उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC), लखनऊ ने तकनीकी संवर्ग में नई भर्ती की आधिकारिक शुरुआत कर दी है। आयोग ने विज्ञापन संख्या 20-परीक्षा/2026 के अंतर्गत महाधिवक्ता कार्यालय (उच्च न्यायालय इलाहाबाद) में कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए और सहायक कंप्यूटर ऑपरेटर के पदों पर मुख्य परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं।इस भर्ती के तहत ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और शुल्क भुगतान की प्रक्रिया आधिकारिक पोर्टल पर शुरू हो चुकी है। 7वें वेतन आयोग के पे-मैट्रिक्स लेवल-4 के तहत चयनित उम्मीदवारों को ₹25,500 से लेकर अधिकतम ₹81,100 प्रति माह तक का पे-स्केल और सभी राज्य सरकारीय भत्ते (DA, HRA आदि) प्रदान किए जाएंगे।महत्वपूर्ण तिथियां और आवेदन शुल्कअभ्यर्थियों को तय समय सीमा के भीतर अपना ऑनलाइन फॉर्म और निर्धारित शुल्क जमा करना होगा:आवेदन शुरू होने की तिथि: 07 सितंबर 2026ऑनलाइन आवेदन व शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि: 28 सितंबर 2026आवेदन पत्र में संशोधन और फीस एडजस्टमेंट की अंतिम तिथि: 05 अक्टूबर 2026आवेदन व प्रोसेसिंग शुल्क: सामान्य (UR), ओबीसी (OBC), ईडब्ल्यूएस (EWS), एससी (SC), एसटी (ST) और दिव्यांग (PH) सहित सभी वर्गों के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुल्क मात्र ₹25 निर्धारित किया गया है। मुख्य परीक्षा की शॉर्टलिस्टिंग के बाद चयनित अभ्यर्थियों को अलग से परीक्षा शुल्क देना होगा।पद विवरण और वेतनमान (Salary Structure)आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार पदों का विभाजन और वेतनमान इस प्रकार तय किया गया है:कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए (11 पद): पे-मैट्रिक्स लेवल-4 (वेतनमान ₹25,500 से ₹81,100)। मूल वेतन में महंगाई भत्ता और मकान किराया भत्ता जुड़ने के बाद शुरुआती ग्रॉस सैलरी लगभग ₹40,000 से शुरू होकर अधिकतम ₹81,100+ के ब्रैकेट तक पहुंचती है।सहायक कंप्यूटर ऑपरेटर (01 पद): पे-मैट्रिक्स लेवल-2 (वेतनमान ₹19,900 से ₹63,200)।कौन कर सकता है आवेदन? जानिए आवश्यक पात्रता व योग्यताइस भर्ती में सम्मिलित होने के लिए उम्मीदवारों को निम्नलिखित न्यूनतम शैक्षणिक और तकनीकी योग्यताओं को पूरा करना अनिवार्य है:UPSSSC PET स्कोरकार्ड अनिवार्य: केवल वही अभ्यर्थी आवेदन करने के पात्र हैं जो प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) में सम्मिलित हुए हों और जिनके पास वैध वैध स्कोरकार्ड हो। शून्य या नकारात्मक (Negative) अंक पाने वाले अभ्यर्थी पात्र नहीं होंगे।शैक्षणिक योग्यता: किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक (Bachelor's Degree) की डिग्री।कंप्यूटर डिप्लोमा / प्रमाण पत्र: डीओईएसीसी / नाइलिट (NIELIT) से मान्यता प्राप्त 'O' लेवल प्रमाण पत्र अथवा कंप्यूटर साइंस / इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में मान्यता प्राप्त संस्थान से डिप्लोमा।अनुभव (Experience): कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए पद के लिए कंप्यूटर एप्लीकेशन में न्यूनतम 3 वर्ष का कार्य अनुभव तथा सहायक ऑपरेटर के लिए न्यूनतम 2 वर्ष का प्रासंगिक अनुभव आवश्यक है।आयु सीमा: उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश के आरक्षित वर्गों (ओबीसी, एससी, एसटी) को राज्य सरकार के नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट प्रदान की जाएगी।चयन प्रक्रिया: मुख्य लिखित परीक्षा से होगा फैसलाअभ्यर्थियों का चयन दो चरणों के मूल्यांकन के आधार पर किया जाएगा:पीईटी स्कोर के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग: ऑनलाइन प्राप्त वैध आवेदनों में से विज्ञापित पदों के सापेक्ष अभ्यर्थियों को मुख्य लिखित परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा।मुख्य लिखित परीक्षा (Main Written Exam): शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों के लिए विषयवार तकनीकी ज्ञान, सामान्य ज्ञान और कंप्यूटर दक्षता पर आधारित लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी।दस्तावेज सत्यापन (Document Verification): लिखित परीक्षा की मेरिट सूची में स्थान बनाने वाले अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन कर अंतिम नियुक्ति पत्र जारी किए जाएंगे।आधिकारिक वेबसाइट पर कैसे करें ऑनलाइन आवेदन?इच्छुक और पात्र उम्मीदवार इन आसान चरणों के जरिए अपना आवेदन पूरा कर सकते हैं:आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाएं।होमपेज पर दिए गए 'Live Advertisements' सेगमेंट में विज्ञापन संख्या 20-Exam/2026 के लिंक पर क्लिक करें।अपने PET रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि या ओटीपी (OTP) के माध्यम से लॉगिन करें।अपनी शैक्षणिक योग्यता, 'O' लेवल कंप्यूटर सर्टिफिकेट और अनुभव संबंधी विवरण दर्ज करें।ऑनलाइन माध्यम (UPI, नेट बैंकिंग, डेबिट/क्रेडिट कार्ड) से ₹25 का आवेदन शुल्क जमा करें।फॉर्म को फाइनल सबमिट करके उसका प्रिंटआउट भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रख लें।भर्ती विवरणआधिकारिक जानकारीभर्ती संस्थाउत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC), लखनऊविज्ञापन संख्या20-परीक्षा/2026 (Advt No. 20-Exam/2026)विभाग का नाममहाधिवक्ता कार्यालय, उच्च न्यायालय इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश)पद का नामकंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए व सहायक कंप्यूटर ऑपरेटरवेतनमानपे लेवल-4 (₹25,500 से ₹81,100) व लेवल-2 (₹19,900 से ₹63,200)आवेदन की अवधि07 सितंबर से 28 सितंबर 2026आयु सीमा21 से 40 वर्ष (आरक्षण अनुसार छूट लागू)अनिवार्य अर्हतास्नातक + NIELIT 'O' लेवल / कंप्यूटर डिप्लोमा + PET स्कोरकार्डआधिकारिक वेबसाइटupsssc.gov.in
आगामी त्योहारी और शादियों के सीजन से ठीक पहले सोने की खरीदारी करने वालों के लिए राहत भरी खबर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बहुमूल्य धातुओं के दामों में आई सुस्ती और घरेलू मांग में आए अस्थायी ठहराव के चलते भारतीय सर्राफा बाजार में सोने के भाव नरम पड़े हैं। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट तीनों ही श्रेणियों में प्रति 10 ग्राम कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।ज्वेलरी निर्माताओं और बुलियन कारोबारियों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति संबंधी टिप्पणियों और अंतरराष्ट्रीय स्पॉट गोल्ड में मुनाफावसूली के कारण घरेलू वायदा बाजार (MCX) और रिटेल बाजारों में यह नरमी देखने को मिल रही है। ऐसे में गहनों की खरीदारी या गोल्ड बार में निवेश की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए यह स्तर आकर्षक खरीदारी का मौका माना जा रहा है।10 प्रमुख शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा भावदेश के 10 बड़े महानगरों और प्रमुख उपभोक्ता बाजारों में प्रति 10 ग्राम सोने के आज के खुदरा भाव इस प्रकार दर्ज किए गए हैं:शहर / राज्य24 कैरेट (99.9% शुद्ध) प्रति 10g22 कैरेट (जेवराती सोना) प्रति 10g18 कैरेट (लाइटवेट ज्वेलरी) प्रति 10gनई दिल्ली₹1,54,290₹1,41,430₹1,15,720मुंबई (महाराष्ट्र)₹1,54,140₹1,41,290₹1,15,600लखनऊ (उत्तर प्रदेश)₹1,54,290₹1,41,430₹1,15,720कोलकाता (पश्चिम बंगाल)₹1,54,140₹1,41,290₹1,15,600चेन्नई (तमिलनाडु)₹1,54,140₹1,41,290₹1,18,990जयपुर (राजस्थान)₹1,54,290₹1,41,430₹1,15,720अहमदाबाद (गुजरात)₹1,54,190₹1,41,340₹1,15,650पटना (बिहार)₹1,54,290₹1,41,430₹1,15,720बेंगलुरु (कर्नाटक)₹1,54,140₹1,41,290₹1,15,600हैदराबाद (तेलंगाना)₹1,54,140₹1,41,290₹1,15,600(नोट: ऊपर दिए गए भाव केवल बुलियन/बेस रेट्स हैं। आभूषण खरीदते समय इन पर 3% जीएसटी (GST) और ज्वेलर्स के मेकिंग व वेस्टेज चार्ज अलग से जोड़े जाते हैं।)24K, 22K और 18K में क्या है अंतर? आभूषण के लिए कौन सा है सही?गहने खरीदने से पहले सोने के कैरट और उसकी शुद्धता के अंतर को समझना बेहद आवश्यक है:24 कैरेट सोना (99.9% शुद्ध): यह सोने का सबसे शुद्ध रूप होता है। अत्यधिक लचीला और मुलायम होने के कारण इससे जटिल आभूषण नहीं बनाए जा सकते। इसका उपयोग मुख्य रूप से सोने के सिक्के, बिस्कुट (Bullion Bars) और डिजिटल गोल्ड में निवेश के लिए किया जाता है।22 कैरेट सोना (91.6% शुद्ध): इसमें 91.6% शुद्ध सोना और 8.4% अन्य धातुएं (तांबा, चांदी या जिंक) मिलाई जाती हैं। यह भारत में पारंपरिक और वैवाहिक गहनों (Bridal Jewellery) के निर्माण के लिए सबसे लोकप्रिय मानक है।18 कैरेट सोना (75% शुद्ध): इसमें 75% शुद्ध सोना और 25% मिश्र धातुएं होती हैं। यह 22 कैरेट से अधिक मजबूत और टिकाऊ होता है। डायमंड, स्टडेड और मॉडर्न लाइटवेट ज्वेलरी में पत्थरों को मजबूती से थामे रखने के लिए इसी कैरट का उपयोग सबसे ज्यादा होता है।शॉपिंग पर जाने से पहले इन 3 बातों की जरूर करें जांचसर्राफा बाजार में खरीदारी करते समय किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचने के लिए इन बुनियादी सावधानियों का पालन करें:6 अंकों का HUID कोड अनिवार्य: भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के नियमानुसार बिना हॉलमार्क का सोना बेचना गैर-कानूनी है। गहने पर बीआईएस लोगो, कैरेट की शुद्धता (जैसे 22K916 या 18K750) और 6 अंकों का अल्फान्यूमेरिक HUID (Hallmark Unique Identification) कोड जरूर जांचें।BIS Care ऐप पर सत्यापन: अपने फोन में बीआईएस केयर ऐप डाउनलोड करके 'Verify HUID' विकल्प में कोड डालकर यह तुरंत देख सकते हैं कि वह आभूषण किस तारीख को किस लैब में प्रमाणित हुआ था।पक्का बिल और ब्रेकअप: ज्वेलर्स से हमेशा पक्का जीएसटी बिल लें, जिसमें शुद्ध सोने का वजन, उस दिन का बेस रेट, मेकिंग चार्ज और 3% जीएसटी अलग-अलग स्पष्ट रूप से दर्ज हो।सोने का कैरटशुद्धता प्रतिशतबीआईएस मार्किंगसर्वोत्तम उपयोग24K Gold99.9%24K999निवेश, गोल्ड कॉइन व बार22K Gold91.6%22K916पारंपरिक भारी गहने व चेन18K Gold75.0%18K750डायमंड, जेमस्टोन व डेली वियर ज्वेलरी
फ्रांस की राजधानी पेरिस का सबसे प्रमुख प्रतीक और दुनिया भर के पर्यटकों का केंद्र एफिल टॉवर (Eiffel Tower) एक अप्रत्याशित और संवेदनशील विवाद के केंद्र में आ गया है। एक हिंदू धार्मिक समूह के निजी दौरे (Private Visit) के दौरान कथित तौर पर जारी किए गए एक फरमान को लेकर हुए भारी हंगामे के बाद ऐतिहासिक एफिल टॉवर को कई घंटों के लिए आम जनता के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया।इस घटना के बाद फ्रांस के मानवाधिकार संगठनों, महिला अधिकार कार्यकर्ताओं और फ्रांसीसी मीडिया में तीखी बहस छिड़ गई है। फ्रांस के सख्त धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों (Lacit) और लैंगिक समानता के कानूनों के बीच एक सार्वजनिक धरोहर स्थल पर इस तरह की पाबंदी लगाए जाने को लेकर स्थानीय नागरिक और यूनियनें बेहद आक्रोशित हैं।क्या था पूरा विवाद? महिला कर्मचारियों को 'सामने न आने' का फरमानमामले की शुरुआत तब हुई जब एक प्रतिष्ठित हिंदू धार्मिक संप्रदाय के वरिष्ठ आध्यात्मिक प्रमुख (साधु/संत) अपने अनुयायियों के साथ एफिल टॉवर के विशेष दौरे पर पहुंचे थे। इस संप्रदाय के सख्त धार्मिक और मठवासी नियमों (Monastic Vows) के अनुसार, पूर्ण संन्यासियों के लिए महिलाओं से शारीरिक दूरी बनाए रखना और उनके सीधे संपर्क अथवा दृष्टि से दूर रहने की परंपरा का पालन किया जाता है।विवाद तब गहराया जब एफिल टॉवर का प्रबंधन संभालने वाली कंपनी SETE (Socit d'Exploitation de la Tour Eiffel) द्वारा कथित तौर पर अपने ग्राउंड स्टाफ और महिला कर्मचारियों को आंतरिक निर्देश जारी किए गए। इन निर्देशों में कहा गया था कि जब तक यह धार्मिक प्रतिनिधिमंडल टॉवर परिसर में रहेगा, तब तक महिला कर्मचारी सामने न आएं, लिफ्ट और कॉरिडोर संचालन में पुरुष कर्मियों को लगाया जाए और महिला स्टाफ को बैक-ऑफिस में या 'अदृश्य' (Invisible/Out of Sight) रहने को कहा गया।कर्मचारियों और ट्रेड यूनियनों का फूटा गुस्सा: 'लैंगिक समानता पर हमला'जैसे ही यह आंतरिक निर्देश कर्मचारियों तक पहुंचा, एफिल टॉवर की कर्मचारी यूनियनों ने इसे फ्रांसीसी गणतंत्र के मूल मूल्यों और कार्यस्थल पर लैंगिक समानता (Gender Equality) का खुला उल्लंघन करार देते हुए काम बंद करने की चेतावनी दे दी:यूनियनों का विरोध: कर्मचारियों का कहना था कि फ्रांस जैसे धर्मनिरपेक्ष देश में किसी भी धार्मिक समूह या अतिथि की व्यक्तिगत मान्यताओं के आधार पर महिला कर्मचारियों को उनके नियमित काम से हटाना और उन्हें अलग-थलग करना पूरी तरह अस्वीकार्य और अपमानजनक है।सुरक्षा प्रोटोकॉल का हवाला: सुरक्षा और तकनीकी टीम के कई प्रमुख पदों पर महिला कर्मचारी तैनात थीं। उनके अचानक हटने से परिचालन और सुरक्षा प्रोटोकॉल में विसंगतियां पैदा होने लगीं।अचानक शटडाउन: बढ़ते विरोध और कर्मचारियों के भारी असंतोष के चलते प्रबंधन ने अफरा-तफरी से बचने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए टॉवर के टिकट काउंटर बंद कर दिए और प्रवेश द्वारों पर ताला लगा दिया, जिससे सैकड़ों विदेशी पर्यटक बाहर कतारों में फंसे रह गए।फ्रांस की धर्मनिरपेक्षता (Lacit) और धार्मिक स्वतंत्रता के बीच टकरावयह घटना फ्रांस के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में एक पुरानी बहस को फिर से हवा दे गई है। फ्रांस अपने कानूनों में सख्त धर्मनिरपेक्षता का पालन करता है, जहां सार्वजनिक स्थानों और कार्यस्थलों पर किसी भी धर्म के आधार पर विशेष छूट या भेदभाव को अवैध माना जाता है।दूसरी ओर, धार्मिक समूह के समर्थकों और आयोजकों का पक्ष है कि यह केवल एक निजी और आध्यात्मिक मर्यादा (Vow of Celibacy) का सम्मान करने का शिष्टाचार मात्र था, जिसे गलत तरीके से भेदभाव के रूप में पेश किया गया। उनका तर्क था कि दुनिया भर के कई प्राचीन मठवासी पंथों में इस प्रकार के व्यक्तिगत ब्रह्मचर्य नियमों का पालन किया जाता है और इसका उद्देश्य किसी का अनादर करना नहीं होता।प्रबंधन ने दी सफाई: आंतरिक जांच के आदेशएफिल टॉवर प्रबंधन (SETE) ने भारी जनआक्रोश और अंतरराष्ट्रीय मीडिया कवरेज के बाद औपचारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। प्रबंधन ने कहा कि किसी भी कर्मचारी के साथ लैंगिक आधार पर भेदभाव करना कंपनी की नीति के विरुद्ध है।अधिकारियों के अनुसार, वीआईपी और विशेष दौरों के दौरान सुरक्षा और प्रोटोकॉल समन्वय के दौरान संवाद में चूक (Miscommunication) हुई, जिसकी आंतरिक समीक्षा की जा रही है। विवाद शांत होने और धार्मिक दौरे के संपन्न होने के बाद टॉवर को सामान्य सुरक्षा जांच के उपरांत पर्यटकों के लिए फिर से खोल दिया गया।विवादित बिंदुविवरणघटना स्थलएफिल टॉवर (Eiffel Tower), पेरिस, फ्रांसविवाद का कारणधार्मिक दौरे के दौरान महिला कर्मियों को 'अदृश्य' रहने का कथित निर्देशप्रबंधन संस्थाSETE (Socit d'Exploitation de la Tour Eiffel)कर्मचारियों का रुखलैंगिक समानता और फ्रांसीसी धर्मनिरपेक्षता का उल्लंघन बताते हुए विरोधपरिणामएफिल टॉवर को अस्थायी रूप से आम पर्यटकों के लिए बंद किया गया
