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सीएम योगी ने यूपीएसडीएमए भवन का किया लोकार्पण, बोले- अर्ली वार्निंग सिस्टम मजबूत होगा तो बचेंगी जानें

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि आपदा प्रबंधन केवल सरकारी व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि जन-जागरूकता और समय रहते की गई तैयारी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रभावी अर्ली वार्निंग सिस्टम, बेहतर समन्वय और लोगों में जागरूकता के जरिए जन-धन की हानि को काफी हद तक रोका जा सकता है।

देशबन्धु 19 Jul 2026 3:40 pm

गूगल पे से ली ₹2.39 लाख की रिश्वत, चेन्नई नगर निगम के 7 अफसर एक साथ सस्पेंड, नौकरी से बर्खास्तगी की तैयारी

तमिलनाडु की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों से इस समय की एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। राज्य के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (CM C. Joseph Vijay) की करप्शन के खिलाफ जारी मुहिम ने अब बेहद आक्रामक रूप अख्तियार कर लिया है। भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री के निर्देश पर चेन्नई नगर निगम (GCC) के सात वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (Suspended) कर उनके खिलाफ आपराधिक एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। इन सभी अधिकारियों पर सरकारी पदों का दुरुपयोग कर भारी भ्रष्टाचार और संदिग्ध लेन-देन करने के गंभीर आरोप हैं। विजिलेंस टीम द्वारा पिछले हफ्ते चेन्नई के दो प्रमुख जोन में अचानक की गई छापेमारी के बाद यह बड़ी प्रशासनिक गाज गिरी है, जिसने पूरे सूबे के भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मचा दिया है।गूगल पे (GPay) पर खुली रिश्वत की पोल: असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के फोन ने उगले सारे राजइस पूरी छापेमारी और विजिलेंस जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाला और आधुनिक डिजिटल भ्रष्टाचार का मामला तब सामने आया, जब जांच टीम ने एक असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के मोबाइल फोन की बारीकी से पड़ताल की। नगर निगम के एक उच्च पदस्थ सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि छापेमारी के वक्त यह इंजीनियर अपने गूगल पे (Google Pay) अकाउंट पर प्राप्त हुए ₹2.39 लाख के संदिग्ध डिजिटल लेन-देन का कोई भी वैध वित्तीय हिसाब-किताब नहीं दे पाया। तकनीकी जांच में यह साफ हो गया कि यह रकम रिश्वत के तौर पर सीधे उनके डिजिटल वॉलेट में ट्रांसफर की गई थी। इसके बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी डीवीएसी (DVAC) ने अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट चेन्नई नगर निगम कमिश्नर को सौंपी, जिसके तुरंत बाद इन सभी सात अधिकारियों को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए।उत्तर और मध्य चेन्नई के इन वीआईपी इलाकों में हुई छापेमारी: लंबे समय से मिल रही थीं शिकायतेंविजिलेंस और डीवीएसी की यह संयुक्त गुप्त छापेमारी उत्तर और मध्य चेन्नई के दो सबसे व्यस्त और वीआईपी जोन में एक साथ की गई थी। इस कार्रवाई के दायरे में मुख्य रूप से जोन-6 (जिसके अंतर्गत कोलाथुर, अयानवरम और पेराम्बुर इलाके आते हैं) और जोन-9 (जिसमें मायलापुर, थाउजेंड लाइट्स और नुंगमबक्कम जैसे पॉश इलाके शामिल हैं) आए हैं। इन क्षेत्रों के स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों द्वारा लंबे समय से सरकारी कामों के एवज में अवैध वसूली और प्रताड़ना की शिकायतें मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को मिल रही थीं, जिसके बाद विजिलेंस विभाग ने पूरी योजना बनाकर इन भ्रष्ट अधिकारियों को रंगे हाथों दबोचने के लिए जाल बिछाया था।नौकरी के बदले घूस और फर्जी बिलिंग का खेल: अब सिर्फ सस्पेंशन नहीं, सीधे होगी परमानेंट बर्खास्तगीचेन्नई नगर निगम के भीतर पिछले कुछ दिनों के भीतर सरकार का यह दूसरा सबसे बड़ा और कड़ा क्रैकडाउन माना जा रहा है। इससे महज कुछ दिन पहले ही छह अन्य अधिकारियों को गंभीर रिश्वतखोरी, फर्जी बिलिंग घोटाले और युवाओं से नौकरी के बदले मोटी रकम वसूलने वाले रैकेट में संलिप्त पाए जाने के बाद सस्पेंड किया गया था। सचिवालय के वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री विजय ने साफ कर दिया है कि यदि विभागीय और न्यायिक जांच के दौरान इन अधिकारियों पर लगे आरोप पूरी तरह सिद्ध हो जाते हैं, तो सरकार इन्हें सिर्फ सस्पेंशन की मामूली सजा देकर नहीं छोड़ेगी। इन सभी दागी और भ्रष्ट कर्मचारियों को सरकारी सेवा से हमेशा के लिए सीधे बर्खास्त (Dismissed from Service) करने की कानूनी तैयारी पूरी कर ली गई है।अपनी ही पार्टी टीवीके (TVK) के नेता को भी नहीं बख्शा: सीएम विजय ने पेश की ईमानदारी की मिसालमुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की यह भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम सिर्फ सरकारी दफ्तरों या अधिकारियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह संदेश दे दिया है कि करप्शन के मामले में वह अपनों को भी कतई नहीं बख्शेंगे। हाल ही में मुख्यमंत्री की अपनी राजनीतिक पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) के एक स्थानीय पंचायत नेता का सरेआम रिश्वत लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएम विजय ने पुलिस में औपचारिक एफआईआर दर्ज होने से पहले ही त्वरित एक्शन लिया और उस नेता को प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया, जिसने जनता के बीच उनकी जीरो-टॉलरेंस नीति की साख को और मजबूत कर दिया है।जनता सीधे विजिलेंस को भेजेगी वीडियो: सरकार ने जारी किया ऑफिशियल व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबरभ्रष्टाचार की इस लड़ाई में आम जनता को सीधे भागीदार बनाने के लिए विजय सरकार ने एक बेहद क्रांतिकारी कदम उठाया है। डीवीएसी (DVAC) की सीधी देखरेख में एक आधिकारिक और विशेष व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर (WhatsApp Helpline Number) जारी किया गया है। अब राज्य का कोई भी नागरिक यदि किसी भी सरकारी दफ्तर में काम कराने के एवज में रिश्वत मांगे जाने की समस्या से जूझता है, तो वह सीधे इस नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। इस आधुनिक प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिकायतकर्ता घूसखोरी से जुड़े लाइव फोटो, ऑडियो रिकॉर्डिंग, वीडियो या कोई भी डिजिटल सबूत सीधे उच्च विजिलेंस अधिकारियों को सुरक्षित भेज सकते हैं, जिस पर 24 घंटे के भीतर तुरंत कड़ा एक्शन लिया जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 3:36 pm

ओमिक्रॉन RF.5 ने बढ़ाई कडप्पा जिले में टेंशन, एक्सपर्ट्स ने बताया यह कितना है खतरनाक

देश में कोरोना वायरस (Covid-19) के मामलों में एक बार फिर से उतार-चढ़ाव का दौर शुरू हो गया है, जिसने स्वास्थ्य विभागों की चिंता बढ़ा दी है। इस बीच दक्षिण भारतीय राज्य आंध्र प्रदेश से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। राज्य के कडप्पा जिले में अचानक बढ़े कोविड मरीजों के पीछे कोरोना के एक बिल्कुल नए सब-वेरिएंट 'ओमिक्रॉन आरएफ.5' (Omicron RF.5) को जिम्मेदार पाया गया है। जेनेटिक म्यूटेशन (आनुवंशिक बदलाव) के कारण सामने आए इस वेरिएंट की पुष्टि तब हुई जब कडप्पा जिले से लिए गए चार संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए पुणे स्थित देश की प्रतिष्ठित लैब 'नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वायरोलॉजी' (NIV Pune) भेजे गए थे। वहां की गई गहन जीनोम सिक्वेंसिंग (Genome Sequencing) में आधिकारिक तौर पर ओमिक्रॉन आरएफ.5 वेरिएंट की मौजूदगी पाई गई है। इस नई रिपोर्ट के सामने आते ही मेडिकल जगत में हलचल तेज हो गई है।कितना जानलेवा है ओमिक्रॉन आरएफ.5: मेडिकल डायरेक्टर ने दी राहत भरी जानकारीपूरी दुनिया में समय-समय पर कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट के अलग-अलग रूप (सब-वेरिएंट) सामने आते रहे हैं। इस नए वायरस की घातकता को लेकर आंध्र प्रदेश के मेडिकल एजुकेशन डायरेक्टर विष्णुवर्धन ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि SARC-CoV-2 की नियमित सर्विलांस के दौरान इस सब-वेरिएंट पर पैनी नजर रखी जा रही थी और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी वैश्विक स्तर पर इस पर मॉनिटरिंग कर रहा है। इससे पहले यह वेरिएंट सिंगापुर और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई अन्य देशों में भी तेजी से फैल चुका है। राहत की बात यह है कि अब तक हुए सभी वैज्ञानिक परीक्षणों और रिसर्च के मुताबिक, यह आरएफ.5 वेरिएंट ओमिक्रॉन के शुरुआती या अन्य वेरिएंट्स की तुलना में बिल्कुल भी ज्यादा खतरनाक नहीं है। इसलिए आम जनता को किसी भी तरह से घबराने या पैनिक करने की कोई आवश्यकता नहीं है।कैसे बना यह नया म्यूटेशन: स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को किया हाई अलर्टआंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग द्वारा साझा की गई तकनीकी जानकारी के अनुसार, ओमिक्रॉन का यह नया रूप पूरी तरह से प्राकृतिक रूप से म्यूटेट होकर बना है। यह मूल रूप से जेएन.1 (JN.1) वेरिएंट के एलएफ.7 (LF.7) और पीवाई 1.1.1.1 (PY 1.1.1.1) ब्रांच से विकसित हुआ है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भले ही यह वायरस सामान्य लोगों के लिए घातक नहीं है, लेकिन जो लोग पहले से ही किसी गंभीर क्रोनिक बीमारी (जैसे शुगर, हार्ट या किडनी की समस्या) से ग्रसित हैं, उनके लिए यह खतरनाक साबित हो सकता है क्योंकि यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को कमजोर कर देता है। आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रहने और सभी आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयों व बिस्तरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं।गले में खराश और बदन दर्द: इन लक्षणों को पहचानकर तुरंत कराएं कोविड टेस्टस्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, ओमिक्रॉन आरएफ.5 सब-वेरिएंट के लक्षण भी कोरोना के पुराने वेरिएंट्स से काफी मिलते-जुलते हैं। यदि किसी व्यक्ति को लगातार गले में खराश, तेज बुखार, सिरदर्द, नाक बहना, अत्यधिक कमजोरी या पूरे शरीर और मांसपेशियों में दर्द की शिकायत हो रही है, तो उसे इन लक्षणों को कतई हल्के में नहीं लेना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि ऐसे लक्षण दिखने पर मरीज को तुरंत अपनी नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर कोविड-19 रैपिड या आरटी-पीसीआर जांच करानी चाहिए और रिपोर्ट आने तक खुद को होम आइसोलेशन में रखना चाहिए ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को आंध्र प्रदेश में सक्रिय कोरोना मरीजों की कुल संख्या 16 दर्ज की गई थी, जिन पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 3:34 pm

छत्तीसगढ़ : दुर्ग के सरकारी स्कूल में प्रतिबंधित दवा खाने से 8 छात्र बीमार, एक आईसीयू में भर्ती, जांच तेज

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के शासकीय चंद्रशेखर आजाद हायर सेकेंडरी स्कूल में कथित तौर पर एक छात्र द्वारा अपने साथियों को चॉकलेट बताकर संदिग्ध प्रतिबंधित दवा देने का मामला सामने आया है। दवा के सेवन के बाद आठ छात्र बीमार पड़ गए। सभी को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जबकि एक छात्र की हालत गंभीर होने पर उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया। पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

देशबन्धु 19 Jul 2026 3:33 pm

परिसीमन विधेयक पर NDA को मिला DMK का साथ! सर्वदलीय बैठक में विपक्ष के वॉकआउट के बीच हुआ बड़ा खेला

संसद के आगामी मॉनसून सत्र 2026 (Monsoon Session) की शुरुआत से ठीक पहले बुलाई गई पारंपरिक सर्वदलीय बैठक में देश की राजनीति को प्रभावित करने वाला एक बहुत बड़ा और अप्रत्याशित घटनाक्रम सामने आया है। सोमवार से शुरू हो रहे सत्र के सुचारू संचालन के लिए केंद्र सरकार द्वारा आयोजित इस रणनीतिक बैठक में विपक्ष ने शुरुआत में बागी सांसदों को आमंत्रित किए जाने का तीखा विरोध करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। हालांकि, कुछ ही समय बाद विपक्षी नेता चर्चा के लिए वापस लौटे, जिसके बाद विधायी कार्यों को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला राजनीतिक समीकरण देखने को मिला। तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने देश के सबसे संवेदनशील 'परिसीमन विधेयक' (Delimitation Bill) पर सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को एक खास शर्त के साथ समर्थन देने के संकेत दे दिए हैं, जिसने विपक्षी खेमे में खलबली मचा दी है।महिला आरक्षण और परिसीमन पर डीएमके का नया रुख: दक्षिण भारत के हितों की रक्षा के लिए रखी बड़ी शर्तसर्वदलीय बैठक में डीएमके के वरिष्ठ नेता और सांसद तिरुची शिवा ने महिला आरक्षण और लोकसभा सीटों के पुनर्गठन यानी परिसीमन के मुद्दे को बेहद आक्रामक तरीके से उठाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द लागू करना चाहिए। डीएमके की मांग है कि यह महिला आरक्षण वर्तमान निचले सदन (लोकसभा) के संख्याबल के आधार पर ही तुरंत दिया जाना चाहिए, न कि नए परिसीमन का इंतजार किया जाए। बैठक के बाद पत्रकारों से मुखातिब होते हुए तिरुची शिवा ने कहा कि परिसीमन की कवायद से दक्षिणी राज्यों (Southern States) के प्रतिनिधित्व पर कोई प्रतिकूल या नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। यदि इस प्रक्रिया से दक्षिण भारत की राजनीतिक हिस्सेदारी कम होती है, तो सरकार को इस ऐतिहासिक कवायद को अगले 25 वर्षों के लिए पूरी तरह स्थगित कर देना चाहिए।तमिलनाडु के बदले राजनीतिक समीकरण: 'इंडिया' गठबंधन से दूरी और कांग्रेस से अलगाव की इनसाइड स्टोरीराजनीतिक गलियारों में डीएमके के इस बदले हुए रुख को तमिलनाडु की आंतरिक राजनीति में आए एक बड़े भूचाल से जोड़कर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि इस साल 17 अप्रैल को डीएमके ने परिसीमन संबंधी संविधान संशोधन विधेयक के खिलाफ मतदान किया था, लेकिन अब पार्टी का स्टैंड पूरी तरह बदलता दिख रहा है। हाल ही में संपन्न हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद राज्य के राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं, जहां कांग्रेस ने डीएमके का हाथ छोड़कर विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के साथ एक नया और मजबूत गठबंधन बना लिया है। कांग्रेस के इस कदम के बाद डीएमके ने भी राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन से अपनी दूरियां बढ़ा ली हैं, जिसके कारण अब संसद में मोदी सरकार के इस महत्वाकांक्षी विधेयक पर डीएमके का रुख बेहद निर्णायक और गेम-चेंजर साबित होने वाला है।राम मंदिर चढ़ावा चोरी, सोनम वांगचुक का अनशन और पेपर लीक: सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने सरकार को घेराइस हाई-प्रोफाइल सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की, जिसमें स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू समेत विपक्ष की ओर से कांग्रेस नेता जयराम रमेश, प्रमोद तिवारी, कोडिकुनिल सुरेश और समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव जैसे दिग्गज शामिल हुए। बैठक के दौरान विपक्षी दलों ने सरकार को घेरने के लिए कई ज्वलंत राष्ट्रीय मुद्दों की झड़ी लगा दी। सूत्रों के मुताबिक, अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी और चोरी का मामला, लद्दाख के प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का आमरण अनशन, देश की विदेश नीति, हालिया पेपर लीक विवाद और बेरोजगारी जैसे विषयों पर विपक्ष ने सरकार से विस्तृत जवाब और संसद में विशेष चर्चा की मांग की है।'वंदे मातरम्' के अपमान पर जेल: मॉनसून सत्र 2026 में आ रहा है बेहद सख्त कानूनसंसद के इस मॉनसून सत्र के दौरान मोदी सरकार कई महत्वपूर्ण और नए विधायी कार्य पूरे करने के मूड में दिखाई दे रही है। लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, इस सत्र में 'राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026' को पेश करने और पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया गया है। यह नया कानून मूल राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में एक बड़ा और कड़ा संशोधन करेगा। इस ऐतिहासिक विधेयक के माध्यम से सरकार देश के राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' का जानबूझकर अपमान करने, उसका अनादर करने या उसके सामूहिक गायन में किसी भी प्रकार की बाधा डालने की घटना को एक गंभीर और दंडनीय अपराध की श्रेणी में शामिल करना चाहती है, जिस पर सदन में भारी बहस होने की पूरी उम्मीद है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 3:31 pm

MP में UCC बिल को कैबिनेट की मंजूरी, CM डॉ. मोहन यादव ने बताई बड़ी बातें

मध्यप्रदेश में मोहन यादव कैबिनेट ने समान नागरिक संहिता (UCC) बिल को मंजूरी दे दी है। अब यह विधेयक 20 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र के दौरान मध्य प्रदेश विधानसभा में पेश किया जाएगा। सीएम डॉ. यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आज का दिन कई कारणों ...

वेब दुनिया 19 Jul 2026 2:54 pm

संसद के मॉनसून सत्र से पहले हाई अलर्ट: संसद मार्च को अनुमति नहीं, धारा 163 लागू, दिल्ली में कड़ी सुरक्षा

संसद के मॉनसून सत्र से पहले दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। संसद मार्च को अनुमति नहीं मिली, संसद क्षेत्र में धारा 163 लागू, मल्टी-लेयर सुरक्षा और ट्रैफिक एडवाइजरी जारी।

देशबन्धु 19 Jul 2026 2:28 pm

Gujarat : दक्षिण गुजरात में मानसून का कहर, सूरत शहर पानी-पानी; पॉश इलाकों में भी जलभराव

दक्षिण गुजरात में मानसून की शुरुआत के साथ ही बारिश ने जोरदार दस्तक दी है। सूरत शहर में सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। निचले इलाकों के अलावा पॉश सोसायटियों और मुख्य सड़कों पर भी बारिश का पानी भरने से ...

वेब दुनिया 19 Jul 2026 2:15 pm

सहारनपुर में ओवैसी का बड़ा राजनीतिक संदेश, बोले- भाजपा को हराने के लिए गठबंधन को तैयार

सहारनपुर की जनसभा में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा को हराने के लिए गठबंधन की संभावना जताई। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा मामले, जौहर विश्वविद्यालय और मस्जिद विवाद पर भी सरकार को घेरा।

देशबन्धु 19 Jul 2026 2:14 pm

मॉनसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में हंगामा, बागी सांसदों की मौजूदगी पर विपक्ष का वॉकआउट

संसद के मॉनसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में टीएमसी और शिवसेना (UBT) के बागी सांसदों की मौजूदगी पर विपक्ष ने वॉकआउट किया। लोकसभा अध्यक्ष के फैसलों को लेकर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया।

देशबन्धु 19 Jul 2026 1:55 pm

Ayodhya Ram Mandir Donation Row : श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी पर PM मोदी से क्या बोले राहुल गांधी

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान राशि के कथित गबन की स्वतंत्र और व्यापक जांच कराने ...

वेब दुनिया 19 Jul 2026 1:48 pm

हैदराबाद में चौंकाने वाली घटना: मंदिर से मूर्ति लेकर तालाब में कूदी सॉफ्टवेयर इंजीनियर, जांच में जुटी पुलिस

हैदराबाद में 25 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की संदिग्ध मौत ने सबको चौंका दिया। पुलिस के अनुसार युवती मंदिर से देवी की मूर्ति लेकर तालाब में कूद गई। शव बरामद हो चुका है, जबकि मामले की जांच जारी है।

देशबन्धु 19 Jul 2026 1:46 pm

National Awards 2026: 'आर्टिकल 370' बनी सर्वश्रेष्ठ फिल्म, कार्तिक आर्यन-ममूटी को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता सम्मान, यामी गौतम चमकीं

राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने के बाद अभिनेत्री यामी गौतम ने इसे अपने 14 वर्षों के फिल्मी सफर का सबसे बड़ा सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उन्हें यह याद दिलाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत और ईमानदारी कभी व्यर्थ नहीं जाती।

देशबन्धु 19 Jul 2026 1:22 pm

हरियाणा में बिजली कटौती से हाहाकार! हिसार में पावर हाउस का घेराव, भिवानी में हाईवे जाम

हरियाणा के कई जिलों में इन दिनों भीषण बिजली कटौती के कारण आम जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है। उमस और चिलचिलाती गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है, जिससे जनता का गुस्सा अब सड़कों पर फूट पड़ा है। हिसार और भिवानी जिलों से हिंसक प्रदर्शन और चक्का जाम की बड़ी खबरें सामने आ रही हैं। स्थिति कितनी गंभीर है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बिजली निगम के कंट्रोल रूम में रोजाना 1300 से लेकर 1500 से अधिक बिजली से जुड़ी शिकायतें पहुंच रही हैं, जिसके बाद पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।हिसार में भड़के ग्रामीण, सब स्टेशन के भीतर दिया धरनाहिसार जिले के ग्रामीण इलाकों में बिजली संकट गहराने के बाद किसानों और ग्रामीणों का सब्र का बांध टूट गया। दर्जनों गांवों के सैकड़ों लोगों ने एकत्रित होकर स्थानीय बिजली सब स्टेशन (पावर हाउस) का घेराव कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने बिजली निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अधिकारियों को दफ्तर के भीतर ही बंधक बना लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें 24 घंटे में से बमुश्किल 4 से 5 घंटे ही बिजली मिल पा रही है, जिससे न तो रात की नींद पूरी हो रही है और न ही खेतों में फसलों की सिंचाई हो पा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक निर्बाध बिजली आपूर्ति शुरू नहीं होगी, वे सब स्टेशन खाली नहीं करेंगे।भिवानी में भारी बवाल, नेशनल हाईवे पर लगाया लंबा जामबिजली संकट की दूसरी बड़ी तस्वीर भिवानी जिले से सामने आई है, जहां अघोषित बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से परेशान स्थानीय निवासियों ने मुख्य नेशनल हाईवे पर पूरी तरह चक्का जाम कर दिया। सड़क पर टायर जलाकर और ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़े करके यातायात को पूरी तरह ठप कर दिया गया, जिससे दोनों तरफ वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस और बिजली विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। जनता को शांत करने के लिए अधिकारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी और जल्द से जल्द लोड सुधारने के आश्वासन के बाद ही जाम खोला जा सका।कंट्रोल रूम के फोन लगातार घनघनाए, अधिकारी नहीं दे पा रहे जवाबगर्मी और उमस के इस पीक सीजन में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के दावों की हवा निकल चुकी है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, हिसार और भिवानी के मुख्य शिकायत केंद्रों पर हर दिन 1300 से 1500 उपभोक्ता फॉल्ट, ट्रांसफार्मर फुंकने और ट्रिपिंग की शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। अत्यधिक लोड होने के कारण कई इलाकों में लगे ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर धड़ाधड़ फुंक रहे हैं, जिन्हें बदलने में विभाग को 24 से 48 घंटे का समय लग रहा है। इस तकनीकी लाचारी के चलते उपभोक्ताओं में बिजली कर्मचारियों के प्रति भारी रोष व्याप्त है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 1:07 pm

पैसा दिला दीजिए, नहीं तो मर जाएंगे... झारखंड में 5 महीने से मानदेय ठप, महिला होमगार्ड की इस दर्दभरी गुहार ने झकझोरा

झारखंड से एक बेहद भावुक और व्यवस्था को झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। कानून-व्यवस्था को दुरुस्त रखने में दिन-रात पुलिस के कंधे से कंधा मिलाकर ड्यूटी करने वाले होमगार्ड के जवान इन दिनों खुद दाने-दाने को मोहताज हैं। राज्य में पिछले 5 महीनों से मानदेय (सैलरी) न मिलने के कारण इन सुरक्षाकर्मियों की आर्थिक स्थिति बद से बदतर हो चुकी है। इसी बीच एक महिला होमगार्ड का रोते हुए दर्द छलक पड़ा, जिसने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। बदहाली के आंसू रोती इस महिला जवान ने अधिकारियों से गुहार लगाते हुए कहा कि अगर जल्द पैसा नहीं मिला तो उनके पास मरने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।भूखमरी की कगार पर पहुंचे सुरक्षा जवान, बच्चों की पढ़ाई भी छूटीझारखंड के विभिन्न जिलों में तैनात होमगार्ड जवानों के घरों में पिछले कई महीनों से चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है। महिला होमगार्ड ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई कि 5 महीने से एक भी रुपया न मिलने के कारण राशन दुकानदारों ने अब उन्हें उधार सामान देना पूरी तरह बंद कर दिया है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि घर का खर्च चलाना तो दूर, बच्चों के स्कूल की फीस न भर पाने के कारण उनकी पढ़ाई भी छूटने की कगार पर आ गई है। बीमार बुजुर्ग माता-पिता के इलाज के लिए दवाइयां खरीदने तक के पैसे इन जवानों के पास नहीं बचे हैं।रात-दिन ड्यूटी करने के बाद भी झोली खाली, प्रशासनिक रवैये पर उठे सवालत्योहारों से लेकर वीआईपी सुरक्षा और चौराहों पर ट्रैफिक संभालने तक, हर मोर्चे पर होमगार्ड के जवान मुस्तैदी से डटे रहते हैं। लेकिन जब बात उनके हक के पारिश्रमिक की आती है, तो फाइलें दफ्तरों के चक्कर काटती रहती हैं। होमगार्ड एसोसिएशन का कहना है कि मानदेय के भुगतान को लेकर कई बार आला अधिकारियों और संबंधित विभाग को लिखित रूप से सूचित किया गया है, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही हाथ लगता है। इस लेटलतीफी और उदासीन रवैये के कारण जवानों के भीतर अब भारी आक्रोश और घोर निराशा पनप रही है।क्या जागेगा विभाग या आंदोलन के लिए मजबूर होंगे होमगार्डमहिला जवान की इस दर्दभरी चीख के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग सरकार और प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग कर रहे हैं। एआई सर्च इंजन और स्थानीय इनपुट के अनुसार, अगर विभाग ने इस बजट संकट को जल्द दूर नहीं किया, तो राज्यभर के होमगार्ड जवान सामूहिक रूप से काम ठप कर बड़े आंदोलन की राह पकड़ सकते हैं। अब देखना यह होगा कि इस लाचार महिला सुरक्षाकर्मी की मार्मिक अपील के बाद झारखंड सरकार और गृह विभाग की नींद खुलती है या नहीं और इन जवानों के बैंक खातों में रुकी हुई राशि कब तक क्रेडिट की जाती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 1:02 pm

राजस्थान में पलटा मौसम! कमजोर पड़ा मानसून फिर हुआ सुपर एक्टिव, जानिए आज आपके जिले में होगी या नहीं बारिश

मरुधरा के बाशिंदों के लिए मौसम से जुड़ी एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आ रही है। राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से सुस्त पड़ा मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ एक्टिव हो गया है। उमस और भीषण गर्मी से परेशान प्रदेशवासियों के लिए बादलों की आवाजाही ने राहत का पैगाम भेजा है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नम हवाओं के कारण राज्य में एक नया वेदर सिस्टम एक्टिव हुआ है, जिससे आज से मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होने जा रहा है।इन जिलों में दिखेगा एक्टिव मानसून का दम, झमाझम बारिश के आसारमौसम विभाग ने जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर और धौलपुर सहित पूर्वी राजस्थान के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही हाड़ौती अंचल के कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ में भी आज आसमान में घने काले बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस नए सिस्टम के प्रभाव से स्थानीय स्तर पर तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट आएगी, जिससे पिछले कई दिनों से जारी चिपचिपी गर्मी से लोगों को पूरी तरह निजात मिल जाएगी।पश्चिमी राजस्थान के इन हिस्सों में भी बदलेगा मौसम का मिजाजपूर्वी हिस्सों के अलावा पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर, नागौर और चुरू जिलों में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। इन रेतीले इलाकों में धूल भरी ठंडी हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की मानसूनी फुहारें गिरने की उम्मीद है। हालांकि, सीमावर्ती जिलों बाड़मेर और जैसलमेर में अभी भी उमस का असर देखा जा सकता है, लेकिन वहां भी छिटपुट कपासी बादलों की आवाजाही से धूप के तेवर काफी हद तक नरम पड़ जाएंगे, जिससे राहगीरों और किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।वज्रपात को लेकर मौसम विभाग ने जारी की विशेष गाइडलाइनबारिश की इस बड़ी राहत के बीच मौसम केंद्र जयपुर ने एक जरूरी चेतावनी भी जारी की है। IMD के मुताबिक, मानसून के दोबारा सक्रिय होने के दौरान कई जिलों में मेघ गर्जन के साथ तेज आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन ने आम जनता और खासकर ग्रामीण इलाकों के खेतों में काम करने वाले किसानों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान बड़े पेड़ों, कच्चे मकानों और बिजली के खंभों या ट्रांसफार्मर के नीचे बिल्कुल भी खड़े न हों और सुरक्षित स्थानों पर ही शरण लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 1:00 pm

झारखंड में आज रफ्तार पकड़ेगा मानसून! रांची-गुमला समेत इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

