'शूटरों का एनकाउंटर का करो', अंकित बालियान के परिजनों का गुस्सा फूटा
यूपी के शामली में सिंगर अंकित बालियान की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। राखी से ठीक पहले हुई इस वारदात से परिजनों में मातम और भारी आक्रोश है। वे पुलिस से हत्यारों के एनकाउंटर की मांग कर रहे हैं। इधर, हरियाणा की गोगी गैंग ने सोशल मीडिया पर इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली है। .
ढोल बजाकर बच्चों ने किया प्रदर्शन, खतरनाक पेड़ों को हटाने की मांग
पौड़ी गढ़वाल में छात्र-छात्राओं ने स्कूल के रास्ते में खतरनाक और जर्जर पेड़ों को हटाने की मांग को लेकर वन विभाग के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. पिछले एक साल से प्रशासन और वन विभाग को कई बार लिखित शिकायतें देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई. वन विभाग ने अब कागजी औपचारिकताएं पूरी होने का दावा करते हुए पेड़ों को जल्द हटाने का आश्वासन दिया है.
शहरों में बेवजह हाई-बीम पर बजेगा अलर्ट, जानें नया नियम
सरकार ने रात में तेज हेडलाइट और हाई-बीम से होने वाली परेशानी कम करने के लिए नए नियमों का प्रस्ताव दिया है. बाइक-कार की हेडलाइट इंटेंसिटी घटाने, लो-बीम ऑटोमैटिक सिस्टम और शहरों में हाई-बीम ऑडियो अलर्ट की तैयारी है. फिलहाल ये प्रस्तावित नियम हैं, लागू नहीं हुए हैं. मंत्रालय ने सुझाव और आपत्तियों के लिए 30 दिन का समय दिया है. बदलाव अप्रैल 2027 से लागू होने की संभावना है.
जोहरान ममदानी पाकिस्तानी इवेंट में दे आए भाषण, पर RSS की रैली पसंद नहीं; घिर गए मेयर
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थिति MSG में रैली को संबोधित करने वाले हैं। अब इस आयोजन पर मेयर जोहरान ममदानी ने आपत्ति जताई थी। अब उनके इस बयान पर सवाल उठ रहे हैं।
नेपाल त्रासदी के बाद यूपी से बिहार तक तबाही की आशंका, हाई अलर्ट जारी
नेपाल में आई बाढ़ के बीच बिहार के लिए राहत वाली खबर है. जैसी आशंका थी उस हिसाब से गंडक में पानी नहीं पहुंचा है. वाल्मिकीनगर बराज से बीती रात अधिकतम 1 लाख 50 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हुआ. उसके बाद से पानी का डिस्चार्ज कम होने लगा. आज सुबह 6 बजे 88 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हुआ है.
Blinkit-Zepto से लेकर D-Mart तक... चीनी की खरीद पर लगी लिमिट
त्योहारी सीजन से पहले चीनी की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, जिससे ग्राहकों को दोहरी परेशानी हो रही है. जेप्टो, ब्लिंकिट और स्विगी इंस्टामार्ट जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स ने चीनी की खरीद पर सीमा तय कर दी है. डीमार्ट और रिलायंस जैसे ऑफलाइन स्टोर्स ने भी ग्राहकों के लिए 2 से 3 किलो की सीमा लगाई है.
गंगा एक्सप्रेसवे पर फिर पड़ीं दरारें, 10 दिनों में दूसरी बड़ी घटना- VIDEO
उन्नाव में गंगा एक्सप्रेसवे के पैचवर्क पर फिर बड़ी दरारें दिखी हैं और हुए नुकसान की मरम्मत पर सवाल उठे हैं. भारी बारिश के बाद कई हिस्सों में कटाव, धंसाव और गड्ढों की घटनाओं से निर्माण और ड्रेनेज व्यवस्था चर्चा में है.
आपको आजादी है तो… कृति-कंगना के विवाद में कूदे केंद्रीय मंत्री, किसका दिया साथ?
हाल ही में एक ज्वेलरी ब्रांड के राखी के एड में कृति सैनन के कपड़ों को लेकर सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा हुआ था। इस पर कंगना रनौत ने भी टिप्पणी की थी। अब केंद्रीय मंत्री ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है।
आधा किलोमीटर से बड़ा बर्फ का टुकड़ा 4000 फीट नीचे गिरा... नेपाल के महाप्रलय की Inside Story
नेपाल में 23733 फीट ऊंचे पहाड़ पर जमा ग्लेशियर में से 2000 फीट चौड़ा बर्फ का टुकड़ा 4000 फीट नीचे गिरा. बस इसी एक घटना ने तिब्बत से लेकर नेपाल तक तबाही मचा दी.
नेपाल की तबाही पर शशि थरूर ने लिखा ‘ड्रामा’, मचा बवाल; लोग बोले- आपसे ये उम्मीद नहीं थी
नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड से हुई तबाही पर शशि थरूर ने चिंता जताई और भारत की राहत सहायता का समर्थन किया। लेकिन उनकी पोस्ट में ‘ड्रामा’ शब्द के इस्तेमाल पर सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाए और उन्हें घेर लिया।
दाल-चावल खाकर हो गए हैं बोर? लंच में बनाएं चटपटी पनीर की भुर्जी
Paneer Bhurji: अगर आप भी रोज-रोज वही सब्जी रोटी खाकर बोर हो गए हैं तो यहां हम आपको पनीर की भुर्जी की रेसिपी बता रहे हैं. ये झटपट बनकर तैयार हो जाती है और खाने में भी टेस्टी लगती है.
चंद्रग्रहण का अलग-अलग राशियों पर क्या होगा असर? कैसा रहेगा आपका दिन, देखें भाग्य चक्र
आज के कार्यक्रम भाग्य चक्र में शैलेंद्र पांडेय बात करेंगे आने वाले चंद्रग्रहण की. बताएंगे कल चंद्रग्रहण का अवसर आ रहा है. इस चंद्रग्रहण के नियम क्या हैं , इसकी सावधानियां क्या हैं और अलग-अलग राशियों पर इसके प्रभाव क्या हैं. आपके सवाल का जवाब भी देंगे. पहर और सक्सेस मंत्र के साथ ही बताएंगे मेष से लेकर मीन तक 12 राशियों के दैनिक राशिफल के बारे में. देखें वीडियो.
डांस रील पर ट्रोल्स ने घेरा, भारतीय क्रिकेटर बोली- शायद जलते हैं
भारतीय महिला क्रिकेटर श्रेयंका पाटिल ने डांस रील्स को लेकर ट्रोल करने वालों को करारा जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि उन्हें ट्रोलिंग से फर्क नहीं पड़ता और शायद आलोचक इसलिए जलते हैं क्योंकि वह अच्छा कर रही हैं. चोट के मुश्किल दौर में क्रिकेट छोड़ने का मन बना चुकीं श्रेयंका ने बताया कि ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ देखने के बाद उनका नजरिया बदल गया.
Nepal Tragedy: People from several Indian states stranded after severe floods in Nepal; Helpline activated - त्रासदी: नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद भारत के कई राज्यों के लोग फंसे, हेल्पलाइन सक्रिय; जानें ताजा हालात
श्रावण पूर्णिमा पर लगेगा चंद्र ग्रहण, जानें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त
Sawan Purnima 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 28 अगस्त की सुबह 9:48 बजे तक रहेगी, इसलिए स्नान-दान का सर्वोत्तम विधान 28 अगस्त को ही मान्य होगा. इस पावन दिन रक्षाबंधन और चंद्र ग्रहण का महासंयोग भी बन रहा है.
नेपाल-तिब्बत में फिर आएगी तबाही? 47 ग्लेशियर झीलों से खतरा, कौनसी झीलें हैं सबसे ज्यादा खतरनाक?
नेपाल में आई बाढ़ ने हजारों लोगों को प्रभावित किया। अब तक इसकी वजह से 160 लोगों की जान जा चुकी है और सैकड़ों लोग लापता हैं। अहम बात यह है कि नेपाल फिर से इसी तरह की तबाही की चपेट में आ सकता है। इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट ...
4.9 तीव्रता से आए भूकंप के कारण टूटा ग्लेशियर, क्या आइस-रॉक एवलॉन्च है तबाही की वजह?
नेपाल में आई इस विनाशकारी बाढ़ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की प्रमुख इकाई राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (NRSC) ने शुरुआती सैटेलाइट आधारित रिसर्च किया है। भारतीय और अंतरराष्ट्रीय उपग्रहों से प्राप्त तस्वीरों का उपयोग करते हुए वैज्ञानिकों ने ...
Agra: मिलावटखोरी पर शिकंजा, दूध-खोया समेत 16 नमूने लिए
यूपी के आगरा में रक्षाबंधन से पहले खाद्य विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान तेज किया है. सैंया टोल पर करीब 7 हजार लीटर दूध और नाथूपुर में 145 किलो खोया नष्ट कराया गया है. टीम ने दूध, मिठाई, पनीर, घी समेत 16 नमूने जांच के लिए भेजे हैं. वीडियो में जानें मामला.
CM की जांच समिति बेअसर! इस विश्वविद्यालय में तीसरी बार पेपर लीक
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में पेपर लीक का सिलसिला जारी है, हाल ही में फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स विषय का पेपर लीक हुआ है. 28 कॉलेजों में हुई इस परीक्षा के बाद प्रशासन ने पुलिस जांच की मांग की है. इससे पहले भी एंटोमोलॉजी परीक्षा का पेपर लीक हुआ था, जिसके कारण परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी थीं.
IIT दिल्ली में 22 अगस्त को हुए दुखद हादसे के बाद संस्थान ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। MSc फिजिक्स के 31 वर्षीय छात्र द्वारा कैंपस की इमारत से कूदकर आत्महत्या किए जाने के मामले की गहन जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है, जिसे 2 हफ्ते के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच कमेटी में कौन-कौन शामिल है? जांच कमेटी की अध्यक्षता दिल्ली HC की पूर्व जज जस्टिस मुक्ता गुप्ता करेंगी। इसमें AIIMS नई दिल्ली के साइकियाट्री डिपार्टमेंट के हेड प्रताप शरण, चार छात्र प्रतिनिधि और सेक्रेटरी व कन्वेनर के तौर पर रजिस्ट्रार शामिल होंगे। कमेटी से दो हफ़्ते के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। संस्थान यह सुनिश्चित करेगा कि कमेटी को मामले की पूरी तरह से जांच करने और छात्र सहायता प्रणालियों को मजबूत करने के लिए जरूरी उपाय सुझाने का अधिकार मिले। इसे भी पढ़ें: Stock Market Update 27 August 2026 | क्रूड ऑयल में नरमी से संभला शेयर बाज़ार, सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त पर खुले, DIIs ने की ₹6,400 करोड़ से ज़्यादा की खरीदारी संस्थान ने MSc छात्र की दुखद मौत पर शोक व्यक्त किया और कहा कि वह फैकल्टी, छात्रों और स्टाफ के योगदान से उसके परिवार को आर्थिक मदद दे रहा है। छात्र जुलाई 2025 में MSc प्रोग्राम में शामिल हुआ था। दिल्ली पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने IIT दिल्ली के MSc फिजिक्स के 31 वर्षीय छात्र की मौत के मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। पुलिस के अनुसार, छात्र सुबह करीब 8:00 बजे IIT दिल्ली के मुख्य गेट से कैंपस में दाखिल हुआ था। इसके बाद वह लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स गया और लिफ्ट से छठी मंजिल पर पहुंचा, जहां से उसने इमारत के सामने की तरफ छलांग लगा दी। इसे भी पढ़ें: Nepal Floods में फंसे Kerala के 37 पर्यटक सुरक्षित, रेस्क्यू के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी छात्रों के विरोध के बीच क्लासें सस्पेंड सोमवार को IIT-दिल्ली में क्लासें सस्पेंड कर दी गईं क्योंकि छात्र मौत से जुड़ी प्रशासनिक खामियों की स्वतंत्र जांच और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही की मांग कर रहे थे। PTI की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने छात्रों की परेशानी से जुड़े बड़े मुद्दों की जांच की भी मांग की, जिसमें एकेडमिक प्रोजेक्ट न मिलना, आवास से जुड़ी दिक्कतें और अपर्याप्त सहायता प्रणालियां शामिल हैं, साथ ही संस्थान के मानसिक-स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के बारे में अधिक पारदर्शिता की मांग भी की। घटनास्थल पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला घटनास्थल पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। मृतक की जेब से एक मोबाइल फोन मिला है, जिसकी जांच प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी। पुलिस IIT प्रशासन से छात्र के काउंसलिंग रिकॉर्ड और दूसरी ज़रूरी जानकारी भी ले रही है। पुलिस अभी घटना की वजह की जांच कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। संस्थान से काउंसलिंग रिकॉर्ड और दूसरी ज़रूरी जानकारी ली जा रही है और तथ्यों की पुष्टि की जा रही है। कानून के मुताबिक आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
30 साल के जिम ट्रेनर की हत्या... रात 2 बजे हमलावरों ने रेत दिया गला!
आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में 30 साल के जिम ट्रेनर पोडामाटी सतीश रेड्डी की आधी रात गला रेतकर हत्या कर दी गई. वारदात भानुगुड़ी सेंटर के पास हुई. पुलिस को शुरुआती जांच में बंदुला साई किरण और उसके दोस्तों पर शक है. हत्या को लेकर पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है.
धोनी संग किया काम, तंगी ने बनाया पॉर्न स्टार
शेक्सपियर त्रिपाठी भी उन्हीं सितारों में से हैं, जिन्हें ग्लैमर वर्ल्ड छोड़कर पॉर्न इंडस्ट्री का हिस्सा बनना पड़ा. उन्होंने ये काम मजबूरी में शुरू किया था.
लोग सोचते रहे... Maruti ने कर दिखाया! पहली बार इस इलाके में ट्रेन से भेजी कारें
Maruti Pollachi railway Dispatch: ऐसा नहीं है कि, इस इलाके में कारों की जरूरत पहले नहीं थी, लेकिन तमिलनाडु के पोलाची टर्मिनल पर सीधे NMG/MMG जैसे स्पेशल ऑटोमोबाइल रेक से कार उतारने की सुविधा नहीं थी. हाल ही में इस रेलवे स्टेशन को दोबारा डेवलप किया गया है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते मार्च में किया था.
पढ़ें 27 अगस्त 2026 की सुबह की बड़ी खबरें और अन्य समाचार
नेपाल में भोटेकोशी नदी में अचानक आए तेज जलप्रवाह और बाढ़ के बाद यूपी और बिहार में भी अलर्ट जारी किया गया है. गंडक नदी के जलस्तर पर प्रशासन लगातार नजर रख रहा है. नेपाल में आई बाढ़ से मरने वालों का आंकड़ा 163 पहुंच गया है.
Goa Cabinet ने पास किया Anti Conversion Bill, आजीवन कारावास की सजा का प्रस्ताव
गोवा मंत्रिमंडल ने धर्मांतरण के खिलाफ एक विधेयक को मंजूरी दे दी है, जिसमें अन्य कड़े प्रावधानों के साथ आजीवन कारावास की सजा का प्रस्ताव किया गया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि यह विधेयक राज्य विधानसभा के 31 अगस्त से शुरू होने वाले मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। इस विधेयक में बल, दबाव, अनुचित प्रभाव, प्रलोभन, धोखाधड़ी या विवाह के जरिए कथित रूप से कराए जाने वाले धर्मांतरण के लिए कड़ी सजा का प्रस्ताव है। विधेयक के तहत दोषियों को आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। इसके अलावा, कम से कम 50,000 रुपये का जुर्माना और पीड़ितों को अधिकतम पांच लाख रुपये तक मुआवजा देने का भी प्रावधान है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने बुधवार को ‘गोवा गैर-कानूनी धर्मांतरण निषेध विधेयक, 2026’ को मंजूरी दी। अधिकारी ने बताया कि इसे राज्य विधानसभा के तीन दिवसीय मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। विधेयक में यह भी प्रावधान है कि यदि यह पाया जाता है कि विवाह केवल धर्मांतरण के उद्देश्य से किया गया था, तो ऐसे विवाह को ‘‘अमान्य’’ घोषित किया जा सकता है। अधिकारी के अनुसार, दोषियों को कम से कम 10 साल की जेल की सजा हो सकती है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों में पहले से ही धर्मांतरण विरोधी कानून लागू हैं।
सरकार ने खोला भंडार, अब प्याज नहीं निकालेगी आंसू, सस्ती मिलेगी
Modi Govt On Onion: प्याज की घरेलू डिमांड को पूरा करने के लिए सरकार ने बफर स्टॉक खोल दिया है और Onion Price Hike को कंट्रोल करने के लिए इसे चरणबद्ध तरीके से रिलीज किया जाएगा.
मुस्कान मर्डर केस में सामने आया CCTV वीडियो, भागता दिखा आरोपी इमरान
दिल्ली के तिलक नगर में 21 साल की मुस्कान की हत्या के बाद आरोपी इमरान का सीसीटीवी सामने आया है, जिसमें वह किराए के घर से तेजी से निकलता दिख रहा है. इस वीडियो के बाद जांच और तेज हुई है, लेकिन जिम ट्रेनर बताया जा रहा आरोपी अब भी फरार है.
Bengaluru में Eid-e-Milad जुलूस के दौरान विवाद में 6 गिरफ्तार, पुलिस ने 3 केस किए दर्ज
बेंगलुरु के बासवनगुडी में बुधवार को ईद-ए-मिलाद जुलूस के दौरान हुई झड़प के सिलसिले में तीन मामले दर्ज किए गए और छह लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। घटना केआर रोड पर उस वक्त हुई जब कुमारस्वामी लेआउट से निकला एक जुलूस बनशंकरी थाना क्षेत्र को पार कर बासवनगुडी पहुंचा। पुलिस ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि ‘राष्ट्र रक्षणा पाडे’ संगठन के पुनीत केरेहल्ली और अन्य लोग वहां भगवा झंडे लेकर और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाते हुए पहुंचे। उन्होंने बताया कि संगठन के सदस्यों ने कथित रूप से जुलूस में शामिल मुस्लिम समुदाय के सदस्यों को भड़काने का प्रयास किया और उन्हें नारे नहीं लगाने को कहा। पुलिस ने बताया कि जब पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव किया तो कुछ मुस्लिम युवकों ने कथित तौर पर मुरली नाम के व्यक्ति पर किसी अज्ञात हथियार से हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार, इसके बाद केरेहल्ली और उनके साथियों ने विरोध प्रदर्शन किया और नारे लगाए। पुलिस ने घायल व्यक्ति को बाद में विक्टोरिया अस्पताल पहुंचाया जबकि केरेहल्ली को एहतियातन सुरक्षा उपाय के तहत थाने ले जाया गया। पुलिस के अनुसार, केरेहल्ली ने कथित तौर पर सड़क खाली करने से इनकार कर दिया था जिससे लोगों को परेशानी हुई। पहले मामले में, अब्दुल रजाक खान की शिकायत पर बासवनगुडी थाने में मामला दर्ज किया गया और केरेहल्ली (35) एवं दो अन्य लोगों को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने बताया कि केरेहल्ली की शिकायत पर एक दूसरा मामला दर्ज किया गया, जिसमें तीन लोगों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। बासवनगुडी यातायात पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल मंजूनाथ की शिकायत पर केरेहल्ली और अन्य लोगों के खिलाफ तीसरा मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने कहा कि इस मामले में जांच जारी है।
7 हजार लीटर दूध मिट्टी में मिलाया: आगरा में मिलावटखोरों पर एक्शन
आगरा में खाद्य विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए मध्य प्रदेश से आ रहे टैंकर से 7 हजार लीटर दूध जमीन पर बहा दिया. इसके अलावा टीम ने फतेहाबाद में 145 किलो खोया नष्ट कर 52 किलो संदिग्ध वनस्पति सीज की और मिठाइयों के 16 नमूने जांच के लिए लैब भेजे हैं.
Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन की सुबह लगेगा चंद्र ग्रहण? या पहल ही खत्म हो जाएगा
रक्षाबंधन पर चंद्रग्रहण लग रहा है। लेकिन क्या ये चंद्र ग्रहण रक्षाबंधन से पहले ही खत्म हो जाएगा। चलिए जानते हैं इसके सूतक और भद्रा के बारे में
'हमको इंडियन बोलो'; रिजिजू ने अरुणाचल की बच्ची से की बात, कहा- पूरा भारत तुमसे प्यार करता है
आपको बता दें कि इंडिया टुडे के कार्यक्रम के दौरान किरेन रिजिजू को टिंकल के बारे में बताया गया। उस मासूम से बात करने का उनसे अनुरोध किया गया, जिसपर वह तुरंत तैयार हो गए।
पिच, छोटे कमरे, तूफान... एशियन गेम्स से पहले टेंशन में भारत-PAK टीम
जापान में होने वाले एशियन गेम्स 2026 से पहले क्रिकेट टीमों की चिंता बढ़ गई है. भारत और पाकिस्तान समेत कई बोर्डों ने नई हाइब्रिड पिच, सीमित ड्रेसिंग रूम और खिलाड़ियों के छोटे होटल कमरों को लेकर सवाल उठाए हैं. क्रिकेट वेन्यू पहले बेसबॉल मैदान था. अब ACC प्रतिनिधि वेन्यू और खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था का जायजा ले सकता है.
बिग बॉस में दिखेगी पंजाबी हसीना, छाई बोल्डनेस
सलमान खान के रियलिटी शो बिग बॉस 20 का धमाकेदार आगाज होने वाला है. शो में इस बार पंजाबी हसीना लवप्रीत कौर यानी लव गिल भी नजर आएंगी.
क्या नए सिरे से तय हो रही चीन के साथ LAC पर सीमा रेखा? डेलिमिटेशन से क्या है उम्मीदें
बीजिंग में NSA अजित डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच सीमा विवाद पर 25वीं दौर की बातचीत हुई, जिसके बाद दोनों देशों ने आठ सूत्री साझा बयान जारी किया. इस बार बातचीत में डिलिमिटेशन यानी सीमा रेखा तय करने पर जोर दिया गया, जो सेना पीछे हटाने की पुरानी प्रक्रिया से आगे का कदम है.
Nepal Floods में फंसे Kerala के 37 पर्यटक सुरक्षित, रेस्क्यू के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
पय्यन्नूर के विधायक वी. कुन्हीकृष्णन ने कहा है कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के 37 लोग बाढ़ के कारण नेपाल में फंसे हुए हैं। कुन्हीकृष्णन ने बुधवार रात फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने इस मामले को मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के संज्ञान में लाया है और पर्यटकों के वर्तमान स्थान का ब्योरा तथा फोन नंबर मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंप दिए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने आश्वासन दिया है कि सभी लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित घर वापस लाने के लिए आवश्यक हस्तक्षेप किया जाएगा। विधायक ने कहा कि यह जानकारी पर्यटकों के परिवार के सदस्यों को दे दी गई है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि सभी 37 लोग सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, “हमारी यात्रा पर गए सभी लोगों से बात हुई है।’’बाढ़ के बाद केरलम सरकार ने बुधवार रात नेपाल में फंसे पर्यटकों को वापस लाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप शुरू किया। मुख्यमंत्री सतीशन ने केरलम के मुख्य सचिव को विदेश मंत्रालय और नेपाल स्थित भारतीय दूतावास के साथ करीबी समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया, ताकि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और उन्हें जल्द से जल्द वहां से निकाला जा सके। केरलम सरकार ने नेपाल में फंसे पर्यटकों और राज्य में उनके परिजनों के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने हेतु हेल्पलाइन नंबर 9447111844 और 9747132147 भी जारी किए हैं।
LIVE: नेपाल बाढ़ तबाही में कितने देशों के लोग शामिल, कहां गए 750 लोग, क्या फिर आएगा तांडव?
नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद 130 से ज्यादा भारतीय लापता हैं और कई दूसरे लोग फंस गए हैं। इनमें मानसरोवर यात्रा पर गए कई तीर्थयात्री भी शामिल हैं। काठमांडू में भारतीय दूतावास और तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों ...
गोगी गैंग ने ली सिंगर अंकित बालियान के मर्डर की जिम्मेदारी!
यूपी के शामली में सिंगर अंकित बालियान की हत्या की जिम्मेदारी गोगी गैंग ने ली है. यह गैंग लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया जा रहा है. सोशल मीडिया की एक पोस्ट में गोगी गैंग के नाम से हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है. साथ ही यूपी पुलिस को चुनौती देते हुए आगे भी मर्डर करने की धमकी दी गई है.
नेपाल में आई भीषण अचानक बाढ़ (Flash Floods) से अब तक 163 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 750 से अधिक लोग लापता हैं। इस आपदा का सीधा असर अब भारत के पड़ोसी राज्यों पर पड़ रहा है। नेपाल से आने वाली नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बिहार के 9, उत्तर प्रदेश के 7 जिलों और उत्तराखंड के सीमावर्ती इलाकों में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। बिहार के पश्चिमी चंपारण में गंडक नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने के कारण प्रशासन को गंडक बैराज के 36 गेट खोलने पड़े हैं, जबकि एहतियात के तौर पर नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है। उत्तराखंड ने भी सीमावर्ती ज़िले चंपावत में निगरानी बढ़ा दी है, जहां शारदा नदी को लेकर चिंता के बीच SDRF की टनकपुर पोस्ट को हाई अलर्ट पर रखा गया है। हालात को देखते हुए सबसे ऊंचे स्तर पर भी दखल दिया गया है; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह घटनाक्रम पर बारीकी से नज़र रखे हुए हैं। बुधवार को शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से दोनों राज्यों में नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभावना पर बात की। नेपाल में बाढ़ से हुई तबाही को बेहद दुखद बताते हुए शाह ने कहा कि उन्होंने आपदा और दोनों राज्यों की तैयारियों के बारे में उनके मुख्यमंत्रियों से चर्चा की है। बिहार के 9 ज़िलों में अलर्ट नेपाल से बहने वाली नदियों में जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हालात और तैयारियों की समीक्षा के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक आपात बैठक की। संवेदनशील इलाकों में प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है; अधिकारी हालात पर नज़र रख रहे हैं और राहत व लोगों को सुरक्षित निकालने के कामों में तालमेल बिठा रहे हैं। बिहार के जिन नौ ज़िलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, वे हैं: पश्चिमी चंपारण पूर्वी चंपारण गोपालगंज मुज़फ़्फ़रपुर सिवान सारण शिवहर सीतामढ़ी वैशाली पश्चिमी चंपारण उन इलाकों में शामिल है जहां गंडक नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने के बाद खास चिंता बनी हुई है। प्रशासन ने गंडक बैराज के 36 गेट खोल दिए हैं और एहतियात के तौर पर नदी के किनारे बसे इलाकों से लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा रहा है। यूपी के 7 ज़िलों में अलर्ट उत्तर प्रदेश ने भी उन ज़िलों में निगरानी बढ़ा दी है जो नेपाल से निकलने वाली या वहां से बहने वाली नदियों के जलस्तर बढ़ने से प्रभावित हो सकते हैं। अलर्ट पर रखे गए सात ज़िले ये हैं: महाराजगंज कुशीनगर पीलीभीत श्रावस्ती बलरामपुर सिद्धार्थनगर गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खास तौर पर महाराजगंज और कुशीनगर के अधिकारियों को गंडक और नारायणी नदियों के जलस्तर पर नज़र रखने और बाढ़ की किसी भी स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया है। संवेदनशील जगहों पर वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया है और वे राज्य सरकार के निर्देशों के बाद लगातार स्थिति पर नज़र रख रहे हैं। अधिकारियों ने लोगों से घबराने नहीं और सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील भी की है। नेपाल में बाढ़ से बिहार और यूपी को क्यों खतरा है? भारत के लिए मुख्य चिंता नदियों का आपस में जुड़ा हुआ सिस्टम है, जिसके ज़रिए नेपाल का पानी बहकर भारतीय राज्यों में आ सकता है। नेपाल में भोटेकोशी नदी त्रिशूली नदी सिस्टम से जुड़ी है। त्रिशूली नदी देवघाट के पास काली गंडकी से मिलकर नारायणी नदी बनाती है, जो भारत में प्रवेश करती है और गंडक कहलाती है। इसका मतलब है कि नेपाल के ऊपरी इलाकों में पानी के अचानक बढ़ने से भारत के गंडक नदी सिस्टम के निचले इलाकों में जलस्तर पर सीधा असर पड़ सकता है। इसलिए, तुरंत चिंता की बात गंडक और नारायणी नदियों में जलस्तर के तेज़ी से बढ़ने की संभावना है, खासकर बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में। उत्तराखंड ने शारदा नदी के किनारे निगरानी बढ़ाई नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद उत्तराखंड ने भी सीमावर्ती ज़िले चंपावत में निगरानी बढ़ा दी है। SDRF कमांडेंट अर्पण यदुवंशी के निर्देशों पर SDRF की टनकपुर पोस्ट को हाई अलर्ट पर रखा गया है। SDRF की टीम शारदा नदी के किनारे संवेदनशील इलाकों, जैसे शारदा घाट, शारदा बैराज और आस-पास के इलाकों में लगातार निगरानी और गश्त कर रही है। टीम नदी के जलस्तर पर कड़ी नज़र रख रही है और स्थानीय प्रशासन के साथ तालमेल बिठाकर संभावित खतरों का आकलन कर रही है। SDRF के जवानों ने शारदा घाट और निचले इलाकों का दौरा करके स्थानीय लोगों, यात्रियों और मछुआरों को नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना के बारे में चेतावनी भी दी है। लोगों से अपील की गई है कि वे बिना ज़रूरत नदी के किनारों के पास न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करें। अधिकारियों ने बताया कि SDRF की टीम किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने के लिए ज़रूरी जीवन-रक्षक और बचाव उपकरणों के साथ चौबीसों घंटे पूरी तरह तैयार रहती है। उत्तराखंड ने फंसे हुए भारतीयों के लिए हेल्पलाइन जारी कीं उत्तराखंड सरकार ने राज्य के उन निवासियों के लिए हेल्पलाइन शुरू की हैं जो नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे हो सकते हैं या जिनके रिश्तेदार प्रभावित हो सकते हैं। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने मदद चाहने वाले या किसी व्यक्ति के बारे में जानकारी देने के इच्छुक लोगों से देहरादून में राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) से संपर्क करने को कहा है। SEOC हेल्पलाइन: 0135-2710334, 0135-2710335, 0135-2664314, 0135-2664315, 0135-2664316, 8218867005 टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1070 अगले 24 घंटे अहम नेपाल में आई बाढ़ ने एक बार फिर यह दिखाया है कि हिमालयी क्षेत्र में आई कोई बड़ी आपदा कितनी जल्दी भारत के निचले इलाकों के लिए चिंता का विषय बन सकती है। बिहार और उत्तर प्रदेश के लिए, तत्काल खतरा मुख्य रूप से गंडक-नारायणी नदी प्रणाली और नेपाल से नीचे की ओर बहने वाले पानी में अचानक बढ़ोतरी की संभावना से जुड़ा है। अधिकारियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं, जिनमें बैराज के गेट खोलना, खतरे वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना और लगातार निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात करना शामिल है। अगले 24 घंटे विशेष रूप से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं क्योंकि अधिकारी नदी के जलस्तर और नेपाल से बहने वाले पानी की मात्रा पर कड़ी नज़र रख रहे हैं। साथ ही, अधिकारियों ने लोगों से शांत रहने, घबराहट न फैलाने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। उत्तराखंड ने फंसे हुए भारतीयों के लिए हेल्पलाइन जारी कीं उत्तराखंड सरकार ने राज्य के उन निवासियों के लिए हेल्पलाइन शुरू की हैं जो नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे हो सकते हैं या जिनके रिश्तेदार प्रभावित हो सकते हैं। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने मदद चाहने वाले या किसी व्यक्ति के बारे में जानकारी देने के इच्छुक लोगों से देहरादून में राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) से संपर्क करने को कहा है। SEOC हेल्पलाइन: 0135-2710334, 0135-2710335, 0135-2664314, 0135-2664315, 0135-2664316, 8218867005 टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1070 अगले 24 घंटे अहम नेपाल में आई बाढ़ ने एक बार फिर यह दिखाया है कि हिमालयी क्षेत्र में आई कोई बड़ी आपदा कितनी जल्दी भारत के निचले इलाकों के लिए चिंता का विषय बन सकती है। बिहार और उत्तर प्रदेश के लिए, तत्काल खतरा मुख्य रूप से गंडक-नारायणी नदी प्रणाली और नेपाल से नीचे की ओर बहने वाले पानी में अचानक बढ़ोतरी की संभावना से जुड़ा है। अधिकारियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं, जिनमें बैराज के गेट खोलना, खतरे वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना और लगातार निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात करना शामिल है। अगले 24 घंटे विशेष रूप से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं क्योंकि अधिकारी नदी के जलस्तर और नेपाल से बहने वाले पानी की मात्रा पर कड़ी नज़र रख रहे हैं। साथ ही, अधिकारियों ने लोगों से शांत रहने, घबराहट न फैलाने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
पोलार्ड फिर बन गए T20 के 'रन किंग', बटलर से छीन लिया ताज
कीरोन पोलार्ड ने सेंट लूसिया किंग्स के खिलाफ मुकाबले में 65 रनों की पारी खेलकर जोस बटलर को पीछे छोड़ दिया. 39 साल के पोलार्ड एक बार फिर टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए. पोलार्ड अब 15 हजार के आंकड़े से सिर्फ 79 रन दूर हैं.
डिंपल यादव के 'महिला कार्ड' को काउंटर करने उतरीं BJP की 4 महिला नेता
मैनपुरी से सपा सांसद डिंपल यादव के 'महिला कार्ड' और मुफ्त वादों के दांव को काटने के लिए बीजेपी ने अपनी चार प्रमुख महिला नेताओं को मोर्चे पर उतार दिया है. बीजेपी की इस महिला ब्रिगेड ने सपा के शासनकाल की कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के पुराने रिकॉर्ड को कुरेदते हुए अखिलेश यादव को सीधे कठघरे में खड़ा कर दिया है.
'TMC के साथ गुप्त संबंध हैं', केंद्रीय मंत्री पर क्या बोल गए भाजपा विधायक; भड़क गई BJP
प्रदेश भाजपा की अनुशासन समिति के प्रमुख प्रताप बनर्जी ने रॉय को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा है। जानिए क्या बोल गए भाजपा विधायक?
मौसम का अलर्ट: तमिलनाडु के सात जिलों में मध्यम बारिश की संभावना, कई इलाकों में तापमान बढ़ने के आसार
Weather Alert Moderate rainfall likely seven districts Tamil Nadu; temperatures expected rise several areas मौसम का अलर्ट: तमिलनाडु के सात जिलों में मध्यम बारिश की संभावना, कई इलाकों में तापमान बढ़ने के आसार
चुनाव लड़ने की तैयारी,3.66 लाख फॉलोअर्स,हरियाणवी सिंगर मर्डर केस में अपडेट
हरियाणवी गायक और यूट्यूबर अंकित बालियान शामली में आगामी पंचायत चुनाव लड़ने की भी चर्चा है. अंकित के YouTube पर 3.66 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर थे और उनके कई वीडियो में बंदूकें, हथियार व SUV नजर आते थे. उनकी जिम के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई है. दो बाइक सवार हमलावरों ने वारदात को अंजाम दिया. पुलिस CCTV फुटेज के जरिए आरोपियों की तलाश कर रही है.
Gandak Barrage से घटा पानी का बहाव, Bihar के तटवर्ती इलाकों को मिली राहत
नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में आई अचानक बाढ़ के बाद गंडक नदी में बढ़ा जलप्रवाह अब लगातार घट रहा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) के अनुसार, बृहस्पतिवार तड़के वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज से अधिकतम 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसके बाद नदी के जल प्रवाह में लगातार कमी आई। विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, रात 12 बजे बैराज से 1,50,200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद साढ़े 12 बजे यह घटकर 1,42,100 क्यूसेक, देर रात एक बजे 1,29,000 क्यूसेक और दो बजे 1,04,400 क्यूसेक रह गया। सुबह तीन बजे जलप्रवाह 88,300 क्यूसेक, चार बजे 81,400 क्यूसेक तथा पांच बजे 79,700 क्यूसेक दर्ज किया गया। हालांकि, सुबह साढ़े पांच बजे इसमें मामूली बढ़ोतरी हुई और पानी छोड़े जाने की मात्रा घटकर 81,800 क्यूसेक रह गयी। अधिकारियों के अनुसार, जलप्रवाह में आई गिरावट से तटवर्ती इलाकों में तत्काल राहत के संकेत मिले हैं। स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और गंडक नदी के किनारे बसे जिलों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।
Subhashitam One must do noble deeds carrying forward one traditions and knowledge PM Modi shares Subhashitam सुभाषितम्: 'अपनी परंपराओं और ज्ञान को आगे बढ़ाते हुए श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए', पीएम मोदी ने साझा किया सुभाषित
Apple का बड़ा इवेंट 9 सितंबर को, iPhone Fold भी आएगा!
Apple ने 9 सितंबर 2026 को अपने बड़े लॉन्च इवेंट की तारीख घोषित की है. iPhone 18 Pro और कंपनी के पहले फोल्डेबल iPhone की एंट्री की उम्मीद है. वीडियो में जानें संभावित फीचर्स, कीमत और लॉन्च से जुड़ी अहम जानकारी. फिलहाल सभी स्पेसिफिकेशन, कीमत और Fold से जुड़ी जानकारियां रिपोर्ट्स व लीक्स पर आधारित हैं.
बर्बाद कर देती हैं 4 गलत आदतें, विवेकानंद का ये विचार बदल देगा लाइफ!
Quote of the Day: स्वामी विवेकानंद के विचार बताते हैं कि हमारी सोच ही हमारी ताकत और कमजोरी तय करती है. जानें कौन-सी 4 नकारात्मक सोच इंसान को कमजोर बनाती हैं, इन्हें बदलकर जीवन में सकारात्मक बदलाव कैसे लाया जा सकता है.
Stock Market Today: क्रूड ऑयल में गिरावट से बाजार में तेजी, सेंसेक्स 77,500 के पार, निफ्टी भी चढ़ा
आज शेयर बाजार की मजबूत शुरुआत हुई है. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों (FPI) की लगातार खरीदारी के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में खुले हैं.
नेपाल की बाढ़ ने याद दिलाईं ये फिल्में, पर्दे पर दिखा कुदरत का खौफनाक कहर!
नेपाल की बाढ़ ने कुदरत के कहर की याद दिला दी. जानिए ‘केदारनाथ’, ‘तुम मिले’, ‘द इम्पॉसिबल’ और ‘टाइटैनिक’ समेत उन फिल्मों के बारे में, जिनमें प्राकृतिक आपदा अहम हिस्सा रही.
