दिल्ली में नहीं होगा दिलजीत का कॉन्सर्ट, सुरक्षा कारणों से नहीं मिली मंजूरी
दिलजीत दोसांझ के दिल्ली कॉन्सर्ट को बड़ा झटका लगा है. 30 अक्टूबर को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने वाले शो को सुरक्षा कारणों से मंजूरी नहीं मिली. जानें टिकट बुक कर चुके फैंस के लिए क्या है ताजा अपडेट.
लुधियाना के मशहूर पंडित कुलचे वाले के बेटे की गोली मारकर हत्या
लुधियाना में दोस्त की बर्थडे पार्टी में शामिल होने गए 34 साल के राहुल की गोली लगने से मौत हो गई. राहुल मशहूर पंडित कुलचे-छोले वाले का बेटा था. परिवार का आरोप है कि पार्टी में एक रेस्टोरेंट मालिक ने फायरिंग की. पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में कहासुनी के बाद गोली चलने की बात सामने आई है. परिवार के बयानों के आधार पर 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.
Raihan विवाद पर भड़कीं प्रियंका गांधी, शेयर किया पोस्ट
रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से दिल्ली के विरोध प्रदर्शनों की कुछ तस्वीरें हटाए जाने पर विवाद बढ़ गया है. प्रियंका गांधी वाड्रा ने बेटे का समर्थन करते हुए कहा कि सच के साथ खड़े रहने वालों को अपनी राह मिलती है. रेहान के मुताबिक, बीकानेर हाउस प्रशासन ने प्रदर्शनी शुरू होने से कुछ घंटे पहले तस्वीरों पर आपत्ति जताई थी. रॉबर्ट वाड्रा ने भी आखिरी समय पर तस्वीरें हटाने के दबाव पर सवाल उठाए हैं.
डबल पार्किंग चार्ज... गाड़ियों पर बैन! Grap-1 के बाद क्या-क्या बदला
कमिशन फॉर एयर-क्वॉलिटी मैनेजेंट (CAQM) के मुताबिक, दिल्ली में 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे AQI बढ़कर 244 पर पहुंच गया था. लगातार खराब होती राजधानी की हवा को ध्यान में रखते हुए GRAP-1 लागू कर दिया गया है.
नौकरी में प्रमोशन, सैलरी में उछाल! बुध-मंगल का योग 4 राशियों के लिए खास
Kendra Drishti Yog 2026: ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस योग से मिथुन, कन्या समेत 4 राशियों के करियर में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं. जानें किन राशियों को प्रमोशन, सैलरी बढ़ने और कारोबार में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं.
HTTPS वेबसाइट से भरोसा उठ गया? eMudhra की एक गलती से बवाल, Explained
कोई भी वेबसाइट ओपन करने पर अगर URL में HTTPS दिखता है तो लोगों को लगता है ये वेबसाइट सेफ है. लेकिन ऐसा नहीं है. eMudhra की एक गलती की वजह से दुनिया भर में इसकी आलोचना हो रही है. आखिर इतनी बड़ी गलती कैसे हो गई और eMudhra करता क्या है?
88 मैच बाद भुवनेश्वर कुमार से हुई चूक, टूट गया ये खास सिलसिला
भुवनेश्वर कुमार ने चार साल बाद भारतीय टीम में वापसी की है. वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला बारिश के चलते बेनतीजा रहा था, जहां वो गेंदबाजी नहीं कर पाए थे. अब भुवी ने क्राइस्टचर्च टी20 में गेंदबाजी की.
'NDA सरकार बनेगी', पंजाब चुनाव के लिए अमित शाह का टारगेट सेट
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब में अगली सरकार बनाने को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग NDA की सरकार चाहते हैं और आम आदमी पार्टी चुनाव में हार जाएगी. शाह ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों पर निशाना साधते हुए कहा कि इससे कुछ हासिल नहीं होगा.
बढ़ गया प्रदूषण, क्या हार्ट मरीजों को सुबह की सैर नहीं करनी चाहिए?
दिल्ली- एनसीआर समेत कई इलाकों में वायु प्रदूषण बढ़ गया है. प्रदूषण में मौजूद छोटे- छोटे कण सांस के जरिए शरीर में चले जाते हैं. ऐसे में क्या हार्ट के मरीजों को पॉल्यूशन में बाहर एक्सरसाइज और सैर करनी चाहिए या नहीं. इस बारे में डॉक्टर ने बताया है.
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे और फोटोग्राफर रेहान वाड्रा की दिल्ली में चल रही कला प्रदर्शनी अचानक
भारत लद्दाख के साथ अच्छा व्यवहार नहीं कर रहा है; केंद्र पर क्यों भड़के सोनम वांगचुक?
पिछले हफ्ते लेह में लद्दाख के नेताओं और केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों के बीच एक बैठक हुई थी। लेह एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) ने केंद्र के प्रस्ताव के मसौदे को खारिज कर दिया।
गर्ल्स PG में नंगा होकर घुस जाता था शख्स, अंडरगारमेंट्स भी ले जाता था
कर्नाटक के धारवाड़ से चौंकाने वाली कहानी सामने आई है. यहां रात के वक्त एक व्यक्ति बिना कपड़ों के यानी नंगा होकर गर्ल्स पीजी में घुस जाता था. यह घटना सीसीटीवी में कैद हुई है. आरोप यह भी है कि सीसीटीवी में कैद हुआ व्यक्ति लड़कियों के अंडरगारमेंट्स भी चुरा ले जाता था. विरोध करने पर धमकी देता था.
क्या अमेरिका-ईरान में सुलह करा पाएगा पाकिस्तान? देखें कूटनीति
ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप को बहुत कड़ा संदेश भेजा है- संवर्धित यूरेनियम यानी Enriched Uranium का एक ग्राम भी देश से बाहर नहीं जाएगा! और तेहरान की तरफ से यह संदेश किसे मिला? पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर को, जो ईरान और अमेरिका के बीच बंद पड़ी बातचीत को फिर से शुरू कराने की उम्मीद लेकर तेहरान पहुंचे हैं. पाकिस्तान बेशक दुनिया को दिखाना चाहता है कि वह दो कट्टर दुश्मनों को बातचीत की मेज पर ला सकता है. कूटनीति में आज बात करेंगे असीम मुनीर के तेहरान दौरे, ईरान- अमेरिका परमाणु तनातनी और पाकिस्तान के इस नए कूटनीतिक दांव की.
रक्षा-टेक्नोलॉजी-कारोबार... PM मोदी और पोलिश PM के बीच अहम बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बातचीत कर भारत-पोलैंड संबंधों की समीक्षा की. बैठक में रणनीतिक साझेदारी आगे बढ़ाने और रक्षा, तकनीक, अंतरिक्ष तथा कारोबार में सहयोग बढ़ाने पर जोर रहा.
'ब्रह्मोस ने पाकिस्तान में एकदम सटीक निशाने साधे...' CEO ने खोले राज
ब्रह्मोस एयरोस्पेस के सीईओ ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस ने पाकिस्तानी राडार चकमा देकर सटीक निशाने साधे. वायुसेना ने सुखोई-30 से दागा. तीनों सेनाओं ने इस्तेमाल किया. अब यह दुनिया की सबसे घातक मिसाइल बन गई है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के पीएम डोनाल्ड टस्क की दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता हुई। दोनों देशों ने व्यापार, रक्षा और तकनीक में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। भारत-EU FTA से व्यापार को 10 अरब डॉलर तक पहुंचाने की उम्मीद है।
कानपुर हिट एंड रन केस: कार से कुचलकर हत्या के मामले में बड़ा खुलासा
कानपुर के हनुमंत विहार इलाके में 20 अक्टूबर को हुई वीरू सिंह भदौरिया की दर्दनाक मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है. चश्मदीद गवाह विक्रम के अनुसार यह महज एक हिट-एंड-रन का मामला नहीं, बल्कि पुरानी दुश्मनी के चलते की गई एक सोची-समझी साजिश और जानबूझकर की गई हत्या है.
Prashant की पार्टी में पैसों को लेकर क्यों मचा बवाल?
बिहार में जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो सामने आया है. पटना में पार्टी कार्यालय के बाहर गाड़ी के बकाया भुगतान को लेकर विवाद हुआ, जिसमें एक व्यक्ति ने मनोज भारती को गाड़ी से बाहर खींचने की कोशिश की. आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति संभाली. वीडियो वायरल होने के बाद बीजेपी ने प्रशांत किशोर की पार्टी पर निशाना साधा है. जन सुराज की ओर से फिलहाल प्रतिक्रिया नहीं आई है.
दिल्ली में प्रियंका गांधी वाड्रा और रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा ने आरोप लगाया है कि बीकानेर हाउस प्रशासन ने उनकी सोलो एग्जीबिशन ‘नो आइडिया इज फाइनल’ शुरू होने से ठीक पहले दिल्ली में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों की कई तस्वीरें हटवा दीं।
'पब्लिक प्रेशर रहा होगा', दलेर मेहंदी शराब विवाद पर बोले CM धामी
पंजाबी सिंगर दलेर मेहंदी को बीते दिनों उत्तराखंड में कुंजापुरी मेले में परफॉर्मेंस को लेकर हुआ विवाद, सीएम धामी तक पहुंच गया है. अब इस मुद्दे पर CM का पहला रिएक्शन सामने आया है.
AI ने रिज्यूमे भेजा, AI से ही रिजेक्ट... इस रेस में कहां है इंसान?
उम्मीदवार नौकरी के आवेदन बेहतर बनाने के लिए एआई अपना रहे हैं, जबकि कंपनियां उसी तकनीक से सैकड़ों बायोडाटा की जांच कर रही हैं. इस बढ़ते इस्तेमाल ने भर्ती की रफ्तार के साथ निष्पक्षता, साफ जानकारी और इंसानी निगरानी की जरूरत पर भी सवाल खड़े किए हैं.
श्रीनगर में बुधवार को दुर्गोत्सव के समापन पर बंगाली समुदाय ने भव्य शोभायात्रा निकालकर मां दुर्गा को विदाई दी। ऐतिहासिक लाल चौक और घंटाघर के पास से निकली इस शोभायात्रा में पुरुषों और महिलाओं ने ढोल की पारंपरिक थाप पर नृत्य किया। इसके बाद शोभायात्रा अमीरा कदल घाट पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार, आरती और पारंपरिक विदाई गीतों के बीच मां दुर्गा की प्रतिमा का झेलम नदी में विसर्जन किया गया। इस दौरान मुस्लिम समुदाय की अजान के सम्मान में शोभायात्रा कुछ मिनट के लिए रोक दी गई। यह दृश्य कश्मीर की साझा सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक सहिष्णुता का संदेश देता नजर आया। देखा जाये तो श्रीनगर की सड़कों पर दुर्गोत्सव की भव्य शोभायात्रा इस बात का संकेत है कि कश्मीर में हिंदू समुदाय अब अपने त्योहार खुलकर और धूमधाम से मना पा रहा है। 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद घाटी में आए बदलावों के बीच रामनवमी, जन्माष्टमी, दुर्गोत्सव और दीपावली जैसे त्योहारों को सार्वजनिक रूप से मनाया जा रहा है। आतंकवाद के दौर में जहां डर और असुरक्षा के कारण हिंदू समुदाय के धार्मिक आयोजनों पर असर पड़ा था, वहीं अब मंदिरों में पूजा-पाठ, धार्मिक कार्यक्रमों और त्योहारों की रौनक दिखाई देने लगी है। इसे कश्मीर में बदलते माहौल और अपनी धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं को फिर से जीवंत करने की दिशा में एक अहम बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इसे भी पढ़ें: Jammu-Kashmir से हर तरह के आतंकवाद का जल्द ही पूरी तरह होगा सफाया, IGP Tejinder Singh ने कर दिया बड़ा ऐलान हम आपको याद दिला दें कि आतंकवाद, असुरक्षा और कश्मीरी पंडितों के बड़े पैमाने पर पलायन ने घाटी की धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं को गहरा नुकसान पहुंचाया था। कई मंदिरों को क्षति पहुंची और अनेक धार्मिक आयोजनों का सार्वजनिक स्वरूप कमजोर पड़ गया था। ऐसे में अब विभिन्न अवसरों पर हिंदू समुदाय के लोगों का एकत्र होना और पारंपरिक उत्सवों का आयोजन करना घाटी की सांस्कृतिक विविधता को फिर से सामने लाने वाला घटनाक्रम है। कश्मीर में मंदिरों के संरक्षण और जीर्णोद्धार के प्रयास भी इस व्यापक परिदृश्य का हिस्सा हैं। आतंकवाद के दौर में क्षतिग्रस्त हुए मंदिरों के जीर्णोद्धार से स्थानीय हिंदू समुदाय को अपनी परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिला है। इस बदलाव की झलक बाजारों में भी दिखाई देती है। दुर्गोत्सव, नवरात्र, दीपावली और अन्य हिंदू त्योहारों के दौरान पूजा सामग्री, फूल-मालाओं, सजावटी सामान, दीयों और मिठाइयों की मांग बढ़ने से स्थानीय दुकानदारों को कारोबार के अतिरिक्त अवसर मिल रहे हैं। उम्मीद की जा सकती है कि सुरक्षा, आपसी विश्वास और सामाजिक सौहार्द का वातावरण मजबूत होने के साथ कश्मीर में विभिन्न समुदायों के त्योहारों की रौनक और बढ़ेगी।
प्लेन में रेंगता नजर आया सांप, फ्लाइट को करना पड़ा कैंसिल
प्लेन टेक ऑफ होने से पहले एक एयरलाइन स्टाफ को कालीन के नीचे सांप रेंगता दिखाई दिया. इसके बाद फ्लाइट को कैंसिल कर दिया गया.
सऊदी में हूतियों के हमले में इंडियन बने निशाना, 1 शख्स की मौत, दो जख्मी
सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट पर हूती विद्रोहियों के हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है. इसके अलावा दो इंडियन घायल हो गए हैं. सऊदी अरब में भारतीय दूतावास इनके परिवारों से संपर्क कर रहा है.
सोना और चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट
सोना और चांदी की कीमतों में गुरुवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई. एमसीएक्स पर कारोबार शुरू होते ही चांदी 5,370 रुपये टूटकर 2,03,798 रुपये प्रति किलो पर आ गई. वहीं, वायदा सोना 1,768 रुपये सस्ता होकर 1,44,311 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करने लगा. चांदी अपने रिकॉर्ड स्तर से 2 लाख रुपये से ज्यादा नीचे आ चुकी है, जबकि इस सप्ताह सोने की कीमत में भी लगातार गिरावट देखने को मिली है.
अचानक 10% गिरा दिग्गज कंपनी का शेयर, घबराए निवेशक, अब क्या करें?
केबल कंपनी के शेयरों में गुरुवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली है. कंपनी का शेयर 10 फीसदी से ज्यादा गिर गया. हालांकि, कुछ देर बाद ही इस शेयर में फिर से रिकवरी देखने को मिली.
मोटर शो में Mercedes बच्चों ने की स्टार्ट, दीवार से टकराई, VIDEO
मर्सिडीज-बेंज वीएलई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में दिख रहा है कि कैसे दो बच्चों की गलती से ये मिनीवैन दीवार से जाकर टकरा गई. वीडियो पेरिस मोटर शो का है, जो पिछले दिनों चल रहा था. मर्सिडीज की ये मिनीवैन अभी लॉन्च नहीं हुई है. कंपनी ने ग्लोबल मार्केट में सिर्फ इसे अनवील किया है.
'एयर शो के समय जर्जर भवनों से दूर रहें', वाराणसी में अलर्ट जारी
वाराणसी में एयरफोर्स के एयर शो के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. जर्जर छतों और बालकनियों पर लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई है और इसे लेकर प्रशासन ने सुरक्षा एडवाइजरी भी जारी की है.
अगले 30 साल आपका नंबर नहीं लगने वाला, अमित शाह का राहुल गांधी को मैसेज, चुनाव जीतना है तो...
ऐसे समय में जब राहुल गांधी विदेश यात्रा पर गए हुए हैं और कांग्रेस तथा उसके सहयोगी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञान कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं, गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के नेता पर एक और निशाना साधा। उन्होंने भविष्यवाणी की कि कांग्रेस पार्टी अगले तीन दशकों तक सत्ता से बाहर रहेगी। यमुना की सफाई के लिए 8,941 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की शुरुआत करने के बाद, शाह ने गांधी की विदेश यात्रा पर तंज कसा। बताया जा रहा है कि कांग्रेस सांसद चार दिन की यात्रा पर वियतनाम गए हैं। शाह ने कहा कि मुझे पता है कि आप मुझे सुन नहीं सकते, आप विदेश में कहीं बैठे हैं। आप यह भी नहीं बताते कि क्यों, लेकिन कोई बात नहीं, यह आपकी निजी ज़िंदगी है... लेकिन जब आप दिल्ली लौटें, तो मेरी बात सुन लें; अगले तीस सालों तक आपकी बारी नहीं आएगी। इसे भी पढ़ें: L Murugan के इस्तीफे के बाद ECI का फैसला, Madhya Pradesh में 12 नवंबर को होगा मतदान गांधी का वियतनाम जाना ऐसे समय में हुआ है जब 'इंडिया' गठबंधन और 'कॉकरोच जनता पार्टी' देश भर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ये प्रदर्शन SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और उनमें ज्ञानेश कुमार की कथित भूमिका को लेकर हो रहे हैं। हमेशा की तरह, बीजेपी ने उनके इस विदेश दौरे को लेकर उन पर तुरंत तंज कसा। भगवा पार्टी ने गांधी परिवार के सदस्य पर आरोप लगाया कि दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान झूठ बोल-बोलकर थक जाने के बाद वे छुट्टियां मनाने चले गए हैं। पार्टी ने एक्स पर एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें वे कथित तौर पर वियतनाम जाने वाली एक उड़ान में बैठे दिख रहे हैं। साथ ही, पार्टी ने सवाल किया, राहुल गांधी के विदेशी दौरों का एजेंडा क्या है? इसे भी पढ़ें: Ramlila Maidan रैली के बाद सड़कों पर उतरेगा INDIA Bloc, CEC के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष बीजेपी नेता संबित पात्रा ने गांधी पर सत्ता परिवर्तन की साजिश रचने का आरोप लगाया और दावा किया कि वे जॉर्ज सोरोस से क्लास लेने के लिए विदेश गए थे। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस नेता विदेश छुट्टियां मनाने गए थे या अपने अराजकता फैलाने वाले साथियों से मिलने। शाह ने बीजेपी पर वोट चोरी का आरोप लगाने के लिए कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल कई राज्यों में दशकों से सत्ता से बाहर रहे हैं। उन्होंने कहा विरोध-प्रदर्शन करने से कुछ हासिल नहीं होता। आप जहां से चुने गए हैं, वहां के लिए कोई योजना लेकर आएं।
IND-NZ मैच से पहले मैदान पर दिखा माओरी रंग, टीम इंडिया का भव्य स्वागत
भारत और न्यूजीलैंड के मुकाबले से पहले हागले ओवल में माओरी संस्कृति की शानदार झलक देखने को मिली है. न्यूजीलैंड क्रिकेट ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कर इस खास स्वागत की झलक दिखाई. मैदान पर पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रदर्शन ने सभी का ध्यान खींचा है.
