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डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को टाला

न्यूयॉर्क। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में वायु रक्षा मिसाइलों और इंटरसेप्टर की कमी के कारण ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान को फिलहाल टाल दिया है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से यह रिपोर्ट दी गई है। इससे पहले, एक्सिओस ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी थी […] The post डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को टाला appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 26 Jul 2026 10:28 am

गुजरात में भारी बारिश, CM भूपेंद्र पटेल ने संभाली कमान, स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर का किया दौरा

गुजरात में बारिश की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य के स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) का दौरा कर अधिकारियों से बारिश और बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली गई।

वेब दुनिया 26 Jul 2026 9:45 am

CM योगी का सख्त एक्शन, उखड़ी सड़कें नहीं सुधरीं तो होगी FIR, जल जीवन मिशन पर जल निगम को लगाई कड़ी फटकार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने आगरा दौरे के दौरान कमिश्नरी सभागार में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में विकास परियोजनाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं और कानून-व्यवस्था की मैराथन समीक्षा करते हुए सीएम ने ...

वेब दुनिया 26 Jul 2026 9:24 am

Weather Update : भारत में Monsoon ने पकड़ी रफ्तार, गुजरात-असम में बाढ़ का कहर, 17 राज्यों के लिए IMD का अलर्ट

देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि दो सक्रिय निम्न दबाव (लो-प्रेशर) सिस्टम और एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में भारी ...

वेब दुनिया 26 Jul 2026 8:53 am

Pralhad joshi : कितने पढ़े-लिखे हैं देश के नए शिक्षा मंत्री प्रहलाद और मोदी सरकार ने उन्हें ही क्यों सौंपी शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी, क्या हैं चुनौतियां

केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी को अब शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 2026 के NEET विवाद और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के ...

वेब दुनिया 26 Jul 2026 8:24 am

Lucknow Elevated Road: 30 साल बाद सपना हुआ साकार, हैदर कैनाल पर बनेगा 11 KM लंबा एलिवेटेड रोड, 10 लाख लोगों को राहत

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और शहरवासियों को रोजाना के ट्रैफिक जाम से हमेशा के लिए निजात दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। शासन ने हैदर कैनाल (हैदर नहर) के ऊपर 11 किलोमीटर लंबे फोरलेन एलिवेटेड रोड के निर्माण प्रस्ताव को अपनी अंतिम और प्रशासनिक मंजूरी दे दी है।मेट्रो और ग्रीन कॉरिडोर के बाद अब यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट जल्द ही धरातल पर उतरने जा रहा है। शासन से वित्तीय और प्रशासनिक हरी झंडी मिलते ही संबंधित कार्यदायी संस्था (PWD या यूपी सेतु निगम) बेहद जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू करने जा रही है।हजरतगंज से आगरा एक्सप्रेसवे सिर्फ 20 मिनट में!यह 11 किलोमीटर लंबा फोरलेन एलिवेटेड रोड मोहान रोड से शुरू होकर कालिदास चौक (मुख्यमंत्री आवास) तक हैदर कैनाल के ऊपर बनाया जाएगा।इस एलिवेटेड रोड के बनने से एलडीए की आगरा एक्सप्रेसवे स्थित अब तक की सबसे बड़ी आवासीय योजना 'वरुण विहार' सीधे मुख्य शहर से जुड़ जाएगी। वर्तमान में हजरतगंज से 'वरुण विहार' टाउनशिप जाने में लगभग 50 मिनट का समय लगता है, जो इस सड़क के बनने के बाद घटकर महज 20 मिनट रह जाएगा।10 लाख आबादी को ट्रैफिक से मिलेगी बड़ी राहतहैदर कैनाल एलिवेटेड रोड के शुरू होने से लखनऊ की करीब 10 लाख की आबादी को रोजमर्रा के लंबे जाम से मुक्ति मिलेगी। गाड़ियां घनी आबादी वाले शहर के रास्तों में फंसने के बजाय सीधे हैदर कैनाल के ऊपर फर्राटा भर सकेंगी।इस प्रोजेक्ट के बनने से:कालिदास मार्गविक्रमादित्य मार्गराजभवन और उसके आसपास का क्षेत्रचारबागदिलकुशा मार्गजैसे व्यस्त और अति-सुरक्षित क्षेत्रों के रास्तों पर वाहनों का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।अतिक्रमण हटाकर बनेगा नया कमर्शियल हबनिर्माण कार्य को बिना रुकावट शुरू करने के लिए अगले महीने से कैनाल के आसपास के क्षेत्र में किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने का अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा, कैनाल के किनारे खाली कराई जाने वाली जमीन का सदुपयोग करते हुए चारबाग के पास एक नया और आधुनिक कमर्शियल हब विकसित करने की भी योजना तैयार की गई है।1998 में हुआ था पहला सर्वे, 30 साल बाद पूरा हो रहा सपनाहैदर कैनाल पर एलिवेटेड रोड बनाने का प्रस्ताव करीब 30 साल पुराना है। इस परियोजना का पहला सर्वे साल 1998 में RITES एजेंसी ने किया था और अपनी फिजिबिलिटी रिपोर्ट शासन को सौंपी थी। वर्ष 1999 में दोबारा संशोधित रिपोर्ट तैयार की गई, लेकिन लगभग 600 करोड़ रुपये की भारी लागत और अन्य वजहों से प्रोजेक्ट अटक गया था। उस वक्त इसे पीपीपी (PPP) मॉडल पर बनाने का विचार था, जो अब शासन की मंजूरी के साथ धरातल पर उतर रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 8:05 am

Jalaun Development News: दस्यु प्रभावित क्षेत्र से ग्लोबल ब्रांड तक, जानिए सीएम योगी ने जालौन को दीं कौन-कौन सी सौगातें

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को जालौन दौरे पर पहुंचे। उन्होंने जिला खेल मैदान (डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स ग्राउंड) में आयोजित भव्य कार्यक्रम में जनपद को 1275 करोड़ रुपये की लागत वाली 374 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता सामग्री, प्रमाण पत्र और आवास की चाबियां सौंपी। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 13 करोड़ 14 लाख 30 हजार रुपये की धनराशि लाभार्थियों के खातों में सीधे हस्तांतरित की गई।अपने संबोधन की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने जालौन की अधिष्ठात्री जालौन वाली माता, एट बैरागढ़ की शारदा माता, महर्षि वेदव्यास और जलवान ऋषि को नमन किया। उन्होंने कहा कि जालौन और कालपी अपने गौरवशाली इतिहास, वीरता और सांस्कृतिक विरासत के लिए देशभर में विख्यात हैं। कालपी का हस्तनिर्मित कागज और यहां की मटर जनपद की विशिष्ट पहचान हैं। 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ODOP) योजना और GI टैग के माध्यम से कालपी के कागज उद्योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है।दस्यु प्रभावित क्षेत्र से 'बीडा' और इंडस्ट्रियल हब तक का सफरमुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब बुंदेलखंड को दस्यु प्रभावित और सूखे की मार झेलने वाला क्षेत्र माना जाता था, जहां से लोग पलायन करने को मजबूर थे। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों की गलत नीतियों के कारण यह क्षेत्र पिछड़ा, वे आज घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। आज बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और 56 हजार एकड़ में बन रहा 'बीडा' (Bundelkhand Industrial Development Authority) इस पूरे इलाके को देश के सबसे बड़े औद्योगिक केंद्रों में शामिल कर रहा है।सौर ऊर्जा परियोजनाओं और जल जीवन मिशन के माध्यम से हर घर तक बिजली और पीने का पानी पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने जालौन की रंगौली ग्राम पंचायत की सराहना करते हुए बताया कि यह जिले की पहली ग्राम पंचायत बनी है जो पूरी तरह गरीबी रेखा से ऊपर उठी है।कानून-व्यवस्था, माफिया राज और पेपर लीक पर कड़ा संदेशकानून-व्यवस्था पर बोलते हुए सीएम योगी ने साफ कहा कि सरकार ने प्रदेश से माफिया राज को जड़ से उखाड़ फेंका है। भू-माफिया, बालू माफिया और केटल माफिया के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की गई है। उन्होंने अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों और अपराधियों के लिए केवल दो ही जगहें हैं—जेल या जहन्नुम।युवाओं के भविष्य का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी या पेपर लीक करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी के कड़े निर्देशों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि दोषियों को आजीवन कारावास की सजा और संपत्ति जब्ती जैसी कार्रवाई झेलनी पड़ रही है।विपक्ष पर तीखा प्रहार: 'विकास का पैसा सैफई के आयोजनों पर उड़ता था'समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के शासनकाल में बुंदेलखंड के विकास का पैसा लूटा जाता था। पहले विकास का धन सैफई में फिल्मी आयोजनों और मुजरों पर खर्च होता था, जबकि आज डबल इंजन सरकार में वही पैसा सीधे जनता के कल्याण, पेंशन और आधारभूत संरचना के निर्माण पर लगाया जा रहा है।अंत में उन्होंने कहा कि प्रदेश में तेजी से पूरी हो रही सिंचाई, जल परियोजनाओं और डेटा सेंटर क्लस्टर से युवाओं के लिए नौकरियों और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उत्तर प्रदेश को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में बुंदेलखंड एक मुख्य ग्रोथ इंजन की भूमिका निभाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 8:03 am

UP Weather Today: यूपी में 27 जुलाई से मूसलाधार बारिश का अलर्ट, जानिए लखनऊ, कानपुर और नोएडा का मौसम

उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से मानसूनी गतिविधियों में आई सुस्ती के बाद मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 27 जुलाई से प्रदेश में मानसून की सक्रियता दोबारा बढ़ेगी, जिससे कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। खासतौर पर तराई क्षेत्रों और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।26 जुलाई को दिन के समय प्रदेश में अधिकतम तापमान 34C से 36C के आसपास बना रहेगा, जबकि न्यूनतम तापमान 28C से 29C के बीच रहने का अनुमान है।27 से 30 जुलाई के बीच बारिश में आएगी तेजीअतुल कुमार सिंह (वरिष्ठ वैज्ञानिक, आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र) के मुताबिक, मानसून ट्रफ के उत्तर दिशा की ओर खिसकने और बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के मजबूत होने से बारिश की गतिविधियों में इजाफा होगा। इसके असर से 27 से 30 जुलाई के दौरान पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में व्यापक वर्षा के आसार बन रहे हैं।वहीं, 26 जुलाई को प्रदेश में भारी बारिश का कोई बड़ा अलर्ट नहीं है। हालांकि, 27 जुलाई से मौसम बदलेगा और रुक-रुक कर बारिश होने से लोगों को तीखी गर्मी व उमस से राहत मिलेगी, साथ ही यह बारिश खेती-किसानी के लिए भी फायदेमंद साबित होगी।प्रमुख शहरों में आज के मौसम का हाललखनऊ: राजधानी लखनऊ में आज दिनभर उमस का प्रभाव बना रहेगा। दोपहर बाद आंशिक रूप से बादल छाएंगे और शाम/रात तक गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की संभावना 50% तक हो सकती है।कानपुर: शहर में सुबह से ही हल्के बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 36C तक जा सकता है, लेकिन अधिक उमस के कारण हीट इंडेक्स ज्यादा महसूस होगा। रात के समय गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की उम्मीद है।नोएडा व दिल्ली-एनसीआर: धूप और बादलों की आवाजाही लगी रहेगी। दोपहर के आसपास तेज हवाओं के साथ कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश (Scattered Rain) दर्ज की जा सकती है।वाराणसी: पूर्वांचल में आज भी तीखी धूप और उमस परेशान कर सकती है। अधिकतम तापमान 37C तक पहुंचने का अनुमान है। दोपहर के समय गरज-चमक के साथ स्थानीय स्तर पर बौछारें पड़ सकती हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 8:02 am

Petrol Diesel Price Today 26 July 2026: 26 जुलाई 2026 को उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, अल्मोड़ा और ऊधम सिंह नगर समेत सभी जिलों में पेट्रोल और डीजल के ताजा भाव जानें

प्रतिदिन सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपये की विनिमय दर में होने वाले उतार-चढ़ाव के आधार पर ईंधन के नए रेट तय करती हैं। यह दैनिक मूल्य संशोधन प्रणाली उपभोक्ताओं के लिए पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि हर जिले में सही दरों की जानकारी उपलब्ध रहे।आज 26 जुलाई 2026 को भी सुबह 6 बजे उत्तराखंड राज्य के सभी जिलों के लिए पेट्रोल और डीजल के ताजा रेट अपडेट कर दिए गए हैं। यदि आप राजधानी देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल या कुमाऊं-गढ़वाल के अन्य शहरों में ईंधन का नया भाव जानना चाहते हैं, तो यहाँ सभी जिलों की रेट लिस्ट दी गई है।उत्तराखंड के प्रमुख जिलों में आज पेट्रोल-डीजल के दामदेहरादून: पेट्रोल ₹100.55 प्रति लीटर और डीजल ₹95.93 प्रति लीटरउत्तरकाशी: पेट्रोल ₹100.55 प्रति लीटर और डीजल ₹95.93 प्रति लीटरचमोली: पेट्रोल ₹101.64 प्रति लीटर और डीजल ₹96.94 प्रति लीटररुद्रप्रयाग: पेट्रोल ₹101.64 प्रति लीटर और डीजल ₹96.94 प्रति लीटरहरिद्वार: पेट्रोल ₹101.55 प्रति लीटर और डीजल ₹95.04 प्रति लीटरपिथौरागढ़: पेट्रोल ₹100.48 प्रति लीटर और डीजल ₹96.01 प्रति लीटरबागेश्वर: पेट्रोल ₹101.64 प्रति लीटर और डीजल ₹96.94 प्रति लीटरअल्मोड़ा: पेट्रोल ₹100.48 प्रति लीटर और डीजल ₹96.01 प्रति लीटरनैनीताल: पेट्रोल ₹100.48 प्रति लीटर और डीजल ₹96.01 प्रति लीटरऊधम सिंह नगर: पेट्रोल ₹100.48 प्रति लीटर और डीजल ₹95.58 प्रति लीटरक्यों देखने को मिला ईंधन की कीमतों में बदलाव?हाल के दौर में कच्चे तेल (Crude Oil) की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में लगातार हुए तेज उछाल और तेल विपणन कंपनियों की अंडर-रिकवरी के चलते ईंधन की लागत पर दबाव देखने को मिला है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल के ऊंचे दामों के कारण कंपनियों को अंडर-रिकवरी का सामना करना पड़ा है।सरकारी नियमावली के तहत देश में हर सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की संशोधित दरें घोषित कर दी जाती हैं, जिससे राज्य के हर नागरिक को पारदर्शी रूप से अपने शहर में ईंधन की सही कीमत की जानकारी मिल सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 8:00 am

Petrol Diesel Price Today 26 July 2026: यूपी के लखनऊ, कानपुर और नोएडा में बदले पेट्रोल-डीजल के दाम, जानिए अपने शहर का ताजा रेट

रोजमर्रा की जिंदगी में हर सुबह सूरज की किरणों के साथ ही पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें भी तय होती हैं, जिनका सीधा असर आम आदमी की जेब और बजट पर पड़ता है। देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियां (OMCs) हर दिन सुबह 6 बजे ईंधन की ताजा दरें जारी कर देती हैं। ये कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की दरों और डॉलर के मुकाबले रुपये के विनिमय दर में होने वाले बदलावों के आधार पर तय की जाती हैं।आज 26 जुलाई 2026 को भी सुबह 6 बजे उत्तर प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों के लिए पेट्रोल और डीजल के नए रेट अपडेट कर दिए गए हैं। आइए जानते हैं लखनऊ, नोएडा, कानपुर, आगरा और वाराणसी समेत आपके शहर में आज ईंधन किस भाव मिल रहा है।उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल-डीजल के दामलखनऊ: पेट्रोल ₹101.56 प्रति लीटर और डीजल ₹95.06 प्रति लीटरकानपुर शहर: पेट्रोल ₹101.56 प्रति लीटर और डीजल ₹95.06 प्रति लीटरप्रयागराज: पेट्रोल ₹102.48 प्रति लीटर और डीजल ₹95.92 प्रति लीटरनोएडा / ग्रेटर नोएडा: पेट्रोल ₹101.96 प्रति लीटर और डीजल ₹95.44 प्रति लीटरवाराणसी: पेट्रोल ₹102.48 प्रति लीटर और डीजल ₹95.92 प्रति लीटरगोरखपुर: पेट्रोल ₹102.17 प्रति लीटर और डीजल ₹95.67 प्रति लीटरमेरठ: पेट्रोल ₹101.77 प्रति लीटर और डीजल ₹95.26 प्रति लीटरअलीगढ़: पेट्रोल ₹101.92 प्रति लीटर और डीजल ₹95.38 प्रति लीटरआगरा: पेट्रोल ₹101.54 प्रति लीटर और डीजल ₹95.02 प्रति लीटरक्यों देखने को मिला ईंधन की कीमतों में बदलाव?हाल के समय में कच्चे तेल (Crude Oil) की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की अंडर रिकवरी के चलते ईंधन की कीमतों पर असर देखने को मिला है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, कच्चे तेल के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंचे स्तर पर पहुंचे हैं, जिसके चलते तेल कंपनियों पर वित्तीय दबाव पड़ा है।हालांकि, राहत की बात यह है कि हर दिन सुबह 6 बजे कीमतों में होने वाला संशोधन पारदर्शी तरीके से जारी किया जाता है ताकि उपभोक्ताओं को अपने शहर की सटीक और सही दरें आसानी से पता चल सकें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 7:59 am

Sitapur News: पूर्व सपा विधायक अनूप गुप्ता को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, बुलडोजर कार्रवाई के नोटिस पर कोर्ट ने कही यह बात

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से बड़ी खबर सामने आई है। महोली विधानसभा सीट से पूर्व समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक अनूप गुप्ता को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। करीब 15 दिन पहले नगर पालिका और जिला प्रशासन ने एक नोटिस जारी कर अनूप गुप्ता के मकान को प्लाईवुड फैक्ट्री की जमीन पर बना बताकर अवैध घोषित कर दिया था। इस नोटिस के खिलाफ पूर्व विधायक ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए प्रशासनिक नोटिस की प्रक्रिया और अधिकार क्षेत्र पर अहम टिप्पणी की है।अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम करने पर हाईकोर्ट सख्तहाईकोर्ट के फैसले की जानकारी देते हुए पूर्व सपा विधायक अनूप गुप्ता ने बताया कि उच्च न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि जिसका जो अधिकार क्षेत्र है, उसे उसी के भीतर काम करना चाहिए। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी को राजस्व संहिता की धारा 54 और धारा 58 के तहत ऐसा नोटिस भेजने का कानूनी अधिकार नहीं है। हाईकोर्ट ने इस मामले में प्रशासन से एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।'नगर पालिका पूरी तरह कैप्चर है, बोर्ड इस्तीफा दे'हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद अनूप गुप्ता ने नगर पालिका प्रशासन और स्थानीय बोर्ड पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सीतापुर नगर पालिका में कोई लोकतांत्रिक व्यवस्था काम नहीं कर रही है।पूर्व विधायक ने कहा, नगर पालिका में न तो अध्यक्ष की चल रही है और न ही सभासदों की। पूरी नगर पालिका को अधिकारियों ने कैप्चर कर रखा है। जब बोर्ड के पास कोई शक्ति ही नहीं बची है और सब कुछ अधिकारी ही चला रहे हैं, तो नगर पालिका अध्यक्ष और पूरे बोर्ड को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।कौन हैं पूर्व सपा विधायक अनूप गुप्ता?अनूप गुप्ता सीतापुर की राजनीति में एक परिचित चेहरा हैं। वे दिग्गज सपा नेता और पूर्व विधायक स्वर्गीय ओम प्रकाश गुप्ता के पुत्र हैं।2007: उन्होंने पहली बार मिश्रिख विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीतकर विधानसभा पहुंचे।2012: परिसीमन के बाद बनी नई महोली विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर दोबारा जीत दर्ज की।2017: महोली विधानसभा सीट से उन्हें बीजेपी प्रत्याशी से हार का सामना करना पड़ा था।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 7:56 am

ऊधम सिंह नगर: शादी से मुकरा प्रेमी तो युवती ने सरेआम चप्पलों से धुना, घसीटते हुए ले गई थाने

उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के बाजपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवती ने शादी का झांसा देकर मुकरने वाले अपने प्रेमी की बीच सड़क सरेआम चप्पलों से जमकर पिटाई कर दी। इतना ही नहीं, आक्रोशित युवती युवक को चप्पलों से पीटते हुए सीधे बाजपुर कोतवाली लेकर पहुंच गई।थाने के भीतर और बाहर दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक जमकर हंगामा हुआ। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।शादी का झांसा देकर मुकरने का आरोपप्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, युवती का आरोप है कि आरोपी युवक लंबे समय से शादी का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाए हुए था। लेकिन जब युवती ने शादी का दबाव बनाया, तो युवक अपने वादे से मुकर गया और दूरी बनाने लगा।इसी बात से नाराज होकर युवती ने युवक को रास्ते में ही रोक लिया और अपना आपा खो बैठी। युवती ने बीच सड़क पर ही युवक पर चप्पलों की बरसात कर दी और उसे पीटते हुए सीधे कोतवाली ले आई।पुलिस कर रही दोनों पक्षों से पूछताछयुवक को थाने लाने के बाद कोतवाली परिसर में भी काफी देर तक ड्रामा चलता रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों के परिजनों को थाने बुलाकर पूछताछ शुरू कर दी है। खबर लिखे जाने तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक एफआईआर या कानूनी कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस मामले को सुलझाने और जांच में जुटी है।झांसी में भी सड़क पर चला महिलाओं का 'चप्पल कांड'ऐसा ही एक अन्य मामला उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से भी सामने आया है। झांसी के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र स्थित आवास विकास चौराहे पर बीच सड़क कुछ महिलाओं ने एक युवक को पकड़कर चप्पलों से पीट दिया।जब युवक के परिवार की एक युवती बीच-बचाव करने पहुंची, तो उग्र महिलाओं ने उस पर भी थप्पड़ और चप्पलें बरसा दीं। इसके बाद दोनों पक्षों की महिलाएं आपस में भिड़ गईं और काफी देर तक सड़क पर मारपीट होती रही। राहगीरों की भारी भीड़ तमाशा देखती रही और किसी ने बीच-बचाव नहीं किया। इस पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 7:54 am

Uttarakhand Weather Today: देहरादून-नैनीताल में भारी बारिश का अलर्ट! 28 और 29 जुलाई को मंडराएगा बड़ा खतरा

उत्तराखंड में मानसून की रफ्तार एक बार फिर तेज हो गई है। मौसम विभाग (IMD) ने आज, 26 जुलाई 2026 को राज्य के कई पर्वतीय और मैदानी जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई है। IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, देहरादून और नैनीताल जैसे संवेदनशील इलाकों में आज कहीं-कहीं मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है।मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 26 जुलाई से शुरू हो रहा बारिश का यह दौर 28 और 29 जुलाई को और अधिक विकराल रूप ले सकता है, जब पर्वतीय जिलों में मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरस सकती है।आज किन जिलों में जारी किया गया अलर्ट?मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार, 26 जुलाई को देहरादून, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और नैनीताल जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।इस दौरान पर्वतीय और मैदानी इलाकों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने की पूरी आशंका है। लगातार हो रही बारिश से तापमान में गिरावट आएगी, जिससे स्थानीय लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी।28 और 29 जुलाई को बढ़ेगा खतरामौसम विभाग के अनुसार, 27 जुलाई से राज्य में बारिश की तीव्रता में और इजाफा होगा। 28 और 29 जुलाई को बागेश्वर, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जैसे उच्च पर्वतीय और संवेदनशील इलाकों में 'भारी से बहुत भारी' बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) होने का अनुमान जताया गया है।इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों और नदियों के किनारे रह रहे लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी है।देहरादून और मैदानी इलाकों का हालराजधानी देहरादून में आज दिनभर आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में भारी बौछारें गिर सकती हैं। देहरादून में आज अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।इसके अलावा, मैदानी जिलों जैसे हरिद्वार और उधम सिंह नगर में भी गरज-चमक के साथ मानसूनी बौछारें पड़ सकती हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण भूस्खलन (Landslide) और संवेदनशील सड़कों के अवरुद्ध होने का खतरा बना हुआ है, इसलिए यात्रियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 7:51 am

IMD Weather Update 26 July 2026: दिल्ली में सुहावना मौसम, पहाड़ों में भूस्खलन और मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

देशभर में मानसून अब पूरी तरह से रफ्तार पकड़ चुका है। मैदानी इलाकों से लेकर ऊंचे पहाड़ी राज्यों तक बादलों की जोरदार आवाजाही जारी है। लगातार बारिश के कारण एक तरफ जहां मैदानी इलाकों में नदियां उफान पर हैं और बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं, वहीं पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslide) के चलते कई मुख्य रास्ते ठप पड़ गए हैं।भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 26 जुलाई 2026 को देश के अधिकांश राज्यों में हल्की से मध्यम और कई इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है।दिल्ली-एनसीआर में रुक-रुक कर बौछारें, उमस से थोड़ी राहतराजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्र में आज दिनभर बादलों का डेरा बना रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, दिन में एक से दो बार हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलेंगी, जिससे मौसम सुहावना बना रहेगा।आज दिल्ली में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। हालांकि, बारिश के बीच उमस का स्तर अधिक रहने के कारण हल्की चिपचिपाहट महसूस हो सकती है।पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड की चेतावनी, सतर्कता बरतने की सलाहउत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों—हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में मानसूनी बारिश अपने चरम पर है। IMD ने इन राज्यों के कई संवेदनशील इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन का खतरा बना हुआ है और नदियां-नाले उफान पर हैं। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं, पर्यटकों व निवासियों को पहाड़ों की अनावश्यक यात्रा टालने की सख्त हिदायत दी है।मुंबई, गुजरात और मध्य भारत में भारी बारिश का दौर जारीमध्य, पश्चिम और पूर्वी भारत में भी मानसून पूरी तरह मेहरबान नजर आ रहा है।महाराष्ट्र और गुजरात: कोंकण, गोवा और तटीय गुजरात में तेज बारिश का सिलसिला जारी है। मुंबई और उसके उपनगरीय इलाकों में रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश का अनुमान है। गुजरात के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।मध्य व पूर्वी राज्य: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार और झारखंड में भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश के अच्छे आसार हैं।दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत का मौसम कैसा रहेगा?दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक और केरल में मध्यम से व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है, जबकि तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बौछारें गिर सकती हैं।वहीं, पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे। इन क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली गिरने और कुछ संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन का जोखिम बना रहेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 7:49 am

