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एक साथ भागे 17 कैदी, रास्ता भटके, सब वापस जेल पहुंचे; देखें वारदात

एक जेल से एक साथ 17 कैदी साज‍िश रचते हैं. वो बहाने से अपनी सेल खुलवाते हैं और जेल प्रहरि‍यों पर हमला कर जेल से भाग जाते हैं. लेक‍िन वो सारे के सारे रास्ता भटक जाते हैं. इसके बाद पुल‍िस अगले 24 घंटों के अंदर पकड़कर जेल में उनकी सेल तक पहुंचा देती है. ये वाक्या है तम‍िलनाडु के थेनी ड‍िस्ट्रि‍क्ट स्थि‍त जेल का. देखें वारदात.

आज तक 30 Oct 2026 12:29 pm

Israel में सरकार पर संकट! Netanyahu को नहीं मिला बहुमत

इजरायल के संसदीय चुनाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को बड़ा झटका लगा है. मतगणना पूरी होने के बाद भी उनका गठबंधन बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया. नेतन्याहू के गठबंधन को 53 सीटें मिली हैं, जबकि विपक्ष को 48 और अरब पार्टियों को 19 सीटें हासिल हुई हैं. सरकार बनाने के लिए 61 सीटें जरूरी हैं. अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि कौन बहुमत जुटाकर सरकार बनाएगा.

आज तक 30 Oct 2026 12:25 pm

श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी, वैभव-भुवी प्लेइंग XI से बाहर

भारत और न्यूजीलैंड के बीच चौथे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है. श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम पांच मैचों की सीरीज में पहले ही 3-0 की बढ़त बना चुकी है. अब टीम इंडिया की नजरें चौथा मुकाबला जीतकर बढ़त 4-0 करने पर हैं.

आज तक 30 Oct 2026 12:19 pm

बरस रही थीं पुतिन की मिसाइलें, सिहर उठा एक्टर, छिपने पर हुआ मजबूर

Game of Thrones में Jaime Lannister का किरदार निभाने वाले Nikolaj Coster-Waldau को यूक्रेन के कीव में रूसी हमले के खतरे के बीच मेट्रो स्टेशन पर रात गुजारनी पड़ी. एक्टर ने तस्वीरें शेयर कर बताया कि युद्ध के बीच आम लोगों की जिंदगी कितनी मुश्किल हो गई है.

आज तक 30 Oct 2026 12:16 pm

भारत का कमाल... 12 साल में 49.6 Cr लोग अत्यधिक गरीबी से बाहर निकले

India Reduces Extreme Poverty: भारत ने गरीबी घटाने के मामले में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. विश्व बैंक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, देश में अत्यधिक गरीबी की दर 2011 के 27.1 फीसदी से घटकर 2023 में 2.6 फीसदी रह गई. वहीं, रोजाना 4.20 डॉलर की आय वाले पैमाने पर करीब 49.6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए. रोजगार बढ़ने, महिलाओं की भागीदारी और सरकारी योजनाओं ने इस बदलाव में अहम भूमिका निभाई.

आज तक 30 Oct 2026 12:15 pm

फिट रहने के लिए जिम नहीं, क्या है सबसे जरूरी? मीलिंद सोमन ने बताया

फिटनेस मॉडल मिलिंद सोमन और उनके परिवार ने बताया कि फिट रहने के लिए महंगे जिम, डाइट या सप्लीमेंट जरूरी नहीं है. उन्होंने कहा कि हर किसी को कठिन वर्कआउट की जरूरत नहीं होती, रोजाना एक्टिव रहना सबसे महत्वपूर्ण है.

आज तक 30 Oct 2026 12:11 pm

अक्टूबर में ही दिसंबर का फुल फील! Cool-Cool हुआ दिल्ली-NCR का मौसम

अक्टूबर में ही मौसम ने दिसंबर वाली ठंड का एहसास करा दिया है. दिल्ली में चार साल का सबसे ठंडा दिन दर्ज हुआ, तो पहाड़ों पर बर्फबारी और देश के कई राज्यों में बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है.

आज तक 30 Oct 2026 12:11 pm

केदारनाथ में Sara के दर्शन पर मौलाना का फतवा!

अभिनेत्री सारा अली खान के केदारनाथ मंदिर में दर्शन करने पर नया विवाद खड़ा हो गया है. उत्तर प्रदेश के मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने उनके पूजा करने की आलोचना करते हुए इसे इस्लाम में नाजायज बताया और तौबा करने को कहा. सारा पिछले चार साल से लगातार केदारनाथ जा रही हैं. इस बीच मंदिर समिति ने पुष्टि की है कि उनके दौरे से पहले उनकी टीम ने जरूरी शपथ पत्र जमा किया था.

आज तक 30 Oct 2026 12:09 pm

कब है रमा एकादशी? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत पारण का समय

Rama Ekadashi 2026: रमा एकादशी 2026 का व्रत 5 नवंबर को रखा जाएगा. जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत पारण का समय और भगवान विष्णु-माता लक्ष्मी की पूजा का धार्मिक महत्व.

आज तक 30 Oct 2026 12:09 pm

यादों में एसडी बर्मन : राजघराने में जन्मे, लेकिन सुरों को बनाया अपना साम्राज्य

31 अक्टूबर... सिर्फ तारीख नहीं है, यह वही दिन है, जब 1975 में हिंदी सिनेमा ने अपने एक अनमोल संगीतकार सचिन देव बर्मन को खो दिया था,

खास खबर 30 Oct 2026 12:08 pm

UP के चुनावी रण में अमित शाह की एंट्री, 2027 के लिए BJP का लखनऊ में महामंथन

लखनऊ में यूपी बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति की महाबैठक हो रही है जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद हैं. 2,850 आमंत्रित प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने 2027 चुनाव के लिए बूथ प्रबंधन का विजय-मंत्र दिया जाएगा.

आज तक 30 Oct 2026 12:06 pm

सबसे ताकतवर फल कौन सा होता है?

आपने हमेशा सुना होगा फल खाना शुरू करो तो शरीर बीमारियों से दूर रहेगा, लेकिन क्या आपको पता है सबसे ताकतवर फल कौन सा है? नाम जानने के लिए पूरी स्टोरी पढ़ें.

NDTV इंडिया 30 Oct 2026 12:02 pm

हम तीन में न तेरह में, हमारा क्या लेना, फैसला कोर्ट का है... अनंत सिंह के सरेंडर वाले आदेश पर JDU प्रवक्ता नीरज कुमार

सरकार द्वारा बचाए जाने के सवाल पर नीरज कुमार ने कहा कि सरकार ने किसी को कभी नहीं बचाया है, ये आरोप कोई नहीं लगा सकता. अगर किसी के पास साक्ष्य है तो दिखाए. गलत बात कहकर सरकार को बदनाम करने की साजिश सफल नहीं होगी.

NDTV इंडिया 30 Oct 2026 12:00 pm

पीएम किसान की 24वीं किस्त जारी, PM मोदी ने बनासकांठा जिले से एक क्लिक में 9.30 करोड़ खातों में भेजे 2-2 हजार रुपये

PM Kisan Samman Nidhi 24th Installment Release: पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त में देश भर के 9.34 करोड़ से अधिक पात्र किसान परिवारों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे अकाउंट में भेजी गई है.

NDTV इंडिया 30 Oct 2026 11:53 am

'सौरभ दास का असली नाम योगेश शर्मा, मां-बाप कौन?', जांच के लिए HC में याचिका, नोटिस जारी

मद्रास हाईकोर्ट में कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरभ दास के खिलाफ जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में उनके मां-बाप, नागरिकता और पहचान की जांच, X और इंस्टाग्राम अकाउंट ब्लॉक करने की मांग की गई है।

लाइव हिन्दुस्तान 30 Oct 2026 11:53 am

123 रुपये या 189 रुपये: Jio का कौन-सा प्लान आपके लिए बेस्ट? कॉल-डेटा और 28 दिन की वैलिडिटी

Reliance Jio के ये दो प्रीपेड रिचार्ज प्लान्स उन ग्राहकों के लिए बेस्ट हैं जो कम बजट में कॉलिंग और डेटा चाहते हैं. जानिए जियो के 189 रुपये और 123 रुपये वाले प्लान्स के बीच का बड़ा अंतर.

NDTV इंडिया 30 Oct 2026 11:52 am

रामायण ने एडवांस बुकिंग में काटा गदर, बिक गए 3 लाख से ज्यादा टिकट

रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश की 'रामायण' के लॉस एंजिल्स प्रीमियर ने अमेरिका में इस पौराणिक महाकाव्य की एडवांस बुकिंग को बढ़ा दिया है. भारत में भी इसकी कमाई में इजाफा हो गया है.

आज तक 30 Oct 2026 11:50 am

मूंगफली डालकर बनाएं आलू-मेथी की सब्जी, रोटी के साथ लगेगी टेस्टी

सर्दियों में आलू-मेथी तो आपने बहुत खाई होगी, लेकिन इस बार मेथी को मूंगफली नारियल के साथ बनाकर देखिए. इस सब्जी का स्वाद भी बहुत कमाल का होता है और इसको बनाने में भी ज्यादा समय नहीं लगता है. आइए इसकी आसान रेसिपी जानते हैं.

आज तक 30 Oct 2026 11:50 am

अखबार छोटे की जगह इतने बड़े साइज में ही क्यों छपते हैं?

सुबह चाय के साथ अखबार पढ़ते समय क्या आपने कभी सोचा है कि अखबार के पन्ने इतने बड़े क्यों होते हैं? इसके पीछे सिर्फ छपाई की तकनीक नहीं, बल्कि करीब 300 साल पुराना इतिहास भी है.

आज तक 30 Oct 2026 11:44 am

61 वर्षीय सुष्मिता मुखर्जी ने निभाया 82 साल की बुजुर्ग का किरदार, कहा- हमको हीरोइन नहीं बनना था

फिल्म नई नवेली (Nayyi Navelli) बीते दिनों सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. इस फिल्म में एक्ट्रेस यामी गौतम (Yami Gautam) नजर आई हैं. वैसे तो इस फिल्म में काफी ऐसे दिग्गज एक्टर्स हैं, जिन्होंने सपोर्टिंग किरदार निभाए हैं.

NDTV इंडिया 30 Oct 2026 11:41 am

यूपी में खत्म हुआ चकबंदी पदोन्नति का बैकलॉग, 10 साल से पुराने अटके गांवों की संख्या में भी आई कमी

चकबंदी निदेशालय की तरफ से जानकारी दी गई है कि पुराने गांवों की चकबंदी प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है और बैकलॉग लगभग खत्म हो चुका है. पिछले कुछ सालों में ये काम तेजी से हुआ है.

NDTV इंडिया 30 Oct 2026 11:40 am

Gold Silver Crash: चांदी एक झटके में 2,500 रुपये गिरकर ₹1.86 लाख पर आई, सोना भी हो गया सस्ता, जानें ताजा भाव

Gold-Silver Price Fall: त्योहारी सीजन में सोने-चांदी के खरीदारों के लिए खुशखबरी... औंधे मुंह गिरे सोना-चांदी के दाम,जानिए दिल्ली-मुंबई समेत आपके शहर में आज सोने-चांदी का ताजाभाव क्या है .

NDTV इंडिया 30 Oct 2026 11:39 am

ट्रैफिक चालान की नो टेंशन! एक्सप्रेसवे पर 120 KM स्पीड से दौड़ेगी गाड़ी, 6 सवालों में जानें कहां कैसे लागू होगा नियम

Expressway Speed ​​Limit Challan: नितिन गडकरी ने स्पष्ट किया है कि 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से गाड़ियां चलाने पर चालान नहीं कटेगा. ऐसे में यह जानना भी जरूरी है इसका क्या फायदा होगा और क्या नुकसान होगा.

NDTV इंडिया 30 Oct 2026 11:38 am

पुतिन की चेतावनी, बाल्टिक सागर में होर्मुज जैसे हालात का डर?

यूक्रेन के साथ जारी जंग के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोपीय देशों को साफ संदेश दिया है कि मॉस्को युद्ध नहीं चाहता, लेकिन किसी भी टकराव का जवाब देने के लिए तैयार है. पुतिन ने 2030 तक रूस से संभावित संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि अगर रूस और यूरोप के बीच सीधी जंग छिड़ी तो कोई भी देश जीतकर नहीं निकलेगा.

आज तक 30 Oct 2026 11:37 am

अहोई अष्टमी 2026: कौन हैं अहोई माता और क्यों उनकी पूजा से मिलता है संतान की दीर्घायु का वरदान

सनातन संस्कृति, भारतीय परंपराओं और लोक आस्था में माताओं के त्याग, तपस्या और अपनी संतान के प्रति अगाध प्रेम को समर्पित कई पवित्र व्रत और पर्व मनाए जाते हैं। इनमें कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर रखे जाने वाले अहोई अष्टमी (Ahoi Ashtami 2026) के व्रत का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण और विशेष माना जाता है। पंचांग के अनुसार, करवा चौथ के ठीक चार दिन बाद आने वाला यह पावन पर्व देश भर की माताओं द्वारा अपनी संतान की लंबी उम्र, उत्तम स्वास्थ्य, उज्जवल भविष्य और उनकी रक्षा के लिए पूरी निष्ठा के साथ मनाया जाता है। इस दिन माताएं पूरे दिन निर्जला उपवास रखती हैं, शाम के समय विधि-विधान से अहोई माता का पूजन करती हैं और रात्रि में तारों को अर्घ्य देने के बाद ही अपना व्रत खोलती हैं। लेकिन इस व्रत को रखने वाली हर माता के मन में यह जानने की गहरी जिज्ञासा हमेशा रहती है कि आखिर अहोई माता कौन हैं, उनका संबंध किस पौराणिक कथा से है और उनकी पूजा करना इतना फलदायी क्यों माना जाता है। आइए आज इस विस्तृत लेख के माध्यम से अहोई माता के स्वरूप, उनके इतिहास और इस व्रत के अलौकिक महत्व के बारे में विस्तार से जानते हैं।अहोई माता कौन हैं? जानिए इन्हें मां पार्वती का स्वरूप क्यों माना जाता हैहिंदू धर्म की पौराणिक मान्यताओं और लोक कथाओं के अनुसार, अहोई माता को आदि शक्ति मां पार्वती (Maa पार्वती) का ही एक अत्यंत पावन और करुणामयी स्वरूप माना गया है। इन्हें मुख्य रूप से संसार की सभी संतानों की रक्षा करने वाली और उनका भाग्य संवारने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है।प्राचीन कथाओं और लोक मान्यताओं में अहोई माता को 'स्याहु माता' (Saahu Mata) के नाम से भी पुकारा जाता है। अहोई माता के पूजन और इस व्रत के प्रचलन के पीछे एक बहुत ही प्रसिद्ध पौराणिक कथा जुड़ी हुई है। कथा के अनुसार, प्राचीन काल में एक साहूकार के सात पुत्र थे। एक बार दिवाली के त्योहार से पहले साहुकार की पत्नी अपने घर की लीपने-पोतने और मरम्मत के लिए जंगल से मिट्टी खोदने गई। जैसे ही उसने खुरपे से जमीन खोदी, अनजाने में उसका खुरपा एक साही की मांद पर जा लगा, जिससे मांद के अंदर बैठे साही के छोटे बच्चे की मौत हो गई। इस घटना से दुखी होकर उस महिला को अपने किए पर बहुत पश्चात्ताप हुआ। अपनी उस गलती से क्षुब्ध होकर उसने भगवान से क्षमा प्रार्थना की और जंगल में ही भूख-प्यास से तड़पकर अपने प्राण त्यागने का मन बना लिया। उसकी इस सच्ची पश्चात्ताप की भावना और मातृत्व प्रेम को देखकर प्रकृति की देवी यानी मां पार्वती साही के रूप में प्रकट हुईं। मां ने उस महिला को माफ करते हुए यह आशीर्वाद दिया कि उसकी संतानों की हमेशा रक्षा होगी। माता पार्वती के उसी ममतामयी और करुणामयी रूप को 'अहोई माता' के रूप में पूजा जाने लगा।अहोई माता के चित्र का स्वरूप और उसका प्रतीकात्मक महत्वअहोई अष्टमी के दिन जब घरों में दीवार पर अहोई माता का चित्र बनाया जाता है या बाजार से कैलेंडर लाया जाता है, तो उसमें एक बहुत ही खास और पारंपरिक दृश्य उकेरा होता है। अहोई माता के इस स्वरूप को लेकर कई धार्मिक और प्रतीकात्मक बातें जुड़ी हुई हैं:पुतली और आठ कोने: माता के चित्र में एक विशेष प्रकार की पुतली या महिला का रूप बनाया जाता है, जिसमें आठ कोनों का घर या अन्य मांगलिक आकृतियां शामिल होती हैं।साही और उसके बच्चे: अहोई माता के चित्र के साथ ही एक साही (Porcupine) और उसके छोटे-छोटे बच्चों की आकृतियां भी बनाई जाती हैं, जो उस पौराणिक घटना की याद दिलाती हैं जिससे इस व्रत की शुरुआत हुई थी।प्रकृति के प्रतीक: माता के इस पारंपरिक चित्रण में सूर्य देव, चंद्रमा और कभी-कभी कलश या खूंटी जैसी चीजों को भी दर्शाया जाता है, जो जीवन में स्थिरता, प्रकाश और शीतलता का प्रतीक मानी जाती हैं।माताएं इसी चित्र के सामने बैठकर पूरे विधि-विधान से रोली, अक्षत, दूध, चावल और मीठे पुए या हलवे का भोग लगाकर पूजा करती हैं।अहोई अष्टमी व्रत का धार्मिक और पारिवारिक महत्वअहोई अष्टमी का यह व्रत केवल बच्चों की लंबी उम्र की कामना तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई गहरे आध्यात्मिक और पारिवारिक लाभ भी जुड़े हुए हैं:संतान की दीर्घायु और आरोग्यता: इस व्रत का सबसे मुख्य उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर रखना और उन्हें हर प्रकार की अकाल मृत्यु या संकटों से बचाना है। मान्यता है कि अहोई माता के आशीर्वाद से संतान को लंबी आयु और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।निःसंतान दंपत्तियों के लिए वरदान: ऐसा भी विश्वास किया जाता है कि जो महिलाएं निःसंतान हैं और जिन्हें संतान सुख प्राप्त नहीं हो रहा है, यदि वे पूरी श्रद्धा और सच्चे मन से अहोई अष्टमी का व्रत रखती हैं, तो अहोई माता की कृपा से उन्हें शीघ्र ही संतान की प्राप्ति होती है।घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार: इस व्रत के प्रभाव से व्रती महिला के परिवार और उसके बच्चों के इर्द-गिर्द एक सकारात्मक ऊर्जा का घेरा बन जाता है, जिससे घर की कलह-कलेश दूर होती है और सुख-शांति बनी रहती है।अहोई माता की यह महिमा और उनका यह पावन पर्व हर साल माताओं को उनकी संतान के प्रति उनके असीम प्रेम और समर्पण की याद दिलाता है। पूरी निष्ठा और नियमों के साथ रखा गया यह व्रत बच्चों के भविष्य के सभी बंद दरवाजों को खोल देता है और उनके जीवन को खुशियों से भर देता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 30 Oct 2026 11:36 am

