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गगन में लहराया भारत का परचम! पहले प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट 'विक्रम-1' की सफल उड़ान, अंतरिक्ष क्षेत्र में बना नया इतिहास

भारत की पहली निजी स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने विक्रम-1 ऑर्बिटल रॉकेट का सफल प्रक्षेपण किया। मिशन आगमन की सफलता के साथ भारत अमेरिका और चीन के बाद निजी ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च करने वाला तीसरा देश बना।

देशबन्धु 18 Jul 2026 12:37 pm

अहमदाबाद जा रही इंडिगो फ्लाइट में मिला बम की धमकी वाला नोट, पुलिस ने शुरू की जांच

बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अहमदाबाद जाने वाली इंडिगो की एक उड़ान में बम की झूठी धमकी मिलने से गुरुवार शाम सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। विमान के शौचालय में एक हस्तलिखित नोट मिलने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

देशबन्धु 18 Jul 2026 12:32 pm

Weather Update 18 July : 17 राज्यों में बारिश का अलर्ट, केदारनाथ में भूस्खलन का खतरा बढ़ा; यूपी में 21 जुलाई तक झमाझम बारिश

Weather Update 18 July : उत्तर प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में मानसून सक्रिय नजर आ रहा है। लगातार हो रही बारिश की वजह से केदारनाथ में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। पूर्वोत्तर भारत में तेज बारिश का दौर जारी है तो पश्चिम-मध्य एवं दक्षिण प्रायद्वीपीय ...

वेब दुनिया 18 Jul 2026 12:16 pm

एआई तकनीक सीखने वालों के लिए सर्वाधिक अवसर बनेंगे: प्रोफेसर आशुतोष कुमार सिंह

एमसीयू भोपाल में आयोजित 10 दिवसीय एआई फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के समापन पर प्रो. आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि एआई सीखने वालों के लिए भविष्य में सबसे अधिक अवसर होंगे। विशेषज्ञों ने मीडिया, शिक्षा और रोजगार में एआई की भूमिका पर चर्चा की।

देशबन्धु 18 Jul 2026 11:57 am

'विक्रम-1' की उड़ान से पहले पीएम मोदी बोले- 'यह अंतरिक्ष यात्रा के लिए नया अध्याय', स्काईरूट टीम को दी शुभकामनाएं

स्काईरूट एयरोस्पेस का 'विक्रम-1' और 'मिशन आगमन' श्रीहरिकोटा से उड़ान भरने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह इसे भारत की अंतरिक्ष यात्रा के लिए एक नया ऐतिहासिक अध्याय बताया। पीएम मोदी ने स्काईरूट एयरोस्पेस की टीम को इस ऐतिहासिक प्रक्षेपण के लिए शुभकामनाएं दीं और कामना की कि विक्रम-1 नई ऊंचाइयों को छुए, इतिहास रचे व नवाचार की नई पीढ़ी को प्रेरित करे।

देशबन्धु 18 Jul 2026 11:57 am

आमिर खान को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से धमकी, शादी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी; बताया लव जिहाद

आमिर खान को कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से धमकी भरी चिट्ठी और ऑडियो संदेश मिलने का दावा सामने आया है। अभिनेता की निजी जिंदगी पर आपत्तिजनक टिप्पणी के साथ राजस्थान के एक मामले का भी जिक्र किया गया है।

देशबन्धु 18 Jul 2026 11:11 am

सोनम वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने पर काकरोच पार्टी के अभिजीत दीपके ने शुरु किया भूख हड़ताल

21 दिन की भूख हड़ताल के बाद सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य बिगड़ने पर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। जंतर-मंतर पर अभिजीत दीपके ने नया अनशन शुरू किया, जबकि वांगचुक की पत्नी ने इलाज को लेकर महत्वपूर्ण अपील की।

देशबन्धु 18 Jul 2026 10:57 am

इतिहास रचने को तैयार Vikram-1: PM मोदी का हाथ से लिखा 'वंदे मातरम' पोस्टकार्ड भी जाएगा अंतरिक्ष

Vikram 1 Launch : प्राइवेट स्पेस स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस 18 जुलाई को विक्रम-1 टेस्ट फ्लाइट-1 के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'वंदे मातरम' लिखा हाथ से लिखा पोस्टकार्ड अंतरिक्ष में भेजेगा। यह भारत के पहले निजी ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट की टेस्ट ...

वेब दुनिया 18 Jul 2026 10:28 am

मेरठ में 'सांप से मौत' का सनसनीखेज खुलासा! पत्नी ने प्रेमी संग रची खौफनाक साजिश, नींद की गोलियां देकर चादर में छोड़ा जहरीला सांप

मेरठ के हस्तिनापुर में पहले सर्पदंश से हुई मौत माने जा रहे मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, पत्नी ने कथित प्रेमी और साथियों के साथ मिलकर पति को पहले नींद की गोलियां दीं और फिर चादर में जहरीला सांप छोड़कर उसकी हत्या कर दी। ...

वेब दुनिया 18 Jul 2026 9:46 am

Sameera Reddy: मेरी डेब्यू फिल्म में मुझे 2-3 शेड गोरा बनाया गया, समीरा रेड्डी ने बयां किया बॉलीवुड में रंगभेद का दर्दनाक सच!

मुंबई/लखनऊ। बॉलीवुड में चकाचौंध और ग्लैमर के पीछे छिपे काले सच अक्सर कलाकारों के जरिए सामने आते रहते हैं। इसी कड़ी में हिंदी और साउथ सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री समीरा रेड्डी (Sameera Reddy) ने फिल्म इंडस्ट्री में गहरे पैठ जमाए बैठे 'रंगभेद' (Colour Bias) को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बेबाक खुलासा किया है। एक होन्डाकास्ट और हालिया इंटरव्यू में अपने फिल्मी सफर को याद करते हुए समीरा ने बताया कि कैसे उनके सांवले रंग (Dusk Skin Tone) के कारण उन्हें अपने डेब्यू के समय ही भारी मानसिक तनाव और भेदभाव का सामना करना पड़ा था। अभिनेत्री के मुताबिक, उनकी पहली फिल्म के दौरान मेकर्स और निर्देशकों को उनका नेचुरल सांवला रंग पसंद नहीं था, जिसके चलते स्क्रीन पर उन्हें जबरन दो से तीन शेड ज्यादा गोरा (Lighter) दिखाया गया था।इंडस्ट्री को एक खास तरह की 'गोरी लड़की' ही चाहिए थीसमीरा रेड्डी ने साल 2002 में फिल्म 'मैंने दिल तुझको दिया' से सोहेल खान के साथ बॉलीवुड में अपना शानदार डेब्यू किया था। उस दौर को याद करते हुए समीरा ने कहा, जब मैंने कदम रखा, तो इंडस्ट्री में सांवली लड़कियों को लेकर एक अजीब सी हिचक थी। मुझे आज भी याद है कि मेरी पहली फिल्म में लाइटिंग और भारी-भरकम बेस मेकअप का इस्तेमाल करके मेरे स्किन टोन को पूरी तरह बदल दिया गया था। मुझे स्क्रीन्स पर 2-3 शेड लाइट दिखाया गया क्योंकि उस समय धारणा थी कि हीरोइन का गोरा दिखना ही सफलता की गारंटी है। उन्होंने आगे बताया कि इस रंगभेद ने उनके आत्मविश्वास को शुरुआती दिनों में काफी ठेस पहुंचाई थी और उन्हें लगने लगा था कि उनके लुक में ही कोई कमी है।साउथ और बॉलीवुड दोनों जगह झेला भेदभावसमीरा ने बताया कि यह समस्या सिर्फ बॉलीवुड तक सीमित नहीं थी, बल्कि साउथ फिल्म इंडस्ट्री (तमिल और तेलुगु सिनेमा) में भी एक्ट्रेस के रंग और बॉडी शेप को लेकर भारी दबाव बनाया जाता था। उन्होंने कहा, मुझसे अक्सर कहा जाता था कि अपनी त्वचा को साफ करने के लिए ट्रीटमेंट करवाओ या हमेशा ब्राइट लाइट्स में ही शूट करो। कपड़ों से लेकर लिपस्टिक के शेड्स तक सिर्फ इसलिए बदल दिए जाते थे ताकि मेरा सांवलापन उभरकर सामने न आए। इस लगातार मिलने वाले रिजेक्शन और कृत्रिम मापदंडों के कारण वे लंबे समय तक 'बॉडी डिस्मॉर्फिया' और असुरक्षा की भावना से जूझती रहीं।अब सोशल मीडिया पर बॉडी पॉजिटिविटी की मिसाल बनीं समीराफिल्मी दुनिया की इन तमाम पाबंदियों और झूठे पैमानों से दूर, आज समीरा रेड्डी सोशल मीडिया पर 'बॉडी पॉजिटिविटी' (Body Positivity) और नेचुरल ब्यूटी की सबसे बड़ी पैरोकार बनकर उभरी हैं। वे अक्सर बिना किसी फिल्टर और बिना मेकअप के अपने सफेद बालों, स्ट्रेच मार्क्स और असल स्किन टोन की तस्वीरें व वीडियो साझा करती हैं। समीरा का कहना है कि उम्र के इस पड़ाव पर आकर उन्होंने खुद को अपनी कमियों के साथ पूरी तरह स्वीकार करना सीख लिया है। उनकी इस बेबाकी को आज की युवा पीढ़ी और महिलाओं द्वारा खूब सराहा जा रहा है, जिससे वे रूढ़िवादी ब्यूटी स्टैंडर्ड्स को तोड़ने में एक प्रेरणास्रोत साबित हो रही हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 9:02 am

Indian Currency: कागजी नोटों की जगह अब जेब में चमकेगी प्लास्टिक करेंसी, RBI ने पॉलिमर नोट छापने के लिए जारी किया ग्लोबल टेंडर

मुंबई/लखनऊ। भारतीय अर्थव्यवस्था और बैंकिंग क्षेत्र (Banking Sector) से एक बेहद बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आ रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश में सदियों पुरानी पारंपरिक कागजी मुद्रा (Paper Currency) को बदलकर पूरी तरह से प्लास्टिक यानी पॉलिमर नोट (Polymer Banknotes) लाने के बड़े प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर चुका है। देश के करेंसी सिस्टम में इस क्रांतिकारी बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाते हुए आरबीआई की नोट छापने वाली शाखा 'भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड' (BRBNMPL) ने हाल ही में नोट छपाई के काम आने वाले 'ओपेसिफाइड पॉलिमर सब्सट्रेट शीटों' (प्लास्टिक नोट बनाने वाले बेस मटीरियल) की आपूर्ति के लिए वैश्विक निविदा (Global Tender) जारी कर दी है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, इस 'ग्लोबल एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट' (EoI) के तहत इच्छुक वैश्विक निर्माताओं को अपनी बोलियां जमा करने के लिए 18 अगस्त 2026 तक की अंतिम तारीख दी गई है।पहले चरण में ₹10 और ₹20 के नोटों पर होगा ट्रायलआरबीआई की इस योजना के अनुसार, प्लास्टिक केंटेंसी का यह पायलट प्रोजेक्ट (Pilot Project) शुरुआती तौर पर सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले छोटे मूल्यवर्ग के नोटों यानी ₹10 और ₹20 के नोटों के साथ शुरू किया जाएगा। टेंडर के दस्तावेजों के मुताबिक, शुरुआती आवश्यकता कुल 68,000 रीम (Reams) मटीरियल की है, जिसे दो अलग-अलग मूल्यवर्ग के नोटों की छपाई के लिए 34,000-34,000 रीम में बांटा गया है (ध्यान रहे कि एक रीम में कुल 500 प्लास्टिक शीट्स होती हैं)। इस पायलट प्रोजेक्ट के सफल और सकारात्मक फील्ड ट्रायल के बाद ही देश में बड़े नोटों के लिए पॉलिमर शीट का भारी मात्रा में प्रोक्योरमेंट (खरीद) किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इन प्लास्टिक नोटों का फुल-स्केल रोलआउट (चलन) साल 2027 से भारतीय बाजारों में देखने को मिल सकता है।सुरक्षा के लिए बेहद कड़े नियम, चीन-पाकिस्तान पर कड़ा बैनचूंकि मामला देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़ा है, इसलिए भारत सरकार और आरबीआई ने निविदा भरने वाली कंपनियों के लिए अत्यंत कड़े नियम और शर्तें रखी हैं:बोली लगाने वाली किसी भी वैश्विक कंपनी का कोई भी ऑपरेशन या यूनिट चीन या पाकिस्तान में सक्रिय नहीं होना चाहिए।भारत के करेंसी प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल होने वाला कोई भी कच्चा माल (Raw Material) इन दोनों देशों से नहीं मंगाया जाएगा।कंपनियों को यह भी वचन देना होगा कि वे भारत के लिए तैयार की जाने वाली विशिष्ट सुरक्षा विशेषताओं वाली इन शीट्स को किसी तीसरे देश को सप्लाई नहीं करेंगी।इसके अलावा धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं का सम्मान करते हुए यह प्रमाणित करना अनिवार्य होगा कि रबर या प्लास्टिक मिश्रण में किसी भी प्रकार की जानवर की चर्बी या डीएनए (DNA) शामिल नहीं है।कागजी नोटों के मुकाबले प्लास्टिक नोट क्यों हैं बेहतर?विशेषज्ञों के मुताबिक, भले ही प्लास्टिक नोटों की छपाई की शुरुआती लागत कागजी नोटों की तुलना में थोड़ी अधिक हो, लेकिन दीर्घकालिक रूप से इसके कई बेमिसाल फायदे हैं:5 गुना ज्यादा लाइफ (Durability): जहां साधारण ₹100 का कागजी नोट औसतन 4 साल में कट-फट जाता है या मैला हो जाता है, वहीं प्लास्टिक नोट पानी, नमी और गंदगी से सुरक्षित रहते हैं और 15 से 20 साल तक बिना खराब हुए चलते हैं।फर्जी नोटों (Counterfeiting) पर लगाम: पॉलिमर नोट्स में ऐसे अत्याधुनिक कलर-शिफ्टिंग सिक्योरिटी फीचर्स और ट्रांसपेरेंट विंडो एम्बेड किए जा सकते हैं, जिनकी हूबहू नकल करना जाली नोट छापने वाले रैकेट और जालसाजों के लिए नामुमकिन होगा।क्या पुराने नोट बंद हो जाएंगे? आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक चरणबद्ध प्रक्रिया है और वर्तमान में आपके बटुए में मौजूद कागजी नोट पूरी तरह से वैध और मान्य रहेंगे, जनता को किसी भी तरह की घबराहट या परेशानी की जरूरत नहीं है। ऑस्ट्रेलिया, यूके, कनाडा और सिंगापुर जैसे विकसित देश पहले से ही पूर्ण रूप से पॉलिमर करेंसी का उपयोग कर रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 9:01 am

Chaturmas 2026: देवशयनी एकादशी के बाद नया मकान खरीदना सही या गलत? जान लें चातुर्मास में प्रॉपर्टी डीलिंग के कड़े नियम

लखनऊ। सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले 'शुभ मुहूर्त' (Shubh Muhurat) देखने की प्राचीन परंपरा है, विशेषकर जब बात जिंदगी की सबसे बड़ी पूंजी यानी नया मकान, फ्लैट या जमीन खरीदने की हो। शनिवार (25 जुलाई 2026) को देवशयनी एकादशी के पावन अवसर से चातुर्मास (Chaturmas 2026) का आरंभ हो चुका है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज से अगले चार महीनों के लिए सृष्टि के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु क्षीर सागर में योगनिद्रा में लीन हो जाएंगे. भगवान के शयन काल में जाने के कारण हिंदू पंचांग में सभी प्रकार के मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है. ऐसे में रियल एस्टेट मार्केट और घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के मन में यह बड़ा सवाल उठता है कि क्या चातुर्मास के दौरान नया मकान खरीदना, रजिस्ट्री कराना या नए घर में शिफ्ट होना (गृह प्रवेश) शास्त्रों के अनुसार सही है या नहीं? आइए जानते हैं ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के कड़े नियम।1. क्या चातुर्मास में नया मकान या जमीन खरीद सकते हैं?ज्योतिषविदों और पंचांग वेत्ताओं के अनुसार, चातुर्मास को लेकर आम जनमानस में यह गलतफहमी है कि इन चार महीनों में हर तरह के काम बंद हो जाते हैं. शास्त्रों में केवल मांगलिक संस्कारों (जैसे—विवाह, मुंडन, जनेऊ और नए यज्ञ) को वर्जित किया गया है. जहां तक संपत्ति या अचल संपत्ति (Property Purchase) खरीदने का सवाल है, तो निवेश और व्यावसायिक गतिविधियों पर कोई पूर्ण प्रतिबंध नहीं है. यदि आप नया मकान या प्लॉट खरीदना चाहते हैं, तो पंचांग में दिए गए विशिष्ट 'प्रॉपर्टी परचेज मुहूर्त' या राहुकाल को छोड़कर शुभ नक्षत्रों (जैसे—अनुराधा, मघा, विशाखा, मृगशिरा) में टोकन मनी दे सकते हैं या रजिस्ट्री का काम करवा सकते हैं. इसे अशुभ नहीं माना जाता।2. गृह प्रवेश (Housewarming) पर रहता है पूर्ण प्रतिबंध: जानिए क्यों?भले ही आप चातुर्मास में मकान खरीद लें या उसकी रजिस्ट्री करा लें, लेकिन 'गृह प्रवेश' (Griha Pravesh) करने की शास्त्रों में सख्त मनाही होती है. वास्तु शास्त्र और ज्योतिष के अनुसार, एक नए घर में जीवन की शुरुआत करने के लिए सौर ऊर्जा, सकारात्मक ब्रह्मांडीय तरंगों और भगवान विष्णु के जाग्रत आशीर्वाद की आवश्यकता होती है. चूंकि इन चार महीनों में भगवान विष्णु शयन में होते हैं और सूर्य व चंद्रमा की कोणीय स्थितियां भी बदलती हैं, इसलिए सावन, भादों, अश्विन और कार्तिक मास में नए या निर्मित मकान में गृह प्रवेश की पूजा नहीं की जाती है. अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026 में गृह प्रवेश का कोई भी सामूहिक शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं है.3. अगर घर शिफ्ट करना बहुत जरूरी हो, तो क्या करें?कई बार किराए का मकान खाली करने, ट्रांसफर होने या किसी आपातकालीन स्थिति (Emergency Relocation) के कारण लोगों को चातुर्मास के दौरान ही नए घर में जाना पड़ता है. शास्त्रों में आपातकाल के लिए अपवाद दिए गए हैं:यदि शिफ्ट होना अनिवार्य है, तो आप बिना किसी तामझाम या बड़े उत्सव के एक साधारण कलश पूजा करके नए मकान में प्रवेश कर सकते हैं.ध्यान रखें कि इसे 'औपचारिक गृह प्रवेश' नहीं माना जाएगा। चातुर्मास समाप्त होने के बाद (20 नवंबर 2026 को देवउठनी एकादशी के बाद) आप विद्वान ब्राह्मण से शुभ मुहूर्त निकलवाकर विधिवत 'वास्तु शांति यज्ञ' और पूर्ण गृह प्रवेश पूजा संपन्न करवा सकते हैं.4. चातुर्मास में संपत्ति से जुड़े इन वास्तु नियमों का रखें ध्यानदशा और दिशा: यदि आप इस अवधि में मकान फाइनल कर रहे हैं, तो वास्तु के अनुसार उत्तर (North) या पूर्व (East) मुखी मुख्य द्वार वाले मकान को प्राथमिकता दें, क्योंकि यह सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है.राहुकाल से बचें: किसी भी संपत्ति के सौदे के कागजात पर हस्ताक्षर करते समय या बयाना (Token Money) देते समय उस दिन के राहुकाल (अशुभ समय) का विशेष ध्यान रखें और उस दौरान वित्तीय लेनदेन से बचें.सफाई और रखरखाव: चातुर्मास के चार महीने आत्म-निरीक्षण और शुद्धि के होते हैं. यदि आपने नया घर लिया है, तो उसमें साफ-सफाई करवाकर रखें, लेकिन मुख्य निर्माण कार्य या बड़ा रेनोवेशन शुरू करने से पहले किसी ज्योतिषी से अपनी व्यक्तिगत कुंडली के ग्रहों की स्थिति जरूर जंचवा लें.

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:59 am

महंगाई की मार: नॉन-वेज खाने वालों की जेब होगी ढीली, जानिए क्यों लगातार महंगे हो रहे हैं चिकन और अंडे

नई दिल्ली/लखनऊ। सावन के पवित्र महीने में जहां एक तरफ बड़ी आबादी नॉन-वेज से दूरी बना रही है, वहीं दूसरी तरफ पोल्ट्री बाजार से आम उपभोक्ताओं को झटका देने वाली खबर आ रही है। देश भर के बाजारों में अंडा और चिकन के दामों (Egg & Chicken Prices) में अचानक तगड़ा उछाल देखा जा रहा है। बिजनेस और कमोडिटी विशेषज्ञों के अनुसार, इस तेजी की मुख्य वजह मुर्गियों के दाने यानी 'पोल्ट्री फीड' (Poultry Feed) की लागत में भारी बढ़ोतरी होना है। पोल्ट्री फीड तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले दो सबसे प्रमुख कृषि उत्पाद—सोयाबीन और मक्का—घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में महंगे हो गए हैं, जिसके कारण पोल्ट्री फार्म संचालकों के लिए मुर्गियों का पालन-पोषण करना काफी खर्चीला साबित हो रहा है।पोल्ट्री फीड क्यों हुआ महंगा? जानिए इनसाइड स्टोरीपोल्ट्री उद्योग के जानकारों का कहना है कि मुर्गियों के चारे (फीड) को बनाने में लगभग 60 से 65 फीसदी हिस्सेदारी मक्के की और करीब 25 से 30 फीसदी हिस्सेदारी सोयाबीन (सोयामील) की होती है। पिछले कुछ समय से मौसम की मार, बुवाई में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) प्रभावित होने के चलते मक्के और सोयाबीन के थोक भावों में 20 से 30 फीसदी तक की तेजी आई है। इसके अलावा, भारत में जीएम (जेनेटिकली मॉडिफाइड) मक्का और सोयाबीन के आयात पर प्रतिबंध होने के कारण भी घरेलू बाजार में इन अनाजों के विकल्प सीमित हैं। लागत का यह सीधा बोझ अब आम जनता की थाली पर पड़ रहा है।अंडा और चिकन के दामों में कितना आया उछाल?बाजार से मिले ताजा आंकड़ों के अनुसार:चिकन के दाम: खुदरा बाजार में जो ब्रॉयलर चिकन पहले ₹180 से ₹200 प्रति किलोग्राम बिक रहा था, उसके दाम बढ़कर ₹240 से ₹260 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं।अंडे के दाम: थोक बाजार में प्रति क्रेट (30 अंडे) की कीमत में ₹30 से ₹45 तक का उछाल आया है। इसके चलते खुदरा दुकानों पर जो अंडा पहले ₹6 में मिलता था, वह अब ₹7.50 से ₹8.50 प्रति पीस की दर से बिक रहा है।दुनिया का सबसे महंगा पोल्ट्री फीड भारत में, लेकिन राहत भीएक दिलचस्प पहलू यह भी है कि भारी इम्पोर्ट टैरिफ और नियमों के कारण भारत में इस समय दुनिया का सबसे महंगा पोल्ट्री फीड बिक रहा है। भारतीय किसान अमेरिका, यूक्रेन या ब्राजील के मुकाबले मक्के के लिए 35 से 50 फीसदी अधिक दाम चुका रहे हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि इतनी ऊंची लागत के बावजूद, कुशल प्रबंधन के कारण भारतीय उपभोक्ताओं को मिलने वाला अंडा वैश्विक स्तर पर (जैसे ब्राजील या यूएसए की तुलना में) अब भी काफी किफायती दरों पर उपलब्ध हो पा रहा है।आने वाले दिनों में क्या रहेंगे आसार?पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों का मानना है कि मानसून की प्रगति और आने वाले हफ्तों में मक्के व सोयाबीन की नई फसल की आवक शुरू होने के बाद ही फीड की कीमतों में नरमी आ सकती है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगस्त के आखिरी सप्ताह तक जब त्योहारों के बाद बाजार में सप्लाई सामान्य होगी, तब अंडा और चिकन के दामों में ₹15 से ₹20 तक की गिरावट देखने को मिल सकती है। तब तक उपभोक्ताओं को इस बढ़ी हुई कीमतों के साथ ही तालमेल बिठाना होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:58 am

Auto Facts: शुरुआत में सफेद रंग के ही होते थे गाड़ियों के टायर, जानिए फिर क्यों और कैसे ये पूरी तरह हो गए काले

लखनऊ। आज हम सड़कों पर दौड़ती किसी भी गाड़ी—चाहे वह चमचमाती स्पोर्ट्स कार हो, हैवी ट्रक हो या फिर एक साधारण साइकिल—को देखें, तो एक चीज सभी में बिल्कुल समान नजर आती है, और वह है टायरों का काला रंग (Black Tyres)। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऑटोमोबाइल के शुरुआती इतिहास में गाड़ियों के टायर काले नहीं, बल्कि पूरी तरह सफेद हुआ करते थे? जी हां, 19वीं सदी के अंत और 20वीं सदी की शुरुआत में सड़कों पर चलने वाली विंटेज कारों में सफेद रंग के ही टायर लगे होते थे। ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों और विज्ञान के मुताबिक, टायरों के सफेद से काले होने का यह सफर कोई फैशन या दिखावे का बदलाव नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक बहुत बड़ा वैज्ञानिक कारण और गाड़ियों की सुरक्षा का फॉर्मूला छिपा हुआ है।शुरुआत में सफेद क्यों होते थे टायर?प्राकृतिक रबर (Natural Rubber) का असली रंग दूधिया सफेद (Milky White) होता है। जब शुरुआत में रबर से टायर बनाने की तकनीक विकसित हुई, तो उसमें कोई अतिरिक्त रंग या तत्व नहीं मिलाया जाता था। रबर को मजबूती देने के लिए उसमें केवल जिंक ऑक्साइड (Zinc Oxide) का इस्तेमाल किया जाता था, जिसके कारण टायरों का रंग पूरी तरह सफेद या मटमैला दिखाई देता था। हालांकि, ये शुरुआती सफेद टायर बहुत ज्यादा टिकाऊ नहीं थे। ये जल्दी घिस जाते थे, धूप की वजह से इनमें दरारें आ जाती थीं और सड़कों पर चलते समय ये बहुत जल्दी गंदे भी हो जाते थे।1917 का वो ऐतिहासिक बदलाव: 'कार्बन ब्लैक' की एंट्रीटायरों को लंबे समय तक टिकाऊ और मजबूत बनाने के लिए वैज्ञानिकों ने लगातार कई शोध किए। इसी कड़ी में साल 1917 के आसपास टायर निर्माता कंपनियों ने एक क्रांतिकारी खोज की। उन्होंने टायर बनाने वाले रबर के मिश्रण में 'कार्बन ब्लैक' (Carbon Black) नाम का एक रासायनिक पदार्थ मिलाना शुरू किया। कार्बन ब्लैक मूल रूप से पेट्रोलियम उत्पादों के जलने से निकलने वाला एक महीन काला पाउडर होता है। रबर में इस कार्बन ब्लैक को मिलाते ही टायरों का रंग हमेशा के लिए पूरी तरह काला हो गया।टायरों में कार्बन ब्लैक मिलाने के 3 सबसे बड़े फायदे1. कई गुना बढ़ गई टायरों की मजबूती (Durability): वैज्ञानिकों के अनुसार, साधारण सफेद रबर के टायर जहां मुश्किल से 8,000 से 10,000 किलोमीटर ही चल पाते थे, वहीं कार्बन ब्लैक मिलने के बाद टायरों की उम्र लगभग 60,000 से 80,000 किलोमीटर तक बढ़ गई। यह रबर के धागों (Polymers) को आपस में मजबूती से बांध देता है, जिससे टायर सड़कों के घर्षण (Friction) को आसानी से झेल लेते हैं।2. गर्मी और यूवी किरणों (UV Rays) से सुरक्षा: गाड़ियां जब तेज रफ्तार में चलती हैं, तो सड़क और टायर के बीच भारी घर्षण के कारण टायरों का तापमान बहुत बढ़ जाता है। कार्बन ब्लैक एक बेहतरीन 'हीट डिस्पेंसर' का काम करता है, जो टायर की गर्मी को सोखकर उसे समान रूप से फैला देता है। इसके अलावा, यह सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों से रबर को सड़ने या हार्ड होने से बचाता है।3. बेहतर रोड ग्रिप और सेफ्टी: काले टायरों की सड़क पर पकड़ (Road Grip) सफेद टायरों के मुकाबले कहीं ज्यादा मजबूत होती है। यह गाड़ियों को मोड़ों पर पलटने से बचाता है और ब्रेक लगाने पर गाड़ी को तुरंत रोकने में मदद करता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा काफी कम हो जाता है।व्हाइट वॉल टायर्स (White Wall Tyres) का दौरकाले टायरों के आने के बाद भी, 1930 और 1950 के दशक के बीच 'व्हाइट वॉल टायर्स' का एक नया फैशन ट्रेंड चला। इसमें टायर का मुख्य हिस्सा तो मजबूत काले रबर का ही होता था, लेकिन उसके बाहरी किनारे (Sidewalls) पर सफेद रबर की एक पट्टी लगा दी जाती थी। उस दौर में ऐसी गाड़ियां अमीरी और स्टेटस सिंबल मानी जाती थीं। हालांकि, रखरखाव में भारी कठिनाई और आधुनिक कारों के बदलते डिजाइन के कारण धीरे-धीरे यह फैशन भी पूरी तरह खत्म हो गया और आज दुनिया भर में केवल 100% ब्लैक टायर ही स्टैंडर्ड बन चुके हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:57 am

