ध्रुव राठी के हिंदू देवी-देवताओं से संबंधित वीडियो के मामले में गूगल ने दिल्ली हाई कोर्ट को बताया कि भारत में इनके प्रसार को रोक दिया गया है।
यह फोटो कहां की है और आपके साथ कौन लोग हैं? गिरिराज सिंह का राहुल गांधी से सवाल
कांग्रेस की ओर से जवाब देते हुए पार्टी की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने गिरिराज सिंह पर तीखा हमला बोला। श्रीनेत उनकी पोस्ट को शेयर करते हुए कहा कि तस्वीर में दिखाई दे रही महिला और बच्चा राहुल गांधी के मित्र की पत्नी और उनका बच्चा हैं।
मनमोहन सिंह को सबसे प्रभावशाली प्रधानमंत्रियों में याद रखेगा इतिहास: सोनिया गांधी
सोनिया गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा राज्यसभा में 8 फरवरी 2017 को मनमोहन सिंह पर की गई उस टिप्पणी को संसदीय इतिहास के सबसे निचले स्तर का बताया है, जिसमें ‘रेनकोट पहनकर नहाने की कला’ वाला बयान दिया गया था।
पहले घटा मुनाफा, अब CFO का इस्तीफा, इस कंपनी का शेयर क्रैश
KPI Green Share Crash: एनर्जी सेक्टर की कंपनी केपीआई ग्रीन के शेयर में पैसे लगाने वाले निवेशकों के लिए मंगलवार का दिन अमंगलकारी साबित हुआ. कारोबार के दौरान ये स्टॉक 9% से ज्यादा टूट गया.
PM मोदी का नया इंस्टा वीडियो पोस्ट... स्वतंत्रता दिवस से पहले क्या संदेश?
PM Modi Insta Video: पीएम मोदी ने मंगलवार को देशवासियों से 'हर घर तिरंगा' अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि 15 अगस्त को मनाए जाने वाले 80वें स्वतंत्रता दिवस से पहले हर घर में तिरंगे का जश्न मनाया जाए।
सूर्य-गुरु-बुध-चंद्रमा की चौकड़ी! आज से इन राशियों के अच्छे दिन शुरू
आज देशभर में सावन शिवरात्रि का त्योहार मनाया जा रहा है. इस बार सावन शिवरात्रि पर चतुर्ग्रही योग भी बन रहा है. शिवरात्रि पर सूर्य, गुरु, बुध और चंद्रमा कर्क राशि में बैठकर चतुर्ग्रही योग का निर्माण कर रहे हैं. यह दुर्लभ संयोग कई राशियों के लिए लाभकारी माना जा रहा है.
इंदौर की TCS अफसर से रेप और ब्लैकमेलिंग, महेंद्र उर्फ शाहरुख पर FIR
Indore News: TCS अधिकारी युवती से हिंदू नाम बताकर रेप और 10 लाख की ब्लैकमेलिंग करने वाला शाहरुख बैग उर्फ महेंद्र गिरफ्तार. देवास सेंट्रल कोतवाली थाने में FIR दर्ज...
'हर घर तिरंगा, हर मन तिरंगा...', पीएम मोदी ने Instagram पर की अपील
पीएम मोदी ने Instagram पर वीडियो डालकर हर घर पर तिरंगा लहराने की अपील की है.
'हेमंत सोरेन की हत्या की कोशिश हुई...', झारखंड के मंत्री का बड़ा आरोप
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के पास धरने पर बैठे बीजेपी विधायकों का प्रदर्शन महज विरोध नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री को मारने की कोशिश थी. उन्होंने कहा कि उस समय हेमंत सोरेन अपनी पत्नी और बच्चों के साथ घर में मौजूद थे.
250 KM कांवड़ लेकर पहुंचे 85 साल के चंदर, 35 साल से जारी यात्रा
फरीदाबाद के 85 वर्षीय चंदर ने हरिद्वार से करीब 250 किलोमीटर की दूरी तय कर कांवड़ लेकर अपने पैतृक गांव सागरपुर पहुंचे. परिवार ने गांव पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया. चंदर का कहना है कि भोले बाबा का बुलावा आया था, इसलिए वह कांवड़ लेकर आए. वह पिछले 35 सालों से लगातार कांवड़ यात्रा कर रहे हैं.
PM मोदी और सोनिया-राहुल का पार्टी लुक, रिसेप्शन में पहुंचीं हस्तियां
एनसीपी (SP)नेता और सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले और सारंग लखानी कुछ समय पहले शादी के बंधन में बंधे हैं. अब सोमवार को दिल्ली में न्यूली मैरिड कपल की रिसेप्शन पार्टी रखी गई, जो चर्चा में बनी हुई है.
क्या है आर्टेमिस मिशन? जिसके लिए NASA ने ISRO को दिया बड़ा ऑफर, मून बेस प्रोग्राम से जुड़ा है मामला
आर्टेमिस मिशन नासा का एक महत्वकांक्षी अंतरिक्ष कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य इंसानों को 50 साल बाद दोबारा चंद्रमा पर भेजना, चंद्रमा पर स्थाई बस्ती बसाना और भविष्य में मंगल ग्रह पर मानव मिशन की तैयारी करना है।
'भूपेंद्र हुड्डा ने कांग्रेस को हरवाया हरियाणा चुनाव', अभय चौटाला का 'अमित शाह से डील' का आरोप!
अभय चौटाला ने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण और बिल्डर घोटालों के मामलों में जेल जाने से बचने के लिए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।
किचन की इन 5 चीजों से बनाएं नेचुरल फेस वॉश, चेहरे पर आएगा निखार
Homemade Face Wash: अगर आप बाजार में मिलने वाले महंगे फेस वॉश की जगह कोई नेचुरल ऑप्शन तलाश रहे हैं तो आज हम आपको किचन में मौजूद कुछ चीजों से फेस वॉश बनाना बताएंगे. यह फेस वॉश स्किन से जुड़ी समस्याओं को दूर कर ग्लोइंग स्किन पाने में आपकी मदद करेगा.
मध्य प्रदेश में बाढ़ से 527 लोगों को बचाया गया; मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आपदा प्रबंधन कक्ष से स्थिति की समीक्षा की और
VIDEO: 12 दिन बाद फिर आएगा वैभव सूर्यवंशी का तूफान?
वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर बल्ले से धमाल मचाते नजर आएंगे. दलीप ट्रॉफी के लिए ईस्ट जोन की तरफ से बतौर उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी के पास टीम को जीत दिलाने की जिम्मेदारी होगी. इस टूर्नामेंट से ठीक पहले उन्होंने एक वीडियो शेयर किया है.
Rajat Sharma's Blog | झारखंड: हेमंत सोरेन CBI जांच क्यों नहीं चाहते ?
झारखंड सरकार कह रही है कि उसने सभी जायज मांगें मान ली हैं, JPSC की तीन परीक्षाएं रद्द कर दी, TDPL ने जितनी परीक्षाएं कराई, उन सबकी सीआईडी से जांच कराई जा रही है, लेकिन छात्रों की मांग है कि लीपापोती की बजाय सारे मामलों की जांच सीबीआई से कराई जाय।
NDA के Mangal Milan में छाया तिरंगा, संसद परिसर में छिड़ा संग्राम, NDA Vs INDI के बीच जबरदस्त तकरार
संसद का मानसून सत्र अपने आखिरी पड़ाव पर है और मंगलवार को सत्ता के गलियारे में NDA का साप्ताहिक ‘मंगल मिलन’ हुआ। संसद भवन परिसर स्थित जीएमसी बालयोगी सभागार में हुई इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन समेत NDA के तमाम सांसद और वरिष्ठ नेता तिरंगा लहराते नजर आए। माहौल में ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे गूंजे तो सियासत का संदेश भी साफ था कि सत्र के बचे दो दिन सरकार पूरी ताकत से मैदान में रहेगी। प्रधानमंत्री मोदी के साथ अमित शाह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज थामकर एकजुटता का प्रदर्शन किया। यानी तस्वीर में तिरंगा था, लेकिन उसके पीछे अगले 48 घंटों की संसदीय रणनीति भी थी। इसे भी पढ़ें: Modi-Yogi ने 'Mission 2027' को सफल बनाने के लिए कसी कमर, कई BJP MLAs के टिकट पर लटकी तलवार! दरअसल, यह बैठक इसलिए खास है क्योंकि यह मानसून सत्र के दौरान NDA की आखिरी साप्ताहिक संसदीय बैठक है। सत्र गुरुवार को समाप्त हो जाएगा। अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि कौन-सा विधेयक पारित होगा, बल्कि असली परीक्षा यह है कि सरकार विपक्ष के हंगामे के बीच अपने विधायी एजेंडे को कितना आगे ले जा पाती है। देखा जाये तो मानसून सत्र अब तक विपक्ष के लगातार विरोध और सदन में व्यवधान के कारण सुर्खियों में रहा है। विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन ने कई बार कार्यवाही की रफ्तार पर ब्रेक लगाया है। सरकार भी महत्वपूर्ण विधायी प्रस्तावों को लेकर विपक्ष के तीखे प्रतिरोध का सामना करती रही है। ऐसे में संसद के पास बचे सिर्फ दो दिन सियासी और संसदीय, दोनों मोर्चों पर बेहद अहम हैं। इस बीच, संसद के भीतर बहस पर ब्रेक और बाहर पोस्टर-नारेबाजी ने आज NDA और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष के बीच सियासी तापमान और बढ़ा दिया। NDA सांसद संसद पुस्तकालय से मकर द्वार की ओर मार्च करते हुए हाथों में तख्तियां लिए विपक्ष पर चर्चा से भागने का आरोप लगाते रहे। ‘राहुल गांधी जवाब दो’ और ‘राहुल गांधी भागो मत’ जैसे नारों के बीच सत्ता पक्ष का कहना था कि सरकार झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद जवाब देने को तैयार हैं, लेकिन विपक्ष सदन के भीतर चर्चा करने की बजाय बाहर सियासी प्रदर्शन कर रहा है। दूसरी ओर कांग्रेस और विपक्षी सांसदों ने छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर अमित शाह से जवाबदेही की मांग की। दोनों खेमे संसद परिसर में आमने-सामने आए तो सुरक्षा बलों को बीच में घेरा बनाना पड़ा। उधर, आज एनडीए के ‘मंगल मिलन’ में फ्लोर कोऑर्डिनेशन, लंबित विधायी कामकाज, महत्वपूर्ण बहसों और विधेयकों को अंतिम दौर में पारित कराने की रणनीति पर फोकस रहा। हम आपको बता दें कि NDA के लिए यह बैठक सहयोगी दलों को एक सुर में साधने और विपक्ष के शोर के बीच सरकार की लाइन स्पष्ट रखने का मंच है। अब देखना यह है कि ‘मंगल मिलन’ में बनी रणनीति गुरुवार तक संसद के पटल पर कितनी सफल होती है। तिरंगा लहराकर NDA ने एकजुटता की तस्वीर तो दिखा दी है, अब आखिरी दो दिन उस तस्वीर को संसदीय नतीजे में बदलने की परीक्षा है।
सुप्रिया सुले की बेटी की शादी में राहुल गांधी और अमित शाह, क्या मुलाकात हुई, कुछ बात हुई?
संसद और राजनीति में हमेशा एक दूसरे के आमने- सामने रहने वाले गृहमंत्री अमित शाह और कांग्रेस नेता राहुल गांधी एक शादी में भी आमने- सामने हो गए। मौका था सुप्रिया सुले की बेटी की शादी का। जहां शाह और गांधी एक दूसरे के सामने से गुजरे, ऐसे में लोगों के ...
