उत्तराखंड में सियासी भूचाल, कांग्रेस विधायक ने दी आत्मदाह की धमकी
हल्द्वानी से कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने आरोप लगाया है कि एक गिरोह नेताओं और उनके परिवारों के फोन हैक कर रहा है. उन्होंने पुलिस पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए गैरसैंण में आगामी विधानसभा सत्र के दौरान आत्मदाह की चेतावनी दी. हरीश रावत ने चिंता जताई.
धान की 45 किस्मों को बचाने के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले आदिवासी किसान चेरुवयाल रमन का बुधवार को कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। राहुल गांधी ने उनके निधन पर शोक जताया है।
संजय सिंह ने दिल्ली पुलिस आयुक्त के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया
संजय सिंह ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस के कदाचार का आरोप लगाते हुए राज्यसभा विशेषाधिकार समिति को नोटिस सौंप
बांग्लादेश: ईशनिंदा के शक में बर्बरता, अस्पताल से युवक को खींचकर ले गई भीड़, हुई मौत
बांग्लादेश के सतखीरा जिले में धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में एक शख्स की भीड़ की पिटाई से मौत हो गई. पुलिस ने पहली बार उसे बचाकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन बाद में भीड़ अस्पताल में घुसकर उसे फिर पीटने लगी.
आरएसएस: संघ को आतंकवादी कहकर फंसे पवन खेड़ा, विहिप ने साधा निशाना- इनसे और उम्मीद भी क्या कर सकते हैं?
सोनू निगम के कॉन्सर्ट पर विवाद: कर्नाटक रक्षणा वेदिके ने पुलिस से की अनुमति न देने की मांग; विरोध की चेतावनी===Sonu Nigam Concert Controversy: Karnataka Rakshana Vedike Seeks Ban on Bengaluru Show
Libra Tarot Card Rashifal: जल्दबाजी और गुस्से से नुकसान की आशंका, सरकारी काम में लापरवाही से बचें
Libra Tarot Card Horoscope 15 October: The Moon की ऊर्जा लापरवाही और जल्दबाजी से कार्यों को न करने की कोशिश, परिवार के सदस्यों के आर्थिक खर्चों के जानकारी रखने की आवश्यकता और किसी प्रभावशाली व्यक्ति से टकराव होने की स्थिति में नम्रतापूर्ण व्यवहार करने की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते हैं,तुला राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
तिब्बती संसद का चीन पर बड़ा प्रहार: लद्दाख पर दावों को बताया 'बेबुनियाद', भारत से की बड़ी अपील
तिब्बती निर्वासित संसद ने चीन द्वारा लद्दाख को भारत का केंद्र शासित प्रदेश न मानने की नीति की आलोचना की है और बीजिंग के क्षेत्रीय दावों को बेबुनियाद बताया है।
Virgo Tarot Card Horoscope 15 October: Death की ऊर्जा अतीत की परेशानियों और बुरी यादों को वर्तमान जीवन का हिस्सा न बनने देने की कोशिश, किसी रिश्ते के टूटने के बाद खुद को मजबूती से खड़ा करने की आवश्यकता और कार्य क्षेत्र में अपने अधिकारियों और वरिष्ठ जनों के साथ मधुर संबंध बनाए रखने की बात लेकर आ सकती है.आईए जानते हैं ,कन्या राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तो, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Leo Tarot Card Rashifal: अचानक से आई जिम्मेदारी के चलते तनाव, सहकर्मी की बदतमीजी से क्रोधित
Leo Tarot Card Horoscope 15 October: Page of swords की तीव्र ऊर्जा किसी के बदतमीजी पर क्रोधित होने की जगह शांत रहकर स्थिति को संभालने के कोशिश, अचानक से आई जिम्मेदारियां को लेकर तनाव करने की जगह उन्हें व्यवस्थित करने का प्रयास और दूसरों की बातों में आकर किसी की काबिलियत और योग्यता पर संदेह करने से बचने के बाद लेकर आ सकती है. आईए जानते हैं, सिंह राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तो, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Cancer Tarot Card Horoscope 15 October: The Tower की ऊर्जा अपने पूर्व की कार्यों में हुई गड़बड़ी या कमियों के बारे में जानकारी, कुछ नए बदलावों से कार्य क्षेत्र के माहौल में असमंजस्य की स्थिति और गतिविधियों में रोमांचक और उत्साहवर्धक कार्य शामिल करने पर विचार की बात लेकर आ सकती है.आईए जानते हैं, कर्क राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
फर्जी कृषि कॉलेजों पर लगेगी लगाम: शिवराज चौहान बोले- फीस लेकर डिग्री बांटने का कारोबार नहीं चलेगा
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फर्जी कृषि कॉलेजों और डिग्री बांटने पर सख्ती से रोक लगाने की घोषणा की है।
दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की लिस्ट में सिंगापुर ने दिल्ली को पछाड़ा, ये कैसे हुआ?
दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की लिस्ट में सिंगापुर ने दिल्ली को पीछे छोड़ दिया है। सिंगापुर पहले नंबर पर है, जबकि दिल्ली दूसरे स्थान पर है। मुंबई भी इस लिस्ट में शामिल हो गया है।
एलन मस्क को टक्कर देगा भारत का ये उद्योगपति, स्टारलिंक से बेहतर मिलेगी इंटरनेट की स्पीड
भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने कहा कि उनकी कंपनी वनवेब भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू करने की मंजूरी पाने में एलन मस्क की स्टारलिंक से काफी आगे है।
BS6 के बाद अब BS7 की बारी, अप्रैल 2029 से नई कारों-SUV पर लागू होंगे नए मानक
भारत सरकार ने अप्रैल 2029 से यात्री वाहनों के लिए कड़े 'भारत स्टेज-7' (बीएस-7) उत्सर्जन मानकों का प्रस्ताव किया है, जिसका उद्देश्य प्रदूषण कम करना है।
अस्पतालों में कबाड़ बन चुके वेंटिलेटरों का जिम्मेदार कौन? देखें दस्तक
आज हम वेंटिलेटर पर चल रहे हेल्थ सिस्टम के खिलाफ दस्तक देंगे. आज हम गंभीर मरीजों की जिंदगी से हो रहे खुल्लम खुल्ला खिलवाड़ पर जिम्मेदारों की नींद तोड़ने वाली हकीकत दिखाएंगे. आजतक की टीम ने देश के 6 राज्यों के बड़े सरकारी अस्पतालों में क्रिटिकल हेल्थ केयर की पड़ताल की. राज्य अलग, जिले अलग , अस्पताल अलग लेकिन अंधेरगर्दी की तस्वीर एक जैसी. हमारी पड़ताल ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की स्याह सच्चाई को बेपर्दा कर दिया. देखें...
सऊदी-हूती में तेल ठिकानों पर हमले, होर्मुज में ईरान ने बढ़ाया प्रेशर
मिडिल ईस्ट में तनाव अब तेल ठिकानों से लेकर समुद्री रास्तों तक फैलता दिख रहा है. सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन की राजधानी सना के पास हूतियों के कब्जे वाले इलाके में हवाई हमले किए. इसेक बाद हूतियों ने भी रियाद में जवाबी कार्रवाी की धमकी दी है. इसी बीच होर्मुज में जहाजों पर हमलों का खतरा भी बढ़ गया है.
राहुल गांधी की याचिका पर SC में कल सुनवाई, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दी है अर्जी
सुप्रीम कोर्ट में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी नेताओं की याचिका पर गुरुवार को सुनवाई होगी. याचिका में चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया, फॉर्म 6 में बदलाव और SIR से जुड़े फैसलों की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाए गए हैं.
टेट्रा पैक और पाउच में नहीं बिकेगी शराब? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने बच्चों और युवाओं को शराब की लत से बचाने के लिए केंद्र और राज्यों से टेट्रा पैक व प्लास्टिक पाउच में शराब की बिक्री पर रोक लगाने का जवाब मांगा है।
MCD के सर्वे में दिल्ली के 81 मकान मिले खतरनाक, 553 इमारतों की मरम्मत कराने की सलाह
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में 30.6 लाख मकानों (94.17 प्रतिशत) का सर्वेक्षण करने के बाद जारी की गई आधिकारिक रिपोर्ट में 81 मकानों को खतरनाक चिह्नित किया गया है जबकि 553 अन्य मकानों की मरम्मत कराने की सलाह दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, एमसीडी ने सोमवार तक कुल 32,55,909 मकानों में से 30,66,188 का सर्वेक्षण किया था। इस तरह 1,89,721 मकानों का सर्वेक्षण किया जाना बाकी है। यह रिपोर्ट 12 अक्टूबर को जारी की गई। इसके अनुसार, खतरनाक घोषित किए गए 81 मकानों में से 55 रखरखाव श्रेणी और 26 भवन श्रेणी में आते हैं। एमसीडी ने अपने सर्वेक्षण में रखरखाव श्रेणी के तहत मरम्मत की आवश्यकता वाले 462 मकानों और भवन श्रेणी के तहत 91 घरों की पहचान की है। इनमें से 63 मकान रखरखाव श्रेणी में और 18 भवन श्रेणी में आते हैं। रिपोर्ट में यह भी दर्ज किया गया है कि 63 मकानों को सील किए जाने के साथ ही चार ऐसे मामले हैं जिनमें अदालतों ने कार्रवाई पर रोक लगा दी है और 58 मकानों को ध्वस्त कर दिया गया है। ये आंकड़े एमसीडी के विभिन्न क्षेत्रों द्वारा प्रस्तुत समेकित आंकड़ों का हिस्सा हैं। रिपोर्ट में दिल्ली गेट के पास हरिजन बस्ती में एमसीडी के कर्मचारियों के आठ आवासों के खतरनाक और जर्जर स्थिति में होने की बात भी कही गई है। इसके अनुसार, ये आवास लगभग 25 से 30 साल पहले आवंटित किए गए थे। वहीं, अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि सर्वेक्षण के दौरान भूमि उपयोग के नियमों का उल्लंघन करने वाली लगभग 21,000 संपत्तियों की पहचान की गई है इसलिए दिल्ली में आवासीय परिसरों से संचालित हो रहे कोचिंग सेंटर, रेस्तरां, किराना और मिठाई की दुकानों को सील किया जा सकता है। एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि सर्वेक्षण में शामिल करीब पांच प्रतिशत संपत्तियों का इस्तेमाल आवासीय उपयोग के लिए निर्धारित होने के बावजूद व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। अधिकारी ने कहा, “करीब चार लाख संपत्तियों का सर्वेक्षण किया गया है और इनमें से लगभग 21,000 में भूमि उपयोग के नियमों का उल्लंघन पाया गया है। इनमें आवासीय परिसरों से संचालित हो रहे कोचिंग सेंटर, रेस्तरां, किराना दुकानें, मिठाई की दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं। हम संपत्ति मालिकों को नोटिस जारी करेंगे और चरणबद्ध तरीके से उन्हें सील करने की कार्रवाई शुरू करेंगे।”यह सर्वेक्षण मार्च 2026 में उच्चतम न्यायालय के उस आदेश के बाद किया जा रहा है, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियों में स्थानीय निकायों को आवासीय संपत्तियों का अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जाने के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था। अधिकारियों ने बताया कि एमसीडी ने अफसरों को 15 दिनों के भीतर 2,400 से ज्यादा पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासों से ‘ढांचागत सुरक्षा प्रमाणपत्र’ लेने का निर्देश दिया है। नगर निकाय ने सभी 12 जोन के भवन विभागों को यह प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। साथ ही, पीजी मालिकों और संचालकों से कहा गया है कि वे एमसीडी से अधिकृत ‘निजी अवसंरचना अभियंताओं’ से अपनी इमारतों की जांच करवाएं। अधिकारियों ने कहा कि ऐसा न करने पर इमारतों को खाली करवाकर सील किया जा सकता है।
त्योहारी सीजन में भारतीय परिवारों का बढ़ेगा खर्च, जानें क्या खरीदेंगे लोग
त्योहारी सीजन में भारतीय शहरी परिवार औसतन 20,000 रुपये खर्च कर सकते हैं, जबकि ई-कॉमर्स कंपनियों ने शुरुआती दो दिनों में 24,000 करोड़ रुपये की बिक्री की है।
DMCH में शराब पार्टी! कोल्ड ड्रिंक-चखना लेकर बैठीं महिलाएं-VIDEO
बिहार के दरभंगा स्थित DMCH के इमरजेंसी बिल्डिंग के पास कथित शराब पार्टी का CCTV वीडियो वायरल हुआ है. फुटेज में तीन महिलाएं और पुरुष शराब पीते दिखाई दे रहे हैं. एक व्यक्ति के गले में अस्पताल के नाम वाला आईडी कार्ड का फीता भी नजर आ रहा है. SSP के निर्देश पर बेंता थाने में FIR दर्ज हुई है. पुलिस पूरी फुटेज खंगालकर पहचान करेगी.
सीबीआई ने रक्षा क्षेत्र की गोपनीय जानकारी साझा करने और रिश्वत लेने के आरोप में म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड (एमआईएल) के कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
15 महीने में भारतीय वायुसेना को मिले 450 Nagastra-1R ड्रोन, क्या है इस स्वदेश तकनीक की ताकत?
भारतीय सेना को सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (एसडीएएल) से रिकॉर्ड 15 महीनों में 450 स्वदेशी 'नागास्त्र-1आर' ड्रोन की पहली खेप मिली है।
शिवा शर्मा केस: पहली बार सामने आई श्रद्धा दुबे, बोली- हत्या नहीं, आत्महत्या थी
लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में 25 हजार रुपये की इनामी आरोपी श्रद्धा दुबे ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सफाई दी है. श्रद्धा ने दावा किया कि शिवा की हत्या नहीं, बल्कि आत्महत्या हुई थी. उन्होंने कहा कि वह कहीं गायब नहीं हैं और पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज कराना चाहती हैं. उन्होंने मीडिया से नेताओं और अधिकारियों के साथ नाम नहीं जोड़ने की अपील की.
फरीदाबाद में 7 हजार किलो पटाखे जब्त, बगैर लाइसेंस कर रखा था स्टॉक
फरीदाबाद के ओल्ड खेड़ी रोड पर एक गोदाम में बिना वैध परमिट के 7,270 किलो अवैध पटाखे पाए गए. पुलिस ने आरोपी हेमंत वधवा के किराए पर लिए गए गोदाम पर छापा मारा, जहां भारी मात्रा में फुलझड़ी, अनार, बम, चक्कर, स्काई शॉट, बुलेट बम और मैजिक पेपर शॉट जैसे पटाखे मिले.
कोलकाता की सड़कों पर पेंट की वजह से सड़क हादसा! TMC के आरोपों पर BJP का पलटवार
पश्चिम बंगाल के चिंगरीघाटा इलाके में सड़क पर फिसलने से दो बाइक दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद TMC और राज्य सरकार के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि सड़क पर किया गया रंग और सौंदर्यीकरण का काम CSR के जरिए कराया गया था.
चीन के साथ अपने संबंधों को नए तरीके से गढ़ रहा भारत, बोले पीयूष गोयल
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत चीन के साथ अपने संबंधों को नए तरीके से गढ़ रहा है, लेकिन इसका अंतिम अध्याय अभी लिखा जाना बाकी है।
यूनिक मर्केंटाइल इंडिया के MD राज कुमार रॉय आदिलाबाद में गिरफ्तार, निवेश धोखाधड़ी का आरोप
गुजरात की एक कंपनी से जुड़े कथित बड़े निवेश धोखाधड़ी मामले में 69 वर्षीय एक व्यक्ति को तेलंगाना के आदिलाबाद जिले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। आदिलाबाद के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अखिल महाजन ने एक बयान में बताया कि तालामाडुगु थाने में दर्ज मामले में मिली विश्वसनीय जानकारी के आधार पर पुलिस ने 13 अक्टूबर की रात ‘यूनिक मर्केंटाइल इंडिया लिमिटेड’ के प्रबंध निदेशक/पूर्णकालिक निदेशक राज कुमार रॉय को गिरफ्तार किया। महाजन ने कहा कि आरोपी ने कथित तौर पर आकर्षक निवेश योजनाओं, चिट फंड के लाभ और ऊंचे रिटर्न का वादा करके लोगों से पैसे जुटाए। शुरुआती जांच के अनुसार, इस धोखाधड़ी में तेलंगाना में सैकड़ों करोड़ रुपये शामिल हो सकते हैं और देशभर में करीब 10,000 लोग इसके शिकार हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने ‘यूनिक’ कंपनियों के नाम पर विभिन्न निवेश योजनाएं पेश कर एजेंटों के जरिये निवेशकों को आकर्षित किया। सालाना भुगतान योजनाओं, मासिक किस्तों, सावधि जमा और अन्य योजनाओं के माध्यम से रकम जुटाई गई। निवेशकों से मूल राशि के साथ अतिरिक्त लाभ देने का वादा किया गया। उन्हें जरूरत पड़ने पर अच्छी जगहों पर भूखंड उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिया गया। पुलिस ने बताया कि परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद भी कथित तौर पर वादा की गई रकम नहीं लौटाई गई और भुगतान में देरी होती रही। इसके बाद कई पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की, जिसके आधार पर मामले दर्ज किए गए। महाजन के अनुसार, आदिलाबाद जिले के विभिन्न थानों में कंपनी के खिलाफ मामले दर्ज हैं। आरोपी से पूछताछ में पता चला कि आदिलाबाद शाखा में करीब 2,000 सदस्यों से जुड़े लेन-देन की कुल राशि लगभग सात से आठ करोड़ रुपये थी। पुलिस जिले में पीड़ितों की संख्या और निवेशकों की कुल नुकसान राशि का पता लगाने के लिए आगे जांच कर रही है।
नवरात्र के 5वें दिन स्कंद माता की पूजा, जानें पूजन विधि, मंत्र और आरती
नवदुर्गा का पांचवां स्वरूप मां स्कंदमाता का है. भगवान कार्तिकेय को स्कंद नाम से भी जाना जाता है. उनकी माता होने के कारण देवी को स्कंदमाता कहा जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, देवी चार भुजाओं वाली हैं और कमल के आसन पर विराजमान रहती हैं.
रेलवे के 11.40 लाख कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस, ट्रैक मेंटेनर से लोको पायलट तक को मिलेगा लाभ
केंद्र सरकार ने दुर्गापूजा से पहले 11.40 लाख गैर-राजपत्रित रेलवे कर्मचारियों को 78 दिनों का उत्पादकता आधारित बोनस देने का ऐलान किया है।
West Bengal: बंद चाय बागानों के मजदूरों को मिलेंगे 5000 रुपये और अतिरिक्त राशन
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने चाय बागानों के बंद होने के कारण बेरोजगार हुए चाय बागान मजदूरों के प्रत्येक पात्र परिवार को त्योहारों के सीजन में 5,000 रुपये और 50 किलो चावल देने की बुधवार को घोषणा की। यह चावल उन्हें पहले से मिल रहे 35 किलो चावल के अतिरिक्त दिए जाएंगे। अधिकारी ने राज्य सचिवालय में मंत्रिमंडल की विशेष बैठक के बाद कहा कि यह लाभ दुर्गा पूजा से छठ पूजा तक दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “यह लोगों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सरकार की ओर से एक छोटा-सा कदम है। हम 60 वर्ष से कम उम्र के 19,524 मजदूरों के बैंक खातों में 5,000 रुपये भेजेंगे। प्रत्येक परिवार को 50 किलो अतिरिक्त चावल भी दिए जाएंगे।”उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है, क्योंकि इन मजदूरों को वेतन नहीं मिल रहा है और इस कारण वे बोनस पाने के पात्र नहीं हैं। अधिकारी ने बताया कि चालू चाय बागानों में काम करने वाले मजदूरों को इस साल पूजा बोनस के रूप में 20 प्रतिशत राशि दी गई है, जबकि पिछली सरकार के दौरान यह बोनस 16 प्रतिशत था। मुख्यमंत्री ने कहा कि बंद पड़े 21 चाय बागानों को दोबारा खोलने और रोजगार खो चुके मजदूरों को राहत देने के प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों में 45,185 पदों पर भर्ती को भी मंजूरी दी। अधिकारी ने कहा, “वित्त विभाग ने 45,185 पदों पर भर्ती को मंजूरी दे दी है। भर्ती प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी।”उन्होंने बताया कि कुल रिक्त पदों में से 33,199 पद स्कूल शिक्षा विभाग में भरे जाएंगे, जबकि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में 7,119 नियुक्तियां की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी शिक्षा विभाग में 1,886 अधिकारियों और लिपिकों की भर्ती की जाएगी। वहीं, पुलिस विभाग में विभिन्न पदों पर 946 रिक्तियां भरी जाएंगी। इनमें उपायुक्त, उपनिरीक्षक और महिला कांस्टेबल सहित विभिन्न पद शामिल हैं।
भाजपा ने असम में विपक्ष के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) विरोध के जवाब में जन जागरण रैलियां निकालीं।
रूस ने यूक्रेन की कई इमारतों को बनाया निशाना, देखें दुनिया की बड़ी खबरें
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के एनर्जी सीज़फायर का कोई भी असर नज़र नहीं आ रहा..रूस ने यूक्रने के कई इमारतों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जिसमें दो लोगों की मौत हुई है जबकि कई लोग घायल हुए हैं..वहीं ज़ेलेंस्की ने शांति के लिए अमेरिका को प्रस्ताव भेजा है...रिपोर्ट देखिए.
