विजय सरकार का पहला 'करप्शन' केस! नए CM ऑफिस पर घमासान
नए ऑफिस को शिफ्ट करने के लिए जारी 5.54 करोड़ रुपये के टेंडर में कथित गड़बड़ियों का आरोप BJP और DMK ने लगाया है. विपक्ष का दावा है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही काम शुरू हो गया था. TVK ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे तकनीकी चूक बताया है.
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि वह अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से क्षेत्र की स्थिति के बारे में चर्चा करेंगे लेकिन उन्होंने आंतरिक मुद्दों को उठाने से इनकार करते हुए कहा कि इन मुद्दों को केवल केंद्र सरकार ही हल कर सकती है। अब्दुल्ला ने पत्रकारों से कहा, बहुत लंबे समय बाद कोई अमेरिकी राजदूत जम्मू-कश्मीर का दौरा कर रहा है। व्यक्तिगत रूप से, मुझे भी किसी अमेरिकी राजदूत से मिले हुए काफी समय हो गया है। उन्हें आने दीजिए, हम बैठकर बात करेंगे। मुख्यमंत्री ने हालांकि कहा कि वह राजदूत की बात सुनना अधिक पसंद करेंगे, और ‘‘वह (गोर) भी सुनने के लिए आ रहे हैं।’’उन्होंने कहा, देखते हैं कि आज दोपहर जब वह मिलने आएंगे तो किस तरह की बातचीत होती है। अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की समस्याओं का समाधान अमेरिका से नहीं होगा, बल्कि इनका समाधान केंद्र सरकार ही कर सकती है। उन्होंने कहा, किसी दूसरे देश के राजदूत के समक्ष अपने देश की शिकायत करना मेरी आदत कभी नहीं रही है। हमारी समस्याओं का समाधान वाशिंगटन से नहीं होगा; हमारी समस्याओं का समाधान केंद्र सरकार के पास है।’’उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मुझे लगता है कि किसी दूसरे देश के राजदूत के समक्ष अपने देश की शिकायत करना उचित नहीं होगा। यह मेरी आदत नहीं है।’’मुख्यमंत्री ने कहा कि वह निश्चित रूप से जम्मू-कश्मीर और ‘‘मौजूदा स्थिति’’ पर चर्चा करेंगे, लेकिन न तो शिकायत करेंगे और न ही अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उनसे आग्रह करेंगे।
'संजय निषाद धरना करें, हम भी देंगे साथ' आरक्षण पर ओपी राजभर की दो टूक
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दे दिया है. उन्होंने साफ कहा है कि वे आरक्षण के पक्षधर हैं और इस मुद्दे पर वे संजय निषाद के साथ हैं. अगर संजय निषाद आरक्षण की मांग को लेकर धरना देंगे तो वे भी उनका साथ देंगे.
आज के इस आधुनिक दौर में जहां तकनीक का इस्तेमाल लोग केवल मनोरंजन या अपने निजी कामों के लिए करते हैं, वहीं देश के कुछ युवा ऐसे भी हैं जो अपनी तकनीकी शिक्षा और बुद्धि का उपयोग समाज की सबसे बड़ी बीमारी यानी भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए कर रहे हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ छेड़ी गई जंग में इन दिनों दो युवा बीटेक छात्रों का नाम देश भर की सुर्खियों में छाया हुआ है। इन दोनों होनहार छात्रों ने मिलकर एक ऐसी अनूठी डिजिटल मुहिम की शुरुआत की है, जिसने न केवल सरकारी दफ्तरों और भ्रष्ट व्यवस्था के गलियारों में हलचल मचा दी है, बल्कि आम जनता के बीच भी उम्मीद की एक नई किरण जगा दी है। इन दोनों छात्रों द्वारा उठाई गई इस साहसी कदम की गूंज अब सोशल मीडिया से लेकर राष्ट्रीय स्तर के समाचारों तक में सुनाई दे रही है, और हर कोई यही जानना चाहता है कि आखिर ये दोनों कौन हैं और इन्होंने इस अनोखी मुहिम की शुरुआत कैसे की।बीटेक की पढ़ाई के दौरान कैसे आया दिमाग में यह क्रांतिकारी विचार?किसी भी बड़े बदलाव की शुरुआत अक्सर किसी छोटी सी व्यक्तिगत घटना या समाज में फैली विसंगतियों को नजदीक से देखने के बाद होती है। इन दोनों बीटेक छात्रों के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ जब उन्होंने अपने परिवार और आसपास के लोगों को छोटे-छोटे सरकारी कामों, प्रमाण पत्र बनवाने और लाइसेंस के लिए अधिकारियों के चक्कर काटते और रिश्वत देते हुए देखा। तकनीकी शिक्षा (Engineering) हासिल कर रहे इन छात्रों ने सोचा कि जब आज हर काम ऑनलाइन और मोबाइल ऐप्स के जरिए हो सकता है, तो क्यों न एक ऐसा डिजिटल माध्यम तैयार किया जाए जो आम आदमी को सीधे तौर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने और सबूत जुटाने में मदद करे। अपनी इसी सोच को अमलीजामा पहनाने के लिए उन्होंने कोडिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के अपने ज्ञान का इस्तेमाल किया और एक ऐसा अनूठा प्लेटफॉर्म डिजाइन किया जिसने आते ही तहलका मचा दिया।इस अनोखी मुहिम और डिजिटल प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणालीइन दोनों युवा इंजीनियरों द्वारा शुरू की गई इस मुहिम की सबसे बड़ी खासियत इसकी तकनीकी दक्षता और पूरी तरह से गोपनीयता बनाए रखने की क्षमता है। कई बार आम नागरिक भ्रष्टाचार के खिलाफ इसलिए आवाज नहीं उठा पाते क्योंकि उन्हें डर होता है कि उनकी पहचान उजागर हो जाएगी और उन्हें परेशान किया जाएगा। इन छात्रों ने जिस डिजिटल सॉल्यूशन को तैयार किया है, वह नागरिकों को अपनी पहचान गुप्त रखते हुए भी भ्रष्ट अधिकारियों या रिश्वतखोरी के मामलों की रिपोर्ट करने की सुविधा देता है। इसके माध्यम से लोग ऑडियो, वीडियो या डिजिटल दस्तावेजों के रूप में पुख्ता सबूत साझा कर सकते हैं, जिन्हें बाद में संबंधित उच्चाधिकारियों या जनहित मंचों तक पहुंचाया जाता है। इस तकनीक आधारित पारदर्शिता ने भ्रष्ट तंत्र की नींद उड़ा दी है।सामाजिक बदलाव और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोतइन दोनों बीटेक छात्रों का यह कदम इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है कि यदि देश का युवा अपनी ऊर्जा का सही दिशा में इस्तेमाल करे, तो वह समाज की सबसे जटिल समस्याओं का समाधान चुटकियों में निकाल सकता है। आज के दौर में जब युवा अक्सर नौकरी और करियर की दौड़ में उलझे रहते हैं, तब इन छात्रों ने सामाजिक उत्तरदायित्व का एक बेहतरीन परिचय दिया है। उनकी इस मुहिम से प्रभावित होकर देश के अन्य तकनीकी संस्थानों और विश्वविद्यालयों के छात्र भी आगे आ रहे हैं और इस डिजिटल क्रांति का हिस्सा बन रहे हैं। यह घटना साबित करती है कि बदलाव के लिए सिर्फ बड़ी राजनीतिक पार्टियों या संगठनों की जरूरत नहीं होती, बल्कि मजबूत इच्छाशक्ति और सही सोच रखने वाले दो लोग भी काफी होते हैं।भविष्य की योजनाएं और राष्ट्रव्यापी प्रभावइन होनहार छात्रों का सफर यहीं नहीं रुकता, बल्कि वे इस मुहिम को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए एक बड़े पैमाने पर काम कर रहे हैं। वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करके इस प्लेटफॉर्म को और अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने में जुटे हैं। उनके इस प्रयास को देश भर के शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और तकनीकी विशेषज्ञों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। आने वाले समय में यह डिजिटल पहल भारत से भ्रष्टाचार को मिटाने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हो सकती है। शासन और प्रशासन से जुड़े पारदर्शी अपडेट्स के लिए आप Election Commission of India या अन्य आधिकारिक पोर्टल्स का अवलोकन कर सकते हैं, जो डिजिटल इंडिया और पारदर्शी शासन की वकालत करते हैं।
हरियाणा राज्य में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे और पुलिस बल में शामिल होकर देश-सेवा का जज्बा रखने वाले युवाओं के लिए इस समय की एक बहुत बड़ी और बेहद उत्साहजनक खबर सामने आ रही है। हरियाणा पुलिस विभाग ने विशेष पुलिस अधिकारियों (Special Police Officers - SPO) के रिक्त पदों को भरने के लिए एक बड़ी भर्ती प्रक्रिया का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। इस बार कुल 400 पदों पर योग्य उम्मीदवारों की नियुक्तियां की जानी हैं। खास बात यह है कि इस पूरी भर्ती प्रक्रिया में न तो किसी प्रकार की लंबी-चौड़ी ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया का झंझट है और न ही उम्मीदवारों को किसी कठिन लिखित परीक्षा से गुजरना होगा। इस सीधी और पारदर्शी प्रक्रिया के चलते उन युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर सामने आया है जो बिना किसी लिखित परीक्षा के सीधे पुलिस महकमे में अपनी सेवाएं देना चाहते हैं।बिना लिखित परीक्षा और ऑनलाइन आवेदन के कैसे होगी चयन प्रक्रिया?अक्सर सरकारी नौकरियों के नाम पर युवाओं के मन में यह सवाल आता है कि उन्हें कई चरणों की ऑनलाइन परीक्षाओं, फॉर्म भरने की फीस और भारी-भरकम तकनीकी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ेगा। लेकिन हरियाणा पुलिस की इस 400 एसपीओ (SPO) भर्ती की सबसे बड़ी खासियत इसकी बेहद सरल और सीधी प्रक्रिया है। विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, इन पदों के लिए कोई ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरे जाएंगे और न ही कोई लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके स्थान पर उम्मीदवारों के दस्तावेजों के सत्यापन (Document Verification), शारीरिक फिटनेस और तय मानदंडों के आधार पर सीधी भर्ती की जाएगी। इस अनूठी प्रक्रिया से नौकरी चाहने वाले उन उम्मीदवारों का समय और तनाव दोनों बचेगा जो लिखित परीक्षाओं की तैयारी के झंझट से दूर रहना चाहते हैं।कौन कर सकता है इन पदों के लिए आवेदन और क्या हैं पात्रता मानदंड?इस भर्ती प्रक्रिया के तहत आवेदन करने या सीधे साक्षात्कार व चयन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए कुछ विशेष नियम और शर्तें तय की गई हैं। आमतौर पर इस प्रकार के विशेष पुलिस अधिकारी (SPO) पदों पर वे पूर्व सैनिक (Ex-Servicemen), सेना के सेवानिवृत्त जवान या केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के पूर्व कर्मी प्राथमिकता से भाग ले सकते हैं जिन्होंने पहले देश की सुरक्षा में अपनी सेवाएं दी हैं। इसके अलावा, राज्य के स्थानीय निवासियों के लिए आयु सीमा और शारीरिक दक्षता के वे तमाम मानक पूरे होने अनिवार्य हैं जो पुलिस विभाग द्वारा तय किए गए हैं। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन करने से पहले स्थानीय पुलिस मुख्यालय या जिला स्तर पर जारी होने वाली आधिकारिक सूचनाओं की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसरहरियाणा के विभिन्न जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा कानून-व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए इस प्रकार के विशेष पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। जब स्थानीय स्तर पर इस तरह के पदों के लिए भर्तियां निकलती हैं, तो युवाओं को अपने ही गृह जिले या आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के बेहतरीन अवसर प्राप्त होते हैं। 400 पदों पर होने वाली यह भर्ती न केवल बेरोजगारी की समस्या को कम करने में मदद करेगी, बल्कि पुलिस बल को अतिरिक्त मैनपावर भी प्रदान करेगी जिससे आपातकालीन स्थितियों और मेलर्स या त्योहारों के दौरान सुरक्षा प्रबंधों को चुस्त-दुरुस्त रखा जा सके।आधिकारिक जानकारी के लिए कहाँ देखें अपडेट्स?चूंकि इस भर्ती प्रक्रिया में ऑनलाइन फॉर्म भरने का कोई प्रावधान नहीं है, इसलिए उम्मीदवारों को सीधे तौर पर निर्धारित तिथियों पर संबंधित जिला पुलिस कार्यालयों या तय किए गए केंद्रों पर अपनी पूरी योग्यता और दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना होगा। इस तरह के आयोजनों की सटीक तिथियों और स्थानों की जानकारी के लिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे समय-समय पर आधिकारिक सरकारी पोर्टल्स पर नजर बनाए रखें। हरियाणा में सरकारी नौकरियों और चुनावी तथा प्रशासनिक दिशानिर्देशों से जुड़ी प्रामाणिक जानकारियों के लिए आप Chief Electoral Officer Haryana के पोर्टल या Election Commission of India की आधिकारिक वेबसाइट का अवलोकन कर सकते हैं, जहाँ शासन और प्रशासन से जुड़े तमाम अपडेट्स उपलब्ध रहते हैं।
