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पति भी जान सकता है पत्नी की कमाई, कोर्ट ने कहा- सवाल पूछने का हक...

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने भरण-पोषण से जुड़े मामले में कहा है कि पति को भी पत्नी की आय और कमाई के सोर्स को लेकर सवाल करने का पूरा हक है. कोर्ट ने इस मामले में कहा है कि पति को जिरह का हक है.

आज तक 2 Sep 2026 10:36 pm

'हाथ-पैर टूट जाएं तो भी RSS...', नासिक में बोले राहुल गांधी

राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के नासिक में कांग्रेस के 68 जिलाध्यक्षों से संगठन सृजन अभियान के तहत बैठक की. उन्होंने कांग्रेस की विचारधारा पर मजबूती से टिके रहने और आम लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझने पर जोर दिया.

आज तक 2 Sep 2026 10:31 pm

Confirmed Train Ticket Hacks: दशहरा, दिवाली से छठ तक घर जाने के लिए चाहिए कन्फर्म ट्रेन टिकट? सीट पक्की करने के लिए अपनाएं ये 4 आसान तरीके

दशहरा, दीपावली और आस्था के महापर्व छठ पूजा के दौरान देश के बड़े औद्योगिक व मेट्रो शहरों (जैसे दिल्ली, मुंबई, सूरत, बेंगलुरु और चेन्नई) से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल की ओर जाने वाली ट्रेनों में सीटों की भारी मारामारी शुरू हो जाती है। बुकिंग विंडो खुलते ही चंद मिनटों में सीटें फुल हो जाती हैं और स्क्रीन पर 'वेटिंग लिस्ट' (Waiting List) या 'नो रूम/रिग्रेट' (Regret) दिखने लगता है। यदि आप भी त्योहारों पर अपने घर जाने की योजना बना रहे हैं और साधारण तरीके से आपको टिकट नहीं मिल पा रहा है, तो रेलवे की आधिकारिक व्यवस्थाओं और स्मार्ट ट्रिक्स का इस्तेमाल करके अपनी कन्फर्म सीट पक्की कर सकते हैं।1. IRCTC 'मास्टर लिस्ट' (Master List) से सेकंडों में पूरा करें बुकिंगत्योहारी सीजन में तत्काल या जनरल कोटा खुलते ही सबसे बड़ी चुनौती समय की होती है। फॉर्म भरते-भरते सीटें निकल जाती हैं।क्या करें: टिकट बुकिंग शुरू होने से पहले ही अपने IRCTC ऐप या वेबसाइट में 'My Profile' > 'Master List' सेक्शन में जाएं।फायदा: यहां अपने और परिजनों के नाम, उम्र, लिंग, बर्थ प्रेफरेंस और आधार विवरण पहले से सेव कर लें।नतीजा: जब टिकट विंडो खुलेगी, तो यात्रियों की जानकारी टाइप करने के बजाय 'Add Existing' पर एक क्लिक करते ही सभी यात्रियों का डेटा तुरंत ऑटो-फिल हो जाएगा, जिससे आपके कम से कम 45 से 60 सेकंड बचेंगे और टिकट कन्फर्म होने की संभावना कई गुना बढ़ जाएगी।2. 'विकल्प' (Vikalp Scheme) का चयन करें: दूसरी ट्रेन में मिलेगी गारंटीड सीटरेलवे द्वारा चलाई जाने वाली ऑल्टरनेट ट्रेन अकोमोडेशन स्कीम (ATAS) यानी 'विकल्प' योजना उन यात्रियों के लिए वरदान है जिनका टिकट वेटिंग में चला जाता है।कैसे काम करता है: टिकट बुक करते समय 'Vikalp' के चेकबॉक्स पर टिक करें। इसमें आप उसी रूट की 7 अन्य वैकल्पिक ट्रेनों का चयन कर सकते हैं।नियम: यदि आपकी मुख्य ट्रेन में चार्ट बनने तक टिकट वेटिंग रह जाता है, तो रेलवे का सिस्टम अपने आप आपकी चुनी गई दूसरी ट्रेनों में खाली सीट होने पर बिना किसी अतिरिक्त किराए के आपको कन्फर्म बर्थ अलॉट कर देता है। इसके लिए आपको कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ता।3. तत्काल बुकिंग का '2-स्टेप' पेमेंट फॉर्मूला और समय का गणितयदि जनरल कोटे में सीटें खत्म हो चुकी हैं, तो यात्रा की तारीख से ठीक एक दिन पहले तत्काल कोटे का सहारा लिया जा सकता है। (एसी क्लास के लिए सुबह 10:00 बजे और स्लीपर क्लास के लिए सुबह 11:00 बजे विंडो खुलती है)।IRCTC iMudra / e-Wallet का प्रयोग: नेट बैंकिंग या डेबिट कार्ड से भुगतान करने पर अक्सर बैंक के ओटीपी (OTP) आने में देरी हो जाती है और टिकट हाथ से निकल जाता है।फास्ट चेकआउट: IRCTC ई-वॉलेट या यूपीआई (UPI QR Code स्कैन) का इस्तेमाल करें। ई-वॉलेट में पहले से पैसे लोड करके रखने से पेमेंट पेज पर ओटीपी की जरूरत नहीं पड़ती और मात्र 5 सेकंड में ट्रांजैक्शन पूरा हो जाता है।4. बोर्डिंग स्टेशन ट्रिक और 'प्रीमियम तत्काल' (Premium Tatkal)अक्सर बड़े स्टेशनों से टिकट खत्म हो जाते हैं, लेकिन मध्यवर्ती या शुरुआती स्टेशनों के लिए कोटा उपलब्ध रहता है।बोर्डिंग स्टेशन तकनीक: यदि आपके गंतव्य तक की डायरेक्ट सीट उपलब्ध नहीं है, तो ट्रेन जहां से शुरू हो रही है (Originating Station) वहां से टिकट बुक करें और अपना 'Boarding Point' अपने नजदीकी स्टेशन को चुन लें। इससे रेलवे के नियमों के तहत आपकी सीट सुरक्षित रहती है और आप अपने स्टेशन से बिना किसी जुर्माने के ट्रेन पकड़ सकते हैं।प्रीमियम तत्काल: तत्काल में भी सीट न मिलने पर 'प्रीमियम तत्काल' (PT) कोटे को चेक करें। इसमें डायनामिक प्राइसिंग के तहत टिकट दरें अधिक होती हैं, लेकिन त्योहारों के दौरान भी सीटें आखिरी समय तक आसानी से मिल जाती हैं।इसके अलावा, भारतीय रेलवे त्योहारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हर साल सैकड़ों 'फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें' (Puja Special Trains) चलाता है। नियमित ट्रेनों के अलावा रेलवे के आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल और आईआरसीटीसी पोर्टल पर स्पेशल ट्रेनों के नोटिफिकेशन पर लगातार नजर रखें, क्योंकि इनकी घोषणा होते ही पूरी ट्रेन में सीटें खाली उपलब्ध होती हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Sep 2026 10:31 pm

पटना में डेंगू से मौत के बाद अब रांची में स्वाइन फ्लू का बढ़ा भयंकर खौफ, मिले 3 पॉजिटिव मरीज, डॉक्टरों ने हाथ मिलाने तक से किया सख्त मना

देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के बदलते मिजाज के साथ ही खतरनाक और जानलेवा बीमारियों ने एक बार फिर से अपना पैर पसारना शुरू कर दिया है, जिससे आम जनता के बीच भारी दहशत का माहौल बना हुआ है. एक तरफ जहां बिहार की राजधानी पटना में डेंगू के डंक से एक मरीज की दर्दनाक मौत होने की खबर ने स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा रखा है, वहीं दूसरी तरफ झारखंड की राजधानी रांची में स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 (H1N1) वायरस के तेजी से फैलते प्रकोप ने लोगों की नींद उड़ा दी है. रांची में अचानक से स्वाइन फ्लू के तीन पॉजिटिव मामले सामने आने के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है और एहतियात के तौर पर कई कड़े कदम उठाए जाने शुरू कर दिए गए हैं. संक्रमण के इस बढ़ते खतरे को देखते हुए डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को आपस में हाथ मिलाने तक से सख्त परहेज करने की सलाह दी है ताकि इस तेजी से फैलने वाले संक्रामक वायरस की चेन को समय रहते तोड़ा जा सके. स्वाइन फ्लू और डेंगू जैसी बीमारियां हर साल मानसून और सर्दियों के बीच के संक्रमण काल में सबसे ज्यादा कहर बरपाती हैं, और यदि शुरुआती स्तर पर ही इनसे बचाव के पुख्ता उपाय न किए जाएं, तो यह महामारी का रूप ले सकती हैं. आइए इस गंभीर स्थिति की पूरी तह में जाकर सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं कि पटना और रांची में फैल इन दोनों खतरनाक बीमारियों का वर्तमान हाल क्या है और इससे बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्या-क्या विशेष गाइडलाइंस जारी की गई हैं.पटना में डेंगू का बढ़ता प्रकोप और एक मरीज की मौत से मचा हड़कंपबिहार की राजधानी पटना में पिछले कुछ हफ्तों से लगातार डेंगू मरीजों की संख्या में तेजी से उछाल देखने को मिल रहा है, जो प्रशासन के लिए चिंता का बड़ा विषय बन गया है. अस्पतालों के जनरल वार्ड से लेकर प्राइवेट क्लीनिकों तक हर जगह प्लेटलेट्स कम होने की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों का तांता लगा हुआ है. इसी कड़ी में पटना के एक प्रतिष्ठित अस्पताल में इलाज के दौरान डेंगू से पीड़ित एक मरीज की मौत होने की पुष्टि के बाद से शहरभर में कोहराम मच गया है. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, शहर के कई इलाके जैसे कंकड़बाग, बोरिंग रोड, राजेंद्र नगर और पाटलिपुत्र कॉलोनी डेंगू के लिहाज से सबसे ज्यादा संवेदनशील यानी हॉटस्पॉट बने हुए हैं. डॉक्टरों का कहना है कि लगातार हो रही हल्की बारिश और जलभराव के कारण मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल माहौल मिल रहा है, जिसकी वजह से एडीज मच्छर बेकाबू होकर डेंगू का वायरस तेजी से फैला रहे हैं. प्रशासन द्वारा हालांकि फॉगिंग और एंटी-लार्वा का छिड़काव कराने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति अभी भी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ पाई है. डेंगू के इस बढ़ते संक्रमण ने लोगों को अपने घरों के आसपास पानी जमा न होने देने और पूरी बांह के कपड़े पहनने के लिए मजबूर कर दिया है, क्योंकि लापरवाही बरतने पर यह जानलेवा साबित हो सकता है.रांची में स्वाइन फ्लू का भयानक हमला, तीन नए पॉजिटिव मरीजों मिलने से सहमा शहरएक तरफ जहां पटना में डेंगू अपनी जानलेवा दस्तक दे रहा है, वहीं दूसरी ओर झारखंड की राजधानी रांची में स्वाइन फ्लू के तीन नए पॉजिटिव मामले सामने आने के बाद सनसनी फैल गई है. रांची के अलग-अलग अस्पतालों में जब कुछ संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर उनकी आरटी-पीसीआर (RT-PCR) जांच कराई गई, तो उनमें एच1एन1 वायरस की पुष्टि हुई, जिसके बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है. स्वाइन फ्लू एक बेहद संक्रामक रेस्पिरेटरी बीमारी है जो हवा और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बहुत तेजी से फैलती है, और यही वजह है कि इसके मरीजों के सामने आते ही शहर के चिकित्सा संस्थानों ने तुरंत विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार करने शुरू कर दिए हैं. स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि संक्रमित पाए गए सभी मरीजों का इलाज कड़े चिकित्सीय प्रोटोकॉल के तहत किया जा रहा है और उनके संपर्क में आए परिजनों तथा अन्य लोगों की भी कांटेक्ट ट्रेसिंग की जा रही है. रांची में सर्दियों की आहट के साथ ही इस तरह के फ्लू के वायरस एक्टिव हो जाते हैं, जो कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों, बुजुर्गों और बच्चों को अपनी चपेट में सबसे पहले लेते हैं. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी भी व्यक्ति को तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं महसूस हों, तो वे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और अपनी जांच करवाएं ताकि समय रहते संक्रमण को फैलने से रोका जा सके.संक्रमण को रोकने के लिए डॉक्टरों की सख्त चेतावनी, हाथ मिलाने और भीड़भाड़ से बचेंरांची में स्वाइन फ्लू के मामलों में अचानक हुई वृद्धि को देखते हुए मेडिकल एक्सपर्ट्स और जिला स्वास्थ्य अधिकारियों ने आम जनता के लिए बेहद सख्त और जरूरी एडवाइजरी जारी की है. डॉक्टरों का साफ कहना है कि स्वाइन फ्लू और अन्य वायरल संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बहुत तेजी से फैलते हैं, इसलिए जब तक इस पर काबू नहीं पाया जाता, तब तक लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत है. संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए डॉक्टरों ने लोगों को आपस में हाथ मिलाने, गले मिलने या शारीरिक संपर्क बनाने से पूरी तरह बचने की सख्त सलाह दी है. हाथ मिलाने के बजाय पारंपरिक भारतीय तरीके से 'नमस्ते' करने की आदत डालने पर जोर दिया जा रहा है ताकि हाथों के जरिए वायरस एक-दूसरे तक न पहुंच सके. इसके अलावा, मॉल, सिनेमाघरों, बाजारों और सार्वजनिक परिवहन जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाते समय हर हाल में फेस मास्क पहनने और हाथों को बार-बार सैनिटाइज या साबुन से धोने के निर्देश दिए गए हैं. चूंकि छींकने या खांसने के दौरान निकलने वाली सूक्ष्म बूंदें हवा में फैलकर दूसरों को संक्रमित कर सकती हैं, इसलिए मुंह और नाक को रूमाल या टिशू पेपर से ढकना अनिवार्य कर दिया गया है. स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यदि जनता इन छोटे-छोटे लेकिन बेहद महत्वपूर्ण नियमों का सख्ती से पालन करे, तो इस फ्लू की चेन को आसानी से तोड़ा जा सकता है.डेंगू और स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए प्रशासन के पुख्ता इंतजाम और जागरूकता अभियानबिहार और झारखंड की राजधानियों में पैर पसार रही इन दोनों गंभीर बीमारियों से निपटने के लिए दोनों राज्यों के स्वास्थ्य विभागों ने कमर कस ली है और युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं. पटना में जहां नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमें घर-घर जाकर कूलर, गमलों और छतों पर रखे पुराने टायरों की जांच कर रही हैं और पानी मिलने पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ लार्वा नष्ट करने वाली दवाइयां डाल रही हैं, वहीं रांची में भी अस्पतालों को पूरी तरह हाई अलर्ट पर रख दिया गया है. रांची के सदर और रिम्स (RIMS) जैसे बड़े अस्पतालों में स्वाइन फ्लू की जांच किट और ओसेल्टामिफिर (Oseltamivir) जैसी जीवन रक्षक एंटीवायरल दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके. इसके साथ ही, जिला प्रशासन द्वारा नुक्कड़ नाटक, लाउडस्पीकर और प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का महाअभियान चलाया जा रहा है ताकि लोग अपनी सेहत को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें. डॉक्टरों का यह भी कहना है कि खानपान में पौष्टिक चीजों को शामिल करें, विटामिन सी से भरपूर फल खाएं और अपने शरीर को पूरी तरह हाइड्रेटेड रखें ताकि रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी मजबूत बनी रहे और शरीर ऐसे खतरनाक वायरसों का डटकर मुकाबला कर सके.

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Sep 2026 10:31 pm

Senior Citizen FD Rates: वरिष्ठ नागरिकों की बल्ले-बल्ले! फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिल रहा 8.50% तक का धमाकेदार ब्याज; जानिए किन बैंकों ने खोला तोहफों का पिटारा

रिटायरमेंट के बाद अपनी गाढ़ी कमाई को बिना किसी बाजार जोखिम के सुरक्षित रखना और उस पर नियमित व अधिकतम मासिक या त्रैमासिक आय प्राप्त करना हर वरिष्ठ नागरिक की पहली प्राथमिकता होती है। जहां देश के बड़े सरकारी और निजी बैंक (जैसे SBI, PNB और HDFC Bank) बुजुर्गों को 3 से 5 साल की एफडी पर 7.00% से 7.50% के आसपास ब्याज दे रहे हैं, वहीं स्मॉल फाइनेंस बैंकों (SFBs) ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है।सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक (Suryoday SFB), इक्विटास (Equitas SFB) और शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक चुनिंदा अवधियों (विशेष रूप से 5 वर्ष और स्पेशल टेन्योर) पर 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिकों को 8.50% तक का वार्षिक ब्याज ऑफर कर रहे हैं।किन बैंकों में मिल रहा है 8.50% तक का उच्चतम रिटर्न?वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य खाताधारकों की तुलना में 50 बेसिस प्वाइंट्स (0.50%) तक का अतिरिक्त ब्याज मिलता है। वर्तमान में शीर्ष रिटर्न देने वाले बैंकों का विवरण इस प्रकार है:बैंक का नामवरिष्ठ नागरिकों के लिए उच्चतम ब्याज दर (p.a.)प्रमुख टेन्योर (अवधि)सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक (Suryoday SFB)8.50%5 वर्ष की अवधिइक्विटास / एसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक8.30% - 8.50%2 से 3 वर्ष की स्पेशल बास्केटशिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक8.50%चुनिंदा रिटेल डिपॉजिट टेन्योरजना स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana SFB)8.30% - 8.50%2 वर्ष से 3 वर्ष (FD Plus)उत्कर्ष / उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक8.20% - 8.25%15 महीने से 3 वर्ष₹5 लाख जमा करने पर कितना बनेगा रिटर्न?यदि कोई वरिष्ठ नागरिक 8.50% की दर पर ₹5,00,000 की राशि 5 साल के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करता है, तो त्रैमासिक चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) के आधार पर मिलने वाला रिटर्न:कुल मूलधन (Principal): ₹5,00,000लागू वार्षिक ब्याज दर: 8.50%5 साल में कुल अर्जित ब्याज: लगभग ₹2,61,4905 साल बाद कुल मैच्योरिटी राशि: ₹7,61,490यदि कोई बुजुर्ग हर महीने या हर 3 महीने पर पेंशन के रूप में ब्याज लेना चाहता है, तो उसे 8.50% की दर पर लगभग ₹3,540 मासिक या ₹10,625 त्रैमासिक की नियमित आय प्राप्त होगी।क्या स्मॉल फाइनेंस बैंकों में आपका पैसा 100% सुरक्षित है?कई बुजुर्गों के मन में यह संशय रहता है कि क्या छोटे बैंकों में पैसा लगाना सुरक्षित है।RBI का शेड्यूल्ड बैंक दर्जा: ये सभी बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा विनियमित और शेड्यूल्ड बैंक के रूप में रजिस्टर्ड हैं।DICGC की ₹5 लाख की गारंटी: आरबीआई की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी संस्था 'डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन' (DICGC) के तहत प्रत्येक जमाकर्ता के मूलधन और ब्याज को मिलाकर ₹5,00,000 तक की पूरी रकम पर 100% सुरक्षा गारंटी मिलती है।सुरक्षित रणनीति: यदि आपके पास ₹10 से ₹15 लाख की पूंजी है, तो सारा पैसा एक बैंक में लगाने के बजाय दो या तीन अलग-अलग बैंकों में ₹5-5 लाख के टुकड़ों में बांटकर (FD Laddering) जमा करें, जिससे पूरी पूंजी पर डीआईसीजीसी का सुरक्षा कवर भी बना रहे और 8.50% का उच्चतम रिटर्न भी मिले।वरिष्ठ नागरिकों के लिए टैक्स छूट के नियमधारा 80TTB का लाभ: आयकर कानून की धारा 80TTB के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को एक वित्तीय वर्ष में बैंक एफडी और बचत खातों से अर्जित ब्याज पर ₹50,000 तक की कुल छूट मिलती है। ₹50,000 तक के ब्याज पर कोई टीडीएस (TDS) नहीं कटता।फॉर्म 15H जमा करना न भूलें: यदि आपकी कुल वार्षिक आय कर-योग्य सीमा से कम है, तो वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही बैंक में Form 15H जमा कर दें, ताकि बैंक आपका टीडीएस न काटे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Sep 2026 10:30 pm

झारखंड में एसआईआर (SIR) को लेकर भड़के कपिल सिब्बल, बोले- सुनियोजित साजिश के तहत राज्य में मुसलमानों को बनाया जा रहा है निशाना

भारतीय राजनीति और न्यायपालिका के गलियारों में समय-समय पर ऐसे कई ज्वलंत मुद्दे उठ खड़े होते हैं जो पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लेते हैं, और वर्तमान समय में झारखंड से जुड़ा एक ऐसा ही संवेदनशील मामला सियासी गलियारों में तूफान की तरह छाया हुआ है। देश के जाने-माने वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने झारखंड में चल रहे विशेष मतदाता पुनरीक्षण या एसआईआर (SIR) से जुड़े मामलों को लेकर एक बहुत बड़ा और तीखा बयान दिया है, जिसने राष्ट्रीय राजनीति का तापमान अचानक से काफी बढ़ा दिया है। कपिल सिब्बल ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए यह आरोप लगाया है कि झारखंड की धरती पर एक खास रणनीति और सुनियोजित साजिश के तहत विशेष समुदाय यानी मुसलमानों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जो भारतीय संविधान की मूल भावना और धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने पर बहुत बड़ा और सीधा प्रहार है। उनके इस सनसनीखेज बयान के सामने आने के बाद से ही राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेजी से शुरू हो चुका है और हर कोई अपने-अपने राजनीतिक चश्मे से इस बयान के मायने तलाशने में जुटा हुआ है। एक तरफ जहां विपक्षी दल इस मामले को लेकर सत्ता पक्ष और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इसे लेकर कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर भी गहमागहमी का माहौल पैदा हो गया है। आइए इस पूरे गंभीर और संवेदनशील मामले की तह में जाकर सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं कि आखिर कपिल सिब्बल के इस बयान के पीछे की पूरी पृष्ठभूमि क्या है और झारखंड की सियासत में यह एसआईआर (SIR) विवाद किस प्रकार तूल पकड़ता जा रहा है।क्या है झारखंड का एसआईआर (SIR) विवाद और क्यों गरमाई है सियासतकिसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता सूचियों का शुद्धिकरण, पुनरीक्षण और पारदर्शी प्रक्रिया चुनाव आयोग का एक नियमित और संवैधानिक दायित्व माना जाता है, जिसके तहत पात्र नागरिकों के नाम जोड़े जाते हैं और फर्जी या मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं। लेकिन जब किसी खास राज्य या संवेदनशील भौगोलिक क्षेत्र में इस तरह की प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अंजाम दिया जाता है, तो कई बार राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों के चलते वह विवादों के घेरे में आ जाती है। झारखंड राज्य में चल रही इस प्रक्रिया को लेकर पिछले कुछ हफ्तों से लगातार स्थानीय स्तर पर विरोध के स्वर उठ रहे थे और कई राजनीतिक दलों व संगठनों द्वारा यह शिकायतें दर्ज कराई जा रही थीं कि चुनिंदा इलाकों और खास समुदायों के लोगों को निशाना बनाकर उनके नाम सूचियों से हटाने या आपत्तियां दर्ज कराने का खेल खेला जा रहा है। इसी पूरे घटनाक्रम ने उस समय एक राष्ट्रीय राजनीतिक मोड़ ले लिया जब देश के वरिष्ठ कानूनविद् कपिल सिब्बल ने इस पर खुलकर अपनी बात रखी और प्रशासनिक मशीनरी की मंशा पर सीधे तौर पर सवालिया निशान लगा दिए। उनका यह कहना कि इस पूरी प्रक्रिया के पीछे किसी राजनीतिक दल या सत्ता के गलियारों में बैठी ताकतों की सोची-समझी साजिश काम कर रही है, ने झारखंड के राजनीतिक तापमान को एकदम से चरम पर पहुंचा दिया है। अब यह मुद्दा केवल स्थानीय प्रशासनिक जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह देश भर के मानवाधिकारों, संवैधानिक अधिकारों और चुनावी निष्पक्षता से जुड़ी एक बड़ी बहस का रूप ले चुका है।कपिल सिब्बल के तीखे तेवर और मुसलमानों को निशाना बनाए जाने के गंभीर आरोपप्रेस कॉन्फ्रेंस और मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए कपिल सिब्बल ने बेहद सख्त शब्दों का इस्तेमाल किया और कहा कि लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर में यदि नागरिकों के अधिकारों के साथ इस तरह का खिलवाड़ होने लगे, तो यह देश के भविष्य के लिए बहुत खतरनाक संकेत है। उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के सीधे तौर पर यह आरोप लगाया कि झारखंड में एसआईआर (SIR) की आड़ में विशेष रूप से मुस्लिम बहुल क्षेत्रों और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के मताधिकार को कमजोर करने या उन्हें सूची से बाहर करने की गुप्त कवायद चल रही है। सिब्बल ने तर्क दिया कि यदि प्रशासनिक मशीनरी निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम करती, तो एक ही समुदाय के लोगों को बार-बार अपनी नागरिकता और पहचान साबित करने के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यह केवल किसी एक व्यक्ति या परिवार की समस्या नहीं है, बल्कि एक पूरे समुदाय को हाशिए पर धकेलने और उनके लोकतांत्रिक हकों को छीनने की सुनियोजित राजनीतिक साजिश का हिस्सा है, जिसे किसी भी कीमत पर चुपचाप सहन नहीं किया जा सकता। उनके इन बयानों ने देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने और चुनावी शुद्धता की पारदर्शिता पर एक बहुत बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, जिस पर अब देश भर के विधि विशेषज्ञों, राजनीतिक विश्लेषकों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की पैनी नजर टिकी हुई है।चुनाव आयोग और केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए गए बड़े संवैधानिक सवालइस पूरे विवाद के दायरे में केवल स्थानीय प्रशासन ही नहीं, बल्कि देश का सर्वोच्च चुनाव आयोग और केंद्र सरकार की नीतियां भी सीधे तौर पर आ खड़ी हुई हैं। कपिल सिब्बल ने अपने संबोधन के दौरान चुनाव आयोग की संवैधानिक स्वायत्तता और उसकी निष्पक्ष कार्यशैली पर भी गंभीर और तीखे सवाल दागे। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का यह प्राथमिक कर्तव्य है कि वह देश के प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की रक्षा करे और किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव या भेदभाव से पूरी तरह ऊपर उठकर काम करे, लेकिन झारखंड के मामले में आयोग की तरफ से अपेक्षित संवेदनशीलता और पारदर्शिता दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने सवाल किया कि क्या चुनाव आयोग इस बात से पूरी तरह अनजान है कि धरातल पर किस प्रकार प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग करके एक खास वर्ग को प्रताड़ित किया जा रहा है और उनके नाम मताधिकार सूची से बाहर किए जा रहे हैं। सिब्बल ने केंद्र सरकार को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल करके इस तरह की ध्रुवीकरण की राजनीति को बढ़ावा देना देश की एकता और अखंडता के लिए बेहद घातक साबित हो सकता है। उनके इन बयानों के बाद से राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर से यह बहस छिड़ गई है कि क्या भारत में चुनावी प्रक्रियाएं पूरी तरह से निष्पक्ष बची हैं या फिर उन पर भी राजनीतिक दवाबों के बादल मंडराने लगे हैं।झारखंड की स्थानीय राजनीति और आने वाले चुनावों पर पड़ने वाले इसके गहरे प्रभावझारखंड एक ऐसा राज्य है जहां की सामाजिक, जनसांख्यिकीय और राजनीतिक बनावट बेहद संवेदनशील और विविधतापूर्ण मानी जाती है, और यहां का हर छोटा-बड़ा मुद्दा सीधे तौर पर चुनावी समीकरणों को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। राज्य में पहले से ही राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज रहती है, और ऐसे समय में कपिल सिब्बल द्वारा उठाए गए इस एसआईआर (SIR) के मुद्दे ने आग में घी डालने का काम किया है। राज्य की सत्ताधारी पार्टियों और विपक्षी दलों के बीच इस बयान के बाद से बयानबाजी का दौर चरम पर पहुंच गया है, जहां एक पक्ष इसे अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा की लड़ाई बता रहा है, तो दूसरा पक्ष इसे केवल राजनीतिक स्टंट और तुष्टिकरण की राजनीति करार दे रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के संवेदनशील मुद्दों का असर सीधे तौर पर जमीन पर रहने वाले मतदाताओं के मानस पर पड़ता है, जिससे चुनावी माहौल और ज्यादा ध्रुवीकृत हो सकता है। झारखंड के राजनीतिक भविष्य और आगामी रणनीतिक वार्ताओं के लिहाज से यह विवाद आने वाले दिनों में और अधिक तूल पकड़ सकता है, क्योंकि दोनों ही तरफ के राजनीतिक दल इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाने और अपनी-अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने का कोई भी मौका छोड़ना नहीं चाहते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Sep 2026 10:30 pm

