'सरकार छात्रों को डराना-धमकाना और मारना बंद करे', पेपर लीक प्रदर्शन पर राहुल गांधी का केंद्र पर हमला
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पेपर लीक के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। मीडिया से बातचीत के दौरान, उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के खिलाफ बल प्रयोग किया गया और कई छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं।
होंडा ने लॉन्च की सात नई मोटरसाइकिल और स्कूटर
नई दिल्ली। होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने शुक्रवार को भारतीय बाजार के लिए 10 नई मोटरसाइकिलों और स्कूटरों का विस्तारित पोर्टफोलियो पेश किया जिनमें सात बिल्कुल नए मॉडल है जबकि तीन मॉडल नए रंग विकल्पों के साथ अपडेट किए गए हैं। कंपनी ने बताया कि यह लाइनअप क्रूज़िंग, एडवेंचर टूरिंग, रोडस्टर, लाइफस्टाइल राइडिंग, इलेक्ट्रिक […] The post होंडा ने लॉन्च की सात नई मोटरसाइकिल और स्कूटर appeared first on Sabguru News .
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के नेतृत्व में कथित NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन ...
अमरीका ने भारत समेत 60 देशों पर लगाया 10 फीसदी टैरिफ
वाशिंगटन। अमरीका ने भारत समेत दुनिया के 60 देशों की ओर से बंधुआ मजदूरी और श्रम कानूनों का उल्लंघन कर बने सामान के आयात पर कड़ा प्रतिबंध न लगाने के कारण इन देशों पर विशेष सीमा शुल्क लगाने का फैसला किया है। अमरीकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जेमिसन ग्रीर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्पष्ट निर्देशों […] The post अमरीका ने भारत समेत 60 देशों पर लगाया 10 फीसदी टैरिफ appeared first on Sabguru News .
Raksha Bandhan Essay: राखी पर्व पर हिन्दी निबंध: वर्तमान समय में रक्षा बंधन का त्योहार
Essay on Raksha Bandhan: वर्तमान समय में रक्षा बंधन का त्योहार अपनी पारंपरिक जड़ों को कायम रखते हुए आधुनिकता के साथ आगे बढ़ रहा है। इसने प्रेम व सुरक्षा के अर्थ को अधिक व्यापक बनाया है। भले ही इसे मनाने के साधन बदल गए हों, लेकिन कलाई पर बंधा वह धागा ...
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और धार्मिक धरा पर एक बार फिर से भगवान श्रीराम के प्रति अगाध प्रेम और अनोखी आस्था का भव्य नजारा देखने को मिलने वाला है। छत्तीसगढ़ को भगवान राम का ननिहाल यानी 'भांचा श्रीराम' के रूप में मानने की यहाँ की प्राचीन और अनूठी परंपरा रही है। इसी सांस्कृतिक धरोहर को और अधिक प्रगाढ़ बनाने के उद्देश्य से न्यायधानी बिलासपुर में आगामी तीन दिनों तक एक ऐतिहासिक 'श्रीराम श्रद्धा यात्रा' का भव्य आयोजन किया जाने वाला है। इस तीन दिवसीय धार्मिक और आध्यात्मिक यात्रा को लेकर बिलासपुर शहर के कोने-कोने में जबरदस्त उत्साह का माहौल देखा जा रहा है, और राम भक्तों द्वारा इस यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।छत्तीसगढ़ की खास पहचान 'भांचा श्रीराम', आस्था के सम्मान में सजेगी यह यात्रादेशभर में जहां भगवान श्रीराम को आराध्य भगवान के रूप में पूजा जाता है, वहीं छत्तीसगढ़ में एक विशेष और अनूठा रिश्ता है, जहां लोग उन्हें अपने परिवार के 'भांजे' यानी 'भांचा श्रीराम' के रूप में मानते हैं। इसी लोक-संस्कृति और अटूट आस्था के सम्मान में बिलासपुर में निकलने वाली यह 3 दिवसीय 'श्रीराम श्रद्धा यात्रा' विशेष महत्व रखती है। इस यात्रा के दौरान शहर के मुख्य मार्गों से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण के स्वरूपों की झांकियां सजाई जाएंगी। धार्मिक अनुष्ठानों, भजनों और राम नाम के जयकारों से पूरा बिलासपुर शहर राममय होने के लिए पूरी तरह से तैयार नजर आ रहा है।तीन दिनों तक चलेंगे विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम, उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भारी भीड़आयोजकों से मिली जानकारी के अनुसार, यह तीन दिवसीय 'श्रीराम श्रद्धा यात्रा' बिलासपुर के विभिन्न प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और मंदिरों से होकर गुजरेगी। यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा भव्य स्वागत द्वार बनाए गए हैं और पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया जाएगा। इन तीन दिनों के भीतर संध्या के समय विशेष सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों, राम कथा और भजन संध्या का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश से आने वाले प्रख्यात संत और कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इस आयोजन में शामिल होने के लिए आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और जिलों से भी हजारों की संख्या में राम भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है, जिसके लिए प्रशासन ने भी सुरक्षा और यातायात के पुख्ता इंतजाम किए हैं।बिलासपुर में बयार बहेगी भक्ति की, सनातन संस्कृति का दिखेगा अद्भुत नजाराइस भव्य 'श्रीराम श्रद्धा यात्रा' के आयोजन से न केवल बिलासपुर का माहौल पूरी तरह से आध्यात्मिक हो गया है, बल्कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की प्राचीन संस्कृति और लोक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक बेहतरीन माध्यम भी बन रहा है। इस तरह के आयोजनों से समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और धार्मिक सौहार्द की भावना मजबूत होती है। बिलासपुर के हर वर्ग और आयु के लोगों में इस यात्रा को लेकर भारी उत्सुकता बनी हुई है, और हर कोई इस ऐतिहासिक और पावन पल का साक्षी बनने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहा है।
छत्तीसगढ़ में नीट विवाद को लेकर गरमाई सियासत; थाने के बाहर बड़ी संख्या में जुटे कांग्रेसी नेता
देशभर में चर्चा का विषय बने नीट (NEET) परीक्षा के मुद्दों को लेकर अब छत्तीसगढ़ की राजनीति में भारी उबाल आ गया है। राज्य की राजधानी समेत विभिन्न जिलों में इस गंभीर मुद्दे को लेकर राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग अब थाने की दहलीज तक पहुंच गई है। विपक्षी दल कांग्रेस के तमाम दिग्गज नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में नजदीकी थाने के बाहर इकट्ठा हो गए और उन्होंने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि जिस तरह से उनके कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है, उसी प्रकार सत्ताधारी दल के बीजेपी नेताओं के खिलाफ भी तत्काल प्रभाव से काउंटर एफआईआर (Counter FIR) दर्ज की जानी चाहिए। इस घटना के बाद से राज्य का राजनीतिक माहौल पूरी तरह से गरमा गया है और पुलिस प्रशासन के लिए भी स्थिति को संभालना एक बड़ी चुनौती बन गया है।नीट परीक्षा विवाद और पुलिस थाने के बाहर कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शनपूरा मामला नीट परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं और उसके विरोध में चल रहे राजनीतिक प्रदर्शनों से उपजा है। हाल ही में जब इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के कार्यकर्ता आमने-सामने आए, तो प्रशासनिक और राजनीतिक तनाव काफी बढ़ गया। इसी कड़ी में कांग्रेस पार्टी के कई प्रमुख नेता और स्थानीय कार्यकर्ता अचानक थाने के बाहर धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहा है और केवल विपक्षी नेताओं के खिलाफ ही मामले दर्ज किए जा रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष के नेताओं द्वारा भी नियमों की अनदेखी की गई है। थाने के बाहर उमड़ी इस भीड़ के कारण पुलिस अधिकारियों को भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी पड़ी।काउंटर एफआईआर की मांग पर अड़े कांग्रेसी, बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोपथाने के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि वे किसी भी तरह के दबाव में झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि बीजेपी नेताओं के इशारे पर पुलिस प्रशासन काम कर रहा है और बिना निष्पक्ष जांच के कार्रवाई की जा रही है। कांग्रेस ने मांग उठाई है कि यदि उनके लोगों पर मुकदमे दर्ज हो रहे हैं, तो उसी आधार पर बीजेपी के उन नेताओं के खिलाफ भी तुरंत काउंटर एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए जिन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान कानून हाथ में लिया था। इस राजनीतिक ड्रामे के चलते छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और दोनों दल एक-दूसरे पर हमलावर नजर आ रहे हैं।छत्तीसगढ़ की राजनीति में गर्माया पारा, आगामी दिनों में बढ़ सकता है सियासी टकरावनीट के मुद्दे पर सड़क से लेकर थाने तक पहुंचे इस घमासान ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक तूल पकड़ने वाला है। एक तरफ जहाँ विपक्षी कांग्रेस इस मामले को लेकर सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ सत्ताधारी दल के नेता भी पूरी आक्रामकता के साथ पलटवार कर रहे हैं। इस सियासी उठापटक के बीच आम जनता के बुनियादी मुद्दे पीछे छूटते नजर आ रहे हैं और पूरा प्रशासनिक अमला राजनीतिक दलों के इस हंगामे को शांत करने में उलझ कर रह गया है।
सूरजपुर में खाकी पर जानलेवा हमला! वारंटी को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने किया पथराव
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से कानून-व्यवस्था को हिला देने वाली एक बेहद दहला देने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले के एक गांव में किसी मामले में वारंटी को गिरफ्तार करने पहुंची स्थानीय पुलिस टीम पर उग्र ग्रामीणों ने अचानक हमला बोल दिया। देखते ही देखते स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि भीड़ ने पुलिसर्किमयों पर चारों तरफ से पथराव शुरू कर दिया, जिसमें एक डीएसपी (DSP) स्तर के अधिकारी समेत 24 से अधिक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस अचानक हुए खूनी संघर्ष और हिंसक झड़प के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव का माहौल व्याप्त हो गया है, और स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर रवाना किया गया है।वारंटी की गिरफ्तारी के दौरान अचानक कैसे भड़की हिंसा?प्राप्त शुरुआती जानकारी के अनुसार, सूरजपुर पुलिस को लंबे समय से फरार चल रहे एक वारंटी की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस विभाग की एक टीम तय रणनीति के तहत संबंधित गांव में दबिश देने और आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंची थी। जैसे ही पुलिस ने वारंटी को हिरासत में लेने की प्रक्रिया शुरू की, गांव के कुछ असामाजिक तत्वों और ग्रामीणों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। बात इतनी बढ़ गई कि देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए और उन्होंने पुलिस दल को चारों तरफ से घेरकर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए इस हमले से पुलिसकर्मियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और कई जवान लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े।डीएसपी समेत 24 से ज्यादा जवान घायल, अस्पतालों में मची अफरातफरीइस भीषण पथराव और हिंसक झड़प में पुलिस विभाग को भारी क्षति उठानी पड़ी है। हमले की चपेट में आने वाले अधिकारियों में एक डीएसपी रैंक के तेज-तर्रार अधिकारी भी शामिल हैं, जिन्हें गंभीर चोटें आई हैं। इसके अलावा थाने के कई एसआई, हेड कांस्टेबल और आरक्षक भी इस खूनी हमले में घायल हुए हैं। सभी घायल पुलिसकर्मियों को आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों और जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिले के तमाम आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस बल पर हुए इस तरह के हमले से पूरे महकमे में आक्रोश का माहौल है।पुलिस प्रशासन का सख्त एक्शन, आरोपियों की धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ दबिशखाकी पर हुए इस कातिलाना हमले को पुलिस प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस बल पर जानलेवा हमला करने वाले किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा। घटना के बाद इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल, पीएसी और क्यूआरटी के जवानों को तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने वीडियोग्राफी और फोटोग्राफ्स के आधार पर उपद्रवियों की पहचान करनी शुरू कर दी है और रातभर छापेमारी कर कई संदिग्धों को हिरासत में भी ले लिया है। इस बड़ी घटना के बाद से पूरे सूरजपुर जिले में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है और तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।
देशभर के वकीलों के एक समूह ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि वह 21 जुलाई को विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के नेतृत्व में प्रधानमंत्री मोदी के आधिकारिक आवास (7, लोक कल्याण मार्ग) के पास किए गए धरना-विरोध प्रदर्शन पर स्वतः संज्ञान ले।
क्रिस गेल और स्टार बल्लेबाजों को अपनी गेंदों से नचाने वाले तेज गेंदबाज बने डीएसपी क्रिकेटर आकाश दीप
भारतीय क्रिकेट टीम (Team India) के लिए अपनी तेज गेंदबाजी का लोहा मनवाने वाले स्टार क्रिकेटर्स आकाश दीप और मुकेश कुमार ने खेल के मैदान के बाद अब प्रशासनिक दुनिया में एक नई और शानदार पारी की शुरुआत कर दी है। इन दोनों प्रतिभावान खिलाड़ियों को राज्य सरकार द्वारा पुलिस विभाग में डीएसपी (DSP) पद का आधिकारिक नियुक्ति पत्र सौंप दिया गया है। जैसे ही इन दोनों तेज गेंदबाजों को अपना अपॉइंटमेंट लेटर मिला, उन्होंने अपनी सादगी और संस्कारों का परिचय देते हुए मुख्यमंत्री के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। मैदान पर बल्लेबाजों के परखच्चे उड़ाने वाले इन क्रिकेटर्स का यह सम्मान समारोह इस समय देश भर के खेल प्रेमियों और युवाओं के बीच चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है, और हर कोई उनकी इस सफलता पर गर्व महसूस कर रहा है।जमीन से उठकर शिखर तक पहुंचने की प्रेरणादायक कहानीक्रिकेट की दुनिया में अपनी मेहनत के दम पर बड़ा मुकाम हासिल करने वाले आकाश दीप और मुकेश कुमार का यहां तक का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। बेहद सामान्य परिवारों से ताल्लुक रखने वाले इन दोनों खिलाड़ियों ने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल (IPL) में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय टेस्ट टीम तक का सफर तय किया। अपनी कातिलाना गेंदबाजी से विरोधी बल्लेबाजों के मन में खौफ पैदा करने वाले इन पेसर्स ने साबित कर दिया कि अगर सच्ची लगन हो तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। अब सरकारी सेवा में उच्च पद यानी डीएसपी की जिम्मेदारी मिलने के बाद वे देश और समाज की सेवा के लिए भी पूरी तरह से तैयार नजर आ रहे हैं।नियुक्ति पत्र मिलते ही दिखे खास संस्कार, सीएम के छुए पैरजब इन दोनों क्रिकेटर्स को मंच पर औपचारिक रूप से डीएसपी पद का नियुक्ति पत्र सौंपा गया, तो वहां मौजूद हर शख्स उनकी सादगी देखकर दंग रह गया। सफलता की बुलंदियों पर पहुंचने के बावजूद दोनों ने अपनी मिट्टी और संस्कारों को नहीं छोड़ा, और अपॉइंटमेंट लेटर लेते ही मुख्यमंत्री के पैर छूकर उनका आभार व्यक्त किया। सोशल मीडिया पर उनकी यह तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिन्हें फैंस द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है। खेल जगत के दिग्गजों और राजनीतिक हस्तियों ने भी दोनों खिलाड़ियों को इस नई पारी के लिए ढेरों बधाइयां दी हैं और उम्मीद जताई है कि वे खेल के साथ-साथ प्रशासनिक सेवा में भी अपनी धाक जमाएंगे।खेल के साथ प्रशासनिक जिम्मेदारी, युवाओं के लिए बने मिसालएक क्रिकेटर से सीधे पुलिस विभाग में राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer) बनने का यह सफर आने वाली पीढ़ी के युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी मिसाल बन गया है। युवाओं को यह संदेश मिलता है कि खेल के क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन करने से न केवल देश का नाम रोशन होता है, बल्कि भविष्य के लिए भी सुरक्षित और गौरवशाली रास्ते खुल जाते हैं। आकाश दीप और मुकेश कुमार की इस उपलब्धि से उनके गृह क्षेत्रों में भी जश्न का माहौल है, और फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि वे आने वाले समय में क्रिकेट पिच पर भी अपनी रफ्तार का जादू बिखेरते रहेंगे और प्रशासनिक मोर्चे पर भी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाएंगे।
धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे पर सीजेपी और सरकार के बीच बात अटकी, शनिवार को फिर होगी बैठक
नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले पर आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और सरकार के बीच शुक्रवार को लंबी बातचीत हुई जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन सकी और सीजेपी ने साफ कहा कि उनका इस्तीफा होने तक आंदोलन जारी रहेगा। […] The post धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे पर सीजेपी और सरकार के बीच बात अटकी, शनिवार को फिर होगी बैठक appeared first on Sabguru News .