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के मौसम के मिजाज को लेकर इस वक्त मौसम विभाग की ओर से एक बड़ा और ताजा अपडेट सामने आ रहा है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के कई संभागों में लगातार बरस रहे बादलों की रफ्तार अब अगले तीन दिनों के दौरान थोड़ी धीमी पड़ने वाली है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, राहत की इस फुहार के बीच मौसम विभाग (IMD) ने आज राज्य के कुल 16 महत्वपूर्ण जिलों में वज्रपात और तेज बौछारों को लेकर येलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया है। इस दौरान कुछ चुनिंदा इलाकों में झमाझम बारिश का दौर जारी रह सकता है, जिससे तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।किन 16 जिलों में जारी हुआ येलो अलर्ट और क्या है आज का मौसम?मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, मानसून की टफ लाइन और नमी वाले सिस्टम में आए आंशिक बदलाव के कारण राज्य के मौसम में यह स्थिति बनी है। जिन 16 जिलों में आज बारिश और आंधी-तूफान का येलो अलर्ट घोषित किया गया है, वहां प्रशासन ने विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। हालांकि राज्य के बाकी हिस्सों में आगामी तीन दिनों तक बादलों की लुकाछिपी के बीच बारिश की गतिविधियों में कमी दर्ज की जाएगी, लेकिन स्थानीय तापमान और उमस बढ़ने से लोगों को चिपचिपी गर्मी का अहसास परेशान कर सकता है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह ठहराव महज कुछ दिनों का है और इसके बाद एक बार फिर नया सिस्टम एक्टिव होने से झमाझम बारिश का दौर लौटेगा।किसानों और आम नागरिकों के लिए मौसम विभाग की चेतावनीलगातार बदलते इस मौसमी चक्र का असर सबसे ज्यादा खेती-किसानी और आम जनजीवन पर पड़ रहा है। जिन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, वहां अचानक बादलों के गरजने और आसमान से बिजली (Thunderstorm) गिरने का खतरा सबसे ज्यादा बना हुआ है। इसे ध्यान में रखते हुए मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में काम करते समय पेड़ों के नीचे या खुले में शरण लेने से बचें। दूसरी ओर, जिन इलाकों में बारिश की रफ्तार थमने वाली है, वहां के किसानों के लिए फसलों में खाद और कीटनाशक छिड़काव का यह सही मौका माना जा रहा है। कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ के मौसम का यह मिला-जुला रूप अभी कुछ और दिनों तक ऐसा ही बना रहने की पूरी संभावना है।
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के शहरी निकायों और स्थानीय राजनीति से जुड़ी इस वक्त की एक बेहद बड़ी और स्वागत योग्य खबर सामने आ रही है। अक्सर यह देखा जाता था कि महिला आरक्षण के तहत चुनाव जीतकर आने वाली महिला पार्षदों (Woman Councilors) के स्थान पर उनके पति, भाई या अन्य रिश्तेदार सरकारी बैठकों में शामिल होते थे और प्रशासनिक कामकाज में धौंस जमाते थे, जिसे आम बोलचाल की भाषा में 'पार्षद पति' संस्कृति कहा जाता है। लेकिन अब राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने इस अनधिकृत दखलअंदाजी पर पूरी तरह नकेल कसते हुए एक सख्त आदेश जारी कर दिया है, जिसके तहत महिला पार्षदों के नाम पर उनके रिश्तेदारों के नगर निगम या कार्यालयों में हस्तक्षेप करने पर कानूनी रोक लगा दी गई है।क्यों पड़ी इस सख्त पाबंदी की जरूरत और क्या थे प्रशासनिक नियम?स्थानीय शहरी निकायों में जनप्रतिनिधियों के रूप में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार ने सीटें आरक्षित की थीं, ताकि महिलाएं स्वतंत्र रूप से अपने क्षेत्र का विकास कर सकें। हालांकि, जमीनी हकीकत में कई जगहों पर निर्वाचित महिला पार्षदों के बजाए उनके पुरुष रिश्तेदार ही सारे फैसले लेते थे और फाइलों से लेकर बैठकों तक में अपनी धौंस जमाते थे, जिससे महिला सशक्तिकरण का मूल उद्देश्य ही धूमिल हो रहा था। कई स्तरों से लगातार मिल रही शिकायतों और प्रशासनिक अव्यवस्था को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब किसी भी बैठक या आधिकारिक कार्य में केवल और केवल निर्वाचित महिला पार्षद ही अधिकृत रूप से भाग लेंगी, और किसी भी रिश्तेदार की अनधिकृत एंट्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी।महिला जनप्रतिनिधियों और आम जनता के लिए क्या होंगे इसके मायने?प्रशासन के इस कड़े कदम से छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक सकारात्मक बदलाव की शुरुआत होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस रोक के लगने से अब महिला पार्षदों को अपने अधिकारों का खुलकर इस्तेमाल करने और स्वतंत्र रूप से फैसले लेने का पूरा अवसर मिलेगा, जिससे जमीनी स्तर पर महिला नेतृत्व (Women Leadership) को वास्तविक मजबूती मिलेगी। स्थानीय नागरिकों ने भी इस फैसले का दिल से स्वागत किया है क्योंकि अब उन्हें अपने वार्ड के विकास कार्यों और समस्याओं के समाधान के लिए बिचौलियों या पार्षदों के पतियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि वे सीधे अपनी चुनी हुई महिला जनप्रितनिधि से संपर्क कर सकेंगे।
ED का ताबड़तोड़ एक्शन, छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में कांग्रेस नेता की गिरफ्तारी से मचा सियासी भूचाल
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के राजनीतिक गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी (ED) ने चर्चित शराब घोटाले (Liquor Scam) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए एक प्रमुख कांग्रेस नेता को गिरफ्तार कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद से राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है और विपक्षी व सत्ताधारी दलों के बीच तीखी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। केंद्रीय जांच एजेंसी के इस ताबड़तोड़ एक्शन से राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।क्या है पूरा शराब घोटाला और ईडी की जांच का दायरा?छत्तीसगढ़ में हुए इस कथित शराब घोटाले को देश के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में गिना जा रहा है, जिसमें सरकारी तंत्र और राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर अवैध वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग किए जाने का आरोप है। ईडी पिछले काफी समय से इस सिंडिकेट की गहराई से छानबीन कर रही थी। जांच के दौरान मिले डिजिटल सबूतों, गवाहों के बयानों और वित्तीय लेन-देन के पुख्ता दस्तावेजों के आधार पर एजेंसी ने इस कांग्रेस नेता की संलिप्तता पाई, जिसके बाद यह कड़ी कार्रवाई अंजाम दी गई। जांच एजेंसी का दावा है कि इस घोटाले के तार कई बड़े चेहरों और प्रभावशाली लोगों से जुड़े हुए हैं, जो अवैध सिंडिकेट के जरिए सरकारी राजस्व को चूना लगा रहे थे।राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और आगे की कानूनी कार्रवाईइस गिरफ्तारी के सामने आते ही छत्तीसगढ़ की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। कांग्रेस पार्टी ने केंद्रीय जांच एजेंसियों के इस एक्शन को राजनीतिक प्रतिशोध और विपक्षी दलों को दबाने की सोची-समझी साजिश करार दिया है, जबकि दूसरी तरफ विरोधी दलों का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। गिरफ्तार किए गए नेता को अब विशेष अदालत में पेश किया जाएगा, जहां ईडी आगे की पूछताछ के लिए उनकी रिमांड की मांग करेगी। इस घटनाक्रम ने राज्य के राजनीतिक समीकरणों को झकझोर कर रख दिया है और सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस जांच की आंच आगे कहां तक पहुंचती है।
दैनिक भागदौड़ और ऑफिस की थकान भरी जिंदगी से दो दिन का सुकून भरा ब्रेक पाना हर किसी की चाहत होती है। जब भी वीकेंड (Weekend Getaway) के दो दिन मिलते हैं, तो लोगों के मन में यही सवाल आता है कि कम समय में बिना ज्यादा थकान के आखिरकार कहां घूमने जाया जाए। अगर आप भी लंबे सफर की थकान से बचना चाहते हैं और केवल 48 घंटों की छोटी सी छुट्टी में अपनी आत्मा और दिमाग को तरोताजा करना चाहते हैं, तो भारत के विभिन्न हिस्सों में ऐसी कई बेहतरीन और मनमोहक जगहें मौजूद हैं जो कम समय में परफेक्ट ट्रिप का मजा देती हैं।कम समय में शानदार सफर के लिए कैसे चुनें सही डेस्टिनेशन?दो दिन की छोटी छुट्टी का सबसे बड़ा नियम यह होता है कि आपकी यात्रा का समय (Travel Time) कम से कम हो, ताकि आप ज्यादा से ज्यादा वक्त अपनी पसंदीदा जगह पर सुकून से बिता सकें। यदि आप महानगरों के पास रहते हैं, तो अपने शहर से 200 से 300 किलोमीटर के दायरे में स्थित हिल स्टेशनों, ऐतिहासिक किलों, शांत झीलों या हरियाली से भरपूर जंगलों का चुनाव कर सकते हैं। इन जगहों पर अपनी गाड़ी या बस के जरिए आसानी से कम वक्त में पहुंचा जा सकता है, जिससे यात्रा की थकान रास्ते में ही खत्म हो जाती है और आप सीधे प्रकृति की गोद में पहुंच जाते हैं।वीकेंड पर घूमने के लिए कौन सी हैं बेस्ट और बजट फ्रेंडली जगहें?भारत में वीकेंड ट्रैवल के लिए नॉर्थ से लेकर साउथ और ईस्ट से लेकर वेस्ट तक ढेरों विकल्प मौजूद हैं। अगर आप पहाड़ों के शौकीन हैं तो नैनीताल, कसौली या लोनावला जैसी जगहों का रुख कर सकते हैं, वहीं अगर आपको ऐतिहासिक इमारतें या समंदर पसंद है तो गोवा, महाबलेश्वर या जयपुर जैसी नजदीकी जगहों पर दो दिन बिताए जा सकते हैं। ये सभी स्थान न केवल बजट-फ्रेंडली (Budget-Friendly) हैं बल्कि वहां का खान-पान और स्थानीय संस्कृति आपकी छोटी सी छुट्टी को यादगार बनाने के लिए काफी है। तो इस वीकेंड बिना ज्यादा सोचे अपने दोस्तों या परिवार के साथ पैक करें बैग और निकल पड़ें एक रिफ्रेशिंग सफर पर।
बिजनेसमैन की दुल्हन बनेगी हसीना, गुपचुप की सगाई, किया Kiss
सिंगर सुकृति कक्कड़ की सगाई हो गई है. उन्होंने इंस्टा पर ड्रीमी प्रपोजल की तस्वीरें पोस्ट की हैं. सिंगर ने अपने बिजनेसमैन बॉयफ्रेंड सौमिक शेट्टी संग सगाई की है.
उत्तराखंड के पर्यटन पटल पर सैलानियों के आकर्षण का केंद्र रहे नैनीताल (Nainital) और उसके आसपास की झीलों की खूबसूरती से तो हर कोई वाकिफ है, लेकिन इन दिनों पर्यटकों के बीच एक ऐसी जादुई और बेहद खूबसूरत झील चर्चा का केंद्र बनी हुई है जो किसी को भी पहली नजर में अपना दीवाना बना ले। अगर आप इस बार पहाड़ों की रानी नैनीताल जाने का प्लान बना रहे हैं, तो मुख्य शहर की भीड़भाड़ से दूर स्थित इस अनोखी झील का दीदार करना आपकी ट्रिप को यादगार बना देगा। यहां की शांत वादियां, चारों तरफ फैले ऊंचे-ऊंचे हरे-भरे पहाड़ और पानी पर तैरती कश्मीर की तर्ज पर चलने वाली रंग-बिरंगी शिकारा बोट्स पर्यटकों को सीधे जन्नत का अहसास कराती हैं।क्या है 9 कोनों वाली इस रहस्यमयी और खूबसूरत झील का सच?नैनीताल के पास स्थित इस खास जगह की सबसे बड़ी विशेषता इसका भौगोलिक स्वरूप है, जो इसे दूसरी झीलों से बिल्कुल अलग बनाता है। स्थानीय मान्यताओं और भौगोलिक जानकारियों के अनुसार, इस अद्भुत झील के कुल नौ कोने (Nine Corners) हैं, और इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि आप चाहे किसी भी कोने से खड़े होकर देख लें, आपको एक साथ इसके सभी नौ कोने कभी दिखाई नहीं देंगे। इसी अनोखे रहस्य के चलते इसे 'नौकुचियाताल' (Naukuchiatala) के नाम से जाना जाता है। पानी की अपार गहराई, चारों तरफ बादलों से घिरे पहाड़ और शांत वातावरण प्रकृति प्रेमियों के लिए एक बेहतरीन सुकून भरी जगह मुहैया कराते हैं।कश्मीर जैसी शिकारा बोट और बर्ड वॉचिंग का शानदार अनुभवइस शांत और मनमोहक झील के पानी में जब आप कश्मीर की तर्ज पर बनी खूबसूरत शिकारा बोट (Shikara Boat Ride) की सवारी करते हैं, तो आपको बिल्कुल डल झील जैसी अनुभूति होती है। झील के ठंडे और नीले पानी में बोटिंग करते हुए आसपास के जंगलों से आती पक्षियों की चहचहाहट इस सफर को और भी ज्यादा सुहाना बना देती है। यही वजह है कि फोटोग्राफी के शौकीनों, कपल्स और नेचर लवर्स के लिए यह जगह बेस्ट डेस्टिनेशन बनती जा रही है। यदि आप भी इस वीकेंड या छुट्टियों में पहाड़ों की ठंडी हवाओं के बीच कुछ सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं, तो नैनीताल के इस छिपे हुए खजाने का रुख जरूर करें।
बॉलीवुड की кульट क्लासिक फिल्म 'दिल चाहता है' (Dil Chahta Hai) को रिलीज हुए भले ही लंबा वक्त बीत चुका हो और फिल्मों की पीढ़ियां बदल चुकी हों, लेकिन आज भी जब दोस्तों के ट्रिप की बात आती है तो गोवा का चपोरा फोर्ट (Chapora Fort) हर ट्रैवलर की बकेट लिस्ट में सबसे ऊपर रहता है। समुद्र के किनारे खड़ी इस ऐतिहासिक धरोहर की दीवारों पर बैठकर सनसेट देखने का जो रोमांच दो दशक पहले युवाओं के दिलों में था, वही क्रेज आज भी बरकरार है। समय बदलने के साथ-साथ गोवा के कई टूरिस्ट स्पॉट अपडेट हो चुके हैं, लेकिन चपोरा किले की वह खास माटी और वहां का मनमोहक नजारा आज भी यारों की महफिल के लिए सबसे पसंदीदा ठिकाना बना हुआ है।क्यों आज भी युवाओं के दिलों में राज करता है चपोरा फोर्ट?गोवा के उत्तरी छोर पर स्थित इस किले से वागाटर बीच (Vagator Beach) और अरब सागर का जो360-डिग्री पैनोरमिक व्यू दिखाई देता है, वह किसी भी सैलानी का दिल जीतने के लिए काफी है। फिल्म 'दिल चाहता है' में आमिर खान, सैफ अली खान और अक्षय खन्ना के किरदारों को इसी किले की प्राचीर पर बैठकर भविष्य के सपने बुनते हुए दिखाया गया था, जिसके बाद से यह जगह 'फ्रेंडशिप गोल्स' (Friendship Goals) का पर्याय बन गई। आज भी देश के कोने-कोने से आने वाले युवा जब गोवा पहुंचते हैं, तो वे अपनी दोस्ती की मिसाल देने के लिए इस किले की चढ़ाई जरूर करते हैं और यहां बिताए गए पलों को अपने कैमरे में कैद करते हैं।इतिहास के पन्नों से जुड़ा चपोरा किले का अनसुना रोमांचकेवल फिल्मी दीवानगी ही नहीं, बल्कि इस किले का ऐतिहासिक महत्व भी इसे बेहद खास बनाता है। पुर्तगाली शासनकाल के दौरान रणनीतिक रूप से बनाए गए इस किले ने कई ऐतिहासिक लड़ाइयों और सत्ता परिवर्तन का दौर देखा है। हालांकि वक्त के साथ यह किला खण्डहर में तब्दील जरूर हो चुका है, लेकिन इसकी टूटी-फूट दीवारें और समंदर की ठंडी हवाएं पर्यटकों को प्राचीन काल के इतिहास से रूबरू कराती हैं। यदि आप भी इस वीकेंड या छुट्टियों में अपने दोस्तों के साथ गोवा जाने का प्लान बना रहे हैं, तो चपोरा फोर्ट के उस पुराने इतिहास और सनसेट के अद्भुत अहसास को अपनी यात्रा में शामिल करना बिल्कुल न भूलें।
CRETA-SIERRA को टक्कर देने आई थी ये SUV, अब आधी हो गई सेल
रेनो डस्टर उन चुनिंदा कारों में से एक है, जिन्होंने भारतीय बाजार में मिडसाइज एसयूवी का सेगमेंट शुरू किया है. हालांकि, 2026 में जब रेनो डस्टर की वापसी हुई, तो कार पहले जैसा कोई कमाल नहीं कर पाई है. अब तक के आंकड़े तो यही दिखा रहे हैं. जून के मुकाबले जुलाई में डस्टर की सेल आधी हो गई है. आइए जानते हैं रेनो के लिए जुलाई कैसी रही.
भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे घातक और करिश्माई गेंदबाजों में शुमार जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) इन दिनों दुनिया भर के बल्लेबाजों के लिए सबसे बड़ा खौफ बने हुए हैं। उनकी सटीक यॉर्कर, घातक स्विंग और विरोधी टीम को तहस-नहस करने की काबिलियत से हर कोई वाकिफ है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि टेस्ट क्रिकेट (Test Cricket) के मैदान पर जसप्रीत बुमराह की मौजूदगी और उनकी गैरमौजूदगी (Without and With Bumrah) टीम इंडिया के प्रदर्शन पर कितना गहरा असर डालती है? हाल ही में सामने आए आंकड़ों के एक चौंकाने वाले 'काले चिट्ठे' ने यह साबित कर दिया है कि बुमराह का मैदान पर होना टीम के लिए जीत की कितनी बड़ी गारंटी है और उनके बिना टीम का पलड़ा कितना कमजोर हो जाता है।बुमराह के साथ कैसी है टीम इंडिया की जीत की गारंटी?जब-जब जसप्रीत बुमराह भारतीय टेस्ट टीम की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा होते हैं, तब-तब विरोधी बल्लेबाजों की नींद उड़ी रहती है। आंकड़ों के इस दिलचस्प विश्लेषण पर नजर डालें तो पता चलता है कि बुमराह की उपस्थिति में भारतीय गेंदबाजी आक्रमण दुनिया के किसी भी मजबूत बैटिंग ऑर्डर को धराशायी करने की कुव्वत रखता है। विदेशी पिचों (Overseas Conditions) पर चाहे SENA देश हों या फिर भारतीय उपमहाद्वीप की स्पिन लेती पिचें, बुमराह ने हर जगह अपनी गेंदबाजी के दम पर भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई है। उनकी इकोनॉमी और विकेट लेने की क्षमता के आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि टेस्ट क्रिकेट में वे टीम इंडिया के सबसे बड़े 'गेम चेंजर' साबित हुए हैं।बुमराह के बिना टेस्ट में क्यों हांफने लगती है टीम इंडिया?इसके विपरीत, जब जसप्रीत बुमराह वर्कलोड मैनेजमेंट या किसी चोट के कारण टेस्ट टीम से बाहर होते हैं, तो टीम इंडिया के आंकड़े एकदम से चिंताजनक तस्वीर पेश करते हैं। बुमराह की गैरमौजूदगी में भारतीय गेंदबाजी कई मौकों पर दबाव बनाए रखने में संघर्ष करती नजर आई है, खासकर विदेशी दौरों पर जहां अनुभवी पेसर की कमी सीधे तौर पर खलती है। इस 'काले चिट्ठी' नुमा आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि भले ही टीम में अन्य बेहतरीन गेंदबाज मौजूद हों, लेकिन बुमराह का प्रभाव ऐसा है जिसके बिना टीम की जीत का प्रतिशत काफी नीचे लुढ़क जाता है। यही कारण है कि आज भारतीय चयनकर्ता और टीम मैनेजमेंट हर सीरीज में बुमराह की फिटनेस को लेकर सबसे ज्यादा सतर्कता बरतते हैं।
राम मंदिर: कौन बनेगा पहला CEO? रेस में ये पूर्व IPS और IAS
अयोध्या राम मंदिर के पहले चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) की नियुक्ति के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया शुरू हो गई है. 5,300 से अधिक आवेदनों में से शॉर्टलिस्ट किए गए 18 उम्मीदवारों में से तीन नाम फाइनल किए जाएंगे. एनकाउंटर स्पेशलिस्ट पूर्व IPS राजेश पांडेय और पूर्व DM योगेश्वर राम मिश्रा का इंटरव्यू पूरा हो चुका है.
भारतीय क्रिकेट टीम के प्रैक्टिस सेशन से इस वक्त एक हैरान करने वाली और गलियारों में चर्चा का विषय बनी खबर सामने आ रही है। नेट सेशन के दौरान टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज शुभमन गिल और हेड कोच गौतम गंभीर के बीच का माहौल अचानक काफी गंभीर और गरमा-गरम नजर आया। दोनों दिग्गजों के चेहरों पर साफ तौर पर टेंशन और चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती थीं, जिसके बाद से क्रिकेट प्रेमियों और एक्सपर्ट्स के बीच यह सवाल तैर रहा है कि आखिर बंद दरवाजों के पीछे या मैदान के बीचों-बीच ऐसी कौन सी बात हो गई जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।प्रैक्टिस सेशन में क्यों गरमाया माहौल और क्या था टेंशन का असली कारण?भारतीय टीम जब आगामी मुकाबलों के लिए मैदान पर पसीना बहा रही थी, तब कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ियों के बीच रणनीति को लेकर गहन चर्चा चल रही थी। इसी दौरान शुभमन गिल और हेड कोच गौतम गंभीर के बीच किसी बात को लेकर तीखी वैचारिक बातचीत शुरू हो गई। गंभीर अपनी सख्त अनुशासन शैली और आक्रामक मानसिकता के लिए जाने जाते हैं, और ऐसा प्रतीत हो रहा था कि टीम के प्रदर्शन या शॉट चयन को लेकर दोनों के बीच लंबी और गंभीर मंत्रणा हुई। चेहरे पर साफ दिख रहे तनाव को देखकर वहां मौजूद बाकी खिलाड़ी भी थोड़े सतर्क नजर आए, क्योंकि टीम मैनेजमेंट इस समय किसी भी प्रकार की कोताही बरतने के मूड में नहीं है।आगामी मैचों से पहले टीम इंडिया की रणनीति और खिलाड़ियों पर दबावक्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि इंटरनेशनल क्रिकेट के इस व्यस्त और चुनौतीपूर्ण दौर में हर खिलाड़ी और कोचिंग स्टाफ पर बेहतरीन प्रदर्शन करने का भारी दबाव रहता है। शुभमन गिल टीम के सबसे अहम और प्रमुख बल्लेबाजों में शुमार हैं, ऐसे में उनकी तकनीक और फॉर्म को लेकर कोच गंभीर का सख्त रुख होना कोई हैरानी की बात नहीं है। इस हाई-वोल्टेज प्रैक्टिस सेशन ने भले ही थोड़ी देर के लिए हलचल बढ़ा दी हो, लेकिन यह साफ है कि टीम मैनेजमेंट आगामी श्रृंखला में किसी भी तरह की चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहता है और हर खिलाड़ी को अपनी सर्वश्रेष्ठ क्षमता के साथ मैदान पर उतरना होगा।
क्रिकेट के मैदान पर अनहोनी और अजीबोगरीब रिकॉर्ड्स का बनना कोई नई बात नहीं है, लेकिन खेल के इतिहास में एक ऐसा वाकया भी दर्ज है जिस पर पहली बार में यकीन करना किसी के लिए भी नामुमकिन सा लगता है। क्या आपने कभी किसी ऐसे बल्लेबाज के बारे में सुना है जो अपनी पारी में शून्य (0) रन के स्कोर पर आउट होकर पवेलियन लौट गया हो, लेकिन इसके बावजूद उसने स्कोरबोर्ड पर अपनी टीम के लिए व्यक्तिगत रूप से 187 रन का एक ऐसा विशाल रिकॉर्ड जड़ दिया हो जिसे जानकर दुनिया भर के धुरंधर क्रिकेट पंडित भी हैरान रह गए थे? क्रिकेट के इस अनोखे और हैरान कर देने वाले किस्से के पीछे विरोधी टीम के कप्तान की एक ऐसी रणनीतिक भूल छिपी थी, जिसने गेंदबाजों को आंसू बहाने पर मजबूर कर दिया था।कैसे संभव हुआ शून्य पर आउट होने के बावजूद 187 रन का यह जादुई करिश्मा?क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में यह सवाल उठना लाजमी है कि भला कोई खिलाड़ी बिना खाता खोले आउट होने के बाद भी इतने बड़े स्कोर का मालिक कैसे बन सकता है। दरअसल, यह पूरा मामला क्रिकेट के इतिहास के शुरुआती या घरेलू मुकाबलों के उस अनोखे फॉर्मेट से जुड़ा है, जहां खेल के कुछ तकनीकी नियमों और स्कोरिंग के पुराने तरीकों का खामियाजा या फायदा खिलाड़ियों को मिलता था। उस मैच के दौरान जब वह बल्लेबाज क्रीज पर उतरा और बिना एक भी रन बनाए आउट हो गया, तो स्कोरशीट और टीम के दस्तावेजों में उसके नाम दर्ज होने वाली कुल भागीदारी व अन्य तकनीकी जोड़-तोड़ के आधार पर उसका व्यक्तिगत रिकॉर्ड और योगदान ऐतिहासिक रूप से 187 रन तक जा पहुंचा, जिसने पूरी महफिल ही लूट ली।विरोधी कप्तान की एक भूल और गेंदबाजों की बेबसी का दर्दइस दिलचस्प मुकाबले में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट विरोधी टीम के कप्तान का वह गलत फैसला साबित हुआ, जो उसने मैच की परिस्थितियों को भांपने में कर दिया था। कप्तान की उस एक रणनीतिक भूल ने विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका दे दिया और गेंदबाजों के लिए वह मैच किसी खौफनाक सपने से कम नहीं साबित हुआ। मैदान पर पसीना बहाते हुए गेंदबाज अपनी किस्मत को कोस रहे थे क्योंकि कप्तान के गलत फैसलों के चलते उनकी एक न चल रही थी और रन मशीन लगातार आगे बढ़ती जा रही थी। क्रिकेट के पन्नों में दर्ज यह अनूठा रिकॉर्ड आज भी खेल प्रेमियों के बीच बड़े ही रोचक अंदाज में याद किया जाता है।
प्राइवेट अस्पतालों की नहीं चलेगी मनमानी, कमरे का किराया होटल से भी कम करने की तैयारी
मरीज के परिवार को इलाज के साथ-साथ कमरे के लिए भी भारी रकम चुकानी पड़ती है। अस्पतालों में कमरों का किराया एक तय सीमा के अंदर होना चाहिए। इसके लिए 3-स्टार होटल के कमरे की कीमत को आधार बनाया जा सकता है।
नहीं चमकाना अपना चेहरा; अभिजीत दीपके का अब झारखंड जाने से साफ इनकार
अभिजीत दीपके ने कहा कि वह खुद रांची नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन देवेंद्र नाथ महतो की अगुआई में चल रहा है और वह उनकी जगह अपना चेहरा नहीं चमकाना चाहते हैं।
8वें वेतन आयोग में कितनी बढ़ेगी पेंशन? समझें कैलकुलेशन
8वां वेतन आयोग अभी लंबा इंतजार है, लेकिन कर्मचारी यूनियन ने कई मांग रखी है. अगर कर्मचारियों के हिसाब से बढ़ोतरी होती है तो पेंशन और सैलरी में तगड़ा इजाफा होगा?
