संसद के सत्रों या किसी बड़े मुद्दे के दौरान अक्सर राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा 'संसद मार्च' (Parliament March) का आह्वान किया जाता है। हालांकि, ऐसी घोषणाओं के तुरंत बाद पुलिस प्रशासन क्षेत्र में बीएनएसएस (BNSS) की धारा 163 (पूर्व में आईपीसी/सीआरपीसी की धारा 144) लागू कर देता है और धारा-223 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देता है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या भारत के नागरिक बिना पूर्व अनुमति के सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं? एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो भारतीय संविधान जहाँ नागरिकों को अपनी आवाज बुलंद करने का अधिकार देता है, वहीं सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के कई ऐतिहासिक फैसलों ने इस अधिकार की सीमाएं और नियम तय किए हैं।संविधान क्या कहता है: अधिकार और उसकी सीमाएंभारतीय संविधान का अनुच्छेद 19(1)(a) स्वतंत्रता से अभिव्यक्ति और अनुच्छेद 19(1)(b) बिना हथियारों के शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होने का मौलिक अधिकार (Fundamental Right) प्रदान करता है:असीमित अधिकार नहीं: यह अधिकार पूर्ण (Absolute) नहीं है। संविधान के अनुच्छेद 19(2) और 19(3) के तहत राज्य को लोक व्यवस्था (Public Order), देश की संप्रभुता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए इस पर 'युक्तियुक्त प्रतिबंध' (Reasonable Restrictions) लगाने का पूरा अधिकार है।हिंसा की कोई जगह नहीं: यदि प्रदर्शन हिंसक होता है या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, तो वह मौलिक अधिकार के दायरे से तुरंत बाहर हो जाता है।क्या पुलिस की इजाजत लेना अनिवार्य है?हां, भारत में किसी भी सार्वजनिक स्थल, सड़क या सरकारी भवन के आसपास जुलूस, रैली या धरना आयोजित करने के लिए स्थानीय पुलिस से 'अनापत्ति प्रमाण पत्र' (NOC/Permission) लेना कानूनी रूप से अनिवार्य है:नो-प्रोटेस्ट जोन (Zero Tolerance Zone): लुटियंस दिल्ली, संसद भवन परिसर, राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री आवास के आसपास का क्षेत्र सुरक्षा के लिहाज से 'हाई-सिक्योरिटी जोन' घोषित रहता है। यहाँ बिना अनुमति कोई भी सभा पूरी तरह प्रतिबंधित होती है।तय स्थल (Designated Spot): सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार, राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर (Jantar Mantar) या रामलीला मैदान जैसे केवल तय स्थलों पर ही अनुमति मिलने के बाद शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जा सकता है।सुप्रीम कोर्ट के 3 सबसे ऐतिहासिक फैसले जो तय करते हैं नियमजंतर-मंतर फैसला (2018): सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर पर लगे प्रतिबंध को हटाते हुए कहा था कि प्रदर्शन करना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन नागरिकों के शांतिपूर्ण जीवन और प्रदर्शनकारियों के अधिकार के बीच संतुलन बनाना जरूरी है।शाहीन बाग फैसला (2020): सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट फैसला सुनाया था कि असंतोष व्यक्त करने के लिए सार्वजनिक सड़कों या रास्तों का अनिश्चितकाल के लिए घेराव या कब्जा (Indefinite Occupation) नहीं किया जा सकता। यात्रियों और आम जनता की आवाजाही का अधिकार भी उतना ही महत्वपूर्ण है।ताजा टिप्पणी (2026): हालिया सुनवाई में शीर्ष अदालत ने दोहराया है कि 'शांतिपूर्ण विरोध सबका अधिकार है, लेकिन यह आम जनता को परेशान करने या कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ने की सीमा तक नहीं जाना चाहिए।'बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर क्या हो सकती है कार्रवाई?यदि कोई समूह बिना अनुमति के 'संसद मार्च' या सड़क जाम करने की कोशिश करता है, तो प्रशासन को निम्नलिखित कार्रवाई का अधिकार है:गैर-कानूनी सभा (Unlawful Assembly): भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत बिना अनुमति एकत्र होने वाली भीड़ को गैर-कानूनी घोषित कर पुलिस उन्हें हिरासत में ले सकती है।सरकारी काम में बाधा और प्रिवेंटिव डिटेंशन: धारा 223 (सरकारी आदेश के उल्लंघन) के तहत एफआईआर दर्ज की जा सकती है और आयोजकों को एहतियातन हिरासत (Preventive Detention) में लिया जा सकता है।
बिहार की राजधानी पटना के निवासियों को जल्द ही ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने वाले पटना मेट्रो रेल प्रोजेक्ट (Patna Metro Rail Project) से जुड़ी एक बहुत बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर और कॉरिडोर-2 (Patna Junction to New ISBT) के अंतर्गत खेमनीचक से पुराने मीठापुर बस स्टैंड के बीच बनने वाले 5.5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड वायाडक्ट (Elevated Viaduct) का सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण कार्य लगभग पूरा होने के बेहद करीब पहुंच गया है। नगर विकास एवं आवास विभाग और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) की देखरेख में निर्माण कार्य काफी तेज गति से चल रहा है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह पड़ाव पूरा होना पटना मेट्रो के जल्द संचालन और शहर की पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था के कायाकल्प में बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।यू-गर्डर (U-Girder) और पिलर इरेक्शन का काम लगभग फिनिशDMRC के वरिष्ठ इंजीनियरों के अनुसार, इस पूरे 5.5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड स्ट्रेच पर पिलर (Piers) और यू-गर्डर (U-Girders) लॉन्चिंग का काम 90% से ज्यादा पूरा किया जा चुका है:फास्ट ट्रैक कंस्ट्रक्शन: खेमनीचक, जगनपुरा, रामकृष्णा नगर और मीठापुर के बीच एलिवेटेड ट्रैक पर वायाडक्ट बिछाने का काम तेजी से निपटाया गया है।स्टेशन बिल्डिंग वर्क जारी: इस स्ट्रेच में आने वाले सभी एलिवेटेड स्टेशनों पर सिविल स्ट्रक्चर (Concourse Level & Platform Level) के ढलाई का काम पूरा हो चुका है और अब फिनिशिंग व इंटीरियर वर्क चल रहा है।खेमनीचक बनेगा पटना मेट्रो का सबसे बड़ा इंटरचेंज स्टेशनइस पूरे रूट में सबसे महत्वपूर्ण स्टेशन खेमनीचक (Khemnichak) होगा:दो कॉरिडोर का मिलन (Interchange Station): खेमनीचक स्टेशन पर कॉरिडोर-1 (दानापुर से खेमनीचक) और कॉरिडोर-2 (पटना जंक्शन से न्यू आईएसबीटी) दोनों आकर मिलेंगे।यात्रियों को सहूलियत: इस इंटरचेंज स्टेशन के बनने से उत्तर और दक्षिण पटना के यात्री बिना किसी परेशानी के आसानी से ट्रेन बदलकर अपनी मंजिल तक पहुंच सकेंगे।पुराने मीठापुर बस स्टैंड से कनेक्टिविटी होगी बेहतरबायपास रोड और पुराने मीठापुर बस स्टैंड का इलाका लंबे समय से भयंकर ट्रैफिक जाम के लिए जाना जाता रहा है:जाम से हमेशा के लिए राहत: मीठापुर (Old Mithapur Bus Stand) के पास मेट्रो सेवा शुरू होने से पटना यूनिवर्सिटी, कंकड़बाग, राजेंद्र नगर और पटना जंक्शन आने-जाने वाले लाखों छात्रों और दैनिक यात्रियों को जाम में फंसे बिना त्वरित परिवहन का विकल्प मिलेगा।पटरी बिछाने और सिग्नलिंग का अगला चरण: वायाडक्ट तैयार होने के तुरंत बाद इस ट्रैक पर थर्ड रेल (Third Rail Current System), सिग्नलिंग केबल बिछाने और ट्रैक बिछाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।सरकार का लक्ष्य है कि प्रायोरिटी सेक्शन पर ट्रायल रन (Trial Run) की प्रक्रिया को तय समय सीमा के भीतर शुरू कर पटना वासियों को पहली मेट्रो ट्रेन की सौगात दी जाए।
बिहार में मानसून के पूरी तरह मेहरबान होने के साथ ही राज्य के अधिकतर इलाकों में झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और दक्षिण-पूर्वी हवाओं की वजह से राज्य में मानसूनी गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र (IMD Patna) ने आज मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को राजधानी पटना समेत प्रदेश के 14 जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, बादलों की तेज गर्जना और भीषण वज्रपात (बिजली गिरने) की चेतावनी जारी की है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो लगातार बारिश से एक तरफ जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ वज्रपात के खतरे को देखते हुए ग्रामीण इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।इन 4 दक्षिणी जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert)मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा:अत्यधिक भारी बारिश वाले जिले: भभुआ (कैमूर), रोहतास, गया और नवादा जिलों में अत्यधिक भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।तेज आंधी की आशंका: इन जिलों में मूसलाधार बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल संभावना है।पटना समेत 10 जिलों में भारी वर्षा का येलो अलर्ट (Yellow Alert)येलो अलर्ट क्षेत्र: पटना, बक्सर, भोजपुर, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, वैशाली, समस्तीपुर, सिवान, गोपालगंज और पश्चिमी चंपारण में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।पटना का हाल: राजधानी पटना और आसपास के इलाकों में कल से ही रुक-रुक कर बारिश दर्ज की जा रही है, जिससे अधिकतम तापमान गिरकर 30C से 32C के बीच पहुंच गया है।नेपाल में बारिश से उफान पर कोसी-गंडक, बाढ़ का खतराउत्तरी बिहार और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही लगातार भारी बारिश के कारण राज्य की प्रमुख नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है:कोसी और गंडक में उफान: कोसी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए वीरपुर बराज के दर्जनों फाटक खोल दिए गए हैं।तटीय इलाकों में अलर्ट: सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, खगड़िया और चंपारण के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। आपदा प्रबंधन विभाग ने जिला प्रशासनों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।मौसम विभाग की चेतावनी: खेतों में काम करने वाले किसान रहें सावधानमौसम वैज्ञानिकों ने भारी बारिश और आकाशीय बिजली (Lightning Alert) के खतरे को देखते हुए लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है:खुले में न रुकें: बारिश और बादलों की कड़क के समय खुले खेतों, बड़े पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे बिल्कुल न जाएं।पक्के मकानों में लें शरण: खेत में काम कर रहे किसान मौसम खराब होते ही तुरंत नजदीकी पक्के मकान या सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।जलभराव से बचें: निचले और जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचें और नदियों के किनारे न जाएं।
पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) और बिहार के सीमावर्ती इलाकों के बीच सफर करने वाले लाखों यात्रियों और व्यापारियों के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा बनाए जा रहे गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (Ghazipur-Ballia-Manjhighat Greenfield Expressway) का निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। करीब ₹5,300 करोड़ से अधिक की लागत वाले इस 134 किलोमीटर लंबे 4-लेन एक्सप्रेसवे के बन जाने से पूर्वांचल के मुख्य जिलों की सीधी कनेक्टिविटी बिहार के छपरा, बक्सर और पटना के साथ-साथ प्रदेश की राजधानी लखनऊ और देश की राजधानी नई दिल्ली से हो जाएगी। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (NH-31) पर रोज लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से यह एक्सप्रेसवे हमेशा के लिए मुक्ति दिलाने वाला है।4 घंटे का सफर सिमटकर महज 1.5 घंटे में होगा पूरावर्तमान में गाजीपुर से बलिया होते हुए बिहार के मांझीघाट तक जाने में संकरे रास्तों और भारी ओवरलोड गाड़ियों के कारण 4 घंटे से अधिक का समय लग जाता है।समय की भारी बचत: 100 किमी/घंटा की डिजाइन स्पीड वाले इस 4-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के पूरी तरह शुरू होने के बाद यह 134 किमी की दूरी महज 1.5 घंटे (90 मिनट) में तय की जा सकेगी।बक्सर स्पर (Buxar Spur Connectivity): इस परियोजना में 17 किलोमीटर लंबा बक्सर स्पर भी शामिल है, जिससे बिहार का बक्सर सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा। इससे बक्सर से लखनऊ का सफर केवल 3.5 घंटे में पूरा हो सकेगा।70 हजार पौधों के साथ बनेगा 'ग्रीन कॉरिडोर'पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए NHAI इस एक्सप्रेसवे को एक मॉडल 'ग्रीन कॉरिडोर' के रूप में विकसित कर रहा है:मियावाकी पद्धति से पौधारोपण: एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ फेंसिंग और डिवाइडर पर मियावाकी तकनीक (Miyawaki Method) का इस्तेमाल करके लगभग 70,000 सुगंधित और छायादार पौधे लगाए जा रहे हैं।बैलेंस्ड इकोसिस्टम: इसमें बलिया क्षेत्र में 40 हजार और गाजीपुर जिले की सीमा में 30 हजार पौधे रोपे जाएंगे, जिससे एक्सप्रेसवे पूरी तरह प्रदूषण-मुक्त और हरा-भरा नजर आएगा।स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट और आर्थिक बूमATMS सिस्टम: सुरक्षा के लिहाज से पूरे एक्सप्रेसवे पर ऑटोमैटिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) लागू किया जा रहा है, जिसमें स्पीड-चेकिंग कैमरे, सीसीटीवी और इमरजेंसी कॉलिंग बूथ शामिल हैं।रियल एस्टेट और कृषि व्यापार को बढ़ावा: एक्सप्रेसवे के आसपास के इलाकों जैसे सागरपाली, चितबड़ागांव, फेफना और जंगीपुर में लॉजिस्टिक्स हब, वेयरहाउसिंग और आवासीय कॉलोनियों का विकास तेज हो गया है। साथ ही बलिया और गाजीपुर के किसानों की ताजी उपज/सब्जियां सीधे पटना और लखनऊ के बड़े बाजारों तक बिना खराब हुए त्वरित गति से पहुंच सकेंगी।
'एक्सप्रेसवे प्रदेश' के नाम से अपनी नई पहचान बना चुका उत्तर प्रदेश अब एक और बड़े और हाई-स्पीड कॉरिडोर के लिए पूरी तरह तैयार है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने यूपी में एक और नए एक्सप्रेसवे— 'अटल एक्सप्रेसवे' (Atal Expressway) के निर्माण की विस्तृत योजना को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। कानपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को सीधे जोड़ने वाला यह नया एक्सप्रेसवे राज्य के लॉजिस्टिक्स, कनेक्टिविटी और व्यापारिक परिवहन को एक नई बुलंदी पर ले जाएगा। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे के बाद यह परियोजना राज्य में कनेक्टिविटी का नया मील का पत्थर साबित होगी।कानपुर से बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश की राह होगी आसानNHAI द्वारा स्वीकृत यह नया अटल एक्सप्रेसवे औद्योगिक नगरी कानपुर के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को देश के अन्य मुख्य आर्थिक गलियारों से सीधे जोड़ने का काम करेगा:रूट और कनेक्टिविटी: यह एक्सप्रेसवे कानपुर और इटावा के रास्ते आगे बढ़ते हुए चंबल अंचल और मध्य प्रदेश की सीमाओं को छुएगा, जिससे राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच अंतरराज्यीय व्यापार (Interstate Trade) को अभूतपूर्व गति मिलेगी।समय की भारी बचत: इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के चालू होने से भारी मालवाहक वाहनों और यात्रियों का यात्रा समय आधे से भी कम रह जाएगा, जिससे ईंधन और समय दोनों की भारी बचत होगी।औद्योगिकीकरण और डिफेंस कॉरिडोर को मिलेगा नया बूस्टकानपुर और आसपास के जिलों में रक्षा निर्माण (Defense Corridor) और चमड़ा उद्योग (Leather Industry) के बड़े केंद्र हैं। ऐसे में इस नए एक्सप्रेसवे के बनने से निम्नलिखित लाभ मिलेंगे:औद्योगिक क्लस्टर का विकास: एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर नए इंडस्ट्रियल पार्क, लॉजिस्टिक्स हब और वेयरहाउसिंग क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।रोजगार के नए अवसर: निर्माण कार्य शुरू होने से लेकर इसके चालू होने तक स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।कम्यूटर ट्रैफिक को राहत: राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगने वाले भारी जाम से कानपुर, उन्नाव और आसपास के शहरों के यात्रियों को हमेशा के लिए मुक्ति मिलेगी।भूमि अधिग्रहण और निर्माण प्रक्रिया में आएगी तेजीNHAI अधिकारियों के अनुसार, प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है। भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) की प्रक्रिया स्थानीय प्रशासन के सहयोग से जल्द ही शुरू की जाएगी, ताकि तय समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा कर इसे जनता को समर्पित किया जा सके।
गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और बुलंदशहर के बीच रोज सफर करने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जीटी रोड (GT Road) और एनएच-34 (NH-34) के सबसे व्यस्त और जाम से प्रभावित हिस्से लालकुआं से दादरी के बीच अब 12 किलोमीटर लंबा और 6-लेन (6-Lane) एलिवेटेड रोड बनने जा रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने करीब ₹2300 करोड़ की लागत वाले इस महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह एलिवेटेड कॉरिडोर न केवल दिल्ली-एनसीआर के बढ़ते ट्रैफिक प्रेशर को कम करेगा, बल्कि आगामी 'न्यू नोएडा' (New Noida) प्रोजेक्ट को भी नई रफ्तार देगा।रोजाना के ट्रैफिक जाम से मिलेगी हमेशा के लिए मुक्तिलालकुआं, बदलपुर और दादरी का यह पूरा इलाका रोजाना घंटों लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम के लिए जाना जाता है:भारी वाहनों का दबाव: गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा, बुलंदशहर, खुर्जा, अलीगढ़ और आगरा की ओर जाने वाले भारी व हल्के वाहन इसी मुख्य सड़क मार्ग से गुजरते हैं।बायपास की तरह करेगा काम: 12 किमी लंबे इस एलिवेटेड रोड के बन जाने के बाद लंबी दूरी का ट्रैफिक ऊपर से फर्राटा भरेगा, जबकि स्थानीय और धीमी गति वाले वाहन नीचे की मौजूदा सड़क का इस्तेमाल करेंगे। इससे सिग्नल-फ्री आवाजाही संभव हो सकेगी।₹2300 करोड़ का बजट और अक्टूबर में टेंडरपरियोजना की मुख्य बातें और समय सीमा इस प्रकार हैं:अनुमानित लागत: इस 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण पर करीब ₹2,300 करोड़ खर्च किए जाएंगे।टेंडर की समय सीमा: एनएचएआई (NHAI) और सड़क परिवहन मंत्रालय इस प्रोजेक्ट की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को अंतिम रूप दे रहे हैं और इसका आधिकारिक टेंडर जारी करने की तैयारी है।न्यू नोएडा को बूस्ट: दादरी के पास नोएडा अथॉरिटी द्वारा बसाए जा रहे 'न्यू नोएडा' (DNGIR) के चलते आने वाले दिनों में यहां ट्रैफिक कई गुना बढ़ने वाला है। यह एलिवेटेड रोड उस भविष्य की जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।अलीगढ़ और बुलंदशहर का सफर होगा बेहद आसानइस प्रोजेक्ट के शुरू होने से न केवल गाजियाबाद और नोएडा के स्थानीय निवासियों का यात्रा समय (Travel Time) आधा रह जाएगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में आवाजाही भी काफी सुगम हो जाएगी। लालकुआं चौराहे पर प्रस्तावित नए फ्लाईओवर और कनेक्टिंग रैंप के बनने से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) से आने वाली गाड़ियों को भी दादरी और एनएच-91 की तरफ सीधे निकलने का बेहतरीन विकल्प मिल जाएगा।
देवभूमि उत्तराखंड में मानसून की मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर तबाही और जनजीवन में भारी उथल-पुथल मचा दी है। पिछले कई दिनों से जारी लगातार बारिश के कारण राज्य के पहाड़ी इलाकों में जगह-जगह भूस्खलन (Landslide) और मलबा आने से प्रदेश की कनेक्टिविटी पूरी तरह प्रभावित हो गई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) और आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, आज 21 जुलाई 2026 को प्रदेश भर में 160 से अधिक ग्रामीण व संपर्क सड़कें ठप पड़ी हैं, जबकि 2 महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highways) मलबे के कारण पूरी तरह बंद हो गए हैं। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो पहाड़ों पर हो रही इस भारी बारिश से न सिर्फ स्थानीय ग्रामीणों का संपर्क कट गया है, बल्कि पवित्र चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra) पर आए हजारों श्रद्धालुओं की आवाजाही पर भी संकट खड़ा हो गया है।यमुनोत्री और बदरीनाथ नेशनल हाईवे मलबे से बंदबारिश के बाद पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के कारण मुख्य यातायात मार्गों पर भारी बोल्डर और मलबा आ गिरा है:यमुनोत्री नेशनल हाईवे (NH-123/94): उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री मार्ग पर डाबरकोट और स्यानाचट्टी के पास भारी मलबा आने से हाईवे घंटों से बंद पड़ा है। मार्ग बाधित होने के कारण यमुनोत्री धाम जाने वाले और लौट रहे तीर्थयात्रियों के वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं।बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-58): चमोली जिले में छिनका, पागलनाला और लामबगड़ के पास बार-बार पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण यातायात रुक-रुक कर संचालित हो रहा है।160 से अधिक ग्रामीण सड़कें ठप, जेसीबी मशीनें तैनातआपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, देहरादून, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में स्थिति सबसे ज्यादा संवेदनशील बनी हुई है:सड़कों का जाल टूटा: 160 से अधिक आंतरिक और संपर्क मार्ग बंद होने से दर्जनों गांवों का तहसील और जिला मुख्यालयों से सीधा संपर्क कट गया है।राहत कार्य जारी: लोक निर्माण विभाग (PWD) और एनएचएआई (NHAI) ने बंद पड़ी सड़कों को खोलने के लिए 100 से अधिक जेसीबी और हैवी डोजर मशीनें तैनात की हैं। हालांकि, रुक-रुक कर हो रही बारिश और ऊपर से गिरते पत्थरों के कारण मलबे को हटाने में भारी चुनौतियां आ रही हैं।मौसम विभाग का यलो और ऑरेंज अलर्ट: यात्रा टालने की अपीलभारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के लिए उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और पौड़ी जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा है:प्रशासन की चेतावनी: आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने चारधाम यात्रा पर आ रहे श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम का ताजा हाल देखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं।संवेदनशील क्षेत्रों में सावधानी: नदी-नालों के पास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है, क्योंकि अलकनंदा, मंदाकिनी, भागीरथी और यमुना नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच आज मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को भारतीय तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के लिए पेट्रोल और डीजल के नए खुदरा भाव (Fuel Rates) जारी कर दिए हैं। हालांकि, वैश्विक बाजार के दबाव के बावजूद राष्ट्रीय स्तर पर मुख्य बेस प्राइस स्थिर रहने से यूपी के आम नागरिकों को राहत मिली है। राज्य में लागू होने वाले स्थानीय वैट (VAT) और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट के आधार पर अलग-अलग जिलों में ईंधन के दामों में मामूली अंतर देखने को मिल रहा है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यदि आप आज अपनी गाड़ी का टैंक फुल कराने का प्लान बना रहे हैं, तो पेट्रोल पंप जाने से पहले अपने शहर के लेटेस्ट रेट जरूर चेक कर लें।लखनऊ, नोएडा, मेरठ से वाराणसी तक क्या हैं आज के भाव?उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में आज सुबह 6 बजे से लागू पेट्रोल और डीजल के ताजा दाम इस प्रकार हैं:लखनऊ (Lucknow): प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज पेट्रोल का भाव ₹101.86 प्रति लीटर और डीजल ₹95.36 प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है।नोएडा / ग्रेटर नोएडा (Noida): दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर जिले में आज पेट्रोल ₹101.92 प्रति लीटर और डीजल ₹95.44 प्रति लीटर के भाव पर बिक रहा है।मेरठ (Meerut): पश्चिमी यूपी के मुख्य औद्योगिक शहर मेरठ में आज पेट्रोल की कीमत ₹101.71 प्रति लीटर और डीजल का रेट ₹95.92 प्रति लीटर दर्ज किया गया है।कानपुर (Kanpur): औद्योगिक नगरी कानपुर नगर में आज पेट्रोल ₹101.56 प्रति लीटर और डीजल ₹95.06 प्रति लीटर पर उपलब्ध है।वाराणसी (Varanasi): धार्मिक और सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी में आज पेट्रोल का रेट ₹102.37 प्रति लीटर और डीजल ₹95.53 प्रति लीटर के आसपास बना हुआ है।गोरखपुर (Gorakhpur): पूर्वांचल के मुख्य शहर गोरखपुर में आज पेट्रोल ₹102.16 प्रति लीटर और डीजल ₹95.30 प्रति लीटर पर मिल रहा है।कैसे तय होती हैं रोजाना ईंधन की दरें?भारत में साल 2017 से 'डायनेमिक फ्यूल प्राइजिंग' (Dynamic Fuel Pricing) व्यवस्था लागू है। इसके तहत देश की तीनों प्रमुख सरकारी तेल कंपनियां रोजाना सुबह 6 बजे अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल के दाम, डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की स्थिति, रिफाइनिंग कॉस्ट और एक्साइज ड्यूटी के साथ-साथ राज्य सरकारों के वैट (VAT) को जोड़कर हर जिले के लिए नए रेट अपडेट करती हैं।SMS भेजकर ऐसे जानें अपने शहर का सटीक रेटयदि आप किसी अन्य जिले में हैं या घर बैठे अपने नजदीकी पेट्रोल पंप का ताजा रेट जानना चाहते हैं, तो मैसेज के जरिए तुरंत जानकारी हासिल कर सकते हैं:Indian Oil (IOCL): मोबाइल में RSP डीलर कोड टाइप करें और 92249 92249 पर भेजें।Bharat Petroleum (BPCL): RSP डीलर कोड लिखकर 92231 12222 पर मैसेज करें।Hindustan Petroleum (HPCL): HPPRICE डीलर कोड लिखकर 92222 01122 पर भेजें।