Devshayani Ekadashi 2026: 3 महासंयोगों में रखा जाएगा देवशयनी एकादशी का व्रत, जानें पंचांग के अनुसार सही तारीख और पारण का सटीक समय

लखनऊ। हिंदू धर्म में सभी एकादशियों में सर्वश्रेष्ठ मानी जाने वाली आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी (Devshayani Ekadashi 2026) का व्रत इस साल बेहद खास और दुर्लभ होने जा रहा है। वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, इस बार देवशयनी एकादशी पर 3 बड़े और शुभ महायोगों का निर्माण हो रहा है, जो इस दिन की गई पूजा और व्रत के आध्यात्मिक फल को कई गुना बढ़ा देंगे। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इसी पवित्र तिथि से सृष्टि के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु अगले चार महीनों (120 दिनों) के लिए क्षीर सागर में शेषनाग की शैय्या पर योगनिद्रा में चले जाते हैं। प्रभु के शयन में जाने के साथ ही देश भर में चातुर्मास (Chaturmas 2026) का शुभारंभ हो जाएगा और विवाह, मुंडन, जनेऊ व गृह प्रवेश जैसे सभी मांगलिक व शुभ कार्यों पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी।तारीख को लेकर न हों कन्फ्यूज, उदया तिथि के अनुसार इस दिन है व्रतइस साल एकादशी तिथि की शुरुआत और समाप्ति के समय को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बन रही थी। ज्योतिषविदों और पंचांग के अनुसार:एकादशी तिथि का प्रारंभ: 24 जुलाई 2026, शुक्रवार को सुबह 09:12 बजे से होगा।एकादशी तिथि की समाप्ति: 25 जुलाई 2026, शनिवार को सुबह 11:34 बजे होगी।सटीक व्रत की तारीख: सनातन धर्म में उदया तिथि (सूर्योदय के समय मौजूद तिथि) को सर्वोपरि माना जाता है। चूंकि 25 जुलाई की सुबह सूर्योदय के समय एकादशी तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए देवशयनी एकादशी का पावन व्रत 25 जुलाई 2026, शनिवार को ही रखा जाएगा।3 बड़े शुभ योग और पूजा का उत्तम मुहूर्तइस बार की एकादशी ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद अनूठी है क्योंकि यह 3 प्रमुख शुभ योगों के त्रिवेणी संगम में आ रही है, जो जातकों के करियर और आर्थिक स्थिति में उन्नति के द्वार खोलेगी।पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त: 25 जुलाई की सुबह 07:21 बजे से सुबह 09:03 बजे तक का समय भगवान विष्णु की विशेष आराधना के लिए सर्वोत्तम माना गया है। इस दौरान श्रीहरि को पंचामृत, पीले फूल, पीले वस्त्र और गुड़-चने का भोग लगाना अत्यंत कल्याणकारी रहेगा।व्रत पारण (Parana Time) का सटीक समयएकादशी व्रत का पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है जब उसका पारण (व्रत खोलना) नियमों के अनुसार अगले दिन शुभ समय के भीतर किया जाए।पारण की तारीख: 26 जुलाई 2026, रविवार।पारण का समय: रविवार की सुबह 05:39 बजे से लेकर सुबह 08:22 बजे तक रहेगा। इस समयावधि के भीतर ही व्रतियों को सात्विक भोजन ग्रहण कर अपना उपवास खोलना चाहिए।भूलकर भी न करें ये 3 गलतियां, इन बातों का रखें ध्यानधार्मिक नियमों के अनुसार, देवशयनी एकादशी के दिन घर में पूर्ण सात्विक माहौल होना चाहिए। इस दिन भूलकर भी घर में लहसुन, प्याज या तामसिक भोजन न बनाएं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना पूरी तरह वर्जित होता है; यदि आपको भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करना है, तो उसे एक दिन पहले (24 जुलाई को) ही तोड़कर रख लें। इसके साथ ही, इस दिन वाद-विवाद और क्रोध से बचकर 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' महामंत्र का मानसिक जाप करते रहना चाहिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:50 am

Madhya Pradesh Tourism: मानसून में जन्नत बन जाती हैं मध्य प्रदेश की ये 5 जगहें, झरने और हरी-भरी वादियां जीत लेंगी आपका दिल

भोपाल/लखनऊ। भारत का दिल कहे जाने वाले मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) का सौंदर्य वैसे तो हर मौसम में पर्यटकों को आकर्षित करता है, लेकिन मानसून के दस्तक देते ही इस राज्य का भूगोल और नजारा पूरी तरह बदल जाता है। जुलाई से अक्टूबर के बीच होने वाली मूसलाधार बारिश एमपी के जंगलों, पहाड़ों और घाटियों में एक नई जान फूंक देती है। इस दौरान यहां के ऐतिहासिक किले बादलों से घिर जाते हैं, सूखी नदियां उफान पर आ जाती हैं और सूखी पहाड़ियां मखमली हरी चादर ओढ़ लेती हैं। मध्य प्रदेश पर्यटन (MP Tourism) के मुताबिक, यदि आप इस मानसूनी सीजन में प्रकृति के करीब जाकर सुकून के कुछ पल बिताना चाहते हैं, तो मध्य प्रदेश की ये 5 जादुई जगहें, जो अपने ऊंचे झरनों और खूबसूरत घाटियों के लिए जानी जाती हैं, आपके सफर को हमेशा के लिए यादगार बना देंगी।1. पचमढ़ी: मध्य प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन (Queen of Satpura)सतपुड़ा की पहाड़ियों के बीच बसा पचमढ़ी (Pachmarhi) मानसून के दौरान बादलों के साए में छिप जाता है। जुलाई से अक्टूबर के बीच यहां का तापमान बेहद सुहावना होता है और चारों तरफ गहरी हरी वादियां नजर आती हैं।मुख्य आकर्षण: यहां का 'बी फॉल' (Bee Fall) और 'डचेस फॉल' बारिश के दिनों में पूरे शबाब पर होते हैं। इसके अलावा हांडी खोह (गहरी घाटी) और धूपगढ़ से ढलते सूरज का नजारा देखना किसी जन्नत से कम नहीं लगता।कैसे पहुंचें: नजदीकी रेलवे स्टेशन पिपरिया (Pipariya) है, जो पचमढ़ी से लगभग 50 किलोमीटर दूर है।2. भेड़ाघाट (जबलपुर): धुआंधार जलप्रपात की जादुई बूंदेंजबलपुर से महज 25 किलोमीटर दूर स्थित भेड़ाघाट (Bhedaghat) नर्मदा नदी के तट पर संगमरमर की विशाल चट्टानों (Marble Rocks) के लिए प्रसिद्ध है।मुख्य आकर्षण: मानसून में जब नर्मदा का पानी उफान पर होता है, तो 'धुआंधार जलप्रपात' (Dhuandhar Waterfall) का नजारा देखने लायक होता है। पानी इतनी ऊंचाई और वेग से गिरता है कि चारों तरफ कोहरे या धुएं जैसा माहौल बन जाता है। बारिश के मौसम में संगमरमर की वादियों के बीच बहती जलधारा का यह रूप रोंगटे खड़े कर देने वाला होता है।3. मांडू: ऐतिहासिक खंडहरों और वादियों का मिलनइंदौर से लगभग 90 किलोमीटर दूर स्थित मांडू (Mandu) एक ऐसा ऐतिहासिक शहर है जो रानी रूपमती और बाज बहादुर के अमर प्रेम की गवाही देता है।मुख्य आकर्षण: मानसून के दिनों में मांडू के ऊंचे महलों और किलों के ऊपर काले बादल तैरते हुए नजर आते हैं। काकड़ा खोह जैसी गहरी हरी-भरी घाटियां और जहाज महल के आस-पास का प्राकृतिक सौंदर्य इस मौसम में देखते ही बनता है। इतिहास और प्रकृति प्रेमियों के लिए मानसून में मांडू घूमना एक बेहतरीन अनुभव है।4. अमरकंटक: नर्मदा का उद्गम और शांत वादियांमैकाल पहाड़ियों के बीच स्थित अमरकंटक (Amerkantak) एक पवित्र तीर्थ स्थल होने के साथ-साथ एक बेहद खूबसूरत प्राकृतिक स्थल भी है। यह हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी के बीच जलविभाजक का काम करता है।मुख्य आकर्षण: यहीं से पवित्र नर्मदा और सोन नदी का उद्गम होता है। मानसून में अमरकंटक के घने जंगल और पहाड़ियां बादलों से ढक जाती हैं। यहां का 'कपिल धारा' और 'दुग्ध धारा' जलप्रपात बारिश के पानी से सराबोर होकर सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।5. पातालपानी और तिंचा फॉल (इंदौर): वीकेंड के लिए बेस्ट डेस्टिनेशनयदि आप इंदौर या उसके आस-पास के इलाकों में हैं, तो मानसून का आनंद लेने के लिए पातालपानी (Patalpani) और तिंचा फॉल (Tincha Fall) से बेहतर कोई जगह नहीं हो सकती।मुख्य आकर्षण: पातालपानी जलप्रपात लगभग 300 फीट की ऊंचाई से गिरता है और इसके आस-पास की गहरी घाटियां पूरी तरह हरी-भरी हो जाती हैं। हालांकि, बारिश के मौसम में यहां पानी का बहाव अचानक बढ़ जाता है, इसलिए पर्यटकों को झरने के बहुत करीब न जाने और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की सख्त सलाह दी जाती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:49 am

SBI Recruitment 2026: एसबीआई में मेडिकल ऑफिसर बनने का आखिरी मौका! बैंक ने आगे बढ़ाई आवेदन की तारीख, अब 21 जुलाई तक करें अप्लाई

नई दिल्ली/लखनऊ। मेडिकल क्षेत्र के उन अनुभवी प्रोफेशनल्स के लिए बड़ी और राहत भरी खबर है जो बैंकिंग सेक्टर में एक प्रतिष्ठित और स्थायी सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिसर (SCO) के तहत बैंक मेडिकल ऑफिसर (BMO-II) के पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया है। आधिकारिक अधिसूचना (Official Notification) के मुताबिक, जिन उम्मीदवारों ने किसी कारणवश 14 जुलाई 2026 की समय-सीमा तक अपना फॉर्म नहीं भरा था, वे अब 21 जुलाई 2026 तक एसबीआई के ऑफिशियल करियर पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन और फीस का भुगतान कर सकते हैं। इस भर्ती अभियान के जरिए देश भर के विभिन्न एसबीआई सर्किलों में कुल 35 रिक्त पदों को भरा जाना है।किन सर्किलों में हैं कितनी रिक्तियां?एसबीआई द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कुल 35 पदों में से सबसे अधिक 6-6 रिक्तियां उत्तर प्रदेश के लखनऊ और महाराष्ट्र सर्किल में उपलब्ध हैं। इसके अलावा राजस्थान के जयपुर और ओडिशा के भुवनेश्वर सर्किल में 4-4 पदों पर तथा बिहार के पटना सर्किल में 3 पदों पर भर्ती की जाएगी। बाकी बची वैकेंसियों को देश के अन्य सर्किलों में उनकी आवश्यकता के अनुसार आवंटित किया गया है।पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria) और आवश्यक योग्यताबैंक मेडिकल ऑफिसर के इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार के पास नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) या किसी भी राज्य की मेडिकल काउंसिल द्वारा मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या कॉलेज से MBBS की डिग्री होनी अनिवार्य है। वांछनीय योग्यता के रूप में MD/MS या पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा धारकों को प्राथमिकता दी जाएगी।कार्य अनुभव: केवल डिग्री होना काफी नहीं है; पंजीकरण के बाद का न्यूनतम अनुभव होना जरूरी है। सिर्फ MBBS डिग्री वाले उम्मीदवारों के पास जनरल प्रैक्टिशनर के तौर पर 5 साल का अनुभव होना चाहिए। वहीं, पीजी डिग्री या डिप्लोमा धारकों के लिए न्यूनतम 3 साल का अनुभव आवश्यक है। ध्यान रहे कि इंटर्नशिप की अवधि को इस अनुभव में शामिल नहीं किया जाएगा।आयु सीमा: आवेदन के लिए उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 35 वर्ष (31 मई 2026 के आधार पर) निर्धारित की गई है। हालांकि, आरक्षित श्रेणियों को सरकारी नियमों के तहत अधिकतम आयु सीमा में छूट मिलेगी; जैसे ओबीसी (OBC) को 3 वर्ष, एससी-एसटी (SC-ST) को 5 वर्ष और दिव्यांग (PwBD) उम्मीदवारों को 10 वर्ष की छूट देय होगी।चयन प्रक्रिया और कितना मिलेगा वेतन?एसबीआई बीएमओ के पदों पर अंतिम रूप से चयनित होने वाले डॉक्टरों को मिडिल मैनेजमेंट ग्रेड स्केल-II (MMGS-II) के तहत 64,820 रुपये से लेकर 93,960 रुपये प्रति माह का मूल वेतनमान प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और 20 फीसदी नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (NPA) मिलाकर सकल वेतन काफी आकर्षक हो जाता है। इन पदों के लिए चयन प्रक्रिया लिखित परीक्षा, साक्षात्कार (Interview) और लोकल लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी टेस्ट (LLPT) के आधार पर संपन्न की जाएगी। सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए आवेदन शुल्क 750 रुपये है, जबकि एससी, एसटी और दिव्यांगों के लिए आवेदन पूरी तरह निःशुल्क है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:48 am

Delhi Weather: दिल्ली में टूटा 5 साल का रिकॉर्ड, दर्ज हुई जुलाई की सबसे गर्म रात; अब राहत देने आ रही है झमाझम बारिश

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली और पूरे एनसीआर (Delhi-NCR) में मॉनसून की बेरुखी के चलते लोग भीषण और दमघोंटू उमस भरी गर्मी का सामना कर रहे हैं. इसी बीच मौसम विभाग (IMD) से दिल्लीवालों के लिए एक बड़ी राहत और एक बड़ी चेतावनी दोनों साथ आई हैं. दिल्ली में शुक्रवार (17 जुलाई) को पिछले 5 साल में जुलाई के महीने की सबसे गर्म रात दर्ज की गई, जिसने लोगों को बेहाल कर दिया. हालांकि, इस भीषण तपन के बीच अब मौसम करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने आज शनिवार (18 जुलाई) और रविवार (19 जुलाई) के लिए दिल्ली-एनसीआर में आंधी-तूफान के साथ हल्की से मध्यम बारिश का 'येलो अलर्ट' (Yellow Alert) जारी किया है, जिससे तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है.न्यूनतम तापमान ने तोड़ा रिकॉर्ड, 2021 के बाद सबसे गर्म रातसफदरजंग मौसम केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक यानी 31 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह पिछले पांच वर्षों में जुलाई के महीने में दर्ज की गई सबसे गर्म रात है। इससे पहले 1 जुलाई 2021 को न्यूनतम तापमान 31.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। रात के समय हवा पूरी तरह बंद होने और वातावरण में अत्यधिक नमी (Humidity) होने के कारण लोगों को घरों के भीतर और बाहर भारी परेशानी झेलनी पड़ी।38.8 डिग्री तापमान पर 51 डिग्री जैसी गर्मी का अहसासकेवल रात ही नहीं, बल्कि दिल्ली का दिन भी भयंकर रूप से तप रहा है। शुक्रवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री ज्यादा यानी 38.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हवा में 46 से 74 फीसदी तक की उच्च आर्द्रता (उमस) के चलते लोगों को असल में 48 से 51 डिग्री सेल्सियस जैसी झुलसाने वाली गर्मी (Real Feel Temperature) महसूस हुई। लोधी रोड में अधिकतम तापमान 39 डिग्री और पालम में 38.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया.येलो अलर्ट: वीकेंड पर तेज हवाओं के साथ बारिश की उम्मीदमौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण दिल्ली का मौसम आज दोपहर बाद बदल सकता है। शनिवार और रविवार को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की प्रबल संभावना है। इस बारिश से उमस से तो तुरंत राहत नहीं मिलेगी, लेकिन अधिकतम तापमान 3 डिग्री तक गिरकर 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास आ सकता है.20 जुलाई के बाद आएगा मॉनसून का असली यू-टर्नस्काईमेट और आईएमडी के विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली में मॉनसून का जो लंबा ब्रेक चल रहा था, वह अब समाप्त होने की कगार पर है। असली और व्यापक राहत 20 से 22 जुलाई के बीच देखने को मिलेगी। इस दौरान दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में भारी बारिश का दौर शुरू होगा, जिससे लंबे समय से सूखी पड़ी दिल्ली को भीषण गर्मी से पूरी तरह निजात मिल सकेगी। इस बीच, शुक्रवार शाम दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 176 दर्ज किया गया, जो 'मध्यम' श्रेणी में बना हुआ है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:46 am

Sir Garfield Sobers Death: क्रिकेट जगत में पसरा मातम, एक ओवर में 6 छक्के जड़ने वाले पहले महान ऑलराउंडर गारफील्ड सोबर्स का निधन

नई दिल्ली/लखनऊ। क्रिकेट जगत से एक बेहद दुखद और स्तब्ध कर देने वाली खबर सामने आई है। खेल इतिहास के सबसे महान ऑलराउंडर और वेस्टइंडीज के पूर्व दिग्गज कप्तान सर गारफील्ड सोबर्स (Sir Garfield Sobers) का 89 वर्ष की आयु में बारबाडोस में उनके गृह आवास पर निधन हो गया है। सर गारफील्ड सोबर्स, जिन्हें उनके चाहने वाले प्यार से 'गैरी सोबर्स' भी कहते थे, क्रिकेट इतिहास की उन चुनिंदा हस्तियों में शामिल थे जिन्होंने इस खेल को एक नई परिभाषा दी। उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि क्रिकेट वेस्टइंडीज (CWI) और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने की है, जिसके बाद से पूरी दुनिया के क्रिकेटर्स और खेल प्रेमी इस महान खिलाड़ी को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।क्रिकेट के इतिहास में 'किंग क्रिकेट' का सफर28 जुलाई 1936 को बारबाडोस में जन्मे सर गारफील्ड सोबर्स ने साल 1954 से 1974 के बीच दो दशकों तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर राज किया। उन्होंने वेस्टइंडीज के लिए 93 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 57.78 की बेमिसाल औसत से 8,032 रन बनाए, जिसमें 26 शतक और 30 अर्धशतक शामिल थे। वह केवल एक महान बल्लेबाज नहीं थे, बल्कि अपनी जादुई बाएं हाथ की गेंदबाजी से उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 235 विकेट भी चटकाए। सोबर्स की खासियत यह थी कि वे तेज गति (Medium Fast) से लेकर ऑर्थोडॉक्स स्पिन और रिस्ट स्पिन तीनों तरह की गेंदबाजी करने में माहिर थे।एक ओवर में 6 छक्के जड़ने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाजक्रिकेट की किताबों में सर गारफील्ड सोबर्स का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज है, क्योंकि वे प्रथम श्रेणी क्रिकेट (First-Class Cricket) में एक ओवर की सभी 6 गेंदों पर 6 छक्के लगाने वाले दुनिया के सबसे पहले बल्लेबाज बने थे। उन्होंने यह ऐतिहासिक कारनामा 31 अगस्त 1968 को नॉटिंघमशायर की तरफ से खेलते हुए ग्लैमॉर्गन के स्पिनर मैल्कम नैश के खिलाफ किया था। उनके इस रिकॉर्ड ने क्रिकेट की दुनिया में आक्रामक बल्लेबाजी के एक नए युग की शुरुआत की थी।पाकिस्तान के खिलाफ बनाया था 365 रनों का रिकॉर्ड*सर गैरी सोबर्स ने साल 1958 में पाकिस्तान के खिलाफ खेलते हुए नाबाद 365 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी। यह उस समय टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर था। सोबर्स का यह जादुई रिकॉर्ड 36 सालों तक अटूट रहा, जिसे बाद में साल 1994 में उन्हीं के हमवतन और वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा (375 रन) ने तोड़ा था।विजडन ने चुना था 'क्रिकेटर ऑफ द सेंचुरी', मिला था नाइटहुडउनकी इसी महानता और खेल के प्रति अद्भुत योगदान को देखते हुए साल 1975 में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने उन्हें 'नाइटहुड' (सर की उपाधि) से सम्मानित किया था। इसके बाद साल 2000 में विजडन ने उन्हें 20वीं सदी के 5 सबसे महान क्रिकेटरों की सूची में शामिल किया था। आधुनिक युग में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) साल के सर्वश्रेष्ठ पुरुष क्रिकेटर को सम्मानित करने के लिए जो सबसे बड़ा पुरस्कार देती है, उसका नाम भी इन्हीं के सम्मान में 'सर गारफील्ड सोबर्स ट्रॉफी' रखा गया है। उनके निधन से क्रिकेट के एक गौरवशाली युग का अंत हो गया है, लेकिन उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:37 am

Bank Holiday Today: आज शनिवार 18 जुलाई को बैंक खुले हैं या बंद? घर से निकलने से पहले जान लें RBI का यह जरूरी नियम

नई दिल्ली/लखनऊ। आज शनिवार का दिन है और बैंकों से जुड़े कामकाज निपटाने वाले ग्राहकों के मन में अक्सर यह असमंजस रहता है कि आज बैंक खुले हैं या बंद (Bank Open or Closed Today)। यदि आप भी आज यानी 18 जुलाई 2026 को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), एचडीएफसी (HDFC), आईसीआईसीआई (ICICI) या पंजाब नेशनल बैंक (PNB) जैसी किसी भी सरकारी या प्राइवेट बैंक शाखा में जाने का मन बना रहे हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आधिकारिक हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक, आज देश के अधिकांश हिस्सों में बैंक पूरी तरह खुले रहेंगे और आम दिनों की तरह ही कामकाज होगा।तीसरे शनिवार को खुले रहते हैं बैंक: क्या है RBI का नियम?आरबीआई (RBI) के नियमानुसार, देश के सभी शेड्यूल्ड और नॉन-शेड्यूल्ड बैंक हर महीने के केवल दूसरे (2nd) और चौथे (4th) शनिवार को ही बंद रहते हैं। चूंकि आज 18 जुलाई महीने का तीसरा शनिवार (3rd Saturday) है, इसलिए इसे बैंक वर्किंग डे (कार्यदिवस) माना जाता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-NCR, मुंबई और कोलकाता समेत देश के लगभग सभी प्रमुख राज्यों व शहरों में आज ग्राहक इन-ब्रांच जाकर कैश डिपॉजिट, चेक क्लीयरेंस, डिमांड ड्राफ्ट और पासबुक अपडेट जैसे तमाम काम आसानी से करवा सकते हैं।सिक्किम में आज रहेगी छुट्टी, जानिए क्या है कारण?देशभर में बैंक खुले होने के बावजूद, आज सिक्किम राज्य में सभी बैंक पूरी तरह बंद रहेंगे। दरअसल, आज सिक्किम में पवित्र बौद्ध त्योहार 'द्रुकपा त्शे-जी' (Drukpa Tshe-zi) मनाया जा रहा है। यह त्योहार भगवान बुद्ध द्वारा ज्ञान प्राप्ति के बाद सारनाथ के डियर पार्क में अपने पहले पांच शिष्यों को दिए गए 'चार आर्य सत्यों' के प्रथम उपदेश की याद में मनाया जाता है। इस क्षेत्रीय त्योहार के कारण आरबीआई ने केवल गंगटोक और सिक्किम के अन्य शहरों में आज बैंकों के लिए अवकाश घोषित किया है।डिजिटल और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं रहेंगी चालूसिक्किम के ग्राहकों सहित जिन भी लोगों को आज बैंक बंद होने के कारण असुविधा हो रही है, वे डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं। एटीएम (ATM), इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग ऐप्स और यूपीआई (UPI) सेवाएं 24 घंटे बिना किसी रुकावट के काम करती रहेंगी। इन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए आप पैसों का ट्रांसफर और बिलों का भुगतान घर बैठे ही कर सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:35 am

FIFA World Cup Final: मेसी बनाम लामिन यमाल के महामुकाबले से पहले फाइनल के वेन्यू पर मचा भारी बवाल, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

नई दिल्ली/लखनऊ। फुटबॉल इतिहास के सबसे बड़े और बहुप्रतीक्षित महामुकाबले से ठीक पहले फाइनल मैच के वेन्यू (स्टेडियम) के बाहर जबरदस्त हंगामा, अफरा-तफरी और अराजकता का माहौल पैदा हो गया है। फीफा वर्ल्ड कप (FIFA World Cup) के खिताबी क्लैश में एक तरफ जहां सर्वकालिक महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी (Lionel Messi) की साख दांव पर है, वहीं दूसरी तरफ दुनिया के सबसे उभरते हुए युवा सनसनी लामिन यमाल (Lamine Yamal) इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरने वाले हैं। इस ऐतिहासिक 'मेसी बनाम यमाल' की जंग को लाइव देखने के लिए दुनियाभर से लाखों फैंस स्टेडियम पहुंचे हैं। लेकिन मैच की किक-ऑफ से कुछ घंटे पहले ही स्टेडियम के प्रवेश द्वारों (Entry Gates) के बाहर सुरक्षा घेरा टूटने और भारी भीड़ के अनियंत्रित होने के कारण बड़ा बवाल खड़ा हो गया, जिससे वेन्यू पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई।स्टेडियम के बाहर क्यों मची आफत और अफरा-तफरी?ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, फाइनल मुकाबले को लेकर दर्शकों का उत्साह इस कदर चरम पर था कि हजारों की संख्या में बिना टिकट वाले फैंस भी स्टेडियम के सुरक्षा बैरिकेड्स को तोड़कर जबरन अंदर घुसने का प्रयास करने लगे। देखते ही देखते प्रवेश द्वारों पर भारी भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। टिकट धारक फैंस, जो घंटों से कतारों में खड़े थे, वे भी इस अराजकता के कारण फंस गए। भीड़ के दबाव को बढ़ता देख सुरक्षाकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए और स्टेडियम के मुख्य द्वारों को कुछ समय के लिए पूरी तरह बंद करना पड़ा, जिससे वेन्यू के बाहर भारी आक्रोश और चिल्ला-पुल्ली का माहौल बन गया।पुलिस ने संभाला मोर्चा, मैच की टाइमिंग पर संकटस्थिति को बेकाबू होता देख स्थानीय दंगा नियंत्रण पुलिस और अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तुरंत मोर्चे पर तैनात किया गया। पुलिस ने उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया और कई उपद्रवियों को हिरासत में लिया है। स्टेडियम के बाहर मचे इस भयंकर बवाल और अफरा-तफरी के कारण खिलाड़ियों के अभ्यास सत्र और वीआईपी मूवमेंट पर भी गहरा असर पड़ा है। खेल प्रेमियों और फीफा (FIFA) अधिकारियों के बीच इस बात को लेकर भी चिंता बढ़ गई है कि क्या इस सुरक्षा चूक और हंगामे की वजह से महामुकाबले की शुरुआत में देरी हो सकती है।पिच पर मेसी बनाम लामिन यमाल का ऐतिहासिक क्लैशसुरक्षा के इस बड़े बवाल के इतर, अगर खेल की बात करें तो पूरी दुनिया की नजरें इस फाइनल मैच पर टिकी हैं। अर्जेंटीना के करिश्माई कप्तान लियोनेल मेसी के करियर का यह आखिरी और सबसे बड़ा इम्तिहान माना जा रहा है, जहां वे एक बार फिर विश्व विजेता का ताज अपने सिर सजाना चाहते हैं। वहीं दूसरी तरफ, स्पेनिश सनसनी लामिन यमाल अपनी जादुई ड्रिबलिंग और रफ्तार से मेसी के साम्राज्य को चुनौती देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। फुटबॉल पंडितों का मानना है कि यह मैच केवल दो देशों की जंग नहीं, बल्कि फुटबॉल के वर्तमान और भविष्य के बीच का सबसे ऐतिहासिक मुकाबला है, बशर्ते स्टेडियम के बाहर की सुरक्षा स्थिति को जल्द से जल्द पूरी तरह नियंत्रित कर लिया जाए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:34 am

Relationship Tips: हनीमून खत्म होते ही सामने आती हैं शादी की ये 5 कड़वी सच्चाइयां, कोई नहीं बताएगा आपको ये बातें

