Ramban में खाद और विस्फोटक सामग्री की दुकानों पर Police ने की सघन जांच
दशहरा और अन्य त्योहारों से पहले कानूनी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में उर्वरक, बीज और विस्फोटक सामग्री बेचने वाली दुकानों पर तलाशी ली और निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पुलिस ने नियंत्रित सामग्री की अवैध बिक्री, दुरुपयोग और उन्हें अवैध रूप से अन्यत्र पहुंचाने पर रोक लगाने के लिए दुकानों में उपलब्ध भंडार, लाइसेंस और संबंधित दस्तावेजों की जांच की। अधिकारियों के अनुसार, ह अभियान त्योहारों के दौरान शांति, सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किए जा रहे एहतियाती उपायों के तहत यचलाया गया। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने दुकानदारों और कारोबारियों से लागू कानूनों का पालन करने तथा अधिकारियों के साथ सहयोग करने की अपील की। उन्होंने बताया कि लोगों से भी संदिग्ध गतिविधियों या नियंत्रित सामग्रियों की अवैध बिक्री की सूचना निकटतम पुलिस थाने या आपातकालीन नंबर 112 पर देने का आग्रह किया गया। रामबन पुलिस ने कहा कि वह कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए त्योहारों के दौरान सुरक्षा और शांति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
MP के CM Mohan Yadav ने दिए निर्देश, Simhastha 2028 के सभी कार्य समय पर हों
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 19 अक्टूबर को उज्जैन में 'सिहस्थ 2028' की तैयारियों और चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा के लिए एक बैठक बुलाई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करें, आवागमन को सुगम बनाएं और सभी परियोजनाओं को तय समय-सीमा के भीतर पूरा करें। बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और इस बात पर जोर दिया कि कार्यक्रम में आने वाले अनुमानित 30 से 40 करोड़ श्रद्धालुओं की व्यवस्था के लिए कुशल योजना बनाना बहुत जरूरी है। इसे भी पढ़ें: अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी पर Jairam Ramesh का हमला, BJP और SIT जांच पर उठाए सवाल पत्रकारों से बात करते हुए, मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि आज हमने उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ के लिए विकास कार्यों की समीक्षा की। सिंहस्थ न केवल देश का, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा मेला है। इसकी बुनियादी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, हम यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि उज्जैन आने वाले लगभग 30 से 40 करोड़ श्रद्धालुओं को सभी जरूरी सुविधाएं मिलें, और वे बिना किसी परेशानी के पवित्र स्नान कर सकें तथा अन्य धार्मिक गतिविधियों में भाग ले सकें। उन्होंने बताया कि सरकार स्थायी बुनियादी ढांचा तैयार करने पर जोर दे रही है, ताकि इस आयोजन के बाद भी विकास कार्यों का लाभ मिलता रहे। इन तैयारियों में उज्जैन जिले, संभाग और पूरे राज्य की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है। मुख्यमंत्री यादव ने मध्य प्रदेश में धार्मिक पर्यटन में हुई उल्लेखनीय वृद्धि पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में धार्मिक स्थलों पर आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में लगभग 16 गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि पिछले तीन वर्षों में धार्मिक स्थलों पर आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या लगभग 16 गुना बढ़ गई है। यह हमारे लिए बहुत संतोष की बात है। 2022 में 'महाकाल लोक' के विकास के बाद, उज्जैन में आने वाले लोगों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है, और यह शहर कई अन्य जगहों के लिए एक मॉडल के रूप में उभर रहा है। इसे भी पढ़ें: Jaishankar और Chidambaram की भिड़ंत देखकर मजा आ जायेगा ! Regime Change को लेकर दोनों के बीच हुई गर्मागर्म बहस से चढ़ गया सियासी पारा बैठक में भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए परिवहन सुविधाओं, शैक्षणिक संस्थानों, हवाई अड्डे और इससे जुड़े बुनियादी ढांचे की समीक्षा भी की गई। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कार्यक्रम के लिए सभी आवश्यक जरूरतों की पहचान करने और उन्हें मंजूरी देने का निर्देश दिया। उन्होंने घोषणा की कि काम की प्रगति की हर महीने समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि आज की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, हमने शैक्षणिक संस्थानों, परिवहन सुविधाओं, हवाई अड्डे और हवाई अड्डे से जुड़े अन्य बुनियादी ढांचा कार्यों की विस्तृत समीक्षा की है। संबंधित अधिकारियों के साथ चर्चा करके भविष्य की आवश्यक जरूरतों को मंजूरी देने के बाद, अब हम हर महीने काम की प्रगति की समीक्षा करेंगे। मैं इस कार्यक्रम की तैयारियों में शामिल सभी लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों से फिर से आग्रह करता हूं कि वे बेहतर योजना बनाएं और यह सुनिश्चित करें कि सभी काम तय समय सीमा के भीतर पूरे हो जाएं।
Starlink के भारत प्रवेश पर बोले Shashi Tharoor, सभी कंपनियों के लिए एक जैसी प्रक्रिया
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोमवार को कहा कि स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क की स्टारलिंक और भारत के सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में प्रवेश करने की इच्छुक अन्य कंपनियों को एक जैसी प्रक्रिया से गुजरने की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि सरकार का कहना है कि सभी कंपनियों को एक जैसी देरी का सामना करना पड़ रहा है। स्टारलिंक को लेकर मस्क की हालिया टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए, थरूर ने ANI से कहा कि अगर सरकार की सफाई को अक्षरशः माना जाए, तो इस प्रक्रिया में न तो मस्क को और न ही रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी को कोई फायदा मिल रहा है। इसे भी पढ़ें: भारतीय मूल की Navi Pillay को Nobel Peace Prize मिलने पर India क्यों नहीं दे रहा बधाई? कारण जानकर चौंक जाएँगे! उन्होंने कहा कि मैंने इस मुद्दे पर सरकार की सफाई सुनी है। सरकार का कहना है कि एक तय प्रक्रिया है, जिसमें बोली लगाने वाली सभी कंपनियां शामिल हैं और सभी को एक जैसी देरी का सामना करना पड़ रहा है। अगर सरकार की इस बात को सच मानें, तो इसका मतलब है कि मस्क कतार में पीछे नहीं हैं और अंबानी आगे नहीं हैं। मुझे लगता है कि हमें बस इस प्रक्रिया के पूरा होने का इंतजार करना चाहिए। थरूर ने कहा कि तकनीक, सुरक्षा संबंधी चिंताएं, तकनीकी विवरण और लागत जैसे कई कारक इसके नतीजे तय करेंगे, जबकि अंतिम फैसला उपभोक्ताओं के हाथ में होगा। उन्होंने कहा कि इसके कई पहलू हैं। इसमें तकनीक से जुड़े सवाल हैं, सुरक्षा संबंधी कुछ चिंताएं हैं, अपलिंकिंग से जुड़ी कई तरह की बातें हैं और अंत में लागत का सवाल है। लागत के मामले में फैसला आम जनता करेगी। अगर आप मुझे कोई सेवा दे रहे हैं और कोई दूसरा व्यक्ति वही सेवा 10 गुना कीमत पर दे रहा है, तो हो सकता है कि मैं आपसे ही वह सेवा लूं। या फिर, अगर मुझे सच में लगे कि वह जो सेवा दे रहा है, वह 10 गुना कीमत के लायक है, तो मैं उसे वह रकम दे दूंगा। हर ग्राहक को खुद ही यह तय करना होगा। इसे भी पढ़ें: Shashi Tharoor ने Delhi में Internet और Metro बंदी पर केंद्र को घेरा, CJP सदस्यों की मांगी रिहाई थरूर ने आगे कहा कि वह अपने मौजूदा इंटरनेट कनेक्शन से संतुष्ट हैं और व्यक्तिगत रूप से स्टारलिंक (Starlink) सेवाओं की तलाश नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर, मैं अपने मौजूदा इंटरनेट कनेक्शन से काफी खुश हूं। मैं खुद स्टारलिंक नहीं लेना चाहता। लेकिन अगर कुछ लोगों को लगता है कि ये चीजें उनके काम की हैं, तो एक स्वतंत्र देश में उन्हें यह मौका मिलना चाहिए। इससे पहले 9 अक्टूबर को, लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी ने मस्क के उन आरोपों पर अपनी बात रखी, जिनमें कहा गया था कि सैटेलाइट कम्युनिकेशन कंपनी (स्टारलिंक) ने भारत के सभी कानूनों और शर्तों का पालन किया है, फिर भी उसे भारत में लाइसेंस नहीं मिल पाया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मस्क ने भारतीय बाजार में प्रवेश करने की स्टारलिंक की कोशिशों से जुड़ी स्थिति को चिंताजनक बताया। मस्क ने 'X' (ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा कि धन्यवाद, राहुल। यह वाकई चिंताजनक है।
VTR में पर्यटन सत्र के पहले दिन ही उमड़ी पर्यटकों की भारी भीड़
बिहार के इकलौते और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) से वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए बेहद उत्साहजनक और रोमांचित करने वाली खबर सामने आ रही है। पर्यटकों के लंबे इंतजार के बाद जैसे ही इस नए सत्र के लिए वीटीआर के गेट सैलानियों के लिए खोले गए, वैसे ही प्रकृति की गोद में समाए इस रिजर्व में देश के कोने-कोने से पहुंचे पर्यटकों का तांता लग गया। सत्र के पहले ही दिन जंगल सफारी और नेचर ट्रेल का आनंद लेने के लिए भारी संख्या में पर्यटक पहुंचे, जिससे पूरे वन परिसर में एक अलग ही रौनक देखने को मिली। सबसे खास बात यह रही कि पहले ही दिन कई पर्यटकों को जंगल के राजा कहे जाने वाले रॉयल बंगाल टाइगर (बाघ), तेंदुए, जंगली सुअर और हिरणों के झुंड के बेहद करीब से दीदार हुए, जिन्हें देखकर सैलानी खुशी से झूम उठे और उनके चेहरे पर एक अलग ही रोमांच साफ झलक रहा था।मानसून ब्रेक के बाद पर्यटकों के लिए खुले वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के दरवाजेहर साल मानसून के मौसम (बरसात के दिनों) में वन्यजीवों के प्रजनन काल और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए देश के अधिकांश टाइगर रिजर्व की तरह वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में भी पर्यटकों की एंट्री और जंगल सफारी पर कुछ महीनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया जाता है। इस दौरान जंगल अपनी प्राकृतिक रिकवरी करता है और घास-फूस तथा जल स्रोतों का विकास होता है। इस साल भी मानसून की समाप्ति के बाद प्रशासनिक तैयारियों को पूरा करते हुए जैसे ही वीटीआर के कपाट पर्यटकों के लिए दोबारा खोले गए, वैसे ही टूरिज्म इंडस्ट्री और स्थानीय कारोबारियों ने राहत की सांस ली। पहले दिन पर्यटकों के स्वागत के लिए वन विभाग के अधिकारियों ने विशेष इंतजाम किए थे, जिसमें पर्यटकों को पर्यावरण संरक्षण और जंगल के नियमों के बारे में जागरूक करने के साथ-साथ उनका पारंपरिक स्वागत भी शामिल था।पहले ही दिन पर्यटकों को मिले बाघ और वन्यजीवों के शानदार दीदारजंगल सफारी के दौरान पर्यटकों का सबसे बड़ा सपना किसी जंगली जानवर, खासकर बाघ को अपनी आंखों से देखने का होता है। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व इस मामले में बहुत भाग्यशाली साबित हुआ क्योंकि सत्र के पहले ही दिन जब जिप्सियां जंगलों के अंदरूनी रास्तों (जैसे गोनौली और मंगुराहा रेंज) की ओर बढ़ीं, तो कई भाग्यशाली पर्यटकों को बाघिन और उसके शावकों की कलकारी देखने को मिल गई। इसके अलावा खुले में दौड़ते हुए चीतल, सांभर, भालू और विभिन्न प्रजातियों के रंग-बिरंगे पक्षियों को देखकर सैलानियों ने अपने कैमरों और मोबाइल में इन पलों को हमेशा के लिए कैद कर लिया। पर्यटकों का कहना था कि उन्होंने जितनी उम्मीद की थी, उससे कहीं अधिक रोमांचक अनुभव उन्हें वीटीआर के पहले ही दिन मिल गया, जो उनके पूरे परिवार के लिए एक यादगार ट्रिप बन गया है।स्थानीय रोजगार और पर्यटन को मिल रही है एक नई रफ्तारवाल्मीकि टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की यह भारी भीड़ केवल वन्यजीव प्रेमियों के लिए ही खुशी की बात नहीं है, बल्कि यह पश्चिम चंपारण क्षेत्र के स्थानीय लोगों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी बहुत बड़ा वरदान साबित हो रही है। वीटीआर के खुलने से स्थानीय युवाओं के लिए जिप्सियां चलाने, गाइडिंग करने, होमस्टे संचालित करने और पारंपरिक हस्तशिल्प बेचने के नए अवसर पैदा होते हैं। वन विभाग और जिला प्रशासन भी लगातार यह प्रयास कर रहा है कि यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकें ताकि वे बिना किसी परेशानी के प्रकृति का आनंद उठा सकें। इको-टूरिज्म (Eco-Tourism) को बढ़ावा मिलने से न केवल स्थानीय निवासियों की आजीविका चलती है, बल्कि जंगलों और वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति स्थानीय लोगों की जागरूकता भी तेजी से बढ़ती है।इस सीजन वीटीआर आने का बना रहे हैं प्लान, तो इन बातों का रखें विशेष ध्यानयदि आप भी आने वाले छुट्टियों के दिनों में या विंटर सीजन में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व घूमने का मन बना रहे हैं, तो यह समय वहां जाने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। इस दौरान यहां का मौसम सुहाना होता है और सुबह-शाम की ठंडक जंगल की सैर के मजे को दोगुना कर देती है। हालांकि, पर्यटकों की भारी मांग को देखते हुए वन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन जिप्सारी सफारी की बुकिंग पहले ही कर लेना समझदारी होगी। साथ ही, जंगल के भीतर प्रवेश करते समय प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध और वन विभाग के सभी नियमों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व का यह शानदार आगाज इस बात की गवाही देता है कि इस बार का पर्यटन सत्र इतिहास के सबसे सफल सत्रों में से एक होने वाला है।
राजस्थान यात्रा के दौरान रणकपुर को अपनी बकेट लिस्ट में जरूर शामिल करें
राजस्थान की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरा पर जब भी सबसे खूबसूरत और शांत पर्यटन स्थलों की बात आती है, तो अरावली की पहाड़ियों की गोद में बसे रणकपुर का नाम बड़े ही आदर के साथ लिया जाता है। दुनिया भर में रणकपुर को मुख्य रूप से इसके अति-प्राचीन और वास्तुकला के बेजोड़ नमूने वाले संगमरमर के जैन मंदिरों के लिए जाना जाता है। हर साल लाखों की संख्या में देश-विदेश के सैलानी इन भव्य मंदिरों की नक्काशी को देखने के लिए यहां खींचे चले आते हैं। लेकिन यदि आप यह सोचते हैं कि रणकपुर का आकर्षण सिर्फ जैन मंदिरों तक ही सीमित है, तो आप इस खूबसूरत जगह के एक बहुत बड़े हिस्से से अनजान हैं। जैन मंदिरों की भव्यता के अलावा रणकपुर में कई ऐसी अद्भुत और रोमांचक जगहें मौजूद हैं जो आपकी यात्रा को हमेशा-हमेसा के लिए यादगार बना सकती हैं। यहां का ऐतिहासिक सूर्य मंदिर, कलकल बहते पानी वाले खूबसूरत बांध और प्रकृति प्रेमियों के लिए खास तौर पर तैयार की गई जंगल सफारी इस जगह को एक परफेक्ट टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाती है।अरावली की वादियों में छिपा वास्तुकला का चमत्कार: रणकपुर के जैन मंदिरअपनी यात्रा की शुरुआत रणकपुर के सबसे प्रसिद्ध आकर्षण यानी जैन मंदिरों से ही करते हैं। चौमुखा मंदिर के नाम से मशहूर यह जैन तीर्थस्थल भगवान आदिनाथ को समर्पित है। सफेद संगमरमर के पत्थरों को काटकर जिस बारीकी से इस मंदिर का निर्माण किया गया है, उसे देखकर आधुनिक इंजीनियर और वास्तुकार भी हैरान रह जाते हैं। इस मंदिर में लगभग 1444 खंभे (Pillars) बने हुए हैं, और सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि किसी भी दो खंभे की नक्काशी एक जैसी नहीं है। जब सूरज की किरणें इन संगमरमर के खंभों पर पड़ती हैं, तो दिनभर में उनका रंग बदलता हुआ प्रतीत होता है। शांत वातावरण और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर यह स्थान किसी भी पर्यटक के मन को मोह लेता है और उन्हें इतिहास के एक अलग ही युग में ले जाता है।सूर्य मंदिर: इतिहास और प्राचीन वास्तुकला का एक और बेजोड़ नमूनाजैन मंदिरों के परिसर से थोड़ी ही दूरी पर स्थित ऐतिहासिक सूर्य मंदिर (Sun Temple) यहां आने वाले पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। भगवान सूर्य को समर्पित यह मंदिर अपनी अनूठी षटकोणीय (Hexagonal) वास्तुकला और दीवारों पर की गई बेहद सुंदर मूर्तिकला के लिए जाना जाता है। हालांकि समय के साथ इस मंदिर का कुछ हिस्सा खंडित भी हुआ है, लेकिन इसके गुंबद और दीवारों पर उकेरे गए घोड़े के रथ और देवी-देवताओं के चित्र आज भी तत्कालीन कलाकारों की अद्भुत कलाकारी की गवाही देते हैं। इतिहास प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीन लोगों के लिए यह सूर्य मंदिर किसी खजाने से कम नहीं है। यहां शांति से बैठकर अरावली की पहाड़ियों के नजारों को देखना अपने आप में एक बेहद सुकून भरा अनुभव होता है।रणकपुर बांध और प्रकृति का मनमोहक सौंदर्ययदि आप प्राकृतिक सुंदरता और वाटर बॉडीज के शौकीन हैं, तो रणकपुर बांध (Ranakpur Dam) आपके लिए एक आदर्श जगह है। घने जंगलों और पहाड़ों के बीच स्थित यह बांध मानसून और सर्दियों के मौसम में बेहद खूबसूरत नजर आता है। बांध के चारों तरफ फैला शांत पानी और उस पर मंडराते प्रवासी पक्षी इस जगह को पिकनिक मनाने के लिए एक बेहतरीन स्थान बनाते हैं। यहां बैठकर आप पानी की कलकल आवाज और ठंडी हवाओं के झोंके का आनंद ले सकते हैं। शहर की भागदौड़ और शोरगुल से दूर प्रकृति के आंचल में कुछ पल शांति से बिताने के लिए यह जगह पर्यटकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। फोटोग्राफी के लिहाज से भी यह लोकेशन इंस्टाग्राम और ट्रैवल ब्लॉगर्स की पहली पसंद बनती जा रही है।थार और अरावली का रोमांच: रणकपुर की जंगल सफारी और वन्यजीवरणकपुर सिर्फ इतिहास और मंदिरों का शहर नहीं है, बल्कि यह एडवेंचर लवर्स के लिए भी किसी जन्नत से कम नहीं है। यहां स्थित कुंभलगढ़ वन्यजीव अभ्यारण्य (Kumbhalgarh Wildlife Sanctuary) के अंतर्गत आने वाले जंगलों में पर्यटकों के लिए रोमांचक जंगल सफारी का शानदार प्रबंध किया जाता है। घने जंगलों के बीच सफारी के दौरान सैलानियों को तेंदुए (Leopard), जंगली सुअर, भालू, सांभर, और विभिन्न प्रकार के दुर्लभ पक्षी देखने का अवसर मिलता है। प्रकृति के इतने करीब जाकर वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखना एक अलग ही रोमांच पैदा करता है। स्थानीय गाइड पर्यटकों को जंगल के कोने-कोने से जुड़ी रोमांचक जानकारियां और इतिहास साझा करते हैं, जिससे सफारी का मजा और भी अधिक बढ़ जाता है।यदि आप आने वाले दिनों में राजस्थान घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो उदयपुर और जोधपुर के बीच स्थित रणकपुर की एक दिन की यात्रा आपकी पूरी ट्रिप में चार चांद लगा सकती है। यहां की बेहतरीन आबोहवा, लजीज राजस्थानी भोजन, स्थानीय हस्तशिल्प और घूमने के लिए एक से बढ़कर एक ऐतिहासिक व प्राकृतिक स्थल इस जगह को हर वर्ग के पर्यटकों के लिए खास बनाते हैं। इतिहास, आध्यात्म, रोमांच और प्रकृति का यह अनूठा संगम आपको बार-बार यहां आने के लिए मजबूर कर देगा। तो देर किस बात की, अपना अगला वेकेशन प्लान कीजिए और रणकपुर की इन अनकही खूबसूरती से भरी वादियों का दीदार कीजिए।