शराब पीने और शोर मचाने से किया मना... दिल्ली में मणिपुरी म्यूज़िशियन की हत्या
दिल्ली के किलोकरी गांव में 54 वर्षीय मणिपुरी म्यूज़िशियन सी. विक्रम सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. बताया गया कि सिंह अपने अपार्टमेंट के बाहर शराब पीने और शोर मचाने वाले लोगों का विरोध करने पहुंचे थे. इसी दौरान डिलीवरी कर्मचारियों और ढाबा स्टाफ के एक समूह ने उन पर हमला कर दिया. गंभीर रूप से घायल सिंह को उनके बेटे ने अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय तेल विपणन कंपनियों—इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL)—ने आज, 8 सितंबर 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल के खुदरा विक्रय मूल्य जारी कर दिए हैं। राष्ट्रीय स्तर पर वाहन ईंधन के दामों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है और कीमतें काफी हद तक स्थिर बनी हुई हैं।हर दिन सुबह 6 बजे डायनामिक फ्यूल प्राइसिंग (Dynamic Fuel Pricing) प्रणाली के तहत नई दरें अधिसूचित की जाती हैं। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में स्थानीय मूल्य वर्धित कर (VAT), माल ढुलाई लागत (Freight Charges) और स्थानीय निकाय उपकर के अलग-अलग होने के चलते विभिन्न शहरों में पेट्रोल और डीजल के खुदरा दामों में मामूली अंतर दिखाई देता है।दिल्ली से लेकर लखनऊ और मुंबई तक: आज के ताजा रेट्सदेश के प्रमुख महानगरों और बड़े शहरों में 1 लीटर पेट्रोल और डीजल के आज के ताजा भाव इस प्रकार हैं:शहर / राज्यपेट्रोल (₹ प्रति लीटर)डीजल (₹ प्रति लीटर)नई दिल्ली₹102.12₹95.20मुंबई (महाराष्ट्र)₹111.18₹97.83कोलकाता (पश्चिम बंगाल)₹113.51₹99.82चेन्नई (तमिलनाडु)₹107.76₹99.55लखनऊ (उत्तर प्रदेश)₹101.86₹95.02नोएडा / गाजियाबाद₹101.54₹94.85पटना (बिहार)₹113.04₹99.70रांची (झारखंड)₹105.85₹100.98जयपुर (राजस्थान)₹112.69₹97.78भोपाल (मध्य प्रदेश)₹115.13₹100.20हैदराबाद (तेलंगाना)₹116.15₹104.23बेंगलुरु (कर्नाटक)₹111.49₹99.43अलग-अलग शहरों में कीमतों में इतना अंतर क्यों?अक्सर उपभोक्ताओं के मन में सवाल होता है कि दिल्ली और मुंबई या लखनऊ और पटना के बीच ईंधन के दामों में ₹5 से ₹10 तक का अंतर क्यों होता है:राज्य स्तरीय वैट (State VAT): केंद्र सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क (Excise Duty) सभी राज्यों में एकसमान लगाया जाता है, लेकिन राज्य सरकारें अपने हिसाब से वैट तय करती हैं। महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में वैट की दरें दिल्ली व उत्तर प्रदेश की तुलना में काफी अधिक हैं।परिवहन लागत (Freight Charges): तेल रिफाइनरियों या तटीय डिपो से किसी शहर की दूरी जितनी अधिक होगी, पाइपलाइन या टैंकरों के जरिए होने वाला ट्रांसपोर्टेशन खर्च उतना ही बढ़ जाता है।डीलर कमीशन: पंप डीलरों का कमीशन और स्थानीय चुंगी (Local Entry Tax) भी अंतिम खुदरा मूल्य को प्रभावित करती है।अपने मोबाइल से केवल 1 SMS भेजकर जानें अपने शहर का रेटयदि आप पेट्रोल पंप पर जाने से पहले अपने शहर का सटीक भाव जानना चाहते हैं, तो घर बैठे केवल एक एसएमएस भेजकर ताजा रेट पता कर सकते हैं:इंडियन ऑयल (IOCL) उपभोक्ता: अपने मैसेज बॉक्स में लिखें RSP और इसे 9224992249 पर भेजें।भारत पेट्रोलियम (BPCL) उपभोक्ता: टाइप करें RSP और इसे 9223112222 पर भेजें।हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) उपभोक्ता: टाइप करें HPPRICE और इसे 9222201122 पर भेजें।(नोट: अपने नजदीकी पेट्रोल पंप का 6 अंकों का डीलर कोड आप संबंधित पंप के साइनबोर्ड या तेल कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट/ऐप से प्राप्त कर सकते हैं।)ईंधन प्रकारराष्ट्रीय औसत स्थितिप्रमुख कारकपेट्रोल (Petrol)बड़े महानगरों में स्थिर (स्थानीय करों का अंतर)क्रूड ऑयल की वैश्विक कीमतें व डॉलर-रुपया विनिमय दरडीजल (Diesel)माल ढुलाई व कृषि मांग के बावजूद स्थिरकमर्शियल वाहनों पर प्रभाव, महंगाई नियंत्रण नीतिसंशोधन समयप्रतिदिन सुबह 6:00 बजे लागूओएमसी (IOCL, BPCL, HPCL) द्वारा निर्धारण
स्मार्टफोन का रोजाना इस्तेमाल करते हुए कुछ ही महीनों में अक्सर लाउडस्पीकर की आवाज धीमी, दबी हुई या फटने जैसी आने लगती है। कॉलिंग के दौरान सामने वाले की आवाज साफ सुनाई नहीं देती या गाने बजाते समय वॉल्यूम 100% करने पर भी साउंड कमजोर महसूस होता है। अधिकांश यूजर्स यह मान लेते हैं कि फोन का स्पीकर खराब या डैमेज हो गया है और वे सीधे सर्विस सेंटर पहुंच जाते हैं, जहां उनसे स्पीकर बदलने के नाम पर ₹800 से ₹2,500 तक वसूल लिए जाते हैं।हकीकत यह है कि 90% मामलों में स्पीकर बिल्कुल सही होता है। जेब के लिंट (कपड़े के रोएं), पसीने की नमी और हवा में उड़ने वाली महीन धूल स्पीकर की ग्रिल के बारीक जालीदार छेदों (Mesh) में जमा होकर एक सख्त परत बना लेती है। यह परत ध्वनि तरंगों (Sound Waves) को बाहर आने से रोक देती है, जिससे आवाज दब जाती है। इसे ठीक करने के लिए किसी सर्विस सेंटर जाने की जरूरत नहीं है; आप घर पर ही सुरक्षित तरीके से इसे साफ कर सकते हैं।साउंड फ्रीक्वेंसी और वाइब्रेशन से गंदगी बाहर निकालने का डिजिटल तरीकासफाई की शुरुआत हमेशा बिना किसी औजार के डिजिटल तरीके से करनी चाहिए। आधुनिक तकनीक ध्वनि तरंगों के वाइब्रेशन से जाली में फंसी धूल को खुद बाहर फेंक देती है:फ्रीक्वेंसी साउंड वेबसाइट्स का उपयोग: अपने फोन के ब्राउज़र में 'Fix My Speakers' (fixmyspeakers.com) या 'Blower' वेबसाइट खोलें।साउंड प्ले करें: फोन का वॉल्यूम 100% पर सेट करें और वेबसाइट पर दिए गए 'Water/Dust Eject' बटन पर टैप करें।वाइब्रेशन का असर: यह टूल खास 165Hz से 400Hz की तीव्र पिच और अल्ट्रासोनिक वाइब्रेशन वाली टोन बजाता है। ध्वनि के तेज दबाव से स्पीकर ग्रिल में जमी ढीली धूल और नमी के बारीक कण बाहर छिटक जाते हैं।श्याओमी/रियलमी इन-बिल्ट फीचर: यदि आप Xiaomi, Redmi या Realme फोन का उपयोग करते हैं, तो Settings > Additional Settings > Clear Speaker फीचर चालू करें। यह 30 सेकंड का लाउड ऑडियो चलाकर जाली को साफ कर देता है।फिजिकल क्लीनिंग: घर पर इन 3 सेफ टूल्स से करें जाली की सफाईयदि धूल काफी समय से जमी है और ध्वनि तरंगों से पूरी तरह साफ नहीं हो रही, तो इन तीन घरेलू तरीकों को बहुत सावधानी से अपनाएं:1. सॉफ्ट ब्रिसल वाला टूथब्रश (Dry Soft Brush): बच्चों का एक नया और पूरी तरह सूखा सॉफ्ट-ब्रिसल टूथब्रश लें। फोन को उल्टा (स्पीकर ग्रिल नीचे की ओर) पकड़ें ताकि निकली हुई धूल वापस अंदर न गिरे। हल्के हाथों से ब्रश के सिरों को 45-डिग्री एंगल पर ग्रिल के ऊपर घुमाएं।2. आइसोप्रोपिल अल्कोहल या हैंड सैनिटाइजर (Isopropyl Alcohol): साधारण पानी का इस्तेमाल कभी न करें। ईयरबड (कॉटन बड) पर सिर्फ 1-2 बूंद 99% आइसोप्रोपिल अल्कोहल (रबिंग अल्कोहल) लगाएं। ध्यान रहे बड केवल हल्का नम होना चाहिए, गीला नहीं। इसे जाली पर हल्के से फेरें। अल्कोहल तुरंत मैल को घोल देता है और बिना कोई नमी छोड़े सेकंडों में हवा में उड़ (Evaporate) जाता है।3. क्लीनिंग पुट्टी या साधारण सेलो टेप (Blue Tack / Tape): थोड़ा सा एडहेसिव पुट्टी (Blu Tack) या पेंटर्स टेप लें और उसे स्पीकर ग्रिल पर हल्के से चिपकाकर तुरंत खींच लें। जाली के छेदों में फंसा महीन कचरा गोंद के साथ चिपककर बाहर आ जाएगा।भूलकर भी न करें ये 3 गलतियां, वरना परमानेंट डैमेज हो जाएगा स्पीकरसफाई के दौरान कई लोग अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिससे चालू स्पीकर हमेशा के लिए खराब हो जाता है:सुई, सेफ्टी पिन या सिम इजेक्टर पिन का इस्तेमाल: स्पीकर की बाहरी जाली के ठीक पीछे बेहद संवेदनशील और पतली वॉटरप्रूफ डायफ्राम झिल्ली (Membrane) होती है। पिन घुसाने से वह झिल्ली फट जाती है, जिसके बाद स्पीकर की आवाज जीवन भर के लिए करकश हो जाएगी।हाई-प्रेशर एयर ब्लोअर या वैक्यूम क्लीनर: अत्यधिक दबाव वाली हवा धूल को बाहर निकालने के बजाय स्पीकर के आंतरिक कॉइल में और अंदर धकेल देती है या कॉइल को हिला देती है।ब्लो ड्रायर (हेयर ड्रायर) की गर्म हवा: हेयर ड्रायर की गर्म हवा से स्पीकर ग्रिल को चिपकाने वाला वाटरप्रूफ ग्लू पिघल सकता है और आंतरिक कंपोनेंट्स जल सकते हैं।कब समझें कि स्पीकर सच में खराब है और सर्विस सेंटर जाना जरूरी है?यदि ऊपर बताए गए सभी तरीकों से पूरी ग्रिल साफ करने के बाद भी आवाज नहीं सुधरती, तो यह हार्डवेयर खराबी हो सकती है। इन लक्षणों पर ध्यान दें:वॉल्यूम बढ़ाने पर स्पीकर से लगातार खरखराहट या इलेक्ट्रॉनिक 'बज' (Buzzing Sound) की आवाज आना।स्पीकर से बिल्कुल भी कोई आवाज न आना (Dead Speaker)।फोन पानी में गिरने के बाद चावल या हीटर में रखने के चलते शॉर्ट-सर्किट होना।ऐसी स्थिति में अधिक जोर आजमाइश न करें और अधिकृत सर्विस सेंटर जाकर हार्डवेयर डायग्नोस्टिक्स करवाएं। लेकिन यदि समस्या सिर्फ धीमी आवाज की है, तो 99% मामलों में यह घरेलू सफाई आपके फोन को फिर से नए जैसा लाउड बना देगी।सफाई का तरीकासुरक्षा स्तरकिसके लिए बेस्ट हैFix My Speakers (साउंड वेव)100% सुरक्षित (बिना छुए)नमी, पानी की बूंदें और हल्की धूल हटाने के लिएसॉफ्ट टूथब्रश (सूखा)अत्यंत सुरक्षितग्रिल पर चिपके सूखे रोएं और धूल के कणआइसोप्रोपिल अल्कोहल + बडसुरक्षित (हल्के हाथ से)पसीने व तेल की जमी हुई सख्त मैल घोलने के लिएपिन या सुई डालनाअत्यंत खतरनाक (प्रतिबंधित)डायफ्राम फटने और स्पीकर खराब होने का जोखिम
स्वाति नक्षत्र का स्वभाव स्वतंत्र, गतिशील और व्यापारिक चतुराई को बढ़ाने वाला माना गया है। राहु जहां अचानक बदलाव, विदेशी संपर्कों और असीम महत्वाकांक्षाओं का कारक है, वहीं शुक्र धन, सुख-साधन और विलासिता का प्रतीक है।जब ये दोनों ऊर्जाएं स्वाति नक्षत्र में एक साथ सक्रिय होती हैं, तो विशेष रूप से शेयर बाजार, मीडिया, डिजिटल मार्केटिंग, विदेशी व्यापार, फैशन और लक्जरी वस्तुओं से जुड़े जातकों को अभूतपूर्व मुनाफा हासिल होता है। लंबे समय से अटके हुए वित्तीय लेन-देन अचानक सुलझने लगते हैं।इन 4 राशियों की चमकने वाली है किस्मतशुक्र के इस नक्षत्र परिवर्तन से निम्नलिखित चार राशियों को सबसे बड़ा आर्थिक लाभ मिलने जा रहा है:1. मिथुन राशि (Gemini): मिथुन राशि के जातकों के लिए शुक्र का यह गोचर त्रिकोण भावों को ऊर्जावान बनाएगा। यदि आप नौकरी में प्रमोशन या वेतन वृद्धि का इंतजार कर रहे हैं, तो 11 सितंबर के बाद सकारात्मक समाचार मिल सकता है। पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई पुराना विवाद आपके पक्ष में सुलझ सकता है। शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में पहले किया गया कोई निवेश अचानक बंपर रिटर्न दे सकता है।2. तुला राशि (Libra): चूंकि स्वाति नक्षत्र स्वयं तुला राशि के अंतर्गत आता है, इसलिए तुला राशि के लग्न भाव में यह गोचर सीधे तौर पर आपके व्यक्तित्व और भौतिक सुखों में चार चांद लगाएगा। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और नई व्यावसायिक साझेदारियों (Partnerships) से अप्रत्याशित मुनाफा होगा। विलासिता की नई वस्तुएं या नया वाहन खरीदने के मजबूत योग बनेंगे। आर्थिक स्थिति पहले से कहीं अधिक सुदृढ़ होगी।3. मकर राशि (Capricorn): मकर राशि के जातकों के लिए शुक्र एक परम योगकारक ग्रह माना जाता है। स्वाति नक्षत्र में शुक्र का गोचर आपके करियर और कर्म भाव पर सीधा अनुकूल असर डालेगा। नौकरीपेशा लोगों को उच्च पद और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। जो लोग विदेशी कंपनियों या मल्टीनेशनल कॉर्पोरेशंस (MNCs) के साथ काम कर रहे हैं, उनके लिए यह अवधि भारी धन लाभ और विदेश यात्रा के अवसर लेकर आएगी।4. कुंभ राशि (Aquarius): कुंभ राशि के जातकों के लिए यह नक्षत्र गोचर भाग्य स्थान को मजबूत करेगा। कम मेहनत में भी बड़े परिणाम देखने को मिलेंगे। यदि आप कोई नया स्टार्टअप या व्यापार शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो वित्तीय मदद आसानी से उपलब्ध होगी। पिता या वरिष्ठ अधिकारियों के सहयोग से कोई बड़ा सरकारी टेंडर या कॉन्ट्रैक्ट हासिल हो सकता है। बैंक बैलेंस में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज होगी।नक्षत्र गोचर का समय और अवधिस्वाति नक्षत्र में शुक्र का यह भ्रमण लगभग 11 से 12 दिनों तक चलेगा। इस दौरान जातक अपने वित्तीय निर्णयों को गति दे सकते हैं। नीचे दी गई तालिका में गोचर से जुड़े मुख्य ज्योतिषी तथ्य देखे जा सकते हैं:विवरणज्योतिषीय तथ्यगोचर करने वाला ग्रहशुक्र (Venus)प्रवेश का नक्षत्रस्वाति नक्षत्र (Swati Nakshatra)नक्षत्र के स्वामी ग्रहराहु (Rahu)नक्षत्र की राशितुला राशि (Libra)गोचर तिथि11 सितंबर 2026सर्वाधिक लाभांवित राशियांमिथुन, तुला, मकर और कुंभशुक्र देव की कृपा पाने के अचूक ज्योतिषीय उपायस्वाति नक्षत्र में शुक्र के शुभ प्रभावों को कई गुना बढ़ाने और धन प्राप्ति के मार्ग को सुगम बनाने के लिए ज्योतिषाचार्यों द्वारा इन सरल उपायों की सलाह दी जाती है:सफेद वस्तुओं का दान: शुक्रवार के दिन छोटी कन्याओं या जरूरतमंदों को दूध, दही, चावल, चीनी या सफेद वस्त्र का दान करें।शुक्र बीज मंत्र का जप: प्रतिदिन या शुक्रवार को स्फटिक की माला से 'ॐ शुं शुक्राय नम:' अथवा 'ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः' मंत्र का 108 बार जप करें।मां लक्ष्मी की आराधना: शुक्रवार की शाम घर के ईशान कोण या मंदिर में गाय के घी का दीपक जलाएं और कनकधारा स्तोत्र या श्रीसूक्त का पाठ करें।सुगंध और स्वच्छता: इत्र (विशेषकर चंदन या गुलाब का परफ्यूम) का नियमित उपयोग करें और अपने घर व कार्यस्थल पर पूर्ण स्वच्छता बनाए रखें।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच होर्मुज में F-35A की तैनाती, देखें US TOP-10