हरियाणा के खेल प्रेमियों और उभरते हुए खिलाड़ियों के लिए इस समय की एक बेहद उत्साहजनक और बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार और खेल विभाग ने युवाओं को विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं मुहैया कराने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। फतेहाबाद जिले के भूना कस्बे में अब एक अत्याधुनिक एस्ट्रो टर्फ फुटबॉल स्टेडियम (Astro Turf Football Stadium) के निर्माण का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए सरकार की ओर से 7 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम राशि का टेंडर जारी कर दिया गया है। जैसे ही इस स्टेडियम के निर्माण की आधिकारिक घोषणा हुई, ग्रामीण और शहरी अंचल के खेल प्रेमियों तथा युवाओं के बीच जश्न का माहौल बन गया, क्योंकि लंबे समय से इस इलाके में एक बेहतरीन फुटबॉल ग्राउंड की मांग की जा रही थी।खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदमहरियाणा को हमेशा से भारत की खेल नर्सरी के रूप में जाना जाता है, जहां के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सरकार का यह प्रयास है कि राज्य के छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों से भी हुनरमंद खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिले। फतेहाबाद के भूना में बनने वाला यह एस्ट्रो टर्फ फुटबॉल स्टेडियम आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जिसमें खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए उच्च गुणवत्ता वाली घास, लाइटिंग व्यवस्था, चेंजिंग रूम और दर्शकों के बैठने के लिए दीर्घा जैसी तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस स्टेडियम के बन जाने से स्थानीय युवाओं को अपनी प्रतिभा को निखारने का एक बेहतरीन और पेशेवर मंच मिल सकेगा।7 करोड़ के इस प्रोजेक्ट से स्थानीय विकास को मिलेगी गतिकिसी भी क्षेत्र में जब इस तरह के बड़े खेल प्रोजेक्ट्स आते हैं, तो उससे न केवल खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलता है, बल्कि वहां के समग्र विकास को भी एक नई रफ्तार मिलती है। इस स्टेडियम के निर्माण पर 7 करोड़ रुपये से अधिक की जो राशि खर्च की जा रही है, वह टेंडर प्रक्रिया के जरिए पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी। निर्माण कार्य शुरू होने से लेकर इसके पूरा होने तक की प्रक्रिया पर स्थानीय प्रशासन की पैनी नजर रहेगी, ताकि तय समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा किया जा सके। जानकारों का मानना है कि इस प्रकार के प्रोजेक्ट्स से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होते हैं और युवाओं का ध्यान सकारात्मक गतिविधियों की ओर आकर्षित होता है।युवाओं और खिलाड़ियों में भारी उत्साह का माहौलफतेहाबाद और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में फुटबॉल के प्रति गजब का क्रेज देखने को मिलता है। यहां के युवा स्थानीय मैदानों पर अपनी मेहनत के दम पर आगे बढ़ते आए हैं, लेकिन उचित सुविधाओं के अभाव में उन्हें कई बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब अत्याधुनिक एस्ट्रो टर्फ स्टेडियम बनने की खबर से खिलाड़ियों के चेहरे खिल उठे हैं। स्थानीय खेल अकादमियों और कोचों का कहना है कि इस तरह के मैदान मिलने से खिलाड़ियों को नेशनल और इंटरनेशनल स्तर के मुकाबलों के लिए तैयार होने में बहुत आसानी होगी। आने वाले दिनों में यह स्टेडियम इस क्षेत्र के खेल इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित होने की पूरी उम्मीद है।
हरियाणा के पंचकूला शहर में इन दिनों राजनीतिक और सामाजिक हलचल काफी तेज हो गई है। हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत काम करने वाले कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और उनकी नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी ने सड़कों पर उतरकर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया है। इस प्रदर्शन के दौरान राज्यभर से आए हजारों कर्मचारी और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एकत्र हुए। खास बात यह रही कि इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी प्रभारी भी विशेष तौर पर पहुंचे, जिससे इस आंदोलन को राष्ट्रीय और प्रांतीय स्तर पर एक नई राजनीतिक गति मिल गई है। पंचकूला के स्थानीय प्रशासन और पुलिस को भी इस बड़े प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने पड़े, क्योंकि कर्मचारियों का गुस्सा सरकार की नीतियों के खिलाफ सातवें आसमान पर दिखाई दे रहा था।हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के कर्मचारियों का दर्द और मुख्य मांगेंपिछले कुछ वर्षों से हरियाणा में सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों में अनुबंध आधार पर काम करने वाले लाखों युवाओं के लिए एचकेआरएन एक बड़ा माध्यम बना है। हालांकि, इन कर्मचारियों का मुख्य दर्द यह है कि उन्हें न तो समय पर नौकरी की स्थिरता मिलती है और न ही समान काम के लिए समान वेतन या अन्य सरकारी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का साफ कहना है कि उन्होंने वर्षों तक पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं दी हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके भविष्य पर हमेशा तलवार लटकी रहती है। कांग्रेस पार्टी ने इन कर्मचारियों के इस मुद्दे को अपने हाथ में लेते हुए राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला है और मांग की है कि बिना किसी देरी के सभी अनुबंध कर्मियों को सेवा सुरक्षा दी जाए और उन्हें नियमित किया जाए।कांग्रेस प्रभारी की मौजूदगी से गरमाई राजनीतिपंचकूला में हुए इस प्रदर्शन का सबसे बड़ा आकर्षण कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ प्रभारी का इस मार्च में शामिल होना रहा। उनके आने से न सिर्फ पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी जोश देखने को मिला, बल्कि सरकार के खिलाफ उठ रही आवाज को एक राष्ट्रीय मंच भी मिल गया। प्रभारी ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए राज्य की मौजूदा सरकार पर तीखे हमले किए और आरोप लगाया कि युवाओं को रोजगार देने के नाम पर केवल छलावा किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि कांग्रेस पार्टी सदन से लेकर सड़क तक इन कच्चे कर्मचारियों की लड़ाई पूरी ताकत के साथ लड़ेगी और जब तक उन्हें उनका हक नहीं मिल जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। स्थानीय स्तर पर इस रैली ने पंचकूला की राजनीति का तापमान काफी बढ़ा दिया है।स्थानीय प्रशासन और पुलिस की चौकसीपंचकूला जिला प्रशासन के लिए यह प्रदर्शन एक बड़ी चुनौती साबित हुआ। कानून और व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए शहर के प्रमुख मार्गों और प्रदर्शन स्थल के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। बेरिकेट्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिशें भी की गईं, जिसके चलते पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की झड़पें भी देखने को मिलीं। स्थानीय निवासियों और राहगीरों को भी ट्रैफिक डायवर्जन के कारण कुछ समय के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, प्रशासन की मुस्तैदी के चलते स्थिति नियंत्रण में रही, लेकिन इस बड़े आंदोलन ने यह साबित कर दिया है कि रोजगार और कर्मचारियों का यह मुद्दा आने वाले समय में राज्य की राजनीति का एक सबसे बड़ा केंद्र बनने वाला है।चुनाव और राजनीतिक भविष्य पर पड़ने वाला असरहरियाणा की राजनीति में कच्चे कर्मचारियों का यह मुद्दा हमेशा से एक गेम-चेंजर साबित होता रहा है। राज्य की एक बहुत बड़ी आबादी और उनके परिवार सीधे तौर पर इस नीति से प्रभावित हैं। कांग्रेस पार्टी द्वारा इस मुद्दे को इतनी प्रमुखता से उठाना यह दर्शाता है कि विपक्षी दल सरकार की कमजोरियों को भुनाने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते। पंचकूला से उठी यह आवाज अब पूरे हरियाणा में गूंजने लगी है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या सरकार इन कर्मचारियों के दबाव के आगे झुकते हुए कोई सकारात्मक नीतिगत बदलाव करती है या फिर यह राजनीतिक टकराव और अधिक उग्र रूप लेता है।
जंग लड़ेंगे US के 2 दोस्त? जानिए इजरायल-तुर्की की पूरी मिलिट्री पावर
ग्लोबल फायरपावर 2026 के अनुसार तुर्की विश्व में 9वें और इजरायल 15वें स्थान पर है. दोनों अमेरिका के सहयोगी हैं. जमीनी और नौसेना में तुर्की आगे, हवा में इजरायल की तकनीकी बढ़त है.
15 हजार में 200 इंच LED टीवी एक्सपीरिएंस! कमाल की है ये डील
XElectron Luminex Projector को मैंने करीब 1 महीने तक इस्तेमाल किया है. यह पोर्टेबल प्रोजेक्टर 1080p नेटिव फुल एचडी रेजोल्यूशन, 4K कंटेंट सपोर्ट, और Auto Focus जैसी सुविधाओं के साथ आता है. इसमें कई बेहतरीन फीचर्स हैं, लेकिन क्या ये अपनी कीमत को जस्टिफाई करता है. आइए इसके बारे में जानते हैं.
विधानसभा चुनाव की हार के बाद ममता बनर्जी की TMC ने बर काउंसिल चुनाव में दिखाया दम
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने अपनी मजबूत पकड़ का अहसास करा दिया है। हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों और विधानसभा चुनाव के दौरान मिले झटकों के बाद, टीएमसी ने बार काउंसिल चुनाव (Bar Council Election) में शानदार प्रदर्शन करते हुए विरोधी दलों को चौंका दिया है। इस चुनाव में पार्टी ने अपनी राजनीतिक ताकत का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कुल 23 सीटों के नतीजों में से अकेले 15 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है। इस बड़ी कामयाबी के बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है कि जमीनी स्तर पर पार्टी का प्रभाव अभी भी कितना मजबूत है।बार काउंसिल चुनाव में टीएमसी की धमाकेदार जीत और आंकड़ों का गणितपश्चिम बंगाल में हुए इस महत्वपूर्ण बार काउंसिल चुनाव के नतीजे जब सामने आए, तो हर कोई हैरान रह गया। चुनाव परिणामों के अनुसार, कुल 23 सीटों के लिए हुए इस मुकाबले में ममता बनर्जी समर्थित वकीलों और पैनल ने कुल 15 सीटों पर अपना कब्जा जमाया है। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और अन्य विरोधी दलों को इस चुनाव में काफी पीछे छोड़ दिया गया है। आंकड़ों के मुताबिक, बीजेपी इस मुकाबले में केवल 3 सीटों पर ही सिमटकर रह गई, जबकि बाकी सीटें अन्य उम्मीदवारों के खाते में गईं। वकीलों के इस प्रतिष्ठित चुनाव में टीएमसी की यह बंपर जीत पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए किसी बड़े टॉनिक से कम नहीं है।विधानसभा चुनावों के झटकों के बाद पार्टी के लिए संजीवनीराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ समय से चुनावी मैदान में मिल रहे उतार-चढ़ाव के बीच बार काउंसिल चुनाव के यह नतीजे टीएमसी के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। वकीलों का यह निकाय राज्य की न्यायिक और प्रशासनिक व्यवस्था में एक खास अहमियत रखता है। ऐसे में, इस पेशेवर और बौद्धिक वर्ग के बीच इतनी बड़ी संख्या में सीटें जीतना यह साबित करता है कि जमीनी स्तर पर और वैचारिक रूप से पार्टी की पकड़ अभी भी काफी मजबूत है। ममता बनर्जी की नीतियों और पार्टी के समर्थन से जुड़े अधिवक्ताओं ने जिस एकजुटता का परिचय दिया, उसने विपक्षी दलों के तमाम दावों की हवा निकाल दी है।बीजेपी और लेफ्ट के लिए एक बड़ा झटकापश्चिम बंगाल की राजनीति में अपनी जड़ें जमाने की कोशिश कर रही भारतीय जनता पार्टी और वामपंथी दलों (Left Parties) के लिए यह चुनाव परिणाम एक बड़ा झटका माने जा रहे हैं। बीजेपी लंबे समय से राज्य में टीएमसी के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए है, लेकिन बार काउंसिल जैसे पेशेवर चुनावों में महज 3 सीटें मिलना यह दर्शाता है कि पेशेवर वर्ग के बीच उनकी पकड़ अभी भी उस स्तर पर नहीं पहुंच पाई है जिसकी उम्मीद की जा रही थी। राजनीतिक जानकारों का यह भी कहना है कि इस तरह के चुनाव भले ही आम जनता के चुनाव न हों, लेकिन ये राज्य के राजनीतिक मूड और बौद्धिक वर्ग की सोच को जरूर दर्शाते हैं।भविष्य की राजनीति पर पड़ने वाला दूरगामी प्रभावबार काउंसिल चुनाव में मिली इस शानदार सफलता के बाद टीएमसी कैंप में जश्न का माहौल है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह जीत इस बात का प्रमाण है कि जनता और बुद्धिजीवी वर्ग आज भी ममता बनर्जी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा करते हैं। आने वाले दिनों में जब राज्य में अन्य स्थानीय निकाय या क्षेत्रीय चुनाव होंगे, तो इस जीत का मनोवैज्ञानिक फायदा टीएमसी को जरूर मिलेगा। विपक्षी दलों के लिए यह समय आत्ममंथन करने का है कि वे पेशेवर और वकीलों के इस बड़े वर्ग के बीच अपनी पै क्यों नहीं मजबूत कर पाए। कुल मिलाकर, बंगाल के राजनीतिक पटल पर इस नतीजे ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि ममता बनर्जी की राजनीतिक रणनीति और जमीनी पकड़ को कम आंकना किसी भी विरोधी दल के लिए आसान नहीं होगा।
भदोही आएंगे 56 देशों के 400 एक्सपोर्टर! कालीन कारोबार को मिलेगी ग्लोबल उड़ान
भदोही में आयोजित होने जा रहे 'इंडिया कारपेट एक्सपो' में 56 देशों के करीब 400 कालीन निर्यातकों और 350 विदेशी कारोबारी प्रतिनिधियों के पहुंचने की उम्मीद है. वहीं, देश के अलग-अलग हिस्सों से करीब 300 भारतीय निर्माता और निर्यातक भी हिस्सा लेंगे. यह आयोजन एशिया के प्रमुख कारपेट मेलों में शामिल है.