Aaj Ka Rashifal 26 July 2026: गुरु-आदित्य राजयोग से चमकेगी इन राशियों की किस्मत, जानें मेष से मीन का दैनिक भविष्यफल

वैदिक पंचांग के अनुसार, आज 26 जुलाई 2026 को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की तिथि दोपहर 01 बजकर 57 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद द्वादशी तिथि शुरू हो जाएगी। आज वासुदेव द्वादशी, गौरी व्रत प्रारम्भ, देवशयनी एकादशी, भद्रा, विंछुड़ो और गण्ड मूल का प्रभाव रहेगा। ज्येष्ठा नक्षत्र सुबह 07:34 तक रहेगा और फिर मूल नक्षत्र शुरू होगा। चंद्रमा सुबह 07:34 तक वृश्चिक राशि में रहने के बाद धनु राशि में संचरण करेंगे। आज बन रहा गुरु-आदित्य राजयोग कई राशियों के जीवन में धन, सम्मान और सफलता के नए द्वार खोलेगा।आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक के जातकों के लिए आज का दिन करियर, कारोबार, सेहत और पारिवारिक जीवन के लिहाज से कैसा रहने वाला है।मेष राशिफल (Aries Horoscope Today)आज गुरु-आदित्य राजयोग आपके लिए पारिवारिक सुख और संपत्ति से जुड़े मामलों में शुभ संकेत दे रहा है। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाओं की सराहना होगी। व्यापार में निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। परिवार में किसी शुभ समाचार से खुशी का माहौल बनेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और पुराने निवेश का फायदा मिल सकता है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन भागदौड़ से थकान संभव है।वृषभ राशिफल (Taurus Horoscope Today)गुरु-आदित्य राजयोग आपके आत्मविश्वास और संवाद क्षमता को बढ़ाएगा। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने के योग हैं। किसी महत्वपूर्ण बैठक में सफलता मिल सकती है। व्यापार में नए ग्राहकों से लाभ होगा। भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा और आर्थिक पक्ष पहले से बेहतर रहेगा। छोटी यात्राएं लाभदायक साबित हो सकती हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी।मिथुन राशिफल (Gemini Horoscope Today)आज का दिन आर्थिक मामलों में विशेष लाभ देने वाला रहेगा। गुरु-आदित्य राजयोग आय के नए स्रोत खोल सकता है। नौकरी में वेतन वृद्धि या प्रोत्साहन मिलने के संकेत हैं। व्यापार में रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। निवेश से लाभ होगा और खर्चों पर नियंत्रण बना रहेगा। परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य संतुलित रहेगा और जीवनसाथी के साथ भविष्य की योजनाओं पर चर्चा होगी।कर्क राशिफल (Cancer Horoscope Today)आपकी राशि में बन रहा गुरु-आदित्य राजयोग आज सबसे अधिक प्रभावशाली रहेगा। व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ेगा और समाज में मान-सम्मान मिलेगा। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। व्यापार में विस्तार के अवसर मिलेंगे। आर्थिक लाभ के साथ नई योजनाएं सफल होंगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और किसी मांगलिक कार्य की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।सिंह राशिफल (Leo Horoscope Today)आज आपको हर निर्णय सोच-समझकर लेने की आवश्यकता होगी। कार्यक्षेत्र में मेहनत का परिणाम धीरे-धीरे सामने आएगा। विदेश या दूर स्थान से जुड़े कार्यों में लाभ के संकेत हैं। खर्च बढ़ सकते हैं, लेकिन आय का प्रवाह बना रहेगा। व्यापार में नई रणनीति भविष्य में बड़ा लाभ दे सकती है। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और पर्याप्त आराम करें।कन्या राशिफल (Virgo Horoscope Today)गुरु-आदित्य राजयोग आपकी आय और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि का संकेत दे रहा है। नौकरी में नई उपलब्धि मिल सकती है और वरिष्ठ अधिकारी आपके काम से प्रसन्न रहेंगे। व्यापार में बड़ा ऑर्डर मिलने के योग हैं। मित्रों के सहयोग से आर्थिक लाभ होगा और निवेश के लिए दिन अनुकूल रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा तथा दांपत्य जीवन में खुशियां बनी रहेंगी।तुला राशिफल (Libra Horoscope Today)आज करियर के क्षेत्र में शानदार अवसर मिल सकते हैं। गुरु-आदित्य राजयोग आपके कार्यों को नई दिशा देगा। पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग बन रहे हैं। व्यापार में लाभ होगा और नई साझेदारी फायदेमंद साबित हो सकती है। आर्थिक स्थिति काफी मजबूत होगी। परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा और जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर रहेंगे।वृश्चिक राशिफल (Scorpio Horoscope Today)भाग्य का साथ मिलने से लंबे समय से रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। नौकरी में सफलता और सम्मान मिलने की संभावना है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों को शुभ समाचार मिल सकता है। व्यापार में विस्तार होगा और धार्मिक यात्रा के योग बन सकते हैं। आर्थिक लाभ मिलने से मन प्रसन्न रहेगा तथा वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा।धनु राशिफल (Sagittarius Horoscope Today)आज आर्थिक मामलों में थोड़ी सतर्कता बरतने की जरूरत है। कार्यक्षेत्र में आपके अनुभव का लाभ मिलेगा और वरिष्ठों का सहयोग प्राप्त होगा। किसी पुराने विवाद का समाधान हो सकता है। व्यापार में सोच-समझकर निवेश करें, हालांकि अचानक धन लाभ के संकेत भी हैं। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। जीवनसाथी का सहयोग मानसिक शांति देगा।मकर राशिफल (Capricorn Horoscope Today)गुरु-आदित्य राजयोग आपके वैवाहिक जीवन और व्यापारिक साझेदारी के मामलों में शुभ परिणाम देगा। नौकरी में सहयोगियों के साथ बेहतर तालमेल रहेगा और नए प्रोजेक्ट में सफलता मिल सकती है। व्यापारिक साझेदारी से लाभ होगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और रुका हुआ धन वापस मिलने के योग हैं। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा।कुंभ राशिफल (Aquarius Horoscope Today)आज कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा के बावजूद आपको सफलता हासिल होगी। गुरु-आदित्य राजयोग आपको चुनौतियों से बाहर निकलने की शक्ति देगा। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में लाभ होगा और पुराने विवाद समाप्त हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति बेहतर रहेगी और दैनिक कार्य समय पर पूरे होंगे। सेहत का ध्यान रखें।मीन राशिफल (Pisces Horoscope Today)आज का दिन रचनात्मक कार्यों और शिक्षा से जुड़े लोगों के लिए बेहद शुभ रहेगा। गुरु-आदित्य राजयोग आपकी प्रतिभा को नई पहचान दिला सकता है। नौकरी में नए अवसर मिलेंगे। व्यापार में लाभ और निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना है। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है। प्रेम और दांपत्य जीवन में खुशियां बनी रहेंगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 7:22 am

Daily Tarot Horoscope 26 July 2026: आज इन राशियों को मिलेगी बड़ी सफलता और आर्थिक मजबूती, जानें अपना टैरो कार्ड

आज 26 जुलाई 2026 की ऊर्जा आत्मविश्वास, भावनात्मक उपचार, नई शुरुआत, आर्थिक स्थिरता और सकारात्मक बदलाव का संदेश लेकर आई है। आज कई राशियों के लिए करियर, धन और रिश्तों में सकारात्मक प्रगति के संकेत हैं, वहीं कुछ लोगों को अपने भीतर झांककर सही दिशा चुनने की प्रेरणा मिलेगी। यह दिन सिखाता है कि हर चुनौती अपने साथ एक सीख लाती है। यदि आप धैर्य और अंतर्ज्ञान पर भरोसा रखेंगे, तो कई ऐसे अवसर सामने आएंगे जो जीवन की दिशा बदल सकते हैं। टैरो मेंटर एवं चक्र हीलर दीपाली रावतानी से जानते हैं सभी 12 राशियों का दैनिक टैरो राशिफल।ब्रह्मांड का आज का संदेश: अपने प्रयासों पर भरोसा रखें। हर छोटी सफलता भविष्य की बड़ी उपलब्धियों की नींव बन रही है।मेष राशि — द एम्परर (The Emperor)आज का दिन नेतृत्व, अनुशासन और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को संभालने का है। कार्यक्षेत्र में आपके अनुभव और निर्णय क्षमता की परीक्षा हो सकती है। किसी नए प्रोजेक्ट को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए आज का दिन सही है। वरिष्ठ अधिकारी आपके काम से प्रभावित होंगे। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर लिया गया फैसला लाभ देगा। परिवार में संतुलित व्यवहार रखें।आज का संदेश: मजबूत निर्णय और सही दिशा में किया गया प्रयास आपको नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।वृषभ राशि — ऐस ऑफ कप्स (Ace of Cups)जीवन में प्रेम, भावनात्मक संतुलन और नई खुशियों का प्रवेश होगा। मन का भारीपन खत्म होगा और परिस्थितियां आपके पक्ष में बनेंगी। परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी। कार्यस्थल पर सहकर्मियों का साथ मिलेगा। अविवाहितों के जीवन में नए रिश्ते की शुरुआत हो सकती है।आज का संदेश: जब दिल खुला होता है, तभी जीवन नई खुशियों से भर जाता है।मिथुन राशि — द मैजिशियन (The Magician)आपकी प्रतिभा, संवाद क्षमता और रचनात्मक सोच आपको नई पहचान दिलाएगी। जिस अवसर का इंतजार था, वह सामने आ सकता है। इंटरव्यू, प्रेजेंटेशन या नई शुरुआत की तैयारी कर रहे लोगों को सफलता मिलेगी। आर्थिक समझदारी लाभ दिलाएगी और बातचीत से रिश्तों की गलतफहमियां दूर होंगी।आज का संदेश: सफलता की हर कुंजी आपके हाथ में है, बस खुद पर भरोसा रखें।कर्क राशि — क्वीन ऑफ कप्स (Queen of Cups)भावनात्मक समझ और अंतर्ज्ञान शक्ति मजबूत रहेगी। किसी निर्णय में दुविधा हो तो अपने भीतर की आवाज सुनें। परिवार के साथ समय बिताने से पुराने विवाद सुलझ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपका शांत स्वभाव पहचान दिलाएगा। ध्यान और आध्यात्मिक गतिविधियों से मन को सुकून मिलेगा।आज का संदेश: शांत मन और संवेदनशील हृदय हर कठिन परिस्थिति का समाधान खोज लेते हैं।सिंह राशि — सिक्स ऑफ वांड्स (Six of Wands)आज का दिन सफलता, सम्मान और उपलब्धियों का संकेत दे रहा है। आपकी मेहनत का परिणाम सामने आने लगेगा। कार्यस्थल पर तारीफ होगी और नई जिम्मेदारी मिल सकती है। प्रतियोगिता या इंटरव्यू में सफलता के अच्छे योग हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा।आज का संदेश: मेहनत का सम्मान भले देर से मिले, लेकिन वह हमेशा यादगार होता है।कन्या राशि — एट ऑफ पेंटाकल्स (Eight of Pentacles)आपकी मेहनत और अनुशासन भविष्य की सफलता की मजबूत नींव तैयार करेंगे। काम की गुणवत्ता लोगों को प्रभावित करेगी। नया कौशल सीखने का अवसर मिले तो जरूर अपनाएं। आर्थिक मामलों में अनुशासन रखें और फिजूलखर्ची से बचें।आज का संदेश: हर छोटा प्रयास आपको बड़ी सफलता के और करीब ले जा रहा है।तुला राशि — जस्टिस (Justice)सत्य, संतुलन और निष्पक्षता आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेंगे। महत्वपूर्ण निर्णयों में भावनाओं की जगह तथ्यों को प्राथमिकता दें। कानूनी या कागजी मामलों में सकारात्मक प्रगति हो सकती है। पुराने निवेश की समीक्षा करना लाभदायक रहेगा।आज का संदेश: सही निर्णय हमेशा सही समय पर सही परिणाम देता है।वृश्चिक राशि — डेथ (Death)जीवन में एक महत्वपूर्ण बदलाव की शुरुआत हो सकती है। जो चीजें आपके विकास में बाधा हैं, उन्हें पीछे छोड़ने का समय आ गया है। यह परिवर्तन भविष्य में नए अवसर लाएगा। कार्यक्षेत्र में नई दिशा मिल सकती है। पुरानी गलतियों से सीख लेकर आगे बढ़ें।आज का संदेश: हर अंत अपने साथ एक नई और बेहतर शुरुआत लेकर आता है।धनु राशि — नाइट ऑफ वांड्स (Knight of Wands)रोमांच, यात्रा और नए अवसर जीवन में उत्साह भरेंगे। करियर से जुड़ा नया अवसर या यात्रा अचानक सामने आ सकती है। कार्यक्षेत्र में आपकी ऊर्जा आपको दूसरों से आगे रखेगी। हालांकि, आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचें।आज का संदेश: साहस के साथ उठाया गया हर कदम आपको मंजिल के करीब ले जाता है।मकर राशि — किंग ऑफ पेंटाकल्स (King of Pentacles)आर्थिक मजबूती, स्थिरता और सफलता आपके पक्ष में रहेगी। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और अनुभव नई उपलब्धियां दिलाएंगे। निवेश, बचत या संपत्ति से जुड़े फैसले लाभदायक साबित होंगे। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी।आज का संदेश: धैर्य और अनुशासन से बनाई गई सफलता सबसे स्थायी होती है।कुंभ राशि — द स्टार (The Star)आशा, उपचार और नई प्रेरणा जीवन में सकारात्मकता लाएगी। निराशा का दौर समाप्त होगा और परिस्थितियां बेहतर होंगी। कार्यक्षेत्र में आपकी रचनात्मक सोच लोगों को प्रभावित करेगी। आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होगा।आज का संदेश: उम्मीद की छोटी-सी किरण भी जीवन का अंधेरा दूर कर सकती है।मीन राशि — टेन ऑफ कप्स (Ten of Cups)परिवार, प्रेम और भावनात्मक संतुष्टि आपके जीवन का केंद्र रहेंगे। अपनों के साथ बिताया समय मानसिक शांति देगा और पुराने रिश्तों में मिठास लौटेगी। कार्यक्षेत्र में टीमवर्क से सफलता मिलेगी। प्रेम संबंधों में विश्वास और अपनापन मजबूत होगा।आज का संदेश: जीवन की सबसे बड़ी समृद्धि धन नहीं, बल्कि अपनों का प्यार और साथ है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 7:20 am

Kargil Vijay Diwas 2026: 26 जुलाई को कारगिल के वीरों को इन देशभक्ति संदेशों और कोट्स के साथ करें याद

कारगिल विजय दिवस हर साल 26 जुलाई को भारतभर में बड़े ही गर्व और सम्मान के साथ मनाया जाता है। यह खास दिन 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय सेना की ऐतिहासिक जीत और देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर जवानों की याद दिलाता है। दो महीने से भी अधिक समय तक चले इस भीषण संघर्ष में भारतीय सैनिकों ने बेहद मुश्किल पहाड़ी इलाकों और माइनस तापमान के बीच अदम्य साहस दिखाया और दुश्मन के कब्जे वाली चोटियों को वापस हासिल किया।26 जुलाई 2026 को कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। यह दिन हमें देश के सपूतों के शौर्य, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की याद दिलाता है। इस गौरवशाली अवसर पर आप भी कारगिल युद्ध के वीरों और शहीद जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दे सकते हैं। अपने दोस्तों, करीबियों और परिवार के सदस्यों को देशभक्ति से भरे ये खास संदेश और कोट्स भेजकर कारगिल विजय दिवस की शुभकामनाएं दें।शहीदों की शहादत को नमन करते खास संदेशजिन वीर जवानों ने देश की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया, उन्हें शत-शत नमन। उनके साहस और बलिदान को यह देश हमेशा याद रखेगा। कारगिल विजय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! जय हिंद!कारगिल की ऊंची चोटियों पर लहराता तिरंगा हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस और बलिदान की गाथा कहता है। देश के सभी वीर शहीदों को कोटि-कोटि नमन।मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले कारगिल के वीर सपूतों को दिल से सलाम। आपका यह त्याग आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।जिनके साहस से देश सुरक्षित है और जिनके बलिदान से तिरंगा शान से फहराता है, उन भारत माता के वीर सपूतों को कोटि-कोटि नमन। कारगिल विजय दिवस 2026 की शुभकामनाएं!वतन की हिफाजत में जिन्होंने अपनी जिंदगी कुर्बान कर दी, उन वीर जवानों को दिल से सलाम। उनकी वीरता और बलिदान हमेशा देशवासियों के दिलों में जिंदा रहेगा।देशभक्ति से भरपूर प्रेरणादायक कोट्सहौसला ऐसा कि दुश्मन के सामने पहाड़ बन गए, जज्बा ऐसा कि तिरंगे की शान के लिए अपनी जान तक कुर्बान कर दी। कारगिल के वीरों को नमन।कारगिल की चोटियों पर लिखी गई वीरता की कहानी देश के हर नागरिक को गर्व से भर देती है। उन सभी वीरों को नमन, जिन्होंने मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।साथी मुबारक हो तुम्हें ये जश्न जीत का, बस इतना याद रखना एक साथी और भी था… कारगिल विजय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!वीर जवानों के साहस ने इतिहास के पन्नों पर भारत की विजय की अमिट कहानी लिखी है। कारगिल के सभी शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि।कारगिल विजय दिवस सिर्फ जीत का उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सपूतों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है।शौर्य और शहादत को समर्पित कविता की पंक्तियांजब देश में थी दीवाली, वो खेल रहे थे होली,जब हम बैठे थे घरों में, वो झेल रहे थे गोली,थे धन्य जवान वो, थी धन्य वो उनकी जवानी,जो शहीद हुए हैं उनकी, जरा याद करो क़ुर्बानी…रक्त वीर शहीदों का था, हर सपूत बलिदानी था,कारगिल पर्वत शिखर पर पवन चला तूफानी था,हिमप्रपात बन हिमगिरि से रक्त शत्रु का जमा दिया,विजय दिवस की शौर्य पताका देने वाला अभिमानी था।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 7:19 am

35 की उम्र के बाद क्यों निकलने लगता है पेट? जानिए 'स्ट्रेस बेली' और 'हार्मोनल बेली' का बड़ा फर्क

35 साल की उम्र पार करते ही शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा होने लगता है और हार्मोन में भी तेजी से बदलाव आते हैं। अक्सर देखा जाता है कि इस उम्र में कुल वजन भले ही ज्यादा न बढ़े, लेकिन पेट के आसपास जिद्दी चर्बी जमा होने लगती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पेट पर दिखने वाली हर चर्बी एक जैसी नहीं होती? यह सिर्फ आम मोटापा नहीं, बल्कि 'स्ट्रेस बेली' या 'हार्मोनल बेली' का संकेत हो सकती है। 35 के बाद शरीर में कॉर्टिसोल, एस्ट्रोजन और इंसुलिन जैसे हार्मोन का संतुलन बिगड़ने लगता है, जिसका सीधा असर हमारे पेट के आकार पर पड़ता है।एलीट केयर क्लिनिक के कंसल्टेंट फिजिशियन डॉ. पल्लेटी शिवा कार्तिक रेड्डी (MBBS, MD, FAIG) बताते हैं कि पेट की चर्बी बढ़ने के पीछे अलग-अलग जैविक प्रक्रियाएं काम करती हैं। हालांकि खानपान, नींद और शारीरिक गतिविधि जैसी जीवनशैली की आदतें भूमिका निभाती हैं, लेकिन 35 की उम्र के बाद शरीर के अंदरूनी बदलाव भी फैट जमा होने के पैटर्न को बदल देते हैं।स्ट्रेस बेली (Stress Belly) कैसे बनती है?डॉ. रेड्डी के अनुसार, स्ट्रेस बेली का मुख्य कारण शरीर में लंबे समय तक कॉर्टिसोल का बढ़ा हुआ स्तर होता है। कॉर्टिसोल हमारा प्रमुख स्ट्रेस हार्मोन है। जब तनाव लगातार बना रहता है, तो कॉर्टिसोल पेट के अंदरूनी अंगों के आसपास 'विसरल फैट' के रूप में जमा होने लगता है। यह फैट इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ा सकता है और आपको ज्यादा कैलोरी व मीठी चीजें खाने के लिए उकसाता है।स्ट्रेस बेली फैट से जूझ रहे व्यक्ति को नींद की समस्या, लगातार थकान, मीठा खाने की तेज इच्छा और शरीर के बाकी हिस्सों के मुकाबले कमर के आसपास तेजी से वजन बढ़ने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।हार्मोनल बेली (Hormonal Belly) क्यों होती है?वहीं हार्मोनल बेली मुख्य रूप से महिलाओं में पेरिमेनोपॉज और मेनोपॉज के दौरान होने वाले हार्मोनल उतार-चढ़ाव से जुड़ी होती है। डॉ. रेड्डी बताते हैं कि इस उम्र में एस्ट्रोजन का स्तर घटने लगता है, जिससे शरीर में चर्बी जमा होने की जगह बदल जाती है। पहले जो फैट कूल्हों और जांघों में जमा होता था, वह धीरे-धीरे पेट की तरफ शिफ्ट होने लगता है।इसके साथ महिलाओं में कई लक्षण दिखाई देते हैं, जैसे- पीरियड्स का अनियमित होना, अचानक बहुत गर्मी महसूस होना (हॉट फ्लैशेज), मांसपेशियों की ताकत कम होना, मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ना और पेट की चर्बी का धीरे-धीरे बढ़ते जाना। 35 साल के बाद कई लोगों में तनाव और हार्मोनल बदलाव दोनों एक साथ हो सकते हैं, जिसे सही लक्षणों से पहचाना जा सकता है।स्ट्रेस बेली को कम करने के तरीकेअगर आपका पेट तनाव के कारण निकल रहा है, तो कॉर्टिसोल हार्मोन को कंट्रोल करना सबसे पहला कदम है।रोजाना 7 से 8 घंटे की पर्याप्त और गहरी नींद लें।तेज टहलना या हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जैसी मध्यम तीव्रता वाली एक्सरसाइज करें।मेडिटेशन, योग और माइंडफुलनेस से मानसिक तनाव को कम करें।डाइट में प्रोटीन और फाइबर भरपूर लें ताकि ब्लड शुगर का स्तर नॉर्मल रहे।बहुत ज्यादा चाय या कॉफी (कैफीन) के सेवन से बचें।हार्मोनल बेली को कैसे घटाएं?हार्मोनल असंतुलन से बढ़ी चर्बी को घटाने के लिए लाइफस्टाइल में थोड़े अलग बदलावों की जरूरत होती है।नियमित रूप से रेजिस्टेंस और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें, इससे मांसपेशियां मजबूत रहती हैं और मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है।अपने खाने में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं।हड्डियों और हार्मोनल हेल्थ के लिए पर्याप्त विटामिन D और कैल्शियम लें।अगर पेरिमेनोपॉज के लक्षण बहुत ज्यादा परेशान कर रहे हों, तो डॉक्टर से सलाह लेकर हार्मोनल जांच करवाएं।डॉ. रेड्डी के मुताबिक, वजह चाहे तनाव हो या हार्मोन, 35 के बाद पेट को फिट रखने की सबसे मजबूत नींव नियमित एक्सरसाइज, स्ट्रेस मैनेजमेंट, balanced डाइट और अच्छी नींद ही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 7:17 am

क्या मानसून में आप भी बार-बार पड़ते हैं बीमार? जानिए डेंगू, फ्लू और वायरल बुखार से बचने का सही तरीका