लखनऊ। शादी हर इंसान की जिंदगी का एक बेहद खूबसूरत और बड़ा टर्निंग पॉइंट होता है। विवाह के शुरुआती कुछ महीने यानी 'हनीमून पीरियड' (Honeymoon Period) किसी परियों की कहानी या रोमांटिक फिल्म जैसा महसूस होता है, जहां हर तरफ सिर्फ प्यार और खुशियां नजर आती हैं। लेकिन रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स और मैरिज काउंसलर्स के मुताबिक, जैसे ही यह शुरुआती खुमार उतरता है, कपल्स का सामना व्यावहारिक जीवन की कड़वी सच्चाइयों से होता है। कई लोग इन बदलावों के लिए पहले से तैयार नहीं होते, जिससे उनके बीच मनमुटाव शुरू हो जाता है। अगर आप भी अपनी शादीशुदा जिंदगी को हकीकत के धरातल पर मजबूत बनाना चाहते हैं, तो शादी से जुड़े उन 5 बड़े और अनकहे सच (Bitter Truths) को जानना बेहद जरूरी है, जो अक्सर लोग आपसे छुपा जाते हैं।1. सिर्फ प्यार से नहीं, समझौते और एडजस्टमेंट से चलती है शादीफिल्मी दुनिया के उलट, असल जिंदगी में केवल 'प्यार' के भरोसे पूरी जिंदगी नहीं काटी जा सकती। शादी के बाद दो अलग-अलग बैकग्राउंड, आदतों और सोच वाले लोग एक छत के नीचे रहते हैं। ऐसे में रोजमर्रा के कामों, खानपान और रहन-सहन को लेकर एक-दूसरे की पसंद-नापसंद का सम्मान करना पड़ता है। शादीशुदा जिंदगी की सबसे बड़ी सच्चाई यही है कि यह रिश्ता आपसी समझौतों (Compromises) और निरंतर एडजस्टमेंट के बल पर ही सालों-साल टिकता है।2. पार्टनर की कमियां और खामियां खुलकर सामने आती हैंडेटिंग या कोर्टशिप के दिनों में लोग अक्सर अपना सबसे अच्छा रूप (Best Version) ही सामने वाले को दिखाते हैं। लेकिन शादी के बाद जब आप 24 घंटे साथ रहते हैं, तो पार्टनर की वो आदतें भी सामने आ जाती हैं जो शायद आपको पसंद न हों—जैसे उनका गुस्सा, आलस्य या चीजों को अव्यवस्थित रखना। इस कड़वे सच को स्वीकार करना जरूरी है कि कोई भी इंसान परफेक्ट नहीं होता और आपको उनकी खूबियों के साथ-साथ उनकी कमियों को भी अपनाना होगा।3. रोमांस की जगह ले लेती हैं घरेलू जिम्मेदारियांहनीमून पीरियड खत्म होते ही कैंडल लाइट डिनर और लॉन्ग ड्राइव की जगह घर के जरूरी काम, जैसे—किचन का राशन, बिजली का बिल, साफ-सफाई और मासिक बजट (Budgeting) ले लेते हैं। जिम्मेदारियों के इस बोझ के तले शुरुआती रोमांस थोड़ा धीमा जरूर हो जाता है। जो कपल्स इस बदलाव को समझदारी से स्वीकार कर टीमवर्क की तरह काम करते हैं, उनका रिश्ता समय के साथ और ज्यादा मैच्योर और गहरा होता चला जाता है।4. दोनों परिवारों को संभालना एक बड़ी चुनौती बनता हैशादी सिर्फ दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों का भी मिलन है। शादी के बाद आपको न केवल अपने पार्टनर को खुश रखना होता है, बल्कि उनके माता-पिता और रिश्तेदारों (In-laws) के साथ भी एक सही तालमेल बिठाना पड़ता है। कई बार दोनों परिवारों की परंपराओं और उम्मीदों में अंतर होने के कारण कपल्स के बीच वैचारिक मतभेद या तनाव पैदा हो जाता है, जिसे बेहद सूझबूझ और धैर्य से संभालने की जरूरत होती है।5. बिना कोशिश किए रिश्ते में बोरियत आना स्वाभाविक हैशादी के कुछ साल बीत जाने के बाद जिंदगी एक तय रूटीन (Monotonous) में बंध जाती है, जिससे रिश्ते में एक तरह की बोरियत या खालीपन महसूस हो सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैवाहिक जीवन में चिंगारी और नयापन बनाए रखने के लिए दोनों पार्टनर्स को लगातार प्रयास करने पड़ते हैं। बिना कोशिश किए या एक-दूसरे को 'टेकन फॉर ग्रांटेड' लेने से रिश्ते में दूरियां बढ़ सकती हैं। इसलिए समय-समय पर एक साथ क्वालिटी टाइम बिताना बेहद जरूरी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:33 am

Relationship Tips: क्या आपका लाइफपार्टनर दे रहा है धोखा? इन 5 बड़े बदलावों से पहचानें कि कहीं शादी के बाहर तो नहीं चल रहा कोई अफेयर

लखनऊ। विवाह एक ऐसा पवित्र और अटूट बंधन है जो पूरी तरह से आपसी विश्वास, ईमानदारी और समर्पण पर टिका होता है। लेकिन आधुनिक समय में भागदौड़ भरी जिंदगी, सोशल मीडिया का अत्यधिक प्रभाव और भावनात्मक दूरियों के कारण कई बार रिश्तों में दरार आ जाती है। शादीशुदा जिंदगी में सबसे बड़ा झटका तब लगता है जब किसी एक पार्टनर का झुकाव शादी के बाहर (Extra-Marital Affair) किसी और की तरफ होने लगता है। रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स और मैरिज काउंसलर्स के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति जब किसी गुप्त रिश्ते में होता है, तो वह अनजाने में अपनी रोजमर्रा की आदतों और व्यवहार में कुछ ऐसे बदलाव करने लगता है, जिन्हें अगर समय रहते पहचान लिया जाए तो रिश्ते की सच्चाई सामने आ सकती है। आइए जानते हैं उन 5 प्रमुख संकेतों के बारे में जो पार्टनर की बेवफाई की ओर इशारा करते हैं।1. मोबाइल और गैजेट्स को लेकर अचानक अत्यधिक गोपनीयताअगर आपके पार्टनर का फोन पहले अक्सर ऐसे ही टेबल पर खुला रहता था, लेकिन अब वे अचानक अपने फोन, लैपटॉप या सोशल मीडिया अकाउंट्स को लेकर बहुत ज्यादा सतर्क (Secretive) हो गए हैं, तो यह एक बड़ा संकेत हो सकता है। फोन में नए पासवर्ड लगाना, स्क्रीन को हमेशा नीचे की तरफ करके रखना, आपके सामने आने पर तुरंत चैट बंद कर देना या देर रात तक छिपकर मैसेजिंग करना जैसी आदतें रिश्तों में कुछ छुपाए जाने की ओर साफ इशारा करती हैं।2. ग्रूमिंग और लुक्स पर अचानक बहुत ज्यादा ध्यान देनात्वचा विशेषज्ञों (डर्मेटोलॉजिस्ट) और ब्यूटी एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि जब कोई व्यक्ति किसी नए रोमांटिक रिश्ते में आता है, तो वह अपने लुक्स, कपड़ों और ग्रूमिंग को लेकर अचानक बेहद गंभीर हो जाता है। बिना किसी खास वजह के जिम जाना शुरू कर देना, नया वार्डरोब कलेक्शन खरीदना, महंगे परफ्यूम का इस्तेमाल करना और स्किन केयर रूटीन पर अचानक ज्यादा वक्त बिताना भी इस बात का संकेत हो सकता है कि वे किसी नए व्यक्ति को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।3. भावनात्मक रूप से दूर होना और बातचीत बंद करना (Emotional Distance)एक स्वस्थ विवाह की पहचान यह है कि दोनों पार्टनर आपस में दिनभर की बातें और अपनी भावनाएं साझा करते हैं। लेकिन अगर आपका जीवनसाथी अब आपसे कतराने लगा है, आपकी बातों में रुचि नहीं लेता और घर में रहने के बावजूद एक मानसिक दूरी (Communication Gap) महसूस होती है, तो यह चिंता का विषय है। जब किसी का भावनात्मक जुड़ाव कहीं और हो जाता है, तो वह अपने मौजूदा पार्टनर से पूरी तरह कूटनीतिक या औपचारिक बातचीत तक सीमित हो जाता है।4. बिना वजह गुस्सा करना और छोटी बातों पर झगड़नाएक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर में शामिल व्यक्ति अक्सर एक आंतरिक अपराध बोध (Guilt) से गुजर रहा होता है। इस अपराध बोध को छुपाने के लिए वे अपने पार्टनर में कमियां निकालना शुरू कर देते हैं। अगर बात-बात पर चिढ़ जाना, बिना किसी ठोस वजह के आप पर शक करना या घर में कलह का माहौल बनाना उनकी आदत बन चुका है, तो वे असल में अपने गलत व्यवहार को सही साबित करने के लिए ऐसा रक्षात्मक रवैया अपना रहे होते हैं।5. रूटीन में अचानक बदलाव और पैसों का अस्पष्ट खर्चऑफिस से अक्सर देर से घर आना, लगातार बिजनेस ट्रिप्स का बढ़ जाना या दोस्तों के साथ ज्यादा वक्त बिताने के बहाने बनाना भी एक आम संकेत है। इसके अलावा, अगर उनके बैंक स्टेटमेंट्स में अचानक ऐसा खर्च दिख रहा है जिसका कोई स्पष्ट हिसाब नहीं है—जैसे महंगे रेस्तरां के बिल, तोहफों की खरीदारी या होटल बुकिंग—तो यह इस बात का मजबूत प्रमाण हो सकता है कि वे अपनी शादीशुदा जिंदगी से बाहर समय और पैसा निवेश कर रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:30 am

Relationship Tips: पति-पत्नी के बीच रोज-रोज होते हैं झगड़े? इन 5 आसान तरीकों से रिश्तों में फिर से घुलेगी प्यार की मिठास

लखनऊ। शादी दो पवित्र दिलों का बंधन है, जहां प्यार, विश्वास और थोड़ा-बहुत मनमुटाव होना बेहद स्वाभाविक है। वैवाहिक जीवन में पति-पत्नी के बीच छोटी-मोटी बहस या नोकझोंक होना रिश्ते को मजबूत भी बनाता है, लेकिन जब यही नोकझोंक रोज-रोज के गंभीर झगड़ों का रूप ले लेती है, तो मानसिक शांति भंग होने लगती है। आधुनिक समय में काम के अत्यधिक तनाव, संवाद की कमी (Communication Gap) और एक-दूसरे को समय न दे पाने के कारण कपल्स के बीच दूरियां तेजी से बढ़ रही हैं। अगर आपके घर में भी अपनी पत्नी के साथ अक्सर किसी न किसी बात पर तकरार हो जाती है, तो कुछ बेहद सरल और आजमाए हुए मैरिज टिप्स (Relationship Tips) अपनाकर आप अपने रिश्ते की कड़वाहट को दूर कर सकते हैं और पार्टनर को आसानी से मना सकते हैं।1. तुरंत बहस करने के बजाय 'कूलिंग ऑफ पीरियड' अपनाएंरिलेशनशिप एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब भी किसी बात को लेकर बहस शुरू हो, तो दोनों में से किसी एक को तुरंत शांत हो जाना चाहिए। गुस्से में इंसान अक्सर ऐसी बातें बोल जाता है जो सामने वाले के दिल को गहरी ठेस पहुंचाती हैं। झगड़ा बढ़ते ही 15-20 मिनट के लिए बातचीत रोक दें या उस जगह से थोड़ा दूर हट जाएं। जब दिमाग शांत हो जाएगा, तब उस मुद्दे पर बात करने से मामला बिगड़ने की बजाय आसानी से सुलझ जाएगा।2. शांति से पार्टनर की बात सुनें (Active Listening)अक्सर झगड़ों के दौरान दोनों पार्टनर सिर्फ अपनी बात सही साबित करने की होड़ में लग जाते हैं और सामने वाले की बात बिल्कुल नहीं सुनते। एक अच्छे पति के तौर पर, अपनी पत्नी की नाराजगी या शिकायत को बिना बीच में टोके पूरी शांति और ध्यान से सुनें। कई बार महिलाएं सिर्फ यह चाहती हैं कि उनका पार्टनर उनकी भावनाओं और परेशानियों को समझे। जब उन्हें लगेगा कि आप उनकी बात को तवज्जो दे रहे हैं, तो उनका गुस्सा आधा वैसे ही शांत हो जाएगा।3. 'मैं' की जगह 'हम' शब्द का इस्तेमाल करेंबातचीत के दौरान अपनी भाषा और शब्दों के चयन पर विशेष ध्यान दें। तुम्हारी वजह से ऐसा हुआ या तुम हमेशा ऐसा ही करती हो जैसे आक्रामक वाक्यों का प्रयोग करने से बचें, क्योंकि इससे सामने वाला रक्षात्मक (Defensive) हो जाता है और झगड़ा बढ़ जाता है। इसकी जगह हमें मिलकर इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए या मुझे बुरा लगा जब ऐसा हुआ जैसे वाक्यों का इस्तेमाल करें। यह आपके बीच के टीमवर्क और प्यार को दर्शाता है।4. गलती होने पर बिना अहंकार के 'सॉरी' कहेंवैवाहिक जीवन में अहंकार (Ego) की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। अगर आपको लगता है कि आपकी किसी बात या व्यवहार से पत्नी का दिल दुखा है, या अनजाने में आपसे कोई गलती हुई है, तो तुरंत और ईमानदारी से अपनी गलती मान लें। एक छोटा सा 'सॉरी' (Sorry) बड़े से बड़े विवाद को मिनटों में खत्म कर सकता है। गलती मानना आपको छोटा नहीं बल्कि रिश्ते की नजर में और अधिक मैच्योर (समझदार) बनाता है।5. पुरानी बातों को बीच में न लाएं और क्वालिटी टाइम बिताएंअक्सर देखा जाता है कि झगड़ा किसी मौजूदा बात पर शुरू होता है, लेकिन लोग उसमें महीनों या सालों पुरानी बातें और पुराने विवाद घसीट लाते हैं। इससे समस्या सुलझने की बजाय और ज्यादा पेचीदा हो जाती है। केवल वर्तमान मुद्दे पर टिके रहें। इसके साथ ही, हफ्ते में कम से कम एक बार काम से ब्रेक लेकर अपनी पत्नी के साथ बाहर डिनर, वॉक या लॉन्ग ड्राइव पर जाएं और बिना किसी घरेलू तनाव के क्वालिटी टाइम बिताएं। यह आपके रिश्ते में नयापन बनाए रखता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:29 am

Liver Health Care: लिवर को लाइफटाइम रखना है एकदम फिट? डॉक्टर राम अवतार के बताए ये 5 देसी सुपरफूड आज से ही खाना शुरू करें

लखनऊ। मानव शरीर में लिवर (यकृत) सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, जो भोजन को पचाने, पोषक तत्वों को स्टोर करने और शरीर से हानिकारक टॉक्सिन्स (विषाक्त पदार्थों) को बाहर निकालने का काम करता है। आजकल की अनियमित जीवनशैली, प्रोसेस्ड जंक फूड का अत्यधिक सेवन और शारीरिक निष्क्रियता के कारण लोगों में फैटी लिवर और लिवर सिरोसिस जैसी बीमारियां तेजी से पैर पसार रही हैं। इसी बीच, जाने-माने स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉक्टर राम अवतार ने लिवर को ताउम्र फिट और निरोगी रखने के लिए 5 ऐसे पारंपरिक देसी सुपरफूड्स (Desi Superfoods) के सेवन की सलाह दी है, जो लिवर की कोशिकाओं को नया जीवन दे सकते हैं। डॉक्टर के मुताबिक, महंगी दवाओं और डिटॉक्स सप्लीमेंट्स के चक्रव्यूह में फंसने के बजाय इन प्राकृतिक चीजों को रोजमर्रा की डाइट में शामिल करना सबसे सुरक्षित उपाय है।1. आंवला: लिवर डिटॉक्सिफिकेशन का पावरहाउसडॉक्टर राम अवतार के अनुसार, आंवला लिवर के लिए किसी अमृत से कम नहीं है। विटामिन सी और शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर आंवला लिवर की कार्यप्रणाली को तेज करता है। यह लिवर में जमा होने वाले हानिकारक तत्वों को बाहर निकालकर उसे गहराई से डिटॉक्स करता है। रोजाना सुबह खाली पेट आंवले का जूस या चूर्ण खाने से लिवर की कोशिकाएं सुरक्षित रहती हैं।2. हल्दी: सूजन और इन्फेक्शन को रोकने में मददगारभारतीय रसोई की शान कही जाने वाली हल्दी में 'करक्यूमिन' (Curcumin) नाम का एक मुख्य सक्रिय तत्व पाया जाता है। डॉक्टर ने बताया कि हल्दी में बेहतरीन एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। यह लिवर की सूजन को कम करने में मदद करती है और फैटी लिवर के खतरे को काफी हद तक टाल देती है। रोज रात को दूध में एक चुटकी हल्दी मिलाकर पीना लिवर के स्वास्थ्य के लिए रामबाण है।3. हरी पत्तेदार सब्जियां: पाचन और एंजाइम्स को रखें दुरुस्तपालक, बथुआ, मेथी और सरसों जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों में प्रचुर मात्रा में क्लोरोफिल और फाइबर पाया जाता है। डॉक्टर राम अवतार के मुताबिक, ये सब्जियां लिवर में पाचक रसों (Bile Juice) के उत्पादन को बढ़ाती हैं, जिससे भोजन का पाचन आसानी से होता है। यह लिवर पर अतिरिक्त फैट को जमा होने से रोकती हैं और भारी धातुओं (Heavy Metals) को शरीर से न्यूट्रलाइज करती हैं।4. लहसुन: लिवर एंजाइम्स को एक्टिव करने का देसी नुस्खालहसुन की छोटी सी कली में एलिसिन और सेलेनियम जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो लिवर को साफ करने में मदद करते हैं। लहसुन का सेवन करने से लिवर के वे एंजाइम्स सक्रिय हो जाते हैं, जो शरीर से गंदगी को बाहर निकालने के लिए जिम्मेदार होते हैं। डॉक्टर की सलाह है कि रोज सुबह खाली पेट लहसुन की एक कली को हल्के गुनगुने पानी के साथ निगलना बेहद फायदेमंद होता है।5. चुकंदर: खून साफ करने और लिवर टोनर का काम करेचुकंदर (Beetroot) में प्रचुर मात्रा में बीटा-कैरोटीन और फ्लेवोनोइड्स होते हैं, जो लिवर की कार्यक्षमता को कई गुना बढ़ा देते हैं। यह न केवल शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को सुधारता है, बल्कि प्राकृतिक रूप से खून को साफ करने का काम भी करता है। चुकंदर का नियमित सेवन करने से लिवर में ऑक्सीडेटिव डैमेज कम होता है। इसे आप सलाद या जूस के रूप में ले सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:28 am

Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा पर निकलने से पहले जरूर करा लें ये 7 हेल्थ टेस्ट, मुश्किल सफर में नहीं होगी कोई परेशानी

लखनऊ। सावन के पवित्र महीने की शुरुआत के साथ ही देश भर में भगवान शिव के भक्तों की प्रसिद्ध 'कांवड़ यात्रा' (Kanwar Yatra 2026) का आगाज होने जा रहा है। पैरों में छाले, चिलचिलाती धूप, उमस भरी गर्मी और सैकड़ों किलोमीटर की पैदल दूरी—यह सफर जितना आस्था से भरा है, शारीरिक रूप से उतना ही कठिन और चुनौतीपूर्ण भी है। अक्सर देखा जाता है कि कई श्रद्धालु उत्साह में बिना अपनी शारीरिक क्षमता को जांचे यात्रा पर निकल जाते हैं, जिससे रास्ते में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों के मुताबिक, कांवड़ यात्रा पर निकलने से कम से कम एक सप्ताह पहले कुछ बुनियादी स्वास्थ्य जांच (Health Checkups) करा लेना बेहद अनिवार्य है, ताकि भोलेनाथ के दर्शन की इस पावन राह में कोई भी शारीरिक अड़चन न आए।1. कार्डियक और हार्ट चेकअप (ECG & TMT)कांवड़ यात्रा में भक्तों को प्रतिदिन कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है, जिससे दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। अगर आपको चलने में सांस फूलने या छाती में भारीपन की शिकायत रहती है, तो यात्रा से पहले एक बार ईसीजी (ECG) या ट्रेडमिल टेस्ट (TMT) जरूर करा लें। इससे हृदय की कार्यप्रणाली का पता चल जाता है और यात्रा के दौरान हार्ट अटैक जैसी आपातकालीन स्थितियों से बचा जा सकता है।2. ब्लड प्रेशर (BP) की नियमित जांचलगातार पैदल चलने और धूप के संपर्क में रहने के कारण ब्लड प्रेशर का स्तर अचानक बढ़ या घट सकता है। जिन लोगों को पहले से ही हाई या लो बीपी की समस्या है, उन्हें अपनी दवाएं समय पर खानी चाहिए और यात्रा पर निकलने से पहले डॉक्टर से अपने बीपी का सटीक लेवल जरूर चेक करवाना चाहिए।3. डायबिटीज (Blood Sugar Level) टेस्टशुगर के मरीजों को पैदल यात्रा के दौरान अपने पैरों का विशेष ध्यान रखना होता है। खून में शुगर की मात्रा अनियंत्रित होने पर पैरों में मामूली चोट या छाला भी गंभीर इन्फेक्शन का रूप ले सकता है। इसलिए यात्रा से पहले फास्टिंग और पीपी ब्लड शुगर टेस्ट करा लें और डॉक्टर की सलाह पर ही सफर की शुरुआत करें।4. फेफड़ों की क्षमता (Pulmonary Function Test - PFT)उमस और धूल-मिट्टी के बीच लंबी दूरी तय करने के लिए फेफड़ों का मजबूत होना बेहद जरूरी है। जिन श्रद्धालुओं को अस्थमा, ब्रोंकाइटिस या एलर्जी की पुरानी शिकायत है, उन्हें यात्रा पर निकलने से पहले अपने पल्मोनोलॉजिस्ट (फेफड़ा रोग विशेषज्ञ) से सलाह लेनी चाहिए और जरूरी इनहेलर या दवाएं हमेशा अपने पास रखनी चाहिए।5. हड्डियों और जोड़ों की मजबूती (Joints & Bone Health)कांवड़ यात्रा का पूरा भार पैरों और घुटनों पर होता है। यदि आपको पहले से ही घुटनों में दर्द, यूरिक एसिड बढ़ने या अर्थराइटिस की समस्या है, तो यात्रा से पहले ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से जांच कराएं। आवश्यकतानुसार घुटने के सपोर्ट (Knee Cap) का इस्तेमाल करें और शरीर में कैल्शियम व विटामिन डी के स्तर की जांच करवा लें।6. कंप्लीट ब्लड काउंट (CBC) और इन्फेक्शन टेस्टमानसून के इस मौसम में डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जैसी वायरल बीमारियों का खतरा बहुत ज्यादा रहता है। यात्रा पर निकलने से पहले एक बार सीबीसी (CBC) टेस्ट करवा लें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आपके शरीर में प्लेटलेट्स और हीमोग्लोबिन का स्तर बिल्कुल सामान्य है और शरीर में कोई आंतरिक संक्रमण नहीं है।7. किडनी और लिवर फंक्शन टेस्ट (KFT & LFT)लंबी पैदल यात्रा के दौरान शरीर में पानी की कमी (Dehydration) होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है, जिसका सीधा असर किडनी पर पड़ता है। यात्रा से पहले एक बार बुनियादी किडनी और लिवर फंक्शन टेस्ट करा लेना यह सुनिश्चित करता है कि आपका शरीर इस कठिन यात्रा के दौरान मेटाबॉलिक दबाव को झेलने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:23 am

Sunscreen Expiry Date: कितने दिनों में एक्सपायर हो जाती है सनस्क्रीन? डर्मेटोलॉजिस्ट की बताई इन 3 चेतावनियों को कभी न करें नजरअंदाज

लखनऊ। चिलचिलाती धूप, हानिकारक अल्ट्रावॉयलेट (UV) किरणों और समय से पहले आने वाली झुर्रियों से त्वचा की रक्षा करने के लिए सनस्क्रीन को सबसे बड़ा सुरक्षा कवच माना जाता है। डर्मेटोलॉजिस्ट (त्वचा रोग विशेषज्ञ) हर मौसम में सनस्क्रीन लगाने की सख्त सलाह देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी पसंदीदा सनस्क्रीन भी एक निश्चित समय के बाद एक्सपायर हो जाती है? अक्सर लोग सालों-साल एक ही सनस्क्रीन ट्यूब का इस्तेमाल करते रहते हैं, यह सोचे बिना कि वह प्रभावी है भी या नहीं। त्वचा विशेषज्ञों के मुताबिक, एक्सपायर्ड सनस्क्रीन लगाने से त्वचा को कोई सुरक्षा नहीं मिलती, बल्कि इससे चेहरे पर गंभीर एलर्जी, रैशेज और पिंपल्स हो सकते हैं। आइए डॉक्टरों से सीधे समझते हैं कि सनस्क्रीन की शेल्फ लाइफ कितनी होती है और इसके खराब होने के क्या संकेत हैं।कितने दिनों में एक्सपायर होती है सनस्क्रीन?आमतौर पर, अधिकांश सनस्क्रीन की शेल्फ लाइफ (Shelf Life) निर्माण की तारीख से 2 से 3 साल तक की होती है। हालांकि, मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, एक बार सनस्क्रीन की बोतल या ट्यूब को खोलने (Open) के बाद, उसकी प्रभावशीलता 12 महीने (1 साल) के भीतर धीरे-धीरे कम होने लगती है। एफडीए (FDA) के नियमों के मुताबिक भी सनस्क्रीन पर एक्सपायरी डेट होना अनिवार्य है, लेकिन अगर किसी कारणवश ट्यूब पर तारीख मिट गई है, तो उसे खरीदने के 3 साल बाद बिल्कुल इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार: सनस्क्रीन खराब होने के 3 मुख्य संकेतयदि आपकी सनस्क्रीन में निम्नलिखित बदलाव दिखाई दें, तो उसे तुरंत कूड़ेदान में फेंक दें, क्योंकि वह एक्सपायर हो चुकी है:टेक्सचर और गाढ़ेपन में बदलाव (Separation of Ingredients): जब सनस्क्रीन खराब होने लगती है, तो उसमें मौजूद पानी और तेल या केमिकल अलग-अलग हो जाते हैं। अगर ट्यूब से सनस्क्रीन निकालते समय गाढ़ी क्रीम के बजाय पतला पानी जैसा लिक्विड या तेल पहले निकले, तो समझ जाएं कि यह इस्तेमाल के लायक नहीं बची है।रंग का बदल जाना (Change in Color): एक फ्रेश सनस्क्रीन का रंग आमतौर पर सफेद या हल्का सा टिंटेड होता है। लेकिन अगर आपकी सनस्क्रीन का रंग हल्का पीला, मटमैला या पारदर्शी होने लगा है, तो यह इस बात का साफ इशारा है कि इसके सक्रिय तत्व (Active Ingredients) पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं।अजीब या अप्रिय गंध आना (Bad Odor): सनस्क्रीन में मौजूद प्रिजर्वेटिव्स जब समय के साथ बेअसर हो जाते हैं, तो उसमें बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। यदि सनस्क्रीन से किसी भी तरह की अजीब, तीखी या केमिकल जैसी दुर्गंध आने लगे, तो उसे चेहरे पर लगाने की भूल कतई न करें।एक्सपायर्ड सनस्क्रीन लगाने के गंभीर नुकसान और बचावडॉक्टरों के मुताबिक, खराब हो चुकी सनस्क्रीन लगाने से चेहरे की त्वचा सनबर्न (Sunburn) का शिकार हो सकती है, क्योंकि इसका SPF (सन प्रोटेक्शन फैक्टर) बेअसर हो जाता है। इसके अलावा, बंद रोमछिद्रों के कारण चेहरे पर भयंकर मुंहासे, रेडनेस और स्किन इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। सनस्क्रीन को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए उसे कभी भी सीधी धूप, कार के डैशबोर्ड या बाथरूम जैसी नमी वाली जगहों पर न रखें। इसे हमेशा कमरे के सामान्य तापमान (Cool and Dry Place) पर ही स्टोर करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:22 am

LIVE: सोनम वांगचुक अस्पताल में भर्ती, जंतर मंतर से प्रदर्शनकारियों को हटाया, क्या बोली दिल्ली पुलिस?

Latest News Today Live Updates in Hindi : जंतर मंतर पर 20 दिन से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस अपने साथ ले गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों को जंतर ...

वेब दुनिया 18 Jul 2026 7:57 am

पनामा के विदेश मंत्री 19 जुलाई से भारत दौरे पर, जयशंकर और पीयूष गोयल से करेंगे मुलाकात

पनामा के विदेश मंत्री जेवियर एडुआर्डो मार्टिनेज-आचा वास्केज 19 से 23 जुलाई तक भारत के आधिकारिक दौरे पर आएंगे

देशबन्धु 18 Jul 2026 7:40 am

अनशन से बिगड़ी सोनम वांगचुक की तबीयत, दिल्ली पुलिस अस्पताल ले गई

Sonam Wangchuk news in hindi : जंतर मंतर पर 20 दिन से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस अपने साथ ले गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वांगचुक की सेहत लगातार खराब हो रही थी।

वेब दुनिया 18 Jul 2026 7:40 am

चंडीगढ़: पीएम मोदी ने की सफाई के लिए रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी की सराहना, इंदरजीत सिंह संधू ने जताया आभार

चंडीगढ़ पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी इंदरजीत सिंह संधू का जिक्र किया। पीएम मोदी ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने उन्हें पद्म सम्मान दिया है

देशबन्धु 18 Jul 2026 6:23 am

हाइड्रोजन ट्रेन से ग्रीन एनर्जी को मिलेगी नई रफ्तार, नीट मामले पर विपक्ष कर रहा राजनीति: आरपी सिंह

भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने पीएम मोदी की हाइड्रोजन ट्रेन लॉन्च, उत्तराखंड में अग्निवीर योजना पर सरकार की तैयारी और नीट पेपर लीक मामले पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की

देशबन्धु 18 Jul 2026 6:10 am

UCC पर CM डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान, बोले- MP में एक शादी वालों को ही मिलेगा कानूनी अधिकार

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) लागू करने की जोरदार वकालत करते हुए बड़ा बयान दिया है। कटनी में एक स्कूल के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में अब ...