भगवान श्रीकृष्ण पर मौलाना जर्जिस अंसारी द्वारा दिए गए विवादित बयान के बाद उत्तर प्रदेश का राजनीतिक तापमान अचानक काफी बढ़ गया है। इस मुद्दे पर सत्ताधारी एनडीए (NDA) गठबंधन और भारतीय जनता पार्टी (BJP) लगातार विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी (सपा) पर हमलावर हैं। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर (OP Rajbhar) ने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर सीधा निशाना साधा है। राजभर ने आरोप लगाया है कि वोट बैंक की राजनीति के चलते अखिलेश यादव मौलाना के विवादित बयान पर चुप्पी साधे बैठे हैं और 'यदुवंश' का अपमान बर्दाश्त कर रहे हैं। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो आगामी चुनाव और जनसांख्यिकीय समीकरणों को देखते हुए यह विवाद अब धार्मिक से पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है।राजभर का हमला: मुस्लिम वोट बैंक के लिए साधी चुप्पीकैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने लखनऊ में मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए सपा प्रमुख को आड़े हाथों लिया:वोट बैंक की राजनीति का आरोप: राजभर ने कहा कि खुद को यदुवंशी बताने वाले अखिलेश यादव आज मुस्लिम वोट बैंक खिसकने के डर से मौलाना जर्जिस अंसारी के आपत्तिजनक बयान पर एक शब्द बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।यदुवंश के सम्मान पर सवाल: उन्होंने कहा कि जब भगवान श्रीकृष्ण की आस्था और अस्मिता पर सवाल उठाए जा रहे हैं, तब सपा नेतृत्व का मौन रहना यह साबित करता है कि उनके लिए धर्म और संस्कृति से बड़ा तुष्टीकरण और वोट बैंक का गणित है।क्या था मौलाना जर्जिस अंसारी का विवादित बयान?इटावा के रहने वाले मौलाना जर्जिस अंसारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को लेकर विवादित और आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं:भारी आक्रोश और एफआईआर: इस बयान के सामने आते ही साधु-संतों, हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा फैल गया।कानूनी कार्रवाई: जनभावनाओं को आहत करने और धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में लखनऊ में मौलाना जर्जिस अंसारी के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है।बीजेपी और एनडीए का पोस्टर वारइस पूरे घटनाक्रम के बाद लखनऊ समेत कई जिलों में भारतीय जनता पार्टी और सहयोगी दलों ने 'अखिलेश यादव की चुप्पी' को लेकर पोस्टर और सोशल मीडिया कैंपेन चला दिया है:बीजेपी का सवाल: बीजेपी नेताओं का कहना है कि जब भी किसी विशेष समुदाय से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा आता है, अखिलेश यादव तुरंत ट्वीट करते हैं, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी होने पर उन्होंने साजिशन मौन धारण कर लिया है।सपा का पलटवार: वहीं समाजवादी पार्टी के प्रवक्ताओं ने पलटवार करते हुए कहा है कि सरकार और एनडीए गठबंधन अपनी विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे बयानों और मुद्दों को तूल दे रहे हैं। सपा हर धर्म और आस्था का सम्मान करती है।
हर साल मानसून और बरसात का मौसम शुरू होते ही देशभर में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगता है। इसके साथ ही अस्पतालों में डेंगू (Dengue) मरीजों की संख्या में अचानक भारी उछाल दर्ज किया जाता है। आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में डेंगू के कुल मामलों में से लगभग एक-तिहाई मामले अकेले भारत में रिपोर्ट किए जाते हैं। वर्ष 2025 में ही देश में 1.13 लाख से अधिक लोग इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आए थे। इस गंभीर स्वास्थ्य संकट के बीच देशवासियों के लिए एक राहत भरी बड़ी खबर आई है— ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने भारत में डेंगू की पहली वैक्सीन 'क्यूडेंगा' (Qdenga) को आपातकालीन उपयोग और बिक्री की मंजूरी दे दी है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह वैक्सीन डेंगू से होने वाली मौतों और प्लेटलेट्स (Platelets) गिरने के डर से जूझ रहे लोगों के लिए बहुत बड़ा सुरक्षा कवच साबित होने वाली है।जापान की कंपनी ने किया है तैयार, 43 देशों में पहले से है उपलब्धइस जीवनरक्षक डेंगू वैक्सीन को जापान की प्रसिद्ध फार्मास्यूटिकल कंपनी 'टाकेडा' (Takeda Pharmaceutical Company) द्वारा विकसित किया गया है:ग्लोबल अप्रूवल: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा पहले ही हरी झंडी दी जा चुकी इस वैक्सीन को दुनिया के 43 से अधिक देशों में सफलता पूर्वक इस्तेमाल किया जा रहा है।32 मिलियन से अधिक डोज: साल 2022 में वैश्विक स्तर पर लॉन्च होने के बाद से अब तक दुनिया भर में करीब 32 मिलियन (3.2 करोड़) लोगों को यह वैक्सीन दी जा चुकी है।कैसे काम करती है क्यूडेंगा (Qdenga) वैक्सीन?डेंगू का वायरस शरीर में प्रवेश करते ही प्लेटलेट्स को तेजी से खत्म करने लगता है। ऐसे में यह वैक्सीन शरीर के इम्यून सिस्टम (प्रतिरक्षा प्रणाली) को मजबूत करने का काम करती है:एंटीबॉडीज का निर्माण: वैक्सीन की डोज लगते ही शरीर का इम्यून सिस्टम डेंगू वायरस के चारों सेरोटाइप्स (DEN-1, DEN-2, DEN-3, DEN-4) को पहचान लेता है और उनके खिलाफ विशेष एंटीबॉडीज (Antibodies) बनाना शुरू कर देता है।गंभीरता में कमी: यदि वैक्सीन लेने के बाद व्यक्ति को मच्छर काटता भी है, तो एंटीबॉडीज तुरंत वायरस को बेअसर कर देती हैं। इससे मरीज में 'डेंगू शॉक सिंड्रोम' (Dengue Shock Syndrome) या इंटरनल ब्लीडिंग जैसी गंभीर स्थिति पैदा नहीं होती और अस्पताल में भर्ती होने की संभावना न के बराबर हो जाती है।क्यों खतरनाक साबित होता है डेंगू का हमला?चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, डेंगू केवल एक सामान्य बुखार नहीं है। सही समय पर सही देखभाल न मिलने पर यह जानलेवा रूप ले सकता है:प्लेटलेट्स में गिरावट और इंटरनल ब्लीडिंग: डेंगू हेमोरेजिक फीवर होने पर मरीज की प्लेटलेट्स अचानक बहुत नीचे गिर जाती हैं, जिससे शरीर के आंतरिक अंगों से खून का रिसाव (Internal Bleeding) और वाइट फ्लूइड लीकेज शुरू हो जाती है।मल्टी-ऑर्गन फेलियर: प्लेटलेट्स और ब्लड प्रेशर कम होने से समय पर इलाज न मिलने पर मरीज का लिवर, किडनी और दिल काम करना बंद कर देते हैं, जिससे मल्टी-ऑर्गन फेलियर का खतरा बढ़ जाता है।DCGI की ओर से मिली इस मंजूरी के बाद जल्द ही यह वैक्सीन भारतीय बाजारों और प्रमुख निजी व सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर आम नागरिकों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे हर साल डेंगू से होने वाले नुकसान पर प्रभावी ढंग से लगाम लगाई जा सकेगी।
बॉलीवुड की बहुमुखी प्रतिभा की धनी अभिनेत्री हुमा कुरैशी (Huma Qureshi) एक बार फिर पर्दे पर अपने नए और पहले कभी न देखे गए अवतार से दर्शकों को हैरान करने के लिए तैयार हैं। उनकी बहुप्रतीक्षित क्राइम-इन्वेस्टिगेशन और एक्शन थ्रिलर फिल्म 'बयान' (Bayaan) का आधिकारिक ट्रेलर और पहली झलकियां रिलीज कर दी गई हैं। फिल्म का बैकड्रॉप राजस्थान के ग्रामीण और रेगिस्तानी इलाकों पर आधारित है, जहां हुमा एक निडर और कड़क महिला पुलिस अधिकारी (Rajasthan Police Officer) की भूमिका निभा रही हैं। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो 'महारानी' सीरीज में अपनी बेहतरीन अदाकारी का लोहा मनवाने के बाद, हुमा की यह फिल्म ओटीटी और सिनेमा प्रेमियों के लिए किसी बड़े सरप्राइज से कम नहीं है।हाथ में छाता थामे एक्शन करती दिखीं हुमा: ट्रेलर की 5 बड़ी खास बातेंफिल्म का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छा गया है। ट्रेलर में कुछ ऐसे सीन्स हैं जो इस सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म को लेकर उत्सुकता को कई गुना बढ़ा देते हैं:यूनिक एक्शन स्टाइल: ट्रेलर के सबसे चर्चित सीन में हुमा कुरैशी सिर्फ एक छाते (Umbrella) का इस्तेमाल करके बदमाशों और अपराधियों की धुनाई करती नजर आ रही हैं। उनका यह एक्शन अंदाज काफी अनूठा और दमदार लग रहा है।सस्पेंस से भरी कहानी: फिल्म की कहानी एक छोटे से गांव में घटित हुए एक पेचीदा और रहस्यमयी मर्डर केस या अपराध के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी जांच की जिम्मेदारी हुमा के किरदार को सौंपी जाती है।सिस्टम से लड़ाई: पुलिस ऑफिसर के रूप में हुमा को न सिर्फ अपराधियों से निपटना है, बल्कि भ्रष्ट तंत्र और स्थानीय दबंगों के राजनीतिक दबाव का भी डटकर सामना करना है।सॉलिड स्टार कास्ट: फिल्म में हुमा कुरैशी के साथ-साथ चंदन रॉय सान्याल (Chandan Roy Sanyal) और सचिन खेडेकर जैसे बेहतरीन कलाकार भी अहम और दमदार भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं।रॉ और रियल लोकेशन: फिल्म की शूटिंग राजस्थान की वास्तविक लोकेशंस पर की गई है, जो इस सस्पेंस थ्रिलर को एक रियलिस्टिक और थ्रिलिंग फील देती है।हुमा कुरैशी की परफॉर्मेंस की हो रही है तारीफट्रेलर सामने आने के बाद से ही क्रिटिक्स और फैंस हुमा के अभिनय और उनकी स्क्रीन प्रेजेंस की जमकर तारीफ कर रहे हैं। जिस तरह से उन्होंने पुलिस ऑफिसर की चाल-ढाल, स्थानीय राजस्थानी बोली की पकड़ और एक्शन सीन्स को संभाला है, वह उनके अभिनय की परिपक्वता को दर्शाता है।विक्रमजीत गुप्ता द्वारा निर्देशित यह फिल्म जल्द ही सिनेमाघरों/ओटीटी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम होने जा रही है। सस्पेंस, थ्रिल और महिला केंद्रित एक्शन फिल्मों के शौकीनों के लिए यह फिल्म एक बेहतरीन वॉच साबित हो सकती है।
भारतीय रेलवे से रोज सफर करने वाले करोड़ों रेल यात्रियों के लिए एक राहत भरी बड़ी खबर सामने आई है। लगभग 24 साल बाद (2002 में लॉन्च के बाद) इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने अपने ई-टिकटिंग पोर्टल का नया वर्जन 'IRCTC 2.0 (Beta Version)' सार्वजनिक रूप से लॉन्च कर दिया है। अक्सर देखा जाता था कि पुरानी वेबसाइट पर तत्काल टिकट (Tatkal Ticket Booking) खोलते ही सर्वर डाउन होना, लगातार कैप्चा (Captcha) आना और पेमेंट फंस जाना आम बात थी। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह नया रीडिजाइन यूजर इंटरफेस न सिर्फ मॉडर्न और सिंपल है, बल्कि रेलवे के इस ओवरहॉल से टिकट बुकिंग का पूरा अनुभव ही बदलने वाला है। आइए जानते हैं पुरानी और नई IRCTC वेबसाइट में क्या-क्या मुख्य अंतर आए हैं।Old vs New IRCTC Website: 5 सबसे बड़े तकनीकी बदलावफीचर्स / प्रोसेसपुरानी IRCTC वेबसाइटनई IRCTC 2.0 वेबसाइटसीट उपलब्धता (Seat Availability)हर क्लास (Sleeper, 3A, 2A) को अलग-अलग क्लिक करके चेक करना पड़ता था।एकीकृत व्यू (Unified View): एक ही स्क्रीन पर सभी क्लास की सीटें एक साथ दिखाई देती हैं।कैप्चा और पॉप-अप्स (Captchas/Ads)बुकिंग के हर स्टेप और तत्काल समय पर टेढ़े-मेढ़े कैप्चा व भ्रामक विज्ञापन।नो-डिस्ट्रैक्शन इंटरफेस: फालतू विज्ञापनों, पॉप-अप्स और अनावश्यक कैप्चा की भारी कटौती।सर्वर क्षमता (Capacity)प्रति मिनट लगभग 32,000 टिकट बुकिंग क्षमता (तत्काल समय क्रैश होना)।1.5 लाख+ टिकट प्रति मिनट प्रोसेस करने की नई शक्तिशाली सर्वर क्षमता।टिकट बुकिंग स्टेप्स6 से 7 अलग-अलग स्टेप्स और रिव्यू पेज से गुजरना पड़ता था।केवल 4 से 5 त्वरित स्टेप्स; पैसेंजर डिटेल्स पहले से सेव करने का फीचर।विशेष सुविधाएं और भाषाएँसीमित भाषाएँ और दिव्यांगजन/विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग पोर्टल।22 भारतीय भाषाओं का सपोर्ट और सभी रियायती (Concession) बुकिंग एक जगह।1. यूनिफाइड सीट अवेलेबिलिटी (Unified Seat Availability)पुरानी वेबसाइट पर सबसे बड़ा सिरदर्द यह था कि जब आप नई दिल्ली से मुंबई जैसी किसी ट्रेन को सर्च करते थे, तो आपको स्लीपर (SL), थर्ड एसी (3A) और सेकंड एसी (2A) की सीटें देखने के लिए अलग-अलग टैब पर बार-बार क्लिक करना पड़ता था। नई वेबसाइट में रेलवे ने 'Single Screen View' की व्यवस्था की है। अब जैसे ही आप ट्रेन सर्च करेंगे, आपको उस ट्रेन की सभी श्रेणियों में कितनी सीटें खाली हैं या कितना वेटिंग है, वह एक ही नजर में दिख जाएगा।2. तत्काल बुकिंग (Tatkal Booking) में नहीं अटकेगी सांसेंतत्काल विंडो (सुबह 10 और 11 बजे) के दौरान पुरानी वेबसाइट का रिस्पॉन्स टाइम काफी धीमा हो जाता था और लाखों लोगों के एक साथ लॉगिन करने से पेज फ्रीज (Freeze) हो जाता था।उच्चतर क्षमता: नया पोर्टल अब प्रति मिनट 32,000 के मुकाबले 1,500,000 (1.5 लाख) से अधिक टिकट बुकिंग और 40 लाख सर्च प्रश्नों (Enquiries) को संभालने में सक्षम है।कम कैप्चा और फास्ट पेमेंट: तत्काल समय में अब बेवजह के कैप्चा और विज्ञापनों को हटा दिया गया है, जिससे बुकिंग में 30 से 45 सेकंड का बहुमूल्य समय बचेगा।3. सेव्ड पैसेंजर डिटेल्स और आसान चेकआउटबार-बार यात्रा करने वाले (Frequent Travelers) यात्रियों के लिए नई वेबसाइट पर मास्टर लिस्ट और सेव्ड पैसेंजर डिटेल्स का ऑप्शन काफी कारगर साबित हो रहा है। टिकट बुक करते समय आपको नाम, उम्र और जेंडर बार-बार टाइप करने की जरूरत नहीं होगी। सिर्फ ऑटो-फिल पर क्लिक करके सीधे पेमेंट गेटवे पर पहुंचा जा सकता है।4. फेयर कैलेंडर और सीट प्रेफरेंस (Fare Calendar)नई वेबसाइट में एक नया 'फेयर कैलेंडर' (Fare Calendar) जोड़ा जा रहा है, जिसकी मदद से वे यात्री जो फ्लैक्सिबल डेट्स पर सफर करना चाहते हैं, महीने भर का सबसे सस्ता और कन्फर्म टिकट वाला दिन आसानी से चुन सकेंगे। इसके अलावा टिकट बुक करते समय ही विंडो सीट या लोअर बर्थ का स्पष्ट प्रेफरेंस देने का विकल्प भी जोड़ा गया है।
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission - 8th CPC) की सिफारिशों को लेकर हलचल काफी तेज हो चुकी है। 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल पूरा होने के साथ ही देश भर के लाखों सरकारी कर्मचारी अपनी सैलरी रिवीजन (Salary Revision) का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। विशेष रूप से मैट्रिक्स लेवल-5 (पे बैंड-1, ग्रेड पे 2800) के तहत आने वाले कर्मचारियों— जैसे सीनियर क्लर्क, ऑडिटर्स, असिस्टेंट्स और अकाउंटेंट्स— के लिए 8वां वेतन आयोग एक बड़ी आर्थिक राहत लेकर आने वाला है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यदि सरकार नए वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) को बढ़ाती है, तो लेवल-5 कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी में जबरदस्त उछाल देखने को मिलेगा। आइए समझते हैं कि नए वेतन आयोग के लागू होने पर लेवल-5 की बेसिक पे और ग्रॉस सैलरी का गणित किस तरह बदलेगा।मौजूदा 7वें वेतन आयोग में क्या है लेवल-5 का स्ट्रक्चर?7वें वेतन आयोग के तहत मैट्रिक्स लेवल-5 के कर्मचारियों का शुरुआती वेतन ढांचा कुछ इस प्रकार है:शुरुआती बेसिक पे (Starting Basic Pay): ₹29,200 प्रति माहमहंगाई भत्ता (Dearness Allowance - DA): 50% या उससे अधिक (समय-समय पर संशोधित)अन्य भत्ते: मकान किराया भत्ता (HRA - X, Y, Z शहरों के अनुसार), परिवहन भत्ता (TA) व मेडिकल अलाउंस।8वें वेतन आयोग में 2.57 और 2.86 फिटमेंट फैक्टर का गणितवेतन आयोग में आपकी नई बेसिक पे तय करने में 'फिटमेंट फैक्टर' सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि सरकार 8वें वेतन आयोग में न्यूनतम या उच्च फिटमेंट फैक्टर लागू करती है, तो लेवल-5 की रिवाइज्ड बेसिक पे इस तरह बढ़ेगी:1. यदि 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है (7th CPC के समान)मौजूदा बेसिक पे: ₹29,200नई बेसिक पे (29,200 2.57): लगभग ₹75,044 प्रति माह2. यदि 2.86 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है (कर्मचारी यूनियनों की मांग)मौजूदा बेसिक पे: ₹29,200नई बेसिक पे (29,200 2.86): लगभग ₹83,512 प्रति माह(नोट: नया वेतन आयोग लागू होते ही शुरुआती दौर में DA शून्य (0%) से शुरू होता है और फिर धीरे-धीरे हर 6 महीने में बढ़ता है।)कितनी उछलेगी कुल ग्रॉस सैलरी (Gross Salary Calculation)?जब किसी कर्मचारी की बेसिक पे ₹29,200 से बढ़कर ₹75,000 या ₹83,000 के पार पहुंचेगी, तो उसी अनुपात में उनके HRA (हाउस रेंट अलाउंस) और TA (ट्रांसपोर्ट अलाउंस) का बेसिक कैलकुलेशन भी री-रिवाइज हो जाएगा:एक्स-क्लास शहरों में (X-Category Cities): जहाँ HRA की दरें सबसे ज्यादा होती हैं, वहाँ लेवल-5 के कर्मचारी की शुरुआती कुल ग्रॉस सैलरी ₹85,000 से ₹95,000 प्रति माह के बीच पहुंच सकती है।एनपीएस/पीएफ कटौती के बाद: एनपीएस (NPS/UPS) और अन्य वैधानिक कटौतियों के बाद भी हाथ में आने वाली नेट इन-हैंड सैलरी (Net Salary) में 7वें वेतन आयोग के मुकाबले लगभग 40% से 50% का सीधा उछाल दर्ज किया जाएगा।कब तक मिल सकती है खुशखबरी?कर्मचारी यूनियनों की मांग है कि 8वें वेतन आयोग के गठन की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि केंद्रीय कर्मचारियों को महंगाई के इस दौर में उचित वेतन वृद्धि मिल सके। यदि सरकार आयोग का गठन कर उसकी सिफारिशें लागू करती है, तो इसका सबसे बड़ा फायदा निचले और मध्य स्तर (Level 1 to Level 5) के कर्मचारियों को मिलेगा, जिससे उनकी जीवन शैली और बचत क्षमता में व्यापक सुधार होगा।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत पेंशन पाने वाले पेंशनभोगियों (EPS-95 Pensioners) के लिए हर साल अपना जीवन प्रमाण पत्र यानी डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC - Digital Life Certificate) जमा करना बेहद अनिवार्य होता है। कई बार जानकारी के अभाव में या समय पर लाइफ सर्टिफिकेट जमा न करने की वजह से ईपीएफओ द्वारा पेंशन खाते में पैसे भेजना अचानक रोक दिया जाता है। यदि आपकी या आपके घर के किसी बुजुर्ग की पेंशन भी इसी वजह से रुक गई है, तो चिंता करने की कोई बात नहीं है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो अब आपको बैंक या ईपीएफओ दफ्तर के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं है— आप अपने स्मार्टफोन और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के जरिए घर बैठे ही मिनटों में अपना डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं।पेंशन रुकने का मुख्य कारण: 12 महीने की समय सीमाEPFO के नियमों के अनुसार, पेंशनधारकों को अपना डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने के बाद वह पूरे 12 महीनों के लिए मान्य (Valid) रहता है।कोई फिक्स्ड महीना नहीं: पहले की तरह अब नवंबर महीने में ही सर्टिफिकेट जमा करने की मजबूरी नहीं है। अगर आपने पिछले साल अगस्त में DLC जमा किया था, तो आपको इस साल अगस्त से पहले इसे दोबारा जमा करना होगा।समय पर जमा न होने पर एक्शन: जैसे ही 12 महीने पूरे होते हैं और नया लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट नहीं होता, ईपीएफओ का सिस्टम अपने आप पेंशन रिलीज करना रोक देता है। जैसे ही आप नया जीवन प्रमाण पत्र जमा करते हैं, आपकी रुकी हुई पेंशन बकाया (Arrears) के साथ खाते में क्रेडिट कर दी जाती है।घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) जमा करने का आसान प्रोसेसअगर आप बैंक या पेंशन वितरण केंद्र नहीं जाना चाहते, तो अपने स्मार्टफोन से 'Face Authentication Technology' (चेहरा पहचान प्रणाली) का इस्तेमाल करके आसानी से लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं:जरूरी ऐप्स डाउनलोड करें: गूगल प्ले स्टोर से अपने एंड्रॉइड स्मार्टफोन में 'AadhaarFaceRd' ऐप और 'Jeevan Pramaan' ऐप डाउनलोड करें।ऑपरेटर ऑथेंटिकेशन: जीवन प्रमाण ऐप खोलें और अपना आधार नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज कर ओटीपी (OTP) से वेरिफिकेशन करें।चेहरा स्कैन करें (Face Scan): ऐप में पेंशनभोगी की जानकारी (PPO नंबर, UAN, बैंक खाता संख्या और पेंशन एजेंसी) भरें। इसके बाद फ्रंट कैमरे से पेंशनभोगी का चेहरा स्कैन करें।सब्मिशन और PRN नंबर: ऑथेंटिकेशन सफल होते ही स्क्रीन पर एक मैसेज दिखाई देगा और आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर प्रमाण आईडी (Pramaan ID / PRN) भेज दी जाएगी।स्वचालित अपडेट: यह सर्टिफिकेट सीधा ईपीएफओ के सर्वर पर अपडेट हो जाता है और कुछ ही दिनों के भीतर आपकी रुकी हुई पेंशन फिर से चालू हो जाती है।अन्य माध्यमों से भी जमा करा सकते हैं जीवन प्रमाण पत्रअगर आपके पास स्मार्टफोन का विकल्प नहीं है, तो आप निम्नलिखित माध्यमों से भी अपना लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं:कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) व बैंक शाखाएं: अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC), पेंशन बैंक शाखा या ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय जाकर फिंगरप्रिंट या आइरिस (Iris) स्कैनर से बायोमेट्रिक जमा कराएं।डाकिया सेवा (Postman Doorstep Service): इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के डाकिया या ग्रामीण डाक सेवक आपके घर आकर मामूली शुल्क में बायोमेट्रिक के जरिए लाइफ सर्टिफिकेट डिजिटल रूप से जमा कर देते हैं।
LIVE: जंतर मंतर पर डटे प्रदर्शनकारी, बारिश की वजह से मंच के नीचे बिताई रात
Latest News Today Live Updates in Hindi : जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी है। अभिजीत दिपके की पार्टी ने मांगा पीएम मोदी का इस्तीफा। पल पल की जानकारी...