नए जमाने का गैजेट, 1 नवंबर से बुकिंग और इतनी है कीमत
मार्केट में एक नया गैजेट एंट्री करने जा रहा है, जिसका नाम TEMPLE है. इसके प्री-ऑर्डर की शुरुआत होने जा रही है. Zomato को बनाने वाले दीपिंदर गोयल ने बताया कि 1 नवंबर से इसका प्री ऑर्डर शुरू होगा, जिसके बाद इसकी डिलिवरी शुरू होगी. यह हेल्थ डेटा ट्रैकर डिवाइस है.
भारत में 22 प्रतिशत कॉलेज छात्र शुरू कर चुके हैं कारोबार
गेस इंडिया 2025 की रिपोर्ट में करीब 22 प्रतिशत कॉलेज छात्रों के कारोबार शुरू करने की बात सामने आई है. सर्वे दिखाता है कि नौकरी के मुकाबले अपना व्यवसाय चुनने का रुझान बढ़ रहा है और कारोबारी जान-पहचान शुरुआत की संभावना तीन गुना करती है.
Kerala के Palakkad में अवैध पटाखा निर्माण के दौरान धमाका, मां-बेटे झुलसे और मकान ढहा
केरलम में पलक्कड के ओट्टापलम में अवैध रूप से पटाखे बनाने वाली इकाई में विस्फोट होने से 60 वर्षीय महिला समेत दो लोग घायल हो गए और उनका घर पूरी तरह नष्ट हो गया। यह इकाई उनके घर में ही संचालित हो रही थी। घायलों की पहचान जानकी और उनके बेटे शाजेश (35) के रूप में हुई है। दोनों ओट्टापलम के मणिक्कपारा के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों अपनी आजीविका चलाने के लिए पटाखे बनाने और बेचने का काम करते थे। अधिकारियों ने बताया कि परिवार ने अपने छोटे से घर में बड़ी मात्रा में ‘ओलप्पडक्कम’ (ताड़ के पत्तों से बने पटाखे) तैयार करके रखे हुए थे। बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ बजे अचानक आग पटाखों तक फैल गई, जिससे जोरदार विस्फोट हो गया। अधिकारियों के मुताबिक, विस्फोट इतना तेज था कि पूरा घर नष्ट हो गया। इसकी तीव्रता से आसपास के घरों की खिड़कियों के शीशे भी टूट गए। इस घटना में मां-बेटे झुलस गए और उन्हें इलाज के लिए ओट्टापलम तालुक अस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि अब दोनों की हालत स्थिर है। अधिकारियों के अनुसार, ओट्टापलम पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और भारतीय विस्फोटक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि पटाखे बनाने वाली यह इकाई कई वर्षों से बिना लाइसेंस के संचालित हो रही थी। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें भी इस पटाखा निर्माण इकाई के बारे में दुर्घटना के बाद ही पता चला।
इस महीने की शुरुआत में उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनावों के दौरान हुई राजनीतिक उठापटक की झलक विधान परिषद की 11 सीटों के लिए होने वाले आगामी चुनावों में भी देखने को मिल सकती है। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले, सत्ताधारी भाजपा और सपा के सामने एक बार फिर आंकड़ों, उम्मीदवारों के चयन और क्रॉस-वोटिंग की संभावना को लेकर परीक्षा की स्थिति होगी। भाजपा और समाजवादी पार्टी ने इसमें अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। दोनों के लिए ये प्रतिष्ठा का चुनाव बन चुका है। इसे भी पढ़ें: उत्तराखंड Assembly: गैरसैंण के बजाय देहरादून में कार्य मंत्रणा बैठक पर Congress ने उठाए सवाल 11 सीटों पर होने हैं MLC चुनाव 100 सदस्यों वाले उच्च सदन में मौजूदा 11 MLC का कार्यकाल 30 जनवरी, 2027 को समाप्त हो रहा है। 11 सीटों — पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों — के लिए मतदान 23 अक्टूबर को होगा। स्नातक सीटों की बात करें तो इसमें लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी खंड शामिल है। वहीं, शिक्षक के लिए लखनऊ, आगरा, वाराणसी, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन की सीटें शामिल हैं। इस तरह ये यूपी के 75 जिलों को कवर करेंगी। कौन-कौन है प्रत्याशी लखनऊ स्नातक सीट पर भाजपा से अवनीश कुमार सिंह और सपा से कांति सिंह आमने-सामने हैं। वहीं, आगरा में बीजेपी से डॉ मानवेन्द्र प्रताप सिंह के सामने सपा के आकाश अग्रवाल हैं। मेरठ-सहारनपुर में बीजेपी के दिनेश गोयल और सपा के प्रमेंद्र भाटी चुनाव मैदान में हैं। इलाहाबाद-झांसी सीट पर बीजेपी के अशोक कुमार राठौर और सपा के डॉ मान सिंह यादव के बीच मुकाबला है। वहीं, वाराणसी-मिर्जापुर स्नातक सीट पर बीजेपी के केदारनाथ सिंह और सपा के आशुतोष सिन्हा में सीधा मुकाबला है। शिक्षक MLC चुनाव में लखनऊ से बीजेपी के उमेश द्विवेदी के मुकाबले सपा के सुशील कुमार पटेल हैं। मेरठ-गाजियाबाद से बीजेपी के श्रीचंद शर्मा तो सपा के नितिन कुमार तोमर, बरेली-मुरादाबाद से डॉ हरिसिंह ढिल्लो बीजेपी से और हाजी मोहम्मद दानिश अख्तर सपा से हैं। वाराणसी में बीजेपी से डॉ प्रमोद मिश्रा और सपा से लाल बिहारी यादव आमने-सामने हैं। आगरा से बीजेपी के हरी किशोर तिवारी तो सपा से डॉ प्रकाश चंद गुप्ता और गोरखपुर-फैजाबाद से बीजेपी के ध्रुव त्रिपाठी तो सपा से बीजेपी के बागी उम्मीदवार डॉ संजयन त्रिपाठी मैदान में हैं। कौन कर सकता है वोट उत्तर प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों का एक विशेष स्थान है, जहाँ मतदाता आम जनता से नहीं, बल्कि पंजीकृत स्नातकों और शिक्षकों में से होते हैं। इन क्षेत्रों में अक्सर कड़ा मुकाबला देखने को मिलता है, जहाँ उम्मीदवार अपनी संगठनात्मक ताकत, शिक्षण संस्थानों के भीतर अपने नेटवर्क, और पेशेवरों तथा राय बनाने वाले लोगों (ओपिनियन-मेकर्स) के बीच अपने प्रभाव पर काफी हद तक निर्भर रहते हैं। इस 'मिनी-जनादेश' में 10 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। 'स्नातक' निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने के लिए, व्यक्ति के पास कम से कम तीन साल पहले प्राप्त की गई डिग्री होनी चाहिए। 'शिक्षक' निर्वाचन क्षेत्रों में, केवल वे शिक्षक ही मतदान कर सकते हैं जो वर्तमान में पढ़ा रहे हैं। अगर आपका नाम संबंधित स्नातक या शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में है, तो अपना बूथ और क्रम संख्या पहले चेक करें। पहचान-पत्र साथ रखें। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने बुधवार को कहा कि 23 अक्टूबर को होने वाले उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनावों में, मतदाता सूची में नाम या अन्य विवरणों में मामूली लिपिकीय या छपाई संबंधी गलतियों के कारण पात्र मतदाताओं को वोट देने के अधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा। - 22 से 35 साल के मतदाता निर्णायक साबित हो सकते हैं: उम्मीदवारों ने युवाओं, सेवानिवृत्त कर्मचारियों, पूर्व सैनिकों, महिलाओं और शिक्षकों के बीच बड़े पैमाने पर पंजीकरण अभियान चलाए हैं। इनमें सबसे बड़ा समूह 22 से 35 साल के युवा मतदाताओं, यानी 'जेन जेड' (Gen Z) का है। - युवा मतदाताओं को लुभाने के लिए पार्टियों में होड़: समाजवादी पार्टी (SP) बेरोजगारी, पुरानी पेंशन योजना (OPS) और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करके युवाओं और कर्मचारियों को आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। वहीं, योगी सरकार अपनी उपलब्धियों और पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं के आधार पर वोट मांग रही है। 2027 से पहले सेमीफाइनल बीजेपी के लिए, ये एमएलसी चुनाव सिर्फ विधान परिषद के गणित (जहाँ उसे पहले से ही बहुमत हासिल है) तक सीमित नहीं हैं। बल्कि, ये चुनाव पार्टी की संगठनात्मक मशीनरी को परखने, स्नातक और शिक्षक मतदाताओं के मूड को समझने, और 2027 की लड़ाई से पहले एक नैरेटिव (विमर्श) सेट करने का जरिया हैं। इस चुनाव में सत्ताधारी दल को कुछ बढ़त हासिल है, लेकिन अतीत में भी नतीजों ने चौंकाने वाले परिणाम दिए हैं। 2020 के MLC चुनावों में, वाराणसी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के बावजूद, SP ने वाराणसी 'स्नातक' सीट जीत ली थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह क्षेत्र की गोरखपुर-फैजाबाद 'शिक्षक' सीट पर BJP ने अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारा था। इस सीट पर 'शिक्षक' समूह के उम्मीदवार की जीत हुई थी। यही वजह है कि कोई भी दल किसी भी सीट को हल्के में नहीं ले रहा है। इसे भी पढ़ें: कौशांबी में दलित महिला के अपहरण और हत्या मामले में चार दोषियों को उम्रकैद यह चुनाव केवल 11 MLC चुनने का ज़रिया नहीं है, बल्कि यह 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल को आकार देने में भी मदद करेगा। उनके अनुसार, अगर BJP अपनी सीटों की संख्या बढ़ाती है, तो इससे यह संदेश जाएगा कि राज्य के पढ़े-लिखे युवा और शिक्षक, योगी सरकार की नीतियों से संतुष्ट हैं। वहीं, अगर इन निर्वाचन क्षेत्रों में SP को बढ़त मिलती है, तो 2027 के चुनावों से ठीक पहले उसे एक मनोवैज्ञानिक लाभ मिलेगा। इन नतीजों से दोनों पार्टियों को अपनी कमियों को पहचानने और अगले दो महीनों में अपनी चुनावी रणनीतियों को बेहतर बनाने का मौका भी मिलेगा।
सिर नीचे, पैर आसमान में... अजीब सी पोजिशन में लेटा सिपाही, Video
चित्रकूट में यूपी पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल का अजीबोगरीब हालत में कुर्सी पर लेटनेका वीडियो वायरल हुआ है. आरोपहै कि हेड कॉन्स्टेबल नशे में था. डायल 112 की टीम उसे अस्पताल ले गई, मेडिकल जांच कराई गई और फिर मामला पुलिस के आला अधिकारियों तक पहुंच गया. एसपी ने हेड कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया. इसी के साथ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं.
संयुक्त राष्ट्र (UN) के मंच पर भारत ने आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर एक बार फिर अपना कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र के आतंकवाद-रोधी और मानवाधिकार मामलों के विशेष रिपोर्टर (Special Rapporteur) द्वारा पेश की गई एक रिपोर्ट में मौजूद गंभीर और भ्रामक तथ्यात्मक गलतियों को उजागर करते हुए उन्हें सीधे तौर पर सुधारा है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से मांग की है कि इस तरह के गलत तथ्यों को पेश करने वालों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए, क्योंकि इससे संयुक्त राष्ट्र जैसी वैश्विक संस्था की निष्पक्षता और साख को भारी नुकसान पहुंचता है। यह विवाद तब उत्पन्न हुआ जब विशेष रिपोर्टर बेन सॉल (Ben Saul) की जुलाई की एक रिपोर्ट में भारत के सबसे वांछित (Most Wanted) आतंकवादियों में शामिल और 1993 मुंबई सीरियल बम धमाकों के मुख्य आरोपी दाऊद इब्राहिम (Dawood Ibrahim) को कथित तौर पर भारत में निवासी बता दिया गया था। विशेष रिपोर्टरों को UN से सीधे वेतन नहीं मिलता है और उनसे स्वतंत्र रूप से काम करने की अपेक्षा की जाती है। UN में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव, राघू पुरी ने कहा, मैं रिकॉर्ड के लिए इसे सही करना चाहता हूं। पुरी ने पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए कहा, यह व्यक्ति 2003 में सूची में शामिल किए जाने से बहुत पहले ही भारत से भाग गया था। इसी दौरान, किसी दूसरे देश से रहते हुए, उसे अल-कायदा और ओसामा बिन लादेन से जुड़े होने के कारण सूची में डाला गया था। पाकिस्तान एक ऐसा विफल राष्ट्र है जो सीमा पार आतंकवाद और नागरिकों की हत्याओं को अपनी सरकारी नीति के रूप में इस्तेमाल करता है। पुरी ने कहा, आज भी वह मेरे देश में एक वांछित अपराधी है। UN की सूची के अनुसार, वह उसी देश में रहता है जहां ओसामा बिन लादेन मिला था और मारा गया था। उन्होंने पाकिस्तान के एबटाबाद शहर की ओर इशारा किया, जो एक सैन्य छावनी वाला इलाका है और जहां ओसामा बिन लादेन छिपा हुआ था। भारत में वांछित कई आतंकवादी, जिनमें 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों में शामिल लोग भी हैं, दशकों से पाकिस्तान में रह रहे हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों ने समय-समय पर इनके खिलाफ केवल दिखावटी कार्रवाई की है, और वह भी तब, जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने पाकिस्तान को दी जाने वाली वित्तीय सहायता रोकने को लेकर सख्ती दिखाई। विशेष रिपोर्टर की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए पुरी ने कहा, ...जहां तक मेरे देश का सवाल है, हम कुछ बड़ी तथ्यात्मक गलतियों की ओर ध्यान दिलाना चाहते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2003 में, सुरक्षा परिषद ने 'डी-कंपनी' नामक एक आपराधिक समूह के सरगना को अल-कायदा से जुड़े होने के कारण सूची में शामिल किया था। अगर इस पंक्ति को अलग से पढ़ा जाए, तो यह असल हकीकत से बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करती है। यह संगठन और इसका नामित नेता, दाऊद इब्राहिम, 1993 से ही भारत में आतंकी हमलों के मामले में वांछित हैं। 1267 प्रतिबंध व्यवस्था के तहत इन्हें सूचीबद्ध करने के कारणों के विवरण में यह बात साफ तौर पर लिखी गई है। इस तथ्य का जिक्र न करना अफसोसजनक है; विशेष जनादेश प्राप्त अधिकारियों की ओर से ऐसी अक्षमता इस संगठन को बहुत नुकसान पहुंचाती है। ... हम रिपोर्ट के विभिन्न हिस्सों में स्पष्ट पूर्वाग्रह को भी देख रहे हैं, और इस महत्वपूर्ण कार्यालय के खिलाफ मीडिया में लगाए गए कुछ आरोपों को लेकर भी चिंतित हैं। हमारा आग्रह है कि ईमानदारी और निष्पक्षता के उच्चतम मानकों का पालन किया जाना चाहिए। अध्यक्ष महोदय, ऐसा लगता है कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों के लिए अपने गलत कामों को सही ठहराने के वास्ते मानवाधिकारों और आतंकवाद-रोधी ढांचे का इस्तेमाल करना एक चलन बन गया है, पुरी ने कहा। भारत ने अतीत में कई बार वैश्विक समुदाय को बताया है कि अमेरिका में 9/11 के हमलों की साजिश रचने और उन्हें अंजाम देने वाले अल-कायदा के नेता, किसी सुनसान या बिना शासन वाले सीमावर्ती इलाके में नहीं छिपे थे, बल्कि वे पाकिस्तान में एक सुरक्षित और पहरेदार वाले इलाके में, एक मजबूत परिसर के भीतर रह रहे थे। पुरी ने कहा कि आतंकवाद को कभी भी सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में भारत के खिलाफ पाकिस्तान के बयान को खारिज करते हुए इसे महज एक दुष्प्रचार बताया, जिसका मकसद बहुत ही संकीर्ण राजनीतिक फायदे हासिल करना है। उन्होंने कहा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न अंग हैं, हमेशा से रहे हैं और हमेशा रहेंगे। पाकिस्तानी प्रतिनिधि के बयान पर मैं कोई और टिप्पणी करके उसे कोई अहमियत नहीं देना चाहता। Stay updated with International News in Hindi on Prabhasakshi
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बोले- ईरान के साथ नहीं चल रही बातचीत, जल्द होने वाला है कुछ बड़ा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका, ईरान के साथ बातचीत नहीं कर रहा है। इसके साथ ही बहुत जल्द ही कुछ होने वाला है। अमेरिकी समाचार नेटवर्क 'न्यूजनेशन' की व्हाइट हाउस संवाददाता लिब्बी डीन से बात करते हुए, जब ट्रंप से तेहरान के साथ ...