भारतीय सिनेमा जगत में अपनी दमदार अदायगी, अनूठे अभिनय कौशल और हर किरदार में जान फूंक देने वाले पद्मश्री मनोज बाजपेयी (Manoj Bajpayee) की सफलता की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। बिहार के एक छोटे से गांव से निकलकर मायानगरी मुंबई की चकाचौंध में अपनी मेहनत के बल पर अपनी एक अलग और मजबूत पहचान बनाने वाले मनोज बाजपेयी ने आज अभिनय की दुनिया में जो मुकाम हासिल किया है, वह हर किसी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। आज के समय में अपनी फिल्मों, ओटीटी प्रोजेक्ट्स और ब्रांड विज्ञापनों के जरिए उन्होंने लगभग 170 करोड़ रुपये का एक बड़ा और मजबूत वित्तीय साम्राज्य खड़ा कर लिया है। उनकी शान-ओ-शौकत और स्टारडम किसी परिचय का मोहताज नहीं है, लेकिन इसके बावजूद जब वे अपनी जिंदगी के सफर को पीछे मुड़कर देखते हैं, तो उनके मन में एक ऐसा गहरा मलाल रह जाता है जो आज भी उन्हें अंदर से झकझोर देता है।थिएटर के दिनों का संघर्ष और मायानगरी मुंबई का कठिन सफरमनोज बाजपेयी के जीवन का शुरुआती दौर बिल्कुल भी आसान नहीं था। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) में बार-बार अस्वीकार किए जाने के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने अभिनय के जूनून को कम नहीं होने दिया। जब वे दिल्ली से मुंबई आए थे, तब उनके पास रहने के लिए ढंग का ठिकाना नहीं था और कई दिनों तक उन्हें बिना पैसों के खाली पेट सोना पड़ता था। 'बैंडिट क्वीन' और 'सत्या' जैसी फिल्मों में छोटे-छोटे किरदारों से अपनी शुरुआत करने वाले इस अभिनेता ने अपनी काबिलियत के दम पर साबित कर दिया कि एक दिन पूरी इंडस्ट्री उनके इर्द-गिर्द घूमेगी। 'द फैमिली मैन' और विभिन्न समीक्षकों द्वारा सराही गई फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाकर उन्होंने दिखा दिया कि सिनेमा में स्टारडम सिर्फ बड़े बैनर से नहीं, बल्कि बेजोड़ अभिनय से तय होता है।170 करोड़ के साम्राज्य के मालिक बनने के बाद भी क्यों है अधूरापन?आज मनोज बाजपेयी के पास नाम, दौलत, शोहरत और देश-विदेश में करोड़ों फैंस का प्यार है, लेकिन कहते हैं न कि इंसान की जिंदगी में सब कुछ मिलने के बाद भी कोई न कोई अधूरापन रह ही जाता है। मीडिया इंटरव्यूज और बातचीत के दौरान जब उनसे उनके जीवन के सबसे बड़े दर्द या मलाल के बारे में पूछा जाता है, तो उनका दिल भर आता है। अभिनेता का यह मानना है कि उन्होंने अपनी जिंदगी में सफलता की सीढ़ियां तब चढ़नी शुरू कीं जब उनके माता-पिता इस दुनिया में उनके साथ नहीं थे। आज वे चाहे जितने आलीशान घरों में रहें या कितनी भी महंगी गाड़ियों के मालिक बन जाएं, लेकिन वे अपने माता-पिता को अपनी इस सफलता का गवाह नहीं बना सके, और यही एक ऐसा मलाल है जो उनके दिल में हमेशा के लिए घर कर गया है।अपने माता-पिता को सफलता न दिखा पाने का सबसे बड़ा गममनोज बाजपेयी कई मौकों पर यह कह चुके हैं कि उनके जीवन का सबसे बड़ा दुख यही है कि जब वे संघर्ष कर रहे थे, तब उनके माता-पिता ने उन्हें बहुत सी तकलीफों में देखा था। लेकिन जैसे ही उनके जीवन में अच्छे दिन आए और वे अपने परिवार को एक आरामदायक और खुशहाल जिंदगी देने की स्थिति में पहुंचे, उनके माता-पिता इस दुनिया को अलविदा कह चुके थे। अभिनेता अक्सर यह कहते हैं कि वे चाहते थे कि उनके पिता और माता उनकी सफलता, उनके पुरस्कारों और उनकी इस शान-ओ-शौकत को अपनी आंखों से देखें। पैसों और भौतिक सुख-सुविधाओं से भले ही आज उनका साम्राज्य 170 करोड़ के पार पहुंच गया हो, लेकिन माता-पिता के आशीर्वाद को भौतिक चीजों से नहीं तोला जा सकता, और यही कमी उन्हें ताउम्र खलती रहेगी।नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए क्या संदेश छोड़ते हैं मनोज बाजपेयी?मनोज बाजपेयी का यह सफर इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि यदि आपके भीतर प्रतिभा है और आप लगातार मेहनत करने का जज्बा रखते हैं, तो विपरीत से विपरीत परिस्थितियां भी आपको रोक नहीं सकतीं। उनका जीवन यह सिखाता है कि सफलता केवल बैंक बैलेंस या संपत्ति बनाने का नाम नहीं है, बल्कि अपनों के खोने की कीमत पर मिलने वाली दौलत के अपने कुछ दर्द भी होते हैं। आज के युवा कलाकार जो रातों-रात स्टार बनने का सपना देखते हैं, वे मनोज बाजपेयी के इस सफर से यह सीख ले सकते हैं कि धैर्य और समर्पण ही असली पूंजी है। करोड़ों के साम्राज्य के मालिक होने के बावजूद जमीन से जुड़े रहना और अपनी जड़ों को न भूलना ही एक सच्चे कलाकार की सबसे बड़ी पहचान होती है।
अयोध्या में महिला के ₹42,000 लेकर भागा बंदर
अयोध्या के सिविल लाइन इलाके में एक बंदर महिला के 42,105 रुपये लेकर भाग गया. राहगीरों की कोशिश नाकाम रही तो पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिसकर्मियों ने बंदर को डराने के बजाय केला देकर उसका ध्यान भटकाया और इसी दौरान रकम सुरक्षित बरामद कर ली. पहचान की प्रक्रिया पूरी करने के बाद पूरी नकदी महिला को लौटा दी गई. पुलिस की इस सूझबूझ की स्थानीय लोगों ने जमकर तारीफ की.
दिशा पाटनी बनीं ‘आवारापन 2’ की पहली पसंद, निर्माता विशेष भट्ट ने बताई कास्टिंग की कहानी
अगर हाल के दिनों में सिनेमाघरों में किसी फिल्म ने सबसे ज्यादा हलचल मचाई है, तो वह ‘आवारापन 2’ है।
भारतीय सिनेमा जगत और बॉक्स ऑफिस के गलियारों में इस समय एक ऐसी आंधी आई है जिसने सारे पुराने रिकॉर्ड्स को हिलाकर रख दिया है। फिल्मों के इस महामुकाबले में जिस फिल्म ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं, वह है बहुप्रतीक्षित फिल्म 'आवारापन 2'। जब यह फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, तब ट्रेड एनालिस्ट्स का यह अनुमान था कि यह अच्छी ओपनिंग लेगी, लेकिन फिल्म ने जिस रफ्तार से कमाई के नए आयाम गढ़े हैं, उसने हर किसी को हैरान कर दिया है। बॉक्स ऑफिस पर इस समय 'आवारापन 2' की ऐसी सुनामी आई है जिसके आगे बड़ी-बड़ी बजट वाली फिल्में पानी भरती नजर आ रही हैं। हालत यह है कि वर्ल्डवाइड कलेक्शन के मामले में इस फिल्म ने यश राज बैनर की स्पाई यूनिवर्स और एक्शन से भरपूर फिल्म 'ऐल्फा' तक को धूल चटा दी है। इसके अलावा, दर्शकों के बीच लंबे समय से चर्चा में रही 'कॉकटेल 2' जैसी बड़ी रोमांटिक ड्रामा फिल्म भी इसके आक्रामक कलेक्शन के आगे पूरी तरह नतमस्तक होती दिखाई दे रही है।बॉक्स ऑफिस पर क्यों बरप रहा है 'आवारापन 2' का कहर?किसी भी फिल्म की सफलता के पीछे उसकी कहानी, दमदार अभिनय, बेहतरीन संगीत और भावनाओं का ऐसा ताना-बाना होता है जो सीधे दर्शकों के दिलों को छू जाए। 'आवारापन 2' के मेकर्स ने इसी फॉर्मूले पर काम किया और नतीजा सबके सामने है। फिल्म के मुख्य कलाकारों की दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और इमोशनल सीन्स ने सिनेमाघरों में बैठे दर्शकों को अपनी सीटों से बांधे रखा। माउथ पब्लिसिटी (Word of Mouth) का फायदा इस फिल्म को इतना जबरदस्त मिला कि रिलीज के शुरुआती दिनों से ही टिकट खिड़की पर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलने लगीं। युवा वर्ग से लेकर परिवार के हर सदस्य तक ने इस फिल्म को देखने के लिए थिएटर्स का रुख किया, जिसके चलते बॉक्स ऑफिस पर इसकी कमाई का ग्राफ लगातार आसमान छू रहा है।'ऐल्फा' और 'कॉकटेल 2' जैसी फिल्मों को पछाड़ने का पूरा गणितसिनेमाघरों में एक ही समय पर कई बड़ी फिल्मों का क्लैश होना कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब कोई मध्यम बजट की या सीक्वल फिल्म अपने से कहीं अधिक बजट वाली फिल्मों को पछाड़ देती है, तो वह अपने आप में एक बड़ा इतिहास बन जाता है। 'ऐल्फा' जैसी एक्शन और थ्रिलर से भरपूर फिल्म से दर्शकों को बहुत ज्यादा उम्मीदें थीं, और शुरुआती दिनों में उसने अच्छी कमाई भी की थी। लेकिन जैसे-जैसे दिन बीते, 'आवारापन 2' की कहानी के दम पर दर्शकों का रुझान बदल गया। ठीक इसी प्रकार, 'कॉकटेल 2' जैसी स्टाइलिश और शहरी परिवेश पर आधारित फिल्म भी मल्टीप्लेक्स ऑडियंस को आकर्षित करने में जुटी थी, लेकिन 'आवारापन 2' के मास अपील और इमोशनल गहराई के सामने वह टिक नहीं पाई। वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों पर नजर डालें तो 'आवारापन 2' ने ग्लोबल मार्केट में भी अपनी धाक जमाते हुए रिकॉर्ड तोड़ कलेक्शन दर्ज किया है।ट्रेड एनालिस्ट्स और क्रिटिक्स की रायफिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि 'आवारापन 2' की इस ऐतिहासिक सफलता ने यह साबित कर दिया है कि आज के दौर में भी दमदार कंटेंट और पुरानी लोकप्रिय कहानियों का नया रूप दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच लाने में सबसे बड़ा हथियार साबित होता है। क्रिटिक्स ने भी फिल्म के निर्देशन, सिनेमैटोग्राफी और गानों की जमकर तारीफ की है। जब किसी फिल्म का संगीत रिलीज से पहले ही चार्टबस्टर बन जाता है, तो आधी सफलता तो वहीं तय हो जाती है। 'आवारापन 2' के गानों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जो रील्स और ट्रेंड्स बनाए, उसने भी इस फिल्म की मार्केटिंग में चार चांद लगा दिए। आने वाले हफ्तों में भी इस फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर डटे रहने की पूरी उम्मीद है, क्योंकि इसके सामने अभी कोई बड़ी टक्कर देने वाली फिल्म मैदान में नहीं है।दर्शकों के बीच क्रेज और आने वाले दिनों की कमाई के कयासजिस तरह का जबरदस्त रिस्पांस इस समय सिंगल स्क्रीन थिएटर्स से लेकर बड़े मल्टीप्लेक्स तक में देखने को मिल रहा है, उससे यह साफ अंदाजा लगाया जा रहा है कि 'आवारापन 2' आने वाले दिनों में कई और नए माइलस्टोन अपने नाम करने वाली है। टिकट खिड़की पर फिल्मों का यह घमासान यह भी सिखाता है कि दर्शक अब केवल बड़े सितारों या भारी-भरकम बजट के पीछे नहीं भागते, बल्कि उन्हें एक ऐसी कहानी चाहिए जो उनके दिल को झकझोर सके। फिल्म की इस शानदार कामयाबी ने पूरी इंडस्ट्री में एक नई ऊर्जा भर दी है, और मेकर्स को यह सीख भी मिली है कि सीक्वल बनाते समय अगर दर्शकों की भावनाओं का सही सम्मान किया जाए, तो सफलता की गारंटी अपने आप मिल जाती है।
Jr. NTR के घर छाया गहरा मातम: अचानक छूटा 4 साल के 'लिटिल वन' का साथ, टूट पड़े एक्टर
साउथ सिनेमा के ग्लोबल स्टार और 'आरआरआर' फेम अभिनेता जूनियर एनटीआर (Jr. NTR) की पर्सनल लाइफ से जुड़ी इस समय की एक बेहद मर्मांतक और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने उनके चाहने वालों और पूरी फिल्म इंडस्ट्री को गहरे सदमे में डाल दिया है। अभिनेता के घर पर इस समय मातम पसरा हुआ है और उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जूनियर एनटीआर के जीवन के सबसे करीब और प्यारे एक नन्हे साथी यानी उनके चार साल के 'लिटिल वन' (प्यारे पालतू कुत्ते) का अचानक निधन हो गया है। इस अप्रत्याशित और गहरे सदमे से टूटे हुए अभिनेता ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक नोट शेयर किया है, जिसके शब्द पढ़कर किसी की भी आंखें नम हो जाएं। अपने इस चार साल के प्यारे साथी को याद करते हुए जूनियर एनटीआर ने लिखा है कि उसके चले जाने से घर में जो सन्नाटा छा गया है, वह बहुत बड़ा और असहनीय है।अचानक हुए इस निधन से सदमे में पूरा परिवार और फैंसकिसी भी इंसान के लिए उसका पालतू जानवर सिर्फ एक मूक प्राणी नहीं होता, बल्कि वह परिवार के एक बेहद अहम और सच्चे सदस्य की तरह होता है। जूनियर एनटीआर और उनके पूरे परिवार के साथ इस चार साल के 'लिटिल वन' का जुड़ाव बेहद गहरा था। पिछले चार सालों से वह उनके घर की खुशियों और बच्चों की किलकारियों का एक अहम हिस्सा बना हुआ था। लेकिन अचानक हुई इस अनहोनी ने सबको हिला कर रख दिया है। जब से इस बात की जानकारी सोशल मीडिया पर सामने आई है, तब से न सिर्फ जूनियर एनटीआर के परिवार बल्कि दुनिया भर में फैले उनके करोड़ों फैंस के बीच भी शोक की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर फैंस लगातार अभिनेता और उनके परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं और उस मासूम जीव की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।जूनियर एनटीआर का इमोशनल नोट: 'तुम्हारी कमी का सन्नाटा बहुत बड़ा है'अपने इस प्रिय साथी के जाने के बाद जूनियर एनटीआर अपने जज्बातों को रोक नहीं पाए और उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक दिल को चीर देने वाला संदेश साझा किया। अभिनेता ने अपने पोस्ट में लिखा कि चार साल का यह सफर बहुत खूबसूरत था, लेकिन अब तुम्हारे बिना यह घर खाली और वीरान महसूस हो रहा है। उन्होंने बेहद दर्द भरे अंदाज में लिखा कि तुम्हारे जाने के बाद जो सन्नाटा यहां पसरा है, उसकी गूंज बहुत भारी और उदास करने वाली है। इस पोस्ट के सामने आते ही यह इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया और कुछ ही घंटों में लाखों लोगों ने इस पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। यह इस बात का प्रमाण है कि जूनियर एनटीआर अपने काम के साथ-साथ अपने निजी रिश्तों और भावनाओं से कितने गहराई से जुड़े हुए हैं।जानवरों के प्रति प्यार और सेलिब्रिटीज का यह संवेदनशील पहलूफिल्म इंडस्ट्री की चकाचौंध और व्यस्त शेड्यूल के बीच अक्सर सितारे अपनी दुनिया में मशगूल रहते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं यह याद दिलाती हैं कि वे भी आम इंसानों की तरह बेहद संवेदनशील दिल रखते हैं। पालतू जानवरों के साथ इंसानों का रिश्ता बिना किसी स्वार्थ और शर्त के होता है। जब कोई ऐसा वफादार साथी अचानक दुनिया छोड़कर चला जाता है, तो होने वाला दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। जूनियर एनटीआर का यह दर्द साफ तौर पर उनके इस संदेश में झलकता है। इंडस्ट्री के अन्य कलाकारों और सह-कलाकारों ने भी इस दुख की घड़ी में जूनियर एनटीआर और उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की है।इस कठिन समय में फैंस का मिला भरपूर समर्थन और प्यारएक लोकप्रिय अभिनेता के रूप में जूनियर एनटीआर हमेशा से अपनी फिल्मों और दमदार अभिनय के लिए जाने जाते हैं, लेकिन आज वे एक ऐसे दौर से गुजर रहे हैं जहां उनकी ताकत उनके चाहने वाले बन गए हैं। सोशल मीडिया पर उनके फैंस लगातार कमेंट्स के जरिए उन्हें इस दुख से उबरने की शक्ति देने की बात कह रहे हैं। जीवन के इस उतार-चढ़ाव भरे मोड़ पर अपनों का और चाहने वालों का साथ ही सबसे बड़ा सहारा होता है। यह घटना हमें यह भी सिखाती है कि जीवन बहुत छोटा है और हमारे आसपास मौजूद हर उस जीव और इंसान की कद्र करनी चाहिए जो हमारी जिंदगी में खुशियां लेकर आते हैं।
मेरठ में हिंदू लड़की को लेकर मस्जिद के इमाम का बेटा हुआ फरार!
