Insta फोटो से मंदिर के नीचे दफन राज़ तक, ऐसे खुला मामला
यूपी के बागपत में दो दोस्तों अंकित और इसरार की हत्या के बाद मंदिर परिसर से शव बरामद हुए. मामले की कड़ी Instagram पर वायरल तस्वीर से जुड़ी बताई जा रही है. हालांकि, इसरार के परिजनों ने अलग आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
पत्नी के इंस्टाग्राम चलाने से नाराज था पति, घर बुलाकर किया मर्डर
चेन्नई के अंबत्तूर में एक शख्स ने अपनी पत्नी देवकी की गला रेतकर हत्या कर दी. पुलिस के मुताबिक इंस्टाग्राम और ऑटो चलाने को लेकर उन दोनों के बीच विवाद चल रहा था. इस हत्याकांड के बाद पुलिस ने आरोपी चिन्ना को गिरफ्तार कर लिया है. पढ़ें पूरी कहानी.
घुंघरू, हंसने और रोने की आवाजें... 'भूत-प्रेत' की अफवाह से सहमे छात्र
अमरावती जिले के मेलघाट स्थित डोमा आश्रमशाला में भूत-प्रेत की अफवाह से विद्यार्थियों में डर फैल गया. कुछ छात्राओं ने घुंघरू बजने, हंसने और रोने जैसी आवाजें सुनाई देने की बात कही. इसके बाद 263 छात्रों और 345 छात्राओं समेत 608 विद्यार्थियों ने छात्रावास छोड़ दिया. स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी स्थिति बताया है.
'गुना को भिंड-मुरैना नहीं बनने दूंगा', बंदूक बदलने की मांग पर सरपंच से भिड़े कलेक्टर
गुना में पंच सम्मेलन के दौरान कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल और सरपंच नरेंद्र सिंह दावतपुरा के बीच मंच से तीखी बयानबाजी हो गई. सरपंच ने पुरानी बंदूक बदलने की अनुमति नहीं मिलने की शिकायत की और कहा कि दिग्विजय सिंह व जयवर्धन सिंह के निवेदन के बावजूद सुनवाई नहीं हुई. जवाब में कलेक्टर ने कहा कि बंदूक लाइसेंस देकर गुना को भिंड-मुरैना नहीं बनाएंगे.
घर देखने पहुंचे दपंति पर झपटा पिटबुल, महिला की बाजू को चबाया, Video
अब बात पंजाब के पटियाला से आई चौंकाने वाली तस्वीर की. जहां एक पिटबुल ने पति-पत्नी पर हमला कर दिया. हालात इतने बिगड़ गए कि दोनों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. पिटबुल ने महिला की बाजू को चबाया. देखें खैफनाक Video.
राहुल गांधी ने कहा कि अगर भारत अपनी ताकत समझता और अगर हमारे पास इंदिरा गांधी जैसा मजबूत नेता होता, तो यह भारत के लिए दुनिया का सबसे बड़ा मौका होता। लेकिन हुआ क्या? पाकिस्तान बीच में आ गया, और मोदी जी चुपचाप देखते रह गए।
'मैलोनी समझ के तो नहीं पकड़ा था?', राहुल-संदीप दीक्षित ने विदेश नीति पर कसा तंज
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मावलंकर हॉल में रचनात्मक कांग्रेस कन्वेंशन के दौरान केंद्र सरकार की विदेश नीति पर तीखा तंज कसा. उन्होंने कहा कि सरकार की विदेश नीति का मतलब सिर्फ गले लगना है.
पूर्णिया जंक्शन पर शादी के कुछ घंटे बाद दुल्हन की मौत, बॉयफ्रेंड अरेस्ट
बिहार के पूर्णिया में 19 साल की मनीषा कुमारी ने परिवार की मर्जी के खिलाफ प्रेमी दिलखुश कुमार से पूर्णिया जंक्शन पर शादी की. शादी के कुछ घंटे बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और इलाज के दौरान मौत हो गई. पुलिस ने प्रेमी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है. जानें क्या है ये पूरा मामला?
सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि केंद्र को यह तय करना होगा कि वह प्रस्तावित चेतावनियों को खुद लागू करेगा या कोर्ट के आगे के निर्देशों का सामना करेगा।
आमिर खान संग इंटीमेट सीन पर पूजा बेदी का खुलासा, बोलीं- सताने लगा था डर
पूजा बेदी ने उस पुरानी अफवाह को हंसी में उड़ा दिया जिसमें कहा गया था कि 'जो जीता वही सिकंदर' में काम करते समय वे और आमिर खान एक-दूसरे की ओर अट्रैक्ट हुए थे. हालांकि एक्ट्रेस को आमिर के साथ एक और फिल्म याद आई, जिसमें एक इंटीमेट सीन के बाद उन्हें कुछ देर के लिए यह सोचना पड़ा कि कैमरा बंद होने के बाद क्या होगा?
दिल्ली के कथित आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल को निचली अदालत से राहत मिलने के कुछ ही घंटे बाद सीबीआई (CBI) ने हा
बाजार के महंगे तेल को छोड़ें! घर पर 10 मिनट में बनाएं बादाम का तेल
Tips to Make Almond Oil: अगर आप भी खाने, स्किन और बालों के लिए बादाम के तेल का यूज करते हैं जिसे आप बाजार से खरीदकर या फिर मशीन से निकलवाकर लाते हैं तो रुक जाइए. यहां हम आपको घर पर ही शुद्ध बादाम का तेल निकालने का तरीका बता रहे हैं.
डीयू में बजा चुनावी बिगुल! 18 सितंबर को वोटिंग, 19 को आएंगे नतीजे
दिल्ली विश्वविद्यालय ने डूसू चुनाव 2026 की तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है. 18 सितंबर को मतदान होगा और 19 सितंबर को मतगणना के बाद विजेता घोषित किया जाएगा. नामांकन 10 सितंबर तक भरे जाएंगे. छात्र संगठनों ने नए छात्रों को रिझाने के लिए अभियान शुरू कर दिया है.
स्कूल कैंटीन की पैटीज खाने के बाद छात्र की मौत, परिजनों ने किया हंगामा; स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप
जयपुर के एक स्कूल में 12वीं के छात्र प्रिंस सोनी की कैंटीन में पेटीज खाने के बाद संदिग्ध हालात में मौत हो गई. परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है.
संसद के 19 दिन: हंगामे में ₹102 करोड़ का नुकसान?
संसद का मानसून सत्र खत्म हो गया... लेकिन पीछे छोड़ गया हंगामा, स्थगन और करोड़ों के नुकसान का सवाल. 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चले सत्र में दोनों सदनों का तय समय के मुकाबले बेहद कम काम हो सका. PRS Legislative Research के आंकड़ों के आधार पर करीब 141 घंटे का निर्धारित समय काम में नहीं आ पाया.
'Narendra Modi रात को नहीं सो पा रहा, हम उन्हें पागल कर देंगे', Rahul Gandhi का बड़ा दावा
यह देखते हुए कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने अब अपनी बात रखना शुरू कर दिया है और इसे अब रोका नहीं जा सकता, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को तब तक जगाए रखेंगे जब तक वे पद नहीं छोड़ देते, और यह लड़ाई देश की मूल भावना और संस्कृति के लिए है। यहाँ 'रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय सम्मेलन' को संबोधित करते हुए, राहुल गांधी ने कहा, 'नरेंद्र मोदी रात भर नहीं सो पाता है। हम इनको पागल कर देंगे। अमित शाह So called चाणक्य भाग गया। अमित शाह पार्लियामेंट में नहीं घुस पाया।' इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi का अहंकार ले डूबा Monsoon Session, Ravi Shankar Prasad बोले – देश की राजनीति जिद से नहीं चलेगी राहुल ने कहा, 'हमारा काम बहुत आसान है और हम उसे पागल कर देंगे। मैं आपको बता रहा हूँ, नरेंद्र मोदी रात को सो नहीं पाते हैं। इसके कई कारण हैं। एक तो साफ़ कारण है, और कई छिपे हुए कारण भी हैं। आपने अमित शाह को देखा—उन्हें क्या कहा जाता था? चाणक्य, और क्या? सरदार पटेल। वे कहाँ गायब हो गए हैं? वे 20 दिनों तक संसद भवन नहीं आ पाए। क्यों? क्योंकि पहली बार, वे भारत की आवाज़ को महसूस कर रहे हैं। और अब उन्हें एहसास हो गया है कि यह देश अपनी बात कहना बंद नहीं करेगा।' उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी की राजनीतिक विचारधारा भारत पर ऐसी व्यवस्था थोपने की है जिससे उन्हें और कुछ खास लोगों को फायदा हो। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संकेत दिया कि विपक्ष सरकार के खिलाफ एकजुट हो गया है और जब तक पीएम मोदी और अमित शाह अपने पदों से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक वे सो नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और पूरा विपक्ष अब अपनी बात रखने लगे हैं। अब इसे रोका नहीं जा सकता। यह 'थैंक यू, टाटा, गुडबाय' वाला मामला है। मेरी बात याद रखना - जिस दिन तक नरेंद्र मोदी इस्तीफा नहीं देते और अमित शाह पद नहीं छोड़ते, वे दोनों सो नहीं पाएंगे। हम उन्हें जगाए रखेंगे - पूरी रात जगाए रखेंगे - जब तक कि वे आखिरकार हार न मान लें और यह न कह दें, 'यह हमारे बस की बात नहीं है; हमें माफ कर दो, हमें जाने दो।' और हम अपने देश की संस्कृति और मूल्यों के लिए बिना नफरत और बिना हिंसा के यह लड़ाई लड़ रहे हैं। हमारा देश नफरत का देश नहीं है; यह स्नेह, प्रेम, भाईचारे और अहिंसा का देश है। हम यह बात सभी को साबित करके दिखाएंगे। राहुल गांधी ने सरकार पर भारत की विदेश नीति को बर्बाद करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ईरान में युद्ध छिड़ गया। भारत के लिए—अगर उसने अपनी ताकत को पहचाना होता और उसका नेता इंदिरा गांधी जैसा कोई होता—तो यह दुनिया का सबसे बड़ा मौका था। कैसा मौका? ईरान हमारा पुराना दोस्त था, अमेरिका हमारा दोस्त था और रूस भी हमारा दोस्त था। हम आगे आ सकते थे, अहम भूमिका निभा सकते थे और इन दोस्ती का फ़ायदा उठा सकते थे। लेकिन असल में क्या हुआ? ऐसा कुछ नहीं हुआ। इसके बजाय, पाकिस्तान ने दखल दिया और हमारी जगह ले ली; पाकिस्तान मध्यस्थ बन गया, जबकि भारत और मोदी जी बस देखते रह गए। राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्हें इन दिनों सीधे मोदी जी के ऑफ़िस से जानकारी मिल रही है; अंदर ज़बरदस्त बगावत चल रही है। उन्होंने सोशल मीडिया पर मौजूद कुछ वीडियोज़ का भी ज़िक्र किया, जिनमें अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाक़े में LAC के पास चीन की पेट्रोलिंग गतिविधियों के बारे में दावे किए गए हैं। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि सरकार ऐसी रिपोर्टों को प्रकाशित न होने देने के लिए दबाव डालती है। हमारे पेट्रोलिंग वाले इलाक़ों में—खासकर अरुणाचल में—चीन ने हमें पेट्रोलिंग करने से रोक दिया। उन्होंने असल में कहा, 'देखो, यह सब ठीक है—यह ज़मीन तुम्हारी ही है—लेकिन तुम यहाँ पेट्रोलिंग नहीं कर सकते।' राजनाथ सिंह, अमित शाह और नरेंद्र मोदी पूरी तरह से बेअसर हो गए हैं। वे सभी मीडिया एडिटर्स को फ़ोन कर रहे हैं और कह रहे हैं, 'इसे अपने अख़बारों में न छापें; इस ख़बर को दबा दें।' वे बिना सोचे-समझे देश को सीधा नुकसान पहुँचा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: PM Modi ने फोन पर जाना Sukhbir Badal का हाल, Nanded में हुआ था कृपाण से हमला उन्होंने आरोप लगाया कि गलवान घटना के बाद, प्रधानमंत्री ने एक बैठक की - एक ज़ूम कॉल। उन्होंने कहा कि चीन ने भारत की ज़मीन का एक इंच भी हिस्सा नहीं लिया है। सेना ने कहा कि हमारी ज़मीन ले ली गई है। ज़रा सोचिए कि चीन को क्या संदेश गया: चीनी बातचीत करने वालों ने हमारे बातचीत करने वालों से पूछा, 'आप क्या बकवास कर रहे हैं? आपके अपने प्रधानमंत्री ने कहा है कि कोई ज़मीन नहीं गई है।' तो, अंदरूनी तौर पर, उन्होंने देश को बर्बाद कर दिया है; उन्होंने हमारी विदेश नीति को तहस-नहस कर दिया है। और उन्होंने यह सब सिर्फ़ अपने राजनीतिक ढांचे को फ़ंड देने और अडानी जी से फ़ंड हासिल करने के लिए किया। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। #WATCH | Delhi: Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, ...Our job is very simple, and we can drive them crazy. I'm telling you, Narendra Modi does not sleep at night. There are different reasons. There is an obvious reason, and there are many hidden reasons too. You… pic.twitter.com/sZM4puhi6I — ANI (@ANI) August 13, 2026
हर साल तिल के बराबर बढ़ रहा ये शिवलिंग, कभी औरंगजेब ने किया था हमला
तिल भाण्डेश्वर महादेव मंदिर श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है. सावन माह और प्रत्येक सोमवार को यहां दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ता है. मंदिर संचालकों के अनुसार, यह स्वयंभू शिवलिंग अनादि काल से अपने आकार में वृद्धि करता आ रहा है.
Indore Bhopal Expressway Update: भोपाल-इंदौर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को लेकर तैयारी तेज हो गई है. करीब 4000 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर दोनों शहरों के बीच यात्रा 2 से 2.5 घंटे में होगी.
