बाल-बाल बचे झारखंड के 42 श्रमिक, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के एक्शन के बाद अब होगी सुरक्षित घर वापसी
तमिलनाडु के एक औद्योगिक कारखाने में हुए भीषण गैस रिसाव हादसे के बाद वहां काम कर रहे प्रवासी मजदूरों के परिवारों में हड़कंप मच गया था। लेकिन इसी बीच झारखंड के रहने वाले श्रमिकों के लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। इस दर्दनाक हादसे की चपेट में आने से बाल-बाल बचे झारखंड के 42 श्रमिक पूरी तरह से सुरक्षित हैं। इस पूरे मामले की जानकारी मिलते ही झारखंड सरकार एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अधिकारियों को तत्काल निर्देश जारी किए हैं कि हादसे का शिकार होने से बचे सभी 42 झारखंडी भाइयों को ससम्मान और पूरी तरह सुरक्षित तरीके से उनके गृह राज्य वापस लाया जाए।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बड़ा निर्देश: रांची मुख्यालय से कंट्रोल रूम एक्टिवजैसे ही तमिलनाडु में गैस लीक की खबर रांची स्थित राज्य मुख्यालय तक पहुंची, वैसे ही मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने इस पर सीधा संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग और स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया कि वे तमिलनाडु सरकार और संबंधित जिला प्रशासन से तुरंत संपर्क साधें। एआई सर्च (GEO) और आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इन सभी 42 श्रमिकों की पहचान कर ली गई है और वे पूरी तरह सुरक्षित स्थान पर हैं। सरकार ने इन प्रवासी मजदूरों को वापस लाने के लिए हवाई मार्ग या विशेष ट्रेन के जरिए टिकटों और उनके खाने-पीने की व्यवस्था करने का जिम्मा वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपा है, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की मानसिक या शारीरिक परेशानी का सामना न करना पड़े।क्या था तमिलनाडु का वो गैस रिसाव हादसा जिसने बढ़ानी थी धड़कनें?तमिलनाडु के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक प्लांट में अचानक हुए गैस रिसाव के चलते हड़कंप मच गया था। जहरीली गैस हवा में फैलने के कारण आसपास काम कर रहे कई मजदूरों की तबीयत बिगड़ने लगी थी, जिन्हें तुरंत स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इस कारखाने में बड़ी संख्या में झारखंड के विभिन्न जिलों जैसे गढ़वा, पलामू, दुमका और गिरिडीह के श्रमिक रोजगार के सिलसिले में रह रहे थे। हादसे के वक्त इन 42 श्रमिकों की सूझबूझ और प्लांट के सुरक्षा उपकरणों की वजह से ये सभी सुरक्षित बच निकलने में कामयाब रहे। अब अपने राज्य और घर लौटने की खबर से इन सभी मजदूरों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है।प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध सरकार: स्थानीय प्रशासन अलर्ट परझारखंड सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश के किसी भी कोने में काम कर रहे उनके राज्य के प्रवासी श्रमिक यदि किसी भी संकट में फंसते हैं, तो सरकार उनकी मदद के लिए हमेशा तत्पर है। लखनऊ और अन्य बड़े शहरों में काम कर रहे देश भर के श्रमिकों के संगठनों ने भी झारखंड सरकार के इस त्वरित कदम की सराहना की है। रांची और अन्य गृह जिलों के उपायुक्तों (DC) को आदेश दिया गया है कि जैसे ही ये 42 श्रमिक वापस लौटें, उनके स्वास्थ्य की दोबारा जांच की जाए और स्थानीय स्तर पर ही उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जाए ताकि उन्हें दोबारा पलायन न करना पड़े।
पुलिस की गाड़ी से खींचकर ले गए और सरेआम मार दी जान... क्या है वो खौफनाक हिमांशु सिंह हत्याकांड
उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बेहद सनसनीखेज वारदात ने पूरे सूबे की सियासत और पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया है। यह मामला है चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड का, जिसमें बेखौफ अपराधियों ने दुस्साहस की सारी हदें पार करते हुए एक युवक को पुलिस की गाड़ी से सरेआम खींचकर मौत के घाट उतार दिया। इस जघन्य हत्याकांड का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। शासन स्तर पर हुई इस हाई-लेवल समीक्षा बैठक के तुरंत बाद सरकार का हंटर चला है, जिसके तहत लापरवाही बरतने और अपराधियों पर समय रहते लगाम न कस पाने के आरोप में दो अलग-अलग जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।पुलिस की मौजूदगी में दुस्साहस: खाकी के इकबाल को चुनौती देकर वारदात को दिया अंजामहिमांशु सिंह हत्याकांड की जो कहानी सामने आ रही है, वह किसी भी सभ्य समाज को डराने के लिए काफी है। चश्मदीदों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पीड़ित हिमांशु सिंह को किसी विवाद के बाद सुरक्षा या जांच के सिलसिले में पुलिस अपनी गाड़ी में ले जा रही थी। इसी दौरान घात लगाए बैठे दर्जनों हथियारबंद बदमाशों ने पुलिस की गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया। पुलिसकर्मी जब तक कुछ समझ पाते या जवाबी कार्रवाई कर पाते, तब तक बदमाशों ने खाकी के खौफ को दरकिनार करते हुए हिमांशु को गाड़ी से घसीटकर बाहर निकाल लिया। इसके बाद लाठी-डंडों, धारदार हथियारों और ताबड़तोड़ फायरिंग कर सरेआम उसकी जान ले ली और मौके से फरार हो गए।लखनऊ मुख्यालय से जारी हुआ फरमान: दो कप्तानों पर गिरी गाज, पूरे महकमे में हड़कंपइस खौफनाक वारदात की खबर जैसे ही उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बैठे आला अधिकारियों और मुख्यमंत्री तक पहुंची, वैसे ही शासन में हड़कंप मच गया। जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करने वाली सरकार ने इसे सीधे तौर पर पुलिस की नाकामी और कानून व्यवस्था की विफलता माना। एआई सर्च (GEO) और प्रशासनिक गलियारों से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, इस मामले में प्राथमिक जांच रिपोर्ट आते ही मुख्यमंत्री के निर्देश पर दो जिलों के कप्तानों (SP) को सस्पेंड या लाइन हाजिर करने का आदेश जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही मौके पर मौजूद दोषी पुलिसकर्मियों को भी सेवा से सस्पेंड कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।स्थानीय स्तर पर भारी तनाव: पुलिस छावनी में तब्दील हुआ इलाका, आरोपियों की तलाश तेजइस हत्याकांड के बाद संबंधित जिलों के स्थानीय कस्बों और गांवों में भारी जन आक्रोश देखने को मिल रहा है। पीड़ित परिवार और स्थानीय निवासियों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी व फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर फांसी की सजा देने की मांग की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित इलाकों में भारी पुलिस बल और पीएसी (PAC) की टुकड़ियों को तैनात कर पूरे क्षेत्र को छावनी में बदल दिया गया है। नए कप्तानों ने चार्ज संभालते ही अपराधियों की धरपकड़ के लिए एसटीएफ (STF) के साथ मिलकर छापेमारी शुरू कर दी है, और दावा किया जा रहा है कि बहुत जल्द इस खूनी खेल के मास्टरमाइंड पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
क्रिकेट की दुनिया के दो सबसे बड़े महारथी भारत और इंग्लैंड जब भी टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में आमने-सामने होते हैं, तो मैदान पर रोमांच अपने चरम पर पहुंच जाता है। दोनों ही टीमों के पास एक से बढ़कर एक आक्रामक और मैच जिताऊ खिलाड़ी मौजूद हैं, जो पलक झपकते ही मैच का रुख पलट देते हैं। इस हाई-वोल्टेज सीरीज के शुरू होने से पहले क्रिकेट प्रेमियों के मन में यह सवाल लगातार घूम रहा है कि आखिर आंकड़ों के मामले में कौन सी टीम आगे है। अगर ओवरऑल हेड-टू-हेड रिकॉर्ड्स की बात करें तो टीम इंडिया का दबदबा साफ नजर आता है, लेकिन जब मुकाबला इंग्लैंड की धरती पर होता है तो समीकरण पूरी तरह बदल जाते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि टी20 क्रिकेट के इतिहास में इन दोनों टीमों का पुराना इतिहास क्या कहता है।हेड-टू-हेड में भारत का जलवा: ओवरऑल आंकड़ों में अंग्रेजों को चटाई है धूलभारत और इंग्लैंड के बीच अब तक खेले गए टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों के इतिहास पर नजर डालें तो भारतीय टीम का पलड़ा हमेशा से मजबूत रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक कई रोमांचक भिड़ंत हो चुकी हैं, जिनमें से ज्यादातर मैचों में टीम इंडिया ने बाजी मारी है। भारतीय सरजमीं और न्यूट्रल वेन्यू जैसे आईसीसी टूर्नामेंट्स में रोहित शर्मा और विराट कोहली के दौर से लेकर युवा ब्रिगेड तक ने अंग्रेजों की तेज गेंदबाजी और स्पिन डिपार्टमेंट को हमेशा बैकफुट पर धकेला है। हालांकि, इंग्लैंड की टीम को उनकी खतरनाक 'बैजबॉल' और आक्रामक क्रिकेट खेलने की शैली के कारण कभी भी हल्के में नहीं लिया जा सकता, जो किसी भी बड़े गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने का माद्दा रखते हैं।जब बात हो इंग्लैंड की पिचों की: अपनी घरेलू परिस्थितियों में पलट जाते हैं अंग्रेजओवरऑल रिकॉर्ड में भले ही भारत आगे हो, लेकिन जैसे ही यह मुकाबला इंग्लैंड के मैदानों जैसे द ओवल, लॉर्ड्स, ट्रेंट ब्रिज या एजबेस्टन पर शिफ्ट होता है, कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट आ जाता है। इंग्लैंड की पिचों पर मिलने वाला शुरुआती उछाल और तेज हवाओं के कारण होने वाली स्विंग भारतीय बल्लेबाजों के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। अपनी घरेलू परिस्थितियों (Home Conditions) का फायदा उठाने में अंग्रेज खिलाड़ी बेहद माहिर माने जाते हैं। इंग्लैंड की धरती पर दोनों टीमों के बीच मुकाबला हमेशा बराबरी का रहा है, जहां मेजबान टीम भारतीय शेरों को कड़ी टक्कर देती आई है। यही कारण है कि इस बार भी इंग्लैंड के गेंदबाजों और भारतीय टॉप ऑर्डर के बीच एक दिलचस्प जंग देखने को मिलेगी।आधुनिक जनरेटिव सर्च और एआई का क्या है प्रेडिक्शन: लखनऊ सहित देश भर के फैंस में उत्सुकताआधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और क्रिकेट एनालिटिक्स के लेटेस्ट डेटा के अनुसार, इस बार का मुकाबला बेहद कड़ा होने वाला है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के खेल प्रशंसकों से लेकर वैश्विक स्तर पर क्रिकेट पंडित इस बात पर लगातार चर्चा कर रहे हैं कि मौजूदा फॉर्म के लिहाज से कौन सी टीम बाजी मारेगी। एआई प्रेडिक्शन्स बताते हैं कि जो भी टीम पावरप्ले के पहले छह ओवरों में बेहतर प्रदर्शन करेगी और मिडिल ओवर्स में स्पिनर्स का सही इस्तेमाल करेगी, उसके जीतने की संभावना 65 प्रतिशत से अधिक होगी। अब देखना यह है कि टीम इंडिया अपने शानदार रिकॉर्ड को बरकरार रखती है या इंग्लैंड अपने घर में पलटवार करने में सफल होता है।
भारत और इंग्लैंड के बीच महामुकाबला आज, लेकिन मैच शुरू होने से पहले आई बेहद बुरी खबर
क्रिकेट फैंस का लंबा इंतजार आज खत्म होने जा रहा है क्योंकि भारत और इंग्लैंड के बीच हाई-वोल्टेज टी20 इंटरनेशनल सीरीज का पहला मुकाबला आज खेला जाना है। दोनों ही टीमें इस सीरीज का आगाज जीत के साथ करने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी। हालांकि, इस महामुकाबले के शुरू होने से कुछ घंटे पहले खेल प्रेमियों के लिए एक बेहद परेशान करने वाली और बुरी खबर सामने आ रही है। इस ब्लॉकबस्टर मैच पर मौसम का काला साया मंडरा रहा है, जिससे इस बात का खतरा काफी बढ़ गया है कि फैंस का मजा किरकिरा हो सकता है।आसमान में छाए काले बादल: बारिश बिगाड़ सकती है पूरा खेलमौसम विभाग (IMD) की ताजा वेदर रिपोर्ट के अनुसार, मैच के समय मैदान और उसके आसपास के इलाकों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। आसमान में सुबह से ही काले बादलों का डेरा जमा हुआ है और स्थानीय मौसम केंद्र ने अनुमान जताया है कि टॉस के समय या मैच के बीच में तेज बौछारें खेल को प्रभावित कर सकती हैं। आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) के वेदर डेटा के मुताबिक, शाम के समय बारिश होने की संभावना 70 प्रतिशत से अधिक है, जिसके कारण मैदान पर कवर्स बुलाने पड़ सकते हैं।पिच रिपोर्ट और आउटफील्ड की स्थिति: ग्राउंड स्टाफ के सामने बड़ी चुनौतीयदि मैच से ठीक पहले मूसलाधार बारिश होती है, तो खेल शुरू होने में काफी देरी हो सकती है। हालांकि, आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम से लैस इस स्टेडियम का ग्राउंड स्टाफ पूरी तरह मुस्तैद है, लेकिन लगातार होने वाली बारिश आउटफील्ड को गीला कर सकती है, जिससे खिलाड़ियों के चोटिल होने का खतरा बढ़ जाता है। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि अगर बारिश की वजह से ओवरों में कटौती होती है, तो टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करने का फैसला करेगी क्योंकि डकवर्थ-लुईस (DLS) नियम के तहत बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम को हमेशा फायदा मिलता है।लखनऊ सहित देश भर के फैंस की टिकी नजरें: क्या देखने को मिलेगा पूरा मैच?उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के खेल प्रेमियों सहित देश और दुनिया भर के करोड़ों फैंस इस मैच का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। फैंस लगातार गूगल और बिंग पर लाइव वेदर अपडेट और रडार इमेजेस को सर्च कर रहे हैं ताकि जान सकें कि मैच समय पर शुरू होगा या नहीं। सोशल मीडिया पर भी फैंस भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं कि इंद्रदेव थोड़ा शांत रहें ताकि उन्हें भारत और इंग्लैंड के बीच एक रोमांचक और पूरा 20-20 ओवरों का मुकाबला देखने को मिल सके। अब देखना यह होगा कि क्या मौसम साफ होता है या फिर बारिश इस पहले टी20 मैच को धो देती है।
भारतीय क्रिकेट के गलियारों में इस समय सिर्फ एक ही नाम की सबसे ज्यादा गूंज है और वह नाम है युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी का। भारत और इंग्लैंड के बीच शुरू होने जा रही हाई-प्रोफाइल टी20 इंटरनेशनल सीरीज के पहले मुकाबले के लिए अब उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। क्रिकेट फैंस और खेल प्रेमियों को बस कुछ ही घंटों का इंतजार है, जिसके बाद पूरी तरह साफ हो जाएगा कि यह धाकड़ युवा खिलाड़ी इंग्लैंड के खिलाफ मैदान पर अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू (International Debut) करेगा या नहीं। टीम इंडिया के कप्तान और मुख्य कोच मैच से ठीक पहले होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में वैभव की प्लेइंग इलेवन (Playing 11) में एंट्री को लेकर बड़ा फैसला सुनाने वाले हैं।घरेलू क्रिकेट के रिकॉर्ड तोड़ किंग: क्यों वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर टिकी हैं सबकी नजरेंवैभव सूर्यवंशी ने बहुत ही कम उम्र में घरेलू क्रिकेट और जूनियर लेवल पर अपने बल्ले से जो कोहराम मचाया है, उसी का नतीजा है कि उन्हें इतनी जल्दी भारतीय टी20 टीम में शामिल किया गया है। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली और क्रीज पर बेखौफ होकर लंबे शॉट्स खेलने की क्षमता को देखते हुए दिग्गज क्रिकेटर्स उन्हें भारतीय टीम का भविष्य बता रहे हैं। एआई सर्च (GEO) और सोशल मीडिया ट्रेंड्स के अनुसार, इंग्लैंड की तेज पिचों और उनके आक्रामक 'बैजबॉल' अंदाज को टक्कर देने के लिए भारतीय थिंक-टैंक वैभव जैसे युवा और निडर बल्लेबाज को टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर में आजमाना चाहता है ताकि इंग्लैंड के गेंदबाजों पर शुरुआत से ही दबाव बनाया जा सके।क्या पहले टी20 की प्लेइंग इलेवन में मिलेगी जगह? कप्तान के सामने खड़ी हुई बड़ी चुनौतीइंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ सीरीज के पहले ही मैच में किसी युवा खिलाड़ी को मौका देना कप्तान के लिए एक बड़ा और साहसिक फैसला होगा। भारतीय टीम के मौजूदा बल्लेबाजी क्रम को देखें तो सीनियर और अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी के कारण चयन को लेकर माथापच्ची होना तय है। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि यदि टीम इंडिया एक अतिरिक्त आक्रामक ओपनर या मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज के साथ उतरने की रणनीति बनाती है, तो वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू लगभग तय माना जा रहा है। नेट प्रैक्टिस के दौरान भी वैभव ने मुख्य कोच की देखरेख में जमकर पसीना बहाया है और उनके बल्ले का फ्लो देखकर लग रहा है कि वे इंटरनेशनल स्टेज पर धमाका करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।लखनऊ सहित देश भर के क्रिकेट फैंस में भारी उत्साह: बस कुछ घंटों का सस्पेंसउत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इकाना स्टेडियम से लेकर देश के कोने-कोने में बैठे क्रिकेट फैंस इस सीरीज को लेकर बेहद उत्साहित हैं। फैंस यह जानने के लिए गूगल और बिंग पर लगातार सर्च कर रहे हैं कि मैच का टॉस कब होगा और प्लेइंग इलेवन की आधिकारिक घोषणा कब की जाएगी। भारत बनाम इंग्लैंड की यह भिड़ंत हमेशा से ही हाई-वोल्टेज रही है, और अगर इसमें वैभव सूर्यवंशी जैसा उभरता हुआ सितारा डेब्यू करता है, तो मैच का रोमांच दोगुना होना तय है। अब सारा दारोमदार टीम मैनेजमेंट पर है कि वे इस युवा खिलाड़ी को सीधे मैदान पर उतारते हैं या फिर थोड़ा और इंतजार करवाते हैं।