फांसी की सजा सुनाते ही जज ने कूड़ेदान में फेंका पेन! मुस्कान बनी कैदी नंबर 396
मेरठ की अदालत ने नीला ड्रम हत्याकांड में दोषी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई है. जिला और सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा ने ये फैसला सुनाया और इस दौरान उनका अनोखा अंदाज देखने को मिला. महाभारत की पंक्तियों से फैसले की शुरुआत करते हुए उन्होंने कूड़ेदान मे पेन फेंककर इसे खत्म किया.
परविंदर सिंह Jhota की हत्या के विरोध में पंजाब बंद का आह्वान, कई दलों का समर्थन
मादक पदार्थ विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने अपने बेटे की हत्या के विरोध में बृहस्पतिवार को पंजाब बंद का आह्वान किया। कांग्रेस, अकाली दल, भाजपा, अकाली दल वारिस पंजाब दे सहित कई राजनीतिक दलों, संयुक्त किसान मोर्चा और अन्य किसान संगठनों तथा राज्य सरकार के कर्मचारी संघों ने बंद को समर्थन दिया है। पंजाब के मानसा जिले में झोटा की मंगलवार को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में प्रशासन ने बुधवार को हत्या के आरोपी दवा दुकान मालिक अश्वनी कुमार के मकान का एक हिस्सा ढहा दिया। वहीं, भीड़ ने कुमार की दवा की दुकान में आग लगा दी। इससे पहले, कुमार को राजस्थान के सालासार से गिरफ्तार कर लिया गया था। झोटा के परिवार ने उनका अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। भीम सिंह ने मानसा में संवाददाताओं से बातचीत में सभी से बृहस्पतिवार को सुबह छह बजे से शाम पांच बजे तक बुलाए गए पंजाब बंद का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आपातकालीन सेवाओं को बंद से छूट दी जाएगी। भीम सिंह ने पुलिस से यह पता लगाने को कहा कि आरोपी अश्वनी कुमार ने झोटा पर गोली चलाने से पहले मोबाइल फोन पर किससे बात की थी। पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत में भीम सिंह ने कहा कि उनका इकलौता बेटा झोटा मुक्केबाज और क्रिकेट खिलाड़ी था, जो पंजाब में मादक पदार्थों के सेवन के कारण होने वाली मौतों से व्यथित होकर नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा था। उन्होंने शिकायत में आरोप लगाया कि नशे के खिलाफ अभियान के कारण उनका बेटा मानसा के मादक पदार्थ तस्करों और इस कारोबार में कथित रूप से शामिल नेताओं तथा सरकारी अधिकारियों के निशाने पर आ गया था। प्राथमिकी के मुताबिक, भीम सिंह घर से मानसा जिला अदालत में एक सेवानिवृत्त सूबेदार से मिलने जा रहे थे। उन्होंने बताया कि मिठाई की एक दुकान के पास पहुंचने पर उन्हें गोली चलने की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद भीड़ में से किसी ने चिल्लाकर कहा कि झोटा को गोली मार दी गई है। भीम सिंह के अनुसार, जब उन्होंने आगे जाकर देखा तो झोटा गली में कुमार की दुकान के बाहर खून से लथपथ हालत में दिखा। भीम सिंह ने आरोप लगाया कि जब उनका बेटा भागने लगा, तो पिस्तौल लिए कुमार ने उसका पीछा किया और उस पर गोलियां चलाईं। इससे पहले, पुलिस ने अकाली दल वारिस पंजाब दे के नेता मनप्रीत सिंह अयाली और उनके समर्थकों को जगरांव के हलवारा चौक पर उस समय हिरासत में ले लिया, जब वे झोटा के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए मानसा जा रहे थे। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने भी राज्य पुलिस पर उन्हें मानसा की ओर जाने से रोकने का आरोप लगाया।
महाभारत का जिक्र, जज की मुस्कुराहट और सजा... मेरठ कोर्ट में मुस्कान और साहिल को मिला मृत्युदंड!
मेरठ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने सौरभ हत्या मामले में मुस्कान और साहिल को मौत की सजा सुनाई. बचाव पक्ष ने कम उम्र और सुधार की उम्मीद के आधार पर उम्रकैद की मांग की, जबकि सरकारी वकील ने क्रूरता और साजिश को आधार बनाकर सजा-ए-मौत की वकालत की.
CJP प्रोटेस्ट कवर कर रहे प्लेटफॉर्म का पाक कनेक्शन, मचा विवाद
नई दिल्ली में CJP प्रदर्शनों की कवरेज कर रहे डिजिटल प्लेटफॉर्म Human Online को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया है. इंडिया टुडे की OSINT जांच में प्लेटफॉर्म के पाकिस्तान और सऊदी अरब से संचालन, पाकिस्तान में बड़ी संख्या में कर्मचारियों और सोशल मीडिया प्रोफाइल में बदलाव जैसी बातें सामने आईं.
राहुल गांधी ने क्यों कहा जंतर मंतर वापस लेंगे? देखें खबरदार
चुनाव आयोग के फैसलों और वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्ष का आंदोलन लगातार चल रहा है. राहुल गांधी ने भले ही अपने अगले कदम की जानकारी नहीं दी हो. लेकिन जंतर मंतर को लेकर उनकी तरफ से सरकार को लगातार खबरदार किया जा रहा है. आज लेफ्ट और कांग्रेस से जुड़े संगठनों का जंतर मंतर की तरफ मार्च करना हो या फिर राहुल का पुलिस की कथित बदसलूकी के शिकार NSUI के छात्रों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करना. जंतर मंतर को लेकर लड़ाई धीरे धीरे ही सही तेज होती दिखती है. देखें...
दिल्ली से राजस्थान और यूपी में अगले तीन दिन होगी बारिश, पहाड़ों पर बर्फबारी
उत्तर भारत में अगले तीन दिनों तक पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की संभावना है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई के बीच हाल में हुई फोन पर बातचीत में भारतीय नाविकों और तेल टैंकरों की सुरक्षा का मुद्दा उठा था। विदेश मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस वार्ता के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा कि दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय स्थिति और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी चर्चा की। गत 12 अक्टूबर को हुई फोन पर बातचीत में पश्चिम एशिया की मौजूदा सुरक्षा स्थिति पर मुख्य रूप से चर्चा हुई। जायसवाल से बातचीत के नतीजों के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी गई। उनसे यह भी पूछा गया कि क्या भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर हुए हमलों का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा, ‘‘ईरान में अपने समकक्ष के साथ हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की बातचीत 12 अक्टूबर को हुई थी। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव डॉ. मोहसिन रेजाई से बात की थी।’’जायसवाल ने कहा, ‘‘उन्होंने द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। इसके अलावा, क्षेत्रीय स्थिति और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श हुआ। बातचीत के दौरान भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया। साथ ही, भारतीय तेल टैंकरों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया।’’नयी दिल्ली ने इस रुख पर कायम है कि खाड़ी क्षेत्र में आम नागरिकों और बुनियादी ढांचे पर बार-बार किए जा रहे हमले “पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और इन्हें तत्काल बंद किया जाना चाहिए।”भारत ने बुधवार को सऊदी अरब में बुनियादी ढांचे पर लगातार हो रहे हमलों की निंदा की और कहा कि ये “पूरी तरह अस्वीकार्य” कृत्य तत्काल बंद होने चाहिए। नयी दिल्ली ने ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर भी चिंता जताई है। प्रस्तावित भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के बारे में पूछे जाने पर जायसवाल ने कहा कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ‘ब्लूमबर्ग न्यू इकॉनमी फोरम’ में इस मुद्दे पर अपनी बात रख चुके हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए इस मुद्दे पर बातचीत जारी रखे हुए हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो की आगामी भारत यात्रा के दौरान ए-1बी वीजा के मुद्दे और अमेरिकी उपराष्ट्रपति की हालिया टिप्पणियों को उठाए जाने संबंधी सवाल पर जायसवाल ने सिर्फ इतना कहा कि “कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा होगी।”अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा था कि रुबियो ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने के लिए अगले सप्ताह भारत आएंगे। जायसवाल से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की संभावित कनाडा यात्रा और इस यात्रा से पहले दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते के संपन्न होने की संभावना के बारे में भी पूछा गया। व्यापार समझौते पर उन्होंने कहा कि बातचीत का पांचवां दौर लगभग एक सप्ताह पहले ओटावा में हुआ था। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) के लिए प्रतिबद्ध हैं। बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद की ओर से हाल की सांप्रदायिक घटनाओं से जुड़े मुद्दे उठाए जाने के बारे में पूछे जाने पर जायसवाल ने कहा, “हमारी अपेक्षा है कि बांग्लादेशी पक्ष इन मुद्दों पर ध्यान देगा।”मंगलवार को यहां आयोजित बिम्सटेक देशों के गृह मंत्रियों की बैठक के बारे में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “इस बैठक में बिम्सटेक के सभी देशों ने भाग लिया। बैठक के बाद दिल्ली घोषणा-पत्र भी अपनाया गया, जिसमें सभी बिम्सटेक देशों ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने और धनशोधन रोधी सहयोग समेत कई क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।”उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि इस पहली वार्ता के बाद सभी सदस्य देशों के बीच सुरक्षा सहयोग और मजबूत होगा।”दिल्ली में हाल में हजारों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के संबंध में जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (ओएचसीएचआर) की टिप्पणी पर जायसवाल ने दोहराया कि यह टिप्पणी “अनुचित” थी और साथ ही “अस्वीकार्य भी, क्योंकि यह भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के समान है।”जायसवाल ने कहा कि ऐसा लगता है कि इस संगठन का दृष्टिकोण “बेहद चुनिंदा” है। उन्होंने कहा कि यदि वह इसी रास्ते पर चलता रहा, तो इससे बहुपक्षवाद में विश्वास कम होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इससे “एक संगठन के रूप में उसकी विश्वसनीयता कमजोर होती है।’’
क्या है Quantum Key Distribution प्लेटफॉर्म? DRDO ने किया सफल परीक्षण
डीआरडीओ ने ओडिशा के चांदीपुर टेस्ट रेंज में क्वांटम की डिस्ट्रिब्यूशन (QKD) प्लेटफॉर्म का सफल परीक्षण किया है।
भारत के बैंकिंग और सार्वजनिक विनिवेश के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) में प्रबंधन नियंत्रण के हस्तांतरण और बहुलांश हिस्सेदारी की रणनीतिक बिक्री के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी है। कनाडा के अरबपति निवेशक प्रेम वत्स के नेतृत्व वाले फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स (Fairfax Financial Holdings) ने बैंक की कुल 60.72% हिस्सेदारी खरीदने के लिए सबसे ऊंची वित्तीय बोली जीतकर इस ऐतिहासिक सौदे को अपने नाम किया है।यह सौदा कुल ₹52,878 करोड़ (लगभग 5.6 अरब अमेरिकी डॉलर) का है। एयर इंडिया के टाटा समूह के हाथों ₹18,000 करोड़ में हुए निजीकरण के बाद यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा रणनीतिक विनिवेश सौदा बन गया है। साथ ही, यह भारतीय बैंकिंग इतिहास का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) भी साबित हुआ है।₹81 प्रति शेयर की आकर्षक बोली: रिजर्व प्राइस से अधिक का मूल्यांकनकैबिनेट द्वारा अनुमोदित शर्तों के अनुसार, फेयरफैक्स ग्रुप की सहायक इकाई (10955230 Canada Inc.) ने ₹81 प्रति शेयर के भाव पर यह बोली लगाई है:फेयर वैल्यू से अधिक दर: स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ताओं और ट्रांजेक्शन एडवाइजर (KPMG व विधि सलाहकार) द्वारा तय किए गए ₹75.99 के आरक्षित/उचित मूल्य (Reserve/Fair Price) से यह बोली काफी ऊपर है।सफल बोली प्रक्रिया: वैश्विक वित्तीय संस्थानों और प्राइवेट इक्विटी फंड्स (एमिरेट्स एनबीडी और कोटक बैंक समर्थित कंसोर्टियम) के साथ चली बहु-चरणीय प्रतिस्पर्धी नीलामी प्रक्रिया के बाद फेयरफैक्स की बोली को वित्तीय और तकनीकी रूप से सर्वश्रेष्ठ पाया गया।हिस्सेदारी का नया ढांचा: कौन कितना बेचेगा?आईडीबीआई बैंक में वर्तमान में केंद्र सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) संयुक्त रूप से लगभग 94.7% हिस्सेदारी रखते हैं। इस रणनीतिक बिक्री के तहत दोनों अपनी हिस्सेदारी आनुपातिक रूप से बेच रहे हैं:पक्षकार (Stakeholder)पूर्व हिस्सेदारी (Pre-Deal Stake)बेची जाने वाली हिस्सेदारी (Offloaded Stake)डील के बाद बची हिस्सेदारी (Post-Deal Stake)केंद्र सरकार (Govt of India)~45.48%30.48%~15.00%भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC)~49.24%30.24%~19.00%फेयरफैक्स होल्डिंग्स (क्रेता)0.00%+60.72% (अधिग्रहित)60.72% (प्रबंधन नियंत्रण)सार्वजनिक शेयरधारक (Public)~5.28%—~5.28% (ओपन ऑफर के अधीन)विशेष नोट: इस सौदे के बाद भी केंद्र सरकार (15%) और एलआईसी (19%) की कुल मिलाकर लगभग 34% की मजबूत माइनॉरिटी हिस्सेदारी बैंक में बरकरार रहेगी, जिससे संस्थागत स्थिरता बनी रहेगी।सेबी और आरबीआई के नियम: ओपन ऑफर और प्रमोटर होल्डिंग की विशेष छूटइस मेगा सौदे को सुचारू बनाने के लिए नियामक संस्थाओं ने आवश्यक नीतिगत और प्रक्रियागत स्वीकृतियां दी हैं:आरबीआई की 'फिट एंड प्रॉपर' मंजूरी: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने फेयरफैक्स समूह की पृष्ठभूमि और वित्तीय साख की गहन जांच के बाद पहले ही 'फिट एंड प्रॉपर' क्लीयरेंस जारी कर दिया था।26% का अनिवार्य ओपन ऑफर: सेबी (SEBI) के टेकओवर कोड के नियमों के तहत, 60.72% हिस्सेदारी खरीदने के बाद फेयरफैक्स को सार्वजनिक शेयरधारकों से अतिरिक्त 26% शेयर खरीदने के लिए ₹81 प्रति शेयर या सेबी फॉर्मूले पर आधारित अनिवार्य 'ओपन ऑफर' लाना होगा।होल्डिंग डाइल्यूशन में राहत: आरबीआई के सामान्य नियमों के तहत बैंक प्रमोटरों को 15 साल में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 26% पर लानी होती है। हालांकि, आईडीबीआई बैंक के विशेष पुनर्गठन के तहत फेयरफैक्स को हिस्सेदारी कम करने के लिए एक अनुकूल और चरणबद्ध रोडमैप प्रदान किया गया है।कर्मचारियों, जमाकर्ताओं और ग्राहकों के हितों की पूरी सुरक्षाकैबिनेट ने विनिवेश समझौते (Share Purchase Agreement - SPA) में बैंक कर्मचारियों और आम जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा के लिए कड़े प्रावधान जोड़े हैं:कर्मचारियों की नौकरी और सेवा शर्तें: बैंक के मौजूदा 17,000 से अधिक नियमित कर्मचारियों के वेतनमान, पेंशन लाभ, ग्रेच्युटी और सेवा शर्तों की कम से कम 3 वर्षों तक शत-प्रतिशत गारंटी दी गई है। किसी भी तरह की अनिवार्य छंटनी (Retrenchment) पर पूर्ण रोक रहेगी।आईडीबीआई ब्रांड नाम: बैंक अगले 3 वर्षों तक 'IDBI Bank' के मूल नाम और पहचान के साथ ही संचालित होता रहेगा, ताकि ग्राहकों के बीच भरोसा कायम रहे।जमाकर्ताओं का पैसा सुरक्षित: बैंक का बैंकिंग लाइसेंस आरबीआई के शेड्यूल-II के तहत जस का तस रहेगा और सभी जमाकर्ताओं की जमा पूंजी आरबीआई व डीआईसीजीसी (DICGC) के ₹5 लाख के गारंटी इंश्योरेंस के तहत पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।बैड बैंक से प्रॉफिट मशीन बनने तक का सफरएक समय आईडीबीआई बैंक का ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) 27% के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया था और बैंक आरबीआई के त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (PCA) फ्रेमवर्क में जकड़ा हुआ था। 2019 में जब एलआईसी ने इसमें पूंजी डालकर इसे उबारा, तब से बैंक ने असाधारण टर्नअराउंड दिखाया है:आज बैंक का ग्रॉस एनपीए घटकर 3% के आसपास और नेट एनपीए 0.3% के निचले स्तर पर आ चुका है।बैंक लगातार तिमाही दर तिमाही रिकॉर्ड मुनाफा कमा रहा है और इसका कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) 22% से अधिक है।अर्थव्यवस्था और राजकोषीय घाटे पर क्या होगा असर?इस एक सौदे से केंद्र सरकार के खजाने में प्रत्यक्ष रूप से लगभग ₹26,000 से ₹27,000 करोड़ की राशि आएगी। इससे चालू वित्तीय वर्ष के विनिवेश लक्ष्य को हासिल करने और राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को नियंत्रित रखने में भारी मदद मिलेगी। साथ ही, एलआईसी को भी लगभग ₹26,000 करोड़ की लिक्विडिटी हासिल होगी, जिसका उपयोग वह अपने पॉलिसीधारकों के बोनस और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को बढ़ाने में कर सकेगी।यह डील वैश्विक निवेशकों को एक स्पष्ट संदेश देती है कि भारत में बड़े वित्तीय और संरचनात्मक सुधार अब पूरी गति से आगे बढ़ रहे हैं, जिससे देश के सार्वजनिक क्षेत्र के अन्य उपक्रमों के मूल्यांकन को भी नई ऊंचाई मिलेगी।
फिजी के उच्चायुक्त जगन्नाथ सामी ने भारत सरकार से कोलकाता, विशाखापत्तनम और चेन्नई बंदरगाहों को गिरमिटिया मजदूरों की याद में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिलाने का आग्रह किया है।
कॉकरोचों की गिरफ्तारी पर भड़के स्टालिन, मोदी सरकार को घेरा, बोले- DMK कानूनी मदद करेगी
एमके स्टालिन ने दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन करने वाले सीजेपी नेताओं की गिरफ्तारी पर केंद्र और भाजपा को घेरा है। उन्होंने कहा कि जितने ज्यादा युवाओं को जेल भेजोगे, उतने ही ज्यादा आम नागरिक सड़कों पर उतरकर तुम्हें जनता की ताकत दिखाएंगे।