Exclusive Banking Fraud Compensation: ऑनलाइन फ्रॉड में डूबे पैसे वापस मिलेंगे! ₹25,000 तक के नुकसान पर मुआवजे का प्रस्ताव, समझें RBI, बैंक और ग्राहक के बीच देनदारी का पूरा गणित

देश में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI), नेट बैंकिंग और क्रेडिट/डेबिट कार्ड के बढ़ते चलन के साथ साइबर अपराधियों द्वारा वित्तीय धोखाधड़ी (Financial Cyber Fraud) के मामलों में भी भारी इजाफा हुआ है। अक्सर फिशिंग लिंक्स, फर्जी कॉल या मैलवेयर के जरिए आम नागरिकों की गाढ़ी कमाई बैंक खातों से उड़ा ली जाती है।छोटे खुदरा ग्राहकों और वरिष्ठ नागरिकों को साइबर ठगी के भारी नुकसान से बचाने के लिए वित्तीय तंत्र में ₹25,000 तक के अनधिकृत लेनदेन पर संस्थागत मुआवजा व सुरक्षा शील्ड प्रदान करने की व्यापक रूपरेखा पर काम किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्वरित सूचना देने पर निर्दोष खाताधारकों को अपनी पूरी जमा पूंजी से हाथ न धोना पड़े।अनधिकृत लेनदेन पर दायित्व का वर्तमान ढांचा: RBI की 'सीरो लायबिलिटी' नीतिभारतीय रिजर्व बैंक के मौजूदा दिशानिर्देशों (Customer Liability in Unauthorised Electronic Banking Transactions) के तहत किसी भी वित्तीय धोखाधड़ी में नुकसान की भरपाई तीन मुख्य श्रेणियों पर निर्भर करती है:1. बैंक की तकनीकी खामी पर 100% शून्य देनदारी (Zero Liability):यदि फ्रॉड बैंक के सिस्टम, सर्वर में सेंध या बैंक की आंतरिक लापरवाही के कारण हुआ है, तो ग्राहक की देनदारी शून्य होती है। पूरा नुकसान बैंक को वहन करना होता है, चाहे ग्राहक ने शिकायत तुरंत की हो या नहीं।2. थर्ड पार्टी ब्रीच (Third-Party Breach - 3 दिन का नियम):यदि सिस्टम में कोई सुरक्षा चूक न तो ग्राहक की ओर से हुई और न ही बैंक की ओर से, बल्कि थर्ड पार्टी साइबर अटैक या डेटा ब्रीच के जरिए हुई:3 कार्य दिवसों के भीतर सूचना देने पर: ग्राहक की देनदारी पूरी तरह शून्य (Zero Liability) होती है और पूरा रिफंड बैंक को देना होता है।4 से 7 कार्य दिवसों के भीतर सूचना देने पर: ग्राहक की अधिकतम देनदारी लेनदेन मूल्य या ₹5,000 से ₹25,000 (खाते के प्रकार के आधार पर) के बीच सीमित (Limited Liability) कर दी जाती है।7 दिनों के बाद सूचना देने पर: देनदारी बैंक के बोर्ड द्वारा अनुमोदित आंतरिक नीति के आधार पर तय होती है।3. ग्राहक की प्रत्यक्ष लापरवाही (Customer Negligence):यदि ग्राहक ने जानबूझकर अपना ओटीपी (OTP), सीवीवी (CVV), पिन या नेट बैंकिंग पासवर्ड किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा किया है, तो बैंक को सूचना देने तक का पूरा नुकसान ग्राहक का होता है। बैंक को अनधिकृत लेनदेन की सूचना मिलने के बाद होने वाले किसी भी आगे के ट्रांजैक्शन की जिम्मेदारी बैंक की होती है।प्रस्तावित ₹25,000 तक के मुआवजे का गणित: कौन देगा कितने पैसे?छोटे और मध्यम डिजिटल फ्रॉड (जो कुल साइबर अपराधों का 70% से अधिक हिस्सा हैं) के त्वरित निपटारे के लिए एक बहुस्तरीय 'सुरक्षा और इंश्योरेंस पूल' (Security & Fraud Insurance Pool) के मॉडल पर विचार किया जा रहा है:हितधारक (Entity)प्रस्तावित भूमिका और देनदारी का अनुपातकार्यप्रणालीग्राहक (Victim/Consumer)₹0 से ₹1,000 (शून्य या नाममात्र कटौती)यदि ग्राहक ने घटना के 2 से 4 घंटे के भीतर 'गोल्डन ऑवर' में रिपोर्ट किया है, तो ग्राहक पर कोई आर्थिक भार नहीं डाला जाएगा। मामूली लापरवाही के मामलों में एक न्यूनतम टोकन कटौती (Deductible) हो सकती है।बैंक और पेमेंट गेटवे (Issuing Bank & Aggregator)40% से 50% हिस्सेदारीयदि बैंक के पास फ्रॉड प्रिवेंशन सिस्टम (जैसे सस्पेक्टेड अकाउंट फ्लैगिंग या असामान्य लोकेशन लॉगिन डिटेक्शन) की विफलता पाई जाती है, तो नुकसान का बड़ा हिस्सा संबंधित बैंक या पेमेंट एग्रीगेटर के आंतरिक प्रोविजनिंग फंड से कटेगा।आरबीआई समर्थित डिपॉजिटर प्रोटेक्शन / फ्रॉड फंड30% से 40% हिस्सेदारीकेंद्रीय नियामक के तत्वावधान में बनने वाले विशेष साइबर सुरक्षा जोखिम पूल (Cyber Risk Mitigation Reserve) से सहायता प्रदान की जाएगी, जो बैंक और इंश्योरेंस कंपनियों के संयुक्त अंशदान से संचालित होगा।साइबर इंश्योरेंस कवरेज (Inbuilt Insurance)शेष बची राशिबचत खातों और यूपीआई हैंडल के साथ इनबिल्ट माइक्रो-इंश्योरेंस कवरेज जोड़कर क्लेम सेटलमेंट को 10 से 15 दिनों के भीतर पूरा किया जाएगा।फ्रॉड होते ही 'गोल्डन ऑवर' में ये 3 काम तुरंत करेंकिसी भी प्रकार के ऑनलाइन फ्रॉड के बाद मुआवजे या रिफंड की संभावना तभी सबसे अधिक होती है जब पीड़ित त्वरित कदम उठाए:1. नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें: घटना के तुरंत बाद गृह मंत्रालय के हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज करें। इससे फ्रॉड ट्रांजैक्शन की वित्तीय ट्रेल ट्रैक होती है और ठग के खाते में पैसे को फ्रीज (Lien Mark) कर दिया जाता है।2. बैंक को औपचारिक सूचना दें (Service Request Number लें): तुरंत बैंक के 24x7 हेल्पलाइन, ऐप या नेट बैंकिंग के जरिए संबंधित डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या यूपीआई आईडी को ब्लॉक कराएं और अनधिकृत लेनदेन की औपचारिक शिकायत दर्ज कराएं।3. लिखित शिकायत और पावती: नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराकर उसकी पावती (Acknowledgement Copy) बैंक को ईमेल के जरिए भेजें ताकि समय-सीमा का कानूनी रिकॉर्ड बना रहे।बैंक को अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन की सूचना मिलने के बाद निर्धारित कार्य दिवसों के भीतर संबंधित राशि को ग्राहक के खाते में 'शैडो क्रेडिट' (अस्थायी जमा) के रूप में लौटाना होता है, जब तक कि आंतरिक जांच पूरी न हो जाए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Sep 2026 10:29 pm

Credit Card Closure Delay Penalty: बैंक नहीं बंद कर रहा आपका क्रेडिट कार्ड? जानिए RBI का कड़ा नियम, 7 दिन की देरी होते ही आपको रोज मिलेंगे ₹500!

नया क्रेडिट कार्ड बेचते समय बैंक और वित्तीय संस्थान ग्राहकों को दिन में कई बार फोन कर लुभावने ऑफर्स देते हैं, लेकिन जब कोई ग्राहक उपयोग न होने वाले कार्ड को हमेशा के लिए बंद (Cancel/Close) कराना चाहता है, तो अक्सर उसे जटिल प्रक्रियाओं, रिटेंशन कॉल्स और कस्टमर केयर के टालमटोल का सामना करना पड़ता है। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है या बैंक आपकी कैंसिलेशन रिक्वेस्ट पर हफ्तों तक कुंडली मारकर बैठा है, तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का एक बेहद सख्त नियम सीधे तौर पर आपके आर्थिक अधिकार की रक्षा करता है।आरबीआई के मास्टर डायरेक्शन के अनुसार, यदि तय समय-सीमा के भीतर बैंक आपका क्रेडिट कार्ड बंद करने में नाकाम रहता है, तो उसे अपनी जेब से आपको प्रतिदिन ₹500 का हर्जाना (Compensation) देना होगा।क्या है RBI का 7 दिन वाला नियम और ₹500 का दैनिक हर्जाना?भारतीय रिजर्व बैंक के 'मास्टर डायरेक्शन ऑन क्रेडिट कार्ड एंड डेबिट कार्ड (इश्यूएंस एंड कंडक्ट) डायरेक्शंस' के पैराग्राफ 8 में क्रेडिट कार्ड बंद करने की स्पष्ट समय-सीमा तय की गई है:7 कार्य दिवसों की डेडलाइन: कार्डधारक की ओर से औपचारिक आवेदन मिलने के बाद कार्ड जारीकर्ता बैंक या कंपनी को अधिकतम 7 वर्किंग डेज (कार्य दिवस) के भीतर कार्ड को अनिवार्य रूप से बंद करना होगा।8वें दिन से ₹500 रोज की पेनल्टी: यदि बैंक 7 कार्य दिवसों में खाता बंद करने में विफल रहता है, तो 8वें दिन से पेनल्टी मीटर शुरू हो जाता है। बैंक को तब तक ₹500 प्रति कैलेंडर दिन के हिसाब से ग्राहक के खाते में हर्जाना जमा करना होगा, जब तक कि कार्ड औपचारिक रूप से क्लोज न हो जाए।लाखों रुपये तक का मुआवजा: हाल ही में ऐसे मामले भी सामने आए हैं जहां बैंक द्वारा महीनों तक क्लोजर रिक्वेस्ट पेंडिंग रखने पर बैंकिंग लोकपाल ने बैंक को ग्राहक को ₹3 लाख से अधिक का मुआवजा देने का आदेश दिया।₹500 प्रतिदिन का मुआवजा पाने के लिए ये 3 शर्तें पूरी होना जरूरीइस कानूनी अधिकार और मुआवजे का दावा आप तभी मजबूती से कर सकते हैं, जब आपने अपनी ओर से प्रक्रियात्मक औपचारिकताएं सही रखी हों:1. बकाया राशि शून्य (Zero Balance) होना अनिवार्य: कार्ड बंद करने का अनुरोध भेजते समय आपके कार्ड पर कोई भी बिल, पेंडिंग ईएमआई (EMI), वार्षिक मेंटेनेंस चार्ज या बिना बिल वाला खर्च बाकी नहीं होना चाहिए। यदि खाते में ₹1 का भी बकाया रह गया, तो बैंक तकनीकी आधार पर हर्जाने से इनकार कर सकता है।2. लिखित/डिजिटल रिकॉर्ड और टिकट नंबर: केवल मौखिक फोन कॉल पर भरोसा न करें। हमेशा आधिकारिक मोबाइल बैंकिंग ऐप, नेट बैंकिंग या बैंक के अधिकृत शिकायत ईमेल पते के जरिए कार्ड बंद करने का अनुरोध भेजें। आवेदन के बाद मिलने वाला सर्विस रिक्वेस्ट (SR) नंबर, पावती या ईमेल का स्क्रीनशॉट संभालकर रखें, क्योंकि यही तारीख का आधिकारिक प्रमाण होगा।3. रिवॉर्ड पॉइंट्स रिडीम करने का अधिकार: आरबीआई नियमों के तहत कार्ड जारीकर्ता को कार्ड बंद होने पर कार्ड में मौजूद वैध रिवॉर्ड पॉइंट्स को भुनाने (Redeem) के लिए कार्डधारक को कम से कम 30 दिनों का समय देना अनिवार्य है।बैंक शाखा (Branch) के चक्कर लगाने के लिए मजबूर नहीं कर सकताअक्सर बैंक शाखा प्रबंधक ग्राहकों से कहते हैं कि क्रेडिट कार्ड बंद कराने के लिए उन्हें होम ब्रांच आकर फॉर्म भरना होगा। आरबीआई ने अपनी गाइडलाइंस में साफ कर दिया है कि बैंक किसी भी ग्राहक को सिर्फ ब्रांच आने के लिए बाध्य नहीं कर सकते।बैंकों को अपनी आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप, समर्पित हेल्पलाइन, आईवीआर (IVR) और रजिस्टर्ड ईमेल जैसे डिजिटल माध्यमों पर वन-क्लिक क्लोजर का विकल्प देना अनिवार्य है। कार्ड सफलतापूर्वक बंद होने पर बैंक को तत्काल एसएमएस और ईमेल के माध्यम से कंफर्मेशन देना होता है। इसके साथ ही 30 दिनों के भीतर क्रेडिट ब्यूरो (CIBIL, Experian) को भी अकाउंट क्लोजर की सूचना भेजना बैंक की जिम्मेदारी होती है।अगर बैंक 7 दिन बाद भी कार्ड बंद न करे और हर्जाना न दे, तो क्या करें?यदि 7 कार्य दिवस बीत चुके हैं और आपका कार्ड अब भी एक्टिव दिख रहा है, तो इस स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया का पालन करें:स्टेप 1 (प्रिंसिपल नोडल ऑफिसर को ईमेल): बैंक के कस्टमर केयर के बजाय सीधे बैंक के 'प्रिंसिपल नोडल ऑफिसर' (Principal Nodal Officer - PNO) को ईमेल भेजें। इसमें अपना सर्विस टिकट नंबर, आवेदन की तारीख और RBI Master Direction - Credit Card Paragraph 8 का हवाला देते हुए ₹500 प्रतिदिन के हर्जाने की मांग करें।स्टेप 2 (RBI बैंकिंग लोकपाल में ऑनलाइन शिकायत): यदि बैंक 30 दिनों के भीतर आपकी शिकायत का समाधान नहीं करता या मुआवजा देने से मना करता है, तो आप बिना किसी कानूनी खर्च के सीधे आरबीआई के कंप्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल cms.rbi.org.in पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।कार्रवाई: आरबीआई लोकपाल (Banking Ombudsman) दोनों पक्षों की जांच के बाद बैंक को क्लोजर की तारीख तक के पूरे दिनों का ₹500 प्रति दिन के हिसाब से मुआवजा ग्राहक के खाते में ट्रांसफर करने का आदेश देता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Sep 2026 10:28 pm

राजस्थान में 9 खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित

जयपुर। राजस्थान में संचालित शुद्ध आहार–मिलावट पर वार अभियान के तहत असुरक्षित खाद्य पदार्थों पर राज्यभर में रोक लगा दी गई और नौ खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए जबकि बिना लाइसेंस कारोबार करने वाले तीन प्रतिष्ठानों के रजिस्ट्रेशन निरस्त किया गया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट और असुरक्षित […] The post राजस्थान में 9 खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 2 Sep 2026 10:25 pm

'मछली नहीं खाते तो फिर भोज में गए ही क्यों?' ओमप्रकाश राजभर के इस तीखे सवाल ने बढ़ाई यूपी की सियासी गर्मी

उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानों के तीर अक्सर सियासी फिजाओं में गर्मी पैदा करते रहते हैं, और इस बार का यह ताजा विवाद सीधे तौर पर सुहेलवाद भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और कद्दावर नेता ओमप्रकाश राजभर तथा उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय के बीच छिड़ गया है। राजनीति के गलियारों में कब कौन सा मुद्दा तूल पकड़ ले और किस बात पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो जाए, इसका अनुमान लगाना अक्सर मुश्किल होता है। हाल ही में एक ऐसा ही दिलचस्प और तीखा वाकया सामने आया है जिसके बाद सूबे की सियासत एक बार फिर से गर्मा गई है और दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। पूरा मामला एक सार्वजनिक भोज और उसमें परोसी गई खानपान की चीजों से जुड़ा हुआ है, जिसे लेकर ओमप्रकाश राजभर ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पर सीधा और तीखा तंज कसा है। राजभर ने अपने खास और बेबाक अंदाज में सवालिया लहजे में कहा है कि जब अजय राय यह अच्छी तरह से जानते थे और खुद इस बात का दावा करते हैं कि वे मछली नहीं खाते हैं, तो फिर आखिर वे उस भोज में शिरकत करने के लिए गए ही क्यों थे? राजभर के इस बयान के सामने आने के बाद से ही राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो चुका है और इस पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस बयानबाजी के पीछे की असल पृष्ठभूमि क्या है और राजनीति के इस नए दंगल में कौन-क्या कह रहा है, आइए इस पूरे घटनाक्रम और उसके हर पहलू को विस्तार से समझते हैं।क्या है पूरा मामला और क्यों छिड़ा है खानपान को लेकर यह सियासी विवादउत्तर प्रदेश की सियासत में व्यक्तिगत प्राथमिकताओं, खानपान की आदतों और सार्वजनिक आयोजनों में नेताओं की मौजूदगी को लेकर अक्सर बहस छिड़ जाती है, लेकिन इस बार का विवाद थोड़ा हटकर और ज्यादा दिलचस्प है। राजनीतिक कार्यक्रमों या सामाजिक भोजों में नेताओं का आना-जाना आम बात है, जहां वे तमाम लोगों से मिलते-जुलते हैं और अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं। लेकिन जब किसी भोज के मेनू और उसमें परोसे जाने वाले व्यंजनों को लेकर राजनीतिक दल आमने-सामने आ जाएं, तो मामला विवादित बन जाता है। हाल ही में एक ऐसे ही भोज का आयोजन हुआ था जिसमें राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की कई बड़ी हस्तियों ने हिस्सा लिया था। इसी आयोजन को लेकर जब पत्रकारों ने सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर से सवाल किया, तो उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के अपनी बात रखी और सीधे तौर पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को अपने निशाने पर ले लिया। राजभर का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब विपक्षी दल और सत्ता पक्ष के नेता एक-दूसरे को घेरने का कोई भी मौका हाथ से जाने नहीं दे रहे हैं। खानपान की इस चर्चा ने अब सियासी गलियारों में एक नया मोड़ ले लिया है, जहां हर कोई यह जानने के लिए उत्सुक है कि आखिर इस भोज के पीछे की पूरी सच्चाई क्या है और इस बयान के क्या दूरगामी राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।ओमप्रकाश राजभर के तीखे तेवर और अजय राय पर किया गया करारा कटाक्षअपनी बेबाक बयानबाजी और तीखे तेवरों के लिए मशहूर ओमप्रकाश राजभर ने इस मुद्दे पर बोलते हुए किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती और सीधा हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राजनीति में कुछ लोग सिर्फ सुर्खियों में बने रहने के लिए हर जगह पहुंच जाते हैं, भले ही वहां की चीजें उनके अनुकूल हों या न हों। राजभर ने व्यंग्य करते हुए कहा कि जब अजय राय को यह अच्छी तरह पता था कि उस भोज में क्या परोसा जा रहा है और वे सार्वजनिक तौर पर खुद को शाकाहारी या मछली न खाने वाला बताते हैं, तो फिर ऐसी जगह जाने का औचित्य ही क्या था? उन्होंने कहा कि अगर आप किसी कार्यक्रम में सिर्फ राजनीति चमकाने या विरोध दर्ज कराने के लिए जाते हैं, तो आपकी नीयत पर सवाल उठना लाजमी है। राजभर के इस तीखे कटाक्ष ने कांग्रेस खेमे में हलचल पैदा कर दी है और उनके इस बयान को लेकर सियासी विश्लेषक भी अपने-अपने तरीके से कयास लगा रहे हैं। सुभासपा अध्यक्ष का यह अंदाज पुराना रहा है कि वे किसी भी मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखते हैं और विपक्षी नेताओं को घेरने में कभी पीछे नहीं हटते हैं। इस बार भी उनके इस बयान ने सोशल मीडिया से लेकर टीवी डिबेट्स तक अपनी एक अलग जगह बना ली है और कार्यकर्ता भी इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।कांग्रेस और अजय राय की तरफ से इस बयान पर क्या आ रही हैं प्रतिक्रियाएंओमप्रकाश राजभर के इस तीखे हमले के बाद कांग्रेस पार्टी और खुद अजय राय के समर्थकों की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि ओमप्रकाश राजभर का यह बयान पूरी तरह से बचकाना और राजनीति से प्रेरित है, जिसका जमीनी हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है। कांग्रेस प्रवक्ताओं का तर्क है कि एक सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेता का काम समाज के हर वर्ग और हर कार्यक्रम में जाकर लोगों से संवाद स्थापित करना होता है, न कि यह देखना कि थाली में क्या परोसा जा रहा है। उनका कहना है कि किसी भी सामाजिक या राजनीतिक भोज में शिरकत करना महज खानपान तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह आपसी मेलजोल और संवाद का एक माध्यम होता है, जिसे राजभर जैसे नेता अपनी राजनीति चमकाने के लिए सनसनीखेज बना रहे हैं। अजय राय के करीबियों का यह भी कहना है कि राजभर जी हमेशा से ही उलटे-सीधे बयान देकर मीडिया की सुर्खियों में बने रहना पसंद करते हैं, और इस बार का यह बयान भी उसी राजनीतिक रणनीति का एक हिस्सा मात्र है। इस प्रकार दोनों दलों के नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और भी अधिक तूल पकड़ सकता है, क्योंकि उत्तर प्रदेश में वैसे भी सियासी पारा हमेशा हाई रहता है और हर एक बयान को बहुत बारीकी से परखा जाता है।यूपी की सियासत पर इस जुबानी जंग का कितना असर पड़ेगाउत्तर प्रदेश जैसे विशाल और राजनीतिक रूप से सबसे अहम राज्य में इस तरह के बयान अक्सर बड़े सियासी समीकरणों की तरफ इशारा करते हैं। ओमप्रकाश राजभर वर्तमान में सत्ताधारी एनडीए गठबंधन का हिस्सा हैं, जबकि अजय राय विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के तहत कांग्रेस पार्टी की कमान उत्तर प्रदेश में संभाल रहे हैं। ऐसे में दोनों दिग्गजों के बीच की यह तनातनी केवल एक भोज या खानपान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके गहरे राजनीतिक मायने भी तलाशे जा रहे हैं। जब भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के कद्दावर नेता आपस में इस तरह के व्यक्तिगत और तीखे कटाक्ष करते हैं, तो चुनावी माहौल और ज्यादा गर्मा जाता है। जनता के बीच भी इन बयोंनों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगती हैं कि कैसे नेता छोटे-छोटे मुद्दों को भी बड़ा राजनीतिक हथियार बना लेते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान भले ही सतही तौर पर हल्के-फुल्के या व्यक्तिगत लग सकते हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल राजनीतिक दल अपने-अपने वोट बैंक को साधने और विरोधियों की घेराबंदी करने के लिए पूरी शिद्दत से करते हैं। आने वाले समय में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या अजय राय इस बयान का कोई कड़ा जवाब देते हैं या फिर यह मामला यहीं शांत हो जाता है, लेकिन फिलहाल उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस 'मछली भोज' वाले बयान ने सियासी तापमान को काफी बढ़ा दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Sep 2026 10:24 pm

चार साल बाद खत्म हुआ इंतजार: सपा सांसद अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत को मिली लखनऊ की कुर्क आलीशान कोठी