Explained | दुश्मन सावधान! भारत की संप्रभुता की रक्षा करेंगे स्वदेशी ड्रोन...'ड्रोन शक्ति' से सीमाओं को अभेद्य बनाने में जुटीं भारत की तीनों सेनाएँ

भूटान के ऊंचाई वाले इलाके में एक बड़ी ग्लेशियल झील (GLOF) फटने से असम और उत्तर बंगाल में बाढ़ की चेतावनी; कई जिले हाई अलर्ट पर... इस तरह की भौगोलिक और प्राकृतिक आपदाओं के बीच आधुनिक युद्ध के तौर-तरीके भी तेजी से बदल रहे हैं। अब जंग के मैदान में केवल पारंपरिक हथियार ही नहीं, बल्कि आसमान में उड़ने वाले मानवरहित ड्रोन (UAV) सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रहे हैं। अक्टूबर के दौरान, यूक्रेन के साथ चल रहे चार साल के युद्ध के दौरान रूस ने अपनी एक नई तकनीकी उपलब्धि पेश की- 'फिलिन' (यूरेशियन ईगल-उल्लू)। यह ज़मीन से लॉन्च होने वाला, जेट इंजन से चलने वाला एक ड्रोन है, जो 800 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से दिल्ली-मुंबई के बीच की लगभग 1,200 किलोमीटर की हवाई दूरी तय कर सकता है। 'फिलिन' की रफ़्तार, रूस द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 'शहेद-136' जैसे प्रोपेलर-संचालित (पंखे वाले) ड्रोन्स से दोगुनी है। सबसे अहम बात यह है कि सैटेलाइट से नियंत्रित होने वाले इस हथियार की लागत लगभग 50,000 अमेरिकी डॉलर है, जो 20 लाख (2 मिलियन) डॉलर की 'टोमाहॉक' क्रूज़ मिसाइल की तुलना में बहुत कम है। इसका मतलब यह है कि रूस हज़ारों 'फिलिन' ड्रोन बना सकता है, जिससे 'प्रिसिजन मास' (बड़ी संख्या में सटीक हमले) की क्षमता हासिल की जा सकती है—यानी पारंपरिक मिसाइलों की तुलना में कम लागत पर बड़ी संख्या में सटीक हमले किए जा सकते हैं। भारतीय वायु सेना (IAF) जेट-संचालित ड्रोन्स की 'फोर्स-मल्टीप्लायर' (ताकत कई गुना बढ़ाने वाली) क्षमताओं से अच्छी तरह वाकिफ है। इसी को देखते हुए, अगस्त 2024 में वायु सेना ने 'वेदा एयरोनॉटिक्स' द्वारा बनाए गए 200 'सुरेशास्त्र स्मार्ट अनमैन्ड म्यूनिशन सिस्टम' (S-UMS) का ऑर्डर दिया। अब, आने वाले कुछ हफ़्तों में, भारतीय सेना एक दर्जन भारतीय कंपनियों के जेट-संचालित 'कामिकेज़' (आत्मघाती) ड्रोन्स का परीक्षण शुरू करेगी। सेना की योजना ऐसे 540 हाई-स्पीड ड्रोन खरीदने की है, जो इस श्रेणी के हथियारों की अब तक की सबसे बड़ी खरीद होगी। पिछले साल हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद से यह ड्रोन्स की सबसे बड़ी खरीद है। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के शब्दों में कहें तो, इस ऑपरेशन के दौरान ड्रोन केवल 'आसमान में आँखें' (निगरानी करने वाले) होने से बदलकर 'आसमान में पंजे' (हमला करने वाले) बन गए। 88 घंटे तक चले इस संघर्ष को दुनिया के उन पहले उदाहरणों में गिना जा सकता है, जहाँ बिना आमने-सामने की लड़ाई (non-contact kinetic warfare) के युद्ध लड़ा गया—यानी विरोधी पक्ष ने लड़ाई के लिए सीमा पार नहीं की। सेना के ड्रोन्स ने पाकिस्तान के आतंकी प्रशिक्षण शिविरों को निशाना बनाया, वायु सेना की ब्रह्मोस मिसाइलों ने रनवे को तबाह कर दिया और विमानों समेत हैंगरों को नष्ट कर दिया। वहीं, वायु सेना के 'हारोप' (Harop) वन-वे अटैक ड्रोन्स ने पाकिस्तान के रडार और कमांड पोस्ट्स पर हमला किया। भारत का ड्रोन जखीरा तेज़ी से बढ़ रहा है। अगले पांच वर्षों में, तीनों सेनाएं कुल 1.5 लाख करोड़ रुपये (15 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक) मूल्य के ड्रोन हासिल करेंगी। यह रकम पारंपरिक हथियारों के लिए अब तक की सबसे बड़ी रक्षा डील—फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद—की लागत का लगभग आधा है। 2010 के दशक में ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल के शामिल होने के बाद, जेट-पावर्ड ड्रोन तीनों सेनाओं की स्ट्राइक क्षमताओं में सबसे महत्वपूर्ण इजाफा हैं। अन्य खरीद में समुद्र तल से लेकर समताप मंडल (स्ट्रैटोस्फीयर) तक के सभी तरह के ऑपरेशन शामिल हैं। इनमें हाई एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट्स (HAPS), हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस (HALE) UAV, निगरानी मिशनों के लिए मीडियम एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस (MALE) UAV, कोलैबोरेटिव लॉन्ग रेंज डिस्ट्रक्टिव स्वार्म्स (CLRDS), और भारतीय वायु सेना (IAF) के कार्गो विमानों से लॉन्च किए जाने वाले जेट-पावर्ड कैनिस्टराइज्ड ड्रोन शामिल हैं। इनकी मदद से IAF तिब्बती पठार के भारी सुरक्षा वाले इलाकों के पार चीन में मौजूद लक्ष्यों को निशाना बना सकेगी। IAF अपने मानव-संचालित लड़ाकू विमानों के साथ मिलकर काम करने के लिए 60,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 100 से ज्यादा 'घातक' (Ghatak) स्टील्थ बॉम्बर ड्रोन हासिल करने की योजना बना रही है। थल सेना की योजना 100,000 से अधिक ड्रोन ऑपरेटरों को प्रशिक्षित करने और तैनात करने की है, जो उसकी 385 इन्फैंट्री बटालियनों में शामिल किए गए निगरानी और स्ट्राइक ड्रोन को संचालित करेंगे। 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान, मिसाइल दागने वाली पहली सेना भारतीय नौसेना थी। अब नौसेना लंबी दूरी वाले जेट-पावर्ड ड्रोन की एक नई श्रेणी हासिल करने पर विचार कर रही है, जिनकी लागत जहाजों से दागी जाने वाली क्रूज मिसाइलों की तुलना में बहुत कम होगी। नौसेना अनमैन्ड सरफेस वेसल्स (USV) का एक बड़ा बेड़ा भी शामिल कर रही है, जो बारूदी सुरंगों को हटाने जैसे खतरनाक काम करेंगे और मिसाइलों तथा विस्फोटकों का इस्तेमाल करके दुश्मन के युद्धपोतों पर 'कामिकेज़' (आत्मघाती) हमले करेंगे। ऐसा लगता है कि ड्रोन को सीधे बाजार से खरीद लेना तो आसान काम है। लेकिन असली ध्यान लॉजिस्टिक्स, कलपुर्जों, रणनीतियों और औद्योगिक क्षमता जैसे जटिल पहलुओं के बजाय, केवल युद्ध लड़ने की क्षमता (फाइटिंग एज) पर ही केंद्रित रहा है। गायब द्रव्यमान (मिसिंग मास) 28 फरवरी को शुरू हुए 40 दिनों के अमेरिका-ईरान संघर्ष के दौरान, ईरान ने सात खाड़ी अरब देशों में मौजूद अमेरिकी एयर बेस और बंदरगाहों पर कई हमले किए। अपनी वायु सेना और नौसेना की कमी को पूरा करने के लिए, उसने भूमिगत मिसाइल शहरों में जमा किए गए हजारों ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया। इस साल, रूस और यूक्रेन दोनों ही हर साल 60 लाख (6 मिलियन) से अधिक ड्रोन बनाने की तैयारी कर रहे हैं। भारत के पास इतने बड़े औद्योगिक स्तर पर ड्रोन बनाने की क्षमता नहीं है, जिससे संघर्ष के समय उत्पादन को तेजी से बढ़ाया जा सके (जिसे 'सर्ज कैपेसिटी' कहते हैं)। भारत में रूस के तातारस्तान स्थित विशाल 'अलाबुगा कॉम्प्लेक्स' जैसी कोई फैक्ट्री नहीं है, जो हर साल 36,000 से अधिक 'शहेद' (Shahed) प्रकार के ड्रोन तैयार करती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत को मिलने वाले ड्रोन के ऑर्डर बहुत छोटे होते हैं। उदाहरण के लिए, 540 ड्रोन का ऑर्डर मिलने पर निर्माता उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए निवेश नहीं कर सकते, क्योंकि आगे और ऑर्डर मिलने की कोई गारंटी नहीं होती। इन छोटे ऑर्डरों का एक कारण यह भी है कि सशस्त्र बल अभी भी ड्रोन को केवल एक 'खास क्षमता' (niche capability) के रूप में देखते हैं—यानी लक्ष्य पर हथियार गिराने का एक सस्ता तरीका—न कि एक ऐसी एकीकृत और नेटवर्क से जुड़ी प्रणाली के रूप में, जो पूरी सेना की ताकत को कई गुना बढ़ा सके। अलग-अलग सेनाओं की अपनी-अपनी पहल ने घरेलू तकनीक के क्षेत्र में बेहतरीन प्रगति की है। 2018 में, भारतीय वायु सेना (IAF) की दूरदर्शी 'मेहर बाबा स्वार्म ड्रोन प्रतियोगिता' ने भारतीय उद्योगों के सामने 100 करोड़ रुपये के ऑर्डर का प्रस्ताव रखा। इससे कंपनियों का एक ऐसा समूह तैयार हुआ, जिसे अब तक 10,000 करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर मिल चुके हैं। रक्षा मंत्रालय की 'इनोवेशंस फॉर डिफेंस एक्सीलेंस' (IDEX) योजना, जिसे 2018 में शुरू किया गया था, ने भी इस इकोसिस्टम को बढ़ावा दिया है। इसी तरह, भारतीय नौसेना की 'SPRINT' और 'स्वावलंबन' जैसी पहलों ने भी स्वदेशी तकनीकी समाधान विकसित करने में मदद की है। लेकिन, ड्रोन हासिल करने और मानवरहित प्रणालियों (unmanned systems) को एक साथ जोड़ने के लिए एक एकीकृत (integrated) और व्यापक रणनीति के बिना, ये प्रयास नाकाफी हैं। 'ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया' के अध्यक्ष स्मित शाह कहते हैं, समस्या यह है कि सैन्य ड्रोन की हर खरीद में केवल वर्तमान जरूरतों पर ध्यान दिया जाता है, भविष्य पर नहीं। सरकार का ड्रोन पर जोर देखने में तो बड़ा लगता है, लेकिन यह अलग-अलग सेनाओं के अपने-अपने दायरे में बंटकर रह जाता है। हर सेना अपनी जरूरत के हिसाब से थोड़े-बहुत ड्रोन खरीदती है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPFs) और अर्धसैनिक बल भी अपने ड्रोन अलग से खरीदते हैं। सशस्त्र बलों के लिए ड्रोन के संयुक्त विकास का कोई रोडमैप नहीं है। चूंकि ऑर्डर बहुत कम संख्या में आते हैं और अक्सर 'आपातकालीन खरीद' (emergency procurement) के जरिए लिए जाते हैं, इसलिए कोई मजबूत औद्योगिक आधार नहीं बन पाता। पूर्व डायरेक्टर जनरल (आर्टिलरी) लेफ्टिनेंट जनरल पी.आर. शंकर कहते हैं, छोटे-छोटे टुकड़ों में की गई खरीद से युद्ध के समय न तो मजबूती मिलती है और न ही तकनीक का विकास हो पाता है। इससे उद्योगों को वह निरंतर निवेश नहीं मिल पाता जिसकी उन्हें जरूरत होती है। न तो कोई मानक डिजाइन तैयार हो पाता है, न ही बड़े पैमाने पर उत्पादन हो पाता है और न ही अलग-अलग सेनाओं के ड्रोन आपस में तालमेल बिठाकर काम कर सकते हैं। नतीजा यह होता है कि आप किसी और की सप्लाई चेन में महज एक ग्राहक बनकर रह जाते हैं। एक ड्रोन डेवलपर इसे 'मुर्गी पहले आई या अंडा' वाली समस्या बताते हुए कहते हैं, आप तभी बड़े पैमाने पर उत्पादन (scale-up) कर सकते हैं जब आप बड़े पैमाने पर बिक्री कर सकें। और अभी कोई भी बड़े पैमाने पर बिक्री करने की स्थिति में नहीं है। ऐसा लगता है कि जिन बड़े ऑर्डर्स से घरेलू औद्योगिक क्षमताएं विकसित हो सकती थीं, वे आयात (imports) के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। उदाहरण के लिए, 2024 में अमेरिका से 31 'MQ-9B' सशस्त्र UAV खरीदने के लिए 3.5 अरब डॉलर का सौदा किया गया—जो कि पिछले एक दशक में भारत द्वारा UAV खरीदने पर खर्च की गई कुल रकम से भी कहीं अधिक है। भारतीय सेना के 'हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस' (HALE) और 'मीडियम एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस' (MALE) ड्रोन—ऐसे पायलट-रहित विमान जो हथियार और सेंसर लेकर लगभग 24 घंटे तक हवा में रह सकते हैं—पूरी तरह से इज़राइल और अमेरिका से आयात किए जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना ​​है कि भारत के विभिन्न ड्रोन कार्यक्रमों की समीक्षा करने की ज़रूरत है, ताकि युद्ध-स्तर पर इनके स्वदेशी विकल्प तैयार किए जा सकें। साथ ही, डेवलपर्स, उपयोगकर्ताओं और उत्पादन एजेंसियों को एक ही मंच पर लाने की आवश्यकता है। रक्षा मंत्रालय के थिंक-टैंक 'मनोहर पर्रिकर-IDSA' के सीनियर फेलो, ग्रुप कैप्टन राजीव नारंग (रिटायर्ड) चेतावनी देते हैं, HALE और MALE UAVs से जुड़े हमारे सभी बड़े ड्रोन कार्यक्रम अलग-अलग चल रहे हैं, जिनमें उपयोगकर्ताओं (सेना) की भागीदारी बहुत कम है। यही कारण है कि ये कार्यक्रम वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं—सेना की ओर से केवल टेस्ट पायलट और तकनीकी ज़रूरतें (क्वालिटेटिव रिक्वायरमेंट्स) ही बताई जाती हैं, इसके अलावा कुछ नहीं। जिन बड़े ड्रोनों को वर्षों पहले सेना में शामिल हो जाना चाहिए था, वे अभी भी विकास के चरण में ही अटके हुए हैं। 