हरियाणा के सोनीपत जिले में स्थित खरखौदा उपमंडल को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के सबसे बड़े और आधुनिक औद्योगिक एवं आवासीय हब के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक युगांतरकारी निर्णय लिया है। नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग (टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट) द्वारा जारी आधिकारिक गजट अधिसूचना के अनुसार, खरखौदा और उसके आसपास फैले विशाल भूभाग को हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास व विनियमन अधिनियम के तहत औपचारिक रूप से नियंत्रित शहरी क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। इस दूरगामी फैसले का प्राथमिक उद्देश्य भविष्य में इस पूरे बेल्ट को अनियोजित और अवैध निर्माण से बचाना तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर की मास्टर प्लानिंग के तहत विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा विकसित करना है। सरकार के इस कदम से खरखौदा अब एक सामान्य उप-तहसील या कस्बे के स्तर से ऊपर उठकर दिल्ली और गुरुग्राम की तर्ज पर एक सशक्त 'सुपर सिटी' बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर हो चुका है।दो बड़े पॉकेट्स में बंटा नया महा-शहरी क्षेत्र: जानिए किन गांवों की बदली तकदीरनियोजन की प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाए रखने के लिए नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने पूरे नए शहरी क्षेत्र को दो रणनीतिक हिस्सों यानी पॉकेट-1 और पॉकेट-2 में वर्गीकृत किया है। पॉकेट-1 के अंतर्गत खरखौदा के नजदीकी और प्रमुख कृषि-आवासीय गांवों को शामिल किया गया है, जिनमें सिसाना, सिलाना, सेहरी और खांडा जैसे दर्जनों घनी आबादी वाले ग्रामीण क्षेत्र आते हैं। इस पॉकेट की भौगोलिक सीमाएं आगे बढ़कर झरोठी और भदाना के आसपास के विस्तृत भू-भाग तक विस्तृत होती हैं। इस हिस्से में खरखौदा नगरपालिका की मौजूदा चारदीवारी के चारों तरफ पांच किलोमीटर की परिधि में पहले से अधिसूचित शहरी दायरे को भी पूरी तरह समाहित कर लिया गया है। यह गलियारा आगे बढ़कर रोहतक जिले की प्रशासनिक सीमा को छूता है, जिससे यह पूरा पॉकेट रोहतक-सोनीपत औद्योगिक कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरेगा।पॉकेट-2 का विस्तार: सोनीपत नगर निगम से लेकर देश की राजधानी दिल्ली की सीमा तक जुड़ावपरियोजना का दूसरा प्रमुख हिस्सा यानी पॉकेट-2 क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाला है। इस पॉकेट में खांडा, झरोठी और भदाना के बाहरी राजस्व क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जिसकी सीधी सीमा आगे चलकर सोनीपत नगर निगम के पांच किलोमीटर के प्रभाव क्षेत्र से सीधे जुड़ती है। इसके बाद यह योजनाबद्ध शहरी गलियारा सोनीपत शहर और कुंडली के औद्योगिक क्षेत्र से होते हुए सीधा दिल्ली के नरेला और बवाना बॉर्डर तक पहुंचता है। इतना ही नहीं, दिल्ली सीमा से आगे इसका भौगोलिक संजाल झज्जर और रोहतक जिलों की सीमाओं के साथ प्राकृतिक रूप से मिल जाता है। इस चतुर्दिक जुड़ाव से खरखौदा अब दिल्ली, सोनीपत, झज्जर और रोहतक के मध्य एक केंद्रीय जंक्शन की भूमिका निभाएगा, जहां से किसी भी दिशा में सुगम आवागमन सुनिश्चित हो सकेगा।अब नगरपालिका तक सीमित नहीं रहेगा विकास: महा-योजना के तहत बनेगा आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चरसरकार द्वारा जारी नई गजट अधिसूचना ने यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि खरखौदा में भविष्य का शहरी नियोजन केवल पुरानी नगरपालिका की संकीर्ण सीमाओं तक बंधकर नहीं रहेगा। पुराने खरखौदा, सोनीपत और कुंडली के आसपास पांच किलोमीटर की परिधि में पहले से निर्धारित नियंत्रित क्षेत्रों को एक ही सूत्र में पिरोकर एक एकीकृत मास्टर प्लान लागू किया जाएगा। इसका सीधा लाभ यह होगा कि चौड़ी सेक्टर सड़कें, सीवरेज नेटवर्क, डेडिकेटेड स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज, 24 घंटे बिजली आपूर्ति, आधुनिक परिवहन टर्मिनल और हरित क्षेत्र (ग्रीन बेल्ट) अब सीधे इन गांवों के राजस्व क्षेत्र से होकर गुजरेंगे। सुनियोजित विकास के माध्यम से इस पूरे क्षेत्र में रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स पार्क, तकनीकी संस्थान और आधुनिक आवासीय सोसायटियों की बाढ़ आने की पूरी संभावना बन चुकी है।जमीन के मालिकाना हक को लेकर भ्रम दूर: जानें क्या है असल कानूनी स्थितिग्रामीणों और स्थानीय किसानों के बीच इस अधिसूचना को लेकर फैले किसी भी संशय को दूर करते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी क्षेत्र को शहरी दायरा घोषित करने से जमीन के मालिकाना हक (Ownership Rights) पर कोई कानूनी प्रभाव नहीं पड़ता है। जमीन का राजस्व रिकॉर्ड उसी किसान या भूस्वामी के नाम रहेगा जिसके नाम वह पहले से दर्ज है। हालांकि, जमीन के उपयोग को लेकर कड़े नियम प्रभावी हो चुके हैं। अब इस पूरे अधिसूचित क्षेत्र में बिना विभागीय अनुमति के अवैध कॉलोनियां काटना, अवैध प्लॉटिंग करना या बिना स्वीकृत नक्शे के व्यावसायिक व आवासीय निर्माण करना गैरकानूनी माना जाएगा। कृषि भूमि पर किसी भी प्रकार के गैर-कृषि निर्माण, वेयरहाउस या कॉलोनी निर्माण के लिए नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग से सीएलयू (चेन्ज ऑफ लैंड यूज) और टाउनशिप लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा, जिससे आम लोगों को धोखाधड़ी और अनाधिकृत कॉलोनियों के मकड़जाल से सुरक्षा मिलेगी।मारुति सुजुकी का ₹20,000 करोड़ का मेगा प्लांट बना गेम-चेंजरखरखौदा के इस अभूतपूर्व भौगोलिक और प्रशासनिक विस्तार के केंद्र में देश की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड का विशाल निवेश है। खरखौदा आईएमटी (IMT Kharkhoda) में मारुति और सुजुकी मोटरसाइकिल द्वारा स्थापित किए जा रहे एशिया के सबसे बड़े विनिर्माण संयंत्रों ने इस पूरे इलाके की आर्थिक तकदीर बदल दी है। हजारों करोड़ रुपये के इस निवेश के साथ ही यहां सुजुकी के सैकड़ों वेंडर और ऑटो-कंपोनेंट बनाने वाली वैश्विक कंपनियां अपनी इकाइयां स्थापित कर रही हैं। मारुति प्लांट के पूरी तरह चालू होने पर यहां लाखों कुशल व अकुशल कामगारों, इंजीनियरों और कॉरपोरेट अधिकारियों की आमद होगी। इसी विशाल आबादी की आगामी आवासीय, वाणिज्यिक, चिकित्सीय और मनोरंजक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सरकार ने समय रहते आसपास के दर्जनों गांवों को शहरी दायरे में लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर की टाउनशिप का खाका तैयार कर दिया है।
हरियाणा की 23.5 लाख महिलाओं को हर महीने मिलेंगे ₹2100, सीएम सैनी ने खोला पोर्टल; जानिए नए नियम
हरियाणा सरकार ने राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त, स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ पंडित दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के दायरे में व्यापक विस्तार का औपचारिक ऐलान कर दिया है। राज्य के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महेंद्रगढ़ की पावन धरा से योजना के दूसरे चरण के लिए आधिकारिक ऑनलाइन आवेदन पोर्टल का विधिवत शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक नीतिगत फैसले के तहत अब उन सभी परिवारों की पात्र महिलाओं को भी हर महीने ₹2,100 की सीधी नकद आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय ₹1,80,000 (एक लाख अस्सी हजार रुपये) तक है। इस विस्तार से राज्य भर की लाखों गृहणियों और माताओं-बहनों के चेहरों पर खुशी की नई लहर दौड़ गई है, क्योंकि अब उन्हें अपनी छोटी-मोटी व्यक्तिगत और घरेलू जरूरतों के लिए किसी अन्य पर आश्रित नहीं रहना पड़ेगा।23.50 लाख के पार पहुंचेगा कुल लाभार्थी आंकड़ा: 13.50 लाख नई महिलाओं को सीधा लाभइस महत्वपूर्ण संशोधन से पूर्व दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ केवल उन्हीं परिवारों को मिल रहा था जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये या उससे कम थी, जिसके तहत लगभग 10 लाख महिलाएं नियमित रूप से ₹2100 की मासिक किस्त प्राप्त कर रही थीं। आय सीमा को ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹1.80 लाख किए जाने के बाद परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के सत्यापित आंकड़ों के अनुसार कुल 17 लाख 13 हजार 447 महिलाएं इस नए पात्रता दायरे में आ गई हैं। इनमें से लगभग साढ़े तीन लाख महिलाएं पहले से ही अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन या कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा रही हैं। नतीजतन, प्रशासनिक छंटनी और सत्यापन के बाद राज्य की लगभग 13 लाख 50 हजार नई महिलाओं के खातों में हर महीने ₹2100 की सीधी सहायता राशि पहुंचने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। इस प्रकार राज्य भर में इस फ्लैगशिप योजना के कुल लाभार्थियों की संख्या अब बढ़कर 23.50 लाख के विशाल आंकड़े को छू लेगी, जिससे प्रत्येक लाभार्थी महिला को प्रतिवर्ष ₹25,200 का ठोस वित्तीय संबल मिलेगा।25 सितंबर पंडित दीन दयाल जयंती से खाते में आएगी राशि: सत्यापन प्रक्रिया तेजमहेंद्रगढ़ में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में पोर्टल का बटन दबाकर शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा चुनावी घोषणाओं से आगे बढ़कर जमीनी धरातल पर पारदर्शी सेवा देना है। सरकार ने प्रशासनिक मशीनरी को निर्देशित किया है कि आगामी 25 सितंबर को पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती के पावन अवसर पर नए लाभार्थियों के बैंक खातों में योजना की पहली किस्त डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से ट्रांसफर करने की तैयारी पूरी रखी जाए। तब तक प्रदेश भर के कॉमन सर्विस सेंटरों (सीएससी), अंत्योदय केंद्रों और ऑनलाइन पोर्टल के जरिए पात्र महिलाओं से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं और परिवार पहचान पत्र डेटाबेस के माध्यम से त्वरित पात्रता सत्यापन का कार्य चौबीसों घंटे युद्धस्तर पर संचालित किया जा रहा है ताकि किसी भी वास्तविक पात्र बहन का नाम सूची से छूटने न पाए।वित्तीय मजबूती की मिसाल: बजट में ₹6,500 करोड़ का भारी-भरकम वित्तीय प्रावधानदीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के निरंतर विस्तार को सुगम बनाने के लिए हरियाणा सरकार ने अपने राज्य बजट 2026-27 में वित्तीय संसाधनों की कोई कमी नहीं रहने दी है। चालू वित्त वर्ष में इस योजना के लिए अकेले ₹6,500 करोड़ का विशाल बजटीय आवंटन किया गया है, जो योजना के आरंभिक चरण में रखे गए ₹5,000 करोड़ के बजट से ₹1,500 करोड़ अधिक है। राज्य सरकार ने संपूर्ण सामाजिक कल्याण एवं पोषण क्षेत्र के लिए कुल ₹20,110 करोड़ का ऐतिहासिक बजट निर्धारित किया है, जिसका लगभग एक-तिहाई हिस्सा अकेले लाडो लक्ष्मी योजना के सफल क्रियान्वयन पर व्यय किया जा रहा है। यह वित्तीय समर्पण दर्शाता है कि सरकार आधी आबादी के सामाजिक उत्थान और पोषण सुरक्षा को अपनी प्राथमिक आर्थिक नीतियों के केंद्र में रखकर काम कर रही है।10 किस्तों में ₹2042 करोड़ वितरित: डीबीटी प्रणाली से बिचौलियों का खेल पूरी तरह खत्मपरिवार पहचान पत्र प्राधिकरण के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने आधिकारिक आंकड़े साझा करते हुए बताया कि 10 अगस्त 2026 तक राज्य सरकार लाडो लक्ष्मी योजना की कुल 10 सफल किस्तों के माध्यम से 9.98 लाख पंजीकृत महिलाओं के बैंक खातों में ₹2,042.31 करोड़ की विशाल धनराशि बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सीधे ट्रांसफर कर चुकी है। उन्होंने रेखांकित किया कि आधुनिक जनसांख्यिकीय डेटाबेस और डीबीटी (DBT) व्यवस्था के समावेश से सरकारी खजाने से निकला एक-एक रुपया बिना किसी बिचौलिए या दलाली के सीधे महिलाओं के आधार-लिंक बैंक खातों में पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रशासनिक अनुशासन का यह जीवंत प्रमाण है कि जो नीतिगत वादा सरकार ने मंचों से जनता के बीच किया था, उसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर धरातल पर क्रियान्वित कर दिखाया है।देश भर के राज्यों में महिला सहायता योजनाओं का तुलनात्मक विश्लेषणमहिला सशक्तीकरण के राष्ट्रीय परिदृश्य पर नजर डालें तो हरियाणा की दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना वित्तीय सहायता के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शीर्ष स्थान पर खड़ी दिखाई देती है। हरियाणा सरकार द्वारा प्रति माह दी जा रही ₹2,100 की सहायता राशि पड़ोसी और अन्य बड़े राज्यों की तुलना में काफी अधिक है। तुलनात्मक रूप से, पंजाब में 'मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना' के तहत सामान्य महिलाओं को ₹1,000 और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को ₹1,500 मासिक दिए जाते हैं। हिमाचल प्रदेश की 'इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि' के अंतर्गत पात्र महिलाओं को ₹1,500 मासिक मिलते हैं, जबकि कर्नाटक की चर्चित 'गृह लक्ष्मी योजना' में ₹2,000 प्रति माह की आर्थिक मदद दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, विवाह सहायता के क्षेत्र में भी जहां हिमाचल प्रदेश की मुख्यमंत्री शगुन योजना में ₹31,000 दिए जाते हैं, वहीं हरियाणा अपनी मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत विभिन्न श्रेणियों के आधार पर ₹31,000 से लेकर ₹71,000 तक की सम्मानजनक एकमुश्त सहायता बेटियों के विवाह पर उपलब्ध करा रहा है।जिलावार लाभार्थी परिदृश्य: फरीदाबाद, सोनीपत और पानीपत रहे सबसे आगेहरियाणा में ₹1.80 लाख तक की वार्षिक आय सीमा के तहत आने वाली 17 लाख से अधिक पात्र महिलाओं का जिलावार वितरण राज्य के क्षेत्रीय विकास और जनसांख्यिकी का संतुलित चित्र प्रस्तुत करता है। औद्योगिक और घनी आबादी वाले जिलों में लाभार्थियों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई है। फरीदाबाद जिला 2,22,562 पात्र महिलाओं के साथ पूरे प्रदेश में पहले पायदान पर है, जबकि सोनीपत में 1,18,878 और पानीपत में 1,09,424 महिलाएं इस दायरे में आती हैं। इसके अतिरिक्त करनाल में 1,05,717, पलवल में 1,01,652, गुरुग्राम में 92,017, यमुनानगर में 77,605, जींद में 73,152, नूंह में 69,760, सिरसा में 69,397, झज्जर में 67,513, हिसार में 67,177, कैथल में 66,518, भिवानी में 66,014, अंबाला में 62,612, रोहतक में 60,254, रेवाड़ी में 52,685, कुरुक्षेत्र में 47,982, महेंद्रगढ़ में 46,709, फतेहाबाद में 46,379, पंचकूला में 37,472, हांसी में 27,809 और चरखी-दादरी में 24,159 पात्र महिलाएं चिन्हित की गई हैं। यह जिलावार आंकड़े दर्शाते हैं कि शहरी बस्तियों से लेकर सुदूर ग्रामीण अंचलों तक राज्य सरकार की कल्याणकारी नीतियों की पहुंच समान और निष्पक्ष रूप से सुनिश्चित हो रही है।