बारिश का मौसम भले ही गर्मी से राहत देता है, लेकिन इसके साथ ही यह कई बीमारियों का न्योता भी लेकर आता है। इन दिनों उमस और तापमान में लगातार होने वाले बदलाव के कारण वायरस बड़ी तेजी से पनपते हैं। यही वजह है कि मानसून आते ही घरों में सर्दी, खांसी, फ्लू और वायरल बुखार के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं। जिनकी इम्युनिटी थोड़ी कमजोर होती है, उनके लिए तो यह मौसम किसी 'इन्फेक्शन के सिलसिले' से कम नहीं होता।पुणे के सह्याद्रि हॉस्पिटल के जाने-माने संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. रमन गायकवाड़ बताते हैं कि इस मौसम में जलभराव, गंदगी और दूषित पानी बीमारियों की सबसे बड़ी जड़ हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर हम बार-बार बीमार क्यों पड़ते हैं, इसके लक्षण क्या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।मानसून में बीमारियां क्यों बढ़ती हैं?असल में बारिश के दौरान हवा में नमी बहुत ज्यादा होती है, जो वायरस को लंबे समय तक सक्रिय रखने में मदद करती है। जगह-जगह भरा हुआ पानी और गंदगी संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ा देते हैं। इसी रुके हुए पानी में डेंगू और चिकनगुनिया फैलाने वाले एडीज मच्छर पैदा होते हैं। इसके अलावा दूषित खाना और पानी भी वायरस को सीधे हमारे शरीर तक पहुंचाते हैं। मौसम बदलते ही हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) भी कुछ समय के लिए कमजोर पड़ जाती है, जिससे हम आसानी से वायरल इन्फेक्शन की चपेट में आ जाते हैं।वायरल इन्फेक्शन के मुख्य लक्षणअगर आपको अचानक तेज बुखार आ जाए, गले में खराश हो या खांसी परेशान करे, तो यह वायरल हो सकता है। इसके अलावा नाक बहना या बंद होना, तेज सिरदर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, और बहुत ज्यादा थकान महसूस होना भी इसके आम लक्षण हैं। अगर आपको डेंगू या चिकनगुनिया है, तो शरीर पर लाल चकत्ते भी आ सकते हैं। कुछ लोगों को उल्टी, दस्त या जी मिचलाने जैसी दिक्कतें भी झेलनी पड़ती हैं।वायरल संक्रमण का सही इलाज क्या है?एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ज्यादातर वायरल संक्रमण कुछ ही दिनों में अपने आप ठीक हो जाते हैं। इसका मुख्य इलाज आपके लक्षणों को कंट्रोल करना है। सबसे जरूरी है कि आप शरीर को पूरा आराम दें और खूब सारा पानी पिएं। अपनी डाइट में लिक्विड चीजें और हेल्दी खाना शामिल करें, इससे रिकवरी काफी तेज होती है। बुखार या दर्द के लिए कोई भी दवा हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही लें। सबसे बड़ी गलती जो लोग करते हैं, वो है खुद से एंटीबायोटिक्स खाना। याद रखें, एंटीबायोटिक दवाएं वायरल संक्रमण पर बिल्कुल असर नहीं करतीं, इसलिए इन्हें बिना डॉक्टरी पर्चे के न लें। फ्लू जैसी कुछ गंभीर स्थितियों में डॉक्टर आपको एंटीवायरल दवाएं दे सकते हैं।बारिश में इन्फेक्शन से कैसे करें बचाव?संक्रमण से बचने के लिए साफ-सफाई का खास ख्याल रखें और हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोएं।पीने के लिए हमेशा उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी ही इस्तेमाल करें।घर का बना ताजा और साफ खाना खाएं। बीमार व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से बचें।मच्छरों से बचने के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनें और अच्छी क्वालिटी के मॉस्किटो रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।अपने घर के आस-पास या छतों पर पानी बिल्कुल जमा न होने दें।पर्याप्त नींद लें और पौष्टिक संतुलित आहार खाएं ताकि आपकी इम्युनिटी मजबूत बनी रहे।डॉक्टर से तुरंत कब मिलें?अगर आपका बुखार दो-तीन दिन बाद भी नहीं उतर रहा है, सांस लेने में कोई तकलीफ हो रही है, लगातार उल्टियां हो रही हैं, या शरीर पर लाल चकत्ते दिखने लगें, तो बिल्कुल देरी न करें। इसके अलावा अगर प्लेटलेट्स कम होने का शक हो या डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) के गंभीर लक्षण नजर आएं, तो तुरंत अपने नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 7:16 am

Mango for Heart Patients: क्या दिल के मरीजों के लिए नुकसानदायक है आम? एम्स के पूर्व डॉक्टर से जानें सच

गर्मियों के मौसम में आम (Mango) हर किसी का पसंदीदा फल होता है। डायबिटीज के मरीजों को अक्सर आम का सेवन सीमित मात्रा में करने की सलाह दी जाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्यादा आम खाना दिल के मरीजों (Heart Patients) के लिए भी जोखिम भरा साबित हो सकता है?एम्स (AIIMS) के पूर्व कंसल्टेंट और साओल हार्ट सेंटर के फाउंडर एंड डायरेक्टर डॉ. बिमल छाजेड़ (Dr. Bimal Chhajer) के अनुसार, आम में फ्रुक्टोज (प्राकृतिक शुगर) और कार्बोहाइड्रेट प्रचुर मात्रा में होते हैं। यदि इसका अत्यधिक सेवन किया जाए—खासकर आमरस, शेक या जूस के रूप में—तो यह ब्लड शुगर और ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides) के स्तर को तेजी से बढ़ा सकता है, जो दिल की बीमारियों का प्रमुख कारण बनता है।आम में मौजूद पोषक तत्व (Nutritional Value)अगर सीमित मात्रा में खाया जाए तो आम दिल और सेहत दोनों के लिए बेहद फायदेमंद है:विटामिन C और A: इम्यूनिटी मजबूत करते हैं और रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को स्वस्थ रखते हैं।पोटैशियम: ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने और फ्लूइड बैलेंस बनाने में मदद करता है।डाइटरी फाइबर: पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में सहायक है।मैंगीफेरिन (Mangiferin - पॉलीफेनॉल्स): यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो शरीर में सूजन (Inflammation) को कम करता है।दिल और डायबिटीज के मरीजों के लिए क्यों जोखिम भरा है ज्यादा आम?ट्राइग्लिसराइड्स और वजन का बढ़ना: आम में सीधे तौर पर कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड नहीं होता, लेकिन इसका अधिक सेवन शरीर में अतिरिक्त कैलोरी जमा करता है, जिससे वजन और ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ते हैं।हाई ब्लड शुगर: 100 ग्राम आम के गूदे में लगभग 100 कैलोरी होती है। आम का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) लगभग 60 होता है, जो मध्यम श्रेणी में आता है। अनियंत्रित मात्रा में खाने से शुगर लेवल स्पाइक कर सकता है।मैंगो शेक, जूस और डेजर्ट से क्यों बचें?डॉक्टर के मुताबिक, साबुत फल खाने की तुलना में मैंगो जूस, शेक या आमरस बेहद नुकसानदायक होते हैं:फाइबर का खत्म होना: जूस या शेक बनाने से आम का प्राकृतिक फाइबर खत्म हो जाता है।शुगर का तेजी से अवशोषण: बिना फाइबर के फ्रुक्टोज रक्त में बहुत तेजी से घुलता है, जिससे ब्लड शुगर अचानक बढ़ जाता है।अतिरिक्त कैलोरी: शेक में दूध और ऊपर से मिलाई गई चीनी शरीर में फैट जमा करती है।आम खाने का सही तरीका और सही समयमात्रा (Portion Control): एक बार में केवल 100 से 150 ग्राम (लगभग आधा आम) खाना ही पर्याप्त है।सही समय: आम का सेवन दिन में स्नैक्स के रूप में करें। देर रात आम खाने से बचें, क्योंकि रात में मेटाबॉलिज्म धीमा होता है।प्रोटीन/फाइबर के साथ खाएं: आम को पूरे फल के रूप में चबाकर खाएं और चाहें तो इसके साथ कुछ मेवे (Badam/Walnuts) लें, ताकि शुगर स्पाइक न हो।सामान्य लोगों के लिए: जिन लोगों को डायबिटीज नहीं है और वजन कंट्रोल में है, वे दिन में 1 से 2 आम आसानी से खा सकते हैं।किन लोगों को बरतनी चाहिए विशेष सावधानी?अनियंत्रित डायबिटीज (Uncontrolled Diabetes) के मरीज।जिनका ट्राइग्लिसराइड लेवल बहुत हाई रहता हो।जो लोग सख्त वेट लॉस (Weight Loss) डाइट पर हों।(नोट: जिन लोगों का ब्लड शुगर, वजन और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित है, वे अपने डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह से सीमित मात्रा में ताजा आम का आनंद ले सकते हैं।)

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 7:14 am

Dengue in Diabetes Patients: डायबिटीज मरीजों के लिए कितना खतरनाक है डेंगू? शोधकर्ताओं ने दी स्पेशल केयर और वैक्सीन की सलाह

मानसून के मौसम के साथ ही देश भर में डेंगू (Dengue) के मामलों में तेजी से उछाल देखने को मिलता है। इस मौसम में आम लोगों के साथ-साथ टाइप-2 डायबिटीज (Type-2 Diabetes) से पीड़ित मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की बेहद जरूरत है।'इंटरनेशनल जर्नल ऑफ डायबिटीज एंड टेक्नोलॉजी' (International Journal of Diabetes & Technology) में प्रकाशित एक रिव्यू पेपर के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों में डेंगू का वायरस न केवल तेजी से फैलता है, बल्कि उनके गंभीर और जानलेवा स्थिति में पहुंचने का जोखिम भी सामान्य लोगों की तुलना में कहीं अधिक होता है।डायबिटीज मरीजों के लिए क्यों ज्यादा खतरनाक है डेंगू?प्रसिद्ध डायबिटोलॉजिस्ट डॉ. जोथीदेव केसवदेव और जांद्रा हेल्थकेयर के डॉ. राजीव कोविल के अनुसार, हाई ब्लड शुगर के कारण मरीजों का इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) पहले से ही कमजोर होता है। ऐसे में जब डेंगू का मच्छर काटता है, तो:प्लेटलेट्स का गिरना: शरीर में प्लेटलेट्स काउंट (Platelet Count) अचानक और तेजी से नीचे गिर सकता है।इंटरनल ब्लीडिंग: मसूड़ों, नाक या शरीर के अंदरूनी हिस्सों से खून बहने (Internal Bleeding) की संभावना बढ़ जाती है।डेंग्यू शॉक सिंड्रोम (Dengue Shock Syndrome): मरीज की स्थिति बिगड़ने पर डेंग्यू शॉक सिंड्रोम का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।अतिरिक्त जोखिम: केवल डायबिटीज ही नहीं, बल्कि मरीज की बढ़ती उम्र, मोटापा, किडनी रोग, हाई ब्लड प्रेशर और अनियंत्रित ब्लड शुगर (Uncontrolled Glycemic Control) भी स्थिति को गंभीर बना देते हैं।डायबिटीज मरीजों के लिए डेंगू वैक्सीन क्यों जरूरी?डॉ. केसवदेव के मुताबिक, भारत में 10 करोड़ से अधिक लोग डायबिटीज से प्रभावित हैं और उनमें से अधिकांश का ब्लड शुगर लेवल सही तरह से कंट्रोल में नहीं रहता। ऐसे मरीजों में किसी भी संक्रमण से जटिलताएं पैदा होने का खतरा 2 से 4 गुना अधिक होता है।शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों का सुझाव है कि डेंगू प्रभावित (Endemic) इलाकों में रहने वाले डायबिटीज मरीजों के नियमित हेल्थकेयर रूटीन में डेंगू वैक्सीन (Dengue Vaccine) को शामिल करने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए, ताकि गंभीर संक्रमण और मृत्यु दर के जोखिम को कम किया जा सके।किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें?1. शुरुआती सामान्य लक्षण:तेज बुखारजोड़ों, मांसपेशियों और शरीर में तेज दर्दसिरदर्द और आंखों के पीछे दर्दउल्टी, जी मिचलाना या त्वचा पर लाल चकत्ते (Rashes)2. गंभीर/इमरजेंसी लक्षण (तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें):पेट में उठने वाला तेज और लगातार दर्दलगातार उल्टियां होनामसूड़ों या नाक से खून बहनाअत्यधिक सुस्ती, कमजोरी या चक्कर आनापेशाब की मात्रा में अचानक कमी आनाब्लड शुगर लेवल में अचानक भारी उतार-चढ़ाव होनाडेंगू से बचाव और प्रबंधन के जरूरी उपायमच्छरों से बचाव: फुल आस्तीन (बांह) के कपड़े पहनें और अच्छी क्वालिटी के मॉस्किटो रिपेलेंट (मच्छर भगाने वाली क्रीम) का इस्तेमाल करें।जलभराव रोकें: अपने घर और आसपास गमलों, कूलरों या खुले बर्तनों में पानी जमा न होने दें।ब्लड शुगर मॉनिटरिंग: अपने शुगर लेवल की नियमित जांच करें और उसे नियंत्रित रखने की कोशिश करें।प्रचुर मात्रा में पानी पिएं: शरीर को अच्छी तरह हाइड्रेटेड रखें और सात्विक व संतुलित आहार लें।दवाइयों में बदलाव: KIMS हॉस्पिटल के डॉ. विजय नेगलुर के अनुसार, डेंगू होने पर मरीज की भूख, डिहाइड्रेशन और सेहत के आधार पर डायबिटीज की दवाओं की खुराक में अस्थायी बदलाव (Adjustments) की जरूरत हो सकती है। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न लें या बंद न करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 7:13 am

Pralhad Joshi New Education Minister: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार

देश भर में नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों के उग्र विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक दबाव के बीच बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से अपना इस्तीफा दे दिया है, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब सीनियर बीजेपी नेता और केंद्रीय कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी (Pralhad Joshi) को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।राष्ट्रपति भवन ने जारी की आधिकारिक विज्ञप्तिराष्ट्रपति भवन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार:इस्तीफा मंजूर: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत धर्मेंद्र प्रधान का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तुरंत स्वीकार कर लिया है।अतिरिक्त प्रभार: प्रधानमंत्री के परामर्श पर राष्ट्रपति ने निर्देश दिया है कि कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाए।प्रह्लाद जोशी कौन हैं? जानें उनके पास कौन-कौन से मंत्रालय हैं64 वर्षीय प्रह्लाद जोशी भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं।संसदीय क्षेत्र: वे साल 2004 से लगातार कर्नाटक के धारवाड़ (Dharwad) लोकसभा सीट से सांसद हैं।मौजूदा पोर्टफोलियो: प्रह्लाद जोशी वर्तमान में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब शिक्षा मंत्रालय के जुड़ने से उनके पास महत्वपूर्ण विभागों की कमान आ गई है।धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रह्लाद जोशी की प्रतिक्रियाप्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर धर्मेंद्र प्रधान के योगदान की सराहना करते हुए लिखा:धर्मेंद्र प्रधान जी का दशकों लंबा और गौरवशाली राजनीतिक करियर रहा है। उनके कार्यकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के सफल कार्यान्वयन के साथ-साथ शिक्षा क्षेत्र में 100 से अधिक सुधार हुए। राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए उनका पद छोड़ने का निर्णय देश के विकास में उनके योगदान को कम नहीं करता।जंतर-मंतर से खत्म हुआ छात्रों का आंदोलननीट पेपर लीक मामले में जंतर-मंतर पर पिछले एक हफ्ते से चल रहा छात्रों और विभिन्न युवा संगठनों का विरोध प्रदर्शन अब समाप्त हो गया है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और सरकार द्वारा मांगों पर सहमति की प्रक्रिया के बाद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन वापस ले लिया है और जंतर-मंतर का स्थल पूरी तरह खाली कर दिया गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 7:11 am

भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए पद से अधिक महत्वपूर्ण देश और युवा पीढ़ी: गृह मंत्री अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के लिए देश, देशवासी और युवा पीढ़ी सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं

देशबन्धु 26 Jul 2026 7:04 am

'मुझे आप पर गर्व है', धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर थरूर ने जेन-जी को दिया खास संदेश

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि परीक्षा अनियमितताओं को लेकर हफ्तों तक चले व्यापक छात्र विरोध प्रदर्शनों के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को सुनिश्चित करने के प्रयासों के लिए उन्हें जेन-जी पर गर्व है

देशबन्धु 26 Jul 2026 7:00 am

वायनाड: प्रियंका गांधी वाड्रा ने भूस्खलन वाली जगह का लिया जायजा, बोलीं- सरकार हर जरूरी मदद देगी

केरल के वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पहली बार कल्लाडी में भूस्खलन वाली जगह का दौरा किया। यह भूस्खलन 18 दिन पहले हुआ था

देशबन्धु 26 Jul 2026 6:56 am

2024 में विपक्ष ने संविधान को लेकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन देश की जनता ने सच्चाई को पहचाना – केशव प्रसाद मौर्य

केशव प्रसाद मौर्य ने आज गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित 'संकल्प दिवस' कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनसमूह एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान को उनके जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं तथा उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं सफल सार्वजनिक जीवन की कामना की। उपमुख्यमंत्री श्री मौर्य ने कहा कि आज देश का मतदाता जागरूक है। अगड़े, पिछड़े, दलित, वंचित और समाज के सभी वर्ग कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की राजनीति तथा उनके दुष्प्रचार को भली-भांति समझ चुके हैं। जनता अब विकास, सुशासन और राष्ट्रहित की राजनीति को प्राथमिकता दे रही है और किसी भी प्रकार के भ्रम या झूठे प्रचार में आने वाली नहीं है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि आने वाले छह माह संगठन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। प्रत्येक कार्यकर्ता पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ घर-घर जनसंपर्क अभियान चलाए, केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रत्येक परिवार तक पहुंचाए तथा प्रत्येक बूथ पर कमल खिलाने का संकल्प लेकर कार्य करे। विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश और समृद्ध परिवारों के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यक है।श्री मौर्य ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने गरीब, किसान, महिला, युवा, श्रमिक, पिछड़े, दलित और समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं। यही कारण है कि जनता का विश्वास लगातार भाजपा के प्रति मजबूत होता जा रहा है। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर, कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान, अनेक जनप्रतिनिधिगण, पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, संगठनात्मक ऊर्जा और विकसित भारत के संकल्प से ओत-प्रोत रहा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 11:26 pm

प्रहलाद जोशी संभालेंगे धर्मेंद्र प्रधान की जिम्मेदारी, जानिए कौन हैं देश के नए शिक्षा मंत्री?

Pralhad Joshi : धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रहलाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिला है। धर्मेंद्र प्रधान के स्थान पर अब प्रहलाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल ली है। प्रहलाद जोशी अभी अपने पहले से संभाल रहे विभागों ...

वेब दुनिया 25 Jul 2026 11:19 pm

केशव मौर्य कल प्रयागराज में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण-शिलान्यास, लाभार्थियों से संवाद एवं संगठनात्मक बैठकों में होंगे शामिल

केशव प्रसाद मौर्यविभिन्न विकास कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करेंगे, विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजनाओं के लाभार्थियों को आवास की चाबियां वितरित करेंगे, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से संवाद करेंगे तथा पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ बैठक एवं संवाद करेंगे।उप मुख्यमंत्री के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 1:00 बजे वह भोला रिसॉर्ट, सोरांव, प्रयागराज पहुंचेंगे, जहां सोरांव विधानसभा के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा जनहित के कार्यों को गति देने के संबंध में विचार-विमर्श करेंगे।इसके उपरांत दोपहर 2:45 बजे उप मुख्यमंत्री जी ग्राम पुरुषोत्तमपुर उर्फ गारापुर, विधानसभा सोरांव, थाना थरवई, प्रयागराज में आयोजित ग्राम चौपाल कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे। इस अवसर पर वे विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। साथ ही विभिन्न महापुरुषों की प्रतिमाओं का अनावरण, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को आवास की चाबियों का वितरण तथा जनसंवाद कार्यक्रम में सहभागिता कर आमजन से संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं एवं सुझावों से भी अवगत होंगे।इसके बाद दोपहर 3:30 बजेउप मुख्यमंत्री सहसों, फूलपुर, प्रयागराज पहुंचेंगे, जहां नवसृजित विकास खण्ड सहसों के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण करेंगे। इस कार्यक्रम में वे मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को आवास की चाबियों का वितरण करेंगे तथा स्वयं सहायता समूह की दीदियों से संवाद कर उनके कार्यों, उपलब्धियों एवं महिला सशक्तिकरण के प्रयासों की जानकारी प्राप्त करेंगे।दौरे के क्रम में उप मुख्यमंत्री शाम 5:30 बजे स्वर्गीय राजेन्द्र त्रिपाठी जी (पूर्व मंत्री) के पुत्र श्री आशुतोष त्रिपाठीके आवास, 53ए, बाघम्बरी रोड, शिवा गैस एजेंसी, अल्लापुर, प्रयागराज जाएंगे।इसके पश्चात शाम 5:50 बजे उप मुख्यमंत्रीअमर उजाला के वरिष्ठ उप संपादक श्री राहुल शर्मा जी के आवास, 165/14सी, आजाद नगर, साउथ मलाका, प्रयागराज जाएंगे।इसके उपरांत शाम 6:10 बजे उप मुख्यमंत्री,सुधीर सोनकर के छोटे भाई स्वर्गीय यशवंत सोनकर(सोनकर समाज के पूर्व अध्यक्ष) के आवास, 197, नयापुरा, स्टैनली रोड, प्रयागराज पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त करेंगे।अंत में शाम 6:30 बजे उप मुख्यमंत्री जी सर्किट हाउस, प्रयागराज में पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से भेंट करेंगे तथा संगठनात्मक विषयों एवं आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा करेंगे।उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य का यह प्रयागराज दौरा विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा, जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से सीधा संवाद, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा तथा संगठनात्मक गतिविधियों को और अधिक गति प्रदान करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 11:13 pm

कारगिल युद्ध से 'ऑपरेशन सिंदूर' तक, भारत की आतंकवाद के खिलाफ रणनीति अधिक सक्रिय, सटीक और निर्णायक

27 साल बाद भी कारगिल विजय की गूंज पूरे देश में सुनाई देती है। यह विजय साहस, बलिदान और अटूट राष्ट्रभक्ति का अमर प्रतीक है। फिर से हासिल की गई प्रत्येक चोटी इस बात की याद दिलाती है कि भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। इसकी रक्षा हर परिस्थिति में की जाएगी।

देशबन्धु 25 Jul 2026 10:35 pm

इशान किशन और तिलक वर्मा के आतिशी अर्धशतकों से भारत ने जीती टी-20 सीरीज

जिम्बाब्वे को 90 रनों से दी शिकस्त हरारे। इशान किशन (81) और तिलक वर्मा (नाबाद 60) की शानदार अर्धशतकीय पारियों के बाद गेंदबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत भारत ने शनिवार को दूसरे टी-20 मुकाबले में जिम्बाब्वे को 90 रनों से शिकस्त दी। इसी के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 से […] The post इशान किशन और तिलक वर्मा के आतिशी अर्धशतकों से भारत ने जीती टी-20 सीरीज appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 9:51 pm

धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर, प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार शाम धर्मेंद्र प्रधान का मंत्रिमंडल से इस्तीफा स्वीकार कर लिया। उनकी जगह उपभोक्ता एवं खाद्य मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। प्रधान ने आज अपराह्न शिक्षा मंत्री के पद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजा था। राष्ट्रपति भवन […] The post धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर, प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 9:20 pm

शिक्षा मंत्रालय में बड़ा फेरबदल: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर, प्रल्हाद जोशी को सौंपा गया शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को शनिवार को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।

देशबन्धु 25 Jul 2026 9:07 pm

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर खुलकर आई भाजपा: बोली— 'यह नैतिकता और जवाबदेही की अनूठी मिसाल', विपक्ष की सस्ती राजनीति पर किया प्रहार

जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनके सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और निस्वार्थ सेवा को दर्शाता है।

देशबन्धु 25 Jul 2026 8:59 pm

झुंझुनूं में 14 वर्षीय छात्रा से वरिष्ठ शिक्षक ने की छेड़छाड़, केस दर्ज

झुंझुनूं। राजस्थान में झुंझुनूं जिले के बुहाना थाना क्षेत्र में पथाना गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक 59 वर्षीय वरिष्ठ शिक्षक पर 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा से अश्लील हरकतें और छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है। मामला उजागर होने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। इसके बाद ग्रामीणों ने विद्यालय […] The post झुंझुनूं में 14 वर्षीय छात्रा से वरिष्ठ शिक्षक ने की छेड़छाड़, केस दर्ज appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 8:57 pm

हम कॉकरोच हैं, आसानी से नहीं निकलेंगे! शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद CJP चीफ दीपके का बयान, 49 दिन चले आंदोलन का अंत

CJP protest ends Abhijeet Dipke: जंतर-मंतर पर 49 दिनों से चल रहे उग्र छात्र आंदोलन ने शनिवार को देश की राजनीति में भूचाल ला दिया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार द्वारा 1-1 करोड़ के मुआवजे की मांग स्वीकार करने के बाद ...

वेब दुनिया 25 Jul 2026 8:55 pm

आखिर धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे में इतना वक्त क्यों लगा? पूरे मामले की इनसाइड स्टोरी

Dharmendra Pradhan resignation: नीट (NEET) पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर 6 जून 2026 को शुरू हुआ कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी (CJP) इस आंदोलन शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे और अन्य मांगों को मान लिए जाने के बाद ...

वेब दुनिया 25 Jul 2026 8:49 pm

ईरानी हमले की आशंका से नाटो सम्मेलन से लौटते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने बदला था विमान

वाशिंगटन। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में तुर्की में आयोजित नाटो सम्मेलन से लौटते समय कथित ईरानी हमले की आशंका के कारण पुराने एयर फोर्स वन विमान का इस्तेमाल किया था। सीबीएस न्यूज ने अमरीकी अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार अमरीकी खुफिया एजेंसियों को […] The post ईरानी हमले की आशंका से नाटो सम्मेलन से लौटते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने बदला था विमान appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 7:59 pm

आंदोलन के पीछे कोई विदेशी हाथ नहीं : कॉकरोज जनता पार्टी

नई दिल्ली। कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को कहा कि उनके आंदोलन के पीछे न तो कोई विदेशी हाथ था और न ही विदेशी धन, यह केवल देश के विद्यार्थियों का आंदोलन था। सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास तथा आशुतोष रांका ने कहा कि राजधानी में जन्तर मंतर पर उनके धरने दौरान कुछ उपद्रवी […] The post आंदोलन के पीछे कोई विदेशी हाथ नहीं : कॉकरोज जनता पार्टी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 7:43 pm

सीजेपी का आंदोलन समाप्त होने के बाद सभी मेट्रो स्टेशन खुले

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के देश भर में जारी आंदोलन तत्काल प्रभाव से वापस लेने के बाद दिल्ली मेट्रो ने बंद किए गए सभी मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश द्वार शनिवार शाम खोल दिए। सीजेपी से संसद मार्च के दिन से ही सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए […] The post सीजेपी का आंदोलन समाप्त होने के बाद सभी मेट्रो स्टेशन खुले appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 7:28 pm

जालौन के पिछड़ेपन के जिम्मेदार अब घड़ियाली आंसू बहाकर युवाओं को गुमराह कर रहे

CM Yogi Adityanath Jalaun: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जालौन में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बुंदेलखंड के पिछड़ेपन, सूखे और पलायन के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए ...

