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बारुईपुर मॉब लिंचिंग और नाबालिग हत्याकांड में CPIM नेता लाहेक खान गिरफ्तार, CM शुभेंदु अधिकारी का सख्त संदेश

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के अंतर्गत आने वाले बारुईपुर शहर में उपजे गंभीर कानून-व्यवस्था के संकट के बाद राज्य प्रशासन ने एक बड़ी राजनीतिक और कानूनी कार्रवाई की है। सूर्यपुर इलाके में एक नाबालिग किशोरी के साथ हुए कथित सामूहिक दुष्कर्म और बेरहम हत्याकांड के बाद भड़की हिंसक प्रतिक्रिया और मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या) के मामले में पुलिस ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कद्दावर नेता लहेक अली (लाहेक खान) को गिरफ्तार कर लिया है। लहेक अली इस साल की शुरुआत में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बारुईपुर पश्चिम सीट से वामपंथी गठबंधन के आधिकारिक उम्मीदवार रह चुके हैं।सूर्यपुर हाट में भड़का था आक्रोश: नाबालिग की मौत के बाद उग्र भीड़ ने युवक को उतारा था मौत के घाटइस पूरे विवाद की शुरुआत 4 जुलाई को हुई थी, जब एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की अचानक लापता हो गई थी। अगले दिन यानी 5 जुलाई को सूर्यपुर हाट इलाके के एक स्थानीय तालाब से उस बच्ची का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया। पीड़िता के परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद उसकी निर्मम हत्या की गई है। इस घटना से आक्रोशित स्थानीय निवासियों और प्रदर्शनकारियों ने उग्र रूप धारण कर लिया और गंभीर रेल रोको आंदोलन के साथ सड़कों पर टायर जलाकर यातायात ठप कर दिया। इसी अराजकता के बीच उग्र भीड़ ने अपराध में संलिप्त होने के संदेह में इंद्रजीत मंडल नामक एक युवक की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस का दावा है कि पूर्व चुनावी प्रत्याशी लहेक अली ने ही भीड़ को इस भयानक हिंसा के लिए उकसाया था।मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने की पीड़ितों से मुलाकात: न्याय और सरकारी सहायता का दिया भरोसाशनिवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्वयं बारुईपुर का दौरा किया। उन्होंने वहां पहुंचकर सामूहिक दुष्कर्म की शिकार हुई मृत बच्ची के शोक संतप्त परिवार और उसके बाद मॉब लिंचिंग का शिकार हुए इंद्रजीत मंडल के परिजनों से आमने-सामने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने दोनों ही पीड़ित परिवारों को सांत्वना देते हुए राज्य सरकार की तरफ से हरसंभव वित्तीय व सामाजिक सहायता प्रदान करने का आधिकारिक भरोसा दिया। पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा, हम उस निर्दोष युवक को वापस तो नहीं ला सकते, लेकिन हमारी सरकार ने उसके परिवार की पूरी जिम्मेदारी ली है। उसके हत्यारों को कानून के दायरे में लाकर सख्त से सख्त सजा दिलवाई जाएगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ पराजित राजनीतिक तत्वों ने अपनी खोई हुई जमीन तलाशने के लिए इस सांप्रदायिक व सामाजिक हिंसा को प्रायोजित किया था।भारत-बांग्लादेश सीमा से दबोचे गए मुख्य आरोपी: महज 4 दिन में तैयार हुई नई पुलिस चौकीमामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य की खुफिया और खोजी पुलिस ने त्वरित तकनीकी जाल बिछाया। वीडियो फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने घटना में शामिल सभी मुख्य संदिग्धों को बक्खाली, दीघा और भारत-बांग्लादेश सीमा के पास स्थित बशीरहाट से दबोच लिया, जहां से वे सीमा पार भागने की फिराक में थे। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्थानीय जनता और पीड़िता के परिवार की सुरक्षा संबंधी मांग को स्वीकार करते हुए सूर्यपुर में एक आधुनिक पुलिस चौकी का उद्घाटन भी किया। इस पुलिस चौकी को शासन के विशेष आदेश पर रिकॉर्ड महज चार दिनों के भीतर निर्मित और सक्रिय किया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की हिंसक पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jul 2026 6:37 am

सांसद ढुलू महतो ने अरूप चटर्जी को भेजा 2 करोड़ रुपए की मानहानि का नोटिस

धनबाद की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का मामला अब कानूनी लड़ाई की ओर बढ़ गया है। धनबाद के सांसद ढुलू महतो ने निरसा विधायक अरूप चटर्जी को दो करोड़ रुपए की मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। सांसद की ओर से इसकी जानकारी दी गई है।

देशबन्धु 13 Jul 2026 6:00 am

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: एसआईटी के सामने पेश हुए संतोष दुबे, बोले-माथे पर कलंक मिटाना जरूरी

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने धर्मसेना के प्रमुख संतोष दुबे से पूछताछ की है। पूछताछ के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए संतोष दुबे ने कहा कि एसआईटी के सामने उन्होंने अपना पक्ष रखा है और कुछ दस्तावेज वह उन्हें मुहैया कराएंगे।

देशबन्धु 13 Jul 2026 5:42 am

ग्लोबल स्टेज का 'मिस्टर इंडिया'... ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को लिया हाथों-हाथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में ऑस्ट्रेलिया की यात्रा पर थे। प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे को ऑस्ट्रेलियन मीडिया खासकर प्रिंट मीडिया ने हाथों-हाथ लिया

देशबन्धु 13 Jul 2026 12:04 am

TMC पर लड़ाई हुई तेज, ऋतब्रत बनर्जी का बड़ा दावा, बोले- हम हैं असली टीएमसी, कोर्ट का दिखाया आदेश

West Bengal Politics News : बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी वर्चस्व की लड़ाई के बीच ऋतब्रत बनर्जी गुट को बड़ी कानूनी राहत मिली है। खबरों के अनुसार, अलीपुर अदालत ने पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से दायर मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि 22 जून को ...

वेब दुनिया 12 Jul 2026 11:49 pm

कतर के दिवंगत अमीर के सम्मान में भारत में सोमवार को एक दिन का राजकीय शोक

नई दिल्ली। भारत ने कतर के दिवंगत अमीर शेख हमद बिन ख़लीफ़ा अल-थानी के सम्मान में देशभर में सोमवार को एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। कतर के अमीर का रविवार को निधन हो गया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि शोक के दिन पूरे देश में उन सभी भवनों पर, जहां नियमित […] The post कतर के दिवंगत अमीर के सम्मान में भारत में सोमवार को एक दिन का राजकीय शोक appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 10:48 pm

श्रावण-भादौ में महाकाल मंदिर के पट खुलने और भस्म आरती के समय में होगा बदलाव

उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण-भादौ मास के दौरान मंदिर के पट खुलने तथा भस्म आरती के समय में परिवर्तन किया गया है। नई व्यवस्था 30 जुलाई से 7 सितंबर तक प्रभावी रहेगी। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर रोशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में रविवार […] The post श्रावण-भादौ में महाकाल मंदिर के पट खुलने और भस्म आरती के समय में होगा बदलाव appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 9:50 pm

नितिन नबीन से मिले नरोत्तम मिश्रा, दतिया में हुए प्रदर्शन के मुद्दे पर रखी अपनी बात

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने रविवार को यहां पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की और दतिया में हुए विरोध-प्रदर्शन पर अपना पक्ष रखा। गौरतलब है कि भाजपा ने दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया […] The post नितिन नबीन से मिले नरोत्तम मिश्रा, दतिया में हुए प्रदर्शन के मुद्दे पर रखी अपनी बात appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 9:39 pm

अलवर में खेत की तारबंदी को लेकर दो भाइयों के परिवार भिड़े, 13 घायल

अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के मालाखेड़ा थाना क्षेत्र में बड़ा गांव नैथला में रविवार सुबह खेत की तारबंदी को लेकर दो सगे भाइयों के परिवाराें में हुए खूनी संघर्ष में 13 लोग घायल हो गए। सूचना मिलने पर मालाखेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल मालाखेड़ा अस्पताल पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार […] The post अलवर में खेत की तारबंदी को लेकर दो भाइयों के परिवार भिड़े, 13 घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 9:15 pm

ग्वालियर में महिला से दुष्कर्म का आरोपी ननदोई अरेस्ट

ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के पिछोर-डबरा थाना क्षेत्र में घर में अकेली महिला से कथित दुष्कर्म और उसके पति से मारपीट करने के आरोप में पुलिस ने आरोपी ननदोई को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार 28 वर्षीय महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि शनिवार रात उसका पति खेत पर सिंचाई के […] The post ग्वालियर में महिला से दुष्कर्म का आरोपी ननदोई अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 9:09 pm