Bombay High Court का अहम फैसला, प्रदर्शन शांतिपूर्ण हो और अपराधियों को जगह न मिले
बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना मौलिक अधिकार है लेकिन पुलिस की कार्रवाई पर व्यापक रोक लगाने का आदेश देने से पहले प्रदर्शनकारियों की पृष्ठभूमि और आम लोगों को होने वाली असुविधा जैसे पहलुओं पर भी विचार किया जाना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की पीठ ने महाराष्ट्र सरकार को उन याचिकाओं पर जवाब देने का निर्देश दिया, जिनमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ मुंबई में हाल में हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस पर लोगों को अवैध रूप से हिरासत में लेने के आरोप लगाए गए हैं। अदालत अधिवक्ता सावर देवरे की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में दिल्ली में प्रदर्शनों के समर्थन में यहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ पुलिस की कथित बर्बरता और उन्हें हिरासत में लिए जाने का मुद्दा उठाया गया था। याचिका में पुलिस को ऐसे शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में शामिल किसी भी व्यक्ति को हिरासत में नहीं लेने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था। अधिवक्ता गायत्री सिंह ने सोमवार को चार लोगों की ओर से आवेदन पेश किया। इन लोगों को पिछले सप्ताह शांतिपूर्ण मार्च में शामिल होने के बाद पुलिस ने हिरासत में लिया था। सिंह ने कहा कि चारों को एक दिन हिरासत में रखा गया, फिर घर जाने को कहा गया और इसके बाद उन्हें उनके घरों में नजरबंद कर दिया गया। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मिहिर देसाई ने दो अन्य लोगों के हलफनामे भी पेश किए, जिन्हें पुलिस ने उनके घरों से हिरासत में लिया था। पीठ ने कहा कि हर व्यक्ति को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन प्रदर्शनकारियों की पृष्ठभूमि पर भी विचार किया जाना चाहिए। अदालत ने कहा, ‘‘हर किसी को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है। लेकिन प्रदर्शन शांतिपूर्ण होना चाहिए। महाराष्ट्र में हमने देखा है कि पुलिस ने काफी संयम बरता है।’’पीठ ने कहा, ‘‘उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए। निर्दोष नागरिकों की आड में अपराधियों को प्रदर्शनों में शामिल नहीं होना चाहिए।’’इस बीच, मध्य मुंबई के शिवाजी पार्क के निवासियों की ओर से पेश दो वकीलों ने भी आवेदन दाखिल किए। उन्होंने दावा किया कि उच्च न्यायालय का एक आदेश वहां इस तरह के प्रदर्शनों पर रोक लगाता है। पिछले सप्ताह यहां प्रदर्शन हुए थे। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ताओं और राज्य सरकार को इन शिकायतों पर भी जवाब देना होगा। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 नवंबर की तारीख तय की।
माउंट आबू की इस शांत झोपड़ी में 12 साल रहीं थीं मीराबाई
राजस्थान की पावन और ऐतिहासिक धरती अपने भीतर अनगिनत रहस्यों, राजवंशों के गाथाओं और महान संतों के इतिहास को समेटे हुए है। जब भी कृष्ण भक्ति की पराकाष्ठा और समर्पण की बात आती है, तो मेवाड़ की रानी और महान संत मीराबाई का नाम सबसे पहले लिया जाता है। मीराबाई के जीवन से जुड़े कई स्थल देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि चित्तौड़गढ़ और वृंदावन के अलावा राजस्थान के प्रसिद्ध हिल स्टेशन माउंट आबू में भी उनका एक बेहद गहरा और ऐतिहासिक संबंध रहा है? माउंट आबू की हसीन वादियों और शांत पहाड़ियों के बीच एक ऐसी छोटी सी ऐतिहासिक झोपड़ी मौजूद है, जहां मीराबाई ने अपने जीवन के पूरे 12 वर्ष एकांत साधना और कृष्ण भक्ति में बिताए थे। समय के पहिए के साथ यह स्थान आज पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों के लिए एक बेहद खास और दर्शनीय पहचान बन चुका है।माउंट आबू के प्राकृतिक सौंदर्य के बीच मीराबाई की साधना स्थली का रहस्यअरावली पर्वतमाला की सबसे ऊंची चोटी और अपनी ठंडी आबोहवा के लिए मशहूर माउंट आबू हमेशा से पर्यटकों की पहली पसंद रहा है। लेकिन इस पर्यटक स्थल के आंचल में एक ऐसा आध्यात्मिक इतिहास भी छुपा है जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। शहर की भागदौड़ और आधुनिकता से दूर, प्रकृति की गोद में स्थित वह ऐतिहासिक स्थान आज भी उन पलों की गवाही देता है जब मीराबाई ने संसार के तमाम बंधनों को त्यागकर अपनी आराध्य भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में खुद को पूरी तरह समर्पित कर दिया था। उस कालखंड में जब मीराबाई को महलों के सुख-वैभव और पारिवारिक प्रताड़नाओं का सामना करना पड़ा था, तब उन्होंने शांति और एकांत की तलाश में इस शांत क्षेत्र को अपनी साधना स्थली के रूप में चुना था। चारों तरफ ऊंचे पहाड़ों, हरे-भरे जंगलों और कलकल करते झरनों के बीच स्थित यह झोपड़ी उनकी अटूट भक्ति का प्रतीक है।पर्यटकों और श्रद्धालुओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है यह ऐतिहासिक स्थलपिछले कुछ वर्षों में राजस्थान पर्यटन विभाग और स्थानीय प्रशासन के प्रयासों के चलते इस ऐतिहासिक धरोहर को संवारने का काम किया गया है, जिसके बाद से देश के कोने-कोने से आने वाले पर्यटक माउंट आबू आने पर इस जगह की यात्रा अवश्य करते हैं। जो लोग सामान्य तौर पर माउंट आबू का मतलब केवल नक्की झील, सनसेट पॉइंट और नक्की बाजार समझते थे, वे अब इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरोहर के बारे में जानकर यहां खींचे चले आते हैं। इस झोपड़ी के आसपास का पूरा वातावरण बेहद शांत और सकारात्मक ऊर्जा से ओत-प्रोत है। पर्यटक जब यहां पहुंचते हैं, तो वे उस युग की कल्पना में खो जाते हैं जब मीराबाई ने यहां बैठकर अपने अमर पदों और भजनों की रचना की होगी। स्थानीय गाइड पर्यटकों को इस जगह के इतिहास और मीराबाई के जीवन से जुड़ी अनसुनी कहानियों के बारे में विस्तार से बताते हैं।राजस्थान पर्यटन के मानचित्र पर एक अनूठा और शांत गंतव्यराजस्थान सरकार और पर्यटन विकास निगम लगातार ऐसे अनछुए ऐतिहासिक स्थलों को प्रमोट कर रहा है जो राज्य की संस्कृति और विरासत को दुनिया के सामने रखते हैं। माउंट आबू की यह झोपड़ी उसी सांस्कृतिक कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इतिहास प्रेमियों, शोधकर्ताओं और आध्यात्मिक यात्रियों के लिए यह स्थान किसी तीर्थ स्थल से कम नहीं है। यहां आने वाले पर्यटक न केवल माउंट आबू की प्राकृतिक सुंदरता का लुत्फ उठाते हैं, बल्कि वे मीराबाई के जीवन के उस संघर्षपूर्ण और भक्तिमय अध्याय से भी रूबरू होते हैं जो आज की पीढ़ी को प्रेरणा देता है। रखरखाव और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने के कारण यहां साल भर पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है, जिससे स्थानीय पर्यटन को भी एक नया आयाम मिला है।भक्ति और इतिहास का अनूता संगम देखने पहुंच रहे हैं देश-विदेश के सैलानीयदि आप भी आने वाले दिनों में राजस्थान की यात्रा की योजना बना रहे हैं और भीड़भाड़ से दूर किसी शांत तथा ऐतिहासिक जगह की तलाश में हैं, तो माउंट आबू की यह ऐतिहासिक झोपड़ी आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। यहां पहुंचकर आपको न केवल प्रकृति की गोद में सुकून का अहसास होगा, बल्कि मीराबाई के उस अमर प्रेम और समर्पण की अनुभूति भी होगी जिसने सदियों से भारतीय संस्कृति को समृद्ध किया है। इतिहास के पन्नों में दर्ज यह छोटी सी झोपड़ी आज इस बात का प्रमाण है कि सच्चे प्रेम और भक्ति की यादें समय की धूल में कभी धुंधली नहीं पड़तीं, बल्कि वे आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनी रहती हैं।
टाइगर श्रॉफ केस में CM फडणवीस ने विदेशी कनेक्शन का जताया अंदेशा
मुंबई में टाइगर श्रॉफ की कार पर हुए हमले के मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बड़ा बयान सामने आया है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि पुलिस को इस पूरे मामले की जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं. इसके साथ ही उन्होंने इस बात की ओर भी इशारा किया कि इस हमले की साजिश के पीछे विदेशों में बैठे ऑपरेटर्स का हाथ हो सकता है.
वर्ल्ड कप से एक साल पहले वही पुराने सवाल से जूझ रहा मैनेजमेंट
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या एक बार फिर से अपनी फिटनेस और लगातार चोटिल होने की प्रवृत्ति के कारण चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। जैसे-जैसे आगामी आईसीसी विश्व कप की तैयारियां शुरू हो रही हैं और टीम प्रबंधन भविष्य के रोडमैप पर काम कर रहा है, वैसे-वैसे चयनकर्ताओं का सिरदर्द लगातार बढ़ता जा रहा है। भारतीय क्रिकेट के गलियारों में यह पुराना और डरावना सवाल फिर से गूंजने लगा है कि क्या हार्दिक पांड्या एक बार फिर महत्वपूर्ण टूर्नामेंट से ठीक पहले टीम को बीच मझधार में छोड़ देंगे? वर्ष 2023 के वनडे विश्व कप के दौरान जिस तरह से बांग्लादेश के खिलाफ मैच में गेंदबाजी करते वक्त वे चोटिल होकर टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे, उस कड़वी याद को भारतीय फैंस और चयनकर्ता अभी तक भूल नहीं पाए हैं। आज जब टीम को एक संतुलन देने वाले भरोसेमंद तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर की सबसे ज्यादा जरूरत है, तब हार्दिक की अनिश्चित फिटनेस ने टीम इंडिया के रणनीतिकारों की नींद उड़ा दी है।क्या है हार्दिक पांड्या की फिटनेस का वह पुराना इतिहास जो चयनकर्ताओं को डराता है?हार्दिक पांड्या की प्रतिभा और मैच जिताने की उनकी क्षमता पर किसी को कोई संदेह नहीं है। जब वे अपनी पूरी लय में होते हैं, तो वे अपनी तूफानी बल्लेबाजी और शुरुआती ओवरों में विकेट चटकाने की क्षमता से अकेले दम पर मैच का पासा पलट सकते हैं। लेकिन उनके करियर का सबसे बड़ा अभिशाप उनकी लगातार रहने वाली चोटें रही हैं। पीठ की गंभीर सर्जरी और उसके बाद से गेंदबाजी के दौरान उनके शरीर का साथ न देना हमेशा से भारतीय टीम के लिए एक बड़ा जोखिम रहा है। साल 2023 के विश्व कप में जब भारत खिताब जीतने के प्रबल दावेदार के रूप में उतर रहा था, तब हार्दिक का बीच टूर्नामेंट में चोटिल होना टीम के संयोजन को पूरी तरह बिगाड़ गया था। टीम को मजबूरन अपने प्लेइंग इलेवन में बड़े बदलाव करने पड़े थे। अब एक बार फिर आगामी बड़े टूर्नामेंट से ठीक पहले वही पुरानी चिंताएं टीम मैनेजमेंट के सामने आ खड़ी हुई हैं।टीम के संतुलन पर पड़ता है सबसे बड़ा असर, क्या है विकल्प की तलाश?आधुनिक लिमिटेड ओवरों के क्रिकेट में एक गुणवत्तापूर्ण तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर (Fast Bowling All-rounder) किसी भी टीम की सबसे बड़ी ताकत होता है। हार्दिक पांड्या लंबे समय से भारतीय टीम के लिए इस भूमिका को निभाते आए हैं। जब वे टीम में होते हैं, तो कप्तान को गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों विभागों में एक अतिरिक्त विकल्प मिल जाता है, जिससे टीम का संयोजन बेहद मजबूत हो जाता है। लेकिन उनके अनफिट होने या गेंदबाजी न कर पाने की स्थिति में कप्तान के सारे समीकरण धरे के धरे रह जाते हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और चयन समिति के सामने इस वक्त सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि हार्दिक समय पर पूरी तरह फिट नहीं होते हैं, तो उनके विकल्प के रूप में किस युवा खिलाड़ी को तैयार किया जाए। घरेलू सर्किट में कुछ प्रतिभाशाली ऑलराउंडर अपनी चमक बिखेर रहे हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हार्दिक के अनुभव की बराबरी करना आसान नहीं है।चयनकर्ताओं और कोच के सामने खड़ी हुई है एक बड़ी रणनीतिक दुविधाटीम प्रबंधन और राष्ट्रीय चयनकर्ताओं के लिए यह फैसला लेना आसान नहीं होगा कि वे अपनी पूरी योजनाएं एक ऐसे खिलाड़ी पर केंद्रित रखें जिसकी फिटनेस हमेशा सवालों के घेरे में रहती है। विश्व कप जैसे महामुकाबले से एक साल पहले टीम का खाका तैयार किया जाता है और खिलाड़ियों के रोल स्पष्ट किए जाते हैं। ऐसे में यदि मुख्य ऑलराउंडर ही अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा हो, तो रणनीतिक योजनाएं प्रभावित होना स्वाभाविक है। जानकारों का मानना है कि चयनकर्ताओं को अब स्पष्ट रूप से हार्दिक पांड्या से उनकी फिटनेस और कार्यभार प्रबंधन (Workload Management) को लेकर बात करनी होगी। साथ ही, बेंच स्ट्रेंथ को मजबूत करने के लिए द्वितीय पंक्ति के ऑलराउंडर्स को लगातार पर्याप्त मौके देने होंगे ताकि ऐन वक्त पर टीम को किसी संकट का सामना न करना पड़े।क्या हार्दिक पांड्या अपने आलोचकों को जवाब देकर करेंगे दमदार वापसी?क्रिकेट के मैदान पर अपनी आक्रामक और जुझारू शैली के लिए पहचाने जाने वाले हार्दिक पांड्या के सामने यह उनके करियर का एक बहुत बड़ा इम्तिहान है। उनके चाहने वाले और पूरा देश यह उम्मीद कर रहा है कि वे अपनी फिटनेस से जुड़ी सभी आशंकाओं को दरकिनार करते हुए एक बार फिर मैदान पर पूरी ताकत से लौटेंगे और अपनी शत-प्रतिशत फिटनेस साबित करेंगे। विश्व कप में भारत की सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि हार्दिक किस प्रकार अपनी भूमिका निभाते हैं। चयनकर्ताओं की टेढ़ी नजर और फैंस की उम्मीदों के बीच अब सारा दारोमदार खुद हार्दिक पांड्या के प्रदर्शन और उनकी फिटनेस रिपोर्ट पर टिका हुआ है, जिसका फैसला आने वाले महीनों में होने वाले दौरों पर तय होगा।
अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी पर Jairam Ramesh का हमला, BJP और SIT जांच पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोमवार को अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चंदे की कथित चोरी के मामले से निपटने के तरीके को लेकर सत्ताधारी भाजपा सरकार की आलोचना की। X पर एक पोस्ट में, जयराम रमेश ने इस घटना को आस्था के साथ एक गंभीर विश्वासघात (चंदा चोरी, आस्था से धोखा) करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली निर्णय लेने वालों को बचाने के लिए राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि निचले स्तर के कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चंदा चोरी, आस्था से धोखा! राम के नाम पर सत्ता हासिल की, और अब चंदा चोरी पर खामोशी छाई है। भगवान राम का नाम लेकर सत्ता में आई BJP, चंदा चोरी के पाप से ही बर्बाद हो जाएगी। इसे भी पढ़ें: SIR पर Congress के विरोध के बीच Vietnam रवाना हुए Rahul Gandhi, IGI से भरी उड़ान कांग्रेस नेता ने आगे आरोप लगाया कि 4 जून, 2026 को चंदा चोरी का मामला सामने आने के बावजूद, उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) के गठन में देरी की। यह गठन मामले के सार्वजनिक होने के पूरे नौ दिन बाद, 13 जून को किया गया। 17 अगस्त तक, गृह विभाग ने अपनी अंतिम रिपोर्ट सीधे 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' को सौंप दी, जिसमें चंपत राय और अनिल मिश्रा सहित ट्रस्ट के वरिष्ठ अधिकारियों को क्लीन चिट दे दी गई। रमेश ने कहा कि आरोपियों को बचाने के लिए SIT बनाई गई। अयोध्या में भगवान श्री राम मंदिर में हुई इस बड़ी चोरी का मामला 4 जून को सामने आया था। इसके पूरे नौ दिन बाद, 13 जून 2026 को, UP सरकार ने ट्रस्ट के अनुरोध पर SIT का गठन किया। 17 अगस्त को गृह विभाग ने अपनी अंतिम रिपोर्ट उसी ट्रस्ट को सौंप दी, जिसने उम्मीद के मुताबिक चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट दे दी। उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल से 5 जून के बीच के सर्विलांस फुटेज में, गिनती करने वाले कर्मचारियों को 105 अलग-अलग मौकों पर नोटों की गड्डियां छिपाते हुए देखा गया। 23 जून की शुरुआती रिपोर्टों में सर्विलांस प्रोटोकॉल में गंभीर खामियों और कंट्रोल रूम के खाली होने की बात सामने आई थी, लेकिन इसके बावजूद, इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई ठोस जांच नहीं की गई। इसे भी पढ़ें: DMK प्रवक्ता Elangovan का आरोप, Karur केस के डर से BJP के आगे झुके CM Vijay रमेश ने आगे कहा कि कैमरे में 105 बार चोरी पकड़ी गई। 27 अप्रैल से 5 जून 2026 के फुटेज में, गिनती करने वाले कर्मचारी नोटों की गड्डियां छिपाते हुए दिखे। कांग्रेस नेता ने यह भी बताया कि अयोध्या के स्थानीय संतों और टिप्पणीकारों ने ट्रस्ट के आंतरिक वित्तीय प्रबंधन पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि निगरानी की जिम्मेदारी संभालने वाले कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि ने, बिना किसी जवाबदेही तय किए, 7 जुलाई को ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों को इस मामले में शामिल होने के आरोपों से बरी कर दिया।