वेब दुनिया 25 Jul 2026 7:15 pm

मायावती का केंद्र और पुलिस प्रशासन पर हमला: 'शिक्षा मंत्री का इस्तीफा सही कदम, निर्दोष छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर हो सख्त कार्रवाई'

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने देशभर में छात्रों और युवाओं के आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को उचित कदम बताते हुए कहा कि यह फैसला पहले ही ले लिया जाना चाहिए था। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई, आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने और आंदोलन का राजनीतिकरण न करने की अपील की।

देशबन्धु 25 Jul 2026 6:59 pm

सरकार ने फर्जी एयर सुविधा 2.0 वेबसाइटों के प्रति सावधान रहने की दी सलाह

नई दिल्ली। सरकार ने हवाई यात्रियों को फर्जी एयर सुविधा 2.0 वेबसाइटों के प्रति सचेत करते हुए व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले वेबसाइट का यूआरएल ध्यानपूर्वक जांचने की सलाह दी है। नागर विमानन मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि उसके संज्ञान में आया है कि कुछ फर्जी वेबसाइटें और पोर्टल एयर सुविधा 2.0 होने […] The post सरकार ने फर्जी एयर सुविधा 2.0 वेबसाइटों के प्रति सावधान रहने की दी सलाह appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 6:58 pm

अमेरिकी कोर्ट का ट्रंप को बड़ा झटका, H-1B Visa पर भारी शुल्क लगाने के फैसले पर जारी रहेगी रोक

H-1B Visa Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को अमेरिकी न्याय प्रणाली से एक और बड़ा झटका लगा है। अमेरिका की एक संघीय अपीलीय अदालत ने उच्च कौशल वाले विदेशी पेशेवरों (विशेषकर आईटी कर्मचारियों) के लिए एच-1बी (H-1B) वीजा पर एक लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग 83 ...

वेब दुनिया 25 Jul 2026 6:45 pm

सरकार से अपनी मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद CJP ने वापस लिया आंदोलन

नई दिल्ली। पेपर लीक के मुद्दे पर पिछले एक महीने से अधिक समय से आंदोलन चला रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा और सरकार की ओर से अपनी प्रमुख मांगों को मान लिए जाने के बाद शनिवार शाम को अपना आंदोलन वापस ले लिया। राजधानी में […] The post सरकार से अपनी मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद CJP ने वापस लिया आंदोलन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 6:36 pm

ब्रेन की 'बायोलॉजिकल क्लॉक' खोलेगी स्ट्रोक से रिकवरी का नया रास्ता, चौंकाने वाली नई स्टडी में हुआ बड़ा खुलासा

हमारे शरीर के भीतर काम करने वाली प्राकृतिक 'सर्केडियन रिदम' यानी जैविक घड़ी हमारी सेहत के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। शरीर की यह 24 घंटे वाली नेचुरल क्लॉक न सिर्फ हमारे सोने और जागने के चक्र को नियंत्रित करती है, बल्कि भूख और हार्मोन के स्तर को भी संतुलित रखने में मदद करती है। हाल ही में सामने आई एक नई और चौंकाने वाली स्टडी ने इस जैविक घड़ी को लेकर एक बेहद अहम जानकारी दी है। इस रिसर्च के मुताबिक, स्ट्रोक जैसी गंभीर स्वास्थ्य आपातकाल के बाद रिकवरी प्रक्रिया में यह बायोलॉजिकल क्लॉक दिमाग को ठीक करने में एक वरदान साबित हो सकती है।स्ट्रोक के बाद दिमाग को दुरुस्त करेगी सर्केडियन रिदमप्रतिष्ठित जर्नल 'ऑफ क्लिनिकल इन्वेस्टिगेशन' में प्रकाशित इस नए शोध के अनुसार, शरीर की सर्केडियन रिदम के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ करना भविष्य में भारी नुकसानदायक साबित हो सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर प्राकृतिक जैविक घड़ी को मजबूत किया जाए और नींद के पैटर्न में सुधार लाया जाए, तो यह स्ट्रोक के बाद दिमाग को तेजी से रिकवर होने में मदद कर सकती है। इस पूरी प्रक्रिया से दिमाग के अंदर जमा होने वाले कचरे को साफ करने और रिकवरी के तरीके को पूरी तरह से बेहतर बनाने का एक नया रास्ता मिल गया है। चूहों पर किए गए इस मॉडल प्रयोग में वैज्ञानिकों ने देखा कि सर्केडियन रिदम को मजबूत करने वाले तरीकों से स्ट्रोक के बाद की रिकवरी में अभूतपूर्व सुधार हुआ है।ग्लिम्फैटिक सिस्टम में सुधार और सूजन वाले मॉलिक्यूल्स में कमीयूनिवर्सिटी ऑफ रोचेस्टर मेडिकल सेंटर के शोधकर्ताओं ने इस स्टडी के दौरान चूहों के 'ग्लिम्फैटिक सिस्टम' यानी दिमाग से कचरा और टॉक्सिन्स बाहर निकालने वाले नेचुरल ड्रेनेज नेटवर्क में महत्वपूर्ण सुधार देखा। इसके साथ ही, स्ट्रोक के बाद दिमाग में बने रहने वाले सूजन पैदा करने वाले हानिकारक मॉलिक्यूल्स के स्तर में भी भारी कमी दर्ज की गई। यह पूरा सिस्टम सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड को ब्लड वेसल्स के साथ और ब्रेन टिश्यू के माध्यम से संचालित करता है, जिससे मस्तिष्क को जरूरी न्यूट्रिएंट्स मिलते हैं और हानिकारक कचरे तथा सूजन वाले सिग्नल्स को बाहर निकालने में मदद मिलती है। इस रिसर्च से जुड़े न्यूरोसाइंटिस्ट्स का मानना है कि स्ट्रोक के बाद की रिकवरी पर विचार करते समय यह समझना जरूरी है कि स्ट्रोक सिर्फ ब्लड वेसल्स से जुड़ी कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि यह समय से जुड़ी एक बड़ी जैविक गड़बड़ी भी है। शोध में यह भी संकेत मिले हैं कि स्ट्रोक अक्सर दिन के कुछ विशेष समय और खासतौर पर सुबह के वक्त या नींद का समय समाप्त होने के आसपास अधिक गंभीर रूप ले सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 6:32 pm

गलत खानपान अंदर ही अंदर बना रहा है शरीर को खोखला? एक्सपर्ट से जानें फेफड़ों से लेकर आंखों तक को स्वस्थ रखने का सही तरीका

आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में हमारी खानपान से जुड़ी आदतें तेजी से बदल रही हैं, जिसका सीधा असर हमारे पूरे शरीर पर पड़ रहा है। हम रोजमर्रा की जिंदगी में जो कुछ भी खाते-पीते हैं, वही हमारे शरीर की सेहत का मुख्य आधार तय करता है। मानव शरीर किसी एक मशीन की तरह काम नहीं करता, बल्कि यह कई छोटे-छोटे महत्वपूर्ण अंगों और प्रणालियों का एक ऐसा समूह है, जहां हर अंग की अपनी अलग जरूरत और कार्यशैली होती है। हम क्या खा रहे हैं, यही तय करता है कि हमारे फेफड़े कितनी अच्छी तरह सांस लेंगे, लिवर शरीर के विषैले तत्वों को कितनी आसानी से बाहर निकालेगा, पाचन तंत्र भोजन से जरूरी पोषक तत्वों को कितना सोखेगा और हमारी आंखें रोजमर्रा की डिजिटल थकान को कितना झेल पाएंगी। यदि आप भी गलत खानपान के आदि हो चुके हैं, तो संभलने का वक्त आ गया है।क्या कहते हैं न्यूट्रिशन एक्सपर्टप्रसिद्ध न्यूट्रिशन एक्सपर्ट लवनीत बत्रा के अनुसार, सही और संतुलित खानपान हमारे शरीर के सभी सिस्टम्स को अंदर से मजबूत बनाता है, जबकि जंक फूड और खराब आदतें धीरे-धीरे इन्हें अंदर से कमजोर कर देती हैं। सेहतमंद रहने के लिए यह कतई जरूरी नहीं है कि आप कोई बहुत मुश्किल और कठिन डाइट अपनाएं, बल्कि आवश्यकता इस बात की है कि आप यह समझें कि कौन-सा पोषक तत्व शरीर के किस खास अंग के लिए जरूरी है। अपनी डाइट में बस छोटे-छोटे और सकारात्मक बदलाव करके आप तमाम गंभीर बीमारियों से बच सकते हैं।फेफड़ों (Lungs) को मजबूत और सुरक्षित रखने के लिए क्या खाएंसांस लेना भले ही हमें एक सहज और सामान्य प्रक्रिया लगती हो, लेकिन हमारे फेफड़ों की सेहत काफी हद तक हमारी रसोई और डाइट पर निर्भर करती है। आज के समय में बढ़ता प्रदूषण, मानसिक तनाव और लगातार होने वाले संक्रमण हमारे श्वसन तंत्र को बुरी तरह प्रभावित करते हैं। फेफड़ों की रक्षा के लिए अदरक और हल्दी जैसे पारंपरिक घरेलू मसाले बेहद असरदार साबित होते हैं, क्योंकि इनमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व सूजन को कम करने में मदद करते हैं। इसके अलावा, संतरे, नींबू और मौसमी जैसे खट्टे फल शरीर को भरपूर विटामिन सी प्रदान करते हैं, जो फेफड़ों को बाहरी नुकसान से बचाते हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (NIH) की एक स्टडी में भी यह बात सामने आ चुकी है कि एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर आहार फेफड़ों को जहरीले प्रदूषण से महफूज रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।लिवर (Liver) की नैचुरल डिटॉक्सिंग और देखभालहमारा लिवर दिन-रात बिना रुके शरीर की सफाई यानी डिटॉक्सिफिकेशन के काम में लगा रहता है, लेकिन हम अक्सर इसकी सेहत की अनदेखी कर देते हैं। ब्रोकली और क्रूसिफेरस सब्जियों में ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर से हानिकारक टॉक्सिक पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। इसके अलावा, ग्रीन टी और ऑलिव ऑयल (जैतून का तेल) भी लिवर को स्वस्थ और सक्रिय रखने में काफी मददगार माने जाते हैं। मधुमेह और पाचन तंत्र से जुड़े राष्ट्रीय संस्थानों के मुताबिक, सही और फाइबर युक्त आहार फैटी लिवर जैसी गंभीर समस्याओं से बचाव करने में बेहद मददगार साबित होता है।पाचन तंत्र (Digestion) और आंतों की सेहत का राजहमारे पाचन तंत्र को अक्सर शरीर का 'दूसरा दिमाग' कहा जाता है, क्योंकि यह केवल भोजन को पचाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) और मानसिक स्थिति पर भी गहरा असर डालता है। दही में पाए जाने वाले गुड बैक्टीरिया (प्रोबायोटिक्स) पाचन प्रक्रिया को दुरुस्त बनाते हैं, जबकि केला और चिया सीड्स जैसे खाद्य पदार्थ इन अच्छे जीवाणुओं को पोषण देने का काम करते हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार, एक स्वस्थ आंत माइक्रोबायोम शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण (Absorption) को बेहतर बनाता है और सूजन से जुड़ी कई तरह की बीमारियों के जोखिम को कम करता है।डिजिटल युग में आंखों (Eyes) की देखभाल और जरूरी पोषक तत्वआज के समय में लैपटॉप, मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन के अत्यधिक इस्तेमाल के कारण आंखों पर पड़ने वाला दबाव बहुत बढ़ गया है। ऐसे में गाजर और शकरकंद जैसे खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करना बेहद जरूरी है, क्योंकि इनमें प्रचुर मात्रा में बीटा-कैरोटीन पाया जाता है, जो आंखों की रोशनी के लिए वरदान माना जाता है। इसके अलावा, आंवला भी आंखों की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है क्योंकि इसमें विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है, जो आंखों को ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाने में मदद करता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 6:32 pm

उरई में सीएम योगी आदित्यनाथ का जोरदार हमला, बोले- 'विपक्ष युवाओं को भड़काकर कर रहा भ्रमित

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को जालौन जिले के उरई दौरे पर पहुंचकर विपक्ष पर तीखा राजनीतिक प्रहार किया। उरई पुलिस लाइन ग्राउंड पहुंचने के बाद सीएम योगी सड़क मार्ग से जिला स्टेडियम पहुंचे, जहां उन्होंने परिसर में लगी विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने मंच से करीब 1273.96 करोड़ रुपये की भारी-भरकम विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को मकान की चाबियां सौंपीं, गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कराई और बच्चों के साथ संवाद कर उन्हें दुलार किया।जालौन अब दस्युओं की नहीं, बल्कि वेदव्यास और विकास की धरा हैउरई के जिला स्टेडियम में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जालौन और कालपी के गौरवशाली इतिहास को याद किया। उन्होंने कहा कि महर्षि वेदव्यास ने इसी पावन धरा पर जन्म लिया था और यह भूमि अपनी वीरता के लिए जानी जाती है। विपक्ष पर करारा हमला बोलते हुए सीएम योगी ने सवाल किया कि वे कौन लोग थे जो जालौन को लगातार पीछे धकेलने का काम कर रहे थे? उन्होंने कहा कि ये वही लोग हैं जो आज भी युवाओं को भड़काकर उन्हें भ्रमित करने की राजनीति कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जालौन को शानदार फोरलेन कनेक्टिविटी मिल रही है और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे इस पूरे क्षेत्र को एक नई पहचान दिला रहा है। अब यह इलाका दस्युओं और अपराध के लिए नहीं, बल्कि विकास की नई इबारत लिखने के लिए जाना जा रहा है।सपा ने नोंचा है बुंदेलखंड, माफियाओं के लिए यूपी में कोई जगह नहींकानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि उन्होंने पहले ही जनता से वादा किया था कि प्रदेश को डकैती और माफिया मुक्त करेंगे और अपराधियों को मिट्टी में मिला देंगे। सरकार ने माफियाओं की अवैध संपत्तियों को जब्त करने का बड़ा काम किया है। सपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा बुंदेलखंड को नोंचने का काम किया है, जिसे यहां की जनता कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि आज जालौन में भाजपा की जिला अध्यक्ष भी एक महिला हैं और प्रदेश में बेटियां पूरी तरह सुरक्षित हैं। अब घर से निकलने वाला व्यापारी पूरी सुरक्षा के साथ वापस लौटता है, जबकि पहले लोग शाम को घर लौटने को लेकर डरे रहते थे। सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लूटपाट करने वाले, वन माफिया और जमीन माफिया जहां जाने थे, वहां जा चुके हैं और अब यूपी में अपराधियों के लिए सिर्फ जेल या जहन्नुम की जगह बची है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 6:30 pm

करवा चौथ 2026: जानिए सरगी से लेकर चांद निकलने तक का सटीक समय, इस दिन रखा जाएगा सुहागिनों का यह पावन व्रत

सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति में सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ के व्रत का एक विशेष और अत्यंत पवित्र स्थान है। सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए सालभर इस पावन दिन का इंतजार करती हैं। इस खास पर्व पर महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं, हाथों में मेहंदी रचा नए वस्त्र धारण करती हैं और पूरे दिन बिना अन्न-जल के निर्जला उपवास रखती हैं। रात के समय आकाश में चंद्रमा के दीदार करने के बाद छलनी से पति का चेहरा देखकर और उनके हाथों से जल ग्रहण करके इस कठिन व्रत का पारण किया जाता है। उत्तर भारत के राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड में इस पर्व की रौनक देखते ही बनती है और बाजारों में अभी से सुहाग की वस्तुओं की खरीदारी के लिए महिलाओं की भीड़ जुटने लगी है।करवा चौथ 2026 की सही तिथि और शुभ दिनइस वर्ष सुहागिनों का यह महाव्रत 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार के दिन मनाया जाएगा। गुरुवार का दिन होने के कारण इस व्रत का धार्मिक महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है, क्योंकि ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति ग्रह को वैवाहिक जीवन में सुख, शांति और सौभाग्य का मुख्य कारक माना गया है। करवा चौथ के आने से कई दिन पहले ही बाजारों में सुहाग का सामान, छलनी, करवा, और मिट्टी के दीयों की दुकानें सज जाती हैं। महिलाएं सामूहिक रूप से पूजा की कथा सुनने और थाली सजाने की तैयारियों में जुट जाती हैं।करवा चौथ 2026: पूजा का शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समयइस साल करवा चौथ के व्रत और पूजा-पाठ के लिए निम्नलिखित समय सबसे उत्तम और फलदायी माना गया है:व्रत की कुल अवधि/समय: सुबह 6:31 मिनट से शुरू होकर रात 8:17 मिनट तक रहेगा।करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 5:38 मिनट से लेकर शाम 6:56 मिनट तक (पूजा की कुल अवधि: 1 घंटा 18 मिनट)।चंद्रोदय का संभावित समय: रात 8:17 मिनट पर चांद के दीदार होने की उम्मीद है, जिसके बाद महिलाएं अपना व्रत खोल सकेंगी।करवा चौथ की संपूर्ण पूजा विधिकरवा चौथ के दिन महिलाएं सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर सरगी ग्रहण करती हैं, जो सास या बड़े बुजुर्गों द्वारा दी जाती है। इसके बाद पूरा दिन बिना पानी पिए निर्जला उपवास रखा जाता है। शाम के समय सुहागिन महिलाएं मिलकर माता पार्वती, भगवान शिव, भगवान गणेश और करवा माता की षोडशोपचार विधि से पूजा करती हैं। पूजा के दौरान दीवार पर करवा चौथ की कथा का चित्र बनाकर या किताब से कथा पढ़ी और सुनी जाती है। रात्रि में जब चांद निकलता है, तब छलनी के जरिए चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है और उसी छलनी से अपने पति का चेहरा देखकर उनकी आरती उतारी जाती है। अंत में पति के हाथों से जल पीकर और मिठाई खाकर महिलाएं अपने इस कठिन व्रत को सफलतापूर्वक संपन्न करती हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 6:28 pm

सीएम योगी आदित्यनाथ का बड़ा ऐलान, आगरा को जल्द मिलेगा इंटरनेशनल एयरपोर्ट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को ऐतिहासिक नगरी आगरा को बड़ी सौगात देते हुए करीब 342 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान आगरा में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी के तेवर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर बेहद तीखे नजर आए। उन्होंने डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए पिछली सरकारों के कार्यकाल पर जमकर निशाना साधा और कहा कि अब उत्तर प्रदेश में न तो कोई कर्फ्यू है और न ही दंगा, क्योंकि यहां अब 'सब चंगा ही चंगा है'।सैफई सिंडिकेट और पिछली सरकारों पर साधा निशानाविपक्ष पर करारा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा केवल 'सैफई सिंडिकेट' की लूट और डकैती का माध्यम बनकर रह गया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि तब युवाओं के भविष्य और नौकरियों पर चाचा-भतीजे कुंडली मारकर बैठ जाते थे, व्यापारियों के साथ छीनाझपटी आम बात थी और मुख्यमंत्री अपनी मौज-मस्ती में व्यस्त रहते थे। सीएम योगी ने कहा कि जिनकी सोच केवल अपने परिवार तक सीमित हो, उनसे बड़े विकास कार्यों की उम्मीद कभी नहीं की जा सकती। उन्होंने पिछली सरकारों के कामकाज की शैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस प्रदेश का मुखिया दोपहर में उठता हो, शाम को जिम और रात में दोस्तों के साथ मौज-मस्ती में व्यस्त रहता हो, वहां की कानून-व्यवस्था का भगवान ही मालिक था।माफियाओं के लिए सिर्फ जेल या जहन्नुम, आगरा में बनेगा छत्रपति शिवाजी महाराज का स्मारककानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि आज उत्तर प्रदेश में माफियाओं के लिए सिर्फ दो ही जगह बची हैं, या तो जेल या फिर जहन्नुम। उन्होंने कहा कि पहले व्यापारी घर से निकलते वक्त यह सोचते थे कि वे सुरक्षित लौट पाएंगे या नहीं, लेकिन आज डबल इंजन की सरकार में बेटियां और व्यापारी पूरी तरह सुरक्षित हैं। आगरा के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व पर बात करते हुए सीएम योगी ने कहा कि जिस धरती पर छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपने शौर्य का परिचय दिया था, वहां पिछली सपा सरकार 'मुगल म्यूजियम' बना रही थी, जिसे हमारी सरकार ने बदलकर राष्ट्रनायक छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर कर दिया और इस वर्ष इसका निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। इसके साथ ही आगरा में उस कोठी पर भी भव्य स्मारक बनेगा जहां शिवाजी महाराज रहते थे। इसके अलावा बटेश्वर, कैलाश, गुरु का ताल, फतेहपुर सीकरी और शौरीपुर जैन तीर्थ का भी तेजी से विकास किया जा रहा है। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की स्मृति में 500 महिलाओं के लिए श्रमजीवी होटल के निर्माण की भी स्वीकृति दी जा चुकी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 6:28 pm

जौनपुर में आशिक के साथ मिलकर की पत्नी ने की पति की हत्या

जौनपुर। उत्तर प्रदेश में जौनपुर जिले के बदलापुर कोतवाली क्षेत्र में शनिवार सुबह एक युवक का शव उसके घर के बाहर बने मड़हे में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। मृतक की पहचान भलुवाही गांव निवासी चंद्रदीप गौतम (30) के रूप में हुई है। पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके चचेरे मामा को गिरफ्तार कर लिया […] The post जौनपुर में आशिक के साथ मिलकर की पत्नी ने की पति की हत्या appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 6:27 pm

रवि प्रदोष व्रत पर जरूर पढ़ें यह चमत्कारी पौराणिक कथा, भोलेनाथ की कृपा से दूर होते हैं सभी संकट

सनातन धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष और पवित्र महत्व माना गया है। जुलाई महीने का अंतिम प्रदोष व्रत 26 जुलाई 2026 को रविवार के दिन पड़ रहा है, जिसे रवि प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है। रविवार के दिन पड़ने के कारण इस व्रत का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रवि प्रदोष व्रत के दिन विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने और प्रदोष काल में शिव आराधना के दौरान व्रत कथा का पाठ करने से साधक पर महादेव की विशेष कृपा बरसती है। इस व्रत के प्रभाव से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और भक्तों की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।रवि प्रदोष व्रत कथा का आरंभ और निर्धन ब्राह्मण की कहानीपौराणिक कथाओं के अनुसार, एक समय की बात है कि एक गांव में एक अत्यंत निर्धन ब्राह्मण परिवार निवास करता था। उस ब्राह्मण की पत्नी बहुत ही धार्मिक, परोपकारी और साध्वी स्वभाव की थी, जो पूरी निष्ठा के साथ नियमित रूप से प्रदोष व्रत रखा करती थी। इस दंपत्ति का एक ही पुत्र था, जो उनके जीवन का एकमात्र सहारा था। एक दिन वह बालक अकेला ही गंगा स्नान करने के लिए निकल पड़ा। रास्ते में दुर्भाग्यवश कुछ डाकुओं ने उस बालक को घेर लिया और धमकाते हुए पूछने लगे कि उसके पिता का छिपा हुआ धन कहां है। इस पर बालक ने अत्यंत विनम्रता से जवाब दिया कि वे लोग बहुत गरीब हैं और उनके पास ऐसा कोई छिपा हुआ धन नहीं है।संकट में फंसा बालक और भगवान शिव का दिव्य स्वप्नबालक के पास मौजूद पोटली को देखकर जब डाकुओं ने संदेह जताया, तो उसने बताया कि उसमें उसकी मां ने खाने के लिए रोटियां रखी हैं। बालक की सच्चाई और दीन-दशा को देखकर डाकुओं ने उसे बिना कोई नुकसान पहुंचाए जाने दिया। इसके बाद बालक आगे बढ़ते हुए एक अन्य नगर में पहुंचा और एक विशाल बरगद के पेड़ के नीचे थकान के कारण सो गया। संयोगवश, उसी समय नगर के सिपाही कुछ डाकुओं की तलाश करते हुए वहां पहुंचे और सोते हुए बालक को चोर समझकर गिरफ्तार कर राजा के सामने पेश कर दिया। राजा ने बिना किसी छानबीन के उसे कारावास की सजा सुना दी। उसी रात बालक की माता ने विधि-विधान से प्रदोष व्रत किया और भगवान शिव की आराधना में लीन रहीं। माता की सच्ची भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने रात्रि में राजा को स्वप्न में दर्शन दिए और चेतावनी दी कि जिस बालक को बंदी बनाया गया है, वह पूरी तरह निर्दोष है। शिवजी ने राजा से कहा कि यदि सुबह होने तक उसे रिहा नहीं किया गया, तो उनका पूरा राज्य और वैभव नष्ट हो जाएगा।राजा की ओर से मिला पुरस्कार और प्रदोष व्रत का महत्वअगली सुबह नींद खुलते ही राजा भयभीत हो गया और उसने तुरंत उस बालक को दरबार में बुलवाया। बालक ने रोते-बिलखते हुए राजा को सारी सच्चाई बता दी। सत्य का ज्ञान होते ही राजा ने अपने सिपाहियों को भेजकर बालक के माता-पिता को आदर सहित राजदरबार में बुलवाया। राजा ने ब्राह्मण परिवार को सांत्वना दी और घोषणा की कि उनका पुत्र पूरी तरह निर्दोष है तथा भगवान शिव की कृपा से उन पर आया संकट टल चुका है। ब्राह्मण परिवार की दयनीय आर्थिक स्थिति को देखकर राजा ने उन्हें रहने और भरण-पोषण के लिए पांच गांव दान में दे दिए। इसके बाद वह निर्धन परिवार सुख-समृद्धि से परिपूर्ण हो गया और आनंदमय जीवन जीने लगा। इस पौराणिक कथा से यह स्पष्ट संदेश मिलता है कि सच्ची श्रद्धा और प्रदोष व्रत के प्रताप से महादेव अपने भक्तों के सभी बड़े से बड़े संकट हर लेते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 6:26 pm

जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में तेज गेंदबाज यश ठाकुर ने किया इंटरनेशनल डेब्यू, आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में मचा चुके हैं गदर

भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेली जा रही तीन मैचों की रोमांचक टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में शनिवार को भारतीय टीम की गेंदबाजी आक्रमण में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे इस मैच में विदर्भ के तेज गेंदबाज यश ठाकुर ने आखिरकार अपना इंटरनेशनल टी20 डेब्यू कर लिया है। कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस के दौरान जानकारी दी कि पिछले मैच में खेलने वाले अशोक शर्मा की जगह यश ठाकुर को अंतिम एकादश (Playing XI) में शामिल किया गया है।घरेलू क्रिकेट और आईपीएल का शानदार अनुभवअशोक शर्मा ने सीरीज के पहले मुकाबले में भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल में पदार्पण किया था, जहां उन्होंने अपने चार ओवर का पूरा कोटा फेंका था लेकिन कोई सफलता हासिल नहीं कर पाए थे। उनकी जगह टीम में आए 27 वर्षीय तेज गेंदबाज यश ठाकुर के पास क्रिकेट का लंबा अनुभव है। इंटरनेशनल डेब्यू करने से पहले यश कुल 74 टी20 मैच खेल चुके थे, जिसमें उन्होंने 74 पारियों में शानदार गेंदबाजी करते हुए 110 विकेट अपने नाम किए हैं। इसके अलावा, वह इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में लखनऊ सुपर जायंट्स और पंजाब किंग्स जैसी फ्रेंचाइजी के लिए भी खेल चुके हैं, जहां उन्होंने 22 आईपीएल मैचों में 27 विकेट चटकाए हैं।हालिया प्रदर्शन और दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवनयश ठाकुर ने पिछले महीने ही श्रीलंका में आयोजित ट्राई-सीरीज के दौरान भारत ए (India A) का प्रतिनिधित्व किया था, जहां उन्होंने 3 मैचों में 5 विकेट झटके थे। इसके अलावा उन्होंने गाले में श्रीलंका ए के खिलाफ दो अनौपचारिक टेस्ट मैचों में भी 5 विकेट हासिल किए थे। विदर्भ के इस प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज ने अपने करियर में अब तक 32 फर्स्ट-क्लास और 57 लिस्ट-ए मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने क्रमशः 93 और 90 विकेट झटके हैं। इस मुकाबले के लिए जिम्बाब्वे की प्लेइंग इलेवन में ब्रायन बेनेट, बेन कुरेन, डायोन मायर्स, कप्तान सिकंदर रजा, रयान बर्ल, वेस्ली मधेवेरे, विकेटकीपर तदिवानाशे मारुमनी, ब्रैड इवांस, न्यूमैन न्यामुरी, रिचर्ड नगारवा और ब्लेसिंग मुजरबानी शामिल हैं। वहीं, भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन में वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, विकेटकीपर ईशान किशन, कप्तान श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, रवि बिश्नोई, प्रिंस यादव, यश ठाकुर और मयंक यादव उतर रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 6:25 pm

बंगाल के सरकारी कर्मचारियों की मौज! 7वें वेतन आयोग के गठन से मिलेगी बंपर सैलरी, 8वें वेतन आयोग का भी मिल सकता है सरप्राइज

देशभर के केंद्रीय और राज्य कर्मचारियों के लिए वेतन आयोग (Pay Commission) से जुड़ी बड़ी और बेहद रोमांचक खबरें सामने आ रही हैं। एक तरफ जहां केंद्रीय कर्मचारियों को अगले साल की पहली छमाही तक आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार है, वहीं दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राज्य सरकार ने बड़े तोहफे का ऐलान कर दिया है। पश्चिम बंगाल सरकार ने आधिकारिक तौर पर 22 जुलाई को राज्य के 7वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) के गठन की विधिवत घोषणा कर दी है, जिससे बंगाल के लाखों कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।सुवेंदु अधिकारी सरकार का बड़ा कदम, इसी वित्त वर्ष में लागू करने का लक्ष्यइससे एक दिन पहले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मीडिया से बातचीत में साफ कर दिया था कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य चालू वित्त वर्ष के भीतर ही 7वें राज्य वेतन आयोग की सिफारिशों को जमीन पर उतारना है। मई महीने में पश्चिम बंगाल में चुनावी जीत हासिल करने के बाद वहां की सरकार ने अपने चुनावी वादे को पूरा करते हुए इस वेतन आयोग पैनल के गठन को हरी झंडी दिखाई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने भी चुनाव प्रचार के दौरान राज्य के कर्मचारियों से इस बात का वादा किया था, जिसे अब अमलीजामा पहनाया जा रहा है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस आयोग के लिए जो नया पैनल बनाया गया है, वह भविष्य में केंद्र की 8वीं वेतन आयोग की सिफारिशों पर भी विचार कर सकता है, जिसका मतलब है कि बंगाल के कर्मचारियों को दोहरा फायदा मिल सकता है।क्या है पैनल की समय-सीमा और कार्यशैली? (Terms of Reference)पश्चिम बंगाल के वित्त विभाग की ओर से जारी प्रस्ताव के अनुसार, चार सदस्यों वाला यह विशेष पैनल राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों की गहराई से समीक्षा करेगा। इस आयोग का मुख्य मुख्यालय कोलकाता में रहेगा, हालांकि जरूरत पड़ने पर यह राज्य के अन्य हिस्सों या राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी अपनी बैठकें आयोजित कर सकता है। पैनल को निर्देश दिए गए हैं कि वह प्रस्ताव प्रकाशित होने की तारीख से 6 महीने के भीतर या सरकार द्वारा तय किए गए समय के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपे। यह पैनल राज्य के विभिन्न विभागों, वैधानिक और गैर-वैधानिक निकायों तथा निगमों के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन ढांचे को आधुनिक जरूरतों के हिसाब से तर्कसंगत बनाने की सिफारिश करेगा।महंगाई भत्ता (DA) और सेवा शर्तों की होगी समीक्षायह वेतन आयोग केवल मूल वेतन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह सरकारी सेवा में बेहतरीन प्रतिभाओं को आकर्षित करने और उन्हें रोके रखने के लिए एक आकर्षक वेतन-भत्ते का नया ढांचा भी सुझाएगा। इसके अलावा, पैनल मौजूदा महंगाई भत्ते (DA) की दरों की पूरी समीक्षा करेगा और आने वाले समय के लिए एक बेहतर फॉर्मूला तैयार करेगा। यात्रा भत्ता (TA) और अन्य विशेष भत्तों तथा रियायतों की भी बारिकी से जांच की जाएगी। चुनाव के दौरान किया गया यह वादा अब धरातल पर उतर चुका है, जिससे आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल के लाखों कर्मचारियों के वेतन में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 6:25 pm

धर्मेंद्र प्रधान के बाद क्या अब गौतम गंभीर देंगे इस्तीफा, सोशल मीडिया पर तेज हुई मांग, फैंस ने दिए ऐसे मजेदार रिएक्शन

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अपने पद से इस्तीफा देने के बाद से देश की राजनीति और सोशल मीडिया पर एक अलग ही चर्चा छिड़ गई है। शनिवार (25 जुलाई) को दोपहर 2:18 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर कर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा के तुरंत बाद, नेटिजन्स का रुख क्रिकेट की दुनिया की ओर मुड़ गया है। अब सोशल मीडिया पर टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर के इस्तीफे की मांग जोर-शोर से उठने लगी है, जिसके पीछे हालिया खराब प्रदर्शन और सीरीज हार को मुख्य वजह बताया जा रहा है।क्यों उठी गौतम गंभीर के इस्तीफे की मांगगौतम गंभीर के कोचिंग कार्यकाल के दौरान टीम इंडिया ने चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े खिताब अपने नाम किए हैं, लेकिन इसके साथ ही टीम को कई शर्मनाक और ऐतिहासिक हार का भी सामना करना पड़ा है। हाल ही में भारत को आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में 0-2 से करारी हार झेलनी पड़ी थी, जो किसी भी फॉर्मेट में आयरलैंड के खिलाफ टीम इंडिया की पहली सीरीज हार थी। इसके अलावा, मेन इन ब्लू को इंग्लैंड के खिलाफ भी टी20 सीरीज में 0-4 से क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा था। इन लगातार निराशाजनक प्रदर्शनों के बाद फैंस का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है और वे गंभीर को उनके पद से हटाने की मांग कर रहे हैं।सोशल मीडिया पर मीम्स और रिएक्शंस की बाढ़धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इस मौके को लपकते हुए गौतम गंभीर को निशाना बनाना शुरू कर दिया। एक्स (ट्विटर) पर एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में गंभीर की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि शिक्षा मंत्री के जाने के बाद अब हर किसी की निगाहें गौतम गंभीर पर टिकी हैं। वहीं, एक अन्य यूजर ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके को टैग करते हुए लिखा कि अब गौतम गंभीर का भी इस्तीफा मांग लिया जाना चाहिए। इस बीच, मौजूदा समय में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली जा रही तीन मैचों की टी20 सीरीज में वीवीएस लक्ष्मण अंतरिम हेड कोच की भूमिका निभा रहे हैं, जिनकी देखरेख में टीम इंडिया ने पहला मुकाबला जीत लिया है। इस जीत के बाद सोशल मीडिया पर फैंस यह कहते नजर आए कि गंभीर के मैदान से हटते ही टीम ने जीत की पटरी पर वापसी कर ली है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 6:23 pm

उदयपुर में होटल की बालकनी से पिछोला झील में गिरी मासूम बालिका

उदयपुर। राजस्थान में उदयपुर शहर के पिछोला झील में शनिवार को एक बालिका की डूबकर मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दिल्ली निवासी सोनू सिंह तंवर अपनी पत्नी और दो वर्षीय बच्ची के साथ उदयपुर घूमने आए थे। यह परिवार यहां पिछोला झील के किनारे होटल जगत निवास में ठहरा था। सुबह वह […] The post उदयपुर में होटल की बालकनी से पिछोला झील में गिरी मासूम बालिका appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 5:57 pm

सीजेपी ने धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे का किया स्वागत, मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा का स्वागत किया है लेकिन कहा है कि छात्रों का आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है। सीजेपी के नेताओं ने शनिवार को यहां जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में मौजूद छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्रों की तीन […] The post सीजेपी ने धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे का किया स्वागत, मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 5:50 pm

CJP का आंदोलन खत्म, साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉकरोचों का ऐलान, सभी प्रदर्शनकारी घर जाएं

CJP protest ended: स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्‍डा और केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी (CJP) ने शनिवार को प्रदर्शन खत्म करने का ऐलान कर दिया है। सीजेपी के प्रतिनिधियों ने कहा कि शिक्षा ...

वेब दुनिया 25 Jul 2026 5:44 pm

धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा बहुत पहले ही आ जाना चाहिए था : डोटासरा

जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा है कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने आखिरकार हारकर अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सौंप दिया लेकिन यह बहुत पहले ही आ जाना चाहिए था। डोटासरा ने प्रधान के इस्तीफे के बाद अपना बयान जारी कर यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री […] The post धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा बहुत पहले ही आ जाना चाहिए था : डोटासरा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 5:41 pm

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों की जीत, अब मोदी मांगे युवाओं से माफी : कांग्रेस

नई दिल्ली। कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देश के छात्रों और युवाओं के संघर्ष की जीत बताते हुए कहा है कि यह केवल शुरुआत है और असली लड़ाई तो अभी बाकी है। पार्टी ने कहा कि पहली मांग मान ली गई है और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के युवाओं […] The post धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों की जीत, अब मोदी मांगे युवाओं से माफी : कांग्रेस appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 5:35 pm

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा, कहा हाल के घटनाक्रम से मन दुःखी

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले विद्यार्थियों के धरना-प्रदर्शन और विपक्षी दलों के दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आज दोपहर […] The post केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा, कहा हाल के घटनाक्रम से मन दुःखी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 25 Jul 2026 5:25 pm

पेपर लीक माफिया पर सीएम योगी का बड़ा प्रहार: दोषियों की संपत्ति होगी जब्त, चलेगा बुलडोजर! संसद में आएगा और भी सख्त कानून

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ी के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और भविष्य में पेपर लीक जैसे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार संसद में सख्त कानून लाएगी।

देशबन्धु 25 Jul 2026 5:02 pm

देवशयनी एकादशी से शुरू हुआ चातुर्मास: 4 महीने तक न करें ये काम, इन राशियों की चमकेगी किस्मत

आज देवशयनी एकादशी है और इसी के साथ चातुर्मास की शुरुआत हो चुकी है। मान्यता है कि यह वह समय होता है जब भगवान विष्णु पूरे चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। इस दौरान सृष्टि के संचालन का कार्यभार अन्य देवी-देवताओं, विशेषकर भगवान शिव के हाथों में होता है।चातुर्मास (जिसे चौमासा भी कहा जाता है) के इन चार महीनों में शादी-विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। अब सभी शुभ कार्यों की शुरुआत 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी के दिन से होगी। भले ही यह समय सांसारिक उत्सवों का नहीं है, लेकिन पूजा-पाठ, जप और साधना के लिए इसे बहुत फलदायी माना गया है।ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चातुर्मास के ये चार महीने 4 विशेष राशियों के लिए बहुत लकी साबित होने वाले हैं। आइए जानते हैं किन राशियों पर रहेगी भगवान विष्णु की विशेष कृपा:वृष राशि (Taurus): तरक्की और मुनाफावृष राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक रूप से काफी मजबूती लेकर आ रहा है। अगर आपका कोई काम लंबे समय से रुका हुआ था, तो अब उसे गति मिल सकती है। नौकरीपेशा लोगों के काम की ऑफिस में सराहना होगी और बॉस की तरफ से नई जिम्मेदारियां भी मिल सकती हैं। वहीं, व्यापार से जुड़े लोगों को इस दौरान अच्छा मुनाफा होने की पूरी उम्मीद है।कर्क राशि (Cancer): अटका हुआ धन मिलेगाइस दौरान कर्क राशि के जातकों का आत्मविश्वास काफी बढ़ा हुआ रहेगा। आपकी सही फैसले लेने की क्षमता मजबूत होगी, जिसका सीधा फायदा आपको अपने कार्यक्षेत्र (Workplace) में मिलेगा। सबसे अच्छी खबर यह है कि अगर आपका पैसा कहीं फंसा हुआ था या किसी ने उधार लिया था, तो वह इस समय वापस मिल सकता है।सिंह राशि (Leo): मान-सम्मान और बड़ी सफलतासिंह राशि वालों के लिए यह समय अपनी मेहनत का मीठा फल चखने का है। आपके करियर में अच्छी प्रगति देखने को मिलेगी, जिससे परिवार और समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। अगर आप किसी बड़े लक्ष्य या प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, तो उसमें आपको बड़ी सफलता मिल सकती है।तुला राशि (Libra): नए आय के स्रोत और पारिवारिक शांतितुला राशि के जातकों के लिए चातुर्मास का यह समय करियर और निजी जीवन, दोनों ही मोर्चों पर शानदार रहने वाला है। आपको कमाई के कुछ नए रास्ते मिल सकते हैं, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति में बड़ा और सकारात्मक सुधार आएगा। इसके अलावा, अगर परिवार में कोई अनबन या मतभेद चल रहा था, तो वह भी सुलझ जाएगा और घर में शांति का माहौल रहेगा।क्या आप इस लेख में पाठकों की जानकारी बढ़ाने के लिए चातुर्मास के दौरान किए जाने वाले कुछ विशेष उपायों या पूजा-विधि को भी शामिल करना चाहेंगे?

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 4:55 pm

NEET पेपर लीक विवाद: छात्रों के दबाव में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा! जानिए उनके कार्यकाल की 5 बड़ी उपलब्धियां और प्रमुख विवाद

देशभर में नीट (NEET) पेपर लीक को लेकर चल रहे भारी बवाल और लगातार बढ़ते राजनीतिक व सामाजिक दबाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अपने त्यागपत्र में उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे पहले दिन से ही इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी ले रहे थे। आपको बता दें कि सीजेपी (CJP) के नेतृत्व में छात्र पिछले एक महीने से भी अधिक समय से उनके इस्तीफे पर अड़े थे। यहां तक कि मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी छात्रों के समर्थन में लंबी भूख हड़ताल की थी। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बीच, आइए एक नजर डालते हैं धर्मेंद्र प्रधान के बतौर शिक्षा मंत्री कार्यकाल की प्रमुख सफलताओं और विवादों पर।धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की ऐतिहासिक उपलब्धियांउनके कार्यकाल में भारतीय शिक्षा प्रणाली में कई दूरगामी और सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं, जिन्होंने एजुकेशन सिस्टम की दिशा बदल दी।CUET की शुरुआत: देश के सभी केंद्रीय और प्रमुख विश्वविद्यालयों में अंडरग्रेजुएट एडमिशन को पारदर्शी और एक समान बनाने के लिए कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET-UG) को सफलतापूर्वक लागू किया गया।सस्ती और सुलभ पाठ्यपुस्तकें: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत NCERT की नई किताबें तैयार की गईं। इनकी छपाई क्षमता तीन गुना तक बढ़ाई गई, जिससे बाजार में किताबों के दाम कम हुए और अभिभावकों को बड़ी आर्थिक राहत मिली।विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में एंट्री: उच्च शिक्षा को ग्लोबल स्टैंडर्ड का बनाने के लिए NEP 2020 के तहत 19 विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में अपने कैंपस खोलने की ऐतिहासिक मंजूरी दी गई।हायर एजुकेशन और सिंगल रेगुलेटर: मल्टीपल एंट्री-एग्जिट सिस्टम, एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC) और 4 साल के ग्रेजुएशन प्रोग्राम (FYUP) पर खास जोर दिया गया। इसके अलावा यूजीसी और एआईसीटीई जैसी संस्थाओं को मिलाकर एक सिंगल रेगुलेटर बनाने के लिए ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025’ पेश किया गया।कार्यकाल से जुड़े वो विवाद, जिन्होंने बढ़ाई सरकार की चिंताजहां एक ओर शिक्षा के क्षेत्र में कई सुधार हुए, वहीं कुछ बड़ी राष्ट्रीय परीक्षाओं में हुई धांधली ने सरकार को बैकफुट पर भी धकेला।NEET-UG 2024 और 2026 का पेपर लीक: नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में धांधली और अनियमितताओं के आरोपों ने लाखों परीक्षार्थियों के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और NTA की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए। देशभर में हुए उग्र विरोध प्रदर्शनों ने सरकार की चिंताएं काफी बढ़ा दीं।डिजिटल मूल्यांकन में तकनीकी खामी: सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में पहली बार इस्तेमाल हुई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली तकनीकी खराबी और धुंधली कॉपियों के कारण काफी विवादों में रही।त्रिभाषा फॉर्मूले और UGC नियमों पर तकरार: कक्षा 9 में त्रिभाषा नीति लागू करने पर तमिलनाडु समेत कई गैर-हिंदी भाषी राज्यों ने केंद्र पर 'हिंदी थोपने' का आरोप लगाया। वहीं, यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर भी शिक्षा जगत और सामाजिक हलकों में भारी विरोध देखा गया।इन तमाम महत्वपूर्ण उपलब्धियों और गंभीर विवादों के बीच धर्मेंद्र प्रधान का कार्यकाल भारतीय शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 4:50 pm

NEET विवाद के 37 दिन बाद धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: जानिए वे 5 बड़े कारण, जिनसे मोदी कैबिनेट के कद्दावर मंत्री को गंवानी पड़ी कुर्सी

नीट (NEET) पेपर लीक विवाद को लेकर देश भर में जारी भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। लगभग 37 दिनों से जंतर-मंतर पर डटे छात्रों के लगातार बढ़ते दबाव के बाद आखिरकार भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।इस्तीफा देते हुए उन्होंने लिखा कि जंतर-मंतर पर जो स्थिति बनी हुई है, उससे देश की एकता और अखंडता को खतरा हो सकता है। युवाओं का भविष्य बर्बाद न हो और वे कानूनी पेचीदगियों में न फंसे, इसी को देखते हुए उन्होंने अपना त्यागपत्र सौंपने का फैसला किया है। उल्लेखनीय है कि मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल में धर्मेंद्र प्रधान ऐसे पहले मंत्री हैं, जिन्हें किसी विरोध-प्रदर्शन के दबाव में अपना पद छोड़ना पड़ा है। 2014 से सरकार में रहे प्रधान को मोदी कैबिनेट का काफी कद्दावर मंत्री माना जाता था और वे इससे पहले पेट्रोलियम व इस्पात जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाल चुके थे।धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के 5 मुख्य कारण1. छात्र और विपक्ष का कड़ा रुखजंतर-मंतर पर आंदोलन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी रही। सीजेपी के प्रतिनिधियों (सौरव दास और आशुतोष रांका) ने स्पष्ट कर दिया था कि प्रदर्शन तभी खत्म होगा जब शिक्षा मंत्री पद छोड़ेंगे। इसके साथ ही 10 जनपथ से छात्रों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी साफ कर दिया था कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।2. संसद से लेकर सड़क तक मची अफरा-तफरी20 जुलाई से शुरू हुए संसद सत्र के शुरुआती 5 दिनों में लगातार हंगामे के कारण राज्यसभा और लोकसभा दोनों की कार्यवाही ठप रही। वहीं, दिल्ली के अलावा बिहार (पटना, सीवान), महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे बीजेपी शासित राज्यों में भी छात्रों का विरोध-प्रदर्शन उग्र रूप लेने लगा था, जिससे केंद्र सरकार पर दबाव बहुत अधिक बढ़ गया था।3. डैमेज कंट्रोल में नाकामी3 मई को हुए नीट पेपर लीक के बाद खड़े हुए इस विवाद को शिक्षा मंत्रालय ठीक से नहीं संभाल सका। शुरुआती दौर में सरकार की ओर से प्रदर्शन को नजरअंदाज किया गया। जब विवाद बेकाबू हो गया, तो खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हस्तक्षेप करते हुए सख्त कानून बनाने की घोषणा करनी पड़ी, जबकि शिक्षा मंत्री के तौर पर धर्मेंद्र प्रधान डैमेज कंट्रोल करने में असफल रहे।4. अड़ियल रवैया और छात्रों से संवाद का अभावधर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के पीछे उनका अड़ियल रवैया और छात्रों से सीधे संवाद न बनाना भी बड़ी वजह माना जा रहा है। जहां कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जैसे नेताओं ने किसान आंदोलनों के दौरान चंडीगढ़ जाकर बातचीत से मसले सुलझाए, वहीं धर्मेंद्र प्रधान इस पूरे विवाद के दौरान प्रदर्शनकारी छात्र नेताओं से पूरी तरह कटे रहे।5. एनटीए की लापरवाही और सिफारिशों को लागू न करनावर्ष 2024 में भी नीट पेपर लीक होने के बाद डॉ. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई थी। कमेटी द्वारा दिए गए सुझावों को पूर्ण रूप से लागू न किए जाने और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की लगातार हो रही लापरवाहियों की नैतिक जिम्मेदारी भी आखिरकार शिक्षा मंत्री के सिर आई, जिसके चलते उन्हें अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 4:48 pm

NEET Protest Jantar Mantar: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर से छात्रों में जश्न, CJP ने सरकार के सामने रखी 2 नई मांगें

नीट (NEET) परीक्षा में कथित धांधली को लेकर देशभर में चल रहे भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली के जंतर-मंतर से एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा इस्तीफा दिए जाने की खबर फैलते ही वहां डटे हजारों छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने जोरदार जश्न मनाया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस मौके पर छात्रों को संबोधित करते हुए इसे लोकतंत्र और युवा शक्ति की ऐतिहासिक जीत करार दिया। उन्होंने इस सफलता को उन मासूम छात्रों को समर्पित किया, जिन्होंने नीट विवाद और पेपर लीक के भारी तनाव में आकर अपनी जान गंवा दी थी।‘झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए’जंतर-मंतर के मंच से उत्साहित समर्थकों को संबोधित करते हुए दीपके ने सरकार पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि पहले लोग कहते थे कि इस सरकार में कोई मंत्री इस्तीफा नहीं देता, लेकिन छात्रों की एकजुटता ने साबित कर दिया है कि अगर झुकाने वाला हो तो दुनिया झुकती है और हमने यह कर दिखाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हम कॉकरोच हैं और इतनी जल्दी यहां से जाने वाले नहीं हैं। लोकतंत्र में डरने के बजाय अपने हक के लिए बोलना सीखना सबसे जरूरी है। उनके इस जोशीले भाषण के बाद वहां मौजूद छात्रों का उत्साह और भी बढ़ गया।CJP ने दबाव बढ़ाते हुए रखीं 2 और बड़ी मांगेंशिक्षा मंत्री के इस्तीफे की पहली और सबसे बड़ी मांग पूरी होने के बाद अब सीजेपी ने अपनी बाकी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव तेज कर दिया है। पार्टी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि नीट विवाद के कारण आत्महत्या करने वाले सभी मृतक छात्रों के पीड़ित परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का वित्तीय मुआवजा तुरंत दिया जाए। इसके साथ ही, देशभर में चल रहे इस आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों और युवा नेताओं के खिलाफ दर्ज किए गए सभी पुलिस मुकदमे बिना शर्त वापस लिए जाएं। सीजेपी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर भी यह ऐलान किया है कि जब तक ये दोनों मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका संघर्ष सड़कों पर इसी तरह जारी रहेगा।बिहार बंद का दिखा उग्र असरदिल्ली में जहां एक तरफ जश्न और दबाव की रणनीति चल रही है, वहीं दूसरी तरफ नीट धांधली के विरोध में बुलाए गए 'बिहार बंद' ने काफी उग्र रूप ले लिया है। पटना, भागलपुर से लेकर औरंगाबाद तक छात्रों का भारी गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शन, पथराव और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया है और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 4:47 pm

NEET विवाद में छात्रों की बड़ी सफलता: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, जंतर-मंतर पर जश्न, जानिए खरगे और केजरीवाल ने क्या कहा?

