SENSEX
NIFTY
GOLD
USD/INR

Weather

34    C

...

मैच खत्म, खिलाड़ी मुड़े और... क्या क्रिकेट में ही हाथ मिलाना देशभक्ति का सवाल है?

एशियाई खेलों में भारतीय और पाकिस्तानी खिलाड़ी अक्सर मैच के बाद हाथ मिलाते हैं। कबड्डी, स्क्वैश, हॉकी और मुक्केबाजी में यह आम बात है। लेकिन क्रिकेट में ऐसा नहीं हो रहा। मैच खत्म होते ही भारतीय खिलाड़ी मुड़कर चले जाते हैं..

लाइव हिन्दुस्तान 14 Sep 2026 6:07 pm

'अगर मेरे बेटे से प्यार है तो मर जाओ', महिला ने दी धमकी, छात्रा ने दी जान

अहमदाबाद के सरखेज में 12वीं की 17 वर्षीय छात्रा की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने नेहा गोहिल के खिलाफ केस दर्ज किया है. बेटे से दोस्ती को लेकर पूछताछ और बहस के बाद छात्रा की मौत हुई थी. पढ़ें पूरी कहानी.

आज तक 14 Sep 2026 6:07 pm

गणपति को क्यों नहीं चढ़ाते तुलसी? एक श्राप के कारण चली आ रही परंपरा

भक्त बप्पा को मोदक, लड्डू, दूर्वा और लाल फूल अर्पित करते हैं. मान्यता है कि ये चीजें गणपति को बेहद प्रिय हैं. जबकि उनकी पूजा में तुलसी दल नहीं चढ़ाया जाता है. क्या आप जानते हैं कि पवित्र होने के बावजूद भगवान गणेश को तुलसी क्यों नहीं चढ़ाई जाती है.

आज तक 14 Sep 2026 6:06 pm

दुनिया में सबसे सख्त है हीरा... ये भी पिघलता है, जानिए तापमान

वैज्ञानिकों ने लेजर प्रयोग से हीरे का सही पिघलने का तापमान पता लगाया जो पहले से 700 डिग्री सेल्सियस कम है. यह खोज न्यूक्लियर फ्यूजन और विशाल ग्रहों की स्टडी में मदद करेगी.

आज तक 14 Sep 2026 6:01 pm

'पता नहीं था कि बाइक को...', गुरुग्राम में महिला बाइकर को टक्कर मारने वाले कल्याण बैंसला ने अब कही ये बात

आरोपी कल्याण बैंसला ने बाइक में जानबूझकर टक्कर मारने के आरोप से इनकार किया है। उसका कहना है कि उसे यह भी पता नहीं था कि बाइक एक महिला चला रही थी। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

लाइव हिन्दुस्तान 14 Sep 2026 5:59 pm

'डीजे बंद लेकिन शोर चालू आहे...', गणपति के पहले दिन गाइडलाइन का रियलिटी चेक

पुणे में गणेशोत्सव की शुरुआत पारंपरिक शोभायात्राओं के साथ हुई, जिसमें इस बार DJ और बड़े साउंड सिस्टम की अनुपस्थिति रही. बावजूद इसके, कई जगहों पर ध्वनि स्तर 90 डेसिबल से अधिक दर्ज किया गया.

आज तक 14 Sep 2026 5:58 pm

शहडोल से भाजपा सांसद हिमाद्री सिंह का पति नरेंद्र मरावी से तलाक, 5 साल से थीं अलग

शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह और नरेंद्र सिंह मरावी का तलाक राजेंद्रग्राम अदालत ने मंजूर कर लिया है। दोनों करीब पांच साल से अलग रह रहे थे।

देशबन्धु 14 Sep 2026 5:55 pm

मेलबर्न में घर नहीं मिला, बोतलों से बना डाला 7 करोड़ का ड्रीम हाउस

मेलबर्न में घर नहीं खरीद पाए तो कपल ने जमीन खरीदकर अपना ही घर बना डाला. तस्मानिया में तैयार इस अनोखे अर्थशिप की दीवारों में पुरानी कांच की बोतलें लगी हैं और इसे बनाने में करीब 8.8 लाख डॉलर खर्च हुए. आइये जानते हैं इस घर के बारे में

आज तक 14 Sep 2026 5:54 pm

सरकारी योजना का झांसा देकर करते थे ठगी, झारखंड पुलिस ने 4 को किया गिरफ्तार

देवघर में साइबर ठगी के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. करौं थाना क्षेत्र के अंबा-टीला जंगल से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें दो सगे भाई भी शामिल हैं. पुलिस ने आरोपियों के पास से 9 मोबाइल फोन और 11 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए हैं.

आज तक 14 Sep 2026 5:53 pm

सितंबर में घूमने का कर रहे हैं प्लान? ये 7 जगहें रहेंगी बेस्ट

Best Places to Visit in September: अगर आप सितंबर में कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं तो भारत की इन खूबसूरत जगहों को अपनी ट्रेवल लिस्ट में शामिल कर सकते हैं. मानसून के बाद यहां हरियाली, फूलों और खूबसूरत नजारों के साथ ट्रेकिंग और घूमने का भी मजा मिलेगा.

आज तक 14 Sep 2026 5:53 pm

सड़कों पर भीख मांग रहे बीजेपी विधायक, करोड़ों के खुद हैं मालिक; क्यों पड़ी जरूरत

वायरल वीडियो में पराग शाह को सड़क के किनारे बैठकर लोगों के बीच समय बिताते हुए देखा जा सकता है। यह प्रयोग सिर्फ भेष बदलने तक सीमित नहीं रहा। मेकअप हटाने के बाद शाह उन्हीं जगहों में से कुछ स्थानों पर दोबारा पहुंचे।

लाइव हिन्दुस्तान 14 Sep 2026 5:48 pm

वायनाड में 20 साल की आदिवासी युवती की संदिग्ध मौत, काले जादू का आरोप

केरल के वायनाड में 20 साल की आदिवासी युवती अलीना की रिश्तेदार के घर संदिग्ध हालात में मौत हो गई. पड़ोसियों ने काला जादू का आरोप लगाया है. पुलिस जांच में जुटी है. पढ़ें पूरी कहानी.

आज तक 14 Sep 2026 5:47 pm

43 साल पुराना अमिताभ बच्चन का वो गाना जिसने मजदूरों को बना दिया था हीरो, हर लाइन में बसा है दर्द, आनंद बख्शी के बोल ने बनाया कल्ट

43 साल पहले अमिताभ बच्चन का एक गाना आया था, जो लंबे समय तक कुली और लाखों मेहनतकश मजदूरों के बीच पॉपुलर हो गया था.

NDTV इंडिया 14 Sep 2026 5:47 pm

​आज क्या बनाऊं: गुणों से भरपूर करी पत्ता की स्वादिष्ट चटनी एक बार खाओगे तो बार-बार बनाओगे

सब्जी हो या रोटी, इस एक चीज़ के आगे सब है फीका, महीनों तक नहीं होगी खराब.

NDTV इंडिया 14 Sep 2026 5:46 pm

पप्पू यादव की संपत्ति का हिसाब, हलफनामे में कितनी रकम?

बिहार बाढ़ के बीच सांसद पप्पू यादव राहत अभियान चला रहे हैं और प्रभावित लोगों को 500-500 रुपये समेत जरूरी सामान बांट रहे हैं. 2024 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक उन्होंने करीब 12.08 करोड़ रुपये की संपत्ति और 1.72 करोड़ रुपये की देनदारियां घोषित की थीं. वीडियो में जानें हलफनामे की डिटेल्स.

आज तक 14 Sep 2026 5:40 pm

कितना दम है Team India में? एशियाड में सितारे, वनडे में बेंच टेस्ट

एशियन गेम्स और वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज एक साथ होने से Team India के कई बड़े खिलाड़ी अलग-अलग मोर्चों पर होंगे. ऐसे में पंत, जायसवाल, ऋतुराज और दूसरे खिलाड़ियों के पास खुद को साबित करने का मौका होगा. यह सिर्फ एक सीरीज नहीं, बल्कि 2027 वर्ल्ड कप से पहले भारत की बेंच स्ट्रेंथ और दूसरी कतार की असली परीक्षा भी है.

आज तक 14 Sep 2026 5:39 pm

Congress सांसद Karti Chidambaram ने पूछा, क्या BRICS देश अब भी करेंगे Pakistan की मदद

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने सोमवार को आतंकवाद की निंदा करने वाले ब्रिक्स (BRICS) घोषणापत्र का स्वागत किया, लेकिन कहा कि इसकी कामयाबी इसके लागू होने और सदस्य देशों के भविष्य के कदमों पर निर्भर करेगी। उन्होंने इसे एक सकारात्मक कदम बताया, लेकिन सवाल उठाया कि अगर कुछ सदस्य देश आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोपी देशों का समर्थन करना जारी रखते हैं, तो इस बयान का क्या असर होगा। एएनआई से बात करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि यह बहुत अच्छी बात है कि हम आतंकवाद की निंदा कर रहे हैं। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि संघर्षों में सक्रिय रूप से शामिल दो देश - ईरान और रूस - भी बैठक में मौजूद थे। हमने गाजा के बारे में बात तो की है, लेकिन हमें यह देखना होगा कि इस विचार का कोई असर होगा या इसे लागू किया जाएगा, क्योंकि अमेरिका और इज़राइल बहुत करीबी सहयोगी हैं। मुझे नहीं पता कि क्या यह समूह, सामूहिक रूप से यह बात कहने के बावजूद, अमेरिका के साथ बातचीत करते समय व्यक्तिगत रूप से इस पर जोर देगा या नहीं। इसे भी पढ़ें: इंतज़ार रहेगा...इधर ईरान का ऐलान, उधर नेतन्याहू ने मोदी को भेजा खास पैगाम जहाँ तक पहलगाम घटना की निंदा करने की बात है, तो यह बहुत अच्छी बात है। हर तरह के आतंकवाद की निंदा होनी चाहिए। लेकिन हमें यह भी देखना होगा कि क्या इनमें से कोई देश अब भी पाकिस्तान की मदद करेगा। क्योंकि पहलगाम के बाद 'ऑपरेशन सिंदूर' हुआ था। लेकिन सबूत बताते हैं कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान चीन ने भारत के खिलाफ पाकिस्तान की खुलकर मदद की थी। तो, इस घोषणा का क्या मतलब है अगर आप आतंकवाद और किसी आतंकी देश के खिलाफ भारत की कार्रवाई की निंदा तो करते हैं, लेकिन संगठन का ही कोई दूसरा सदस्य हमारे साथ टकराव में उस आतंकी देश की खुलकर मदद कर रहा हो? इसलिए, भले ही यह घोषणा स्वागत योग्य है, हमें यह देखना होगा कि इसका नतीजा क्या निकलता है और क्या सदस्य देशों के व्यवहार में कोई बदलाव आता है कि वे हालात पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं। सितंबर 2026 में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन सर्वसम्मति से अपनाई गई 'नई दिल्ली घोषणा' को भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत के तौर पर देखा जा रहा है। इस घोषणा में संगठन ने 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले की साफ तौर पर निंदा की है और सीमा-पार आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रुख अपनाया है। इसके अलावा, चिदंबरम ने कहा कि ब्रिक्स बैठकों के नतीजों का विश्लेषण किया जाना चाहिए और उनकी तुलना पिछले शिखर सम्मेलनों में लिए गए फैसलों से की जानी चाहिए। इसे भी पढ़ें: असंभव को संभव कर दिखाना सबके बस की बात नहीं, Delhi में सुबह 4 बजे तक चली थी Modi की खास Diplomacy, तब जाकर माने थे Iran-UAE भारत ने 12-13 सितंबर को अपनी अध्यक्षता में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेज़बानी की, जिसमें ब्रिक्स नेताओं ने सर्वसम्मति से 'नई दिल्ली घोषणापत्र' को अपनाया। उन्होंने कहा, ब्रिक्स का विचार 25 साल से भी पहले आया था। इसकी सदस्यता का विस्तार हुआ है। हम केवल पश्चिमी देशों द्वारा बनाए गए संगठनों पर निर्भर नहीं रह सकते। दुनिया में एक काउंटर-ब्लॉक (प्रति-समूह) होना चाहिए... ब्रिक्स, अर्थव्यवस्था और अन्य पहलुओं के माध्यम से, एक काउंटर-ब्लॉक बनने की भी उम्मीद कर रहा है, और इसे मजबूत किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, हमें यह भी देखना चाहिए कि इन बैठकों के वास्तविक परिणाम क्या हैं, और हमें यह भी मापना चाहिए कि पिछली बार क्या तय किया गया था, और क्या उसे लागू किया जा रहा है। जब यह शिखर सम्मेलन हो रहा है और आगे चलकर, जब ब्रिक्स में अगली बैठक होगी, तो मुझे लगता है कि अगली बैठक से पहले दिल्ली के बाद क्या हुआ, इसका विश्लेषण भी किया जाना चाहिए।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 5:39 pm

हिंदी में MBBS कितनी सफल? धूल खा रहीं ₹9 करोड़ की किताबें; 90% छात्रों ने चुनी अंग्रेजी

हिंदी दिवस आते ही हिंदी के सम्मान, उसके प्रचार और उसे बढ़ावा देने की बातें तेज हो जाती हैं. लेकिन मध्य प्रदेश में हिंदी को उच्च शिक्षा की भाषा बनाने के प्रयोग की जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी कह रही है. साल 2022 में मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बना था, जहां MBBS की पढ़ाई हिंदी में शुरू करने का बड़ा ऐलान हुआ. हिंदी में मेडिकल की किताबें तैयार हुईं, उनका विमोचन हुआ और इसे हिंदी को उच्च शिक्षा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम बताया गया. लेकिन चार साल बाद सवाल है, इन किताबों का हुआ क्या?

आज तक 14 Sep 2026 5:36 pm

बच्चों को संस्कारी और बुद्धिमान बनाने के लिए इस गणेश उत्सव जरूर कराएं ये 5 खास काम, जीवनभर काम आएंगी बप्पा की ये सीख