1 साल से ऐसे कलेक्ट्रेट के पास पहुंच रहा दिव्यांग
कौशांबी में ट्राई साइकिल के लिए दिव्यांग दीनानाथ मिश्र का वीडियो वायरल है. उनका दावा है कि वह लंबे समय से कलेक्ट्रेट के चक्कर काट रहे हैं. अधिकारी के मुताबिक, आवेदन और शारीरिक परीक्षण हो चुका है और साइकिल मिलते ही उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी. अधिकारी के मुताबिक, साइकिल उपलब्ध होते ही उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दी जाएगी.
फर्जी IAS संजय निकला महाठग! LBSNAA की फोटो, SDM का रूतबा दिखा जीतता था महिलाओं का दिल
फेक आईएएस संजय को मप्र पुलिस ने यूपी से गिरफ्तार किया है. आरोपी मसूरी ट्रेनिंग सेंटर और सरकारी गाड़ियों की फर्जी फोटो दिखाकर ठगी करता था. उधर, बिहार के खगड़िया में फर्जी आईएएस मनीष गुप्ता चर्चा में है.
Meta का बड़ा एक्शन, डिलीट किए 7 लाख अकाउंट, ये है वजह
Meta ने करीब 7 लाख अकाउंट्स को डिलीट कर दिया है. ये अकाउंट फेसबुक और इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म पर मौजूद थे. कंपनी ने यह फैसला ऑस्ट्रेलिया कानून के चलते लिया है. कंपनी ने इन अकाउंट को संदिग्ध माना है कि ये 16 साल से कम उम्र के यूजर्स इस्तेमाल कर रहे थे. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
खनिज पर केंद्र सरकार का वो बिल, जिसके खिलाफ झारखंड CM ने किया आंदोलन का ऐलान
माइंस एंड मिनरल्स डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन अमेंडमेंट बिल, 2026 का मकसद राज्य सरकारों को मिनरल राइट्स पर टैक्स, सेस या अन्य लेवी लगाने से रोकना है. साथ ही, कुछ खास मिनरल-बेयरिंग जमीनों के रेगुलेशन को अपने नियंत्रण में लेना है.
पहले PAK फोड़ेगा एटम बम! प्रोफेसर का बड़ा दावा, सच हो चुकी हैं दो भविष्यवाणियां
प्रोफ़ेसर जियांग ज़्यूकिन अपनी भविष्यवाणियों के लिए जाने जाते हैं, जिन्हें वे अलग-अलग सिद्धांतों के आधार पर सही ठहराते हैं. प्रोफेसर जियांग का मानना है कि अगर किसी टकराव में परमाणु हथियारों का इस्तेमाल होता है, तो पाकिस्तान ऐसा करने वाला पहला देश हो सकता है.
मजदूरी करने आया था, बिल्डिंग में उगा डाले गांजे के 12 पौधे
भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में पुलिस ने निर्माणाधीन बिल्डिंग से गांजे के 12 पौधे बरामद किए हैं. पुलिस के मुताबिक, बिल्डिंग में काम करने वाला मजदूर गांजा पीने का आदी था और उसने वहीं पौधे उगा रखे थे. आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के उन्नाव का रहने वाला है.
दिल्ली में मिलेगा सस्ता घर... DDA का बंपर ऑफर, 25% की छूट!
अगर आप भी दिल्ली में सस्ता घर खरीदने जा रहे हैं तो डीडीए एक नई स्कीम लेकर आया है, जिसके तहत आप 25 फीसदी की डिस्काउंट पर घर खरीद सकते हैं. आइए जानते हैं पूरी डिटेल...
36 साल पहले रिलीज हुए इस देशभक्ति गीत ने करोड़ों भारतीयों के दिलों में जोश भर दिया था और देखते ही देखते यह हर समारोह की पहचान बन गया.
विदेशी चंदे पर नियंत्रण और संतुलन की अपेक्षा
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1978 में आई एक फिल्म का ये सदाबहार गीत आज भी लोगों को पुरानी यादों में ले जाता है. इसकी मीठी धुन और भावुक अंदाज सुनते ही मन को सुकून मिलता है. दिलचस्प बात ये है कि जिस आवाज को लोग दिग्गज गायिकाओं से जोड़ते रहे, उसकी असली कहानी कुछ और है.
श्रेय मार्ग का पथिक बन आगे बढ़ते रहिए
श्रेय मार्ग का पथिक बन आगे बढ़ते रहिए The post श्रेय मार्ग का पथिक बन आगे बढ़ते रहिए appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान लोगों की निगरानी को लेकर अब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने माकपा के राज्यसभा सांसद एए रहीम की याचिका पर सुनवाई करने पर गुरुवार को सहमति जताई। याचिका में पुलिस की ओर से चेहरे की पहचान और दूसरी बॉयोमेट्रिक पहचान तकनीकों के कथित इस्तेमाल पर सवाल उठाए गए हैं। अदालत ने इस याचिका को प्रदर्शन से जुड़े पहले से लंबित मामलों के साथ जोड़ दिया है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने की। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी ने अदालत के सामने दलील रखी कि दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की निगरानी के लिए डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल किया। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया में दो निजी कंपनियों की सेवाएं भी ली गईं और लोगों से जुड़ी जानकारी को उनकी अनुमति के बिना जुटाकर रखा गया। मौजूद जानकारी के अनुसार, याचिका में आदित्य इंफोटेक लिमिटेड और डायमेंशन एनएक्सजी प्राइवेट लिमिटेड का नाम लिया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि इन कंपनियों के जरिए जुटाई गई जानकारी के रखरखाव और इस्तेमाल को लेकर डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण कानून, 2023 के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया। हालांकि, ये सभी आरोप अभी याचिका में लगाए गए दावे हैं और इन पर अदालत का अंतिम फैसला आना बाकी है। याचिका का मुख्य सवाल यह है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल लोगों की जैविक पहचान जुटाने और उनकी निगरानी के लिए पुलिस के पास स्पष्ट कानूनी अधिकार है या नहीं। याचिकाकर्ता का दावा है कि दिल्ली पुलिस के प्रदर्शन संबंधी स्थायी आदेश और आपराधिक प्रक्रिया पहचान कानून, 2022 ऐसी सभा में लोगों की बिना भेदभाव जैविक पहचान करने की अनुमति नहीं देते हैं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि जंतर-मंतर पर निगरानी के दौरान सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन, मोबाइल नियंत्रण वाहन और दूसरे उपकरणों से प्रदर्शनकारियों, पत्रकारों और वहां मौजूद अन्य लोगों की तस्वीरें और वीडियो जुटाए गए। इसके अलावा चेहरे की पहचान करने वाले उपकरणों के इस्तेमाल का भी दावा किया गया है। गौरतलब है कि यह मामला केवल तकनीक के इस्तेमाल तक सीमित नहीं है, बल्कि निजता और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार से भी जुड़ा है। याचिका में कहा गया है कि अगर किसी प्रदर्शन में शामिल व्यक्ति को यह डर रहे कि उसकी पहचान दर्ज की जा रही है या उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, तो इससे लोग अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करने से पीछे हट सकते हैं। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि निगरानी के लिए इस्तेमाल की गई व्यवस्था के संबंध में पर्याप्त कानूनी सुरक्षा और डेटा रखने की स्पष्ट अवधि तय नहीं है। याचिकाकर्ता का कहना है कि पुलिस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जुटाए गए आंकड़े कहां रखे गए, उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया और उन्हें कितने समय तक सुरक्षित रखा जाएगा। बता दें कि यह याचिका हाल में जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शनों से जुड़े विवादों की पृष्ठभूमि में दाखिल की गई है। सुप्रीम कोर्ट में इन प्रदर्शनों से जुड़े दूसरे मामले भी लंबित हैं। इसी वजह से पीठ ने रहीम की याचिका को उन मामलों के साथ जोड़ने का फैसला किया है। अब इस मामले में अदालत के सामने यह महत्वपूर्ण सवाल होगा कि सार्वजनिक सुरक्षा और पुलिस की निगरानी की जरूरत के बीच नागरिकों की निजता और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का संतुलन कैसे बनाया जाए। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर विचार करने की सहमति दी है और आगे की सुनवाई में इन कानूनी सवालों पर विस्तार से दलीलें सामने आने की उम्मीद हैं।
'AAP में दिक्कत नहीं थी लेकिन...', हरभजन ने बताई बीजेपी जॉइन करने की वजह
पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने आम आदमी पार्टी छोड़ने का कारण पंजाब में खेल और नशे की समस्या पर उनकी बात न सुनी जाना बताया. उन्होंने कहा कि उन्होंने कई बार अपनी योजनाएं पार्टी के सामने रखीं लेकिन उनपर कोई काम नहीं हुआ.
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार (13 अगस्त) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय
दहेज और समाज में बढ़ती फिजूलखर्ची
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'चिकन नेक' को और भी ज्यादा मजबूत करने की तैयारी, चौथी रेलवे लाइन को मंजूरी
सिलिगुड़ी कॉरिडोर को और भी ज्यादा मजबूती देने की दिशा में एक और कदम बढ़ा दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक इस रास्ते पर चौथी रेलवे परियोजना को मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत में वंदे भारत ट्रेन का भी विस्तार किया जाएगा।
पढ़ें 13 अगस्त 2026 की शाम की बड़ी खबरें और अन्य समाचार
महाराष्ट्र के नांदेड़ से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर हमला हुआ है.
CAG ने IIM Rohtak निदेशक धीरज शर्मा के 3.2 करोड़ की वेरिएबल पे पर सवाल उठाए
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने आईआईएम-रोहतक के निदेशक धीरज शर्मा को ‘वेरिएबल पे’ के तौर पर 3.20 करोड़ रुपये के भुगतान पर सवाल उठाए हैं। कैग का कहना है कि संस्थान ने ‘‘पारदर्शिता और वैधानिक प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए’’ इस रकम को मंजूरी देने के लिए नियमों को पूर्वप्रभाव से लागू किया। कैग ने कहा कि यह प्रतिष्ठित प्रबंध संस्थान इस बारे में रिकॉर्ड या सबूत पेश करने में नाकाम रहा कि उसके निदेशक ने अपने वेतन से जुड़ी चर्चाओं से खुद को अलग रखा था। बुधवार को लोकसभा में पेश की गई ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, यह भुगतान 2018-19, 2019-20 और 2020-21 के लिए किया गया था, जबकि निदेशक की ‘वेरिएबल पे’ से जुड़े नियम 25 अक्टूबर 2021 को ही लागू हुए थे। ऑडिट में यह भी पाया गया कि 2021-22 और 2022-23 में ‘वेरिएबल पे’ की मंजूरी के लिए जरूरी अहम दस्तावेज नहीं थे जिनमें ‘परफॉर्मेंस मैट्रिक्स’, मूल्यांकन रिपोर्ट और केंद्र सरकार के नामित व्यक्ति से सलाह-मशविरे की पुष्टि शामिल हैं। कैग ने कहा कि भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) अधिनियम, 2017 के तहत निदेशक नियमों में बताए गए कार्य प्रदर्शन लक्ष्यों के आधार पर ‘वेरिएबल पे’ पाने के हकदार हैं और ऐसे नियम बनाने का अधिकार निदेशक मंडल को है। आईआईएम-रोहतक के नियमों के मुताबिक, बोर्ड को निदेशक के लिए एक ‘परफॉर्मेंस मैट्रिक्स’ बनाना और बताना होता है, जिसके आधार पर ‘वेरिएबल पे’ तय की जाती है। नियमों में यह भी कहा गया है कि हितों के टकराव वाले मामलों में निदेशक को खुद को चर्चा से अलग रखना चाहिए।
IGI Airport पर 10 करोड़ का गांजा जब्त, फुकेत से आए दो यात्री हिरासत में लिए गए
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों ने थाईलैंड के फुकेत से आए दो यात्रियों से करीब 10.5 किलोग्राम ‘हाइड्रोपोनिक’ गांजा बरामद किया, जिसकी कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये आंकी गई है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। ‘हाइड्रोपोनिक’ गांजा को मिट्टी के बजाय पोषक तत्वों से भरे पानी में उगाया जाता है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि विशेष सूचना पर अधिकारियों ने 12 अगस्त को फुकेत से पहुंचने के बाद ग्रीन चैनल पार कर चुके दोनों यात्रियों को रोक लिया। बयान में कहा गया कि यात्रियों के सामान की एक्स-रे जांच की गई, जिसमें संदेह पैदा हुआ और इसके बाद सामान की विस्तृत जांच की गई। इसमें कहा गया कि तलाशी के दौरान करीब 10.5 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया गया, जिसे सामान में छिपाकर रखा गया था। इसमें कहा गया कि दोनों यात्रियों को हिरासत में ले लिया गया और स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) की धाराओं के तहत जांच शुरू कर दी गयी है।
Sirohi में अनियंत्रित ट्रक की टक्कर से 2 बाइक सवारों की मौत हुई, दो लोग गंभीर रूप से घायल
सिरोही-कांडला राजमार्ग पर बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर के पास बृहस्पतिवार सुबह अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आने से दो मोटरसाइकिल सवारों की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर से पहले रेवदर की ओर से तेज गति से आ रहे ट्रक ने टेम्पो को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्रक अनियंत्रित होकर गलत दिशा में चला गया और सामने से आ रही दो मोटरसाइकिलों को चपेट में ले लिया। रेवदर थाने के सहायक पुलिस निरीक्षक गणेश राम ने बताया कि हादसे में मोटरसाइकिल सवार करेली रेवदर निवासी लखमाराम कोली और दूसरी मोटरसाइकिल पर सवार हड़मतिया निवासी अशोक गिरि (31) की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पीथापुरा मंडार निवासी दशरथ कुमार (25) और टेम्पो चालक मंडार निवासी मोहम्मद अतीक गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे के कारणों की जांच शुरू की।
बिना वैक्यूम क्लीनर ₹1 खर्च किए चमकाएं गंदा सोफा, जानें आसान तरीका
How To Clean Sofa At Home: घर की सफाई में अक्सर सोफा छूट जाता है, लेकिन अब इसके लिए महंगे वैक्यूम क्लीनर या प्रोफेशनल सर्विस की जरूरत नहीं है. जानिए माइक्रोफाइबर कपड़े, बेकिंग सोडा और माइल्ड सोप की मदद से सोफे की धूल, जिद्दी दाग और बदबू हटाने का आसान तरीका.