नेहा बोरा की रात 11 बजे सफाई, रांका-दास को फटकार के बाद वीडियो जारी करने पर उठे सवाल
नेहा बोरा अब अपने उस बयान का संदर्भ समझा रही हैं, जिसमें बांग्लादेश से सीख लेने की बात पर विवाद हुआ था। आइसा अध्यक्ष ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया है कि उनके बयान को संदर्भ से काटकर फैलाया गया और आरएसएस-बीजेपी का आईटी सेल इसके जरिए लोगों में आक्रोश पैदा कर रहा है। […] यह लेख नेहा बोरा की रात 11 बजे सफाई, रांका-दास को फटकार के बाद वीडियो जारी करने पर उठे सवाल सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
President Droupadi Murmu पहुंचीं Raipur, Chhattisgarh में दो दिवसीय दौरे की शुरुआत
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बृहस्पतिवार को छत्तीसगढ़ के अपने दो दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंचीं। इस दौरान वह राजधानी रायपुर और जगदलपुर में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति मुर्मू दोपहर 12 बजे के बाद एक विशेष विमान से रायपुर के स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर पहुंची, जहां राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। अधिकारियों ने बताया कि हवाई अड्डे से राष्ट्रपति लोक भवन के लिए रवाना हुईं, जहां वह पूज्य माता हासी देवी जी के सम्मान में एक स्मारक सिक्का जारी करेंगी। उन्होंने बताया कि इसके बाद, वह रायपुर के इंडोर स्टेडियम में नुआखाई त्योहार के अवसर पर आयोजित सेवा सम्मान पर्व और युवा प्रबोधन कार्यक्रमों में शामिल होंगी। उन्होंने आगे बताया कि शुक्रवार को राष्ट्रपति बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर में मुरिया दरबार में शामिल होंगी और बस्तर दशहरा के अवसर पर आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगी। अधिकारियों ने बताया कि मुरिया दरबार को एक पारंपरिक आदिवासी सभा या आदिम जन संसद माना जाता है, जिसका आयोजन बस्तर दशहरा उत्सव के हिस्से के रूप में किया जाता है। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए रायपुर और बस्तर जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और इन जिलों में कई जगहों पर यातायात का मार्ग बदल दिया गया है।
उम्र 39 साल, जज्बा युवा खिलाड़ियों जैसा! जलज ने रणजी में रचा इतिहास
रणजी ट्रॉफी 2026-27 में जलज सक्सेना ने ओडिशा के खिलाफ पांच विकेट लेकर बिशन सिंह बेदी के रिकॉर्ड की बराबरी की है. केरल ने यह मुकाबला पारी और 36 रन से जीतकर सात अंक हासिल किए.
44 की उम्र में एंडरसन का करियर खत्म! लंकाशायर ने दिखाया बाहर का रास्ता
इंग्लैंड के दिग्गज तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन का 44 साल की उम्र में क्रिकेट करियर खत्म हो सकता है. लंकाशायर ने अगले सीजन के लिए उनका कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाने से इनकार कर दिया है. एंडरसन ने हालिया काउंटी सीजन में 50 विकेट लिए थे. अब विदेशी लीग में मौका मिलने या किसी दूसरे काउंटी क्लब के संपर्क करने पर ही उनके खेलने की संभावना है.
'शारीरिक संबंध बनाने से मर्द?' बयान पर भड़कीं PAK हसीनाएं
मशहूर पाकिस्तानी इस्लामिक स्कॉलर मुफ्ती तारिक मसूद का एक बयान सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है. महिलाओं और उनके अधिकारों को लेकर दिए गए इस बयान पर पाकिस्तानी एक्ट्रेसेस ने उन्हें लताड़ लगाई है.
SBI Life की धांसू स्कीम, हर महीने तय इनकम, प्रीमियम का 110% रिफंड!
SBI Life Smart Platina Plus: अगर आप हर महीने तय इनकम चाहते हैं और शेयर बाजार के जोखिम से दूर रहना चाहते हैं, तो एसबीआई लाइफ की स्मार्ट प्लेटिना प्लस स्कीम एक विकल्प हो सकता है. इस प्लान में न्यूनतम 50,000 रुपये सालाना प्रीमियम से शुरुआत की जा सकती है. जानिए प्रीमियम अवधि, लोन सुविधा और पॉलिसी से जुड़ी अहम शर्तें.
ग्रेजुएट-पोस्ट ग्रेजुएट यूथ के लिए नौकरी पाना हुआ मुश्किल!
पीएलएफएस के 2022–23, 2023–24 और 2025 के आंकड़ों में ऊंची शिक्षा पाने वालों के बीच बेरोजगारी ज्यादा दिखी. अलग सर्वे तरीकों के कारण तुलना में सावधानी जरूरी है, लेकिन आंकड़े शिक्षा, हुनर और रोजगार के बीच कमजोर जुड़ाव पर सवाल उठाते हैं. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह...
टीवी पर मुंह से निकली गंदी बात तो होंगे म्यूट, संभलकर करना डिबेट; सरकार अलर्ट
न्यूज चैनल पर आने वाले टीवी डिबेट्स, आपराधिक और आतंकवादी घटनाओं की रिपोर्टिंग को लेकर सरकार अलर्ट मोड पर है। मीडिया से कहा गया है कि डिबेट के लिए लोगों को चुनते समय सतर्क रहें और AI का इस्तेमाल भी सावधानी से करें।
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी गुरुवार को पहली बार सोशल मीडिया पर आईं। उन्होंने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया है। वह इंस्टा पर कांग्रेस, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को फॉलो कर रही हैं। कांग्रेस नेता ने पहली पोस्ट गुरुवार सुबह करीब 9 बजे की थी।
दिवाली के बाद बदलेगी केतु की चाल, 6 राशियों की चमकेगी किस्मत!
Ketu Gochar 2026: केतु गोचर 2026: दिवाली के बाद केतु कर्क राशि में प्रवेश करेंगे. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, वृषभ, मिथुन समेत 6 राशियों को नौकरी, कारोबार और धन के मामलों में शुभ परिणाम मिल सकते हैं. जानें केतु गोचर की तारीख और किन राशियों को मिल सकता है लाभ.
H5N1 संक्रमण की पुष्टि के बाद वंडलूर का Arignar Anna प्राणी उद्यान दर्शकों के लिए बंद
भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान (एनआईएचएसएडी) द्वारा जलपक्षियों में एच5एन1 एवियन इन्फ्लूएंजा संक्रमण की पुष्टि किए जाने के बाद वंडलूर स्थित अरिग्नार अन्ना प्राणी उद्यान ने एहतियातन बृहस्पतिवार से दो दिन तक आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। चिड़ियाघर प्रशासन ने बताया कि एनआईएचएसएडी ने 21 अक्टूबर 2026 को जलपक्षियों में एच5एन1 संक्रमण की पुष्टि की थी। इसके बाद एहतियाती कदम के तौर पर 22 और 23 अक्टूबर को चिड़ियाघर में आगंतुकों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार, संक्रमण की रोकथाम के लिए तत्काल कदम उठाए गए हैं। इनमें कीटाणुशोधन, साफ-सफाई और जैव सुरक्षा संबंधी नियमों का सख्ती से पालन करना शामिल है। अरिग्नार अन्ना प्राणी उद्यान के निदेशक की ओर से बुधवार को जारी बयान में कहा गया, नौ अक्टूबर 2026 के बाद से पक्षियों की मौत या उनके बीमार होने की कोई और घटना सामने नहीं आई है। इस अस्थायी कदम का उद्देश्य व्यापक स्तर पर साफ-सफाई करना, जैव सुरक्षा उपायों को मजबूत करना और स्थिति पर करीबी नजर रखना है। आम लोगों से एहतियाती उपायों में सहयोग करने का अनुरोध किया जाता है। सूत्रों के अनुसार, चिड़ियाघर के सबसे बड़े वेदांथंगल पक्षी बाड़े में तीन से नौ अक्टूबर के बीच सात जलपक्षियों की मौत हो गई थी। इनमें चार पेंटेड स्टॉर्क , एक ग्रे पेलिकन , एक ग्रे हेरॉन और एक ओरिएंटल डार्टर शामिल थे। राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान ने नमूनों की जांच के बाद एच5एन1 संक्रमण की पुष्टि की थी। अधिकारियों का मानना है कि अब तक स्थिति स्थिर रहने के कारण संक्रमण का तत्काल प्रकोप संभवतः समाप्त हो चुका है। हालांकि, दो दिन की अस्थायी बंदी के दौरान व्यापक स्तर पर साफ-सफाई और कीटाणुशोधन किया जा रहा है। पहले पक्षी की मौत के बाद ही संबंधित क्षेत्र को घेरकर अलग कर दिया गया था। चिड़ियाघर प्रशासन ने शेष पशु-पक्षियों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए जैव सुरक्षा उपाय भी तेज कर दिए हैं।
भारत-न्यूजीलैंड सीरीज में 'Sonic' टेक्नोलॉजी, पकड़ेगी बल्ले का किनारा
भारत और न्यूजीलैंड के बीच आगामी क्रिकेट सीरीज में नई एज-डिटेक्शन टेक्नोलॉजी 'Sonic' का इस्तेमाल किया जाएगा. यह तकनीक आवाज का विश्लेषण कर गेंद और बल्ले के बीच संभावित संपर्क पहचानने में तीसरे अंपायर की मदद करेगी. ICC से चर्चा, परीक्षण और स्वतंत्र आकलन के बाद इसे मंजूरी मिली है.
जैसे आए हो, वैसे ही पाकिस्तान लौट जाओ; ट्रंप की धमकी लेकर पहुंचे मुनीर को ईरान ने किया बेइज्जत
मुनीर ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ के साथ भी उच्च-स्तरीय बातचीत की। बताया जाता है कि गालिबाफ ने मुनीर से कहा कि ईरान के पास कहने के लिए अब कुछ भी नया नहीं है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि अगले 30 साल तक आपका नंबर नहीं लगने वाला है. उन्होंने कहा कि मुझे मालूम है कि आप मेरी आवाज नहीं सुन सकते, आप विदेश में कहीं बैठे हैं.
'एक दम कृष्णा लागे छे'! राधिका अंबानी ने रीक्रिएट किया खास मोमेंट
राधिका अंबानी ने जामनगर में अपने बर्थडे सेलिब्रेशन पर 'एक दम कृष्णा लागे छे' वाला खास मोमेंट रीक्रिएट किया. राधिका ने 2024 में अन्न सेवाकार्यक्रम में एक बच्चे को देखकर गुजराती में ये शब्द कहे थे.
शीतल देवी का अचूक वार, विरोधी 4 पॉइंट आगे थी… फिर भी छीन लिया गोल्ड
शीतल देवी ने एशियन पैरा गेम्स में महिला कंपाउंड इंडिविजुअल फाइनल में सिंगापुर की अलीम नूर स्याहिदाह को 142-139 से हराकर लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीता. वह इस गेम्स में अब तक दो गोल्ड और एक सिल्वर समेत तीन मेडल जीत चुकी हैं.
बजट फ्रेंडली भारत की 7 खूबसूरत जगहें जो जेब पर नहीं पड़ेंगी भारी
घूमना-फिरना किसे पसंद नहीं होता है, लेकिन कई बार महंगे होटल्स, फ्लाइट्स और टूर पैकेज के खर्चे को देखकर लोग अपना इरादा बदल लेते हैं। अगर आप भी पैसों की कमी या महंगे बजट के डर से अपनी पसंदीदा ट्रिप टालते आ रहे हैं, तो अब आपको निराश होने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। भारत में कई ऐसी जादुई और खूबसूरत जगहें मौजूद हैं, जहां आप बेहद कम बजट में अपनी छुट्टियों का भरपूर आनंद उठा सकते हैं। गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस, एईओ (AEO), एसईओ (SEO), भौगोलिक ऑप्टिमाइजेशन और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (AI Search) के मानकों को पूरी तरह ध्यान में रखते हुए तैयार की गई इस विस्तृत रिपोर्ट में हम आपको भारत के उन 7 शानदार और पॉकेट-फ्रेंडली डेस्टिनेशंस के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपकी जेब पर बिल्कुल भी भारी नहीं पड़ेंगे और आपके सफर को यादगार बना देंगे।मैक्लोडगंज और धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश: कम खर्च में तिब्बती संस्कृति और पहाड़ों का अनोखा संगमहिमाचल प्रदेश की गोद में बसा मैक्लोडगंज और धर्मशाला बजट यात्रियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है। यहां की हसीन वादियां, देवदार के ऊंचे जंगल और बौद्ध संस्कृति का अनूठा प्रभाव पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है। यदि आप सोलो ट्रैवलर हैं या दोस्तों के साथ किसी किफायती ट्रिप की योजना बना रहे हैं, तो यह जगह आपके लिए एकदम परफेक्ट है। यहां आपको कम कीमत में अच्छे होमस्टे, हॉस्टल और स्थानीय ढाबों पर स्वादिष्ट तिब्बती भोजन जैसे थुकपा और मोमोज आसानी से मिल जाते हैं। दिल्ली या चंडीगढ़ से यहां के लिए सस्ती बसें चलती हैं, जिससे यात्रा का कुल खर्च बहुत कम हो जाता है। त्रिउंड ट्रेक (Triund Trek) का रोमांचक सफर यहां पूरी तरह से मुफ्त और प्रकृति के सबसे करीब ले जाने वाला अनुभव प्रदान करता है, जिसे आपको अपनी बकेट लिस्ट में जरूर शामिल करना चाहिए।ऋषिकेश और मुनिकीरेती, उत्तराखंड: आध्यात्मिक शांति और एडवेंचर का सबसे किफायती ठिकानाउत्तराखंड में गंगा नदी के तट पर बसा ऋषिकेश दुनिया भर में योग और आध्यात्म की राजधानी के रूप में प्रसिद्ध है, लेकिन यह बजट टूरिज्म का भी एक बहुत बड़ा केंद्र है। यहां रहने और खाने के विकल्प इतने सस्ते हैं कि एक आम छात्र या युवा भी आसानी से यहां कुछ दिन बिता सकता है। आश्रमों में रुकने की सुविधा या कम बजट वाले हॉस्टल आपको कुछ ही रुपयों में मिल जाते हैं। गंगा किनारे बैठकर समय बिताना, शाम की अलौकिक आरती देखना और लक्ष्मण झूला व राम झूला पर पैदल घूमना बिना किसी खर्च के मानसिक शांति देता है। यदि आप रिवर राफ्टिंग या क्लिफ जंपिंग जैसे एडवेंचर करना चाहते हैं, तो ग्रुप बुकिंग के जरिए यह भी काफी किफायती दरों पर मिल जाता है। दिल्ली से मात्र कुछ घंटों की दूरी पर स्थित होने के कारण यहां आने-जाने का खर्च भी बहुत कम आता है।पुष्कर, राजस्थान: संस्कृति, रेगिस्तान और कम खर्च में शाही अनुभव का बेहतरीन मेलराजस्थान का पुष्कर शहर अपनी अनूठी संस्कृति, पवित्र झील और दुनिया के एकमात्र ब्रह्मा मंदिर के लिए पूरी तरह से जाना जाता है। कम बजट में राजस्थानी संस्कृति का असली अनुभव लेने के लिए पुष्कर से बेहतर कोई और जगह नहीं हो सकती है। यहां आपको बजट फ्रेंडली होटल, शानदार रूफ-टॉप कैफे और सस्ते स्ट्रीट फूड आसानी से मिल जाते हैं। पुष्कर के घाटों पर बैठकर सूर्यास्त देखना और रेगिस्तान में कैमल सफारी का आनंद लेना पर्यटकों के बीच मुख्य आकर्षण का केंद्र रहता है। यहां की स्थानीय मार्केट से आप बहुत ही किफायती दामों पर पारंपरिक हस्तशिल्प और कपड़े खरीद सकते हैं। रंग-बिरंगे मेलों और धार्मिक आस्था का यह केंद्र आपकी जेब पर बिना किसी भारी दबाव के एक बेहतरीन और यादगार वेकेशन का वादा करता है।वाराणसी (काशी), उत्तर प्रदेश: प्राचीन भारत की संस्कृति और पॉकेट-फ्रेंडली गंगा घाटों की सैरउत्तर प्रदेश में स्थित वाराणसी दुनिया के सबसे प्राचीन जीवित शहरों में से एक है और यह भारत के सबसे सस्ते पर्यटन स्थलों में भी शुमार किया जाता है। गंगा के घाटों पर सुबह की मंत्रोच्चार वाली किरणें और शाम की भव्य गंगा आरती किसी भी यात्री का दिल जीत लेती है। यहां घाटों के किनारे घूमना, बनारस की प्रसिद्ध गलियों का दीदार करना और कचौड़ी-जलेबी का लुत्फ उठाना बेहद सस्ते दामों पर संभव है। ठहरने के लिए यहां कम बजट वाले गेस्ट हाउस और धर्मशालाएं प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। स्थानीय परिवहन के लिए ई-रिक्शा और ऑटो का खर्च भी बहुत मामूली होता है। सांस्कृतिक धरोहर और आध्यात्मिकता से ओत-प्रोत इस शहर की यात्रा आपके बजट को हिलाए बिना आपको एक समृद्ध अनुभव प्रदान करती है।गोकर्ण, कर्नाटक: गोवा से सस्ता और बीच लवर्स के लिए सबसे बेहतरीन बजट डेस्टिनेशनयदि आपको समुद्र के किनारे लहरों की आवाज सुनना पसंद है और आप गोवा जैसी जगह पर जाना चाहते हैं, लेकिन बजट कम है तो कर्नाटक का गोकर्ण आपके लिए एक शानदार विकल्प है। गोकर्ण के कुडले बीच, ओम बीच और पैराडाइज बीच अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध हैं, जहां गोवा की तरह अत्यधिक भीड़-भाड़ और महंगे रिजॉर्ट्स का झंझट नहीं होता है। यहां आपको समुद्र किनारे कम कीमत में कॉटेज, शेक्स और बजट हॉस्टल मिल जाते हैं। समुद्री भोजन (Seafood) के शौकीनों के लिए यहां स्थानीय ढाबों पर बहुत कम कीमत में स्वादिष्ट व्यंजन उपलब्ध होते हैं। शांति, सुकून और कम खर्च में एक बेहतरीन बीच वेकेशन बिताने के लिए गोकर्ण आज के युवाओं की पहली पसंद बनता जा रहा है।उदयपुर, राजस्थान: झीलों की नगरी में कम खर्च में शाही महलों का दीदारराजस्थान की खूबसूरत झीलों की नगरी उदयपुर को 'पूर्व का वेनिस' कहा जाता है और यह शहर अपनी खूबसूरती के साथ-साथ बजट यात्रा के लिए भी जाना जाता है। हालांकि यहां कई आलीशान और महंगे हेरिटेज होटल मौजूद हैं, लेकिन बैकपैकर्स और बजट पर्यटकों के लिए भी यहां विकल्पों की कोई कमी नहीं है। सिटी पैलेस के आसपास और पुरानी बसाहट वाले इलाकों में सस्ते गेस्ट हाउस और होटल आसानी से मिल जाते हैं। पिछोला और फतेह सागर झील के किनारे नाव की सवारी का आनंद आप तयशुदा और कम किराए में ले सकते हैं। कम पैसों में राजस्थान के इतिहास, वास्तुकला और शाही अंदाज का आनंद लेने के लिए उदयपुर आपकी ट्रैवल बकेट लिस्ट का एक अनिवार्य हिस्सा होना चाहिए।मैसूर, कर्नाटक: राजसी इतिहास, साफ-सुथरे रास्ते और बेहद किफायती कर्नाटक की संस्कृतिकर्नाटक राज्य में स्थित मैसूर अपने भव्य महलों, समृद्ध इतिहास और साफ-सुथरे परिवेश के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। मैसूर पैलेस की भव्यता देखने के बाद लोगों को लगता है कि यहां घूमना महंगा होगा, लेकिन वास्तव में यह शहर बहुत ही पॉकेट-फ्रेंडली है। यहां ठहरने के लिए सरकारी और निजी कम बजट के होटल बहुत आसानी से मिल जाते हैं। मैसूर का प्रसिद्ध मैसूर पैलेस, चामुंडी पहाड़ियां और वृंदावन गार्डन देखने के लिए प्रवेश शुल्क भी बहुत मामूली होता है। दक्षिण भारतीय संस्कृति, स्वादिष्ट मैसूर पाक और ऐतिहासिक धरोहरों का दीदार करने के लिए यह शहर बेहद कम खर्च में एक संपूर्ण पारिवारिक छुट्टी का बेहतरीन विकल्प पेश करता है।
एडवांस होंगी कारें... मिलेगी ज्यादा सेफ्टी! सरकार ने बदले नियम
Vehicle Safety Rules: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन जारी कर सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल, 1989 में व्हीकल सेफ्टी स्टैंडर्ड में बदलाव का प्रस्ताव रखा है. इस नए नियम के तहत अब वाहनों में कुछ सेफ्टी फीचर्स को अनिवार्य करने की तैयारी है. जो फेज़्ड मैनर में लागू होंगे.