भारतीय Gen-Z ने मेलोनी से की पीएम मोदी की शिकायत, छात्र बोले, मोदीजी को समझाओ न प्लीज
सोशल मीडिया पर लोकप्रिय 'Melodi' (मोदी + मेलोनी) ट्रेंड का सहारा लेते हुए भारतीय युवाओं ने मेलोनी के पोस्ट्स के कमेंट सेक्शन को अपने तीखे व्यंग्य, मजेदार रील्स और गुहार से पाट दिया है। कुल मिलाकर छात्रों ने मेलोनी से पीएम मोदी की शिकायत कर डाली। ...
बिहार की राजनीति के चतुर और अनुभवी खिलाड़ी माने जाने वाले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की राजनीतिक चालों को समझना हर किसी के बस की बात नहीं रही है। राजनीतिक गलियारों में हमेशा से लालू यादव के सोशल इंजीनियरिंग और चुनावी मैनेजमेंट के खास फॉर्मूलों की चर्चा होती रही है, जिसमें उनका 'SLL' (Social, Land and Local/Leadership) समीकरण बेहद अहम माना जाता रहा है। लेकिन हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और चुनावी नतीजों के बाद यह सवाल सियासी गलियारों में सबसे बड़ा चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर लालू यादव के इस अचूक फॉर्मूले को उनके उत्तराधिकारी और युवा नेता तेजस्वी यादव पूरी तरह से क्यों नहीं समझ पाए? इस राजनीतिक पहेली के बाद अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि आरजेडी अपनी रणनीति में क्या बड़ा बदलाव करने जा रही है।क्या है लालू यादव का पुराना और अचूक 'SLL' राजनीतिक फॉर्मूला?लालू प्रसाद यादव ने अपने दशकों लंबे राजनीतिक सफर के दौरान बिहार की जमीनी राजनीति को साधने के लिए एक ऐसा मजबूत ताना-बाना बुना था, जिसे 'SLL' या उनके विशिष्ट सामाजिक-राजनीतिक समीकरण के रूप में जाना जाता है। इसमें समाज के हर तबके को जोड़ना, स्थानीय समीकरणों को साधना और जमीन स्तर पर मजबूत पकड़ रखने वाले नेताओं को आगे बढ़ाना शामिल था। इस फॉर्मूले की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि इसमें हर जाति, वर्ग और क्षेत्र के नुमाइंदों को भरोसे में लेकर एक अजेय वोट बैंक तैयार किया जाता था। लालू यादव की इसी शैली के दम पर पार्टी सालों तक बिहार की सत्ता के केंद्र में बनी रही और आज भी उनके इस करिश्माई राजनीतिक कौशल की मिसाल दी जाती है।नई पीढ़ी की राजनीति और तेजस्वी यादव से कहां हुई चूक?समय के साथ राजनीति का स्वरूप बदल चुका है और आज की युवा पीढ़ी या नए दौर के मतदाता केवल पुरानी जातीय लकीरों के सहारे वोट नहीं देते। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेजस्वी यादव ने पार्टी को ए टू जेड (A to Z) पार्टी बनाने की कोशिश तो की और युवाओं को रोजगार जैसे मुद्दों पर फोकस भी किया, लेकिन वे पिता लालू यादव के उस पारंपरिक 'SLL' संतुलन को पूरी तरह से जमीन पर उतारने में कहीं न कहीं असमूक साबित हुए। नए दौर की कॉर्पोरेट स्टाइल राजनीति और सोशल मीडिया के इस युग में जमीनी स्तर के पुराने कार्यकर्ताओं और पारंपरिक रणनीतिक तालमेल के बीच एक खालीपन देखने को मिला, जिसका खामियाजा पार्टी को कई मोर्चों पर भुगतना पड़ा है।अब आगे क्या करेगी आरजेडी? क्या होगा तेजस्वी यादव का नया मास्टरस्ट्रोक?अपनी रणनीतिक कमियों और पुरानी चूकों से सबक लेते हुए अब आरजेडी कैंप में एक बार फिर मंथन का दौर शुरू हो चुका है। पार्टी के भीतर यह चर्चा तेज हो गई है कि आगामी चुनावों और राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए केवल आधुनिक नारों से काम नहीं चलेगा, बल्कि लालू यादव के उस पारंपरिक और पुख्ता जमीनी फॉर्मूले को नए कलेवर में ढालना होगा। तेजस्वी यादव आने वाले दिनों में अपनी पार्टी की कार्यशैली में बड़ा बदलाव कर सकते हैं, जिसमें युवाओं के जोश के साथ-साथ पुराने और अनुभवी नेताओं के अनुभव का मिश्रण देखने को मिल सकता है। बिहार की राजनीति में आरजेडी का यह अगला कदम राज्य के सियासी समीकरणों को पूरी तरह से हिलाकर रख सकता है।
बिहार के राजनीतिक गलियारों और प्रशासनिक तंत्र में इन दिनों एक ही नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, और वह है उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Chaudhary) के नेतृत्व और उनके फैसलों का अंदाज। बिहार में नई सरकार के गठन के बाद से शुरुआती 100 दिन पूरे हो चुके हैं, और इन सौ दिनों के भीतर सम्राट चौधरी ने अपने सख्त तेवर और ताबड़तोड़ एक्शन से पूरे राज्य की राजनीति का नक्शा ही बदल कर रख दिया है। इन 100 दिनों के भीतर सरकार ने विधानसभा में रिकॉर्ड 13 महत्वपूर्ण विधेयक (Bills) पास कराए हैं, तो वहीं दूसरी तरफ कानून-व्यवस्था को पूरी तरह से दुरुस्त करने के लिए अपराधियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 16 बड़े एनकाउंटर को अंजाम दिया गया है। अपराधियों में खौफ और जनता के बीच सुशासन की वापसी का यह दौर अब बिहार की सियासत का सबसे बड़ा हॉट टॉपिक बन चुका है।100 दिनों में 13 धमाकेदार विधेयक और विधानसभा में कड़े फैसलों की बाढ़सम्राट चौधरी के इन शुरुआती 100 दिनों के कार्यकाल की सबसे बड़ी विशेषता उनका विधायी (Legislative) और प्रशासनिक आक्रामक रुख रहा है। सरकार ने अपने विजन को साफ करते हुए महज तीन महीनों के भीतर सदन में कुल 13 नए और ऐतिहासिक विधेयक पेश किए और उन्हें सफलतापूर्वक पास भी कराया। इन विधेयकों का मुख्य उद्देश्य राज्य में शिक्षा व्यवस्था को सुधारना, भूमि विवादों का स्थाई समाधान निकालना, युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलना और सबसे बढ़कर अपराध पर लगाम कसने के लिए कड़े कानून बनाना रहा है। विपक्ष भले ही इन विधेयकों और फैसलों को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा हो, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतनी कम अवधि में इतने बड़े विधायी कदम उठाना किसी भी राजनीतिक इच्छाशक्ति का एक मजबूत उदाहरण है।अपराध पर जीरो टॉलरेंस नीति: 16 एनकाउंटर से कांपे अपराधी, पुलिस को खुली छूटबिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर हमेशा से विपक्ष हमलावर रहा है, लेकिन सम्राट चौधरी ने गृह विभाग या अपने प्रभाव वाले महकमों के जरिए यह साबित कर दिया है कि राज्य में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। इन 100 दिनों के भीतर बिहार पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए राज्यभर में 16 बड़े एनकाउंटर किए हैं। कई कुख्यात अपराधी या तो पुलिस की गोली का शिकार बने हैं या फिर सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। पुलिस की इस बेखौफ कार्रवाई से राज्य के आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है, वहीं दूसरी तरफ अपराध जगत से जुड़े तत्वों के बीच भगदड़ और खौफ का माहौल साफ तौर पर देखा जा सकता है।राजनीतिक नफा-नुकसान और जनता के बीच बढ़ती लोकप्रियता का ग्राफइन 100 दिनों के कामकाज ने सम्राट चौधरी को बिहार की राजनीति के सबसे कद्दावर और फायरब्रांड नेताओं की सूची में ला खड़ा किया है। एक तरफ जहाँ उनके समर्थकों का मानना है कि वे 'योगी मॉडल' की तर्ज पर बिहार में कड़े और त्वरित फैसले ले रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विरोधी दल उनकी कार्यशैली को लेकर लगातार हमलावर हैं। बावजूद इसके, इन 100 दिनों के भीतर जिस गति से विकास कार्य, कड़े प्रशासनिक फेरबदल और अपराधियों पर नकेल कसी गई है, उसने यह तय कर दिया है कि आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति इसी ट्रैक पर आगे बढ़ने वाली है और जनता की उम्मीदें इस नई सरकार से काफी ज्यादा बढ़ चुकी हैं।
देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस की लाठीचार्ज की घटना की आग अब देश के दूसरे हिस्सों में भी तेजी से सुलगने लगी है। इस अमानवीय पुलिस कार्रवाई के विरोध में गुलाबी नगरी जयपुर में युवाओं और छात्रों का गुस्सा खुलकर सड़कों पर आ गया है। जयपुर के बेहद व्यस्त और प्रमुख इलाके जवाहर सर्किल पर देर रात तक सैकड़ों की संख्या में छात्र और युवा इकट्ठा होकर सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते नजर आए। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए युवाओं ने इस बल प्रयोग को पूरी तरह से अलोकतांत्रिक करार दिया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की, जिससे राजधानी का राजनीतिक और प्रशासनिक माहौल गरमा गया है।जंतर-मंतर की घटना से भड़की चिंगारी, जयपुर में एकजुट हुए युवाप्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के वीडियो और खबरें सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई थीं। इस घटना के बाद देश भर के छात्रों में रोष व्याप्त हो गया। इसी कड़ी में जयपुर के विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्र संगठन एकजुट हुए और उन्होंने शाम ढलते ही जवाहर सर्किल पर डेरा डालना शुरू कर दिया। देखते ही देखते वहाँ भारी संख्या में युवा पहुंच गए और शांतिपूर्ण तरीके से मार्च निकालते हुए पुलिसिया दमन के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। छात्रों का कहना है कि अपनी आवाज उठाना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है, लेकिन सरकार और पुलिस बल का प्रयोग करके युवाओं की आवाज को दबाना चाहती है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।देर रात तक गूंजे नारे, ट्रैफिक और सुरक्षा के बीच चौकसी हुई कड़ीजयपुर के जवाहर सर्किल पर छात्रों के इस अचानक और उग्र प्रदर्शन को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन के भी होश उड़ गए। भारी संख्या में युवाओं के जमा होने से आसपास के मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। स्थिति को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल और क्यूआरटी (QRT) के जवानों को तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी छात्रों से समझाइश करने की कोशिश की, लेकिन छात्र अपनी मांगों और लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के निलंबन की जिद पर देर रात तक डटे रहे। युवाओं का यह जोश यह साफ दिखा रहा है कि यह आंदोलन अब सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी अपनी जड़ें फैला रहा है।छात्रों की दो टूक चेतावनी- अगर न्याय नहीं मिला तो होगा और बड़ा आंदोलनजयपुर में हुए इस जोरदार प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र और राज्य सरकारों ने छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करना बंद नहीं किया, तो इस आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने मांग की कि जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज करने वाले सभी दोषी अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाए और घायल छात्रों को उचित मुआवजा दिया जाए। इस विरोध प्रदर्शन के बाद से राजस्थान की सियासत में भी सरगर्मी तेज हो गई है, और विपक्षी दलों ने भी छात्रों के इस समर्थन में आवाज उठानी शुरू कर दी है, जिससे आने वाले दिनों में यह मामला तूल पकड़ सकता है।
भ्रष्टाचार पर सरकार का इनाम!' राजस्थान में शिक्षा सचिव के तबादले पर CJP का तीखा हमला
राजस्थान के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों से इस वक्त एक बड़ी और गरमागरम खबर सामने आ रही है। राज्य में एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और शिक्षा विभाग के सचिव के हालिया तबादले को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इस ट्रांसफर को लेकर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) ने राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला है। हनुमान बेनीवाल ने इस प्रशासनिक फेरबदल को सीधा 'भ्रष्टाचार पर सरकार का इनाम' करार देते हुए तीखा तंज कसा है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि अधिकारियों की ऐसी कार्यप्रणाली के खिलाफ आम जनता और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष आगे भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा।शिक्षा विभाग के इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल पर क्यों भड़के हनुमान बेनीवाल?पूरा मामला राजस्थान के शिक्षा विभाग में हाल ही में हुए प्रशासनिक बदलावों से जुड़ा हुआ है। जब सरकार ने शिक्षा सचिव स्तर के एक प्रमुख अधिकारी का तबादला किया, तो इसके राजनीतिक मायने निकाले जाने लगे। सीजेपी और आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों से इस तबादले पर कड़ा ऐतराज जताया। उनका आरोप है कि यदि किसी अधिकारी के कार्यकाल पर भ्रष्टाचार के गंभीर सवाल उठे थे, तो उसे सजा मिलने के बजाय मनचाही जगह पर पोस्टिंग देना या सुरक्षित करना सीधे तौर पर सिस्टम की कमियों को उजागर करता है। बेनीवाल का यह बयान अब राज्य की सियासत में एक नया भूचाल ला चुका है, जिस पर विपक्षी दल और सरकार समर्थकों के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।'भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी रहेगा कड़ा संघर्ष', आरएलपी सुप्रीमों का ऐलानहनुमान बेनीवाल ने अपने तीखे तेवरों में साफ कर दिया है कि राजस्थान की जनता और खासकर बेरोजगार युवाओं के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे पवित्र विभाग में यदि भ्रष्टाचार या मनमानी को बढ़ावा दिया जाएगा, तो उनकी पार्टी चुप नहीं बैठेगी। सरकार की नीतियों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में पारदर्शी प्रशासन देने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। बेनीवाल ने ऐलान किया है कि वे इस पूरे मामले को जनता के बीच लेकर जाएंगे और भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक अपनी लड़ाई पूरी ताकत से जारी रखेंगे।राजस्थान की सियासत में गर्माया मुद्दा, आगामी दिनों में बढ़ सकता है राजनीतिक टकरावइस तीखे राजनीतिक हमले के बाद से राजस्थान की राजनीति में सरगर्मी काफी बढ़ गई है। एक तरफ जहाँ आरएलपी और अन्य विपक्षी दल सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर रहे हैं, वहीं प्रशासनिक अधिकारियों के तबादलों को लेकर उठ रहे इन सवालों ने सत्ता पक्ष की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा से लेकर जनसभाओं तक एक बड़ा राजनीतिक हथियार बन सकता है, जिससे यह साफ है कि राजस्थान की राजनीति में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक फेरबदल का यह चैप्टर अभी लंबे समय तक सुर्खियों में रहने वाला है।