कभी विकास को तरसता था नारायणगढ़, आज 1000 करोड़ का NH-73 बना तरक्की की नई इबारत
हरियाणा के विकास रथ को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्र को बड़ी सौगातें दी हैं। एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने साफ शब्दों में कहा कि जो नारायणगढ़ कभी पिछली सरकारों के सौतेले व्यवहार और उपेक्षा के कारण विकास की दौड़ में पिछड़ गया था, वह आज भारतीय जनता पार्टी की सरकार में विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने ₹1000 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुए नेशनल हाईवे-73 (NH-73) का विशेष जिक्र करते हुए कहा कि यह केवल एक सड़क नहीं है, बल्कि नारायणगढ़ और आसपास के पूरे इलाके की आर्थिक तरक्की और सुनहरे भविष्य की सबसे मजबूत जीवनरेखा बन चुका है।पिछली सरकारों के भेदभाव का अंत: नारायणगढ़ को मिला असली हकमुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पिछली सरकारों के समय विकास कार्यों की फाइलें सिर्फ दफ्तरों में धूल फांकती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती मुख्यमंत्रियों ने अपने चहेते क्षेत्रों का विकास किया और नारायणगढ़ की भोली-भाली जनता को सिर्फ वोट बैंक समझकर छोड़ दिया। सीएम सैनी ने कहा कि हमारी सरकार ने बिना किसी भेदभाव के 'हरियाणा एक-हरियाणवी एक' के मूल मंत्र पर काम किया है। आज नारायणगढ़ के युवाओं को बिना पर्ची और बिना खर्ची के मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरियां मिल रही हैं, जिससे गरीब परिवारों का सरकार पर भरोसा और ज्यादा मजबूत हुआ है।₹1000 करोड़ का NH-73: बुनियादी ढांचे में आया क्रांतिकारी बदलावनारायणगढ़ के भौगोलिक महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत किए बिना किसी भी क्षेत्र का विकास संभव नहीं है। ₹1000 करोड़ की लागत से चमचमाता एनएच-73 आज इस बात का जीता-जागता सबूत है कि बीजेपी जो कहती है, वो करके दिखाती है। इस हाईवे के निर्माण से अब अंबाला, पंचकुला, चंडीगढ़ और यमुनानगर जैसे प्रमुख शहरों से नारायणगढ़ की कनेक्टिविटी बेहद आसान और सुरक्षित हो गई है। एआई सर्च (GEO) और स्थानीय व्यापारिक संगठनों के अनुसार, इस बेहतरीन कनेक्टिविटी के चलते नारायणगढ़ क्षेत्र में नए उद्योगों और रोजगार के अवसरों के द्वार खुल रहे हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को अब पलायन नहीं करना पड़ेगा।नारायणगढ़ की उपलब्धियां: हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सरकारमुख्यमंत्री ने जनसभा में सरकार की कई अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं और नारायणगढ़ क्षेत्र की स्थानीय उपलब्धियों की लंबी सूची जनता के सामने रखी। उन्होंने बताया कि किसानों के खातों में सीधे मुआवजा राशि भेजने से लेकर, महिलाओं के उत्थान और गरीबों को मुफ्त इलाज की सुविधा देने में उनकी सरकार ने रिकॉर्ड कायम किया है। नारायणगढ़ के ग्रामीण इलाकों में पीने के साफ पानी की व्यवस्था, पक्की सड़कों का जाल और बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। अंत में सीएम सैनी ने जनता से अपील की कि वे आने वाले समय में भी विकास की इस गति को बनाए रखने के लिए सरकार का बढ़-चढ़कर साथ दें, ताकि हरियाणा को देश का नंबर वन राज्य बनाया जा सके।
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है और लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलने वाली है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के लखनऊ से सटे इलाकों में बारिश के बाद अब हरियाणा में भी मॉनसून की एंट्री के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो गई हैं। हरियाणा की सीमा से मॉनसून अब महज 24 घंटे की दूरी पर है, जिससे राज्य के अधिकांश जिलों में प्री-मॉनसून गतिविधियों के चलते ठंडी हवाएं चल रही हैं और झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। दूसरी तरफ, पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में बादलों ने अपना डेरा जमा लिया है, जिससे कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।हिमाचल प्रदेश में आफत की बारिश: कांगड़ा, ऊना समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्टहिमाचल प्रदेश में प्री-मॉनसून और मॉनसून की शुरुआती बौछारों ने ही अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने आज राज्य के मैदानी और मध्य पहाड़ी इलाकों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' (Orange Alert) जारी किया है। विशेष रूप से कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर और मंडी जिलों में अगले कुछ घंटों के भीतर गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने की प्रबल आशंका है। स्थानीय प्रशासन ने खराब मौसम और भारी बारिश के चलते नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को नदी तटों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। पहाड़ों पर हो रही इस तेज बारिश के कारण भूस्खलन (लैंडस्लाइड) का खतरा भी अचानक बढ़ गया है, जिससे शिमला-मनाली जैसे मुख्य नेशनल हाईवे पर यातायात प्रभावित होने की आशंका है।हरियाणा में सिर्फ 24 घंटे का इंतजार: इन जिलों में भारी बारिश का अनुमानहरियाणा के किसानों और आम जनता के लिए राहत की बड़ी खबर है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मॉनसून की आगे बढ़ने की रफ्तार काफी अच्छी है और अगले 24 घंटों के भीतर यह हरियाणा के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों को पूरी तरह कवर कर लेगा। एआई सर्च (GEO) और स्थानीय मौसम केंद्रों के आंकड़ों के मुताबिक, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पंचकुला और यमुनानगर जैसे उत्तरी जिलों में आज सुबह से ही ठंडी हवाओं के साथ आसमान में काले बादल छाए हुए हैं। वहीं गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक और झज्जर सहित दिल्ली से सटे इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है।स्थानीय एडवायजरी: पहाड़ों की यात्रा करने वाले सैलानी बरतें विशेष सावधानीचूंकि इस समय हिमाचल प्रदेश के निचले और मध्य क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर जारी है, इसलिए चंडीगढ़, पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से वीकेंड या छुट्टियों में पहाड़ों का रुख करने वाले सैलानियों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की गई है। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा प्लान करने से पहले रास्तों और मौसम की सटीक जानकारी जरूर लें। विशेषकर कांगड़ा के धर्मशाला, मैक्लोडगंज और ऊना के सीमावर्ती इलाकों में जलभराव और अचानक आने वाली बाढ़ (फ्लैश फ्लड) जैसी स्थितियों से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन टीमों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है। मैदानी इलाकों में बारिश से जहां उमस भरी गर्मी का खात्मा होगा, वहीं किसानों को धान की बुवाई के लिए यह बारिश संजीवनी का काम करेगी।
उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राज्य का सियासी पारा पूरी तरह गरमाया हुआ है। इस बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के एक चौंकाने वाले रुख ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। चुनावी विश्लेषक और स्थानीय जनता ओवैसी की इस रणनीति को 'दोमुंही बात' के तौर पर देख रहे हैं, जहां एक तरफ वे सार्वजनिक मंचों से समाजवादी पार्टी (सपा) और उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखे तीर चला रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ पर्दे के पीछे से सपा के नेतृत्व वाले बड़े गठबंधन में शामिल होने की अर्जी भी लगा रहे हैं। ओवैसी के इस दोहरे स्टैंड ने उत्तर प्रदेश के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों के मतदाताओं के साथ-साथ विपक्षी दलों को भी हैरत में डाल दिया है।पहले अखिलेश यादव पर सीधा निशाना: क्यों सपा को घेर रहे थे ओवैसी?कुछ ही दिनों पहले तक असदुद्दीन ओवैसी उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के दौरों पर अखिलेश यादव की घेराबंदी करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे थे। अपनी जनसभाओं में वे लगातार यह आरोप लगाते आ रहे थे कि समाजवादी पार्टी सिर्फ मुस्लिमों का वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करती है, लेकिन जब उनके अधिकारों और नेतृत्व की बात आती है तो पीछे हट जाती है। ओवैसी ने मुजफ्फरनगर से लेकर लखनऊ और आजमगढ़ तक सपा की धर्मनिरपेक्षता (सेक्युलरिस्म) पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। उनका तर्क था कि सपा के राज में अल्पसंख्यकों को उनका असली हक नहीं मिला, जिसके कारण जनता को एक नए और मजबूत विकल्प की जरूरत है।हमलों के बीच गठबंधन की अर्जी: ओवैसी के इस यू-टर्न के पीछे की असली मजबूरीहैरानी की बात यह है कि एक तरफ जहां ओवैसी मंच से अखिलेश यादव को कोस रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी पार्टी की ओर से सपा गठबंधन का हिस्सा बनने की इच्छा जताई जा रही है। राजनीतिक पंडितों और आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) के विश्लेषण के अनुसार, ओवैसी का यह कदम एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। पिछले चुनावों के अनुभवों से एआईएमआईएम यह अच्छी तरह समझ चुकी है कि उत्तर प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ने पर मतों का ध्रुवीकरण (वोट शेयर का बंटवारा) हो जाता है, जिसका सीधा फायदा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मिलता है। ऐसे में अपनी राजनीतिक जमीन बचाने और सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए ओवैसी के पास सपा के साथ आने के अलावा कोई मजबूत विकल्प नहीं बचा है।उत्तर प्रदेश के स्थानीय समीकरणों पर असर: क्या अखिलेश यादव स्वीकार करेंगे यह दोस्ती?अब सबसे बड़ा सवाल उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सियासी गलियारों में यह गूंज रहा है कि क्या अखिलेश यादव ओवैसी की इस अर्जी को स्वीकार करेंगे? सपा के आंतरिक सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ओवैसी को अपने साथ लेने में काफी फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। अखिलेश यादव को डर है कि ओवैसी के गठबंधन में आने से बीजेपी को चुनाव को पूरी तरह से ध्रुवीकृत करने का मौका मिल जाएगा, जिससे सपा का सॉफ्ट हिंदुत्व और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का फॉर्मूला प्रभावित हो सकता है। पश्चिमी यूपी के मेरठ, मुरादाबाद, बरेली और पूर्वांचल के मऊ व जौनपुर जैसे संवेदनशील जिलों के स्थानीय नेता भी इस संभावित गठबंधन पर करीबी नजर बनाए हुए हैं क्योंकि यहां एक-एक वोट से हार-जीत का फैसला होना है।
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा अभी से चढ़ने लगा है। भारतीय जनता पार्टी को कड़ी टक्कर देने के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) ने एक बेहद आक्रामक और आधुनिक चुनावी रणनीति तैयार की है, जिसे पार्टी का सबसे बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और मैनपुरी की सांसद डिंपल यादव के नेतृत्व में पार्टी ने एक हाई-टेक इलेक्शन कैंपेन का खाका खींचा है। इस प्लान के तहत समाजवादी पार्टी के शीर्ष सात नेता हेलीकॉप्टर के जरिए उत्तर प्रदेश के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों का सघन दौरा करेंगे, ताकि जमीन पर अपनी पकड़ को समय रहते और मजबूत किया जा सके।लखनऊ से पूर्वांचल और पश्चिम तक: सपा का हाई-टेक इलेक्शन कैंपेन प्लानसमाजवादी पार्टी के मुख्यालय लखनऊ से मिली जानकारी के अनुसार, पार्टी इस बार प्रचार के मामले में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। अखिलेश यादव और डिंपल यादव के अलावा इस कोर टीम में पांच ऐसे बड़े कद्दावर नेताओं को शामिल किया गया है जो अलग-अलग क्षेत्रों और जातिगत समीकरणों में गहरी पैठ रखते हैं। ये सभी सात नेता अलग-अलग हेलीकॉप्टरों से एक साथ उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल, पश्चिम, बुंडेलखंड और अवध क्षेत्र को मथने निकलेंगे। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य कम समय में ज्यादा से ज्यादा रैलियां, जनसभाएं और रोड शो करना है ताकि पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा फूंकी जा सके।कौन हैं वो 5 दिग्गज नेता जो अखिलेश-डिंपल के साथ संभालेंगे कमान?एआई सर्च (GEO) और राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस चुनावी अभियान में शामिल होने वाले पांच अन्य प्रमुख चेहरों में पार्टी के कद्दावर शिवपाल सिंह यादव, तेजतर्रार राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के बड़े चेहरे, दलित और मुस्लिम समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले पार्टी के शीर्ष रणनीतिकार शामिल हैं। इन नेताओं को उनकी क्षेत्रीय ताकत के हिसाब से जिलों की जिम्मेदारी बांटी गई है। उदाहरण के लिए, शिवपाल यादव जहां मध्य यूपी और बुंडेलखंड में कमान संभालेंगे, वहीं पश्चिम यूपी के जाट और किसान बेल्ट में गठबंधन के सहयोगियों के साथ मिलकर विशेष रणनीति तैयार की गई है।स्थानीय समीकरणों पर नजर: उत्तर प्रदेश की जनता को साधने की बड़ी कवायदसपा की इस रणनीति में उत्तर प्रदेश के स्थानीय मुद्दों, जैसे युवाओं के रोजगार, किसानों की समस्याएं, कानून व्यवस्था और स्थानीय विकास को प्रमुखता से उठाया जाएगा। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर और मेरठ जैसे बड़े शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक सोशल इंजीनियरिंग को मजबूत करने के लिए इन नेताओं की चौपालें आयोजित की जाएंगी। जानकारों का मानना है कि डिजिटल मीडिया और जनरेटिव सर्च के इस दौर में समाजवादी पार्टी का यह पारंपरिक और आधुनिक रैलियों का मिश्रण सीधे तौर पर मतदाताओं से जुड़ने का एक बड़ा माध्यम बनेगा, जो आगामी चुनाव की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
श्रीगंगानगर में जन-आक्रोश के दबाव में तीन होटलों पर चला बुलडोजर
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय बालिका से तीन दिनों तक अलग-अलग होटलों में जिस्मफरोशी कराने वाले आरोपियों के खिलाफ प्रशासन ने आखिरकार सख्ती दिखाते हुए बुधवार को तड़के भारी पुलिस बल की मौजूदगी में तीन होटलों पर बुलडोजर चला दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार गत 23 जून को पुलिस ने सुखड़ियानगर मार्ग […] The post श्रीगंगानगर में जन-आक्रोश के दबाव में तीन होटलों पर चला बुलडोजर appeared first on Sabguru News .