'हिंदू-मुसलमान मेरी दो आंखें', बोले CM रेवंत रेड्डी, क्रिकेटर सिराज का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने 'माइनॉरिटीज एक्सीलेंस समिट' को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने आशंका जताते हुए कहा कि तेलंगाना में कुछ राजनीतिक ताकतें स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के जरिए मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश रच रही हैं.
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के मंच पर था राजस्थान का ठग, अभिजीत दीपके के आसपास भी दिखा
पुलिस के मुताबिक वह अभिजीत दीपके और प्रदर्शन से जुड़े आयोजकों के आसपास ही लगातार नजर आया। अभिजीत दीपके एवं अन्य लोगों के बीच लगातार मौजूद रहने और मौके पर भीड़ होने के कारण पुलिस उसे अलग करके हिरासत में नहीं ले सकी।
वृद्धावस्था का अकेलापन और बदलते पारिवारिक मूल्य
भारतीय संस्कृति में माता-पिता को देवतुल्य माना गया है। वे अपने बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए जीवनभर कठिन परिश्रम करते हैं। अनेक माता-पिता अपनी सीमित आय, निजी इच्छाओं और स्वास्थ्य The post वृद्धावस्था का अकेलापन और बदलते पारिवारिक मूल्य appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
बांग्लादेश पाकिस्तान के कट्टरपंथ के नक्शेकदम पर !
78 वर्षीय हसीना फिलहाल नई दिल्ली में स्वैच्छिक निर्वासन में रह रही हैं। उन्होंने दिसंबर में वापस लौटने का फैसला जताया है, क्योंकि यह जीत का महीना है। 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तानी सेना पर जीत के कारण दिसंबर बांग्लादेश के लिए विशेष महत्व रखता है। The post बांग्लादेश पाकिस्तान के कट्टरपंथ के नक्शेकदम पर ! appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
कार के अंदर घुसकर महिला से गैंगरेप की वारदात, 6 लोगों पर लगा आरोप, पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
ओडिशा के कटक जिले में कार के अंदर घुसकर महिला से गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया है। इस मामले में 6 लोगों पर आरोप लगा है। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।
अखिलेश के 'सीक्रेट मिशन' पर शिवपाल, 20 फीसदी वोटों पर मजबूत पकड़ का प्लान
उत्तर प्रदेश की सियासत में दस साल से चले आ रहे सत्ता के वनवास को खत्म करने के लिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव अलग दांव चल रहे हैं, तो वहीं अपने चाचा शिवपाल यादव को एक अलग मिशन पर लगाया है. शिवपाल ने सपा के कोर वोटबैंक को जोड़ने की कवायद शुरू कर दी है.
बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को संसद के मॉनसून सत्र के बेकार जाने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी के अहंकार, जिद और हक़ जताने की सोच को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर बहस करने के लिए तैयार होने के बावजूद विपक्ष ने सदन को चलने नहीं दिया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी के अहंकार और पूरी तरह से अनुशासनहीनता की वजह से संसद का पूरा सत्र बर्बाद हो गया। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi का बड़ा हमला: BJP थोप रही अपना सिस्टम, कांग्रेस देगी India को बोलने का मौका प्रसाद ने कहा कि संसद का पूरा मॉनसून सत्र एक नेता के अहंकार, अनुशासन की कमी और ज़िद की भेंट चढ़ गया। मैं यह पूरी ज़िम्मेदारी के साथ कह रहा हूँ। संसद का पूरा मॉनसून सत्र विपक्ष के नेता के अहंकार, मनमानी, हक़ जताने की सोच और पूरी तरह से अनुशासनहीनता की भेंट चढ़ गया। प्रसाद ने बताया कि शाह ने पुलिस की कार्रवाई पर बहस में शामिल होने और विपक्ष की सभी दलीलों का जवाब देने की पेशकश की थी। उन्होंने कहा कि कल आपने देखा कि माननीय गृह मंत्री खुद मीडिया के सामने आए और कहा, 'मैं पूरी बहस सुनने और पुलिस से जुड़ी घटनाओं पर उनकी सभी दलीलों का जवाब देने के लिए 24 घंटे तक बैठने को तैयार हूँ। मैं हर एक बात का जवाब दूँगा।' हमारे संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू जी ने बिज़नेस एडवाइज़री कमेटी और सदन में यह बात उठाई कि हम बहस के लिए तैयार हैं। यहाँ तक कि माननीय स्पीकर ने भी कहा कि बहस होनी चाहिए। राहुल गांधी के शाह के इस्तीफ़े की मांग वाले बयानों की आलोचना करते हुए, प्रसाद ने पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी प्रक्रिया के बारे में उनकी समझ पर सवाल उठाए। प्रसाद ने कहा कि लेकिन फिर उनके [राहुल गांधी के] दो 'बेवकूफी भरे' बयान आए, जिन्हें मैं कोट करना चाहूंगा: 'अगर उन्होंने फायरिंग का आदेश दिया, तो उन्हें इस्तीफ़ा देना चाहिए। अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया, तो वह एक अक्षम और बेकार मंत्री हैं, इसलिए उन्हें फिर भी इस्तीफ़ा देना चाहिए।' मिस्टर राहुल गांधी, क्या आपको गवर्नेंस की बुनियादी समझ भी नहीं है? क्या गृह मंत्री कभी फायरिंग का आदेश देते हैं? इसका क्या मतलब है? इसके लिए नियम हैं; एक प्रोटोकॉल है। वहां मौजूद मजिस्ट्रेट और अन्य अधिकारी, या डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस--उनसे सलाह लेने के बाद ही कार्रवाई की जाती है। फिर भी, आपने यह मुद्दा उठाया। इसे भी पढ़ें: UP में BJP का 'बिहार मॉडल' वाला दांव, 50 हजार की घोषणा से साधेगी महिला वोट? प्रसाद ने संसदीय राजनीति के प्रति गांधी के नज़रिए पर भी हमला करते हुए कहा कि देश की राजनीतिक व्यवस्था किसी एक व्यक्ति की मांगों के अनुसार नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, देश की राजनीति आपकी ज़िद पर नहीं चलेगी। मिस्टर राहुल गांधी, देश और संसद की राजनीति और व्यवस्था आपके अहंकार, हक जताने की भावना और 'मैं जो चाहूंगा वही करूंगा; या तो मेरी बात मानो या रास्ता नापो' वाली सोच के दबाव में नहीं चलेगी। लोकतंत्र ऐसे काम नहीं करता। हम पिछले 10-12 दिनों में हुई घटनाओं के इस सिलसिले की कड़ी निंदा करते हैं। राहुल गांधी कोई सबक नहीं सीखते। बीजेपी नेता ने झारखंड में छात्रों के ख़िलाफ़ कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया और इस मामले पर कांग्रेस नेता की चुप्पी पर सवाल उठाए। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
IMD ने एक राष्ट्रीय बुलेटिन जारी कर कहा है कि तटीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश और उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी पर बना निम्न दबाव वाला क्षेत्र उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ गया है और अवदाब में तब्दील हो गया है। इससे भारी बारिश हो सकती है।
महाराष्ट्र के नांदेड़ में पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम और शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले के मामले में आरोपी निहंग की पहचान सामने आ गई है। गुरुवार को मुगट स्थित माता साहेब गुरुद्वारे में दर्शन के बाद सीढ़ियों से उतर रहे सुखबीर ...
TISS Ex-Student को Bombay HC से Bail की आस, Campus FIR को दी चुनौती
टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेज़ (TISS) के एक पूर्व छात्र ने बॉम्बे हाई कोर्ट में अग्रिम ज़मानत (anticipatory bail) के लिए अर्ज़ी दी है। यह अर्ज़ी दिल्ली यूनिवर्सिटी के दिवंगत प्रोफ़ेसर जी.एन. साईबाबा की याद में पिछले साल कैंपस में हुई एक अनधिकृत सभा के सिलसिले में दर्ज FIR के संबंध में है। यह अर्ज़ी ऐसे समय में आई है जब मुंबई की सेशंस कोर्ट ने कुछ अन्य आरोपी छात्रों को राहत देते हुए उनकी गिरफ़्तारी से पहले ज़मानत (pre-arrest bail) की अर्ज़ी को खारिज कर दिया था। डेवलपमेंट स्टडीज़ में ग्रेजुएट 24 साल के छात्र ने वकील विजय हिरेमथ के ज़रिए हाई कोर्ट से तुरंत राहत की मांग की है। उनका तर्क है कि यह एक शांतिपूर्ण बैठक थी, जिसमें छात्रों ने साहित्य पर चर्चा की, विचारों का आदान-प्रदान किया और राजनीतिक मुद्दों पर बातचीत की। याचिका में कहा गया है कि ऐसी गतिविधियों को अपराध नहीं माना जा सकता और न ही इन पर गंभीर आपराधिक आरोप लगाए जा सकते हैं। इसे भी पढ़ें: TMC बागी लोकसभा सांसदों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी; 7-10 दिनों में अयोग्यता की याचिकाएं दायर की जाएंगी हाई कोर्ट शुक्रवार को याचिका पर सुनवाई करेगा हिरेमथ ने गुरुवार को तत्काल सुनवाई की मांग की। उन्होंने बताया कि सेशंस कोर्ट से मिली अंतरिम राहत के तहत छात्र को लगभग 10 महीनों तक गिरफ्तारी से सुरक्षा मिली हुई थी। हाई कोर्ट शुक्रवार को इस याचिका पर सुनवाई करेगा। इसी मामले में एक और छात्र की अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज कर दी गई थी; उसे पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और वह अभी न्यायिक हिरासत में है। याचिका के अनुसार, आवेदक का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और TISS ने कभी भी उसे गलत व्यवहार या कैंपस में गड़बड़ी फैलाने के लिए कोई कारण बताओ नोटिस जारी नहीं किया है। इसे भी पढ़ें: ICU Bed Management में गड़बड़ी पर Delhi High Court सख्त, 38 Govt Hospitals में NextGen HMIS लागू करने का निर्देश याचिका में FIR में लगाए गए आरोपों को भी चुनौती दी गई है। इसमें कहा गया है कि जांच करने वालों ने गलत आरोप लगाया है कि साईबाबा की याद में आयोजित सभा के दौरान, याचिकाकर्ता या अन्य छात्रों ने UAPA के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की रिहाई की मांग करते हुए नारे लगाए थे। छात्र ने यह भी तर्क दिया है कि इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की जिन धाराओं का इस्तेमाल किया गया है, उन्हें गलत तरीके से लागू किया गया है। याचिका में कहा गया है कि धारा 196, जो समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने से संबंधित है, यहां लागू नहीं होती क्योंकि किसी भी भाषण या व्यवहार से नफरत या हिंसा को बढ़ावा नहीं मिला। इसमें यह भी कहा गया है कि धारा 197, जो राष्ट्रीय एकता के खिलाफ काम करने से संबंधित है, यहां लागू नहीं होती क्योंकि ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी।
काली रात और दर्द की एक अमर दास्तान
14 अगस्त स्मृति दिवस विभाजन की The post काली रात और दर्द की एक अमर दास्तान appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
भजन : मीरा बाई जी विरह भजन गिरधर जी
मीरा बाई जी विरह भजन गिरधर जी The post भजन : मीरा बाई जी विरह भजन गिरधर जी appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
'हम इनको पागल कर देंगे...' पीएम मोदी और अमित शाह पर राहुल गांधी का तीखा हमला
Rahul Gandhi: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस और पूरा विपक्ष अब अपनी बात मजबूती से कह रहा है, जिसे कोई नहीं रोक सकता।
दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि वह 38 सरकारी अस्पतालों में ICU बेड मैनेजमेंट और NextGen ई-हॉस्पिटल मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (HMIS) को लागू करने में आ रही कमियों को दूर करने के लिए तय समय-सीमा के भीतर कदम उठाए। यह निर्देश नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) के अचानक किए गए ऑडिट के बाद दिया गया, जिसमें इमरजेंसी रिस्पॉन्स और अस्पताल के IT इंफ्रास्ट्रक्चर में कमियां पाई गई थीं। जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की बेंच ने NIC की विस्तृत ऑडिट रिपोर्ट की समीक्षा की। यह ऑडिट 13 से 24 जुलाई के बीच किया गया था, जो दिल्ली के अस्पतालों में HMIS के इस्तेमाल में असमानताओं को लेकर कोर्ट की पिछली चिंताओं के बाद किया गया था। ऑडिट में यह जांचा गया कि क्या ऑनलाइन दिखाई जा रही ICU बेड की उपलब्धता असल स्थिति से मेल खाती है, क्या ICU बेड के लिए आने वाली इमरजेंसी कॉल्स का जवाब दिया जा रहा है, और क्या सभी 38 अस्पतालों में NextGen HMIS को एक समान तरीके से लागू किया जा रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Recruitment Scam पर Congress MP Dharamvir Gandhi का तीखा हमला, AAP के 'Double Character' पर उठाए सवाल ऑडिट में पाया गया कि ज़्यादातर मामलों में स्टेट हेल्थ डेटा मैनेजमेंट पोर्टल पर दिखाए गए खाली ICU बेड की संख्या असल उपलब्धता से मेल खाती थी। हालांकि, कुछ अस्पतालों में अंतर पाया गया, जिसे अधिकारियों ने वेबसाइट अपडेट होने के बाद हुए एडमिशन और ट्रांसफर का नतीजा बताया। कोर्ट को यह भी बताया गया कि ICU बेड की उपलब्धता को अभी अस्पताल मैन्युअल रूप से अपडेट करते हैं, जो औसतन दिन में तीन बार किया जाता है। ऑडिट में यह भी पाया गया कि ICU बेड के लिए मदद मांगने वाली इमरजेंसी कॉल्स का कुछ मामलों में तो ठीक से जवाब दिया गया, लेकिन कुछ अस्पतालों के नंबरों पर कोई जवाब नहीं मिला। संबंधित अस्पताल अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई और सुधार के उपाय करने की सलाह दी गई। इसे भी पढ़ें: TMC बागी लोकसभा सांसदों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी; 7-10 दिनों में अयोग्यता की याचिकाएं दायर की जाएंगी अस्पतालों के बीच NextGen HMIS के लागू होने के तरीके में भी काफी अंतर पाया गया। जहाँ 18 अस्पताल सिस्टम के 10 से ज़्यादा मॉड्यूल का इस्तेमाल कर रहे थे, वहीं बाकी 20 अस्पताल सिर्फ़ 5 से 10 मॉड्यूल का इस्तेमाल कर रहे थे। NIC ने सुझाव दिया कि सभी अस्पतालों को तुरंत ज़रूरी मॉड्यूल अपना लेने चाहिए और उनका इस्तेमाल करना चाहिए। अस्पताल-वार ऑडिट के अनुसार, कई कमियाँ स्टाफ़ और तकनीकी कर्मचारियों की कमी, अपर्याप्त कंप्यूटर सिस्टम और IT इंफ़्रास्ट्रक्चर, और लीज़्ड-लाइन कनेक्टिविटी न होने से जुड़ी थीं। हाई कोर्ट ने GNCTD के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के सेक्रेटरी को निर्देश दिया कि वे ऑडिट की विस्तृत रिपोर्ट सभी 38 अस्पतालों को भेजें और उनकी राय लें। सेक्रेटरी को एक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है जिसमें कमियों को दूर करने के लिए उठाए जा रहे कदमों और उन्हें लागू करने की समय-सीमा का ज़िक्र हो। NIC टीम को सभी 38 अस्पतालों का एक और औचक निरीक्षण करने की भी अनुमति दी गई है।
10 मिनट में ब्रेन के अंदर लग जाएगी चिप, कंप्यूटर से कंट्रोल होगा दिमाग
एलॉन मस्क की कंपनी न्यूरालिंक काफी समय से ब्रेन कंप्यूटर इंटरफेस पर काम कर रही है. इसी बीच चीन ने कुछ ऐसा करने का दावा किया है जिससे लोग हैरान हैं. बिना ब्रेन सर्जरी के ही दिमाग में गले के जरिए चिप लगाई जा सकेगी.
