रदोष काल में करना सबसे शुभ माना जाता है. इस साल 8 नवंबर को प्रदोष काल शाम 5 बजकर 54 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 50 मिनट तक रहने वाला है. यानी लक्ष्मी गणेश पूजन के लिए आपको करीब 1 घंटा 54 मिनट का समय मिलेगा.
उत्तराखंड के एक सुनसान गांव में रह रहे बुजुर्ग दंपति की यह कहानी पलायन, अकेलेपन और रिश्तों के दर्द को बेहद मार्मिक तरीके से दिखाती है. सच्ची घटना से प्रेरित फिल्म 'पायरे' बताती है कि बुढ़ापे में अपनों का साथ छूट जाने का दर्द कितना गहरा हो सकता है.
'आपने रॉन्ग नंबर मिलाया, जाओ प्रोटेस्ट करो...', याचिकाकर्ता को CJI का जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों के रोटेशन की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है.
पटाखों पर भड़कीं आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान, बोलीं- दीपावली पर एक भी पटाखा फोड़ना देश विरोधी
दीपावली से पहले बढ़ते वायु प्रदूषण और बच्चों की सेहत पर पड़ने वाले बुरे असर को लेकर अभिनेत्री आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान ने पटाखे फोड़ने की कड़ी आलोचना की.
9 साल की बच्ची को भी आ सकता है हार्ट अटैक? दिल्ली की घटना से जानें
दिल्ली के मयूर विहार के एक स्कूल में 9 साल की बच्ची की क्लासरूम में अचानक गिरकर मौत हो गई. इस मामले में हार्ट अटैक की आशंका जताई गई है. क्या इतनी कम उम्र में हार्ट अटैक आ सकता है इस बारे में डॉक्टर ने बताया है.
विराट कोहली के 74 रन से भारत की शानदार जीत, न्यूजीलैंड को पांच विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त
ऑकलैंड। विराट कोहली की आक्रामक बल्लेबाजी और भारतीय तेज गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने न्यूजीलैंड को पहले एकदिवसीय मुकाबले में पांच विकेट से हरा दिया। बुधवार को ईडन पार्क में बारिश से बाधित मैच में भारत ने डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (डीएलएस) नियम के तहत मिले 143 रन के संशोधित लक्ष्य को 22.4 ओवर में […] The post विराट कोहली के 74 रन से भारत की शानदार जीत, न्यूजीलैंड को पांच विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त appeared first on Sabguru News .
SP भानु प्रताप सिंह पर गिरी गाज, पटना पुलिस मुख्यालय बुलाए गए
बिहार के खगड़िया में एसपी रहे IPS अधिकारी भानु प्रताप सिंह को सरकार ने पद से हटाकर पटना पुलिस मुख्यालय बुला लिया है. उनकी पत्नी पूजा सिंह ने प्रताड़ना और छह साल की बेटी से बात नहीं करने देने के आरोप लगाए थे. महिला थाने में शिकायत दी गई है, लेकिन अभी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है. पत्नी तलाक के बजाय परिवार बसाना चाहती हैं.
देहरादून में भारी वाहनों का कहर, आशारोड़ी इलाके का केस
देहरादून के मोहब्बेवाला में कंटेनर ट्रक कार पर पलट गया. इस हादसे ने आशारोड़ी क्षेत्र में सड़क सुरक्षा पर फिर सवाल खड़े किए हैं. जनवरी 2024 से अक्टूबर 2026 तक यहां कम से कम 17 हादसों में 10 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. वीडियो में जानें मामला.