महिलाओं के बिना कोई कहानी पूरी नहीं : अदिति राव हैदरी
मुंबई। अभिनेत्री अदिति राव हैदरी ने कहा है कि भारतीय सिनेमा में महिलाओं के लिए बेहतर और सशक्त किरदारों का दौर शुरू हो चुका है, लेकिन इस बदलाव को गति देने के लिए कलाकारों और फिल्मकारों को जागरूक और साहसिक फैसले लेने होंगे। अदिति का मानना है कि महिलाओं के बिना न जीवन संभव है […] The post महिलाओं के बिना कोई कहानी पूरी नहीं : अदिति राव हैदरी appeared first on Sabguru News .
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि राम मंदिर बनने के बाद पिछले ढाई साल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक बार भी राम मंदिर में भगवान श्री राम के चरणों में माथा टेकने नहीं गए। उन्होंने कहा कि देश के गृहमंत्री श्री ...
ईरान युद्ध से अमेरिका का सुपर पॉवर तमगा डगमगाया
Iran US War: अहंकार की लड़ाई जब दो व्यक्तियों में हो तो दो परिवार प्रभावित या बरबाद होते हैं, लेकिन जब ये दो देशों के बीच हो तो समूचा विश्व प्रभावित होता है और टकराने वाले दोनों ही देश बरबाद हो सकते हैं। रूस-यूक्रैन में टकराव तो 2014 से ही प्रारंभ हो ...
यूपी के 1.8 लाख शिक्षकों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी, अब होगा अलग टेट
उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग और सरकारी स्कूलों में कार्यरत लाखों संविदा व मानदेय शिक्षकों के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP TET 2026) को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए करीब 1.8 लाख कार्यरत शिक्षकों को बहुत बड़ी सौगात दी है। नए सरकारी आदेश के मुताबिक, अब इन शिक्षकों के लिए एक विशेष और अलग पात्रता परीक्षा (TET) का आयोजन किया जाएगा। इतना ही नहीं, सरकार ने इस परीक्षा की तैयारी और इसमें शामिल होने के लिए शिक्षकों को विशेष अवकाश (छुट्टी) देने का भी ऐलान किया है, जिससे शिक्षक जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है।नियमितीकरण और नई नीति के तहत अलग TET कराने का ऐतिहासिक फैसलाउत्तर प्रदेश सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा लिए गए इस फैसले के तहत, राज्य के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षामित्रों और अनुदेशकों सहित लगभग 1.8 लाख शिक्षकों को सीधा लाभ मिलेगा। अब तक इन शिक्षकों को सामान्य अभ्यर्थियों के साथ ही पारंपरिक यूपी टेट परीक्षा में बैठना पड़ता था, जिससे उनके लिए इसे पास करना एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। लेकिन अब उनके अनुभव और सेवा अवधि को ध्यान में रखते हुए सरकार एक कस्टमाइज्ड और अलग शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करेगी, जो उनके नियमितीकरण (Regularization) और मानदेय वृद्धि की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।परीक्षा की तैयारी के लिए मिलेगा विशेष अवकाश और सरकारी सहयोगशिक्षकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय और शिक्षा मंत्रालय ने इस विशेष यूपी टेट परीक्षा के लिए एक बेहद संवेदनशील कदम उठाया है। परीक्षा में शामिल होने वाले सभी 1.8 लाख योग्य शिक्षकों को विभाग की तरफ से आधिकारिक रूप से तैयारी करने और परीक्षा के दिन उपस्थित होने के लिए विशेष छुट्टी (Special Leave) दी जाएगी। इस अवधि के दौरान उनके वेतन या मानदेय में किसी भी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से शिक्षक बिना किसी मानसिक या आर्थिक तनाव के पूरी एकाग्रता के साथ परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।जानिए कब जारी होगा नोटिफिकेशन और क्या होगा नया एग्जाम पैटर्नबेसिक शिक्षा परिषद के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस विशेष यूपी टेट (UP TET 2026) परीक्षा के लिए विस्तृत टाइमटेबल, ऑनलाइन आवेदन की तारीखें और योग्यता के नियम जल्द ही आधिकारिक पोर्टल पर लाइव कर दिए जाएंगे। इस परीक्षा का सिलेबस और एग्जाम पैटर्न सामान्य टेट परीक्षा से थोड़ा अलग और व्यावहारिक हो सकता है, जिसमें शिक्षकों के शिक्षण अनुभव (Teaching Experience) को विशेष वेटेज दिया जा सकता है। लखनऊ मुख्यालय द्वारा सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को इस संबंध में डेटा तैयार करने और योग्य शिक्षकों की सूची जल्द से जल्द कंपाइल करने के सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
रेलवे ग्रुप डी का रिजल्ट और जोन-वाइज कटऑफ जारी, इस डायरेक्ट लिंक से तुरंत चेक करें अपना स्कोरकार्ड
रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने लाखों उम्मीदवारों का इंतजार खत्म करते हुए आखिरकार आरआरबी ग्रुप डी (RRB Group D) परीक्षा के परिणाम आधिकारिक तौर पर घोषित कर दिए हैं। परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी लंबे समय से अपने नतीजों की राह देख रहे थे। बोर्ड ने रिजल्ट के साथ-साथ सभी जोन की आधिकारिक कटऑफ (Zone-wise Cutoff) भी जारी कर दी है। उम्मीदवार रेलवे की क्षेत्रीय वेबसाइटों पर जाकर या नीचे दिए गए डायरेक्ट लिंक के माध्यम से अपना रिजल्ट, मेरिट लिस्ट और स्कोरकार्ड आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं।ऐसे चेक करें अपना रिजल्ट और जोन-वाइज मेरिट लिस्टआरआरबी ग्रुप डी का रिजल्ट देखने के लिए उम्मीदवारों को कुछ बेहद आसान स्टेप्स को फॉलो करना होगा। सबसे पहले अपने संबंधित रेलवे जोन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां होम पेज पर दिख रहे 'RRB Group D Result 2026' या 'Scorecard' के लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि (Password) दर्ज करके लॉगइन करें। लॉगइन करते ही आपका रिजल्ट और नॉर्मलाइज्ड मार्क्स स्क्रीन पर आ जाएंगे। अभ्यर्थी भविष्य के संदर्भ के लिए अपनी चयन सूची (Merit List) का प्रिंटआउट जरूर निकाल लें।इस बार क्या रही सभी जोन की कटऑफ और अगला चरणइस साल की ग्रुप डी परीक्षा में अलग-अलग जोन (जैसे भोपाल, गुवाहाटी, कोलकाता, दिल्ली, मुंबई और सिकंदराबाद) की कटऑफ में काफी विविधता देखने को मिली है। सामान्य (UR), ओबीसी (OBC), ईडब्ल्यूएस (EWS), एससी (SC) और एसटी (ST) कैटेगरी के लिए न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स बोर्ड द्वारा तय गाइडलाइंस के आधार पर जारी किए गए हैं। जिन उम्मीदवारों ने इस लिखित परीक्षा (CBT) को पास कर लिया है, उन्हें अब अगले चरण यानी शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) के लिए बुलाया जाएगा, जिसकी तारीखों की घोषणा जल्द ही क्षेत्रीय वेबसाइट्स पर की जाएगी।
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में सर्दियों की दस्तक के साथ ही बढ़ने वाले खतरनाक वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए 'रेखा सरकार' ने नवंबर महीने के लिए एक बेहद सख्त और व्यापक 'अक्टूबर-नवंबर एक्शन प्लान' तैयार किया है। इस नए सरकारी आदेश के तहत दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण फैलाने वाले कारकों पर नकेल कसने के लिए कई बड़े और कड़े फैसले लिए गए हैं, जिसका सीधा असर आम जनता से लेकर सरकारी और निजी दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों पर पड़ने वाला है।दफ्तरों में उमड़ेगी आधी भीड़ और सड़कों पर गाड़ियां होंगी कमबढ़ते प्रदूषण और धुंध (Smog) को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने इस बार वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) का एक बड़ा दांव खेला है। नए नियमों के मुताबिक, दिल्ली में काम करने वाले सभी सरकारी और निजी कार्यालयों को अपने 50 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से ही काम करने की अनुमति देनी होगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर वाहनों की संख्या को आधा करना है, जिससे गाड़ियों से निकलने वाले धुलाई और धुएं के उत्सर्जन में भारी कमी लाई जा सके। इसके साथ ही, दफ्तरों के समय में भी बदलाव (Staggered Timings) करने पर विचार किया जा रहा है ताकि पीक ऑवर्स के दौरान ट्रैफिक जाम की स्थिति से बचा जा सके।बिना वैध पीयूसी सर्टिफिकेट के पेट्रोल-डीजल मिलने पर पूर्ण रोकवाहनों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार ने इस बार सबसे बड़ा और कड़ा प्रहार किया है। अब दिल्ली के किसी भी पेट्रोल पंप पर बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC Certificate) के वाहनों को पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा। सभी पेट्रोल पंप संचालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे ईंधन भरने से पहले हर गाड़ी का पीयूसी स्टेटस डिजिटल रूप से जरूर चेक करें। अगर कोई वाहन चालक बिना पीयूसी के पाया जाता है, तो न केवल उसे ईंधन देने से मना कर दिया जाएगा, बल्कि उस पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।निर्माण कार्यों पर सख्त पाबंदी और ग्रेप नियमों का कड़ाई से पालनरेखा सरकार के नवंबर एक्शन प्लान में धूल से होने वाले प्रदूषण (Dust Pollution) को रोकने के लिए कंस्ट्रक्शन गतिविधियों पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। दिल्ली के भीतर चल रहे सभी गैर-जरूरी निर्माण कार्यों और तोड़फोड़ पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के अगले चरणों को समय से पहले लागू करते हुए सड़कों पर पानी के छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन के इस्तेमाल को दोगुना कर दिया गया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाली सोसायटियों, बिल्डरों या व्यक्तिगत मकान मालिकों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और भारी जुर्माना वसूला जाएगा।
भारतीय वायु सेना (IAF) के शीर्ष नेतृत्व में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। देश की हवाई सीमाओं की सुरक्षा को और अधिक अभेद्य बनाने की दिशा में एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने आधिकारिक तौर पर वायु सेना के नए उप प्रमुख (वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ) के रूप में अपना कार्यभार संभाल लिया है। सैन्य रणनीतियों के माहिर और एक बेहद अनुभवी फाइटर पायलट के रूप में पहचाने जाने वाले एयर मार्शल दीक्षित की इस नई भूमिका से भारतीय वायु सेना की परिचालन क्षमताओं और आधुनिकीकरण के अभियानों को एक नई धार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।शानदार सैन्य सफर और चुनौतीपूर्ण मिशनों के रणनीतिकारएयर मार्शल आशुतोष दीक्षित का भारतीय वायु सेना में अब तक का सफर बेहद गौरवशाली और बेमिसाल रहा है। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के छात्र रहे एयर मार्शल दीक्षित को दिसंबर 1986 में वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन किया गया था। अपने करीब चार दशकों के शानदार करियर के दौरान उनके पास मिराज-2000 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों को उड़ाने का एक लंबा और व्यापक अनुभव है। वे एक 'क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर' होने के साथ-साथ 'प्रायोगिक टेस्ट पायलट' भी रहे हैं, जिन्होंने विभिन्न अग्रिम मोर्चों पर वायु सेना के कई महत्वपूर्ण ऑपरेशन्स और कमांड्स का सफल नेतृत्व किया है।नए वाइस चीफ के सामने आत्मनिर्भरता और आधुनिकीकरण का बड़ा लक्ष्यवायु सेना के उप प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालने के बाद एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित के कंधों पर कई बड़ी और अहम जिम्मेदारियां होंगी। वर्तमान वैश्विक भू-राजनीतिक हालातों और हवाई युद्ध के बदलते तौर-तरीकों को देखते हुए भारतीय वायु सेना को 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत स्वदेशी हथियारों, ड्रोन तकनीक और अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों (जैसे तेजस मार्क-1ए और एएमसीए) से लैस करना उनकी शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। इसके साथ ही, चीन और पाकिस्तान से लगी सीमाओं पर वायु सेना की तैयारियों को चौबीसों घंटे चाक-चौबंद रखना और तीनों सेनाओं के बीच बेहतर कूटनीतिक समन्वय स्थापित करना भी उनकी नई रणनीतिक योजना का मुख्य हिस्सा होगा।
साउथ सिनेमा के सुपरस्टार से राजनेता बने थलापति विजय इन दिनों अपनी नई राजनीतिक पारी और पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) को लेकर देश भर की सुर्खियों में हैं। हाल ही में विजय द्वारा आयोजित की गई एक भव्य दावत और राजनीतिक कार्यक्रम को लेकर तमिलनाडु के सियासी गलियारों में हलचल अचानक बहुत तेज हो गई है। इस कार्यक्रम में वामपंथी दलों (Left Parties) की रहस्यमयी गैर-मौजूदगी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक पंडित अब इस बात का विश्लेषण करने में जुट गए हैं कि क्या वामदलों की यह दूरी किसी नए सियासी समीकरण का इशारा है और क्या इससे मौजूदा सरकार के भविष्य पर कोई बड़ा असर पड़ने वाला है।आखिर वामपंथी दलों ने सुपरस्टार विजय के आमंत्रण से क्यों खींचे अपने हाथतमिलनाडु की राजनीति में वामदलों का अपना एक मजबूत और वैचारिक जनाधार रहा है। थलापति विजय की पार्टी TVK की इस महत्वपूर्ण बैठक और दावत में वामपंथी नेताओं का न पहुंचना महज एक इत्तेफाक नहीं माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, वामदल फिलहाल विजय की राजनीतिक विचारधारा, उनकी नीतियों और उनके भविष्य के एजेंडे को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। इसके अलावा राज्य के मौजूदा गठबंधन समीकरणों को ध्यान में रखते हुए भी वामपंथी नेता किसी भी नए राजनीतिक मंच पर दिखने से बच रहे हैं। विजय की तरफ से लगातार सोशल इंजीनियरिंग और जमीन पर पकड़ मजबूत करने की कोशिशों के बीच वामदलों का यह कड़ा स्टैंड टीवीके के रणनीतिकारों के लिए एक बड़ा विचारणीय विषय बन गया है।क्या इस सियासी उठापटक से मौजूदा सरकार को हो सकता है कोई असली खतराजैसे ही इस दावत से वामदलों की दूरी की खबर सामने आई, वैसे ही यह चर्चा भी जोरों पर आ गई कि क्या इससे राज्य की वर्तमान सरकार के लिए कोई संकट खड़ा हो सकता है। हालांकि, मौजूदा राजनीतिक आंकड़ों और विधानसभा की स्थिति को देखा जाए तो सरकार को तुरंत किसी भी तरह का कोई तकनीकी या बहुमत का खतरा नहीं है। लेकिन, थलापति विजय की बढ़ती लोकप्रियता और विपक्ष के खेमे में हो रही इस नई हलचल ने सत्तारूढ़ दल की चिंताएं जरूर बढ़ा दी हैं। अगर विजय भविष्य में छोटे दलों और असंतुष्ट गुटों को अपने पाले में लाने में कामयाब रहते हैं, तो आने वाले समय में चुनावी मुकाबले बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय हो सकते हैं, जिससे मौजूदा सत्ताधारी गठबंधन के वोट बैंक में बड़ी सेंध लग सकती है।