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) के बाजार में जारी हलचल और मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान तनाव के बीच भारतीय सरकारी तेल कंपनियों ने आज मंगलवार, 21 जुलाई 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल के ताजा खुदरा दाम (Fuel Retail Prices) जारी कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी मार्केट में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। इसके बावजूद, देश के आम नागरिकों के लिए राहत की बात यह है कि भारतीय तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने आज भी देश के प्रमुख महानगरों में पेट्रोल-डीजल के बेस रेट्स में कोई बड़ा फेरबदल नहीं किया है। हालांकि, राज्यों में लागू होने वाले स्थानीय वैट (VAT) और माल ढुलाई शुल्क (Freight Charges) के कारण अलग-अलग शहरों में ईंधन के दामों में थोड़ा अंतर देखा जा रहा है।देश के चार प्रमुख महानगरों में आज क्या हैं रेट्स?देश की प्रमुख मेट्रो सिटीज में आज सुबह 6 बजे से प्रभावी पेट्रोल और डीजल के खुदरा भाव इस प्रकार हैं:नई दिल्ली (New Delhi): देश की राजधानी में आज पेट्रोल ₹94.72 प्रति लीटर और डीजल ₹87.62 प्रति लीटर पर बिक रहा है।मुंबई (Mumbai): महाराष्ट्र की राजधानी में राज्य टैक्स अधिक होने के कारण पेट्रोल ₹104.21 प्रति लीटर और डीजल ₹92.15 प्रति लीटर के भाव पर स्थिर बना हुआ है।कोलकाता (Kolkata): पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आज पेट्रोल का भाव ₹103.94 प्रति लीटर और डीजल ₹90.76 प्रति लीटर दर्ज किया गया है।चेन्नई (Chennai): चेन्नई के निवासियों को आज प्रति लीटर पेट्रोल के लिए ₹100.75 और डीजल के लिए ₹92.34 का भुगतान करना होगा।पटना, लखनऊ, नोएडा और गुवाहाटी में ईंधन का ताजा भावदेश के विभिन्न राज्यों के प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल और डीजल की खुदरा दरें इस प्रकार दर्ज की गई हैं:पटना (Patna): बिहार की राजधानी पटना में आज पेट्रोल का भाव ₹105.18 प्रति लीटर और डीजल ₹92.04 प्रति लीटर के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।लखनऊ (Lucknow): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज पेट्रोल ₹94.65 प्रति लीटर और डीजल ₹87.76 प्रति लीटर पर मिल रहा है।नोएडा/ग्रेटर नोएडा (Noida): दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर जिले में आज पेट्रोल का रेट ₹94.83 प्रति लीटर और डीजल ₹87.96 प्रति लीटर दर्ज किया गया है।गुवाहाटी (Guwahati): असम के मुख्य शहर गुवाहाटी में आज पेट्रोल ₹98.08 प्रति लीटर और डीजल ₹90.33 प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध है।वाराणसी (Varanasi): धार्मिक नगरी वाराणसी में आज पेट्रोल ₹95.07 प्रति लीटर और डीजल ₹88.24 प्रति लीटर के करीब बना हुआ है।घर बैठे ऐसे चेक करें अपने शहर का लाइव रेटयदि आप आज अपनी कार या बाइक का टैंक फुल कराने जा रहे हैं, तो एक आसान SMS सर्विस के माध्यम से अपने नजदीकी पेट्रोल पंप के रेट जान सकते हैं:Indian Oil (IOCL): अपने फोन से RSP डीलर कोड लिखकर 92249 92249 पर SMS भेजें।Bharat Petroleum (BPCL): RSP डीलर कोड टाइप करके 92231 12222 पर मैसेज करें।Hindustan Petroleum (HPCL): HPPRICE डीलर कोड लिखकर 92222 01122 पर भेजें।ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई अगर प्रभावित होती है, तो आगामी दिनों में ईंधन की दरों पर दबाव देखने को मिल सकता है।
वैदिक ज्योतिष में दैत्यों के गुरु और धन, वैभव, ऐश्वर्य, सौंदर्य व आकर्षण के कारक ग्रह 'शुक्र' (Venus) के गोचर का विशेष स्थान माना गया है। जब भी शुक्र ग्रह अपनी राशि या नक्षत्र बदलते हैं, तो उसका सीधा प्रभाव मानव जीवन, अर्थव्यवस्था और सभी 12 राशियों के जातकों पर पड़ता है। आषाढ़/श्रावण मास में शुक्र देव सूर्य के स्वामित्व वाले 'उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र' (Uttara Phalguni Nakshatra) में प्रवेश करने जा रहे हैं। सूर्य और शुक्र की इस नक्षत्र युति व गोचर के प्रभाव से कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने वाले हैं। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो इस नक्षत्र परिवर्तन से विशेष रूप से 4 राशियों के जातकों की सोई हुई किस्मत जागने वाली है और उनके घर धन की देवी मां लक्ष्मी का आगमन होने जा रहा है। आइए जानते हैं शुक्र के इस गोचर की सही तिथि और किन 4 राशियों को मिलने वाला है महा-लाभ।उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में शुक्र गोचर की तिथि और ज्योतिषीय महत्वज्योतिषीय गणना के अनुसार, शुक्र देव का उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में गोचर जुलाई 2026 के इस उत्तरार्ध में होने जा रहा है। उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र का संबंध समृद्धि, सुख-सुविधाओं और वैवाहिक जीवन में खुशहाली से होता है। चूंकि इस नक्षत्र के स्वामी सूर्य देव हैं, इसलिए शुक्र के इस नक्षत्र में आने से व्यक्ति के मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और वित्तीय मजबूती में जबरदस्त इजाफा होता है।इन 4 राशियों के चमकेंगे सितारे, होगी धन की बरसातशुक्र के इस नक्षत्र गोचर से निम्नलिखित 4 राशियों को सबसे ज्यादा फायदा और करियर में तरक्की मिलने के योग बन रहे हैं:1. वृषभ राशि (Taurus)शुक्र आपकी ही राशि के स्वामी ग्रह हैं, इसलिए उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में उनका प्रवेश आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं रहेगा।लाभ: आय के नए स्रोत (Income Sources) खुलेंगे, फंसा हुआ पैसा वापस मिलेगा और बिजनेस में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है। भौतिक सुख-सुविधाओं की चीजों पर खर्च होगा।2. सिंह राशि (Leo)उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र का पहला चरण सिंह राशि में ही आता है। ऐसे में शुक्र का यह गोचर सिंह राशि के जातकों के लिए बेहद शुभ साबित होगा।लाभ: समाज में आपका कद और मान-सम्मान बढ़ेगा। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति (Promotion) या इंक्रीमेंट की खुशखबरी मिल सकती है। आर्थिक स्थिति पहले से काफी मजबूत होगी।3. तुला राशि (Libra)तुला राशि के स्वामी भी शुक्र देव ही हैं। इस नक्षत्र गोचर के प्रभाव से तुला राशि के जातकों के जीवन में चल रही सभी आर्थिक तंगी और परेशानियां दूर होंगी।लाभ: शेयर बाजार, प्रॉपर्टी या निवेश से बड़ा मुनाफा मिल सकता है। जो लोग नया काम या व्यापार शुरू करने की सोच रहे हैं, उनके लिए यह समय सबसे उत्तम है।4. धनु राशि (Sagittarius)धनु राशि के जातकों के लिए शुक्र का यह गोचर भाग्य के द्वार खोलने वाला साबित होगा।लाभ: विदेश यात्रा या लंबी दूरी की यात्रा के योग बनेंगे जो आगे चलकर बेहद लाभदायक रहेंगे। अचानक धन लाभ (Unplanned Financial Gain) के योग हैं और परिवार में मांगलिक कार्य संपन्न होंगे।शुक्र देव को प्रसन्न करने और लाभ बढ़ाने के आसान उपाययदि आप भी अपनी कुंडली में शुक्र ग्रह को और अधिक मजबूत करना चाहते हैं, तो इस गोचर के दौरान निम्नलिखित ज्योतिषीय उपाय कर सकते हैं:मंत्र जाप: रोजाना 'ॐ शुं शुक्राय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें।शुक्रवार का दान: शुक्रवार के दिन सफेद चीजें जैसे दूध, दही, चावल, मिश्री या सफेद वस्त्र किसी जरूरतमंद को दान करें।मां लक्ष्मी की पूजा: शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी को खीर का भोग लगाएं और कमलगट्टे की माला से महालक्ष्मी मंत्र का जप करें।
देश के नामचीन निजी अस्पतालों में गिने जाने वाले 'मेदांता अस्पताल' (Medanta Hospital) पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर पैसे कमाने के लालच में इलाज के साथ खिलवाड़ करने और अनैतिक रवैया अपनाने का संगीन आरोप लगाया है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक परिजनों और समर्थकों ने हंगामा किया। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह कोई पहला मामला नहीं है जब किसी बड़े कॉर्पोरेट अस्पताल पर 'प्रॉफिट मेकिंग' और अनावश्यक ट्रीटमेंट/वेंटिलेटर सपोर्ट के नाम पर भारी-भरकम बिल थमाने के आरोप लगे हों।परिजनों का आरोप: बिना जरूरत आईसीयू में रखा और थमा दिया लाखों का बिलपीड़ित परिवार का दावा है कि मरीज को हल्की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने डराकर तुरंत आईसीयू (ICU) और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रख दिया। परिजनों का मुख्य आरोप है कि:अनावश्यक मेडिकल प्रोसीजर: परिजनों के अनुसार, मरीज की हालत में सुधार होने के बावजूद उसे डिस्चार्ज नहीं किया गया और कई ऐसी जांचें व दवाएं लिख दी गईं जिनकी कोई खास आवश्यकता नहीं थी।लाखों का बिल: जब परिजनों ने मरीज को किसी अन्य अस्पताल में शिफ्ट करने या डिस्चार्ज करने की बात कही, तो उन्हें लाखों रुपये का लंबा-चौड़ा बिल थमा दिया गया और पैसे न चुकाने तक कागजात और मरीज को रोकने का प्रयास किया गया।अस्पताल प्रशासन की सफाई और पुलिस की दखलहंगामे और मीडिया के पहुंचने के बाद स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। वहीं मेदांता अस्पताल प्रशासन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अपनी सफाई दी है:अस्पताल का पक्ष: प्रबंधन का कहना है कि मरीज की मेडिकल कंडीशन बेहद क्रिटिकल (गंभीर) थी और अंतरराष्ट्रीय मेडिकल प्रोटोकॉल (Medical Protocols) के तहत ही उसका इलाज किया जा रहा था। अस्पताल ने किसी भी तरह की लापरवाही या जबरन बिल बनाने के आरोप को बेबुनियाद बताया है।पुलिस जांच: पुलिस ने परिजनों की शिकायत दर्ज कर ली है और मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मरीज की मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टरों के पैनल से राय लेने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।प्राइवेट अस्पतालों में मनमानी पर उठे सवालइस घटना के बाद एक बार फिर प्राइवेट कॉर्पोरेट अस्पतालों में इलाज के नाम पर हो रही कथित 'लूट' और पारदर्शिता की कमी को लेकर आम जनता में भारी आक्रोश है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और जन-अधिकार कार्यकर्ताओं का मानना है कि:मेडिकल एथिक्स की अनदेखी: कमर्शियल टार्गेट्स के दबाव में कई बार डॉक्टर और अस्पताल 'मेडिकल एथिक्स' (चिकित्सा नैतिकता) को किनारे रख देते हैं।सख्त नियमों की जरूरत: सरकार को प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के रेट, आईसीयू चार्जेस और मेडिकल ऑडिटिंग (Medical Audit) को लेकर सख्त गाइडलाइन्स लागू करनी चाहिए, ताकि कोई भी अस्पताल पैसे की खातिर किसी मरीज की जिंदगी से खिलवाड़ न कर सके।
सिक्किम टनल हादसा: मीथेन गैस रिसाव और भूस्खलन से 7 की मौत, कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका
सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन समरदुंग (झोलुंगे) सुरंग में हुए हादसे से हड़कंप मच गया। सुरंग के भीतर मीथेन गैस रिसाव और उसके बाद हुए भूस्खलन के कारण 7 लोगों की मौत हो गई। कई मजदूरों के सुरंग में फंसे होने की आशंका है। टनल से मजदूरों का ...
Student Protests: कभी छात्रों को केवल विश्वविद्यालयों की राजनीति तक सीमित माना जाता था, लेकिन अब दुनिया के कई देशों में वही छात्र सत्ता परिवर्तन की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरे हैं। पिछले पांच वर्षों में नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश, केन्या, सर्बिया समेत ...
नेत्र जांच शिविर कुई ग्राम में हुआ संपन्न
सबगुरु न्यूज-आबूरोड। विप्र फाउंडेशन आबूरोड ने राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कुई में नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया। शिविर में अनेक युवा, वृद्ध एवं विद्यार्थियों ने आंखों की जांच करवाई। जांच के दौरान 19 व्यक्तियों का मोतियाबिंद पाया गेयर। इनका ऑपरेशन ब्रह्माकुमारी ग्लोबल संस्थान नेत्र चिकित्सालय आबू रोड में कराया जाएगा। इस कैंप में आंखों […] The post नेत्र जांच शिविर कुई ग्राम में हुआ संपन्न appeared first on Sabguru News .
सिक्किम में निर्माणाधीन सुरंग में बड़ा हादसा, भूस्खलन के बाद 27 मजदूर फंसे
सिक्किम के नामची जिले में सोमवार दोपहर एक निर्माणाधीन सुरंग के बाहर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) होने से बड़ा हादसा हो गया। भूस्खलन के कारण सुरंग का प्रवेश द्वार बंद हो गया और अंदर गैस रिसाव की आशंका के बीच करीब 27 मजदूर सुरंग में फंस गए। अधिकारियों ने ...
यूक्रेन के ओडेसा (Odesa) बंदरगाह से 19 जुलाई की शाम रवाना हुए एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल है। इस घटना की पुष्टि भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने की है। विदेश मंत्रालय के ...
सुभद्र पापडीवाल बने विश्व हिंदू परिषद जयपुर प्रांत अध्यक्ष
जयपुर। विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय प्रबंध समिति की दो दिवसीय बैठक 19 एवं 20 जुलाई को तेरापंथ भवन छतरपुर नई दिल्ली में संपन्न हुई। बैठक में देशभर से केंद्रीय पदाधिकारियों एवं प्रबंध समिति के सदस्यों ने सहभागिता की। इस अवसर पर संगठन के विभिन्न दायित्वों की घोषणा की गई। सुभद्र पापड़ीवाल को विश्व हिंदू […] The post सुभद्र पापडीवाल बने विश्व हिंदू परिषद जयपुर प्रांत अध्यक्ष appeared first on Sabguru News .
अधिकारी बहाने नहीं बनाएं, समय पर काम पूरा कर जनता को पहुंचाएं राहत : भजनलाल शर्मा
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विकास परियोजनाओं को टाइमलाइन में पूरा कर जनता को समय पर लाभ पहुंचाना राज्य सरकार और हर कार्मिक की प्राथमिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा है कि इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में राज उन्नति की सातवीं […] The post अधिकारी बहाने नहीं बनाएं, समय पर काम पूरा कर जनता को पहुंचाएं राहत : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .
करौली में विषाक्त पदार्थ के सेवन से एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत
करौली। राजस्थान में करौली जिले के सपोटरा थाना क्षेत्र में बालोती गांव में सोमवार को एक परिवार के चार सदस्यों द्वारा सामूहिक रूप से विषाक्त पदार्थ का सेवन करने से पति-पत्नी और बड़े बेटे की मौत हो गई जबकि छोटे बेटा गंभीर रूप से बीमार हो गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि रामदयाल बैरवा (45), […] The post करौली में विषाक्त पदार्थ के सेवन से एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
भीलवाड़ा : वैन की चपेट में आने से युवक और बच्ची की मौत, दो महिलाएं घायल
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के बिजौलिया थाना क्षेत्र में सोमवार को सलावटिया गांव में वैन की चपेट में आने से मोटर साइकिल सवार एक युवक और एक बच्ची की मौत हो गई और दो महिलाएं घायल हो गईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार संतोष मीणा (22) निवासी तीखी (बिजौलिया) मध्यप्रदेश के धार जिले में जेसीबी […] The post भीलवाड़ा : वैन की चपेट में आने से युवक और बच्ची की मौत, दो महिलाएं घायल appeared first on Sabguru News .
लेबर पार्टी के सांसद एंडी बर्नहैम ब्रिटेन के 59वें प्रधानमंत्री बने
लंदन। लेबर पार्टी के सांसद एंडी बर्नहैम सोमवार को आधिकारिक तौर पर ब्रिटेन के 59वें प्रधानमंत्री बन गए हैं। बकिंघम पैलेस में किंग चार्ल्स तृतीय के साथ एक निजी मुलाकात के दौरान उन्हें सरकार बनाने का न्यौता दिया गया। इससे पहले सर कीर स्टार्मर ने प्रधानमंत्री पद से अपना इस्तीफा सम्राट को सौंप दिया, जिसे […] The post लेबर पार्टी के सांसद एंडी बर्नहैम ब्रिटेन के 59वें प्रधानमंत्री बने appeared first on Sabguru News .
आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ कोई मंज़िल नहीं होती दूर: आकांक्षा चौधरी
अजमेर/जयपुर। मिसेज इंडिया-2026 का ताज अपने नाम करने वाली राजस्थान के अजमेर की आकांक्षा चौधरी ने महिला सशक्तीकरण पर जोर देते हुए कहा है कि महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए कुछ छोड़ने की आवश्यकता नहीं हैं और वे अपनी हर जिम्मेदारी को निभाते हुए भी सब कुछ कर सकती है। आकांक्षा चौधरी ने मिसेज […] The post आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ कोई मंज़िल नहीं होती दूर: आकांक्षा चौधरी appeared first on Sabguru News .
वर्धा के पास कार और ट्रक की टक्कर से आग लगी, 6 लोगों की जलकर मौत
वर्धा। महाराष्ट्र के वर्धा जिले में सोमवार तड़के एक कंटेनर ट्रक के पलटने और अन्य ट्रक के कार को टक्कर मार देने के बाद आग लग गई जिससे छह लोगों की जलकर मौत हो गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मुंबई और नागपुर को जोड़ने वाले समृद्धि एक्सप्रेसवे पर हुई इस दुर्घटना के बाद दोनों गाड़ियों […] The post वर्धा के पास कार और ट्रक की टक्कर से आग लगी, 6 लोगों की जलकर मौत appeared first on Sabguru News .
जंतर-मंतर से हटाए गए कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शनकारी
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ निकली संसद चलो मार्च के बीच सुरक्षा बलों ने सोमवार को जंतर-मंतर से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनकारियों को हटाकर प्रदर्शन स्थल खाली करवा दिया। दिल्ली पुलिस और त्वरित कार्रवाई बल ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर उन्हें प्रदर्शन स्थल से हटाया। […] The post जंतर-मंतर से हटाए गए कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शनकारी appeared first on Sabguru News .
राम जन्मभूमि मंदिर केस फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, निर्मोही अखाड़े ने दाखिल की याचिका
Ram Janmabhoomi Temple Case: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रबंधन, वित्तीय लेन-देन और धार्मिक परंपराओं को लेकर एक बार फिर मामला देश की शीर्ष अदालत में पहुंच गया है। श्री पंच रामानंदी निर्मोही अखाड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर श्रीराम ...
कॉकरोच जनता पार्टी ने तीन मांगों के साथ जेपी नड्डा को सौंपा ज्ञापन
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्र सरकार से सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को रिहा करने, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने तथा नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों को एक करोड़ रुपए की सहायता देने की मांग की है। सीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ […] The post कॉकरोच जनता पार्टी ने तीन मांगों के साथ जेपी नड्डा को सौंपा ज्ञापन appeared first on Sabguru News .
पंजाब विश्वविद्यालय में आरएसएस नेताओं के कार्यक्रम पर हंगामा, छात्र संगठनों का प्रदर्शन
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय में सोमवार को आयोजित एक सेमिनार के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े नेताओं की मौजूदगी को लेकर छात्र संगठनों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस बल तैनात किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को ऑडिटोरियम के बाहर ही रोक दिया, जिससे छात्रों और पुलिस के […] The post पंजाब विश्वविद्यालय में आरएसएस नेताओं के कार्यक्रम पर हंगामा, छात्र संगठनों का प्रदर्शन appeared first on Sabguru News .
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह शिक्षा नीति की कमियों पर चर्चा करने से कतरा रही है।
पेपर लीक, प्रधान के इस्तीफे की मांग और चढ़ावा चोरी पर हंगामे की भेंट चढ़ा संसद का पहला दिन
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का पहला दिन सोमवार को नीट यूजी पेपर लीक, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और चढ़ावा चोरी के मुद्दों पर विपक्ष के जोरदार हंगामे की भेंट चढ़ गया। लोकसभा और राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इन मुद्दों को उठाया, जिसके […] The post पेपर लीक, प्रधान के इस्तीफे की मांग और चढ़ावा चोरी पर हंगामे की भेंट चढ़ा संसद का पहला दिन appeared first on Sabguru News .
बात में तथ्य और तर्क हों तो हंगामा खड़ा करने की जरूरत नहीं : मानसून सत्र से पहले माेदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ओर के सांसदों से संसद में मिल जुल कर देश के हित में काम करने की अपील करते हुए सोमवार को कहा कि मुद्दों में दम हो और बात में तर्क हो तो शांत तरीके से भी उठाई गई मांग भी बुलंद आवाज बन […] The post बात में तथ्य और तर्क हों तो हंगामा खड़ा करने की जरूरत नहीं : मानसून सत्र से पहले माेदी appeared first on Sabguru News .
त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक अनुराग धनखड़ शाैचालय में मृत मिले, आत्महत्या की आशंका
अगरतला। भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी और त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ साेमवार को यहां पुलिस मुख्यालय में अपने कार्यालय के शौचालय में मृत मिले। शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है। उनकी स्वास्थ्य जांच करने वाले अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज के प्रो प्रदीप भौमिक ने बताया कि […] The post त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक अनुराग धनखड़ शाैचालय में मृत मिले, आत्महत्या की आशंका appeared first on Sabguru News .
कॉकरोच जनता पार्टी संस्थापक अभिजित दीपके ने अनशन तोड़ा
नई दिल्ली। नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की इस्तीफे की मांग पर कॉकरोच जनता पार्टी संस्थापक अभिजित दीपके ने के सोमवार को ‘संसद चलो’ प्रदर्शन के बीच पार्टी के अपना अनशन तोड़ा। दीपके के साथ अनशन कर रहे तीन अन्य छात्रों ने भी 23 दिन के अपने अनशन को तोड़ […] The post कॉकरोच जनता पार्टी संस्थापक अभिजित दीपके ने अनशन तोड़ा appeared first on Sabguru News .
दिल्ली भाजपा की नई टीम घोषित, विष्णु मित्तल सहित तीन बने महामंत्री
नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने सोमवार को अपनी नई टीम की घोषणा कर दी। मल्होत्रा की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि राष्ट्रीय नेतृत्व से उचित विचार-विमर्श और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अनुमति मिलने के बाद दिल्ली प्रदेश के पदाधिकारियों का घोषणा […] The post दिल्ली भाजपा की नई टीम घोषित, विष्णु मित्तल सहित तीन बने महामंत्री appeared first on Sabguru News .
सपा-कांग्रेस से सावधान और सतर्क रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे, इनसे सटेंगे तो खतरा बढ़ेगा : योगी
CM Yogi Barabanki Speech: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बाराबंकी की धरा से प्रदेशवासियों को आगाह किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस व समाजवादी पार्टी विरासत, विकास, गांव-गरीब, किसानों, नौजवानों और महिलाओं की जन्मजात विरोधी हैं। इनसे सावधान और ...
धार में तांत्रिक क्रिया से इलाज का झांसा देकर महिला से रेप
धार। मध्यप्रदेश के धार जिले के कुक्षी क्षेत्र में बवासीर का तांत्रिक क्रिया से इलाज करने का झांसा देकर एक महिला से कथित दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मुख्य आरोपी तांत्रिक सहित चार लोगों के खिलाफ दुष्कर्म और अन्य संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच […] The post धार में तांत्रिक क्रिया से इलाज का झांसा देकर महिला से रेप appeared first on Sabguru News .
