बीजेपी का मिशन GEN-Z: युवाओं को साधने के लिए स्पेशल टीम; नितिन नवीन, स्मृति ईरानी और तावड़े शामिल
भाजपा ने युवा पीढ़ी और Gen Z वोटरों से सीधा जुड़ाव स्थापित करने के लिए एक विशेष 'Gen Z आउटरीच प्रोग्राम' शुरू किया है।
छठी की खुशी में ऑर्केस्ट्रा चल रहा था, तभी घुस गई बेकाबू बस, 5 की मौत
बिहार के बेतिया में शुक्रवार देर रात छठी की खुशी का माहौल अचानक चीख-पुकार में बदल गया. एक तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे चल रहे ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम में जा घुसी. हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 से ज्यादा लोग घायल हैं. बस गोरखपुर से बेतिया आ रही थी. एक तेज रफ्तार ट्रक से टक्कर से बचने के दौरान बेकाबू हो गई. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.
जंगल में मिला बिना जहर वाला नया सांप, इस रॉकस्टार के नाम क्यों रखा नाम? मजेदार है वजह
सांप की नई गैर-जहरीली प्रजाति मिली है, जिसका नाम Guns N’ Roses के गिटारिस्ट Slash के नाम पर Lielaphis slashi रखा गया है। जानिए वैज्ञानिकों ने रॉकस्टार के नाम को क्यों चुना और इस अनोखी खोज की पूरी कहानी।
हाथ में जग, आंखों में बेबसी... VIDEO वायरल होते ही बदला स्कूल का नजारा
यूपी के मैनपुरी में स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय कुम्हरौआ में गंदे पानी की शिकायत का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की. वीडियो में स्कूल के बच्चे पानी के जग लेकर गंदा पानी आने की शिकायत करते और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ग्राम प्रधान से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की गुहार लगाते दिखाई दिए. वीडियो सामने आने के बाद स्कूल में RO लगवा दिया गया.
अर्पिता खान के रेस्टोरेंट में ₹10,000 की मछली, ₹1.88 लाख की शैंपेन
मुंबई में सेलिब्रिटी रेस्टोरेंट्स का चलन बढ़ रहा है, लेकिन अर्पिता खान शर्मा का Mercii अपने खास मेन्यू और कीमतों की वजह से सुर्खियों में है. रेस्टोरेंट का आलीशान इंटीरियर और यूरोपियन अंदाज का खाना इसे मुंबई के लग्जरी डाइनिंग स्पॉट्स में खास बनाता है.
अल-नीनो का 'सुपर' अवतार! दो साल टूटेंगे तापमान के सारे रिकॉर्ड
प्रशांत महासागर में बन रहा अल-नीनो इस बार बेहद ताकतवर हो सकता है. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इसका असर दुनिया के तापमान, बारिश और मौसम पर पड़ेगा और 2026-27 में गर्मी के नए रिकॉर्ड बन सकते हैं.
निहाल विहार के लक्ष्मी पार्क में सॉफ्टवेयर इंजीनियर विनय गुप्ता की मौत के मामले में स्वजन ने पत्नी रेखा और अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सूर्य-बुध की युति से बना बुधादित्य योग, 4 राशियों का शुरू गोल्डन टाइम
Budhaditya Yog:22 अगस्त 2026 से सिंह राशि में सूर्य-बुध की युति से बुधादित्य योग बनेगा. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, 4 राशियों को धन लाभ, करियर में तरक्की और सफलता मिल सकती है.
स्टार्क ने रचा इतिहास, WTC में झटके सबसे ज्यादा विकेट
पहला टेस्ट मैच गंवाने के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम ने दूसरे मुकाबले में जोरदार वापसी की है. इस मुकाबले के पहले दिन मिचेल स्टार्क ने गेंद के साथ इतिहास रचते हुए कई बड़े रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया.
हाफिज सईद पर शिकंजा कसने की तैयारी, समन भेजेगा भारत; BNSS के तहत ऐक्शन
एनआईए ने जुलाई 2026 में पहलगाम हमले के मामले में एक पूरक आरोप पत्र दायर किया था, जिसमें हाफिज सईद को लश्कर-ए-तैयबा और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के प्रमुख साजिशकर्ता के रूप में नामजद किया गया था।
Rahul Gandhi के Pune कार्यक्रम पर BJP का आरोप, इन्फ्लुएंसर्स को दिए 35 हजार रुपये
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पुणे में छात्रों से जुड़े राहुल गांधी के कार्यक्रम को ‘‘पैसे की गूंज’’ करार देते हुए शनिवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस ने भीड़ जुटाने के लिए कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को पैसे दिए। भाजपा के इस आरोप पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए दावा किया कि राहुल के प्रति ‘जेन जी’ का बढ़ता समर्थन देखकर भाजपा घबरा गई है। भाजपा के प्रवक्ता नवनाथ बन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए प्रत्येक इन्फ्लुएंसर को 35,000 रुपये तक दिए और इस पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च किए। कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने कहा कि युवाओं के बीच गांधी का बढ़ता प्रभाव देखकर भाजपा नेता डरे हुए हैं। गांधी का शनिवार को पुणे में खास तौर पर छात्राओं के लिए आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में हिस्सा लेने का कार्यक्रम हैं। बन ने भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के मुंबई स्थित मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि लोगों को कार्यक्रम में आने और सोशल मीडिया पर इसका प्रचार करने के लिए पैसे देकर कांग्रेस यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लोगों का स्वत: समर्थन मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि ऐसे वीडियो सामने आए हैं जिनमें सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को पुणे के कार्यक्रम का प्रचार करने के लिए 30,000 से 35,000 रुपये देने की पेशकश की जा रही है जिसमें उनकी यात्रा का खर्च और सोशल मीडिया पर कार्यक्रम का प्रचार करने का खर्च शामिल है। बन ने कहा, ‘‘यह कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ नहीं बल्कि ‘पैसे की गूंज’ है। कांग्रेस पैसे देकर भीड़ जुटा रही है।’’उन्होंने दावा किया कि अगर करीब 3,000 लोगों को प्रति व्यक्ति 30,000 से 35,000 रुपये दिए गए हों तो कुल खर्च नौ से 10 करोड़ रुपये के बीच हो सकता है। बन ने कहा, ‘‘यह पैसा कहां से आया? इसे कौन दे रहा है और यह किसके जरिए बांटा जा रहा है? इस पैसे का आधिकारिक हिसाब क्या है?’’भाजपा प्रवक्ता ने इस धन के स्रोत की विस्तृत जांच की मांग की। उन्होंने सवाल किया कि क्या इसका कोई संबंध विदेशी वित्त पोषण या कांग्रेस शासित राज्यों में ठेकों, कमीशन अथवा अन्य वित्तीय लेन-देन के जरिए कथित तौर पर जुटाए गए धन से है। उन्होंने पैसा बांटने में कथित तौर पर शामिल संगठनों और लोगों को लेकर भी जांच की मांग की। भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के उपाध्यक्ष केशव उपाध्याय ने आरोप लगाया कि गांधी का पुणे कार्यक्रम छात्रों के मुद्दों का इस्तेमाल कर एक राजनीतिक मंच तैयार करने की कोशिश है। उपाध्याय ने कहा, ‘‘कार्यक्रम का नाम भले ही ‘छात्रों की गूंज’ है, लेकिन वास्तव में यह राहुल गांधी की राजनीतिक लड़ाई है।’’उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी 100 चुनाव हार चुके हैं लेकिन इसके बावजूद अब तक अपनी राजनीति की स्पष्ट दिशा तय नहीं कर पाए हैं। उपाध्याय ने कहा, ‘‘राहुल गांधी केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा नहीं तलाश पाए हैं। झूठे विमर्श गढ़ने के लिए आरोप-प्रत्यारोप लगाने और तरह-तरह के राजनीतिक प्रयोगों के बावजूद लोग उन पर भरोसा करने को तैयार नहीं हैं।’’कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के प्रवक्ता सचिन सावंत ने भाजपा पर पलटवार करते हुए दावा किया कि युवाओं, खासकर ‘जेन जी’ के बीच गांधी को मिल रहे बढ़ते समर्थन से सत्तारूढ़ पार्टी ‘‘घबरा गई’’ है। उन्होंने भाजपा पर पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में बाधा डालने की कोशिश करने का आरोप लगाया। सावंत ने कहा कि भाजपा के नेता गांधी से उसी तरह भयभीत नजर आ रहे हैं, जैसे मुगल सेना मराठा योद्धाओं संताजी घोरपडे और धनाजी जाधव से होती थी। सावंत ने एक बयान में कहा, ‘‘भाजपा राहुल गांधी से इतनी घबरा गई है कि उसके नेताओं को शायद वह सपने में भी दिखाई देते हैं, जैसे मुगल सेना को संताजी और धनाजी दिखाई देते थे।’’उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में प्रयागराज में गांधी के कार्यक्रम स्थल के पास प्रशासन ने मलजल छोड़ दिया ताकि युवाओं को वहां आने से रोका जा सके। सावंत ने दावा किया कि महाराष्ट्र सरकार ने पुणे के कार्यक्रम पर कई पाबंदियां लगाई हैं और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों ने शुक्रवार को ‘‘मनमानी’’ की। उन्होंने कहा, ‘‘वे चाहे जितना विरोध करें या बाधाएं पैदा करने की कोशिश करें, जेन जी देश को बता देगा कि भाजपा को नकार दिया गया है।’’सावंत ने कहा कि गांधी अपनी राजनीतिक राह पर आगे बढ़ते रहेंगे। इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता महेश तपासे ने एबीवीपी पर पुणे के कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले छात्रों के लिए बाधाएं पैदा करने का आरोप लगाया और कहा कि कार्यक्रम पर सवाल उठाकर भाजपा अपने ‘‘बौद्धिक दिवालियापन’’ का परिचय दे रही है। तपासे ने कहा, ‘‘अगर राहुल गांधी युवाओं और छात्रों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम कर रहे हैं तो भाजपा इससे क्यों डर रही है?’’उन्होंने कहा, ‘‘संविधान के तहत नागरिकों को यह तय करने का अधिकार है कि वे किन विचारों को सुनना, स्वीकार करना या खारिज करना चाहते हैं। देश के युवाओं ने अब भाजपा की विचारधारा को खारिज करने का फैसला कर लिया है और इसीलिए भाजपा घबराई हुई है।
खोड़ा में खूनी खेल! पत्नी और बड़ी बेटी का कत्ल.. छोटी बेटी पर भी हमला
गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र में पारिवारिक विवाद के चलते एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और 15 वर्षीय बेटी की धारदार हथियार से हत्या कर दी. मां और बहन को बचाने पहुंची 14 वर्षीय बेटी भी हमले में घायल हो गई, लेकिन किसी तरह वहां से निकलकर जान बचाई.
Hyderabad Road Accident: Jana Sena MP Lingamaneni Ramesh बोले- जांच में पूरा सहयोग कर रहा बेटा
अपने पुत्र की कथित संलिप्तता वाली दुर्घटना में एक महिला की मौत हो जाने पर दुख प्रकट करते हुए आंधप्रदेश के जन सेना सांसद लिंगमनेनी रमेश ने कहा कि उनके बेटे ने बिना देर किए पीड़िता को अस्पताल पहुंचाया और वह जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। रमेश ने कहा कि उनका परिवार शोक-संतप्त परिवार को हर संभव मदद देगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे हालात के बारे में कोई अटकलें न लगाएं या पहले से कोई राय न बनाएं, बल्कि जांच से पूरी सच्चाई सामने आने दें। सांसद ने मृत महिला के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि कोई भी शब्द उनके दुख को कम नहीं कर सकता और इस मुश्किल घड़ी में वह एवं उनका परिवार उनके साथ खड़े हैं। रमेश ने ‘एक्स’ पर डाले गये एक बयान में कहा कि 16 अगस्त को कार चल रहे उनके बेटे संजुश (21) ने हादसे के तत्काल बाद बिना किसी देरी के पीड़िता को अस्पताल पहुंचाया और बाद में पुलिस को हादसे की सूचना दी। उन्होंने बताया कि मामला दर्ज किया गया और उनके बेटे के तीन अलग-अलग मेडिकल परीक्षण किए गए, जिनकी रिपोर्ट ‘नेगेटिव’ आई। रमेश ने कहा कि उनका बेटा मौजूदा जांच में अधिकारियों का पूरा सहयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कुछ भी छिपाया नहीं जा रहा है और न ही उनके परिवार ने किसी भी तरह से कानूनी प्रक्रिया से बचने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने ज़रूरी हर प्रक्रिया का पालन किया है। सांसद ने कहा, ‘‘एक ज़िम्मेदार पद पर होने के नाते, मैं सभी को भरोसा दिलाता हूं कि मैं पुलिस विभाग और मौजूदा जांच में पूरा सहयोग करूंगा। हमें पूरा भरोसा है कि निष्पक्ष और बिना किसी भेदभाव वाली कानूनी प्रक्रिया के जरिए सच सामने आएगा।’’रमेश ने सभी से अपील की कि वे पीड़ित परिवार के दुख का सम्मान करें, झूठी या बिना पुष्टि वाली जानकारी न फैलाएं और कानून को अपना काम करने दें। यहां एक मॉल में विक्रय अधिकारी के रूप में काम करने वाली ओडिशा की भारती मुखी 16 अगस्त को जब सड़क पार कर रही थी तब संजुश की लक्जरी कार ने उसे टक्कर मार दी थी और मौके पर ही उसकी मौत हो गयी थी। कार कथित रूप से तेज गति से एवं लापरवाही पूर्वक चलायी जा रही थी।
मेसी के टीममेट पर लगा 10 मैचों का बैन, इन 3 खिलाड़ियों पर भी एक्शन
वर्ल्ड कप 2026 फाइनल गंवाने के एक महीने बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों पर फीफा ने बड़ी कार्रवाई की है., सबसे ज्यादा नुकसान परेडेस को हुआ, जिन्हें अगले 10 इंटरनेशनल मुकाबलों से बाहर रहना पड़ेगा. फीफा ने अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन पर भी जुर्माना लगाया है.
हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET) के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं, जिसने हजारों परीक्षार्थियों का इंतजार खत्म कर दिया है। बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन, हरियाणा (BSEH) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस बार का परीक्षा परिणाम 16.57 प्रतिशत रहा है। हालांकि, बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी भी हैं जो प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के कारण अपनी सफलता सुनिश्चित नहीं कर पाए। बोर्ड ने इन छूटे हुए 964 परीक्षार्थियों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए उन्हें बायोमेट्रिक का एक अंतिम और निर्णायक अवसर प्रदान किया है। आइए जानते हैं परिणाम की मुख्य बातें और वेरिफिकेशन से जुड़ी जरूरी जानकारियां।एचटेट परिणाम का विश्लेषण: सफलता का प्रतिशत और बोर्ड का रुखहरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा, जो राज्य में शिक्षक बनने की राह का पहला बड़ा पड़ाव है, इस बार भी चुनौतीपूर्ण रही है। 16.57 प्रतिशत का परिणाम यह दर्शाता है कि बोर्ड ने परीक्षा की गुणवत्ता और मानकों को काफी ऊंचा रखा है। परिणाम जारी होने के साथ ही सफल अभ्यर्थियों में खुशी की लहर है, जो अब राज्य में विभिन्न सरकारी शिक्षक भर्तियों में आवेदन करने के पात्र हो गए हैं। बोर्ड के अध्यक्ष ने बताया कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया गया है। इस परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या काफी अधिक थी, लेकिन कड़े मूल्यांकन और तय मानकों के कारण केवल वे ही सफल हो पाए जिन्होंने अपनी तैयारी में उत्कृष्टता दिखाई थी।बायोमेट्रिक से चूके 964 परीक्षार्थियों के लिए राहत की खबरपरिणाम के साथ ही बोर्ड ने उन 964 अभ्यर्थियों की सूची भी सार्वजनिक की है, जिनकी बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया अधूरी रह गई थी। इन अभ्यर्थियों के लिए यह एक तनावपूर्ण स्थिति थी, क्योंकि बिना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के परिणाम अमान्य माने जाते हैं। बोर्ड ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए और अभ्यर्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का अंतिम मौका दिया है। यह उन सभी के लिए एक सुनहरा अवसर है जो किन्हीं अपरिहार्य कारणों से निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं हो पाए थे। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह अंतिम मौका है, इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा।कब और कहां होगा बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन?बोर्ड द्वारा दी गई आधिकारिक सूचना के अनुसार, इन 964 अभ्यर्थियों को अपने मूल दस्तावेजों के साथ निर्धारित केंद्रों पर पहुंचना अनिवार्य है। वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को अपना एडमिट कार्ड और वैध पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड) साथ लाना होगा। बोर्ड ने जिला स्तर पर विशेष केंद्र बनाए हैं ताकि अभ्यर्थियों को अधिक दूर न जाना पड़े। बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन न कराने वाले अभ्यर्थियों का परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा और वे भविष्य में भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं। इसलिए, बोर्ड ने सभी संबंधित अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे बिना किसी देरी के अपने नजदीकी निर्धारित केंद्र पर जाकर प्रक्रिया पूर्ण करें।क्या है आगे की प्रक्रिया और अभ्यर्थियों के लिए निर्देश?वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, बोर्ड इन सभी 964 परीक्षार्थियों का परिणाम अपडेट करेगा। सफल होने वाले अभ्यर्थियों को उनका ई-सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा, जिसे वे बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकेंगे। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सभी अभ्यर्थियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे वही व्यक्ति हैं जिन्होंने परीक्षा दी थी। वेरिफिकेशन के बाद अंतिम सूची जारी की जाएगी, जिससे अभ्यर्थियों को उनकी पात्रता की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।शिक्षक बनने की राह में एक महत्वपूर्ण कदमएचटेट परीक्षा में उत्तीर्ण होना न केवल एक योग्यता प्रमाण है, बल्कि यह उन हजारों युवाओं के लिए एक करियर की शुरुआत है जो शिक्षक के रूप में राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देना चाहते हैं। बोर्ड ने यह भी कहा है कि यदि कोई अभ्यर्थी इस अंतिम अवसर का लाभ नहीं उठाता है, तो उसका परिणाम रद्द माना जाएगा। बोर्ड की वेबसाइट पर उन सभी केंद्रों और तिथियों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध है जहां बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन होना है। हरियाणा शिक्षा विभाग द्वारा जल्द ही शिक्षक भर्तियों की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसके लिए एचटेट उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। बोर्ड ने इस पूरे अभियान को पूरी सुरक्षा और तकनीक के साथ संपन्न करने का संकल्प लिया है ताकि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर कोई धांधली न हो सके।
नायब सिंह सैनी की अनकही कहानी: कंप्यूटर ऑपरेटर से हरियाणा के मुख्यमंत्री बनने तक का प्रेरणादायी सफर
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का जीवन एक आम आदमी के असाधारण बनने की जीती-जागती मिसाल है। एक मामूली कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाले सैनी आज राज्य की बागडोर संभाल रहे हैं। हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने अपने संघर्षों और चुनौतियों के उस दौर को साझा किया, जो किसी को भी नई ऊर्जा से भर सकता है। उनका यह सफर केवल सत्ता तक पहुंचने का नहीं, बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण की एक प्रेरणादायी गाथा है। कैसे एक छोटे से गांव से निकला लड़का प्रदेश का 'मुखिया' बना, यह कहानी आज के दौर के युवाओं के लिए किसी पाठ से कम नहीं है।कंप्यूटर ऑपरेटर से सियासत के शिखर तक की चुनौतियांनायब सिंह सैनी की कहानी उस समय से शुरू होती है जब वे अपना खर्च चलाने और परिवार को सहारा देने के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करते थे। उन दिनों न तो उनके पास कोई राजनीतिक विरासत थी और न ही कोई बड़ा मंच। उन्होंने बेहद करीब से आम जनता की समस्याओं को देखा, समझा और महसूस किया। मुख्यमंत्री ने युवाओं को बताते हुए कहा कि एक ऑपरेटर के तौर पर काम करते हुए उन्हें जो तजुर्बा मिला, उसी ने उन्हें लोगों की सेवा करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कभी हार नहीं मानी और विपरीत परिस्थितियों में भी खुद को अपडेट रखा। यह सफर साबित करता है कि अगर इंसान के पास लक्ष्य स्पष्ट हो, तो छोटे से छोटा काम भी बड़ी सफलता की नींव बन सकता है।राजनीतिक सफर की शुरुआत और संघर्ष का दौरसक्रिय राजनीति में आने के बाद नायब सिंह सैनी का सफर आसान नहीं था। एक साधारण कार्यकर्ता से लेकर विधायक, सांसद और फिर मुख्यमंत्री बनने तक का उनका सफर भारतीय जनता पार्टी के जमीनी स्तर पर काम करने की नीति का परिचायक है। उन्होंने संगठन के हर छोटे-बड़े पद पर काम किया और जनता के बीच अपनी पैठ बनाई। सैनी के अनुसार, उन्होंने हर स्तर पर सीखा और अपने आप को एक बेहतर जनसेवक के रूप में ढाला। उनके राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी विशेषता उनका 'सादगीपूर्ण' व्यवहार रहा है, जिसकी वजह से वे कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच इतने लोकप्रिय हुए। वे हमेशा यह मानते रहे हैं कि राजनीति सेवा का माध्यम है, न कि सत्ता का जरिया।युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोतयुवाओं के साथ संवाद करते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने उन्हें 'सपनों के पीछा करने' और 'लगातार मेहनत करने' का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में युवाओं के पास अवसरों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि मैंने भी एक समय कंप्यूटर की कीबोर्ड पर उंगलियां चलाई थीं, और आज मैं प्रदेश की नीतियां तय कर रहा हूं, यह सब कड़ी मेहनत और सही दिशा में प्रयासों का फल है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने भीतर के कौशल को पहचानें और उसे राष्ट्र निर्माण में लगाएं। सैनी का मानना है कि हरियाणा का युवा अगर सही राह पर चले, तो वह दुनिया के किसी भी मुकाम को हासिल कर सकता है।सादगी और जनता से जुड़ाव: सीएम सैनी की कार्यशैलीमुख्यमंत्री बनने के बाद भी नायब सिंह सैनी की कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया है। वे आज भी लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मेरा ऑपरेटर का अनुभव मुझे आज भी प्रशासनिक फाइलों को समझने और लोगों की पीड़ा को जानने में मदद करता है। वे राज्य में ऐसी व्यवस्था बनाना चाहते हैं जहां एक सामान्य नागरिक को अपने काम के लिए दर-दर न भटकना पड़े। उनकी यह सहजता और जमीनी जुड़ाव ही उन्हें अन्य राजनेताओं से अलग बनाता है। उनकी कहानी हमें याद दिलाती है कि यदि इरादे नेक हों, तो कोई भी व्यक्ति एक सामान्य पृष्ठभूमि से उठकर इतिहास रच सकता है।भविष्य की राह और हरियाणा का संकल्पअपने संबोधन के अंत में उन्होंने हरियाणा के उज्जवल भविष्य की बात की। उन्होंने युवाओं को आश्वासन दिया कि सरकार उनके कौशल विकास, शिक्षा और रोजगार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नायब सिंह सैनी का सपना हरियाणा को एक विकसित और समृद्ध प्रदेश बनाने का है, जहां हर युवा के पास सम्मानजनक रोजगार हो। उनका सफर यह संदेश देता है कि असफलता जीवन का अंत नहीं है, बल्कि यह सीखने का एक हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने सामर्थ्य पर विश्वास रखें और प्रदेश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। एक कंप्यूटर ऑपरेटर से मुख्यमंत्री तक का यह सफर न केवल नायब सिंह सैनी की व्यक्तिगत जीत है, बल्कि यह लोकतंत्र की उस खूबसूरती का उदाहरण है जहां एक आम नागरिक अपने समर्पण से सर्वोच्च पद तक पहुंच सकता है।
बॉलीवुड के 'हीरो नंबर 1' गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा के बीच पारिवारिक कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। हाल ही में इस पूरे मामले पर गोविंदा की भांजी की प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसने इस विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है। भांजी ने तंज कसते हुए कहा है कि जो लोग इस विवाद से 'फुटेज' लेने की कोशिश कर रहे हैं, वे वाकई इसे भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे अपनी मामी सुनीता आहूजा से जल्द ही बातचीत करेंगी ताकि मामले को सुलझाया जा सके। आखिर गोविंदा के परिवार में चल रहे इस ड्रामे की पूरी सच्चाई क्या है और क्यों यह मामला सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है? आइए जानते हैं इस विवाद का पूरा अपडेट।पारिवारिक कलह और मीडिया ट्रायल का सिलसिलागोविंदा और सुनीता आहूजा के साथ चल रहे पारिवारिक विवादों ने पिछले कुछ समय से बॉलीवुड गलियारों और सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरी हैं। आए दिन परिवार के सदस्यों के बीच हो रही बयानबाजी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। ताजा प्रतिक्रिया गोविंदा की भांजी की तरफ से आई है, जिन्होंने पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि परिवार के अंदर की बातें बाहर आने से स्थिति बेहतर होने के बजाय और बिगड़ती जा रही है। उन्होंने साफ किया कि सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की चर्चा करने से केवल उन लोगों को फायदा मिल रहा है जो विवादों से अपनी 'फुटेज' बना रहे हैं। उनकी बातों से स्पष्ट है कि वे परिवार के बीच की दूरियों को लेकर दुखी हैं और इसे बातचीत के जरिए खत्म करने की पक्षधर हैं।