Fake Medicines India: जनस्वास्थ्य (Public Health) के मोर्चे पर एक बेहद डरावनी और चिंताजनक सच्चाई सामने आई है। बाजार में मिलने वाली नकली दवाएं और हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स पहली नजर में बिल्कुल असली जैसे दिखते हैं। इनकी पैकेजिंग, ब्रांडिंग और डिजाइन की नकल ...
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी पहले अपना घर संभालें
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में प्रस्तावित कार्यक्रम का विरोध किया है. ममदानी ने आरएसएस की विचारधारा को भारत के बहुलतावादी और धर्मनिरपेक्ष स्वरूप के विपरीत बताया.
Meta की निकली हेकड़ी, अब देने पड़ेंगे सवा 1 लाख करोड़ रुपये
Meta के खिलाफ चल रहे चर्चित में समझौता करना पड़ा है और सवा 1 लाख करोड़ रुपये की रकम बतौर सेटेलमेंट देनी पड़ेगी. इस केस में मेटा के ऊपर गंभीर आरोप लगे और इस मेटा सीईओ मार्क जकरबर्ग को भी कोर्ट में पेश होने की संभावना जताई थी.
काठमांडू में सजा NDTV 'अन्वीक्षा' का मंच, जानिए हर अपडेट
'NDTV अन्वीक्षा: आइडियाज अक्रॉस बॉर्डर्स' का पहला कार्यक्रम नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित किया जाएगा. इसमें दोनों देशों के दिग्गज भारत-नेपाल संबंधों, नेपाल की अर्थव्यवस्था और नेपाल के भविष्य पर चर्चा करेंगी. यह हैं इसका पूरा शेड्यूल.
रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की बहुप्रतीक्षित नॉन-टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरीज (NTPC) अंडरग्रेजुएट भर्ती को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। सीबीटी-1 के नतीजों की घोषणा के तुरंत बाद रेलवे ने सीबीटी 2 (Computer Based Test-2) की आधिकारिक परीक्षा तिथि घोषित कर दी है। रेलवे भर्ती बोर्ड के आधिकारिक परीक्षा कैलेंडर के अनुसार, एनटीपीसी अंडरग्रेजुएट स्तर के 3,058 पदों के लिए सीबीटी 2 परीक्षा का आयोजन 17 सितंबर 2026 को देश भर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। इस दूसरे चरण की निर्णायक परीक्षा में पहले चरण को पास करने वाले कुल 45,898 अभ्यर्थी अपनी दावेदारी पेश करेंगे। रेलवे में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए यह चरण बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाला है।एक पद पर 15 दावेदारों के बीच कड़ा मुकाबलारेलवे के भर्ती नियमों के तहत प्रत्येक रिक्त पद के मुकाबले कुल रिक्तियों के 15 गुना अभ्यर्थियों को सीबीटी 2 के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत अंडरग्रेजुएट स्तर के कुल 3,058 पदों पर सीधी नियुक्तियां की जानी हैं। इनमें प्रमुख रूप से जूनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट, एकाउंट्स क्लर्क कम टाइपिस्ट, ट्रेन्स क्लर्क और कमर्शियल कम टिकट क्लर्क जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। 45,898 सफल उम्मीदवारों के बीच होने वाले इस मुकाबले में कट-ऑफ काफी कड़ा रहने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि सीबीटी 1 केवल स्क्रीनिंग टेस्ट था, जबकि सीबीटी 2 में प्राप्त अंकों के आधार पर ही अंतिम मेरिट सूची और अगले चरण (टाइपिंग स्किल टेस्ट/दस्तावेज सत्यापन) का रास्ता तय होगा।एग्जाम सिटी स्लिप और एडमिट कार्ड जारी होने की समयसीमासीबीटी 2 परीक्षा के लिए यात्रा और ठहरने की योजना बनाने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रेलवे भर्ती बोर्ड परीक्षा से ठीक 10 दिन पहले एग्जाम सिटी इंटिमेशन स्लिप (Exam City Slip) एक्टिव करेगा। यानी 7 सितंबर 2026 के आसपास सभी क्षेत्रीय आरआरबी वेबसाइट्स पर सिटी स्लिप का लिंक लाइव हो जाएगा। इस स्लिप के माध्यम से अभ्यर्थी यह जान सकेंगे कि उनकी परीक्षा किस शहर और किस शिफ्ट में निर्धारित की गई है। अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के पात्र उम्मीदवारों के लिए फ्री ट्रैवल पास (Travel Authority Pass) भी इसी दिन से डाउनलोड के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, परीक्षा का मूल ई-कॉल लेटर (Admit Card) परीक्षा तिथि से ठीक 4 दिन पहले, यानी 13 सितंबर 2026 को जारी किया जाएगा, जिसमें परीक्षा केंद्र का पूरा पता और रिपोर्टिंग समय अंकित रहेगा।सीबीटी 2 का नया एग्जाम पैटर्न और मार्किंग स्कीमसीबीटी 2 परीक्षा पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित (Online CBT) माध्यम में 90 मिनट की अवधि की होगी। दिव्यांग (PwBD) वर्ग के स्क्राइब लेने वाले अभ्यर्थियों को कुल 120 मिनट का समय प्रदान किया जाएगा। सीबीटी 2 का प्रश्नपत्र कुल 120 अंकों का होगा, जिसमें बहुविकल्पीय (MCQ) प्रकार के 120 प्रश्न पूछे जाएंगे:जनरल अवेयरनेस (General Awareness): 50 प्रश्न (50 अंक)मैथमेटिक्स (Mathematics): 35 प्रश्न (35 अंक)जनरल इंटेलिजेंस एंड रीजनिंग (Reasoning): 35 प्रश्न (35 अंक)इस परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग का सख्त प्रावधान लागू रहेगा। प्रत्येक गलत उत्तर पर एक-तिहाई (1/3) अंक काटा जाएगा। ऐसे में उम्मीदवारों को तुक्का लगाने से बचने और केवल सटीक उत्तर हल करने की रणनीति अपनाने की सलाह दी गई है।आधार बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और सुरक्षा के कड़े नियमरेलवे भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए रेलवे ने परीक्षा केंद्रों पर आधार-बेस्ड बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर दिया है। बोर्ड ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि सभी उम्मीदवार परीक्षा केंद्र पर पहुंचने से पहले यूआईडीएआई (UIDAI) पोर्टल पर जाकर अपने आधार कार्ड को अनलॉक सुनिश्चित कर लें। यदि किसी अभ्यर्थी का बायोमेट्रिक विवरण लॉक पाया जाता है या मिलान नहीं होता है, तो उसे परीक्षा हॉल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। उम्मीदवारों को अपने साथ मूल आधार कार्ड और हाल ही में खींची गई पासपोर्ट साइज फोटो के साथ एडमिट कार्ड की प्रिंटेड कॉपी ले जाना अनिवार्य होगा।अंतिम 20 दिनों में तैयारी और रिवीजन की सटीक रणनीतिपरीक्षा में अब 20 दिन से भी कम का समय बचा है। ऐसे में विशेषज्ञों और पिछले वर्षों के टॉपर्स के अनुसार अभ्यर्थियों को नए टॉपिक्स शुरू करने के बजाय रिवीजन और मॉक टेस्ट पर पूरा ध्यान लगाना चाहिए:दैनिक फुल-लेंथ मॉक टेस्ट: रोज 90 मिनट का एक पूर्ण मॉक टेस्ट हल करें और टेस्ट के बाद गलत हुए प्रश्नों का गहराई से विश्लेषण करें।करंट अफेयर्स और स्टैटिक जीके पर जोर: 50 अंकों के जनरल अवेयरनेस सेक्शन में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय समसामयिकी, भारतीय संविधान, भूगोल, इतिहास और सामान्य विज्ञान की मुख्य अवधारणाओं को तेजी से दोहराएं।स्पीड और एक्यूरेसी का संतुलन: गणित और रीजनिंग में 70 अंकों का वेटेज है। स्पीड बढ़ाने के लिए बेसिक फॉर्मूले, शॉर्टकट ट्रिक्स और पिछले वर्षों के पेपर्स का बार-बार अभ्यास करें।नेगेटिव मार्किंग कंट्रोल: परीक्षा के दौरान जिन प्रश्नों पर 50-50 का भी संदेह हो, उन्हें तभी छुएं जब आपने पर्याप्त सुरक्षित स्कोर बना लिया हो।विभिन्न रेलवे जोन में सक्रिय रहेंगे हेल्पडेस्करेलवे भर्ती बोर्ड के सभी प्रमुख जोनल मुख्यालयों—जैसे आरआरबी पटना, प्रयागराज, भोपाल, चंडीगढ़, मुंबई, कोलकाता, अजमेर, चेन्नई, सिकंदराबाद और गुवाहाटी ने अपने आधिकारिक पोर्टल्स पर नोटिस जारी कर दिए हैं। अभ्यर्थियों को किसी भी अनौपचारिक स्रोत या सोशल मीडिया की भ्रामक खबरों पर विश्वास न करने तथा केवल रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट्स पर ही नजर बनाए रखने की सख्त हिदायत दी गई है।
भाई-बहन के असीम प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के पावन पर्व रक्षाबंधन को लेकर सनातन धर्म में कई विशेष नियम और परंपराएं निर्धारित की गई हैं। रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र, स्वास्थ्य और सफलता की कामना करते हुए उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं। इस पावन अवसर पर पूजा की थाली में रोली, अक्षत, दीपक और मिष्ठान के साथ-साथ एक विशेष वस्तु का होना अत्यंत अनिवार्य माना जाता है, और वह है 'नारियल' जिसे शास्त्रों में 'श्रीफल' कहा गया है। शास्त्रों और लोक परंपराओं के अनुसार राखी बांधने से पहले भाई के दाहिने हाथ में नारियल रखना अनिवार्य होता है। मान्यता है कि इस नियम का पालन किए बिना रक्षाबंधन का अनुष्ठान अधूरा रहता है।श्रीफल यानी साक्षात मां लक्ष्मी और त्रिदेवों का वाससनातन परंपरा में नारियल को साधारण फल नहीं, बल्कि देवफल यानी 'श्रीफल' की संज्ञा दी गई है। 'श्री' का शाब्दिक अर्थ धन, ऐश्वर्य और माता लक्ष्मी से है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब भगवान विष्णु ने सृष्टि पर अवतरण लिया था, तब वे अपने साथ माता लक्ष्मी, कामधेनु गाय और कल्पवृक्ष (नारियल का वृक्ष) को लेकर आए थे। नारियल के ऊपरी हिस्से पर बने तीन बिंदु भगवान शिव के त्रिनेत्र और ब्रह्मा, विष्णु, महेश (त्रिदेव) के प्रतीक माने जाते हैं। जब बहन अपने भाई की हथेली में श्रीफल थमाती है, तो इसका प्रतीकात्मक अर्थ यह होता है कि वह अपने भाई के जीवन में मां लक्ष्मी की कृपा, धन-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और त्रिदेवों के आशीर्वाद की मंगलकामना कर रही है।नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नजर से अभेद्य सुरक्षा कवचआयुर्वेद और भारतीय ऊर्जा विज्ञान के अनुसार नारियल में वातावरण की नकारात्मक ऊर्जा को सोखने और सकारात्मक तरंगों को आकर्षित करने की अद्भुत क्षमता होती है। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जब बहन अपने भाई को तिलक लगाकर राखी बांधती है, तो भाई के शरीर का 'आभामंडल' (Aura) पूरी तरह सक्रिय हो जाता है। हथेली में नारियल थमाने से भाई के आसपास की समस्त नकारात्मक ऊर्जाएं, बुरी नजर और अदृश्य दोष नारियल द्वारा निष्प्रभावी कर दिए जाते हैं। यह नारियल एक रक्षा कवच की भांति कार्य करता है, जो भाई को सभी प्रकार के अनिष्ट, दुर्घटनाओं और संकटों से सुरक्षित रखता है।कुंडली के ग्रहों का संतुलन: चंद्रमा और बृहस्पति को मिलता है बलज्योतिषीय दृष्टिकोण से देखा जाए तो नारियल का संबंध जल तत्व और चंद्र ग्रह से माना गया है, जबकि इसका कठोर बाहरी आवरण शनि और भीतरी श्वेत भाग चंद्रमा का प्रतिनिधित्व करता है। रक्षाबंधन का पर्व सावन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है, जिस दिन चंद्रमा अपने पूर्ण प्रभाव में होता है। पूर्णिमा के दिन चंद्रमा मन को प्रभावित करता है। भाई के हाथ में जल से परिपूर्ण नारियल रखने से कुंडली में चंद्रमा मजबूत होता है, जिससे मानसिक स्थिरता, एकाग्रता और सकारात्मक विचारों का संचार होता है। इसके साथ ही श्रीफल का पीला कलावा या रोली के साथ स्पर्श कुंडली में गुरु (बृहस्पति) को बल प्रदान करता है, जिससे मान-सम्मान और विद्या-बुद्धि में वृद्धि होती है।राखी बांधने की संपूर्ण और सटीक वैदिक विधिशास्त्रों के अनुसार राखी बांधते समय सही दिशा, शुद्धि और क्रम का पालन करना अनिवार्य है ताकि अनुष्ठान का पूर्ण फल प्राप्त हो सके।दिशा का चयन: रक्षाबंधन के दिन भाई का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए, जबकि बहन का मुख पश्चिम दिशा की ओर होना उत्तम माना जाता है।शीश ढकना: राखी बंधवाते समय भाई और राखी बांधते समय बहन दोनों को अपना सिर किसी साफ रुमाल, दुपट्टे या टोपी से ढकना चाहिए।तिलक और अक्षत: सबसे पहले बहन भाई के माथे पर रोली और चंदन का तिलक लगाए। इसके बाद तिलक पर बिना टूटे हुए साबुत चावल (अक्षत) लगाएं।हथेली में श्रीफल: भाई के दाहिने हाथ में लाल कपड़े में लिपटा हुआ या मौली बंधा नारियल (श्रीफल) और कुछ दक्षिणा रखें।रक्षा सूत्र बांधना: भाई की दाहिनी कलाई पर तीन गांठ लगाकर रक्षा सूत्र बांधें। इस दौरान पौराणिक रक्षा मंत्र येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वां प्रतिबद्धनामि रक्षे मा चल मा चल॥ का उच्चारण करें।आरती और मिष्ठान: इसके बाद दीपक जलाकर भाई की आरती उतारें और उसे अपने हाथों से शुद्ध सात्विक मिठाई खिलाएं।नारली पूर्णिमा और क्षेत्रीय परंपराओं का अटूट संगमभारत के विभिन्न राज्यों में रक्षाबंधन और नारियल का यह संबंध अलग-अलग सांस्कृतिक रूपों में देखा जाता है। पश्चिमी तटीय राज्यों विशेषकर महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात में रक्षाबंधन के दिन को 'नारली पूर्णिमा' (Narali Purnima) के रूप में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। मछुआरा समुदाय इस दिन समुद्र देवता वरुण को शांत और प्रसन्न करने के लिए समुद्र में नारियल अर्पित करता है ताकि प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा मिल सके। वहीं उत्तर भारत, राजस्थान और मध्य प्रदेश में बहनें भाई को राखी बांधने के बाद वह नारियल भाई को उपहार स्वरूप देती हैं या फिर भाई उस नारियल को अपने घर के पूजा स्थल या तिजोरी में पूरे वर्ष भर संभालकर रखता है ताकि घर में सुख-समृद्धि बनी रहे।रक्षाबंधन पर नारियल और पूजन से जुड़ी इन सावधानियों का रखें ध्यानरक्षाबंधन के दिन पूजा में उपयोग किया जाने वाला नारियल किसी भी स्थिति में सूखा, खंडित या अंदर से खराब नहीं होना चाहिए। हमेशा जलयुक्त और जटा वाला ताजा नारियल ही पूजा में प्रयोग करें। इसके साथ ही इस बात का विशेष ध्यान रखें कि राखी बांधने का कार्य कभी भी 'भद्रा काल' में न किया जाए। शास्त्रों में भद्रा के समय राखी बांधना पूर्णतः वर्जित माना गया है क्योंकि भद्रा काल में किया गया कोई भी मांगलिक कार्य शुभ फल नहीं देता। शुभ मुहूर्त देखकर ही श्रीफल हाथ में देकर रक्षा सूत्र बांधना चाहिए।
भारत बना इस देश का सबड़े बड़ा पेट्रोल सप्लायर, UAE-सऊदी छूटे पीछे
पेट्रोलियम के लिए खाड़ी देशों पर निर्भरता की पहचान रखने वाला भारत अब रिफाइंड फ्यूल के वैश्विक बाजार में अपनी ताकत दिखा रहा है. पश्चिम एशिया में सप्लाई रूट बाधित होने के बीच भारत ने केन्या के पेट्रोलियम बाजार में यूएई और सऊदी अरब को पीछे छोड़ दिया है.