उत्तर प्रदेश की राजनीति से एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है, जहां समाजवादी पार्टी के लोकसभा सांसद अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी को लगभग चार साल लंबे कानूनी संघर्ष के बाद बड़ी सफलता हासिल हुई है। राजधानी लखनऊ के अति-सुरक्षित और पॉश इलाके डालीबाग में स्थित उनकी करीब 6700 वर्ग फीट में फैली आलीशान आवासीय कोठी को आखिरकार प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए सीलमुक्त कर दिया है। बता दें कि अक्टूबर 2022 के दौरान उत्तर प्रदेश शासन और जिला प्रशासन द्वारा गैंगस्टर एक्ट के प्रावधानों का हवाला देते हुए इस बहुचर्चित और आलीशान संपत्ति को कुर्क कर लिया गया था, जिसके बाद से इस पर ताला लटका हुआ था और इसकी देखरेख व प्रशासनिक निगरानी का जिम्मा लखनऊ नगर निगम के आयुक्त को सौंप दिया गया था। इस कार्रवाई के खिलाफ अंसारी परिवार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था और न्याय की लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी थी। गाजीपुर की विशेष गैंगस्टर अदालत ने इस मामले में सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया था कि डालीबाग स्थित यह आवासीय संपत्ति किसी भी प्रकार के संगठित अपराध या अवैध गतिविधियों से अर्जित नहीं की गई है, जिसके बाद कोर्ट ने इस संपत्ति को वैध करार देते हुए इसे तुरंत अवमुक्त करने का आदेश दिया था। निचली अदालत और इलाहाबाद हाईकोर्ट के कड़े निर्देशों के अनुपालन में आखिरकार मंगलवार को प्रशासनिक और राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सील हटाने की विधिवत कार्रवाई पूरी की। इस दौरान खुद सांसद अफजाल अंसारी अपने परिजनों और स्थानीय तहसील प्रशासन के अधिकारियों के साथ मौके पर मौजूद रहे और कागजी औपचारिकताओं का पंचनामा तैयार करवाया गया। संपत्ति का वास्तविक दखल और चाबियां परिवार को सौंपे जाने की इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर से इस हाई-प्रोफाइल मामले की चर्चा जोरों पर है। आइए इस पूरी कानूनी लड़ाई, कुर्की के इतिहास और सील खुलने के बाद सामने आए घटनाक्रम के हर एक पहलू को विस्तार से समझते हैं।अक्टूबर 2022 में गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई थी डालीबाग की इस कोठी की कुर्कीवर्ष 2022 का वह दौर उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक और राजनीतिक सुर्खियों में सबसे ऊपर रहा था, जब प्रदेश सरकार द्वारा माफिया और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान के तहत कई बड़ी और वीआईपी संपत्तियों को निशाना बनाया गया था। इसी कड़ी में अक्टूबर माह के अंतिम सप्ताह यानी 23 से 28 अक्टूबर 2022 के दौरान गाजीपुर जिले के तत्कालीन जिलाधिकारी के सख्त आदेशों का पालन करते हुए गाजीपुर पुलिस की एक विशेष टीम राजधानी लखनऊ पहुंची थी। पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों ने मिलकर डालीबाग स्थित इस आलीशान बंगले पर उत्तर प्रदेश गैंगस्टर और असामाजिक क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की धारा 14(1) के तहत कुर्की का नोटिस चस्पा कर दिया था और इसे अपने कब्जे में लेते हुए पूरी तरह सील कर दिया था। उस समय इस कार्रवाई को लेकर राज्य भर में भारी सनसनी फैल गई थी क्योंकि यह संपत्ति सपा सांसद अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी के नाम पर आधिकारिक रूप से दर्ज थी। कुर्की की इस कार्रवाई के बाद से ही यह भव्य इमारत पूरी तरह वीरान पड़ी थी और इसकी सुरक्षा व प्रशासनिक निगरानी का जिम्मा लखनऊ नगर आयुक्त के अधीन आ गया था। परिवार के सदस्यों का कहना था कि यह संपत्ति पूरी तरह वैध और उनकी अपनी मेहनत की कमाई से अर्जित है, जिसका किसी भी आपराधिक गतिविधि से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। इसके बावजूद कानूनी पेचीदगियों के चलते यह आलीशान बंगला लंबे समय तक प्रशासनिक शिकंजे में जकड़ा रहा और अंसारी परिवार को अपने ही आशियाने से बेदखल रहना पड़ा।विशेष अदालत और इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले से मिली थी कानूनी राहतप्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ अफजाल अंसारी के परिवार ने हार नहीं मानी और न्याय के लिए निचली अदालत से लेकर उच्च न्यायालय तक मजबूत कानूनी पैरवी की। गाजीपुर की विशेष गैंगस्टर कोर्ट ने मामले के सभी दस्तावेजों, साक्ष्यों और गवाहों की गहराई से समीक्षा करने के बाद अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। अदालत ने अपने फैसले में यह साफ कर दिया कि डालीबाग स्थित यह आवासीय मकान किसी भी प्रकार के अवैध या गैंगस्टर नेटवर्क से कमाए गए धन से नहीं बनाया गया है। इसके बाद अदालत ने गाजीपुर के जिलाधिकारी को यह निर्देश दिया था कि वह आदेश पारित होने के 30 दिनों के भीतर इस मकान की सील खुलवाकर इसे वैध मालकिन फरहत अंसारी को वापस सौंप दें। हालांकि, इसके बावजूद जब तय समय सीमा के भीतर प्रशासनिक स्तर पर सील हटाने की प्रक्रिया में विलंब हुआ, तो परिवार की तरफ से इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। इलाहाबाद हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति सी. डी. सिंह की एकल पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता ने परिवार का पक्ष मजबूती से रखा। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने प्रशासन को कड़ी फटकार लगाते हुए तय समय सीमा के भीतर सकारण आदेश पारित करने और अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। उच्च न्यायालय के इस सख्त रुख के बाद जिला प्रशासन के पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं बचा कि वह अदालत के आदेश का अक्षरशः पालन करे और कुर्क संपत्ति को मुक्त करे।तहसीलदार और राजस्व टीम की मौजूदगी में खुली सील, परिवार को मिला कब्जाअदालत के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए आखिरकार वह दिन आ गया जब प्रशासनिक अमला डालीबाग स्थित इस विवादित और चर्चित कोठी पर पहुंचा। गाजीपुर और लखनऊ जिला प्रशासन के संयुक्त निर्देश के बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार, राजस्व विभाग के लेखपाल और स्थानीय पुलिस बल ने कानूनी औपचारिकताएं शुरू की। इस पूरी कार्रवाई के दौरान खुद सपा सांसद अफजाल अंसारी अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मौके पर मौजूद रहे और अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में सबसे पहले संपत्ति के कागजात और सीमाओं का मिलान करने के लिए पैमाइश की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद सील खोलने से जुड़े सभी जरूरी कानूनी पंचनामे और दस्तावेज तैयार किए गए। इन तमाम प्रशासनिक और राजस्व संबंधी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद आखिरकार चार साल से बंद पड़े इस मुख्य द्वार के ताले खोल दिए गए और संपत्ति का वास्तविक दखल एक बार फिर से अंसारी परिवार को सौंप दिया गया। कोठी के अंदर प्रवेश करने पर परिवार के सदस्यों ने राहत की सांस ली, हालांकि इस दौरान लंबे समय से बंद पड़े होने के कारण घर के भीतर की स्थिति को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गईं। चार साल के लंबे अंतराल के बाद अपने घर की चाबी वापस मिलना अंसारी परिवार के लिए एक बड़ी कानूनी और नैतिक जीत माना जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Sep 2026 10:21 pm

नंदू गैंग के अनुराग और राजीव नयन के रिश्तेदार पुष्कर को UP STF ने दबोचा

उत्तर प्रदेश STF ने लखनऊ के विभूति खंड से दिल्ली के कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग के सदस्य अनुराग मिश्रा और पेपर लीक गैंग के सक्रिय सदस्य पुष्कर पांडे को गिरफ्तार किया है. अनुराग राजकुमार दलाल मर्डर केस में दो साल से फरार था, जबकि पुष्कर पर कई भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक में शामिल होने का आरोप है.

आज तक 2 Sep 2026 10:21 pm

'मिर्जापुर' में दिखाई बोल्डनेस, एक्ट्रेस को ऑफर हुईं एडल्ट फिल्में

पॉपुलर मिर्जापुर सीरीज में अनंग्शा बिस्वास ने जरीना का रोल कर नाम कमाया. शो में उनकी बोल्ड इमेज देखने को मिली थी.

आज तक 2 Sep 2026 10:20 pm

हत्या में उम्रकैद, जमानत पर बाहर आया तो फिर हत्या, क्राइम ब्रांच ने दबोचा

अहमदाबाद में हत्या के मामले में आजीवन कैद की सजा भुगत रहे हितेश सोलंकी ने जमानत पर बाहर आने के बाद एक और हत्या कर दी. वटवा GIDC के त्रिकमपुरा में मकान के कब्जे और किराए को लेकर हुए विवाद में अजीत सिंह पर हमला हुआ, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई. क्राइम ब्रांच ने हितेश और उसके भाई रवि को गिरफ्तार किया.

आज तक 2 Sep 2026 10:19 pm

Rewa में NH 39 पर बस और ट्रक की टक्कर, 5 यात्रियों की मौत और 30 घायल

रीवा (मध्यप्रदेश), दो सितंबर मध्यप्रदेश के रीवा में बुधवार शाम राष्ट्रीय राजमार्ग-39 पर एक निजी बस और ट्रक के बीच आमने-सामने की टक्कर में पांच लोगों की मौत हो गई एवं 30 अन्य घायल हो गए। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी के मुताबिक, रीवा जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर गुढ़ थानाक्षेत्र के बदवार में राष्ट्रीय राजमार्ग-39 पर यह हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि यात्री बस और ट्रक की आमने-सामने टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन पलट गए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) भावना मरावी ने ‘पीटीआई-वीडियो’ सेवा से कहा कि अब तक पांच लोगों के मौत की पुष्टि हुई है और 30 अन्य घायल हैं। उन्होंने कहा कि सभी घायलों को संजय गांधी अस्पताल लाया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। मरावी ने कहा कि घटनास्थल पर अब भी बचाव अभियान जारी है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि और कोई यात्री बस में फंसा ना हो। मरावी ने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक पलट गया और बस पानी से भरे एक नाले में जा गिरा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लोगों की मौत पर दुख जताया और मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा की‌। यादव ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज रीवा-सीधी राजमार्ग पर बस और ट्रक की टक्कर में हुई यात्रियों की मृत्यु का समाचार अत्यंत हृदय विदारक है। दिवंगतों की आत्मा को शांति एवं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना है।’’उन्होंने कहा कि मृतकों के परिवारजनों को राज्य शासन की ओर से 2-2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 1-1 लाख रुपये की सहायता राशि देने के निर्देश दिए गए हैं। उपविभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) अनुराग तिवारी ने बताया कि अस्पताल में अतिरिक्त बिस्तर भी आरक्षित किए गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर अन्य घायलों का भी तत्काल इलाज किया जा सके। उन्होंने कहा कि पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तथा उसने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए कई एंबुलेंस मौके पर भेजी गईं। राष्ट्रीय राजमार्ग-39 उत्तर प्रदेश के झांसी को झारखंड की राजधानी रांची से जोड़ता है और यह मध्यप्रदेश से गुजरता है।

प्रभासाक्षी 2 Sep 2026 10:17 pm

लखनऊ में अफजाल अंसारी की सील कोठी का ताला खुला तो उड़े होश, अंदर बिखरा सामान, टूटे लॉकर और लाखों के गहने गायब मिलने से मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर से सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके में स्थित सांसद अफजाल अंसारी की सील की गई कोठी को जब कानूनी प्रक्रिया के तहत खोला गया, तो अंदर का नजारा देखकर प्रशासनिक अधिकारियों और उनके समर्थकों के होश उड़ गए. पिछले कुछ समय से प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई के चलते यह बहुचर्चित आवास सील बंद स्थिति में था, जिसके कारण इसके भीतर की असल स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे. जब संबंधित विभाग के अधिकारियों की निगरानी और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में इस सीलबंद कोठी का ताला खोला गया और टीम अंदर दाखिल हुई, तो वहां का मंजर बेहद चौंकाने वाला था. कोठी के भीतर का पूरा सामान अस्त-व्यस्त और पूरी तरह बिखरा हुआ था, कमियों के बीच धूल और गंदगी की परत जमी हुई थी, और सबसे बड़ा आघात उस समय लगा जब कमरों में बने हुए लोहे के भारी-भरकम लॉकर टूटे हुए पाए गए. शुरुआती जांच-पड़ताल और परिजनों के दावों के मुताबिक, इन टूटे हुए लॉकर्स के अंदर रखे लाखों रुपये कीमत के सोने-चांदी के बेशकीमती गहने और अन्य जरूरी दस्तावेज रहस्यमय तरीके से गायब मिल चुके हैं. इस घटना के सामने आने के बाद से ही राजनीतिक गलियारों से लेकर प्रशासनिक महकमे तक भारी हलचल मच गई है और तरह-तरह के गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं. आखिर इतनी सख्त सुरक्षा और सरकारी सील के बावजूद कोठी के भीतर इतनी बड़ी सेंधमारी कैसे संभव हो पाई, यह जांच का एक बहुत बड़ा और गंभीर विषय बन चुका है. आइए इस पूरी सनसनीखेज घटनाक्रम के हर एक पहलू और तह तक जाकर सिलसिलेवार तरीके से पूरी जानकारी प्राप्त करते हैं कि आखिर लखनऊ में बंद पड़े इस वीआईपी बंगले के अंदर असल में क्या कुछ घटित हुआ है.प्रशासनिक सील खुलने के बाद सामने आया लखनऊ की इस वीआईपी कोठी का चौंकाने वाला सचराजधानी लखनऊ के हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील इलाकों में शुमार जगहों पर नेताओं और दिग्गजों के आवासों की सुरक्षा और देखरेख को लेकर हमेशा से ही प्रशासन की पैनी नजर रहती है. अफजाल अंसारी से जुड़ा यह प्रतिष्ठित आवास भी पिछले दिनों कानूनी कार्रवाई के दायरे में आने के बाद प्रशासन द्वारा सील कर दिया गया था, जिसके बाद से इस पर ताला लटका हुआ था और किसी भी बाहरी व्यक्ति या मालिक का प्रवेश पूरी तरह वर्जित था. नियमानुसार जब किसी संपत्ति को प्रशासनिक आदेश के तहत सील किया जाता है, तो उसकी हिफाजत और सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन या अधिकृत सुरक्षा बलों की होती है ताकि अंदर रखी परिसंपत्तियों और सामान की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. लेकिन जब लंबी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद या कोर्ट के आदेश पर इस कोठी का सील हटाने और उसका भौतिक सत्यापन करने के लिए प्रशासनिक टीम अंदर पहुंची, तो वहां की तस्वीर ने सबको हैरान कर दिया. घर के मुख्य द्वारों से लेकर भीतर के कमरों तक के ताले तो सुरक्षित थे या उन्हें खोला गया, लेकिन अंदर का हाल ऐसा था मानो वहां कोई गहरी तोड़फोड़ की गई हो. कमरों में रखे सोफे, बेड, अलमारियां और अन्य कीमती घरेलू सामान पूरी तरह अपनी जगह से हिले हुए और बिखरे पड़े थे. इस अप्रत्याशित स्थिति को देखकर वहां मौजूद अधिकारी भी कुछ देर के लिए अछंभे में पड़ गए कि आखिर सीलबंद संपत्ति के भीतर इस प्रकार की अव्यवस्था और तोड़फोड़ होने के पीछे असली वजह क्या हो सकती है.टूटे हुए लॉकर और गायब हुए लाखों के गहनों ने खड़े किए सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवालइस पूरी घटना का जो सबसे चिंताजनक और बड़ा पहलू सामने आया है, वह घर के अंदर बने तिजोरियों और लॉकर्स से जुड़ा हुआ है. जब प्रशासनिक टीम और संबंधित पक्षों ने बेडरूम और स्टोर रूम की तलाशी ली, तो उनकी नजर वहां बने मजबूत लोहे के लॉकर्स पर पड़ी, जिन्हें बेहद आक्रामक तरीके से खोलने या तोड़ने की कोशिश की गई थी. वे लॉकर पूरी तरह टूटे हुए और क्षतिग्रस्त हालत में पाए गए, जिन्हें देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि उन्हें किसी खास मकसद से जबरन खोला गया था. परिजनों और वकीलों की मौजूदगी में जब इन टूटे हुए लॉकर्स की जांच की गई, तो पता चला कि उसके अंदर रखे गए पुश्तैनी और आधुनिक सोने-चांदी के गहने, डायमंड ज्वैलरी और नगदी गायब हो चुकी है. अनुमान के मुताबिक चोरी या गायब हुए इन कीमती आभूषणों और सामानों की कुल कीमत लाखों रुपये से भी ज्यादा आंकी जा रही है. एक तरफ जहां यह बंगला पूरी तरह सील था और बाहर पुलिस या प्रशासन का पहरा होना चाहिए था, वहीं दूसरी तरफ अंदर रखे इतने कीमती सामान का गायब हो जाना सीधे तौर पर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बहुत बड़ा और काला धब्बा लगाता है. क्या इस सीलबंद कोठी के भीतर किसी बाहरी व्यक्ति ने सेंध लगाई थी या फिर इसके पीछे कोई और अंदरूनी साजिश काम कर रही थी, इन तमाम बिंदुओं पर पुलिस अब गहराई से छानबीन करने में जुट गई है.फॉरेंसिक टीम की एंट्री और फिंगरप्रिंट्स जुटाने की प्रक्रिया हुई तेजलखनऊ की इस सीलबंद कोठी के भीतर हुई इस बड़ी चोरी और तोड़फोड़ के खुलासे के बाद मामला केवल सामान्य प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह एक संगीन आपराधिक मामले का रूप ले चुका है. घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत ही उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री यानी एफएसएल (FSL) की विशेष टीम को रवाना किया गया. फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम ने मौके पर पहुंचकर टूटे हुए लॉकर्स, कमरों के दरवाजों, खिड़कियों और बिखरे पड़े सामानों पर से फिंगरप्रिंट्स यानी उंगलियों के निशान और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को जुटाने का काम शुरू कर दिया है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर किन लोगों के हाथ इन तिजोरियों तक पहुंचे थे और इस वारदात को अंजाम देने में कितने लोग शामिल हो सकते हैं. चूंकि कोठी लंबे समय से सील थी, इसलिए वहां आम लोगों का आना-जाना पूरी तरह बंद था, जिससे यह अंदेशा और ज्यादा गहरा जाता है कि इस घटना में या तो किसी ऐसे व्यक्ति का हाथ है जिसे इस संपत्ति के अंदरूनी नक्शे और लॉकर्स की सटीक जानकारी थी, या फिर प्रशासनिक सुरक्षा में कोई बहुत बड़ी चूक हुई है. फॉरेंसिक जांच के जो भी वैज्ञानिक परिणाम सामने आएंगे, वे इस पूरे मामले से पर्दा उठाने में सबसे अहम कड़ी साबित होंगे और पुलिस उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई को गति देगी.राजनीतिक हलकों में मचा बवाल और विपक्ष के तीखे तेवरइस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर से उबाल आ गया है और विपक्षी दलों को सरकार तथा प्रशासन को घेरने का एक और बड़ा मुद्दा मिल गया है. समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सरकार और कानून-व्यवस्था की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि जब एक हाई-प्रोफाइल नेता की सील की गई संपत्ति प्रशासन के सीधे नियंत्रण और ताले में थी, तो वहां से लाखों के गहने और सामान कैसे गायब हो सकते हैं, यह राज्य में सुरक्षा के दावों की पोल खोलता है. नेताओं का यह भी आरोप है कि इस प्रकार की घटनाएं यह साबित करती हैं कि सरकारी अभिरक्षा में रखी गई संपत्तियों और सामानों तक भी सुरक्षित नहीं हैं. दूसरी ओर, सत्ता पक्ष और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि वे इस पूरे मामले की बहुत ही निष्पक्षता और गंभीरता से जांच कर रहे हैं. पुलिस ने आश्वासन दिया है कि इस घटना के पीछे चाहे जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही पूरे मामले का सच सबके सामने लाया जाएगा. राजनीतिक बयानों और आरोपों के इस दौर के बीच यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है और आम जनता के बीच भी चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है.आगे की कानूनी कार्रवाई और पुलिस जांच की दिशाइस पूरी घटना के बाद से अफजाल अंसारी के परिवार और उनके कानूनी सलाहकारों की तरफ से भी स्थानीय थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराने और उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग तेज कर दी गई है. उनका साफ कहना है कि जब तक इस बात का खुलासा नहीं हो जाता कि सील बंद अवधि के दौरान कोठी की चाबियां किसके पास थीं और अंदर कौन-कौन लोग दाखिल हुए थे, तब तक न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती. पुलिस अब उन सभी प्रशासनिक दस्तावेजों, रजिस्टर और सीसीटीवी फुटेज को खंगालने में लगी है जो इस कोठी के सील होने से लेकर ताले खुलने के इस पूरे सफर के दौरान बनाए गए थे. साथ ही, उस अवधि के दौरान तैनात रहे सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों से भी पूछताछ किए जाने की पूरी संभावना जताई जा रही है. लखनऊ पुलिस का यह दावा है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्ट और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर इस अनसुलझे रहस्य को बहुत जल्द सुलझा लिया जाएगा. यह मामला न केवल एक व्यक्तिगत संपत्ति के नुकसान से जुड़ा है, बल्कि यह प्रशासनिक पारदर्शिता और सुरक्षा के बुनियादी ढांचे पर भी एक बड़ा सवालिया निशान छोड़ गया है, जिसका जवाब ढूंढना अब पुलिस और प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता बन चुका है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Sep 2026 10:15 pm

पाकिस्तान में हिंदू मंदिर को तोड़े जाने पर भारत सख्त, कहा- दोषियों पर हो कार्रवाई

भारत ने पाकिस्तान के नरोवाल में 100 साल पुराने हिंदू मंदिर को तोड़े जाने की घटना की कड़ी निंदा की है. विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान सरकार से तत्काल और पारदर्शी जांच कराने तथा जिम्मेदारों को सजा देने की मांग की है.

आज तक 2 Sep 2026 10:13 pm

कौन हैं निर्मला यादव? जो बनीं राम मंदिर ट्रस्ट की इकलौती महिला सदस्य

शिकोहाबाद की डॉ. निर्मला यादव राम मंदिर ट्रस्ट की इकलौती महिला सदस्य बनी हैं.,निर्मला यादव ने नियुक्ति को प्रभु श्रीराम का प्रसाद बताया और ट्रस्ट में पारदर्शिता के साथ काम करने की बात कही.

आज तक 2 Sep 2026 10:11 pm

कम मेकअप में भी दिखना चाहती हैं नेचुरली खूबसूरत? यह एक स्टेप जिससे चेहरा दिखेगा एकदम फ्लॉलेस और ग्लोइंग

आज के इस आधुनिक दौर में मेकअप सिर्फ चेहरे के दाग-धब्बों को छिपाने का जरिया नहीं रहा, बल्कि यह खुद को आत्मविश्वास से भरने और अपनी नेचुरल खूबसूरती को और ज्यादा निखारने का एक बेहतरीन तरीका बन चुका है. जब भी हम किसी पार्टी, ऑफिस या कैजुअल आउटिंग के लिए तैयार होते हैं, तो हमारे दिमाग में सबसे पहला ख्याल यह आता है कि हमारा लुक ऐसा होना चाहिए जो बहुत ज्यादा हैवी या लाउड न लगे, बल्कि बेहद सटल, फ्रेश और नेचुरल दिखे. अक्सर लोग जब मेकअप करते हैं, तो वे जरूरत से ज्यादा प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कर बैठते हैं, जिसकी वजह से चेहरा प्लास्टिक जैसा या केकड़ी यानी पैची नजर आने लगता है और दूर से ही पता चल जाता है कि चेहरे पर टनों कॉस्मेटिक्स थोपे गए हैं. इसके विपरीत आज के मॉडर्न जनरेशन में 'नो-मेकअप मेकअप लुक' यानी ऐसा मेकअप जो किया भी गया हो और देखने वाले को ऐसा लगे कि आपकी स्किन नेचुरली इतनी flawless और चमकदार है, सबसे ज्यादा ट्रेंड में बना हुआ है. इस तरह के लुक को कैरी करने के लिए किसी प्रोफेशनल मेकअप आर्टिस्ट की जरूरत नहीं है, बल्कि अगर आपको सही तकनीक और सही स्टेप्स की जानकारी हो, तो आप घर बैठे ही चुटकियों में यह कमाल कर सकती हैं. मेकअप के इस जादुई और बेहद आसान तरीके में हर एक स्टेप का अपना एक अलग महत्व होता है, जिसे यदि सही क्रम में और सही मात्रा में फॉलो किया जाए तो आपकी खूबसूरती में चार चांद लग जाते हैं. आइए बिना किसी देरी के विस्तार से जानते हैं कि 'नो-मेकअप मेकअप लुक' को परफेक्ट तरीके से अचीव करने के लिए आपको किस स्टेप पर क्या और कैसे करना चाहिए ताकि लोग आपकी नेचुरल स्किन की तारीफ करते न थकें.त्वचा की सही तैयारी यानी स्किन प्रेप और हाइड्रेशन का महत्वकिसी भी खूबसूरत मेकअप की इमारत मजबूत नींव पर टिकी होती है, और मेकअप की दुनिया में वह मजबूत नींव 'स्किन प्रेप' यानी त्वचा की सही तैयारी को माना जाता है. अगर आपकी स्किन अंदर से हाइड्रेटेड और नौरिश्ड नहीं है, तो आप दुनिया का कितना भी महंगा फाउंडेशन या कंसीलर क्यों न लगा लें, वह थोड़ी देर बाद ड्राई या पैची दिखने लगेगा. नो-मेकअप मेकअप लुक का सबसे पहला और सबसे जरूरी नियम यह है कि आप अपने चेहरे को किसी माइल्ड और सल्फेट-फ्री क्लींजर से अच्छी तरह धोकर साफ कर लें ताकि दिनभर की धूल-मिट्टी और एक्स्ट्रा ऑयल निकल जाए. चेहरा साफ करने के बाद बारी आती है टोनिंग और मॉइश्चराइजेशन की, जिसके लिए आपको अपनी स्किन टाइप के हिसाब से एक लाइटवेट जेल-बेस्ड या क्रीम-बेस्ड मॉइश्चराइजर लगाना चाहिए. मॉइश्चराइजर लगाने के बाद चेहरे पर एक अच्छा और सनस्क्रीन लगाना बिल्कुल न भूलें ताकि आपकी त्वचा धूप की हानिकारक किरणों से सुरक्षित रह सके. जब आपकी त्वचा अंदर से मॉइश्चराइज्ड और प्लंप होती है, तो उस पर जो भी प्रोडक्ट लगाया जाता है वह स्किन के साथ इस तरह घुल-मिल जाता है कि अलग से कुछ थोपा हुआ नहीं लगता. यही वह सीक्रेट स्टेप है जो आपके चेहरे पर एक नेचुरल और ड्यूई ग्लो लेकर आता है, जिससे आपकी स्किन अंदर से हेल्दी नजर आने लगती है.फाउंडेशन को कहें अलविदा और लाइटवेट स्किन टेंट या बीबी क्रीम का करें इस्तेमालहेवी बेस और थिक कवरेज वाले फाउंडेशन 'नो-मेकअप लुक' के सबसे बड़े दुश्मन माने जाते हैं, क्योंकि वे चेहरे पर एक साफ परत बना देते हैं जो दूर से ही नजर आने लगती है. अगर आप वाकई ऐसा लुक चाहती हैं जो किसी को पता न चले कि आपने कुछ लगाया है, तो आपको फाउंडेशन के भारी डिब्बों को अपनी वैनिटी से बाहर करना होगा. फाउंडेशन की जगह आप एक अच्छी क्वालिटी की बीबी क्रीम, सीसी क्रीम या फिर एक लाइटवेट लिक्विड स्किन टेंट का चुनाव कर सकती हैं. स्किन टेंट या बीबी क्रीम आपके चेहरे के हल्के-फुल्के काले घेरे, रेडनेस और असमान रंगत को बहुत ही खूबसूरती से ब्लेंड कर देती है, और किसी को यह अहसास तक नहीं होता कि आपने चेहरे पर कोई बेस प्रोडक्ट लगाया है. इसे लगाने के लिए अपनी उंगलियों की पोरों या एक नम ब्यूटी ब्लेंडर का इस्तेमाल करें ताकि प्रोडक्ट चेहरे पर समान रूप से फैल जाए और स्किन में बिल्कुल अंदर तक समा जाए. यदि आपके चेहरे पर डार्क स्पॉट्स या पिंपल्स के निशान बहुत ज्यादा गहरे हैं, तो पूरे चेहरे पर फाउंडेशन पोतने के बजाय केवल उन खास जगहों पर थोड़ा सा कंसीलर लगाकर उंगली से टैप कर लें. इस स्मार्ट ट्रिक से आपका चेहरा एकदम साफ, बेदाग और नेचुरल नजर आएगा और किसी को भनक तक नहीं लगेगी कि आपने कोई बेस मेकअप किया है.नेचुरल फ्लश पाने के लिए क्रीम ब्लश और फेस को डायमेंशन देने की कलाचेहरे पर एक मुर्झाया हुआ और डलपन सा लगने लगता है अगर गालों पर गुलाबी या पीचिश नेचुरल रंगत न हो, और इसके लिए ब्लश सबसे जरूरी टूल माना जाता है. नो-मेकअप लुक में पाउडर ब्लश की जगह हमेशा 'क्रीम ब्लश' या लिक्विड टिंट का इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि क्रीम प्रोडक्ट्स स्किन के साथ बहुत ही नैचुरली मर्ज हो जाते हैं. अपने गालों के सेब यानी एप्पल ऑफ द चीक्स पर थोड़ी सी मात्रा में पिंक या पीच कलर का लिक्विड टिंट लगाएं और उसे अपनी उंगलियों की मदद से ऊपर की तरफ कानों की तरफ हल्का-हल्का ब्लेंड कर दें. इस तरह से ब्लश लगाने से ऐसा प्रतीत होता है कि आपके गाल धूप की वजह से नेचुरली गुलाबी और खिले-खिले नजर आ रहे हैं. इसके साथ ही चेहरे को थोड़ा सा डिफाइन करने के लिए आप चाहे तो बहुत ही हल्के हाथ से नो-मेकअप कंटूरिंग या वॉर्मर का इस्तेमाल कर सकती हैं, लेकिन अगर आप इसे पूरी तरह छोड़ भी दें तो भी कोई हर्ज नहीं है. चीकबोन्स और नाक के टिप पर थोड़ा सा लिक्विड हाइलाइटर लगाना इस लुक का एक और सीक्रेट है, जो सूरज की रोशनी पड़ने पर एक सटल और शाइनी ग्लो प्रदान करता है. याद रखें कि ब्लश और हाइलाइटर की मात्रा हमेशा कम से कम होनी चाहिए ताकि वह मेकअप कम और आपकी नेचुरल सेहतमंद त्वचा ज्यादा लगे.आंखों और आईब्रोज को सटल लुक देना और बिना लाउड मस्करा के जादूआंखें हमारे चेहरे का सबसे आकर्षक हिस्सा होती हैं और मेकअप में आंखों की सही फिनिशिंग पूरे लुक को बदल कर रख देती है. नो-मेकअप लुक में कभी भी डार्क ब्लैक स्मोकी आइज या मोटी आईलाइनर विंग्स का इस्तेमाल नहीं किया जाता है क्योंकि वे बहुत ज्यादा ड्रमैटिक और लाउड लगते हैं. अपनी आंखों को बड़ा और तरोताजा दिखाने के लिए सबसे पहले अपनी आईब्रोज यानी भौंहों को एक आईब्रोज पेंसिल या स्पूली की मदद से सेट कर लें, जिससे वे भरी हुई और नेचुरली उठी हुई दिखें. यदि आपकी आईब्रोज हल्की हैं, तो बहुत ही हल्के हाथों से ब्राउन पेंसिल से गैप्स को भरें ताकि आर्टिफिशियल लुक न आए. इसके बाद पलकों यानी पलकों के उभार के लिए एक क्लियर मस्करा या बहुत ही लाइटवेट ब्लैक मस्करा का एक सिंगल कोट लगाएं, जिससे पलकें मुड़ी हुई और लंबी नजर आएं. अगर आप चाहें तो अपनी आंखों की वॉटरलाइन पर सफेद या न्यूड काजल पेंसिल का इस्तेमाल कर सकती हैं, जिससे आंखें बड़ी और और ज्यादा ब्राइट दिखाई देती हैं. पलकों पर डार्क ब्लैक हैवी काजल या थिक लाइनर लगाने से बचें, क्योंकि यह आपके नो-मेकअप लुक को तुरंत ही हेवी पार्टी मेकअप में बदल देगा, जिससे नेचुरल चार्म खत्म हो जाता है.लिप्स को दें परफेक्ट न्यूड टच और पूरे लुक को सेट करने का अंतिम चरणइस पूरे नेचुरल और सटल मेकअप सफर का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव आपके होंठों को सजाना और पूरे मेकअप को लॉक करना होता है. नो-मेकअप लुक में कभी भी डार्क रेड, मैरून या डार्क पर्पल लिपस्टिक का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि वे बहुत ज्यादा बोल्ड और लाउड इंप्रेशन देते हैं. इसके बजाय आपको हमेशा अपनी स्किन टोन से मिलते-जुलते न्यूड, पिंकिश न्यूड या पीची न्यूड शेड्स की लिपस्टिक या टिंटेड लिप बाम का चुनाव करना चाहिए. आप चाहें तो अपने होंठों पर थोड़ा सा लिप ऑयल या न्यूड लिप ग्लॉस भी लगा सकती हैं, जिससे आपके होंठ नेचुरली प्लंप, हाइड्रेटेड और जूसी नजर आएंगे. लिपस्टिक लगाने के बाद अपने मेकअप को लंबे समय तक टिकाए रखने के लिए चेहरे पर एक अच्छा सेटिंग स्प्रे या फिक्सिंग मिस्ट छिड़क लें, जो सारे प्रोडक्ट्स को आपस में सेट कर देगा. फिक्सिंग मिस्ट छिड़कने से चेहरे का सारा एक्स्ट्रा पाउडरी या हार्श लुक खत्म हो जाता है और एक बेहद नेचुरल, फ्रेश और ड्यूई फिनिशिंग मिलती है जो पूरे दिन टस से मस नहीं होती. इन आसान और स्मार्ट स्टेप्स को फॉलो करके आप जब घर से बाहर निकलेंगी, तो लोग आपकी इस खूबसूरती के कायल हो जाएंगे और किसी को पता भी नहीं चलेगा कि आपने कोई मेकअप किया है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Sep 2026 10:10 pm