भारतीय शेयर बाजार की दिग्गज एफएमसीजी (FMCG) और तंबाकू निर्माता कंपनी आईटीसी लिमिटेड (ITC Ltd) ने अपने कर्मचारियों के लिए बड़ा ऐलान किया है। कंपनी ने अपने योग्य कर्मियों के लिए एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन स्कीम (ESOP) के तहत लाखों नए इक्विटी शेयरों का आवंटन किया है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड यानी सेबी (SEBI) के नियामकीय नियमों के अनुसार दी गई आधिकारिक सूचना में कंपनी ने स्पष्ट किया कि 17 सितंबर को बोर्ड की नामित कमेटी की बैठक में 7,35,050 साधारण शेयर जारी करने के प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी दे दी गई है। कॉरपोरेट जगत में अपने कर्मचारियों को कंपनी के मुनाफे और विकास में सीधा हिस्सेदार बनाने की यह परंपरा एक बेहद सकारात्मक कदम मानी जाती है, जिससे कंपनी के प्रति कर्मचारियों की निष्ठा और कार्यकुशलता में सीधा इजाफा होता है।एक्सचेंज फाइलिंग में हुआ बड़ा खुलासा: जानिए अलॉटमेंट से जुड़ी हर तकनीकी बातगुरुवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को सौंपी गई आधिकारिक फाइलिंग में आईटीसी ने इस प्रक्रिया का पूरा विवरण साझा किया। कंपनी ने जानकारी दी कि सेबी (लिस्टिंग ऑब्लिगेशंस एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) रेगुलेशंस, 2015 के तहत यह आवंटन सुनिश्चित हुआ है। इस प्रक्रिया में ऑप्शन-होल्डर्स द्वारा कुल 73,505 ऑप्शंस का इस्तेमाल (Exercise) किया गया, जिसके एवज में ₹1 अंकित मूल्य (Face Value) वाले 7,35,050 साधारण शेयर कर्मियों के खातों में क्रेडिट करने की प्रक्रिया पूरी की गई। शेयर आवंटन समिति की यह विशेष बैठक सुबह 11 बजकर 10 मिनट पर संपन्न हुई, जिसके तुरंत बाद ही कैपिटल स्ट्रक्चर में बदलाव की सूचना सार्वजनिक मंचों पर दर्ज करा दी गई।शेयर कैपिटल में बड़ा बदलाव: 1253 करोड़ के पार पहुंची आईटीसी की पूंजीइस नए शेयर आवंटन के बाद एफएमसीजी दिग्गज की कुल इक्विटी संरचना में भी वृद्धि दर्ज की गई है। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, 17 सितंबर से आईटीसी लिमिटेड की कुल जारी और सब्सक्राइब की गई शेयर कैपिटल बढ़कर ₹1253,05,17,081 (बारह सौ तिरपन करोड़ पांच लाख सत्रह हजार इक्यासी रुपये) हो गई है। यह पूरी पूंजी अब ₹1 प्रति शेयर के फेस वैल्यू वाले 1253,05,17,081 साधारण शेयरों में विभाजित है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि ईएसओपी आवंटन से शेयरों की कुल संख्या में मामूली वृद्धि जरूर होती है, लेकिन कंपनी के मजबूत फंडामेंटल और नकदी प्रवाह के चलते इस प्रकार के आवंटन से मौजूदा निवेशकों की शेयर होल्डिंग पर कोई नकारात्मक दबाव नहीं पड़ता है।सिगरेट की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद आया ईएसओपी का फैसलायह शेयर आवंटन ऐसे समय पर हुआ है जब कंपनी ने ठीक एक दिन पहले अपने प्रमुख सिगरेट ब्रांड्स की कीमतों में इजाफा करने की घोषणा की थी। आईटीसी के कुल राजस्व और परिचालन लाभ (Operating Profit) में सिगरेट और तंबाकू कारोबार का एक बड़ा हिस्सा रहता है। इनपुट लागत में बढ़ोतरी और उत्पाद शुल्क के समायोजन के चलते कीमतों में यह संशोधन किया गया था। बाजार पंडितों का मानना है कि मूल्य वृद्धि से मार्जिन को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी, जिसका असर आगामी तिमाहियों के वित्तीय नतीजों में साफ दिखाई देगा। कीमतें बढ़ाने के तत्काल बाद कर्मचारियों को शेयरों का उपहार मिलना कंपनी के आंतरिक आत्मविश्वास को भी दर्शाता है।एक साल में 35% से ज्यादा लुढ़का स्टॉक: निवेशकों की क्यों बढ़ी चिंता?कर्मचारियों को मिले इस तोहफे के बीच आईटीसी के आम निवेशकों के लिए बीता एक साल बेहद निराशाजनक साबित हुआ है। लंबे समय तक निवेशकों का पसंदीदा 'डिफेंसिव स्टॉक' माना जाने वाला आईटीसी पिछले एक वर्ष के दौरान करीब 35 प्रतिशत से अधिक टूट चुका है। सरल शब्दों में समझें तो यदि किसी निवेशक ने एक साल पहले आईटीसी के शेयरों में ₹100 लगाए थे, तो उसकी पूंजी घटकर अब केवल ₹65 के आसपास रह गई है। केवल चालू वर्ष की बात करें तो स्टॉक में 27 फीसदी से ज्यादा की तेज गिरावट देखी जा चुकी है। अक्टूबर 2024 के बाद से ही शेयरों में लगातार मुनाफावसूली और बिकवाली का दबाव बना हुआ है, जिसने रिटेल निवेशकों के धैर्य की कड़ी परीक्षा ली है।266 रुपये के दायरे में सीमित कारोबार: क्या खरीदारी का सही समय है?लगातार बिकवाली के दबाव के बीच गुरुवार के कारोबारी सत्र में थोड़ी राहत देखने को मिली। आईटीसी का शेयर 0.78 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 266.20 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। तकनीकी चार्ट्स पर नजर डालें तो भारी गिरावट के बाद यह स्टॉक अब अपने मजबूत सपोर्ट जोन के करीब संघर्ष करता दिखाई दे रहा है। बाजार के स्वतंत्र जानकारों का कहना है कि एफएमसीजी सेगमेंट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, होटल कारोबार के डिमर्जर से जुड़ी पुनर्गठन प्रक्रिया और वैश्विक मांग में नरमी के कारण स्टॉक में सुस्ती रही है। हालांकि, लंबे समय के नजरिए से आईटीसी का मजबूत कैश फ्लो, एफएमसीजी पोर्टफोलियो का विस्तार, पेपरबोर्ड एवं पैकेजिंग व्यवसाय और आईटी सेक्टर में उपस्थिति इसे लंबी अवधि के पोर्टफोलियो के लिए एक आकर्षक स्तर पर लाकर खड़ा करती है।
बीमारू यूपी नहीं था, उसे चलाने वाले राजनेताओं की मानसिकता थी बीमारू : योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वकर्मा जयंती पर कारीगरों और हस्तशिल्पियों के सम्मान समारोह में पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य कहा जाता था, जबकि प्रदेश के पास सबसे बड़ी आबादी, ...
देश के प्रमुख सर्राफा बाजारों में गुरुवार का कारोबारी सत्र निवेशकों और आभूषण खरीदारों के लिए किसी थ्रिलर फिल्म की तरह साबित हुआ। सुबह के शुरुआती कारोबार से लेकर दोपहर के सत्र तक बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में लगातार सुस्ती और नरमी का माहौल देखा जा रहा था, जिससे बाजार में मंदी की आशंकाएं गहराने लगी थीं। हालांकि शाम 6 से 7 बजे के बीच अचानक ट्रेडिंग टर्मिनल्स पर ऐसी तूफानी लिवाली लौटी जिसने बाजार विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया। महज चंद घंटों के भीतर पीली धातु में प्रति 10 ग्राम लगभग 3,000 रुपये का जोरदार उछाल दर्ज किया गया, जबकि सफेद धातु यानी चांदी ने प्रति किलोग्राम करीब 6,200 रुपये की जबरदस्त छलांग लगाई। इस अप्रत्याशित तेजी के साथ घरेलू बाजार में सोना चढ़कर 1,53,444 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए स्तर पर पहुंच गया, वहीं चांदी की कीमत भी उछलकर 2,38,678 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड दायरे में दर्ज की गई।यूएस फेड रेट हाइक के बावजूद सोना क्यों बना रॉकेट: बाजार का चौंकाने वाला समीकरणसर्राफा बाजार के इस ताजा घटनाक्रम ने वित्तीय विश्लेषकों और आम निवेशकों दोनों के सामने एक बड़ा तकनीकी सवाल खड़ा कर दिया है। अर्थशास्त्र के बुनियादी नियमों के तहत जब भी अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) नीतिगत ब्याज दरों में बढ़ोतरी (Rate Hike) का ऐलान करता है, तब अमेरिकी डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड मजबूत होती है। आम तौर पर ऐसी स्थिति में बिना ब्याज वाली संपत्तियों जैसे सोने और चांदी में मुनाफावसूली या तेज गिरावट देखने को मिलती है। मगर इस बार ब्याज दर बढ़ने के बावजूद कीमती धातुओं में भारी तेजी क्यों आई, यह इस समय का सबसे बड़ा सवाल है। बाजार के इनसाइडर्स का मानना है कि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, मुद्रास्फीति की स्थायी चिंताएं और केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार की जा रही सोने की आक्रामक खरीद ने फेड के दबाव को पूरी तरह बेअसर कर दिया। निवेशकों ने दरों में बढ़ोतरी को मंदी के अग्रदूत के रूप में देखा और सुरक्षित निवेश (Safe-Haven Buying) के तहत सोने में अपनी पूंजी झोंक दी।केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया का बड़ा दावा: खरीदारी का यह है सुनहरा मौकासोने और चांदी के इस अप्रत्याशित यू-टर्न और भविष्य की चाल को डिकोड करते हुए केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने स्थिति को विस्तार से स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि दिन के पहले हिस्से में जो गिरावट नजर आ रही थी, वह केवल एक अस्थाई तकनीकी करेक्शन (Technical Correction) था, जिसका इस्तेमाल बड़े संस्थागत निवेशकों ने निचले स्तरों पर नई पोजिशन बनाने के लिए किया। अजय केडिया के अनुसार, मौजूदा समय में जो निवेशक सोने और चांदी में लंबी अवधि के लिए प्रवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह गिरावट से उबरने का दौर खरीदारी का एक बेहतरीन अवसर प्रस्तुत करता है। जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नीतिगत सख्ती का दौर अपने चरम पर पहुंचता है, बाजार अक्सर पहले ही आगे की अनिश्चितताओं को डिस्काउंट करना शुरू कर देता है, और आज शाम की तेजी इसी बड़े बदलाव का साफ संकेत है।त्योहारी सीजन और दिवाली तक कहां जा सकते हैं भाव: जानिए नए संभावित टारगेटआगामी त्योहारी और शादियों के सीजन को ध्यान में रखते हुए आभूषण प्रेमियों और रिटेल निवेशकों के मन में यह सवाल सबसे ऊपर है कि दिवाली 2026 तक सोने और चांदी के भाव किस स्तर पर पहुंच सकते हैं। विशेषज्ञ विश्लेषण के मुताबिक, भारत में धनतेरस और दिवाली के दौरान सोने की भौतिक मांग अपने चरम पर होती है। अजय केडिया के अनुसार, यदि वैश्विक अनिश्चितताएं और करेंसी बाजार की उठापटक इसी तरह जारी रही, तो घरेलू स्तर पर सोना दिवाली तक अपने मौजूदा स्तर से और ऊपर निकलकर नए मनोवैज्ञानिक स्तरों को छू सकता है। वहीं चांदी, जो अब केवल एक कीमती धातु नहीं बल्कि सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) कंपोनेंट्स और 5G टेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक औद्योगिक क्षेत्रों के लिए अनिवार्य कच्चा माल बन चुकी है, उसमें सोने के मुकाबले कहीं अधिक तेज उछाल की संभावना बनी हुई है। औद्योगिक मांग की यह कमी चांदी को आने वाले महीनों में नए ऐतिहासिक शिखरों की ओर धकेल सकती है।रिटेल खरीदारों और निवेशकों के लिए विशेषज्ञ रणनीति: कैसे करें निवेश की योजनासर्राफा बाजार के मौजूदा हालात को देखते हुए बाजार के जानकारों ने खुदरा खरीदारों को एकमुश्त मोटी रकम लगाने के बजाय सिस्टेमैटिक तरीके से खरीदारी करने की सलाह दी है। जानकारों का कहना है कि उच्च स्तरों पर बाजार में अस्थिरता (Volatility) हमेशा बनी रहती है, इसलिए निवेशकों को किसी भी आकस्मिक गिरावट पर चरणबद्ध तरीके से गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF), सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड या डिजिटल गोल्ड जैसे पारदर्शी विकल्पों पर भी विचार करना चाहिए। जो उपभोक्ता शादियों या आगामी त्योहारों के लिए वास्तविक आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं, उन्हें भी कीमतों में आने वाले किसी भी छोटे डिप्स का इंतजार कर आंशिक खरीदारी करते रहनी चाहिए। यह रणनीति बाजार के अचानक आने वाले उछाल के जोखिम से खरीदारों को सुरक्षित रखने में सबसे कारगर साबित होगी।
19 सितंबर को राधा अष्टमी, जानें अष्टमी तिथि और मुहूर्त
राधा अष्टमी 2026 इस साल 19 सितंबर को मनाई जाएगी. अष्टमी तिथि 18 सितंबर दोपहर 1:02 बजे से शुरू होकर 19 सितंबर दोपहर 3:28 बजे तक रहेगी. जानें राधा रानी की पूजा का शुभ मुहूर्त और व्रत पारण का समय. वीडियो में जानें इस पर्व का महत्व और वृत रखते समय किन बातों का रखें ध्यान.
मॉनसून की विदाई से पहले फिर बदलेगा मौसम, यूपी-बिहार समेत 21 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट
नई दिल्ली — 17 सितंबर, 2026 — देश में मॉनसून अब धीरे-धीरे अपनी विदाई की ओर बढ़ रहा है, लेकिन जाते-जाते एक बार फिर कई राज्यों में बारिश के साथ दस्तक देने वाला है। सितंबर के दूसरे हिस्से में कमजोर पड़ी मॉनसून की चाल कुछ समय के लिए फिर रफ्तार पकड़ सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, कल यानी 18 सितंबर को यूपी, बिहार समेत 21 राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की गई है। बारिश के साथ इस दौरान तेज आंधी चलने का भी अलर्ट जारी किया गया है। कई इलाकों में अधिकतम 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
उत्तर प्रदेश को देश की सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने अपने महत्वाकांक्षी दस्तावेज 'विकसित उत्तर प्रदेश@2047' (Viksit UP@2047) का पूरा खाका तैयार कर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को अंतिम संस्तुति, मार्गदर्शन और उच्च स्तरीय अनुमोदन के लिए प्रेषित कर दिया है। लखनऊ से दिल्ली पहुंची इस विस्तृत फाइल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बहुमूल्य सुझावों और अंतिम सहमति की मुहर लगते ही पूरे प्रदेश में विकास का एक अभूतपूर्व महाअभियान शुरू कर दिया जाएगा।केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किए जा रहे 'विकसित भारत@2047' के मास्टर प्लान के साथ उत्तर प्रदेश के इन लक्ष्यों का बारीकी से मिलान और सामंजस्य स्थापित किया जा रहा है। नीति आयोग और केंद्र के आर्थिक सलाहकारों के समन्वय से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि देश के सबसे बड़े राज्य के विकास लक्ष्य राष्ट्रीय विकास दर को सीधी गति प्रदान करें। उत्तर प्रदेश सहित देश के कुल 17 राज्य अपने-अपने 2047 विजन पर युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं, जिनमें से गुजरात, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और राजस्थान ने अपने दस्तावेज औपचारिक रूप से सार्वजनिक कर दिए हैं। अब जैसे ही नई दिल्ली से उत्तर प्रदेश के प्रारूप को हरी झंडी मिलेगी, राज्य की पूरी प्रशासनिक मशीनरी तय लक्ष्यों को जमीन पर उतारने के लिए मिशन मोड में जुट जाएगी।छह ट्रिलियन डॉलर की विशाल अर्थव्यवस्था: तीन चरणों का सुनियोजित खाकाविजन डॉक्यूमेंट में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को ऐतिहासिक ऊंचाई पर ले जाने के लिए चरणबद्ध और व्यावहारिक रोडमैप तैयार किया गया है। सरकार की रणनीति के तहत सबसे पहला बड़ा पड़ाव वर्ष 2029-30 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को $1 ट्रिलियन (एक लाख करोड़ डॉलर) के स्तर तक पहुंचाना है। इस मजबूत आर्थिक आधारशिला के निर्माण के बाद अगले चरण में वर्ष 2035-36 तक जीएसडीपी (GSDP) को दोगुना करते हुए $2 ट्रिलियन तक ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है।इस योजना का सबसे भव्य और निर्णायक चरण देश की स्वतंत्रता के 100वें गौरवशाली वर्ष यानी 2046-47 में सामने आएगा, जब उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को $6 ट्रिलियन (छह लाख करोड़ डॉलर) के विशालकाय आकार में बदलने का संकल्प लिया गया है। यह आंकड़ा न केवल उत्तर प्रदेश को भारत का आर्थिक इंजन बना देगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी राज्य को कई बड़े विकसित राष्ट्रों की जीडीपी के बराबर लाकर खड़ा कर देगा। इसके लिए औद्योगिक गलियारों, अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे नेटवर्क, डिफेंस कॉरिडोर, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और आईटी हब का ऐसा एकीकृत संजाल तैयार किया जा रहा है जो निवेश को निरंतर आकर्षित करता रहे।प्रति व्यक्ति आय में 20 गुना उछाल: ₹1.24 लाख से ₹25 लाख का सफरइस महायोजना का सबसे लोक-कल्याणकारी और क्रांतिकारी पहलू नागरिकों के व्यक्तिगत जीवन स्तर में सुधार से जुड़ा है। वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) लगभग 1.24 लाख रुपये दर्ज की गई है। विजन डॉक्यूमेंट के अनुसार, वर्ष 2047 तक राज्य के प्रत्येक नागरिक की औसत वार्षिक आय को बढ़ाकर 25 लाख रुपये तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।आय के स्तर में लगभग 20 गुना का यह भारी उछाल केवल कागजी अनुमान नहीं है, बल्कि इसके पीछे कृषि का विविधीकरण, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) का आधुनिकीकरण, हाई-टेक विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में लाखों उच्च आय वाले रोजगार सृजित करने की वैज्ञानिक रणनीति शामिल है। जब आम नागरिक की क्रय शक्ति में इतना व्यापक इजाफा होगा, तो राज्य के भीतर आंतरिक मांग में भारी तेजी आएगी, जो स्थानीय व्यापार, रियल एस्टेट, स्वास्थ्य और उच्च शिक्षा के क्षेत्रों को स्वतः ही अभूतपूर्व गति प्रदान करेगी।देश की जीडीपी में 20 फीसदी हिस्सेदारी और शीर्ष राज्य बनने का संकल्पभारत की राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान वर्तमान में 9.2 प्रतिशत के आसपास है, जो राज्य के विशाल भूभाग और आबादी के हिसाब से तेजी से बढ़ रहा है। विजन डॉक्यूमेंट में यह स्पष्ट संकल्प लिया गया है कि वर्ष 2047 तक राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में उत्तर प्रदेश का कुल योगदान बढ़ाकर सीधा 20 प्रतिशत किया जाएगा। इसका सीधा अर्थ यह है कि भारत जब विश्व की शीर्ष आर्थिक महाशक्तियों में गिना जाएगा, तब देश के कुल आर्थिक उत्पादन का पांचवां हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश की धरती से उत्पन्न होगा।इस ऐतिहासिक लक्ष्य को हासिल करते ही उत्तर प्रदेश बिना किसी प्रतिस्पर्धा के देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देने वाला निर्विवाद रूप से शीर्ष राज्य बन जाएगा। यह बदलाव उत्तर प्रदेश की पुरानी पहचान को पूरी तरह बदलकर उसे आधुनिक उद्योग, नवाचार, वित्तीय सेवाओं और वैश्विक लॉजिस्टिक्स के सबसे बड़े केंद्र के रूप में स्थापित कर देगा।100% साक्षरता, 0.5% बेरोजगारी और 60% शहरीकरण का सामाजिक ब्लूप्रिंटआर्थिक आंकड़ों के समानांतर इस विजन डॉक्यूमेंट में सामाजिक और जनसांख्यिकीय सुधारों का भी एक संपूर्ण ब्लूप्रिंट शामिल किया गया है। राज्य सरकार ने प्रदेश भर में शत-प्रतिशत (100%) साक्षरता दर हासिल करने का अचूक लक्ष्य रखा है, जिसमें डिजिटल साक्षरता और वोकेशनल कौशल विकास को स्कूली स्तर से ही अनिवार्य बनाया जाएगा। सामाजिक समरसता और मानव विकास सूचकांक में यह कदम राज्य की तस्वीर बदल देगा। रोजगार के मोर्चे पर एक अत्यंत साहसिक लक्ष्य तय करते हुए वर्तमान 2.7 प्रतिशत की बेरोजगारी दर को घटाकर न्यूनतम 0.5 प्रतिशत पर लाने की कार्ययोजना बनाई गई है, जिससे राज्य में व्यावहारिक रूप से पूर्ण रोजगार की स्थिति पैदा होगी। इसके अलावा, राज्य की वर्तमान 24.54 प्रतिशत शहरी आबादी को वर्ष 2047 तक बढ़ाकर 60 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। इसके लिए प्रदेश के टियर-2 और टियर-3 शहरों को नियोजित स्मार्ट सिटी, सेटेलाइट टाउनशिप और औद्योगिक उपनगरों के रूप में विकसित किया जाएगा ताकि ग्रामीण आबादी को अपने ही जिले के नजदीक विश्व स्तरीय नागरिक सुविधाएं, उच्च वेतन वाली नौकरियां और आधुनिक जीवनशैली सहजता से उपलब्ध हो सके।
अमेरिकी कंपनी पाकिस्तान में बनाएगी ड्रोन, सेना के साथ हुई डील
पाकिस्तान और एक अमेरिकी कंपनी के बीच ड्रोन निर्माण को लेकर एक बड़ी डील हुई है. इस समझौते के तहत अमेरिकी कंपनी पावरस पाकिस्तान में ड्रोन का निर्माण करेगी. इसके लिए कंपनी ने पाकिस्तान आर्मी यानी पाकिस्तानी सेना के साथ एक समझौता किया है. कंपनी के सह-संस्थापक ब्रेट वेलकोविच ने इस बात की पुष्टि करते हुए बयान जारी किया है. उनके अनुसार, इस समझौते में ड्रोन से जुड़े शुरुआती ऑर्डर भी शामिल किए गए हैं.