सुनीता आहूजा की नाराजगी और विवाद की जड़गोविंदा और सुनीता आहूजा के विवाद की जड़ें काफी पुरानी मानी जाती हैं, लेकिन हालिया घटनाओं ने इसे फिर से हवा दे दी है। सुनीता आहूजा ने अक्सर परिवार के अन्य सदस्यों के साथ संबंधों को लेकर अपनी स्पष्ट राय रखी है, जिसे कई बार लोग 'तल्ख बयानबाजी' के रूप में देखते हैं। दूसरी तरफ, गोविंदा ने इस पूरे मामले में एक संयमित भूमिका निभाने की कोशिश की है। हालांकि, भांजी का यह कहना कि वे 'मामी से बात करेंगी', इस बात का संकेत देता है कि अब घर के अंदर से शांति की कोशिशें शुरू हो गई हैं। पारिवारिक रिश्तों में आई इस दरार के कारण न केवल गोविंदा के फैंस बल्कि बॉलीवुड इंडस्ट्री के लोग भी चिंतित हैं, क्योंकि यह परिवार हमेशा से बॉलीवुड के सबसे खुशहाल परिवारों में से एक माना जाता रहा है।फुटेज की राजनीति: क्या विवाद से हो रहा है किसी का फायदा?भांजी के बयान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा 'फुटेज' को लेकर किया गया कमेंट है। सोशल मीडिया के इस दौर में अक्सर पारिवारिक विवादों को जिस तरह से परोसा जाता है, उससे असली मुद्दों से ध्यान भटक जाता है। भांजी ने माना कि मीडिया और सोशल मीडिया का एक वर्ग इस पूरे पारिवारिक विवाद को केवल मनोरंजन की तरह इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा कि कोई भी परिवार बिना विवादों के नहीं होता, लेकिन जब उसे नेशनल न्यूज बना दिया जाता है, तो सुलह की गुंजाइश कम हो जाती है। उनका यह बयान उन लोगों पर सीधा हमला है जो गोविंदा के घर के हर छोटे झगड़े को सनसनी बनाकर पेश कर रहे हैं। इस बयान के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सुनीता आहूजा की तरफ से भी कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया आती है या विवाद और गहराता जाएगा।शांति की उम्मीद: क्या सुधरेंगे गोविंदा के परिवार के रिश्ते?अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या भांजी की कोशिशों से गोविंदा और सुनीता के बीच के रिश्ते फिर से सामान्य हो पाएंगे? गोविंदा जैसे बड़े स्टार के लिए निजी जीवन में इस तरह की हलचल निश्चित रूप से दुखद है। भांजी का यह कदम सुलह की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। अगर परिवार के सदस्य खुद आगे बढ़कर मतभेदों को मिटाने की कोशिश करेंगे, तो यह विवाद जल्द ही इतिहास बन सकता है। फैंस भी यही उम्मीद कर रहे हैं कि 'हीरो नंबर 1' का परिवार फिर से पहले की तरह खुशहाल हो जाए। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि सुनीता आहूजा और गोविंदा इस पहल को किस रूप में स्वीकार करते हैं। तब तक के लिए सोशल मीडिया पर कयासों का दौर जारी है।
बॉलीवुड के 'हीरो नंबर 1' गोविंदा की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए उनके बेटे यशवर्धन आहूजा पूरी तरह तैयार हैं। लंबे समय से चर्चाओं में रहने के बाद, आखिरकार यशवर्धन ने अपनी पहली फिल्म साइन कर ली है। वे एक फ्रेश और रोमांचक हॉरर-कॉमेडी फिल्म से फिल्मी दुनिया में कदम रखने जा रहे हैं। खास बात यह है कि उनके अपोजिट 'लापता लेडीज' की सेंसेशन नितांशी गोयल नजर आएंगी। गोविंदा के फैंस के लिए यह खबर किसी बड़े उत्सव से कम नहीं है, क्योंकि वे अपने चहेते सितारे के बेटे को पर्दे पर देखने के लिए काफी उत्साहित हैं। इस फिल्म में यशवर्धन और नितांशी की केमिस्ट्री कैसी होगी, इसे लेकर अभी से ही सोशल मीडिया पर कयासों का दौर शुरू हो गया है। आइए, जानते हैं इस मच-अवेटेड डेब्यू फिल्म से जुड़ी सभी एक्सक्लूसिव डिटेल्स।हॉरर-कॉमेडी का तड़का और यशवर्धन की तैयारीबॉलीवुड में आजकल हॉरर-कॉमेडी जॉनर का बोलबाला है। 'स्त्री' और 'भूल भुलैया' जैसी फिल्मों की भारी सफलता के बाद, निर्माता अब इस जॉनर में नए चेहरों को आजमाना चाहते हैं। यशवर्धन आहूजा की डेब्यू फिल्म भी इसी जॉनर का हिस्सा है। सूत्रों के अनुसार, यशवर्धन ने इस भूमिका के लिए पिछले काफी समय से कड़ी मेहनत की है। उन्होंने एक्टिंग वर्कशॉप्स से लेकर डांस ट्रेनिंग और बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन तक, हर मोर्चे पर खुद को तैयार किया है। उनके पिता गोविंदा भी उनके करियर के हर फैसले में उनका मार्गदर्शन कर रहे हैं। फिल्म में यशवर्धन का किरदार काफी चुनौतीपूर्ण है, जिसमें कॉमेडी की टाइमिंग के साथ-साथ हॉरर के दृश्यों में गंभीरता की भी दरकार होगी।नितांशी गोयल का जादू: 'लापता लेडीज' से डेब्यू तकइस फिल्म का सबसे बड़ा सरप्राइज फैक्टर नितांशी गोयल हैं। फिल्म 'लापता लेडीज' में फूल कुमारी के किरदार में अपनी सादगी और बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों का दिल जीतने वाली नितांशी अब यशवर्धन के साथ मुख्य भूमिका निभाएंगी। नितांशी की लोकप्रियता इस समय चरम पर है और उनकी सादगी भरी अदाकारी को लोग खूब पसंद कर रहे हैं। यशवर्धन और नितांशी की जोड़ी स्क्रीन पर काफी नई और ताजी लग रही है। जानकारों का कहना है कि दोनों की केमिस्ट्री फिल्म के लिए एक बड़ा 'प्लस पॉइंट' साबित हो सकती है। नितांशी इस फिल्म के लिए काफी उत्साहित हैं और वे इस जॉनर में भी अपनी बहुमुखी प्रतिभा को साबित करने के लिए कमर कस चुकी हैं।निर्माता और फिल्म की कहानी पर खास नजरइस फिल्म का निर्माण बड़े स्तर पर किया जा रहा है और इसे एक बड़े बैनर के तहत रिलीज किए जाने की योजना है। फिल्म की कहानी केवल डर और कॉमेडी के इर्द-गिर्द नहीं घूमेगी, बल्कि इसमें एक मजबूत सोशल मैसेज भी होने की संभावना है। पटकथा पर पिछले एक साल से काम चल रहा है ताकि दर्शकों को कुछ नया और हटकर दिखाया जा सके। फिल्म की शूटिंग जल्द ही शुरू होने वाली है और इसे विभिन्न लोकेशंस पर फिल्माया जाएगा। मेकर्स चाहते हैं कि यशवर्धन का डेब्यू एकदम ग्रैंड हो, ताकि इंडस्ट्री में वे अपनी एक अलग पहचान बना सकें। फिल्म के निर्देशक ने अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा को सीक्रेट रखा है, लेकिन उन्होंने इशारा दिया है कि यह आने वाले साल की सबसे मनोरंजक फिल्मों में से एक होगी।स्टार किड्स का दौर और यशवर्धन पर उम्मीदेंयशवर्धन का डेब्यू ऐसे समय में हो रहा है जब बॉलीवुड में स्टार किड्स की भरमार है। लेकिन यशवर्धन का मामला थोड़ा अलग है। उनके पिता गोविंदा का एक विशाल फैन बेस है, जो आज भी अपने चहेते एक्टर को स्क्रीन पर मिस करता है। ऐसे में दर्शकों को यशवर्धन के अंदर गोविंदा की झलक देखने की उम्मीद है। हालांकि, यशवर्धन ने पहले ही साफ कर दिया है कि वे किसी की नकल नहीं करना चाहते, बल्कि अपनी एक अलग एक्टिंग स्टाइल विकसित करना चाहते हैं। उनकी सहजता और कैमरा प्रेजेंस को देखते हुए फिल्म के क्रू मेंबर्स का मानना है कि वे बहुत जल्द दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहेंगे।
बेटे को बचाने की कोशिश में उजड़ गया पूरा परिवार
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक युवक के पहाड़ी पर पहुंचने के बाद उसे सुरक्षित नीचे लाने की करीब तीन घंटे कोशिश चली. परिवार, ग्रामीण, पुलिस और फायर ब्रिगेड उसे समझाते रहे. बाद में पिता उसे बचाने के लिए करीब पहुंचे, लेकिन दोनों का संतुलन बिगड़ गया. बेटे और पति को गिरते देख मां भी पहाड़ी से नीचे चली गईं. पुलिस मामले की परिस्थितियों और पारिवारिक विवाद से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है.
बॉक्स ऑफिस पर 'आवारापन 2' का जलवा: ₹150 करोड़ के करीब पहुंची फिल्म, 'बंटवारा 1947' की रफ्तार सुस्त
सिनेमाघरों में इन दिनों बॉक्स ऑफिस की जंग काफी दिलचस्प होती जा रही है। एक तरफ इमरान हाशमी की फिल्म 'आवारापन 2' है, जो दर्शकों के दिलों पर राज करते हुए कमाई के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है, तो दूसरी तरफ ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बनी 'बंटवारा 1947' को दर्शकों का वैसा प्रतिसाद नहीं मिल पा रहा है जिसकी उम्मीद की जा रही थी। 'आवारापन 2' ने अपनी जबरदस्त कहानी और गानों के दम पर महज कुछ दिनों में ही ₹150 करोड़ के आंकड़े को छूने की तैयारी कर ली है। वहीं, बड़े बजट और गंभीर विषय के बावजूद 'बंटवारा 1947' बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष करती नजर आ रही है और इसकी कमाई महज लाखों में सिमट कर रह गई है। आइए जानते हैं क्या है बॉक्स ऑफिस का पूरा हाल और क्यों दर्शकों ने 'आवारापन 2' को सर-आंखों पर बिठाया है।'आवारापन 2' की सफलता का मंत्र: कहानी और संगीत का संगम'आवारापन 2' की अपार सफलता के पीछे सबसे बड़ा कारण फिल्म का इमोशनल कनेक्ट और इसका संगीत है। दर्शकों का मानना है कि फिल्म के गाने और इमरान हाशमी का रफ-एंड-टफ अंदाज लोगों को बार-बार सिनेमाघरों तक खींच कर ला रहा है। फिल्म ने न केवल मेट्रो शहरों में बल्कि छोटे शहरों और कस्बों में भी जबरदस्त प्रदर्शन किया है। पहले हफ्ते से ही फिल्म की ऑक्यूपेंसी रेट लगातार ऊपर की ओर रही है। ट्रेड एनालिस्ट्स की मानें तो जिस गति से यह फिल्म आगे बढ़ रही है, बहुत जल्द यह ₹150 करोड़ के जादुई आंकड़े को पार कर लेगी। फिल्म की मार्केटिंग और माउथ पब्लिसिटी का भी इसे जबरदस्त फायदा मिला है, जिससे यह फिल्म इस साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल हो गई है।'बंटवारा 1947' की सुस्त चाल: क्या गलत हुआ?दूसरी ओर, 'बंटवारा 1947' के साथ स्थिति बिल्कुल उलट है। भले ही फिल्म का विषय काफी गंभीर और ऐतिहासिक था, लेकिन ऐसा लगता है कि दर्शक आजकल सिनेमाघरों में मनोरंजन और एक 'फील-गुड' फैक्टर की तलाश में हैं। फिल्म की धीमी गति और भारी-भरकम नैरेटिव दर्शकों को बांधने में नाकाम रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो फिल्म की कमाई अब लाखों में सिमट कर रह गई है, जो फिल्म के मेकर्स के लिए चिंता का विषय है। विशेषज्ञों का मानना है कि फिल्म की मार्केटिंग रणनीति और रिलीज की टाइमिंग ने भी इसके बिजनेस पर असर डाला है। कई बार गंभीर फिल्में दर्शकों के मन पर गहरा प्रभाव डालती हैं, लेकिन 'बंटवारा 1947' के मामले में कंटेंट और दर्शकों की पसंद के बीच का गैप काफी बड़ा नजर आया।बॉक्स ऑफिस पर फिल्मों की प्रतिस्पर्धा और भविष्य की राहबॉक्स ऑफिस का यह दौर साफ तौर पर यह बताता है कि आज के दर्शक बहुत समझदार हैं। वे केवल बड़े नाम या बड़े बजट की फिल्मों के पीछे नहीं भागते, बल्कि उन्हें वही फिल्म पसंद आती है जो सीधे उनके दिल को छू ले। 'आवारापन 2' ने यह साबित कर दिया है कि अगर फिल्म का कंटेंट दमदार हो और उसमें भावनाओं का सही पुट हो, तो वह लंबी रेस का घोड़ा साबित होती है। आने वाले हफ्तों में कई और बड़ी फिल्में रिलीज होने वाली हैं, ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या 'आवारापन 2' अपनी पकड़ बनाए रख पाती है या फिर कोई नई फिल्म इसे टक्कर देने में कामयाब होती है। 'बंटवारा 1947' के लिए अब वापसी करना एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि अगले हफ्ते नई फिल्मों के आने के साथ ही इसकी स्क्रीन संख्या और कम होने की पूरी संभावना है।ट्रेड पंडितों का नजरिया: क्या है आने वाले दिनों का अनुमान?ट्रेड पंडितों का कहना है कि आने वाले समय में फिल्मों का बॉक्स ऑफिस बिजनेस पूरी तरह से 'वर्ड ऑफ माउथ' पर निर्भर करेगा। 'आवारापन 2' ने एक बेंचमार्क सेट कर दिया है कि कैसे एक मध्यम बजट की फिल्म भी अपने कंटेंट के दम पर ब्लॉकबस्टर बन सकती है। आने वाले दिनों में अगर फिल्म का क्रेज इसी तरह बरकरार रहता है, तो यह ओवरसीज मार्केट में भी नया रिकॉर्ड बना सकती है। कुल मिलाकर, यह हफ्ता भारतीय बॉक्स ऑफिस के लिए 'आवारापन 2' के नाम रहा है, जिसने न केवल निर्माताओं की जेब भरी है बल्कि दर्शकों को भी फुल एंटरटेनमेंट का डोज दिया है। वहीं, 'बंटवारा 1947' से जुड़े लोगों के लिए यह फिल्म इंडस्ट्री की एक बड़ी सीख है कि बदलते दौर में दर्शकों की नब्ज को पहचानना कितना जरूरी हो गया है।
'कांग्रेस विभाजन कर रही' BJP ने वंदे मातरम् पर पारित किया प्रस्ताव
शनिवार को बीजेपी के नए पदाधिकारियों की बैठक हुई. इस बैठक में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के सम्मान और इसके विरासत की रक्षा के लिए प्रस्ताव पारित किया गया.
सावन में मंदिरों के मुकुट चुराने वाले चोर हुए गिरफ्तार
करनाल में सावन के दौरान मंदिरों को निशाना बनाने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोप है कि दोनों ने सेक्टर-9 के श्री शिव सनातन मंदिर से करीब 4 किलो चांदी के मुकुट चोरी किए थे. इससे पहले खाटू श्याम मंदिर का दानपात्र काटकर करीब 70 हजार रुपये ले जाने का आरोप भी है. सीआईए-3 ने दोनों को पकड़ा और चोरी के मुकुट समेत 30 हजार रुपये नकद बरामद किए.