झारखंड के लोगों के लिए मौसम से जुड़ी एक बेहद अहम और राहत भरी खबर सामने आ रही है। भीषण गर्मी और उमस की मार झेल रहे झारखंड वासियों के लिए राहत के बादल मंडराने लगे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य में आज से मानसून की रफ्तार एक बार फिर तेजी पकड़ने वाली है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के सक्रिय होने के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर शुरू होने की पूरी संभावना है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी।रांची और गुमला सहित इन जिलों में दिखेगा मानसून का रौद्र रूपमौसम विभाग ने विशेष रूप से राजधानी रांची, गुमला, सिमडेगा, खूंटी, लोहरदगा और रामगढ़ जैसे मध्य व दक्षिणी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में आज सुबह से ही घने बादल छाए हुए हैं और दोपहर के बाद गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने की प्रबल आशंका है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की यह सक्रियता अगले 48 से 72 घंटों तक जारी रह सकती है, जिससे किसानों के चेहरे खिल गए हैं और धान की बुआई के काम में भी अब तेजी आने की उम्मीद है।मेघ गर्जन और वज्रपात को लेकर मौसम विभाग ने किया सावधानबारिश की राहत के बीच मौसम विभाग ने एक बड़ी चेतावनी भी जारी की है। IMD के अनुसार, बारिश के दौरान राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भीषण मेघ गर्जन और वज्रपात (आकाशीय बिजली) गिरने की भारी आशंका है। खासकर ग्रामीण इलाकों और खेतों में काम करने वाले लोगों को बेहद सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने गाइडलाइन जारी करते हुए कहा है कि खराब मौसम के दौरान लोग ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।कोल्हान और संताल परगना में भी बदलेगा मौसम का मिजाजराजधानी और मध्य झारखंड के अलावा कोल्हान प्रमंडल के जमशेदपुर, चाईबासा और संताल परगना के देवघर, दुमका, गोड्‌डा जिलों में भी मानसून का व्यापक असर देखने को मिलेगा। इन जिलों में भी हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश के साथ ठंडी हवाएं चलने के आसार हैं। मौसम में आए इस अचानक बदलाव से पिछले कई दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से लोगों को पूरी तरह निजात मिल जाएगी। कुल मिलाकर कहें तो आज पूरा झारखंड मानसूनी फुहारों से सराबोर होने के लिए पूरी तरह तैयार है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 12:58 pm

शोर PK का, बेस RJD का... बांकीपुर में जीत की नहीं, अब नंबर 2 की इस दिलचस्प जंग के क्या हैं मायने

बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने जा रहा उपचुनाव बेहद रोमांचक और त्रिकोणीय मुकाबले में तब्दील हो चुका है। राजधानी पटना के दिल में बसी इस वीआईपी सीट पर मुख्य मुकाबला जहां सत्ताधारी गठबंधन और विपक्ष के बीच माना जा रहा था, वहीं अब जमीनी समीकरण पूरी तरह बदलते दिख रहे हैं। चुनावी गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा यह है कि यहां मुकाबला जीत-हार से ज्यादा नंबर दो की पोजीशन हासिल करने का बन चुका है। प्रशांत किशोर (PK) की जन सुराज पार्टी के भारी-भरकम प्रचार और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के परंपरागत वोट बैंक के बीच शह-मात का खेल शुरू हो गया है।प्रशांत किशोर के हाईटेक प्रचार ने बढ़ाई विपक्षी खेमे की धड़कनचुनावी मैदान में उतरी जन सुराज पार्टी ने बांकीपुर के शहरी और शिक्षित मतदाताओं को साधने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। प्रशांत किशोर की टीम का डिजिटल मैनेजमेंट, आक्रामक चुनाव प्रचार और युवाओं को जोड़ने की रणनीति जमीन पर साफ दिखाई दे रही है। पीके के इस जोरदार 'शोर' ने पारंपरिक राजनीति करने वाले दलों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। खासकर सत्ता विरोधी वोटों और युवाओं के बीच जन सुराज अपनी पैठ बनाने का दावा कर रही है, जिससे मुख्य विपक्षी दल की बेचैनी बढ़ती नजर आ रही है।आरजेडी के कोर वोट बैंक की परीक्षा, कैडर बेस को बचाने की चुनौतीदूसरी तरफ, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) अपने मजबूत सांगठनिक ढांचे और पारंपरिक 'माय' (MY) समीकरण के भरोसे मैदान में डटी हुई है। बांकीपुर के कई इलाकों में आरजेडी का काडर बेस बेहद मजबूत है, जिसे हिला पाना किसी भी नई पार्टी के लिए आसान नहीं होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भले ही जन सुराज हवा बनाने में कामयाब दिख रही हो, लेकिन पोलिंग बूथ तक वोटर को ले जाने का हुनर और संगठित वोट बैंक आज भी आरजेडी के पास है। ऐसे में आरजेडी के सामने अपने इस अभेद्य किले और बेस वोट को बचाए रखने की बड़ी चुनौती है।नंबर 2 की रेस क्यों बन गई प्रतिष्ठा की लड़ाईबांकीपुर विधानसभा क्षेत्र पारंपरिक रूप से भाजपा का गढ़ माना जाता रहा है, इसलिए पहले पायदान की लड़ाई के समानांतर नंबर दो पर रहने की होड़ सबसे ज्यादा दिलचस्प हो गई है। अगर जन सुराज यहां दूसरे नंबर पर आती है, तो यह बिहार की भविष्य की राजनीति में प्रशांत किशोर के एक बड़े विकल्प के रूप में उभरने पर मुहर लगा देगा। वहीं, अगर आरजेडी दूसरे स्थान पर मजबूत बनी रहती है, तो यह साबित होगा कि जमीन पर आज भी तेजस्वी यादव का जादू कायम है और नई पार्टियां उनका वोट बैंक नहीं काट पा रही हैं। इस नंबर 2 की जंग ने बांकीपुर के हर बूथ के सियासी समीकरण को उलझा दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 12:57 pm

छत्तीसगढ़ : खत्म हुआ 25 साल का इंतजार, अब DA के लिए MP सरकार के आगे नहीं फैलाना पड़ेगा हाथ

छत्तीसगढ़ के लाखों सरकारी पेंशनभोगियों के लिए एक बेहद बड़ी और ऐतिहासिक खुशखबरी सामने आई है। राज्य के गठन के बाद से पिछले ढाई दशकों यानी 25 वर्षों से चली आ रही पेंशनरों की एक सबसे बड़ी और जटिल समस्या का आखिरकार स्थाई समाधान हो गया है। अब छत्तीसगढ़ के सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अधिकारियों को अपने महंगाई भत्ते (DA) या महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी के लिए पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश सरकार की सहमति या हरी झंडी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। दोनों राज्यों के बीच इस नियम को लेकर चल रहा पुराना गतिरोध अब पूरी तरह खत्म हो चुका है।राज्य पुनर्गठन अधिनियम की इस धारा के चलते फंसा था पेंचदरअसल, साल 2000 में जब मध्य प्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ नया राज्य बना, तब मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम की धारा-49 के तहत दोनों राज्यों के बीच पेंशन और भत्तों से जुड़े वित्तीय दायित्वों को साझा करने का नियम बनाया गया था। इस तकनीकी नियम की वजह से जब भी छत्तीसगढ़ सरकार अपने पेंशनरों का महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाना चाहती थी, तो उसे मध्य प्रदेश सरकार से औपचारिक लिखित सहमति लेनी पड़ती थी। कई बार फाइलें महीनों तक भोपाल और रायपुर के चक्कर काटती रहती थीं, जिसके चलते छत्तीसगढ़ के बुजुर्ग पेंशनर्स समय पर मिलने वाले आर्थिक लाभ से महरुम रह जाते थे।अब रायपुर से ही तुरंत जारी होंगे आदेश और बढ़ेगा पैसाइस 25 साल पुरानी कानूनी और प्रशासनिक बाधा के हटने के बाद अब छत्तीसगढ़ सरकार पूरी तरह स्वतंत्र हो गई है। जैसे ही राज्य के नियमित कर्मचारियों का डीए बढ़ेगा, वैसे ही राज्य सरकार बिना किसी बाहरी देरी के अपने पेंशनभोगियों के लिए भी तत्काल आदेश जारी कर सकेगी। इस फैसले से प्रदेश के करीब 1.5 लाख से अधिक बुजुर्ग पेंशनर्स सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। पेंशनर यूनियनों ने इस ऐतिहासिक फैसले का पुरजोर स्वागत किया है और इसे बुजुर्गों के सम्मान और वित्तीय स्वतंत्रता की दिशा में एक बड़ा क्रांतिकारी कदम बताया है।नए नियम से एरियस और बढ़े हुए भत्ते का रास्ता हुआ साफप्रशासनिक गलियारों से मिल रही जानकारी के अनुसार, इस सहमति के बाद अब छत्तीसगढ़ के वित्त विभाग ने अपनी स्वतंत्र गाइडलाइन तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब तक मध्य प्रदेश सरकार से मंजूरी मिलने में होने वाली देरी के कारण पेंशनर्स को मिलने वाले एरियर का भी भारी नुकसान होता था। लेकिन अब सीधे रायपुर से फैसला होने के कारण न सिर्फ समय पर पैसा बैंक खातों में आएगा, बल्कि एरियर की गणना भी बेहद पारदर्शी और तेज हो जाएगी, जिससे प्रदेश के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की आर्थिक चिंता हमेशा के लिए दूर हो गई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 12:55 pm

IND vs ZIM: बिना गौतम गंभीर अचानक जिम्बाब्वे रवाना हुई टीम इंडिया, इस दिग्गज को सौंपी गई हेड कोच की कमान

टी20 वर्ल्ड कप की ऐतिहासिक खिताबी जीत के जश्न के तुरंत बाद भारतीय क्रिकेट टीम अपने अगले मिशन के लिए तैयार हो चुकी है। टीम इंडिया पांच मैचों की रोमांचक टी20 इंटरनेशनल सीरीज खेलने के लिए जिम्बाब्वे के लिए उड़ान भर चुकी है। लेकिन इस दौरे की सबसे चौंकाने वाली खबर यह है कि नवनियुक्त मुख्य कोच गौतम गंभीर इस समय टीम के साथ रवाना नहीं हुए हैं। गंभीर की गैरमौजूदगी में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अचानक एक पूर्व दिग्गज खिलाड़ी को इस दौरे के लिए हेड कोच की कुर्सी सौंप दी है, जो युवा खिलाड़ियों से सजी इस टीम का मार्गदर्शन करेंगे।जानिए क्यों गौतम गंभीर नहीं गए जिम्बाब्वे और किसे मिली जिम्मेदारीभारतीय क्रिकेट फैंस यह कयास लगा रहे थे कि टी20 वर्ल्ड कप के बाद राहुल द्रविड़ का कार्यकाल समाप्त होने पर गौतम गंभीर जिम्बाब्वे दौरे से ही अपने कार्यकाल की शुरुआत करेंगे। हालांकि, बीसीसीआई ने इस युवा टीम के साथ दिग्गज बल्लेबाज और नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण को अंतरिम मुख्य कोच बनाकर भेजा है। गौतम गंभीर के इस दौरे पर न जाने का मुख्य कारण यह है कि उनके अनुबंध और सपोर्ट स्टाफ से जुड़ी कागजी कार्रवाई को अंतिम रूप दिया जा रहा है, और वह श्रीलंका के खिलाफ होने वाली आगामी सीमित ओवरों की सीरीज से टीम इंडिया के साथ फुल-टाइम जुड़ेंगे।शुभमन गिल की कप्तानी में युवा ब्रिगेड दिखाएगी अपना दमजिम्बाब्वे के खिलाफ इस सीरीज के लिए सीनियर खिलाड़ियों जैसे रोहित शर्मा, विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह को आराम दिया गया है, जबकि रोहित और कोहली पहले ही टी20 अंतरराष्ट्रीय से संन्यास की घोषणा कर चुके हैं। ऐसे में भारतीय चयनकर्ताओं ने इस दौरे के लिए स्टार बल्लेबाज शुभमन गिल को टीम की कप्तानी सौंपी है। टीम में आईपीएल में धमाल मचाने वाले अभिषेक शर्मा, नीतीश रेड्डी, रियान पराग और तुषार देशपांडे जैसे युवा चेहरों को शामिल किया गया है। वीवीएस लक्ष्मण की देखरेख में इन युवा सितारों के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का यह एक बेहतरीन सुनहरा मौका होगा।हरारे में खेला जाएगा सीरीज का पहला मुकाबलाभारत और जिम्बाब्वे के बीच इस पांच मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद भारतीय टीम का यह पहला इंटरनेशनल दौरा है, जिसके चलते दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस सीरीज पर टिकी हुई हैं। जिम्बाब्वे की पिचों पर वीवीएस लक्ष्मण की रणनीति और शुभमन गिल की कप्तानी की अग्निपरीक्षा होगी। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि लक्ष्मण का शांत स्वभाव और उनका कोचिंग अनुभव इस युवा भारतीय ब्रिगेड को जिम्बाब्वे की परिस्थितियों में ढलने और सीरीज जीतने में बेहद मददगार साबित होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 12:53 pm

जमशेदपुर के पास जन्नत जैसी है यह जगह! मानसून आते ही उमड़ रही पर्यटकों की भारी भीड़

झारखंड का स्टील सिटी जमशेदपुर न सिर्फ अपने उद्योगों के लिए बल्कि अपने आस-पास छिपी प्राकृतिक वादियों के लिए भी जाना जाता है। इसी कड़ी में जमशेदपुर के बेहद करीब स्थित एक बेहद खूबसूरत नेचर स्पॉट इन दिनों सैलानियों के आकर्षण का नया केंद्र बना हुआ है। भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर सुकून के पल बिताने के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों की यह पहली पसंद बन चुका है। खासकर मानसून के इस सुहाने मौसम में इस जगह की रंगत पूरी तरह बदल गई है, जिसे देखने के लिए वीकेंड पर भारी भीड़ उमड़ रही है।बारिश की बूंदें गिरती ही जीवंत हो उठती हैं यहां की वादियांमानसून की रिमझिम फुहारें पड़ते ही इस नेचर स्पॉट की खूबसूरती में अभूतपूर्व निखार आ जाता है। चारों तरफ फैली हरी-भरी पहाड़ियां, कल-कल करते झरने और चारों ओर छाई धुंध इस पूरे इलाके को किसी हिल स्टेशन जैसा लुक देती हैं। शहरी कोलाहल से दूर प्रकृति की गोद में बसा यह स्थल फोटोग्राफी के शौकीनों और रील बनाने वाले युवाओं के लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन साबित हो रहा है। बारिश के दिनों में यहां की ताजी हवा और सोंधी मिट्टी की खुशबू सैलानियों को एक अलग ही मानसिक शांति का अहसास कराती है।वीकेंड गेटवे के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रहा यह टूरिस्ट स्पॉटजमशेदपुर और इसके आस-पास के जिलों जैसे सरायकेला, घाटशिला और रांची के लोगों के लिए यह जगह एक आदर्श वन-डे पिकनिक स्पॉट बनकर उभरी है। कम बजट और कम समय में प्रकृति के करीब जाने की चाह रखने वाले परिवारों के लिए इससे बेहतर विकल्प फिलहाल कोई दूसरा नहीं है। यहां पहुंचने वाले पर्यटकों का कहना है कि मानसून के दौरान यहां का नजारा इतना अद्भुत होता है कि एक बार आने के बाद यहां से वापस लौटने का मन नहीं करता। स्थानीय प्रशासन भी पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यहां बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने पर ध्यान दे रहा है।एडवेंचर और ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए भी है बेहद खासयह खूबसूरत नेचर स्पॉट केवल शांति पसंद करने वाले लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि एडवेंचर के दीवानों के लिए भी किसी जन्नत से कम नहीं है। यहां की पहाड़ियों और जंगलों के बीच से गुजरने वाले छोटे-छोटे रास्ते ट्रेकिंग के लिए बेहद मुफीद हैं। प्रकृति की अनछुए पहलुओं को करीब से देखने और एडवेंचर का लुत्फ उठाने के लिए युवा टोलियों में यहां पहुंच रहे हैं। अगर आप भी इस बारिश के मौसम में प्रकृति के किसी अद्भुत नजारे को अपनी आंखों में कैद करना चाहते हैं, तो जमशेदपुर के पास स्थित इस छुपे हुए रत्न की सैर जरूर करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 12:52 pm

विक्रम-1 भारत की स्पेस इकोनॉमी को देगा नई ऊंचाई, निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि: इसरो अहमदाबाद के पूर्व निदेशक

भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। निजी स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस के पहले ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल विक्रम-1 ने अपने पहले ही मिशन में सफलता हासिल करते हुए तय समय पर सैटेलाइट को पृथ्वी से 450 किलोमीटर ऊंचाई पर निर्धारित कक्षा (ऑर्बिट) में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया। इस उपलब्धि को भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है।

देशबन्धु 19 Jul 2026 12:51 pm

Bharat Mata Controversy : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान, कहा- शास्त्रों में नहीं है भारत माता का उल्लेख, अयोध्या में RSS पर निशाना

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के एक बयान से नई बहस शुरू हो गई है। उन्होंने ‘भारत माता’ की अवधारणा को लेकर कहा कि इसका उल्लेख शास्त्रों में नहीं मिलता और यह संघ (RSS) की कल्पना है। शंकराचार्य के इस बयान के बाद धार्मिक और ...

वेब दुनिया 19 Jul 2026 12:48 pm

भारत ने धूल चटाई और मुनीर जश्न मनाते रहे!' इमरान खान की बहन अलीमा खान ने खोल दी पाकिस्तान सेना की पूरी पोल

पड़ोसी देश पाकिस्तान से इस वक्त की सबसे बड़ी राजनीतिक और कूटनीतिक हलचल सामने आ रही है। जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन अलीमा खान ने देश के शक्तिशाली सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर और मौजूदा हुक्मरानों के खिलाफ एक बड़ा मोर्चा खोल दिया है। अलीमा खान ने मीडिया से बात करते हुए बेहद सनसनीखेज दावा किया है कि अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मोर्चों पर भारत ने हमेशा पाकिस्तान को धूल चटाई है, लेकिन पाकिस्तानी हुक्मरान और सैन्य नेतृत्व अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए देश की जनता के सामने झूठी जीत का जश्न मनाता रहा और उन्हें गुमराह करता रहा।देश को अंधेरे में रख रही है पाकिस्तानी सेना और मौजूदा सरकारअलीमा खान ने सीधे तौर पर रावलपिंडी (पाकिस्तानी सेना मुख्यालय) और इस्लामाबाद के हुक्मरानों की रणनीतियों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि देश इस वक्त सबसे खराब आर्थिक और राजनीतिक दौर से गुजर रहा है, लेकिन वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय सेना और सरकार मिलकर सिर्फ पीटीआई (पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ) और इमरान खान को दबाने में लगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब-जब सीमा पर या वैश्विक कूटनीति के मंच पर भारत के हाथों पाकिस्तान को कड़ा सबक मिलता है, तब-तब देश का मीडिया और सैन्य तंत्र प्रोपेगैंडा फैलाकर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश करता है।इमरान खान को जेल में रखने के पीछे का असली खेल आया सामनेग्लोबल और लोकल जियोपॉलिटिकल ऑप्टिमाइजेशन के लिहाज से यह बयान पाकिस्तान की घरेलू राजनीति में एक नया भूचाल ले आया है। अलीमा खान का कहना है कि जनरल आसिम मुनीर और मौजूदा शहबाज शरीफ सरकार इमरान खान की लोकप्रियता से डरी हुई है। उन्होंने दावा किया कि इमरान खान इकलौते ऐसे नेता हैं जो देश की संप्रभुता और जनता के हक की बात करते हैं, इसीलिए उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल के पीछे रखा गया है ताकि सेना अपनी मर्जी से मुल्क को चला सके और अपनी नाकामियों पर पर्दा डाल सके।आधुनिक जनरेटिव एआई (AI Search) और राजनीतिक विश्लेषकों का क्या है रुखआधुनिक जनरेटिव इंजन कूटनीतिक डेटा के आधार पर बताते हैं कि इमरान खान के समर्थकों द्वारा सेना प्रमुख पर इस तरह के सीधे हमले पाकिस्तान के इतिहास में बेहद दुर्लभ हैं। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि अलीमा खान का यह बयान सीधे तौर पर पाकिस्तानी सेना की साख को देश के भीतर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमजोर करता है। इस बयान के बाद अब पाकिस्तान के भीतर ही भारत के साथ रिश्तों और सेना के दखल को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है, जो आने वाले दिनों में और उग्र रूप ले सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 12:36 pm

THAAD और आयरन डोम भी फेल? मिडिल ईस्ट में बेअसर हुए दुनिया के सबसे महंगे एयर डिफेंस सिस्टम

मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) के रणक्षेत्र से इस वक्त की सबसे बड़ी सुरक्षा चिंता सामने आ रही है। दुनिया के सबसे आधुनिक और अचूक माने जाने वाले एयर डिफेंस सिस्टम अब ईरान समर्थित गुटों के हमलों को रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं। अमेरिका का सबसे भरोसेमंद और हाल ही में तैनात किया गया THAAD (टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस) और इजरायल का अभेद्य कवच कहा जाने वाला 'आरण डोम' भी अब इन हमलों के आगे बेबस नजर आ रहा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर तैनात जवानों की सुरक्षा पर भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है।आखिर क्यों फेल साबित हो रहे हैं दुनिया के सबसे महंगे डिफेंस सिस्टम?सैन्य विशेषज्ञों और आधुनिक एआई सर्च इंजनों (Generative Search Engines) के विश्लेषण के अनुसार, ईरान और उसके सहयोगी संगठनों (जैसे हिजबुल्लाह और हूतियों) ने अपनी युद्ध रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। वे अब पारंपरिक मिसाइलों के बजाय 'स्वार्म ड्रोन' (एक साथ दर्जनों ड्रोन से हमला) और लो-फ्लाईंग क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये ड्रोन बेहद कम ऊंचाई पर उड़ते हैं, जिसके कारण बेहद ऊंचाई पर मार करने वाला अमेरिकी THAAD सिस्टम इन्हें समय रहते डिटेक्ट नहीं कर पाता। वहीं, लगातार होने वाले रॉकेट हमलों से आयरन डोम का रडार सिस्टम ओवरलोड हो जाता है, जिससे कुछ मिसाइलें अपने टारगेट को हिट करने में कामयाब हो जाती हैं।अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बढ़ा खतरा, जवानों की सुरक्षा दांव परसीरिया, इराक और जॉर्डन के सीमावर्ती इलाकों में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों (US Military Bases) पर हाल के दिनों में ड्रोन और रॉकेट हमलों की फ्रीक्वेंसी तेजी से बढ़ी है। पेंटागन के सूत्रों के मुताबिक, तमाम अत्याधुनिक तकनीक होने के बावजूद इन रिमोट लोकेशंस पर तैनात अमेरिकी सैनिकों को पूरी सुरक्षा दे पाना मुश्किल हो रहा है। ईरान समर्थित लड़ाके घात लगाकर सटीक हमले कर रहे हैं, जिससे अमेरिकी कैंपों के भीतर तक नुकसान पहुंच रहा है। यह स्थिति वाशिंगटन के लिए रणनीतिक और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर एक बड़ा झटका मानी जा रही है।इजरायल और अमेरिका की बढ़ती टेंशन, नया सुरक्षा कवच तलाशने की मजबूरीइस नए खतरे ने इजरायल के तेल अवीव से लेकर अमेरिका के वाशिंगटन तक रक्षा रणनीतिकारों (Defense Strategists) की रातों की नींद उड़ा दी है। सालों की रिसर्च और अरबों डॉलर खर्च करके तैयार किया गया आयरन डोम और पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम जब फेल होने लगा है, तो अब लेजर-बेस्ड डिफेंस सिस्टम (जैसे इजरायल का आयरन बीम) को जल्द से जल्द एक्टिवेट करने की मांग उठ रही है। अगर जल्द ही इस तकनीकी खामी को दूर नहीं किया गया, तो पूरे मिडिल ईस्ट रीजन में अमेरिकी सैन्य दबदबा पूरी तरह खतरे में पड़ सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 12:34 pm

पहली बार खरीद रहे हैं आशियाना? कर्ज के जाल से बचना है तो गांठ बांध लें ये 5 स्मार्ट मनी टिप्स

अपना खुद का घर होना हर किसी का सबसे बड़ा सपना होता है। लेकिन अक्सर लोग इस उत्साह में कुछ ऐसी वित्तीय गलतियां कर बैठते हैं, जिसके चलते उनका यह प्यारा आशियाना भविष्य में कर्ज का एक बड़ा जाल बन जाता है। अगर आप भी पहली बार प्रॉपर्टी मार्केट में कदम रखने जा रहे हैं, तो बिना सोचे-समझे होम लोन की तरफ भागने के बजाय कुछ बेहद जरूरी और 'स्मार्ट मनी टिप्स' को समझ लेना समझदारी होगी।आइए जानते हैं कि बिना किसी मानसिक और वित्तीय तनाव के आप अपने घर का सपना कैसे पूरा कर सकते हैं।1. 20/30/50 का गोल्डन रूल जरूर अपनाएंहोम लोन लेते समय सबसे पहली गलती लोग यह करते हैं कि वे अपनी पूरी जमा-पूंजी डाउन पेमेंट में लगा देते हैं या फिर क्षमता से अधिक का लोन ले लेते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, आपको हमेशा '20/30/50' का नियम याद रखना चाहिए। इसका सीधा मतलब है कि घर की कुल कीमत का कम से कम 20% हिस्सा डाउन पेमेंट के रूप में खुद देना चाहिए। इसके अलावा, आपके घर की कुल ईएमआई (EMI) आपकी मासिक आय के 30% से अधिक नहीं होनी चाहिए, और आपका कुल कर्ज (होम लोन + अन्य लोन) आपकी सैलरी के 50% को पार नहीं करना चाहिए।2. क्रेडिट स्कोर को रखें टॉप गियर मेंलोन की अर्जी डालने से पहले अपने सिबिल (CIBIL) या क्रेडिट स्कोर की जांच जरूर कर लें। अगर आपका क्रेडिट स्कोर 750 या उससे अधिक है, तो बैंक आपको सबसे कम ब्याज दरों (Interest Rates) पर लोन ऑफर करते हैं। महज 0.5% ब्याज दर कम होने से भी आपके लाखों रुपये बच सकते हैं। इसलिए लोन अप्लाई करने से कम से कम 6 महीने पहले से ही अपने सभी पुराने बिलों और क्रेडिट कार्ड के बकाये का समय पर भुगतान करना शुरू कर दें।3. सिर्फ EMI नहीं, 'हिडन कॉस्ट' का भी रखें हिसाबपहली बार घर खरीदने वाले अक्सर सिर्फ प्रॉपर्टी की कीमत और बैंक की ईएमआई का ही बजट बनाते हैं। लेकिन असल खेल इसके बाद शुरू होता है। घर खरीदते समय आपको स्टैम्प ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन चार्ज, प्रॉपर्टी टैक्स, मेंटेनेंस कॉस्ट और ब्रोकरेज जैसे कई छुपे हुए खर्चों (Hidden Costs) का सामना करना पड़ता है। अपने बजट में इन अतिरिक्त खर्चों के लिए कम से कम 10% से 15% का अलग फंड जरूर रखें, ताकि ऐन वक्त पर आपको किसी से उधार न मांगना पड़े।4. रीसेल वैल्यू और लोकेशन का सही आंकलनघर खरीदते समय सिर्फ वर्तमान की जरूरतें न देखें। वह इलाका या सोसाइटी आने वाले 5 से 10 सालों में कैसी होगी, वहां कनेक्टिविटी (मेट्रो, हाईवे), स्कूल और अस्पतालों की क्या स्थिति है, इस पर गहन रिसर्च करें। लोकल एरिया ऑप्टिमाइजेशन के लिहाज से यह बेहद जरूरी है कि आप उस क्षेत्र के फ्यूचर डेवलपमेंट प्लान को समझें। एक खराब लोकेशन पर लिया गया सस्ता घर भी भविष्य में आपको घाटा दे सकता है, क्योंकि उसकी रीसेल वैल्यू (Resale Value) नहीं बढ़ती।5. इमरजेंसी फंड से कभी न करें समझौतानया घर खरीदने और उसका इंटीरियर सजाने के चक्कर में कभी भी अपनी पूरी लाइफ सेविंग्स या इमरजेंसी फंड (Emergency Fund) को खत्म न करें। भविष्य अनिश्चित है; नौकरी में बदलाव या मेडिकल इमरजेंसी जैसी स्थिति में आपके पास कम से कम 6 महीने की ईएमआई और घर के खर्च के बराबर का बैकअप फंड हमेशा लिक्विड (कैश या सेविंग्स अकाउंट) रूप में होना चाहिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 12:32 pm

मुनाफे में 13.9% का तगड़ा उछाल, ₹15,440 करोड़ पर पहुंचा नेट प्रॉफिट; क्या आपने देखे नतीजे

निजी क्षेत्र के दिग्गज ऋणदाता आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) के शानदार वित्तीय नतीजों की घोषणा कर दी है। बैंक ने बाजार की उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन करते हुए अपने शुद्ध मुनाफे में जबरदस्त बढ़त दर्ज की है। सालाना आधार पर बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 13.9 प्रतिशत उछलकर 15,440 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 13,551 करोड़ रुपये रहा था। डिजिटल बैंकिंग और मजबूत लोन ग्रोथ के दम पर बैंक ने भारतीय बैंकिंग सेक्टर में अपनी मजबूत पकड़ को एक बार फिर साबित किया है।ब्याज से होने वाली कमाई (NII) में भी शानदार मजबूतीबैंक के कोर ऑपरेशंस की बात करें तो इसकी नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) यानी ब्याज से होने वाली शुद्ध कमाई में भी अच्छा इजाफा देखा गया है। पहली तिमाही के दौरान बैंक की एनआईआई सालाना आधार पर 7.3 प्रतिशत बढ़कर 19,553 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है, जो बीते वर्ष की समान अवधि में 18,227 करोड़ रुपये दर्ज की गई थी। हालांकि, इस तिमाही के दौरान बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 4.36 प्रतिशत रहा, जो पिछली कुछ तिमाहियों के मुकाबले मामूली दबाव को दर्शाता है, लेकिन ओवरऑल अर्निंग्स को देखते हुए स्थिति बेहद मजबूत है।एसेट क्वालिटी और एनपीए (NPA) के मोर्चे पर राहतबैंकिंग सेक्टर के लिए सबसे महत्वपूर्ण पैमाना यानी एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर भी आईसीआईसीआई बैंक ने निवेशकों को खुश किया है। बैंक का ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) तिमाही दर तिमाही आधार पर सुधरकर 2.15 प्रतिशत पर आ गया है, जो पिछली तिमाही में 2.16 प्रतिशत था। इसी तरह नेट एनपीए (Net NPA) भी महज 0.43 प्रतिशत पर बरकरार है। प्रोविजनिंग (प्रावधान) के मोर्चे पर बैंक ने सतर्क रुख अपनाते हुए कड़े कदम उठाए हैं, जिससे भविष्य में किसी भी संभावित लोन डिफॉल्ट के जोखिम को कम किया जा सके।लोन बुक और डिपॉजिट्स में रिकॉर्ड बढ़ोतरीलोन डिस्ट्रीब्यूशन और ग्राहकों के भरोसे के मामले में मुंबई मुख्यालय वाले इस बैंक का प्रदर्शन देश के सभी भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Markets) में शानदार रहा है। बैंक का कुल डोमेस्टिक लोन पोर्टफोलियो सालाना आधार पर 15.1 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। इसमें रिटेल लोन बुक की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही है। इसके साथ ही, बैंक के कुल डिपॉजिट्स (जमा पूंजी) में भी 15.1 प्रतिशत की मजबूत सालाना ग्रोथ देखी गई है, जो यह दर्शाती है कि टियर-1 से लेकर टियर-3 शहरों तक बैंक का लोकल नेटवर्क और कस्टमर बेस लगातार मजबूत हो रहा है।बाजार विश्लेषकों और एआई (AI Search) इंजनों की रायआधुनिक जनरेटिव एआई सर्च और बाजार के जानकारों के अनुसार, आईसीआईसीआई बैंक के ये नतीजे बैंकिंग इंडेक्स (Bank Nifty) को आने वाले दिनों में नई दिशा दे सकते हैं। स्टेबल एसेट क्वालिटी और लगातार बढ़ती क्रेडिट ग्रोथ के कारण यह स्टॉक लंबी अवधि के निवेशकों के पोर्टफोलियो के लिए एक सुरक्षित विकल्प नजर आ रहा है। घरेलू ब्रोकरेज हाउसेज का मानना है कि बैंक का मजबूत कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) इसे भविष्य में और अधिक लोन बांटने और अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद करेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 12:31 pm

‘दो दिन में ही समझ आया अनशन कितना कठिन’, अभिजीत दीपके बोले- मेरी हालत बिगड़ गई, फिर भी आंदोलन जारी रहेगा

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि भूख हड़ताल का दूसरा दिन ही उनके लिए बेहद कठिन रहा। सोनम वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने के बाद उन्होंने अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया और 20 जुलाई के संसद मार्च की पुष्टि की।

देशबन्धु 19 Jul 2026 11:47 am

Sonam Wangchuk News: अस्पताल से सोनम वांगचुक का मैसेज, 20 जुलाई संसद मार्च को सफल बनाने की अपील, पत्नी ने दिल्ली HC में लगाई याचिका

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल से सफदरजंग अस्पताल ले जाए जाने के एक दिन बाद उन्होंने अपने समर्थकों से 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च को सफल बनाने की अपील की है।वांगचुक ने अपनी पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो के ...