देशभर में 14 सितंबर से शुरू हुए दस दिवसीय गणेश जन्मोत्सव की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आभा हर घर में उल्लास बिखेर रही है। विघ्नहर्ता, बुद्धि के प्रदाता और प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश के आगमन के साथ ही चारों ओर भक्तिमय वातावरण बन गया है। आधुनिक जीवनशैली की आपाधापी में अक्सर अभिभावक त्योहारों को केवल रंग-बिरंगी रोशनी, स्वादिष्ट पकवानों, नए परिधानों और पारंपरिक कर्मकांडों तक सीमित मान लेते हैं। हालांकि, भारतीय सनातन परंपरा में पर्व-त्योहार केवल आनंद मनाने के अवसर नहीं होते, बल्कि वे आने वाली पीढ़ी को जीवन-मूल्य, उच्च मानवीय संस्कार और व्यवहारिक बुद्धिमत्ता सिखाने के सबसे सशक्त माध्यम होते हैं। भगवान गणेश को बुद्धि, विवेक, धैर्य और शुभता का साक्षात प्रतीक माना जाता है। यदि इस पावन गणेश उत्सव में बच्चों को औपचारिक पूजा-पाठ से आगे ले जाकर उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए, तो वे न केवल अपनी जड़ों और समृद्ध संस्कृति से जुड़ेंगे, बल्कि उनमें एकाग्रता, विनम्रता और सामाजिक संवेदनशीलता जैसे स्थायी गुणों का भी सहज विकास होगा।1. पूजा स्थल की स्वच्छता और साज-सज्जा की जिम्मेदारीगणेश स्थापना और दैनिक आरती से पूर्व बच्चों को मंदिर तथा पूजा स्थल की साफ-सफाई की जिम्मेदारी सौंपना स्वावलंबन की दिशा में पहला ठोस कदम है। बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि बाहरी पवित्रता और आंतरिक स्वच्छता आपस में जुड़े हुए हैं तथा सकारात्मक ऊर्जा का वास केवल वहीं होता है जहां व्यवस्था और स्वच्छता हो। जब बच्चे अपने हाथों से पूजा की थाली सजाते हैं, फूलों की रंगोली बनाते हैं और धूप-दीप के स्थान को व्यवस्थित करते हैं, तो उनके भीतर श्रम के प्रति सम्मान और घर के कार्यों में हाथ बंटाने की स्वाभाविक आदत विकसित होती है। यह अभ्यास उन्हें अनुशासन और अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने का जीवनोपयोगी पाठ पढ़ाता है।2. अपने हाथों से मोदक का भोग और कृतज्ञता का बोधघर में शुद्धता से तैयार किए गए मोदक, लड्डू और सात्विक नैवेद्य का भोग बच्चों के हाथों से ही भगवान गणेश को अर्पित कराना चाहिए। बच्चों को सिखाएं कि ईश्वर को भोग लगाना केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह उस अन्न और संसाधनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रतीक है जो ईश्वर ने हमें प्रदान किए हैं। आज के उपभोक्तावादी युग में जहां बच्चे भोजन की बर्बादी और अधीरता के आदी हो रहे हैं, वहां यह परंपरा उन्हें सिखाती है कि भोजन का हर दाना पूजनीय है। जब बच्चे स्वयं हाथ जोड़कर थाली अर्पित करते हैं, तो वे अपनी थाली में परोसे गए भोजन का सम्मान करना सीखते हैं और उनके भीतर जीवन में उपलब्ध सुख-सुविधाओं के प्रति विनम्रता का भाव गहरा होता है।3. 'ॐ गं गणपतये नमः' का नियमित मंत्रोच्चार और मानसिक एकाग्रतादैनिक संध्या आरती के समय बच्चों को अपने साथ शांत भाव से बिठाकर श्री गणेश के मूल मंत्र 'ॐ गं गणपतये नमः' का स्पष्ट उच्चारण कराना उनकी मानसिक क्षमता को निखारने का अचूक साधन है। वैदिक मंत्रों के लयबद्ध उच्चारण से मस्तिष्क की तंत्रिकाओं में सकारात्मक कंपन पैदा होता है, जिससे तनाव कम होता है और अध्ययन के लिए आवश्यक एकाग्रता (कंसंट्रेशन) में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। बच्चों को यह बताएं कि बुद्धि के देवता गणेश की आराधना का अर्थ किसी जादू की उम्मीद करना नहीं, बल्कि मन को शांत और विवेक को जाग्रत करना है ताकि वे पढ़ाई और जीवन के फैसलों में सही व गलत का सटीक अंतर समझ सकें।4. माता-पिता की परिक्रमा की कथा और बड़ों का चरण स्पर्शपूजा-अर्चना के उपरांत बच्चों को घर के वरिष्ठ सदस्यों, माता-पिता और गुरुजनों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेने के लिए प्रेरित करना चाहिए। इस दौरान बच्चों को भगवान गणेश और कार्तिकेय के बीच हुई ब्रह्मांड की परिक्रमा वाली प्रसिद्ध पौराणिक कथा अवश्य सुनाएं, जिसमें बप्पा ने अपने माता-पिता शिव-पार्वती की परिक्रमा करके यह सिद्ध किया था कि संसार के समस्त तीर्थ माता-पिता के चरणों में ही समाहित हैं। यह कथा बच्चों के अवचेतन मन में यह अमिट छाप छोड़ती है कि आधुनिकता चाहे कितनी भी बढ़ जाए, माता-पिता और बड़ों का आदर ही जीवन की वास्तविक सफलता का मूल आधार है।5. जरूरतमंदों को दान और सामाजिक संवेदनशीलता का संस्कारत्योहार की पूर्णता केवल अपने परिवार के भीतर खुशियां मनाने में नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाने में है। गणेश उत्सव के पावन दिनों में बच्चों के हाथों से किसी अनाथालय, वृद्धाश्रम या सड़क किनारे बैठे जरूरतमंद लोगों को फल, भोजन, वस्त्र या अध्ययन सामग्री का वितरण कराएं। जब बच्चा अपने हाथों से किसी भूखे को भोजन देता है, तो उसके भीतर परोपकार, करुणा और सहानुभूति की भावना अंकुरित होती है। यह अनुभव उन्हें एक संवेदनशील, जिम्मेदार और समग्र नागरिक बनाने में सहायक सिद्ध होता है जो समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को भली-भांति समझता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Sep 2026 5:35 pm

इला अरुण और अल्का याग्निक की जोड़ी ने साथ में गाए दो डबल मीनिंग गाने, एक दूरदर्शन पर हुआ बैन, दूसरे ने दुनियाभर में मचाई धूम

इला अरुण और अल्का याग्निक ने अपने करियर में दो जबरदस्त गाने दिए हैं. ये गाने सुने तो बहुत जाते हैं लेकिन रिलीज की वक्त चर्चा में भी खूब रहे. इनमें से एक गाना तो ऐसा था जिसे अपने लिरिक्स की वजह से अश्लील करार दे दिया गया था.

NDTV इंडिया 14 Sep 2026 5:34 pm

ट्रेन, बुलेट ट्रेन और मेट्रो, किसके ड्राइवर की सैलरी होती है सबसे ज्यादा?

भारत में रेलवे और मेट्रो का बड़ा नेटर्वक है. अब अगले साल से बुलेट ट्रेन की शुरुआत होने वाली है. इस बीच लोगों के बीच सवाल उठ रहा है कि आखिर तीनों के ड्राइवरों में से किसकी सैलरी सबसे ज्यादा होती है. आइए जानते हैं.

आज तक 14 Sep 2026 5:34 pm

हरतालिका तीज के नामकरण का अनूठा रहस्य: माता पार्वती के 'हरण' से जुड़ी है कथा, भाद्रपद तृतीया पर अखंड सौभाग्य के इस महापर्व की रोचक महिमा

सनातन धर्म परंपरा में भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला हरतालिका तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं और कुंवारी कन्याओं के लिए सबसे पवित्र और फलदायी व्रतों में सर्वोच्च स्थान रखता है। इस पावन अवसर पर सुहागिनें अपने पति की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए पूरे चौबीस घंटे का अत्यंत कठिन निर्जला व्रत रखती हैं, वहीं अविवाहित कन्याएं देवाधिदेव महादेव जैसे सुयोग्य, निष्ठावान और मनभावन वर की प्राप्ति हेतु भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त रूप से पूजा-अर्चना करती हैं। इस महाव्रत की प्रमुख परंपरा यह है कि इसमें नदी किनारे की शुद्ध काली मिट्टी या बालू रेत से भगवान शिव, माता पार्वती और प्रथम पूज्य श्री गणेश की मूर्तियां अपने हाथों से बनाई जाती हैं और उनका षोडशोपचार विधि से पूजन किया जाता है। अक्सर लोगों के मन में यह स्वाभाविक जिज्ञासा उठती है कि तीज के इस महापर्व को केवल तीज न कहकर विशेष रूप से 'हरतालिका' क्यों पुकारा जाता है। इसके पीछे का रहस्य किसी व्याकरण से नहीं बल्कि भगवान शिव के प्रति माता पार्वती के अनन्य प्रेम और उनकी सखियों के असीम समर्पण की एक अद्भुत पौराणिक गाथा से जुड़ा हुआ है।'हरत' और 'आलिका' का भाषाई व आध्यात्मिक संगम: सखियों द्वारा सती के हरण की अद्भुत दास्तानसंस्कृत और वैदिक शास्त्रों के अनुसार 'हरतालिका' शब्द दो मूल शब्दों के मेल से निर्मित हुआ है—पहला शब्द 'हरत' है जिसका शाब्दिक अर्थ 'हरण करना' या गुप्त रूप से कहीं ले जाना होता है, और दूसरा शब्द 'आलिका' है जिसका अर्थ 'सहेली' अथवा 'सखी' होता है। इस प्रकार हरतालिका का सीधा और स्पष्ट अर्थ है 'सखियों द्वारा किया गया हरण'। शिव महापुराण में वर्णित प्राचीन कथा के अनुसार यह व्रत सर्वप्रथम जगज्जननी माता पार्वती ने भगवान शिव को अपने शाश्वत पति के रूप में पाने के लिए संपन्न किया था। पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के नाते माता पार्वती बाल्यकाल से ही भगवान शंकर को अपना सर्वस्व और पति मान चुकी थीं, लेकिन उनके पिता गिरिराज हिमालय अपनी लाडली का विवाह देवर्षि नारद के प्रस्ताव पर जगत के पालनहार भगवान विष्णु से कराना चाहते थे। जब माता पार्वती को इस बात का भान हुआ कि उनकी इच्छा के विरुद्ध उनका विवाह तय किया जा रहा है, तो वे गहरे शोक और विरह में डूब गईं। तब उनकी घनिष्ठ सखियों ने माता पार्वती की मानसिक व्यथा को समझा और एक गोपनीय योजना बनाकर उनका महल से हरण कर लिया। सखियां उन्हें राजसी सुख-सुविधाओं से दूर एक अत्यंत बीहड़, शांत और सुरक्षित वन क्षेत्र की गुफा में छिपा लाईं, ताकि बिना किसी पारिवारिक हस्तक्षेप के वे अपनी साधना पूरी कर सकें। चूंकि यह पूरी तपस्या सखियों द्वारा हरण किए जाने के बाद आरंभ हुई थी, इसलिए इस पावन तिथि और व्रत का नाम युगों-युगों के लिए 'हरतालिका तीज' के रूप में अमर हो गया।17 वर्षों तक कंदमूल का आहार और हस्त नक्षत्र में रेत का शिवलिंग: सती की कठोर साधनाघने जंगल में छिपकर माता पार्वती ने महादेव को प्रसन्न करने के लिए ऐसी घोर तपस्या आरंभ की जिसे देख देवलोक भी विस्मित रह गया था। उन्होंने राजमहल के 56 भोगों और अन्न-जल का पूरी तरह परित्याग कर दिया और लगातार 17 वर्षों तक केवल सूखे पत्ते, कंदमूल और अंत में निराहार रहकर घोर शीत, धूप और वर्षा की परवाह किए बिना तप किया। अंततः भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को, जब आकाश में हस्त नक्षत्र का शुभ संयोग बना, माता पार्वती ने गंगा या पावन नदी की रेत से अपने हाथों से शिवलिंग का निर्माण किया और बेलपत्र, धतूरा, भांग व पुष्प अर्पित कर पूरी रात्रि जागरण किया। माता पार्वती की इस निश्छल भक्ति, कठोर तप और अटूट निष्ठा से प्रसन्न होकर भोलेनाथ स्वयं उस बीहड़ वन में प्रकट हुए और उन्होंने माता पार्वती को अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार करने का वरदान दिया। तभी से हस्त नक्षत्र युक्त भाद्रपद शुक्ल तृतीया को अखंड सौभाग्य के उत्सव के रूप में मनाया जाने लगा।सिंजारे से लेकर निर्जला उपवास और पारण तक: जानिए तीन दिवसीय व्रत की शास्त्रीय विधिहरतालिका तीज का अनुष्ठान मुख्य रूप से तीन चरणों में संपन्न होता है। व्रत के एक दिन पूर्व यानी द्वितीया तिथि को सुहागिन महिलाएं अपने मायके जाती हैं या फिर ससुराल में उनके लिए मायके से विशेष 'सिंजारा' भेजा जाता है, जिसमें पारंपरिक वस्त्र, मेहंदी, सुहाग की पिटारी, चूड़ियां, मिठाइयां और फल शामिल होते हैं। व्रत के मुख्य दिन यानी तृतीया को महिलाएं सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर निर्जला व्रत का कड़ा संकल्प लेती हैं। पूरे दिन जल की एक बूंद भी ग्रहण नहीं की जाती। प्रदोष काल यानी गोधूलि वेला में स्वच्छ वेदी पर केले के पत्तों का मंडप बनाकर मिट्टी के शिव-पार्वती और गणेश जी को स्थापित किया जाता है। महिलाएं सोलह श्रृंगार करके सामूहिक रूप से हरतालिका तीज व्रत की पावन कथा सुनती हैं और रात्रि भर चार प्रहर की विशेष आरती व भजन-कीर्तन करती हैं। अगले दिन प्रातःकाल चतुर्थ प्रहर के उपरांत स्नान कर माता पार्वती को सुहाग की सभी सामग्री—जैसे सिंदूर, बिंदी, महावर और वस्त्र—अर्पित की जाती हैं, ब्राह्मणों को दान दिया जाता है और उसके पश्चात चरणामृत व जल ग्रहण करके इस कठिन व्रत का विधिवत पारण किया जाता है। शास्त्रों का मत है कि जो भी स्त्री इस पावन विधि का श्रद्धापूर्वक पालन करती है, उसका वैवाहिक जीवन समस्त संकटों से मुक्त रहता है और उसे जीवनभर अखंड सौभाग्य का वरदान प्राप्त होता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Sep 2026 5:33 pm

कर्नाटक में 100 तालुकों में सूखा घोषित, DK Shivakumar ने बिजली और पानी संकट पर जताई चिंता

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने सोमवार को राज्य में गंभीर सूखे तथा पेयजल और बिजली की संभावित किल्लत को लेकर चिंता जताई। शिवकुमार ने कहा कि सरकार ताप विद्युत उत्पादन बढ़ाने और राष्ट्रीय ग्रिड के जरिये अतिरिक्त बिजली हासिल करने के विकल्पों पर विचार कर रही है। शिवकुमार ने अपने गृहनगर कनकपुरा में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि 100 तालुकों में पहले ही सूखा घोषित किया जा चुका है और निर्धारित मानदंडों के आधार पर अन्य क्षेत्रों को भी सूखाग्रस्त घोषित करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा, ‘‘इस वर्ष भूजल स्तर में भारी गिरावट आई है और फसलें बर्बाद हो गई हैं। कई जगहों पर तो फसल की बुवाई भी नहीं हो सकी। आगे की स्थिति संकेत देती है कि पेयजल और बिजली की गंभीर कमी हो सकती है।’’मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले सप्ताह बिजली की मांग 19,000 मेगावाट को पार कर गई थी, जिसके चलते सरकार को शाम के व्यस्त समय में 11 से 13 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदनी पड़ी। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अपने ऊर्जा मंत्री के जे जॉर्ज से इस बारे में विस्तृत चर्चा करने और पड़ोसी राज्यों से बात करने को कहा है कि क्या कदम उठाए जा सकते हैं।’’शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक में निवेशकों की ओर से पानी, बिजली और जमीन की मांग बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ताप विद्युत उत्पादन बढ़ाने और कोयला उत्पादक क्षेत्रों से बिजली हासिल करने पर विचार करेगी। उन्होंने कहा कि ‘एक राष्ट्र, एक ग्रिड’ व्यवस्था के तहत देश के अन्य हिस्सों में पैदा होने वाली बिजली कर्नाटक तक लाई जा सकती है, हालांकि इसके लिए पारेषण शुल्क देना होगा। ‘एक राष्ट्र, एक ग्रिड’ व्यवस्था के तहत भारत के क्षेत्रीय बिजली ग्रिड को एकल राष्ट्रीय ग्रिड में जोड़ा गया है, जो एक समान फ्रीक्वेंसी पर संचालित होता है। शिवकुमार ने सूखे से हुए नुकसान का उल्लेख करते हुए कहा कि 21 से 23 सितंबर तक प्रस्तावित विधानसभा के विशेष सत्र में किसानों की सूखे से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा के लिए दो दिन निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम सूखे के कारण किसानों के सामने आई समस्याओं पर चर्चा करना चाहते हैं। इसलिए किसानों की सूखे से जुड़ी स्थिति पर चर्चा के लिए हमने विशेष रूप से दो दिन रखे हैं।’’उन्होंने कहा कि विभिन्न दलों के विधायकों ने अपनी शिकायतें सामने रखी हैं और सत्र के दौरान उन्हें अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे उठाने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम इस मामले में दलगत राजनीति नहीं देखेंगे। जहां भी सूखा गंभीर है और जहां भी निर्धारित मानदंड पूरे होते हैं, हम उन क्षेत्रों को जल्द सूखाग्रस्त घोषित करेंगे।’’शिवकुमार ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल की पहली बैठक 18 सितंबर को तटीय क्षेत्र के दक्षिण कन्नड़ जिले में होगी। उन्होंने कहा कि बैठक में पलायन रोकने और क्षेत्र के संसाधनों का इस्तेमाल करके लोगों के जीवन में सुधार लाने पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘उस दिन हम कई कार्यक्रमों और नई पहलों की घोषणा करेंगे।’’शिवकुमार ने अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र के दौरे के बारे में कहा कि उन्होंने एक छात्रावास का दौरा किया और छात्रों के कल्याण के संबंध में अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि कलबुर्गी, रायचूर, हावेरी और बीदर के छात्र शिक्षा के लिए कनकपुरा के छात्रावासों में रह रहे हैं, हालांकि त्योहार के कारण कई छात्र अपने घर चले गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमें इस बात पर नजर रखने की जरूरत है कि बच्चों की पढ़ाई कैसी चल रही है, वार्डन अपना काम ठीक से कर रहे हैं या नहीं और बच्चे किसी गलत दिशा में तो नहीं जा रहे हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘माता-पिता अपने बच्चों को हमारी (सरकार की) देखभाल में छोड़ते हैं और सरकार पर उसी तरह भरोसा करते हैं। हमें इस जिम्मेदारी के बारे में सोचना होगा।’’यह पूछे जाने पर कि क्या सभी कांग्रेस विधायक सरकार की ‘प्रजा सेवा’ पहल में हिस्सा लेंगे, शिवकुमार ने कहा कि वे ऐसा करेंगे। उन्होंने कहा कि कुछ विधायकों को कार्यक्रम और संबंधित विभाग के बारे में जानकारी देना अभी बाकी है। इस पहल का उद्देश्य शासन को लोगों के करीब लाना, जन शिकायतों का समाधान करना और सरकारी योजनाओं का समय पर लाभ सुनिश्चित करना है। मंत्रिमंडल में रिक्ति कब भरी जाएगी, इस सवाल पर शिवकुमार ने कहा कि पार्टी के निर्देश मिलने के बाद फैसला किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘जब भी हमारी पार्टी (कांग्रेस) हमें बताएगी, हम ऐसा करेंगे।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 5:32 pm