Dharmendra Pradhan का Rahul Gandhi पर वार: झूठ फैलाकर घड़ियाली आंसू बहाने का आरोप
धर्मेंद्र प्रधान ने झारखंड में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर संसद से बचने और छात्रों के हितों के बारे में झूठे दावे फैलाने का आरोप लगाया। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में प्रधान ने कहा कि राहुल गांधी के पास तथ्यों की कमी है और विपक्ष के नेता, जो झूठ बोलने के आदी हैं, न तो संसद आना चाहते हैं और न ही जवाब सुनना चाहते हैं। वे बस अपना झूठ फैलाना और मगरमच्छ के आँसू बहाना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: जनहित के मुद्दों से ध्यान भटका रही BJP-Congress, Mayawati ने बताया सोची-समझी Conspiracy झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के ख़िलाफ़ पुलिस द्वारा कथित तौर पर बल प्रयोग को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ते तनाव के दौरान ये बातें कहीं गईं। प्रधान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर बेबुनियाद, तथ्यहीन और झूठे आरोप लगाने के लिए राहुल गांधी और कांग्रेस की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि सरकार संसद में सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष कामकाज में बाधा डाल रहा है। उन्होंने आगे कहा कि गृह मंत्री अमित शाह जी पर बिना किसी आधार या तथ्य के झूठे आरोप लगाना राहुल गांधी और कांग्रेस की राजनीतिक हताशा को दिखाता है। प्रधान ने विपक्ष पर देश और युवाओं के भले से ज़्यादा राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार संसद में हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस लोकतंत्र के मंदिर 'संसद भवन' के कामकाज में बाधा डाल रही है और देश व युवाओं के हितों को नुकसान पहुंचा रही है। इसे भी पढ़ें: क्या Rahul Gandhi के इशारे पर Jharkhand में युवाओं पर हुआ लाठीचार्ज? Anurag Thakur का बड़ा आरोप प्रधान ने यह भी आरोप लगाया कि जब भी संसद के अंदर चर्चा का मौका आता है, विपक्ष बाहर विरोध-प्रदर्शन करता है, जिससे पता चलता है कि वे जवाब सुनने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने युवाओं से जुड़ी घटनाओं पर कांग्रेस के चुनिंदा रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस का लोकतंत्र भी 'चुनिंदा' है – जहां उनकी सरकार है वहां युवाओं के ख़िलाफ़ हिंसा, और जहां वे राजनीतिक फ़ायदा उठाना चाहते हैं वहां झूठ और हंगामा। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
'5 साल का कार्यकाल, 7 साल से राज्यपाल...', स्वामी प्रसाद मौर्य ने उठाए सवाल
आनंदीबेन पटेल 29 जुलाई 2019 से उत्तर प्रदेश की राज्यपाल हैं. इस पद पर रहते हुए उन्हें करीब सात साल हो गए हैं. यूं तो राज्यपाल का कार्यकाल पांच साल का होता है, पर संविधान के जानकार बताते हैं कि नए राज्यपाल की नियुक्ति ना होने पर, यह कार्यकाल जारी रहता है. अब राज्यपाल पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने सवाल उठाए हैं.
सबरीमाला पर अब निर्णय की घड़ी, 9 जजों की पीठ कब सुनाएगी फैसला?
सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संविधान पीठ सितंबर के आखिरी हफ्ते या अक्टूबर के पहले हफ्ते में सबरीमाला मामले पर फैसला सुना सकती है. कोर्ट ने इसके संकेत दिए हैं.
FCRA बिल पर विपक्ष में फूट, कांग्रेस की वापसी की मांग तो TMC-DMK की अलग राह
एफसीआरए संशोधन बिल 2026 पर विपक्ष के भीतर साफ फूट दिखी, जहां कांग्रेस ने इसे पूरी तरह वापस लेने की मांग दोहराई, टीएमसी, डीएमके और बीजेडी ने जेपीसी के रास्ते पर सहमति या शर्तों के साथ समर्थन जताया, और सरकार भी संसद में पेश करने से पहले इसी विकल्प पर विचार करती दिख रही है.
'कांग्रेस की एक ही गारंटी- लूट!', नए कचरा शुल्क पर भड़की बीजेपी
बीजेपी नेता सीटी रवि ने बेंगलुरु में लागू नई कचरा शुल्क योजना को लेकर कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने मंत्री कृष्ण बायरे गौड़ा की योजना को जनता से पैसा वसूलने का जरिया बताया. उनके अनुसार बीस बाई तीस साइज के प्लॉट पर छह हजार सात सौ रुपये, बाउंड्री वॉल होने पर सात हजार सात सौ रुपये और कचरा उठाने के लिए उन्नीस हजार दो सौ रुपये तक देने होंगे.
बेंगलुरु की शिवगंगे पहाड़ी पर ट्रैकिंग पर गए इंदौर के IT इंजीनियर अद्वैत उपाध्याय रहस्यमयी तरीके से लापता हैं। चार दिन से पुलिस, NDRF, SDRF और वन विभाग के लगभग 100 कर्मचारी अद्वैत की तलाश में लगे हुए हैं।
घर पर खड़े मसाले डालकर बनाएं फेमस अवधी तहरी, आसान है रेसिपी
Awadhi Tahri Recipe: रोज-रोज लंच या डिनर में वही दाल, सब्जी और चावल खाकर अगर आप भी बोर हो गए हैं, तो इस बार कुछ अलग ट्राई करें. उत्तर प्रदेश में चावलों की तहरी लोग बड़े चाव से खाते हैं, लेकिन कुछ लोग पीले चावलों को तहरी समझ लेते हैं. ऐसे में आज हम आपको इस आर्टिकल में अवधी स्टाइल तहरी की रेसिपी बताएंगे, जो खाने मेंस्वादिष्ट होने के साथ-साथ बनाने में भी बहुत आसान होती है.चावल, मौसमी सब्जियों और खुशबूदार मसालों से तैयार होने वाली यह तहरी पेट भी भरती है और खाने में बेहद मजेदार भी लगती है.
सूर्य ग्रहण पर कल ये 3 राशियां रहें सावधान, पढ़ें पूरा राशिफल
Kal Ka Rashifal 12 August 2026: अपनी बातों में स्पष्टता रखें और वचन निभाएं. विदेशी गतिविधियों में रुचि बढ़ाएं. करीबियों का भरोसा जीतें और जिद या अहंकार में आने से पूरी तरह बचें.
अचानक अमेरिका, यूके और कनाडा क्यों जा रहे मोहन भागवत? RSS प्रमुख के दौरे के पीछे क्या है बड़ी वजह?
Mohan Bhagwat US Visit:
'व्हाट्सऐप-ईमेल पर तलाक दे रहे मुस्लिम मर्द', SC में 27 अक्टूबर को सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट 27 अक्टूबर को तलाक-ए-हसन, तलाक-ए-अहसन और एकतरफा तलाक को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगा. याचिकाकर्ताओं ने बताया कि कई मर्द व्हाट्सऐप और ईमेल के जरिए पत्नियों को वर्चुअल डिवोर्स दे रहे हैं. ऐसे में अदालत ने कहा है कि सरकार या अन्य पक्षकार जवाब न दें तो भी पीड़ित महिलाओं की याचिकाओं पर सुनवाई होगी.
शादी के एक महीने बाद पेड़ से लटका मिला टेक कर्मचारी, पत्नी पर केस
बेंगलुरु के कनकपुरा में 27 वर्षीय टेक कर्मचारी रोशन जमीर की मौत से सनसनी फैल गई. उसकी नई नवेली पत्नी और ससुरालवालों पर प्रताड़ना का इल्जाम है. पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है. पढ़ें पूरी कहानी.
IMD ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 11 से 17 अगस्त के दौरान काफी व्यापक बारिश की संभावना है। वहीं दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 11-12 अगस्त और 14-15 अगस्त को अच्छी बारिश का अनुमान है।
रसमलाई के लिए बड़े भाई-भाभी पर किया कैंची से हमला
उन्नाव में फ्रिज में रखी रसमलाई खाने को लेकर दो भाइयों के परिवार में विवाद हो गया। आरोप है कि छोटे भाई और उसकी पत्नी ने बड़े भाई और भाभी पर कैंची से हमला कर दिया, जिससे दोनों घायल हो गए। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
वंदे मातरम की अनिवार्यता पर शशि थरूर को होने लगी चिंता, बोले- नतीजा उलटा न हो जाए
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' को पूरा गाने की नई ज़रूरत की व्यावहारिकता पर सवाल उठाए हैं। उनका तर्क है कि कई देशभक्ति गीतों को पूरा गाने में लगने वाला लंबा समय दर्शकों के धैर्य की परीक्षा ले सकता है। थरूर की यह टिप्पणी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026' को मंज़ूरी दिए जाने के बाद आई है। इस विधेयक के तहत 'वंदे मातरम' को भी राष्ट्रगान की तरह ही कानूनी सुरक्षा मिल गई है। इसे भी पढ़ें: जनहित के मुद्दों से ध्यान भटका रही BJP-Congress, Mayawati ने बताया सोची-समझी Conspiracy संसद के मॉनसून सत्र के दौरान इस संशोधन को मंज़ूरी दी गई थी; राज्यसभा ने इसे 29 जुलाई को और लोकसभा ने अगले दिन पारित किया था। इस कानून में राष्ट्रीय गीत को जानबूझकर गाने से रोकने या इसे गाते समय किसी सभा में बाधा डालने पर सज़ा का प्रावधान है, जिसमें तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों शामिल हो सकते हैं। X पर एक पोस्ट में, थरूर ने कहा कि वह 'वंदे मातरम' और 'जन गण मन' दोनों का बहुत सम्मान करते हैं, लेकिन नए प्रोटोकॉल के लिए ज़रूरी समय को लेकर उन्होंने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने Vande Mataram संशोधन को मंज़ूरी दे दी है। संसद में बिना किसी चर्चा के पारित हुए इस संशोधन के तहत, किसी भी सरकारी कार्यक्रम की शुरुआत और समापन पर राष्ट्रगान के अलावा राष्ट्रगीत को भी पूरा गाना ज़रूरी है। थरूर ने कहा कि वह 'वंदे मातरम' के शुरुआती हिस्से से तो परिचित हैं, लेकिन इसके सभी छंदों से नहीं; उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी कार्यक्रमों में पहले अतिरिक्त छंदों को गाने की कोई अनिवार्यता नहीं थी। उन्होंने कहा कि मैं दोनों का बहुत सम्मान करता हूँ और पहले वाले (राष्ट्र-गान) के शुरुआती दो पद गा सकता हूँ (बाकी चार नहीं, जिनकी अब तक कभी ज़रूरत नहीं पड़ी) और पूरा राष्ट्र-गान भी गा सकता हूँ। मैं बस एक व्यावहारिक बात की ओर इशारा करना चाहता हूँ जिसे हमारे जोशीले समर्थकों ने शायद नज़रअंदाज़ कर दिया है: इंसानी फ़ितरत। उन्होंने दोनों राष्ट्रीय रचनाओं की अवधि की तुलना करते हुए कहा कि 'जन गण मन' के लिए दर्शकों से एक मिनट से भी कम समय तक खड़े रहने की उम्मीद की जाती है, जबकि 'वंदे मातरम' को पूरा गाने में काफ़ी ज़्यादा समय लगेगा। इसे भी पढ़ें: ‘इस बार वोट हाथी को, अपने पुराने साथी को', आकाश आनंद के नये नारे ने उड़ा दी UP में सारे राजनीतिक दलों की नींद थरूर ने तर्क दिया कि जन गण मन के लिए ज़रूरी है कि दर्शक सम्मान के साथ खड़े हों और पूरे 52 सेकंड तक अपना ध्यान उस पर केंद्रित रखें। राष्ट्रगीत को पूरा गाने में 3 मिनट 10 सेकंड लगते हैं। तमिलनाडु ने अभी फ़ैसला किया है कि इन दोनों से पहले तमिल भाषा में राज्य-गीत गाया जाएगा, जिसमें 2 मिनट और लगेंगे। क्या हम सच में उम्मीद करते हैं कि दर्शक हर कार्यक्रम से पहले और बाद में छह मिनट तक—यानी कुल 12 अतिरिक्त मिनट—सम्मान के साथ और बिना हिले-डुले खड़े रहेंगे? क्या सम्मान और धैर्य को क़ानून के ज़रिए लागू किया जा सकता है? उन्होंने कहा, मुझे डर है कि इस बिल का मक़सद—राष्ट्रगीत के प्रति सम्मान बढ़ाना—पूरा नहीं होगा, बल्कि इसका उलटा नतीजा भी निकल सकता है।
मिसाइल अटैक में दो पाकिस्तानी नागरिक की मौत
यमन के पास बाब अल-मंदेब स्ट्रेट में हूती मिसाइल हमले ने कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. सऊदी मीडिया के मुताबिक हमले में दो पाकिस्तानी और एक इंडोनेशियाई नागरिक की मौत हुई है. यह इलाका लाल सागर को अदन की खाड़ी और हिंद महासागर से जोड़ता है, जिससे इसका रणनीतिक महत्व बेहद अहम है.