अलवर : खेत में कुंड में डूबने से दो बालकों की मौत

अलवर। राजस्थान में अलवर जिले की ग्राम पंचायत द्वारापुर में रविवार को खेत में बने कुंड में नहाने गए दो बालकों की डूबने से मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, द्वारापुर गांव के छह बच्चे रविवार दोपहर को गांव के पास स्थित एक खेत में छोटे कुंड में नहाने गए थे। नहाने के दौरान […] The post अलवर : खेत में कुंड में डूबने से दो बालकों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 9:03 pm

डीडीए ने अतिक्रमण रोकने के लिए जारी की नई एसओपी, 14 फ्लाइंग स्क्वॉड और 4 क्विक रिस्पॉन्स टीमें तैनात

दिल्ली के उपराज्यपाल टी.एस. संधू के अतिक्रमण के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति संबंधी निर्देशों के बाद, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने 14 फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों और चार क्विक रिस्पॉन्स टीमों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है।

देशबन्धु 12 Jul 2026 8:57 pm

भारत विकास परिषद अजमेर ने चलाया ‘जस्ट थ्रो एंड गो’सीड बॉल अभियान

दो दिन में 2000 से अधिक सीड बॉल पहाड़ियों क्षेत्रों में उछाली अजमेर। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से भारत विकास परिषद् मुख्य शाखा अजमेर की ओर से जस्ट थ्रो एंड गो सीड बॉल अभियान चलाया गया। अभियान के तहत दो दिनों में 2000 से अधिक सीड बॉल अजमेर की पहाड़ी क्षेत्रों एवं […] The post भारत विकास परिषद अजमेर ने चलाया ‘जस्ट थ्रो एंड गो’ सीड बॉल अभियान appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 8:50 pm

जीवदया के तहत 200 अशक्त गोवंश को अर्पित किया हरा चारा और गुड़

दिगंबर जैन महासमिति महिला एवं युवा महिला संभाग ने किया सेवा कार्य अजमेर। श्री दिगंबर जैन महासमिति महिला एवं युवा महिला संभाग, अजमेर की सरावगी मोहल्ला इकाई की ओर से जीवदया के तहत नागफानी स्थित आनंद गोपाल गौशाला में सेवा कार्य आयोजित किया गया। इस दौरान 200 अशक्त गोवंश को हरा चारा एवं गुड़ अर्पित […] The post जीवदया के तहत 200 अशक्त गोवंश को अर्पित किया हरा चारा और गुड़ appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 8:44 pm

PM-CM Suspension News: जेल से नहीं चलेगी सरकार! संसद की संयुक्त समिति का बड़ा प्रस्ताव, 30 दिन हिरासत में रहने पर पद से हटाने के बजाय 'निलंबन' की सिफारिश

130th Constitutional Amendment Bill: भारतीय राजनीति और संवैधानिक व्यवस्था में एक बड़े और ऐतिहासिक बदलाव की तैयारी चल रही है. विपक्षी दलों के कड़े विरोध और चिंताओं के बीच, 130वें संविधान संशोधन विधेयक (130th Constitutional Amendment Bill) की समीक्षा कर रही संसद की एक संयुक्त समिति (Joint Parliamentary Committee) ने बेहद महत्वपूर्ण सिफारिशें सौंपी हैं.समिति ने प्रस्ताव दिया है कि यदि देश के प्रधानमंत्री (PM), केंद्रीय मंत्रियों या राज्यों के मुख्यमंत्रियों (CM) को किसी गंभीर आपराधिक मामले में लगातार 30 दिनों तक हिरासत या जेल में रखा जाता है, तो उन्हें उनके पदों से स्थायी रूप से हटाने (Removal) के बजाय निलंबित (Suspension) किया जाना चाहिए. इसके साथ ही समिति ने नेताओं की सुरक्षा के लिए एक 'ऑटोमैटिक रिवर्सल क्लॉज' जोड़ने का भी सुझाव दिया है.क्या था मूल विधेयक और क्यों हुआ था विरोध?पिछले साल अगस्त में केंद्र सरकार द्वारा संसद में पेश किए गए इस मूल विधेयक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी सरकार जेल के अंदर से न चलाई जा सके.मूल प्रावधान: यदि कोई पीएम, सीएम या मंत्री गंभीर अपराध में 30 दिनों तक हिरासत में रहता है और खुद इस्तीफा नहीं देता, तो 31वें दिन उसे स्वतः (Automatically) पद से बर्खास्त कर दिया जाएगा.विपक्ष का रुख: कांग्रेस समेत देश के अधिकांश विपक्षी दलों ने इस कानून का पुरजोर विरोध किया था. उनका आरोप था कि केंद्र सरकार इस कानून का दुरुपयोग करके विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्य सरकारों को अस्थिर करने की साजिश रच सकती है. इसी विरोध के चलते अधिकांश विपक्षी दलों ने इस विधेयक की समीक्षा करने वाली संयुक्त समिति की बैठकों से भी दूरी बना ली थी.संसदीय समिति की 5 सबसे प्रमुख सिफारिशेंविपक्ष की आशंकाओं को दूर करने और कानून को अधिक व्यावहारिक बनाने के लिए संयुक्त समिति ने दो विशेष और तीन सामान्य संशोधनों की सिफारिश की है:'हटाने' की जगह 'निलंबन' शब्द: समिति ने अपनी रिपोर्ट में 'Removal' शब्द को बदलकर 'Suspension' करने का प्रस्ताव दिया है. यानी जब तक कानूनी कार्यवाही का अंतिम परिणाम (फैसला) नहीं आ जाता, तब तक मंत्रियों को स्थायी रूप से बर्खास्त करने के बजाय केवल निलंबित रखा जाए.5 साल या उससे अधिक की सजा वाले 'गंभीर अपराध': इस कानून के दुरुपयोग को रोकने के लिए समिति ने 'गंभीर अपराधों' को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया है. इसके तहत केवल वही अपराध शामिल किए जाएंगे जिनमें 5 साल या उससे अधिक के कारावास की सजा का प्रावधान हो. इसके लिए कानून में एक अलग अनुसूची (Schedule) जोड़ने की बात कही गई है.ऑटोमैटिक रिवर्सल क्लॉज (स्वतः बहाली का नियम): यदि आरोपी मंत्री अदालत द्वारा पूरी तरह बरी (Acquitted) हो जाता है, या तय समय सीमा के भीतर जांच एजेंसी मुकदमा आगे बढ़ाने में नाकाम रहती है, तो उसका निलंबन स्वतः समाप्त हो जाएगा और वह अपने पद पर वापस लौट सकेगा. समिति का कहना है कि यह सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करेगा कि जो लोग निर्दोष हैं, उनका निलंबन स्थायी न होने पाए.विशेष अदालतों में त्वरित सुनवाई: सुप्रीम कोर्ट के पुराने दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए समिति ने कहा कि उच्च संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों से जुड़े मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक या विशेष अदालतों (Special Courts) में प्राथमिकता के आधार पर होनी चाहिए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी जल्द हो सके.अब आगे क्या होगी प्रक्रिया?संसद की संयुक्त समिति की इस रिपोर्ट को इसी सप्ताह आधिकारिक रूप से स्वीकृत किए जाने की पूरी संभावना है. यदि इन सिफारिशों को मान लिया जाता है, तो आगामी प्रक्रिया इस प्रकार होगी:कैबिनेट की मंजूरी: केंद्रीय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) इन प्रस्तावित संशोधनों के ड्राफ्ट को केंद्रीय मंत्रिमंडल (Cabinet) के पास अंतिम मंजूरी के लिए भेजेगा.संसद में पेशी: कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद, इस संशोधित रूपरेखा वाले विधेयक को आधिकारिक तौर पर पारित कराने के लिए दोबारा लोकसभा और राज्यसभा में पेश किया जाएगा.