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक ईरान की समुद्री नाकाबंदी के दौरान अबतक 12 कमर्शियल जहाजों का रूट बदल दिया गया है. होर्मुज स्ट्रेट पर जारी कार्रवाई के दौरान अमेरिकी सेना ने तीन जहाजों को निष्क्रीय किया और दो पर सवार होकर जांच की, वहीं इलाके में निगरानी के लिए F-35 A फाइटर जेट भी तैनात किया गा है.
रसोई के बजट को सीधे प्रभावित करने वाले 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर (Domestic LPG Cylinder) की कीमतों में सरकारी तेल विपणन कंपनियों—इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL)—ने इस महीने कोई बड़ा फेरबदल नहीं किया है। जहां कमर्शियल गैस सिलेंडरों (19 किग्रा) के दामों में मासिक आधार पर संशोधन देखने को मिलते रहते हैं, वहीं आम नागरिकों के उपयोग में आने वाले 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की दरें स्थिर बनी हुई हैं।राज्य स्तर पर लगने वाले अलग-अलग वैट (VAT), स्थानीय निकाय करों और ट्रांसपोर्टेशन फ्रेट चार्ज (परिवहन लागत) के कारण देश के अलग-अलग शहरों में घरेलू सिलेंडर के खुदरा दामों में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है। उदाहरण के लिए, रिफाइनरियों और तटीय इलाकों के करीब स्थित शहरों में दरें अपेक्षाकृत कम होती हैं, जबकि आंतरिक व पहाड़ी राज्यों में परिवहन लागत जुड़ने से कीमत ₹1,000 के पार पहुंच जाती है।दिल्ली से लेकर रांची तक: 14.2 किग्रा घरेलू एलपीजी के ताजा रेट्सदेश के प्रमुख महानगरों और प्रमुख राज्य राजधानियों में 14.2 किलोग्राम के गैर-सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आज की ताजा दरें इस प्रकार हैं:शहर / राज्य14.2 किग्रा घरेलू सिलेंडर की आज की कीमतनई दिल्ली₹942.00मुंबई (महाराष्ट्र)₹941.50कोलकाता (पश्चिम बंगाल)₹968.00चेन्नई (तमिलनाडु)₹957.50लखनऊ (उत्तर प्रदेश)₹979.50नोएडा / गाजियाबाद₹939.50पटना (बिहार)₹1,042.00रांची (झारखंड)₹999.50जयपुर (राजस्थान)₹946.50भोपाल (मध्य प्रदेश)₹948.50चंडीगढ़₹951.50हैदराबाद (तेलंगाना)₹994.00बेंगलुरु (कर्नाटक)₹944.50भुवनेश्वर (ओडिशा)₹829.00(नोट: स्थानीय वितरकों और होम डिलीवरी नियमों के अनुसार इसमें मामूली डिलीवरी चार्ज का अंतर संभव हो सकता है।)उज्ज्वला योजना (PMUY) लाभार्थियों को कितना मिल रहा है फायदा?प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (Pradhan Mantri Ujjwala Yojana) के तहत रजिस्टर्ड करीब 10 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को केंद्र सरकार द्वारा प्रति 14.2 किलो सिलेंडर पर ₹300 की सीधी लक्षित सब्सिडी (Targeted Subsidy) दी जाती है।यह सब्सिडी राशि सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते (DBTL - PAHAL Scheme) में ट्रांसफर होती है।उदाहरण के लिए, दिल्ली में सामान्य उपभोक्ता जहां ₹942 चुकाते हैं, वहीं उज्ज्वला लाभार्थी को प्रभावी रूप से यह सिलेंडर मात्र ₹642 में पड़ता है।रांची में जहां आम उपभोक्ता के लिए दर ₹999.50 है, वहां उज्ज्वला परिवारों के लिए शुद्ध लागत लगभग ₹699.50 बैठती है।उज्ज्वला योजना के तहत एक वित्तीय वर्ष में एक परिवार को अधिकतम 12 सिलेंडरों तक इस रियायती दर का लाभ मिलता है।विभिन्न राज्यों में कीमतों में अंतर क्यों होता है?अक्सर उपभोक्ताओं के मन में सवाल उठता है कि एक ही देश में दिल्ली में सिलेंडर ₹942 का और पटना में ₹1,042 का क्यों बिकता है:परिवहन लागत (Freight Charges): कच्चा तेल आयात होने के बाद तटीय रिफाइनरियों में संसाधित होता है। बॉटलिंग प्लांट से उपभोक्ता के शहर की दूरी जितनी अधिक होगी, ट्रांसपोर्टेशन चार्ज उतना ही जुड़ता जाएगा।राज्य स्तरीय वैट (State VAT): केंद्र सरकार के बुनियादी नियमों के अलावा प्रत्येक राज्य सरकार पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी पर अलग-अलग दर से स्थानीय कर और वैट लगाती है।डीलर कमीशन और हैंडलिंग: विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में सिलेंडरों की लोडिंग-अनलोडिंग और डीलर मार्जिन में स्थानीय नियमों के आधार पर मामूली अंतर तय होता है।अपने फोन से ऐसे चेक करें अपने शहर का आधिकारिक रेटयदि आप सीधे तेल विपणन कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए अपने शहर का आज का लाइव रेट जांचना चाहते हैं, तो यह प्रक्रिया बेहद आसान है:इंडियन ऑयल की आधिकारिक वेबसाइट (iocl.com) या 'IndianOil ONE' मोबाइल ऐप पर जाएं।होमपेज पर 'Indane Cooking Gas Rates' विकल्प पर क्लिक करें।अपना राज्य (State) और जिला (District) चुनें।सबमिट करते ही आपके क्षेत्र के लिए 14.2 किलो घरेलू और 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर का आधिकारिक मूल्य स्क्रीन पर आ जाएगा।
5 दिव्य तलवारें, जिनका सामना करना देवताओं के लिए भी था मुश्किल!
Hindu Dharam: हिंदू धर्म के महान ग्रंथों रामायण और महाभारत में ऐसे कई दिव्यास्त्रों का उल्लेख मिलता है, जिनका सामना करना बड़े-बड़े योद्धाओं और देवताओं के लिए भी असंभव था. उन्हीं अस्त्रों में से एक थी तलवार. तो आइए जानते हैं शक्तिशाली तलवारों के बारे में.
भारत के हाइड्रोकार्बन क्षेत्र के नियामक, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (Petroleum and Natural Gas Regulatory Board - PNGRB) ने देश भर में काम कर रही तेल, प्राकृतिक गैस और सिटी गैस वितरण (CGD) कंपनियों के लिए डेटा डिस्क्लोजर और तकनीकी रिपोर्टिंग व्यवस्था को बेहद सख्त बना दिया है। नियामक ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि गैस पाइपलाइन नेटवर्क, पीएनजी-सीएनजी आपूर्ति, बुनियादी ढांचा विस्तार और सुरक्षा मानकों से जुड़ा हर डेटा समय पर और शत-प्रतिशत सटीक रूप से बोर्ड को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।ऊर्जा क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए लाए गए इस नए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के तहत अब कंपनियों की जिम्मेदारी काफी बढ़ गई है। यदि कोई भी सार्वजनिक या निजी तेल-गैस कंपनी गलत आंकड़े पेश करती है, जरूरी परिचालन डेटा छिपाती है या समयसीमा में रिपोर्ट दाखिल करने में विफल रहती है, तो उस पर भारी वित्तीय जुर्माना और सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।क्या है नया डेटा व कंप्लायंस नियम? इन 4 बिंदुओं पर बढ़ी कंपनियों की जिम्मेदारीनियामक द्वारा लागू किए गए संशोधित प्रावधानों के अनुसार, तेल-गैस कंपनियों और पाइपलाइन ऑपरेटरों को निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों में सख्त अनुपालन सुनिश्चित करना होगा:1. रियल-टाइम इंफ्रास्ट्रक्चर व ऑपरेशनल डेटा: कंपनियों को अपनी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन (NGPL), पेट्रोलियम उत्पाद पाइपलाइन (PPPL) और सीजीडी नेटवर्क के विस्तार, क्षमता उपयोग और गैस दबाव से जुड़ा सटीक डेटा नियमित रूप से साझा करना होगा।2. अनिवार्य थर्ड-पार्टी तकनीकी और सुरक्षा ऑडिट: नई नियमावली के तहत कंपनियों को डिजाइन, निर्माण, कमीशनिंग और परिचालन के दौरान मान्यता प्राप्त थर्ड-पार्टी एजेंसियों (TPA) से सुरक्षा व तकनीकी ऑडिट कराना और उसकी रिपोर्ट बोर्ड को सौंपना अनिवार्य किया गया है।3. पूर्व-निर्माण अनिवार्य खुलासे: किसी भी नए प्रोजेक्ट या पाइपलाइन के निर्माण से कम से कम एक माह पहले डिटेल्ड फिजिबिलिटी रिपोर्ट (DFR) और पर्यावरण मंजूरी से जुड़े सभी दस्तावेज पीएनजीआरबी के पोर्टल पर जमा करने होंगे।4. उपभोक्ता सेवा और शिकायत निवारण डेटा: सिटी गैस कंपनियों को पीएनजी कनेक्शन देने की वास्तविक गति, मीटरिंग सटीकता और उपभोक्ता शिकायतों के समाधान से जुड़े आंकड़े पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक करने होंगे।भारी जुर्माने का प्रावधान: ₹1 करोड़ का एकमुश्त दंड, ₹10 लाख प्रतिदिन की पेनल्टीपीएनजीआरबी अधिनियम और संबंधित संशोधित विनियमों के तहत नियामक ने गैर-अनुपालन (Non-Compliance) करने वाली कंपनियों के लिए स्पष्ट दंडात्मक रूपरेखा तय की है:शुरुआती नोटिस और सुधार का अवसर: यदि किसी इकाई द्वारा डेटा विसंगति या नियमों के उल्लंघन की बात सामने आती है, तो पहले संबंधित कंपनी को नोटिस देकर सुधारात्मक कदम उठाने के लिए उचित समय दिया जाएगा।₹1 करोड़ तक का सिविल जुर्माना: यदि कंपनी निर्धारित समयसीमा के भीतर सुधारात्मक कार्रवाई करने में विफल रहती है, तो बोर्ड प्रत्येक उल्लंघन (Contravention) के लिए ₹1 करोड़ तक का सिविल जुर्माना लगा सकता है।₹10 लाख प्रतिदिन का अतिरिक्त दंड: निरंतर उल्लंघन या डेटा रिपोर्टिंग में लगातार विफलता की स्थिति में पहले दिन के बाद से प्रतिदिन ₹10 लाख तक का अतिरिक्त दैनिक जुर्माना वसूला जाएगा।गंभीर मामलों में परिचालन निलंबन: यदि डेटा छुपाने या तकनीकी विफलता के कारण सार्वजनिक सुरक्षा (Public Safety) पर आसन्न खतरा उत्पन्न होता है, तो पीएनजीआरबी के पास संबंधित कंपनी के लाइसेंस और परिचालन को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) करने का अधिकार होगा।नियामक को क्यों उठाना पड़ा यह सख्त कदम?हाल के वर्षों में भारत भर में नेशनल गैस ग्रिड (National Gas Grid) और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का दायरा 300 से अधिक भौगोलिक क्षेत्रों (GAs) में फैल चुका है। हालांकि, नियामक के संज्ञान में आया था कि कई कंपनियां अपने न्यूनतम कार्य कार्यक्रम (Minimum Work Programme - MWP) के तहत तय लक्ष्यों, पाइपलाइन बिछाने के वास्तविक आंकड़ों और सुरक्षा जांच की रिपोर्ट समय पर जमा नहीं कर रही थीं।इसके अलावा, कुछ मामलों में आपूर्ति में रुकावट या लीकेज जैसे तकनीकी मुद्दों की जानकारी समय पर न दिए जाने से उपभोक्ताओं को असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। नियामक का मानना है कि 'वन नेशन, वन गैस ग्रिड' और एकीकृत टैरिफ प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी कंपनियों से सटीक, मानकीकृत और पारदर्शी डेटा मिलना अत्यंत आवश्यक है।तेल-गैस उद्योग और आम उपभोक्ताओं पर क्या होगा असर?इस कड़े कदम से तेल एवं गैस क्षेत्र में दीर्घकालिक सुधार देखने को मिलेंगे:कंपनियों पर असर: ओएनजीसी (ONGC), गेल (GAIL), आईओसीएल (IOCL), बीपीसीएल (BPCL), एचपीसीएल (HPCL) सहित अडाणी टोटल गैस, आईजीएल (IGL) और एमजीएल (MGL) जैसी निजी व सार्वजनिक कंपनियों को अपने इंटरनल ऑडिट, डेटा मैनेजमेंट सिस्टम और सुरक्षा अनुपालन पर अतिरिक्त संसाधन लगाने होंगे।आम उपभोक्ताओं को लाभ: पाइपलाइन नेटवर्क की नियमित निगरानी और सटीक डेटा प्रवाह से गैस रिसाव की दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी, घरेलू पीएनजी (PNG) कनेक्शन मिलने में होने वाली देरी घटेगी और सीएनजी स्टेशनों पर गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित होगी।प्रमुख प्रावधानपूर्व स्थितिनए संशोधित नियमडेटा व तकनीकी ऑडिटआंतरिक रिपोर्टिंग व आवधिक जांचमान्यता प्राप्त थर्ड-पार्टी अनिवार्य ऑडिटपरियोजना दस्तावेज जमा करनाकार्य प्रारंभ के दौराननिर्माण शुरू होने से 1 माह पूर्व अनिवार्यउल्लंघन पर सिविल जुर्मानासीमित दायरा₹1 करोड़ प्रति उल्लंघन तकलगातार विफलता पर पेनल्टीनाममात्र₹10 लाख प्रतिदिन अतिरिक्तसुरक्षा खतरे पर कार्रवाईलंबी सुनवाई प्रक्रियापरिचालन तुरंत निलंबित करने का अधिकार
पीएम मोदी का गुजरात दौरा आज, वडोदरा-नवसारी में कई कार्यक्रम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात दौरे पर होंगे. इस दौरान वो वडोदरा और नवसारी में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. वडोदरा में 'विकसित भारत के लिए नमो' कार्यक्रम के लिए बुक माय शो पर ताबड़तोड़ रजिस्ट्रेशन हुआ है. इसके बाद वो नवसारी में जिला बीजेपी कार्यालय का उद्घाटन करेंगे और फिर मुंबई के लिए रवाना होंगे.
सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में चुनिंदा सेक्टोरल स्टॉक्स में एक्शन रहने की संभावना है। वैश्विक बाजारों के मिले-जुले संकेतों, संस्थागत निवेशकों (FIIs/DIIs) के प्रवाह और तकनीकी ब्रेकआउट के आधार पर प्रमुख ब्रोकरेज हाउसेज और तकनीकी विश्लेषकों ने इंट्राडे ट्रेडर्स और शॉर्ट-टर्म इनवेस्टर्स के लिए 20 चुनिंदा शेयरों की लिस्ट तैयार की है।इस सूची में रेलवे व डिफेंस सेक्टर की मजबूत कंपनी BEML Ltd और लाइफ इंश्योरेंस दिग्गज HDFC Life मुख्य आकर्षण के केंद्र में हैं। इनके अलावा ऑटो, मेटल, आईटी और बैंकिंग सेक्टर के लार्जकैप व मिडकैप शेयरों में मोमेंटम ट्रेड के मौके बनते दिख रहे हैं।BEML और HDFC Life पर क्यों है एनालिस्ट्स का बुलिश नजरिया?BEML Limited: रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर, मेट्रो कोच सप्लाई और डिफेंस इक्विपमेंट ऑर्डर्स में मजबूती के चलते बीईएमएल तकनीकी चार्ट पर लगातार हायर हाई और हायर लो फॉर्मेशन बना रहा है। तकनीकी एनालिस्ट्स के मुताबिक, शेयर अपने 20-दिन और 50-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के ऊपर कारोबार कर रहा है। वॉल्यूम ब्रेकआउट के साथ इसमें शॉर्ट-टर्म में तेज अपसाइड मूव की संभावना जताई जा रही है।HDFC Life Insurance: इंश्योरेंस सेक्टर में स्थिर प्रीमियम ग्रोथ और हालिया कंसॉलिडेशन रेंज से बाहर निकलने के स्पष्ट संकेत दिख रहे हैं। डेरिवेटिव डेटा में लॉन्ग बिल्डअप और निचले स्तरों पर ठोस सपोर्ट मिलने के कारण यह शेयर रिस्क-रिवॉर्ड के लिहाज से आकर्षक बना हुआ है।मंगलवार के लिए चुने गए 20 स्टॉक्स की पूरी सूचीएनालिस्ट्स और तकनीकी रिसर्च डेस्क द्वारा विभिन्न सेक्टर्स के आधार पर तैयार की गई 20 शेयरों की सूची:क्र.स्टॉक का नामसेक्टरव्यू / एक्शनसंभावित टार्गेटस्टॉपलॉस (SL)1BEML Ltdडिफेंस / रेलवेBuy (मोमेंटम ब्रेकआउट)₹2,180 - ₹2,220₹2,0402HDFC Lifeइंश्योरेंस / BFSIBuy (पुलबैक बाइंग)₹560 - ₹575₹5253Tata MotorsऑटोमोबाइलBuy₹1,080 - ₹1,100₹1,0254State Bank of India (SBI)बैंकिंग (PSU)Buy₹845 - ₹860₹8105Tata SteelमेटलBuy₹160 - ₹165₹1496Bharat Electronics (BEL)डिफेंसBuy₹325 - ₹335₹2987ICICI Bankप्राइवेट बैंकिंगBuy₹1,260 - ₹1,280₹1,2108InfosysआईटीBuy₹1,960 - ₹1,990₹1,8909Coal Indiaएनर्जी / माइनिंगBuy (डिविडेंड सपोर्ट)₹530 - ₹545₹49810Larsen & Toubro (L&T)इंफ्रास्ट्रक्चरBuy₹3,850 - ₹3,920₹3,68011Sun Pharmaफार्माBuy₹1,860 - ₹1,890₹1,79512Hindalco IndustriesमेटलBuy₹715 - ₹730₹67513ITC LtdएफएमसीजीBuy₹520 - ₹530₹49214Jio Financial ServicesएनबीएफसीBuy (रेंज ब्रेकआउट)₹345 - ₹355₹32015NTPCपावरBuy₹430 - ₹442₹40516Titagarh Rail Systemsरेलवे वेगनBuy₹1,580 - ₹1,620₹1,49017Federal Bankप्राइवेट बैंकBuy₹205 - ₹212₹19218Ambuja CementsसीमेंटBuy₹665 - ₹680₹63019Dixon Technologiesइलेक्ट्रॉनिक्स / EMSBuy₹13,400 - ₹13,700₹12,80020Max Financial Servicesइंश्योरेंस / होल्डिंगBuy₹1,180 - ₹1,210₹1,120ट्रेडिंग के दौरान इन जोखिम प्रबंधन नियमों का रखें ध्यानशेयर बाजार में किसी भी इंट्राडे या शॉर्ट-टर्म ट्रेड में प्रवेश करने से पहले वित्तीय जानकारों द्वारा अनुशंसित इन बुनियादी सावधानियों का पालन करना जरूरी है:सख्त स्टॉपलॉस अनिवार्य: बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव (Volatility) के दौरान पूंजी की सुरक्षा के लिए किसी भी ट्रेड में बिना स्टॉपलॉस के प्रवेश न करें।गैप-अप या गैप-डाउन पर सतर्कता: यदि कोई शेयर बाजार खुलते ही 2% से 3% ऊपर (गैप-अप) खुलता है, तो तुरंत चेज करने के बजाय डिप (गिरावट) पर खरीदारी का इंतजार करें।पोजीशन साइजिंग: अपनी कुल ट्रेडिंग पूंजी का केवल एक सीमित हिस्सा ही किसी एक स्टॉक में लगाएं ताकि जोखिम संतुलित रहे।(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश व ट्रेडिंग बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक में ट्रेड या निवेश करने से पहले अपने सेबी-पंजीकृत वित्तीय सलाहकार (SEBI Registered Advisor) से परामर्श अवश्य लें।)
PM ने राज्यमंत्रियों संग बैठक कर योजनाओं की समीक्षा की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएमओ में 12 से अधिक राज्यमंत्रियों के साथ तीन घंटे से ज्यादा बैठक की। मंत्रियों ने मंत्रालयों के कामकाज, सुधारों और नई पहलों की जानकारी दी। पीएम मोदी ने गरीब कल्याण योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
'US के भरोसे रहना काफी नहीं...', ईरान जंग के बीच कतर ने अरब मुल्कों को चेताया
ईरान के साथ जंग के बाद कतर ने गल्फ देशों से कहा है कि वे सिर्फ अमेरिका या दूसरी बाहरी ताकतों पर सुरक्षा के लिए निर्भर न रहें. कतर का कहना है कि क्षेत्र को अपनी रक्षा क्षमता बढ़ानी होगी, ईरान के साथ रिश्ते संभालने होंगे और होरमुज पर असर डालने वाला लंबा टकराव जल्दी खत्म होना चाहिए.
छोटी बालकनी में भी उगाएं बड़े-बड़े पौधे, बन जाएगा मिनी गार्डन
अगर आप सोचते हैं कि आप बालकनी में सिर्फ और सिर्फ मनी प्लांट और तुलसी जैसे पौधे उगा सकते हैं, तो आप गलत हैं. बालकनी छोटी है तो भी आप बड़े और घने पौधे उगा सकते हैं. मॉन्स्टेरा, एलिफेंट ईयर, पपीता, गुड़हल और बोगनवेलिया समेत 7 पौधों की सही देखभाल करके आप गमले में ही अच्छे से उगा सकते हैं.
स्कूल छोड़ा... नौकरी छोड़ी, मक्खन बेचते-बेचते खड़ी की 1000Cr की कंपनी
एक किसान के बेटे ने 13 साल की उम्र में ही स्कूल की पढ़ाई छोड़ नौकरी शुरू की. इस दौरान मक्खन बेचने का आइडिया आया. फिर उसने नौकरी छोड़ ये बिजनेस शुरू किया और आज इस शख्स की 1000 करोड़ की डेयरी फूड कंपनी है, जिसका कारोबार 40 देशों में फैला है.
वडोदरा में होने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी कार्यक्रम को लेकर जनता के बीच अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। वडोदरा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (VMC) द्वारा BookMyShow के माध्यम से आयोजित मुफ़्त पब्लिक रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू होते ही महज़ एक घंटे के भीतर सभी सीटें बुक हो गईं। गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'X' पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि सीटों की क्षमता पूरी होने के बाद 42,000 से अधिक आवेदकों को वेटलिस्ट में रखा गया है। इस कार्यक्रम का डिजिटल रजिस्ट्रेशन और एंट्री सिस्टम भी एक खास बात है, अधिकारियों ने एंट्री और भीड़ को संभालने के लिए एक प्राइवेट डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल किया है। इसे भी पढ़ें: Satya Niketan Building Collapse | दिल्ली में अवैध निर्माण और जर्जर इमारतों का सच, सत्य निकेतन हादसे के बाद उठे गंभीर सवाल BookMyShow पर एक घंटे में ही रजिस्ट्रेशन पूरे हो गए वडोदरा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (VMC) ने BookMyShow के ज़रिए प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम के लिए मुफ़्त पब्लिक रजिस्ट्रेशन शुरू किया था। इसे बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली और रजिस्ट्रेशन शुरू होने के एक घंटे के अंदर ही सभी सीटें बुक हो गईं। बैठने की क्षमता पूरी होने के बाद रजिस्ट्रेशन बंद कर दिए गए और 42,000 से ज़्यादा अतिरिक्त आवेदकों को वेटलिस्ट में डाल दिया गया। सरकार ने इस तरह के कार्यक्रम के लिए पब्लिक रजिस्ट्रेशन के वास्ते प्राइवेट डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के इस्तेमाल को अपनी तरह की पहली पहल बताया है। इसे भी पढ़ें: Vivo Money Laundering Case में सुप्रीम कोर्ट ने चीनी नागरिक से मांगी भारत वापसी की गारंटी एंट्री और भीड़ को संभालने के लिए डिजिटल M-टिकट यह डिजिटल सिस्टम सिर्फ़ रजिस्ट्रेशन तक ही सीमित नहीं रहेगा। इसका इस्तेमाल वेन्यू पर एंट्री मैनेजमेंट के लिए भी किया जाएगा। जिन लोगों ने सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन किया है, उन्हें अपने BookMyShow अकाउंट के ज़रिए एक डिजिटल M-टिकट मिलेगा। टिकट में एक सुरक्षित लाइव QR कोड होगा, जिसे वेन्यू पर वेरिफिकेशन के लिए स्कैन किया जाएगा। अधिकारी डिजिटल रजिस्ट्रेशन, पहचान की पुष्टि, वेन्यू में एंट्री और बैठने की व्यवस्था को एक ही सिस्टम के तहत इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका मकसद एंट्री प्रोसेस को ज़्यादा व्यवस्थित बनाना और साथ ही अधिकारियों को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में आने वाली बड़ी भीड़ की आवाजाही को संभालने में मदद करना है। PM मोदी वडोदरा में अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स लॉन्च करेंगे प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को वडोदरा के एक व्यस्त कार्यक्रम के लिए दौरा करेंगे, जिसके दौरान वे कई डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और लोकार्पण करेंगे और नए प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखेंगे। एक मुख्य आकर्षण वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के तीन सेक्शन की शुरुआत होगी। ये सेक्शन कुल मिलाकर 326 रूट किलोमीटर में फैले हैं और इन्हें 20,700 करोड़ रुपये से ज़्यादा की लागत से तैयार किया गया है। ये तीन सेक्शन हैं: साणंद (नॉर्थ)-मकरपुरा, न्यू उमरगाँव-न्यू सफाले और न्यू सफाले-JNPT। इनके शुरू होने से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी के साथ सीधा संपर्क बनने की उम्मीद है। 'टाइम्स ऑफ़ इंडिया' की रिपोर्ट के अनुसार, इस इंफ्रास्ट्रक्चर से एक्सपोर्ट-इंपोर्ट कार्गो की आवाजाही आसान होगी और इंडस्ट्रियल सेंटर्स और पोर्ट्स के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। मालगाड़ी सेवाओं की शुरुआत पीएम मोदी मुंबई में न्यू साणंद (नॉर्थ), न्यू मकरपुरा, न्यू उमरगाँव और न्यू JNPT से मालगाड़ी सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाएंगे। इस नए इंफ्रास्ट्रक्चर का मकसद कॉरिडोर पर माल की आवाजाही को मज़बूत करना और प्रमुख इंडस्ट्रियल इलाकों और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है। माल ढुलाई कनेक्टिविटी के अलावा, प्रधानमंत्री वडोदरा और टांडा रोड के बीच एक नई पैसेंजर ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाएंगे। इस सेवा से वडोदरा, छोटा उदेपुर और अलीराजपुर ज़िलों में यात्रा करने वाले यात्रियों को फ़ायदा होने की उम्मीद है। पीएम के एजेंडे में तीन बड़े रेलवे प्रोजेक्ट वडोदरा कार्यक्रम में कुल 329 किलोमीटर की दूरी वाले तीन रेलवे प्रोजेक्ट्स की आधारशिला भी रखी जाएगी। इन प्रोजेक्ट्स की अनुमानित लागत 9,700 करोड़ रुपये से ज़्यादा है और इनमें वडोदरा और रतलाम के बीच तीसरी और चौथी रेलवे लाइन, मियागाम करजन-चोरंडा-मलसार गेज कन्वर्ज़न प्रोजेक्ट और विश्वामित्री-डभोई रेलवे डबलिंग प्रोजेक्ट शामिल हैं। ये प्रोजेक्ट गुजरात में बड़े रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का हिस्सा हैं और इनके पूरा होने पर रेल क्षमता बढ़ने और कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। हाईवे और गुजरात सरकार के प्रोजेक्ट भी शामिल प्रधानमंत्री लगभग 1,780 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले तीन नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स की आधारशिला भी रखेंगे। केंद्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ, गुजरात सरकार के लगभग 2,600 करोड़ रुपये के कई डेवलपमेंट कार्य भी इस कार्यक्रम का हिस्सा हैं। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi
'वैज्ञानिक जांच और निजता के अधिकार के बीच संतुलन जरूरी', सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तकनीकी प्रगति ने आपराधिक जांच को चुनौतीपूर्ण बना दिया है, जहां एजेंसियों को वैज्ञानिक जांच और निजता के अधिकार के बीच संतुलन बनाना होगा।
बाराबंकी में सरयू ने मचाई तबाही! गांवों में घुसा पानी, 8 जगह कटान का खतरा
बाराबंकी में लगातार बारिश और सरयू नदी के उफान से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है. नदी खतरे के निशान से 47 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. जिले की तीन तहसीलों के करीब 60 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं. कई गांवों में पानी घरों तक पहुंच गया है, जबकि खेत जलमग्न होने से फसलें प्रभावित हुई हैं.