वेब दुनिया 19 Jul 2026 11:44 am

Jammu-Kashmir Cloudburst: जम्मू-कश्मीर में आसमान से बरसी आफत, राजौरी में बह गईं 250 कारें, पुंछ में 4 की मौत; 1992 के बाद आई ऐसी भयंकर तबाही

जम्मू/राजौरी/लखनऊ। जम्मू-कश्मीर में मानसून और पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम ने बेहद रौद्र रूप अख्तियार कर लिया है। राजौरी, अनंतनाग, उधमपुर और पुंछ सहित घाटी के कई जिलों में पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। सबसे बदतर हालात राजौरी और पुंछ जिलों में देखने को मिल रहे हैं, जहां कथित तौर पर बादल फटने (Cloudburst) के बाद आई अचानक बाढ़ (Flash Floods) ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया है। पुंछ के सुरनकोट इलाके में सैलाब की चपेट में आने से चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। स्थानीय बुजुर्गों के मुताबिक, साल 1992 की ऐतिहासिक आपदा के बाद घाटी में कुदरत का ऐसा खौफनाक मंजर पहली बार देखा गया है।राजौरी में बेला बस स्टैंड का नामोनिशान मिटा, बाढ़ में बह गईं 250 गाड़ियांराजौरी शहर में तड़के करीब तीन बजे आई अचानक बाढ़ के कारण दो मंजिला मकान पूरी तरह ढह गए। आपदा का सबसे खौफनाक रूप बेला बस स्टैंड (Bela Bus Stand) के पास देखने को मिला, जहां पानी का स्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि निचले इलाके में खड़ी करीब 200 से 250 कारें और अन्य वाहन ताश के पत्तों की तरह तेज बहाव में बह गए। इस तबाही का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें गाड़ियां मलबे में तब्दील होती दिख रही हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अब बस स्टॉप का नामोनिशान तक नहीं बचा है। रिहायशी इलाकों और बाजारों में कई फीट पानी भर जाने से दुकानों में रखा करोड़ों का सामान बर्बाद हो गया है। इस आपदा के बीच राजौरी से एक महिला के भी बह जाने की खबर है, जिसकी तलाश जारी है।हालात पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सीधी नजर, कीमती जानें बचाना पहली प्राथमिकताजम्मू-कश्मीर में पैदा हुए इस गंभीर जल संकट और बाढ़ की स्थिति पर राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (CM Omar Abdullah) खुद कमान संभाले हुए हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक पोस्ट साझा करते हुए कहा, आज सुबह से ही मैं जम्मू संभाग के कुछ हिस्सों, विशेषकर राजौरी शहर और उसके आस-पास के इलाकों में अत्यधिक बारिश से उत्पन्न हुए गंभीर हालातों पर बारीकी से नजर रख रहा हूं। मैं प्रभावित क्षेत्रों के स्थानीय विधायकों और जिला प्रशासन के निरंतर संपर्क में हूं। इस विकट परिस्थिति में सरकार की सबसे पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता कीमती इंसानी जानें बचाना है। जिन भी नागरिकों की संपत्तियों, मकानों या व्यवसायों को इस अचानक आई बाढ़ से नुकसान पहुंचा है, सरकार उन्हें हर संभव आर्थिक और ढांचागत सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।नदियों और नालों से दूर रहने की अपील, 23 जुलाई तक मौसम विभाग का 'हाई अलर्ट'बाढ़ के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन, एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय राहत टीमें प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। प्रशासन ने आम जनता और पर्यटकों के लिए एक सख्त एडवायजरी जारी की है, जिसमें लोगों से बेवजह लंबी यात्रा न करने और नदियों, पहाड़ी नालों व संवेदनशील भूस्खलन वाले क्षेत्रों से पूरी तरह दूर रहने को कहा गया है।इस बीच, मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने जम्मू-कश्मीर के नागरिकों की चिंताएं और बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने 19 जुलाई से 23 जुलाई 2026 के बीच राज्य के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से जम्मू मंडल के सात प्रमुख जिलों—जम्मू, कठुआ, सांबा, राजौरी, डोडा, रामबन और किश्तवाड़ को 'हाई अलर्ट' (High Alert) पर रखा गया है। इन जिलों से गुजरने वाली प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच रहा है, जिससे आने वाले चार दिन बेहद चुनौतीपूर्ण माने जा रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 10:52 am

Kitchen Hacks: लहसुन छीलने के झंझट से हमेशा के लिए मिलेगी मुक्ति! मिनटों में ढेर सारा लहसुन छील देंगे ये 4 जादुई और आसान हैक्स

लखनऊ। भारतीय पाक कला और रसोइयों में लहसुन (Garlic) का एक बेहद खास और अनिवार्य स्थान है। दाल में तड़का लगाना हो, मसालेदार सब्जी बनानी हो या फिर तीखी चटनी तैयार करनी हो—लहसुन का इस्तेमाल खाने के स्वाद और उसकी खुशबू को कई गुना बढ़ा देता है। स्वाद के अलावा यह सेहत के लिए भी एक बेहतरीन औषधि माना जाता है। इसमें एलिसिन (Allicin), विटामिन बी6, विटामिन सी, मैंगनीज, सेलेनियम और प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं। यही वजह है कि अधिकांश लोग इसे अपनी रोजमर्रा की डाइट का हिस्सा बनाते हैं।हालांकि, लहसुन के फायदों के बीच इसे छीलने की प्रक्रिया (Peeling Garlic) कई लोगों के लिए सिरदर्द बन जाती है। इसकी पतली, सूखी और चिपचिपी परत उंगलियों से आसानी से नहीं निकलती, जिससे समय और मेहनत दोनों बहुत ज्यादा खर्च होते हैं। खासकर जब किसी त्योहार या मेहमानों के आने पर एक साथ भारी मात्रा में लहसुन छीलना हो, तो यह काम बेहद झंझट भरा लगता है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं, तो शेफ और कुकिंग एक्सपर्ट्स द्वारा बताए गए ये 4 जादुई हैक्स (Kitchen Hacks) आपके काम को बेहद आसान बना सकते हैं।मिनटों में ढेर सारा लहसुन छील देंगे ये 4 आसान हैक्स:1. बाउल शेक ट्रिक (The Bowl Shake Hack): यह लहसुन छीलने का सबसे मजेदार और बिना मेहनत वाला तरीका है। इसके लिए लहसुन की कलियों को अलग करके एक गहरे स्टील या प्लास्टिक के बाउल में डाल दें। अब इसके ऊपर एक दूसरा बाउल या भारी प्लेट उलटकर रख दें और इसे 15 से 20 सेकंड तक पूरी ताकत से ऊपर-नीचे हिलाएं (Shake)। आपस में टकराने के कारण कलियों के छिलके अपने आप ढीले होकर अलग हो जाएंगे।2. गुनगुने पानी का जादू (Warm Water Soak): यदि आप बिना किसी शोर-शराबे के आसानी से लहसुन छीलना चाहते हैं, तो कलियों को अलग करके एक कटोरी गुनगुने पानी में 5 से 10 मिनट के लिए भिगोकर छोड़ दें। पानी की नमी के कारण छिलके पूरी तरह फूल जाएंगे और आप उंगलियों से हल्के स्पर्श मात्र से ही उन्हें तरबूज के छिलके की तरह आसानी से उतार सकेंगे।3. चाकू से फ्लैट क्रश करना (Knife Press Method): होटल और रेस्तरां के शेफ अक्सर इसी क्विक मेथड का इस्तेमाल करते हैं। इसके लिए लहसुन की कली को चॉपिंग बोर्ड पर रखें और एक चौड़े शेफ नाइफ (चाकू) के फ्लैट हिस्से को कली के ऊपर रखकर हथेली से हल्का सा दबाएं (Press)। एक हल्की सी 'क्रैक' की आवाज आते ही छिलका कली को पूरी तरह छोड़ देगा। (नोट: चाकू का इस्तेमाल करते समय हाथ कटने से बचाने के लिए सावधानी जरूर बरतें)।4. माइक्रोवेव हैक (10-Second Microwave Trick): अगर आपके पास समय की बहुत कमी है, तो लहसुन की पूरी गांठ या कलियों को एक माइक्रोवेव-सेफ प्लेट में रखें और केवल 10 से 15 सेकंड के लिए माइक्रोवेव चला दें। हल्की सी गर्मी मिलते ही छिलके के भीतर मौजूद नमी भाप बनकर छिलके को कली से अलग कर देगी। ध्यान रहे कि इसे 15 सेकंड से ज्यादा गर्म न करें, अन्यथा लहसुन पक जाएगा और उसका प्राकृतिक स्वाद व बनावट पूरी तरह बदल जाएगी।लहसुन को हफ्तों तक खराब होने से बचाने और ताजा रखने के नियम:जालीदार टोकरी या पेपर बैग: लहसुन को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए उसे हमेशा किसी सूखी, ठंडी और हवादार जगह पर ही रखें। इसे भूलकर भी प्लास्टिक की बंद थैली में न रखें, क्योंकि नमी के कारण इसमें फंगस लग सकती है। इसे हमेशा जालीदार टोकरी या पेपर बैग में रखना सर्वश्रेष्ठ होता है।छिली हुई कलियों का रखरखाव: यदि आपने ऊपर दिए गए हैक्स की मदद से एक साथ ढेर सारा लहसुन छील लिया है, तो उसे खुली हवा में न छोड़ें, इससे उसकी प्राकृतिक खुशबू और ताजगी उड़ जाएगी। छिली हुई कलियों को एक सूखे एयरटाइट डिब्बे (Airtight Container) में बंद करके फ्रिज में रखें और 3 से 4 दिनों के भीतर ही इस्तेमाल कर लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 10:46 am

Pregnancy Health: प्रेग्नेंसी में भूलकर भी न होने दें फोलिक एसिड की कमी, गर्भ में पल रहे शिशु को हो सकता है इस गंभीर बीमारी का खतरा

लखनऊ। गर्भावस्था (Pregnancy) हर महिला के जीवन का सबसे खूबसूरत और संवेदनशील दौर होता है। इस खास समय में आने वाली मां और गर्भ में पल रहे नन्हे शिशु, दोनों की सेहत व सुरक्षा को सर्वोपरि माना जाता है। एक स्वस्थ व सुरक्षित प्रेग्नेंसी के लिए संतुलित खानपान के साथ-साथ शरीर को कई अति-आवश्यक विटामिनों और खनिजों की जरूरत होती है। यदि इस नाज़ुक समय में महिला के शरीर में पोषण की थोड़ी सी भी कमी हो जाए, तो इसका सीधा व गहरा नकारात्मक असर मां और बच्चे दोनों के शारीरिक विकास पर पड़ सकता है। यही वजह है कि स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologists) प्रेग्नेंसी के दौरान पोषक तत्वों से भरपूर विशेष डाइट चार्ट का पालन करने की सख्त सलाह देते हैं।क्या है फोलिक एसिड और क्यों है यह गर्भावस्था के लिए संजीवनी?गर्भावस्था के दौरान जिन चुनिंदा पोषक तत्वों को सबसे अनिवार्य माना गया है, उनमें फोलिक एसिड (Folic Acid) शीर्ष पर आता है। तकनीकी रूप से, फोलिक एसिड असल में 'विटामिन बी9' (Vitamin B9) का एक सिंथेटिक रूप है, जबकि प्रकृति में पाए जाने वाले इसके प्राकृतिक रूप को 'फोलेट' (Folate) कहा जाता है। मानव शरीर में नई कोशिकाओं (Cells) के निर्माण और डीएनए (DNA) बनने की जटिल प्रक्रिया में फोलिक एसिड एक मुख्य भूमिका निभाता है। यही कारण है कि जो महिलाएं प्रेग्नेंसी की प्लानिंग कर रही हैं या जो पहले से ही प्रेग्नेंट हैं, उनके लिए इसकी पर्याप्त दैनिक मात्रा लेना मेडिकल साइंस में बेहद जरूरी माना गया है।फोलिक एसिड की कमी से शिशु को हो सकती है यह गंभीर जन्मजात बीमारीअमेरिका के प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संगठन 'ऑफिस ऑन विमेंस हेल्थ' (Office on Women's Health) की एक आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, प्रेग्नेंसी के शुरुआती महीनों में फोलिक एसिड की कमी होने से गर्भस्थ शिशु का शारीरिक विकास बुरी तरह बाधित हो सकता है।न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट (Neural Tube Defect): शरीर में इस विटामिन की पर्याप्त मात्रा न होने से बच्चे में न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। यह जन्म से जुड़ी एक बेहद गंभीर और लाइलाज समस्या है, जो नवजात शिशु के दिमाग, रीढ़ की हड्डी (Spine) या स्पाइनल कॉर्ड के प्राकृतिक विकास को पूरी तरह रोक देती है।शुरुआती हफ्तों का महत्व: अक्सर महिलाओं को गर्भावस्था के शुरुआती 3 से 4 हफ्तों में अपनी प्रेग्नेंसी का पता नहीं चल पाता है, जबकि ठीक इसी समय गर्भ के भीतर शिशु के मस्तिष्क और रीढ़ का ढांचा तेजी से तैयार हो रहा होता है। इसलिए, डॉक्टरों का मानना है कि गर्भधारण करने से पहले से ही महिलाओं को फोलिक एसिड का सेवन शुरू कर देना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार के जन्मजात विकार के जोखिम को जड़ से खत्म किया जा सके।डाइट और सप्लीमेंट: कैसे पूरी करें फोलिक एसिड की दैनिक जरूरत?फोलिक एसिड की आवश्यक मात्रा को शरीर में बनाए रखने के लिए एक सही संतुलित आहार और डॉक्टरी सप्लीमेंट्स का बेहतरीन तालमेल होना जरूरी है:प्राकृतिक फोलेट के मुख्य स्रोत: महिलाओं को अपनी दैनिक डाइट में गहरे हरे रंग की पत्तेदार सब्जियां (जैसे पालक, मेथी), विभिन्न प्रकार की बीन्स, हरी मटर, ब्रोकोली, संतरा, नींबू और अन्य खट्टे रसीले फलों को प्रमुखता से शामिल करना चाहिए। इसके अलावा बाजार में मिलने वाले फोर्टिफाइड अनाज (Fortified Cereals) और ब्रेड भी इसके अच्छे स्रोत हैं।सप्लीमेंट्स की अनिवार्यता: पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि केवल रोजमर्रा के भोजन से एक प्रेग्नेंट महिला के लिए आवश्यक फोलिक एसिड की पूरी मात्रा प्राप्त करना हमेशा व्यावहारिक रूप से संभव नहीं होता। इसलिए, डॉक्टर की देखरेख में फोलिक एसिड की गोलियां (Supplements) लेना बेहद जरूरी है।प्रेग्नेंसी में सप्लीमेंट लेते समय इन 3 मुख्य बातों का रखें विशेष ध्यान:डॉक्टर की सख्त निगरानी: गर्भावस्था के दौरान फोलिक एसिड या कोई भी अन्य मल्टीविटामिन हमेशा किसी योग्य डॉक्टर की पर्ची और बताई गई खुराक (Dose) के अनुसार ही लें। बिना डॉक्टरी परामर्श के मनमाने ढंग से इसकी मात्रा को कम या ज्यादा करने की भूल बिल्कुल न करें।प्लानिंग के समय ही करें बात: यदि आप भविष्य में गर्भधारण करने की योजना (Pregnancy Planning) बना रही हैं, तो गर्भधारण करने से कम से कम एक-दो महीने पहले ही अपने डॉक्टर से मिलकर फोलिक एसिड शुरू करने की सही सलाह लें।संतुलित आहार का विकल्प नहीं: फोलिक एसिड की दवाइयां लेने का यह अर्थ कतई नहीं है कि आप अपने खानपान में लापरवाही बरतें। सप्लीमेंट के साथ-साथ एक संपूर्ण, रंग-बिरंगी सब्जियों और फलों से युक्त संतुलित सात्विक डाइट बेहद आवश्यक है ताकि शरीर को आयरन, कैल्शियम और अन्य सभी आवश्यक मैक्रोन्यूट्रिएंट्स भी प्राकृतिक रूप से मिलते रहें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 10:43 am

Healthy Desserts: मीठा खाने के शौकीन हो जाएं सावधान! बाजार की मिलावटी मिठाइयां छोड़ें, ओट्स से मिनटों में बनाएं ये 5 लाजवाब और पौष्टिक डेजर्ट्स

लखनऊ। आज के दौर में लाइफस्टाइल और खानपान में तेजी से बदलाव आ रहा है। लोग अब केवल स्वाद के पीछे नहीं भागते, बल्कि अपनी दैनिक डाइट में हेल्दी और पौष्टिक चीजों को शामिल करना प्राथमिकता बन चुका है। ऐसे में ओट्स (Oats) एक सुपरफूड के रूप में उभरा है। आमतौर पर लोग ओट्स को केवल नाश्ते में दलिया या उपमा के रूप में खाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका इस्तेमाल कई तरह की स्वादिष्ट और लाजवाब मीठी चीजें (Desserts) बनाने में भी किया जा सकता है? ओट्स का अपना स्वाद काफी हल्का होता है, जिसके कारण इसे किसी भी अन्य खाद्य सामग्री के साथ आसानी से मिलाकर एक नया फ्लेवर दिया जा सकता है। यही वजह है कि ओट्स से बने व्यंजन बच्चों से लेकर बड़ों तक सबकी पहली पसंद बनते जा रहे हैं।पोषक तत्वों का खजाना है ओट्स, बाजार की मिठाइयों से कई गुना बेहतरआहार विशेषज्ञों के मुताबिक, ओट्स में प्रचुर मात्रा में फाइबर (Dietary Fiber), प्रोटीन, आयरन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, जिंक और विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स जैसे शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। बाजार में मिलने वाली अत्यधिक चीनी और प्रीजर्वेटिव्स युक्त मिठाइयों की तुलना में घर पर बने ओट्स के डेजर्ट्स कई गुना ज्यादा पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक होते हैं। इन्हें बनाते समय आप अपनी सेहत और जरूरत के अनुसार चीनी की जगह गुड़, खजूर या शहद का इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही, इसमें मनपसंद ड्राई फ्रूट्स और ताजे फल मिलाकर इसके स्वाद और पोषण दोनों को दोगुना किया जा सकता है।ओट्स से घर पर आसानी से तैयार करें ये 5 लाजवाब डेजर्ट्स:1. ओट्स खीर (Oats Kheer): इसे बनाने के लिए एक पैन में थोड़ा सा शुद्ध देसी घी गर्म करके ओट्स को हल्का सुनहरा होने तक भून लें। इसके बाद इसमें दूध डालकर धीमी आंच पर पकाएं और मिठास के लिए गुड़ या चीनी मिलाएं। ऊपर से कटे हुए बादाम, काजू और हरी इलायची का पाउडर डालें। फाइबर, प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर यह खीर खाने में जितनी स्वादिष्ट है, पेट को भी लंबे समय तक भरा रखती है।2. ओट्स लड्डू (Oats Laddu): बिना किसी झंझट के झटपट तैयार होने वाले इस डेजर्ट के लिए सूखे पैन में ओट्स को भून लें और फिर उसे दरदरा पीस लें। अब इसमें पिघला हुआ गुड़, थोड़ा घी और बारीक कटे ड्राई फ्रूट्स मिलाकर छोटे-छोटे लड्डू बांध लें। यह शरीर को तुरंत ऊर्जा (Instant Energy) देने के साथ-साथ आयरन और हेल्दी फैट्स का बेहतरीन स्रोत है।3. ओट्स फ्रूट पुडिंग (Oats Fruit Pudding): दूध में ओट्स को अच्छी तरह पकाकर गाढ़ा कर लें और फिर इसे फ्रिज में ठंडा होने के लिए रख दें। इसके बाद इसमें बारीक कटे हुए ताजे फल जैसे सेब, केला, आम या बेरीज मिलाएं। बच्चों के लिए यह एक परफेक्ट और न्यूट्रिशियस समर डेजर्ट है, जो उन्हें पर्याप्त विटामिन और मिनरल्स देता है।4. ओट्स-केला मफिन (Oats Banana Muffin): पके हुए केलों को अच्छी तरह मैश (कुचल) कर लें। अब इसमें ओट्स, दूध, थोड़ा बेकिंग पाउडर और मिठास के लिए शहद मिलाएं। इस गाढ़े मिश्रण को मफिन मोल्ड्स में डालकर ओवन में बेक करें। बाजार के मैदे वाले मफिंस की तुलना में यह बेहद हेल्दी स्नैक है, जिसमें फाइबर और पोटैशियम भरपूर मात्रा में होता है।5. ओट्स चॉकलेट कुकीज (Oats Chocolate Cookies): बच्चों की ऑल-टाइम फेवरेट कुकीज बनाने के लिए ओट्स में कोको पाउडर, पीनट बटर (या घी) और शहद मिलाकर एक सॉफ्ट डो (आटा) तैयार कर लें। इसकी छोटी-छोटी कुकीज का आकार देकर बेक कर लें। शाम की हल्की भूख (Evening Snacks) के लिए यह प्रोटीन और फाइबर से भरपूर एक परफेक्ट चॉइस है।ओट्स डेजर्ट्स बनाते और स्टोर करते समय बरतें ये सावधानियां:मीठे का सही चुनाव: ओट्स के व्यंजनों में रिफाइंड चीनी की जगह हमेशा ऑर्गेनिक गुड़, खजूर के पेस्ट या सीमित मात्रा में शहद का उपयोग करें।अतिरिक्त पोषण: कुकीज या पुडिंग का टेक्सचर और न्यूट्रिशन वैल्यू बढ़ाने के लिए आप इनमें चिया सीड्स (Chia Seeds) या अलसी के बीज (Flax Seeds) भी मिला सकते हैं।स्टोरेज के नियम: दूध और ताजे फलों से बने इन डेजर्ट्स को बहुत देर तक कमरे के तापमान (ओपन एरिया) पर खुला न छोड़ें। यदि इन्हें बाद में खाना हो, तो एक एयरटाइट कंटेनर में बंद करके फ्रिज में रखें और 1 से 2 दिनों के भीतर ही इनका सेवन कर लें ताकि इनकी ताजगी, स्वाद और गुणवत्ता पूरी तरह बरकरार रहे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 10:41 am

Stomach Pain After Eating: खाना खाने के तुरंत बाद पेट में होता है तेज दर्द? सामान्य समझने की भूल न करें, हो सकती हैं ये 4 गंभीर बीमारियां

लखनऊ। भागदौड़ भरी जिंदगी और असंतुलित खानपान के कारण खाना खाने के बाद पेट में दर्द (Stomach Pain) होना एक बेहद आम समस्या बन चुका है। लगभग हर व्यक्ति कभी-न-कभी इस स्थिति का सामना जरूर करता है। अधिकांश मामलों में यह दर्द काफी हल्का होता है, जो कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो जाता है, यही वजह है कि ज्यादातर लोग इसे गैस या बदहजमी समझकर पूरी तरह नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, हेल्थ एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि अगर खाना खाने के तुरंत बाद पेट में बार-बार या बहुत तेज दर्द होने लगे, तो इसे हल्के में लेने की भूल कतई न करें। यह सामान्य सी दिखने वाली समस्या शरीर के भीतर पनप रही किसी गंभीर और पुरानी बीमारी का शुरुआती अलार्म (Warning Sign) हो सकती है।इन 4 गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है खाने के बाद का पेट दर्दप्रसिद्ध मेडिकल वेबसाइट 'मेडलाइनप्लस' (MedlinePlus) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भोजन करने के पश्चात होने वाला पेट दर्द केवल अपच तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निम्नलिखित गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की ओर इशारा करता है:पित्ताशय की पथरी (Gallstones): यदि आपको विशेष रूप से तला-भुना, मसालेदार या अत्यधिक फैट (वसा) वाला भोजन करने के बाद पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में अचानक तेज दर्द होता है, तो यह गॉलस्टोन का लक्षण हो सकता है।पेट का अल्सर (Stomach Ulcer): पेट की भीतरी परत में घाव या अल्सर होने की स्थिति में, भोजन अंदर जाते ही पेट में भयानक जलन, मरोड़ या असहनीय दर्द महसूस होने लगता है।पैंक्रियाटाइटिस (Pancreatitis): अग्न्याशय (Pancreas) में गंभीर सूजन होने की वजह से खाना खाने के बाद पेट में बहुत तेज दर्द उठता है, जो धीरे-धीरे बढ़कर सीधे पीठ की तरफ फैल जाता है।फूड पॉइजनिंग और फूड एलर्जी: यदि भोजन दूषित है या आपका शरीर किसी खास खाद्य पदार्थ (जैसे लैक्टोज या ग्लूटेन) को आसानी से पचा नहीं पाता (Food Intolerance), तो पेट दर्द के साथ मतली, उल्टी और दस्त की शिकायत हो सकती है।अचानक पेट दर्द होने पर अपनाएं ये प्राथमिक उपाययदि कभी भोजन के बाद आपको पेट में हल्का या सामान्य दर्द महसूस होता है, तो तुरंत भारी दवाएं खाने के बजाय इन बुनियादी बातों का पालन करें:आराम और पर्याप्त जल संचय: दर्द उठने पर कुछ देर शांत मुद्रा में आराम करें और थोड़ी-थोड़ी मात्रा में गुनगुना या सामान्य पानी पिएं।हल्का भोजन: अगले कुछ समय तक केवल खिचड़ी या आसानी से पचने वाला दलिया जैसा हल्का सात्विक भोजन ही लें। अत्यधिक वसायुक्त या मिर्च-मसाले वाले भोजन से पूरी तरह दूरी बना लें।धीमी वॉक (टहलना): यदि दर्द का मुख्य कारण पेट में गैस बनना या अपच है, तो भोजन के 15-20 मिनट बाद हल्की गति से टहलना (Strolling) बेहद फायदेमंद साबित होता है।सेल्फ-मेडिकेशन से बचें: बिना किसी योग्य डॉक्टर या फिजिशियन की पर्ची के बार-बार पेनकिलर (दर्द निवारक दवाएं) लेने से बचें, क्योंकि यह आपके लीवर और पेट के अल्सर को और अधिक बढ़ा सकती हैं।रेड अलर्ट: इन 6 लक्षणों के दिखने पर तुरंत भागें अस्पतालचिकित्सकों के अनुसार, यदि पेट दर्द के साथ नीचे दिए गए आपातकालीन लक्षण (Emergency Symptoms) दिखाई दें, तो बिना एक मिनट की देरी किए मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल या मेडिकल इमरजेंसी में ले जाना चाहिए:पेट का दर्द अचानक बहुत तीव्र हो जाए और लगातार बढ़ता ही जा रहा हो।पेट दर्द के साथ मरीज को तेज बुखार (High Fever) आ जाए।लगातार उल्टियां हो रही हों और शरीर में पानी की भारी कमी हो जाए।उल्टी के रास्ते या मल (Stool) के साथ खून बाहर आ रहा हो।पेट में बहुत ज्यादा सूजन या कड़ापन महसूस हो रहा हो।सांस लेने में गंभीर तकलीफ हो रही हो या मरीज को बेहोशी (Dizziness) छाने लगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 10:38 am

Chanakya Niti: इन 3 जगहों से काम खत्म करके लौटते समय भूलकर भी न देखें पीछे, वरना पीछे लग जाएगी भयंकर नकारात्मक ऊर्जा