कलयुगी बेटा! मृत पिता की उंगलियों से लगवाया जमीन के कागजों पर अंगूठा
लखनऊ के रहीमाबाद में जमीन के लालच में कलयुगी बेटे महेंद्र ने मृत पिता के सादे कागजों पर अंगूठे के निशान लगवाए. जीते जी प्रताड़ित कर घर से निकाले गए पिता ने अपनी जमीन बेटियों के नाम कर बेटे को बेदखल कर दिया था. इस घिनौनी हरकत का वीडियो वायरल होने पर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है.
तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपने बागी लोकसभा सांसदों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है और पार्टी अगले 7-10 दिनों में उनकी सदस्यता रद्द करने की याचिकाएं दायर कर सकती है। TMC जून से ही इन सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है। जून में ही पार्टी के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 ने बगावत कर दी थी और 'नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया' (NCPI) के साथ जुड़ने की घोषणा करते हुए BJP के नेतृत्व वाले 'नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस' (NDA) को समर्थन देने का वादा किया था। बागी गुट में शामिल प्रमुख सांसदों में काकोली घोष दस्तीदार, यूसुफ पठान, सायनी घोष, शत्रुघ्न सिन्हा, प्रसून बनर्जी, जगदीश चंद्र बसुनिया, खलीकुर रहमान, अबू ताहिर खान, शताब्दी रॉय, रचना बनर्जी, दीपक अधिकारी (देव), अरूप चक्रवर्ती, शर्मिला सरकार, बापी हलदर, माला रॉय और मिताली बाग शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: क्या आप नहीं चाहते कि लोग स्वस्थ रहें? फूड पैकेट पर सुप्रीम कोर्ट से FSSAI को फटकार यह राजनीतिक संकट जून में 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार के बाद शुरू हुआ। इसके बाद बागी गुट ने NCPI के साथ विलय का दावा किया। उनका तर्क था कि उन्हें TMC के लोकसभा सदस्यों में से दो-तिहाई से ज़्यादा का समर्थन हासिल है, इसलिए वे दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित होने से बच सकते हैं। 10 जून को TMC नेतृत्व ने स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर आग्रह किया कि वे किसी भी अलग गुट को मान्यता न दें और संभावित बागियों के खिलाफ दल-बदल विरोधी प्रावधानों के तहत कार्रवाई करें। 14 जून को काकोली घोष दस्तीदार और सुदीप बंद्योपाध्याय जैसे वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में 20 बागी सांसदों ने नई दिल्ली स्थित आवास पर बिरला से मुलाकात की। उन्होंने पत्र सौंपकर दावा किया कि वे पार्टी की कुल संख्या का दो-तिहाई से ज़्यादा हिस्सा हैं और NCPI के साथ विलय कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Delhi High Court के पूर्व जज पर चलेगा Impeachment? विकास सिंह का बड़ा बयान - 'गलत व्यवहार के दोषी को न मिले पेंशन' इसके बाद बागी गुट NDA के साथ हो गया, जबकि TMC के वफादार खेमे ने फ्लोर लीडर अभिषेक बनर्जी के ज़रिए और पत्र सौंपे। उन्होंने तर्क दिया कि दावा किया गया विभाजन दसवीं अनुसूची के तहत अमान्य था। 18-19 जून को, स्पीकर के ऑफ़िस ने समीक्षा की प्रक्रिया शुरू की और TMC लीडरशिप (जिसमें अभिषेक बनर्जी भी शामिल थे) से कथित विलय पर तर्क मांगे। जुलाई के मध्य तक, सुदीप बंद्योपाध्याय को लोकसभा में NCPI ग्रुप का नेता और काकोली घोष दस्तीदार को उसका चीफ़ व्हिप बनाया गया। इन घटनाक्रमों की वजह से यह ग्रुप सत्र से पहले होने वाली सर्वदलीय बैठकों में शामिल हो सका। 18 जुलाई को, स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा में 20 बागी सांसदों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था को मंज़ूरी दी, जिससे वे बाकी TMC सांसदों से अलग हो गए। हालाँकि, कथित विलय को अंतिम कानूनी मान्यता देने का मामला अभी भी समीक्षा के अधीन था।
डॉ पद्मा गुरमेत लद्दाख राज्य पुरस्कार से सम्मानित
लेह। राष्ट्रीय सोवा-रिग्पा संस्थान लेह के निदेशक डॉ पद्मा गुरमेत को लद्दाख में सोवा-रिग्पा चिकित्सा प्रणाली के सं
E20 पेट्रोल को लेकर विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया, जब एक्टिविस्ट तहसीन पूनावाला ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का एक वीडियो शेयर किया और सरकार पर अमेरिका से इथेनॉल स्टैंडर्ड्स को कॉपी-पेस्ट करने का आरोप लगाया। E20 पेट्रोल के खिलाफ़ अभियान चला रहे पूनावाला ने कहा कि गडकरी का भाषण अदालतों में उनके उस दावे के उलट था, जिसमें उन्होंने कहा था कि इथेनॉल प्रोग्राम से उनका कोई लेना-देना नहीं है। पूनावाला ने गडकरी को तुरंत पद से हटाने की मांग करते हुए ट्वीट किया, इस व्यक्ति ने अमेरिका से इथेनॉल स्टैंडर्ड पॉलिसी को कॉपी-पेस्ट किया। उन्होंने कोर्ट से झूठ बोला कि इथेनॉल से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्हें जल्द से जल्द पद से हटाया जाना चाहिए। पुनावाला और उनकी 'टीम भारत' ने E20 पेट्रोल - जिसमें 80% पेट्रोल और 20% इथेनॉल का मिश्रण होता है। उसको वापस लेने की मांग की है, क्योंकि देश में गाड़ियों पर इसके असर को लेकर बहस चल रही है। वीडियो में नितिन गडकरी क्या कह रहे हैं? पूनावाला द्वारा शेयर किए गए बिना तारीख वाले वीडियो में गडकरी भारत में विभागों द्वारा स्टैंडर्ड तय करने में लगने वाले लंबे समय पर अफ़सोस जताते हुए दिख रहे हैं। गडकरी कहते हैं, उन्हें कम से कम 3-4 साल लग जाते हैं। मैं इससे परेशान हो गया था। हमें इथेनॉल के लिए स्टैंडर्ड तैयार करने थे। इसके बाद मंत्री उस तुरंत समाधान के बारे में बताते हैं जो उन्होंने अधिकारियों को रिसर्च में पाँच साल बर्बाद करने के बजाय अपनाने का सुझाव दिया था। मंत्री कहते हैं एक दिन मैंने कहा, अपनी रिसर्च अपने पास ही रखो। अगर यह अमेरिकी कानून है, तो ऊपर से हेडर हटाओ, हमारी डिटेल्स डालो, हमारी मुहर लगाओ, ज़रूरी सुधार करो और इसे घोषित कर दो। इसे भी पढ़ें: Nitin Gadkari on E20 Petrol: पुरानी गाड़ियों के लिए भी सुरक्षित है इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल, घबराने की जरूरत नहीं उन्होंने अपने इस आदेश के पीछे की वजह भी बताई और कहा कि काम पूरा करने के लिए उनके पास सिर्फ़ पाँच साल हैं। गडकरी वीडियो में कहते हैं अमेरिका निश्चित रूप से हमसे बेहतर होगा और यूरोप तो हमसे भी बेहतर होगा। वे भी सुरक्षा के बारे में सोचते होंगे, शायद हमसे कहीं ज़्यादा। वे आगे कहते हैं मैं पाँच साल के लिए मंत्री रहूँगा... मुझे इन पाँच सालों में ही काम पूरा करना है। अगर सिर्फ़ स्टैंडर्ड तय करने में ही पाँच साल लग जाएँगे, तो असल में काम कब होगा? हालाँकि, साथ ही गडकरी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सरकार सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगी।
मानूसन में इन बीमारियों का खतरा, करा लें ये टेस्ट
मानसून के मौसम में मच्छरों और खराब पानी से फैलने वाली बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, टाइफाइड के मामले बढ़ जाते हैं. इस मौसम में अगर बीमारियों के लक्षण दिखते हैं तो डॉक्टर की सलाह से कुछ टेस्ट जरूर करा लेने चाहिए. इस बारे में डॉ शैली महाजन ने बताया है.
दालचीनी असली है या कैसिया? खरीदने से पहले ऐसे करें पहचान
बाजार में मिलने वाली ज्यादातर दालचीनी असली नहीं बल्कि कैसिया होती है. कैसिया में कूमरिन की मात्रा अधिक होने से यह लिवर को नुकसान पहुंचा सकती है. सेहत के लिए हल्की, सिगार जैसी परतों वाली सीलोन दालचीनी बेहतर होती है. रोज के इस्तेमाल के लिए सही दालचीनी पहचानना बेहद जरूरी है.