indus waters treaty : सिंधु जल संधि पर फिर बढ़ा विवाद, भारत के सामने फिर गिड़गिड़ाया Pakistan

सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। बातचीत को लेकर भारत के सामने पाकिस्तान फिर गिड़गिड़ाया है। अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता निकाय के फैसले को भारत द्वारा खारिज किए जाने के कुछ दिनों बाद ...

वेब दुनिया 2 Sep 2026 10:10 pm

पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र बने राम मंदिर के सीईओ, गोविंददेव गिरि को महासचिव का दायित्व

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को अयोध्या में संपन्न हुई, जिसमें ट्रस्ट के तीन रिक्त पदों पर नए न्यासियों की नियुक्ति के साथ ही मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन को मंजूरी दी गई। चयन समिति की अनुशंसा के बाद सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को ट्रस्ट का मुख्य कार्यकारी अधिकारी […] The post पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र बने राम मंदिर के सीईओ, गोविंददेव गिरि को महासचिव का दायित्व appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 2 Sep 2026 10:09 pm

स्वरा के बयान से फिर चर्चा में जौहर, क्या है सन 1303 के चित्तौड़ की कहानी?

स्वरा भास्कर के बयान के बाद जौहर एक बार फिर बहस के केंद्र में है. जौहर को इतिहास और लोककथाओं की नजर से देखना जरूरी है. आखिर 1303 में चित्तौड़ में क्या हुआ था?

आज तक 2 Sep 2026 10:04 pm

Haryana में गिरा जन्म के समय Sex Ratio, Congress नेता राव नरेंद्र सिंह ने उठाए सवाल

चंडीगढ़, दो सितंबर हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने बुधवार को राज्य में जन्म के समय लिंगानुपात में ‘‘लगातार गिरावट’’ को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर तीखा हमला बोला। सिंह ने कहा कि जिस हरियाणा से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2015 में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की शुरुआत की थी, आज उसी राज्य में पैदा होने वाली लड़कियों की संख्या लगातार घट रही है, जो सरकार के दावों की वास्तविकता उजागर करती है। सिंह ने कहा कि हाल में संपन्न विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार द्वारा पेश किए गए आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं। हरियाणा में जून 2026 तक जन्म के समय लिंगानुपात (एसआरबी) 900 दर्ज किया गया है, जबकि पूरे 2025 और 2019 में यह 923 था। कांग्रेस नेता सिंह ने एक बयान में कहा, ‘‘हरियाणा में जन्म के समय लिंगानुपात 2025 में 923 था, लेकिन जून 2026 तक घटकर केवल 900 रह गया—महज छह महीने में 23 अंकों की गिरावट। इसका मतलब है कि 1,000 लड़कों पर लड़कियों की संख्या 23 कम हो गई है। यह करीब आठ वर्षों में राज्य में दर्ज सबसे निचला स्तर है।’’उन्होंने कहा कि सरकार ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के नाम पर कार्यक्रम आयोजित कर रही है और विज्ञापन जारी कर रही है, लेकिन पैदा होने वाली लड़कियों का अनुपात जमीनी स्तर पर लगातार घट रहा है। उन्होंने कहा कि यह महज आंकड़ा नहीं, बल्कि सरकारी नीतियों और निगरानी तंत्र की गंभीर विफलता का स्पष्ट संकेत है। सिंह ने कहा कि जिलेवार आंकड़े भी चिंता का कारण हैं। उन्होंने कहा, ‘‘चरखी दादरी में लिंगानुपात 913 से घटकर 829 हो गया।’’उन्होंने कहा कि अंबाला में यह अनुपात 2019 के 959 से घटकर जून 2026 तक 884 हो गया। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में यह 910 से घटकर 871, रेवाड़ी में 919 से घटकर 891, झज्जर में 914 से घटकर 871, जींद में 938 से घटकर 878, पानीपत में 939 से घटकर 880, कैथल में 919 से घटकर 903 और यमुनानगर में 936 से घटकर 895 हो गया। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत, करनाल में 945, पलवल में 930, फरीदाबाद में 920, नूंह में 918 और फतेहाबाद में 917 का लिंगानुपात तुलनात्मक रूप से बेहतर रहा। सरकार के अनुसार, कन्या भ्रूण हत्या रोकने और लिंगानुपात में सुधार के लिए गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन निषेध) (पीसीपीएनडीटी) अधिनियम तथा चिकित्सा गर्भपात अधिनियम के तहत 1,422 मामले दर्ज किए गए हैं। ‘बेटी के साथ सेल्फी’, ‘प्यारी बेटी न्यूजलेटर’ और फिल्म महोत्सव जैसी जागरूकता पहल भी आयोजित की जा रही हैं।

प्रभासाक्षी 2 Sep 2026 10:02 pm

'सिस्टम तबाह, चिड़‍िया चुग गई...', PAK क्रिकेटर ने PCB पर साधा निशाना

इंग्लैंड के खिलाफ लगातार दो टेस्ट हारने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में भूचाल आ गया है. PCB ने सात खिलाड़ियों को वापस बुलाने के साथ हेड कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी हटा दिया. इस बीच लेग स्पिनर उसामा मीर ने बिना नाम लिए बोर्ड पर हमला बोला और कहा कि पूरा सिस्टम तबाह कर दिया गया.

आज तक 2 Sep 2026 10:00 pm

बांदा में आफत बनी बारिश, कच्ची दीवार गिरने से दो महिलाओं की मौत

उत्तर प्रदेश के बांदा में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है. बबेरू तहसील क्षेत्र के दो अलग-अलग गांवों में कच्ची दीवारें गिरने से दो बुजुर्ग महिलाओं की मौत हो गई. हादसों के बाद परिवारों में चीख-पुकार मच गई. प्रशासन ने पोस्टमार्टम के बाद आपदा प्रबंधन के तहत 24 घंटे में मुआवजा देने की बात कही है.

आज तक 2 Sep 2026 9:53 pm

पीने के अलावा भी कॉफी के हैं कमाल के इस्तेमाल, इन 6 कामों आएंगी काम

कॉफी सिर्फ सुबह की थकान मिटाने के लिए नहीं है. इसके बचे हुए ग्राउंड्स को घर के कई कामों में दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है. फ्रिज की बदबू कम करने से लेकर सफाई और पौधों की देखभाल तक, जानिए कॉफी के 6 आसान घरेलू इस्तेमाल के बारे में.

आज तक 2 Sep 2026 9:50 pm

UP Flood: 32 जिलों में बिगड़े हालात, हादसों में तीन लोगों की गई जान

लखनऊ, दो सितंबर उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिमी मानसून के सक्रिय रहने के बीच 32 जिले इस वक्त बाढ से प्रभावित हैं। बुधवार को राज्य में वर्षाजनित हादसों में एक बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गयी। राज्य सरकार ने एक बयान में कहा कि अब तक 32 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और फिलहाल अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूं, चंदौली, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोरखपुर, हापुड़, हरदोई, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, सीतापुर, उन्नाव और वाराणसी समेत 22 जिलों में हालात खराब हैं। बयान के मुताबिक बाढ़ प्रभावित इलाकों से 1,528 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है तथा राहत कार्यों के लिए सैकड़ों नौकाएं, बाढ़ चौकियां और मेडिकल टीम तैनात की गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार को कुल 742 बाढ़ चौकियां, 452 नावें और मोटरबोट तथा 225 मेडिकल टीम काम कर रही थीं, जबकि 105 राहत शिविरों में 2,460 लोग रह रहे थे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रतापगढ़ के नवाबगंज थानाक्षेत्र के छोटी कोठरिया गांव में लगातार बारिश के बीच एक कच्चा मकान ढहने से मलबे में दबकर 18 महीने के प्रियांश की मौत हो गई। अमरोहा के गजरौला में भारी बारिश के दौरान एक दुकान का छज्जा गिरने से शेरा (32) और सुरेश (55) मौत हो गयी। उपजिलाधिकारी शैलेश दुबे ने कहा कि इस बात की जांच की जा रही है कि वह छज्जा बारिश के कारण गिरा या अपनी जर्जर हालत की वजह से। चित्रकूट से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों ने पहाड़ी थानाक्षेत्र के चौरा गांव में मंदाकिनी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से फंसे करीब 150 लोगों को बचाया। पीएसी की बाढ़-राहत प्लाटून ने स्थानीय प्रशासन की मदद से मोटरबोट का इस्तेमाल किया और लोगों को भोजन, राहत सामग्री तथा चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। बलिया उत्तर प्रदेश में बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल है, जहां गंगा और सरयू का जलस्तर बढ़ने से सदर, बैरिया एवं बांसडीह तहसीलों के गांवों और शहरी इलाकों में लगभग 20,500 लोग प्रभावित हुए हैं। बलिया जिला प्रशासन ने 6,500 राशन किट, 33,843 दवा किट और पके हुए भोजन के 83,092 पैकेट बांटे हैं। पीलीभीत में भारी बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद शारदा, देओहा एवं खकरा नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बनबसा बैराज से शारदा नदी में दो लाख क्यूसेक से ज़्यादा पानी छोड़ा गया, जबकि नानक सागर बांध से देओहा नदी में 30 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने हालात सामान्य होने तक पहली से आठ कक्षाओं तक के सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है। खकरा नदी पर एक पुल पानी में डूब गया, जिससे लगभग 18 गांवों का सड़क संपर्क टूट गया। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी गई। पीलीभीत मेडिकल कॉलेज में ‘अंडरग्राउंड केबल बॉक्स’ में बारिश का पानी घुसने के कारण 200 बिस्तरों वाले अस्पताल की मुख्य बिजली आपूर्ति 34 घंटे से ज्यादा समय तक बाधित रही। लखीमपुर खीरी में जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने मोहना नदी के गिरजा बैराज एफ्लक्स बांध पर बाढ़ और कटान-रोधी कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने इंजीनियरों को चौबीसों घंटे काम करने का निर्देश दिया और पानी में डूबे इलाके में मौजूद लगभग एक दर्जन घरों के निवासियों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने का आदेश दिया। इस बीच, गाजियाबाद जिला प्रशासन ने बताया कि मौसम विभाग ने चार सितंबर तक भारी बारिश और बिजली गिरने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे बेवजह यात्रा न करें, जर्जर इमारतों, पेड़ों और बिजली के खंभों या तारों से दूर रहें और खराब मौसम के दौरान बच्चों और बुजुर्गों को घर के अंदर ही रखें।

प्रभासाक्षी 2 Sep 2026 9:47 pm

लद्दाख से LoC तक दुश्मन के टैंकों पर कहर बरपाएगी जैवलिन मिसाइल, भारत खरीदेगा नहीं बल्कि खुद बनाएगा!

भारत और अमेरिका के बीच हुए रक्षा सहयोग समझौते के तहत अब जैवलिन एंटी-टैंक मिसाइल का निर्माण भारत में किया जाएगा. यह मिसाइल लद्दाख और LoC जैसे इलाकों में भारत की ताकत बढ़ाएगी.

NDTV इंडिया 2 Sep 2026 9:40 pm

देवरिया में मुस्लिम रीति से क्यों दफनाया गया हिंदू बुजुर्ग?

उत्तर प्रदेश के देवरिया में 65 वर्षीय मोहन प्रसाद की मौत के बाद उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार शव दफनाया गया. मोहन और उनकी पत्नी लंबे समय से मुस्लिम धर्म मानते थे. निधन के बाद परिवार ने शव दफनाने की तैयारी की, जिसका कुछ ग्रामीणों ने विरोध किया. पुलिस की मौजूदगी में परिजनों की सहमति से कब्रिस्तान में शव दफनाया गया और जनाजे की नमाज पढ़ी गई. गांव में स्थिति शांत रही.

आज तक 2 Sep 2026 9:38 pm

पटवारी का नेता वाला अंदाज: विदाई में थार में सवार हुए विजय शंकर दुबे, पीछे चला 200 गाड़ियों का काफिला  

भिंड जिले में सेवानिवृत्त हुए पटवारी की विदाई में 200 गाड़ियों का काफ‍िला उनके पीछे चला. पटवारी खुद धार में सवार थे और लोग जगह-जगह उनका स्‍वागत कर रहे थे.

NDTV इंडिया 2 Sep 2026 9:34 pm

झरने में ऐसा क्या था? 10 दिन में परिवार के चार बेटों की मौत, 3 बच्चियां सीरियस

शिवपुरी के फिजिकल थाना क्षेत्र में एक ही परिवार के चार बच्चों की 10 दिनों में बीमारी से मौत हो गई. परिवार के सदस्य 16 अगस्त को गोरा टीला के पास झरने पर नहाने गए थे. लौटने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी. स्वास्थ्य विभाग ने 62 लोगों के सैंपल लिए हैं. तीन बच्चियों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें ग्वालियर भेजा गया.

आज तक 2 Sep 2026 9:31 pm

पांच पीढ़ी बाद जन्मी बेटी: रथ पर बैठाकर न‍िकाला जुलूस, जश्‍न में डूबा पर‍िवार, VIDEO

महाराष्ट्र के बीड जिले में दहिफले परिवार के घर 5 पीढ़ियों के लंबे इंतजार के बाद पहली बेटी 'गार्गी' का जन्म हुआ. परिवार ने मां और नवजात बच्ची को फूलों से सजे रथ पर बैठाकर ढोल-ताशों के साथ भव्य जुलूस निकाला.

NDTV इंडिया 2 Sep 2026 9:31 pm

स्वरा भास्कर के ‘पद्मावत’ बयान पर मचा बवाल, BJP से लेकर कांग्रेस नेताओं तक ने दी प्रतिक्रिया

अभिनेत्री स्वरा भास्कर के 'पद्मावत' और जौहर को लेकर दिए गए बयान पर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. दिल्ली में 31 अगस्त को एक कार्यक्रम के दौरान स्वरा भास्कर ने फिल्म के क्लाइमेक्स में दिखाए गए जौहर के सीन को लेकर अपनी बात रखी.

NDTV इंडिया 2 Sep 2026 9:27 pm

27 साल पुराना ये गाना आज भी शादियों की शान, 5 सिंगर्स ने दी थी आवाज, सलमान-सैफ ने दुल्हन का किया था शानदार वेलकम

27 साल पहले आया गाना 5 सिंगरों ने अपनी आवाज का चलाया था जादू, आज भी दुल्हन के स्वागत में हर ससुराल में बजता है ये गीत.

NDTV इंडिया 2 Sep 2026 9:24 pm

फर्जी IAS तृप्ति सिंह पर चौथी FIR, होटल लीज के नाम पर 49 लाख की ठगी का खेल

भोपाल में खुद को IAS और मध्यप्रदेश टूरिज्म विभाग का एडिशनल डायरेक्टर बताकर कथित ठगी करने वाली तृप्ति सिंह के खिलाफ एक और FIR दर्ज हुई है. बागसेवनिया पुलिस ने होटल लीज दिलाने के नाम पर करीब 49 लाख रुपये लेने के आरोप में तृप्ति, उसके भाई सुधांशु और साथी प्रखर को आरोपी बनाया है. पुलिस तृप्ति को प्रोडक्शन रिमांड पर लेने अशोकनगर पहुंची है.

आज तक 2 Sep 2026 9:23 pm

नेपाल में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे सोनू सूद, राहत सामग्री बांटते आए नजर, बोले- ‘उम्मीद जगाने की हर कोशिश करूंगा’

नेपाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए सोनू सूद वहां पहुंचे हैं. अभिनेता ने राहत सामग्री बांटी और लोगों को खाना भी वितरित किया. उन्होंने कहा कि वह प्रभावित परिवारों को दोबारा खड़ा होने और घर बनाने में हर संभव मदद करेंगे.

NDTV इंडिया 2 Sep 2026 9:18 pm

31 दिनों में 5.68 लाख...HERO की इन बाइक्स की सबसे ज्यादा मांग

भारतीय बाजार में हीरो सबसे ज्यादा गाड़ियां बेचता है. अगस्त महीने में कंपनी की सेल्स अच्छी हुई है. घरेलू मार्केट और एक्सपोर्ट दोनों को मिलाकर ब्रांड ने 5.68 लाख से ज्यादा वाहन बेच दिए हैं. हालांकि, अगस्त के महीने में हीरो मोटोकॉर्प का एक्सपोर्ट कम हुआ है. वहीं इस वित्तवर्ष में कंपनी ने 27.79 लाख टू-व्हीलर्स बेच दिए हैं. आइए जानते हैं डिटेल्स.

आज तक 2 Sep 2026 9:18 pm

जयपुर के नाहरगढ़ जैविक उद्यान में बाघ के हमले में एक महिला श्रमिक की मौत

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित नाहरगढ़ जैविक उद्यान में बुधवार को बाघ के हमले में एक महिला श्रमिक की मौत हो गई। उप वन संरक्षक (वन्यजीव) चिड़ियाघर जयपुर डॉ. आशीष व्यास ने बताया कि घटना की गंभीरता के मद्देनजर प्रभारी बाघ एन्क्लोजर को प्रथमदृष्टया कर्तव्य में लापरवाही एवं सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुपालन में […] The post जयपुर के नाहरगढ़ जैविक उद्यान में बाघ के हमले में एक महिला श्रमिक की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 2 Sep 2026 9:17 pm

36 साल पुरानी वो रोमांटिक ब्लॉकबस्टर, जिसकी एल्बम में थे 12 गाने, 9 में गूंजी कुमार सानू की आवाज, आज भी आशिकों की पहली पसंद

36 साल पहले रिलीज हुई ‘आशिकी’ ने अपनी कहानी से ज्यादा अपने संगीत से इतिहास रच दिया था. 12 गानों वाले इस एल्बम में 9 गानों में कुमार सानू की आवाज गूंजी और ‘धीरे-धीरे से’, ‘नजर के सामने’ जैसे गीत आज भी लोगों के पसंदीदा हैं.

NDTV इंडिया 2 Sep 2026 9:15 pm

80 सालों का टूटा रिकॉर्ड: जॉर्जिया मेलोनी ने रचा इतिहास

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे लंबे समय तक चलने वाली सरकार का रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ रही हैं. करीब 80 साल में इटली में लगभग 70 सरकारें बदल चुकी हैं. साधारण परिवार से निकलकर देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने वाली मेलोनी ने अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाई. उनकी पार्टी ब्रदर्स ऑफ इटली, प्रवासन और सरोगेसी जैसे मुद्दों पर सख्त रुख के लिए जानी जाती है.

आज तक 2 Sep 2026 9:15 pm

अजमेर पुलिस ने दो अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ा

अजमेर। राजस्थान में अजमेर में पुलिस ने दो संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है। पुलिस के अनुसार अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों एवं अन्य घुसपैठियों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत अजमेर जिला पुलिस की विशेष टास्क फोर्स ने यह 25वीं कार्रवाई करते हुए इन दोनों […] The post अजमेर पुलिस ने दो अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 2 Sep 2026 9:14 pm

सीहोर में 12 महीने में बनी देश की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर फैक्ट्री, युवाओं को मिलेगा रोजगार, शुभारंभ कब?

मध्‍य प्रदेश के सीहोर जिले में पॉवर ट्रांसफॉर्मर बनाने की फैक्ट्री बनकर तैयार हो गई है. 12 महीने में बनी यह फैक्ट्री 2 हजार से अधिक लोगों को रोजगर देगी. 4 सितंबर को सीएम इसका शुभारंभ करेंगे.

NDTV इंडिया 2 Sep 2026 9:13 pm

Janmashtami Decoration Ideas: जन्माष्टमी की सजावट घर पर कैसे करें? बिना पैसे खर्च किए इन 5 आसान तरीकों घर को दें कृष्णमय लुक

Janmashtami 2026 Decoration Ideas: बिना ज्यादा खर्च किए जन्माष्टमी पर घर को खूबसूरत और कृष्णमय बनाएं. जानिए लड्डू गोपाल के स्वागत के लिए 6 आसान, बजट-फ्रेंडली और सुंदर सजावट के आइडिया.

NDTV इंडिया 2 Sep 2026 9:11 pm

डीग में कुम्हेर पंचायत की निवर्तमान प्रधान कविता को जेल भेजा

डीग। राजस्थान में डीग जिले के कुम्हेर पंचायत की निवर्तमान प्रधान कविता कुमारी को पुलिस ने गिरफ्तार करके बुधवार को न्यायालय में अदालत में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कविता की तरफ से पेश उनकी जमानत याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया। इसके बाद उन्हें […] The post डीग में कुम्हेर पंचायत की निवर्तमान प्रधान कविता को जेल भेजा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 2 Sep 2026 9:10 pm

मीना कुमारी की आखिरी फिल्म ‘पाकीजा’ दोबारा दिखेगी बड़े पर्दे पर, फिर जिंदा होगा क्लासिक जादू

हिंदी सिनेमा की यादगार फिल्मों में शामिल ‘पाकीजा’ एक बार फिर बड़े पर्दे पर लौटने के लिए तैयार है. मीना कुमारी और राज कुमार स्टारर इस क्लासिक फिल्म को अब 4K में रिस्टोर किया गया है.

NDTV इंडिया 2 Sep 2026 9:08 pm

'शक्तिमान बिक नहीं सकता', समय संग ऐड करने पर बोले मुकेश खन्ना

मुकेश खन्ना ने समय रैना के साथ एक मोबाइल फोन के ऐड में काम करने को लेकर उठे विवाद पर सफाई दी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि ये कौलैब समय रैना के शो से संबंधित नहीं था.