सिख इतिहास के महान सिद्धांत 'मीरी और पीरी' के पावन दिवस के अवसर पर धार्मिक नगरी अमृतसर में एक बेहद भव्य और उत्साह से भरा नजारा देखने को मिला है। सिखों की सर्वोच्च संस्था श्री अकाल तख्त साहिब से मीरी-पीरी दिवस के मौके पर एक विशाल और पारंपरिक खालसा मार्च (नगर कीर्तन) की शुरुआत की गई है। इस धार्मिक मार्च में बड़ी संख्या में निहंग सिखों, गतका पार्टियों और श्रद्धालुओं ने पूरी आन-बान और शान के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। वाहेगुरु के जयकारों और गंतव्य की ओर बढ़ते इस मार्च का सिख संगत द्वारा जगह-जगह जोरदार स्वागत किया जा रहा है। यह पारंपरिक खालसा मार्च अमृतसर से अपनी पूरी भव्यता के साथ रवाना होकर कल ऐतिहासिक नगरी तरनतारन साहिब पहुंचेगा, जहाँ इसका समापन और विशेष दीवान सजाया जाएगा।श्री अकाल तख्त साहिब से पारंपरिक वाद्य यंत्रों और जयकारों के साथ हुआ आगाजमीरी-पीरी के सिद्धांत के संस्थापक और सिखों के छठे गुरु श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के प्रकाश पर्व व मीरी-पीरी दिवस को समर्पित इस आयोजन की शुरुआत श्री अकाल तख्त साहिब से हुई। सिंह साहिबान और विभिन्न पंथक शख्सियतों की छत्रछाया में अरदास करने के बाद खालसा मार्च की शुरुआत की गई। इस दौरान पारंपरिक शस्त्रों के साथ गतका के जौहर दिखाते नौजवान और खालिसाई बाने में सजे श्रद्धालु आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे। अमृतसर की सड़कों पर गूंजते 'बोले सो निहाल, सत श्री अकाल' के जयकारों ने पूरे वातावरण को पूरी तरह से आध्यात्मिक और ऊर्जावान बना दिया, जिसे देखने के लिए सड़क के दोनों ओर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।सिख इतिहास का अनूठा संदेश है 'मीरी-पीरी', अन्याय के खिलाफ संघर्ष का प्रतीकइतिहासकारों और धार्मिक विद्वानों के अनुसार, 'मीरी' राजनीतिक और सांसारिक प्रभुत्व का प्रतीक है, जबकि 'पीरी' आध्यात्मिक मार्गदर्शन का। सिखों के छठे पातशाही गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने दो तलवारें धारण कर यह संदेश दिया था कि एक सिख को आध्यात्मिक रूप से मजबूत होने के साथ-साथ समाज में हो रहे अन्याय और जुल्म के खिलाफ लड़ने के लिए अपनी रक्षा करने में भी सक्षम होना चाहिए। मीरी-पीरी दिवस का यह पावन पर्व हमें हमेशा दीन-दुखियों की रक्षा करने और सच्चाई के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है। यही वजह है कि इस दिन निकलने वाले इस खालसा मार्च में पंजाब के कोने-कोने से संगत बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही है।कल तरनतारन साहिब पहुंचेगा खालसा मार्च, सुरक्षा और ट्रैफिक के कड़े इंतजामअमृतसर से रवाना हुआ यह भव्य खालसा मार्च विभिन्न गांवों और कस्बों से होते हुए अपनी तय यात्रा पूरी करेगा और कल ऐतिहासिक श्री दरबार साहिब तरनतारन पहुंचेगा। यात्रा के मार्ग में आने वाले सभी पड़ावों पर स्थानीय संगत द्वारा लंगर और चाय-पानी की विशेष व्यवस्था की गई है। इस विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की ट्रैफिक समस्या या असुविधा से बचने के लिए अमृतसर और तरनतारन जिला प्रशासन तथा पुलिस विभाग ने सुरक्षा और रूट डायवर्जन के पुख्ता इंतजाम किए हैं। इस ऐतिहासिक आयोजन से पूरे माझा क्षेत्र में एक बार फिर से धार्मिक और उल्लासपूर्ण माहौल देखने को मिल रहा है।
पेपर लीक पर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला। कैबिनेट ने संशोधन विधेयक को मंजूरी दी। दोषियों के लिए 10 साल की जेल, 10 करोड़ रुपये जुर्माना और फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रावधान।
दक्षिण भारत के सुपरस्टार और हाल ही में राजनीति की दुनिया में धमाकेदार कदम रखने वाले थलापति विजय (Thalapathy Vijay) सिर्फ अपनी फिल्मों और राजनीतिक रैलियों की वजह से ही चर्चा में नहीं रहते, बल्कि उनकी पर्सनल लाइफ और शानदार लाइफस्टाइल भी हमेशा फैंस के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रहती है। सिनेमा जगत से लेकर राजनीति तक का सफर तय करने वाले 'थलापति' का चेन्नई स्थित आलीशान आशियाना किसी शाही महल से कम नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विजय के इस खूबसूरत और हाई-टेक बंगले की कीमत करीब 80 करोड़ रुपए आंकी गई है। कांच की खूबसूरत दीवारों, अत्याधुनिक सुविधाओं और मॉडर्न इंटीरियर से सजे इस घर की तस्वीरें और झलकियां अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होती रहती हैं। आइए अंदर से देखते हैं थलापति विजय के इस सपनों के महल की एक खास झलक।चेन्नई के पॉश इलाके में स्थित है थलापति विजय का यह ड्रीम हाउससाउथ सुपरस्टार थलापति विजय का यह लैविश बंगला चेन्नई के बेहद पॉश और शांत इलाके नील कराई (Neelankarai) में समुद्र के नजदीक स्थित है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो विजय ने अपने इस आशियाने को हॉलीवुड के मशहूर अभिनेता टॉम क्रूज के लॉस एंजिल्स वाले बंगले से प्रेरित होकर डिजाइन करवाया है। इस घर के बाहर खूबसूरत और हरा-भरा लॉन है, जो शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर एक सुकून भरा माहौल देता है। इस आलीशान घर में प्राइवेसी और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है, जिसके चलते यह चारों तरफ से ऊंची दीवारों और आधुनिक सिक्योरिटी सिस्टम से घिरा हुआ है।कांच की दीवारें, शानदार स्विमिंग पूल और घर के अंदर की लग्जरी सुविधाएंथलापति विजय के इस 80 करोड़ के घर के इंटीरियर की बात करें तो इसकी बनावट आधुनिक वास्तुकला (Modern Architecture) का बेहतरीन नमूना है। घर के बड़े-बड़े कमरों में कांच की पारदर्शी दीवारें लगाई गई हैं, जिससे नेचुरल रोशनी पूरे घर में जगमगाती रहती है। इसके अलावा, इस आशियाने में एक बड़ा और शानदार स्विमिंग पूल, इनडोर जिम, प्राइवेट थिएटर और एक विशाल लाइब्रेरी भी मौजूद है। घर की सजावट में मिनिमलिस्टिक और क्लासी लुक का इस्तेमाल किया गया है, जो इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देता है। यहाँ परिवार के साथ समय बिताने के लिए खास ओपन स्पेस भी बनाए गए हैं।फिल्मों से लेकर राजनीति तक, सादगी और शान का अनूठा मेलफिल्मों में करोड़ों दिलों पर राज करने वाले और अपनी फिल्मों से बॉक्स ऑफिस पर सुनामी लाने वाले थलापति विजय अपने परिवार के साथ इसी घर में वक्त बिताना पसंद करते हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) के जरिए राजनीति में पूर्णकालिक प्रवेश किया है, जिसके बाद उनके इस घर के बाहर समर्थकों और फैंस का तांता लगा रहता है। अपनी प्रोफेशनल जिंदगी में जितनी चर्चा उनकी फिल्मों और भाषणों की होती है, उतनी ही चर्चा उनके इस शानदार और आलीशान आशियाने की भी होती है, जो उनके कड़े संघर्ष और सफलता की कहानी बयां करता है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की ऊंची-ऊंची पहाड़ियों का नाम सुनते ही सबसे पहले जेहन में कठिन चढ़ाई, लंबे ट्रेकिंग रूट्स और भारी सामान लादकर चलने की तस्वीरें उभरने लगती हैं। कई बार लोग उम्र, सेहत या समय की कमी के कारण पहाड़ों की असली सुंदरता का लुत्फ उठाने से महरूम रह जाते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि बिना ट्रेक किए हिमालय की ऊंचाइयों तक पहुंचना मुमकिन नहीं है। लेकिन अगर आप भी बिना किसी शारीरिक थकान या लंबी पैदल यात्रा के सीधे बादलों के बीच पहुंचना चाहते हैं, तो हिमालय की गोद में बसे ये जादुई और खूबसूरत गांव आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। सड़क मार्ग से सीधे जुड़े ये ऑफबीट ठिकाने कम मेहनत में आपको जिंदगी भर का यादगार अनुभव देने के लिए बिल्कुल तैयार हैं।चोपता और तुंगनाथ से हटकर जानिए लंगसी और मक्कूमठ जैसे अनजान ठिकानेउत्तराखंड के गढ़वाल मंडल में स्थित कई ऐसे गांव हैं जो अपनी प्राकृतिक भव्यता के लिए जाने जाते हैं, लेकिन वहां सैलानियों की भारी भीड़ नहीं पहुंच पाती। आमतौर पर लोग चोपता पहुंचकर तुंगनाथ का कठिन ट्रेक करते हैं, लेकिन अगर आप बिना ट्रेकिंग के हिमालय के विशाल नजारों का आनंद लेना चाहते हैं, तो चोपता से पहले आने वाले छोटे-छोटे और मनमोहक गांवों का रुख कर सकते हैं। इन जगहों पर वाहन सीधे आपके होटल या होमस्टे के दरवाजे तक पहुंच जाते हैं और खिड़की खोलते ही विशाल बर्फ से ढकी चोटियां आपका स्वागत करती हैं। यहाँ की शांत आबोहवा और स्थानीय संस्कृति पर्यटकों को एक अलग ही मानसिक सुकून देती है।सांगला और छिटकुल: हिमाचल की हसीन वादियों में बिना थके बिताएं सुकून के पलहिमाचल प्रदेश की किन्नौर घाटी में स्थित सांगला और भारत का आखिरी छोर कहे जाने वाले छिटकुल गांव तक पहुंचने के लिए आपको किसी तरह की मुश्किल ट्रेकिंग करने की जरूरत नहीं है। बस और कैब जैसी बेहतरीन सड़क सुविधाओं के जरिए आप सीधे इन अद्भुत वादियों के बीचोंबीच पहुंच सकते हैं। बहती हुई बासपा नदी का कलकल करता पानी, सेब के लदे हुए बाग और लकड़ी के बने पारंपरिक पहाड़ी मकान इस जगह की खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं। यहाँ आप बिना किसी भागदौड़ या थकान के प्रकृति की गोद में बैठकर गर्म चाय की चुस्की के साथ पहाड़ों के असली सौंदर्य को महसूस कर सकते हैं।ऑफबीट ट्रैवलर्स के लिए क्यों खास हैं ये रोड-कनेक्टिविटी वाले पहाड़ी गांवआज के समय में जब लोकप्रिय हिल स्टेशनों पर पर्यटकों का भारी रेला लगा रहता है और गाड़ियां ट्रैफिक जाम में फंसी रहती हैं, तब ये छोटे और सुलभ गांव एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभर रहे हैं। यहाँ न तो प्रदूषण का शोर है और न ही शहर जैसी भागदौड़। आप अपनी गाड़ी से या आसानी से मिलने वाली टैक्सी से सीधे इन लोकेशंस पर पहुंचकर स्थानीय होमस्टे में ठहर सकते हैं। उत्तराखंड और हिमाचल के इन छिपे हुए नगीनों की यात्रा आपके वीकेंड को बिना किसी शारीरिक थकान के बेहद आरामदायक और यादगार बना देगी, जहाँ आप प्रकृति के सबसे करीब खुद को महसूस करेंगे।
नैनीताल, भीमताल और सातताल से हटकर उत्तराखंड की इन 5 खूबसूरत 'हिडन लोकेशन' पर डालें नजर
उत्तराखंड की हसीन वादियों में जब भी घूमने की बात आती है, तो सबसे पहले पर्यटकों की जुबान पर नैनीताल, भीमताल और सातताल जैसे मशहूर तालों का ही नाम आता है। यही वजह है कि सालभर इन लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर सैलानियों का भारी रेला लगा रहता है, जिससे कई बार वहां वह सुकून और शांति नहीं मिल पाती जिसकी तलाश में लोग पहाड़ों की तरफ रुख करते हैं। अगर आप भी इस बार की छुट्टियों या वीकेंड पर किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं जहाँ प्राकृतिक सुंदरता अपनी पूरी रोनक के साथ बिखरती हो और जहाँ आम टूरिस्टों की भीड़भाड़ न के बराबर हो, तो उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के आस-पास मौजूद ये छिपे हुए खूबसूरत ठिकाने (Hidden Gems) आपके लिए एकदम परफेक्ट साबित हो सकते हैं। आइए जानते हैं इन गुप्त और अद्भुत जगहों के बारे में।नौकुचियाताल और खुर्पाताल से आगे, प्रकृति की गोद में बसा नौकुचियाताल का शांत कोनानैनीताल जिले की भीड़भाड़ से थोड़ी ही दूरी पर स्थित नौकुचियाताल और उसके आसपास के इलाके अभी भी अपनी कुंवारी खूबसूरती के लिए पहचाने जाते हैं। नौ कोणों वाले इस रहस्यमयी ताल के चारों ओर फैले हरे-भरे जंगल और चीड़ के लंबे पेड़ सैलानियों का मन मोह लेते हैं। यहाँ की आबोहवा में एक ऐसा सुकून है जो आपको शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी से पूरी तरह दूर ले जाता है। बर्ड वॉचिंग (पक्षी प्रेमियों) और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है, क्योंकि यहाँ आपको दुर्लभ प्रजाति के पक्षी और एकांत में बहती ठंडी हवा का अहसास आसानी से मिल जाएगा।मुक्तेश्वर के पास छुपा 'भेड़ाघाट' और पंगनाथ की हसीन वादियाँमुक्तेश्वर और रामगढ़ की पहाड़ियों के बीच कुछ ऐसी छोटी और अनजान जगहें छिपी हैं, जहाँ कम ही पर्यटकों की नजर पहुंच पाती है। मुक्तेश्वर के मुख्य बाजार से थोड़ा आगे बढ़ने पर ऐसी कई घाटियां और ट्रेकिंग ट्रेल्स मिलते हैं, जो सीधे बादलों के बीच ले जाते हैं। यहाँ से बर्फ से ढकी हिमालय की विशाल चोटियों का जो विहंगम नजारा दिखाई देता है, वह नैनीताल की भीड़ में बैठकर कभी नहीं मिल सकता। स्थानीय संस्कृति और पहाड़ी जीवनशैली को बेहद करीब से देखने के लिए इन अनछुए गांवों की यात्रा करना किसी रोमांचक अनुभव से कम नहीं है।रामगढ़ और सतखोल: सेब के बागों के बीच बसा एक अनदेखा स्वर्गनैनीताल जिले का ही रामगढ़ अपनी ठंडी जलवायु और मीठे फलों के बागों के लिए जाना जाता है, लेकिन इसके भीतर बसा 'सतखोल' नाम का छोटा सा गांव अभी भी पर्यटकों की नजरों से काफी हद तक ओझल है। सतखोल में आपको बड़े-बड़े सेब, आड़ू और खुबानी के बाग मिलेंगे, जहाँ आप प्रकृति के बीच शांति से कुछ वक्त बिता सकते हैं। यहाँ होमस्टे कल्चर तेजी से विकसित हो रहा है, जहाँ आपको शुद्ध पहाड़ी खाना और स्थानीय आतिथ्य का अनूठा अनुभव मिलेगा। वीकेंड पर बिना किसी शोर-शराबे के मानसिक शांति पाने के लिए यह लोकेशन उत्तराखंड के सबसे बेहतरीन विकल्पों में से एक है।