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 8:06 pm

Airtel Growth Plan: भारती एयरटेल ने चला ₹20,000 करोड़ का बड़ा दांव! चेयरमैन सुनील मित्तल ने बताए भविष्य के 3 सबसे बड़े 'ग्रोथ इंजन'

Bharti Airtel Annual Report 2026: भारतीय टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी भारती एयरटेल (Bharti Airtel) अब केवल एक मोबाइल नेटवर्क प्रोवाइडर रहने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह भविष्य की सबसे बड़ी डिजिटल पावरहाउस बनने की तैयारी में है. पिछले एक दशक में देश के भीतर मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर (Digital Infrastructure) तैयार करने के लिए ₹3.3 लाख करोड़ से अधिक का भारी-भरकम निवेश करने के बाद, अब कंपनी ने अपनी दिशा बदल दी है.न्यूज एजेंसी पीटीआई (PTI) की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार देर रात जारी की गई भारती एयरटेल की सालाना रिपोर्ट (Annual Report) में कंपनी के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल (Sunil Bharti Mittal) ने भविष्य के रोडमैप का खुलासा किया है. मित्तल का कहना है कि कंपनी की ग्रोथ (तरक्की) के अगले चरण के सबसे बड़े तीन इंजन— फाइनेंशियल सर्विसेज (Airtel Money), डेटा सेंटर (Nxtra) और क्लाउड (Airtel Cloud) होंगे, जिनमें एयरटेल मनी में करीब ₹20,000 करोड़ तक के बड़े निवेश का ऐलान भी शामिल है.एयरटेल की महा-ग्रोथ के 3 सबसे बड़े पिलर्स (Growth Engines)1. फाइनेंशियल सर्विसेज: एयरटेल मनी (Airtel Money) को मिली NBFC की हरी झंडीसालाना रिपोर्ट में सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण जानकारी यह सामने आई है कि 'एयरटेल मनी' को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से नॉन-डिपॉजिट टेकिंग नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के तौर पर काम करने का लाइसेंस मिल गया है.क्या होगा फायदा: सुनील मित्तल के मुताबिक, देश के ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में 'फाइनेंशियल इनक्लूजन' (वित्तीय समावेश) का दायरा बढ़ाने के लिए यह एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा. कंपनी इस वर्टिकल में जरूरत के हिसाब से आने वाले सालों में ₹20 हजार करोड़ तक की भारी पूंजी निवेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है.2. डेटा सेंटर बिजनेस: 'Nxtra' 1 गीगावाट कैपेसिटी बनाने की राह परडिजिटल डेटा के इस दौर में एयरटेल अपने डेटा सेंटर बिजनेस 'नेक्स्ट्रा' (Nxtra) को तेजी से बढ़ा रही है.बजट और क्षमता: हाल ही में इस बिजनेस के लिए 100 करोड़ डॉलर (करीब ₹9,500 करोड़) का फंड जुटाने के बाद कंपनी अगले कुछ वर्षों में 1 गीगावाट (1 GW) की विशाल कैपेसिटी बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है. भारत में तेजी से हो रहे डिजिटलाइजेशन, क्लाउड के बढ़ते चलन और सरकार के डेटा लोकलाइजेशन (Data Localization) के नियमों से नेक्स्ट्रा को जबरदस्त बिजनेस सपोर्ट मिल रहा है.3. एयरटेल क्लाउड (Airtel Cloud): शुरुआती दौर में ही 24 से ज्यादा मेगा-डील्स लॉककंपनी के तीसरे सबसे बड़े ग्रोथ इंजन यानी 'एयरटेल क्लाउड' को लेकर भी चेयरमैन बेहद उत्साहित दिखे.विश्व स्तरीय सर्विस, कम खर्च: सुनील मित्तल ने बताया कि शुरुआत दौर में ही इसे बाजार से शानदार रिस्पांस मिला है. यह भारतीय कंपनियों को देश के भीतर ही होस्ट और स्टोर की गई वर्ल्ड क्लास क्लाउड सर्विसेज बेहद किफायती दरों पर दे रही है. एयरटेल ने शुरुआती चरण में ही 24 से ज्यादा बड़ी कस्टमर डील्स को अपने नाम कर लिया है.सरकार की लॉन्ग-टर्म टैक्स छूट नीतियों से मिलेगा बड़ा सहाराचेयरमैन सुनील मित्तल ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को सपोर्ट करने वाली भारत सरकार की दीर्घकालिक नीतियों (Long-Term Government Policies) की जमकर सराहना की.टैक्स में बड़ी राहत: सरकार द्वारा डेटा सेंटर्स और डिजिटल इंफ्रा को बढ़ावा देने के लिए दी गई लॉन्ग-टर्म टैक्स छूट से कॉरपोरेट जगत में लगातार कैपिटल इंवेस्टमेंट (पूंजीगत निवेश) को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे पूरा टेक-इकोसिस्टम मजबूत होगा.₹18 लाख करोड़ का भारी-भरकम निवेश: सरकार और उद्योग जगत के अनुमानों के मुताबिक, देश में बढ़ते डेटा लोकलाइजेशन के चलते अकेले इस साल डेटा सेंटर सेक्टर में कुल निवेश 20,000 करोड़ डॉलर (₹18 लाख करोड़ से अधिक) के ऐतिहासिक आंकड़े को पार करने की उम्मीद है, जिसमें एयरटेल एक अग्रणी भूमिका निभा रहा है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 8:04 pm

'द अलायंस' में सोहेल खान का छलका दर्द! एक्स-वाइफ सीमा सजदेह से तलाक पर बोले- 'मेरे खराब व्यवहार के कारण टूटा 24 साल का रिश्ता'

Sohail Khan Seema Sajdeh Divorce Reality Show: ओटीटी (OTT) पर चल रहा रियलिटी शो 'द अलायंस' (The Alliance) इन दिनों दर्शकों के बीच जबरदस्त सुर्खियां बटोर रहा है. शो में हाल ही में हुई एक वाइल्ड कार्ड एंट्री ने दर्शकों के रोमांच को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है. दरअसल, शो में बॉलीवुड अभिनेता-निर्देशक सोहेल खान (Sohail Khan) की एक्स-वाइफ सीमा सजदेह (Seema Sajdeh) की एंट्री हुई है, जिससे सालों बाद इस पूर्व कपल को एक साथ स्क्रीन साझा करते हुए देखने का मौका मिला है.सीमा की एंट्री के बाद शो के एक हालिया इमोशनल एपिसोड में मशहूर होस्ट निखिल चिनप्पा (Nikhil Chinapa) और सोहेल खान के बीच उनके तलाक और अलगाव के कारणों पर खुलकर चर्चा हुई, जहां सोहेल ने अपनी गलतियों को स्वीकार करते हुए भावुक बयान दिया.मेरे व्यवहार के कारण मैंने उस इंसान को खो दिया...एपिसोड के दौरान निखिल चिनप्पा ने सोहेल खान से एक बेहद व्यक्तिगत और सीधा सवाल पूछा— कहा जाता है कि औरत घर को बिगाड़ भी सकती है और बना भी सकती है. आपका घर टूटने में किसका हाथ था?इस संवेदनशील सवाल पर सोहेल खान ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी कमियों को स्वीकार किया. सोहेल ने बेहद भावुक होकर जवाब दिया, उस समय मेरा काम ठीक नहीं चल रहा था, जिसके कारण मैं मानसिक रूप से बिल्कुल ठीक नहीं था. मेरे उस दौर के खराब व्यवहार की वजह से, मैंने उस इंसान को हमेशा के लिए खो दिया जिससे मैं दुनिया में सबसे सच्चा प्यार करता था.प्यार से ज्यादा सीमा का सम्मान करता हूं: सोहेल खानसीमा सजदेह के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए सोहेल ने आगे कहा, वह मेरे दो प्यारे बच्चों की मां हैं, इसलिए प्यार से भी कहीं ज़्यादा, मैं सीमा का बहुत सम्मान करता हूं. यह रियलिटी शो मेरे लिए हमेशा यादगार रहेगा. भले ही हम दोनों आज कानूनी रूप से अलग हो चुके हैं, लेकिन इस मंच ने हमें फिर से एक-दूसरे से खुलकर बात करने और दिल की बात साझा करने का एक खूबसूरत मौका दिया है. हमारे रिश्ते में जो एक बड़ी दूरी आ गई थी, इस शो ने उसे फिर से जोड़ने में हमारी मदद की है.तलाक के बाद भी मिलकर कर रहे हैं बच्चों की परवरिश (Co-Parenting)शो के दौरान इस पूर्व कपल ने अपनी पर्सनल लाइफ से जुड़े कई दिलचस्प खुलासे भी किए:बच्चों का सपोर्ट: सीमा सजदेह ने हंसते हुए बताया कि शो में जहां उनका छोटा बेटा योहान उन्हें (सीमा को) सपोर्ट कर रहा है, वहीं उनका बड़ा बेटा निर्वाण अपने पिता सोहेल खान के कॉम्पिटिशन जीतने के लिए चीयर कर रहा है.घर की चाबी आज भी सीमा के पास: को-कंटेस्टेंट ज़ैद दरबार (Zaid Darbar) के साथ बातचीत में सोहेल ने एक बेहद चौंकाने वाला और सकारात्मक खुलासा किया. सोहेल ने बताया कि उनके दोनों बेटे वर्तमान में उनके साथ ही रहते हैं, जबकि सीमा उनसे मिलने के लिए हफ्ते में तीन बार उनके घर आती हैं. सोहेल ने कहा कि उनके घर की मुख्य चाबी आज भी सीमा के पास ही रहती है, जो यह साबित करता है कि अलग होने के बावजूद दोनों के बीच कितना गहरा भरोसा है.24 साल की शादी के बाद 2022 में हुआ था आधिकारिक तलाकआपको बता दें कि सोहेल खान और सीमा सजदेह बॉलीवुड के सबसे चर्चित कपल्स में से एक रहे हैं. दोनों ने दो दशकों से भी ज्यादा समय तक एक-दूसरे का हाथ थामे रखा था. हालांकि, शादी के 24 खूबसूरत साल बिताने के बाद साल 2022 में दोनों ने आपसी सहमति से आधिकारिक तौर पर तलाक (Divorce) ले लिया था.सीमा ने पहले एक इंटरव्यू में बताया था कि अलग होने का फैसला दोनों का आपसी था, क्योंकि वे रोज-रोज के झगड़ों और तनाव में रहने के बजाय अपने जीवन में शांति और सुकून चाहते थे. वहीं सोहेल ने भी साफ किया था कि दोनों के बीच कोई कड़वाहट या दुश्मनी नहीं है, और सीमा हमेशा उनके परिवार का एक अभिन्न हिस्सा रहेंगी. तलाक के बाद भी दोनों ने समाज के सामने 'सक्सेसफुल को-पेरेंटिंग' की एक बेहतरीन मिसाल पेश की है, जहां बच्चों की खुशियां उनकी पहली प्राथमिकता हैं.