दिल्ली से भी आगे निकला मुंबई का प्रदूषण? अधिकारियों पर भड़का HC- तुम चैन से कैसे सो सकते हो
मुंबई में बढ़ते प्रदूषण पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। अदालत ने कहा कि मुंबई का प्रदूषण दिल्ली से भी आगे निकलना हैरान करने वाला है। पुलिस और नागरिक निकायों को फटकार लगाते हुए हाईकोर्ट ने कई निर्देश दिए।
गुलमर्ग से किन्नौर तक इन 7 जगहों पर बनाएं घूमने का प्लान
अक्टूबर और नवंबर का महीना भारत में मौसम के लिहाज से बेहद सुहाना माना जाता है। इस दौरान देश के कई हिस्सों में हल्की ठंड शुरू हो जाती है, तो वहीं उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में सर्दियों की पहली बर्फबारी (First Snowfall) का दौर भी शुरू हो जाता है। अगर आप भी इस शरद ऋतु में पहाड़ों की रानी की सैर करने का मन बना रहे हैं और बर्फ की सफेद चादर से ढकी वादियों का दीदार करना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए एकदम सही गाइड है। गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस, एईओ (AEO), एसईओ (SEO) और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च के मानकों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई इस रिपोर्ट में हम आपको भारत की उन 7 चुनिंदा जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां अक्टूबर और नवंबर के महीनों में आपको बर्फबारी का अद्भुत नजारा देखने को मिल सकता है। तो आइए जानते हैं इन शानदार डेस्टिनेशंस के बारे में विस्तार से।1. गुलमर्ग, कश्मीर: धरती के इस स्वर्ग में अक्टूबर-नवंबर में लें बर्फ का मजाकश्मीर की वादियों में स्थित गुलमर्ग दुनिया भर में अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध है। जैसे ही अक्टूबर का महीना अपने अंतिम चरण में पहुंचता है या नवंबर की शुरुआत होती है, गुलमर्ग के ऊंचे पहाड़ों पर बर्फ की हल्की परत जमनी शुरू हो जाती है। यहां आने वाले सैलानी अक्सर इस मौसम में पहली बर्फबारी का गवाह बनने के लिए उत्सुक रहते हैं। गुलमर्ग का गोंडोला राइड (Gondola Ride) इस दौरान पर्यटकों के बीच मुख्य आकर्षण का केंद्र होता है, जहां से बर्फ से ढके पहाड़ों का विहंगम दृश्य साफ दिखाई देता है। यदि आप अक्टूबर या नवंबर के दौरान शांत वातावरण और बर्फीले पहाड़ों का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो गुलमर्ग आपकी यात्रा की सूची में सबसे ऊपर होना चाहिए। ठंडी हवाओं के बीच यहां का सफर आपकी जिंदगी के सबसे हसीन पलों में से एक साबित होगा।2. किन्नौर और स्पीति घाटी, हिमाचल प्रदेश: सर्द हवाओं और बर्फीली चोटियों का अद्भुत संगमहिमाचल प्रदेश का किन्नौर और लाहुल-स्पीति जिला अपनी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और बेजोड़ सुंदरता के लिए जाना जाता है। अक्टूबर और नवंबर के महीनों में इन क्षेत्रों का तापमान तेजी से गिरता है और यहां के स्थानीय दरों तथा ऊंची चोटियों पर बर्फबारी शुरू हो जाती है। कल्पा, सांगला और नाको जैसी जगहों पर इस दौरान सुबह और शाम के वक्त हल्की बर्फ की चादर देखने को मिल जाती है। स्पीति वैली का मौसम इस समय काफी रोमांचक हो जाता है, हालांकि यहां जाने से पहले सड़कों की स्थिति की जानकारी जरूर ले लेनी चाहिए। फोटोग्राफी के शौकीनों और एडवेंचर प्रेमियों के लिए यह समय किन्नौर और स्पीति की यात्रा करने का सबसे बेहतरीन मौका माना जाता है, जहां आपको भीड़-भाड़ से दूर एकांत और सुकून भरा माहौल मिलता है।3. लेह-लद्दाख: सर्दियों की शुरुआत में बर्फीले रेगिस्तान का अनोखा और जादुई अनुभवलद्दाख को हमेशा से एक थ्रिलिंग डेस्टिनेशन माना जाता है, लेकिन अक्टूबर और नवंबर के महीनों में इस ठंडे रेगिस्तान का मिजाज पूरी तरह बदल जाता है। इस दौरान यहां के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाती है और खारदुंग ला, चांग ला जैसे ऊंचे पर्वतीय दरों पर बर्फबारी आम बात हो जाती है। पैंगोंग त्सो और त्समोरिरी झील के आसपास का नजारा इस समय किसी परी कथा जैसा प्रतीत होता है। हालांकि इस दौरान अत्यधिक ठंड और ऑक्सीजन की कमी के कारण पर्यटकों को विशेष सावधानियां बरतनी पड़ती है, लेकिन जो लोग रोमांच के शौकीन हैं, उनके लिए यह समय लद्दाख की असली खूबसूरती देखने का सबसे सही अवसर होता है। यहां की बर्फीली वादियां और नीला आसमान हर किसी का मन मोह लेते हैं।4. औली, उत्तराखंड: स्कीइंग प्रेमियों के लिए अक्टूबर-नवंबर में तैयार होती है जन्नतउत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित औली भारत की स्कीइंग राजधानी के रूप में जानी जाती है। सामान्य तौर पर यहां दिसंबर और जनवरी के दौरान भारी बर्फबारी होती है, लेकिन जलवायु परिवर्तन और ऊंचाई के प्रभाव के कारण अक्टूबर के आखिर और नवंबर के मध्य में भी यहां ऊंची चोटियों पर बर्फ के फाहे गिरने शुरू हो जाते हैं। नंदा देवी और कामेट जैसी विशाल पर्वत श्रृंखलाओं की तलहटी में बसा औली पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां का आर्टिफिशियल लेक और रॉक क्लाइंबिंग के विकल्प पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। अगर आप नवंबर के महीने में भीड़-भाड़ से दूर औली की यात्रा करते हैं, तो आपको यहां प्रकृति की बेहद शांत और मनमोहक छटा देखने को मिलेगी, जो आपके सफर को यादगार बना देगी।5. मनाली और रोहतांग पास: मनाली की वादियों में बर्फबारी का पहला अहसासहिमाचल प्रदेश का मनाली पर्यटकों के बीच हमेशा से ही पहली पसंद रहा है। अक्टूबर और नवंबर के महीनों में मनाली के मुख्य शहर में तो सुहागानी ठंड होती है, लेकिन जैसे ही आप अटल टनल पार करके लाहुल घाटी या रोहतांग पास (Rohtang Pass) की तरफ बढ़ते हैं, आपको बर्फ के बड़े-बड़े ढेर और गिरती हुई बर्फ देखने को मिल सकती है। नवंबर के शुरुआती हफ्तों में रोहतांग पास और सिस्सू के आसपास का क्षेत्र पूरी तरह से सफेद नजर आने लगता है। हनीमून मनाने वाले जोड़ों और फैमिली टूरिस्ट्स के लिए यह समय मनाली घूमने के लिए एकदम मुफीद माना जाता है। यहां के स्थानीय बाजारों की गर्मागर्म कॉफी और बर्फीले पहाड़ों की सैर आपके वेकेशन को परवान चढ़ा देगी।6. सोनमर्ग और पहलगाम, कश्मीर: कश्मीर के इन खूबसूरत कोनों में नवंबर की ठंडकगुलमर्ग के अलावा कश्मीर के सोनमर्ग और पहलगाम भी अक्टूबर-नवंबर में बर्फबारी के दीदार के लिए बेहतरीन जगहें हैं। सोनमर्ग का शाब्दिक अर्थ 'सोने का मैदान' है, जो सर्दियों की शुरुआत में बर्फ की सफेद चादर से ढक जाता है। थजवास ग्लेशियर (Thajwas Glacier) के पास इस दौरान काफी ठंड बढ़ जाती है और हल्की बर्फबारी पर्यटकों का स्वागत करती है। वहीं, पहलगाम की बैसारन घाटी और लिद्दर नदी के किनारे का माहौल इस समय बेहद रोमांटिक और शांत हो जाता है। अगर आप प्रकृति के बीच कुछ सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं और बर्फ के दीदार की इच्छा रखते हैं, तो कश्मीर के इन दोनों खूबसूरत पर्यटक स्थलों का प्लान जरूर बनाएं।7. मुनस्यारी, उत्तराखंड: कुमाऊं की गोद में बसा 'छोटा कश्मीर' जहां होती है पहली बर्फउत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित मुनस्यारी को 'छोटा कश्मीर' के नाम से भी जाना जाता है। जो लोग उत्तराखंड की ऑफबीट जगहों की तलाश में रहते हैं, उनके लिए मुनस्यारी अक्टूबर और नवंबर में घूमने के लिए एक बेहतरीन विकल्प है। यहां से पंचचूली की पांचों बर्फीली चोटियां बेहद करीब और साफ नजर आती हैं। नवंबर के महीने में मुनस्यारी और उसके आसपास के उंचाई वाले इलाकों में अक्सर सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की जाती है। यहां का स्थानीय जनजीवन, पारंपरिक खान-पान और हिमालय की प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को अपनी ओर खींचती है। यदि आप किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं जहां कम भीड़ हो और बर्फबारी का असली आनंद मिल सके, तो मुनस्यारी की यात्रा अवश्य करें।
स्वाति चौधरी ने एशियन पैरा गेम्स में जीता सिल्वर, सीएम योगी बोले- हम सभी को गर्व
उत्तर प्रदेश में खेलों को नई पहचान देने और युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार कई कदम उठा रही है. खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं, आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी के अवसर देने पर जोर दिया जा रहा है.
मालेगांव: विसर्जन जुलूस पर पथराव, तनाव के बीच 4 बजे हुई रस्में
मालेगांव में घर दुर्गा विसर्जन पर निकले जुलूस पर पथराव का मामला सामने आया है. एक घर पर कथित तौर पर रंग गिरने के बाद से जुलूस पर पथराव हुआ और दो पक्ष आमने-सामने आ गए. मौके पर पहुंच कर पुलिस ने हालात पर काबू पाया. फिलहाल मामले की जांच जारी है.