क्रिकेट की दुनिया के 'भगवान' कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने मैदान पर तो अनगिनत रिकॉर्ड अपने नाम किए ही हैं, लेकिन उनका जीवन खेल के मैदान से बाहर भी करोड़ों युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा रहा है। हाल ही में सचिन तेंदुलकर ने अपने जीवन से जुड़ा एक ऐसा किस्सा साझा किया, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। एक सार्वजनिक मंच पर अपने पुराने दिनों को याद करते हुए सचिन ने कहा कि 'मेरे पिता एक प्रोफेसर थे', और उनके संस्कारों ने ही मुझे जमीन से जुड़े रहना सिखाया। अपनी इस बातचीत के दौरान उन्होंने शिक्षा, असफलता और जिंदगी के उन महत्वपूर्ण पाठों पर खुलकर बात की जो आज के दौर के युवाओं और बच्चों के लिए किसी अमूल्य सीख से कम नहीं हैं।जब सचिन तेंदुलकर ने याद किए अपने पिता के सिखाए गए कड़े अनुशासन के पाठसचिन तेंदुलकर ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि उनके पिता स्वर्गीय रमेश तेंदुलकर एक जाने-माने मराठी कवि और प्रोफेसर थे। घर का माहौल पूरी तरह से साहित्यिक, अनुशासित और सादगी से भरा हुआ था। सचिन ने साझा किया कि एक प्रोफेसर का बेटा होने के बावजूद लोग अक्सर यह उम्मीद करते थे कि वे पढ़ाई में ही सबसे आगे रहेंगे, लेकिन उनका पूरा ध्यान क्रिकेट की पिच पर रहता था। इसके बावजूद उनके पिता ने कभी उन पर जबरन पढ़ाई का दबाव नहीं बनाया, बल्कि उन्हें अपने सपनों को पूरा करने की पूरी छूट दी। हालांकि, उन्होंने यह भी सिखाया कि आप जीवन में जो भी काम करें, उसमें पूरी ईमानदारी और मेहनत होनी चाहिए।'फेल होना बिल्कुल ठीक है, लेकिन कोशिश करना न छोड़ें'इस बातचीत के दौरान सचिन तेंदुलकर ने आज की युवा पीढ़ी और बच्चों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव (Stress and Pressure) पर बेहद गहरी बात कही। उन्होंने कहा कि आज के समय में बच्चे जरा सी असफलता से घबरा जाते हैं या डिप्रेशन में आ जाते हैं। सचिन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जीवन में किसी परीक्षा या काम में फेल हो जाना या असफल होना कोई पाप नहीं है, यह बिल्कुल ठीक है। असफलता ही सफलता की पहली सीढ़ी होती है और गलतियों से ही इंसान सीखता है। असली हार तब होती है जब आप डरकर कोशिश करना ही छोड़ देते हैं। उनका यह पॉजिटिव नजरिया छात्रों और खेल प्रेमियों के दिलों को छू गया।असफलता से सीख लेकर कैसे आगे बढ़ें युवा पीढ़ीमास्टर ब्लास्टर का यह संदेश आज के अत्यधिक प्रतिस्पर्धा वाले दौर में बहुत प्रासंगिक है, जहां बच्चों पर हमेशा अव्वल आने का दबाव रहता है। सचिन ने अपने क्रिकेट करियर का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने अपने खेल जीवन में कई बार खराब दौर और शून्य पर आउट होने का सामना किया, लेकिन हर असफलता ने उन्हें और अधिक मजबूत बनाया। माता-पिता और बच्चों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सफलता की राह कभी सीधी नहीं होती, उसमें उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। जरूरी यह है कि आप अपनी गलतियों से सीख लें और पूरी ऊर्जा के साथ एक नई शुरुआत करें।
नीट पेपर लीक मामले पर CJP और केंद्र सरकार के बीच अहम बैठक हुई। संगठन ने तीन प्रमुख मांगें रखीं और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सरकार को शनिवार तक का समय दिया गया।
जिन्होंने खेले सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैच; 13 साल से अटूट है सचिन तेंदुलकर का यह महारिकॉर्ड
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में मैदान पर लंबे समय तक टिके रहना और अपनी फिटनेस के दम पर देश के लिए रिकॉर्डों का अंबार लगाना हर खिलाड़ी का सपना होता है। क्रिकेट के लंबे करियर के दौरान कई बड़े खिलाड़ियों ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और शानदार तकनीक से लोहा मनवाया है, लेकिन कुछ ही ऐसे लीजेंड्स रहे हैं जिन्होंने अपने खेल के सफर को दशकों तक खींचा है। बात जब सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेलने की आती है, तो क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर का नाम सबसे ऊपर आता है। उनके नाम दर्ज यह महारिकॉर्ड पिछले 13 सालों से ऐसा अटूट किला बना हुआ है, जिसे आज तक दुनिया का कोई भी बल्लेबाज भेद नहीं पाया है। आइए जानते हैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले दुनिया के उन 5 महान बल्लेबाजों के बारे में।सचिन तेंदुलकर: क्रिकेट जगत का वह शिखर जिसे छूना नामुमकिनइस फेरबलिस्त में सबसे पहला और सर्वोपरि नाम भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का आता है। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने अपने ऐतिहासिक करियर के दौरान कुल 664 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले (टेस्ट, वनडे और टी20 मिलाकर) खेले हैं। साल 2013 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने वाले सचिन तेंदुलकर का यह रिकॉर्ड पिछले 13 वर्षों से पूरी तरह सुरक्षित और अटूट बना हुआ है। उनकी लंबी फिटनेस, खेल के प्रति समर्पण और लगातार रन बनाने की भूख का ही नतीजा है कि आज भी कोई सक्रिय खिलाड़ी इस जादुई आंकड़े के आसपास भी नहीं पहुंच पा रहा है।महेला जयवर्धने और रिकी पोंटिंग: दिग्गजों की इस लिस्ट में दूसरे और तीसरे पायदान पर नामश्रीलंका के पूर्व दिग्गज कप्तान और स्टाइलिश बल्लेबाज महेला जयवर्धने इस सूची में दूसरे स्थान पर काबिज हैं। उन्होंने अपने शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 652 मैच खेले और अपनी टीम के लिए कई यादगार पारियां खेलीं। वहीं, ऑस्ट्रेलिया को अपनी कप्तानी में दो बार विश्व कप जिताने वाले महान बल्लेबाज रिकी पोंटिंग इस फेहरिस्त में तीसरे नंबर पर आते हैं। पोंटिंग ने अपने लंबे और यशस्वी करियर में कुल 560 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। इन खिलाड़ियों का नाम क्रिकेट इतिहास के सबसे अनुशासित और जुझारू खिलाड़ियों में शुमार किया जाता है।विराट कोहली और अन्य सक्रिय खिलाड़ी: क्या कोई तोड़ पाएगा यह महान रिकॉर्ड?सूची में आगे बढ़ते हुए पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और धाकड़ बल्लेबाज शोएब मलिक (446 मैच) और भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली जैसे दिग्गजों का नाम आता है। मौजूदा दौर के आधुनिक क्रिकेट में फिटनेस के नए आयाम गढ़ने वाले विराट कोहली ने भी सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय मैच खेल लिए हैं और वे लगातार इस फेहरिस्त में ऊपर आ रहे हैं। हालांकि, जिस तरह से आज के समय में खिलाड़ियों का वर्कलोड मैनेजमेंट किया जाता है और अलग-अलग फॉर्मेट्स से खिलाड़ी संन्यास ले लेते हैं, उसे देखकर क्रिकेट पंडितों का मानना है कि सचिन तेंदुलकर के 664 मैचों के इस महारिकॉर्ड को तोड़ना भविष्य में लगभग असंभव सा नजर आता है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर उस दौर में दाखिल हो चुकी है, जहां हर एक खामोशी के पीछे किसी बड़े राजनीतिक भूचाल के संकेत छिपे होते हैं। साल 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही सूबे का सियासी पारा हाई होने लगा है। इस बीच सबसे बड़ा और पेचीदा सवाल हर राजनीतिक विश्लेषक की जुबान पर है कि आखिर बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती की चुप्पी का राज क्या है? जहां एक तरफ सत्ताधारी बीजेपी और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी व कांग्रेस अपनी-अपनी रैलियों और बयानों से मैदान गरमाए हुए हैं, वहीं मायावती का इस तरह से पर्दे के पीछे रहकर रणनीति बनाना विरोधी दलों की नींद उड़ाए हुए है।बसपा सुप्रीमो की खामोशी के मायने और यूपी का बदला हुआ राजनीतिक समीकरणउत्तर प्रदेश की राजनीति के इतिहास में मायावती को एक मंझी हुई और चौंकाने वाले फैसले लेने वाली नेता के रूप में जाना जाता है। जब-जब राजनीतिक पंडितों ने यह मान लिया कि बसपा कमजोर हो रही है, तब-तब पार्टी ने जमीन पर अपने कैडर के जरिए बड़ा उलटफेर किया है। इस बार 2027 के चुनाव से पहले मायावती का मीडिया के सामने कम आना और सीधे तौर पर रोजाना के बयानों से दूरी बनाना एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी से जुड़े सूत्र बताते हैं कि बीएसपी इस वक्त सोशल इंजीनियरिंग के अपने पुराने और अचूक फॉर्मूले को नए कलेवर में ढालने में जुटी है, ताकि बिना शोर शराबे के सीधे ग्राउंड जीरो पर वोट बैंक को मजबूत किया जा सके।विरोधी दलों की क्यों बढ़ी बेचैनी, क्या त्रिकोणीय मुकाबले में फिर पलटेगा पासा?अखिलेश यादव का पीडीए (PDA) समीकरण और एनडीए की आक्रामक चुनावी तैयारियों के बीच मायावती की यह खामोश चाल सभी दलों के लिए सिरदर्द बन गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बसपा का दलित वोट बैंक आज भी अपनी जगह इंटैक्ट है और यदि पार्टी ने चुनाव के वक्त मुस्लिम या अन्य पिछड़ी जातियों को अपने पाले में साधने में थोड़ी भी कामयाबी हासिल कर ली, तो मुकाबला बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय हो जाएगा। यही वजह है कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के भीतर इस बात की गहरी बेचैनी है कि कहीं बसपा का यह गुप्त मंथन उनके समीकरणों को बिगाड़ न दे, जबकि बीजेपी भी फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।जमीन पर चल रहा है साइलेंट कैंपेन और जनता के बीच क्या है चर्चाभले ही टेलीविजन डिबेट्स और बड़े मंचों पर मायावती इन दिनों कम नजर आ रही हों, लेकिन बहुजन समाज पार्टी का जमीनी कैडर गांव-गांव और बूथ स्तर पर अपनी तैयारियों को पुख्ता करने में लगा है। पार्टी के पुराने निष्ठावान कार्यकर्ताओं को लगातार यह निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना किसी शोर के सीधे जनता के बीच जाएं और सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े करें। उत्तर प्रदेश की आम जनता के बीच अब यह चर्चा आम हो चली है कि 'का कहत बा यूपी?' और क्या इस बार मायावती कोई बड़ा सियासी सरप्राइज देने वाली हैं। आने वाले दिनों में बसपा के इस खामोश तेवर का असर यूपी की राजनीति पर क्या होगा, इस पर देश भर की निगाहें टिकी हुई हैं।
भारतीय राष्ट्रीय राजनीति के गलियारों में इन दिनों सियासी समीकरण तेजी से बदलते हुए नजर आ रहे हैं। पश्चिम बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी के राजनीतिक कद और प्रभाव में आई सुस्ती के बाद अब राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष के नए चेहरे के रूप में समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का नाम बहुत तेजी से उभर रहा है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और पार्टी आलाकमान की तरफ से भी अखिलेश यादव को लगातार मिल रहे खुलकर समर्थन ने इस राजनीतिक चर्चा को और अधिक हवा दे दी है। क्षेत्रीय क्षत्रपों के बीच संतुलन साधते हुए अखिलेश की बढ़ती स्वीकार्यता ने विपक्षी इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) के भीतर नए नेतृत्व की सुगबुगाहट को तेज कर दिया है।क्षेत्रीय राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय फलक पर कैसे मजबूत हो रहे अखिलेश यादवकभी उत्तर प्रदेश की क्षेत्रीय सीमाओं और जातिगत समीकरणों तक सीमित माने जाने वाले अखिलेश यादव ने पिछले कुछ समय से अपनी राजनीतिक रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। पीडीए (PDA - पिछड़ा, दलित, अल्संख्यक) फॉर्मूले के जरिए उन्होंने यूपी में जो सियासी जमीन तैयार की है, उसने राष्ट्रीय स्तर के तमाम विपक्षी दलों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। संसद से लेकर सड़क तक केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख और मुद्दों पर बेबाक बयानबाजी ने उन्हें विपक्षी खेमे के सबसे भरोसेमंद और मुखर युवा चेहरों में ला खड़ा किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ममता बनर्जी के अपने राज्य की आंतरिक राजनीतिक व्यस्तताओं में घिरने के बाद खाली हुई जगह को भरने में अखिलेश तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।राहुल गांधी के साथ बढ़ती ट्यूनिंग और इंडिया गठबंधन का नया समीकरणकांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बीच का तालमेल इन दिनों राजनीतिक गलियारों में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है। चुनाव के दौरान शुरू हुई यह सियासी दोस्ती अब एक मजबूत राजनीतिक गठबंधन और आपसी भरोसे में बदल चुकी है। राहुल गांधी द्वारा अखिलेश यादव की रणनीतियों और उनके नेतृत्व को दिए जा रहे खुले समर्थन से यह साफ हो गया है कि विपक्षी गठबंधन आगामी राष्ट्रीय चुनौतियों का सामना करने के लिए सामूहिक और युवा नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच इस सहज तालमेल से विपक्ष को उत्तर भारत के सबसे बड़े सूबे यानी उत्तर प्रदेश में एक नई और आक्रामक धार मिलती दिखाई दे रही है।विपक्षी खेमे में नेतृत्व की रेस और आने वाले दिनों की सियासी चालेंजैसे-जैसे देश में अगले राजनीतिक पड़ाव और चुनावों की सुगबुगाहट तेज हो रही है, वैसे-वैसे विपक्ष के भीतर पीएम पद या प्रमुख चेहरे की दावेदारी को लेकर अंदरखाने चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। ममता बनर्जी जैसे पुराने दिग्गज नेताओं के अपने बयानों या क्षेत्रीय सीमाओं में सिमटने की चर्चा के बीच अखिलेश यादव का लगातार मजबूत होना विपक्षी दल की बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाता है। यदि यह समीकरण इसी तरह बरकरार रहा, तो आने वाले राष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्य में अखिलेश यादव विपक्ष के सबसे प्रमुख और निर्णायक चेहरों में से एक बनकर उभर सकते हैं, जिस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।
जोक्स ….. वो पड़ोसन से मेरी शिकायत कर रही थीं
1.सुबह-सुबह सास ने बहू से कहा, “बहू, आज चाय में पहले जैसी बात नहीं है।” बहू मुस्कुराकर बोली, “मम्मीजी, पहले वाली चाय तो तब बनती थी, जब आप सुबह मुझे प्यार से उठाती थीं।” सास ने हैरानी से पूछा, “मैंने कब प्यार से उठाया?” बहू बोली, “इसलिए तो चाय में पहले जैसी बात नहीं रही!” […] The post जोक्स ….. वो पड़ोसन से मेरी शिकायत कर रही थीं appeared first on Sabguru News .
उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावी सरगर्मियों के तेज होते ही सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक अधिकारियों पर अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जनता की शिकायतों और प्रशासनिक सुस्ती पर सख्त रुख अपनाते हुए सीएम योगी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी या टेंशन हुई, तो संबंधित अधिकारियों की बिल्कुल खैर नहीं होगी। मुख्यमंत्री के इस तेवर से साफ जाहिर है कि चुनाव से पहले सरकार किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है और जनता की संतुष्टि ही इस बार प्रशासन का सबसे बड़ा पैमाना होगी।जनता की नाराजगी सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी: सीएम योगी का कड़ा संदेशसमीक्षा बैठकों और जनसुनवाई के दौरान लगातार मिल रही शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और विभागीय प्रमुखों को कड़ी हिदायत दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे धरातल पर पहुंचना चाहिए और आम नागरिकों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना हर अधिकारी की पहली और मुख्य जिम्मेदारी है। यदि किसी स्तर पर जनता को उत्पीड़न या लापरवाही का सामना करना पड़ा, तो सीधे तौर पर उस इलाके के जिम्मेदार अफसरों पर गाज गिरेगी।चुनावी तैयारियों के बीच प्रशासनिक कसावट और ग्राउंड जीरो का फीडबैकराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी चुनावों के मद्देनजर सीएम योगी का यह सख्त रुख सियासी और प्रशासनिक दोनों दृष्टियों से बेहद अहम है। सरकार चाहती है कि चुनाव से पहले जनता के बीच शासन की छवि पूरी तरह साफ-सुथरी और जनहितैषी बनी रहे। इसके लिए लगातार ग्राउंड जीरो से फीडबैक लिया जा रहा है और लापरवाह अधिकारियों को या तो सुधरने या मैदान छोड़ने की चेतावनी दी जा रही है। पुलिस और प्रशासनिक महकमे में इस हाई-वोल्टेज आदेश के बाद से हड़कंप मच गया है और सभी अधिकारी जनता की समस्याओं के निस्तारण में तेजी से जुट गए हैं।जनता के लिए राहत की उम्मीद और अफसरों की बड़ी जिम्मेदारीमुख्यमंत्री के इस कड़े संदेश के बाद आम जनता के मन में यह उम्मीद जगी है कि अब प्रशासनिक अमला उनकी सुनेगा और फाइलों में अटके काम तेजी से पूरे होंगे। जनता और प्रशासन के बीच की दूरी को पाटने के लिए सरकार ने फील्ड विजिट और जनसुनवाई पोर्टलों की मॉनिटरिंग भी और अधिक कड़ी कर दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सीएम योगी के इस कड़क आदेश का मैदानी स्तर पर अधिकारियों के कामकाज पर कितना असर पड़ता है, लेकिन इतना तय है कि आने वाले दिनों में लापरवाही बरतने वाले अफसरों के लिए नौकरी करना आसान नहीं रहने वाला है।
बैठकर पेशाब करना बेहतर है या खड़े होकर? डॉक्टर ने किया हैरान करने वाला खुलासा
हमारी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी कई ऐसी आदतें होती हैं, जिन्हें हम बिना सोचे-समझे सालों से अपनाते आ रहे हैं। इन्हीं में से एक बेहद सामान्य आदत पेशाब करने की मुद्रा यानी पोजीशन (Posture) से जुड़ी हुई है। अक्सर पुरुषों के बीच यह बहस का विषय रहता है कि उन्हें खड़े होकर पेशाब करना चाहिए या बैठकर। हाल ही में स्वास्थ्य विशेषज्ञों और यूरोलॉजिस्ट्स ने इस विषय पर एक चौकाने वाली मेडिकल रिसर्च सामने रखी है। डॉक्टरों का कहना है कि पेशाब करने का तरीका सिर्फ आपके ब्लैडर (मूत्राशय) की सेहत को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि इसका सीधा असर आपके जोड़ों, घुटनों और रीढ़ की हड्डी पर भी पड़ सकता है।खड़े होकर पेशाब करने के क्या हैं नुकसान और इसका जोड़ों पर असरआधुनिक जीवनशैली में खड़े होकर पेशाब करना बहुत आम हो गया है, लेकिन मेडिकल साइंस के दृष्टिकोण से यह तरीका लंबे समय में शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। जब कोई व्यक्ति खड़े होकर पेशाब करता है, तो उसके शरीर का निचला हिस्सा और पेल्विक फ्लोर (Pelvic Floor) की मांसपेशियां पूरी तरह से रिलैक्स नहीं हो पाती हैं। इसके अलावा, खड़े होने की स्थिति में शरीर का पूरा वजन रीढ़ की हड्डी और पैरों के जोड़ों पर पड़ता है। जो लोग पहले से ही अर्थराइटिस या घुटनों के दर्द (Joint Pain) से जूझ रहे हैं, यदि वे गलत पोश्चर में लंबे समय तक खड़े रहते हैं, तो उनकी यह आदत जोड़ों के दर्द को और अधिक गंभीर बना सकती है।बैठकर पेशाब करना क्यों माना जाता है वैज्ञानिक और शारीरिक रूप से बेहतरविशेषज्ञों का कहना है कि शारीरिक बनावट के लिहाज से बैठकर पेशाब करना सबसे प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक तरीका है। जब आप बैठकर पेशाब करते हैं, तो पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां पूरी तरह से तनावमुक्त हो जाती हैं, जिससे मूत्राशय (Bladder) पर किसी प्रकार का अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता। इससे ब्लैडर पूरी तरह खाली हो जाता है और भविष्य में यूटीआई (UTI), प्रोस्टेट से जुड़ी समस्याएं और किडनी पर पड़ने वाला दबाव काफी हद तक कम हो जाता है। साथ ही, इस पोजीशन से रीढ़ की हड्डी और जोड़ों को भी आराम मिलता है, जिससे शरीर का संतुलन बेहतर बना रहता है।जोड़ों को सुरक्षित रखने और बेहतर सेहत के लिए क्या अपनाएं आदतेंशरीर को स्वस्थ और बीमारियों से दूर रखने के लिए छोटी-छोटी शारीरिक आदतों में बदलाव करना बहुत जरूरी होता है। डॉक्टरों की सलाह है कि पुरुषों को भी खासकर उम्र बढ़ने के साथ या जोड़ों के दर्द की समस्या होने पर बैठकर पेशाब करने की आदत अपनानी चाहिए। यह न केवल आपके मस्कुलोस्केलेटल सिस्टम (मांसपेशियों और हड्डियों के तंत्र) को सुरक्षित रखता है, बल्कि आंतरिक अंगों की कार्यप्रणाली को भी दुरुस्त रखता है। स्वास्थ्य से जुड़ी इन छोटी सावधानियों को अपनाकर आप अपने जोड़ों के दर्द को गंभीर होने से बचा सकते हैं और एक स्वस्थ जीवनशैली जी सकते हैं।
मानसूनी बरसात में बनाएं ये स्पेशल रेसिपीज
बारिश का मौसम यूं भी सुहावना होता है। ऐसे में कुछ गरमा गरम और स्वादिष्ट खाने को मिल जाए तो सोने मे सुहागा हो जाता है। तो फिर देर किस बात की आईए बारिश की रिमझिमम के बीच शानदार मौसम में कुछ स्पेशल हो जाए। 1. मसाला प्याज पकोड़ा विधि सबसे पहले 3 बड़े प्याज […] The post मानसूनी बरसात में बनाएं ये स्पेशल रेसिपीज appeared first on Sabguru News .
मेधावी विद्यार्थियों के लिए मध्यप्रदेश में सस्ती होगी मेडिकल शिक्षा
डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले स्टूडेंट्स के लिए बड़ी राहत की खबर है। नीट मेरिट में स्थान पाने वाले मेधावी विद्यार्थियों के लिए मध्यप्रदेश में मेडिकल शिक्षा सस्ती होने जा रही है। मेरिट में आने वाले स्टूडेंट्स की फीस में एक-तिहाई की कमी होने के आसार ...
दिल्ली में CJP प्रदर्शन के बीच DMRC ने नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन भी बंद कर दिया। अब कुल 18 मेट्रो स्टेशन प्रभावित हैं। जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी, सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्त किया।
अंगुल गैंगरेप मामले में 4 दोषियों को 20 साल की कठोर कैद की सज़ा
भुवनेश्वर। ओडिशा में अंगुल की फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय ने 21 वर्षीय महिला और एक नाबालिग लड़की के साथ 2024 के अंगुल गैंगरेप मामले में सभी चार आरोपियों को 20 साल की कठोर कैद की सज़ा सुनाई है। अंगुल के अतिरिक्त ज़िला और सत्र न्यायाधीश (फ़ास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय) ने शुक्रवार को चार आरोपियों को […] The post अंगुल गैंगरेप मामले में 4 दोषियों को 20 साल की कठोर कैद की सज़ा appeared first on Sabguru News .
नीट पेपर लीक से जुड़ी याचिकाओं पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार ने अदालत को भरोसा दिलाया कि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए व्यापक सुधार किए जा रहे हैं।
भीलवाड़ा : खेत में बिजली गिरने से बुजुर्ग और बालिका की मौत
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा के रायपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार को बिजली गिरने से नाना और उनकी सात वर्षीय दोहिती की मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शव रायपुर अस्पताल के शवगृह में रखवाए। शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव सौंप दिए गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार […] The post भीलवाड़ा : खेत में बिजली गिरने से बुजुर्ग और बालिका की मौत appeared first on Sabguru News .
NEET प्रदर्शन विवाद : पुलिस लाठीचार्ज वाली याचिका मामले में क्यों भड़के CJI सूर्यकांत?
CJI Surya Kant: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के मामले में सुनवाई को लेकर मीडिया में चल रही खबरों का सख्ती से खंडन किया है। CJI ने उन दावों को पूरी तरह भ्रामक और 'लापरवाह' करार दिया है, ...
बहराइच में मासूम बालक के साथ कुकर्म और हत्या के दोषी को मृत्यु दंड
बहराइच। उत्तर प्रदेश में बहराइच जिले की एक विशेष अदालत ने सात वर्षीय बालक के साथ दुष्कर्म कर उसकी निर्मम हत्या करने के मामले में दोषी अभियुक्त को घटना के लगभग दो माह के भीतर मृत्यु दण्ड की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर एक लाख रुपए का अर्थदण्ड भी लगाया गया है। […] The post बहराइच में मासूम बालक के साथ कुकर्म और हत्या के दोषी को मृत्यु दंड appeared first on Sabguru News .
दिल्ली में Gen-Z का ‘मीम वार’, NEET लीक के खिलाफ सड़कों पर शेयर हुआ क्रिएटिविटी और ह्यूमर का डोज
जंतर-मंतर और दिल्ली की सड़कों पर आमतौर पर गंभीर और भारी-भरकम नारों वाली रैलियां देखने को मिलती हैं, लेकिन नीट (NEET) विवाद को लेकर जब Gen-Z छात्र सड़कों पर उतरे, तो विरोध का अंदाज बिल्कुल बदल गया। रोष वही था, गुस्सा उतना ही गहरा, लेकिन अपनी बात कहने ...
छात्र आंदोलन को लेकर सोनिया गांधी बोलीं, उनके साथ खड़ा होना हमारा राजनीतिक और संवैधानिक कर्तव्य
कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को परीक्षा के पेपर लीक होने को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन से निपटने के केंद्र सरकार के तरीके की आलोचना की और आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था गहरे संकट का सामना कर रही है।
महंगे क्रूड के बावजूद Reliance मचाएगा धमाल? ब्रोकरेज ने दिया 22% की तगड़ी तेजी का टारगेट
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव और बढ़ते दामों ने जहां एक तरफ दुनिया भर की तेल कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है, वहीं भारतीय बाजार के दिग्गज स्टॉक रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) को लेकर एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आ रही है। बाजार के एक्सपर्ट्स और दिग्गज ब्रोकरेज हाउसेज का मानना है कि चालू वित्त वर्ष में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें रिलायंस की कमाई की रफ्तार को ब्रेक नहीं लगा पाएंगी, बल्कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। इसी मजबूत आउटलुक के दम पर ब्रोकरेज ने स्टॉक में मौजूदा स्तरों से करीब 22% से ज्यादा के बंपर अपसाइड पोटेंशियल के साथ निवेश करने की बड़ी सलाह दे दी है।कच्चे तेल की महंगाई के बीच क्यों मजबूत है रिलायंस की स्थितिआमतौर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें उन कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बनाती हैं जो तेल रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स (O2C) के कारोबार से जुड़ी हैं। हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज का बिजनेस मॉडल अब केवल तेल तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह एक विशाल तेल-से-टेलीकॉम और रिटेल ग्रुप बन चुका है। ब्रोकरेज फर्मों की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) में सुधार देखने को मिल रहा है और वैश्विक स्तर पर डीजल व गैसोलीन की मजबूत मांग का सीधा फायदा रिलायंस की रिफाइनरियों को मिल रहा है। इसके अलावा, कंपनी ने हाल ही में अपने ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस के परिचालन को और अधिक आधुनिक और लागत-प्रभावी बनाया है, जिससे महंगे क्रूड के असर को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।जियो और रिटेल बिजनेस से मिलेगा कमाई को असली बूस्टबाजार विश्लेषकों का यह भी कहना है कि अगर ओ2सी (O2C) सेगमेंट में कच्चे तेल की वजह से थोड़ा बहुत दबाव आता भी है, तो उसकी पूरी भरपाई रिलायंस के दो सबसे मजबूत कंज्यूमर बिजनेस—रिलायंस जियो (Jio) और रिलायंस रिटेल (Retail) आसानी से कर देंगे। जियो के प्रति यूजर औसत रेवेन्यू (ARPU) में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और 5G रोलआउट के बाद डेटा की खपत बढ़ने से कंपनी का प्रॉफिट मार्जिन काफी मजबूत हुआ है। ठीक इसी तरह, त्योहारी सीजन और ग्रामीण इलाकों में मांग सुधरने की वजह से रिलायंस रिटेल के स्टोर्स से भी रिकॉर्ड कमाई की उम्मीद जताई जा रही है। यही वजह है कि विश्लेषक इस शेयर को लेकर पूरी तरह से बुलिश नजर आ रहे हैं।ब्रोकरेज का बड़ा दावा और निवेशकों के लिए कमाई का मौकाग्लोबल और डोमेस्टिक ब्रोकरेज हाउसेज ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के स्टॉक पर अपनी 'BUY' रेटिंग को बरकरार रखते हुए इसका नया टारगेट प्राइस तय कर दिया है, जो इसके मौजूदा मार्केट प्राइस से लगभग 22% ऊपर है। तकनीकी चार्ट पर भी यह शेयर अपने महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल्स से बाउंस बैक करने के लिए तैयार दिख रहा है। ऐसे में बाजार के जानकारों का कहना है कि जो निवेशक लंबी अवधि के लिए अपने पोर्टफोलियो में एक सुरक्षित और लगातार रिटर्न देने वाला लार्ज-कैप शेयर जोड़ना चाहते हैं, उनके लिए यह गिरावट में खरीदारी करने का एक बेहतरीन मौका साबित हो सकता है।
शेयर बाजार में हाहाकार! Sensex 800 अंक टूटा, Nifty 23,600 के नीचे फिसला
भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त बिकवाली का दौर देखने को मिला, जिससे चारों तरफ हाहाकार मच गया। बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव इतना बढ़ गया कि सेंसेक्स (Sensex) देखते ही देखते 800 अंकों से ज्यादा धराशायी हो गया। वहीं, निफ्टी (Nifty) ने भी अपनी महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक बढ़त खो दी और यह 23,600 के स्तर से नीचे फिसल गया। इस अचानक आई गिरावट से निवेशकों के करोड़ों रुपये मिनटों में स्वाहा हो गए।ऑटो और रियल्टी सेक्टर में सबसे बड़ी सेंधबाजार में मची इस तबाही के पीछे सबसे बड़ा हाथ ऑटोमोबाइल और रियल्टी (रियल एस्टेट) सेक्टर का रहा। इन दोनों ही सेक्टर्स के शेयरों में संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) ने जमकर बिकवाली की। टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी, और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे बड़े ऑटो दिग्गजों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखे, जबकि डीएलएफ और गोदरेज प्रॉपर्टीज जैसे रियल्टी शेयरों में भी भारी मुनाफावसूली देखने को मिली। जानकारों का मानना है कि कमजोर तिमाही नतीजों की आशंका और वैश्विक बाजारों से मिल रहे नकारात्मक संकेतों की वजह से इन सेक्टर्स पर सबसे ज्यादा मार पड़ी है।वैश्विक दबाव और बिकवाली की मुख्य वजहेंबाजार के जानकारों के मुताबिक, इस भारी गिरावट की टाइमिंग काफी महत्वपूर्ण है। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी बाजार (Wall Street) में आई कमजोरी का असर घरेलू बाजार पर साफ तौर पर देखा जा रहा है। इसके साथ ही, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली ने आग में घी का काम किया है। स्थानीय स्तर पर भी निवेशक अब ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर सतर्क हो गए हैं, जिसके चलते उन्होंने सुरक्षित निवेश की तरफ रुख करना शुरू कर दिया है।निवेशकों के लिए आगे की राह और रणनीतियांइस उतार-चढ़ाव भरे माहौल में रिटेल निवेशकों को जल्दबाजी में कोई भी बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि 23,600 के नीचे निफ्टी का जाना अल्पावधि (Short-term) के लिए कमजोरी का संकेत है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह अच्छे फंडामेंटल वाले शेयरों को निचले स्तर पर खरीदने का एक बेहतरीन मौका भी हो सकता है। मौजूदा स्थिति में लार्ज-कैप शेयरों और डिफेंसिव सेक्टर्स (जैसे FMCG और IT) पर नजर बनाए रखना समझदारी होगी।
सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद तोड़ा आमरण अनशन, सीजेपी का आंदोलन जारी रखने का किया ऐलान
नई दिल्ली। शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर 26 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात अपना अनशन समाप्त कर दिया लेकिन शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सड़कों पर उतरी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक अपना आंदोलन जारी […] The post सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद तोड़ा आमरण अनशन, सीजेपी का आंदोलन जारी रखने का किया ऐलान appeared first on Sabguru News .