आज तक 2 Sep 2026 9:05 pm

Jaipur के रामपुरा में गिराया गया जर्जर School भवन, 18 लाख से बनेगी नई बिल्डिंग

जयपुर, दो सितंबर जयपुर जिले के रामपुरा (कंवरपुरा) में राजकीय प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह भवन पिछले महीने कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के सदस्यों और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद के बाद चर्चा में आया था। अधिकारियों के अनुसार, जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में मशीनों की मदद से विद्यालय के पुराने भवन को गिरा दिया गया। सितंबर 2025 में तकनीकी सर्वेक्षण के बाद भवन को जर्जर और असुरक्षित घोषित कर दिया गया था। इसके बाद विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए इसे उपयोग से बाहर कर दिया गया था। एक अधिकारी ने कहा, “भवन को ध्वस्त कर दिया गया।”राजस्थान सरकार ने पिछले महीने घोषणा की थी कि विद्यालय के लिए नए भवन का निर्माण शुरू किया जाएगा और इसके लिए 18 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें से 12 लाख रुपये जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट से 13 अगस्त को और छह लाख रुपये विधायक निधि से स्वीकृत किए गए। यह विद्यालय पिछले महीने उस समय चर्चा में आया था जब कॉजपा की एक टीम सरकारी विद्यालयों की स्थिति को उजागर करने के लिए चलाए जा रहे अपने ‘विद्यालय ठीक करो’ अभियान के तहत गांव पहुंची थी। उस समय स्कूल की कक्षाएं एक अस्थायी स्थान पर संचालित हो रही थीं, जहां मवेशियों को भी बांधा जाता था। कॉजपा के सदस्य जब स्कूल भवन का निरीक्षण करने गांव पहुंचे तो कुछ स्थानीय लोगों ने उनका विरोध किया और उन्हें गांव से लौटना पड़ा। घटना के अगले दिन स्कूल की कक्षाएं पास के एक भवन के कमरे में स्थानांतरित कर दी गईं, जहां फिलहाल पढ़ाई हो रही है। यह कमरा एक ग्रामीण ने उपलब्ध कराया है। टीम के दौरे के दौरान कॉजपा सदस्यों और ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया था, जिसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों पर अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की थी। कॉजपा ने आरोप लगाया था कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उसके सदस्यों पर हमला किया, जबकि ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि कॉजपा टीम ने लोगों को धमकाया और गांव में हंगामा किया। विवाद के बाद राज्य सरकार ने नए विद्यालय भवन का निर्माण शुरू करने की घोषणा करते हुए इसके लिए स्वीकृत राशि की जानकारी दी थी। भवन गिराए जाने के दौरान मौके पर मौजूद विद्यालय की शिक्षिका आशा ने कहा, “यहां नया स्कूल भवन बनाया जाएगा। यह विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों के लिए भी अच्छा होगा।”स्थानीय निवासी जगदीश शर्मा ने कहा कि विद्यालय का पुराना भवन जर्जर हालत में था। उन्होंने कहा, “ नये विद्यालय भवन का काम जल्द शुरू होने वाला है। सरकार ने इसके लिए राशि पहले ही स्वीकृत कर दी है और विद्यार्थियों को नया भवन मिलने वाला है।”कॉजपा नेता आशुतोष रांका ने कहा कि यह रामपुरा का वही स्कूल है, जो पहले भैंसों के बाड़े में संचालित होता था। उन्होंने कहा, “अब वहां काम शुरू हो गया है।”रांका ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में आरोप लगाया, “विद्यालय के निरीक्षण के दौरान हम पर पत्थर फेंके गए, महिलाओं के साथ मारपीट की गई और वाहनों के शीशे तोड़े गए। लेकिन जब हमारे बच्चों के लिए एक अच्छा विद्यालय बन जाएगा तो यह सब सार्थक लगेगा।

प्रभासाक्षी 2 Sep 2026 9:02 pm

करौली में मिनी बस की चपेट में आने से दम्पती सहित 3 लोगों की मौत

करौली। राजस्थान में करौली जिले के श्रीमहावीरजी थाना क्षेत्र में दुब्बी रोड पर बुधवार को सुबह मिनी बस की टक्कर से मोटर साइकिल पर सवार दम्पती सहित तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मृतकों की पहचान किशोरपुरा गांव के भगवत (60), उनकी पत्नी भगवानी कोली (55) और उनके रिश्तेदार लक्ष्मी […] The post करौली में मिनी बस की चपेट में आने से दम्पती सहित 3 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 2 Sep 2026 9:00 pm

आलू भुजिया खाकर हो गए बोर? अब बनाएं बीकानेरी शाही दाल बीजी नमकीन

How to Make Shahi Dal Baji: चाय के साथ ज्यादातर लोगों को नमकीन खाना बहुत पसंद होता है लेकिन हर बार एक ही तरह की नमकीन खाकर बोरियत होने लगती हैं. ऐसे में यहां हम आपको बीकानेर की पॉपुलर शाही दाल बीजी नमकीन की रेसिपी बता रहे हैं जिसे अगर आपने एक बार बना लिया तो आप बाहर की नमकीन भूल जाएंगे.

आज तक 2 Sep 2026 9:00 pm

2027 वर्ल्ड कप में कौन होगा टीम इंडिया का एक्स-फैक्टर?

रोहित शर्मा और विराट कोहली वनडे वर्ल्ड कप में भारतीय टीम के लिए बेहद जरूरी खिलाड़ी होंगे. साउथ अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर जोंटी रोड्स का मानना है कि अगर इन दोनों खिलाड़ियों को वर्ल्ड कप में मौका मिलता है तो इससे टीम को जबरदस्त फायदा मिल सकता है.

आज तक 2 Sep 2026 8:59 pm

नोएडा में कैफे में हुआ घाटा तो प्रेमी जोड़ा बना चोर

नोएडा में कैफे कारोबार बंद होने के बाद प्रेमी जोड़े समेत तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से चोरी की ज्वेलरी, साढ़े तीन लाख रुपये नकद, पांच लैपटॉप, दो टैबलेट और छह मोबाइल बरामद हुए. पुलिस के मुताबिक आरोपी बंद मकानों की रेकी कर वारदात करते थे. चोरी के बाद रात में बार और रेस्तरां में पार्टी करते थे. अर्टिगा कार भी जब्त हुई है.

आज तक 2 Sep 2026 8:57 pm

शीतला सप्तमी कल, जानें इस दिन देवी को क्यों लगाते हैं बासी पकवान का भोग

शीतला सप्तमी का पर्व 3 सितंबर 2026 को है. इस दिन माता शीतला की पूजा का शुभ समय सुबह 6 बजकर 24 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 52 मिनट तक रहने वाला है. शीतला सप्तमी की पूजा में एक दिन पहले तैयार किए गए ठंडे पकवानों का विशेष महत्व है. रांधण छठ के दिन बनाए गए भोजन को अगले दिन माता शीतला को भोग के रूप में अर्पित किया जाता है.

आज तक 2 Sep 2026 8:54 pm

ग्रामीणों के लिए सुरक्षा वाला विकास मॉडल जरूरी : खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि किसी भी दल की सरकार को ग्रामीणों को केवल सूखा, बाढ़, फसल खराब होने या चुनाव के समय याद नहीं करना चाहिए बल्कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चत करने वाला विकास मॉडल अपनाना चाहिए

देशबन्धु 2 Sep 2026 8:52 pm

रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच जयशंकर की कीव यात्रा, देंगे शांति का संदेश

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर गुरुवार को यूक्रेन और पोलैंड की तीन दिवसीय यात्रा पर जाने वाले हैं. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, विदेश मंत्री एस. जयशंकर तीन से पांच सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड गणराज्य की आधिकारिक यात्रा करने वाले हैं.

आज तक 2 Sep 2026 8:49 pm

Rajasthan Civic Polls: BJP ने जारी किया शहरी विकास Sankalp Patra, किए कई बड़े वादे

जयपुर, दो सितंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राजस्थान इकाई ने आगामी निकाय चुनाव के लिए बुधवार को अपना ‘शहरी विकास संकल्प पत्र-2026’ जारी किया, जिसमें बेहतर बुनियादी ढांचे, स्वच्छता, सुरक्षा, परिवहन और जनसुविधाओं के साथ शहरों के सुनियोजित एवं समग्र विकास का वादा किया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और पार्टी के अन्य नेताओं ने यहां संकल्प पत्र जारी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने 2023 के विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में किए गए 78 प्रतिशत वादे सत्ता में आने के 32 महीने के भीतर पूरे कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी घोषणा पत्र के बजाय ‘संकल्प पत्र’ जारी करती है, क्योंकि यह वादों को पूरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। शर्मा ने कहा कि शहरी विकास संकल्प पत्र राज्य के 309 नगरीय निकायों के लिए अगले पांच वर्षों का रोडमैप होगा। उन्होंने कहा कि इसमें नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने और शहरों को आधुनिक, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि संकल्प पत्र में विभिन्न आय वर्गों को एक लाख आवासीय भूखंड उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने, सात लाख से अधिक घरों में पीएनजी कनेक्शन देने, 2,000 पिंक टॉयलेट बनाने और नए एवं बाहरी आवासीय क्षेत्रों में 15 लाख स्ट्रीट लाइट लगाने का वादा किया गया है। भाजपा ने वरिष्ठ नागरिक सेवा केंद्र स्थापित करने तथा पंजीकृत रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं, सीएनजी ऑटो-रिक्शा चालकों और टैक्सी चालकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत बीमा कवर देने का भी वादा किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सुरक्षित शहरों के लिए प्रत्येक नगरीय निकाय में सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था विकसित करने, प्रमुख सड़कों का विकास करने और चौराहों का सौंदर्यीकरण करने का प्रस्ताव है। भवन मानचित्रों की स्वीकृति की ऑनलाइन प्रक्रिया को सरल बनाने और आवेदनों का निस्तारण एक सप्ताह के भीतर करने का लक्ष्य रखा गया है।’’उन्होंने कहा कि यातायात और पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए फ्लाईओवर, अंडरपास, पुल, बहुस्तरीय और सामुदायिक पार्किंग सुविधाओं सहित व्यापक नीति बनाने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि अधिक यातायात दबाव वाले शहरों में रिंग रोड विकसित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा। भाजपा ने शहरी वन और लव-कुश वाटिका विकसित करने, ग्रीन बेल्ट बनाने तथा प्रमुख पार्कों और जलभराव वाले क्षेत्रों में वर्षाजल संचयन प्रणाली स्थापित करने का भी वादा किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संकल्प पत्र शहरी विकास के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करेगा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा अपने वादों को पूरा करती है। शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने राज्य को बदहाल स्थिति में छोड़ दिया था तथा भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण की राजनीति की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने नियमों के अनुसार वार्डों के पुनर्गठन का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने राज्य के 309 नगरीय निकायों में एक साथ चुनाव कराए हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने एक लाख 70 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराई हैं, जबकि एक लाख 25 हजार से अधिक पदों के लिए भर्ती कैलेंडर जारी किए गए हैं।

प्रभासाक्षी 2 Sep 2026 8:47 pm

यूपी के सरकारी अस्पतालों में अब मुफ्त होगी स्वाइन फ्लू की जांच: सीएम योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देश, महंगे इलाज से राहत

उत्तर प्रदेश में बदलते मौसम और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के बीच इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1) यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में हुई बढ़ोतरी को लेकर योगी सरकार पूरी तरह से सतर्क और एक्शन मोड में आ गई है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से स्वाइन फ्लू के कुल 685 मामले सामने आने के बाद राज्य सरकार ने आम जनता के हित में एक बहुत बड़ा और सराहनीय फैसला लिया है, जिसके तहत अब उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में स्वाइन फ्लू की जांच पूरी तरह से मुफ्त (निःशुल्क) की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार की शाम अपने सरकारी आवास पर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए हैं कि जिन जिलों में संक्रमण के मामले अधिक मिल रहे हैं, वहां निगरानी से लेकर उपचार तक की व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से और ज्यादा मजबूत किया जाए। महंगे निजी अस्पतालों की लूट-खसोट से आम आदमी को बचाने के लिए सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है ताकि गरीब से गरीब व्यक्ति भी समय पर अपनी जांच करा सके और इस खतरनाक वायरस से सुरक्षित रह सके।सरकारी अस्पतालों में मुफ्त जांच और गंभीर मरीजों के लिए अलग आईसीयू वार्ड की व्यवस्थामुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बुलाई गई इस अहम समीक्षा बैठक में यह सुनिश्चित किया गया कि प्रदेश के किसी भी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) की जांच के लिए मरीजों से कोई शुल्क नहीं वसूला जाएगा। इसके साथ ही अस्पतालों में गंभीर मरीजों के उपचार के लिए विशेष रूप से अलग आईसीयू वार्ड तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को तुरंत आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। अस्पतालों में जीवनरक्षक दवाओं, जांच किटों, आइसोलेशन बेड और सुचारू रेफरल सिस्टम की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने निजी चिकित्सा संस्थानों और लैब्स को भी सख्त हिदायत दी है कि वे स्वाइन फ्लू की जांच के नाम पर निर्धारित शुल्क से अधिक राशि की वसूली बिल्कुल न करें। यदि कोई निजी संस्थान नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वह तुरंत एच1एन1 की रोकथाम और उपचार के लिए एक विस्तृत और सरल गाइडलाइन जारी करे तथा सरकारी अस्पतालों में टेलिकन्सल्टेशन की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाए ताकि दूर-दराज के मरीजों को घर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह मिल सके।संवेदनशील वर्गों पर विशेष निगरानी और आशा-एएनएम के जरिए सघन जांच अभियानस्वाइन फ्लू के इस बढ़ते संक्रमण के दौर में बच्चों, गर्भवती महिलाओं, 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों और ऐसे लोगों को जो पहले से किसी गंभीर या पुरानी बीमारी से जूझ रहे हैं, विशेष निगरानी में रखने के निर्देश दिए गए हैं क्योंकि ये वर्ग संक्रमण की चपेट में बहुत जल्दी आते हैं। सामान्य लक्षण वाले मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार घर पर ही आराम करने और सेल्फ आइसोलेशन का पालन करने की सलाह दी जाएगी, जबकि गंभीर लक्षण वाले मरीजों को बिना किसी देरी के तुरंत उन्नत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। संक्रमण की जमीनी स्तर पर रोकथाम के लिए एएनएम, आशा बहुओं और अन्य मैदानी स्वास्थ्यकर्मियों के जरिए घर-घर जाकर सघन जांच अभियान चलाने को कहा गया है ताकि संभावित मरीजों की समय रहते पहचान की जा सके और उन्हें होम क्वारंटीन, मास्क के प्रयोग तथा संक्रमण से बचाव के अन्य उपायों की सही जानकारी दी जा सके। अस्पतालों के मुख्य द्वारों और परिसरों में फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों के लिए अलग से हेल्प डेस्क और पृथक फ्लू ओपीडी की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि अन्य सामान्य रोगियों में संक्रमण फैलने का खतरा न रहे।ओसेल्टामिविर कैप्सूल और वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता, पैनिक के बजाय जागरूकता पर जोरराज्य के सभी जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में ओसेल्टामिविर (Oseltamivir) कैप्सूल, सिरप, एच1एन1 वैक्सीन और आरटीपीसीआर (RT-PCR) किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जा चुकी हैं ताकि दवाइयों की कमी जैसी कोई समस्या सामने न आए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि इस बीमारी को लेकर किसी भी प्रकार के पैनिक यानी घबराहट में आने की जरूरत नहीं है, बल्कि जरूरत है तो केवल पूरी तरह से सतर्क रहने और जागरूकता फैलाने की। लोगों को सरल और तथ्यपरक तरीके से यह समझाया जाना चाहिए कि उन्हें इस दौरान क्या करना है और क्या नहीं करना है। अस्पतालों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर हाथों की स्वच्छता, खांसते या छींकते समय मुंह पर रुमाल रखने जैसी सावधानियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, नाक बहना, लगातार खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द, ठंड लगना और आंखों में लालिमा शामिल हैं। यदि किसी मरीज को सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द, अत्यधिक सुस्ती, रक्तचाप कम होना, खून मिला बलगम या नाखूनों का नीला पड़ना जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी अस्पताल में संपर्क करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Sep 2026 8:46 pm

गौतम अदाणी ने CareEdge से मांगा ‘दुनिया का पहला’ प्लेटफॉर्म इंफ्रास्ट्रक्चर क्रेडिट फ्रेमवर्क

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने भारत में तेजी से बदल रहे बुनियादी ढांचे के मूल्यांकन के लिए नए तरह के क्रेडिट फ

वन इंडिया 2 Sep 2026 8:45 pm

आगरा की बेटी ने रचा इतिहास: शक्ति शर्मा बनीं भारतीय वायुसेना में एयर वाइस मार्शल, रक्षा सेवाओं में हासिल किया यह मुकाम

भारतीय वायु सेना और देश के रक्षा इतिहास के पन्नों में उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर आगरा से ताल्लुक रखने वाली एक बेटी ने अपने अदम्य साहस, असाधारण प्रतिभा और समर्पण के बल पर एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है, जिस पर पूरे देश को गर्व महसूस हो रहा है। ताजनगरी आगरा की इस मेधावी बेटी ने भारतीय रक्षा सेवाओं में एक ऐसा मील का पत्थर हासिल किया है, जो आज तक किसी भी गैर-चिकित्सा (नॉन-मेडिकल) पृष्ठभूमि की महिला अधिकारी को प्राप्त नहीं हुआ था। देश की सुरक्षा और सैन्य सेवा के क्षेत्र में लैंगिक रूढ़िवादी सोच को पीछे छोड़ते हुए शक्ति शर्मा ने 'एयर वाइस मार्शल' (Air Vice Marshal) के पद पर पहुंचकर देश का मान पूरी दुनिया में ऊंचा कर दिया है। उनकी इस ऐतिहासिक और अभूतपूर्व सफलता से न केवल उनके पैतृक शहर आगरा में बल्कि पूरे देश के डिफेंस सेक्टर में जश्न का माहौल है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि आज की भारतीय बेटियां अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर देश के सबसे ऊंचे और चुनौतीपूर्ण पदों पर पहुंचने का माद्दा रखती हैं, और उनका यह सफर देश की आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा बन चुका है।आगरा के फुलट्टी से आसमान की बुलंदियों तक का प्रेरणादायक सफरडॉ. संदीप शर्मा की रिपोर्ट के अनुसार, ताजनगरी आगरा की माटी में जन्मी और पली-बढ़ी शक्ति शर्मा का यह सफर तमाम संघर्षों और उपलब्धियों से भरा हुआ है। उनका जन्म आगरा के पुराने और ऐतिहासिक क्षेत्र फुलट्टी में हुआ था, और उनका परिवार लंबे समय तक इसी शहर से गहराई से जुड़ा रहा है। उनके पारिवारिक इतिहास और जड़ों पर नजर डालें तो उनके चचेरे भाई अशोक कुमार शर्मा (जो राजामंडी रेलवे स्टेशन प्रभारी पद से सेवानिवृत्त हैं) बताते हैं कि उनका परिवार पहले शहर के साधू राम कूंचा इलाके में रहता था और बाद में उनके दादाजी गांधीनगर के पास सुल्तानगंज क्षेत्र में रहने लगे थे। एक बड़ा और संयुक्त परिवार होने के कारण समय के साथ परिवार के विभिन्न सदस्य आगरा के अलग-अलग इलाकों में बस गए। शक्ति शर्मा के पिता ओमप्रकाश शर्मा एक प्रशासनिक अधिकारी रहे हैं, जिन्होंने अपनी उच्च शिक्षा आगरा के प्रतिष्ठित आरबीएस कॉलेज से एमएससी की डिग्री के साथ पूरी की थी। वर्ष 1970 के आसपास मध्य प्रदेश पीसीएस परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करने के बाद उनके पिता भोपाल चले गए थे और प्रशासनिक सेवा में विभिन्न महत्वपूर्ण और संवेदनशील जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाने के बाद वह एडिशनल कलेक्टर के पद से सेवानिवृत्त हुए। उनकी माता का नाम शैल शर्मा है, और वर्तमान में उनका पूरा परिवार भोपाल में ही निवास करता है।प्रशासनिक और सैन्य पृष्ठभूमि वाला परिवार और शक्ति शर्मा की शिक्षा-दीक्षाशक्ति शर्मा की शुरुआती शिक्षा-दीक्षा और पठन-पाठन मुख्य रूप से मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ही संपन्न हुआ। खास बात यह है कि इस परिवार की बेटियां शुरू से ही मेधावी और उच्च पदों पर आसीन रही हैं। शक्ति शर्मा की बड़ी बहन कृति शर्मा भी वर्तमान में प्रशासनिक सेवा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण और बड़ी जिम्मेदारी संभाल रही हैं और वह भोपाल में एडिशनल कमिश्नर स्तर की एक वरिष्ठ अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। परिवार की दोनों ही बेटियों की इन शानदार और असाधारण उपलब्धियों ने आगरा से जुड़े इस पूरे परिवार का मस्तक गर्व से ऊंचा कर दिया है। पिछले तीन दशकों से अधिक लंबे अपने शानदार सैन्य सेवाकाल के दौरान शक्ति शर्मा ने भारतीय वायु सेना के भीतर विभिन्न बेहद महत्वपूर्ण, सामरिक और प्रशासनिक पदों की कमान संभाली है। अपने अब तक के करियर में उन्होंने अपनी उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता, कार्यकुशलता और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर एक के बाद एक कई मील के पत्थर पार किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप आज उन्हें यह सर्वोच्च मुकाम हासिल हुआ है।असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (एजुकेशन) का पदभार और एयर वाइस मार्शल पद की गरिमागत एक सितंबर 2026 को शक्ति शर्मा ने भारतीय रक्षा सेवाओं के इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए 'एयर वाइस मार्शल' या उसके समकक्ष रैंक प्राप्त करने वाली देश की पहली गैर-चिकित्सा (नॉन-मेडिकल) महिला अधिकारी होने का गौरव अपने नाम कर लिया है। इस ऐतिहासिक पदोन्नति के साथ ही उन्होंने भारतीय वायु सेना में 'असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (एजुकेशन)' का अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील पदभार भी आधिकारिक तौर पर ग्रहण कर लिया है। वायु सेना के भीतर शिक्षा, प्रशिक्षण और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को संभालने में इस पद की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि एक गैर-चिकित्सा पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाली महिला अधिकारी का इस वरिष्ठ और प्रतिष्ठित पद तक पहुंचना भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती नेतृत्वकारी भूमिका और लैंगिक समानता की दिशा में एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी कदम है।आगरा से आज भी है गहरा जुड़ाव, बेड़ई-जलेबी और दाल-बाटी चूरमा है पसंदभले ही शक्ति शर्मा ने अपने सैन्य करियर और व्यस्तताओं के चलते देश के अलग-अलग हिस्सों और विदेशों में समय बिताया हो और उनका अधिकांश जीवन भोपाल में बीता हो, लेकिन ताजनगरी आगरा की संस्कृति और यहां के खानपान से उनका पुराना और अटूट लगाव आज भी पूरी तरह से कायम है। उनके चचेरे भाई अशोक कुमार शर्मा जो कि अर्जुन नगर में निवास करते हैं, बड़े ही गर्व के साथ बताते हैं कि बहन शक्ति को अपनी जन्मभूमि आगरा की यादें आज भी उतनी ही शिद्दत से ताजा हैं। हालांकि अपने व्यस्त सैन्य सेवाकाल और बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारियों के चलते पिछले कुछ वर्षों से उनका आगरा आना थोड़ा कम जरूर हो गया है, लेकिन जब भी वे करीब 10 साल पहले यहां आई थीं, तो उन्हें ताजनगरी का पारंपरिक खानपान और यहां के स्वाद ने बेहद आकर्षित किया था। उन्हें आगरा की मशहूर बेड़ई-जलेबी आज भी बहुत पसंद है, और इसके साथ ही राजस्थानी व स्थानीय संस्कृति से जुड़ी दाल-बाटी चूरमा जैसी लजीज चीजें भी उनकी खास पसंद में शुमार हैं। अपनी इस लाडली बेटी के एयर वाइस मार्शल बनने की खबर मिलते ही आगरा में उनके परिवार और परिचितों के बीच जबरदस्त उत्साह और जश्न का माहौल बन गया, जहां सभी ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और लड्डू बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया।ताजनगरी में गर्व और जश्न का माहौल, देश की बेटियों के लिए बनीं प्रेरणास्त्रोतफुलट्टी की गलियों से निकलकर देश के आसमान की सबसे बुलंदियों तक का सफर तय करने वाली शक्ति शर्मा की इस ऐतिहासिक उपलब्धि की जानकारी मिलते ही पूरे आगरा में गर्व की एक लहर दौड़ गई है। उनके इस मुकाम पर पहुंचने से न केवल उनके परिवार के लोग बल्कि पूरा शहर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। अशोक शर्मा, रवि शर्मा, गजेंद्र शर्मा, नरेंद्र शर्मा, मोनू शर्मा, आलोक शर्मा, अमित शर्मा, अभिषेक शर्मा, कविता शर्मा और दीप्ति शर्मा सहित उनके तमाम रिश्तेदारों, शुभचिंतकों और स्थानीय नागरिकों ने उनकी इस बड़ी सफलता पर अपनी गहरी प्रसन्नता और हर्ष व्यक्त किया है। हर किसी का यही कहना है कि शक्ति शर्मा की यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि भारत की उन तमाम लाखों बेटियों के लिए एक बहुत बड़ी और जीवंत प्रेरणा है जो रक्षा सेवाओं में जाकर देश की सेवा करने और बड़े सपने देखने का हौसला रखती हैं। वायु सेना की वर्दी में एयर वाइस मार्शल के रूप में शक्ति शर्मा की यह तस्वीर आने वाले समय में भारतीय नारी शक्ति के नए और सशक्त स्वरूप की एक मुकम्मल मिसाल बनकर इतिहास के पन्नों में अमर हो जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Sep 2026 8:43 pm

जमीन विवाद में दो बेटों ने 65 साल के पिता पर ढाया कहर

महाराष्ट्र के इंदापुर में जमीन विवाद को लेकर 65 वर्षीय बुजुर्ग के साथ सड़क पर मारपीट का मामला सामने आया है. आरोप है कि तुकाराम राउत के दोनों बेटों ने उन्हें घेरकर लकड़ी के डंडे से पीटा. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. पीड़ित पिता की शिकायत पर पुलिस ने दोनों बेटों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस जमीन की बिक्री और विवाद की वजह की जांच कर रही है.