सावधान! भारत में आ सकती है नेपाल से भी बड़ी तबाही, कैसे चीन का ‘मेगा डैम’ बढ़ा रहा टेंशन
नेपाल में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। अब जानकारों का कहना है कि अगर ऐसी ही घटना मेडॉग डैम के पास हुई तो भारी मात्रा में पानी नीचे की ओर छोड़ा जा सकता है। इससे अरुणाचल प्रदेश, असम और पूरे नॉर्थईस्ट पर गंभीर असर पड़ सकता है।
नेपाल के हिमालयी इलाकों में कुदरत का जो कहर टूटा है, उसकी तस्वीरें और कहानियां किसी का भी कलेजा दहला देने के लिए काफी हैं। मूसलाधार बारिश, पहाड़ों के दरकने और नदियों के उफान के बीच तबाही का ऐसा सैलाब आया कि बस्तियों की बस्तियां ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। इस भयावह प्राकृतिक आपदा के बीच एक ऐसी जांबाज और चमत्कारी दास्तान सामने आई है, जिसे सुनकर लोग दांतों तले उंगली दबा रहे हैं। जलप्रलय के तेज बहाव में जब चारों तरफ सिर्फ चीख-पुकार और मौत का सन्नाटा था, तब एक मजदूर ने एक मजबूत आम के पेड़ की डाल को कसकर पकड़कर 14 घंटे से अधिक समय तक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ी और मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकल आया।मौत का खौफनाक मंजर: जब पलक झपकते ही सब कुछ बह गयाप्रभावित इलाके में मजदूरी करने वाले इस शख्स ने अस्पताल के बिस्तर से कांपती आवाज में उस रात की पूरी दास्तान बयां की। मजदूर के मुताबिक, रोजाना की तरह दिनभर की कड़ी मशक्कत के बाद सभी कामगार अपने अस्थायी शिविर (लेबर शेड) में सो रहे थे। आधी रात के करीब अचानक पहाड़ों से बादलों के फटने जैसी गड़गड़ाहट सुनाई दी। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता या भागने की कोशिश करता, ऊपर से पानी, भारी पत्थरों और मलबे का एक विशाल सैलाब तिनके की तरह शिविर को बहा ले गया। उसने बताया कि पानी का बहाव इतना तेज था कि पैरों तले जमीन खिसक गई और चारों तरफ अंधेरे में सिर्फ पानी की गरज और लोगों की चीखें सुनाई दे रही थीं।'आम का पेड़ बना भगवान का हाथ': 14 घंटे जिंदगी और मौत से जंगमजदूर ने रोते हुए बताया कि तेज बहाव उसे करीब आधा किलोमीटर दूर तक बहाकर ले गया था। वह लगातार पानी में डूब-उतर रहा था और सांस लेना दूभर हो गया था। तभी अंधेरे में उसके हाथों में किसी पेड़ की एक मजबूत टहनी आ टकराई। यह एक आम का पुराना और विशाल पेड़ था, जो तेज बहाव के बीच भी मजबूती से अपनी जड़ें जमाए खड़ा था। उसने बिना एक पल गंवाए दोनों हाथों और पैरों से उस पेड़ की मुख्य शाखा को कसकर जकड़ लिया। पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा था और उसके सीने तक पानी की लहरें थपेड़े मार रही थीं। मजदूर ने बताया कि ठंड से उसका पूरा शरीर सुन्न पड़ चुका था, लेकिन उसने मन में ठान लिया था कि वह अपनी पकड़ ढीली नहीं होने देगा। उसने कहा कि अगर वह आम का पेड़ वहां नहीं होता, तो आज उसकी लाश का भी पता नहीं चलता; वह पेड़ उसके लिए साक्षात भगवान का सहारा बन गया।आंखों के सामने बहे साथी: मजदूर की जुबानी दर्दनाक दास्तानइस चमत्कारिक बचाव के बीच उस मजदूर की आंखों में अपने साथियों को खोने का गहरा दर्द साफ दिखाई दे रहा था। उसने बताया कि जब वह पेड़ से लटका हुआ था, तो उसने अपने कई साथियों को पानी के तेज बहाव में बहते और मदद के लिए पुकारते देखा, लेकिन वह इतना बेबस था कि किसी का हाथ नहीं पकड़ सका। कई लोग सामान, गाड़ियां और कंक्रीट के पिलर पानी के साथ बहते चले गए। वह पूरी रात केवल ईश्वर से अपनी जान और अपने परिवार के पास लौटने की प्रार्थना करता रहा। सुबह की पहली किरण फूटने तक पानी का स्तर थोड़ा थमा, लेकिन बहाव की तीव्रता अभी भी इतनी थी कि कोई नीचे उतरने की हिम्मत नहीं कर सकता था।एनडीआरएफ और नेपाली सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन: ऐसे बची जानसुबह जब उजाला हुआ, तो राहत और बचाव कार्य में जुटी नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल (APF) और आपदा प्रबंधन के जवानों की नजर पेड़ पर अटके इस मजदूर पर पड़ी। चारों तरफ उफनती नदी और दलदल होने के कारण नाव से वहां पहुंचना नामुमकिन था। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने आधुनिक ड्रोन और हेलीकॉप्टर की मदद से अभियान शुरू किया। एक जवान ने रस्सी के सहारे नीचे उतरकर मजदूर को लाइफ जैकेट पहनाई और एयरलिफ्ट कर सुरक्षित बाहर निकाला। सुरक्षित जमीन पर कदम रखते ही मजदूर फफक-फफक कर रो पड़ा और उसने रेस्क्यू टीम के पैर छू लिए।मेडिकल कैंप में इलाज और परिजनों से भावुक संपर्कबचाव दल ने तुरंत उसे सीमावर्ती क्षेत्र में स्थापित आपातकालीन मेडिकल बेस कैंप में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार, घंटों तक बर्फीले पानी में रहने के कारण मजदूर हाइपोथर्मिया और अत्यधिक मानसिक आघात (Trauma) का शिकार हो गया था। उसके शरीर पर पत्थरों और लकड़ियों से टकराने के कारण कई जगह गहरे घाव भी आए थे। प्राथमिक उपचार और ग्लूकोज चढ़ाने के बाद उसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। प्रशासन ने सैटेलाइट फोन के जरिए उसके परिजनों से बात करवाई, जिसके बाद घर में मातम की जगह खुशी के आंसू छलक पड़े।हिमालयी नदियों का कहर और भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्टनेपाल के इन पहाड़ी जलक्षेत्रों में आई तबाही का असर सिर्फ नेपाल तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़ी गंडक, कोसी, राप्ती और शारदा जैसी नदियां भारत के उत्तर प्रदेश और बिहार के मैदानी इलाकों में भी उफान पर हैं। सीमावर्ती जिलों जैसे महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, पश्चिमी चंपारण और सुपौल में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। राहत आयुक्तों ने तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी है और निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। दोनों देशों की आपदा एजेंसियां लगातार समन्वय बनाकर ऐसे फंसे हुए लोगों और मजदूरों की तलाश में महा-रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
अंकित बालियान की हत्या के बाद लोगों ने उसके शव को रोड पर रखकर 5 घंटे तक जाम लगाय. बाद में पुलिस ने परिजनों को समझाकर डेड बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेजा. मामले की जांच जारी है.
देश की राजधानी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दिल्ली के भीड़भाड़ वाले रिहायशी इलाके में एकतरफा प्यार और सनक के चलते एक जिम ट्रेनर ने युवती पर चाकुओं से जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी की पहचान इमरान के रूप में हुई है, जिसने सरेराह युवती को रोककर उस पर कई वार किए। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और सनसनी का माहौल है। यह पूरी दिल दहला देने वाली वारदात पास की एक इमारत में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है, जिसके फुटेज के आधार पर पुलिस ने मामले की सघन जांच शुरू कर दी है।रास्ते में घेरकर किया जानलेवा हमला: खौफनाक था मंजरप्राथमिक जांच के अनुसार पीड़िता रोजाना की तरह अपने काम से घर लौट रही थी। आरोपी इमरान पहले से ही गली के मोड़ पर घात लगाकर उसके आने का इंतजार कर रहा था। जैसे ही युवती वहां पहुंची, इमरान ने जबरन उसका रास्ता रोक लिया। प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आए वीडियो के अनुसार, आरोपी ने पहले युवती पर बातचीत करने और रिश्ते के लिए दबाव बनाने की कोशिश की। युवती द्वारा कड़ा विरोध करने और वहां से आगे बढ़ने पर आरोपी ने अपनी जेब से धारदार चाकू निकाला और बिना किसी झिझक के उस पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए।CCTV फुटेज में कैद हुई आरोपी की पूरी करतूतघटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में आरोपी की पूरी करतूत साफ तौर पर दर्ज हुई है। फुटेज में देखा जा सकता है कि युवती ने खुद को बचाने के लिए कड़ा संघर्ष किया और मदद के लिए गुहार लगाई, लेकिन आरोपी लगातार उस पर वार करता रहा। हमले के दौरान जब युवती लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ी और उसकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के स्थानीय लोग व दुकानदार दौड़े, तो आरोपी हाथ में खून से सना चाकू लहराते हुए मौके से फरार हो गया। पुलिस ने इस फुटेज को अपने कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है, जो कानूनी प्रक्रिया में मुख्य साक्ष्य बनेगा।गंभीर हालत में युवती अस्पताल में भर्ती, डॉक्टरों की टीम जुटीवारदात के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस कंट्रोल रूम (PCR) वैन की मदद से गंभीर रूप से घायल युवती को नजदीकी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार युवती के पेट, सीने, गर्दन और हाथों पर गहरे घाव आए हैं। अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उसकी हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है। अस्पताल के विशेषज्ञ सर्जनों की टीम ने युवती का आपातकालीन ऑपरेशन किया है और उसे गहन चिकित्सा कक्ष (ICU) में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। पीड़िता के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे प्रशासन से आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।महीनों से कर रहा था पीछा, पहले भी दी थी धमकियांपीड़िता के परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी इमरान इलाके के ही एक स्थानीय जिम में ट्रेनर का काम करता है। वह पिछले कई महीनों से युवती का लगातार पीछा (Stalking) कर रहा था और सोशल मीडिया व फोन कॉल्स के जरिए उस पर बात करने का दबाव बना रहा था। युवती ने कई बार उसे कड़ी फटकार लगाई थी और अपने परिवार को भी इसकी जानकारी दी थी। परिजनों ने आरोपी को समझाकर दूर रहने की चेतावनी दी थी, लेकिन उसकी सनक खत्म नहीं हुई। लगातार मिल रहे इनकार से बौखलाकर उसने इस खौफनाक कदम को अंजाम दिया।दिल्ली पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी, सख्त धाराओं में केस दर्जदिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद आरोपी की धरपकड़ के लिए स्पेशल स्टाफ और क्राइम ब्रांच की कई विशेष टीमें गठित की हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी इमरान की तलाश में दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस सर्विलांस टीम आरोपी के मोबाइल नेटवर्क, सोशल मीडिया अकाउंट्स और करीबी संपर्कों को ट्रैक कर रही है। अधिकारियों का दावा है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवालइस रूह कंपा देने वाली घटना के बाद स्थानीय निवासियों और महिला सुरक्षा संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घनी आबादी वाले इलाके में दिनदहाड़े ऐसी खौफनाक वारदात होना सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। लोगों ने मांग की है कि ऐसे सिरफिरे और मनचले अपराधियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर नजीर पेश करने वाली सजा दी जाए। इसके साथ ही इलाके में नियमित पुलिस गश्त, पीसीआर वैन की तैनाती और संवेदनशील गलियों में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट्स व सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने की मांग की जा रही है।
यूपी और बिहार हो जाएं अलर्ट, फिर बढ़ रहा है पानी; गंडक नदी में हो रही हलचल
नेपाल में आए जलप्रलय के बाद भारत में भी चिंता बढ़ गई थी। खासतौर से उत्तर प्रदेश और बिहार में हाई अलर्ट जारी कर दिया था। दोनों ही राज्य सरकारों के अलावा केंद्र से भी लगातार निगरानी की जा रही थी। हालांकि, फिलहाल खतरा टलता नजर आ रहा है, लेकिन फिर इजाफा दर्ज किया गया है।
रॉकिंग स्टार यश की मोस्ट अवेटेड पैन-इंडिया फिल्म 'टॉक्सिक: अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' ने सिनेमाघरों में दस्तक देते ही बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक सुनामी ला दी है। केजीएफ चैप्टर 2 के बाद लंबे समय से यश की वापसी का इंतजार कर रहे फैंस और सिनेमा प्रेमियों ने पहले ही दिन थिएटर्स को स्टेडियम में तब्दील कर दिया। ट्रेड एनालिस्ट्स के सभी पुराने अनुमानों को ध्वस्त करते हुए फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन ₹101.10 करोड़ का नेट कलेक्शन हासिल किया, जबकि वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की ग्रॉस कमाई ₹140.75 करोड़ के पार पहुंच चुकी है। इस धमाकेदार शुरुआत के साथ ही 'टॉक्सिक' ने इस साल की कई बड़ी फिल्मों को पीछे छोड़ते हुए भारतीय सिनेमा के इतिहास में अपनी जगह दर्ज करा ली है।पहले ही दिन 100 करोड़ क्लब में एंट्री, बॉक्स ऑफिस पर सुनामीट्रेड ट्रैकिंग वेबसाइट्स और इंडस्ट्री के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 'टॉक्सिक' ने भारतीय बाजार में पहले दिन कुल 24,514 से अधिक शोज के जरिए लगभग 54.4% की औसत ऑक्यूपेंसी दर्ज की। कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश के सिंगल स्क्रीन से लेकर मल्टीप्लेक्स तक सुबह 6 बजे से ही हाउसफुल के बोर्ड टंग गए थे। विदेशों में भी फिल्म को लेकर जबरदस्त दीवानगी देखी गई, जहां ओवरसीज मार्केट से फिल्म ने पहले ही दिन ₹20 करोड़ से अधिक की ग्रॉस कमाई की। फिल्म का यह ऐतिहासिक प्रदर्शन साबित करता है कि यश का स्टारडम अब किसी एक भाषा या राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि वह देश के सबसे बड़े पैन-इंडिया बॉक्स ऑफिस किंग बन चुके हैं।भाषावार कमाई का गणित: हिंदी बेल्ट में चला यश का असली जादू'टॉक्सिक' की पहले दिन की कमाई में सबसे हैरान करने वाला और मजबूत पहलू इसका हिंदी वर्जन रहा। आमतौर पर साउथ की फिल्मों का मुख्य आधार उनका मूल राज्य होता है, लेकिन 'टॉक्सिक' ने हिंदी पट्टी में जबरदस्त पकड़ बनाई।हिंदी संस्करण: फिल्म के हिंदी वर्जन ने पहले दिन 16,621 शोज में 51% ऑक्यूपेंसी के साथ अकेले ₹55.00 करोड़ का नेट बिजनेस किया।कन्नड़ संस्करण: अपने गृह राज्य कर्नाटक में यश के जादू के चलते कन्नड़ वर्जन ने 2,031 शोज में रिकॉर्ड 89% ऑक्यूपेंसी दर्ज करते हुए ₹23.30 करोड़ नेट जुटाए।तेलुगु संस्करण: आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में फिल्म ने 3,257 शोज के साथ ₹16.00 करोड़ का नेट कलेक्शन दर्ज किया।तमिल संस्करण: तमिलनाडु के सिनेमाघरों में फिल्म ने ₹5.50 करोड़ का नेट कारोबार किया।मलयालम संस्करण: केरल में फिल्म ने ₹1.30 करोड़ नेट का कलेक्शन अपने नाम किया।'धुरंधर 2', 'जवान' और 'एनिमल' जैसी ब्लॉकबस्टर्स को दी कड़ी टक्करफिल्म के पहले दिन के कलेक्शन ने साबित कर दिया है कि यह साल 2026 की सबसे बड़ी ओपनर्स में शुमार हो चुकी है। डोमेस्टिक मार्केट में 'टॉक्सिक' ने ओपनिंग डे पर कई दिग्गज फिल्मों के वर्ल्डवाइड और डोमेस्टिक रिकॉर्ड्स को कड़ी चुनौती दी है। फिल्म ने ओपनिंग डे पर 'पठान' (₹104 करोड़ ग्रॉस), 'जवान' (₹129 करोड़ ग्रॉस) और रणबीर कपूर की 'एनिमल' (₹116 करोड़ ग्रॉस) के पहले दिन के वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, यह यश की अपनी ही फिल्म 'केजीएफ चैप्टर 2' (₹164 करोड़ वर्ल्डवाइड) और हालिया ब्लॉकबस्टर 'धुरंधर 2' के शुरुआती आंकड़ों के करीब पहुंचती नजर आ रही है।अब 'पुष्पा 2' और 'केजीएफ 2' के लाइफटाइम रिकॉर्ड पर टिकीं निगाहेंट्रेड पंडितों का मानना है कि पहले दिन 100 करोड़ नेट का आंकड़ा पार करने के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि क्या 'टॉक्सिक' अल्लू अर्जुन की 'पुष्पा 2: द रूल' और यश की अपनी पूर्व ब्लॉकबस्टर 'केजीएफ 2' के ऑल-टाइम लाइफटाइम रिकॉर्ड्स को ध्वस्त कर पाएगी। पहले दिन मिले भारी एडवांस बुकिंग ट्रेंड और दर्शकों के जबरदस्त फुटफॉल को देखते हुए यह उम्मीद जताई जा रही है कि फिल्म पहले 4 दिनों के विस्तारित वीकेंड में केवल भारत से ही ₹350 से ₹400 करोड़ नेट का आंकड़ा छू सकती है। अगर वीकडेज में भी फिल्म की पकड़ मजबूत रही, तो यह ₹1000 करोड़ क्लब में सबसे तेज शामिल होने वाली फिल्मों में गिनी जाएगी।गीतू मोहनदास का डार्क डायरेक्शन और यश का 'राया' अवतारफिल्म की सफलता की सबसे बड़ी वजह इसका रॉ, डार्क और इंटेंस नैरेटिव है। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक गीतू मोहनदास ने 'टॉक्सिक' को पारंपरिक मास-एक्शन फिल्मों से अलग एक स्टाइलिश और बोल्ड इंटरनेशनल लुक दिया है। फिल्म में यश का 'राया' नामक किरदार बेहद खूंखार, स्टाइलिश और ग्रे-शेड्स से भरा हुआ है। यश की दमदार स्क्रीन प्रेजेंस के साथ-साथ कियारा आडवाणी, नयनतारा, तारा सुतारिया और हुमा कुरैशी की अदाकारी ने कहानी में नई जान फूंकी है। फिल्म को सीबीएफसी (CBFC) से बिना किसी कट के 'ए' (A - Adults Only) सर्टिफिकेट मिला था, बावजूद इसके सिनेमाघरों में युवाओं और मास ऑडियंस की भीड़ उमड़ पड़ी है।लोकल और रीजनल मार्केट में कैसा रहा प्रभाव?भौगोलिक दृष्टि से देखें तो उत्तर भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों जैसे लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, जयपुर, पटना, इंदौर और अहमदाबाद में सिंगल स्क्रीन थिएटर्स पर जबरदस्त उत्साह देखा गया। वहीं बेंगलुरु, मैसूर, हुबली और मेंगलुरु जैसे कर्नाटक के प्रमुख शहरों में सुबह 4 बजे के विशेष फैन शोज आयोजित किए गए, जो पूरी तरह सोल्ड-आउट रहे। हैदराबाद, विजयवाड़ा और विशाखापट्टनम में तेलुगु दर्शकों ने फिल्म के एक्शन सीन्स पर जमकर सीटियां बजाईं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तरी अमेरिका (USA & Canada), ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ऑस्ट्रेलिया में फिल्म ने पहले दिन रिकॉर्ड स्क्रीन काउंट के साथ मजबूत ओपनिंग दर्ज की है।क्या कहती है बॉक्स ऑफिस की भविष्य की राह?शुरुआती रिव्यूज में दर्शकों और समीक्षकों के बीच फिल्म के डार्क टोन और बोल्ड कंटेंट को लेकर मिली-जुली से लेकर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां कुछ लोग इसे भारतीय सिनेमा का नया एक्शन बेंचमार्क बता रहे हैं, वहीं कुछ दर्शक इसकी तुलना केजीएफ के स्केल से कर रहे हैं। हालांकि, टिकट खिड़की पर दर्शकों का क्रेज यह साफ दर्शा रहा है कि यश का स्टारडम हर नकारात्मक चर्चा पर भारी पड़ रहा है। आने वाले शनिवार और रविवार को एडवांस बुकिंग में 40% से अधिक की और उछाल आने की संभावना है।
'बदन पर सिर्फ कपड़े बचे हैं', नेपाल में अचानक आई बाढ़ से बची महिला ने NDTV पर सुनाई आपबीती
नेपाल में बाढ़ की चपेट में आने से बाल-बाल बचीं एक महिला ने NDTV को आपबीती बताते हुए कि कि अब बदन पर सिर्फ कपड़े बचे हैं, पीने के लिए एक घूंट पानी तक नहीं है.