सिर्फ ₹6,416 में घर लाएं Samsung का ₹1.80 लाख वाला Galaxy Fold8
सैमसंग ने हाल ही में अपने Fold सीरीज के नए स्मार्टफोन्स लॉन्च किए हैं. Fold 8 का साइज अलग है और इसी साइज का फोन Apple ने iPhone Duo के तौर पर पेश किया है. हालांकि iPhond Duo की बिक्री अक्टूबर के आखिर में शुरू होगी.
घर को देना है लग्जरी लुक? कमरे के हिसाब से लगाएं इंडोर प्लांट
हर कमरे में एक जैसा पौधा रखना सही नहीं होता, क्योंकि हर जगह की रोशनी और स्पेस अलग होता है. जानें लिविंग रूम, बेडरूम, स्टडी टेबल, एंट्री और डाइनिंग एरिया के लिए कौन से Indoor Plants सबसे बेहतर रहेंगे और पौधा खरीदते समय रोशनी, जगह, पानी और देखभाल से जुड़ी किन जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए.
छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य जिले गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) के मरवाही विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत अंडी की रहने वाली रानू कैवर्त आज महिला सशक्तीकरण का जीवंत चेहरा बन चुकी हैं। सीमित संसाधनों और घरेलू बंधनों से निकलकर उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' (Bihan) के मंच को अपनी ताकत बनाया। रानू ने यह सिद्ध कर दिखाया है कि सही मार्गदर्शन, संस्थागत ऋण और अडिग इच्छाशक्ति के दम पर ग्रामीण महिलाएं न केवल घर की चारदीवारी से बाहर निकल सकती हैं, बल्कि अपने पूरे परिवार की आर्थिक रीढ़ बनकर समाज में सम्मानजनक स्थान हासिल कर सकती हैं। आज उनकी सालाना आमदनी 2 से 3 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है, जिसने उन्हें इलाके में लखपति दीदी के गौरवशाली खिताब से नवाजा है।शिव गुरु महिला स्व-सहायता समूह ने बदली रानू कैवर्त की जिंदगी की राहरानू कैवर्त के जीवन में आर्थिक बदलाव का पहला अध्याय उस दिन शुरू हुआ जब उन्होंने शिव गुरु महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यता ली। समूह में उनकी निष्ठा, लगन और सक्रिय भागीदारी को देखते हुए सदस्यों ने उन्हें सचिव की जिम्मेदारी सौंपी। बिहान मिशन से जुड़ने के बाद उन्हें वित्तीय साक्षरता, आजीविका प्रबंधन और सूक्ष्म ऋण सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी मिली। अधिकांश ग्रामीण परिवार किसी एक काम या मौसमी मजदूरी पर निर्भर रहकर तंगी झेलते हैं, लेकिन रानू ने समूह से मिलने वाले रिवॉल्विंग फंड और कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड का उपयोग करते हुए बहुआयामी कारोबारी मॉडल (Multi-Enterprise Model) खड़ा करने का साहसिक निर्णय लिया।कपड़ों की दुकान से लेकर बटेर पालन और हैचरी तक: मल्टी-बिजनेस मॉडल की सफलतारानू कैवर्त की इस असाधारण उपलब्धि का सबसे बड़ा राज जोखिम को बांटना और विभिन्न आय स्रोतों को एक साथ साधना है। उन्होंने सबसे पहले सिलाई कार्य से शुरुआत की और धीरे-धीरे एक कपड़े की दुकान शुरू कर दी। गांव की दैनिक जरूरतों को भांपते हुए उन्होंने किराना स्टोर खोला, जिससे हर रोज नकदी प्रवाह (Cash Flow) सुनिश्चित हुआ। इसके बाद उन्होंने कृषि-संबद्ध व्यवसायों में हाथ आजमाया। पारंपरिक खेती की सीमाओं से परे जाकर रानू ने उन्नत तकनीक से बटेर पालन, देशी मुर्गी पालन और अंडे से चूजे निकालने के लिए खुद की हैचरी यूनिट स्थापित की। इन विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों ने मिलकर उनके आय चक्र को ऐसा मजबूत आधार दिया कि साल के बारह महीने उनकी कमाई का सिलसिला बिना रुके जारी रहता है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'लखपति दीदी' संकल्प: ग्रामीण भारत का नया आर्थिक इंजनरानू कैवर्त की यह प्रेरक यात्रा केंद्र सरकार की उस महत्वाकांक्षी रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की ग्रामीण बहनों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए 'लखपति दीदी' का राष्ट्रीय संकल्प लिया है। इस योजना का स्पष्ट लक्ष्य देश के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी बहनों को ऐसी व्यावहारिक सहायता, कौशल प्रशिक्षण और कम ब्याज दर पर संस्थागत ऋण उपलब्ध कराना है जिससे उनकी स्थायी वार्षिक आय कम से कम एक लाख रुपये या उससे अधिक हो सके। जुलाई 2026 तक के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, देश भर में 10.08 करोड़ ग्रामीण परिवारों को लगभग 92 लाख स्वयं सहायता समूहों के नेटवर्क में संगठित किया जा चुका है और 3.46 करोड़ से अधिक ग्रामीण महिलाएं लखपति दीदी का मुकाम हासिल कर चुकी हैं।छत्तीसगढ़ में 'बिहान' योजना का जाल और महिला समूहों का वित्तीय समावेशनछत्तीसगढ़ राज्य में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन यानी 'बिहान' ग्रामीण महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 2.79 लाख से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह सक्रियता के साथ काम कर रहे हैं, जिनके माध्यम से 29.78 लाख से अधिक महिलाएं संगठित रूप से जुड़ी हुई हैं। राज्य सरकार इन समूहों को केवल कागजी आंकड़ों तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें सीधे बैंकों से जोड़कर क्रेडिट लिंकेज, कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड और उत्पादन से लेकर बाजार तक की पूरी वैल्यू चेन उपलब्ध करा रही है। इसी मजबूत वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र का नतीजा है कि सुदूर वनांचल और ग्रामीण अंचलों की महिलाएं भी अब आधुनिक उद्यमी बनकर उभर रही हैं।महतारी वंदन योजना का संबल: गृहस्थी को सहारा और कारोबार को नई रफ्तारअपनी इस व्यावसायिक प्रगति में रानू कैवर्त छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी 'महतारी वंदन योजना' को भी एक बड़ा संबल मानती हैं। इस योजना के अंतर्गत हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की निश्चित आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में पहुंचती है। रानू बताती हैं कि इस मासिक राशि से घर के रोजमर्रा के छोटे-मोटे खर्च बिना किसी पर निर्भर हुए पूरे हो जाते हैं, जिससे उन्हें अपने मुख्य कारोबार से अर्जित मुनाफे को दोबारा व्यापार के विस्तार में लगाने की पूरी आजादी मिलती है। इस निरंतर आर्थिक सुरक्षा ने उनके आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा दिया है। रानू ने इस परिवर्तनकारी बदलाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति खुलकर आभार जताया है।सेवा संकल्प अभियान में उभरी आत्मनिर्भरता की रोशनी बनी दूसरी महिलाओं की प्रेरणा'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत जब रानू कैवर्त की सफलता की दास्तान सामने आई, तो इसने प्रशासन और समाज दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा। यह कहानी इस बात का जीवंत प्रमाण है कि जब शासन की जनकल्याणकारी नीतियां, जमीनी प्रशासनिक इच्छाशक्ति और एक साधारण ग्रामीण महिला का असाधारण परिश्रम एक बिंदु पर मिलते हैं, तो गरीबी और पिछड़ेपन की बेड़ियां टूट जाती हैं। कभी आर्थिक अनिश्चितता के दौर से गुजरने वाली रानू आज अपने पूरे क्षेत्र की महिलाओं के लिए एक रोल मॉडल बन चुकी हैं। वह अपने गांव और आसपास की अन्य बहनों को भी समूहों से जुड़ने, नए हुनर सीखने और अपने दम पर खड़े होकर आत्मनिर्भर बनने के लिए लगातार प्रेरित कर रही हैं।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित राज्यस्तरीय श्रमिक महासम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के मेहनतकश श्रमवीरों को ऐतिहासिक सौगातें दीं। राज्य के चहुंमुखी विकास में मजदूरों और कामगारों के पसीने को मुख्य आधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए एक सिंगल क्लिक से 1 लाख 43 हजार से अधिक पंजीकृत श्रमिकों के बैंक खातों में 51 करोड़ 32 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि सीधे अंतरित की। श्रम विभाग के विभिन्न मंडलों की 26 प्रमुख योजनाओं के तहत यह वित्तीय संबल श्रमिकों के खातों में सीधे पहुंचा, जिससे पूरे आयोजन स्थल पर मौजूद हजारों श्रमिकों में उत्साह की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के खेतों से लेकर शहरों के गगनचुंबी निर्माणों तक राज्य की तरक्की की हर ईंट में श्रमिकों का योगदान शामिल है और यही श्रमशक्ति आने वाले समय में विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को धरातल पर उतारेगी।मुख्यमंत्री की तीन ऐतिहासिक घोषणाएं: ई-बाइक, आधुनिक केंद्र और दोगुना ई-रिक्शा अनुदानमहासम्मेलन के मुख्य मंच से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के श्रमिकों की दैनिक दिनचर्या, आवागमन की समस्याओं और स्वरोजगार के विस्तार को केंद्र में रखते हुए तीन अत्यंत महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। पहली घोषणा के तहत शहरों में सुबह-सुबह काम की तलाश में चौराहों और लेबर चौकों पर जुटने वाले श्रमिकों के लिए सर्वसुविधायुक्त 'आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र' स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों में श्रमिकों के सम्मानजनक बैठने, स्वच्छ पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और दैनिक मूलभूत सुविधाओं का पुख्ता प्रबंध होगा। दूसरी घोषणा में काम के सिलसिले में रोज लंबी दूरी तय करने वाले पंजीकृत कामगारों के लिए 'ई-बाइक सहायता योजना' शुरू करने का फैसला लिया गया, जिससे उनकी यात्रा सुगम और किफायती बन सके। तीसरी सबसे बड़ी घोषणा के अंतर्गत असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों को पैडल रिक्शा छोड़कर ई-रिक्शा अपनाने के लिए दी जाने वाली सरकारी सहायता राशि को 50 हजार रुपये से सीधे दोगुना करके 1 लाख रुपये कर दिया गया। इस निर्णय से पारंपरिक रिक्शा चालकों को प्रदूषणमुक्त आधुनिक साधन अपनाने और अपनी दैनिक आय बढ़ाने में सीधी मदद मिलेगी।67 जनकल्याणकारी योजनाएं और ₹1000 करोड़ से अधिक की सीधी मददश्रम विभाग के दायरे और उपलब्धियों को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के तीन प्रमुख श्रम मंडलों के जरिए वर्तमान में 67 विभिन्न प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। यह योजनाएं श्रमिक के बच्चे के जन्म, पोषण, स्कूली शिक्षा, उच्च अध्ययन, कौशल विकास, बेटियों के विवाह से लेकर वृद्धावस्था में सामाजिक सुरक्षा तक हर पड़ाव पर एक मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान करती हैं। सरकार के पिछले ढाई वर्षों के ट्रैक रिकॉर्ड को रेखांकित करते हुए उन्होंने जानकारी दी कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अब तक 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे श्रमिकों और उनके आश्रितों तक पारदर्शी ढंग से पहुंचाई जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर के असंगठित और निर्माण क्षेत्र के सभी पात्र कामगारों से अपील की कि वे श्रम विभाग के पोर्टल पर अपना अनिवार्य पंजीयन कराएं ताकि कोई भी जरूरतमंद परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रह जाए।शिक्षा से बदलेगी तकदीर: 'अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना' और मनिंदर कौर की प्रेरक उड़ान'श्रमेव जयते' के मूल मंत्र को साकार करने की दिशा में सरकार ने श्रमिक परिवारों के बच्चों की उच्च शिक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आर्थिक तंगी किसी भी होनहार बच्चे की प्रतिभा के आड़े नहीं आने दी जाएगी। 'अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना' के तहत श्रमिक परिवारों के मेधावी बच्चों को देश के प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में पूरी तरह निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। योजना की भारी सफलता को देखते हुए सीटों की संख्या को 100 से बढ़ाकर सीधे 200 कर दिया गया है, जिसका पूरा वित्तीय भार राज्य सरकार वहन कर रही है। कार्यक्रम के दौरान एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक क्षण तब सामने आया जब मुख्यमंत्री ने श्रमिक परिवार की होनहार बेटी मनिंदर कौर को लैपटॉप और 1 लाख 75 हजार रुपये का चेक सौंपा। मनिंदर ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद जेईई परीक्षा पास कर प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) सूरत में इंजीनियरिंग सीट हासिल की है। मुख्यमंत्री ने मंच से ऐलान किया कि मनिंदर की इंजीनियरिंग की पूरी पढ़ाई का खर्च अब छत्तीसगढ़ का श्रम विभाग उठाएगा।100 श्रमिक दीदियों को ई-रिक्शा की चाबी: मुख्यमंत्री ने खुद की सवारीमहिला सशक्तीकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता को नया आयाम देते हुए सम्मेलन में 'दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना' के तहत 100 महिला श्रमिकों को नए ई-रिक्शा की चाबियां सौंपी गईं और मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर उन्हें रवाना किया। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और श्रम एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने स्वयं लाभार्थी महिला यशोदा विश्वकर्मा के ई-रिक्शा में बैठकर सवारी की और महिला चालकों की हौसलाअफजाई की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब घर की महिला आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनती है, तो पूरे परिवार का सामाजिक स्तर सुधरता है। श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने भी पुष्टि की कि दीदी ई-रिक्शा योजना के तहत सहायता अनुदान को एक लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये तक का संबल दिया जा रहा है ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर उद्यमी बनकर समाज में सिर उठाकर जीवन जी सकें।ज़मीन से जुड़ाव: श्रमिक बहनों संग सीएम का दोपहर भोज और जमीनी संवादकार्यक्रम की औपचारिकता से परे हटकर मुख्यमंत्री साय ने राज्य के दूरदराज के इलाकों से आई श्रमिक बहनों के साथ जमीन पर बैठकर दोपहर का भोजन किया। इस आत्मीय संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने एक अभिभावक की तरह उनसे पूछा कि क्या सरकारी योजनाओं का पैसा बिना किसी बिचौलिए या अड़चन के उनके बैंक खातों में पहुंच रहा है। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और राशन मिलने की स्थिति की भी जमीनी जानकारी ली। मुख्यमंत्री को अपने बीच एक सामान्य सदस्य की तरह भोजन करते और सुख-दुख बांटते देख उपस्थित श्रमिक बहनों ने भावुक होकर शासन के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि योजनाओं की वास्तविक सार्थकता तभी है जब अंतिम पंक्ति के श्रमिक तक सहायता बिना किसी प्रशासनिक देरी के पहुंचे।डिजिटल नवाचार: QR कोड युक्त पीवीसी कार्ड और उपकर कटौती पोर्टल का शुभारंभप्रशासनिक पारदर्शिता और कागजी झंझटों को समाप्त करने के लिए सम्मेलन में अत्याधुनिक डिजिटल तकनीकों का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री ने राज्य की नई उपकर (Cess) कटौती वेबसाइट का विधिवत शुभारंभ किया और श्रमिकों के लिए नए पीवीसी एवं क्यूआर (QR) कोड आधारित स्मार्ट श्रमिक पंजीयन कार्ड जारी किए। अब श्रमिक सिर्फ एक स्कैन के माध्यम से अपनी पात्रता, योजनाओं की स्थिति और विवरण की जांच कर सकेंगे। केंद्र सरकार की पहलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 'वन नेशन-वन राशन कार्ड' और पीएफ (PF) पोर्टेबिलिटी के डिजिटल सुधारों ने उन प्रवासी श्रमिकों के जीवन को बहुत सुरक्षित बनाया है जो काम के सिलसिले में एक राज्य से दूसरे राज्य आवाजाही करते हैं।'आशीर्वाद का दीया' और विकसित छत्तीसगढ़ का सामूहिक संकल्पविश्वकर्मा जयंती के पावन पर्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस तथा उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक गण और हजारों श्रमिकों ने एक साथ 'आशीर्वाद का दीया' प्रज्ज्वलित किया। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आगामी दिनों में तीन हजार से अधिक युवाओं के लिए रोजगार मेले के आयोजन की जानकारी दी। इस विराट सम्मेलन ने यह साफ संदेश दिया कि छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में समाज के अंतिम पायदान पर खड़ा श्रमिक केवल एक लाभार्थी नहीं, बल्कि राज्य के नवनिर्माण का सबसे मजबूत भागीदार और शिल्पकार है।
IndiGo में सफर हुआ महंगा! एक्स्ट्रा बैगेज समेत कई सर्विस के चार्ज बढ़े
IndiGo ने अपनी कई सर्विस के चार्ज बढ़ा दिए हैं. एक्स्ट्रा बैगेज से लेकर प्रायोरिटी चेक-इन और बोर्डिंग जैसे चार्ज में बड़ा इजाफा किया गया है. इसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ेगा. हालांकि बताया जा रहा है कि इन सर्विसेस के शुल्क में बदलाव नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है.