INDIA ब्लॉक की रैली में कौन नहीं पहुंचा? यूथ कांग्रेस ने कई नेताओं को किया सस्पेंड
यूथ कांग्रेस ने रैली में अपने नेताओं की मौजूदगी दर्ज करने के लिए हाई-टेक तरीका अपनाया था, जिसने कई गैरहाजिर नेताओं की पोल खोल दी।
दिवाली से पहले बाजारों में उमड़ी भीड़! दिल्ली के कई इलाकों में भीषण जाम
दिवाली और धनतेरस के त्योहारों से ठीक पहले दिल्ली के बाजारों में भारी भीड़ उमड़ी है, जिससे सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हुई है. खासकर साउथ एक्स मार्केट के आसपास रिंग रोड पर भीषण जाम लग गया है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
अनाया बांगड़ का देसी दिवाली अवतार, सिल्वर लहंगे में ढाया कहर
अनाया बांगड़ ने दिवाली के खास मौके पर अपना एक खूबसूरत वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. इस वीडियो में उन्होंने सिल्वर और ग्रे रंग का शिमरी लहंगा और खूबसूरत ब्लाउज पहना है. उनका यह ट्रेडिशनल और ग्लैमरस अंदाज फैन्स को खूब पसंद आ रहा है और यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
अमरीकी मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेट्स की ऐतिहासिक जीत, सीनेट और प्रतिनिधि सभा दोनों पर कब्जा
ट्रंप को बड़ा राजनीतिक झटका, रिपब्लिकन के गढ़ों में भी मिली शिकस्त महंगाई, महंगे जीवन और ईरान युद्ध के मुद्दे मतदाताओं पर रहे हावी वॉशिंगटन। अमरीका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी से कांग्रेस के दोनों सदनों का नियंत्रण छीन लिया है। मंगलवार को […] The post अमरीकी मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेट्स की ऐतिहासिक जीत, सीनेट और प्रतिनिधि सभा दोनों पर कब्जा appeared first on Sabguru News .
दिल्ली में प्रदूषण से हालात बेहद गंभीर, कई इलाकों में AQI 400 के पार
दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण के कारण हालात बेहद गंभीर हो गए हैं. कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 के पार पहुंच गया है. जहांगीरपुरी, रोहिणी, बवाना और नोएडा में हवा बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई है. प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए ग्रेप 2 लागू किया गया है, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है. इस बीच आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच प्रदूषण को लेकर जमकर राजनीति हो रही है.
राहुल गांधी के बयान अहंकार और हताशा का नतीजा: सुधांशु त्रिवेदी
भाजपा ने संसद में बहस की चुनौती पर उठाए सवाल नई दिल्ली। पंजाब के संगरूर में कांग्रेस की ‘इंसाफ रैली’ के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर राहुल गांधी की तीखी टिप्पणियों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार किया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी […] The post राहुल गांधी के बयान अहंकार और हताशा का नतीजा: सुधांशु त्रिवेदी appeared first on Sabguru News .
संगरूर से राहुल गांधी का प्रचार शुरू, भगवंत मान पर बोला जोरदार हमला
पंजाब विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान संगरूर से राहुल गांधी ने आप सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर नशे के मुद्दे को लेकर तीखे हमले किए. वहीं आम आदमी पार्टी और बीजेपी ने भी कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. पंजाब में नशे और 1984 सिख दंगों जैसे मुद्दों पर राजनीति गरमा गई है.
यूपी चुनाव को लेकर बढ़ा सियासी घमासान, बीजेपी-सपा में जुबानी जंग तेज
उत्तर प्रदेश में आगामी चुनाव को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी और सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यात्राएं निकाली जा रही हैं. सीएम योगी ने मतदाता सूची में घुसपैठियों के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा. वहीं, अखिलेश यादव के चुनाव न लड़ने के बयान पर बीजेपी ने तंज कसा है. उधर, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर चुनावी तैयारियों को तेज करने के निर्देश दिए हैं.
अमेरिकी मिड-टर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स की बंपर जीत, डोनाल्ड ट्रंप को झटका
अमेरिका के मिड-टर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने शानदार जीत दर्ज की है. सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स दोनों में डेमोक्रेट्स ने बहुमत हासिल किया. महंगाई, इंधन की बढ़ती कीमतें और ईरान युद्ध के कारण अमेरिकी जनता ने डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को नकार दिया है.
दीवाली से पहले दिल्ली में जाम का सिलसिला जारी, GRAP पाबंदियां और बाजारों की भीड़ ने बढ़ाई परेशानी
दीवाली से पहले राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक व्यवस्था चरमराती नजर आ रही है. GRAP के तहत गैर-BS-VI वाहनों के प्रवेश पर पाबंदियों और त्योहारी खरीदारी के लिए बाजारों में उमड़ी भीड़ के कारण शहर के कई इलाकों में लंबा जाम देखा गया.