वेब दुनिया 17 Jul 2026 11:42 pm

75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों में से 7 रेलवे स्टेशनों का आधुनिक स्वरूप देने के लिए प्रधानमंत्री को हृदय से आभार, केशव प्रसाद मौर्य

प्रधानमंत्री को धन्‍यवाद देते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा किउत्तर प्रदेश के ऐशबाग, विंध्याचल, फतेहपुर, पनकी धाम, मोदीनगर, शामली एवं धामपुर रेलवे स्टेशनों का आधुनिक स्वरूप प्रदेश के विकास को नई गति देगा। इन स्टेशनों पर विकसित की गई अत्याधुनिक सुविधाएं यात्रियों के सफर को अधिक सुरक्षित, आरामदायक एवं सुविधाजनक बनाएंगी। साथ ही दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिकों एवं महिलाओं के लिए भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।श्री मौर्य ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के माध्यम से रेलवे स्टेशन स्थानीय संस्कृति, विरासत और क्षेत्रीय पहचान के अनुरूप विकसित किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश धार्मिक, सांस्कृतिक एवं औद्योगिक दृष्टि से देश का महत्वपूर्ण राज्य है और इन पुनर्विकसित स्टेशनों से प्रदेश में कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई मजबूती प्राप्त होगी।उपमुख्यमंत्री ने अमृतसर-वाराणसी एक्सप्रेस ट्रेन के शुभारंभ का स्वागत करते हुए कहा कि यह नई रेल सेवा देश के विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क को और सशक्त बनाएगी। इससे यात्रियों को अधिक सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध होगी तथा धार्मिक पर्यटन, व्यापारिक गतिविधियों और सामाजिक-सांस्कृतिक संबंधों को भी नई ऊर्जा मिलेगी।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में सड़क, रेल, हवाई एवं जल परिवहन सहित सभी क्षेत्रों में आधुनिक आधारभूत संरचना का तेजी से विस्तार हो रहा है। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में मजबूत और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है तथा भारतीय रेलवे इस परिवर्तन का प्रमुख आधार बन रही है।श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश आज देश के सबसे तेज़ी से विकसित होने वाले राज्यों में शामिल है। रेलवे सहित सभी क्षेत्रों में हो रहे अभूतपूर्व विकास कार्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का कार्य करेंगे।उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने देशवासियों को अत्याधुनिक आधारभूत संरचना, आधुनिक रेलवे स्टेशन एवं सुविधाजनक रेल सेवाएं समर्पित करने के लिए यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का हार्दिक आभार एवं अभिनंदन व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 10:42 pm

कल का मौसम: UP, बिहार और दिल्ली समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, घर से निकलने से पहले जान लें वेदर रिपोर्ट

नई दिल्ली/लखनऊ। देश के एक बड़े हिस्से में एक बार फिर मानसून की रफ्तार तेज होने जा रही है, जिससे भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत तो मिलेगी, लेकिन कुछ इलाकों के लिए यह आफत भी बन सकती है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कल के मौसम को लेकर एक बड़ा और गंभीर अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, देश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में मानसून की धमाकेदार वापसी हो रही है, जिसके चलते दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश (UP), बिहार और पश्चिम बंगाल (West Bengal) समेत कई राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है। इन इलाकों में प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश (UP) में भारी बारिश की चेतावनीमौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली और उसके आस-पास के इलाकों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद) में कल आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है। वहीं, उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज समेत पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के अधिकांश जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। वज्रपात (आकाशीय बिजली) की आशंका को देखते हुए लोगों को खुले में न जाने की सलाह दी गई है।बिहार और पश्चिम बंगाल में आफत की बारिश का अलर्टपूर्वी भारत की बात करें तो बिहार और पश्चिम बंगाल में मानसून सबसे ज्यादा आक्रामक रुख अपना सकता है। बिहार के पटना, भागलपुर और गया समेत कई जिलों में भारी वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। इसके साथ ही, पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्रों और गांगेय पश्चिम बंगाल में भी मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। मछुआरों को समंदर में न जाने की हिदायत दी गई है और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslide) का खतरा बढ़ गया है।इन राज्यों में भी मौसम विभाग ने जारी किया अलर्टमानसून की इस सक्रियता का असर केवल उत्तर और पूर्व भारत तक ही सीमित नहीं रहेगा। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड में भी कल हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा, दक्षिण भारत के तटीय कर्नाटक और केरल में भी मानसून की गतिविधियां तेज होने के संकेत हैं। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी अचानक आने वाली बाढ़ (Flash Floods) को लेकर अलर्ट जारी किया गया है, इसलिए पर्यटकों को नदी-नालों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 10:34 pm

White Hair Remedies: सफेद हो चुके बालों को जड़ से हमेशा के लिए काला कर देंगे ये 3 आयुर्वेदिक नुस्खे, आयुर्वेदाचार्य का बड़ा दावा

लखनऊ। आधुनिक समय में खराब जीवनशैली, मानसिक तनाव, केमिकल युक्त शैंपू का अत्यधिक इस्तेमाल और पोषण की कमी के कारण कम उम्र में ही बालों का सफेद होना (Premature Hair Greening) एक बहुत बड़ी समस्या बन चुका है। बाजार में मिलने वाले महंगे हेयर डाई और कलर्स बालों को कुछ समय के लिए तो काला कर देते हैं, लेकिन उनमें मौजूद हानिकारक केमिकल्स बालों को जड़ से और ज्यादा डैमेज कर देते हैं। इसी बीच देश के एक प्रतिष्ठित आयुर्वेदाचार्य ने एक बड़ा दावा करते हुए कुछ ऐसे अचूक और प्रामाणिक आयुर्वेदिक नुस्खे (Ayurvedic Remedies) साझा किए हैं, जो न सिर्फ पहले से सफेद हो चुके बालों को प्राकृतिक रूप से दोबारा काला कर सकते हैं, बल्कि नए बालों को असमय सफेद होने से हमेशा के लिए रोक सकते हैं।आयुर्वेदाचार्य का दावा: बालों को प्राकृतिक रूप से काला करने के 3 महाउपायआयुर्वेद विशेषज्ञ के अनुसार, बालों का सफेद होना शरीर में 'पित्त दोष' के बढ़ने को दर्शाता है। इसे संतुलित कर और सही जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल करके बालों को हमेशा के लिए चमकदार और काला बनाए रखा जा सकता है:1. भृंगराज और आंवला तेल का जादुई मिश्रण: आयुर्वेद में भृंगराज को 'केशराज' यानी बालों का राजा कहा गया है। आयुर्वेदाचार्य के अनुसार, शुद्ध नारियल या तिल के तेल में भृंगराज की पत्तियां और सूखे आंवले को धीमी आंच पर तब तक पकाएं जब तक कि तेल काला न हो जाए। इस तेल से हफ्ते में तीन बार स्कैल्प (सिर की त्वचा) की अच्छी तरह मालिश करें। यह जड़ों को भीतर से मेलेनिन उत्पादन बढ़ाने में मदद करता है, जिससे सफेद बाल धीरे-धीरे काले होने लगते हैं।2. लोहे की कड़ाही में बना मेंहदी और शिकाकाई का पेस्ट: केमिकल वाले कलर की जगह लोहे की कड़ाही में आंवला पाउडर, शिकाकाई, रीठा और थोड़ी सी मेंहदी को रात भर के लिए पानी में भिगोकर रख दें। लोहे के बर्तन की वजह से यह पेस्ट पूरी तरह काला हो जाता है। इसे हफ्ते में एक बार बालों में मास्क की तरह लगाएं। यह नुस्खा बालों को एक प्राकृतिक गहरा काला रंग देता है और जड़ों को पोषण प्रदान करता है।3. करी पत्ता और मेथी दाने का अचूक लेप: मुट्ठी भर ताजा करी पत्तों को मेथी के दानों के साथ पीसकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को बालों की जड़ों में 45 मिनट के लिए लगाकर छोड़ दें और फिर गुनगुने पानी से धो लें। करी पत्ते में मौजूद विटामिन और मिनरल्स बालों के नेचुरल पिगमेंट को बनाए रखते हैं, जिससे बाल दोबारा कभी सफेद नहीं होते।बालों को अंदर से स्वस्थ रखने के लिए जरूरी आयुर्वेदिक नियमनियमित नुस्खों के साथ-साथ आयुर्वेदाचार्य ने आहार (Diet) पर भी विशेष ध्यान देने की सलाह दी है। बालों को हमेशा काला रखने के लिए रोज सुबह खाली पेट भीगे हुए बादाम, अखरोट और एक चम्मच आंवला पाउडर का सेवन जरूर करें। इसके अलावा, अत्यधिक तीखे, मसालेदार और जंक फूड से पूरी तरह परहेज करें, क्योंकि ये शरीर में पित्त बढ़ाकर बालों को तेजी से सफेद करते हैं। पर्याप्त नींद लें और केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स से बिल्कुल दूरी बना लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 10:32 pm

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग योजना (PMFME) में 99 प्रतिशत ऋण वितरण के साथ उत्तर प्रदेश देश में प्रथम, केशव प्रसाद मौर्य

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह क्षेत्र किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने, कृषि आधारित उद्योगों का विस्तार करने तथा युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निवेश, औद्योगिक विकास और कृषि आधारित उद्योगों का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत उपलब्ध सभी प्रोत्साहनों, अनुदानों एवं निवेश सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए ताकि अधिक से अधिक निवेशक प्रदेश में उद्योग स्थापित करें और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिले। साथ ही उद्योगों में सौर ऊर्जा एवं हरित तकनीकों के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जाए, जिससे उद्योग अधिक प्रतिस्पर्धी एवं आत्मनिर्भर बन सकें। बैठक में बैंकर्स के साथ योजना की विस्तृत समीक्षा करते हुए जुलाई माह के अंत तक 31,000 स्वीकृत परियोजनाओं का लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। विभिन्न बैंकों में लंबित 6,208 आवेदनों के शीघ्र निस्तारण पर भी विशेष बल दिया गया ताकि पात्र उद्यमियों को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जा सके और निवेश प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।बैठक के दौरान आम उत्पादकों एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशेषज्ञों और किसानों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही गोरखपुर की क्रेजी स्नैक्स लिमिटेड के निवेशक श्री नवीन अग्रवाल ने जानकारी दी कि उनकी कंपनी का आईपीओ सफलतापूर्वक लॉन्च होकर बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध होने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर चुका है। इसे पूर्वांचल के औद्योगिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया गया।उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेशकों के लिए पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध व्यवस्था विकसित कर रही है। सरकार का लक्ष्य केवल उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि किसानों की समृद्धि, युवाओं के रोजगार, ग्रामीण विकास और प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डबल इंजन सरकार की जनकल्याणकारी एवं निवेश-अनुकूल नीतियों के बल पर उत्तर प्रदेश शीघ्र ही एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर निर्णायक कदम बढ़ाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 10:31 pm

Anjeer Benefits: 10 रोगों की एक दवा है अंजीर, लेकिन भूलकर भी इस तरह न खाएं; आयुर्वेदाचार्य ने दी बड़ी चेतावनी

लखनऊ। आयुर्वेद में औषधीय गुणों का खजाना माने जाने वाले अंजीर (Figs) को सेहत के लिए बेहद गुणकारी माना गया है। व्यस्त जीवनशैली और गलत खानपान के कारण आज के दौर में लोग शारीरिक कमजोरी, पेट की खराबी और खून की कमी जैसी समस्याओं से लगातार जूझ रहे हैं। इसी संदर्भ में देश के जाने-माने आयुर्वेदाचार्य ने अंजीर के 10 ऐसे चमत्कारी फायदे बताए हैं, जो शरीर को अंदर से फौलाद बना सकते हैं। हालांकि, उन्होंने इसके साथ ही एक बड़ी चेतावनी भी जारी की है। आयुर्वेद विशेषज्ञ के मुताबिक, हर सिक्के के दो पहलू होते हैं; यदि आप अंजीर के चमत्कारी फायदों का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपको इसके गंभीर नुकसानों और खाने के सही तरीकों पर भी पैनी नजर रखनी होगी, अन्यथा यह सेहत बिगाड़ भी सकता है।आयुर्वेदाचार्य के अनुसार अंजीर खाने के 10 बड़े फायदेअंजीर को डाइट में शामिल करने से शरीर को निम्नलिखित 10 प्रमुख लाभ मिलते हैं:1. पुरानी कब्ज से राहत: अंजीर में प्रचुर मात्रा में डाइटरी फाइबर पाया जाता है, जो पुरानी से पुरानी कब्ज को ठीक कर पाचन तंत्र को पूरी तरह दुरुस्त करता है।2. खून की कमी (एनीमिया) दूर करे: इसमें आयरन भरपूर मात्रा में होता है, जो शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर तेजी से बढ़ाता है।3. दिल की सेहत के लिए उत्तम: अंजीर में मौजूद पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखते हैं, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है।4. हड्डियों को बनाए मजबूत: इसमें कैल्शियम और मैग्नीशियम की उच्च मात्रा होती है, जो आस्टियोपोरोसिस जैसी हड्डियों की बीमारी से बचाती है।5. वजन नियंत्रित करने में मददगार: फाइबर से भरपूर होने के कारण इसे खाने के बाद लंबे समय तक भूख नहीं लगती, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है।6. पुरुषों की शारीरिक क्षमता बढ़ाए: आयुर्वेद के अनुसार, दूध के साथ अंजीर का सेवन करने से पुरुषों की शारीरिक कमजोरी दूर होती है और स्टैमिना बढ़ता है।7. ब्लड शुगर पर नियंत्रण: इसका कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स और इसमें मौजूद यौगिक इंसुलिन के स्तर को संतुलित रखने में मदद करते हैं।8. त्वचा पर लाए कुदरती निखार: इसमें मौजूद विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स खून को साफ करते हैं, जिससे चेहरे के मुंहासे दूर होते हैं और ग्लो आता है।9. अस्थमा और श्वसन तंत्र में लाभकारी: अंजीर के नियमित सेवन से फेफड़ों को ताकत मिलती है और बलगम (कफ) साफ होने में मदद मिलती है।10. तुरंत एनर्जी देने में मददगार: इसमें मौजूद प्राकृतिक ग्लूकोज और फ्रुक्टोज शरीर को तुरंत ऊर्जा (Instant Energy) प्रदान करते हैं।भूलकर भी न करें नजरअंदाज: ये हैं अंजीर के बड़े नुकसानआयुर्वेदाचार्य ने आगाह किया है कि अत्यधिक मात्रा में या गलत तरीके से अंजीर खाने पर शरीर को निम्नलिखित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है:पेट में भारीपन और दस्त: अंजीर की तासीर गर्म होती है और इसमें फाइबर बहुत ज्यादा होता है। यदि इसे जरूरत से ज्यादा खाया जाए, तो पेट में मरोड़, गैस, भारीपन और दस्त (लूज मोशन) की समस्या हो सकती है।लिवर और आंतों पर असर: सूखे अंजीर के अधिक सेवन से इसके बारीक बीज आंतों में फंस सकते हैं, जिससे संवेदनशील पेट वाले लोगों को सूजन या लिवर पर दबाव महसूस हो सकता है।कैल्शियम की कमी का खतरा: अंजीर में ऑक्सालेट की मात्रा भी पाई जाती है। शरीर में बहुत अधिक ऑक्सालेट जाने पर यह कैल्शियम को सोखने से रोकता है, जिससे शरीर में कैल्शियम का संतुलन बिगड़ सकता है।किडनी के मरीजों के लिए नुकसानदेह: ऑक्सालेट की मौजूदगी के कारण जिन लोगों को किडनी में पथरी (Kidney Stone) की समस्या है, उन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना अंजीर बिल्कुल नहीं खाना चाहिए।सेवन का सही तरीका और आयुर्वेदिक नियमआयुर्वेदाचार्य के अनुसार, अंजीर का पूरा लाभ उठाने के लिए इसे कभी भी सीधे सूखा खाने की बजाय रात भर पानी या दूध में भिगोकर (Soaked Anjeer) सुबह खाली पेट खाना सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है। एक दिन में 2 से 3 अंजीर से ज्यादा का सेवन नहीं करना चाहिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 10:31 pm

Amla Juice Benefits: 15 दिन खाली पेट पी लें आंवला जूस, शरीर में दिखेंगे ये 5 चमत्कारी बदलाव; बीमारियां रहेंगी कोसों दूर

लखनऊ। आयुर्वेद में आंवला को 'अमृतफल' कहा गया है, जो सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। आधुनिक व्यस्त जीवनशैली और असंतुलित खानपान के कारण आज हर दूसरा व्यक्ति पेट की समस्याओं, कमजोर इम्यूनिटी और बालों के झड़ने से परेशान है। ऐसे में यदि आप बिना किसी मंहगी दवा के अपने शरीर को अंदर से डिटॉक्स और फिट रखना चाहते हैं, तो रोज सुबह आंवला जूस पीना एक बेहतरीन और प्राकृतिक विकल्प है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर आप लगातार 15 दिनों तक हर रोज सीमित मात्रा में आंवला जूस का सेवन करते हैं, तो आपके शरीर में कई ऐसे सकारात्मक और हैरान करने वाले बदलाव दिखेंगे कि आप इसे अपनी रोजमर्रा की डाइट का हिस्सा बना लेंगे।1. 15 दिनों में बूस्ट होगी इम्यूनिटी और संक्रमण से बचावआंवला विटामिन सी (Vitamin C) का सबसे समृद्ध और प्राकृतिक स्रोत माना जाता है। महज 15 दिनों तक नियमित रूप से इसका जूस पीने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) तेजी से मजबूत होती है। यह मौसम बदलने के कारण होने वाले सर्दी, खांसी, जुकाम और वायरल इन्फेक्शन से शरीर की रक्षा करता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं।2. पाचन तंत्र होगा दुरुस्त और पेट की बीमारियों से राहतलगातार 15 दिन आंवला जूस पीने का सबसे पहला और बड़ा असर आपके पेट पर दिखता है। यह आंतों की गहराई से सफाई करता है और शरीर से हानिकारक टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है। अगर आप पुरानी कब्ज (Constipation), गैस, खट्टी डकारें या एसिडिटी की समस्या से जूझ रहे हैं, तो आंवला जूस का एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पेट की परत को शांत करता है और मेटाबॉलिज्म को तेज करता है।3. त्वचा पर आएगा नेचुरल ग्लो और दाग-धब्बे होंगे कमअक्सर लोग चमकती त्वचा के लिए महंगे स्किन ट्रीटमेंट लेते हैं, लेकिन आंवला जूस खून को प्राकृतिक रूप से साफ (Blood Purifier) करने का काम करता है। 15 दिनों के अंदर यह त्वचा के अंदरूनी विषाक्त पदार्थों को साफ कर देता है, जिससे चेहरे पर मौजूद मुंहासे, कील-मुंहासे और काले दाग-धब्बे धीरे-धीरे हल्के होने लगते हैं। इसमें मौजूद विटामिन सी कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाता है, जिससे त्वचा में कसाव आता है और नेचुरल ग्लो बढ़ता है।4. बालों का झड़ना रुकेगा और आएगी नई चमकआंवला बालों के स्वास्थ्य के लिए एक रामबाण औषधि है। रोज सुबह इसका जूस पीने से बालों के रोम (Hair Follicles) को भरपूर पोषण मिलता है। 15 दिनों के नियमित सेवन से बालों का असमय सफेद होना कम होता है और बालों के झड़ने (Hair Fall) की समस्या में उल्लेखनीय सुधार देखा जा सकता है। यह स्कैल्प के ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर कर डैंड्रफ से भी निजात दिलाता है।5. ब्लड शुगर और आंखों की रोशनी के लिए फायदेमंदआंवला में क्रोमियम नाम का तत्व पाया जाता है, जो इंसुलिन के स्राव को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसके कारण यह डायबिटीज के मरीजों के लिए ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखने का एक बेहतरीन जरिया है। इसके अलावा, आंवला में मौजूद विटामिन ए और कैरोटीन आंखों की मांसपेशियों को मजबूती देते हैं, जिससे आंखों की रोशनी बेहतर होती है और धुंधलेपन की समस्या दूर होती है।आंवला जूस पीने का सही समय और तरीकाबेहतर और चमत्कारी परिणामों के लिए रोजाना सुबह खाली पेट 15 से 20 मिलीलीटर आंवला जूस को एक गिलास गुनगुने पानी में मिलाकर पीना सबसे सही तरीका माना जाता है। स्वाद के लिए आप इसमें थोड़ा सा शहद या काला नमक भी मिला सकते हैं। ध्यान रहे कि अत्यधिक मात्रा में इसका सेवन करने से बचें और यदि आपको कोई गंभीर बीमारी या एलर्जी है, तो शुरुआत करने से पहले किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 10:28 pm

Health Tips: साइलेंट किलर हैं किचन में रखी ये चीजें, बिना शराब छुए भी लिवर हो सकता है पूरी तरह डैमेज

लखनऊ। अगर अपने लिवर को हमेशा तंदुरुस्त और हेल्दी रखना है, तो सबसे पहले शराब (अल्कोहल) पीना बंद करो। यह एक ऐसी सलाह है जो हर डॉक्टर और आम इंसान अक्सर देता हुआ नजर आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मेडिकल साइंस के मुताबिक, लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचाने के लिए सिर्फ शराब ही इकलौती विलेन नहीं है? असल में हमारी रोजमर्रा की जिंदगी की कुछ बेहद सामान्य आदतें और आम चीजें भी लिवर को अंदर से खोखला करने के लिए उतनी ही जिम्मेदार हैं। सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह है कि लोग इन चीजों का इस्तेमाल बिना किसी डर या चिंता के धड़ल्ले से करते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ऐसी 5 प्रमुख चीजों और आदतों को चिन्हित किया है, जो आपके लिवर की सेहत को पूरी तरह बिगाड़ सकती हैं।1. बिना डॉक्टर की सलाह के जरूरत से ज्यादा पेनकिलर खानाआजकल लोगों में जरा सा सिरदर्द, बदन दर्द या थकान होने पर तुरंत मेडिकल स्टोर से खरीदकर पेनकिलर (दर्द निवारक दवाएं) खाने की एक बुरी आदत बन चुकी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अत्यधिक मात्रा में इन केमिकल युक्त दवाइयों का सेवन सीधे तौर पर लिवर को डैमेज कर सकता है? हर छोटे-मोटे दर्द में इन दवाओं को निगलने से लिवर पर टॉक्सिक दबाव बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, जिससे लिवर फेलियर तक की नौबत आ सकती है।2. अत्यधिक चीनी और फ्रुक्टोज से भरपूर मीठी चीजेंबाजार में मिलने वाले कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड फ्रूट जूस, कैंडी, पेस्ट्री और केक्स जैसी चीजों में रिफाइंड शुगर और हाई-फ्रक्टोज कॉर्न सिरप भारी मात्रा में मिलाया जाता है। जब आप लगातार इन मीठी चीजों का सेवन करते हैं, तो लिवर इस अतिरिक्त शर्करा को चर्बी में बदलना शुरू कर देता है। इसके कारण लिवर में धीरे-धीरे फैट जमा होने लगता है, जो आगे चलकर नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) जैसी गंभीर बीमारी का रूप ले लेता है।3. प्रोसेस्ड फूड और रिफाइंड जंक फूड का चस्काबर्गर, पिज्जा, चाउमीन, फ्रेंच फ्राइज और डिब्बाबंद चिप्स जैसे जंक फूड्स जुबान को जितने स्वादिष्ट लगते हैं, आपके लिवर के लिए उतने ही बड़े दुश्मन हैं। इन खाद्य पदार्थों में हानिकारक ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। यह खराब फैट लिवर कोशिकाओं में गंभीर सूजन (Inflammation) पैदा करता है और लिवर की नेचुरल कार्यक्षमता को पूरी तरह धीमा कर देता है।4. बिना डॉक्टरी जांच के सप्लीमेंट्स और स्टेरॉयड लेनाआजकल युवाओं में जिम जाने, बॉडी बनाने या तेजी से वजन घटाने-बढ़ाने के चक्कर में तरह-तरह के प्रोटीन सप्लीमेंट्स, हर्बल पाउडर और स्टेरॉयड का सेवन करने का क्रेज बहुत बढ़ गया है। लोग बिना किसी योग्य डॉक्टर या डायटीशियन से पूछे इन डिब्बाबंद प्रोडक्ट्स को खाने लगते हैं। कई सप्लीमेंट्स में ऐसे अज्ञात और भारी तत्व होते हैं, जिन्हें फिल्टर करने में लिवर पूरी तरह थक जाता है और अंततः गंभीर रूप से डैमेज हो जाता है।5. हेपेटाइटिस जैसी खतरनाक वायरल बीमारियों को नजरअंदाज करनालिवर खराब होने का एक बड़ा कारण हेपेटाइटिस बी और सी जैसे खतरनाक वायरल संक्रमण भी हैं। कई बार लोग इसके शुरुआती लक्षणों को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो समय पर सही इलाज न मिलने के कारण लिवर सिरोसिस या परमानेंट लिवर डैमेज का कारण बन जाता है। इससे बचाव के लिए समय पर वैक्सीनेशन कराना, साफ-सफाई का ध्यान रखना और सुरक्षित स्वास्थ्य आदतें अपनाना बेहद अनिवार्य है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 10:27 pm

Health Alert: घबराहट होते ही बार-बार भागना पड़ता है टॉयलेट? जान लें दिमाग और पेट का यह अनोखा कनेक्शन

फरीदाबाद (दिल्ली NCR)। क्या महत्वपूर्ण इंटरव्यू, किसी बड़े एग्जाम या लंबे सफर पर निकलने से ठीक पहले आपके पेट में अचानक मरोड़ उठने लगती है? क्या आपको बार-बार टॉयलेट भागना पड़ता है या अचानक तेज एसिडिटी और उल्टी जैसा महसूस होने लगता है? अगर आपका जवाब हां है, तो आपको बता दें कि ऐसा सिर्फ आपके साथ ही नहीं होता। अक्सर लोग इसे केवल सामान्य घबराहट समझ लेते हैं, लेकिन वास्तव में यह आपके दिमाग और पेट के बीच मौजूद एक बेहद खास और संवेदनशील कनेक्शन का नतीजा है। चिकित्सा विज्ञानियों के मुताबिक, अत्यधिक तनाव, घबराहट और एंग्जायटी का सीधा और गहरा असर हमारे पाचन तंत्र पर पड़ता है, जिसे मेडिकल की भाषा में 'गट-ब्रेन एक्सिस' (Gut-Brain Axis) कहा जाता है।एक्सपर्ट की जुबानी: क्या है 'गट फीलिंग' के पीछे का विज्ञान?इस दिलचस्प और महत्वपूर्ण विषय पर दिल्ली NCR के फरीदाबाद स्थित एकॉर्ड सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के जाने-माने न्यूरोलॉजिस्ट और न्यूरोसाइंसेस विभाग के चेयरमैन डॉ. (प्रो.) रोहित गुप्ता ने अपने एक सोशल मीडिया वीडियो के माध्यम से विस्तार से जानकारी साझा की है। डॉ. गुप्ता के अनुसार, हमारा दिमाग और हमारा पेट आपस में लगातार नसों और हार्मोन्स के जरिए बातचीत करते हैं। जब भी हमें कोई अंदरूनी एहसास या गट फीलिंग होती है, तो वह इसी कम्युनिकेशन सिस्टम का हिस्सा होती है। यही वजह है कि घबराहट में पेट के अंदर अजीब सी गुदगुदी (बटरफ्लाइज) या किसी बड़े डर की वजह से पेट में मरोड़ उठने लगती है।तनाव में कैसे काम करता है शरीर का 'फाइट या फ्लाइट' मोड?न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. रोहित गुप्ता ने स्पष्ट किया कि जब भी कोई व्यक्ति अत्यधिक तनाव या परीक्षा/इंटरव्यू के दबाव में होता है, तो उसका दिमाग तुरंत 'फाइट या फ्लाइट' (लड़ो या भागो) मोड में सक्रिय हो जाता है। इस मोड में आते ही शरीर का पूरा फोकस तात्कालिक संकट से निपटने पर लग जाता है, जिसके कारण पाचन क्रिया (Digestion) अचानक बेहद धीमी हो जाती है। पाचन तंत्र प्रभावित होते ही पेट में अचानक एसिड का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे एसिडिटी, गैस, तेज मरोड़ या लूज मोशन (दस्त) की समस्या शुरू हो जाती है। यह पूरी तरह से एक स्वाभाविक शारीरिक प्रतिक्रिया है जो नसों के सीधे जुड़ाव के कारण होती है।अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)Q1. घबराहट होने पर पेट में अचानक तेज दर्द क्यों होने लगता है?उत्तर: अत्यधिक मानसिक तनाव के दौरान जब शरीर 'Fight-or-Flight' मोड में जाता है, तो पाचन तंत्र की ओर रक्त का प्रवाह प्रभावित होता है, जिससे पेट की मांसपेशियों में ऐंठन और दर्द महसूस हो सकता है।Q2. क्या वाकई एंग्जायटी (Anxiety) की वजह से अचानक लूज मोशन हो सकते हैं?उत्तर: हां, तीव्र एंग्जायटी के कारण दिमाग से निकलने वाले सिग्नल्स आंतों की गतिशीलता (Intestinal Motility) को अचानक बढ़ा देते हैं, जिसके परिणामस्वरूप बार-बार टॉयलेट जाने की नौबत या दस्त की समस्या आ जाती है।Q3. यह 'Gut-Brain Axis' वास्तव में क्या बला है?उत्तर: यह हमारे केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (दिमाग) और पाचन तंत्र (गट) के बीच का एक सीधा कम्युनिकेशन नेटवर्क है, जो आपस में नसों, न्यूरोट्रांसमीटरों और हार्मोन्स के माध्यम से 24 घंटे संवाद करता है।Q4. मानसिक तनाव बढ़ने से पेट में एसिडिटी का स्तर क्यों बढ़ जाता है?उत्तर: स्ट्रेस के कारण पेट में सुरक्षात्मक परतों और पाचक रसों का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे हाइड्रोक्लोरिक एसिड का प्रभाव बढ़ जाता है और छाती व पेट में तेज जलन व एसिडिटी होने लगती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 10:25 pm