जुलाई में प्राइवेट सेक्टर की ग्रोथ धड़ाम, PMI 3 साल के निचले स्तर पर पहुंचा
भारतीय अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर एक हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। देश के प्राइवेट सेक्टर की मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर की रफ्तार में जुलाई महीने के दौरान भारी सुस्ती देखी गई है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, भारत का कंपोजिट परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) गिरकर पिछले 3 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मांग में आई कमी और बढ़ती लागत के चलते यह गिरावट दर्ज की गई है।मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस दोनों सेक्टरों पर पड़ा असरइस गिरावट का सबसे बड़ा असर देश के मुख्य व्यावसायिक स्तंभों पर पड़ा है। जहां एक तरफ नए ऑर्डर्स मिलने की रफ्तार धीमी हुई है, वहीं दूसरी तरफ कंपनियों को अपने परिचालन (Operations) में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और घरेलू बाजार में महंगाई के दबाव के कारण प्राइवेट कंपनियों ने नए निवेश और प्रोडक्शन में थोड़ी सावधानी बरतनी शुरू कर दी है, जिसका सीधा असर इस महीने के आंकड़ों में साफ झलक रहा है।क्या कहते हैं आर्थिक विशेषज्ञ?आर्थिक जानकारों के मुताबिक, भले ही यह गिरावट 3 साल के निचले स्तर पर है, लेकिन भारतीय बाजार में अब भी रिकवरी की उम्मीदें बाकी हैं। आने वाले त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने से इस सेक्टर को फिर से बूस्ट मिल सकता है। हालांकि, मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्राइवेट कंपनियों को अपनी रणनीतियों में बदलाव करने और लागत को नियंत्रित करने पर ध्यान देने की जरूरत होगी, ताकि आने वाले महीनों में इस सुस्ती से निपटा जा सके।
गुजरात में 14 घंटे में 400 मिमी बारिश से तबाही, जानें वैज्ञानिकों का अनुमान क्यों गलत साबित हुआ?
गुजरात में पिछले दो दिनों से बारिश ने रौद्र रूप धारण कर लिया है और महज 14 घंटों में कई इलाकों में 400 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। नवसारी के चिखली, अहमदाबाद के धोलेरा (धोलका) और सूरत के उमरपाड़ा जैसे इलाकों में मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ ...
IMD ने दिल्ली-NCR, यूपी, बिहार समेत 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले 48 घंटे में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना, गुजरात और असम में बाढ़ का खतरा।
DU की एडवाइजरी पर भड़के राहुल गांधी, कहा- छात्रों को धमकाने की हिम्मत कैसे हुई?
दिल्ली यूनिवर्सिटी की जंतर-मंतर प्रदर्शन से दूर रहने की एडवाइजरी पर राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि छात्रों को लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने से डराना गलत है और इसके लिए जवाबदेही तय होगी।
संसद में फिर पेपर लीक पर हंगामा, लोकसभा-राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित
संसद के मानसून सत्र के पांचवें दिन भी NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलन को लेकर लोकसभा और राज्यसभा में जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष के विरोध के बीच दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
सोनम वांगचुक के 26 दिन का अनशन खत्म करने के बाद भी CJP ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। संगठन ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
Top News 24 July : PM मोदी का बड़ा ऐलान, 26 दिन बाद खत्म हुआ सोनम वांगचुक का अनशन
Top News 24 July : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक रोकने के लिए कड़े कानून का एलान किया। सोनम वांगचुक का अनशन खत्म। सीजेपी के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में 17 मेट्रो स्टेशन बंद। देश की शिक्षा व्यवस्था की स्थिति और छात्रों के प्रदर्शन को ...
सोनिया गांधी ने शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और छात्र आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने छात्रों की मांगों, NTA की कार्यप्रणाली, सरकारी शिक्षा में निवेश और रोजगार के मुद्दों पर सवाल उठाते हुए जवाबदेही की मांग की।
26 दिन बाद खत्म हुआ सोनम वांगचुक का अनशन, सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद लिया फैसला
सोनम वांगचुक के अनुसार सरकार और उनके प्रतिनिधियों के बीच पिछले दो दिनों से लगातार बातचीत चल रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल मौखिक आश्वासन उनके लिए पर्याप्त नहीं था। वे चाहते थे कि सरकार अपनी प्रतिबद्धताओं को लिखित रूप में दर्ज करे। उन्होंने बताया कि इसी कारण उन्हें दो दिन अतिरिक्त अनशन जारी रखना पड़ा।
ईरान से युद्ध पर अमेरिका 37.5 अरब डॉलर फूंक चुका, 67 अरब डॉलर और चाहिए
US Iran war cost: अमेरिका को ईरान के साथ युद्ध बहुत मंहगा पड़ रहा है। लगभग 37 अरब 50 करोड़ डॉलर अब तक ख़र्च हो चुका है और युद्ध का अंत कहीं दिख नहीं रहा। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को इन्हीं दिनों अमेरिकी संसद के उच्च सदन, यानी सीनेट की एक कमेटी के ...
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार देने के लिए योगी सरकार की एक और महत्वाकांक्षी योजना विंध्य एक्सप्रेसवे (Vindhya Expressway) पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रयागराज से भदोही और मिर्जापुर होते हुए सोनभद्र तक बनने वाले 333 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के लिए सर्वे, मैपिंग और अलाइनमेंट की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। इस परियोजना के पूरा होने से जहां यात्रा का समय काफी घट जाएगा, वहीं पूरे क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।प्रयागराज की 3 तहसीलों के 84 गांवों से गुजरेगा एक्सप्रेसवेउत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) के अनुसार, यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज जिले की तीन मुख्य तहसीलों के कुल 84 गांवों से होकर गुजरेगा:सोरांव तहसील: 29 गांवफूलपुर तहसील: 24 गांवहंडिया तहसील: 31 गांव45 गांवों का अलाइनमेंट हुआ फाइनलयूपीडा (UPEIDA) द्वारा गठित कंसल्टेंट एजेंसी लगातार जमीनी मैपिंग और सर्वे का काम पूरा कर रही है। एजेंसी ने पहले चरण में 45 गांवों का प्रस्ताव जिला प्रशासन को सौंपा था।प्रशासनिक जांच के दौरान सोरांव (14 गांव), फूलपुर (16 गांव) और हंडिया (11 गांव) यानी कुल 31 गांवों में जमीन के गाटा संख्या, रकबे और भूस्वामियों के नाम में जो मामूली त्रुटियां मिली थीं, उन्हें दुरुस्त कर लिया गया है। संशोधनों के बाद प्रशासन ने इन 45 गांवों की फाइनल रिपोर्ट यूपीडा को भेज दी है।33 गांवों में सर्वे जारी, 1 महीने में पूरा होगा कामवर्तमान में द्वितीय चरण के तहत सोरांव के 6, फूलपुर के 12 और हंडिया के 12 गांवों समेत कुल 33 गांवों में सत्यापन और सर्वे का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है।इन 33 गांवों की रिपोर्ट तैयार होते ही कुल 78 गांवों की प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी। इसके बाद महज 6 ग्राम पंचायतें शेष बचेंगी, जिनके लिए यूपीडा से नया प्रस्ताव आते ही काम पूरा कर लिया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, सर्वे और सत्यापन की इस प्रक्रिया को पूरा होने में लगभग एक से डेढ़ महीने का समय और लगेगा।जल्द शुरू होगी जमीन क्रय और बैनामे की प्रक्रियाअलाइनमेंट और गाटा सत्यापन का कार्य शत-प्रतिशत पूरा होते ही यूपीडा द्वारा प्रभावित किसानों व भूस्वामियों से जमीन खरीदने और बैनामा कराने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए सोरांव, फूलपुर और हंडिया तहसील के उपजिलाधिकारियों (SDM) और राजस्व अधिकारियों को पहले ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं।
उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर और एक्सप्रेसवे नेटवर्क को नई धार देने के लिए अटल एक्सप्रेसवे (Atal Expressway) प्रोजेक्ट पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के मार्गदर्शन में तैयार हो रहा यह फोरलेन एक्सप्रेसवे देश के तीन राज्यों को आपस में जोड़ेगा। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट से न केवल राज्यों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।परियोजना की मुख्य बातें और कुल लंबाईकुल लंबाई और चौड़ाई: यह एक्सप्रेसवे 414 किलोमीटर लंबा और 60 मीटर चौड़ा बनाया जाएगा।लागत व बजट: इस मेगा प्रोजेक्ट पर लगभग 15,000 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसके लिए बजट का आवंटन पहले ही किया जा चुका है।वर्तमान स्थिति: वर्तमान में इस एक्सप्रेसवे की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम चल रहा है।तीन राज्यों से कनेक्शन: यह मार्ग मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश को आपस में जोड़ेगा।इटावा बनेगा उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा 'इंटरचेंज हब'अटल एक्सप्रेसवे के निर्माण के साथ ही यूपी का इटावा जिला एक ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम करेगा। यह राज्य का पहला ऐसा जिला बनने जा रहा है, जहां चार बड़े एक्सप्रेसवे एक साथ आपस में जुड़ेंगे।इटावा का कुदरैल क्षेत्र एक विशाल इंटरचेंज पॉइंट के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां पहले से ही आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गंगा लिंक एक्सप्रेसवे को कनेक्ट करने का काम जारी है।12 घंटे का सफर अब सिर्फ 4 घंटे में!अटल एक्सप्रेसवे बनने के बाद आम जनता और यात्रियों के समय की भारी बचत होगी:रफ्तार: इस फोरलेन एक्सप्रेसवे पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार से फर्राटा भर सकेंगे।समय की बचत: वर्तमान में इटावा से राजस्थान के कोटा पहुंचने में सड़क मार्ग से करीब 12 घंटे का समय लगता है। एक्सप्रेसवे तैयार होने के बाद यह दूरी महज 4 घंटे में तय की जा सकेगी।आर्थिक विकास: एक्सप्रेसवे के दोनों ओर नए औद्योगिक गलियारे (Industrial Corridors) स्थापित होंगे, जिससे क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं को भारी संख्या में रोजगार मिलेगा।भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू (धारा 3-ए लागू)उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की कवायद तेज हो गई है। मध्य प्रदेश के भिंड जिले के गाती गांव से यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करेगा।NHAI के निर्देशों पर जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा 3-ए के तहत आधिकारिक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन का लक्ष्य तय दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए जल्द से जल्द मुआवजा व अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरा करना है ताकि निर्माण कार्य समय पर शुरू किया जा सके।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर पर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक व भड़काऊ टिप्पणी करने के आरोपियों—आयुष ठाकुर और अभय को कोई भी न्यायिक राहत देने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने दोनों याचियों की उस अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी (FIR) को निरस्त करने और पुलिस गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी।बुलंदशहर के खुर्जा थाने में दर्ज है मामलायह पूरा मामला उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के खुर्जा नगर थाने का है। 15 अप्रैल 2026 को दोनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि इन्होंने अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल से संविधान निर्माता डॉ. बी.आर. अंबेडकर को लेकर अत्यंत आपत्तिजनक और समाज में वैमनस्य फैलाने वाली टिप्पणियां की थीं, जिससे स्थानीय लोगों और समर्थकों में भारी आक्रोश फैल गया था।'आईडी हैक होने' की दलील कोर्ट ने की खारिजहाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दोनों आरोपियों ने दावा किया था कि यह पोस्ट उन्होंने खुद नहीं की, बल्कि किसी अज्ञात शख्स ने उनकी सोशल मीडिया आईडी हैक करके यह हरकत की है। इस आधार पर उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे को रद्द करने की गुहार लगाई थी।हालांकि, राज्य सरकार की तरफ से पेश हुए सरकारी वकील ने इस याचिका का कड़ा विरोध किया। सरकारी वकील ने अदालत को अवगत कराया कि पुलिस की शुरुआती जांच में पोस्ट याचियों की ओर से ही किए जाने के साक्ष्य मिले हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणियों से सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर स्थिति पैदा हो गई थी, इसलिए आरोपियों को राहत नहीं दी जानी चाहिए।हाईकोर्ट का कड़ा रुखदोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि इस तरह के संवेदनशील मामलों में पुलिस की जांच प्रक्रिया में हस्तक्षेप करना या उसे रोकना उचित नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी रहेगी और याचियों की एफआईआर रद्द करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया।
CJP Protest : दिल्ली में आज भी 17 मेट्रो स्टेशन बंद, इन 3 स्टेशनों पर जारी रहेगी इंटरचेंज की सुविधा
CJP Protest : जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के चलते दिल्ली मेट्रो ने शुक्रवार को सुरक्षा कारणों से 17 स्टेशनों को बंद करने का फैसला किया है। मेट्रो प्रशासन ने सभी यात्रियों को सलाह दी है कि वे इस दौरान मेट्रो के बजाय बस, ...