BJP ने 'वंदे मातरम' पर पास किया प्रस्ताव, सिर्फ़ दो पद गाने के कांग्रेस के फैसले की निंदा की
भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को एक प्रस्ताव पास करके कांग्रेस वर्किंग कमिटी के उस फैसले की निंदा की, जिसमें कांग्रेस के कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ को सिर्फ़ शुरुआती दो छंदों तक ही गाने का फ़ैसला किया गया था। पार्टी ने राष्ट्रीय गीत के पूरे वर्शन के सम्मान की रक्षा करने का संकल्प लिया। यह प्रस्ताव पार्टी की उस बैठक में पारित किया गया, जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने की और जिसमें नव-नियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने भाग लिया। पार्टी मुख्यालय में आयोजित बैठक से पहले भाजपा नेताओं ने राष्ट्रगीत के सभी छह पद गाए। इसे भी पढ़ें: PM Modi के 25 साल: BJP मनाएगी 'सेवा पखवाड़ा', Mega Campaign से जनता को जोड़ेगी बीजेपी ने कहा कि छह छंदों वाला पूरा राष्ट्रगीत भारत की राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता संग्राम की विरासत का प्रतीक है। पार्टी ने इसे सांप्रदायिक दबाव, राजनीतिक तुष्टीकरण या वोट-बैंक की राजनीति का शिकार बनाने की कोशिशों का विरोध करने का संकल्प लिया। पार्टी ने 'वंदे मातरम' के इतिहास, महत्व और विरासत को उजागर करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान की भी घोषणा की, जिसमें युवा पीढ़ी को जागरूक करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। महात्मा गांधी के उस बयान का हवाला देते हुए, जिसमें उन्होंने 'वंदे मातरम' को पूरी तरह से देशभक्ति की भावना वाला साम्राज्यवाद-विरोधी नारा बताया था, बीजेपी ने इस संदेश को पूरे देश में फैलाने की योजना साझा की। भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवैधानिक सार्वजनिक पद पर 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक एक राष्ट्रव्यापी सेवा अभियान, या 'सेवा पखवाड़ा' आयोजित करने की योजना बना रही है। 'सेवा संकल्प महोत्सव' नाम के इस 15-दिन के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत देश भर में स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण कार्यक्रम और स्वास्थ्य शिविर जैसी जन-सेवा और कल्याणकारी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसे भी पढ़ें: Pune के कॉलेज में Rahul Gandhi के कार्यक्रम से पहले बवाल, ABVP और NSUI कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, 50 से अधिक पर केस दर्ज यह अभियान प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक पद पर 25 साल पूरे होने के समय के साथ मेल खाएगा; 7 अक्टूबर 2026 को वे इस पद पर 25 साल पूरे करेंगे, जो उस दिन की याद दिलाएगा जब उन्होंने 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को राष्ट्रीय संयोजक के तौर पर इस अभियान की देखरेख की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। कार्यक्रमों के तालमेल के लिए हर राज्य में सात सदस्यों की एक टीम बनाई जाएगी, जिसमें एक मंत्री, एक संगठनात्मक महासचिव और पांच वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
'वंदे मातरम्' पर सियासी घमासान, कांग्रेस के फैसले पर भड़की BJP, पास किया 10 बिंदुओं वाला प्रस्ताव
बीजेपी ने नई दिल्ली में अपनी पहली राष्ट्रीय टीम की बैठक में कांग्रेस के 'वंदे मातरम्' पर लिए गए फैसले की कड़ी निंदा की।
बेसन के पकौड़े तो खूब खा लिए, अब बनाएं कुरकुरे और करारे जापानी पकौड़े
Japanese Pakode Recipe: अगर आपको पकौड़े खाना पसंद हैं तो फिर हर बार एक ही तरह के साधारण पकौड़े के बजाय जापानी पकौड़े ट्राई कीजिए. इसे बनाना आसान है और खाने में भी ये बहुत टेस्टी लगते हैं. यहां हम आपको देसी तड़के वाले जापानी पकौड़े की रेसिपी बता रहे हैं जिसे आपको एक बार जरूर ट्राई करना चाहिए.
सुई से प्रश्नपत्र के लिफाफे में किया छेद, मोबाइल से वीडियो बनाकर किया पेपर लीक
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की एंटोंमोलॉजी परीक्षा का पेपर लीक करने वाले मुख्य आरोपी प्रोफेसर समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पेपर के 36 घंटे के भीतर आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है. इस दौरान दो लोग मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आए हैं. इनमें भारती एग्रीकल्चर कॉलेज और दुर्ग का प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया का नाम शामिल है.
पुणे में आज राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम, क्या होगा खास?
आज राहुल गांंधी में छात्रों की गूंज कार्यक्रम को संबोधित करेंगे. खास बात ये है कि पुणे का छात्रों की गूंज कार्यक्रम छात्राओं को डेडिकेट किया गया है. राहुल के कार्यक्रम की तैयारियां पूरी हो गई हैं. अधिक जानने के लिए देखें Video.
भारत की आर्थिक विकास यात्रा इन दिनों एक नए और निर्णायक मोड़ पर है, जहां 'रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म' का मंत्र देश की तस्वीर बदल रहा है। हाल ही में एक उच्च स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और भविष्य की संभावनाओं पर बड़ा बयान दिया है। पीएम ने कहा कि सरकार की 'नीतिगत निरंतरता' (Policy Continuity) के कारण आज देश में सुधारों की गाड़ी पूरी रफ्तार से दौड़ रही है, जिसका सीधा असर 'पीएलपी' (PLP) से 'पीएलआई' (PLI) तक के सफर में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत का आर्थिक भविष्य न केवल अपने नागरिकों के लिए सुरक्षित है, बल्कि पूरी दुनिया की स्थिरता और विकास के लिए भी एक गारंटी बन चुका है। आइए इस रिपोर्ट में विस्तार से समझते हैं कि पीएम मोदी के इन सुधारों के क्या मायने हैं और ये देश को किस दिशा में ले जा रहे हैं।पीएलपी से पीएलआई तक का सफर और भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्रांतिप्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में जिस 'पीएलपी' (PLP) से 'पीएलआई' (PLI) तक के सफर का जिक्र किया, वह भारत की बदलती औद्योगिक नीति का प्रतीक है। पीएलआई यानी 'प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव' (उत्पादन आधारित प्रोत्साहन) योजना ने आज भारत को दुनिया का मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की राह पर डाल दिया है। कभी भारत आयात पर अपनी निर्भरता के लिए जाना जाता था, लेकिन आज इसी योजना के दम पर देश इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल और डिफेंस जैसे क्षेत्रों में निर्यात करने वाला बड़ा खिलाड़ी बन चुका है। पीएम ने बताया कि कैसे सरकार ने जटिल प्रक्रियाओं को सरल बनाकर निवेश के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार किया है, जिसके कारण आज दुनिया की दिग्गज कंपनियां भारत को अपने पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में देख रही हैं। सुधारों की यह निरंतरता ही है कि आज हम केवल 'मेक इन इंडिया' का सपना देख रहे थे, वह अब 'मेक फॉर द वर्ल्ड' की वास्तविकता बन चुका है।आर्थिक स्थिरता और वैश्विक नेतृत्व: भारत की नई भूमिकापीएम मोदी का यह कहना कि 'भारत का भविष्य सुरक्षित, तो दुनिया का भी' बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत के बढ़ते कद को दर्शाता है। आज जब पूरी दुनिया अनिश्चितता और आर्थिक उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रही है, तब भारत अपनी मजबूत जीडीपी विकास दर और राजकोषीय अनुशासन के साथ स्थिरता का प्रतीक बना हुआ है। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि भारत आज दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। भारत का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप इकोसिस्टम और युवाओं की विशाल कार्यबल (Workforce) दुनिया के लिए एक बड़ी उम्मीद है। भारत के सुरक्षित होने का मतलब है—दुनिया के लिए एक भरोसेमंद सप्लाई चेन, एक बड़ा बाजार और मानवीय मूल्यों पर आधारित एक ऐसा साझेदार जो स्थिरता में विश्वास रखता है। पीएम ने कहा कि हमारी नीतियां केवल आज के लिए नहीं, बल्कि अगले 25 वर्षों के 'विकसित भारत' के संकल्प को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं।सुधारों की रफ्तार और नीतिगत निरंतरता का लाभसरकार के आर्थिक सुधारों की सबसे बड़ी ताकत उसकी निरंतरता रही है, जिस पर पीएम मोदी ने विशेष रूप से प्रकाश डाला। पिछले एक दशक में जीएसटी (GST), दिवाला एवं दिवालियापन संहिता (IBC) और कॉर्पोरेट टैक्स में कमी जैसे बड़े संरचनात्मक सुधारों ने भारत की 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' रैंकिंग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। पीएम ने कहा कि हमारी सरकार 'रिफॉर्म्स' को सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उसे धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सुधारों की यह गाड़ी अब किसी बाधा से नहीं रुकेगी, क्योंकि अब देश की जनता विकास के फल को प्रत्यक्ष रूप से महसूस कर रही है। चाहे वह बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का निर्माण हो या ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्तीकरण, हर स्तर पर सुधारों का लाभ आम आदमी तक पहुंच रहा है। नीतिगत स्पष्टता और दूरदर्शिता ने देश के भीतर एक ऐसा भरोसा पैदा किया है कि आज हर निवेशक भारत में अपना भविष्य सुरक्षित देख रहा है।भविष्य की चुनौतियां और भारत का संकल्पप्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यद्यपि हम आज एक मजबूत स्थिति में हैं, लेकिन हमारी चुनौतियां भी वैश्विक हैं, जिनसे निपटने के लिए हमें निरंतर तैयार रहना होगा। उन्होंने हरित ऊर्जा (Green Energy), सेमीकंडक्टर और एआई (AI) जैसे भविष्य के क्षेत्रों में भारत के नेतृत्व पर जोर दिया। पीएम ने आह्वान किया कि भारत को तकनीक और नवाचार (Innovation) के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा। उन्होंने कहा कि सुधार केवल नियमों को बदलने का नाम नहीं है, बल्कि यह एक मानसिकता को बदलने का नाम है। भारत का भविष्य केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय, डिजिटल समावेश और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का संगम है। पीएम ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत के नेतृत्व में ही दुनिया के कई वैश्विक संकटों का समाधान निकलेगा, क्योंकि भारत का विकास दुनिया के कल्याण से जुड़ा हुआ है।
कन्नौज में कांवड़ियों से भिड़े SHO, डीजे को लेकर देर रात तक चली बहस
कन्नौज में डीजे को लेकर कांवड़ियों और पुलिस के बीच ऐसा विवाद हुआ कि मामला हाथापाई से लेकर माफी और कोतवाल के इस्तीफे के ऐलान तक पहुंच गया. शुक्रवार देर रात हरदोई के बिलग्राम से कांवड़ियों का जत्था कन्नौज के गौरीशंकर मंदिर में जल चढ़ाने जा रहा था. इसी दौरान शहर के अंदर डीजे ले जाने को लेकर पुलिस ने रोकने की कोशिश की. इसी बात पर कांवड़िए भड़क गए और पुलिस से धक्का-मुक्की शुरू हो गई. इसके बाद कांवड़ियों ने सड़क पर बैठकर धरना दिया और काफी देर तक हंगामा चलता रहा. मामला बढ़ता देख प्रशासन बैकफुट पर आया. एडीएम देवेंद्र सिंह ने कांवड़ियों से हाथ जोड़कर माफी मांगी....SHO को मौके पर ही सस्पेंड करने का एलान किया... जबकि कांवड़ियों से अभद्र व्यवहार के आरोपों के बीच कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह ने भी मैदान में ही नौकरी से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया.
Fortuner के लिए खतरा है ये SUV, दमदार फीचर्स के साथ होगी लॉन्च
सितंबर महीने में भारतीय बाजार में कई गाड़ियां लॉन्च होने वाली हैं. इसमें से एक किआ सोरेंटो है, जो थ्री रो हाइब्रिड एसयूवी है. ये कार 4 सितंबर को लॉन्च होने वाली है. इस कार का मुकाबला टोयोटा फॉर्च्यूनर से होगा. सोरेंटो डीजल और हाइब्रिड अवतार दोनों में आएगी. ये कार फॉच्यूनर से कई लाख रुपये सस्ती हो सकती है. आइए जानते हैं ये कार क्या लाएगी.
छत पर ही क्यों रखी जाती है पानी की टंकी? नीचे रखेंगे तो क्या होगी दिक्कत
घर की छत पर पानी की टंकी रखना सिर्फ परंपरा नहीं बल्कि इसके पीछे विज्ञान काम करता है. ऊंचाई पर रखी टंकी से गुरुत्वाकर्षण के कारण पानी नीचे की मंजिलों तक आसानी से पहुंचता है. अगर टंकी जमीन पर रखी जाए तो ऊपर पानी पहुंचाने के लिए पंप या मोटर की जरूरत पड़ सकती है.