पूजा में चांदी के बर्तन, थाल और कलश क्यों माने जाते हैं सर्वश्रेष्ठ, इसके पीछे का गहरा धार्मिक, ज्योतिषीय और आयुर्वेदिक रहस्य

सनातन परंपरा में घर के मंदिर में ईश्वर की आराधना, संध्या वंदन और अनुष्ठानों के दौरान शुद्धता का सबसे अधिक ध्यान रखा जाता है। आमतौर पर दैनिक पूजा-अर्चना के लिए तांबे, पीतल अथवा कांसे के बर्तनों का प्रचलन बहुतायत में देखने को मिलता है, परंतु जब बात विशेष अनुष्ठानों, भगवान के नित्य जलाभिषेक, नैवेद्य अथवा पंचामृत अर्पित करने की आती है, तो चांदी के बर्तनों को सर्वोपरि और अद्वितीय स्थान दिया जाता है। यद्यपि चांदी एक बहुमूल्य और महंगी धातु है, फिर भी सदियों से भारतीय परिवारों में पूजा की थाली, आचमनी, लोटा और भोग की कटोरी चांदी की रखने की परंपरा रही है। शास्त्रों के अनुसार चांदी केवल एक आभूषण या सजावट की धातु नहीं है, बल्कि यह एक अत्यंत दिव्य, ऊर्जावान और सात्विक तत्व है जो ब्रह्मांडीय सकारात्मक ऊर्जा को अवशोषित करके पूजा स्थल के वातावरण को शुद्ध और पवित्र बनाए रखने में सक्षम है।चंद्रमा और शुक्र का दिव्य प्रतीक: मन की शांति और माता लक्ष्मी की कृपा का अटूट संबंधवैदिक ज्योतिष और धर्मग्रंथों में चांदी धातु का सीधा संबंध नवग्रहों में मन के कारक चंद्रमा और ऐश्वर्य के स्वामी शुक्र ग्रह से माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्रमा व्यक्ति की मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन, सौम्यता और एकाग्रता का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि चांदी की उत्पत्ति भगवान शिव के त्रिनेत्र से मानी जाती है। यही कारण है कि जब कोई साधक चांदी के पात्र से शिवलिंग पर जलाभिषेक करता है अथवा ठाकुर जी को भोग समर्पित करता है, तो उससे कुंडली में चंद्रमा की स्थिति बलवान होती है और घर के सदस्यों को मानसिक अशांति, तनाव और अवसाद से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही, चांदी को माता लक्ष्मी की प्रिय धातु माना गया है; मान्यता है कि जिस पूजा घर में नियमित रूप से चांदी के श्रीयंत्र, चांदी के दीपक अथवा चांदी की थाली का उपयोग किया जाता है, वहां दरिद्रता का नाश होता है और स्थायी सुख-समृद्धि का वास बना रहता है।प्राकृतिक शीतलता और सात्विकता: पंचामृत व नैवेद्य क्यों रहते हैं घंटों तक शुद्धचांदी की मूल तासीर प्राकृतिक रूप से शीतल, सौम्य और रोगाणुरोधी मानी जाती है। दैनिक पूजा के दौरान हम भगवान को जो पंचामृत (कच्चा दूध, दही, देसी घी, शहद और मिश्री) अथवा गंगाजल अर्पित करते हैं, उन्हें जब चांदी के कटोरे या कलश में रखा जाता है, तो चांदी के शीतलक गुण उन पदार्थों में समाहित हो जाते हैं। शास्त्रों में चांदी को 'स्वयं शुद्ध' धातु का दर्जा प्राप्त है, जिसका अर्थ है कि यह धातु बाह्य नकारात्मक ऊर्जा या अशुद्धियों से बहुत जल्दी दूषित या जूठी नहीं होती। यही कारण है कि चांदी के पात्रों में रखा गया प्रसाद लंबे समय तक अपनी ताजी सुगंध, मिठास और आध्यात्मिक स्पंदन को बरकरार रखता है, जिसे ग्रहण करने वाले हर भक्त को आंतरिक शीतलता और सकारात्मक विचार प्राप्त होते हैं।पूजा-पाठ में चांदी के विभिन्न पात्रों का महत्व और पारंपरिक उपयोगसनातन पूजा विधान में चांदी के बर्तनों का प्रयोग अलग-अलग अनुष्ठानिक क्रियाओं के लिए अत्यंत सूक्ष्म नियमों के साथ किया जाता है:नैवेद्य एवं पंचामृत पात्र: भगवान को फल, मिष्ठान और पंचामृत अर्पित करने के लिए चांदी की कटोरी सर्वोत्तम मानी जाती है, जिससे भोग की सात्विकता बनी रहती है।अभिषेक कलश व लोटा: देव प्रतिमाओं और शिवलिंग के जलाभिषेक के लिए चांदी का लोटा उपयोग करने से जल में दिव्य तरंगें उत्पन्न होती हैं।पूजन सामग्री की थाली: रोली, कुमकुम, गोपी चंदन, अक्षत और पुष्प रखने के लिए छोटी-बड़ी चांदी की थाली का प्रयोग अत्यंत शुभ माना जाता है।आचमन एवं पंचपात्र: पूजा से पूर्व आत्मशुद्धि और मंत्रोच्चार के साथ जल ग्रहण करने हेतु चांदी के पंचपात्र और आचमनी चम्मच का विधान है।आरती दीपक और घंटिका: मंदिर की आरती के लिए चांदी का अखंड दीपक और मधुर ध्वनि वाली घंटी वातावरण से नकारात्मक शक्तियों को दूर भगाने में सहायक होती है।आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान का मत: त्रिदोष नाशक और असाधारण रोग प्रतिरोधक क्षमताधार्मिक मान्यताओं से इतर प्राचीन आयुर्वेद संहिता और आधुनिक विज्ञान भी चांदी के बर्तनों के स्वास्थ्य लाभों की पुष्टि करते हैं। महर्षि चरक और सुश्रुत के अनुसार चांदी शरीर में वात और पित्त दोष को शांत करने वाली एक उत्तम रसायन धातु है। इसमें प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और कीटाणुनाशक गुण मौजूद होते हैं। जब चांदी के पात्र में जल भरकर रखा जाता है, तो उसके सूक्ष्म आयन जल में घुलकर उसे जीवाणुरहित और औषधीय गुणों से युक्त बना देते हैं। इस चरणामृत अथवा जल का नियमित सेवन करने से पाचन तंत्र सुदृढ़ होता है, शरीर की आंतरिक जलन शांत होती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) में आश्चर्यजनक वृद्धि होती है। इस प्रकार पूजा में चांदी का प्रयोग केवल एक आध्यात्मिक परंपरा नहीं, बल्कि धर्म, ज्योतिष और स्वास्थ्य विज्ञान का एक अद्भुत समन्वय है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Sep 2026 5:28 pm

मातृ नवमी 2026: पितृ पक्ष में दिवंगत माताओं के श्राद्ध के लिए क्यों सबसे खास है नवमी तिथि, पौराणिक महत्व, विधि और मातृ ऋण से मुक्ति का रहस्य

सनातन धर्म में पितृ पक्ष के पावन सोलह दिनों की अवधि को दिवंगत पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का सबसे पावन कालखंड माना गया है। धार्मिक व पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भाद्रपद पूर्णिमा से लेकर आश्विन अमावस्या तक चलने वाले इस महापक्ष में हमारे सभी पूर्वज सूक्ष्म रूप से परलोक से भूलोक पर अपने कुल के द्वार पर पधारते हैं और अपने वंशजों द्वारा श्रद्धापूर्वक अर्पित किए जाने वाले अन्न, जल और तर्पण को सहर्ष स्वीकार करते हैं। यूं तो पितृ पक्ष की प्रत्येक तिथि का अपना विशिष्ट आध्यात्मिक विधान है और पूर्वज जिस तिथि को गोलोकवासी हुए हों, उसी दिन उनका श्राद्ध करने की परंपरा है, परंतु इन सोलह तिथियों में आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को असाधारण स्थान प्राप्त है। इस पावन तिथि को शास्त्रों में 'मातृ नवमी', 'अविधवा नवमी' और 'सौभाग्यवती श्राद्ध' के नाम से जाना जाता है, जो परिवार की दिवंगत माताओं, दादियों, नानियों और समस्त मातृ-शक्ति के तृप्तिकरण के लिए पूर्णतः समर्पित है।नवमी तिथि और अंक 9 का दैवीय रहस्य: स्त्री शक्ति और पूर्णता का प्रतीकशास्त्रों और वैदिक अंक ज्योतिष में नौ (9) के अंक को कोई साधारण संख्या नहीं बल्कि परम पूर्णता और आदिशक्ति स्वरूपा दैवीय ऊर्जा का प्रतीक स्वीकार किया गया है। जिस प्रकार चैत्र और शारदीय नवरात्र के नौ दिन मां भगवती दुर्गा के नौ स्वरूपों को समर्पित होकर प्रकृति की स्त्री शक्ति का उत्सव मनाते हैं, ठीक उसी तरह पितृ पक्ष का यह नौवां दिन कुल की उन दिवंगत मातृ-शक्तियों के प्रति समर्पण का दिन है जिन्होंने अपने वात्सल्य, त्याग और स्नेह से वंश को सींचा था। गरुड़ पुराण और निर्णय सिंधु जैसे प्रामाणिक धर्मग्रंथों में स्पष्ट उल्लेख मिलता है कि पितृ पक्ष में पितृ और मातृ दोनों पक्षों के पूर्वजों का तर्पण करना प्रत्येक गृहस्थ का परम कर्तव्य है। सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यदि किसी व्यक्ति को अपनी दिवंगत माता, दादी, नानी, सास या परिवार की किसी भी महिला पूर्वज की निश्चित मृत्यु तिथि ज्ञात न हो, तो भी मातृ नवमी के दिन उनका विधिवत श्राद्ध और तर्पण करने से उन्हें सीधे परलोक में तृप्ति प्राप्त हो जाती है और वे प्रसन्न होकर विदा लेती हैं।मातृ ऋण से मुक्ति का एकमात्र मार्ग: अतृप्त आत्माओं की नाराजगी से बचने का विधानहिंदू धर्म दर्शन में मनुष्य के जीवन पर मुख्य रूप से तीन बड़े ऋण माने गए हैं—देव ऋण, ऋषि ऋण और पितृ ऋण, जिसमें सबसे गहन और संवेदनशील हिस्सा 'मातृ ऋण' का होता है। नौ महीने तक गर्भ में धारण करने और असहनीय पीड़ा सहकर जीवन देने वाली मां का ऋण किसी भी सांसारिक वस्तु से नहीं चुकाया जा सकता, परंतु मातृ नवमी पर पूरी निष्ठा और श्रद्धा से किया गया श्राद्ध वंशज को इस गंभीर आध्यात्मिक दायित्व से मुक्ति दिलाने में सहायक बनता है। धार्मिक मान्यता है कि जो व्यक्ति इस तिथि पर महिला पूर्वजों का स्मरण और श्राद्ध कर्म नहीं करता, उसकी दिवंगत माताएं और मातृ-शक्तियां अतृप्त और क्षुब्ध होकर वापस अपने लोक लौट जाती हैं। शास्त्रों के अनुसार कुल की माताओं का अतृप्त लौटना परिवार में अज्ञात अशांति, वंश वृद्धि में बाधा, स्वास्थ्य संकट और दुर्भाग्य का कारण बन सकता है, वहीं विधिपूर्वक किया गया श्राद्ध कुल को अखंड सौभाग्य, पारिवारिक समृद्धि और खुशहाली का स्थायी आशीर्वाद प्रदान करता है।मातृ नवमी की प्रामाणिक श्राद्ध और तर्पण विधि: पिंड दान, धूप-हवन और पंचबलि का नियममातृ नवमी के दिन श्राद्ध का दायित्व विशेष रूप से घर की बहुओं और पुत्रों द्वारा अत्यंत पवित्र भाव से निभाया जाता है। इस दिन प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त होकर पूजा स्थल अथवा किसी स्वच्छ स्थान पर उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके एक पवित्र चौकी स्थापित की जाती है, जिस पर दिवंगत माता अथवा महिला पूर्वजों के निमित्त श्वेत वस्त्र बिछाया जाता है। इसके पश्चात पके हुए चावल, गाय के कच्चे दूध, तिल और शहद के मिश्रण से बने पिंड अर्पित किए जाते हैं। तर्पण विधान के अंतर्गत तांबे अथवा पीतल के पात्र में शुद्ध जल लेकर उसमें काले तिल, श्वेत पुष्प और पवित्र कुश घास मिलाकर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके तस्मै स्वधा नमः अथवा मातृ तर्पण मंत्रों का उच्चारण करते हुए अंजलि से जल प्रवाहित किया जाता है। तर्पण के उपरांत शुद्ध घी में बने सात्विक भोजन, पकवान, खीर और मौसमी फलों को देशी गाय के गोबर से बने कंडे की पवित्र अग्नि (धूप) पर अर्पित करके हवन किया जाता है। शास्त्रों में इस तिथि पर ब्राह्मण महिलाओं अथवा सौभाग्यवती स्त्रियों को श्रद्धापूर्वक आदर सहित घर बुलाकर भोजन कराने, उन्हें वस्त्र व सुहाग सामग्री भेंट करने तथा पंचबलि कर्म के तहत गाय, कौवे, कुत्ते, चींटियों और देवताओं के निमित्त भोजन का पहला ग्रास निकालने का अनिवार्य नियम बताया गया है, जिससे पूर्वज तृप्त होकर वंशजों को दीर्घायु और समृद्धि का आशीष देते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Sep 2026 5:26 pm

सऊदी पर हूती का हमला, ट्रंप का ना... किसके भरोसे रियाद?

यमन में हूती विद्रोहियों के हमलों ने सऊदी अरब की चिंता बढ़ा दी है. रेड सी के अहम समुद्री रास्ते पर खतरा मंडरा रहा है. अमेरिका ने सीधे सैन्य एक्शन से इनकार कर दिया है, जबकि पाकिस्तान भी मक्का डिफेंस पैक्ट के बावजूद सैनिक भेजने से बचता दिख रहा है. आखिर सऊदी अरब किसके भरोसे है?

आज तक 14 Sep 2026 5:26 pm

कानपुर: मां के अवैध संबंधों से तंग आकर बेटे ने लगाई फांसी!

कानपुर के महाराजपुर में 14 वर्षीय सत्यम ने मां की साड़ी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. सत्यम मां के फोन पर प्रेमी से बात करने का विरोध करता था. मां ने इसे बीमारी से मौत बताया था, लेकिन छोटे भाई ने पुलिस पूछताछ में सच उजागर कर दिया.

आज तक 14 Sep 2026 5:25 pm

Amazon खोलेगी 20 नए FC और 150 डिलीवरी हब, यूपी-बिहार के मेरठ, वाराणसी, भोजपुर से असम, बंगाल, अरुणाचल तक फायदा

E-Commerce Company Amazon New Delivery Hubs: अमेजन ने 400 शहरों में 1.6 लाख रोजगार क्रिएट करने का लक्ष्‍य रखा है. ताजा ऐलान को उसी से जोड़कर देखा जा रहा है. पूरी‍ डिटेल अंदर पढ़ें.