Manipur में सुरक्षा समीक्षा: CM Y Khemchand Singh ने दिए संवेदनशील इलाकों में तैनाती के निर्देश
मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने बृहस्पतिवार को वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य में कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा की। यह बैठक तमेंगलोंग और नोनी जिले में अलग-अलग घटनाओं में चार महिलाओं समेत छह लोगों की गोली मारकर हत्या किए जाने के कुछ दिन बाद हुई। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री सचिवालय में हुई सुरक्षा समन्वय बैठक में राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाने और नए संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां सुरक्षा कर्मियों की तैनाती पर विस्तार से चर्चा की गई। विज्ञप्ति में कहा गया कि निर्माण के लिए उपयुक्त मौसम नजदीक आने के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के अधिकारी अगले छह महीनों में काम तेज करने की तैयारी कर रहे हैं। राज्य सरकार को बुनियादी ढांचे के विकास में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है। इसमें कहा गया, ‘‘सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि चल रहे बुनियादी ढांचा विकास कार्यों में बाधा न आए और पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।’’बैठक में राज्य के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजाम, पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह, सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह और असम राइफल्स (दक्षिण) के महानिरीक्षक मेजर जनरल गौरव शर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे। पुलिस ने बताया था कि 13 सितंबर को तमेंगलोंग और लॉन्गपी में संदिग्ध उग्रवादियों ने गांवों पर हमला किया था, जिसमें दो महिलाओं समेत चार लोग मारे गए थे। उन्होंने कहा कि दो दिन बाद हथियारबंद उग्रवादियों ने लीसांगफाई के एक गांव में जलावन की लकड़ी लेने खेत गईं दो महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी। मई 2023 से जारी मणिपुर के जातीय संघर्ष में अब तक कम से कम 306 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 49 लोग अब भी लापता हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं।
भारत के दिग्गज मुक्केबाज और 2008 बीजिंग ओलिंपिक के कांस्य पदक विजेता विजेंदर सिंह ने आगामी एशियाई खेलों में देश के बॉक्सिंग दल की संभावनाओं पर बड़ा बयान दिया है। नई दिल्ली में खेल परिदृश्य का बारीक विश्लेषण करते हुए विजेंदर ने स्पष्ट किया कि हालिया कॉमनवेल्थ गेम्स की उपलब्धियों के दम पर एशियाई खेलों को आसान समझना बहुत बड़ी रणनीतिक भूल साबित हो सकती है। एशियाई स्तर पर मुकाबला सिर्फ शारीरिक ताकत का नहीं, बल्कि गति, तकनीक और सामरिक रणनीति का कड़ा इम्तिहान होता है।विजेंदर के अनुसार, एशियाई मंच की प्रतिस्पर्धा राष्ट्रमंडल खेलों से कहीं अधिक क्रूर और तकनीकी रूप से उन्नत होती है। एशिया में भारत का सीधा टकराव उज्बेकिस्तान, कजाखस्तान, चीन और मेजबान जापान जैसे मुक्केबाजी के वैश्विक महारथियों से होगा। ये वे देश हैं जिनकी बॉक्सिंग नर्सरी दुनिया भर में शीर्ष मानी जाती है और जिनके खिलाड़ी ओलिंपिक और विश्व चैंपियनशिप की पोडियम पर अपना दबदबा बनाए रखते हैं। उन्होंने भारतीय मुक्केबाजी महासंघ और एथलीटों की हालिया प्रगति की सराहना की, मगर यह चेतावनी भी जोड़ी कि रिंग में उतरते ही पिछले रिकॉर्ड शून्य हो जाते हैं।महिला मुक्केबाजों पर बड़ा दांव और लवलीना का ओलिंपिक अनुभवभारतीय दल की ताकत का आकलन करते हुए विजेंदर सिंह ने माना कि इस बार महिला बॉक्सिंग दल अत्यधिक संतुलित और पदक का सबसे मजबूत दावेदार दिख रहा है। साक्षी चौधरी, प्रीति पवार और प्रिया गंगा जैसी युवा और आक्रामक मुक्केबाजों में विश्व स्तरीय तकनीक और रिंग में हावी होने की आक्रामकता साफ झलकती है। इन मुक्केबाजों ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपने खेल में सुधार किया है, जिससे पोडियम फिनिश की संभावनाएं बहुत मजबूत हो गई हैं।महिला वर्ग में टीम की सबसे बड़ी मार्गदर्शक शक्ति ओलिंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहाइ हैं। विजेंदर ने रेखांकित किया कि बड़े टूर्नामेंटों के दबाव भरे मुकाबलों में केवल तकनीकी दांव-पेंच काम नहीं आते, बल्कि मानसिक दृढ़ता और बड़े मंच का अनुभव जीत तय करता है। लवलीना के पास वह अनुभव है जो नॉकआउट चरणों के अंतिम क्षणों में मुकाबले को अपनी झोली में खींचने की क्षमता रखता है। उनका यह अंतरराष्ट्रीय अनुभव न केवल उनके निजी प्रदर्शन को निखारेगा, बल्कि युवा महिला खिलाड़ियों के भीतर आत्मविश्वास भरने का काम भी करेगा।पुरुष वर्ग में पदक की उम्मीदें और एक पंच से खेल पलटने की अनिश्चिततापुरुष वर्ग की संभावनाओं पर बात करते हुए पूर्व विश्व नंबर एक मुक्केबाज ने सचिन, दीपक भोरिया और अनमोल बेनिवाल को भारत के सबसे बड़े पदक दावेदार के रूप में चुना। उन्होंने कहा कि इन मुक्केबाजों का फुटवर्क और काउंटर-अटैक करने की गति एशियाई दिग्गजों को चौंकाने के लिए पर्याप्त है। हालांकि, बॉक्सिंग की अनिश्चितता को उजागर करते हुए उन्होंने याद दिलाया कि रिंग के भीतर कभी भी किसी पदक को तय नहीं माना जा सकता, क्योंकि ग्लव्स के एक सटीक प्रहार से पूरे मैच का गणित सेकेंडों में पलट जाता है।विजेंदर का अनुमान है कि कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद भारतीय मुक्केबाज एशियाई खेलों में पांच से छह पदक अपने नाम कर सकते हैं। इसके लिए भारतीय मुक्केबाजों को शुरुआती राउंड से ही जजों के स्कोरकार्ड पर अपनी बढ़त साफ रखनी होगी, ताकि अंतिम निर्णय में किसी भी प्रकार के संशय की गुंजाइश न बचे। उज्बेक और कजाख मुक्केबाजों के खिलाफ मुकाबले में गति और दूरी का नियंत्रण ही पदक का रंग तय करेगा।2010 ग्वांगझू एशियन गेम्स का किस्सा: टूटे अंगूठे के बावजूद जीता था गोल्डअपनी रणनीति को विस्तार से समझाते हुए विजेंदर सिंह ने 2010 ग्वांगझू एशियन गेम्स के ऐतिहासिक स्वर्ण पदक मुकाबले की अनदेखी कहानी साझा की। उस फाइनल में उनका मुकाबला तत्कालीन विश्व चैंपियन अब्बास सत्तार से था, जिसे विजेंदर ने एकतरफा अंदाज में 7-0 से शिकस्त दी थी। विजेंदर ने खुलासा किया कि मुकाबले के पहले ही राउंड में उनका अंगूठा बुरी तरह चोटिल हो गया था, जिससे मुक्का मारते समय असहनीय दर्द हो रहा था।ऐसी गंभीर स्थिति में उन्होंने कोच की रणनीति पर अटूट भरोसा दिखाया। अपनी लंबी कद-काठी का रणनीतिक फायदा उठाते हुए उन्होंने ईरानी प्रतिद्वंद्वी को खुद के करीब आने ही नहीं दिया। रिंग में लगातार चक्राकार घूमते हुए दूरी बनाई और सटीक समय पर अपने ट्रेडमार्क दाहिने मुक्के (राइट स्ट्रेट) का प्रहार कर अंक बटोरते रहे। उन्होंने कहा कि रिंग में चोट या प्रतिकूल परिस्थिति कभी बहाना नहीं बन सकती, बल्कि वहां त्वरित बुद्धिमत्ता और रणनीतिक अनुशासन ही खिलाड़ी को चैंपियन बनाता है।फोन और इंटरनेट मीडिया से दूरी: विजेंदर का जीत का 'सीक्रेट मंत्र'आज के आधुनिक एथलीटों के लिए विजेंदर सिंह ने सबसे अहम और कड़वी सलाह स्मार्टफोन व इंटरनेट मीडिया के अत्यधिक उपयोग को लेकर दी। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि आज के खिलाड़ियों के पास विश्व स्तरीय जिम, वैज्ञानिक खान-पान, फिजियो और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो उनके दौर में दुर्लभ थीं। इसके बावजूद, मोबाइल स्क्रीन और सोशल मीडिया पर तुरंत लोकप्रियता पाने का नशा खिलाड़ियों का ध्यान उनके मुख्य लक्ष्य से भटका रहा है।विजेंदर ने मुक्केबाजों को टूर्नामेंट के दौरान सभी डिजिटल प्लेटफार्मों से पूरी तरह किनारा करने और अपनी ऊर्जा केवल प्रतिद्वंद्वी के वीडियो विश्लेषण, मानसिक एकाग्रता और रणनीति पर केंद्रित करने का मंत्र दिया। रिंग में एक माइक्रोसेकंड की एकाग्रता की कमी का मतलब नॉकआउट होता है। इसलिए आभासी दुनिया की तालियों के पीछे भागने के बजाय वास्तविक रिंग में पसीना बहाना ही पदक पक्का करने का एकमात्र रास्ता है।घरेलू स्तर पर मजबूत प्रतिस्पर्धा और विदेशी ट्रेनिंग कैंप की दरकारभारतीय पुरुष मुक्केबाजी के भविष्य को और पुख्ता करने के लिए विजेंदर ने घरेलू ढांचे में बुनियादी बदलाव की वकालत की। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं को अत्यधिक प्रतिस्पर्धी बनाना होगा, ताकि कोई भी मुक्केबाज आसान जीत के साथ अंतरराष्ट्रीय दल में न पहुंच सके। जब तक घरेलू रिंग में कड़ा मुकाबला नहीं होगा, तब तक अंतरराष्ट्रीय दबाव झेलने की क्षमता विकसित नहीं हो सकती।इसके साथ ही उन्होंने भारतीय मुक्केबाजी महासंघ को उज्बेकिस्तान और कजाखस्तान की राष्ट्रीय टीमों के साथ संयुक्त प्रशिक्षण शिविर (जॉइंट ट्रेनिंग कैंप) आयोजित करने का सुझाव दिया। इन देशों के मुक्केबाजों के साथ नियमित स्पैरिंग करने से भारतीय मुक्केबाज मध्य एशियाई शैली की तेज और रक्षात्मक तकनीक को सहजता से समझ सकेंगे। विजेंदर ने निष्कर्ष निकाला कि एशियाई खेलों की चुनौती निस्संदेह कठिन है, मगर सही मानसिक दृष्टिकोण, डिजिटल संयम और रिंग की चतुराई से भारतीय मुक्केबाज इतिहास दोहराने में पूरी तरह सक्षम हैं।
IND vs AFG: अभिषेक शर्मा ने काटा बवाल, 30 गेंदों में जड़ा शतक
अफगानिस्तान के खिलाफ अभिषेक शर्मा ने बल्ले से गजब की तबाही मचाते हुए टीम को तेज तर्रार शुरुआत दिलाई. अभिषेक ने मैदान के चारों तरफ चौके-छक्कों की झड़ी लगाने का काम किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर भाजपा द्वारा चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत अगरतला में महा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने पहुंचकर स्वयं रक्तदान किया और रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर बिप्लब […] यह लेख प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर अगरतला में महा रक्तदान शिविर, भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री बिप्लब देब ने किया रक्तदान सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
UPI चार्ज को लेकर छिड़ा घमासान, BJP प्रवक्ता ने कांग्रेस पर उठाए सवाल
यूपीआई (UPI) ट्रांजैक्शन पर लगने वाले शुल्क को लेकर देश में सियासी बहस तेज हो गई है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिल रही है. बीजेपी नेता सैयद जफर इस्लाम का दावा है कि संसदीय स्थायी समिति की बैठक में यूपीआई को आर्थिक रूप से व्यावहारिक बनाने के लिए रेवेन्यू मॉडल पर विस्तार से चर्चा हुई थी, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी शामिल थे.
मेजर ऋषभ की महीने की इनकम जानकर उड़ जाएंगे होश! पूर्व ADC को इंस्टाग्राम से मिलेंगे 57 लाख?
Major Rishabh Sambyal Instagram Earnings:
30 मिनट में 28 लड्डू खा गया शख्स... लगातार दूसरी बार जीता लड्डू कॉम्पिटिशन
सुरेंद्रनगर में तरनेतर मेले के रूरल ओलंपिक्स में हुआ लड्डू कॉम्पिटिशन लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा. 28 प्रतियोगियों के बीच विंचिया के बलवंतभाई राघवानी ने 30 मिनट में 28 लड्डू खाकर लगातार दूसरी बार खिताब जीता. 25 से 75 साल की उम्र के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. विजेता को 2 हजार रुपये का कैश प्राइज मिला.
घरों की कीमत बढ़ी, फिर भी 3BHK की डिमांड मजबूत
एनारॉक के जनवरी-जून 2026 सर्वे के मुताबिक, दिल्ली-NCR के 53% होमबायर्स 3BHK घर पसंद कर रहे हैं. बढ़ती कीमतों के बीच 34% खरीदार 90 लाख से 1.5 करोड़ रुपये और 27% लोग 1.5 करोड़ से अधिक बजट वाले घरों की ओर हैं. वीडियो में जानें घरों की इस डिमांड की पूरी कहानी.
KBC: सास ने जिंदा जलाया! कपिला का छलका दर्द, भावुक हुए अमिताभ
KBC 18 में कपिला तनेजा ने अपनी जिंदगी का दर्द अमिताभ बच्चन के सामने बयां किया. उन्होंने बताया कि 2002 में ससुराल वालों ने उन्हें जलाने की कोशिश की थी और वह 24 साल से बेटी से दूर हैं.
15 दिन पहले किराये पर रहने आई थी युवती, घर में मिली खून से लथपथ लाश
झारखंड के चक्रधरपुर में किराये के मकान में एक युवती की हत्या से सनसनी फैल गई. शीतला मंदिर इलाके में रहने वाली अनीता बिंद की धारदार हथियार से हमला कर जान ले ली गई. मकान मालिक ने एक युवक को संदिग्ध हालत में कमरे में प्रवेश करते देखा और पकड़ लिया. युवक ने खुद को अनीता का परिचित और प्रेमी बताया.
'महिला LPG सिलेंडर नहीं उठा सकती', नहीं दी नौकरी, अब IOC देगा 12 लाख मुआवजा
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने एक महिला को यह कहकर नौकरी देने से इनकार किया था कि महिला सिलेंडर नहीं उठा पाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने इसे महिला होने का अपमान बताया है.
अजमेर मेयर चुनाव : कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल का नामांकन वैध, भाजपा की आपत्ति खारिज
19.18 लाख रुपए के कथित निगम बकाया को लेकर भाजपा प्रत्याशी अनामिका शर्मा ने जताई थी आपत्ति अजमेर। अजमेर नगर निगम के महापौर चुनाव में गुरुवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान चला विवाद निर्वाचन अधिकारी के फैसले के साथ समाप्त हो गया। कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल के नामांकन पर भाजपा प्रत्याशी अनामिका शर्मा […] The post अजमेर मेयर चुनाव : कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल का नामांकन वैध, भाजपा की आपत्ति खारिज appeared first on Sabguru News .