मेरठ के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक हिंदू युवती संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई है. परिजनों ने कचहरी मस्जिद के इमाम के बेटे पर युवती को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया है. पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है.
तमिलनाडु के सभी विधायकों की जगी किस्मत: सीएम विजय ने बांटी नई कार और 1 लाख रुपये का मासिक भत्ता
दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु की राजनीति में इस समय मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय (C Joseph Vijay) के एक मास्टरस्ट्रोक फैसले ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। राज्य की सत्ता संभालने के बाद से ही मुख्यमंत्री विजय लगातार बड़े और चौंकाने वाले फैसले ले रहे हैं, लेकिन इस बार उन्होंने विधानसभा के सभी विधायकों के लिए एक ऐसा तोहफा दिया है जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है। तमिलनाडु सरकार ने राज्य के सभी 234 विधायकों को अपने क्षेत्रों में सुचारू रूप से काम करने और जनता की शिकायतों का तेजी से समाधान करने के लिए मुफ्त सरकारी गाड़ियां (New Cars) और हर महीने 1 लाख रुपये तक का भारी-भरकम भत्ता देने का ऐतिहासिक ऐलान किया है। मुख्यमंत्री के इस कदम के बाद से राजनीतिक गलियारों में यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि आखिर थलापति विजय अचानक अपने राज्य के विधायकों पर इतने मेहरबान क्यों हो गए हैं।विधानसभा में नियम 110 के तहत किया गया बड़ा ऐलानतमिलनाडु विधानसभा के सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय ने नियम 110 (Rule 110) का उपयोग करते हुए इस बड़े वित्तीय पैकेज की घोषणा की। सदन में चर्चा के दौरान जब विधायकों की लॉजिस्टिक और परिवहन संबंधी समस्याओं का मुद्दा उठाया गया, तो मुख्यमंत्री ने बिना किसी देरी के तुरंत फैसला लेते हुए राज्य के सभी विधायकों को आधिकारिक वाहन मुहैया कराने की बात कही। इस विशेष योजना के तहत प्रत्येक विधायक को कार के रखरखाव, ईंधन और ड्राइवर के वेतन के लिए हर महीने 75,000 रुपये का वाहन भत्ता दिया जाएगा। इसके अलावा, कार्यालय के कामकाज और जनहित के कागजी कार्यों को संभालने के लिए एक निजी सचिव या सहायक रखने के वास्ते 25,000 रुपये प्रति माह का अतिरिक्त अनुदान भी दिया जाएगा। इस तरह हर विधायक को कुल मिलाकर प्रति माह 1 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी।विधायकों पर मेहरबान होने के पीछे क्या है असली प्रशासनिक मजबूरी?राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तमिलनाडु सरकार का यह फैसला केवल एक तोहफा नहीं है, बल्कि इसके पीछे जमीनी स्तर पर प्रशासनिक कामकाज को पारदर्शी और तेज बनाने की एक बड़ी रणनीति छिपी है। राज्य के स्थानीय निकायों जैसे कि मेयर, डिप्टी मेयर, नगर पालिका अध्यक्षों और पंचायत प्रमुखों के पास पहले से ही आधिकारिक वाहन और यात्रा की सुविधाएं मौजूद थीं, लेकिन निर्वाचित होने के बावजूद विधायकों के पास निर्वाचन क्षेत्रों में घूमने के लिए ऐसी कोई पुख्ता और स्थायी सरकारी व्यवस्था नहीं थी। इस वजह से कई बार दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में जाकर जनता की समस्याओं को सुनना और सरकारी योजनाओं की जमीनी प्रगति की मॉनिटरिंग करना विधायकों के लिए मुश्किल हो जाता था। मुख्यमंत्री विजय ने इस अंतर को खत्म करने और विधायकों को किसी भी प्रकार की वित्तीय या तार्किक लाचारी से मुक्त करने के लिए यह साहसिक कदम उठाया है।जनता के पैसों के इस्तेमाल और सरकारी खजाने पर पड़ने वाला असरइस बड़े फैसले के बाद से राज्य के वित्तीय ढांचे पर भी चर्चा शुरू हो गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, तमिलनाडु के सभी 234 विधायकों को मिलने वाले इस 1 लाख रुपये प्रति माह के पैकेज और गाड़ियों की व्यवस्था से राज्य के खजाने पर सालाना करोड़ों रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। हालांकि, सरकार का पक्ष है कि जब तक जनप्रतिनिधियों को मजबूत बुनियादी संसाधन नहीं दिए जाएंगे, तब तक वे अपने क्षेत्रों का विकास पूरी ईमानदारी और ताकत से नहीं कर पाएंगे। विपक्षी दलों और जानकारों का एक धड़ा इस फैसले को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया दे रहा है, लेकिन आम जनता के बीच इस बात की चर्चा है कि क्या इस तरह के भारी भत्तों से वाकई जमीनी स्तर पर विकास कार्यों में तेजी आएगी या नहीं।स्वास्थ्य और डेयरी सेक्टर को लेकर भी किए गए कई अहम बदलावमुख्यमंत्री विजय ने केवल विधायकों की सुविधाओं का ही ध्यान नहीं रखा, बल्कि इस दौरान आम जनता और किसानों के हित में भी कई बड़े ऐलान किए। राज्य में कोऑपरेटिव डेयरी ब्रांड 'आंविन' (Aavin) से जुड़े 3.16 लाख से अधिक दूध उत्पादकों को राहत देते हुए दूध की खरीद कीमत को 38 रुपये से बढ़ाकर 41 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना (CMCHIS) के तहत मिलने वाली सालाना मेडिकल कवरेज की सीमा को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे 25 लाख रुपये कर दिया गया है, ताकि गरीब से गरीब व्यक्ति भी मुफ्त और बेहतर इलाज पा सके। इन सभी फैसलों के जरिए मुख्यमंत्री विजय राज्य की राजनीति में अपनी पकड़ और मजबूत करने की कोशिश में जुटे हैं।
क्या सरकार छात्रों को किसी भी प्रदर्शन में जाने से रोक सकती है?
तमिलनाडु सरकार ने हाल ही में स्टूडेंट्स को कॉकरोच जनता पार्टी और लेफ्ट पार्टियों के प्रदर्शन में जाने से रोकने का एक निर्देश जारी किया था, जिस पर काफी सवाल उठ रहे हैं.
LIVE: तेजस्वी यादव को हिरासत में लिया गया, वाटर कैनन का हुआ इस्तेमाल
राजद के लोकभवन मार्च के दौरान पुलिस ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को हिरासत में ले लिया है.
मृत्यु के बाद क्यों की जाती है तेरहवीं? गरुड़ पुराण से जानें रहस्य
Garud Puran: मृत्यु के बाद निभाई जाने वाली तेरहवीं, पिंडदान और जल तर्पण की परंपरा केवल धार्मिक रस्में नहीं, बल्कि मृत आत्मा की आगे की यात्रा को सुगम बनाने का माध्यम हैं. आइए जानते हैं कि मत्यु के बाद क्यों की जाती है तेरहवीं.
जम्मू-कश्मीर: US Envoy दौरे पर Omar Abdullah का रुख स्पष्ट, विदेशी हस्तक्षेप नहीं चलेगा
आज, 19 अगस्त को अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के जम्मू-कश्मीर दौरे से पहले, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वह दौरे पर आए अमेरिकी राजदूत के साथ इलाके के हालात पर चर्चा करेंगे, लेकिन वॉशिंगटन के प्रतिनिधि के सामने अंदरूनी मुद्दों को उठाने से इनकार कर दिया। मुख्यमंत्री ने यहां पत्रकारों से कहा कि बहुत लंबे समय बाद कोई अमेरिकी राजदूत जम्मू-कश्मीर का दौरा कर रहा है। मेरे लिए भी, किसी अमेरिकी राजदूत से मिले हुए काफी समय हो गया है। उन्हें आने दीजिए; हम बैठकर बात करेंगे। इसे भी पढ़ें: IND vs SL Test: Ravindra Jadeja ने तोड़ी श्रीलंका की बड़ी साझेदारी, Sri Lanka के 6 विकेट गिरे, भारत जीत के करीब हालांकि, मुख्यमंत्री ने कहा कि वह राजदूत की बात ज़्यादा सुनना पसंद करेंगे, क्योंकि वह (गोर) भी सुनने आ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि देखते हैं कि आज दोपहर जब वह मिलने आएंगे तो किस तरह की बातचीत होती है। अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के सामने मौजूद मुद्दों का अमेरिका से कोई लेना-देना नहीं है, क्योंकि केंद्र शासित प्रदेश के मुद्दों का समाधान वॉशिंगटन से नहीं, बल्कि केंद्र सरकार से निकलेगा। किसी दूसरे देश के राजदूत के सामने अपने देश की शिकायत करना मेरी आदत कभी नहीं रही है। हमारे मुद्दों का समाधान वॉशिंगटन से नहीं निकलेगा; हमारी समस्याओं का समाधान हमारी केंद्र सरकार के पास है। उन्होंने आगे कहा कि इसलिए, मेरा मानना है कि किसी दूसरे देश के राजदूत से अपने देश की शिकायत करना बहुत अनुचित होगा। यह मेरी आदत नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह राज्य की मौजूदा स्थिति पर ज़रूर चर्चा करेंगे, लेकिन उनसे अपनी शिकायतों का समाधान नहीं मांगेंगे। ऑपरेशन सिंदूर और गलवान घाटी में हुई झड़पों के बाद, हाल के वर्षों में किसी बड़े अमेरिकी राजनयिक का यह पहला दौरा है। साथ ही, एक दशक में यह दूसरी बार है जब कोई अमेरिकी राजदूत जम्मू-कश्मीर के चुने हुए मुख्यमंत्री से मिल रहा है। इसे भी पढ़ें: LK Advani ने Pervez Musharraf की मांग ठुकराई, कराची में नहीं होने दिया Test match अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के बाद कि उन्होंने पिछले साल मई में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाया था, आज जम्मू-कश्मीर में गोर का दौरा एक अहम राजनयिक कदम माना जा रहा है। इससे पहले, 2019 में जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के फैसले के बाद, तत्कालीन अमेरिकी राजदूत केनेथ जस्टर ने 2020 में श्रीनगर का दौरा किया था। For more Sports News in Hindi Today please click here.
तमिलनाडु-कर्नाटक में 'जंगल वॉर', शिकारियों की मौत के बाद एंटी-पोचिंग कैंप तबाह
कर्नाटक के चामराजनगर स्थित कावेरी वन्यजीव अभयारण्य में उपद्रवियों ने कई एंटी-पोचिंग कैंप्स को विस्फोटकों से उड़ा दिया है. 15 अगस्त को तीन संदिग्ध शिकारियों की मुठभेड़ में हुई मौत के बाद यह हमला हुआ है. हालांकि इस घटना में कोई भी व्यक्ति हताहत नहीं हुआ है.
बिहार में सरकारी विभागों में लाखों पद खाली क्यों?
बिहार में बेरोजगारी दर भले ही आम तौर पर 3 प्रतिशत के आसपास हो, लेकिन ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट स्तर पर बेरोजगारी दर 15 प्रतिशत से अधिक है जो एक चिंता का विषय है. शिक्षा, ग्रामीण विकास, गृह, स्वास्थ्य समेत कई विभागों में लाखों पद अभी भी खाली पड़े हैं. उदाहरण के लिए शिक्षा विभाग में 46546, ग्रामीण विकास विभाग में 35468, गृह विभाग में 35000 और स्वास्थ्य विभाग में 20000 पद खाली हैं.
'मेरा हाथ पकड़ा और...' ऑडिशन में एक्ट्रेस के साथ हुई गंदी हरकत
आज भले ही एक्ट्रेस अच्छी लाइफ जी रही हैं, लेकिन करियर के शुरुआती दिनों में उन्होंने कई सारी मुश्लिकें और रिजेक्शन झेला है.
FIH Hockey World Cup: Amstelveen में India vs Pakistan का महामुकाबला, क्या होगी सेमीफाइनल की राह?