'घातक' कार्यक्रम को अभी तक औपचारिक मंज़ूरी नहीं मिली है, और 'कावेरी' इंजन के संशोधित संस्करण को भी सेना में शामिल करने के लिए मंज़ूरी नहीं मिली है। इस तरह के अनिर्णय का हमारे ड्रोन कार्यक्रमों पर बुरा असर पड़ रहा है। पुर्जों पर निर्भरता ड्रोन असल में उड़ने वाले कंप्यूटर होते हैं—ये एक फ्रेम, मोटर, प्रोपेलर और अलग-अलग सेंसर व ऑप्ट्रोनिक्स वाले फ्लाइट कंट्रोलर से मिलकर बने होते हैं। इन सभी पुर्जों पर चीन का दबदबा है; वह वैश्विक ड्रोन बाजार के 80 प्रतिशत से ज्यादा हिस्से को नियंत्रित करता है और अहम खनिजों व कच्चे माल की सप्लाई पर भी उसका ही कब्जा है। सुरक्षा चिंताओं के चलते, 2022 में भारत ने मिलिट्री-ग्रेड ड्रोन में चीनी पुर्जों के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था। भारत के निजी क्षेत्र के ड्रोन इकोसिस्टम में 600 से ज्यादा ड्रोन और ड्रोन-पुर्जे बनाने वाली कंपनियां शामिल हैं, जो अब अहम पुर्जे अमेरिका और यूरोपीय सप्लायरों से मंगाती हैं। जब कोई सेना ड्रोन के लिए टेंडर निकालती है, तो सबसे कम बोली लगाने वाला यानी 'L1' बनने की होड़ शुरू हो जाती है। इसके लिए डिजाइन और पुर्जे बाहर से मंगाए जाते हैं, उन्हें असेंबल किया जाता है और फिर सेना को सप्लाई कर दिया जाता है। प्रोपेलर, ब्रशलेस DC मोटर, कार्बन फाइबर, प्रिंटेड सर्किट बोर्ड और फ्रेम जैसे पुर्जों पर निर्भरता तो बस एक हिस्सा है। इन पुर्जों के पीछे एक बड़ी समस्या 'चिप' की है—हमारे पास ऐसे स्वदेशी सेमीकंडक्टर नहीं हैं, जिनका डिजाइन और निर्माण पूरी तरह से अपनी तकनीक (IP) पर आधारित हो। हर ड्रोन में 100 से ज्यादा चिप्स होती हैं, जो उड़ान, ऊंचाई को स्थिर रखने और मेमोरी जैसे कई कामों को नियंत्रित करती हैं। ड्रोन का आकार और उसकी जटिलता जितनी ज्यादा होती है, उसमें चिप्स की संख्या भी उतनी ही बढ़ जाती है। हथेली के आकार वाले 'फर्स्ट-पर्सन व्यू' (FPV) ड्रोन में कम से कम 10 खास चिप्स होती हैं, जबकि विमान के आकार वाले MQ-9B ड्रोन में 1000 से ज्यादा चिप्स लगी होती हैं। भारत के लगभग सभी ड्रोन अमेरिका से आयातित चिप्स के सहारे उड़ते हैं, जो एक बहुत बड़ी कमजोरी है। ड्रोन का दिमाग और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र कहे जाने वाले 'फ्लाइट कंट्रोलर' भी या तो बाहर से मंगाए जाते हैं या फिर लाइसेंस के तहत बनाए जाते हैं—भारत की बहुत कम कंपनियां ही अपने खुद के फ्लाइट कंट्रोलर बनाती हैं। ड्रोन के डिजाइन बाहर से मंगाने की वजह से उनके विकास (spiral development) में भी रुकावट आती है—जो कंपनियां ड्रोन को असेंबल करती हैं, वे इन प्लेटफॉर्म के बेहतर वर्जन तैयार नहीं कर पातीं। R&D (अनुसंधान और विकास) की कमी का मतलब है कि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के उन नए बदलावों से पीछे छूट सकता है, जो ज्यादा स्मार्ट ड्रोन बना रहे हैं। इनमें ऐसे स्वायत्त (autonomous) और AI-आधारित प्लेटफॉर्म शामिल हैं, जो टारगेट को लॉक करके हमला कर सकते हैं, या ऐसे ड्रोन जो रेडियो रिपीटर की मदद से क्षितिज के पार (over the horizon) भी काम कर सकते हैं। 'माइक्रोचिप-आधारित हार्डवेयर का डिज़ाइन और निर्माण, साथ ही ड्रोन के लिए मोटर, फ्लाइट कंट्रोलर और कस्टमाइज़्ड, हैक न होने वाले पेलोड जैसे स्वदेशी पुर्ज़ों को तैयार करना बहुत ज़रूरी है। इस तरह के जटिल सिस्टम को बड़े पैमाने पर बनाने के लिए न केवल स्वदेशी चिप्स की ज़रूरत होगी, बल्कि अन्य स्वदेशी पुर्ज़ों के निर्माण की भी आवश्यकता होगी,' ऐसा मोबाइल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के कार्यकारी निदेशक और प्रधान सलाहकार, कर्नल अनुराग अवस्थी (रिटायर्ड) कहते हैं। 'इंडियन सेमीकंडक्टर मिशन' के तहत मंज़ूरी प्राप्त एकमात्र फैब (निर्माण इकाई) से पहले भारतीय सेमीकंडक्टर 2027 से 2029 के बीच ही बाहर आ पाएंगे। आने वाले वर्षों में ड्रोन इकोसिस्टम के लिए सेमीकंडक्टर चिप्स बनाने हेतु और अधिक निर्माण इकाइयों (फैब्रिकेशन फैसिलिटी) की ज़रूरत पड़ सकती है। ऑर्डर बुक (ऑर्डरों की संख्या) को देखते हुए, सरकार की नीतिगत प्रतिक्रिया अपर्याप्त लगती है। अब तक केवल एक नीति में कुछ दम नज़र आता है—'डिफेंस एक्विजिशन प्रोसीजर (DAP) 2026' का ड्राफ्ट, जिसमें ड्रोन इंजन के निर्माण को 'राष्ट्रीय महत्व की परियोजना' के रूप में वर्गीकृत करने का प्रस्ताव है। सरकार का एक स्वदेशी ड्रोन इकोसिस्टम बनाने का प्रयास, जिसे 'मिशन ड्रोन शक्ति' कहा जा रहा है, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के नेतृत्व में चलाया जा रहा है। लेकिन, इसका रक्षा मंत्रालय (MoD) के साथ कोई सीधा जुड़ाव नहीं है, जबकि रक्षा मंत्रालय ड्रोन के सबसे बड़े खरीदारों में से एक है। सागर डिफेंस इंजीनियरिंग के संस्थापक और CEO, निकुंज पराशर कहते हैं, 'हमें 'L1 कल्चर' (सबसे कम बोली लगाने वाले को चुनने की प्रथा) से छुटकारा पाना होगा। सामान्य या मानक उत्पादों के लिए तो L1 ठीक हो सकता है, लेकिन जब बेहतरीन तकनीकें उपलब्ध हों और सरकार या सेना सबसे अच्छी तकनीक खरीदना चाहती हो, तो मौजूदा नीति उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं देती।' कुछ अहम कड़ियाँ जो गायब हैं रूस-यूक्रेन युद्ध इतिहास में ड्रोन के इस्तेमाल का सबसे महत्वपूर्ण उदाहरण बन गया, क्योंकि दोनों देशों ने अपने सैन्य अभियानों के केंद्र में 'अनमैन्ड सिस्टम' (मानवरहित प्रणालियों) को रखा। रूस ने 2025 में एक 'अनमैन्ड सिस्टम फोर्स' बनाई, जो आर्मर (बख्तरबंद इकाइयों) और आर्टिलरी (तोपखाने) की तरह ही सेना की एक अलग लड़ाकू शाखा है। यूक्रेन के पास एक प्रभावी नौसेना या वायु सेना नहीं थी, इसलिए उसने एक कदम आगे बढ़कर सेना की एक अलग शाखा—'अनमैन्ड सिस्टम फोर्स'—का गठन किया। कीव ने FPV ड्रोन का इस्तेमाल करके मॉस्को के ज़मीनी हमलों की रफ़्तार धीमी कर दी, और साथ ही रूस के भीतर 2,000 किलोमीटर से ज़्यादा गहराई तक लंबी दूरी के सटीक ड्रोन (लॉन्ग-रेंज प्रिसिजन ड्रोन) से हमले किए। युद्ध अपने आप में अनोखे होते हैं और शायद ही कहीं और बिल्कुल उसी तरह दोहराए जाएं, लेकिन वे भविष्य के संघर्षों के स्वरूप और आचरण के बारे में महत्वपूर्ण सबक देते हैं। भारत में हथियारों की खरीद की प्रक्रिया अक्सर रणनीतिक और परिचालन संबंधी बदलावों से पीछे रह जाती है। ड्रोन की खरीद, उनसे जुड़ी रणनीतियों और ढांचे के निर्माण की गति से कहीं आगे निकल गई है। एक ड्रोन निर्माता कहते हैं, हमारे ड्रोन आपस में नेटवर्क से जुड़े नहीं हैं, वे एक-दूसरे से संवाद नहीं कर सकते, और उन्हें बहुत कम संख्या में खरीदा जा रहा है। न तो कोई केंद्रीकृत ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन है और न ही उपकरणों का कोई मानकीकरण (स्टैंडर्डाइजेशन) है। मुझे लगता है कि हम प्रथम विश्व युद्ध के दौरान टैंकों के शुरुआती दौर जैसी स्थिति में हैं-और याद रखें, द्वितीय विश्व युद्ध के समय तो फ्रांसीसी टैंकों में रेडियो तक नहीं होते थे। भारत ने रक्षात्मक मोर्चे पर एक बेहतरीन 'कमांड एंड कंट्रोल' (C2) प्रणाली विकसित की है। 'आकाशतीर' (Akashteer) प्रणाली एयर डिफेंस सेंसर, रडार और संचार नोड्स को एक नेटवर्क में जोड़ती है, जिसका इस्तेमाल 'सिंदूर' (Sindoor) अभ्यास के दौरान किया गया था। सेना की 'सक्षम' (SAKSHAM - Situational Awareness for Kinetic Soft and Hard Kill Assets Management) प्रणाली एक स्वदेशी, AI-आधारित 'काउंटर-अनमैन्ड एरियल सिस्टम' (C-UAS) और कमांड-एंड-कंट्रोल ग्रिड है, जिसे 'आर्मी डेटा नेटवर्क' के जरिए संचालित किया जाता है। हालांकि ड्रोन को ट्रैक करने और नष्ट करने में निवेश किया गया है, लेकिन विभिन्न सैन्य सेवाओं में हजारों ड्रोन को तैनात करने, उन्हें नेटवर्क से जोड़ने और उनके संचालन को बनाए रखने के लिए आवश्यक 'आक्रामक ढांचे' (offensive backbone) में निवेश काफी कम है। यह आक्रामक ढांचा एक ऐसी 'अनमैन्ड सिस्टम्स डॉक्ट्रिन' (मानवरहित प्रणालियों से जुड़ी रणनीति) से तैयार होगा, जो ड्रोन को केवल अलग-थलग गैजेट्स के रूप में देखने के बजाय, सेना की 'समझने, निर्णय लेने और कार्रवाई करने' की प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाएगी। इससे एक 'किल वेब' (kill web) का निर्माण होगा-जो कई सेंसर, प्लेटफॉर्म और शूटरों का एक विस्तृत नेटवर्क है, जिसका उद्देश्य सटीक और व्यापक प्रहार क्षमता (precision mass) हासिल करना है। 'किल वेब' मोज़ेक (mosaic) की टाइलों की तरह होता है-छोटी और आपस में बदली जा सकने वाली इकाइयां-जिसके कारण यह कहीं अधिक मजबूत होता है और दुश्मन के लिए इसे बाधित करना बहुत कठिन हो जाता है। सेना प्रशिक्षण कमान (ARTRAC) के पूर्व GOC-in-C, लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला कहते हैं, हमें एक सुसंगत 'ड्रोन डॉक्ट्रिन' की आवश्यकता है, जो 'एल्गोरिद्मिक युद्ध' (algorithmic warfare) में ड्रोन के लड़ाकू इस्तेमाल का मार्गदर्शन कर सके। साथ ही, हमें 'किल वेब' तैयार करने के लिए एक संगठन की जरूरत है—इसे आप 'किल वेब इंटीग्रेशन टास्क फोर्स' कह सकते हैं- जिसमें DRDO, शैक्षणिक संस्थानों, ISRO और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हों। इस तरह के 'किल वेब' को सुचारू रूप से चलाने के लिए अंतरिक्ष-आधारित सेंसर, जैसे कि सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन (उपग्रहों का समूह) की आवश्यकता होती है, जो ड्रोन को सटीक दिशा-निर्देश दे सकें। उदाहरण के लिए, यूक्रेन का रक्षा ढांचा काफी हद तक एलन मस्क के 'स्टारशील्ड' पर निर्भर है, जो स्पेसएक्स के 'स्टारलिंक' सैटेलाइट नेटवर्क का सैन्य हिस्सा है। भारत के पास अभी तक ऐसा कोई 'लो-अर्थ' (पृथ्वी के करीब का) सैटेलाइट नेटवर्क नहीं है, जो उसके ड्रोन्स को लंबी दूरी तक हमला करने में मदद कर सके, या दुश्मनों द्वारा दागे गए ड्रोन्स और मिसाइलों से बचाव कर सके। 'आइडेंटिफिकेशन फ्रेंड एंड फो' (IFF) - यानी दोस्त और दुश्मन की पहचान करने - जैसे मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं। कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन्स की पहचान करना और उन्हें अलग करना बहुत जरूरी है। पृथ्वी की सतह से लगभग 3,000 मीटर की ऊंचाई तक के इस क्षेत्र को 'एयर लिटोरल' कहा जाता है-जहां ज़मीनी सेनाएं, कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमान और बिना पायलट वाले सिस्टम एक-दूसरे के संपर्क में आते हैं। 'ऑपरेशन सिंदूर' के चार महीने बाद, भारतीय सेना के एक कोर कमांडर ने एक सार्वजनिक मंच पर बताया कि 88 घंटे चले संघर्ष के दौरान, उनके 'कोर बैटल एरिया' (लगभग 600 किलोमीटर के दायरे) में 8,000 से ज़्यादा ड्रोन्स उड़ रहे थे। उन्होंने कहा, आज छोटी लड़ाकू इकाइयों के पास 40 से 60 ड्रोन्स हैं, और बड़ी लड़ाकू इकाइयों के पास 100 से ज़्यादा ड्रोन्स हैं। उन्होंने सवाल किया, हम अपने ही ड्रोन्स को गलती से नष्ट होने (ड्रोन फ्रैट्रीसाइड) से कैसे बचाएं? इसका जवाब है—हवाई क्षेत्र की स्थिति पर नज़र रखने वाला एक समर्पित सिस्टम; यानी एक ऐसा 'अनमैन्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम' (मानवरहित यातायात प्रबंधन प्रणाली), जो ड्रोन्स और उनके खिलाफ इस्तेमाल होने वाले सिस्टम्स को खुद ही पहचान ले और उन्हें ट्रैक कर सके। भारत के पास ड्रोन्स का एक प्रभावशाली जखीरा है। लेकिन, इस क्षेत्र में मौजूद कमियों का मतलब यह है कि भारत अभी तक एक 'ड्रोन पावर' (ड्रोन शक्ति) नहीं बन पाया है। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi

प्रभासाक्षी 30 Oct 2026 11:36 am

अनंत सिंह को फिर जाना होगा जेल, सुप्रीम कोर्ट ने 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का दिया आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने मोकामा विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड में 1 दिसंबर तक सरेंडर कर जेल जाने का आदेश दिया। बिहार सरकार को चार महीने में जांच पूरी करने का निर्देश।

देशबन्धु 30 Oct 2026 11:35 am

SIR पर तैयार है बीजेपी की जवाबी रणनीति, सड़क से सभा तक, होगा विपक्ष से दो-दो हाथ

बीजेपी विपक्ष की एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन पर बड़ा प्लान बना चुकी है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और केंद्रीय गृह मंत्री भी विपक्ष के खिलाफ सड़क पर होंगे.