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 8:02 pm

Flipkart Delivery Agent Arrested Bengaluru:घर में घुसकर महिला को दिखाए प्राइवेट पार्ट्स, पुलिस ने दबोचा

Flipkart Delivery Agent Arrested Bengaluru: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से महिला सुरक्षा को तार-तार करने वाला एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां ई-कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट (Flipkart) के एक डिलीवरी एजेंट को एक महिला ग्राहक के साथ उसके ही घर में घुसकर अश्लील हरकत करने और यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.आरोपी की पहचान विजय मल्लिकार्जुन कामत के रूप में हुई है. पीड़ित महिला ने इस पूरी खौफनाक आपबीती को सोशल मीडिया पर शेयर किया था, जिसके बाद बेंगलुरु पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है. इस घटना के बाद फ्लिपकार्ट ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को नौकरी से टर्मिनेट कर दिया है.मना करने के बावजूद जबरन घर में घुसा आरोपीपीड़ित महिला द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई पोस्ट के अनुसार, यह घटना उस वक्त हुई जब आरोपी डिलीवरी एजेंट उनके फ्लैट पर एक पार्सल डिलीवर करने आया था. पार्सल सौंपने के बाद उसने महिला से वॉशरूम (टॉयलेट) इस्तेमाल करने की इजाजत मांगी.महिला ने सुरक्षा कारणों से एक अजनबी को घर के अंदर आने देने से साफ मना कर दिया. महिला ने अपनी पोस्ट में लिखा, मैंने उसे साफ कहा कि मैं किसी अजनबी को अपने फ्लैट के अंदर आने की अनुमति नहीं देती. मैंने उसे यह भी सुझाव दिया कि अगर बहुत इमरजेंसी है, तो वह पास में रहने वाले किसी पुरुष पड़ोसी से मदद मांग सकता है. लेकिन बार-बार मना करने के बावजूद आरोपी ने जबरन अपनी चप्पलें उतारीं और महिला को धक्का देते हुए घर के अंदर दाखिल हो गया.वॉशरूम से बाहर आते ही की अश्लील हरकतमहिला का आरोप है कि आरोपी जबरदस्ती वॉशरूम के अंदर चला गया. असली हैवानियत तब सामने आई जब वह वॉशरूम से बाहर निकला. बाहर आते ही उसने महिला के सामने अश्लील हरकतें करना शुरू कर दिया और जबरन अपने निजी अंग (प्राइवेट पार्ट्स) दिखाने लगा.पीड़िता का दर्द: उस वक्त मैं अंदर से बेहद घबरा गई थी. मुझे बेहद अपमानित और असुरक्षित महसूस हो रहा था. एक महिला के 'नहीं' कहने के बाद बात वहीं खत्म हो जानी चाहिए थी. किसी भी व्यक्ति को किसी महिला की मर्जी के खिलाफ उसके घर में घुसने या उसकी प्राइवेसी का उल्लंघन करने का कोई हक नहीं है.बेंगलुरु पुलिस का क्विक एक्शन; BNS की इन धाराओं में केस दर्जमहिला की सोशल मीडिया पोस्ट जैसे ही इंटरनेट पर वायरल हुई, बेंगलुरु पुलिस की साइबर और लोकल टीम ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया. पुलिस ने पीड़िता से संपर्क कर उनका बयान दर्ज किया और आरोपी के खिलाफ सख्त धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर उसे चंद घंटों में गिरफ्तार कर लिया.पुलिस ने आरोपी विजय मल्लिकार्जुन कामत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75, 79 और 329(2) के तहत यौन उत्पीड़न, महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने और जबरन घर में घुसने का मुकदमा दर्ज किया है. फिलहाल आरोपी पुलिस कस्टडी में है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.फ्लिपकार्ट ने जारी किया बयान: आरोपी को नौकरी से निकालाइस शर्मनाक घटना पर चौतरफा घिरने के बाद फ्लिपकार्ट ने आधिकारिक बयान जारी कर पीड़ित महिला से माफी मांगी है और जांच में पूरा सहयोग देने का वादा किया है.कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, इस घटना से हमें गहरा दुख पहुंचा है. हमारे लिए ग्राहकों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा सबसे सर्वोपरि है. जैसे ही यह मामला हमारे संज्ञान में आया, हमने बिना कोई देरी किए संबंधित डिलीवरी एजेंट को तुरंत नौकरी से बर्खास्त कर दिया है. पुलिस में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और हमारी टीम जांच एजेंसी को हर जरूरी डेटा और सहयोग दे रही है.कंपनी ने आगे सफाई देते हुए कहा कि वे हर डिलीवरी बॉय को ऑनबोर्ड करने से पहले उसका पुलिस बैकग्राउंड वेरिफिकेशन (Background Verification) और बिहेवियरल ट्रेनिंग जरूर करवाते हैं. हालांकि ऐसी घटनाएं बेहद दुर्लभ हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों को और कड़ा करने के लिए कंपनी अपने पूरे डिलीवरी कूरियर सिस्टम की आंतरिक समीक्षा कर रही है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 8:00 pm

ITR Filing 2026: अब तक 1.7 करोड़ से ज्यादा लोगों ने भरा ITR, 31 जुलाई की डेडलाइन चूके तो लगेगा ₹5000 का जुर्माना

अगर आप भी एक टैक्सपेयर (Taxpayer) हैं और अभी तक आपने अपना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं किया है, तो यह खबर आपके लिए एक जरूरी रिमाइंडर है. असेसमेंट ईयर 2026-27 (वित्त वर्ष 2025-26 की आय) के लिए ITR फाइलिंग की रफ्तार बेहद तेज हो गई है. आयकर विभाग (Income Tax Department) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 1.7 करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स अपना रिटर्न सफलतापूर्वक दाखिल कर चुके हैं. रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिर्फ शुक्रवार को ही रिकॉर्ड 10 लाख से ज्यादा लोगों ने ITR फाइल किया.आयकर विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर लोगों से आखिरी समय की तकनीकी दिक्कतों और भारी ट्रैफिक से बचने के लिए जल्द से जल्द अपना रिटर्न भरने की अपील की है.31 जुलाई 2026 है आखिरी तारीख (ITR Deadline)वित्त वर्ष 2025-26 (FY 2025-26) के दौरान हुई कमाई के लिए ITR-1 (सहज) और ITR-2 फॉर्म दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है. यह डेडलाइन उन सभी व्यक्तिगत करदाताओं (Individuals) के लिए है जिनके खातों का ऑडिट (Tax Audit) होना अनिवार्य नहीं है.समझें आपके लिए कौन सा फॉर्म है सही: ITR-1 या ITR-2?ITR-1 (सहज) फॉर्म किसके लिए है?यह फॉर्म देश के सबसे ज्यादा करदाताओं के लिए होता है. आप ITR-1 तब चुन सकते हैं जब:आपकी कुल सालाना कमाई ₹50 लाख तक हो.आपकी आय का मुख्य जरिया सैलरी (सैलरीड एम्प्लॉई) या पेंशन हो.आपकी आय केवल एक हाउस प्रॉपर्टी (मकान) से आ रही हो.आपकी कुल कृषि आय (Agricultural Income) सालाना ₹5,000 तक सीमित हो.ITR-2 फॉर्म किसके लिए है?यह फॉर्म उन व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) के लिए है जो:किसी भी प्रकार के बिजनेस (व्यापार) या प्रोफेशन से कमाई नहीं करते हैं.जिन्हें शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी बेचने से कैपिटल गेन (Capital Gain) हुआ हो.जिनकी आय ₹50 लाख से अधिक हो या जिनके पास एक से ज्यादा मकान हों.31 जुलाई की डेडलाइन मिस करने पर भुगतने होंगे ये 4 बड़े नुकसानयदि आप 31 जुलाई 2026 तक अपना रिटर्न दाखिल करने में चूक जाते हैं, तो आयकर अधिनियम के तहत आपको भारी वित्तीय पेनल्टी का सामना करना पड़ेगा:₹5,000 तक की लेट फीस (Late Fee): आयकर कानून की धारा 234F के तहत डेडलाइन के बाद बिलेटेड रिटर्न (Belated ITR) भरने पर ₹5,000 की लेट फीस देनी होगी. हालांकि, राहत की बात यह है कि यदि आपकी कुल सालाना आय ₹5 लाख तक ही है, तो यह लेट फीस अधिकतम ₹1,000 तक सीमित रहेगी.टैक्स पर 1% का अतिरिक्त ब्याज: यदि आपके ऊपर कोई टैक्स बकाया (Tax Liability) निकलता है, तो धारा 234A के तहत तय तारीख के बाद से हर महीने या महीने के किसी हिस्से के लिए 1% की दर से ब्याज वसूला जाएगा.इनकम टैक्स रिफंड में भारी देरी: अगर आपका कोई टैक्स ज्यादा कट गया है (TDS) और आप रिफंड का इंतजार कर रहे हैं, तो देर से ITR फाइल करने पर प्रोसेसिंग रुक जाएगी. इसका मतलब है कि आपका रिफंड मिलने में महीनों की देरी हो सकती है.घाटे को कैरी फॉरवर्ड करने का मौका खत्म: देर से रिटर्न भरने का सबसे बड़ा नुकसान यह होता है कि आप चालू वित्त वर्ष में हुए किसी भी व्यावसायिक नुकसान या कैपिटल लॉस (जैसे शेयरों में घाटा) को अगले सालों के मुनाफे से एडजस्ट (Carry Forward) करने का कानूनी अधिकार खो देते हैं.