संतरे बेचकर बनवाया स्कूल, पद्मश्री से सम्मानित हरेकला हजब्बा को मिला SIR का नोटिस
संतरे बेचकर छोटी सी कमाई से अपने पैतृक गांव में प्राइमरी स्कूल बनाने वाले हरेकला हजब्बा को एसआईआर का नोटिस मिला है। उन्हें 11 सितंबर तक अपने दस्तावेज जमा करने का समय दिया गया है।
वार्ता के बीच तेज हुई रूस-यूक्रेनी हमले, देखें दुनिया आजतक
रूस के पर्म इलाके में यूक्रेनी ड्रोन से भीषण हमला हुआ है. रिहायशी इमारत से ड्रोन टकराया और इस हमले में एक की मौत हो गई है वहीं 4 घायल है. रूस ने भी यूक्रेन के ज़ापोरिज्जिया में बम बरसाए है. जिसके चलते शॉपिंग मॉल में भीषण आग लगी और हमले से 1200 दुकानों में बिजली सप्लाई ठप हो गई.
Weather Update 8 September: बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम बनने पर 12 सितंबर से बारिश फिर जोर पकड़ सकती है।
‘घर घुसा, कपड़े उठाए… फिर भी रेप नहीं!’, HC का फैसला
झारखंड हाईकोर्ट ने एक मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि रात में किसी महिला के घर में घुसकर उसके कपड़े खींचने की कोशिश करना बलात्कार का प्रयास नहीं माना जा सकता. जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने निचली अदालत का फैसला बदलते हुए इसे मर्यादा भंग और आपराधिक बल के इस्तेमाल का मामला करार दिया.
दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक पांच मंजिला इमारत ढहने से कम से कम सात लोगों की मौत हो गई। इस भीषण हादसे ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अवैध निर्माण, नियम-कायदों की अनदेखी और जर्जर इमारतों के रखरखाव को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जून में हुए एमसीडी के सर्वे में करीब 28 लाख इमारतों की जांच के बाद केवल 19 इमारतों को खतरनाक पाया गया था। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता विजय गोयल ने दिल्ली में अवैध निर्माण और जर्जर इमारतों को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो अनधिकृत बहुमंजिला इमारतें और पुरानी जर्जर संपत्तियां और अधिक हादसों का कारण बन सकती हैं। एमसीडी के एक बयान के अनुसार, रविवार को ढही इमारत का निर्माण 1990 के दशक में पुनर्वास कॉलोनी में करीब 55 वर्ग गज के प्लॉट पर किया गया था। हालांकि, कुछ स्थानीय निवासियों का दावा है कि यह इमारत करीब 50 साल पुरानी थी और इसे 1970 के दशक में बनाया गया था। अधिकारियों ने बताया कि इन पुनर्वास कॉलोनियों में शुरुआत में केवल भूतल और एक मंजिल (ग्राउंड प्लस वन) के निर्माण की अनुमति दी गई थी। इसे भी पढ़ें: Satya Niketan हादसे के बाद कॉजपा ने उठाई PG Mafia की जांच और सुरक्षा ऑडिट की मांग अधिकारियों के अनुसार, दशकों पुरानी यह पांच मंजिला इमारत लड़कों के पीजी के रूप में इस्तेमाल की जा रही थी। एमसीडी ने कहा कि इस इमारत का कोई स्वीकृत नक्शा नहीं था और इसके खिलाफ कोई शिकायत भी नहीं मिली थी। अधिकारियों ने बताया कि यह इलाका 1970 के दशक में पुनर्वास कॉलोनी के रूप में विकसित किया गया था, जहां लोगों को छोटे-छोटे भूखंड दिए गए थे। एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार ने कहा कि मजिस्ट्रेट जांच के बाद इमारत ढहने के तात्कालिक कारणों के बारे में अधिक जानकारी मिलेगी। खिरवार ने कहा, “बेसमेंट में कोई काम हो रहा था या नहीं, यह मजिस्ट्रेट जांच के बाद पता चलेगा।” स्थानीय निवासियों ने इमारत ढहने के लिए मरम्मत कार्य और बेसमेंट में जमा पानी को जिम्मेदार ठहराया है। नगर निकाय ने पास की इमारत खाली कराकर सील कर दी है, जिसमें लड़कियों का पीजी था। इसे भी पढ़ें: Satya Niketan हादसे के बाद MCD के 28 लाख इमारतों वाले सर्वे पर उठे सवाल अधिकारियों के अनुसार, आसपास की कम से कम चार इमारतों को दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धारा 349 के तहत खाली करने के नोटिस जारी किए गए हैं। धारा 349 और धारा 491 के तहत, नगर निगम (एमसीडी) किसी भी ऐसी इमारत को, जिसे खतरनाक या जोखिमपूर्ण माना जाता है, खाली कराने और उसे खतरनाक घोषित करने संबंधी नोटिस जारी कर सकता है। अधिकारियों ने बताया कि एमसीडी के दस्तावेजों के अनुसार, इमारत के मालिक ने पिछले साल संपत्ति कर और 2007 में कन्वर्जन शुल्क जमा किया था। जून से सितंबर के बीच नगर निकाय ने करीब 980 संपत्तियों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की, 460 संपत्तियां सील कीं, अवैध निर्माण के लिए 1,500 से अधिक कारण बताओ नोटिस और 708 सीलिंग संबंधी कारण बताओ नोटिस जारी किए। अधिकारियों ने बताया कि 720 से अधिक तोड़फोड़ आदेश जारी किए। इस घटना ने एमसीडी के हर साल मानसून से पहले किए जाने वाले कमजोर इमारतों के सर्वे की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस साल की शुरुआत में किए गए सर्वे में एमसीडी ने 27,84,286 इमारतों की जांच की थी, जिनमें से केवल 19 को खतरनाक पाया गया। उन्होंने बताया कि इमारतों के सर्वेक्षण के दौरान एमसीडी की टीम दरारें, झुकी हुई दीवारें और इमारत की कमजोरी के अन्य दिखाई देने वाले संकेतों को देखती हैं। अधिकारी आमतौर पर इमारतों की बाहर से जांच करते हैं और विस्तृत संरचनात्मक जांच नहीं करते। इस साल शहर में खासकर दक्षिण क्षेत्र में इमारत ढहने और आग लगने की कई घटनाएं हुई हैं। 30 मई को सैदुल अजायब में इमारत ढहने की घटना में छह लोगों की मौत हुई थी। वहीं, तीन जून को हौज रानी इलाके में एक ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ में आग लगने से 23 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 11 विदेशी नागरिक शामिल थे। जून में मलका गंज सब्जी मंडी इलाके में एक मकान ढह गया था और इसी महीने करावल नगर में चार मंजिला इमारत भी ढह गई थी। एमसीडी ने सत्य निकेतन में इमारत ढहने की घटना के बाद सोमवार को दक्षिण क्षेत्र के उपायुक्त राकेश कुमार और चार इंजीनियरों को अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित रहने तक निलंबित कर दिया। भाजपा नेता गोयल ने कहा कि उन्होंने शहर में अवैध निर्माण के मुद्दे को कई बार उठाया, लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, आज भी पुरानी दिल्ली और चांदनी चौक में खुलेआम छह मंजिल तक के अवैध निर्माण हो रहे हैं। वहीं, कई पुरानी इमारतें पहले से ही जर्जर और खतरनाक स्थिति में हैं। गोयल ने कहा कि यह स्थिति किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली नगर निगम वर्षों से चली आ रही इस समस्या से निपटने में विफल रहा है। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi
महिला के घर में घुसना, कपड़े उठाना दुष्कर्म की कोशिश नहीं, झारखंड HC का फैसला
झारखंड हाई कोर्ट में दुष्कर्म से जुड़े एक मामले की सुनवाई हुई थी। यह मामला 27 दिसंबर 1999 का है। न्यायाधीश ने महिला के घर में प्रवेश करने और उसके कपड़े उठाने की कोशिश को गरीमा भंग करने का प्रयास माना है।
चीन से कारोबार पर भारत का नया दांव, लाव-लश्कर के साथ आ रहे शी जिनपिंग से क्या बात होगी?
BRICS Summit से पहले भारत और चीन के बीच टेक्नोलॉजी आयात और निवेश से जुड़े प्रतिबंधों पर बातचीत अहम होगी। भारत चीनी हाईटेक सामान के आयात में आ रही अड़चनों और भारतीय कंपनियों के निवेश से जुड़े मुद्दे उठा सकता है।
Top News 8 September: देश के 15 राज्यों में भारी बारिश और आंधी तूफान का अलर्ट। दिल्ली होस्टल बिल्डिंग हादसे पर हाईकोर्ट सख्त। चीनी बांध की वजह से भारत के पूर्वोत्तर पर बड़ा संकट। ट्रंप ने चांद पर किया दावा। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में UP के 16 ...
ट्रंप की रेटिंग ऑल टाइम लो! क्या ढीली होगी रिपब्लिकन की पकड़?
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव से पहले ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है. डेमोक्रेट्स को हाउस में बहुमत की उम्मीद दिख रही है, जिससे रिपब्लिकन की संसद पर पकड़ कमजोर पड़ सकती है.
यमन में जेल पर एयरस्ट्राइक से मचा हड़कंप, हूती ने सऊदी पर लगाए आरोप
यमन के जौफ प्रांत में एक जेल पर कथित सऊदी एयरस्ट्राइक में 7 लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है. हूतियों ने सऊदी अरब पर हमले का आरोप लगाते हुए कहा कि मलबे में 35 कैदी और अपने पति से मिलने आई एक महिला फंसी हुई है. सऊदी अरब ने इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
भूल गए 500 साल तक दिल्ली किसकी थी... हाफिज सईद के बेटे तल्हा ने भारत के लिए फिर उगला जहर
हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह जिहाद जारी रखने की बात कहता दिख रहा है. उसने दिल्ली पर 500 साल शासन का जिक्र किया और पाक सेना प्रमुख असीम मुनीर की तारीफ भी की.
पुराने जमाने की ये चीजें बिगाड़ती हैं घर का लुक! लोग समझेंगे गंवार
Home Decor Mistakes: क्या आप भी घर को ऑर्गनाइज करने के लिए प्लास्टिक के शू रैक और पारदर्शी डब्बों का इस्तेमाल कर रहे हैं? अगर हां, तो हो सकता है कि आपका घर बिखरा हुआ लगे और लोग आपको गंवार समझें. इंटीरियर डिजाइनर्स के मुताबिक 5 स्टोरेज ऑर्गनाइजर्स जो घर को सुंदर बनाने के बजाय और ज्यादा बिखरा हुआ दिखाते हैं. चलिए जानते हैं उनके बारे में.
जिस बीमारी से भारत में होती हैं हजारों मौतें, उस पर भूटान ने कैसे पाया काबू?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भूटान के 'रेबीज फ्री' होने का ऐलान कर दिया है. भूटान में जून 2023 के बाद से कुत्तों के काटने से होने वाले रेबीज से कोई मौत नहीं हुई है.
25 की उम्र, मॉडल जैसा लुक... चौंका देगी नेहा की तस्कर बनने की कहानी
बिहार के समस्तीपुर में 25 वर्षीय नेहा झा को एसी फर्स्ट क्लास में 75 लीटर विदेशी शराब के साथ गिरफ्तार किया गया. मॉडल जैसी दिखने वाली नेहा अपने जीजा ईशान कुमार के साथ ट्रेन में सफर कर रही थी. जांच में सामने आया कि उसके पिता और बड़ी बहन निशु भी शराब तस्करी के आरोप में जेल जा चुके हैं.
25 साल पहले 17 साल के लड़के ने रचा था इतिहास, बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
2001 में आज ही के दिन (8 सितंबर) बांग्लादेश के मोहम्मद अशरफुल ने श्रीलंका के खिलाफ 114 रन की पारी खेलकर टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक लगाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था. जानिए पूरी कहानी.
देश के इन राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान का IMD ने जारी किया अलर्ट
देश के इन राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान का IMD ने जारी किया अलर्ट
बाबा नीम करौली का असली नाम क्या है? महज 12 साल की उम्र में क्यों छोड़ा घर और कहां चले गए
भक्त बाबा को नीम करौली या नीम करोरी वाले बाबा के नाम से जानते हैं. बहुत ही कम लोगों को उनका असली नाम पता होगा. क्या आपको बाबा का असली नाम पता है?
11 सितंबर को राहु के नक्षत्र में पधारेंगे शुक्र! 4 राशियां होंगी अमीर
Shukra Gochar 2026: 11 सितंबर 2026 को भौतिक सुख, सौंदर्य और समृद्धि के कारक ग्रह शुक्र, चित्रा नक्षत्र से निकलकर अपने मित्र ग्रह राहु के स्वामित्व वाले स्वाति नक्षत्र में गोचर करने जा रहे हैं. तो आइए जानते हैं कि किन राशियों को लाभ होगा.
बादशाह से तलाक के बाद ईशा की तौबा, बोलीं- राखी बांध दूंगी
बादशाह से शादी टूटने के बाद ईशा रिखी ने बिग बॉस के घर में प्यार और रिश्ते बनाने पर बात की थी. उन्होंने कहा कि वो फिलहाल प्यार के मूड में नहीं हैं. अगर कोई लड़का उन्हें घर में मिलता भी है, तो वो उसे वहीं राखी बांध देंगी.
669KM रेंज और 33 मिनट में चार्ज! भारत में लॉन्च हुई ये धांसू इलेक्ट्रिक सेडान
BMW i5 LWB को पिछले महीने ही भारत में शोकेस किया गया था. इस इलेक्ट्रिक सेडान को भारत में ही कंपनी के चेन्नई प्लांट में लोकली असेंबल किया जा रहा है. कंपनी का दावा है कि, ये सेगमेंट में सबसे लंबे व्हीलबेस के साथ आती है, जो केबिन में बेहतर स्पेस देगी.
सत्य निकेतन हादसे में 8 की मौत के बाद एक्शन, MCD अधिकारी करेंगे दिल्ली की सभी इमारतों की जांच
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर को पांच मंजिला इमारत गिर गई थी. इस हादसे में छात्रों समेत 7 लोगों की मलबे में दबकर दर्दनाक मौत हो गई थी.
अक्षय कुमार, सैफ अली खान के साथ फिल्म हैवान की प्रमोशन के लिए पहुंचे थे. यहां उन्होंने वो किस्सा सुनाया जब अमिताभ बच्चन उनके घर पहुंचे थे.
बंगाल की खाड़ी में नया वेदर सिस्टम एक्टिव हो गया है. इस कारण शुष्क मौसम के बीच फिर से बारिश का दौर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा के इलाकों में लौट सकता है.