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि जब ईरान युद्ध को सुलझाने की कोशिशों में पाकिस्तान एक मध्यस्थ के तौर पर उभरा, तो वे बस तमाशबीन बने रहे। उन्होंने कहा कि भारत ने ईरान और अमेरिका के साथ अपने संबंधों का इस्तेमाल करने का एक बहुत बड़ा मौका गंवा दिया। रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय सम्मेलन में बोलते हुए, राहुल गांधी ने सरकार की विदेश नीति की कड़ी आलोचना की और आरोप लगाया कि भारत ईरान और अमेरिका के साथ अपने संबंधों का फायदा उठाकर महीनों से चल रहे इस संघर्ष को खत्म करने में कोई सार्थक भूमिका नहीं निभा सका। उन्होंने कहा एक तरफ ईरान युद्ध चल रहा है। अगर भारत अपनी ताकत को समझता और हमारे पास इंदिरा गांधी जैसा कोई मज़बूत नेता होता, तो यह भारत के लिए दुनिया का सबसे बड़ा मौका होता। इसे भी पढ़ें: CBI-ED जांच से बचने का दांव? Rahul Gandhi ने High Court के आदेश को SC में चुनौती, केस ट्रांसफर की मांग उन्होंने आगे कहा फिर क्या हुआ? पाकिस्तान मध्यस्थ बन गया, जबकि भारत और मोदी जी बस किनारे से देखते रहे। ऐसा कैसे हुआ? विपक्ष के नेता ने कहा कि ईरान भारत का पुराना दोस्त है, जबकि रूस और अमेरिका भी भारत के दोस्त हैं। उन्होंने तर्क दिया कि नई दिल्ली युद्ध को सुलझाने की कोशिशों में अपनी अहमियत बढ़ाने के लिए इन रिश्तों का इस्तेमाल कर सकती थी। उन्होंने कहा ईरान हमारा पुराना दोस्त है और रूस और अमेरिका भी हमारे दोस्त हैं। हमें अहम भूमिका निभानी चाहिए और दोस्त बने रहना चाहिए... लेकिन पाकिस्तान ने हमारी जगह ले ली। ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध फरवरी में तब शुरू हुआ जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर सैन्य हमले किए। इससे इलाके में बड़े पैमाने पर संघर्ष छिड़ गया और रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली शिपिंग में रुकावट आई। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi का बड़ा हमला: BJP थोप रही अपना सिस्टम, कांग्रेस देगी India को बोलने का मौका महीनों की लड़ाई के बाद, अप्रैल में पाकिस्तान की अहम मध्यस्थता से वॉशिंगटन और तेहरान के बीच कुछ समय के लिए युद्धविराम हुआ था। हालाँकि, शांति समझौते को फिर से शुरू करने की कोशिशें रुक गई हैं, क्योंकि ईरान और अमेरिका अभी भी स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ और प्रतिबंधों जैसे मुद्दों पर एकमत नहीं हैं। भारत इस टकराव में सीधे तौर पर शामिल नहीं रहा है और न ही उसने कोई औपचारिक मध्यस्थता की है। नई दिल्ली ने दोनों पक्षों के साथ कूटनीतिक बातचीत बनाए रखी है और बार-बार बातचीत और तनाव कम करने की अपील की है। इस क्षेत्र में भारत के बड़े आर्थिक और ऊर्जा हित भी जुड़े हैं, जिनमें स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ की सुरक्षा और भारतीय नागरिकों व जहाजों की सुरक्षा शामिल है।
भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों श्रीलंका के दौरे पर है, जहां शनिवार से गॉल के मैदान पर दोनों टीमों के बीच पहला टेस्ट मैच खेला जाना है। इस मुकाबले से पहले भारतीय खेमे में प्लेइंग इलेवन के संयोजन को लेकर जोरदार चर्चाएं चल रही हैं। खासकर युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल के लिए यह दौरा काफी चुनौतीपूर्ण साबित होता नजर आ रहा है। टीम के स्क्वॉड में हाल ही में हुए बदलावों और जुरेल के पिछले कुछ मैचों में लचर प्रदर्शन के कारण उनकी अंतिम ग्यारह में जगह सुरक्षित नहीं मानी जा रही है। ऐसे में जुरेल अपनी तरफ से कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं और उन्होंने गॉल की भीषण गर्मी के बीच पसीना बहाते हुए सीनियर खिलाड़ी केएल राहुल से विशेष बैटिंग टिप्स भी लिए हैं।खराब फॉर्म और स्पिनर्स के खिलाफ संघर्ष बनी बड़ी चिंतापिछले साल अक्टूबर में अहमदाबाद के मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार शतकीय पारी खेलकर सुर्खियां बटोरने वाले ध्रुव जुरेल का बल्ला उसके बाद से खामोश ही नजर आया है। टेस्ट क्रिकेट में पिछली कुछ पारियों पर नजर डालें तो उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। इस दौरान उनके बल्ले से 44, 6, 14, 13, 0, 2 और 19 रन जैसे छोटे स्कोर ही निकले हैं। इन आंकड़ों से भी ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि उन सात पारियों में से पांच बार उन्हें स्पिन गेंदबाजों ने ही अपना शिकार बनाया है। गॉल की जिन पिचों पर यह मुकाबला होना है, वहां श्रीलंकाई स्पिन आक्रमण की अगुवाई अनुभवी प्रभात जयसूर्या कर रहे हैं, जिनके सामने टिकना किसी भी भारतीय बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होगा। यही वजह है कि जुरेल अपनी तकनीक को सुधारने के लिए केएल राहुल की शरण में पहुंचे हैं, जिन्होंने इस दौरे से पहले विशेष पिचों पर अभ्यास किया था।सरफराज खान की एंट्री से जुरेल पर बढ़ा दबावध्रुव जुरेल की बढ़ती मुश्किलों के पीछे एक और बड़ा कारण स्टार बल्लेबाज सरफराज खान की भारतीय टेस्ट स्क्वॉड में एंट्री है। साई सुदर्शन के चोटिल होकर श्रीलंका सीरीज से बाहर होने के बाद सरफराज को टीम में शामिल किया गया है, जो सीधे तौर पर जुरेल के लिए एक बड़ी चेतावनी है। सरफराज खान स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ क्रीज पर बेहद आक्रामक अंदाज में खेलते हैं और स्वीप, रिवर्स स्वीप, तथा पैरों का इस्तेमाल करके रन बनाने में माहिर हैं। इसके उलट जुरेल अक्सर क्रीज पर स्पिनर्स की गलती का इंतजार करते नजर आते हैं। प्रैक्टिस सेशन के दौरान जुरेल ने अपनी विकेटकीपिंग और स्लिप फील्डिंग पर भी कड़ी मेहनत की है, लेकिन प्लेइंग इलेवन में उनकी जगह पक्की करने के लिए उन्हें अपनी बल्लेबाजी शैली में तुरंत बदलाव करना होगा।गॉल टेस्ट में तीन बाएं हाथ के स्पिनर्स के साथ उतर सकता है भारतदूसरी ओर, भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संकेत दिए हैं कि गॉल टेस्ट की परिस्थितियों को देखते हुए भारतीय टीम मैदान पर तीन बाएं हाथ के स्पिनरों के साथ उतर सकती है। टीम के पास गेंदबाजी विकल्प के रूप में कुलदीप यादव, मानव सुथार और अनुभवी रविंद्र जडेजा मौजूद हैं, जिनकी गेंदबाजी में अलग-अलग विविधताएं और विकेट निकालने की गजब की क्षमता है। मोर्कल के अनुसार, कुलदीप अपनी कलाई की जादूगरी से बल्लेबाजों को चकमा देते हैं, जडेजा अपनी सटीक लाइन-लेन्थ से दबाव बनाते हैं और सुथार पारंपरिक बाएं हाथ की स्पिन का बेहतरीन विकल्प हैं। ऐसे में श्रीलंका की चुनौतीपूर्ण पिचों पर भारत का गेंदबाजी संयोजन क्या होगा, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।
सोनिया गांधी वोटर लिस्ट विवाद में बड़ा अपडेट! दिल्ली कोर्ट में फैसला टला, अब 29 अगस्त को आएगा आदेश
बिना नागरिकता हासिल किए मतदाता सूची में नाम शामिल कराए जाने के मामले में सोनिया गांधी के खिलाफ दाखिल रिवीजन पिटीशन पर राऊज एवेन्यू कोर्ट का फैसला टल गया है। अब इस मामले में अदालत 29 अगस्त को अपना फैसला सुनाएगी।
i10 से नहीं मरा तो स्कॉर्पियो से रौंदा! दिल्ली में एक्सीडेंट नहीं, 'प्लान्ड मर्डर'
दिल्ली के कंझावला इलाके में सड़क हादसे के पीछे हत्या की साजिश का खुलासा हुआ है. पुलिस के मुताबिक, दीपक को मारने की पहली कोशिश 2 जुलाई को सफेद हुंडई i10 से टक्कर मारकर की गई, लेकिन वह बच गया. इसके बाद 16 जुलाई को स्कॉर्पियो से टक्कर मारकर उसकी हत्या कर दी गई. मामले में पांच आरोपी गिरफ्तार हुए हैं.
Rahul Gandhi vs PM Modi: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी एक कार्यक्रम में एकदम बेबाक और आक्रामक अंदाज में नजर आए। 'रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय अधिवेशन' के मंच से उन्होंने न सिर्फ केंद्र सरकार की नीतियां पर सवाल खड़े किए, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ...
शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड (Mutual Fund Investment) के दौर में आज के समय में हर समझदार निवेशक कम समय में बड़ा फंड तैयार करना चाहता है। सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP को आम निवेशकों के बीच निवेश का सबसे सुरक्षित और लोकप्रिय जरिया माना जाता है, लेकिन अक्सर सही रणनीति और जानकारी के अभाव में लोगों को मनमुताबिक रिटर्न नहीं मिल पाता है। अगर आप भी शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से बेफिक्र होकर शानदार वेल्थ क्रिएशन करना चाहते हैं, तो आपके लिए एसआईपी का '7-5-3-1' नियम एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। इस बेहद लोकप्रिय और अचूक फॉर्मूले के जरिए आप बहुत ही आसानी से अपने निवेश के गणित को समझकर करोड़पति बनने के रास्ते पर आगे बढ़ सकते हैं। आइए इस पूरे फॉर्मूले और इसके कैलकुलेशन को बेहद आसान भाषा में विस्तार से समझते हैं।क्या है SIP का जादुई '7-5-3-1' नियम?इस शानदार निवेश रणनीति को चार प्रमुख हिस्सों में बांटा गया है, जो आपके पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं—7 यानी कम से कम 7 साल का निवेश: इक्विटी म्यूचुअल फंड एसआईपी को कभी भी शॉर्ट-टर्म के लिए न रखें। लंबे समय यानी कम से कम 7 साल तक निवेश बनाए रखने से बाजार के उतार-चढ़ाव का असर न्यूनतम हो जाता है और आपको कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि ब्याज) का असली फायदा मिलना शुरू होता है।5 यानी पोर्टफोलियो का डायवर्सिफिकेशन: अपने पूरे पैसे को एक ही जगह या एक ही फंड में झोंकने के बजाय अपने पोर्टफोलियो को कम से कम 5 अलग-अलग एसेट या फंड्स में बांटकर रखें ताकि जोखिम कम हो सके।3 यानी बाजार की तीन भावनात्मक स्थितियां: शेयर बाजार में हमेशा तेजी नहीं रहती। कभी आपको उम्मीद से कम रिटर्न मिलेगा, कभी निवेश ठहरता हुआ महसूस होगा और कभी बाजार गिरने पर भारी गिरावट भी दिखेगी। ऐसे समय में डरकर अपनी एसआईपी को बंद करना इस नियम के बिल्कुल खिलाफ है।1 यानी हर साल बढ़ाएं SIP की रकम: अपनी इनकम बढ़ने के साथ-साथ हर साल अपनी एसआईपी की राशि में भी इजाफा करें। इसे 'स्टेप-अप एसआईपी' कहा जाता है। हर साल 5 से 10 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी भी लंबे समय में आपके फंड को कई गुना बढ़ा सकती है।अब समझिए 5,000 रुपये की मासिक SIP का पूरा गणितआइए इसे एक उदाहरण के जरिए समझते हैं। मान लीजिए आप हर महीने सिर्फ ₹5,000 की एसआईपी शुरू करते हैं और इस पर औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलने की उम्मीद करते हैं—3 साल का निवेश: हर महीने ₹5,000 के हिसाब से 36 महीनों में आपका कुल निवेश ₹1.80 लाख होगा, जिसकी अनुमानित वैल्यू करीब ₹2.18 लाख यानी लगभग ₹37,500 का फायदा देगी।7 साल का निवेश: अगर आप इसी एसआईपी को 7 साल तक जारी रखते हैं, तो आपका कुल निवेश ₹4.20 लाख होगा और अनुमानित फंड बढ़कर करीब ₹6.60 लाख (यानी ₹2.40 लाख का मुनाफा) हो जाएगा।10 साल का निवेश: यही ₹5,000 की एसआईपी अगर 10 साल तक चलती है, तो आपका कुल निवेश ₹6 लाख होता है, लेकिन कंपाउंडिंग की ताकत से यह बढ़कर सीधे ₹11.62 लाख तक पहुंच जाता है, जिससे आपको लगभग ₹5.62 लाख का शुद्ध फायदा मिलता है।स्टेप-अप एसआईपी से कैसे बनता है बड़ा फंड?असली वेल्थ क्रिएशन तब होती है जब आप हर साल अपनी एसआईपी की रकम बढ़ाते हैं। मान लीजिए आपने ₹5,000 महीने से शुरुआत की और हर साल इसमें 10% की बढ़ोतरी की, तो 12% के अनुमानित रिटर्न के हिसाब से आंकड़े कुछ इस तरह बदल जाते हैं—7 साल की अवधि: कुल निवेश ₹5.69 लाख ➔ अनुमानित फंड ₹8.46 लाख10 साल की अवधि: कुल निवेश ₹9.56 लाख ➔ अनुमानित फंड ₹16.70 लाख15 साल की अवधि: कुल निवेश ₹19.06 लाख ➔ अनुमानित फंड ₹42.99 लाख20 साल की अवधि: कुल निवेश ₹34.36 लाख ➔ अनुमानित फंड ₹98.46 लाख से ज्यादायह पूरा कैलकुलेशन इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि सिर्फ एसआईपी शुरू करना ही काफी नहीं है, बल्कि समय के साथ अनुशासन रखते हुए निवेश की राशि बढ़ाना आपको बड़े वित्तीय लक्ष्यों तक पहुंचा सकता है। बाजार में गिरावट के दौरान घबराने के बजाय अपने लॉन्ग-टर्म लक्ष्यों पर टिके रहना ही इस नियम की सबसे बड़ी सफलता है।
साउथ की वो फिल्म जिसका रीमेक है अक्षय-सैफ की हैवान, मोहनलाल ने किया है, इस ओटीटी प्लेटफॉर्म है मौजूद
अक्षय कुमार और सैफ अली खान की ‘हैवान’ को लेकर चर्चा तेज है. फिल्म का कनेक्शन मोहनलाल की मलयालम फिल्म ‘ओप्पम’ से है. जानिए दोनों फिल्मों की कहानी और किरदारों के बीच क्या समानता है.
मॉनसून में सुधार के बावजूद बारिश की कमी से जूझ रहे 12 राज्य, मेघालय सबसे ज्यादा प्रभावित
देश के कई हिस्सों में हाल के दिनों में अच्छी बारिश होने के बावजूद 1 जून से 13 अगस्त तक मॉनसून वर्षा सामान्य से 12% कम दर्ज की गई है.