परिवार के मुखिया या पति के आकस्मिक निधन के बाद जब घर दुख और मानसिक आघात से गुजर रहा होता है, उसी दौरान कई बार बैंकों और क्रेडिट कार्ड कंपनियों के रिकवरी एजेंट फोन या घर पर दस्तक देकर भारी-भरकम बकाया बिल, लेट फीस और ब्याज चुकाने का दबाव बनाने लगते हैं। एजेंट अक्सर यह कहकर परिजनों को डराते हैं कि पत्नी होने के नाते कानूनी तौर पर बिल भरना उनकी बाध्यता है, वरना कानूनी कार्रवाई की जाएगी।भारतीय कानून (Indian Law) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के अनुसार यह दावा पूरी तरह भ्रामक है। क्रेडिट कार्ड एक असुरक्षित ऋण (Unsecured Debt) की श्रेणी में आता है। सामान्य परिस्थितियों में पति की निजी देनदारियों के लिए पत्नी अपनी निजी बचत, स्त्रीधन या अपनी कमाई से बिल भरने के लिए व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी (Personally Liable) नहीं होती। हालांकि, कुछ कानूनी और संविदात्मक (Contractual) स्थितियां ऐसी हैं जहां देनदारी बनती है।किन परिस्थितियों में पत्नी को बिल चुकाना पड़ता है?स्थिति (Scenario)क्या पत्नी की देनदारी बनती है?कानूनी आधार / नियम1. पति के नाम से व्यक्तिगत कार्ड (Personal Card)व्यक्तिगत रूप से नहींकेवल पति द्वारा छोड़ी गई संपत्ति (Estate) की सीमा तक ही वसूली संभव।2. जॉइंट कार्डधारक या को-एप्लीकेंट (Co-Applicant)हाँ, 100% पूरा बिल'जॉइंट एंड सेवरल लायबिलिटी' सिद्धांत; बैंक सीधे पत्नी से वसूली कर सकता है।3. एड-ऑन कार्ड यूजर (Add-on Cardholder)नहींएड-ऑन कार्ड केवल प्राथमिक खाते से जुड़ा होता है, कानूनी देनदार प्राथमिक खाताधारक ही होता है।4. मृत्यु के बाद कार्ड का उपयोग किया गयाहाँ + आपराधिक मामलाकार्डधारक की मृत्यु के बाद स्वाइप करना कानूनन धोखाधड़ी (Fraud) माना जाता है।5. एफडी के बदले जारी सिक्योर्ड कार्ड (Secured Card)बैंक एफडी से काटेगाबैंक का फिक्स्ड डिपॉजिट पर लीन (Lien) होता है, बैंक सीधे पैसा काट लेगा।1. संपत्ति का उत्तराधिकार और धारा 50 (Civil Procedure Code)भारतीय सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) की धारा 50 और 52 स्पष्ट करती है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके अनसिक्योर्ड कर्ज की वसूली उसके द्वारा छोड़ी गई संपत्ति (Estate of the Deceased) से ही की जा सकती है:दायरे की सीमा (Limited to Inherited Assets): यदि पत्नी को पति से ₹1,00,000 की पैतृक संपत्ति, बैंक बैलेंस या शेयर विरासत में मिले हैं और क्रेडिट कार्ड का बिल ₹1,50,000 है, तो पत्नी की अधिकतम देनदारी केवल ₹1,00,000 तक ही सीमित होगी।शून्य संपत्ति = शून्य देनदारी: यदि पति के नाम पर कोई संपत्ति नहीं थी या उन्होंने कोई धन-दौलत पीछे नहीं छोड़ी है, तो पत्नी या बच्चों की देनदारी शून्य (Zero) हो जाती है। बैंक बकाया रकम को बट्टे खाते (Write-off / Bad Debt) में डालने के लिए बाध्य होता है।स्त्रीधन और निजी संपत्ति पूरी तरह सुरक्षित: बैंक कभी भी पत्नी के गहनों (स्त्रीधन), उसके अपने नाम पर खरीदे गए मकान या उसकी खुद की नौकरी/पेंशन से एक भी रुपया जबरन वसूल नहीं कर सकता।2. लाइफ इंश्योरेंस और नॉमिनी के पैसों पर बैंक का कोई हक नहींअक्सर रिकवरी एजेंट यह दबाव बनाते हैं कि पति की जीवन बीमा पॉलिसी (Term Plan या Life Insurance) से मिले क्लेम के पैसों से क्रेडिट कार्ड का बिल चुकाया जाए।कानून के तहत बीमा राशि (Insurance Proceeds) नॉमिनी की अपनी संपत्ति होती है, वह मृतक की एस्टेट का हिस्सा नहीं मानी जाती।बैंक या कोई भी साहूकार बीमा क्लेम के पैसे पर दावा (Attachment) नहीं कर सकता। पत्नी चाहे तो अपनी मर्जी से भुगतान कर सकती है, लेकिन बैंक उन्हें कानूनी रूप से विवश नहीं कर सकता।3. क्रेडिट-शील्ड इंश्योरेंस की जांच अवश्य करेंकई प्रीमियम और स्टैंडर्ड क्रेडिट कार्ड जारी करते समय बैंक कार्ड पर एक इन-बिल्ट 'क्रेडिट शील्ड' (Credit Shield) या दुर्घटना बीमा कवर प्रदान करते हैं:यदि कार्ड पर यह इंश्योरेंस एक्टिव था और कार्डधारक की मृत्यु किसी दुर्घटना या अप्रत्याशित घटना में हुई है, तो बीमा कंपनी बकाया बिल का भुगतान सीधे बैंक को करती है।इसलिए परिवार को सबसे पहले कार्ड स्टेटमेंट और वेलकम किट में यह जांचना चाहिए कि क्या खाते पर कोई इंश्योरेंस कवर मौजूद था।पेनल्टी और अतिरिक्त ब्याज से बचने के लिए तुरंत करें ये 4 कामयदि किसी परिवार में ऐसी दुखद घटना घटती है, तो बिना देर किए इन कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा करना चाहिए ताकि बैंक पेनल्टी या चक्रवृद्धि ब्याज न जोड़ता रहे:बैंक को तुरंत लिखित सूचना (Notify & Freeze): बैंक की क्रेडिट कार्ड शाखा को ईमेल और लिखित पत्र के माध्यम से मृत्यु की सूचना दें और साथ में डेथ सर्टिफिकेट (Death Certificate) की प्रति संलग्न करें।कार्ड को तत्काल ब्लॉक कराएं: बैंक से अनुरोध करें कि खाता तुरंत 'फ्रीज' (Freeze) किया जाए। सूचना देने की तारीख के बाद बैंक उस खाते पर कोई भी लेट पेमेंट चार्ज, ओवरड्यू पेनाल्टी या फाइनेंस चार्ज (ब्याज) नहीं जोड़ सकता।मृत्यु के बाद कार्ड स्वाइप बिल्कुल न करें: कई बार परिवार के सदस्य रोजमर्रा के खर्चों या अंतिम संस्कार के लिए मृतक के कार्ड या यूपीआई का इस्तेमाल जारी रखते हैं। कानूनन मृत्यु की तारीख के बाद कार्ड का एक भी लेन-देन गंभीर वित्तीय अपराध और धोखाधड़ी (BNS के तहत) माना जाता है, जिससे परिजन व्यक्तिगत रूप से फंस सकते हैं।सिबिल (CIBIL) को अपडेशन: बैंक को मृत्यु प्रमाणपत्र देने के बाद यह सुनिश्चित करें कि क्रेडिट ब्यूरो में उस खाते को 'Deceased' के रूप में मार्क किया जाए, ताकि मृतक के नाम पर पहचान की चोरी (Identity Theft) न हो सके।अवैध वसूली और धमकी मिलने पर क्या करें?आरबीआई के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि बैंक या उनके थर्ड-पार्टी रिकवरी एजेंट किसी भी मृत व्यक्ति के कानूनी उत्तराधिकारियों को धमका नहीं सकते, असभ्य भाषा का उपयोग नहीं कर सकते और सुबह 8 बजे से पहले या शाम 7 बजे के बाद कॉल या घर का दौरा नहीं कर सकते:यदि कोई रिकवरी एजेंट पत्नी या परिजनों को व्यक्तिगत संपत्ति जब्त करने की धमकी देता है, तो बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग या लिखित प्रमाण सुरक्षित रखें।सबसे पहले बैंक के नोडल अधिकारी (Principal Nodal Officer) को शिकायत भेजें।यदि 30 दिनों में समाधान न मिले, तो बिना किसी शुल्क के आरबीआई के लोकपाल (RBI Banking Ombudsman - cms.rbi.org.in) के समक्ष गैर-कानूनी उत्पीड़न की ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। बैंक पर भारी हर्जाना लगाया जा सकता है।
भारत के वित्तीय इतिहास के सबसे बड़े विनिवेश और बैंकिंग सौदों में से एक—आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) में फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स द्वारा 60.72% हिस्सेदारी खरीदे जाने को केंद्रीय कैबिनेट (CCEA) की मंजूरी मिलने के तुरंत बाद कनाडा की सरकार का बेहद अहम और सकारात्मक बयान सामने आया है। कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने द्विपक्षीय निवेश और व्यापारिक साझेदारी पर जोर देते हुए कहा है कि कनाडा पहले ही भारत में लगभग 107 अरब डॉलर (करीब ₹8.9 लाख करोड़) का भारी-भरकम पूंजी निवेश कर चुका है और आईडीबीआई बैंक सौदे की सफलता के बाद भारत में और अधिक पूंजी लगाने की अपार संभावनाएं बन गई हैं। कनाडाई व्यापार मंत्री ने विशेष रूप से बुनियादी ढांचे के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि कनाडा की कंपनियां, संस्थागत निवेशक और दिग्गज पेंशन फंड भारत की बढ़ती एविएशन और ट्रांसपोर्ट जरूरतों को पूरा करने के लिए नए हवाई अड्डे (Airports) और एक्सप्रेसवे/हाईवे नेटवर्क के निर्माण व विस्तार में बड़े पैमाने पर भागीदारी के लिए पूरी तरह तैयार हैं।प्रेम वत्स और फेयरफैक्स की सराहना: 'वे भारत में एयरपोर्ट्स बनाने में कर रहे हैं बड़ी मदद'कनाडाई व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) को दिए एक विशेष साक्षात्कार में भारतीय मूल के कनाडाई अरबपति और 'कनाडा के वॉरेन बफेट' कहे जाने वाले प्रेम वत्स की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा, हमारे मन में फेयरफैक्स और प्रेम वत्स के लिए बहुत गहरा सम्मान है कि वे भारत में किस तरह का अभूतपूर्व काम कर रहे हैं। वे भारत में विश्वस्तरीय एयरपोर्ट्स बनाने में मदद कर रहे हैं। जब आप भारत की विशाल बुनियादी ढांचागत (Infrastructure) जरूरतों को देखते हैं, तो ठीक वहीं पर कनाडाई कंपनियां, वैश्विक वित्तीय संस्थान और पेंशन फंड्स सबसे आगे बढ़कर काम कर रहे हैं। गौरतलब है कि प्रेम वत्स की अगुवाई वाली फेयरफैक्स इंडिया ने देश के सबसे व्यस्त और आधुनिक हवाई अड्डों में शुमार बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (KIA) में बहुलांश हिस्सेदारी खरीदकर उसके विश्वस्तरीय टर्मिनल-2 के विस्तार में केंद्रीय भूमिका निभाई थी। अब आईडीबीआई बैंक का मालिकाना हक मिलने के बाद यह कनाडाई समूह भारत के वित्तीय और एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों में एक प्रमुख धुरी बनकर उभरा है।₹52,878 करोड़ की आईडीबीआई डील: बैंकिंग सेक्टर में अब तक का सबसे बड़ा एफडीआईकेंद्र सरकार की आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने आईडीबीआई बैंक में सरकार की 30.48% और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की 30.24% हिस्सेदारी—कुल मिलाकर 60.72% इक्विटी—कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स की सहायक इकाई (10955230 Canada Inc.) को बेचने के प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगाई है।सौदा मूल्य: फेयरफैक्स ने ₹81 प्रति शेयर की दर से बोली लगाई है, जो मूल्यांकन एजेंसियों द्वारा तय ₹75.99 के फेयर वैल्यू बेंचमार्क से अधिक है। पूरे सौदे का मूल्य ₹52,878 करोड़ (लगभग 5.6 अरब अमेरिकी डॉलर) बैठता है।ऐतिहासिक मील का पत्थर: यह एयर इंडिया की टाटा समूह द्वारा ₹18,000 करोड़ में की गई खरीद के बाद भारत के विनिवेश इतिहास का सबसे बड़ा रणनीतिक सौदा है, साथ ही भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) भी है।सरकार और एलआईसी की मौजूदगी बरकरार: इस विनिवेश के बाद भी बैंक में एलआईसी की लगभग 19% और केंद्र सरकार की करीब 15% हिस्सेदारी बनी रहेगी, जबकि फेयरफैक्स अगले तीन वर्षों तक बैंक का मूल नाम 'IDBI Bank' ही बरकरार रखेगी।107 अरब डॉलर का निवेश: भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर और कनाडाई पेंशन फंड्स का गठबंधनकनाडाई व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने रेखांकित किया कि भारत और कनाडा की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक (Complementary) हैं। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है जिसे अगले दशक में सड़कों, लॉजिस्टिक्स हब, नवीकरणीय ऊर्जा और हवाई अड्डों के निर्माण के लिए खरबों डॉलर की दीर्घकालिक पूंजी की दरकार है। दूसरी ओर, कनाडा के पास दुनिया के सबसे बड़े, सुरक्षित और परिपक्व पेंशन फंड्स (जैसे CPPIB, CDPQ, OTPP, OMERS) मौजूद हैं, जो लंबी अवधि के रिटर्न के लिए स्थिर और विश्वसनीय बाजारों की तलाश में रहते हैं। सिद्धू ने जोर देकर कहा कि 107 अरब डॉलर के मौजूदा निवेश के बावजूद इसमें आगे और भारी विस्तार की असीम गुंजाइश है। कनाडाई फंड्स पहले से ही भारत के नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF), टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर (TOT) नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स और पावर ग्रिड्स में अरबों डॉलर लगा चुके हैं और अब वे नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों के निजीकरण टेंडरों में बोली लगाने को लेकर बेहद उत्साहित हैं।कूटनीतिक तल्खी के बीच कारोबारी कूटनीति: आर्थिक रिश्तों की मजबूती का संदेशआईडीबीआई बैंक सौदे को मिली कैबिनेट मंजूरी और कनाडाई व्यापार मंत्री का यह बयान भू-राजनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले कुछ महीनों के दौरान नई दिल्ली और ओटावा के बीच कूटनीतिक तनाव के बावजूद जमीनी व्यापारिक और कॉरपोरेट रिश्तों में कोई ठहराव नहीं आया है। कनाडाई मंत्री का यह बयान स्पष्ट करता है कि वैश्विक संस्थागत निवेशक भारत की विकास गाथा (India Growth Story), आर्थिक स्थिरता और नीतिगत सुधारों को राजनीतिक बयानों से कहीं ऊपर रखकर देखते हैं।भारतीय उड्डयन और एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में नए निवेश के द्वारभारत सरकार की 'उड़ान' (UDAN) योजना और अगले 5 से 10 वर्षों में देश भर में 100 से अधिक नए एयरपोर्ट्स और वाटरड्रोम विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना के बीच कनाडाई एक्सपर्टीज की एंट्री बेहद अहम होगी। कनाडाई इंजीनियरिंग, एविएशन मैनेजमेंट और वित्तीय मॉडल का उपयोग अब टियर-2 और टियर-3 शहरों के आधुनिक एयरपोर्ट टर्मिनलों, एयर कार्गो हब्स और ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स के निर्माण में देखने को मिल सकता है। फेयरफैक्स और आईडीबीआई के इस गठबंधन ने साबित कर दिया है कि भारत का वित्तीय व ढांचागत क्षेत्र विदेशी निवेशकों के लिए दुनिया का सबसे पसंदीदा और सुरक्षित गंतव्य बना हुआ है।
धुरंधर में रणवीर या एनिमल में रणबीर, कौन अच्छा? सलमान खान ने बताया
'कॉफी विद करण' के आखिरी सीजन में सलमान खान पहले गेस्ट बने. बातचीत के दौरान, सलमान ने बताया कि वह 'धुरंधर' में रणवीर सिंह की परफॉर्मेंस की तुलना 'एनिमल' में रणबीर कपूर की परफॉर्मेंस से क्यों नहीं करेंगे.
'असहमति अधिकार है मगर संस्थाओं को कमजोर करना नहीं', हार्वर्ड से जुड़े 44 विद्वानों ने जारी किया बयान
हार्वर्ड से जुड़े 44 भारतीय विद्वानों ने भारत की संवैधानिक संस्थाओं पर बिना सबूत के हो रहे हमलों की निंदा की है।
दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में महंगाई को 2% के लक्ष्य तक सीमित करने की अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) की कवायदों को एक बार फिर झटका लगा है। अमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो (Bureau of Labor Statistics - BLS) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, सितंबर महीने में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित वार्षिक खुदरा महंगाई दर 3.7% दर्ज की गई है।बाजार विश्लेषक और अर्थशास्त्री उम्मीद कर रहे थे कि मौद्रिक सख्ती के चलते मुद्रास्फीति में और नरमी देखने को मिलेगी और यह घटकर 3.6% पर आ जाएगी। हालांकि, यह उम्मीदों से अधिक रही और पिछले महीने के 3.7% के स्तर पर ही टिकी रही। महीने-दर-महीने (Month-on-Month) आधार पर सीपीआई में 0.4% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो यह स्पष्ट संकेत देता है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति का दबाव अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है।गैसोलीन और ऊर्जा की कीमतों में 9.1% का भारी उछाल बना मुख्य कारकसितंबर महीने में मुद्रास्फीति के ऊंचे स्तर पर बने रहने के पीछे सबसे बड़ा योगदान ऊर्जा क्षेत्र, विशेषकर ऑटोमोबाइल ईंधन यानी गैसोलीन (Gasoline) का रहा है:गैसोलीन इंडेक्स में उछाल: महीने-दर-महीने आधार पर गैसोलीन की कीमतों में 9.1% की तेज छलांग दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई तेजी का सीधा असर अमेरिकी गैस स्टेशनों पर देखा गया।ऊर्जा सूचकांक का समग्र असर: ऊर्जा सूचकांक (Energy Index) में कुल मिलाकर 5.6% की मासिक वृद्धि हुई, जिसने हेडलाइन सीपीआई को नीचे आने से रोक दिया।शेल्टर और हाउसिंग कॉस्ट: आवास की लागत (Shelter Index) में भी लगातार वृद्धि जारी रही और यह मासिक आधार पर 0.6% बढ़ी। आवास लागत का कुल सीपीआई बास्केट में एक-तिहाई से अधिक वेटेज होता है, जिसके चलते किराए की ऊंची दरों ने भी महंगाई को सहारा दिया।कोर सीपीआई (Core CPI) 4.1% पर फिसला: थोड़ी राहत, लेकिन चिंता बरकरारहेडलाइन महंगाई के उलट, अधिक अस्थिर माने जाने वाले खाद्य (Food) और ऊर्जा (Energy) घटकों को अलग करके देखे जाने वाले कोर सीपीआई (Core CPI) में मामूली नरमी देखी गई:वार्षिक आधार पर कोर मुद्रास्फीति अगस्त के 4.3% से घटकर 4.1% पर आ गई, जो सितंबर 2021 के बाद का सबसे निचला स्तर है।मासिक आधार पर कोर सीपीआई में 0.3% की बढ़त दर्ज हुई।कोर इन्फ्लेशन में गिरावट इस बात का संकेत है कि सर्विस सेक्टर और मैन्युफैक्चरिंग गुड्स की कीमतों में अत्यधिक उछाल पर कुछ हद तक ब्रेक लगा है, लेकिन सेवा क्षेत्र में मजदूरी और किराए की लागत अभी भी फेड के सहज स्तर से काफी ऊपर बनी हुई है।यूएस मुद्रास्फीति: प्रमुख आंकड़े एक नजर मेंपैरामीटर (Index Component)वार्षिक बदलाव (YoY Change)मासिक बदलाव (MoM Change)मुख्य प्रभावहेडलाइन सीपीआई (All Items CPI)3.7%+0.4%अनुमान (3.6%) से अधिक, उच्च स्तर पर स्थिरकोर सीपीआई (Core CPI - Ex Food & Energy)4.1%+0.3%दो साल के निचले स्तर पर, नरमी जारीगैसोलीन इंडेक्स (Gasoline)+3.0% (YoY)+9.1%ऊर्जा क्षेत्र में सबसे बड़ी मासिक छलांगऊर्जा सूचकांक (Energy Index)-0.5% (YoY)+5.6%कच्चे तेल की तेजी से मासिक उछालशेल्टर इंडेक्स (आवास लागत)+7.2% (YoY)+0.6%कोर बास्केट में सबसे मजबूत घटकफेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति: 'हायर फॉर लॉन्गर' (Higher for Longer) का खतराइस डेटा ने अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के नीति-निर्माताओं के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है:ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी का जोखिम: फेड पहले ही अपनी बेंचमार्क नीतिगत दरों को 22 साल के उच्चतम स्तर (5.25% - 5.50%) पर ले जा चुका है। यदि ऊर्जा और सेवाओं की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो फेड वर्ष के अंत से पहले दरों में 25 बेसिस प्वाइंट्स (bps) की एक और बढ़ोतरी करने पर विचार कर सकता है।कटौती की संभावना टली: वॉल स्ट्रीट और वैश्विक वित्तीय बाजारों को उम्मीद थी कि 2024 के मध्य तक फेड ब्याज दरों में कटौती का सिलसिला शुरू कर सकता है। लेकिन 3.7% की चिपचिपी महंगाई (Sticky Inflation) यह संदेश देती है कि दरें लंबे समय तक उच्च स्तर पर (Higher for Longer) बनी रहेंगी।यूएस बॉन्ड यील्ड में तेजी: इस आंकड़े के आने के बाद अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड में मजबूती देखी गई, जिससे डॉलर इंडेक्स (DXY) को भी समर्थन मिला।भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर क्या होगा इसका असर?अमेरिकी मुद्रास्फीति में आई तेजी का सीधा प्रभाव भारत सहित सभी उभरते बाजारों पर पड़ता है:विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली: अमेरिका में बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरें ऊंची रहने पर विदेशी निवेशक भारतीय इक्विटी बाजारों से मुनाफावसूली कर सुरक्षित अमेरिकी डेट मार्केट की ओर रुख करते हैं, जिससे घरेलू शेयर बाजारों (Sensex और Nifty) में अस्थिरता बढ़ सकती है।रुपये पर दबाव: मजबूत डॉलर के चलते भारतीय रुपये (INR) की विनिमय दर पर दबाव बना रह सकता है, जिससे भारत का कच्चा तेल और इलेक्ट्रॉनिक्स आयात महंगा होने का जोखिम रहता है।आरबीआई (RBI) का रुख: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने हालिया मौद्रिक समीक्षा में रेपो रेट को 6.50% पर यथावत रखा है। हालांकि, यदि फेड लंबे समय तक दरों को ऊंचा रखता है और कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें $90 प्रति बैरल के आसपास बनी रहती हैं, तो भारत में भी केंद्रीय बैंक को अपनी दरों में कटौती की योजना को लंबे समय के लिए टालना पड़ सकता है।
नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आसाराम की याचिका पर 17 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आसाराम की दोषसिद्धि के खिलाफ अपील पर 17 नवंबर को सुनवाई करेगा।
कोलकाता में हाल में रंगी गई सड़क पर फिसले बाइक सवार, सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
दुर्गा पूजा से पहले कोलकाता में हाल में रंगी गई एक सड़क पर मोटरसाइकिल सवारों के फिसलने के वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इसके बाद वाहन चालकों और पर्यावरणविदों ने सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
'ये घड़ियाली आंसू क्यों...', IDBI पर अखिलेश ने घेरा तो निर्मला ने दिया जवाब
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर यूपीए सरकार के दौरान बैंकों की खराब स्थिति को लेकर सवाल उठाए है.
इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में स्मार्ट टीवी, स्मार्ट बल्ब और वाई-फाई से चलने वाले रेफ्रिजरेटर हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा बन चुके हैं। घरों में दूध व सब्जियों की ताजगी ट्रैक करने वाले स्मार्ट फ्रिज से लेकर रिलायंस रिटेल, बिगबास्केट, वॉलमार्ट और बड़े सुपरमार्केट्स के तापमान-नियंत्रित कमर्शियल कोल्ड-स्टोरेज तक—सब कुछ क्लाउड और इंटरनेट नेटवर्क से जुड़े हैं।हालिया अंतरराष्ट्रीय साइबर सुरक्षा रिपोर्टों और एथिकल हैकर्स के शोध में यह चिंताजनक खुलासा हुआ है कि हैकर्स अब केवल बैंक खातों, डाटा सेंटरों या रक्षा तंत्र को ही निशाना नहीं बना रहे, बल्कि असुरक्षित स्मार्ट अप्लायंसेज और कमर्शियल कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर पर कब्जा कर अरबों डॉलर की वैश्विक खाद्य आपूर्ति (Food Supply Chain) को भारी आर्थिक क्षति पहुंचाने की नई रणनीति तैयार कर रहे हैं।1. कैसे काम करती है स्मार्ट फ्रिज और कोल्ड चेन की हैकिंग?हैकर्स किसी उपकरण को भौतिक रूप से छूने के बजाय सॉफ्टवेयर की कमजोरियों (Vulnerabilities) का फायदा उठाते हैं:डिफ़ॉल्ट पासवर्ड और कमजोर वाई-फाई: अधिकांश घरों और छोटे सुपरमार्केट्स में लगे स्मार्ट उपकरणों के डिफ़ॉल्ट एडमिन पासवर्ड (जैसे admin/admin या 123456) कभी बदले नहीं जाते। हैकर्स ऑटोमेटेड बॉट्स की मदद से नेटवर्क स्कैन कर इन उपकरणों में आसानी से सेंध लगा लेते हैं।तापमान नियंत्रण (Thermostat Tampering): यदि हैकर्स किसी सुपरमार्केट या मीट/डेयरी वेयरहाउस के इंडस्ट्रियल कूलिंग सिस्टम का कंट्रोल हासिल कर लें, तो वे रात के समय तापमान को चुपचाप -18C से बढ़ाकर +8C कर सकते हैं। तापमान में यह अदृश्य बदलाव भारी मात्रा में दूध, आइसक्रीम, मांस और फ्रोजन फूड को पूरी तरह सड़ा देगा, जिससे एक ही झटके में करोड़ों रुपये की इन्वेंट्री नष्ट हो जाएगी।असुरक्षित फर्मवेयर अपडेट्स: कई सस्ते या तीसरी श्रेणी के IoT उपकरण बनाने वाली कंपनियां नियमित सुरक्षा पैच (Security Patches) जारी नहीं करतीं, जिससे वे लंबे समय तक साइबर हमलों के लिए खुले रहते हैं।2. अरबों डॉलर के बाजार को कैसे लग सकता है झटका?इस तरह के हमलों का प्रभाव केवल खराब सब्जियों या दूध तक सीमित नहीं रहता; इसके बड़े व्यापक आर्थिक और स्वास्थ्य जोखिम हैं:व्यापक फूड स्पॉइलेज और वित्तीय नुकसान: वैश्विक स्तर पर ताजे फल, सब्जियां, डेयरी और फार्मास्यूटिकल उत्पाद (जैसे इंसुलिन और टीके) पूरी तरह 'कोल्ड चेन' पर निर्भर हैं। यदि आपूर्ति श्रृंखला के केंद्रीय फ्रीजर नेटवर्क पर हमला होता है, तो कंपनियों को अरबों डॉलर का प्रत्यक्ष माल नुकसान और रीकॉल लागत वहन करनी पड़ेगी।फूड पॉइजनिंग और सार्वजनिक स्वास्थ्य आपदा: यदि सड़े हुए या खराब तापमान में रखे गए उत्पाद बिना पकड़े सुपरमार्केट की अलमारियों से आम घरों तक बिक गए, तो यह बड़े पैमाने पर बैक्टीरिया संक्रमण (जैसे साल्मोनेला या ई. कोलाई) और स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकता है।'मिराई' जैसा विशाल बॉटनेट हमला (DDoS Attacks): साइबर अपराधी केवल फ्रिज को गर्म करने के लिए हैक नहीं करते, बल्कि लाखों स्मार्ट उपकरणों को आपस में जोड़कर एक शक्तिशाली 'ज़ोंबी आर्मी' (बॉटनेट) बनाते हैं। इसके जरिए वित्तीय संस्थानों, शेयर बाजारों या ई-कॉमर्स पोर्टल्स पर भारी ट्रैफिक भेजकर उनके सर्वर क्रैश (DDoS) करा दिए जाते हैं।रैंसमवेयर ब्लैकमेलिंग: सुपरमार्केट और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के तापमान सेंसर लॉक करके हैकर्स लाखों डॉलर की फिरौती (Ransomware) मांग सकते हैं—पैसे दो, वरना आपके सभी 50 स्टोर्स का कोल्ड स्टोरेज बंद कर देंगे।3. घरेलू उपभोक्ता के लिए क्या खतरे हैं?घरेलू स्तर पर लगा स्मार्ट फ्रिज आपके निजी डेटा के लिए एक 'चोर दरवाजा' साबित हो सकता है:होम नेटवर्क में घुसपैठ: यदि हैकर फ्रिज में घुस गया, तो वह उसी वाई-फाई राउटर से जुड़े आपके लैपटॉप, मोबाइल फोन और पर्सनल कंप्यूटर तक पहुंच सकता है।बैंकिंग और पासवर्ड चोरी: एक ही नेटवर्क पर होने के कारण अनएन्क्रिप्टेड डेटा पैकेट्स को इंटरसेप्ट कर वित्तीय क्रेडेंशियल्स चुराए जा सकते हैं।स्मार्ट डिस्प्ले व कैमरों की जासूसी: प्रीमियम स्मार्ट फ्रिज में इन-बिल्ट कैमरे और माइक्रोफोन होते हैं जो यह देखते हैं कि अंदर क्या सामान बचा है। हैक होने पर यह आपकी निजी बातचीत और रसोई की गतिविधियों की निगरानी का जरिया बन सकता है।4. साइबर हमलों से बचाव के लिए जरूरी सुरक्षा नियमस्मार्ट होम डिवाइसेज और कमर्शियल कोल्ड-स्टोरेज को सुरक्षित रखने के लिए विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए प्रमुख उपाय:स्तरआवश्यक सुरक्षा कदमघरेलू उपयोगकर्ता• स्मार्ट फ्रिज और सभी IoT उपकरणों के लिए राउटर में अलग 'Guest Network' बनाएं, ताकि लैपटॉप-मोबाइल अलग रहें।• डिफ़ॉल्ट यूजरनेम और पासवर्ड तुरंत बदलकर मजबूत अल्फान्यूमेरिक पासवर्ड रखें।ऑटो-फर्मवेयर अपडेट हमेशा ऑन रखें।सुपरमार्केट / कॉर्पोरेट चेन• महत्वपूर्ण कूलिंग कंट्रोल्स को पब्लिक इंटरनेट से पूरी तरह अलग (Air-Gapped) रखें।• रियल-टाइम तापमान अलर्ट के लिए एनालॉग या स्वतंत्र नॉन-इंटरनेट बैकअप अलार्म लगाएं।• नियमित तौर पर नेटवर्क पेनेट्रेशन टेस्टिंग (VAPT) करवाएं।स्मार्ट तकनीक ने निश्चित रूप से जीवन और व्यापार को सुगम बनाया है, लेकिन बिना बुनियादी साइबर सुरक्षा के इंटरनेट से जुड़े उपकरण किसी भी समय घर की रसोई या बड़े सुपरमार्केट को साइबर युद्ध का मैदान बना सकते हैं। सतर्कता और नेटवर्क सेग्रीगेशन ही इस डिजिटल खतरे की सबसे मजबूत काट है।
त्योहारी सीजन में अत्यधिक खरीदारी, अचानक आए मेडिकल खर्च या गलत बजट योजना के चलते जब महीने के अंत में क्रेडिट कार्ड का बिल उम्मीद से कहीं ज्यादा आ जाता है, तो अधिकांश उपभोक्ताओं के हाथ-पांव फूल जाते हैं। बैंक अक्सर ऐसे समय पर मोबाइल ऐप और एसएमएस के जरिए आकर्षक ऑफर भेजते हैं—अपने ₹1 लाख के बिल को मात्र ₹9,200 की आसान ईएमआई में बदलें।पहली नजर में यह फौरी राहत लगती है क्योंकि एकमुश्त भारी रकम चुकाने का दबाव खत्म हो जाता है। लेकिन क्या यह वास्तव में आपकी वित्तीय स्थिति को सुधारता है या आपको कर्ज के एक लंबे चक्रव्यूह में धकेल देता है? इसका सीधा जवाब इस बात पर निर्भर करता है कि आप इसकी तुलना किससे कर रहे हैं: 'मिनिमम अमाउंट ड्यू' (MAD) के खतरनाक ट्रैप के मुकाबले ईएमआई एक बेहतर विकल्प है, लेकिन बिना सोचे-समझे इसे चुनना आपकी जेब पर अतिरिक्त ब्याज और जीएसटी का भारी बोझ डालता है।तीन रास्तों का तुलनात्मक गणित: ₹1,00,000 के बकाया बिल पर क्या होगा असर?मान लीजिए कि आपके क्रेडिट कार्ड पर ₹1,00,000 का आउटस्टैंडिंग बिल है और आपके पास इसे एकमुश्त चुकाने के पैसे नहीं हैं:विकल्प (Scenario)ब्याज दर (APR)मासिक भुगतानचुकाने में लगने वाला समयकुल ब्याज व अतिरिक्त खर्चकुल जेब से गया पैसा1. मिनिमम ड्यू (5%) भरना36% - 42% सालानाघटता हुआ (शुरुआत में ₹5,000)10 से 14 वर्ष₹1.8 लाख से ₹2.2 लाख₹2.8 लाख से ₹3.2 लाख2. 12 महीने की EMI में बदलना14% - 18% सालानास्थिर (~₹9,100/माह)1 वर्ष (12 महीने)₹8,500 - ₹10,500 + GST₹1.10 लाख - ₹1.12 लाख3. पर्सनल लोन / बैलेंस ट्रांसफर11% - 13% सालानास्थिर (~₹8,850/माह)1 वर्ष (12 महीने)₹6,100 - ₹7,200 + शुल्क₹1.06 लाख - ₹1.07 लाख1. 'मिनिमम अमाउंट ड्यू' (MAD) क्यों है सबसे खतरनाक चक्रव्यूह?जब आप बिल का केवल न्यूनतम हिस्सा (लगभग 5%) भरते हैं, तो बैंक केवल आपसे लेट पेमेंट पेनाल्टी नहीं लेता, लेकिन:ब्याज-मुक्त अवधि (Grace Period) तुरंत समाप्त: कार्ड पर मिलने वाली 45-50 दिन की फ्री क्रेडिट अवधि खत्म हो जाती है।दैनिक चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest): बकाया ₹95,000 पर पहले दिन से 3.5% प्रति माह (यानी 42% सालाना) की दर से ब्याज लगना शुरू हो जाता है।नए खर्चों पर तुरंत ब्याज: इसके बाद जब भी आप कार्ड से ₹100 की चाय या पेट्रोल भी भरवाते हैं, उस पर भी स्वाइप की तारीख से ही 42% का ब्याज मीटर चालू हो जाता है।इस लिहाज से, यदि आप मिनिमम ड्यू और ईएमआई की तुलना करें, तो बिल को ईएमआई में बदलना निश्चित रूप से 10 गुना बेहतर और सस्ता है।2. ईएमआई में बदलने के छुपे हुए खर्च (Hidden Costs)राहत दिखने के बावजूद क्रेडिट कार्ड ईएमआई पूरी तरह मुफ्त नहीं होती। इसमें बैंक कई तरह के छिपे हुए शुल्क वसूलते हैं:प्रोसेसिंग फीस (Processing Fee): बिल को ईएमआई में बदलने पर बैंक 1% से 2.5% (या न्यूनतम ₹199 से ₹999) की वन-टाइम प्रोसेसिंग फीस लेते हैं।ब्याज पर 18% जीएसटी: हर महीने कटने वाली ईएमआई में जो ब्याज का हिस्सा होता है, उस पर सरकार का 18% जीएसटी अलग से जुड़ता है। यदि महीने का ब्याज ₹1,200 है, तो ₹216 का अतिरिक्त जीएसटी बैंक आपके खाते से काटेगा।क्रेडिट लिमिट ब्लॉक होना: यदि आपकी कुल क्रेडिट लिमिट ₹1.5 लाख है और आपने ₹1 लाख को ईएमआई में बदल दिया, तो आपकी उपलब्ध लिमिट घटकर मात्र ₹50,000 रह जाएगी। जैसे-जैसे आप ईएमआई भरते जाएंगे, लिमिट धीरे-धीरे बहाल होगी।फोरक्लोजर/प्री-पेमेंट चार्ज: यदि 3 महीने बाद आपके पास कहीं से पैसा आ जाता है और आप पूरी ईएमआई एकमुश्त बंद कराना चाहते हैं, तो बैंक बकाया मूलधन पर 2% से 3% का प्रीक्लोजर चार्ज वसूलते हैं।3. सिबिल स्कोर (CIBIL Score) पर क्या असर पड़ता है?डिफ़ॉल्ट से बचाव: यदि आप बिल्कुल भी भुगतान नहीं करेंगे, तो बैंक 30 से 90 दिनों में आपके खाते को 'ओवरड्यू' या 'एनपीए' घोषित कर देगा, जिससे सिबिल स्कोर 100 से 150 अंक तक गिर सकता है। ईएमआई कराने से आपका खाता 'स्टैंडर्ड' बना रहता है और स्कोर क्रैश होने से बच जाता है।क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो (CUR) पर दबाव: चूंकि ईएमआई के चलते आपकी क्रेडिट लिमिट लंबे समय तक लॉक रहती है, आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन 60-80% के पार दिख सकता है, जो अल्पावधि में सिबिल स्कोर को 15-20 अंक तक दबाकर रख सकता है।कर्ज के जाल से बाहर निकलने का 4-चरणीय एक्शन प्लानयदि आप वर्तमान में क्रेडिट कार्ड के भारी बिल से जूझ रहे हैं, तो तुरंत इन कदमों को क्रमवार अपनाएं:कार्ड का इस्तेमाल तुरंत बंद करें: सबसे पहले उस कार्ड से ऑनलाइन शॉपिंग, ऑटो-डेबिट और स्वाइपिंग पूरी तरह रोक दें। जब तक पुराना कर्ज शून्य न हो जाए, कार्ड को अलमारी में बंद रखें।कार्यकाल (Tenure) छोटा चुनें: यदि ईएमआई करा रहे हैं, तो 24 या 36 महीने के बजाय 6 से 12 महीने का विकल्प चुनें। समय जितना लंबा होगा, आप ब्याज और जीएसटी के रूप में उतना ही ज्यादा पैसा गंवाएंगे।सस्ता पर्सनल लोन या गोल्ड लोन तलाशें: यदि आपका क्रेडिट स्कोर 750+ है, तो अपने सैलरी खाते वाले बैंक से 11-12% ब्याज दर पर प्री-एप्रूव्ड पर्सनल लोन लेकर क्रेडिट कार्ड का बिल एक ही दिन में शून्य कर दें। इससे 18% की क्रेडिट कार्ड ईएमआई और जीएसटी दोनों की बचत होगी।0% बैलेंस ट्रांसफर कार्ड का विकल्प: कुछ बैंक अन्य बैंकों के क्रेडिट कार्ड बकाया को अपने कार्ड पर 60 से 90 दिनों के लिए 0% या नाममात्र ब्याज पर ट्रांसफर करने की सुविधा देते हैं। इस अवधि का इस्तेमाल मूलधन तेजी से चुकाने में करें।
सुप्रीम कोर्ट ने रूस-यूक्रेन युद्ध में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों के परिवारों को मुआवजा दिलाने के लिए विदेश मंत्रालय को सार्वजनिक नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।
यदि आपके पास ₹2,50,000 की एकमुश्त पूंजी है और आप बिना किसी बाजार जोखिम के 5 साल की अवधि के लिए सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न चाहते हैं, तो दो पारंपरिक साधन सबसे लोकप्रिय हैं—बैंक की 5-वर्षीय फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और डाकघर की राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र (NSC)। दोनों ही योजनाओं में भारत सरकार या आरबीआई का सुरक्षा कवच मिलता है, लेकिन जब बात मैच्योरिटी पर मिलने वाले शुद्ध पैसे (Net Return) और ब्याज के कंपाउंडिंग की आती है, तो दोनों के बीच एक स्पष्ट अंतर नजर आता है।5 साल बाद मैच्योरिटी का सीधा हिसाब: ₹2,50,000 का निवेशतुलनात्मक मापदंडनेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)शीर्ष बैंक 5-वर्षीय FD (उदा. SBI/HDFC)वर्तमान ब्याज दर7.70% वार्षिक6.50% - 7.00% वार्षिककंपाउंडिंग फ्रीक्वेंसीसालाना कंपाउंडिंग (वार्षिक चक्रवृद्धित)तिमाही कंपाउंडिंग (Quarterly Compounding)मूलधन (Principal)₹2,50,000₹2,50,000 (सामान्य 6.75% दर पर)5 साल में कुल अर्जित ब्याज₹1,12,259₹99,4445 साल बाद कुल मैच्योरिटी राशि₹3,62,259₹3,49,444सीधा मुनाफा अंतर₹12,815 ज्यादा—नोट: वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के लिए बैंक 5-वर्षीय एफडी पर 0.50% से 0.75% अतिरिक्त ब्याज (लगभग 7.25% से 7.50%) देते हैं, जिससे उनकी एफडी की मैच्योरिटी लगभग ₹3.58 लाख से ₹3.62 लाख के करीब पहुंचती है।1. नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) के बड़े फायदेउच्च ब्याज दर: केंद्र सरकार की इस लघु बचत योजना पर वर्तमान में 7.7% वार्षिक ब्याज दर मिल रही है, जो अधिकांश बड़े सरकारी और निजी बैंकों की 5-वर्षीय एफडी दरों से 0.70% से 1.20% तक अधिक है।सॉवरेन गारंटी (शून्य जोखिम): यह योजना सीधे भारत सरकार द्वारा समर्थित है, इसलिए इसमें जमा आपकी पूरी पूंजी (मूलधन + ब्याज) शत-प्रतिशत सुरक्षित है।कोई टीडीएस नहीं (No TDS at Source): एनएससी की मैच्योरिटी पर पोस्ट ऑफिस द्वारा कोई टीडीएस (TDS) नहीं काटा जाता। पूरा पैसा सीधे आपके बचत खाते में ट्रांसफर होता है।2. बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के पहलूतिमाही कंपाउंडिंग: बैंक एफडी का एक फायदा यह होता है कि इसमें ब्याज हर तीन महीने (Quarterly) पर चक्रवृद्धित होता है, लेकिन ब्याज दर कम होने के कारण यह एनएससी की 7.7% की दर की बराबरी नहीं कर पाती।टीडीएस कटौती: यदि किसी वित्तीय वर्ष में आपका एफडी ब्याज ₹40,000 (वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹50,000) से अधिक होता है, तो बैंक नियमानुसार 10% टीडीएस काट लेता है।डीआईसीजीसी बीमा सीमा: बैंक एफडी पर डीआईसीजीसी (DICGC) के तहत अधिकतम ₹5 लाख तक की ही सुरक्षा गारंटी होती है।इनकम टैक्स और धारा 80C का पेच: कहां मिलेगी टैक्स छूट?यदि आप पुरानी कर व्यवस्था (Old Tax Regime) के तहत टैक्स फाइल करते हैं, तो दोनों विकल्पों में धारा 80C का लाभ मिलता है, लेकिन ब्याज पर टैक्स के नियम थोड़े भिन्न हैं:निवेश पर छूट:₹2.5 लाख में से ₹1.5 लाख तक का निवेश धारा 80C के तहत टैक्स कटौती के लिए पात्र है (चाहे वह 5-वर्षीय टैक्स सेवर एफडी हो या एनएससी)। शेष ₹1 लाख पर कोई 80C छूट नहीं मिलेगी।अर्जित ब्याज पर टैक्स का अनोखा नियम (NSC का री-इन्वेस्टमेंट एडवांटेज):बैंक एफडी: हर साल अर्जित होने वाला ब्याज आपकी आय (Income from Other Sources) में जुड़ता है और आपके संबंधित टैक्स स्लैब के अनुसार पूरी तरह कर योग्य होता है।एनएससी: एनएससी में पहले 4 वर्षों तक हर साल जमा होने वाला ब्याज चूंकि बाहर नहीं निकाला जाता, बल्कि दोबारा निवेश (Re-invest) हो जाता है, इसलिए वह ब्याज भी धारा 80C की ₹1.5 लाख की सीमा के भीतर कटौती के रूप में क्लेम किया जा सकता है (यदि आपकी 80C की लिमिट खाली है)। केवल 5वें वर्ष का ब्याज पूरी तरह कर योग्य होता है।अंतिम निष्कर्ष: 5 साल के लिए किसे चुनना चाहिए?सामान्य नागरिकों (General Category) के लिए: यदि आपकी उम्र 60 वर्ष से कम है, तो एनएससी (NSC) स्पष्ट रूप से विजेता है। इसमें ₹2.5 लाख पर 5 साल बाद लगभग ₹12,800 से ₹13,000 अधिक शुद्ध रिटर्न मिलता है और ब्याज दर सरकार द्वारा लॉक रहती है।वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के लिए: वरिष्ठ नागरिकों को कई बैंकों (जैसे एसबीआई वीकेयर या स्मॉल फाइनेंस बैंक) में 7.50% से 7.75% तक की एफडी दरें मिल जाती हैं। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों को धारा 80TTB के तहत ₹50,000 तक के एफडी ब्याज पर टैक्स छूट मिलती है। ऐसे में वरिष्ठ नागरिक बैंक एफडी का विकल्प भी चुन सकते हैं।
जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में रद्द किए जाने के बाद, अब सरकार द्वारा स्वीकृत नए मैदानों पर प्रदर्शन करने के लिए आयोजकों को 1 लाख रुपये से अधिक की भारी-भरकम राशि खर्च करनी होगी।
अफ्रीकी महाद्वीप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और तेजी से उभरते शैक्षणिक केंद्रों में शुमार नाइजीरिया में मेडिकल, इंजीनियरिंग, बिजनेस मैनेजमेंट और कृषि अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में विदेशी छात्रों का आवागमन बढ़ा है। हालांकि, पश्चिमी देशों (जैसे अमेरिका, यूके या कनाडा) की तुलना में नाइजीरिया के आव्रजन (Immigration) और वीजा नियम काफी अलग ढांचे पर काम करते हैं। नाइजीरियाई इमिग्रेशन सर्विस (Nigeria Immigration Service - NIS) के नियमों के तहत, भारत या किसी अन्य गैर-इकोवास (Non-ECOWAS) देश के छात्र केवल सामान्य टूरिस्ट या ई-वीजा पर वहां जाकर पढ़ाई नहीं कर सकते। इसके लिए एक निर्धारित चरणबद्ध कानूनी प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होता है, जिसकी अनदेखी करने पर डिपोर्टेशन या भारी जुर्माना झेलना पड़ सकता है।1. स्टूडेंट वीजा का आधार: 'सब्जेक्ट टू रेगुलराइजेशन' (STR Visa)नाइजीरिया में लंबी अवधि के शैक्षणिक कोर्स (अंडरग्रेजुएट, पोस्ट-ग्रेजुएट या रिसर्च) में दाखिला लेने वाले विदेशी छात्रों को STR (Subject to Regularization) वीजा श्रेणी के तहत प्रवेश दिया जाता है।प्रारंभिक प्रवेश परमिट: यह वीजा भारत स्थित नाइजीरियाई उच्चायोग (नई दिल्ली) द्वारा जारी किया जाता है।वैधता और उद्देश्य: यह मूल रूप से एक सिंगल-एंट्री वीजा होता है, जो छात्र को नाइजीरिया में औपचारिक रूप से प्रवेश करने और वहां पहुंचकर अपने छात्र दर्जे को 'रेजिडेंस परमिट' में बदलने (Regularize करने) की कानूनी अनुमति देता है।2. नाइजीरिया पहुंचने के बाद सबसे अहम कदम: CERPAC कार्डकई भारतीय छात्र यह मान लेते हैं कि पासपोर्ट पर वीजा स्टैंप लग जाने के बाद उनकी औपचारिकता पूरी हो गई, जबकि वास्तविक प्रक्रिया नाइजीरिया में उतरने के बाद शुरू होती है:CERPAC क्या है: नाइजीरिया पहुंचने के 90 दिनों के भीतर छात्र को CERPAC (Combined Expatriate Residence Permit and Aliens Card) के लिए आवेदन करना होता है।ग्रीन कार्ड के समकक्ष: यह कार्ड नाइजीरिया में छात्र का आधिकारिक कानूनी पहचान पत्र और रेजिडेंस परमिट होता है, जो आमतौर पर 1 से 2 वर्ष के लिए वैध रहता है और कोर्स की अवधि के अनुसार हर साल रिन्यू कराया जाता है।बायोमेट्रिक्स और रजिस्ट्रेशन: स्थानीय इमिग्रेशन कार्यालय में जाकर छात्र को अपनी बायोमेट्रिक जानकारी दर्ज करानी होती है। इसके बिना छात्र का वहां ठहरना अवैध माना जाता है।3. भारतीय छात्रों के लिए जरूरी पात्रता और दस्तावेज चेकलिस्टनाइजीरियाई स्टूडेंट वीजा आवेदन के लिए छात्रों को निम्नलिखित मूल दस्तावेज तैयार रखने होते हैं:मान्यता प्राप्त संस्थान से ऑफर लेटर: नाइजीरियाई विश्वविद्यालय आयोग (NUC) द्वारा मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या कॉलेज से जारी आधिकारिक एडमिशन/एक्सेप्टेंस लेटर।विश्वविद्यालय का उत्तरदायित्व पत्र (Letter of Undertaking): संस्थान के रजिस्ट्रार द्वारा लिखित गारंटी कि वे छात्र के आव्रजन अनुपालन और पाठ्यक्रम की अवधि की जिम्मेदारी लेते हैं।वैध भारतीय पासपोर्ट: यात्रा की तारीख से कम से कम 6 महीने की वैधता और न्यूनतम दो खाली पन्नों वाला पासपोर्ट।शैक्षणिक प्रमाण पत्र: 10वीं, 12वीं या ग्रेजुएशन की मूल मार्कशीट और डिग्री सर्टिफिकेट (विदेश मंत्रालय/MEA द्वारा अटेस्टेड)।वित्तीय क्षमता का प्रमाण (Proof of Funds): छात्र या उसके अभिभावक के बैंक खाते का पिछले 6 महीने का बैंक स्टेटमेंट, जो यह साबित करे कि वे ट्यूशन फीस और रहने का खर्च उठाने में सक्षम हैं।पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC): क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (RPO) द्वारा जारी आपराधिक रिकॉर्ड न होने का प्रमाण पत्र।येलो फीवर और मेडिकल फिटनेस कार्ड: अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए अनिवार्य पीत ज्वर (Yellow Fever) टीकाकरण प्रमाण पत्र और पंजीकृत चिकित्सक द्वारा मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट।4. आवेदन प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप गाइडचरण 1: ऑनलाइन आवेदन: सबसे पहले नाइजीरिया इमिग्रेशन सर्विस के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर स्टूडेंट वीजा फॉर्म (NIS Form) भरें और निर्धारित वीजा शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें।चरण 2: डॉक्यूमेंट सबमिशन: भरे हुए फॉर्म के प्रिंटआउट, फीस रसीद और सभी संलग्न दस्तावेजों के मूल व फोटोकॉपी सेट तैयार करें।चरण 3: एम्बेसी अप्वाइंटमेंट और इंटरव्यू: नई दिल्ली स्थित नाइजीरियाई उच्चायोग में अप्वाइंटमेंट लेकर साक्षात्कार में शामिल हों। यहां अधिकारी अध्ययन के उद्देश्य, वित्तीय स्रोत और पाठ्यक्रम के बारे में जानकारी लेते हैं।चरण 4: वीजा प्राप्ति और यात्रा: वीजा अप्रूव होने के बाद पासपोर्ट कलेक्ट करें और निर्धारित समय-सीमा के भीतर नाइजीरिया के लिए उड़ान भरें।चरण 5: संस्थान और इमिग्रेशन रिपोर्टिंग: कैंपस पहुंचने पर यूनिवर्सिटी के इंटरनेशनल स्टूडेंट्स सेल में रिपोर्ट करें और सेरपैक (CERPAC) प्रक्रिया तुरंत पूरी करवाएं।5. काम करने के नियम और जरूरी सावधानियांपार्ट-टाइम वर्क पर पाबंदी: अधिकांश देशों के विपरीत, नाइजीरिया में स्टूडेंट वीजा पर आने वाले विदेशी छात्रों को खुले तौर पर ऑफ-कैंपस व्यावसायिक काम (Jobs) करने की अनुमति नहीं होती। यदि कोई छात्र बिना वर्क परमिट के व्यावसायिक गतिविधि में लिप्त पाया जाता है, तो उसका वीजा रद्द किया जा सकता है। केवल कैंपस से जुड़े चुनिंदा एकेडमिक या रिसर्च असिस्टेंटशिप ही अनुमत होते हैं।सुरक्षा और स्वास्थ्य सलाह: नाइजीरिया जाने से पहले यह सुनिश्चित करें कि आपके पास वैध स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) हो। इसके अलावा, नाइजीरियाई सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सुरक्षित शहरों (जैसे लागोस या अबूजा) के परिसरों में ही हॉस्टल या आवास का चयन करें।नाइजीरिया में उच्च शिक्षा के इच्छुक भारतीय छात्रों को हमेशा यह सलाह दी जाती है कि वे किसी अनधिकृत एजेंट के झांसे में आने के बजाय केवल सीधे विश्वविद्यालय से संपर्क करें और नाइजीरियाई गृह मंत्रालय के आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही वीजा प्रक्रिया पूरी करें।
यूनाइटेड किंगडम (UK) में लंबे समय से सख्त वीजा पाबंदियों और कंपनियों की मनमानी से जूझ रहे लाखों विदेशी कामगारों के लिए ब्रिटिश सरकार ने एक राहत भरा और युगांतरकारी फैसला लिया है। यूके के गृह मंत्रालय (Home Office) ने स्किल्ड वर्कर वीजा (Skilled Worker Visa) और हेल्थ एंड केयर वर्कर वीजा से जुड़े नियमों में अहम संशोधन करते हुए यह सुनिश्चित किया है कि अब किसी शोषणकारी या अनैतिक कंपनी से नौकरी छोड़ने पर विदेशी कर्मचारियों का वीजा और वर्क परमिट स्वतः रद्द नहीं किया जाएगा। पहले के कठोर नियमों के तहत, विदेशी कर्मचारी का वीजा सीधे तौर पर उसके प्रायोजक (Sponsoring Employer) से बंधा होता था। यदि कोई कर्मचारी खराब कार्य परिस्थितियों, कम वेतन, बंधुआ मजदूरी जैसी स्थिति या मानसिक प्रताड़ना के चलते नौकरी छोड़ता था, तो उसका वीजा तत्काल 'कर्टेलमेंट' (Curtailment) के दायरे में आ जाता था और उसे 60 दिनों के भीतर नई स्पॉन्सरशिप न मिलने पर देश छोड़ना पड़ता था। नए प्रावधानों के तहत ब्रिटेन सरकार ने विदेशी पेशेवरों को यह कानूनी सुरक्षा दे दी है कि वे बिना अपना इमिग्रेशन स्टेटस गंवाए ऐसी दमनकारी कंपनियों की गिरफ्त से बाहर निकल सकते हैं और अपनी मौजूदा वीजा अवधि के दौरान दूसरी जगह काम कर सकते हैं।पुराने स्पॉन्सरशिप सिस्टम की खामियां और 'मॉडर्न स्लेवरी' जैसी परिस्थितियांब्रिटेन में पिछले कुछ वर्षों में विशेषकर ब्रेक्जिट के बाद नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS), सोशल केयर सेक्टर, हॉस्पिटैलिटी, आईटी और निर्माण क्षेत्र में भारी लेबर शॉर्टेज को पूरा करने के लिए लाखों विदेशी कामगारों को स्पॉन्सरशिप वीजा पर बुलाया गया था। इनमें भारत, नाइजीरिया, पाकिस्तान और फिलीपींस जैसे देशों के प्रोफेशनल्स की संख्या सबसे अधिक थी। हालांकि, इस व्यवस्था में एक गंभीर संरचनात्मक खामी थी—वीजा का मालिकाना हक पूरी तरह नियोक्ता कंपनी के नियंत्रण में था। इसके चलते कई बेईमान और फर्जी एजेंसियों (Rogue Agencies) ने विदेशी कर्मचारियों का जमकर फायदा उठाना शुरू कर दिया। कई मामलों में सामने आया कि विदेशी केयर वर्कर्स से नौकरी दिलाने के नाम पर 10,000 से 20,000 पाउंड तक की अवैध फीस वसूली गई, उन्हें न्यूनतम वेतन से कम भुगतान किया गया, अत्यधिक घंटे काम कराया गया और शिकायत करने पर तुरंत वीजा रद्द कराने और देश से डिपोर्ट कराने की खुली धमकियां दी गईं। चूंकि ब्रिटेन के आव्रजन नियमों के तहत स्किल्ड वर्कर वीजा धारकों को सरकारी कल्याणकारी फंड (No Recourse to Public Funds - NRPF) का लाभ नहीं मिलता, इसलिए कामगार बेसहारा होने के डर से घुट-घुटकर काम करने को मजबूर थे।नए नियमों का मूल ढांचा: कैसे मिलेगी विदेशी प्रोफेशनल्स को सुरक्षा?ब्रिटिश गृह मंत्रालय द्वारा अधिसूचित नए प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई विदेशी कर्मचारी किसी ऐसी कंपनी में फंसा है जो आधुनिक दासता (Modern Slavery), वेतन चोरी या श्रम मानकों के गंभीर उल्लंघन में लिप्त है, तो उसे तत्काल सुरक्षा कवच प्रदान किया जाएगा:वीजा स्टेटस की निरंतरता: प्रताड़ित या शोषित कर्मचारी द्वारा नौकरी छोड़ने पर उसका वीजा स्टेटस रद्द नहीं होगा, बल्कि उसे अपनी मूल वीजा अवधि की शेष बची समय-सीमा तक ब्रिटेन में कानूनी रूप से रहने की अनुमति रहेगी।अन्यथा काम करने का अधिकार: कर्मचारी को अपनी आजीविका चलाने के लिए अन्य अनुमोदित नियोक्ताओं के पास काम करने की तत्काल छूट दी जाएगी, जिससे उन्हें वेतनहीन रहने या बेघर होने की नौबत न आए।60 दिनों की तलवार हटी: सामान्य परिस्थितियों में स्पॉन्सरशिप खत्म होने पर मिलने वाली 60 दिनों की संकीर्ण समय-सीमा के मानसिक दबाव को कम किया गया है, ताकि कामगार बिना किसी हड़बड़ाहट के अपने करियर को दोबारा पटरी पर ला सकें।शिकायत पर डिपोर्टेशन का डर खत्म: कामगार अब होम ऑफिस और श्रम आयोग को बेझिझक शोषण की शिकायत दर्ज करा सकते हैं, क्योंकि शिकायत दर्ज करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कोई प्रतिशोधात्मक आव्रजन कार्रवाई नहीं की जाएगी।4,400 से अधिक फर्जी स्पॉन्सर्स पर गिरी गाज: सरकार का सख्त रुखब्रिटेन में विदेशी श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ गृह मंत्रालय ने नियमों का उल्लंघन करने वाले नियोक्ताओं के खिलाफ देशव्यापी स्तर पर अब तक का सबसे बड़ा कार्रवाई अभियान चलाया है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, एक साल के भीतर रिकॉर्ड 4,400 से अधिक नियोक्ता कंपनियों के स्पॉन्सर लाइसेंस निलंबित या पूरी तरह रद्द कर दिए गए हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में 140 प्रतिशत से अधिक का भारी उछाल है। यूके आव्रजन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो कंपनियां विदेशी कामगारों को केवल कागजों पर रखकर टैक्स चोरी करती हैं, या उनसे मोटी रकम लेकर उन्हें उचित घंटे काम नहीं देती हैं, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। गृह मंत्रालय ने दो-टूक शब्दों में कहा है कि एक तरफ जहां पीड़ित कामगारों को संरक्षण मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ कामगारों का शोषण करने वाले दुष्ट स्पॉन्सर्स पर कानून का पूरा शिकंजा कसा जाएगा।भारतीय कामगारों और स्वास्थ्य कर्मियों पर क्या होगा सीधा असर?इस नीतिगत बदलाव का सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष लाभ ब्रिटेन में कार्यरत भारतीय समुदाय को मिलने जा रहा है। भारत ब्रिटेन के स्किल्ड वर्कर और हेल्थकेयर वीजा रूट पर कर्मचारियों को भेजने वाला सबसे बड़ा स्रोत देश है। हजारों भारतीय नर्सें, केयरगिवर्स, फिजियोथेरेपिस्ट, आईटी प्रोफेशनल्स और शेफ ब्रिटेन के विभिन्न शहरों जैसे लंदन, बर्मिंघम, मैनचेस्टर, लीड्स और ग्लासगो में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से कई लोगों को स्थानीय केयर होम संचालकों द्वारा निर्धारित घंटों से कम काम देने या वीजा कैंसिलेशन की धमकी देकर कम पैसे देने की शिकायतें सामने आ रही थीं। अब भारतीय कामगार बिना किसी कानूनी खौफ के ऐसी शोषणकारी कंपनियों को छोड़ सकेंगे। इसके अलावा, एक नियोक्ता से दूसरे वैध स्पॉन्सर के पास स्विच करने की प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी डिजिटल और तेज बनाया जा रहा है ताकि भारतीय टैलेंट को अपने करियर में आगे बढ़ने के निर्बाध अवसर मिल सकें।'इमिग्रेशन व्हाइट पेपर' की दिशा में ऐतिहासिक कदमब्रिटिश सरकार के अनुसार, यह सुधार उनकी व्यापक 'इमिग्रेशन व्हाइट पेपर' प्रतिबद्धताओं का एक अहम हिस्सा है, जिसका मुख्य लक्ष्य विदेशी कर्मचारियों की किसी एक विशिष्ट कंपनी पर निर्भरता को कम करना है। सरकार का मानना है कि एक लचीला और न्यायसंगत श्रम बाजार ही ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को मजबूत बना सकता है। जब कामगारों को यह आजादी होगी कि वे गलत कार्यस्थल को छोड़कर बेहतर कंपनी में जा सकें, तो इससे पूरे उद्योग जगत में वेतन और कार्यस्थल की सुरक्षा के मानकों में स्वतः सुधार होगा। ब्रिटेन में काम कर रहे किसी भी विदेशी नागरिक के लिए यह नियम एक मजबूत कानूनी ढाल बनकर उभरा है, जिससे दलाल स्ट्रीट से लेकर लंदन के वित्तीय व स्वास्थ्य गलियारों तक भारतीय प्रोफेशनल्स में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
'साहब! मुझे कागजों में जिंदा कर दीजिए', परेशान बुजुर्ग की DM से गुहार
बांदा में 68 वर्षीय किसान रामखेलावन सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज हो गया, जबकि वह जिंदा है. पिछले दो साल से उसकी वृद्धावस्था पेंशन और किसान सम्मान निधि बंद है. दोनों कानों से सुनने में असमर्थ और चलने में परेशानी झेल रहे बुजुर्ग ने डीएम कार्यालय पहुंचकर खुद को जिंदा दर्ज कराने की गुहार लगाई. अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं.