गृह मंत्री का गोवा दौरा: शाह ने गोवा पुलिस को दिया 'प्रेसिडेंट कलर', कहा- आदर्श बन सकती है टूरिस्ट पुलिस विंग
अमेरिका पर 9/11 आतंकी हमले के सबसे बड़े सबूत को 25 साल दबाए रही FBI! अलकायदा-सऊदी कनेक्शन से सनसनी
बीबीसी की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा- ओमर अल-बायूमी नाम के एक संदिग्ध का वीडियो FBI के पास 25 सालों से था, जिसमें वह भविष्य के अलकायदा नेता और सऊदी अधिकारियों के साथ दिख रहा था. उसके बैग से प्लेन की ड्राइंग भी मिली थी. लेकिन जांच एजेंसी ने कुछ नहीं किया.
यूपी के बागपत में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, बदायूं के 13 लोगों की मौत
बागपत के ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर पिकअप हादसे में बदायूं के 13 श्रद्धालुओं की मौत हो गई. 20 से ज्यादा लोग घायल हैं, जिनका इलाज चल रहा है.
संभल विवाद: आर्य समाज मंदिर की हुई जमीन, 10 अवैध मकानों पर होगा बुलडोजर एक्शन!
संभल के शेर खां सराय इलाके में 50 करोड़ी जमीन को SDM कोर्ट ने दोबारा आर्य समाज मंदिर और ग्राम समाज के नाम कर दिया है. इस फैसले के बाद इस जमीन से अब अवैध रूप से दर्ज मुस्लिम नाम हट गए हैं. इसके साथ ही प्रशासन ने कब्जाधारियों को जमीन खाली करने की चेतावनी दी है.
घरों में 6 फीट पानी, नाव बनी सहारा... बिहार के नवगछिया में बाढ़ से हाहाकार
बिहार के नवगछिया के मदरौनी में बाढ़ से कई गांव डूब गए हैं. घरों में 5-6 फीट तक पानी है और लोगों की आवाजाही नाव के सहारे हो रही है. गंगा का जलस्तर बढ़ने से कोसी के पानी की निकासी भी नहीं हो पा रही है.
रनवे पार कर गाड़ियों से टकराया था विमान, अब मिले दोनों ब्लैक बॉक्स
अमेरिका के मियामी एयरपोर्ट पर अमेजन प्राइम एयर के कार्गो विमान के रनवे से फिसलकर क्रैश होने के मामले में जांच तेज हो गई है. NTSB की टीम ने विमान का फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर बरामद कर लिया है.
श्राद्ध 2026: जानें पितृपक्ष की सभी तिथियां और महत्व
पितृपक्ष 2026 की शुरुआत 26 सितंबर से होगी और 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ समापन होगा. जानें पूर्णिमा से अमावस्या तक श्राद्ध की पूरी तिथियां, तर्पण, पिंडदान और दान से जुड़ी महत्वपूर्ण मान्यताएं. इस दौरान तर्पण, पिंडदान, भोजन और अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करना शुभ माना जाता है.
बाप के डर से भागा और मुख्यमंत्री के सरकारी आवास में घुस गया नशेड़ी, पुलिस हिरासत से छूटते ही कांड
अधिकारियों के मुताबिक युवक नशे का आदी है और काकरयाल में कई चोरी के मामलों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ पहले से 3-4 एफआईआर दर्ज हैं। उसने पुलिस हिरासत से छूटते ही कांड कर दिया।
दिल्ली-NCR में मॉनसून सुस्त! UP-बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
मॉनसून के आखिरी चरण में मौसम विभाग ने मंगलवार, 8 सितंबर के लिए यूपी, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. वहीं दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश घटने के साथ गर्मी और उमस बढ़ने की संभावना है.
भारत के नक्शे में गिलगित-बाल्टिस्तान, अफगान क्रिकेट बोर्ड के वीडियो से टेंशन में आ गया पाकिस्तान
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भारत के साथ आगामी सीरीज को लेकर प्रोमो वीडियो जारी किया तो पाकिस्तान परेशान हो गया। इस वीडियो में गिलगित-बाल्टिस्तान और पीओके को भारत का हिस्सा दिखाया गया है।
सिंह राशि में सूर्य-केतु की अद्भुत युति! 4 राशियों की बढ़ेगी आमदनी
Surya Ketu Yuti 2026: आत्मा के कारक सूर्य और अध्यात्म के कारक केतु का सिंह राशि में दुर्लभ मिलन हो रहा है. जानें कैसे यह योग 17 सितंबर तक 4 राशियों के लिए विदेश यात्रा, गुप्त नीतियां और अटके सरकारी काम पूरे करने के रास्ते खोलने जा रहा है.
Satya Niketan हादसे के बाद कॉजपा ने उठाई PG Mafia की जांच और सुरक्षा ऑडिट की मांग
नयी दिल्ली, सात सितंबर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद निजी पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास संचालकों और राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच “सांठ-गांठ” की स्वतंत्र जांच, देशभर में छात्रों के ठहरने से जुड़े आवास ढांचों का संरचनात्मक सुरक्षा ऑडिट कराने तथा दिल्ली विश्वविद्यालयों के छात्रों के लिए और छात्रावास बनाने की सोमवार को मांग की। कॉजपा के सह-संयोजक सौरव दास ने यहां प्रेसवार्ता में सात मांगें रखते हुए न केवल ढह गयी इस इमारत के मालिक की, बल्कि शिक्षा के प्रमुख केंद्रों में सक्रिय “पीजी माफिया” की भी जांच की मांग की। दास ने कहा, “हमारी पहली मांग है कि न सिर्फ इमारत के मालिक की, बल्कि पीजी मालिकों और सरकार में बैठे नेताओं के बीच की मिलीभगत की भी स्वतंत्र आपराधिक जांच होनी चाहिए।”कॉजपा ने देशभर के स्कूल, कॉलेज और विद्यार्थियों के रहने के लिए इस्तेमाल आने वाले परिसरों, खासकर दिल्ली के मुखर्जी नगर जैसे बड़े इलाकों में स्थित ऐसी इमारतों का इंजीनियरिंग स्तर का संरचनात्मक ऑडिट कराने की भी मांग की। दास ने कहा, “युवा देश का भविष्य हैं। उनकी चिंताओं को दूर करना और उन्हें सुरक्षित माहौल देना हम सबकी जिम्मेदारी है।”उन्होंने मांग की कि ऐसे ऑडिट तय समय-सीमा के भीतर किए जाएं। कॉजपा ने हौज रानी में आग लगने की घटना के बाद दिल्ली सरकार की ओर से अवैध और असुरक्षित इमारतों की पहचान करने के लिए बनाई गई 13 जिला समितियों के रिकॉर्ड को 48 घंटे के भीतर सार्वजनिक करने की भी मांग की। दास ने कहा, “हमारी मांग है कि सरकार 48 घंटे के अंदर ये सभी रिकॉर्ड अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करे। रिकॉर्ड में समितियों के गठन, रोजाना और साप्ताहिक रिपोर्ट, निरीक्षण से गुजरे इमारतों, पकड़ी गई गड़बड़ियां, जारी किए गए नोटिस, गिराने के आदेश और अधिकारियों एवं मालिकों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी शामिल होनी चाहिए।”दास ने कहा, “और सबसे जरूरी बात : आप इसका जवाब दें कि क्या आपने इन समितियों के जरिये सत्य निकेतन का निरीक्षण किया?”उन्होंने कहा कि कॉजपा छात्रों के रहने की जगहों का एक ऐसा डेटाबेस बनाने की भी मांग करती है, जिसे कोई भी ऑनलाइन देख सके, ताकि छात्र उन इमारतों के संरचनात्मक और सुरक्षा प्रमाणपत्र की जांच कर सकें, जिनमें वे रहते हैं। दास ने बताया कि कॉजपा दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए और छात्रावास बनाने की भी मांग करती है। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि मौजूदा छात्रावास सुविधा की क्षमता लगभग 7,000 है, जबकि विश्वविद्यालय में छात्रों की संख्या लाखों में है। दास ने कहा कि कॉजपा हादसे में मारे गए हर व्यक्ति के परिवार के लिए एक करोड़ रुपये और गंभीर रूप से घायल लोगों के लिए 20 लाख रुपये के मुआवजे की भी मांग करती है। उन्होंने बताया कि मंत्रियों, खासकर दिल्ली के शहरी विकास, योजना और शिक्षा मंत्री आशीष सूद की जवाबदेही तय किया जाना संगठन की सातवीं मांग है। उन्होंने कहा कि यह हादसा अवैध निर्माण पर लगाम लगाने में विफलता और निजी पीजी आवास को विनियमित करने में व्यापक विफलता, दोनों को दर्शाता है।
2 घंटे सड़क पर फंसी एंबुलेंस, प्रसव पीड़ा में तड़पती रही महिला... नवजात की मौत
आगरा के बाह इलाके के गढ़वार गांव में खराब सड़क पर सरकारी एंबुलेंस करीब दो घंटे तक फंसी रही. जिससे एंबुलेंस में प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला फंसी रही और नवजात की मौत हो गई.
Odisha Cabinet ने बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 15,948 करोड़ रुपये के Investment को दी मंजूरी
भुवनेश्वर, सात सितंबर ओडिशा सरकार ने राज्य में बिजली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 15,948 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव को मंजूरी दी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोहन चरण माझी के मंत्रिमंडल ने 12 विभागों के 18 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बताया कि पहली बार राज्य में 765 केवी ट्रांसमिशन नेटवर्क स्थापित किया जाएगा। इसके तहत खुंटुनी, दुबुरी और कोलाबिरा में तीन नए ग्रिड उप-स्टेशन बनाए जाएंगे। साथ ही दो नए 400 केवी और 10 नए 220 केवी ग्रिड उप-स्टेशन मंजूर किए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने रायगढ़ जिले में 538.51 करोड़ रुपये की लागत वाली चार सड़क परियोजनाओं को भी मंजूरी दी। साथ ही, मंत्रिमंडल ने ओडिशा जन विश्वास विधेयक, 2026 को भी मंज़ूरी दे दी है। गर्ग ने बताया कि यह विधेयक 11 सरकारी विभागों के तहत आने वाले 16 राज्य कानूनों के 62 प्रावधानों में संशोधन करता है। इसके अलावा, राज्य ने पंचसखा शिक्षा सेतु योजना को लागू करने के लिए 312.96 करोड़ रुपये और सोलर व नॉन-सोलर पंपिंग प्रणाली वाले गहरे बोरवेल के जरिए सिंचाई क्षमता विकसित करने के लिए पांच साल (2026-27 से 2030-31) के लिए 8,653.04 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
स्टील के नलों पर जम गए हैं काले-सफेद दाग? ये सस्ती चीज करेगी साफ
Steel Taps Cleaning Tips: नल पर जमे सफेद दाग और खारे पानी की परत से परेशान हैं? अगर हां, तो उनकी सफाई के लिए आपके कोई महंगा क्लीनर खरीदने की जरूरत नहीं है. एल्युमिनियम फॉयल की मदद से आप आसानी से नल को नए जैसा चमका सकते हैं.
Delhi के Satya Niketan में इमारत ढहने से MP के 2 छात्रों समेत 7 की मौत
कटनी/देवास (मध्यप्रदेश), सात सितंबर मध्यप्रदेश के छात्र अक्षत यादव जब भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) का अधिकारी बनने के लक्ष्य से नयी दिल्ली के लिए रवाना हुए थे तो उनके परिवार को नहीं पता था कि एक दिन उनका सपना हमेशा के लिए एक इमारत के मलबे में दब जाएगा। कटनी जिले के निवासी यादव उन सात लोगों में शामिल हैं, जिनकी रविवार को दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत के ढहने से मौत हो गई। दिल्ली विश्वविद्यालय के 19 वर्षीय छात्र यादव आईएएस बनने का सपना लेकर राष्ट्रीय राजधानी गए थे। यादव के अलावा, मध्यप्रदेश के देवास के निवासी, अर्पित जाज (21) भी इस हादसे के शिकार हो गए और इसके साथ ही उनका और उनके परिवार का सपना भी इमारत के ढहने के साथ जमींदोज हो गया। कटनी के तुलसी नगर इलाके के दुबे कॉलोनी के रहने वाले अक्षत हाल में रक्षा बंधन में घर आए थे और अपनी छोटी बहन से राखी बंधवाने के दो दिन बाद वापस दिल्ली लौट गए थे। पड़ोसियों ने बताया कि जानकारी मिलते ही उसके माता-पिता, छोटी बहन और परिवार के अन्य सदस्य सोमवार को दिल्ली पहुंचे और शव की शिनाख्त करने के बाद उसे एम्बुलेंस में लेकर सड़क मार्ग से कटनी के लिए निकल चुके हैं और उनके देर रात या मंगलवार तड़के यहां पहुंचने की संभावना है। बचपन के मित्र और नर्सरी से 12वीं तक साथ-साथ पढा़ई करने वाले कृष्णा रजक ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से बातचीत में कहा कि अक्षत ने पिछले ही साल कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूइटी) की परीक्षा पास की थी और दिल्ली में रहकर दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम की पढ़ाई कर रहे थे। उन्होंने कहा, अक्षत पढ़ने में बहुत अच्छा था। उसे आईएएस की तैयारी करनी थी। जब भी बात होती तो वह हमेशा इसकी तैयारियों के बारे में ही चर्चा करता रहता था। रजक ने बताया कि अभी हाल में अक्षत रक्षा बंधन पर कटनी आया था लेकिन किसी कारणवश उनसे उससे मुलाकात नहीं हो पाई थी। उन्होंने कहा, जब से जानकारी आई है तभी से अक्षत के मम्मी-पापा का रो-रो कर बुरा हाल है। सबसे अधिक हालत खराब तो छोटी बहन का है, जिसे वह बहुत प्यार करता था। दिल्ली की जिस इमारत में अक्षत किरायेदार के रूप में रहकर पढ़ाई कर रहा था, वह रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे मरम्मत कार्य के दौरान ढह गई। इसमें लड़कों का पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास था। इमारत के मलबे से अब तक 12 लोगों को निकाला जा चुका है जिनमें से अक्षत और जाए सहित सात लोगों की मौत हो गई है। घटना की खबर मिलते ही कटनी स्थित अक्षत के निवास स्थान पर स्थानीय लोगों और पड़ोसियों की भीड़ जमा हो गई। संदीप त्रिपाठी नामक एक पड़ोसी ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से बातचीत में कहा कि रविवार शाम सूचना मिली थी कि दिल्ली में जो इमारत गिरी है, अक्षत उसी में रहता था। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी जब आई तब उसके पिता राजस्थान में थे, जहां से वह कुछ रिश्तेदारों के साथ दिल्ली निकल गए जबकि स्थानीय पार्षद और परिवार के कुछ करीबी लोग अक्षत की मां और बहन को लेकर दिल्ली रवाना हुए। त्रिपाठी ने कहा कि अक्षत के परिजन उसे तलाशते रहे लेकिन अंत में एक परामर्श केंद्र में उन्हें सही जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि अक्षत के माता-पिता ने उसके शरीर पर एक निशान देखकर उसकी पहचान की। उन्होंने बताया कि अक्षत के पिता भवन निर्माण का काम करते हैं जबकि मां गृहिणी हैं। उन्होंने बताया कि उनकी अक्षत के पिता से बात हुई है और रात दो-तीन बजे तक उनके कटनी पहुंचने की संभावना है। रक्षाबंधन पर परिवार के साथ खुशियां मनाकर दिल्ली लौटे देवास के अर्पित जाज (21) के घर में अगले ही दिन मातम पसर गया। बी.कॉम द्वितीय वर्ष का छात्र हादसे के दिन रविवार को ही दिल्ली पहुंचा था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद परिवार से उसका संपर्क टूट गया और सोमवार को उसकी मौत की पुष्टि हुई। जिलाधिकारी ऋतुराज सिंह ने देवास में संवाददाताओं को बताया, दिल्ली के इमारत हादसे में जाज की मौत की जानकारी मिलने के बाद हमने दिल्ली प्रशासन से समन्वय किया। पोस्टमार्टम के बाद शव को एम्बुलेंस के माध्यम से दिल्ली सरकार के सहयोग से देवास भेजा गया है।’’परिजनों के अनुसार जाज ने देवास के एक विद्यालय से 12वीं तक पढ़ाई की थी और वह दिल्ली के एक महाविद्यालय में बी.कॉम द्वितीय वर्ष में पढ़ रहा था। जाज के परिवार से निकट संबंध रखने वाले विजय शर्मा ने बताया,‘‘जाज रक्षाबंधन के मौके पर अपने देवास स्थित घर आया था। हम जन्माष्टमी पर देर रात तक साथ थे। मेरे दोनों बच्चों और जाज व उसकी बहन ने मिलकर कई रील बनाई थीं।’’उन्होंने बताया कि जाज का दिल्ली वापसी का रेल टिकट आरक्षित था और वह शनिवार को देवास से रवाना होकर रविवार सुबह दिल्ली पहुंच गया था। शर्मा ने बताया, दिल्ली पहुंचने के बाद जाज के माता-पिता की उससे फोन पर बात हुई थी। छात्र ने उन्हें बताया था कि उसने भोजन कर लिया है और यात्रा की थकान मिटाने के लिए वह कुछ देर आराम करेगा। इसके करीब डेढ़ घंटे बाद ही हादसा हो गया और उससे फोन पर दोबारा संपर्क नहीं हो सका।’’उन्होंने बताया कि हादसे की जानकारी मिलने पर जाज के माता-पिता दिल्ली पहुंचे और अलग-अलग स्थानों पर उसकी तलाश शुरू की। शर्मा ने बताया कि सोमवार को जाज का शव मिलने की पुष्टि हुई जिसके बाद से होनहार छात्र के परिवार में मातम का माहौल है।