NDTV इंडिया 30 Oct 2026 11:35 am

चचा हैं तो सपा है; MLC चुनाव में 5 सीट जीतने के बाद शिवपाल बने पोस्टर बॉय, अखिलेश यादव की तस्वीर गायब

एमएलसी चुनाव में मिली सफलता के बाद फर्रुखाबाद में ‘चचा है तो सपा है’ लिखे पोस्टर लगाए गए हैं. पोस्टरों में शिवपाल यादव को प्रमुखता दी गई है, जबकि अखिलेश यादव की तस्वीर नहीं है. इससे सपा की अंदरूनी राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.

NDTV इंडिया 30 Oct 2026 11:34 am

हुंडई का भारत के लिए खास प्लान, लॉन्च करेगी सबसे सस्ती e-SUV

भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक कारों की मांग बढ़ रही है. इसे देखते हुए कोई भी कंपनी देरी नहीं करना चाहेगी. हुंडई देश की चौथी सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी है. लेकिन इलेक्ट्रिक कारों के मामले में कंपनी का पोर्टफोलियो अभी छोटा और सीमित है. कंपनी जल्द ही अपनी एक इलेक्ट्रिक एसयूवी लॉन्च करने वाली है, जो ब्रांड की सबसे सस्ती ईवी होगी.

आज तक 30 Oct 2026 11:33 am

'मैं कर्मचारियों के साथ खड़ा हूं', IDBI बैंक में सरकार की हिस्सेदारी बेचने के फैसले पर राहुल ने उठाए सवाल

राहुल गांधी ने आईडीबीआई बैंक में सरकार की हिस्सेदारी बेचने के फैसले का विरोध कर रहे कर्मचारियों का समर्थन किया है।

जागरण 30 Oct 2026 11:33 am

आज क्या बनाऊं: सर्दियों में रोज खाएं ये खास लड्डू, दुबले-पतले शरीर में तेजी से भरेगा मांस, नोट करें रेसिपी

क्या आप भी अपने दुबले-पतले शरीर से परेशान हैं, तो रोजाना अंजीर से बने लड्डू का करें सेवन.

NDTV इंडिया 30 Oct 2026 11:31 am

चक्रवात अर्नब का कहर: आंध्र प्रदेश और ओडिशा में बाढ़ से मची तबाही, किसानों की फसलें बर्बाद; प्रियंका गांधी ने की कांग्रेसियों से मदद की अपील

चक्रवात अर्नब से आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी तबाही। प्रियंका गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मदद की अपील की, राहुल गांधी ने मांगी राहत, नौ ट्रेनें रद्द।

देशबन्धु 30 Oct 2026 11:28 am

हस्तेरेखा शास्त्र: हथेली की इन रेखाओं में छिपा है करोड़पति बनने का राज, क्या आपके हाथ में भी है छप्परफाड़ धन कमाने का यह शुभ संकेत

सनातन संस्कृति, ज्योतिष और हस्तरेखा शास्त्र (Palmistry) में मानव जीवन के भविष्य, करियर और आर्थिक स्थिति को जानने के लिए हथेलियों की लकीरों का अध्ययन सदियों से किया जाता रहा है। हर व्यक्ति के हाथ की रेखाएं और उनके निशान बिल्कुल अलग होते हैं, जो उसके स्वभाव, भाग्य और धन-दौलत के बारे में कई बड़े राज खोलते हैं। जब बात पैसों, वैभव और आर्थिक संपन्नता की आती है, तो हस्तरेखा शास्त्र में कुछ खास पर्वतों और रेखाओं को सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के जानकारों के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की हथेली में विशेष स्थानों पर कुछ खास योग या रेखाएं मौजूद होती हैं, तो उसे जीवन में अपार धन, सुख-सुविधाएं और छप्परफाड़ कमाई प्राप्त होती है। आइए विस्तार से जानते हैं कि हस्तरेखा शास्त्र के मुताबिक हथेली में धन रेखा और अन्य शुभ संकेत व्यक्ति को किस प्रकार रंक से राजा और करोड़पति बना सकते हैं।हस्तरेखा शास्त्र में क्या होता है धन रेखा का महत्व और इसका स्थानहस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, मनुष्य की हथेली में कई तरह की रेखाएं होती हैं जैसे कि हृदय रेखा, मस्तिष्क रेखा, आयु रेखा और भाग्य रेखा। इन सभी के अलावा हथेली में एक ऐसी विशेष रेखा भी होती है जिसे सीधे तौर पर धन और आर्थिक समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। इस रेखा को 'धन रेखा' (Money Line) कहा जाता है।हथेली में सबसे छोटी उंगली यानी कनिष्ठिका (Little Finger) के ठीक नीचे के हिस्से को 'बुध पर्वत' (Mercury Mount) कहा जाता है। इस बुध पर्वत के क्षेत्र में या इसके आसपास दिखाई देने वाली खड़ी रेखाओं को ही धन, संपत्ति और व्यापार का प्रतीक माना जाता है। हस्तरेखा विशेषज्ञों का कहना है कि इन रेखाओं की बनावट, उनकी गहराई, लंबाई और स्पष्टता के आधार पर किसी भी व्यक्ति के जीवन में आने वाली आर्थिक स्थिति, धन संचय की क्षमता और बिजनेस में सफलता का आकलन किया जा सकता है।स्पष्ट, गहरी और बिना कटी-फटी धन रेखा का क्या होता है मतलबयदि किसी जातक की हथेली का निरीक्षण करने पर धन रेखा एकदम साफ, गहरी, सीधी और बिना किसी रुकावट या जाल के दिखाई देती है, तो हस्तरेखा शास्त्र में इसे बहुत ही दुर्लभ और अत्यंत शुभ संकेत माना जाता है। ऐसी रेखा वाले लोगों के बारे में यह मान्यता है कि उन्हें जीवन में आर्थिक स्थिरता, धन कमाने के बेहतरीन अवसर और अपनी मेहनत के बल पर बड़ी सफलता आसानी से मिल जाती है।जिन लोगों की हथेली में यह रेखा मजबूत स्थिति में होती है, वे अपनी बुद्धि, कौशल, दूरदर्शिता और व्यावसायिक समझ के बल पर करियर में बहुत ऊंचाइयों को छूते हैं। विशेष तौर पर जो लोग व्यापार (Business) या उद्यमिता के क्षेत्र में जुड़े होते हैं, उनके लिए इस प्रकार की स्पष्ट धन रेखा भारी मुनाफे और तरक्की का संकेत देती है। ऐसे लोगों के जीवन में पैसों की आवक लगातार बनी रहती है और वे अपनी समझदारी से करोड़ों की संपत्ति के मालिक बन जाते हैं।क्या धन रेखा का कटा-फटा होना आर्थिक उतार-चढ़ाव की ओर इशारा करता हैहर व्यक्ति की हथेली की बनावट अलग होती है, इसलिए जरूरी नहीं कि हर किसी के हाथ में धन रेखा एक जैसी ही हो। हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, यदि किसी जातक की हथेली में धन रेखा कटी-फटी, धुंधली या जंजीरनुमा (Chain-like) दिखाई देती है, तो इसे आर्थिक मामलों में कुछ उतार-चढ़ाव का संकेत माना जाता है।ऐसी स्थिति का मतलब यह लगाया जाता है कि व्यक्ति को धन कमाने के लिए सामान्य से अधिक संघर्ष करना पड़ सकता है या फिर कई बार आमदनी होने के बावजूद धन का संचय करने में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, इसका यह कतई अर्थ नहीं है कि ऐसे लोगों का जीवन गरीबी में बीतेगा, क्योंकि हस्तरेखा में अन्य शुभ योग और पर्वत भी व्यक्ति के भाग्य को संवारने का काम करते हैं।क्या हथेली की रेखाएं दिला सकती हैं अचानक धन लाभअक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या हस्तरेखा शास्त्र के जरिए अचानक धन लाभ (Sudden Wealth) या लॉटरी जैसी चीजों का संकेत मिलता है? ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, यदि हथेली में धन रेखा बहुत अधिक स्पष्ट हो और इसके साथ ही गुरु पर्वत या भाग्य रेखा पर कोई शुभ चिह्न बना हो, तो व्यक्ति को जीवन में कई बार अचानक बड़े आर्थिक लाभ या आकस्मिक धन की प्राप्ति हो सकती है।हालांकि, यह भी सच है कि कई लोगों के हाथों में बहुत प्रमुख धन रेखा नहीं भी होती है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं होता है कि उन्हें जीवनभर आर्थिक तंगी या परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। हथेली पर मौजूद अन्य ग्रह पर्वत—जैसे सूर्य पर्वत, शुक्र पर्वत और बृहस्पति पर्वत—की स्थिति भी यह तय करती है कि व्यक्ति अपने जीवन में कितना मान-सम्मान और धन अर्जित करेगा। अपनी मेहनत, सकारात्मक सोच और सही दिशा में किए गए प्रयासों के दम पर हर व्यक्ति अपनी किस्मत को बेहतर बना सकता है, और हस्तरेखा केवल भविष्य के संकेतों को समझने का एक माध्यम मात्र है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 30 Oct 2026 11:27 am

अंधेरी वेस्ट में महंगे हुए घर, एक साल में 13% तक बढ़े दाम, किराया भी बढ़ा

अंधेरी वेस्ट में बढ़ती लग्जरी हाउसिंग मांग, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और मजबूत किराया बाजार इसे मुंबई के प्रमुख प्रीमियम रियल एस्टेट माइक्रो मार्केट में शामिल कर रहे हैं.

आज तक 30 Oct 2026 11:27 am

उड़ने वाली Uber कैब भारत में कब आएगी? NDTV World Summit में Dominic Taylor ने दिया जवाब

NDTV World Summit में बोलते हुए Uber APAC के वाइस प्रेसिडेंट Dominic Taylor ने ड्राइवरलेस कारों पर बड़ी बात कही है. उन्होंने कहा कि ऑटोनॉमस गाड़ियां अब भविष्य की बात नहीं बल्कि हकीकत हैं.

NDTV इंडिया 30 Oct 2026 11:26 am

क्या है CNAP? 1 नवंबर से होने जा रहा है लागू, फोन यूजर्स को फायदा

What is CNAP: भारत में 1 नवंबर से एक नया नियम लागू होने जा रहा है, जिसके तहत हर एक स्मार्टफोन यूजर्स को अनजान कॉलर का नाम दिखाई देगा. इसको ही कॉलर नेम प्रजेंटेशन नाम दिया है और इससे यूजर्स को साइबर ठगों से बचाना है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.

आज तक 30 Oct 2026 11:26 am

संतान की तरक्की के सारे बंद दरवाजे खोल देगा अहोई अष्टमी का पावन व्रत, माताएं जरूर जान लें पूजा-अर्चना के ये अचूक नियम और शुभ मुहूर्त

सनातन संस्कृति और हिंदू पंचांग के अनुसार, मातृत्व के प्रेम, त्याग और अपनी संतान के उज्जवल भविष्य के लिए समर्पित सबसे बड़े पर्वों में अहोई अष्टमी (Ahoi Ashtami 2026) का स्थान सर्वोपरि माना जाता है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर रखा जाने वाला यह निर्जला उपवास देश भर की माताओं द्वारा अपनी संतान की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य, सुरक्षा और उनके जीवन में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करने के लिए पूरी निष्ठा के साथ रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो माताएं इस व्रत को विधि-विधान से और सभी नियमों का पालन करते हुए पूरा करती हैं, उनकी संतान के जीवन की सभी मुश्किलें दूर हो जाती हैं और तरक्की के नए रास्ते खुल जाते हैं। इस पावन व्रत की सही तिथि, पूजा के शुभ मुहूर्त और इससे जुड़े जरूरी नियमों के बारे में हर माता को विस्तार से जानकारी होनी चाहिए, ताकि पूजा का पूर्ण फल प्राप्त हो सके। आइए जानते हैं अहोई अष्टमी 2026 के व्रत से जुड़ी संपूर्ण और सटीक जानकारी।अहोई अष्टमी 2026 की सही तिथि और पूजा के शुभ मुहूर्तहिन्दू पंचांग और वैदिक गणना के अनुसार, हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर अहोई अष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष तिथियों की स्थिति के अनुसार पूजा और व्रत का समय बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है:अष्टमी तिथि का आरंभ: 01 नवंबर 2026 को दोपहर 02 बजकर 51 मिनट से।अष्टमी तिथि का समापन: 02 नवंबर 2026 को दोपहर 01 बजकर 10 मिनट पर।व्रत की मुख्य तिथि: उदयातिथि और पंचांगीय गणना के आधार पर अहोई अष्टमी का यह पावन व्रत 01 नवंबर 2026, रविवार के दिन रखा जाएगा।अहोई अष्टमी मुख्य पूजा मुहूर्त: शाम को 05 बजकर 36 मिनट से लेकर शाम 06 बजकर 54 मिनट तक रहेगा (पूजा की कुल अवधि लगभग 1 घंटा 18 मिनट की है)।तारों को देखने का समय: शाम को ठीक 06 बजे आसमान में तारे दिखाई देने लगेंगे।चंद्रोदय का समय: इस दिन रात्रि लगभग 11 बजकर 40 मिनट पर चंद्रमा के दर्शन होंगे।अहोई अष्टमी व्रत के मुख्य नियम और पालन करने योग्य जरूरी बातेंअहोई अष्टमी का व्रत अपने नियमों की कठोरता और पवित्रता के लिए जाना जाता है। इस दिन माताओं को कुछ विशेष नियमों का पालन करना अनिवार्य माना गया है, ताकि व्रत खंडित न हो:निर्जला व्रत का संकल्प: इस दिन माताएं सुबह स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करती हैं और अपने हाथ में जल या अक्षत लेकर अपनी संतान की रक्षा के लिए निर्जला व्रत का संकल्प लेती हैं। यह व्रत पूरे दिन बिना अन्न और जल के रखा जाता है।अहोई माता का चित्र और पूजन: शाम के शुभ मुहूर्त में घर की उत्तर या पूर्व दिशा की दीवार पर गेरू (या रोली) से अहोई माता का चित्र (जिसमें माता, सेक्रेटरी और सेया के बच्चे होते हैं) बनाया जाता है। इसके बाद माता के समक्ष देसी घी का दीपक जलाकर विधि-विधान से रोली, अक्षत, दूध और चावल अर्पित किए जाते हैं।भोग और प्रसाद: पूजा के दौरान माता को विशेष रूप से मीठे पुए, हलवा या चावल का भोग लगाया जाता है। इसके बाद परिवार की बुजुर्ग महिलाओं से कथा सुनी जाती है।अहोई अष्टमी की कथा का महत्व और तारों को अर्घ्य देने की परंपराअहोई अष्टमी के व्रत में कथा सुनने का विशेष विधान है। ऐसा माना जाता है कि बिना कथा श्रवण किए यह व्रत अधूरा माना जाता है। कथा के माध्यम से ही माताओं को सेया और उसके सातों पुत्रों की पौराणिक गाथा का ज्ञान मिलता है, जो संतान की रक्षा का संदेश देती है।करवा चौथ के पर्व पर जहां रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है, वहीं अहोई अष्टमी के इस व्रत में तारों को अर्घ्य देने का विधान होता है। शाम को आसमान में तारे निकलने के बाद माताएं चलनी (छलनी) या जल से भरे लोटे से तारों को अर्घ्य देती हैं, उनकी पूजा करती हैं और अपनी संतान की लंबी उम्र की कामना करने के बाद ही अपना यह निर्जला उपवास खोलती हैं। यदि आप भी अपनी संतान के जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता देखना चाहती हैं, तो पूरी श्रद्धा के साथ इन नियमों का पालन करते हुए अहोई अष्टमी का व्रत अवश्य करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 30 Oct 2026 11:24 am

न्यूजीलैंड में विराट कोहली का दिखा जबरदस्त क्रेज, बेकाबू हुए फैन्स

न्यूजीलैंड पहुंचते ही विराट कोहली का जबरदस्त क्रेज देखने को मिला है. ऑकलैंड एयरपोर्ट पर फैन्स की भारी भीड़ ने उन्हें घेर लिया. कोई सेल्फी तो कोई ऑटोग्राफ लेने के लिए बेताब दिखा. देखिए विराट कोहली के स्वागत का यह खास नजारा.