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 7:58 pm

बिहार के सहरसा में निकाह के दौरान महा-संग्राम! मटन की जगह चिकन परोसा तो भड़के बाराती, मारपीट में 12 लोग घायल

बिहार के सहरसा जिले से एक बेहद अजीबोगरीब और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक निकाह (शादी) समारोह देखते ही देखते जंग के मैदान में तब्दील हो गया. शादी के खुशनुमा माहौल में खाने के मेन्यू (Food Menu) को लेकर दूल्हा और दुल्हन पक्ष के लोग आपस में इस कदर भिड़े कि लात-घूंसे और लाठियां चल गईं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मटन (Mutton) की जगह चिकन (Chicken) परोसे जाने पर शुरू हुए इस खूनी संघर्ष में करीब 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.मटन का वादा और थाली में आया चिकन!यह पूरी घटना सहरसा के एक गांव में आयोजित निकाह समारोह की है. चश्मदीदों के मुताबिक, शादी की सभी प्रारंभिक और धार्मिक रस्में बेहद शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो चुकी थीं. इसके बाद बारातियों के स्वागत के लिए भोजन की व्यवस्था की गई.विवाद तब शुरू हुआ जब खाना खा रहे कुछ बारातियों ने जोर-जोर से शिकायत करना शुरू कर दिया कि उन्हें शादी के मेन्यू में मटन (बकरे का मीट) खिलाने का वादा किया गया था, लेकिन थाली में चिकन (मुर्गे का मीट) परोस दिया गया. बारातियों ने इसे अपना अपमान समझा और दुल्हन पक्ष के कैटरिंग स्टाफ पर चिल्लाना शुरू कर दिया.बहस से शुरू हुआ विवाद और चल गईं लाठियांसमारोह में मौजूद लोगों ने बताया कि शुरुआत में दोनों पक्षों के बुजुर्गों ने मामले को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन युवाओं के बीच तीखी बहसबाजी बढ़ती चली गई.जश्न बना जंग का मैदान: कुछ ही मिनटों में दोनों पक्षों के दर्जनों लोग आमने-सामने आ गए. बात इतनी बिगड़ी कि दोनों ओर से अंधाधुंध लात और घूंसे चलने लगे.कुर्सियां और मेजें टूटीं: हालात बेकाबू होने पर पंडाल में रखी लोहे और प्लास्टिक की कुर्सियों तथा लाठियों से एक-दूसरे पर हमला कर दिया गया. इस भयंकर मारपीट के चलते शादी का पूरा माहौल खराब हो गया और जश्न का कार्यक्रम बीच में ही रोक देना पड़ा.अस्पताल में भर्ती कराए गए घायल, पुलिस में शिकायत की तैयारीइस हिंसक झड़प के बाद विवाह स्थल पर चारों तरफ अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई. दूल्हे मोहम्मद अब्दुल्ला उर्फ ​​चांद के चाचा मोहम्मद इरफान ने दुल्हन पक्ष पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि खाने की बात पर शुरू हुई मामूली कहासुनी के बाद दुल्हन पक्ष के लोगों ने पूरी प्लानिंग के साथ बारातियों पर लाठियों से जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें उनके परिवार के कई लोग लहूलुहान हो गए.घटना के तुरंत बाद सभी 12 घायलों को आनन-फानन में नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है. दूल्हा पक्ष के लोगों का कहना है कि वे इस पूरी बर्बरता के खिलाफ स्थानीय पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराएंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे.सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तबाही का वीडियोइस अनोखी लड़ाई का एक वीडियो सोशल मीडिया (फेसबुक, एक्स और इंस्टाग्राम) पर आग की तरह वायरल हो रहा है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि शादी का भव्य पंडाल किसी अखाड़े जैसा नजर आ रहा है. लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे हैं, चारों तरफ टूटी हुई कुर्सियां और मेजें बिखरी पड़ी हैं और कुछ लोग हाथ में डंडे लेकर मारपीट करते दिख रहे हैं. इस एक घटना ने न सिर्फ शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया, बल्कि दोनों परिवारों के बीच के रिश्तों में भी हमेशा के लिए कड़वाहट घोल दी है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 7:56 pm

ट्विशा शर्मा मौत मामला: AIIMS फॉरेंसिक रिपोर्ट का बड़ा खुलासा, जिम्नास्टिक्स बेल्ट पर मिले स्किन टिश्यू ने बढ़ाई आरोपियों की मुश्किलें