Fatty Liver Myths: फैटी लिवर को लेकर कहीं आप भी तो नहीं हैं इन 3 भ्रम के शिकार? एम्स के ट्रेंड डॉक्टर ने खोला राज

नई दिल्ली। कुछ बाहर का स्वादिष्ट खाने का मन है? चलो तुरंत ऑनलाइन ऑर्डर कर लेते हैं। क्या आप भी अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में अक्सर ऐसा ही करते हैं? अगर आपका जवाब हां है, तो यह खबर आपको समय रहते सावधान करने के लिए है। आजकल की बदलती और सुस्त लाइफस्टाइल, जंक फूड का अत्यधिक सेवन और प्रोसेस्ड फूड की आदतों के कारण लोगों में फैटी लिवर (Fatty Liver) की समस्या महामारी की तरह तेजी से बढ़ रही है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि कई लोग इसे बेहद आम या मामूली बीमारी समझकर पूरी तरह नजरअंदाज कर देते हैं। आम जनता के बीच फैटी लिवर को लेकर कई तरह की भ्रांतियां और गलत धारणाएं फैली हुई हैं।इसी गंभीर विषय पर प्रकाश डालते हुए एम्स (AIIMS), हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड से ट्रेंड मशहूर गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो साझा कर फैटी लिवर से जुड़े तीन सबसे बड़े मिथकों (Myths) का वैज्ञानिक सच उजागर किया है। डॉक्टर के अनुसार, सही जानकारी और समय पर जीवनशैली (Lifestyle) में थोड़े से सुधार करके इस गंभीर समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।मिथक 1: फैटी लिवर केवल ज्यादा घी-तेल या फैट खाने से होता हैआमतौर पर लोगों के मन में यह धारणा बैठी हुई है कि भोजन में ज्यादा घी, मक्खन, तेल या वसायुक्त चीजें शामिल करने से ही लिवर में चर्बी जमा होती है। डॉ. सौरभ सेठी के मुताबिक, यह पूरी तरह सच नहीं है। फैटी लिवर का सबसे बड़ा असली विलेन केवल फैट नहीं, बल्कि भोजन में मौजूद हाई-फ्रक्टोज और प्रोसेस्ड सामग्रियां हैं।बाजार में मिलने वाले पैकेज्ड सॉफ्ट ड्रिंक्स, डिब्बाबंद मीठे पेय पदार्थ, प्रोसेस्ड स्नैक्स और रिफाइंड जंक फूड में फ्रक्टोज की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो लिवर में सीधे तौर पर फैट जमा होने की प्रक्रिया को तेज कर देता है। इसके अतिरिक्त, घटिया गुणवत्ता वाले सीड ऑयल्स (सस्ते रिफाइंड तेल) भी इस बीमारी को बढ़ाते हैं। डॉक्टर ने साफ किया कि सभी फैट बुरे नहीं होते; एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल, एवोकाडो और नट्स (मेवे) में पाए जाने वाले हेल्दी फैट्स वास्तव में आपके लिवर की सुरक्षा करते हैं।मिथक 2: फैटी लिवर कोई जानलेवा या गंभीर बीमारी नहीं हैचूंकि यह बीमारी आजकल बहुत से लोगों की रिपोर्ट में निकल आती है, इसलिए लोग इसे हल्के में ले लेते हैं। डॉ. सेठी ने चेतावनी दी है कि यह सोच बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। अगर फैटी लिवर का समय पर इलाज और प्रबंधन न किया जाए, तो यह धीरे-धीरे अंदर ही अंदर गंभीर रूप धारण कर लेता है। यह आगे चलकर नॉन-अल्कोहॉलिक स्टीटोहेपेटाइटिस (NASH), फाइब्रोसिस, लिवर सिरोसिस और अंत में लिवर कैंसर जैसी जानलेवा स्थितियों में तब्दील हो सकता है।इस बीमारी की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि अपने शुरुआती चरणों में यह कोई लक्षण (Silent Killer) नहीं दिखाती। इसलिए नियमित रूप से ब्लड टेस्ट (जैसे LFT) और डॉक्टरी परामर्श लेना बेहद जरूरी है।मिथक 3: डाइट और लाइफस्टाइल बदलने से फैटी लिवर ठीक नहीं हो सकताकई मरीजों को ऐसा लगता है कि एक बार लिवर में फैट जमा हो जाने के बाद उसे दवाओं के बिना ठीक करना असंभव है और केवल खानपान बदलने से कोई खास फायदा नहीं होगा। डॉ. सौरभ सेठी इसे एक बड़ा भ्रम मानते हैं। उनके अनुसार, फैटी लिवर एक ऐसी प्रतिवर्ती (Reversible) स्थिति है, जिसे सही खानपान, वजन नियंत्रण और नियमित व्यायाम की मदद से न केवल सुधारा जा सकता है, बल्कि कई मामलों में लिवर को पूरी तरह पहले जैसा स्वस्थ भी बनाया जा सकता है। इसके लिए बाजार में बिकने वाले किसी भी महंगे डिटॉक्स टी, नकली सप्लीमेंट्स या किसी चमत्कारी प्रोडक्ट के जाल में फंसने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 10:24 pm

Beer Health Benefits: क्या सच में फायदेमंद है बीयर? जानिए इसमें छिपे न्यूट्रिशन, फायदे और नुकसान का पूरा सच

लखनऊ। हमारे देश में जब भी अल्कोहलिक ड्रिंक्स या शराब का नाम आता है, तो अक्सर लोग नाक-मुंह सिकोड़ लेते हैं और इससे सेहत को होने वाले नुकसानों की दुहाई देने लगते हैं। यह सच है कि शराब का अत्यधिक सेवन शरीर को बर्बाद कर देता है, लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू भी है। 'अति हर चीज की बुरी होती है'—यह कहावत बीयर पर भी सटीक बैठती है। हालिया वैज्ञानिक शोधों से पता चला है कि यदि बीयर को एक निश्चित और बेहद सीमित मात्रा में लिया जाए, तो यह सेहत के लिए कुछ मामलों में मददगार साबित हो सकती है। लोग हजारों सालों से बीयर का सेवन कर रहे हैं। इसे अनाज के दानों (जैसे जौ), यीस्ट और हॉप्स के साथ फर्मेंट करके बनाया जाता है, जिसमें आमतौर पर 4% से 6% तक अल्कोहल होता है।रेगुलर और लाइट बीयर: जानिए कितना होता है न्यूट्रिशन?आमतौर पर बीयर को 'खाली कैलोरी' (बिना पोषक तत्वों वाली) माना जाता है, लेकिन हकीकत यह है कि अनाज और यीस्ट से बनने के कारण इसमें कई तरह के विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं।पोषक तत्व (प्रति गिलास)स्टैंडर्ड (रेगुलर) बीयरलाइट बीयरकैलोरी153103प्रोटीन1.6 ग्राम0.9 ग्रामकार्ब्स13 ग्राम6 ग्राममैग्नीशियमडेली वैल्यू का 5%डेली वैल्यू का 4%फॉस्फोरसडेली वैल्यू का 4%डेली वैल्यू का 3%सेलेनियमडेली वैल्यू का 4%डेली वैल्यू का 3%विटामिन B12डेली वैल्यू का 3%डेली वैल्यू का 3%पैंटोथेनिक एसिडडेली वैल्यू का 3%डेली वैल्यू का 2%अल्कोहल13.9 ग्राम11 ग्रामफैट0 ग्राम0 ग्रामइनके अलावा दोनों ही बीयर में पोटैशियम, कैल्शियम, थायमिन, आयरन और जिंक भी थोड़ी मात्रा में पाए जाते हैं। लाइट बीयर में रेगुलर बीयर की तुलना में दो-तिहाई कैलोरी और कम अल्कोहल होता है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन पोषक तत्वों के लिए फल और सब्जियां ही सबसे बेहतर स्रोत हैं; शरीर की न्यूट्रिशनल जरूरतों को पूरा करने के लिए बीयर का सहारा कभी नहीं लेना चाहिए।दिल की सेहत के लिए हो सकती है फायदेमंदकई वैज्ञानिक अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि बहुत ही कम या मध्यम मात्रा में बीयर का सेवन करने से दिल की बीमारियों का खतरा कम हो सकता है। अधिक वजन वाले 36 वयस्कों पर 12 हफ्तों तक की गई एक रिसर्च में देखा गया कि सीमित मात्रा में बीयर पीने से शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) के एंटीऑक्सीडेंट गुण बेहतर हुए। लेकिन याद रहे, यह फायदा सिर्फ और सिर्फ सीमित मात्रा तक ही सीमित है। अगर इसकी मात्रा बढ़ी, तो यह दिल की गंभीर बीमारियों और स्ट्रोक के खतरे को कई गुना बढ़ा देती है।ब्लड शुगर लेवल में सुधार और डायबिटीज से बचावरिसर्च के मुताबिक, बेहद कम मात्रा में बीयर या अल्कोहल का सेवन करने से इंसुलिन रेजिस्टेंस में सुधार देखा गया है। इससे टाइप-2 डायबिटीज होने का कुल खतरा काफी हद तक कम हो सकता है। ध्यान रहे कि अल्कोहल का आदी होना सेहत के लिए जानलेवा है, इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले अपने डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 10:22 pm

RGHS में अनियमितताओं पर तीन महीने में 51 अस्पताल योजना से निलंबित

जयपुर। राजस्थान सरकार ने राज्य स्वास्थ्य योजना में वित्तीय एवं प्रक्रियागत अनियमितता के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए तीन महीनों में 51 संबद्ध अस्पतालों को योजना से निलंबित किया है जबकि 24 संबद्ध अस्पतालों पर करीब तीन करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री […] The post RGHS में अनियमितताओं पर तीन महीने में 51 अस्पताल योजना से निलंबित appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Jul 2026 9:47 pm

बम बनवाने वालों को होती थी शिवभक्तों की ‘बम-बम’ से तकलीफ : योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गाजियाबाद में कहा कि कांग्रेस व सपा के मुंह से आस्था की बात हास्यास्पद लगती है। इन लोगों ने कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई थी। इन्हें व्यापारी पर बम फेंकने और कट्टा/बम बनाने पर आपत्ति नहीं होती थी, लेकिन हर-हर, ...

वेब दुनिया 17 Jul 2026 9:40 pm

बिजनौर में CM योगी का बड़ा हमला, बोले- गुंडा-माफियाराज चाहने वालों को जिन्ना पसंद, हमें गन्ना पसंद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले मुख्यमंत्री बिजनौर आने से बचते थे और इसे अपशकुन मानते थे। दरअसल, वह स्वयं अपशकुन थे, इसलिए बिजनौर उन्हें स्वीकार नहीं करता था। जिस धरती पर भगवान श्रीकृष्ण महात्मा विदुर के घर साग खाने आए हों और जहां ...

वेब दुनिया 17 Jul 2026 9:33 pm

तृणमूल कांग्रेस के दो पूर्व विधायक ऋतब्रत बनर्जी के गुट में शामिल

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट के दो पूर्व विधायक, विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट में शुक्रवार को शामिल हो गए। नए राजनीतिक घटनाक्रम में बनगांव उत्तर के पूर्व विधायक बिश्वजीत दास तथा राजारहाट-न्यू टाउन के पूर्व विधायक तापस चट्टोपाध्याय औपचारिक […] The post तृणमूल कांग्रेस के दो पूर्व विधायक ऋतब्रत बनर्जी के गुट में शामिल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Jul 2026 9:11 pm

रायपुर के उपभोक्ता फोरम के फैसले को चुनौती देगी मारुति सुजुकी

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने कहा है कि रायपुर के जिला उपभोक्ता विवाद समाधान आयोग के उस आदेश को चुनौती देगी जिसमें एक ग्राहक के वाहन के बदले उसे ई20 के अनुकूल वाहन देने का निर्देश दिया गया है। कंपनी ने गुरुवार को जारी बयान में दावा […] The post रायपुर के उपभोक्ता फोरम के फैसले को चुनौती देगी मारुति सुजुकी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Jul 2026 9:03 pm

मोदी ने हरियाणा में 14000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का किया शिलान्यास, लोकार्पण

जींद। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ईंधन आधारित ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के साथ ही राज्य की 14000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद एक कार्यक्रम में […] The post मोदी ने हरियाणा में 14000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का किया शिलान्यास, लोकार्पण appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Jul 2026 8:57 pm

दिल्ली में ट्रांसजेंडर का वेष बदलकर रह रहा अवैध बांग्लादेशी नागरिक अरेस्ट

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने महेंद्र पार्क थाना इलाके से ट्रांसजेंडर का वेष बदलकर रह रहे एक गैर-कानूनी बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि यह गिरफ्तारी 14 जुलाई को तड़के एक गुप्त मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर की। यह डिवीजन निगरानी और गुप्त जानकारी के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों पर […] The post दिल्ली में ट्रांसजेंडर का वेष बदलकर रह रहा अवैध बांग्लादेशी नागरिक अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Jul 2026 8:50 pm

Jio True5G का जलवा जारी, 28.5 करोड़ ग्राहकों के साथ 5G मार्केट में और मजबूत हुई पकड़

जियो ने 5G और डिजिटल कनेक्टिविटी के दम पर अपनी बढ़त और मजबूत कर ली है। रिलायंस के तिमाही नतीजों में इसकी तस्वीर और साफ हो गई। जियो का कुल ग्राहक आधार बढ़कर 53.33 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि जियो True5G का सब्सक्राइबर बेस जून 2026 तक 28.5 करोड़ के ...

वेब दुनिया 17 Jul 2026 8:30 pm

जहां हर मिनट उफनता था 25 हजार लीटर पानी, जानें कैसे बनी वो टनल, सीएम डॉ. यादव ने करीब से देखा ड्रीम प्रोजेक्ट

मध्यप्रदेश का इंजीनियरिंग मार्वल यानी चमत्कार 'स्लीमनाबाद टनल' करीब-करीब तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 17 जुलाई को कटनी जिले में इसका निरीक्षण किया। यह टनल सीएम डॉ. मोहन यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इस टनल से जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, रीवा ...

वेब दुनिया 17 Jul 2026 8:25 pm

400 साल पुरानी, 3000 किलो वजनी ऐतिहासिक तोप नरवर किले से चोरी, अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह पर शक

मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहे नरवर किले से करीब 400 साल पुरानी एक ऐतिहासिक तोप चोरी हो गई है। पुलिस ने मामले की पुष्टि करते हुए एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर ...

वेब दुनिया 17 Jul 2026 7:58 pm

अयोध्या में कार से 3.5 क्विंटल चांदी और भारी मात्रा में सोना जब्त!

Ayodhya GST raid: ​उत्तर प्रदेश के अयोध्या में जीएसटी (GST) विभाग को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर चेकिंग के दौरान एक कार से भारी मात्रा में सोना और चांदी बरामद किया गया है। कार में सवार लोग इस करोड़ों के माल से जुड़ा कोई भी वैध ...

वेब दुनिया 17 Jul 2026 7:49 pm

MG ने पेश किया भारत का पहला Multi-Powertrain ADAPT प्लेटफॉर्म, आएंगी नई Electric और Plug-in Hybrid SUV

जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया (JSW MG Motor India) ने गुरुवार, 17 जुलाई को भारत का पहला मल्टी-पावरट्रेन न्यू एनर्जी व्हीकल (NEV) प्लेटफॉर्म 'ADAPT' पेश किया। कंपनी ने घोषणा की है कि वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के दौरान इस प्लेटफॉर्म पर आधारित एक नई ...

वेब दुनिया 17 Jul 2026 7:00 pm

सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता (फिर इंदौर) हमारा

Trip To London: मेरा कथन न तो आत्म मुग्धता है, न अतिशयोक्ति। हर किसी को अपनी माटी, अपना घर, अपने लोग पसंद होते हैं। वह उन सबके साथ सुविधाजनक स्थिति में होता है। फिर भी कोई तो ऐसी बात है कि सैकड़ों साल की गुलामी और लाखों सितम के बाद भी हमारे अभिमान के ...

वेब दुनिया 17 Jul 2026 6:56 pm

रामलला के दरबार में महाप्रायश्चित, चढ़ावा चोरी के पाप से मुक्ति के लिए 10 दिवसीय क्षमा-याचना अनुष्ठान

Ram Mandir Ayodhya Atonement Ritual: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामधन (दान और चढ़ावा) गबन का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस महापाप का पूर्ण रूप से खुलासा होना अभी बाकी है। चोरी कितनी बड़ी है, क्या-क्या गायब हुआ ...

वेब दुनिया 17 Jul 2026 6:21 pm

बार-बार KYC कराने से मिलेगा छुटकारा, ऐसे जानें अपनी 14 अंकों की CKYC संख्या, बैंक का काम होगा आसान

अगर आप हर बार नया बैंक खाता खोलने या किसी वित्तीय संस्था में निवेश करते समय बार-बार KYC दस्तावेज़ जमा करने से परेशान हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। सेंट्रल KYC (CKYC) की मदद से यह प्रक्रिया काफी आसान हो सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लोगों से ...

वेब दुनिया 17 Jul 2026 6:04 pm

Balochistan Attack : बलूचिस्तान में सुरक्षा काफिले पर घात लगाकर हमला, 45 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने का दावा, BLA ने ली जिम्मेदारी

पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में गुरुवार को सुरक्षा बलों के एक काफिले पर हुए बड़े हमले में 45 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया है। यह दावा बलूचिस्तान पोस्ट की एक रिपोर्ट में किया गया है। प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन बलूचिस्तान ...

वेब दुनिया 17 Jul 2026 5:47 pm

'डॉक्टर' लिखने का अधिकार नहीं... रेप पीड़िता बच्ची का इलाज टालने पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, अस्पताल को लगाई फटकार

गाजियाबाद रेप-मर्डर केस में चार साल की बच्ची का समय पर इलाज न करने पर सुप्रीम कोर्ट ने निजी अस्पताल और डॉक्टर को कड़ी फटकार लगाई। पुलिस जांच और मेडिकल प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए।

देशबन्धु 17 Jul 2026 4:47 pm

Who is Neha Bora : कौन हैं नेहा बोरा? CJP प्रोटेस्ट के बाद क्यों हैं चर्चा में, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो

दिल्ली के जंतर-मंतर में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठे हुए है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर वे अनशन पर हैं। सीजेपी प्रोटेस्ट में कई छात्र नेता भी भूख हड़ताल ...

वेब दुनिया 17 Jul 2026 4:45 pm

Tomato Healthy Recipes: सब्जी की ग्रेवी ही नहीं, टमाटर से बनाएं ये 4 लाजवाब और न्यूट्रिशियस डिशेज; जानें स्टोर करने की सही टेक्निक

टमाटर भारतीय रसोई का एक ऐसा अनिवार्य हिस्सा है, जिसके बिना हमारी रोजमर्रा की कुकिंग अधूरी मानी जाती है। ज्यादातर घरों में इसका इस्तेमाल सब्जियों की ग्रेवी का बेस बनाने, दाल में तड़का लगाने, गरमा-गरम सूप तैयार करने या फिर सलाद की प्लेट सजाने में किया जाता है। टमाटर का हल्का खट्टा-मीठा स्वाद न केवल खाने के जायके को कई गुना बढ़ा देता है, बल्कि यह हमारे शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व (Nutrients) भी प्रदान करता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से टमाटर में विटामिन सी, विटामिन ए, पोटैशियम, प्रचुर मात्रा में फाइबर और 'लाइकोपीन' (Lycopene) नामक एक बेहद शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। ये सभी तत्व मिलकर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को मजबूत करते हैं, त्वचा की चमक व सेहत बनाए रखते हैं और बॉडी सेल्स को डैमेज होने से बचाते हैं। यही वजह है कि इसे एक संतुलित और पौष्टिक डाइट का बेहद अहम हिस्सा माना जाता है।हालांकि, कई लोग टमाटर के इस्तेमाल को सिर्फ पारंपरिक ग्रेवी या सलाद तक ही सीमित रखते हैं। जबकि हकीकत यह है कि आप टमाटर को मुख्य सामग्री (Main Ingredient) बनाकर कई तरह की स्वादिष्ट, क्विक और हेल्दी रेसिपीज़ तैयार कर सकते हैं, जिन्हें सुबह के नाश्ते, शाम के स्नैक्स या दोपहर व रात के मुख्य भोजन में आसानी से शामिल किया जा सकता है। सही कुकिंग मेथड्स के जरिए टमाटर का उपयोग करने से इसके पोषक तत्व नष्ट नहीं होते। आइए जानते हैं कि टमाटर से कौन-सी 4 लाजवाब रेसिपीज़ बनाई जा सकती हैं और इसे खरीदते व घर में स्टोर करते समय किन जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।टमाटर से बनाएं ये 4 स्वादिष्ट और न्यूट्रिशियस रेसिपीजअगर आप वही पुराना खाना खाकर बोर हो चुके हैं, तो टमाटर के इस अनूठे और हेल्दी मेकओवर को अपने मेन्यू में जरूर शामिल करें:स्वादिष्ट स्टफ्ड टमाटर (Stuffed Tomato): यह देखने में जितना आकर्षक लगता है, खाने में उतना ही पौष्टिक है। इसे बनाने के लिए थोड़े बड़े और सख्त टमाटरों का ऊपरी हिस्सा काटकर अंदर का सारा गूदा (पल्प) बाहर निकाल लें। अब एक मिक्सिंग बाउल में कद्दूकस किया हुआ पनीर, उबले हुए कॉर्न (मक्का), बारीक कटी शिमला मिर्च और हल्के भारतीय मसाले मिलाकर एक स्टफिंग तैयार करें। इस मिश्रण को खाली किए गए टमाटरों के अंदर अच्छी तरह भर दें। इसके बाद इसे ओवन में 10 से 15 मिनट तक बेक करें या कड़ाही में हल्का सा ढककर पकाएं। यह डिश प्रोटीन, विटामिन सी और फाइबर से भरपूर होती है, जिसे आप एक बेहतरीन शाम के स्नैक्स के रूप में परोस सकते हैं।चटपटा टमाटर पुलाव (Tomato Pulao): लंच बॉक्स या रात के खाने के लिए यह एक परफेक्ट और झटपट बनने वाली वन-पॉट मील है। इसे बनाने के लिए एक पैन में थोड़ा सा तेल या घी गर्म करके जीरा, बारीक कटा प्याज और गरम मसाले भूनें। इसके बाद इसमें ढेर सारे कटे हुए पके टमाटर डालकर तब तक पकाएं जब तक वे पूरी तरह गल न जाएं। अब इसमें पहले से भीगे हुए बासमती चावल और आवश्यकतानुसार पानी मिलाकर धीमी आंच पर पकाएं। चावल पक जाने पर ऊपर से ताजा हरा धनिया डालकर गरमा-गरम रायते के साथ परोसें। टमाटर का प्राकृतिक खट्टापन इस पुलाव को एक यूनिक टेस्ट देता है और शरीर को लाइकोपीन की भरपूर खुराक मिलती है।साउथ इंडियन स्टाइल टमाटर की चटनी (Tomato Chutney): इडली, डोसा, उत्तपम या सादे पराठे के स्वाद को दोगुना करने के लिए यह चटनी बेहतरीन है। इसे बनाने के लिए कटे हुए टमाटर, लहसुन की कलियां, हरी मिर्च या सूखी लाल मिर्च और स्वादानुसार नमक को एक पैन में थोड़ा सा पका लें ताकि उनका कच्चापन दूर हो जाए। ठंडा होने के बाद इसे मिक्सर में पीस लें। अंत में इस चटनी पर राई (सरसों के दाने), उड़द दाल और फ्रेश करी पत्ते का कड़कड़ाता हुआ तड़का लगाएं। एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर यह चटनी पाचन के लिए भी बेहद अच्छी मानी जाती है।प्रोटीन से भरपूर टमाटर का चीला (Tomato Cheela): यह सुबह के नाश्ते के लिए एक बेहद क्विक और वेट-लॉस फ्रेंडली रेसिपी है। इसे तैयार करने के लिए बेसन में बारीक कद्दूकस किए हुए टमाटर, प्याज, हरी मिर्च, हरा धनिया, अजवाइन और नमक मिलाकर एक मध्यम गाढ़ा घोल (बैटर) तैयार कर लें। एक नॉन-स्टिक तवे पर थोड़ा सा घी या तेल लगाकर इस घोल को फैलाएं और दोनों तरफ से सुनहरा व क्रिस्पी होने तक अच्छी तरह सेक लें। बेसन से शरीर को हाई-क्वालिटी प्रोटीन मिलता है और टमाटर से विटामिन सी, जो नाश्ते को पूरी तरह संतुलित बनाता है।टमाटर खरीदते और स्टोर करते समय भूलकर भी न करें ये गलतियांटमाटर की ताजगी और उसमें मौजूद विटामिंस का पूरा लाभ तभी मिलता है जब आप सही क्वालिटी का चुनाव करें और उसे सही तरीके से किचन में रखें:सख्त और बेदाग टमाटर चुनें: मार्केट से टमाटर खरीदते समय हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि टमाटर छूने में ताजे, थोड़े सख्त (Firm) और बिना किसी काले दाग-धब्बे या छेद वाले हों। बहुत ज्यादा पिलपिले, अत्यधिक नरम या कटे-फटे टमाटर लेने से पूरी तरह बचें, क्योंकि ऐसे टमाटरों में बैक्टीरिया बहुत जल्दी पनपते हैं और वे एक ही दिन में सड़कर बाकी सब्जियों को भी खराब कर सकते हैं।कमरे के तापमान (Room Temperature) का नियम: अगर आप बाजार से थोड़े कच्चे या हरे-लाल टमाटर लेकर आए हैं, तो उन्हें तुरंत फ्रिज में ठूंसने की गलती न करें। कच्चे टमाटरों को हमेशा 2 से 3 दिनों के लिए कमरे के सामान्य तापमान पर खुली टोकरी में रखें। जब वे प्राकृतिक रूप से पूरी तरह लाल और पक जाएं, तभी उन्हें फ्रिज में शिफ्ट करें। अच्छी तरह पके टमाटरों को फ्रिज के वेजिटेबल बॉक्स में रखने से वे 5 से 7 दिनों तक पूरी तरह ताजे बने रहते हैं।प्लास्टिक की थैलियों को कहें ना: टमाटरों को कभी भी प्लास्टिक की कसकर बंद थैलियों या एयर-टाइट कंटेनर में स्टोर नहीं करना चाहिए। बंद थैली के भीतर नमी (Moisture) जमा हो जाती है, जिससे टमाटर बहुत जल्दी गलने लगते हैं। इसके बजाय उन्हें बांस या स्टील की खुली जालीदार टोकरी में रखें या फिर किसी पेपर बैग (कागज के लिफाफे) का इस्तेमाल करें ताकि हवा का वेंटिलेशन बना रहे।इस्तेमाल से ठीक पहले ही धोएं: एक और आम गलती जो अक्सर लोग करते हैं, वह है बाजार से सब्जियां लाते ही उन्हें धोकर सीधे स्टोर कर देना। टमाटर को कभी भी बार-बार धोकर या गीला करके स्टोर न करें। नमी के कारण इसकी ऊपरी त्वचा खराब होने लगती है। टमाटर को हमेशा उसी समय पानी से अच्छी तरह धोएं जब आप उसका उपयोग कुकिंग या सलाद बनाने के लिए करने जा रहे हों। इस आसान और व्यावहारिक आदत से आपके टमाटर लंबे समय तक रसीले और फ्रेश बने रहेंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 4:26 pm

Vitamin D Deficiency India: भारत में 90% आबादी क्यों जूझ रही है विटामिन डी की कमी से? एक्सपर्ट से जानें खुद गोलियां खाने के बड़े नुकसान