देशभर में नीट (NEET) पेपर लीक को लेकर चल रहे भारी आक्रोश और छात्र आंदोलन ने आखिरकार एक नया मोड़ ले लिया है। एक महीने से अधिक समय तक जंतर-मंतर पर चले विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल के बाद, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। छात्रों की अहम मांग पूरी होने के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल है और युवा इसे लोकतंत्र की बड़ी जीत बता रहे हैं।धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे की क्या वजह बताई?सोशल मीडिया पर अपने विस्तृत पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पहले दिन से इस स्थिति की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने लिखा कि वे नहीं चाहते कि किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य परीक्षा माफिया या कानूनी पेचीदगियों में उलझे। देश में भ्रम का फायदा राष्ट्र विरोधी ताकतें न उठाएं, इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्यागपत्र सौंप दिया है। उन्होंने यह भी संकल्प दोहराया कि वे आगे भी देश और ओडिशा के युवाओं के लिए काम करते रहेंगे। इस बीच, राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को नागपुर से अचानक दिल्ली बुलाया गया है।विपक्ष और छात्र संगठनों ने बताया 'लोकतंत्र की जीत'शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर आते ही विपक्षी नेताओं ने सरकार पर तीखा प्रहार किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे सत्य की जीत और 'सत्ता के हठ की हार' करार दिया। उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री को उन छात्रों से माफी मांगनी चाहिए जिन पर लाठियां और पैलेट गन (Pellet Guns) चलाई गईं। वहीं, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इसे युवा शक्ति की जीत बताया। दिग्गज नेता शरद पवार ने भी छात्रों के लगातार 28 दिनों के अटूट संघर्ष की सराहना करते हुए इसे अन्याय के खिलाफ बड़ी सफलता माना है।सोनम वांगचुक और CJP की प्रतिक्रियासामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, जिन्होंने इस मुद्दे पर 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थी, ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे देश की 'जेन ज़ेड' (Gen Z) और शांतिपूर्ण आंदोलन की जीत बताया। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी जंतर-मंतर पर जश्न मनाते हुए कहा कि यह संघर्ष केवल एक इस्तीफे तक सीमित नहीं है। CJP ने अपनी मांगों की लिस्ट अपडेट कर दी है, जिसमें पीड़ित परिवारों के लिए एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा, छात्रों पर दर्ज केस वापस लेने और पुलिस द्वारा सार्वजनिक माफी की मांगें अभी भी पेंडिंग हैं, जिन पर जंतर-मंतर और पूरा देश सरकार के अगले कदम का इंतजार कर रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 4:45 pm

NEET पेपर लीक विवाद के बीच क्या सच में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा? जानिए जंतर-मंतर के प्रदर्शन और सोशल मीडिया के इस दावे का पूरा सच

देश भर में नीट (NEET) पेपर लीक मामले और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से फैलाया जा रहा है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कतिपय पोस्ट्स और संदेशों में कहा जा रहा है कि जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों, भूख हड़ताल और विभिन्न संगठनों की मांगों के दबाव में आकर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्यागपत्र सौंप दिया है।सरकार और PIB ने खारिज की इस्तीफे की अफवाहआधिकारिक सूत्रों और पीआईबी (PIB Fact Check) ने इस तरह के सभी बयानों और वायरल संदेशों का पूरी तरह खंडन किया है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से कोई इस्तीफा नहीं दिया है। सोशल मीडिया पर चल रहे बयानों और टेक्स्ट मैसेजेस में कई मनगढ़ंत बातें, काल्पनिक संगठनों के नाम और असत्य दावे जोड़े गए हैं, जिनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है।परीक्षा प्रणाली में सुधार और कड़े कानून पर सरकार का जोरकेंद्र सरकार का स्पष्ट कहना है कि मंत्री के पद छोड़ने के बजाय प्राथमिकता परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की है। सरकार NTA के पुनर्गठन, पेपर लीक रोधी कड़े कानून (Public Examinations Bill) को लागू करने और धांधली में शामिल भू-माफिया व कोचिंग सिंडिकेट के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 4:43 pm

नीट पेपर लीक विवाद: 'बिहार बंद' में भारी उपद्रव, कई जिलों में पुलिस पर पथराव; छपरा में उग्र भीड़ ने फूंकी पुलिस जीप

नीट पेपर लीक मामले में छात्र आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में छात्र संगठनों के आह्वान पर शनिवार को बुलाए गए बिहार बंद के दौरान कई जिलों में प्रदर्शन हिंसक हो गया। राजधानी पटना, सीवान, छपरा और औरंगाबाद समेत कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई।

देशबन्धु 25 Jul 2026 4:22 pm

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सोनम वांगचुक बोले- यह लोकतंत्र की जीत, अब शिक्षा सुधारों की बारी

गुरुग्राम: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था की बड़ी जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक घटनाक्रम नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण जनभागीदारी और लोकतांत्रिक मूल्यों की सफलता का प्रतीक है। मेदांता अस्पताल में उपचार के दौरान वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए आंदोलन में शामिल युवाओं, छात्रों और देशभर के नागरिकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तब मजबूत होता है, जब नागरिक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखते हैं और व्यवस्था उनकी आवाज सुनती है। उनके अनुसार, यह घटनाक्रम जनता की एकजुटता और लोकतांत्रिक जवाबदेही का उदाहरण है। शांति, धैर्य और निरंतर संघर्ष की जीत अपने संदेश में सोनम वांगचुक ने लिखा कि यह प्रत्यक्ष लोकतंत्र की जीत है, जो सड़कों से उठकर लोकतांत्रिक संस्थाओं तक पहुंची है। उन्होंने कहा कि यह शांति, धैर्य और लगातार किए गए संघर्ष की भी सफलता है। वांगचुक ने कहा कि किसी भी लोकतंत्र में सकारात्मक बदलाव तभी संभव होता है, जब नागरिक अहिंसक और संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखें। उन्होंने आंदोलन में भाग लेने वाले युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद संयम बनाए रखा और अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सामने रखा। युवाओं और नागरिकों को दी बधाई वांगचुक ने अपने संदेश में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), देश की जेन-ज़ेड पीढ़ी और उन सभी नागरिकों को बधाई दी, जिन्होंने आंदोलन में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भागीदारी निभाई। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लोगों ने बिना भय के अपनी आवाज उठाई और लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग किया। उनके अनुसार, जनता की एकजुटता ने यह संदेश दिया है कि शांतिपूर्ण जनआंदोलन भी जवाबदेही सुनिश्चित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत होती है। जवाबदेही के बाद अब सुधारों पर जोर सोनम वांगचुक ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा किसी आंदोलन का अंतिम लक्ष्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने लिखा कि अब जवाबदेही तय होने के बाद शिक्षा व्यवस्था में व्यापक और स्थायी सुधार लागू करने का समय है। उनके मुताबिक, यह अवसर केवल नेतृत्व परिवर्तन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और जवाबदेह बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि छात्रों का विश्वास बहाल करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। परीक्षा प्रणाली में सुधार की उठाई मांग वांगचुक ने अपने संदेश में कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए व्यापक सुधार आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था केवल परीक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के भविष्य से जुड़ा विषय है। इसलिए सुधारों का उद्देश्य विद्यार्थियों में भरोसा कायम करना और निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित करना होना चाहिए। NEET-UG विवाद की पृष्ठभूमि में आया बयान धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ऐसे समय में सामने आया है, जब NEET-UG परीक्षा से जुड़े विवाद और छात्र आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों की ओर से परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग लगातार उठाई जाती रही है। इसी संदर्भ में सोनम वांगचुक का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वे लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था में संरचनात्मक सुधार और जवाबदेही की आवश्यकता पर जोर देते रहे हैं। लोकतंत्र में संवाद और सुधार की आवश्यकता अपने संदेश के अंत में वांगचुक ने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जनता की आवाज और व्यवस्था की जवाबदेही में निहित होती है। उन्होंने कहा कि अब समय विरोध और जवाबदेही से आगे बढ़कर सकारात्मक बदलाव लाने का है। उनके अनुसार, यदि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वास को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं, तो यह छात्रों और देश दोनों के हित में होगा।

देशबन्धु 25 Jul 2026 4:09 pm

PIB Fact Check: जंतर-मंतर प्रदर्शन को 'विदेशी फंडिंग नहीं' होने का दावा भ्रामक; फर्जी सोशल मीडिया पोस्ट्स पर सरकार की चेतावनी

केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया पर वायरल उस पोस्ट को भ्रामक बताया जिसमें दावा किया गया था कि केंद्र सरकार ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन के पीछे किसी विदेशी ताकत, पाकिस्तान या चीन की भूमिका से इनकार कर दिया है।

देशबन्धु 25 Jul 2026 3:25 pm

धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी CJP का धरना जारी, क्या है उनकी 2 अन्य बड़ी मांगें

Dharmendra Pradhan Resigns : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। प्रधान के इस्तीफे की खबर से जंतर मं‍तर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों में हर्ष की लहर दौड़ गई। हालांकि इस्तीफे के बाद भी जंतर मंतर पर कॉकरोच ...

वेब दुनिया 25 Jul 2026 3:17 pm

पलंग के नीचे छिपी नेगेटिविटी: बढ़ा सकती है आपकी रातों की बेचैनी और तनाव, वास्तु शास्त्र के अनुसार तुरंत घर से बाहर करें ये चीजें

भागदौड़ भरी जिंदगी और दिनभर की थकान के बाद हर व्यक्ति चाहता है कि उसे अपने बेडरूम में जाकर सुकून की नींद मिले, ताकि अगले दिन के लिए खुद को तरोताजा कर सके। लेकिन कई बार तमाम कोशिशों के बावजूद रातभर नींद नहीं आती, मन बेचैन रहता है और सुबह उठने पर भारीपन महसूस होता है। क्या आपने कभी सोचा है कि इसके पीछे की वजह आपकी सेहत या काम का तनाव ही नहीं, बल्कि आपके बेडरूम का वास्तु दोष भी हो सकता है? खासकर आपके सोने वाले बेड (Bed) और उसके ठीक नीचे रखी चीजें आपके जीवन की ऊर्जा को सीधे तौर पर प्रभावित करती हैं। वास्तु शास्त्र के जानकारों के अनुसार, पलंग के नीचे का स्थान हमेशा साफ-सुथरा और ऊर्जा के प्रवाह से मुक्त होना चाहिए, अन्यथा यह आपके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकता है।बेड के नीचे क्या रखना और क्या नहीं रखना है जरूरी?अक्सर लोग घर में जगह की कमी के कारण पलंग के नीचे बने बॉक्स या खाली जगह में फालतू सामान, पुराने बक्से, जूतों के डिब्बे, लोहे का कबाड़ या इलेक्ट्रॉनिक का सामान ठूंस-ठूंस कर भर देते हैं। वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुसार, बेड के नीचे कभी भी जंग लगा हुआ सामान, धूल-मिट्टी से भरा कबाड़ या भारी और बेकार की वस्तुएं नहीं रखनी चाहिए। ऐसा करने से उस स्थान पर नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) का दायरा बढ़ने लगता है, जो सोते समय इंसान के औरा (Aura) को प्रभावित करता है। इसके परिणामस्वरुप व्यक्ति को बुरे सपने आना, अज्ञात भय बने रहना, छोटी-छोटी बात पर गुस्सा आना और मानसिक बेचैनी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।कौन सी चीजें तुरंत निकाल देनी चाहिए बाहर?यदि आपको भी लंबे समय से बिना किसी कारण के तनाव, सिरदर्द या अनिद्रा की शिकायत महसूस हो रही है, तो सबसे पहले अपने बेडरूम की और अपने पलंग की ताक-झांक करें। पलंग के नीचे रखी टूटी-फूटी वस्तुएं, पुरानी दवाइयां, काले या गंदे कपड़े और भारी चमड़े के सामान तुरंत बाहर कर दें। इसके अलावा कई लोग सोते समय अपने सिरहाने के पास पानी की बोतल या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स रख लेते हैं, जो वास्तु और स्वास्थ्य दोनों के दृष्टिकोण से उचित नहीं माना जाता है। बेड के आसपास और नीचे का वातावरण जितना खुला, स्वच्छ और हवादार रहेगा, आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह उतना ही बेहतर होगा।वास्तु दोष दूर करने के आसान और प्रभावी उपायअपने बेडरूम के वास्तु को सुधारने और मानसिक शांति पाने के लिए सबसे पहले बेड के नीचे की पूरी सफाई करें। यदि वहां कोई अनावश्यक सामान रखा है, तो उसे तुरंत हटाकर कबाड़ को बाहर का रास्ता दिखाएं। कमरे में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए रोजाना पोछा लगाते समय पानी में थोड़ा सा सेंधा नमक (Rock Salt) मिला सकते हैं, जिससे कोने-कोने की नकारात्मकता दूर होती है। इसके अलावा बेडरूम में हल्के और soothing रंगों का प्रयोग करें और सोने से पहले कमरे में हल्का कपूर या लैवेंडर एसेंशियल ऑयल जलाएं। इन छोटे-छोटे वास्तु बदलावों को अपनाकर आप न केवल अपनी बेचैनी से छुटकारा पा सकते हैं, बल्कि चैन की गहरी नींद भी हासिल कर सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 3:12 pm

क्या बिना गुरु के भी मनाई जा सकती है गुरु पूर्णिमा? उज्जैन के ज्योतिषाचार्य से जानिए इसका सटीक जवाब और अचूक उपाय

सनातन संस्कृति में आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि को गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima) के रूप में बेहद धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह दिन महर्षि वेद व्यास के जन्मोत्सव के रूप में भी जाना जाता है, जिन्हें मानव जाति का पहला गुरु माना गया है। जीवन को सही दिशा दिखाने, ज्ञान का प्रकाश फैलाने और अज्ञानता के अंधकार को दूर करने में गुरु की भूमिका सर्वोपरि होती है। हालांकि, कई लोगों के मन में यह सवाल अक्सर बना रहता है कि जिन लोगों का कोई भौतिक या दीक्षा प्राप्त गुरु नहीं है, क्या वे भी गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व मना सकते हैं और इसका क्या विधान है? इस संबंध में उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों ने बहुत ही महत्वपूर्ण और ज्ञानवर्धक बातें साझा की हैं।क्या बिना गुरु के गुरु पूर्णिमा मनाना संभव है?उज्जैन के जाने-माने ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यदि आपके जीवन में कोई प्रत्यक्ष या भौतिक गुरु नहीं है, तब भी आप गुरु पूर्णिमा का यह पर्व पूरी श्रद्धा के साथ मना सकते हैं। सनातन परंपरा में आदि गुरु भगवान शिव, जगत के पालनहार भगवान विष्णु, वेद व्यास जी और अपने माता-पिता को भी प्रथम गुरु का दर्जा दिया गया है। इसके अलावा जिन लोगों ने किसी को अपना गुरु नहीं बनाया है, वे इस दिन भगवान श्री विष्णु, देवर्षि नारद या अपने इष्टदेव को ही अपना गुरु मानकर उनकी विधिवत पूजा-अर्चना कर सकते हैं। आध्यात्मिक रूप से ज्ञान और अच्छे संस्कार देने वाली हर उस वस्तु या शक्ति को गुरु माना जा सकता है जिससे आपने जीवन में कुछ अच्छा सीखा हो।गुरु पूर्णिमा पर करें ये विशेष उपाय और पूजा विधियदि आपका कोई गुरु नहीं है और आप इस दिन का पूर्ण फल प्राप्त करना चाहते हैं, तो सुबह स्नान करने के बाद अपने घर के मंदिर में भगवान विष्णु और महर्षि वेद व्यास के चित्र या प्रतिमा के सामने घी का दीपक प्रज्वलित करें। उन्हें पीले वस्त्र, पीले फूल, मिठाई और फल अर्पित करें। इसके बाद ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः या गुरु ब्रम्हा गुरु विष्णु गुरु देवो महेश्वरः मंत्र का श्रद्धापूर्वक जप करें। इस दिन अपने माता-पिता और बड़े बुजुर्गों के चरण छूकर उनका आशीर्वाद अवश्य लें, क्योंकि उनका आशीर्वाद किसी भी गुरु के आशीर्वाद के समान ही फलदायी माना जाता है।ज्ञान और समर्पण का पर्व है गुरु पूर्णिमागुरु पूर्णिमा केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह अपने भीतर के अहंकार को त्यागकर ज्ञान के मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का दिन है। ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि यदि आप किसी को गुरु नहीं बना पाए हैं, तो इस दिन किसी जरूरतमंद विद्यार्थी को शिक्षा से जुड़ी वस्तुएं जैसे किताबें, कॉपियां या पेन दान करें। ऐसा करने से मां सरस्वती और गुरुजनों की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आ रही सभी प्रकार की बौद्धिक बाधाएं दूर होती हैं। इसलिए बिना किसी संकोच के पूरी आस्था के साथ गुरु पूर्णिमा मनाएं और अपने जीवन को सकारात्मक ऊर्जा से भर लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 3:10 pm

शनि के प्रकोप से बचने का अचूक मार्ग: साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव से मुक्ति के लिए ऐसे करें संकटमोचन हनुमान जी की उपासना

ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव (Shani Dev) को न्याय का देवता और कर्मफलदाता माना गया है। जब किसी जातक की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती (Shani Sadesati) या ढैय्या का प्रभाव शुरू होता है, तो जीवन में कई प्रकार की मानसिक, शारीरिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि, घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जगत के पालनहार भगवान श्री राम के परम भक्त संकटमोचन हनुमान जी की शरण में जाने मात्र से शनि का कुप्रभाव स्वतः शांत हो जाता है। हनुमान जी की पूजा करने वालों पर शनिदेव कभी भी कष्टकारी प्रभाव नहीं डालते, बल्कि उन्हें हर संकट से उबार लेते हैं। आइए जानते हैं कि शनि की साढ़ेसाती के दौरान हनुमान जी की पूजा किस विधि से करनी चाहिए और किन उपायों से जीवन के सारे कष्ट दूर हो सकते हैं।किन राशियों पर रहता है शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव?प्रत्येक समय चक्र में शनि की साढ़ेसाती एक साथ तीन अलग-अलग राशियों पर प्रभाव डालती है। किसी भी राशि के लिए यह चक्र लगभग साढ़े सात वर्षों का होता है, जिसमें जन्म राशि से ठीक पहले, उस राशि पर और उसके बाद की राशि पर शनि का गोचर होता है। इसके अलावा जिन राशियों पर शनि की ढैय्या चल रही होती है, उन्हें भी जीवन के विभिन्न मोर्चों पर संघर्षों का सामना करना पड़ता है। यदि आपकी राशि पर भी शनि का ऐसा कोई प्रभाव चल रहा है, तो आपको नियमित रूप से हनुमान जी की आराधना को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना लेना चाहिए, जिससे ग्रहों की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मकता का संचार होता है।हनुमान जी की उपासना की विशेष विधि और अचूक मंत्रशनि के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन हनुमान जी की पूजा के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। इस दिन सुबह स्नान करने के बाद साफ वस्त्र धारण करें और हनुमान जी के मंदिर या घर के पूजा घर में चमेली के तेल का दीपक प्रज्वलित करें। उन्हें सिंदूर, चोला और चमेली के तेल का अर्पण करना बेहद फलदायी माना जाता है। पूजा के दौरान हनुमान जी के चमत्कारी मंत्रों का सच्चे मन से जाप करना चाहिए। 'ॐ हं हनुमते नमः' या 'राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे सहस्रनाम त तुल्यं राम नाम वरानने' मंत्र का नियमित जाप करने से मानसिक शांति मिलती है और शनि का भय समाप्त हो जाता है।हनुमान चालीसा का पाठ और अन्य अचूक उपायहनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) में तुलसीदास जी ने लिखा है बाल समय रवि भयो लहि यो ताहीं, मधुर फल जानि हनुमान जी ने भोजन किया था और संकट कटै मिटै सब पीरा, जो सुमिरै हनुमत बलबीरा। रोजाना सुबह और शाम के समय कम से कम तीन बार हनुमान चालीसा का पाठ करने से बड़े से बड़े संकट टल जाते हैं। इसके अलावा शनिवार के दिन गरीबों को दान देना, सुंदरकांड का पाठ करना और हनुमान जी को गुड़-चने का भोग लगाना भी अत्यंत लाभकारी उपाय माना गया है। इन छोटे-छोटे लेकिन प्रभावी उपायों से न सिर्फ शनिदेव प्रसन्न होते हैं, बल्कि जीवन में आ रही सभी बाधाएं भी हमेशा के लिए दूर हो जाती हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 3:08 pm

वैभव सूर्यवंशी की आतिशी बैटिंग और मयंक-अशोक की पेस से थरथराएगी विरोधी टीम

भारतीय क्रिकेट का भविष्य अब पूरी तरह से सुरक्षित हाथों में नजर आ रहा है, और इसका सबसे बड़ा उदाहरण घरेलू सर्किट से निकलकर अंतरराष्ट्रीय पटल पर छाने वाले युवा सितारे हैं। भारत और जिम्बाब्वे (IND vs ZIM) के बीच होने वाले मुकाबलों को लेकर क्रिकेट प्रेमियों के बीच उत्साह चरम पर है, क्योंकि इस बार टीम में ऐसे युवा धुरंधरों को मौका मिलने की उम्मीद है जो अपनी आक्रामक शैली से मैच का रुख पलटने का दम रखते हैं। इनमें सबसे बड़ा नाम युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) का है, जिनकी विस्फोटक बल्लेबाजी शैली किसी भी गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाने के लिए काफी मानी जाती है। वहीं दूसरी तरफ, गेंदबाजी विभाग में मयंक और अशोक की खौफनाक रफ्तार विपक्षी बल्लेबाजों की शामत लाने के लिए पूरी तरह तैयार है।वैभव सूर्यवंशी का खौफ: क्रीज पर उतरते ही गेंदबाजों की उड़ जाती है नींदकम उम्र में ही अपनी शानदार और बेखौफ बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत में तहलका मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर सुर्खियों में छाए हुए हैं। उनकी बल्लेबाजी तकनीक और मैदान के चारों तरफ बड़े शॉट खेलने की कला ने चयनकर्ताओं और विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। जब वह क्रीज पर उतरते हैं, तो विरोधी गेंदबाजों के माथे पर शिकन साफ देखी जा सकती है। जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में उनकी यह आक्रामक शैली टीम इंडिया को पावरप्ले में ही एक मजबूत शुरुआत दिलाने में अहम भूमिका निभा सकती है, जिससे फैंस को मैदान पर चौकों-छक्कों की बारिश देखने को मिलने की पूरी उम्मीद है।मयंक और अशोक की तेज रफ्तार से कांपेगा विपक्षी खेमासिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि गेंदबाजी के मोर्चे पर भी भारत के पास ऐसे युवा तेज गेंदबाज हैं जिनकी रफ्तार और स्विंग अच्छे-अच्छे बल्लेबाजों को बैकफुट पर धकेलने का माद्दा रखती है। मयंक और अशोक (Mayank and Ashok) की जोड़ी अपनी तीव्र गति (Pace and Bounce) के लिए जानी जाती है। पिच पर थोड़ी सी भी मदद मिलने पर ये गेंदबाज विपक्षी टीम के टॉप ऑर्डर को तहस-नहस करने की क्षमता रखते हैं। जिम्बाब्वे की पिचों पर इन गेंदबाजों की बाउंस और यॉर्कर गेंदों का सामना करना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होगा, और यही वजह है कि मैदान पर इन दोनों का गदर देखने को मिल सकता है।युवा ब्रिगेड से सजी टीम इंडिया का नया अंदाजभारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की युवा खिलाड़ियों को तराशने की रणनीति का यह एक बेहतरीन नमूना है। सीनियर खिलाड़ियों के साथ-साथ इन युवा प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच देना यह साबित करता है कि आने वाले समय में भारतीय टीम हर प्रारूप में दबदबा बनाए रखने के लिए पूरी तरह तैयार है। सीरीज के आगाज से पहले ही जिस तरह से इन युवा खिलाड़ियों की चर्चा हो रही है, उसने मुकाबलों के रोमांच को कई गुना बढ़ा दिया है। क्रिकेट फैंस यह देखने के लिए बेताब हैं कि मैदान पर उतरकर ये युवा सितारें अपनी चमक बिखेरने में कितने कामयाब होते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 3:05 pm

रोहित शर्मा के 2027 वर्ल्ड कप खेलने पर आई बहुत बड़ी अपडेट: बीसीसीआई अधिकारी ने संन्यास की खबरों पर तोड़ी चुप्पी