Twisha Sharma Case AIIMS Forensic Report: एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में एक बेहद चौंकाने वाला और निर्णायक वैज्ञानिक मोड़ आ गया है. दिल्ली एम्स (AIIMS) के विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड ने अपनी अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है. इस रिपोर्ट ने शुरुआती जांच के कई दावों को पलट कर रख दिया है.फॉरेंसिक रिपोर्ट में इस बात की पुख्ता पुष्टि हुई है कि घटनास्थल से मिली जिस जिम्नास्टिक्स बेल्ट से फांसी लगाने की बात कही जा रही थी, उस पर पाए गए सूक्ष्म मानव स्किन टिश्यू (त्वचा के कण) ट्विशा की गर्दन पर बने चोट और लिगेचर मार्क (गला घोंटने के निशान) से हुबहू मेल खाते हैं. इस पुख्ता वैज्ञानिक सबूत के हाथ लगते ही सीबीआई ने मामले के मुख्य आरोपी पूर्व न्यायाधीश गिरीबाला सिंह और उनके वकील बेटे समर्थ सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की मांग तेज कर दी है.फोरेंसिक साइंस कैसे खोलती है बंद कमरों के राज?जब भी फांसी (Hanging) या गला घोंटने (Strangulation) के संदिग्ध मामले सामने आते हैं, तो फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स मुख्य रूप से चार वैज्ञानिक चरणों के आधार पर सच्चाई का पता लगाते हैं:1. गला घोंटने वाली वस्तु (Ligature Material) की पहचानमेडिकल बोर्ड सबसे पहले मृतका की गर्दन पर बने निशानों की चौड़ाई, गहराई और पैटर्न को माइक्रोस्कोपिक स्तर पर मापता है. इसके बाद इसका मिलान संदिग्ध वस्तु (जैसे इस मामले में जिम्नास्टिक्स बेल्ट) से किया जाता है. जांच में यह देखा जाता है कि क्या बेल्ट के फाइबर, उसकी सिलाई की बनावट या उसके मेटल बकल/रिंग के निशान त्वचा पर छपे हैं या नहीं.2. स्किन टिश्यू और एंटी-मॉर्टम चोटों की जांचगर्दन के प्रभावित हिस्से से त्वचा का एक छोटा सैंपल लेकर हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच की जाती है. यदि त्वचा के नीचे खून का थक्का (Extravasation of blood) या अंदरूनी सूजन मिलती है, तो यह साबित होता है कि चोट 'एंटी-मॉर्टम' (Antemortem) थी, यानी जब व्यक्ति जीवित था और उसका दिल धड़क रहा था, तभी वह घाव लगा था. साथ ही, बेल्ट पर मिले पसीने और स्किन सेल्स के जैविक नमूनों (Biological Samples) का डीएनए मिलान किया जाता है.3. फांसी और गला घोंटने के निशान में अंतर (Ligature Mark Difference)फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स निशानों की दिशा से हत्या और आत्महत्या के बीच का अंतर स्पष्ट करते हैं:फांसी (Suicidal Hanging): इसमें गर्दन पर बना निशान आमतौर पर तिरछा (V-Shape) होता है, जो कान या सिर के पीछे मौजूद गांठ की तरफ ऊपर की ओर जाता है. यह निशान गर्दन के ऊपरी हिस्से (थायराइड कार्टिलेज के ऊपर) होता है.गला घोंटना (Homicidal Strangulation): इसमें निशान बिल्कुल सीधा (Horizontal) और पूरी गर्दन के चारों ओर गोलाकार होता है, क्योंकि रस्सी को पीछे से खींचा जाता है. यह निशान अक्सर गर्दन के निचले हिस्से में पाया जाता है.4. गांठ (Knots) और हाथापाई के सबूतएक्सपर्ट्स फांसी के फंदे में लगी गांठ को बिना खोले उसकी बुनावट की जांच करते हैं. इससे यह पता चलता है कि क्या कोई व्यक्ति खुद वैसी गांठ बांध सकता था या इसे किसी दूसरे व्यक्ति ने बांधा है. यदि शरीर के वजन और गुरुत्वाकर्षण (Gravity) के अनुपात से निशान मेल नहीं खाते, या गर्दन पर एक से अधिक अलग-अलग निशान मिलते हैं, तो यह साफ तौर पर हाथापाई और संघर्ष (Struggle) को दर्शाता है.सीबीआई के आरोप: प्रताड़ना, जबरन गर्भपात और सबूत मिटाने की साजिशएम्स की इस रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई ने कोर्ट में आरोपियों की जमानत का कड़ा विरोध किया है. जांच एजेंसी ने आरोपियों के खिलाफ कई संगीन दावे किए हैं:दहेज प्रताड़ना: ट्विशा शर्मा को शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा लगातार भारी दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था.जबरन गर्भपात: सीबीआई का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला दावा यह है कि ट्विशा की मौत से ठीक एक हफ्ते पहले उनका जबरन मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (गर्भपात) कराया गया था.सबूतों से छेड़छाड़: रसूखदार आरोपियों पर मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल डेटा और घटनास्थल के अहम इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को जानबूझकर नष्ट करने का आरोप है.क्यों बेहद अहम माना जा रहा है एम्स का यह नया सबूत?ट्विशा शर्मा की मौत के तुरंत बाद भोपाल में जो पहला पोस्टमार्टम हुआ था, उसकी जांच प्रक्रिया पर पीड़िता के परिवार और सीबीआई ने गंभीर सवाल उठाए थे. दरअसल, भोपाल के डॉक्टरों के सामने वह जिम्नास्टिक्स बेल्ट जांच के लिए पेश ही नहीं की गई थी, जिसके कारण वे बेल्ट और गर्दन के निशानों का मिलान नहीं कर सके थे.ससुराल पक्ष जहां शुरुआत से इसे डिप्रेशन में आकर की गई आत्महत्या बता रहा है, वहीं सीबीआई का कहना है कि ट्विशा के शरीर पर, खासकर कलाई और कोहनी पर ऐसे गहरे जख्म मिले हैं जो फांसी पर लटकने से ठीक पहले किसी संघर्ष के दौरान लगे थे. अब एम्स की इस फॉरेंसिक रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि शुरुआती जांच में ढिलाई बरती गई थी और यह वैज्ञानिक सबूत अदालत में अभियोजन पक्ष के मामले को बेहद मजबूत बनाएगा.

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 7:50 pm

IND vs ENG: 4-0 की शिकस्त के बाद टीम इंडिया का मिशन वनडे; रोहित-विराट की वापसी से बढ़ेगी ताकत

इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में खत्म हुई टी20 सीरीज में भारतीय टीम को 4-0 से करारी शिकस्त (क्लीन स्वीप) का सामना करना पड़ा है. लेकिन अब भारतीय टीम उस हार को भुलाकर नए जोश के साथ 3 मैचों की वनडे (ODI) सीरीज में उतरने के लिए तैयार है.इस वनडे सीरीज में भारतीय फैंस के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि टीम में दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा, विराट कोहली और रफ्तार के जादूगर जसप्रीत बुमराह की वापसी हो रही है. इस सीरीज में भारतीय वनडे टीम की कमान युवा स्टार शुभमन गिल के हाथों में होगी, जबकि श्रेयस अय्यर उप-कप्तान की भूमिका निभाएंगे.यहाँ देखें मुकाबले का पूरा शेड्यूल, टीमें और ब्रॉडकास्ट की पूरी जानकारी:भारत बनाम इंग्लैंड वनडे सीरीज शेड्यूल (2026)मैचतारीखस्थानसमय (IST)पहला ODI14 जुलाई, 2026एजबेस्टन, बर्मिंघमदोपहर 03:30 बजेदूसरा ODI16 जुलाई, 2026सोफिया गार्डन्स, कार्डिफशाम 05:30 बजेतीसरा ODI19 जुलाई, 2026लॉर्ड्स, लंदनदोपहर 03:30 बजेलाइव टेलीकास्ट और स्ट्रीमिंग कहां देखें?TV टेलीकास्ट: भारत और इंग्लैंड के बीच इस हाई-वोल्टेज वनडे सीरीज का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क (Sony Sports Network) के चैनलों (Sony Sports Ten 1, Ten 3 Hindi, Ten 4) पर अलग-अलग भाषाओं में देखा जा सकेगा.लाइव स्ट्रीमिंग (Online): मोबाइल या लैपटॉप पर मैच देखने वाले दर्शक Sony LIV ऐप और वेबसाइट पर लाइव स्ट्रीमिंग का आनंद ले सकते हैं.दोनों देशों का आधिकारिक स्क्वाड?? भारतीय वनडे टीमशुभमन गिल (कप्तान)स्क्वाड: रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़, प्रिंस यादव, हर्षित राणा.इंग्लैंड वनडे टीमहैरी ब्रूक (कप्तान)स्क्वाड: जोस बटलर, जो रूट, बेन डकेट, विल जैक्स, लियाम डॉसन, सैम करन, रेहान अहमद, जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, जेम्स कोल्स, साकिब महमूद, आदिल राशिद, जोश टंग.

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 7:49 pm

भ्रष्ट अफसरों पर गिरेगी गाज, 13 किलो सोना उगलने वाले ARTO के बाद विजिलेंस की राडार पर कई बड़े नाम

उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने एक बेहद आक्रामक और व्यापक अभियान की शुरुआत की है। राज्य सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस डिपार्टमेंट) ने शासन के सर्वोच्च स्तर से हरी झंडी मिलने के बाद विभिन्न सरकारी विभागों में तैनात उन संदिग्ध अधिकारियों की सूची तैयार कर ली है, जिन्होंने अपनी वैध आय से कई गुना अधिक अवैध चल-अचल संपत्ति अर्जित की है। विजिलेंस के वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार, आने वाले कुछ ही दिनों में प्रदेश के कई बड़े प्रशासनिक चेहरों पर कानून का सबसे सख्त शिकंजा कसने जा रहा है।35 करोड़ का काला खजाना: सेवानिवृत्त ARTO के घर छापेमारी से हिला लखनऊ-नोएडाउत्तर प्रदेश सरकार की इस अभूतपूर्व मुस्तैदी के पीछे परिवहन विभाग के पूर्व असिस्टेंट क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (ARTO) ललित कुमार के लखनऊ स्थित आवास पर हुई हालिया मैराथन छापेमारी है। मंगलवार और बुधवार को लगातार चली इस कार्रवाई में विजिलेंस की टीमों ने आरोपी के घर के कोने-कोने से नगदी के पैकेट, 13 किलोग्राम शुद्ध सोने की ईंटें, 9 किलोग्राम चांदी और ₹1.62 करोड़ कैश बरामद किया था। अब तक की प्राथमिक वित्तीय पड़ताल में कुल ₹35 करोड़ से अधिक की काली कमाई का खुलासा हुआ है, जिसमें नोएडा और राजधानी लखनऊ के कई पॉश इलाकों में स्थित बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज भी शामिल हैं। इस जब्ती ने जांच एजेंसियों के आला अधिकारियों को भी पूरी तरह हैरान कर दिया है।महोना और मोहनलालगंज में मिलीं 3 नई जमीनें: आयकर विभाग भी संभालेगा कमानविजिलेंस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दस्तावेजों की गहन फोरेंसिक स्क्रूटनी के दौरान ललित कुमार की काली कमाई के साम्राज्य का दायरा और बढ़ता जा रहा है। ताजा तकनीकी इनपुट के आधार पर जांच दल ने लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्रों—महोना और मोहनलालगंज—में आरोपी अधिकारी के नाम दर्ज तीन विशाल कृषि भूमि खंडों (प्लॉट्स) का पता लगाया है, जिनकी बाजार मूल्य के अनुसार वित्तीय पैमाइश की जा रही है। इस बीच, केंद्र सरकार का आयकर विभाग (Income Tax Department) भी सोमवार से इस मामले में औपचारिक एंट्री करने जा रहा है, जिससे बेनामी संपत्ति और टैक्स चोरी का दोहरा आपराधिक मुकदमा दर्ज होना तय माना जा रहा है।विदेश भागने की फिराक में आरोपी? विजिलेंस ने शुरू की पासपोर्ट जब्तीकरण की प्रक्रियासख्त कानूनी कार्रवाई को तार्किक अंजाम तक पहुंचाने और आरोपी अधिकारी के देश छोड़कर फरार होने की किसी भी संभावित कोशिश को नाकाम करने के लिए विजिलेंस ने बेहद कड़े कानूनी कदम उठाए हैं। जांच एजेंसी ने सक्षम न्यायालय और क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के माध्यम से ललित कुमार के भारतीय पासपोर्ट को तत्काल प्रभाव से रद्द और जब्त (Confiscate) करने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही, विजिलेंस ने एक औपचारिक नोटिस तैयार किया है, जिसके तहत आरोपी को अपनी आय के वैध स्रोतों का मिलान करने के लिए तलब किया जाएगा; संतोषजनक साक्ष्य प्रस्तुत न करने की स्थिति में आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 7:05 pm