ZIM vs BAN: जिम्बाब्वे के लिए सिर्फ दो ही खिलाड़ी कर सके ऐसा
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के मैदान पर जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम के अनुभवी कप्तान और दिग्गज ऑलराउंडर सिकंदर रजा ने एक बार फिर अपनी शानदार और धमाकेदार खेल शैली से पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए रोमांचक मुकाबले के दौरान सिकंदर रजा ने अपने क्रिकेट करियर में एक ऐसी बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है, जो इससे पहले जिम्बाब्वे के क्रिकेट इतिहास में गिने-चुने खिलाड़ियों के नाम ही दर्ज हो सकी है। अपनी बेहतरीन गेंदबाजी और दमदार बल्लेबाजी के दम पर अंतरराष्ट्रीय पटल पर जिम्बाब्वे की पहचान को मजबूत करने वाले रजा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे आधुनिक दौर के सबसे बेहतरीन और असरदार ऑलराउंडर्स में से एक क्यों माने जाते हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद से ही खेल जगत में उनकी जमकर तारीफ हो रही है और फैंस सोशल मीडिया पर उन्हें बधाइयां दे रहे हैं।बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में रजा ने रचा नया इतिहासजिम्बाब्वे और बांग्लादेश के बीच जब भी मुकाबला होता है, मैदान पर रोमांच और संघर्ष अपने चरम पर होता है। हालिया सीरीज के दौरान जब दोनों टीमें आमने-सामने थीं, तब अनुभवी ऑलराउंडर सिकंदर रजा ने अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से न सिर्फ मैच का रुख मोड़ा, बल्कि व्यक्तिगत मील के पत्थर भी हासिल किए। मैच के दौरान उन्होंने अपनी फिरकी गेंदबाजी का जादू बिखेरते हुए विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का कोई मौका नहीं दिया। इसी मैच के दौरान उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में एक ऐसा खास मुकाम हासिल कर लिया, जिसके बाद वे अपने देश के चुनिंदा दिग्गजों की खास सूची में शामिल हो गए हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए, बल्कि पूरी जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम के लिए एक बहुत बड़ा प्रेरणास्त्रोत है।वनडे क्रिकेट में 4000 से अधिक रन और 100 विकेट का अनूठा डबलसिकंदर रजा ने इस मुकाबले के दौरान वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में 4000 से अधिक रन बनाने के साथ-साथ गेंदबाजी में 100 विकेट पूरे करने का गौरव हासिल कर लिया है। वनडे फॉर्मेट में चार हजार से ज्यादा रन बनाने और सौ विकेट झटकने का यह करिश्माई आंकड़ा छूने वाले वे जिम्बाब्वे के इतिहास के चुनिंदा खिलाड़ियों में शुमार हो गए हैं। क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि सीमित ओवरों के खेल में इस प्रकार का निरंतर प्रदर्शन करना और लंबे समय तक टीम के लिए संकटमोचन की भूमिका निभाना हर खिलाड़ी के बस की बात नहीं होती है। रजा ने अपनी मेहनत, अनुशासन और जुझारू तेवर के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।जिम्बाब्वे क्रिकेट के दिग्गजों की सूची में शीर्ष पर पहुंचे सिकंदर रजाजिम्बाब्वे क्रिकेट के इतिहास पर अगर नजर डाली जाए, तो एंड्री फ्लावर, हीथ स्ट्रीक और ब्रेंडन टेलर जैसे महान खिलाड़ियों ने देश के लिए कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाए हैं। लेकिन ऑलराउंड प्रदर्शन की बात करें तो सीमित ओवरों के क्रिकेट में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों मोर्चों पर इस स्तर का प्रभुत्व स्थापित करना बहुत बड़ी चुनौती रहा है। सिकंदर रजा ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा के बल पर न केवल टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है, बल्कि मु्श्किल परिस्थितियों में आगे आकर टीम को कई मुकाबले भी जिताए हैं। उनकी यह उपलब्धि दर्शाती है कि विदेशी लीगों से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक उनका सफर कितना शानदार रहा है।भविष्य के युवाओं के लिए प्रेरणा बने सिकंदर रजा का सफरजिस तरह से सिकंदर रजा ने अपने करियर के इस पड़ाव पर आकर भी मैदान पर अपनी ऊर्जा और फिटनेस का स्तर बनाए रखा है, वह युवा खिलाड़ियों के लिए सीखने योग्य है। संकट के समय में टीम को संभालना और गेंदबाजी तथा बल्लेबाजी दोनों से मैच का पासा पलट देना उनकी परिपक्वता को बयां करता है। बांग्लादेश के खिलाफ बने इस रिकॉर्ड के बाद जिम्बाब्वे के तमाम फैंस को उम्मीद है कि रजा आने वाले समय में टीम को और भी कई बड़ी और ऐतिहासिक जीत दिलाएंगे तथा देश के लिए नए कीर्तिमान स्थापित करते रहेंगे।
लड़कों में रोहित ने जलाई थी मसाल, लड़कियों में मंधाना ने भरा नया जज्बा
भारतीय क्रिकेट इतिहास में इस वक्त एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल रहा है, जिसने देश के खेल प्रेमियों और क्रिकेट पंडितों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। कुछ समय पहले तक जहां भारतीय पुरुष टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने मैदान पर पारंपरिक और रक्षात्मक क्रिकेट को छोड़कर एक पूरी तरह से आक्रामक, निडर और 'बिना किसी डर के' (Fearless Cricket) खेलने की जो मसाल जलाई थी, ठीक उसी प्रेरणादायक राह पर अब भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान और स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना तथा पूरी महिला ब्रिगेड भी पूरी मजबूती से आगे बढ़ रही है। हाल ही में खेली गई सीरीज के शुरुआती शुरुआती दो मैचों में ही भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिस प्रकार का विस्फोटक और बेखौफ अंदाज मैदान पर दिखाया है, उसने विरोधी टीमों के होश उड़ा दिए हैं। इस बदलाव ने यह साबित कर दिया है कि आने वाले समय में हमारी बेटियां किसी भी परिस्थिति में दबाव में खेलने के बजाय अपनी शर्तों पर मैच जीतने का माद्दा रखती हैं।रोहित शर्मा के उस ऐतिहासिक मंत्र की गूंज अब महिला क्रिकेट में भी साफ सुनाई दे रही हैजब से रोहित शर्मा ने भारतीय पुरुष टीम की कमान संभाली और टेस्ट तथा सीमित ओवरों के क्रिकेट में 'इंटेंट' (Intent) यानी इरादे को सर्वोपरि रखा, तब से भारतीय क्रिकेट की परिभाषा ही बदल गई। पावरप्ले का भरपूर इस्तेमाल करना, शुरुआती ओवरों में गेंदबाजों पर मानसिक दबाव बनाना और विकेट खोने की परवाह किए बिना तेजी से रन बनाना—यह रोहित का वह मंत्र था जिसने विश्व क्रिकेट में भारत का दबदबा कायम किया। अब ठीक यही आक्रामक डीएनए भारतीय महिला टीम की बल्लेबाजी में भी गहराई तक उतरता हुआ दिखाई दे रहा है। स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा और कप्तान हरमनप्रीत कौर जैसे खिलाड़ियों के बयानों और मैदान पर उनके कदमों के तालमेल से यह साफ झलकता है कि टीम मैनेजमेंट ने खिलाड़ियों के मन से हार का डर पूरी तरह निकाल दिया है। अब खिलाड़ी सिर्फ क्रीज पर टिकने के लिए नहीं, बल्कि मैच का रुख बदलने के इरादे से मैदान पर उतरती हैं।शुरुआती दो मैचों में ही नजर आया वह विध्वंसक अंदाज, विरोधी खेमे में मचा हड़कंपहाल ही में शुरू हुई इस रोमांचक सीरीज के शुरुआती दो मुकाबलों में ही भारतीय महिला बल्लेबाजों ने जिस तरह का तांडव मचाया, उसने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। पहले मैच की पहली गेंद से ही बल्लेबाजों ने विपक्षी गेंदबाजों के खिलाफ कड़े तेवर अपनाए और बाउंड्री की बरसात कर दी। पावरप्ले के शुरुआती छह ओवरों में ही जिस गति से रन बटोरे गए, उसने यह दिखा दिया कि अब हमारी बेटियां धीमा खेलने के पुराने ढर्रे को पीछे छोड़ चुकी हैं। क्रीज पर पैर जमाने के लंबे इंतजार के बजाय सीधे बड़े शॉट्स खेलने की यह कला इस बात का प्रमाण है कि टीम ने आधुनिक टी-20 और वनडे क्रिकेट की जरूरतों को पूरी तरह आत्मसात कर लिया है। विरोधी टीमों के कप्तान और रणनीतिकार इस बात से हैरान हैं कि भारतीय बल्लेबाजों को रोकने के लिए उनके पास कोई सटीक योजना काम नहीं आ रही है।मानसिक मजबूती और फिटनेस बन रही है इस नए आक्रामक युग की सबसे बड़ी ताकतइस प्रकार के निडर और आक्रामक खेल को मैदान पर उतारने के लिए केवल तकनीकी कौशल काफी नहीं होता, बल्कि इसके लिए गजब की मानसिक मजबूती और शारीरिक फिटनेस की भी जरूरत होती है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पिछले कुछ सालों में अपनी फिटनेस के स्तर को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बहुत ऊंचा उठाया है। मैदान पर तेजी से रन दौड़ना, खराब गेंदों को कैच में तब्दील करना और मुश्किल परिस्थितियों में भी घबराए बिना लगातार बड़े शॉट खेलने का यह साहस इसी कड़ी मेहनत का नतीजा है। स्मृति मंधाना ने हाल ही में एक इंटरव्यू में भी इस बात का जिक्र किया था कि जब टीम के भीतर डर की भावना खत्म हो जाती है, तो खिलाड़ी अपनी असली क्षमता से कहीं बेहतर प्रदर्शन करने में सफल हो जाती हैं। कोच और सहयोगी स्टाफ का यह खुला समर्थन खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ा टॉनिक साबित हो रहा है।भविष्य के बड़े टूर्नामेंट्स के लिए एक बेहद सकारात्मक और शानदार संकेतआगामी विश्व कप और अन्य बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं को ध्यान में रखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और टीम प्रबंधन की यह रणनीति बेहद दूरदर्शी और सराहनीय मानी जा रही है। दुनिया की तमाम बड़ी टीमें जैसे ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड हमेशा से ही अपने आक्रामक और निडर खेल के लिए जानी जाती रही हैं, और अब भारत ने भी उसी राह पर कदम रखकर बराबरी का संदेश दे दिया है। पुरुष क्रिकेट में रोहित शर्मा द्वारा जलाई गई उस मसाल की रोशनी अब महिला क्रिकेट के रास्ते पूरे देश को गौरवान्वित कर रही है। खेल प्रेमियों को अब पूरा भरोसा है कि आने वाले मुकाबलों में भारतीय बेटियां इसी तरह का धमाकेदार प्रदर्शन जारी रखेंगी और विश्व पटल पर देश का तिरंगा हमेशा ऊंचा लहराती रहेंगी।
अधूरा रहा दर्शन, छिन गई ज़िंदगी, अपनों को खोने वालों की आपबीती
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में सप्तमी की शाम हुए हादसे ने कई परिवारों को ऐसा जख्म दिया, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा. मुजफ्फरपुर के अभिषेक श्रीवास्तव और उनके बेटे अयांश की मौत से लेकर दो सहेलियों की दर्दनाक कहानी तक, हादसे के बाद सामने आ रही हर जानकारी दिल दहला रही है.
छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूली बच्चों और शिक्षकों को दिया दिवाली का बड़ा तोहफा
देशभर में इस बार दीपावली के पावन पर्व को लेकर तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं, और त्योहारों के इस उल्लास के बीच छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने राज्य के स्कूली बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों के चेहरों पर एक बड़ी मुस्कान ला दी है। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने दीपावली के अवकाश को लेकर एक बहुत ही महत्वपूर्ण और राहत भरा संशोधन आदेश जारी किया है। पहले जहां प्रशासनिक और शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार दीपावली के अवसर पर स्कूलों में 6 नवंबर से 10 नवंबर तक यानी कुल 5 दिनों की छुट्टियों का प्रावधान तय किया गया था, वहीं अब सरकार ने बच्चों और शिक्षकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस अवकाश में एक दिन की और बढ़ोतरी कर दी है। इस ताजा संशोधन के बाद अब छत्तीसगढ़ के सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में दीपावली के मौके पर कुल 6 दिनों की लंबी छुट्टियां मिलेंगी, जिससे छात्र-छात्राएं और शिक्षक अपने परिवार के साथ बिना किसी जल्दबाजी के त्योहार का भरपूर आनंद उठा सकेंगे।पहले तय कार्यक्रम में हुआ बदलाव, क्यों बढ़ाई गई छुट्टियों की संख्या?अक्सर देखा जाता है कि दीपावली जैसे बड़े और पांच दिवसीय महापर्व के दौरान (धनतेरस से लेकर भाईदूज तक) दूर-दराज रहने वाले लोग और अपने घर से दूर शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षक अपने पैतृक गांवों और शहरों की ओर यात्रा करते हैं। ऐसे में 5 दिनों का अवकाश कई बार कम पड़ जाता था और आने-जाने की भागदौड़ में ही छुट्टियां खत्म हो जाती थीं। बच्चों, अभिभावक संघों और शिक्षक संगठनों द्वारा लगातार यह मांग उठाई जा रही थी कि त्योहारी सीजन की व्यस्तता और सुगम आवागमन को देखते हुए छुट्टियों के दायरे को थोड़ा और बढ़ाया जाए। राज्य सरकार ने जनभावनाओं और व्यावहारिक कठिनाइयों को गंभीरता से समझते हुए कैलेंडर में संशोधन किया और एक एक्स्ट्रा दिन की छुट्टी जोड़ने का फैसला लिया। सरकार के इस जनहितैषी कदम की हर तरफ सराहना हो रही है।बच्चों और शिक्षकों को मिलेगा परिवार के साथ सुकून से समय बिताने का मौकास्कूलों में 6 दिनों की लंबी छुट्टियां घोषित होने से सबसे ज्यादा खुशी नन्हे-मुन्ने स्कूली बच्चों के चेहरों पर साफ झलक रही है। लगातार पढ़ाई के बोझ और परीक्षाओं के तनाव के बीच यह ब्रेक बच्चों के लिए मानसिक ताजगी पाने का बेहतरीन जरिया साबित होगा। बच्चे अपने माता-पिता और भाई-बहनों के साथ दीये जलाने, रंगोली बनाने, नए कपड़े खरीदने और मिठाइयों का लुत्फ उठाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसके अलावा, राज्यभर के सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले हजारों शिक्षकों को भी इस फैसले से बड़ी राहत मिली है। वे अपने परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ त्योहार की खुशियां साझा कर सकेंगे। दीपावली और गोवर्धन पूजा जैसे लोक पर्वों का असली आनंद तभी आता है जब व्यक्ति अपने परिवार के बीच बिना किसी समय सीमा के दबाव के मौजूद हो।शिक्षा विभाग का आदेश जारी, सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशछत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए संशोधित आदेश को राज्य के सभी जिलों में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। प्रदेश के सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को निर्देश भेज दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र के सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करवाएं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित तिथियों के दौरान यदि कोई स्कूल खुला पाया जाता है या नियमों की अनदेखी की जाती है, तो संबंधित प्रबंधन के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। इस आधिकारिक पुष्टि के बाद स्कूलों में पढ़ाई का शेड्यूल भी तदनुसार समायोजित कर लिया गया है ताकि छुट्टियों के बाद कोर्स पूरा करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।त्योहारी बाजार और आर्थिक गतिविधियों को भी मिलेगी एक नई गतिजब स्कूलों में लगातार 6 दिनों की छुट्टियां होती हैं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव केवल घरों तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका सीधा लाभ स्थानीय व्यापार और आर्थिकी को भी मिलता है। बच्चे और उनके परिवार छुट्टियों के दौरान बाजारों में खरीदारी के लिए अधिक समय निकाल पाते हैं। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव और जगदलपुर सहित छत्तीसगढ़ के तमाम छोटे-बड़े बाजारों में कपड़ों, दीपों, पटाखों, सजावटी सामानों और उपहारों की दुकानों पर रौनक अभी से बढ़ गई है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दी गई इस एक दिन की अतिरिक्त छुट्टी ने न केवल बच्चों और शिक्षकों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी है, बल्कि पूरे राज्य में दीवाली के इस पावन पर्व के उत्साह को कई गुना बढ़ा दिया है।
वैभव की तरह बिहार के अनमोल ने खेली तूफानी पारी! 86 गेंद पर कूटे 184 रन
बिहार से आने वाले एक युवा बल्लेबाज ने विनू मांकड़ ट्रॉफी में बल्ले से तहलका मचा दिया है. ताबड़तोड़ अंदाज में 184 रनों की धमाकेदार पारी खेलने के बाद फैन्स अब इस बल्लेबाज की तुलना वैभव सूर्यवंशी से कर रहे हैं.