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) के भविष्य को लेकर पिछले कुछ दिनों से मीडिया और सोशल मीडिया पर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। खासकर इंग्लैंड दौरे के दौरान उनके फॉर्म और टीम की भविष्य की योजनाओं को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं सामने आ रही थीं। इस बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के शीर्ष अधिकारियों ने इन तमाम कयासों पर पूरी तरह विराम लगा दिया है। बोर्ड के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि फिलहाल रोहित शर्मा के संन्यास या उन्हें टीम से बाहर किए जाने को लेकर कोई चर्चा नहीं है और वह टीम की योजनाओं में पूरी तरह शामिल हैं।बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने खारिज की संन्यास की खबरेंबीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने मीडिया से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया है कि रोहित शर्मा के अंतरराष्ट्रीय भविष्य को लेकर जो भी बातें फैलाई जा रही हैं, उनका कोई मतलब नहीं है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि वर्तमान समय में रोहित के संन्यास का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। बोर्ड के मुताबिक, 'हिटमैन' रोहित शर्मा टीम इंडिया का अभिन्न हिस्सा हैं और जब तक वह चयन के लिए उपलब्ध हैं और स्कीम ऑफ थिंग्स में हैं, तब तक उनका सफर जारी रहेगा। बोर्ड के इस आधिकारिक रुख के बाद उन तमाम रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया गया है जिनमें दावा किया जा रहा था कि प्रबंधन अब सीनियर खिलाड़ियों से आगे बढ़ने की सोच रहा है।2027 वनडे वर्ल्ड कप खेलना है रोहित का मुख्य लक्ष्यरोहित शर्मा पहले ही टी20 और टेस्ट फॉर्मेट को अलविदा कह चुके हैं, लेकिन उनका पूरा फोकस इस समय वनडे क्रिकेट पर है। वह अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं और उनका सबसे बड़ा सपना साल 2027 में होने वाले अगले वनडे वर्ल्ड कप में देश के लिए मैदान पर उतरना है। हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई सीरीज के दौरान लॉर्ड्स के मैदान पर शानदार शतकीय पारी खेलकर रोहित ने यह साबित कर दिया कि उनके बल्ले की धार अभी कम नहीं हुई है। मैच के बाद उन्होंने खुद भी यह स्पष्ट किया था कि बाहरी शोर और आलोचनाओं से उनका ध्यान नहीं भटकता, उनका काम सिर्फ मैदान पर जाकर देश के लिए रन बनाना और टीम को जिताना है।फैंस के लिए राहत की बड़ी खबरक्रिकेट के गलियारों में इस बात को लेकर बहस छिड़ी हुई थी कि क्या चयनकर्ता युवा खिलाड़ियों को लंबा मौका देने के लिए सीनियर खिलाड़ियों को दरकिनार करेंगे। हालांकि, बीसीसीआई के इस स्पष्टीकरण के बाद यह तय माना जा रहा है कि रोहित शर्मा अपनी शानदार लय और अनुभव के दम पर आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में टीम इंडिया की अगुवाई और बल्लेबाजी क्रम को मजबूती देते रहेंगे। उनके फैंस के लिए यह किसी बड़ी खुशखबरी से कम नहीं है कि उनका यह चहेता खिलाड़ी अभी मैदान पर चौके-छक्के बरसाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 3:04 pm

वेस्टइंडीज सीरीज से बाहर होंगे श्रेयस अय्यर समेत 8 धुरंधर खिलाड़ी! बीसीसीआई की नई योजना से मची हलचल

भारतीय क्रिकेट टीम के भविष्य और आगामी अंतरराष्ट्रीय दौरों को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) एक बार फिर बड़े और कड़े फैसले लेने की तैयारी में जुट गया है। क्रिकेट गलियारों से सामने आ रही ताजा खबरों के अनुसार, वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली जाने वाली आगामी सीरीज के लिए टीम इंडिया में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इस संभावित बदलाव के तहत मिडिल ऑर्डर के स्टार बल्लेबाज श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) समेत लगभग 8 प्रमुख खिलाड़ियों को इस सीरीज से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। चयनकर्ताओं और बीसीसीआई का यह कदम भविष्य के लिए युवा खिलाड़ियों को तराशने और एक नई संतुलित टीम तैयार करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।क्या है खिलाड़ियों के बाहर होने की असली वजह?बीसीसीआई के सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, इस बड़े बदलाव के पीछे मुख्य रूप से खिलाड़ियों का वर्कलोड मैनेजमेंट (Workload Management), हालिया फॉर्म और आगामी व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर को मुख्य आधार बनाया गया है। लगातार क्रिकेट खेलने के कारण सीनियर खिलाड़ियों पर शारीरिक थकान का दबाव बढ़ रहा है, जिसे कम करने के लिए बोर्ड रोटेशन पॉलिसी अपनाने पर जोर दे रहा है। इसके अलावा, घरेलू क्रिकेट और इंडिया-ए की तरफ से शानदार प्रदर्शन करने वाले युवा खिलाड़ियों को अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का पूरा मौका देने की रूपरेखा तैयार की जा रही है।युवा खिलाड़ियों को मिलेगा मौका, टीम का बदलेगा कॉम्बिनेशनवेस्टइंडीज दौरे के लिए चुनी जाने वाली संभावित नई टीम में कई युवा चेहरों को शामिल किए जाने की प्रबल संभावना है। घरेलू सर्किट में धमाकेदार पारियां खेलने वाले युवा बल्लेबाजों और गेंदबाजों को स्क्वाड में जगह मिल सकती है ताकि टीम की बेंच स्ट्रेंथ को और अधिक मजबूत किया जा सके। चयन समिति यह स्पष्ट कर चुकी है कि आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स को ध्यान में रखते हुए टीम में फ्रेश टैलेंट को प्रमोट करना बेहद जरूरी है, जिससे टीम की ऊर्जा और फील्डिंग का स्तर दोनों बेहतर हो सकें।चयन समिति और टीम प्रबंधन का अगला कदमश्रेयस अय्यर जैसे अनुभवी खिलाड़ियों का बाहर होना और नई युवा टीम का गठन भारतीय क्रिकेट में एक नए बदलाव का संकेत दे रहा है। हालांकि, इन खिलाड़ियों को पूरी तरह से बाहर किया गया है या इन्हें केवल इस विशिष्ट सीरीज के लिए आराम दिया गया है, इस पर आधिकारिक घोषणा टीम चयन के समय ही स्पष्ट हो पाएगी। क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों की नजरें अब बीसीसीआई की आगामी चयन बैठक पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि वेस्टइंडीज के खिलाफ मैदान पर उतरने वाली नई टीम का फाइनल ब्लूप्रिंट क्या होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 3:03 pm

छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज: अगले 48 घंटे झमाझम भारी बारिश के आसार, मौसम विभाग ने जारी किया नया अलर्ट

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh Weather Update) में मानसून का दौर एक बार फिर बेहद आक्रामक और सक्रिय हो गया है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बादलों की आवाजाही के बीच अब मानसूनी सिस्टम पूरी तरह से मजबूत हो चुका है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) की ताजा अपडेट के मुताबिक, राज्य में अगले 48 घंटों के भीतर मौसम का मिजाज एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश तो कुछ चुनिंदा इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy Rainfall Alert) होने की प्रबल संभावना जताई गई है। लगातार हो रही इस मानसूनी गतिविधि से जहां एक ओर गर्मी और उमस से राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ जलभराव और नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।एक्टिव मानसूनी सिस्टम का असर, इन जिलों में गिरेगा सबसे ज्यादा पानीमौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में बने मानसूनी सिस्टम और चक्रवाती घेरे के प्रभाव के कारण छत्तीसगढ़ के मध्य और उत्तरी हिस्सों में बारिश का जोर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। राजधानी रायपुर समेत बिलासपुर, दुर्ग, सरगुजा और बस्तर संभाग के कई जिलों में झमाझम बौछारें पड़ने का अनुमान है। पिछले दिनों जिन जिलों में बारिश का आंकड़ा कम दर्ज किया गया था, वहां भी अब बादलों के बरसने से किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। हालांकि, मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए मैदानी इलाकों और निचले स्तर पर बसे बस्तियों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।उफान पर आ सकते हैं नदी-नाले, प्रशासन ने जारी की चेतावनीलगातार होने वाली मूसलाधार बारिश के चलते राज्य के कई इलाकों में नदी-नाले उफ़ान पर आने की आशंका बढ़ गई है। सुरक्षा के लिहाज से स्थानीय प्रशासन ने पहले से ही एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। कई बड़े जलाशयों और बांधों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर समय रहते पानी छोड़ा जा सके। इसके अलावा ग्रामीण अंचलों में लोगों से अपील की गई है कि वे तेज बहाव वाले पुल-पुलियों या उफनते नालों को पार करने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।किसानों के लिए राहत, आम जनजीवन के लिए एहतियात की जरूरतधान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में इस झमाझम बारिश का सीधा फायदा कृषि कार्यों और खरीफ की फसलों, विशेषकर धान की रोपाई को मिल रहा है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह मानसूनी बारिश फसलों के लिए संजीवनी का काम कर रही है। हालांकि, लगातार बारिश से शहर की सड़कों पर जलभराव और यातायात धीमा होने जैसी समस्याओं का सामना आम जनता को करना पड़ सकता है। ऐसे में यदि आप अगले दो दिनों के दौरान सफर पर निकलने की सोच रहे हैं, तो मौसम के ताज़ा अपडेट पर नजर जरूर बनाए रखें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 3:01 pm

विकास गर्ग से पूछताछ में हुआ बड़ा पर्दाफाश, जानिए किनकी पत्नियों के खातों में पहुंचता था अवैध कमाई का काला धन

देशभर में सनसनी फैलाने वाले और अरबों रुपयों के अवैध कारोबार से जुड़े बहुचर्चित महादेव बेटिंग ऐप (Mahadev Betting App Case) घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इसके काले राज एक के बाद एक बाहर आ रहे हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई लगातार तेज बनी हुई है। मामले से जुड़े अहम किरदार विकास गर्ग से हाल ही में की गई गहन पूछताछ के दौरान एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि ऐप के जरिए कमाए गए अवैध और बेहिसाब पैसों को किस तरह से चालाकी से अलग-अलग लोगों और मुख्य चेहरों की पत्नियों के बैंक खातों में डायवर्ट किया जाता था, ताकि जांच एजेंसियों की नजरों से बचा जा सके।कैसे होता था पैसों का हेरफेर और किन खातों का होता था इस्तेमाल?जांच एजेंसियों को लंबे समय से इस बात की तलाश थी कि महादेव ऐप के प्रमोटर्स और उनके सिंडिकेट के सदस्य अवैध रूप से कमाए गए करोड़ों रुपयों को ठिकाने कैसे लगाते हैं। विकास गर्ग से हुई पूछताछ के सूत्रों के अनुसार, हवाला चैनलों और फर्जी कंपनियों के जरिए आने वाले पैसों को छुपाने के लिए कई बेनामी और संदिग्ध बैंक खातों का जाल बुना गया था। इनमें कई ऐसे बैंक खाते भी शामिल थे जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस सिंडिकेट से जुड़े लोगों की पत्नियों या करीबी रिश्तेदारों के नाम पर संचालित हो रहे थे। इन खातों का इस्तेमाल केवल पैसे छिपाने के लिए नहीं, बल्कि आगे की अवैध सट्टेबाजी गतिविधियों में फंड सर्कुलेट करने के लिए भी किया जाता था।मनी लॉन्ड्रिंग के इस जाल से जुड़े कई और बड़े नाम आ सकते हैं सामनेविकास गर्ग द्वारा दिए गए इनपुट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर ईडी अब उन सभी बैंक खातों की एक-एक डिटेल खंगाल रही है जिनमें यह पैसा ट्रांसफर किया गया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस पूरे खेल में सिर्फ कुछ लोग ही नहीं, बल्कि कई बड़े हवाला कारोबारियों, स्थानीय सहयोगियों और प्रभावशाली चेहरों की संलिप्तता हो सकती है। पत्नियों और करीबियों के खातों में करोड़ों रुपए जमा कराने के इस खुलासे के बाद अब आने वाले दिनों में कुछ और हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारियों और संपत्तियों की जब्ती का सिलसिला तेज होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।कानूनी शिकंजा और देशव्यापी जांच का दायरामहादेव बेटिंग ऐप घोटाला पिछले कुछ सालों से देश की सबसे बड़ी जांचों में से एक बन चुका है। सीमा पार तक फैले इस सट्टेबाजी नेटवर्क के तार कई बॉलीवुड हस्तियों, राजनेताओं और बड़े व्यापारियों से भी जुड़ते नजर आए हैं। एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विकास गर्ग के खुलासे के बाद इस मनी ट्रेल (Money Trail) की अंतिम कड़ी तक कैसे पहुंचा जाए, ताकि इस अवैध साम्राज्य को पूरी तरह से ध्वस्त किया जा सके। इस ताजा खुलासे ने एक बार फिर से इस पूरे मामले में सियासी और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 2:57 pm

बिहार बंद पर सरकार की दो टूक चेतावनी: हिंसा और तोड़फोड़ की तो होगी तत्काल गिरफ्तारी

बिहार की राजनीति में चल रहे गरमागरम माहौल के बीच विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों द्वारा आहूत किए गए बिहार बंद को लेकर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय ने साफ शब्दों में चेतावनी जारी कर दी है कि बंद के नाम पर यदि किसी ने भी कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश की, सार्वजनिक या निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया और हिंसा फैलाई, तो बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे उपद्रवियों को तुरंत चिन्हित कर गिरफ्तार करने के कड़े निर्देश सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SPs) को दे दिए गए हैं। राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर लगातार निगरानी रखी जा रही है।प्रशासन का सख्त फरमान: शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार, लेकिन अराजकता बर्दाश्त नहींसरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि लोकतांत्रिक देश में हर किसी को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार है, लेकिन इसकी आड़ में आम जनजीवन को बाधित करना, गाड़ियों में तोड़फोड़ करना या कानून-व्यवस्था को खतरे में डालना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होगा। पिछले दिनों कुछ जिलों में हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसक झड़पों की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए इस बार खुफिया तंत्र और पुलिस प्रशासन को पूरी तरह मुस्तैद रहने को कहा गया है। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी फुटेज के जरिए हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है ताकि हुड़दंगियों से सख्ती से निपटा जा सके।आम जनजीवन और यातायात को सुरक्षित रखने के लिए विशेष इंतजामबिहार बंद के मद्देनजर राज्य के प्रमुख शहरों, बाजारों, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि आम नागरिकों, यात्रियों और व्यापारियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। पुलिस प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि यातायात बाधित न हो और स्कूल-कॉलेज तथा दफ्तर आने-जाने वाले लोगों को सुरक्षित माहौल मिले। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार फील्ड में उतरकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं और शांति समितियों के साथ बैठक कर सौहार्द बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।राजनीतिक सरगर्मी के बीच जनता से शांति की अपीलएक तरफ जहां राजनीतिक दल अपने-अपने मुद्दों को लेकर सड़क पर उतर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आम जनता की सुरक्षा और शांति बनाए रखना प्रशासन की पहली प्राथमिकता बनी हुई है। सरकार और पुलिस की इस कड़ी चेतावनी के बाद अब यह देखना अहम होगा कि बंद का असर जमीन पर कैसा रहता है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने में ज़रा भी देर नहीं लगाई जाएगी, जिससे अराजक तत्वों में खौफ का माहौल साफ देखा जा सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 2:55 pm

झारखंड में डिजिटल क्रांति: अब कोर्ट केस का पूरा हिसाब होगा ऑनलाइन, सरकार ने लॉन्च किया आधुनिक विधि पोर्टल 2.0

देशभर में न्यायिक प्रक्रिया को पारदर्शी, तेज और तकनीक-युक्त बनाने के लिए लगातार बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में झारखंड (Jharkhand) राज्य ने डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक और ऐतिहासिक छलांग लगाई है। राज्य में कानूनी कामकाज, मुकदमों की मॉनिटरिंग और कोर्ट केस के प्रबंधन को पूरी तरह पेपरलेस और पारदर्शी बनाने के लिए अत्याधुनिक 'विधि पोर्टल 2.0' (Vidhi Portal 2.0) को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया गया है। इस नए डिजिटल प्लेटफॉर्म के शुरू होने से अब राज्यभर के विभिन्न अदालतों में चल रहे मुकदमों, सरकारी मुकदमों की स्थिति और कानूनी मामलों का पूरा हिसाब-किताब एक क्लिक पर डिजिटल रूप में उपलब्ध होगा, जिससे वकीलों, अधिकारियों और आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।क्या है 'विधि पोर्टल 2.0' और कैसे बदलेगा न्याय प्रणाली का काम?झारखंड सरकार के विधि विभाग द्वारा तैयार किया गया यह नया पोर्टल पुराने वर्जन का एक एडवांस्ड और हाई-टेक अपडेटेड रूप है। 'विधि पोर्टल 2.0' की मदद से राज्य में दर्ज होने वाले हर छोटे-बड़े कोर्ट केस की रियल-टाइम ट्रैकिंग की जा सकेगी। किस मामले में अगली तारीख कब की है, कौन सा केस किस स्टेज पर है और उसमें सरकार या संबंधित विभाग का पक्ष क्या है, इसकी पूरी जानकारी अब एक ही सुरक्षित डिजिटल डैशबोर्ड पर मिल जाएगी। इससे फाइलों के खोने या लेट-लतीफी जैसी पुरानी समस्याओं से निजात मिलेगी और न्यायिक प्रक्रिया में अभूतपूर्व तेजी आएगी।वकीलों और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए वरदान बना डिजिटल प्लेटफॉर्मइस पोर्टल के लॉन्च होने से सबसे बड़ा फायदा न्यायिक अधिकारियों, सरकारी वकीलों (Government Pleaders) और विभिन्न प्रशासनिक विभागों को मिलेगा। पहले जहां मुकदमों के दस्तावेजों और फाइलों को ढूंढने में हफ्तों लग जाते थे, वहीं अब 'विधि पोर्टल 2.0' का स्मार्ट सर्च इंजन कुछ ही सेकंड में सारे दस्तावेज स्क्रीन पर ले आएगा। इसके अलावा, मामलों की ऑनलाइन समीक्षा (Review) करने और वकीलों की परफॉर्मेंस की मॉनिटरिंग करने में भी पारदर्शिता आएगी, जिससे अदालती मामलों के निपटारे में होने वाली देरी पर लगाम लगेगी।झारखंड में ई-ग गवर्नेंस और डिजिटल इंडिया की मजबूत होती नींवझारखंड सरकार की यह पहल डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस विजन को जमीनी स्तर पर उतारने की दिशा में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित हो रही है। आम जनता से लेकर बड़े कानूनी विशेषज्ञों तक ने इस कदम की सराहना की है। आने वाले दिनों में इस पोर्टल के और अधिक फीचर्स जोड़े जाने की उम्मीद है, जिससे तकनीकी रूप से झारखंड का विधि विभाग देश के अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल बन सके। कोर्ट कचहरी के चक्कर काटने और पन्नों के बंडलों से मुक्ति दिलाने वाला यह डिजिटल बदलाव राज्य के प्रशासनिक ढांचे में पारदर्शिता का एक नया दौर लेकर आया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 2:37 pm

हरियाणा में नौसेना के जांबाज जवान रविकांत को नम आंखों से अंतिम विदाई: माता-पिता के इकलौते सहारे और तीन साल पहले बंधी थी सेहरा की डोरी

देश की रक्षा के लिए अपनी जान की बाजी लगा देने वाले वीर सपूतों की शहादत और निधन की खबरें हमेशा हर देशवासी का दिल झकझोर देती हैं। हरियाणा (Haryana) में भारतीय नौसेना (Indian Navy) के एक जांबाज जवान रविकांत के आकस्मिक निधन के बाद पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। देश सेवा में समर्पित रहे रविकांत को उनके पैतृक गांव में राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं और हर जुबान पर 'रविकांत अमर रहें' के नारे गूंज रहे थे। माता-पिता के इकलौते बेटे और महज तीन साल पहले ही शादी के बंधन में बंधे इस युवा जवान के जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।माता-पिता के इकलौते बुढ़ापे का सहारा और देश सेवा का जज्बाकिसी भी परिवार के लिए अपना इकलौता बेटा खो देना दुनिया का सबसे बड़ा और असहनीय दर्द होता है। नौसेना के जवान रविकांत अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे और पूरे परिवार की उम्मीदें उन पर टिकी थीं। बचपन से ही देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा रखने वाले रविकांत ने अपनी मेहनत के दम पर भारतीय नौसेना में सेवा का अवसर पाया था। वे अपनी कर्तव्यनिष्ठा और मिलनसार स्वभाव के कारण अपने यूनिट और गांव दोनों जगह बेहद लोकप्रिय थे। उनकी इस अचानक क्षति ने न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे गांव और समाज को झकझोर कर रख दिया है।तीन साल पहले गूंजी थी शहनाई, घर में पसरा मातमरविकांत की जिंदगी में खुशियों का दौर कुछ साल पहले ही शुरू हुआ था जब उनकी धूमधाम से शादी हुई थी। शादी के महज तीन साल ही बीते थे कि यह बड़ी ट्रेजेडी हो गई। जवान की पत्नी, माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस घर में कुछ समय पहले तक खुशियों का माहौल हुआ करता था, आज वहां चीख-पुकार और मातम छाया हुआ है। सांत्वना देने के लिए पहुंचने वाले हर रिश्तेदार और स्थानीय नागरिक की आंखें इस दुखद घटना को देखकर नम हो जा रही हैं।राजकीय सम्मान के साथ अंतिम यात्रा और सैन्य श्रद्धांजलिजब देश के वीर जवान की पार्थिव देह तिरंगे में लिपटकर उनके पैतृक गांव पहुंची, तो पूरा इलाका भारत माता के नारों से गूंज उठा। जिला प्रशासन और भारतीय नौसेना के अधिकारियों की मौजूदगी में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। नम आंखों और भारी मन से परिजनों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। इस मुश्किल वक्त में पूरा प्रशासनिक अमला और स्थानीय लोग शोक संतप्त परिवार के साथ खड़े नजर आए, ताकि इस दुख की घड़ी में उन्हें ढांढस बंधाया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 2:34 pm

हरियाणा एसआईआर अपडेट: पूरा हुआ डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन अभियान, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर हुए 33 लाख 84 हजार नाम

हरियाणा में मतदाता सूचियों को पूरी तरह शुद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान को लेकर एक बहुत बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्यभर में चुनाव आयोग के निर्देश पर बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) द्वारा घर-घर जाकर किया जाने वाला डोर-टू-डोर सर्वे और सत्यापन का काम सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। इस व्यापक प्रशासनिक कवायद के बाद जो नई ड्राफ्ट मतदाता सूची तैयार की गई है, उसमें लगभग 33 लाख 84 हजार मतदाताओं के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। इस बड़े बदलाव के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।क्या है स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन और क्यों की गई यह कार्रवाई?भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा मतदाता सूचियों की गुणवत्ता सुधारने और उनमें मौजूद अशुद्धियों को दूर करने के लिए एसआईआर अभियान चलाया जा रहा है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मृत मतदाताओं, स्थाई रूप से अन्य स्थानों पर बस चुके लोगों (Shifted), और डुप्लीकेट प्रविष्टियों को मतदाता सूची से हटाना है, ताकि लोकतंत्र के इस महापर्व में सूचियां पूरी तरह त्रुटिहीन बनी रहें। हरियाणा में इस अभियान के तहत जब बीएलओ ने घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन किया, तो बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता मिले जो लंबे समय से अपने तय पते पर नहीं रह रहे थे या जिनकी पुष्टि नहीं हो पाई।ड्राफ्ट सूची से नाम हटने के पीछे क्या हैं मुख्य कारण?प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, डोर-टू-डोर अभियान के दौरान कई तरह के मामले सामने आए हैं। सत्यापन प्रक्रिया में मृत व्यक्तियों, प्रदेश या देश छोड़कर अन्य स्थानों पर स्थाई रूप से बस चुके नागरिकों और कई जगहों पर एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नामों को चिन्हित किया गया। नियमानुसार जब इन मामलों में पुख्ता डेटा मैच नहीं हुआ, तो उन्हें ड्राफ्ट सूची में जगह नहीं मिली। हालांकि, निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के मुताबिक जिन वैध मतदाताओं के नाम किन्हीं तकनीकी कारणों से इस सूची में छूट गए हैं, उनके लिए दावे और आपत्तियां (Claims and Objections) दर्ज कराने का प्रावधान रखा गया है ताकि किसी भी वास्तविक नागरिक का अधिकार न छिन सके।राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेजमतदाता सूची से इतनी बड़ी संख्या में नाम बाहर होने की खबर सामने आते ही राज्य में राजनीतिक दलों की सक्रियता भी बढ़ गई है। स्थानीय स्तर पर नेता और कार्यकर्ता इस बात का आकलन करने में जुट गए हैं कि उनके अपने विधानसभा क्षेत्रों में इस फेरबदल का चुनावी समीकरणों पर क्या असर पड़ सकता है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि पूरी पारदर्शिता के साथ नियमानुसार यह प्रक्रिया पूरी की जा रही है और अंतिम सूची के प्रकाशन से पहले सभी पात्र नागरिकों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा ताकि मतदाता सूची पूरी तरह से त्रुटिमुक्त और विश्वसनीय बन सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 2:33 pm

हरियाणा में गुरु रविदास जयंती पर बीजेपी का मेगा प्लान: वाराणसी से लाई जाएगी पवित्र मिट्टी, गांव-गांव चलेगा समरसता संकल्प अभियान