Galaxy Z Fold 8 Ultra: क्या ये दुनिया का बेस्ट फोल्डेबल फोन है? देखें रिव्यू
सैमसंग का नया Galaxy Z Fold8 Ultra हमारे पास है. यह कंपनी का अब तक का सबसे प्रीमियम और दमदार फोल्ड होने वाला स्मार्टफोन है. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या इतना महंगा स्मार्टफोन खरीदना वाकई सही फैसला है? इस वीडियो में हमने गैलेक्सी ज़ेड फोल्ड 8 अल्ट्रा को इस्तेमाल करके इसके कैमरे, बैटरी, परफॉर्मेंस, डिजाइन, डिस्प्ले, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फीचर्स और रोजमर्रा के अनुभव को विस्तार से परखा है. तो आखिर यह फोन कैसा है और क्या आपको इसे खरीदना चाहिए? आइए जानते हैं इस पूरे रिव्यू में
अभिजीत दीपके आ रहे हैं, स्कूल ने बुला लिए 'फर्जी बच्चे'? शराब की बोतलें मिलने का दावा
महाराष्ट्र के लातूर के सरकारी स्कूल में बाहर से बच्चों को लाकर बैठाने और शराब की बोतलें मिलने का दावा हुआ। प्रिंसिपल ने आरोपों को खारिज कर अपनी सफाई दी।
Kannauj में कांवड़ियों से ADM और ASP ने मांगी माफी, जांच के आश्वासन पर खत्म हुआ धरना
उत्तर प्रदेश के कन्नौज के बोर्डिंग ग्राउंड पर शुक्रवार देर रात हंगामा हो गया, जब हरदोई के बिलग्राम से आए सैकड़ों कांवड़ियों के जुलूस में बज रहे डीजे को रोक दिया गया और पुलिसकर्मियों पर कांवड़ियों से अभद्रता एवं मारपीट का आरोप लगा। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। कांवड़ियों ने इस घटना के विरोध में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया जो प्रशासन के माफी मांगने के बाद समाप्त हुआ। मामला बढ़ने पर अपर जिलाधिकारी (एडीएम) देवेंद्र सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अजय कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासन की ओर से कांवड़ियों से माफी मांगी और आश्वासन दिया कि अभद्रता और मारपीट के मामले में दोषियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी, कांवड़ियों ने करीब दो घंटे बाद धरना समाप्त कर दिया और बाबा गौरीशंकर मंदिर में जलाभिषेक के लिए रवाना हो गए। बिलग्राम से कांवड़ लेकर आए श्रद्धालु जैसे ही बोर्डिंग ग्राउंड पहुंचे, पुलिस ने विद्युत लाइन का हवाला देकर डीजे और कांवड़ को शहर के अंदर ले जाने से रोक दिया। इससे नाराज श्रद्धालु वहीं धरने पर बैठ गए। कांवड़ियों का आरोप है कि इसी दौरान सदर कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह और उनके साथ आए सिपाहियों ने एक कांवड़िए के साथ अभद्रता और मारपीट की, जिसके बाद वहां मौजूद कांवड़िए आक्रोशित हो गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कोतवाल को निलंबित करने की मांग करने लगे। हंगामा बढ़ता देख एडीएम और एएसपी ने कांवड़ मंडल से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया और सभी कांवड़ियों से माफी मांगते हुए बाबा गौरीशंकर को जल अर्पित करने का निवेदन किया। हालांकि पुलिस अधीक्षक की ओर से इस मामले में अब तक किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर केंद्र सरकार ने एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। देश के पूर्वोत्तर राज्यों को मुख्य भूमि से जोड़ने वाले अत्यंत संवेदनशील भू-भाग यानी 'चिकन नेक' (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) की सुरक्षा को अब पूरी तरह से अभेद्य बनाया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस गलियारे की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए एक आधुनिक और त्रि-स्तरीय यानी 'त्रिकोणीय सुरक्षा ग्रिड' की बड़ी घोषणा की है। बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों और पड़ोसी देशों की संदिग्ध गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए सरकार का यह कदम देश की संप्रभुता और रक्षा तैयारियों को एक नया आयाम देगा। आइए जानते हैं इस उच्च स्तरीय सुरक्षा योजना की पूरी विस्तृत रिपोर्ट और इसके क्या होंगे सामरिक मायने।'चिकन नेक' की सामरिक महत्ता और सुरक्षा की चुनौतियांभारत के मानचित्र पर पश्चिम बंगाल में स्थित सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे आम तौर पर 'चिकन नेक' कहा जाता है, महज कुछ किलोमीटर चौड़ा एक बेहद संकरा और नाजुक भू-खंड है। यह गलियारा देश के बाकी हिस्सों को असम, त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश जैसे सातों उत्तर-पूर्वी राज्यों से जोड़ने वाली एकमात्र मुख्य जीवनरेखा है। सामरिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील होने के कारण दुश्मन देशों और भारत विरोधी ताकतों की नजरें हमेशा इस क्षेत्र पर टिकी रहती हैं। हाल के दिनों में बांग्लादेश, पाकिस्तान और अन्य विदेशी मोर्चों पर बदलते घटनाक्रमों के बाद इस कॉरिडोर की सुरक्षा को लेकर रक्षा जानकारों द्वारा लगातार चिंता जताई जा रही थी। इसी संवेदनशील परिस्थिति को भांपते हुए केंद्र सरकार ने इस इलाके को किसी भी बाहरी खतरे से पूरी तरह सुरक्षित करने का निर्णय लिया है।क्या है गृह मंत्री अमित शाह की 'त्रिकोणीय सुरक्षा ग्रिड' योजना?केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा घोषित 'त्रिकोणीय सुरक्षा ग्रिड' (Triangular Security Grid) एक अत्याधुनिक और बहु-आयामी सुरक्षा ढांचा है, जिसे विशेष रूप से सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस ग्रिड के तहत भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों (CAPF) और खुफिया एजेंसियों के बीच तालमेल को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया जाएगा। इस त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा, जिसमें उन्नत सर्विलांस कैमरे, थर्मल इमेजिंग रडार, ड्रोन निगरानी और एआई-बेस्ड मॉनिटरिंग सिस्टम शामिल होंगे। इस ग्रिड का मुख्य उद्देश्य किसी भी आपातकालीन या घुसपैठ की स्थिति में तुरंत और निर्णायक कार्रवाई करना है, ताकि दुश्मन ताकतों के किसी भी नापाक मंसूबे को उसकी शुरुआती अवस्था में ही नेस्तनाबूद किया जा सके।खुफिया तंत्र और आधुनिक तकनीक का होगा कड़ा पहराइस नई सुरक्षा रणनीति के तहत सिलीगुड़ी कॉरिडोर और उसके आसपास के इलाकों में खुफिया तंत्र (Intelligence Network) को अत्यधिक मजबूत बनाया जा रहा है। केंद्र और राज्य की सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को और अधिक तेज किया गया है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पल-पल की नजर रखी जा सके। इसके अलावा, इस पूरे क्षेत्र में त्वरित कार्रवाई दल (QRT) और अत्याधुनिक हथियारों से लैस सुरक्षा बलों की टुकड़ियों की तैनाती को भी बढ़ाया जा रहा है। आधुनिक तकनीकी उपकरणों के जुड़ने से अब इस संकरे गलियारे की निगरानी अंतरिक्ष से लेकर जमीन तक चौबीसों घंटे की जा सकेगी, जिससे सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक की गुंजाइश पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी।पूर्वोत्तर राज्यों के विकास और रक्षात्मक मजबूती का संगमसरकार का यह कड़ा कदम केवल सैन्य सुरक्षा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तर-पूर्वी भारत के समग्र विकास और आर्थिक स्थिरता के लिए भी एक बहुत बड़ा संदेश है। जब तक 'चिकन नेक' जैसा गलियारा पूरी तरह सुरक्षित नहीं होगा, तब तक इस क्षेत्र में निवेश और शांति का माहौल पूरी तरह कायम नहीं हो सकता। गृह मंत्री अमित शाह की इस घोषणा से यह साफ हो गया है कि भारत सरकार अपनी सीमाओं की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता करने के मूड में नहीं है। देश के रक्षा नेतृत्व का यह पुख्ता प्रबंध न केवल सीमा पार बैठे दुश्मनों को एक सख्त चेतावनी है, बल्कि यह उत्तर-पूर्व के नागरिकों को एक गहरी सुरक्षा की भावना भी प्रदान करता है। आने वाले समय में इस त्रिकोणीय सुरक्षा ग्रिड के लागू होने से भारत की सामरिक स्थिति वैश्विक पटल पर और अधिक मजबूत हो जाएगी।
भारतीय राजनीति में इन दिनों बयानों और राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग का दौर बेहद गर्म है। इसी बीच टीवी चैनलों की लाइव डिबेट के दौरान कुछ ऐसे अप्रत्याशित और दिलचस्प पल सामने आ जाते हैं, जो सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बन जाते हैं। ताजा मामला एक टीवी न्यूज़ डिबेट का है, जहां कांग्रेस पार्टी के एक नेता ने लाइव शो के दौरान पूरा 'वंदे मातरम' गाकर सबको चौंका दिया। इस घटना के बाद राजनीतिक विश्लेषक भी हैरान रह गए। इस पूरे घटनाक्रम पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तेज-तर्रार नेता राधिका खेड़ा की भी तीखी और दिलचस्प प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कांग्रेस नेता के इस कदम की सराहना तो की, लेकिन साथ ही कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, खासकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी को भी इस बहाने आड़े हाथों लेते हुए जमकर घेरा। आइए जानते हैं इस राजनीतिक ड्रामे की पूरी और विस्तृत कहानी।लाइव डिबेट में गूंजा 'वंदे मातरम', कांग्रेस नेता के अंदाज ने चौंकायायह पूरा वाकया एक प्रतिष्ठित समाचार चैनल पर चल रही प्राइम टाइम डिबेट के दौरान का है, जहां विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रवक्ता और नेता समसामयिक मुद्दों पर बहस कर रहे थे। चर्चा के दौरान किसी विषय पर तीखी नोकझोंक छिड़ गई, जिसके बाद माहौल काफी गर्मा गया। इसी गहमागहमी के बीच कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहे नेता ने अपनी बात को एक अलग ही अंदाज में रखते हुए स्टूडियो में ही पूरा 'वंदे मातरम' गाना शुरू कर दिया। लाइव टेलीविज़न पर किसी मुख्यधारा के राजनीतिक दल के नेता द्वारा इस राष्ट्रीय गीत को पूरी तन्मयता के साथ गाने का यह दृश्य वहां मौजूद एंकर और अन्य पैनलिस्टों के लिए भी पूरी तरह से अप्रत्याशित था। इस घटना का वीडियो क्लिप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आते ही जंगल में आग की तरह फैल गया और इस पर आम जनता की तरफ से भी तमाम तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं।बीजेपी नेता राधिका खेड़ा की प्रतिक्रिया: तारीफ के साथ तंजइस घटना के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी की नेता राधिका खेड़ा ने इस पर अपनी कड़ी और चुटीली प्रतिक्रिया दर्ज कराई। उन्होंने एक इंटरव्यू या प्रतिक्रिया के दौरान कहा कि कांग्रेस नेता के मुंह से पूरा 'वंदे मातरम' सुनना वास्तव में एक सुखद आश्चर्य की तरह था और इसके लिए उनकी दाद देनी होगी। हालांकि, राधिका खेड़ा यहीं नहीं रुकीं और उन्होंने इस मौके का फायदा उठाते हुए कांग्रेस पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व पर जोरदार राजनीतिक हमला बोल दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि पार्टी के ऐसे नेता जमीन पर इस तरह की देशभक्ति और सांस्कृतिक प्रतीकों के प्रति सम्मान दिखा रहे हैं, तो उन्हें सबसे पहले अपने केंद्रीय नेतृत्व यानी सोनिया गांधी और राहुल गांधी को भी इसकी शिक्षा देनी चाहिए। बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व अक्सर ऐसे मुद्दों पर असहज नजर आता है, इसलिए उनके नेताओं को ऐसा करते देखना एक दुर्लभ राजनीतिक नजारा है।सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस और जनता की प्रतिक्रियाएंजैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, नेटिज़न्स के बीच इस पर एक तीखी बहस छिड़ गई। एक तरफ जहां कांग्रेस समर्थकों ने अपने नेता की इस प्रस्तुति की सराहना की और इसे सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी समर्थकों ने इसे केवल एक राजनीतिक स्टंट करार दिया। इंटरनेट पर इस मुद्दे को लेकर मीम्स और डिबेट्स का दौर शुरू हो गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आज के दौर में चुनावी और वैचारिक लाभ हासिल करने के लिए राजनीतिक दल अक्सर इस तरह के सांस्कृतिक और प्रतीकात्मक मुद्दों का सहारा लेते हैं। इस पूरी घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया कि भारतीय राजनीति में राष्ट्रीय प्रतीक और गीत किस प्रकार दलों के बीच जुबानी जंग और सियासी नफा-नुकसान का बड़ा जरिया बने हुए हैं।
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा विनाशकारी युद्ध एक बेहद खतरनाक और खूनी मोड़ पर पहुंच चुका है। हाल ही में मध्य यूक्रेन के क्रिवी रीह (Kryvyi Rih) शहर में स्थित एक व्यस्त शॉपिंग सेंटर पर रूस ने ताबड़तोड़ कई घातक ड्रोन से भीषण हमला कर दिया। इस दर्दनाक और भयानक हमले में कम से कम 16 बेकसूर नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि 130 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में बड़ी संख्या में छोटे बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। इस क्रूरतापूर्ण हवाई हमले के बाद पूरे यूक्रेन में गम और गुस्से का माहौल है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस घटना को सरासर बर्बरता और आतंकवादी कृत्य करार देते हुए रूस को मुंहतोड़ जवाब देने की कसम खाई है। आइए जानते हैं इस दिल दहला देने वाली घटना की पूरी और विस्तृत रिपोर्ट।राष्ट्रपति जेलेंस्की के गृह नगर पर हुआ सबसे बड़ा हमलायह दिल दहला देने वाला हमला सीधे तौर पर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के गृहनगर क्रिवी रीह को निशाना बनाकर किया गया। स्थानीय समयानुसार दोपहर के वक्त जब लोग अपने रोजमर्रा के कामों और खरीदारी में व्यस्त थे, तब अचानक रूसी ड्रोनों ने एक बड़े कमर्शियल शॉपिंग मॉल को तबाह कर दिया। चश्मदीदों के मुताबिक, हमला इतना अचानक और जबरदस्त था कि पलभर में पूरा इलाका धुएं के काले गुबार और चीख-पुकार से भर गया। क्षेत्रीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं (Emergency Services) के मुताबिक, इस मलबे के नीचे अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है, जिसके कारण मरने वालों का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। घायलों में कई बच्चों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिनका इलाज स्थानीय अस्पतालों के आईसीयू वार्ड में चल रहा है।'डबल-टैप' रणनीति: राहत कर्मियों को निशाना बनाने की घिनौनी साजिशइस हमले का सबसे डरावना पहलू यह रहा कि रूसी सेना ने कथित तौर पर 'डबल-टैप' (Double-tap) रणनीति का इस्तेमाल किया। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, जब पहले ड्रोन हमले के बाद राहत और बचाव दल (Rescuers and Medics) मौके पर पहुंचकर घायलों की मदद में जुटे थे, ठीक उसके आधे घंटे बाद एक दूसरा रूसी ड्रोन उसी जगह पर आ गिरा। इस दूसरी सुनियोजित स्ट्राइक का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन कर्मियों और डॉक्टरों को निशाना बनाना था, ताकि जान-माल का नुकसान अधिक से अधिक हो सके। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर अपने कड़े बयान में इस घिनौनी हरकत की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जानबूझकर एम्बुलेंस कर्मियों और बचाव दल पर हमला करना इस बात का सबूत है कि रूस अब पूरी तरह से आतंकवादी तौर-तरीके अपना रहा है।अंतरराष्ट्रीय जगत में आक्रोश और युद्ध के बढ़ते भयानक आयामयूक्रेन के शॉपिंग मॉल पर हुए इस घातक हमले के बाद पश्चिमी देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने रूस के खिलाफ गहरी नाराजगी जताई है। संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ के शीर्ष राजनयिकों ने इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन करार दिया है। पिछले कुछ हफ्तों से रूस ने यूक्रेन के विभिन्न शहरों, ऊर्जा संयंत्रों और रिहायशी इलाकों पर हवाई हमलों को और अधिक तेज कर दिया है। राजधानी कीव समेत कई अन्य प्रमुख शहरों में भी लगातार मिसाइल और ड्रोन बरसाए जा रहे हैं, जिससे आम नागरिकों का जीना मुहाल हो गया है। दूसरी तरफ, यूक्रेन की सेना भी जवाबी कार्रवाई करते हुए रूस के भीतर तेल रिफाइनरियों और सैन्य ठอดानों को निशाना बना रही है, जिससे यह युद्ध अब यूरोप के लिए एक अनवरत और विनाशकारी संकट बनता जा रहा है।जेलेंस्की का कड़ा संदेश: हम चुप नहीं बैठेंगे, निश्चित रूप से जवाब मिलेगाइस भीषण त्रासदी के बाद अपने राष्ट्र के नाम संबोधन में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की काफी आक्रामक नजर आए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में ऐलान किया कि यूक्रेन अपने नागरिकों की शहादत को व्यर्थ नहीं जाने देगा और इस क्रूरता का कड़ा जवाब दिया जाएगा। जेलेंस्की ने दुनिया भर के अपने सहयोगियों और पश्चिमी देशों से अपील की है कि वे रूस पर कड़े प्रतिबंधों का शिकंजा कसें और यूक्रेन को आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम मुहैया कराएं ताकि इस प्रकार के आसमान से आने वाले कहर को रोका जा सके। बहरहाल, इस ताजा नरसंहार ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यह युद्ध थमने के बजाय दिन-प्रतिदिन और अधिक खूनी तथा भयानक रूप धारण करता जा रहा है, जिसका खामियाजा केवल और केवल बेकसूर नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
'सपा कभी गठबंधन नहीं तोड़ती, जब साथ लेती तो साथ निभाती है...' अखिलेश का मायावती पर वार
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को बसपा प्रमुख मायावती के सोशल मीडिया पोस्ट पर पलटवार करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी कभी गठबंधन नहीं तोड़ती. उन्होंने कहा, 'इधर सच बोलना भी गलत है. सच बोलना मुश्किल है.'