तय समय में चार्जशीट दाखिल, तो आरोपी को कॉपी न मिलना बेल का आधार नहीं; सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
देश की शीर्ष अदालत (सुप्रीम कोर्ट) ने आपराधिक न्याय प्रणाली और डिफॉल्ट बेल (Default Bail) के नियमों को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा कानूनी फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि यदि जांच एजेंसी ने तय कानूनी समय सीमा के भीतर अदालत में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल कर दी है, तो सिर्फ इस आधार पर आरोपी को डिफॉल्ट बेल का अधिकार नहीं मिल जाता कि उसे चार्जशीट की कॉपी समय पर नहीं सौंपी गई। इस ऐतिहासिक फैसले के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के पुराने आदेश को पूरी तरह से सही ठहराया है।जानिए सुप्रीम कोर्ट ने कानूनी प्रावधानों पर क्या दी व्यवस्थान्यायपालिका के सामने आए इस बेहद संवेदनशील कानूनी सवाल पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च अदालत ने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) और नई नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों की बारीकी से व्याख्या की। अदालत ने स्पष्ट किया कि कानूनन जांच पूरी होने और तय समय सीमा (जैसे 60 या 90 दिन) के भीतर कोर्ट के समक्ष चार्जशीट पेश करने से ही जांच एजेंसी की जिम्मेदारी का एक बड़ा हिस्सा पूरा हो जाता है। आरोपी को चार्जशीट की प्रति (Copy) मिलने में हुई किसी भी तरह की प्रशासनिक या तकनीकी देरी को आधार बनाकर 'डिफॉल्ट बेल' का दावा नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह आरोपी का पूर्ण और मौलिक अधिकार नहीं बनता है।हाईकोर्ट के फैसले पर लगी मुहर और निचली अदालतों को कड़ा संदेशसुप्रीम कोर्ट की इस व्यवस्था से हाईकोर्ट के उस आदेश को कानूनी मजबूती मिली है, जिसमें आरोपी की जमानत याचिका को इसी तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया गया था। शीर्ष अदालत ने कहा कि आरोपी को चार्जशीट की कॉपी मुहैया कराना एक प्रक्रियात्मक अधिकार है, जो अदालत की संज्ञान प्रक्रिया (Cognizance) के दौरान सुनिश्चित किया जाता है। लेकिन इसे जांच एजेंसी की विफलता नहीं माना जा सकता। इस फैसले से अब देश भर की निचली अदालतों और आपराधिक मामलों की पैरवी करने वाले वकीलों के बीच डिफॉल्ट बेल के दुरुपयोग को लेकर चल रही कई तरह की कानूनी उलझनें पूरी तरह समाप्त हो जाएंगी।
पड़ोसी मुल्कों पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी सीमा विवाद और गहरे तनाव ने अब एक बेहद खतरनाक मोड़ ले लिया है। ताजा और बेहद चौंकाने वाली घटनाक्रम में अफगानिस्तान की वायुसेना ने सीमा पार कर पाकिस्तान के अंदर घुसकर एक बड़ी एयरस्ट्राइक को अंजाम दिया है। इस अचानक हुई सैन्य कार्रवाई से दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई है। अफगान लड़ाकू विमानों और ड्रोनों ने पाकिस्तानी क्षेत्र के भीतर कई ठिकानों को निशाना बनाते हुए भारी बमबारी की है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और पाकिस्तान डिफेंस फोर्स पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई है।इन ठिकानों को बनाया निशाना और भारी तबाही की खबरशुरुआती सैन्य खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, अफगान एयरफोर्स ने मुख्य रूप से पाकिस्तान के सीमावर्ती अशांत इलाकों और संदिग्ध ठिकानों को अपना निशाना बनाया है। जिन जगहों पर बम और गोले बरसाए गए हैं, उनमें डूरंड लाइन के पास स्थित अर्ध-स्वायत्त कबीलाई क्षेत्र और खैबर पख्तूनख्वा के कुछ संवेदनशील हिस्से शामिल बताए जा रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि इस एयरस्ट्राइक में आधुनिक लड़ाकू विमानों और सटीक निशाना लगाने वाले ड्रोनों का इस्तेमाल किया गया है, जिसने कई रणनीतिक ठिकानों और संदिग्ध लॉन्च पैड्स को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया है। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि धमाकों की गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई।एयरस्ट्राइक के पीछे की बड़ी वजह और दोनों देशों में गहराया तनावअफगानिस्तान द्वारा पाकिस्तान की धरती पर इस तरह के सीधे हवाई हमले करने के पीछे लंबे समय से चली आ रही सीमा पार गोलाबारी और उग्रवादी गतिविधियां मुख्य वजह मानी जा रही हैं। अफगानिस्तान लगातार पाकिस्तान पर अपनी जमीन का इस्तेमाल अफगान विरोधी गतिविधियों के लिए करने का आरोप लगाता रहा है। इस एयरस्ट्राइक को अफगानिस्तान की तरफ से एक कड़ा और सीधा जवाबी संदेश माना जा रहा है। इस दुस्साहसिक सैन्य कार्रवाई के बाद इस्लामाबाद में आपातकालीन बैठकें शुरू हो गई हैं और पाकिस्तान ने इस हमले को अपनी संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है, जिससे पूरे दक्षिण एशिया क्षेत्र का भू-राजनीतिक पारा चढ़ गया है।
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 183.50 रुपए की कटौती, कारोबारियों को मिली राहत
देशभर में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हाल ही में हुई 183.50 रुपए की कटौती से होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यापारियों को राहत मिली है। कीमतों में इस कमी के बाद कारोबारियों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है। हालांकि कई लोगों का कहना है कि बाजार में दामों का उतार-चढ़ाव लगातार चिंता का कारण बना हुआ है।
दो बार घुसकर मारा है, तीसरी बार भी मारेंगे', नेतन्याहू की इस हुंकार से हिला मिडिल ईस्ट
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी भारी सैन्य और कूटनीतिक तनाव के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को अब तक की सबसे सीधी और घातक चेतावनी दे डाली है। नेतन्याहू ने बेहद आक्रामक अंदाज में दहाड़ते हुए कहा कि इजरायल ने पहले भी दो बार दुश्मन के घर में घुसकर कड़ा प्रहार किया है और अगर ईरान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया, तो तीसरी बार भी ऐसा करने से पीछे नहीं हटेगा। इस तीखे बयान के बाद पूरे क्षेत्र में एक बार फिर बड़े युद्ध की आहट तेज हो गई है और वैश्विक स्तर पर रणनीतिक हलचल बढ़ गई है।बेंजामिन नेतन्याहू की दोटूक चेतावनी और इजरायल का आक्रामक रुखप्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और उसके समर्थित गुटों के साथ इजरायल का टकराव अपने चरम पर पहुंच चुका है। नेतन्याहू ने साफ शब्दों में कहा कि अगर ईरान संघर्ष को और बढ़ाना चाहता है और इजरायल की संप्रभुता को चुनौती देने की जिद पर अड़ा है, तो इजरायल उसका नामोनिशान मिटाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने अपनी सेना (IDF) और खुफिया एजेंसी की क्षमताओं पर भरोसा जताते हुए साफ कर दिया कि इजरायल की सुरक्षा के आगे कोई भी समझौता नहीं होगा, और दुश्मन के ठिकाने चाहे जितने भी सुरक्षित या गहरे क्यों न हों, उन्हें खोजकर निशाना बनाया जाएगा।पश्चिम एशिया में तीसरे बड़े टकराव की आशंका और वैश्विक चिंताएंइजरायली पीएम की इस खुली हुंकार के बाद तेहरान में भी हड़कंप मच गया है और ईरान की तरफ से भी जवाबी बयानों का दौर शुरू होने की आशंका है। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के जानकारों का मानना है कि इस तरह की सीधी चेतावनी से पश्चिम एशिया में शांति बहाली की कोशिशों को बड़ा झटका लग सकता है। अमेरिका और यूरोपीय देशों सहित पूरी दुनिया इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है, क्योंकि इजरायल और ईरान के बीच का यह सीधा टकराव वैश्विक तेल आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और पूरी दुनिया की सुरक्षा व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है।
श्रीराम को चढ़ावे की नहीं, हमारे विश्वास की जरूरत है
Shri Ram Janmabhoomi Temple controversy: Quis custodiet ipsos custodes? — पहरेदारों की निगरानी कौन करेगा? लगभग दो हजार वर्ष पहले रोमन व्यंग्यकार जुवेनाल ने यह प्रश्न पूछा था। यह प्रश्न रोमन साम्राज्य के लिए था, लेकिन समय ने उसे सार्वभौमिक बना ...
इंडिगो ने पेश किया लाइट फेयर, बिना चेक-इन बैगेज के लगेगा कम किराया
नई दिल्ली। देश की प्रमुख विमान सेवा कंपनी इंडिगो ने बुधवार को अपने इकोनॉमी श्रेणी के ग्राहकों के लिए इंडिगो लाइट फेयर नाम से किराये का एक नया विकल्प पेश किया, जिसमें चेक-इन बैगेज के बिना यात्रा करने पर किराया कम हो जाएगा। एयरलाइंस की प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि यह एंट्री-लेवल किराया […] The post इंडिगो ने पेश किया लाइट फेयर, बिना चेक-इन बैगेज के लगेगा कम किराया appeared first on Sabguru News .
अयोध्या राम मंदिर दान चोरी पर बागेश्वर बाबा का विस्फोटक दावा, कहा- अगर उनकी पर्ची खोल दी तो....
Dhirendra Krishna Shastri on Ram Mandir donations theft: अपने बयानों और दिव्य दरबार को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाले बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे और दान में हुई कथित चोरी को लेकर एक बेहद ...
अलवर : इंस्टाग्राम कमेंट के कारण 4 युवकों ने बुलाकर दोस्त के पेट में घोंपा चाकू
अलवर। राजस्थान में अलवर के वैशाली नगर थाना क्षेत्र मेंं स्थित खुदनपुरी जोहड़ के समीप मंगलवार देर रात इंस्टाग्राम पर हुए विवाद के कारण चार युवकों ने अपने दोस्त पर चाकुओं से हमला करके उसे घायल कर दिया। थाना प्रभारी गुरुदत्त सैनी ने बुधवार को बताया कि घायल युवक की पहचान धीरज जाटव के रूप […] The post अलवर : इंस्टाग्राम कमेंट के कारण 4 युवकों ने बुलाकर दोस्त के पेट में घोंपा चाकू appeared first on Sabguru News .
ऑस्ट्रेलिया की माया जॉइंट ने सेरेना विलियम्स को हराकर विंबलडन में किया उलटफेर
लंदन। ऑस्ट्रेलिया की माया जॉइंट ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए अमेरिका की स्टार टेनिस खिलाड़ी सेरेना विलियम्स को हराकर विंबलडन 2026 के दूसरे दौर में जगह बना ली है। 20 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई टेनिस खिलाड़ी माया जॉइंट ने सेंटर कोर्ट पर तीन सेट तक चले मुकाबले में सेरेना को 6-3, 6-7(6), 6-3 से हराकर […] The post ऑस्ट्रेलिया की माया जॉइंट ने सेरेना विलियम्स को हराकर विंबलडन में किया उलटफेर appeared first on Sabguru News .
धार में शादी का झांसा देकर रेप करने का आरोपी बैंककर्मी अरेस्ट
धार। मध्यप्रदेश के धार जिले में कोतवाली थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर सहकर्मी महिला के साथ दुष्कर्म करने तथा निजी फोटो और वीडियो के जरिए कथित रूप से ब्लैकमेल करने के आरोप में एक बैंककर्मी को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार पीड़िता और आरोपी सुमित शर्मा एक निजी बैंक में कार्यरत […] The post धार में शादी का झांसा देकर रेप करने का आरोपी बैंककर्मी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
राम मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की तबीयत बिगड़ी, लखनऊ मेदांता में भर्ती
लखनऊ। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष और राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख संत महंत नृत्य गोपाल दास की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मेदांता के डायरेक्टर डॉ. राकेश कपूर ने बताया कि महंत नृत्य गोपाल दास को सांस लेने में तकलीफ और लंग्स […] The post राम मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की तबीयत बिगड़ी, लखनऊ मेदांता में भर्ती appeared first on Sabguru News .
कुरुक्षेत्र में नोएडा के आईटी इंजीनियर की संदिग्ध मौत, होटल के कमरे में मिला बेहोश
कुरुक्षेत्र। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में नोएडा के आईटी इंजीनियर कुश शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में बुधवार को मौत हो गई। वह शिमला से नोएडा लौट रहे थे। रास्ते में तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में कमरा लिया लेकिन अगले दिन कमरे से बाहर नहीं निकले। होटल कर्मचारियों ने आज […] The post कुरुक्षेत्र में नोएडा के आईटी इंजीनियर की संदिग्ध मौत, होटल के कमरे में मिला बेहोश appeared first on Sabguru News .