भारत एक ऐसा देश है जहां साल के अधिकांश महीनों में पर्याप्त और अच्छी धूप निकलती है। इसके बावजूद, देश की एक बहुत बड़ी आबादी इस समय एक बेहद साइलेंट और गंभीर स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रही है, वह है विटामिन डी की कमी (Vitamin D Deficiency)। इस महत्वपूर्ण न्यूट्रिएंट (पोषक तत्व) की कमी के लक्षण शुरुआत में इतनी आसानी और जल्दी से पकड़ में नहीं आते, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है, यह शरीर को भीतर से खोखला करने लगती है। रोजमर्रा की जिंदगी में होने वाली लगातार थकान, पूरे बदन में दर्द या मांसपेशियों के खिंचाव (पेन) को अक्सर लोग काम के दबाव या डेली लाइफ की आम प्रॉब्लम मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन चिकित्सा विज्ञान के अनुसार इसका सीधा और बड़ा कनेक्शन विटामिन डी की भारी कमी से है। 'इंडियन जर्नल ऑफ एंडोक्रिनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म' की एक हालिया रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 70 से 90 फीसदी भारतीयों के शरीर में विटामिन डी की भारी कमी देखी गई है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस कमी के पीछे हमारा बदलता हुआ लाइफस्टाइल सबसे बड़ा जिम्मेदार है। आजकल की आधुनिक जीवनशैली में ज्यादातर लोग अपना अधिक से अधिक समय घर, एसी कमरों या ऑफिस की चारदीवारी के अंदर ही बिताते हैं। बच्चों की ऑनलाइन क्लासेस, युवाओं में बढ़ता 'वर्क फ्रॉम होम' (Work From Home) कल्चर और विभिन्न मोबाइल ऐप्स के जरिए घर बैठे ग्रॉसरी व शॉपिंग करने की आदत के कारण इंसानों का प्राकृतिक धूप में बाहर निकलना बेहद कम हो गया है। चूंकि सूर्य की किरणें (धूप) ही मानव शरीर के लिए विटामिन डी का सबसे बड़ा, प्राकृतिक और मुफ्त सोर्स हैं, इसलिए धूप से दूरी ही इस बीमारी की मुख्य जड़ बन चुकी है।हड्डियों से लेकर इम्यून सिस्टम तक: पूरे शरीर पर पड़ता है बुरा असरकैलाश दीपक हॉस्पिटल के वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. अनुज अग्रवाल का कहना है कि आम जनमानस में यह एक बहुत बड़ी गलतफहमी है कि विटामिन डी का काम सिर्फ हड्डियों को मजबूत रखना होता है। लेकिन चिकित्सा विज्ञान के नजरिए से सच यह है कि इसका कार्यक्षेत्र सिर्फ हड्डियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करता है।डॉक्टर के अनुसार विटामिन डी हमारे शरीर में मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्य करता है:कैल्शियम का अवशोषण: यह हमारे पाचन तंत्र को भोजन से मिलने वाले कैल्शियम को सही तरीके से अवशोषित (इस्तेमाल) करने में मदद करता है। जब तक शरीर में पर्याप्त विटामिन डी नहीं होगा, आप कितना भी कैल्शियम खा लें, वह हड्डियों और दांतों तक नहीं पहुंचेगा।मांसपेशियों की मजबूती: यह हमारी मांसपेशियों (Muscles) के सुचारू संचालन और उनकी कोशिकाओं को ठीक से काम करने की शक्ति देता है। शरीर में इसकी कमी होने पर बिना किसी भारी काम या वजह के भी पूरे बदन में हल्का दर्द बना रहता है, मांसपेशियों में गंभीर कमजोरी महसूस होती है और व्यक्ति सुबह उठते ही थकान से भर जाता है।रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity): यह हमारे शरीर की बीमारियों और संक्रमणों से लड़ने की प्राकृतिक ताकत, यानी इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने और उसे सामान्य तरीके से एक्टिव रखने में एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है।खुद डॉक्टर न बनें: सोशल मीडिया देखकर गोलियां खाने की भूल पड़ेगी भारीआजकल इंटरनेट के दौर में विटामिन डी को लेकर समाज में कई तरह की गंभीर गलतफहमियां भी तेजी से फैल रही हैं। डॉ. अनुज अग्रवाल ने आगाह करते हुए बताया कि सबसे बड़ी और आम गलती लोग यह कर रहे हैं कि वे किसी दोस्त-रिश्तेदार की सुनी-सुनाई बातों में आकर या सोशल मीडिया (यूट्यूब/इंस्टाग्राम) के रील्स देखकर खुद से ही मेडिकल स्टोर से विटामिन डी के सप्लीमेंट्स (गोलियां या पाउच) खरीदकर खाना शुरू कर देते हैं। ऐसा करना स्वास्थ्य के साथ एक बहुत बड़ा खिलवाड़ है।चिकित्सकों के मुताबिक, हर किसी के शरीर की जरूरत अलग होती है। यदि आपको अपने शरीर में लगातार थकान या कमजोरी जैसे लक्षण दिख रहे हैं और विटामिन डी की कमी का शक है, तो सबसे पहले किसी योग्य डॉक्टर के पास जाएं। डॉक्टर की लिखित सलाह पर ब्लड टेस्ट (खून की जांच) करवाएं। जांच की रिपोर्ट में जब विटामिन डी का सटीक स्तर (लेवल) सामने आ जाए, तभी यह वैज्ञानिक रूप से तय होता है कि आपको दवा (सप्लीमेंट) की जरूरत है या नहीं, और अगर है तो उसकी सही खुराक (Dose) क्या होनी चाहिए।ज्यादा विटामिन डी लेने से किडनी हो सकती है फेलविटामिन डी को लेकर एक और खतरनाक भ्रांति यह है कि लोग सोचते हैं कि अगर वे ज्यादा मात्रा में विटामिन डी का सेवन करेंगे, तो उनके शरीर को ज्यादा और जल्दी फायदा पहुंचेगा। चिकित्सा विज्ञान इस सोच को पूरी तरह खारिज करता है। डॉक्टर अग्रवाल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि शरीर की जरूरत से ज्यादा या बिना डॉक्टरी पर्चे के हाई-डोज विटामिन डी लेने से शरीर में 'विटामिन डी टॉक्सिसिटी' (विषाक्तता) हो सकती है।जब शरीर में इस विटामिन की मात्रा अत्यधिक बढ़ जाती है, तो यह खून में कैल्शियम के स्तर को असामान्य रूप से बढ़ा देता है (जिसे हाइपरकैल्सीमिया कहते हैं)। इसके कारण मरीज को लगातार जी मिचलाना (मतली), बार-बार उल्टी होना, अत्यधिक शारीरिक कमजोरी महसूस होना और गंभीर मामलों में किडनी स्टोन या किडनी फेलियर (गुर्दे की बीमारी) जैसी जानलेवा स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए विटामिन डी को एक सामान्य सप्लीमेंट न समझकर एक गंभीर एलोपैथिक दवा की तरह ही ट्रीट करें। इसे हमेशा डॉक्टर के कड़े परामर्श, सही निगरानी और बताई गई सटीक अवधि व मात्रा में ही लें, तभी यह आपके शरीर को स्वस्थ और दीर्घायु बनाने में मददगार साबित होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 4:24 pm

एकनाथ शिंदे के ‘ऑपरेशन टाइगर’की कामयाबी के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें

नई दिल्ली/मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राष्ट्रीय राजधानी में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है और वह महज 48 घंटों के भीतर दूसरी बार नयी दिल्ली के दौरे पर हैं। महाराष्ट्र में जैसे-जैसे राजनीतिक स्थितियां बदल रही हैं शिंदे का मकसद केंद्रीय मंत्रिमंडल में अपने गुट के लिए सत्ता में बड़ी हिस्सेदारी प्राप्त करना […] The post एकनाथ शिंदे के ‘ऑपरेशन टाइगर’ की कामयाबी के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Jul 2026 4:18 pm

Healthy Street Food Recipes: समोसा-कचौरी देखते ही मुंह में आ जाता है पानी? घर पर बिना तेल के बनाएं ये 4 टेस्टी स्ट्रीट फूड, स्वाद रहेगा बरकरार और सेहत भी रहेगी दुरुस्त

शाम होते ही या बाजार से गुजरते वक्त स्ट्रीट फूड का नाम सुनते ही कई लोगों के मुंह में पानी आ जाता है। समोसा, कचौरी, चाट और दूसरी चटपटी चीजें अपने बेजोड़ स्वाद के कारण हर उम्र के लोगों की पहली पसंद होती हैं। हालांकि, पारंपरिक रूप से इन व्यंजनों को कड़ाही में बहुत ज्यादा तेल के साथ डीप फ्राई (तला) किया जाता है, जिससे इनमें कैलोरी और अनहेल्दी फैट की मात्रा अत्यधिक बढ़ जाती है। ऐसी तली-भुनी चीजों का बार-बार सेवन करने से शरीर का वजन बढ़ने, पाचन संबंधी दिक्कतें होने और दिल की सेहत (हार्ट हेल्थ) पर भी बुरा असर पड़ने का खतरा रहता है। इसलिए आज के दौर में स्वाद के साथ-साथ खाना बनाने के तरीके पर भी विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी हो गया है।अगर इन सभी स्ट्रीट फूड्स को कम तेल में या बिना तेल के आधुनिक तरीकों से तैयार किया जाए, तो यह स्वाद के मामले में बेजोड़ रहने के साथ-साथ एक बेहद हेल्दी और पौष्टिक विकल्प बन सकते हैं। सही सामग्री चुनकर और कुछ आसान कुकिंग टिप्स को अपनाकर तेल की मात्रा को 90% तक कम किया जा सकता है। इससे आप बिना किसी गिल्ट या स्वास्थ्य की चिंता किए अपने पसंदीदा स्नैक्स का पूरा आनंद ले सकते हैं। आइए जानते हैं कि घर पर कौन-कौन से टेस्टी स्ट्रीट फूड कम तेल में आसानी से तैयार किए जा सकते हैं और इन्हें बनाते समय किन बड़ी गलतियों से बचना चाहिए।कम तेल और बिना डीप फ्राई किए बनाएं ये 4 लाजवाब स्ट्रीट फूड्सआधुनिक किचन गैजेट्स जैसे एयर फ्रायर, ओवन और नॉन-स्टिक बर्तनों की मदद से आप अपने पसंदीदा व्यंजनों को एक हेल्दी मेकओवर दे सकते हैं:एयर फ्रायर समोसा (Air Fryer Samosa): समोसा प्रेमियों के लिए यह सबसे बेहतरीन विकल्प है। इसे ज्यादा हेल्दी बनाने के लिए मैदे की जगह गेहूं के आटे का इस्तेमाल करें। समोसे की स्टफिंग में केवल आलू भरने के बजाय मटर, बीन्स और दूसरी कटी हुई सब्जियां मिलाएं। समोसे का आकार देने के बाद ऊपर से कुकिंग ऑयल को हल्का सा ब्रश करें और एयर फ्रायर में सुनहरा व क्रिस्पी होने तक पकाएं। इससे समोसा बाहर से पूरी तरह कुरकुरा बनता है, अंदर का स्वाद भी बरकरार रहता है और आप अत्यधिक तेल के सेवन से बच जाते हैं।बेक्ड कचौरी (Baked Kachori): खस्ता कचौरी का स्वाद अब बिना कड़ाही के भी लिया जा सकता है। इसके लिए गेहूं के आटे का डो (आटा) गूंधें और उसमें दाल या मटर की मसालेदार चटपटी स्टफिंग भरें। कचौरी तैयार करने के बाद ऊपर से हल्का सा तेल लगाकर ओवन में रख दें और इसे अच्छी तरह बेक करें। बेकिंग के कारण कचौरी अंदर तक बहुत अच्छी तरह पकती है, इसके पारंपरिक स्वाद में बिल्कुल भी फर्क नहीं आता और तली हुई कचौरी की तुलना में सेहत को कोई नुकसान नहीं होता।वेजिटेबल टिक्की (Healthy Veg Cutlet/Tikki): आलू टिक्की चाट का मजा कम तेल में लेने के लिए उबले हुए आलू में कद्दूकस की हुई गाजर, उबले मटर, शिमला मिर्च और बाइंडिंग के लिए ओट्स का पाउडर या सूजी मिला लें। इस मिश्रण से गोल टिक्कियां तैयार करें और एक नॉन-स्टिक तवे पर बहुत कम (मात्र कुछ बूंदें) तेल डालकर दोनों तरफ से सुनहरा और क्रिस्पी होने तक धीमी आंच पर सेंक लें। इससे टिक्की बाहर से क्रिस्पी बनती है, सब्जियों के कारण फाइबर और पोषण भी बढ़ता है।लो-फैट पनीर टिक्का (Grilled Paneer Tikka): प्रोटीन से भरपूर यह स्नैक बेहद लाजवाब है। पनीर के चौकोर टुकड़ों को गाढ़े दही, बेसन और भारतीय मसालों के मिश्रण में कुछ देर के लिए मैरीनेट होने के लिए रख दें। इसके बाद पनीर को शिमला मिर्च और प्याज के टुकड़ों के साथ सीख (Skewers) में लगाएं। इसे आप तंदूर में ग्रिल कर सकते हैं या फिर एक नॉन-स्टिक पैन पर बेहद कम तेल या बटर ब्रश करके पकाएं। इससे पनीर टिक्का में एक बेहतरीन स्मोकी फ्लेवर आता है, भरपूर प्रोटीन मिलता है और ज्यादा फैट की जरूरत नहीं पड़ती।घर पर स्ट्रीट फूड बनाते समय भूलकर भी न करें ये गलतियांअक्सर लोग घर पर खाना बनाते समय अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिससे भोजन की पौष्टिकता खत्म हो जाती है। स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें:ज्यादा तेल और री-हीटेड ऑयल से बचें: कढ़ाई में जरूरत से ज्यादा तेल डालने से बचें। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एक बार इस्तेमाल किए जा चुके या बचे हुए तेल को दोबारा गर्म करके कुकिंग करने से पूरी तरह परहेज करें। बार-बार उबाला गया तेल शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल और टॉक्सिन्स को बढ़ाता है, जो दिल के लिए बेहद नुकसानदायक है।सॉस, मक्खन और नमक की अधिकता: स्वाद बढ़ाने के चक्कर में टिक्की या समोसे में जरूरत से ज्यादा नमक, प्रोसेस्ड मक्खन और बाजार में मिलने वाली रेडीमेड तैयार सॉस डालने से बचें। इन कमर्शियल सॉस में सोडियम, प्रिजर्वेटिव्स और हिडन कैलोरी की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो ब्लड प्रेशर और वजन को बढ़ा सकती है। हमेशा ताजी और घर की बनी हरी चटनी का उपयोग करें।बासी और खुली सामग्री का उपयोग: स्ट्रीट फूड बनाते समय हमेशा ताजी, साफ और गुणवत्तापूर्ण सामग्री का ही उपयोग करें। बाजार से लाई गई सब्जियों को पकाने से पहले गुनगुने पानी से अच्छी तरह धो लें। मसालों का एक संतुलित इस्तेमाल करें, ताकि पेट में एसिडिटी न हो और खाना ज्यादा भारी महसूस न हो।ताजा खाने की आदत डालें: कोई भी स्ट्रीट फूड हो, उसे हमेशा गरमा-गरम और ताजा बनाकर ही खाएं। लंबे समय तक फ्रिज में या बाहर खुले में रखा हुआ भोजन खाने से बैक्टीरिया पनपने का डर रहता है। इन छोटी-छोटी सावधानियों को अपनाकर आप स्वाद के साथ-साथ अपनी और अपने परिवार की सेहत को भी हमेशा बेहतर बनाए रख सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 4:15 pm

Maruti Hyundai Electric Cars: भारतीय बाजार में मचेगा तहलका, मारुति और हुंडई लाने जा रही हैं दो नई इलेक्ट्रिक कारें; जानें लॉन्च टाइमलाइन और बंपर रेंज

भारत में पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक तकनीक से लैस इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की डिमांड ग्राफ तेजी से ऊपर जा रहा है। इसी बढ़ते बाजार पर अपना दबदबा बनाने के लिए देश की दो सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनियां—मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) और हुंडई इंडिया (Hyundai India)—आने वाले समय में अपनी नई और दमदार इलेक्ट्रिक कारें लॉन्च करने की पूरी तैयारी कर चुकी हैं। हालांकि, दोनों ही दिग्गज कंपनियों ने अभी तक इन अपकमिंग मॉडल्स की लॉन्चिंग डेट की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन ऑटोमोबाइल रिपोर्ट्स और इनसाइडर लीक्स के मुताबिक ये नई हाई-टेक EVs साल 2026 के आसपास या उसके अंत तक भारतीय बाजार में औपचारिक रूप से दस्तक दे सकती हैं।इस आगामी टक्कर में जहां देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी एक बेहद खास और बड़े केबिन वाली इलेक्ट्रिक MPV पर काम कर रही है, वहीं दक्षिण कोरियाई दिग्गज हुंडई एक छोटी कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक SUV लाने की तैयारी में है, जो सीधे तौर पर टाटा पंच ईवी (Tata Punch EV) जैसी बेस्ट-सेलिंग गाड़ियों के बाजार को कड़ी टक्कर देगी।Maruti YMC: मारुति की पहली इलेक्ट्रिक MPV होगी बेहद खासमारुति सुजुकी की इस बहुप्रतीक्षित इलेक्ट्रिक MPV को फिलहाल कंपनी के भीतर 'YMC' कोडनेम दिया गया है। इस प्रीमियम मॉडल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे कंपनी की सबसे पहली इलेक्ट्रिक SUV 'eVitara' वाले ही एडवांस आर्किटेक्चर और प्लेटफॉर्म पर तैयार किया जा सकता है। ऑटो एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि इस मॉडल को साल 2026 के बिल्कुल आखिर में ग्लोबल लेवल पर पेश किया जाएगा और साल 2027 की शुरुआत में भारतीय सड़कों पर इसकी कमर्शियल बिक्री शुरू हो सकती है।हाल ही में टेस्टिंग (रोड ट्रायल) के दौरान कैमरे में कैद हुई तस्वीरों से साफ पता चलता है कि इस इलेक्ट्रिक MPV का विजुअल डिजाइन मारुति की पारंपरिक गाड़ियों से काफी अलग और एक बोल्ड बॉक्सी स्टाइल का हो सकता है। फीचर्स की बात करें तो इसमें एक ऊंचा फ्रंट प्रोफाइल, आकर्षक बड़े हेडलैंप, एयरोडायनामिक डिजाइन वाले बड़े अलॉय व्हील और रीयर प्रोफाइल में आधुनिक कनेक्टेड टेललैंप जैसे शानदार विजुअल एलिमेंट्स मिलने की पूरी उम्मीद है।बैटरी, पावर और ड्राइविंग रेंज के मोर्चे पर मारुति की यह नई इलेक्ट्रिक MPV अपनी सिस्टर कार eVitara से ही पावरट्रेन शेयर करेगी। इसके तहत ग्राहकों को 49kWh और 61kWh के दो बड़े बैटरी पैक विकल्प मिलने की प्रबल संभावना है। माना जा रहा है कि इसका बड़ा बैटरी वेरिएंट सिंगल फुल चार्ज में करीब 543 किलोमीटर तक की लंबी और शानदार रेंज प्रदान करने में सक्षम होगा, जो लंबी दूरी के पारिवारिक सफर को बेहद आसान बना देगा।Hyundai HE1i: हुंडई की छोटी EV SUV से बढ़ेगा बाजार का तापमानदूसरी तरफ, हुंडई इंडिया भी भारतीय मध्यम वर्ग और बजट बायर्स को ध्यान में रखकर एक नई छोटी इलेक्ट्रिक SUV तैयार कर रही है, जिसे फिलहाल 'HE1i' कोडनेम दिया गया है। यह हुंडई की भारत में पहली ऐसी मास-मार्केट इलेक्ट्रिक SUV हो सकती है जो कम कीमत में आम लोगों के लिए उपलब्ध होगी। बाजार में लॉन्च होते ही इसका सीधा मुकाबला टाटा पंच ईवी (Tata Punch EV) और सिट्रोएन ई-सी3 जैसी स्थापित कारों से होना तय है।यह नई मिनी इलेक्ट्रिक कार हुंडई के विख्यात E-GMP (K) प्लेटफॉर्म पर आधारित होगी। भारत सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल को बढ़ावा देते हुए इसका पूरी तरह से निर्माण भारत में ही किया जाएगा। कंपनी इसे विशेष रूप से भारतीय सड़कों की स्थिति, मौसम और स्थानीय ग्राहकों की बुनियादी जरूरतों व प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर ट्यून और डिजाइन कर रही है।हुंडई की मिनी SUV में मिलेंगे दो बैटरी ऑप्शन्स और एडवांस ADASहुंडई की इस अपकमिंग इलेक्ट्रिक SUV (HE1i) के मैकेनिकल स्पेसिफिकेशन्स की बात करें तो इसमें भी ग्राहकों की पसंद और बजट के अनुसार दो अलग-अलग बैटरी विकल्प मिलने की उम्मीद है:स्टैंडर्ड और लॉन्ग रेंज वर्जन: शहर के भीतर रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए एक स्टैंडर्ड रेंज और हाईवे पर लंबी यात्रा के लिए एक लॉन्ग रेंज वर्जन पेश किया जाएगा।बैटरी पैक डिटेल्स: रिपोर्ट्स के अनुसार, इसमें 42kWh और 49kWh के दो आधुनिक लिथियम-आयन बैटरी पैक दिए जा सकते हैं, जो बेहतर फास्ट चार्जिंग क्षमता के साथ आएंगे।इंटीरियर और टेक फीचर्स: कार के केबिन को पूरी तरह से फ्यूचरिस्टिक लुक दिया जा रहा है। इसमें एक बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, ओवर-द-एयर (OTA) सॉफ्टवेयर अपडेट का सपोर्ट, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, कनेक्टेड कार टेक और पैसेंजर्स की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए लेवल-2 ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) जैसे बेहद आधुनिक और प्रीमियम फीचर्स देखने को मिल सकते हैं।भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट में मारुति और हुंडई की इन दोनों नई इलेक्ट्रिक कारों के एंट्री लेते ही EV बाजार में प्रतिस्पर्धा एक बिल्कुल नए स्तर पर पहुंच जाएगी। आक्रामक और कम कीमत, शानदार ड्राइविंग रेंज और एडवांस्ड फीचर्स के कॉम्बिनेशन के दम पर दोनों ही दिग्गज कंपनियां देश के ज्यादा से ज्यादा पारंपरिक फ्यूल (पेट्रोल-डीजल) ग्राहकों को ग्रीन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर आकर्षित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 4:10 pm

अब आपकी कार देगी ज्यादा माइलेज! सरकार लाएगी नए नियम, आम आदमी को होगा बड़ा फायदा

भारत में कार कंपनियां अब प्रदूषण और ईंधन बचाने के कड़े नियमों के बीच अपना रास्ता निकाल रही हैं। सरकार का नया प्रस्ताव, जिसे हम सीएएफई-III (CAFE-III) नियमों के नाम से जान रहे हैं, कार निर्माताओं के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। पहले कंपनियों को माइलेज और प्रदूषण के लक्ष्य को पूरा करने के लिए केवल इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड गाड़ियों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब सरकार ने एक स्मार्ट रास्ता निकाला है। नए प्रस्ताव के तहत, अगर कार कंपनियां अपनी गाड़ियों में फ्यूल बचाने वाली आधुनिक तकनीकें लगाती हैं, तो उन्हें सरकार की तरफ से 'कार्बन क्रेडिट' जैसा फायदा दिया जाएगा।आम कारों में भी दिखेंगे आधुनिक फीचर्सऊर्जा मंत्रालय द्वारा तैयार किए गए इस ड्राफ्ट में उन तकनीकों को शामिल किया गया है जो असल में गाड़ी का पेट्रोल-डीजल कम खर्च करने में मदद करती हैं। इनमें ऑटोमैटिक स्टार्ट-स्टॉप सिस्टम, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS), रीजेनरेटिव ब्रेकिंग, 6-स्पीड गियरबॉक्स, बेहतर अल्टरनेटर, एडवांस LED लाइटिंग और सोलर रिफ्लेक्टिव पेंट जैसे फीचर्स शामिल हैं। अभी तक आप देखते होंगे कि ये फीचर्स अक्सर महंगी या प्रीमियम कारों में ही मिलते हैं। लेकिन नए नियमों के लागू होने के बाद, कंपनियां इन्हें अपनी छोटी और मिड-रेंज कारों में भी देने के लिए प्रेरित होंगी, क्योंकि इससे उन्हें प्रदूषण कम करने के सरकारी टारगेट को पूरा करने में आसानी होगी।टेक्नोलॉजी अपनाओ, सरकार से राहत पाओइस नए नियम का गणित बहुत सीधा है। ड्राफ्ट के अनुसार, यदि कोई कंपनी अपनी गाड़ी में ऐसी कोई तकनीक जोड़ती है जिससे ईंधन की बचत होती है, तो उसे कार्बन उत्सर्जन में 1 ग्राम प्रति किलोमीटर तक की राहत दी जाएगी। यह कंपनियों के लिए एक 'विन-विन' स्थिति है। एक तरफ उन्हें अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए केवल भारी निवेश करके इलेक्ट्रिक गाड़ियां नहीं बनानी होंगी, वहीं दूसरी तरफ वे ज्यादा से ज्यादा मॉडलों में ये फ्यूल-सेविंग फीचर्स दे पाएंगी। इससे कंपनियों को हाइब्रिड और ईवी के अलावा भी अपनी लाइनअप को बेहतर बनाने का विकल्प मिल जाएगा।ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा?आम ग्राहक के लिए यह खबर किसी खुशखबरी से कम नहीं है। अब तक माइलेज का मतलब सिर्फ इंजन की क्षमता से निकाला जाता था, लेकिन अब कंपनियों को गाड़ियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना ही होगा। जब कार में टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम और ऑटोमैटिक स्टार्ट-स्टॉप जैसे फीचर्स आएंगे, तो जाहिर है कि गाड़ी का माइलेज बेहतर होगा और आपका ईंधन का खर्चा बचेगा। साथ ही, अब सरकार फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को भी बढ़ावा दे रही है, जिसका मतलब है कि आने वाले समय में आपको ज्यादा एडवांस, किफायती और आधुनिक तकनीक वाली गाड़ियां सड़कों पर देखने को मिलेंगी। कुल मिलाकर, सीएएफई-III नियम न केवल पर्यावरण के लिए अच्छे साबित होंगे, बल्कि आपकी जेब का बोझ भी कम करेंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 4:08 pm

Money Plant Vastu Tips: घर के मुख्य द्वार पर मनी प्लांट लगाना शुभ या अशुभ? जानें सही दिशा, वास्तु नियम और वो गलतियां जो आपको कर सकती हैं कंगाल

सनातन परंपरा और वास्तु शास्त्र में पेड़-पौधों का विशेष महत्व बताया गया है। इन्हीं में से एक 'मनी प्लांट' (Money Plant) को बेहद शुभ और चमत्कारी पौधा माना गया है। वास्तु शास्त्र में इस पौधे को साक्षात धन और समृद्धि को आकर्षित करने वाला पौधा कहा जाता है। यह पौधा न केवल घर की आंतरिक सुंदरता और हरियाली को बढ़ाता है, बल्कि इसे लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) का प्रवाह भी निरंतर बना रहता है। हालांकि, अक्सर लोग इस बात को लेकर गहरे भ्रम में रहते हैं कि क्या मनी प्लांट को घर के मुख्य द्वार (Main Gate) पर लगाना सही है या नहीं? वास्तु शास्त्र में मनी प्लांट को लगाने और उसके रखरखाव को लेकर कुछ बेहद स्पष्ट नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करने पर ही इसका पूर्ण लाभ मिलता है। आइए इन महत्वपूर्ण नियमों के बारे में विस्तार से जानते हैं।वास्तु शास्त्र के अनुसार, मनी प्लांट को घर के मुख्य द्वार पर लगाना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। किसी भी घर का मुख्य द्वार ऊर्जा का सबसे बड़ा प्रवेश द्वार होता है। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि यदि मुख्य द्वार पर सही तरीके से मनी प्लांट रखा जाए, तो यह घर में धन, वैभव और सौभाग्य को खींच लाता है। इसके अलावा, मुख्य द्वार पर लगा मनी प्लांट घर के भीतर बाहर से आने वाली किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) को प्रवेश करने से रोकता है, जिससे परिवार के सदस्यों की नौकरी और व्यापार में तरक्की के रास्ते खुलते हैं।किस दिशा में लगाएं मनी प्लांट और कहाँ लगाने से होगा भारी नुकसान?मनी प्लांट का पूरा लाभ उठाने और घर में बरकत बनाए रखने के लिए इस पौधे को बिल्कुल सही दिशा में स्थापित करना बेहद जरूरी है। गलत दिशा में लगाया गया मनी प्लांट विपरीत परिणाम भी दे सकता है।दक्षिण-पूर्व दिशा (आग्नेय कोण) है सर्वश्रेष्ठ: वास्तु के नियमों के अनुसार, मनी प्लांट को हमेशा घर की दक्षिण-पूर्व दिशा यानी आग्नेय कोण में लगाना सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में इस दिशा के अधिष्ठाता देव स्वयं विघ्नहर्ता भगवान गणेश हैं और इस दिशा के प्रतिनिधि ग्रह धन-वैभव के कारक 'शुक्र' हैं। इस दिशा में मनी प्लांट लगाने से घर में कभी भी पैसों की कमी नहीं होती, सुख-सुविधाओं में निरंतर बढ़ोतरी होती है और परिवार के सदस्यों की दिन दोगुनी-रात चौगुनी उन्नति होती है।उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में भूलकर भी न लगाएं: वास्तु शास्त्र के अनुसार, मनी प्लांट को कभी भी घर की उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण में नहीं लगाना चाहिए। इस दिशा में मनी प्लांट लगाना बिल्कुल भी अनुकूल नहीं माना जाता है। ऐसा करने से घर में आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव और बनते कामों में रुकावट जैसे कई तरह के अशुभ परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।मनी प्लांट लगाते समय कभी न भूलें ये 4 जरूरी बातेंसिर्फ मनी प्लांट लगा देना ही काफी नहीं है, बल्कि इसकी सुरक्षा और देखरेख करते समय वास्तु की कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना अनिवार्य है:ऊपर की ओर चढ़नी चाहिए बेल: मनी प्लांट की प्रकृति एक लता (बेल) जैसी होती है। वास्तु के अनुसार, इसकी बेल हमेशा ऊपर की ओर ही चढ़नी चाहिए। अगर आपके घर में मनी प्लांट की बेल नीचे की ओर लटक रही है या जमीन को छू रही है, तो उसे किसी धागे या डंडे के सहारे तुरंत ऊपर की ओर कर दें। जमीन पर लटकती बेलें आर्थिक नुकसान का कारण बनती हैं।सूखी और पीली पत्तियां तुरंत हटाएं: पौधे की नियमित देखभाल करें। यदि मनी प्लांट की कोई पत्ती सूख गई है या पीली पड़ गई है, तो उसे तुरंत कैंची से काटकर पौधे से अलग कर दें। वास्तु में सूखी और सड़ती हुई पत्तियां घर में नकारात्मकता और दरिद्रता का प्रतीक मानी जाती हैं।हर हफ्ते बदलें बोतल का पानी: अगर आपने मनी प्लांट को मिट्टी के बजाय कांच की बोतल या जार में पानी के अंदर रखा हुआ है, तो उस पानी को हर सप्ताह नियमित रूप से बदलते रहें। बोतल में गंदा या ठहरा हुआ पानी रखने से नकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है।बाहरी लोगों की नजर से बचाएं: मनी प्लांट को हमेशा बाहरी व्यक्तियों या मेहमानों की सीधी नजर से बचाकर रखना चाहिए। इसे घर के भीतर या बालकनी में किसी ऐसे कोने में व्यवस्थित करें, जहां बाहर से आने वाले किसी अनजान व्यक्ति की नजर इस पर सीधे न पड़े। माना जाता है कि दूसरों की नजर या टोक लगने से पौधे का विकास रुक जाता है, जिससे घर की आर्थिक उन्नति प्रभावित होती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 4:07 pm