IPL क्रिकेटर अभिषेक पोरेल गिरफ्तार, शादी का झांसा देकर रेप का आरोप
दिल्ली कैपिटल्स के विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल को शादी का झांसा देकर यौन संबंध बनाने के आरोप में मंगलवार को हुगली से गिरफ्तार किया गया. मेडिकल छात्रा की शिकायत पर मोगरा थाने में मामला दर्ज हुआ था. FIR में पीड़िता ने प्राइवेट पलों को रिकॉर्ड करने, प्रताड़ित करने और जबरन अलग रखने समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं. हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी का आदेश दिया था.
सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति असद को मौत की सजा, वॉर क्राइम के दोषी पाए गए
सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल असद को मौत की सजा सुनाई गई है. असद की सरकार पर लगे आरोपों में आम नागरिकों की सुनियोजित हत्या, हिरासत में यातना और मौत, लोगों को जबरन गायब करना, मनमानी गिरफ्तारियां और नागरिक इलाकों पर हमले शामिल हैं.
नागर विमानन मंत्रालय ने रविवार को कहा कि अचानक ऊंचाई में गिरावट का शिकार हुई एयर इंडिया फुकेत-दिल्ली उड़ान के मुख्य पायलट की ड्रग टेस्ट की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
ट्रेनी IPS की पहली पोस्टिंग में 1 करोड़ का 'रिश्वत कांड', CBI कोर्ट ने DGP से मांगी रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ कैडर के 2022 बैच के ट्रेनी आईपीएस अधिकारी राहुल बंसल और दो पुलिसकर्मियों पर साइबर फ्रॉड केस निपटाने के बदले एक करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने और लेने का गंभीर आरोप लगा है।
आज के दौर में स्किन केयर और ब्यूटी प्रोडक्ट्स को लेकर महिलाएं बेहद सजग हो चुकी हैं, वे अपने चेहरे पर महंगे सीरम, सनस्क्रीन और मॉइश्चराइजर लगाने से पहले सौ बार सोचती हैं कि उनकी त्वचा को क्या नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि, इस बीच एक बेहद गंभीर और अनदेखा पहलू यह है कि महिलाएं अपने पर्सनल हाइजीन और मेंस्ट्रुअल प्रोडक्ट्स (Menstrual Products) के चुनाव में उतनी सावधानी नहीं बरतती हैं। हाल ही में जानी-मानी स्त्री रोग विशेषज्ञों (Gynecologists) ने महिलाओं को चेतावनी देते हुए एक बड़ा बयान दिया है कि चेहरे पर क्या लगा रही हैं, इससे कहीं ज्यादा यह जानना जरूरी है कि आपके सैनिटरी पैड, टैम्पोन या मेंस्ट्रुअल कप में कौन से केमिकल्स और सामग्रियां इस्तेमाल की जा रही हैं, क्योंकि यह सीधे तौर पर आपके रिप्रोडक्टिव हेल्थ को प्रभावित करता है।क्यों खतरनाक हो सकते हैं बाजार में मिलने वाले सामान्य सैनिटरी पैड?विशेषज्ञों के मुताबिक, बाजार में बिकने वाले अधिकांश कमर्शियल सैनिटरी पैड्स और पैंटी लाइनर्स को अधिक सफेद और खुशबूदार बनाने के लिए सिंथेटिक फाइबर्स, ब्लीच (Chlorine Bleaching), आर्टिफिशियल फ्रेग्रेन्स और प्लास्टिक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। जब महिलाएं पीरियड्स के दौरान लगातार कई घंटों तक इन केमिकल्स के संपर्क में रहती हैं, तो वे योनि और आसपास की बेहद संवेदनशील त्वचा (Vaginal Skin) के जरिए शरीर के अंदर आसानी से एब्जॉर्ब हो जाते हैं। इसके परिणाम स्वरूप हार्मोनल असंतुलन, गंभीर एलर्जी, त्वचा का संक्रमण और लॉन्ग टर्म में प्रजनन संबंधी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।महिलाओं को किन बातों का रखना चाहिए खास ध्यान और क्या हैं सुरक्षित विकल्प?गायनेकॉलोजिस्ट्स सलाह देती हैं कि महिलाओं को अपने मेंस्ट्रुअल प्रोडक्ट्स खरीदते समय उनकी पैकेजिंग पर दिए गए इंग्रेडिएंट्स (Ingredients) को ध्यान से पढ़ना चाहिए। सिंथेटिक और सुगंधित पैड की जगह हमेशा ऑर्गेनिक कॉटन से बने पैड्स, बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी नैपकिन या मेडिकल ग्रेड सिलिकॉन से बने मेंस्ट्रुअल कप (Menstrual Cups) का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा, पैड को हर 4 से 6 घंटे के भीतर नियमित रूप से बदलना भी संक्रमण के खतरे को टालने के लिए बेहद जरूरी है। अपनी सुंदरता के साथ-साथ अपने इंटीमेट हेल्थ को लेकर बरती गई यह छोटी सी सावधानी महिलाओं को भविष्य की कई गंभीर स्वास्थ्य परेशानियों से सुरक्षित रख सकती है।
बिना जिम जाए भी शरीर रहेगा फिट, सुबह घास पर नंगे पैर चलने की ये जादुई आदत बदल देगी आपकी सेहत
आज की इस भागदौड़ भरी और तनावपूर्ण जीवनशैली में खुद को स्वस्थ रखना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। जिम जाने के लिए घंटों का समय निकालना हर किसी के लिए मुमकिन नहीं हो पाता है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप अपने शरीर को एक्टिव और ऊर्जावान नहीं रख सकते। आयुर्वेद से लेकर आधुनिक विज्ञान तक, इस बात की पुष्टि करता है कि यदि आप अपनी सुबह की शुरुआत महज कुछ मिनट नंगे पैर हरी घास (Dew on Grass) पर चलने की आदत से करें, तो यह आपके संपूर्ण शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक वरदान साबित हो सकता है। यह बेहद सरल सी आदत बिना किसी पसीने बहाए आपके शरीर को प्राकृतिक रूप से स्वस्थ और तरोताजा बनाए रखने में मदद करती है।सुबह ओस से भीगी घास पर चलने से शरीर को मिलते हैं कौन-कौन से अद्भुत फायदे?सुबह के वक्त हरी घास पर नंगे पैर चलना जिसे 'अर्थिंग' (Earthing) या 'ग्राउंडिंग' भी कहा जाता है, सेहत के लिए कई मायनों में फायदेमंद होता है। जब आप नंगे पैर घास पर चलते हैं, तो पैरों के तलवों में मौजूद एक्यूप्रेशर पॉइंट्स पर हल्का दबाव पड़ता है, जिससे शरीर के внутренних अंगों की कार्यप्रणाली में सुधार होता है। इसके अलावा, प्रकृति के सीधे संपर्क में आने से आंखों की रोशनी तेज होती है, मानसिक तनाव कम होता है, और शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। सुबह की ताजी हवा और पैरों के जरिए मिलने वाली प्राकृतिक ऊर्जा आपके नर्वस सिस्टम को शांत रखती है, जिससे आप पूरे दिन खुद को तरोताजा और एक्टिव महसूस करते हैं।इस आसान सी आदत को अपनाते समय किन लोगों को बरतना चाहिए विशेष ध्यान?यद्यपि घास पर नंगे पैर चलना स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है, लेकिन कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों वाले लोगों को इसे अपनाते वक्त थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए। जिन लोगों को जोड़ों में गंभीर दर्द, गठिया (Arthritis) या पैरों में किसी तरह की पुरानी चोट की समस्या है, उन्हें सुबह की ठंडक और ओस में बहुत ज्यादा देर तक चलने से बचना चाहिए ताकि उनकी परेशानी न बढ़े। इसके अलावा, डायबिटीज के मरीजों या जिन्हें पैरों में सुन्नपन की शिकायत रहती है, उन्हें पार्क में चलते समय यह जरूर देख लेना चाहिए कि वहां कोई कंकड़, शीशा या नुकीली चीज न हो ताकि पैर सुरक्षित रहें। यदि आप इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखते हैं, तो बिना जिम जाए भी आप अपने शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ और चुस्त-दुरुस्त रख सकते हैं।
असम-अरुणाचल सीमा पर फायरिंग, तीन लोग गंभीर रूप से घायल
अरुणाचल प्रदेश-असम सीमा पर गोलीबारी में असम के 11 ग्रामीणों के घायल होने की खबर है. घायलों में तीन की हालत गंभीर है. घटना असम-अरुणाचल सीमा पर धेमाजी ज़िले के गोगमुख राजस्व सर्कल के अंतर्गत आने वाले मिंगमांग बदाती इलाके में हुई. पुलिस ने कहा कि वो घटना की जांच कर रही है. स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं.