ज्योतिष शास्त्र और वैदिक परंपरा में चंद्रमा को मन, माता, जल तत्व, मानसिक शांति और चेतना का कारक ग्रह माना गया है। जब भी चंद्र ग्रहण घटित होता है, तो राहु और केतु की छाया के कारण चंद्र देव पर ग्रहण लगता है, जिसे ज्योतिषीय भाषा में चंद्रमा का 'पीड़ित' होना कहा जाता है। ग्रहण समाप्त होने (मोक्ष काल) के बाद वातावरण में फैली नकारात्मक ऊर्जा और कमजोर चंद्रमा का सीधा प्रभाव व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य, निर्णय क्षमता और पारिवारिक सुख-शांति पर पड़ता है। ऐसे में ग्रहण के तुरंत बाद किए जाने वाले वैदिक और शास्त्रीय उपाय न केवल नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करते हैं, बल्कि कुंडली में कमजोर पड़े चंद्रमा को नई शक्ति और सकारात्मकता प्रदान करते हैं।ग्रहण मोक्ष के तुरंत बाद करें शुद्धि स्नान और घर का शुद्धिकरणचंद्र ग्रहण समाप्त होते ही सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम संपूर्ण शुद्धि का होता है। ग्रहण काल समाप्त होने के बाद बासी वस्त्रों को त्यागकर तुरंत ताजा जल से स्नान करना चाहिए। स्नान के जल में थोड़ा सा गंगाजल, कच्चा दूध और कुछ बूंदें गुलाब जल या केवड़ा जल मिलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे शरीर और आभामंडल (Aura) पर लगा ग्रहण का दूषित प्रभाव तत्काल नष्ट हो जाता है। स्नान के बाद पूरे घर, पूजा स्थान और तिजोरी के आसपास गंगाजल का छिड़काव करें। रसोई में रखे पके हुए भोजन में यदि सूतक काल से पूर्व तुलसी पत्र या कुशा नहीं डाला गया था, तो उसे त्याग दें और नए सिरे से सात्विक भोजन तैयार करें।भगवान शिव की उपासना: चंद्रमा की पीड़ा दूर करने का सबसे अचूक मार्गसनातन धर्म में भगवान शिव को 'चंद्रशेखर' कहा गया है, क्योंकि उन्होंने चंद्रमा को अपने मस्तक पर धारण कर उसे अभयदान और अमरत्व प्रदान किया था। पीड़ित चंद्रमा को बलवान बनाने का सबसे अचूक और शक्तिशाली माध्यम भगवान भोलेनाथ की शरण में जाना है। ग्रहण समाप्त होने के बाद या अगले दिन सुबह किसी शिवालय में जाकर शिवलिंग पर तांबे के लोटे के बजाय चांदी या पीतल के लोटे से कच्चा दूध और शुद्ध जल मिश्रित पंचामृत अर्पित करें। 'ॐ नमः शिवाय' या 'महामृत्युंजय मंत्र' का 108 बार जाप करते हुए शिवलिंग पर जलधारा चढ़ाएं और सफेद चंदन व सफेद मदार के पुष्प अर्पित करें। यह साधारण अनुष्ठान जन्मकुंडली में चंद्र दोष, ग्रहण दोष और डिप्रेशन जैसी मानसिक चिंताओं को जड़ से समाप्त करने में सक्षम है।चंद्र बीज मंत्र और स्तोत्र का विधिवत जापग्रहण के प्रभाव से यदि मन अशांत, चिड़चिड़ा या नकारात्मक विचारों से घिर रहा हो, तो मंत्र साधना के जरिए चंद्र देव को ऊर्जावान बनाया जा सकता है। उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके सफेद आसन पर बैठें और रुद्राक्ष या स्फटिक की माला से चंद्र देव के शक्तिशाली मंत्रों का जाप करें।चंद्र बीज मंत्र: ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमःपौराणिक चंद्र मंत्र: ॐ सों सोमाय नमःचंद्र गायत्री मंत्र: ॐ क्षीरपुत्राय विद्महे अमृततत्त्वाय धीमहि, तन्नो चंद्रः प्रचोदयात्इन मंत्रों का कम से कम एक माला (108 बार) जाप करने से मन के भीतर की बेचैनी समाप्त होती है और एकाग्रता में अभूतपूर्व सुधार आता है। यदि संभव हो तो चंद्र कवच या 'द्विराजरमण स्तोत्र' का पाठ भी मानसिक दृढ़ता प्रदान करता है।सफेद वस्तुओं का महादान: कमजोर चंद्रमा को मिलेगा तत्कालिक बलज्योतिष शास्त्र में दान को ग्रहों की प्रतिकूलता दूर करने का सबसे प्रभावी उपाय बताया गया है। ग्रहण के बाद दान करने का महत्व कई हजार गुना बढ़ जाता है। पीड़ित चंद्रमा को अनुकूल करने के लिए सफेद रंग की खाद्य और धातु से जुड़ी वस्तुओं का दान किसी जरूरतमंद, वृद्ध महिला या ब्राह्मण को करना चाहिए।अन्न एवं द्रव्य दान: चावल, दूध, दही, मिश्री, सफेद मिठाई, चीनी और आटा।वस्त्र एवं धातु दान: सफेद रेशमी या सूती वस्त्र, चांदी का सिक्का, चांदी का छोटा चौकोर टुकड़ा या शंख।पशु-पक्षियों की सेवा: ग्रहण के बाद गाय को आटे में थोड़ा सा मक्खन या दूध मिलाकर खिलाना और मछलियों को आटे की गोलियां डालना अत्यंत शुभ फल देता है।चांदी के पात्र का जल और दैनिक जीवन में चंद्र संतुलनकमजोर चंद्रमा को मजबूत करने के लिए केवल अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि कुछ दैनिक व्यावहारिक आदतों में भी बदलाव लाना आवश्यक है। प्रतिदिन रात के समय चांदी के गिलास या लोटे में जल भरकर रखें और सुबह उठकर उस जल का सेवन करें। चांदी शीतलता प्रदान करती है और शरीर में जल तत्व (Water Retention & Balance) को नियंत्रित रखती है। इसके अलावा अपनी दिनचर्या में पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की रोशनी में 15 से 20 मिनट टहलने की आदत डालें। यह चंद्र किरणें सीधे शरीर में अवशोषित होकर हार्मोन्स और न्यूरोट्रांसमीटर्स को संतुलित करती हैं।मातृ सेवा और स्त्री सम्मान: चंद्रमा की कृपा पाने की कुंजीकुंडली में चंद्रमा का साक्षात संबंध माता और मातृवत स्त्रियों से है। यदि माता का दिल दुखता है या घर की महिलाओं के साथ व्यवहार अनुचित रहता है, तो किसी भी बड़े से बड़े अनुष्ठान के बाद भी चंद्रमा का शुभ फल प्राप्त नहीं हो सकता। ग्रहण के बाद अपनी माता, दादी, नानी या किसी बुजुर्ग महिला के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद अवश्य लें। उन्हें कोई सफेद मिठाई या वस्त्र उपहार स्वरूप भेंट करें। बड़ों के हृदय से निकलने वाला आशीर्वाद चंद्रमा के सभी अशुभ और पीड़ित प्रभावों को कवच की तरह सोख लेता है।ग्रहण के बाद इन गलतियों से पूरी तरह बचेंचंद्र ग्रहण के बाद कम से कम तीन दिनों तक तामसिक भोजन, मदिरा, अत्यधिक तीखा या बासी भोजन करने से बचें। अनावश्यक विवाद, क्रोध और देर रात तक जागने की आदत से परहेज करें, क्योंकि रात्रि जागरण से मानसिक तनाव बढ़ता है और कमजोर चंद्रमा और अधिक दुर्बल हो जाता है। यदि कुंडली में चंद्र-राहु की युति (ग्रहण योग) या चंद्र-शनि की युति (विष योग) बन रही हो, तो किसी योग्य ज्योतिषी की सलाह लेकर मोती (Pearl) या मूनस्टोन धारण करने पर विचार करें।
रैना ने अपने कॉमेडियन अंदाज में कहा कि यह पहली बार था जब साइबर अधिकारी किसी कॉमेडियन के घर उसे पकड़ने के लिए नहीं, बल्कि उसे मंच पर बुलाने और सम्मानित करने के लिए आए थे.
मोहन भागवत के अमेरिका दौरे पर बवाल, US संसदीय आयोग ने उठाए सवाल, RSS को बैन करने की मांग
RSS प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे पर जमकर बवाल मचा हुआ है। न्यूयॉर्क के मशहूर मैडिसन स्क्वायर गार्डन (MSG) में शनिवार, 29 अगस्त को उनका कार्यक्रम है, जिसको लेकर सरगर्मी बढ़ी हुई है। इस कार्यक्रम से पहले अमेरिका की धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े ...
नेपाल के चितवन पहुंचा आजतक, जहां बाढ़ से हुई सबसे ज्यादा तबाही - पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट
नेपाल में आई भीषण बाढ़ में अब तक 163 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग लापता हैं. आजतक की टीम चितवन पहुंची, जहां नदी में तलाश जारी है और अब तक 37 शव मिल चुके हैं. यह बाढ़ नेपाल-चीन सीमा पर हिमस्खलन से लेंधे नदी रुकने के कारण आई, जिसने तिमुरे गांव को तबाह कर दिया. नौ जिलों में सड़कें बंद हैं, नौ जलविद्युत परियोजनाएं और बैंक शाखाएं बह गईं.
कृति सेनन के आउटफिट पर कंगना ने बताई अपनी असली आपत्ति
कृति सेनन के राखी विज्ञापन विवाद पर कंगना रनौत ने कहा कि मुद्दा सिर्फ ब्रालेट या आउटफिट का नहीं, बल्कि त्योहार की प्रस्तुति का है. कंगना ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए उनके समर्थन को लेकर सवाल उठाए. विवाद के बाद संबंधित ज्वैलरी ब्रांड ने विज्ञापन वापस ले लिया है.
क्या नेपाल में 'मेड इन चाइना' तबाही? आ गया बीजिंग का जवाब
नेपाल-चीन सीमा के पास आई भीषण बाढ़ को लेकर चीन पर सवाल उठ रहे हैं. नेपाली पत्रकारों के एक समूह ने आरोप लगाया कि बीजिंग ने नेपाल को बाढ़ के खतरे की समय पर जानकारी नहीं दी. अब नेपाल में चीन के राजदूत झांग माओमिंग ने जवाब देते हुए कहा है कि चीन खुद भारी नुकसान के बावजूद नेपाल को तुरंत राहत सामग्री और आर्थिक सहायता मुहैया करा रहा है.
'भाई वापस आजा', अंकित की मौत से टूटी मां, बिलखकर रोई बहन
हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की मौत ने फैंस को बड़ा झटका दिया है. परिवार ने न्याय की मांग की है. अंकित की फैमिली का रो-रोकर बुरा हाल है.
Vande Mataram Karnataka government stance unchanged CM Shivakumar says stick decision BJP targets government
होटल के तौलिए सालों-साल कैसे रहते हैं नए जैसे, ये है सीक्रेट
How To Keep Towels White-Fluffy Like Hotels: होटल के तौलिए हमेशा सफेद, सॉफ्ट और फूले-फूले क्यों रहते हैं? अगर आपके मन में भी यही सवाल है, तो ये खबर आपके लिए है. आज हम आपको तौलिए धोने, रिंस करने और सुखाने के होटल वाले आसान तरीके बताएंगे. इन आसान टिप्स को अपनाकर आप भी घर के पुराने और सख्त तौलियों को लंबे समय तक मुलायम, साफ और फ्रेश रख सकते हैं.
नेपाल के हिमालयी सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रकृति के रौद्र रूप ने भारी तबाही मचा दी है। तिब्बत सीमा से सटे रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में अचानक आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड (आकस्मिक बाढ़) और भारी भूस्खलन के कारण सैकड़ों लोग संकट में घिर गए हैं। इस भीषण प्राकृतिक आपदा में नेपाल के स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ दुनिया भर के सैकड़ों विदेशी पर्यटक और तीर्थयात्री फंस गए हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड और स्थानीय प्रशासन के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, लापता और संपर्क से कटे लोगों में सबसे बड़ी संख्या भारतीय नागरिकों की है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और भारतीय दूतावास ने संयुक्त रूप से राहत और बचाव अभियान को युद्धस्तर पर तेज कर दिया है।कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर सबसे बड़ा संकटबाढ़ और मलबे की चपेट में आया रसुवागढ़ी मार्ग भारत से तिब्बत स्थित कैलाश मानसरोवर जाने वाले तीर्थयात्रियों का सबसे प्रमुख और व्यस्त ट्रांजिट रूट है। करीब पांच वर्षों के अंतराल के बाद बड़े पैमाने पर निजी टूर ऑपरेटरों के माध्यम से इस मार्ग से तीर्थयात्रा शुरू की गई थी। बुधवार सुबह जब यात्री अपने पड़ावों से आगे बढ़ रहे थे, तभी भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक विकराल रूप धारण कर गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पानी और मलबे का बहाव इतना तेज था कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। नेपाल पर्यटन बोर्ड के प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक, 380 से अधिक लापता व संपर्कविहीन यात्रियों में से 130 से अधिक भारतीय नागरिक और एनआरआई शामिल हैं। इसके अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, दक्षिण अफ्रीका और नीदरलैंड्स के सैलानी भी इस आपदा के चलते प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हुए हैं।जमींदोज हुआ बुनियादी ढांचा और संपर्क टूटाइस आपदा ने पूरे सीमावर्ती इलाके के बुनियादी ढांचे को तहस-नहस कर दिया है। नेपाल और चीन (तिब्बत) को जोड़ने वाला ऐतिहासिक मितेरी पुल (फ्रेंडशिप ब्रिज) पानी के तेज बहाव में बह गया है। इसके साथ ही 19 से अधिक महत्वपूर्ण मोटर वाहन पुल और 40 किलोमीटर से अधिक लंबी सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। रसुवा और धाडिंग जिलों में मोबाइल टावर, ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क और बिजली आपूर्ति ठप हो जाने से प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों से संपर्क साधना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। क्षेत्र में काम कर रही कई जलविद्युत परियोजनाओं (Hydropower Projects) को भी भारी नुकसान पहुंचने की खबर है।हेलीकॉप्टर और स्निफर डॉग्स के साथ महा-रेस्क्यू ऑपरेशनहालात की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सरकार ने सेना, पुलिस और विशेष आपदा प्रबंधन इकाइयों को जमीन पर उतार दिया है। दुर्गम पहाड़ी इलाका होने और सड़क मार्ग पूरी तरह कट जाने के कारण हवाई मार्ग से बचाव कार्य चलाया जा रहा है। बचाव अभियान में 14 से अधिक हेलीकॉप्टर, आधुनिक ड्रोन कैमरे और खोजी कुत्ते (Sniffer Dogs) तैनात किए गए हैं। नुवाकोट और धाडिंग के आर्मी बैरक्स में हेलीकॉप्टरों के लिए आपातकालीन ईंधन डिपो और मोबाइल एयरबेस बनाए गए हैं, ताकि राहत उड़ानों में किसी प्रकार का विलंब न हो। गंभीर रूप से घायल लोगों को एयरलिफ्ट कर काठमांडू के अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है, जबकि अन्य के लिए रसुवा में विशेष मेडिकल कैंप स्थापित किए गए हैं।भारत सरकार सतर्क, जारी किए गए 24x7 इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबरनेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार और विदेश मंत्रालय लगातार काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से फोन पर वार्ता कर जानमाल के नुकसान पर गहरी संवेदना व्यक्त की और भारत की ओर से मानवीय सहायता व राहत दलों की तैनाती की पूरी पेशकश की है।काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने प्रभावित भारतीयों और उनके चिंतित परिजनों के लिए 24 घंटे सक्रिय रहने वाले आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:भारतीय दूतावास (काठमांडू) हेल्पलाइन: +977 985 131 6807, +977 970 910 7500इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र समेत कई राज्य सरकारों ने भी अपने नागरिकों की कुशलक्षेम जानने और सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए हैं:उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन टोल-फ्री: 1070 / 0522-2238200उत्तराखंड आपदा कंट्रोल रूम: 1070 / 0135-2710334महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन: 022-22027990छत्तीसगढ़ आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन: 1070 / +91-771-2223471भारत के सीमावर्ती इलाकों में अलर्ट और स्थानीय प्रभावनेपाल की नदियों में आए इस उफान का सीधा भौगोलिक असर भारत के सीमावर्ती मैदानी राज्यों पर भी पड़ने की संभावना है। भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों का पानी आगे चलकर गंडक और कोसी नदी प्रणालियों में मिलता है। इसके चलते उत्तर प्रदेश के महराजगंज, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर तथा बिहार के पश्चिमी चंपारण और सीमावर्ती जिलों में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। निचले इलाकों में नदी किनारे बसे गांवों में सायरन बजाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है और जलस्तर की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।मौसम में सुधार के साथ बचाव अभियान में तेजी की उम्मीदमौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, जैसे ही उच्च हिमालयी घाटियों में मौसम साफ होगा और बादलों की दृश्यता बेहतर होगी, रेस्क्यू उड़ानों की आवृत्ति और बढ़ाई जाएगी। टूर ऑपरेटरों और गाइडों के नेटवर्क के जरिए ट्रैकिंग रूट्स पर फंसे एक-एक यात्री की सही लोकेशन को मैप किया जा रहा है। भारत और नेपाल की एजेंसियां मिलकर यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि सभी फंसे तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को सुरक्षित निकालकर उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा सके।
'देश की रक्षा करूं या देवरिया में परिवार की, खुद को गोली...' बॉर्डर पर तैनात जवान की गुहार
एलओसी पर तैनात फौजी वीर बहादुर सिंह ने देवरिया में अपनी जमीन पर दबंगों के कब्जे का आरोप लगाकर वीडियो वायरल किया है. उन्होंने मुख्यमंत्री से मदद मांगते हुए जान देने या गोली मारने की बात कही. हालांकि, पुलिस जांच में मामला तीन भाइयों के बीच पुश्तैनी मकान के विवाद और कोर्ट में विचाराधीन होने का निकला.