CJI सूर्यकांत को सुप्रीम कोर्ट जज की चौथी चिट्ठी, राजस्थान HC के जज पर फिर गंभीर आरोप
सुप्रीम कोर्ट के जज संदीप मेहता ने CJI सूर्यकांत को चौथी चिट्ठी लिखकर राजस्थान हाईकोर्ट के जज संजीव प्रकाश शर्मा पर न्यायिक जांच में दखल और प्रशासनिक शक्तियों के दुरुपयोग समेत गंभीर आरोप लगाए हैं।
Satya Niketan हादसे के बाद MCD के 28 लाख इमारतों वाले सर्वे पर उठे सवाल
नयी दिल्ली, सात सितंबर दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढहने से कम से कम सात लोगों की मौत के बाद एक बार फिर शहर में अवैध निर्माण का मुद्दा चर्चा में आ गया है। जून में हुए एमसीडी के सर्वे में करीब 28 लाख इमारतों की जांच के बाद केवल 19 इमारतों को खतरनाक पाया गया था। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता विजय गोयल ने दिल्ली में अवैध निर्माण और जर्जर इमारतों को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो अनधिकृत बहुमंजिला इमारतें और पुरानी जर्जर संपत्तियां और अधिक हादसों का कारण बन सकती हैं। एमसीडी के एक बयान के अनुसार, रविवार को ढही इमारत का निर्माण 1990 के दशक में पुनर्वास कॉलोनी में करीब 55 वर्ग गज के प्लॉट पर किया गया था। हालांकि, कुछ स्थानीय निवासियों का दावा है कि यह इमारत करीब 50 साल पुरानी थी और इसे 1970 के दशक में बनाया गया था। अधिकारियों ने बताया कि इन पुनर्वास कॉलोनियों में शुरुआत में केवल भूतल और एक मंजिल (ग्राउंड प्लस वन) के निर्माण की अनुमति दी गई थी। अधिकारियों के अनुसार, दशकों पुरानी यह पांच मंजिला इमारत लड़कों के पीजी के रूप में इस्तेमाल की जा रही थी। एमसीडी ने कहा कि इस इमारत का कोई स्वीकृत नक्शा नहीं था और इसके खिलाफ कोई शिकायत भी नहीं मिली थी। अधिकारियों ने बताया कि यह इलाका 1970 के दशक में पुनर्वास कॉलोनी के रूप में विकसित किया गया था, जहां लोगों को छोटे-छोटे भूखंड दिए गए थे। एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार ने कहा कि मजिस्ट्रेट जांच के बाद इमारत ढहने के तात्कालिक कारणों के बारे में अधिक जानकारी मिलेगी। खिरवार ने कहा, “बेसमेंट में कोई काम हो रहा था या नहीं, यह मजिस्ट्रेट जांच के बाद पता चलेगा।”स्थानीय निवासियों ने इमारत ढहने के लिए मरम्मत कार्य और बेसमेंट में जमा पानी को जिम्मेदार ठहराया है। नगर निकाय ने पास की इमारत खाली कराकर सील कर दी है, जिसमें लड़कियों का पीजी था। अधिकारियों के अनुसार, आसपास की कम से कम चार इमारतों को दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धारा 349 के तहत खाली करने के नोटिस जारी किए गए हैं। धारा 349 और धारा 491 के तहत, नगर निगम (एमसीडी) किसी भी ऐसी इमारत को, जिसे खतरनाक या जोखिमपूर्ण माना जाता है, खाली कराने और उसे खतरनाक घोषित करने संबंधी नोटिस जारी कर सकता है। अधिकारियों ने बताया कि एमसीडी के दस्तावेजों के अनुसार, इमारत के मालिक ने पिछले साल संपत्ति कर और 2007 में कन्वर्जन शुल्क जमा किया था। जून से सितंबर के बीच नगर निकाय ने करीब 980 संपत्तियों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की, 460 संपत्तियां सील कीं, अवैध निर्माण के लिए 1,500 से अधिक कारण बताओ नोटिस और 708 सीलिंग संबंधी कारण बताओ नोटिस जारी किए। अधिकारियों ने बताया कि 720 से अधिक तोड़फोड़ आदेश जारी किए। इस घटना ने एमसीडी के हर साल मानसून से पहले किए जाने वाले कमजोर इमारतों के सर्वे की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस साल की शुरुआत में किए गए सर्वे में एमसीडी ने 27,84,286 इमारतों की जांच की थी, जिनमें से केवल 19 को खतरनाक पाया गया। उन्होंने बताया कि इमारतों के सर्वेक्षण के दौरान एमसीडी की टीम दरारें, झुकी हुई दीवारें और इमारत की कमजोरी के अन्य दिखाई देने वाले संकेतों को देखती हैं। अधिकारी आमतौर पर इमारतों की बाहर से जांच करते हैं और विस्तृत संरचनात्मक जांच नहीं करते। इस साल शहर में खासकर दक्षिण क्षेत्र में इमारत ढहने और आग लगने की कई घटनाएं हुई हैं। 30 मई को सैदुल अजायब में इमारत ढहने की घटना में छह लोगों की मौत हुई थी। वहीं, तीन जून को हौज रानी इलाके में एक ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ में आग लगने से 23 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 11 विदेशी नागरिक शामिल थे। जून में मलका गंज सब्जी मंडी इलाके में एक मकान ढह गया था और इसी महीने करावल नगर में चार मंजिला इमारत भी ढह गई थी। एमसीडी ने सत्य निकेतन में इमारत ढहने की घटना के बाद सोमवार को दक्षिण क्षेत्र के उपायुक्त राकेश कुमार और चार इंजीनियरों को अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित रहने तक निलंबित कर दिया। भाजपा नेता गोयल ने कहा कि उन्होंने शहर में अवैध निर्माण के मुद्दे को कई बार उठाया, लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, आज भी पुरानी दिल्ली और चांदनी चौक में खुलेआम छह मंजिल तक के अवैध निर्माण हो रहे हैं। वहीं, कई पुरानी इमारतें पहले से ही जर्जर और खतरनाक स्थिति में हैं। गोयल ने कहा कि यह स्थिति किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली नगर निगम वर्षों से चली आ रही इस समस्या से निपटने में विफल रहा है।
बंगाल क्या खाए, यह कौन तय करेगा?
बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहारी भोजन को लेकर बहस छिड़ गई है. विश्व हिंदू परिषद और धीरेंद्र शास्त्री ने नॉनवेज से परहेज की सलाह दी, जबकि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने बंगाल की पारंपरिक खान-पान संस्कृति का समर्थन करते हुए लोगों की भोजन पसंद की स्वतंत्रता पर जोर दिया.
साल 1975 में एक फिल्म आई थी. इस फिल्म ने उस वक्त कमाई के ऐसे झंडे गाड़े कि हिंदी सिनेमा की क्लासिक कही जाने वाली शोले तक को कड़ी टक्कर दी थी. इस फिल्म की सक्सेस में इसके गानों का भी खास योगदान था.
50 साल पहले यश चोपड़ा की फिल्म आई थी 'कभी कभी'. इस फिल्म में अमिताभ बच्चन, शशि कपूर, वहीदा रहमान और राखी लीड रोल में थीं. दो पीढ़ियों की प्रेम कहानी लेकर आई इसी फिल्म का एक गाना बेटी के जन्म के जश्न की शान बन गया.
कॉकरोच जनता पार्टी नीट पेपर लीक आंदोलन के बाद भी एक्टिव है। अब इस पार्टी को एक और बड़ी जीत मिली है। दूसरी तरफ रूस और यूक्रेन युद्ध को लेकर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। एक क्लिक पर पढ़ें 7 सितंबर की बड़ी खबरें-
भौम प्रदोष व्रत आज, जानें पूजा की सही विधि और प्रदोष काल का शुभ मुहूर्त
आज यानी 8 सितंबर, मंगलवार को भौम प्रदोष रखा जा रहा है. ऐसे में आइए जानते हैं आज शिव पूजन की विधि और पूजा का शुभ मुहूर्त-
44 साल पुराना ये गाना आज भी काफी पॉपुलर है. इस गाने में पद्मिनी कोल्हापुरे ने डांस किया था, और इस गाने के बोल तो बहुत ही कमाल थे. आशा भोसले की आवाज ने इस गाने को सदाबहार बना दिया.
क्या आप भी कॉकरोच के आंतक से परेशान हैं, तो बिना केमिकल इन्हें भगाने के लिए अपनाएं ये अचूक घरेलू उपाय.
इंडियन न्यूजपेपर सोसाइटी 87वीं बैठक: राजेंद्र दर्डा आईएनएस अध्यक्ष चुने गए, तन्मय माहेश्वरी डिप्टी प्रेसिडेंट
Vivo Money Laundering Case में सुप्रीम कोर्ट ने चीनी नागरिक से मांगी भारत वापसी की गारंटी
नयी दिल्ली, सात सितंबर उच्चतम न्यायालय ने स्मार्टफोन निर्माता वीवो से जुड़े धनशोधन मामले में आरोपी चीनी नागरिक गुआंगवेन कुआंग को एक महीने का समय दिया, ताकि वह देश के दूतावास से संपर्क कर यह गारंटी पेश कर सके कि मुकदमे का सामना करने के लिए भारत लौटेगा। न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की पीठ कुआंग की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसने दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने उसे विदेश जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था। पीठ ने चीनी नागरिक की ओर से पेश वकील से कहा, ‘‘हमें केवल इस बात की गारंटी चाहिए कि आप वापस आएंगे...आप अपने दूतावास से समर्थन देने और गारंटी देने के लिए क्यों नहीं कहते, जैसा कि उन्होंने दूसरे मामले में किया था?’’कुआंग के वकील ने उच्चतम न्यायालय को बताया कि वह पहले ही चीनी अस्पतालों से जारी चिकित्सा प्रमाणपत्र जमा कर चुका है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू पेश हुए। उच्च न्यायालय में दायर याचिका में कुआंग ने अपने 82 वर्षीय पिता की गंभीर चिकित्सा स्थिति के आधार पर चीन के ग्वांगझू जाने की अनुमति देने का अनुरोध किया। कुआंग के पिता को दिमाग के दाहिने हिस्से में रक्तस्राव हुआ है और कई जानलेवा जटिलताओं के कारण वह फिलहाल लगातार जीवन रक्षक प्रणाली पर हैं। ईडी ने पिछले साल जुलाई में कंपनी और उससे जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। एजेंसी ने दावा किया था कि उसने चीनी नागरिकों और कई भारतीय कंपनियों से जुड़े एक बड़े धनशोधन गिरोह का भंडाफोड़ किया है। ईडी ने उस समय आरोप लगाया था कि भारत में कर भुगतान से बचने के लिए वीवो ने 62,476 करोड़ रुपये की भारी राशि ‘अवैध रूप से’ चीन भेजी थी।
Weather Forecast 08 Sep 2026: देखिए क्या है आपके यहां मौसम का हाल | Weather Report Today
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किशोरों पर अध्ययन: स्कूलों में बढ़ रहा नशे का खतरा, मोबाइल इंटरनेट से बढ़ी समस्या; गुवाहाटी में स्थिति गंभीर
Mirzapur में पक्की सड़क की मांग पर 400 स्कूली बच्चों ने किया प्रदर्शन
मिर्जापुर (उप्र), सात सितंबर मिर्जापुर जिले के चेरुईराम कंपोजिट विद्यालय के सामने सोमवार को 400 से अधिक स्कूली छात्रों ने अपने स्कूल के बाहर एक अच्छी सड़क बनाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना था कि स्कूल तक पहुंचने के लिए उन्हें खेतों की मेड़ों के किनारे-किनारे लगभग एक किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है। जिला मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर दूर सिटी ब्लॉक के चेरुईराम कंपोजिट स्कूल के बाहर सुबह करीब 10 बजे स्कूल खुलने के समय पर प्रदर्शन शुरू हुआ। प्रदर्शन अधिकतर 13 साल तक की उम्र के इन बच्चों के साथ उनके माता-पिता और शिक्षक भी शामिल हुए। बारिश के बावजूद वे प्रदर्शन करते रहे। ग्रामीणों ने एक तिरपाल की शीट का इंतजाम किया, जिसके नीचे प्रदर्शनकारी अपना विरोध जारी रखे हुए थे। छात्रों ने मांग की कि सरकार, चुने हुए प्रतिनिधि और अधिकारी तुरंत इस समस्या का समाधान करें और स्कूल तक एक पक्की सड़क बनवाएं। अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन करीब दो घंटे तक चला और नायब तहसीलदार तथा खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) द्वारा सड़क का काम शुरू करने का आश्वासन दिए जाने के बाद इसे खत्म कर दिया गया। प्रदर्शन में शामिल माता-पिता ने कहा कि बारिश के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है, जब रास्ते पर पानी और कीचड़ जमा हो जाता है, जिससे बच्चों के फिसलकर गिरने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि स्कूल बनने के समय से ही इसी रास्ते का इस्तेमाल किया जा रहा है। गांव के निवासी गुलाब ने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से बारिश के मौसम में बच्चों की मुश्किलों को देख रहे हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार वर्मा ने कहा कि पहले सड़क नहीं बन पाई थी क्योंकि प्रस्तावित रास्ते के किनारे की जमीन निजी किसानों की है। वर्मा ने कहा, ‘‘आज की घटना के बाद, ग्रामीण पांच फुट चौड़ा रास्ता देने के लिए सहमत हो गए हैं और मंगलवार से इस पर काम शुरू हो जाएगा।’’उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग की एक टीम मौके पर मौजूद थी और कहा कि अभी बच्चों को मुख्य सड़क से उतरने के बाद स्कूल पहुंचने के लिए लगभग 500 से 700 मीटर पैदल चलना पड़ता है।
ग्लोबल 6G पहल से जुड़ा भारत, अमेरिका संग 25 देश तय करेंगे अगली पीढ़ी की तकनीक की दिशा
भारत अमेरिका और 24 अन्य देशों के साथ मिलकर अगली पीढ़ी के 6G नेटवर्क के विकास को आकार देने की वैश्विक पहल में शामिल हो गया है।
पद्म श्री से सम्मानित हरेकला हजब्बा को SIR नोटिस मिला, नाम में अंतर बना वजह
पद्म श्री से सम्मानित हरेकला हजब्बा को चुनाव आयोग से वोटर लिस्ट में नाम की गड़बड़ी को लेकर SIR नोटिस मिला है।
पाकिस्तान क्रिकेट पर एक बार फिर मैच फिक्सिंग का साया, पीसीबी ने शुरू की जांच
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने इंग्लैंड दौरे पर अनुशासन तोड़ने की मीडिया अटकलों के बाद आंतरिक जांच शुरू की है, जिसमें पाकिस्तानी क्रिकेटरों पर फिक्सिंग का संदेह जताया जा रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडाई विमान निर्माता बॉम्बार्डियर पर निशाना साधते हुए कहा कि कंपनी को अमेरिका में विमान बेचने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए. बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ रहा है.