पानी की बोतल से सस्ती बीयर! यूरोप के इस शहर सच में ऐसा है?
सोचिए, आप किसी रेस्टोरेंट में बैठे हैं और वेटर आपको बताता है कि बीयर की कीमत पानी की बोतल से भी कम है. भारत में यह बात सुनकर किसी को भी अजीब लगेगी. यहां तो बीयर के लिए हमेशा पानी से कहीं ज्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं. लेकिन यूरोप के कुछ हिस्सों में, खासकर टूरिस्ट इलाकों में, यह हकीकत सच में देखने को मिलती है.
सॉफ्टवेयर इंजीनियर विनय की संदिग्ध रूप से मौत, ससुराल पक्ष पर आरोप
दिल्ली के निहाल विहार से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है... आरोप है कि घर के अंदर ही ससुराल पक्ष के लोगों ने विनय कुमार गुप्ता की पीट-पीटकर हत्या कर दी. घटना शुक्रवार सुबह की है... मृतक विनय के ससुराल पक्ष के छह लोग उसके घर पहुंचे थे. आरोप है कि विनय की मां जब पानी और नाश्ता लेने कमरे से बाहर गईं, तभी उनके बेटे के साथ मारपीट शुरू कर दी गई. चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी पहुंचे और गंभीर हालत में विनय को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
PM Modi के 25 साल: BJP मनाएगी 'सेवा पखवाड़ा', Mega Campaign से जनता को जोड़ेगी
भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवैधानिक सार्वजनिक पद पर 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक एक राष्ट्रव्यापी सेवा अभियान, या 'सेवा पखवाड़ा' आयोजित करने की योजना बना रही है। 'सेवा संकल्प महोत्सव' नाम के इस 15-दिन के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत देश भर में स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण कार्यक्रम और स्वास्थ्य शिविर जैसी जन-सेवा और कल्याणकारी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसे भी पढ़ें: कृषि कानून से टूटा रिश्ता फिर जुड़ेगा? Punjab में BJP-SAD 'Comeback' की तैयारी यह अभियान प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक पद पर 25 साल पूरे होने के समय के साथ मेल खाएगा; 7 अक्टूबर 2026 को वे इस पद पर 25 साल पूरे करेंगे, जो उस दिन की याद दिलाएगा जब उन्होंने 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को राष्ट्रीय संयोजक के तौर पर इस अभियान की देखरेख की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। कार्यक्रमों के तालमेल के लिए हर राज्य में सात सदस्यों की एक टीम बनाई जाएगी, जिसमें एक मंत्री, एक संगठनात्मक महासचिव और पांच वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। बीजेपी मोदी के 25 साल के राजनीतिक सफ़र को दिखाने के लिए फ़ोटो और डिजिटल प्रदर्शनी आयोजित करने की भी योजना बना रही है। इसमें उनके शासन का रिकॉर्ड, विकास की पहल और कल्याणकारी योजनाएं शामिल होंगी। इन कार्यक्रमों में सुशासन, विकास और 'अंत्योदय' पर सेमिनार और बौद्धिक फ़ोरम के साथ-साथ युवाओं और समाज के अन्य वर्गों के साथ बैठकें और बातचीत के सत्र भी शामिल होने की उम्मीद है। इसे भी पढ़ें: दिल्ली में BJP राष्ट्रीय पदाधिकारियों की हाई-लेवल बैठक: आगामी विधानसभा चुनावों की बिछी बिसात, पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं केंद्र और राज्य सरकारों की कल्याणकारी योजनाओं और उनसे मिलने वाले फ़ायदों के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिए विशेष कैंप लगाने की भी योजना है। पार्टी अच्छे शासन, विकास और 'अंत्योदय' (हाशिए पर मौजूद लोगों का उत्थान) जैसे विषयों पर बौद्धिक सम्मेलन और सेमिनार आयोजित करने की भी योजना बना रही है। युवाओं और समाज के अन्य वर्गों के साथ बातचीत के सत्र आयोजित किए जाएंगे, साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों की जन-कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगे। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Canada US Trade War: अमेरिका और कनाडा के बीच जारी व्यापार वार्ता अचानक बड़े आर्थिक युद्ध में तब्दील हो गई है। कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका द्वारा आखिरी वक्त पर रखी गई 'अव्यावहारिक शर्तों का विरोध करते हुए ट्रेड वार्ता को तुरंत रोक ...
'मेरा काम ट्रॉफी जीतना है, लाइक्स-व्यूज नहीं...' गंभीर का आलोचकों को सीधा जवाब
भारत-श्रीलंका दूसरे टेस्ट से पहले टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने आलोचकों को दो टूक जवाब दिया है. गंभीर ने कहा कि उनका काम लाइक्स और व्यूज हासिल करना नहीं, बल्कि भारतीय टीम के लिए ट्रॉफियां जीतना है. उन्होंने टेस्ट रैंकिंग को भी ज्यादा अहमियत नहीं दी और कहा कि भारत संघर्ष नहीं कर रहा. इंग्लैंड दौरे के बाद टीम ने ठीक-ठाक टेस्ट क्रिकेट खेली है.
गोविंदा-सुनीता विवाद में राखी सावंत की एंट्री, किया खुलासा
गोविंदा और सुनीता आहूजा की 39 साल पुरानी शादी टूटने से फिलहाल बच गई है, लेकिन रिश्ते को लेकर विवाद खत्म नहीं हुआ. सुनीता ने फैमिली कोर्ट से तलाक की याचिका वापस ले ली. इसके बाद राखी सावंत ने फोन पर बातचीत के दौरान दावा किया कि अगर याचिका वापस नहीं ली जाती तो गोविंदा दूसरी शादी की तैयारी में थे. हालांकि गोविंदा की ओर से इन दावों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
मैके टेस्ट के पहले दिन विकेटों का पतझड़... ऑस्ट्रेलिया भी लड़खड़ाया
मैके टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई टीम की स्थिति थोड़ी मजबूत है, लेकिन बांग्लादेश ने गेंद से वापसी करके मुकाबले को पूरी तरह एकतरफा होने से बचा लिया. अब दूसरे दिन का खेल मैच की दिशा को तय करेगा. पिच से तेज गेंदबाजों को मदद मिल रही है और बल्लेबाजी करना आसान नहीं है.
अपने ही घर में जिंदा दफना दी गई राजघराने की वारिस! 3 साल बाद खुला राज, हिल गया पूरा देश
तीन सालों तक यह झूठ बिकता रहा। लेकिन शकीरे की बेटी एस्मेथ खलीली को दिल ही दिल में कुछ गलत होने का शक था। उनकी जिद और पुलिस की क्राइम ब्रांच की जांच जब आगे बढ़ी, तो बैंगलोर के उस आलीशान बंगले के आंगन में खुदाई शुरू हुई।
कल्याण सिंह की 5वीं पुण्यतिथि: योगी ने सपा पर साधा निशाना, बोले-
पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि पर लखनऊ के इकाना स्टेडियम में 'हिंदू गौरव दिवस' कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि गिरगिट की तरह रंग बदलने वाली सपा के PDA में 'P' कभी पिछड़ा था, फिर पंडित हो गया, एक दिन पाकिस्तान भी कर देंगे।
सदी के सबसे खौफनाक एल नीनो का अलर्ट, दुनियाभर में बढ़ेगी गर्मी; भारत पर दोहरा कृषि संकट
ब्रिटेन के मौसम विभाग ने सदी के सबसे विनाशकारी एल नीनो की चेतावनी दी है, जिससे 2027 वैश्विक स्तर पर सबसे गर्म साल हो सकता है।
टी20 में काटा गदर, अब टेस्ट में धमाल मचाएंगे सूर्यवंशी!
वैभव सूर्यवंशी को लेकर राहुल द्रविड़ ने बड़ा बयान दिया है. टी20 में बल्ले से जलवा बिखेरने वाले वैभव आने वाले समय में टेस्ट क्रिकेट के भी बड़े सुपरस्टार बन सकते हैं.
जयपुर जिले में एक भयानक सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई, जिनमें एक दंपत्ति और उनकी दो बहुएं शामिल हैं। यह हादसा सरमथुरा-फलोदी मेगा हाईवे पर फागी से लगभग तीन किलोमीटर दूर माधोराजपुरा रोड पर हुआ।
मसूरी या उदयपुर: सितंबर में घूमने के लिए क्या रहेगा बेस्ट?
Mussoorie vs Udaipur in September: सितंबर में घूमने का प्लान है लेकिन मसूरी और उदयपुर के बीच कन्फ्यूज हैं तो चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. आज हम आपको बताएंगे कि आपकी पसंद और मौसम के हिसाब से सितंबर में इन दोनों जगहों में से कहां जाना आपके लिए बेहतर रहेगा.
Rape Case दबाने के लिए 5 Crore की मांग? NHRC ने CM Mann की पत्नी से मांगे जवाब, BJP हुई हमलावर
नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) ने उन आरोपों का संज्ञान लिया है जिनमें कहा गया है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी ने रेप के एक मामले को दबाने के लिए 5 करोड़ रुपये मांगे थे। ये आरोप NHRC में दर्ज कराई गई एक शिकायत में बताए गए थे, जिसमें कहा गया था कि ये आरोप पंजाब के पूर्व जज जस्टिस रंजीत सिंह ने लगाए थे। प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली NHRC बेंच ने पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को इस मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। इसे भी पढ़ें: कृषि कानून से टूटा रिश्ता फिर जुड़ेगा? Punjab में BJP-SAD 'Comeback' की तैयारी अधिकारियों से कहा गया है कि वे दो हफ़्ते के अंदर आयोग को 'की गई कार्रवाई की रिपोर्ट' (ATR) सौंपें। NHRC ने यह मामला भारत सरकार के गृह मंत्रालय के महिला सुरक्षा विभाग को भी भेजा है। आयोग ने कहा है कि 'की गई कार्रवाई की रिपोर्ट' मिलने के बाद वह आगे की कार्रवाई पर फ़ैसला करेगा। NHRC ने एक बयान में कहा कि लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी (LRO) की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में चिंता जताई गई है कि इस तरह के दखल से पीड़ित के सम्मान, सुरक्षा, निष्पक्ष जांच और न्याय पाने के अधिकार पर असर पड़ सकता है। इसमें आरोपों की स्वतंत्र जांच, सबूतों को सुरक्षित रखने और जांच को कमजोर करने या प्रभावित करने की किसी भी कोशिश की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। NHRC ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता ने इस बात पर जोर दिया था कि किसी भी तरह के प्रभाव से पीड़ित के न्याय पाने के अधिकार से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। आयोग ने कहा की शिकायतकर्ता इस बात पर ज़ोर देता है कि रेप पीड़िता के न्याय पाने के अधिकार को किसी भी तरह के प्रभाव, रुतबे या पद से ऊपर रखा जाना चाहिए। मानवाधिकार संस्था के अनुसार, शिकायत में लगाए गए आरोपों से पहली नज़र में ऐसा लगता है कि पीड़िता के मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ हो सकता है। इसलिए, आयोग ने पंजाब के संबंधित अधिकारियों को इन आरोपों की जांच करने और अपने निर्देशों के अनुसार उचित कार्रवाई करने का आदेश दिया। भाजपा ने मांगा इस्तीफा बीजेपी नेता मनोरंजन कालिया ने पंजाब सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की है कि नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) के नोटिस के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान अपनी पत्नी गुरप्रीत कौर से जुड़े आरोपों पर जवाब दें। कालिया ने सत्ताधारी पार्टी की आलोचना करते हुए कहा कि वह पूरी तरह ईमानदार से पूरी तरह बेईमान हो गई है। उन्होंने मंत्रियों और अहम विधायकों पर लगे भ्रष्टाचार के कई आरोपों का ज़िक्र करते हुए कहा कि अब इस मामले में मुख्यमंत्री का परिवार भी शामिल हो गया है। इसे भी पढ़ें: दिल्ली में BJP राष्ट्रीय पदाधिकारियों की हाई-लेवल बैठक: आगामी विधानसभा चुनावों की बिछी बिसात, पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं कालिया ने कहा कि असल बात यह है कि NHRC ने पंजाब के DGP से रिपोर्ट मांगी है। यह पूरा मामला पूर्व जस्टिस सरदार रंजीत सिंह ने उठाया है। इसका मतलब है कि पूर्व जस्टिस ने कोई बेबुनियाद दावा नहीं किया होगा; बल्कि, ये आरोप तथ्यों पर आधारित हो सकते हैं। उन्होंने पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल से मान के इस्तीफे की मांग करने को भी कहा और कहा कि इसे देखते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को सफाई देनी चाहिए और पार्टी प्रमुख श्री केजरीवाल को भगवंत मान के इस्तीफे की मांग करनी चाहिए। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
IAS ज्ञानेंद्र कुमार लापता, KPSC पर ED रेड के बाद गए थे दिल्ली
आईएएस (IAS) अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार के अचानक लापता होने से चिंता बढ़ गई है. शुक्रवार (22 अगस्त 2026) को दिल्ली जाने के बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है. पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है, जबकि परिवार ने अभी औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है.
34 साल पहले गायब हुए थे दो पर्वतारोही, ग्लेशियर पिघला तो मिले शव
1992 में स्विस आल्प्स में लापता हुए दो पर्वतारोहियों का 34 साल बाद पता चला. ग्लेशियर पिघलने पर दोनों के शव मिले और DNA जांच से पहचान हुई. बर्फ में इतने सालों से दबे इस मामले ने सबको चौंका दिया.