दशहरा पर दावत की थी तैयारी, वन विभाग ने चौपट किया प्लान
विजया दशमी और त्योहारी सीजन की खुशियों के बीच झारखंड और छत्तीसगढ़ की सीमा से वन्यजीव संरक्षण और सुरक्षा को लेकर एक चौंकाने वाली बड़ी खबर सामने आ रही है। झारखंड-छत्तीसगढ़ बॉर्डर के घने जंगलों में वन्यजीवों का अवैध शिकार करने की ताक में बैठे तस्करों के नापाक मंसूबों पर वन विभाग और एंटी-पोचिंग सेल की संयुक्त टीम ने पानी फेर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, कुछ स्थानीय शिकारी और पेशेवर तस्कर दशहरा के पावन अवसर पर बड़े पैमाने पर जंगली जानवरों की दावत और मांस की अवैध खरीद-फरोख्त की योजना बना रहे थे। इसके लिए उन्होंने जंगलों के बीच सुनसान रास्तों पर बेहद खतरनाक हथियारों और फंदों का जाल बिछा रखा था। लेकिन समय रहते खुफिया तंत्र से मिली सटीक सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने इलाके में ताबड़तोड़ छापेमारी कर दी, जिससे तस्करों की पूरी योजना धरी की धरी रह गई।झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा के जंगलों में बिछाया गया था मौत का जालदोनों राज्यों के सीमावर्ती इलाके अपनी जैव विविधता, घने जंगलों और वन्यजीवों (जैसे जंगली सुअर, हिरण और अन्य प्रजातियों) के लिए देश भर में जाने जाते हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से इन इलाकों में सक्रिय शिकारी गिरोहों द्वारा वन्यजीवों को निशाना बनाए जाने की खबरें लगातार मिल रही थीं। दशहरा और दीपावली के त्योहारी सीजन के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली मांस की मांग अचानक बढ़ जाती है, जिसका फायदा उठाने के लिए तस्कर जंगलों में सक्रिय हो जाते हैं। इस बार भी तस्करों ने बेहद शातिर तरीके से जंगलों के उन हिस्सों को चुना जहां इंसानों की आवाजाही कम होती है। उन्होंने वन्यजीवों के आने-जाने वाले मुख्य रास्तों पर जमीन से लेकर झाड़ियों के बीच ऐसे जाल बिछाए थे कि कोई भी जानवर वहां फंसकर आसानी से उनका शिकार बन सके।200 फीट लंबा घातक फंदा और आधुनिक तीर-धनुष बरामदवन विभाग के अधिकारियों ने जब झारखंड-छत्तीसगढ़ बॉर्डर से सटे संदिग्ध जंगली इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया, तो उनके होश उड़ गए। छापेमारी के दौरान टीम ने लगभग 200 फीट लंबा विशेष रूप से तैयार किया गया नायलॉन और तार का फंदा बरामद किया, जिसका उपयोग बड़े वन्यजीवों को दौड़ते वक्त जकड़ने के लिए किया जाता था। इसके अलावा मौके से कई जहरीले तीर, पारंपरिक धनुष और धारदार हथियार भी लावारिस हालत में मिले। अधिकारियों के अनुसार, यह फंदा इतना मजबूत और खतरनाक था कि यदि कोई भारी-भरकम वन्यजीव इसके दायरे में आ जाता, तो उसका बच पाना नामुमकिन था। वन विभाग की टीम ने इन सभी अवैध उपकरणों को मौके पर ही जब्त कर लिया और उन्हें नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।वन विभाग की मुस्तैदी से टला बड़ा वन्यजीव संकट, तस्करों की तलाश तेजइस सफल कार्रवाई के बाद से वन विभाग के महकमे ने राहत की सांस ली है, लेकिन साथ ही सीमावर्ती इलाकों में गश्त और चौकसी को और अधिक बढ़ा दिया गया है। वन अधिकारियों का कहना है कि भले ही इस बार मुख्य आरोपी मौके से भागने में सफल रहे, लेकिन उनके ठिकानों और नेटवर्क के बारे में कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। स्थानीय मुखबिरों की मदद से उन लोगों की पहचान की जा रही है जो इस अवैध शिकार के धंधे को परोक्ष या अपरोक्ष रूप से बढ़ावा दे रहे थे। झारखंड और छत्तीसगढ़ के वन विभाग के अधिकारियों ने आपसी समन्वय बैठक कर यह तय किया है कि त्योहारी सीजन के बचे हुए दिनों में जंगलों के भीतर विशेष नाइट पेट्रोलिंग (Night Patrol) की जाएगी ताकि किसी भी वन्यजीव की जान को खतरा न हो सके।पर्यावरण प्रेमियों ने की कार्रवाई की सराहना, कड़े कानूनों की मांगझारखंड-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर वन विभाग द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई की पर्यावरण प्रेमियों, वन्यजीव कार्यकर्ताओं और स्थानीय जागरूक नागरिकों ने खुलकर सराहना की है। लोगों का कहना है कि त्योहारों की आड़ में प्रकृति और मूक जीवों का शिकार करने वाले ऐसे तत्वों के खिलाफ पुलिस और वन विभाग को इसी तरह की सख्त और निर्णायक कार्रवाई जारी रखनी चाहिए। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत इन मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती धाराएं लगाकर उन्हें सलाखों के पीछे भेजना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति जंगलों के इस अनमोल धरोहर को नुकसान पहुंचाने की हिम्मत न कर सके।
रोहिणी ने लालू से पूछा- हम कौन हैं? फिर बेटी के चेहरे को गौर से देखने लगे आरजेडी सुप्रीमो
भारतीय राजनीति के गलियारों में अपने बेबाक अंदाज और मजबूत बयानों के लिए हमेशा चर्चा में रहने वाले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के परिवार से जुड़ा एक बेहद भावुक और दिल को छू लेने वाला वाकया सामने आया है। राजनीति की तमाम धूप-छांव, उतार-चढ़ाव और संघर्षों के बीच परिवार के भीतर के रिश्ते कैसे इंसान को अंदर तक झकझोर देते हैं, इसकी एक बानगी हाल ही में देखने को मिली। लालू प्रसाद यादव की लाडली बेटी और सिंगापुर में किडनी डो करके अपने पिता को नया जीवनदान देने वाली रोहिणी आचार्य ने अपने पिता से अचानक एक ऐसा सीधा और मासूम सा सवाल पूछ लिया, जिसने वहां मौजूद हर शख्स को भावुक कर दिया। रोहिणी ने पिता से पूछा कि 'पापा, हम कौन हैं?' इस अप्रत्याशित और गहरे सवाल को सुनते ही आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव कुछ पल के लिए अवाक रह गए और फिर अपनी बेटी के चेहरे को बेहद गौर से और टकटकी लगाकर देखने लगे।राजनीति की व्यस्तता और पारिवारिक रिश्तों के बीच का वह भावुक पललालू प्रसाद यादव का पूरा जीवन राजनीतिक आंदोलनों, सामाजिक न्याय की लड़ाइयों और चुनावी रणनीतियों के बीच बीता है। उनके चारों तरफ हमेशा कार्यकर्ताओं, नेताओं, सुरक्षाकर्मियों और मीडिया का भारी जमावड़ा लगा रहता है। ऐसे व्यस्त और तनावपूर्ण माहौल के बीच जब कभी परिवार के अपने लोग पास आते हैं, तो राजनीति के बड़े-बड़े धुरंधर भी एक आम पिता और दादा की भूमिका में नजर आने लगते हैं। रोहिणी आचार्य, जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए अपने पिता को अपनी किडनी डोनेट की थी और उन्हें मौत के मुंह से खींचकर वापस लाई थीं, उनका अपने पिता के साथ एक अलग ही आध्यात्मिक और भावनात्मक जुड़ाव है। उस दिन जब दोनों के बीच अनौपचारिक बातचीत चल रही थी, तब रोहिणी ने प्यार और हल्के-फुल्के अंदाज में अपने पिता से वह सवाल पूछ लिया, जिसके बाद वहां का पूरा माहौल ही बदल गया।जब आरजेडी सुप्रीमो ने बेटी को पहचान की नजरों से देखारोहिणी आचार्य के मुंह से 'हम कौन हैं?' यह सवाल सुनते ही लालू प्रसाद यादव ने अपनी चिर-परिचित शैली में पहले तो थोड़ा अचरज जताया, और फिर वे अपनी बेटी के चेहरे को बहुत ही गौर से देखने लगे। उस एक पल के लिए जैसे समय वहीं थम गया हो। एक पिता की नजरों में बेटी के प्रति अपार स्नेह, कृतज्ञता, चिंता और उस अहसास की झलक साफ दिखाई दे रही थी कि यह वही बेटी है जिसने उनके प्राण बचाए हैं। लालू यादव ने अपने जीवन में अपनों के धोखे, राजनीतिक साजिशों और कई मुकदमों का सामना किया है, लेकिन परिवार का यह सच्चा और निश्छल प्यार ही उनकी असली ताकत रहा है। बेटी के चेहरे को निहारते हुए आरजेडी सुप्रीमो की आंखें नम हो गईं और उन्होंने दुलारते हुए उसे जो जवाब दिया, उसने वहां मौजूद सभी पारिवारिक सदस्यों की आंखें भर दीं।सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वाकया, समर्थकों में उमड़ी भावनाओं की लहरयह पूरा वाकया और इससे जुड़ी चर्चाएं जब धीरे-धीरे सोशल मीडिया के माध्यम से बाहर आईं, तो राजद समर्थकों और आम लोगों के बीच यह तेजी से वायरल हो गया। लोग लालू प्रसाद यादव और रोहिणी आचार्य के इस पवित्र रिश्ते की मिसाल देने लगे। इंटरनेट यूजर्स का कहना है कि राजनीति में भले ही वैचारिक मतभेद और तीखी बयानबाजी चलती हो, लेकिन एक पिता और पुत्री के बीच का यह रिश्ता इन सब से बहुत ऊपर और पावन है। रोहिणी आचार्य अक्सर सोशल मीडिया के जरिए अपने पिता के प्रति अपने प्रेम और सम्मान को जाहिर करती रहती हैं, और इस बार का यह संस्मरण इस बात की गवाही देता है कि कठिन समय में परिवार की ममता ही इंसान का सबसे बड़ा संबल होती है।संघर्षों के बाद भी अटूट है लालू परिवार का यह पारिवारिक बंधनचारे घोटाले से जुड़े मुकदमों, स्वास्थ्य समस्याओं और लगातार राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहे लालू प्रसाद यादव के लिए उनका परिवार और उनके बच्चे हमेशा ढाल बनकर खड़े रहे हैं। तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव और रोहिणी आचार्य समेत पूरा परिवार हर मुश्किल घड़ी में अपने पिता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा नजर आता है। रोहिणी द्वारा पिता से पूछा गया वह छोटा सा सवाल और उसके बाद लालू यादव का अपनी बेटी को गौर से देखना इस बात का प्रतीक है कि सियासत के दांव-पेच चाहे जितने भी जटिल क्यों न हों, अपनों का प्यार और पहचान हमेशा सबसे ऊपर रहती है। यह घटना राजनीतिक गलियारों में एक ऐसा मानवीय पहलू बनकर उभरी है, जिसे लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।
पूर्व छात्रा को आपत्तिजनक संदेश देने के आरोप में Symbiosis Nagpur के प्रोफेसर पर गिरी गाज
सिम्बियोसिस विश्वविद्यालय ने अपने नागपुर परिसर के एक प्रोफेसर को संस्थान की एक पूर्व छात्रा को कथित तौर पर अनुचित संदेश भेजने और उसे इस्लामी धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करने के लिए कहने के आरोपों के बाद अनिवार्य छुट्टी पर भेज दिया है। संस्थान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। इस मामले को लेकर कुछ दक्षिणपंथी संगठनों के विरोध-प्रदर्शन के बाद सिम्बियोसिस इंटरनेशनल (मानद विश्वविद्यालय) ने रविवार को एक बयान जारी कर कहा कि आरोपों की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, प्रोफेसर ने पहले ही अपना इस्तीफा सौंप दिया है। हालांकि, नागपुर पुलिस के अनुरोध के बावजूद छह महीने पहले संस्थान छोड़ चुकी छात्रा और उसके पिता ने अब तक न तो औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और न ही कथित संदेशों से जुड़ा कोई सबूत दिया है। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि आरोपों में छात्रा को आपत्तिजनक संदेश भेजना और इस्लामी रीति-रिवाजों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करना शामिल है। हालांकि, शिकायत या सहायक साक्ष्य नहीं होने के कारण इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है। इस मामले को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के सदस्यों ने विरोध-प्रदर्शन किया और प्रोफेसर को हटाने तथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस उपायुक्त नित्यानंद झा ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे विभिन्न संगठनों के 15 से 17 लोग विश्वविद्यालय परिसर में एकत्र हुए। पुलिस ने हस्तक्षेप कर प्रदर्शनकारियों और विश्वविद्यालय के अधिकारियों के बीच बातचीत कराई। बाद में एक प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मुलाकात की। विश्वविद्यालय ने कहा कि उसने सोशल मीडिया पर सामने आई खबरों और शिकायत का संज्ञान लेते हुए आरोपों की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की है। संस्थान ने कहा कि वह विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा तथा गरिमा के प्रति प्रतिबद्ध है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूर्व छात्रा का परिवार इस मुद्दे को दक्षिणपंथी संगठनों के समक्ष उठाता रहा है, लेकिन तीन बार अनुरोध किए जाने के बावजूद पुलिस के पास नहीं पहुंचा। पुलिस की जांच में पता चला कि छात्रा ने छह महीने पहले संस्थान छोड़ दिया था।
इस राज्य में रात में भी डॉक्टर्स की लगेगी अटेंडेंस, वरना कटेगी सैलरी!
कर्नाटक सरकार 1 नवंबर, 2026 से डॉक्टरों की रात की मौजूदगी कर्तव्य ऐप और जियोफेंसिंग से दर्ज करेगी. पायलट के नतीजों के बाद दायरा बढ़ेगा, जबकि संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों का भुगतान भी ऐप की हाजिरी रिपोर्ट से जोड़ा जाएगा.
बाइक पर ही खोल ली दुकान, एक दिन की कमाई 6 हजार
न दुकान की जरूरत, न भारी-भरकम सेटअप... एक शख्स ने बाइक को ही पंचर की दुकान बना डाला. महज 60 हजार रुपये के सिस्टम से शुरू हुए इस अनोखे बिजनेस का तरीका देखकर लोग भी हैरान हैं.
कोटा की पुलिस अधीक्षक (SP) तेजस्वनी गौतम ने सोमवार को अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए तीन लोगों के बारे में नई जानकारी दी। एक खुफिया सूचना के आधार पर, राजस्थान के कोटा शहर में मुंबई से आ रही एक ट्रेन से तीन लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। कोटा पुलिस के अनुसार, इन तीनों को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के एक साथी अनिल पंडित ने काम पर रखा था। इससे गैंग के उन दावों की पुष्टि होती है, जो उन्होंने फायरिंग के तुरंत बाद सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए किए थे। इसे भी पढ़ें: Tiger Shroff की कार पर Mumbai में फायरिंग, FWICE ने उठाई सुरक्षा की मांग मीडिया से बात करते हुए अधिकारी ने आगे बताया कि घटना के तुरंत बाद ये तीनों पुणे-जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हो गए थे और जनरल बोगी में यात्रा कर रहे थे। मीडिया से बात करते हुए अधिकारी ने आगे बताया कि घटना के तुरंत बाद तीनों पुणे-जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हो गए थे और जनरल बोगी में यात्रा कर रहे थे। उनकी योजना जयपुर स्टेशन पर उतरने, फिर बस से दिल्ली जाने और वहां से नेपाल भाग जाने की थी। हालांकि, तीनों को ट्रेन से ही पकड़ लिया गया। कोटा की SP तेजस्वनी गौतम ने कहा कि अभी तक हथियार नहीं मिले हैं। हालांकि, उनसे पूछताछ की जाएगी कि उन्होंने हथियारों का क्या किया, और फिर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उनकी योजना नेपाल भागने की थी। कोटा सिटी पुलिस ने उन्हें रेलवे स्टेशन पर हिरासत में लिया। शुरुआती पूछताछ से पता चला है कि अनिल पंडित, रेहान के संपर्क में था। अनिल पंडित का संबंध लॉरेंस बिश्नोई से है... वे पुणे-जयपुर एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे में सफर कर रहे थे। उनकी योजना दिल्ली पहुंचकर नेपाल की तरफ भागने की थी। अब मुंबई पुलिस आ गई है, और हम उन्हें सौंपने की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Tiger Shroff की कार पर फायरिंग मामले में FIR दर्ज, Mumbai Crime Branch को सौंपी गई जांच उन्होंने कहा कि आरोपी को पकड़ने के लिए हमने निकास बिंदुओं, प्लेटफॉर्म और कई अन्य जगहों पर घेराबंदी की। यह पुणे-जयपुर एक्सप्रेस थी। हमें सुबह लगभग 9:45 बजे सूचना मिली। मुंबई पुलिस आ गई है और हम आरोपी को उन्हें सौंप देंगे। शुरुआती पूछताछ के आधार पर पता चला है कि आरोपियों में से एक रैपिडो राइडर है। आगे की विस्तृत पूछताछ से और स्पष्टता आएगी। बाकी दो लोगों में से एक नाबालिग है, और दूसरा, रेहान, सोनीपत में मजदूर के तौर पर काम करता है। शुरुआती पूछताछ से पता चला कि उनकी योजना इस ट्रेन से दिल्ली जाने और वहां से नेपाल भाग जाने की थी। रेहान पहले भी अनिल पंडित के संपर्क में था।
लस्सी-कुलचे और चुनाव… इलेक्शन में किस करवट बैठेगा अमृतसर जिला?
पंजाब का वो शहर जिसे गुरुओं ने बसाया. यानी अमृतसर, जहां पूरी दुनिया स्वर्ण मंदिर में माथा टेकने आती है. राजनीतिक रूप से भी काफी ज़रूरी है, कांग्रेस से लेकर भाजपा और अकाली, अब आम आदमी पार्टी भी इस जिले पर दबदबा बनाना चाहती है. इस जिले का इतिहास क्या रहा है, कैसा इसका कल्चर रहा है, ज़रूर जानिए...
ये 4 बड़े कारण... अचानक बिखरा शेयर बाजार, सेंसेक्स 1000 अंक टूटा!
सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है. सेंसेक्स अचानक 1000 अंक तक टूट चुका है और निफ्टी में भी बड़ी गिरावट आई है. इस गिरावट में बड़ा योगदान HDFC Bank और एक्सिस बैंक जैसे शेयरों ने दिया है.
10 अंडे, 600 ग्राम चिकन-फिश, इस डाइट से बाहुबली से दिखते हैं टाइगर
टाइगर श्रॉफ के मील में कार्ब्स और प्रोटीन से युक्त चीजें शामिल रहती हैं. जब उन्हें मस्क्युलर दिखना होता है तो वह करीब 4000-4500 कैलोरीज लेते हैं. डेली रूटीन में आम आदमी इसकी आधी कैलरी ही लेता है.
कोलकाता भगदड़ के बाद एक्शन में बंगाल सरकार, 3 दुर्गा पूजा पंडालों को नोटिस
कोलकाता के चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. अग्निशमन और आपातकालीन सेवा विभाग ने तीन दुर्गा पूजा समितियों को नोटिस जारी किया है, जिनमें अग्नि सुरक्षा में कमियां पाई गईं.
नदी में उतार दी बोलेरो कार, अंदर बैठा था पूरा परिवार
उत्तराखंड के पौड़ी जिले के मोहन चट्टी के पास हिंवल नदी में हरियाणा नंबर की एक बोलेरो कार फंसने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. बताया जा रहा है कि वाहन में परिवार समेत कई लोग सवार थे. कार फंसने के बाद चालक छत पर चढ़ा दिखाई दिया.
देश और दुनिया की दोपहर की बड़ी खबरें, पढ़ें प्रमुख राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम
‘भाषा’ की विभिन्न फाइल से सोमवार को अपराह्न दो बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार हैं :- दि13 : कांग्रेस राम मंदिर‘चढ़ावा चोरी’ के मामले में मोदी और योगी अब तक मौन, जिम्मेदार लोगों को दंडित करे जनता: कांग्रेसनयी दिल्ली, कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सार्वजनिक हुए साढ़े चार महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस पर अब तक मौन हैं। प्रादे36 : महाराष्ट्र अदालत इमरान खान याचिकाभारत छोड़ने के आदेश के खिलाफ दायर अभिनेता इमरान खान की याचिका पर 26 अक्टूबर को सुनवाईमुंबई, मुंबई में हुए एक राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल होने के कारण 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने के मिले निर्देश को चुनौती देने वाली अभिनेता और अमेरिकी नागरिक इमरान खान की याचिका पर मुंबई उच्च न्यायालय 26 अक्टूबर को सुनवाई करेगा। प्रादे57 : राजस्थान टाइगर दूसरी लीड संदिग्धटाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी के मामले में तीन संदिग्ध कोटा में पकड़े गए: पुलिसजयपुर, राजस्थान पुलिस ने अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी के मामले में सोमवार को कोटा में तीन संदिग्धों को पकड़ा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दि17 : नौसेना उपप्रमुख स्वावलंबनहम हवा, समुद्र से लेकर एआई तक सभी क्षेत्रों में विकास पर काम कर रहे: नौसेना उपप्रमुखनयी दिल्ली, नौसेना उपप्रमुख वाइस एडमिरल अजय कोचर ने सोमवार को कहा कि नौसेना एक ‘बहु क्षेत्रीय नेटवर्क बल’ बनने के लिए हवा और पानी के भीतर से लेकर एआई तथा क्वांटम प्रौद्योगिकी तक, सभी क्षेत्रों में विकास पर काम कर रही है। प्रादे50 : केरलम न्यायमूर्ति देवन दृष्टिबाधितदृष्टिबाधित लोगों को सहानुभूति नहीं, सुगम सड़कें चाहिए: न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रनकोच्चि, केरलम उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन ने कहा है कि दृष्टिबाधित लोगों को सहानुभूति की नहीं, बल्कि ऐसे समाज की जरूरत है जो उनकी स्वतंत्रता का सम्मान करे और उनके जीवन में बाधाएं पैदा करना बंद करे। वि10 : बांग्लादेश भारतीय एयर एंबुलेंसभारतीय एयर एंबुलेंस को आपात स्थिति में बांग्लादेश में उतारा गया, मरीज की मौतढाका, अगरतला से कोलकाता जा रही भारत की एक एयर एंबुलेंस का दरवाजा बीच हवा में आंशिक रूप से खुल जाने के बाद उसे बांग्लादेश में आपात स्थिति में उतारा गया। हालांकि, एयर एंबुलेंस में सवार भारतीय महिला की मौत हो गई। स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी। वि2 : कनाडा आगकनाडा के सैन्य अड्डे पर घास में लगी आग से चार सैनिकों की मौत, 19 की हालत गंभीरवेनराइट (कनाडा), कनाडा के अल्बर्टा प्रांत में एक सैन्य अड्डे पर युद्ध अभ्यास के दौरान तेजी से फैली आग की चपेट में आने से चार सैनिकों की मौत हो गई और 39 घायल हो गए। घायलों में 19 की हालत गंभीर है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अर्थ11 : जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओजियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को संस्थागत निवेशकों से मिली 2.5 लाख करोड़ रुपये की बोलियांनयी दिल्ली, जियो प्लेटफॉर्म्स के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए संस्थागत निवेशकों ने करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की बोलियां लगाई हैं। खेल11 : खेल एशियाड पैरा जूडो लीड कपिलएशियाई पैरा खेल: जूडोका कपिल परमार ने कांस्य पदक जीतानागोया, भारतीय जूडो खिलाड़ी कपिल परमार ने सोमवार को यहां इंडोनेशिया के अहनाफ रफली शिदकी को हराकर एशियाई पैरा खेलों की पुरुषों की जे1-70 किग्रा स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। खेल1 : खेल एशियाड पैरा तीरंदाजीशीतल देवी ने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की, क्वालिफिकेशन में शीर्ष पर रही भारतीय महिला कंपाउंड टीमनागोया, भारतीय तीरंदाज शीतल देवी ने सोमवार को यहां एशियाई पैरा खेलों में महिला कंपाउंड क्वालीफाइंग राउंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए 720 में से 704 अंक हासिल करके विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की और नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया।
सीएम योगी ने महानवमी पर किया कन्या पूजन, देखें हेडलाइंस
नवरात्रि के मौके पर दुर्गाष्टमी और महानवमी की धूम है. गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कन्या पूजन कर देवी मां की आराधना की. हवन और मंत्रोच्चार के बीच पूजा पंडालों में भक्तों का तांता लगा हुआ है. बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. राजस्थान के कोटा से तीन शूटर्स को गिरफ्तार कर लिया गया है. ये तीनों आरोपी मुंबई के अंधेरी में बाइक छोड़कर पुणे-जयपुर ट्रेन के जरिए कोटा भागे थे.