हर दिन सुबह की शुरुआत के साथ ही आम आदमी की जेब से जुड़ी सबसे अहम खबर यानी पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें सामने आ जाती हैं। देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियां (OMCs) रोज सुबह 6 बजे ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल (Crude Oil) के भाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर के आधार पर ईंधन के नए रेट तय करती हैं।24 जुलाई 2026 को भी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों के लिए पेट्रोल-डीजल की ताजा दरें जारी कर दी गई हैं। यदि आप भी आज गाड़ी की टंकी फुल कराने जा रहे हैं, तो लखनऊ, कानपुर, नोएडा और वाराणसी समेत अपने शहर का लेटेस्ट रेट जरूर जान लें।यूपी के प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल-डीजल का भावउत्तर प्रदेश के बड़े शहरों में 24 जुलाई को पेट्रोल और डीजल की प्रति लीटर कीमतें इस प्रकार हैं:शहरपेट्रोल का रेट (₹/लीटर)डीजल का रेट (₹/लीटर)लखनऊ101.8995.36कानपुर (शहरी)101.5695.06नोएडा102.1295.56प्रयागराज101.9695.46वाराणसी102.5195.96गोरखपुर102.4295.89मेरठ101.8895.39आगरा101.8295.28अलीगढ़101.8295.28क्यों देखने को मिल रहा है ईंधन की कीमतों में यह बदलाव?तेल कंपनियों और पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए तेज उछाल और कंपनियों की अंडर रिकवरी (लागत से कम पर बिक्री) के कारण यह दबाव देखा जा रहा है। क्रूड ऑयल के दाम वैश्विक स्तर पर पहले के 64-65 डॉलर प्रति बैरल के मुकाबले काफी बढ़ चुके हैं।पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के मुताबिक, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को रोजाना भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा था, जिसकी भरपाई और वैश्विक बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए ही ये बदलाव दरें तय करने वाली प्रणालियों के तहत सामने आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश का विद्युत ढांचा लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। बेहतर प्रबंधन, सुदृढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर और सतत निगरानी के बल पर उत्तर प्रदेश आज पूरे देश में निर्बाध बिजली आपूर्ति करने वाला अग्रणी राज्य बन चुका है। रिकॉर्ड बिजली सप्लाई के मामले में तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे औद्योगिक और विकसित राज्य भी उत्तर प्रदेश से काफी पीछे छूट गए हैं।हाल ही में दर्ज किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 12 जुलाई को राज्य में रिकॉर्ड 30,598 मेगावाट (MW) बिजली की सफल आपूर्ति की गई। इसके अलावा 14 जुलाई को 30,457 मेगावाट, 13 जुलाई को 29,827 मेगावाट, 11 जुलाई को 29,041 मेगावाट और 10 जुलाई को 26,571 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराई गई। इस समयावधि में यह पूरे देश में किसी भी राज्य द्वारा दी गई सर्वाधिक बिजली आपूर्ति रही, जो योगी सरकार की दूरदर्शी ऊर्जा नीति और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।गांवों में तय शेड्यूल से ज्यादा मिल रही बिजलीगर्मी और मानसून के मौसम में जहां आमतौर पर बिजली की मांग अप्रत्याशित रूप से बढ़ जाती है, वहीं योगी सरकार ने ऐसा प्रबंधन किया है कि आम उपभोक्ताओं को कोई परेशानी न हो। प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में निर्धारित 18 घंटे के रोस्टर से भी अधिक समय तक बिजली दी जा रही है। वहीं शहरों, तहसील मुख्यालयों और औद्योगिक क्षेत्रों में बिना किसी कटौती के 24 घंटे बिजली देने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) की टीमें पूरे राज्य में 24 घंटे सिस्टम पर नजर बनाए हुए हैं।मेंटेनेंस कार्य में दिन-रात जुटीं विभागीय टीमेंबिजली व्यवस्था में किसी भी स्थानीय खराबी को तुरंत ठीक करने के लिए विभागीय अधिकारी लगातार फील्ड का निरीक्षण कर रहे हैं। मानसून के दौरान तेज हवाओं, आंधी और बारिश के कारण जहां भी तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं, उन्हें न्यूनतम समय में ठीक करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। बिजली की तारों को नुकसान से बचाने के लिए लाइनों के पास बढ़ी पेड़ों की डालियों की नियमित छंटाई कराई जा रही है।UPPCL की आम जनता से अपील: बरतें सावधानीबरसात के मौसम में विद्युत दुर्घटनाओं से बचाव के लिए यूपीपीसीएल (UPPCL) और अपर मुख्य सचिव ऊर्जा व अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने नागरिकों से खास अपील की है:जलभराव वाले क्षेत्रों, बिजली के खंभों, ट्रांसफॉर्मरों और टूटे तारों से सुरक्षित दूरी बनाकर रखें।किसी भी आपात स्थिति या तकनीकी खराबी की सूचना तुरंत टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1912 पर या नजदीकी बिजली कार्यालय में दें।सरकार का स्पष्ट कहना है कि हर स्तर पर सजगता बरती जा रही है ताकि प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक बिना रुकावट के गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचती रहे।
Sonam Wangchuk Fast News: 26 दिनों बाद सोनम वांगचुक ने खत्म की भूख हड़ताल, PM मोदी ने दिया खास संदेश
प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक ने अपनी 26 दिनों से चली आ रही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। सरकार की ओर से मांगों को पूरा करने का ठोस आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया। गुरुवार आधी रात के करीब मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद वांगचुक ने अनशन खत्म करने का आधिकारिक ऐलान किया।सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, अभी-अभी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में, मैंने आखिरकार 26 दिनों के बाद अपना अनशन खत्म किया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रियासोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के फैसले का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 'X' पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। पीएम मोदी ने लिखा, मैं सोनम जी से आग्रह करता हूं कि वे डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या का पालन करें और जल्द से जल्द अपना वजन वापस हासिल करें। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि सोनम जी स्वस्थ रहें।सरकार ने दिए ये बड़े आश्वासनअस्पताल में वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो और अन्य प्रतिनिधियों की मौजूदगी में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों को पढ़कर सुनाया:प्रदर्शनकारियों पर केस नहीं: दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों और 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ केस दर्ज न करने पर सरकार सकारात्मक रुख अपनाएगी।शिक्षा सुधार पर चर्चा: प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और शिक्षा सुधारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संसद में विस्तृत चर्चा कराई जाएगी।पीड़ित परिवारों को मुआवजा: हाल ही में हुए NEET पेपर लीक के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने पर सरकार सहानुभूतिपूर्वक विचार कर रही है।सोनम वांगचुक ने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के कुल 65 सांसदों ने उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर या पत्र भेजकर अनशन समाप्त करने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि देश में शांति बनाए रखने और संभावित हिंसा को रोकने के लिए कई शर्तों पर सहमति बनने के बाद यह कदम उठाया गया है।CJP का प्रदर्शन जारी रहेगाइधर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने वांगचुक के अनशन खत्म होने पर खुशी जताई, लेकिन स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन जारी रहेगा। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने वांगचुक के त्याग की सराहना करते हुए कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक जंतर-मंतर पर उनका शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन चलता रहेगा।26 दिनों का पूरा घटनाक्रमउल्लेखनीय है कि सोनम वांगचुक प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी, शिक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर 28 जून को जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे थे। इस दौरान उनका लगभग 11 किलोग्राम वजन घट गया।18 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था। हालांकि, उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर किए जाने के बाद कोर्ट के आदेश पर उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल स्थानांतरित किया गया, जहां उन्होंने मंत्रियों से बातचीत के बाद अपना अनशन समाप्त किया।
हिंदू धर्म में आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी देवशयनी एकादशी (हरिशयनी एकादशी) का विशेष धार्मिक महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी शुभ तिथि से भगवान श्री हरि विष्णु चार महीनों के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसी के साथ चातुर्मास की शुरुआत हो जाती है और शादी-विवाह, मुंडन जैसे सभी शुभ व मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है।इस साल देवशयनी एकादशी का पावन व्रत 25 जुलाई 2026 (शनिवार) को रखा जाएगा। यदि आप भी इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा पाना चाहते हैं, तो पूजा से पहले सामग्री लिस्ट, शुभ मुहूर्त और संपूर्ण पूजा विधि नोट कर लें।देवशयनी एकादशी 2026: शुभ मुहूर्त व पारण समयएकादशी तिथि प्रारंभ: 24 जुलाई 2026 को सुबह 09:12 बजे सेएकादशी तिथि समाप्त: 25 जुलाई 2026 को सुबह 11:34 बजे तकपूजा का श्रेष्ठ समय (ब्रह्म मुहूर्त): सुबह 04:15 बजे से 04:58 बजे तकव्रत पारण का समय (26 जुलाई 2026): सुबह 05:39 बजे से सुबह 08:22 बजे के बीचसंपूर्ण पूजा सामग्री लिस्ट (Puja Samagri List)पूजा शुरू करने से पहले इन आवश्यक सामग्रियों को एकत्रित कर लें ताकि अंत समय में कोई परेशानी न हो:प्रतिमा व वस्त्र: भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र, पूजा की चौकी और उस पर बिछाने के लिए पीला कपड़ा व भगवान के लिए पीले वस्त्र।पूजन सामग्री: पीला चंदन, रोली, अक्षत, हल्दी, केसर, पीले गेंदे या कमल के फूल, माला, तुलसी दल, धूप, देसी घी का दीपक और बाती।अभिषेक व आचमन: गंगाजल, जल कलश, आचमनी और पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर)।अन्य सामग्री: पान का पत्ता, सुपारी, लौंग और इलायची।भोग सामग्री: 5 तरह के मौसमी फल, पीले मिष्ठान (बेसन के लड्डू या पेड़ा), पंजीरी और पंचमेवा।देवशयनी एकादशी की सरल पूजा विधिसंकल्प लें: एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और पीले वस्त्र धारण करें। इसके बाद हाथ में जल, अक्षत और पुष्प लेकर व्रत का संकल्प करें।स्थापना व स्नान: पूजा स्थान को साफ करके चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं। श्री हरि और मां लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करें। फिर भगवान को पंचामृत व गंगाजल से स्नान कराकर पीले वस्त्र और पीला चंदन लगाएं।श्रंगार व भोग: देसी घी का दीपक और धूप दीप जलाएं। भगवान को पीले फूल, माला और तुलसी दल अर्पित करें। इसके बाद पंचामृत, पीले फल और मिठाई का भोग लगाएं (ध्यान रखें कि भोग में तुलसी पत्र जरूर हो)।मंत्र जाप व कथा: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का 108 बार जाप करें। देवशयनी एकादशी की व्रत कथा पढ़ें या सुनें और संभव हो तो विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।आरती व शयन: अंत में श्री हरि और माता लक्ष्मी की आरती करें। चूंकि इस दिन से भगवान विष्णु योगनिद्रा में जाते हैं, इसलिए पूजा संपन्न होने के बाद उनके विग्रह या चित्र को प्रतीकात्मक रूप से विश्राम/शयन कराएं।
पंजाब में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही झमाझम बारिश के बाद फिलहाल मानसून की रफ्तार में थोड़ी सुस्ती जरूर आई है, लेकिन मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि यह विराम महज कुछ दिनों का ही है। चंडीगढ़ मौसम केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य में अगले तीन दिनों तक मौसम मिला-जुला रहने के बाद 25 जुलाई से मानसून एक बार फिर जोर पकड़ेगा और 27 जुलाई को मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होगा। हालांकि, पिछले दिनों हुई बारिश के चलते तापमान सामान्य स्तर पर आ गया है, जिससे उमस भरी गर्मी से परेशान आम जनता को बड़ी राहत मिली है और ज्यादातर जिलों में मौसम सुहाना बना हुआ है।24 और 26 जुलाई को राहत, आसमान में छाए रहेंगे हल्के बादलमौसम विभाग के अनुसार, आज 24 जुलाई और आगामी 26 जुलाई को पूरे पंजाब में किसी भी जिले के लिए कोई बड़ी मौसम चेतावनी यानी अलर्ट जारी नहीं किया गया है। आज शुक्रवार को अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला और मोहाली समेत राज्य के सभी जिलों में आमतौर पर आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कुछेक स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी या फुहारें पड़ने की संभावना है। इसी तरह 26 जुलाई रविवार को भी पूरे प्रदेश में मौसम अपेक्षाकृत शांत रहेगा और मानसूनी गतिविधियां सामान्य बनी रहेंगी, जिससे लोगों को बिना किसी बाधा के अपने जरूरी कामकाज निपटाने का मौका मिलेगा।25 जुलाई को तीन जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्टभले ही आज और परसों मौसम सामान्य रहेगा, लेकिन कल यानी 25 जुलाई शनिवार को मानसून एक बार फिर अपनी सक्रियता दिखाएगा। मौसम विभाग ने पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर जिलों में भारी बारिश की चेतावनी देते हुए येलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया है। इन तीनों जिलों में स्थानीय प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि अचानक तेज बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं, राज्य के बाकी अन्य जिलों में इस दिन किसी तरह का विशेष चेतावनी नहीं दी गई है, लेकिन छिटपुट बारिश का दौर जारी रह सकता है।27 जुलाई को सबसे ज्यादा खतरनाक रहेगा मौसम, ऑरेंज अलर्ट घोषितमौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 27 जुलाई सोमवार को मानसून सबसे अधिक उग्र रूप में नजर आएगा और राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश तबाही जैसी स्थिति या जलभराव पैदा कर सकती है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने पठानकोट, गुरदासपुर और होशियारपुर जिलों के लिए सबसे गंभीर श्रेणी का ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) जारी किया है। इसके अलावा अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, नवांशहर और रूपनगर में भारी बारिश के मद्देनजर येलो अलर्ट घोषित किया गया है। हालांकि, दक्षिणी और दक्षिण-पश्चिमी पंजाब के जिलों जैसे फिरोजपुर, फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, मानसा और संगरूर में इस दौरान फिलहाल कोई विशेष चेतावनी नहीं रखी गई है।तापमान सामान्य, बठिंडा में सबसे ज्यादा गर्मी तो कपूरथला में हुई सबसे अधिक बारिशवीरवार को राज्य के औसत अधिकतम तापमान में एक दिन पहले की तुलना में 0.2 डिग्री सेल्सियस की हल्की गिरावट दर्ज की गई, जिससे पारा सामान्य के आसपास ठहर गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान बठिंडा हवाई अड्डे पर सबसे अधिक तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि राजधानी चंडीगढ़ में 34.7, पटियाला में 34.3, लुधियाना में 33.4 और अमृतसर में 30.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। बारिश के मामलों में कपूरथला सबसे आगे रहा जहां 38.5 मिलीमीटर की सर्वाधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि भाखड़ा क्षेत्र में 26.5 और पठानकोट में 25 मिलीमीटर पानी बरसा, जिससे सूबे का आबोहवा पूरी तरह खुशनुमा हो गई है।
Monsoon Special: केमिकल वाले कॉइल से पाएं छुटकारा! ये 5 पौधे घर में लगाते ही भाग जाएंगे मच्छर
भारत में बारिश और उमस के मौसम की शुरुआत होते ही घर-घर में मच्छरों का आतंक बढ़ जाता है। मच्छरों के काटने से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी खतरनाक बीमारियों का खतरा लगातार बना रहता है। इनसे बचने के लिए ज्यादातर लोग बाजार में मिलने वाले केमिकल युक्त कॉइल, लिक्विड या स्प्रे का सहारा लेते हैं, जो कई बार सांस की समस्याओं और एलर्जी का कारण बन जाते हैं।अगर आप कोई सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्प तलाश रहे हैं, तो कुछ खास इंडोर प्लांट्स आपके बेहद काम आ सकते हैं। ये पौधे न सिर्फ आपके घर की सुंदरता और ताजगी बढ़ाते हैं, बल्कि अपनी प्राकृतिक महक से मच्छरों को भी दूर रखते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 असरदार पौधों के बारे में:1. रोजमेरी - खुशबूदार और असरदाररोजमेरी एक बहुत ही लोकप्रिय और खुशबूदार हर्ब है। इसकी हल्की लकड़ी (woody) जैसी मनमोहक सुगंध घर के माहौल को एकदम तरोताजा कर देती है। सबसे अच्छी बात यह है कि इंसानों को पसंद आने वाली इसकी यही महक मच्छरों को बिल्कुल नहीं सुहाती। इसे आप अपनी बालकनी या घर की खिड़की के पास आसानी से उगा सकते हैं।2. कैटनिप - नेचुरल कंपोनेंट से भरपूरकैटनिप पौधे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें नेपेटा लैक्टोन (Nepetalactone) नाम का एक नेचुरल कंपाउंड पाया जाता है। रिसर्च और जानकारों के मुताबिक, यह तत्व मच्छरों को दूर भगाने में काफी असरदार माना जाता है। इसे घर के बगीचे या गमलों में लगाना बेहद आसान है और इसके रख-रखाव में ज्यादा मेहनत भी नहीं लगती।3. लैवेंडर - खूबसूरत बैंगनी फूल और सुकून भरी महकलैवेंडर अपनी मनमोहक बैंगनी पंखुड़ियों और कमाल की खुशबू के लिए जाना जाता है। जहां इसकी सुगंध इंसानों के दिमाग को शांति और सुकून देती है, वहीं मच्छरों के लिए यह एक नेचुरल रिपेलेंट (मच्छर-रोधी) का काम करती है। इसे लिविंग रूम या बेडरूम की खिड़की के पास रखने से घर की खूबसूरती तो बढ़ती ही है, साथ ही मच्छर भी आसपास नहीं फटकते।4. लेमन बाम - नींबू जैसी ताजी सुगंधअगर आपको हल्की नींबू जैसी फ्रेश खुशबू पसंद है, तो लेमन बाम एक बेहतरीन विकल्प है। इसकी पत्तियों में सिट्रोनेलाल (Citronellal) नाम का घटक मौजूद होता है। यह प्राकृतिक तत्व मच्छरों को घर में प्रवेश करने से रोकता है। इंडोर गार्डनिंग के शौकीनों के लिए यह पौधा काफी लोकप्रिय माना जाता है।5. लेमनग्रास - होम डेकोर और सेफ्टी एक साथअपनी लंबी-हरी पत्तियों के कारण लेमनग्रास होम डेकोर के लिए बहुत पसंद किया जाता है। इसमें सिट्रोनेला (Citronella) पाया जाता है, जिसका इस्तेमाल बाजार में मिलने वाले बड़े-बड़े मॉस्किटो रिपेलेंट प्रोडक्ट्स में भी किया जाता है। इसे घर के मुख्य द्वार या बालकनी में लगाने से मच्छरों का आना-जाना काफी हद तक कम हो जाता है।