Rahul Gandhi का बड़ा हमला: BJP थोप रही अपना सिस्टम, कांग्रेस देगी India को बोलने का मौका
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को NEET-UG पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों से निपटने के तरीके को लेकर मोदी सरकार की आलोचना की। नई दिल्ली में 'रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय सम्मेलन' में बोलते हुए, गांधी ने आरोप लगाया कि BJP की राजनीतिक विचारधारा भारत पर ऐसी व्यवस्था थोपना है जिससे उन्हें और कुछ खास लोगों को फायदा हो। उन्होंने कहा, हमारा काम भारत को अपनी बात कहने का मौका देना है। इसे भी पढ़ें: PM Modi ने फोन पर जाना Sukhbir Badal का हाल, Nanded में हुआ था कृपाण से हमला सम्मेलन में बातचीत के अंदाज़ में अपनी बात रखते हुए गांधी ने ज़ोर दिया कि कांग्रेस का मकसद बीजेपी द्वारा थोपी गई व्यवस्था को तोड़ना है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर जो हो रहा था, वह यह है कि छात्र अपनी बात रखना चाहते हैं। वे परेशान हैं और अपनी बात कहना चाहते हैं, लेकिन सरकार कहती है—नहीं। हम जंतर-मंतर पर व्यवस्था कायम करेंगे। आप अपनी बात नहीं रख सकते। लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ने विरोध-प्रदर्शन के हालात की तुलना एक रेप पीड़िता के परिवार के साथ हुई अपनी बातचीत से की। उन्होंने याद करते हुए कहा कि आज एक महिला मेरे पास आई, जिसकी बेटी के साथ चार साल पहले उत्तराखंड में रेप हुआ था और उसकी हत्या कर दी गई थी। वह रो रही थी, अपनी बात कहने की कोशिश कर रही थी, लेकिन सिस्टम कहता है—'माफ़ कीजिए, हम आपको अपनी बात कहने की इजाज़त नहीं देंगे, क्योंकि अगर आप अपनी बात कहेंगी तो अव्यवस्था फैल जाएगी'। उन्होंने आगे कहा कि तो उनका काम और उनकी राजनीतिक सोच भारत पर एक ऐसा सिस्टम थोपना है, जिससे उन्हें और कुछ खास लोगों को फ़ायदा हो। और हमारा काम भारत को अपनी बात कहने का मौका देना और उस सिस्टम को तोड़ना है। CJP की अगुवाई में जंतर-मंतर पर हो रहा विरोध प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के तौर पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद खत्म हुआ। संसद में विपक्षी पार्टियों ने गृह मंत्री अमित शाह से प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ हुई पुलिस कार्रवाई पर बयान देने की मांग की है। गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर आज के भारत को न समझने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि अगर आप ब्रिटिश साम्राज्य से लड़ रहे हों और अचानक कहें कि मुझे थोड़ा डर लग रहा है, तो मैं समझ सकता हूँ। लेकिन आप तो कुछ जोकरों से लड़ रहे हैं। आपको डर कैसे लग सकता है? आप असल में कुछ जोकरों, ऐसे मसखरों से लड़ रहे हैं जिन्हें हमारी फ़िलॉसफ़ी या हमारे इतिहास के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मैं RSS में मौजूद अपने दोस्तों के बारे में यह बात साफ़ तौर पर कह सकता हूँ। यह बात मेरे लिए बिल्कुल साफ़ है। इसे भी पढ़ें: खड़गे की रैली के बाद 'शुद्धिकरण' पर बवाल: Priyanka Gandhi ने पूछा - यह कैसी Politics? उन्होंने आगे कहा कि असल में, ज़्यादातर लोगों के लिए यह साफ़ है कि इन लोगों को भारत की कोई समझ नहीं है। क्यों? क्योंकि जो कोई आज के भारत से नहीं जुड़ सकता, वह भारत को समझ नहीं सकता। भारत को समझने के लिए, आप 3,000 साल पुराने भारत को नहीं समझ सकते। आपको इसे आज, इसी समय समझना होगा। और इसे आज समझने का एकमात्र तरीका है इसकी अभिव्यक्ति को समझना। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
27 साल बाद यूरोप में पूर्ण सूर्य ग्रहण, देखें दुनिया की बड़ी खबरें
27 साल बाद यूरोप में पूर्ण सूर्य ग्रहण देखा गया... जब दिन में ही कुछ देर के लिए अंधेरा छा गया... इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए करीब 60 लाख लोग स्पेन पहुंचे... जबकि आइसलैंड में 80 हजार से ज्यादा पर्यटकों ने इस खगोलीय घटना को कैमरों में कैद किया. देखें...
सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराओं में पूजा-पाठ का हमारे जीवन में एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। अधिकांश लोगों का यह मानना होता है कि भगवान के सामने दीपक जलाना, फूल अर्पित करना, भोग लगाना और आरती कर लेना ही संपूर्ण पूजा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पूजा करने की यह पूरी प्रक्रिया केवल यहीं समाप्त नहीं होती? अक्सर हम में से अधिकांश लोग पूजा समाप्त होते ही बिना एक पल रुके तुरंत अपनी जगह से उठ जाते हैं, जबकि हमारे शास्त्रों और सनातन परंपराओं में इस बात का स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि पूजा के ठीक अंत में भगवान से क्षमा प्रार्थना करना अनिवार्य रूप से जरूरी होता है। पूजा के दौरान अनजाने में हुई किसी भी प्रकार की त्रुटि, मंत्रों के गलत उच्चारण या विधि की कमी को सुधारने के लिए यह नियम बेहद आवश्यक माना गया है।क्या है पौराणिक क्षमायाचना मंत्र और इसका गहरा अर्थपूजा के समापन पर भगवान से अपनी भूलों की माफी मांगने के लिए शास्त्रों में एक बहुत ही सरल और प्रभावशाली मंत्र बताया गया है:आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्। पूजां चैव न जानामि क्षमस्व परमेश्वर॥ मंत्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं जनार्दन। यत्पूजितं मया देव परिपूर्णं तदस्तु मे॥इस अत्यंत सुंदर और भावपूर्ण मंत्र का सरल शब्दों में अर्थ यह है कि हे परमेश्वर! हमें न तो आपको आह्वाहित करने यानी बुलाने का सही नियम पता है और न ही विधि-विधान से विसर्जन करने का ज्ञान है। इसके अलावा हम पूजा की सही कर्मकांडीय विधि से भी अनजान हैं और हमारे पास मंत्रों का पूर्ण ज्ञान तथा सच्ची भक्ति का भी अभाव है। इसके बावजूद हमने अपनी क्षमता और श्रद्धा के अनुसार जो भी सेवा की है, हे जनार्दन! आप हमारी उस अधूरी पूजा को अपनी कृपा से पूर्ण स्वीकार करें और जाने-अनजाने हुई हमारी हर भूल को क्षमा करें।पूजा के अंत में क्षमा मांगने की सही विधि और नियमधार्मिक दृष्टि से पूजा संपन्न होने के बाद क्षमा प्रार्थना करने का एक विशेष और सरल तरीका बताया गया है, जिसका पालन हर आस्तिक को करना चाहिए। जब आपकी आरती और मुख्य पूजा पूरी हो जाए, तो सबसे पहले अपने दाहिने हाथ में थोड़े से अक्षत यानी साफ चावल और ताजे फूल ले लें। इसके बाद अपनी दोनों आंखें बंद करके पूरी तरह शांत मन से भगवान की मूर्ति या तस्वीर का ध्यान करें। अब मन ही मन अपनी पूजा की कमियों को स्वीकार करते हुए पूरी विनम्रता के साथ इस क्षमायाचना मंत्र का उच्चारण करें। मंत्र पूरा होने के बाद अपने हाथ में रखे हुए वे फूल और चावल भगवान के चरणों में श्रद्धापूर्वक अर्पित कर दें और अंत में साष्टांग या झुककर उन्हें प्रणाम करें।भगवान सिर्फ अहंकार नहीं, आपकी विनम्रता के भूखे हैंहमारे शास्त्रों में हमेशा इस बात पर जोर दिया गया है कि भगवान किसी भी प्रकार के महंगे चढ़ावे, आडंबर या कठिन मंत्रों के भूखे नहीं होते, बल्कि वे केवल भक्त के सच्चे भाव और उसकी विनम्रता को देखते हैं। पूजा के अंत में की जाने वाली यह क्षमा प्रार्थना हमारे भीतर के अहंकार को समाप्त करती है और हमें यह सिखाती है कि हम अपनी गलतियों को सहजता से स्वीकार करें। इसलिए, अगली बार जब भी आप अपने घर के मंदिर में पूजा-पाठ करें, तो जल्दबाजी में उठने के बजाय अंत में दो मिनट निकालकर यह क्षमा प्रार्थना जरूर करें, जिससे आपकी पूजा संपूर्ण और फलदायी बन सके।
'...तो मैं RSS का सपोर्ट करूंगा, उनकी रक्षा करूंगा', जानें ऐसा क्यों बोले राहुल गांधी
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर तीखा हमला किया. उन्होंने कहा कि आरएसएस की अभिव्यक्ति की आजादी का सम्मान किया जाना चाहिए और यदि उसे देश से बाहर करने की कोशिश हुई तो वे उसकी रक्षा करेंगे.
रिटायर्ड जज से 2.5 करोड़ की ठगी, CBI अफसर, पुलिस की वर्दी का डर; 15 दिन तक किया डिजिटल अरेस्ट
जयपुर में डिजिटल अरेस्ट करके ठगी की बड़ी वारदात सामने आई है. ठगों ने एक रिटायर्ड जज को अपना शिकार बनाया और 15 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट किए रखा.
हिंदू धर्म और सनातन शास्त्रों में धन, सुख-समृद्धि और वैभव की प्राप्ति के लिए मां लक्ष्मी की पूजा-आराधना का विशेष महत्व बताया गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि माता लक्ष्मी के साथ-साथ उनकी बड़ी बहन 'अलक्ष्मी' का भी जिक्र हमारे पुराणों में मिलता है? भागवत पुराण की पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान माता लक्ष्मी के प्रकट होने से ठीक पहले उनकी बड़ी बहन अलक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था, जिनकी आदतें और स्वभाव मां लक्ष्मी से बिल्कुल विपरीत हैं। जहां मां को स्वच्छता, उजाला और पवित्रता पसंद है, वहीं अलक्ष्मी को गंदगी, अंधेरा और दरिद्रता आकर्षित करती है। हमारे वास्तु शास्त्र और धर्म ग्रंथों के अनुसार, घर में रखी कुछ अशुद्ध और नकारात्मक ऊर्जा वाली वस्तुएं अनजाने में अलक्ष्मी को अपनी ओर खींचती हैं, जिससे घर में कंगाली और संकटों का वास होने लगता है। आइए जानते हैं ऐसी कौन सी 5 चीजें हैं जिन्हें घर में रखना बर्बादी का कारण बन सकता है।1. सूखा हुआ तुलसी का पौधातुलसी के पौधे को हिंदू धर्म में बेहद पवित्र और मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। मान्यता है कि जिस घर में हरा-भरा तुलसी का पौधा होता है, वहां सकारात्मक ऊर्जा और बरकत बनी रहती है। लेकिन यदि आपके घर में तुलसी का पौधा सूख गया है और आप उसे वैसे ही रखे हुए हैं, तो यह बहुत बड़ा अपशकुन माना जाता है। सूखा हुआ तुलसी का पौधा घर में अलक्ष्मी और दरिद्रता को सीधे तौर पर आमंत्रित करता है। यदि आपके घर में भी कोई तुलसी सूख गई है, तो उसे तुरंत हटाकर किसी पवित्र स्थान या नदी में प्रवाहित कर दें और उसकी जगह नया हरा-भरा पौधा लगाएं।2. टूटा-फूटा और बेकार सामानअक्सर लोग घरों में कबाड़, खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान या टूटा-फूटा फर्नीचर बरसों तक संभाल कर रखते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में इस तरह का अनुपयोगी और टूटा हुआ सामान नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) का संचार करता है। यह गंदगी और अव्यवस्था अलक्ष्मी को बहुत प्रिय होती है। इस प्रकार की वस्तुएं घर में लंबे समय तक रखे रहने से धन के मार्ग बंद होने लगते हैं और परिवार के सदस्यों को आर्थिक तंगी व मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है।3. टूटा हुआ कांच या शीशाघर में इस्तेमाल होने वाला टूटा हुआ दर्पण या कांच का सामान रखना भारी वास्तु दोष पैदा करता है। टूटा हुआ कांच घर के अंदर सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को पूरी तरह से विकृत कर देता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, टूटा हुआ कांच सीधे तौर पर अलक्ष्मी को आकर्षित करता है। यदि आपके घर में कोई खिड़की, आईना या कांच का बर्तन टूट गया है, तो उसे एक पल के लिए भी घर में न रखें और तुरंत घर से बाहर कर दें, वरना मां लक्ष्मी का वास समाप्त हो सकता है।4. पुरानी और टूटी हुई झाड़ूझाड़ू को मां लक्ष्मी का ही दूसरा रूप माना जाता है क्योंकि यह घर की गंदगी और दरिद्रता को बाहर निकालती है। लेकिन घर में कभी भी पुरानी, फटी या टूटी हुई झाड़ू का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। टूटी हुई झाड़ू को अलक्ष्मी की सबसे प्रिय वस्तुओं में से एक माना गया है। घर में टूटी झाड़ू रखने से बरकत चली जाती है और आर्थिक संकट घेरने लगते हैं। हमेशा एक निश्चित समय पर पुरानी झाड़ू को बदल देना चाहिए और उसे शनिवार के दिन घर से बाहर करना शुभ माना जाता है।5. फटे-पुराने और अस्त-व्यस्त कपड़ेफटे-पुराने और मैले कपड़े पहनना या उन्हें बिना किसी उपयोग के घर में ढेर लगाकर रखना भी दुर्भाग्य को बुलावा देता है। इस तरह के वस्त्र घर में अव्यवस्था और नकारात्मकता को बढ़ाते हैं, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का मार्ग बाधित होता है। शास्त्रों के अनुसार, अस्त-व्यस्त और फटे कपड़े भी अलक्ष्मी को आकर्षित करते हैं। यदि आपके पास ऐसे कपड़े हैं जो अब पहनने योग्य नहीं हैं, तो उन्हें किसी जरूरतमंद को दान कर दें या घर से हटा दें ताकि आपके जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त हो सके।
Explainer: जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ क्या अब FIR दर्ज हो सकती है, क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
जस्टिस यशवंत वर्मा के मामले में लोकसभा अध्यक्ष की बनाई जांच समिति ने सरकारी आवास में मिली बेहिसाब नकदी, सबूतों के सुरक्षित न रहने और संतोषजनक जवाब नहीं देने से जुड़े तीनों आरोप साबित माने हैं. संसद की जांच के नतीजों के बाद क्या अब FIR हो सकती है?