NDTV इंडिया 14 Sep 2026 5:24 pm

भारतीय जॉब मार्केट में स्किल की अनिवार्यता पर PM Modi का बड़ा बयान, विकसित देशों के मुकाबले भारत क्यों पिछड़ा

भारतीय अर्थव्यवस्था, कॉरपोरेट सेक्टर और भर्ती बाजार में इन दिनों एक अभूतपूर्व संरचनात्मक बदलाव देखा जा रहा है। एक दौर था जब किसी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से स्नातक अथवा परास्नातक की डिग्री हासिल कर लेना सुरक्षित भविष्य और सुनिश्चित नौकरी की गारंटी माना जाता था, लेकिन आधुनिक तकनीक की तेज रफ्तार ने भर्ती के पुराने पैमानों को पूरी तरह बदल दिया है। वर्तमान में हर दो से तीन वर्षों के भीतर सॉफ्टवेयर, टूल्स और कार्यप्रणालियां या तो अप्रचलित हो जाती हैं या फिर उन्हें भारी तकनीकी अपग्रेडेशन की आवश्यकता पड़ती है। इसी गंभीर जमीनी हकीकत को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं के नाम एक विशेष वीडियो संदेश जारी कर स्पष्ट शब्दों में आह्वान किया है कि केवल अकादमिक प्रमाणपत्रों के भरोसे बैठे रहने का दौर समाप्त हो चुका है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि कॉलेज की पढ़ाई पूरी होने के साथ ही सीखने की यात्रा समाप्त नहीं होती, बल्कि आज के प्रतिस्पर्धी जॉब मार्केट में प्रासंगिक बने रहने के लिए युवाओं को जीवनभर लगातार खुद को री-स्किल और अप-स्किल करते रहना होगा।भारतीय जॉब मार्केट में गहराता स्किल गैप: डिग्री बनाम व्यवहारिक ज्ञान की चुनौतीआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन, क्लाउड कंप्यूटिंग और चौतरफा डिजिटल क्रांति के कारण आज उद्योग जगत की प्राथमिकताएं पूरी तरह बदल चुकी हैं। शीर्ष राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियां अब नौकरी के उम्मीदवारों में केवल उनके डिग्री अंक या कॉलेज की रैंकिंग देखने के बजाय उनकी व्यावहारिक समस्या समाधान क्षमता, क्रिटिकल थिंकिंग, तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक कौशल को प्राथमिकता दे रही हैं। इंडिया स्किल्स रिपोर्ट और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के संयुक्त आंकड़ों के अनुसार, यद्यपि देश के युवाओं की रोजगार क्षमता (Employability) में पिछले कुछ वर्षों में आंशिक सुधार दर्ज किया गया है, तथापि पारंपरिक शैक्षणिक पाठ्यक्रमों और उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के बीच एक भारी अंतर बना हुआ है। वर्तमान में स्थिति यह है कि लाखों युवा हर साल डिग्रियां लेकर इंजीनियरिंग, कॉमर्स और आर्ट्स स्ट्रीम से पास आउट हो रहे हैं, लेकिन जब वे कॉर्पोरेट फ्लोर पर कदम रखते हैं तो उनके पास वास्तविक प्रोजेक्ट्स को संभालने के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल का अभाव होता है।भारत बनाम विकसित देश: औपचारिक कौशल प्रशिक्षण में जमीन-आसमान का फासलानीति आयोग और विश्व बैंक की वैश्विक रिपोर्ट के आधार पर संकलित किए गए आधिकारिक आंकड़े भारत में कार्यबल की कौशल स्थिति को लेकर बेहद चौंकाने वाली तस्वीर पेश करते हैं। जहां विकसित अर्थव्यवस्थाओं ने अपने युवाओं को स्कूल स्तर से ही व्यावहारिक हुनर सिखाने में भारी निवेश किया है, वहीं भारत औपचारिक व्यावसायिक प्रशिक्षण के मामले में वैश्विक औसत से काफी पीछे खड़ा है:दक्षिण कोरिया: 96 प्रतिशत औपचारिक रूप से प्रशिक्षित कार्यबलजापान: 80 प्रतिशत औपचारिक व्यावसायिक प्रशिक्षण कवरेजजर्मनी: 75 प्रतिशत कार्यबल कुशल एवं प्रमाणितब्रिटेन (UK): 68 प्रतिशत प्रशिक्षित पेशेवरसंयुक्त राज्य अमेरिका (USA): 52 प्रतिशत औपचारिक कौशल युक्त कार्यबलभारत: केवल 5 प्रतिशत कार्यबल ही औपचारिक रूप से प्रमाणित व कुशलइन आंकड़ों का तुलनात्मक अध्ययन यह दर्शाता है कि भारत में कार्यबल का मात्र 5 प्रतिशत हिस्सा ही किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से तकनीकी या व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त है। इसके विपरीत दक्षिण कोरिया में 96% और जापान में 80% युवाओं के पास बाकायदा प्रमाणित कौशल होता है। जर्मनी की बात करें तो वहां का प्रसिद्ध 'डुअल वीईटी सिस्टम' (Dual Vocational Education and Training) हाई स्कूल स्तर के 50 प्रतिशत से अधिक छात्रों को क्लासरूम के थ्योरी लेक्चर्स के साथ-साथ सीधे औद्योगिक इकाइयों में पेड अप्रेंटिसशिप की अनिवार्य सुविधा प्रदान करता है। भारत में इसके बिल्कुल उलट सक्रिय अप्रेंटिस कुल कार्यबल का 0.5 प्रतिशत से भी कम हैं, जिसके चलते स्नातक युवाओं की रोजगार योग्यता लगभग 56 प्रतिशत के आसपास ही सिमट कर रह जाती है। वैश्विक नियोक्ता सर्वेक्षणों में लगभग 65 से 70 प्रतिशत भारतीय रिक्रूटर्स ने स्पष्ट शिकायत दर्ज कराई है कि उन्हें तकनीकी और सॉफ्ट स्किल्स के मामले में योग्य उम्मीदवार ढूंढने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है।सामाजिक दृष्टिकोण और पुराने पाठ्यक्रम: कौशल के मार्ग में सबसे बड़ी तीन रुकावटेंभारतीय समाज और शिक्षा व्यवस्था में इस गंभीर असंतुलन के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े संरचनात्मक कारण जिम्मेदार हैं। पहला सबसे बड़ा कारण सामाजिक दृष्टिकोण है; भारत में आईटीआई (ITI), पॉलिटेक्निक डिप्लोमा अथवा अन्य वोकेशनल ट्रेनिंग पाठ्यक्रमों को अक्सर अकादमिक रूप से कमजोर छात्रों का अंतिम विकल्प माना जाता है, जबकि बीए, बीकॉम या पारंपरिक बीटेक जैसी डिग्रियों को अस्वाभाविक सामाजिक प्रतिष्ठा मिलती है। दूसरा प्रमुख कारण विश्वविद्यालयों और तकनीकी कॉलेजों के पुराने पाठ्यक्रम हैं, जो हर दो साल में बदलती मशीन लर्निंग, क्लाउड आर्किटेक्चर, डेटा एनालिटिक्स और ऑटोमेशन की रफ्तार से तालमेल बिठाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं। तीसरा कारण भारतीय श्रम बाजार में असंगठित क्षेत्र का 85 प्रतिशत से अधिक का भारी दबदबा है, जहां कर्मचारी काम करते-करते हुनर तो सीख जाते हैं, लेकिन उनके पास किसी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय मानक का कोई औपचारिक प्रमाणन नहीं होता। भविष्य में भारतीय अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर और विकसित भारत के लक्ष्य तक ले जाने के लिए शिक्षा नीति में कौशल विकास को स्कूली स्तर से जोड़ना और युवाओं में सतत अपस्किलिंग की आदत डालना अब समय की सबसे अनिवार्य मांग बन चुका है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Sep 2026 5:23 pm

Archery World Cup: स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने Dhiraj Bommadevara, सीएम नायडू ने दी बधाई

(फाइल फोटो के साथ)अमरावती, 14 सितंबर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने तीरंदाजी विश्व कप फाइनल में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाले पहले भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा को सोमवार को बधाई दी। बोम्मादेवरा ने रोमांचक खिताबी मुकाबले में रविवार को जापान के जुन्या नाकानिशी को हराया था। मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘तीरंदाजी विश्व कप फाइनल में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष तीरंदाज बनने पर बोम्मादेवरा को बहुत-बहुत बधाई।’’उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश और पूरा देश गौरवान्वित है क्योंकि बोम्मादेवरा ने प्रतिष्ठित खिताब जीतकर भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाजी का 16 साल का इंतजार भी खत्म कर दिया। नायडू ने कहा, ‘‘धीरज, आपने दुनिया को दिखा दिया है कि लगातार मेहनत, लगन और पक्के इरादे से क्या कुछ नहीं हासिल किया जा सकता। आप हमारे राज्य के बहुत सारे प्रतिभाशाली लोगों के लिए प्रेरणा हैं। ऐसे ही सटीक निशाने लगाते रहें!’’विश्व रैंकिंग में 10वें स्थान पर काबिज धीरज (25) ने 2023 और 2024 सत्र की निराशा को पीछे छोड़ते हुए इस बार शानदार प्रदर्शन किया। उनसे पहले, जयंत तालुकदार ने 2010 में एडिनबर्ग में कांस्य पदक जीता था। धीरज से पहले डोला बनर्जी ने विश्व कप फाइनल में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने 2007 में दुबई में महिला व्यक्तिगत वर्ग का खिताब जीता था।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 5:23 pm

SC की बड़ी सौगात, अब हिन्दी में आएगा फैसले का सारांश और ऑडियो-वीडियो बुलेटिन

यह सेवा शुरू में हिंदी में उपलब्ध होगी। कोर्ट की योजना इसे धीरे-धीरे दूसरी भारतीय भाषाओं में भी बढ़ाने की है। इस कदम का मकसद अलग-अलग भाषाई क्षेत्रों के नागरिकों को अहम फैसलों के बारे में संक्षिप्त जानकारी उनकी भाषाओं में उपलब्ध कराना है।

लाइव हिन्दुस्तान 14 Sep 2026 5:20 pm

'AI को समझे बिना गुलाम बनकर रह जाएंगे': केरल में बोले मलेशियाई PM अनवर इब्राहिम, धार्मिक विद्वानों से डिजिटल बदलाव अपनाने की अपील

आधुनिक वैज्ञानिक प्रगति, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तेजी से बदलते डिजिटल परिदृश्य के बीच मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने धार्मिक और सामाजिक नेतृत्व को एक अत्यंत गंभीर और दूरगामी संदेश दिया है। केरल के ऐतिहासिक सांस्कृतिक केंद्र कोझिकोड के समीप करंतूर में स्थित प्रतिष्ठित शैक्षणिक व इस्लामिक संस्थान 'मरकजु सकफथी सुन्निय्या' में आयोजित एक भव्य अंतर्राष्ट्रीय समारोह को संबोधित करते हुए मलेशियाई प्रधानमंत्री ने दुनिया भर के धार्मिक विद्वानों, उलेमाओं और विचारकों से दो टूक आह्वान किया कि वे आधुनिक युग की नई जमीनी सच्चाइयों, तकनीकी आविष्कारों और एआई से आंखें मूंदने की भूल कतई न करें। 'ऑल इंडिया सुन्नी जेम इय्यथुल उलेमा' के महासचिव और भारत के प्रमुख मुस्लिम धर्मगुरु कंथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार द्वारा प्रतिष्ठित 'शेख अबूबकर फाउंडेशन एक्सीलेंस अवार्ड' से सम्मानित किए जाने के उपरांत अनवर इब्राहिम ने स्पष्ट कहा कि रूढ़िवादिता और तकनीकी अज्ञानता किसी भी समाज को भविष्य की वैश्विक दौड़ में हाशिए पर धकेल सकती है।आधुनिक तकनीक और एआई की समझ के बिना समाज केवल विदेशी ताकतों का औजार बनकर रह जाएगाडिजिटल बदलाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की अभूतपूर्व रफ्तार पर अपनी गहरी चिंता और दृष्टि साझा करते हुए मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि हमारे पारंपरिक विद्वान और नई पीढ़ी अत्याधुनिक विज्ञान को गहराई से नहीं समझेंगे, तो हम अनजाने में बौद्धिक और आर्थिक गुलामी की ओर बढ़ जाएंगे। उन्होंने सभा को सचेत करते हुए कहा कि ज्ञान, शोध और तकनीकी महारत हासिल किए बिना कोई भी समाज अपनी संप्रभुता की रक्षा नहीं कर सकता। यदि हम एल्गोरिदम, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स और जनरेटिव एआई के बुनियादी सिद्धांतों में दक्षता हासिल नहीं करते हैं, तो हम केवल विदेशी शक्तियों, वैश्विक टेक दिग्गजों और बहुराष्ट्रीय निगमों के हाथों का औजार बनकर रह जाएंगे, जिनका इस्तेमाल वे हमारे सांस्कृतिक संकल्प, स्वतंत्र सोच और सामूहिक इरादों को कमजोर करने के लिए करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें आधुनिक ज्ञान और उच्च विशेषज्ञता को अपनी प्राथमिकता बनाना होगा, लेकिन साथ ही अपने आध्यात्मिक विश्वास, मानवीय गरिमा और बुनियादी नैतिक मूल्यों की रक्षा करने का अटूट संतुलन भी साधना होगा।'एन्थानु वर्थमानम' से भाषण का आत्मीय आगाज: केरल और मालाबार से मलेशिया के ऐतिहासिक व्यापारिक संबंधमलेशियाई राष्ट्रप्रमुख ने अपने संबोधन का आरंभ स्थानीय मल्याली संस्कृति का आदर करते हुए ठेठ मलयालम मुहावरे 'एन्थानु वर्थमानम' (क्या हालचाल हैं) के साथ किया, जिसने सभागार में उपस्थित हजारों श्रोताओं और प्रतिनिधियों का दिल जीत लिया। उन्होंने रेखांकित किया कि दक्षिण-पूर्व एशियाई देश मलेशिया और दक्षिण भारत के केरल, विशेषकर ऐतिहासिक मालाबार तट के बीच सदियों पुराने समुद्री, व्यापारिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंध रहे हैं। अनवर इब्राहिम ने अपनी इस महत्वपूर्ण यात्रा को सुगम और निर्बाध बनाने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया और मंच से साझा किया कि वे स्वयं प्रधानमंत्री मोदी का एक अत्यंत सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक संदेश लेकर कंथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार तक पहुंचे हैं। इस महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय गरिमामयी मंच पर इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के प्रदेश अध्यक्ष पनाक्कड़ सादिकली शिहाब थंगल, केरल के पूर्व उद्योग मंत्री पीके कुन्हालीकट्टी समेत अनेक वरिष्ठ राजनेताओं, सांसदों और राजनयिकों ने मलेशियाई प्रधानमंत्री से उच्चस्तरीय मुलाकात की।'सहीह अल-बुखारी' की दुर्लभ हस्तलिखित पांडुलिपि भेंट, द्विपक्षीय संबंधों और शिक्षा सुधार पर मंथनसमारोह के समापन पर कंथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार ने मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को हदीस के दुनिया भर में सर्वाधिक प्रामाणिक एवं मान्य संग्रह 'सहीह अल-बुखारी' की एक अत्यंत दुर्लभ और नक्काशीदार हस्तलिखित पांडुलिपि उपहार स्वरूप भेंट की। इस ऐतिहासिक तोहफे को मलेशियाई प्रधानमंत्री ने अत्यंत सम्मानपूर्वक स्वीकार किया और इसे भारत और मलेशिया के बीच सांस्कृतिक व आध्यात्मिक सेतु का प्रतीक बताया। इसके पश्चात प्रधानमंत्री इब्राहिम के सम्मान में मरकज परिसर में एक औपचारिक राजकीय रात्रिभोज का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें भारत-मलेशिया संबंधों, दक्षिण एशिया में आधुनिक उच्च शिक्षा के विस्तार, तकनीकी संस्थानों में युवाओं की भागीदारी और नैतिक मूल्यों पर आधारित डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने जैसे प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत और सार्थक चर्चा हुई।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Sep 2026 5:19 pm

नौकरी गंवाने वाली शिक्षिका से नंदीग्राम की उम्मीदवार तक, ममता बनर्जी की पसंद संचिता प्रधान डे कौन?

ममता बनर्जी ने टीएमसी की सबसे महत्वपूर्ण सीट पर शिक्षिका संचिता प्रधान डे को उम्मीदवार बनाया है। इस फैसले के साथ यह भी साफ हो गया है कि 15 साल में पहली बार ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल विधानसभा में नहीं दिखेंगी।

लाइव हिन्दुस्तान 14 Sep 2026 5:19 pm

95 साल बाद बड़ा मुकाम! ये 5,068 KM रेल नेटवर्क 100% इलेक्ट्रिफाइड

भारतीय रेलवे के इलेक्ट्रिफिकेशन कैम्पेन को बड़ी कामयाबी मिली है. दक्षिण भारत के एक बड़े रेल नेटवर्क का अब पूरा हिस्सा इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पर आ गया है. इसके साथ ही हजारों किलोमीटर लंबे नेटवर्क पर ट्रेनों के संचालन का तरीका बदल गया है.इस मुकाम तक पहुंचने में रेलवे को करीब 95 साल का लंबा सफर तय करना पड़ा है.

आज तक 14 Sep 2026 5:19 pm

20 लाख की सैलरी, 50 लाख की सेविंग, फिर भी क्यों परेशान है ये शख्स?

30 साल की उम्र में 50 लाख रुपये की नेटवर्थ और 20 लाख रुपये सालाना सैलरी होने के बावजूद एक शख्स खुद को फाइनेंशियली पीछे महसूस कर रहा है. रेडिट पर शेयर की गई उसकी पोस्ट ने पैसे, सेविंग और दूसरों से तुलना को लेकर बहस छेड़ दी है.

आज तक 14 Sep 2026 5:18 pm

तेल भंडार, सऊदी बॉर्डर और लाल सागर पर पकड़... इस एक शहर के पीछे क्यों पड़े हैं हूती?