विकास के नाम पर Forest Land के अंधाधुंध डायवर्जन पर 77 पूर्व नौकरशाहों ने जताई चिंता
पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों के 77 सदस्यीय एक समूह ने एक खुला पत्र लिखकर विकास परियोजनाओं के लिए वन भूमि के हस्तांतरण के कारण बड़े पैमाने पर हो रही वनों की कटाई को लेकर चिंता जताई है। बुधवार को जारी इस पत्र में कहा गया है कि केंद्र ने 2014-15 से 2025-26 के बीच करीब 2.15 लाख हेक्टेयर वन भूमि को गैर-वनीय उपयोग के लिए हस्तांतरित करने की मंजूरी दी। इसमें करीब 62 प्रतिशत भूमि खनन, पनबिजली, सिंचाई और सड़क परियोजनाओं के लिए मंजूर की गई। पत्र में कहा गया है, ‘‘वन भूमि के हस्तांतरण के मामले हाल के वर्षों में तेजी से बढ़े हैं। 2014-15 से 2018-19 के बीच पांच वर्षों में 74,705.68 हेक्टेयर वन भूमि के हस्तांतरण को मंजूरी दी गई। इसके बाद 2019-20 से 2023-24 के पांच साल की अवधि में यह आंकड़ा करीब 29 प्रतिशत बढ़कर 96,112.90 हेक्टेयर हो गया।’’पत्र में कहा गया कि राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों यानी संरक्षित क्षेत्रों (पीए) तथा उनके पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्रों (ईएसजेड) की भूमि भी ‘‘चिंताजनक गति’’ से हस्तांतरित की जा रही है। संरक्षित क्षेत्रों के भीतर भूमि हस्तांतरण के प्रस्तावों के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति (एससी-एनबीडब्ल्यूएल) की मंजूरी जरूरी होती है। यह एक वैधानिक निकाय है, जिसका काम वन्यजीवों और उनके आवासों के संरक्षण, संवर्धन तथा विकास को बढ़ावा देना है। पत्र के अनुसार, ‘‘हालांकि, यह देखा गया है कि 2014 के बाद से एससी-एनबीडब्ल्यूएल के समक्ष रखे गए भूमि हस्तांतरण के 97 प्रतिशत प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। 2024 और 2025 में हुई केवल चार बैठकों में ही संरक्षित क्षेत्रों और पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्रों के भीतर 5,824 हेक्टेयर भूमि को गैर-वनीय उपयोग के लिए मंजूरी दी गई। लगभग हर बैठक में 100 से अधिक प्रस्तावों को मंजूरी मिली।’’पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि पिछले एक दशक में 30 से अधिक वन्यजीव अभयारण्यों और राष्ट्रीय उद्यानों को अधिसूचित दर्जे से बाहर कर दिया गया या उनका क्षेत्रफल काफी कम कर दिया गया, ताकि विकास परियोजनाओं के लिए उनकी भूमि का हस्तांतरण आसानी से किया जा सके। इसमें ग्रेट निकोबार के मेगापोड वन्यजीव अभयारण्य और गैलाथिया बे वन्यजीव अभयारण्य भी शामिल हैं। इसके अलावा, पूर्व नौकरशाहों ने पत्र में कहा कि पर्यावरणीय मंजूरी के बाद उल्लंघनों को नियमित करने से संबंधित जुलाई में उच्चतम न्यायालय के फैसले से भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है, क्योंकि इसके तहत केंद्र को पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा तीन के तहत उल्लंघनों को नियमित करने की अनुमति मिलती है। उच्चतम न्यायालय ने फैसला दिया था कि पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत बाद में जारी वैध वैधानिक अधिसूचना के जरिए अधिकृत किए जाने की स्थिति में पूर्वव्यापी पर्यावरणीय मंजूरी कानूनी रूप से स्वीकार्य हो सकती है। पत्र में कहा गया, ‘‘अदालत के फैसले ने भारत के पर्यावरण से जुड़े मामलों में ‘एहतियाती सिद्धांत’ की जगह प्रभावी रूप से ‘प्रदूषण करो और भुगतान करो’ मॉडल ला दिया है। उद्यमी जरूरी पूर्व मंजूरियां लिए बिना बड़ी परियोजनाएं खड़ी कर सकते हैं, सरकार के सामने ऐसी स्थिति पैदा कर सकते हैं जिसे बाद में पलटना मुश्किल हो और केवल मुआवजा देकर अपना संचालन जारी रख सकते हैं।’’पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों ने सरकार और न्यायपालिका से विकास परियोजनाओं के मुकाबले देश की पारिस्थितिक सुरक्षा तथा नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
मोदी ने नक्सलवाद से मुक्ति दिलाई, अनुच्छेद 370 हटाया : राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भविष्य में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विरासत लिखी जाएगी तो उसमें यह भी लिखा जाएगा कि उन्होंने देश को नक्सलवाद से कैसे मुक्ति दिलाई, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 कैसे समाप्त किया, करोड़ों लोगों को गरीबी से कैसे ...
थर्ड फ्रंट की तैयारी? उद्धव के बाद अब ममता से मिल सकती हैं कनिमोझी
कांग्रेस से रिश्तों में खटास की चर्चाओं के बीच DMK सांसद कनिमोझी की क्षेत्रीय दलों के नेताओं से मुलाकातों ने नए समीकरणों की अटकलें तेज कर दी हैं. कनिमोझी उद्धव ठाकरे और शरद पवार से मुलाकात कर चुकी हैं और अब उनके ममता बनर्जी से मिलने की चर्चा है.
अन्नामलाई का पीछा नहीं छोड़ रही BJP इमेज, पेरियार को याद करने पर पुराना वीडियो वायरल
तमिलनाडु के पूर्व भाजपा नेता अन्नमलाई ने द्रविड नेता पेरियार को उनके जन्मदिवस पर याद किया। उनके इस पोस्ट के नीचे आलोचकों ने उनके पुराने वीडियो का भी जिक्र किया, जिसमें वह खुद को कोड़े मारते हुए नजर आए थे।
Varanasi में भाषण के दौरान CM Chandrababu Naidu ने हिंदी बोलकर जीता जनता का दिल
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बृहस्पतिवार को वाराणसी में एक कार्यक्रम के दौरान बार-बार हिंदी का इस्तेमाल करके लोगों का दिल जीत लिया। हर-हर महादेव , भारत माता की जय और जय श्री राम के साथ अपना भाषण शुरू करने से लेकर अहम मौकों पर छोटे-छोटे हिंदी वाक्य बोलने तक नायडू ने भीड़ से जुड़ने के लिए इस का इस्तेमाल किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 76वां जन्मदिन मनाने और निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर उनके 25 साल पूरे करने का जश्न मनाने के लिए आयोजित कार्यक्रम में नायडू ने कहा, ‘‘आज मैं काशी की पवित्र धरती पर खड़ा हूं। यह मेरे लिए गर्व का क्षण है। काशी सबसे प्राचीन नगरी है और काशी नई सोच भी देती है।’’उनकी इस बात पर भीड़ ने तालियां बजाईं। इस दौरान मंच पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष पंकज चौधरी मौजूद थे। साथ ही उत्तर प्रदेश के कई मंत्री और विधायक भी शामिल थे। नायडू ने रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में लगभग 33 मिनट तक सभा को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में वाराणसी से वडनगर तक सेवा संकल्प बाइक यात्रा की शुरुआत भी की गयी। नायडू ने अपना भाषण हिंदी में शुरू किया और फिर जल्द ही अंग्रेजी में बोलने लगे। भाषण शुरू होने के लगभग छह मिनट बाद उन्होंने रुककर दर्शकों से पूछा कि क्या वे चाहते हैं कि उनके भाषण का हिंदी में अनुवाद किया जाए। उन्होंने कहा, क्या आप चाहते हैं कि मेरे भाषण का हिंदी में अनुवाद किया जाए? ऐसा भी किया जा सकता है। नायडू ने इसके बाद मौजूद लोगों की प्रतिक्रिया देखी और पाया कि ज्यादातर लोग कह रहे थे कि इसकी कोई जरूरत नहीं है। हालांकि, इसके तुरंत बाद उन्होंने हिंदी में बोलना शुरू किया और कहा, अन्नदाता मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा। इस पर दर्शकों ने जोरदार तालियां बजाईं और नारे लगाए। इसके बाद वह फिर से अंग्रेजी में बोलने लगे, लेकिन अपने बोलने के अंदाज को बदलते रहे। वह और ज्यादा जोश भरे अंदाज में बोले, खासकर तब जब उन्होंने कोविड महामारी के दौरान मोदी के नेतृत्व की तारीफ की। एक और मौके पर उन्होंने अपने भाषण के बड़े राष्ट्रीय संदेश को बताने के लिए फिर से हिंदी का सहारा लिया। नायडू ने कहा, देश बदल रहा है, देश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भारत को नया भारत और आत्मनिर्भर भारत बताया। उन्होंने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास का भी जिक्र किया। नायडू जब अपना भाषण खत्म करके अपनी सीट की ओर बढ़े तो उनके साथ बैठे नेता खड़े हो गये। आदित्यनाथ ने नायडू से हाथ मिलाया और दर्शकों से अपनी सीट पर बैठने और शांत होने का इशारा किया। नायडू के ठीक बाद कार्यक्रम को संबोधित करने वाले राजनाथ सिंह ने अपने भाषण की शुरुआत नायडू के भाषण की तारीफ करते हुए की। सिंह ने कहा, चंद्रबाबू नायडू जी, आपने बहुत अच्छा बोला, बहुत अच्छा।
₹300 करोड़ पार ‘हनुमान अंश’, अब दूसरे पार्ट की चर्चा
फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने रिलीज के 41वें दिन दुनियाभर में 300 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने का दावा किया है. करीब 1.80 करोड़ रुपये के बजट वाली इस फिल्म की कमाई चर्चा में है. फिल्म के दूसरे और तीसरे पार्ट की योजना को लेकर भी खबरें सामने आई हैं.
गुजरात के इन 10 किलों में दिखेगा शाही इतिहास, फैमिली संग करें सैर
गुजरात अपने खूबसूरत समुद्री तटों और मंदिरों के अलावा ऐतिहासिक विरासत के लिए भी जाना जाता है. जूनागढ़ के 2000 साल पुराने उपरकोट किले से लेकर कच्छ के विशाल लखपत किले तक, राज्य में मौजूद कई ऐतिहासिक किले राजा-महाराजाओं की ताकत, संघर्ष और वास्तुकला के शानदार नमूने पेश करते हैं. जिन्हें आप अपनी अगली ट्रिप में एक्सप्लोर कर सकते हैं.
IMD ने कहा है कि गुजरात क्षेत्र में 18 से 19 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहेगा। वहीं गुजरात क्षेत्र, कोंकण व गोवा, और सौराष्ट्र व कच्छ में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है ।
US इजरायल को देगा 2.8 अरब डॉलर के खतरनाक बम, ईरान- हिज्बुल्लाह निशाने पर
अमेरिका ने इजरायल को बड़ी सैन्य सहायता देने की तैयारी कर ली है. पेंटागन की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने बाइडन सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को हटाते हुए इजरायल को 2.8 अरब डॉलर का नया हथियार पैकेज बेचने का फैसला किया है. इस बड़े रक्षा सौदे में मुख्य रूप से 40,000 भारी बम शामिल हैं, जिनमें से प्रत्येक बम का वजन लगभग 2,000 पाउंड यानी 900 से 1,000 किलोग्राम तक है.
'ग्राहकों से कैश या लेंगे एक्स्ट्रा पैसा...' UPI चार्ज पर क्या बोले व्यापारी और दुकानदार?
आजतक से बातचीत में दिल्ली-नोएडा के व्यापारियों ने कहा कि यह चार्ज उनके कारोबार को प्रभावित कर सकता है. वहीं कुछ व्यापारियों ने यह भी माना कि अगर उनका बिजनेस प्रभावित होता है तो वह कस्टमर्स से ही एक्स्ट्रा चार्ज वसूलेंगे, जबकि ज्यादातर व्यापारियों ने यह कहा कि वह अब कैश को प्राथमिकता देंगे.
सोनू निगम ने सलमान की सिंगिंग का उड़ाया मजाक? सिंगर ने दी सफाई
सोनू निगम ने एक वायरल एडिटेड वीडियो पर सफाई दी है, जिसमें ऐसा लग रहा था कि वह 'मैं हूं हीरो तेरा' गाने में सलमान खान की गायकी का मजाक उड़ा रहे हैं.
TMC सांसद Mahua Moitra पहुंचीं UN, Amit Shah के दौरों में मुस्लिम अफसरों से भेदभाव का आरोप
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों को लेकर संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिवेदक को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरों के दौरान, वरिष्ठ मुस्लिम आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को उनके धर्म की वजह से आधिकारिक कार्यक्रमों से बाहर रखा गया। मोइत्रा ने कुछ दिन पहले, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि उत्तर बंगाल में शाह के कार्यक्रमों से भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के मुस्लिम अधिकारियों को दूर रखा गया। तृणमूल सांसद ने सिलीगुड़ी के पुलिस आयुक्त वकार रजा, पश्चिम बंगाल पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के प्रमुख जावेद शमीम और आईएएस अधिकारी खलील अहमद के नाम का उल्लेख किया था। बाद में, इस पोस्ट को लेकर डायमंड हार्बर पुलिस थाने में मोइत्रा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद साइबर अपराध पुलिस ने पूछताछ के लिए उन्हें बुलाया था। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (ओएचसीएचआर) में अल्पसंख्यक मामलों के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ निकोलस लेव्रैट को लिखे पत्र में मोइत्रा ने आरोप लगाया कि जुलाई और अगस्त में शाह के दौरों के दौरान तीन मौकों पर तीन वरिष्ठ अधिकारियों को या तो कार्यक्रम स्थल से जाने के लिए कहा गया या उन्हें आधिकारिक कार्यक्रमों के दौरान उपस्थित नहीं रहने को कहा गया। अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिवेदक स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ होते हैं, जिन्हें संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद द्वारा नियुक्त किया जाता है। उनका काम वैश्विक स्तर पर जागरूकता बढ़ाना, बाधाओं की पहचान करना तथा राष्ट्रीय, जातीय, धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करना है। मोइत्रा ने आरोप लगाया कि इन (आईएएस और आईपीएस) अधिकारियों को कार्यक्रम से बाहर रखा गया, जबकि दूसरे धर्म के उनके सहकर्मियों को उस दौरान उपस्थित रहने की इजाजत दी गई। मोइत्रा ने पत्र में कहा, ‘‘इन तीनों अधिकारियों में एक बात समान है, और यही बात उन्हें उन सहकर्मियों से अलग करती है जिन्हें कार्यक्रम के दौरान मौजूद रहने की इजाजत दी गई थी -- और वह है उनका धर्म।’’तृणमूल सांसद ने दावा किया कि जिन अधिकारियों को कथित तौर पर बाहर रखा गया, उनकी मौजूदगी केंद्रीय गृह मंत्री के दौरों के दौरान आधिकारिक प्रोटोकॉल और सरकारी कामकाज के संचालन से जुड़ी हुई थी। मोइत्रा ने पूर्व में आरोप लगाया था कि जब शाह मौजूद थे, तो वकार रजा को स्वागत करने वाले समूह में शामिल होने से रोक दिया गया था, जबकि जावेद शमीम को केंद्रीय मंत्री की भागीदारी वाले कार्यक्रमों में नहीं बुलाया गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि खलील अहमद को एक बैठक से बाहर जाने के लिए मजबूर किया गया था। ‘पीटीआई-भाषा’ मोइत्रा के आरोपों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं कर सकी है। मोइत्रा ने इन कथित घटनाओं को ‘‘जानबूझकर बाहर रखने’’ का एक पैटर्न बताया और कहा कि इस तरह के व्यवहार से पुलिस और सुरक्षा प्रतिष्ठानों में अल्पसंख्यक समुदायों के विश्वास और सुरक्षा पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने अपनी शिकायत में मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा और नागरिक और राजनीतिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय संधि के प्रावधानों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि कथित व्यवहार भेदभावपूर्ण है। मोइत्रा ने यह भी तर्क दिया कि (मुस्लिम अधिकारियों को) कथित तौर पर (आधिकारिक कार्यक्रमों से) बाहर रखा जाना इसलिए भी मायने रखता है कि शाह केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रमुख हैं, जिसके तहत कई केंद्रीय पुलिस, सीमा और खुफिया एजेंसियां आती हैं। तृणमूल नेता ने संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र विशेषज्ञ से आग्रह किया कि (अल्पसंख्यक अधिकारियों को आधिकारिक कार्यक्रमों से) कथित तौर पर बाहर रखने के कारणों और इसके पीछे के प्राधिकार के बारे में भारत सरकार से स्पष्टीकरण मांगा जाए। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र विशेषज्ञ से यह सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया कि किसी भी अधिकारी को धर्म के आधार पर आधिकारिक कार्यक्रमों से बाहर न रखा जाए तथा पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां बिना किसी भेदभाव के अल्पसंख्यक समुदायों के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करें। उन्होंने शाह के दौरों से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, यात्रा डायरी और अन्य रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की भी मांग की। मोइत्रा ने संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र विशेषज्ञ से अनुरोध किया गया कि वह अपने अधिकार-क्षेत्र के तहत उपयुक्त लगने वाली कोई भी अन्य कार्रवाई करें।
बिना वैभव के निकल गई पूरी सीरीज, फैन्स की ख्वाहिश रह गई अधूरी
क्रिकेट की दुनिया के नए स्टार बन चुके वैभव सूर्यवंशी को एक बार फिर प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया है. तीसरे टी20 में हर किसी को उम्मीद थी कि वैभव प्लेइंग इलेवन का हिस्सा होंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका.