क्या बारिश में आपकी किडनी भी प्यासी है? मानसून में 'हिडन डिहाइड्रेशन' का मूक हमला, लखनऊ के डॉक्टर ने चेताया

जैसे ही देश के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश और मानसून की दस्तक होती है, लोग प्राकृतिक रूप से पानी का कामना कम कर देते हैं। ठंडे मौसम और कम प्यास के कारण आम जनता में यह भ्रामक धारणा घर कर जाती है कि डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) केवल चिलचिलाती गर्मियों की समस्या है। हालांकि, रीजेंसी हेल्थ, लखनऊ के नेफ्रोलॉजी और रीनल ट्रांसप्लांट विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर, डॉ. आलोक कुमार पांडे ने एक बेहद गंभीर स्वास्थ्य चेतावनी जारी की है। डॉ. पांडे के अनुसार, मानसून के महीनों में अत्यधिक नमी और मौसमी बीमारियों के चलते होने वाला 'हिडन डिहाइड्रेशन' चुपके से इंसानी किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है।उच्च आर्द्रता का मायाजाल: जानिए क्यों बारिश के मौसम में चुपके से घट जाता है वाटर लेवलभले ही मानसून के दौरान तापमान में गिरावट दर्ज की जाती है, लेकिन वायुमंडल में उमस (ह्यूमिडिटी) का स्तर बहुत बढ़ जाता है। इस उमस भरे माहौल में हमारे शरीर से पसीने के रूप में तरल पदार्थ लगातार बाहर निकलते रहते हैं। चूंकि वातावरण में नमी अधिक होती है, इसलिए यह पसीना त्वचा से बहुत धीरे-धीरे वाष्पित होता है, जिसके कारण इंसानों को यह अहसास ही नहीं हो पाता कि वे कितनी मात्रा में पानी खो रहे हैं। इसके साथ ही, बरसात के मौसम में सक्रिय होने वाले गैस्ट्रोएंटेराइटिस, डायरिया, उल्टी और विभिन्न वायरल संक्रमण शरीर से इलेक्ट्रोलाइट्स के स्तर को तेजी से घटा देते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।किडनी पर सीधा प्रहार: ब्लड सर्कुलेशन घटने से मंडरा रहा है प्री-रीनल एक्यूट किडनी इंजरी का खतरामानव शरीर में मौजूद दोनों किडनियां रक्त को साफ करने, अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने के लिए पूरी तरह से निरंतर रक्त आपूर्ति (ब्लड सप्लाई) पर निर्भर करती हैं। डॉ. आलोक कुमार पांडे ने इसके जैविक प्रभाव को समझाते हुए कहा, जब डिहाइड्रेशन के कारण शरीर में रक्त की कुल मात्रा (ब्लड वॉल्यूम) कम हो जाती है, तो हमारा मस्तिष्क और हृदय जैसे महत्वपूर्ण अंगों को बचाने के लिए रक्त प्रवाह को वहां डायवर्ट कर देता है। इसके परिणामस्वरूप, किडनी में होने वाला ब्लड सर्कुलेशन अचानक गिर जाता है, जो सीधे तौर पर प्री-रीनल एक्यूट किडनी इंजरी (Pre-Renal Acute Kidney Injury) का कारण बन सकता है। इसके अतिरिक्त, पानी की कमी से यूरिन अत्यधिक गाढ़ा हो जाता है, जिससे किडनी स्टोन और यूटीआई (UTI) का खतरा चरम पर पहुंच जाता है।सबसे ज्यादा खतरा किसे है? इन 8 श्रेणियों के लोगों को बरतनी होगी विशेष सावधानीचिकित्सकीय विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून का यह मूक डिहाइड्रेशन किसी को भी अपना शिकार बना सकता है, लेकिन कुछ विशेष संवेदनशील समूहों के लिए यह जानलेवा साबित हो सकता है:बढ़ती उम्र के बुजुर्ग वयस्कमधुमेह (डायबिटीज) और क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) के मरीजछोटे बच्चे और लगातार यात्रा करने वाले लोगधूप या खुले में काम करने वाले आउटडोर वर्कर्स और एथलीट्सबुखार, दस्त या उल्टी जैसी मौसमी बीमारियों से पीड़ित व्यक्तिऑफिस जाने वाले पेशेवर जो पानी के बजाय अत्यधिक चाय, कॉफी या मीठे सॉफ्ट ड्रिंक्स का सेवन करते हैंमानसून में किडनी को सुरक्षित रखने के अचूक उपाय: इलेक्ट्रोलाइट्स की ऐसे करें तुरंत भरपाईइस गंभीर स्वास्थ्य संकट से बचने के लिए डॉ. पांडे ने केवल सादे पानी पर निर्भर रहने के बजाय इलेक्ट्रोलाइट-समृद्ध तरल पदार्थों के सेवन की सलाह दी है। अगर आपको प्यास का अनुभव न भी हो, तो भी नियमित अंतराल पर छाछ, नींबू पानी (एक चुटकी नमक के साथ), optical और ताजा नारियल पानी का सेवन करते रहें। इसके साथ ही, अपने यूरिन (मूत्र) के रंग पर लगातार नजर रखें; यदि यूरिन का रंग हल्का पीला या पारदर्शी है, तो यह सही हाइड्रेशन का सूचक है, जबकि गहरा पीला रंग इस बात की चेतावनी है कि आपकी किडनी को तुरंत पानी की आवश्यकता है। बारिश के इस खुशनुमा मौसम में अपनी सेहत को नजरअंदाज न करें और पर्याप्त हाइड्रेशन से अपनी किडनी को सुरक्षित रखें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 7:03 pm

जल्दबाजी में न करें सोयाबीन-धान की बुवाई! मध्य प्रदेश कृषि विभाग ने जारी की खरीफ सीजन के लिए जरूरी एडवाइजरी