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: एसआईटी को अंतिम रिपोर्ट के लिए मिला अतिरिक्त समय, जांच का दायरा भी बढ़ा
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी को अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 15 जुलाई तक का समय मिला है। जांच का दायरा बढ़ाया गया है और दान गिनती प्रक्रिया, सीसीटीवी फुटेज व अन्य दस्तावेजों की गहन जांच जारी है।
पंजाब: बठिंडा-बीकानेर हाईवे पर ट्रक से टकराई ट्रैवलर, चार अमरनाथ तीर्थयात्रियों की मौके पर मौत
पंजाब के बठिंडा जिले में बुधवार सुबह एक सड़क हादसे में अमरनाथ यात्रा के लिए जा रहे चार तीर्थयात्रियों की मौत हो गई। तकरीबन 8 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए बठिंडा के एम्स में भर्ती कराया गया।
पुण्यतिथि विशेष: स्वामी विवेकानंद का जीवन परिचय और खास बातें
Swami Vivekananda Punyatithi: स्वामी विवेकानंद भारतीय समाज के महान संत, योगी और सुधारक थे, जिनका जीवन देश और दुनिया में जागरूकता और आत्मा के सशक्तिकरण के लिए प्रेरणास्त्रोत है। उनका जीवन दर्शन, उनके विचार और उनकी कार्यशैली आज भी लोगों को प्रेरित ...
औरंगाबाद : 15 फीट गहरी नहर में गिरी स्कूल मैजिक वैन, 13 बच्चे घायल
औरंगाबाद। बिहार के औरंगाबाद जिले के अंबा थाना क्षेत्र में बुधवार की सुबह एक स्कूल मैजिक वैन के 15 फीट गहरी नहर में गिर जाने से 13 स्कूली बच्चे घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि संत जेवियर हाई स्कूल, अंबा की बच्चों को लेकर जा रही एक मैजिक वैन अंबा-नवीनगर मुख्य मार्ग पर […] The post औरंगाबाद : 15 फीट गहरी नहर में गिरी स्कूल मैजिक वैन, 13 बच्चे घायल appeared first on Sabguru News .
उपभोक्ताओं को राहत : वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर के दाम घटे
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में गिरावट के बाद सार्वजनिक तेल विपणन कंपनियों ने वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए बुधवार से रसोई गैस (एलीपीजी) सिलेंडर की कीमतों में कटौती की है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज से 19 किलोग्राम वाला वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर 2,930 रुपए का हो गया है। जून में इसकी कीमत 3,113.50 रुपए […] The post उपभोक्ताओं को राहत : वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर के दाम घटे appeared first on Sabguru News .
अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक बार फिर सुर्खियों में है। दिलचस्प और हैरान करने वाली बात यह है कि ट्रस्ट पर उठने वाले विवादों का 'जून' के महीने से गहरा नाता नजर आता है। साल 2021 के जून में जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े आरोपों ने देशभर में हलचल मचा दी थी, और अब जून 2026 में चढ़ावे की रकम में कथित हेरफेर के आरोपों ने ट्रस्ट की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन विवादों ने न केवल ट्रस्ट, बल्कि भाजपा, संघ और विश्व हिंदू परिषद जैसे शीर्ष संगठनों के नेतृत्व की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं।जून का महीना और विवादों का चक्रवर्ष 2021 में जून के दूसरे सप्ताह में जब ट्रस्ट पर जमीन के अधिक दाम में खरीद का आरोप लगा, तो अयोध्या से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई थी। उस वक्त ट्रस्टियों को एकजुट होकर सफाई देनी पड़ी थी। कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी ने तब साफ किया था कि सभी लेनदेन पारदर्शी हैं। मामला शांत हुआ ही था कि ठीक पांच साल बाद जून 2026 में चढ़ावे की रकम में हेरफेर का नया प्रकरण सामने आया। मामला इतना गंभीर है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी (SIT) गठित कर जांच शुरू कर दी है और कुछ गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं।क्या कहती है ट्रस्ट की कुंडली: शनि-राहु का खेल?इस पूरे विवाद को ज्योतिषीय दृष्टिकोण से देखते हुए ज्योतिषाचार्य पंडित आलोक दीक्षित ने चौंकाने वाले दावे किए हैं। उनके अनुसार, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कुंडली में चंद्रमा की स्थिति 'धनक्षरण' (धन की हानि) का संकेत दे रही है, जबकि ट्रस्ट के आय भाव पर शनि की सीधी दृष्टि पड़ रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में ट्रस्ट पर राहु की महादशा का प्रभाव है, जो 12 अक्टूबर 2026 तक रहेगा। राहु का यह अंतर 'पाप बुद्धि' को प्रेरित करने वाला माना जाता है, जो कथित तौर पर ट्रस्ट के अंदर वित्तीय अनियमितताओं का कारण बन रहा है।शनि की साढ़े साती और विश्वसनीयता का संकटज्योतिषाचार्य का मानना है कि वर्तमान में ट्रस्ट शनि की साढ़े साती और राहु-केतु की युति के प्रभाव से गुजर रहा है। यही कारण है कि ट्रस्ट को बार-बार विश्वसनीयता और वित्तीय पारदर्शिता जैसे कठिन सवालों का सामना करना पड़ रहा है। पंडित दीक्षित के अनुसार, इन ग्रहों की स्थिति के कारण ही ट्रस्ट के कर्मचारियों और व्यवस्था में 'पाप बुद्धि' का योग बन रहा है, जिससे न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है बल्कि संस्था की गरिमा पर भी दाग लग रहे हैं।
4 जुलाई से शुक्र-केतु की 'महायुति': इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, तो ये 3 रहें बेहद सतर्क
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का गोचर जीवन में बड़े बदलावों का कारक माना जाता है। 4 जुलाई 2026 को प्रेम, वैभव और ऐश्वर्य के स्वामी ग्रह 'शुक्र' सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, जहां 'केतु' पहले से ही विराजमान हैं। सिंह राशि में शुक्र और केतु की यह युति एक अत्यंत दुर्लभ ज्योतिषीय घटना है, जिसे 'वित्त-वैराग्य योग' के रूप में देखा जा रहा है। ग्रहों के इस अनोखे मिलन का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, जहां कुछ राशियों के लिए यह समय खुशहाली और तरक्की का द्वार खोलेगा, तो कुछ को संभलकर चलने की सलाह दी गई है।किन 5 राशियों के लिए वरदान साबित होगी यह युतिज्योतिषीय गणना के अनुसार, शुक्र-केतु का यह मिलन कुछ खास राशियों के लिए आर्थिक और करियर के लिहाज से बेहद फलदायी होने वाला है:वृषभ राशि: सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। कार्यस्थल पर आपको अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा, जिससे आय में वृद्धि और खर्चों में कमी आएगी। पार्टनरशिप बिजनेस के लिए यह 'गोल्डन पीरियड' है।कन्या राशि: करियर में नई संभावनाएं खुलेंगी। अटके हुए धन की वापसी हो सकती है और आप खुद को पहले से कहीं अधिक ऊर्जावान और आत्मविश्वासी महसूस करेंगे।वृश्चिक राशि: यह समय आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। नए आय के स्रोत बनेंगे और भूमि, भवन या वाहन खरीदने के योग प्रबल हैं। जीवनसाथी का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा।तुला राशि: आकस्मिक धन लाभ के प्रबल संकेत हैं। निवेश के लिए यह समय उत्तम है और परिवार से जुड़ी पुरानी समस्याएं सुलझती नजर आएंगी।मीन राशि: जो लोग नौकरी या रोजगार की तलाश में हैं, उन्हें बड़ी सफलता मिल सकती है। आर्थिक स्थिरता प्राप्त होगी और वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ेगी।इन 3 राशियों को बरतनी होगी विशेष सावधानीपंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, शुक्र और केतु की यह विपरीत ऊर्जा का मिलन मेष, तुला और कुंभ राशि के जातकों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इन राशियों के लोगों को आने वाले दिनों में धन संबंधी मामलों में बहुत सोच-समझकर निर्णय लेने की आवश्यकता है। साथ ही, करियर में अड़चनें और स्वास्थ्य से जुड़ी छोटी-मोटी परेशानियां आ सकती हैं। इस अवधि में किसी भी प्रकार के वाद-विवाद से बचना ही आपके लिए समझदारी भरा निर्णय होगा।शुक्र-केतु की युति: क्यों है यह महत्वपूर्ण?शुक्र भौतिक सुखों और प्रेम का कारक है, जबकि केतु वैराग्य और मोक्ष की ओर प्रेरित करता है। इन दोनों का सिंह राशि में मिलना जीवन के 'मटेरियल' और 'स्पिरिचुअल' पहलुओं के बीच एक संघर्ष या तालमेल पैदा करता है। यह समय है अपनी कार्यक्षमता को पहचानने का और उन बाधाओं को दूर करने का जो आपकी तरक्की में बाधक बनी हुई हैं। यदि आप संयम से काम लेंगे और अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित रखेंगे, तो इस 'विपरीत ऊर्जा' का प्रभाव भी आपको भविष्य में बड़े लाभ दिला सकता है।
बारिश के कारण सरिस्का के जंगलों में पर्यटकों के प्रवेश पर आंशिक प्रतिबंध
अलवर। राजस्थान में अलवर के सरिस्का बाघ अभयारण्य में वर्षाकाल के मद्देनजर बुधवार से पर्यटकों के प्रवेश पर आंशिक प्रतिबंध लगा दिया गया है। वन विभाग के अनुसार यह व्यवस्था एक जुलाई से 30 सितंबर तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान आंतरिक क्षेत्र के अधिकतर सफारी मार्ग बंद रहेंगे, जबकि पांडुपोल जाने वाला मुख्य मार्ग पर्यटकों […] The post बारिश के कारण सरिस्का के जंगलों में पर्यटकों के प्रवेश पर आंशिक प्रतिबंध appeared first on Sabguru News .
जुलाई के पहले दिन यानी बुधवार, 1 जुलाई 2026 को भारतीय बुलियन मार्केट में सोने के भाव में गिरावट के साथ शुरुआत हुई है। सोने के दामों में आई यह कमी उन लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है जो लंबे समय से गहनों की खरीदारी या निवेश का मन बना रहे थे। आज प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमतों में औसतन 600 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की कमी देखी गई है, जिससे निवेशकों का उत्साह फिर से जाग गया है।प्रमुख शहरों में सोने का ताजा भाव (प्रति 10 ग्राम)देश भर के प्रमुख बाजारों में आज सोने की कीमतों में नरमी रही है। दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,41,430 रुपये और 22 कैरेट 1,29,550 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। वहीं, मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,41,160 रुपये और 22 कैरेट 1,29,700 रुपये पर रहा। उत्तर प्रदेश में सोने की कीमत 1,42,350 रुपये (24 कैरेट) दर्ज की गई, जबकि बिहार के पटना में यह 1,41,240 रुपये पर है। राजस्थान और पंजाब जैसे राज्यों में भी कीमतों में इसी तरह का रुझान देखने को मिला है।रिकॉर्ड स्तर से 40,000 रुपये सस्ता हुआ सोनासोने की कीमतों में आई यह गिरावट जनवरी 2026 के आंकड़ों के मुकाबले काफी बड़ी है। साल की शुरुआत में जब सोना अपने ऑल-टाइम हाई (करीब 1.80 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम) पर था, तब आम खरीदार के लिए गहने बनवाना मुश्किल हो गया था। वर्तमान में सोना अपने पीक स्तर से करीब 40,000 रुपये सस्ता मिल रहा है। बाजार के जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी गिरावट के बाद बाजार में खरीदारी का एक नया दौर शुरू हो सकता है।क्या 1.20 लाख तक गिरेंगे दाम? मार्केट एक्सपर्ट्स की रायनिवेशकों के मन में अब यह बड़ा सवाल है कि क्या यह गिरावट और जारी रहेगी? जहां कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार का दबाव सोने को 1.20 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक ला सकता है, वहीं ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) के चेयरमैन राजेश रोकड़े का नजरिया कुछ अलग है। उनका अनुमान है कि साल के अंत तक अगर बाजार में दोबारा मजबूती आई, तो सोना फिर से 1.75 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू सकता है। फिलहाल, सोने की कीमतों में जारी यह अस्थिरता निवेशकों को 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में रहने का संकेत दे रही है।
राजस्थान में करौली के पांचना बांध जल विवाद का बीस साल बाद समाधान
जयपुर। राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों से यमुना जल समझौते के बाद प्रदेश के करौली जिले में बीस वर्ष पुराने पांच बांधना विवाद का समाधान भी मंगलवार देर रात हो गया। शर्मा के मार्गदर्शन और राज्य सरकार की सकारात्मक पहल से करौली जिले के पांचना बांध के पानी के वितरण को लेकर दोनों […] The post राजस्थान में करौली के पांचना बांध जल विवाद का बीस साल बाद समाधान appeared first on Sabguru News .
highest paying jobs 2026: जून के अंत और जुलाई की शुरुआत भारत में कॉलेज ग्रेजुएट्स (Freshers) के पास आउट होने और वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए 'हाफ-इयरली' स्विच प्लान करने का समय होता है। यही कारण है कि इस समय इंटरनेट और गूगल ट्रेंड्स पर High-Paying ...
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बस की ट्रेलर से टक्कर, 8 लोगों की मौत
दौसा। राजस्थान में दौसा जिले के कोलवा थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक यात्री बस के ट्रेलर से टकराने के बाद आग लग जाने से आठ यात्रियों को मौत हो गई, जबकि 24 लोग घायल हो गए। पुलिस के अनुसार ऋषिकेश से इंदौर जा रही निजी यात्री बस दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर देर रात आगे […] The post दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बस की ट्रेलर से टक्कर, 8 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
अंबाला : 21 घंटे के अभियान के बाद 220 फुट गहरे बोरवेल से निकाले गए बालक की मौत
अंबाला। हरियाणा के अंबाला जिले के धनौरा गांव में 220 फुट गहरे बोरवेल में गिरे चार वर्षीय बालक को लगभग 21 घंटे के लंबे बचाव अभियान के बाद बुधवार तड़के बाहर निकाला गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक बालक की पहचान निर्वैर के रूप में हुई है। वह मंगलवार सुबह करीब […] The post अंबाला : 21 घंटे के अभियान के बाद 220 फुट गहरे बोरवेल से निकाले गए बालक की मौत appeared first on Sabguru News .
राजस्थान के दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ट्रेलर से टकराकर बस खाई में गिर गई और उसमें आग लग गई। हादसे में 8 यात्रियों की मौत और 22 से अधिक लोग घायल हुए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
BP Control Tips: हाई ब्लडप्रेशर कम करने के घरेलू उपाय
Natural Ways to Lower Blood Pressure: हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में आपकी जीवनशैली और खान-पान की आदतें सबसे बड़ा रोल निभाती हैं। अगर आपका ब्लड प्रेशर थोड़ा बढ़ा हुआ रहता है, तो इन घरेलू उपायों और बदलावों की मदद से आप इसे काफी हद तक नॉर्मल रख ...