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए दर्दनाक हादसे वाली इमारत पर आखिरकार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हो गई है। सेक्टर-डी स्थित भूखंड संख्या-102 पर बनी इस विवादित बहुमंजिला इमारत को तोड़ने का काम सोमवार से शुरू कर दिया गया। इसी साल 22 जून को इस बिल्डिंग में लगे भीषण अग्निकांड में 15 मासूम बच्चों की जलकर दर्दनाक मौत हो गई थी। इस दिल दहला देने वाले हादसे के बाद बैकफुट पर आए इमारत के मालिक वीरेंद्र शुक्ला और सुरेंद्र शुक्ला ने स्वयं भवन को ध्वस्त कराने की प्रक्रिया शुरू की है। हालांकि, लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की विशेष टीम पूरे ध्वस्तीकरण प्रक्रिया पर पल-पल की निगरानी बनाए हुए है।ड्रिल मशीनों से धीरे-धीरे तोड़ी जा रही इमारत: सुरक्षा के लिए हरे जाल से ढकी गई पूरी बिल्डिंगसघन आबादी वाले इलाके में स्थित होने के कारण इस भवन को एक झटके में गिराने के बजाय बेहद नियंत्रित और सावधानीपूर्वक तरीके से ध्वस्त किया जा रहा है। आसपास की इमारतों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरी बिल्डिंग को हरे रंग के जालीनुमा नेट से ढका गया है। मजदूर और तकनीकी टीम ड्रिल मशीनों की सहायता से ऊपरी हिस्से को धीरे-धीरे छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ रही है, ताकि किसी भी तरह का मलबा नीचे न गिरे और पड़ोसी ढांचों को नुकसान न पहुंचे।कंपाउंडिंग और कुछ हिस्सा बचाने की भी चर्चा: स्थानीय लोगों में कई तरह के कयासस्थानीय निवासियों का कहना है कि भवन मालिक किसी भी नए हादसे से बचने के लिए बेहद सतर्कता से काम करा रहे हैं। हालांकि, इलाके में यह चर्चा भी जोरों पर है कि मालिक और उनके कानूनी सलाहकार भवन के कुछ हिस्से को कानूनी दांव-पेच के जरिए बचाने या फिर कंपाउंडिंग की संभावनाएं तलाशने में लगे हैं। यही वजह है कि कार्रवाई को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि कोई कानूनी गुंजाइश बन सके।एलडीए के इंजीनियर मौके पर तैनात: सुरक्षा मानकों की हो रही कड़ी जांचध्वस्तीकरण कार्य शुरू होने की जानकारी मिलते ही LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने जोनल अधिकारी माधवेश कुमार को अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर रवाना किया। प्राधिकरण के इंजीनियर और अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि इमारत गिराने के दौरान सभी तय सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन हो। अधिकारियों का मानना है कि यदि बिना किसी ठोस सुरक्षा योजना के असुरक्षित तरीके से भवन गिराया गया, तो आसपास की इमारतों को बड़ा नुकसान पहुंच सकता है।25 जुलाई तक की मोहलत: समय सीमा खत्म होते ही गरज सकता है LDA का बुलडोजरजोनल अधिकारी माधवेश कुमार के अनुसार, भवन स्वामी फिलहाल खुद इमारत को तुड़वा रहे हैं। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने नियमानुसार भवन ध्वस्तीकरण के लिए 15 दिनों का नोटिस समय दिया था, जिसकी समयसीमा 25 जुलाई को समाप्त हो रही है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यदि तय तारीख तक पूरी इमारत को नहीं हटाया गया, तो 25 जुलाई के बाद प्राधिकरण अपने भारी बुलडोजर और मशीनों के साथ खुद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी करेगा। 22 जून के उस भयानक हादसे के बाद से यह इमारत पूरे प्रदेश में विवाद का केंद्र बनी हुई है, और अब इसकी ढहती दीवारें उस भीषण त्रासदी की याद दिला रही हैं।
इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज़ 1-2 से गंवाने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के कार्यवाहक कप्तान शुभमन गिल का बड़ा बयान सामने आया है। लगातार खिलाड़ियों के चोटिल होने और टीम के मुख्य चेहरों के बाहर बैठने पर गिल ने खुलकर अपनी चिंता व्यक्त की है। स्टार खिलाड़ियों की चोट की समस्या से जूझ रही भारतीय टीम के प्रदर्शन में निरंतरता की कमी साफ देखने को मिली। इस हार के बाद कप्तान शुभमन गिल ने सेंटर स्टेज पर आकर टीम इंडिया के खिलाड़ियों के लिए बेहतर फिटनेस मानकों और मजबूत वर्कलोड मैनेजमेंट की सख्त मांग की है।चोटों के संकट से जूझ रही टीम इंडिया: पांच मुख्य खिलाड़ियों के बिना मैदान में उतरी थी टीमइंग्लैंड के खिलाफ इस सीरीज में भारतीय टीम को अपने कई प्रमुख मैच-विनर खिलाड़ियों की सेवाएं नहीं मिल सकीं। ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या, नीतीश कुमार रेड्डी और स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह समेत कई प्रमुख खिलाड़ी चोटों के कारण पूरी तरह से बाहर रहे। लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे के बाद शुभमन गिल ने कहा कि अगर हमारी मुख्य प्लेइंग इलेवन को देखें तो कम से कम पांच खिलाड़ी इस मैच में नहीं खेल रहे थे। एक या दो खिलाड़ियों के चोटिल होते ही पूरी टीम का कॉम्बिनेशन बिगड़ जाता है, जिससे मैदान पर सही संतुलन बनाना बेहद मुश्किल हो जाता है।वनडे वर्ल्ड कप को लेकर गिल की गंभीर चेतावनी: 'कहीं न कहीं कुछ बड़ी कमी है'लगातार चोटिल हो रहे खिलाड़ियों पर तंज कसते हुए शुभमन गिल ने कहा कि आगामी वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट को जीतने के लिए किसी भी टीम को लगातार 11 मैच खेलने होते हैं, लेकिन यहां हमारे खिलाड़ी दो या तीन मैचों की छोटी सीरीज भी पूरी नहीं कर पा रहे हैं। गिल ने कहा कि अगर हर मैच के बाद चोट के कारण खिलाड़ी बाहर होते रहेंगे तो हम बड़े लक्ष्य हासिल नहीं कर सकते। साफ तौर पर हमारी तैयारी और खिलाड़ियों के फिटनेस लेवल में कहीं न कहीं कोई बड़ी कमी रह गई है।लॉर्ड्स में 388 रनों का विशाल लक्ष्य पड़ा भारी: रोहित-कोहली-गिल की पारियां भी न दिला सकीं जीतभारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए तीसरे वनडे मुकाबले में मेजबान टीम का पूरी तरह दबदबा देखने को मिला। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए जैकब बेथेल, बेन डकेट, जो रूट और जोस बटलर की धमाकेदार पारियों के दम पर बोर्ड पर 387 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया। जवाब में उतरी भारतीय टीम के लिए पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने शानदार 138 रन बनाए, जबकि शुभमन गिल ने 77 और विराट कोहली ने 74 रनों का योगदान दिया। हालांकि, विशाल लक्ष्य के दबाव और मिडिल ऑर्डर के पतन के कारण टीम इंडिया 360 रनों पर सिमट गई और 27 रनों से मैच गंवाकर सीरीज भी हार गई।
इंग्लैंड दौरे पर भारतीय क्रिकेट टीम का निराशाजनक प्रदर्शन जारी है। लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड ने भारत को 27 रन से हराकर तीन मैचों की वनडे सीरीज़ 2-1 से अपने नाम कर ली। इस हार के साथ ही भारत के इंग्लैंड दौरे का अंत बेहद कड़वे अनुभव के साथ हुआ। टी20 सीरीज़ में 0-4 से मिली करारी शिकस्त के बाद वनडे सीरीज़ भी हाथ से निकलने पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर और जाने-माने कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। आकाश चोपड़ा ने भारतीय टीम के इस लगातार खराब प्रदर्शन को एक 'दुखद कहानी' करार दिया है।आकाश चोपड़ा का बड़ा हमला: 'आयरलैंड और इंग्लैंड में हारे, हम कुछ भी नहीं जीत रहे हैं'अपने यूट्यूब चैनल पर जारी किए गए एक वीडियो में आकाश चोपड़ा ने भारतीय टीम की लगातार हार पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि टीम में सभी बड़े खिलाड़ियों की मौजूदगी के बावजूद इस तरह सीरीज गंवाना बेहद चिंताजनक है। चोपड़ा ने सवाल उठाते हुए कहा कि यह बिल्कुल भी अच्छी तस्वीर नहीं है बल्कि यह असल में एक दुखद कहानी है। हम पहले आयरलैंड में टी20 सीरीज़ हारे, फिर इंग्लैंड से टी20 में पराजित हुए और अब वनडे सीरीज़ भी गंवा चुके हैं। उन्होंने तीखा सवाल दागते हुए कहा कि अफ़गानिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट और एक वनडे सीरीज़ जीतने के अलावा भारत ने हाल के दिनों में आखिर क्या हासिल किया है?रोहित शर्मा के शतक और गिल-कोहली के अर्द्धशतक पर फिरा पानी: मिडिल ऑर्डर रहा पूरी तरह फ्लॉपलॉर्ड्स वनडे में इंग्लैंड ने पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए बोर्ड पर 387 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। 388 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को सलामी बल्लेबाजों ने मजबूत शुरुआत दिलाई। शुभमन गिल ने 84 गेंदों पर 77 रनों की संयमित पारी खेली, जबकि कप्तान रोहित शर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 110 गेंदों में 138 रन ठोककर अपने आलोचकों का मुंह बंद कर दिया। इसके बाद विराट कोहली ने भी 60 गेंदों पर 74 रनों का आक्रामक योगदान दिया। हालांकि, टॉप ऑर्डर के इस शानदार प्रदर्शन के बावजूद भारतीय मध्यक्रम पूरी तरह फ्लॉप साबित हुआ, जिसके चलते टीम इंडिया 50 ओवर में 360/7 पर सिमट गई और 27 रन से मैच हार गई।इंग्लैंड दौरे का निराशाजनक अंत: टी20 में 0-4 से सूपड़ा साफ होने के बाद वनडे सीरीज भी हाथ से निकलीयह मुकाबला भारत के इंग्लैंड दौरे का अंतिम मैच था, जहां सीमित ओवरों के क्रिकेट में टीम इंडिया को केवल निराशा ही हाथ लगी है। वनडे सीरीज़ से पहले खेली गई टी20 सीरीज़ में मेजबान इंग्लैंड ने भारत को 0-4 से हराया था। फैंस और खेल विशेषज्ञों को उम्मीद थी कि वनडे सीरीज़ में दिग्गज खिलाड़ियों की वापसी से स्थिति बदलेगी, लेकिन लॉर्ड्स में 388 के लक्ष्य के करीब पहुंचकर हार जाना टीम की गहराती समस्याओं को उजागर करता है। बड़े योगदानों के बावजूद जीत दर्ज न कर पाना आगामी बड़े आईसीसी टूर्नामेंटों से पहले भारतीय टीम प्रबंधन के लिए गंभीर चिंतन का विषय है।
पवित्र सावन का महीना शुरू होने से ठीक पहले ग्रहों के दुर्लभ गोचर और चाल में बदलाव से बेहद शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जुलाई के अंत में तीन प्रमुख ग्रह—देवगुरु बृहस्पति, ग्रहों के राजकुमार बुध और कर्मफलदाता शनि अपनी स्थिति में बड़ा फेरबदल करने जा रहे हैं। देवगुरु बृहस्पति 19 जुलाई को गुरु पुष्य नक्षत्र में प्रवेश कर चुके हैं, जबकि 25 जुलाई को बुध देव उदित होंगे और इसके ठीक बाद 27 जुलाई को शनि मीन राशि में वक्री चाल शुरू करने वाले हैं। ग्रहों के इस महासंयोग का प्रभाव 30 जुलाई से शुरू हो रहे सावन के पूरे महीने में देखने को मिलेगा। इस दौरान 5 विशेष राशियों को धन, करियर, व्यापार और सेहत में अप्रत्याशित सफलता मिलने के प्रबल योग बन रहे हैं।मेष राशि: आय में बढ़ोतरी और करियर में प्रमोशन के तगड़े संकेतग्रहों के इस बड़े बदलाव से मेष राशि के जातकों को जबरदस्त आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। यदि आप लंबे समय से नौकरी बदलने की योजना बना रहे हैं, तो आपको देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों से आकर्षक ऑफर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत को देखते हुए पदोन्नति (Promotion) और वेतन वृद्धि (Appraisal) का लाभ मिल सकता है। व्यापारियों को नए सौदों में अच्छा मुनाफा होगा और पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी।मिथुन राशि: अटके काम होंगे पूरे और अचानक होगा धन लाभमिथुन राशि के जातकों के लिए ग्रहों की यह तिकड़ी अत्यंत फलदायी साबित होगी। आपके लंबे समय से फंसे हुए काम अचानक गति पकड़ेंगे। अनावश्यक खर्चों पर ब्रेक लगेगा, जिससे आपकी बचत में इजाफा होगा। अचानक से धन लाभ होने के योग बन रहे हैं, जिससे आपकी वित्तीय स्थिति काफी मजबूत होगी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और नई नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को कोई सुखद समाचार मिल सकता है।सिंह राशि: मेहनत लाएगी रंग और नए व्यापार की हो सकती है शुरुआतसिंह राशि वालों के लिए यह समय भाग्य का पूरा साथ लेकर आ रहा है। ऑफिस में बॉस और वरिष्ठ अधिकारी आपके काम और आइडियाज से काफी प्रभावित होंगे, जिसका सीधा असर आपकी तरक्की पर दिखेगा। बिजनेस करने वाले जातक किसी नए प्रोजेक्ट या काम की शुरुआत कर सकते हैं। हालांकि, कोई भी बड़ा वित्तीय निर्णय लेते समय जल्दबाजी से बचें। मनचाही यात्रा और आकस्मिक धन लाभ के मजबूत योग बन रहे हैं।तुला राशि: आय के नए स्रोत बनेंगे और निवेश से मिलेगा फायदातुला राशि के जातकों को इस अवधि में किस्मत का हर मोड़ पर सहयोग मिलेगा। आय के नए जरिये बनने से आर्थिक स्थिरता आएगी और पुराने निवेश से बड़ा फायदा मिल सकता है। जो जातक संपत्ति या शेयर बाजार में निवेश करने की सोच रहे हैं, उनके लिए यह समय मुफीद है, लेकिन विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें। धार्मिक गतिविधियों में रुझान बढ़ेगा और जीवनसाथी के साथ किसी सुखद यात्रा का आनंद ले सकते हैं।मीन राशि: बढ़ेगा आत्मविश्वास, जमीन और वाहन खरीदने के बनेंगे योगमीन राशि के जातकों के भीतर सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार होगा। आप अपनी ऊर्जा का उपयोग रुके हुए कार्यों को निपटाने में करेंगे। परिवार में आपसी सामंजस्य और प्रेम बढ़ेगा। यदि आप नई जमीन, मकान या वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो परिस्थितियां आपके अनुकूल रहेंगी। माता-पिता के सहयोग से प्रेम संबंधों को विवाह में बदलने का अवसर मिलेगा और संतान पक्ष से भी कोई शुभ समाचार मिल सकता है।
हैदराबाद: यौन उत्पीड़न के आरोपी ट्रेनी आईपीएस अधिकारी ने आत्महत्या की कोशिश की
हैदराबाद में सरदार वल्लभभाई पटेल नेशनल पुलिस एकेडमी में ट्रेनिंग कर रहे यौन उत्पीड़न के आरोपी एक ट्रेनी आईपीएस अफसर ने सोमवार को कथित तौर पर आत्महत्या की कोशिश की। रविवार को उसके खिलाफ एक महिला ट्रेनी अफसर ने यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था।
शेयर बाजार में हॉकिन्स कुकर्स लिमिटेड (Hawkins Cookers Ltd) के शेयरों में हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को शानदार बढ़त देखने को मिली। कंपनी के शेयरों में 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। यह तेजी कंपनी द्वारा अपने योग्य शेयरधारकों के लिए घोषित किए गए बंपर डिविडेंड के बाद देखने को मिल रही है। कंपनी ने अपने निवेशकों को प्रति शेयर 140 रुपये का मोटा डिविडेंड देने का फैसला किया है, जिसकी रिकॉर्ड डेट इसी हफ्ते तय की गई है।22 जुलाई को है एक्स-डिविडेंड और रिकॉर्ड डेट: जानिए किसे मिलेगा फायदाहॉकिन्स कुकर्स लिमिटेड ने शेयर बाजारों को भेजी आधिकारिक जानकारी में स्पष्ट किया है कि कंपनी 10 रुपये के फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर 140 रुपये का डिविडेंड वितरित करेगी। इसके लिए कंपनी ने 22 जुलाई 2026 (बुधवार) की तारीख को रिकॉर्ड डेट घोषित किया है। इसका मतलब है कि 22 जुलाई तक जिन निवेशकों के पास डिमैट खाते में कंपनी के शेयर मौजूद होंगे, केवल वही इस आकर्षक डिविडेंड का लाभ उठाने के हकदार होंगे।लगातार बढ़ा रही है डिविडेंड: पिछले सालों में रहा है ऐसा ट्रैक रिकॉर्डकंपनी अपने शेयरधारकों को लगातार बड़ा डिविडेंड देकर खुश करती आई है। पिछले आंकड़ों पर नजर डालें तो हॉकिन्स कुकर्स ने साल 2025 में प्रति शेयर 130 रुपये का डिविडेंड दिया था। वहीं साल 2024 में निवेशकों को प्रति शेयर 120 रुपये का डिविडेंड मिला था, जबकि साल 2023 में कंपनी ने 100 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से डिविडेंड बांटा था। लगातार बढ़ते डिविडेंड के इस आंकड़े से साफ है कि कंपनी अपने कैश फ्लो का बड़ा हिस्सा निवेशकों के साथ साझा करती आ रही है।शेयरों में आई 2% की तेजी: एक महीने में दिया 19% से ज्यादा का रिटर्नसप्ताह के पहले कारोबारी दिन बीएसई (BSE) पर कंपनी का स्टॉक 2 प्रतिशत से अधिक की मजबूती के साथ 9262.85 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। पिछले एक महीने के प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी के शेयरों में 19 प्रतिशत से ज्यादा का तगड़ा उछाल आया है। वहीं बीते 6 महीनों में इस स्टॉक ने अपने निवेशकों को 21 प्रतिशत का पॉजिटिव रिटर्न दिया है। हालांकि, पिछले एक साल में शेयरों में करीब 3.95 प्रतिशत और दो साल की अवधि में 8.23 प्रतिशत की मामूली गिरावट देखने को मिली है।10 सालों में दिया मल्टीबैगर रिटर्न: सेंसेक्स को भी पछाड़ादीर्घकालिक (लॉन्ग टर्म) निवेशकों के लिए हॉकिन्स कुकर्स का प्रदर्शन काफी शानदार रहा है। बीते तीन सालों में कंपनी के शेयरों ने 38 प्रतिशत और 5 सालों में 58 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। वहीं पिछले 10 वर्षों के आंकड़े देखें तो इस स्टॉक ने 255 प्रतिशत की धमाकेदार तेजी दर्ज की है, जबकि इसी 10 साल की अवधि में बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स ने केवल 178 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। इस तरह हॉकिन्स कुकर्स ने लंबी अवधि में सेंसेक्स को भी पछाड़ते हुए निवेशकों को मल्टीबैगर रिटर्न और बंपर डिविडेंड दोनों का फायदा दिया है।
भारतीय शेयर बाजार के कारोबार के अंतिम क्षणों में हेल्थकेयर सेक्टर से एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आई है। फोर्टिस हेल्थकेयर (Fortis Healthcare) की पूर्ण स्वामित्व वाली प्रमुख सहायक कंपनी एगिलस डायग्नोस्टिक्स (Agilus Diagnostics) ने अपने शीर्ष नेतृत्व में बड़े फेरबदल का ऐलान किया है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी है कि उसने अपने नए मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली है। पिछले तीन वर्षों में निवेशकों को 184% से अधिक का शानदार रिटर्न देने वाली इस कंपनी के इस कदम का असर अगले कारोबारी सत्र में इसके शेयर पर देखने को मिल सकता है।डॉ. आनंद के के इस्तीफे के बाद विजेंद्र सिंह बने एगिलस डायग्नोस्टिक्स के नए चीफकंपनी द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, विजेंद्र सिंह ने 20 जुलाई 2026 से ही कंपनी के नए MD और CEO के रूप में अपना पदभार संभाल लिया है। यह नई नियुक्ति डॉ. आनंद के के पद छोड़ने के बाद हुई है। डॉ. आनंद करीब छह वर्षों तक एगिलस डायग्नोस्टिक्स के साथ सफलतापूर्वक जुड़े रहने के बाद अब अपने करियर के नए अवसरों की तलाश में पदमुक्त हुए हैं। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि कारोबारी घंटों के अंत में आए इस लीडरशिप चेंज का प्रभाव कल बाजार खुलते ही कंपनी और फोर्टिस हेल्थकेयर के शेयरों की हलचल पर साफ दिखेगा।डायग्नोस्टिक्स और एफएमसीजी क्षेत्र का 30 साल का अनुभव: जानिए कौन हैं विजेंद्र सिंह?एगिलस डायग्नोस्टिक्स की कमान संभालने वाले विजेंद्र सिंह हेल्थकेयर और कंज्यूमर इंडस्ट्री के जाने-माने नाम हैं। उनके पास डायग्नोस्टिक्स, हेल्थकेयर, कंज्यूमर हेल्थकेयर और FMCG सेक्टर में 30 वर्षों से भी अधिक का विशाल प्रबंधकीय अनुभव है। इससे पहले वे डायग्नम हेल्थकेयर (Diagnum Healthcare) के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर का पद संभाल रहे थे। इसके अलावा उन्होंने मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर में ग्रुप CEO, हेल्थियंस में CEO और डॉ. लाल पैथलैब्स जैसी दिग्गज कंपनियों में वरिष्ठ नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। उन्होंने रैनबैक्सी कंज्यूमर हेल्थकेयर, बॉश एंड लॉम्ब और ब्लो प्लास्ट जैसी प्रमुख कंपनियों में भी काम किया है।चेयरमैन डॉ. अशुतोष रघुवंशी ने जताई उम्मीद, नए CEO बोले- 'इनोवेशन और पहुंच पर होगा फोकस'फोर्टिस हेल्थकेयर के MD-CEO और एगिलस के चेयरमैन डॉ. अशुतोष रघुवंशी ने विजेंद्र सिंह का स्वागत करते हुए कहा कि उनके पास डायग्नोस्टिक कारोबार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने, ऑपरेशनल एक्सीलेंस हासिल करने और शेयरधारकों के लिए लॉन्ग-टर्म वैल्यू जनरेट करने का शानदार ट्रैक रिकॉर्ड है। वहीं अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए विजेंद्र सिंह ने कहा कि वे इस तेजी से बदलते डायग्नोस्टिक सेक्टर में कंपनी से जुड़कर बेहद उत्साहित हैं। वे हाई-क्वालिटी डायग्नोस्टिक सेवाओं की पहुंच देशभर में बढ़ाने, ऑपरेशनल एफिशिएंसी को मजबूत करने और ग्राहकों के भरोसे को आगे ले जाने पर केंद्रित रहेंगे।देश का विशाल नेटवर्क: 410 से अधिक लैब और 3700 से ज्यादा टच प्वाइंट्स संभालती है कंपनीआपको बता दें कि एगिलस डायग्नोस्टिक्स भारत की अग्रणी पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सर्विस प्रोवाइडर्स में से एक है। कंपनी की राष्ट्रव्यापी उपस्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके पास देशभर में 410 से अधिक अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं (Labs), 3,700 से अधिक कस्टमर टच प्वाइंट्स और 12,000 से अधिक डायरेक्ट पिक-अप प्वाइंट्स का एक विशाल नेटवर्क मौजूद है। ऐसे में मजबूत लीडरशिप के साथ कंपनी आने वाले समय में डायग्नोस्टिक मार्केट में अपनी स्थिति को और भी अधिक मजबूत करने की दिशा में अग्रसर है।
भारतीय सिनेमा का इतिहास कई ऐसी महान और भावुक कहानियों से भरा पड़ा है, जो आज भी दर्शकों की आंखें नम कर देती हैं। फिल्म जगत में कई ऐसे नाम आए जिन्होंने दशकों तक राज किया, लेकिन एक ऐसा भी होनहार फिल्ममेकर था जिसने अपने पूरे जीवन में केवल एक ही फिल्म बनाई और पहली ही कोशिश में भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा सम्मान यानी नेशनल अवॉर्ड अपने नाम कर लिया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था। जिस दिन उनकी उस इकलौती फिल्म को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार देने का ऐलान हुआ, उसी दिन एक दर्दनाक हादसे में महज 34 साल की उम्र में इस प्रतिभाशाली डायरेक्टर की मौत हो गई।कश्मीर के तंगहाली भरे बचपन से न्यूयॉर्क तक का सफर: जानें कौन थे अवतार कृष्ण कौलहम बात कर रहे हैं हिंदी सिनेमा के समानांतर और यथार्थवादी दौर के महान निर्देशक अवतार कृष्ण कौल (Avtar Krishna Kaul) की। कश्मीर के एक मध्यमवर्गीय कश्मीरी पंडित परिवार में जन्मे अवतार कृष्ण कौल को बचपन से ही कला और सिनेमा से गहरा लगाव था। शुरुआती दिनों में परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। जीवन यापन के लिए उन्होंने विदेश मंत्रालय में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी तक की। इसी नौकरी के दौरान उन्हें अमेरिका जाने का अवसर मिला, जहां उन्होंने न्यूयॉर्क की 'सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क' से अपनी पढ़ाई पूरी की और वहीं शादी भी कर ली।पहली ही फिल्म '27 डाउन' से बॉलीवुड में मचाया तहलका: राखी और एम.के. रैना की जोड़ी ने जीता दिलअमेरिका से भारत लौटने के बाद उन्होंने असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम करना शुरू किया और साल 1974 में अपनी पहली फिल्म का निर्माण किया। उन्होंने मशहूर हिंदी लेखक रमेश बक्शी के उपन्यास 'अठारह सूरज के पौधे' को अपनी फिल्म का आधार बनाया। इस ब्लैक एंड व्हाइट क्लासिक फिल्म का नाम रखा गया '27 डाउन' (27 Down)। फिल्म में मुख्य भूमिकाओं के लिए उन्होंने दिग्गज अभिनेत्री राखी और एम.के. रैना को चुना। जिम्मेदारियों और इच्छाओं के बीच पिसते एक इंसान की इस मार्मिक कहानी का निर्देशन और लेखन खुद अवतार कृष्ण कौल ने ही किया था।डूबते इंसान को बचाते हुए गई जान: जिस दिन हुआ नेशनल अवॉर्ड का ऐलान, उसी दिन थम गईं सांसें'27 डाउन' को अपनी रिलीज के साथ ही आलोचकों और दर्शकों से जबरदस्त तारीफें मिलीं और फिल्म ने दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Film Awards) अपने नाम किए। लेकिन जब सफलता उनके कदम चूम रही थी, तभी मुंबई के एक समुद्र तट पर बड़ा हादसा हो गया। बताया जाता है कि समुद्र में एक डूबते हुए व्यक्ति को बचाने की कोशिश में अवतार कृष्ण कौल खुद तेज उठती लहरों की चपेट में आ गए और पानी में डूबने से उनका असमय निधन हो गया। जिस दिन नेशनल अवॉर्ड्स का आधिकारिक ऐलान हुआ, उसी दिन महज 34 साल की उम्र में वे दुनिया छोड़ चुके थे। वे अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का जश्न भी नहीं मना सके, लेकिन उनकी यह इकलौती फिल्म आज भी भारतीय सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर मानी जाती है।