आज तक 2 Sep 2026 8:41 pm

कृष्ण जन्माष्टमी पर घर में लड्डू गोपाल की पूजा के विशेष नियम, ऐसे करें अभिषेक और श्रृंगार बरसेगी बांकेबिहारी की असीम कृपा

सनातन धर्म और संस्कृति में भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव यानी श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बेहद धूमधाम, हर्षोल्लास और गहरी आस्था के साथ मनाया जाने वाला एक अत्यंत पवित्र त्योहार है। इस पावन अवसर पर देश के कोने-कोने में मंदिरों से लेकर घर-घर तक में बाल गोपाल यानी लड्डू गोपाल की विशेष पूजा-अर्चना और सेवा करने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जन्माष्टमी के दिन जो भी भक्त सच्चे मन, पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ अपने घर में लड्डू गोपाल की पूजा करता है, उसके घर में हमेशा सुख-शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास रहता है। बाल रूप में भगवान श्री कृष्ण की सेवा करना किसी छोटे बच्चे की देखभाल करने जैसा होता है, जिसमें स्नान कराने से लेकर सुंदर वस्त्र पहनाने और प्रेम भाव से भोग लगाने तक के कई विशेष नियम और परंपराएं शामिल होती हैं। यदि आप भी इस जन्माष्टमी पर अपने घर में लड्डू गोपाल की पूजा करने की तैयारी कर रहे हैं, तो आपको इसके सभी महत्वपूर्ण नियमों, अभिषेक की सही विधि और पूजन के संपूर्ण विधान के बारे में विस्तार से जान लेना चाहिए ताकि आपके द्वारा की गई पूजा से भगवान प्रसन्न होकर अपनी असीम कृपा बरसाएं।सुबह जल्दी उठकर स्नान और व्रत का संकल्प लेकर करें पूजा की शुरुआतजन्माष्टमी के इस पावन पर्व पर पूजा की शुरुआत सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने के साथ होती है। इस दिन सुबह जल्दी उठकर पवित्र जल से स्नान करें और साफ-सुथरे, स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान श्री कृष्ण का ध्यान करते हुए अपने मन को पूरी तरह से शांत रखें और इस पूरे दिन उपवास यानी व्रत रखने का दृढ़ संकल्प लें। पूजा शुरू करने से पहले अपने घर के मंदिर या पूजा स्थल की अच्छी तरह से साफ-सफाई करें, क्योंकि भगवान की पवित्रता का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। इसके बाद पूजा की चौकी पर एक साफ पीले या सफेद रंग का रेशमी वस्त्र बिछाएं और उस पर लड्डू गोपाल को विराजित करें। आप चाहें तो इस खास दिन पर लड्डू गोपाल के लिए नए झूले या बैठने वाले सुंदर सिंघासन की भी व्यवस्था कर सकते हैं। जन्माष्टमी के इस शुभ अवसर पर पूजा स्थल को ताजे सुगंधित फूलों, आम के पत्तों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाएं, जिससे घर का पूरा वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय और सकारात्मक ऊर्जा से भर जाए।रात 12 बजे जन्मोत्सव और पंचामृत से अभिषेक की पूरी धार्मिक विधिधार्मिक मान्यताओं और शास्त्रों के अनुसार भगवान श्री कृष्ण का जन्म रात्रि के ठीक 12 बजे हुआ था, इसलिए जन्माष्टमी की मुख्य पूजा और जन्मोत्सव का पावन प्रसंग भी रात के बारह बजे ही मनाया जाता है। इस समय खीरे को भगवान श्री कृष्ण के जन्म का प्रतीक मानकर उसका छेदन या नाल का प्रतीकात्मक रूप से काटा जाता है, जो उनके प्रकट होने की खुशी में किया जाता है। जन्म के बाद विधि-विधान से लड्डू गोपाल का महा-अभिषेक किया जाता है। अभिषेक के लिए दूध, दही, घी, शहद और शक्कर यानी पांच पवित्र द्रव्यों से शुद्ध पंचामृत तैयार किया जाता है। इस पंचामृत से भगवान का स्नान कराने के बाद उन्हें शुद्ध जल या पवित्र गंगाजल से दोबारा स्नान कराएं। स्नान के उपरांत उन्हें साफ और मुलायम सूती कपड़े से हल्के हाथों से पोंछकर नए, सुंदर और चमकीले वस्त्र पहनाएं। जन्माष्टमी के इस खास मौके पर भगवान को पीले या बसंती रंग के वस्त्र पहनाना बेहद शुभ माना जाता है, जिससे उनकी सुंदरता और भी अधिक निखर उठती है।मुकुट, बांसुरी और मोरपंख से करें भव्य श्रृंगार और लगाएं तुलसी युक्त भोगवस्त्र पहनाने के बाद लड्डू गोपाल का भव्य और मनमोहक श्रृंगार किया जाता है। उन्हें सुंदर और छोटा सा मुकुट पहनाएं, उनके हाथ में उनकी प्रिय बांसुरी सुशोभित करें और मस्तक पर भगवान को अति प्रिय मोरपंख तथा गले में वैजयंती माला पहनाएं। उनके माथे पर चंदन, रोली और केसर का सुंदर तिलक लगाएं तथा फूलों की माला से उनका अलंकार करें। इसके बाद भगवान को भोग लगाने की बारी आती है, जिसमें तुलसी दल का होना सबसे ज्यादा जरूरी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी के बिना भगवान श्री कृष्ण कोई भी भोग स्वीकार नहीं करते हैं, इसलिए भोग की थाली में शुद्ध तुलसी का पत्ता अवश्य रखें। बाल गोपाल को माखन और मिश्री अत्यंत प्रिय है, इसलिए रात के समय उन्हें माखन-मिश्री का विशेष भोग लगाएं। इसके साथ ही मखाने की खीर, धनिए की पंजीरी, पंचमेवा और अन्य विभिन्न प्रकार के सात्विक पकवानों को भी भोग में शामिल कर सकते हैं। अंत में बाल भाव के साथ लड्डू गोपाल को झूला झुलाएं, उनकी आरती गाएं और अपनी भूलचुक के लिए क्षमा मांगते हुए परिवार के कल्याण की कामना करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Sep 2026 8:41 pm

पितरों को समर्पित दर्श अमावस्या कब है सितंबर 2026 में? पूर्वजों का आशीर्वाद पाने और पितृ दोष दूर करने के लिए जरूर करें ये 4 विशेष काम

सनातन हिंदू धर्म और संस्कृति में पंचांग के अनुसार आने वाली हर एक तिथि का अपना एक विशिष्ट आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व होता है, लेकिन जब बात हमारे पूर्वजों, पितरों और उनकी शांति की आती है, तो अमावस्या तिथि का स्थान सर्वोपरि माना जाता है। वर्ष भर में आने वाली तमाम अमावस्या तिथियों में 'दर्श अमावस्या' का दिन बेहद पवित्र और फलदायी माना गया है, जिसे विशेष तौर पर पितरों की तृप्ति, उनकी कृपा प्राप्ति और मोक्ष की कामना के लिए समर्पित किया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि किसी जातक की जन्म कुंडली में पित्र दोष या किसी अन्य प्रकार का पितृ ऋण विद्यमान है, जिसके कारण उसके जीवन में लगातार बाधाएं आ रही हैं, तो उसे दर्श अमावस्या के इस पावन अवसर पर विधि-विधान से कुछ अचूक उपाय अवश्य करने चाहिए। सितंबर के महीने में आने वाली इस महत्वपूर्ण तिथि को लेकर सनातन प्रेमियों के मन में तमाम तरह की जिज्ञासाएं हैं कि यह व्रत या पर्व कब मनाया जाएगा और इस दिन ऐसा क्या किया जाए जिससे अप्रसन्न पूर्वज शांत होकर अपने पूरे परिवार पर सुख-समृद्धि की बौछार कर सकें। जीवन में आ रही समस्त प्रकार की अड़चनों को दूर करने और पितृ ऋण से मुक्ति पाने के लिए दर्श अमावस्या का यह दिन किसी वरदान से कम नहीं है, बशर्ते इसे पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ मनाया जाए।सितंबर 2026 में कब है दर्श अमावस्या? जानिए सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पंचांग की गणनाहिंदू पंचांग और खगोलीय गणनाओं के अनुसार, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली अमावस्या तिथि को दर्श अमावस्या के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष यानी 2026 में सितंबर महीने में पड़ने वाली यह अत्यंत महत्वपूर्ण दर्श अमावस्या आगामी 10 सितंबर 2026, गुरुवार के दिन आ रही है। वैदिक पंचांग के नियमों के तहत दर्श अमावस्या तिथि का आरंभ 10 सितंबर को सुबह के समय होगा और इसका समापन अगले दिन यानी 11 सितंबर 2026 को सुबह 8:56 बजे तक होगा। चूंकि सनातन धर्म में उदया तिथि का विशेष महत्व माना जाता है, इसलिए उदया तिथि के कड़े नियमों का पालन करते हुए मुख्य रूप से 10 सितंबर, गुरुवार को ही दर्श अमावस्या का व्रत और पूजन अनुष्ठान किया जाएगा। इस दिन सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदियों में स्नान करने या घर पर ही गंगा जल मिले पानी से स्नान करने के बाद पितरों के निमित्त पूजा-पाठ करने का विधान है। पंचांग के इन सटीक और पुख्ता Muhurat के अनुसार यदि कोई जातक सही समय पर अनुष्ठान करता है, तो उसे अपनी पूजा का शत-प्रतिशत सकारात्मक फल प्राप्त होता है और पूर्वजों की असीम अनुकंपा उसके पूरे परिवार पर सदैव बनी रहती है।पितरों की आत्मा की शांति के लिए जल में काले तिल मिलाकर करें विशेष तर्पणदर्श अमावस्या के पावन अवसर पर पूर्वजों के निमित्त तर्पण करना सबसे मुख्य और अनिवार्य धार्मिक कार्य माना जाता है। ऐसी अटूट मान्यता है कि यदि आप इस विशेष दिन पर अपने दिवंगत पूर्वजों और पितरों के नाम से सच्चे मन से तर्पण करते हैं, तो उनकी भटकती हुई आत्मा को परम् शांति और तृप्ति मिलती है, जिससे वे प्रसन्न होकर अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं। इस दिन सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर किसी पवित्र नदी के तट पर या अपने घर के पूजा स्थल पर तांबे के लोटे में शुद्ध जल लें और उसमें काले तिल तथा सफेद फूल अवश्य मिलाएं। इसके बाद दक्षिण दिशा की ओर मुख करके अपने पूर्वजों का स्मरण करते हुए जल अर्पित करें। यदि आप किसी पवित्र नदी में स्नान करने के बाद विधि-विधान से यह तर्पण कर्म करते हैं, तो इसका पुण्य कई गुना अधिक बढ़ जाता है। काले तिल का संबंध सीधे तौर पर शनि और राहु के दुष्प्रभावों को शांत करने के साथ-साथ पितरों की संतुष्टि से भी जोड़ा गया है, इसलिए तर्पण में काले तिल का प्रयोग करना कभी नहीं भूलना चाहिए, क्योंकि यह पितृ दोष के निवारण का एक अचूक और पारंपरिक माध्यम माना गया है।पीपल के वृक्ष की पूजा और दक्षिण दिशा में दीपक जलाकर पितरों को करें प्रसन्नसनातन संस्कृति में पीपल के पेड़ को सामान्य वृक्ष नहीं बल्कि साक्षात देवताओं और विशेषकर पूर्वजों का वास स्थान माना गया है। दर्श अमावस्या के दिन सुबह स्नान करने के बाद पीपल के पेड़ के पास जाएं और उसकी जड़ में जल अर्पित करते हुए शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करें, ऐसा करने से जीवन में आ रही समस्त प्रकार की बाधाएं और रुकावटें स्वतः दूर होने लगती हैं। इसके अलावा, वास्तु शास्त्र और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार दक्षिण दिशा को सीधे तौर पर यमराज और पितरों की दिशा माना गया है। दर्श अमावस्या की संध्या के समय अपने घर की दक्षिण दिशा में सरसों के तेल या शुद्ध घी का एक मुखी दीपक अवश्य जलाएं और मन ही मन अपने पूर्वजों से अपने परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें। ऐसा करने से पितर अत्यंत प्रसन्न होते हैं और घर से नकारात्मक ऊर्जा हमेशा के लिए दूर हो जाती है। इसके साथ ही, दर्श अमावस्या के दिन आसमान में भले ही चंद्रमा दिखाई न दे, क्योंकि यह अमावस्या की रात होती है, लेकिन चंद्रोदय की सही दिशा में देखकर चंद्रमा को अर्घ्य अवश्य देना चाहिए, क्योंकि चंद्रमा की पूजा करने से भी पूर्वजों की कृपा दृष्टि प्राप्त होती है और जीवन में मानसिक शांति तथा खुशहाली का आगमन होता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Sep 2026 8:39 pm

जहरीली शराब से नहीं हुई 4 मौतें! प्रेम प्रसंग में रची थी हत्या की साजिश

बिहार के बाढ़ अनुमंडल में चार युवकों की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक, शराब का इंतजाम करने वाला पांचवां शख्स ही मुख्य आरोपी निकला. आरोपी ने शराब में जहर मिलाकर चारों युवकों की जान ले ली. पुलिस ने प्रेम प्रसंग को हत्या की वजह बताया है और मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.

आज तक 2 Sep 2026 8:37 pm

Ram Mandir : 'प्रभु राम मुझे यह जिम्मेदारी निभाने का सामर्थ्य दें', अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO जितेंद्र मिश्रा ने कहा

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, अयोध्या के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किए गए एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (सेवानिवृत्त) ने नई जिम्मेदारी मिलने पर चयन समिति, श्री राम मंदिर ट्रस्ट और भगवान राम के प्रति आभार जताया।

वेब दुनिया 2 Sep 2026 8:33 pm

क्रेडिट कार्ड बंद कराने में बैंक ने की देरी? तो मिलेगा रोजाना 500 रुपये का भारी मुआवजा, जानिए क्या कहता है RBI का यह सख्त नियम

भारतीय वित्तीय बाजार और बैंकिंग सेक्टर में ग्राहकों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा समय-समय पर कई कड़े और क्रांतिकारी नियम बनाए जाते रहे हैं, जिनका सीधा फायदा आम आदमी को मिलता है। आधुनिक दौर में क्रेडिट कार्ड हमारी जीवनशैली का एक अहम हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन कई बार लोग अपनी जरूरत खत्म होने के बाद या अनावश्यक खर्चों से बचने के लिए अपने क्रेडिट कार्ड को बंद कराने का फैसला लेते हैं। हालांकि, वास्तविकता यह है कि जब कोई ग्राहक अपने क्रेडिट कार्ड को बंद कराने के लिए बैंक के पास क्लोजर रिक्वेस्ट दर्ज कराता है, तो बैंकों की सुस्ती और टालमटोल रवैये के कारण यह प्रक्रिया अक्सर महीनों तक खिंच जाती है। इस दौरान ग्राहकों को न केवल मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है, बल्कि कई बार उन पर अनचाहे सालाना शुल्क (Annual Fees) और हिडन चार्जेस का भारी वित्तीय बोझ भी डाल दिया जाता है। अगर आपका बैंक भी आपके क्रेडिट कार्ड को बंद करने की रिक्वेस्ट को बेवजह लटकाता है और तय समयसीमा के भीतर कार्रवाई नहीं करता है, तो अब आपको घबराने या परेशान होने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। आरबीआई के स्पष्ट और सख्त नियमों के अनुसार, यदि बैंक ने तयशुदा समय के भीतर आपका क्रेडिट कार्ड बंद नहीं किया, तो उसे ग्राहक को हर्जाने के रूप में हर दिन 500 रुपये का भारी-भरकम मुआवजा देना होगा।RBI का नियम: सिर्फ 7 दिन के भीतर क्रेडिट कार्ड बंद करना बैंक की कानूनी बाध्यताभारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार, यदि किसी क्रेडिट कार्डधारक ने अपने कार्ड का सारा बकाया, लोन और अनबिल्ड ट्रांजेक्शन पूरी तरह से चुका दिए हैं और बैंक के पास अपने कार्ड को हमेशा के लिए बंद करने का औपचारिक अनुरोध (Closure Request) दर्ज कराया है, तो कार्ड जारी करने वाले बैंक या वित्तीय संस्थान की यह कानूनी जिम्मेदारी बन जाती है कि वह ठीक 7 वर्किंग डेज (कार्यदिवस) के अंदर उस क्रेडिट कार्ड को पूरी तरह से बंद कर दे। आमतौर पर ग्राहक कस्टमर केयर पर कॉल करके या ईमेल के जरिए अपनी रिक्वेस्ट दर्ज कराते हैं और कई-कई दिनों तक बैंक के सकारात्मक जवाब का इंतजार करते रहते हैं, लेकिन बैंक की लापरवाही के कारण कार्ड बंद नहीं हो पाता। यदि बैंक इस निर्धारित सात दिनों की समय सीमा के भीतर कार्ड को बंद करने की प्रक्रिया पूरी नहीं करता है, तो उसे उस दिन से लेकर तब तक ग्राहक को 500 रुपये प्रतिदिन की दर से वित्तीय मुआवजा देना होगा, जब तक कि वह कार्ड औपचारिक रूप से बंद नहीं कर दिया जाता। यानी यदि बैंक की सुस्ती लंबी खिंच जाती है, तो मुआवजे की यह कुल रकम काफी बड़ी हो सकती है, जिसका एक हालिया मामला सामने आने के बाद बैंक को एक ग्राहक को लगभग 3.21 लाख रुपये तक का भारी मुआवजा देने के लिए मजबूर होना पड़ा था।बैंक आपको ब्रांच आने के लिए मजबूर नहीं कर सकता, डिजिटल माध्यमों से मिलेगी सुविधाअक्सर यह देखने में आता है कि बैंक क्रेडिट कार्ड बंद करने की प्रक्रिया को जटिल बनाने के लिए ग्राहकों को अपनी होम ब्रांच के चक्कर काटने या लिखित में फॉर्म जमा करने के लिए मजबूर करते हैं, जो कि पूरी तरह से नियमों के खिलाफ है। आरबीआई के स्पष्ट नियमों के अनुसार, किसी भी बैंक के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वह अपने ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड बंद कराने के लिए केवल फिजिकल ब्रांच तक सीमित न रखे, बल्कि इसके लिए मोबाइल ऐप, इंटरनेट बैंकिंग, आधिकारिक ईमेल, आईवीआर (IVR) या एसएमएस (SMS) जैसे आसान और सुलभ डिजिटल विकल्प उपलब्ध कराए। जैसे ही ग्राहक इनमें से किसी भी माध्यम से कार्ड बंद करने की अर्जी देता है, बैंक को तुरंत एक संदर्भ संख्या (Ticket Number) जारी करनी होती है। इसके अलावा, जब एक बार क्रेडिट कार्ड पूरी तरह से बंद कर दिया जाता है, तो बैंक की यह कानूनी जिम्मेदारी होती है कि वह तुरंत रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस या ईमेल के जरिए ग्राहक को इसकी आधिकारिक पुष्टि और जानकारी भेजे, ताकि ग्राहक पूरी तरह से आश्वस्त हो सके कि अब उस पर किसी भी तरह की देनदारी बाकी नहीं है।मुआवजा पाने और अपनी ओर से सभी औपचारिकताएं पूरी करने का सही तरीकायदि आप भी अपने किसी ऐसे क्रेडिट कार्ड से छुटकारा पाना चाहते हैं जिसका इस्तेमाल आप लंबे समय से नहीं कर रहे हैं, तो आपको कुछ बेहद जरूरी सावधानियां बरतनी होंगी ताकि भविष्य में किसी भी तरह के विवाद की गुंजाइश न बचे। सबसे पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपके कार्ड पर किसी भी तरह का बकाया, ईएमआई (EMI), या ऑटो-डेबिट मैंडेट एक्टिव न हो, और कार्ड पर मिलने वाले बचे हुए रिवार्ड पॉइंट्स को भी बंद करने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले ही रिडीम कर लें, जिसके लिए बैंक 30 दिनों का समय देते हैं। इसके बाद बैंक के किसी भी डिजिटल माध्यम से कार्ड बंद करने की पक्की रिक्वेस्ट डालें और मिलने वाले टिकट नंबर या संदर्भ संख्या को सुरक्षित संभालकर रख लें, क्योंकि यही तारीख भविष्य में आपके मुआवजे के दावे का सबसे बड़ा और ठोस सबूत बनेगी। यदि आपके द्वारा रिक्वेस्ट डालने के बाद भी 7 वर्किंग डेज बीत जाने पर कार्ड बंद नहीं होता है, तो आप सीधे बैंक के प्रिंसिपल नोडल ऑफिसर को लिखित शिकायत भेजकर 500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजे की मांग कर सकते हैं। यदि इसके बावजूद 30 दिनों के भीतर बैंक आपकी समस्या का संतोषजनक समाधान नहीं करता है, तो आप भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारिक कम्प्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम (CMS) पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराकर न्याय की गुहार लगा सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Sep 2026 8:32 pm

Indore में Rahul Gandhi का कार्यक्रम टला, 19 सितंबर को होगी छात्रों की गूंज

इंदौर (मध्यप्रदेश), दो सितंबर कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में इंदौर में 12 सितंबर को प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की तारीख जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजन की अनुमति नहीं मिलने के कारण आगे बढ़ाकर 19 सितंबर कर दी गई है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस के इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के एक पुराने आदेश के तहत नेहरू स्टेडियम में केवल खेलकूद गतिविधियों या राज्यस्तरीय शासकीय कार्यक्रमों के आयोजन की अनुमति है। भाजपा ने यह भी कहा कि प्रमुख विपक्षी दल राहुल गांधी के कार्यक्रम में भीड़ न जुटा पाने की अपनी नाकामी छिपाने के लिए बहानेबाजी कर रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नेहरू स्टेडियम उपलब्ध कराने से इनकार किए जाने के बाद अब छात्रों की गूंज कार्यक्रम 12 सितंबर के बजाय 19 सितंबर को आयोजित होगा। पटवारी ने इंदौर में कार्यक्रम की तैयारियों से जुड़ी बैठक के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब कार्यक्रम के लिए नया आयोजन स्थल तलाश करके उसे तैयार करेगी। कांग्रेस ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में इंदौर और आस-पास के 50,000 विद्यार्थियों को जुटाने का प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश के कांग्रेस मामलों के प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा,‘‘भाजपा सरकार राहुल गांधी के कार्यक्रम से डर गई है। यही वजह है कि वह नेहरू स्टेडियम में इस कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति नहीं दे रही है।’’भाजपा की प्रदेश इकाई के सह मीडिया प्रभारी आलोक दुबे ने कहा कि गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम को विद्यार्थियों का समर्थन नहीं मिल पा रहा और अपनी कमियां छिपाने के लिए कांग्रेस सत्तारूढ़ दल पर झूठे आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा,‘‘हमारी सरकार नेहरू स्टेडियम के मामले में उच्च न्यायालय के एक पुराने आदेश का पालन कर रही है।’’नेहरू स्टेडियम नगर निगम के तहत आता है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के मुताबिक नेहरू स्टेडियम में खेलकूद गतिविधियों या राज्यस्तरीय शासकीय कार्यक्रमों के आयोजन की ही अनुमति दी जा सकती है। उन्होंने कहा, कांग्रेस को यह बात अच्छी तरह पता है कि वह राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए विद्यार्थियों को बड़ी तादाद में जुटा नहीं पाएगी, इसलिए वह बहानेबाजी कर रही है। गांधी के कार्यक्रम की तारीख में बदलाव की घोषणा से पहले, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर 12 सितंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए नेहरू स्टेडियम उपलब्ध कराने का आग्रह किया था। उन्होंने पत्र में कहा था कि राहुल गांधी का कार्यक्रम कोई सामान्य राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि देश के भविष्य, युवाओं के सपनों, शिक्षा के अधिकार और शिक्षा व्यवस्था की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित जनसंवाद है। ‘छात्रों की गूंज’ कांग्रेस द्वारा शुरू किया गया विद्यार्थी-संवाद अभियान है जिसके तहत देश के अलग-अलग शहरों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विपक्षी दल इस अभियान के जरिये प्रश्नपत्र लीक, महंगी शिक्षा, सरकारी भर्तियों में अनियमितताओं और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को घेरने का प्रयास कर रहा है।

प्रभासाक्षी 2 Sep 2026 8:32 pm

BCCI की हाई पावर मीटिंग में रोहित शर्मा पर बड़ा फैसला!

भारतीय क्रिकेट में गुरुवार को होने वाली बीसीसीआई की हाई पावर बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं. बैठक में टीम इंडिया के हालिया प्रदर्शन और भविष्य की रणनीति पर चर्चा होगी. सबसे बड़ा सवाल रोहित शर्मा के 2027 वनडे विश्व कप भविष्य को लेकर है. इसके अलावा अजित अगरकर और वीवीएस लक्ष्मण की भूमिका, न्यूजीलैंड दौरे की तैयारी, खिलाड़ियों के चयन और टेस्ट चैंपियनशिप को लेकर भी मंथन संभव है.

आज तक 2 Sep 2026 8:31 pm

रामलला की ओर कोर्ट में लड़ी कानूनी लड़ाई, अब ट्रस्टी बने मदन मोहन पांडेय

रामलला की ओर से राम जन्मभूमि मामले में लंबे समय तक पैरवी करने वाले मदन मोहन पांडेय अब राम मंदिर ट्रस्ट का हिस्सा हैं. जानिए अदालत की लड़ाई से ट्रस्ट तक पहुंचने वाले मदन मोहन के बारे में.

आज तक 2 Sep 2026 8:28 pm

छोटा राजन गैंग के नाम पर ₹11 करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप

मुंबई के बांद्रा में बिल्डर से ₹11 करोड़ की रंगदारी मांगने के आरोप में महिला समेत 5 लोग गिरफ्तार हुए हैं. आरोपियों ने हत्या और रेप के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी थी. पढ़ें पूरी कहानी.

आज तक 2 Sep 2026 8:23 pm

36 पारियों से नहीं जड़ा शतक, इंग्लैंड में बाबर का बुरा हाल

पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज में बाबर आजम के बल्ले से पाक क्रिकेट फैन्स को बड़े रनों की उम्मीद थी. लेकिन बाबर आजम दोनों ही मैचों में बुरी तरह फ्लॉप रहे.

आज तक 2 Sep 2026 8:23 pm

सब्जियों वाले पुलाव से हैं बोर? बनाएं शाही ‘काजू मोती पुलाव’

Kaju Moti Pulao Recipe: रोज के दाल-चावल और सब्जियों वाले पुलाव से हो गए हैं बोर? अगर हां, तो आप इस बार आप शेफ संजीव कपूर का काजू मोती पुलाव रेसिपी ट्राई कर सकते हैं. इसमें काजू-पनीर से तैयार होने वाले छोटी-छोटी मोती डाले जाते हैं, जो इसे शाही ट्विस्ट देते हैं.

आज तक 2 Sep 2026 8:18 pm

BJP अध्यक्ष नितिन नवीन की 'डिनर डिप्लोमेसी', घर पर जुटे CM और मंत्री

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार को अपने आवास पर रात्रिभोज का आयोजन किया है. इस रात्रिभोज में कई राज्यों के मुख्यमंत्री, जल शक्ति मंत्री, बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल होने वाले हैं.