इलेक्ट्रिक गाड़ियां बढ़ीं तो बैटरी का क्या होगा? आत्मनिर्भर भारत का अगला मिशन जानिए
भारत को लंबे समय तक 'सोने की चिड़िया' कहा जाता था। दुनिया भर के व्यापारी और यात्री यहां आते थे। यह नाम देश में हाथ से बनाई गई चीजों की वजह से था। आजादी के बाद देश को यह पहचान अपनी शर्तों पर फिर से बनाने का मौका मिला है।
Delhi: डेटिंग ऐप के जरिए 2.15 लाख रुपये की वसूली करने वाले गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार
दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में एक ‘डेटिंग ऐप’ के जरिए 44 वर्षीय व्यक्ति को जाल में फंसाकर 2.15 लाख रुपये वसूलने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि एक आरोपी खुद को पुलिसकर्मी बताता था। पुलिस ने आरोपियों की पहचान मनदीप (38), प्रीति (32), कमलेश (42) और ऋतु (40) के रूप में की है। पुलिस के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मथुरा निवासी शिकायतकर्ता की मुलाकात एक ‘डेटिंग ऐप’ के जरिए एक महिला से हुई थी। महिला ने उसे ढांसा मेट्रो स्टेशन बुलाया और वहां से उसे दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के नजफगढ़ स्थित एक मकान में ले जाया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि परिसर में पहुंचने के बाद आरोपियों ने उसे धमकाया और ऑनलाइन तरीके से उससे पैसे हस्तांतरित कराए व नकद पैसे भी उससे कथित रूप से छीन लिए। पुलिस अधिकारी ने बताया कि उसकी शिकायत के बाद 14 सितंबर को छावला थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने घटनाक्रम की कड़ी जोड़ी, चारों आरोपियों की कथित भूमिकाओं की पहचान कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से 70,500 रुपये बरामद किए गए हैं। पुलिस ने कहा कि पीड़ित को ऑनलाइन माध्यम से 1.93 लाख रुपये हस्तांतरित करने के लिए मजबूर किया गया था, जबकि 22,000 रुपये नकद लिए गए थे। पुलिस ने पता लगाया कि शेष राशि विभिन्न बैंक खातों में जमा है। पुलिस ने कहा कि इस राशि को ‘फ्रीज’ करा दिया गया है। पुलिस ने बताया कि हरियाणा के सोनीपत जिले का रहने वाला मनदीप पहले भी चार मामलों में शामिल रहा है, जिनमें सोनीपत में रंगदारी के तीन मामले और कंझावला थाने में दर्ज एक मामला शामिल है।
PM Narendra Modi के जन्मदिन पर Shivraj Singh Chouhan ने दी बधाई, कहा- विकसित हो रहा भारत
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 76वें जन्मदिन पर बधाई देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण हो रहा है। चौहान ने इस मौके पर देश की खुशी और करोड़ों भारतीयों के बीच मोदी की अहमियत का ज़िक्र किया। प्रधानमंत्री के समर्पण के बारे में बात करते हुए चौहान ने कहा कि पूरा देश खुशी और उत्साह से भरा हुआ है। हम जन-जन के नेता का सम्मान करते हैं, जो करोड़ों भारतीयों के दिलों में बसे हैं और जिन्होंने वैश्विक मंच पर देश का मान बढ़ाया है। उनके नेतृत्व में एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत आकार ले रहा है। उनके जीवन का हर पल भारत माता और उसके लोगों की सेवा के लिए समर्पित है; उनकी हर सांस देश और देशवासियों के लिए है। हम ऐसे नेता को नमन करते हैं। इसे भी पढ़ें: PM Modi ने Assam CM के लेख का दिया हवाला, मजबूत Center-State रिश्तों से खुला विकास का रास्ता मोदी के जन्मदिन के मौके पर, चौहान ने तेलंगाना के तिमारपुर गाँव का दौरा किया और 'लखपति दीदियों' और किसानों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि आज हमने तेलंगाना के तिमारपुर गाँव जाकर 'लखपति दीदियों' से बातचीत करने और अपने किसान भाइयों के साथ चर्चा करने का फ़ैसला किया, ताकि आशीर्वाद की भावना को जगाया जा सके। मोदी जी की उम्र लंबी हो और वे देश की सेवा करते रहें। धन्यवाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर, 1950 को गुजरात के मेहसाणा ज़िले के वडनगर में हुआ था। उन्होंने 26 मई, 2014 को भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर पदभार संभाला और वे आज़ादी के बाद पैदा होने वाले पहले प्रधानमंत्री बने। मोदी के जन्मदिन के मौके पर, भारतीय जनता पार्टी पूरे देश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 'सेवा संकल्प अभियान' चला रही है, जिसमें सेवा से जुड़े कई कार्यक्रम और लोगों तक पहुँचने की पहल शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: PM Narendra Modi के जन्मदिन पर Vadnagar और वाराणसी के बीच शुरू हुई 10 राज्यों की सेवा यात्रा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल समेत कई बीजेपी नेताओं और मुख्यमंत्रियों ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई दी है।
एंबुलेंस रास्ते में हुई 'बीमार', सिपाही ने बाइक से मरीज को पहुंचाया अस्पताल
चित्रकूट में गंभीर नवजात को लेकर जा रही 108 एंबुलेंस बीच रास्ते में बंद हो गई. राहगीरों और पुलिसकर्मियों ने धक्का देकर उसे स्टार्ट करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली. नवजात की हालत बिगड़ती देख ट्रैफिक सिपाही अजय यादव ने बच्चे और उसके परिजन को बाइक पर बैठाया और जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां समय पर इलाज शुरू हो सका.
Rajnath Singh ने वाराणसी से Vadnagar तक बाइक यात्रा को दिखाई हरी झंडी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र को उनके जन्म स्थान से जोड़ने वाली एक मोटरसाइकिल यात्रा की शुरुआत के अवसर पर बृहस्पतिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वाराणसी और वडनगर के बीच लगभग 2,000 वर्ष पुराने संबंध का उल्लेख किया। वाराणसी में ‘सेवा संकल्प’ अभियान के शुरुआत पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि लगभग 2,000 वर्ष पहले बौद्ध भिक्षु ज्ञान और आध्यात्मिकता को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए सारनाथ से वडनगर गए थे। उन्होंने कहा,‘‘आज हम उसी प्राचीन परंपरा को एक नए रूप में आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।”सिंह ने वर्तमान यात्रा को आस्था,जल और सेवा के माध्यम से दोनों स्थानों को जोड़ने का प्रयास बताया। सिंह ने कहा कि यह यात्रा केवल एक भौगोलिक स्थान से दूसरे भौगोलिक स्थान तक की यात्रा नहीं है, बल्कि यह मोदी की ‘जन्मभूमि’ (वडनगर) और ‘कर्मभूमि’ (वाराणसी) के बीच एक संबंध का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने कहा कि काशी से गंगाजल वडनगर ले जाया जाएगा ताकि हरकेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया जा सके। सिंह ने बताया कि गुजरात की पवित्र नदियों और शर्मिष्ठा झील का जल वाराणसी लाया जाएगा ताकि बाबा विश्वनाथ का अभिषेक किया जा सके। उन्होंने कहा, ‘‘काशी की दिव्यता गुजरात जा रही है और गुजरात की आस्था काशी आ रही है।’’ उन्होंने इसे यात्रा की सबसे बड़ी खासियत बताया। सिंह ने कहा कि जल का यह आदान-प्रदान भावनाओं के आदान-प्रदान का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा एक ‘अद्भुत दृश्य’ पेश करेगी जब मोदी की जन्मभूमि और कर्मभूमि जल और आस्था के जरिए एक-दूसरे से जुड़ेंगी। उन्होंने कहा कि यह यात्रा वडनगर से जुड़े मूल्यों, काशी के आशीर्वाद और मोदी के सेवा करने के संकल्प का संगम भी है। सिंह ने कहा, ‘‘यह संस्कार, साधना और सेवा के संगम की यात्रा है।’’रक्षा मंत्री ने कहा कि जिस ऐतिहासिक जुड़ाव की उन्होंने बात की थी, उसे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के जरिए आज के दौर के हिसाब से नया रूप दिया जा रहा है। इस अभियान का मकसद मोदी के जन्मदिन के जश्न को सेवा कार्यों से जोड़ना भी है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में मंजिल तो अहम है ही, रास्ते में पड़ने वाले पड़ाव भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं, जहां सेवा कार्यक्रम तय किए गए हैं। सिंह ने कहा कि इन गतिविधियों का मकसद लोगों से बातचीत करना, विकास कार्यों में उनकी भागीदारी बढ़ाना और समाज के हर वर्ग तक पहुंचना है। वाराणसी से वडनगर तक की ‘सेवा संकल्प’ मोटरसाइकिल यात्रा की शुरुआत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और केंद्रीय मंत्री व भाजपा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की मौजूदगी में की गई। भाजपा का व्यापक ‘सेवा संकल्प अभियान’ मोदी के 76वें जन्मदिन और उनके समर्पित जनसेवा के 25 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने पहले गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर यह सेवा की है।
एक मर्डर, 3 दिन और 300 CCTV... ऐसे खुला महिला के कत्ल का राज!
सूरत के नानपुरा में 84 साल की अमीना उर्फ अमीबेन मोटीवाला की हत्या के मामले में पुलिस ने 35 वर्षीय छाया शाह को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने करीब 300 CCTV फुटेज खंगालकर आरोपी तक पहुंच बनाई. पढ़ें पूरी कहानी.
क्रांतिधरा मेरठ के आसमान में 19 और 20 सितंबर को ऐसा नजारा दिखाई देगा, जिसे शहरवासी लंबे समय तक याद रखेंगे। भारतीय वायुसेना की सूर्य किरण एरोबैटिक टीम पहली बार मेरठ में अपने रोमांचक हवाई करतबों का प्रदर्शन करेगी। मोहिउद्दीनपुर स्थित न्यू इंटीग्रेटेड ...
Lucknow में मोबाइल की किस्त न चुकाने पर युवक को बंधक बनाकर खून निकाला, दो गिरफ्तार
लखनऊ में मोबाइल फोन की किस्त न चुकाने पर एक युवक को अगवा करके चार दिनों तक बंधक बनाने, उससे जबरन मजदूरी कराने तथा उसका खून निकालकर बेचने के आरोप में बृहस्पतिवार को दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी। पुलिस सूत्रों ने युवक की मां द्वारा 14 सितंबर को दर्ज करायी गयी शिकायत के हवाले से यहां बताया कि उसके बेटे नवल कुमार ने किस्तों पर एक मोबाइल फोन खरीदा था लेकिन एक किस्त न चुका पाने पर आठ सितंबर को आरोपी अनिकेत सिंह उर्फ काका (26) और सुशांत शर्मा (31) उसे मोबाइल की दुकान पर ले जाने के बहाने अपने साथ ले गए। सूत्रों ने बताया कि महिला का आरोप है कि उसके बेटे को करीब चार दिन तक बंधक बनाकर रखा गया, उससे मजदूरी कराई गई और उसके साथ मारपीट की गई, यहां तक कि उसका एक यूनिट खून निकालकर बेचा गया। सूत्रों ने बताया कि महिला का इल्जाम है कि आरोपियों ने किस्त के तौर पर उससे ऑनलाइन 2,799 रुपये भी लिए थे। उन्होंने बताया कि इस सिलसिले में निगोहां थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 143(3) (मानव तस्करी), 146 (गैर-कानूनी तरीके से जबरन मजदूरी करना), 127(3) (गलत तरीके से बंधक बनाना), 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया और आरोपियों का पता लगाने के लिए पुलिस के तीन दल बनाये गये। सूत्रों ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी और अन्य सुबूतों और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर बृहस्पतिवार को आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा उन्हें अदालत में पेश किया गया। उन्होंने बताया कि इस मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार करने की कोशिशें जारी हैं। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान सुशांत ने पुलिस को बताया कि वह लखनऊ में ‘टीवीएस क्रेडिट सर्विसेज लिमिटेड’ में प्रबंधक के तौर पर काम करता था और उधार पर दिये गये उत्पादों की किस्तें वसूलता था। सूत्रों के मुताबिक सुशांत ने पुलिस को बताया है कि कंपनी का ‘फील्ड एजेंट’ शुभम सिंह और अनिकेत भी किस्त वसूली का काम करते थे। पुलिस के अनुसार सुशांत ने माना कि उसने और उसके साथियों ने नवल को उसके गांव के बाहर से इसलिए अगवा किया था क्योंकि वे उसे किस्त न चुकाने पर सबक सिखाना चाहते थे। सूत्रों के मुताबिक सुशांत ने पूछताछ में बताया है कि नवल को उसके जान-पहचान वाले एक ‘चैरिटेबल ब्लड सेंटर’ ले जाया गया जहां उसकी मर्जी के बगैर एक यूनिट खून निकाला गया और बाद में दूसरे साथियों की मदद से उसे बेच दिया गया था। सूत्रों ने बताया कि इसके बाद नवल को कथित तौर पर चार दिनों तक शुभम के घर पर रखा गया, उससे प्लास्टर तोड़ने का काम करवाया गया और आरोपियों ने उससे किस्त भी वसूल ली।
चीन की नई ह्यूमनॉइड फैक्ट्री, हर घंटे बनते हैं 6 नए रोबोट
चीन ने ह्यूमनॉइड रोबोट्स के प्रोडक्शन को नई रफ्तार दी है. UBTECH की नई फैक्ट्री में रोबोट्स खुद दूसरे रोबोट्स को बनाने में मदद कर रहे हैं. कंपनी के मुताबिक, यहां करीब हर 10 मिनट में एक नया रोबोट तैयार हो सकता है. फैक्ट्री में Walker S और Cruzr सीरीज के रोबोट्स का प्रोडक्शन किया जा रहा है और सालाना 10,000 रोबोट्स बनाने की क्षमता है.
'मोदी भाई को बधाई', सलमान का स्पेशल मैसेज, SRK का पोस्ट भी वायरल
एक्टर शाहरुख खान और सलमान खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 76वें जन्मदिन पर बधाई दी. इसके अलावाा अक्षय कुमार, अजय देवगन, महेश बाबू, मोहनलाल, कंगना रनौत और अनुपम खेर समेत कई अन्य मशहूर एक्टर्स ने भी उन्हें बधाई दी.
परिवर्तिनी एकादशी पर करवट बदलेंगे विष्णु, जानें मुहूर्त और पूजन विधि
हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 21 सितंबर की रात 08 बजकर 01 मिनट से लेकर 22 सितंबर की रात 09 बजकर 43 मिनट तक रहने वाली है. उदया तिथि के आधार पर परिवर्तिनी एकादशी का व्रत 22 सितंबर दिन मंगलवार को रखा जाएगा.
बिना प्याज-लहसुन बनाएं कॉर्न-कैप्सिकम सब्जी, आएगा होटल जैसा स्वाद
Corn Capsicum Sabzi Recipe: बिना प्याज, लहसुन और अदरक के बनाएं ढाबा स्टाइल क्रीमी कॉर्न-कैप्सिकम की स्वादिष्ट सब्जी. जानिए इसे बनाने का स्टेप-बाय-स्टेप आसान तरीका और कुछ सीक्रेट टिप्स, जिनसे घर पर ही ग्रेवी एकदम थिक, क्रीमी और स्वादिष्ट बनेगी. आप इसे रोटी, नान या पराठे किसी के साथ भी खा सकते हैं.
जो प्रदर्शनकारी हरभजन सिंह ETO सहित पंजाब कैबिनेट के नौ मंत्रियों के घरों के बाहर तीन दिन से धरना दे रहे थे, वे सभी उन जगहों से हटकर रेल पटरियों पर आ गए।
‘मेरे पापा को वापस ला दीजिए’, हाथ जोड़कर बेटी की गुहार, सऊदी में फंसे इंद्रमणि
उत्तरकाशी के गोरसाड़ा गांव के इंद्रमणि नौटियाल करीब आठ साल से सऊदी अरब में फंसे हैं. 2018 में ट्रक चालक की नौकरी के लिए गए इंद्रमणि को सड़क हादसे के बाद करीब एक साल जेल की सजा हुई, जिसे उन्होंने पूरा कर लिया. परिवार के मुताबिक 9 लाख सऊदी रियाल की देनदारी से उनकी भारत वापसी अटकी है.
DUSU Election में हिंसा पर Delhi High Court सख्त, नतीजे रोकने और चुनाव रद्द करने की चेतावनी दी
दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस में DUSU चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा की घटनाओं पर कड़ी नाराज़गी ज़ाहिर की है। हाई कोर्ट ने DU, दिल्ली पुलिस और सरकार से शुक्रवार, 18 सितंबर तक रिपोर्ट मांगी है। हाई कोर्ट ने चेतावनी दी है कि अगर की गई कार्रवाई से वह संतुष्ट नहीं हुआ, तो वोटों की गिनती और नतीजों की घोषणा पर रोक लगा दी जाएगी। अदालत ने टिप्पणी की कि लोकतंत्र को आपराधिक समाज में नहीं बदला जा सकता। इसे भी पढ़ें: Tihar Jail के पूर्व फार्मासिस्ट से 1.75 करोड़ ठगने वाला भगोड़ा Vinod Dwarka से गिरफ्तार कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि अगर उसे यह भरोसा नहीं हुआ कि ऐसी हरकतें दोबारा नहीं होंगी, तो वह DUSU चुनाव पूरी तरह रद्द करने पर भी विचार कर सकता है। कोर्ट की यह टिप्पणी दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस में चुनाव प्रचार के दौरान हिंसा और कोर्ट के पहले के निर्देशों के उल्लंघन के आरोपों के बीच आई है। DUSU चुनाव में ABVP और NSUI दोनों की तरफ से चार-चार सदस्यों के पैनल मैदान में हैं। इसे भी पढ़ें: कलकत्ता High Court ने बदला Mamata Banerjee की रैली का स्थल, श्रीरामपुर कोर्ट ग्राउंड में मिली अनुमति ABVP पैनल में यश डबास, इशू मौर्य, रिया छावड़ी और लक्ष्य राज सिंह शामिल हैं। डबास DU में बुद्धिस्ट स्टडीज़ की पढ़ाई कर रहे हैं और उनका टेनिस में इंटरनेशनल लेवल का बैकग्राउंड रहा है, जबकि मौर्य कैंपस लॉ सेंटर से लॉ की पढ़ाई कर रहे हैं। छावड़ी श्री अरबिंदो कॉलेज में BA की स्टूडेंट हैं और सिंह पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन के बाद लॉ की पढ़ाई कर रहे हैं। NSUI पैनल में विजय शंकर मीणा, वीर छत्रथ, नम्रता चौधरी और गोपाल चौधरी शामिल हैं। मीणा, छत्रथ और चौधरी DU में बुद्धिस्ट स्टडीज़ में MA कर रहे हैं, जबकि नम्रता चौधरी बुद्धिस्ट स्टडीज़ में MA के दूसरे साल की पढ़ाई कर रही हैं।
काशी से वडनगर तक गूंजेगा ‘सेवा संकल्प’ का संदेश
वाराणसी, 17 सितंबर — प्रधानमंत्री एवं वाराणसी के सांसद नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस के अवसर पर उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को काशी से प्रधानमंत्री के जन्मस्थान वडनगर तक ‘सेवा संकल्प बाइक यात्रा’ रवाना हुई। यात्रा में 250 बाइकों पर 500 सेवा यात्री शामिल हैं। सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर से सेवा संकल्प बाइक यात्रा को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
लखनऊ हिट एंड रन केस में अपर्णा यादव का बड़ा बयान, कही ये बात
उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर लखनऊ के टीबी अस्पताल में सेवा संकल्प दिवस मनाया. इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने लखनऊ में हुई एक गंभीर घटना पर बड़ा बयान दिया है. हाल ही में लखनऊ में एक महिला को कार से कुचलने का प्रयास किया गया था, जिसमें शाहनवाज नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया गया है.