यमन में हूती की पश्चिमी बढ़त के बीच लड़ाई का फोकस अब मारिब पर आ गया है, जहां सरकारी बल बाहरी इलाकों में झड़पों के बीच बचाव में जुटे हैं. तेल और गैस के बड़े केंद्र मारिब पर खतरा बढ़ने से सरकार की कमाई, मोर्चे की दिशा और बाब अल-मंदेब के आसपास तनाव साथ-साथ गहरा रहा है.

आज तक 14 Sep 2026 5:16 pm

हिंदी दिवस पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक तोहफा: अब 'जन सूचना सेवा' के जरिए हिंदी में मिलेंगे बड़े फैसले और 15-30 मिनट के ऑडियो-वीडियो बुलेटिन

हिंदी दिवस के पावन अवसर पर देश की शीर्ष अदालत ने न्यायिक प्रणाली को आम आदमी की समझ के करीब लाने के लिए एक ऐतिहासिक और युगांतकारी पहल का बिगुल बजा दिया है। भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने आधिकारिक तौर पर 'जन सूचना सेवा' (Public Information Service) नाम से एक अनूठी जन-जागरूकता पहल शुरू करने की औपचारिक घोषणा की है। दशकों से कानूनी दांव-पेचों, भारी-भरकम अंग्रेजी शब्दावली और जटिल आदेशों के चलते जो फैसले केवल वकीलों और न्यायाधीशों तक सीमित रह जाते थे, अब वे देश के गांव-कस्बों में बैठे आम नागरिकों, गरीब वादियों और खासकर दिव्यांगजनों तक सीधे उनकी मातृभाषा में पहुंचेंगे। सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि वास्तविक न्याय केवल अदालत के बंद कमरों में सुनाए जाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जब तक एक आम भारतीय नागरिक अपने पक्ष या विपक्ष में आए फैसले की मूल भावना और उसके सामाजिक-कानूनी असर को अपनी जानी-पहचानी भाषा में न समझ ले, तब तक न्याय तक समग्र पहुंच का लक्ष्य अधूरा रहता है।15 से 30 मिनट के ऑडियो-वीडियो बुलेटिन: कानूनी दांवपेच अब सरल भाषा मेंसुप्रीम कोर्ट द्वारा शुरू की गई इस नई 'जन सूचना सेवा' के ढांचे को आधुनिक डिजिटल युग की जरूरतों के अनुसार बहु-आयामी स्वरूप में डिजाइन किया गया है। इसके अंतर्गत संवैधानिक पीठों, जनहित याचिकाओं और व्यापक जन-सरोकार से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी आदेशों का बेहद सरल, स्पष्ट और बिना किसी कानूनी जटिलता वाला हिंदी सारांश तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही, देश में पहली बार शीर्ष अदालत स्वयं लगभग 15 से 30 मिनट की अवधि वाले विशेष हिंदी ऑडियो और वीडियो बुलेटिन प्रसारित करेगी। इन बुलेटिनों में अनुभवी विधिक विश्लेषकों द्वारा यह आसान भाषा में समझाया जाएगा कि अदालत के सामने वास्तविक विवाद क्या था, संविधान के किस अनुच्छेद या कानून के तहत दलीलें दी गईं, और अंतिम निर्णय का आम आदमी के दैनिक जीवन व अधिकारों पर क्या दूरगामी प्रभाव पड़ेगा।दिव्यांगजनों और आम वादियों के लिए समावेशी न्याय का नया युगयह क्रांतिकारी पहल विशेष रूप से उन वादियों, बुजुर्गों और दिव्यांग नागरिकों के लिए एक बड़ा वरदान साबित होने जा रही है, जो दृष्टिबाधित होने या औपचारिक कानूनी शिक्षा न होने के कारण सैकड़ों पन्नों के अंग्रेजी फैसले पढ़ने या समझने में असमर्थ रहते थे। ऑडियो प्रारूप की उपलब्धता से दृष्टिबाधित नागरिक सुनकर सीधे फैसले का सार समझ सकेंगे, जबकि विजुअल बुलेटिन से श्रवण-बाधित या कम साक्षर लोग भी शीर्ष अदालत के कामकाज से सीधा जुड़ाव महसूस करेंगे। सुप्रीम कोर्ट की इस पहल का मूल उद्देश्य न्याय व्यवस्था को पूरी तरह से समावेशी, पारदर्शी और लोकतांत्रिक बनाना है, जिससे भारतीय भाषाओं के प्रति गहरा सम्मान प्रदर्शित होने के साथ-साथ न्यायिक प्रणाली पर जनता का अटूट विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो सके।हिंदी से आगाज, जल्द अन्य क्षेत्रीय भारतीय भाषाओं में भी होगा विस्तारसर्वोच्च न्यायालय के आधिकारिक बयान में यह भी स्पष्ट किया गया है कि हालांकि इस महत्वाकांक्षी सेवा की औपचारिक शुरुआत हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रभाषा हिंदी के साथ की जा रही है, लेकिन इसका दायरा यहीं तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से इसे संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल तमिल, तेलुगु, बंगाली, मराठी, गुजराती, कन्नड़, उड़िया और मलयालम जैसी तमाम प्रमुख भारतीय भाषाओं में भी विस्तारित किया जाएगा। इस बहुभाषी डिजिटल विस्तार का मुख्य लक्ष्य देश के भाषाई तौर पर विविधतापूर्ण हर राज्य और क्षेत्र के अंतिम पायदान पर खड़े नागरिक को सशक्त बनाना है, ताकि भाषाई बाधाएं न्याय और मौलिक अधिकारों की समझ के बीच कभी दीवार न बन सकें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Sep 2026 5:15 pm

यमन के कई शहरों पर हूतियों का कब्जा, देखें दुनिया आजतक

यमन के हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी और यमन सरकार की सेना ने बड़े पैमाने पर जवाबी हमले किए हैं, जिसकी पुष्टि खुद हूती प्रवक्ता ने की. यमन के कई शहरों पर कब्ज़े के बाद सऊदी ने दक्षिण-पश्चिम में ताइज, दक्षिण में लाहज, उत्तर में अल-जौफ़ और सादा, उत्तर-पश्चिम में हज्जा और देश के मध्य क्षेत्र में अल-बैदा को निशाना बनाया. देखें दुनिया आजतक.

आज तक 14 Sep 2026 5:14 pm

आगरा से 2.5 घंटे में संभल, अलीगढ़ से लगेंगे 1.5 घंटे, UP में नया हाइवे मंजूर, मथुरा, हाथरस, गाजियाबाद तक कनेक्टिविटी

UP सरकार ने 98 किलोमीटर लंबे इगलास-संभल स्टेट हाईवे (SH-184) को मंजूरी दे दी है. इसके बनने के बाद अलीगढ़ से संभल का सफर करीब डेढ़ घंटे और आगरा से संभल की दूरी करीब ढाई घंटे में तय की जा सकेगी.

NDTV इंडिया 14 Sep 2026 5:13 pm

बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद CBI ने दर्ज की FIR, पिता के बयान में Aaditya Thackeray और Rhea Chakraborty समेत कई बड़े नाम

दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व सेलिब्रिटी टैलेंट मैनेजर दिशा सालियान की रहस्यमयी मौत के मामले में करीब छह साल बाद एक बहुत बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है। बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा मुंबई पुलिस की प्राथमिक जांच पर गंभीर सवाल उठाते हुए दिए गए सख्त आदेशों के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस चर्चित प्रकरण में औपचारिक रूप से पहली सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कर ली है। हाई कोर्ट ने मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध निगरानी सुनिश्चित करने के लिए सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी को जांच की सीधी कमान सौंपने का निर्देश दिया है। सीबीआई की इस नई कानूनी कार्रवाई से ठीक दो दिन पहले दिशा के पिता सतीश सालियान ने जांच एजेंसी के अधिकारियों के समक्ष उपस्थित होकर अपना विस्तृत और सनसनीखेज बयान दर्ज कराया था, जिसने महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों और बॉलीवुड इंडस्ट्री में भारी भूचाल ला दिया है।सतीश सालियान का बड़ा आरोप: आत्महत्या की झूठी कहानी और सबूतों को मिटाने की रची गई साजिशसीबीआई के समक्ष दर्ज कराए गए आधिकारिक बयान में दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने दावा किया है कि उनकी बेटी की मौत कोई सामान्य आत्महत्या या हादसा नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक गहरी और संगठित आपराधिक साजिश रची गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए इस पूरे घटनाक्रम को आत्महत्या का रूप देने के लिए एक झूठी कहानी तैयार कर फैलाई गई और घटनास्थल से लेकर पोस्टमार्टम तक से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों को दबाया, नष्ट किया या मनगढ़ंत रूप से पेश किया गया। सतीश सालियान ने जांच एजेंसी से मांग की है कि कथित अपराधों, साजिश रचने, फोरेंसिक रिकॉर्ड में हेराफेरी करने और जांच को जानबूझकर भटकाने में शामिल सभी रसूखदार चेहरों की गहन आपराधिक जांच की जानी चाहिए ताकि वास्तविक सच जनता और अदालत के सामने आ सके।आदित्य ठाकरे, रिया चक्रवर्ती और सूरज पंचोली समेत कई दिग्गज हस्तियों के नामों का उल्लेखसतीश सालियान द्वारा जांच एजेंसी को दिए गए विस्तृत बयान में कई हाई-प्रोफाइल राजनेताओं, बॉलीवुड अभिनेताओं, व्यवसायियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नाम शामिल किए गए हैं। बयान में जिन प्रमुख व्यक्तियों की भूमिका की जांच की मांग की गई है, उनमें शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे, उनके पिता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख, दिशा के मंगेतर रोहन रॉय, अभिनेता डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, आदित्य ठाकरे के सुरक्षा गार्ड, अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शोविक चक्रवर्ती के नाम दर्ज हैं। इसके अलावा तत्कालीन मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह, बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे, तत्कालीन डीसीपी विशाल ठाकुर और मालवणी पुलिस स्टेशन के कई जांच अधिकारियों की भूमिका पर भी संदेह जताते हुए जांच की मांग की गई है।मालवणी पुलिस से केस डायरी और फोरेंसिक रिकॉर्ड तलब, जून 2020 की घटना की नए सिरे से पड़तालएफआईआर दर्ज करने के तत्काल बाद केंद्रीय जांच एजेंसी एक्शन मोड में आ गई है और उसने मुंबई की मालवणी पुलिस को आधिकारिक पत्र लिखकर दिशा सालियान की मौत से जुड़ी मूल केस डायरी, क्राइम सीन पंचनामा, पंचों के बयान और सभी तकनीकी रिकॉर्ड तलब कर लिए हैं। सीबीआई की नजर पोस्टमार्टम प्रक्रिया में कथित अनुचित देरी के लिए जिम्मेदार डॉक्टरों, कर्मचारियों, कलिना स्थित फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) के जांच विश्लेषकों और रीजेंट गैलेक्सी बिल्डिंग के सुरक्षा गार्डों की गतिविधियों पर भी टिकी हुई है। गौरतलब है कि जून 2020 में मलाड स्थित बहुमंजिला इमारत से गिरकर दिशा सालियान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, और इसके महज कुछ ही दिनों बाद 14 जून 2020 को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत का शव उनके बांद्रा स्थित फ्लैट में मिला था, जिसके बाद से ही दोनों मामलों के आपस में जुड़े होने को लेकर देश भर में भारी आक्रोश और उच्चस्तरीय जांच की मांग उठती रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Sep 2026 5:12 pm

भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए राजनीतिक मतभेद भुलाएं: Amit Shah

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का मतलब भारत की संस्कृति और इतिहास के बारे में जागरूकता पैदा करना है। शाह ने इस बात पर जोर दिया कि देश की अलग-अलग भाषाओं का स्वर भले ही अलग हो लेकिन राष्ट्रीय भावना एक ही होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए सभी राजनीतिक मतभेदों को भुला देना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कोई बच्चा देश को अपनी मातृके जरिए ही बेहतर ढंग से समझ सकता है। शाह ने भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के काम को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस संकल्प से जोड़ा, जिसमें उन्होंने देश को ‘‘गुलामी की मानसिकता’’ से मुक्त करने की बात कही थी। नवी मुंबई में आयोजित छठे अखिल भारतीय राजसम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि बाल गंगाधर तिलक ने समझ लिया था कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के माध्यम से देश की संस्कृति और इतिहास के बारे में जागरूकता पैदा की जा सकती है। शाह ने कहा कि तिलक ने सार्वजनिक गणेश उत्सव और छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाने की शुरुआत की थी। ये दोनों ही उत्सव धीरे-धीरे महाराष्ट्र से बाहर भी फैले और आजादी की लड़ाई के दौरान देशभक्ति की लहर पैदा करने में मदद की। मंत्री ने कहा कि ‘हिंदी शब्द सिंधु’ की शुरुआत 51,000 शब्दों के साथ हुई थी और अब इसमें आठ लाख शब्द शामिल हो चुके हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि 2029 तक यह दुनिया का सबसे बड़ा शब्दकोश बन जाएगा। शाह ने कहा कि जिन जगहों पर हिंदी में शब्दों की कमी थी, उन्हें पूरा करने के लिए ‘हिंदी शब्द सिंधु’ में भारत की क्षेत्रीय भाषाओं के 50,000 से अधिक शब्दों को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि शब्दकोश में तमिल, तेलुगु, मराठी, गुजराती, बंगाली और ओड़िया जैसी भाषाओं के शब्दों को अपनाया गया है जिससे हिंदी और अधिक लचीली बनी है। शाह ने कहा कि महाराष्ट्र में देश की सबसे अधिक बहुभाषी संस्कृति है, जहां मराठी, कोंकणी, गुजराती, सिंधी, हिंदी, कन्नड़ और वारली जैसी भाषाएं बोली और विकसित की जाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मराठी को ‘शास्त्रीय भाषा’ का दर्जा दिया। शाह ने कहा कि हिंदी को देश की दूसरी भाषाओं की प्रतिद्वंद्वी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी भाषाएं आपस में जुड़ी हुई हैं। शाह ने कहा कि विनोबा भावे ने बताया था कि हिंदी के इस्तेमाल से ही वह भूदान-ग्रामदान आंदोलन का संदेश पूरे देश में फैला पाए थे। गृह मंत्री ने कहा कि जब उनकी पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी सौंपी तो हिंदी की जानकारी ने उन्हें पूरे देश में काम करने में मदद की। उन्होंने यह भी बताया कि राजविभाग ने ‘भारती’ नाम का बहुभाषी अनुवाद टूल बनाया है और सरकार ने ‘भारतीय अनुभाग’ भी स्थापित किया है। उन्होंने निर्वाचित प्रतिनिधियों से केंद्र सरकार के साथ मराठी में संवाद करने का आग्रह किया और उन्हें आश्वस्त किया कि अनुवाद की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भारतीय भाषाओं को शासन एवं विज्ञान की बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्श्य साहित्य के माध्यम से देश की भाषाओं को समृद्ध करना है। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) जैसी परीक्षाएं अपनी मातृमें दे सकते हैं, जबकि संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई), राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) और स्नातक स्तर की परीक्षाएं 13 भाषाओं में आयोजित की जा रही हैं। शाह ने कहा, ‘‘भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए राजनीतिक मतभेदों को भुला देना चाहिए। एक बच्चा भारत को अपनी मातृके जरिए ही समझ सकता है।’’शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत मातृमें प्राथमिक शिक्षा को अनिवार्य कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे बड़ा काम यह किया है कि एनईपी के तहत उन्होंने मातृमें पढ़ाई को अनिवार्य किया है और साथ ही एक और भारतीय को सीखना भी अनिवार्य कर दिया है। जो लोग मातृके अलावा एक और भारतीय सीखने के एनईपी के प्रावधान का विरोध कर रहे हैं उन्हें नहीं पता कि वे कितनी बड़ी गलती कर रहे हैं।’’शाह ने कहा कि केंद्र सरकार के पांच लाख से अधिक कर्मचारियों ने का प्रशिक्षण लिया है, जबकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित ‘कंठस्थ 2.0’ को विदेशियों के लिए उपलब्ध कराया गया है जिसमें पांच करोड़ से अधिक वाक्य हैं। सीखने के साधन के तौर पर ‘लीला राजभाषा’ और ‘लीला प्रवाह’ को विकसित किया गया है। उन्होंने कहा कि राजसमिति ने अब तक नौ संस्करण तैयार किए हैं। इनमें से पांच को मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान समर्पित किया जाएगा। शाह ने कहा कि सरकार 2019 से राजसम्मेलन को दिल्ली तक सीमित रखने के बजाय अलग-अलग राज्यों में आयोजित कर रही है। उन्होंने कहा कि इस दौरान कई प्रकाशन जारी किए गए जिनमें ‘राजभारती’ (वंदे मातरम् विशेष विषय) और ‘वंदे मातरम् के 150 अध्याय’ शामिल हैं। ‘हिंदी शब्द सिंधु’ डिजिटल रिसोर्स और हिंदी टाइपिंग व शॉर्टहैंड में प्रशिक्षण भी शुरू किया गया है। साथ ही ‘राजकीर्ति’ और ‘राजगौरव’ पुरस्कार भी दिए गए। शाह ने वंदे मातरम् पर कहा कि राष्ट्रगीत को उसका पूर्ण गौरव वापस दिलाने में 80 साल लग गए। उन्होंने कहा, ‘वंदे मातरम् सिर्फ एक गीत नहीं है बल्कि आजादी के लिए भारतीय चेतना को जगाने की एक कोशिश है। इसने भारत के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की नींव रखी।’’शाह ने सरकारी कार्यक्रमों में सिर्फ शुरुआती दो छंद गाने के पुराने फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि बाद में इस गीत को विभाजित कर दिया गया और इसे इसका पूर्ण गौरव वापस दिलाने में कई दशक लग गए। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् को एक बार फिर उसका सम्मान मिला है और सभी सरकारी कार्यक्रमों में इसे पूरा गाया जाने लगा है क्योंकि भारत को नरेन्द्र मोदी जैसा प्रधानमंत्री मिला है। शाह ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने ‘स्वराज’, ‘स्वधर्म’ और ‘स्वभाषा’ को स्व-शासन का अहम हिस्सा माना था और कामकाज में मराठी को महत्व दिया था। शाह ने कहा कि मोदी ने हमेशा बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हिंदी या अन्य भारतीय भाषाओं में भाषण दिए हैं। रवींद्रनाथ टैगोर का जिक्र करते हुए शाह ने भारतीय संस्कृति और साहित्य की तुलना कई पंखुड़ियों वाले कमल से की, जिसमें हर क्षेत्रीय एक पंखुड़ी की तरह है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘भाषाएं भले ही अनेक हों, लेकिन भावना भारतीय होनी चाहिए और भारत की आवाज एक ही होनी चाहिए।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 5:12 pm

पेन-पेपर नहीं अब कंप्यूटर पर होगी NEET-UG! जानिए नया एक्शन प्लान

इस बड़े बदलाव को अमलीजामा पहनाने के लिए इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स काम कर रही है. इस समिति का मुख्य ध्यान देश भर में कंप्यूटर के जरिए नीट परीक्षा कराने के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा जरूरतों और तकनीकी सिस्टम का मूल्यांकन करने पर केंद्रित है.