आज तक 30 Oct 2026 11:23 am

करवाचौथ पर शेफ बनीं सुप्रिया पाठक, बहुओं मीरा-मनुकृति के लिए बनाए गुजराती व्यंजन

अभिनेत्री सुप्रिया पाठक ने करवाचौथ के मौके पर अपने परिवार के लिए खास तैयारी की। वह घर में शेफ की भूमिका में नजर आईं और अपनी बहुओं मीरा राजपूत तथा मनुकृति को खास महसूस कराने के लिए पारंपरिक गुजराती व्यंजनों से सजी खास थाली तैयार की।

खास खबर 30 Oct 2026 11:23 am

12 घंटे बाद गुरु का मघा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियां खूब कमाएंगी पैसा!

Guru Gochar 2026: 31 अक्टूबर 2026 को गुरु का मघा नक्षत्र में गोचर होगा. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, वृषभ, सिंह और तुला राशि के जातकों को करियर, कारोबार और आर्थिक मामलों में लाभ के अवसर मिल सकते हैं.

आज तक 30 Oct 2026 11:22 am

भारत के असम और बंगाल में मंडराया अचानक बाढ़ का बड़ा खतरा, 15 हजार लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर किया गया शिफ्ट

पड़ोसी देश भूटान से इस वक्त एक बेहद चौंकाने वाली और डरावनी प्राकृतिक आपदा की खबर सामने आ रही है। हिमालयी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव और प्राकृतिक असंतुलन के बीच भूटान में एक बहुत बड़ा हादसा हुआ है। भूटान के पुनाखा (Punakha) क्षेत्र में स्थित एक ग्लेशियर झील (Glacial Lake) अचानक फट गई है, जिसके चलते भारी मात्रा में पहाड़ों का पानी निचले इलाकों की तरफ बह निकला है। इस भयानक जलप्रलय के कारण भारत के पूर्वोत्तर राज्यों, विशेषकर असम (Assam) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) के सीमावर्ती जिलों में अचानक बाढ़ (Flash Flood) आने का गंभीर और विकराल खतरा मंडराने लगा है। भारत के सुरक्षा और प्रशासनिक तंत्र ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है और अब तक लगभग 15 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस ग्लेशियर के फटने की पूरी घटना क्या है और भारत के किन इलाकों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है।भूटान के पुनाखा में रात के सवा आठ बजे फटा ग्लेशियर, संकोष नदी में आया उफानप्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह प्राकृतिक आपदा भूटान के पुनाखा क्षेत्र में गुरुवार की रात को घटी। भारतीय समयानुसार रात करीब सवा आठ बजे वहां एक ग्लेशियर झील अचानक फट गई, जिससे भारी मात्रा में जमा हुआ पानी तेज गति से नीचे की ओर पहाड़ों से उतरने लगा। झील का यह उग्र पानी बहते हुए रात के समय ही संकोष नदी (Sankosh River) के तक्तसिमाखांग (Taktisimakhang) इलाके तक जा पहुंचा।रात के अंधेरे में अचानक आई इस जल राशि के कारण स्थानीय स्तर पर भारी अफरातफरी मच गई। घटना की गंभीरता को भांपते हुए भूटान प्रशासन और भारतीय एजेंसियों ने तुरंत अलर्ट जारी कर दिया। तक्तसिमाखांग स्थित पनबिजली परियोजना कार्यालय और गासा छाचू (Gasa Chachu) क्षेत्र में तैनात सेना के जवानों को तुरंत सुरक्षित ऊंचाई वाले स्थानों पर जाने का निर्देश दिया गया। गनीमत यह रही कि इस अचानक हुई घटना में समय रहते चेतावनी मिल जाने के कारण किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है, लेकिन पानी का तेज बहाव निचले इलाकों के लिए अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।पश्चिम बंगाल और असम में हाई अलर्ट, अलीपुरद्वार से 15 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला गयाभूटान में ग्लेशियर झील फटने की इस घटना के तुरंत बाद भारत के पड़ोसी राज्यों पश्चिम बंगाल और असम में प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड (Alert Mode) पर आ गया है। पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार (Alipurduar) जिले में संकोष नदी के किनारे बसे कई संवेदनशील गांवों में तुरंत मुनादी कराई गई और राहत दल उतारे गए।प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए अलीपुरद्वार जिले के भलका एक, भलका दो, चेंगमाड़ी और लैंड ग्राम पंचायत जैसे नदी तटीय इलाकों से लगभग 15,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में शिफ्ट कर दिया है। चूंकि यह घटना रात के वक्त घटी, इसलिए अंधेरा होने के कारण बाढ़ के पानी की सही मात्रा और उसकी रफ्तार का सटीक आकलन शुरुआती घंटों में नहीं हो सका था। इसके चलते पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार और असम के धुबरी (Dhubri) जिले में प्रशासन ने किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।प्रशासन की सख्त चेतावनी: नदी के करीब न जाएं, अफवाहों से पूरी तरह बचेंस्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने संकोष नदी के आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले सभी नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। लोगों से लगातार यह अपील की जा रही है कि वे किसी भी सूरत में नदी के घाटों या निचले किनारों के नजदीक न जाएं और पूरी तरह सतर्क रहें।प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि यदि नदी के जलस्तर में अचानक कोई असामान्य वृद्धि दिखाई देती है, तो लोग तुरंत स्थानीय पुलिस या आपदा प्रबंधन प्रशासन को इसकी सूचना दें। सभी संबंधित ग्राम पंचायतों, ब्लॉक अधिकारियों और पुलिस बलों को 24 घंटे स्थिति पर कड़ी नजर रखने का आदेश दिया गया है। स्थिति की नजाकत को देखते हुए अलीपुरद्वार के स्थानीय सांसद मनोज तिग्गा ने भी जनता से अपील की है कि प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है और किसी भी तरह की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें।जलवायु परिवर्तन का बढ़ता खतरा और हिमालयी झीलों की संवेदनशीलतायह घटना एक बार फिर से इस बात की याद दिलाती है कि ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) और जलवायु परिवर्तन के कारण हमारे हिमालयी क्षेत्र कितने संवेदनशील और खतरे की जद में आ चुके हैं। तापमान बढ़ने के कारण पहाड़ों पर मौजूद ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं, जिससे उनके ऊपर बनने वाली झीलें (Glacial Lakes Outburst Floods - GLOF) कमजोर होकर अचानक फट जाती हैं। इस प्रकार की आपदाएं बिना किसी पूर्व चेतावनी के आती हैं और पल भर में भारी तबाही मचा सकती हैं। फिलहाल, भारत और भूटान के बीच आपसी समन्वय के जरिए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, और भारतीय सीमा में किसी भी बड़े नुकसान को टालने के लिए सभी सुरक्षा उपाय कड़ाई से लागू कर दिए गए हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 30 Oct 2026 11:20 am

साइक्लोन अर्णब के बाद फिर नया सिस्टम एक्टिव, यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

Weather Update 30 October : देश के कई राज्यों में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। एक तरफ चक्रवात अर्णब के कमजोर पड़ने के बाद भले ही उसका असर कम हुआ हो, लेकिन दक्षिण अंडमान सागर में बने नए कम दबाव के क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बारिश ...

वेब दुनिया 30 Oct 2026 11:20 am

ट्रिपल मर्डर से दहला लखनऊ! पार्किंग को लेकर हुए विवाद के बाद ताबड़तोड़ फायरिंग, 3 लोगों की मौत

राजधानी लखनऊ में पार्किंग को लेकर हुए विवाद के बाद नेवी जवान ऋषभ शुक्ला ने फायरिंग कर दी. वारदात में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई.

NDTV इंडिया 30 Oct 2026 11:19 am

आईडीबीआई बैंक के निजीकरण को लेकर राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला, बोले- कांग्रेस के समय बैंक बनते थे, अब बिकते हैं

राहुल गांधी ने IDBI Bank के निजीकरण पर मोदी सरकार को घेरा। 9,000 करोड़ के मुनाफे, 51 फीसदी हिस्सेदारी के वादे और कर्मचारियों के आरक्षण पर उठाए सवाल।

देशबन्धु 30 Oct 2026 11:19 am

'पेड्डी' में अपने किरदार की चर्चा से खुश हैं जाह्नवी कपूर, बोलीं- 'इसी तरह के रोल की तलाश थी'

फिल्म 'पेड्डी' में अभिनेत्री जाह्नवी कपूर के किरदार को दिखाए जाने के तरीके को लेकर काफी चर्चा हुई।

खास खबर 30 Oct 2026 11:17 am

सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट, देश के बड़े शहरों में ये है रेट

Gold Silver Rates: घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों कीमती धातुओं के भाव में गिरावट दर्ज की गई है. 30 अक्टूबर को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी 2,500 रुपये से ज्यादा टूट गई, जबकि सोना भी कमजोर हुआ. अमेरिका में महंगाई और ब्याज दरें बढ़ने की आशंका से सोने पर दबाव है. एक्सपर्ट ने चांदी में आगे और गिरावट की संभावना जताई है.

आज तक 30 Oct 2026 11:16 am

जेल बनी गैंगस्टरों का सेफ हेवन: सलाखों के पीछे से चल रहा अपराध का साम्राज्य, कैसे काम करता है यह खतरनाक नेक्सस

कानून की नजर में जेल को अपराधियों को सुधारने, उन्हें उनके किए की सजा देने और समाज से दूर रखने के लिए एक सुरक्षित चारदीवारी माना जाता है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से देश की सुरक्षा एजेंसियों और न्याय व्यवस्था के सामने एक बहुत बड़ा और चिंताजनक सवाल खड़ा हो गया है कि क्या वाकई जेलें अब अपराधियों के लिए सजा की जगह बन गई हैं या फिर वे दुर्दांत गैंगस्टरों के लिए 'कमांड सेंटर' (Command Center) में तब्दील हो चुकी हैं? हाल के दिनों में सामने आए कई सनसनीखेज मामलों ने यह साबित कर दिया है कि बड़े-बड़े गैंगस्टर सलाखों के पीछे बैठकर भी अपने आपराधिक सिंडिकेट को उतनी ही आसानी से चला रहे हैं जितना वे बाहर रहकर चलाते थे। जेल के अंदर बैठकर फिरौती मांगना, कारोबारियों को धमकाना और बड़ी वारदातों की साजिश रचना आज के समय में एक कड़वी सच्चाई बन चुका है। आइए विस्तार से जानते हैं कि किस तरह जेलें गैंगस्टरों के लिए मुफीद ठिकाना बनती जा रही हैं और इसके पीछे का पूरा काला सच क्या है।1990 के दशक से शुरू हुआ था जेलों से अपराध संचालन का दौर और आज की स्थितियदि हम भारतीय अपराध जगत के इतिहास पर नजर डालें, तो जेल के अंदर से वारदातों को अंजाम देने की यह प्रवृत्ति नई नहीं है। 1990 के दशक के दौर में भी देश के कई बड़े गैंगस्टरों ने जेल के भीतर से ही व्यापारियों, बिल्डरों और आम नागरिकों को निशाना बनाने का खेल शुरू किया था। हालांकि, समय-समय पर कड़े प्रशासनिक कदमों और पुलिस की सख्ती के कारण इन अवैध गतिविधियों पर कुछ हद तक लगाम कसने में सफलता जरूर मिली थी, लेकिन यह जड़ से खत्म नहीं हो सका।हाल ही में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले जैसे गंभीर मामलों के तूल पकड़ने के बाद एक बार फिर यह बहस छिड़ गई है कि क्या जेल प्रशासन अपराधियों पर नकेल कसने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। आम आदमी के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जिस जेल की सुरक्षा व्यवस्था को सबसे चाक-चौबंद माना जाता है, वहां बैठकर कोई अपराधी अपने गुनाहों का साम्राज्य कैसे बेखौफ चला सकता है।लॉरेंस बिश्नोई गैंग और जेल की चारदीवारी से चल रहे आपराधिक षड्यंत्रवर्तमान समय में जेलों के भीतर से चल रहे आपराधिक नेटवर्क का सबसे बड़ा उदाहरण लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) और उसके गिरोह की गतिविधियां हैं। देश को दहलाने वाले कई हाई-प्रोफाइल मामलों और हाल ही में हुई गोलीबारी की घटनाओं में बिश्नोई गैंग का नाम सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि इस गैंग का मुखिया लॉरेंस बिश्नोई गुजरात की अत्यधिक सुरक्षा वाली साबरमती सेंट्रल जेल में बंद है, जबकि उसका भाई अनमोल बिश्नोई दिल्ली की तिहाड़ जेल या अन्य सुरक्षित ठिकानों पर कैद बताया जाता है।अलग-अलग राज्यों की अलग-अलग हाई-सिक्योरिटी जेलों में बंद होने के बावजूद इन सरगनाओं के नाम पर लगातार रंगदारी वसूली जा रही है और सनसनीखेज वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है। पिछले कुछ सालों में मुंबई और अन्य बड़े शहरों में हुई कई बड़ी फायरिंग व हत्या की वारदातों के तार सीधे तौर पर जेल के अंदर बैठे इन्हीं चेहरों से जुड़े पाए गए हैं। जेल के अंदर रहने का एक बड़ा फायदा इन गैंगस्टरों को यह मिलता है कि वे अपने पारंपरिक दुश्मनों के हमलों और पुलिस एनकाउंटर के खतरे से पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं, और जेल उनकी सुरक्षा का सबसे मजबूत कवच बन जाती है।अंडरवर्ल्ड का पुराना इतिहास: दाऊद इब्राहिम से लेकर अरुण गवली तक का तरीकाजेल के अंदर से क्राइम सिंडिकेट चलाने का यह तरीका नया नहीं है। अतीत के पन्नों को पलटें तो पाएंगे कि अंडरवर्ल्ड के डॉन दाऊद इब्राहिम, छोटा राजन और अबू सलेम जैसे अपराधी भले ही देश से बाहर विदेशों में बैठकर मुंबई और देश के अन्य हिस्सों में हमलों के निर्देश देते रहे हों, लेकिन देश के भीतर कई स्थानीय और बड़े गैंगस्टर हमेशा से जेलों को अपना अड्डा बनाते आए हैं।मुंबई, पुणे, ठाणे और नासिक जैसी बड़ी जेलों के इतिहास में ऐसे कई उदाहरण दर्ज हैं जहां गैंगस्टरों ने सलाखों के पीछे रहते हुए ही अपने लिए नए शूटरों की भर्ती की, व्यापारियों से जबरन वसूली (Extortion) के नेटवर्क को संभाला और हत्या के आदेश दिए। उदाहरण के लिए, कुख्यात गैंगस्टर अरुण गवली और अश्विन नाइक जैसे नाम देश के अंदर ही रहकर जेल की बैरकों से अपने आपराधिक गिरोहों का संचालन करते रहे हैं। अरुण गवली पर तो यहां तक आरोप लगे थे कि उसने जेल के भीतर रहते हुए ही शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के बेहद करीबी माने जाने वाले जयंत जाधव की हत्या की बड़ी साजिश रची थी। बताया जाता है कि गवली को एक जेल से दूसरी जेल में ट्रांसफर किए जाने के फैसले में जाधव की भूमिका थी, जिससे नाराज होकर गवली ने कथित तौर पर जेल के अंदर से ही उसकी हत्या का फरमान जारी कर दिया था। इसके अलावा, गैंगस्टर नाइक पर भी जेल में बंद रहते हुए अपनी ही पत्नी नीता नाइक की हत्या का आदेश देने के गंभीर आरोप लग चुके हैं।जेल के अंदर गैंगस्टरों को कैसे मिलती है मदद? भ्रष्टाचार का गंदा खेलसबसे बड़ा और गंभीर सवाल यह है कि कड़े सुरक्षा पहरे, सीसीटीवी कैमरों और जेल मैनुअल के कड़े नियमों के बावजूद गैंगस्टरों तक बाहरी दुनिया की हर सुविधा और संदेश कैसे पहुंच जाते हैं? इस पूरी व्यवस्था के पीछे एक बड़ा और भ्रष्ट नेक्सस काम करता है।भ्रष्ट पुलिसकर्मी और जेल स्टाफ: जेल के भीतर गैंग्स को सबसे बड़ी मदद कुछ भ्रष्ट अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों की तरफ से मिलती है। पैसों की भारी रिश्वत, महंगे तोहफे या अन्य प्रलोभनों के लालच में आकर कुछ अधिकारी नियमों को ताक पर रख देते हैं।अवैध मोबाइल और संचार साधन: इन्हीं भ्रष्ट कर्मचारियों की मिलीभगत से जेल की कोठरियों तक मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पहुंचाए जाते हैं, जिससे गैंगस्टर बिना किसी रुकावट के अपने गुर्गों से बात कर सकें।वकीलों और मुलाकातों का दुरुपयोग: जेल के अंदर बंद सरगनाओं से मिलने आने वाले वकीलों, पेशी पर ले जाने वाले पुलिसकर्मियों और अन्य मुलाकातियों के जरिए गोपनीय संदेश बाहर तक पहुंचाए जाते हैं। इस तरह से कोड वर्ड में निर्देश देकर वे अपने साम्राज्य को बेरोक-टोक चलाते रहते हैं।निष्कर्ष: व्यवस्था में सुधार की सख्त जरूरतजेलों के अंदर से चल रहा यह आपराधिक साम्राज्य देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है। यदि समय रहते जेल प्रशासनों में कड़े तकनीकी सुधार, जैमर की पुख्ता व्यवस्था और भ्रष्ट अधिकारियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो सलाखों के पीछे बैठे ये अपराधी आम जनता के लिए और अधिक खतरनाक साबित होते रहेंगे। न्याय प्रणाली और पुलिस प्रशासन को मिलकर इस नेक्सस को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए कुछ ठोस और कड़े कदम उठाने होंगे, ताकि जेल वास्तव में अपराधियों के लिए सजा की जगह बन सके, न कि उनका सुरक्षित दफ्तर।