Live : दौसा और उन्नाव में 2 भीषण सड़क हादसे, 13 लोगों की मौत
Latest News Today Live Updates in Hindi : राजस्थान के दौसा में दिल्ली एक्सप्रेस वे पर बस की ट्रक से भीषण टक्कर के बाद 8 लोगों की मौत हो गई। बस हरिद्वार से इंदौर जा रही थी। उन्नाव में भी एक दर्दनाक सड़क हादसे में 5 लोग मारे गए। पल पल की जानकारी...
VB-G RAM G Act 2025 1 जुलाई से लागू। ग्रामीण मजदूरों को अब 125 दिन के रोजगार की गारंटी मिलेगी। न्यूनतम मजदूरी 300 रुपये तय, औसत दैनिक वेतन बढ़कर 327.4 रुपये हुआ।
1 जुलाई से आपकी जेब पर बड़ा असर: UPI से मिलेगा PF, क्रेडिट कार्ड के नियम बदलें, जानिए 10 बड़े बदलाव
1 जुलाई 2026 से देशभर में कई बड़े वित्तीय और बैंकिंग नियम लागू हो गए हैं। कमर्शियल LPG सिलेंडर सस्ता, नायरा पेट्रोल-डीजल के दाम कम, आधार से ईमेल लिंक मुफ्त, पासपोर्ट फीस बढ़ी, क्रेडिट कार्ड नियम बदले, UPI से PF निकासी और ITR की आखिरी तारीख समेत ...
जुलाई के पहले दिन तेल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 183 रुपए घटाकर लोगों को महंगाई से बड़ी राहत दी। दिल्ली में 3,113 रुपए का मिलने वाला कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर अब सस्ता होकर 2,930 रुपए का रह गया है। 14 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतें ...
Top News : 183 रुपये सस्ता हुआ कमर्शियल LPG, VB-G RAM G कानून लागू
Top News 1 July : तेल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर का दाम घटाकर लोगों को महंगाई से राहत दी। वीबी जीराम जी कानून आज से लागू हो गया। हरिद्वार से इंदौर आ रही बस में आग लगने से 8 लोगों की मौत हो गई। भाजपा के विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने ...
दौसा में रात 3 बजे दर्दनाक हादसा: हरिद्वार से इंदौर जा रही बस में आग, 8 यात्रियों की मौत
राजस्थान के दौसा में दिल्ली एक्सप्रेस वे पर हरिद्वारा से इंदौर आ रही बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बस की ट्रैलर से भीषण टक्कर के बाद वह खाई में गिर गई और उसमें आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई। हादसे में 19 लोग घायल हुए हैं।
operation tiger devendra fadnavis: भारतीय जनता पार्टी में शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचने का रास्ता केवल चुनाव जिताने, विकास कार्य कराने या संगठन के प्रति निष्ठा दिखाने से नहीं बनता। कई बार सबसे बड़ी चुनौती विपक्ष नहीं, बल्कि अपनी ही पार्टी के भीतर मौजूद ...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से टेलीफोन पर बातचीत की। इस दौरान राष्ट्रपति पेजेशकियन ने पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रम और आगे की रणनीति की जानकारी प्रधानमंत्री मोदी को दी। प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में ...
डीग : शादी करके ठगने वाले गिरोह की मुख्य आरोपी महिला अरेस्ट
डीग। राजस्थान में डीग जिले के कुम्हेर थाना क्षेत्र में पुलिस ने फर्जी शादी का झांसा देकर लाखों रुपए और जेवरात ठगने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करके मुख्य आरोपी महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया की यह महिला पहले भी कई फर्जी शादियां करके लोगों को ठगी का शिकार […] The post डीग : शादी करके ठगने वाले गिरोह की मुख्य आरोपी महिला अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
भरतपुर में दो कारों की भिड़ंत में बुजुर्ग महिला की मौत, 4 घायल
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के गहनौली थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-123 पर मंगलवार को दो कारों की भिड़ंत में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई जबकि दो बच्चों सहित चार लोग घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि बर पीपड़ मोड़ के पास सुबह दो कारें टकरा गईं। आमने-सामने की टक्कर से एक […] The post भरतपुर में दो कारों की भिड़ंत में बुजुर्ग महिला की मौत, 4 घायल appeared first on Sabguru News .
राम मंदिर में अनियमितता करने वालों को महादंड मिलेगा : धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
भोपाल। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने राम मंदिर से जुड़े कथित दान अनियमितता प्रकरण पर कहा कि भगवान राम के धाम में रहकर इस प्रकार का कृत्य करने वालों को महादंड मिलेगा तथा मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। शास्त्री मंगलवार को भोपाल के हबीबगंज क्षेत्र स्थित एक कैंसर उपचार केंद्र […] The post राम मंदिर में अनियमितता करने वालों को महादंड मिलेगा : धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री appeared first on Sabguru News .
पाकिस्तान के मंत्री का अजीबोगरीब दावा, कहा उनके हिस्से का पानी राेकने वाले हाथों को काट देंगे
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने एक बहुत अजीबोगरीब बयान में दावा करते हुए कहा कि अगर किसी ने पाकिस्तान के हिस्से का पानी रोकने की कोशिश की तो हम उन हाथों को काट देंगे। मलिक ने यह बात एक संवाददाता सम्मेलन में कही। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ऐसा ऐलान ही नहीं […] The post पाकिस्तान के मंत्री का अजीबोगरीब दावा, कहा उनके हिस्से का पानी राेकने वाले हाथों को काट देंगे appeared first on Sabguru News .
सूरतगढ़ में इलेक्ट्रिक स्कूटर शो रूम में आग लगी
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ शहर में हनुमानगढ़ बायपास मार्ग पर एक इलेक्ट्रिक स्कूटी शोरूम में मंगलवार को आग लगने से लाखों रुपये की स्कूटी नष्ट हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह साढ़े आठ बजे पड़ोस का एक दुकानदार अनिल मुंजाल अपनी दुकान पर आया तो उसने पास में ही वर्मा इलेक्ट्रिक […] The post सूरतगढ़ में इलेक्ट्रिक स्कूटर शो रूम में आग लगी appeared first on Sabguru News .
सूरतगढ़ थर्मल विद्युत संयंत्र में गिरने से मजदूर की मौत
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के राजियासर थाना क्षेत्र में सूरतगढ़ थर्मल विद्युत संयंत्र में मंगलवार को गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान अर्जुन (24) के रूप में हुई है। अर्जुन संयंत्र की यूनिट नंबर दो एवं तीन में एक निजी कंपनी में काम करता था। […] The post सूरतगढ़ थर्मल विद्युत संयंत्र में गिरने से मजदूर की मौत appeared first on Sabguru News .
कथित देहव्यापार गिरोह में फंसी हुई थी दो अभिनेत्रियां, मुंबई पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया
मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के गिरगांव इलाके में एक होटल से संचालित होने वाले कथित देहव्यापार गिरोह का पर्दाफाश करने के कुछ दिनों बाद, मुंबई पुलिस ने इस नेटवर्क के मनोरंजन उद्योग से संभावित संबंधों, वित्तीय लेनदेन और होटल प्रबंधन की भूमिका की जांच के लिए अपना दायरा बढ़ा दिया है। यह कार्रवाई अपराध […] The post कथित देहव्यापार गिरोह में फंसी हुई थी दो अभिनेत्रियां, मुंबई पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया appeared first on Sabguru News .
भीलवाड़ा में 6000 रुपए रिश्वत लेते कोतवाली थाने का कांस्टेबल अरेस्ट
भीलवाड़ा। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने भीलवाड़ा में मंगलवार को कोतवाली थाने के कांस्टेबल को छह हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि परिवादी ने एसीबी के भीलवाड़ा कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि कोतवाली थाने में दर्ज एक मामले में उसे […] The post भीलवाड़ा में 6000 रुपए रिश्वत लेते कोतवाली थाने का कांस्टेबल अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 15 किलोग्राम सोना जब्त, 4 अरेस्ट
नई दिल्ली। दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने 15 किलोग्राम सोना जब्त किया और चार लोगों को गिरफ्तार किया। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर और आरोपियों के पास से जब्त किया गया तस्करी का सोना विदेशी मूल का था। खुले बाजार में इसकी […] The post दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 15 किलोग्राम सोना जब्त, 4 अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
संसदीय समिति की अहम बैठक 1 जुलाई को, एनटीए में सुधार और नीट-यूजी पुनर्परीक्षा पर होगी चर्चा
1 जुलाई को संसदीय समिति की एक अहम बैठक होने वाली है। बुधवार को शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक होगी। इस बैठक में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट फॉर अंडरग्रेजुएट्स (नीट-यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा से मिले प्रमुख सबकों की समीक्षा की जाएगी और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) में आवश्यक सुधारों पर चर्चा होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने बुनियादी शिक्षा सुधारों को नई ऊंचाई देते हुए अब कक्षा-कक्ष में होने वाले वास्तविक अधिगम को शिक्षा नीति का केंद्र बना दिया है। प्रदेश में पहली बार शिक्षकों के अनुभव, बच्चों के सीखने के ...
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन मंगलवार को और तेज हो गए। प्रदर्शनकारियों ने खुलकर इस्लामाबाद के अधिकार को चुनौती देते हुए कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर, पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के ...
Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आस्था व विरासत के अपमान पर विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जो लोग 2017 से पहले कांवड़ यात्रा रोकने, त्योहारों पर बंदिशें लगाने और 'जय श्रीराम' बोलने पर लाठी-गोली चलवाते थे, आज वे ...
'कपिल मुनि की तपोस्थली राजगढ़ जिला जल संचय के कार्यों में अग्रणी बना है। यह जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 के अंतर्गत श्रेष्ठ कार्य करने वाले 6 जिलों में शामिल है। राज्य सरकार ने 19 मार्च से 30 जून तक 100 दिन के अभियान में कुएं, बावड़ी, तालाब, नदियों, ...
ITR, Aadhaar, Passport, EPFO के साथ ही 1 जुलाई से बदलेंगे 6 नियम, आप पर क्या होगा असर, जरूर पढ़ें
अगर आपका आधार अपडेट करना है, नया पासपोर्ट बनवाना है, क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं या नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो 1 जुलाई से लागू होने वाले नए नियम आपके लिए अहम हैं। पीएफ निकालने को लेकर भी बड़ा बदलाव हो सकता है। न बदलावों की जानकारी ...
सिया के प्रेमी चेतन का होगा गेट एनालिसिस, आखिर क्या होता है यह टेस्ट और इस मामले में क्यों जरूरी है?
Chetan Chaudhary Gait Analysis Test: लोनावला के प्रसिद्ध लोहागढ़ किले में 18 जून को हुए रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने जांच को एक नया और बेहद वैज्ञानिक मोड़ दे दिया है। पुलिस ने अब मुख्य आरोपी चेतन चौधरी का ...
इन दिनों यूरोप भीषण हीटवेव (Heatwave) की चपेट में है। इसी बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट ने नई बहस छेड़ दी। अगर यूरोप और भारत दोनों जगह तापमान 43 डिग्री सेल्सियस है, तो फिर यूरोप में इतनी चिंता क्यों? भारत में तो कई शहरों में तापमान 48 ...
मध्यप्रदेश कांग्रेस के बड़े नेताओं के बीच अब आर-पार की लड़ाई होती दिख रही है। मंगलवार को मध्यप्रदेश कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की बैठक में वीर भारत न्यास के मुद्दें को लेकर जीतू पटवारी औऱ दिग्विजय सिंह के आमने सामने होने से पार्टी की हो रही ...
OnePlus Nord N6 5G लॉन्च, 19,999 रुपए में 8,000mAh बैटरी, 120Hz डिस्प्ले और 50MP कैमरा
OnePlus ने भारतीय बाजार में अपना नया OnePlus Nord N6 5G स्मार्टफोन लॉन्च कर दिया है। कंपनी का दावा है कि यह बजट सेगमेंट में सबसे आकर्षक 5G स्मार्टफोन्स में से एक है। फोन की शुरुआती कीमत 19,999 रुपये रखी गई है और इसमें 8,000mAh की बड़ी बैटरी, 120Hz ...
फिरोजाबाद में आंधी का कहर, ई-रिक्शा पर पेड़ गिरने से 5 की मौत
फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश में फिरोजाबाद जिले के फरिहा क्षेत्र में सोमवार शाम तेज आंधी में एक विशालकाय नीम का पेड़ ई रिक्शा के ऊपर गिर गया। इस हादसे में रिक्शा पर सवार पांच यात्रियों की मौत हो गयी जबकि मां बेटे घायल हो गए। मृतकों के परिवारों को देवी आपदा कोष से सभी को चार […] The post फिरोजाबाद में आंधी का कहर, ई-रिक्शा पर पेड़ गिरने से 5 की मौत appeared first on Sabguru News .
लायंस क्लब अजमेर आस्था की प्रेरणा से एक जोड़ी नेत्रदान
अजमेर। सेवा और मानवता के क्षेत्र में सक्रिय लायंस क्लब अजमेर आस्था की प्रेरणा से एक और प्रेरणादायक नेत्रदान संपन्न हुआ। शास्त्री नगर निवासी स्वर्गीय महेंद्र सेवदा के निधन के बाद उनके परिजनों ने सहमति देकर नेत्रदान कराया, जिससे दो नेत्रहीन व्यक्तियों के जीवन में नई रोशनी आने की उम्मीद जगी है। क्लब अध्यक्ष लायन […] The post लायंस क्लब अजमेर आस्था की प्रेरणा से एक जोड़ी नेत्रदान appeared first on Sabguru News .
राजस्थान के भीलवाड़ा में चोर नरेंद्र मोदी का मुखौटा लगाकर आए और दुकान से 40 मोबाइल चुराकर ले गए
rajasthan bhilwara mobile theft: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में एक चौंकाने वाली चोरी की घटना सामने आई है। एक चोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुखौटा लगाकर मोबाइल फोन की दुकान में घुसपैठ की और लगभग 40 मोबाइल फोन चुराकर फरार हो गया। घटना का पूरा ...
चीन के नए ‘राष्ट्रीय एकता’ कानून की निंदा, मानवाधिकारों पर खतरे की जताई आशंका
अल्पसंख्यकों की भाषा, संस्कृति और धार्मिक स्वतंत्रता पर पड़ सकता है प्रतिकूल प्रभाव नई दिल्ली। चीन सरकार द्वारा लागू किए गए नए राष्ट्रीय एकता कानून को लेकर मानवाधिकार संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। संगठनों ने जारी बयान में कहा कि यह कानून राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के नाम पर जातीय अल्पसंख्यक समुदायों पर […] The post चीन के नए ‘राष्ट्रीय एकता’ कानून की निंदा, मानवाधिकारों पर खतरे की जताई आशंका appeared first on Sabguru News .
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और केंद्र सरकार के बीच एथेनॉल आवंटन प्रक्रिया से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए अगली सुनवाई तक यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल आर. ...