आज तक 14 Sep 2026 5:11 pm

हूतियों से लड़ाई में पीठ दिखाने के बाद पाकिस्तान की सऊदी अरब के साथ रिश्तों को संभालने की एक और कोशिश

पाकिस्तानी अधिकारियों को चिंता है कि सऊदी अरब के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर ईरान के मिसाइल हमलों की तुलना में, हूती खतरे के कारण इस्लामाबाद के युद्ध में घिसट जाने की संभावना ज्यादा है.

NDTV इंडिया 14 Sep 2026 5:11 pm

कंगना रनौत ने राखी सावंत को दिया जवाब, बोलीं...

राखी सावंत के कंगना रनौत और स्मृति ईरानी पर किए गए आपत्तिजनक कमेंट के बाद विवाद बढ़ गया है. कंगना ने सोशल मीडिया पर राखी को जवाब देते हुए कहा कि सफलता के लिए सिर्फ सिफारिश नहीं, बल्कि प्रतिभा और योग्यता भी जरूरी है. वीडियो में जानें क्या है पूरा मामला.

आज तक 14 Sep 2026 5:11 pm

BRICS पर रार: व‍िपक्ष के उपलब्धियों से लेकर मेन्यू तक पर सरकार से सवाल

दिल्ली के भव्य भारत मंडपम में 2 दिन के ब्रिक्स सम्मेलन संपन्न हो चुका है. मेहमान अपने वतन लौट चुके हैं. लेकिन अब भारत में इस पर सियासत की एंट्री हो गई है. ब्रिक्स सम्मेलन की उपलब्धियों से लेकर खान-पान तक पर विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. देखिये पूरी खबर.

आज तक 14 Sep 2026 5:10 pm

Ahan Shetty की हॉरर फिल्म '1920: Cold Winter' को मिली लीड एक्ट्रेस, Border 2 के बाद फिर जमेगी इस हसीना संग जोड़ी

भारतीय सिनेमा में अलौकिक शक्तियों और हॉरर जॉनर को एक भव्य स्तर पर पेश करने वाले दिग्गज फिल्ममेकर विक्रम भट्ट एक बार फिर अपनी सबसे प्रतिष्ठित फ्रेंचाइजी के साथ सिल्वर स्क्रीन पर खौफ का नया मंजर रचने जा रहे हैं। 'हॉन्टेड 3डी- इकोज ऑफ द पास्ट' के बाद विक्रम भट्ट का पूरा ध्यान अपनी अगली महत्वाकांक्षी सुपरनेचुरल थ्रिलर '1920: कोल्ड विंटर' (1920: Cold Winter) पर केंद्रित हो गया है। इस फिल्म में बॉलीवुड के अन्ना यानी सुनील शेट्टी के प्रतिभाशाली बेटे अहान शेट्टी को मुख्य अभिनेता के रूप में फाइनल किए जाने की घोषणा पहले ही हो चुकी थी, जिसके बाद से ही सिनेप्रेमियों और ट्रेड पंडितों के बीच इसकी लीड एक्ट्रेस को लेकर कयासबाजी का दौर जारी था। अब फिल्म गलियारों से इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट की मुख्य नायिका को लेकर बड़ी आधिकारिक जानकारी सामने आ गई है, जिसने इंडस्ट्री में नई हलचल पैदा कर दी है।अहान शेट्टी संग अन्या सिंह की फ्रेश केमिस्ट्री: 'बॉर्डर 2' के बाद दूसरा बड़ा कोलैबोरेशनबॉलीवुड इनसाइडर रिपोर्ट्स के अनुसार विक्रम भट्ट ने लंबी तलाश और कई स्क्रीन टेस्ट के बाद प्रतिभाशाली अभिनेत्री अन्या सिंह (Anya Singh) को '1920: कोल्ड विंटर' की मुख्य भूमिका के लिए साइन कर लिया है। अन्या सिंह हाल ही में आर्यन खान के बहुचर्चित डायरेक्टोरियल डेब्यू शो 'द बैड्स ऑफ बॉलीवुड' में अपनी सशक्त और संजीदा अदाकारी से आलोचकों और दर्शकों की खूब तारीफें बटोर चुकी हैं। दिलचस्प बात यह है कि '1920: कोल्ड विंटर' के जरिए अहान शेट्टी और अन्या सिंह की ऑन-स्क्रीन जोड़ी दूसरी बार दर्शकों के सामने आएगी। इससे पहले दोनों कलाकारों ने इस साल 26 जनवरी को रिलीज हुई देशभक्ति से लबरेज मेगा-बजट वॉर ड्रामा फिल्म 'बॉर्डर 2' में एक साथ स्क्रीन स्पेस साझा किया था, जहां अन्या ने अहान के किरदार की जीवनसंगिनी की भावनात्मक भूमिका निभाकर दर्शकों के दिलों को छू लिया था। अब इस हॉरर-थ्रिलर जॉनर में दोनों की केमिस्ट्री को पूरी तरह से नए और डरावने अंदाज में देखना बेहद रोमांचक होगा।18 साल का खौफनाक सफर: विक्रम भट्ट की '1920' फ्रेंचाइजी की छठी बड़ी किस्त'1920' को हिंदी सिनेमा इतिहास की सबसे सफल, लंबे समय से चलने वाली और कल्ट हॉरर फिल्म फ्रेंचाइजियों में शुमार किया जाता है। इस प्रतिष्ठित सीरीज की शुरुआत वर्ष 2008 में रिलीज हुई ब्लॉकबस्टर फिल्म '1920' से हुई थी, जिसमें रजनीश दुग्गल और अदा शर्मा ने अपनी रोंगटे खड़े कर देने वाली अदाकारी से बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था। इसके बाद इस रहस्यमयी सफर को आगे बढ़ाते हुए साल 2012 में '1920: एविल रिटर्न्स', 2016 में शरमन जोशी स्टारर '1920 लंदन', 2018 में करण कुंद्रा स्टारर '1921' और वर्ष 2023 में अविका गौर अभिनीत '1920: हॉरर्स ऑफ द हार्ट' जैसी फिल्में दर्शकों के सामने पेश की गईं। '1920: कोल्ड विंटर' इस लोकप्रिय हॉरर यूनिवर्स की छठी किस्त होने वाली है, जिसे बेहद भव्य प्रोडक्शन स्केल, अत्याधुनिक वीएफएक्स और एक सिहरन पैदा करने वाली नई कहानी के साथ तैयार किया जा रहा है।बर्फबारी के बीच रीढ़ कंपा देने वाला सस्पेंस: प्री-प्रोडक्शन और रिलीज की तैयारीफिल्म के शीर्षक 'कोल्ड विंटर' से ही साफ संकेत मिलता है कि इस बार विक्रम भट्ट भूतहा हवेली और बदले की भावना से जलती रूहों की दास्तान को जमा देने वाली बर्फीली वादियों के खौफनाक बैकड्रॉप पर सेट करने वाले हैं। निर्देशक ने स्क्रिप्ट लॉक करने के बाद आउटडोर लोकेशंस की रेकी शुरू कर दी है, ताकि दर्शक थिएटर में बैठते ही उस हड्डियों को कंपा देने वाली ठंडक और खौफ को महसूस कर सकें। हालांकि मेकर्स ने अभी तक फिल्म की आधिकारिक रिलीज डेट और शूटिंग शेड्यूल का अंतिम ऐलान नहीं किया है, लेकिन अन्या सिंह और अहान शेट्टी की नई कास्टिंग ने इस प्रोजेक्ट को लेकर दर्शकों की उत्सुकता को कई गुना बढ़ा दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Sep 2026 5:09 pm

कौन है महिला बाइक राइडर को टक्कर मारने वाला, सामने आ गई पहचान; कार मालिक कौन?

इंस्टाग्राम पर बैंसला लगातार पोस्ट करता रहा है। हालांकि गुरुग्राम में घटना होने के बाद से उसने अपना अकाउंट डिएक्टिवेट कर दिया है। इंस्टाग्राम पर उसने खुद को भारतीय रग्बी टीम का सदस्य भी बताया है। प्रोफाइल फोटो में कल्याण अपने हाथों की मसल्स दिखा रहा।

लाइव हिन्दुस्तान 14 Sep 2026 5:06 pm

Rohit Roy ने टीवी को बताया 'डस्टबिन', भड़के टॉप कास्टिंग डायरेक्टर Mukesh Chhabra ने दिया मुंहतोड़ जवाब

भारतीय मनोरंजन जगत के छोटे और बड़े पर्दे के बीच अक्सर श्रेष्ठता को लेकर बहस छिड़ती रही है, लेकिन हाल ही में अभिनेता रोहित रॉय के एक बेबाक और विवादित बयान ने इस बहस को एक बार फिर भड़का दिया है। टेलीविजन इंडस्ट्री से अपने करियर की शुरुआत कर बॉलीवुड फिल्मों और डिजिटल स्पेस में पहचान बनाने वाले रोहित रॉय ने एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान टेलीविजन को खुलेआम 'कचरा माध्यम' और 'डस्टबिन' करार दे दिया। अभिनेता ने यह भी दावा किया कि बॉलीवुड के फिल्म सितारों में जो खास किस्म का क्लास, ऑरा और स्वाभाविक स्टाइल होता है, वह टेलीविजन के कलाकारों में बिल्कुल नजर नहीं आता। रोहित रॉय की इस विवादास्पद टिप्पणी के सामने आते ही टीवी इंडस्ट्री के अभिनेताओं, निर्देशकों और दर्शकों के बीच तीखी नाराजगी फैल गई, जिसके बाद बॉलीवुड के सबसे व्यस्त और दिग्गज कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने टीवी कलाकारों के सम्मान में खुलकर मोर्चा संभाल लिया।रोहित रॉय का विवादित बयान: 'टेलीविजन कल के बासी अखबार और डस्टबिन की तरह है'किंडल कास्ट यूट्यूब चैनल के एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान जब रोहित रॉय से भारतीय टेलीविजन इंडस्ट्री की वर्तमान स्थिति और इसके प्रभाव पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने चौंकाने वाली तीखी प्रतिक्रिया दी। रोहित ने कहा कि यह सवाल उनसे कई दफा पूछा गया है और कभी-कभी उन्हें संकोच होता है कि कहीं लोग उन्हें गलत न समझ लें, लेकिन कड़वी सच्चाई यही है कि टेलीविजन आज एक डस्टबिन जैसा माध्यम बनकर रह गया है। उन्होंने अपनी बात को आगे समझाते हुए कहा कि टीवी पर दिखाए जाने वाले शोज आज देखे जाते हैं और अगले ही दिन बासी अखबार की तरह रद्दी में तब्दील हो जाते हैं, जिन्हें दर्शक तुरंत भूल जाते हैं। रोहित के मुताबिक भारत में दुर्भाग्य से जिस तरह का घिसा-पिटा और एक जैसा कंटेंट बार-बार रीसायकल करके परोसा जा रहा है, उसमें रचनात्मकता और मौलिकता की भारी कमी है, जिसके चलते टीवी स्टार्स बड़े पर्दे वाले स्टारडम और क्लास की बराबरी नहीं कर पाते।कास्टिंग किंग मुकेश छाबड़ा का पलटवार: टीवी एक्टर्स का अनुशासन और समर्पण बेमिसालरोहित रॉय के इस बयान पर सोशल मीडिया और एंटरटेनमेंट गलियारों में शुरू हुई आलोचनाओं के बीच जाने-माने कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने टीवी कलाकारों के समर्थन में एक भावनात्मक और तथ्यपरक पोस्ट साझा की। छाबड़ा ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी राय रखते हुए लिखा कि भारतीय सिनेमा और वेब सीरीज में जिन बेहतरीन अभिनेताओं को आज कास्ट किया जा रहा है, उनमें से एक बहुत बड़ा हिस्सा टेलीविजन की जमीन से ही निकलकर आया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि टीवी कलाकार वास्तव में असाधारण प्रतिभा के धनी होते हैं क्योंकि उनकी संवाद याद रखने की क्षमता अद्भुत होती है, वे बिना किसी नखरे के लगातार 14-16 घंटे हर दिन सेट पर पसीना बहाते हैं और किसी भी मुश्किल से मुश्किल परिस्थिति में तुरंत खुद को ढालने का हुनर जानते हैं।छोटे पर्दे की मेहनत पर बॉलीवुड का भरोसा: दिल से ज्यादा सम्मान पाने के हकदार हैं टीवी स्टार्समुकेश छाबड़ा ने अपनी पोस्ट में किसी का नाम लिए बिना स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि वह सभी माध्यमों के अभिनेताओं का सम्मान करते हैं, लेकिन टेलीविजन कलाकारों के कड़े अनुशासन, अथक परिश्रम और काम के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को देखकर उनके दिल में उनके लिए हमेशा एक विशेष आदर और थोड़ा ज्यादा प्यार रहता है। उन्होंने साफ किया कि जो अभिनेता सालों तक बिना रुके दैनिक धारावाहिकों के भारी दबाव को संभालते हुए दर्शकों के दिलों में जगह बनाते हैं, उनके शिल्प को किसी भी लिहाज से 'कचरा' नहीं ठहराया जा सकता। इंडस्ट्री इनसाइडर्स का मानना है कि छाबड़ा का यह बयान सीधे तौर पर उन लोगों को आईना दिखाता है जो टेलीविजन की बदौलत शोहरत हासिल करने के बाद उसी मंच को कमतर आंकने की भूल कर बैठते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Sep 2026 5:06 pm

'धुरंधर से भी बड़ी होगी', मोहित सूरी संग फिल्म पर बोले RGV

राम गोपाल वर्मा अब सैयारा वाले मोहित सूरी के साथ मिलकर गैंगस्टर-लव स्टोरी फिल्म बनाने वाले हैं. X के जरिए उन्होंने अपनी फिल्म का प्लॉट और इसकी स्टोरी पर बात की. RGV का दावा है कि ये फिल्म धुरंधर से भी बड़ी होगी.

आज तक 14 Sep 2026 5:06 pm

'शादी में फूफा जी का ड्रामा चालू है!' नकवी के ट्रॉफी लेकर भागने पर बवाल

भारत ने श्रीलंका को हराकर विमेन्स एशिया कप का खिताब अपने नाम किया. लेकिन इसके बावजूद टीम को ट्रॉफी नसीब नहीं हुई. इसके बाद से ही लगातार इस मामले पर दिग्गज अपनी राय रख रहे हैं.

आज तक 14 Sep 2026 5:05 pm

पोलैंड सीमा के पास रूस का बड़ा ड्रोन हमला, बाल-बाल बचे ब्रिटेन के पूर्व PM बोरिस जॉनसन!