न्यूज़ इंडिया लाइव 30 Oct 2026 11:14 am

अनंत सिंह को सरेंडर करना होगा, दुलारचंद मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट से लगा झटका

बिहार के दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत बढ़ाने से इनकार कर दिया है. साथ ही अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है.

आज तक 30 Oct 2026 11:13 am

ये योगासन कमर दर्द में दे सकते हैं राहत, एक्सपर्ट ने बताया

महिलाओं में कमर दर्द, थकान और मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या आम है. इंडियाटुडे हेल्थ वेल्थ समिट में योग एक्सपर्ट इरा त्रिवेदी ने बताया कि नियमित योगासन से कमर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और दर्द में राहत मिलती है.

आज तक 30 Oct 2026 11:13 am

उत्तर प्रदेश में सुधरी कानून व्यवस्था, महिला श्रम भागीदारी 36 फीसदी पहुंची: CM Yogi

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राज्य की बेहतर कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में रात के समय जगमगाते बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान व्यापारियों के बढ़ते विश्वास के प्रतीक हैं। योगी ने दावा किया कि महिलाओं की सुरक्षा में सुधार के साथ उनकी आर्थिक भागीदारी भी बढ़ी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक से पहले अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में योगी ने कहा कि रात्रिकालीन पाली में महिलाएं निर्भय होकर कार्यस्थलों पर अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। उनका आत्मविश्वास पूरे समाज की प्रगति का प्रतीक है। पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले अपराध और असुरक्षा के कारण सूर्यास्त के साथ ही व्यापारिक गतिविधियां सीमित होने लगती थीं और देर रात तक काम करने वाली महिलाओं की सुरक्षा को लेकर परिवार चिंतित रहते थे। योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने अपराध और अपराधियों के प्रति कतई बर्दाश्त नहीं की नीति अपनाकर कानून-व्यवस्था मजबूत की और महिला सुरक्षा को प्राथमिकता दी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2017 में प्रदेश में महिला श्रम बल भागीदारी लगभग 13 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 36 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा कि आज बाजार रात में भी खुले रहते हैं, व्यापारियों को कारोबार विस्तार के अवसर मिल रहे हैं और महिलाएं सुरक्षित वातावरण में आगे बढ़ रही हैं। इसे उन्होंने महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास, आर्थिक सामर्थ्य और स्वावलंबन के साथ सुरक्षा से समृद्धि की ओर बढ़ते नए उत्तर प्रदेश की पहचान बताया। भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक शुक्रवार को यहां डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय के सभागार में प्रस्तावित है। इसका उद्घाटन भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे।

प्रभासाक्षी 30 Oct 2026 11:13 am

'असुविधा जताने पर एलियन की तरह न देखें...', 'पेड्डी' विवाद पर जाह्नवी कपूर का छलका दर्द, दिया अब तक का सबसे करारा जवाब

भारतीय फिल्म इंडस्ट्री और बॉलीवुड के गलियारों में अभिनेत्रियों के अधिकारों, उनकी रचनात्मक स्वतंत्रता (Creative Choices) और सेट पर आने वाली असहजता को लेकर अक्सर गंभीर बहसें छिड़ती रहती हैं। इस बीच बॉलीवुड की जानी-मानी और बेहद खूबसूरत अभिनेत्री जाह्नवी कपूर (Janhvi Kapoor) ने एक ऐसा बयान दिया है जो इस वक्त सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत की सुर्खियों में छाया हुआ है। हाल ही में फिल्मकार करण जौहर के चर्चित और लोकप्रिय चैट शो 'कॉफी विद करण' (Koffee With Karan) के सीजन 9 में अपने को-स्टार्स के साथ पहुंचीं जाह्नवी ने अपनी फिल्म 'पेड्डी' (Peddi) से जुड़े उस बहुचर्चित विवाद पर पहली बार खुलकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। पर्दे पर महिलाओं के चित्रण, कलाकारों के रचनात्मक फैसलों और असुविधा जताने पर मिलने वाली प्रतिक्रियाओं पर जाह्नवी का यह बेबाक अंदाज हर किसी का ध्यान खींच रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि जाह्नवी कपूर ने 'पेड्डी' विवाद पर क्या कुछ कहा है और क्यों उनका यह बयान फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।'कॉफी विद करण' के मंच पर जाह्नवी कपूर ने की 'पेड्डी' विवाद पर खुलकर बातअपनी आगामी फिल्मों और निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में रहने वाली अभिनेत्री जाह्नवी कपूर जब हाल ही में 'कॉफी विद करण' के नए सीजन के एक बेहद रोमांचक एपिसोड में नजर आईं, तो उन्होंने शो के दौरान कई तीखे और गंभीर सवालों के बेबाक जवाब दिए। इस एपिसोड में उनके साथ वरुण धवन और अर्जुन कपूर भी मौजूद थे, लेकिन महफिल पूरी तरह से जाह्नवी के उस बयान ने लूट ली जिसमें उन्होंने अपनी फिल्म 'पेड्डी' के दौरान हुए विवाद और आलोचनाओं पर सीधा प्रहार किया।फिल्म जगत एक ऐसी दुनिया है जहां कलाकारों, विशेषकर अभिनेत्रियों को अक्सर अपनी पसंद, नापसंद और रचनात्मक फैसलों का सार्वजनिक रूप से बचाव करना पड़ता है। जाह्नवी ने शो के दौरान यह स्पष्ट किया कि किस तरह एक अभिनेत्री को पर्दे पर अपने किरदार के चित्रण को लेकर कई बार असहज स्थितियों से गुजरना पड़ता है। 'पेड्डी' फिल्म में उनके किरदार और लुक को लेकर जो तीखी चर्चाएं और विवाद खड़े हुए थे, जाह्नवी ने उन सभी आलोचकों को अपने इस अंदाज में करारा जवाब दिया है जो पर्दे के पीछे कलाकारों के संघर्ष को अनदेखा कर देते हैं।जब कोई अभिनेत्री असहजता जताए, तो उसे एलियन की तरह न देखा जाए...अपने किरदार को लेकर सोशल मीडिया और इंडस्ट्री में हो रही लंबी बहसों पर अपनी राय रखते हुए जाह्नवी कपूर ने एक बहुत ही गहराई भरी और साहसिक बात कही। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, मुझे इस बात की बेहद खुशी है कि 'पेड्डी' में मेरे किरदार को लेकर इतनी बड़ी और व्यापक बहस छिड़ी। शायद इस पूरी चर्चा का सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू यह होगा कि अगली बार जब भी कोई अभिनेत्री या महिला कलाकार यह कहेगी कि वह किसी सीन या रचनात्मक फैसले को लेकर असहज (Uncomfortable) महसूस कर रही है, तो लोग उसे किसी अजीब प्राणी यानी 'एलियन' की तरह घूरकर नहीं देखेंगे।जाह्नवी का यह बयान इस बात का साफ प्रतीक है कि फिल्म इंडस्ट्री के भीतर काम करने वाले कलाकारों को अपनी बात रखने की पूरी आजादी मिलनी चाहिए। अक्सर यह देखा गया है कि जब कोई अभिनेत्री किसी विशेष दृश्य, गाने या किरदार को लेकर अपनी असुविधा या चिंता जाहिर करती है, तो रूढ़िवादी सोच के चलते उसकी बात को तवज्जो देने के बजाय उसे ही 'मुश्किल' (Difficult) या अड़ियल मान लिया जाता है। जाह्नवी ने इसी दोहरे रवैये पर सीधा तंज कसते हुए महिला कलाकारों की आवाज को मजबूत करने की वकालत की है।फिल्म इंडस्ट्री के उस बड़े और छुपे हुए सच पर खींचा सबका ध्यानजाह्नवी कपूर का यह बयान केवल उनकी अपनी फिल्म या व्यक्तिगत आलोचनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय सिनेमा के उस बड़े और गहरे मुद्दे की ओर इशारा करता है जिस पर अमूमन खुलकर बात करने से लोग कतराते हैं। इंडस्ट्री में काम करने के दौरान अभिनेत्रियों को कई बार ऐसे रचनात्मक दबावों से गुजरना पड़ता है जहाँ उनकी गरिमा और व्यक्तिगत सीमाओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है।यदि कोई अभिनेत्री अपनी आवाज उठाती है या अपने रचनात्मक निर्णयों पर सवाल खड़े करती है, तो उसे इंडस्ट्री से बाहर करने या अनप्रोफेशनल टैग देने का डर दिखाया जाता है। जाह्नवी ने अपने इस बेबाक बयान के जरिए यह याद दिलाया है कि एक महिला कलाकार को भी अपनी चिंताएं और अपनी सीमाएं तय करने का पूरा मौलिक अधिकार होना चाहिए। ऐसा करने पर उसे दोषी महसूस कराने या उसकी पेशेवर निष्ठा पर सवाल उठाने की संस्कृति अब पूरी तरह से बदलनी चाहिए। उनके इस समर्थन ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक संदेश दिया है।आने वाले दिनों में इन बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आएंगी जाह्नवी कपूरअपने बयानों के अलावा जाह्नवी कपूर अपने शानदार और व्यस्त फिल्मी करियर को लेकर भी लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं। उनकी झोली में इस समय कई बड़े और बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट्स हैं, जो आने वाले समय में बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।आने वाले दिनों में जाह्नवी कपूर अभिनेता टाइगर श्रॉफ के साथ फिल्म 'लग जा गले' में मुख्य भूमिका निभाती हुई नजर आएंगी। इसके अलावा, उनकी सुची में साउथ सिनेमा के सुपरस्टार अल्लू अर्जुन के साथ आने वाली बहुचर्चित फिल्म 'राका' भी शामिल है। इतना ही नहीं, वह ब्लॉकबस्टर फिल्म 'देवरा: पार्ट 1' (Devara: Part 1) के दूसरे भाग यानी 'देवरा: पार्ट 2' में भी अपने दमदार अभिनय का जलवा बिखेरती हुई दिखाई देंगी। एक तरफ जहां वे लगातार कमर्शियल और कंटेंट-डिवेन फिल्मों में अपनी अभिनय क्षमता को साबित कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ इंडस्ट्री के मुद्दों पर उनकी यह बेबाक और खुलकर बोलने वाली शैली उन्हें अन्य अभिनेत्रियों से अलग और खास बनाती है। 'पेड्डी' विवाद पर उनके इस दो-टूक जवाब ने यह साबित कर दिया है कि जाह्नवी अब केवल एक स्टार किड्स के रूप में नहीं, बल्कि अपनी शर्तों पर बात रखने वाली एक मजबूत और जागरूक अभिनेत्री के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 30 Oct 2026 11:12 am

सेहत का खजाना हैं ये 7 तरह की रोटियां, जानें खाने का सही तरीका

7 Types of Roti and Their Benefits: गेहूं की रोटी तो हर घर में बनती है लेकिन बाजरा, ज्वार, रागी और मक्के जैसे अनाज की रोटियां भी सेहत के लिए फायदेमंद हो सकती हैं. जानिए 7 तरह की रोटियों के फायदे और इन्हें खाने का सही तरीका, ताकि स्वाद के साथ डाइट में पोषण भी शामिल हो सके.