लखनऊ। आचार्य चाणक्य प्राचीन भारत के एक ऐसे महान रणनीतिकार, कूटनीतिज्ञ और अर्थशास्त्री थे, जिनके सिद्धांत और व्यावहारिक विचार आज सदियों बाद भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उस काल में थे। उनके द्वारा रचित ग्रंथ ‘चाणक्य नीति’ (Chanakya Niti) को नीतिशास्त्र भी कहा जाता है, जिसमें व्यक्ति के व्यवहार, सफलता, पारिवारिक संबंध, धन प्रबंधन और राजनीति को लेकर कई अमूल्य बातें बताई गई हैं। आचार्य चाणक्य का मानना था कि मनुष्य के जीवन की सफलता केवल उसकी मेहनत पर नहीं, बल्कि उसके दैनिक आचरण और व्यवहार पर भी निर्भर करती है। इसी कड़ी में चाणक्य नीति में कुछ ऐसी विशिष्ट जगहों और परिस्थितियों का उल्लेख किया गया है, जहां से अपना काम पूरा करके निकलते समय मनुष्य को भूलकर भी पीछे मुड़कर (Looking Back) नहीं देखना चाहिए। शास्त्रों और चाणक्य के सिद्धांतों के अनुसार, इन स्थानों पर पीछे देखने से जीवन में भयंकर नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश हो सकता है और बनते हुए काम भी बिगड़ सकते हैं। आइए जानते हैं उन 3 प्रमुख जगहों के बारे में।1. श्मशान या अंतिम संस्कार से लौटते समयआचार्य चाणक्य के अनुसार, जब भी आप किसी परिचित या संबंधी के अंतिम संस्कार (Funeral) में शामिल होने श्मशान घाट या कब्रिस्तान जाते हैं, तो वहां से कार्य संपन्न होने के बाद सीधे अपने घर की ओर कदम बढ़ाएं।नकारात्मकता का वास: श्मशान भूमि को तंत्र शास्त्र और व्यावहारिक रूप से भी शोक, दुख और नकारात्मक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है।पीछे न मुड़ने का कारण: वहां से लौटते समय पीछे मुड़कर देखना मोह और भय को दर्शाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से वहां मौजूद नकारात्मक शक्तियां या भारी विचार व्यक्ति की ओर आकर्षित होकर उसके साथ घर तक आ सकते हैं। इसलिए वहां से मौन रहकर सीधे निकल जाना ही सबसे सुरक्षित माना गया है।2. किसी जरूरतमंद की सहायता या दान देकर लौटते समयचाणक्य नीति में दान और परोपकार को लेकर बेहद कड़े और व्यावहारिक नियम बताए गए हैं। आचार्य चाणक्य का कहना है कि यदि आपने किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति की कोई आर्थिक सहायता की है, किसी को गुप्त दान दिया है या किसी को जरूरत के समय उधार (Money Lending) दिया है, तो वहां से चलते समय बार-बार पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए।अहंकार और लालच का प्रतीक: दान देने के बाद पीछे मुड़कर देखना यह दर्शाता है कि आपके मन में उस धन के प्रति अभी भी मोह, लालच या उसे देने का पछतावा है।श्रेष्ठ दान का नियम: सनातन परंपरा और चाणक्य नीति दोनों में ही 'नेकी कर और दरिया में डाल' के सिद्धांत को सर्वश्रेष्ठ माना गया है, यानी देकर भूल जाना ही वास्तविक पुण्य का भागी बनाता है।3. कोर्ट-कचहरी और किसी दुष्ट (दुर्जन) व्यक्ति के घर से निकलते समयजीवन प्रबंधन के नियमों के तहत चाणक्य ने विवादों और कपटी लोगों से दूरी बनाने की सख्त सलाह दी है।विवादों से मुक्ति: यदि आप किसी कानूनी झमेले, कोर्ट-कचहरी (Courtroom Case) के किसी बड़े मामले या किसी गंभीर पारिवारिक विवाद को सुलझाकर वापस आ रहे हैं, तो उस स्थान को छोड़ते समय कभी पीछे न देखें। पीछे देखना यह संकेत देता है कि आप अभी भी उस विवाद से मानसिक रूप से जुड़े हुए हैं।दुर्जन का त्याग: इसी तरह यदि आप किसी दुष्ट, ईर्ष्यालु, धोखेबाज या कपटी व्यक्ति (दुर्जन) का घर या उसका साथ छोड़ रहे हैं, तो पूरी सहजता से आगे बढ़ जाएं। चाणक्य कहते हैं कि बुरे लोगों और नकारात्मक परिस्थितियों का साथ जितनी जल्दी और जितनी दृढ़ता से छूट जाए, मनुष्य के भविष्य और मानसिक शांति के लिए उतना ही मंगलकारी होता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 10:37 am

Vastu Tips for Money: दिन-रात मेहनत के बाद भी नहीं टिकता पैसा? घर की इन दिशाओं में हो सकती है गड़बड़, आज ही अपनाएं ये 5 जादुई वास्तु उपाय

लखनऊ। हमारे आसपास ऐसे कई लोग होते हैं जो दिन-रात हाड़-तोड़ मेहनत करते हैं, लेकिन फिर भी वे आर्थिक रूप से समृद्ध नहीं हो पाते। कई बार हमें खुद भी अपनी उम्मीद और काबिलियत के मुताबिक फल नहीं मिलता। क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे का एक बड़ा और मुख्य कारण आपके घर का वास्तु दोष (Vastu Dosh) हो सकता है? वास्तु शास्त्र के प्राचीन जानकारों का मानना है कि मनुष्य के रहने के स्थान यानी घर की ऊर्जा का ब्रह्मांडीय ऊर्जा (Cosmic Energy) से बहुत गहरा और सीधा संबंध होता है।यदि घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह सही तरीके से नहीं हो रहा है, तो वहां धन के आगमन में लगातार रुकावटें आती हैं और अचानक से बेवजह के खर्चे व कर्ज बढ़ने लगते हैं। अगर आप भी अपनी वित्तीय स्थिति को लेकर लगातार परेशान हैं और धन संचय करना चाहते हैं, तो वास्तु शास्त्र में बताए गए इन 5 जादुई उपायों को अवश्य आजमाएं। ये उपाय घर की नकारात्मकता को दूर कर सुख, समृद्धि और धन-धान्य के द्वार खोलते हैं।1. उत्तर दिशा को रखें बिल्कुल साफ और हल्कावास्तु शास्त्र के नियमों के अनुसार, घर की उत्तर दिशा (North Direction) के अधिपति धन के देवता कुबेर माने जाते हैं। इसलिए इस दिशा को हमेशा बेहद पवित्र और हल्का रखना चाहिए।भारी सामान से बचें: उत्तर दिशा में भूलकर भी कोई भारी फर्नीचर, कबाड़ या स्टोर रूम (Store Room) न बनाएं।तिजोरी का मुख: अपने घर की मुख्य तिजोरी या कैश बॉक्स को इस तरह स्थापित करें कि उसका दरवाजा खोलते समय मुख हमेशा उत्तर दिशा की ओर रहे। यह उपाय कुबेर देव की कृपा से धन को चुंबक की तरह आकर्षित करता है।2. मुख्य द्वार पर रखें चमकती हुई रोशनीघर का मुख्य द्वार (Main Gate) केवल परिवार के सदस्यों के आने-जाने का रास्ता नहीं होता, बल्कि यह ब्रह्मांडीय सकारात्मक ऊर्जा का मुख्य प्रवेश द्वार भी है। वास्तु के अनुसार, मुख्य द्वार को हमेशा साफ-सुथरा, सुंदर और आकर्षक बनाकर रखना चाहिए। ध्यान रहे कि शाम के समय मुख्य द्वार पर कभी भी अंधेरा न हो। वहां पर्याप्त रोशनी (Bright Lighting) की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि धन की देवी मां लक्ष्मी का आपके घर में सरलता से आगमन हो सके।3. जल का सही प्रबंधन: टपकता नल है कंगाली की निशानीवास्तु विज्ञान में जल (Water Element) को सीधे तौर पर धन के प्रवाह का प्रतीक माना गया है।निकास की दिशा: हमेशा ध्यान रखें कि घर में रसोई या स्नानघर से पानी का निकास केवल उत्तर या पूर्व दिशा की ओर ही होना चाहिए।नल की मरम्मत: यदि आपके घर की रसोई या बाथरूम का कोई नल लगातार टपक रहा है (Leaking Taps), तो उसे तुरंत ठीक करवाएं। वास्तु के अनुसार, पानी का बूंद-बूंद टपकना सीधे तौर पर आपके धन के पानी की तरह बहने और अनावश्यक खर्चों को आमंत्रण देने जैसा है।4. ईशान कोण में कभी न होने दें गंदगीघर के उत्तर-पूर्व हिस्से को ईशान कोण (North-East Corner) कहा जाता है, जिसे देवी-देवताओं का निवास स्थान माना गया है। यह पूरे घर का सबसे पवित्र और संवेदनशील कोना होता है। ईशान कोण में कभी भी गंदगी, कूड़ा-कचरा या झाड़ू-पोछा न रखें। इस कोने में किसी भी तरह का भारी सामान या खराब हो चुके इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (कबाड़) रखने से सीधे तौर पर धन के आगमन में बड़ी बाधाएं उत्पन्न होती हैं। इस जगह को हमेशा खुला और स्वच्छ रखें।5. तिजोरी के ठीक सामने लगाएं जादुई आईनाधन वृद्धि के लिए यह एक बेहद प्राचीन और असरदार टोटका माना गया है। अपने घर की अलमारी या तिजोरी के ठीक सामने एक सुंदर सा आईना (Mirror) लगाएं। आईने की पोजीशन ऐसी होनी चाहिए कि जब भी आप तिजोरी खोलें, तो उसमें रखे धन और गहनों का स्पष्ट प्रतिबिंब (Reflection) आईने में दिखाई दे। वास्तु के अनुसार, तिजोरी का बार-बार प्रतिबिंब दिखने से घर में धन और सकारात्मकता दोनों का स्तर तेजी से दोगुना होने लगता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 10:35 am

Sanatan Dharma Donations: मंदिर में पैसे चढ़ाने से भी ज्यादा फलदायी है इन 5 चीजों का गुप्त दान, शास्त्रों में बताया गया है महापुण्य का जरिया

लखनऊ। सनातन धर्म (Sanatan Dharma) में पूजा-पाठ, यज्ञ या किसी भी धार्मिक अनुष्ठान के संपन्न होने के बाद दान करने की परंपरा सदियों पुरानी है। दान को केवल एक सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि एक परम नेक, स्वेच्छा, कृतज्ञता और पूर्ण आध्यात्मिक समर्पण का माध्यम माना गया है। हमारे पवित्र शास्त्रों और पुराणों में स्पष्ट उल्लेख है कि निस्वार्थ भाव से किया गया दान मनुष्य के मन को पावन करता है और मृत्यु के पश्चात आत्मा के लिए मोक्ष (Salvation) का मार्ग प्रशस्त करता है। अत्यंत पवित्र ग्रंथ श्रीमद्भगवद्गीता (Shrimad Bhagavad Gita) में भी कहा गया है कि जो मनुष्य पूर्ण श्रद्धा और विनम्रता के साथ दान करता है, उसके जीवन में कभी सुख-समृद्धि की कमी नहीं होती। अक्सर लोग मंदिरों में जाकर केवल धन या पैसे दान करते हैं, लेकिन शास्त्रों के अनुसार, मंदिर में नकद राशि चढ़ाने के मुकाबले कुछ विशेष भौतिक और सेवा रूपी चीजों का दान करना कई गुना अधिक प्रभावशाली और महापुण्यदायी माना गया है। आइए जानते हैं उन महादानों के बारे में जिनका सनातन धर्म में सर्वोच्च स्थान है।1. महादान है अन्न का दान (भोजन और अनाज)सनातन परंपरा में अन्नदान (भोजन का दान) को सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली बताया गया है। शास्त्रों में इसे 'दान का सबसे उत्तम रूप' माना गया है। मंदिर में या मंदिर के माध्यम से जरूरतमंदों को चावल, गेहूं, दाल, शुद्ध अनाज या पका हुआ सात्विक भोजन दान करना चाहिए। यह दान न केवल भूखे को शारीरिक पोषण देता है, बल्कि दानवीर को आध्यात्मिक तृप्ति भी प्रदान करता है। मान्यता है कि सच्ची समृद्धि और मां लक्ष्मी की कृपा तिजोरी में पैसा रखने से नहीं, बल्कि भूखों को भोजन कराने से आती है।2. वस्त्र दान से दूर होता है अहंकारमंदिरों में वस्त्रों का दान करना बेहद शुभ और मंगलकारी माना गया है। वस्त्र दान (Clothes Donation) को आध्यात्मिक और सामाजिक दोनों ही दृष्टिकोण से आवश्यक माना गया है। इस दान के जरिए समाज के वंचित और जरूरतमंद लोगों का तन सम्मान के साथ ढकता है। अपनी सामर्थ्य के अनुसार नए या साफ-सुथरे हल्के पुराने कपड़ों का दान करने से मनुष्य के भीतर का अहंकार, अभिमान और झूठे दिखावे की भावना का नाश होता है।3. दीप, तेल या शुद्ध घी का दान: अज्ञानता के अंधकार पर विजयदेव स्थानों और मंदिरों में दीप प्रज्वलन के लिए घी या तेल का दान करने की प्राचीन परंपरा है। दीपक को हमेशा आत्म-जागरूकता, ज्ञान और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक माना जाता है। मंदिर में सरसों का तेल, तिल का तेल या गाय का शुद्ध देसी घी दान करने से, और फिर उससे भगवान के सम्मुख अखंड ज्योति या दीपक जलाने से मनुष्य के जीवन से भ्रम, अज्ञानता और सभी प्रकार के नकारात्मक विचार (Negative Energies) पूरी तरह समाप्त हो जाते हैं।4. गौ सेवा और गौदान: सभी देवी-देवताओं का आशीर्वादसनातन धर्म में गाय (Cow) को पूजनीय और साक्षात देवस्वरूप माना गया है। विशेषकर भगवान श्री कृष्ण और देवाधिदेव महादेव के मंदिरों में गौ पालन का अत्यधिक महत्व होता है। मंदिर की गौशालाओं में गाय का दान करना, या फिर गौ माता के भरण-पोषण के लिए हरा चारा, घास, अनाज और चोकर का दान देना अत्यंत फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि गौ सेवा करने से कुंडली के सभी ग्रह दोष शांत होते हैं और ३३ कोटि देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है।5. समय और श्रमदान (सेवा): सबसे शक्तिशाली समर्पणशास्त्रों के अनुसार, धन या किसी भौतिक वस्तु के दान से भी ऊपर 'समय और सेवा का दान' (Shramdaan) आता है, जिसे सर्वश्रेष्ठ और अत्यंत शक्तिशाली माना गया है। धन और संपत्ति दोबारा अर्जित की जा सकती है, लेकिन बीता हुआ समय कभी वापस नहीं आता। जब कोई व्यक्ति मंदिर के कार्यों में, सफाई में या भक्तों की सुविधा के लिए शारीरिक रूप से सेवा करता है, तो उसके भीतर का 'मैं' यानी अहंकार पूरी तरह विलीन हो जाता है। यह मानसिक शांति और ईश्वर के प्रति सच्चे समर्पण का सबसे उत्तम मार्ग है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 10:29 am

Goa EV Policy: गोवा में बाइक टैक्सी और ऑटो चालकों की चमकी किस्मत, इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर मिलेगी 50% की भारी सब्सिडी, लगेंगे 70 नए चार्जिंग स्टेशन

पणजी/लखनऊ। देश के सबसे प्रमुख पर्यटन राज्य गोवा को प्रदूषण मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए गोवा सरकार ने एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी कदम उठाया है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत (CM Pramod Sawant) की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में राज्य की नई इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति को मंजूरी देने की तैयारी कर ली गई है। इस नई और बेहद आकर्षक नीति के तहत गोवा में लाइसेंस प्राप्त बाइक टैक्सी (जिन्हें स्थानीय स्तर पर पायलट कहा जाता है) और ऑटो-रिक्शा चालकों को नए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर 50 प्रतिशत तक की बंपर सब्सिडी देने का ऐतिहासिक प्रस्ताव रखा गया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य में पारंपरिक पेट्रोल और डीजल वाहनों पर निर्भरता को पूरी तरह खत्म करना, कार्बन उत्सर्जन को घटाना और सार्वजनिक परिवहन से जुड़े चालकों की दैनिक परिचालन लागत को आधा करना है।इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा दांव: राज्य भर में स्थापित होंगे 70 नए EV चार्जिंग स्टेशनगोवा सरकार भली-भांति जानती है कि बिना मजबूत बुनियादी ढांचे के इलेक्ट्रिक वाहनों का विस्तार संभव नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने राज्य में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को मजबूत करने के लिए 70 नए अत्याधुनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन (EV Charging Stations) स्थापित करने की एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। इन नए चार्जिंग स्टेशनों के नेटवर्क से न केवल स्थानीय नागरिकों बल्कि गोवा आने वाले लाखों पर्यटकों के बीच भी इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर भरोसा बढ़ेगा। चार्जिंग की सुलभ व्यवस्था होने से तटीय इलाकों और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले वाहन चालकों को बैटरी खत्म होने की चिंता से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।बाइक टैक्सी और ऑटो चालकों पर ही क्यों है सरकार का विशेष फोकस?पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था वाले गोवा में रोजाना लाखों लोग बाइक टैक्सी और ऑटो-रिक्शा के जरिए सफर करते हैं। ये कमर्शियल चालक प्रतिदिन औसतन 100 से 150 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं, जिसके कारण उनकी कमाई का एक बहुत बड़ा हिस्सा महंगे पेट्रोल और डीजल पर खर्च हो जाता है। सरकार का मानना है कि यदि इस वर्ग को इलेक्ट्रिक वाहनों पर शिफ्ट कर दिया जाए, तो उनकी दैनिक ईंधन लागत (Fuel Cost) में 80% तक की भारी कमी आएगी। यही कारण है कि नई नीति में सबसे पहले और सबसे ज्यादा सब्सिडी का लाभ इन्हीं वर्गों को देने का खाका खींचा गया है, ताकि उनकी शुद्ध मासिक आय में वृद्धि हो सके और राज्य में 'हरित परिवहन' (Green Transport) की शुरुआत हो।पुरानी नीति का विस्तार: पर्यावरण और पर्यटन दोनों को मिलेगा डबल बूस्टगोवा में पहले से ही इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर विभिन्न प्रकार के वित्तीय प्रोत्साहन दिए जाते रहे हैं। अब सरकार नई नीति के माध्यम से सब्सिडी के ढांचे को और अधिक सुगम, पारदर्शी और आकर्षक बनाना चाहती है ताकि आम जनता भी ईवी अपनाने के लिए प्रेरित हो सके। ऑटोमोबाइल और पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के इस बड़े पैमाने पर इस्तेमाल से गोवा के पर्यावरण को संजीवनी मिलेगी। आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम होने से देश की अर्थव्यवस्था को फायदा होगा और परिवहन क्षेत्र पूरी तरह टिकाऊ (Sustainable) बनेगा। यदि गोवा सरकार की यह 50% सब्सिडी योजना जमीनी स्तर पर सफल रहती है, तो गोवा सार्वजनिक परिवहन में शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करने वाला देश का अग्रणी राज्य बन जाएगा, जिससे यहां की पर्यटन छवि को वैश्विक स्तर पर एक नया चार चांद लगेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 10:28 am

RBI Plastic Notes: क्या बंद हो जाएंगे 10 और 20 रुपये के पुराने कागज वाले नोट? आरबीआई (RBI) लाने जा रहा है नए प्लास्टिक नोट, जानिए हर सवाल का जवाब

नई दिल्ली/लखनऊ। भारतीय बैंकिंग और करेंसी सिस्टम में जल्द ही एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश में 10 रुपये और 20 रुपये के नए प्लास्टिक (पॉलीमर) नोटों को चलन में लाने की तैयारियां काफी तेज कर दी हैं। इसके लिए बकायदा एक पायलट प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो चुका है और आरबीआई की करेंसी छापने वाली सब्सिडियरी कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL) ने इसके खास मटीरियल (सब्सट्रेट) की खरीद के लिए ग्लोबल टेंडर भी जारी कर दिया है। इस बड़ी खबर के सामने आते ही आम जनता के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं कि क्या पुराने कागजी नोट बंद हो जाएंगे? इन प्लास्टिक नोटों से देश का कितना पैसा बचेगा? आइए इन सभी जरूरी और महत्वपूर्ण सवालों के जवाब सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं।क्यों पड़ी प्लास्टिक नोटों की जरूरत? छपाई खर्च और गंदे नोटों का बढ़ता अंबारडिजिटल पेमेंट और यूपीआई के रिकॉर्ड विस्तार के बावजूद देश में नकदी (Cash) की मांग लगातार बढ़ रही है। मई 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में चलन में मौजूद कुल नकदी रिकॉर्ड 42.86 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुकी है। नकदी के इस भारी इस्तेमाल के कारण नोटों की छपाई की लागत भी लगातार बढ़ रही है। साल 2024-25 में आरबीआई ने नोट छपाई पर करीब ₹6,373 करोड़ खर्च किए थे, जो हालांकि वित्त वर्ष 2025-26 में घटकर ₹4,875 करोड़ रह गए।छपाई खर्च के अलावा दूसरी सबसे बड़ी समस्या गंदे और फटे नोटों को नष्ट करने की है। वित्त वर्ष 2025 में करीब 2,380 करोड़ गंदे-फटे नोट नष्ट किए गए। इन्हीं भारी-भरकम खर्चों और नोटों की कम उम्र की समस्या से निपटने के लिए आरबीआई ने अब पॉलीमर यानी प्लास्टिक नोटों का रुख किया है, जो लंबे समय में बेहद सस्ते और टिकाऊ साबित होते हैं।प्लास्टिक नोटों की 5 सबसे बड़ी खासियतें: क्यों हैं ये कागज से बेहतर?लंबी उम्र (High Durability): पॉलीमर नोट एक विशेष प्रकार की प्लास्टिक शीट से बनते हैं, जिसके कारण ये सामान्य कागजी नोटों की तुलना में ढाई से चार गुना अधिक समय तक सुरक्षित और चालू हालत में रहते हैं।वॉटरप्रूफ और टियरप्रूफ: ये नोट पानी में भीगने से गलते नहीं हैं और इन्हें आसानी से फाड़ा भी नहीं जा सकता। इन पर धूल, मिट्टी और गंदगी भी बहुत कम चिपकती है।बैक्टीरिया मुक्त: कई अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों में यह प्रमाणित हो चुका है कि कागज के मुकाबले प्लास्टिक नोटों की सतह पर संक्रामक बैक्टीरिया और वायरस बहुत कम समय तक टिक पाते हैं।हाई सिक्योरिटी फीचर्स: इन नोटों में एक पारदर्शी खिड़की (Transparent Window) और अत्याधुनिक सुरक्षा धागे दिए जाते हैं, जिनकी हूबहू नकल करना या नकली (Fake Currency) नोट बनाना नामुमकिन के बराबर होता है।ATM फ्रेंडली: भविष्य में देश की सभी एटीएम (ATM) मशीनों को इन नए प्लास्टिक नोटों को आसानी से डिस्पेंस (बाहर निकालने) करने के लिए तकनीकी रूप से अपग्रेड किया जाएगा।दुनिया के 60 से ज्यादा देशों में सफल है मॉडल, ओमान भी लिस्ट में शामिलप्लास्टिक करेंसी अपनाने के मामले में भारत कोई पहला देश नहीं है, बल्कि दुनिया के 60 से अधिक देश इसका सफल इस्तेमाल कर रहे हैं:पूरी तरह अपनाने वाले देश: साल 1988 में ऑस्ट्रेलिया 10 डॉलर का प्लास्टिक नोट जारी करने वाला दुनिया का पहला देश बना था। इसके बाद कनाडा, न्यूजीलैंड, वियतनाम, यूनाइटेड किंगडम (UK), मालदीव और बारबाडोस जैसे देशों ने अपनी करेंसी को पूरी तरह पॉलीमर में बदल दिया। हाल ही में साल 2026 में ओमान ने भी अपना 1-रियाल का नोट पॉलीमर में जारी कर इस सूची में अपनी जगह बनाई है।आंशिक रूप से अपनाने वाले देश: सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, चीन, श्रीलंका, नेपाल, यूएई, सऊदी अरब और इजराइल जैसे देश कुछ चुनिंदा मूल्यवर्ग के नोटों के लिए प्लास्टिक का इस्तेमाल कर रहे हैं।बड़ा सवाल: क्या बंद हो जाएंगे पुराने कागज के नोट? गवर्नर का बयानआम जनता के बीच फैल रही अफवाहों पर विराम लगाते हुए आरबीआई ने पूरी तरह स्पष्ट किया है कि बाजार में मौजूद पुराने कागजी नोट बिल्कुल भी बंद नहीं होंगे और वे पहले की तरह ही कानूनी रूप से पूरी तरह मान्य (Legal Tender) बने रहेंगे। चूंकि यह अभी सिर्फ एक पायलट प्रोजेक्ट है, इसलिए केंद्रीय बैंक पहले इसके सीमित ट्रायल के नतीजों और व्यावहारिकताओं का गहन अध्ययन करेगा।खुद आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने जून 2026 की हालिया मॉनेटरी पॉलिसी (Monetary Policy) के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ शब्दों में कहा, पॉलीमर नोटों को पेश करने का प्रस्ताव अभी पूरी तरह विचाराधीन है। केंद्रीय बैंक इसके सभी तकनीकी पहलुओं और नफे-नुकसान का आकलन कर रहा है और इस पर अभी कोई अंतिम मुहर नहीं लगी है।कब तक आपके हाथों में आएंगे ये नए नोट? जानिए संभावित तारीखभारत में प्लास्टिक नोटों का यह विचार नया नहीं है। इससे पहले साल 2012 में तत्कालीन यूपीए सरकार ने देश के पांच प्रमुख शहरों—कोच्चि, मैसूर, जयपुर, शिमला और भुवनेश्वर में 10 रुपये के 100 करोड़ पॉलीमर नोटों का फील्ड ट्रायल करने की योजना बनाई थी, लेकिन कुछ तकनीकी अड़चनों के कारण वह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया था। अब करीब 14 साल बाद आरबीआई ने इसे दोबारा अमलीजामा पहनाया है। मीडिया रिपोर्ट्स और बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह टेंडर प्रक्रिया और शुरुआती ट्रायल पूरी तरह सफल रहता है, तो साल 2027 से इन प्लास्टिक नोटों का फुल-स्केल रोलआउट (व्यापक चलन) पूरे देश के बाजारों में शुरू हो सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 10:25 am

Delhi Cost of Living: डेट पर जाने, इंटरनेट और घर खरीदने में दुनिया का सबसे सस्ता शहर बनी दिल्ली, लेकिन कम सैलरी ने बिगाड़ा खेल, देखें रिपोर्ट

नई दिल्ली/लखनऊ। देश की राजधानी दिल्ली को लेकर एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाली वैश्विक रिपोर्ट सामने आई है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के रहन-सहन की लागत को लेकर नई बहस छेड़ दी है। डॉयचे बैंक (Deutsche Bank) की प्रतिष्ठित ‘मैपिंग द वर्ल्ड्स प्राइसेज़ 2026’ रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली को दुनिया के प्रमुख महानगरों में सबसे किफायती और सस्ते शहरों में गिना गया है। रिपोर्ट के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो डेट पर जाने, ब्रॉडबैंड इंटरनेट का इस्तेमाल करने और नया घर (Property) खरीदने के लिहाज से दिल्ली दुनिया के 69 बड़े शहरों में सबसे सस्ती जगहों में शामिल है। हालांकि, इस सिक्के का दूसरा पहलू यह भी है कि दिल्ली में औसत मासिक वेतन (Average Salary) दुनिया के अन्य प्रमुख शहरों की तुलना में बेहद कम है। यानी दिल्ली में रहने का खर्च भले ही कम हो, लेकिन लोगों की कमाई भी अपेक्षाकृत कम होने से उनकी वास्तविक क्रय शक्ति (Purchasing Power) प्रभावित हो रही है।डेटिंग और हाई-स्पीड इंटरनेट पर सबसे कम खर्च, युवाओं की मौजडॉयचे बैंक की इस व्यापक रिपोर्ट में दुनिया भर के 69 बड़े वैश्विक शहरों की तुलनात्मक समीक्षा की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में एक सामान्य वीकेंड डेट (Romantic Date) पर होने वाला औसतन खर्च पूरी दुनिया के प्रमुख शहरों में सबसे न्यूनतम स्तर पर है। इसके साथ ही, भारत में मिलने वाले ब्रॉडबैंड इंटरनेट (Broadband Internet) की मासिक लागत भी दुनिया के सबसे सस्ते इंटरनेट वाले देशों की सूची में शीर्ष पर है। यह डेटा साफ तौर पर दर्शाता है कि रोजमर्रा की कई डिजिटल और मनोरंजन सेवाएं दिल्ली में न्यूयॉर्क, लंदन या पेरिस जैसे अंतरराष्ट्रीय शहरों की तुलना में कौड़ियों के भाव उपलब्ध हैं।न्यूयॉर्क और लंदन से बहुत सस्ता है दिल्ली में आशियाना बनानावैश्विक रियल एस्टेट (Real Estate) के मोर्चे पर भी दिल्ली ने विकसित देशों के मुकाबले बाजी मारी है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में रहने के लिए घर या फ्लैट खरीदने की लागत न्यूयॉर्क, लंदन, सिंगापुर, हांगकांग और ज्यूरिख जैसे महंगे शहरों की तुलना में काफी कम और पॉकेट-फ्रेंडली है। हालांकि, रियल एस्टेट विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) के प्रमुख इलाकों में आवासीय संपत्तियों की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई है, इसके बावजूद वैश्विक मानकों पर यह शहर अब भी एक मिडिल क्लास फैमिली के लिए अपेक्षाकृत किफायती बना हुआ है। यही वजह है कि पहली बार घर खरीदने वाले (First-time Homebuyers) नौकरीपेशा लोगों के लिए दिल्ली आज भी एक बड़ा आकर्षण है।कम सैलरी बनी सबसे बड़ी चुनौती, सेविंग्स और निवेश पर असरसस्ती जीवन-यापन लागत (Cost of Living) के बीच रिपोर्ट का सबसे चिंताजनक हिस्सा यहां के कामकाजी लोगों की आय से जुड़ा है। दिल्ली में काम करने वाले प्रोफेशनल्स का औसत मासिक वेतन दुनिया के बड़े विकसित शहरों की तुलना में काफी नीचे है। कम आय के कारण यहां रहने वाले लोगों की बचत (Savings) और भविष्य के लिए निवेश करने की क्षमता बुरी तरह प्रभावित होती है। आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी प्रगतिशील शहर की वास्तविक वित्तीय स्थिति का आकलन केवल कम कीमतों और सस्ते सामानों से नहीं किया जा सकता। टिकाऊ विकास के लिए नागरिकों की आय और उनके खर्च के बीच एक स्वस्थ संतुलन होना अनिवार्य है, जिसकी दिल्ली में फिलहाल कमी दिखती है।ट्रैफिक, प्रदूषण और लो-सैलरी से जीवन की गुणवत्ता प्रभावितरिपोर्ट में इस बात की ओर भी कड़ा संकेत दिया गया है कि बेहतर जीवन स्तर या जीवन की गुणवत्ता (Quality of Life) केवल सस्ती वस्तुओं या सेवाओं पर निर्भर नहीं करती। एक खुशहाल जीवन के लिए विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं, सुलभ सार्वजनिक परिवहन, स्वच्छ वातावरण, रोजगार के बेहतरीन अवसर और सम्मानजनक आय का स्तर सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। दिल्ली में रहने की लागत भले ही कम हो, लेकिन भयंकर वायु प्रदूषण (Air Pollution), अंतहीन ट्रैफिक जाम और वैश्विक मानकों से कम वेतन जैसी गंभीर चुनौतियां यहां के नागरिकों के जीवन स्तर को लगातार प्रभावित कर रही हैं।क्या कहते हैं अर्थशास्त्री? भविष्य की राह और सुधारबाजार के बड़े अर्थशास्त्रियों का मानना है कि दिल्ली की सबसे बड़ी आर्थिक ताकत इसकी कम जीवन-यापन लागत है, जो नए स्टार्टअप्स और छोटे व्यवसायों को फलने-फूलने का मौका देती है। लेकिन, यदि आने वाले समय में कंपनियों द्वारा कर्मचारियों की आय में समान अनुपात में वृद्धि नहीं की जाती है, तो इस सस्तेपन का लाभ सीमित रह जाएगा। आने वाले वर्षों में यदि रोजगार के नए अवसर, बेहतर वेतनमान और बुनियादी ढांचों (Infrastructure) में तेजी से सुधार किया जाए, तो दिल्ली वैश्विक स्तर पर रहने और काम करने (Live and Work) के लिए दुनिया का सबसे आकर्षक और पसंदीदा शहर बन सकता है। फिलहाल यह रिपोर्ट देश की राजधानी की उस हकीकत को बयां करती है, जहां कम खर्च और कम आय दोनों एक साथ समानांतर रूप से चल रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 10:24 am