हिमालय की गोद में बसे नेपाल के ऊंचे पहाड़ों पर एक बार फिर बड़े प्राकृतिक संकट के बादल मंडरा रहे हैं। ग्लोबल वार्मिंग और तेजी से बढ़ते तापमान के कारण नेपाल के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौजूद विशाल हिमनद (Glaciers) रिकॉर्ड गति से पिघल रहे हैं। इन पिघलते ग्लेशियरों के कारण पहाड़ों के ऊपर सैकड़ों खतरनाक कृत्रिम झीलें बन चुकी हैं, जिन्हें वैज्ञानिक 'टिकिंग टाइम बम' मान रहे हैं। अगर ये झीलें अपने प्राकृतिक तटबंधों को तोड़कर फटती हैं, तो यह नेपाल और नीचे की ओर बसे भारतीय मैदानी इलाकों में भारी तबाही मचा सकती हैं।ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) का बढ़ता जोखिमपर्यावरण वैज्ञानिकों के अनुसार, सबसे बड़ा खतरा 'ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड' (GLOF) से है। जब अत्यधिक तापमान या भूकंपीय हलचल के कारण ग्लेशियर की बर्फ पिघलती है, तो पत्थरों और मलबे से बने प्राकृतिक बांधों पर पानी का दबाव अचानक बढ़ जाता है। बांध टूटने पर लाखों गैलन पानी, कीचड़ और भारी बोल्डर्स के साथ नीचे की घाटियों में सुनामी जैसी गति से बहता है। नेपाल के इम्जा (Imja), चो रोल्पा (Tsho Rolpa) और थुलगी जैसी प्रमुख हिमनद झीलें इस समय गंभीर खतरे की श्रेणी में शामिल हैं।जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान का घातक असरइंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (ICIMOD) की रिपोर्ट्स बताती हैं कि हिंदू कुश हिमालयी क्षेत्र दुनिया के बाकी हिस्सों की तुलना में दोगुनी तेजी से गर्म हो रहा है। पिछले कुछ दशकों में नेपाल में हजारों छोटी-बड़ी हिमनद झीलें बनी हैं, जिनमें से 20 से अधिक झीलें बेहद संवेदनशील मानी गई हैं। लगातार हो रहे हिमस्खलन (Avalanche) और चट्टानों के खिसकने से इन झीलों के किनारे किसी भी समय टूट सकते हैं, जिससे निचले रिहायशी इलाकों को संभलने का मौका तक नहीं मिलेगा।भारत के सीमावर्ती राज्यों पर भी मंडरा रहा असरनेपाल से निकलने वाली कोसी, गंडक और करनाली जैसी प्रमुख नदियां सीधे भारत के बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के मैदानी इलाकों में प्रवेश करती हैं। यदि नेपाल के उच्च क्षेत्रों में कोई बड़ा जल प्रलय आता है, तो इसका सीधा असर सीमावर्ती भारतीय राज्यों में आकस्मिक बाढ़ (Flash Flood), बुनियादी ढांचे के विनाश और कृषि भूमि के जलमग्न होने के रूप में सामने आएगा। इसी कारण दोनों देशों की आपदा प्रबंधन एजेंसियां हिमालयी जलक्षेत्रों की उपग्रह निगरानी (Satellite Monitoring) तेज करने पर जोर दे रही हैं।अर्ली वार्निंग सिस्टम और बचाव की तैयारीविशेषज्ञों का मानना है कि इस खतरे को पूरी तरह टाला नहीं जा सकता, लेकिन आधुनिक तकनीक के जरिए नुकसान को न्यूनतम किया जा सकता है। नेपाल सरकार अंतरराष्ट्रीय सहयोग से संवेदनशील झीलों में साइफन विधि के जरिए पानी के स्तर को कम करने की कोशिश कर रही है। साथ ही निचले इलाकों में स्वचालित सायरन और प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (Early Warning System) स्थापित की जा रही है ताकि आपात स्थिति में स्थानीय ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर तुरंत पहुंचाया जा सके।
भारत का स्पेस सेक्टर एक ऐतिहासिक बदलाव के मुहाने पर खड़ा है। जिस तरह अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने स्पेसएक्स (SpaceX) और बोइंग जैसी निजी कंपनियों के लिए अपने दरवाजे खोले थे, ठीक उसी तर्ज पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने भी देश के प्राइवेट स्पेस स्टार्टअप्स और कंपनियों को साथ लेकर चलने की रणनीति बनाई है। इस नए मॉडल का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और ग्लोबल स्पेस मार्केट में भारत की हिस्सेदारी पर दिखने लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ वर्षों में अंतरिक्ष भारत के लिए एक बड़ा 'इकोनॉमिक इंजन' साबित हो सकता है।नासा मॉडल और इसरो की नई रणनीति का तालमेलनासा ने दशकों पहले यह महसूस कर लिया था कि रॉकेट निर्माण और नियमित सैटेलाइट लॉन्चिंग जैसे रूटीन कामों को अगर निजी हाथों में सौंप दिया जाए, तो एजेंसी का पूरा ध्यान डीप स्पेस एक्सप्लोरेशन, मून और मार्स मिशन जैसे जटिल वैज्ञानिक अनुसंधानों पर केंद्रित हो सकता है। भारत में भी अब इन-स्पेस (IN-SPACe) और न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) के जरिए इसी ढांचे को मजबूती दी गई है। इसरो अपने भारी रॉकेट्स, उपग्रहों और लॉन्च पैड की तकनीक को निजी कंपनियों को ट्रांसफर कर रहा है। इससे प्राइवेट प्लेयर्स को न केवल बना-बनाया इंफ्रास्ट्रक्चर मिल रहा है, बल्कि भारत के युवाओं को अपने इनोवेटिव आइडियाज को अंतरिक्ष में उतारने का खुला मंच भी मिल रहा है।आंकड़ों की जुबानी: 447 अरब डॉलर का ग्लोबल स्पेस मार्केटवर्तमान में दुनिया की कुल स्पेस इकोनॉमी लगभग 447 अरब डॉलर से अधिक की आंकी गई है, जिसमें भारत की मौजूदा हिस्सेदारी करीब 2 से 3 प्रतिशत के बीच है। केंद्र सरकार और नीति आयोग का लक्ष्य इस हिस्सेदारी को बढ़ाकर 2030-2033 तक 8 से 10 प्रतिशत तक ले जाना है। इसका सीधा मतलब यह है कि भारत का स्पेस बाजार आने वाले समय में 40 से 50 अरब डॉलर और दीर्घकाल में 100 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। वर्तमान में देश में 200 से अधिक स्पेस-टेक स्टार्टअप्स सक्रिय हैं, जो सैटेलाइट मैन्युफैक्चरिंग, अर्थ ऑब्जर्वेशन, 3D प्रिंटेड रॉकेट इंजन और प्रोपल्शन सिस्टम पर काम कर रहे हैं।भारतीय स्पेस स्टार्टअप्स की उड़ान और बढ़ता निवेशअग्निकुल कॉस्मॉस (Agnikul Cosmos), स्काईरूट एयरोस्पेस (Skyroot Aerospace), पिक्सल (Pixxel) और ध्रुव स्पेस (Dhruva Space) जैसी घरेलू कंपनियों ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय प्रतिभाएं कम लागत में विश्वस्तरीय समाधान दे सकती हैं। स्काईरूट का विक्रम-एस (Vikram-S) और अग्निकुल का अग्निबाण (Agnibaan) सब-ऑर्बिटल लॉन्च भारतीय निजी क्षेत्र की क्षमता का स्पष्ट प्रमाण हैं। इसके अलावा पिक्सल दुनिया का सबसे उन्नत हाइपरस्पेक्ट्रल अर्थ-इमेजिंग सैटेलाइट नेटवर्क तैयार कर रहा है। वैश्विक और घरेलू वेंचर कैपिटलिस्ट अब भारतीय स्पेस सेक्टर में भारी निवेश कर रहे हैं, जिससे नए पेटेंट्स और उच्च-कुशल तकनीकी नौकरियों का सृजन हो रहा है।कम लागत, उच्च सटीकता: भारत का सबसे बड़ा ग्लोबल एडवांटेजभारत की सबसे बड़ी ताकत हमेशा से 'फ्रूगल इंजीनियरिंग' यानी कम लागत में सटीक और भरोसेमंद तकनीक रही है। जहां पश्चिमी देशों में एक सैटेलाइट लॉन्च का खर्च काफी अधिक होता है, वहीं भारत का पीएसएलवी (PSLV) और एसएसएलवी (SSLV) दुनिया भर के देशों के लिए पहली पसंद बने हुए हैं। निजी कंपनियों के आने से कमर्शियल स्मॉल सैटेलाइट्स की मांग तेजी से पूरी हो सकेगी। संचार, कृषि, मौसम पूर्वानुमान, आपदा प्रबंधन, रक्षा और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टर्स में अंतरिक्ष-आधारित डेटा की मांग कई गुना बढ़ चुकी है, जिससे यह सेक्टर भारी राजस्व कमाने का साधन बन रहा है।भू-रणनीतिक और स्थानीय प्रभाव: भारत बनेगा स्पेस हबयह बदलाव केवल केंद्र सरकार या इसरो मुख्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई राज्यों में एयरोस्पेस कॉरिडोर विकसित हो रहे हैं। तमिलनाडु के कुलशेखरपट्टिनम में नया स्पेसपोर्ट छोटे उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए रणनीतिक रूप से तैयार किया जा रहा है, जिससे दक्षिणी राज्यों में भारी औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई जैसे शहर वैश्विक स्पेस-टेक हब के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहे हैं।भविष्य की संभावनाएं: इकोनॉमिक ग्रोथ का नया जरियाजब किसी देश का स्पेस इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होता है, तो उसका असर सीधे तौर पर 5G/6G कनेक्टिविटी, स्मार्ट फार्मिंग, मैरीटाइम सिक्योरिटी और ग्रीन एनर्जी मैपिंग पर पड़ता है। इसरो का यह नया पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल देश को सिर्फ तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर नहीं बना रहा, बल्कि भारत को ग्लोबल स्पेस सप्लाई चेन का मुख्य केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रहा है। अगर यह गति बनी रही, तो अंतरिक्ष सचमुच भारत के लिए आर्थिक समृद्धि और वैश्विक प्रभाव का एक बड़ा जरिया साबित होगा।
गे-डेटिंग ऐप पर दोस्ती करते थे, फिर मिलने बुलाते थे, पहुंचने पर कर देते थे कांड
पहले गे-डेटिंग ऐप पर दोस्ती करते थे, फिर कहते थे कि अब मिलने आइए. सामने वाला जब भरोसा करके मिलने पहुंचता, तो सुनसान जगह पर पूरा खेल बदल जाता था. आरोप है कि वहां मारपीट की जाती, सामान लूटा जाता और फिर ब्लैकमेलिंग शुरू हो जाती. जयपुर में ऐसे ही गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है.
ग्लेशियर टूटा, झील फटी और आ गया जलप्रलय... जानें नेपाल में हर घंटे कैसे मचती गई तबाही
नेपाल में भोटेकोशी, त्रिशूली और नारायणी नदियों में आई विनाशकारी बाढ़ को लेकर बाढ़ पूर्वानुमान महाशाखा ने तकनीकी रिपोर्ट जारी की है. रिपोर्ट के अनुसार तिब्बत की ओर नदी का बहाव रुकने से बनी झील टूटने के बाद भोटेकोशी के रास्ते भारी बाढ़ आई. इस दौरान चार स्वचालित जलमापन केंद्र बह गए. तकनीकी आकलन में देवघाट से करीब 2 करोड़ घनमीटर अतिरिक्त पानी बहने का अनुमान है. रिपोर्ट में 8:37 बजे भूकंप दर्ज होने से लेकर शाम तक बाढ़ के बढ़ने की पूरी टाइमलाइन भी दी गई है.
नेपाल में आई भीषण अचानक बाढ़ (Flash Floods) से मरने वालों की संख्या बढ़कर 163 हो गई है। इस आपदा में 133 से अधिक भारतीय नागरिक लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें तमिलनाडु के 37 और पश्चिम बंगाल के 32 पर्यटक शामिल हैं। लापता लोगों में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कई श्रद्धालु भी शामिल हैं। मध्य नेपाल में संचार नेटवर्क ठप होने और रास्ते बंद होने के कारण राहत कार्य और संपर्क साधने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास और कई राज्य सरकारों ने त्वरित कदम उठाते हुए 24x7 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं ताकि फंसे हुए लोगों को मदद पहुँचाई जा सके। सम्राट टूर्स एंड ट्रैवल एजेंसी के अनुसार, प्रभावित भारतीयों में से कम से कम 59 लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्री माने जा रहे हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि जानकारी सीमित है क्योंकि संचार संपर्क बुरी तरह बाधित हुए हैं। तमिलनाडु राज्य के अधिकारियों ने बताया कि नेपाल यात्रा पर गए तमिलनाडु के 57 पर्यटकों में से 37 का अभी तक पता नहीं चल पाया है, जबकि 20 लोगों के बारे में जानकारी मिल गई है। बताया जा रहा है कि यह समूह हिमालय में एक मंदिर की ओर जा रहा था, तभी बाढ़ आ गई। कोयंबटूर स्थित गैर-लाभकारी संगठन, ईशा फाउंडेशन ने अलग से बताया कि नेपाल में एक आव्रजन केंद्र (इमिग्रेशन सेंटर) पर मौजूद उसके 77 सदस्य लापता हैं। इसके संस्थापक सद्गुरु ने कहा कि आव्रजन कार्यालय में मौजूद लोगों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है, जबकि 495 लोग सुरक्षित लौट आए हैं। इसके बाद नेपाल सरकार ने कहा कि आव्रजन केंद्र का पूरा स्टाफ संपर्क से बाहर है। पश्चिम बंगाल अचानक आई बाढ़ के बाद लापता हुए लोगों में कोलकाता का 32 सदस्यीय समूह भी शामिल है जो कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गया था। इस समूह में 30 पर्यटक और दो टूर मैनेजर शामिल थे; वे 21 अगस्त को कोलकाता से निकले थे और अगले दिन नेपाल पहुंचे थे। यह समूह तिब्बत में प्रवेश करने के लिए बुधवार सुबह रसुवागढ़ी पहुंचा था और सुबह करीब 8:30 बजे आव्रजन कार्यालय में था, तभी नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में अचानक बाढ़ आ गई। एक अधिकारी ने कहा, जब से इलाके में अचानक बाढ़ आई है, तब से 32 सदस्यों में से किसी से भी कोई संपर्क नहीं हो पाया है। कोलकाता के अलावा, हुगली के चंदननगर और उत्तर 24 परगना के बारासात के रहने वाले लोग भी उन लोगों में शामिल हो सकते हैं जो फंसे हुए हैं या लापता हैं। पश्चिम बंगाल सरकार ने जानकारी चाहने वाले परिवारों के लिए कोलकाता में राज्य पुलिस मुख्यालय में हेल्पलाइन शुरू की हैं। हेल्पलाइन: 033-24793311 / 9147890181 उत्तर प्रदेश माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के कई लोग नेपाल में फंसे हुए हैं। किसान नेता राकेश टिकैत, जो अपने साथियों के साथ सड़क मार्ग से नेपाल गए थे, के पोखरा में फंसे होने की खबर है। एक वीडियो संदेश में, टिकैत ने कहा कि उन्होंने काठमांडू तक उड़ान भरने और फिर दिल्ली के लिए उड़ान भरने की योजना बनाई थी, और अपनी गाड़ियां वहीं छोड़ दी थीं क्योंकि हालात के कारण सड़क मार्ग से यात्रा करना संभव नहीं था। उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय ने एक एडवाइजरी जारी की है जिसमें उन निवासियों से राज्य हेल्पलाइन पर संपर्क करने को कहा गया है जिनके रिश्तेदार नेपाल में फंसे हुए हैं या जिन्हें मदद की ज़रूरत है। हेल्पलाइन: 1070 महाराष्ट्र अचानक आई बाढ़ के बाद महाराष्ट्र के सात पर्यटकों के नेपाल में फंसे होने की खबर मिली। अधिकारियों ने बताया कि उनमें से चार से संपर्क हो गया है और उनके सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है, जबकि बाकी तीन से संपर्क करने की कोशिशें जारी हैं। राज्य आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने चार पर्यटकों से संपर्क स्थापित किया है, जिनमें मुंबई और पुणे से दो-दो लोग शामिल हैं। अधिकारी महाराष्ट्र के उन अन्य लोगों की सूची भी तैयार कर रहे हैं जो नेपाल में फंसे हो सकते हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय ने मंत्रालय में 24 घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम बनाया है। हेल्पलाइन: 1070 / +91-9321587143 ईमेल: controlroom@maharashtra.gov.in केरल राज्य के अधिकारियों ने बताया कि नेपाल में यात्रा कर रहे केरल के 36 लोगों का एक समूह सुरक्षित है और अचानक आई बाढ़ से प्रभावित इलाकों से दूर है। केरल सरकार ने आपातकालीन सहायता प्रदान करने के लिए 'नॉन-रेसिडेंट केरलाइट्स अफेयर्स' विभाग के तहत काम करने वाली एजेंसी 'NORKA-Roots' के माध्यम से एक हेल्पडेस्क शुरू किया है। मदद चाहने वाले लोग NORKA ग्लोबल कॉन्टैक्ट सेंटर से संपर्क कर सकते हैं। हेल्पलाइन: 1800-425-3939 (टोल-फ्री) विदेश से: +91-8802012345 जो परिवार नेपाल में यात्रा कर रहे मलयाली लोगों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं, वे केरल के मुख्यमंत्री कार्यालय को भी जानकारी दे सकते हैं। CMO: 9447111844 / 9747132147 इसे भी पढ़ें: Nepal Flash Floods | नेपाल में अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही! 160 की लोगों की मौत और 750 लापता, भारतीय दूतावास ने जारी किए इमरजेंसी नंबर सिक्किम सिक्किम सरकार ने उन निवासियों के लिए एक हेल्पलाइन शुरू की है जिनके परिवार के सदस्य या रिश्तेदार नेपाल में बाढ़ के कारण फँसे या प्रभावित हो सकते हैं। सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SSDMA) ने लोगों से कहा है कि हेल्पलाइन पर संपर्क करते समय ज़रूरी जानकारी दें। हेल्पलाइन: 03592-201145 / 03592-202461 / 03592-202256 नेपाल में भारतीय दूतावास काठमांडू में भारतीय दूतावास ने अचानक आई बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों या जानकारी चाहने वाले उनके रिश्तेदारों के लिए इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर जारी किए हैं। दूतावास हेल्पलाइन: +977-9851316807 / +977-9709107500 ओडिशा ओडिशा सरकार ने नई दिल्ली में एक कंट्रोल रूम बनाया है ताकि राज्य के उन लोगों की मदद की जा सके जो नेपाल में फंसे हो सकते हैं या मुश्किल में हो सकते हैं। सरकार ने कहा कि अब तक ओडिशा के किसी व्यक्ति के लापता होने की कोई जानकारी नहीं मिली है। ओडिशा परिवार निदेशालय में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) प्रीतिश पांडा को इस ऑपरेशन के लिए नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया है। हेल्पलाइन: +91-7428135044 / +91-8527580245 / 011-23012807 इसे भी पढ़ें: Nepal Flood USGS Report | भूकंप या ग्लेशियर का फटना? USGS ने दूर किया सस्पेंस, जानिए नेपाल में 160 से ज्यादा मौतों की वैज्ञानिक वजह उत्तराखंड उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने उन निवासियों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं जिनके परिवार के सदस्य नेपाल में बाढ़ के कारण फंसे या प्रभावित हो सकते हैं। लोग राज्य इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के नंबरों या राज्य की टोल-फ्री आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं। SEOC: 0135-2710334 / 0135-2710335 / 0135-2664314 / 0135-2664315 / 0135-2664316 / 8218867005 टोल-फ्री: 1070 अधिकारियों ने कहा कि हेल्पलाइन का इस्तेमाल नेपाल में फंसे लोगों की जानकारी देने और प्रभावित लोगों के बारे में जानकारी साझा करने, दोनों के लिए किया जा सकता है। छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ सरकार ने भी उन निवासियों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं जो नेपाल में फंसे हो सकते हैं या जिन्हें अचानक आई बाढ़ के बाद मदद की ज़रूरत हो सकती है। हेल्पलाइन: 1070 / +91-771-2223471 प्रभावित राज्यों के अधिकारी भारतीय दूतावास और नेपाली अधिकारियों के साथ तालमेल बनाए हुए हैं, क्योंकि लापता और फंसे हुए भारतीयों से संपर्क करने की कोशिशें जारी हैं। बाढ़ से प्रभावित कई इलाकों में कम्युनिकेशन नेटवर्क ठप होने की वजह से अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जैसे-जैसे और जानकारी मिलेगी, प्रभावित भारतीयों की संख्या बदल सकती है। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi
शी जिनपिंग के भारत दौरे पर सस्पेंस, तारिक रहमान ने भी साधी चुप्पी; दिल्ली आएंगे ये दिग्गज
BRICS Summit 2026 से पहले शी जिनपिंग और तारिक रहमान की भारत यात्रा पर सस्पेंस बरकरार है। NSA अजीत डोभाल की चीन यात्रा के बाद भारत-चीन रिश्तों और मोदी-शी मुलाकात पर भी नजरें टिकी हैं।
दुनिया भर में जारी भू-राजनीतिक उथल-पुथल, लाल सागर से लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य तक लॉजिस्टिक्स की रुकावटों और महंगे समुद्री मालभाड़े के बावजूद भारतीय इंजीनियरिंग उद्योग ने वैश्विक बाजार में अपना लोहा मनवाया है। इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (EEPC India) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, जुलाई महीने में देश का इंजीनियरिंग निर्यात सालाना आधार पर 18 प्रतिशत की जोरदार छलांग लगाकर 12.24 अरब डॉलर (लगभग ₹1.02 लाख करोड़) के स्तर पर पहुंच गया है। पिछले वर्ष समान अवधि (जुलाई 2025) में यह आंकड़ा 10.40 अरब डॉलर था। यह लगातार चौथा महीना है जब देश का इंजीनियरिंग शिपमेंट 10 अरब डॉलर के बेंचमार्क से ऊपर बना हुआ है, जो भारतीय विनिर्माण क्षेत्र की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाता है।चार महीने में $46.38 अरब का आंकड़ा पार: देश के कुल निर्यात में 27.7% की हिस्सेदारीवाणिज्य मंत्रालय के त्वरित अनुमानों के मुताबिक, जुलाई में देश के कुल व्यापारिक निर्यात में इंजीनियरिंग सेक्टर का दबदबा पूरी तरह कायम रहा। भारत के कुल 44.24 अरब डॉलर के वस्तु निर्यात में से 27.7 प्रतिशत हिस्सा अकेले इंजीनियरिंग उत्पादों का रहा है।चालू वित्त वर्ष (FY27) के पहले चार महीनों यानी अप्रैल से जुलाई की संचयी (Cumulative) अवधि की बात करें तो कुल इंजीनियरिंग निर्यात 18.21 प्रतिशत बढ़कर 46.38 अरब डॉलर दर्ज किया गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 39.24 अरब डॉलर था। इस तरह भारतीय निर्यातकों ने चार महीनों के भीतर पिछले साल के मुकाबले 7.14 अरब डॉलर का अतिरिक्त कारोबार वैश्विक बाजारों से हासिल किया है।अमेरिका और चीन बने सबसे बड़े ग्रोथ ड्राइवरभारतीय इंजीनियरिंग उत्पादों के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका (US) सबसे बड़ा और पसंदीदा गंतव्य बना हुआ है। जुलाई में अमेरिका को होने वाले इंजीनियरिंग निर्यात में 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 2.18 अरब डॉलर पर पहुंच गया। अप्रैल-जुलाई के दौरान अमेरिका को कुल 7.78 अरब डॉलर का निर्यात हुआ, जो 11.8 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्शाता है।वहीं, चीन के बाजार से भी भारतीय इंजीनियरिंग सामानों के लिए जबरदस्त मांग देखने को मिली। जुलाई में चीन को किया जाने वाला इंजीनियरिंग निर्यात 32 प्रतिशत उछलकर 34.9 करोड़ डॉलर (349 मिलियन डॉलर) पर पहुंच गया। इसके अलावा जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम (UK), संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सिंगापुर जैसे विकसित व रणनीतिक बाजारों में भी भारतीय औद्योगिक मशीनरी, ऑटो कंपोनेंट्स और इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट्स की मजबूत खपत दर्ज की गई।34 में से 27 प्रमुख प्रोडक्ट कैटेगरीज में दर्ज हुई शानदार तेजीईईपीसी इंडिया के विश्लेषण के अनुसार, जुलाई में यह बढ़त किसी एक खास उत्पाद तक सीमित नहीं थी बल्कि इसका दायरा बेहद व्यापक रहा। इंजीनियरिंग काउंसिल के कुल 34 प्रमुख उत्पाद पैनलों में से 27 पैनलों ने सकारात्मक वृद्धि दर्ज की। इनमें इंडस्ट्रियल मशीनरी, ऑटो पार्ट्स, इलेक्ट्रिकल मशीनरी, नॉन-फेरस मेटल्स, कॉपर व एल्युमिनियम उत्पाद और मेडिकल डिवाइसेज के शिपमेंट में तेज उछाल देखा गया।हालांकि, 7 प्रमुख श्रेणियों में वैश्विक आर्थिक मंदी और स्थानीय मांग में नरमी के कारण गिरावट देखी गई। इनमें लोहा एवं इस्पात उत्पाद (Iron & Steel), सीसा व संबंधित उत्पाद, मशीन टूल्स, एयरक्राफ्ट व स्पेसक्राफ्ट के पुर्जे, भारी क्रेन, लिफ्ट और कार्यालय उपकरण शामिल रहे। इसके अलावा, मध्य पूर्व में चल रहे तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के लॉजिस्टिक्स संकट के चलते सऊदी अरब को होने वाले प्रोजेक्ट-आधारित इंजीनियरिंग निर्यात में कुछ दबाव दर्ज किया गया।वैश्विक चुनौतियां और एक्सपोर्टर्स के सामने मौजूद बाधाएंईईपीसी इंडिया के चेयरमैन पंकज चड्ढा ने इस मजबूत प्रदर्शन की सराहना करते हुए वैश्विक स्तर पर उभरती चुनौतियों के प्रति सतर्क भी किया। उन्होंने रेखांकित किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती ऊर्जा लागत, ऊंचे कंटेनर भाड़े, विकसित देशों की संरक्षणवादी व्यापार नीतियां (Protectionist Measures) और यूरोपीय संघ द्वारा लगाए जा रहे कड़े तकनीकी व कार्बन अनुपालन मानक (जैसे CBAM) भारतीय निर्यातकों के लिए लॉजिस्टिक्स लागत को बढ़ा रहे हैं।संगठन का मानना है कि इस मजबूत निर्यात गति को पूरे वित्त वर्ष में बनाए रखने के लिए भारतीय मैन्युफैक्चरर्स को उत्पादन के पैमाने (Scale) का विस्तार करना होगा, आधुनिक R&D और टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन पर निवेश बढ़ाना होगा और अफ्रीकी व लैटिन अमेरिकी जैसे गैर-पारंपरिक बाजारों में अपने निर्यात बास्केट का विविधीकरण करना होगा। सरकार द्वारा निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं (जैसे RoDTEP) और नए मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) का समय पर क्रियान्वयन इस रफ्तार को टिकाऊ बनाए रखने में गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
पड़ोसी मुल्क नेपाल में कुदरत का भीषण कहर जारी है। बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार मानसूनी बारिश, बादल फटने और भयानक भूस्खलन (Landslides) के कारण आई प्रलयंकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस आपदा में अब तक कम से कम 95 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि राहत और बचाव कार्य में जुटे नेपाली सेना व सशस्त्र पुलिस बल के जवानों समेत सैकड़ों देशी-विदेशी टूरिस्ट अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। नदियां खतरे के निशान से कई मीटर ऊपर बह रही हैं, जिससे देश की राजधानी काठमांडू से लेकर दूर-दराज के पहाड़ी इलाकों तक जिंदगी पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है।सेना और सशस्त्र पुलिस के जवान भी लापता: रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी चुनौतियांआपदा की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि संकट में फंसे आम नागरिकों को बचाने के अभियान में लगे सुरक्षाकर्मी भी इसकी चपेट में आ गए हैं। भूस्खलन और उफनती नदियों के तेज बहाव में बचाव दल के कई जवान लापता हो गए हैं, जिनकी तलाश के लिए स्पेशल रेस्क्यू टीमों को तैनात किया गया है।नेपाली सेना (Nepali Army), नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल (APF) के हजारों जवान लगातार हेलीकॉप्टरों, मोटरबोट्स और रबर राफ्ट्स के जरिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को एयरलिफ्ट करने और सुरक्षित निकालने में जुटे हैं। हालांकि, लगातार हो रही बारिश, खराब विजिबिलिटी और पहाड़ों से गिरते मलबे के कारण हवाई और जमीनी दोनों ही तरह के बचाव अभियानों में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।सैकड़ों टूरिस्ट फंसे: हाइवे और ट्रेकिंग रूट्स टूटने से संपर्क कटानेपाल के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे पोखरा, चितवन, अन्नपूर्णा सर्किट और एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेकिंग रूट्स के आसपास सैकड़ों विदेशी और भारतीय पर्यटक फंसे हुए हैं।पृथ्वी हाइवे, त्रिभुवन हाइवे और बीपी हाइवे समेत काठमांडू को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले सभी प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग दर्जनों जगहों पर विशाल भूस्खलन और पुल टूटने के कारण पूरी तरह बंद हो गए हैं। सड़कों पर कई किलोमीटर लंबा जाम लगा है और सैकड़ों गाड़ियां मलबे व कीचड़ में फंसी हुई हैं। मोबाइल टावर्स के क्षतिग्रस्त होने और बिजली गुल हो जाने की वजह से कई इलाकों में संचार सेवाएं ठप हैं, जिससे फंसे हुए पर्यटकों से उनके परिजनों का संपर्क नहीं हो पा रहा है।काठमांडू घाटी में जलप्रलय: घरों की छतों पर रात बिताने को मजबूर लोगराजधानी काठमांडू और उसके आसपास के जिलों (ललितपुर और भक्तपुर) में हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। बागमती, बिष्णुमती, मनोहरा और धोबीखोला नदियां उफान पर हैं और तटबंध तोड़कर रिहायशी कॉलोनियों में घुस चुकी हैं।निचले इलाकों में पानी 8 से 10 फीट तक भर गया है, जिससे लोग अपनी जान बचाने के लिए मकानों की छतों पर शरण लिए हुए हैं। अस्पतालों, पुलिस स्टेशनों और स्थानीय बाजारों में पानी भरने से आपातकालीन सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। प्रशासन ने काठमांडू घाटी के सभी शैक्षणिक संस्थानों को अस्थायी रूप से बंद करने और गैर-जरूरी यात्राएं न करने की सख्त एडवाइजरी जारी की है।नेपाल सरकार का हाई अलर्ट: बॉर्डर से सटे भारतीय राज्यों में भी खतरानेपाल के गृह मंत्रालय और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने स्थिति को देखते हुए पूरे देश में हाई अलर्ट घोषित किया है। कोशी बराज के सभी 56 फाटकों को खोल दिया गया है क्योंकि सप्तकोशी नदी का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर को पार कर चुका है।नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही इस भीषण बारिश का सीधा असर सीमा पार भारत के उत्तरी राज्यों पर भी पड़ रहा है। बिहार के सीमावर्ती जिलों—सुपौल, मधुबनी, अररिया, किशनगंज और पूर्णिया में बाढ़ का गंभीर खतरा पैदा हो गया है, जिसको लेकर स्थानीय प्रशासन और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) को सतर्क कर दिया गया है।मौसम विभाग की चेतावनी: अगले कुछ दिनों तक राहत के आसार नहींनेपाल के मौसम विज्ञान विभाग (DHM) ने चेतावनी दी है कि मानसूनी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने के कारण अगले 48 से 72 घंटों तक देश के पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश जारी रह सकती है। भू-वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि पहाड़ पहले से ही पानी से पूरी तरह संतृप्त (Saturated) हो चुके हैं, जिससे आने वाले दिनों में नए लैंडस्लाइड्स का खतरा और अधिक बढ़ गया है।स्थानीय प्रशासन ने नदी किनारे बसे लोगों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को तत्काल सुरक्षित राहत शिविरों में जाने की अपील की है।
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बनकर उभरा है। हर दिन नए इनोवेटर्स और युवा उद्यमी अपनी अनूठी सोच और टेक्नोलॉजी के दम पर बिजनेस शुरू कर रहे हैं। हालांकि, किसी भी नए बिजनेस को शुरू करने और उसे शुरुआती वर्षों में टिकाए रखने के लिए पूंजी, टैक्स राहत और सरकारी सहयोग की सख्त जरूरत होती है। केंद्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT - Department for Promotion of Industry and Internal Trade) की 'स्टार्टअप इंडिया' (Startup India) पहल नए उद्यमियों के लिए सबसे बड़ा वरदान साबित हो रही है। यदि आपका स्टार्टअप DPIIT से आधिकारिक मान्यता (DPIIT Recognition) प्राप्त कर लेता है, तो आपको 3 साल तक 100% टैक्स छूट से लेकर पेटेंट फाइलिंग में 80% छूट तक के कई ऐतिहासिक लाभ मिलते हैं।1. इनकम टैक्स से 3 साल तक 100% छूट (Section 80-IAC)शुरुआती दौर में स्टार्टअप्स के लिए मुनाफा कमाने के साथ टैक्स का भुगतान करना एक बड़ी चुनौती होता है। DPIIT से मान्यता प्राप्त एलिजिबल प्राइवेट लिमिटेड या एलएलपी (LLP) स्टार्टअप्स को आयकर अधिनियम की धारा 80-IAC के तहत लगातार 3 वित्तीय वर्षों के लिए अपने मुनाफे पर 100% इनकम टैक्स छूट का दावा करने की सुविधा मिलती है।10 साल का फ्लेक्सिबल विंडो: स्टार्टअप कंपनी इनकॉर्पोरेशन की तारीख से पहले 10 वर्षों के भीतर किसी भी लगातार 3 वर्षों के ब्लॉक को टैक्स हॉलिडे (Tax Holiday) के रूप में चुन सकती है।शर्तें और प्रक्रिया: इसके लिए स्टार्टअप को इंटर-मिनिस्ट्रियल बोर्ड (IMB) से अनुमोदन प्राप्त करना होता है। बचाई गई इस टैक्स पूंजी का इस्तेमाल कंपनी अपने बिजनेस विस्तार, नई नियुक्तियों और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) में कर सकती है।2. पेटेंट, ट्रेडमार्क और IPR फाइलिंग फीस में 80% तक की भारी बचतइनोवेशन और बौद्धिक संपदा (Intellectual Property Rights) किसी भी टेक या प्रोडक्ट स्टार्टअप की सबसे मूल्यवान संपत्ति होती है। लेकिन पेटेंट और ट्रेडमार्क फाइलिंग की कानूनी और सरकारी फीस काफी महंगी होती है। DPIIT रिकॉग्नाइज्ड स्टार्टअप्स के लिए सरकार ने इसे बेहद सुलभ और किफायती बना दिया है।80% तक फीस में छूट: पेटेंट आवेदन शुल्क में 80% की सीधी सब्सिडी और ट्रेडमार्क फाइलिंग शुल्क में 50% की छूट प्रदान की जाती है।मुफ्त कानूनी सहायता (Facilitators): सरकार द्वारा एम्पेनल्ड पेटेंट और डिजाइन फैसिलिटेटर्स की सेवाएं पूरी तरह निशुल्क दी जाती हैं, जिनकी पेशेवर फीस का भुगतान सीधे भारत सरकार करती है।फास्ट-ट्रैक एग्जामिनेशन: इन स्टार्टअप्स के पेटेंट और ट्रेडमार्क आवेदनों की जांच सामान्य आवेदनों की तुलना में फास्ट-ट्रैक मोड पर बहुत कम समय में पूरी की जाती है, जिससे निवेशकों का भरोसा तेजी से बढ़ता है।3. सरकारी टेंडर्स में प्राथमिकता: EMD और पिछले टर्नओवर/अनुभव से मुक्तिपारंपरिक सरकारी टेंडर्स में भाग लेने के लिए कंपनियों से पिछले 3 से 5 साल के भारी-भरकम टर्नओवर और पुराने ट्रैक रिकॉर्ड की मांग की जाती है, जिसे पूरा करना किसी भी नए स्टार्टअप के लिए असंभव होता था। लेकिन DPIIT मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स के लिए इन नियमों को पूरी तरह बदल दिया गया है।पूर्व अनुभव और टर्नओवर में छूट: सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM Portal) और सभी केंद्रीय मंत्रालयों/सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) द्वारा जारी टेंडर्स में स्टार्टअप्स को 'Prior Turnover' और 'Prior Experience' की शर्तों से पूर्ण छूट मिलती है, बशर्ते वे टेक्निकल स्पेसिफिकेशन्स को पूरा करते हों।बयाना राशि (EMD) से छूट: टेंडर भरते समय जमा की जाने वाली अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) या बिड सिक्योरिटी से भी पूरी तरह छूट दी जाती है। इससे स्टार्टअप बिना किसी वित्तीय ब्लॉक के सीधे बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स हासिल कर सकते हैं।4. एंजेल टैक्स और फंड जुटाने में ऐतिहासिक राहत (Section 56(2)(viib))स्टार्टअप्स जब एंजेल इन्वेस्टर्स या वेंचर कैपिटलिस्ट्स से उनके शेयर के फेयर मार्केट वैल्यू (FMV) से अधिक प्रीमियम पर फंड जुटाते थे, तो उस अतिरिक्त राशि पर 'एंजेल टैक्स' की भारी देनदारी बन जाती थी।धारा 56 से पूर्ण छूट: DPIIT रिकॉग्निशन और फॉर्म-2 डिक्लेरेशन के माध्यम से स्टार्टअप्स को सेक्शन 56(2)(viib) के कड़े प्रावधानों से छूट मिलती है।निवेशकों का बढ़ा भरोसा: एंजेल टैक्स की अनिश्चितता खत्म होने से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय एंजेल इन्वेस्टर्स, फैमिली ऑफिसेज और हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) बिना किसी टैक्स नोटिस के डर के स्टार्टअप्स में सीड और प्री-सीरीज फंडिंग लगाने के लिए आसानी से आकर्षित होते हैं।5. सीड फंड स्कीम और ₹10,000 करोड़ का 'फंड ऑफ फंड्स' सपोर्टपूंजी की कमी के कारण कोई बेहतरीन आइडिया दम न तोड़े, इसके लिए सरकार ने कई फाइनेंशियल सपोर्ट मैकेनिज्म तैयार किए हैं जो केवल DPIIT सर्टिफाइड स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध हैं।स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम (SISFS): इसके तहत इनोवेटिव आइडियाज के प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (PoC), प्रोटोटाइप डेवलपमेंट, प्रोडक्ट ट्रायल्स और मार्केट-एंट्री के लिए इन्क्यूबेटर्स के जरिए ₹20 लाख तक का ग्रांट और ₹50 लाख तक का सॉफ्ट लोन/कन्वर्टिबल डिबेंचर दिया जाता है।फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स (FFS): सिडबी (SIDBI) द्वारा प्रबंधित ₹10,000 करोड़ के कॉर्पस से सेबी-रजिस्टर्ड अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (AIFs) को पैसा दिया जाता है, जो बाद में इन मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में इक्विटी फंडिंग के रूप में निवेश करते हैं।क्रेडिट गारंटी स्कीम: बिना किसी कोलैटरल (जमानत) के बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) से लोन प्राप्त करने के लिए क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट फंड के जरिए आसान लोन सुविधा भी दी जाती है।डीपीआईआईटी मान्यता पाने की पात्रता और आवेदन कैसे करें?डीपीआईआईटी रिकॉग्निशन पाने के लिए आपकी कंपनी को कुछ बुनियादी शर्तें पूरी करनी होती हैं:कंपनी का गठन एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, रजिस्टर्ड पार्टनरशिप फर्म या सीमित देयता भागीदारी (LLP) के रूप में होना चाहिए।कंपनी के इनकॉर्पोरेशन/रजिस्ट्रेशन की तारीख को 10 वर्ष से अधिक का समय न बीता हो।इनकॉर्पोरेशन के बाद से किसी भी वित्तीय वर्ष में कंपनी का कुल वार्षिक टर्नओवर ₹100 करोड़ से अधिक न रहा हो।बिजनेस में नयापन, नवाचार (Innovation), उत्पादों या प्रक्रियाओं का विकास और रोजगार सृजन या धन सृजन की उच्च क्षमता होनी चाहिए।आवेदन की पूरी प्रक्रिया डिजिटल और निशुल्क है। उद्यमी सीधे Startup India पोर्टल (startupindia.gov.in) पर जाकर अपनी कंपनी का सीआईएन/एलएलपिन, पैन कार्ड, डायरेक्टर्स का विवरण, वेबसाइट/पिच डेक और इनोवेशन का संक्षिप्त विवरण दर्ज करके आवेदन कर सकते हैं। आमतौर पर सभी दस्तावेज सही पाए जाने पर 48 से 72 घंटों के भीतर आधिकारिक डीपीआईआईटी रिकॉग्निशन सर्टिफिकेट और टैक्स छूट से जुड़े फॉर्म ऑनलाइन जारी कर दिए जाते हैं।