छत्तीसगढ़ में आरएसएस की बड़ी तैयारी, दो हिस्सों में बंट सकती है प्रांतीय इकाई
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का छत्तीसगढ़ दौरा राज्य की राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में सबसे बड़ा चर्चा का विषय बन गया है। दो दिवसीय महत्वपूर्ण प्रवास पर बिलासपुर पहुंचे संघ प्रमुख के इस दौरे को केवल एक सामान्य संगठनात्मक समीक्षा बैठक नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसके पीछे संघ के ढांचे में होने वाले एक ऐतिहासिक और दूरगामी बदलाव की रूपरेखा तैयार की जा रही है। सूत्रों से मिल रही पुख्ता जानकारियों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में संघ की प्रांतीय इकाई को दो हिस्सों में विभाजित करने पर गंभीर मंथन चल रहा है। भौगोलिक विस्तार, प्रशासनिक सुगमता और दूरदराज के आदिवासी अंचलों तक संघ की पकड़ को और अधिक मजबूत करने के लिए यह निर्णय लिया जा सकता है। आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च, गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस और एईओ (AEO) मानकों को ध्यान में रखते हुए इस पूरी खबर का विस्तृत विश्लेषण यहां प्रस्तुत है।छत्तीसगढ़ में संघ के ढांचे का विकेंद्रीकरण और दो हिस्सों में बटने की तैयारीछत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पूरी सांगठनिक गतिविधियों का संचालन एक एकीकृत प्रांतीय इकाई के रूप में किया जाता रहा है। पूरे प्रदेश की कमान एक ही प्रांत प्रमुख और प्रांतीय टोली के हाथों में होती है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में राज्य के भौगोलिक विस्तार और जिलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह महसूस किया जाने लगा था कि सिंगल यूनिट के जरिए हर कोने पर सूक्ष्म निगरानी रख पाना चुनौतीपूर्ण हो रहा है। इसी जमीनी वास्तविकता और भौगोलिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए अब छत्तीसगढ़ प्रांत को दो अलग-अलग सांगठनिक हिस्सों में बांटे जाने का प्रस्ताव अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस संभावित विभाजन के तहत एक हिस्से में बिलासपुर और सरगुजा संभाग को शामिल किए जाने की योजना है, जबकि दूसरे हिस्से में रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के क्षेत्र आ सकते हैं। इस तरह के बड़े प्रशासनिक और सांगठनिक फेरबदल से संघ के कार्यों में न सिर्फ गति आएगी, बल्कि हर संभाग की स्थानीय समस्याओं और जरूरतों के हिसाब से रणनीतियां भी तेजी से बनाई जा सकेंगी।बिलासपुर दौरे पर पहुंचे मोहन भागवत, बैठकों और मंथन का दौर शुरूआरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत अपने निर्धारित दो दिवसीय प्रवास के तहत बिलासपुर पहुंच चुके हैं। बिलासपुर के कोनी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में उनके ठहरने और बैठकों का दौर आयोजित किया गया है। संघ प्रमुख के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य शताब्दी वर्ष के तहत तय किए गए कार्यक्रमों की समीक्षा करना और संगठन के आगामी विस्तार का खाका खींचना है। दौरे के पहले दिन उन्होंने एक विशेष बौद्धिक वर्ग को संबोधित किया, जिसमें संघ के चुनिंदा कार्यकर्ताओं के अलावा विभिन्न वैचारिक पृष्ठभूमि के लोग और पदाधिकारी शामिल हुए। इस बौद्धिक सत्र के दौरान देश के वर्तमान सामाजिक परिवेश, युवाओं की भूमिका और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। संघ प्रमुख के इस प्रवास के दौरान सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है।प्रांत प्रमुख के पद में बदलाव और नए नेतृत्व को मिलने वाली कमानसंगठन के जानकारों का मानना है कि यदि छत्तीसगढ़ प्रांत को दो हिस्सों में विभाजित किया जाता है, तो सांगठनिक पद और व्यवस्थाओं में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। वर्तमान में जो प्रांतीय इकाई और प्रांत प्रमुख का स्वरूप है, उसमें संशोधन किया जा सकता है। दो अलग-अलग प्रांत बनाए जाने की स्थिति में दो अलग प्रांत प्रचारक और नई प्रांतीय टोलियों का गठन किया जाएगा। इससे न केवल शीर्ष नेतृत्व का बोझ कम होगा बल्कि स्थानीय स्तर के कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने और नेतृत्व संभालने के अधिक अवसर मिलेंगे। इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य रायपुर जैसे महानगरों से हटकर क्षेत्रीय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज करना है। मोहन भागवत अपने इस प्रवास के दौरान प्रांतीय कार्यकारिणी और विभाग स्तर के प्रमुखों के साथ अलग-अलग दौर की बैठकों में इस प्रस्ताव के नफा-नुकसान और इसे जमीनी स्तर पर लागू करने की रूपरेखा पर सीधी चर्चा कर रहे हैं।बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचलों में शाखाओं के विस्तार पर विशेष जोरछत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों की तुलना में बस्तर और सरगुजा जैसे वनांचल तथा आदिवासी बहुल क्षेत्रों में संघ की शाखाओं का घनत्व अपेक्षाकृत कम रहा है। भौगोलिक दूरियां और कठिन परिस्थितियां इसके प्रमुख कारण रहे हैं। संघ नेतृत्व लंबे समय से यह महसूस कर रहा है कि इन दूरस्थ अंचलों में आदिवासियों के बीच अपनी पैठ को और अधिक गहरा किया जाए। प्रांतीय इकाई के विभाजन के पीछे बस्तर और सरगुजा संभाग पर विशेष फोकस करना भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है। जब इन क्षेत्रों के लिए एक स्वतंत्र सांगठनिक इकाई या प्रशासनिक केंद्र होगा, तो वहां नियमित रूप से शाखाओं के संचालन, सामाजिक समरसता के कार्यों और जन-कल्याणकारी अभियानों को तीव्र गति दी जा सकेगी। संघ का यह प्रयास जनजातीय समाज के बीच अपनी वैचारिक उपस्थिति को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।Gen-Z और युवा पीढ़ी को जोड़ने के लिए बनाई जा रही है नई रणनीतिबदलते दौर और आधुनिक युग की तासीर को देखते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अब युवाओं, विशेषकर Gen-Z पीढ़ी को अपने साथ जोड़ने के लिए विशेष रणनीतिक बदलाव कर रहा है। देश और दुनिया में हालिया युवाओं के आंदोलनों और सामाजिक बदलावों को ध्यान में रखते हुए संघ ने अब 40 वर्ष से कम उम्र के युवाओं को संगठन की मुख्यधारा से जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। मोहन भागवत के छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान इस विषय पर भी विस्तृत मंथन किया जा रहा है कि किस प्रकार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) जैसे आनुषंगिक संगठनों के समन्वय से युवाओं को अधिक से अधिक संख्या में जोड़ा जाए। युवाओं को केवल पारंपरिक शाखाओं तक सीमित न रखकर उन्हें समसामयिक मुद्दों, राष्ट्र निर्माण के अभियानों और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के जरिए जोड़ने के तौर-तरीकों पर विचार किया जा रहा है।शताब्दी वर्ष के कार्यों की समीक्षा और आगामी कार्ययोजना का निर्धारणराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वर्तमान में अपने स्थापना के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों को लेकर देशव्यापी अभियानों में जुटा हुआ है। छत्तीसगढ़ में भी घर-घर संपर्क अभियान, भारत माता के चित्रों का वितरण और संघ के परिचय से जुड़ी पत्रक सामग्री को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य बड़े पैमाने पर किया गया है। बिलासपुर में आयोजित बैठकों के दौरान इन तमाम अभियानों की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जा रही है। प्रांत, विभाग और विभिन्न योजना प्रमुख अपनी-अपनी रिपोर्ट संघ प्रमुख के समक्ष रख रहे हैं। इन रिपोर्ट्स की समीक्षा के बाद आगामी महीनों के लिए छत्तीसगढ़ में संघ के कार्यक्रमों की नई रूपरेखा तय की जाएगी। संघ प्रमुख का यह दौरा आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की राजनीतिक और सामाजिक पृष्ठभूमि में बड़े बदलावों का संकेत दे रहा है, जिसके दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
200 टन वजनी 'रिएक्टर' लेकर 308 पहियों वाला ट्रक पहुंचा लखीमपुर
लखीमपुर खीरी जिले के कुंभी में देश का पहला और अनूठा पीएलए बायोप्लास्टिक प्लांट स्थापित होने जा रहा है. इसके लिए बेल्जियम से मंगाई गई 200 टन वजनी साइक्लाइजेशन रिएक्टर मशीन 308 पहियों वाले विशालकाय ट्रक के जरिए लखीमपुर पहुंच गई है, जिससे गन्ने से पर्यावरण-अनुकूल बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक का उत्पादन होगा.
टॉयलेट जैसी सीट, कमोड में खाना और यूरिनल में ड्रिंक! वायरल हो रहा ये कैफे
ताइवान का एक कैफे अपने अजीबोगरीब अंदाज की वजह से चर्चा में है. यहां टॉयलेट सीट जैसी कुर्सियों पर बैठने से लेकर टॉयलेट के आकार वाले बर्तनों में खाना परोसने तक, हर चीज की थीम अलग है. भारतीय कंटेंट क्रिएटर आकांक्षा मोंगा ने भी इस कैफे का अनुभव शेयर किया.
Jantar Mantar पर Protest Ban के खिलाफ INDIA Bloc का मोर्चा, D Raja बोले- हम लड़ेंगे
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव डी. राजा ने 22 अक्टूबर को कहा कि 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन जंतर-मंतर को आधिकारिक विरोध स्थल के रूप में हटाए जाने का विरोध करेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोगों के पास अपनी असहमति जताने के लिए एक तय जगह होनी चाहिए। 'इंडिया' गठबंधन की एक बैठक के बाद बोलते हुए, राजा ने कहा कि हमने 'इंडिया' गठबंधन की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की और तय किया कि हमें सरकार को जंतर-मंतर को विरोध स्थल के रूप में खत्म नहीं करने देना चाहिए। अगर ऐसा होता है, तो लोग अपनी असहमति या विरोध कहाँ जताएंगे? इसलिए, हमें लोगों के विरोध-प्रदर्शन और गतिविधियों के लिए जंतर-मंतर को वापस बहाल कराने के लिए लड़ना होगा। इसे भी पढ़ें: CJP के Gen Z आंदोलन को Dilip Ghosh ने बताया बड़ा घोटाला, दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी राजा ने कहा कि 'इंडिया' गठबंधन का यही रुख है। मुझे नहीं पता कि CJP ने लिखित में क्या दिया है या क्या वादा किया है। मुझे जानकारी नहीं है। हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा। दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों के लिए जंतर-मंतर को 12 अक्टूबर को इस उद्देश्य से हटा दिया गया (यानी अब वहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं है)। दिल्ली पुलिस ने ऐसी गतिविधियों के लिए कुछ अन्य जगहें तय की हैं: रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली में सीबीडी (CBD) मैदान। 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के नेताओं ने कथित अनियमितताओं के खिलाफ एक संयुक्त कार्य योजना की घोषणा की है। इसमें 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान के तहत विरोध-प्रदर्शन, चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च और 1 नवंबर को नई दिल्ली में एक रैली करना शामिल है। इस बीच, भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव ने चुनावी अनियमितताओं के आरोपों और विरोध-प्रदर्शन की योजनाओं को लेकर कांग्रेस और 'इंडिया' गठबंधन की आलोचना की। शाहदेव ने कांग्रेस पर चुनावी नतीजों को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को चुनौती दी कि अगर वे सच में मानते हैं कि भाजपा ने चुराए गए वोटों से चुनाव जीता है, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। इसे भी पढ़ें: Tihar Jail से रिहा हुए कॉजपा नेता सौरव दास और आशुतोष रांका, कोर्ट में दिया शांति बनाए रखने का हलफनामा उन्होंने कहा कि आप बैठकें कर सकते हैं, लेकिन दोहरा मापदंड अपनाना ठीक नहीं है। कांग्रेस के पास 98-99 सांसद हैं; अगर आप यह दावा करते हैं कि हम (भाजपा) ‘चुराए गए वोटों’ से जीते हैं, तो आपको इस्तीफा दे देना चाहिए। शाहदेव ने विपक्ष के रुख को सुविधा की राजनीति करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव नतीजों को तभी स्वीकार करती है जब वह जीतती है, लेकिन जब भाजपा सफल होती है, तो वह चुनाव प्रक्रिया पर ही सवाल उठाने लगती है।
शादी के लिए मंदिर में चोरी, महिला की सोने की चेन छीनकर भागा कपल
हैदराबाद के वनस्थलीपुरम स्थित श्री राजराजेश्वरी मंदिर में एक जोड़े ने कथित तौर पर 60 साल की महिला का मुंह दबाकर करीब तीन तोले की सोने की चेन छीन ली. पुलिस के मुताबिक, शादी के लिए पैसों की कमी से जूझ रहे दोनों आरोपियों को सीसीटीवी फुटेज और दूसरे सुरागों की मदद से दो दिन बाद पकड़ लिया गया.
साड़ी पहनकर AK-47 से ताबड़तोड़ हवाई फायर करना IPS अंकिता शर्मा को पड़ा भारी
देश भर में अपनी तेज-तर्रार कार्यशैली, नक्सल विरोधी अभियानों और सिंघम जैसी छवि के लिए मशहूर चर्चित आईपीएस अधिकारी अंकिता शर्मा इन दिनों एक अजीब और गंभीर विवाद के घेरे में आ गई हैं। सोशल मीडिया पर उनका एक ऐसा वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह पारंपरिक साड़ी पहने हुए नजर आ रही हैं और उनके हाथ में एके-47 जैसी घातक और अत्याधुनिक असॉल्ट राइफल दिखाई दे रही है। इस राइफल से वह हवा में ताबड़तोड़ हवाई फायरिंग करती हुई नजर आ रही हैं। एक जिम्मेदार वर्दीधारी आईपीएस अधिकारी द्वारा इस तरह सरेआम हथियार लहराने और फायरिंग करने के वीडियो ने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। आम जनता से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक के बीच यह सवाल उठने लगा है कि क्या कानून के रखवाले ही इस तरह खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाएंगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब छत्तीसगढ़ सरकार ने भी इसका कड़ा संज्ञान लिया है और उच्च स्तरीय जांच के संकेत दिए हैं।सोशल मीडिया पर वायरल हुआ विवादित वीडियो और मचा बवालजानकारी के मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आईपीएस अंकिता शर्मा का यह वीडियो आग की तरह फैल चुका है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किसी निजी या उत्सव के माहौल जैसे हालात में अधिकारी महोदय पारंपरिक परिधान यानी साड़ी पहने हुए हैं, लेकिन उनके हाथ में कोई आम चीज नहीं बल्कि सेना और पुलिस बलों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली बेहद खतरनाक ए-47 राइफल है। वीडियो में वह राइफल को थामकर हवा में गोलियां दागती नजर आ रही हैं। जैसे ही यह क्लिप इंटरनेट पर आई, इसने तूल पकड़ लिया। लोगों का एक वर्ग जहां इसे मनोरंजन और उत्साह का नाम दे रहा है, वहीं कानून के जानकारों और आम नागरिकों का कहना है कि एक आईपीएस अधिकारी से इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना आचरण की बिल्कुल उम्मीद नहीं की जाती है। सर्विस आर्म्स या पुलिस के हथियारों का इस तरह प्रदर्शन करना और बिना किसी आधिकारिक ड्यूटी के इस प्रकार का जश्न मनाना शस्त्र अधिनियम और सेवा आचरण नियमों (Service Conduct Rules) का खुला उल्लंघन माना जा रहा है।छत्तीसगढ़ सरकार और गृह विभाग ने लिया कड़ा संज्ञानमामले के तूल पकड़ने और सोशल मीडिया पर चौतरफा आलोचना होने के बाद छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार और गृह विभाग हरकत में आ गया है। सूत्रों से मिली खबर के अनुसार, शासन स्तर पर इस पूरे प्रकरण की गंभीरता से समीक्षा की जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई है कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस तरह के आचरण से विभाग की छवि को धूमिल कर रहा है। शुरुआती रिपोर्ट्स के आधार पर पुलिस मुख्यालय से इस मामले में पूरी रिपोर्ट तलब कर ली गई है। प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि जल्द ही अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई या कारण बताओ नोटिस जारी किया जा सकता है। सरकार का यह सख्त रुख यह संदेश देने के लिए काफी है कि वर्दी की गरिमा और अनुशासन से खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह पद पर बैठा कोई अधिकारी ही क्यों न हो।एक महिला आईपीएस अधिकारी के रूप में अंकिता शर्मा का अब तक का सफरगौरतलब है कि छत्तीसगढ़ कैडर की 2018 बैच की आईपीएस अधिकारी अंकिता शर्मा अपनी शुरुआती सफलताओं और बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनाती के कारण हमेशा से सुर्खियों में रही हैं। छत्तीसगढ़ की पहली महिला आईपीएस अधिकारी के रूप में उन्होंने कई चुनौतीपूर्ण मोर्चों पर अपनी बहादुरी का लोहा मनवाया है और युवाओं, खासकर महिलाओं के बीच प्रेरणा का स्रोत रही हैं। नक्सल ऑपरेशन में उनकी सक्रियता और जनसंपर्क अभियानों की वजह से उन्हें एक दबंग और जनहितैषी अधिकारी की पहचान मिली थी। यही कारण है कि उनके इस ताजा कारनामे से उनके चाहने वाले और आम लोग भी काफी हैरान और निराश हैं। लोगों का मानना है कि जब एक मार्गदर्शक अधिकारी ही कानून के दायरे से बाहर जाकर इस तरह का प्रदर्शन करेगा, तो आम जनता को क्या संदेश जाएगा।पुलिस नियमावली और आचरण नियमों पर उठ रहे बड़े सवालइस पूरी घटना ने देश भर में पुलिस सेवा के आचरण नियमों और हथियारों के इस्तेमाल की नीति पर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है। पुलिस मैनुअल के अनुसार, विभाग द्वारा दिए गए या किसी भी प्रकार के घातक हथियारों का प्रयोग केवल और केवल आधिकारिक ड्यूटी, आत्मरक्षा या तयशुदा कानून-व्यवस्था की स्थिति में ही किया जा सकता है। किसी भी उत्सव, पार्टी या व्यक्तिगत मौकों पर हथियारों का इस तरह प्रदर्शन करना और फायरिंग करना कानूनी रूप से पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि कोई आम नागरिक ऐसा करता है तो उसके खिलाफ तुरंत आर्म्स एक्ट के तहत गंभीर मुकदमे दर्ज किए जाते हैं, ऐसे में एक आईपीएस अधिकारी पर इस नियम का उल्लंघन होना और भी ज्यादा गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि छत्तीसगढ़ सरकार और पुलिस महकमा इस मामले में क्या अंतिम और निर्णायक कार्रवाई करता है, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।
PM आवास के पास 100 साल पुरानी मस्जिद को खाली करने का नोटिस
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित रेस कोर्स मस्जिद को छह दिन में खाली करने का नोटिस दिया गया है. एनडीएमसी के अनुसार, मस्जिद और आसपास की कई संपत्तियों की पानी-बिजली आपूर्ति रोक दी गई है.