UPI Payment Charges: क्या अब UPI पेमेंट करने पर ढीली होगी जेब? मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर छिड़ी बड़ी बहस, जानिए ग्राहकों पर क्या होगा असर

नई दिल्ली/लखनऊ। भारत में डिजिटल क्रांति की रीढ़ बन चुका यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) आज देश के करोड़ों नागरिकों की दैनिक आदत बन चुका है। सब्जी की दुकान से लेकर बड़े शॉपिंग मॉल तक यूपीआई के जरिए बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के लेनदेन किया जाता है। लेकिन, अब इस व्यवस्था को लेकर वित्तीय गलियारों में एक नई और बड़ी बहस छिड़ गई है। यूपीआई ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) यानी प्रोसेसिंग फीस लगाने की चर्चाएं काफी तेज हो गई हैं। वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में सबसे बड़ा और यक्ष प्रश्न यह नहीं है कि डिजिटल पेमेंट कंपनियों की कमाई कैसे होगी, बल्कि असली चिंता यह है कि इस नए एमडीआर (MDR) चार्ज का अंतिम वित्तीय बोझ आखिर कौन उठाएगा? यदि यह अतिरिक्त लागत छोटे व्यापारियों पर थोपी गई, तो इसका सीधा और नकारात्मक असर आम ग्राहकों, किराना दुकानों और देश में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम पर पड़ना तय है।क्या है UPI पर लगने वाला MDR चार्ज और व्यापारियों की चिंता?सरल और तकनीकी भाषा में समझें तो यूपीआई पर एमडीआर (MDR) वह विशेष प्रोसेसिंग फीस होती है, जो किसी भी डिजिटल भुगतान को सुरक्षित तरीके से पूरा करने के बदले बैंकों और पेमेंट गेटवे कंपनियों द्वारा व्यापारियों (Merchants) से वसूली जाती है। बैंकिंग एक्सपर्ट्स का मानना है कि बुनियादी ढांचे को बनाए रखने वाले बैंक और वित्तीय कंपनियां इस भारी-भरकम खर्च को लंबे समय तक मुफ्त में खुद वहन नहीं करेंगी। ऐसे में यह अतिरिक्त वित्तीय बोझ सीधे तौर पर कारोबारियों के खातों पर आ सकता है। जानकारों का कहना है कि शुरुआत में बाजार में टिके रहने के लिए कई बड़े व्यापारी इस खर्च को खुद झेल सकते हैं, लेकिन छोटे और मध्यम दर्जे के कारोबारियों के लिए लंबे समय तक इस चार्ज को अपनी जेब से देना मुमकिन नहीं होगा।आम ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा डाका: महंगी हो सकती हैं सेवाएंयदि यूपीआई पर एमडीआर (MDR) लागू होता है, तो आम उपभोक्ताओं को मिलने वाली रियायतें पूरी तरह खत्म हो सकती हैं:कीमतों में बढ़ोतरी: छोटे और खुदरा कारोबारी अपने बढ़े हुए परिचालन खर्च (Operational Cost) की भरपाई करने के लिए सामानों और दैनिक सेवाओं की खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी कर सकते हैं।ऑफर्स और डिस्काउंट का खात्मा: डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए कंपनियों और मर्चेंट्स द्वारा ग्राहकों को दिए जाने वाले कैशबैक, ऑफर्स और डिस्काउंट में भारी कटौती की जा सकती है।छोटे लेनदेन पर संकट: सबसे ज्यादा विपरीत असर गली-मोहल्लों की किराना दुकानों, चाय के स्टालों और रेहड़ी-पटरी वालों पर पड़ेगा, जिन्होंने हाल के वर्षों में नकद छोड़कर यूपीआई क्यूआर कोड को अपनाया है। बहुत कम राशि (जैसे ₹10 या ₹20) के लेनदेन पर भी यदि एमडीआर वसूला गया, तो छोटे दुकानदार डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने से पूरी तरह तौबा कर सकते हैं।डिजिटल इंडिया की रफ्तार पर लग सकता है ब्रेक, समाधान की तलाशबाजार विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि यदि दुकानदारों ने यूपीआई से पेमेंट लेना बंद कर दिया या फिर उन्होंने डिजिटल भुगतान करने वाले ग्राहकों से अतिरिक्त दो फीसदी चार्ज वसूलना शुरू कर दिया, तो आम जनता का डिजिटल पेमेंट के प्रति उत्साह तेजी से घट सकता है। ऐसी स्थिति में लोग एक बार फिर कैश (नकद लेनदेन) की तरफ लौट सकते हैं, जिससे देश में कैशलेस इकोनॉमी बनाने की रफ्तार पर ब्रेक लग जाएगा। एक्सपर्ट्स का साफ कहना है कि यूपीआई सिर्फ एक साधारण पेमेंट गेटवे नहीं है, बल्कि यह भारत का एक वैश्विक डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) है। इसलिए सरकार और केंद्रीय बैंक को मिलकर एक ऐसा संतुलित समाधान निकालना होगा, जिससे बैंकों को नई तकनीक में निवेश का मौका भी मिलता रहे और आम जनता व छोटे व्यापारियों पर कोई नया आर्थिक बोझ भी न पड़े।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 10:23 am

ITR Mistakes Recovery: ITR में हुई छोटी-सी गलती पर आयकर ट्रिब्यूनल का बड़ा फैसला, ₹65 लाख के वीआरएस (VRS) अमाउंट पर कर्मचारी को मिली भारी टैक्स राहत

पुणे/लखनऊ। आयकर रिटर्न (Income Tax Return - ITR) दाखिल करते समय की गई एक छोटी-सी लापरवाही या रिपोर्टिंग की चूक भी करदाताओं के लिए बड़े आर्थिक नुकसान और लंबे कानूनी विवाद का कारण बन सकती है। लेकिन, हाल ही में पुणे आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) के सामने आए एक अत्यंत महत्वपूर्ण मामले ने देश के लाखों करदाताओं को एक बड़ी कानूनी संजीवनी दी है। आईटीएटी ने एक कर्मचारी के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति कानूनन टैक्स छूट (Tax Exemption) पाने का असली हकदार है, तो केवल फॉर्म भरने में हुई किसी मानवीय या तकनीकी गलती के आधार पर उसका यह वैध अधिकार नहीं छीना जा सकता। इस फैसले के बाद पीड़ित कर्मचारी को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) के तहत मिली ₹65.21 लाख की भारी-भरकम राशि पर पूर्ण टैक्स राहत प्रदान की गई है।कंपनी बंद होने के बाद मिला था VRS पैकेज, अनजाने में हुई थी बड़ी चूकयह संवेदनशील मामला एक ऐसे कर्मचारी से जुड़ा हुआ है, जिसका मैन्युफैक्चरिंग प्लांट कंपनी द्वारा अचानक बंद कर दिया गया था। इसके बाद प्रबंधन की ओर से कर्मचारी को वीआरएस (VRS) पैकेज के रूप में कुल ₹65.21 लाख का एकमुश्त भुगतान किया गया था। इस कुल फंड में एक्स-ग्रेशिया (अनुग्रह राशि), नोटिस पीरियड का वेतन (Notice Pay) और अन्य महत्वपूर्ण सेवानिवृत्ति लाभ शामिल थे। आयकर अधिनियम के विशेष प्रावधानों के तहत यह पूरी राशि कर-मुक्त (Tax-Free) या टैक्स छूट के दायरे में आती थी। परंतु, अपना सालाना असेसमेंट और आईटीआर दाखिल करते समय कर्मचारी ने अनजाने में इस पूरी राशि को 'टैक्स योग्य आय' (Taxable Income) के कॉलम में दर्ज कर दिया, जिसके चलते उसे मिलने वाला वैध टैक्स लाभ रुक गया और विभाग ने उन पर टैक्स लायबिलिटी बना दी।ITAT का महत्वपूर्ण फैसला: तकनीकी त्रुटि न्याय का रास्ता नहीं रोक सकतीमामले की विस्तृत कानूनी समीक्षा और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आईटीएटी पुणे (ITAT Pune Bench) ने आयकर विभाग के रुख को खारिज करते हुए एक बेहद प्रगतिशील टिप्पणी की। न्यायाधिकरण ने कहा, यदि कोई करदाता देश के स्थापित कानूनों के अनुसार किसी विशेष कर लाभ या छूट को पाने की योग्यता रखता है, तो केवल रिटर्न फॉर्म में हुई किसी रिपोर्टिंग त्रुटि या तकनीकी चूक की वजह से उसे उसके मूल अधिकार से वंचित करना न्यायसंगत नहीं है। ट्रिब्यूनल ने माना कि कर्मचारी का उद्देश्य किसी भी प्रकार की कर चोरी या गलत जानकारी देना नहीं था, बल्कि यह पूरी तरह से एक अनजानी लिपिकीय त्रुटि (Clerical Error) थी। इसके बाद अदालत ने ₹65.21 लाख की राशि को पूरी तरह करमुक्त मानते हुए विभाग को टैक्स रिफंड और राहत प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए।कर विशेषज्ञों की राय: अन्य करदाताओं के लिए नजीर, पर बरतें सावधानीटैक्स कंसल्टेंट्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CAs) का मानना है कि पुणे ट्रिब्यूनल का यह फैसला उन सभी करदाताओं के लिए एक बड़ी नजीर साबित होगा, जो अक्सर आईटीआर दाखिल करते समय अनजाने में फॉर्म में गलतियां कर बैठते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों ने यह भी आगाह किया है कि इस फैसले का अर्थ यह कतई नहीं निकाला जाना चाहिए कि हर प्रकार की गलत फाइलिंग पर विभाग की ओर से माफी मिल जाएगी। यह कर राहत केवल तभी उपलब्ध होगी जब करदाता प्रासंगिक दस्तावेजों के जरिए यह अकाट्य रूप से साबित कर सके कि वह कानूनन उस टैक्स छूट का हकदार था और की गई गलती केवल तकनीकी स्तर पर थी।अनावश्यक आयकर नोटिस से बचने के लिए ITR फाइलिंग के समय रखें इन बातों का ध्यान:दस्तावेजों का गहन मिलान: करदाताओं को अपना आईटीआर फाइनल सबमिट करने से पहले अपने फॉर्म-16 (Form-16), वेतन विवरण (Salary Slips), एआईएस (AIS) और टीआईएस (TIS) का डेटा अच्छी तरह से क्रॉस-वेरिफाई कर लेना चाहिए।विशेष फंड की सही एंट्री: स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS), ग्रेच्युटी (Gratuity), लीव एनकैशमेंट, पेंशन या कैपिटल गेन (Capital Gains) जैसे बड़े फंड्स की प्रविष्टि करते समय संबंधित आयकर धाराओं का विशेष ध्यान रखें।विशेषज्ञों का परामर्श: यदि आयकर के किसी जटिल नियम या छूट के कॉलम को लेकर मन में थोड़ा भी संदेह हो, तो खुद फॉर्म भरने के बजाय किसी प्रमाणित टैक्स सलाहकार या सीए की व्यावसायिक मदद लेना ही सबसे सुरक्षित और कानूनी विवादों से मुक्त रहने का एकमात्र तरीका है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 10:22 am

Bank Holidays This Week: इस सप्ताह 3 दिन बंद रहने वाले हैं बैंक, घर से निकलने से पहले चेक कर लें RBI की नई हॉलिडे लिस्ट

नई दिल्ली/लखनऊ। यदि इस सप्ताह आपका बैंक की शाखा (Bank Branch) से जुड़ा कोई भी अत्यंत जरूरी काम है, जैसे चेक जमा करना, नया ड्राफ्ट बनवाना या पासबुक अपडेट कराना, तो घर से बाहर कदम रखने से पहले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा जारी छुट्टियों की ताजा सूची जरूर देख लें। आरबीआई के आधिकारिक अवकाश कैलेंडर के अनुसार, इस सप्ताह देश के अलग-अलग राज्यों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) सहित सभी सरकारी व निजी बैंक अधिकतम तीन दिनों तक बंद रह सकते हैं। ऐसे में डिजिटल बैंकिंग का उपयोग कर आप किसी भी संभावित परेशानी से बच सकते हैं।खारची पूजा और चौथे शनिवार के कारण तीन दिन का अवकाशहॉलिडे शेड्यूल के मुताबिक, आज 19 जुलाई 2026 (रविवार) को साप्ताहिक अवकाश के चलते पूरे देश में सार्वजनिक लेन-देन पूरी तरह बंद है। इसके बाद इस सप्ताह के मध्य में यानी 22 जुलाई (बुधवार) को त्रिपुरा (अगरतला) में खारची पूजा (Kharchi Puja) के पावन अवसर पर क्षेत्रीय स्तर पर बैंकों में अवकाश घोषित किया गया है। वहीं, सप्ताह के अंत में 25 जुलाई को महीने का चौथा शनिवार (Fourth Saturday) होने के कारण देश के सभी राज्यों में बैंक शाखाएं पूरी तरह बंद रहेंगी। इसका मतलब यह है कि त्रिपुरा जैसे राज्यों में इस सप्ताह बैंकों में कुल तीन दिन कामकाज नहीं होगा, जबकि देश के अन्य हिस्सों में दो दिन (रविवार और चौथा शनिवार) बैंक बंद रहेंगे।शाखाएं बंद रहने पर भी चालू रहेंगी ये सभी डिजिटल बैंकिंग सेवाएंराहत की बात यह है कि बैंक शाखाओं के भौतिक रूप से बंद रहने के बावजूद ग्राहकों के लिए वित्तीय और गैर-वित्तीय सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी। डिजिटल इंडिया के दौर में निम्नलिखित सुविधाएं 24 घंटे काम करती रहेंगी:ऑनलाइन ट्रांजैक्शन: ग्राहक पहले की तरह ही यूपीआई (UPI), इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग के जरिए किसी को भी पैसे भेज सकते हैं।एटीएम और बिल भुगतान: नकद निकासी के लिए सभी एटीएम (ATM) सामान्य रूप से चालू रहेंगे। इसके साथ ही ऑनलाइन बिल भरना, बैलेंस चेक करना और मर्चेंट पेमेंट की सुविधाएं निर्बाध रूप से उपलब्ध रहेंगी।मेंटेनेंस अलर्ट: हालांकि, कभी-कभी बैंकों द्वारा सिस्टम मेंटेनेंस या सर्वर अपग्रेडेशन के कारण कुछ डिजिटल सेवाएं थोड़े समय के लिए बाधित हो सकती हैं, जिसकी अग्रिम सूचना बैंक अपने ग्राहकों को एसएमएस या ईमेल के माध्यम से पहले ही दे देते हैं।जानिए अगले सप्ताह का शेड्यूल और बैंकों का टाइमिंगआरबीआई नियमों के तहत हर महीने के दूसरे व चौथे शनिवार और सभी रविवार को बैंक बंद रखे जाते हैं। राहत की बात यह है कि इस सप्ताह के बाद यानी 26 जुलाई (रविवार) को छोड़कर 1 अगस्त 2026 तक किसी भी राज्य में कोई विशेष या क्षेत्रीय अवकाश निर्धारित नहीं है, जिससे अगले पूरे हफ्ते कामकाज सामान्य रहेगा। सामान्य दिनों में ग्राहकों के लेन-देन के लिए बैंकों का समय सुबह 10:00 बजे से दोपहर बाद 4:00 बजे तक निर्धारित होता है, हालांकि स्थानीय नियमों के अनुसार कुछ शाखाओं के समय में आंशिक बदलाव संभव है। उपभोक्ताओं को असुविधा से बचने के लिए अपने सभी जरूरी काम इन छुट्टियों से पहले या बाद में निपटाने की सलाह दी जाती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 10:21 am

Monsoon Alert : पहाड़ों से मैदान तक बारिश का कहर, राजौरी में 200 गाड़ियां बहीं, इन राज्यों में रेड अलर्ट

देशभर में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। जम्मू-कश्मीर से लेकर छत्तीसगढ़ और उत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों के लिए कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की ...

वेब दुनिया 19 Jul 2026 10:13 am

CM मोहन यादव का 'डेस्टिनेशन कैबिनेट' विजन विकास को दे रहा नई दिशा, जनता को ला रहा करीब

Chief Minister Dr. Mohan Yadav : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शासन की पारंपरिक शैली और विकास को अपने विजन से नई दिशा दी है। राजधानी भोपाल के वल्लभ भवन से बाहर निकलकर प्रदेश के विभिन्न शहरों, ऐतिहासिक स्थलों और पिछड़े क्षेत्रों में ...

वेब दुनिया 19 Jul 2026 10:05 am

CM योगी ने जापान के उदाहरण के साथ बच्चों को दिया आत्म अनुशासन व परिश्रम का मंत्र

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों को आत्म अनुशासन, परिश्रम का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि अनुशासन ही जीवन का सबसे बड़ा मंत्र है। आगे वही बढ़ा है और इतिहास भी उसी ने बनाया है, जो ...

वेब दुनिया 19 Jul 2026 10:00 am

Medanta Medical Negligence: मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही पर सीएम योगी सख्त, गलत सर्जरी और भारी-भरकम बिल वसूली के आरोपों की उच्च स्तरीय जांच शुरू

लखनऊ/गुरुग्राम। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और दिल्ली-एनसीआर के गुरुग्राम में स्थित प्रतिष्ठित मेदांता अस्पताल (Medanta Hospital) एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में आ गया है। एक पीड़ित मरीज के उपचार में हुई भयंकर लापरवाही (Medical Negligence) और अस्पताल प्रबंधन द्वारा की जा रही कथित आर्थिक उगाही का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज के दौरान घोर लापरवाही बरतते हुए वास्तविक घाव वाले स्थान को छोड़कर उससे करीब 6 सेंटीमीटर दूर सर्जरी कर दी। इस गलत ऑपरेशन के कारण मरीज के घाव से लगातार मवाद (Pus) बह रहा है और उसकी हालत लगातार गंभीर बनी हुई है। इस मामले में संज्ञान लेते हुए माननीय मुख्यमंत्री जी ने डॉक्टरों की मनमानी के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार करते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।घाव कहीं और, ऑपरेशन कहीं और: डॉक्टरों पर अनदेखी का आरोपमरीज के परिजनों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, मेदांता के डॉक्टरों को जब प्रभावित हिस्से से लगातार बहते मवाद को दिखाया गया, तो उन्होंने उसे पूरी तरह इग्नोर कर दिया और 'बाद में देखने' की बात कहकर टालते रहे। जब पीड़ित परिवार ने इस गंभीर लापरवाही की लिखित शिकायत मेल के माध्यम से गुरुग्राम और लखनऊ के आला अधिकारियों व शीर्ष प्रबंधन से की, तो लंबे समय तक उनके कान पर जूं तक नहीं रेंगी। काफी दबाव के बाद अस्पताल प्रशासन ने एक बोर्ड मीटिंग बुलाई, जिसमें डॉक्टरों ने अपनी तकनीकी गलती स्वीकार करने के बजाय तीमारदारों के सामने अपने पद और रसूख की धौंस दिखाना शुरू कर दिया।सरकारी नौकरी छोड़ प्राइवेट में आने की धौंस और बिलिंग का खेलबोर्ड मीटिंग के दौरान मेदांता के वरिष्ठ डॉक्टर अमित अग्रवाल ने कथित तौर पर यह दलील दी कि वे पीजीआई (PGI) की 5 साल की सरकारी नौकरी छोड़कर यहां आए हैं। वहीं, डॉ. उमा प्रधान ने भी डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (RML) की प्रतिष्ठित जॉब छोड़ने का हवाला दिया। पीड़ित पक्ष का सवाल है कि यदि डॉक्टर यहां केवल इलाज करने आए हैं, तो वे अपनी कमियों को छुपाने के लिए फाइलों में हेरफेर और लगातार बिल पर बिल क्यों बनाए जा रहे हैं? परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा डॉक्टरों को हर महीने एक निश्चित वित्तीय राशि का टारगेट दिया जाता है, जिसे पूरा करने के लिए मरीजों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। डॉक्टरों ने इस बीमारी के लिए डेढ़ से दो साल तक लगातार महंगी ड्रेसिंग कराने की बात कही है, जिसका भारी-भरकम बजट एक मध्यमवर्गीय या गरीब परिवार के पूरी तरह बाहर है।मुख्यमंत्री के जांच आदेश और सेकंड ओपिनियन में खुली पोलइस मामले के तूल पकड़ने के बाद मेदांता के चिकित्सा निदेशक डॉ. राकेश कपूर ने पीड़ित परिवार को किसी अन्य बाहरी डॉक्टर से सेकंड ओपिनियन (Second Opinion) लेने की सलाह दी थी। इसके बाद जब परिजनों ने अन्य विशेषज्ञ सर्जनों से परामर्श किया, तो डॉक्टरों ने साफ कर दिया कि इलाज पूरी तरह गलत हुआ है। चिकित्सा नियमों के अनुसार उपचार घाव वाली जगह पर ही होना चाहिए था, न कि उससे दूर। बाहरी डॉक्टरों ने मरीज की जान बचाने के लिए इस गलत सर्जरी को दोबारा ऑपरेट (Re-operate) करने की जरूरत बताई है। अस्पताल के इस रवैये और पुख्ता सबूतों के आधार पर माननीय मुख्यमंत्री जी ने जांच के कड़े निर्देश दिए हैं, जिससे अब दूध का दूध और पानी का पानी होने की उम्मीद है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 9:10 am

Sonam Wangchuk : सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ी, भूख हड़ताल के दौरान डिहाइड्रेशन के संकेत, डॉक्ट्रों ने दी चेतावनी

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के दौरान तबीयत खराब होने लगी है। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि वांगचुक में डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) के लक्षण दिखाई दे रहे हैं और गंभीर स्वास्थ्य ...

वेब दुनिया 19 Jul 2026 8:57 am

आबूरोड जैसे ही सिरोही के प्रकरण में दस लोगों के खिलाफ चार्जशीट पेश 

सबगुरु न्यूज-सिरोही। जून के महीने में आबूरोड में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल हुई थी। इस हड़ताल में के दौरान फर्जी नियुक्ति का मामला भी उठा था। इसी तरह का एक मामला 12 साल पहले सिरोही नगर पालिका में हुआ था। इस प्रकरण का खुलासा होने पर कांग्रेस नेता संयम लोढ़ा जोरशोर से उठाया था। विधानसभा […] The post आबूरोड जैसे ही सिरोही के प्रकरण में दस लोगों के खिलाफ चार्जशीट पेश appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 19 Jul 2026 8:51 am

अमेरिका का ईरान पर नया हमला, IRGC की गोलीबारी में 2 अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद बढ़ा तनाव

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। शनिवार को जॉर्डन में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की ओर से की गई गोलीबारी में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। अमेरिका ने अभी तक मारे गए और ...

वेब दुनिया 19 Jul 2026 8:08 am

भाजपा मुद्दों से ध्यान भटकाने की राजनीति कर रही, आजम खान को न्याय मिलेगा: सपा प्रवक्ता अमीक जामेई

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमीक जामेई ने विभिन्न राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर भाजपा और उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा

देशबन्धु 19 Jul 2026 7:00 am

रांची : 25 लाख रुपए का इनामी नक्सली कमांडर अजय महतो उर्फ टाइगर गिरफ्तार, 240 से ज्यादा मामलों में था वांछित

झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के तहत गिरिडीह पुलिस और सीआरपीएफ की कोबरा-209 बटालियन को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त कार्रवाई में प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) के स्पेशल एरिया कमेटी (एसएसी) के शीर्ष कमांडर और 25 लाख रुपए के इनामी नक्सली अजय महतो उर्फ मोछू उर्फ टाइगर को गिरफ्तार किया गया है।

देशबन्धु 19 Jul 2026 6:30 am

उद्धव ठाकरे को लगा सबसे बड़ा झटका, लोकसभा स्पीकर ने 6 बागी सांसदों के शिवसेना में विलय को दी मंजूरी

20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलने वाले संसद के मानसून सत्र से पहले उद्धव ठाकरे और उनकी पार्टी शिवसेना (यूबीटी) को बड़ा झटका लगा है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उद्धव ठाकरे गुट के छह बागी सांसदों के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में विलय को औपचारिक मंजूरी दे दी है।

देशबन्धु 19 Jul 2026 5:50 am

भारत में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को यहां की संस्कृति और परंपरा का सम्मान करना होगा: सीएम योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि भारत में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को यहां की संस्कृति और परंपरा का सम्मान करना होगा। उन्होंने कहा कि जो लोग आज भी अपने आपको बाबर की संतान समझते हैं, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि नया भारत न तो गुलामी की मानसिकता में जीने वाला है और न ही उसे स्वीकार करने वाला है।

देशबन्धु 19 Jul 2026 4:00 am

ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में अमरीका, ट्रंप प्रशासन इजराइल में तैनात करेगा अतिरिक्त फ्यूल टैंकर विमान

वाशिंगटन/येरूशलेम। अमरीका ने ईरान के खिलाफ अभियान के संभावित विस्तार से पहले इजराइल को देश में कई और अमरीकी ईंधन भरने वाले विमान तैनात करने की अपनी योजना की सूचना दी है और इजराइली अधिकारियों के अनुसार यह कदम अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मंगलवार को सिचुएशन रूम की बैठक के बाद व्यापक सैन्य अभियान […] The post ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में अमरीका, ट्रंप प्रशासन इजराइल में तैनात करेगा अतिरिक्त फ्यूल टैंकर विमान appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Jul 2026 10:34 pm

सोनम वांगचुक की हालत स्थिर, लेकिन इलाज से किया इनकार : सफदरजंग अस्पताल

नई दिल्ली। बीस दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस सफदरजंग अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उनके शरीर में निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) और पोटेशियम की कमी के लक्षण पाए। उन्होंने नस के जरिए (आईवी) तरल, ओआरएस जैसे पेय तथा अन्य दवाएं लेने से इनकार कर दिया है। […] The post सोनम वांगचुक की हालत स्थिर, लेकिन इलाज से किया इनकार : सफदरजंग अस्पताल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Jul 2026 10:28 pm

जंतर-मंतर पर हिंदू देवताओं का अपमान,कुणाल कामरा और प्रकाश राज पर दर्ज हो एफआईआर

हिन्दू जनजागृति समिति एवं सुप्रीम कोर्ट के वकीलों की मांग नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सोनम वांगचुक के नेतृत्व में नीट (NEET) मुद्दे को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के मंच से खुलेआम सनातन धर्म का अपमान और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने का गंभीर मामला सामने आया है। इसके विरुद्ध […] The post जंतर-मंतर पर हिंदू देवताओं का अपमान,कुणाल कामरा और प्रकाश राज पर दर्ज हो एफआईआर appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Jul 2026 10:11 pm

भिण्ड में सोशल मीडिया पर पत्नी के अश्लील फोटो और वीडियो डालने वाले पति पर FIR दर्ज

भिण्ड। मध्यप्रदेश में भिण्ड जिले के गोहद थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपने पति पर सोशल मीडिया पर उसके अश्लील फोटो और वीडियो वायरल कर बदनाम करने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि आरोपी पति लंबे समय से उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। विरोध करने पर उसने जान […] The post भिण्ड में सोशल मीडिया पर पत्नी के अश्लील फोटो और वीडियो डालने वाले पति पर FIR दर्ज appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Jul 2026 10:04 pm

बागियों की वापसी पर अभिषेक बनर्जी ने दिया पद छोड़ने का प्रस्ताव

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को पार्टी के बागी नेताओं को बड़ा प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें जिम्मेदार ठहराकर तृणमूल छोड़ने वाले सांसद और विधायक पार्टी में वापस लौट आते हैं तो वे एक घंटे के भीतर पार्टी के सभी पदों से […] The post बागियों की वापसी पर अभिषेक बनर्जी ने दिया पद छोड़ने का प्रस्ताव appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Jul 2026 9:59 pm

वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर ममता ने केंद्र पर साधा निशाना

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर चिंता जताते हुए शनिवार को केंद्र सरकार से बातचीत शुरू करने और शांतिपूर्ण असहमति के लोकतांत्रिक अधिकार का सम्मान करने का आग्रह किया।

देशबन्धु 18 Jul 2026 9:55 pm

बागेश्वर में स्कूल के प्रधानाचार्य की हत्या में प्रशासनिक अधिकारी अरेस्ट

बागेश्वर। उत्तराखंड के बागेश्वर में शनिवार को स्कूल के प्रधानाचार्य दयानंद टम्टा की हत्या के आरोप में पुलिस ने विद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा के अनुसार दिल दहला देने वाली यह घटना आज सुबह हुई। उन्होंने बताया कि जीआईसी भटखोला के समीप विद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी नवल […] The post बागेश्वर में स्कूल के प्रधानाचार्य की हत्या में प्रशासनिक अधिकारी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Jul 2026 9:54 pm

गुंटूर में महिला को सरेआम निर्वस्त्र कर पीटने के मामले में तेदेपा नेता निलंबित

गुंटूर/विजयवाड़ा। आंध्र प्रदेश के तटीय शहर गुंटूर स्थित कृष्णाबाबू कॉलोनी में सार्वजनिक नल से पानी भरने के मामूली विवाद में एक महिला को सरेआम निर्वस्त्र कर पीटने का बेहद झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। इस घटना में सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के स्थानीय नेता की संलिप्तता के बाद राज्य में भारी राजनीतिक […] The post गुंटूर में महिला को सरेआम निर्वस्त्र कर पीटने के मामले में तेदेपा नेता निलंबित appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Jul 2026 9:49 pm

सिरोही के दो नेताओं की जंग में पिसा अधिकारी

सबगुरु न्यूज-सिरोही। सिरोही भाजपा में पिछले चैबीस घंटों से ये चर्चा गर्म है कि यहां के दो नेता एक दूसरे का नीचा दिखाने और पटखनी देने के लिए हर स्तर पर आ चुके हैं। वर्चस्व की ये लडाई अब पिण्डवाडा विधानसभा क्षेत्र में चरम पर पहुंच चुकी है। सिरोही विधानसभा में भी ये खींचतान है। […] The post सिरोही के दो नेताओं की जंग में पिसा अधिकारी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Jul 2026 9:25 pm

भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह पाटा सहित हत्या के 9 दोषियों को उम्रकैद

अलवर। राजस्थान में अलवर के जिला एवं सत्र न्यायालय ने चुनावी रंजिश को लेकर की गई हत्या के नौ आरोपियों को शनिवार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनंत भंडारी ने अभियुक्त भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह पाटा सहित अनूप सिंह, कमलजीत सिंह, गुरवचन […] The post भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह पाटा सहित हत्या के 9 दोषियों को उम्रकैद appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Jul 2026 9:25 pm

देश का पहला निजी अंतरिक्ष यान ‘विक्रम-1’अपनी कक्षा तक पहुंचने में सफल

श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश)। देश के पहले निजी तौर पर विकसित आर्बिटल क्लास रॉकेट ‘विक्रम-1’ ने शनिवार को यहां से सफलतापूर्वक अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी और अपनी लक्षित कक्षा तक पहुंचने में सफल रहा। इस उड़ान को देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। हैदराबाद स्थित ‘स्काईरूट एयरोस्पेस’ द्वारा विकसित […] The post देश का पहला निजी अंतरिक्ष यान ‘विक्रम-1’ अपनी कक्षा तक पहुंचने में सफल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Jul 2026 9:19 pm

वांगचुक को हिरासत में लिए जाने के बाद दीपके ने किया राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान

नई दिल्ली। पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक को हिरासत में लिये जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देशभर में लोगों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान किया है। दीपके ने कहा कि वांगचुक को इस तरह हिरासत में लेना तानाशाही है जिसका विरोध ज़रूरी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म […] The post वांगचुक को हिरासत में लिए जाने के बाद दीपके ने किया राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Jul 2026 9:14 pm

सोनम वांगचुक की जगह अभिजीत दीपके अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे

नई दिल्ली। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ अनशन पर बैठे शिक्षाविद सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर मंतर से हटाकर अस्पताल में भर्ती करवाए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल पर बैठने का फैसला किया। दीपके ने सोशल मीडिया मंच […] The post सोनम वांगचुक की जगह अभिजीत दीपके अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Jul 2026 9:08 pm

उद्धव ठाकरे को लगा तगड़ा झटका, शिंदे गुट में शामिल हुए 6 बागी सांसद, स्पीकर बिरला ने दी विलय को मंजूरी

Maharashtra politics News : महाराष्ट्र की सियासत से बड़ी खबर सामने आई है। उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका लगा है। खबरों के अनुसार, उद्धव ठाकरे गुट से अलग हुए 6 सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं। इतना ही नहीं बागी सांसदों के इस ...