UP में चीनी की कालाबाजारी पर नकेल, 400 टन से ज्यादा स्टॉक पर होगा एक्शन
सीएम योगी ने राज्य में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, कालाबाजारी और ओवरप्राइसिंग पर रोक लगाने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं. सीएम ने 400 टन से ज्यादा स्टॉक रखने या 30 दिनों से ज्यादा भंडारण करने वाले डीलरों के खिलाफ एस्मा के तहत कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
RGNAU Amethi के विस्तार को केंद्र की हरी झंडी, 500 एकड़ जमीन पर बनेगा रिसर्च सेंटर
अमेठी (उप्र) 22 अगस्त केंद्र सरकार ने अमेठी के फुर्सतगंज में स्थित राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय (आरजीएनएयू) के उस प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है, जिसके तहत विश्वविद्यालय अपनी एयरोस्पेस गतिविधियों का विस्तार अतिरिक्त 500 एकड़ ज़मीन पर करेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया है कि केंद्र ने उत्तर प्रदेश सरकार को इसके लिए ज़मीन उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया है। आरजीएनएयू के कुलपति प्रो. बीएन सिंह ने पत्रकारों को बताया, ‘‘ यह देश का एक मात्र विमानन विश्वविद्यालय है और ‘2047 विकसित भारत’ के लक्ष्य में इसकी अहम भूमिका होने वाली है। उन्होंने कहा कि इसके एयरोस्पेस के विस्तार का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया था जिसे केंद्र सरकार ने अपनी स्वीकृति देते हुए 500 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा है।’’कुलपति ने बताया कि राज्य सरकार से भूमि उपलब्ध होते ही ‘सेंटर फॉर एक्सीलेंस’ विकसित करने का काम शुरू होगा। उन्होंने कहा कि भूमि के सर्वेक्षण का काम चल रहा है। सिंह ने कहा कि गत दिनों उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी और उन्होंने कहा था कि शीघ्र भूमि उपलब्ध करा दी जायेगी। उन्होंने बताया कि 500 एकड़ की प्रस्तावित भूमि पर अत्याधुनिक लैब, रिसर्च सेंटर और आधारभूत ढांचा विकसित किया जाएगा। कुलपति के अनुसार, संस्थान ने 2033 तक छात्रों की संख्या बढ़ाकर 17,000 करने के लिए एक ‘डेवलपमेंट मॉडल’ तैयार किया है। अभी यहां 595 छात्र हैं। राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय, फुर्सतगंज 2013 में नागर विमानन मंत्रालय के तहत स्थापित केंद्रीय विश्वविद्यालय है और यह विमानन एवं एयरोस्पेस शिक्षा के लिए देश का एकमात्र संस्थान है।
आबूरोड नगर निकाय चुनावों में शहर को बैलेंस करेंगे ये बाहरी इलाके
आबूरोड। निकाय चुनावों को लेकर लाॅटरियां हो गई। चुनाव की तिथि की घोषणा हो गई और आचार संहिता भी लग गई है। आबूरोड में अभी सभापति पद के दावेदार अपने वार्डों की तलाश में लगे हुए हैं। लेकिन, ये तय है कि हर बार की तरह इस बार भी बाजार में केंडिडेट्स की भरमार होगी। […] The post आबूरोड नगर निकाय चुनावों में शहर को बैलेंस करेंगे ये बाहरी इलाके appeared first on Sabguru News .
वेस्टर्न लुक में छाईं सनी देओल की पत्नी, बेटे-बहू ने लूटी लाइमलाइट
हमेशा लाइमलाइट से दूर रहने वाली पूजा देओल का दीदार करके फैंस की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. पूजा देओल को देखते ही पैप्स ने उन्हें अपने कैमरों में कैद कर लिया.
भारत में लॉन्च हुआ पावर बैंक, हैरान कर देंगे इसके फीचर्स
भारत में एक नया पावर बैंक लॉन्च हो गया है, जिसमें वायर्ड और वायरलेस दोनों चार्जिंग का सपोर्ट दिया गया है. इसमें मैक्सिमम 45W तक का वायर्ड फास्ट चार्जिंग सपोर्ट है और 15W का वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट दिया गया है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
महाराष्ट्र के बाद कर्नाटक में भी बैन हुआ एनालॉग पनीर!
महाराष्ट्र के बाद कर्नाटक में भी एनालॉग पनीर के भंडारण, बिक्री और सप्लाई पर रोक लगा दी गई है. हालांकि फिलहाल सिर्फ एक साल के लिए यह रोक लगाई गई है.
60 लाख का पैकेज, दो बच्चे... इंजीनियर की मौत के पीछे ससुराल कनेक्शन!
दिल्ली में 31 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर विनय की मौत के बाद से परिवार सदमे में है. 60 लाख रुपये का पैकेज, दो बच्चे और साढ़े 3 साल की शादी... लेकिन एक विवाद के बाद विनय की जान चली गई. परिवार ने विनय के ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है. पुलिस ने इस मामले में पत्नी रेखा, उसके दो भाइयों और भाभी को गिरफ्तार किया है.
मनन मिश्रा की कुर्सी पर संकट? साथी ने ही मांग लिया इस्तीफा, 150 करोड़ की गड़बड़ी का आरोप
BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के खिलाफ को-चेयरमैन YR सदाशिवा रेड्डी ने इस्तीफे की मांग की है। पत्र में 150 करोड़ रुपये के फंड ट्रांसफर, नियुक्तियों में पारदर्शिता और BCI Trust PEARL-FIRST के खातों की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।
सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने निजी पता सार्वजनिक करने का आरोप लगाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है और 2 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग की है।
Meerut Police: सपा नेताओं से मारपीट के आरोप में थाना प्रभारी समेत 8 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
समाजवादी पार्टी (सपा) के दो नेताओं द्वारा तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पांडेय समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर मारपीट के लगाए गए आरोपों की जांच के बीच, मेरठ में सिविल लाइंस थाना प्रभारी समेत आठ पुलिसकर्मियों को शनिवार को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) भानु भास्कर के आदेश पर मामले की जांच सहारनपुर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) अभिषेक सिंह कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, संबंधित पुलिसकर्मियों को इसलिए लाइन हाजिर किया गया है ताकि जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनी रहे। लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मियों में सिविल लाइंस थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार गौड़, उपनिरीक्षक मुलायम सिंह, हेड कांस्टेबल हरि ओम, कांस्टेबल मुकेश कुमार, हेड कांस्टेबल श्याम बाबू, कांस्टेबल सुमित कुमार, कांस्टेबल नीलम लौर और चालक ललित कुमार शामिल हैं। इससे पहले, सपा नेता दिग्विजय सिंह भाटी और मोहित जाटव ने आरोप लगाया था कि 19 अगस्त को तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय से मिलने के दौरान उनके साथ ‘‘गाली-गलौज और मारपीट’’ की गई। भाटी ने आरोप लगाया कि एसएसपी के कक्ष में पिटाई के बाद उन्हें सिविल लाइंस थाना प्रभारी अखिलेश कुमार गौड़ के जरिए विशेष अभियान समूह (एसओजी) के कार्यालय ले जाया गया, जहां उनके हाथ-पैर बांधकर उन्हें ‘‘डंडों से पीटा गया।’’भाटी ने यह भी आरोप लगाया था कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया और उन्हें यह धमकी दी कि घटना के बारे में मीडिया से बात करने पर उनका और बुरा हाल किया जाएगा। मोहित जाटव ने भी पुलिसकर्मियों पर उन्हें ‘‘मुठभेड़ की धमकी’’ देने का आरोप लगाया था। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। सपा विधायक अतुल प्रधान ने मामले में मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए कहा था कि पुलिस कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से घटना की सच्चाई सामने आ सकती है। इस बीच, पुलिस अधीक्षक (नगर) विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया के जरिए सामने आए पुलिसकर्मियों द्वारा कथित मारपीट के मामले को गंभीरता से लिया गया है तथा जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए संबंधित पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। एसएसपी के आदेश पर सिविल लाइंस थाने के प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार गौड़ को पुलिस लाइन स्थानांतरित कर दिया गया है। भोसले ने बताया कि उपनिरीक्षक अरुण भाटी को नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है।
मंगोलपुरी की गलियों में चाकूबाजी, पुरानी रंजिश के चलते हमला... 6 लोग घायल
दिल्ली के मंगोलपुरी में चाकूबाजी की घटना सामने आई है. हमले में 6 लोग घायल बताए जा रहे हैं. स्थानीय लोगों ने हमलावरों पर लूटपाट का आरोप भी लगाया है.
यूपी विधानसभा, सचिवालय-अध्यक्ष के खिलाफ अभद्र टिप्पणी पर होगी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश विधानसभा, विधानसभा सचिवालय और अध्यक्ष के बारे में सोशल मीडिया पर अनर्गल, गलत एवं निराधार टिप्पणी करने वालों पर अब कानूनी कार्रवाई की जाएगी. विधानसभा सचिवालय के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी किया है.
अखिलेश के ‘चवन्नी’ वाले बयान पर भड़के जयंत चौधरी, बोले- जाट समाज को निशाना बनाना पतन की राह
अखिलेश यादव के ‘चवन्नी को रुपया’ बयान पर जयंत चौधरी ने पलटवार किया। जाट समाज को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए इसे राजनीतिक पतन की राह बताया।
कुनिका ने खरीदा करोड़ों का घर, बेटे ने दिखाई झलक
अयान ने अपने यूट्यूब चैनल पर अपने नए घर की झलक दिखाई है. अयान ने कहा कि फाइनली 20 साल बाद हम नए घर में जाएंगे.
पिकअप वैन से गिरी लोहे की रॉड, बाइक सवार के शरीर में जा घुसी, VIDEO
केरल के त्रिशूर में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. यहां चलती पिकअप वैन से लोहे की रॉड गिरकर एक बाइक सवार के शरीर में घुस गई. जिसके कारण उसकी मौत हो गई.
BCI में अब आर-पार की लड़ाई! YR Sadashiva Reddy ने Manan Mishra से कहा: Bar को बेहतर चाहिए
बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (BCI) के को-चेयरमैन और सीनियर एडवोकेट YR सदाशिव रेड्डी ने चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफ़े की मांग करते हुए कहा है कि बार इससे बेहतर की हकदार है। 'लाइव लॉ' की रिपोर्ट के मुताबिक, रेड्डी ने मिश्रा के इस्तीफ़े की मांग के पीछे कई वजहें बताई हैं, जिनमें ₹150 करोड़ के फंड का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल, परिवार के सदस्यों की नियुक्तियां और NALSAR के छात्रों के खिलाफ गैर-कानून कार्रवाई शामिल है। इसे भी पढ़ें: CJI Surya Kant के प्रति बढ़ रही नाराजगी! NALSAR के बाद NLSIU Bengaluru के छात्रों ने भी जताया विरोध, BCI President Manan Kumar Mishra पर भी उठे सवाल रेड्डी ने अपने पत्र में कहा कि वह मिश्रा को विरोधी के तौर पर नहीं, बल्कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चुने हुए सदस्य और तीन दशकों से ज़्यादा समय से इस पेशे से जुड़े व्यक्ति के तौर पर लिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुप रहने का मतलब होगा इस देश के वकीलों द्वारा मुझ पर जताए गए भरोसे को तोड़ना। रेड्डी ने मांग की है कि मिश्रा पत्र मिलने के 15 दिनों के भीतर इस्तीफा दे दें। उन्होंने पत्र में उठाए गए मुद्दों पर विचार करने के लिए BCI की एक विशेष बैठक बुलाने और साथ ही BCI और BCI ट्रस्ट 'पर्ल फर्स्ट' के खातों का विशेष ऑडिट कराने की भी मांग की है। उन्होंने काउंसिल या उससे जुड़े किसी भी ट्रस्ट या संस्था द्वारा लॉ कॉलेजों, विश्वविद्यालयों या मैनेजमेंट से मिलने वाले योगदान, दान या भुगतान पर तुरंत रोक लगाने की भी मांग की और BCI की वेबसाइट पर पूरे स्टाफ की स्थिति को प्रकाशित करने को कहा। रेड्डी ने कहा कि मेरी आपसे कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने मिश्रा के साथ काउंसिल में एक दशक तक काम किया है। उन्होंने कहा कि जब तक आप अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे, तब तक यह संस्था उबर नहीं पाएगी और अपनी बात खत्म करते हुए कहा, इस देश का बार (वकील समुदाय) अपनी ही काउंसिल से जो कुछ अभी मिल रहा है, उससे कहीं बेहतर का हकदार है। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप उन्हें वह मौका दें। इसे भी पढ़ें: Manan Kumar Mishra कौन हैं? NALSAR विवाद और CJP कैंपेन से सुर्खियों में BCI चेयरमैन मनन मिश्रा ने शुक्रवार को अपने इस्तीफ़े की मांग को खारिज कर दिया; इस मांग का समर्थन अभिजीत दिपके की 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने भी किया था। उनके ये बयान CJP द्वारा नई दिल्ली में BCI के सामने मिश्रा के इस्तीफ़े की मांग को लेकर किए जा रहे विरोध-प्रदर्शन का समर्थन करने और लीगल कॉकरोच (कानूनी कॉकरोच) को इसमें शामिल होने के लिए बुलाने के कुछ दिनों बाद आए हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
भारत के गांवों तक स्टारलिंक पहुंचाने की तैयारी? एलन मस्क ने दूरदराज के इलाकों के लिए जताई दिलचस्पी
भारत में इंटरनेट का विस्तार पिछले कुछ वर्षों में तेजी से हुआ है, लेकिन ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच डिजिटल कनेक्टिविटी का अंतर अभी भी बना हुआ है। मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार, देश में इंटरनेट सब्सक्राइबर की संख्या करीब 109.28 करोड़ थी।
प्रमोशन में आरक्षण पर गुजरात सरकार दिव्यांग अधिकारियों के लिए बनाएगी नीति
गुजरात सरकार ने दिव्यांग अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण का लाभ देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने इस संबंध में उचित नीति तैयार करने के लिए 5 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है. समिति कानूनी प्रावधानों, कोर्ट के फैसलों और दूसरे राज्यों की नीतियों का अध्ययन कर सरकार को अपनी सिफारिश देगी.
2500 से ज्यादा स्कूल जर्जर, 300 बिना इमारत... इस राज्य में ऐसा है शिक्षा का हाल
राजस्थान सरकार की ओर से स्कूलों की स्थिति का ऑडिट कराया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्कूलों में भवन और मरम्मत से जुड़ी जरूरतें सामने आईं. सरकार के दस्तावेज के मुताबिक, 2,500 से अधिक स्कूलों की मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए 550 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है. इसके अलावा 300 भवनविहीन और जर्जर स्कूलों के भवन 450 करोड़ रुपये की लागत से बनवाए जाने हैं.