अब यह प्रतिद्वंद्विता वैसी नहीं रही जैसी कभी हुआ करती थी। हॉकी के इतिहास की सबसे कड़ी प्रतिद्वंद्विताओं में से एक के तौर पर शुरू हुई यह टक्कर आगे चलकर पाकिस्तान के दबदबे वाली हो गई थी, लेकिन 2010 के दशक में भारत ने बाजी पलट दी। इस दशक में भारत अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ़ एक भी मैच नहीं हारा है। फिर भी, नीदरलैंड्स के एमस्टेलवीन में वैगनर स्टेडियम में खचाखच भरे दर्शकों के सामने होने वाला FIH मेन्स हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का पूल D का आखिरी मैच रोमांचक होने की उम्मीद है, क्योंकि इसमें दांव पर दूसरे राउंड में जगह बनाना लगा है। इसे भी पढ़ें: IND vs SL Test: Ravindra Jadeja ने तोड़ी श्रीलंका की बड़ी साझेदारी, Sri Lanka के 6 विकेट गिरे, भारत जीत के करीब भारत के लिए काम काफी सीधा है। उन्होंने अपने पहले मैच में वेल्स को 3-1 से हराया था, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ़ डिफेंस में हुई गलतियों का उन्हें नुकसान उठाना पड़ा; इंग्लैंड ने दूसरे हाफ में तीन गोल करके 2-1 से पिछड़ने के बावजूद 4-2 से जीत हासिल की। वहीं, पाकिस्तान को इंग्लैंड से 1-4 से हार का सामना करना पड़ा और वेल्स के खिलाफ़ उनका मैच 3-3 से ड्रॉ रहा। दो मैचों में तीन पॉइंट के साथ, भारत को टूर्नामेंट में बने रहने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ़ सिर्फ़ ड्रॉ की ज़रूरत है। वहीं, एक पॉइंट के साथ पाकिस्तान को अपनी उम्मीदें बनाए रखने के लिए जीतना ज़रूरी है। हरमनप्रीत सिंह की टीम जीत की प्रबल दावेदार मानी जा रही है, न सिर्फ़ इसलिए कि हाल के समय में उनका दबदबा रहा है — भारत ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ अपने पिछले सात मुक़ाबले जीते हैं और 2000 के दशक के बाद से खेले गए 34 में से 26 मैच जीते हैं — बल्कि इसलिए भी क्योंकि इस गर्मी की शुरुआत में प्रो लीग के यूरोपियन लेग में उन्होंने पाकिस्तान को 4-3 से हराया था। दोनों टीमों के बीच का अंतर भी साफ़ तौर पर दिखाई दे रहा है। भारत ने पिछले दो ओलंपिक में मेडल जीते हैं, जबकि चार बार की वर्ल्ड कप चैंपियन पाकिस्तान आठ साल बाद टूर्नामेंट में वापसी कर रही है; वे 2014 और 2023 के टूर्नामेंट के लिए क्वालिफ़ाई नहीं कर पाए थे। लेकिन भारत इस मुक़ाबले को हल्के में नहीं लेगा, ख़ासकर इसलिए क्योंकि अगले राउंड में उनकी जगह दांव पर लगी है। भारत के सबसे अनुभवी खिलाड़ी मनप्रीत सिंह, जिन्होंने 419 इंटरनेशनल मैच खेले हैं, ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ़ मैच अच्छा होगा, लेकिन हम उन्हें कम नहीं आंक रहे हैं। उनके पास भी अच्छे ड्रैग-फ्लिकर हैं, इसलिए हमें उन्हें पेनल्टी कॉर्नर देने से बचना होगा। हमें मौके बनाने होंगे और उनका फ़ायदा उठाना होगा। हमें अपने नैचुरल गेम पर ध्यान देना होगा। इसे भी पढ़ें: David Warner के बाद Australia की सलामी जोड़ी पर संकट, Matt Renshaw लौटे और Labuschagne के लिए बढ़ी मुश्किलें इस बीच, पाकिस्तान के कप्तान अबू बकर महमूद ने ज़ोर देकर कहा कि रैंकिंग और पिछले नतीजों का इस मुकाबले पर ज़्यादा असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच मैच में रैंकिंग या पिछले प्रदर्शन से कोई फ़र्क नहीं पड़ता। जो टीम मैच के दिन अच्छा खेलेगी, वही जीतेगी। हम जानते हैं कि हमारी हॉकी के लिए यह मैच कितना अहम है, इसलिए हम अपनी तरफ़ से कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। For more Sports News in Hindi Today please click here.
बिहार में क्यों शुरु हुआ टीचर भर्ती आंदोलन?
बिहार में 32,388 टीचर पदों पर भर्ती परीक्षा जल्द कराई जानी है. छात्रों का कहना है कि परीक्षाएं लगातार दो-दो साल की देरी से हो रही हैं, और नियमों में बदलाव के कारण प्रक्रिया और भी लंबित हो गई है. इससे छात्रों के भविष्य पर भी असर पड़ रहा है. कई छात्र सवाल करते हैं कि अगर ये परीक्षाएं भी लटक गईं तो आगे क्या होगा.
'करप्शन फाइल सही समय पर खोलूंगा', विजय ने फिल्मी अंदाज में स्टालिन को दी चेतावनी
मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उनके पास पिछली सरकार से जुड़ी भ्रष्टाचार की दो फाइलें हैं. सही समय आने पर उन्हें सामने लाया जाएगा. इसी बीच राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों और सोशल मीडिया पोस्ट की निगरानी के लिए 50 लाख रुपये का सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेंटर बनाने का फैसला किया है.
आसनसोल में जारी बाढ़ का प्रहार, छतों पर रहने को मजबूर लोग
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में भी मानसून का कहर जारी है.. पश्चिम बंगाल के आसनसोल में भारी बारिश के बाद नदी का पानी लोगों के घरों में घुस चुका है जहां 100 से ज्यादा परिवार प्रभावित हुए हैं कई घरों में लोग छतों पर रहने को मजबूर हैं वहीं पुरुलिया में भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं देखिए एक रिपोर्ट.
13 साल की लड़की ने दादा का मर्डर कर वीडियो कॉल पर दिखाई लाश, फिर लूट
केरल में 67 साल के बुजुर्ग की हत्या के मामले में 13 साल की लड़की समेत चार नाबालिग पकड़े गए हैं. पुलिस के मुताबिक, सोने के गहनों के लिए हत्या की साजिश रची गई और वारदात के बाद वीडियो कॉल पर लाश दिखाई गई. पढ़ें इस सनसनीखेज वारदात की पूरी कहानी.
तमिलनाडु की जनता को सीएम विजय ने बड़ा तोहफा दिया है। सीएम ने हेल्थ इंश्योरेंस की सीमा 5 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए कर दिया है। इस खबर के बाद तमिलनाडु की जनता में खुशी की लहर है।
सीजनल हायरिंग में ई-कॉमर्स का दबदबा, बताया कितनी मिलेगी सैलरी!
क्या आप इस साल त्योहारी सीजन में नौकरी करने की प्लानिंग कर रहे हैं? टीमलीज की एक नई रिपोर्ट सीजनल हायरिंग के लिए सबसे अधिक सैलरी देने वाले क्षेत्रों को रैंक किया है. ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स, सैलरी के मामले में सबसे आगे हैं. रिपोर्ट में 2026 के त्योहारी सीजन के लिए अपेक्षित सैलरी वृद्धि, घर ले जाने लायक सैलरी के रुझान और बदलते कार्यबल जनसांख्यिकी का भी खुलासा किया गया है.
इंश्योरेंस-सैलरी के अलावा US Army के जवानों को क्या-क्या मिलता है?
अमेरिका में यूएस आर्मी में नौकरी करने वाले सैनिकों को कई खास सुविधाएं मिल सकती हैं. इनमें शिक्षा के लिए आर्थिक मदद, स्वास्थ्य सेवाएं और घर खरीदने के लिए होम लोन की सुविधा मिलती है.
डिजिटल अरेस्ट कर 1.43 करोड़ की ठगी, पटना में पकड़ा गया आरोपी
बिहार की राजधानी पटना में डिजिटल अरेस्ट कर 1.43 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. पुलिस ने राघोपुर से एक साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि ठगी के 1.05 करोड़ रुपये उसके और साथी के जॉइंट अकाउंट में पहुंचे थे. इनमें 78 लाख रुपये निकाल लिए गए, जबकि 27 लाख रुपये पुलिस ने फ्रीज करा दिए.
Swati Maliwal का बड़ा आरोप: Arvind Kejriwal ने Delhi-Punjab को बनाया भ्रष्टाचार का अड्डा
बीजेपी सांसद और आम आदमी पार्टी की पूर्व नेता स्वाति मालीवाल ने बुधवार को AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाया कि पंजाब में अपनी गतिविधियां शुरू करने से पहले, उन्होंने पिछले एक दशक में दिल्ली में भ्रष्टाचार की दुकान चलाई। पत्रकारों से बात करते हुए मालीवाल ने आरोप लगाया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान, केजरीवाल ने जान-बूझकर किसी भी मंत्रालय का प्रभार नहीं लिया, ताकि घोटालों के सामने आने पर वे अपने मंत्रियों पर दोष मढ़ सकें। इसे भी पढ़ें: Akhilesh Yadav बोले, BJP की सीट-बंटवारा योजना होगी विफल; एनडीए नेताओं ने किया पलटवार मालीवाल ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में दिल्ली में अरविंद केजरीवाल भ्रष्टाचार की दुकान चला रहे थे। चाहे वह स्कूल क्लासरूम बनाने का घोटाला हो, शराब घोटाला हो या ऐसे ही कई अन्य घोटाले हों, जो इन लोगों ने किए। और अगर हम बारीकी से देखें, तो अरविंद केजरीवाल ने बहुत चालाकी से काम किया। उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री के तौर पर अपने 10 साल के कार्यकाल में, उन्होंने किसी भी मंत्रालय का कामकाज खुद नहीं संभाला। उनका काम करने का तरीका बिल्कुल साफ़ है: वे अपने मंत्रियों के ज़रिए भ्रष्टाचार करवाते थे, और जैसे ही किसी मंत्री की पोल खुलती, वे सारा दोष उसी मंत्री पर मढ़ देते थे। मलीवाल के ये आरोप दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के तहत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को अपग्रेड करने की टेंडर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहे विवाद के बीच आए हैं। इस मामले में एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) ने AAP नेता सत्येंद्र जैन और छह अन्य लोगों को गिरफ़्तार किया था। उन्होंने दावा किया कि इस विवाद ने यमुना नदी को साफ़ करने की कोशिशों में सीधे तौर पर रुकावट डाली है। मालीवाल ने कहा कि अब दिल्ली जल बोर्ड से जुड़ा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट घोटाला सामने आया है, जो बहुत गंभीर मामला है, क्योंकि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट 'मां यमुना' को साफ़ करने का एक अहम हिस्सा हैं। जब तक दिल्ली में सही तरीके से और काफ़ी संख्या में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं बनेंगे, तब तक यमुना को साफ़ नहीं किया जा सकता। अरविंद केजरीवाल ने सोचा कि जब यमुना से वोट नहीं मिलने वाले, तो क्यों न 'मां यमुना' के नाम पर पैसे कमाए जाएं! और इसी वजह से उन्होंने ऐसा भ्रष्टाचार किया। इसे भी पढ़ें: Satyendar Jain की गिरफ्तारी पर BJP ने AAP को घेरा, कहा Delhi में 10 साल में नहीं बना एक भी STP इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे-जैसे दिल्ली में AAP की गतिविधियां कम हुईं, पार्टी ने पंजाब में भ्रष्टाचार का दायरा बढ़ा दिया। उन्होंने कहा कि जैसे ही दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की 'भ्रष्टाचार की दुकान' बंद हुई, उन्होंने पंजाब में 'भ्रष्टाचार के बड़े-बड़े मॉल' खोल दिए। सत्येंद्र जैन पंजाब में आम आदमी पार्टी के लिए कलेक्शन एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं। वह खुलेआम बिल्डरों और रियल एस्टेट डेवलपर्स से पैसे वसूल रहे हैं। और अगर यह सच नहीं है, तो मुझे बताएं कि उन्हें चंडीगढ़, पंजाब में ऐसा बंगला क्यों दिया गया है, जो मंत्रियों को दिए गए बंगलों से भी ज़्यादा आलीशान है? वह सेक्टर 39 के बंगला नंबर 926 में कैसे रह रहे हैं? जब वह दिल्ली के सिर्फ़ एक पूर्व MLA हैं, तो उन्हें इतना बड़ा बंगला क्यों दिया गया है? देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
चांद पर स्पेसएक्स के रॉकेट क्रैश, नासा ने दिखाई पहली साफ तस्वीर
चांद पर हुई स्पेसएक्स रॉकेट की टक्कर का निशान अब साफ दिखाई दे रहा है. नासा की नई तस्वीरों में क्रैश से बना करीब 60 फीट चौड़ा गड्ढा दिखा है. खास बात ये है कि इसकी तस्वीर लेना भी वैज्ञानिकों के लिए आसान नहीं था.
मायावती ने तय किया सतीश चंद्र मिश्रा के लिए यूपी चुनाव में नया रोल
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने सर्वसमाज में पार्टी का जनाधार बढ़ाने और 2007 वाले 'सोशल इंजीनियरिंग' मॉडल को दोहराने की कवायद तेज कर दी है. इसी के तहत मायावती ने सतीश चंद्र मिश्रा को नई जिम्मेदारी सौंपी है.