Russia-Ukraine war: रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष अब खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। यूक्रेन और पोलैंड की अंतरराष्ट्रीय सीमा (नाटो सीमा) के बेहद करीब याहोदीन (Yahodyn) स्टेशन पर एक भीषण रूसी ड्रोन हमले में एक यात्री ट्रेन का इंजन तबाह हो गया।

वेब दुनिया 14 Sep 2026 5:05 pm

मोदक में बटरस्कॉच, लड्डू में बादाम-कीवी, Gen-Z लगा रहे बप्पा को खास भोग

इस बार गणेश उत्सव में गणपति जी के प्रिय भोग मोदक और लड्डू में बड़ी खास तरह की रेंज नजर आ रही है. इसमें मैंगो सिगार, मथुरा पेड़ा, नारियल, गुलाब गुलकंद, थंडाई केसर, मावा और मोतीचूर जैसे स्वाद शामिल हैं. वहीं कानपुरी, काजू कतली, न्यूटेला व्हाइट चॉकलेट और लोटस बिसकॉफ जैसे फ्लेवर्स पारंपरिक मिठाई में मॉडर्न ट्विस्ट को जोड़ रहे हैं.

आज तक 14 Sep 2026 4:53 pm

कॉलेज नहीं 'काब‍िलि‍यत' रंग लाई! कहानी, ड‍िग्री से पहले होने लगी कमाई

12वीं पास करने के बाद से युवा कॉलेज की ओर अच्छी डिग्री के पीछे जाते हैं जिससे उन्हें आगे चलकर अच्छी नौकरी मिल सके लेकिन यह तीन छात्रों की कहानी बिल्कुल अलग है. उन्होंने कॉलेज को छोड़कर अपनी स्किल पर ध्यान दिया और अब उन्हें हर महीने 14 से 18 हजार रुपये का स्टाइपेंड मिल रहा है.

आज तक 14 Sep 2026 4:53 pm

शिवपाल की जगह अब अखिलेश होंगे लोहिया ट्रस्ट के अध्यक्ष, मिली एक और जिम्मेदारी

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लोहिया ट्रस्ट का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जहां उन्होंने शिवपाल सिंह यादव की जगह ली है. यह बदलाव पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

आज तक 14 Sep 2026 4:44 pm

Varanasi में सीवर लाइन से निकलीं बालू भरी बोरियां, BNS 326C के तहत FIR

वाराणसी नगर निगम द्वारा शहर के कई वार्ड में शुरू किए गए सफाई अभियान के दौरान मुख्य सीवर लाइन में बालू से भरी बोरियां मिलीं। इस मामले में नगर निकाय ने अज्ञात लोगों के खिलाफ भेलूपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराया है। वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी ने बताया कि शिवाला वार्ड में जलजमाव की समस्या के समाधान के दौरान शनिवार को सीवर लाइन में अत्यधिक मात्रा में बालू से भरी बोरियां पाई गईं। उन्होंने बताया कि आशंका है कि शिवाला में किसी अज्ञात व्यक्ति या लोगों द्वारा मुख्य सीवर लाइन को जाम करने की साजिश के तहत यह सामग्री डाली गई हो। तिवारी ने कहा कि इस तरह की हरकत से वाराणसी की छवि धूमिल होने के साथ-साथ क्षेत्र में जलभराव की समस्या भी गंभीर हो सकती है। इस मामले में भेलूपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। उन्होंने बताया कि मामले को लेकर नगर निगम ने शनिवार को भेलूपुर थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 326 (सी) (ऐसी हरकत करना जिससे बाढ़ या सार्वजनिक जल निकासी में रुकावट आए या आने की संभावना हो) के तहत मामला दर्ज कराया। महापौर ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। वाराणसी में जलभराव का मुद्दा राज्य की मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच से उठाया था और तस्वीरें साझा की थीं। इस बारे में पूछे जाने पर तिवारी ने कहा कि अखिलेश यादव को वाराणसी के बारे में कम जानकारी है। महापौर ने कहा कि बिना सही जानकारी के उन्हें वीडियो साझा नहीं करना चाहिए, यह काशी की जनता का अपमान है। सपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री यादव ने रविवार को अपने आधिकारिक एक्‍स पर एक वीडियो साझा किया जिसमें सीवर से बोरियां निकालते देखा जा सकता है।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 4:43 pm

पूरा घर एक तरह के सीमेंट से नहीं बनता? फिर भी गलती करते हैं लोग

घर के अलग- अलग हिस्सों को बनाने में अलग- अलग तरह के सीमेंट का इस्तेमाल होता है. कई बार लोग जानकारी के अभाव में लोग एक ही तरह के सीमेंट का हर तरह के कंस्ट्रक्शन में इस्तेमाल कर लेते हैं. चलिए जानते हैं घर बनाने में कहां किस सीमेंट का इस्तेमाल होता है?

आज तक 14 Sep 2026 4:40 pm

'आतंकी मदरसों में पनाह लेते थे', देखें क्या बोले बंगाल के मंत्री दिलीप घोष

शुभेंदु सरकार ने 252 ग़ैर-मान्यता प्राप्त मदरसों को बंद कर दिया है. पश्चिम बंगाल सरकार ने मदरसों के इंफ्रास्ट्रक्चर, मान्यता की स्थिति और मैनेजमेंट सिस्टम की जांच के लिए अहम कदम उठाए हैं. वेरिफिकेशन के पहले चरण के बाद 252 गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों को बंद कर दिया गया है. साथ ही, प्रशासन ने करीब 100 अन्य मदरसों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है. इस पर बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने क्या कहा? देखें वीडियो.

आज तक 14 Sep 2026 4:39 pm

खांसते समय होता है छाती में दर्द? ये फेफड़ों का कैंसर तो नहीं

खांसी होना एक आम समस्या है. अगर ये कुछ दिनों में ठीक हो जाए तो कोई गंभीर समस्या नहीं मानी जाती है, लेकिन क्या अगर खांसी के साथ- साथ छाती में दर्द भी हो रहा है तो ये कहीं लंग्स कैंसर का लक्षण तो नहीं है. इस बारे में डॉकटर ने बताया है.

आज तक 14 Sep 2026 4:36 pm

Gujarat: कई जिलों में भारी बारिश, ऑरेंज-यलो अलर्ट जारी

गुजरात में मॉनसून फिर सक्रिय है. अहमदाबाद समेत कई जिलों में भारी बारिश और जलभराव की स्थिति है. मौसम विभाग ने 8 जिलों में ऑरेंज और कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है. अगले 24-48 घंटे में भी भारी बारिश का अनुमान है. वीडियो में जानें इस मॉनसून के सीज़न में गुजरात पर ऐसा अटैक क्यों.

आज तक 14 Sep 2026 4:35 pm

'गोवा में भी लागू करके दिखाएं UCC', ओवैसी ने गृह मंत्री को दी चुनौती

असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी और केंद्रीय गृह मंत्री पर UCC को लेकर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि बीजेपी समानता के नाम पर UCC लागू नहीं कर रही, बल्कि इसे 18 करोड़ मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल कर रही है. ओवैसी ने गोवा चुनाव से पहले बीजेपी को चुनौती दी कि वह गोवा में भी UCC लागू करे.

आज तक 14 Sep 2026 4:33 pm

कौन है कल्याण बैसला, जिसने गुरुग्राम में महिला बाइकर पर ढाया रफ्तार का कहर; बताता है इंटरनेशनल प्लेयर

कल्याण बैसला ने खुद को एक बॉडी बिल्डिंग टूर्नामेंट Amateur Olympia India का विजेता भी बताया है.

NDTV इंडिया 14 Sep 2026 4:29 pm

नंदीग्राम से ममता बनर्जी की जगह चुनाव लड़ने वालीं संचिता डे कौन हैं? भर्ती घोटाले के कारण चली गई थी नौकरी

नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी ने संचिता प्रधान डे को उम्मीदवार बनाया है. संचिता डे राजनीति में एक नया चेहरा हैं.

NDTV इंडिया 14 Sep 2026 4:28 pm

BJP उम्मीदवार को मिला महज 1 वोट, निकाय चुनाव में सबसे रोचक रिजल्ट

Parbatsar Nikay Chunav Result: राजस्थान के परबतसर नगर पालिका चुनाव में BJP प्रत्याशी कैलाश चंद्र और RLP प्रत्याशी भंवरलाल को सिर्फ एक-एक वोट मिला. जानिए एक वोट मिलने की पूरी कहानी.

आज तक 14 Sep 2026 4:23 pm

ह्यूस्टन में हिंदी प्रेमियों ने मनाया हिंदी दिवस

ह्यूस्टन (अमेरिका)। भारत सरकार में विद्युत, आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भारतीय वाणिज्य दूताव

स्वतंत्र आवाज़ 14 Sep 2026 4:22 pm

AI CEOs का पब्लिसिटी स्टंट या 10 साल में खत्म हो सकती है इंसानियत?

OpenAI और Anthropic ये दो ऐसे नाम हैं जो पिछले कुछ सालों से सबसे ज्यादा चर्चा में हैं. इन्हीं कंपनियों ने दरअसल AI के तमाम पावरफुल मॉडल्स बनाए हैं. गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और एलॉन मस्क की भी कंपनी इस रेस में हैं, लेकिन अब ऐसा क्या हो गया कि तमाम AI CEOs खुद ही सरकार से रेगुलेट होने के लिए कह रहे हैं? आइए समझते हैं.

आज तक 14 Sep 2026 4:22 pm

पाकिस्तान ने मसूद अजहर पर 70 लाख का इनाम घोषित किया, FIA ने रेड बुक में किया शामिल

FIA की काउंटर टेररिज्म विंग हाई-प्रोफाइल आतंकवादियों की रेड बुक तैयार और प्रकाशित करती है.

NDTV इंडिया 14 Sep 2026 4:20 pm

पर्दे पर दिखेगी अयोध्या राम मंदिर की कहानी, एक्टर ने दिया बड़ा हिंट

‘हनुमान अंश’ के बाद अब अयोध्या और राम मंदिर पर नई फिल्म बनने के संकेत मिले हैं. साउथ एक्टर कबीर दुहन सिंह ने लखनऊ मीटिंग और अयोध्या दौरे के दौरान नए प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा हिंट दिया.

आज तक 14 Sep 2026 4:20 pm

बोकारो में 9 दिन से लापता थी महिला, जंगल में मिली सड़ी-गली लाश

बोकारो में 4 सितंबर से लापता 42 वर्षीय केशवती देवी की जंगल में सड़ी-गली लाश मिली. पुलिस ने हत्या के आरोप में 52 वर्षीय राजमिस्त्री मुस्तकीम अंसारी को गिरफ्तार किया है. पढ़ें पूरी कहानी.

आज तक 14 Sep 2026 4:19 pm

रूस ने गेरान ड्रोन को बना दिया 'क्रूज मिसाइल', यूक्रेन बेहाल

रूस के नए जेट-पावर्ड गेरान-4 और गेरान-5 ड्रोन 600 किमी प्रति घंटे की रफ्तार और 1000 किमी रेंज के साथ यूक्रेन की वायु रक्षा को चुनौती दे रहे हैं. इंटरसेप्शन दर घटकर 60% रह गई है.

आज तक 14 Sep 2026 4:17 pm

शादी का वादा, होटल में संबंध और फिर दूरी, क्रिकेटर शमी के भाई पर रेप की FIR

भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी के भाई और रणजी क्रिकेटर मोहम्मद कैफ के खिलाफ लखनऊ में रेप का केस दर्ज हुआ है. एक महिला ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का आरोप लगाया है. कैफ के बड़े भाई मोहम्मद हसीब पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप है. पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की है.

आज तक 14 Sep 2026 4:16 pm

AMU के गर्ल्स कॉलेज में खाने को लेकर विरोध, जानें मामला

यूपी के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अब्दुल्ला गर्ल्स कॉलेज में हॉस्टल के खाने की क्वालिटी को लेकर छात्राओं ने प्रदर्शन किया. छात्राओं ने खाने में गंदगी और कीड़े मिलने का आरोप लगाया है. प्रदर्शन के दौरान प्रॉक्टोरियल टीम से कहासुनी और खींचतान हुई. छात्राओं ने बदसलूकी के भी आरोप लगाए हैं.

आज तक 14 Sep 2026 4:15 pm

अगस्त में जोरदार झटका! तेल-बिजली से खाने-पीने की चीजें तक हुईं महंगी

अगस्त में थोक महंगाई लगातार दूसरे महीने बढ़ी है और खाने-पीने की चीजों से लेकर ईंधन, बिजली और तैयार सामान तक कई क्षेत्रों में कीमतों का दबाव दिखाई दिया है. सबसे ज्यादा तेजी फ्यूल और पावर सेक्टर में रही, जबकि फूड इंडेक्स की महंगाई भी बढ़ी.

आज तक 14 Sep 2026 4:13 pm

Kerala के CM Pinarayi Vijayan पर ED एक्शन पर UDF समर्थित निर्दलीय विधायकों की राय बंटी

केरलम में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) समर्थित दो निर्दलीय विधायकों ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता पिनराई विजयन के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई पर अलग-अलग रुख अपनाया है। यूडीएफ समर्थित एक विधायक ने इसे ‘इंडिया’ गठबंधन में दरार पैदा करने की ‘‘राजनीति से प्रेरित कोशिश’’ बताया, जबकि दूसरे विधायक ने कहा कि एजेंसी की कार्रवाई को केवल राजनीतिक बताकर खारिज नहीं किया जा सकता, भले ही ईडी का पहले राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल हुआ है। तलिपरंबा से निर्दलीय विधायक टी. के. गोविंदन ने कहा कि ईडी द्वारा केरलम सरकार से विजयन और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कहा जाना ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव एलायंस) गठबंधन के सदस्यों के बीच दरार पैदा करने की ‘‘रणनीति’’ है। माकपा के पूर्व नेता गोविंदन ने ईडी की कार्रवाई को ‘‘राजनीति से प्रेरित’’ बताते हुए दावा किया कि यह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘‘गलत मंशा’’ को दर्शाता है। दूसरी ओर, माकपा के पूर्व नेता वी. कुन्हीकृष्णन ने कहा कि ईडी की यह कार्रवाई राजनीति से प्रेरित नहीं है। कुन्हीकृष्णन भी विधानसभा चुनाव में यूडीएफ के समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीते थे। उन्होंने साथ ही कहा कि ईडी ने हालांकि विभिन्न मामलों में राजनीतिक मंशा से हस्तक्षेप किया है। इस बीच, राज्य के स्वास्थ्य एवं देवस्वओम मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा कि गोविंदन माकपा में रहे हैं और उन्होंने अपना रुख नहीं बदला है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘ईडी को लेकर हमारा भी यही रुख है। हमने इस मामले का स्वागत नहीं किया है इसलिए टी. के. गोविंदन की टिप्पणी को विवाद बनाने की जरूरत नहीं है। ईडी को लेकर हम सभी का रुख एक जैसा है।’’पय्यानूर से विधायक कुन्हीकृष्णन ने पत्रकारों से कहा कि यदि माकपा चाहती है कि लोग विजयन के खिलाफ कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित मानें, तो उसे ऐसा स्पष्टीकरण देना होगा जो जनता को संतुष्ट कर सके। माकपा ने आरोप लगाया है कि ईडी की कार्रवाई पार्टी के भी खिलाफ है। इस संबंध में कुन्हीकृष्णन ने कहा कि यदि इस मामले में संगठन की कोई भूमिका है तो उसे भी कार्रवाई का सामना करना होगा। ईडी ने केरलम सरकार से कथित ‘कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड’ (सीएमआरएल) रिश्वत मामले में विजयन, उनकी बेटी वीणा टी. और उनके पति पी. ए. मोहम्मद रियास के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज करने को कहा है। कुन्हीकृष्णन ने कहा कि उन्हें यह समझ नहीं आता कि विजयन और उनके परिवार के खिलाफ लगाए गए आरोपों और की गई आलोचनाओं को पार्टी नेतृत्व माकपा पर हमला बताकर क्यों पेश कर रहा है। उन्होंने इस मामले पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की चुप्पी के बारे में कहा कि संभवतः इसकी वजह यह है कि माकपा ने वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के भीतर इस मुद्दे पर चर्चा नहीं की है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर माकपा चाहती है कि मोर्चे के सदस्य उसका समर्थन करें तो उसे उन्हें संतुष्ट करना होगा।’’इससे पहले गोविंदन ने ईडी की कार्रवाई पर यूडीएफ के कुछ नेताओं के रुख का स्पष्ट जिक्र करते हुए कहा कि एजेंसी द्वारा अन्य लोगों के खिलाफ की गई ऐसी ही कार्रवाई की आलोचना करना, लेकिन विजयन के खिलाफ कार्रवाई का स्वागत करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि ईडी की कार्रवाई ‘‘पूरी तरह राजनीति से प्रेरित’’ है क्योंकि एजेंसी केंद्र के नियंत्रण में है और उसके ‘‘औजार’’ के रूप में काम करती है। गोविंदन ने एक टेलीविजन चैनल से कहा, ‘‘अगर विजयन की बेटी वीणा टी. ने गलत तरीके से पैसा कमाया है तो इसकी जांच की जाए, लेकिन जांच करने का एक तरीका होता है।’’उन्होंने कहा, ‘‘अगर जांच विजयन को फंसाने के उद्देश्य से की जाती है तो एजेंसी अपनी विश्वसनीयता खो रही है।’’उन्होंने कहा कि ईडी खुद मामला दर्ज कर सकता है तो फिर वह राज्य सरकार से ऐसा क्यों करवाना चाहता है। गोविंदन ने कहा, ‘‘इसका मकसद ‘इंडिया’ गठबंधन के दो सदस्यों के बीच दरार पैदा करना है। यह भाजपा की गलत मंशा को दर्शाता है।’’दोनों विधायकों के बीच यह मतभेद ऐसे समय सामने आया है जब भाजपा ने आरोप लगाया है कि सीएमआरएल मामले को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 4:13 pm

भारत के मोस्ट वांटेड आतंकी पर पाकिस्तान का बड़ा एक्शन: मसूद अजहर की गिरफ्तारी पर 70 लाख का इनाम

पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी ने जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मौलाना मसूद अजहर को 2026 की अपनी सबसे वांछित संदिग्धों की रेड बुक में शामिल किया है और उनकी गिरफ्तारी या दोषसिद्धि से संबंधित जानकारी देने वाले को 70 लाख पाकिस्तानी रुपये का इनाम देने की ...