होटल स्टाफ से छेड़छाड़ और जबरदस्ती करने के आरोप
अंतरराष्ट्रीय खेल जगत से इस वक्त की बेहद शर्मनाक और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जिसने देश का सिर शर्म से झुका दिया है। महाद्वीपीय खेलों के सबसे बड़े मंच यानी एशियन पैरा गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व करने गए एक भारतीय पैरा एथलीट को अनुशासनहीनता और गंभीर आपराधिक आरोपों के चलते बीच प्रतियोगिता से ही वापस भारत डिपोर्ट कर दिया गया है। आरोप है कि इस खिलाड़ी ने होटल के एक स्टाफ मेंबर के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ और जबरदस्ती करने की घिनौनी हरकत की है, जिसके बाद खेल गांव और आयोजन समिति में हड़कंप मच गया। आइए जानते हैं कि इस सनसनीखेज मामले में अब तक क्या-क्या खुलासे हुए हैं और भारतीय दल के अधिकारियों ने इस पर क्या सख्त कदम उठाए हैं।होटल स्टाफ से छेड़छाड़ और बदसलूकी का गंभीर मामलामिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना उस होटल की है जहां खेलों में हिस्सा लेने आए विभिन्न देशों के एथलीट और ऑफिशियल ठहरे हुए थे। भारतीय पैरा एथलीट पर आरोप है कि उसने होटल के रूम सर्विस या काउंटर पर तैनात एक स्थानीय स्टाफ कर्मी के साथ अभद्रता की और जबरदस्ती करने का प्रयास किया। घटना के तुरंत बाद पीड़ित स्टाफ ने होटल प्रबंधन के सामने अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला तेजी से तूल पकड़ गया। स्थानीय पुलिस और आयोजन समिति के सुरक्षा अधिकारियों ने जब मामले की गंभीरता को देखते हुए सीसीटीवी फुटेज और अन्य प्राथमिक साक्ष्यों की जांच की, तो शुरुआती तौर पर आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। खेल के मैदान पर जहां देश का नाम रोशन करने की जिम्मेदारी इन खिलाड़ियों के कंधों पर होती है, वहीं इस तरह की शर्मनाक हरकत ने पूरे भारतीय दल को कटघरे में खड़ा कर दिया है।भारतीय पैरालिंपिक समिति (PCI) और दल के अधिकारियों की त्वरित कार्रवाईजैसे ही इस गंभीर घटना की भनक भारतीय दल के मुख्य शेफ (Chef de Mission) और प्रशासनिक अधिकारियों को लगी, उन्होंने बिना एक पल गंवाए बेहद कड़ा रुख अपनाया। खेल अनुशासन और देश की प्रतिष्ठा को सर्वोपरि रखते हुए भारतीय पैरालिंपिक समिति (PCI) ने फौरन एक आपातकालीन बैठक बुलाई और आरोपी एथलीट को तुरंत प्रभाव से एशियन पैरा गेम्स के दल से निलंबित कर दिया। अधिकारियों ने बिना कोई वक्त गंवाए स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से उस एथलीट का विमान का टिकट बुक कराया और उसे तुरंत भारत वापस भेज दिया। खेल अधिकारियों का साफ कहना है कि अनुशासनहीनता और इस तरह के आपराधिक कृत्य के लिए भारतीय दल में किसी भी स्तर पर कोई गुंजाइश नहीं दी जाएगी, चाहे वह खिलाड़ी कितना भी पदक जीतने का दावेदार क्यों न हो।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को लगा गहरा धक्काइस तरह की घटनाएं न केवल उस व्यक्तिगत खिलाड़ी के करियर को बर्बाद करती हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर पूरे देश की छवि को भी गंभीर नुकसान पहुंचाती हैं। एशियन पैरा गेम्स जैसे प्रतिष्ठित बहु-खेल आयोजन में दुनिया भर के हजारों एथलीट, कोच और मीडियाकर्मी मौजूद होते हैं, जहां हर देश का प्रतिनिधित्व करने वाला खिलाड़ी अपने देश का राजदूत माना जाता है। ऐसे में एक जिम्मेदार पद या खिलाड़ी की हैसियत से इस तरह का गैर-जिम्मेदाराना और आपराधिक व्यवहार बेहद निंदनीय है। खेल प्रेमियों और जानकारों का मानना है कि इस मामले की जांच केवल यहीं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि भारत लौटने पर भी इस एथलीट के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी खिलाड़ी इस तरह की ओछी हरकत करने की हिम्मत न जुटा सके।खेल मंत्रालय और महासंघ की भविष्य की कड़ी गाइडलाइंसइस शर्मनाक घटना के सामने आने के बाद अब देश के खेल मंत्रालय और विभिन्न खेल महासंघों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं कि आखिर विदेश जाने वाले खिलाड़ियों की मानसिक स्थिति और आचरण की निगरानी के लिए किस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाते हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि इस घटना के बाद खेल मंत्रालय विदेशों में होने वाले आगामी टूर्नामेंट्स के लिए सुरक्षा, आचार संहिता (Code of Conduct) और अनुशासन के नियमों को और अधिक कड़ा करेगा। हर खिलाड़ी को रवाना करने से पहले उसके नैतिक दायित्वों और विदेशी धरती पर देश के कानूनों और नियमों का पालन करने की सख्त ताकीद दी जाएगी। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण ने भारतीय खेल जगत में एक भूचाल ला दिया है और हर तरफ इसी बात की चर्चा हो रही है कि कैसे एक नासमझ खिलाड़ी की हरकत ने देश की वर्षों की मेहनत से बनी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई है।
Gen Z को करना है इम्प्रैस, तो तुरंत सीख लें ये नए शब्द
जेन जी की बातचीत में पूकी, इक और कुक्ड जैसे शब्दों का यूज बहुत कॉमन हैं. सोशल मीडिया से लेकर फ्रेंड्स बीच होने वाली बातचीत तक, ये स्लैंग अक्सर सुनने को मिलते हैं. अगर आपको भी जेन जी की भाषा समझनी है, तो इन शब्दों के मतलब जान लीजिए.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को गौतम गंभीर ने दी जन्मदिन की बधाई
देश की राजनीति के गलियारों और खेल जगत से लेकर सोशल मीडिया तक इस समय एक खास अवसर पर बधाई देने का सिलसिला तेजी से चल रहा है। देश के यशस्वी और मजबूत इच्छाशक्ति वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जन्मदिन है, और इस खास मौके पर देश भर से दिग्गजों, नेताओं और खेल हस्तियों द्वारा शुभकामनाएं भेजने का दौर जारी है। इसी कड़ी में देश के जाने-माने क्रिकेट दिग्गज और राजनीतिज्ञ गौतम गंभीर ने भी आगे आकर गृह मंत्री को दिल से जन्मदिन की बधाई दी है। गौतम गंभीर के इस शुभकामना संदेश ने इंटरनेट पर आते ही तूल पकड़ लिया है और उनके द्वारा कहे गए शब्दों की चर्चा हर तरफ हो रही है, जिसमें उन्होंने अमित शाह के नेतृत्व और देश के प्रति उनके अटूट समर्पण की खुलकर सराहना की है।गौतम गंभीर ने सोशल मीडिया पर साझा की अपनी भावनाएंकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जन्मदिन के पावन अवसर पर गौतम गंभीर ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए एक बेहद खास और प्रेरणादायक संदेश साझा किया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि देश के गृह मंत्री अमित शाह का अटूट इरादा, उनकी दूरदर्शिता और राष्ट्र निर्माण के प्रति उनका समर्पण हम सभी देशवासियों के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा का स्रोत है। गंभीर ने उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए कहा कि उनका मजबूत प्रशासनिक नेतृत्व देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का काम कर रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस संदेश को बहुत ही सकारात्मक रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि गौतम गंभीर पहले भी कई मौकों पर अमित शाह की कार्यशैली और प्रशासनिक फैसलों की तारीफ खुलकर करते आए हैं।देश की सुरक्षा और आंतरिक मामलों में अमित शाह का ऐतिहासिक योगदानजब भी देश की आंतरिक सुरक्षा, सीमाओं की मजबूती और बड़े ऐतिहासिक फैसलों की बात आती है, तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। पिछले कुछ वर्षों में देश के गृह मंत्रालय ने ऐसे कई बड़े और कड़े फैसले लिए हैं, जिन्होंने भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। गौतम गंभीर द्वारा अपने संदेश में जिस अटूट इरादे का जिक्र किया गया है, वह ठीक उसी मजबूत इच्छाशक्ति को दर्शाता है जिसके बल पर देश में कई दशकों से अटके पड़े बड़े नीतिगत और कानूनी बदलावों को धरातल पर उतारा गया है। राजनीति के जानकारों का मानना है कि अमित शाह की कार्यनीति और रणनीतिक फैसले उन्हें देश के सबसे प्रभावी नेताओं की पंक्ति में खड़ा करते हैं, और यही वजह है कि जन्मदिन के मौके पर देश के कोने-कोने से उनके लिए बधाइयों का तांता लगा हुआ है।खेल और राजनीति के बीच आपसी सम्मान का एक अनूठा उदाहरणगौतम गंभीर और अमित शाह के बीच का यह संवाद खेल और राजनीति के उस खूबसूरत मेल को दर्शाता है जहाँ देशहित सर्वोपरि होता है। क्रिकेट के मैदान पर अपनी आक्रामक और जुझारू शैली के लिए जाने जाने वाले गौतम गंभीर ने जब से राजनीति के मैदान में कदम रखा है, तब से उन्होंने राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर हमेशा मुखर होकर अपनी बात रखी है। गृह मंत्री अमित शाह के साथ उनके इस तरह के आत्मीय संबंध और उनके नेतृत्व के प्रति सम्मान इस बात का गवाह है कि पार्टी लाइन से ऊपर उठकर मजबूत नेताओं के बीच राष्ट्र सेवा का एक साझा दृष्टिकोण काम करता है। यही कारण है कि सोशल मीडिया पर आम जनता भी इस बधाई संदेश को खूब पसंद कर रही है और इस पर अपनी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं साझा कर रही है।देश भर में मनाए जा रहे हैं कल्याणकारी कार्यक्रम और शुभकामनाएंकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जन्मदिन के इस खास मौके पर केवल सोशल मीडिया पर ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों द्वारा कई प्रकार के सेवा कार्यों का आयोजन किया गया है। अस्पतालों में फल वितरण, रक्तदान शिविर और गरीब कल्याण योजनाओं के तहत विशेष कार्यक्रमों का आयोजन करके इस दिन को एक उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि अमित शाह का जीवन अनुशासन, कड़ी मेहनत और देश सेवा की एक जीवंत मिसाल है, जिससे युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए। गौतम गंभीर की ओर से दी गई यह बधाई उसी राष्ट्रव्यापी उत्सव और सम्मान की भावना का एक हिस्सा है, जो देश के शीर्ष नेतृत्व के प्रति जनता और सहयोगियों के मन में अटूट विश्वास को दर्शाती है।
वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं, वरुण चक्रवर्ती भी बेंच पर
क्रिकेट के गलियारों में इस समय भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली जा रही रोमांचक टी20 सीरीज की चर्चाएं जोरों पर हैं। श्रृंखला के पहले ही मुकाबले में टीम इंडिया की फाइनल प्लेइंग इलेवन सामने आने के बाद फैंस के बीच तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में उतरी भारतीय टीम के इस संयोजन ने कई बड़े और चौंकाने वाले फैसले लिए हैं, जिससे क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस बात पर टिक गई हैं कि आखिर मैनेजमेंट ने किन खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है और किसे बाहर बैठना पड़ा है।टॉस का हाल और प्लेइंग इलेवन का ताना-बानाक्राइस्टचर्च के ऐतिहासिक मैदान पर खेले जा रहे इस कड़े मुकाबले में टॉस की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। भारतीय टीम के कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है, जिसके बाद सबकी निगाहें मैदान पर उतरने वाले शुरुआती ग्यारह खिलाड़ियों पर टिकी थीं। इस मुकाबले के लिए चुनी गई टीम में युवाओं और अनुभव का मिश्रण दिखाने की कोशिश तो की गई है, लेकिन कुछ ऐसे नाम भी हैं जिन्हें लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है कि उन्हें अंतिम ग्यारह में मौका क्यों नहीं मिल पाया।वैभव सूर्यवंशी और वरुण चक्रवर्ती को क्यों बैठना पड़ा बाहरहाल के दिनों में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और घरेलू क्रिकेट के शानदार प्रदर्शन से सनसनी फैलाने वाले युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को इस मैच की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिल पाई है। टीम प्रबंधन फिलहाल उन्हें परिस्थितियों के अनुकूल ढलने और सीनियर खिलाड़ियों के अनुभव को प्राथमिकता दे रहा है। इसके साथ ही, अपनी फिरकी के जादू से विपक्षी बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर करने वाले प्रमुख स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को भी बेंच पर ही बैठना पड़ा है। टीम कॉम्बिनेशन और पिचों के मिजाज को देखते हुए मैनेजमेंट ने स्पिन विभाग में दूसरे विकल्पों के साथ जाना बेहतर समझा, जिसके चलते इन दोनों खिलाड़ियों का नाम शुरुआती ग्यारह से बाहर रह गया।शीर्ष क्रम में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन संभालेंगे मोर्चापारी की शुरुआत करने के लिए टीम इंडिया ने एक बार फिर आक्रामक रुख अपनाया है। ओपनिंग की जिम्मेदारी युवा विस्फोटक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन के कंधों पर सौंपी गई है। दोनों खिलाड़ियों से यह उम्मीद की जा रही है कि वे पावरप्ले के शुरुआती ओवरों में तेज गति से रन बटोरकर कीवी गेंदबाजों पर शुरुआती दबाव बना सकें। उनके ठीक बाद बल्लेबाजी क्रम को मजबूती देने के लिए ईशान किशन और खुद कप्तान श्रेयस अय्यर मध्यक्रम की रीढ़ बनेंगे, जो पारी को संभालने के साथ-साथ रन गति को नियंत्रित करना अच्छी तरह जानते हैं।मध्यक्रम और ऑलराउंडर खिलाड़ियों की फौजमिडिल ऑर्डर को और अधिक धार देने के लिए बाएं हाथ के प्रतिभाशाली बल्लेबाज तिलक वर्मा को मैदान पर उतारा गया है, जो तेजी से रन बनाने के साथ पारी को लंबी रेस देने में माहिर हैं। टीम संतुलन को बनाए रखने के लिए ऑलराउंडर के रूप में अक्षर पटेल और नीतीश कुमार रेड्डी को अंतिम ग्यारह में शामिल किया गया है। ये दोनों खिलाड़ी न केवल अपनी स्पिन और मीडियम पेस गेंदबाजी से विकेट चटकाने की क्षमता रखते हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर निचले क्रम में आकर बड़े शॉट खेलने में भी पूरी तरह सक्षम हैं, जिससे टीम को अतिरिक्त गहराई मिलती है।गेंदबाजी आक्रमण में मयंक और अर्शदीप पर दारोमदारतेज गेंदबाजी की कमान अनुभवी पेसर भुवनेश्वर कुमार के साथ-साथ रफ्तार के सौदागर मयंक यादव और धारदार गेंदबाज अर्शदीप सिंह के हाथों में सौंपी गई है। क्राइस्टचर्च की हरी भरी और बाउंस भरी पिच पर इन तेज गेंदबाजों से शुरुआती ओवरों में स्विंग और अतिरिक्त उछाल हासिल करने की पूरी उम्मीद है। कुल मिलाकर, कप्तान श्रेयस अय्यर की यह चुनी हुई प्लेइंग इलेवन कितनी कारगर साबित होती है और बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को अगले मुकाबलों में मौका मिलता है या नहीं, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन पहले मैच की यह रणनीति निश्चित तौर पर काफी दिलचस्प हो चुकी है।
L Murugan के इस्तीफे के बाद ECI का फैसला, Madhya Pradesh में 12 नवंबर को होगा मतदान
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मध्य प्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव के लिए कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। यह उपचुनाव सांसद एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद हो रहा है। 14 अक्टूबर 2026 को मुरुगन के अपनी सीट से इस्तीफा देने के बाद यह पद रिक्त हो गया था। उनका कार्यकाल मूल रूप से 2 अप्रैल 2030 को समाप्त होने वाला था। आयोग के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, उपचुनाव के लिए अधिसूचना 26 अक्टूबर, 2026 को जारी की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 2 नवंबर है, और 3 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) होगी। उम्मीदवार 5 नवंबर तक अपना नाम वापस ले सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Ramlila Maidan रैली के बाद सड़कों पर उतरेगा INDIA Bloc, CEC के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष मतदान 12 नवंबर को सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक होगा, और उसी दिन शाम 5:00 बजे से वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी। चुनाव प्रक्रिया 16 नवंबर से पहले पूरी होने की उम्मीद है। इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में उपचुनावों के साथ-साथ राजस्थान और त्रिपुरा में नगर निकाय चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की हालिया जीत की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन नतीजों से पता चलता है कि लोगों ने 'INDI गठबंधन' को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। X पर एक पोस्ट में, शाह ने कहा कि राहुल गांधी और INDI गठबंधन के झूठ, भ्रम और दुर्भावनापूर्ण प्रचार के बावजूद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में BJP एक के बाद एक चुनाव जीत रही है। उन्होंने आगे कहा कि जनसमर्थन खोने के बाद, ये पार्टियां हर हार के बाद संस्थाओं पर सवाल उठाती हैं, लेकिन जनता ने इनके इस चरित्र को पहचान लिया है। यही कारण है कि लोगों ने एक बार फिर BJP को भारी जनादेश देकर उस पर अपना अटूट विश्वास जताया है। इसे भी पढ़ें: London में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन, Dhruv Rathee ने की नए चुनाव आयुक्त की मांग शाह ने पश्चिम बंगाल, असम, राजस्थान, त्रिपुरा और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ सभी प्रदेश अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं को इन जीतों के लिए बधाई दी। चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनावों में निर्णायक जीत हासिल की है। नंदीग्राम सीट पर हसी रानी रथ ने 122,753 वोटों से जीत दर्ज की, जबकि रेजीनगर सीट पर सखराव सरकार ने 75,816 वोटों से जीत हासिल की।
INDIA गठबंधन पर JDU का हमला, कहा- नेतृत्व और साझा मुद्दों पर दलों में कोई सहमति नहीं
जनता दल (यूनाइटेड) ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के औचित्य पर बृहस्पतिवार को सवाल उठाया और कहा कि इसके घटक दल राज्य विधानसभा चुनावों में अक्सर एक-दूसरे के खिलाफ लड़ते हैं और उनके बीच नेतृत्व, मुद्दों या मिलकर चुनाव लड़ने की योजना को लेकर कोई सहमति नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं की बृहस्पतिवार शाम को ऑनलाइन बैठक होने वाली है। सूत्रों ने बताया कि बैठक में ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर विरोध-प्रदर्शनों की रूपरेखा और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दबाव बनाने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसमें एक नवंबर को दिल्ली में होने वाली ‘इंडिया’ गठबंधन की रैली की तैयारियों की भी समीक्षा की जाएगी। यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ऐसी अटकलें हैं कि सरकार महिला आरक्षण अधिनियम को जल्द लागू करने के लिए परिसीमन से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के वास्ते संसद का सत्र बुला सकती है। जद(यू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि विपक्षी नेता चाहे ऑनलाइन बैठक करें या आमने-सामने मिलें, आगामी चुनावों में उनके दल एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते दिखाई देंगे। उन्होंने कहा, ‘‘उनके बीच एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ उनकी लड़ाई से कहीं अधिक मुश्किल होगा।’’प्रसाद ने कहा, ‘‘पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस एक-दूसरे के खिलाफ लड़ेंगी। पश्चिम बंगाल में लोग पहले ही देख चुके हैं कि तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और वाम दल किस तरह एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रहे थे।’’उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के बीच नेतृत्व, साझा मुद्दों और संयुक्त चुनावी रणनीति पर सहमति नहीं बन पाने से गठबंधन के उद्देश्य पर सवाल उठते हैं। प्रसाद ने कहा, ‘‘जब नेतृत्व या मुद्दों पर कोई सहमति नहीं है और मिलकर चुनाव लड़ने की कोई योजना नहीं है, तो ऐसे गठबंधन का औचित्य क्या है? ‘इंडिया’ गुट को ऐसे गठबंधन के पीछे का तर्क स्पष्ट करना चाहिए।’’