Tihar Jail के पूर्व फार्मासिस्ट से 1.75 करोड़ ठगने वाला भगोड़ा Vinod Dwarka से गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने तिहाड़ जेल के एक सेवानिवृत्त फार्मासिस्ट से फर्जी दस्तावेजों के जरिए छह भूखंड बेचकर 1.75 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में वांछित एक अपराधी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी विनोद कुमार भारद्वाज उर्फ राहुल उर्फ पप्पू पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित था और तीस हजारी अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित किया हुआ था। यह मामला कैलाश नारायण की शिकायत पर रनहोला थाने में दर्ज किया गया था जो 2024 में तिहाड़ जेल से वरिष्ठ फार्मासिस्ट के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रॉपर्टी डीलर प्रवीण के जरिए नारायण को जानता था। उसने अपनी पत्नी, साले बी एस भारद्वाज और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर सेवानिवृत्त फार्मासिस्ट को अपनी सेवानिवृत्ति की बचत को संपत्ति में निवेश करने का कथित तौर पर लालच दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने पीड़ित को छह भूखंड खरीदने के लिए राजी किया और फर्जी तथा जाली दस्तावेजों के आधार पर उन्हें भूमि बेच दी, जिससे उन्हें लगभग 1.75 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। अदालत ने 12 मई को उन्हें भगोड़ा घोषित किया, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी पर 50,000 रुपये के इनाम की घोषणा की गई। पुलिस ने बताया कि 13 और 14 सितंबर की दरमियानी रात के दौरान टीम को विशिष्ट सूचना मिली कि विनोद द्वारका के सेक्टर 5 में है। इसके बाद जाल बिछाया गया और उसे इलाके की एक आवासीय सोसाइटी से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, विनोद एक आदतन अपराधी है और पहले भी चार अन्य आपराधिक मामलों में शामिल रहा है, जिनमें स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ) (एनडीपीएस) अधिनियम के तीन मामले शामिल है। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की जांच की जा रही है।
'मक्का की सुरक्षा के लिए समझौते की जरूरत नहीं, हर मुसलमान...', माहौल देख PAK ने बदला पैंतरा
पाकिस्तान ने कहा है कि मक्का पर हमला होता है तो उसकी रक्षा के लिए किसी समझौते की जरूरत नहीं है. मुसलमान उसकी रक्षा के लिए पहले से ही प्रतिबद्ध है. इससे पहले पाकिस्तान ने कहा था कि मक्का पैक्ट पुरानी लड़ाइयों पर लागू नहीं होगा.
चीन बना रहा पहला अंडरवॉटर ड्रोन मदरशिप, दुनिया में मचेगा हड़कंप
चीन सैन्य और रक्षा क्षेत्र में एक बार फिर बड़ा धमाका करने जा रहा है जिससे पूरी दुनिया की नौसेनाओं में हड़कंप मच गया है. मीडिया रिपोर्ट 'द टेलीग्राफ' के एक बड़े खुलासे के अनुसार, चीन दुनिया का पहला अंडरवाटर ड्रोन मदरशिप तैयार कर रहा है. यह एक बेहद शक्तिशाली और विशालकाय जहाज है जिसके भीतर एक या दो नहीं, बल्कि चार अत्याधुनिक मानव रहित पनडुब्बियां यानी सबमर्सिबल्स मौजूद होंगी.
लखनऊ हिट एंड रन मामले में पीड़िता का खुलासा, बताई आपबीती
लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क के पास हाल ही में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी, जहां एक कार से लड़की को घसीटा गया था. इस मामले के मुख्य आरोपी शाहनवाज को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. अब इस पूरे मामले पर खुद पीड़िता ने अपनी आपबीती साझा की है और बताया है कि उस सुबह आखिर क्या हुआ था. पीड़िता ने विशेष बातचीत में बताया कि वह अपनी छोटी बहन और बुआ के साथ सुबह करीब 4 से 6 बजे के बीच चाय पीने गई थी.
'चूड़ी पहनो, घर बैठो... औकात में रहो', रायबरेली में पुलिस से भिड़े सपा नेता
रायबरेली के फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में सदस्यता अभियान को लेकर समाजवादी छात्र सभा और ABVP कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए. विवाद के दौरान सपा जिलाध्यक्ष की कोतवाल से तीखी बहस हुई. मामला बढ़ने पर एसपी कार्यालय के बाहर जमकर हंगामा हुआ, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित किया.
Youth Congress ने PM Modi के जन्मदिन को बताया बेरोजगारी दिवस, Bengaluru में प्रदर्शन
कर्नाटक प्रदेश युवा कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 'विश्व बेरोजगारी दिवस' के तौर पर मनाया। उन्होंने प्रधानमंत्री पर हर साल दो करोड़ नौकरियां देने का वादा पूरा न कर पाने का आरोप लगाया। बेंगलुरु में KPCC दफ्तर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई, जिसमें युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 'मेलोडी' चॉकलेट बांटकर यह दिन मनाया। KPCC अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने पोस्टर और बैनर जारी किए, जिनमें प्रधानमंत्री को व्यंग्यात्मक अंदाज में जन्मदिन की बधाई दी गई। इस मौके पर कर्नाटक प्रदेश युवा कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एच.एस. मंजूनाथ गौड़ा ने कहा कि नौकरी की तैयारी में सालों बिताने वाले युवा परीक्षा में गड़बड़ी, प्रश्नपत्र लीक होने और भर्ती में देरी की वजह से परेशान हैं। इसे भी पढ़ें: PM Modi ने Assam CM के लेख का दिया हवाला, मजबूत Center-State रिश्तों से खुला विकास का रास्ता गौड़ा ने कहा जो सरकार युवाओं को रोज़गार नहीं दे सकती, वह देश का भविष्य कैसे बना सकती है? आने वाली पीढ़ी निश्चित रूप से मोदी को 'बेरोज़गारी का जनक' कहेगी क्योंकि वे बेरोज़गारी बढ़ने के लिए ज़िम्मेदार हैं। आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा नीति आयोग की हालिया रिपोर्ट 'Reimagining Skilling for Viksit Bharat@2047' के अनुसार, देश में 15-29 साल की उम्र के लगभग 8.7 करोड़ युवा शिक्षा, रोज़गार या प्रशिक्षण में शामिल नहीं हैं। इसके अलावा, RTI से मिली जानकारी से पता चला है कि केंद्र सरकार के 80 मंत्रालयों और विभागों में 8.23 लाख से ज़्यादा मंज़ूरशुदा सिविलियन पद खाली पड़े हैं। इसे भी पढ़ें: भारत-चीन पार्टनर बनने पर सहमत, BRICS Summit में PM Modi और Xi वार्ता पर बोले Wang Yi इस मौके पर सैकड़ों यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता जमा हुए। उन्होंने प्लेकार्ड पकड़े हुए थे और ऐसे नारे लगा रहे थे जैसे - नौकरी मांगने वाले युवाओं को 'पकौड़े' देने वाले प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई!, नौकरियां कहां हैं? इस सवाल पर 11 साल से चुप रहने वाले 'मौन-मोदी' को जन्मदिन की बधाई! और बेरोज़गारी के जनक नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बधाई! KPYC की राज्य उपाध्यक्ष दिव्या, ज़िला अध्यक्ष रंजीत, राहुल और प्रवीण के साथ-साथ राज्य के पदाधिकारी और वॉलंटियर भी वहां मौजूद थे।
Bhagyashree:
PM मोदी के जन्मदिन पर इटली से आया खास संदेश, उधर तीन भाषा नीति पर SC की बड़ी सलाह, टॉप-5
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर इटली की प्रधानमंत्री जियॉर्जिया मेलोनी ने खास संदेश भेजा है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई की तीन भाषा नीति को लेकर बोर्ड को जल्दबाजी न करने की नसीहत दी है।
UPI MDR चार्ज समाज के साथ अन्याय, डीके शिवकुमार ने केंद्र से फैसला वापस लेने की मांग की
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार को चुनिंदा यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ट्रांज़ैक्शन के लिए बदले हुए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) फ्रेमवर्क का विरोध किया। उन्होंने इसे समाज के हर वर्ग के साथ बड़ी नाइंसाफी बताया और केंद्र से इस फैसले को वापस लेने की अपील की। UPI MDR ट्रांज़ैक्शन चार्ज पर शिवकुमार ने कहा कि मर्चेंट और व्यापारी संभवतः यह अतिरिक्त खर्च ग्राहकों पर डालेंगे। उन्होंने पत्रकारों से कहा, यह समाज के हर वर्ग के साथ बड़ी नाइंसाफी है। व्यापारी स्वाभाविक रूप से यह खर्च आम आदमी पर डालेंगे। जनता पर ये चार्ज डालने की कोई ज़रूरत नहीं थी। हम पुरज़ोर अपील करते हैं कि इस फैसले को वापस लिया जाए। रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के सांसद एनके प्रेमचंद्रन ने भी बदले हुए फ्रेमवर्क का विरोध करते हुए कहा कि इस लेवी (शुल्क) का बोझ आखिरकार ग्राहकों पर ही पड़ेगा। इसे भी पढ़ें: UPI MDR व्यवस्था के समर्थन में आई BharatPe, Ashneer Grover के बयान को बताया निजी प्रेमाचंद्रन ने ANI को बताया UPI ट्रांज़ैक्शन पर लेवी लगाने से आखिरकार आम लोगों, खासकर ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। सरकार का तर्क है कि यह चार्ज दुकानदारों या व्यापारियों को देना होगा। हालांकि, इस बात की संभावना कम है कि व्यापारी खुद यह खर्च उठाएंगे। इसके बजाय, इसका बोझ सीधे ग्राहकों पर डाला जाएगा। उन्होंने कहा कि 2,000 रुपये से ज़्यादा के ट्रांज़ैक्शन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत लेवी (अधिकतम चार्ज 300 रुपये) से ग्राहकों पर अप्रत्यक्ष रूप से असर पड़ेगा और उन्होंने मांग की कि इस फैसले की समीक्षा की जाए और इसे वापस लिया जाए। उन्होंने कहा 2,000 रुपये से ज़्यादा के ट्रांज़ैक्शन पर 0.4% की लेवी (अधिकतम चार्ज 300 रुपये प्रति माह) से ग्राहकों पर अप्रत्यक्ष रूप से असर पड़ेगा। इसीलिए हम मांग कर रहे हैं कि इस फैसले की समीक्षा की जाए और इसे वापस लिया जाए। एक तरफ, भारत सरकार डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा दे रही है और लोगों को कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसे भी पढ़ें: UPI MDR Charge: ग्राहकों की जेब नहीं होगी ढीली, Govt की निगरानी में Merchants उठाएंगे पूरा खर्च दूसरी तरफ, वह उन्हीं ट्रांज़ैक्शन पर चार्ज लगा रही है। ये दोनों तरीके विरोधाभासी हैं। इस बीच, कर्नाटक के मंत्री ईश्वर खंड्रे ने बीदर में कहा कि वह कांग्रेस नेता राहुल गांधी की UPI MDR फ्रेमवर्क को वापस लेने की मांग का समर्थन करते हैं। खंड्रे ने कहा, मैं श्री राहुल गांधी की मांग का समर्थन करता हूं। केंद्र सरकार को इसे तुरंत वापस लेना चाहिए। नहीं तो, हमें भारत सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करना होगा।
गुरुग्राम हिट रन मामले में आरोपी कल्याण पर चौंकाने वाला खुलासा
गुरुग्राम में गोल्फ कोर्स रोड पर महिला बाइकर शिवानी चौहान को टक्कर मारने के मामले में SIT की तफ्तीश में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. SIT सूत्रों के मुताबिक, आरोपी कल्याण बैंसला रातभर एक क्लब में पार्टी करने के बाद शराब के नशे और घमंड में चूर होकर गाड़ी चला रहा था. SIT जांच में सामने आया है कि वारदात के समय बैंसला खुद गाड़ी चला रहा था.
'ईरान के साथ जंग खत्म करने की तैयारी में US', ट्रंप का बड़ा दावा
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंच चुका है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान के साथ सीधी जंग अब अपने अंतिम पड़ाव पर है. ट्रंप के अनुसार, दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है और जल्द ही युद्ध विराम को लेकर कोई समझौता हो सकता है. हालांकि, ईरान की तरफ से इस पर पूरी खामोशी बनी हुई है.
जम्मू-कश्मीर में आतंक के खिलाफ सुरक्षा बलों ने एक साथ दो मोर्चों पर बड़ा प्रहार किया है। उधमपुर में रातभर चले अभियान में दो आतंकियों को मार गिराया गया, जबकि इससे ठीक पहले राजौरी में आतंकियों को रसद, सुरक्षित रास्ता और जमीनी मदद पहुंचाने वाले तीन संदिग्ध मददगारों को गिरफ्तार कर एक आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया था। इन कार्रवाइयों से पीर पंजाल क्षेत्र में आतंक के खिलाफ सुरक्षा तंत्र की लगातार कसती पकड़ साफ दिखाई दे रही है। उधमपुर में ‘अभियान सोहन’ के तहत यह कार्रवाई 16 और 17 सितंबर की दरम्यानी रात शुरू हुई। हम आपको बता दें कि सेना की श्वेत शूरवीर वाहिनी को ब्रत्तल इलाके में आतंकियों की मौजूदगी के संबंध में पुख्ता खुफिया सूचना मिली थी। इसके बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने संयुक्त अभियान शुरू किया। घने जंगल, बेहद कठिन भूभाग, खराब मौसम और कम दृश्यता के बावजूद जवानों ने आतंकियों की घेराबंदी कस दी। इसे भी पढ़ें: India की जमीन पर China के साथ मिलकर गुस्ताखी कर रहा था Pakistan, तभी Modi की पड़ गयी नजर...उसके बाद जो हुआ उसे दुनिया याद रखेगी हम आपको बता दें कि रात करीब नौ बजे मजालता के दूरदराज ब्रत्तल सोन और खुब्बन इलाकों में तलाशी अभियान शुरू हुआ। अभियान शुरू होने के कुछ ही समय बाद जंगल से गोलियों और विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं। सुरक्षा बलों ने संदिग्ध ठिकाने को निशाना बनाकर कार्रवाई की। इसके बाद रातभर इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी रही। गुरुवार सुबह आतंकियों ने घेरा तोड़कर भागने के इरादे से सुरक्षा बलों पर भारी गोलीबारी शुरू कर दी। जवाब में जवानों ने भीषण कार्रवाई की और मुठभेड़ शुरू हो गई। कई घंटे चली इस मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए। घटनास्थल से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए हैं। मारे गए आतंकियों की पहचान और उनके संगठन से संबंधों का पता लगाया जा रहा है। सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी और निगरानी अभियान जारी रखा है, ताकि जंगल में छिपे किसी अन्य खतरे को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। लेकिन उधमपुर की कार्रवाई को अकेली घटना मानना तस्वीर को अधूरा छोड़ देगा। इसके पीछे पीर पंजाल क्षेत्र में आतंक के पूरे तंत्र पर चल रही लगातार कार्रवाई की बड़ी कड़ी जुड़ी हुई है। 15 सितंबर को राजौरी पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा से कथित रूप से जुड़े आतंक समर्थक नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों जाकिर हुसैन, मोहम्मद आजम और मोहम्मद मुश्ताक, को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, ये लोग आतंकियों को रसद, सुरक्षित आवागमन और अन्य जमीनी सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ मार्गदर्शक के रूप में भी काम कर रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने आतंकियों के समूहों को कश्मीर घाटी की ओर पहुंचाने में मदद की थी। पुलिस को संदेह है कि इन लोगों ने कई चर्चित आतंकी हमलों से जुड़े आतंकियों को भी जमीनी सहायता उपलब्ध कराई। इनमें नागरिकों को निशाना बनाने वाला हमला भी शामिल बताया गया है। सबसे गंभीर खुलासा तब हुआ जब एक आरोपी की निशानदेही पर एक तात्कालिक विस्फोटक उपकरण बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह विस्फोटक आतंकी संगठन के सदस्यों ने सुरक्षित रखने और संभावित लक्षित हमले में इस्तेमाल के लिए आरोपियों को सौंपा था। इस बरामदगी ने जांच एजेंसियों को आतंक के व्यापक नेटवर्क तक पहुंचने के लिए महत्वपूर्ण सुराग दिए हैं। यानी तस्वीर साफ है कि सुरक्षा बल केवल जंगल में छिपे हथियारबंद आतंकियों को निशाना नहीं बना रहे, बल्कि आतंक की उस पूरी जड़ पर चोट कर रहे हैं जो स्थानीय मदद, सुरक्षित ठिकानों, मार्गदर्शकों, रसद और विस्फोटकों के जरिए आतंकियों को सहारा देती है। उधमपुर में दो आतंकियों का खात्मा और राजौरी में तीन संदिग्ध मददगारों की गिरफ्तारी इसी व्यापक कार्रवाई की दो महत्वपूर्ण कड़ियां हैं। तलाश अभी जारी है और सुरक्षा बलों का अभियान तब तक थमने वाला नहीं है, जब तक इलाके में मौजूद हर संभावित आतंकी खतरे और उसके मददगार तंत्र की पूरी तस्वीर सामने नहीं आ जाती।
UPI चार्ज को लेकर सियासत तेज, मोदी सरकार पर कांग्रेस ने लगाया ये आरोप
यूपीआई पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के तहत 0.4 प्रतिशत शुल्क लगाने के सरकार के फैसले पर देश में सियासी बहस छिड़ गई है. कांग्रेस पार्टी लगातार आरोप लगा रही है कि सरकार ने यह कदम अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में उठाया है. कांग्रेस का कहना है कि अमेरिकी कंपनियों जैसे वॉलमार्ट के स्वामित्व वाले फोनपे और गूगल पे को फायदा पहुंचाने के लिए यह फैसला लिया गया है.