आज तक 2 Sep 2026 8:16 pm

क्विंटन डिकॉक ने रचा इतिहास: CPL 2026 में तूफानी शतक ठोककर की विराट कोहली और डेविड वॉर्नर के महारिकॉर्ड की बराबरी

क्रिकेट के सबसे तेज-तर्रार और रोमांचक फॉर्मेट यानी टी20 क्रिकेट के इतिहास में मैदान पर हर दिन नए रिकॉर्ड बनते हैं और पुराने समीकरण ताश के पत्तों की तरह ढह जाते हैं। इसी कड़ी में विश्व क्रिकेट के पटल पर एक ऐसा ऐतिहासिक कारनामा सामने आया है जिसने खेल प्रेमियों के बीच हलचल तेज कर दी है। दक्षिण अफ्रीका के विस्फोटक और दिग्गज विकेटकीपर-बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक (Quinton de Kock) ने चल रहे कैरेबियन प्रीमियर लीग यानी CPL 2026 में अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी का लोहा मनवाते हुए एक ऐसा शानदार शतक जड़ा है, जिसने उन्हें सीधे भारतीय क्रिकेट के दिग्गज विराट कोहली की कतार में ला खड़ा किया है। अपनी इस शतकीय पारी के दम पर डिकॉक ने टी20 क्रिकेट में शतकों के मामले में विराट कोहली और ऑस्ट्रेलिया के विस्फोटक ओपनर डेविड वॉर्नर के महारिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। दुनिया भर की टी20 लीगों में अपनी आक्रामक बैटिंग के लिए पहचाने जाने वाले डिकॉक के इस मुकाम पर पहुंचने से ग्लोबल क्रिकेट सर्किट में उनकी चर्चाएं जोरों पर हैं, और उनके फैंस इस बड़ी उपलब्धि का जश्न मना रहे हैं।CPL 2026 में क्विंटन डिकॉक की ऐतिहासिक शतकीय पारी और रिकॉर्डतोड़ कारनामाकैरेबियन प्रीमियर लीग (CPL 2026) के एक बेहद रोमांचक मुकाबले के दौरान 1 सितंबर को सेंट किट्स एंड नेविस पेट्रियट्स के खिलाफ खेलते हुए बारबाडोस रॉयल्स (ट्राईडेंट्स) की तरफ से मैदान पर उतरे क्विंटन डिकॉक ने गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं। उन्होंने अपनी इस सनसनीखेज पारी के दौरान महज़ 57 गेंदों का सामना करते हुए कुल 106 रनों की नाबाद और आतिशी शतकीय पारी खेली, जिसमें मैदान के चारों तरफ वर्जित strokes लगाते हुए उन्होंने 11 शानदार चौके और 6 गगनचुंबी छक्के जड़े। यह उनके संपूर्ण टी20 करियर का कुल 10वां शतक साबित हुआ है। इस शतकीय पारी के साथ ही क्विंटन डिकॉक दुनिया के चुनिंदा और विशेष खिलाड़ियों के उस एलीट क्लब में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने टी20 फॉर्मेट में 10 या उससे अधिक शतक लगाने का गौरव हासिल किया है। इस सूची में अब वह दुनिया के केवल पांचवें ऐसे क्रिकेटर बन गए हैं जिन्होंने क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में यह जादुई आंकड़ा छुआ है। हालांकि उनकी इस शतकीय पारी के बावजूद उनकी टीम को मैच में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर उनका यह रिकॉर्ड उनके करियर का एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख गया है।टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतकों की सूची: क्रिस गेल और बाबर आजम से तुलनाटी20 क्रिकेट के इतिहास में जब भी सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की बात होती है, तो वेस्टइंडीज के 'यूनिवर्स बॉस' क्रिस गेल का नाम सबसे ऊपर आता है, जिन्होंने अपने ऐतिहासिक और बेजोड़ टी20 करियर में कुल 22 शतक ठोके हैं और वह इस मामले में पूरी दुनिया में कोसों आगे हैं। उनके बाद पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज बाबर आजम 13 शतकों के साथ इस सर्वकालिक सूची में दूसरे पायदान पर मजबूती से काबिज हैं। अब क्विंटन डिकॉक ने भी अपने इस 10वें शतक के साथ आधुनिक युग के महान बल्लेबाज विराट कोहली और ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज ओपनर डेविड वॉर्नर की बराबरी कर ली है, जिनके नाम भी टी20 फॉर्मेट में 10-10 शतक दर्ज हैं। टी20 शतकों की इस वैश्विक सूची में डिकॉक की यह एंट्री इस बात का प्रमाण है कि वह खेल के इस प्रारूप के सबसे खतरनाक और निरंतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उनके इस प्रदर्शन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि विदेशी पिचों पर और मुश्किल परिस्थितियों में भी उनका बल्ला किस तरह से गरजता है और वह किसी भी विरोधी टीम के गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां बिखेरने का माद्दा रखते हैं।क्विंटन डिकॉक का शानदार टी20 करियर और 500 से अधिक छक्कों का रिकॉर्डदक्षिण अफ्रीका के इस महान और अनुभवी बाएं हाथ के बल्लेबाज के संपूर्ण टी20 करियर पर अगर सरसरी तौर पर नजर डाली जाए, तो उनके आंकड़े किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए प्रेरणा से कम नहीं हैं। उन्होंने अब तक अपने करियर में कुल 457 टी20 मैच खेले हैं, जिसमें उनके बल्ले से लगभग 12,867 से अधिक रन निकल चुके हैं। इस लंबे और गौरवशाली सफर में उन्होंने 10 शतकों के अलावा दर्जनों अर्धशतक भी अपने नाम किए हैं, और टी20 क्रिकेट में उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर 140 रनों का रहा है। इसके साथ ही, क्विंटन डिकॉक दुनिया के उन चुनिंदा 13 दिग्गज बल्लेबाजों की सूची में भी गर्व के साथ शामिल हैं, जिन्होंने टी20 फॉर्मेट में अपने पूरे करियर के दौरान 500 से अधिक छक्के लगाने का अद्भुत कारनामा किया है। हालांकि, भले ही डिकॉक व्यक्तिगत रूप से CPL 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शीर्ष पर शुमार हैं और लगातार बेहतरीन पारियां खेल रहे हैं, लेकिन उनकी टीम बारबाडोस की किस्मत इस सीजन में उनका साथ नहीं दे पाई है और टीम पॉइंट्स टेबल में सबसे निचले पायदान पर संघर्ष कर रही है, जिसने उनके फैंस को थोड़ा निराश जरूर किया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Sep 2026 8:15 pm

BCCI की हाई-प्रोफाइल मीटिंग में मचेगा घमासान: अजीत अगरकर और वीवीएस लक्ष्मण के बीच फिटनेस मुद्दों पर तीखी भिड़ंत की आशंका

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के गलियारों में इस समय हलचल काफी तेज हो चुकी है और मुंबई में होने जा रही आगामी उच्च स्तरीय बैठक भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिहाज से बेहद निर्णायक साबित होने वाली है। खेल प्रेमियों और विशेषज्ञों की निगाहें पूरी तरह से इस बात पर टिकी हैं कि बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों और चयनकर्ताओं के बीच होने वाली इस चर्चा के दौरान क्या-क्या खुलासे सामने आएंगे। हाल के महीनों में टीम इंडिया के निराशाजनक प्रदर्शन, खिलाड़ियों की फिटनेस से जुड़ी गंभीर समस्याओं और रिहैब प्रक्रिया को लेकर अंदरखाने जो नाराजगी चल रही थी, वह अब इस बैठक में पूरी तरह से खुलकर सामने आ सकती है। भारतीय क्रिकेट टीम के चयन मामलों, हालिया दौरों पर मिली हार और खिलाड़ियों के लगातार चोटिल होने जैसी जटिल परिस्थितियों के बीच यह बैठक कई मायनों में हंगामेदार रहने के पूरे आसार हैं। मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण और हेड कोच गौतम गंभीर जैसे दिग्गज जब एक मंच पर आमने-सामने होंगे, तो तीखे सवाल-जवाब होना लाजिमी है। बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया की मौजूदगी में होने वाली इस बैठक का मुख्य उद्देश्य केवल समीक्षा करना नहीं है, बल्कि भविष्य की रणनीतियों के लिए कड़े और कड़े फैसले लेना भी है।मुंबई में होने वाली BCCI की अहम बैठक और टीम इंडिया के प्रदर्शन की समीक्षाभारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा आगामी गुरुवार को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में एक बेहद अहम और हाई-प्रोफाइल बैठक बुलाई गई है, जिसमें भारतीय क्रिकेट से जुड़े कई ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया, सीनियर पुरुष चयन समिति के चेयरमैन अजीत अगरकर, टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर और बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (पूर्व में नेशनल क्रिकेट अकादमी) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण के शामिल होने की पूरी संभावना है। इस बैठक का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु टीम इंडिया के हालिया विदेशी दौरों, विशेषकर आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए मुकाबलों में टीम का निराशाजनक प्रदर्शन रहेगा। आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में मिली शर्मनाक हार और इंग्लैंड दौरे पर टी20 श्रृंखला में टीम के लचर प्रदर्शन को लेकर हेड कोच गौतम गंभीर से कड़े सवाल पूछे जा सकते हैं। टीम मैनेजमेंट से यह स्पष्ट रूप से जवाब मांगा जा सकता है कि आखिर इन दोनों महत्वपूर्ण दौरों पर भारतीय टीम से रणनीतिक स्तर पर कहां-कहां चूक हुई और आने वाले समय में होने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों से पहले इन कमियों को दूर करने के लिए उनके पास क्या ठोस एक्शन प्लान है।खिलाड़ियों की लगातार बढ़ती फिटनेस समस्याएं और अजीत अगरकर का गुस्साइस उच्च स्तरीय बैठक का सबसे बड़ा और सबसे ज्यादा संवेदनशील मुद्दा भारतीय खिलाड़ियों की लगातार खराब होती फिटनेस और बार-बार चोटिल होने की प्रवृत्ति रहेगा। पिछले कुछ समय से जिस तरह से एक के बाद एक स्टार खिलाड़ी इंजरी का शिकार हो रहे हैं और टीम में बार-बार अंतिम समय पर बदलाव या रिप्लेसमेंट की जरूरत पड़ रही है, उसने चयनकर्ताओं की रातों की नींद उड़ा रखी है। अंदरूनी सूत्रों से मिल रही खबरों के अनुसार, चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर खिलाड़ियों की लगातार सामने आ रही फिटनेस समस्याओं और रिहैब से जुड़ी कार्यप्रणाली को लेकर खासे नाराज बताए जा रहे हैं। यही वजह है कि मुंबई में होने वाली इस बैठक के दौरान अजीत अगरकर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के हेड वीवीएस लक्ष्मण के बीच खिलाड़ियों की फिटनेस क्लीयरेंस के मुद्दे पर तीखी चर्चा और घमासान देखने को मिल सकता है। मुख्य सवाल यह उठाया जा रहा है कि जब कोई खिलाड़ी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में लंबी रिहैब प्रक्रिया और फिटनेस टेस्ट से गुजरने के बाद मैदान पर लौटता है, तो वह तुरंत दोबारा चोटिल क्यों हो जाता है। जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, वाशिंगटन सुंदर, नितीश कुमार रेड्डी और हार्दिक पांड्या जैसे प्रमुख खिलाड़ियों की बार-बार होने वाली इंजरी ने भारतीय टीम मैनेजमेंट और चयन समिति के बीच तालमेल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।हार्दिक पांड्या की फिटनेस पर उठेंगे गंभीर सवाल और रिकवरी में देरी की वजहइस पूरी फिटनेस बहस के केंद्र में स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या का मामला सबसे ज्यादा अहम रहने की उम्मीद है। पिछले कुछ समय से हार्दिक की फिटनेस भारतीय टीम के लिए लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। पिछले साल जून में अफगानिस्तान के खिलाफ खेली जाने वाली वनडे सीरीज के लिए जब हार्दिक पांड्या का नाम भारतीय टीम में चुना गया था, तब उनका यह चयन पूरी तरह से उनकी फिटनेस क्लीयरेंस के अधीन था। हालांकि, बाद में क्वाड्रिसेप्स की गंभीर चोट के चलते उन्हें अंतिम समय में उस सीरीज से बाहर होना पड़ गया था। इसके बाद से उनकी रिकवरी की गति और फिटनेस हासिल करने में लग रहे लंबे समय को लेकर चयनकर्ताओं के मन में तमाम सवाल सुलग रहे हैं। बैठक में यह कड़ा सवाल उठाया जा सकता है कि आखिर उनकी रिकवरी प्रक्रिया में लगातार इतनी देरी क्यों हो रही है और उन्हें पूरी तरह से मैच फिट होने में इतना लंबा वक्त क्यों लग रहा है। यही वजह है कि उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज के लिए भी भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया है। केवल हार्दिक ही नहीं, बल्कि युवा ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी और अन्य कई खिलाड़ियों के साथ भी फिटनेस का यही अनिश्चित दौर लगातार बना हुआ है, जिसके चलते चयन समिति अब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से मिलने वाले क्लीयरेंस पर पूरी तरह से पारदर्शिता चाहती है।अफगानिस्तान के खिलाफ T20 सीरीज में चार खिलाड़ी 'Subject to Fitness' क्यों?चयन समिति और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के बीच चल रहे इस मतभेद को और अधिक हवा तब मिली जब हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी तीन मैचों की महत्वपूर्ण टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान किया गया। इस टीम में चयनकर्ताओं ने जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, वाशिंगटन सुंदर और नितीश कुमार रेड्डी जैसे मैच विनर खिलाड़ियों को तो शामिल कर लिया, लेकिन इन चारों की अंतिम उपलब्धता पूरी तरह से उनकी फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर यानी 'Subject to Fitness' रखी गई है। इसी एक फैसले ने चयन समिति के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर एक ही सीरीज के लिए एक साथ चार-चार खिलाड़ियों को इस संदिग्ध शर्त पर चुनने की नौबत क्यों आन पड़ी? क्या खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और फिटनेस को लेकर चयनकर्ताओं और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के बीच संवाद और तालमेल की भारी कमी है? यदि कोई खिलाड़ी अभी सौ प्रतिशत पूरी तरह से फिट नहीं है, तो उसके चयन को लेकर अंतिम फैसला लेने का आधार क्या होना चाहिए और क्या जल्दबाजी में लिए गए फैसले टीम के संतुलन को बिगाड़ रहे हैं? इन तमाम तीखे सवालों के जवाब इस बैठक में वीवीएस लक्ष्मण और टीम मैनेजमेंट को देने पड़ सकते हैं।वीवीएस लक्ष्मण की रिहैब प्रक्रिया और रिटर्न-टू-प्ले प्रोटोकॉल पर होगी लंबी चर्चादूसरी तरफ, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण पहले ही खिलाड़ियों की रिहैब और फिटनेस प्रक्रिया को लेकर अपनी कार्यप्रणाली को विस्तार से सबके सामने रख चुके हैं। लक्ष्मण के अनुसार, जब भी कोई राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी चोटिल होता है, तो पूरी प्रक्रिया उसकी चोट की सटीक पहचान से शुरू होती है और विभिन्न चरणों से गुजरते हुए 'रिटर्न-टू-प्ले' यानी प्रतिस्पर्धी मुकाबलों में उतरने के बाद उसे आधिकारिक तौर पर पूरी तरह फिट घोषित किए जाने तक चलती है। इसके बावजूद, मैदानी स्तर पर खिलाड़ियों के लगातार चोटिल होने की घटनाओं ने इस पूरी स्थापित प्रक्रिया और इसके मानकों पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। चयनकर्ताओं की सबसे बड़ी व्यावहारिक परेशानी यह है कि जब कोई मुख्य खिलाड़ी अचानक मैच से पहले चोटिल हो जाता है, तो उन्हें मजबूरन सीरीज के बीच में से ही रिप्लेसमेंट का ऐलान करना पड़ता है, जिससे न केवल टीम का गेंदबाजी और बल्लेबाजी संयोजन पूरी तरह से बिखर जाता है, बल्कि महत्वपूर्ण मैचों में रणनीतिक योजनाएं भी धरी की धरी रह जाती हैं। यही मुख्य वजह है कि गुरुवार को होने वाली यह हाई-लेवल बैठक केवल कुछ मैचों में हार की समीक्षा तक सीमित नहीं रहने वाली है, बल्कि इसमें भारतीय क्रिकेट के पूरे फिटनेस ढांचे, वर्कलोड मैनेजमेंट और रिहैब सेंटर्स की कार्यशैली पर गंभीर मंथन होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Sep 2026 8:12 pm

नेपाल ने चीन-अमेरिका, भारत से मांगा हर्जाना, UN जाएंगे बालेन शाह

नेपाल ने बागमती प्रदेश में आई भीषण बाढ़ के लिए चीन, भारत और अमेरिका को जलवायु मुआवजे की मांग की है. प्रधानमंत्री बालेन शाह यूएन महासभा में इस मुद्दे को उठाने के लिए न्यूयॉर्क जाने की तैयारी कर रहे हैं.

आज तक 2 Sep 2026 8:10 pm

एशियन गेम्स 2026 में अनोखा इंतजाम: होटलों के साथ क्रूज जहाज और कंटेनर में रुकेंगे खिलाड़ी, जापान का यह नायाब तरीका जीत रहा है दिल

दुनिया भर के खेल प्रेमियों की निगाहें इस वक्त आगामी एशियाई खेलों पर टिकी हुई हैं, क्योंकि खेल के महाकुंभ की उलटी गिनती अब तेजी से शुरू हो चुकी है। जापान के आइची-नागोया शहर में आगामी 19 सितंबर से शुरू होने वाले इस प्रतिष्ठित महामुकाबले में हिस्सा लेने के लिए दुनिया भर के दिग्गज खिलाड़ी अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में पूरी शिद्दत से जुटे हुए हैं। इस बार के एशियन गेम्स केवल खेल प्रतियोगिताओं और पदकों की जंग को लेकर ही चर्चा में नहीं हैं, बल्कि उससे भी ज्यादा सुर्खियों में खिलाड़ियों के ठहरने यानी आवास की अनोखी और भव्य व्यवस्था है। आमतौर पर किसी भी अंतरराष्ट्रीय बहु-खेल आयोजन के दौरान मेजबान देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती हजारों खिलाड़ियों और उनके सपोर्ट स्टाफ को ठहराने के लिए विशाल खेल गांवों का निर्माण करना होती है, जिस पर पानी की तरह पैसा बहाया जाता है। लेकिन इस बार जापान ने एक ऐसी अनूठी और पर्यावरण-अनुकूल पहल की है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। पारंपरिक होटलों के अलावा इस बार के खेलों में खिलाड़ियों के ठहरने के लिए कंटेनर्स और एक विशाल इतालवी क्रूज जहाज का अभूतपूर्व इस्तेमाल किया जा रहा है, जो खेल आयोजन के इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।विशाल इतालवी क्रूज जहाज 'कोस्टा सेरेना' बनेगा खिलाड़ियों का अस्थायी आशियानाजापान के आइची-नागोया में आयोजित होने वाले इन खेलों के दौरान आवास की समस्या से निपटने के लिए मेजबान देश ने एक बेहद शानदार और अनूठा रास्ता निकाला है। खेल के दौरान आने वाले हजारों एथलीटों और अधिकारियों के लिए पारंपरिक होटलों के कम पड़ जाने की स्थिति में, एक विशाल इतालवी क्रूज जहाज 'कोस्टा सेरेना' (Costa Serena) को एक अस्थायी खेल गांव के तौर पर पूरी तरह से तैयार किया गया है। यह शानदार क्रूज जहाज आगामी 15 सितंबर से लेकर चार अक्टूबर तक नागोया के किंजो पियर पर लंगर डालकर खड़ा रहेगा और इस पूरे समय के दौरान यह जहाज हजारों खिलाड़ियों और खेल अधिकारियों के लिए एक लग्जरी और सुरक्षित आवास का काम करेगा। किसी भी बड़े खेल आयोजन के दौरान एक नया खेल गांव तैयार करने के लिए बड़ी संख्या में कंक्रीट की इमारतें और भारी-भरकम बुनियादी ढांचा तैयार करना पड़ता है, जिसमें न सिर्फ अरबों रुपये खर्च होते हैं बल्कि खेल समाप्त होने के बाद उन इमारतों के उचित उपयोग पर भी सवालिया निशान रहता है। ऐसे में जापान ने समझदारी दिखाते हुए मौजूदा और अत्याधुनिक समुद्री संसाधनों का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए इस क्रूज जहाज को ही अस्थायी आवास में बदलने का शानदार विकल्प चुना, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी सराहना की जा रही है।क्रूज जहाज की खासियतें और ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय परंपरा का निर्वहनइस भव्य इतालवी क्रूज जहाज 'कोस्टा सेरेना' की खासियतें और इसकी क्षमता किसी को भी हैरान करने के लिए काफी हैं। इस जहाज का निर्माण मूल रूप से साल 2007 में प्रसिद्ध इतालवी जहाज निर्माता कंपनी फिनकैंटिएरी (Fincantieri) द्वारा किया गया था, और यह अपनी लग्जरी सुविधाओं के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। कुल 14 डेक वाले इस विशाल जहाज में लगभग 5,000 लोगों के एक साथ ठहरने की अभूतपूर्व क्षमता है, जिससे खिलाड़ियों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा, साल 2025 में इस जहाज के नवीनीकरण (Renovation) कार्यक्रम के तहत लगभग 2,199 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की गई थी ताकि इसमें आधुनिक दौर की सभी विश्वस्तरीय सुविधाएं मुमुहैया कराई जा सकें। इस चार्टर की पूरी व्यवस्था जापान की प्रमुख ट्रैवल कंपनी जेटीबी (JTB) के नागोया बिजनेस डिवीजन द्वारा लगभग 284 करोड़ रुपये यानी करीब 3 करोड़ डॉलर की लागत से की गई है। खिलाड़ियों के ठहरने के लिए इस तरह के क्रूज जहाजों का इस्तेमाल करने का यह कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि इससे पहले साल 2019 में इटली के नेपल्स में आयोजित समर यूनिवर्सियाड के दौरान भी 'कोस्टा विक्टोरिया' और 'एमएससी लिरिका' जैसे क्रूज जहाजों को अस्थायी आवास के रूप में सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया गया था, जिसमें 4,000 से अधिक प्रतिनिधियों को ठहराया गया था।17 हजार से अधिक एथलीट और कंटेनर हाउसिंग: एशियन गेम्स 2026 का अनूठा प्रारूपएशियाई खेल 2026 के इस महाकुंभ में विभिन्न देशों से कुल 17 हजार से अधिक एथलीट और उनका सपोर्ट स्टाफ हिस्सा ले रहा है, इतनी बड़ी संख्या में मेहमानों की मेजबानी करना किसी भी देश के लिए लोहे के चने चबाने जैसा होता है। क्रूज जहाज के अलावा इस बार के खेलों में आवास की कमी को पूरा करने के लिए आधुनिक तकनीक से लैस विशेष 'कंटेनर हाउसिंग' का भी बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है, जो पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ बेहद सुरक्षित और आरामदायक भी हैं। जापान की इस कुशल और दूरदर्शी प्रबंधन शैली ने यह साबित कर दिया है कि कम संसाधनों और स्मार्ट प्लानिंग के जरिए भी दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों को बेहद सफलता के साथ आयोजित किया जा सकता है। खिलाड़ी जब इन अनोखे तैरते हुए होटलों और आधुनिक कंटेनरों में विश्राम करेंगे, तो उन्हें समुद्र की लहरों के बीच एक अलग ही रोमांच का अनुभव होगा, जो उनके खेल प्रदर्शन में भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा। जापान की यह अनूठी मेहमाननवाजी और अत्याधुनिक तकनीक का यह तालमेल आने वाले समय में अन्य देशों के लिए भी खेल आयोजनों के प्रबंधन का एक नया और बेहतरीन मार्गदर्शक बनेगा, और एशियन गेम्स 2026 इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Sep 2026 8:10 pm

नीम करोली बाबा-रामबेटी की अधूरी मगर पूरी प्रेम कहानी दिखाती है ‘हनुमान अंश’!

कभी साथ रहकर भी रिश्ते अधूरे रह जाते हैं और कभी दूरी में भी प्रेम पूरा हो जाता है. ‘हनुमान अंश’ में नीम करोली बाबा और रामबेटी की यही अनकही प्रेम कहानी दिल को छू जाती है.

आज तक 2 Sep 2026 8:10 pm

कौशांबी पटाखा ब्लास्ट: एक ही परिवार के 4 मासूमों की हुई मौत

कौशांबी की पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट ने एक परिवार से चार मासूम बच्चों को छीन लिया. मंगलवार शाम शव गांव पहुंचे तो पिता गया प्रसाद साहू बेसुध हो गए और मुआवजे की मांग को लेकर अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया. सड़क जाम के बाद पहुंचे डीएसपी सत्येंद्र तिवारी ने उन्हें गले लगाकर संभाला और प्रशासन के साथ का भरोसा दिया. बुधवार को परिवार को 32 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक मिला.

आज तक 2 Sep 2026 8:09 pm

अक्षय कुमार की साइंस-फिक्शन थ्रिलर 'समुक' में नजर आएंगी बंगाली बाला रुक्मिणी मैत्र, बॉलीवुड में धमाकेदार एंट्री की तैयारी

भारतीय सिनेमा जगत में इन दिनों एक से बढ़कर एक मेगा-बजट और अनोखे कॉन्सेप्ट पर आधारित फिल्मों का दौर चल रहा है, जहां दर्शकों को लीक से हटकर कुछ नया देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार यानी अक्षय कुमार की आगामी और बेहद चर्चित साइंस-फिक्शन एक्शन थ्रिलर फिल्म 'समुक' (Samuk) को लेकर एक बहुत ही रोमांचक और बड़ी खबर सामने आई है। निर्देशक कनिष्क वर्मा के निर्देशन में बन रही इस महत्वाकांक्षी फिल्म के मुख्य अभिनेता के रूप में पहले ही अक्षय कुमार का नाम तय हो चुका है, लेकिन अब फिल्म की लीड एक्ट्रेस को लेकर जो सुगबुगाहट तेज हुई है, उसने फैंस की उत्सुकता को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक, बंगाली सिनेमा की जानी-मानी और बेहद खूबसूरत अभिनेत्री रुक्मिणी मैत्र (Rukmini Maitra) इस फिल्म में अक्षय कुमार के अपोजिट मुख्य भूमिका निभाने के लिए लगभग तैयार हैं। अगर यह बात पक्की हो जाती है, तो रुक्मिणी के लिए बॉलीवुड के सबसे बड़े सितारों में से एक के साथ काम करने का यह पहला और शानदार मौका होगा, जो उनकी फिल्मी करियर की दिशा को पूरी तरह से बदलकर रख सकता है।विपुल अमृतलाल शाह और अक्षय कुमार की जोड़ी एक बार फिर बड़े पर्दे पर मचाएगी धमालफिल्म 'समुक' के निर्माण से जुड़े एक और दिलचस्प पहलू की बात करें तो इसके जरिए बॉलीवुड के दो दिग्गज क्रिएटिव पार्टनर एक बार फिर से लंबे अरसे बाद साथ लौट रहे हैं। इस फिल्म का निर्माण मशहूर निर्माता विपुल अमृतलाल शाह अपने बैनर 'सनशाइन पिक्चर्स' के तले कर रहे हैं। इस प्रोजेक्ट के साथ ही निर्माता विपुल अमृतलाल शाह और अभिनेता अक्षय कुमार की सुपरहिट जोड़ी लगभग 12 साल के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर से बड़े पर्दे पर अपना जादू बिखेरने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इन दोनों की जोड़ी ने इससे पहले भारतीय सिनेमा को कई यादगार और ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं। दोनों ने आखिरी बार साल 2014 में रिलीज हुई सुपरहिट एक्शन थ्रिलर फिल्म 'हॉलिडे: ए सोल्जर इज नेवर ऑफ ड्यूटी' में एक साथ काम किया था, जिसने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए झंडे गाड़े थे। उससे पहले भी इस सफल जोड़ी ने साल 2002 में 'आंखें', साल 2005 में 'वक्त: द रेस अगेंस्ट टाइम', साल 2007 में सदाबहार रोमांटिक ड्रामा 'नमस्ते लंदन' और साल 2010 में 'एक्शन रीप्ले' जैसी बेहतरीन फिल्मों में साथ काम करके दर्शकों का दिल जीता था। ऐसे में एक बार फिर से इस जोड़ी का साथ आना इस बात का पक्का प्रमाण है कि 'समुक' कुछ बेहद असाधारण लेकर आने वाली है।बंगाली सुंदरी रुक्मिणी मैत्र की बॉलीवुड में एंट्री और फिल्म की खास स्टारकास्टिंगप्रोजेक्ट के बेहद करीबी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मेकर्स इस फिल्म की कास्टिंग को लेकर बहुत ही ज्यादा सतर्क और फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं, क्योंकि 'समुक' की दुनिया सामान्य फिल्मों से काफी अलग और अनूठी होने वाली है। फिल्म की टीम एक ऐसी दमदार और संतुलित स्टारकास्ट तैयार करने में जुटी हुई है जो न केवल मुख्य अभिनेता अक्षय कुमार के किरदार को मजबूती से सपोर्ट करे, बल्कि स्क्रीन पर एक अलग तरह की ताजगी और ऊर्जा भी लेकर आए। बंगाली सिनेमा में अपनी बेहतरीन अदाकारी और सुंदरता के दम पर एक खास मुकाम हासिल कर चुकीं रुक्मिणी मैत्र के नाम पर विचार किया जाना इस बात का संकेत है कि मेकर्स फिल्म में एक फ्रेश और टैलेंटेड चेहरा लाना चाहते हैं। रुक्मिणी के लिए बंगाली सिनेमा की सफल यात्रा के बाद हिंदी सिनेमा के इस बड़े पैमाने के प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना उनके करियर का एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। फिलहाल फिल्म की मुख्य शूटिंग यूनाइटेड किंगडम (UK) की खूबसूरत और बर्फीली वादियों में तेजी से चल रही है, और मेकर्स ने अभी तक इस फिल्म की कहानी, प्लॉट और बाकी कलाकारों से जुड़ी जानकारियों को पूरी तरह से गुप्त रखा है ताकि दर्शकों के बीच रोमांच और रहस्य का यह स्तर बरकरार रहे।साइंस-फिक्शन, जबरदस्त एक्शन और सर्वाइवल का होगा अनोखा संगमभविष्य के सिनेमा की तर्ज पर बनाई जा रही 'समुक' केवल एक सामान्य मसाला एक्शन फिल्म नहीं है, बल्कि यह पारंपरिक सिनेमा की सीमाओं से परे जाकर विज्ञान और कल्पना का एक अद्भुत मेल पेश करने जा रही है। फिल्म में दर्शकों को साइंस-फिक्शन यानी विज्ञान कथा के साथ-साथ दिल दहला देने वाला एक्शन और सर्वाइवल यानी कठिन परिस्थितियों में जीवित रहने की जंग का एक अभूतपूर्व रोमांच देखने को मिलेगा। मेकर्स इस फिल्म को भारतीय सिनेमा के इतिहास की एक बहुत बड़ी जॉनर फिल्म के रूप में तैयार कर रहे हैं, जिसके लिए वीएफएक्स (VFX) और तकनीकी पहलुओं पर पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है। फिल्म की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके एक्शन सीन्स को हॉलीवुड स्तर के निर्देशकों की देखरेख में शूट किया जा रहा है। फिल्म से जुड़े जानकारों का मानना है कि जिस तरह से इसकी मेकिंग पर काम चल रहा है, वह साल 2027 के सिनेमाई पटल पर एक नया इतिहास रचेगी। अक्षय कुमार के एक्शन अवतार और रुक्मिणी मैत्र की संभावित एंट्री के साथ यह फिल्म रिलीज से पहले ही ट्रेड सर्कल में हॉट टॉपिक बन चुकी है, और फैंस को अब इसके टीजर या ट्रेलर के सामने आने का बेसब्री से इंतजार है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Sep 2026 8:07 pm