हिंदू पंचांग के अनुसार सावन महीने का महीना भगवान शिव और प्रकृति की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस पावन मास में आने वाली अमावस्या तिथि को 'हरियाली अमावस्या' (Hariyali Amavasya) के रूप में पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, हरियाली अमावस्या के दिन पेड़-पौधे लगाना और उनका संवर्धन करना अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस खास दिन विधि-विधान के साथ कुछ विशेष और पवित्र पौधों को रोपने से न सिर्फ पर्यावरण हरा-भरा होता है, बल्कि पितृ दोष शांत होता है और सात जन्मों या पीढ़ियों तक पितरों के साथ-साथ देवी-देवताओं की कृपा भी साधक के परिवार पर बरसती रहती है।कौन से पौधे लगाने से मिलती है पितृ दोष से मुक्ति और बरसती है कृपा?ज्योतिष शास्त्र के जानकारों का कहना है कि हरियाली अमावस्या के दिन यदि अपनी राशि या नक्षत्र के अनुसार कुछ विशेष पौधे घर के आसपास या मंदिर परिसर में लगाए जाएं, तो इसके अद्भुत परिणाम देखने को मिलते हैं। इस दिन पीपल, बरगद, नीम, आंवला और तुलसी जैसे पवित्र पौधों को लगाना बेहद कल्याणकारी माना जाता है। इन पेड़ों में देवताओं और पितरों का वास माना गया है। विशेष रूप से पीपल और बरगद के पेड़ का रोपण करने और नियमित रूप से जल देने से पितृगण अत्यंत तृप्त होते हैं, जिससे परिवार में आ रही समस्त बाधाएं दूर होती हैं और घर-परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है।हरियाली अमावस्या पर पौधा लगाते समय किन बातों का रखें खास ध्यान?पौधे लगाने का पूरा लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ जरूरी नियमों का पालन करना भी बहुत आवश्यक है। हरियाली अमावस्या के दिन सुबह स्नान करने के बाद साफ वस्त्र धारण करके किसी पवित्र स्थान, मंदिर, पार्क या अपने घर के आंगन में शुभ मुहूर्त में पौधे लगाएं। पौधा लगाने के बाद उसकी नियमित रूप से देखभाल करने और उसे सींचने का संकल्प जरूर लें, क्योंकि सूखे या नष्ट हुए पौधे नकारात्मकता का प्रतीक माने जाते हैं। यदि आप सच्चे मन और पूरी श्रद्धा के साथ प्रकृति की सेवा करते हैं, तो आपको ग्रहों के अशुभ प्रभावों से राहत मिलती है और जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के द्वार खुलने लगते हैं।
12 अगस्त को साल का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण: कहीं छाएगा पूर्ण अंधेरा तो कहीं दिखेगा आंशिक नजारा
खगोल प्रेमियों के लिए साल 2026 का सबसे रोमांचक और बहुप्रतीक्षित दिन आ चुका है। आज यानी 12 अगस्त 2026 को दुनिया के कई हिस्सों में एक दुर्लभ खगोलीय घटना के रूप में पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) लगने जा रहा है। इस खगोलीय नजारे के दौरान चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरते हुए सूर्य को पूरी तरह ढक लेगा, जिससे दिन में भी रात जैसा अंधेरा छा जाएगा। इस अद्भुत घटना को लेकर दुनियाभर के वैज्ञानिकों और स्काई-वॉचर्स में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।किन देशों में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण और कहां होगा आंशिक असर?नासा (NASA) और अंतरिक्ष विज्ञान एजेंसियों के मुताबिक, इस पूर्ण सूर्य ग्रहण का मुख्य मार्ग (Path of Totality) उत्तरी गोलार्ध के कई चुनिंदा क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। यह दुर्लभ नजारा मुख्य रूप से ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, आर्कटिक महासागर, स्पेन और पुर्तगाल के छोटे से हिस्से में पूरी तरह साफ नजर आएगा। इन इलाकों में रहने वाले लोग कुछ मिनटों के लिए सूरज को पूरी तरह ढका हुआ और उसका बाहरी आवरण यानी कोरोना (Corona) स्पष्ट रूप से देख सकेंगे। इसके अलावा, यूरोप के बाकी हिस्सों, उत्तरी अमेरिका के कुछ हिस्सों, कनाडा और उत्तर-पश्चिम अफ्रीका में यह ग्रहण आंशिक (Partial Solar Eclipse) रूप में दिखाई देगा।क्या भारत में नजर आएगा 12 अगस्त का सूर्य ग्रहण?भारतीय खगोल प्रेमियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई देगा? तो इसका जवाब है— नहीं, यह सूर्य ग्रहण भारत में बिल्कुल भी दिखाई नहीं देगा। भारतीय समय के अनुसार (IST), यह ग्रहण 12 अगस्त की रात को शुरू होकर 13 अगस्त की तड़के तक चलेगा। चूँकि इस अवधि के दौरान भारत में रात का समय होगा और सूरज क्षितिज के नीचे रहेगा, इसलिए देशवासी इस खगोलीय घटना को अपनी आंखों से सीधे नहीं देख पाएंगे। भारत में दृश्य न होने के कारण यहाँ किसी भी प्रकार का सूतक काल (Sutak Kaal) मान्य नहीं होगा। हालांकि, जो लोग इस रोमांचक घटना को लाइव देखना चाहते हैं, वे नासा (NASA) के आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन ब्रॉडकास्ट के जरिए इसकी लाइव स्ट्रीमिंग का लुत्फ उठा सकते हैं।
मंगल मिलन में NDA सांसदों ने PM Modi का तिरंगे के साथ किया स्वागत, लगाए वंदे मातरम के नारे
मंगलवार को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में सत्ताधारी गठबंधन की साप्ताहिक संसदीय दल की बैठक के लिए पहुँचे, तो NDA सांसदों ने राष्ट्रीय ध्वज के साथ और 'वंदे मातरम' व 'भारत माता की जय' के नारों के साथ उनका स्वागत किया। 'मंगल मिलन' नाम की यह बैठक संसद पुस्तकालय के GMC बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित की गई थी, जिसमें केंद्रीय मंत्री, NDA नेता और सहयोगी दलों के सांसद शामिल हुए। इसे भी पढ़ें: जनहित के मुद्दों से ध्यान भटका रही BJP-Congress, Mayawati ने बताया सोची-समझी Conspiracy वहाँ मौजूद लोगों में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन और केंद्रीय मंत्री अमित शाह, निर्मला सीतारमण, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान और एस जयशंकर शामिल थे। NDA सहयोगियों का प्रतिनिधित्व करने वाले मंत्रियों में JD(S) के एचडी कुमारस्वामी, TDP के किंजरापु राम मोहन नायडू, RSP-A के रामदास बंडू अठावले, NCP के प्रफुल्ल पटेल, RLM के उपेंद्र कुशवाहा और NCPI की शताब्दी रॉय शामिल थे। संसद सत्र के दौरान हर मंगलवार को NDA संसदीय दल की बैठक होती है। 20 जुलाई को शुरू हुआ मॉनसून सत्र 13 अगस्त को खत्म होने वाला है। इस सत्र में बार-बार कार्यवाही स्थगित हुई और कामकाज में रुकावटें आईं, जिससे विधायी कामकाज बहुत कम हो पाया। संसद ने 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026' और चार अन्य बिल बिना किसी खास बहस के पास कर दिए। विपक्ष के लगातार विरोध के बीच लोकसभा ने तीन और बिल पास किए। इसे भी पढ़ें: क्या Rahul Gandhi के इशारे पर Jharkhand में युवाओं पर हुआ लाठीचार्ज? Anurag Thakur का बड़ा आरोप विपक्ष ने शुरुआत में NEET पेपर लीक का मुद्दा उठाया और अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में हेराफेरी का आरोप लगाया। बाद में उन्होंने NEET मुद्दे पर विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर चर्चा की मांग की, साथ ही प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी और उनके बयानों की भी मांग की। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
बाइक बुक की, ड्राइवर ले आया कार! युवती ने पोस्ट लिखकर सुनाई आपबीती
ऐप से बुक होने वाली राइड्स ने सफर आसान किया है, लेकिन नोएडा की इस घटना ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक अहम सवाल फिर सामने ला दिया है.
पौराणिक कथाओं और भारतीय इतिहास के महाकाव्य रामायण में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के पिता राजा दशरथ के जीवन से जुड़े कई ऐसे रहस्य हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। क्या आप जानते हैं कि राजा दशरथ का वास्तविक नाम 'नेमी' था और उन्हें 'दशरथ' नाम मिलने के पीछे एक बेहद रोमांचक और साहसिक कहानी जुड़ी हुई है? त्रेतायुग के दौरान जब देवताओं और असुरों के बीच भीषण संग्राम छिड़ा था, तब अयोध्या के तत्कालीन राजा नेमी ने अपनी अद्भुत वीरता का परिचय दिया था। इस भयंकर युद्ध के मैदान में एक ऐसा नाजुक मोड़ भी आया था जब महारानी कैकेयी के अदम्य साहस और युद्ध कौशल ने राजा दशरथ के प्राण बचाए थे, जिसने आगे चलकर अयोध्या के इतिहास और राजनीतिक समीकरणों की तकदीर को पूरी तरह से बदल कर रख दिया था।क्यों पड़ा था महाराज नेमी का नाम 'दशरथ'?पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान राम के पिता का मूल नाम महाराज नेमी था। उनकी सेना की ख्याति और उनकी युद्धक क्षमता इतनी प्रचंड थी कि वे एक साथ दसों दिशाओं यानी रथ, गज, घोड़े और पैदल सेना के व्यूह को नियंत्रित करने में सक्षम थे। उनकी इसी महान महारथ और युद्ध कौशल के कारण उन्हें 'दशरथ' अर्थात 'दस रथों को एक साथ कुशलता से संचालित करने वाला योद्धा' की उपाधि से सम्मानित किया गया था, जो बाद में उनके वास्तविक नाम के रूप में इतिहास में अमर हो गया। वे अपनी प्रजा के प्रति जितने दयालु और न्यायप्रिय थे, रणक्षेत्र में वे उतने ही आक्रामक और अजय योद्धा माने जाते थे।युद्ध के मैदान में कैकेयी ने कैसे बचाई थी जान?इस कथा का सबसे दिलचस्प और निर्णायक मोड़ वह युद्ध था जब राजा दशरथ देवताओं की ओर से असुरों के खिलाफ एक भयंकर संग्राम में हिस्सा ले रहे थे। युद्ध के दौरान एक भीषण हमले में उनके रथ का पहिया टूट गया और वे बुरी तरह जख्मी होकर मृत्यु के मुख में पहुंच गए थे। उस संकट की घड़ी में उनकी पत्नी कैकेयी, जो एक कुशल योद्धा और सारथि की भूमिका में वहां मौजूद थीं, ने बिना एक पल गंवाए अपनी तलवार और रथ की कमान संभाली। कैकेयी ने अपनी जान की परवाह किए बिना अत्यंत शौर्य का परिचय देते हुए राजा दशरथ को सुरक्षित रणभूमि से बाहर निकाला था। उनकी इस बहादुरी से प्रसन्न होकर राजा दशरथ ने उन्हें दो वरदान मांगने का वचन दिया था, जो आगे चलकर रामायण की पूरी कथा और अयोध्या के भाग्य का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ।
VIDEO: जनाजे को देख कांवड़ियों ने किया ऐसा काम, हो रही तारीफ
बिजनौर के स्योहारा में हिंदू-मुस्लिम भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की एक खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली. पूर्व शिक्षक के जनाजे के सम्मान में कांवड़ यात्रियों ने अपना काफिला रोक दिया और डीजे बंद कर पहले जनाजे को रास्ता दिया. इस पूरे वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
उत्तर प्रदेश के लाखों स्कूली छात्रों के लिए शिक्षा के मोर्चे पर एक बेहद काम की और राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए छात्रवृत्ति (Scholarship) योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत कर दी गई है। राज्य के जो छात्र कक्षा 9, 10, 11 और 12 में अध्ययनरत हैं, वे अब आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपनी छात्रवृत्ति के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को उनकी आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है ताकि पैसों की कमी किसी भी बच्चे के सपनों के आड़े न आए।कौन-कौन कर सकता है आवेदन और क्या है पात्रता के नियम?उत्तर प्रदेश छात्रवृत्ति योजना का लाभ उठाने के लिए छात्रों को कुछ जरूरी पात्रता मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य है। आवेदक छात्र का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी है और वह राज्य के मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज या संस्थान में कक्षा 9 से 12 के बीच नियमित छात्र के रूप में अध्ययनरत होना चाहिए। इसके अलावा, छात्र के परिवार की वार्षिक आय सरकार द्वारा निर्धारित आय सीमा के अंतर्गत होनी चाहिए। आवेदन करते समय छात्रों को अपने सभी जरूरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, बैंक पासबुक, पिछले साल की मार्कशीट, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और फीस रसीद तैयार रखनी होगी ताकि फॉर्म भरते समय किसी प्रकार की तकनीकी दिक्कत का सामना न करना पड़े।आवेदन करने की प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियांछात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते उत्तर प्रदेश छात्रवृत्ति के आधिकारिक पोर्टल (scholarship.up.gov.in) पर जाकर अपना ऑनलाइन फॉर्म भर लें। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्रों को अपने शिक्षण संस्थान से फॉर्म को सत्यापित करवाकर संबंधित जिले के समाज कल्याण विभाग में जमा कराना होगा ताकि समय पर स्कॉलरशिप की राशि उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जा सके। समय सीमा और सही दस्तावेजों की जानकारी के लिए पोर्टल पर समय-समय पर जारी होने वाले दिशा-निर्देशों को जरूर चेक करते रहें।
जनहित के मुद्दों से ध्यान भटका रही BJP-Congress, Mayawati ने बताया सोची-समझी Conspiracy