स्कूली विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति गहरी रुचि विकसित करने, भारत के पारंपरिक व आधुनिक वैज्ञानिक योगदान से परिचित कराने और युवा प्रतिभाओं की पहचान करने के लिए आयोजित होने वाले राष्ट्रीय कार्यक्रम विद्यार्थी विज्ञान मंथन (VVM) 2026-27 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। विज्ञान भारती (VIBHA), राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) और विज्ञान प्रसार (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार) द्वारा संयुक्त रूप से संचालित इस राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर 2026 निर्धारित है। जो छात्र देश के प्रतिष्ठित अनुसंधान संस्थानों और आईआईटी (IITs) में जाने का सपना देख रहे हैं, उनके लिए यह अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का स्वर्णिम अवसर है।कौन कर सकता है आवेदन: पात्रता और वर्ग विभाजनमान्यता प्राप्त किसी भी बोर्ड (CBSE, ICSE, स्टेट बोर्ड या केंद्रीय विद्यालय) में पढ़ने वाले छात्र इस परीक्षा में भाग लेने के पात्र हैं। मूल्यांकन को निष्पक्ष और संतुलित रखने के लिए छात्रों को दो अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है:जूनियर वर्ग (Junior Group): कक्षा 6वीं, 7वीं और 8वीं में अध्ययनरत छात्र।सीनियर वर्ग (Senior Group): कक्षा 9वीं, 10वीं और 11वीं में अध्ययनरत छात्र।परीक्षा का प्रारूप और मुख्य तिथियां (Important Schedule)विद्यार्थी विज्ञान मंथन देश की सबसे बड़ी डिजिटल एवं ओपन-बुक स्टाइल वाली परीक्षा प्रणालियों में से एक है। इसमें छात्र अपने स्मार्टफोन, टैबलेट या लैपटॉप पर वीवीएम एप्लिकेशन (VVM App) के जरिए घर या स्कूल से ही परीक्षा दे सकते हैं। परीक्षा हिंदी, अंग्रेजी सहित प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं में बहुविकल्पीय (MCQ) प्रारूप में आयोजित की जाती है।परीक्षा का स्तर (Stage)निर्धारित तिथियां / विवरणऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि15 अक्टूबर 2026लेवल-1 (प्रथम चरण/जिला स्तरीय परीक्षा)16 नवंबर से 21 नवंबर 2026 (कक्षावार स्लॉट)लेवल-1 का परीक्षा परिणाम30 नवंबर 2026लेवल-2 (राज्य स्तरीय 1-दिवसीय शिविर)27 दिसंबर 2026 से 17 जनवरी 2027 के मध्यलेवल-3 (राष्ट्रीय स्तरीय 2-दिवसीय शिविर)फरवरी 2027 (तिथि व स्थान की घोषणा बाद में)आकर्षक नकद पुरस्कार, राष्ट्रीय स्कॉलरशिप और IIT इंटर्नशिपविद्यार्थी विज्ञान मंथन केवल एक प्रमाण पत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह चयनित मेधावियों के लिए भविष्य के करियर के रास्ते खोलता है:नकद पुरस्कार: राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष तीन स्थानों पर आने वाले मेधावियों को क्रमशः ₹25,000 (प्रथम), ₹15,000 (द्वितीय) और ₹10,000 (तृतीय) का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाता है। राज्य और जिला स्तर पर भी विजेताओं को नकद प्रोत्साहन व मेडल मिलते हैं।राष्ट्रीय स्कॉलरशिप: राष्ट्रीय स्तर के शीर्ष विजेताओं को विज्ञान अध्ययन को प्रोत्साहित करने के लिए एक वर्ष की विशेष 'भास्कर छात्रवृत्ति' दी जाती है।'सृजन' (SRIJAN) इंटर्नशिप प्रोग्राम: राष्ट्रीय शिविर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को देश के शीर्ष वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्रों जैसे आईआईटी (IITs), इसरो (ISRO), डीआरडीओ (DRDO) और सीएसआईआर (CSIR) की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में 1 से 3 सप्ताह का हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग और रिसर्च इंटर्नशिप करने का दुर्लभ अवसर मिलता है।ऑनलाइन आवेदन करने का आसान और चरणबद्ध तरीकाइच्छुक छात्र 15 अक्टूबर की मध्यरात्रि से पहले निम्नलिखित चरणों का पालन करके अपना पंजीकरण पूरा कर सकते हैं:आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले विद्यार्थी विज्ञान मंथन की आधिकारिक वेबसाइट vvm.org.in पर विजिट करें या गूगल प्ले स्टोर से 'VVM App' डाउनलोड करें।पंजीकरण विकल्प चुनें: होमपेज पर 'Student Registration' विकल्प पर क्लिक करें। यदि स्कूल पहले से रजिस्टर्ड है तो स्कूल कोड के जरिए, अन्यथा 'Individual Student Registration' (व्यक्तिगत छात्र) के रूप में फॉर्म भरें।विवरण दर्ज करें: छात्र का पूरा नाम, जन्म तिथि, कक्षा, अध्ययन का माध्यम, स्कूल का नाम, पता और अभिभावक का मोबाइल नंबर व ईमेल आईडी दर्ज करें।आवेदन शुल्क का भुगतान: भारतीय छात्रों के लिए निर्धारित ₹200 का परीक्षा शुल्क ऑनलाइन (नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, यूपीआई) के जरिए जमा करें।क्रेडेंशियल्स सुरक्षित रखें: फॉर्म सबमिट होने के बाद प्राप्त यूजर आईडी और पासवर्ड को सुरक्षित नोट कर लें। इन्हीं क्रेडेंशियल्स के जरिए आगामी दिनों में मॉक टेस्ट और फाइनल परीक्षा ऐप में लॉगिन किया जा सकेगा।अंतिम समय में सर्वर पर संभावित लोड और तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना तत्काल अपना पंजीकरण सुनिश्चित कर लें।
खजुराहो के जावरी मंदिर में भगवान विष्णु की बिना सिर वाली मूर्ति का लापता सिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को अपने ही संग्रहालय के भंडार में मिला है। यह 11वीं सदी की 7 फीट ऊंची मूर्ति का सिर है, जिसे अब धड़ से जोड़ने की तैयारी है।
मुंबई से सटे उल्हासनगर रेलवे स्टेशन के बाहर फायरिंग, एक की मौत
मुंबई से सटे उल्हासनगर रेलवे स्टेशन परिसर में अंधाधुंध फायरिंग की घटना सामने आई है. पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमलावरों ने दो राउंड फायरिंग की, जिसमें एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई. मृतक की पहचान हरीश गजवानी के रूप में होने की जानकारी है.
कश्मीर से कन्याकुमारी तक, जानें क्यों पूरे देश में अलग है घरों का डिजाइन
आर्किटेक्ट संजय पुरी का कहना है क भारत में हर जगह एक जैसे घर नहीं बनाए जा सकते हैं. राजस्थान की जरूरतें अलग हैं और गोवा व केरल की अलग. राजस्थान में गर्मी को ध्यान में रखते हुए घर डिजाइन किए जाते हैं. जबकि गोवा-केरल में बारिश का ख्याल रखना पड़ता है.
देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थानों में शुमार भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ (IIM Lucknow) ने अपने प्रमुख पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम (PGP) के समर प्लेसमेंट ड्राइव में 100 प्रतिशत प्लेसमेंट दर्ज करके एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वैश्विक आर्थिक सुस्ती और तकनीकी क्षेत्र में छंटनी की खबरों के बीच आईआईएम लखनऊ के छात्रों ने कॉर्पोरेट जगत में अपनी उत्कृष्टता का लोहा मनवाया है।संस्थान द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्लेसमेंट ड्राइव में शामिल सभी पंजीकृत विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के ऑफर मिल गए हैं। पूरे बैच के लगभग 75 प्रतिशत विद्यार्थियों को औसतन ₹1.50 लाख प्रति माह का शानदार स्टाइपेंड हासिल हुआ है। वहीं, संस्थान का ओवरऑल मीडियन (Median) स्टाइपेंड ₹1.75 लाख प्रति माह और औसत स्टाइपेंड ₹1.50 लाख प्रति माह दर्ज किया गया, जो भारतीय बिजनेस स्कूलों में सर्वोच्च स्तरों में से एक है।अधिकतम घरेलू स्टाइपेंड ₹3.5 लाख प्रति माह: पहले ही दिन 350 से ज्यादा ऑफरइस साल के समर प्लेसमेंट सीजन में घरेलू कंपनियों के साथ-साथ वैश्विक बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्लेसमेंट प्रक्रिया के दौरान छात्रों को कुल 600 से अधिक ऑफर मिले।उच्चतम घरेलू स्टाइपेंड (Highest Domestic Stipend): इस बार अधिकतम घरेलू स्टाइपेंड ₹3.50 लाख प्रति माह तक पहुंच गया।पहले दिन का रिकॉर्ड: रिक्रूटर्स के मजबूत भरोसे का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्लेसमेंट प्रक्रिया के पहले ही दिन 350 से अधिक समर इंटर्नशिप ऑफर्स जारी कर दिए गए थे।आईआईएम लखनऊ समर प्लेसमेंट: प्रमुख आंकड़े एक नजर मेंविवरण (Parameter)प्लेसमेंट आंकड़े (Placement Statistics)कुल प्लेसमेंट दर100% सफलताकुल प्राप्त ऑफर्स600 से अधिकपहले दिन जारी ऑफर्स350 से अधिकउच्चतम घरेलू मासिक स्टाइपेंड₹3.50 लाख प्रति माहमीडियन मासिक स्टाइपेंड₹1.75 लाख प्रति माह75% बैच का औसत मासिक स्टाइपेंड₹1.50 लाख प्रति माहशीर्ष रिक्रूटर्स: गूगल, अमेज़न से लेकर स्विगी और ग्रो तक दिग्गज शामिलइस समर प्लेसमेंट ड्राइव में कंसल्टिंग, फाइनेंस, जनरल मैनेजमेंट, प्रोडक्ट मैनेजमेंट, आईटी/एनालिटिक्स और एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर की दिग्गज कंपनियों ने भारी संख्या में छात्रों को हायर किया।पारंपरिक दिग्गज रिक्रूटर्स: एक्सेंचर (Accenture), अमेज़न (Amazon), गूगल (Google), एडोब (Adobe), मैकिन्से, बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG), पीडब्ल्यूसी और डेलॉयट जैसी शीर्ष कंपनियों ने कंसल्टिंग और स्ट्रेटेजी रोल्स के लिए बड़े पैमाने पर चयन किया।पहली बार जुड़े नए रिक्रूटर्स: इस साल प्लेसमेंट नेटवर्क का और विस्तार हुआ, जिसमें कोका-कोला (Coca-Cola), फ्लिपकार्ट (Flipkart), ग्रो (Groww), स्विगी (Swiggy), आईबीएम (IBM), बेयर (Bayer), कमिंस (Cummins), डीबीएस बैंक (DBS Bank), एक्सपीडिया ग्रुप (Expedia Group) और रिन्यू पावर (ReNew Power) जैसी प्रमुख कंपनियों ने पहली बार हिस्सा लेकर आकर्षक प्रोफाइल्स ऑफर किए।कंसल्टिंग और बीएफएसआई (BFSI) सेक्टर का रहा दबदबाप्लेसमेंट ड्राइव में सबसे ज्यादा ऑफर्स मैनेजमेंट कंसल्टिंग और बीएफएसआई (बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस) डोमेन में दर्ज किए गए। प्राइवेट इक्विटी, वेंचर कैपिटल, इनवेस्टमेंट बैंकिंग और फिनटेक कंपनियों ने वेल्थ मैनेजमेंट और कॉरपोरेट फाइनेंस से जुड़े रोल्स के लिए छात्रों को सबसे ऊंचे पैकेज ऑफर किए। इसके अलावा एफएमसीजी और कंज्यूमर गुड्स कंपनियों ने सेल्स, मार्केटिंग और सप्लाई चेन मैनेजमेंट रोल्स के लिए छात्रों को प्राथमिकता दी।संस्थान के प्लेसमेंट सेल के अनुसार, 100% समर प्लेसमेंट और मजबूत स्टाइपेंड पैकेज यह दर्शाता है कि उद्योग जगत में आईआईएम लखनऊ के छात्रों की व्यावहारिक समझ, लीडरशिप क्षमता और आधुनिक बिजनेस चुनौतियों से निपटने के कौशल की मांग लगातार शीर्ष पर बनी हुई है।
PoK में घुसपैठ की फिराक में आतंकी, LoC पर सेना हाई अलर्ट
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के पास लश्कर-ए-तैयबा का शीर्ष कमांडर घुसपैठ की कोशिश के दौरान बारूदी सुरंग विस्फोट में मारा गया. चार आतंकवादी मारे गए, जिनमें यह कमांडर भी शामिल था.
देश भर में उच्च शिक्षा और प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करने वाली शीर्ष संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपने नई दिल्ली स्थित मुख्यालय के लिए 'लाइब्रेरियन – प्रशासन' (Librarian – Administration) के पदों पर भर्ती के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह भर्ती विशुद्ध रूप से संविदा (Contractual) आधार पर की जा रही है, जहां चयनित उम्मीदवारों को शुरुआत में 2 वर्ष की अवधि के लिए नियुक्त किया जाएगा। उम्मीदवार के संतोषजनक प्रदर्शन और संस्थान की प्रशासनिक जरूरतों के आधार पर इस अनुबंध की अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।कौन कर सकता है आवेदन: शैक्षिक योग्यता और अनुभवएनटीए द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इस भर्ती के लिए ओपन मार्केट (सामान्य युवाओं) और केंद्र/राज्य सरकार या स्वायत्त निकायों से सेवानिवृत्त अधिकारियों—दोनों श्रेणियों के उम्मीदवारों को आवेदन का अवसर दिया गया है:ओपन मार्केट उम्मीदवारों के लिए:उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से लाइब्रेरी साइंस (BLISc) या लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस में स्नातक (Bachelor's Degree) की डिग्री होनी चाहिए।किसी प्रतिष्ठित संस्थान, विश्वविद्यालय या संगठन में लाइब्रेरी मैनेजमेंट (Library Management) के क्षेत्र में कम से कम 5 वर्ष का नियमित कार्य अनुभव होना अनिवार्य है।सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारियों के लिए:केंद्र/राज्य सरकार, पीएसयू या स्वायत्त संस्थानों से सेवानिवृत्त ऐसे अधिकारी, जिन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान लाइब्रेरियन, डिप्टी लाइब्रेरियन, असिस्टेंट लाइब्रेरियन या लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन ऑफिसर के समकक्ष पद पर कार्य किया हो।उनके पास भी लाइब्रेरी प्रबंधन में न्यूनतम 5 वर्ष का कार्यानुभव होना चाहिए।आयु सीमा और वेतनमान (Salary & Remuneration)आयु सीमा: ओपन मार्केट से आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष निर्धारित की गई है। वहीं, सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 62 वर्ष रखी गई है। आयु की गणना अधिसूचना जारी होने की तिथि के आधार पर की जाएगी।मासिक पारिश्रमिक: चयनित अभ्यर्थियों को एनटीए के नियमों, उनकी योग्यता, पूर्व अनुभव और उद्योग मानकों के आधार पर एकमुश्त मासिक पारिश्रमिक (Consolidated Remuneration) प्रदान किया जाएगा।किन तकनीकी स्किल्स की होगी जरूरत?एनटीए मुख्यालय की आधुनिक लाइब्रेरी के प्रबंधन के लिए उम्मीदवारों में निम्नलिखित तकनीकी दक्षताओं की अपेक्षा की गई है:आधुनिक लाइब्रेरी मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर (LMS) के संचालन में पूर्ण दक्षता।डिजिटल डेटाबेस, ई-रिसोर्सेज और कंप्यूटर सिस्टम को व्यवस्थित करने का अनुभव।ऑटोमेटेड कैटलॉगिंग सिस्टम (Automated Cataloguing Systems) की पूरी जानकारी।उत्कृष्ट संगठनात्मक क्षमता, मल्टी-टास्किंग और हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं में अच्छा कामकाजी ज्ञान।कैसे करना होगा आवेदन: ईमेल से फॉर्म भेजने की पूरी प्रक्रियाइस भर्ती के लिए उम्मीदवारों को किसी डाक या कूरियर के बजाय केवल निर्धारित प्रारूप में ईमेल के माध्यम से आवेदन करना होगा:फॉर्म डाउनलोड करें: एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट (nta.ac.in) से भर्ती अधिसूचना और उसमें संलग्न आवेदन प्रारूप (Annexure-I) डाउनलोड करें।दस्तावेज संलग्न करें: भरे हुए आवेदन पत्र के साथ अपना विस्तृत बायोडाटा (CV/Resume), शैक्षणिक प्रमाणपत्र, कार्यानुभव प्रमाण पत्र और पहचान पत्र की स्व-सत्यापित प्रतियां (Self-attested copies) जोड़ें। यदि वर्तमान में किसी सरकारी/स्वायत्त निकाय में कार्यरत हैं तो अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) भी संलग्न करें।ईमेल पता: सभी दस्तावेजों की पीडीएफ फाइल बनाकर आधिकारिक ईमेल recruitment@nta.ac.in पर भेजें।सब्जेक्ट लाइन: ईमेल भेजते समय विषय (Subject Line) में “Application for the Post of Librarian, NTA” लिखना अनिवार्य है।आवेदन की अंतिम तिथि: अधिसूचना जारी होने (7 अक्टूबर) के 15 दिनों के भीतर यानी 21-22 अक्टूबर 2026 तक आवेदन पहुंच जाना अनिवार्य है। निर्धारित प्रारूप से अलग या अंतिम तारीख के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।चयन प्रक्रिया (Selection Process)प्राप्त आवेदनों में से पात्रता और कार्यानुभव के आधार पर उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इसके बाद शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों को चयन समिति के समक्ष व्यक्तिगत साक्षात्कार (Interview) के लिए बुलाया जाएगा। साक्षात्कार के प्रदर्शन और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही अंतिम चयन सूची जारी की जाएगी।
India International Trade Fair 2026:
बिहार योग्य कारीगरों, उद्यमियों और MSMEs को 30 अक्टूबर 2026 तक राष्ट्रीय मंच पर स्थानीय शिल्प और उत्पादों को प्रदर्शित करन
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में वित्तीय अनियमितताओं, सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और 416 करोड़ रुपये से अधिक के अघोषित खर्च को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की शिकायत पर रामपुर के अजीमनगर थाने में एक नई एफआईआर दर्ज की गई है।ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय के उप निदेशक पीयूष एस. थोरेट द्वारा पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और स्थानीय पुलिस को भेजी गई विस्तृत जांच रिपोर्ट और शिकायत के आधार पर यह कानूनी कार्रवाई की गई है। मामले की विवेचना क्षेत्राधिकारी (CO) टांडा पंकज पंत को सौंपी गई है।क्या है 416 करोड़ रुपये की हेराफेरी का पूरा गणित?जांच एजेंसी की रिपोर्ट में जौहर यूनिवर्सिटी की वास्तविक निर्माण लागत और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट द्वारा आयकर विभाग को दिखाए गए खर्च के बीच एक भारी अंतर (Gap) उजागर किया गया है:मूल्यांकन रिपोर्ट में निर्माण लागत: आयकर विभाग के जिला मूल्यांकन अधिकारी (DVO) की 10 नवंबर 2023 की आधिकारिक मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार, यूनिवर्सिटी परिसर की विभिन्न इमारतों और इंफ्रास्ट्रक्चर की वास्तविक निर्माण लागत लगभग ₹494.46 करोड़ आंकी गई थी।ट्रस्ट द्वारा घोषित खर्च: वहीं दूसरी ओर, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट ने वित्तीय वर्ष 2013-14 से 2024-25 के दौरान दाखिल अपने आयकर रिटर्न (ITR) में यूनिवर्सिटी पर कुल पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) मात्र ₹78.32 करोड़ दर्शाया।416.14 करोड़ का बेहिसाब अंतर: दोनों आंकड़ों के बीच सीधे तौर पर ₹416.14 करोड़ का भारी अंतर सामने आया है। ईडी का आरोप है कि ट्रस्ट और आजम खान इस भारी भरकम अघोषित राशि का कोई वैध और पारदर्शी वित्तीय स्रोत पेश नहीं कर सके, जिसके चलते इसे ब्लैक मनी और मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए निर्माण में खपाए जाने का संदेह है।सरकारी धन और ठेकेदारों के कमीशन के दुरुपयोग का गंभीर आरोपईडी द्वारा पुलिस को सौंपी गई रिपोर्ट में केवल निर्माण लागत का अंतर ही नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र और ठेकों के जरिए करीब ₹85.81 करोड़ के संसाधनों के डायवर्जन का भी विस्तृत विवरण दिया गया है:ठेकेदारों से 30-40% सामग्री का डायवर्जन (₹55.8 करोड़): रिपोर्ट में सीके एसोसिएट्स के प्रबंध निदेशक के बयान का हवाला दिया गया है। कंपनी को 2013-14 से 2016-17 के बीच लगभग ₹186 करोड़ के सरकारी ठेके मिले थे। आरोप है कि ठेका राशि का 30 से 40 प्रतिशत हिस्सा जौहर यूनिवर्सिटी के लिए सीमेंट, सरिया और अन्य निर्माण सामग्री खरीदने में लगाया गया, जिसकी अनुमानित लागत कम से कम ₹55.8 करोड़ बैठती है।जल निगम से सरकारी निर्माण (₹23.41 करोड़): उत्तर प्रदेश जल निगम की सीटीएस यूनिट-18 के जरिए यूनिवर्सिटी परिसर में सरकारी धन से एक बड़ा पंडाल, ओबीसी बालक छात्रावास और अस्पताल का निर्माण कराया गया था, जिसकी लागत ₹23.41 करोड़ थी। बाद में कथित तौर पर शासनादेश में फेरबदल कर इन सरकारी संपत्तियों का मालिकाना हक ट्रस्ट को हस्तांतरित कर दिया गया।विधायक/एमएलसी निधि का उपयोग (₹6.60 करोड़): इसके अलावा विधायक और विधान परिषद सदस्य क्षेत्र विकास निधि से यूनिवर्सिटी परिसर के भीतर ₹6.60 करोड़ के विकास कार्य कराए जाने का उल्लेख भी रिपोर्ट में है।बीएनएस और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराएंप्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 66(2) के तहत साक्ष्य राज्य पुलिस से साझा किए, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत किया। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एंटी-करप्शन कानून की कई संगीन धाराएं जोड़ी गई हैं:भारतीय न्याय संहिता (BNS): धारा 61 (आपराधिक षड्यंत्र), धारा 316(5) (आपराधिक विश्वासघात) और धारा 318(4) (धोखाधड़ी/चीटिंग)।भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act): धारा 7, धारा 13(1)(d) और 13(2) (लोक सेवक द्वारा पद का दुरुपयोग कर अनुचित लाभ अर्जित करना)।जेल में 8 घंटे की पूछताछ के बाद हुई कार्रवाईगौरतलब है कि आजम खान वर्तमान में अन्य आपराधिक व फर्जी प्रमाण पत्र मामलों में पहले से ही सीतापुर/रामपुर जेल में बंद हैं। इस नई एफआईआर से ठीक पहले ईडी की एक विशेष जांच टीम ने रामपुर जेल पहुंचकर आजम खान से लगातार 8 घंटे से अधिक समय तक सघन पूछताछ की थी।पूछताछ में यूनिवर्सिटी को मिले करोड़ों रुपये के चंदे के स्रोतों, कुछ निजी कंपनियों द्वारा ठेका मिलने के तुरंत बाद ट्रस्ट को दिए गए लाखों के डोनेशन और गवर्निंग बॉडी के निर्णयों को लेकर सवाल दागे गए थे। अब नई एफआईआर दर्ज होने के बाद स्थानीय पुलिस और ईडी दोनों मिलकर इस 416 करोड़ रुपये के मनी ट्रेल की तह तक जाने के लिए रिमांड और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे।
आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने दिल्ली पुलिस के रवैये पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए संसद की विशेषाधिकार समिति (Committee of Privileges) को औपचारिक शिकायत पत्र भेजा है। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के दौरान सांसदों, वकीलों, पत्रकारों और आम नागरिकों के साथ अमानवीय व्यवहार और मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है।संजय सिंह ने कहा कि सांसद कोई गुंडे, माफिया या आतंकवादी नहीं हैं, बल्कि वे देश की सर्वोच्च पंचायत यानी संसद के निर्वाचित सदस्य हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि लोकतंत्र में वोट चोरी, तानाशाही या किसी भी अन्याय के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाना संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकार है। यह अधिकार बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से मिला है, जिसे पुलिसिया ताकत के दम पर छीना नहीं जा सकता।'तीन बार घसीटा गया, गर्दन खींची गई': लगाए गंभीर शारीरिक दुर्व्यवहार के आरोपसंजय सिंह ने अपने पत्र और सार्वजनिक बयान में दिल्ली पुलिस पर सुनियोजित तरीके से बल प्रयोग करने का आरोप लगाया:तारीखों का ब्योरा: उन्होंने दावा किया कि अक्टूबर महीने में 2, 10 और 12 तारीख को आयोजित विभिन्न विरोध प्रदर्शनों के दौरान उनके साथ बार-बार अमर्यादित व्यवहार किया गया।शारीरिक बदसलूकी: आप सांसद ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें तीन बार जमीन पर घसीटा, उनकी गर्दन खींची और उनके साथ मारपीट की।नागरिकों और पत्रकारों पर कार्रवाई: उन्होंने कहा कि केवल जन प्रतिनिधियों के साथ ही नहीं, बल्कि कवरेज कर रहे पत्रकारों, कानूनी मदद के लिए मौजूद वकीलों और यहां तक कि छोटी बच्चियों तक के साथ पुलिस ने धक्का-मुक्की और बल प्रयोग किया।दिल्ली पुलिस कमिश्नर के खिलाफ कार्रवाई की मांगसंजय सिंह ने दिल्ली पुलिस के शीर्ष नेतृत्व की भूमिका पर भी सवाल उठाए:उन्होंने बताया कि इन घटनाओं के दौरान उन्होंने व्यक्तिगत रूप से दिल्ली पुलिस कमिश्नर से संपर्क साधने की कोशिश की, फोन किए और संदेश भेजे, लेकिन उनकी तरफ से न तो कोई फोन उठाया गया और न ही कोई जवाब दिया गया।सांसद ने आरोप लगाया कि राजधानी में पुलिस को विपक्षी दलों की आवाज दबाने और मनमानी करने की खुली छूट दे दी गई है।इसी आधार पर उन्होंने विशेषाधिकार समिति को पत्र लिखकर दिल्ली पुलिस कमिश्नर और संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ संसदीय विशेषाधिकार के हनन का मामला चलाने और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वे पुलिसकर्मियों के खिलाफ अदालत में भी साक्ष्य पेश कर कानूनी शिकायत दर्ज कराएंगे।विशेषाधिकार समिति की भूमिका और आगे की प्रक्रियासंसद के नियमों के तहत, जब किसी सांसद के साथ कर्तव्य निर्वहन या उनके संवैधानिक अधिकारों के संदर्भ में लोक सेवकों द्वारा दुर्व्यवहार या विशेषाधिकार हनन की शिकायत की जाती है, तो विशेषाधिकार समिति उस मामले की जांच करती है:नोटिस और गवाही: समिति संबंधित पुलिस अधिकारियों और पुलिस कमिश्नर को समन भेजकर उनका पक्ष जान सकती है।सबूतों की जांच: घटना के वीडियो फुटेज और मेडिकल साक्ष्यों का परीक्षण किया जाता है।संसद को सिफारिश: जांच पूरी होने के बाद समिति अपनी रिपोर्ट और दंडात्मक या प्रशासनिक सिफारिशें सदन के पटल पर रखती है।आप सांसद के इस पत्र के बाद दिल्ली के सियासी गलियारों में पुलिस बनाम विपक्ष का टकराव एक बार फिर गहरा गया है।
घर पर ऐसे बनाएं Compost Tea, पौधों की ग्रोथ होगी तेज
How To Make Compost Tea: गमले में लगे पौधों की ग्रोथ रुक गई है या पत्तियां पीली पड़ रही हैं? अब बाजार से महंगी खाद खरीदने के बजाय घर पर पड़े पुराने कंपोस्ट से बनाएं 'कंपोस्ट टी'. पुराने कंपोस्ट को 24 से 48 घंटे पानी में भिगोकर तैयार किया गया ये लिक्विड फर्टिलाइजर मिट्टी में माइक्रोब्स को बढ़ाता है और पौधों को तुरंत पोषण देता है. आज हम आपको इसे बनाने और इस्तेमाल करने का तरीका बताएंगे.
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) की चेयरपर्सन और केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) में अतिरिक्त सचिव डी. थारा ने सर्वोच्च अदालत में हलफनामा दाखिल कर बिना शर्त माफी (Unconditional Apology) मांगी है। उन्होंने अदालत से उनके खिलाफ जारी किए गए अवमानना नोटिस (Contempt Notice) को रद्द करने और मामले को समाप्त करने का अनुरोध किया है।वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ने अपने हलफनामे में स्पष्ट किया है कि न्यायपालिका और सर्वोच्च अदालत के प्रति उनके मन में सर्वोच्च सम्मान है। उन्होंने कहा कि उनके किसी भी आचरण या फैसले का उद्देश्य अदालत के आदेश की अवहेलना करना या उसकी गरिमा को कम करना नहीं था। यदि अनजाने में ऐसा कोई संदेश गया है, तो वे इसके लिए अदालत के समक्ष पूरी विनम्रता के साथ बिना शर्त क्षमा याचना करती हैं।क्या है अवमानना नोटिस और विवाद की मुख्य वजह?यह मामला दिल्ली मेट्रो से जुड़े विभिन्न कानूनी, प्रशासनिक और वित्तीय विवादों के क्रियान्वयन से संबंधित है:अदालती आदेशों के पालन में देरी: सुप्रीम कोर्ट ने डीएमआरसी से जुड़े एक पूर्व आदेश के अनुपालन को लेकर नाराजगी जताई थी। अदालत का मानना था कि निर्देशों के स्पष्ट होने के बावजूद उच्च स्तर पर आवश्यक स्वीकृतियों और औपचारिक कदमों को उठाने में जानबूझकर टालमटोल की गई या देरी की गई।जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस: अदालत ने आदेश का समय पर अनुपालन न होने पर सख्त रुख अपनाते हुए कॉरपोरेशन के शीर्ष नेतृत्व और मंत्रालय स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माना था और यह पूछा था कि उनके खिलाफ न्यायालय की अवमानना अधिनियम के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए।चेयरपर्सन की भूमिका: डीएमआरसी बोर्ड की प्रमुख होने के नाते डी. थारा को इस प्रक्रिया में स्पष्टीकरण देने के लिए अवमानना का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।हलफनामे में डी. थारा ने क्या दी सफाई?डी. थारा ने अदालत को आश्वस्त करते हुए अपने विस्तृत हलफनामे में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को रखा:प्रक्रियागत जटिलताएं: उन्होंने बताया कि प्रशासनिक निर्णयों में केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और विभिन्न वित्तीय विभागों के बीच औपचारिक तालमेल और नीतिगत स्वीकृतियों की आवश्यकता होती है, जिसके चलते कुछ समय लगा।कोई दुर्भावना नहीं: उन्होंने जोर देकर कहा कि अदालत के निर्देशों की अवहेलना करने का कोई जानबूझकर किया गया प्रयास (Willful Disobedience) नहीं था।पूर्ण अनुपालन का आश्वासन: उन्होंने अदालत को भरोसा दिलाया कि शीर्ष अदालत द्वारा दिए गए सभी निर्देशों और आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को पहले ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं।आगे क्या होगा सुप्रीम कोर्ट का रुख?सुप्रीम कोर्ट में जब भी कोई वरिष्ठ लोक सेवक बिना शर्त और स्पष्ट माफी का हलफनामा दाखिल करता है, तो अदालत आमतौर पर यह देखती है कि क्या माफी वास्तविक पश्चाताप (Bona Fide) पर आधारित है और क्या मूल अदालती आदेश का पूरी तरह पालन कर लिया गया है।यदि अदालत संतुष्ट होती है कि आदेश के अनुपालन की दिशा में ठोस कदम उठाए जा चुके हैं और अधिकारी का आचरण जानबूझकर अदालत की गरिमा गिराने का नहीं था, तो अदालत अवमानना नोटिस को निरस्त कर मामले को बंद करने पर विचार कर सकती है। आगामी सुनवाई में अदालत के अंतिम रुख पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।
राहुल गांधी ने अमित शाह के बयान पर दिया जवाब, 2029 चुनाव पर छिड़ा घमासान
राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के बयान का कड़ा जवाब दिया है. अमित शाह ने हाल ही में विरोध प्रदर्शनों को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा था और कहा था कि कुछ हजार लोगों की भीड़ देश की आवाज नहीं बन सकती. इसके जवाब में राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसे हिंदुस्तान की आवाज बताया. जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों को लेकर भी राजनीति तेज हो गई है. विपक्ष जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाने का विरोध कर रहा है और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है.
कोर्ट रूम में जज साहब के बैठते ही धड़कनें तेज, आंखों से छलके आंसू
बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड में अदालत द्वारा ऐतिहासिक फैसला सुनाए जाने के बाद मृतक सौरभ की मां रेणु देवी कोर्ट परिसर में ही भावुक होकर रो पड़ीं। जब विशेष अदालत ने सौरभ की पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को दोषी करार देते हुए मृत्युदंड (फांसी की सजा) मुकर्रर किया, तो पूरे कोर्ट रूम में सन्नाटा पसर गया।फैसले के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सौरभ की मां ने कोर्ट रूम के उस तनावपूर्ण क्षण को याद करते हुए कहा, जैसे ही जज साहब अपनी कुर्सी पर बैठे, तो कलेजा मुंह को आ गया था। दिल की धड़कनें इतनी तेज थीं कि समझ नहीं आ रहा था कि क्या होगा। लेकिन जैसे ही जज साहब ने दोनों के लिए फांसी की सजा का ऐलान किया, तो ऐसा लगा मानो मेरे बेकसूर बेटे की आत्मा को आज जाकर थोड़ी शांति मिली होगी। भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं।मेरे बेटे को धोखे से मारा, अब दोनों को मिले अपने किए की सजासौरभ की मां ने कहा कि जिस बेटे को उन्होंने उंगली पकड़कर बड़ा किया, उसे उसकी ही पत्नी ने अपने आशिक के साथ मिलकर बड़ी बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। उन्होंने रुंधे गले से कहा:न्यायपालिका पर भरोसा: उन्होंने अदालत और पुलिस प्रशासन का धन्यवाद करते हुए कहा कि कानून ने साबित कर दिया कि कोई कितना भी शातिर क्यों न हो, सच की ही जीत होती है।फांसी से कम कुछ मंजूर नहीं था: मां ने कहा कि जिस क्रूरता के साथ सौरभ को मारा गया था, उसके लिए फांसी से कम कोई सजा हो ही नहीं सकती थी। अगर दोनों को उम्रकैद होती, तो शायद वे अंदर ही अंदर घुटती रहतीं, लेकिन फांसी की सजा सुनकर लगा कि इंसाफ जिंदा है।मासूम नातिन को लेकर क्या बोलीं सौरभ की मां?इस हत्याकांड के बाद सबसे दर्दनाक स्थिति सौरभ और मुस्कान की छोटी बच्ची (नातिन) के सामने आई, जिसके सिर से पिता का साया छिन गया और मां कातिल साबित होकर सलाखों के पीछे पहुंच गई।नातिन के भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर सौरभ की मां बेहद भावुक हो गईं। उन्होंने कहा:अब वही सौरभ की आखिरी निशानी है: मां ने कहा कि उस मासूम का इस पूरे गुनाह में कोई दोष नहीं है। वह अब उनके लिए उनके दिवंगत बेटे सौरभ का ही रूप है।परवरिश की पूरी जिम्मेदारी: उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी सांस चलेगी, वे अपनी नातिन को कलेजे से लगाकर रखेंगी और उसे मां और बाप दोनों का प्यार देंगी।सच का सामना: उन्होंने कहा कि जब बच्ची बड़ी होगी, तो वह उसे जरूर बताएंगी कि उसके पिता कितने अच्छे इंसान थे और उसके साथ कितना बड़ा अन्याय हुआ था, लेकिन वे उस बच्ची के भविष्य पर इस काली छाया को नहीं पड़ने देंगी और उसे पढ़ा-लिखाकर एक अच्छा इंसान बनाएंगी।क्या था पूरा मामला?गौरतलब है कि यह मामला तब सुर्खियों में आया था जब सौरभ की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई थी। पुलिस की गहन तफ्तीश, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स और फॉरेंसिक साक्ष्यों से पर्दा उठा था कि सौरभ की पत्नी मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या की साजिश रची थी।अदालत ने इसे 'दुर्लभ से दुर्लभतम' (Rarest of Rare) मामला मानते हुए दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई और स्पष्ट संदेश दिया कि रिश्तों को कलंकित करने वाले ऐसे जघन्य अपराधों के लिए कानून में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
राजधानी लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर 28 वर्षीय कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। वारदात के बाद से फरार चल रही मुख्य आरोपी मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और मददगारों की तलाश के दौरान भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक बड़ा सुराग हाथ लगा है। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में नेपाल बॉर्डर से सटे कस्बे रूपईडीहा की एक निजी पार्किंग से श्रद्धा दुबे की सफेद रंग की महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन (Scorpio-N) एसयूवी लावारिस हालत में बरामद की गई है। सीमा चौकी से महज कुछ ही दूरी पर वाहन मिलने के बाद जांच एजेंसियों को प्रबल आशंका है कि आरोपी पुलिस को चकमा देकर सड़क मार्ग से पैदल या किसी स्थानीय संपर्क के जरिए सीमा पार कर नेपाल में दाखिल हो चुके हैं।पार्किंग में 10 अक्टूबर से खड़ी थी गाड़ी, नंबर प्लेट से हुई पुष्टिस्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट्स के अनुसार, रूपईडीहा कस्बे की शुक्ला पार्किंग में संदिग्ध हालात में खड़ी उत्तर प्रदेश के रजिस्ट्रेशन नंबर (UP-32) वाली इस एसयूवी की सूचना पुलिस को मिली थी। पार्किंग कर्मियों से पूछताछ में पता चला कि यह गाड़ी 10 अक्टूबर से ही वहां पार्क थी और काफी समय बीत जाने के बाद भी कोई इसे लेने नहीं आया। लखनऊ पुलिस की स्पेशल टीम ने मौके पर पहुंचकर वाहन के दस्तावेजों और चेसिस नंबर का मिलान किया, जिससे पुष्टि हुई कि यह एसयूवी आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे की ही है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने कार से फिंगरप्रिंट्स और डिजिटल एविडेंस जुटाए हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वाहन में लखनऊ से रूपईडीहा तक कौन-कौन सवार था।ट्रॉमा सेंटर से नेपाल सीमा तक कैसे पहुंचीं आरोपी बहनें?केस की कड़ियां जोड़ रही पुलिस टीम को शुरुआती जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) से फरारी के पूरे रूट का पता चला है:अस्पताल से पहली मदद: 9 अक्टूबर की देर रात जब घायल शिवा को केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में मृत घोषित किया गया, तभी आरोपी श्रद्धा और उसकी बहन ने अपने एक पुराने परिचित आमिर (रिजवान) को कॉल कर मौके पर बुलाया था।कार बदलना: आरोपी पहले एक स्विफ्ट डिजायर कार के जरिए लखनऊ से बाहर निकले और रास्ते में वाहन बदलकर अपनी स्कॉर्पियो-एन ली।बॉर्डर पर ड्रॉप: पूछताछ में सामने आया है कि मददगारों ने दोनों बहनों को बहराइच के रूपईडीहा बॉर्डर तक पहुंचाया, जहां कार छोड़कर वे सीमा पार निकल गईं। इनपुट्स यह भी हैं कि सीमा पार नेपाल के सीमावर्ती कस्बे (जैसे महीमनगर/नेपालगंज) में दोनों बहनों को संदिग्ध रूप से पैदल जाते हुए देखा गया, जिसके बाद से वे लगातार अपने ठिकाने बदल रही हैं।25-25 हजार रुपये का इनाम और नेपाल में 3 पुलिस टीमों का डेराआरोपियों के लगातार फरार रहने के चलते लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस ने मुख्य आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश पर 25-25 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया है। इसके साथ ही देश के सभी हवाई अड्डों पर लुकआउट नोटिस और फोटो पहले ही भेजे जा चुके हैं। अब गाड़ी नेपाल सीमा पर मिलने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस की 3 विशेष टीमों को लखीमपुर खीरी और बहराइच से लगे सीमावर्ती इलाकों में तैनात किया गया है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां नेपाल पुलिस और स्थानीय संपर्कों के साथ समन्वय स्थापित कर रही हैं ताकि आरोपियों को अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र से दबोचा जा सके।मां का गंभीर आरोप: 'बंधक बनाकर प्रताड़ित किया और फेंक दिया'मृतक शिवा शर्मा, जो लखनऊ के अलीगंज में कपड़ों का शोरूम और रेस्टोरेंट संचालित करते थे, पिछले कुछ महीनों से श्रद्धा दुबे के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। शिवा की मां रंजना शर्मा ने हजरतगंज कोतवाली में दर्ज कराई गई एफआईआर में आरोप लगाया है कि मॉडल श्रद्धा अपने रसूख, अंडरवर्ल्ड व हिस्ट्रीशीटरों के संपर्कों का डर दिखाकर शिवा को ब्लैकमेल कर रही थी। मां का दावा है कि उनके बेटे को फ्लैट में बंधक बनाकर रखा गया था, उसके शरीर को सिगरेट से दागा गया और बाद में चौथी मंजिल से नीचे फेंककर उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस का कहना है कि लावारिस गाड़ी की बरामदगी के बाद अब फरारी में मदद करने वाले सिंडिकेट पर शिकंजा कसा जा रहा है और जल्द ही आरोपियों को हिरासत में लिया जाएगा।