फ्रांस में सड़कों पर उतरी भीड़, जलती इमारतें, लूटपाट और पुलिस से हिंसक टकराव की तस्वीरें केवल यूरोप की राजनीतिक उथल-पुथल की कहानी नहीं हैं। ये उन सभी देशों के लिए चेतावनी हैं, जहां विरोध प्रदर्शन को राजनीतिक दबाव बनाने का हथियार समझा जाता है और आंदोलन की आड़ में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने की […] यह लेख फ्रांस के प्रोटेस्ट से भारत को सबक: विरोध के नाम पर अराजकता फैलाने वालों को समझना होगा लोकतंत्र का मतलब सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया पर पुनर्विचार करेगी वाईएसआरसीपी
सुजीत ठाकुर, नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों के विरोध के बीच वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने अपने पुराने रुख पर पुनर्विचार करेगी। पार्टी प्रमुख वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने 2023 में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े नए कानून का समर्थन करने पर अब अफसोस […]
झोटा के अंतिम संस्कार पर पेच, परिवार से बातचीत के लिए सरकार ने बनाई कमेटी
पंजाब के मानसा में नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद सरकार ने तीन महिला IAS अधिकारियों की टीम बनाई है जो मामले की बातचीत करेगी. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह परिवार से मिलने जाएंगे. परिवार ने CBI जांच और मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग की है.
मुंबई में टाइगर श्रॉफ की कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग, क्राइम ब्रांच जांच में जुटी
मुंबई के जुहू इलाके में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना सामने आई है. यह वारदात एक फुटबॉल टर्फ के बाहर शाम करीब सात बजे हुई. हमले के समय कार में टाइगर श्रॉफ आगे की सीट पर मौजूद थे. दो अज्ञात हमलावरों ने गाड़ी को निशाना बनाकर सात राउंड गोलियां चलाईं. हमले के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए. इस पूरे मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है. क्राइम ब्रांच लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े दावों की भी गहनता से जांच कर रही है,
बॉलीवुड पर अंडरवर्ल्ड की गोलियों की दशकों पुरानी है कहानी
An AI-generated image सुजीत ठाकुर, नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों के विरोध के बीच वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने अपने पुराने रुख पर पुनर्विचार करेगी। पार्टी प्रमुख वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने 2023 में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े नए कानून का समर्थन करने […]
शाखा शब्द सुनते ही मन में एक जीवंत चित्र उभरता है। जैसे वटवृक्ष की शाखा अपने मूल तने से रस लेकर नई कोंपलें फोड़ती है, जैसे ज्ञान की विभिन्न शाखाएँ – कला, विज्ञान, वाणिज्य – एक ही विद्या के महासागर से निकलकर समाज को प्रकाश देती हैं, वैसे ही राष्ट्र सेविका समिति की शाखा भी […] यह लेख राष्ट्र सेविका समिति की शाखा – व्यक्ति निर्माण का केंद्र सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
Kolkata में चोरबागान भगदड़ के बाद 3 दुर्गा पूजा समितियों को Fire Safety नोटिस
चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत के बाद पश्चिम बंगाल अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग ने दमकल सुरक्षा उपायों में खामी को लेकर दक्षिण कोलकाता की तीन प्रमुख दुर्गा पूजा समितियों को नोटिस जारी किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अग्निशमन सेवा विभाग की एक उच्चस्तरीय टीम द्वारा प्रमुख पंडालों का निरीक्षण किए जाने और सुरक्षा इंतजामों में कमियां पाए जाने के बाद, चेतला अग्रानी, बालीगंज कल्चरल एसोसिएशन और त्रिधारा सम्मिलनी को नोटिस जारी किया गया। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने रविवार को पंडालों के पास बने अनधिकृत अस्थायी व्यावसायिक ढांचों और खतरनाक स्टॉल को तुरंत हटाने का निर्देश दिया। उन्होंने आग से सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई, खासकर इसलिए कि अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों से बने ढांचों के पास एलपीजी सिलेंडर रखे हुए थे। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने पंडालों के भीतर पर्याप्त रोशनी और हवा की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि चीजें साफ दिखाई दें और भीड़ को संभालने में आसानी हो। त्रिधारा सम्मिलनी के वरिष्ठ पदाधिकारी देबाशीष कुमार ने सोमवार को पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘उद्घाटन से पहले हमें विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र मिल गया था।’’उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया गया, और प्रवेश द्वार से लेकर रास्ते तक रोशनी का उचित प्रबंध है। हमने टीम को बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने से जुड़े सभी अग्नि सुरक्षा उपायों का पालन किया जा रहा है और उन्हें अनुपालन रिपोर्ट भेज दी है।’’कुमार ने कहा कि हजारों आगंतुकों की आवाजाही और प्रबंधन के लिए कोलकाता पुलिस, नागरिक सुरक्षा अधिकारियों और नगर निकाय के साथ समन्वय किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि बालीगंज कल्चरल एसोसिएशन से कहा गया है कि वह अपने पंडाल में प्रकाश की व्यवस्था बेहतर करे और यह सुनिश्चित करे कि व्यावसायिक गतिविधियों की वजह से आने-जाने के रास्तों में कोई रुकावट न आए। पूजा समिति के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, ‘‘हम सुरक्षा संबंधी सभी मानक प्रक्रियाओं का पालन कर रहे हैं और हजारों आगंतुकों की आवाजाही को सुगम बना रहे हैं। हमने प्रकाश व्यवस्था में सुधार किया है और यह सुनिश्चित किया है कि रासबिहारी एवेन्यू और ट्रायंगुलर पार्क की तरफ से पंडाल तक आने वाले लोगों के रास्ते में कोई रुकावट न आए।’’चेतला अग्रानी के किसी भी पदाधिकारी से टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं हो सका। शनिवार को उत्तरी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की घटना के बाद यह निरीक्षण किया गया। इस घटना में 19 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए, जिसके चलते राज्य सरकार ने प्रमुख पूजा स्थलों पर भीड़ प्रबंधन एवं सुरक्षा इंतजामों की जांच-पड़ताल तेज कर दी है।
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद चर्चा में VIP सुरक्षा
मुंबई पुलिस सेलिब्रिटीज, फिल्म स्टार्स और बिजनेसमैन को वास्तविक खतरे के आकलन के आधार पर सुरक्षा देती है. X, Y, Y+ और Z जैसी श्रेणियों में सुरक्षा तय होती है. निजी व्यक्तियों को सुरक्षा के लिए शुल्क देना पड़ता है. वीडियो में जानें आवेदन से लेकर सुरक्षा शुल्क और खतरे की समीक्षा तक की पूरी प्रक्रिया.
फ्रांस में युवाओं के हिंसक प्रदर्शन पर पुलिस का एक्शन, देखें हेडलाइंस
फ्रांस में युवाओं का प्रदर्शन उग्र हो गया है. पेरिस में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद अब तक 1,800 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. शिक्षा, महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ यह गुस्सा कई अन्य देशों में भी फैल रहा है. इस बीच 26 नवंबर को संविधान दिवस के मौके पर समाजवादी पार्टी आगामी उपचुनावों के लिए अपना घोषणा पत्र जारी करेगी. अखिलेश यादव ने इसे पीडीए का प्रण पत्र और जनमन का मेनिफेस्टो बताया है.
Delhi-Yamunotri Link Highway: दिल्ली के लोगों के लिए खुशखबरी है, क्योंकि जल्द ही दिल्ली-यमुनोत्री लिंक हाईवे पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी. इसे चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा रहा है. पहले चरण में 6 किलोमीटर का रूट तैयार है.
वाराणसी: क्षत-विक्षत लाशें, चकनाचूर स्कॉर्पियो, एक शख्स ब्रिज से नीचे गिरा!
वाराणसी के मिर्जामुराद थाना क्षेत्र में प्रयागराज-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार तड़के एक तेज रफ्तार ट्रक ने खड़ी स्कॉर्पियो को जबरदस्त टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
क्या है टाइगर श्रॉफ का असली नाम? बचपन की इस आदत से जैकी श्रॉफ के बेटे को बनाया ‘टाइगर’
जैकी श्रॉफ के बेटे टाइगर श्रॉफ फिल्मों में अपने एक्शन,मार्शल आर्ट्स और डांस के लिए फैंस के बीच काफी पॉपुलर हैं. लेकिन इस बॉलीवुड एक्टर के बारे में एक ऐसी बात भी है, जिसके बारे में शायद कई फैंस को पता न हो.
हावड़ा से कामाख्या के बीच चलने वाली नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. फाइव-स्टार होटल जैसी सफाई, हाईटेक वॉशरुम और शानदार खाने की सुविधाएं देखकर लोग इसकी तुलना चीन की बुलेट ट्रेन से कर रहे हैं.
राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर हमला, देशभर में नवमी की धूम, देखें नॉनस्टॉप खबरें
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी की बात कही है. वहीं भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने राहुल गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने की सलाह दी है. कोलकाता के एक दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ की घटना के बाद स्थिति गंभीर बनी हुई है. इस हादसे में कई लोगों की जान जाने के बाद सरकार ने एसआईटी जांच की मांग की है. विपक्ष ने प्रशासनिक अव्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों में कमी को लेकर सवाल खड़े किए हैं.
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग करने के बाद फरार हुए तीनों संदिग्धों को पुलिस ने राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार कर लिया
राशन कार्ड में किसी नए बच्चे या बहु का नाम जोड़ना हो, विवाह के बाद नाम हटवाना हो या फिर राशन कार्ड से जुड़ी अन्य जानकारी अपडेट करानी हो, अब दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़े हैं. जानिए स्टेप बाय स्टेप पूरी प्रक्रिया.
Tiger Shroff की कार पर Mumbai में फायरिंग, FWICE ने उठाई सुरक्षा की मांग
फिल्म कर्मियों की संस्था फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (एफडब्ल्यूआईसीई) ने अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी की घटना की निंदा करते हुए सोमवार को कहा कि इस तरह की घटनाएं फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करती हैं। मुंबई के जुहू इलाके में रविवार शाम को हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलियां चलाईं जिसमें 36 वर्षीय अभिनेता बाल-बाल बच गए। एक वायरल वीडियो में अज्ञात व्यक्ति अभिनेता की कार पर गोलियां चलाते दिख रहा है। पुलिस के अनुसार, इस घटना में श्रॉफ के ड्राइवर और एक ऑटो-रिक्शा चालक घायल हो गए। एफडब्ल्यूआईसीई द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, ‘‘हिंसा और डराने-धमकाने की ऐसी हरकतें बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं हैं। ये भारतीय फिल्म उद्योग से जुड़ी हस्तियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करती हैं। यह बेहद परेशान करने वाली बात है कि फिल्म उद्योग की किसी जानी-मानी हस्ती के साथ हुई यह दूसरी ऐसी घटना है। इससे पहले मशहूर फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी पर भी गोलीबारी हुई थी। ऐसी घटनाओं का बार-बार होना बहुत चिंताजनक है। संबंधित अधिकारियों को इस पर तुरंत, निर्णायक और प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।’’फिल्म उद्योग से जुड़े संगठन ने कहा कि श्रॉफ से जुड़ी घटना की निष्पक्ष और समय पर जांच होनी चाहिए ‘‘ताकि इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जा सके’’। बयान में कहा गया, ‘‘हम महाराष्ट्र सरकार और संबंधित पुलिस अधिकारियों से अपील करते हैं कि वे बार-बार हो रहे इन हमलों को गंभीरता से लें और फिल्म उद्योग से जुड़ी सभी हस्तियों के लिए अधिक सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाएं।’’सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट के अनुसार लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है लेकिन पुलिस ने अब तक इस पोस्ट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि घटना में शामिल होने के संदेह में सोमवार को तीन लोगों को राजस्थान के कोटा में मुंबई से आ रही एक ट्रेन से हिरासत में लिया गया।
टाइगर श्रॉफ पर अटैक के आरोपी कौन, कोटा से हुए गिरफ्तार, देखें
एक्टर टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है. इस मामले में शामिल तीन आरोपियों को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद ट्रेन के जरिए मुंबई से भाग निकले थे. उन्होंने पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस से यात्रा की और हरियाणा पहुंचने की फिराक में थे. हालांकि, कोटा में ट्रेन से उतरते ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. शुरुआती जांच के मुताबिक, इन हमलावरों ने वारदात के बाद हथियार मुंबई के रेलवे ट्रैक के पास ही फेंक दिए थे ताकि वे आसानी से पुलिस की नजरों से बच सकें. सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस को इन आरोपियों का सुराग मिला, जिससे इनकी शिनाख्त हो सकी.
'शिवा को 4 महीने से जानती थी', पहली बार मीडिया पर बोली श्रद्धा दुबे
लखनऊ के शिवा शर्मा हत्याकांड में फरार चल रही श्रद्धा दुबे पहली बार मीडिया के सामने आईं. श्रद्धा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए दावा किया कि शिवा की मौत हत्या नहीं, बल्कि आत्महत्या थी. उसने बिल्डिंग के सीसीटीवी फुटेज सामने लाने की मांग की और शिवा पर लाखों रुपये के कर्ज में होने का दावा भी किया. श्रद्धा ने खुद को निर्दोष बताते हुए पुलिस से निष्पक्ष जांच की अपील की.
Papankusha Ekadashi 2026: पापांकुशा एकादशी का व्रत 22 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा. आचार्य मदन मोहन ने बताया कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत और दान-पुण्य करने से पुण्य फल मिलता है. व्रत का पारण 23 अक्टूबर को किया जाएगा.
40 हजार की नौकरी छोड़ी, अब हर महीने हो रही 1.2 लाख रुपये की कमाई
सोशल मीडिया पर नौकरी छोड़कर खुद का काम शुरू करने का ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है. हालांकि, कई बार ये सफलता ही मिसाल बन जाता है, तो कई बार कर्मचारी की ओर से की गई सबसे बड़ी गलती. एक और मामले ने तूल पकड़ लिया है. इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़कर रैपिडो चलाना शुरू कर दिया.
क्या डायबिटीज में खा सकते हैं शकरकंद? जानें फायदे और सेवन का सही तरीका
शकरकंद को सेहत का खजाना कहा जाता है. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि किसे और कब करना चाहिए इसका सेवन.
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करने वाले तीनों शूटर्स नेपाल भागने वाले थे. लेकिन उसके पहले ही कोटा पुलिस ने तीनों को रेलवे स्टेशन से पुणे-जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ा है. यह कार्रवाई महज 15 मिनट में हुई है.
कौन हैं मां छिन्नमस्ता? जिन्होंने खुद काट लिया था अपना सिर, पढ़ें कथा
Maa Chhinnamasta: मां छिन्नमस्ता दस महाविद्याओं में छठी महाविद्या मानी जाती हैं. उनकी तस्वीर में वे अपने कटे हुए सिर को हाथ में लिए दिखाई देती हैं. उनके शरीर से रक्त की तीन धाराएं निकलती हैं.
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग से पहले हमलावरों ने की थी रेकी, देखें खुलासा
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में बड़ी जानकारियां सामने आई हैं. पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि हमलावरों ने इस वारदात को अंजाम देने से पहले करीब 45 मिनट तक पुष्पा पार्क के पास रुककर इंतजार किया था. आरोपियों ने हमले से पहले पूरे इलाके की अच्छे से रेकी की थी ताकि उनका निशाना न चुके. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अपनी मोटरसाइकिल से अंधेरी पश्चिम रेलवे स्टेशन पहुंचे और पुलिस बीट चौकी के पास एक ऐसी जगह पर बाइक छोड़कर फरार हो गए जहां सीसीटीवी कैमरे की नजर नहीं पड़ रही थी.
चांद पर भूकंप का खतरा, नासा की नई खोज ने ऐसे चौंकाया
नासा की तस्वीरों के अध्ययन में चांद की सतह पर 10 हजार से ज्यादा फॉल्ट मिले हैं. वैज्ञानिकों के मुताबिक, चांद के अंदरूनी हिस्से के ठंडा होने और सिकुड़ने से इन दरारों में हलचल हो सकती है. यह खोज नासा के आर्टेमिस मिशन के लिए अहम है. वीडियो में जानें डिटेल्स.