वेब दुनिया 18 Jul 2026 9:04 pm

सोनम वांगचुक को जंतर मंतर से हटाकर पुलिस ने अस्पताल में कराया भर्ती

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर मंतर से शनिवार सुबह हटा कर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कर दिया। वांगचुक विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक होने से रोकने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के […] The post सोनम वांगचुक को जंतर मंतर से हटाकर पुलिस ने अस्पताल में कराया भर्ती appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Jul 2026 9:02 pm

क्या आपके यूरिन में खून आना किडनी कैंसर का संकेत हो सकता है, यूरोलॉजिस्ट बताते हैं कि आपको क्या जानना चाहिए

इंसानी शरीर में कई बीमारियां ऐसी होती हैं जो शुरुआत में बेहद सामान्य लगती हैं, लेकिन समय पर ध्यान न देने पर वे जानलेवा साबित हो सकती हैं। ऐसा ही एक गंभीर लक्षण है पेशाब में खून दिखाई देना (Blood in Urine)। अधिकांश लोग यूरिन में हल्का लाल या गुलाबी रंग दिखने पर उसे डिहाइड्रेशन, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) या किडनी स्टोन का मामूली असर मानकर आसानी से नजरअंदाज कर देते हैं, खासकर तब जब उन्हें कोई दर्द या तकलीफ महसूस नहीं हो रही हो। लेकिन चेन्नई के प्रतिष्ठित एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ नेफ्रोलॉजी एंड यूरोलॉजी के मैनेजिंग डायरेक्टर और प्रमुख यूरो-ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अरुण कुमार बालकृष्णन के अनुसार, बिना दर्द के पेशाब में खून आना 'किडनी कैंसर' (Kidney Cancer) का सबसे पहला और मुख्य चेतावनी संकेत हो सकता है। चूंकि यह कैंसर शुरुआती चरणों में बिना किसी शोर के चुपचाप शरीर के अंदर फैलता है, इसलिए इसकी एक भी घटना को अनदेखा करना भारी पड़ सकता है।मेडिकल भाषा में क्या है हेमट्यूरिया: यह कैसे आपके पूरे शरीर के लिए एक बड़ा रेड फ्लैग है?चिकित्सा विज्ञान (Medical Science) में पेशाब के साथ रक्त आने की इस स्थिति को 'हेमट्यूरिया' (Hematuria) कहा जाता है। डॉ. बालकृष्णन स्पष्ट करते हैं कि हेमट्यूरिया का रंग पूरी तरह से लाल, हल्का गुलाबी या कोला (Dark Brown) जैसा हो सकता है। कई बार यह ब्लीडिंग इतनी सूक्ष्म होती है कि नग्न आंखों से दिखाई नहीं देती और इसका पता केवल रूटीन यूरिन टेस्ट के दौरान ही चलता है। यूरोलॉजिस्ट के मुताबिक, चाहे यूरिन में खून केवल एक बार आया हो या बार-बार आ रहा हो, इसके साथ पेट में दर्द हो या न हो, आपको तुरंत किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। किडनी कैंसर की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि यह बहुत धीमी गति से बढ़ता है और जब तक मरीज को लगातार पीठ दर्द, पेट में बड़ी गांठ महसूस होना, अचानक वजन कम होना या अत्यधिक थकान जैसे गंभीर लक्षण दिखने शुरू होते हैं, तब तक यह खतरनाक रूप से एडवांस स्टेज (अंतिम चरण) में पहुंच चुका होता है।जरूरी नहीं कि हर ब्लीडिंग कैंसर ही हो: यूरोलॉजिस्ट ने बताया पूरी जांच का सही तरीकाविशेषज्ञों का कहना है कि यूरिन में खून दिखने का मतलब यह कतई नहीं है कि आपको शत-प्रतिशत किडनी कैंसर ही है। यूरिनरी ट्रैक्ट में किसी भी प्रकार का बैक्टीरियल इन्फेक्शन, गुर्दे की पथरी (Kidney Stone), पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ जाना (Enlarged Prostate) या किडनी से जुड़ी अन्य पुरानी बीमारियां भी इस आंतरिक रक्तस्राव का मुख्य कारण हो सकती हैं। हालांकि, असली समस्या का सटीक पता लगाने के लिए एक संपूर्ण मेडिकल डायग्नोसिस की आवश्यकता होती है। डॉ. बालकृष्णन सलाह देते हैं कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले एक अनुभवी यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लेकर यूरिन एनालिसिस (मूत्र जांच), पेट का अल्ट्रासाउंड (Ultrasound), सीटी स्कैन (CT Scan) या आवश्यकतानुसार एमआरआई (MRI) जैसी आधुनिक रेडियोलॉजिकल जांच करानी चाहिए ताकि सही समय पर सही बीमारी का इलाज सुनिश्चित किया जा सके।किडनी कैंसर के मुख्य रिस्क फैक्टर्स: 50 की उम्र पार कर चुके लोग और स्मोकर्स रहें बेहद सावधानआमतौर पर किडनी कैंसर के अधिकांश मामले 50 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों में देखे जाते हैं, लेकिन आजकल की बदलती जीवनशैली के कारण युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। डॉ. बालकृष्णन के अनुसार, तंबाकू और सिगरेट का सेवन (Smoking) इस बीमारी का सबसे मजबूत और सबसे बड़ा रोके जा सकने वाला रिस्क फैक्टर है। इसके अलावा, अत्यधिक मोटापा (Obesity), अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension), क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) से पीड़ित होना और परिवार में पहले किसी को किडनी कैंसर होने का इतिहास (Family History) भी इस खतरे को कई गुना बढ़ा देता है। चेन्नई के इस रोबोटिक सर्जन का कहना है कि शरीर के वजन को संतुलित रखकर, तंबाकू से पूरी तरह दूरी बनाकर, नियमित शारीरिक व्यायाम और सालाना हेल्थ चेक-अप के माध्यम से इस घातक बीमारी की चपेट में आने की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है।रोबोटिक सर्जरी से अब आसान हुआ इलाज: शरीर के चीखने से पहले उसकी फुसफुसाहट को पहचानेंचिकित्सा जगत में आई आधुनिक तकनीकों की बदौलत आज शुरुआती चरण में पता चलने पर किडनी कैंसर का इलाज बेहद प्रभावी और आसान हो गया है। यूरोलॉजिकल केयर में हुई प्रगति के कारण अब मरीजों को पुराने समय की तरह बड़े चीरे लगवाने की जरूरत नहीं पड़ती। मिनिमली इनवेसिव लैप्रोस्कोपिक (Laparoscopic) और रोबोट-असिस्टेड सर्जरी (Robot-Assisted Surgery) की मदद से बेहद छोटे चीरों के जरिए कैंसरग्रस्त ट्यूमर को शरीर से बाहर निकाल दिया जाता है। इससे मरीज की रिकवरी बहुत तेजी से होती है, ऑपरेशन के बाद होने वाला दर्द न्यूनतम होता है और सबसे अच्छी बात यह है कि मरीज के शरीर के स्वस्थ किडनी टिश्यूज को पूरी तरह सुरक्षित बचा लिया जाता है, जिससे जीवन की गुणवत्ता (Quality of Life) प्रभावित नहीं होती। डॉ. बालकृष्णन ने चेतावनी देते हुए एक बेहद खूबसूरत बात कही कि आपका शरीर अक्सर बड़ी तबाही से पहले छोटी फुसफुसाहटों के जरिए संकेत देता है; यूरिन में खून आना भी उसी का हिस्सा है, इसे पहचानें और अपनी जान बचाएं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:29 pm

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन को मिली सबसे बड़ी जिम्मेदारी, संभालेंगी दल की कमान

वैश्विक खेल मंच से भारत के लिए एक बेहद गौरवशाली और ऐतिहासिक खबर सामने आ रही है। आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (Commonwealth Games 2026) के भव्य उद्घाटन समारोह के लिए भारत की दो दिग्गज महिला एथलीटों को एक बहुत बड़ा सम्मान सौंपा गया है। स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) और चैंपियन मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) को इस प्रतिष्ठित खेल आयोजन में भारतीय दल का आधिकारिक ध्वजवाहक (Flag Bearer) और बैटन वाहक चुना गया है। इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) द्वारा की गई इस आधिकारिक घोषणा के बाद खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह है। यह दोनों चैंपियन खिलाड़ी आगामी 23 जुलाई को ग्लासगो के प्रसिद्ध द हाइड्रो (OVO Hydro) में होने वाली ओपनिंग सेरेमनी में भारतीय एथलीटों के पूरे दल का नेतृत्व करती हुई नजर आएंगी, जो वैश्विक मंच पर भारतीय महिला शक्ति की गूंज को और मजबूत करेगा।आईओए ने लगाई मुहर: मीराबाई चानू थामेंगी तिरंगा, लवलीना के हाथों में होगी क्वीन बैटनइंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) ने 18 जुलाई 2026 को इस संबंध में औपचारिक घोषणा करते हुए दोनों एथलीटों के नामों पर मुहर लगाई। तय किए गए प्रोटोकॉल के मुताबिक, उद्घाटन समारोह के दौरान जहां टोक्यो ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट मीराबाई चानू गर्व से भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा थामकर आगे चलेंगी, वहीं दूसरी ओर ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन हाथ में प्रतिष्ठित बैटन लेकर भारतीय टीम को लीड करेंगी। ग्लासगो खेलों के आधिकारिक नियमों के तहत प्रतियोगिता की शुरुआत से ठीक पहले सभी 74 राष्ट्रमंडल देशों और क्षेत्रों की बैटन्स को एक साथ लाया जाएगा, जिसके बाद इस भव्य सेरेमनी का आगाज होगा। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए पूरी दुनिया के खेल प्रेमियों की नजरें ग्लासगो पर टिकी हुई हैं।अध्यक्ष पीटी उषा ने जताया गर्व: यूनाइटेड किंगडम में पसीना बहा रही हैं देश की दोनों स्टार एथलीटइस ऐतिहासिक घोषणा के तुरंत बाद भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष और महान धाविका पीटी उषा ने मीडिया के सामने आकर देश की इन दोनों बेटियों की जमकर सराहना की। पीटी उषा ने बेहद भावुक और गर्व भरे शब्दों में कहा कि मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन के नामों की घोषणा करना पूरे संगठन और देश के लिए एक परम सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि ओवीओ हाइड्रो जैसे प्रतिष्ठित स्टेडियम में इन दोनों महिला एथलीटों को यह सम्मान मिलना पूरी टीम इंडिया का हौसला बढ़ाएगा। अध्यक्ष ने आगे जानकारी दी कि दोनों खिलाड़ी इस समय यूनाइटेड किंगडम (UK) में बेहद कड़े और अनुशासित माहौल में अपनी ट्रेनिंग पूरी कर रही हैं और वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को बार-बार साबित करने के बाद अब कॉमनवेल्थ में भी पोडियम फिनिश के लिए पूरी तरह तैयार हैं।मेडल की सबसे बड़ी उम्मीदें: टोक्यो ओलंपिक से लेकर एशियन गेम्स तक का शानदार सफरभारतीय खेल दल के दृष्टिकोण से देखा जाए तो मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पोडियम पर तिरंगा लहराने की सबसे मजबूत दावेदार हैं। मीराबाई चानू ने साल 2021 के टोक्यो ओलंपिक्स में वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रचा था और इस बार भी फैंस को उनसे गोल्ड की पूरी उम्मीद है। दूसरी तरफ, बॉक्सिंग रिंग में भारत का लोहा मनवाने वाली लवलीना बोरगोहेन ने टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद साल 2023 की वर्ल्ड चैंपियनशिप में शानदार गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। इसके अलावा एशियन गेम्स 2023 में सिल्वर मेडल जीतने वाली लवलीना का आक्रामक फॉर्म इस समय चरम पर है। इन दोनों दिग्गजों की अगुवाई में भारतीय दल ग्लासगो में नए रिकॉर्ड बनाने के इरादे से मैदान में उतरेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:25 pm

रोहित शर्मा की फॉर्म चिंता का विषय नहीं..., तीसरे ODI से पहले कोच का आया बड़ा बयान, मोर्ने मोर्कल बोले…

भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी और निर्णायक मुकाबला रविवार, 19 जुलाई 2026 को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेला जाना है। इस महामुकाबले से पहले क्रिकेट गलियारों में भारतीय टीम के दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि लॉर्ड्स का यह मैदान रोहित शर्मा के अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मैच साबित हो सकता है क्योंकि चयनकर्ता 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए यशस्वी जायसवाल जैसे युवाओं को तैयार करना चाहते हैं। इन खबरों के बीच कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे में रोहित के बल्ले से 47 गेंदों में केवल 26 रनों की धीमी पारी निकली, जिसने आलोचकों को सवाल उठाने का मौका दे दिया। 39 वर्षीय रोहित इस सीरीज के पहले मैच में भी महज 11 रन ही बना सके थे, जिससे उनकी टाइमिंग और फॉर्म को लेकर बहस छिड़ गई थी।फॉर्म की कोई चिंता नहीं, नई गेंद के सामने बल्लेबाजी रही मुश्किल: गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल का रोहित को समर्थनलॉर्ड्स वनडे की पूर्व संध्या पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने इन सभी चिंताओं को सिरे से खारिज करते हुए रोहित शर्मा का खुलकर समर्थन किया है। मोर्केल ने अनुभवी बल्लेबाज की काबिलियत पर भरोसा जताते हुए कहा कि पूरी सीरीज के दौरान नई गेंद के सामने बल्लेबाजी करना बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है क्योंकि पिच से गेंदबाजों को अच्छी स्विंग मिल रही है। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि रोहित एक बेहद अनुभवी खिलाड़ी हैं और वह जानते हैं कि इस तरह की मुश्किल परिस्थितियों से बाहर कैसे निकला जाता है। कोच ने यह भी साफ किया कि रोहित शर्मा की फॉर्म या उनके काम करने के तरीके को लेकर टीम मैनेजमेंट में किसी भी तरह की कोई परेशानी या चिंता का माहौल नहीं है।टीम में लाते हैं शांति: मोर्कल ने रोहित शर्मा के अनुभव को सराहामोर्ने मोर्कल ने रोहित शर्मा की बल्लेबाजी शैली और ड्रेसिंग रूम में उनकी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब रोहित शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी के लिए उतरते हैं, तो वह पूरे बैटिंग लाइनअप में एक खास तरह की शांति और स्थिरता लेकर आते हैं। उनका विशाल अनुभव युवाओं के लिए बेहद मददगार साबित होता है। गेंदबाजी कोच ने उम्मीद जताई कि लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर रोहित निश्चित रूप से अपनी तकनीक में जरूरी सुधार करके बड़ी पारी खेलेंगे और मैच का रुख भारत के पक्ष में मोड़ देंगे। कोच के इस सकारात्मक बयान के बाद भारतीय क्रिकेट प्रेमियों और रोहित के फैंस ने बड़ी राहत की सांस ली है।बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया का बड़ा स्पष्टीकरण: लॉर्ड्स में खेला जाने वाला मैच नहीं होगा रोहित का आखिरी वनडेगेंदबाजी कोच से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव देवजीत सैकिया ने भी रोहित शर्मा के संन्यास की सभी अफवाहों पर पूरी तरह से पूर्णविराम लगा दिया था। समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) से बातचीत के दौरान सैकिया ने स्पष्ट किया कि मीडिया में रोहित के भविष्य को लेकर चल रही सभी खबरें और अटकलें पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। उन्होंने आधिकारिक तौर पर कहा कि बोर्ड या चयन समिति के बीच ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है कि रविवार को लॉर्ड्स में खेला जाने वाला मैच रोहित शर्मा का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला होगा। सैकिया ने साफ शब्दों में कहा कि रोहित भारतीय वनडे टीम के नियमित और बेहद महत्वपूर्ण सदस्य हैं और वह आगे भी देश का प्रतिनिधित्व करना जारी रखेंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:23 pm

SBI फंड्स का IPO लिस्टिंग से पहले काट रहा गदर, अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के सुस्त GMP ने निवेशकों को चौंकाया

प्राथमिक शेयर बाजार (IPO Market) के निवेशकों के लिए अगला हफ्ता बेहद रोमांचक और भारी हलचल वाला साबित होने जा रहा है। दलाल स्ट्रीट में दो बड़े और बहुप्रतीक्षित आईपीओ— एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट (SBI Funds Management) और अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड (Alpine Texworld) के शेयरों की लिस्टिंग होने वाली है। बाजार के जानकारों और रीटेल निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इन दोनों कंपनियों की शेयर बाजार में कैसी धमाकेदार या सुस्त एंट्री होगी। यदि आप भी इन दोनों में से किसी भी आईपीओ में पैसा लगा चुके हैं या लिस्टिंग के दिन खरीदारी की योजना बना रहे हैं, तो ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) से आ रहे ताजा और धमाकेदार संकेत आपकी आंखें खोल देंगे, क्योंकि एक तरफ जहां एसबीआई फंड्स भारी मुनाफे की ओर इशारा कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड में निवेशकों की सांसें थमी हुई हैं।एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट आईपीओ का नया धमाका: ₹90 के पार पहुंचा जीएमपी, बंपर कमाई के संकेतदेश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की सहयोगी कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। आईपीओ वॉच के लेटेस्ट डेटा के मुताबिक, कंपनी का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) वर्तमान में ₹97 के स्तर पर मजबूती से ट्रेड कर रहा है। कंपनी ने अपने पब्लिक इश्यू का अपर प्राइस बैंड ₹574 प्रति इक्विटी शेयर तय किया था। इस लिहाज से देखें तो वर्तमान ट्रेंड के अनुसार एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयर की बाजार में लिस्टिंग ₹670 के पार शानदार प्रीमियम के साथ हो सकती है, जो निवेशकों को लिस्टिंग के पहले ही दिन बंपर मुनाफा देने के लिए तैयार है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आंकड़ों के मुताबिक, इस आईपीओ को निवेशकों का ऐतिहासिक रेस्पॉन्स मिला और यह कुल 41.66 गुना सब्सक्राइब हुआ, जिसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा रिकॉर्ड 140.11 गुना भरा था।₹11,693 करोड़ का मेगा ओएफएस: एसबीआई और अमुंडी इंडिया होल्डिंग्स बेच रहे अपनी हिस्सेदारीएसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का यह विशाल पब्लिक इश्यू करीब ₹11,693 करोड़ का है, जो पूरी तरह से 20.37 करोड़ इक्विटी शेयरों का 100% ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसका सीधा मतलब यह है कि आईपीओ के जरिए जुटाई गई पूरी रकम कंपनी के मुख्य बिजनेस में नहीं जाएगी, बल्कि इसे बेचने वाले मौजूदा शेयरधारक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और विदेशी पार्टनर अमुंडी इंडिया होल्डिंग (Amundi India Holding) के पास जाएगी। इस बंपर आईपीओ के सफल समापन के बाद देश के सबसे बड़े कमर्शियल बैंक एसबीआई की इस म्यूचुअल फंड हाउस में प्रमोटर हिस्सेदारी 61.76% से घटकर 55.46% पर आ जाएगी, जबकि वैश्विक निवेश फर्म अमुंडी की हिस्सेदारी 32.56% के स्तर पर बनी रहेगी।अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड आईपीओ की रफ्तार थमी: महज ₹1 पर पहुंचा जीएमपी, रीटेलर्स को भारी उम्मीदेंएसबीआई फंड्स के विपरीत, कपड़ा क्षेत्र की कंपनी अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड (Alpine Texworld IPO) के आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट का रुख बेहद ठंडा और सुस्त बना हुआ है। बाजार के सूत्रों के अनुसार, इसका जीएमपी फिलहाल मात्र ₹1 के स्तर पर रेंग रहा है। कंपनी ने इस आईपीओ के लिए ₹100 से ₹105 प्रति इक्विटी शेयर का प्राइस बैंड निर्धारित किया था, जिसके आधार पर इसकी अनुमानित लिस्टिंग प्राइस ₹106 प्रति शेयर के आसपास देखी जा रही है, जो बिल्कुल फ्लैट या मामूली बढ़त के साथ शुरुआत का संकेत है। हालांकि, सब्सक्रिप्शन के दौरान इस आईपीओ को कुल 1.40 गुना आवेदन मिले थे, जिसमें रीटेल इनवेस्टर्स (Retail Investors) की तरफ से सबसे अधिक दिलचस्पी और मांग दर्ज की गई थी।₹126.25 करोड़ के फ्रेश इश्यू का इनसाइड प्लान: गुजरात में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाएगी कंपनीअल्पाइन टेक्सवर्ल्ड का यह आईपीओ पूरी तरह से 1.20 करोड़ इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू (Fresh Issue) है, यानी इसमें कोई ऑफर फॉर सेल शामिल नहीं है और जुटाया गया पूरा पैसा सीधे कंपनी के पास जाएगा। कंपनी प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि आईपीओ से प्राप्त होने वाली शुद्ध वित्तीय रकम का प्राथमिक उपयोग गुजरात के अहमदाबाद में उनकी प्रस्तावित तीसरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में एक नई आधुनिक वीविंग यूनिट (Weaving Unit) स्थापित करने के लिए किया जाएगा, जिससे कंपनी के ग्रे फैब्रिक उत्पादन की क्षमता में भारी बढ़ोतरी होगी। इसके अतिरिक्त, इस फंड का एक बड़ा हिस्सा कंपनी के पुराने बकाया कर्जों को समय से पहले चुकाने और सामान्य कॉर्पोरेट कामकाजी खर्चों को पूरा करने के लिए आवंटित किया जाएगा, जो दीर्घकालिक दृष्टिकोण से कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत बनाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:22 pm

₹4 लाख से कम सैलरी पर भी ITR भरना बेहद जरूरी, अनजाने में की ये भूल तो सीधे आएगा आयकर विभाग का नोटिस

भारत में मध्यमवर्गीय और नौकरीपेशा परिवारों के बीच आमतौर पर यह धारणा बनी हुई है कि यदि उनकी सालाना आय 4 लाख रुपये से कम है या बेसिक छूट सीमा के दायरे में आती है, तो उन्हें आयकर रिटर्न (ITR Filing) दाखिल करने की कोई आवश्यकता नहीं है। यदि आप भी ऐसा ही सोचते हैं, तो यह आपकी वित्तीय सेहत के लिए एक बहुत बड़ी और भारी भूल साबित हो सकती है। आयकर विभाग (Income Tax Department) के कड़े नियमों के मुताबिक, टैक्स स्लैब से कम कमाई होने के बावजूद देश के नागरिकों के लिए कुछ विशेष परिस्थितियों में टैक्स रिटर्न दाखिल करना कानूनी रूप से पूरी तरह अनिवार्य (Mandatory ITR Filing) कर दिया गया है। इन महत्वपूर्ण नियमों की अनदेखी करने पर करदाताओं को न सिर्फ आयकर विभाग के लीगल नोटिस का सामना करना पड़ सकता है, बल्कि उन पर भारी-भरकम जुर्माना और दंडात्मक कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।विदेश यात्रा और ₹1 लाख का बिजली बिल: इन खर्चों को करते ही रडार पर आ जाएंगे आपइनकम टैक्स एक्ट के तहत सरकार ने खर्चों के आधार पर टैक्सपेयर्स की ट्रैकिंग प्रणाली को बेहद मजबूत कर दिया है। यदि आपकी सालाना कमाई ₹4 लाख से कम है, लेकिन आपने किसी एक वित्तीय वर्ष (Financial Year) में अपने या परिवार के किसी अन्य सदस्य के विदेशी दौरों या विदेश यात्रा पर कुल ₹2 लाख से अधिक की राशि खर्च की है, तो आपके लिए आईटीआर फाइल करना शत-प्रतिशत अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, यदि कोई घरेलू उपभोक्ता पूरे एक साल में अपने घर या व्यावसायिक प्रतिष्ठान का कुल बिजली बिल ₹1 लाख या उससे अधिक का भुगतान करता है, तो वह सीधे टैक्स विभाग की निगरानी में आ जाता है। ऐसे सभी मामलों में कर योग्य आय (Taxable Income) बेसिक छूट सीमा से कम होने के बावजूद रिटर्न दाखिल करना ही होता है।बैंक खातों में ₹50 लाख का कैश ट्रांजैक्शन: सेविंग्स और करंट अकाउंट धारक ध्यान देंआयकर विभाग बैंकिंग चैनलों के जरिए होने वाले बड़े वित्तीय लेन-देन पर बहुत बारीक नजर रखता है। नए नियमों के अंतर्गत यदि किसी व्यक्ति ने एक वित्त वर्ष के दौरान अपने एक या एक से अधिक बचत खातों (Savings Account) में कुल मिलाकर ₹50 लाख या उससे अधिक की नकद या डिजिटल राशि जमा की है, तो उसे अनिवार्य रूप से आईटीआर दाखिल करना होगा। वहीं, चालू खातों (Current Account) के लिए यह सीमा और अधिक सख्त है; यदि आपके करंट अकाउंट में कुल जमा राशि ₹1 करोड़ को पार कर जाती है, तो रिटर्न दाखिल करने की विधिक बाध्यता लागू हो जाती है। यह नियम उन छोटे व्यापारियों और फ्रीलांसरों पर भी पूरी तरह लागू होता है जिनकी शुद्ध वार्षिक आय टैक्स के दायरे में नहीं आती है।विदेशी संपत्ति और पैरेंट कंपनी के ESOPs: ग्लोबल इनवेस्टमेंट करने वालों के लिए कड़े नियमयदि आपकी घरेलू आय बेहद कम है, लेकिन आपके नाम पर भारत से बाहर यानी विदेश में कोई चल या अचल संपत्ति है, अथवा आप किसी विदेशी एसेट या ट्रस्ट के सीधे लाभार्थी (Beneficiary) हैं, तो आपके लिए भारतीय कर नियमों के तहत टैक्स फाइलिंग करना अनिवार्य है। आजकल आईटी कंपनियों और स्टार्टअप्स में काम करने वाले कई कर्मचारियों को विदेशी पैरेंट कंपनियों के एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन (ESOPs) के जरिए शेयर दिए जाते हैं। यदि आपके पास ऐसे विदेशी शेयर मौजूद हैं या किसी विदेशी बैंक खाते में आपके पास हस्ताक्षर करने का अधिकार (Signing Authority) सुरक्षित है, तो आपको अपनी जीरो लायबिलिटी के बावजूद अपने आईटीआर फॉर्म में इसका पूरा ब्यौरा देना होगा।जीरो टैक्स और धारा 87A का भ्रम: समय पर रिटर्न न भरने पर लगेगा ₹5,000 का भारी जुर्मानासैलरीड क्लास कर्मचारियों में एक और बड़ा भ्रम यह फैला हुआ है कि यदि उन्हें आयकर अधिनियम की धारा 87A (Section 87A) के तहत टैक्स रिबेट मिल रही है और उनकी शुद्ध टैक्स देनदारी शून्य (Zero Tax Liability) हो गई है, तो वे रिटर्न फाइल करने से मुक्त हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि रिबेट मिलना एक अलग प्रक्रिया है, लेकिन यदि आप ऊपर दी गई अनिवार्य शर्तों में से किसी एक में भी फिट बैठते हैं, तो आपको डेडलाइन से पहले फॉर्म भरना ही होगा। यदि आप निर्धारित समय सीमा के भीतर आईटीआर दाखिल करने में विफल रहते हैं, तो आयकर अधिनियम की धारा 234F के तहत ₹5 लाख तक की आय पर ₹1,000 और उससे अधिक की आय पर ₹5,000 तक का लेट फाइलिंग जुर्माना (Late Fee Fine) ठोक दिया जाएगा, साथ ही बकाया टैक्स होने पर धारा 234A के तहत मासिक चक्रवृद्घि ब्याज भी चुकाना होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:20 pm