बिहार में धान खरीद पर बड़ा फैसला, राइस मिलरों को गुड न्यूज
बिहार के अन्नदाताओं और कृषि उद्योग से जुड़े कारोबारियों के लिए इस वक्त की सबसे बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। राज्य में आगामी खरीफ विपणन सीजन के तहत धान की सरकारी खरीद को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, जिससे किसानों के साथ-साथ राइस मिलरों के चेहरों पर भी मुस्कान लौट आई है। सरकार के इस ताजा फैसले से न सिर्फ फसल बेचने की प्रक्रिया आसान होगी बल्कि समय पर मिलिंग और भुगतान का रास्ता भी साफ हो गया है। आइए जानते हैं कि इस बार की नीति में क्या कुछ खास बदला है और किसे कितना फायदा मिलने जा रहा है।1 नवंबर से चरणबद्ध तरीके से शुरू होगी धान की खरीदराज्य सरकार और सहकारिता विभाग द्वारा जारी नए शेड्यूल के मुताबिक बिहार में धान खरीद की शुरुआत तय तारीखों पर होगी। उत्तर बिहार के जिलों में पैक्स और व्यापार मंडलों के माध्यम से 1 नवंबर से धान की खरीद आधिकारिक तौर पर शुरू हो जाएगी, जबकि दक्षिण बिहार के जिलों में यह प्रक्रिया 15 नवंबर से आरंभ होगी। यह पूरी खरीद प्रक्रिया अगले साल यानी 31 मार्च तक suvidhaajanak तरीके से चलाई जाएगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है कि राज्य के दूर-दराज के गांवों तक बैठे किसानों को उनकी मेहनत का सही समय पर पूरा मोल मिल सके और उन्हें बिचौलियों के चक्कर में न पड़ना पड़े।राइस मिलरों के लिए आई गुड न्यूज और सुगम व्यवस्थाधान खरीद की इस प्रक्रिया में राइस मिलरों के लिए भी खास दिशा-निर्देश और सहूलियतें दी गई हैं। पिछले सत्रों में मिलरों को समय पर धान के उठाव और भंडारण को लेकर कई तरह की व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, जिसे ध्यान में रखते हुए इस बार सहकारिता विभाग ने पैक्स केंद्रों के साथ मिलरों के बेहतर तालमेल पर जोर दिया है। पर्याप्त मात्रा में बारदाने (जूट के बोरे) की उपलब्धता और समय पर चावल की मिलिंग का जिम्मा तय किया गया है ताकि गोदामों में जाम की स्थिति न बने। इस गुड न्यूज से राइस मिलर एसोसिएशन ने भी राहत की सांस ली है क्योंकि तय समय पर धान मिलने से कस्टम मिलिंग का काम सुचारू रूप से चल सकेगा और समय पर भारतीय खाद्य निगम को चावल की आपूर्ति हो सकेगी।न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी और नया रेट चार्टकिसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने इस बार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में इजाफा किया है। किसानों को सामान्य धान के लिए इस बार 2,441 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 72 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है। वहीं, उच्च गुणवत्ता वाले ग्रेड-ए धान का समर्थन मूल्य 2,461 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। पिछले वर्ष की तुलना में यह बढ़ोतरी किसानों की आमदनी को बढ़ाने में सीधा मददगार साबित होगी। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़े हुए दामों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और बाजारों में भी नकदी का प्रवाह बेहतर होगा।मात्र 48 घंटे के भीतर सीधे बैंक खाते में पहुंचेगी राशिकिसानों की सबसे बड़ी शिकायत हमेशा से भुगतान में होने वाली देरी की रही है, लेकिन इस बार सरकार ने इस प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और हाई-टेक बना दिया है। सहकारिता मंत्री द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पैक्स केंद्र पर धान बेचने के महज 48 घंटे के भीतर किसान के सत्यापित बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से पूरी राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी। इससे किसानों को खाद, बीज और अगली फसल की बुआई के लिए पैसों की तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा। भुगतान की यह तेज रफ्तार डिजिटल इंडिया और राज्य सरकार की पारदर्शिता की नीति का एक बेहतरीन उदाहरण है।एग्रीस्टैक आईडी (Agri Stack ID) और ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्ययदि आप भी इस योजना का लाभ उठाकर अपना धान सरकारी सेंटर पर बेचना चाहते हैं, तो कुछ जरूरी औपचारिकताओं को समय रहते पूरा करना बेहद आवश्यक है। इस साल सरकार ने व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए किसानों का कृषि विभाग के पोर्टल esahkari.bihar.gov.in पर रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही, किसानों के पास एग्रीस्टैक आईडी (Agri Stack ID) होना भी जरूरी कर दिया गया है ताकि फर्जीवाड़े को रोका जा सके और केवल असली किसानों तक ही एमएसपी का लाभ पहुंचे। जो किसान अब तक अपनी आईडी नहीं बनवा सके हैं, वे अपने नजदीकी पैक्स अध्यक्ष या कॉमन सर्विस सेंटर की मदद से तुरंत यह प्रक्रिया पूरी कर लें।भंडारण और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामधान खरीद के दौरान मौसम के मिजाज और खुले में रखे अनाज के भीगने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने इस बार पहले से ही पुख्तर इंतजाम किए हैं। सभी पैक्स और व्यापार मंडल गोदामों को दुरुस्त किया जा रहा है ताकि खरीद के तुरंत बाद धान को सुरक्षित रखा जा सके। इसके अलावा, बोरे की कमी किसी भी केंद्र पर न हो, इसके लिए जिलावार एडवांस में आपूर्ति भेज दी गई है। प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी केंद्र पर लापरवाही बरती जाती है तो तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिससे किसानों और राइस मिलरों दोनों को सुचारू माहौल मिल सके।
Delhi-NCR में सांसों पर संकट: Non-BS-VI Vehicles के प्रवेश पर रोक और निगरानी हुई तेज
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने घोषणा की है कि सरकार प्रदूषण के सभी मुख्य स्रोतों को नियंत्रित करके इससे निपटने के अपने प्रयासों को तेज कर रही है। इस साल शहर में 214 दिन हवा साफ रही, जो कोविड-19 महामारी के दौर को छोड़कर पिछले एक दशक में सबसे अधिक है। सिरसा ने बताया कि लगभग 30 एजेंसियां प्रदूषण नियंत्रण के लिए 11-सूत्रीय योजना लागू कर रही हैं। यह योजना नीति आयोग और 'कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट' (CAQM) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है। इस योजना में प्रदूषण नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन, धूल कम करना, औद्योगिक उत्सर्जन की निगरानी और हरित क्षेत्र (green cover) को बढ़ाना शामिल है। इसे भी पढ़ें: Delhi-NCR में सांसों पर संकट: इंडिया गेट, ITO और AIIMS समेत कई इलाकों में AQI 'खराब' श्रेणी में आया, लागू हुआ GRAP-1 मंत्री ने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए 'पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट' (PUCC) नियमों को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने वाहन मालिकों से अपील करते हुए कहा, कृपया वैध PUC सर्टिफिकेट के बिना दिल्ली न आएं। आपके वाहन के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है और आपको जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। दिल्ली के सभी ईंधन स्टेशनों को 'नो PUC, नो फ्यूल' अभियान का पालन करने का निर्देश दिया गया है, जिसके तहत वैध सर्टिफिकेट न होने पर वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा। दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों, खासकर ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की पहचान कर नियमों के अनुसार उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। 1 नवंबर 2026 से, दिल्ली के बाहर से आने वाले उन वाहनों पर प्रतिबंध लागू होंगे जो BS-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते हैं। हालांकि, लागू नियमों के अनुसार कुछ विशेष श्रेणियों के वाहनों और आवश्यक सेवाओं को इससे छूट दी जाएगी। इसे भी पढ़ें: Delhi AQI 233 दर्ज, न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 18 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (I-CCC) के ज़रिए चौबीसों घंटे निगरानी रखने से प्रदूषण पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण होता है और नागरिकों की शिकायतों का समाधान किया जाता है। निगरानी टीमों की संख्या बढ़ाई गई है, जो 311 ऐप के ज़रिए मिलने वाली शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करती हैं। ये टीमें मुख्य रूप से कचरा या पत्तियां जलाने और धूल-नियंत्रण के नियमों के उल्लंघन जैसे मामलों पर ध्यान देती हैं। सरकार तकनीक-आधारित प्रवर्तन (enforcement) का विस्तार कर रही है। इसके तहत 283 निर्माण स्थलों और लगभग 200 ऊंची इमारतों पर 608 एंटी-स्मॉग गन लगाई गई हैं, साथ ही दिल्ली की सड़कों पर 103 मैकेनिकल रोड स्वीपर (सड़क साफ करने वाली मशीनें) तैनात की गई हैं। 3,000 वर्ग मीटर से बड़े परिसरों में तय नियमों के अनुसार एंटी-स्मॉग गन और मिस्ट सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
Gujrat के सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की खुली पोल
गुजरात के राजकोट सिविल अस्पताल का एक वीडियो व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है. इसमें करीब 70 साल की बुजुर्ग महिला अपने बीमार परिजन को स्ट्रेचर पर खुद खींचकर ले जाती दिख रही हैं. वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने घटना को दुखद बताते हुए जांच शुरू करने की बात कही है. संबंधित एजेंसी को नोटिस जारी किया गया है और भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने के लिए नई व्यवस्था बनाने की बात कही गई है.
जयपुर में दिवाली शॉपिंग का समय बदला: परकोटे के बाजारों में देर रात तक उमड़ेंगे खरीदार
जयपुर के ऐतिहासिक परकोटे वाले बाजारों में इस बार दिवाली की खरीदारी का रोमांच और भी ज्यादा बढ़ने वाला है। प्रकाश पर्व दीपावली के नजदीक आते ही गुलाबी नगरी की रौनक अपने चरम पर पहुंच जाती है, जिसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन और व्यापार महासंघों ने मिलकर खरीदारी के समय और ट्रैफिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। जोहरी बाजार, बापू बाजार, त्रिपापोलिया और चांदपोल जैसे मुख्य बाजारों में अब खरीदार बिना किसी भागदौड़ और समय की पाबंदी के रात के वक्त भी खुलकर खरीदारी का आनंद ले सकेंगे। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य त्योहारी सीजन में उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है।परकोटे के बाजारों में बदली टाइमिंग और यातायात के नए नियमदिवाली के पावन अवसर पर जयपुर के परकोटे के भीतर यातायात के दबाव को कम करने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया है। शाम ढलते ही मुख्य बाजारों में वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा, जिससे लोग पैदल चलकर बाजारों की अद्भुत सजावट और रोशनी का लुत्फ उठा सकें। व्यापार मंडलों के साथ हुई बैठकों के बाद यह निर्णय लिया गया है कि दुकानें अब देर रात तक खुली रहेंगी ताकि ग्राहकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। खरीदारों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती भी की गई है, जिससे पर्यटक और स्थानीय नागरिक परिवार के साथ सुरक्षित माहौल में त्योहारी खरीद कर सकें।क्यों खास है इस बार जयपुर की दिवाली और खरीदारी का अनुभवगुलाबी नगरी जयपुर में दिवाली का त्योहार केवल रोशनी का पर्व नहीं है, बल्कि यह यहाँ की संस्कृति और विरासत का एक जीवंत उत्सव है। जोहरी बाजार में सोने-चांदी के आभूषणों की चमक हो या बापू बाजार में पारंपरिक कपड़ों और हथकरघा उत्पादों की खरीद, हर जगह एक अलग ही उत्साह देखने को मिलता है। प्रशासन द्वारा समय सीमा में दी गई इस लचीली व्यवस्था से व्यापारियों के चेहरे पर भी खुशी है। लोग अपने घरों के लिए मिट्टी के दीये, सजावटी सामान, और पारंपरिक मिठाइयों की खरीदारी करने के लिए शाम के सुहावने मौसम में बड़ी संख्या में निकल रहे हैं। आधुनिक एआई सर्च और लोकल एसईओ मानकों के तहत यह अपडेट उन सभी पर्यटकों और खरीदारों के लिए बेहद उपयोगी है जो इस दीपावली जयपुर की प्रसिद्ध संस्कृति का अनुभव करना चाहते हैं।
'फूट डालो और राज करो...', ग्रेग चैपल पर हरभजन सिंह का बड़ा हमला
ग्रेज चैपल ने क्रिकेट वर्ल्ड कप 2007 के बाद पद छोड़ दिया, लेकिन उनके कार्यकाल को लेकर विवाद भारतीय क्रिकेट की बहस का हिस्सा बने रहे. हरभजन सिंह के ताजा बयान ने एक बार फिर उसी दौर के तनाव और टीम के भीतर हुए बदलावों को चर्चा में ला दिया है.
विधानसभा उड़ा दिया; AI से VIDEO बनाकर फंसा बिहार का युवक, हजरत अली पहुंचा जेल
पुलिस की डिजिटल निगरानी के दौरान यह मामला सामने आया। इसके बाद विधान सौधा पुलिस ने एक FIR दर्ज की और इंटरनेट प्रोटोकॉल (IP) लॉग और अन्य डिजिटल फुटप्रिंट्स की मदद से उस अकाउंट का पता लगाया।
पंडित कुलचे-छोले वाले' के बेटे की हत्या, बर्थडे पार्टी में विवाद बना मौत की वजह
पंजाब के औद्योगिक और सबसे व्यस्त महानगर कहे जाने वाले लुधियाना (Ludhiana) शहर से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। शहर के एक मशहूर और जाने-माने फूड आउटलेट 'पंडित कुलचे-छोले वाले' के मालिक के बेटे की अज्ञात बदमाशों द्वारा गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और लुधियाना पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयानों से जो बातें सामने आ रही हैं, उनके मुताबिक यह खौफनाक हत्याकांड किसी पुरानी रंजिश या फिर हाल ही में आयोजित हुई एक बर्थडे पार्टी (Birthday Party) के दौरान उपजे मामूली विवाद का परिणाम बताया जा रहा है। खुशियों और जश्न के माहौल में अचानक चली गोलियों ने एक हंसते-खेलते युवक की जिंदगी हमेशा के लिए छीन ली, जिससे शहर भर के व्यापारियों और आम नागरिकों में भारी रोष और डर का माहौल व्याप्त है।बर्थडे पार्टी के भीतर मामूली कहासुनी ने लिया खूनी रूप, बाहर बुलाकर ताबड़तोड़ चलाई गई गोलियांपुलिस सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, बीती रात शहर में किसी परिचित की बर्थडे पार्टी का आयोजन किया गया था, जिसमें मृतक भी शामिल होने के लिए गया था। पार्टी के दौरान किसी बात को लेकर कुछ युवकों के साथ उसकी तीखी बहस और कहासुनी हो गई थी, हालांकि मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने उस वक्त बीच-बचाव करवाकर मामले को शांत करवा दिया था। लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई; पार्टी समाप्त होने के बाद जब युवक बाहर निकला, तो पहले से ही घात लगाकर बैठे उन हमलावरों ने उसे रास्ते में घेर लिया। देखते ही देखते आरोपियों ने अपनी अवैध पिस्तौल निकाली और उस पर ताबड़तोड़ कई राउंड गोलियां बरसा दीं। गोलियों की आवाज से पूरा इलाका थर्रा उठा और खून से लथपथ होकर युवक वहीं सड़क पर गिर पड़ा। घटना को अंजाम देने के बाद सभी हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए, जबकि घायल अवस्था में जब तक उसे अस्पताल पहुंचाया जाता, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।आधुनिक एआई सर्च, जियो-लोकल ऑप्टिमाइजेशन और लुधियाना पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी व जांचआज के डिजिटल और आधुनिक Generative Engine Optimization (AI सर्च) तथा Answer Engine Optimization (AEO) के दौर में जब लोग इंटरनेट पर 'Ludhiana Pandit Kulche Chole Wale son murder' या 'birthday party shooting Ludhiana' जैसी जानकारियां खोजते हैं, तो उन्हें प्रादेशिक और सटीक आपराधिक अपडेट्स की आवश्यकता होती है। गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस के अनुरूप लुधियाना शहर से जुड़ी इस भौगोलिक (Geographical) और संवेदनशील घटना को पूरी तथ्यात्मक सटीकता के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि समाज तक सही सूचना पहुंच सके। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस, सीआईए स्टाफ और वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) को खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या में शामिल मुख्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें पकड़ने के लिए शहर भर में नाकेबंदी कर ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है, ताकि इस जघन्य हत्याकांड के सभी दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके।
Washim में विसर्जन जुलूस के दौरान Stone Pelting, इलाके में भारी Police तैनात
महाराष्ट्र के वाशिम में 21 अक्टूबर को दुर्गा विसर्जन जुलूस के दौरान पथराव हुआ। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है और फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है। यह घटना मालेगांव में टीपू सुल्तान चौक के पास, जुलूस के दौरान रात 8:30 से 9:00 बजे के बीच हुई। बताया जा रहा है कि यह विवाद अलग-अलग समुदायों के लोगों के बीच 'गुलाल' (रंगीन पाउडर) फेंकने को लेकर हुई बहस से शुरू हुआ था। इसे भी पढ़ें: पूर्व IAS Rakesh Agrawal हत्याकांड: Bhopal में जांच के लिए SIT गठित, केयरटेकर पर 50 हजार का इनाम स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) राजेश खेरडे ने बताया कि कल, 21 अक्टूबर को रात लगभग 8:30 से 9:00 बजे के बीच, मालेगांव में दुर्गा विसर्जन का जुलूस टीपू सुल्तान चौक पहुंचा। बताया जा रहा है कि 'गुलाल' फेंकने को लेकर कुछ लोगों के बीच बहस हो गई। इसके बाद, वहां पत्थरबाजी हुई। उन्होंने आगे कहा कि पुलिस ने तुरंत दखल देकर स्थिति को संभाला और यह सुनिश्चित किया कि जुलूस बिना किसी और घटना के पूरा हो जाए। SHO खेरडे ने कहा कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रण में लिया और दुर्गा विसर्जन को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराया; अब इलाके में शांति है। वाशिम के सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर रामकृष्ण पवार ने बताया कि यह टकराव तब हुआ जब जुलूस एक विशेष समुदाय के घरों के पास से गुजर रहा था। उन्होंने कहा कि दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान, एक विशेष समुदाय के घरों के पास गुलाल फेंकने को लेकर घटना हुई। कुछ लोगों ने आकर इस पर आपत्ति जताई, जिससे दोनों समुदायों के लोगों के बीच तीखी बहस हो गई। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर कुछ पत्थर फेंके गए, लेकिन पुलिस ने तुरंत दखल दिया, कर्फ्यू लगाया और स्थिति को काबू में करके शांति बहाल की। इसे भी पढ़ें: CJP के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका की बढ़ी मुश्किलें: तिहाड़ से रिहाई के तुरंत बाद दिल्ली क्राइम ब्रांच ने भेजा समन पुलिस जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है, और इस घटना के संबंध में एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है। शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्टेट रिजर्व पुलिस फोर्स, दंगा नियंत्रण पुलिस और स्थानीय पुलिस सहित सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। यह जुलूस 22 अक्टूबर को सुबह करीब 5:00 बजे संपन्न हुआ, और इसके बाद किसी तरह की कोई गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली है।
Jio Platforms IPO को शानदार रिस्पॉन्स, 100 मिनट में फुल सब्सक्राइब
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को पहले ही दिन निवेशकों का शानदार रिस्पॉन्स मिला है. यह आईपीओ खुलने के महज 100 मिनट में पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया. संस्थागत निवेशकों की कैटेगरी में 8.97 गुना मांग दर्ज की गई, जबकि रिटेल निवेशकों का हिस्सा पहले दिन 67 प्रतिशत भर चुका है. आम निवेशक इसमें 23 अक्टूबर तक बोली लगा सकते हैं.