SIR पर Congress के विरोध के बीच Vietnam रवाना हुए Rahul Gandhi, IGI से भरी उड़ान
सूत्रों ने सोमवार को बताया कि मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) को लेकर कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन के बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी वियतनाम के लिए रवाना हो गए हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रविवार दोपहर करीब 1:35 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे से हनोई के लिए निकले। उत्तर प्रदेश के रायबरेली से लोकसभा सांसद हनोई निजी दौरे पर गए हैं या वहां किसी कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है, क्योंकि कांग्रेस ने इस पर कोई बयान जारी नहीं किया है। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi के Expiry Date वाले बयान पर भड़के Shivraj Singh, बोले- 99 बार फेल नेता दे रहा नसीहत राहुल गांधी के विदेश दौरे हमेशा चर्चा का विषय रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे लेकर कांग्रेस नेता पर निशाना साधा है और आरोप लगाया है कि वे विदेशों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की आलोचना करके भारत की छवि खराब करते हैं। इससे पहले, राहुल गांधी इस साल जनवरी में भी वियतनाम गए थे। इस पर BJP ने मांग की है कि कांग्रेस को यह सार्वजनिक करना चाहिए कि उन्हें विदेशी कार्यक्रमों में कौन आमंत्रित करता है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने उस समय कहा था कि हालांकि उनके ठिकाने का पता तभी चलेगा जब वे कहीं सामने आएंगे, लेकिन भारत के लोग उन्हें निश्चित रूप से भारत-विरोधी लोगों के मेहमान के तौर पर देखेंगे और भारत-विरोधी बयान देते हुए पाएंगे, जैसा कि उन्होंने अपनी पिछली विदेश यात्राओं के दौरान किया था। राहुल की हनोई यात्रा ऐसे समय में हुई है जब कांग्रेस लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को निशाना बना रही है। कांग्रेस का आरोप है कि वे कथित 'वोट चोरी' में बीजेपी के साथ मिले हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम कर रहे हैं, और उन्होंने उनके इस्तीफे की मांग की है। इसे भी पढ़ें: राहुल गांधी के Foreign Trip पर BJP का हमला, प्रदीप भंडारी ने Navratri में सवाल उठाए पिछले हफ्ते, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका भी दायर की थी, जिसमें मांग की गई थी कि SIR अभियान को रोका जाए और ज्ञानेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। रविवार को दक्षिण गोवा के मारगाओ में एक रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि अब कोई भ्रम नहीं है। ज्ञानेश कुमार वोट चोरी को अंजाम देते हैं, अमित शाह इसे लागू करते हैं, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर्दे के पीछे से पूरी योजना बनाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी, अमित शाह और CEC ज्ञानेश कुमार को न्याय का सामना करना पड़ेगा और अपने किए की कीमत चुकानी पड़ेगी... मैं आपको गारंटी देता हूं कि हम मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश - इन सभी से निपटेंगे। वे बच नहीं सकते।
श्रद्धा कितनों की लेगी 'कुर्बानी',लखनऊ आई पर नहीं खोज पा रही पुलिस
लखनऊ के शिवा शर्मा के मौत के मामले में पुलिस विभाग के भीतर कार्रवाई जारी है. हजरतगंज इंस्पेक्टर और डीसीपी सेंट्रल के बाद एसीपी हजरतगंज रजनीश कुमार वर्मा को भी हटाया गया है. वहीं, मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे समेत आरोपियों पर इनाम बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया है. श्रद्धा वीडियो जारी कर अपने ऊपर लगे आरोपों को नकार रही है.
नमो भारत कॉरिडोर ने दिल्ली में दस्तक देने के तीन साल पूरे कर लिए हैं. एनसीआर मास्टर प्लान 2031 और 2041 के हिसाब से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और राजस्थान जैसे पांच राज्य इस नेटवर्क का हिस्सा बनेंगे.
प्रदेश की सियासत में यादव समाज के कितने ठाठ?
हवा में खुला एयर एंबुलेंस का दरवाजा, भारतीय मरीज की मौत
अगरतला से कोलकाता जा रही एयर एंबुलेंस का दरवाजा हवा में आंशिक रूप से खुलने के बाद विमान ने ढाका में इमरजेंसी लैंडिंग की. विमान में सवार भारतीय मरीज अंजना भौमिक की अस्पताल में मौत हो गई, जबकि बाकी सभी लोग सुरक्षित हैं और मौत की सही वजह साफ नहीं है.
फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर 45 दिन बाद फिर दौड़ेंगी सभी EMU और एक्सप्रेस ट्रेनें
दैनिक यात्रियों और लंबी दूरी का सफर करने वाले रेल यात्रियों के लिए एक बहुत ही सुखद और राहत भरी खबर सामने आ रही है। पिछले लगभग 45 दिनों से विकास कार्यों, पटरियों की मरम्मत और बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के चलते भारी पाबंदियों और फेरबदल का सामना कर रहे फरीदाबाद रेलवे स्टेशन (Faridabad Railway Station) पर अब स्थिति पूरी तरह सामान्य होने जा रही है। रेलवे प्रशासन द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, तय समयसीमा के भीतर मरम्मत के सभी प्रमुख चरण सफलतापवूर्क पूरे कर लिए गए हैं, जिसके बाद अब इस व्यस्त मार्ग पर सभी ईएमयू (EMU Local Trains) और महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनें अपने निर्धारित समय और पुराने रूट के अनुसार फिर से दौड़ना शुरू कर देंगी। इस फैसले से रोजाना दिल्ली, पलवल, मथुरा और पलवल के बीच सफर करने वाले लाखों नौकरीपेशा, छात्रों और व्यापारियों ने चैन की सांस ली है।क्यों बंद थीं ट्रेनें और क्या था 45 दिनों का पूरा मेगा ब्लॉक?उत्तर भारत के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में गिने जाने वाले दिल्ली-पलवल सेक्शन पर यात्रियों की बढ़ती संख्या और पटरियों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए रेलवे ने कुछ हफ्तों पहले एक बड़ा मेगा ब्लॉक लिया था। फरीदाबाद रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण, नए प्लेटफॉर्मों के निर्माण, सिग्नलिंग सिस्टम को अपग्रेड करने और ओवरब्रिज के काम के चलते कई ट्रेनों के रूट डायवर्ट किए गए थे तो कई गाड़ियों को बीच रास्ते में ही रद्द करना पड़ा था। इस दौरान यात्रियों को रोजाना भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था, क्योंकि उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अल्टरनेटिव ट्रांसपोर्ट या बसों का सहारा लेना पड़ता था। लेकिन अब 45 दिनों की कड़ी मेहनत और दिन-रात चले निर्माण कार्यों के बाद रेलवे ट्रैक पूरी तरह से आधुनिक और सुरक्षित रूप में तैयार हो चुका है।दैनिक यात्रियों और लोकल पैसेंजर्स को मिली सबसे बड़ी राहतइस घोषणा का सबसे बड़ा फायदा उन हजारों दैनिक रेल यात्रियों (Daily Commuters) को मिला है जो हर दिन फरीदाबाद से दिल्ली, गुरुग्राम और नोएडा के बीच आवागमन करते हैं। लोकल ईएमयू ट्रेनों के रद्द होने या देरी से चलने के कारण लोगों के समय और पैसे दोनों की भारी बर्बादी हो रही थी। अब सभी लोकल ट्रेनें अपने पुराने शेड्यूल के मुताबिक पटरियों पर उतरेंगी, जिससे ऑफिस जाने वाले लोगों और व्यापारियों को अपने समय प्रबंधन में काफी आसानी होगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए सुरक्षा मानकों की पूरी जांच करने के बाद ही ट्रेनों के संचालन को हरी झंडी दिखाई गई है ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा से बचा जा सके।फरीदाबाद रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण से भविष्य में क्या होंगे फायदे?अमृत भारत स्टेशन योजना (Amrit Bharat Station Scheme) के तहत फरीदाबाद रेलवे स्टेशन को एक आधुनिक और विश्व स्तरीय परिवहन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन 45 दिनों के दौरान जो निर्माण कार्य किए गए हैं, उनमें पैसेंजर शेड का विस्तार, स्वचालित सीढ़ियां (Escalators), लिफ्ट की सुविधा, उन्नत डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और आधुनिक प्रतीक्षालय (Waiting Lounges) शामिल हैं। इन सभी सुविधाओं के जुड़ जाने से न केवल यात्रियों का सफर आसान होगा, बल्कि स्टेशन परिसर की सूरत भी पूरी तरह बदल जाएगी। भविष्य में इस रूट पर और अधिक ट्रेनों के ठहराव और उनकी गति को बढ़ाने में भी इन तकनीकी सुधारों से बहुत मदद मिलेगी।रेलवे प्रशासन की अपील और यात्रियों के लिए जरूरी निर्देशहालांकि सभी ट्रेनें अपने पुराने समय पर बहाल कर दी गई हैं, लेकिन रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा करने से पहले वे अपने संबंधित रेलवे ऐप या पूछताछ केंद्र से ट्रेनों के ताजा समय (Updated Schedule) की पुष्टि जरूर कर लें। शुरुआती कुछ दिनों तक ट्रेनों के सामान्य संचालन को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए स्टेशन परिसर में अतिरिक्त आरपीएफ (RPF) और टिकट चेकिंग स्टाफ की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की भीड़भाड़ या असुविधा से निपटा जा सके। कुल मिलाकर, 45 दिनों का यह लंबा और कठिन दौर अब समाप्त हो चुका है और फरीदाबाद के यात्रियों के लिए सफर फिर से सुगम और रफ्तार भरा हो गया है।
पुराने टूथब्रश घर की कई मुश्किल से साफ होने वाली जगहों की सफाई में बेहद काम आ सकते हैं. आइए जानते हैं पुराने टूथब्रश को किन चीजों को साफ करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.
हरियाणा के सोनीपत में फिल्म निर्माता अमित जानी की गाड़ी रोकने की कोशिश
देशभर में अपनी बेबाक और वैचारिक फिल्मों के निर्माण के लिए चर्चा में रहने वाले प्रसिद्ध फिल्म निर्माता अमित जानी की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर से एक बेहद डरावनी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरियाणा के सोनीपत जिले से गुजरते समय कुछ अज्ञात और संदिग्ध बदमाशों ने हथियारों के बल पर अमित जानी की गाड़ी को रोकने का दुस्साहसिक प्रयास किया। इस हाई-वे पर हुई इस खौफनाक वारदात के बाद से न केवल फिल्म इंडस्ट्री बल्कि कानून-व्यवस्था संभालने वाले महकमे में भी हड़कंप मच गया है। गनीमत यह रही कि सतर्कता और ड्राइवर की सूझबूझ के चलते समय रहते गाड़ी वहां से निकलने में कामयाब रही, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई। इस घटना के बाद से फिल्म निर्माता की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और पुलिस प्रशासन ताबड़तोड़ कार्रवाई में जुट गया है।सोनीपत हाई-वे पर कैसे रची गई बदमाशों द्वारा गाड़ी रोकने की साजिश?घटना का पूरा घटनाक्रम किसी फिल्मी थ्रिलर सीन से कम नहीं था। फिल्म निर्माता अमित जानी अपने कुछ सहयोगियों के साथ एक जरूरी यात्रा के सिलसिले में सोनीपत के रास्ते से गुजर रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी एक सुनसान और हाइवे के व्यस्त हिस्से के बीच से निकल रही थी, पीछे से आ रही एक अन्य गाड़ी में सवार संदिग्ध बदमाशों ने उनकी कार को ओवरटेक करने की कोशिश की। जब उनकी गाड़ी रुकने का नाम नहीं ले रही थी, तो बदमाशों ने खिड़की से बाहर झांककर हाथ में घातक हथियार (फायरआर्म्स) लहराते हुए उन्हें जबरन गाड़ी साइड में लगाने का इशारा किया। बदमाशों के हाव-भाव और उनकी हरकतों से साफ जाहिर हो रहा था कि उनका मकसद किसी गंभीर आपराधिक वारदात को अंजाम देना था। हालांकि, चालक ने घबराने के बजाय तेजी से गाड़ी भगा दी और सुरक्षित स्थान की ओर निकल पड़े।पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां, अमित जानी के निशाने पर रहने की असली वजहअमित जानी पिछले कुछ वर्षों से लगातार ऐसे संवेदनशील और राष्ट्रवादी विषयों पर फिल्में बना रहे हैं जो अक्सर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा के केंद्र में रहते हैं। उनकी फिल्मों की विषयवस्तु और उनके बयानों के कारण उन्हें पहले भी कई बार अंडरवर्ल्ड और असामाजिक तत्वों से जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने पूर्व में भी उनकी संवेदनशीलता को देखते हुए उन्हें कुछ सुरक्षा मुहैया कराई थी, लेकिन इस तरह खुलेआम हरियाणा के हाइवे पर हथियारों के बल पर गाड़ी रोकने की कोशिश यह साबित करती है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं। इस ताजा घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनके दुश्मनों का दायरा सिर्फ वर्चुअल दुनिया तक सीमित नहीं है, बल्कि वे जमीनी स्तर पर भी उन्हें नुकसान पहुंचाने की फिराक में हैं।पुलिस प्रशासन और क्राइम ब्रांच की ताबड़तोड़ छापेमारीघटना की सूचना मिलते ही सोनीपत पुलिस और उत्तर प्रदेश-हरियाणा की संयुक्त क्राइम ब्रांच टीमें तुरंत हरकत में आ गई हैं। पुलिस ने टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage), हाइवे के कैमरों और मोबाइल सर्विलांस की मदद से संदिग्ध बदमाशों की गाड़ी की पहचान करनी शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इन बदमाशों ने पहले से ही उनकी रेकी (Reconnaissance) की थी और वे किस गैंग से जुड़े हुए हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने अमित जानी के आवागमन वाले रूट पर सुरक्षा घेरे को और अधिक मजबूत कर दिया है और संदिग्धों की तलाश में कई जगहों पर नाकेबंदी कर ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है।फिल्म इंडस्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था और अभिव्यक्ति की आजादी पर बढ़ता खतराइस सनसनीखेज वारदात के बाद से बॉलीवुड और अन्य क्षेत्रीय फिल्म उद्योगों से जुड़े कलाकारों तथा निर्माताओं में गहरी चिंता का माहौल है। रचनात्मक स्वतंत्रता (Freedom of Expression) के साथ फिल्में बनाने वाले लोगों को यदि इस तरह दिनदहाड़े हथियारों के दम पर निशाना बनाया जाएगा, तो यह देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून के राज के लिए एक बड़ी चुनौती है। फिल्म जगत के तमाम दिग्गजों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन से मांग की है कि अमित जानी को तत्काल प्रभाव से और अधिक कड़ी सुरक्षा दी जाए ताकि वे बिना किसी भय के अपने सामाजिक और कलात्मक कार्यों को जारी रख सकें। आने वाले दिनों में पुलिस इस मामले में कुछ बड़े खुलासे कर सकती है क्योंकि अपराधियों की तलाश में लगातार शिकंजा कसा जा रहा है।
ट्रेन बीच में छोड़कर अगले दिन फिर पकड़ सकते हैं, काम करेगी पुरानी टिकट!
Indian Railway Rules: क्या आप जानते हैं आप अपनी रेलवे यात्रा को बीच में छोड़कर अगले दिन फिर से दूसरी ट्रेन पकड़ सकते हैं और आपको दूसरी टिकट भी नहीं लेनी होगी.
प्रसिद्ध अर्थशास्त्री अरविंद पनगढ़िया के इस बयान के क्या हैं मायने
वैश्विक वित्तीय बाजारों और घरेलू अर्थव्यवस्था में जब भी भारतीय रुपया (Indian Rupee) अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है, तो देश भर में एक भूचाल सा आ जाता है। विपक्षी दलों से लेकर आम आदमी तक, हर कोई इसे देश की अर्थव्यवस्था की कमजोरी और महंगाई का बड़ा कारण मानकर चिंता जताने लगता है। लेकिन इस आम धारणा के उलट देश के जाने-माने और प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री अरविंद पनगढ़िया (Arvind Panagariya) ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने वित्तीय गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि रुपये का गिरना या डॉलर के मुकाबले उसका कमजोर होना हमेशा बुरा नहीं होता, बल्कि इसके कई सकारात्मक पहलू भी होते हैं जो देश के निर्यात (Exports) और समग्र आर्थिक विकास को गति देते हैं। उनके इस बयान के बाद से यह समझने की कोशिश की जा रही है कि आखिर एक अर्थशास्त्री की नजर में मुद्रा के अवमूल्यन के क्या मायने होते हैं।क्यों और कैसे रुपये की कमजोरी हर बार अर्थव्यवस्था के लिए नहीं होती हानिकारक?आम तौर पर लोगों का यह मानना होता है कि अगर डॉलर मजबूत हो रहा है और रुपया कमजोर हो रहा है, तो इसका मतलब है कि देश की अर्थव्यवस्था पिछड़ रही है। लेकिन अर्थशास्त्र के बुनियादी सिद्धांत इस बात की गवाही देते हैं कि विनिमय दर (Exchange Rate) में उतार-चढ़ाव एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। अरविंद पनगढ़िया ने अपने एक हालिया विश्लेषण में इस बात पर जोर दिया है कि जब रुपया कमजोर होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय सामान और सेवाएं (Goods and Services) सस्ते हो जाते हैं। इससे देश के निर्यातकों को सीधे तौर पर फायदा मिलता है, वे विदेशी खरीदारों को अधिक प्रतिस्पर्धी दरों पर माल बेच पाते हैं, जिससे देश का कुल निर्यात बढ़ता है और विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत होता है। इसके अलावा, इससे घरेलू उद्योगों को भी विदेशी सस्ते सामानों से मुकाबला करने में सुरक्षा मिलती है, जो 'मेक इन इंडिया' जैसी पहलों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।भारत की आर्थिक ग्रोथ और वैश्विक मोर्चे पर मजबूत होती स्थितिकेवल विनिमय दरों पर बात करते हुए अरविंद पनगढ़िया ने यह भी रेखांकित किया कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शुमार है। वैश्विक मंदी और अनिश्चितता के दौर के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) ने जिस प्रकार की सहनशक्ति और लचीलापन दिखाया है, वह काबिले तारीफ है। देश का मजबूत बुनियादी ढांचा, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बढ़ती निवेश के अवसर और घरेलू मांग (Domestic Consumption) ऐसे मजबूत स्तंभ हैं जो किसी भी बाहरी वित्तीय झटके का सामना करने में सक्षम हैं। अर्थशास्त्री का मानना है कि हमें छोटी-छोटी बातों पर घबराने के बजाय देश की वास्तविक विकास दर और दीर्घकालिक आर्थिक सुधारों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जो आने वाले समय में भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनाने की ओर तेजी से अग्रसर कर रहे हैं।निर्यातकों के लिए अवसर बनाम आयातित महंगाई की चुनौतीहालांकि, अर्थशास्त्र का हर पहलू दोधारी तलवार की तरह होता है। जहां एक तरफ रुपये के गिरने से निर्यातकों की पौ बारह होती है, वहीं दूसरी तरफ देश के भीतर आयात (Imports) महंगे हो जाते हैं। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल (Crude Oil) और इलेक्ट्रॉनिक सामान विदेशों से आयात करता है, जिसके लिए भुगतान डॉलर में करना पड़ता है। जब रुपया कमजोर होता है, तो तेल आयात का बिल बढ़ जाता है, जिससे देश के भीतर ईंधन के दाम और अंततः महंगाई बढ़ने का जोखिम पैदा हो जाता है। अरविंद पनगढ़िया जैसे अर्थशास्त्री भी इस चुनौती से पूरी तरह वाकिफ हैं, लेकिन उनका तर्क यह है कि यदि दीर्घकालिक राष्ट्रीय हित और निर्यात संवर्धन (Export Promotion) को प्राथमिकता दी जाए, तो इस संतुलन को समझदारी से संभाला जा सकता है। सरकार और केंद्रीय बैंक (RBI) की नीतियां हमेशा इसी संतुलन को बनाए रखने के लिए काम करती हैं।दीर्घकालिक आर्थिक दृष्टिकोण और नीति निर्माताओं के लिए संदेशअरविंद पनगढ़िया का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं मुद्रास्फीति (Inflation) और भू-राजनीतिक तनावों से जूझ रही हैं। भारत के नीति निर्माताओं के लिए यह संदेश साफ है कि विनिमय दर के रोजाना के उतार-चढ़ाव से घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि देश के उत्पादन आधार (Manufacturing Base) और रोजगार सृजन को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। जब देश का निर्यात मजबूत होगा और औद्योगिक उत्पादन बढ़ेगा, तो मुद्रा के ऐसे छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव अर्थव्यवस्था की रफ्तार को नहीं रोक पाएंगे। भारत जिस तरह से आत्मनिर्भरता और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अपनी भूमिका बढ़ा रहा है, उससे यह स्पष्ट है कि देश का आर्थिक भविष्य सुरक्षित हाथों में है और ऐसी बौद्धिक चर्चाएं देश को सही दिशा दिखाने का काम करती हैं।
PM मोदी ने दिया ‘नमो ड्रोन दीदी’ नाम, अब यूपी से बिहार तक ड्रोन से खेती करा रहीं नीतू
ड्रोन की मदद से करीब 15 मिनट में एक एकड़ खेत में यूरिया का छिड़काव किया जा सकता है. नीतू एक दिन में लगभग 10 से 15 एकड़ खेतों में छिड़काव कर लेती हैं.