कम बजट में रचा इतिहास: नीम करोली बाबा पर बनी 'हनुमान अंश' ने बॉक्स ऑफिस पर कमाए 2000% मुनाफे, 'धुरंधर 2' को भी पीछे छोड़ा

भारतीय सिनेमा के इतिहास में साल 2026 कई मायनों में बेहद खास और क्रांतिकारी साबित हो रहा है, जहां एक तरफ बड़े बजट की मेगा-स्टार फिल्में बॉक्स ऑफिस पर नए रिकॉर्ड गढ़ रही हैं, तो वहीं दूसरी तरफ कुछ ऐसी छोटी और संवेदनशील फिल्में भी सामने आ रही हैं जो अपनी असाधारण कहानी के दम पर सफलता के सारे समीकरण बदलकर रख दे रही हैं। सिनेमाघरों में इस साल कई ऐसी बेहतरीन फिल्में रिलीज हुईं जिन्होंने दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी। मार्च के महीने में रिलीज हुई बहुचर्चित फिल्म 'धुरंधर 2' ने बॉक्स ऑफिस पर कमाई के मामले में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया, तो वहीं अभिनेता सनी देओल ने भी अपनी देशभक्ति से ओत-प्रोत फिल्म 'बॉर्डर 2' के जरिए सिनेमाघरों में अपना पारंपरिक दबदबा पूरी मजबूती के साथ कायम रखा। इसके अलावा 'जन नायगन', 'टॉक्सिक' और 'करुप्पु' जैसी फिल्मों ने भी भारतीय बॉक्स ऑफिस के कारोबार में अपना एक अहम और उल्लेखनीय योगदान दिया है। हालांकि, फिल्म उद्योग के जानकारों का हमेशा से यह मानना रहा है कि किसी भी फिल्म की असल सफलता और उसका वास्तविक मूल्यांकन केवल उसकी कुल सकल कमाई से नहीं, बल्कि उसके द्वारा कमाए गए शुद्ध मुनाफे (प्रॉफिट मार्जिन) के आधार पर किया जाता है। इसी पैमाने पर बात करें तो साल 2026 में मुनाफे के मामले में जिस फिल्म ने सभी को हैरान करते हुए बॉक्स ऑफिस पर एक बिल्कुल नया और ऐतिहासिक इतिहास रच दिया है, वह हालिया रिलीज फिल्म 'हनुमान अंश' है, जिसने प्रॉफिट के मामले में ब्लॉकबस्टर 'धुरंधर 2' के भी दांत खट्टे कर दिए हैं।'धुरंधर 2' की भारी-भरकम कमाई को पछाड़कर मुनाफे की रेस में आगे निकली 'हनुमान अंश'अगर विशुद्ध रूप से कमाई के आंकड़ों की बात की जाए तो 'धुरंधर 2' साल 2026 की अभी तक की सबसे ज्यादा कुल ग्रॉस कलेक्शन करने वाली फिल्म बनी हुई है, जिसने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर लगभग 1149.30 करोड़ रुपये का शानदार नेट कलेक्शन किया है। भारतीय सिनेमा के इतिहास में इतनी बड़ी रकम जुटाना अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है और इस मुकाम तक अभी तक कोई अन्य फिल्म आसानी से नहीं पहुंच पाई है। हालांकि, जब बात फिल्म के निर्माण लागत और उसके मुकाबले होने वाले मुनाफे की आती है, तो महान संत 'नीम करोली बाबा' के जीवन, उनके दर्शन और चमत्कारों पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' ने आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस मेगा-डजट फिल्म को मुनाफे की दौड़ में काफी पीछे छोड़ दिया है। 'हनुमान अंश' एक बेहद कम बजट में बनाई गई फिल्म है, जिस पर मेकर्स ने केवल 2 करोड़ रुपये की मामूली लागत खर्च की थी। इसके बावजूद, गत 7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के ऐसे झंडे गाड़े कि हर कोई दंग रह गया। फिल्म ने अपनी शानदार कहानी और दमदार प्रस्तुति के दम पर अभी तक लगभग 54 करोड़ रुपये की कुल कमाई कर डाली है, जो इसके छोटे से बजट के हिसाब से एक अचंभित करने वाला आंकड़ा है।बजट के मुकाबले 2000% से अधिक का बंपर मुनाफा और माउथ पब्लिसिटी का कमालकिसी भी फिल्म की व्यावसायिक सफलता का सही आकलन उसके बजट और रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (ROI) के जरिए ही किया जाता है। इस गणित के आधार पर यदि 'हनुमान अंश' के प्रॉफिट मार्जिन का हिसाब लगाया जाए, तो इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 2000% से भी अधिक का ऐतिहासिक और अभूतपूर्व मुनाफा कमाया है। इसके मुकाबले अगर 'धुरंधर 2' के मुनाफे का प्रतिशत देखा जाए, तो वह लगभग 1000% के आसपास ठहरता है, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि कम निवेश पर सबसे अधिक रिटर्न देने के मामले में 'हनुमान अंश' ने सभी बड़ी फिल्मों को मीलों पीछे छोड़ दिया है। इस चमत्कारिक सफलता के पीछे सबसे बड़ा हाथ 'वर्ड ऑफ माउथ' यानी लोगों की जुबानी प्रचार और प्रशंसा का रहा है। फिल्म के सफर की शुरुआत काफी शांत तरीके से हुई थी और ठीक उसी तर्ज पर आगे बढ़ी जैसी नसीरुद्दीन शाह और दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' के समय देखने को मिली थी। रिलीज के शुरुआती दिनों में इस बात की भनक तक किसी को नहीं थी कि यह फिल्म कब सिनेमाघरों में आ गई, और अपने प्रदर्शन के पहले सप्ताह में इसे बॉक्स ऑफिस पर एक फ्लॉप फिल्म मान लिया गया था। लेकिन सिनेमाघरों में फिल्म देखकर निकलने वाले दर्शकों ने जिस तरह से इसकी तारीफ की, उसने इस फिल्म की किस्मत ही पलट कर रख दी।लक्ष्मण दास से नीम करोली बाबा तक की आध्यात्मिक यात्रा और भविष्य के अनुमानइस फिल्म की कहानी लक्ष्मण दास से लेकर आध्यात्मिक संत 'नीम करोली बाबा' बनने तक के सफर को बेहद मार्मिक और प्रभावशाली ढंग से बयां करती है, जिसने दर्शकों के दिल को गहराई से छू लिया है। फिल्म की शुरुआत बेहद धीमी रही थी और शुरुआती तीन दिनों में इसका कुल कलेक्शन महज 60 लाख रुपये के आसपास ही सिमट कर रह गया था। लेकिन दर्शकों द्वारा की गई शानदार माउथ पब्लिसिटी का असर यह हुआ कि दूसरे हफ्ते से सिनेमाघरों में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ने लगी। ट्रेड एनालिस्ट्स और बॉक्स ऑफिस विशेषज्ञों की मानें तो जिस तेज रफ्तार से इस फिल्म ने लगातार 26 दिनों तक बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ बनाए रखी है, उससे यह प्रबल उम्मीद जताई जा रही है कि यह फिल्म बहुत जल्द 100 करोड़ रुपये के जादुई आंकड़े को भी पार कर जाएगी। महज 2 करोड़ के छोटे बजट में बनकर तैयार हुई इस फिल्म ने यह साबित कर दिया है कि दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने के लिए भारी-भरकम स्टार कास्ट या सैकड़ों करोड़ के विज्ञापनों की नहीं, बल्कि एक मजबूत, सच्ची और दिल को छू लेने वाली कहानी की जरूरत होती है। 'हनुमान अंश' की यह शानदार सफलता आने वाले समय में छोटे बजट के फिल्म निर्माताओं के लिए एक नया रास्ता और एक मजबूत मिसाल पेश करेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Sep 2026 8:06 pm

सिनेमाघरों में गदर मचाने आ रहे हैं मुन्ना भैया: 'Mirzapur: The Movie' का खौफनाक और धमाकेदार अपडेट आया सामने

भारतीय ओटीटी स्ट्रीमिंग के इतिहास में अगर किसी वेब सीरीज ने सबसे गहरा और अमिट प्रभाव छोड़ा है, तो वह निस्संदेह 'मिर्जापुर' ही है, जिसके हर एक डायलॉग और किरदार ने दर्शकों के दिलों पर राज किया है। अब इसी लोकप्रिय और बहुचर्चित फ्रेंचाइजी को लेकर एक बहुत ही रोमांचक खबर सामने आई है, जो करोड़ों फैंस के उत्साह को सातवें आसमान पर पहुंचाने के लिए काफी है। छोटे पर्दे यानी ओटीटी की दुनिया में तहलका मचाने के बाद अब 'मिर्जापुर' बड़े पर्दे पर यानी सिनेमाघरों में एक भव्य फिल्म के रूप में दस्तक देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इस बहुप्रतीक्षित फिल्म का नाम 'मिर्जापुर: द मूवी' (Mirzapur: The Movie) रखा गया है, जिसमें एक बार फिर से पूर्वांचल के खूंखार सत्ता संघर्ष, खून-खराबे और जबरदस्त ड्रामा का वही पुराना और खतरनाक दौर देखने को मिलेगा। सबसे बड़ी बात यह है कि इस फिल्म में दर्शकों के सबसे चहेते और लाडले किरदार 'मुन्ना त्रिपाठी' यानी मुन्ना भैया की धमाकेदार वापसी हो रही है, जिनका खौफ और भौकाल एक बार फिर से सिनेमाघरों के पर्दों पर आग लगाने के लिए तैयार है। कालीन भैया के साथ मुन्ना त्रिपाठी का यह फुल ऑन चौकस इंतजाम और नया अंदाज दर्शकों को अपनी सीटों से बांधे रखने की पूरी गारंटी दे रहा है।पंकज त्रिपाठी और अली फजल के साथ दिव्येंदु के कमबैक ने बढ़ाई दर्शकों की उत्सुकताजब यह सीरीज ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज हुई थी, तब इसने देश भर में ऐसा गदर मचाया था कि हर तरफ बस इसी के चर्चे थे, और तभी से यह मांग उठ रही थी कि इस कहानी को एक बड़े कैनवास पर फिल्म के रूप में लाया जाना चाहिए। 'मिर्जापुर: द मूवी' में एक बार फिर से दर्शकों को अपने पसंदीदा कलाकार अभिनय के धुरंधर पंकज त्रिपाठी 'कालीन भैया' के रूप में और अली फजल 'गुड्डू पंडित' के रूप में मुख्य भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। लेकिन इन सबके बीच दर्शकों के दिलों में सबसे ज्यादा बेताबी और उत्सुकता जिस एक नाम को लेकर है, वह अभिनेता दिव्येंदु शर्मा द्वारा निभाया गया आइकॉनिक किरदार 'मुन्ना त्रिपाठी' उर्फ मुन्ना भैया का है। पिछले सीजन में इस किरदार के अंत को लेकर फैंस काफी मायूस हुए थे, लेकिन अब मेकर्स ने साफ कर दिया है कि मुन्ना भैया की वापसी बेहद धमाकेदार होने वाली है। फिल्म निर्माताओं की तरफ से दिव्येंदु का नया और स्टाइलिश लुक भी आधिकारिक तौर पर रिवील कर दिया गया है, जिसमें वह अपने पुराने और चिर-परिचित मुन्ना भैया स्टाइल में कूल अंदाज में बैठे हुए नजर आ रहे हैं और उनके चेहरे पर पड़े वे स्टाइलिश गॉगल्स उनके उस पुराने रौब और दबंगई की एक बार फिर से याद दिला रहे हैं।क्या होगा 'मिर्जापुर: द मूवी' की कहानी में खास और कितना लंबा होगा रोमांच?फिल्म से जुड़ी जो शुरुआती जानकारियां सामने आ रही हैं, उनके अनुसार 'मिर्जापुर: द मूवी' का रोमांच और दायरा बहुत बड़ा होने वाला है। इस फिल्म की कुल अवधि लगभग 3 घंटे 17 मिनट की बताई जा रही है, जो दर्शकों को लंबे समय तक सिनेमाघरों में बांधकर रखेगी। फिल्म को सेंसर बोर्ड यानी सीबीएफसी (CBFC) से 'ए' (Adults Only) सर्टिफिकेट मिला है, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि फिल्म में एक्शन, हिंसा और खूंखार डायलॉग्स का स्तर ओटीटी से भी कहीं ज्यादा खतरनाक और बेबाक होने वाला है। मेकर्स ने यह भी घोषणा की है कि यह बहुप्रतीक्षित फिल्म हिंदी के अलावा तेलुगु भाषा में भी रिलीज की जाएगी, जिससे इसका दायरा और भी ज्यादा व्यापक हो गया है। हाल ही में दैनिक जागरण के साथ एक खास बातचीत में अभिनेता दिव्येंदु ने अपने किरदार और भौकाल को लेकर खुलकर बात की थी और कहा था कि असली भौकाल कभी भी चिल्लाने से नहीं बनता, बल्कि वह इंसान के नाम और उसके खौफ से बनता है। हालांकि कहानी के प्लॉट को अभी काफी हद तक गुप्त रखा गया है, लेकिन इतना तय है कि मुख्य कहानी एक बार फिर से मिर्जापुर की गद्दी और सत्ता पर पूर्ण नियंत्रण हासिल करने के लिए किए जाने वाले खूनी संघर्ष के इर्द-गिर्द ही घूमने वाली है, जहां पुराने दुश्मन एक बार फिर आमने-सामने होंगे।पुराने चेहरे, नए खतरे और खून से चुकाया जाएगा सत्ता का पूरा हिसाब-किताबइस फिल्म में केवल मुख्य तिकड़ी ही नहीं, बल्कि मिर्जापुर की इस क्रूर दुनिया के कई अन्य महत्वपूर्ण और लोकप्रिय किरदार भी बड़े पर्दे पर अपना जलवा बिखेरते हुए नजर आएंगे। फिल्म की स्टार कास्ट की बात करें तो इसमें बीना त्रिपाठी के रूप में शानदार अभिनेत्री रसिका दुग्गल, गोलू गुप्ता के रूप में ऊर्जावान श्वेता त्रिपाठी शर्मा, और स्वीटी गुप्ता के रूप में खूबसूरत श्रिया पिलगांवकर भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएंगी। इसके साथ ही, इस बार की कहानी में कुछ नए और दिलचस्प चेहरे भी जुड़ रहे हैं, जिसमें बब्बन पंडित के रूप में लोकप्रिय अभिनेता जितेंद्र कुमार, बब्बन बबुआ के रूप में जाने-माने अभिनेता रवि किशन और कंपाउंडर के रूप में अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी इस फिल्म के रोमांच को कई गुना बढ़ाने का काम करेगी। फिल्म में मिर्जापुर की गद्दी वापस पाने के लिए जो सत्ता की लड़ाई लड़ी जाएगी, उसमें इस बार नए खतरे उभरेंगे, पुराने समीकरण पूरी तरह बदल जाएंगे और इस सफर में हर एक हिसाब-किताब सीधे खून से चुकाया जाएगा। तमाम अटकलों और इंतजार को खत्म करते हुए यह एक्शन से भरपूर फिल्म आगामी 4 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह से तैयार है, और ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि यह बॉक्स ऑफिस पर कमाई के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ने का माद्दा रखती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Sep 2026 8:03 pm

DIY स्किनकेयर में न करें ये 4 गलतियां, ये घरेलू कॉम्बिनेशन आपकी त्वचा को पहुंचा सकते हैं नुकसान

रसोई में मौजूद दो चीजों को मिलाकर चेहरे पर लगाना आपकी स्किन के लिए फायदे की बजाय नुकसानदायक हो सकता है. गलत DIY कॉम्बिनेशन से जलन, लालिमा, ड्राईनेस और स्किन पीलिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

NDTV इंडिया 2 Sep 2026 8:02 pm

कुछ बेरोजगार लोग खुद को इकोनॉमिस्ट कहते हैं, इनके झांसे में मत आओ; GDP विवाद पर पीयूष गोयल

पीयूष गोयल ने कहा कि पीएम मोदी ने दूर की सोच के साथ देश को लीड किया है। कुछ बेरोजगार लोग खुद को इकोनॉमिस्ट कहते हैं और देश को नुकसान पहुंचाने के लिए टीवी चैनलों पर आते हैं। इनके झांसे में न आएं।

लाइव हिन्दुस्तान 2 Sep 2026 8:02 pm

JioHotstar की ग्लोबल छलांग: यूके, कनाडा और सिंगापुर में बजेगा डंका, 'बिग बॉस' और 'हुंकार' से ओटीटी पर मचेगा तहलका

भारतीय मनोरंजन उद्योग और डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स की दुनिया में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है, जो आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर भारतीय कंटेंट की पहुंच को पूरी तरह से बदलकर रख देगा। डिजिटल एंटरटेनमेंट की दुनिया में अपनी मजबूत पकड़ बना चुके 'जियो हॉटस्टार' (JioHotstar) ने अब केवल देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपना परचम लहराने की एक बेहद आक्रामक और व्यापक तैयारी कर ली है। हाल ही में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, जियो हॉटस्टार ने आधिकारिक तौर पर यूनाइटेड किंगडम (UK), कनाडा और सिंगापुर जैसे प्रमुख देशों में अपनी प्रीमियम सेवाओं को लॉन्च कर दिया है, जिससे वहां रह रहे भारतीय मूल के दर्शकों के साथ-साथ विदेशी दर्शकों के लिए भी मनोरंजन के नए द्वार खुल गए हैं। नेटफ्लिक्स और अमेज़न प्राइम वीडियो जैसे वैश्विक दिग्गजों को कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार जियो हॉटस्टार अब अपने प्लेटफॉर्म पर एक से बढ़कर एक धमाकेदार सीरीज, फिल्में और नॉन-फिक्शन शोज लेकर आ रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय विस्तार के साथ ही भारत के सबसे लोकप्रिय और विवादित रियलिटी शो 'बिग बॉस' (Bigg Boss) के नए सीजन और बहुप्रतीक्षित सीरीज 'हुंकार' (Hunnkar) को वैश्विक स्तर पर स्ट्रीम किए जाने की घोषणा कर दी गई है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर दर्शकों के बीच भारी उत्साह पैदा कर दिया है।अंतरराष्ट्रीय बाजारों में 'बिग बॉस' का जलवा और लाइव वोटिंग का ऐतिहासिक रोमांचओटीटी प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते हुए इस विशाल बाजार में जियो हॉटस्टार का यह कदम भारतीय टेलीविजन इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। कंपनी की योजना के तहत, भारत का सबसे बड़ा और सबसे ज्यादा देखा जाने वाला रियलिटी शो 'बिग बॉस' अब पूरी भव्यता के साथ कुल 6 अलग-अलग भाषाओं में अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। इस बार इस शो की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि पहली बार सिंगापुर, कनाडा और यूनाइटेड किंगडम (UK) में रहने वाले दर्शक भी न केवल इस शो का आनंद उठा सकेंगे, बल्कि वे शो के दौरान होने वाली हर गतिविधि में सीधे तौर पर जुड़ते हुए 'लाइव वोटिंग' (Live Voting) की रोमांचक प्रक्रिया का हिस्सा भी बन सकेंगे। विदेशी जमीन पर रह रहे भारतीय दर्शकों के लिए यह किसी बड़े सरप्राइज से कम नहीं है, क्योंकि अब वे अपने पसंदीदा कंटेस्टेंट्स को बचाने के लिए सीधे तौर पर अपनी राय और वोट दर्ज करा सकेंगे। 'बिग बॉस' की इस ग्लोबल एंट्री ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय रियलिटी शोज की लोकप्रियता अब देश की भौगोलिक सीमाओं से बहुत आगे निकल चुकी है और दुनिया भर के दर्शक इसे लेकर दीवाने हैं।'हुंकार' और अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स से मचेगा ओटीटी की दुनिया में तहलकाकेवल 'बिग बॉस' ही नहीं, बल्कि सितंबर के इस महीने में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर एक और नया इतिहास रचने के लिए बहुप्रतीक्षित सीरीज 'हुंकार' भी पूरी तरह से तैयार है। इस रोमांचक और एक्शन से भरपूर सीरीज में जाने-माने कलाकारों का दमदार अभिनय देखने को मिलेगा, जिसमें मुख्य भूमिका निभाती हुई लोकप्रिय अभिनेत्री अनीत पड्डा दर्शकों का दिल जीतने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। इसके अलावा, इस धमाकेदार सीरीज में बेहद प्रतिभाशाली अभिनेत्री फातिमा सना शेख भी एक अहम और प्रभावी किरदार में नजर आने वाली हैं, जो कहानी में एक नया मोड़ लाएंगी। 'हुंकार' के अलावा भी जियो हॉटस्टार के पास आने वाले महीनों के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स की एक लंबी और आकर्षक लाइनअप तैयार है, जिसमें दर्शकों के चहेते चैट शो 'कॉफी विद करण' (Koffee With Karan) को लेकर भी चर्चाएं जोरों पर हैं। इन तमाम बड़े प्रोजेक्ट्स और अंतरराष्ट्रीय रिलीज के जरिए यह प्लेटफॉर्म वैश्विक दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करने और अपनी व्यूअरशिप को कई गुना बढ़ाने की रणनीति पर तेजी से काम कर रहा है।वैश्विक स्तर पर भारतीय मनोरंजन का विस्तार और भविष्य की बड़ी योजनाएंबीते कुछ वर्षों में जिस तेजी से वैश्विक स्तर पर ओटीटी प्लेटफॉर्म्स का बाजार और क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है, उसने पारंपरिक टेलीविजन देखने के तौर-तरीकों को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। प्राइम वीडियो और नेटफ्लिक्स की तर्ज पर ही अब जियो हॉटस्टार ने भी अपनी कमर कस ली है और वह वैश्विक दर्शकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए अपने कंटेंट बैंक को लगातार समृद्ध कर रहा है। कंपनी की भविष्य की योजनाओं के अनुसार, इस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हर साल लगभग 30,000 घंटे का नया और ताजा कंटेंट जोड़ा जाएगा, जिससे दर्शकों के पास मनोरंजन के विकल्पों की कोई कमी नहीं रहेगी। इस विशाल कंटेंट लाइब्रेरी में टेलीविजन शोज, ब्लॉकबस्टर फिल्में, विभिन्न राज्यों की समृद्ध रीजनल प्रोग्रामिंग, नॉन-फिक्शन रियलिटी शोज, बच्चों के लिए स्पेशल प्रोग्राम्स और तेजी से लोकप्रिय हो रहे एनीमे (Anime) समेत हर श्रेणी का कंटेंट वैश्विक स्तर पर उपलब्ध कराया जाएगा। यूके, कनाडा और सिंगापुर के दर्शकों के लिए जियो हॉटस्टार प्रीमियम का यह सब्सक्रिप्शन भारतीय संस्कृति, भाषा और कहानियों को एक बिल्कुल नए और आधुनिक ग्लोबल लेवल पर ले जाने का काम कर रहा है, जिससे आने वाले दिनों में मनोरंजन जगत में एक नया दौर शुरू होने की पूरी उम्मीद है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Sep 2026 8:01 pm

Reporter's Diary: 100% तबाही वाले नेपाल के इस इलाके में जानलेवा खामोशी, अब हवा और पानी के अलावा यहां कुछ और नहीं

नेपाल की 100 फीसद तबाही वाली घाटी में अब हवा और पानी के अलावा कुछ नहीं बचा है. घर-मकान-मंडी सब मलबे में बदल चुके हैं और पहाड़ों के बीच सिर्फ उन लोगों की चीखों की गूंज बाकी है.

NDTV इंडिया 2 Sep 2026 8:01 pm

तेज तर्रार प्रवक्ता आसिम वकार का कांग्रेस में जाना ओवैसी के लिए कितना बड़ा झटका?

अब कांग्रेस में शामिल होते वक्त आसिम वकार ने जो कुछ कहा वो AIMIM के लिए वह ओवैसी के लिए राजनीतिक रूप से अच्छा नहीं माना जाएगा.

NDTV इंडिया 2 Sep 2026 8:00 pm

पंजाब की जेलों में नशे का चौंकाने वाला आंकड़ा, विपक्ष ने पूछे सवाल

पंजाब की जेलों में 44.5% कैदी Opioid Addiction Treatment के लिए OOAT क्लीनिक में रजिस्टर्ड हैं. हाईकोर्ट में सरकार के हलफनामे के बाद AAP सरकार पर विपक्ष ने सवाल उठाए. पढ़ें पूरी कहानी.

आज तक 2 Sep 2026 7:59 pm

कुणाल खेमू ने बताया कैसे मानीं शर्मिला टैगोर, बोले- यह मेरे लिए अंधेरे में तीर चलाने जैसा था

बतौर निर्देशक और अभिनेता कुणाल खेमू एक बार फिर बड़े पर्दे पर अपनी नई फिल्म लेकर आ रहे हैं. उनकी फिल्म का नाम ‘वाइब’ है, जो 18 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है.

NDTV इंडिया 2 Sep 2026 7:58 pm

फंदे पर लटके मिले पति-पत्नी, दो साल पहले की थी लव मैरिज

सोनीपत के कबीरपुर में प्रेम विवाह करने वाले पति-पत्नी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. ऋतिक और सिमरन ने 2024 में प्रेम विवाह किया था और किराए के मकान में परिवार के साथ रह रहे थे. आत्महत्या की वजह अभी सामने नहीं आई है. सुबह भाई से दुकान को लेकर बात हुई थी, लेकिन बाद में फोन नहीं उठाने पर परिजन घर पहुंचे.

आज तक 2 Sep 2026 7:55 pm

दिल्ली से कटरा 6 घंटे में, 4 घंटे में अमृतसर, नया एक्सप्रेसवे 4 राज्यों को जोड़ेगा, NHAI ने बताया कितना काम हुआ पूरा

Delhi-Amritsar-Katra Expressway: दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के 6 पैकेज आम लोगों के लिए खोल दिए गए हैं. प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद दिल्ली से अमृतसर का सफर 4 घंटे और कटरा का सफर करीब 6 घंटे में पूरा किया जा सकेगा.

NDTV इंडिया 2 Sep 2026 7:54 pm

गुलदार पकड़ने को लगाया पिंजरा, मुर्गा निकाला, बच्चे पिंजरे में बंद होकर करने लगे मस्ती

बिजनौर के नजीबाबाद क्षेत्र में गुलदार पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. वीडियो में ग्रामीण पिंजरे के आसपास नजर आ रहे हैं. दावा है कि कुछ लोग इसे देखने पहुंच रहे हैं और पिंजरे में गुलदार को आकर्षित करने के लिए रखा मुर्गा भी बाहर निकालकर ले जाते हैं. इससे वन विभाग की पकड़ने की कोशिश प्रभावित होने की आशंका है.

आज तक 2 Sep 2026 7:53 pm