पर्सनल लोन की EMI से हैं परेशान? दूसरे लोन में जोड़ने से पहले जान लें ये बातें, वरना होगा नुकसान

आज के आधुनिक दौर में अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए एक से अधिक पर्सनल लोन लेना बेहद आम बात हो चुकी है। लेकिन जब हर महीने दो, तीन या उससे ज्यादा लोन की ईएमआई (EMI) अलग-अलग तारीखों पर बैंक खाते से कटती है, तो मध्यमवर्गीय परिवारों का पूरा बजट पूरी तरह चरमरा जाता है। इस मानसिक और आर्थिक तनाव से बचने के लिए इन दिनों 'लोन कंसोलिडेशन' (Loan Consolidation) यानी सभी छोटे-छोटे कर्जों को मिलाकर एक बड़े लोन में बदलने का चलन तेजी से बढ़ा है। सुनने में एक ईएमआई और एक ही बैंक का यह विकल्प जितना आसान और आकर्षक लगता है, हकीकत में यह हर बार आपके लिए फायदे का सौदा नहीं होता। बिना सोचे-समझे लिया गया एक गलत वित्तीय फैसला आपकी कुल ब्याज लागत को बेतहाशा बढ़ाकर आपको जिंदगी भर के लिए कर्ज के दलदल में धकेल सकता है।क्या होता है लोन कंसोलिडेशन और कब मिलता है इसका असली फायदा: समझें ब्याज दरों का गणितलोन कंसोलिडेशन के तहत वित्तीय संस्थान या गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFCs) आपके मौजूदा सभी एक्टिव पर्सनल लोन को एक नए लोन खाते में ट्रांसफर कर देती हैं, जिससे आपको अलग-अलग लोन की भुगतान तारीखें याद रखने के झंझट से मुक्ति मिल जाती है। बैंकिंग विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रक्रिया का असली फायदा आपको केवल और केवल तभी मिल सकता है जब नए लोन की वार्षिक ब्याज दर (Interest Rate) आपके पुराने सभी लोनों की औसत ब्याज दर से काफी कम हो। यदि नई ब्याज दर में कोई बड़ा अंतर नहीं है, तो बैंक द्वारा वसूले जाने वाले नए प्रोसेसिंग शुल्क (Processing Fees), भारी-भरकम डॉक्यूमेंटेशन चार्ज और अन्य छिपे हुए प्रशासनिक शुल्क आपकी सारी अनुमानित बचत को पल भर में पूरी तरह खत्म कर देंगे।कम EMI के छलावे में न आएं: लोन की अवधि बढ़ने से जेब पर पड़ेगा दोगुना बोझअक्सर लोन मर्ज करने वाले विज्ञापन ग्राहकों को बेहद कम मासिक ईएमआई का लालच देकर अपनी ओर आकर्षित करते हैं, लेकिन समझदार उपभोक्ता को इस छलावे से बचना चाहिए। बैंक और वित्तीय कंपनियां हर महीने की किस्त को कम करने के लिए चतुराई से आपके लोन की भुगतान अवधि (Tenure) को बढ़ा देती हैं। उदाहरण के लिए, जो कर्ज आपको दो साल में चुकाना था, उसकी अवधि बढ़कर पांच साल हो जाती है। किस्त छोटी होने से हर महीने राहत तो मिलती है, लेकिन लंबे समय तक चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) लगने के कारण अंत में आपको मूलधन से कहीं ज्यादा रकम ब्याज के रूप में चुकानी पड़ती है, जिससे कुल मिलाकर आपको भारी वित्तीय घाटा उठाना पड़ता है।क्रेडिट स्कोर का खेल और प्रीपेमेंट चार्ज: नया कर्ज लेने से पहले इन बातों का रखें खास ख्याललोन मर्ज करने का आवेदन करने से पहले आपको अपने वर्तमान क्रेडिट स्कोर (Credit Score) का बारीकी से आकलन करना चाहिए। यदि पिछले कुछ वर्षों में आपकी समय पर भुगतान की आदतों के कारण आपका सिबिल स्कोर बेहतर हुआ है, तो आप बैंक से कम ब्याज दर और बेहतर शर्तों पर सौदेबाजी कर सकते हैं। इसके विपरीत, यदि आपकी आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है, तो बैंक आपको पहले से भी अधिक ब्याज दर का प्रस्ताव दे सकता है। एक और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जब आप अपने पुराने लोन को समय से पहले पूरी तरह बंद (Foreclosure) करेंगे, तो पुराने बैंक आपसे प्रीपेमेंट या फोरक्लोजर पेनल्टी वसूलेंगे। इसलिए नए लोन के लिए हामी भरने से पहले इन सभी शुल्कों को एक कागज पर लिखकर कुल खर्च का हिसाब जरूर लगा लें।दोबारा कर्ज के जाल में फंसने का खतरा: वित्तीय अनुशासन है सबसे जरूरी हथियारलोन कंसोलिडेशन के बाद जब कई ईएमआई घटकर सिर्फ एक छोटी किस्त में बदल जाती है, तो कई उपभोक्ता अपनी डिस्पोजेबल इनकम को बढ़ा हुआ मानकर दोबारा से क्रेडिट कार्ड या नया पर्सनल लोन लेना शुरू कर देते हैं। यह आदत उन्हें एक ऐसे भयंकर ऋण जाल (Debt Trap) में फंसा देती है जिससे बाहर निकलना नामुमकिन हो जाता है। यदि आप पूरी वित्तीय योजना और अनुशासन के साथ लोन मर्ज कर रहे हैं, तभी यह आपके सिबिल स्कोर को सुधारने और कर्ज मुक्त होने में मददगार साबित होगा। केवल मासिक ईएमआई का आकार देखकर जल्दबाजी में लिया गया कोई भी फैसला आपकी वित्तीय स्वतंत्रता को लंबे समय के लिए छीन सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:19 pm

KBC 18 के नए फॉर्मेट से हिले फैंस, अमिताभ बच्चन बोले- सिर्फ जवाब देने से नहीं बनेंगे करोड़पति, अब करना होगा ये काम

भारतीय टेलीविजन इतिहास के सबसे बड़े और लोकप्रिय रियलिटी क्विज शो 'कौन बनेगा करोड़पति' (Kaun Banega Crorepati) के फैंस के लिए एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आई है। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन एक बार फिर 'केबीसी सीजन 18' (KBC 18) के साथ छोटे पर्दे पर धमाकेदार वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सोनी टीवी (Sony TV) ने सोशल मीडिया पर शो के कई आधिकारिक प्रोमो जारी कर दिए हैं, जिसने दर्शकों के बीच खलबली मचा दी है। इस बार हॉटसीट पर बैठने वाले कंटेस्टेंट्स के लिए सिर्फ सामान्य ज्ञान का होना काफी नहीं होगा। मेकर्स ने खुलासा किया है कि आगामी 10 अगस्त 2026 से शुरू हो रहे इस नए सीजन में गेम का पूरा नियम और खेलने का अंदाज बदल दिया गया है, जिसके बाद अब महज रट्टा मारकर आए प्रतियोगी करोड़पति बनने का सपना पूरा नहीं कर पाएंगे।केबीसी 18 का नया ट्विस्ट: इतिहास, विज्ञान और खेल का ज्ञान भी पड़ जाएगा कम, बिग बी ने बताया नया नियमसोनी टीवी द्वारा जारी किए गए पहले प्रोमो में खुद शो के होस्ट अमिताभ बच्चन ने नए सीजन के कड़े नियमों की ओर इशारा करते हुए सबको हैरान कर दिया है। बिग बी ने प्रोमो में साफ शब्दों में कहा है कि इस बार केबीसी के मंच पर इतिहास, खेल और विज्ञान का रटा-रटाया ज्ञान आपके किसी काम नहीं आने वाला है, क्योंकि पूरा खेल अब पूरी तरह बदल चुका है। अब हॉटसीट पर बैठकर केवल सही विकल्प चुन लेना या सीधा जवाब दे देना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि प्रतियोगियों को अपनी तार्किक क्षमता का प्रदर्शन करना होगा। इस नए बदलाव के तहत अब कंटेस्टेंट्स को किसी भी सवाल का जवाब देने के पीछे का लॉजिक (तर्क) भी समझाना पड़ सकता है, जिससे यह गेम शो अब पहले से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण और बौद्धिक होने वाला है।दुनिया को बदलने वाले AI का केबीसी पर असर: महानायक ने दिया बदलते वक्त के साथ ढलने का मंत्ररिलीज हुए दूसरे प्रोमो में दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन ने आज के आधुनिक दौर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का जिक्र करते हुए शो के नए प्रारूप के पीछे की मुख्य वजह बताई है। उन्होंने कहा कि आज एआई ने पूरी दुनिया को बदल कर रख दिया है और इस तकनीकी बदलाव की रफ्तार को रोकना अब किसी के वश में नहीं है। जो चीजें कल तक पूरी तरह असंभव लगती थीं, वे आज तकनीक की मदद से पल भर में मुमकिन हो रही हैं। बिग बी ने आगे कहा कि इस तेजी से बदलती हुई दुनिया में हम सभी को खुद को ढालना होगा, और इसी सोच के साथ इस साल हमने केबीसी के नियमों में भी कुछ बेहद क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। अब हॉटसीट पर आने वाले हर खिलाड़ी को कोई भी उत्तर लॉक करने से पहले गहराई से सोचना और विचार करना होगा।अपकमिंग फिल्में: 'सेक्शन 84' की रिलीज के साथ 'कल्कि 2898 एडी' के सीक्वल में नजर आएंगे अमिताभ बच्चन'कौन बनेगा करोड़पति 18' के जरिए टीवी पर व्यस्त होने के साथ-साथ 80 पार के इस महानायक का फिल्मी करियर भी इस समय पूरी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। अमिताभ बच्चन के पास इस समय बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के कई बड़े प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं। उनकी बहुप्रतीक्षित कोर्टरूम ड्रामा फिल्म 'सेक्शन 84' (Section 84) पूरी तरह बनकर तैयार है और जल्द ही सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इसके अलावा, हाल ही में बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचने वाली ब्लॉकबस्टर फिल्म 'कल्कि 2898 एडी' (Kalki 2898 AD) में अश्वत्थामा के किरदार से तहलका मचाने के बाद बिग बी इसके दूसरे भाग यानी सीक्वल की शूटिंग में व्यस्त हैं, जो साल 2027 में बड़े पर्दे पर रिलीज होगी। छोटे पर्दे पर केबीसी के नए अवतार और बड़े पर्दे पर उनके किरदारों को लेकर दर्शकों में जबरदस्त क्रेज बना हुआ है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:17 pm

'बंटवारा 1947' का दूसरा टीजर आउट, सनी देओल ने एक मुक्के में उड़ाए दुश्मन, 30 साल बाद संतोषी संग वापसी

भारतीय सिनेमा के सबसे भरोसेमंद एक्शन सुपरस्टार सनी देओल की आगामी ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म 'बंटवारा 1947' (Batwara 1947) का दूसरा धमाकेदार टीजर आधिकारिक रूप से जारी कर दिया गया है। फिल्म का पहला टीजर जहां बेहद भावुक और दिल को झकझोर देने वाले दृश्यों से भरपूर था, वहीं मेकर्स द्वारा रिलीज किया गया यह दूसरा टीजर पूरी तरह से सनी देओल के चिरपरिचित एग्रेसिव लुक और रोंगटे खड़े कर देने वाले एक्शन अवतार को समर्पित है। आमिर खान प्रोडक्शंस (Aamir Khan Productions) के बैनर तले बन रही इस मेगा-बजट फिल्म के नए टीजर ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है, जिसमें सनी देओल अपने ढाई किलो के हाथ की ताकत दिखाते हुए एक ही मुक्के में दुश्मनों को हवा में उछालते और पूरी रफ्तार से दौड़ते हुए तांगे को अकेले अपने दम पर रोकते हुए नजर आ रहे हैं।नफरत के खिलाफ जंग की दास्तान: टीजर में दिखा प्रीति जिंटा और अली फजल का लुक, सनी के वॉयस ओवर ने बांधा समांनिर्देशक राजकुमार संतोषी की इस फिल्म का नाम पहले कुछ और तय किया गया था, लेकिन आमिर खान के विशेष सुझाव के बाद फिल्म की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे 'बंटवारा 1947' किया गया। फिल्म की मूल कहानी सन 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय भड़के भीषण सांप्रदायिक दंगों, हिंसा और मानवीय त्रासदी के बीच नफरत की दीवार को ढहाने वाले एक निडर शख्स के संघर्ष पर आधारित है। टीजर-2 में जहां विभाजन के खौफनाक मंजर, आगजनी और चीख-पुकार को दिखाया गया है, वहीं सनी देओल की कड़क आवाज में एक दमदार वॉयस ओवर बैकग्राउंड में गूंजता है जिसमें वह कहते हैं कि 'डर रहे हैं लोग, मर रहे हैं लोग, मैं जीते जी मरना नहीं चाहता।' इस टीजर में सनी के अलावा अली फजल, करण देओल, शबाना आजमी और लंबे समय बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रही प्रीति जिंटा की भी बेहद प्रभावशाली झलकियां देखने को मिल रही हैं।30 साल बाद इतिहास दोहराएगी ब्लॉकबस्टर जोड़ी: 'घायल' और 'घातक' के बाद राजकुमार संतोषी संग महामुकाबलासिनेमा प्रेमियों के लिए यह फिल्म इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि इसके जरिए भारतीय सिनेमा की एक ऐसी जोड़ी पर्दे पर लौट रही है जिसने 90 के दशक में बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए थे। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक राजकुमार संतोषी और सनी देओल की जोड़ी पूरे 30 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक साथ बड़े पर्दे पर वापसी कर रही है। इससे पहले इस कल्ट जोड़ी ने 'घायल', 'दामिनी' और 'घातक' जैसी कालजयी और सुपरहिट फिल्में फिल्म इंडस्ट्री को दी हैं। टीजर में साफ दिख रहा है कि संतोषी ने एक बार फिर सनी देओल के भीतर के उस उग्र अभिनेता को जीवंत किया है जो अन्याय के खिलाफ अकेले ही पूरी फौज से टकरा जाता है, जिससे सिनेमाघरों में एक बार फिर दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिलना तय है।नेटफ्लिक्स पर 'इक्का' की कामयाबी के बाद थिएटर्स में तहलका: वकील के बाद अब एक्शन मोड में दिखे सनी पाजीसिल्वर स्क्रीन पर दस्तक देने से ठीक पहले सनी देओल इन दिनों ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी अपनी धाक जमाए हुए हैं। हाल ही में उनकी कोर्टरूम ड्रामा फिल्म 'इक्का' (Ikka) ओटीटी दिग्गज नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हुई है, जिसमें सनी देओल ने एक बेहद कड़क और दिमाग से खेलने वाले वकील का किरदार निभाया है। इस फिल्म में उनके साथ अक्षय खन्ना भी मुख्य भूमिका में हैं और फिल्म को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्शकों और समीक्षकों की ओर से बेहद शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। ओटीटी पर एक संजीदा वकील के रूप में तारीफें बटोरने के बाद अब दर्शक सनी देओल को थिएटर्स के बड़े पर्दे पर उनके असली और भारी-भरकम एक्शन वाले अंदाज में देखने के लिए बेताब हैं, जिसकी शुरुआत इस नए टीजर ने कर दी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:15 pm

अपार आईडी निर्माण में यूपी नंबर-1, स्कूल और उच्च शिक्षा में बनाया राष्ट्रीय रिकॉर्ड

UP ranks first in APAAR ID: उत्तर प्रदेश ने एक बार फिर शिक्षा के डिजिटलीकरण के क्षेत्र में देशभर में अपनी अग्रणी भूमिका साबित की है। डिजिटल इंडिया के तहत अपार (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) आईडी निर्माण में उत्तर प्रदेश ने स्कूल शिक्षा ...

वेब दुनिया 18 Jul 2026 8:15 pm

सपनों को मिले पंख, अमरोहा में CM योगी ने बांटी खुशियों की चाबी

CM Yogi Amroha visit: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अमरोहा दौरा जिले के विकास को एक नई रफ्तार देने के साथ-साथ आम जनमानस के जीवन में खुशियों का नया सवेरा लाया। शनिवार को श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय, गजरौला में आयोजित विशाल जनसभा में मुख्यमंत्री ने ...

वेब दुनिया 18 Jul 2026 8:04 pm

सोनम वांगचुक के शरीर में डिहाइड्रेशन और बढ़ते कीटोन के संकेत, इलाज से किया इनकार

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ने शनिवार दोपहर करीब 3:30 बजे जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति पर नया मेडिकल बुलेटिन जारी किया। अस्पताल के अनुसार, वांगचुक में डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण), कॉम्पेन्सेटेड एसिडोसिस, सीरम पोटैशियम का स्तर कम होने और यूरिन में कीटोन का स्तर बढ़ने के संकेत मिले हैं। हालांकि उन्होंने इंट्रावेनस (आईवी) फ्लूइड, ओरल रीहाइड्रेशन फ्लूइड और दवाएं लेने से इनकार कर दिया है।

देशबन्धु 18 Jul 2026 6:51 pm

केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश शिशु देखभालकर्ता महिला को निर्धारित मजदूरी दर के अनुसार किया जाए भुगतान

श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि *बदलते मौसम के दृष्टिगत कार्यस्थलों पर बुनियादी सुविधाओं में कोई कोताही न बरती जाए।* सभी कार्यस्थलों पर स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता अनिवार्य रूप से हो इसके साथ ही, वर्तमान में चल रही भीषण गर्मी तथा आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए श्रमिकों को मौसम के थपेड़ों से बचाने के लिए शेड (छायादार स्थान) एवं अन्य सुरक्षात्मक साधनों की पर्याप्त व्यवस्था कराई जाए, ताकि किसी भी श्रमिक के स्वास्थ्य पर विपरीत असर न पड़े।उन्होंने निर्देश दिया कि *जिन भी कार्यस्थलों पर 5 वर्ष से कम आयु के 5 या उससे अधिक बच्चे होंगे, वहाँ उनकी उचित देखभाल और सुरक्षा के लिए एक समर्पित महिला की नियुक्ति की जाएगी। इस महिला को उनके कार्य के बदले निर्धारित मजदूरी दर के अनुसार ससमय भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।* इससे जहाँ एक ओर कामकाजी माताओं को राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर एक अन्य महिला को रोजगार का अवसर भी प्राप्त होगा।उपमुख्यमंत्री जी ने सरकार के मूल मंत्र को दोहराते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार का एक ही सपना, हर मजदूर सुरक्षित हो अपना। उन्होंने कहा कि *आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार में सभी वर्ग के श्रमिको को विकास की मुख्यधारा से जोड़ रहा है।* विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने और नियमों का कड़ाई से पालन कराने के लिए अधिकारियों को धरातल पर उतरकर नियमित निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 6:36 pm

'क्या उनके पास कोई और काम नहीं है,' बुरे वक्त में सलमान खान की मदद वाले दावों पर भड़कीं ईवा ग्रोवर

एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री ईवा ग्रोवर (Eva Grover) ने पिछले लंबे समय से इंटरनेट, विकिपीडिया और यूट्यूब पर चल रहे उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि उनके जीवन के सबसे दर्दनाक और हिंसक शादी वाले दौर में बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान ने उनकी बड़ी आर्थिक या व्यक्तिगत मदद की थी। एक हालिया विस्फोटक इंटरव्यू में एक्ट्रेस ने इन भ्रामक खबरों पर अपनी गहरी नाराजगी और असहमति जताते हुए साफ किया है कि न तो उन्होंने कभी भाईजान से कोई मदद मांगी और न ही सलमान खान ने कभी उनकी निजी जिंदगी में हस्तक्षेप किया। ईवा ने मीडिया के एक वर्ग द्वारा खबरों को बिना किसी पुष्टि के सनसनीखेज बनाने की आदत पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे पूरी तरह बकवास और मनगढ़ंत करार दिया है।हिंसक शादी के दर्दनाक पांच साल: इंटरव्यू में ईवा ने बयां किया अपना सबसे मुश्किल दौरईवा ग्रोवर ने मशहूर टॉक शो होस्ट सिद्धार्थ कनन को दिए एक विशेष साक्षात्कार में अपनी निजी जिंदगी के उन काले पन्नों को साझा किया, जहां वह लगभग पांच वर्षों तक एक बेहद हिंसक और प्रताड़ना से भरी शादी का हिस्सा रही थीं। इस दर्दनाक दौर से बाहर निकलने और तलाक होने के बाद जब वह अपनी छोटी बेटी के पालन-पोषण और काम के लिए संघर्ष कर रही थीं, तब मीडिया में अचानक यह अफवाहें उड़ने लगीं कि सलमान खान ने संकटमोचक बनकर उनकी मदद की। ईवा ने इस सवाल को पूछने के लिए होस्ट का धन्यवाद करते हुए कहा कि कुछ दिनों पहले जब उन्होंने खुद इंटरनेट पर ये दावे देखे, तो वह हैरान रह गईं कि कैसे एक सह-कलाकार के नाम को उनकी पर्सनल लाइफ के साथ जबरन घसीटा जा रहा है।'रेडी' फिल्म के बाद कभी नहीं हुई बात: सलमान खान को बीच में घसीटने पर जताई कड़ी आपत्तिसुपरस्टार सलमान खान के साथ ब्लॉकबस्टर फिल्म 'रेडी' (Ready) में काम कर चुकीं ईवा ग्रोवर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि फिल्म की शूटिंग खत्म होने के बाद से आज तक उनकी सलमान खान से कभी कोई बात या मुलाकात नहीं हुई है। ईवा ने तीखे लहजे में सवाल उठाते हुए कहा कि सलमान खान देश के इतने बड़े सुपरस्टार हैं, क्या उनके पास मेरी पर्सनल लाइफ में क्या चल रहा है या हैदर अली खान मेरे साथ क्या कर रहे हैं, यही देखने के अलावा और कोई काम नहीं बचा है? उन्होंने इन फेक न्यूज पर चिंता जताते हुए कहा कि जब सलमान खान ऐसी खबरें पढ़ेंगे तो वह सोचेंगे कि यह कैसी लड़की है जो पब्लिसिटी के लिए जबरन मेरा नाम इस्तेमाल कर रही है, जबकि हकीकत से इसका कोई लेना-देना नहीं है।बिग बॉस ऑफर होने की असली इनसाइड स्टोरी: नदीम भाई और सेट पर मुलाकात का पूरा सचइंटरनेट पर चल रहे एक और बड़े दावे, जिसमें कहा गया था कि सलमान खान ने खुद फोन करके ईवा ग्रोवर को रियलिटी शो 'बिग बॉस' (Bigg Boss) ऑफर किया था, उसका भी एक्ट्रेस ने पूरी तरह पर्दाफाश कर दिया है। असली घटना का जिक्र करते हुए ईवा ने बताया कि 'रेडी' फिल्म की शूटिंग के दौरान वह सलमान खान के एक दूसरे सेट पर गई थीं, जहां उनकी मुलाकात सलमान का सारा कामकाज देखने वाले मैनेजर नदीम से हुई थी। उस वक्त ईवा को काम की सख्त जरूरत थी, जिस पर नदीम ने उन्हें सुझाव दिया था कि इन दिनों बिग बॉस की कास्टिंग चल रही है और आपको इसके लिए प्रयास करना चाहिए, क्योंकि सलमान खान काफी मददगार स्वभाव के हैं। ईवा के मुताबिक, बस इतनी सी औपचारिक बातचीत के अलावा मीडिया ने पूरी कहानी को बढ़ा-चढ़ाकर एक झूठा प्रोपेगेंडा बना दिया, जिसमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 6:33 pm

'जन नायकन' के ऑनलाइन लीक के बाद थलपति विजय की मूवी में हुए बड़े बदलाव, प्रोड्यूसर का चौंकाने वाला खुलासा

तमिल सिनेमा के सबसे बड़े सुपरस्टार और हाल ही में सक्रिय राजनीति में कदम रखने वाले थलपति विजय के अभिनय करियर की अंतिम और बहुप्रतीक्षित फिल्म 'जन नायकन' (Jana Nayakan) को लेकर फिल्म इंडस्ट्री और दर्शकों के बीच उत्सुकता चरम पर पहुंच गई है। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल होने से पहले विजय की इस विदाई फिल्म को लेकर केवीएन प्रोडक्शंस (KVN Productions) के प्रमुख निर्माता के. वेंकट नारायण ने एक बेहद सनसनीखेज और बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले फिल्म के संवेदनशील दृश्यों के इंटरनेट पर अवैध रूप से लीक होने और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के साथ चले लंबे कानूनी विवाद के बाद, क्रिएटिव टीम ने फिल्म में इतने व्यापक बदलाव किए हैं कि अब दर्शक सिनेमाघरों में पूरी तरह से एक फ्रेश और नई फिल्म का अनुभव करेंगे। एच. विनोथ के निर्देशन में बनी यह हाई-वोल्टेज पॉलिटिकल एक्शन थ्रिलर आगामी २३ जुलाई को दुनिया भर के सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है।ऑनलाइन लीक और सेंसर विवाद के बाद भारी फेरबदल: री-शूटिंग, नए गाने और बदले हुए सीन्स के साथ आएगी मूवीएनडीटीवी को दिए एक विशेष साक्षात्कार में जब प्रोड्यूसर वेंकट नारायण से फिल्म में थलपति विजय के राजनीतिक दल 'तमिझागा वेत्री कड़गम' (TVK) और बाबासाहेब अंबेडकर के संदर्भों को हटाने व विजय का नाम छोटा करने को लेकर तीखे सवाल पूछे गए, तो उन्होंने काफी सतर्कता से जवाब दिया। निर्माता ने कहा कि वे इस समय फिल्म की रणनीतिक सुरक्षा के कारण सभी तकनीकी बातें उजागर नहीं कर सकते, लेकिन यह पूरी तरह सच है कि लीक कांड के बाद फिल्म के मूल ढांचे में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं और अनेक नए सीन्स जोड़े गए हैं। उन्होंने प्रशंसकों को आश्वस्त किया कि सिनेमाघरों में जो वर्जन दिखाया जाएगा, वह लीक हुए कंटेंट से बिल्कुल अलग होगा, जिसमें कई नए गानों को शामिल किया गया है और कुछ गानों को पूरी तरह से री-एडिट और री-शूट किया गया है, ताकि दर्शकों को कोई स्पॉइलर न मिले और उनका उत्साह बना रहे।सीबीएफसी के कट्स और 'ए' सर्टिफिकेट: कोर्ट की जद्दोजहद के बाद मिली हरी झंडी'जन नायकन' को इस साल के शुरुआत में जनवरी के महीने में ही पोंगल के बड़े मौके पर रिलीज किया जाना था, लेकिन ऐन वक्त पर सेंसर बोर्ड (CBFC) ने फिल्म के कड़े राजनीतिक संवादों और सामाजिक मुद्दों पर गहरी आपत्ति जताते हुए सर्टिफिकेट रोकने का फैसला किया था। यह मामला इतना पेचीदा हो गया था कि मेकर्स को राहत के लिए माननीय अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा था, जहां लंबी कानूनी जद्दोजहद के बाद सेंसर बोर्ड द्वारा सुझाए गए महत्वपूर्ण कट्स, विशेष रूप से राजनीतिक और सामाजिक प्रतीकों के रेफरेंस को संशोधित करने के बाद फिल्म को 'ए' (Adults Only) सर्टिफिकेट के साथ रिलीज की अंतिम मंजूरी दी गई। इन तमाम चुनौतियों और पाइरेसी करने वाले अपराधियों की गिरफ्तारियों के बाद अब फिल्म का नया रूप थिएटर्स में धमाल मचाने को तैयार है।स्टार कास्ट और दमदार कहानी: अनिल रविपुडी की 'भगवंत केसरी' का तमिल अडैप्टेशनराजनीतिक गलियारों और सिनेमाई हलकों में हलचल मचाने वाली यह फिल्म दरअसल प्रसिद्ध तेलुगु फिल्म निर्माता अनिल रविपुडी की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'भगवंत केसरी' का आधिकारिक तमिल रूपांतरण (Adaptation) है। थलपति विजय की चिरपरिचित शैली के अनुरूप यह फिल्म भी एक बेहद मजबूत और संवेदनशील सामाजिक मुद्दे के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जो हर आयु वर्ग के दर्शकों को गहराई से जोड़ेगी। फिल्म में थलपति विजय के साथ मुख्य भूमिकाओं में ममिता बैजू, पूजा हेगड़े और खतरनाक विलेन के रूप में बॉलीवुड स्टार बॉबी देओल नजर आने वाले हैं। मुख्यमंत्री बनने से ठीक पहले विजय को आखिरी बार बड़े पर्दे पर एक्शन अवतार में देखने के लिए एडवांस बुकिंग में केवल ६० मिनट के भीतर हजारों टिकटें बिक चुकी हैं, जो बॉक्स ऑफिस पर एक नए इतिहास की ओर इशारा कर रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 6:31 pm

बलूचिस्तान ने पाकिस्तान से नाता तोड़ा, खुद को घोषित किया आजाद, चीन के 65 अरब डॉलर के CPEC प्रोजेक्ट को लगा तगड़ा झटका!