हनुमान जी के कितने भाई थे? रामचरितमानस में नहीं बल्कि इस प्राचीन पुराण में छिपा है यह बड़ा रहस्य
हिंदू धर्म और सनातन संस्कृति में संकटमोचन भगवान हनुमान को कलियुग के सबसे जागृत और पूजनीय देवताओं में से एक माना जाता है। उनकी महिमा और असीम पराक्रम के बारे में हर कोई जानता है, लेकिन उनके निजी जीवन और परिवार से जुड़े कई ऐसे रहस्य हैं जिनसे आज भी अधिकांश लोग पूरी तरह अनजान हैं। महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण और महाकवि तुलसीदास की पवित्र 'रामचरितमानस' में भगवान श्री राम के परम भक्त हनुमान जी के जीवन के कई प्रसंगों का विस्तार से वर्णन मिलता है, लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि पवनसुत हनुमान के कितने भाई थे? यदि आपके मन में भी यह सवाल है, तो इसका जवाब आपको मुख्य रामायण में नहीं बल्कि प्राचीन 'ब्रह्मांड पुराण' में मिलता है, जहां हनुमान जी के परिवार और उनके भाइयों का विस्तृत उल्लेख किया गया है।कैसे हुआ था हनुमान जी का जन्म और क्या है पौराणिक मान्यतापौराणिक कथाओं और वाल्मीकि रामायण के किष्किंधा कांड के अनुसार, संकटमोचन हनुमान जी का जन्म माता अंजना और वानरराज केसरी के घर हुआ था, जिसके कारण उन्हें 'अंजनी पुत्र' और 'केसरी नंदन' के नाम से भी पुकारा जाता है। इसके अलावा, 'शिव महापुराण' में हनुमान जी को सीधे तौर पर भगवान शिव का ग्यारहवां रुद्रावतार माना गया है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, भगवान हनुमान का इस पृथ्वी पर अवतरण त्रेतायुग में भगवान विष्णु के अवतार प्रभु श्री राम के कार्यों में सहायता करने और धर्म की रक्षा के उद्देश्य से हुआ था। बालपन से ही हनुमान जी के पास असीम शक्तियां, अद्भुत बुद्धि और अखाद्य पराक्रम था, और उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी भगवान राम की अनन्य भक्ति में समर्पित कर दी थी।ब्रह्मांड पुराण में मिलता है हनुमान जी के पांच भाइयों का उल्लेखहिंदू धर्म के सबसे प्राचीन और प्रामाणिक ग्रंथों में गिने जाने वाले 'ब्रह्मांड पुराण' में वानर वंश की वंशावली का बेहद सूक्ष्म और विस्तृत वर्णन किया गया है। इसी प्राचीन पुराण में इस बात का भी खुलासा किया गया है कि भगवान हनुमान अकेले नहीं थे, बल्कि उनके पांच सगे भाई और भी थे। इन सभी भाइयों के नाम मतिमान, श्रुतिमान, केतुमान, गतिमान और धृतिमान बताए गए हैं। इन सभी भाइयों में हमारे बजरंगबली सबसे बड़े थे और माता अंजना के ज्येष्ठ पुत्र होने के नाते वे अत्यंत बलशाली और तेजवान भी थे। पुराणों के अनुसार, जहां हनुमान जी के अन्य पांचों भाइयों ने सामान्य वैवाहिक जीवन चुनते हुए गृहस्थ जीवन व्यतीत किया, वहीं महाबली हनुमान ने अपनी इच्छा से आजीवन अखंड बाल ब्रह्मचारी रहने का संकल्प लिया और पूरी सृष्टि के कल्याण में अपना जीवन बिता दिया।रामचरितमानस में क्यों नहीं मिलता हनुमान जी के परिवार का जिक्रअक्सर लोगों के मन में यह सवाल जरूर आता है कि जब हनुमान जी के इतने भाई थे, तो इसका जिक्र तुलसीदास जी की 'रामचरितमानस' या महर्षि वाल्मीकि की 'रामायण' में क्यों देखने को नहीं मिलता है। इसका मुख्य कारण यह है कि ये दोनों ही महाग्रंथ मुख्य रूप से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जीवन चरित्र, उनकी लीलाओं और उनके आदर्शों को समर्पित हैं। इन ग्रंथों का मुख्य उद्देश्य प्रभु श्री राम की कथा का बखान करना है, इसलिए इनमें केवल उन्हीं पात्रों और घटनाओं को प्रमुखता से स्थान दिया गया है जो सीधे तौर पर श्रीराम की कथा से जुड़े हुए थे। यही वजह है कि हनुमान जी के परिवार और भाइयों का वर्णन इन लोकप्रिय ग्रंथों में नहीं मिलता, बल्कि इसके प्रमाण हमें प्राचीन पुराणों की ऋचाओं में सुरक्षित मिलते हैं।
सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL ने अपने रिचार्ज पोर्टफोलियो में दो अहम बदलाव किए हैं। कंपनी ने नए यूजर्स के लिए ₹1 वाला रिचार्ज प्लान दोबारा पेश किया है, लेकिन इस बार इसके फायदे पहले के मुकाबले कम कर दिए गए हैं। वहीं, BSNL ने अपने ₹2,399 वाले सालाना प्लान ...
भगवंत मान सरकार का दांव, अमृतपाल भी बना फैक्टर; कैसे सिख राजनीति में अकाली के हाथ हो रहे खाली
पंजाब चुनाव से पहले बंदी सिखों का मुद्दा राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है. लेकिन यह केवल कैदियों की रिहाई पर बहस तक सीमित नहीं है. यह एक बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत है. बदलाव यह कि पंथक राजनीति पर अब शिरोमणि अकाली दल का एकाधिकार नहीं रही.
पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री और अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर महाराष्ट्र में हमला - BBC
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MP में जल्द लागू होगा UCC, CM Mohan Yadav बोले- राज्य में आएगी समानता की पवित्र भावना
मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) जल्द लागू की जाएगी और इसके साथ ही राज्य देश के उन प्रमुख राज्यों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा जहां यह कानून लागू है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बृहस्पतिवार को यह बात कही। यादव स्वतंत्रता दिवस के पहले भोपाल के भोजताल (बडा तालाब) में नौकाओं पर आयोजित तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू होने जा रही है। इससे मध्य प्रदेश देश के उन प्रमुख राज्यों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा, जहां यूसीसी लागू है और राज्य में समानता की पवित्र भावना मजबूत होगी।’’ उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा और हिंदू, मुस्लिम, पारसी या ईसाई, सभी पर समान कानून लागू होंगे। बड़ा तालाब में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध बोट क्लब देशभक्ति के गीतों से गूंज उठा। एक अधिकारी ने बताया कि देश में पहली बार झील के बीचोंबीच तैरता हुआ तिरंगा भी बनाया गया। यादव ने खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि उनका प्रदर्शन रोमांचकारी है और यह दर्शाता है कि जीवन में परिस्थितियां हमेशा एक जैसी नहीं रहतीं तथा समय के साथ संकल्प और कौशल विकसित होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश और दुनिया देख रही है कि तिरंगा यात्रा नावों के जरिए भी निकाली जा सकती है और मध्यप्रदेश इस आयोजन के माध्यम से एक अनूठा रिकॉर्ड बना रहा है। मध्यप्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग भी नौका तिरंगा यात्रा में शामिल हुए।
पश्चिम बंगाल सरकार ने गुरुवार (13 अगस्त) को बीजेपी राज्यसभा सांसद नागेंद्रनाथ राय (जिन्हें अनंत महाराज के नाम से भी जाना जाता है) से राज्य का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'बंगा विभूषण' वापस ले लिया और उसे रद्द कर दिया। यह कदम नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बारे में उनके कथित अपमानजनक बयानों के बाद उठाया गया। यह कदम पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री द्वारा सोशल मीडिया पर नेताजी के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ गिरफ्तारी सहित सख्त कार्रवाई करने का निर्देश देने के 24 घंटे से भी कम समय में उठाया गया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कानून सांसदों, विधायकों और सरकारी अधिकारियों पर समान रूप से लागू होगा। इसे भी पढ़ें: PM Modi ने फोन पर जाना Sukhbir Badal का हाल, Nanded में हुआ था कृपाण से हमला राज्य के सूचना और सांस्कृतिक मामलों के विभाग ने गुरुवार को पुरस्कार रद्द करने का आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल सरकार, श्री नागेंद्र राय उर्फ अनंत महाराज को 21 फरवरी, 2026 को दिए गए 'बंगा विभूषण' सम्मान को तत्काल प्रभाव से वापस लेती है और रद्द करती है। आदेश में यह भी कहा गया है कि महाराज अब खुद को 'बंगा विभूषण' प्राप्तकर्ता के तौर पर नहीं बता सकेंगे और न ही इस पुरस्कार से मिलने वाली किसी मान्यता, विशेषाधिकार या लाभ का दावा कर सकेंगे। इसमें अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे सभी संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड और 'बंगा विभूषण' प्राप्तकर्ताओं की सूची से उनका नाम हटा दें और आदेश के अनुसार आगे की कार्रवाई करें। आदेश में कहा गया कि संबंधित सभी लोगों को निर्देश दिया जाता है कि वे 'बंगा विभूषण' प्राप्तकर्ताओं के आधिकारिक रिकॉर्ड/सूची से उनका नाम हटाने और इस आदेश के अनुसार आगे की कार्रवाई करने के लिए जरूरी कदम उठाएं। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi को BJP की चुनौती: JPSC Scam पर ट्वीट नहीं, CM हाउस के बाहर धरना दो अनंत महाराज ने नेताजी को युद्ध अपराधी बताया और भारत की आज़ादी की लड़ाई में उनकी लीडरशिप और आज़ाद हिंद फ़ौज की भूमिका पर सवाल उठाए। इससे पहले बुधवार को, मुख्यमंत्री ने पुलिस को निर्देश दिया कि वे सोशल मीडिया पर नेताजी के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने वालों के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी समेत सख़्त कार्रवाई करें। उन्होंने यह भी कहा कि यह कानून सांसदों, विधायकों और सरकारी अधिकारियों पर भी समान रूप से लागू होगा। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
सोने की कीमतों में आई मामूली नरमी, 1.41 लाख रुपये पर पहुंचा भाव; जानिए आपके शहर में क्या है ताजा रेट
भारतीय सर्राफा बाजार में हफ्ते के बीच में कीमती धातुओं के कारोबार में एक बार फिर हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। निवेश और आभूषणों के लिहाज से सबसे पसंदीदा मानी जाने वाली धातु सोने के दाम में गुरुवार, 13 अगस्त को मामूली कमजोरी दर्ज की गई है। पिछले कारोबारी दिन यानी बुधवार को सोने की कीमतों में हल्की बढ़त देखने को मिली थी, जिसके बाद आज बाजार में मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों के प्रभाव के चलते कीमतों में आंशिक गिरावट आई है। यदि आप भी आज के दिन सोने के गहने खरीदने का मन बना रहे हैं या भविष्य के लिए गोल्ड में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो देश भर के प्रमुख सर्राफा बाजारों के इन ताजा आंकड़ों पर नजर डालना आपके लिए बेहद जरूरी है।प्रमुख महानगरों और राज्यों में आज क्या चल रहा है सोने का भावगुरुवार के कारोबार के दौरान देश के विभिन्न शहरों में सोने की कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बुलियन मार्केट में 24 कैरेट सोने का भाव 1,54,150 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि 22 कैरेट सोने का रेट 1,41,200 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 24 कैरेट सोना 1,55,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा और यहां 22 कैरेट सोने का भाव 1,42,440 रुपये रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह बिहार की राजधानी पटना में 24 कैरेट गोल्ड 1,54,400 रुपये और 22 कैरेट गोल्ड 1,41,460 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बिका। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की बात करें तो यहाँ 24 कैरेट सोने की कीमत 1,54,630 रुपये और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,41,640 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज की गई, जिसमें हल्की गिरावट देखने को मिली है।सोने के भाव में गिरावट आने के पीछे के 3 मुख्य कारणबाजार के जानकारों और एक्सपर्ट्स के अनुसार, सोने की कीमतों में आई इस हल्की नरमी के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारक जिम्मेदार माने जा रहे हैं। पहला कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में भू-राजनीतिक और पश्चिमी एशिया के तनाव में आई थोड़ी सी नरमी है, जिसकी वजह से सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग में कुछ समय के लिए सुस्ती आ जाती है। दूसरा बड़ा कारण वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर की चाल और कच्चे तेल के दामों में होने वाला उतार-चढ़ाव है, जो सर्राफा बाजार को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं। तीसरा और अंतिम मुख्य कारण ऊंचे स्तरों पर निवेशकों द्वारा की जाने वाली मुनाफावसूली है; जब बाजार में कीमतें लगातार ऊपर जाती हैं, तो निवेशक बिकवाली करके मुनाफा कमाते हैं, जिससे कीमतों में हल्का ठहराव या गिरावट आ जाती है।
कल का मौसम: दिल्ली, UP, बिहार समेत 18 राज्यों में भारी बारिश, ओडिशा-छत्तीसगढ़ में रेड अलर्ट
Kal Ka Mausam 14 August 2026: मौसम विभाग ने कल के लिए दिल्ली-NCR समेत देश के 18 राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई है. कहां कैसा मौसम रहेगा
भारतीय सर्राफा बाजार में एक बार फिर कीमती धातुओं की चाल में बदलाव देखने को मिला है। निवेश और आभूषणों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाने वाली चांदी के दाम में गुरुवार को कमजोरी दर्ज की गई है। कल शाम जहां बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली थी और चांदी बढ़त के साथ बंद हुई थी, वहीं आज इसमें मुनाफावसूली और वैश्विक कारकों के चलते नरमी आई है। यदि आप भी चांदी के गहने खरीदने का मन बना रहे हैं या इसमें निवेश करने की योजना पर काम कर रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि आज देश के प्रमुख बाजारों में चांदी किस भाव पर बिक रही है।प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा दाम और गिरावट का हालगुरुवार को कारोबार के दौरान देश भर के सर्राफा बाजारों में चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बुलियन मार्केट में एक किलोग्राम चांदी का रेट घटकर 2,36,100 रुपये पर आ गया, जिसमें 1,918 रुपये की गिरावट दर्ज की गई। इसके आधार पर 100 ग्राम चांदी का भाव 23,600 रुपये और 10 ग्राम चांदी का दाम 2,360 रुपये पर रहा। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चांदी का भाव थोड़ा ऊपर यानी 2,38,300 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया, जहां कीमतों में 1,580 रुपये की नरमी आई। वहीं, बिहार की राजधानी पटना में चांदी का भाव 2,36,100 रुपये रहा और यहाँ सिल्वर में 1,909 रुपये की गिरावट आई। इसके अलावा राजस्थान के जयपुर में चांदी 1,865 रुपये सस्ती होकर 2,36,100 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती नजर आई, जबकि देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में एक किलोग्राम चांदी का भाव 1,933 रुपये की गिरावट के साथ 2,36,362 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ।चांदी की कीमतों में अचानक क्यों आई गिरावट?बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी के दामों में आई इस गिरावट के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण जिम्मेदार माने जा रहे हैं। पहला कारण वैश्विक मोर्चे पर तनाव में आई थोड़ी कमी है, जिसके कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में चांदी की लिवाली थोड़ी धीमी कर देते हैं और इसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ता है। दूसरा और सबसे बड़ा कारण ऊंचे स्तरों पर निवेशकों द्वारा की जाने वाली मुनाफावसूली है; जब कीमतें लगातार बढ़ती हैं तो लोग मुनाफा कमाने के लिए बिकवाली शुरू कर देते हैं जिससे दाम नीचे आ जाते हैं। तीसरा कारण अमेरिकी डॉलर की मजबूती, आयात शुल्क और औद्योगिक क्षेत्रों (जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर सेक्टर) से मिलने वाली मांग में उतार-चढ़ाव है, जो अंतरराष्ट्रीय संकेतों के जरिए भारतीय सर्राफा बाजार की दिशा तय करते हैं।
कब्र से मिली बीयर की सबसे पुरानी बोतल... 2000 साल पहले बनी थी
चीन में एक कब्र के अंदर से सबसे पुरानी बीयर की बोतल मिली है. यह बीयर 2000 साल से भी ज्यादा पुरानी है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कितने साल पहले से इंसान बीयर पीते आ रहे हैं.