बसपा प्रमुख मायावती ने मंगलवार को बीजेपी और विपक्षी पार्टियों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि ये पार्टियां मॉनसून सत्र के दौरान संसद की कार्यवाही में बाधा डाल रही हैं ताकि केंद्र और राज्य सरकारों की कमियों से लोगों का ध्यान भटकाया जा सके। प्रेस कॉन्फ्रेंस में BSP प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी देश के युवाओं, यानी 'जेन Z' के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि उनका विरोध सीधे तौर पर छात्रों और उनके माता-पिता की समस्याओं से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि BSP इन मुद्दों का समाधान खोजने की पूरी कोशिश कर रही है। इसे भी पढ़ें: मैं 30 साल का और वे लोग 50 साल के..मायावती के भतीजे ने UP के 2 लड़कों को क्यों कहा 'अंकल' BSP प्रमुख मायावती ने कहा जैसा कि सभी जानते हैं, कुछ समय से सत्ता पक्ष और विपक्ष (BJP, कांग्रेस और अन्य) किसी न किसी मुद्दे पर संसद में बाधा डाल रहे हैं और जनहित के अहम मुद्दों से लोगों का ध्यान भटका रहे हैं। हो सकता है कि केंद्र और राज्यों में अपनी सरकारों की कमियों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए उनके बीच कोई अंदरूनी समझौता हो, या फिर इन मुद्दों पर बात करने से बचने के लिए कोई साजिश हो। देश के लोग साफ देख सकते हैं कि क्या हो रहा है। अब देश के युवा, यानी 'जेन Z', अपनी कई समस्याओं को लेकर बहुत परेशान और चिंतित हैं। BSP हमेशा से अपनी राजनीतिक सोच के तहत उनके साथ खड़ी रही है और आगे भी खड़ी रहेगी। उनका विरोध छात्रों और उनके माता-पिता की समस्याओं से जुड़ा है। BSP इसका समाधान खोजने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। मायावती का यह बयान तब आया जब आज संसद परिसर में विपक्षी सांसदों - जिनमें कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव और डिंपल यादव शामिल थे - ने अयोध्या में राम मंदिर में दान में कथित चोरी और हेराफेरी तथा झारखंड में विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इसे भी पढ़ें: ‘इस बार वोट हाथी को, अपने पुराने साथी को', आकाश आनंद के नये नारे ने उड़ा दी UP में सारे राजनीतिक दलों की नींद विपक्ष श्री राम जन्मभूमि मंदिर को दिए गए दान में कथित अनियमितताओं पर संसद में चर्चा की मांग कर रहा है और साथ ही हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्रों के साथ किए गए व्यवहार पर सरकार से जवाब भी मांग रहा है। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि सरकार दोनों मुद्दों पर बयान दे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर जवाब देने को तैयार नहीं हैं। डिंपल यादव ने कहा, हम दोनों मुद्दों पर बयान चाहते हैं, लेकिन गृह मंत्री बिल्कुल भी सदन में आकर बयान नहीं देना चाहते।
13 लाख की नौकरी छोड़ी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पढ़ाई की और मिला 1.5 करोड़ का बंपर पैकेज
साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले और कड़ी मेहनत के दम पर आसमान छूने की ख्वाहिश रखने वाले युवाओं के लिए एक बेहद शानदार और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। एक स्थानीय फोटोग्राफर के होनहार बेटे ने अपनी 13 लाख रुपये सालाना की स्थापित नौकरी को अलविदा कहकर कुछ हटकर करने का जोखिम उठाया। उसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में अपनी उच्च शिक्षा और कौशल को निखारने का फैसला किया। उसकी इस मेहनत का ऐसा शानदार सिला मिला कि आज उसे देश-विदेश से 1.5 करोड़ रुपये का भारी-भरकम सालाना पैकेज ऑफर हुआ है, जिसकी चर्चा आज हर तकनीकी गलियारे में हो रही है।साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर तकनीक की दुनिया में छाई चमकइस युवा की सफलता की यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। एक फोटोग्राफर पिता के घर जन्मे इस लड़के ने बचपन से ही सीमित संसाधनों के बीच संघर्ष और अनुशासन का माहौल देखा था। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने शुरुआती दिनों में एक सामान्य नौकरी पकड़ ली थी, जहां उसे 13 लाख रुपये का पैकेज मिल रहा था। हालांकि, उसका सपना तकनीक की दुनिया में एक बहुत बड़ा मुकाम हासिल करने का था। जब दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का बूम शुरू हुआ, तो उसने बिना डरे अपनी सुरक्षित नौकरी छोड़ने का कठिन निर्णय लिया और पूरी लगन के साथ एआई की गहन पढ़ाई में जुट गया।एआई स्किल्स की ताकत और युवाओं के लिए बड़ा संदेशआज के इस आधुनिक दौर में जहां Generative AI और डेटा साइंस का बोलबाला है, वहां सही समय पर सही तकनीक चुनना ही किसी भी करियर को रातों-रात बदल सकता है। इस युवा ने अपनी कोडिंग स्किल्स और एआई प्रोजेक्ट्स के जरिए दुनिया की दिग्गज तकनीकी कंपनियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उसका यह सफर आज के उन तमाम युवाओं के लिए एक बड़ी मिसाल है जो कम्फर्ट जोन से बाहर निकलकर कुछ नया सीखना चाहते हैं। फोटोग्राफर के बेटे की इस असाधारण सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि आपके पास पक्का इरादा और सही दिशा में तकनीकी ज्ञान हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं है।
कौन हैं तेज-तर्रार आईएएस दीप्ति गौर मुखर्जी, जिन्हें सौंपी गई उच्च शिक्षा विभाग की बड़ी जिम्मेदारी
भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में अपनी बेदाग कार्यशैली, प्रशासनिक दक्षता और उत्कृष्ट निर्णयों के लिए पहचानी जाने वाली वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीप्ति गौर मुखर्जी को एक बार फिर बड़ी और अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार ने उन्हें देश के उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) की कमान सौंपी है। प्रशासनिक गलियारों में उनके इस नए और महत्वपूर्ण पदभार संभालने की चर्चा जोरों पर है। अपनी शानदार सर्विस प्रोफाइल और विभिन्न विभागों में बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर अपनी एक खास पहचान बनाने वाली आईएएस दीप्ति गौर मुखर्जी का यह सफर आज के युवा सिविल सेवा उम्मीदवारों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा बना हुआ है।प्रशासनिक सफर और शानदार कार्यकुंभ का अनुभवदीप्ति गौर मुखर्जी ने अपने लंबे और सफल प्रशासनिक करियर के दौरान विभिन्न मंत्रालयों और महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए कई चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है। उनकी गिनती देश के उन चुनिंदा और अनुभवी आईएएस अधिकारियों में होती है जो जटिल से जटिल नीतियों को धरातल पर उतारने में महारत रखते हैं। उच्च शिक्षा विभाग जैसे अहम मोर्चे पर उनकी नियुक्ति को सरकार का एक बेहद रणनीतिक और दूरदर्शी कदम माना जा रहा है, क्योंकि देश की नई शिक्षा नीति (NEP) और उच्च शिक्षण संस्थानों के आधुनिकीकरण के दौर में ऐसे कुशल नेतृत्व की खासी जरूरत है।युवाओं और महिला अधिकारियों के लिए एक प्रेरणास्त्रोतएक महिला प्रशासनिक अधिकारी के रूप में दीप्ति गौर मुखर्जी ने यह साबित कर दिया है कि लगन, ईमानदारी और दृढ़ संकल्प के साथ काम किया जाए तो हर मुकाम को हासिल किया जा सकता है। सिविल सेवा की तैयारी करने वाले हजारों छात्र-छात्राएं उनके कामकाज के तरीके और प्रशासनिक अनुशासन का अनुसरण करते हैं। उच्च शिक्षा विभाग में उनके आने से अकादमिक सुधारों, शोध संस्कृति को बढ़ावा देने और शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता लाने की दिशा में नए मील के पत्थर स्थापित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
सीरिया के 24 साल तानाशाह रहे बशर अल असद को मौत की सजा, फिलहाल देश छोड़कर भागे हैं
बशर अल-असद को अदालत ने गृह युद्ध के दौरान युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराया है.
पुराने तेवर में ही लौटे आकाश आनंद, राहुल-अखिलेश पर निशाना तो चंद्रशेखर क्यों हुए खामोश
बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक और पार्टी प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंदन सोमवार को अपने पुराने तेवर में नजर आए. इस दौरान उन्होंने बीजेपी की सरकारों के साथ-साथ राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर भी जमकर निशाना साधा.
18 किलो वजन घटाने वाले रवि किशन का कहना है कि वेट लॉस में डाइट सबसे अहम है. चलिए जानते हैं उनकी उनकी पसंदीदा डाइट में क्या-क्या शामिल है?
इस्लामिक NATO जैसा ही बना था 'बगदाद पैक्ट', जंग हुई तो दो टुकड़ों में बंट गया PAK, नहीं आई मदद
बगदाद पैक्ट पर हस्ताक्षर कर पाकिस्तान खूब डींगें हाक रहा था. लेकिन जब 1965 और 71 की जंग आई तो पाकिस्तान के सारे कथित 'दोस्त' बस आश्वासन देते रह गए. 71 की लड़ाई में तो पाकिस्तान दो टुकड़ों में बंट गया. अब पाकिस्तान ने मक्का पैक्ट साइन किया है और बार बार कह रहा है कि किसी भी एक मुल्क पर हमला सभी पर हमला माना जाएगा.
सांप के काटने से कैसे हो जाती है मौत, क्यों नहीं बच पाती जान
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली के एक आवासीय स्कूल में जहरीले सांप के काटने से तीन छात्राओं की मौत हो गई है जबकि अन्य छात्राओं का इलाज अस्पताल में जारी है. इस घटना से यह सवाल उठता है कि सांप के काटने के बाद मौत कैसे हो जाती है, क्यों कुछ मामलों में डॉक्टरों के लिए मरीज की जान बचाना मुश्किल हो जाता है?
Gen-Z पर आगे बढ़ रहे आकाश आनंद, लेकिन चंद्रशेखर को लेकर अलर्ट! समझें रणनीति
बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद की यूपी की सियासत में दोबारा से एंट्री हो गई है. आकाश आनंद ने सोमवार को हाथरस से मिशन-2027 का आगाज भी कर दिया और युवा वोटर्स को साधते नजर आए. इस दौरान उन्होंने जिस तरह अखिलेश यादव को अंकल कहा, उसके सियासी मायने साफ हैं.
अमित शाह जवाब देने को तैयार, फिर सदन छोड़कर क्यों भाग रहे राहुल? बीजेपी ने कांग्रेस से पूछा सवाल
संसद का मानसून सत्र अब अपने आखिरी पड़ाव पर है. ऐसे में गृह मंत्री अमित शाह के वक्तव्य को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है.
धर्मेंद्र और मीना कुमारी ने एक साथ जो पहली फिल्म की थी, उसी के एक गाने के दौरान दोनों करीब आए थे. इसे लता मंगेशकर और मुकेश ने आवाज दी थी.
Kharge का सीधा वार: सरकार मुद्दों से भाग रही, Parliament में विपक्ष अपना रुख नहीं बदलेगा
मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि संसद में गतिरोध जारी रहने के बावजूद विपक्ष अपनी मांगों पर शुरू से ही अडिग रहा है और उसने अपना लक्ष्य नहीं बदला है। खड़गे ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि गृह मंत्री अमित शाह प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई, जिसमें पैलेट गन का इस्तेमाल भी शामिल है, पर बयान दें। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा 18 दिनों से अनसुलझा है। इसे भी पढ़ें: ‘इस बार वोट हाथी को, अपने पुराने साथी को', आकाश आनंद के नये नारे ने उड़ा दी UP में सारे राजनीतिक दलों की नींद खड़गे ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा कि हम अपना रुख नहीं बदल रहे हैं। शुरू से ही हमारा स्टैंड एक जैसा रहा है और हमारे तीन खास मुद्दे हैं। पहला मुद्दा छात्रों पर लाठीचार्ज और फायरिंग का है - हम जानना चाहते हैं कि आदेश किसने दिए और यह सब कैसे हुआ; हम इस बारे में सदन में बयान चाहते हैं। दूसरा, लाठीचार्ज की वजह से कई छात्र बीमार पड़ गए या उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा; 100 से ज़्यादा छात्रों को मामूली चोटें आईं और कई छात्र पैलेट गन से घायल हुए। हम इस मामले पर भी बयान चाहते हैं। 18 दिन बीत चुके हैं, लेकिन बयान देने की कोई इच्छा नहीं दिखाई जा रही है। कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि वे बस जल्दबाजी में अपनी बात कहकर आगे बढ़ जाना चाहते हैं; यही उनका मकसद है। दूसरा मुद्दा 'चंदा चोरी' का है और तीसरा मुद्दा माफ़ी मांगने की मांग है। ये तीनों मुद्दे शुरू से ही उठाए गए हैं, अभी भी अहम हैं और जब तक इनका समाधान नहीं हो जाता, तब तक ये बने रहेंगे। खड़गे ने कहा कि झारखंड में छात्रों का विरोध-प्रदर्शन एक अलग मुद्दा है और सवाल उठाया कि क्या सभी मामलों पर एक साथ चर्चा की जा सकती है। उन्होंने कहा कि वह एक अलग मुद्दा है। सैकड़ों मुद्दे हैं, उन पर अलग-अलग चर्चा होती है? क्या हम हर मुद्दे को एक ही दिन उठाते हैं? इसे भी पढ़ें: Jharkhand में Student Protest जारी! JPSC-JSSC पर बेनतीजा वार्ता से भड़का आक्रोश, BJP का बंद उनकी यह टिप्पणी उस घटना के एक दिन बाद आई है जब उन्होंने और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद में जारी गतिरोध के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शाह को जिम्मेदार ठहराया था। सरकार के यह कहने के बाद कि गृह मंत्री छात्रों के विरोध-प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई पर बहस का जवाब देने के लिए तैयार हैं, गांधी ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि शाह यह साफ़ करें कि क्या उन्होंने विरोध कर रहे छात्रों पर पैलेट गन चलाने का आदेश दिया था, न कि वे आम विषयों पर बयान दें। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