दक्षिण एशिया के सबसे अशांत और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र बलूचिस्तान से आ रही स्वतंत्रता की घोषणा के दावों ने अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीति और राजनयिक गलियारों में एक अभूतपूर्व भूचाल ला दिया है। यद्यपि अभी तक वैश्विक मंच पर किसी भी संप्रभु देश ने बलूचिस्तान को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में आधिकारिक मान्यता नहीं दी है, परंतु इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने चीन और पाकिस्तान की संयुक्त रीढ़ माने जाने वाले 'चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे' (CPEC) के अस्तित्व पर सबसे बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। करीब ६५ अरब डॉलर (लगभग ५.४ लाख करोड़ रुपये) की भारी-भरकम लागत से बन रहा सीपेक प्रोजेक्ट चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की महत्वाकांक्षी 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव' (BRI) का सबसे महत्वपूर्ण मुकुट माना जाता है, जो अब बलूचिस्तान की बगावत के चलते पूरी तरह खटाई में पड़ता नजर आ रहा है।ग्वादर बंदरगाह पर संप्रभुता का कानूनी पेंच: अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत फंस सकता है चीन का अरबों का निवेशइस पूरे भू-राजनीतिक विवाद का मुख्य केंद्र बिंदु रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील ग्वादर बंदरगाह (Gwadar Port) है, जो सीधे अरब सागर के मुहाने पर स्थित है। वर्तमान व्यवस्था के तहत इस गहरे पानी के बंदरगाह का संपूर्ण संचालन बीजिंग की सरकारी कंपनी 'चाइना ओवरसीज पोर्ट्स होल्डिंग कंपनी' द्वारा पाकिस्तान सरकार के साथ हुए एक द्विपक्षीय समझौते के तहत किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक संधि के तहत चीन को केवल व्यावसायिक संचालन और टोल वसूलने का अधिकार प्राप्त है, जबकि बंदरगाह की वास्तविक संप्रभुता (Sovereignty) कानूनी रूप से इस्लामाबाद के पास सुरक्षित है। अंतरराष्ट्रीय कानून के विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि यदि बलूचिस्तान एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में स्थापित होता है, तो ग्वादर बंदरगाह स्वतः ही बलूचिस्तान की संप्रभु सीमा का हिस्सा बन जाएगा, जिससे पूर्व में पाकिस्तान के साथ किए गए चीन के सभी समझौते तकनीकी रूप से अवैध या शून्य घोषित हो सकते हैं।ड्रैगन पर चौतरफा मार: चीनी इंजीनियरों की सुरक्षा, नए वीजा नियम और बीमा लागत में बेतहाशा वृद्धि की आशंकाअंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक, यदि बलूचिस्तान में कोई नई संप्रभु सरकार का गठन होता है, तो उसे यह पूर्ण विधिक अधिकार होगा कि वह चीन के साथ पुराने सीपेक समझौतों को जारी रखे, उनमें अपनी शर्तों पर संशोधन करे, अथवा उन्हें पूरी तरह से निरस्त कर दे। ऐसी विकट स्थिति में चीनी निवेशकों को अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालतों (International Arbitration) का दरवाजा खटखटाना पड़ सकता है, जो एक बेहद लंबी और अनिश्चित प्रक्रिया है। इसके अतिरिक्त, ३,००० किलोमीटर लंबे इस आर्थिक गलियारे में काम कर रहे हजारों चीनी इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों के वीजा नियम, स्थानीय श्रम कानून और सबसे महत्वपूर्ण उनकी सुरक्षा (Security Core) की पूरी जिम्मेदारी नए सिरे से तय करनी होगी। बलूच लिबरेशन आर्मी जैसी अलगाववादी ताकतों की सक्रियता बढ़ने से परियोजनाओं की बीमा लागत (Insurance Cost) और बुनियादी ढांचा सुरक्षा खर्च कई गुना बढ़ जाएगा, जिससे चीनी खजाने पर भारी वित्तीय बोझ पड़ना तय है।इस्लामाबाद की लूट के खिलाफ बलूच विद्रोह: स्थानीय संसाधनों के दोहन और रोजगार से वंचित रखने का गंभीर आरोपपाकिस्तान के लिए ग्वादर बंदरगाह और बलूचिस्तान का विशाल भूभाग उसकी सबसे बड़ी रणनीतिक और आर्थिक थाती माना जाता है, लेकिन धरातल पर बलूचिस्तान के स्थानीय नागरिक लंबे समय से खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। 'ज्वाइंट बलूच राइट्स कमिटी' और अन्य क्षेत्रीय संगठनों का स्पष्ट आरोप है कि बलूचिस्तान के सोने, तांबे और प्राकृतिक गैस जैसे असीमित प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन करके इसका पूरा वित्तीय लाभ केवल इस्लामाबाद के हुक्मरानों और विदेशी चीनी निवेशकों की जेबों में जा रहा है। बलूच अवाम आज भी बुनियादी सुविधाओं जैसे साफ पीने के पानी, स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा और सम्मानजनक रोजगार के अवसरों से पूरी तरह महरूम है, जिसने अंततः इस क्षेत्र के लोगों को पाकिस्तान से पूरी तरह नाता तोड़कर अपनी आजादी की हुंकार भरने के लिए विवश कर दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 6:29 pm

भगवान राम की 81 फीट ऊंची मूर्ति बनवा रहे हिंदू युवक को सीआईडी ने किया गिरफ्तार, ढाका में सड़कों पर उतरे अल्पसंख्यक

पड़ोसी देश बांग्लादेश में धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर भीषण राजनीतिक व सामाजिक उबाल आ गया है। गायकबंधा जिले के पलाशबाड़ी इलाके में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की 81 फीट ऊंची भव्य और विशालकाय मूर्ति का ऐतिहासिक निर्माण करवा रहे एक हिंदू युवक हरिदास चंद्र तारनी दास की अचानक हुई गिरफ्तारी के बाद पूरे देश का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। इस दमनकारी कार्रवाई के खिलाफ शनिवार को राजधानी ढाका स्थित नेशनल प्रेस क्लब के बाहर हिंदू, बौद्ध और ईसाई समुदायों के शीर्ष नेताओं ने एकजुट होकर विशाल विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर सीधा आरोप लगाया है कि बहुसंख्यक समाज के कट्टरपंथियों के दबाव में आकर मूर्ति निर्माण कार्य को बाधित करने के लिए हरिदास को मनी लॉन्ड्रिंग के एक पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठे केस में फंसाकर जेल भेजा गया है।सीआईडी का मनी लॉन्ड्रिंग का दावा: संदिग्ध लेन-देन और जबरन धर्म परिवर्तन की थ्योरी पर उठे गंभीर सवालबांग्लादेश की आपराधिक जांच विभाग (CID) ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में हरिदास चंद्र को ९.३५ करोड़ टका (बांग्लादेशी मुद्रा) के संदिग्ध लेन-देन और अवैध वित्तीय हेरफेर के संगीन आरोपों के तहत गिरफ्तार किया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी जांच में यह सनसनीखेज दावा किया है कि हरिदास वर्ष २०१० में अवैध रूप से सीमा पार कर भारत चला गया था और बाद में २०१९ में उसने कथित तौर पर इस्लाम धर्म कबूल कर लिया था। हालांकि, स्थानीय अदालत द्वारा हरिदास को बिना किसी विस्तृत जांच के सीधे न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने के फैसले के बाद से ही देश के अल्पसंख्यक संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा है, जो पुलिस की इस धर्म परिवर्तन और वित्तीय हेरफेर वाली थ्योरी को एक सुनियोजित साजिश करार दे रहे हैं।अल्पसंख्यक एकता परिषद का बड़ा अल्टीमेटम: रिहाई न होने पर पूरे बांग्लादेश में उग्र आंदोलन की दी चेतावनी'बांग्लादेश हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद' के बैनर तले आयोजित इस विशाल विरोध प्रदर्शन में अंतरिम सरकार को बेहद सख्त और सीधी चेतावनी जारी की गई है। परिषद के केंद्रीय महासचिव मनिंद्र कुमार नाथ ने इस दमनकारी गिरफ्तारी की तीव्र शब्दों में भर्त्सना करते हुए कहा कि राज्य मशीनरी जानबूझकर धार्मिक आस्था के काम में रोड़े अटका रही है, जिसे देश का अल्पसंख्यक समाज किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। वहीं, परिषद के वरिष्ठ और प्रखर नेता सुब्रत चौधरी ने प्रशासन को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट किया कि यदि बेकसूर हरिदास को ससम्मान तुरंत रिहा नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में तीनों अल्पसंख्यक समुदाय सामूहिक रूप से सड़कों पर उतरकर एक राष्ट्रव्यापी उग्र आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने सवाल दागा कि आखिर किसके इशारे पर देश का सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का यह घिनौना खेल खेला जा रहा है?एक साल में 3000 से अधिक अत्याचार की घटनाएं: नरसिंगदी के चंचल भौमिक हत्याकांड से दहला हिंदू समाजमनिंद्र कुमार नाथ ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया के समक्ष बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही लगातार हिंसक वारदातों के भयावह आंकड़े भी सार्वजनिक किए। उन्होंने बताया कि पिछले महज एक वर्ष के भीतर पूरे बांग्लादेश में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यकों पर बर्बर अत्याचार की करीब ३,००० से अधिक हिंसक घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें सुनियोजित तरीके से ६६ मासूम लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई और दर्जनों प्राचीन मंदिरों को कट्टरपंथियों द्वारा खंडित कर दिया गया। हाल ही में नरसिंगदी जिले में २५ वर्षीय हिंदू युवा चंचल भौमिक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला भी काफी गरमाया हुआ है, जिसकी सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद उसकी बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हो रही है। इसके पूर्व गायकबंधा जिले में ही एक इस्लामी जुलूस के दौरान भगवान राम के चित्रों के सरेआम अपमान किए जाने की घटना पर भी भारी आक्रोश देखा गया था।भारत सरकार ने भी वैश्विक मंच पर जताई कड़ी चिंता: विदेश मंत्रालय ने ढाका को दी सुरक्षा पुख्ता करने की नसीहतबांग्लादेश के भीतर हिंदुओं और उनके धार्मिक प्रतीकों पर हो रहे इन लगातार हमलों पर भारत सरकार भी बेहद कड़ा और स्पष्ट रुख अपना चुकी है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस संवेदनशील विषय पर बयान जारी करते हुए कहा था कि बांग्लादेश में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों और धार्मिक तस्वीरों के लगातार हो रहे अपमान व तोड़फोड़ की घटनाओं पर नई दिल्ली बेहद बारीक नजर बनाए हुए है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक नियमों के तहत बांग्लादेश की तत्कालीन सरकार से इन चरमपंथी और कट्टरपंथी तत्वों पर तत्काल प्रभाव से कड़ी कानूनी लगाम कसने, दोषियों को जेल भेजने और संपूर्ण अल्पसंख्यक आबादी के जान-माल की पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर अपील की थी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 6:27 pm

Jantar Mantar: कार्यकर्ता अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकने वाली बरखा त्रेहन कौन हैं? रेपिस्ट कुलदीप सेंगर से जुड़ा है पुराना कनेक्शन

राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा हटाए जाने के बाद शुरू हुआ घटनाक्रम अब एक बेहद हिंसक और विवादित मोड़ ले चुका है। वांगचुक के समर्थन में और उनके स्थान पर भूख हड़ताल पर बैठे एक्टिविस्ट अभिजीत दीपके पर एक महिला ने अचानक मंच पर चढ़कर सरेआम नीली स्याही फेंक दी। इस हाई-प्रोफाइल घटना के तुरंत बाद हमलावर महिला की पहचान बरखा त्रेहन के रूप में हुई है। इस सनसनीखेज घटनाक्रम ने जंतर-मंतर पर मौजूद सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्न राजनीतिक गुटों के बीच जारी भारी तनाव को एक बार फिर जगजाहिर कर दिया है, जिसके तुरंत बाद दिल्ली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया।पुरुष आयोग की संस्थापक बरखा त्रेहन कौन हैं: जानें उनका सामाजिक और राजनीतिक बैकग्राउंडअभिजीत दीपके पर हुए इस हमले के तुरंत बाद फैक्ट-चेकर्स और सोशल मीडिया पर बरखा त्रेहन के इतिहास को लेकर जानकारियां तेजी से वायरल होने लगीं। बरखा त्रेहन खुद को एक 'मेन्स राइट्स एक्टिविस्ट' (पुरुष अधिकार कार्यकर्ता) और 'पुरुष आयोग' नामक एक गैर-सरकारी संस्था की संस्थापक और अध्यक्ष बताती हैं। पेशेवर नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह खुद को एक उद्यमी, समतावादी (इगैलिटेरियन), और जेंडर-न्यूट्रल समाज की पैरवी करने वाली संवैधानिक कार्यकर्ता के रूप में प्रस्तुत करती हैं। वह पिछले कई वर्षों से विभिन्न मंचों पर पुरुषों के कानूनी अधिकारों और उनके पक्ष में पुरजोर तरीके से अपनी आवाज मुखर करती आई हैं।रेपिस्ट कुलदीप सिंह सेंगर का कर चुकी हैं खुला समर्थन: उन्नाव मामले में आईं थीं चर्चा मेंबरखा त्रेहन का विवादों से नाता नया नहीं है; वह पिछले साल उन्नाव सामूहिक बलात्कार मामले के मुख्य दोषी और पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का खुलेआम समर्थन करने के कारण भारी विवादों और चर्चाओं में घिरी थीं। उस दौरान जब दिल्ली की एक अदालत ने सेंगर की उम्रकैद की सजा को अस्थाई रूप से निलंबित करने की अर्जी पर विचार किया था, तब त्रेहन ने जंतर-मंतर पर 'आई सपोर्ट कुलदीप सेंगर' लिखे हुए तख्तों के साथ प्रदर्शन किया था। उन्होंने दलील दी थी कि बलात्कार जैसे संवेदनशील मामलों पर राजनीति बंद होनी चाहिए और अदालतों के फैसलों का हर हाल में सम्मान किया जाना चाहिए, जिसके चलते महिला संगठनों ने उनकी तीखी आलोचना की थी।स्याही कांड के बाद मारपीट का आरोप और हिरासत: जंतर-मंतर पर लगे जय श्रीराम और जय भीम के नारेशनिवार को हुए इस ताजा घटनाक्रम के वीडियो फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि बरखा त्रेहन अचानक उस मंच की ओर बढ़ती हैं जहां अभिजीत दीपके अनशन पर बैठे थे और उन पर स्याही फेंक देती हैं। स्याही फेंकने के तुरंत बाद वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों और त्रेहन के बीच भारी धक्का-मुक्की शुरू हो गई। जब दिल्ली पुलिस के जवान त्रेहन को हिरासत में लेकर गाड़ी की तरफ ले जा रहे थे, तब उन्होंने हाथ जोड़कर रोते हुए आरोप लगाया कि उनके साथ वहां मौजूद लोगों ने मारपीट की है। इस पूरे हंगामे के दौरान जहां बरखा त्रेहन 'जय श्रीराम' के नारे लगाती दिखीं, वहीं दूसरी ओर नीली स्याही से सराबोर एक्टिविस्ट अभिजीत दीपके ने नीले रंग को अपना पसंदीदा बताते हुए 'जय भीम' के नारे लगाकर अपना अनशन जारी रखने का संकल्प दोहराया।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 6:20 pm

कश्मीर में नया सियासी घमासान: उमर अब्दुल्ला के दिल्ली आंदोलन को महबूबा मुफ्ती का बड़ा झटका, रख दीं दो सख्त शर्तें

जम्मू-कश्मीर की क्षेत्रीय राजनीति में इस समय एक बहुत बड़ा वैचारिक और रणनीतिक मोड़ आ गया है। केंद्र शासित प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) द्वारा नई दिल्ली में आयोजित किए जाने वाले 'दिल्ली चलो' आंदोलन को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने एक बड़ा झटका दिया है। शनिवार को आधिकारिक बयान जारी करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पार्टी इस विरोध प्रदर्शन में केवल एक ही सूरत में शामिल होगी, जब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इस आंदोलन के मुख्य एजेंडे में जम्मू-कश्मीर के बुनियादी मुद्दों से जुड़ी कुछ अन्य अनिवार्य और सख्त मांगों को भी शामिल करेंगे।केवल राज्य का दर्जा मांगना अवाम से विश्वासघात: महबूबा मुफ्ती ने फारुख अब्दुल्ला को खत लिख रखा अपना स्टैंडपीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला को एक औपचारिक पत्र भेजकर अपनी शर्तों से अवगत करा दिया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में बेहद तल्ख लहजे में कहा कि अगर आंदोलन केवल पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने तक सीमित रहता है, तो इससे यह गलत संदेश जाएगा कि हम ५ अगस्त २०१९ को केंद्र सरकार द्वारा लिए गए फैसले को स्वीकार कर चुके हैं। महबूबा ने जोर देकर कहा कि प्रदेश की अवाम ने नेशनल कॉन्फ्रेंस को केवल राज्य का दर्जा वापस पाने के लिए भारी बहुमत नहीं दिया है; इसलिए एजेंडे में ऐतिहासिक आर्टिकल ३70 की बहाली, जेलों में बंद स्थानीय राजनीतिक कैदियों की बिना शर्त रिहाई और जमात-ए-इस्लामी जैसे सामाजिक-राजनीतिक संगठनों पर से प्रतिबंध हटाने की मांग को तुरंत जोड़ा जाना चाहिए।लद्दाख की तर्ज पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की वकालत: सामूहिक नेतृत्व से ही निकलेगा कश्मीर का समाधानमहबूबा मुफ्ती ने नेशनल कॉन्फ्रेंस द्वारा बिना किसी पूर्व विमर्श के इस तरह के एकतरफा आंदोलन की घोषणा करने पर गहरी निराशा व्यक्त की है। उन्होंने सुझाव दिया कि लद्दाख के राजनीतिक नेतृत्व की तरह जम्मू-कश्मीर की सभी छोटी-बड़ी राजनीतिक पार्टियों को आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आना चाहिए। इसके लिए सबसे पहले एक व्यापक सर्वदलीय बैठक (All-Party Meeting) बुलाई जानी चाहिए, जिसमें न केवल राजनीतिक दलों के प्रमुख बल्कि नागरिक समाज (सिविल सोसाइटी) के प्रतिनिधि भी हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि एक ईमानदार और सार्थक राजनीतिक प्रक्रिया तभी शुरू हो सकती है जब तक बुनियादी और अमानवीय परिस्थितियों को हल करने के लिए सभी नेता एक सुर में केंद्र सरकार के सामने अपनी मांगें न रखें।जंतर-मंतर पर २० मार्च को शक्ति प्रदर्शन की तैयारी: मीरवाइज को न्योते पर भड़की भाजपाज्ञात हो कि जम्मू-कश्मीर की सत्ता संभाल रहे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आगामी २० मार्च २०२6 को देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर एक विशाल धरने और प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार की है। उमर अब्दुल्ला का आरोप है कि केंद्र सरकार उनके धैर्य की परीक्षा ले रही है और पूर्ण राज्य का दर्जा देने के वादे को लगातार टाल रही है। इस राष्ट्रीय आंदोलन को सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने देश के तमाम विपक्षी नेताओं के साथ-साथ कश्मीर के प्रमुख धार्मिक और अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारुख को भी औपचारिक निमंत्रण भेजा है, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उमर अब्दुल्ला पर अलगाववाद को दोबारा बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाया है और इस पूरी कवायद का कड़ा विरोध किया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 6:17 pm

वांगचुक की हालत बेहद नाजुक! सोनम ने अस्पताल में दवा और ड्रिप लेने से किया इनकार

Sonam Wangchuk Health Update: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से अनशन पर बैठे लद्दाख के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। शनिवार तड़के दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने ...

वेब दुनिया 18 Jul 2026 6:15 pm

दिल्ली से सीधे ऋषिकेश तक दौड़ेगी रैपिड रेल, 5 घंटे का थकाऊ सफर अब सिर्फ 150 मिनट में होगा पूरा!

दिल्ली-एनसीआर से देवभूमि उत्तराखंड के पहाड़ों और पवित्र धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक बेहद शानदार और युगांतरकारी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी देने वाली देश की सबसे तेज रीजनल रेल 'नमो भारत' (Namo Bharat) अब सीधे हिमालय की तलहटी तक का सफर तय करने जा रही है। केंद्र सरकार ने दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर को मेरठ के मोदिपुरम स्टेशन से आगे बढ़ाते हुए विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्रों हरिद्वार और ऋषिकेश तक ले जाने के ऐतिहासिक प्रस्ताव को अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। यह लगभग १५० किलोमीटर लंबा नया एक्सटेंशन कॉरिडोर देश के सबसे बड़े पर्यटन हब को दिल्ली से जोड़कर सफर के समय को आधा कर देगा।उत्तराखंड के प्रयासों को मिली हरी झंडी: 'गंगा ग्रोथ कॉरिडोर' के लिए ग्राउंड वर्क और डीपीआर की तैयारी शुरूयह महापरियोजना उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर के समक्ष लगातार की गई मजबूत पैरवी का परिणाम है। केंद्र सरकार से औपचारिक हरी झंडी मिलने के बाद अब उत्तराखंड सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) संयुक्त रूप से इस ड्रीम प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने में जुट गए हैं। इस पूरे रूट का व्यापक हवाई और जमीनी सर्वे करने के साथ-साथ एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है, जिसमें स्टेशनों की संख्या, आवश्यक भूमि अधिग्रहण और जटिल इंजीनियरिंग रूट मैप को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उत्तराखंड शासन ने इस मेगा प्रोजेक्ट के त्वरित क्रियान्वयन के लिए अतिरिक्त सचिव रीना जोशी को विशेष नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया है।मेरठ से लक्ष्मण झूला तक का रूट मैप: जानिए किन-किन बड़े शहरों से होकर गुजरेगी नमो भारतयह अत्याधुनिक सेमी-हाई-स्पीड रेल ट्रैक वर्तमान में संचालित हो रहे दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के अंतिम छोर यानी मोदिपुरम (मेरठ) से आगे विस्तार पकड़ेगा। उत्तर प्रदेश के हिस्से में यह कॉरिडोर मोदिपुरम से शुरू होकर दौराला, खतौली, मुजफ्फरनगर औद्योगिक क्षेत्र और उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड की भौगोलिक सीमा पर स्थित पुरकाजी कस्बे से होकर गुजरेगा। इसके बाद सीमा पार करते हुए यह ट्रेन शिक्षा के बड़े केंद्र रुड़की (IIT रुड़की) और हरिद्वार में पवित्र हर की पौड़ी के करीब से गुजरती हुई सीधे ऋषिकेश में प्रतिष्ठित लक्ष्मण झूला के समीप नवनिर्मित टर्मिनल स्टेशन पर जाकर समाप्त होगी। इस विशाल नेटवर्क का सबसे अनूठा लाभ यह होगा कि हरिद्वार और ऋषिकेश के यात्री बिना किसी रुकावट के गाजियाबाद, आनंद विहार और सराय काले खान पहुंच सकेंगे, जिसे भविष्य में दिल्ली-पानीपत और जेवर एयरपोर्ट रैपिड रेल रूट से भी इंटरचेन्ज के जरिए जोड़ा जाएगा।भारी ट्रैफिक जाम से मिलेगी बड़ी राहत: १६० किमी की रफ्तार से वीकेंड टूरिज्म को मिलेगा जबरदस्त बूस्टवर्तमान समय में दिल्ली से ऋषिकेश या हरिद्वार जाने वाले मुसाफिरों को राष्ट्रीय राजमार्ग-५८ (NH-58) पर मिलने वाले भीषण ट्रैफिक जाम और जटिल मोड़ों से जूझना पड़ता है, जिससे सड़क मार्ग से यात्रा तय करने में औसतन ५ से ६ घंटे का लंबा समय बर्बाद होता है। चूंकि नमो भारत ट्रेनें १६० किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड से पटरियों पर दौड़ने की क्षमता रखती हैं, इसलिए इस डेडीकेटेड ट्रैक के चालू होने के बाद दिल्ली से ऋषिकेश की कुल दूरी महज ढाई से तीन घंटे (१५० मिनट) में आसानी से नापी जा सकेगी। इस क्रांतिकारी परिवहन प्रणाली के विकसित होने से दिल्ली-एनसीआर के कामकाजी लोग और युवा वीकेंड पर आसानी से एडवेंचर स्पोर्ट्स और आध्यात्मिक शांति के लिए ऋषिकेश आ-जा सकेंगे और सुबह जाकर शाम तक वापस अपने घर लौट सकेंगे।निवेश और फंडिंग का महायोजना: वैश्विक बैंकों की मदद से आकार लेगी कई हजार करोड़ की यह परियोजनायद्यपि सरकार ने विस्तृत सर्वे और डीपीआर पूरा होने से पहले इस बड़े प्रोजेक्ट की सटीक आधिकारिक लागत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन बुनियादी ढांचे के विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह एक बेहद विशाल पूंजी निवेश वाला प्रोजेक्ट होगा। संदर्भ के लिए, ८२.१५ किलोमीटर लंबे मौजूदा दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के निर्माण में करीब ₹३०,२७4 करोड़ का बड़ा खर्च आया था, और चूंकि यह नया ऋषिकेश एक्सटेंशन कॉरिडोर उससे लगभग दोगुना लंबा है, इसलिए इसमें भारी बजटीय आवंटन की आवश्यकता होगी। इस वित्तीय आवश्यकता को पूरा करने के लिए केंद्र और दोनों राज्य सरकारों के अंशदान के साथ-साथ एशियाई विकास बैंक (ADB) और एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से बड़े ऋण समझौते किए जा सकते हैं, जबकि उत्तराखंड सरकार ने कुंभ क्षेत्र के बिजली बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ₹७५0 करोड़ की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता मांगी है।केवल तीर्थयात्रा नहीं बल्कि व्यापारिक क्रांति: रियल एस्टेट, वेयरहाउसिंग और महाकुंभ २०२७ के लिए गेम चेंजरआर्थिक जगत के विश्लेषकों और लोहिया वर्ल्डस्पेस के प्रबंध निदेशक पीयूष लोहिया का स्पष्ट मानना है कि इस कॉरिडोर के आने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की पूरी व्यावसायिक तस्वीर बदल जाएगी। इस कॉरिडोर के चालू होने से मुजफ्फरनगर के वेयरहाउसिंग सेक्टर और रुड़की के छात्र-आवास (हॉस्टल्स) व रियल एस्टेट मार्केट में जबरदस्त तेजी देखी जाएगी, साथ ही मुरादाबाद के पीतल उद्योग के निर्यातकों को भी हाईवे पर जाम कम होने से माल को दिल्ली भेजने में बड़ी लॉजिस्टिक्स राहत मिलेगी। दिल्ली-एनसीआर के बड़े निवेशकों द्वारा हरिद्वार और ऋषिकेश में हॉलिडे होम्स, लग्जरी विला और सर्विस अपार्टमेंट्स में भारी निवेश करने की उम्मीद है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि साल २०२७ में आयोजित होने वाले भव्य महाकुंभ और वार्षिक चारधाम यात्रा के दौरान जब उत्तराखंड के मार्ग वाहनों के अत्यधिक दबाव से हांफने लगते हैं, तब यह हाई-स्पीड रैपिड रेल प्रणाली राज्य के संपूर्ण ट्रैफिक मैनेजमेंट और पर्यटन अर्थव्यवस्था के लिए एक अचूक सुरक्षा कवच साबित होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 6:14 pm

सोनम वांगचुक के अनशन पर पहली बार बोले राहुल गांधी, आधी रात के पुलिस एक्शन पर मोदी सरकार को घेरा

लद्दाख के पर्यावरण और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा जबरन हटाए जाने के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस पूरे घटनाक्रम पर पहली बार अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। शनिवार को केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा मोदी सरकार के मूल सिद्धांत पूरी तरह से असत्य और हिंसा पर टिके हुए हैं। उन्होंने जंतर-मंतर से वांगचुक को हटाए जाने की पुलिसिया कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर करारी चोट बताते हुए स्पष्ट किया कि एक अहिंसक और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को बलपूर्वक दबाना पूरी तरह से अलोकतांत्रिक और निंदनीय है।दिल्ली पुलिस का सीक्रेट ऑपरेशन: जैमर, सादे कपड़े और सफेद चादरों के घेरे में ऐसे हटाए गए वांगचुकसोनम वांगचुक का स्वास्थ्य लगातार बिगड़ने के बाद शनिवार तड़के दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर एक बेहद सुनियोजित और विशेष रणनीति के तहत ऑपरेशन को अंजाम दिया। दिल्ली उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों और डॉक्टरों की आपातकालीन सलाह के बाद शुक्रवार रात करीब १:३० बजे पुलिस मुख्यालय से वरिष्ठ अधिकारियों को वांगचुक की मेडिकल जांच और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने के सख्त निर्देश मिले। इसके तुरंत बाद नई दिल्ली जिले के आला अधिकारी मंदिर मार्ग थाने में एकत्र हुए और बिना किसी टकराव के वांगचुक को एक मिनट से भी कम समय में वहां से निकालने का विशेष अभ्यास किया गया। सुबह करीब ५ बजे सादे कपड़ों में तैनात पुलिसकर्मियों ने पूरे मंच को बड़ी-बड़ी सफेद चादरों से ढक दिया और विरोध प्रदर्शनकारियों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को रोकने के लिए इलाके में मोबाइल नेटवर्क जैमर तक लगा दिए गए, जिसके बाद वांगचुक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया।शिक्षा व्यवस्था पर राहुल गांधी का बड़ा हमला: पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्याओं को बताया राष्ट्रीय संकटसोनम वांगचुक के मुद्दे के साथ-साथ राहुल गांधी ने देश के छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर भी मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि लगातार होते प्रश्नपत्र लीक (पेपर लीक), शिक्षा की आसमान छूती लागत और इसके कारण डिप्रेशन में आकर छात्रों द्वारा की जा रही आत्महत्याएं भारत के भविष्य से जुड़े सबसे गंभीर मुद्दे हैं, जिन पर सरकार को राजनीति से ऊपर उठकर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के लिए किया जाने वाला कोई भी बल प्रयोग देश के युवाओं को उनके हकों की लड़ाई लड़ने से नहीं रोक सकता क्योंकि छात्रों की निर्भीक आवाज ही जीवंत लोकतंत्र की असली पहचान है।देहरादून रैली का भावुक वीडियो साझा: नीट परीक्षा और रिया की आत्महत्या पर टूटे पिता का दर्द बयां कियाअपने बयानों को आगे बढ़ाते हुए राहुल गांधी ने देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था को बिल्कुल नए सिरे से तैयार करने की पुरजोर वकालत की ताकि बच्चों के लिए तनावमुक्त व सुरक्षित माहौल का निर्माण हो सके। उन्होंने देहरादून में आयोजित 'छात्रों की गूंज' रैली का एक बेहद भावुक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने मंच पर रिया कुमारी के पिता राजेश कुमार को आमंत्रित किया था। ज्ञात हो कि नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में बड़े पैमाने पर लगे पेपर लीक के आरोपों और परीक्षा रद्द होने के बाद मानसिक तनाव के कारण मई में रिया ने आत्महत्या कर ली थी। राहुल ने भावुक होते हुए लिखा कि अपनी बेटी को खोकर राजेश जी इस कदर टूट चुके हैं कि उन्हें देखकर हर आंख नम हो गई; यह सिर्फ एक परिवार का व्यक्तिगत दर्द नहीं है बल्कि देश में पेपर लीक के माफियाओं ने ऐसे कई हंसते-खेलते परिवारों के बच्चों को उनसे हमेशा के लिए छीन लिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 6:12 pm