'सेकेंड क्लास यात्री' शब्द पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा- खर्च नहीं, कोच से तय होगी श्रेणी; रेलवे को 8 लाख मुआवजा देने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने 'सेकेंड क्लास यात्री' शब्द पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यात्री की श्रेणी खर्च से नहीं बल्कि कोच से तय होनी चाहिए। कोर्ट ने एमपी हाईकोर्ट का फैसला पलटते हुए रेलवे को 8 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया।

देशबन्धु 17 Jul 2026 4:07 pm

Sun-Rahu Shadashtak Yog: सूर्य-राहु के महाअशुभ 'षडाष्टक योग' से अगले 30 दिन मचेगा तहलका, वृषभ और मिथुन समेत इन 4 राशियों पर मंडराया भारी संकट

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राशि परिवर्तन और उससे बनने वाले संयोगों का मानव जीवन पर गहरा असर पड़ता है। इसी कड़ी में ग्रहों के राजा सूर्य देव के राशि परिवर्तन से एक बेहद अशुभ और तनावपूर्ण ज्योतिषीय स्थिति पैदा हो गई है। 16 जुलाई 2026 यानी बीते कल सूर्य देव ने मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश कर लिया है। सूर्य के इस गोचर के बाद, कुंभ राशि में पहले से ही विराजमान मायावी ग्रह राहु और सूर्य के बीच एक अत्यंत विनाशकारी 'षडाष्टक योग' (Shadashtak Yog) का निर्माण हो गया है।ज्योतिषीय गणनाओं में षडाष्टक योग को बेहद अशुभ, हिंसक और मानसिक तनाव बढ़ाने वाला माना जाता है। जब भी दो ग्रह गोचर चक्र में एक-दूसरे से छठे (6th) और आठवें (8th) भाव में स्थित होते हैं, तब इस नकारात्मक योग का निर्माण होता है। सूर्य और राहु का यह खतरनाक आपसी संबंध पूरे 30 दिनों तक ब्रह्मांड में सक्रिय रहेगा, जिसका विधिवत समापन 17 अगस्त 2026 को सूर्य के अगले गोचर के साथ होगा। हालांकि इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार 4 विशेष राशियों को अगले 30 दिनों तक फूंक-फूंक कर कदम रखने की आवश्यकता है।वृषभ राशि (Taurus): बॉस से विवाद और सेहत पर संकट, निवेश से बचेंषडाष्टक योग का सबसे नकारात्मक और खतरनाक प्रभाव वृषभ राशि के जातकों पर देखने को मिल सकता है। अगले 30 दिन आपके लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होने वाले हैं।करियर में चुनौती: कार्यस्थल (ऑफिस) पर आपके सीनियर्स या बॉस के साथ किसी बात को लेकर तीखी बहस या झगड़ा होने की प्रबल आशंका है। इस दौरान अपनी वाणी और गुस्से पर सख्त संयम रखें।आर्थिक नुकसान: पैसों के लेन-देन में भारी लापरवाही हो सकती है। इस 30 दिनों की अवधि में किसी भी नए प्रोजेक्ट या शेयर बाजार में निवेश करने की गलती बिल्कुल न करें।स्वास्थ्य: मानसिक तनाव के साथ-साथ शारीरिक स्वास्थ्य में भी गिरावट आ सकती है, इसलिए बेवजह के कोर्ट-कचहरी या पारिवारिक विवादों से खुद को दूर रखें।मिथुन राशि (Gemini): करियर में जल्दबाजी पड़ेगी भारी, धैर्य से लें कामसूर्य का आपकी राशि से निकलना और राहु के साथ यह अशुभ योग बनाना मिथुन राशि के नौकरीपेशा और व्यापार से जुड़े लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।गलत फैसले: इस अवधि में आपके भीतर एक अजीब सी जल्दबाजी देखी जाएगी, जिसके कारण आप करियर से जुड़ा कोई गलत निर्णय ले सकते हैं। बिना सोचे-समझे लिया गया फैसला आपको बड़े आर्थिक संकट में डाल सकता है।व्यापार में रुकावट: यदि आप कोई नया बिजनेस (काम) शुरू करने की सोच रहे हैं, तो 17 अगस्त तक के लिए अपनी योजनाओं को स्थगित कर दें।सलाह: इस पूरे महीने धैर्य बनाए रखें और कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ किसी भी तरह की राजनीति या लड़ाई-झगड़े का हिस्सा बनने से बचें।तुला राशि (Libra): पारिवारिक कलह और वैवाहिक जीवन में आ सकती है खटासतुला राशि के जातकों के लिए यह षडाष्टक योग मानसिक शांति को पूरी तरह से भंग करने वाला साबित हो सकता है।पारिवारिक तनाव: घर-परिवार में छोटी-छोटी बातों को लेकर राई का पहाड़ बन सकता है, जिससे घरेलू माहौल काफी तनावपूर्ण और उदासी भरा रहेगा।रिश्तों में दूरी: आपके और आपके जीवनसाथी (पारpath) के बीच आपसी समझ की कमी के कारण संबंधों में खटास आ सकती है। शक और गलतफहमियों को अपने रिश्ते पर हावी न होने दें।काम का बोझ: ऑफिस में अचानक काम का दबाव (वर्क प्रेशर) अत्यधिक बढ़ जाएगा, जिससे समय पर काम पूरा न होने के कारण आपकी रातों की नींद उड़ सकती है। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें।कुंभ राशि (Aquarius): राहु का आपकी ही राशि में प्रभाव, उदासी और विवाद के संकेतचूंकि राहु आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं और सूर्य से उनका यह अशुभ योग बन रहा है, इसलिए कुंभ राशि वालों को चौतरफा सावधानी बरतनी होगी।मानसिक अवसाद: अगले 30 दिनों तक बिना किसी ठोस वजह के भी आपका मन भीतर से उदास, विचलित और नकारात्मक विचारों से घिरा रह सकता है।विवाद की आशंका: सामाजिक जीवन या पड़ोसियों के साथ अचानक किसी बात को लेकर बड़ा विवाद खड़ा होने के संकेत हैं। अपने गुस्से पर काबू रखें वरना मान-हानि हो सकती है।करियर और सेहत: आपके पेशेवर करियर में अचानक उतार-चढ़ाव आ सकते हैं, साथ ही पुरानी बीमारियां दोबारा उभर सकती हैं, जिससे डॉक्टर के चक्कर काटने पड़ सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 4:05 pm

OnePlus OxygenOS to ColorOS: वनप्लस स्मार्टफोन यूजर्स के लिए बड़ा झटका! जल्द खत्म होगा OxygenOS का सफर, फोन में मिलेगा ओप्पो का ColorOS; भारत छोड़ने की खबरों पर कंपनी का आया बड़ा बयान

स्मार्टफोन जगत से वनप्लस (OnePlus) यूजर्स के लिए एक बेहद बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। चीनी स्मार्टफोन ब्रैंड वनप्लस अपने सबसे लोकप्रिय और सिग्नेचर कस्टम स्किन ऑक्सीजनओएस (OxygenOS) को हमेशा के लिए बंद करने जा रहा है। कंपनी बहुत ही जल्द इसे पैरेंट कंपनी ओप्पो (Oppo) के कस्टम स्किन कलरओएस (ColorOS) के साथ पूरी तरह से बदलने वाली है। यह कदम वनप्लस की एक बहुत बड़ी और नई सॉफ्टवेयर स्ट्रेटेजी का हिस्सा है, जिसका मुख्य मकसद सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट को एकीकृत (यूनिफाइड) करना, सिस्टम अपडेट्स की रफ्तार को तेज करना और सॉफ्टवेयर की ओवरऑल क्वालिटी को पहले से बेहतर बनाना है। इस बड़े बदलाव के बीच हाल ही में टेक बाजारों में वनप्लस के भारत छोड़ने और बोरिया-बिस्तर समेटने की खबरें भी तेजी से वायरल हो रही थीं, लेकिन कंपनी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर उन सभी मीडिया रिपोर्ट्स और दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि कंपनी भारत में अपने सभी ऑपरेशन्स बंद करने की प्लानिंग कर रही है।पूरी तरह बदल जाएगा वनप्लस फोन का सिस्टम, स्टॉक एंड्रॉयड का दौर खत्मयह कदम वनप्लस के स्मार्टफोन मार्केट में कदम रखने के बाद से लेकर अब तक के पूरे इतिहास में सबसे बड़े सॉफ्टवेयर बदलावों में से एक माना जा रहा है। वनप्लस के ऑक्सीजनओएस (OxygenOS) को दुनिया भर के टेक लवर्स इसके क्लीन, ब्लोटवेयर-फ्री और लगभग स्टॉक एंड्रॉयड (Stock Android) जैसे स्मूद एक्सपीरियंस के लिए बेहद खास और प्रीमियम मानते थे। भले ही कंपनी ने भारत में अपने कमर्शियल ऑपरेशन्स को बंद न करने का एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है, लेकिन सॉफ्टवेयर लेवल पर होने वाले इस भारी बदलाव से आपके वनप्लस फोन का पूरा यूजर इंटरफेस और इंटरनल सिस्टम जल्द ही पूरी तरह बदलने वाला है, क्योंकि कंपनी अब अपने सभी अपकमिंग और मौजूदा डिवाइसेज को पूरी तरह से कलरओएस (ColorOS) पर शिफ्ट करने की तैयारी में जुट चुकी है।प्रतिष्ठित बिजनेस वेबसाइट 'मनीकंट्रोल' की एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक, वनप्लस ने अपने आधिकारिक बयान में इस बात की पुष्टि करते हुए कहा है, हमारी सॉफ्टवेयर स्ट्रैटेजी में किए जा रहे ऑपरेशनल एडजस्टमेंट (परिचालन तालमेल) के हिस्से के तौर पर, सभी वनप्लस डिवाइसेज भविष्य में OxygenOS से हटकर ColorOS में अपडेट होंगे। यह सॉफ्टवेयर माइग्रेशन हमें सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की जटिलताओं को आसान बनाने, हमारी वैश्विक कम्युनिटी में नए अपडेट साइकिल की गति को तेज करने, सॉफ्टवेयर की क्वालिटी और स्टेबिलिटी को बेहतर बनाने में मदद करेगा। साथ ही, यह हमारी शेयर्ड इंजीनियरिंग और आरएंडडी (R&D) क्षमताओं का बेहतर इस्तेमाल कर यूजर्स को एक स्मार्ट, स्मूद और एडवांस्ड सॉफ्टवेयर एक्सपीरियंस प्रदान करेगा। वनप्लस का साफ कहना है कि इस एकीकरण से वे ओप्पो इकोसिस्टम की विशाल इंजीनियरिंग और रिसर्च क्षमताओं का सीधा फायदा उठा पाएंगे, जिससे उपभोक्ताओं को बेहद तेज सॉफ्टवेयर अपडेट का नया अनुभव मिलेगा। इसके साथ ही कंपनी ने अपने पुराने वफादार यूजर्स को भरोसा दिलाने की कोशिश की है कि इस बड़े बदलाव के बाद भी वनप्लस के कोर एक्सपीरियंस (मूल अनुभव) और ब्रैंड वैल्यू में कोई कमी नहीं आएगी।Oppo की बड़ी कॉरपोरेट रीस्ट्रक्चरिंग का हिस्सा है यह सॉफ्टवेयर माइग्रेशनस्मार्टफोन सॉफ्टवेयर में होने वाला यह ऐतिहासिक बदलाव असल में ओप्पो (Oppo) ग्रुप के भीतर चल रही एक बहुत बड़ी कॉरपोरेट रीस्ट्रक्चरिंग (पुनर्गठन) की प्रक्रिया का हिस्सा है। जैसा कि मनीकंट्रोल ने अपनी इनसाइडर रिपोर्ट में पहले भी खुलासा किया था, ओप्पो अब भारत सहित वैश्विक बाजारों में वनप्लस (OnePlus) और रियलमी (Realme) जैसे अपने सहयोगी ब्रैंड्स को एक यूनिफाइड ऑपरेटिंग स्ट्रक्चर (एकीकृत परिचालन ढांचे) के तहत एक ही छत के नीचे लाने की पूरी तैयारी कर चुका है।इस नई और आक्रामक बिजनेस स्ट्रैटेजी के तहत मुख्य बदलाव इस प्रकार होने जा रहे हैं:वनप्लस का नया रूप: वनप्लस को पूरे बीबीके (BBK) ग्रुप के एक प्राइमरी 'ऑनलाइन-फोकस्ड' स्मार्टफोन ब्रैंड के तौर पर नए सिरे से री-पोजीशन (स्थापित) किया जाएगा, जिसके तहत कंपनी बहुत ही सेलेक्टिव और प्रीमियम प्रोडक्ट लॉन्च स्ट्रैटेजी पर काम करेगी।रियलमी का अस्तित्व बदलेगा: वहीं दूसरी तरफ, रियलमी (Realme) ब्रैंड को लेकर भी एक बहुत बड़ा बदलाव होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि आगामी दिवाली फेस्टिव सीजन के खत्म होने के बाद रियलमी एक स्वतंत्र और इंडिपेंडेंट ब्रैंड के तौर पर काम करना बंद कर देगा और वह ओप्पो (Oppo) के अंतर्गत ही एक नई प्रोडक्ट स्मार्टफोन सीरीज में पूरी तरह तब्दील हो जाएगा। इस नई कॉरपोरेट रीस्ट्रक्चरिंग से भारतीय स्मार्टफोन बाजार की पूरी तस्वीर बदलने वाली है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 4:03 pm

अनुराग कुमार बनाए गए दिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर, संभालेंगे सतीश गोलचा की जगह

इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के पूर्व विशेष निदेशक अनुराग कुमार को दिल्ली पुलिस का नया कमिश्नर नियुक्त किया गया है। केंद्र सरकार ने सतीश गोलचा की रिटायरमेंट से पहले ही उन्हें पद से हटाते हुए अनुराग कुमार को कार्यभार सौंपा है।

देशबन्धु 17 Jul 2026 3:54 pm

सुप्रीम कोर्ट की स्पष्ट टिप्पणी: नागरिकता तय करना चुनाव आयोग का अधिकार नहीं

मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यदि किसी अपीलीय ट्रिब्यूनल द्वारा किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल न करने का निर्णय लिया जाता है, तब भी निर्वाचन आयोग स्वयं उसकी नागरिकता पर फैसला नहीं कर सकता।

देशबन्धु 17 Jul 2026 3:51 pm

यूपी, बिहार समेत कई राज्यों में अगले 7 दिनों तक होगी भारी बारिश, जानिए कहां-कहां बरसेंगे बादल

IMD ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में अगले 7 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जानिए कहां-कहां होगी मूसलाधार बारिश।

देशबन्धु 17 Jul 2026 3:50 pm

आईसीसी ने डोपिंग मामले मोहम्मद नवाज पर लगाया तीन महीने का प्रतिबंध

दुबई। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने पाकिस्तान के ऑलराउंडर मोहम्मद नवाज पर आईसीसी के एंटी-डोपिंग कोड का उल्लंघन करने के लिए तीन महीने का प्रतिबंध लगाया गया है। आईसीसी ने की ओर यह यह कार्रवाई इस साल की शुरुआत में पुरुषों के टी-20 विश्व कप के दौरान एक प्रतिबंधित पदार्थ लेने की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव […] The post आईसीसी ने डोपिंग मामले मोहम्मद नवाज पर लगाया तीन महीने का प्रतिबंध appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Jul 2026 3:44 pm

अलवर के उमरैन गांव में दो पक्षों मारपीट में घायल सौ वर्षीय वृद्धा की मौत

अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के उमरैन गांव में दो पक्षों के बीच हुए विवाद में घायल 100 वर्षीय बुजुर्ग महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला की मौत के बाद शुक्रवार को जिला अस्पताल परिसर में माहौल तनावपूर्ण हो गया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और नामजद […] The post अलवर के उमरैन गांव में दो पक्षों मारपीट में घायल सौ वर्षीय वृद्धा की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Jul 2026 3:39 pm

CBI Trap Doda J&K: जम्मू-कश्मीर में CBI की बड़ी कार्रवाई, PMGSY मुआवजा फाइल पास करने के बदले रिश्वत लेते PWD असिस्टेंट इंजीनियर रंगे हाथ गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर से भ्रष्टाचार के खिलाफ सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई सामने आई है। सीबीआई ने शुक्रवार (17 जुलाई) को जम्मू-कश्मीर लोक निर्माण विभाग (PWD) के एक असिस्टेंट इंजीनियर को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। देश की शीर्ष जांच एजेंसी द्वारा की गई इस औचक और बड़ी कार्रवाई से पूरे विभाग और प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया है। आरोपी इंजीनियर पर केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना' (PMGSY) के तहत क्षतिग्रस्त हुए एक स्थानीय नागरिक के मकान की मुआवजा राशि को स्वीकृत (क्लियर) करने के एवज में अवैध रूप से पैसे मांगने का गंभीर आरोप है।सीबीआई के आधिकारिक प्रवक्ता द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी इंजीनियर जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में PMGSY के तहत चल रहे बुनियादी ढांचा निर्माण कार्यों से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ था और वहां पीडब्ल्यूडी (PWD) में असिस्टेंट इंजीनियर के महत्वपूर्ण पद पर तैनात था।10 लाख रुपये के मुआवजे को लेकर फंसाया गया था पेंचसीबीआई से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले की नींव 16 जुलाई 2026 को दर्ज कराई गई एक लिखित शिकायत के बाद पड़ी। शिकायतकर्ता ने अपनी अर्जी में गंभीर आरोप लगाते हुए बताया था कि डोडा जिले के थथरी से कठावा (Thathri to Kathawa) के बीच बन रही PMGSY सड़क परियोजना के निर्माण कार्य के दौरान भारी मशीनों के उपयोग से उसका निजी मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त (टूटना) हो गया था। सरकारी नियमों के तहत इस नुकसान के बदले शिकायतकर्ता के पक्ष में करीब 10 लाख रुपये की भारी-भरकम मुआवजा राशि स्वीकृत की जानी थी। पीड़ित व्यक्ति पिछले काफी समय से इस वैध मुआवजे को पाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा था, लेकिन उसकी फाइल को जानबूझकर अटकाया जा रहा था।50 हजार से 30 हजार पर तय हुआ सौदा, सीबीआई ने बिछाया जालपीड़ित का आरोप है कि मुआवजे की आधिकारिक फाइल को आगे बढ़ाने और बैंक खाते में भुगतान की राशि जारी कराने की एवज में आरोपी असिस्टेंट इंजीनियर ने उसके साथ सीधा सौदा कर लिया। इंजीनियर ने बेखौफ होकर शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपये की मोटी घूस (रिश्वत) की मांग की। हालांकि, शिकायतकर्ता इतनी बड़ी रकम देने की स्थिति में नहीं था और उसने इसका विरोध किया। इसके बाद दोनों के बीच बंद कमरे में मोलभाव की बातचीत हुई, जिसमें इंजीनियर अंततः रिश्वत की राशि को कम करने के लिए तैयार हो गया और अंतिम सौदा 30 हजार रुपये में पक्का हुआ।इसके तुरंत बाद पीड़ित ने इस भ्रष्टाचार की सूचना सीबीआई को दी। सीबीआई ने 16 जुलाई को ही शिकायत के तथ्यों की प्राथमिक जांच की और मामला सही पाए जाने पर तुरंत जाल (Trap) बिछाया। जैसे ही शुक्रवार को शिकायतकर्ता तय सौदे के मुताबिक आरोपी असिस्टेंट इंजीनियर को 30 हजार रुपये की केमिकल युक्त नकद राशि सौंपने पहुंचा, पहले से घात लगाकर बैठी सीबीआई की विशेष टीम ने धाबा बोलकर आरोपी को रंगे हाथ दबोच लिया। सीबीआई प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि रंगे हाथ गिरफ्तारी के बाद आरोपी इंजीनियर को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। एजेंसी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की विस्तृत कानूनी जांच शुरू कर दी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 3:36 pm

रोहतक नगर निगम को बम से उड़ाने की खौफनाक धमकी: संयुक्त आयुक्त की ईमेल आईडी पर आया संदेश

हरियाणा के रोहतक जिले से इस वक्त की बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरियाणा दौरे और चंडीगढ़ सचिवालय को मिली धमकी की सुगबुगाहट के बीच अब रोहतक नगर निगम (Rohtak Municipal Corporation) को भी बम से उड़ाने की बेहद गंभीर और खौफनाक धमकी दी गई है। यह धमकी भरा संदेश रोहतक नगर निगम के संयुक्त आयुक्त (Joint Commissioner) की आधिकारिक ईमेल आईडी पर भेजा गया है। ईमेल के जरिए मिली इस सनसनीखेज धमकी के बाद से ही पूरे प्रशासनिक अमले, पुलिस महकमे और स्थानीय जनता में हड़कंप मच गया है। सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां तुरंत एक्शन में आ गई हैं और नगर निगम परिसर की सुरक्षा को अभेद्य बना दिया गया है।संयुक्त आयुक्त की ईमेल आईडी पर आया संदेश और मचा हड़कंपसूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रोहतक नगर निगम के संयुक्त आयुक्त को उनके आधिकारिक ईमेल पर एक अज्ञात पते से संदेश प्राप्त हुआ। इस ईमेल में बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए दावा किया गया कि नगर निगम की इमारत में बम प्लांट किया गया है और इसे जल्द ही उड़ा दिया जाएगा। जैसे ही इस ईमेल की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को मिली, तुरंत पुलिस विभाग को सूचित किया गया। रोहतक पुलिस के आला अधिकारी, भारी पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad) और डॉग स्क्वायड की टीम आनन-फानन में मौके पर पहुंच गई।नगर निगम परिसर को खाली कराकर शुरू की गई सघन तलाशीसुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए नगर निगम की पूरी बहुमंजिला इमारत को खाली करवा लिया। वहां मौजूद सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और अपने काम से आए आम नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद बम निरोधक दस्ते और खोजी कुत्तों की मदद से कार्यालय के चप्पे-चप्पे, फाइलों के रैक, पार्किंग एरिया और बेसमेंट की बेहद बारीकी से तलाशी ली गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में अभी तक कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोई भी कसर नहीं छोड़ी जा रही है।साइबर सेल सक्रिय, ईमेल भेजने वाले आईपी एड्रेस की जांच तेजइस सनसनीखेज धमकी के पीछे किसका हाथ है, इसका पता लगाने के लिए रोहतक पुलिस की साइबर सेल और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को काम पर लगा दिया गया है। जिस ईमेल आईडी से यह धमकी भरा संदेश भेजा गया है, उसके आईपी एड्रेस (IP Address) और ओरिजिन को ट्रेस किया जा रहा है। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह किसी शरारती तत्व की महज एक 'हॉक्स कॉल' (झूठी अफवाह) थी या फिर इसके पीछे किसी बड़ी साजिश या असामाजिक संगठन का हाथ है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।रोहतक और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ीचंडीगढ़ सचिवालय को मिली धमकी के बाद रोहतक नगर निगम को निशाना बनाने की इस धमकी ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके मद्देनजर पूरे रोहतक शहर, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य भीड़भाड़ वाले संवेदनशील सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस की गश्त और बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने भी आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत डायल 112 या स्थानीय पुलिस स्टेशन को देने को कहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 3:36 pm

राम-राम.. यो कोई साधारण धरती नहीं सै! जब मंच से हरियाणवी बोले पीएम नरेंद्र मोदी

हरियाणा की वीर और समृद्ध धरा पर आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर अपने अनूठे और ठेठ देसी अंदाज से लाखों लोगों का दिल जीत लिया। दिल्ली-एनसीआर, रोहतक, हिसार, जींद और सोनीपत समेत पूरे हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पीएम मोदी के इस भाषण की जबरदस्त चर्चा हो रही है। मंच पर आते ही जैसे ही प्रधानमंत्री ने हरियाणवी लहजे में 'राम-राम.. यो कोई साधारण धरती नहीं सै' कहकर जनता का अभिवादन किया, वैसे ही पूरा सभा स्थल 'मोदी-मोदी' के नारों से सराबोर हो गया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने हरियाणा की बेमिसाल संस्कृति, यहां के वीर जवानों, जांबाज खिलाड़ियों और यहां के पारंपरिक खान-पान की जमकर सराहना की।मुर्रा भैंस का दूध-दही और देसी बूरा का स्वाद नहीं भूलाहरियाणा के सुप्रसिद्ध खान-पान का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेहद भावुक और गदगद नजर आए। उन्होंने कहा कि हरियाणा की पहचान 'दूध-दही का खाणा' से है। पीएम ने विशेष रूप से यहां की शान कही जाने वाली 'मुर्रा भैंस' के पौष्टिक दूध-दही और पारंपरिक 'देसी बूरा' का उल्लेख किया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि हरियाणा के गांवों में मिलने वाले असली दूध-दही और पारंपरिक व्यंजनों का जो स्वाद उन्होंने चखा है, उसे वे आज तक नहीं भूल पाए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि यही पौष्टिक और शुद्ध आहार यहां के युवाओं को इतनी ताकत देता है कि वे खेल के मैदान से लेकर सेना की सीमाओं तक देश का नाम रोशन करते हैं।सावन के महीने में घेवर के लाजवाब स्वाद की यादें हुईं ताजामानसून और सावन के इस बेहद खूबसूरत मौसम में हरियाणा के पारंपरिक मिष्ठान 'घेवर' का जिक्र करना पीएम मोदी नहीं भूले। उन्होंने कहा कि सावन के त्योहारों में मिलने वाले मीठे और स्वादिष्ट घेवर का स्वाद लाजवाब होता है। हरियाणा की खातिरदारी और मेहमाननवाजी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि यहां के लोग जितने दिलदार हैं, उनका खान-पान भी उतना ही लाजवाब और समृद्ध है। पीएम के इस बयान ने स्थानीय लोगों और हलवाई एसोसिएशन के चेहरों पर भी मुस्कान ला दी है, जो सावन के इस महीने में बड़े पैमाने पर घेवर तैयार करने में जुटे हैं।खिलाड़ियों और जवानों की इस खान को पीएम मोदी ने किया नमनअपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हरियाणा केवल कृषि या पशुपालन में ही नंबर वन नहीं है, बल्कि यह देश के रक्षकों और चैंपियनों की भी भूमि है। उन्होंने कहा कि यह कोई साधारण धरती नहीं है; इस मिट्टी ने देश को महान स्वतंत्रता सेनानी, सीमा पर रक्षा करने वाले वीर जवान और ओलंपिक व राष्ट्रमंडल खेलों में तिरंगे का मान बढ़ाने वाले जांबाज खिलाड़ी दिए हैं। पीएम ने कहा कि जब भी देश पर कोई संकट आता है या खेल के मैदान में पदक जीतने की बात होती है, तो हरियाणा का युवा सबसे आगे खड़ा दिखाई देता है।स्थानीय किसानों और पशुपालकों के योगदान को सराहाप्रधानमंत्री ने हरियाणा के मेहनती किसानों और पशुपालकों की पीठ थपथपाते हुए कहा कि आज उनके कड़े परिश्रम की बदौलत ही देश खाद्य सुरक्षा के मामले में आत्मनिर्भर बना हुआ है। मुर्रा नस्ल की भैंसों के संरक्षण और वैज्ञानिक तरीके से डेयरी फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए चल रही सरकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि सरकार हमेशा किसानों और डेयरी संचालकों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। पीएम मोदी के इस आत्मीय और जमीनी भाषण ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे देश की लोक संस्कृति और आम जनमानस से कितनी गहराई से जुड़े हुए हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 3:34 pm