ब्रिक्स का सदस्य नहीं फिर भी भारत ने बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान को भेजा स्पेशल न्योता
भारत और बांग्लादेश के बीच पिछले कुछ समय से चल रही तल्खियों को दूर करने की दिशा में नई दिल्ली ने एक बहुत बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया है। भारत इस साल सितंबर के महीने में नई दिल्ली में प्रतिष्ठित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) की मेजबानी करने जा रहा है। हालांकि बांग्लादेश आधिकारिक तौर पर ब्रिक्स का सदस्य या ऑब्जर्वर देश नहीं है, फिर भी भारत ने बड़े दिल का परिचय देते हुए बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को इस महासम्मेलन में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होने का औपचारिक आमंत्रण भेजा है। दोनों पड़ोसी देशों के बीच रिश्तों को पटरी पर लाने के लिहाज से इसे एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है, जिस पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं।ढाका के पीएमओ के पाले में गेंद, शमा ओबैद इस्लाम ने की न्योते की पुष्टिभारत द्वारा भेजे गए इस विशेष आमंत्रण को लेकर बांग्लादेश की सरकार की तरफ से भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आ चुकी है। बांग्लादेश की उप-विदेश मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने गुरुवार को ढाका में इस बात की पुष्टि की कि भारतीय पक्ष का निमंत्रण पत्र उनके विदेश मंत्रालय को मिल चुका है और अंतिम निर्णय के लिए इसे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भेज दिया गया है। अगर प्रधानमंत्री तारिक रहमान इस निमंत्रण को स्वीकार करते हैं, तो फरवरी 2026 में अपनी पार्टी बीएनपी की सरकार बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा। इस संभावित यात्रा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तारिक रहमान के बीच पहली बार द्विपक्षीय बातचीत होने का रास्ता साफ हो जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच लंबे समय से रुका उच्च-स्तरीय संवाद फिर से शुरू हो सकेगा।खटास भरे रिश्तों को सुधारने और गंगा जल संधि जैसे अहम मुद्दों पर होगी चर्चामोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के 15 महीनों के कार्यकाल के दौरान दोनों देशों के रिश्ते अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए थे, और अगस्त 2024 के बाद से पूर्व पीएम शेख हसीना के भारत में रहने का मुद्दा भी द्विपक्षीय संबंधों में एक बड़ी अड़चन बना हुआ है। इसके बावजूद, नई दिल्ली का यह न्योता दोनों देशों के बीच जमी बर्फ को पिघलाने में मददगार साबित हो सकता है। इसके अलावा, आगामी 31 दिसंबर 2026 को समाप्त होने वाली ऐतिहासिक 1996 की गंगा जल संधि के नवीनीकरण (Renewal) और दोनों देशों द्वारा राजनयिक स्तर पर की जा रही नए उच्चायुक्तों की नियुक्तियों जैसे गंभीर विषयों पर इस संभावित मुलाकात के दौरान महत्वपूर्ण चर्चा होने की पूरी उम्मीद है।
लोगों को साथ लेकर चलें, घर गिराने से हालात नहीं सुधरेंगे: सीएम उमर अब्दुल्ला
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अनंतनाग जिले में हुए आतंकी हमले के बाद लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के दो सक्रिय आतंकवादियों के घर गिराए जाने पर प्रतिक्रिया दी है
बिहार: क्रिकेटर आकाश दीप और मुकेश कुमार बनेंगे डीएसपी, सीएम सम्राट चौधरी देंगे नियुक्ति पत्र
बिहार सरकार की 'मेडल लाओ, नौकरी पाओ' योजना के तहत राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति देने और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए 24 जुलाई को ऊर्जा ऑडिटोरियम, पटना में विशेष समारोह आयोजित किया जाएगा
26 दिन बाद खत्म हुआ सोनम वांगचुक का अनशन, केंद्रीय मंत्रियों से वार्ता के बाद लिया फैसला
अनशन समाप्त होने के मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक तरीके से उठाए गए हर मुद्दे के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि सरकार बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है और रचनात्मक संवाद की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
दतिया उपचुनाव में भाजपा के विजय अभियान को देंगे नई गति, 24 जुलाई को दतिया पहुंचेंगे सिंधिया
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 24 जुलाई को मध्य प्रदेश के ग्वालियर एवं दतिया जिले के एक दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। अपने इस दौरे के दौरान सिंधिया मां पीताम्बरा पीठ में पहुंचकर मां बगलामुखी के दर्शन-पूजन करेंगे।
सपा-कांग्रेस नेताओं ने कहा, 'पहले शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, फिर वार्ता'
समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अनुराग भदौरिया और कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा ने नीट पेपर लीक मामले में पीएम मोदी के सोशल मीडिया पोस्ट पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार को पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेना चाहिए
सीएम योगी ने स्वच्छता एवं पौधरोपण का किया आह्वान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आमजन से बरसात के मौसम में विशेष तौर पर स्वच्छता पर ध्यान देने के साथ ही खाली स्थानों पर पौधरोपण का आह्वान किया
भारत ने मनीला में आयोजित 'आसियान' के 33वीं रीजनल फोरम बैठक में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार की ओर से कश्मीर और सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) को लेकर दिए गए बयानों को 'बेबुनियाद और अनुचित' बताया।
PM मोदी का छात्रों के नाम Video संदेश, पेपर लीक पर और सख्त होगा कानून, कैबिनेट लाएगी नया बिल
जंतर मंतर पर चल रहे कॉकरोज जनता पार्टी के आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने देर रात वीडियो संदेश जारी किया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर यह भी कहा कि पेपर लीक के खिलाफ और सख्त कार्रवाई के लिए कल कैबिनेट में चर्चा भी होगी। ...
गुजरात में पिछले 24 घंटों से विशेष रूप से दक्षिणी और मध्य हिस्सों में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। नदियाँ उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति पैदा हो गई है, जिसके चलते राज्य और केंद्र सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई हैं। ...
भारत ने अपनी स्वदेशी रक्षा क्षमता को और मजबूत करते हुए गुरुवार को एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा तट पर स्थित एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से कुशा (Kusha) लॉन्ग-रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (LR-SAM) का पहला सफल उड़ान ...
गोरखपुर में विकास की नई तस्वीर, 12 दिन में CM योगी ने शुरू कराए 1,753 रुपए करोड़ के प्रोजेक्ट्स
सांसद, महापौर और विधायक के साथ-साथ आमजन भी कहते हैं कि महाराज जी (मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ) जब भी गोरखपुर आते हैं तो अपने साथ विकास की बड़ी सौगात भी लाते हैं। उनकी यह बात यथार्थ के धरातल पर परखी हुई होती है। मिसाल के तौर पर सीएम योगी के 12 दिनों ...
केशव प्रसाद मौर्य ने आज लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास, 7-कालिदास मार्ग पर महान क्रांतिकारी, अद्वितीय पराक्रम, अदम्य साहस और अटूट राष्ट्रभक्ति के प्रतीक अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद जी की जयंती के अवसर पर उनके स्मृति-चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा विनम्र नमन किया।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री मौर्य ने कहा कि अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद का त्याग, शौर्य और मातृभूमि की स्वतंत्रता के प्रति उनका अटूट समर्पण भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर है। उनका संपूर्ण जीवन देश के लिए समर्पित रहा और उन्होंने अपने अद्वितीय साहस, अदम्य आत्मबल तथा राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा से स्वतंत्रता संग्राम को नई ऊर्जा प्रदान की। उनका प्रेरणादायी जीवन प्रत्येक भारतीय को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद जैसे महान क्रांतिकारियों के बलिदान और संघर्ष के कारण ही भारत ने स्वतंत्रता प्राप्त की। आज का भारत उनके सपनों के अनुरूप एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। देश का प्रत्येक नागरिक उनके आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करे, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
प्रधानमंत्री जी ने दी फ़ास्ट ट्रेक कोर्ट गठन की स्वीकृति, अपराधियों पर होगी कड़ी कार्यवाही, श्री मौर्य
केशव प्रसाद मौर्य जी ने राज्यसभा में सदन के नेता एवं केंद्रीय मंत्री श्री जे.पी. नड्डा जी के संदर्भ में कहा कि वे केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों में से एक हैं। जब सरकार किसी मंत्री को सदन में अपनी बात रखने के लिए अधिकृत करती है, तो वह सरकार का अधिकृत पक्ष प्रस्तुत करता है। यदि किसी विषय पर व्यक्तिगत अथवा सामूहिक निर्णय की आवश्यकता होती है, तो वह मंत्रिपरिषद एवं संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाता है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव स्वयं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, इसलिए उन्हें भली-भांति ज्ञात होना चाहिए कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मुख्यमंत्री अथवा सरकार का कोई भी निर्णय मंत्रिपरिषद की सामूहिक सलाह एवं संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार लिया जाता है, न कि किसी एक व्यक्ति द्वारा।उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने पुनः दोहराया कि केंद्र और प्रदेश सरकार युवाओं के हितों की रक्षा, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था तथा प्रतिभाशाली छात्रों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई होगी तथा ईमानदार एवं मेहनती छात्रों के अधिकारों की हर स्तर पर रक्षा की जाएगी।
सवाईमाधोपुर में बालक ने सिक्का निगला, चिकित्सकों ने समय रहते बचाया
सवाईमाधोपुर। राजस्थान में सवाईमाधोपुर में परिवार के लोगों की लापरवाही से एक मासूम बच्चे के प्राण संकट में पड़ गए, लेकिन समय रहते चिकित्सकों ने अनहोनी को टाल दिया। चिकित्सा सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि सवाई माधोपुर शहर निवासी जनिद के बेटे अहद (छह) ने खेलते समय गलती से पांच रुपए का सिक्का निगल […] The post सवाईमाधोपुर में बालक ने सिक्का निगला, चिकित्सकों ने समय रहते बचाया appeared first on Sabguru News .
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को पटना में गंगा नदी के किनारे नौजर घाट से नूरपुर घाट तक हुए सभी गैरकानूनी कब्जों और अतिक्रमण को हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को यह कार्रवाई छह हफ्तों के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
दिल्ली पुलिस ने घायल 21 वर्षीय प्रदर्शनकारी युवती के मौत के दावों को किया खारिज
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को 20 जुलाई को भगदड़ में घायल हुई 21 वर्षीय युवती की सेहत के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि उसकी हालत स्थिर है और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने उस युवती की मेडिकल हालत के बारे में जानकारी देते […] The post दिल्ली पुलिस ने घायल 21 वर्षीय प्रदर्शनकारी युवती के मौत के दावों को किया खारिज appeared first on Sabguru News .
पुनीत जैन होंगे सिरोही नगर कांग्रेस मंडल के नए अध्यक्ष
सिरोही। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने संगठन विस्तार के तहत सिरोही निवासी पुनीत कुमार जैन को नगर कांग्रेस कमेटी, सिरोही का अध्यक्ष नियुक्त किया है। नियुक्ति की घोषणा के बाद नगर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है। पुनीत कुमार जैन कांग्रेस की मजबूत पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़े हैं। वे पूर्व नगर कांग्रेस अध्यक्ष स्वर्गीय […] The post पुनीत जैन होंगे सिरोही नगर कांग्रेस मंडल के नए अध्यक्ष appeared first on Sabguru News .
भीलवाड़ा में माणिक्यलाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय का संस्थापन अधिकारी रिश्वत लेते अरेस्ट
भीलवाड़ा। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को माणिक्यलाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय भीलवाड़ा के संस्थापन अधिकारी शिव नुवाल को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेने पर गिरफ्तार किया। ब्यूरो की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि एसीबी भीलवाडा द्वितीय को शिकायत मिली कि परिवादी की फर्म द्वारा माणिक्यलाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय […] The post भीलवाड़ा में माणिक्यलाल वर्मा राजकीय महाविद्यालय का संस्थापन अधिकारी रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
पेपर लीक मुद्दे पर कांग्रेस ने सरकार पर बढ़ाया दबाव, राहुल के साथ विपक्षी नेता पहुंचे गांधी स्मृति
नई दिल्ली। पेपर लीक मुद्दे पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही कांग्रेस पार्टी ने सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए पार्टी के नेताओं और सदस्यों का एक बड़ा हुजूम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में गुरुवार शाम राजधानी में गांधी समृति पर पहुंच गया। बिना किसी पूर्व […] The post पेपर लीक मुद्दे पर कांग्रेस ने सरकार पर बढ़ाया दबाव, राहुल के साथ विपक्षी नेता पहुंचे गांधी स्मृति appeared first on Sabguru News .
उत्तराखंड में भर्ती एवं शैक्षणिक परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए चल रहे अभियान के तहत दून पुलिस ने नकल माफियाओं के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) की सेमेस्टर परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने के ...
नीट पेपर लीक मामलों में केंद्र सरकार द्वारा फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाने की घोषणा के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार का यह फैसला छात्रों की मूल मांग से पूरी तरह अलग है और इसे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बचाने की कोशिश बताया।
मारुति सुज़ुकी की आगामी नई ब्रेज़ा को भारत एनसीएपी में 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुज़ुकी इंडिया की आगामी नई ब्रेज़ा को भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (भारत एनसीएपी) के तहत वयस्क यात्री सुरक्षा और बाल यात्री सुरक्षा दोनों में 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग प्राप्त हुई है। कंपनी ने गुरुवार को बताया कि 24 जुलाई को पेश होने वाली नई ब्रेजा […] The post मारुति सुज़ुकी की आगामी नई ब्रेज़ा को भारत एनसीएपी में 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग appeared first on Sabguru News .
जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं रात 12 बजे तक के लिए बंद
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के धरना और विरोध-प्रदर्शन के बीच जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। सूत्रों ने बताया कि फिलहाल इंटरनेट सेवाएं गुरुवार रात 12 बजे तक के लिए बंद हैं। दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा ग्राहकों को फोन पर भेजे जा रहे संदेश में लिखा है कि […] The post जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं रात 12 बजे तक के लिए बंद appeared first on Sabguru News .
इंटरनेट या दुकानें बंद कराने से बात नहीं बनेगी, प्रधान को हटाना पड़ेगा : कांग्रेस
नई दिल्ली। कांग्रेस ने सरकार पर छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए इंटरनेट बाधित करने और कनॉट प्लेस की दुकानों और कार्यालयों पर पाबंदी लगाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इन उपायों से समस्या नहीं सुलझेगी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाना ही पड़ेगा। कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री […] The post इंटरनेट या दुकानें बंद कराने से बात नहीं बनेगी, प्रधान को हटाना पड़ेगा : कांग्रेस appeared first on Sabguru News .
हर सनातनी की सांस में बसते हैं प्रभु श्रीराम : CM योगी
Yogi Adityanath Ram Katha: मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर सनातनी की श्वांस-श्वांस में प्रभु श्रीराम बसते हैं। भगवान श्रीराम का नाम ऐसा है जिसे हर कोई अपने नजदीक पाता है। जीवन में भक्ति के बिना अंधकार, अराजकता व अज्ञानता ...
कॉकरोच जनता पार्टी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के बाद कोलकाता में करेगी रैली
कोलकाता। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन के बाद कोलकाता में रैली करने की योजना बनाई है। संगठन ने शुक्रवार को शहर में रैली करने की अनुमति के लिए कोलकाता पुलिस को पत्र लिखा है। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की कि 19 और 21 जुलाई […] The post कॉकरोच जनता पार्टी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के बाद कोलकाता में करेगी रैली appeared first on Sabguru News .
अलवर में स्कूल से तीन बालक लापता, पुलिस तलाश में जुटी
अलवर। राजस्थान में अलवर के एनईबी थाना क्षेत्र स्थित हरदेव दास उच्च माध्यमिक विद्यालय से कक्षा सातवीं के तीन छात्रों के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल तीन विशेष दल गठित करके बच्चों की […] The post अलवर में स्कूल से तीन बालक लापता, पुलिस तलाश में जुटी appeared first on Sabguru News .

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