वेब दुनिया 14 Sep 2026 4:12 pm

Riya Talukdar Murder: 8

Guwahati Riya Talukdar Murder:

वन इंडिया 14 Sep 2026 4:11 pm

गुजराती मेरी मातृभाषा, लेकिन...हिंदी दिवस पर अमित शाह ने क्षेत्रीय भाषाओं को लेकर क्या संदेश दिया?

हिंदी दिवस 2026 के मौके पर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को राजभाषा को भारत की भाषाई विविधता के बीच एक जोड़ने वाली कड़ी बताया और कहा कि इससे काम करने के बेहतर अवसर मिलते हैं। हिंदी दिवस 2026 के कार्यक्रमों के तहत नवी मुंबई में आयोजित छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन को संबोधित करते हुए, शाह ने शिक्षा में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर ज़ोर दिया। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि राजभाषा हिंदी देश भर की सभी भाषाओं से जुड़ी हुई है। मैं गुजरात से आता हूँ, जहाँ गुजराती बोली जाती है, लेकिन हिंदी की वजह से मुझे राष्ट्रीय स्तर पर काम करने में कभी कोई परेशानी नहीं हुई। राजभाषा ने मुझे देश भर में काम करने का शानदार अवसर दिया है। इसे भी पढ़ें: 2029 से पहले 21 राज्यों में लागू होगा Uniform Civil Code, मुस्लिमों को फायदा होगा या नुकसान? इसे भी पढ़ें: Narendra Modi के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन से भारत बना वैश्विक आर्थिक शक्ति: Amit Shah

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 4:09 pm

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी पाकिस्तान नहीं थमा, एलओसी पर 163 बार सीजफायर तोड़ा

नई दिल्ली — 14 सितंबर, 2026 — पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव और ऑपरेशन सिंदूर के बावजूद पाकिस्तान की तरफ से सीमा पर खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। वर्ष 2025 में जम्मू-कश्मीर की लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर कुल 163 सीजफायर उल्लंघन दर्ज किए गए। इनमें से 124 उल्लंघन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुए। इसके अलावा आतंकवादियों ने एलओसी के जरिए घुसपैठ की छह कोशिशें कीं, जिनमें 12 पाकिस्तानी आतंकवादी मारे गए।

तहलका 14 Sep 2026 4:07 pm

सायोनी घोष वाले 20 बागी सांसदों के गुट में भी फूट? 17 थामेंगे BJP का हाथ; तीन ने क्यों छोड़ा साथ

बसुनिया ने कहा कि 20 सांसदों में से अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले तीन सांसद औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि उनके निर्वाचन क्षेत्रों में राजनीतिक और प्रशासनिक परिस्थितियां इसके अनुकूल नहीं हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 14 Sep 2026 4:06 pm

पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा भूचाल: 17 सांसद छोड़ सकते हैं NCPI का साथ, भाजपा में शामिल होने की तैयारी!

कूचबिहार से सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने दावा किया है कि नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के 20 में से 17 सांसद भाजपा में शामिल होने की तैयारी में हैं। उनके मुताबिक यह बदलाव दुर्गापूजा से पहले या उसके बाद अक्टूबर में हो सकता है।

वेब दुनिया 14 Sep 2026 4:04 pm

साउथ अफ्रीका में दो बसों की भीषण भिड़ंत, 21 की मौत

साउथ अफ्रीका के वेस्टर्न केप प्रांत में एक हाईवे पर दो मिनी बस टैक्सियों की भीषण टक्कर में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई. इस हादसे में कई लोग घायल बताए जा रहे हैं. इस बीच अधिकारियों ने चेतावनी दी कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है.

आज तक 14 Sep 2026 4:03 pm

पति को छोड़ महिला सहकर्मी के साथ लिव-इन में रहने लगी पत्नी!

गाजियाबाद में चार साल की शादी के बाद एक महिला पति को छोड़कर अपनी महिला सहकर्मी के साथ किराए का कमरा लेकर रहने लगी. पति द्वारा ढूंढे जाने पर महिला ने साथ जाने से साफ इनकार कर दिया और सहकर्मी के साथ ही रहने की जिद पर अड़ी रही. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

आज तक 14 Sep 2026 4:03 pm

Jagdish Chandra Barma Basunia का दावा, NCPI के 17 सांसद जल्द BJP में होंगे शामिल

तृणमूल कांग्रेस के बागी नेता एवं कूचबिहार से लोकसभा सदस्य जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने सोमवार को दावा किया कि एनसीपीआई के 20 में से 17 सांसद अक्टूबर में दुर्गा पूजा से पहले या उसके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने वाले हैं। बसुनिया ने संवाददाताओं से कहा कि इन 17 सांसदों ने एक साथ भाजपा में शामिल होने की योजना को अंतिम रूप दे दिया है और दावा किया कि सामूहिक रूप से दल बदलने पर वे दलबदल रोधी कानून के दायरे में नहीं आएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हम 17 सांसद एकसाथ भाजपा में जा रहे हैं। चूंकि 20 सदस्यों में से दो-तिहाई से अधिक सांसद दल बदल रहे हैं, इसलिए दलबदल रोधी कानून हम पर लागू नहीं होगा।’’चौदह जून को तृणमूल के 20 असंतुष्ट सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय की घोषणा की थी और सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को समर्थन दिया था। इन 20 बागी सांसदों में से कम से कम 14 सांसदों का दो-तिहाई का आंकड़ा पूरा करने के लिए साथ जाना जरूरी है, ताकि उन्हें अयोग्यता का सामना ना करना पड़े। बसुनिया ने कहा कि हालांकि, इन 20 सांसदों में से अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले तीन सांसद औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि उनके निर्वाचन क्षेत्रों में राजनीतिक और प्रशासनिक परिस्थितियां इसके अनुकूल नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि सांसद अबू ताहेर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान बाहर से राजग को समर्थन देंगे। बसुनिया ने कहा, ‘‘वे राजग का समर्थन करेंगे और उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां या विभाग दिए जा सकते हैं।’’बसुनिया का यह बयान उनके और उनकी पत्नी एवं तृणमूल विधायक संगीता रॉय के कूचबिहार के सिताई स्थित पैतृक घर लौटने पर विरोध प्रदर्शन का सामना किये जाने के कुछ दिन बाद आया है। बसुनिया के राजनीतिक रुख में बदलाव की आलोचना के बीच स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने दंपति के खिलाफ प्रदर्शन किया था। इस दौरान उनके आवास के पास स्थित तृणमूल के एक कार्यालय में भी कथित तौर पर आग लगा दी गई थी। बसुनिया लगातार यह कहते रहे हैं कि अब उनका तृणमूल से कोई संबंध नहीं है और वह राजग के साथ हैं।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 4:03 pm

जयपुर नगर निगम चुनाव रिजल्ट 2026: भाजपा का दबदबा, 95 वार्डों में जीत; कांग्रेस 43 पर सिमटी

जयपुर। जयपुर नगर निगम चुनाव 2026 के नतीजों ने शहर की सियासत की तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है। 150 वार्डों वाले जयपुर नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 95 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को 43 सीटों पर संतोष करना पड़ा। शेष वार्डों में निर्दलीय […] The post जयपुर नगर निगम चुनाव रिजल्ट 2026: भाजपा का दबदबा, 95 वार्डों में जीत; कांग्रेस 43 पर सिमटी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 14 Sep 2026 4:01 pm

'ड्रोन के जरिए PAK से पंजाब आ रहे ड्रग्स, हथियार', केंद्र पर CM मान का निशाना

CM भगवंत मान ने पाकिस्तान से लगी सीमा की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. उनका कहना है कि पंजाब पुलिस और BSF मिलकर सीमा की सुरक्षा कर रहे हैं. मान ने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से ड्रग्स की पंजाब में तस्करी का आरोप लगाया और कांग्रेस के आंतरिक विवादों पर भी तंज कसा है.

आज तक 14 Sep 2026 3:59 pm

जानें कितना पढ़े-ल‍िखे हैं काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व CEO?

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के CEO विश्व भूषण मिश्रा जिन्हें ट्रांसफर के बाद से UPSSSC का उपसचिव की जिम्मेदारी मिली है. LLB और LLM के पढ़ाई के बाद दोस्त की चुनौती से प्रशासनिक फॉर्म भरा. अब उन्हें नई जिम्मेदारी, जिसके बाद से लोग उनके बारे में जानना चाहते हैं.

आज तक 14 Sep 2026 3:55 pm

भारत के राष्ट्र-निर्माता और इंजीनियरिंग के मसीहा: सर एम. विश्वेश्वरैया

हर साल 15 सितंबर को भारत में अभियंता दिवस यानी इंजीनियर्स डे मनाया जाता है। यह दिन महान अभियंता, राष्ट्र-निर्माता और भारत रत्न से सम्मानित सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया (सर एम.वी.) की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। उन्होंने अपनी दूरदर्शिता, तकनीकी ...

वेब दुनिया 14 Sep 2026 3:55 pm

राजस्थान: Parbatsar में BJP प्रत्याशी Kailash Chand को मिला सिर्फ एक वोट

राजस्थान के नगर निकाय चुनावों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक उम्मीदवार को सोमवार को अजीब स्थिति का सामना करना पड़ा जब उन्हें एक ही वोट मिला। प्रत्याशी को मिला वोट भी उनका खुद का नहीं है। यह वाकया डीडवाना-कुचामन जिले की परबतसर नगरपालिका के वार्ड संख्या-13 में सामने आया। इस वार्ड से भाजपा के उम्मीदवार कैलाशचंद को सिर्फ एक मत मिला। राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के अनुसार कांग्रेस उम्मीदवार हिना खानम ने 376 वोट लेकर चुनाव जीता। इस वार्ड में निर्दलीय उम्मीदवार राशिद खान को 195 वोट मिले। कैलाशचंद ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि वह वार्ड संख्या- 12 के मतदाता हैं लेकिन पार्टी ने उन्हें नजदीकी वार्ड संख्या-13 से उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने कहा, मुझे एक मत मिला। मेरा मत वार्ड संख्या- 12 में है। मुझे वार्ड संख्या-13 से उम्मीदवार बनाया गया था। उस वार्ड के किसी एक व्यक्ति ने मुझे वोट दिया है। परबतसर नगरपालिका में 25 वार्ड हैं। कांग्रेस ने 13 वार्ड जीतकर बहुमत हासिल किया जबकि 12 वार्ड में भाजपा के उम्मीदवार जीते। राज्य में 309 नगर निकायों के लिए संपन्न चुनाव के लिए सोमवार को मतगणना हुई। इस दौरान इस वार्ड के चुनाव परिणाम लोगों में चर्चा का विषय बना रहा।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 3:53 pm

बाजार से महंगा कंडीशनर खरीदना छोड़ें, घर की चीजों से बनाएं कंडीशनर

Homemade Hair Conditioner: अगर आप भी शैंपू के बाद बालों पर कंडीशनर करते हैं और इसे हमेशा बाजार से ही खरीदते हैं तो रुक जाइए. यहां हम आपको घर पर नेचुरल हर्बल कंडीशनर बनाने का तरीका बता रहे हैं.

आज तक 14 Sep 2026 3:51 pm

Yashobhoomi में SEMICON India 2026 का आगाज करेंगे PM Modi, 600 से ज्यादा कंपनियां जुटेंगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को नई दिल्ली के यशोभूमि में SEMICON India 2026 के पांचवें एडिशन का उद्घाटन करेंगे। यह देश के सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम पर तीन दिन तक चलने वाले नेशनल कन्वेंशन की शुरुआत होगी। 17 से 19 सितंबर तक चलने वाला यह इवेंट इंडस्ट्री की भागीदारी, पॉलिसी की दिशा और इंटरनेशनल पार्टनरशिप पर फोकस करेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अनुसार, यह कॉन्फ्रेंस इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM), MeitY और ग्लोबल इंडस्ट्री बॉडी SEMI द्वारा मिलकर सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग द इकोसिस्टम थीम के तहत आयोजित की जा रही है। MeitY के मुताबिक, इस कन्वेंशन में 15,000 वर्ग मीटर में 600 से ज़्यादा एग्ज़िबिटर (जिनमें 300 इंटरनेशनल फर्म शामिल हैं) और 150 से ज़्यादा स्पीकर हिस्सा लेंगे। एग्ज़िबिशन फ्लोर पर छह देशों के पवेलियन और 12 राज्य सरकारों के पवेलियन होंगे, साथ ही स्टार्टअप्स, स्टूडेंट हैकाथॉन और वर्कफोर्स डेवलपमेंट के लिए खास हिस्से भी होंगे। इसे भी पढ़ें: Seva Sankalp Abhiyan: दिल्ली में 13800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की होगी शुरुआत इस इवेंट में मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी अहम उपलब्धियों की आधिकारिक समीक्षा भी पेश की जाएगी। 'सेमिकॉन इंडिया प्रोग्राम' के तहत केंद्र सरकार ने 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी है, जिनमें से 'सेमिकॉन 1.0' के तहत मंज़ूर तीन यूनिट्स में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो चुका है। इसके अलावा, केंद्रीय कैबिनेट ने 'सेमिकॉन 2.0' के अगले चरण को भी मंज़ूरी दी है, जो छह मुख्य स्तंभों पर आधारित है। इलेक्ट्रॉनिक डिज़ाइन ऑटोमेशन टूल्स 400 से ज़्यादा शैक्षणिक संस्थानों और 105 स्टार्टअप्स तक पहुंचाए गए हैं, जबकि 24 स्टार्टअप्स को 'डिज़ाइन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम' के तहत मंज़ूरी मिली है। मंत्रालय ने कहा, सेमिकॉन इंडिया 2026 एक व्यापक वैल्यू-चेन अप्रोच अपनाएगा, जिसमें सेमीकंडक्टर मटीरियल और मैन्युफैक्चरिंग से लेकर एडवांस्ड पैकेजिंग, डिज़ाइन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सिस्टम तक के सफ़र को दिखाया जाएगा। इसे भी पढ़ें: UNSC में India की स्थायी सदस्यता का रास्ता साफ ! US, UK, France, Russia के बाद China भी आ गया साथ मंत्रालय ने कहा, नया 'सैंड टू सिलिकॉन टू सिस्टम्स' वैल्यू चेन एक्सपीरियंस विजिटर्स को सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम की एक मिली-जुली तस्वीर दिखाएगा और वैल्यू चेन के अलग-अलग चरणों में भारत की बढ़ती क्षमताओं को प्रदर्शित करेगा। स्टार्टअप पैविलियन में लगभग 40 स्टार्टअप्स को दिखाया जाएगा, जबकि वर्कफोर्स डेवलपमेंट पैविलियन माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में टैलेंट, स्किल्स और करियर के मौकों के लिए एक खास प्लेटफॉर्म देगा। यह इवेंट भारतीय और इंटरनेशनल कंपनियों के लिए पार्टनरशिप, इन्वेस्टमेंट के मौकों, टेक्नोलॉजी सहयोग और सप्लाई-चेन लिंकेज तलाशने का एक अहम मौका देगा, जिससे एक भरोसेमंद ग्लोबल सेमीकंडक्टर पार्टनर के तौर पर भारत की स्थिति और मजबूत होगी।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 3:51 pm