Operation Sindoor वर्षों की तैयारी और रणनीतिक दूरदर्शिता का नतीजा: पूर्व Air Marshal जितेंद्र मिश्रा
लखनऊ, सात सितंबर अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा ने सोमवार को ऑपरेशन सिंदूर को केवल एक सैन्य अभियान नहीं, बल्कि वर्षों की तैयारी और रणनीतिक दूरदर्शिता का परिणाम बताया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व करने वाले जितेंद्र मिश्रा ने नयी दिल्ली में समाचार चैनल ‘आजतक’ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि यह अभियान भारतीय वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और वायु सेना कर्मियों के सामूहिक कार्य को दर्शाता है। उन्होंने राम मंदिर के लिए अपनी नयी भूमिका पर ज्यादा कुछ नहीं कहा। मिश्रा ने यह जरूर कहा कि उन्होंने अब तक श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सीईओ के रूप में औपचारिक रूप से कार्यभार नहीं संभाला है। इस वर्ष 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हुए पूर्व वायु सेना अधिकारी ने कहा कि भविष्य के युद्ध आज ही उन्नत प्रौद्योगिकी, योजना और स्वदेशी क्षमताओं के माध्यम से लड़े जा रहे हैं। प्रौद्योगिकी की युद्ध में बढ़ती भूमिका को समझाते हुए उन्होंने कहा, ‘‘जब कोई व्यक्ति पेट्रोल पंप पर एटीएम कार्ड स्वाइप करता है तो उपग्रह से जुड़ी प्रणालियां बैंकिंग नेटवर्क से तुरंत जुड़कर लेनदेन पूरा करती हैं।’’ उन्होंने कहा कि भविष्य के युद्ध परस्पर जुड़ी प्रौद्योगिकियों पर निर्भर होंगे, जो काफी हद तक सार्वजनिक दृष्टि से बाहर काम करती हैं। मिश्रा ने कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) में प्रगति बदलाव की गति को तेज कर रही है और चेतावनी दी कि इस गति के साथ तालमेल नहीं रख पाने वाले देश कुछ ही वर्षों में पिछड़ सकते हैं। इसे भारतीय प्रौद्योगिकी का ‘‘चमत्कार’’ बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने लगभग दो मीटर की सटीकता के साथ 250 से 300 किलोमीटर दूर लक्ष्यों पर हमला करने की क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी क्षमताओं को बनाए रखने के लिए निरंतर सीखने और तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता है। मिश्रा के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय हवाई क्षेत्र की रक्षा करने और सटीक हमलों को सक्षम बनाने वाली प्रणालियां वर्षों के निरंतर प्रयास का परिणाम थीं। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि 15 से 20 साल पहले भारतीय वायु सेना के अधिकतर रडार रूस, अमेरिका और फ्रांस जैसे देशों से आते थे। उन्होंने तर्क दिया कि व्यापक वायु रक्षा नेटवर्क के लिए विदेशी विक्रेताओं पर निर्भर रहने के लिए संवेदनशील परिचालन डेटा साझा करना पड़ता। इस निर्भरता से बचने के लिए भारतीय वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और वायु सेना कर्मियों ने मिलकर एकीकृत वायु कमान और नियंत्रण प्रणाली का निर्माण किया, जो पूरी तरह से स्वदेशी नेटवर्क है, जिसे विकसित करने में लगभग 15 साल लगे। मिश्रा ने कहा कि आज यह प्रणाली देश भर के सैन्य और नागरिक रडारों को जोड़ती है और धीरे-धीरे नौसैनिक परिसंपत्तियों को भी इसमें एकीकृत कर रही है। उन्होंने 2019 के बालाकोट हवाई हमले और ऑपरेशन सिंदूर की तुलना करते हुए कहा कि बालाकोट के समय भी भारतीय वायु सेना के पास आवश्यक क्षमताएं थीं। उन्होंने तर्क दिया कि अंतर संसाधनों में नहीं बल्कि विभिन्न चरणों में किए गए रणनीतिक विकल्पों में था। उन्होंने बालाकोट और सिंदूर को उरी हमले के बाद शुरू हुई सीमा पार खतरों के प्रति भारत की प्रतिक्रिया में एक प्रगति के रूप में वर्णित किया। उनके अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर को इस प्रगति का अंतिम चरण नहीं माना जाना चाहिए। भारतीय हवाई अभियानों की सटीकता पर चर्चा करते हुए उन्होंने बालाकोट और ऑपरेशन सिंदूर दोनों से संबंधित उपग्रह चित्रों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बहावलपुर और मुरीद में नौ इमारतों पर हमलों से जुड़ी तस्वीरों ने हमलों की सटीकता और विनाशकारी प्रभावशीलता को प्रदर्शित किया। सेवानिवृत्त वायु सेना अधिकारी ने कहा कि मौसम और अन्य कारकों के कारण बालाकोट के बाद जमीनी तस्वीरों की अनुपस्थिति ने कुछ पर्यवेक्षकों को अभियान के प्रभाव पर संदेह करने के लिए प्रेरित किया। हालांकि, बाद की तस्वीरों की तुलना से भारतीय वायु सेना के हमलों की प्रभावशीलता प्रदर्शित हुई। उन्होंने ब्रह्मोस मिसाइल को दुनिया की एकमात्र परिचालन सुपरसोनिक हवा से प्रक्षेपित क्रूज मिसाइल बताया और कहा कि सरगोधा और रहीम यार खान जैसे लक्ष्यों पर कम से कम 200 किलोमीटर की दूरी से हमला किया जा सकता है। स्वदेशीकरण के मुद्दे पर मिश्रा ने कहा कि इसे केवल ‘मेक इन इंडिया’ पहल के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि राष्ट्रीय संप्रभुता के एक अनिवार्य तत्व के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता संघर्षों के दौरान स्वतंत्र निर्णय लेने की देश की क्षमता को सीमित कर सकती है। हल्के लड़ाकू विमान तेजस कार्यक्रम में देरी पर मिश्रा ने कहा कि कोई भी देश पूरे विमान का निर्माण स्वतंत्र रूप से नहीं करता है। अत्याधुनिक एयरोस्पेस क्षमताओं वाले देश भी दुनियाभर से कलपुर्जे और उपकरण हासिल करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्य बात उन महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, डिजाइन विशेषज्ञता, सामग्रियों और विनिर्माण क्षमताओं पर नियंत्रण हासिल करना है जो परिचालन स्वतंत्रता निर्धारित करती हैं। उन्होंने कहा कि पोखरण-द्वितीय परमाणु परीक्षणों के बाद लगाए गए प्रतिबंधों ने महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों तक पहुंच को धीमा कर दिया, लेकिन भारत के बढ़ते आर्थिक, राजनीतिक और कूटनीतिक प्रभाव ने बाद में प्रगति को तेज करने में मदद की। पूर्व लड़ाकू पायलट ने कहा कि मानव रहित प्रणालियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन वे पारंपरिक लड़ाकू विमानों की जगह नहीं लेती हैं। उन्होंने कहा कि ईरान-इजराइल संघर्ष के शुरुआती चरणों के दौरान भी बड़े पैमाने पर अभियान अब भी मानवयुक्त लड़ाकू विमानों पर बहुत अधिक निर्भर थे। उन्होंने कहा कि ड्रोन उन मिशनों के लिए सबसे उपयोगी होते हैं जहां पायलट वाले विमानों को तैनात करना बहुत जोखिम भरा या महंगा होता है।
अष्टमी पर शराब बैन; BJP राज में कैसी होगी बंगाल की दुर्गा पूजा, TMC से कितनी अलग
पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े उत्सव यानी दुर्गा पूजा का रंग अलग नजर आने वाला है। राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अष्टमी पर शराब की बिक्री और परोसने पर पूरी रोक लगा दी है। वहीं, डीजे और विसर्जन संबंधी कई बड़े ऐलान किए हैं।
स्ट्रोक के बाद क्यों जरूरी है फिजियोथेरेपी, डॉक्टर से जानें
8 सितंबर को विश्व फिजियोथेरेपी दिवस 2026 मनाया जाता है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि फिजियोथेरेपी केवल हड्डियों के लिए नहीं बल्कि स्ट्रोक के बाद भी जरूरी है. स्ट्रोक के बाद रिहैबिलिटेशन से मरीज की मूवमेंट और बैलेंस बेहतर होती है.
Bhadohi Police ने फर्जी BSA बनकर 50 लाख ठगने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार
भदोही (उप्र), सात सितंबर भदोही जिले में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसएस) बनकर लोगों से साइबर ठगी करने वाले एक युवक को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कहा कि आरोपी के खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर 40 से अधिक शिकायत दर्ज है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि प्रयागराज जिले के निवासी राम सिंह यादव उर्फ अमित यादव उर्फ राजा यादव (25) ने मनोज कुमार सिंह नाम से एक नकली आधार कार्ड बनाकर उसके जरिये लोगो को शिक्षा विभाग में नियुक्ति दिलाने और शिक्षा विभाग के अभ्यर्थी का नम्बर बढ़ाने का झांसा देकर अब तक 50 लाख की ठगी की है। अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) शुभम अग्रवाल ने बताया कि राम सिंह ने पूछताछ में बताया कि वो लोगों को नियुक्ति दिलाने के नाम पर अपना बीएसए का फर्जी पहचान पत्र दिखा कर किसी भी जनसेवा केंद्र के बार कोड पर पैसे मांगता था। आरोप है कि उसने तत्काल जरूरत का हवाला देते हुए जनसेवा केंद्र संचालकों से उनके क्यूआर कोड के जरिए पैसे मंगवाए और बाद में उनसे नकद रकम ले ली। एक मामले में संचालक के क्यूआर कोड के जरिए 40,000 रुपये प्राप्त किए गए। लेनदेन के फर्जी पाए जाने के बाद संचालक का बैंक खाता ब्लॉक कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, यादव के खिलाफ प्रयागराज, आजमगढ़, अमरोहा और भदोही में छह आपराधिक मामले दर्ज हैं।
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026: साफ हवा के मामले में देश में सबसे आगे लखनऊ, 130 शहरों की रैंकिंग में कौन-कहां?
Agra के बाह में खराब सड़क पर फंसी Ambulance, अस्पताल पहुंचने से पहले नवजात ने तोड़ा दम
आगरा, सात सितंबर आगरा के बाह क्षेत्र के एक गांव में खराब सड़क पर एंबुलेंस के करीब दो घंटे तक फंसे रहने के कारण एक नवजात बच्ची की मौत हो गई। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि परिवार ने मामले में शिकायत दर्ज कराई है और इस संबंध में जांच की जा रही है। घटना कथित तौर पर दो सितंबर को गढ़वार गांव में हुई जब प्रदीप सिंह की पत्नी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई और परिवार ने सरकारी एंबुलेंस बुलाई। परिवार की शिकायत के अनुसार, अस्पताल जाते समय एंबुलेंस खराब सड़क पर फंस गई, जिससे ग्रामीणों को उसे बाहर निकालने के लिए ट्रैक्टर से बांधना पड़ा। आखिरकार महिला अस्पताल पहुंची, लेकिन तब तक नवजात बच्ची की सांसें थम चुकी थीं। इस घटना से व्यथित प्रदीप कुमार ने अधिकारियों को पत्र लिखकर सड़क के रखरखाव के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उप जिला मजिस्ट्रेट विनोद कुमार ने बताया कि पांच सितंबर को तहसील दिवस के दौरान शिकायत मिली थी और इसे लोक निर्माण विभाग को भेज दिया गया है, जिससे रिपोर्ट मांगी गई है। कुमार ने कहा, ‘‘रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुर्खियां: 15 राज्यों में बारिश, तूफान का अलर्ट; पाकिस्तान में भारत विरोधी साजिश; बंगाल में बाल विवाह पर सख्ती, Top Headline Today Important And Big News Stories Of 8 september 2026 Updates on amar ujala News In Hindi
लखनऊ में सबसे साफ हवा, इंदौर को भी पिछाड़ा; दिल्ली की हालत बेहद खराब
इस बार साफ सुथरी हवा के मामले में लखनऊ ने इंदौर को भी पीछे कर दिया है। लखनऊ टॉप पर तो वहीं इंंदौर दूसरे स्थान पर है। राजधानी दिल्ली 21वें और मुंबई 28वें स्थान पर है।
तमिलनाडु विधानसभा में हंगामा: द्रमुक का वॉकआउट, सीएम पर लगाए गंभीर आरोप
तमिलनाडु विधानसभा में गृह विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री विजय के आक्रामक भाषण के बाद द्रमुक ने वॉकआउट किया।
Swachh Vayu Survekshan 2026 में Lucknow अव्वल, इंदौर को पीछे छोड़ हासिल किया पहला स्थान
लखनऊ, सात सितंबर स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में उत्तर प्रदेश के 16 शहरों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाई है। राजधानी लखनऊ ने 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देश में पहला स्थान हासिल किया है। सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। बयान के अनुसार, स्वच्छ हवा के लिए किए जा रहे लगातार प्रयासों के चलते उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से कराए गए सर्वेक्षण में लखनऊ ने पहली बार इंदौर को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। लखनऊ को 198 अंक मिले, जबकि इंदौर 197 अंकों के साथ दूसरे और जबलपुर 195 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। रक्षा मंत्री और लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा कराए गए शहर स्तर पर स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 के तहत राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) में लखनऊ को राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शहरों में पहला स्थान प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि के लिए सभी लखनऊ वासियों को बहुत बहुत बधाई।’’सिंह ने इसी पोस्ट में कहा, ‘‘लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल और पार्षदों की पूरी टीम ने लखनऊ को स्वच्छता के हर सूचकांक पर बेहतर बनाने का संकल्प लेकर पिछले कुछ वर्षों से पूरे मनोयोग से काम किया है।’’रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘लखनऊ नगर निगम की पूरी टीम को बधाई। इस काम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार से भी पूरा सहयोग प्राप्त हो रहा है। उन्हें बहुत धन्यवाद। लखनऊ नगर स्वच्छता के हर सूचकांक पर ऐसे ही अच्छा प्रदर्शन करता रहे, इसके लिए मेरी शुभकामनाएं।’’आधिकारिक बयान के अनुसार, यह उपलब्धि केवल राजधानी लखनऊ तक सीमित नहीं है। प्रदेश के 16 शहरों ने अलग-अलग आबादी वर्गों में राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। इससे पता चलता है कि राज्य में स्वच्छ वायु को लेकर शहर स्तर से लेकर वार्ड स्तर तक योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में आगरा 192 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहा। गाजियाबाद को 184 अंक मिले और वह नौवें स्थान पर रहा। कानपुर 183.2 अंकों के साथ 11वें तथा प्रयागराज 180 अंकों के साथ 13वें स्थान पर रहा। मेरठ 22वें और वाराणसी 34वें स्थान पर रहे। मध्यम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में भी उत्तर प्रदेश के शहरों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। फिरोजाबाद ने 195 अंक हासिल कर देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया। यहां कांच उद्योगों को स्वच्छ प्राकृतिक गैस ईंधन की ओर तेजी से स्थानांतरित करने को अहम उपलब्धि माना गया। इस श्रेणी में झांसी 192.5 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहा, जबकि मुरादाबाद और नोएडा 187.5-187.5 अंकों के साथ संयुक्त रूप से आठवें स्थान पर रहे। गोरखपुर 22वें और बरेली 26वें स्थान पर रहे। तीन लाख से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में भी उत्तर प्रदेश के शहरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। रायबरेली 180.5 अंकों के साथ 17वें स्थान पर रहा। अनपरा 29वें, खुर्जा 30वें और गजरौला 31वें स्थान पर रहे। बयान के मुताबिक, इन शहरों में धूल नियंत्रण और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए किए गए प्रयासों को सर्वेक्षण में प्रमुखता दी गई।
मौसम फिर बदलेगा रंग: 15 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट; बिहार से हिमाचल तक कैसे रहेंगे हालात?
सत्य निकेतन हादसे के बाद बड़ा ऐक्शन, निगम उपायुक्त समेत 5 पर गिरी गाज; खाली हो रहीं इमारतें
सत्य निकेतन में पीजी की बिल्डिंग गिरने के बाद इसके मालिक हरीराम को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही उनकी पत्नी और बेटे को भी हिरासत में लिया गया है। निगम उपायुक्त समेत पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है।

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