दिवंगत पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के 'साइन्ड टू गॉड' होलोग्राम वर्ल्ड टूर की ओपनिंग नाइट के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं. शो के दौरान मूसेवाला के 2 वर्षीय छोटे भाई शुभदीप सिंह सिद्धू का स्टेज पर सिंगर स्टाइल देखकर फैंस कुछ क्षण के लिए हैरान हो गए.
कंपनी का मुनाफा 143% उछला तो अपर सर्किट में पहुंचा Kross का शेयर
शेयर बाजार के निवेशकों के लिए इन दिनों ऑटो कंपोनेंट और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कंपनियों से लगातार शानदार और उत्साहजनक खबरें सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में कमर्शियल वाहनों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले पार्ट्स बनाने वाली दिग्गज कंपनी क्रॉस लिमिटेड (Kross Limited) ने अपने तिमाही नतीजों से बाजार में भूचाल ला दिया है। कंपनी द्वारा जारी किए गए वित्तीय परिणामों में शुद्ध लाभ (Net Profit) में 143 प्रतिशत की जबरदस्त और ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस धमाकेदार वित्तीय प्रदर्शन के सामने आते ही शेयर बाजार में Kross के शेयरों पर निवेशकों की भारी खरीदारी का सैलाब उमड़ पड़ा, जिसके चलते स्टॉक में अपर सर्किट लग गया और देखते ही देखते इस शेयर ने अपने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए 52 हफ्ते का नया उच्च स्तर (52-Week High) छू लिया।शानदार तिमाही नतीजे और 143% मुनाफे का पूरा गणितकिसी भी लिस्टेड कंपनी के लिए उसके तिमाही नतीजे उसकी सेहत और भविष्य के विकास का आईना होते हैं। क्रॉस लिमिटेड ने हाल ही में जो अपने लेटेस्ट वित्तीय आंकड़े पेश किए हैं, उन्होंने विश्लेषकों (Analysts) के भी अनुमानों को पीछे छोड़ दिया है। कंपनी के शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 143 प्रतिशत की जोरदार छलांग दर्ज की गई है। इसके अलावा कंपनी के ऑपरेशनल रेवेन्यू यानी परिचालन आय में भी भारी इजाफा देखने को मिला है। ऑटो सेक्टर में कॉमर्शियल व्हीकल और हेवी-ड्यूटी इक्विपमेंट्स की बढ़ती मांग के कारण कंपनी के मार्जिन में सुधार हुआ है, जिसका सीधा फायदा कंपनी की बैलेंस शीट और अंततः शेयरधारकों को मिल रहा है।अपर सर्किट लगने की वजह और निवेशकों में क्यों मची है खलबली?जैसे ही स्टॉक एक्सचेंज पर क्रॉस लिमिटेड के ये शानदार नतीजे अपडेट हुए, इंट्रा-डे ट्रेड के दौरान निवेशकों और बड़े फंड हाउसों की तरफ से इस शेयर को खरीदने के लिए भारी बोलियां लगनी शुरू हो गई। मांग इतनी ज्यादा थी कि देखते ही देखते शेयर पर अपर सर्किट (Upper Circuit) लग गया, जिससे कारोबार के दौरान शेयरों की बिक्री सीमित हो गई और खरीदार कतार में खड़े नजर आए। इस तूफानी तेजी के दम पर Kross Ltd का शेयर अपने 52 हफ्ते के नए हाई पर पहुंच गया, जिसने पिछले कई महीनों से सुस्त चल रहे इस काउंटर में नई जान फूंक दी है। छोटे और रिटेल निवेशकों के बीच भी इस स्टॉक को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।ऑटो कंपोनेंट सेक्टर में क्रॉस लिमिटेड की मजबूत पकड़ और भविष्य का विजनक्रॉस लिमिटेड देश की प्रमुख कंपनियों में शुमार है जो कमर्शियल व्हीकल्स और ट्रैक्टर्स के लिए एक्सल, सस्पेंशन और अन्य महत्वपूर्ण फोर्जिंग पार्ट्स की आपूर्ति करती है। देश और दुनिया में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की रफ्तार बढ़ने के साथ-साथ इस तरह की एंसिलरी कंपनियों के उत्पादों की मांग में लगातार उछाल आ रहा है। कंपनी का प्रबंधन अपनी उत्पादन क्षमता को और अधिक बढ़ाने तथा वैश्विक बाजारों में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए लगातार नए निवेश कर रहा है। कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार करने की कंपनी की रणनीति ही उसकी इस जबरदस्त सफलता का मुख्य आधार बनी है, जिस पर शेयर बाजार की पैनी नजर बनी हुई है।एक्सपर्ट्स की राय: क्या निवेशकों को इस तेजी में खरीदारी करनी चाहिए?शेयर बाजार के जानकारों और दिग्गज ब्रोकरेज फर्म्स का मानना है कि क्रॉस लिमिटेड के फंडामेंटल्स (Fundamentals) मजबूत हो रहे हैं और कंपनी का मुनाफा बढ़ना इस बात का संकेत है कि आने वाली तिमाहियों में भी इसका प्रदर्शन सकारात्मक रह सकता है। हालांकि, शेयर में लगातार अपर सर्किट लगने और स्टॉक के अपने 52 हफ्ते के हाई पर ट्रेड करने के कारण निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचें। बाजार विश्लेषकों का सुझाव है कि निवेशकों को अपनी जोखिम उठाने की क्षमता और लॉन्ग-थर्म विजन को ध्यान में रखते हुए ही इस तरह के मोमेंटम शेयरों में अपनी रणनीति बनानी चाहिए, ताकि वे बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षित रह सकें।
पाकिस्तान के 'दर्रा आदम खेल' से भारत में आ रहे सस्ते विदेशी हथियार
सीमा पार से भारत की आंतरिक सुरक्षा को सेंध लगाने की एक और खतरनाक और सनसनीखेज साजिश का पर्दाफाश हुआ है। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा इलाके में स्थित 'दर्रा आदम खेल' (Darra Adam Khel) इन दिनों अवैध और नकली हथियारों का एक बड़ा वैश्विक केंद्र बन चुका है। यह वही इलाका है जहां ऑस्ट्रिया की मशहूर 'ग्लॉक' (Glock) और तुर्की की अत्याधुनिक 'जिगाना' (Zigana) जैसी घातक विदेशी पिस्तौलों और एके-47 राइफलों की हूबहू 'फर्स्ट कॉपी' कौड़ियों के भाव तैयार की जा रही हैं। सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के खुलासे के अनुसार, पाकिस्तान का अंतरराष्ट्रीय हथियार माफिया इन घातक अवैध हथियारों को ड्रोन (Drone Smuggling) के जरिए पंजाब की सीमाओं में गिरा रहा है, जहां से यह पूरे भारत के खूंखार गैंगस्टरों और स्थानीय अपराधियों तक पहुंच रहे हैं। चिंता की बात यह है कि मशहूर गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या और प्रयागराज में हुए अतीक-अशरफ हत्याकांड में भी इसी तरह सीमा पार से तस्करी कर लाए गए हथियारों का इस्तेमाल किया गया था।कैसे काम करती है दर्रा आदम खेल की अवैध गन फैक्ट्री और भारत में तस्करी का नेटवर्क?पाकिस्तान का दर्रा आदम खेल इलाका दशकों से अपने हाथों से बने हथियारों के कुटीर उद्योग के लिए कुख्यात रहा है। हालांकि, अब वहां की स्थानीय वर्कशॉप्स में लेजर कटिंग, आधुनिक सीएनसी (CNC) मशीनों और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करके ऑस्ट्रिया, तुर्की, अमेरिका और इटली जैसे देशों के ब्रांडेड हथियारों की हुबहु कॉपी बनाई जा रही है। ये हथियार देखने और काम करने में बिल्कुल असली विदेशी पिस्तौलों की तरह होते हैं, लेकिन इनकी कीमत असली की तुलना में बहुत कम होती है। पाकिस्तान में 8 हजार से 20 हजार रुपये में मिलने वाली ग्लॉक और जिगाना पिस्तौलें तथा 25 हजार से 50 हजार रुपये की एके-47 राइफलें भारत में ड्रोन और तस्करों के स्थानीय सिंडिकेट के जरिए अपराधियों को सप्लाई की जा रही हैं।सिद्धू मूसेवाला और अतीक-अशरफ हत्याकांड में प्रयोग हुए थे यही हथियारभारतीय पुलिस और जांच एजेंसियों (जैसे एनआईए और पंजाब पुलिस) की जांच में यह बार-बार साबित हो चुका है कि देश में हुए कई हाई-प्रोफाइल मर्डर केसों में दर्रा आदम खेल की इसी अवैध मंडी के हथियार इस्तेमाल किए गए हैं। मई 2022 में मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की दिनदहाड़े हत्या के दौरान हमलावरों ने जिन स्वचालित पिस्तौलों का इस्तेमाल किया था, उनमें से कई हथियार पाकिस्तान से इसी नेटवर्क के जरिए पंजाब पहुंचे थे। ठीक इसी तरह, अप्रैल 2023 में प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने वाले शूटर्स के पास से बरामद हुई अत्याधुनिक 'जिगाना' पिस्तौल भी इसी पाकिस्तानी स्मगलिंग रूट का हिस्सा थी।भारत के गैंगस्टरों के लिए क्यों बने ये सस्ते हथियार पहली पसंद?भारतीय बाजारों में जहां अवैध देशी कट्टे या मुंगेर मेड पिस्तौल की गुणवत्ता कई बार भरोसेमंद नहीं होती, वहीं पाकिस्तान के दर्रा आदम खेल में बनी फर्स्ट कॉपी विदेशी गन कम कीमत में जबरदस्त फायरिंग क्षमता देती हैं। एक साधारण स्मार्टफोन की कीमत में मिलने वाली इन पिस्तौलों की मैगजीन में 15 से 30 गोलियां एक साथ लोड हो सकती हैं। यही वजह है कि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के लॉरेंस बिश्नोई, बंबीहा और अन्य आपराधिक गैंग्स इन सस्ते और घातक हथियारों को लगातार खरीद रहे हैं। ड्रोन के जरिए खेतों में गिराए गए पैकेट्स को स्थानीय कोरियर और ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) उठाकर पूरे देश में डिलीवर कर देते हैं।सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी निगरानी और सीमा पर एंटी-ड्रोन ग्रिड की तैनातीपाकिस्तान की इस नापाक हरकत और नादिरशाही तस्करों के नापाक इरादों को नाकाम करने के लिए भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF), पंजाब पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भारत-पाक सीमा पर सर्विलांस बढ़ा दिया है। एंटी-ड्रोन सिस्टम्स (Anti-Drone Systems) और नाइट विजन कैमरों की मदद से ड्रोन घुसपैठ को नाकाम किया जा रहा है। इसके साथ ही देश के विभिन्न राज्यों की पुलिस अंतर-राज्यीय आर्म्स सिंडिकेट पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर दर्जनों तस्करों को दबोच रही है ताकि इन घातक हथियारों की सप्लाई चेन को जड़ से खत्म किया जा सके।
CJP फाउंडर अभिजीत दिपके ने आशुतोष रांका और सौरव दास के नाम लिखा भावुक पत्र
नागरिक अधिकारों, सार्वजनिक सरोकारों और सामाजिक जवाबदेही के मुद्दों पर लगातार काम करने वाली संस्था 'सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस' (CJP) के फाउंडर और प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता अभिजीत दिपके एक बार फिर जबरदस्त सुर्खियों में हैं। हाल ही में सामने आए एक बेहद भावुक, कड़े और कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घटनाक्रम में अभिजीत दिपके ने आशुतोष रांका और सौरव दास के नाम एक खुला पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के सीधे शब्दों में कहा है कि 'केवल एक माफी मांग लेने से गंभीर भूलों या नुकसान को आसान नहीं बनाया जा सकता।' इस पत्र के सामने आते ही सामाजिक, कानूनी और डिजिटल गलियारों में एक नई बहस छिड़ गई है कि आखिर इस कड़े रुख के पीछे की असली वजह क्या है और यह विवाद किस दिशा में जा रहा है।क्या है पूरा मामला और क्यों लिखना पड़ा यह कड़ा पत्र?सार्वजनिक जीवन और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जवाबदेही का मुद्दा हमेशा से बेहद संवेदनशील रहा है। पिछले कुछ समय से अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास के बीच विभिन्न सामाजिक मुद्दों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और सार्वजनिक वक्तव्यों को लेकर मतभेद और बयानबाजी की खबरें आ रही थीं। जब विवाद बढ़ा, तो औपचारिक रूप से माफी या स्पष्टीकरण का दौर शुरू हुआ। लेकिन CJP फाउंडर अभिजीत दिपके ने इस साधारण सी माफी को स्वीकार करने के बजाय एक विस्तृत और गंभीर पत्र लिखकर यह साफ कर दिया कि जब किसी कार्य या वक्तव्य से सामाजिक ताने-बाने या किसी संस्था के विजन को आघात पहुंचता है, तो केवल औपचारिकता के तौर पर मांगी गई माफी उस क्षति की भरपाई नहीं कर सकती। उनका मानना है कि जिम्मेदारी का अहसास शब्दों से नहीं, बल्कि आचरण और ठोस सुधारात्मक कदमों से होना चाहिए।पत्र के मुख्य बिंदु: केवल शब्द नहीं, बल्कि नीयत और जिम्मेदारी मायने रखती हैअभिजीत दिपके द्वारा लिखे गए इस पत्र की भाषा बेहद कड़ी और स्पष्ट है। उन्होंने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया है कि सार्वजनिक मंचों पर काम करने वाले व्यक्तियों को अपने हर एक कदम और शब्द के प्रति अत्यधिक सतर्क और जिम्मेदार होना चाहिए। उन्होंने आशुतोष रांका और सौरव दास को संबोधित करते हुए लिखा कि माफी मांगना किसी गलती को स्वीकार करने का पहला कदम तो हो सकता है, लेकिन यह उस गलती से उत्पन्न परिणामों को रातों-रात खत्म या आसान नहीं कर सकता। पत्र में उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि जब लोग सार्वजनिक हित और न्याय के लिए लड़ते हैं, तो उनकी नीयत में पारदर्शिता होनी चाहिए। अगर किसी भी स्तर पर आपसी विश्वास या सार्वजनिक भरोसे को ठेस पहुंचती है, तो उसे बहाल करने में वर्षों लग जाते हैं, जिसे एक छोटी सी माफी से मिटाया नहीं जा सकता।सोशल मीडिया और सामाजिक संगठनों के बीच छिड़ी नई बहसअभिजीत दिपके का यह पत्र जैसे ही सार्वजनिक हुआ, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, न्यायप्रिय नागरिक समूहों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। एक वर्ग का मानना है कि दिपके का यह कदम सार्वजनिक जीवन में नैतिकता और उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी था। उनका तर्क है कि अगर केवल माफी मांगकर हर गंभीर मुद्दे पर पर्दा डाल दिया जाएगा, तो इससे संस्थागत गरिमा और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को भारी नुकसान पहुंचेगा। वहीं दूसरी तरफ, कुछ लोगों का यह भी कहना है कि जब कोई व्यक्ति सार्वजनिक रूप से अपनी भूल स्वीकार कर माफी मांग लेता है, तो विवाद को आगे बढ़ाने के बजाय संवाद के जरिए समाधान की ओर बढ़ना चाहिए। हालांकि, इस पत्र ने यह स्पष्ट कर दिया है कि CJP और उससे जुड़े लोग सिद्धांतों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता करने के मूड में नहीं हैं।आगे क्या होगा और इस पत्र के कूटनीतिक मायने क्या हैं?अभिजीत दिपके द्वारा आशुतोष रांका और सौरव दास के नाम लिखे गए इस कड़े पत्र ने इस बात को रेखांकित कर दिया है कि भविष्य में सार्वजनिक संवाद और आपसी संबंधों को किस धरातल पर आगे बढ़ाया जाएगा। यह पत्र केवल तीन व्यक्तियों के बीच का पत्राचार नहीं है, बल्कि यह उन तमाम लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो सार्वजनिक जीवन में बिना सोचे-समझे बयानबाजी करते हैं या संस्थागत मर्यादाओं का उल्लंघन करते हैं। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि आशुतोष रांका और सौरव दास इस कड़े पत्र का क्या जवाब देते हैं और क्या वे इस विवाद को सुलझाने के लिए कोई ठोस और व्यावहारिक कदम उठाते हैं या फिर यह वैचारिक लड़ाई किसी नए मोड़ पर पहुंचती है।
'अब समझी भगवान का प्लान', पति के एक्स्ट्रामेरिटल अफेयर से टूटी महिला को जिंदगी ने दिया सबक
पति के धोखे और डिप्रेशन से जूझ रही पत्नी जब हर रास्ता बंद मान चुकी थी, तब कुदरत ने एक नया फैसला लिखा. अचानक आए हार्ट अटैक और गंभीर संकट ने दोनों के बीच के सारे गिले-शिकवे मिटाकर बिखरते रिश्ते को नया जीवन दे दिया.
कपिल परमार ने जीता ब्रॉन्ज, प्लेऑफ में इंडोनेशियाई खिलाड़ी को हराया
भारतीय जूडो खिलाड़ी कपिल परमार ने एशियन पैरा गेम्स में पुरुषों के J1 -70 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता. उन्होंने प्लेऑफ मुकाबले में इंडोनेशिया के अहनाफ रफली शिदकी को हराया.
NDTV World Summit 2026 का आयोजन 22-23 अक्टूबर को नई दिल्ली में होगा. इस बार का थीम है A World Between Orders. यहां दुनिया के बदलते राजनीतिक समीकरणों, वैश्विक अर्थव्यवस्था, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), तकनीक, सुरक्षा और इंटरनेशनल मंचों पर भारत की बढ़ती भूमिका पर चर्चा होगी.