तमिलनाडु में छात्रों को सीजेपी और वामपंथी संगठनों के प्रदर्शनों से दूर रखने वाले आदेश पर विवाद हुआ। विरोध के बाद टीवीके ने आदेश वापस ले लिया।
No compromise on people's health CM Fadnavis gives Tukaram a free hand action against adulterators continue
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आज अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के जम्मू-कश्मीर दौरे को लेकर स्पष्ट किया कि वह उनके साथ केंद्र शासित प्रदेश की मौजूदा स्थिति और क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर बातचीत जरूर करेंगे, लेकिन भारत के आंतरिक मामलों की शिकायत किसी दूसरे देश के राजदूत से नहीं करेंगे। उन्होंने साफ कहा कि जम्मू-कश्मीर की समस्याओं का समाधान वाशिंगटन में नहीं, बल्कि भारत सरकार के स्तर पर ही संभव है। श्रीनगर में अपने दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में अब्दुल्ला ने कहा कि लंबे समय बाद कोई अमेरिकी राजदूत जम्मू-कश्मीर आ रहा है और वह उनसे मुलाकात को लेकर उत्सुक हैं। उन्होंने कहा, “उन्हें आने दीजिए, हम बैठकर बात करेंगे।” मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि बातचीत के दौरान वह अमेरिकी राजदूत की बात भी सुनना चाहेंगे, क्योंकि गोर स्वयं भी जम्मू-कश्मीर की स्थिति को समझने और सुनने के उद्देश्य से आ रहे हैं। हालांकि, अब्दुल्ला ने बातचीत की सीमा भी स्पष्ट कर दी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के जिन मुद्दों का सामना प्रदेश कर रहा है, उनका अमेरिका से कोई सीधा संबंध नहीं है। उनके मुताबिक, इन समस्याओं का समाधान किसी विदेशी राजधानी से नहीं बल्कि केंद्र सरकार के स्तर पर होना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी भी अपने देश की शिकायत किसी दूसरे देश के राजदूत के सामने करने की आदत नहीं डाली है। उन्होंने दो टूक कहा, “हमारी समस्याओं का समाधान वाशिंगटन से नहीं आएगा। हमारी समस्याओं का समाधान हमारी केंद्र सरकार के पास है।” अब्दुल्ला का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का जम्मू-कश्मीर दौरा क्षेत्र की राजनीतिक और कूटनीतिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने हालांकि यह स्पष्ट किया कि वह अमेरिकी प्रतिनिधि के साथ जम्मू-कश्मीर और मौजूदा हालात पर जरूर चर्चा करेंगे, लेकिन किसी तरह की शिकायत दर्ज कराने या अपनी राजनीतिक समस्याओं के समाधान के लिए अमेरिकी हस्तक्षेप मांगने का सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा कि वह जम्मू-कश्मीर की वर्तमान परिस्थितियों पर राजदूत से बातचीत करेंगे, लेकिन “न तो शिकायत करेंगे और न ही अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उनसे मांग करेंगे।” देखा जाये तो उमर अब्दुल्ला के इस रुख को केंद्र-राज्य संबंधों और जम्मू-कश्मीर के मुद्दों पर उनकी स्पष्ट राजनीतिक स्थिति के तौर पर देखा जा रहा है। एक ओर उन्होंने अमेरिकी राजदूत के साथ संवाद के दरवाजे खुले रखे हैं, वहीं दूसरी ओर यह संदेश भी दिया है कि जम्मू-कश्मीर से जुड़े आंतरिक राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों का समाधान भारत के संवैधानिक और राजनीतिक ढांचे के भीतर ही होना चाहिए। माना जा रहा है कि इस मुलाकात में क्षेत्र की मौजूदा स्थिति, सुरक्षा हालात और जम्मू-कश्मीर से जुड़े व्यापक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, अब्दुल्ला ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि बातचीत होगी, लेकिन भारत के आंतरिक मामलों में किसी विदेशी मध्यस्थता या हस्तक्षेप की मांग नहीं की जाएगी।
आजम पर ED की कार्रवाई से भड़के अखिलेश, जारी की BJP के ‘भ्रष्टाचार’ की लिस्ट
सपा नेता आजम खान से जुड़े 10 ठिकानों पर ED की छापेमारी के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है. रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में हुई कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत हुई.
लुधियाना के पिज्जा आउटलेट पर फायरिंग, किस गैंग ने ली जिम्मेदारी?
लुधियाना के पॉश इलाके में देर रात पिज्जा आउटलेट पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग, लुधियाना के पॉश इलाके भाई रणधीर सिंह नगर में परसो देर रात पिज्जा आउटलेट पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में वारदात की जिम्मेदारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर गोपी लहोरिया ग्रुप नाम के पेज ने पोस्ट डालकर ली है. इधर सामने आई CCTV फुटेज में साफ दिख दिखाई दे रहा है कि हमलावरों ने दुकान में दाखिल होकर महज 3 से 4 सेकंड में लगातार तीन गोलियां चलाई वहीं पुलिस अब सीसीटीवी के आधार पर शूटरों की तलाश कर रही है.
युवा समाधान चाहते हैं, बयानबाजी नहीं: Tejashwi Yadav के नेतृत्व में RJD का Raj Bhavan मार्च
राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव पटना में लोक भवन की ओर एक पैदल मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसमें वे पेपर लीक, बेरोजगारी और बिहार में छात्रों व युवाओं की समस्याओं जैसे मुद्दों को उठा रहे हैं। राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि देश भर में, खासकर बिहार में, छात्र और युवा नाराज़ हैं। पेपर लीक होना एक आम बात हो गई है। युवा अब बेरोज़गारी का बोझ नहीं सह सकते। उन्हें सिर्फ़ बातें नहीं, समाधान चाहिए। इसे भी पढ़ें: Akhilesh Yadav बोले, BJP की सीट-बंटवारा योजना होगी विफल; एनडीए नेताओं ने किया पलटवार RJD विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि जो छात्र अपने अधिकारों के लिए और पेपर लीक के मुद्दे पर विरोध करने के लिए सड़कों पर उतरे, उनके खिलाफ AK राइफलों का इस्तेमाल किया गया। देश भर में पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं... कार्रवाई होनी चाहिए, और जब तक कार्रवाई नहीं होती, हमारा आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि यह तेजस्वी यादव का राजनीतिक करियर बचाओ मार्च है। आम जनता ने इनका नकार दिया है। राजद का बिहार से लगभग सूपरा साफ हो गया है। इनको बिहार से कोई मतलब नहीं है। ये महीनों-महीनों दिन बिहार से गायब रहते हैं। ये नेता प्रतिपक्ष हैं तो इनको सदन में दिखना चाहिए मगर सदन के सत्र से गायब रहते हैं। इसे भी पढ़ें: BJP नेता Nitin Nabin ने आंध्र प्रदेश के कार्यकर्ताओं से हर गांव और बूथ तक संगठन मजबूत करने की अपील की उन्होंने कहा कि ये अपना राजनीतिक करियर बचाओ मार्च कर रहे हैं। जहां तक मुद्दा है, सिवान में जवान भीड़ में फंस गया था तो उसने आत्मरक्षा के लिए हवाई फायरिंग की थी मगर उसे निलंबित कर दिया गया है और कार्रवाई चल रही है। हम लोगों ने बिहार में पेपर लीक पर विधानसभा में सबसे कड़ा कानून बनाया...तेजस्वी यादव के पिता ने और इनकी पार्टी ने दशकों तक राज किया है, इन्होंने क्या कानून बनाया है? इनके जमाने में कितने पेपर लीक हुए, इन्होंने क्या किया, कुछ नहीं किया...तेजस्वी यादव का राजनीतिक करियर बचाओ मार्च है और अगर छात्रों की बात है तो इनको झारखंड में मार्च करना चाहिए था। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
'वाटर बॉय' इकबाल के इलाज के लिए अनंत अंबानी आए आगे
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद का किशोर इकबाल अपनी रहस्यमयी स्थिति के कारण चर्चा में है. परिवार के मुताबिक, वह लंबे समय तक तालाब में रहता था और पानी से बाहर निकलते ही शरीर में तेज जलन महसूस करता था. उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. मामले की जानकारी मिलने के बाद अनंत अंबानी ने मदद की और इकबाल को इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया. डॉक्टर अब उसकी स्थिति की विस्तृत जांच कर रहे हैं.
दिल्ली छोड़ पहाड़ों में रहने गया, 2 महीने में ही लौटा, बताया सच
दिल्ली का एक Gen Z कंटेंट क्रिएटर शहरों की भागदौड़ से दूर सुकून की तलाश में मनाली के सियाल गांव पहुंचा. मगर महज 2 महीने बाद ही वो वापस लौट आए हैं, 71 दिनों का उनका सफर कैसा रहा, इस बारे में उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया है. आइए उनकी इस जर्नी के बारे में जानते हैं.
प्यार की बात छुपाने के लिए प्रेमिका को मार डाला: आठ महीने की गर्भवती थी मृतका; कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा- Lover killed girlfriend to hide their relationship in keralam court sentences him to life imprisonment
AK47 जैसे हथियारों को दिल्ली पुलिस ने किया नष्ट, गड्ढा खोदकर किया तबाह
मणिपुर में मई महीने के दौरान बरामद किए गए भारी मात्रा में हथियार और हैंड ग्रेनेड को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आज नरेला के टिकरी इलाके में नष्ट किया. भारतीय सेना, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और FSL की संयुक्त टीम ने हाई-इंटेंसिटी हथियारों और विस्फोटकों को नियंत्रित तरीके से नष्ट किया.
Opinion: भाजपा का डीएनए Gen-Z वाला नहीं है, नितिन नवीन की टीम से बंधी उम्मीद
बहरहाल, टीम का ऐलान हुआ नहीं कि कुछ साथी हिसाब लगाने लगे कि अब मंत्रिमंडल में फेरबदल कब तक होगा? कौन-कौन से नए चेहरे आ सकते हैं, कौन जा सकते हैं? पीयूष गोयल साहब को पार्टी का कोषाध्यक्ष बना दिया गया है।
एनआरसी की मांग पर मणिपुर में 48 घंटे का बंद, घाटी के पांच जिलों में जनजीवन प्रभावित
मणिपुर में जनगणना 2027 से पहले एनआरसी लागू करने की मांग को लेकर 48 घंटे का बंद जारी है। घाटी के पांच जिलों में बाजार, स्कूल और सार्वजनिक परिवहन प्रभावित रहे।
'चाचा और चच्चा देंगे सपा को गच्चा', अखिलेश के तंज पर बीजेपी का पलटवार
सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा एनडीए के सीट बंटवारे पर कसे गए तंज के बाद बीजेपी और उसके सहयोगी दलों ने उन पर तीखा हमला बोला. बीजेपी प्रवक्ता ने सपा और कांग्रेस के तनावपूर्ण रिश्तों का हवाला देते हुए दावा किया कि आने वाले चुनाव में चाचा और चच्चा सपा को गच्चा देंगे.
राजस्थान में 14 लाख से ज्यादा छात्राओं को साइकिल बांटी, 46 हजार को स्कूटी
CM Bhajanlal Sharma Rajasthan: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य में महिला सशक्तिकरण और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं की उपलब्धियों को साझा किया है। 'युवा सीएलजी सदस्यों एवं सुरक्षा सखियों' के साथ संवाद ...
बिहार के नालंदा जिले से एक बेहद हैरान और व्यथित करने वाली खबर सामने आई है। नूरसराय थाना क्षेत्र के पारसी मिडिल स्कूल में मिड-डे मील (Mid-Day Meal) के दौरान गंभीर लापरवाही के कारण कम से कम 40 स्कूली बच्चे बीमार पड़ गए। जानकारी के मुताबिक, सब्जी में नमक कम होने पर बच्चों को गलती से डिटर्जेंट पाउडर परोस दिया गया, जिससे बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। खाना खाने के बाद छात्रों को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए बिहार शरीफ़ मॉडल अस्पताल ले जाया गया। यह घटना नूरसराय पुलिस स्टेशन इलाके में हुई। घटना के बाद, अपने बच्चों के बीमार होने की खबर सुनकर परेशान माता-पिता अस्पताल पहुंचे। परिवार के सदस्य अस्पताल में जमा हो गए और छात्रों की हालत के बारे में जानकारी का इंतज़ार करने लगे। इसे भी पढ़ें: Gen Alpha Protest Bhopal | भोपाल में 'जेन अल्फा' का हल्लाबोल! KVS में विलय के फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरे रीजनल स्कूल (DMS) के छात्र 'गलती से डिटर्जेंट पाउडर दिया गया' स्कूल के एक टीचर के मुताबिक, मिड-डे मील किसी दूसरे स्कूल से सप्लाई किया गया था। बताया जा रहा है कि छात्रों को परोसी गई सोयाबीन की सब्ज़ी में नमक कम था। टीचर ने कहा, जब छात्रों ने नमक मांगा, तो नमक की जगह गलती से डिटर्जेंट पाउडर परोस दिया गया। छात्रों ने इस गड़बड़ी के बारे में जाने बिना खाना खा लिया। खाना खाने के तुरंत बाद, कई बच्चों को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत होने लगी। जैसे-जैसे और छात्र बीमार पड़ने लगे, स्कूल प्रशासन ने उन्हें बिहार शरीफ़ मॉडल अस्पताल ले जाने का इंतज़ाम किया। इसे भी पढ़ें: NTA का कड़ा फैसला, Exam Security के लिए 600 एक्सपर्ट्स हटाए, टीम में भी बदलाव अस्पताल में डॉक्टरों ने तुरंत प्रभावित छात्रों का इलाज शुरू कर दिया। नालंदा के सिविल सर्जन डॉ. जय प्रकाश सिंह समेत कई डॉक्टर अस्पताल में मौजूद थे और बच्चों की हालत पर नज़र रखे हुए थे। डॉ. जय प्रकाश सिंह ने कहा, सभी बच्चे सुरक्षित हैं और उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने परिवारों को भरोसा दिलाया कि बच्चों की हालत पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है और मेडिकल टीमें उनके ठीक होने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठा रही हैं। मंत्री ने ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई का वादा किया बच्चों की हालत को लेकर उनके परिवारों में घबराहट फैल गई। माता-पिता और रिश्तेदार अस्पताल के बाहर जमा हो गए और अपने बच्चों के बारे में जानकारी लेने लगे। अस्पताल परिसर में भीड़ लगी रही क्योंकि डॉक्टर और अधिकारी छात्रों का इलाज कर रहे थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने प्रभावित छात्रों से मुलाकात की और उनके इलाज के लिए किए जा रहे इंतज़ामों का जायज़ा लिया। श्रवण कुमार ने कहा, हमने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया है कि हर बच्चे का सही इलाज सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि घटना के लिए ज़िम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने स्कूली बच्चों के लिए खाना बनाने और परोसने में सावधानी बरतने पर भी ज़ोर दिया। इस घटना ने मिड-डे मील में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की देखरेख और जांच पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बारे में बताते हुए एक छात्र ने कहा कि खाना खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी और कई छात्रों ने पेट दर्द और उल्टी की शिकायत की। अब प्रशासन इस बात की जांच करेगा कि खाने की सामग्री के पास डिटर्जेंट पाउडर कैसे रखा गया और गलती से इसे छात्रों को कैसे परोसा गया। अधिकारियों के स्कूल में मिड-डे मील तैयार करने और सप्लाई करने की व्यवस्था की भी जांच करने की संभावना है। सिविल सर्जन ने कहा कि डॉक्टर प्रभावित छात्रों पर कड़ी नज़र रख रहे हैं और किसी भी बच्चे को मेडिकल देखभाल की कमी के कारण परेशानी नहीं होने दी जाएगी। मॉडल हॉस्पिटल में माता-पिता और अधिकारियों की मौजूदगी के बीच, अभी मुख्य ध्यान छात्रों के ठीक होने पर है। अधिकारियों द्वारा यह पता लगाने और घटना की ज़िम्मेदारी लेने के बाद आगे की कार्रवाई की उम्मीद है कि यह गलती कैसे हुई। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi
Satyendra Jain कोर्ट में पेश, Kejriwal का बड़ा वार: Amit Shah के दबाव में हुई Arrest
एंटी-करप्शन ब्यूरो ने बुधवार को आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन और अन्य आरोपियों को राउज़ एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। इन लोगों को 11 मई 2024 को दर्ज FIR के तहत गिरफ़्तार किया गया था। इस FIR में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (2018 में संशोधित) की धारा 7, 7A, 9 और 13, और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 42, 409, 418 और 120-B का ज़िक्र किया गया था। इसे भी पढ़ें: Akhilesh Yadav बोले, BJP की सीट-बंटवारा योजना होगी विफल; एनडीए नेताओं ने किया पलटवार इस बीच, 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) द्वारा जैन की गिरफ़्तारी को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सवाल किया और आरोप लगाया कि एजेंसी पर गिरफ़्तारी के लिए दबाव डाला गया था। केजरीवाल ने X पर एक पोस्ट में कहा कि अमित शाह जी को यह बताना चाहिए कि उन्होंने जांच एजेंसी पर दबाव डालकर सत्येंद्र जैन को गिरफ़्तार क्यों करवाया। बाद में एक पोस्ट में, केजरीवाल ने दावा किया कि ACB के एक अधिकारी ने बताया था कि बुधवार सुबह तक जैन को गिरफ़्तार करने का कोई प्लान नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ़्तारी का फ़ैसला अमित शाह के फ़ोन के बाद लिया गया। केजरीवाल ने लिखा कि एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) के एक अधिकारी ने बताया – सुबह तक ACB का सत्येंद्र जैन को गिरफ़्तार करने का कोई प्लान नहीं था। फिर दोपहर में अमित शाह जी का सीधा फ़ोन आया और कहा गया, 'उन्हें गिरफ़्तार करो।' तब जाकर गिरफ़्तारी हुई। इसे भी पढ़ें: VD Satheesan बोले, Kerala सरकार किसी दबाव में नहीं झुकेगी, Vande Mataram पर स्थिति साफ की केजरीवाल ने गिरफ़्तारी की प्रक्रिया की आलोचना करते हुए आगे कहा कि साफ़ है कि अब गिरफ़्तारियाँ इस आधार पर नहीं होतीं कि किसी ने अपराध किया है या नहीं, बल्कि इस आधार पर होती हैं कि वे दोनों किसे गिरफ़्तार करना चाहते हैं। दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को बेहतर और अपग्रेड करने की टेंडर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के मामले में ACB द्वारा गिरफ़्तार किए जाने के एक दिन बाद सत्येंद्र जैन कोर्ट में पेश हुए। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
पुणे: टीवी देख रही थी बच्ची, अमरूद देने के बाद खेत ले गया, दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप; पुलिस ने क्या कहा?