देशभर में संतों और महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए राजनीतिक दल लगातार नए-नए अभियान चला रहे हैं। इसी कड़ी में हरियाणा (Haryana) की राजनीति में आगामी गुरु रविदास जयंती (Guru Ravidas Jayanti) के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक बेहद भव्य और व्यापक मेगा प्लान तैयार किया है। इस रणनीतिक योजना के तहत उत्तर प्रदेश के पवित्र धार्मिक शहर वाराणसी से गुरु रविदास की जन्मस्थली से जुड़ी पवित्र मिट्टी हरियाणा लाई जाएगी। राज्य के हर कोने और गांव-गांव तक इस मिट्टी को पहुंचाकर 'समरसता संकल्प अभियान' (Samarsata Sankalp Abhiyan) का आगाज किया जाएगा। इस सियासी और सामाजिक रूप से बड़े कदम के जरिए पार्टी का मुख्य उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को एकजुट करना और सामाजिक समरसता का संदेश देना है।वाराणसी से हरियाणा तक जुड़ेगी आस्था की डोरसंत शिरोमणि गुरु रविदास की पावन जन्मस्थली काशी यानी वाराणसी (Varanasi) से लाई जाने वाली इस पवित्र मिट्टी का हरियाणा के प्रत्येक जिले और विधानसभा क्षेत्र में भव्य स्वागत करने की तैयारी की जा रही है। बीजेपी संगठन के वरिष्ठ नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की देखरेख में यह यात्रा निकाली जाएगी। इस पूरी पहल के पीछे का मुख्य उद्देश्य संत रविदास के समानता, भाईचारे और समरसता के संदेश को जमीनी स्तर पर आम जनता तक पहुंचाना है। हरियाणा की राजनीति में अनुसूचित जाति और दलित मतदाताओं की मजबूत पकड़ को देखते हुए इस अभियान को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।गांव-गांव पहुंचेगा 'समरसता संकल्प अभियान' और सियासी समीकरणहरियाणा के गांवों और ढाणियों तक इस अभियान के पहुंचने से बीजेपी को जमीनी स्तर पर एक नया वैचारिक आधार मिलने की उम्मीद है। 'समरसता संकल्प अभियान' के तहत चौपालों पर गोष्ठियां आयोजित की जाएंगी, जिनमें गुरु रविदास के जीवन दर्शन और उनके उपदेशों पर चर्चा होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष के जातीय समीकरणों और बयानों की काट के लिए बीजेपी का यह सांस्कृतिक और सामाजिक आउटरीच प्रोग्राम बेहद असरदार साबित हो सकता है। चुनाव के लिहाज से इस प्रकार के आयोजनों से पार्टी को मतदाताओं के साथ सीधा और भावनात्मक जुड़ाव बनाने में बड़ी मदद मिलती है।सामाजिक समरसता और राजनीतिक संदेश का अनूठा संगमसंतों की वाणी और उनके विचारों को राजनीति के साथ जोड़कर सकारात्मक संदेश देने की यह अनूठी पहल हरियाणा के सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में इस अभियान की रूपरेखा तैयार कर ली गई है और स्थानीय कार्यकर्ताओं को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। आने वाले दिनों में वाराणसी की इस पवित्र मिट्टी के साथ शुरू होने वाला यह महाअभियान राज्य की राजनीति में कितना बड़ा प्रभाव डालेगा, यह तो आने वाला वक्त बताएगा, लेकिन फिलहाल इस मेगा प्लान ने राजनीतिक तापमान को जरूर बढ़ा दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 2:30 pm

बीजेपी का मास्टर सोशल इंजीनियरिंग प्लान, क्या अखिलेश यादव की पीडीए रणनीति पर पड़ेगा भारी

उत्तर प्रदेश की राजनीति में साल 2027 के विधानसभा चुनाव (UP Elections 2027) की सुगबुगाहट अभी से तेज हो चुकी है और सभी राजनीतिक दल अपने-अपने समीकरणों को दुरुस्त करने में जुट गए हैं। एक तरफ जहां समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के प्रमुख अखिलेश यादव लगातार 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले के जरिएजमीनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उनके इस दांव की काट के लिए एक नया और बेहद धारदार सोशल इंजीनियरिंग प्लान तैयार किया है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि बीजेपी का यह नया चुनावी ब्लूप्रिंट विपक्ष की हर चाल को नाकाम करने और सभी जातियों को साधने के लिए पूरी तरह से तैयार किया गया है, जो आने वाले समय में चुनावी नतीजों को पूरी तरह बदल सकता है।बीजेपी का नया सोशल इंजीनियरिंग प्लान और जातियों का नया समीकरणउत्तर प्रदेश की सियासत हमेशा से जातिगत समीकरणों के इर्द-गिर्द घूमती रही है। बीजेपी हाईकमान और राज्य नेतृत्व ने मिलकर एक ऐसा नया सोशल इंजीनियरिंग फॉर्मूला तैयार किया है जिसके तहत केवल सवर्ण और पारंपरिक पिछड़ी जातियों के अलावा उन अति पिछड़ी और बेहद छोटी जातियों (Most Backward Castes) को प्रमुखता दी जा रही है, जो अब तक राजनीतिक रूप से हाशिए पर थीं। इस रणनीति के तहत स्थानीय स्तर पर क्षेत्रीय क्षत्रपों को आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि विपक्षी दलों के कोर वोटर माने जाने वाले तबके में सेंध लगाई जा सके। बीजेपी की यह खामोश लेकिन बेहद मजबूत रणनीति जमीन पर बूथ स्तर तक काम करना शुरू कर चुकी है।अखिलेश यादव का PDA फॉर्मूला बनाम बीजेपी की चक्रव्यूह रचनाअखिलेश यादव ने पिछले कुछ चुनावों से जिस तरह से पिछ, दलित और अल्पसंख्यकों को जोड़कर एक नया धारदार मोर्चा तैयार किया है, उसने बीजेपी के सामने एक बड़ी चुनौती पेश की है। लोकसभा चुनावों में इस रणनीति के बेहतर परिणाम मिलने के बाद से सपा खेमे का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है। हालांकि, बीजेपी के नए सोशल इंजीनियरिंग प्लान का मकसद इसी पीडीए समीकरण की हवा निकालना है। पार्टी उन छोटी-छोटी जातियों और उप-जातियों को साध रही है जिन्हें सपा या अन्य दल लंबे समय से नजरअंदाज करते आए हैं। यही वजह है कि राजनीतिक विश्लेषक इसे अखिलेश यादव की चुनावी रणनीति पर एक भारी और सुनियोजित प्रहार मान रहे हैं।2027 के दंगल में धरातल पर होगी असली परीक्षाआगामी 2027 के चुनावी रण में कौन सी रणनीति किस पर भारी पड़ेगी, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन इतना तय है कि उत्तर प्रदेश का राजनीतिक तापमान अपने चरम पर पहुंचने लगा है। लखनऊ से लेकर पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी तक के गांवों और चौपालों पर अब इसी बात की चर्चा है कि क्या बीजेपी का नया सोशल इंजीनियरिंग प्लान विपक्ष के हर वार को बेअसर कर पाएगा या फिर अखिलेश यादव का PDA चक्रव्यूह एक बार फिर बाजी मार ले जाएगा। चुनाव से पहले चल रही इन सियासी चालों ने यह साफ कर दिया है कि इस बार का मुकाबला बेहद रोमांचक और कांटे की टक्कर वाला होने वाला है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 2:29 pm

पेपर लीक और परीक्षा घोटालों पर केंद्र सरकार का बड़ा चाबुक: 'पब्लिक एग्जामिनेशन बिल 2026' में 10 साल तक जेल और ₹10 करोड़ जुर्माने का कड़ा प्रावधान

देश भर में NEET-UG, UGC-NET और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक व धांधली को लेकर मचे भारी हंगामे के बीच केंद्र सरकार सख्त कदम उठाने जा रही है। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और दोषियों पर शिकंजा कसने के लिए सरकार 27 जुलाई 2026 को लोकसभा में 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) (संशोधन) विधेयक, 2026' [Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026] पेश करेगी।इस संशोधित विधेयक में पेपर लीक में शामिल अपराधियों, कोचिंग सेंटरों, सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों और संगठित गिरोहों (Organized Crime Syndicates) के लिए सजा और जुर्माने की रकम में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की गई है। आइए एक नेशनल अफेयर्स और एजुकेशन-पॉलिसी रिपोर्टर के नजरिए से समझते हैं इस नए प्रस्तावित कानून के 5 सबसे कड़े प्रावधान।1. परीक्षा घोटालों में सजा और जुर्माने की नई सीमासरकार ने इस संशोधित कानून में दोषियों के लिए सजा और वित्तीय जुर्माने का दायरा बहुत बढ़ा दिया है:अपराध श्रेणीपुरानी सजा / जुर्मानानया प्रस्तावित कानून (2026)अनुचित साधनों का इस्तेमालकम सजा / ₹10 लाख जुर्माना5 से 10 साल की जेल + ₹50 लाख तक जुर्मानासर्विस प्रोवाइडर एजेंसियां4 साल बैन / ₹1 करोड़ जुर्माना8 साल का बैन + ₹5 करोड़ तक जुर्मानाकंपनी के निदेशक / वरिष्ठ अधिकारीकम कठोर नियमकम से कम 5 साल जेल + ₹5 करोड़ तक जुर्मानासंगठित माफिया / गिरोह5 साल जेल / ₹1 करोड़ जुर्माना7 से 10 साल जेल + ₹10 करोड़ न्यूनतम जुर्माना2. स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट और 3 महीने में न्याय का लक्ष्यअदालतों में मुकदमों के सालों-साल खिंचने की समस्या को खत्म करने के लिए विधेयक में बहुत ही सख्त समय-सीमा (Timeline) तय की गई है:स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट: हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश (UT) में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन होगा, जहां केवल परीक्षा घोटालों के मामलों की रोजाना सुनवाई (Daily Hearing) होगी।3 महीने में फैसला: चार्जशीट दाखिल होने के बाद अदालत को 3 महीने (90 दिन) के भीतर अपना अंतिम फैसला देना होगा। कानून बनने के बाद पुराने लंबित मामलों को भी इन्हीं अदालतों में शिफ्ट किया जाएगा।हाई कोर्ट में अपील की समय-सीमा: फास्ट ट्रैक कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट की दो जजों की बेंच में अपील की जा सकेगी, जिस पर भी 3 महीने के भीतर सुनवाई पूरी करनी होगी।3. STF करेगी जांच, 2 महीने में देनी होगी रिपोर्टपेपर लीक और परीक्षा में धांधली के मामलों की निष्पक्ष और तेज जांच के लिए केंद्र सरकार आवश्यकता पड़ने पर स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का गठन कर सकेगी।2 महीने की समय-सीमा: पुलिस, केंद्रीय जांच एजेंसी (जैसे CBI) या गठित STF को किसी भी सूरत में 2 महीने (60 दिन) के भीतर अपनी जांच पूरी करके चार्जशीट दाखिल करनी होगी, ताकि दोषियों को तुरंत कानूनी शिकंजे में लाया जा सके।स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर: राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को इन मामलों को मजबूती से लड़ने के लिए विशेष सरकारी वकील (Special Public Prosecutor) नियुक्त करने का अधिकार भी दिया गया है।लाखों छात्रों के भविष्य की सुरक्षा का लक्ष्यहाल के महीनों में नीट और यूजीसी-नेट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में हुई धांधली से लाखों अभ्यर्थियों और अभिभावकों के मन में परीक्षा प्रणाली के प्रति अविश्वास की स्थिति बन गई थी। केंद्र सरकार का मानना है कि फास्ट-ट्रैक अदालतों, भारी आर्थिक जुर्माने और कठोर जेल की सजा जैसे प्रावधानों के लागू होने के बाद परीक्षा माफिया और कोचिंग सिंडिकेट पर नकेल कसेगी और सरकारी परीक्षाओं की पवित्रता फिर से बहाल हो सकेगी

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 2:27 pm

नकल माफियाओं को मिट्टी में मिला देंगे': CJP प्रोटेस्ट के बीच सीएम योगी आदित्यनाथ की खुली हुंकार, विपक्ष पर साधा तीखा निशाना

देश की राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों तक इन दिनों छात्र प्रदर्शनों और प्रतियोगी परीक्षाओं के मुद्दों को लेकर सियासत अपने उफान पर है। जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए CJP प्रोटेस्ट और विभिन्न छात्र संगठनों के उग्र प्रदर्शनों के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने नकल माफियाओं और शिक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को लेकर एक बार फिर बेहद कड़े तेवर दिखाए हैं। अपने सख्त प्रशासनिक फैसलों और 'बुलडोजर मॉडल' के लिए पहचाने जाने वाले सीएम योगी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी नकल माफिया को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें पूरी तरह से मिट्टी में मिला दिया जाएगा। उनके इस आक्रामक रुख ने राज्य की राजनीति का पारा और अधिक बढ़ा दिया है।जंतर-मंतर के CJP प्रोटेस्ट और छात्र आंदोलन की गूंज लखनऊ तकदिल्ली में आयोजित CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) प्रोटेस्ट और देश भर के छात्रों द्वारा नीट-पेपर लीक व परीक्षा में धांधली को लेकर किए जा रहे प्रदर्शनों की तपिश अब सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक महसूस की जा रही है। देश के सबसे बड़े युवा मतदाता राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता हमेशा से एक संवेदनशील और बड़ा चुनावी मुद्दा रही है। दिल्ली के मंचों से जब विपक्षी दलों और छात्र नेताओं ने उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, तो उसके जवाब में सीएम योगी का यह कड़ा रुख सीधे तौर पर विरोधियों पर एक बड़ा राजनीतिक पलटवार माना जा रहा है।'मिट्टी में मिला देंगे' वाला पुराना अंदाज और जीरो टॉलरेंस नीतिअपने आक्रामक बयानों के लिए मशहूर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में अपराध और अपराधियों की तरह ही नकल माफियाओं के लिए भी कोई जगह नहीं है। सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) नीति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पिछले दशकों में मेधावी छात्रों के अधिकारों को बेचा है और नकल के दम पर शिक्षा व्यवस्था को कलंकित किया है, उनकी जड़ों पर सख्त कार्रवाई का हथौड़ा लगातार चलता रहेगा। सीएम के इस बयान ने यह साबित कर दिया है कि आगामी चुनावों से पहले सरकार युवाओं के मुद्दों पर किसी भी तरह की defensive मुद्रा में आने के बजाय पूरी आक्रामकता के साथ मैदान में डटी हुई है।यूपी के युवाओं और प्रतियोगी छात्रों के बीच छिड़ी नई बहसमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस कड़ी हुंकार के बाद प्रयागराज, कानपुर, वाराणसी और लखनऊ जैसे प्रमुख छात्र hubs पर युवाओं के बीच एक नई बहस छिड़ गई है। एक तरफ जहां छात्र परीक्षाओं के समय पर आयोजन और पेपर लीक मुक्त व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार द्वारा उठाए जा रहे कड़े प्रशासनिक कदमों की सराहना भी हो रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि CJP प्रोटेस्ट और इस हाई-प्रोफाइल छात्र आंदोलन के बीच सीएम योगी का यह बयान 2027 के चुनावी एजेंडे को पूरी तरह से सेट करने का काम कर रहा है, जहां 'कानून का राज' और 'युवाओं का भविष्य' सबसे बड़े केंद्र बिंदु बने हुए हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 2:27 pm

यूपी चुनाव 2027: जानिए कैसे सीएम योगी के 'फायरिंग रेंज' में सीधे आ गए अखिलेश यादव

देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर देश भर के छात्रों, युवाओं और विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा हाल ही में किए गए जोरदार प्रदर्शन ने राष्ट्रीय राजनीति की हवा बदल दी है। NEET-UG पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में धांधली और देश के युवाओं से जुड़े मुद्दों पर हुए इस बड़े गदर ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव 2027 (UP Elections 2027) के सियासी समीकरणों और एजेंडे को पूरी तरह से हिला कर रख दिया है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के प्रमुख अखिलेश यादव की सक्रियता ने सत्तारूढ़ दल को एक बड़ा मुद्दा दे दिया है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि इस हाई-प्रोफाइल छात्र आंदोलन के सहारे अखिलेश ने भले ही युवाओं को साधने की कोशिश की हो, लेकिन रणनीतिक रूप से वे सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के 'फायरिंग रेंज' में आ गए हैं।जंतर-मंतर का छात्र आंदोलन और यूपी की सियासत पर इसका कनेक्शनदिल्ली की सरजमीं पर चल रहे इस युवा और छात्र आंदोलन की तपिश अब सीधे तौर पर लखनऊ और उत्तर प्रदेश के चुनावी मैदान तक महसूस की जा रही है। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा युवा मतदाता राज्य है, जहां बेरोजगारी, पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाएं हमेशा से चुनावी हार-जीत की बड़ी वजह रही हैं। जंतर-मंतर पर जिस तरह से विभिन्न छात्र संगठनों और 'कॉकरोच जनता पार्टी' जैसे नए दलों के साथ विपक्षी नेता खड़े नजर आए, उसने स्पष्ट कर दिया है कि 2027 के दंगल में 'शिक्षा और युवा' सबसे बड़ा मुद्दा बनने वाला है। इस पूरे विरोध प्रदर्शन ने स्थानीय स्तर पर यूपी के युवाओं के बीच एक नई बहस छेड़ दी है, जिसका असर राज्य के हर जिले और कोचिंग हब में देखा जा रहा है।कैसे सीएम योगी के 'फायरिंग रेंज' में घिर गए अखिलेश यादव?राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जंतर-मंतर के इस मंच पर मुखर होकर कूदना अखिलेश यादव के लिए सियासी नफा-नुकसान दोनों तय कर सकता है। सीएम योगी आदित्यनाथ अपनी आक्रामक कार्यशैली और कानून-व्यवस्था के सख्त फैसलों के लिए जाने जाते हैं। जब बात युवाओं के मुद्दों और प्रशासनिक पारदर्शिता की आती है, तो बीजेपी सरकार हमेशा से विपक्ष पर हमलावर रही है। जंतर-मंतर के बहाने अखिलेश यादव के सीधे मैदान में उतरने से सत्तारूढ़ दल को उन पर और पुरानी सरकारों के कार्यकाल में हुई भर्तियों की पारदर्शिता पर सवाल उठाने का एक बड़ा मौका मिल गया है। मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में बीजेपी ने जिस तरह से माफियाओं और नकल माफियाओं पर बुलडोजर एक्शन लिया है, उसके मुकाबले विपक्ष के इन तेवरों को अब सीधे तौर पर बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के 'फायरिंग रेंज' में सेट कर दिया गया है।2027 के दंगल में युवाओं का वोट बैंक और जमीन पर सियासी गर्मीउत्तर प्रदेश के पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी यूपी तक के छात्र और युवा इस समय बहुत बारीकी से दिल्ली और लखनऊ की इन राजनीतिक गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ और कानपुर जैसे बड़े छात्र केंद्रों पर युवा इस बात को लेकर बहस कर रहे हैं कि आखिर उनके भविष्य के लिए कौन सा दल ज्यादा संवेदनशील है। समाजवादी पार्टी जहां इसे बीजेपी सरकार की नाकामी के रूप में भुनाने की कोशिश कर रही है, वहीं सत्ता पक्ष इसे केवल राजनीतिक स्टंट बताकर खारिज कर रहा है। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि जंतर-मंतर की यह चिंगारी 2027 के चुनावी रण में कितना बड़ा सियासी भूचाल लाती है, लेकिन फिलहाल इस महासंग्राम ने यूपी के राजनीतिक तापमान को अपने चरम पर पहुंचा दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 2:25 pm

देश भर में भड़का छात्र आक्रोश: जंतर-मंतर पर पुलिस-छात्रों के बीच झड़प, 'बिहार बंद' के दौरान कई शहरों में पथराव

नीट (NEET-UG) पेपर लीक विवाद और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में सुधारों की मांग को लेकर देश भर में छात्रों का गुस्सा अब चरम पर पहुंच चुका है। शनिवार (25 जुलाई 2026) को राजधानी दिल्ली से लेकर बिहार, यूपी, उत्तराखंड और केरल तक छात्र संगठनों ने बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर हो रहे इन प्रदर्शनों के दौरान कई स्थानों पर पुलिस और छात्रों के बीच तीखी झड़प, लाठीचार्ज और पथराव की घटनाएं सामने आई हैं।1. दिल्ली (जंतर-मंतर): फिर बढ़ा तनाव, लाठीचार्ज और पथरावदिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से चल रहा छात्रों का आंदोलन शनिवार को अचानक उग्र हो गया:पुलिस संग झड़प: प्रदर्शनकारी छात्र संसद मार्ग की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें रोकने के लिए पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी। इस दौरान बैरिकेड तोड़ने को लेकर छात्रों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और झड़प शुरू हो गई।लाठीचार्ज और वाटर कैनन: स्थिति बेकाबू होते देख सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग और लाठीचार्ज किया।पथराव की खबरें: भीड़ की ओर से पुलिस पर पथराव किए जाने के बाद जंतर-मंतर क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसके जवाब में पुलिस ने कई छात्र नेताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है।हाई-टेक निगरानी: दिल्ली पुलिस ने पूरे जंतर-मंतर क्षेत्र को हाई-टेक सीसीटीवी (CCTV) कैमरों, मोबाइल सर्विलांस वैन और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) के कड़े घेरे में ले लिया है।2. बिहार में 'बिहार बंद' का व्यापक असर: कई शहरों में हिंसक झड़पेंदिल्ली में छात्रों पर हुए पुलिस एक्शन के विरोध में वामपंथी छात्र संगठन आईसा (AISA) और अन्य छात्र मोर्चों द्वारा शनिवार को 'बिहार बंद' का आह्वान किया गया था, जिसका राज्य के कई जिलों में व्यापक और हिंसक असर देखा जा रहा है:सड़कों और रेल मार्गों पर जाम: पटना, बेगुसराय, कटिहार, दरभंगा और मुजफ्फरपुर में छात्रों ने सुबह से ही मुख्य सड़कों, राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) और रेलवे पटरियों पर उतरकर आवाजाही ठप कर दी।पथराव और झड़प: कटिहार और बेगुसराय में प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल के बीच तीखी झड़पें हुईं, जहां पुलिस पर पथराव की घटनाएं सामने आईं। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले और लाठियां भांजनी पड़ीं।पटना में भारी बल तैनाती: राजधानी पटना में डाकबंगला चौराहा और अशोक राजपथ के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने कई स्थानों से प्रदर्शनकारी छात्रों को हिरासत में लिया है।छात्रों और प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगे क्या हैं?शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: छात्र संगठन लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं।NTA का पुनर्गठन: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली में पूरी पारदर्शिता लाने और पेपर लीक रोधी कड़े कानून लागू करने की मांग की जा रही है।मुआवजे और मुकदमों की वापसी: आंदोलन के दौरान पीड़ित छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दर्ज पुलिस केसों को वापस लेने की मांग उठाई जा रही है।देश भर के विभिन्न राज्यों (केरल, महाराष्ट्र, यूपी और राजस्थान) में भी छात्र संगठनों का समर्थन बढ़ता जा रहा है, जिससे केंद्र सरकार और प्रशासन पर दबाव बेहद बढ़ गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 2:17 pm

जंतर-मंतर बवाल के बाद RAF का बड़ा एक्शन: पैलेट गन और इलेक्ट्रिक शॉक वाले खतरनाक हथियारों पर लगाई पूरी रोक

देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए उग्र विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा बलों के साथ हुए टकराव के बाद दंगारोधी विशिष्ट बल रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक फैसला किया है। भविष्य में होने वाले किसी भी आंदोलन या भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान अब जवानों द्वारा पैलेट गन (Pellet Guns) और इलेक्ट्रिक शॉक देने वाले आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया जाएगा। रैपिड एक्शन फोर्स के आला अधिकारियों ने इन घातक और विवादित उपकरणों के प्रयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है, जिसे देश की आंतरिक सुरक्षा और मानवाधिकारों के लिहाज से एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।जंतर-मंतर के प्रदर्शनों के बाद क्यों लेना पड़ा यह फैसला?पिछले कुछ दिनों में जंतर-मंतर पर छात्रों और विभिन्न संगठनों के बड़े आंदोलनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था। इस दौरान भीड़ को तितर-बितर करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कुछ आधुनिक हथियारों, विशेष रूप से इलेक्ट्रिक शॉक स्टिक और पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। कई मानवाधिकार संगठनों और नागरिक समाज ने इन हथियारों से प्रदर्शनकारियों को होने वाली गंभीर चोटों पर गहरी आपत्ति जताई थी। इसी फीडबैक और आंतरिक समीक्षा के बाद आरएफ ने अपनी रणनीतियों में यह बड़ा और मानवीय बदलाव करने का फैसला किया।अब उपद्रवियों से निपटने के लिए क्या होगी सुरक्षा बलों की नई रणनीति?इस नए आदेश के बाद रैपिड एक्शन फोर्स ने अपने जवानों के लिए भीड़ प्रबंधन (Crowd Control) के नियमों को पूरी तरह से अपग्रेड कर दिया है। पैलेट गन और इलेक्ट्रिक शॉक हथियारों की जगह अब गैर-घातक (Non-Lethal) और सुरक्षित विकल्पों पर जोर दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन, आधुनिक आंसू गैस के गोलों और हल्के लाठीचार्ज जैसे पारंपरिक लेकिन सुरक्षित तरीकों का ही इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही जवानों को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि वे बिना किसी को गंभीर नुकसान पहुंचाए कानून-व्यवस्था को पूरी तरह से बहाल रख सकें।दिल्ली-NCR की सुरक्षा और स्थानीय कानून व्यवस्था पर इसका सीधा असरइस फैसले का सीधा असर दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम जैसे संवेदनशील दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) के इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा, जहां आए दिन बड़े धरने और प्रदर्शन होते रहते हैं। दिल्ली पुलिस और आरएएफ की संयुक्त टुकड़ियां अब नए प्रोटोकॉल के तहत ही तैनात की जाएंगी। जानकारों का मानना है कि इस कदम से जहां एक ओर पुलिस और जनता के बीच टकराव के दौरान होने वाली गंभीर हिंसक घटनाओं और मौतों में कमी आएगी, वहीं दूसरी ओर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने वाले नागरिकों में भी सुरक्षा बलों के प्रति एक सकारात्मक संदेश जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 1:37 pm