सीने में संक्रमण के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज हुए लालकृष्ण आडवाणी
भारतीय राजनीति के पुरोधा और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संस्थापक सदस्यों में शुमार देश के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को लेकर एक राहत भरी खबर सामने आई है। सीने में संक्रमण (Chest Infection) और सांस लेने में हल्की परेशानी की शिकायत के बाद उन्हें दिल्ली के एक प्रतिष्ठित अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका लगातार तीन दिनों तक गहन इलाज चला। अब उनकी तबीयत में काफी सुधार आ चुका है, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया है और वे अपने घर लौट आए हैं। इस खबर के सामने आते ही देश भर में उनके करोड़ों समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने राहत की सांस ली है और उनके जल्द पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।अचानक बिगड़ी थी तबीयत, तीन दिनों तक चला विशेष मेडिकल ऑब्जर्वेशनप्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले लालकृष्ण आडवाणी को सीने में संक्रमण और कमजोरी महसूस होने के बाद एहतियात के तौर पर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लाया गया था। उनकी उम्र और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पल्मोनोलॉजिस्ट और कार्डियोलॉजिस्ट समेत डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनके इलाज में जुटी हुई थी। अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, पिछले तीन दिनों तक उन्हें सख्त मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा गया, जहां एंटीबायोटिक्स और अन्य जरूरी चिकित्सकीय प्रक्रियाओं के जरिए उनके फेफड़ों के संक्रमण का इलाज किया गया। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता और मजबूत इच्छाशक्ति के कारण उन्होंने इलाज पर बहुत जल्दी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, जिससे उनकी स्थिति तेजी से सामान्य हो गई।घर लौटने पर समर्थकों में खुशी, डॉक्टरों ने दी पूरी तरह आराम करने की सलाहअस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद लालकृष्ण आडवाणी अपने आधिकारिक आवास पर पहुंच चुके हैं। हालांकि डॉक्टरों ने उन्हें पूरी तरह से रिकवर होने के लिए आगामी कुछ दिनों तक घर पर ही कड़ी चिकित्सकीय देखरेख और पूर्ण विश्राम (Complete Rest) करने की सलाह दी है। संक्रमण के खतरे को देखते हुए फिलहाल उनसे मिलने वाले आगंतुकों के मिलने-जुलने पर भी रोक लगाई गई है ताकि वे किसी अन्य वायरल संक्रमण की चपेट में न आएं। उनके घर लौटने की खबर मिलते ही राजनीतिक गलियारों में उनके स्वास्थ्य को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लग गया है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े नेताओं ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।भारतीय राजनीति के इतिहास में लालकृष्ण आडवाणी का अमर योगदानलालकृष्ण आडवाणी का नाम भारतीय राजनीतिक पटल पर एक ऐसे युग का प्रतीक है जिन्होंने देश की दिशा और दशा को बदलने में अहम भूमिका निभाई। 90 के दशक में उनकी ऐतिहासिक रथयात्रा और देश भर में पार्टी के विस्तार को लेकर किए गए उनके संघर्षों को भारतीय राजनीति का स्वर्णकाल माना जाता है। देश के उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके आडवाणी जी की सादगी, अनुशासन और राजनीतिक सूझबूझ का हर दल के नेता सम्मान करते हैं। यही कारण है कि जब भी उनके स्वास्थ्य से जुड़ी कोई खबर सामने आती है, तो पूरा देश उनके लिए चिंतित हो जाता है, और उनके ठीक होकर घर लौटने की खबर ने सभी को बेहद सुकून दिया है।स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए देश भर से उठ रही दुआओं का दौरसोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर #LalKrishnaAdvani और उनके स्वास्थ्य से जुड़े अपडेट्स तेजी से ट्रेंड करने लगे हैं। लोग लगातार ईश्वर से उनकी लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना कर रहे हैं। देश के राजनीतिक दिग्गजों का उनके आवास पर फोन के माध्यम से लगातार हालचाल जानना यह दर्शाता है कि भारतीय राजनीति में उनका कद कितना ऊंचा है। हम सब भी यही उम्मीद करते हैं कि देश के इस महान राजनेता का मार्गदर्शन और आशीर्वाद देशवासियों को लंबे समय तक मिलता रहे, और वे जल्द ही अपनी सामान्य दिनचर्या में पूरी तरह लौट आएं।
70 साल पहले नरगिस पर फिल्माया गया गाना आज भी आजादी और बेफिक्र जिंदगी का एहसास कराता है. लता मंगेशकर की आवाज और शंकर-जयकिशन के संगीत से सजा ये गाना सात दशक बाद भी म्यूजिक लवर्स के दिलों में खास जगह रखता है.
टाइगर श्रॉफ पर जानलेवा हमले के बाद मां आयशा का छलका दर्द
बॉलीवुड गलियारों से एक ऐसी दिल दहला देने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आई है जिसने पूरे फिल्म जगत और प्रशंसकों को सकते में डाल दिया है। एक्शन स्टार के रूप में अपनी अलग पहचान बनाने वाले लोकप्रिय अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हाल ही में एक खतरनाक जानलेवा हमला होने की खबर ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। हालांकि, इस बड़ी आपदा और अनहोनी के टल जाने के बाद अभिनेता की मां आयशा श्रॉफ का पहला आधिकारिक रिएक्शन सामने आया है। संकट के इस दौर से गुजरने के बाद एक मां के मन में जो राहत और संतोष का भाव होता है, वह आयशा श्रॉफ की बातों और उनकी आंखों के सुकून में साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है, जहां उन्होंने हर परिस्थिति के लिए ऊपरवाले का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया है।आखिर क्या थी पूरी घटना और कैसे टली एक बड़ी अनहोनी?प्राप्त जानकारी के अनुसार, टाइगर श्रॉफ अपनी आगामी फिल्मों की शूटिंग और अन्य व्यस्त शेड्यूल के सिलसिले में एक सुरक्षित स्थान पर थे, तभी अचानक असामाजिक तत्वों और संदिग्ध हमलावरों द्वारा उन पर सुनियोजित तरीके से निशाना साधने की कोशिश की गई। इस जानलेवा हमले की खबर मिलते ही टाइगर के परिवार, करीबी दोस्तों और मुंबई पुलिस के महकमे में हड़कंप मच गया। गनीमत यह रही कि समय रहते सुरक्षा कर्मियों और सतर्कता के कारण अभिनेता को सुरक्षित बचा लिया गया और किसी भी बड़े शारीरिक नुकसान से उनका बचाव हो गया। इस अप्रत्याशित और डरावने वाकये ने सेलिब्रिटी सुरक्षा व्यवस्था और फिल्म इंडस्ट्री में बढ़ते खतरों को लेकर एक बार फिर से गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।मां आयशा श्रॉफ का पहला रिएक्शन: सुकून और शुक्रगुजार होने के मायनेजब किसी मां को यह पता चलता है कि उसकी संतान पर मौत का साया मंडराया था, तो उसके दिल पर क्या गुजरती है, इसकी कल्पना मात्र से ही रूह कांप जाती है। इस भयानक हादसे के टल जाने के बाद जब मीडिया और शुभचिंतकों ने आयशा श्रॉफ से संपर्क किया, तो उनका रिएक्शन बेहद संयमित लेकिन भावुक करने वाला था। मीडिया रिपोर्ट्स और करीबियों के अनुसार, आयशा श्रॉफ ने अपनी प्रतिक्रिया में किसी भी तरह का डर या आक्रोश जताने के बजाय पूरी तरह से ईश्वर के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऊपरवाले की असीम कृपा और दुआओं के कारण आज उनका बेटा पूरी तरह सुरक्षित है, और एक मां के लिए इससे बड़ा सुकून और कोई दूसरा नहीं हो सकता। उनकी यह सादगी और संकट के समय दिखाया गया हौसला हर किसी का दिल जीत रहा है।फिल्म इंडस्ट्री में सुरक्षा को लेकर उठी चिंताएं और फैंस की प्रतिक्रियाटाइगर श्रॉफ जैसे लोकप्रिय और फिट एक्शन स्टार पर इस तरह का हमला होना यह साबित करता है कि ग्लैमर की दुनिया के पीछे कई बार कितने गहरे खतरे छिपे होते हैं। जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर वायरल हुई, देश-विदेश में बैठे उनके करोड़ों फैंस ने चिंता जाहिर करनी शुरू कर दी। ट्विटर, इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफार्म्स पर 'गेट वेल सून टाइगर' और उनकी सुरक्षा की दुआ मांगते हुए ट्रेंड चलाए जाने लगे। फैंस के बीच इस बात को लेकर भारी गुस्सा और हैरानी है कि आखिर इस तरह के सितारे जो अपनी कड़ी मेहनत से देश का नाम रोशन करते हैं, उन्हें इस तरह के आपराधिक षड्यंत्रों का शिकार क्यों बनाया जा रहा है।पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई का दायराइस मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत एक्शन लेते हुए कई संदिग्धों को रडार पर ले लिया है। हाल ही में कोटा और अन्य स्थानों से कुछ संदिग्ध शूटरों की गिरफ्तारी से यह संकेत मिलते हैं कि इस साजिश के पीछे किसी बड़े अंतर-राज्यीय या आपराधिक सिंडिकेट का हाथ हो सकता है। पुलिस अब इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि टाइगर श्रॉफ को यह धमकियां और हमले की प्लानिंग कब और किसने रची थी। अभिनेता के परिवार और खुद टाइगर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनके आवास और शूटिंग सेट के आसपास सुरक्षा घेरे को अभेद्य बना दिया गया है ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी दुस्साहसिक घटना को पूरी तरह से रोका जा सके।
300-400 कलाकारों ने दिए ऑडिशन, नए कलाकारों को मंच देने के लिए अपनी जेब से खर्च करते हैं मुकेश छाबड़ा
कास्टिंग डायरेक्टर और फिल्ममेकर मुकेश छाबड़ा के लिए थिएटर सिर्फ कला का माध्यम नहीं, बल्कि उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा है. फिल्मों ने उन्हें लोकप्रियता दी, लेकिन रंगमंच आज भी उनके जुनून और सुकून की वजह है.
यूपी से लेकर बिहार और हरियाणा तक, बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट सबसे पहले कहां होता है जारी?
Board Exam Result Dates 2026: बोर्ड परीक्षाओं का काउंटडाउन शुरू हो चुका है. तमाम राज्यों में बोर्ड परीक्षाओं का शेड्यूल जारी किया जा रहा है. ऐसे में छात्रों को ये जानने में भी दिलचस्पी रहती है कि पिछले साल उनके राज्य का रिजल्ट कब जारी हुआ.
बल्ले से आग उगल रहे रिंकू, फिर भी टीम इंडिया से पत्ता साफ?
रिंकू सिंह को एक समय पर टीम इंडिया के लिए टी20 का फिनिशर बल्लेबाज माना जा रहा था. रिंकू ने भारत के लिए कई मुकाबलों में कुछ यादगार पारियां भी खेली. लेकिन पिछले कुछ समय से वह लगातार टीम से बाहर चल रहे हैं.
Rahul Gandhi के Expiry Date वाले बयान पर भड़के Shivraj Singh, बोले- 99 बार फेल नेता दे रहा नसीहत
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए 'एक्सपायरी डेट' बताने को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आलोचना की और उनकी इस टिप्पणी को हास्यास्पद बताया। सोमवार को इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए चौहान ने कहा, मुझे यह हास्यास्पद लगता है। जो व्यक्ति खुद को लॉन्च करने के 'क्वालिटी चेक' में 99 बार फेल हो चुका है, वह अब BJP के लिए 'एक्सपायरी डेट' बता रहा है। इसे भी पढ़ें: Jaishankar और Chidambaram की भिड़ंत देखकर मजा आ जायेगा ! Regime Change को लेकर दोनों के बीच हुई गर्मागर्म बहस से चढ़ गया सियासी पारा राहुल गांधी ने रविवार को दक्षिण गोवा के मडगांव में 'गोय राखोन यात्रा' के दौरान एक जनसभा में यह भविष्यवाणी की कि बीजेपी की एक्सपायरी डेट (समाप्ति की तारीख) करीब आ रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी तीखा हमला बोला। चौहान ने इस बात पर जोर दिया कि बीजेपी सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र के पुनर्निर्माण और गरीबों, महिलाओं, युवाओं तथा किसानों के कल्याण के लिए समर्पित एक आंदोलन है। उन्होंने कहा कि बीजेपी केवल एक राजनीतिक दल नहीं है। यह एक आंदोलन है, राष्ट्र के पुनर्निर्माण का एक बड़ा प्रयास है। बीजेपी गरीबों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। यह माताओं, बहनों, युवाओं और किसानों के सशक्तिकरण के लिए समर्पित एक आंदोलन है। ऐसे विचार रखने वाले कई लोग आए और चले गए। भारत में आपातकाल (इमरजेंसी) का जिक्र करते हुए, चौहान ने कहा कि जिन्होंने इसे लागू किया था, उन्हें अंततः चुनावों में जनता ने हरा दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने आपातकाल भी थोप दिया था। उन्होंने पूरे देश को एक जेल में बदल दिया था। लेकिन अंत में, जनता ने चुनावों में उन्हें लगातार हराया। भाजपा आगे बढ़ती रहेगी और देश की सेवा करती रहेगी। सोमवार को 'X' (ट्विटर) पर एक पोस्ट में, चौहान ने 'सत्ता परिवर्तन गिरोह' (regime change gang) की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भाजपा ने देश के युवाओं, किसानों और महिलाओं का भरोसा बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि जनता को उस नेतृत्व पर भरोसा है जिसने वैश्विक स्तर पर भारत का मान बढ़ाया है और देश का आत्मविश्वास मजबूत किया है। इसे भी पढ़ें: DMK प्रवक्ता Elangovan का आरोप, Karur केस के डर से BJP के आगे झुके CM Vijay उन्होंने लिखा कि यह 'सत्ता परिवर्तन गिरोह' इसलिए सफल नहीं हो पा रहा है क्योंकि देश के युवाओं, किसानों, बहनों, बेटियों और माताओं को अपने नेतृत्व पर पूरा भरोसा है। देश की जनता को उस नेतृत्व पर विश्वास है जिसने दुनिया के सामने भारत का सिर ऊंचा किया है, देश को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना सिखाया है और जो हर चुनौती का डटकर सामना करता है। चौहान ने जनता का भरोसा डगमगाने की विपक्ष की कोशिशों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि भरोसा काम, प्रतिबद्धता और नेतृत्व की ईमानदारी से बनता है। उन्होंने कहा कि आज का भारत न तो झूठे विमर्शों से गुमराह होता है, न ही साजिशों से डरता है, और न ही देश को कमजोर करने वाली सोच के सामने झुकता है। आज सरकार के लिए देश का सम्मान और 1.4 अरब भारतीयों का भविष्य सबसे सर्वोपरि है। याद रखें, जनता का भरोसा किसी विमर्श पर निर्भर नहीं करता। यह काम, प्रतिबद्धता और नेतृत्व की ईमानदारी से बनता है।
धनिया, मेथी और पालक कैसे उगाएं, घर की बालकनी में पत्तेदार सब्जियां उगाने के आसान तरीके
आप घर की बालकनी, छत या खिड़की के पास छोटी-सी जगह भी धनिया, पालक और मेथी जैसी हरी-भरी सब्जियां उगा सकते हैं. यहां जानिए घर पर धनिया, मेथी और पालक कैसे उगाएं और पत्तेदार सब्जियां उगाने के आसान तरीके.
27 साल पुराना एक गाना है जिसमें तीन साल के छोटे बच्चों से लेकर 60 तक के कर्मचारी का दर्द झलकता है. आप सुनेंगे तो यही कहें कि वाह क्या बात है. इसे कविता-अभिजीत ने गाया है जबकि इसके लिरिक्स आनंद बख्शी के हैं.
नेपाल भागने की फिराक में थे टाइगर श्रॉफ पर गोली चलाने वाले, कोटा पुलिस का बड़ा खुलासा
Tiger Shroff Case Update: टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ी खबर आ रही है. राजस्थान के कोटा में ट्रेन से तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि पुलिस ने महज 15 मिनट में पूरी ट्रेन की तलाशी लेकर आरोपियों को पकड़ लिया.
KIIFB पर केरल विधानसभा स्पीकर ने UDF सरकार के रुख का किया बचाव
केरलम विधानसभा के अध्यक्ष तिरुवंचूर राधाकृष्णन ने सोमवार को केरल अवसंरचना निवेश कोष बोर्ड (केआईआईएफबी) पर संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार के रुख का बचाव करते हुए कहा कि सत्ता में आने वाली नयी सरकार की नीतियां पिछली सरकार से अलग हो सकती हैं। राधाकृष्णन एक विशेषज्ञ समिति की उन सिफारिशों से जुड़े पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे जिनमें केआईआईएफबी की अलग से धन जुटाने वाली और परियोजनाओं के वित्तपोषण करने वाली संस्था के रूप में भूमिका समाप्त करने की बात कही गई है। इस सुझाव ने उस वित्तीय मॉडल पर सवाल खड़े कर दिए हैं जिसके आधार पर राज्य में बुनियादी ढांचे पर खर्च किया जाता रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम यह उम्मीद नहीं कर सकते कि नयी सरकार पिछली सरकार के कदमों का अनुसरण करेगी। नयी सरकार की अपनी नीतियां होंगी जो पिछली सरकार की नीतियों से अलग हो सकती हैं।’’सेवानिवृत्त आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) अधिकारी सुधा पिल्लई की अध्यक्षता वाली समिति ने केरलम विधानसभा में बृहस्पतिवार को पेश की गई अपनी रिपोर्ट में कहा कि केआईआईएफबी का मूल उद्देश्य राज्य की कर्ज लेने की सीमा का उपयोग किए बिना कोष जुटाना था लेकिन अब यह उद्देश्य अप्रासंगिक हो गया है क्योंकि केआईआईएफबी द्वारा लिया गया कर्ज भी अब उसी सीमा के अंतर्गत गिना जाता है। इसी दिन मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने कहा था कि समिति ने केआईआईएफबी की ओर से गंभीर वित्तीय अनियमितताओं, नियमों के उल्लंघन और भारी वित्तीय देनदारियों को उजागर किया है। मुख्यमंत्री ने केआईआईएफबी पर एक ‘अलग साम्राज्य’ की तरह काम करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि राज्य सरकार विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के निष्कर्षों की पड़ताल करेगी और आगे की कार्रवाई पर फैसला लेगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि बड़ी मात्रा में केआईआईएफबी के धन का इस्तेमाल कन्नूर जिले में बहुत ऊंची दरों पर जमीन के बड़े हिस्से खरीदने के लिए किया गया और इसमें से ज्यादातर जमीन का कोई इस्तेमाल नहीं हो रहा है। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने रविवार को सतीशन और सरकार पर पलटवार करते हुए सवाल किया कि कन्नूर में केआईआईएफबी के धन का इस्तेमाल करने में क्या गलत है। उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या कन्नूर केरल में नहीं है?’’उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा यूडीएफ प्रशासन राज्य में विकास कार्यों को बाधित करने की कोशिश कर रहा है।
PAK-चीन के युद्धपोत बनेंगे टारगेट, तैयार है भारत की हाइपरसोनिक मिसाइल
भारत LR-AShM हाइपरसोनिक मिसाइल को 2027-2029 में शामिल करने जा रहा है. 1500 किमी रेंज वाली यह मिसाइल शुरुआती 10-15 यूनिट प्रति वर्ष उत्पादन से शुरू होगी, जो बाद में 25-40 तक बढ़ेगी.
बालों के लिए खजाना हैं ये 5 बीज, घर पर बनाएं न्यूट्रिशन से भरपूर पाउडर
टूटते बालों की समस्या से राहत पाने के लिए कद्दू, अलसी, सूरजमुखी, तिल और चिया सीड्स से बना 5-सीड पाउडर एक बेहतरीन ऑप्शन है. यह पौष्टिक मिश्रण स्कैल्प को न्यूट्रिशन देकर बालों को मजबूत बनाता है. इसे आसानी से बनाकर फ्रिज में स्टोर करें और दही, दलिया या स्मूदी में मिलाकर सेवन करें.
₹55 हजार से कम में iPhone 17, ₹57 हजार में Pro! लूट डील
iPhone 17, iPhone 17 Pro फेस्टिव सेल में कम कीमत पर खरीदे जा सकते हैं. ऐपल ने ऑफिशियली प्राइस कट नहीं किया है, बल्कि iPhone 18 Pro सीरीज लॉन्च के साथ ही पुराने फोन महंगे कर दिए थे.
टाइगर पर फायरिंग की चश्मदीद व्लॉगर ने खोली ये राज़
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना की चश्मदीद सलमा शेख का बयान सोशल मीडिया पर चर्चा में है. उन्होंने बताया कि शुरुआत में गोलियों की आवाज को दिवाली के पटाखे समझ लिया था. सलमा के मुताबिक, हमलावर बेहद दुबला-पतला दिखाई दे रहा था. उधर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि पुलिस को कुछ सुराग मिले हैं और हमलावरों के साथ दूर बैठकर साज़िश रचने वालों को भी जल्द पकड़ा जाएगा.
LIVE: टाइगर पर हमले में शूटर रेहान की मुख्य भूमिका, नेपाल भागने का था प्लान
Latest News Today Live Updates in Hindi : अभिनेता टाइगर श्राफ पर हमले के मामले में सोमवार को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पल पल की जानकारी...
बेंगलुरु में वकील की गोली मारकर हत्या, किराए को लेकर था विवाद
बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड इलाके में 42 साल के वकील मंजूनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उनके मकान में रहने वाले दो किराएदारों से किराया नहीं देने को लेकर विवाद हुआ था. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
आगरा की राजनीति में क्या है खास? जानिए क्या कहता है इतिहास

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