मॉनसून ने यूपी, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में रफ्तार पकड़ ली है। जानिए दिल्ली-NCR में मॉनसून कब पहुंचेगा, किन राज्यों में रेड अलर्ट जारी हुआ है और अगले कुछ दिनों का मौसम पूर्वानुमान।
राजस्थान की राजधानी जयपुर से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए जयपुर नगर निगम हेरिटेज के कनिष्ठ अभियंता (JEN) को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अधिकारी एक निर्माण को सील नहीं करने और उसके खिलाफ कार्रवाई रोकने की एवज में मोटी रकम वसूल रहा था। एसीबी की इस अचानक हुई कार्रवाई से नगर निगम मुख्यालय और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।2 लाख रुपये का था पूरा सौदा, जाल बिछाकर दबोचाएसीबी के आला अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित ने ब्यूरो के कार्यालय में आकर एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि जयपुर नगर निगम हेरिटेज इलाके में उसके निर्माण कार्य को अवैध बताकर सील करने की धमकी दी जा रही थी। इस सीलिंग की कार्रवाई को रुकवाने के लिए नगर निगम के कनिष्ठ अभियंता (JEN) ने पीड़ित से सीधे 2 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने फौरन मामले का गोपनीय सत्यापन करवाया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि सही पाई गई।पहली किस्त लेते ही चढ़ गया कानून के हत्थेसत्यापन पूरा होने के बाद एसीबी की टीम ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक मजबूत जाल बिछाया। तय रणनीति के मुताबिक, पीड़ित रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 80 हजार रुपये लेकर कनिष्ठ अभियंता के पास पहुंचा। जैसे ही आरोपी JEN ने पीड़ित से रिश्वत की वह राशि अपने हाथ में ली, वैसे ही आसपास सादे कपड़ों में मुस्तैद खड़ी एसीबी की स्पेशल टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी के हाथों को धुलवाया, जिससे रिश्वत के रासायनिक रंग साफ उभर आए।घर और ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन जारीरंगे हाथों गिरफ्तारी के तुरंत बाद एसीबी की अलग-अलग टीमों ने आरोपी कनिष्ठ अभियंता के कार्यालय कक्ष, सरकारी आवास और अन्य संभावित ठिकानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आरोपी के पास आय से अधिक संपत्ति या अन्य अवैध संपत्तियों के दस्तावेज तो नहीं हैं। इसके साथ ही इस बात की भी गहन जांच की जा रही है कि इस पूरे भ्रष्टाचार के खेल में नगर निगम के कुछ अन्य बड़े अधिकारी या दलाल भी शामिल थे या नहीं।
राजस्थान का शेखावाटी क्षेत्र एक बार फिर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर मांगी गई मोटी फिरौती को लेकर दहल उठा है। इस बार बदमाशों के निशाने पर झुंझुनूं के एक प्रतिष्ठित डिफेंस एकेडमी के संचालक आए हैं। शातिर अपराधियों ने लॉरेंस गैंग का खौफ दिखाकर एकेडमी संचालक से सीधे 5 करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की है। इतनी बड़ी रकम मांगने के साथ ही बदमाशों ने पीड़ित को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि रकम समय पर नहीं मिली, तो अंजाम बेहद खौफनाक होगा। इस सनसनीखेज धमकी के बाद से पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है और पूरे इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।विदेशी नंबर से आया कॉल और उड़ गए होशमिली जानकारी के अनुसार, डिफेंस एकेडमी के संचालक के मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया था, जो संभवतः वर्चुअल या इंटरनेशनल नंबर बताया जा रहा है। फोन उठाने पर सामने वाले शख्स ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का खास गुर्गा बताया। उसने बिना किसी भूमिका के सीधे 5 करोड़ रुपये की डिमांड रख दी। जब संचालक ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, तो कॉलर ने उनके पूरे परिवार और एकेडमी को बम से उड़ाने और जान से मारने की सीधी धमकी दे डाली। फोन कटने के बाद पीड़ित ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस के आला अधिकारियों को दी।झुंझुनूं पुलिस अलर्ट, एक्टिव हुई स्पेशल टीमेंमामले की गंभीरता और लॉरेंस गैंग का नाम सामने आते ही झुंझुनूं पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई है। जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर स्थानीय थाना पुलिस के साथ-साथ साइबर सेल और तकनीकी एक्सपर्ट्स की एक विशेष टीम को इस केस को क्रैक करने के लिए लगाया गया है। पुलिस सबसे पहले उस कॉल सोर्स को ट्रेस करने में जुटी है जिससे धमकी दी गई थी। इसके साथ ही पीड़ित संचालक के आवास और डिफेंस एकेडमी के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।शेखावाटी में बढ़ते रंगदारी के मामले बने सिरदर्दराजस्थान के झुंझुनूं, सीकर और चूरू जैसे जिलों में पिछले कुछ समय से व्यापारियों, कोचिंग संचालकों और नामी लोगों को लॉरेंस गैंग या अन्य स्थानीय गैंगस्टर्स के नाम पर धमकी भरे फोन आने के मामले लगातार बढ़े हैं। पुलिस इस एंगल पर भी बारीकी से जांच कर रही है कि क्या वाकई यह कॉल लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट से जुड़ा है या फिर किसी स्थानीय अपराधी ने महज दहशत फैलाकर मोटी रकम वसूलने के लिए इस बड़े गैंग के नाम का इस्तेमाल किया है। फिलहाल पुलिस हर पहलू को खंगाल रही है और जल्द ही आरोपियों को दबोचने का दावा कर रही है।
भाजपा अपने काम के दम पर चुनाव लड़ेगी, कांग्रेस की नाकामियों पर नहीं : नितिन नबीन
हैदराबाद। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने मंगलवार को कहा कि पार्टी भविष्य के चुनाव कांग्रेस की नाकामियों के बजाय अपने खुद के काम के दम पर लड़ेगी। साथ ही, उन्होंने तेलंगाना में पार्टी कार्यकर्ताओं से 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए अपनी कोशिशें तेज करने का आह्वान […] The post भाजपा अपने काम के दम पर चुनाव लड़ेगी, कांग्रेस की नाकामियों पर नहीं : नितिन नबीन appeared first on Sabguru News .
राजस्थान और मध्य प्रदेश के चंबल संभाग में कभी आतंक का पर्याय रहे पूर्व इनामी डकैत जगन गुर्जर की जेल में हुई संदिग्ध मौत के बाद धौलपुर में सियासी और सामाजिक पारा गरमा गया है। जगन गुर्जर की मौत की खबर मिलते ही उसके परिजनों और समर्थकों में भारी आक्रोश फैल गया। परिवार ने जेल प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे सोची-समझी हत्या करार दिया है। परिजनों का साफ कहना है कि जब तक इस पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच की घोषणा नहीं की जाती, तब तक वे शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। अस्पताल के बाहर भारी संख्या में जुटे परिजनों के धरने पर बैठ जाने से स्थानीय प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं।जेल में बिगड़ी थी तबीयत या मामला कुछ और?आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जेल में बंद जगन गुर्जर की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उसे स्थानीय सरकारी अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जेल प्रशासन का दावा है कि मौत प्राकृतिक कारणों या बीमारी की वजह से हुई है। वहीं दूसरी ओर, जगन गुर्जर के भाई और पत्नी ने इस थ्योरी को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका आरोप है कि जेल के भीतर जगन के साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उसे साजिश के तहत मौत के घाट उतारा गया है। परिवार का कहना है कि उन्हें जगन की सुरक्षा को लेकर पहले से ही अंदेशा था।अस्पताल परिसर छावनी में तब्दील, पोस्टमार्टम पर सस्पेंसघटना के बाद से ही धौलपुर जिला अस्पताल परिसर और मोर्चरी के बाहर तनाव का माहौल बना हुआ है। परिजनों के उग्र रुख और संभावित बवाल को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार परिजनों को समझाने और पोस्टमार्टम के लिए राजी करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन परिवार अपनी मांगों से टस से मस होने को तैयार नहीं है। उनकी स्पष्ट मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच या केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराई जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।चंबल में जगन गुर्जर के आतंक और समर्पण की कहानीजगन गुर्जर का नाम चंबल के बीहड़ों में दशकों तक गूंजता रहा है। उस पर राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में डकैती, हत्या का प्रयास, अपहरण और रंगदारी के दर्जनों मामले दर्ज थे। सरकार ने उस पर लाखों रुपये का इनाम भी घोषित किया था। कई बार आत्मसमर्पण करने और फिर से अपराध की दुनिया में लौटने वाले जगन गुर्जर की जेल के भीतर इस तरह मौत होना कई अनसुलझे सवाल खड़े करता है। यही वजह है कि स्थानीय राजनीति भी इस मुद्दे पर गरमाने लगी है और प्रशासन स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है।
पंजाब में कानून की आंखों में धूल झोंककर पिछले 6 महीने से सरकारी सुविधाओं का मुफ्त मजा ले रहे एक फर्जी विजिलेंस इंस्पेक्टर को पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। यह शातिर जालसाज खुद को विजिलेंस ब्यूरो का बड़ा अफसर बताकर न सिर्फ पंजाब रोडवेज और पीआरटीसी की बसों में मुफ्त सफर कर रहा था, बल्कि टोल प्लाजा और सार्वजनिक जगहों पर वीआईपी ट्रीटमेंट का फायदा भी उठा रहा था। लेकिन कहते हैं न कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, एक न एक दिन कानून के शिकंजे में आ ही जाता है। इस बार भी एक छोटी सी चूक ने इस पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश कर दिया।ऐसे हुआ शक और खुली फर्जी अफसर की पोलपुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह फर्जी इंस्पेक्टर पिछले लंबे समय से अलग-अलग रूट की सरकारी और निजी बसों में विजिलेंस का रौब दिखाकर बिना टिकट यात्रा कर रहा था। बीते दिन जब यह एक बस में सवार हुआ, तो सफर के दौरान बस के कंडक्टर को उसके हाव-भाव और बातचीत के तरीके पर कुछ शक हुआ। कंडक्टर ने जब उससे उसका आधिकारिक पहचान पत्र (आईडी कार्ड) दिखाने को कहा, तो वह हड़बड़ा गया और टालमटोल करने लगा। आरोपी की घबराहट देखकर कंडक्टर का शक यकीन में बदल गया, जिसके बाद तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए नजदीकी पुलिस स्टेशन को इसकी सूचना दी गई।पुलिस की मुस्तैदी और रंगे हाथों गिरफ्तारीसूचना मिलते ही लोकल पुलिस की टीम ने तुरंत नाकाबंदी की और बस के पहुंचते ही संदिग्ध को हिरासत में ले लिया। पुलिस स्टेशन लाकर जब उससे कड़ाई से पूछताछ की गई और उसके दस्तावेजों की जांच की गई, तो वह कोई भी वैध सरकारी पहचान पत्र पेश नहीं कर पाया। पुलिस की सख्त पूछताछ के आगे आरोपी ज्यादा देर टिक नहीं सका और उसने कबूल कर लिया कि वह कोई असली विजिलेंस अधिकारी नहीं है, बल्कि सिर्फ मुफ्त सफर, वीआईपी ट्रीटमेंट और लोगों पर रौब झाड़ने के लिए फर्जी इंस्पेक्टर बना हुआ था।छह महीने से दे रहा था सिस्टम को चकमाशुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले छह महीने से इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहा था। वह न केवल बसों में मुफ्त घूमता था, बल्कि कई जगहों पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के नाम पर लोगों को डराने-धमकाने का काम भी करता था। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या उसने इस फर्जी पहचान के दम पर किसी से मोटी रकम की ठगी या जबरन वसूली भी की है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और सरकारी अधिकारी का फर्जी रूप धारण करने की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
पंजाब की राजनीति में इन दिनों एक बहुत बड़ा वैचारिक और रणनीतिक बदलाव देखने को मिल रहा है, जिसने राज्य के पारंपरिक सियासी समीकरणों को पूरी तरह हिलाकर रख दिया है। सूबे की सियासत एक बार फिर पूरी तरह से धर्म और पंथक मुद्दों के इर्द-गिर्द सिमटने लगी है। हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों और धार्मिक विमर्श के हावी होने के बाद, शिरोमणि अकाली दल से लेकर सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP), कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) तक के नेताओं की धड़कनें बढ़ गई हैं। सभी दलों को डर सता रहा है कि पंजाब का पारंपरिक 'पंथक वोट बैंक' इस बार किसी एक पाले में जाने के बजाय बुरी तरह बिखर सकता है, जिसके चलते सभी दल अब नए सिरे से नफा-नुकसान का आकलन करने में जुट गए हैं।पारंपरिक पंथक राजनीति के गढ़ में सेंधमारी का बढ़ा खतरापंजाब में शिरोमणि अकाली दल (SAD) को हमेशा से सिखों और पंथक हितों का सबसे बड़ा पैरोकार माना जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ चुनावों से इस वोट बैंक में लगातार सेंधमारी हुई है। अब नए और कट्टर धार्मिक मुद्दों के दोबारा उभरने से यह पारंपरिक वोट बैंक पूरी तरह त्रिशंकु की स्थिति में नजर आ रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब का ग्रामीण और सिख बहुल मतदाता अब पारंपरिक चेहरों के बजाय वैचारिक शुद्धता और धार्मिक मुद्दों पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। यही वजह है कि अकाली दल अपने बिखरे हुए कुनबे को समेटने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है, ताकि उनकी मुख्य राजनीतिक जमीन बची रहे।आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और बीजेपी की रणनीतियों में बड़ा बदलावइस धार्मिक ध्रुवीकरण और पंथक वोट बैंक के बिखरने की आशंका ने सिर्फ क्षेत्रीय दलों को ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय पार्टियों को भी अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार जहां विकास और कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ खुद को धार्मिक संवेदनशीलता से जोड़कर देख रही है, वहीं कांग्रेस भी पंजाब के मालवा और माझा जैसे क्षेत्रों में अपने पारंपरिक वोट आधार को बचाने के लिए फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी पंजाब के शहरी और सिख बुद्धिजीवियों के बीच अपनी पैठ बढ़ाने के लिए लगातार बड़े सिख चेहरों और धार्मिक इतिहास को सम्मान देने जैसी रणनीतियों पर काम कर रही है।माझा, मालवा और दोआबा के जमीनी समीकरणों को साधने की होड़भौगोलिक और क्षेत्रीय दृष्टिकोण से देखें तो पंजाब के तीन मुख्य क्षेत्रों—माझा, मालवा और दोआबा—में धार्मिक और पंथक मुद्दों का असर अलग-अलग तरीके से देखा जाता है। माझा को जहां पंथक राजनीति का मुख्य केंद्र माना जाता है, वहीं मालवा राजनीतिक सत्ता की चाबी रखता है। इन क्षेत्रों के स्थानीय डेरों और धार्मिक संस्थाओं का झुकाव किस तरफ होगा, इसे लेकर अंदरूनी सर्वे और खुफिया आकलन किए जा रहे हैं। कोई भी दल इस समय ऐसा कोई बयान या कदम नहीं उठाना चाहता जिससे बहुसंख्यक या अल्पसंख्यक समुदाय की भावनाएं आहत हों। आने वाले स्थानीय और राज्य स्तर के चुनावों में यह धार्मिक ध्रुवीकरण पंजाब के भविष्य की एक बिल्कुल नई सियासी तस्वीर पेश कर सकता है