Jal Jeevan Mission 2 और VB-G RAM G के बीच तालमेल के लिए 5 प्राथमिकताएं तय
जल शक्ति मंत्रालय ने बुधवार को जल जीवन मिशन के दूसरे संस्करण और विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन-ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) कार्यक्रम के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर जोर दिया तथा मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्राथमिकता वाले पांच क्षेत्र तय किए हैं, जिनमें पेयजल के स्रोतों की वैज्ञानिक पहचान करना भी शामिल है। अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में जल जीवन मिशन योजनाओं को ग्राम पंचायत की योजनाओं के साथ जोड़ना, तकनीकी जांच और मंजूरी की व्यवस्था बनाना, विभागों के बीच आसानी से डेटा साझाकरण सुनिश्चित करना, और भौतिक प्रगति तथा जल सुरक्षा के नतीजों पर नजर रखने के लिए संयुक्त निगरानी प्रणाली बनाना शामिल है। जल शक्ति मंत्रालय ने बताया कि एक और दो सितंबर को आयोजित विभागीय सम्मेलन 2026 के बाद की बातचीत के तहत, पेयजल और स्वच्छता विभाग ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ तीसरी वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में प्राथमिकताओं की पहचान की। सम्मेलन को संबोधित करते हुए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अशोक के.के. मीणा ने कहा कि एक ओर जहां जल जीवन मिशन ने देश भर में व्यापक स्तर पर ग्रामीण पेयजल बुनियादी ढांचे का विस्तार किया है, वहीं अब जल जीवन मिशन के दूसरे संस्करण का मुख्य जोर इन परिसंपत्तियों की दीर्घकालिक कार्यशीलता, विश्वसनीयता और स्थायित्व को सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि बुनियादी अवसंरचनाओं के नियमित रखरखाव के साथ ही पेयजल स्रोतों के योजनाबद्ध संरक्षण, पुनर्भरण और उचित प्रबंधन द्वारा स्थायी पेयजल सेवाएं सुनिश्चित की जा सकती हैं। वीबी-जी राम जी के तहत उपलब्ध अवसरों का उल्लेख करते हुए मीणा ने कहा कि यह कार्यक्रम जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, स्रोत स्थिरता और रखरखाव से जुड़े उन तमाम कार्यों के लिए सुदृढ़ ढांचा प्रदान करता है जो सीधे तौर पर पेयजल के संरक्षण में सहायक है।
स्मार्टफोन इंडस्ट्री में पिछले कुछ वर्षों से लंबे और पतले (Tall & Narrow) डिस्प्ले वाले डिवाइसेज का चलन रहा है, जिनमें आमतौर पर 19.5:9 या 20:9 का आस्पेक्ट रेशियो देखने को मिलता है। लेकिन अब टेक ब्रांड कूलपैड (Coolpad) इस ट्रेंड को तोड़ते हुए एक बिल्कुल अनोखा स्मार्टफोन पेश करने की तैयारी में है। कंपनी का दावा है कि रेगुलर एंड्रॉयड स्मार्टफोन कैटेगरी में यह दुनिया के सबसे चौड़े डिस्प्ले वाले चुनिंदा स्मार्टफोन्स में शामिल होगा। जहां हाल ही में हुआवेई (Huawei) ने प्रीमियम सेगमेंट में वाइड-स्क्रीन स्लैब स्टाइल वाला Pura X View पेश किया था, वहीं कूलपैड इसी अनूठे और व्यावहारिक फॉर्म फैक्टर को बेहद किफायती बजट सेगमेंट में लाने जा रहा है ताकि आम उपभोक्ता भी बिना फोल्डेबल हिंज के ज्यादा चौड़े स्क्रीन स्पेस का अनुभव ले सकें।16:10 आस्पेक्ट रेशियो और 6.3 इंच स्क्रीन: क्या है इस डिजाइन का फायदा?सामने आई जानकारियों के अनुसार, कूलपैड के इस नए स्मार्टफोन में 6.3 इंच का एलसीडी (LCD) डिस्प्ले दिया गया है, जो 16:10 के खास आस्पेक्ट रेशियो के साथ आता है।ज्यादा हॉरिजॉन्टल स्पेस: पारंपरिक स्मार्टफोन्स के मुकाबले चौड़ाई ज्यादा होने के कारण ई-बुक्स पढ़ने, पीडीएफ और डॉक्युमेंट्स देखने, वेब ब्राउजिंग और स्प्रेडशीट्स पर काम करने के दौरान यूजर्स को बार-बार जूम या स्क्रॉल नहीं करना पड़ेगा।टैबलेट जैसा अहसास: हाथ में पकड़ने पर यह कॉम्पैक्ट टैबलेट या डिजिटल ई-रीडर जैसा फील देता है।बेजल्स और रियर डिजाइन: फोन के फ्रंट में पारंपरिक चिन (निचले हिस्से में बॉर्डर) देखने को मिलती है, जबकि इसके बैक पैनल पर पिल-शेप्ड (Pill-shaped) हॉरिजॉन्टल कैमरा मॉड्यूल दिया गया है, जिसकी बनावट गूगल पिक्सल (Google Pixel) सीरीज के कैमरा वाइज़र की याद दिलाती है।परफॉर्मेंस और हार्डवेयर: MediaTek Helio G99 प्रोसेसर से लैसबजट रेंज को ध्यान में रखते हुए इस स्मार्टफोन को 4G कनेक्टिविटी के साथ पेश किया जा रहा है। इसके प्रमुख स्पेसिफिकेशन्स इस प्रकार हैं:प्रोसेसर: इसमें TSMC के 6nm प्रोसेस पर आधारित मीडियाटेक हीलियो G99 (MediaTek Helio G99) ऑक्टा-कोर प्रोसेसर दिया गया है। यह चिपसेट रोजमर्रा के टास्क्स, सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग, वीडियो स्ट्रीमिंग और कैजुअल गेमिंग के लिए बेहतरीन पावर एफिशिएंसी और स्मूथ परफॉर्मेंस प्रदान करता है।रैम और स्टोरेज: फोन के 4GB व 6GB रैम और 64GB व 128GB इंटरनल स्टोरेज विकल्पों में उपलब्ध होने की उम्मीद है।कनेक्टिविटी: डुअल 4G VoLTE, वाई-फाई, ब्लूटूथ और यूएसबी टाइप-सी पोर्ट का सपोर्ट मिलेगा।सॉफ्टवेयर और AI फीचर्स: Android 16 पर आधारित कस्टम ओएससॉफ्टवेयर के मोर्चे पर यह डिवाइस आधुनिक फीचर्स से लैस होगा। फोन में कंपनी का इन-हाउस DroiClaw Zhunge AI मॉडल इंटीग्रेट किया गया है, जो ऑन-डिवाइस इंटेलिजेंस, स्मार्ट सर्च और टास्क ऑटोमेशन में मदद करेगा। यह स्मार्टफोन एंड्रॉयड 16 (Android 16) पर आधारित कस्टमाइज्ड ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करेगा, जिसे खासतौर पर इस चौड़े 16:10 स्क्रीन लेआउट पर ऐप्स को बिना स्ट्रेच हुए बेहतरीन तरीके से स्केल करने के लिए ट्यून किया गया है।कीमत और उपलब्धता: 15 हजार रुपये से भी कम में आने की उम्मीदकीमत के मोर्चे पर कूलपैड ने इसे सीधे बजट खरीदारों के दायरे में रखा है:संभावित कीमत: चीन में इस डिवाइस को 999 युआन (लगभग 14,000 से 14,400 रुपये) की शुरुआती कीमत पर प्री-ऑर्डर के लिए लिस्ट किया गया है।बजट सेगमेंट: 15 हजार रुपये से कम की श्रेणी में इस तरह के अनोखे वाइड-स्क्रीन फॉर्म फैक्टर का आना उन यूजर्स के लिए बड़ा आकर्षण बन सकता है जो एक ही डिवाइस में फोन और मिनी-टैबलेट दोनों का अनुभव चाहते हैं।ग्लोबल व भारत लॉन्च: चीनी बाजार में इस महीने बिक्री शुरू होने के बाद कंपनी इसे चुनिंदा वैश्विक और एशियाई बाजारों में भी पेश करने पर विचार कर सकती है। भारतीय बाजार में इसकी आधिकारिक उपलब्धता की घोषणा का इंतजार अभी बाकी है।
विशेष: पंजाब में एंटी ड्रग एक्टिविस्ट के मर्डर पर कैसे बिगड़ा लॉ एंड ऑर्डर?
पंजाब इस वक्त उबला हुआ है... और वजह बनी है एक एंटी ड्रग एक्टिविस्ट की हत्या.. वो भी तब जब वो फेसबुक लाइव करके मेडिकल स्टोर चलाने वाले एक आरोपी पर रेड मार रहे थे... ये घटना कल हुई थी.. और आज दिन भर पंजाब के मनसा में बवाल चलता रहा.. पहले आरोपी के घर पर बुल्डोजर चला, फिर दुकान पर चला, दुकान में आग लगाई गई. देखें...
9 से 5 की जॉब, लेकिन हर घंटे खाना! इस शख्स का ऑफिस रूटीन वायरल
ऑफिस में लोग लंच और चाय-कॉफी के बीच अपना दिन निकालते हैं, लेकिन नीरज भाटिया का ऑफिस फूड रूटीन कुछ अलग ही है. उन्होंने अपने खाने का वीडियो शेयर किया तो यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो में वह 9 से 5 की ऑफिस शिफ्ट के दौरान लगभग हर घंटे कुछ न कुछ खाते नजर आते हैं.
मुस्कान और फांसी के फंदे बीच अभी कितने पड़ाव? जानें क्या है आगे की प्रक्रिया
मेरठ की मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई गई है. मुस्कान ने साहिल के साथ मिलकर अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या कर दी थी.
जिम में ट्रेडमिल पर दौड़ते-दौड़ते अचानक गिरे प्रिंसिपल की मौत, वीडियो
चूरू जिले के सरदारशहर में जिम में एक्सरसाइज करते समय सरकारी स्कूल के 49 वर्षीय प्रिंसिपल बीरबलराम मेघवाल की मौत हो गई. वह ट्रेडमिल पर दौड़ रहे थे, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर पड़े. अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आया है. मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी.
MIL के वरिष्ठ अधिकारी और SMPP के सीईओ रिश्वत मामले में गिरफ्तार, CBI ने बरामद किए 2.23 करोड़
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने म्यूनिशन्स इंडिया लिमिटेड (एमआईएल) के एक वरिष्ठ अधिकारी और गोला-बारूद उत्पादन फर्म एसएमपीपी के सीईओ को गिरफ्तार किया है, जिनपर 500 करोड़ रुपये की आपूर्ति निविदा से जुड़ी ‘‘संवेदनशील रक्षा जानकारी’’ लीक करने के एवज में रिश्वत लेने का आरोप है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। एजेंसी ने अपनी प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि एमआईएल के कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार ने कुछ निजी ठेकेदारों और विक्रेताओं के साथ मिलकर, सरकारी फायदा पहुंचाने और सरकारी संस्था के ‘‘रक्षा उत्पादन, खरीद और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अन्य गतिविधियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी’’ लीक करने के एवज में अवैध रूप से पैसे लिए। सीबीआई का आरोप है कि लीक जानकारी से देश के रणनीतिक और सुरक्षा हितों को नुकसान पहुंच सकता है, साथ ही ‘‘रक्षा-संबंधी प्रक्रियाओं की अखंडता कमजोर हो सकती है और राष्ट्रीय सुरक्षा व सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।’’इस घटनाक्रम पर एसएमपीपी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। सीबीआई के एक प्रवक्ता ने बयान में कहा, ‘‘एजेंसी ने सोमवार को उक्त आरोपी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज किया। आरोप है कि पुणे में म्यूनिशन्स इंडिया लिमिटेड में कार्यकारी निदेशक के पद पर रहते हुए, आरोपी ने कुछ निजी ठेकेदारों/विक्रेताओं के साथ मिलकर फायदा पहुंचाने के एवज में गैर-कानूनी तौर पर रिश्वत की मांग की और उसे स्वीकार किया।’’कुमार के अलावा, सीबीआई ने इस मामले में उनके भाई बी. हर्षवर्धन और एसएमपीपी के सीईओ आशीष कंसल को भी गिरफ्तार किया है। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘पुणे में आरोपी सरकारी कर्मचारी के ठिकानों पर तलाशी के दौरान 1.73 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा, मैसूरु, बेंगलुरु और दिल्ली में आरोपी के ठिकानों पर भी तलाशी ली गई और लगभग 50 लाख रुपये नकद तथा आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए।’’एजेंसी ने आरोप लगाया कि एसएमपीपी लिमिटेड के सीईओ और प्रवर्तक निदेशक कंसल — जो ड्रोन प्रौद्योगिकी और गोला-बारूद बनाने का काम करती है — ने एमआईएल को गोला-बारूद आपूर्ति करने के लिए एसएमपीपी को मिले 500 करोड़ रुपये के सरकारी अनुबंध के सिलसिले में एक साल तक कुमार से लगातार संपर्क बनाए रखा। सीबीआई का आरोप है कि साजिश के तहत, एसएमपीपी का कर्मचारी रवित कुमार तेवतिया भी कुमार के संपर्क में था। प्राथमिकी में कहा गया है कि कुमार अपनी पत्नी और भाई के जरिए गैर-कानूनी कमाई के बड़े हिस्से की हेराफेरी करता था। सीबीआई ने कहा कि कुमार की पत्नी और भाई पर पैसे छिपाने और अपने पास रखने में मदद करके अपराध में सहायता करने का आरोप है।
नीले ड्रम हत्याकांड के फैसले ने दो परिवारों को अलग-अलग भावनाओं के बीच खड़ा कर दिया। एक तरफ बेटे को खो चुके परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद बंधी, तो दूसरी ओर बेटी को मृत्युदंड मिलने की खबर ने उसके माता-पिता को भीतर तक झकझोर दिया। कभी अपनी बेटी को ...
CEC एक संस्था है, कोई व्यक्ति नहीं; कोई खास अधिकार नहीं मिलने चाहिए: पूर्व जज
उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से, मेरे हिसाब से हमारे देश में ऊंचे संवैधानिक पद पर बैठे लोगों को यह गलतफहमी है कि सत्ता सिर्फ व्यक्ति के पास है। सीईसी को खुद कोई खास अधिकार नहीं मिलना चाहिए। यह एक संस्था है, कोई व्यक्ति नहीं।
'बेकार बहाने नहीं चलेंगे', फुटेज न मिलने पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को लगाई फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के श्रृंगेरी विधानसभा क्षेत्र में 2023 के वोटों की गिनती की वीडियो रिकॉर्डिंग न मिलने पर चुनाव आयोग को कड़ी फटकार लगाई है।
दीवाली-छठ पर चलेगी स्पेशल वंदेभारत ट्रेन, रूट से किराए तक की पूरी डिटेल
भारतीय रेलवे दीवाली और छठ के लिए नई दिल्ली से पटना के बीच वंदे भारत स्पेशल ट्रेन चलाएगी। इस ट्रेन के किराए से लेकर रूट तक की सभी डिटेल जानिए।
अयोध्या पहुंचीं 'नई नवेली' फेम यामी गौतम, लिया श्री राम का आशीर्वाद
यामी गौतम धर ने अपनी आने वाली फिल्म 'नई नवेली' की रिलीज़ से पहले आशीर्वाद लेने के लिए अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन किए. यह विजिट फिल्म के 16 अक्टूबर को दशहरा से ठीक पहले सिनेमाघरों में आने से कुछ दिन पहले हुई है. पीली साड़ी पहने, एक्ट्रेस ने इस पवित्र मंदिर में पूजा-अर्चना की.
IAS अतहर आमिर खान की विदाई पर छलके जज्बात, UPSC टॉपर से न्यू ज्वानिंग तक की कहानी
IAS अतहर आमिर खान का बडगाम से तबादला हो गया. उनको जम्मू-कश्मीर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक बनाया गया है. जानिए इनकी यूपीएससी यात्रा, शादी व तबादले तक की पूरी कहानी.
Allahabad High Court के पंचायत चुनाव आदेश पर सपा-कांग्रेस ने BJP को घेरा
समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने बुधवार को उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव तीन महीने के भीतर कराने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश का स्वागत करते हुए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर हार के डर से चुनाव टालने का आरोप लगाया। प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने उच्च न्यायालय के इस आदेश का स्वागत किया और कहा कि सरकार विस्तृत आदेश देखने के बाद अपनी प्रतिक्रिया देगी। कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई की अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने अदालत के फैसले को लोकतंत्र मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायतों का पांच साल का कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद चुनाव नहीं कराना और निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए रखना लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित करता है। मिश्रा ने दावा किया कि भाजपा को ग्रामीण क्षेत्रों में अपने खिलाफ असंतोष सामने आने और उसका असर आगामी विधानसभा चुनाव पर पड़ने का डर है। उन्होंने अदालत के निर्देश के मुताबिक तीन महीने में चुनाव कराने तथा ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) आरक्षण के लिए विश्वसनीय आंकड़े जुटाकर पिछड़े वर्गों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने की मांग की। सपा प्रवक्ता फखरुल हसन ने आरोप लगाया कि भाजपा हार के डर से पंचायत चुनाव टालती रही। उन्होंने कहा कि चुनाव मई-जून में हो जाने चाहिए थे। हसन ने दावा किया कि पंचायत और विधानसभा चुनावों में भाजपा को हार का सामना करना पड़ेगा। इस बीच, उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पंचायत चुनाव कराने के संबंध में न्यायालय द्वारा दिये गये आदेश का स्वागत किया और कहा कि सरकार विस्तृत आदेश देखने के बाद अपनी प्रतिक्रिया देगी। राजभर ने ‘पीटीआई-भाषा’ से फोन पर बातचीत में अदालत द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव तीन महीने के भीतर कराने की समयसीमा तय किए जाने के संबंध में पूछे जाने पर कहा, ‘‘हम पूरा आदेश देखने के बाद विस्तृत जवाब देंगे।’’उच्च न्यायालय के आदेश के मुताबिक, तीन महीने की समयसीमा के भीतर चुनाव कराने की स्थिति में प्रदेश में पंचायत चुनाव जनवरी 2027 तक संपन्न कराने होंगे। हालांकि, चुनाव की तैयारियों के बीच कई अन्य कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं, जिनका असर चुनावी प्रक्रिया की समयसारिणी पर पड़ सकता है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत के चुनाव शामिल होते हैं। इन चुनावों के तहत जिला स्तर पर जिला पंचायत सदस्यों, मध्यवर्ती स्तर पर क्षेत्र पंचायत सदस्यों और गांव स्तर पर ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों का निर्वाचन होता है। इस बीच, भारत के महापंजीयक ने चुनाव से गुजरने जा रहे उत्तर प्रदेश समेत चार राज्यों में एक दिसंबर से चार जनवरी 2027 तक जनगणना कराने की घोषणा की है। पंचायत चुनाव की तैयारियों के दौरान जनगणना का यह कार्यक्रम प्रशासनिक स्तर पर अतिरिक्त व्यस्तता पैदा कर सकता है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीट के लिए स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव की प्रक्रिया भी जारी है। इन चुनावों के लिए मतदान 23 अक्टूबर 2026 तक पूरा होना है। इसके बाद उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं प्रस्तावित हैं और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, ये परीक्षाएं पांच फरवरी से 24 फरवरी 2027 तक आयोजित की जाएंगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों तक का समय काफी व्यस्त रहने वाला है।’’पंचायत चुनाव में ओबीसी के आरक्षण का निर्धारण भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। इससे पहले, राज्य सरकार की ओर से अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता ने अदालत को बताया था कि ओबीसी वर्ग के आरक्षण से जुड़े पहलुओं का निर्धारण करने के लिए राज्य सरकार ने एक आयोग गठित किया है। उन्होंने दलील दी थी कि ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्यों के चुनाव तब तक नहीं कराए जा सकते, जब तक आरक्षण निर्धारित करने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, क्योंकि चुनाव में आरक्षण संबंधी निर्णय महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ओबीसी आयोग ने अब तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की है। इससे पहले, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बुधवार को राज्य निर्वाचन आयोग को उत्तर प्रदेश में पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव तीन महीने के भीतर कराने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति अजीत कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की पीठ ने यह आदेश पारित किया।

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