प्रयागराज के रामबाग रेलवे स्टेशन पर भरा पानी, कई ट्रेन प्रभावित
प्रयागराज में भारी बारिश और बाढ़ के चलते पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के अंतिम स्टेशन प्रयागराज रामबाग रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर तीन फीट से ज्यादा पानी भर गया है.
बंजी जंपिंग के दौरान कूद रही थी लड़की, अचानक बंद हुई Live
सोशल मीडिया पर बंजी जंपिंग का एक वीडियो वायरल हुआ तो लोगों के मन में कई सवाल उठने लगे. लाइवस्ट्रीम अचानक बंद होने के बाद कुछ लोगों को लगा कि लड़की के साथ कोई बड़ा हादसा हो गया. अब खुद जॉली ने सामने आकर बताया है कि उस वक्त आखिर हुआ क्या था.
क्रिकेट की दुनिया में इटली का धमाका, होने वाला है ODI डेब्यू
इटली क्रिकेट टीम दिसंबर 2026 में पहली बार पुरुष ODI मुकाबला खेलेगी. ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप चैलेंज लीग में शानदार प्रदर्शन के बाद इटली ने क्वालिफायर प्ले-ऑफ में जगह बनाई है. टीम अब 2027 ODI वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाने को तैयार है.
लगातार बहता रहता है पानी, फिर नदी, समुद्र में पुल के पिलर कैसे बनते हैं?
नदी और समुद्र में जहां पानी लगातार बहता रहता है. वहां पानी के बीच कंक्रीट के पिलर कैसे खड़े किए जाते हैं? इसमें किन- किन तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है.
जनगणना 2027 के सवालों पर क्यों भड़की कांग्रेस? जाति से लेकर धर्म और जन्मस्थान तक पर उठाए सवाल
जनगणना 2027 में जाति, धर्म और माता-पिता की जानकारी जुटाने के तरीके पर कांग्रेस ने सवाल उठाए। जयराम रमेश ने 2021 के सुप्रीम कोर्ट हलफनामे का हवाला देकर सरकार को घेरा।
NTA का कड़ा फैसला, Exam Security के लिए 600 एक्सपर्ट्स हटाए, टीम में भी बदलाव
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को कहा कि उसने अपनी पूरी परीक्षा टीम में बदलाव किया है ताकि इसे और ज़्यादा सुरक्षित और मज़बूत बनाया जा सके। एजेंसी ने उन 600 एक्सपर्ट्स को हटा दिया है जो अब तक कई परीक्षाओं के लिए पेपर सेट करने में मदद कर रहे थे और अब नए एक्सपर्ट्स को शामिल कर रही है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोमवार को हुई बैठक के बाद मंगलवार को एक और बैठक की। उन्होंने निर्देश दिया कि परीक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए सभी ज़रूरी सुरक्षा और उससे जुड़ी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसे भी पढ़ें: Akhilesh Yadav बोले, BJP की सीट-बंटवारा योजना होगी विफल; एनडीए नेताओं ने किया पलटवार NTA जिन परीक्षाओं का आयोजन करती है, उनमें JEE-Main, NEET-UG, CUET और UGC-NET जैसी प्रमुख परीक्षाएं शामिल हैं। NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह ने उन्हें एजेंसी की ओर से अब तक उठाए गए कई कदमों के बारे में जानकारी दी। रिलीज़ में कहा गया कि परीक्षा के पेपर की जांच-पड़ताल को और मज़बूत करने के लिए चार-स्तरीय प्रश्न-पत्र जांच प्रणाली लागू की जाएगी। इसके अलावा, रिलीज़ में बताया गया कि दो से तीन हफ़्तों के अंदर 20 से 25 अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। आगे और लोगों को शामिल करने की योजना की भी समीक्षा की गई। इसे भी पढ़ें: VD Satheesan बोले, Kerala सरकार किसी दबाव में नहीं झुकेगी, Vande Mataram पर स्थिति साफ की एजेंसी के ऑफ़िस परिसर को बहुत सुरक्षित बनाने के लिए, मौजूदा ऑफ़िस को ओखला से मिंटो रोड स्थित नए ऑफ़िस में शिफ़्ट किया जाएगा। इसमें आगे कहा गया कि नई जगह पर सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फ़ोर्स की टीमों के साथ सुरक्षा को और मज़बूत किया जाएगा। जोशी ने सोमवार को NTA को निर्देश दिया था कि वह अपनी सभी परीक्षा प्रक्रियाओं का ऑडिट करे और एक महीने के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपे। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
जिम के दीवाने हैं अभिनेता अनुपम खेर, बोले-वर्कआउट करना बहुत अच्छा लगता है
अभिनेता अनुपम खेर अपने काम के साथ-साथ फिटनेस को लेकर भी काफी सक्रिय रहते हैं और नियमित रूप से जिम जाते हैं। बुधवार को अभिनेता ने वर्कआउट की कुछ झलकियां शेयर कीं।
दहेज में भैंस नहीं मिली तो कर दी पत्नी की हत्या! हुई उम्रकैद
बिहार के चंपारण से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. दहेज में भैंस न मिलने के कारण पति ने अपने पत्नी की हत्या कर दी. मामले में कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है.
Many dead and Many hospitalised after consuming spurious liquor in Gujarat's Bhavnagar - Gujarat: भावनगर में जहरीली शराब पीने से दो की मौत, 19 लोग अस्पताल में भर्ती; हिरासत में लिए गए चार तस्कर
'आदमी नहीं चाहिए', लेस्बियन हैं आम्रपाली? हीरोइन पर लट्टू!
भोजपुरी बवाल के बीते एपिसोड में आम्रपाली ने पर्सनल लाइफ पर बात की. उन्होंने मस्ती मजाक में ऐसा कुछ कहा, जिसने सभी को चौंकाया.
Tamil Nadu सरकार का Big Decision: तीसरे बच्चे पर महिलाओं को 1 साल की Maternity Leave
तमिलनाडु सरकार ने घोषणा की कि महिला कर्मचारियों को तीसरे बच्चे के जन्म पर मिलने वाली मैटरनिटी लीव (प्रसूति अवकाश) को 12 हफ़्ते से बढ़ाकर 365 दिन कर दिया जाएगा; यह उतनी ही अवधि है जितनी उन्हें पहले दो बच्चों के लिए मिलती है। अभी, जिन शादीशुदा महिला सरकारी कर्मचारियों के दो से कम जीवित बच्चे हैं, उन्हें 365 दिन की मैटरनिटी लीव मिलती है, जबकि जिन महिला कर्मचारियों के दो या उससे ज़्यादा जीवित बच्चे हैं, उन्हें 12 हफ़्ते तक की मैटरनिटी लीव मिलती है। इसे भी पढ़ें: Akhilesh Yadav बोले, BJP की सीट-बंटवारा योजना होगी विफल; एनडीए नेताओं ने किया पलटवार अपने विभाग के लिए अनुदान की मांग के दौरान, मानव संसाधन प्रबंधन मंत्री डी. सरथकुमार ने राज्य विधानसभा को बताया कि इन हालात में, चूंकि तमिलनाडु सरकार सामाजिक कल्याण और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने वाला एक कल्याणकारी प्रशासन है, इसलिए महिला सरकारी कर्मचारियों को तीसरे बच्चे के लिए अभी दी जाने वाली मैटरनिटी लीव को 12 हफ़्ते से बढ़ाकर 365 दिन कर दिया जाएगा। AIADMK और DMK के नेतृत्व वाली तत्कालीन राज्य सरकारों ने मैटरनिटी लीव (मातृत्व अवकाश) की मूल अवधि को 2011 में बढ़ाकर छह महीने, 2016 में नौ महीने और जुलाई 2021 में एक साल (365 दिन) कर दिया था। इसे भी पढ़ें: VD Satheesan बोले, Kerala सरकार किसी दबाव में नहीं झुकेगी, Vande Mataram पर स्थिति साफ की सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सामान्य पात्रता नियमों के तहत, 365 दिनों का लाभ उन महिला कर्मचारियों को मिलता है जिनके दो से कम जीवित बच्चे हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और उसके बाद राज्यों द्वारा किए गए संशोधनों के अनुसार, जिन महिला सरकारी कर्मचारियों के दो या उससे ज़्यादा जीवित बच्चे हैं, वे भी पूरी सैलरी के साथ 12 हफ़्ते (84 दिन) की मैटरनिटी लीव (प्रसूति अवकाश) की हकदार बनी रहेंगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह भी कहा कि विधानसभा में की गई घोषणा को लागू करने के लिए जल्द ही सरकार की ओर से एक विस्तृत आदेश जारी किया जाएगा। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
‘धुरंधर’ के बाद अक्षय खन्ना का ‘महाकाली’ में शुक्राचार्य अवतार, 24 अगस्त को सामने आएगी पहली झलक
‘हनु-मान’ की जबरदस्त सफलता के बाद फिल्ममेकर प्रशांत वर्मा अपने बहुप्रतीक्षित सिनेमाई यूनिवर्स के अगले अध्याय के साथ दर्शकों को एक नई दुनिया में ले जाने के लिए तैयार हैं।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 'जेन अल्फा' (Gen Alpha) के छात्रों का एक अनोखा और उग्र विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। डेमोंस्ट्रेशन मल्टीपर्पस स्कूल (DMS), जिसे आमतौर पर रीजनल स्कूल के नाम से जाना जाता है, के छात्रों ने केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) में अपने स्कूल के प्रस्तावित विलय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छात्रों ने स्कूल परिसर के बाहर जमकर नारेबाजी की और फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की। छात्रों ने स्कूल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, फैसले के खिलाफ नारे लगाए और चिंता जताई कि इस विलय से संस्थान का मूल उद्देश्य—शैक्षिक नवाचार और प्रयोग को बढ़ावा देना—कमजोर हो सकता है। इसे भी पढ़ें: Sawan Second Pradosh Vrat 2026: 24 या 25 अगस्त कब है सावन का दूसरा प्रदोष व्रत? जानें सही Date, Puja Muhurat और धार्मिक महत्व विरोध कर रहे छात्रों ने कहा कि डेमोंस्ट्रेशन मल्टीपर्पस स्कूल, जिन्हें रीजनल स्कूल भी कहा जाता है, दिसंबर 1965 से राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के तहत काम कर रहे हैं। ऐसे प्रायोगिक स्कूल चार शहरों—भोपाल, अजमेर, मैसूर और भुवनेश्वर—में स्थापित किए गए थे, जिनका उद्देश्य शिक्षण के नए तरीके विकसित करना और शिक्षा के नए तरीकों पर प्रयोग करना था। स्कूल से जुड़े छात्रों और सदस्यों ने कहा कि वे इन संस्थानों को KVS में मिलाने के प्रस्ताव का विरोध करते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि स्कूलों को एक अलग प्रशासनिक ढांचे के तहत लाने से उनकी खास पहचान और उन शैक्षणिक प्रयोगों पर असर पड़ सकता है, जिनके लिए उन्हें स्थापित किया गया था। विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नारे लगाए और साफ कर दिया कि वे विलय को स्वीकार नहीं करेंगे। बाद में उन्होंने रीजनल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर एस.के. गुप्ता को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें औपचारिक रूप से अपनी आपत्तियां और मांगें दर्ज कराईं। इसे भी पढ़ें: Delhi Police ने दबोचीं Dating App से बुजुर्ग को फंसाकर 1.30 लाख रुपये ठगने वाली दो युवतियां प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि फैसले को वापस लिया जाए और प्रायोगिक स्कूलों की मौजूदा व्यवस्था को बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि इसके बजाय इन संस्थानों को शैक्षिक नवाचार और अनुसंधान के केंद्रों के रूप में मजबूत किया जाना चाहिए। छात्रों ने यह भी चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो वे चरणबद्ध तरीके से अपना विरोध तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के जरिए यह मुद्दा उठाते रहेंगे और अपनी चिंताओं को अधिकारियों और संबंधित विभागों तक पहुंचाएंगे। यह विरोध भोपाल में प्रस्तावित विलय के खिलाफ विरोध की शुरुआत है, जिसमें छात्र इस बात पर जोर दे रहे हैं कि प्रायोगिक स्कूलों के पीछे की मूल सोच को कमजोर नहीं किया जाना चाहिए। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi
कॉकरोचों से दूर रहे छात्र, विजय थलपति के आदेश पर भड़की टीम अभिजीत दीपके; बैकफुट पर TVK
आधिकारिक आदेश के मुताबिक अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था कि स्कूल और कॉलेज के छात्र लेफ्ट दलों और CJP की ओर से आयोजित विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा न लें। अब इस आदेश को वापस ले लिया गया है।
एक लड़की का वीडियो सामने आया है। जिसमें वो रोती हुई दिखाई दे रही है। वो कह रही है कि क्या मैं महादेव का मर्डर कर दूंगी। देखिए पूरी स्टोरी
भूल जाएंगे टाटा-महिंद्रा की कार, Hyundai ने नई SUV से उठाया पर्दा
हुंडई ट्यूसॉन की नेक्स्ट जनरेशन को कंपनी ने ग्लोबल मार्केट में रिवील किया है. ये कार पहले से ज्यादा बड़ी और बोल्ड दिखती है. एसयूवी को बॉक्सी लुक दिया गया है और इसके इंटीरियर को पूरी तरह से अपडेट कर दिया गया है. भारतीय बाजार में ये कार अब नहीं आती है. कंपनी ने इस प्रीमियम एसयूवी को 2025 में डिस्कंटीन्यू कर दिया था.
आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों के इलाज में लापरवाही पर योगी सरकार सख्त, 866 अस्पतालों पर कार्रवाई
योगी सरकार द्वारा आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों के इलाज में लापरवाही, नियमों के उल्लंघन और वित्तीय अनियमितताओं पर लगातार आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों के खिलाफ एक्शन लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर वर्ष 2020 से 2026 तक कुल ...
आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट पर ED का बड़ा एक्शन
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है. ईडी की टीमें रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में करीब 10 ठिकानों पर एक साथ तलाशी ले रही हैं. कार्रवाई पीएमएलए के तहत कथित वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध फंडिंग की जांच से जुड़ी बताई जा रही है. जौहर यूनिवर्सिटी और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी खंगाले जा रहे हैं.
तेजस्वी के राजभवन मार्च में दिखा 'Ak 47', पुलिस ने की बैरिकेडिंग
छात्रों की समस्याओं, बेरोजगारी और सिवान में AK-47 से हुई फायरिंग के विरोध में RJD नेता तेजस्वी यादव ने लोकभवन मार्च का आह्वान किया है. थोड़ी देर में मार्च शुरू होने वाला है. मौके पर राजद कार्यकर्ता AK-47 का कटआउट लेकर पहुंचे हैं.
बेटा MD कर रहा, लंच में पिता टिफिन लेकर पहुंचे;26 साल बाद हुआ कुछ ऐसा
आगरा में केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो.एसपी सिंह बघेल अपने बेटे डॉ.पार्थ बघेल के लिए पहली बार टिफिन लेकर अस्पताल पहुंचे. करीब 26 साल की शैक्षिक यात्रा के बाद एमडी कर रहे डॉ. पार्थ ने इस पल को बेहद खास और यादगार बताया. इस दौरान प्रो. बघेल ने अस्पताल के मरीजों से भी मुलाकात कर उनका हालचाल जाना.
विजय थलपति के राज में विधायकों की लॉटरी, हर महीने मोटी रकम और गाड़ी मिलेगी
तमिलनाडु के विधायकों के लिए भी सरकार ने बड़े ऐलान किए हैं। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की सरकार ने कहा है कि विधायकों को गाड़ी और मासिक भत्ता दिया जाएगा। एक ओर जहां सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्य खुश हैं। वहीं, DMK ने सवाल उठाए हैं।
'दलित हूं, इसलिए निशाना बना रहे': इस्तीफे की मांग पर कर्नाटक के मंत्री नागेंद्र का पलटवार; क्या है मामला?
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने राज्य विधानसभा में विधायकों, आम जनता और किसानों के लिए कई ऐतिहासिक व बड़े कल्याणकारी पैकेजों की घोषणा की है। सरकार ने विधायकों को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में आवाजाही और जनता से जुड़े काम आसान बनाने के लिए नई सरकारी गाड़ियां और मासिक भत्ता देने के साथ-साथ राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं व डेयरी सेक्टर के लिए करोड़ों रुपये की सौगातों का पिटारा खोल दिया है। इसे भी पढ़ें: Delhi Police ने दबोचीं Dating App से बुजुर्ग को फंसाकर 1.30 लाख रुपये ठगने वाली दो युवतियां विधानसभा में बोलते हुए, विजय ने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों को लोगों की चिंताओं को दूर करने और स्थानीय मुद्दों पर नज़र रखने के लिए अक्सर अपने निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा करने की ज़रूरत होती है। नई व्यवस्था के तहत, सभी विधायकों को निर्वाचन क्षेत्र से जुड़ी यात्रा के लिए सरकारी गाड़ियां दी जाएंगी। सरकार ड्राइवरों की सैलरी और गाड़ी से जुड़े खर्चों के लिए 75,000 रुपये का मासिक भत्ता भी देगी। इसके अलावा, हर विधायक के ऑफिस को ऑफिस से जुड़े काम के लिए एक असिस्टेंट रखने के लिए हर महीने 25,000 रुपये मिलेंगे। हेल्थ इंश्योरेंस कवर 5 गुना बढ़ाया गया हेल्थकेयर से जुड़ी एक बड़ी घोषणा में, मुख्यमंत्री की व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना (Chief Minister’s Comprehensive Health Insurance Scheme) के तहत सालाना कवरेज को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया जाएगा। इस बढ़े हुए कवरेज का मकसद लाभार्थियों को इलाज के लिए ज़्यादा आर्थिक मदद देना है। इसे भी पढ़ें: Jr NTR के घर छाया मातम: अपने प्यारे कुत्ते 'बघीरा' के निधन पर हुए भावुक, लिखा दिल छू लेने वाला नोट- 'आज़ादी से दौड़ो, मेरे छोटे दोस्त...' सरकार ने चेन्नई, तिरुनेलवेली, थूथुकुडी, चेंगलपट्टू, तिरुवरुर, करूर और कन्याकुमारी के सरकारी अस्पतालों में ट्रांसजेंडर लोगों के लिए अतिरिक्त मेडिकल और सर्जिकल सेवाओं की भी घोषणा की। मेडिकल शिक्षा के लिए 351 करोड़ रुपये सरकार ने सरकारी मेडिकल और हेल्थकेयर संस्थानों में एडमिशन की क्षमता बढ़ाने के लिए 351 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इस पहल से हेल्थकेयर से जुड़े अलग-अलग कोर्स में 6,098 अतिरिक्त सीटें बनेंगी। इनमें 660 B.Sc. नर्सिंग सीटें, नर्सिंग कॉलेजों और स्कूलों में 1,925 अतिरिक्त सीटें, 12 पैरामेडिकल कोर्स में 2,778 सीटें और मेडिकल कोर्स में 735 अतिरिक्त सीटें शामिल हैं। सात नए सरकारी नर्सिंग कॉलेज भी खोले जाएंगे। इसके अलावा, पेरम्बलुर में लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत से 400 बिस्तरों वाला मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जाएगा। उम्मीद है कि यह अस्पताल बेहतर इलाज की सुविधा देगा और इलाके में हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करेगा। दूध खरीद की कीमत बढ़ाई गई सरकार ने दूध खरीद की कीमत 38 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 41 रुपये प्रति लीटर करने की घोषणा की है। इस कदम से 3.16 लाख से ज़्यादा दूध उत्पादकों को फ़ायदा होने की उम्मीद है। खरीद की कीमत में बढ़ोतरी के साथ-साथ, दूध उत्पादकों के लिए सरकारी प्रोत्साहन राशि भी 3 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 5 रुपये प्रति लीटर कर दी जाएगी। खरीद की कीमत बढ़ने से सरकार का खर्च हर महीने 30 करोड़ रुपये और सालाना 360 करोड़ रुपये बढ़ने की उम्मीद है। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi
कब आ रहा NSE का IPO? जानें इश्यू प्राइस पर भी ये बड़ा अपडेट
एनएसई के आईपीओ को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है. कहा जा रहा है कि इस आईपीओ की लिस्टिंग डेट सिंतबर में हो सकती है. इश्यू प्राइस को लेकर भी बड़ा अपडेट सामने आया है.
NRC की मांग पर मणिपुर में सड़कें जाम: बंद से थमा घाटी का पहिया; सरकार ने किया मांग का समर्थन
NRC की मांग पर मणिपुर में सड़कें जाम: बंद से थमा घाटी का पहिया; सरकार ने किया मांग का समर्थन- Normal life in valley districts of Manipur disrupted on second day of strike demanding NRC
14 साल के छात्र ने बना डाली ‘केमिकल नोज’, चींटी से ऐसे आया आइडिया
ऑनलाइन हो या किसी दोस्त का घर, ये पता लगाना आसान नहीं होता है कि उसमें मूंगफली, काजू या किसी दूसरे एलर्जेन की मौजूदगी है या नहीं. इसी परेशानी को हल करने की कोशिश अमेरिका के टेक्सास के 14 साल छात्र समविथ महादेवन ने की है. उन्होंने एक ऐसा छोटा डिवाइस तैयार किया है, जो खाने से निकलने वाले केमिकल संकेतों का विश्लेषण कर संभावित फूड एलर्जेंस की पहचान कर सकता है.
झारखंड में छात्रों का अनशन खत्म, लेकिन सोरेन सरकार की मुश्किलें जारी
झारखंड सरकार की मुश्किलें खत्म नहीं हो रही हैं. रांची में छात्र नेता देवेंद्र महतो ने मांग की है कि सरकार पेपर लीक ना होने की गारंटी दे. परीक्षा के प्रश्न पत्रों की सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की जाए. उन्होंने कहा है कि पहले चरण का आंदोलन सफल रहा लेकिन संघर्ष अभी जारी है. सरकार का कहना है कि पुरानी परीक्षाओं की जांच इसलिए जरूरी है, ताकि यह पता चल सके कि कहीं पहले भी नियमों की अनदेखी तो नहीं हुई.
25 तेंदुए और 22 पिंजरे... मुरादाबाद में दहशत के साये में जिंदगी
गन्ने के खेत... हाथों में डंडे... रातभर जागते ग्रामीण... और गांव की गलियों में पसरा सन्नाटा. मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा में इन दिनों इंसानों और तेंदुओं के बीच जैसे डर की एक जंग चल रही है. बलिया गांव में चारा लेने खेत गई बुजुर्ग महिला बिरमा देवी पर तेंदुए ने हमला कर दिया. हमला इतना खतरनाक था कि महिला की जान चली गई. इसके बाद से गांव में दहशत और गुस्सा का माहौल है.
सामने भाई पीठ पीछे खंजर! ऐसे दोस्तों से हमेशा रहें सावधान
Chanakya Niti: क्या आपका कोई दोस्त आपकी हर बात में हां में हां मिलाता है या आपकी सफलता देखकर उसका चेहरा उतर जाता है? आचार्य चाणक्य का मानना है कि मीठी बातें करने वाले लोग अक्सर सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं. जानें कैसे परखें सच्चे और झूठे दोस्तों का फर्क.
बेटे संग त्र्यंबकेश्वर पहुंचे अजय, लिया महादेव का आशीर्वाद
सावन के पवित्र महीने में अजय देवगन अपने बेटे युग देवगन के साथ महाराष्ट्र के नासिक जिले में त्र्यंबकेश्वर शिव मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की. अजय देवगन ने मंदिर के ट्रस्ट कार्यालय का दौरा भी किया और स्थानीय लोगों से बातचीत की.
भाजपा की नई टीम में इस मंत्री की एंट्री ने बढ़ाया सस्पेंस, क्या कैबिनेट से देंगे इस्तीफा?
BJP की नई राष्ट्रीय टीम में पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है। वह फिलहाल वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री भी हैं। ‘एक व्यक्ति, एक पद’ की चर्चा के बीच सवाल उठ रहा है कि क्या गोयल मोदी कैबिनेट से इस्तीफा देने वाले हैं?
गाय के दूध से जमता है पतला दही? अपनाएं ये ट्रिक, जमेगा गाढ़ा दही
How To Make Thick Curd: अगर गाय के दूध से आपका दही भी पतला जमता है, तो दूध की गलती निकालने के बजाय अपना तरीका बदलें. आज हम आपको गया के दूध से भी गाढ़ा-मलाईदार दही जमाने का तरीका बताने वाले हैं.
सांस की सेहत का रखें ख्याल, धूल-धुएं से बचाव के साथ अपनाएं ये आसान उपाय
हवा में बढ़ता धुआं, धूल और पार्टिकुलेट प्रदूषण सिर्फ बाहर निकलने में परेशानी नहीं पैदा करता, बल्कि सांस से जुड़ी दिक्कतों को भी बढ़ा सकता है।
VIDEO: इमरान मसूद और आशु मलिक भिड़े, देखती रहीं इकरा हसन
सहारनपुर में दिशा की बैठक के दौरान कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा विधायक आशु मलिक के बीच तीखी बहस हो गई. जनता के सवाल पूछने और बोलने की बारी को लेकर दोनों नेता आमने-सामने आ गए. अधिकारियों के सामने हुई इस नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
PV सिंधु के माथे फिटनेस गैजेट Temple, हैरान कर देगा ट्रैकिंग फीचर्स
नई दिल्ली में चल रहे BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में पीवी सिंधु ने आयरलैंड कीसोफिया नोबल के खिलाफ जीत हासिल की. इस दौरान चर्चा में उनके माथे पर लगा एक गैजेट रहा है, जिसका नाम Temple है. इसको जोमाटो फाउंडर दीपेंदर गोयल ने तैयार किया है. आइये इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
हड्डियां मिलीं, फिर DNA में... होर्मुज में हमले के बाद लापता भारतीय कैप्टन का क्या हुआ?
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कैप्टन आशीष कुमार के बारे में जानकारी जुटाने और स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। कहां हैं भारतीय कैप्टन?

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