'सपा सरकार बनी तो गोमती किनारे बनेगा भव्य विश्वकर्मा मंदिर', बोले अखिलेश यादव
उत्तर प्रदेश में चुनावी सरगर्मी के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला है. अखिलेश यादव ने घोषणा की है कि यदि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो लखनऊ में गोमती नदी के किनारे भगवान विश्वकर्मा का एक भव्य और आधुनिक मंदिर बनवाया जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने यह भी वादा किया कि विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश यानी छुट्टी की घोषणा की जाएगी.
BharatPe ने अश्नीर ग्रोवर के बयान से बनाई दूरी, कहा- ग्राहकों के लिए मुफ्त रहेगा UPI
कंपनी के सीईओ नलिन नेगी ने स्पष्ट किया कि नया एमडीआर ढांचा यह सुनिश्चित करता है कि उपभोक्ताओं के लिए यूपीआई (UPI) पूरी तरह से मुफ्त रहेगा।
PM मोदी के जन्मदिन पर मुस्लिम समाज ने मस्जिदों में की दुआ, मांगी लंबी उम्र की दुआ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के खास अवसर पर देश भर के मुस्लिम समाज द्वारा कई तरह के विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. इस शुभ मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने देश की विभिन्न मस्जिदों में विशेष रूप से कुरान ख्वानी का आयोजन किया और प्रधानमंत्री की लंबी उम्र तथा उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए दिल से दुआ मांगी. इस पूरे आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का एक मजबूत संदेश फैलाना है.
UPI चार्ज के पीछे अमेरिकी दबाव? पार्टी प्रवक्ताओं में तीखी बहस
यूपीआई (UPI) पेमेंट पर चार्ज लगाने की खबरों के बीच देश में एक बड़ी बहस शुरू हो गई है. इस चर्चा में यह अहम सवाल उठाया जा रहा है कि क्या डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को हमेशा के लिए मुफ्त रखा जा सकता है. विशेषज्ञों और नीति निर्धारकों का मानना है कि तकनीकी विकास, सुरक्षा और निरंतर इनोवेशन को बनाए रखने के लिए न्यूनतम शुल्क यानी मिनिमल चार्ज लगाना आवश्यक है.
Periyar Jayanti पर CM Vijay ने अधिकारियों को दिलाई शपथ, द्रविड़ मूल्यों पर दिया जोर
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने चेन्नई में समाज सुधारक थंथई पेरियार ईवी रामासामी की 147वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर, मुख्यमंत्री विजय ने अधिकारियों और नागरिकों को 'सामाजिक न्याय दिवस' की शपथ दिलाई और समानता तथा समाज सुधार के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दोहराया। शपथ दिलाते हुए मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि मैं 'सभी जीव जन्म से समान हैं' के प्रेमपूर्ण सिद्धांत और 'सभी स्थान एक हैं, सभी लोग मेरे अपने हैं' के नेक सिद्धांत को अपने जीवन का आधार बनाऊंगा! मेरे काम तर्कवाद और तार्किक सोच वाले व्यक्तित्व के साथ होंगे। द्रविड़ आंदोलन के मुख्य मूल्यों पर ज़ोर देते हुए उन्होंने आगे कहा, मैं खुद को समानता, भाईचारे और समाजवाद के सिद्धांतों के लिए समर्पित करूँगा! मैं हमेशा इंसानियत और मानवतावाद के प्रति प्रेम बनाए रखूँगा। आज के दिन, मैं सामाजिक न्याय पर आधारित समाज बनाने का संकल्प लेता हूँ! ई.वी. रामासामी (पेरियार) ने 1925 में तमिलनाडु में ब्राह्मणवादी वर्चस्व को चुनौती देने और गैर-ब्राह्मण समुदायों को ऊपर उठाने के लिए 'आत्म-सम्मान आंदोलन' (Self-Respect Movement) शुरू किया। इसे भी पढ़ें: PM Modi के 76th Birthday पर CM Vijay का संदेश, बोले- Strong India के लिए कर रहे हैं काम अपने जर्नल 'कुडी अरासु' के ज़रिए तर्कवाद, लैंगिक समानता और जाति-विरोधी सुधारों की वकालत करके, इस आंदोलन ने द्रविड़ पहचान की एक नई भावना को बढ़ावा दिया और सीधे तौर पर द्रविड़ आंदोलन के उदय का रास्ता तैयार किया। आत्म-सम्मान आंदोलन के इतिहास में 1925 का साल दो वजहों से बहुत अहम है: मई में तमिल साप्ताहिक 'कुडी अरासु' (द रिपब्लिक) की शुरुआत और नवंबर में पेरियार का इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC) से अलग होना। हालाँकि कांग्रेस से उनके अलग होने को आम तौर पर आंदोलन की औपचारिक शुरुआत माना जाता है, लेकिन 'कुडी अरासु' ने मद्रास प्रेसीडेंसी में कुछ महीने पहले ही एक नई गतिशीलता ला दी थी। इसे भी पढ़ें: PM Modi के 76th Birthday पर CM Vijay का संदेश, बोले- Strong India के लिए कर रहे हैं काम इस प्रकाशन ने सामाजिक सुधार के प्रति ज़बरदस्त उत्साह दिखाया, जो सिर्फ़ सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व से मिलने वाले राजनीतिक फ़ायदों की वकालत करने तक ही सीमित नहीं था। कांग्रेस छोड़ने के बाद, पेरियार ने इस अख़बार का इस्तेमाल INC और ब्राह्मणवाद—हिंदू जाति-व्यवस्था की कट्टरता और उससे जुड़ी बुराइयों के लिए उनके द्वारा इस्तेमाल किया गया शब्द—दोनों की खुलकर आलोचना करने के लिए किया।
UPI पर MDR के सपोर्ट में थे कांग्रेस सांसद? BJP के दावे पर अब आया विपक्ष का जवाब
UPI पर MDR को लेकर सरकार और कांग्रेस आमने-सामने हैं. सरकार का दावा है कि वित्त संबंधी स्थायी समिति ने UPI के लिए MDR की सिफारिश की थी और रिपोर्ट को मंजूरी देते समय कांग्रेस सांसदों ने कोई औपचारिक असहमति दर्ज नहीं कराई. वहीं कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और मनीष तिवारी का कहना है कि मौजूदा MDR का कोई खास प्रस्ताव समिति के सामने रखा ही नहीं गया था.
घर में घुसा आवारा कुत्ता, 2 साल की बच्ची को खींचकर बाहर ले गया, गाल पर काटा
जालना में आवारा कुत्ते ने घर में घुसकर दो साल की बच्ची पर हमला कर दिया. स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुत्ता बच्ची को खींचकर बाहर ले गया और उसके गाल पर काट लिया. गंभीर रूप से घायल बच्ची को जालना के जिला सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना के बाद नागरिकों ने आवारा कुत्तों पर कार्रवाई की मांग की है.
ऑपरेशन तूफान से राजनीतिक महत्वाकांक्षा तक, रमेश चेन्निथला ने खोले राज़
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन चेन्निथला ने उनके अच्छे स्वास्थ्य की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी को वह अच्छे स्वास्थ्य की शुभकामनाएं देते हैं.
Live: वैभव की होगी प्लेइंग इलेवन में एंट्री? कौन बनेगा टॉस का बॉस
IND vs AFG 3rd T20I Live Cricket Score: अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम तीसरे टी20 मुकाबले को जीतकर सीरीज 3-0 से अपने नाम करना चाहेगी. वहीं अफगानिस्तान की कोशिश आखिरी मैच को जीतकर इज्जत बचाने की होगी.
Waiting Hai Review: टिकट का स्कैम, दिव्येंदु की पुलिसगिरी, दिखा दम?
‘Waiting Hai’ में तत्काल टिकट के खेल को क्राइम कहानी से जोड़ा गया है. मिर्जापुर में मुन्ना भैया बन भौकाल मचा चुके दिव्येंदु यहां पुलिसवाले बने हैं. तो आइये आपको बताते हैं ये सीरीज कैसी है.
आलू-प्याज छोड़िए, इस बार बनाकर खाएं दिल्ली की फेमस मोठ की कचौड़ी
दिल्ली की चाट का स्वाद लोगों को बहुत पसंद आता है और कचौड़ी भी यहां लोग खूब खाते हैं. अगर आपको भी दिल्ली की फेमस मोठ की कचौड़ी खाना अच्छा लगता है तो आप घर पर इसे आसानी से बना सकते हैं. आइए इसकी आसान रेसिपी जानते हैं.
घर के मंदिर में फैला रहता है पूजा का सामान? इन 6 तरीकों से करें सेट
घर का बिखरा हुआ मंदिर न सिर्फ देखने में खराब लगता है, बल्कि पूजा का सामान ढूंढना भी मुश्किल कर देता है. कपूर, धूपबत्ती, पोशाक और बर्तनों को सही तरीके से स्टोर करके आप अपने पूजा घर को हमेशा साफ, सुंदर और व्यवस्थित रख सकते हैं. आइए मंदिर को सजाने और ऑर्गनाइज करने के आसान तरीके जानते हैं.
होम्योपैथी से ठीक हुई PCOS की बीमारी, जानें ये इलाज कैसे है फायदेमंद
दिल्ली की 24 साल की प्रतिभा को पीसीओएस की समस्या थी, जिससे उसके पीरियड्स समय पर आना बंद हो गए थे, बाल झड़ने और मुंहासों जैसी परेशानियां हो रही थीं. एलोपैथी से राहत न मिलने पर उन्होंने होम्योपैथी ट्रीटमेंट शुरू किया, जिससे कुछ महीनों में उनकी स्थिति में सुधार हो गया.
Vaishno Devi Yatra मार्ग पर बिना वैध ID टट्टू चलाने वाले ऑपरेटर पर FIR दर्ज
रियासी पुलिस ने माता वैष्णो देवी श्राइन यात्रा मार्ग पर बिना वैध पहचान पत्र या रजिस्ट्रेशन कार्ड के काम करने के आरोप में एक टट्टू संचालक के खिलाफ FIR दर्ज की है। FIR नंबर 292/2026, BNS की धारा 223(a) के तहत राहुल कुमार के खिलाफ दर्ज की गई है। राहुल कुमार, शाम लाल के बेटे हैं और वार्ड नंबर 09, अर्ली हंसली, तहसील कटरा, जिला रियासी के रहने वाले हैं। यह घटना बंगंगा पुलिस चौकी के अधिकार क्षेत्र में हुई। पुलिस ने तब कार्रवाई की जब उन्हें पता चला कि राहुल कुमार बिना ज़रूरी ID या रजिस्ट्रेशन कार्ड के पोनी हैंडलर का काम कर रहा था, जबकि यात्रा रूट पर पोनी ऑपरेटरों के लिए ये चीज़ें ज़रूरी हैं। अधिकारियों ने यात्रा रूट पर सभी पोनी ऑपरेटरों और हैंडलरों को निर्देश दिया है कि वे हर समय अपना वैलिड रजिस्ट्रेशन या पहचान पत्र साथ रखें। बिना ऐसे दस्तावेज़ों के पाए जाने पर लोगों को सख़्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। रियासी पुलिस ने माता वैष्णो देवी मंदिर आने वाले तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और उनके सुचारू आवागमन को सुनिश्चित करने के अपने संकल्प को दोहराया।
भूखे शेर के सामने छोड़ देता था! चोरों को ऐसे सजा देता था ड्रग माफिया
ड्रग्स तस्करी से जुड़े मैक्सिको के माफिया और कार्टेल की अंधेरी दुनिया में क्या- क्या क्रूरता होती है. इसकी कहानी एक पूर्व एफबीआई एजेंट ने अपनी किताब में की है. जानते हैं कैसे ड्रग्स तस्कर लोगों को टॉर्चर करते हैं?
F-1 ड्राइवर की ‘नकली घड़ी’ के पीछे क्या है वजह?
फॉर्मूला-1 रेस में ड्राइवर के हाथ पर दिखने वाली घड़ी अक्सर असली नहीं होती. यह रेसिंग ग्लव्स पर बना डिजाइन होता है. जानें ड्राइवर कलाई पर घड़ी क्यों नहीं पहनते और ग्लव्स पर घड़ी का प्रिंट लगाने के पीछे क्या मार्केटिंग रणनीति है. वीडियो में जानें रिस्ट वॉच से जुड़े फैक्ट्स.
बरेली: 70 KM की रफ्तार से आई आंधी-बारिश ने मचाई तबाही, 3 की मौत
बरेली में 70 किमी/घंटे की रफ्तार से आई तेज आंधी-बारिश ने भारी तबाही मचाई. दीवारें और पेड़ गिरने से दो महिलाओं और एक बच्चे सहित तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए बिजली के पोल टूटने से आपूर्ति बाधित हुई. जिलाधिकारी ने राहत कार्य के निर्देश दिए हैं.
6 महीने के मासूम पर झपटा खूंखार कुत्ता... पिटबुल का आतंक CCTV में कैद
सोनीपत की सिक्का कॉलोनी में पिटबुल के हमले से हड़कंप मच गया. गली से बुआ के साथ जा रहे 6 महीने के बच्चे पर कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया. बच्चे को बचाने की कोशिश में उसकी बुआ भी घायल हो गईं. गंभीर हालत में मासूम को रोहतक PGI रेफर किया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है.
कलकत्ता High Court ने बदला Mamata Banerjee की रैली का स्थल, श्रीरामपुर कोर्ट ग्राउंड में मिली अनुमति
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 26 सितंबर को श्रीरामपुर कोर्ट ग्राउंड में राजनीतिक रैली करने की अनुमति दी तथा रैली के लिए एक निजी भूमि पर पूर्व में आवंटित किए गए स्थल को बदल दिया। उच्च न्यायालय ने राजनीतिक रैली की अनुमति से जुड़ी पुनर्विचार याचिकाओं को स्वीकार करते हुए यह आदेश जारी किया। ‘जगन्नाथ ज्यू ट्रस्टी बोर्ड’ ने न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ के सामने 10 सितंबर को एक पुनर्विचार याचिका दायर की थी। इस याचिका में न्यायमूर्ति भट्टाचार्य द्वारा ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस को हुगली जिले के श्रीरामपुर में बोर्ड की जमीन महेश जगन्नाथदेव स्नानपीरी मैदान पर जनसभा करने की अनुमति पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया गया था। बोर्ड ने दावा किया कि कि याचिकाकर्ता को औपचारिक मंजूरी मिले बिना, निजी स्वामित्व वाले मैदान पर ऐसी राजनीतिक सभा नहीं बुलाई जा सकती, जिसके आयोजन की अनुमति इस अदालत ने 11 सितंबर के लिए दी थी। न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने भूस्वामी और पुलिस की पुनर्विचार याचिकाओं को मंजूरी देते हुए कहा कि ट्रस्टी बोर्ड की इजाजत के बिना निजी जमीन पर सभा, रैली, धरना या सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने 26 सितंबर को सार्वजनिक जमीन श्रीरामपुर कोर्ट ग्राउंड पर सभा करने की अनुमति दी। उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि आयोजन में ज़्यादा से ज़्यादा 1,000 लोग शामिल होंगे। राज्य सरकार और निजी जमीन के स्वामी ने न्यायमूर्ति भट्टाचार्य के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें भीड़-भाड़ वीले जीटी रोड पर प्रस्तावित रैली करने के बजाय 11 सितंबर को सभा करने की इजाज़त दी गई थी। खंडपीठ ने राज्य सरकार और निजी जमीन के स्वामी की अपील को उनके द्वारा वापस लिया जाना मानते हुए निस्तारित कर दी थी। खंडपीठ ने पिछले हफ़्ते एकल पीठ से अनुरोध किया था कि यदि पुनर्विचार याचिका दायर की जाती है, तो उस पर 25 सितंबर तक फैसला किया जाए। पश्चिम बंगाल सरकार ने खंडपीठ के सामने दलील दी कि न्यायाधीश ने उनकी इस बात पर ध्यान नहीं दिया कि आयोजन स्थल निजी संपत्ति है और सभा करने के लिए भूमि के मालिक की अनुमति आवश्यक है।
अमेरिका में शादी के 17 दिन बाद हैदराबाद के इंजीनियर की संदिग्ध मौत
अमेरिका के मैसाचुसेट्स में हैदराबाद के 28 वर्षीय सिविल इंजीनियर मोहम्मद जाबेर हुसैन की शादी के 17 दिन बाद मौत हो गई. परिवार ने पार्थिव शरीर भारत लाने के लिए विदेश मंत्रालय से मदद मांगी है. पढ़ें पूरी कहानी.

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