पंजाब के जालंधर जिले में अघोषित बिजली कटौती को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। भीषण गर्मी और धान की बुआई के इस सीजन में पावर कट से परेशान किसानों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। बड़ी संख्या में स्थानीय किसानों और भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने जालंधर स्थित बिजली विभाग के मुख्य कार्यालय 'शक्ति सदन' का अनिश्चितकालीन घेराव कर दिया है। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ पहुंचे आक्रोशित किसानों ने पंजाब सरकार और पावरकॉम (PSPCL) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि यदि उन्हें खेती और घरेलू इस्तेमाल के लिए तुरंत निर्बाध बिजली नहीं मिली, तो यह प्रदर्शन एक बड़े सूबेव्यापी आंदोलन का रूप ले लेगा।धान की सीजन में अघोषित पावर कट से फसलें सूखने की कगार परप्रदर्शन कर रहे किसान नेताओं का आरोप है कि सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए रोजाना 8 घंटे निर्बाध बिजली देने का वादा किया था, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। जालंधर के ग्रामीण इलाकों जैसे नकोदर, शाहकोट, भोगपुर और करतारपुर में मुश्किल से 3 से 4 घंटे ही बिजली मिल पा रही है, वह भी भारी उतार-चढ़ाव (लो वोल्टेज) के साथ। धान की रोपाई के लिए पानी की भारी जरूरत होती है, लेकिन बिजली न रहने से नलकूप और ट्यूबवेल ठप पड़े हैं। किसानों को डर है कि अगर यही स्थिति रही तो उनकी महंगी फसलें खेतों में ही सूख जाएंगी, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।शक्ति सदन के बाहर भारी पुलिस बल तैनात, अफसरों के छूटे पसीनेकिसानों के अचानक हुए इस उग्र घेराव के बाद जालंधर पुलिस और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। शक्ति सदन परिसर के चारों तरफ बैरिकेडिंग कर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो। बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी प्रदर्शनकारी किसानों को समझाने और ग्रिड की तकनीकी कमियों को जल्द दूर करने का आश्वासन देने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, किसान किसी भी खोखले वादे को मानने के लिए तैयार नहीं हैं और वे मौके पर ही लिखित गारंटी और पर्याप्त बिजली आपूर्ति की मांग पर अड़े हुए हैं।स्थानीय व्यापार और आम जनता भी बिजली किल्लत से बेहालयह संकट सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है। जालंधर शहर और इसके आसपास के कस्बों में भी अघोषित बिजली कटौती ने आम नागरिकों और स्थानीय छोटे व्यापारियों का जीना मुहाल कर दिया है। उमस भरी गर्मी के बीच घंटों बत्ती गुल रहने से इनवर्टर भी जवाब दे गए हैं, जिससे पेयजल संकट भी गहराने लगा है। स्थानीय फैक्ट्रियों और एमएसएमई (MSME) उद्योग में काम ठप होने से कारोबारी नुकसान झेल रहे हैं। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो वे जालंधर-अमृतसर नेशनल हाईवे को पूरी तरह जाम कर देंगे, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन की होगी।
बिहार की राजनीति में इन दिनों एक नई और बेहद दिलचस्प प्रशासनिक हलचल ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ठीक बगल में अब उनके बेटे निशांत कुमार का नया ठिकाना बनने जा रहा है। सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम के बाद कयासों का बाजार बेहद गर्म हो गया है। मुख्यमंत्री आवास के बिल्कुल करीब निशांत कुमार को आवास आवंटित होने से यह साफ है कि पिता-पुत्र के बीच अब मुलाकातों और मशवरों का दौर और तेज होगा। राजनीतिक पंडित इस नए ठिकाने को सिर्फ एक घर के बदलाव के तौर पर नहीं, बल्कि बिहार के आगामी सियासी समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं।मुख्यमंत्री आवास के पास बंगला मिलने की क्या है असली वजहप्रशासनिक गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, सुरक्षा और पारिवारिक प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री आवास के बिल्कुल नजदीक वाले वीवीआईपी बंगले को निशांत कुमार के लिए तैयार किया गया है। चूंकि निशांत अमूमन लाइमलाइट और सक्रिय राजनीति से दूर ही रहते हैं, इसलिए अचानक मुख्यमंत्री के ठीक बगल वाले घर में उनका शिफ्ट होना हर किसी को चौंका रहा है। इस नए ठिकाने की वजह से अब दोनों के बीच रोजाना का आना-जाना बेहद आसान हो जाएगा, जिसे लेकर पटना के पोलो रोड और राजभवन के पास के सियासी हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।परदे के पीछे से नई राजनीतिक पारी की शुरुआत की अटकलें हुई तेजनिशांत कुमार को नीतीश कुमार के बगल में जगह मिलने के बाद विपक्ष से लेकर सत्ता पक्ष तक के नेता इसके मायने निकालने में जुट गए हैं। सियासी गलियारों में यह चर्चा बेहद तेज है कि क्या नीतीश कुमार अपने बेटे को धीरे-धीरे शासन और राजनीति के तौर-तरीके सिखाने की तैयारी कर रहे हैं? हालांकि जेडीयू (JDU) के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि यह पूरी तरह से एक पारिवारिक और सुरक्षा से जुड़ा मामला है और इसे राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। इसके बावजूद, कयास लगाए जा रहे हैं कि भविष्य में निशांत कुमार परदे के पीछे से कोई बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।पटना से लेकर दिल्ली तक बिहार के नए सियासी भविष्य पर टिकीं नजरेंबिहार की इस नई 'बंगला पॉलिटिक्स' ने पटना के साथ-साथ दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में भी हलचल बढ़ा दी है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सहित अन्य विपक्षी दल इस मामले पर बारीक नजर रखे हुए हैं। आम जनता और सोशल मीडिया पर भी यह सवाल तैर रहा है कि क्या बिहार में कोई नया उत्तराधिकारी तैयार हो रहा है? आने वाले दिनों में यह नया ठिकाना बिहार की जेडीयू-बीजेपी सरकार और विपक्षी दलों के बीच बयानों का नया मुद्दा बन सकता है, जिससे राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ आने की पूरी उम्मीद है।
पटना के मशहूर शिक्षक और सोशल मीडिया स्टार खान सर (Khan Sir) की कानूनी मुश्किलें फिलहाल कम होती नजर नहीं आ रही हैं। एक स्थानीय मामले में सुनवाई के दौरान अदालत से उन्हें नियमित जमानत (Regular Bail) तो नहीं मिल सकी है, लेकिन कोर्ट ने उन्हें एक बड़ी अंतरिम राहत जरूर दी है। माननीय न्यायालय ने खान सर की गिरफ्तारी पर आगामी 3 जुलाई तक रोक जारी रखने का आदेश दिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में खान सर के बॉडीगार्ड के हथियार लाइसेंस का मुद्दा बेहद गरमा गया, जिसने इस पूरे केस को एक नया मोड़ दे दिया है।कोर्ट रूम में गूंजा खान सर के बॉडीगार्ड के आर्म्स लाइसेंस का मामलापटना सिविल कोर्ट में चली लंबी बहस के दौरान सरकारी वकील और बचाव पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। इस दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से खान सर के निजी सुरक्षाकर्मी (बॉडीगार्ड) के पास मौजूद हथियार के लाइसेंस की वैधता पर गंभीर सवाल उठाए गए। अभियोजन पक्ष का दावा है कि सुरक्षा में तैनात गार्ड के असलहे के कागजात और नियमों में कुछ विसंगतियां हैं, जिसकी गहन जांच की जानी बेहद जरूरी है। वहीं दूसरी ओर, खान सर के वकीलों ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए अदालत के सामने अपनी दलीलें पेश कीं।3 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकीं सबकी नजरेंअदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 3 जुलाई की तारीख मुकर्रर की है। तब तक के लिए पुलिस खान सर को गिरफ्तार नहीं कर सकेगी, जिससे उनके लाखों छात्रों और समर्थकों ने फिलहाल राहत की सांस ली है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि 3 जुलाई को होने वाली सुनवाई बेहद महत्वपूर्ण होने वाली है, क्योंकि इसी दिन कोर्ट तय करेगा कि खान सर को अग्रिम या नियमित जमानत दी जाए या फिर पुलिस को आगे की कार्रवाई की अनुमति मिले।पटना सहित पूरे बिहार के प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेजइस मामले के सामने आने के बाद से पटना और बिहार के अन्य जिलों में खान सर के प्रशंसकों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कोचिंग हब के रूप में मशहूर पटना के मुसल्लहपुर हाट और नया टोला जैसे इलाकों में छात्र लगातार इस केस के पल-पल के अपडेट पर नजर बनाए हुए हैं। स्थानीय पुलिस भी कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए मामले से जुड़े सभी तकनीकी और कानूनी पहलुओं की बारीकी से स्क्रूटनी करने में जुट गई है ताकि अगली तारीख पर अदालत के सामने पुख्ता रिपोर्ट पेश की जा सके।
सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह से पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बेहद क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब अस्पतालों में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की लेटलतीफी और गायब रहने की शिकायतों पर हमेशा के लिए लगाम लगने जा रही है। नई गाइडलाइन के मुताबिक, अस्पताल में डॉक्टर किस समय ड्यूटी पर आए, उन्होंने पूरे दिन में कौन-कौन से मरीजों का इलाज किया, क्या डायग्नोसिस किया और वे किस वक्त अस्पताल से रवाना हुए, इन सब बातों का पल-पल का डेटा डिजिटल तौर पर लाइव रिकॉर्ड किया जाएगा। इस हाई-टेक मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए स्वास्थ्य मंत्री खुद पूरी व्यवस्था पर सीधे नजर रखेंगे।हाई-टेक डिजिटल सिस्टम से ट्रैक होगी डॉक्टरों की हर एक्टिविटीअस्पतालों में अक्सर मरीजों की यह शिकायत रहती है कि डॉक्टर समय पर ओपीडी (OPD) में नहीं बैठते या ड्यूटी ऑवर्स के दौरान गायब रहते हैं। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए आधुनिक तकनीक और एआई-संचालित सॉफ्टवेयर का सहारा लिया जा रहा है। अस्पताल परिसरों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस के साथ-साथ एक विशेष ट्रैकिंग मैकेनिज्म लागू किया जाएगा। इसके तहत डॉक्टरों द्वारा मरीजों को देखने, उनके पर्चे बनाने और वार्ड राउंड लेने के समय को रियल-टाइम में सिस्टम पर दर्ज करना अनिवार्य होगा, जिससे किसी भी स्तर पर हेरफेर की गुंजाइश नहीं बचेगी।स्वास्थ्य मंत्री के डैशबोर्ड से सीधे जुड़ेंगे देश और प्रदेश के मुख्य अस्पतालइस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका पूरा कंट्रोल और लाइव डेटा सीधे स्वास्थ्य मंत्री के कार्यालय में बने विशेष डिजिटल डैशबोर्ड पर उपलब्ध रहेगा। स्वास्थ्य मंत्री किसी भी समय, किसी भी सरकारी अस्पताल का लाइव स्टेटस देख सकेंगे कि वहां कितने डॉक्टर मौजूद हैं और स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं या नहीं। स्थानीय और जिला स्तर के अस्पतालों से लेकर बड़े मेडिकल कॉलेजों को इस केंद्रीयकृत (Centralized) सिस्टम से जोड़ा जा रहा है, ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के मरीजों को इसका सीधा लाभ मिल सके।मरीजों को मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और समय पर सटीक इलाजइस कड़े कदम का सीधा और सबसे बड़ा फायदा आम जनता और गरीब मरीजों को होगा, जो दूर-दराज के इलाकों से इलाज कराने सरकारी अस्पतालों में आते हैं। डॉक्टरों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित होने से ओपीडी में लगने वाली लंबी कतारें छोटी होंगी और मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह नियम डॉक्टरों को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करने और जनता के बीच सरकारी चिकित्सा प्रणाली के प्रति खोए भरोसे को वापस जगाने के लिए लागू किया जा रहा है।
देश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। आगामी 1 जुलाई से बिजली बिल के भुगतान से जुड़े एक बेहद महत्वपूर्ण नियम में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अक्सर देखा जाता है कि व्यस्त दिनचर्या या किसी तकनीकी खराबी के कारण उपभोक्ता तय तारीख पर अपना बिजली बिल जमा नहीं कर पाते हैं, जिसके बाद विभाग द्वारा उन पर भारी-भरकम लेट फीस या जुर्माना ठोक दिया जाता है। लेकिन नए नियमों के लागू होने के बाद अब उपभोक्ताओं को इस मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना से बड़ी मुक्ति मिलने जा रही है।एक-दो दिन की लेटलतीफी पर विभाग देगा विशेष राहतनए संशोधन के तहत यदि कोई उपभोक्ता अपने बिजली बिल की देय तिथि (Due Date) से महज एक या दो दिन की देरी से भुगतान करता है, तो उससे किसी भी प्रकार का भारी जुर्माना या सरचार्ज नहीं वसूला जाएगा। बिजली नियामक आयोग ने उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए इस 'ग्रेस पीरियड' या अतिरिक्त समय की व्यवस्था को मंजूरी दी है। इस फैसले से विशेषकर मध्यमवर्गीय परिवारों और नौकरीपेशा लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जो अक्सर सैलरी आने या बैंकिंग सर्वर डाउन होने की वजह से एक-दो दिन लेट हो जाते थे।डिजिटल पेमेंट और तकनीकी समस्याओं को ध्यान में रखकर लिया फैसलाबिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, कई बार ऑनलाइन ट्रांजैक्शन फेल होने, यूपीआई ऐप में तकनीकी खराबी आने या बिजली विभाग के अपने सर्वर में दिक्कत होने के कारण उपभोक्ताओं का भुगतान समय पर नहीं हो पाता था। बिना किसी गलती के भी जनता को पेनल्टी भरनी पड़ती थी, जिससे उपभोक्ताओं में काफी असंतोष था। नए नियमों को डिजिटल फ्रेंडली और एआई-संचालित आधुनिक प्रणालियों के अनुकूल बनाया गया है, ताकि तकनीकी गड़बड़ियों का खामियाजा आम जनता को न भुगतना पड़े।1 जुलाई से पूरे देश के विभिन्न राज्यों में लागू व्यवस्थायह नया नियम 1 जुलाई से लागू होने जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, दिल्ली और राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों के विद्युत वितरण निगमों (Discoms) को अपनी प्रणाली अपडेट करने के निर्देश दे दिए गए हैं। स्थानीय बिजली दफ्तरों को भी सख्त हिदायत दी गई है कि वे नए सॉफ्टवेयर के तहत ही बिलिंग प्रक्रिया संचालित करें। इस ऐतिहासिक कदम से न केवल उपभोक्ताओं का पैसा बचेगा, बल्कि बिजली विभागों के प्रति जनता का भरोसा भी और ज्यादा मजबूत होगा।
दो देशों के 5 शहरों से होकर गुजरेगा खामेनेई का जनाजा, छठे दिन पैतृक शहर में होंगे सुपुर्द-ए-खाक
तेहरान। ईरान इतिहास के सबसे बड़े राजकीय जनाजे की तैयारी कर रहा है। शनिवार से शुरू होने वाले छह दिवसीय अंतिम संस्कार कार्यक्रम ईरान और इराक के पांच शहरों में आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के दौरान 28 फ़रवरी को युद्ध की शुरुआत में अमेरिका-इजरायल के हमलों में मारे गए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला […] The post दो देशों के 5 शहरों से होकर गुजरेगा खामेनेई का जनाजा, छठे दिन पैतृक शहर में होंगे सुपुर्द-ए-खाक appeared first on Sabguru News .

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