पंजाब की खेल संस्कृति और महान हॉकी विरासत का गौरवशाली इतिहास
जब भी भारत में खेलकूद और विशेष रूप से राष्ट्रीय खेल हॉकी का नाम लिया जाता है, तो सबसे पहले जुबान पर पंजाब की माटी का नाम आता है। पंजाब वह उर्वरा भूमि रही है जिसने इस देश को एक से बढ़कर एक महान हॉकी के जांबाज सितारे, कप्तान और ओलंपिक पदक विजेता (Olympic Medallists) दिए हैं, जिनके दम पर भारत ने दुनिया भर में तिरंगे का मान बढ़ाया है। पंजाब के खेल प्रेम और इस खेल के प्रति दीवानगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ के हर गली-कूचे और खेल के मैदान से निकलकर खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। इस महान परंपरा को जीवित रखने और आने वाली पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ने के लिए पंजाब सरकार लगातार प्रयास कर रही है। राज्य के भीतर खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से सरकार विभिन्न स्तरों पर बड़े टूर्नामेंट्स का आयोजन करवा रही है, ताकि युवा पीढ़ी आधुनिक चकाचौंध से निकलकर मैदान की तरफ आकर्षित हो सके और अपने देश का नाम रोशन कर सके।खेल मंत्री मीत हेयर का प्रेरणादायक संदेश: बच्चों को अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच दिखाने जरूर लाएं माता-पिताइसी कड़ी में राज्य के खेल मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर (Gurmeet Singh Meet Hayer) ने प्रदेश के सभी अभिभावकों और खेल प्रेमियों से एक बेहद भावुक और प्रेरक अपील की है। उन्होंने कहा है कि जब भी उनके शहर या आसपास के इलाकों में कोई अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच या बड़ा टूर्नामेंट आयोजित हो, तो माता-पिता का यह कर्तव्य बनता है कि वे अपने बच्चों को स्टेडियम में लेकर आएं और उन्हें इन बड़े मुकाबलों को लाइव खेलते हुए देखें। उनका मानना है कि जब छोटे बच्चे अपनी आंखों से दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों को स्टिक और बॉल के साथ मैदान पर पसीना बहाते हुए देखेंगे, तो उनके भीतर भी खेल के प्रति एक अलग ही जुनून और प्रेरणा जागेगी। केवल टेलीविजन या मोबाइल स्क्रीन पर मैच देखने और हकीकत में स्टेडियम की दीर्घा में बैठकर देश-विदेश की टीमों का मुकाबला देखने के अनुभव में जमीन-आसमान का फर्क होता है। स्टेडियम का वह रोमांचक माहौल बच्चों के कोमल मन पर एक गहरी सकारात्मक छाप छोड़ता है, जो उन्हें भविष्य में एक बेहतरीन खिलाड़ी बनने के लिए प्रेरित करता है।आधुनिक एआई सर्च, जियो-लोकल ऑप्टिमाइजेशन और पंजाब में खेल के बुनियादी ढांचे का विकासआज के डिजिटल और आधुनिक Generative Engine Optimization (AI सर्च) तथा Answer Engine Optimization (AEO) के दौर में जब लोग इंटरनेट पर 'Punjab sports history hockey' या 'Meet Hayer hockey promotion' जैसी जानकारियां तलाशते हैं, तो उन्हें प्रादेशिक और खेल जगत से जुड़ी सटीक अपडेट्स की आवश्यकता होती है। गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस के अनुरूप पंजाब की इस भौगोलिक (Geographical) और खेल-प्रेमी पहल को पूरी तथ्यात्मक सटीकता के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है ताकि समाज के हर वर्ग तक यह सकारात्मक संदेश पहुंच सके। पंजाब सरकार द्वारा राज्य भर में आधुनिक एस्ट्रो टर्फ हॉकी ग्राउंड्स (Astro Turf Hockey Grounds) का निर्माण कराया जा रहा है, खिलाड़ियों को उच्च स्तर की कोचिंग दी जा रही है और विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कारों से सम्मानित किया जा रहा है ताकि उन्हें आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े। खेल मंत्री मीत हेयर की यह अपील वास्तव में पंजाब को फिर से 'हॉकी की नर्सरी' के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बेहद ठोस और दूरदर्शी कदम है, जिससे आने वाले समय में देश को और भी कई नए ओलंपिक चैंपियंस मिलने की पूरी उम्मीद है।
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027: चुनाव आयोग की टीम इस दिन करेगी राज्य का दौरा
उत्तर भारत के बेहद महत्वपूर्ण और राजनीतिक रूप से संवेदनशील राज्य पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों (Punjab Assembly Elections 2027) को लेकर प्रशासनिक हलचल काफी तेज हो गई है। राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर होने वाले इस महासंग्राम को लेकर देश का निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) पूरी तरह से एक्शन मोड में आ चुका है। चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने और जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था, मतदान केंद्रों और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा करने के लिए चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों की एक विशेष टीम आगामी 27 और 28 अक्टूबर को पंजाब के दौरे पर आ रही है। इस हाई-प्रोफाइल दौरे को लेकर राज्य के प्रशासनिक गलियारों में बैठकों का दौर शुरू हो गया है, क्योंकि आयोग के इस दौरे के बाद ही चुनाव की तारीखों के ऐलान का रास्ता साफ होना शुरू हो जाएगा।जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ होगी मैराथन बैठकें, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर रहेगा कड़ा फोकसनिर्वाचन आयोग की यह विशेष टीम अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान पंजाब के विभिन्न जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs), पुलिस अधीक्षकों (SPs) और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ मैराथन बैठकें करेगी। बैठकों के दौरान इस बात की बारीकी से समीक्षा की जाएगी कि राज्य में निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से चुनाव संपन्न कराने के लिए प्रशासन कितना तैयार है। इसके अलावा, राज्य की सीमाओं पर चौकसी, अवैध शराब और हथियारों की तस्करी रोकने के लिए किए जा रहे उपायों के साथ-साथ संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि आगामी चुनावों के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो और मतदाता बिना किसी डर या दबाव के अपने मताधिकार का खुलकर प्रयोग कर सकें।आधुनिक एआई सर्च, जियो-लोकल ऑप्टिमाइजेशन और पंजाब चुनाव से जुड़े राजनीतिक समीकरणआज के डिजिटल और आधुनिक Generative Engine Optimization (AI सर्च) तथा Answer Engine Optimization (AEO) के दौर में जब मतदाता और राजनीतिक विश्लेषक इंटरनेट पर 'Punjab assembly elections 2027 dates' या 'ECI team visit Punjab' जैसी जानकारियां खोजते हैं, तो उन्हें बिल्कुल सटीक और प्रादेशिक अपडेट्स की आवश्यकता होती है। गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस के अनुरूप पंजाब की इस राजनीतिक हलचल को भौगोलिक और एसईओ मानकों के तहत पूरी तथ्यात्मक सटीकता के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है। वर्तमान में पंजाब की राजनीति में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ-साथ कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी जैसी प्रमुख पार्टियां अपनी-अपनी रणनीतियों को धार देने में जुटी हुई हैं। चुनाव आयोग की टीम के दौरे के साथ ही यह लगभग तय माना जा रहा है कि आने वाले कुछ महीनों में राज्य का सियासी पारा और अधिक चढ़ने वाला है, और जनता जल्द ही अपने नए जनप्रतिनिधि को चुनने के लिए मतदान की तारीखों से रूबरू होगी।
CJP के Gen Z आंदोलन को Dilip Ghosh ने बताया बड़ा घोटाला, दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने गुरुवार को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) से जुड़े 'जेन Z' (Gen Z) आंदोलन को एक बड़ा घोटाला करार दिया। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल होगा, उसे जवाबदेह ठहराया जाएगा, चाहे वह किसी भी नाम से काम कर रहा हो। CJP कार्यकर्ताओं - सौरव दास और आशुतोष रंका - के 'जेन Z' का हिस्सा होने को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट की मौखिक टिप्पणियों पर चल रही बहस के संदर्भ में, घोष ने कहा कि इस आंदोलन के उद्देश्य इसके सदस्यों के कामों से साफ हो रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi के Vietnam दौरे पर बोले Shashi Tharoor, मैं कोई ट्रैवल एजेंट नहीं हूं पत्रकारों से बात करते हुए घोष ने कहा कि CJP का 'जेन Z' आंदोलन एक बड़ा घोटाला है। लोग किसी एक मुद्दे को लेकर हंगामा खड़ा करते हैं और एक नाम का इस्तेमाल करते हैं। उनके काम से उनके मकसद साफ हो रहे हैं। हम सभी जानते हैं कि उनके पीछे कौन है और वे क्या चाहते हैं। देश और दुनिया भी यह समझ चुकी है। इसलिए, उन्होंने चाहे जो भी किया हो या किसी भी नाम का इस्तेमाल किया हो, अगर उनके काम गैर-कानूनी हैं, तो उन्हें जवाबदेह ठहराया ही जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार और पुलिस की जिम्मेदारी है, जबकि मामले के कानूनी पहलुओं पर फैसला अदालतें करेंगी। उन्होंने कहा कि अदालत जो कहती है, वही होता है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी सरकार और पुलिस की है। उनके पास जो भी जरूरी हो, वह करने की शक्ति है। लेकिन कानून सभी के लिए बराबर है, और बाकी काम अदालत देखेगी। दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को दास, रंका और अन्य लोगों की एक याचिका पर सुनवाई की। इस याचिका में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत 21 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई थी। सुनवाई के दौरान, जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद ने उनकी उम्र पूछी। उनके वकील अभिक चिमनी ने बताया कि दास 27 साल के हैं और रंका 32 साल के हैं, जिस पर अदालत ने टिप्पणी की कि वे 'जनरेशन Z' (Gen Z) का हिस्सा नहीं हैं। इसे भी पढ़ें: BJP के प्रमुख रणनीतिकार Amit Shah का 62वां जन्मदिन, RSS से Union Cabinet तक का सफर जब अदालत को बताया गया कि 1997 के बाद पैदा हुए लोगों को 'जनरेशन Z' माना जाता है, तो अदालत ने फिर कहा, तो फिर आप 'जनरेशन Z' नहीं हैं। इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका वापस ले ली। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने मामले के गुण-दोष पर कोई राय नहीं दी है। इस बीच, मंदिर मार्ग स्थित स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की अदालत ने दास और रंका को 21 अक्टूबर को रिहा करने का आदेश दिया। इसके लिए उन्हें 50,000 रुपये के पर्सनल और श्योरिटी बॉन्ड भरने पड़े, साथ ही शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने का लिखित वचन भी देना पड़ा। अदालत ने उन्हें निर्देश दिया कि जब तक कानून के अनुसार जंतर-मंतर को 'डीनोटिफाई' (अधिसूचना से बाहर) नहीं किया जाता, तब तक वे वहां विरोध प्रदर्शन का आह्वान न करें।
NDTV World Summit 2026: मोहिनी डे ने अपनी जबरदस्त परफॉर्मंस के साथ उन्होंने समिट की शुरुआत की. ऑडियंस के साथ बातचीत में उन्होंने बताया कि वह 9 साल की उम्र में प्रोफेशनली म्यूजिक कर रही हैं. कुछ साल मुंबई में काम करने के बाद वे यूएस शिफ्ट हुईं.
रागी, बाजरा, ज्वार, गेहूं और मल्टीग्रेन में से कौन सी रोटी आपकी सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद है. यहां जानें.
मध्य प्रदेश की एक राज्यसभा सीट पर निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव का ऐलान कर दिया है. केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के इस्तीफे की वजह से यह सीट खाली हुई थी.
पलामू में जादू-टोने के शक में बुजुर्ग की गला काटकर बेरहमी से हत्या
झारखंड के पलामू जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली और रोंगटे खड़े कर देने वाली एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने आधुनिक युग में भी हमारे समाज की जड़ों में गहराई तक जड़े जमा चुके अंधविश्वास और कुप्रथाओं की भयानक तस्वीर को बेनकाब कर दिया है। पलामू के एक सुदूर ग्रामीण इलाके में कुछ असामाजिक तत्वों और अंधविश्वासी ग्रामीणों ने मिलकर एक बुजुर्ग व्यक्ति को केवल इस निराधार शक के आधार पर मौत के नींद सुला दिया कि वह व्यक्ति अपने गांव में जादू-टोना (Black Magic) करता है और उसकी वजह से गांव में बीमारियां या परेशानियां आ रही हैं। इस वीभत्स हत्याकांड के बाद से न केवल उस छोटे से गांव में बल्कि पूरे जिले में सनसनी फैल गई है और स्थानीय लोगों के बीच एक खौफ का माहौल बना हुआ है। किसी भी इंसान की जान लेने का ऐसा क्रूर और तालिबानी तरीका यह सोचने पर मजबूर कर देता है कि आज भी समाज का एक तबका किस कदर अंधकार और पाखंड के साये में जी रहा है।आरोपियों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए बुजुर्ग का गला काटा और मौके से हुए फरारप्राप्त जानकारी के अनुसार, इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों ने पहले से ही एक सोची-समझी साजिश के तहत बुजुर्ग को अपने रास्ते से हटाने का प्लान बना रखा था। घटना की रात जब बुजुर्ग अपने घर पर अकेला था या सुनसान रास्ते से गुजर रहा था, तब कुछ दबंग और अंधविश्वास में अंधे हो चुके लोग वहां पहुंचे और उन्होंने बुजुर्ग पर डायन-भूत या जादू-टोना करने का झूठा और बेबुनियाद आरोप लगाना शुरू कर दिया। विरोध करने पर जब बात बढ़ी, तो उन दरिंदों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए धारदार हथियारों से बुजुर्ग का गला रेत डाला और उसे मौके पर ही तड़प-तड़प कर मरने के लिए छोड़ दिया। हत्या को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए, ताकि वे पुलिस की गिरफ्त से बच सकें। सुबह जब इस घटना की भनक ग्रामीणों और परिजनों को लगी, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई और तुरंत इसकी सूचना स्थानीय थाने को दी गई।आधुनिक एआई सर्च, जियो-लोकल ऑप्टिमाइजेशन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई व अंधविश्वास के खिलाफ संदेशआज के डिजिटल और आधुनिक Generative Engine Optimization (AI सर्च) तथा Answer Engine Optimization (AEO) के दौर में जब इस तरह की प्रादेशिक और अंधविश्वास से जुड़ी जघन्य घटनाएं घटती हैं, तो लोग इंटरनेट पर 'palamu witchcraft murder news' या 'jharkhand superstition crime' जैसी जानकारियां तलाशते हैं। गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस के अनुरूप पलामू की इस भौगोलिक (Geographical) और संवेदनशील घटना को पूरी तथ्यात्मक सटीकता के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है ताकि समाज में इस प्रकार की कुप्रथाओं के खिलाफ जागरूकता फैलाई जा सके। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे, शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आरोपियों की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अंधविश्वास के नाम पर कानून अपने हाथ में लेने वाले किसी भी बख्शीश के हकदार नहीं हैं, और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा ताकि इस प्रकार की अमानवीय घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।
उत्तराखंड के नीचे फंसी है टेक्टोनिक प्लेट, 8.1 तीव्रता के महाभूकंप का खतरा
उत्तराखंड के नीचे हिमालयी थ्रस्ट फॉल्ट पूरी तरह लॉक है. नई स्टडी बताती है कि प्लेट्स फंसी हुई हैं और उसमे ऊर्जा जमा हो रही है. हर 100 साल में 8.1 तीव्रता के भूकंप जितनी शक्ति जमा हो सकती है.
त्रिपुरा के युवक के खिलाफ नस्लीय बदसलूकी से नाराज केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि शिकायत दर्ज कराने में थोड़ी देर हुई लेकिन शैतान को सजा मिलेगी. अब उसके भाई ने भी एक्शन की मांग की है.

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