आज तक 30 Oct 2026 11:12 am

हॉलीवुड को बड़ा झटका: 'स्टार ट्रेक' और 'एक्स-मेन' फेम दिग्गज अभिनेता पैट्रिक स्टीवर्ट का 86 वर्ष की आयु में निधन, दुनिया भर में शोक की लहर

हॉलीवुड और वैश्विक मनोरंजन जगत से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। पिछले छह दशकों से अधिक समय तक अपनी शानदार अदायगी, दमदार आवाज और बेहतरीन किरदारों से दुनिया भर के दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले हॉलीवुड के लीजेंडरी अभिनेता पैट्रिक स्टीवर्ट (Patrick Stewart) अब हमारे बीच नहीं रहे। कल्ट साइंस-फिक्शन सीरीज 'स्टार ट्रेक' (Star Trek) में कैप्टन जीन-ल्यूक पिकार्ड और मार्वल की 'एक्स-मेन' (X-Men) सीरीज में प्रोफेसर चार्ल्स जेवियर जैसी अमर भूमिकाएं निभाने वाले पैट्रिक स्टीवर्ट का 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनके निधन की खबर से उनके करोड़ों फैंस, हॉलीवुड के साथी कलाकारों और दुनियाभर में शोक की लहर दौड़ गई है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस महान अभिनेता का शुरुआती संघर्ष कैसा रहा और उनके छह दशक लंबे शानदार सिनेमैटिक करियर की पूरी कहानी क्या है।लॉस एंजेलिस स्थित घर पर ली अंतिम सांस, लंबे समय से जूझ रहे थे गंभीर बीमारियों सेअभिनेता पैट्रिक स्टीवर्ट के परिवार ने उनके आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (एक्स अकाउंट) के जरिए उनके निधन की दुखद सूचना साझा की। परिवार द्वारा जारी किए गए बयान के मुताबिक, पैट्रिक स्टीवर्ट ने लॉस एंजेलिस (Los Angeles) स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली।पिछले कुछ समय से वे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे थे। अभिनेता अल्जाइमर (Alzheimer's) और लेवी बॉडी डिमेंशिया (Lewy Body Dementia) जैसी गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारियों से पीड़ित थे। उनके जीवन के अंतिम और मुश्किल पलों में उनकी तीसरी पत्नी सनी ओजेल (Sunny Ozell) लगातार उनके साथ मौजूद थीं। परिवार के साझा किए गए बयान में कहा गया, हमें यह बताते हुए अत्यंत हृदयविदारक पीड़ा हो रही है कि पैट्रिक स्टीवर्ट का कल लॉस एंजेलिस में निधन हो गया। वह काफी समय से अल्जाइमर और लेवी बॉडी डिमेंशिया का सामना कर रहे थे, और इस कठिन समय में उनकी हमसफर सनी उनके साथ थीं।गरीबी से भरे बचपन से लेकर ब्रिटेन के सबसे सम्मानित अभिनेता बनने तक का सफर13 जुलाई 1940 को इंग्लैंड के यॉर्कशायर (Yorkshire) के मीरफील्ड (Mirfield) में जन्मे पैट्रिक स्टीवर्ट का शुरुआती जीवन बेहद गरीबी और संघर्षों के बीच बीता था। लेकिन अपनी कड़ी मेहनत, अटूट लगन और अभिनय के प्रति समर्पण के दम पर उन्होंने न सिर्फ गरीबी को मात दी, बल्कि वे ब्रिटेन और हॉलीवुड के सबसे सम्मानित और प्रतिष्ठित अभिनेताओं की फेहरिस्त में शामिल हो गए।महज 18 वर्ष की कच्ची उम्र में अभिनय की दुनिया में कदम रखने वाले पैट्रिक ने साल 1960 में प्रसिद्ध 'रॉयल शेक्सपियर कंपनी' (Royal Shakespeare Company) की सदस्यता ली। उन्होंने शेक्सपियर के कई महान नाटकों में अपनी अद्भुत अदाकारी से मंच पर जान फूंक दी। स्टेज नाटकों से अपनी पहचान बनाने वाले पैट्रिक को अभिनय की दुनिया में असली और वैश्विक लोकप्रियता तब मिली जब उन्होंने 47 साल की उम्र में कल्ट टीवी सीरीज 'स्टार ट्रेक: द नेक्स्ट जेनरेशन' में कैप्टन जीन-ल्यूक पिकार्ड का ऐतिहासिक किरदार निभाया। उनका यह किरदार साइंस-फिक्शन (Sci-Fi) की दुनिया का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित चेहरा बन गया, जिसे आज भी याद किया जाता है।स्टेज शो से लेकर टेलीविजन और ब्लॉकबस्टर फिल्मों तक का सफरपैट्रिक स्टीवर्ट के अभिनय का दायरा केवल टेलीविजन तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने थिएटर, टेलीविजन और बॉक्स ऑफिस की ब्लॉकबस्टर फिल्मों—तीनों माध्यमों पर अपनी अमिट छाप छोड़ी।उन्होंने साल 1965 में प्रसिद्ध स्टेज शो 'द लाइफ ऑफ गैलिलिओ' से अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने शेक्सपियर के रचित प्रसिद्ध नाटक 'हेमलेट' में राजा का किरदार निभाया। साल 1967 में 'कोरोनेशन स्ट्रीट' के जरिए उन्होंने अपने टेलीविजन सफर की शुरुआत की और इसके बाद 'फॉल ऑफ इगल्स', 'नोवा', 'सैटरडे नाइट लाइव', 'किंग ऑफ टेक्सास', 'हेमलेट' और 'स्टार ट्रेक: पिकार्ड' जैसे कई बेहतरीन शोज में काम किया।फिल्मी पर्दे पर भी उनका जादू सिर चढ़कर बोला। उन्होंने 'ड्यून' (Dune), 'लेडी जेन', 'गनमैन', 'स्टार ट्रेक जेनरेशन', 'लेट इट बी', 'मास्टरमाइंड', 'स्टार ट्रेक: इंसरेक्शन' और मार्वल की सुपरहिट 'एक्स-मेन' (X-Men) फ्रेंचाइजी जैसी तमाम सफल फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया।आने वाली फिल्म 'एवेंजर्स डूम्सडे' होगी उनकी आखिरी सिनेमैटिक सौगातपैट्रिक स्टीवर्ट की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस उम्र में भी वे फिल्मों में सक्रिय थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आने वाले दिनों में सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली बहुप्रतीक्षित मार्वल फिल्म 'एवेंजर्स डूम्सडे' (Avengers: Doomsday) उनके करियर की आखिरी फिल्म बनने जा रही है, जिसमें उन्होंने एक बार फिर अपने प्रसिद्ध किरदार 'प्रोफेसर चार्ल्स जेवियर' (Professor Charles Xavier) की भूमिका को निभाया है।60 साल तक दर्शकों को अपनी बेजोड़ कला से मंत्रमुग्ध करने वाले पैट्रिक स्टीवर्ट भले ही आज हमारे बीच भौतिक रूप से नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्में, उनके द्वारा निभाए गए ऐतिहासिक किरदार और उनकी आवाज हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगे। हॉलीवुड ने एक सच्चा रत्न खो दिया है, और उनकी कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकता।

न्यूज़ इंडिया लाइव 30 Oct 2026 11:09 am

रणबीर कपूर और यश की 'रामायण पार्ट 1' में नजर आएंगे ये 27 दिग्गज सितारे: कौन निभा रहा है किसका किरदार?

भारतीय सिनेमा (Indian Cinema) के इतिहास में अगर किसी सबसे बड़े और बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट की चर्चा होती है, तो उसमें निर्देशक नितेश तिवारी (Nitesh Tiwari) की महत्वाकांक्षी माइथोलॉजिकल फिल्म 'रामायण पार्ट 1' (Ramayana Part 1) का नाम सबसे ऊपर आता है। जब से इस महाकाव्य पर आधारित फिल्म की घोषणा हुई है, तब से लेकर इसके कलाकारों की स्टार कास्ट को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह बना हुआ है। कुछ समय पहले ही इस फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर लॉस एंजेलिस में किया गया था, जिसके बाद से फिल्म को लेकर दीवानगी और अधिक बढ़ गई है। फिल्म के मुख्य किरदारों यानी रणबीर कपूर, साई पल्लवी, यश और सनी देओल के बारे में तो हर कोई जानता है, लेकिन इस भव्य गाथा में कुल 27 से अधिक जाने-माने सितारे अलग-अलग महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि नितेश तिवारी की इस सिनेमैटिक मास्टरपीस में कौन सा कलाकार कौन सा किरदार निभा रहा है।रणबीर कपूर से लेकर साई पल्लवी तक: मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे ये बड़े चेहरेनितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में भारतीय पौराणिक कथा के सबसे प्रतिष्ठित और पूजनीय पात्रों को जीवंत करने के लिए देश के चुनिंदा और बेहतरीन कलाकारों को चुना गया है:रणबीर कपूर (भगवान श्रीराम): फिल्म में भगवान श्रीराम के कर्तव्य, मर्यादा, सत्य और धर्म के प्रति उनकी अटूट निष्ठा को बेहद खूबसूरती के साथ पर्दे पर उतारा जा रहा है। रणबीर कपूर इस महाकाव्य में भगवान राम की केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं। उनका शांत, संयमित और गरिमापूर्ण लुक पहले ही दर्शकों का दिल जीत चुका है।साई पल्लवी (माता सीता): अपनी अद्भुत सादगी और बेहतरीन अभिनय शैली के लिए पहचानी जाने वाली अभिनेत्री साई पल्लवी इस फिल्म में जगत जननी माता सीता के किरदार को निभाती नजर आएंगी। उनकी नेचुरल एक्टिंग और स्क्रीन प्रेजेंस को लेकर फैंस में भारी उत्सुकता है।यश (लंकापति रावण): कन्नड़ सिनेमा के 'रॉकिंग स्टार' यश इस फिल्म में केवल मुख्य खलनायक यानी लंकापति रावण की भूमिका ही नहीं निभा रहे हैं, बल्कि वे इस 400 करोड़ से अधिक के बजट वाली फिल्म के सह-निर्माता (Producer) भी हैं। लॉस एंजेलिस में प्रीमियर के दौरान यश के रावण वाले अवतार और उनके दमदार सीन्स की जमकर सराहना हुई थी।सनी देओल (महाबली हनुमान): भगवान श्रीराम के सबसे बड़े भक्त, भक्ति, शक्ति और समर्पण के प्रतीक महाबली हनुमान के रूप में बॉलीवुड के दिग्गज एक्शन स्टार सनी देओल नजर आएंगे। हालांकि, उनका मुख्य और विस्तारित रूप फिल्म के दूसरे भाग यानी 'रामायण पार्ट 2' में अधिक देखने को मिलेगा।अयोध्या के शाही परिवार से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण किरदारभगवान राम के परिवार और उनके महलों से जुड़े रिश्तों को दर्शाने वाले पात्रों में भारतीय सिनेमा और टेलीविजन के कई दिग्गज कलाकार अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं:अरुण गोविल (राजा दशरथ): रामानंद सागर की पौराणिक धारावाहिक 'रामायण' में भगवान राम का अमर किरदार निभाकर घर-घर में पूजनीय बनने वाले अरुण गोविल इस नई सिनेमैटिक फिल्म में राम के पिता यानी अयोध्या के राजा दशरथ की भूमिका निभा रहे हैं।लारा दत्ता (रानी कैकेयी): श्रीराम के जीवन की दिशा बदलने और उन्हें 14 वर्ष का वनवास मिलने की पूरी घटना के केंद्र में रहने वाली रानी कैकेयी और भरत की माता के रूप में अभिनेत्री लारा दत्ता नजर आएंगी।रवि दुबे (लक्ष्मण): टेलीविजन और वेब सीरीज के सबसे प्रतिभाशाली और लोकप्रिय अभिनेताओं में शुमार रवि दुबे इस फिल्म में भगवान राम के छोटे भाई और उनके साए की तरह रहने वाले लक्ष्मण का अहम किरदार निभा रहे हैं।इंद्र कृष्णन (माता कौशल्या): श्रीराम की माता कौशल्या के पवित्र और ममतामयी किरदार को अभिनेत्री इंदिरा कृष्णन निभा रही हैं।सोनल झा (माता सुमित्रा): राजा दशरथ की पत्नी और लक्ष्मण-शत्रुघ्न की माता सुमित्रा के रूप में सोनल झा नजर आएंगी।आदिनाथ कोठारे (भरत) और नितिश शर्मा (शत्रुघ्न): भगवान राम के अनुज भरत की भूमिका आदिनाथ कोठारे निभा रहे हैं, जबकि शत्रुघ्न का किरदार नितिश शर्मा अदा कर रहे हैं।लंका, ऋषि-मुनि और अन्य सहायक भूमिकाओं की लंबी फेहरिस्तइस भव्य गाथा को विस्तार देने के लिए लंका के दरबार से लेकर ऋषियों की कुटिया तक कई अन्य प्रमुख कलाकारों को जोड़ा गया है:रकुल प्रीत सिंह (शूर्पणखा): रावण की बहन शूर्पणखा के रूप में अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह नजर आएंगी, जिनकी कथा आगे चलकर युद्ध का कारण बनती है।काजल अग्रवाल (मंदोदरी): लंकापति रावण की धर्मपरायण और ज्ञानी पत्नी मंदोदरी की भूमिका काजल अग्रवाल निभा रही हैं।हरीश उथमन (विभीषण): धर्म और सत्य का साथ देने वाले रावण के भाई विभीषण के किरदार में हरीश उथमन दिखाई देंगे।विवेक ओबेरॉय (विद्युतजिह्वा): फिल्म में विद्युतजिह्वा के रूप में विवेक ओबेरॉय एक खास भूमिका में नजर आएंगे।मोहित रैना (भगवान शिव): अपनी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस के लिए मशहूर अभिनेता मोहित रैना इस महाकाव्य में भगवान शिव की भूमिका में नजर आ सकते हैं।अनुपम खेर (जटायु): माता सीता की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले महान गिद्धराज जटायु के किरदार को अभिनेता अनुपम खेर अपनी आवाज (Voiceover) से जीवंत करेंगे।इसके अलावा, अन्य भूमिकाओं में कुणाल कपूर (इंद्रदेव), सोहेल नैय्यर (सुग्रीव), शीबा चड्ढा (मंथरा), शिशिर शर्मा (ऋषि वशिष्ठ), अजिंक्य देव (ऋषि विश्वामित्र), मुकेश तिवारी (ऋषि अगस्त्य), सोनिया बलानी (उर्मिला), रिया कपूर (मांडवी) और सुरभी दास (श्रुतकीर्ति) जैसे बेहतरीन कलाकार भी इस विशाल स्टार कास्ट का हिस्सा हैं।कब रिलीज होगी रणबीर कपूर और यश की बहुप्रतीक्षित 'रामायण'नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस मेगा बजट फिल्म को लेकर फैंस की बेताबी अपने चरम पर है। निर्माताओं की योजना के अनुसार, इस महाकाव्य गाथा को दो अलग-अलग हिस्सों में सिनेमाघरों में उतारा जाएगा। फिल्म का पहला भाग यानी 'रामायण पार्ट 1' इसी साल यानी दीवाली 2026 के बड़े अवसर पर दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा, जबकि इसका दूसरा और निर्णायक भाग 2027 में दर्शकों के सामने आएगा। इतने भारी-भरकम कलाकारों और वीएफएक्स के दम पर यह फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित होने की पूरी उम्मीद रखती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 30 Oct 2026 11:07 am

ECI vs INDIA Block: 10

ECI vs INDIA Bloc - Public Impeachment:

वन इंडिया 30 Oct 2026 11:05 am

चूड़ियों की दुकान पर दिखा ऐसा प्यार, बुजुर्ग जोड़े का वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर एक बुजुर्ग पति-पत्नी का वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें पति चूड़ियों की दुकान पर अपनी पत्नी के लिए बड़े प्यार से चूड़ियां पसंद करते नजर आ रहे हैं. दोनों के बीच का अपनापन और एक-दूसरे की पसंद का ख्याल रखने का अंदाज लोगों का दिल जीत रहा है.

आज तक 30 Oct 2026 11:03 am

Bhutan में हिमनद झील फटने से असम के Dhubri में बाढ़ की आशंका, प्रशासन अलर्ट

पड़ोसी देश भूटान में ‘ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड’ (गोल्फ) यानी हिमनद झील के अचानक फटने से आई बाढ़ के बाद असम सरकार स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है और राज्य के धुबरी जिले में अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, धुबरी जिले से होकर बहने वाली संकोश नदी के बाढ़ से प्रभावित होने की आशंका है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है और नदी के जलस्तर में संभावित बढ़ोतरी से निपटने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, भूटान में हिमनद झील फटने से आई बाढ़ के कारण पैदा हुई स्थिति पर मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा करीबी नजर रख रहे हैं। पोस्ट में कहा गया, धुबरी जिला प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है और बाढ़ से निचले इलाकों में पड़ सकने वाले प्रभावों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयार है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के एक प्रवक्ता ने बताया कि शुक्रवार सुबह साढे छह बजे तक संकोश नदी का जलस्तर स्थिर था। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और आपदा राहत एवं बचाव दल किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। जल शक्ति मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को असम और पश्चिम बंगाल के लिए विशेष परामर्श जारी किया जिसमें कहा गया कि भारतीय दूतावास ने भूटान में पुनात्सांगछू नदी बेसिन में स्थित शिंताफू झील में ‘ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड’ की सूचना दी है। परामर्श के मुताबिक, नदी के ऊपरी क्षेत्रों में अचानक बाढ़ आने की खबरों के बाद असम के धुबरी और पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में संकोश नदी का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। मंत्रालय ने दोनों जिलों के स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने, स्थिति पर लगातार नजर रखने और आवश्यक एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी है।

प्रभासाक्षी 30 Oct 2026 11:03 am

Maharashtra की राजनीति में दिखा दिलचस्प नजारा!

महाराष्ट्र की राजनीति में गुरुवार को एक दिलचस्प तस्वीर सामने आई, जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक ही मंच पर नजर आए. तीनों नेता कार्टूनिस्टों पर आधारित किताब के विमोचन कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान फडणवीस ने मुंबई में कार्टूनिस्टों के लिए विशेष गैलरी बनाने की पहल का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति के मंच पर अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं के नेता साथ आ सकते हैं.