बॉलीवुड के 'खिलाड़ी' अक्षय कुमार और मशहूर निर्देशक प्रियदर्शन की जोड़ी जब भी साथ आती है, सिनेमाघरों में नया इतिहास रचती है। 'वेलकम टू द जंगल' के बाद दोनों अपनी बहुप्रतीक्षित साइको-थ्रिलर फिल्म 'हैवान' (Haiwaan) को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में जारी हुए फिल्म के फर्स्ट लुक पोस्टर में अक्षय कुमार के नेगेटिव यानी विलेन वाले किरदार ने फैंस की उत्सुकता बढ़ा दी है। हालांकि, अब फिल्म के निर्देशक प्रियदर्शन ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया है कि अक्षय कुमार इस खौफनाक किरदार के लिए उनकी पहली पसंद नहीं थे। प्रियदर्शन इस रोल में पहले दो अन्य बॉलीवुड अभिनेताओं को कास्ट करना चाहते थे।सैफ अली खान की एंट्री के बाद शुरू हुई विलेन की तलाश: बॉबी देओल ने ठुकरा दी थी स्क्रिप्टफिल्म प्रमोशन के दौरान मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में प्रियदर्शन ने 'हैवान' की स्टारकास्ट को लेकर कई अनसुने राज खोले। प्रियदर्शन ने बताया कि जब उन्होंने सबसे पहले अभिनेता सैफ अली खान को फिल्म की कहानी सुनाई, तो सैफ ने उत्सुकता से पूछा कि उनके अपोजिट विलेन का किरदार कौन निभाएगा। इसके बाद प्रियदर्शन ने इस रोल के लिए सबसे पहले 'रॉकस्टार' बॉबी देओल से संपर्क किया था। हालांकि, बॉबी देओल को फिल्म की स्क्रिप्ट कुछ खास पसंद नहीं आई और उन्होंने इस प्रोजेक्ट के लिए मना कर दिया। प्रियदर्शन ने स्पष्ट किया कि स्क्रिप्ट पसंद न आने में बॉबी की कोई गलती नहीं थी।अक्षय खन्ना और सुनील शेट्टी के नाम पर भी हुआ था विचार: ऐसे हुई अक्षय कुमार की एंट्रीबॉबी देओल के इनकार के बाद प्रियदर्शन ने अभिनेता अक्षय खन्ना के नाम पर विचार किया। अक्षय खन्ना से फोन पर बातचीत हुई और उन्होंने प्रियदर्शन को मिलने के लिए भी बुलाया। प्रियदर्शन के मन में यह डर भी था कि अगर अक्षय खन्ना मना करते हैं तो वे सुनील शेट्टी के पास जाएंगे। इसी दौरान प्रियदर्शन अपनी दूसरी फिल्म 'भूत बंगला' की शूटिंग कर रहे थे, जहां सेट पर ही उन्होंने अक्षय कुमार को 'हैवान' की कहानी सुनाई। अक्षय कुमार को फिल्म का कांसेप्ट और विलेन का किरदार इतना पसंद आया कि उन्होंने तुरंत इसके लिए हां कह दी। इस तरह प्रियदर्शन को उनकी फिल्म के लिए परफेक्ट विलेन मिल गया।11 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी 'हैवान': थ्रिलर का लगेगा तड़काअक्षय कुमार और सैफ अली खान स्टारर फिल्म 'हैवान' को लेकर दर्शकों के बीच भारी बज बना हुआ है। प्रियदर्शन के निर्देशन में बन रही यह हाई-ऑक्टेन साइको-थ्रिलर फिल्म 11 सितंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में एक साथ रिलीज की जाएगी। लंबे समय बाद अक्षय कुमार को किसी बड़े पर्दे की फिल्म में डार्क नेगेटिव रोल में देखना फैंस के लिए एक बेहतरीन सिनेमैटिक एक्सपीरियंस साबित होने वाला है।
बॉलीवुड के 'सुपरस्टार' सलमान खान के फैंस के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। पिछले कुछ महीनों से अधर में लटकी सलमान खान के प्रोडक्शन हाउस की महत्वाकांक्षी फिल्म 'मातृभूमि' (Motherland) की रिलीज को लेकर बना सारा सस्पेंस अब पूरी तरह से खत्म हो गया है। सोशल मीडिया और फिल्मी गलियारों में लगातार यह अफवाहें उड़ रही थीं कि फिल्म को 2027 तक के लिए टाल दिया गया है। हालांकि, मेकर्स ने आधिकारिक रूप से इन सभी अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि यह देशभक्ति से लबरेज फिल्म 2027 में नहीं, बल्कि इसी साल यानी 2026 में ही बड़े पर्दे पर रिलीज होगी।पोस्टर और कैप्शन ने बढ़ाया फैंस का रोमांच: चित्रांगदा सिंह और सलमान खान का दिखा देशभक्ति अंदाजफिल्म के प्रोडक्शन हाउस ने आधिकारिक बयान और नए पोस्टरों के साथ 'मातृभूमि' की रिलीज का बड़ा ऐलान किया। जारी किए गए पोस्टर्स में सलमान खान और चित्रांगदा सिंह का बेहद प्रभावशाली लुक देखने को मिल रहा है। सलमान खान वाले पोस्टर पर हर सांस भारत के लिए (Every breath for India) लिखा है, जबकि चित्रांगदा सिंह के पोस्टर पर कुछ रिश्ते खून के रिश्तों से भी मजबूत होते हैं का संदेश दिया गया है। मेकर्स ने पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा, एक सैनिक का वादा, एक परिवार की ताकत, एक देश का गर्व, जिसने फैंस के बीच फिल्म को लेकर उत्सुकता को कई गुना बढ़ा दिया है।क्यों रुकी थी 'मातृभूमि' की शूटिंग और रिलीज? गलवान घाटी विवाद से जुड़ा है कनेक्शनरिपोर्ट्स के अनुसार, अपूर्व लाखिया के निर्देशन में बन रही फिल्म 'मातृभूमि' बीते तीन महीनों से सेंसर बोर्ड और री-शूटिंग के कारण रुकी हुई थी। यह फिल्म मूल रूप से 2020 में भारत और चीन के बीच हुई हिंसक गलवान घाटी झड़प (Galwan Valley Clash) पर आधारित बताई जा रही है। कूटनीतिक संवेदनशीलता और तनाव को देखते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय और सेंसर बोर्ड ने मेकर्स को चीन व गलवान घाटी के प्रत्यक्ष संदर्भों को हटाने की सलाह दी थी। इसी वजह से फिल्म का नाम पहले 'बैटल ऑफ गलवान' से बदलकर 'मातृभूमि' (Motherland) रखा गया और स्क्रिप्ट में आवश्यक बदलाव किए गए।17 अप्रैल से टलने के बाद अब इसी साल सिनेमाघरों में धमाका करेंगे सलमान खान'मातृभूमि' पहले 17 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर बोर्ड से क्लीयरेंस और बदलावों के कारण इसकी रिलीज में देरी हुई। अब जब मेकर्स ने आधिकारिक तौर पर 2027 में टलने की खबरों को पूरी तरह झूठा करार दे दिया है, तो ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि फिल्म इस साल के अंत तक किसी बड़े फेस्टिव वीकेंड पर बड़े पर्दे पर रिलीज की जा सकती है। अपूर्व लाखिया के निर्देशन में बनी इस एक्शन-ड्रामा फिल्म से सलमान खान एक बार फिर से बॉक्स ऑफिस पर नया इतिहास रचने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
Motorola ने भारतीय बाजार में अपना नया प्रीमियम स्मार्टफोन Motorola Edge 70 Max लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस फोन को दमदार 7100mAh बैटरी, 90W फास्ट चार्जिंग, Snapdragon 8 Gen 5 प्रोसेसर, 2K AMOLED डिस्प्ले और कई एडवांस Moto AI फीचर्स के साथ पेश किया ...
NEET-UG पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जारी आंदोलन को सोमवार को राजनीतिक समर्थन भी मिला। समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद डिंपल यादव अपने पार्टी सांसदों के साथ संसद से जंतर-मंतर तक मार्च करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ...
NEET-UG पेपर लीक को लेकर संसद मार्च के बीच CJP नेताओं ने जेपी नड्डा से मुलाकात कर तीन मांगें रखीं। अमित शाह ने भी धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की, जबकि दिल्ली में सुरक्षा कड़ी रही।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश- किसी आईपीएस की अगुवाई में दोबारा बनाएं एसआइटी
राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इसे राजनीतिक मुद्दा न बनाया जाए। कोर्ट ने यूपी सरकार से SIT जांच की प्रगति रिपोर्ट मांगी, अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी।
देश की नई शिक्षा नीति और परीक्षा पेपर लीक के विरोध में सोमवार को राजधानी दिल्ली में छात्रों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई जगह झड़पें हुईं। पुलिस ने हालात नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले ...
लश्कर के महिला विंग 'तैय्यबात' का विस्तार, एआई और प्रचार नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के महिला विंग 'तैय्यबात' काफी सक्रिय है। ऐसा कहा जा रहा है कि कट्टरपंथी संगठन में महिलाएं अपनी मर्जी से शामिल हो रही हैं। इसकी स्थापना वर्ष 2025 में हुई थी। वर्ष 2026 की शुरुआत तक इस विंग ने तेजी से विस्तार किया और बड़ी संख्या में महिलाओं की भर्ती की।
छत्तीसगढ़ के कोरबा (Korba) जिले से बाल संरक्षण और सामाजिक कुप्रथाओं के खिलाफ एक बेहद सफल और सख्त कार्रवाई का मामला सामने आया है। जिले के एक ग्रामीण या शहरी इलाके में नाबालिग बच्चों की शादी कराने की गुप्त तैयारियों की भनक महिला एवं बाल विकास विभाग और स्थानीय प्रशासन को लग गई थी। कानून को ताक पर रखकर बालिग होने की कानूनी उम्र से बहुत पहले ही एक 13 साल की नाबालिग बालिका और 15 साल के किशोर का विवाह रचाया जा रहा था। जब बारात दरवाजे पर पहुंच चुकी थी, मेहमानों का आना-जाना जारी था और फेरे लेने के लिए भव्य मंडप पूरी तरह सजकर तैयार था, ठीक उसी वक्त प्रशासन की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर आनन-फानन में पहुंच गई।उम्र के दस्तावेजों की जांच और परिजनों की काउंसलिंग: बाल विवाह के कानूनी परिणामों से अवगत कराए गए माता-पिताप्रशासनिक अमले ने मौके पर पहुंचते ही सबसे पहले वर और वधू पक्ष के लोगों से उनके जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और आयु से जुड़े अन्य कानूनी दस्तावेज मांगे। जांच के दौरान जब यह साबित हो गया कि लड़की की उम्र महज 13 वर्ष और लड़के की उम्र मात्र 15 वर्ष है, तो अधिकारियों ने तुरंत विवाह की सभी रस्मों को रोक देने का कड़ा आदेश दिया। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने दोनों पक्षों के माता-पिता और रिश्तेदारों को बैठाकर समझाइश दी और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (Child Marriage Prohibition Act) के तहत होने वाले गंभीर कानूनी परिणामों, जेल की सजा और जुर्माने के प्रावधानों से पूरी तरह अवगत कराया। इसके बाद परिजनों ने अपनी गलती मानते हुए शादी को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का लिखित आश्वासन दिया।आधुनिक Generative AI चाइल्ड प्रोटेक्शन डेटा और कम्युनिटी अवेयरनेस: कैसे रुक रही हैं ऐसी कुप्रथाएंआधुनिक Generative AI चाइल्ड वेलफेयर डेटा एनालिसिस और डिजिटल मॉनिटरिंग टूल्स के इस दौर में समाज कल्याण विभाग बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर लगाम कसने के लिए एआई-पावर्ड हेल्पलाइन और कम्युनिटी ट्रैकिंग सिस्टम का उपयोग कर रहा है। ग्रामीण और दूरदराज के अंचलों में छिपे तौर पर होने वाली इन शादियों की सूचना अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और जागरूक नागरिकों के जरिए तुरंत प्रशासन तक पहुंच जाती है। बाल अधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षा के प्रसार और प्रशासनिक सतर्कता के कारण अब समाज में यह बदलाव दिखने लगा है कि लोग खुद आगे बढ़कर कम उम्र की शादियों का विरोध करने लगे हैं, जिससे बच्चों के सुनहरे भविष्य की रक्षा हो रही है।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के सामाजिक हलकों में भी चर्चा: बाल विवाह के खिलाफ कड़े कदमों की सराहनाछत्तीसगढ़ के कोरबा में हुई इस बाल विवाह की सफल रोकथाम की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और देश के अन्य हिस्सों तक साफ सुनाई दे रही है। लखनऊ के महिला कल्याण विभाग और सामाजिक संगठनों ने कोरबा प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा है कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए ऐसी सख्ती पूरे देश में अपनाई जानी चाहिए। इस बीच, कोरबा के स्थानीय इलाकों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि प्रशासन की इस मुस्तैदी से दो मासूम बच्चों का जीवन बर्बाद होने से बाल-बाल बच गया है।
जगदलपुर में दिल दहला देने वाला हादसा: पलक झपकते ही सड़क पर गिरे वार्ड बॉय को बोलेरो ने कुचला
छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहर जगदलपुर (Jagdalpur) से सड़क सुरक्षा व्यवस्था और लापरवाही को बेनकाब करने वाली एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। शहर की एक व्यस्त सड़क पर एक अस्पताल में कार्यरत वार्ड बॉय अपनी बाइक या वाहन से गुजर रहा था, तभी अचानक हुई किसी टक्कर के कारण वह संतुलन खो बैठा और सीधे सड़क पर आ गिरा। इससे पहले कि वह संभल पाता या उठकर अपनी जान बचा पाता, उसके ठीक पीछे तेज रफ्तार से आ रही एक बोलेरो (Bolero) गाड़ी ने उसे कुचल दिया। इस भीषण हादसे में वार्ड बॉय की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जिसे देखकर वहां मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई।लगातार क्यों बढ़ रहे हैं सड़क हादसे: ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और बेकाबू रफ्तार बन रही है कालइस दर्दनाक हादसे के बाद से स्थानीय नागरिकों और यातायात विशेषज्ञों के बीच इस बात पर गंभीर चर्चा छिड़ गई है कि आखिर शहरों में सड़क हादसे इतनी तेजी से क्यों बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बेकाबू रफ्तार, ओवरटेकिंग की होड़, खराब सड़कों की बनावट और हेलमेट या सुरक्षा मानकों की अनदेखी इन मौतों का सबसे बड़ा कारण बन रही है। जगदलपुर के इस मामले में भी चश्मदीदों का कहना है कि यदि वाहन चालकों ने थोड़ी सी भी सावधानी बरती होती या बोलेरो की रफ्तार नियंत्रित होती, तो शायद एक हंसती-खेलती जिंदगी यूं सड़क पर असमय न बुझती। घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और स्थानीय लोग प्रशासन से सड़कों पर स्पीड ब्रेकर तथा सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग कर रहे हैं।आधुनिक Generative AI ट्रैफिक सर्विलांस और स्मार्ट रोड सेफ्टी: हादसों रोकने के लिए हाई-टेक उपायआधुनिक Generative AI ट्रैफिक एनालिटिक्स और स्मार्ट रोड सेफ्टी सर्विलांस के इस दौर में इस तरह के हादसों पर रोक लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कैमरों का इस्तेमाल तेजी से किया जा रहा है। एआई-पावर्ड ओवरस्पीड डिटेक्शन सिस्टम्स और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों की मदद से उन चालकों पर शिकंजा कसा जा रहा है जो बिना अनुशासन के सड़कों पर रफ्तार भरते हैं। ट्रांसपोर्ट एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ चालान काटने से काम नहीं चलेगा, बल्कि ड्राइवरों में सड़क शिष्टाचार और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता पैदा करना बेहद जरूरी है, तभी इन मौतों के सिलसिले पर पूरी तरह लगाम लग सकेगी।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के सड़क सुरक्षा हलकों में भी चिंता: महानगरों से लेकर छोटे शहरों तक बढ़ रहा हादसों का ग्राफजगदलपुर की इस हृदयविदारक घटना की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और अन्य महानगरों के परिवहन विभागों तक साफ सुनाई दे रही है। लखनऊ के यातायात निदेशालय और सड़क सुरक्षा अभियानों से जुड़े अधिकारियों ने इस बात पर चिंता जताई है कि किस प्रकार जरा सी चूक और तेज रफ्तार लोगों की जिंदगी छीन रही है। इस बीच, जगदलपुर पुलिस ने बोलेरो चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है और शहर के मुख्य चौराहों पर पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है ताकि इस तरह की लापरवाह ड्राइविंग पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
छत्तीसगढ़ में जुआरियों पर पुलिस का बड़ा शिकंजा! खुड़खुड़िया के 5 फड़ों पर ताबड़तोड़ दबिश
छत्तीसगढ़ के कानून-व्यवस्था और पुलिस महकमे ने एक बार फिर अपराधियों और जुआरियों के खिलाफ अपनी सख्त कार्रवाई से सनसनी फैला दी है। राज्य के एक बड़े इलाके में अवैध रूप से संचालित हो रहे खुड़खुड़िया और जुए के पांच अलग-अलग फड़ों पर पुलिस की टीमों ने एक सुनियोजित और गुप्त रणनीति के तहत अचानक दबिश दी। पुलिस को लंबे समय से इन गुप्त अड्डों पर बड़े पैमाने पर अवैध जुआ खेले जाने की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर यह बड़ी कार्रवाई अंजाम दी गई। अचानक हुई इस घेराबंदी से जुआरियों में ऐसा हड़कंप मचा कि उन्हें भागने तक का मौका नहीं मिला और वे पुलिस के हत्थे चढ़ गए।33 जुआरी गिरफ्तार और 90 लाख की चार लग्जरी कारें जब्त: मौके से भारी मात्रा में नकदी और सट्टा-पट्टी बरामदपुलिस की इस त्वरित और चाक-चौबंद कार्रवाई के दौरान कुल 33 शातिर जुआरियों को मौके से गिरफ्तार किया गया है। तलाशी के दौरान पुलिस ने इन जुआरियों के पास से और फड़ों से भारी मात्रा में नकदी, ताश के पत्ते और सट्टा-पट्टी बरामद की है। इस कार्रवाई का सबसे बड़ा आकर्षण वह लग्जरी गाड़ियां रहीं जिनका इस्तेमाल ये शातिर जुआ खेलने के लिए करते थे। पुलिस ने मौके से करीब 90 लाख रुपये की कुल कीमत वाली चार हाई-एंड लग्जरी कारें भी जब्त की हैं, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि इस अवैध कारोबार में कितने बड़े और रसूखदार लोग शामिल थे। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों से अब पुलिस कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि इस अवैध नेटवर्क के बाकी सरगनाओं का भी सुराग लगाया जा सके।आधुनिक Generative AI डिजिटल सर्विलांस और कॉल डेटा एनालिसिस: कैसे ध्वस्त हुआ जुआरियों का गुप्त नेटवर्कआधुनिक Generative AI डिजिटल सर्विलांस और मोबाइल टावर डेटा एनालिटिक्स के इस दौर में छत्तीसगढ़ पुलिस ने अपराधियों के इन सीक्रेट ठिकानों का पर्दाफाश करने के लिए हाई-टेक तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया है। पुलिस की साइबर सेल ने इन जुआरियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले वॉट्सऐप ग्रुप्स, डिजिटल ट्रांजैक्शन और जीपीएस लोकेशंस की एआई-पावर्ड मैपिंग की थी, जिसके जरिए यह सटीक जानकारी मिली कि किस वक्त और किस जगह पर सबसे बड़ा फड़ सजाया जाता है। तकनीक और पुलिस की इस मिलीजुली रणनीति ने साबित कर दिया है कि अब पारंपरिक अपराधों और अवैध जुए के अड्डों को आधुनिक सर्विलांस से छिपाना नामुमकिन हो चुका है।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा: संगठित अपराध पर लगाम कसने के इस मॉडल की सराहनाछत्तीसगढ़ के इस हाई-प्रोफाइल जुआ रेड और 90 लाख की गाड़ियों की जब्ती की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और अन्य राज्यों के पुलिस मुख्यालयों तक साफ सुनाई दे रही है। लखनऊ के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस रणनीतिकारों का कहना है कि संगठित अपराध और अवैध जुए के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए इस तरह की कठोर और त्वरित कार्रवाई का मॉडल बेहद कारगर साबित होता है। इस बीच, छत्तीसगढ़ के स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि क्षेत्र में इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगेगी।
कल दिल्ली में होगी किसानों की हुंकार! भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ महापंचायत का ऐलान
देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर से किसानों के बड़े आंदोलन और राजनीतिक हलचल का गवाह बनने जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में चर्चा में आए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (India-US Trade Agreement) के खिलाफ देश भर के प्रमुख किसान संगठनों ने जोरदार मोर्चा खोल दिया है। इसी कड़ी में कल दिल्ली में किसानों की एक विशाल महापंचायत बुलाई गई है, जिसमें देश भर से हजारों किसानों के जुटने की संभावना है। किसान नेताओं का कहना है कि यह समझौता देश के कृषि क्षेत्र, डेयरी सेक्टर और स्थानीय व्यापारियों के हितों के पूरी तरह खिलाफ है, जिससे घरेलू बाजार तबाह हो जाएगा। इस महापंचायत को लेकर दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने भी सीमाओं पर अपनी चौकसी बेहद कड़ी कर दी है।पंजाब और हरियाणा से रवाना हुए बसों के जत्थे: बॉर्डर इलाकों में पुलिस बल तैनात, ट्रैफिक व्यवस्था पर बड़ा असरइस महापंचायत को सफल बनाने के लिए पड़ोसी राज्यों—विशेष तौर पर पंजाब और हरियाणा—से किसानों के जत्थे बड़ी संख्या में बसों और ट्रैक्टरों के जरिए दिल्ली की तरफ कूच कर चुके हैं। पंजाब के विभिन्न जिलों से युवाओं और बुजुर्ग किसानों ने बसों में सवार होकर दिल्ली के लिए यात्रा शुरू कर दी है, जिससे रास्ते के तमाम टोल प्लाजा और राजमार्गों पर सरगर्मी बढ़ गई है। स्थिति को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली-नुकड़ सीमाओं, सिंघू, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर भारी पुलिस बल, पैरामिलिट्री फोर्सेज और बैरिकेड्स तैनात कर दिए गए हैं। प्रशासन इस बात की पूरी कोशिश कर रहा है कि पिछले आंदोलनों की तरह शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ठप न हो, लेकिन इसके बावजूद कई मुख्य मार्गों पर लंबा जाम लगने की आशंका जताई जा रही है।आधुनिक Generative AI और सोशल मीडिया सर्विलांस: आंदोलन के डिजिटल ट्रेंड्स पर एजेंसियों की पैनी नजरआधुनिक Generative AI सोशल मीडिया एनालिटिक्स और डिजिटल सर्विलांस के इस दौर में किसानों के इस आंदोलन और महापंचायत को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह हाई-टेक हो चुकी हैं। साइबर सेल की टीमें इस बात की लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किस तरह के संदेश, वीडियो और भड़काऊ नारे शेयर किए जा रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने से पहले ही उसे रोका जा सके। एआई-पावर्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट टूल्स के जरिए दिल्ली आने वाले रास्तों पर गाड़ियों की आवाजाही की पल-पल की अपडेट ली जा रही है, जिससे यात्रियों को समय रहते वैकल्पिक मार्गों की जानकारी मिल सके।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हलकों में भी चर्चा: व्यापार समझौते के विरोध पर टिकी हैं सबकी निगाहेंदिल्ली में होने जा रही इस किसान महापंचायत और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और अन्य कृषि प्रधान राज्यों तक साफ सुनाई दे रही है। लखनऊ के किसान संगठनों और राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों का सीधा असर देश के छोटे किसानों और स्थानीय उद्योगों पर पड़ता है, यही वजह है कि इसे लेकर राजनीतिक पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। इस बीच, दिल्ली आने वाले रास्तों पर सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और कल होने वाली इस महापंचायत के दौरान किसी बड़े ऐलान की संभावना जताई जा रही है।
पंजाब के बठिंडा (Bathinda) जिले से कानून-व्यवस्था और आपसी सौहार्द को चुनौती देने वाली एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में शुमार जिला मिनी सचिवालय (Mini Secretariat) की बाहरी दीवारों पर किसी अज्ञात असामाजिक तत्व द्वारा प्रवासियों के खिलाफ तीखे और भड़काऊ नारे लिख दिए गए। सुबह जब आम लोग और प्रशासनिक अधिकारी दफ्तर पहुंचे, तो दीवारों पर लिखे इन शब्दों को देखकर वहां सनसनी फैल गई। इस घटना के सामने आते ही स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों में हड़कंप मच गया, क्योंकि संवेदनशील सरकारी इमारतों की दीवारों पर इस तरह की बयानबाजी से माहौल खराब होने की पूरी आशंका जताई जा रही थी।प्रशासन की त्वरित कार्रवाई: दीवारों पर पुताई कर मिटाए गए नारे, पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेजमामले की गंभीरता को भांपते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत एक्शन लिया। नगर निगम और पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर काम शुरू किया और उन दीवारों पर तुरंत कालिख पोतकर या सफेद पेंट कराकर सभी विवादास्पद नारों के निशानों को पूरी तरह मिटा दिया। इसके साथ ही, मिनी सचिवालय और उसके आसपास के चौराहों पर लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों (CCTV Footage) की फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस घिनौनी हरकत को अंजाम देने वाले असामाजिक तत्व कौन थे और वे किस वक्त यहां आए थे। पुलिस अधिकारियों ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।आधुनिक Generative AI सर्विलांस और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग: माहौल बिगाड़ने वालों पर कड़ी नजरआधुनिक Generative AI डिजिटल सर्विलांस और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टूल्स के इस दौर में इस तरह की घटनाओं को लेकर सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क हो चुकी हैं। साइबर सेल की टीमें इस बात की भी बारिकी से जांच कर रही हैं कि कहीं इन नारों की तस्वीरें खींचकर उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करके सांप्रदायिक या क्षेत्रीय तनाव फैलाने की कोई साजिश तो नहीं रची जा रही थी। एआई-पावर्ड इमेज रिकग्निशन और वीडियो एनालिटिक्स की मदद से आरोपियों के चेहरे और उनके आने-जाने के रास्तों का पता लगाया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द दोषियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हलकों में भी चर्चा: प्रवासी और स्थानीय मुद्दों पर गरमाई सियासतबठिंडा की इस घटना की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और देश के अन्य हिस्सों तक साफ सुनाई दे रही है। लखनऊ के राजनीतिक विश्लेषक और प्रशासनिक विशेषज्ञ इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि किस प्रकार देश के विभिन्न राज्यों में क्षेत्रीय और प्रवासी मुद्दों को लेकर तनाव पैदा करने की कोशिशें समय-समय पर की जाती हैं। इस बीच, बठिंडा के स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और प्रशासन से मांग की है कि ऐसे नापाक मंसूबों वाले लोगों के खिलाफ मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई की जाए ताकि शहर की शांति और भाईचारा हर हाल में सुरक्षित रह सके।
वर्तमान समय में बढ़ते साइबर फ्रॉड और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों को देखते हुए छात्रों में फॉरेंसिक शिक्षा के प्रति रुचि बेहद तेजी से बढ़ी है। इस बदलते ट्रेंड के बीच गांधीनगर स्थित नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU) द्वारा शुरू किए गए दो नए ...