भारतीय शेयर बाजार में डिफेंस और स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़े शेयरों में जबरदस्त तेजी का दौर जारी है। 'आत्मनिर्भर भारत' और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी निर्माण (Indigenisation) की नीतियों का सीधा लाभ डिफेंस इक्विपमेंट बनाने वाली निजी कंपनियों को मिल रहा है। इसी क्रम में रिटेल निवेशकों के पसंदीदा डिफेंस शेयर एस्ट्रा माइक्रोवेव प्रोडक्ट्स लिमिटेड (Astra Microwave Products Ltd - ASTRAMICRO) ने पिछले 6 महीनों में 70% से अधिक का शानदार मल्टीबैगर रिटर्न देकर बाजार में तहलका मचा दिया है। अब दिग्गज डोमेस्टिक ब्रोकिंग हाउस एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग (Antique Stock Broking) ने इस स्टॉक पर अपनी कवरेज शुरू करते हुए खरीदारी (BUY) की सलाह दी है और ₹2,000 का बड़ा टारगेट प्राइस तय किया है।ब्रोकरेज का टारगेट और अनुमान: 20% तक की और बढ़त का मौकाएंटीक स्टॉक ब्रोकिंग की हालिया रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, एस्ट्रा माइक्रोवेव के शेयर में मौजूदा स्तरों से करीब 20% की अतिरिक्त बढ़त (Upside Potential) देखने को मिल सकती है।टारगेट प्राइस: ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ₹2,000 का लक्ष्य निर्धारित किया है।रेटिंग: स्टॉक पर स्पष्ट रूप से 'BUY' (खरीदें) की रेटिंग दी गई है।52-वीक हाई: शेयर ने हाल ही में ₹1,960 के अपने 52-सप्ताह के रिकॉर्ड स्तर को छुआ था। वर्ष 2026 में अब तक (YTD) यह शेयर करीब 70% चढ़ चुका है।बाजार विश्लेषकों का मानना है कि स्टॉक में कंसोलिडेशन के बाद एक नया तकनीकी और फंडामेंटल ब्रेकआउट तैयार हो रहा है, जो इसे लंबी अवधि में नए उच्च स्तरों पर ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार करता है।मजबूत ₹4,300 करोड़ की ऑर्डर बुक: 3.5 साल की मजबूत रेवेन्यू विजिबिलिटीब्रोकरेज हाउस द्वारा कंपनी पर बुलिश रुख अपनाने की सबसे बड़ी वजह इसकी बेहद मजबूत ऑर्डर बुक है। वर्तमान में एस्ट्रा माइक्रोवेव के पास लगभग ₹4,300 करोड़ (₹43 Billion) की मजबूत ऑर्डर पाइपलाइन मौजूद है।यह ऑर्डर बुक कंपनी के मौजूदा राजस्व के आधार पर अगले करीब 3.5 वर्षों के लिए स्थिर और मजबूत रेवेन्यू विजिबिलिटी प्रदान करती है। कंपनी को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और तीनों सेनाओं से लगातार हाई-वैल्यू प्रोजेक्ट्स मिल रहे हैं।इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर, रडार और एयर डिफेंस में निर्विवाद बढ़तआधुनिक युद्धक्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (EW), मिसाइल इलेक्ट्रॉनिक्स और एयर डिफेंस सिस्टम की भूमिका बेहद अहम हो चुकी है। एस्ट्रा माइक्रोवेव देश की उन चुनिंदा निजी कंपनियों में शामिल है, जिनके पास एडवांस्ड रडार सिस्टम्स, टेलीमेट्री, सैटेलाइट कम्युनिकेशंस और एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी के डिजाइन व निर्माण की गहरी इन-हाउस R&D क्षमता है।कंपनी अब केवल सब-सिस्टम्स या कंपोनेंट्स बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह 'कंप्लीट सिस्टम इंटीग्रेटर' बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। रेवेन्यू मिक्स में पूर्ण सिस्टम्स की हिस्सेदारी बढ़ने से कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन (EBITDA Margin) में उल्लेखनीय विस्तार होने की पूरी संभावना है।5 वर्षों में ₹10,000 करोड़ के नए ऑर्डर्स का मैनेजमेंट विजनकंपनी मैनेजमेंट का विजन डिफेंस सेक्टर में आ रहे संरचनात्मक बदलावों को भुनाने पर केंद्रित है। रक्षा मंत्रालय द्वारा आयात पर प्रतिबंध (Negative Import List) लगाने के बाद घरेलू कंपनियों के लिए अरबों डॉलर के अवसर खुले हैं।कंपनी प्रबंधन का लक्ष्य अगले 5 वर्षों के दौरान ₹8,000 करोड़ से ₹10,000 करोड़ तक के नए ऑर्डर हासिल करने का है। इसके अलावा, एयर डिफेंस और अंतरिक्ष क्षेत्र में लगभग ₹25,000 करोड़ की बड़ी व्यावसायिक संभावनाएं (Total Addressable Market) दिखाई दे रही हैं, जिसमें एस्ट्रा माइक्रोवेव की अग्रणी हिस्सेदारी रहने की उम्मीद है।रिटेल निवेशकों के लिए क्या हैं मुख्य बातें?डिफेंस थीम पर दांव लगाने वाले खुदरा निवेशकों के लिए एस्ट्रा माइक्रोवेव एक मजबूत फंडामेंटल वाला मिडकैप स्टॉक बनकर उभरा है। एलएसईजी (LSEG) के डेटा के अनुसार, कंपनी को ट्रैक करने वाले 8 में से 6 विश्लेषकों ने इस पर 'BUY' या उससे बेहतर रेटिंग बरकरार रखी है। मजबूत बैलेंस शीट, कर्ज में कमी, स्पेस और मिसाइल प्रोग्राम्स में अहम भूमिका और लगातार बढ़ रहा एक्सपोर्ट पोर्टफोलियो इस स्टॉक को लंबी अवधि के वेल्थ क्रिएशन के लिए एक आकर्षक विकल्प बनाता है।
नेपाल महा-जलप्रलय... जब हिमालय दरका और भोटेकोशी बन गई मौत का सैलाब
नेपाल में आई तबाही ने कुछ ही घंटों में भोटेकोशी नदी को मौत के सैलाब में बदल दिया. तिब्बत से शुरू हुई इस आपदा ने पहाड़ों, बाजारों, घरों, पुलों और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स तक को अपनी चपेट में ले लिया. आखिर ग्लेशियर, मलबे और नदी के तेज बहाव ने कैसे मचाई इतनी बड़ी तबाही? जानिए नेपाल महाजलप्रलय की पूरी कहानी 5 पॉइंट्स में.
सिर्फ 1 टहनी से गमले में उगाएं पान का पौधा, इन टिप्स का रखें ध्यान
How To Grow Paan Plant At Home: पूजा-पाठ और शुभ कामों में पान के पत्ते के लिए बार-बार बाजार जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. आप घर की बालकनी या छत पर एक छोटी सी कटिंग से गमले में पान का पौधा उगा सकते हैं. जानिए पान की बेल लगाने से लेकर सही मिट्टी, पानी, धूप और खाद देने तक इसकी देखभाल का आसान तरीका.
आज से 35 रुपये किलो मिलेगी प्याज: दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद से लेकर वाराणसी और चंडीगढ़ तक राहत
दिल्ली-NCR वालेआज से प्याज 35 रुपये किलो में खरीद पाएंगे.जानिए आपके इलाके में यह सस्ती प्याज कहां और कैसे मिलेगी .
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) का रियल एस्टेट बाजार इन दिनों एक ऐतिहासिक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। अब तक जहां बड़े रियल एस्टेट डेवलपर्स और निवेशक केवल लग्जरी हाउसिंग सोसायटियों, मॉल और कमर्शियल ऑफिस स्पेस के लिए जमीन खरीदते थे, वहीं अब बाजार में एक नया और अत्यधिक मुनाफा देने वाला ट्रेंड उभरकर सामने आया है—डेटा सेंटर के लिए लैंड पार्सल का अधिग्रहण। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्रांति, 5G नेटवर्क विस्तार, क्लाउड स्टोरेज और डेटा संप्रभुता (Data Sovereignty) से जुड़े कड़े सरकारी नियमों के चलते ग्लोबल टेक दिग्गज और हाइपरस्केल डेटा सेंटर ऑपरेटर दिल्ली-एनसीआर में जमीन खरीदने के लिए अरबों रुपये का निवेश कर रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुग्राम, मानेसर और ग्रेटर सदर्न पेरिफेरल रोड (Greater SPR) जैसे रणनीतिक कॉरिडोर्स पर 100 से 110 करोड़ रुपये से अधिक के लैंड सौदों की होड़ मच गई है।गुरुग्राम और मानेसर क्यों बने डेटा सेंटर दिग्गजों की पहली पसंद?देश के शीर्ष औद्योगिक और आईटी हब के रूप में स्थापित गुरुग्राम और आईएमटी मानेसर (IMT Manesar) अब उत्तर भारत के प्रमुख डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर के रूप में तेजी से उभर रहे हैं। किसी भी आधुनिक टियर-3 या टियर-4 डेटा सेंटर को स्थापित करने के लिए तीन बुनियादी चीजों की आवश्यकता होती है: निर्बाध भारी बिजली आपूर्ति (Heavy Power Load), ऑप्टिकल फाइबर केबल का मल्टी-पाथ नेटवर्क और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित विशाल जमीन।मानेसर और न्यू गुरुग्राम का इलाका इन सभी तकनीकी पैमानों पर पूरी तरह खरा उतरता है। दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48), द्वारका एक्सप्रेसवे और कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी के कारण यह क्षेत्र इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) से सीधा जुड़ा हुआ है। इसके साथ ही, हरियाणा सरकार की आईटी व डेटा सेंटर नीतियों और बिजली वितरण कंपनियों द्वारा डेडिकेटेड 24x7 हाई-वोल्टेज सब-स्टेशन की उपलब्धता ने इस बेल्ट को निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बना दिया है।जमीनों की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल और 110 करोड़ की मेगा डील्सडेटा सेंटर डेवलपर्स को आमतौर पर 5 एकड़ से लेकर 20 एकड़ या उससे अधिक के बड़े और स्पष्ट मालिकाना हक (Clear Title) वाले लैंड पार्सल की जरूरत होती है। जमीन की सीमित उपलब्धता और अत्यधिक मांग के चलते प्राइम इंडस्ट्रियल और कमर्शियल जोन्स में प्रति एकड़ जमीन के भाव रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए हैं।ग्रेटर एसपीआर रोड और मानेसर इंडस्ट्रियल क्लस्टर के आसपास बड़े संस्थागत और डेटा सेंटर लैंड पार्सल के लिए 100 करोड़ से 110 करोड़ रुपये तक के लेनदेन और मूल्यांकन देखे जा रहे हैं। जहां किसान और मूल भूस्वामी अपनी रणनीतिक जमीनों के बदले करोड़ों का मुआवजा और रिटर्न हासिल कर रहे हैं, वहीं रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्मों और जमीन मालिकों के लिए यह कमाई का एक नया 'गोल्ड माइन' साबित हो रहा है।हाइपरस्केलर्स और क्लाउड कंपनियों की आक्रामक एंट्रीएनसीआर मार्केट में भारती एयरटेल की 'नेक्स्ट्रा' (Nxtra), अनंत राज क्लाउड (Anant Raj Cloud), योटा (Yotta), एसटीटी जीडीसी (STT GDC) और कई बहुराष्ट्रीय हाइपरस्केलर्स पहले ही अपनी विशाल डेटा सेंटर सुविधाएं स्थापित कर चुके हैं या तेजी से अपनी क्षमता का विस्तार कर रहे हैं।माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और एडब्ल्यूएस (AWS) जैसे वैश्विक क्लाउड सेवा प्रदाता भारतीय कॉर्पोरेट्स, बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र (BFSI) और सरकारी उपक्रमों के डेटा को देश की सीमाओं के भीतर प्रोसेस और स्टोर करने के लिए लगातार अपनी क्षमता बढ़ा रहे हैं। एआई वर्कलोड्स के लिए हाई-डेंसिटी रैक और अत्याधुनिक लिक्विड कूलिंग वाले बड़े परिसरों की जरूरत ने इस मांग को कई गुना तेज कर दिया है।रियल एस्टेट सेक्टर के लिए नया एसेट क्लास: लंबी लीज और स्थिर रिटर्नरियल एस्टेट जानकारों के अनुसार, डेटा सेंटर अब पारंपरिक ऑफिस रेंटल की तुलना में एक अधिक सुरक्षित और आकर्षक एसेट क्लास बन चुका है। ऑफिस स्पेस में जहां किराएदारों के आने-जाने और वर्क-फ्रॉम-होम के चलते अनिश्चितता रहती है, वहीं डेटा सेंटर के सौदे 15 से 25 साल की लंबी लॉक-इन अवधि के लिए होते हैं।डेटा सेंटर ऑपरेटर भारी पूंजी लगाकर अत्यधिक कस्टमाइज्ड इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करते हैं, जिससे वे लंबे समय तक एक ही लोकेशन पर टिके रहते हैं। यही कारण है कि संस्थागत फंड्स, प्राइवेट इक्विटी फर्म्स और बड़े रियल एस्टेट डेवलपर्स अब अपने पोर्टफोलियो का एक बड़ा हिस्सा डेटा सेंटर पार्कों के विकास के लिए सुरक्षित कर रहे हैं।आने वाले वर्षों में कैसा रहेगा एनसीआर का डिजिटल रियल एस्टेट भविष्य?आने वाले 3 से 5 वर्षों में भारत का डेटा सेंटर उद्योग 4.5 से 5 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश आकर्षित करने की दिशा में अग्रसर है। मुंबई और चेन्नई जैसे तटीय शहरों के बाद उत्तर भारत का सबसे बड़ा डेटा उपभोग केंद्र दिल्ली-एनसीआर ही है।जैसे-जैसे स्मार्ट सिटीज, ऑटोनॉमस व्हीकल्स, फिनटेक और जेनरेटिव एआई का उपयोग बढ़ेगा, डेटा स्टोरेज और कंप्यूटिंग क्षमता की मांग कई गुना बढ़ेगी। गुरुग्राम से लेकर मानेसर और सोहना तक का यह कॉरिडोर आने वाले दशक में देश के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का सबसे बड़ा इंजन बनकर उभरेगा।
मध्य पूर्व (Middle East) के बेहद संवेदनशील भू-राजनीतिक परिदृश्य में एक बार फिर बड़ा सियासी और कूटनीतिक भूचाल आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य और कूटनीतिक अभियान को लेकर अपनी 'ऐतिहासिक जीत' का दावा ठोक दिया है। उन्होंने साल 2003 के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के मशहूर अंदाज में ईरान के संदर्भ में 'Mission Accomplished' (मिशन पूरा हुआ) का नारा बुलंद करते हुए कहा कि अमेरिका ने अपने तमाम रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल कर लिया है और विपक्षी ताकतों की आक्रामकता को पूरी तरह पस्त कर दिया है। हालांकि, ट्रंप के इस आक्रामक दावे के बीच रणनीतिक विश्लेषकों और खाड़ी क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि जमीन पर हालात इतने सीधे नहीं हैं और संघर्ष के कई पहलू अभी भी अनसुलझे हैं।ट्रंप का जीत का दावा: क्या है व्हाइट हाउस और ट्रुथ सोशल का रुख?अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने बयान में जोर देकर कहा कि ईरान की परमाणु और मिसाइल क्षमताओं के विस्तार को रोकने, क्षेत्रीय प्रॉक्सी नेटवर्क की कमर तोड़ने और अमेरिकी सैन्य प्रभुत्व को स्थापित करने में उनके प्रशासन ने अप्रत्याशित सफलता हासिल की है। ट्रंप ने दावा किया कि उनके कड़े आर्थिक प्रतिबंधों, नौसैनिक दबाव और रणनीतिक हमलों ने तेहरान को भारी दबाव में ला दिया है।राष्ट्रपति के मुताबिक, अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र और ऊर्जा आपूर्ति मार्गों की सुरक्षा को बहाल किया है। उन्होंने अपनी चिर-परिचित शैली में दावा किया कि जो काम दशकों से अटके थे, उन्हें उनके कड़े फैसलों ने कुछ ही समय में निर्णायक अंजाम तक पहुंचा दिया है।होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और जमीनी हकीकत का टकरावभले ही वाशिंगटन से जीत के बड़े दावे किए जा रहे हों, लेकिन रणनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग यानी होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव की लपटें अभी पूरी तरह शांत नहीं हुई हैं।दुनिया भर के लगभग 20% कच्चे तेल के व्यापार का यह मुख्य गलियारा लगातार तनाव, नौसैनिक गश्त, माइन-स्वीपिंग ऑपरेशन्स और सुरक्षा चेतावनियों के घेरे में बना हुआ है।तेहरान ने अमेरिकी दावों को खारिज करते हुए जलमार्ग पर अपने कानूनी और भौगोलिक अधिकारों की बात दोहराई है और अमेरिकी नौसैनिक उपस्थिति को क्षेत्रीय अशांति का मुख्य कारण बताया है।वैश्विक शिपिंग और ऑयल टैंकर कंपनियां अभी भी इस रूट पर हाई-अलर्ट और ऊंचे इंश्योरेंस प्रीमियम के जोखिम के बीच आवागमन कर रही हैं, जिससे पूर्ण शांति के दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।जॉर्ज बुश के 2003 वाले 'मिशन एकॉम्प्लिश्ड' की ताजा हुई यादेंट्रंप के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में 1 मई 2003 की उस ऐतिहासिक घटना की यादें ताजा कर दी हैं, जब इराक युद्ध की शुरुआत के कुछ ही हफ्तों बाद तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश ने एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन पर 'मिशन एकॉम्प्लिश्ड' के बड़े बैनर तले भाषण दिया था। बाद के वर्षों में इराक में लंबा गृहयुद्ध और अस्थिरता छिड़ गई थी, जिसके चलते वह बैनर अमेरिकी कूटनीति के लिए एक तीखा सबक बन गया था।राजनीतिक आलोचक ट्रंप के इस नए ऐलान को आगामी घरेलू चुनावों और अमेरिकी मतदाताओं के बीच 'मजबूत कमांडर-इन-चीफ' की छवि चमकाने की कवायद के रूप में देख रहे हैं, जबकि सैन्य जानकारों का मानना है कि अशांत पश्चिम एशिया में किसी भी एकतरफा जीत की घोषणा समय से पहले की गई जल्दबाजी साबित हो सकती है।वैश्विक ऊर्जा बाजार और कूटनीति पर क्या होगा असर?इस घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल (Brent Crude) और कमोडिटी बाजारों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखी जा रही है। बाजार को यह उम्मीद है कि दोनों पक्षों के बीच सीधे टकराव की आशंका कम हो सकती है, लेकिन जब तक औपचारिक शांति समझौता या प्रतिबंधों में ठोस कूटनीतिक राहत नहीं मिलती, तब तक तेल सप्लाई चेन में अनिश्चितता का साया बरकरार रहेगा। मध्यस्थ देशों (जैसे ओमान और कतर) के जरिए कूटनीतिक वार्ताओं की कोशिशें जारी हैं, ताकि इस बयानबाजी को जमीनी स्तर पर एक स्थायी युद्धविराम में बदला जा सके।
मलबे में दबे पिता-बेटी, मां और 3 साल की बेटी घायल
बांदा के तरायां गांव में भारी बारिश के बीच मिट्टी की दीवार गिरने से पिता और 6 महीने की बेटी की मौत हो गई. हादसे में मां और 3 साल की बेटी घायल हैं, जिन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. वीडियो में जानें क्या है पूरा मामला.

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