होमगार्ड की मौत के बाद सड़क हादसे में SI उपेंद्र ने भी गंवाई जान
गाजियाबाद में बुधवार देर शाम से गुरुवार सुबह तक हुए दो सड़क हादसों ने पुलिस विभाग को झकझोर दिया. क्रॉसिंग रिपब्लिक में थार की टक्कर से PRV बाइक सवार होमगार्ड की मौत हो गई, जबकि कांस्टेबल घायल हुआ. इसके बाद दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर पुलिस टीम की स्विफ्ट कैंटर से भिड़ गई, जिसमें सब इंस्पेक्टर उपेंद्र की इलाज के दौरान जान चली गई.
होर्मुज के कारण इराक में कैश की कमी, सरकारी कर्मचारियों को भी नहीं मिल पा रही सैलरी
बगदाद स्थित थिंक टैंक 'अल बयान सेंटर' के लिए अगस्त में जारी एक रिपोर्ट में इराकी अर्थशास्त्री अली अल-रावी ने तर्क दिया कि यह एक गंभीर संकट है, जो सिर्फ तेल क्षेत्र तक ही सीमित नहीं है.
शेयर बाजार में लगातार सक्रिय रहने वाले निवेशकों के लिए एक बहुत बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आ रही है। सरकार के स्वामित्व वाली प्रतिष्ठित नवरत्न कंपनी एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस यानी ITBP से एक बहुत बड़ा और अहम वर्क ऑर्डर हासिल हुआ है। इस नए ऑर्डर के मिलने के बाद कंपनी के शेयरों पर निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है। वर्तमान में इस कंपनी के शेयर की कीमत 100 रुपये से भी कम यानी लगभग 92 रुपये के आसपास ट्रेड कर रही है, जो इसे छोटे और मझोले निवेशकों के लिए काफी आकर्षक बनाती है। पिछले कुछ समय से इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में लगातार अपनी मजबूत पकड़ बना रही इस सरकारी कंपनी के लिए यह अनुबंध कारोबार विस्तार की दिशा में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है।लद्दाख में 28 बॉर्डर आउट पोस्ट्स के विकास का जिम्मानवरत्न कंपनी एनबीसीसी को मिले इस नए और विशालकाय प्रोजेक्ट की कुल वित्तीय वैल्यू लगभग 234.78 करोड़ रुपये आंकी गई है। कंपनी इस अनुबंध के तहत रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील क्षेत्र लद्दाख में आईटीबीपी की कुल 28 बॉर्डर आउट पोस्ट्स (BOPs) पर आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण और उनके पुनर्विकास का कार्य करेगी। एनबीसीसी इन सभी प्रस्तावित कंस्ट्रक्शन और रीडिवेलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए अपनी विशेष कॉम्प्रेहेंसिव प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी सर्विसेज (PMC) प्रदान करेगी। देश की सुरक्षा से जुड़े इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के मिलने से कंपनी की साख और वित्तीय मजबूती में और अधिक इजाफा होने की पूरी उम्मीद है, जिससे भविष्य में अन्य बड़े सरकारी अनुबंध मिलने के रास्ते भी आसान हो जाएंगे।शानदार वित्तीय नतीजे और बढ़ता मुनाफाकंपनी द्वारा हाल ही में जारी किए गए चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, एनबीसीसी (NBCC India) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 154.8 करोड़ रुपये का मजबूत कंसॉलिडेटेड मुनाफा दर्ज किया है। खास बात यह है कि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले कंपनी के मुनाफे में सीधे तौर पर 17.2 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, और यह उछाल तब आया है जब कंपनी के कुल रेवेन्यू में मामूली गिरावट दर्ज की गई थी। इस अवधि के दौरान कंपनी का परिचालन प्रदर्शन (Operating Performance) बहुत बेहतरीन रहा है, जिसके तहत कंपनी का एबिट्डा 39 प्रतिशत की जोरदार छलांग के साथ 155 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जबकि एक साल पहले यह 111.5 करोड़ रुपये था।बोनस शेयर और स्टॉक स्प्लिट का पुराना इतिहासएनबीसीसी (इंडिया) अपने निवेशकों को समय-समय पर मालामाल करने के लिए जानी जाती है और यह नवरत्न कंपनी अपने शेयरधारकों को इतिहास में पहले ही दो बार बोनस शेयरों का बड़ा तोहफा दे चुकी है। कंपनी ने सबसे पहले फरवरी 2017 में 1:2 के अनुपात में बोनस शेयर बांटे थे, जिसके तहत हर दो शेयरों पर एक शेयर मुफ्त दिया गया था। इसके बाद कंपनी ने निवेशकों को दूसरा तोहफा देते हुए अक्टूबर 2024 में भी 1:2 के रेशियो में ही बोनस शेयर जारी किए थे। इसके अलावा कंपनी अपने शेयरों का स्टॉक स्प्लिट यानी विभाजन भी कर चुकी है, जिसमें जून 2016 में शेयर को 5 टुकड़ों में और अप्रैल 2018 में 2 टुकड़ों में बांटा गया था। हालांकि इस साल शेयरों में कुछ उतार-चढ़ाव जरूर देखा गया है, लेकिन लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए पिछले पांच वर्षों में इस स्टॉक ने करीब 197 प्रतिशत का जबरदस्त मल्टीबैगर रिटर्न देकर सबको हैरान कर दिया है।
EPS-95 पेंशन पर सरकार का बड़ा बयान, ₹1,000 से ₹7,500 होगी न्यूनतम पेंशन या बढ़ गई मुश्किलें
देश भर के लाखों पेंशनर्स के मन में इन दिनों एंप्लाइज पेंशन स्कीम यानी EPS-95 के तहत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन को लेकर कई तरह के सवाल और उम्मीदें बनी हुई हैं। लंबे समय से देश के विभिन्न हिस्सों से यह मांग जोर पकड़ रही थी कि न्यूनतम मासिक पेंशन को मौजूदा ₹1,000 से बढ़ाकर सीधे ₹7,500 कर दिया जाए। बढ़ती महंगाई, दवाइयों के खर्च और रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ बुजुर्ग पेंशनर्स इस दिशा में सरकार के किसी बड़े फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच, संसद के मानसून सत्र के दौरान 10 अगस्त को लोकसभा में इस अति संवेदनशील मुद्दे पर औपचारिक सवाल पूछा गया, जिसके बाद सरकार की तरफ से जो आधिकारिक जवाब सामने आया है, उसने साफ कर दिया है कि फिलहाल न्यूनतम पेंशन बढ़ाने को लेकर क्या स्थिति है और पेंशनर्स को अभी कितना इंतजार करना पड़ सकता है।लोकसभा में उठी मांग और सरकार का आधिकारिक रुखलोकसभा में सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी द्वारा सरकार से यह सीधा सवाल किया गया था कि क्या कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-1995) के अंतर्गत मिलने वाली न्यूनतम मासिक पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 करने की कोई आधिकारिक योजना सरकार के विचाराधीन है। इसके साथ ही उन्होंने कुल पेंशनर्स की संख्या और सुप्रीम कोर्ट के उच्च वेतन पर पेंशन संबंधी फैसले के बाद के लाभार्थियों का ब्योरा भी मांगा था। इस सवाल के लिखित जवाब में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने स्पष्ट किया कि सरकार वर्तमान में EPS-1995 के दायरे में आने वाले सभी पात्र पेंशनर्स को ₹1,000 प्रति माह की न्यूनतम पेंशन दे रही है। इस न्यूनतम राशि को बरकरार रखने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से लगातार विशेष बजटीय सहायता भी मुहैया कराई जाती है। हालांकि, सरकार के इस जवाब में ₹7,500 की मांग को तत्काल प्रभाव से मंजूरी देने या इसे लागू करने की किसी भी निश्चित तारीख की घोषणा नहीं की गई है, जिससे यह साफ हो गया है कि फिलहाल मौजूदा व्यवस्था ही लागू रहेगी।पेंशनर्स का राष्ट्रव्यापी आंदोलन और वित्तीय चुनौतियांयह पूरा मामला केवल संसद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा सामाजिक और संगठनात्मक संघर्ष भी जुड़ा हुआ है। 'ईपीएस-95 राष्ट्रीय आंदोलन समिति' (National Agitation Committee) के बैनर तले देश भर के पेंशनर्स लगातार देश की राजधानी दिल्ली समेत कई प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शन कर चुके हैं। हाल ही में 5 अगस्त को भी दिल्ली में पेंशनर्स ने अपनी इन मांगों को लेकर जोरदार आवाज उठाई थी। उनकी मुख्य मांगों में न्यूनतम मासिक पेंशन को बढ़ाकर ₹7,500 करने के साथ-साथ इसमें महंगाई भत्ते (DA) का लाभ जोड़ना भी शामिल है। हालांकि, दूसरी तरफ सरकार के सामने अपनी वित्तीय सीमाएं और भविष्य की आर्थिक देनदारियां भी एक बड़ी चुनौती हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक देश भर में 85,84,604 से अधिक पेंशनर्स EPS के जरिए हर महीने पेंशन प्राप्त कर रहे हैं, जिन पर अब तक कुल ₹15,819 करोड़ से ज्यादा की राशि वितरित की जा चुकी है। इतने विशाल पेंशनर आधार को देखते हुए न्यूनतम पेंशन में एकमुश्त भारी बढ़ोतरी करने से सरकारी खजाने पर भारी वित्तीय बोझ पड़ सकता है, जिसके कारण सरकार काफी फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।उच्च वेतन पर पेंशन और PPO जारी होने के आंकड़ेइस पूरे घटनाक्रम के बीच सरकार ने उन कर्मचारियों को भी राहत दी है जो लंबे समय से उच्च वेतन पर पेंशन की कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक 4 नवंबर 2022 के फैसले के बाद, पात्र कर्मचारियों और नियोक्ताओं को वास्तविक मूल वेतन (Actual Basic Salary) के आधार पर उच्च पेंशन का विकल्प चुनने की अनुमति दी गई थी। सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस कानूनी प्रक्रिया और नियमों के तहत अब तक रिटायर हो चुके पात्र आवेदकों के लिए कुल 1,49,806 पेंशन पेमेंट ऑर्डर्स यानी PPOs जारी किए जा चुके हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि जहां एक तरफ उच्च वेतन श्रेणी के कुछ चुनिंदा लाभार्थियों को इसका कानूनी लाभ मिल रहा है, वहीं सामान्य श्रेणी के करोड़ों पेंशनर्स के लिए ₹7,500 की न्यूनतम पेंशन की मांग फिलहाल कागजों पर ही बनी हुई है और अधिकारिक रूप से अभी ₹1,000 की न्यूनतम मासिक पेंशन ही प्रभावी है।
AUS क्रिकेटर से छेड़छाड़ करने वाला निकला कातिल! 11 साल पुराना केस सुलझा
इंदौर पुलिस ने 11 साल पुराने कृष्णा हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें अकील उर्फ नाईट्रा वही आरोपी है, जिसे पिछले साल ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटर से छेड़छाड़ के मामले में गिरफ्तार किया गया था. पुलिस के मुताबिक, अकील और उसके साथी आरिफ ने 17 वर्षीय कृष्णा की हत्या कबूल की है.

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