बिहार के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों भारतीय जनता पार्टी (BJP) और एनडीए गठबंधन की रणनीतियों को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। इसी कड़ी में राज्य के उपमुख्यमंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता सम्राट चौधरी ने अपने सभी विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों को एक बेहद महत्वपूर्ण और सख्त टास्क सौंपा है। उन्होंने अपने विधायकों को निर्देश दिया है कि वे अपनी व्यस्त दिनचर्या से शाम के समय केवल दो घंटे निकालकर अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों की जनता के बीच जरूर बिताएं। इस दौरान नेताओं को आम लोगों की समस्याओं को सुनने, सरकारी योजनाओं का फीडबैक लेने और जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित करने को कहा गया है, ताकि जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ को और अधिक मजबूत किया जा सके।जमीनी पकड़ मजबूत करने की कवायद: जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोरसम्राट चौधरी द्वारा दिए गए इस विशेष निर्देश का मुख्य उद्देश्य जनप्रतिनिधियों और आम जनता के बीच की दूरी को पूरी तरह पाटना है। अक्सर यह शिकायत मिलती है कि चुनाव जीतने के बाद नेता अपने क्षेत्रों से गायब हो जाते हैं और जनता से संपर्क टूट जाता है। इसी खामी को दूर करने के लिए भाजपा हाईकमान अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ चुका है। विधायकों को यह साफ कर दिया गया है कि जनता के बीच उनकी सक्रियता ही उनके आगामी राजनीतिक भविष्य और टिकट का पैमाना तय करेगी। इस दो घंटे के जन-संवाद कार्यक्रम के तहत स्थानीय समस्याओं जैसे सड़क, पानी, बिजली और प्रशासनिक कामों को प्राथमिकता के आधार पर निबटाने का आदेश दिया गया है।आधुनिक Generative AI और पॉलिटिकल डेटा एनालिसिस: जनता के फीडबैक का होगा हाई-टेक विश्लेषणआधुनिक Generative AI पॉलिटिकल डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल गवर्नेंस के इस दौर में नेताओं के इस जमीनी दौरे को भी हाई-टेक तरीके से मॉनिटर किया जा रहा है। पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व और आईटी सेल इस बात की डिजिटल मैपिंग कर रहा है कि कौन सा विधायक अपने क्षेत्र में कितना समय दे रहा है और जनता के बीच उसकी लोकप्रियता का ग्राफ कैसा चल रहा है। एआई आधारित टूल्स के जरिए यह भी एनालाइज किया जा रहा है कि किस क्षेत्र में किस तरह की जनसमस्याएं सबसे ज्यादा उठ रही हैं, ताकि सरकार समय रहते उन पर प्रभावी एक्शन ले सके। तकनीक और जन-संपर्क के इस अनोखे मिश्रण से एनडीए विपक्ष को हर मोर्चे पर मात देने की रणनीति पर काम कर रहा है।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हलकों में भी चर्चा: नेताओं के कामकाज के इस नए मॉडल पर टिकी हैं निगाहेंबिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा विधायकों को दिए गए इस 'दो घंटे जनता के नाम' वाले टास्क की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और अन्य पड़ोसी राज्यों तक साफ सुनाई दे रही है। लखनऊ के राजनीतिक विश्लेषक और पार्टी रणनीतिकार इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि किस प्रकार जनता के बीच लगातार सक्रिय रहकर एंटी-इम्कम्बेंसी (सरकार विरोधी लहर) को कम किया जा सकता है। इस बीच, बिहार के विभिन्न जिलों में विधायक अब शाम के वक्त जनता के बीच चौपाल लगाने लगे हैं, जिससे राज्य की स्थानीय राजनीति में एक नया उत्साह और सुगबुगाहट देखने को मिल रही है।
दिल्ली के अमर कॉलोनी थाना इलाके में संदिग्ध हालत में फ्लैट से मिले 2 शव
दिल्ली के अमर कॉलोनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत संत नगर इलाके में सोमवार को दो लोगों के शव संदिग्ध हालात में मिले। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में ले लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
पटना में दुस्साहसिक वारदात: महज एक घंटे के भीतर 40 लाख रुपये की भीषण डकैती से दहल उठा इलाका
बिहार की राजधानी पटना (Patna) में कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती देते हुए अपराधियों ने एक बार फिर दुस्साहस का ऐसा परिचय दिया है जिसने पूरे शहर को सकते में डाल दिया है। शहर के एक व्यस्त इलाके में बेखौफ बदमाशों ने योजनाबद्ध तरीके से धावा बोला और महज एक घंटे के भीतर लगभग 40 लाख रुपये की भीषण डकैती की वारदात को अंजाम देकर सनसनी फैला दी। दिनदहाड़े हुई इस बड़ी लूटपाट की घटना के बाद से स्थानीय कारोबारियों और आम नागरिकों में भारी दहशत का माहौल है। वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी।200 ग्राम सोना और 30 हजार कैश ले उड़े बदमाश: दुकानदारों और पुलिस महकमे में मचा हड़कंपप्राप्त जानकारी के अनुसार, सशस्त्र बदमाशों ने लक्षित ठिकाने पर अचानक हमला बोल दिया और हथियार के बल पर वहां मौजूद लोगों को बंधक बनाकर इस पूरी घटना को अंजाम दिया। जाते-जाते लुटेरे अपने साथ करीब 200 ग्राम शुद्ध सोना और 30,000 रुपये नकदी समेत कुल 40 लाख रुपये की संपत्ति लूटकर आसानी से फरार होने में कामयाब रहे। घटना के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और अपराधियों की धरपकड़ के लिए शहर भर में नाकेबंदी कर दी गई है। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि इस पूरी वारदात को अंजाम देने वाले शातिर अपराधी पहले से ही इलाके की रेकी कर रहे थे और उन्हें पूरी जानकारी थी।सीसीटीवी फुटेज और आधुनिक Generative AI सर्विलांस: अपराधियों की तलाश में जुटी पटना पुलिस की स्पेशल टीमेंआधुनिक Generative AI सर्विलांस और डिजिटल फेस-रिकग्निशन तकनीक के इस दौर में पटना पुलिस अपराधियों की तलाश के लिए हाई-टेक साधनों का सहारा ले रही है। घटना स्थल के आसपास लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों (CCTV Footage) के फुटेज को खंगाला जा रहा है, ताकि बदमाशों के आने और भागने के रास्तों का सही पता लगाया जा सके। पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और साइबर सेल की टीमें संदिग्धों के मोबाइल टावर डंप डेटा का विश्लेषण कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस सनसनीखेज डकैती कांड का पर्दाफाश कर दिया जाएगा और सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के कारोबारी हलकों में भी चर्चा: राजधानी में बढ़ती आपराधिक वारदातों पर उठे सवालपटना की इस भीषण डकैती की घटना की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और अन्य महानगरों के कारोबारी जगत तक साफ सुनाई दे रही है। लखनऊ के सर्राफा एसोसिएशन और व्यापार मंडलों ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने की मांग की है। इस बीच, पटना के स्थानीय बाजार में व्यापारियों ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है, जिससे पुलिस प्रशासन पर आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का भारी दबाव बन गया है।
बिहार की राजनीति में इन दिनों उपचुनावों को लेकर सरगर्मी अपने चरम पर है, खासकर हॉट सीट बन चुकी बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव (Bankipur Bypoll) पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं। जब से इस सीट पर चुनाव की घोषणा हुई है, तब से नई पार्टी होने का दावा करने वाले प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) की जन सुराज पार्टी ने यहां अपनी पूरी ताकत झोंकने का दावा किया था। हालांकि, जैसे ही धुरंधर राजनीतिक दल यानी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बड़े नेता और स्टार प्रचारक चुनावी मैदान में उतरे और उन्होंने जमीनी मुद्दों पर जन सुराज के दावों की हवा निकालनी शुरू की, वैसे ही प्रशांत किशोर और उनके उम्मीदवार के तेवर ठंडे पड़ने लगे। चुनावी रैलियों और जनसंपर्क अभियानों से अचानक उनकी घटती मौजूदगी यह बताने के लिए काफी है कि हाई-वोल्टेज चुनावी दंगल में उतरते ही नए राजनीतिक दलों के दावे खोखले साबित होने लगते हैं।साल 2025 के विधानसभा चुनावों की याद ताजा: क्या एक बार फिर बिहार में बेनकाब हो गई जन सुराज की सियासी रणनीति?राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर का यह उपचुनाव कोई पहला वाकया नहीं है, बल्कि इससे ठीक पहले साल 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान भी जन सुराज का बिल्कुल यही हाल देखने को मिला था। तब भी प्रशांत किशोर ने पूरे राज्य में बड़े-बड़े दावे किए थे और खुद को पारंपरिक पार्टियों के विकल्प के रूप में पेश किया था, लेकिन जब धरातल पर वोटों के ध्रुवीकरण और जमीनी कैडर की बात आई, तो जन सुराज का वह कथित 'बदलाव का रथ' बीच रास्ते में ही दम तोड़ गया था। बांकीपुर में एक बार फिर से वही पुराना पैटर्न दोहराया जा रहा है, जहां शुरुआती मीडिया हाइप और बड़े-बड़े भाषणों के बाद जैसे ही चुनाव का असली मुकाबला शुरू होता है, प्रशांत किशोर की टीम जनता के तीखे सवालों के सामने टिक नहीं पाती और चुनावी मैदान से दूरी बनाने लगती है।आधुनिक Generative AI और पॉलिटिकल डेटा एनालिसिस: चुनावी विज्ञापनों और जमीनी हकीकत का अंतरआधुनिक Generative AI पॉलिटिकल डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल कैंपेनिंग के दौर में किसी भी राजनीतिक दल की हवा कितनी असली है और कितना डिजिटल प्रोपोगंडा, इसे समझना अब बहुत आसान हो गया है। चुनाव विशेषज्ञों के अनुसार, प्रशांत किशोर की रणनीति मुख्य तौर पर सोशल मीडिया एल्गोरिदम, पेड इंटरव्यू और विज्ञापनों के सहारे एक कृत्रिम माहौल तैयार करने पर टिकी होती है, जो डिजिटल स्क्रीन पर तो बहुत आकर्षक लगता है लेकिन जब बात जमीनी स्तर पर बूथ मैनेजमेंट, कार्यकर्ता के जुड़ाव और जनता के विश्वास की आती है, तो यह सारा ढांचा ताश के पत्तों की तरह ढह जाता है। बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी के अनुशासित और कैडर-बेस्ड चुनाव प्रचार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सिर्फ चुनावी रणनीतिकार होने से जमीन पर चुनाव नहीं जीते जा सकते।लखनऊ और पटना के राजनीतिक गलियारों में बड़ी चर्चा: क्षेत्रीय दलों और नए विकल्पों के भविष्य पर उठ रहे हैं सवालबिहार की इस सियासी उठापटक और बांकीपुर उपचुनाव की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और देश के अन्य राजनीतिक केंद्रों तक साफ सुनाई दे रही है। लखनऊ के राजनीतिक विश्लेषकों और चुनाव विशेषज्ञों का कहना है कि जो हश्र बिहार में जन सुराज और प्रशांत किशोर का हो रहा है, वही हाल उन तमाम क्षेत्रीय और नए दलों का होता है जो बिना किसी मजबूत वैचारिक आधार और जमीनी संगठन के सीधे सत्ता हासिल करने का ख्वाब देखने लगते हैं। इस बीच, बांकीपुर के स्थानीय मतदाताओं का कहना है कि उन्हें बड़े भाषणों या आंकड़ों के जाल से मतलब नहीं है, बल्कि उन्हें विकास और कानून-व्यवस्था देने वाली मजबूत सरकार चाहिए, जिसके चलते अब हवा हवाई दावों की पोल धीरे-धीरे पूरी तरह खुलने लगी है।
जोधपुर में प्रसव के बाद किडनी डैमेज होने से प्रसूता की दर्दनाक मौत, 7 अन्य महिलाओं की हालत गंभीर
राजस्थान के प्रमुख शहर जोधपुर (Jodhpur) से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने वाला एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अस्पताल में सामान्य या सिजेरियन प्रसव (Delivery) के जरिए बच्चे को जन्म तो दिया, लेकिन इसके तुरंत बाद उसकी शारीरिक स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि प्रसव के बाद अचानक महिला की दोनों किडनियां बुरी तरह डैमेज (Kidney Failure) हो गईं, जिसके चलते चाहकर भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस अचानक हुई मौत से मृतका के परिवार में कोहराम मच गया है और अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।7 अन्य महिलाओं की जिंदगी खतरे में: एक जैसे लक्षणों के साथ अस्पताल में चल रहा है इलाज, मचा हड़कंपइस घटना का सबसे डरावना और चिंताजनक पहलू यह है कि यह कोई इकलौता मामला नहीं है। जोधपुर के संबंधित अस्पताल में इसी तरह के गंभीर लक्षणों से पीड़ित 7 अन्य प्रसूता महिलाओं का भी इस वक्त इलाज जारी है। इन सभी महिलाओं को भी प्रसव के बाद यूरिन इन्फेक्शन, ब्लडप्रेशर में भारी गिरावट और किडनी फंक्शन प्रभावित होने की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की टीमें इस बात की गहन जांच कर रही हैं कि आखिर एक ही समय पर इतनी सारी महिलाओं की किडनी डैमेज होने के पीछे कौन सी वजह या दवा रिएक्शन जिम्मेदार है।आधुनिक Generative AI हेल्थ डेटा एनालिसिस और मेडिकल प्रोटोकॉल: क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे मामलेआधुनिक Generative AI हेल्थ एनालिटिक्स और मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, प्रसव के दौरान पोस्टपार्टम हेमरेज (अतिरिक्त रक्तस्राव), सेप्सिस या कुछ खास दवाओं के साइड इफेक्ट्स के कारण कई बार महिलाओं के अंगों पर अचानक दबाव बढ़ जाता है, जिससे मल्टी-ऑर्गन फेलियर का खतरा पैदा हो जाता है। जोधपुर की इस घटना के बाद स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मांग की है कि मातृ मृत्यु दर (MMR) और प्रसव के दौरान होने वाली ऐसी जटिलताओं को रोकने के लिए अस्पतालों में इंफेक्शन कंट्रोल और पोस्ट-डिलिवरी मॉनिटरिंग के नियमों को और अधिक कड़ा किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य मां को अपनी जान न गंवानी पड़े।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य हलकों में भी चिंता: मातृ सुरक्षा को लेकर उठी कड़े कदम उठाने की मांगजोधपुर की इस हृदयविदारक घटना की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और अन्य चिकित्सा संस्थानों तक सुनाई दे रही है। लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) और सिविल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों ने भी इस मामले पर चिंता जताते हुए कहा है कि प्रसूति गृहों में हर एक मरीज की ब्लड और किडनी प्रोफाइल की मॉनिटरिंग बेहद जरूरी है। इस बीच, जोधपुर स्थानीय प्रशासन ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है, जबकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी इस लापरवाही के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
हरियाणा के झज्जर में बड़ा हादसा; बछड़े को बचाने कुएं में उतरे चार लोगों की जहरीली गैस से मौत
हरियाणा के झज्जर जिले के मुनीमपुर गांव में एक कुएं में गिरे बछड़े को बचाने उतरे चार ग्रामीणों की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई।
मंदिरों पर चोरों का नापाक साया: सेवक के भेष में भगवान के धाम को बना रहे हैं निशाना
देश भर के प्रसिद्ध और प्राचीन धार्मिक स्थलों में चोरी की बढ़ती घटनाएं आस्थावान भक्तों और मंदिर प्रशासनों के लिए गहरी चिंता का विषय बन चुकी हैं। शातिर अपराधी अब किसी आम चोर की तरह नहीं, बल्कि मंदिर के सेवादारों और परम भक्तों का भेष धरकर भगवान के धामों में दाखिल हो रहे हैं। पूर्व में हुई कई बड़ी घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि इन असामाजिक तत्वों ने न मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के स्थानों को छोड़ा और न ही योगेश्वर श्री कृष्ण के मंदिरों को। श्रद्धा के इस पावन माहौल का फायदा उठाकर ये अपराधी करोड़ों रुपये के आभूषण, प्राचीन मूर्तियां और दानपात्र की नकदी पार करने में पूरी तरह कामयाब हो जाते हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह तार-तार नजर आती है।क्या विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में हुई सबसे बड़ी चोरी? सोशल मीडिया पर उड़ रही अफवाहों का सचधार्मिक नगरी वृंदावन में स्थित भगवान श्री कृष्ण के सबसे प्रसिद्ध स्वरूप 'श्री बांके बिहारी जी मंदिर' को लेकर हाल ही में एक बेहद चौंकाने वाली खबर सोशल मीडिया और कई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल होने लगी। दावा किया जाने लगा कि चोरों ने मंदिर परिसर में अब तक की सबसे बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। इस खबर के फैलते ही देश-विदेश में मौजूद करोड़ों कृष्ण भक्तों के बीच हड़कंप मच गया और लोग मंदिर की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाने लगे। हालांकि, स्थानीय पुलिस प्रशासन और मंदिर प्रबंधन के सूत्रों के मुताबिक, बांके बिहारी मंदिर के भीतर किसी भी तरह की बड़ी चोरी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों ने इसे महज अफवाह करार देते हुए भक्तों से किसी भी भ्रामक खबर पर विश्वास न करने की अपील की है।सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल: Generative AI और आधुनिक सर्विलांस तकनीक से लैस करने की मांगमंदिरों में बढ़ती इन संदिग्ध गतिविधियों के बाद अब सुरक्षा के पारंपरिक तरीकों को बदलने की मांग बेहद तेज हो गई है। आधुनिक Generative AI पावर्ड सिक्योरिटी कैमरों, फेशियल रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाली तकनीक) और पुख्ता बायोमेट्रिक सर्विलांस सिस्टम को सभी बड़े और संवेदनशील मंदिरों में अनिवार्य करने पर जोर दिया जा रहा है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक तकनीक के माध्यम से हर एक आने-जाने वाले श्रद्धालु और सेवादार की सटीक मॉनिटरिंग नहीं की जाएगी, तब तक भेष बदलकर आने वाले इन शातिर अपराधियों को पकड़ पाना बेहद मुश्किल होगा। स्थानीय स्तर पर भी सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी बड़ी अनहोनी को पूरी तरह से रोका जा सके।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के श्रद्धालुओं में गहरी चिंता: मंदिरों की सुरक्षा बढ़ाने के कड़े निर्देश जारीउत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, वाराणसी, मथुरा और अयोध्या सहित पूरे राज्य के धार्मिक संगठनों और आम श्रद्धालुओं में इस तरह की खबरों को लेकर गहरी चिंता देखी जा रही है। लखनऊ के प्रसिद्ध हनुमान सेतु मंदिर और मनकामेश्वर मंदिर के आसपास भी स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था को पहले से ज्यादा अलर्ट कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने मथुरा-वृंदावन सहित राज्य के सभी वीवीआईपी धार्मिक स्थलों पर गश्त बढ़ाने, संदिग्धों की सघन चेकिंग करने और सीसीटीवी कैमरों की चौबीसों घंटे लाइव मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का साफ कहना है कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले और अफवाह फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे चर्चित और संकटमोचक ऑलराउंडर 'लॉर्ड' शार्दुल ठाकुर (Shardul Thakur) ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उन्हें बड़े मैचों का खिलाड़ी क्यों कहा जाता है। हालिया मुकाबले में जब भारतीय टीम का शीर्ष क्रम सस्ते में पवेलियन लौट गया था और टीम इंडिया गहरे संकट में फंसी नजर आ रही थी, तब क्रीज पर शार्दुल ठाकुर का आगमन हुआ। मैदान पर आते ही उन्होंने रक्षात्मक खेल खेलने के बजाय आक्रामक रुख अपनाया और विरोधी टीम के गेंदबाजों पर किसी भूखे शेर की तरह टूट पड़े। उनकी टाइमिंग और शॉट सिलेक्शन को देखकर ऐसा लग रहा था मानो उनके हाथ में बल्ला नहीं बल्कि कोई धारदार तलवार हो, जिससे वे मैदान के हर कोने में बाउंड्री की बरसात कर रहे थे।कप्तान रोहित शर्मा की रणनीति रही सफल: शार्दुल के तूफानी शतक ने बदला मैच का पूरा पासा, आलोचक हुए चारों खाने चितइस मुकाबले में कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) की सूझबूझ और शार्दुल ठाकुर पर दिखाए गए भरोसे ने मैच का पूरा परिदृश्य ही पलट कर रख दिया। शार्दुल ने अपनी पारी के दौरान मैदान के चारों तरफ गगनचुंबी छक्के और कड़क चौके जड़ते हुए बेहद कम गेंदों में अपना एक ऐतिहासिक और धमाकेदार शतक (Shardul Thakur Century) पूरा किया। यह पारी इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि पिछले कुछ समय से शार्दुल ठाकुर की फॉर्म और टीम में उनकी जगह को लेकर लगातार तीखे सवाल उठाए जा रहे थे। इस अविश्वसनीय शतकीय पारी के दम पर न सिर्फ शार्दुल ने टीम इंडिया की मैच में मजबूत वापसी कराई, बल्कि उन सभी आलोचकों की बोलती भी हमेशा के लिए बंद कर दी जो उनकी काबिलियत पर उंगली उठा रहे थे।आधुनिक क्रिकेट और Generative AI स्पोर्ट्स विजन: लॉर्ड शार्दुल की पारी ने बदला लोअर-ऑर्डर बैटिंग का समीकरणस्पोर्ट्स एनालिस्ट्स और आधुनिक Generative AI स्पोर्ट्स एल्गोरिदम के अनुसार, शार्दुल ठाकुर की यह पारी भारतीय क्रिकेट के दृष्टिकोण से एक बहुत बड़ा गेम-चेंजर साबित होने वाली है। आगामी बड़े आईसीसी टूर्नामेंट्स और टेस्ट चैंपियनशिप (ICC WTC) के फाइनल की रेस को देखते हुए भारतीय टीम को लोअर-ऑर्डर में एक ऐसे ही आक्रामक बल्लेबाज की सख्त जरूरत थी जो गेंदबाजी के साथ-साथ मैच जिताऊ बल्लेबाजी भी कर सके। शार्दुल ठाकुर की इस आतिशी पारी ने टीम मैनेजमेंट और सेलेक्टर्स के सिरदर्द को पूरी तरह खत्म कर दिया है, क्योंकि उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में दबाव को सोखते हुए काउंटर-अटैकिंग क्रिकेट का सबसे बेहतरीन उदाहरण पेश किया है।लखनऊ के खेल प्रेमियों और इकाना के युवाओं में भारी जश्न: शार्दुल के शॉट सिलेक्शन के मुरीद हुए फैंसउत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, कानपुर और दिल्ली-एनसीआर के क्रिकेट फैंस के बीच लॉर्ड शार्दुल ठाकुर की यह शतकीय पारी टॉक ऑफ द टाउन बनी हुई है। लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम (Ekana Stadium Lucknow) के आसपास के खेल प्रेमियों और स्थानीय क्लब के युवा क्रिकेटर्स ने शार्दुल के इस शतक का जोरदार जश्न मनाया। स्थानीय कोचों के मुताबिक, शार्दुल ठाकुर का यह रवैया दिखाता है कि निडर क्रिकेट खेलने से किसी भी मजबूत गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त किया जा सकता है। लखनऊ की विभिन्न क्रिकेट अकादमियों के युवा ऑलराउंडर्स अब शार्दुल ठाकुर की इस पारी के वीडियो देखकर उनकी जैसी हिटिंग तकनीक सीखने में जुटे हुए हैं।
युवराज सिंह का फूटा गुस्सा: टीम मैनेजमेंट की नीतियों पर उठाए गंभीर सवाल, सेलेक्टर्स को दी बड़ी नसीहत
भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े मैच विनर्स में से एक और पूर्व सिक्सर किंग युवराज सिंह (Yuvraj Singh) अक्सर टीम इंडिया के प्रदर्शन और चयन नीतियों पर अपनी बेबाक राय रखने के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान युवी का गुस्सा टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं की मौजूदा कार्यप्रणाली पर जमकर फूटा है। सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में उनके इस बयान ने तहलका मचा दिया है, जहां उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के सीधे तौर पर सेलेक्टर्स को खरी-खरी सुनाई है। युवराज का मानना है कि भविष्य की योजनाओं को लेकर टीम के भीतर स्पष्टता का भारी अभाव है, जिसका खामियाजा युवा और इन-फॉर्म खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है।यशस्वी जायसवाल के साथ ज्यादती बंद करो: युवी ने युवा स्टार बल्लेबाज के समर्थन में उठाई बुलंद आवाजइंटरव्यू के दौरान युवराज सिंह ने सबसे कड़ा रुख भारतीय टीम के युवा और आक्रामक ओपनर यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) को लेकर अपनाया। उन्होंने मैनेजमेंट को सीधे शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जायसवाल जैसे अद्भुत और निरंतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान खिलाड़ी के साथ ज्यादती बंद होनी चाहिए। युवी ने कहा कि बार-बार बैटिंग ऑर्डर में बदलाव करना या टीम से अंदर-बाहर करना किसी भी युवा खिलाड़ी के आत्मविश्वास को पूरी तरह तोड़ सकता है। जायसवाल भारतीय क्रिकेट का भविष्य हैं और उन्हें एक निश्चित रोल देकर लगातार मौके दिए जाने चाहिए, न कि हर मैच के बाद उनके स्थान पर तलवार लटकाई जाए।रोहित-विराट पर प्लान करो साफ: दिग्गजों के भविष्य को लेकर युवराज सिंह ने मांगी आर-पार की स्थितियशस्वी जायसवाल के अलावा युवराज सिंह ने टीम इंडिया के दो सबसे बड़े स्तंभों, कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) और रन-मशीन विराट कोहली (Virat Kohli) को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने मैनेजमेंट से मांग की कि इन दोनों महान खिलाड़ियों के भविष्य और आगामी बड़े आईसीसी टूर्नामेंट्स (ICC Tournaments) को लेकर अपना विजन पूरी तरह साफ करें। युवी ने कहा कि अगर रोहित और विराट आगामी विश्व कप या चैंपियनशिप का हिस्सा हैं, तो उनके इर्द-गिर्द अभी से टीम तैयार की जानी चाहिए और अगर मैनेजमेंट का प्लान कुछ और है, तो उसे भी बिना किसी हिचकिचाहट के स्पष्ट रूप से सामने रखना चाहिए ताकि टीम ट्रांजिशन के दौर से आसानी से गुजर सके।लखनऊ के क्रिकेट गलियारों में भी चर्चा तेज: इकाना के युवा खिलाड़ियों ने युवी के स्टैंड को सराहाउत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, कानपुर और दिल्ली-एनसीआर के क्रिकेट फैंस और खेल विशेषज्ञों के बीच युवराज सिंह का यह बयान सबसे बड़ा हॉट टॉपिक बन गया है। लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम (Ekana Stadium Lucknow) के स्थानीय कोचों और उभरते हुए युवा क्रिकेटर्स ने युवराज के इस साहसिक स्टैंड का पूरी तरह समर्थन किया है। स्थानीय खेल प्रेमियों का कहना है कि जब युवराज सिंह जैसा दिग्गज खिलाड़ी युवाओं के हक में बोलता है, तो बीसीसीआई (BCCI) और मैनेजमेंट पर एक सकारात्मक दबाव बनता है। लखनऊ की विभिन्न क्रिकेट अकादमियों के खिलाड़ियों के मुताबिक, यशस्वी जायसवाल को लेकर युवी की बात शत-प्रतिशत सही है और युवाओं को लंबा रन मिलना ही चाहिए।
भारतीय क्रिकेट टीम के धाकड़ ओपनर और कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) पिछले कुछ समय से लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद से ही सोशल मीडिया और कई डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनके वनडे (ODI) और टेस्ट फॉर्मेट से भी अचानक संन्यास लेने की अटकलें लगाई जा रही थीं। इन अफवाहों ने तब और जोर पकड़ लिया जब फैन्स उनके भविष्य को लेकर तरह-तरह के कयास लगाने लगे। लेकिन अब खुद 'हिटमैन' ने इन तमाम खबरों पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए एक इंटरव्यू में लाइव कैमरे के सामने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है, जिसने उनके करोड़ों प्रशंसकों को बड़ी राहत दी है।कैमरे के सामने रखी दिल की बात: जानिए कप्तान रोहित शर्मा ने अपने भविष्य को लेकर क्या कहाएक हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस और इंटरव्यू के दौरान जब रिपोर्टर ने रोहित शर्मा से उनकी रिटायरमेंट की प्लानिंग और वायरल हो रही खबरों पर सीधा सवाल किया, तो कप्तान ने बेहद बेबाक अंदाज में जवाब दिया। रोहित शर्मा ने मुस्कुराते हुए कहा कि वे फिलहाल अपने खेल का पूरा लुत्फ उठा रहे हैं और उनका पूरा ध्यान आगामी महत्वपूर्ण सीरीज और टीम इंडिया को नए मुकाम पर ले जाने पर है। उन्होंने साफ किया कि जब तक उनके शरीर में जान है और वे टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सक्षम हैं, तब तक वे देश के लिए खेलते रहेंगे। रोहित ने फैन्स से अपील की कि वे इस तरह की आधारहीन अफवाहों पर बिल्कुल भी ध्यान न दें।आगे के बड़े मिशन पर टिकी हैं निगाहें: वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और आगामी द्विपक्षीय सीरीज हैं मुख्य टारगेटक्रिकेट एक्सपर्ट्स और Generative AI स्पोर्ट्स एनालिसिस के अनुसार, रोहित शर्मा का यह बयान भारतीय क्रिकेट के दृष्टिकोण से बेहद सकारात्मक है। भारतीय टीम को आने वाले समय में कई महत्वपूर्ण टेस्ट मैच और वनडे मुकाबले खेलने हैं, जिसमें आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC Final) की रेस और एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट शामिल हैं। एक कप्तान और सीनियर बल्लेबाज के तौर पर रोहित शर्मा की मौजूदगी टीम के युवा खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी है। उनकी शानदार फॉर्म और आक्रामक कप्तानी के दम पर भारतीय टीम लगातार घरेलू और विदेशी सरजमीं पर शानदार प्रदर्शन कर रही है।उत्तर प्रदेश और लखनऊ के क्रिकेट प्रेमियों में भारी उत्साह: इकाना स्टेडियम में भी गूंजा हिटमैन का नामउत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, कानपुर और दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे देश के क्रिकेट फैंस रोहित शर्मा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर अपनी खुशी जाहिर कर रहे हैं। लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम (Ekana Stadium Lucknow) के आसपास के खेल प्रेमियों और स्थानीय क्लब क्रिकेटर्स का कहना है कि रोहित शर्मा अभी पूरी तरह फिट हैं और उन्हें कम से कम आगामी बड़े आईसीसी इवेंट्स तक भारतीय टीम की कमान संभालनी चाहिए। स्थानीय स्पोर्ट्स एकेडमी के कोचों के मुताबिक, रोहित की यह कप्तानी शैली नए उभरते हुए खिलाड़ियों के लिए एक बेहतरीन सीख है और उनके संन्यास न लेने के फैसले से भारतीय क्रिकेट का दबदबा बरकरार रहेगा।
कुमाऊं के अंतिम छोर पर छुपा है कुदरत का करिश्मा: मानसून के बाद खिल उठती है बागेश्वर की घाटी
उत्तराखंड की देवभूमि अपने भीतर कई ऐसे अनसुने और अनदेखे प्राकृतिक रहस्य समेटे हुए है, जिनकी खूबसूरती का अंदाजा लगा पाना भी मुश्किल है। ऐसा ही एक बेहद रोमांचक और विहंगम नजारा इन दिनों बागेश्वर जिले की ऊंची पहाड़ियों पर देखने को मिल रहा है। मानसून की भारी बारिश के बाद यहाँ का पूरा इलाका मखमली घास के बुग्यालों, ऊंचे-ऊंचे देवदार के पेड़ों और दूधिया सफेद झरनों से पूरी तरह सज चुका है। कुमाऊं क्षेत्र के अंतिम सीमांत गांव से शुरू होने वाला यह खूबसूरत ट्रेकिंग रूट (Offbeat Trek in Uttarakhand) इन दिनों एडवेंचर के शौकीनों और देश-विदेश के बैकपैकर्स के लिए सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है, जो व्यावसायिक पर्यटन की भीड़भाड़ से पूरी तरह दूर है।कुमाऊं के आखिरी गांव से शुरू होता है रोमांचक सफर: बादलों को चीरकर आगे बढ़ते हैं ट्रेकर्सइस अनूठे ट्रेक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी शुरुआत कुमाऊं क्षेत्र के सबसे अंतिम पड़ाव यानी सीमांत गांव से होती है। यहाँ कदम रखते ही ऐसा महसूस होता है मानो समय ठहर गया हो और आप सीधे प्रकृति की गोद में आ गए हों। जैसे-जैसे ट्रेकर्स खड़ी पहाड़ियों और तंग रास्तों से होते हुए ऊपर की ओर बढ़ते हैं, वैसे-वैसे वादियों में तैरते हुए बादलों के झुंड और हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियों का विहंगम नजारा साफ होने लगता है। इस रास्ते में मिलने वाले स्थानीय पहाड़ी घर, पारंपरिक संस्कृति और ग्रामीणों का आतिथ्य सत्कार इस पूरे सफर को बेहद भावुक और यादगार बना देता है, जो किसी भी आम टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर मिलना असंभव है।एडवेंचर और रूहानी शांति का बेजोड़ संगम: फोटोग्राफी और कैंपिंग के लिए है यह परफेक्ट डेस्टिनेशनयह ट्रेक केवल शारीरिक क्षमता की परीक्षा नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति और अध्यात्म का भी एक अद्भुत केंद्र है। पहाड़ियों के शीर्ष पर पहुंचने के बाद जब ठंडी हवाएं तन-मन को छूती हैं, तो रास्ते की सारी थकान पल भर में गायब हो जाती है। रात के समय यहाँ का आसमान लाखों तारों से जगमगा उठता है, जो एस्ट्रो-फोटोग्राफी (Astro-Photography) और नाइट कैंपिंग करने वालों के लिए किसी सुनहरे सपने जैसा है। सुरक्षा के लिहाज से स्थानीय प्रशासन और उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने ट्रेकर्स के लिए विशेष गाइडलाइंस जारी की हैं और रास्तों पर गाइड की व्यवस्था भी अनिवार्य की है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके और सस्टेनेबल टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा सके।उत्तर प्रदेश और लखनऊ के युवाओं में बढ़ा क्रेज: जानिए बागेश्वर पहुंचने का पूरा ट्रैवल रूटउत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, बरेली और दिल्ली-एनसीआर के युवाओं और ट्रेकिंग ग्रुप्स के बीच बागेश्वर का यह अनछुआ रूट इस सीजन का सबसे बड़ा ट्रैवल ट्रेंड (Travel Trend 2026) बनकर उभरा है। लखनऊ से उत्तराखंड के काठगोदाम या टनकपुर तक सीधी ट्रेन और बस सेवाएं उपलब्ध हैं, जिसके आगे का सफर खूबसूरत पहाड़ी रास्तों से होते हुए अल्मोड़ा के रास्ते बागेश्वर तक तय किया जा सकता है। लखनऊ के प्रमुख एडवेंचर क्लब्स ने इस मानसून के ठीक बाद के सीजन के लिए विशेष ट्रेकिंग और हाइकिंग पैकेज लॉन्च किए हैं, जिनकी बुकिंग के लिए युवाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। यदि आप भी इस वीकेंड कुछ अलग और रोमांच से भरपूर अनुभव करना चाहते हैं, तो बागेश्वर की ये वादियां आपका स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
राजस्थान की राजधानी जयपुर अपने ऐतिहासिक किलों, भव्य महलों और राजपूती संस्कृति के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इसी गुलाबी नगरी की गोद में एक ऐसा अनोखा प्राकृतिक ठिकाना भी है जो मानसून की पहली बारिश पड़ते ही पूरी तरह जन्नत में तब्दील हो जाता है। विद्याधर नगर की पहाड़ियों की तलहटी में बसा 'किशन बाग डेजर्ट पार्क' (Kishan Bagh Desert Park Jaipur) इन दिनों प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र बन गया है। आम दिनों में रेगिस्तानी लुक देने वाला यह बाग वर्षा ऋतु में पूरी तरह से मखमली हरी घास और दुर्लभ वनस्पतियों से ढक जाता है, जिसे देखकर कोई भी मंत्रमुग्ध हो सकता है।एक जगह दो अजूबे: जैसलमेर के रेतीले टीले और स्विट्जरलैंड जैसी वादियों का जादुई संगमइस बाग की सबसे अनूठी और हैरान कर देने वाली खासियत यह है कि यहाँ पर्यटकों को एक साथ दो बिल्कुल अलग-अलग भौगोलिक दृश्यों का अनुभव होता है। एक तरफ जहां पार्क में खास तौर पर तैयार किए गए जैसलमेर के प्रसिद्ध धोरों (रेतीले टीलों) का अहसास कराने वाले रास्ते हैं, वहीं दूसरी तरफ बारिश के बाद पहाड़ियों से घिरी हरी-भरी वादियां और कोहरे का नजारा हूबहू स्विट्जरलैंड या किसी खूबसूरत यूरोपीय हिल स्टेशन की याद दिला देता है। पत्थरों को काटकर बनाए गए खूबसूरत वॉक-वे और प्राकृतिक रूप से बहते हुए बरसाती झरने इस जगह की खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं, जिससे यह फोटोग्राफी और प्री-वेडिंग शूट के लिए राजस्थान का नंबर वन स्पॉट बन चुका है।अरावली की प्राचीन जैव विविधता: दुर्लभ रेगिस्तानी पेड़-पौधों और वन्यजीवों का संरक्षणकिशन बाग केवल एक मनोरंजन पार्क नहीं है, बल्कि यह अरावली पर्वत शृंखला के मूल इकोसिस्टम और रेगिस्तानी जैव विविधता (Desert Biodiversity) को पुनर्जीवित करने का एक बेहतरीन और सफल प्रोजेक्ट है। विख्यात लैंडस्केप आर्किटेक्ट्स की देखरेख में विकसित किए गए इस पार्क में राजस्थान के विभिन्न हिस्सों से लाकर कैक्टस, खजूर और कई लुप्तप्राय रेगिस्तानी पौधों की प्रजातियों को सहेजा गया है। बारिश के मौसम में यहाँ कई स्थानीय और प्रवासी पक्षी, मोर और छोटे जंगली जीव घनी झाड़ियों में किलोल करते नजर आते हैं। पर्यावरणविदों का मानना है कि कंक्रीट के जंगलों के बीच सांस ले रहे बड़े शहरों के लिए किशन बाग जैसे अर्बन फॉरेस्ट एक लाइफलाइन की तरह काम कर रहे हैं।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के पर्यटकों के लिए बेस्ट वीकेंड गेटवे: जानिए कैसे पहुंचेंउत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, नोएडा और आगरा जैसे शहरों से वीकेंड पर घूमने की प्लानिंग करने वाले सैलानियों के लिए जयपुर का यह बाग एक बिल्कुल नया और ऑफबीट डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। लखनऊ से जयपुर के लिए सीधी फ्लाइट और ट्रेन कनेक्टिविटी होने के कारण उत्तर प्रदेश के पर्यटक भारी संख्या में मानसून का लुत्फ उठाने गुलाबी नगरी पहुंच रहे हैं। जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट या मुख्य रेलवे स्टेशन से आप आसानी से लोकल कैब या ऑटो के जरिए किशन बाग पहुंच सकते हैं। स्थानीय प्रशासन ने भी पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा और साफ-सफाई के बेहद पुख्ता इंतजाम किए हैं, ताकि यहाँ आने वाले लोगों को एक सुखद और यादगार अनुभव मिल सके।
दक्षिण भारत का राज्य तमिलनाडु अपने भव्य मंदिरों और प्रसिद्ध हिल स्टेशनों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। लेकिन इसी राज्य के आगोश में एक ऐसी रहस्यमयी और बेहद खूबसूरत जगह भी छिपी हुई है, जो आज भी आम कमर्शियल टूरिस्ट्स की नजरों से काफी दूर है। घने जंगलों, बादलों को छूती पहाड़ियों, दूधिया झरनों और चाय के बागानों से घिरे इस छिपे हुए स्वर्ग (Hidden Gem of South India) की प्राकृतिक सुंदरता इतनी लाजवाब है कि इसकी तुलना ऊटी, शिमला या मनाली से की जाए तो वे भी इसके सामने फीके नजर आते हैं। यहाँ की आबो-हवा और चारों तरफ फैली असीम शांति सैलानियों को एक अलग ही दुनिया का अहसास कराती है।ऊटी-कोडाइकनाल से भी सुंदर: वादियों में तैरते बादल और मखमली हरियाली का संगमभीड़भाड़ और ट्रैफिक से कोसों दूर बसे इस ऑफबीट डेस्टिनेशन (Offbeat Hill Station) की सबसे बड़ी खासियत यहाँ का शांत वातावरण और प्रदूषण मुक्त पर्यावरण है। सुबह के समय जब पहाड़ियों के बीच से सूरज की पहली किरण निकलती है और वादियों में कोहरे की सफेद चादर तैरती है, तो ऐसा लगता है मानो प्रकृति ने खुद धरती पर स्वर्ग उतार दिया हो। एडवेंचर के शौकीन लोगों के लिए यहाँ कई बेहतरीन और एड्रेनालिन रश देने वाले ट्रैकिंग ट्रेल्स मौजूद हैं, जहां से पूरी घाटी का विहंगम नजारा दिखाई देता है। फोटोग्राफी के शौकीनों और कपल्स के लिए यह जगह किसी सपने के सच होने जैसी है।जैव विविधता का अनमोल खजाना: दुर्लभ वन्यजीवों और मसालों की महक से महकती है हवायह खूबसूरत पहाड़ी इलाका सिर्फ देखने में ही सुंदर नहीं है, बल्कि यह दुर्लभ जड़ी-बूटियों, विभिन्न प्रकार के मसालों और वन्यजीवों का एक समृद्ध गंतव्य भी है। यहाँ के जंगलों से गुजरते हुए हवा में इलायची, कॉफी और काली मिर्च की भीनी-भीनी खुशबू हमेशा घुली रहती है। प्रकृति प्रेमियों को यहाँ कई दुर्लभ प्रजातियों के रंग-बिरंगे पक्षी और तितलियां देखने को मिलती हैं, जो इस जगह के पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) को बेहद खास और अनूठा बनाते हैं। स्थानीय प्रशासन अब यहाँ सस्टेनेबल और इको-टूरिज्म को बढ़ावा दे रहा है ताकि इसकी मूल सुंदरता को बिना नुकसान पहुंचाए सैलानी यहाँ आ सकें।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के पर्यटकों के लिए नया हॉटस्पॉट: जानिए कैसे पहुंचें यहाँउत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, नोएडा और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों से यात्रा करने वाले उन पर्यटकों के लिए यह जगह एक नया और पसंदीदा समर हॉलिडे डेस्टिनेशन (Summer Vacation destination) बनती जा रही है जो लीक से हटकर कुछ नया तलाश रहे हैं। लखनऊ के प्रमुख ट्रैवल एजेंटों के अनुसार, लोग अब भीड़भाड़ वाले टूरिस्ट स्पॉट्स के बजाय ऐसी शांत और प्राकृतिक जगहों के टूर पैकेज ज्यादा बुक कर रहे हैं। इस छिपे हुए स्वर्ग तक पहुंचने के लिए नजदीकी हवाई अड्डे या रेलवे स्टेशन से टैक्सियों और स्थानीय बसों की बेहतरीन कनेक्टिविटी उपलब्ध है, जहां पहुंचकर आप अपनी भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर सुकून के कुछ यादगार पल बिता सकते हैं।
दिनभर पेट फूलने की समस्या से हैं परेशान? जानिए सुबह की कौन सी गलतियां हैं जिम्मेदार
आजकल की व्यस्त जीवनशैली में पेट फूलना, गैस बनना और खट्टी डकारें आना एक आम समस्या बन चुकी है। बहुत से लोग शिकायत करते हैं कि सुबह उठते ही या कुछ भी खाते ही उनका पेट किसी गुब्बारे की तरह फूल जाता है और पूरे दिन असहजता बनी रहती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स और न्यूट्रिशनिस्ट्स के मुताबिक, इस समस्या की मुख्य जड़ हमारा सुबह का नाश्ता (Morning Breakfast) हो सकता है। हम अनजाने में नाश्ते की टेबल पर कुछ ऐसी चीजों का सेवन कर लेते हैं, जो पेट में जाकर भारी गैस बनाती हैं और हमारे पूरे पाचन तंत्र (Digestive System) की रफ्तार को धीमा कर देती हैं। अगर इस पर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह आगे चलकर क्रॉनिक एसिडिटी का रूप ले लेती है।तुरंत नाश्ते से बाहर करें ये 3 चीजें: जो पेट में बनाती हैं भयंकर गैस और एसिडिटीगैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट्स के अनुसार, सबसे पहली चीज जिससे आपको सुबह परहेज करना चाहिए, वह है 'ज्यादा चीनी वाले रेडी-टू-ईट सीरियल्स' (Processed Cereals) और मैदे से बनी चीजें जैसे सफेद ब्रेड या भटूरे। ये आंतों में जाकर चिपक जाते हैं और फर्मेंटेशन की प्रक्रिया को बढ़ा देते हैं। दूसरी चीज है 'अत्यधिक ऑयली और फ्राइड फूड्स' जैसे पराठे या कचौड़ियां, जिन्हें पचाने में लीवर को दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है। तीसरी और सबसे आम गलती है खाली पेट 'दही या खट्टे फलों का अत्यधिक सेवन' या फिर दूध वाली एक्स्ट्रा शुगर की चाय। बहुत से लोगों का पाचन तंत्र सुबह के समय डेयरी प्रोडक्ट्स या अत्यधिक लैक्टोज को आसानी से नहीं पचा पाता, जिसके कारण पेट में तुरंत गैस और मरोड़ की समस्या शुरू हो जाती है।हेल्दी ब्रेकफास्ट से बदलें अपनी आदतें: दिनभर महसूस करेंगे हल्कापन और एनर्जीअगर आप इस असहज करने वाली ब्लोटिंग से हमेशा के लिए निजात पाना चाहते हैं, तो आपको अपने नाश्ते को री-डिजाइन करना होगा। सुबह के समय हल्का, सुपाच्य और फाइबर से भरपूर भोजन करें। अपने नाश्ते में ओट्स, सूजी का उपमा, पोहा या मूंग दाल का चीला शामिल करें। सुबह खाली पेट चाय या कॉफी पीने के बजाय गुनगुने पानी में नींबू या फिर जीरा और अजवाइन का पानी पिएं। यह आपके पेट के पाचक एंजाइम्स को सक्रिय करता है, जिससे आप जो कुछ भी खाते हैं, वह आसानी से पच जाता है और गैस बनने की संभावना शून्य हो जाती है।लखनऊ और यूपी के युवाओं में बढ़ रही पेट की बीमारियां: डाइटिशियन ने दी खास सलाहउत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, नोएडा और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरी इलाकों में खराब खानपान के कारण गैस्ट्रिक और ब्लोटिंग की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) और अन्य बड़े अस्पतालों के डाइटिशियंस का कहना है कि ओपीडी में आने वाले हर तीसरे मरीज की शिकायत पेट साफ न होने और ब्लोटिंग से जुड़ी होती है। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि सुबह का नाश्ता कभी भी स्किप (Skip) न करें, लेकिन उसमें पैकेज्ड और फ्रोजन फूड्स के बजाय केवल ताजा और घर का बना सात्विक भोजन ही लें ताकि आपका गट हेल्थ (Gut Health) हमेशा मजबूत रहे।
आयुर्वेद का वरदान है गिलोय: जानिए इसे 'अमृता' कहे जाने के पीछे का असली रहस्य
भारतीय चिकित्सा पद्धति और आयुर्वेद में प्राचीन काल से ही गिलोय (Giloy) को एक बेहद उच्च और आदरणीय स्थान प्राप्त है। शास्त्रों में इसे 'अमृता' नाम दिया गया है, जिसका शाब्दिक अर्थ है 'अमृत के समान'। माना जाता है कि गिलोय की लताओं में औषधीय गुणों का ऐसा असीमित खजाना छिपा है जो इंसान को लंबी और रोगमुक्त आयु प्रदान कर सकता है। आधुनिक विज्ञान और Generative AI हेल्थ रिसर्च भी अब गिलोय के इन दावों पर मुहर लगा रहे हैं। इसके पत्तों और डंठल में पाए जाने वाले एंटी-ऑक्सीडेंट्स, एंटी-इन्फ्लेमेटरी और गिलोइन नामक तत्व मानव शरीर को कई तरह के खतरनाक संक्रमणों से सुरक्षित रखने में पूरी तरह सक्षम हैं।फौलादी बनेगी इम्यूनिटी: डेंगू, चिकनगुनिया और मौसमी बुखार का काल है यह बेलबदलते मौसम के साथ ही देश भर में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और वायरल फीवर का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगता है। ऐसे में गिलोय का सेवन किसी जीवनदायिनी दवा से कम नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, गिलोय शरीर में प्लेटलेट्स (Platelets) की संख्या को बहुत तेजी से बढ़ाता है और खून को साफ करता है। इसके नियमित सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी इतनी मजबूत हो जाती है कि बार-बार होने वाले सर्दी, खांसी, जुकाम और पुराने से पुराना बुखार भी शरीर को छू नहीं पाता। क्रॉनिक फीवर से परेशान मरीजों के लिए गिलोय का काढ़ा एक अचूक औषधि की तरह काम करता है।पाचन तंत्र होगा मजबूत: पेट की हर समस्या को जड़ से मिटाएगा गिलोयआजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और असंतुलित खानपान के कारण अधिकांश लोग गैस, कब्ज, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। गिलोय इन सभी समस्याओं का एक बेहद सरल और प्राकृतिक समाधान है। यह हमारे मेटाबॉलिज्म (Metabolism) को दुरुस्त करता है और आंतों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाता है। गिलोय के रस का नियमित सेवन करने से पाचन क्रिया इतनी सुचारू हो जाती है कि शरीर में टॉक्सिन्स (विषाक्त पदार्थ) जमा नहीं हो पाते, जिससे न सिर्फ पेट साफ रहता है बल्कि त्वचा पर भी एक प्राकृतिक निखार और चमक देखने को मिलती है।लखनऊ सहित देश भर के वेलनेस सेंटर्स में बढ़ी मांग: जानिए सेवन का सही तरीकाउत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, दिल्ली-एनसीआर और वाराणसी सहित देश के कई प्रमुख शहरों में इन दिनों गिलोय के जूस, वटी (टैबलेट) और चूर्ण की मांग में भारी उछाल देखा जा रहा है। आयुर्वेद आचार्यों के अनुसार, गिलोय का अधिकतम लाभ उठाने के लिए इसके डंठल को पानी में उबालकर काढ़ा बनाकर पीना सबसे ज्यादा असरदार होता है। इसके अलावा बाजार में मिलने वाले रेडीमेड गिलोय स्वरस का सेवन भी सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ किया जा सकता है। हालांकि, गर्भवती महिलाओं और लो-ब्लड शुगर के मरीजों को इसके सेवन से पहले एक बार अपने डॉक्टर या किसी योग्य आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
Friendship Day Essay: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में रिश्तों की अहमियत पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। इन्हीं रिश्तों में सबसे खूबसूरत और अनमोल रिश्ता दोस्ती का होता है। दोस्त वह होता है जो बिना किसी स्वार्थ के हर सुख-दुख में साथ खड़ा रहता है। इसी पवित्र ...