सिल्क साड़ी में छाईं नीता अंबानी, श्लोका बैंगनी ड्रेस में लगीं सुंदर
Nita Ambani Diwali Look: नीता अंबानी अक्सर अपने एथनिक लुक के लिए जानी जाती हैं. हाल ही में वो अपने पति मुकेश अंबानी और बहू श्लोका के साथ रिलायंस दिवाली उत्सव में पहुंचीं. यहां नीता और उनकी बहू श्लोका के लुक ने हर किसी को अपनी तारीफें करने पर मजबूर कर दिया.
संगरूर की इंसाफ रैली में अमरीका के साथ व्यापार समझौते को लेकर केंद्र पर निशाना ट्रंप के दबाव में फैसला लेने, किसानों और छोटे उद्योगों के हितों से समझौते का लगाया आरोप संगरूर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमने-सामने बहस की चुनौती देते हुए कहा कि […] The post राहुल गांधी की मोदी को खुली चुनौती, बोले- पांच मिनट में साबित कर दूंगा कि प्रधानमंत्री ‘देशद्रोही’ हैं appeared first on Sabguru News .
Throwback: ऐश्वर्या राय ने 33 साल की उम्र में ऋतिक रोशन संग एक फिल्म में अपना ग्लैमरस अंदाज दिखाया था. 35 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 151 करोड़ रुपये की कमाई की थी.
ट्विशा शर्मा केस: सास गिरिबाला सिंह को बड़ा झटका, MP हाई कोर्ट ने क्यों खारिज कर दी जमानत याचिका?
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने अपनी बहू ट्विशा शर्मा की कथित आत्महत्या के मामले में आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका बुधवार को खारिज कर दी.
रणबीर कपूर की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ आखिरकार कल 5 नवंबर को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है. नितेश तिवारी निर्देशित इस फिल्म को लेकर दर्शकों में काफी से काफी एक्साइडेट है.
हालांकि पीएम मोदी के फोन कॉल को एक शिष्टाचार (courtesy call) के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन मोदी और पवार के बीच हुई इस बातचीत ने महाराष्ट्र के राजनीतिक समीकरणों को लेकर कई अटकलों को जन्म दे दिया है।
IPS Transfer Bihar: भानु प्रताप सिंह को खगड़िया SP पद से हटाया, पत्नी से विवाद के कारण चर्चा में
बिहार सरकार ने पांच आईपीएस अधिकारियों के तबादले का आदेश जारी किया है. खगड़िया के एसपी भानु प्रताप सिंह को पुलिस मुख्यालय पटना बुलाया गया है. पत्नी के आरोपों और धरने को लेकर चर्चा में रहे अधिकारी की जगह शैलेन्द्र सिंह को खगड़िया का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है.
महाराष्ट्र में शादी के 16 साल बाद पति ने अपनी पत्नी को 4 बच्चों समेत घर से निकाल दिया है. अब इस बेबस मां पर बच्चों के पेट भरने के लिए भीख मांगने की नौबत आ गई है.
हर मुद्दे पर आंदोलन जरूरी नहीं, युवाओं की समस्याओं पर संवाद की भी बताई जरूरत इंदौर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा है कि राम जन्मभूमि के बाद काशी और मथुरा सहित अन्य धर्मस्थलों से जुड़े विवादों को अदालतों की प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ने देना चाहिए। हर मुद्दे पर आंदोलन […] The post काशी-मथुरा सहित धर्मस्थलों के विवाद कोर्ट पर छोड़ें, सामाजिक पिछड़ापन मिटने तक जारी रहे आरक्षण : दत्तात्रेय होसबाले appeared first on Sabguru News .
शरद पवार की तबीयत फिर बिगड़ी, अस्पताल में करवाए गए भर्ती, कुछ घंटे पहले ही हुए थे डिस्चार्ज
Sharad Pawar: शरद पवार को दोबारा अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। आज कुछ घंटे पहले ही उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया था। NCP-SP की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने इस बात की जानकारी दी।
दहेली सुजानपुर गांव में 3 बीघा 11 बिस्वा जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. बुधवार को आरोपी मुन्ना सिंह राठौर और उसका बेटा सागर अपने साथियों के साथ आधुनिक हथियारों से लैस होकर मौके पर पहुंचे. विरोध करने पर उन्होंने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी.

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