CM Yogi Adityanath Shamli Speech: 2017 से पहले 'जय श्रीराम' बोलने पर चलती थीं लाठियां और गोलियां, आज कांवड़ यात्रा पर होती है पुष्प वर्षा: सीएम योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शामली में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। सीएम योगी ने कहा कि जो लोग आज आस्था की वकालत करते दिख रहे हैं, ये वही लोग हैं जो साल 2017 के पहले प्रदेश में 'जय श्रीराम' बोलने पर लाठियां मारते थे, गोली चलाते थे और कावंड़ यात्रा को पूरी तरह प्रतिबंधित किया करते थे। आगामी कांवड़ यात्रा को लेकर कांवड़ संघों और शिवभक्तों से अनुशासन बनाए रखने की विशेष अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में धैर्य और मर्यादा हमारी सबसे बड़ी पूंजी होनी चाहिए, इसलिए छोटी-छोटी बातों को लेकर कहीं पर भी किसी तरह की हुड़दंगई या विवाद नहीं होना चाहिए।मुख्यमंत्री ने आगाह करते हुए कहा कि अगर यात्रा के दौरान कहीं कोई हुड़दंगई या अनुशासनहीनता होगी, तो विरोधी दल इस प्रकार के दृश्यों को नोट करके रखेंगे। इसके बाद वे येन-केन-प्रकारेण (किसी भी तरह से) अन्य जगहों से दबाव बनाकर कांवड़ यात्रा को पहले की तरह बाधित करने की कोशिश करेंगे। सीएम योगी ने साफ शब्दों में कहा कि अगर कोई गलत या असामाजिक व्यक्ति भक्तों के बीच आकर उपद्रव करने की कोशिश करता है, तो उसे पहले ही पहचान कर यात्रा से बाहर कर दीजिए।डबल इंजन सरकार में आस्था का सम्मान, पर मर्यादा जरूरीअपनी मर्यादा को समझने की नसीहत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “कांवड़ यात्रा के सुचारू संचालन के लिए सरकार भक्तों की सुरक्षा, सुविधा और उनकी भक्ति को साकार करने को लेकर हर संभव सहयोग कर रही है। यही डबल इंजन की सरकार है जो जनता की आस्था का सम्मान करती है और कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा करती है, लेकिन इसके बदले में हम सभी श्रद्धालुओं को अपनी मर्यादाओं और सीमाओं को अच्छी तरह समझना होगा।”विपक्ष का नाम लिए बगैर मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले की सरकारें न सिर्फ कांवड़ यात्रा पर रोक लगाती थीं, बल्कि कृष्ण जन्माष्टमी के भव्य आयोजनों को भी रोक दिया जाता था। रामनवमी की पावन शोभायात्राओं को निकलने की अनुमति नहीं मिलती थी और धार्मिक स्थलों की संपत्तियों पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया जाता था। लेकिन आज के उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा को कोई रोक नहीं सकता और पूरा प्रशासनिक अमला शिवभक्तों की सेवा के लिए सड़कों पर तैनात है। उन्होंने याद दिलाया कि हम सब प्रभु श्रीराम के वंशज और भगवान भोलेनाथ के परम भक्त हैं, इसलिए हमारा आचरण भी वैसा ही होना चाहिए।सपा-कांग्रेस पर डेमोग्राफी बदलने और 'जिन्ना के उपासक' होने का आरोपराजनीतिक मोर्चे पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ये लोग राज्य की डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी) को बदलने की गहरी साजिश रच रहे थे। विपक्ष को 'जिन्ना का उपासक और अनुयायी' बताते हुए सीएम ने कहा कि इन्हीं की नीतियों की वजह से पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हिंदुओं का पलायन हो रहा था।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि कैराना और कांधला से जो पलायन हुआ, वह कोई सामान्य बात नहीं थी बल्कि एक सोची-समझी शरारत के तहत यहाँ की डेमोग्राफी को बदलने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने जनता को आगाह किया कि ये राजनीतिक दल चुनाव और स्वार्थ के लिए समाज को जातियों में बांटने का काम करेंगे, जिससे सभी को सावधान रहने की जरूरत है।सैफई के नौकरी सिंडिकेट और माफियाओं के सफाए पर गर्जे सीएमउत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और माफियाराज के खात्मे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने अपने पुराने वादों को याद दिलाया। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा, “हमने प्रदेश की जनता से वादा किया था कि यूपी में या तो माफिया जेल के भीतर होगा या उसका पूरी तरह सफाया हो जाएगा, आज सरकार ने उसे सच कर दिखाया है।” उन्होंने पिछली सरकारों के भ्रष्टाचार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले युवाओं की सरकारी नौकरी का सिंडिकेट अकेले 'सैफई' से संचालित होता था, जहां भाई-भतीजावाद का बोलबाला था, लेकिन आज पूरी पारदर्शिता के साथ युवाओं को रोजगार मिल रहा है।बिजली और औद्योगिक विकास का जिक्र करते हुए सीएम आदित्यनाथ ने कहा कि आज से 10 साल पहले उत्तर प्रदेश के लोग बिजली की एक-एक बूंद (आपूर्ति) के लिए तरसते थे, लेकिन आज हर शहर और गांव में बिना किसी भेदभाव के निर्बाध बिजली पहुंच रही है। किसानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सपा और बसपा की सरकारों के दौरान प्रदेश की 29 महत्वपूर्ण चीनी मिलें बंद हो गई थीं और इन लोगों ने चीनी मिलों को औने-पौने दामों में बेच दिया था। इसके विपरीत, आज भाजपा सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड 122 चीनी मिलें पूरी क्षमता के साथ सफलतापूर्वक चल रही हैं और किसानों को उनका हक मिल रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 3:34 pm

PM मोदी के चंडीगढ़ दौरे से ठीक पहले दहलाने की साजिश? पंजाब-हरियाणा सचिवालय को बम से उड़ाने की मिली धमकी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चंडीगढ़ आगमन से ठीक पहले देश की आंतरिक सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश समेत पूरे उत्तर भारत में इस खबर के बाद से हड़कंप मच गया है। दरअसल, चंडीगढ़ स्थित पंजाब और हरियाणा के संयुक्त सचिवालय (Civil Secretariat) को बम से उड़ाने की एक बेहद सनसनीखेज और गंभीर धमकी मिली है। सुरक्षा एजेंसियों को मिले इस धमकी भरे पत्र में साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो सचिवालय को बम धमाकों से दहला दिया जाएगा। इस बड़ी धमकी के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे चंडीगढ़ को हाई अलर्ट पर रखते हुए चप्पे-चप्पे पर पहरा बिठा दिया है।'सतलुज मूवी' पर रोक लगाने की मांग, धमकी भरे पत्र में खौफनाक चेतावनीचंडीगढ़ पुलिस और खुफिया विभागों को मिले इस लिखित पत्र में 'सतलुज' नामक एक पंजाबी फिल्म का जिक्र किया गया है। पत्र भेजने वाले सिरफिरे या असामाजिक तत्व ने मांग की है कि इस फिल्म के प्रदर्शन पर तुरंत और पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। पत्र में लिखा गया है कि 'सतलुज मूवी पर रोक लगाई गई है' और यदि इस पर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो सचिवालय की इमारत को उड़ाने से कोई नहीं रोक पाएगा। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं कि इस पत्र के पीछे किस शरारती तत्व या राष्ट्रविरोधी संगठन का हाथ है।पीएम मोदी के आगमन को लेकर चंडीगढ़ में सुरक्षा बेहद सख्त, अलर्ट पर कमांडोयह धमकी इसलिए भी बेहद संवेदनशील और डराने वाली है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बेहद महत्वपूर्ण चंडीगढ़ दौरा होने वाला है। पीएम मोदी के आगमन को लेकर चंडीगढ़ पुलिस, पंजाब पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल पहले से ही सुरक्षा तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। ऐसे नाजुक वक्त में सचिवालय को निशाना बनाने की धमकी मिलने के बाद वीवीआईपी सुरक्षा घेरे को और ज्यादा मजबूत कर दिया गया है। चंडीगढ़ पुलिस की बम निरोधक टीम (Bomb Disposal Squad) और डॉग स्क्वायड ने तुरंत एक्शन में आते हुए पूरे सचिवालय परिसर, उसके आसपास के रास्तों और संवेदनशील सरकारी कार्यालयों की सघन जांच शुरू कर दी है।पंजाब और हरियाणा सचिवालय में बढ़ाई गई निगरानी, आम जनता के लिए सुरक्षा अलर्टइस गंभीर इनपुट के बाद चंडीगढ़ के सेक्टर-1 स्थित पंजाब-हरियाणा सचिवालय की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर कड़े बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं। यहां आने-जाने वाले हर वाहन की सघन तलाशी ली जा रही है। सचिवालय में काम करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के पहचान पत्रों की कड़ाई से जांच की जा रही है, जबकि आम जनता और बाहरी विजिटर्स के प्रवेश पर अस्थायी तौर पर कुछ कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं। चंडीगढ़ पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु या संदिग्ध व्यक्ति को देखते ही तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या कंट्रोल रूम को सूचित करें।खुफिया एजेंसियां खंगाल रही हैं धमकी भरे पत्र का असली कनेक्शनइस बीच, खुफिया एजेंसियां और साइबर सेल की टीमें इस पत्र के असली स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई हैं। पत्र की हैंडराइटिंग, उसे भेजने का स्थान और उसमें इस्तेमाल किए गए शब्दों की गहरी फॉरेंसिक जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पंजाब और हरियाणा की आपसी शांति व भाईचारे को बिगाड़ने की या फिर वीवीआईपी दौरे के दौरान कानून-व्यवस्था को चुनौती देने की एक बड़ी शरारत भी हो सकती है। हालांकि, पुलिस किसी भी स्तर पर जरा सी भी ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है और चंडीगढ़ की सुरक्षा को पूरी तरह से अभेद्य बना दिया गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 3:32 pm

बुलंदशहर में BJP के इन 3 विधायकों का कटेगा टिकट? 18 जुलाई को बुलंदशहर आ रहे CM योगी आदित्यनाथ दे सकते हैं बहुत बड़ा हिंट

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर अभी से सियासी सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। देश के सबसे बड़े सूबे की सत्ता पर दोबारा काबिज होने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जमीनी स्तर पर अपनी रणनीतियों को धार देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में सबसे बड़ी हलचल पश्चिम उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से सामने आ रही है। बुलंदशहर, नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ समेत पूरे एनसीआर व पश्चिमी यूपी के राजनीतिक गलियारों में इस बात की पुरजोर चर्चा है कि भाजपा इस बार बुलंदशहर की कुछ विधानसभा सीटों पर बड़ा फेरबदल करने जा रही है। सूत्रों की मानें तो जिले के 3 मौजूदा विधायकों (MLAs) का टिकट कटने की तलवार लटक रही है। इस बीच, 18 जुलाई को सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ बुलंदशहर के दौरे पर पहुंच रहे हैं, जिससे इन अटकलों को और अधिक बल मिल गया है।इन 3 विधायकों के टिकट कटने की क्यों तेज हुई चर्चा?बुलंदशहर जिले में कुल 7 विधानसभा सीटें हैं, और पिछले चुनावों में भाजपा ने यहां बेहतरीन प्रदर्शन किया था। लेकिन आगामी चुनाव के मद्देनजर पार्टी द्वारा कराए जा रहे आंतरिक सर्वे और स्थानीय जनता के फीडबैक ने कुछ विधायकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चर्चा है कि पार्टी इस बार 'एंटी-इन्कंबेंसी' (विधायकों के प्रति जनता की नाराजगी) को कम करने के लिए नए चेहरों पर दांव खेल सकती है। जिन तीन विधायकों के टिकट कटने की सबसे ज्यादा सुगबुगाहट है, उनमें स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने, विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और जनता के बीच कम सक्रियता रहने के आरोप लग रहे हैं। हालांकि, पार्टी हाईकमान की ओर से अभी किसी के नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है, लेकिन विधायकों के खेमे में इस चर्चा ने बेचैनी जरूर पैदा कर दी है।18 जुलाई को सीएम योगी आदित्यनाथ का बुलंदशहर दौरा क्यों है बेहद खास?18 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुलंदशहर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करने और कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण करने पहुंच रहे हैं। स्थानीय विश्लेषकों का मानना है कि सीएम योगी का यह दौरा केवल विकास कार्यों की सौगात देने तक सीमित नहीं रहेगा। मंच से दिए जाने वाले उनके भाषण, स्थानीय नेताओं के साथ उनकी बंद कमरे में होने वाली संगठनात्मक बैठक और विधायकों के साथ उनकी बॉडी लैंग्वेज से यह साफ हो जाएगा कि बुलंदशहर की सियासत किस करवट बैठने वाली है। सीएम योगी का यह दौरा टिकट के दावेदारों के लिए अपनी ताकत दिखाने का सबसे बड़ा मौका है, वहीं मौजूदा विधायकों के लिए अपनी परफॉर्मेंस रिपोर्ट कार्ड पेश करने की अंतिम परीक्षा भी।पश्चिम यूपी को साधने के लिए बीजेपी का नया सोशल इंजीनियरिंग फॉर्मूलापश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति हमेशा से ही किसान आंदोलनों, जातीय समीकरणों और ध्रुवीकरण के इर्द-गिर्द घूमती रही है। बुलंदशहर जिला जाट, गुर्जर, लोध और ठाकुर मतदाताओं के प्रभाव वाला क्षेत्र माना जाता है। भाजपा के रणनीतिकार जानते हैं कि अगर 2027 के महासमर को जीतना है, तो बुलंदशहर की सातों सीटों पर मजबूत और जिताऊ उम्मीदवारों को ही उतारना होगा। टिकट काटने के पीछे पार्टी की मंशा साफ है—वह किसी भी कीमत पर कमजोर कड़ियों को मौका देकर विपक्षी गठबंधन को बढ़त बनाने का अवसर नहीं देना चाहती। यही वजह है कि नए और बेदाग चेहरों को आगे लाने की तैयारी की जा रही है।बुलंदशहर के टिकटार्थियों ने लखनऊ से दिल्ली तक लगाई दौड़टिकट कटने की खबरों के बीच जिले के मौजूदा विधायकों और नए टिकटार्थियों ने लखनऊ में प्रदेश मुख्यालय से लेकर दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व तक अपनी पैरवी तेज कर दी है। हर कोई अपने-अपने आकाओं के जरिए अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटा हुआ है। 18 जुलाई के इस हाई-प्रोफाइल दौरे के बाद पश्चिमी यूपी की राजनीति में बड़े सियासी घटनाक्रम की उम्मीद जताई जा रही है। अब यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने इस दौरे से बुलंदशहर के इन तीनों विधायकों के राजनीतिक भविष्य का फैसला कर जाएंगे या फिर चुनावी रण में इन्हें एक और मौका मिलेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 3:31 pm

NPS Rule Change: सरकारी कर्मचारियों के NPS खाते में देरी से पैसा आया तो सरकार देगी ब्याज, लापरवाही करने वाले अधिकारी की जेब से कटेगा पैसा

अगर आप एक सरकारी कर्मचारी हैं और आपके वेतन से हर महीने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) का अंशदान कट तो रहा है, लेकिन वह समय पर आपके पेंशन खाते में रिफ्लेक्ट या जमा नहीं हो रहा है, तो यह नई गाइडलाइन आपके लिए एक बहुत बड़ी राहत लेकर आई है। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग (Department of Expenditure-DoE) ने देश के सभी सरकारी विभागों और मंत्रालयों के लिए बेहद सख्त और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने कहा है कि हर हाल में कर्मचारियों का NPS योगदान एक तय समय-सीमा के भीतर पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) के पास जमा हो जाना चाहिए। वित्त मंत्रालय का मानना है कि अंशदान जमा होने में थोड़ी सी भी देरी से कर्मचारियों के रिटायरमेंट फंड पर सीधा और नकारात्मक असर पड़ता है, जिससे बाजार में उनका निवेश बढ़ने का सही मौका हाथ से निकल जाता है।देरी होने पर PPF दर से मिलेगा मुआवजा, कर्मचारियों का नुकसान खत्मवित्त मंत्रालय के व्यय विभाग (DoE) द्वारा 13 जुलाई 2026 को जारी किए गए एक आधिकारिक कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum) में कर्मचारियों के हित में एक बड़ा फैसला सुनाया गया है। इस आदेश के अनुसार, यदि किसी भी सरकारी कर्मचारी का मासिक NPS अंशदान प्रशासनिक कारणों या लापरवाही की वजह से तय समय के बाद उसके पेंशन खाते में क्रेडिट होता है, तो सरकार उस कर्मचारी को देरी की पूरी अवधि का उचित ब्याज देगी।यह मुआवजा ब्याज दर पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) की उस समय लागू आधिकारिक ब्याज दर के ठीक बराबर होगा। वर्तमान में पीपीएफ पर 7.1% सालाना ब्याज मिल रहा है, जिसका सीधा मतलब यह है कि विभाग या बैंक की किसी भी लापरवाही का आर्थिक खामियाजा अब कर्मचारियों को नहीं भुगतना पड़ेगा और उन्हें उनके पैसे पर पूरा रिटर्न सुनिश्चित किया जाएगा।अधिकारियों की जेब से होगी वसूली, 31 जुलाई तक मांगी एक्शन रिपोर्टवित्त मंत्रालय इस नए नियम को लेकर बेहद गंभीर है। कार्यालय ज्ञापन में साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि यदि NPS का पैसा समय पर जमा न होने के पीछे किसी भी तरह की प्रशासनिक ढिलाई या लापरवाही पाई जाती है, तो इसके लिए संबंधित अधिकारियों की सीधी जवाबदेही (Accountability) तय की जाएगी। किसी भी ऐसे मामले में संबंधित विभागाध्यक्ष (Head of Department) या मुख्य लेखा नियंत्रक (Chief Controller of Accounts) को पूरे प्रकरण की गहन जांच करने के आदेश दिए गए हैं।यदि जांच के दौरान किसी अधिकारी या कर्मचारी की गलती या सुस्ती प्रमाणित होती है, तो पीड़ित कर्मचारी को सरकार द्वारा दिए गए ब्याज की पूरी राशि की भरपाई (वसूली) उसी दोषी अधिकारी के वेतन या पॉकेट से कराई जाएगी। इसके साथ ही, लापरवाही बरतने वाले अधिकारी के खिलाफ गंभीर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू की जा सकती है।TDS नियमों की तर्ज पर कसेगा शिकंजा, क्यों अहम है यह फैसला?सरकार ने इस वित्तीय लापरवाही को रोकने के लिए ठीक वैसा ही फॉर्मूला अपनाया है जैसा टैक्स चोरी या देरी पर लागू होता है। आधिकारिक आदेश के मुताबिक, दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी और आर्थिक दंड तय करने का तरीका बिल्कुल वैसा ही होगा, जैसा आयकर अधिनियम, 1961 (Income Tax Act) की धारा 201(1A) के तहत TDS जमा करने में देरी करने वाले डिफॉल्टरों के मामलों में अपनाया जाता है।इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए वित्त मंत्रालय ने सभी सरकारी महकमों से यह रिपोर्ट मांगी है कि अब तक ऐसे मामलों में क्या-क्या कदम उठाए गए हैं। इसकी पूरी विस्तृत रिपोर्ट 31 जुलाई 2026 तक मंत्रालय को सौंपनी होगी। साथ ही सभी विभागाध्यक्षों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्तर पर एक ऐसी फुल-प्रूफ प्रणाली बनाएं जिससे भविष्य में किसी भी कर्मचारी का NPS अंशदान एक दिन भी लेट न हो।कर्मचारियों के लिए इसका महत्व: चूंकि NPS एक मार्केट-लिंक्ड लॉन्ग टर्म रिटायरमेंट सेविंग स्कीम है, इसलिए इसमें हर एक दिन का समय पर निवेश बेहद मायने रखता है। समय पर पैसा न जुटने से चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding) का नुकसान होता है। सरकार के इस कदम से न सिर्फ कर्मचारियों के बुढ़ापे की पूंजी सुरक्षित होगी, बल्कि सरकारी दफ्तरों के भीतर काम करने के ढर्रे में भी एक बड़ी जवाबदेही और पारदर्शिता देखने को मिलेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 3:30 pm

उप मुख्यमंत्री बनाएंगे तो बनेंगे, कौन छोड़ता है', यूपी चुनाव से पहले ओपी राजभर ने खुलकर जताई अपनी बड़ी इच्छा

उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर अभी से ही शह और मात का खेल शुरू हो चुका है। लखनऊ, पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी से लेकर दिल्ली के सियासी गलियारों तक हर जगह गठबंधन और रणनीतियों को लेकर मंथन जारी है। इसी बीच उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे बेबाक और कद्दावर नेताओं में शुमार, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर (OP Rajbhar) ने एक ऐसा बयान दे दिया है जिसने भारतीय जनता पार्टी (BJP) समेत पूरे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर हलचल तेज कर दी है। राजभर ने मीडिया के सामने खुलकर अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा जाहिर करते हुए कहा है कि अगर उन्हें उत्तर प्रदेश का उप मुख्यमंत्री (Deputy CM) बनाया जाएगा तो वे इस पद को जरूर स्वीकार करेंगे।'कौन छोड़ता है उप मुख्यमंत्री का पद?' – राजभर का दोटूक बयानओपी राजभर से जब पत्रकारों ने आगामी चुनाव के बाद उनकी भूमिका और डिप्टी सीएम बनने की संभावनाओं को लेकर सवाल पूछा, तो उन्होंने अपनी चिर-परिचित बेबाक शैली में जवाब दिया। राजभर ने मुस्कुराते हुए कहा, 'अगर उप मुख्यमंत्री बनाएंगे तो बनेंगे, कौन छोड़ता है भाई?' उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। राजभर के इस सीधे और साफ संदेश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह आगामी विधानसभा चुनावों में एनडीए के भीतर अपनी पार्टी और स्वयं के लिए एक बहुत बड़ी और मजबूत भूमिका की उम्मीद कर रहे हैं।पूर्वांचल की राजनीति में बेहद रसूखदार हैं ओम प्रकाश राजभरओपी राजभर का यह बयान केवल एक सामान्य इच्छा नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी राजनीतिक बिसात छिपी हुई है। राजभर समाज और अति पिछड़े वर्ग (OBC) के मतदाताओं पर पूर्वांचल के गाजीपुर, मऊ, बलिया, जौनपुर, वाराणसी और आजमगढ़ जैसे जिलों में सुभासपा की बेहद मजबूत पकड़ मानी जाती है। यूपी की सत्ता के गलियारे तक पहुंचने में पूर्वांचल की भूमिका हमेशा से निर्णायक रही है। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले अपनी इस मांग को सार्वजनिक कर राजभर ने बीजेपी हाईकमान को अपनी ताकत और अपनी अहमियत का अहसास कराने की कोशिश की है।क्या राजभर की इस मांग से असहज होगी बीजेपी?राजभर के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश भाजपा के भीतर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। यूपी में पहले से ही जातीय समीकरणों को साधने के लिए कई बड़े चेहरे मौजूद हैं। ऐसे में राजभर द्वारा सीधे तौर पर डिप्टी सीएम पद की दावेदारी ठोकने से एनडीए के अन्य सहयोगी दलों के भीतर भी सुगबुगाहत बढ़ सकती है। हालांकि, बीजेपी के स्थानीय और केंद्रीय नेतृत्व ने इस बयान पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन अंदरखाने यह माना जा रहा है कि टिकट बंटवारे और चुनाव बाद के मंत्रिमंडल गठन को लेकर सहयोगियों के बीच मोलतोल का दौर अब बेहद दिलचस्प होने वाला है।चुनाव से पहले जातीय समीकरणों को साधने की बड़ी कवायदउत्तर प्रदेश की सत्ता पर दोबारा काबिज होने के लिए हर राजनीतिक दल इस समय अति पिछड़े और दलित वोट बैंक को अपने पाले में करने की पुरजोर कोशिश कर रहा है। राजभर इस वोट बैंक के एक बड़े नेता के तौर पर खुद को स्थापित कर चुके हैं। उनके इस बयान को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है ताकि उनके समर्थक और मतदाता यह समझ सकें कि सुभासपा केवल गठबंधन का हिस्सा नहीं है, बल्कि वह सरकार में शीर्ष स्तर पर भागीदारी की हकदार है। अब देखना होगा कि बीजेपी के शीर्ष रणनीतिकार राजभर की इस खुली इच्छा को किस तरह से संभालते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 3:29 pm

सतीश गौतम का बड़ा बयान: 'गोल टोपी और लंबी दाढ़ी वाले बना रहे फर्जी अकाउंट', समाज से की भाईचारा बनाए रखने की अपील

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर सांसद सतीश गौतम (Satish Gautam) अपने बेबाक बयानों को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। अलीगढ़, लखनऊ, नोएडा और दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में उनके ताजा बयान ने नई बहस छेड़ दी है। सांसद सतीश गौतम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से बढ़ रहे फर्जी अकाउंट्स और फेक न्यूज पर चिंता व्यक्त करते हुए एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने सीधे तौर पर निशाना साधते हुए कहा है कि 'गोल टोपी और लंबी दाढ़ी वाले लोग' फर्जी नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल करके सोशल मीडिया पर आईडी बना रहे हैं और समाज का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।फेक आईडी के जरिए नफरत फैलाने की साजिश का दावासांसद सतीश गौतम ने आरोप लगाया है कि कुछ असामाजिक तत्व सोची-समझी साजिश के तहत हिंदू नामों से फर्जी प्रोफाइल तैयार करते हैं और फिर उनके जरिए भड़काऊ व आपत्तिजनक पोस्ट साझा करते हैं। सांसद ने कहा कि जब इन प्रोफाइल्स की गहराई से जांच की जाती है, तो इनके पीछे गोल टोपी पहनने वाले और लंबी दाढ़ी रखने वाले लोगों का असली चेहरा सामने आता है। उन्होंने दावा किया कि इस तरह के कृत्यों का एकमात्र उद्देश्य बहुसंख्यक समाज को गुमराह करना, सोशल मीडिया पर अविश्वास पैदा करना और दो समुदायों के बीच नफरत की दीवार खड़ी करना है।साइबर सेल से की सख्त कार्रवाई की मांगइस गंभीर मुद्दे पर बोलते हुए अलीगढ़ के सांसद ने पुलिस प्रशासन और साइबर सुरक्षा एजेंसियों से तत्काल कड़े कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ और आसपास के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संवेदनशील इलाकों में ऐसे तत्वों पर कड़ी नजर रखी जानी चाहिए जो डिजिटल स्पेस का दुरुपयोग कर रहे हैं। सांसद गौतम ने मांग की कि फर्जी अकाउंट्स बनाने और उनके माध्यम से सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले अपराधियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि कोई भी सोशल मीडिया के जरिए शांति भंग करने की हिम्मत न कर सके।समाज से की भाईचारा और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपीलअपने बयान के अंत में सांसद सतीश गौतम ने सभी धर्मों और वर्गों के लोगों से शांति, संयम और आपसी भाईचारा बनाए रखने की पुरजोर अपील की। उन्होंने जनता से अनुरोध किया कि वे सोशल मीडिया पर आने वाली किसी भी अपुष्ट या भड़काऊ खबर पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और न ही उसे आगे शेयर करें। सांसद ने कहा कि अलीगढ़ की गंगा-जमुनी तहजीब बेहद मजबूत है और सभी को मिलकर डिजिटल दुनिया के इन षड्यंत्रकारियों को नाकाम करना होगा ताकि समाज में एकता और शांति का माहौल हमेशा बना रहे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 3:27 pm

अनुराग कुमार दिल्ली के नए पुलिस आयुक्त नियुक्त

नई दिल्ली। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी अनुराग कुमार को दिल्ली पुलिस का नया आयुक्त नियुक्त किया गया है। वे राष्ट्रीय राजधानी के पुलिस बल के प्रमुख के रूप में कार्यरत सतीश गोलचा का स्थान लेंगे। केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक आदेश के अनुसार अरूणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम-केंद्रशासित प्रदेश (एजीएमयूटी) संवर्ग के 1994 बैच के […] The post अनुराग कुमार दिल्ली के नए पुलिस आयुक्त नियुक्त appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Jul 2026 3:23 pm

CM योगी की कांवड़ियों से अपील, अनुशासन बनाए रखें, हुड़दंग से बचें

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों से अनुशासन, धैर्य और मर्यादा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के हुड़दंग से विरोधी यात्रा को बदनाम करने की कोशिश कर सकते हैं।

वेब दुनिया 17 Jul 2026 3:00 pm

शामली से योगी का विपक्ष पर तीखा वार, बोले-'जिन्ना के उपासक' विकास और विरासत के विरोधी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को शामली में 581 करोड़ रुपये की लागत वाली 89 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए दोनों दलों को 'जिन्ना का उपासक' बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2017 से पहले विकास कार्य ठप थे, बिजली, सुरक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं बदहाल थीं, लेकिन डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश की तस्वीर और तकदीर बदल दी है।

देशबन्धु 17 Jul 2026 2:54 pm

एक और खौफनाक कांड! पत्नी ने लाइव लोकेशन शेयर कर प्रेमी से करवाया पति का कत्ल

Chittoor Husband Murder Case: अभी पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की आंच ठंडी भी नहीं हुई थी, जहां उसकी मंगेतर सिया गोयल ने अपने होने वाले पति को मौत की खाई में धकेल दिया था। ठीक वैसा ही दिल दहला देने वाला एक और मामला आंध्र प्रदेश के ...

वेब दुनिया 17 Jul 2026 2:54 pm

Banyan Tree Benefits: शीघ्रपतन और वीर्य के पतलेपन से हैं परेशान? आयुर्वेद में छिपा है बरगद के फल और दूध का यह पारंपरिक नुस्खा

Banyan Tree Sex Health Benefits: आयुर्वेद में बरगद (वट वृक्ष) के फल और दूध को पुरुषों के यौन स्वास्थ्य जैसे शीघ्रपतन और शुक्राणुओं की कमी को दूर करने में बेहद गुणकारी माना गया है। जानिए इसके इस्तेमाल का सही तरीका।

वेब दुनिया 17 Jul 2026 2:52 pm