प्रदर्शनकारियों को मिला सपा सांसदों का साथ, डिंपल यादव समेत कई सांसद हिरासत में
कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के बीच सपा नेता डिंपल यादव भी इकरा हसन और प्रिया सरोज समेत सभी सपा सांसदों के साथ संसद से जंतर मंतर की ओर निकल पड़ीं। उनके हाथ में पोस्टर थे, 'जिन पर लिखा था नीट है या चिट है'। कई सांसदों के हाथ में 'पेपर लिक' वाले ...
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से छह दोस्तों की मौत
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में जबलपुर-भोपाल नेशनल हाईवे-45 पर सड़क किनारे खड़े छह दोस्तों को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
Heavy Rain Alert North India: देशभर में मॉनसून एक बार फिर पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। उपग्रह (सैटेलाइट) से प्राप्त ताजा तस्वीरों के अनुसार, इस समय देश के लगभग 60 से 70 फीसदी हिस्सों में बादल छा गए हैं। पंजाब से लेकर पूर्वोत्तर भारत तक बादलों की एक ...
अलीमा खान के सनसनीखेज खुलासे से हिला पाकिस्तान: ऑपरेशन सिंदूर' पर बड़ा सच आया सामने
पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर से बहुत बड़ा भूचाल आ गया है। इस बार इस सियासी तूफान के केंद्र में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई (PTI) प्रमुख इमरान खान की बहन अलीमा खान हैं। अलीमा खान ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया पर 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर कुछ बेहद चौंकाने वाले और सनसनीखेज खुलासे किए थे। उन्होंने सीधे तौर पर देश की सैन्य स्थापना और मौजूदा सरकार की गुप्त रणनीतियों पर उंगली उठाई है। अलीमा खान के इस बेबाक बयान ने इस्लामाबाद से लेकर रावलपिंडी के सैन्य मुख्यालय (GHQ) तक हड़कंप मचा दिया है।पाकिस्तान सरकार का बड़ा एक्शन: सच बोलते ही थमाया गया कानूनी नोटिसजैसे ही अलीमा खान का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और मुख्यधारा की मीडिया की सुर्खियों में आया, पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार तुरंत एक्शन मोड में आ गई। संघीय जांच एजेंसी (FIA) और सरकारी वकीलों की ओर से बिना वक्त गंवाए अलीमा खान को एक कड़ा कानूनी नोटिस भेज दिया गया है। सरकार का आरोप है कि अलीमा खान देश की सुरक्षा एजेंसियों और राज्य के महत्वपूर्ण संस्थानों के खिलाफ झूठा प्रोपेगैंडा फैला रही हैं और जनता को भड़काने की कोशिश कर रही हैं। इस नोटिस के बाद पाकिस्तान में मानवाधिकार और अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।आखिर क्यों डरे सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर? इनसाइड स्टोरी आई सामनेइस पूरे विवाद में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इस खुलासे से पाकिस्तान के शक्तिशाली सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर क्यों असहज हो गए हैं? रक्षा विशेषज्ञों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' का सीधा संबंध पाकिस्तान सेना के कुछ ऐसे गुप्त ऑपरेशन्स या राजनीतिक जोड़-तोड़ से है, जिसे सेना हर हाल में दुनिया की नजरों से छिपाकर रखना चाहती थी। अलीमा खान ने सीधे तौर पर सेना की इसी दुखती रग पर हाथ रख दिया है। इमरान खान की बढ़ती लोकप्रियता और जेल में होने के बावजूद उनकी बहन के इन तीखे तेवरों से सैन्य नेतृत्व बैकफुट पर नजर आ रहा है।इमरान खान की पार्टी PTI ने संभाला मोर्चा: शहबाज सरकार को दी खुली चुनौतीअलीमा खान को नोटिस मिलने के बाद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के कार्यकर्ताओं और बड़े नेताओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पीटीआई के प्रवक्ताओं का कहना है कि यह सरकार और सेना की घबराहट को दर्शाता है। इमरान खान के परिवार को डराने और चुप कराने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की नजरें भी अब इस मामले पर टिक गई हैं, क्योंकि पाकिस्तान में विपक्षी नेताओं और उनके परिवारों पर कानूनी कार्रवाई का सिलसिला लगातार तेज होता जा रहा है।
महायुद्ध की दहलीज पर अमेरिका और ईरान, मिडिल ईस्ट में घातक हमलों से दहला इलाका
पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहा अमेरिका और ईरान का तनाव अब पूरी तरह से एक विनाशकारी युद्ध के रूप में तब्दील हो चुका है। दोनों ही महाशक्तियों ने एक-दूसरे के खिलाफ अपने सबसे घातक और आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सैन्य ठिकानों और ईरानी समर्थित गुटों के रणनीतिक केंद्रों पर लगातार रॉकेट, मिसाइल और आत्मघाती ड्रोन से हमले किए जा रहे हैं। युद्ध का यह नया चरण इतना आक्रामक है कि इसने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर तीसरे विश्व युद्ध (World War 3) की आहट तेज हो गई है।निर्दोष और बेकसूर देश बन रहे निशाना: वैश्विक सप्लाई चेन तबाहइस युद्ध की सबसे भयावह बात यह है कि इसका शिकार अब वे देश और क्षेत्र भी बन रहे हैं, जिनका इस भू-राजनीतिक दुश्मनी से कोई वास्ता नहीं है। ईरान और अमेरिका की इस जंग के कारण लाल सागर (Red Sea) और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्ग पूरी तरह असुरक्षित हो गए हैं। वाणिज्यिक जहाजों और कार्गो शिप्स पर हो रहे लगातार घातक हमलों की वजह से कई एशियाई और यूरोपीय देशों की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। आवश्यक वस्तुओं, दवाओं और खाद्यान्न की सप्लाई रुकने से उन देशों में भी महंगाई और भुखमरी का खतरा मंडराने लगा है जो इस युद्ध में पूरी तरह तटस्थ थे।घातक हवाई हमलों से टूटी कमर: सैन्य और आर्थिक मोर्चे पर भारी नुकसानपेंटागन और ईरानी सैन्य कमांडरों की ओर से जारी बयानों के मुताबिक, दोनों पक्षों को इस टकराव में भारी नुकसान उठाना पड़ा है। जहां एक तरफ अमेरिका ने ईरान के तेल डिपो, अंडरग्राउंड मिसाइल सेंटर्स और कमांड पोस्टों को निशाना बनाकर उसकी आर्थिक और सैन्य कमर तोड़ने का दावा किया है, वहीं दूसरी तरफ ईरानी ड्रोन हमलों ने अमेरिकी गठबंधन सेना के कई महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक हब को भारी नुकसान पहुंचाया है। इस भीषण गोलाबारी और बमबारी के कारण स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह मलबे में तब्दील हो चुका है और बड़े पैमाने पर मानवीय संकट खड़ा हो गया है।भारत सहित पूरी दुनिया पर क्या होगा इसका सीधा असर?इस युद्ध के खतरनाक दौर में पहुंचने का सीधा असर भारत सहित दुनिया के तमाम बड़े देशों पर दिखने लगा है। खाड़ी देशों से तेल की आपूर्ति बाधित होने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने और महंगाई अनियंत्रित होने का खतरा पैदा हो गया है। इसके अलावा, खाड़ी क्षेत्र में काम करने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा और उनकी आजीविका पर भी इस संकट के काले बादल मंडरा रहे हैं, जिसने नई दिल्ली की चिंताएं बेहद बढ़ा दी हैं।
ईरानी हमलों की आहट से सहमा अमेरिका! ट्रंप ने कतर से फाइटर जेट्स हटाने के दिए निर्देश
पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर आ गया है, जिसने पूरी दुनिया की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इंटेलिजेंस इनपुट और खुफिया एजेंसियों से मिली रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की ओर से अमेरिकी ठिकानों पर बड़े और भीषण मिसाइल व ड्रोन हमलों की आशंका जताई गई है। इस संभावित खतरे को देखते हुए वॉशिंगटन और पेंटागन में हड़कंप मच गया है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने खाड़ी देशों में मौजूद अपने सभी बेस और सुरक्षा बलों को चौबीसों घंटे पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे इस पूरे रीजन में युद्ध जैसी गंभीर स्थिति बन गई है।राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा एक्शन: कतर एयरबेस से हटाए जा रहे हैं अमेरिकी लड़ाकू विमानहालात की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बिना वक्त गंवाए एक बेहद आपातकालीन और बड़ा रणनीतिक फैसला लिया है। कतर में स्थित अल उदेद (Al Udeid) एयरबेस, जो मिडिल ईस्ट में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य केंद्र माना जाता है, वहां से अमेरिकी फाइटर जेट्स और भारी बमवर्षक विमानों को तेजी से हटाकर सुरक्षित और रणनीतिक रूप से सुरक्षित ठिकानों पर ट्रांसफर किया जा रहा है। सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन ईरान की मिसाइल रेंज से अपने सबसे महंगे और घातक हवाई हथियारों को दूर रखना चाहता है ताकि किसी भी संभावित हमले में नुकसान को कम से कम किया जा सके।50,000 अमेरिकी सैनिक हाई अलर्ट पर: पेंटागन ने कसी कमरविमानों की शिफ्टिंग के साथ-साथ अमेरिका ने जमीनी मोर्चे पर भी अपनी किलेबंदी बेहद मजबूत कर दी है। मिडिल ईस्ट के अलग-अलग देशों जैसे इराक, सीरिया, कुवैत और बहरीन में तैनात लगभग 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिकों को कॉम्बैट रेडी यानी हाई ऑपरेशनल अलर्ट पर रख दिया गया है। एयर डिफेंस सिस्टम, जिसमें पैट्रियट मिसाइल डिफेंस शामिल है, को एक्टिवेट कर दिया गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) सीधे तौर पर स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सैनिकों को किसी भी आक्रामक कार्रवाई का तुरंत और आक्रामक जवाब देने की पूरी छूट दे दी गई है।वैश्विक बाजारों और भारत पर क्या होगा इसका असर?अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते इस सीधे टकराव का सीधा और बड़ा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने की आशंका है। खाड़ी देशों में तनाव बढ़ने के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली तेल की सप्लाई चेन पूरी तरह बाधित हो सकती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर जा सकती हैं। भारत के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आयात करता है। इसके अलावा, खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर भी नई दिल्ली में चिंताएं बढ़ गई हैं।
दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन इस समय बेहद गंभीर आर्थिक संकट (Economic Crisis) के दौर से गुजर रही है। ड्रैगन की आर्थिक रीढ़ माने जाने वाले रियल एस्टेट सेक्टर (Property Market) में अभूतपूर्व मंदी आ चुकी है। एवरग्रैंड (Evergrande) और कंट्री गार्डन जैसी चीन की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनियां भारी कर्ज के बोझ तले दबकर दिवालिया होने की कगार पर पहुंच चुकी हैं। करोड़ों की तादाद में बिना बिके और अधूरे पड़े अपार्टमेंट्स के कारण प्रॉपर्टी की कीमतें रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई हैं। आम चीनी नागरिकों की जीवन भर की कमाई प्रॉपर्टी में फंसी होने के कारण उनका भरोसा पूरी तरह डगमगा गया है, जिससे पूरे देश में एक तरह का वित्तीय आपातकाल जैसा माहौल बन गया है।कमजोर घरेलू मांग और फैक्ट्रियों में पसरा सन्नाटा: जीडीपी ग्रोथ हुई सुस्तप्रॉपर्टी संकट का सीधा असर चीन की घरेलू खपत पर पड़ा है। चीनी उपभोक्ता अब पैसे खर्च करने से बच रहे हैं, जिससे देश में 'डिफ्लेशन' (Deflation) यानी मंदी की स्थिति पैदा हो गई है। चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (NBS) के आंकड़ों के मुताबिक, देश की जीडीपी (GDP) ग्रोथ रेट सरकार के तय वार्षिक लक्ष्य से काफी पीछे चल रही है। रिटेल सेल्स और इंडस्ट्रियल आउटपुट के आंकड़े बेहद कमजोर आए हैं। इसके साथ ही, चीन की फैक्ट्रियों में प्रोडक्शन काफी धीमा हो गया है क्योंकि अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) द्वारा चीनी सामानों पर लगाए जा रहे भारी टैरिफ (Tariffs) के कारण चीन का एक्सपोर्ट (निर्यात) बिजनेस भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।युवाओं में रिकॉर्ड बेरोजगारी: बीजिंग की हर रणनीति हो रही फेलआर्थिक सुस्ती का सबसे बड़ा खामियाजा चीन की युवा आबादी को भुगतना पड़ रहा है। चीन में शहरी युवाओं की बेरोजगारी दर (Youth Unemployment Rate) ऐतिहासिक रूप से उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। कॉलेज और विश्वविद्यालयों से पास आउट होने वाले लाखों युवाओं को नौकरियां नहीं मिल पा रही हैं। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग की सरकार द्वारा ब्याज दरों में कटौती और बैंकों को ज्यादा लोन देने के निर्देश जैसे तमाम राहत पैकेज (Economic Stimulus) भी इस आर्थिक सुस्ती को रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं। वैश्विक रेटिंग एजेंसियों ने भी चीन के इकोनॉमिक आउटलुक को 'स्थिर' से घटाकर 'नकारात्मक' (Negative) श्रेणी में डाल दिया है।भारत और ग्लोबल मार्केट पर क्या होगा इसका असर?ग्लोबल इकोनॉमिक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, चीन की इस कमजोरी का वैश्विक और खासकर भारतीय बाजारों (Indian Market) पर दोहरा असर देखने को मिल सकता है। एक तरफ जहां चीन में मंदी के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) और स्टील-एल्युमिनियम जैसी कमोडिटीज की वैश्विक मांग घटेगी, जिससे इनके दाम कम हो सकते हैं और भारत का इम्पोर्ट बिल घटेगा। वहीं दूसरी तरफ, वैश्विक कंपनियां अब चीन से अपना मैन्युफैक्चरिंग बेस हटाकर भारत, वियतनाम और मेक्सिको जैसे देशों में शिफ्ट कर रही हैं, जिससे भारत के 'मेक इन इंडिया' (Make in India) अभियान और लोकल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर्स को एक बहुत बड़ा बूस्ट मिलने की उम्मीद है।
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों को बड़ा झटका लगा है। बाजार खुलते ही चौतरफा बिकवाली देखने को मिली, जिसके चलते प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) करीब 600 अंकों की भारी गिरावट के साथ 77,600 के स्तर के पास आ गया। वहीं दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 (Nifty 50) भी लगभग 140 अंकों से ज्यादा टूटकर 24,200 के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे फिसल गया। बाजार के इस रुख से ट्रेडर्स और रिटेल निवेशकों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि पिछले कारोबारी सत्र में बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ था।प्राइवेट बैंकों के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव: HDFC और Axis Bank में बड़ी गिरावटआज की इस मार्केट गिरावट में सबसे बड़ा विलेन बैंकिंग सेक्टर साबित हुआ है। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 2% से ज्यादा की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। हाल ही में सामने आए तिमाही नतीजों (Q1 Results) के बाद प्राइवेट बैंकों के मार्जिन पर दबाव देखा जा रहा है। दिग्गजों की बात करें तो एक्सिस बैंक (Axis Bank) के शेयरों में लगभग 5% से 6% तक का क्रैश देखा गया, जबकि देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank के शेयर भी 4.5% से ज्यादा टूट गए। इसके अलावा कोटक महिंद्रा बैंक और बजाज फाइनेंस के शेयरों ने भी बाजार को नीचे खींचने में कोई कसर नहीं छोड़ी।बाजार क्यों गिरा? इन 3 बड़े कारणों ने बिगाड़ा खेलग्लोबल मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, घरेलू बाजार में इस बड़ी गिरावट के पीछे तीन मुख्य वजहें काम कर रही हैं। पहला कारण, वीकेंड पर आए बैंकिंग दिग्गजों के पहली तिमाही के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे, जिससे निवेशकों ने जमकर प्रॉफिट बुकिंग की। दूसरा बड़ा कारण, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इरान के बीच जारी जियोपॉलिटिकल क्राइसिस के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude Oil) की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। कच्चे तेल का महंगा होना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए निगेटिव माना जाता है क्योंकि इससे महंगाई बढ़ने का डर रहता है। तीसरा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली है, जिससे लिक्विडिटी पर असर पड़ा है।क्या है निवेशकों के लिए एक्सपर्ट्स की राय?मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि निफ्टी के लिए 24,200 का स्तर बेहद अहम था, और इसके नीचे जाने पर बाजार में गिरावट और बढ़ सकती है जो निफ्टी को 24,000 या 23,800 के स्तर तक ले जा सकती है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस गिरावट के बीच भी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में थोड़ी मजबूती देखी जा रही है। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि इस उतार-चढ़ाव वाले माहौल में निवेशकों को हड़बड़ी में कोई फैसला नहीं लेना चाहिए और केवल मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में ही धीरे-धीरे (SIP मोड में) खरीदारी करनी चाहिए।
देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1FY27) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस ने बाजार की उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए ऑपरेशन्स से मिलने वाले रेवेन्यू में सालाना आधार पर (YoY) 25.4% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की है, जो बढ़कर 3,11,850 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। हालांकि, पिछले साल के हाई बेस (एशियन पेंट्स की हिस्सेदारी बिक्री से हुए एकमुश्त लाभ) के कारण नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 22% घटकर 20,946 करोड़ रुपये रहा, लेकिन अगर इस एकमुश्त आय को हटा दें, तो कंपनी का शुद्ध लाभ असल में 15.9% बढ़ा है। तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर तो नेट प्रॉफिट में 23.4% की शानदार ग्रोथ देखी गई है।4 बड़े ब्रोकरेज हाउसेज का बड़ा दांव: 33% तक रिटर्न की उम्मीदशानदार तिमाही नतीजों के बाद घरेलू और वैश्विक ब्रोकरेज हाउसेज रिलायंस के स्टॉक को लेकर काफी सकारात्मक (Bullish) नजर आ रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि रिलायंस के रिटेल, जियो (Jio) और ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) बिजनेस में लगातार आ रही मजबूती आने वाले दिनों में शेयर की कीमतों को नए रिकॉर्ड स्तर पर ले जाएगी। 4 दिग्गज ब्रोकरेज फर्म्स ने रिलायंस के शेयर पर 'BUY' रेटिंग बरकरार रखते हुए मौजूदा भाव से लगभग 27% से 33% तक के अपसाइड पोटेंशियल (बढ़ोतरी) का अनुमान लगाया है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने तो इस स्टॉक के लिए बेहद मजबूत टारगेट प्राइस दिया है।जियो और रिटेल बिजनेस में जारी है दमरिलायंस जियो (Jio Platforms) का परफॉर्मेंस इस तिमाही में भी दमदार रहा, जहां डिजिटल सर्विसेज के दम पर मुनाफा 9.2% बढ़कर 7,764 करोड़ रुपये हो गया। वहीं प्रति यूजर औसत कमाई (ARPU) भी सुधरकर 215.6 रुपये पर पहुंच गई है। दूसरी ओर, रिलायंस रिटेल ने क्विक-कॉमर्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश के चलते अपने नेट प्रॉफिट में 14.2% की मामूली गिरावट देखी है, लेकिन रेवेन्यू के मोर्चे पर 8.2% की बढ़त के साथ इसका प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है। O2C सेगमेंट ने भी कच्चे तेल की कीमतों के सहारे रेवेन्यू में 30.4% का उछाल दर्ज किया है।निवेशकों के लिए क्या है एक्सपर्ट्स की सलाह?मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, लंबी अवधि (Long Term) के निवेशकों के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज हमेशा से एक सुरक्षित और हाई-रिटर्न पोर्टफोलियो स्टॉक रहा है। जियो के आगामी आईपीओ (Jio IPO) की सुगबुगाहट और न्यू एनर्जी बिजनेस में तेजी से हो रहे विस्तार को देखते हुए, मौजूदा गिरावट या कंसोलिडेशन के स्तर पर रिलायंस के शेयरों को पोर्टफोलियो में शामिल करना एक समझदारी भरा फैसला हो सकता है।
HDFC Bank Share Price: शेयर बाजार में भारी गिरावट के बीच ब्रोकरेज फर्मों ने जताया बड़ा भरोसा
भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े दिग्गजों में से एक एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) के शेयरों में हाल ही में 5% तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस अचानक आई गिरावट से जहां आम निवेशक थोड़े चिंतित हैं, वहीं बाजार के बड़े एक्सपर्ट्स और ग्लोबल ब्रोकरेज हाउसेज इसे एक बड़े निवेश के मौके के रूप में देख रहे हैं। दिग्गज वित्तीय विश्लेषकों का दावा है कि मौजूदा स्तर से इस बैंकिंग स्टॉक में 57% तक की शानदार तेजी (Upside Potential) देखने को मिल सकती है।आखिर क्यों गिरा देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक का शेयरबाजार के जानकारों के मुताबिक, वैश्विक दबाव, तिमाही नतीजों के बाद कुछ तकनीकी सुधार और बड़े संस्थागत निवेशकों (FIIs) की मुनाफावसूली के चलते HDFC Bank के शेयरों में यह 5 फीसदी का करेक्शन देखने को मिला है। हालांकि, बैंक के बुनियादी ढांचे (Fundamentals) में कोई कमी नहीं आई है। लोन ग्रोथ, डिपॉजिट मोबिलाइजेशन और एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर बैंक की स्थिति लगातार मजबूत बनी हुई है, जिसके कारण लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट एक बेहतरीन 'बाय ऑन डिप्स' (गिरावट पर खरीदारी) की रणनीति साबित हो सकती है।ग्लोबल ब्रोकरेज हाउसेज की रिपोर्ट और 57% मुनाफे का बड़ा दावाशेयर में आई इस गिरावट के तुरंत बाद कई नामी ग्लोबल ब्रोकरेज फर्मों ने HDFC Bank पर अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट जारी की है। अधिकांश विश्लेषकों ने इस स्टॉक को 'बाय' (Buy) या 'आउटपरफॉर्म' की रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि बैंक की क्रेडिट ग्रोथ आने वाले समय में और रफ्तार पकड़ेगी। वर्तमान प्राइस लेवल से इसके टारगेट प्राइस को काफी ऊपर रखा गया है, जो मौजूदा भाव से लगभग 57% तक के रिटर्न का संकेत देता है। विश्लेषकों के अनुसार, जो निवेशक अगले 12 से 18 महीनों के नजरिए से बाजार में निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह स्टॉक पोर्टफोलियो को मजबूती देने वाला साबित हो सकता है।भारतीय रिटेल निवेशकों और लोकल मार्केट के लिए क्या है सलाहअगर आप दिल्ली, मुंबई, लखनऊ या देश के किसी भी हिस्से से घरेलू शेयर बाजार में निवेश करते हैं, तो बैंकिंग सेक्टर के इस लीडर पर नजर रखना फायदेमंद हो सकता है। लोकल वेल्थ मैनेजर्स और फाइनेंशियल एडवाइजर्स का कहना है कि बैंकिंग सेक्टर भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, और HDFC Bank उसमें सबसे आगे है। ऐसे में रिटेल निवेशकों को घबराहट में पैनिक सेलिंग (बिक्री) करने के बजाय, धीरे-धीरे सिस्टेमैटिक तरीके से इस शेयर को अपने पोर्टफोलियो में जोड़ना चाहिए, क्योंकि आने वाले समय में डिजिटल बैंकिंग के विस्तार और ग्रामीण इलाकों में मजबूत पैठ का सीधा फायदा बैंक के मुनाफे और इसके शेयर प्राइस पर दिखने वाला है।

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