आज तक 30 Oct 2026 11:00 am

संसद की तर्ज पर होगी चर्चा, दिल्ली में आज दो अलग-अलग मॉक पार्लियामेंट

आज मॉक पार्लियामेंट के दो अलग-अलग कार्यक्रम दिल्ली में होंगे. पहला कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के घर पर आयोजित होगा, जिसमें विपक्षी दलों के नेता शामिल होंगे. दूसरा कार्यक्रम NDMC कन्वेंशन सेंटर में 'Citizens for Democracy' के नाम से होगा. इसमें वकील, छात्र, चार्टर्ड अकाउंटेंट और युवा कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे.

आज तक 30 Oct 2026 10:59 am

रूस को उकसाने वाली बयानबाजी से बाज आएं, यूरोप को पेंटागन का सीक्रेट मैसेज

पेंटागन ने लिथुआनिया, लातविया और एस्टोनिया समेत कई नाटो सहयोगियों से रूस पर सार्वजनिक बयान नरम रखने को कहा है. यह सलाह यूक्रेन युद्ध पर नई अमेरिकी बातचीत, यूरोप की सुरक्षा चिंताओं और अमेरिकी सैन्य तैनाती की समीक्षा के बीच आई है.

आज तक 30 Oct 2026 10:59 am

मथुरा: करवा चौथ पर पत्नी को प्रेमी संग पकड़ा, पति ने जमकर की धुनाई

मथुरा के थाना हाईवे इलाके की बसंत विहार कॉलोनी में करवा चौथ के व्रत के दिन एक हैरान करने वाला मामला सामने आया. यहां एक पति ने अपनी पत्नी को उसके कथित प्रेमी के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया. इस घटना के बाद मौके पर जमकर हंगामा हुआ और परिवार की महिलाओं के बीच मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है.

आज तक 30 Oct 2026 10:59 am

₹25 हजार करोड़ के कारोबार पर संकट? दिवाली से पहले INDIA ब्लॉक की रैली के खिलाफ उतरे दिल्ली के व्यापारी

दिल्ली में दिवाली की खरीदारी के बीच राजनीति और कारोबार आमने-सामने आ गए हैं। INDIA ब्लॉक की 1 नवंबर को रामलीला मैदान में

वन इंडिया 30 Oct 2026 10:57 am

पटना के आगे तो पेरिस भी पड़ा फीका, ऐसा है बिहार म्यूजियम; टॉप 10 में आया

Worth a Journey एक ट्रैवल गाइड है, जिसने साल 2026 के लिए दुनिया के टॉप 100 संग्रहालयों की लिस्ट जारी की है। इस सूची में बिहार को 9वां स्थान मिला है, जो अमेरिका के मेट्स से भी आगे है। वहीं, फ्रांस का लूव भी इसके पीछे है।

लाइव हिन्दुस्तान 30 Oct 2026 10:53 am

Patrick Stewart Death: '

Patrick Stewart Death:

वन इंडिया 30 Oct 2026 10:52 am

यूपी में PET एग्जाम शुरू, 60 जिलों में स्कूल बंद, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

यूपी में PET 2026 परीक्षा को लेकर पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है. UPSSSC ने एक स्पेशल कंट्रोल रूम बनाया है, AI की मदद से सॉल्वर और पेपर लीक करने वालों पर पैनी नजर रखी जा रही है.

आज तक 30 Oct 2026 10:51 am

यूपी में शाह की 'चुनावी पाठशाला', विनिंग फॉर्मूले को फिर से एक्टिव करने का प्लान

मिशन-2027 को फतह करने के लिए भाजपा लखनऊ में अपनी सबसे बड़ी प्रदेश कार्यसमिति बैठक आयोजित कर रही है, जहां गृहमंत्री अमित शाह पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को जीत की गुरुमंत्र देंगे. इस 'चुनावी पाठशाला' के जरिए बीजेपी 2024 के झटकों से उबरने के लिए 2014 और 2017 के अपने सफल फॉर्मूले को दोबारा एक्टिव करने की तैयारी है.

आज तक 30 Oct 2026 10:51 am

MI की कोचिंग फौज... पोलार्ड के साथ अब ये 4 दिग्गज संभालेंगे कमान

मुंबई इंडियंस ने आईपीएल 2027 के लिए अपने नए कोचिंग स्टाफ का ऐलान कर दिया है. कीरोन पोलार्ड टीम के हेड कोच होंगे, जबकि रॉबिन उथप्पा को बैटिंग और मिचेल मैक्लेनघन को बॉलिंग कोच बनाया गया है. टी दिलीप फील्डिंग कोच और धवल कुलकर्णी डेवलपमेंट बॉलिंग कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे.

आज तक 30 Oct 2026 10:49 am

रिश्वत लेते पकड़ा गया ट्रैफिक DSP, गिरफ्तारी पर फूट-फूटकर रोया

बिहार के मधुबनी में विजिलेंस की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ट्रैफिक डीएसपी सुजीत कुमार को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के तुरंत बाद डीएसपी साहब अपने दफ्तर परिसर में ही जमीन पर गिरकर दहाड़ मार-मारकर रोने लगे. विजिलेंस को डीएसपी के खिलाफ शिकायत मिली थी, जिसके सत्यापन के बाद जाल बिछाकर यह कार्रवाई की गई.

आज तक 30 Oct 2026 10:47 am

जालौन के गांव में चल रही थी ड्रग्स फैक्ट्री, 1100 किलो की खेप बरामद

उत्तर प्रदेश के जालौन में DRI और यूपी ATS ने अवैध सिंथेटिक ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. उरई तहसील के एरी रामपुरा गांव में चल रही इस लैब से कुल 1102.88 किलो ड्रग्स और केमिकल जब्त किए गए हैं. इनमें 15.44 किलो तैयार मेफेड्रोन और करीब 184 किलो अर्ध-निर्मित ड्रग्स शामिल हैं. इस मामले में महाराष्ट्र के रहने वाले संतोष और जालौन के हेमेंद्र को अरेस्ट किया गया है.

आज तक 30 Oct 2026 10:46 am

नेताओं से फ‍िल्मी स‍ितारों तक, सबने ऐसे सेलेब्रेट क‍िया करवाचौथ

देशभर में करवा चौथ का पावन त्योहार धूमधाम से मनाया गया. सुहागिनों ने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखकर चांद को अर्घ्य दिया. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खु, सांसद मनोज तिवारी और रवि किशन समेत कई दिग्गजों ने भी अपने परिवारों के साथ करवा चौथ का जश्न मनाया.

आज तक 30 Oct 2026 10:42 am

चीते की मौत पर IFS अधिकारी बोले-मेरा दिल टूट गया है, लोगों से की ये भावुक अपील

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में 19 महीने के चीता शावक KNG22 की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद फील्ड डायरेक्टर एवं IFS अधिकारी उत्तम शर्मा ने भावुक संदेश जारी किया. उन्होंने चीतों के संरक्षण के लिए लोगों से एकजुट होने की अपील की है.

NDTV इंडिया 30 Oct 2026 10:38 am

भरभरा कर गिरे WagonR से Swift तक के दाम, दिवाली पर हैचबैक कारों पर ऑफर्स की भरमार, 1.45 लाख तक की बचत

दिवाली से ठीक पहले अपनी पसंदीदा हैचबैक कार घर लाने का ये सबसे बेस्ट मौका है. Maruti Wagon R, Swift, Tata Tiago EV और Citroen C3 पर बंपर ऑफर्स मिल रहे हैं.

NDTV इंडिया 30 Oct 2026 10:37 am

नीम करोली बाबा: किस्मत बदलने से पहले मिलते हैं ये 5 संकेत!

Neem Karoli Baba: नीम करोली बाबा के अनुसार, जीवन में अच्छे दिन आने से पहले कुछ खास संकेत मिलते हैं. आइए जानते हैं उन 5 संकेतों के बारे में, जिन्हें शुभ माना जाता है.

आज तक 30 Oct 2026 10:37 am

वैज्ञानिकों ने 5 साल पहले दी थी चेतावनी- भूटान की ग्लेशियर झील फटेगी

भूटान की शिंताफू झील फटने की चेतावनी 5 साल पहले ही वैज्ञानिकों ने दे दी थी. इसकी वजह से संकोश नदी में बाढ़ का खतरा बना हुआ है. अलीपुरद्वार में 10 हजार लोग शिफ्ट किए गए है. NDRF-SDRF तैनात है.

आज तक 30 Oct 2026 10:36 am

बाबा रामदेव से डॉक्टर सरीन तक, हेल्थ वेल्थ समिट में चर्चा सेहत पर

इंडिया टुडे का 'हेल्थ और वेल्थ समिट 2026' का आयोजन हो रहा है. आज इस खास कार्यक्रम का दूसरा दिन है, जिसमें इरा त्रिवेदी, मिलिंद सोमन और देवी चित्रलेखा जैसी नामचीन हस्तियां स्वास्थ्य और जीवन शैली से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा कर रही हैं. समिट के पहले दि‍न जेपी नड्डा, बाबा रामदेव और डॉक्टर श‍िवकुमार सरीन ने सेहत को लेकर खास चर्चा की. देखें झलक‍ियां.

आज तक 30 Oct 2026 10:36 am

मुथुरामलिंग थेवर की जयंती: गुरु पूजा पर तमिलनाडु में उमड़ा जनसैलाब; सीएम विजय, स्टालिन समेत नेताओं ने किया नमन

मुथुरामलिंग थेवर की जयंती: गुरु पूजा पर तमिलनाडु में उमड़ा जनसैलाब; सीएम विजय, स्टालिन समेत नेताओं ने किया नमन thevar jayanthi guru puja tamil nadu tight police security tamilNadu

अमर उजाला 30 Oct 2026 10:35 am

पढ़ें 30 अक्टूबर 2026 की सुबह की बड़ी खबरें और अन्य समाचार

केंद्र सरकार ने दिल्ली में CAPF की 270 कंपनियों की तैनाती 16 नवंबर तक बढ़ा दी है. गृह मंत्रालय ने INDIA ब्लॉक की 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली रैली, संभावित प्रदर्शनों और त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया है.

आज तक 30 Oct 2026 10:32 am

LIVE: भारत-न्यूजीलैंड के बीच चौथा T20, ऐसी होगी प्लेइंग-11

India vs New Zealand 4th T20I Live Score: ऑकलैंड के ईडन पार्क में भारत और न्यूजीलैंड की टीम्स आमने-सामने हैं. श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली भारतीय टीम पहले ही सीरीज कब्जा चुकी है. अब उसका लक्ष्य सीरीज में न्यूजीलैंड का सूपड़ा साफ करने पर है.

आज तक 30 Oct 2026 10:32 am

Mirzapur The Movie OTT Release: वीकेंड पर होगा कालीन भैया-गुड्डू पंडित का भौकाल,  ओटीटी पर मिर्जापुर द मूवी हो रही स्ट्रीम

मिर्जापुर की कहानी ओटीटी के बाद सिनेमाघरों में छाई. दरअसल, मिर्जापुर वेब सीरीज के ओटीटी पर भौकाल मचाने के बाद मिर्जापुर द मूवी की दहाड़ सिनेमाघरों में देखने को मिली, जिसने बॉक्स ऑफिस पर 300 करोड़ पार की कमाई हासिल की.

NDTV इंडिया 30 Oct 2026 10:31 am

अमेरिका में किसने कब्जाई महात्मा गांधी के पोते की 30 एकड़ जमीन? 20 महीने बाद मिली जीत

महात्मा गांधी के पोते कानू गांधी और उनकी पत्नी की अमेरिका के वर्जीनिया में स्थित 30 एकड़ जमीन पर कब्जे का विवाद खत्म हो गया है। 20 महीने की कानूनी लड़ाई के बाद अदालत ने कब्जाधारी को 30 दिन में जमीन खाली करने और अपना सामान हटाने का आदेश दिया।

लाइव हिन्दुस्तान 30 Oct 2026 10:31 am

करवा चौथ पर पत्नी संग रोमांटिक हुए अनुराग ठाकुर, लिखा भावुक नोट

करवा चौथ पर बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने पत्नी के साथ खूबसूरत तस्वीरें शेयर की हैं. नेवी ब्लू कुर्ते में अनुराग और पिंक साड़ी में उनकी पत्नी का ट्रेडिशनल अंदाज चर्चा में है. तस्वीरों के साथ उन्होंने लिखा- 'जीवन के हर रंग, सिर्फ तुम्हारे संग'.

आज तक 30 Oct 2026 10:31 am

7 शहरों में 1 लाख घर बिके, फिर भी बढ़ा बिना बिके मकानों का स्टॉक

देश के रियल एस्टेट बाजार में मांग और सप्लाई दोनों बढ़ रहे हैं. ऐसे में घर खरीदने वालों के लिए जल्दबाजी करने के बजाय प्रोजेक्ट की लोकेशन, बिल्डर की विश्वसनीयता, निर्माण की स्थिति और कीमतों की अच्छी तरह तुलना करना जरूरी है.

आज तक 30 Oct 2026 10:30 am

गैंगस्टरों के लिए मुफीद जगह बन रही जेल, अंदर से चलाते हैं अपना साम्राज्य

जेल अब गैंगस्टरों के लिए अपने आपराधिक साम्राज्य चलाने का एक सुरक्षित ठिकाना बन गई है, जहां से वे बड़े आराम से घटनाओं को अंजाम देते हैं। लॉरेंस बिश्नोई और अरुण गवली जैसे गैंगस्टरों के उदाहरण बताते हैं कि कैसे वे जेल के अंदर से काम होता है।

जागरण 30 Oct 2026 10:30 am

23वीं मंजिल से गिरकर बाप-बेटे की मौत, बालकनी से तोड़ रहे थे फूल

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की महागुन मायवुड्स सोसाइटी में 23वीं मंजिल की बालकनी से गिरकर 40 वर्षीय रणदीप और उनके 11 वर्षीय बेटे की मौत हो गई. खाटू श्याम मंदिर जाने से पहले फूल तोड़ते समय बालकनी की फिसलन से यह हादसा हुआ.

आज तक 30 Oct 2026 10:30 am

CBSE Date Sheet 2027 LIVE: आज ही के दिन जारी हुई थी CBSE बोर्ड की डेटशीट, लिंक के साथ तैयार रहें छात्र

CBSE Date Sheet 2027 LIVE Updates: सीबीएसई की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए डेटशीट जारी होने वाली है. पिछले साल की तरह इस बार भी 30 अक्टूबर को ही एग्जाम का शेड्यूल जारी हो सकता है.

NDTV इंडिया 30 Oct 2026 10:29 am

बालकनी में बेटे से फूल तुड़वा रहे थे पिता, 23वीं मंजिल से गिरकर दोनों की मौत; ग्रेटर नोएडा में बड़ा हादसा

फूल तोड़ते समय अचानक बेटे का पैर फिसला और वह 23वीं मंजिल से नीचे लटक गया. बेटा तो गिरा ही, उसे बचाने के चक्कर में पिता भी नीचे गिर गए. इस हादसे में दोनों की ही मौत हो गई.

NDTV इंडिया 30 Oct 2026 10:28 am

IDBI बैंक के निजीकरण पर राहुल गांधी ने केंद्र को घेरा, कर्मचारियों को लिखा- मैं आपके साथ हूं

केंद्र सरकार ने IDBI बैंक में 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स की एक सहायक कंपनी को बेच रही है. इसके लिए 52,878 करोड़ रुपये की डील को मंजूरी दी गई है.

NDTV इंडिया 30 Oct 2026 10:28 am

रामायणम् में कुमार विश्वास के गानों को लेकर 'कृष्ण' ने दिखाए तेवर, कहा- मंजीरे और चौपाई सुनना चाहता हूं

महाभारत के कृष्ण नितीश भारद्वाज ने रामायणम् के गाने मंगल रंग की लाइनें शेयर कर पूछा इसका अर्थ, बताया कि गानों में क्या सुनने की ख्वाहिश रखते हैं. इसके साथ ही उन्होंने दर्शकों से ये भी कहा कि वो साई पल्लवी को सीता के रुप में स्वीकार कर लें.

NDTV इंडिया 30 Oct 2026 10:27 am