लंच में बनाएं झारखंड स्पेशल 'दही का चौंका', पेट को रखेगा ठंडा
झारखंड की पारंपरिक दही का चौंका रेसिपी उमस भरे मौसम में पेट को ठंडा रखने के लिए फेमस है. यह रेसिपी जल्दी बन जाती है और चावल के साथ परोसी जाती है. इसे बनाने में 5 से 10 मिनट का समय लगता है, आइए आपको इसे बनाने का तरीका बताते हैं.
कौन थे गुरु शुक्राचार्य? जिनका अक्षय खन्ना महाकाली में निभाएंगे रोल
Mahakali: डायरेक्टर प्रशांत वर्मा की अपकमिंग फिल्म 'महाकाली' इस समय सुर्खियों में हैं. इस फिल्म में अभिनेता अक्षय खन्ना असुरों के गुरु शुक्राचार्य की भूमिका निभाते नजर आएंगे. तो आइए जानते हैं कि कौन थे गुरु शुक्राचार्य, जिसको लेकर सोशल मीडिया पर इतनी चर्चा हो रही है.
दिल्ली में बढ़ा स्वाइन फ्लू का खतरा, एच1एन1 के 1,777 मामले; इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
दिल्ली में एच1एन1 स्वाइन फ्लू के मामले बढ़कर 1,777 हुए। जानिए स्वाइन फ्लू के लक्षण, बचाव के उपाय और किन लोगों को संक्रमण का अधिक खतरा है।
पैर बांधे, रेता गला, सिर पर वार... चौंकाने वाली है MSC छात्रा की PM रिपोर्ट
वाराणसी में एमएससी की पढ़ाई व NEET की तैयारी कर रही छात्रा की हत्या मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक छात्रा का गला रेतकर हत्या की गई और सिर पर भारी वस्तु से वार किया गया था. उसके पैर भी बंधे मिले.
Jantar Mantar पर आरक्षण के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन, कई हिरासत में; आर्थिक आधार पर देने की मांग
शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया, जब जाति-आधारित आरक्षण के विरोध में जंतर-मंतर पर लोगों की भारी भीड़ जमा हुई थी। इस प्रदर्शन को मुख्य रूप से सोशल मीडिया के ज़रिए रिज़र्वेशन हटाओ आंदोलन ने संगठित किया था। यह इंस्टाग्राम पर चलने वाला एक कैंपेन है, जिसने अपने फ़ॉलोअर्स से इस प्रत्यक्ष विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। इंस्टाग्राम पर इस पेज के लगभग 56 लाख (5.6 मिलियन) फ़ॉलोअर्स हैं। इसे भी पढ़ें: कृषि कानून से टूटा रिश्ता फिर जुड़ेगा? Punjab में BJP-SAD 'Comeback' की तैयारी विरोध प्रदर्शन स्थल पर बार-बार यह मांग उठाई गई कि सरकारी सहायता और लाभ पाने का आधार केवल जाति नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से पिछड़ापन होना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा, कोटा नीतियों में बदलाव और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों (EWS) के लिए ज़्यादा समर्थन की भी मांग की। 'रिज़र्वेशन हटाओ आंदोलन' के बैनर तले प्रदर्शनकारी जाति-आधारित आरक्षण का विरोध कर रहे थे। वे बैनर, पोस्टर और केसरिया झंडे लिए हुए थे और मांग कर रहे थे कि आरक्षण आर्थिक आधार पर होना चाहिए। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा (ABKM) से जुड़े एक प्रदर्शनकारी के हवाले से कहा कि हमारी मांग है कि सरकारी मदद की ज़रूरत किसे है, यह तय करते समय आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखा जाना चाहिए। जाति से परे, किसी गरीब व्यक्ति को शिक्षा, कोचिंग और अन्य ज़रूरतों के लिए मदद मिलनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि मौजूदा सामाजिक और आर्थिक स्थितियों को देखते हुए आरक्षण नीति की समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि आरक्षण में क्रीमी-लेयर का नियम लागू किया जाए और अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए नीतियों में बदलाव किया जाए। इसे भी पढ़ें: दिल्ली में BJP राष्ट्रीय पदाधिकारियों की हाई-लेवल बैठक: आगामी विधानसभा चुनावों की बिछी बिसात, पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं उन्होंने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के ढांचे पर भी सवाल उठाए। एक और प्रदर्शनकारी के हवाले से कहा गया कि हम कई सालों से यह मुद्दा उठा रहे हैं। हमारा कहना है कि सरकार को इस बात की जांच करनी चाहिए कि क्या मौजूदा सिस्टम अपने मकसद को पूरा कर रहा है और क्या ज़मीनी स्तर पर लोगों तक फ़ायदे पहुँच रहे हैं। बाद में दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों का कहना था कि उनके पास जंतर-मंतर पर किसी भी तरह के प्रदर्शन या जमावड़े की इजाज़त नहीं थी। हालांकि, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के DCP ऑफिस से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि रामलीला मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की इजाज़त दी गई थी और इसके लिए 'नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) भी जारी किया गया था। वहीं, पुलिस ने कहा कि कानून-व्यवस्था के नज़रिए से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
कन्नौज में कांवड़ यात्रा पर बवाल, एडीएम ने मांगी माफी
कन्नौज में कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे को शहर के अंदर ले जाने से रोकने पर पुलिस और कांवड़ियों के बीच विवाद हो गया. कहासुनी के बाद धक्का-मुक्की हुई और कांवड़िए सड़क पर धरने पर बैठ गए. मामला बढ़ा तो प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कांवड़िया प्रतिनिधियों से माफी मांगी. कोतवाल जितेंद्र ने भी इस्तीफे का ऐलान किया. आखिरकार डीजे को आगे ले जाने की अनुमति मिली और विरोध खत्म हुआ.
सुप्रीम कोर्ट ने श्री श्री रविशंकर की संस्था को दी बड़ी राहत, डीडीए लौटाएगा 5 करोड़ रुपये जुर्माना
सुप्रीम कोर्ट ने आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन पर लगा 5 करोड़ रुपये का जुर्माना रद्द कर दिया। डीडीए को राशि वापस करने और यमुना फ्लड प्लेन की बहाली जारी रखने का निर्देश दिया।
पहाड़ पर खड़ा बेटा, फफकती मां और बेबस बाप... खत्म हुए परिवार के आखिरी लम्हों की कहानी
छत्रपति संभाजीनगर के पहाड़ पर सुबह करीब 10 बजे एक परिवार अपने 18 साल के बेटे को बचाने पहुंचा था. तीन घंटे तक उसे समझाने की कोशिश होती रही. मां रोती रही, गांव के लोग और सरपंच उसे मनाते रहे, पुलिस और फायर ब्रिगेड भी पहुंची. लेकिन दोपहर करीब 1 बजे एक ऐसी घटना हुई, जिसने पूरे परिवार को खत्म कर दिया.
Akhilesh Yadav के 'चवन्नी' वाले बयान पर Mayawati का पलटवार, कहा- जाट समाज से मांफी मांगें
बीएसपी प्रमुख मायावती ने 22 अगस्त को समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव की आलोचना की। उन्होंने राष्ट्रीय लोक दल (RLD) प्रमुख और पूर्व सहयोगी जयंत चौधरी पर की गई टिप्पणी के लिए अखिलेश यादव को आड़े हाथों लिया और कहा कि उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के परिवार का अपमान करने के लिए पूरे जाट समुदाय से माफ़ी मांगनी चाहिए। मायावती ने अखिलेश यादव के बयान हम लोगों ने चवन्नी को रुपया बना दिया, फिर भी छोड़कर चले गए को बेहद अभद्र, अशोभनीय और शर्मनाक बताया। उन्होंने X पर एक पोस्ट में लिखा कि समाजवादी पार्टी प्रमुख को इन टिप्पणियों के लिए न केवल पार्टी और उसके नेता से, बल्कि जाट समुदाय से भी माफ़ी मांगनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: कृषि कानून से टूटा रिश्ता फिर जुड़ेगा? Punjab में BJP-SAD 'Comeback' की तैयारी उन्होंने समाजवादी पार्टी पर राजनीतिक संकीर्ण सोच और जातिवादी नफरत का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन्हीं वजहों से भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बार-बार राजनीतिक और चुनावी फायदा मिला है और उत्तर प्रदेश में धर्मनिरपेक्ष ताक़तें कमज़ोर हुई हैं। उन्होंने कहा कि SP के तौर-तरीके, उसका चरित्र और चेहरा हमेशा से ही – चाहे उसके विरोधी हों या सहयोगी – राजनीतिक संकीर्ण सोच और जातिवादी नफ़रत से ग्रस्त रहे हैं, जिससे वह काफ़ी हद तक नापसंद और अविश्वसनीय बन गई है। 1995 की लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस की घटना का ज़िक्र करते हुए मायावती ने याद दिलाया कि कैसे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया था, जब BSP ने मुलायम सिंह यादव की गठबंधन सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था। उन्होंने SP के व्यवहार को ऐसा बताया जिसमें पार्टी अपने फ़ायदे के लिए गठबंधन का इस्तेमाल करती है और फिर अपना रुख़ बदलकर अभद्र भाषा का सहारा लेती है। उन्होंने लिखा कि यह SP का पुराना व्यवहार है, और समाज के अलग-अलग वर्गों से अपील की कि वे इस पार्टी की राजनीति से सावधान रहें। मायावती की ये टिप्पणियां अखिलेश यादव के उस हमले के बाद आईं जिसमें उन्होंने जयंत चौधरी पर निशाना साधा था। जयंत चौधरी ने 2024 में BJP के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) में शामिल होने के लिए SP गठबंधन छोड़ दिया था। अखिलेश यादव का 25 पैसे को एक रुपया बनाने वाला बयान, चौधरी के 2022 के उस बयान का जवाब था जिसमें उन्होंने BJP के प्रस्ताव को ठुकराते हुए कहा था, मैं कोई चवन्नी हूं जो पलट जाऊंगा? इसे भी पढ़ें: दिल्ली में BJP राष्ट्रीय पदाधिकारियों की हाई-लेवल बैठक: आगामी विधानसभा चुनावों की बिछी बिसात, पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं अखिलेश यादव की टिप्पणी के जवाब में, जयंत चौधरी ने समाजवादी पार्टी पर जाट समुदाय का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीति की लड़ाई में, अगर आपको कुछ घटिया शब्द इस्तेमाल करने ही थे, तो कम से कम मेरा नाम लेकर कहते। इससे कोई समस्या नहीं होती। जाट समुदाय को निशाना बनाना और यह कहना कि ABCD हमने सिखाई? मैंने यह अहंकार करीब से देखा है, और मेरा मानना है कि ऐसे व्यवहार से सिर्फ़ पतन ही होता है! देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Bihar के West Champaran में भीड़ में घुसी बस, 5 लोगों की मौत और कई घायल
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग ले रहे लोगों की भीड़ में एक बस के घुस जाने से कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। यह घटना शुक्रवार रात करीब पौने 11 बजे लौरिया थाना क्षेत्र के पराऊ टोला में लौरिया मार्ग पर हुई। नरकटियागंज के अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) अजय प्रकाश सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘एक ट्रक से आमने-सामने की टक्कर से बचने की कोशिश में बस सड़क किनारे एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग ले रहे लोगों की भीड़ में घुस गई। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गए।’’उन्होंने बताया कि घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। सिंह ने बताया कि मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘बस और ट्रक को जब्त कर लिया गया है। दोनों वाहनों के चालक अफरा-तफरी का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।’’उन्होंने बताया कि दोनों चालकों की तलाश की जा रही है।
बांग्लादेशी टीम को उकसाने लगे स्मिथ, अंपायर ने दी कड़ी चेतावनी
स्टीव स्मिथ और बांग्लादेशी टीम के बीच डीआरएस को लेकर चल रही जुबानी जंग ने नया मोड़ ले लिया है. फर्क सिर्फ इतना रहा कि पिछले टेस्ट में मामला खिलाड़ियों के बीच सीमित था, जबकि इस बार अंपायर को दखल देना पड़ा.
Sugar Price Hike: 65 रुपये किलो हुई चीनी! सरकार ने बनाया तगड़ा प्लान।Sugar Price Update | Sugar Price
देश में चीनी की कीमतों में लगातार तेजी ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। कुछ बाजारों में चीनी का खुदरा भाव 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है, जबकि देश में औसत खुदरा कीमत भी तेजी से बढ़ी है।
10 साल में पहली बार चीनी खरीदेगा भारत,जानें किन देशों से आएगी चीनी?
देश में चीनी की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। कुछ बाजारों में इसके दाम 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की खबरें हैं। इस बीच केंद्र सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी बिना आयात शुल्क के मंगाने की अनुमति दी है।
US-Canada Trade War: ट्रंप ने कनाडाई सामान पर ठोका 50% टैरिफ, कनाडा ने भी किया टैरिफ वार
अमेरिका और कनाडा के बीच अंतिम दौर की बातचीत में प्रस्तावित व्यापार समझौते पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद अमेरिकी प्रशासन कनाडा से आने वाले करीब 20 अरब डॉलर मूल्य के चुनिंदा सामान पर 50 प्रतिशत शुल्क लागू करने का फैसला किया।
तबेले वाला स्कूल घर के कमरे में शिफ्ट! ग्रामीणों को स्थायी भवन की उम्मीद
जयपुर के जिस सरकारी स्कूल में कल तक बच्चों की पढ़ाई भैंसों के तबले में हो रही थी, उसे अब एक ग्रामीण के घर में शिफ्ट किया गया है. ग्रामीणों को उम्मीद है कि स्कूल को जल्द स्थायी भवन में शिफ्ट किया जाएगा.
अब इसरो नहीं बनाएगा रॉकेट, निजी कंपनियों को मिलेगी कमान
ISRO अब रॉकेट बनाने के काम से धीरे-धीरे पीछे हटेगा. PSLV और LVM3 जैसे बड़े रॉकेटों की जिम्मेदारी भी निजी कंपनियों को मिल सकती है. जानिए क्यों इसरो अपनी भूमिका बदलकर रिसर्च और नई स्पेस टेक्नोलॉजी पर फोकस कर रहा है.
200 पैलेट, आंख में घुस गए छर्रे: साहिल लोचब ने FIR में बयां किया अपना दर्द
साहिल लोचब ने जो एफआईआर दर्ज करवाई है उसमें कहा है कि उनपर करीब 200 पैलेट चलाई गई। एक पैलेट तो आंख में घुस गई जो कभी नहीं निकलेगी। इसके अलावा हार्ट के पास भी पैलेट पाई गई है।

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