80 साल से लाल किले पर क्यों नहीं गाया वंदे मातरम? अब किस कानून से होगी शुरुआत, विवाद की जड़ क्या
लाल किले की प्राचीर से इस बार इतिहास रचने जा रहा है! 15 अगस्त के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन से ठीक पहले, पूरे लाल किले में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' की गूंज सुनाई देगी। आजादी के बाद यह पहला मौका होगा जब स्वतंत्रता दिवस के आधिकारिक और मुख्य प्रोटोकॉल में वंदे मातरम को यह विशेष स्थान दिया गया है। अब तक के कड़े सैन्य और राष्ट्रीय प्रोटोकॉल के तहत ध्वजारोहण समारोह में केवल राष्ट्रगान 'जन गण मन' को प्राथमिकता दी जाती थी। इतना ही नहीं, 1937 में सर्वसम्मति और विविधता का ध्यान रखते हुए इसके पहले दो छंदों को ही अपनाया गया था। लेकिन रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी नए और ऐतिहासिक प्रोटोकॉल बदलावों के तहत, इस बार पूरे 'वंदे मातरम' के ओजस्वी स्वरों से देश के स्वाभिमान का नया अध्याय शुरू होगा! इसे भी पढ़ें: भूटान में भारत ने रोकी चीन की एंट्री, जानें कैसे बीजिंग के काल्पनिक संसार की उड़ी धज्जियां आपत्तियां, सीमांकन और ऐतिहासिक मोड़ बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की कविता के शुरुआती दो पद तो मातृभूमि की सामान्य स्तुति हैं, लेकिन बाद के पदों में हिंदू देवियों (जैसे दुर्गा) का साफ़ ज़िक्र और उनसे जुड़ी कल्पनाएँ हैं। इन धार्मिक संदर्भों पर मुस्लिम लीग और अन्य लोगों की आपत्तियों के कारण, 1937 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने महात्मा गांधी और रवींद्रनाथ टैगोर जैसी हस्तियों की सलाह पर बाद के पदों को हटाने और सार्वजनिक राजनीतिक मंचों के लिए केवल शुरुआती दो पदों का इस्तेमाल करने का फ़ैसला किया। जब भारत एक गणतंत्र बना, तो 1950 में संविधान सभा ने 'जन गण मन' को आधिकारिक राष्ट्रगान और 'वंदे मातरम' के शुरुआती दो पदों को राष्ट्रगीत का दर्जा दिया। इस तरह उन्हें बराबर सम्मान तो दिया गया, लेकिन सरकारी प्रोटोकॉल के लिए धर्मनिरपेक्ष संतुलन भी बनाए रखा गया। राष्ट्रीय समारोहों में लंबे समय से चली आ रही रस्मी परंपरा में बदलाव हो रहा है। स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में, राष्ट्रगान से ठीक पहले लाल किले की प्राचीर से 'वंदे मातरम' बजाया जाएगा। संसद ने 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) अधिनियम' पारित किया है, जिसके तहत 'वंदे मातरम' को राष्ट्रगान के बराबर कानूनी दर्जा दिया गया है और जान-बूझकर इसमें बाधा डालने या इसका अनादर करने को दंडनीय अपराध बनाया गया है। किस कानून में हुआ बदलाव? संसद ने पिछले महीने जुलाई में ही Pराष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 पास कर दिया है, जिसके तहत ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान के बराबर कानूनी दर्जा मिल गया। इसके साथ ही इसके गायन के दौरान जानबूझकर बाधा पैदा करने को अपमान और दंडनीय अपराध के तौर पर माना जाएगा। अभी तक साल 1971 में राष्ट्रगान से जुड़ा ‘प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर ऐक्ट’ आया था। इसके सेक्शन 2 और सेक्शन 3 के तहत गीत के गायन के दौरान अपमान करने को कानूनन अपराध घोषित किया गया। अब इसी 1971 के ऐक्ट में संशोधन करके वंदे मातरम को भी जोड़ दिया गया है। वायुसेना क्या करने वाली है बताया जा रहा है कि भारतीय वायुसेना का हेलीकॉप्टर एक बड़ा ध्वज भी लेकर उड़ने वाला है, जो वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने को दर्शाएगा। वैसे, इस बार के स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश की युवा शक्ति को भी सम्मानित किया जाएगा। 2047 तक विकसित भारत की दिशा में जो युवा अहम योगदान दे रहे हैं, प्रधानमंत्री मोदी उनका सम्मान करेंगे।
अमेरिका में पढ़ाई का सपना रह गया अधूरा, सड़क हादसे में भारतीय छात्र की मौत
इस हादसे के बाद न्यूयॉर्क स्थित भारतीय दूतावास ने परिवार से संपर्क कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया है, जबकि नॉर्थ अमेरिका तेलुगु सोसाइटी ने आर्थिक मदद के लिए फंडरेजर शुरू किया है. परिवार अब अंतिम संस्कार के लिए शव को भारत लाने की तैयारी में जुटा है.
इस्तीफे के बाद हमलावर हुए धर्मेंद्र प्रधान, राहुल गांधी से बोले- घड़ियाली आंसू मत बहाओ
झारखंड में छात्रों का प्रदर्शन उग्र होने के बाद अब भाजपा सांसदों ने कांग्रेस को घेरा है। पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी पर भी बड़े आरोप लगाए हैं।
10वीं में 52%, 3 बार IIT में फेल, अब BPSC पास कर बनें अधिकारी
पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं... यह कहावत आपने कभी न कभी अपने घर पर सुना ही होगा. लेकिन SDM राहुल सिन्हा का मानना है कि यह कहावत बिल्कुल गलत है. करीब 12 साल लगातार संघर्ष करने के बाद उन्होंने न केवल सरकारी नौकरी पाई बल्कि BPSC जैसा बड़ा एग्जाम पास कर लिया है.
नोएडा : पीजी में असम की युवती का शव मिलने से सनसनी, हत्या की आशंका में जांच तेज
नोएडा। उत्तर प्रदेश में नोएडा सेक्टर-49 थाना क्षेत्र के बरौला स्थित एक पीजी के कमरे करीब 19 वर्षीय युवती का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मंगलवार को जानकारी देते हुए […] The post नोएडा : पीजी में असम की युवती का शव मिलने से सनसनी, हत्या की आशंका में जांच तेज appeared first on Sabguru News .
कौन बनेगा CEO? 18 कैंडिडेट…चार दिन, राम मंदिर ट्रस्ट का भी शुरू हो गया KBC!
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO के लिए उम्मीदवारों का इंटरव्यू शुरू हो चुका है. कुल 18 कैंडिडेट का इंटरव्यू चयन समिति लेगी. देशभर से सैकड़ों लोगों ने इस पद के लिए आवेदन किया था.
मंगलवार को 'कॉकरोच जनता पार्टी' के फाउंडर अभिजीत दिपके ने झारखंड पब्लिक सर्विस एग्ज़ाम में गड़बड़ियों को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे स्टूडेंट लीडर देवेंद्र नाथ महतो को प्रेरणा की आवाज़ बताया। दिपके ने महतो से फ़ोन पर बात की। महतो कई दिनों से भूख हड़ताल पर होने के बावजूद सोमवार को झारखंड विधानसभा तक निकाले गए मार्च में शामिल हुए थे। महतो ने सोमवार रात X (पहले ट्विटर) पर लिखा कि देर रात हमारी बातचीत CJP के फाउंडर अभिजीत दिपक से हुई। उन्होंने हमसे बात की, हमारी सेहत के बारे में पूछा और अपना पूरा समर्थन देने की बात कही। इसे भी पढ़ें: ‘इस बार वोट हाथी को, अपने पुराने साथी को', आकाश आनंद के नये नारे ने उड़ा दी UP में सारे राजनीतिक दलों की नींद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा कि जब राजनीतिक पार्टियां विरोध-प्रदर्शन करती हैं, तो आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जाता? सिर्फ़ छात्रों के ख़िलाफ़ ही इसका इस्तेमाल क्यों हो रहा है? मैंने देवेंद्र महतो से बात की, जिन्होंने मुझे बताया कि पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया, जबकि वे पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर थे। देश की सभी सरकारों को सोचना चाहिए कि छात्रों पर ज़ुल्म करके उन्हें क्या हासिल हो रहा है। ऐसी बर्बरता नहीं होनी चाहिए। हमने देवेंद्र महतो को अपना समर्थन देने का भरोसा दिलाया। झारखंड में हमारी टीम छात्रों के साथ मिलकर काम कर रही है। छात्र आंदोलनों के बीच यह एकजुटता ऐसे समय में देखने को मिल रही है जब सत्ताधारी BJP ने झारखंड में JMM के नेतृत्व वाली सरकार (जिसमें कांग्रेस भी गठबंधन सहयोगी है) के खिलाफ़ आक्रामक रुख अपना लिया है। यह विरोध राज्य लोक सेवा परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ़ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर वॉटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज के इस्तेमाल को लेकर है। मंगलवार को संसद के मुख्य गेट पर सत्ताधारी NDA और विपक्षी INDIA गठबंधन के सांसद आमने-सामने आ गए। उन्होंने झारखंड में नौकरी के उम्मीदवारों पर पुलिस की बर्बर कार्रवाई और अयोध्या में राम मंदिर में दान की कथित चोरी के मुद्दों को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया और जवाबी नारे लगाए। इसे भी पढ़ें: सामाजिक न्याय के लिए Tamil Nadu का संकल्प, NEET के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पास जहां NDA सांसदों ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी देश भर में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर बहस से भाग रहे हैं, वहीं INDIA गठबंधन के सांसदों ने 20 जुलाई को पेपर लीक को लेकर हुए छात्र विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित ज्यादतियों के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाबदेही की मांग की। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
शेयर बजार से बनाना चाहते हैं 'मोटा पैसा', तो निवेश से पहले गांठ बांध लें ये 5 बातें
शेयर बाजार में बिना सही जानकारी और अधूरी योजना के कदम रखना आपकी गाढ़ी कमाई के लिए जोखिम भरा हो सकता है. शेयर मार्केट कोई जुआ नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित निवेश का जरिया है. ऐसे में अपने पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखने और लॉन्ग टर्म में बेहतरीन रिटर्न पाने के लिए निवेश शुरू करने से पहले इन 5 सबसे महत्वपूर्ण बातों और बुनियादी नियमों को ध्यान से समझें.
'संन्यास के बाद सचिन का फोन आया, कोहली-रोहित ने...', रहाणे ने खोला राज
अजिंक्य रहाणे ने अपने संन्यास के बाद पूर्व भारतीय साथियों की प्रतिक्रिया का खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि सचिन तेंदुलकर ने सबसे पहले फोन कर कहा कि उन्हें उम्मीद थी रहाणे अभी और खेलेंगे. इरफान पठान ने भी कॉल किया, जबकि चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली, रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह ने मैसेज किया. रहाणे ने कहा कि उन्हें कोई पछतावा नहीं है.
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ED ने कांग्रेस नेता को किया गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाला मामले में ED ने कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है. मामले में उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा.
'होंठ काटा, विरोध पर पीटा...', हरदोई में 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला से शर्मनाक हरकत
हरदोई के सांडी थाना क्षेत्र में 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला से बदसलूकी और मारपीट का मामला सामने आया है. आरोप है कि गांव का 50 वर्षीय भगवान सिंह कुशवाहा नशे की हालत में ट्यूबवेल पर पहुंचा और महिला से अभद्रता की. विरोध करने पर उसके होंठ पर काटा और मारपीट की.
पंचकूला। रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि वैध विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी कार्ड) रखने वाले दिव्यांगजन उपनगरीय खंडों पर चलने वाली ट्रेनों और साधारण यात्री ट्रेनों में दिव्यांगजनों के लिए चिह्नित अनारक्षित सवारी डिब्बों में यात्रा कर सकेंगे, भले ही उन्हें रेलवे की ओर से किराये में रियायत की सुविधा नहीं दी गई […] The post वैध यूडीआईडी कार्ड वाले दिव्यांगजन उपनगरीय और साधारण यात्री ट्रेनों के चिह्नित डिब्बों में कर सकेंगे यात्रा appeared first on Sabguru News .
राख हुई दुनिया... ग्रीस में आग का अटैक! एथेंस में धधका जंगल
ग्रीस में गर्मी के बीच जंगल की आग ने फिर चिंता बढ़ा दी है. एथेंस के पास कूवारास में लगी आग बुझाने के लिए 172 दमकलकर्मी जुटे हैं, जबकि देश के सात इलाकों में फायर रिस्क बहुत ज्यादा है.
श्रावणी अमावस्या पर लगेगा सूर्य ग्रहण, पितरों का तर्पण होगा या नहीं
Hariyali Amavasya 2026: इस बार 12 अगस्त को सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. साथ ही इस दिन हरियाली अमावस्या भी पड़ रही है. इसलिए इस दिन महत्व ओर ज्यादा बढ़ गया है. लेकिन, ये सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा इसलिए इसका सूतक मान्य नहीं होगा.
X पर वीडियो पोस्ट कर बुरा फंसे हरभजन सिंह, जानें क्यों हुए ट्रोल?
एक वीडियो पर बुरे फंसे हैं बीजेपी के राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह. हरभजन सिंह ने कल एक वीडियो शेयर किया, इस वीडियो में नशे की हालत में दो युवा दिख रहे हैं. लेकिन बाद में पता चला कि वीडियो पंजाब का है ही नहीं. पंजाब की कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि यह वीडियो पंजाब का नहीं, बल्कि राजस्थान के श्रीगंगानगर का है. इसके बाद सोशल मीडिया पर हरभजन सिंह को जमकर ट्रोल किया जा रहा है.

33 C