खरीफ सीजन की बुवाई का समय शुरू हो चुका है, लेकिन मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में अभी भी पर्याप्त बारिश नहीं हुई है. ऐसे में खेतों में नमी कम होने के बावजूद जल्दबाजी में सोयाबीन और धान की बुवाई करना किसानों के लिए भारी नुकसानदायक साबित हो सकता है. इसी को देखते हुए कृषक कल्याण एवं कृषि विकास विभाग, मध्य प्रदेश ने कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के आधार पर किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है.कृषि विभाग के संचालक उमाशंकर भार्गव ने मैदानी अमले को निर्देश दिए हैं कि वे किसानों के लगातार संपर्क में रहें और उन्हें मौसम की स्थिति के अनुसार ही कृषि कार्य करने के लिए जागरूक करें. विभाग का कहना है कि जिन जिलों में अभी तक सामान्य से कम बारिश हुई है, वहां पर्याप्त नमी आने तक बुवाई टालना ही सबसे बेहतर फैसला रहेगा.खेत में कब करें खरीफ फसलों की बुवाई?कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, बुवाई का निर्णय केवल कैलेंडर की तारीखें देखकर नहीं, बल्कि खेत की वास्तविक नमी को परखकर लेना चाहिए.'बतर' की स्थिति का करें इंतजार: विशेषज्ञों का कहना है कि जब मिट्टी में लगभग 4 इंच (करीब एक बालिश्त) की गहराई तक पर्याप्त नमी पहुंच जाए और खेत में 'बतर' की स्थिति बन जाए, तभी बुवाई करना सुरक्षित माना जाता है.कम नमी से नुकसान: यदि कम नमी में बीज बो दिए जाएं, तो अंकुरण प्रभावित हो सकता है. कई बार बीज मिट्टी के अंदर ही सड़ जाते हैं, जिससे किसानों को दोबारा बुवाई करनी पड़ती है और लागत दोगुनी हो जाती है.सिंचाई की सुविधा वाले किसान अभी से करें ये तैयारीजिन किसानों के पास सिंचाई के साधन उपलब्ध हैं, वे इस समय का उपयोग अपने खेत की उपजाऊ क्षमता (उर्वरता) बढ़ाने में कर सकते हैं.हरित खाद का उपयोग: कृषि विभाग ने सलाह दी है कि खेतों में ढैंचा या सनई जैसी हरित खाद वाली फसलों की बुवाई करें, ताकि मिट्टी में जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ सके.उचित पोषण: इसके अलावा खेत तैयार करते समय गोबर की सड़ी खाद, वर्मी कम्पोस्ट, सिंगल सुपर फॉस्फेट, म्यूरेट ऑफ पोटाश, जिंक सल्फेट और जिप्सम का उपयोग मिट्टी परीक्षण (Soil Test) और कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार करना बेहद लाभदायक रहेगा.सोयाबीन और धान की खेती के लिए 4 वैज्ञानिक सलाहअंकुरण परीक्षण है जरूरी: सोयाबीन की बुवाई से पहले बीजों का अंकुरण परीक्षण जरूर करें. केवल 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंकुरण क्षमता वाले बीजों का ही बुवाई के लिए उपयोग करें.बीजोपचार (Seed Treatment): बुवाई से ठीक पहले बीजों को फफूंदनाशक (Fungicide) और जैव उर्वरकों से उपचारित करना जरूरी है, ताकि शुरुआती अवस्था में फसल को कीटों और रोगों से सुरक्षित रखा जा सके. इसके साथ ही कम पानी की आवश्यकता वाली तथा रोग प्रतिरोधी किस्मों का ही चयन करें.धान के लिए आधुनिक तकनीक: धान की खेती करने वाले किसानों को पारंपरिक रोपाई (Manual Transplanting) के बजाय श्री पद्धति (SRI) या डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR - सीधी बुवाई) तकनीक अपनाने की सलाह दी गई है. इन तकनीकों से पानी की भारी बचत होती है और उत्पादन लागत भी कम आती है.आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग: विभाग ने किसानों को रिज एंड फरो सीड ड्रिल, ब्रॉड बेड एंड फरो (BBF) सीड ड्रिल तथा हस्तचालित सीड डिब्लर जैसे आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग की सलाह दी है. इन तकनीकों से खेत में जल निकास बेहतर रहता है और सूखा या अत्यधिक जलभराव जैसी विपरीत परिस्थितियों में भी फसल सुरक्षित रहती है.जोखिम कम करने के लिए अपनाएं इंटरक्रॉपिंग और फसल बीमामौसम की अनिश्चितता को देखते हुए कृषि विभाग ने अंतरवर्ती खेती (इंटरक्रॉपिंग) अपनाने पर जोर दिया है. एक ही खेत में दो या दो से अधिक फसलों (जैसे सोयाबीन के साथ अरहर) अथवा एक ही फसल की अलग-अलग किस्मों की बुवाई करने से मौसम संबंधी जोखिम कम होता है. यदि किसी कारणवश एक फसल प्रभावित होती है, तो दूसरी फसल से किसानों को सहारा मिल जाता है. इसके साथ ही, प्राकृतिक आपदा की स्थिति में आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का बीमा समय पर जरूर कराएं.किसान क्या करें और क्या न करें (Quick Guide)क्या करेंक्या न करेंपर्याप्त नमी (4 इंच गहराई) होने के बाद ही बुवाई करें.पहली हल्की फुहार या पहली बारिश के तुरंत बाद बुवाई न करें.बुवाई से पहले बीजों का उचित बीजोपचार जरूर करें.बिना अंकुरण क्षमता जांचे (कम से कम 70%) बीज न बोएं.कम अवधि में पकने वाली और कीट-प्रतिरोधी किस्में चुनें.पूरी तरह सूखी या कम नमी वाली मिट्टी में बीज डालने से बचें.मौसम विभाग के पूर्वानुमान और अलर्ट पर लगातार नजर रखें.जल्दबाजी में एक साथ पूरे खेत की बुवाई करने की गलती न करें.अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)प्रश्न 1: सोयाबीन और धान की बुवाई का सबसे सही समय क्या है?उत्तर: कृषि विभाग के अनुसार, जब खेत की मिट्टी में लगभग 4 इंच तक पर्याप्त नमी पहुंच जाए और खेत में 'बतर' (बुवाई योग्य स्थिति) बन जाए, तभी बुवाई करनी चाहिए.प्रश्न 2: क्या कम बारिश में या सूखी मिट्टी में बुवाई की जा सकती है?उत्तर: बिल्कुल नहीं. अपर्याप्त नमी में बुवाई करने से बीजों का अंकुरण ठीक से नहीं होता, जिससे पौधों की संख्या कम रह जाती है और किसानों को दोबारा बुवाई का भारी खर्च उठाना पड़ सकता है.प्रश्न 3: धान की सीधी बुवाई (DSR) तकनीक के क्या फायदे हैं?उत्तर: डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) तकनीक से धान की खेती करने पर नर्सरी तैयार करने और रोपाई का खर्च बचता है. इससे पानी की भारी बचत होती है और कम लागत में अच्छा उत्पादन मिलता है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 7:00 pm

दिन में नींद आ रही है? आपकी दोपहर की झपकी आपको कुछ बताने की कोशिश कर रही हो सकती है

भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव और रात की अधूरी नींद के बाद दोपहर में एक छोटी सी झपकी (पावर नैप) लेना अमूमन हर किसी को तरोताजा कर देता है। चिकित्सा विज्ञान भी मानता है कि दिन के समय कुछ मिनटों की नींद कार्यक्षमता और मानसिक फोकस को बढ़ाने में बेहद मददगार साबित होती है। हालांकि, अगर आपको हर दिन 30 मिनट से अधिक लंबी झपकी लेने की तीव्र इच्छा होती है या रात में 7-8 घंटे की भरपूर नींद पूरी करने के बाद भी दिनभर शरीर में भारी थकान और सुस्ती बनी रहती है, तो इसे बिल्कुल भी हल्के में न लें। मेदांता अस्पताल, नोएडा में रेस्पिरेटरी और स्लीप मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर डॉ. मृणाल सिरकार के अनुसार, दिन में बार-बार आने वाली यह अत्यधिक नींद आपकी बॉडी के भीतर पनप रहे किसी बड़े मेडिकल क्राइसिस का शुरुआती अलार्म हो सकती है।कितनी देर की झपकी है सेहत के लिए वरदान? एक्सपर्ट से समझिए सही टाइमिंगस्लीप मेडिसिन स्पेशलिस्ट डॉ. मृणाल सिरकार के मुताबिक, मानव शरीर और मस्तिष्क को रीचार्ज करने के लिए केवल 10 से 30 मिनट की छोटी झपकी ही सबसे आदर्श और वैज्ञानिक रूप से हेल्दी मानी जाती है। इस समयावधि की झपकी आपके नर्वस सिस्टम को शांत करती है, रचनात्मकता को बढ़ाती है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह आपके रात के प्राकृतिक स्लीप साइकिल (नींद के चक्र) में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं करती है। लेकिन जैसे ही यह झपकी घंटों लंबी होने लगती है, यह फायदे के बजाय शरीर को सुस्त बनाने लगती है और स्वास्थ्य से जुड़े कई गंभीर खतरों को न्योता देती है।बुजुर्गों के लिए मूक चेतावनी: लंबी और असमय झपकी बढ़ा सकती है मृत्यु का जोखिमहालिया वैश्विक वैज्ञानिक शोधों और केस स्टडीज का हवाला देते हुए डॉ. सिरकार ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से वृद्ध वयस्कों (बुजुर्गों) में दिन के समय बार-बार, बेवक्त और बहुत लंबी झपकियां लेने की आदत सीधे तौर पर उनके गिरते स्वास्थ्य से जुड़ी होती है। यह प्रवृत्ति न केवल उनकी शारीरिक सक्रियता को कम करती है, बल्कि आंतरिक अंगों के सुचारू रूप से काम न करने के कारण असमय मृत्यु के जोखिम को भी काफी हद तक बढ़ा देती है। चिकित्सा विज्ञान में दिन में आने वाली अत्यधिक नींद को एक स्वतंत्र समस्या नहीं, बल्कि शरीर के भीतर छुपे किसी隐 (मूक) रोग का एक प्रमुख लक्षण माना जाता है।इन 5 गंभीर बीमारियों के कारण दिन में बार-बार टूटती है इंसानी आंखयदि आपका शरीर दिन में बार-बार बिस्तर की ओर भाग रहा है, तो इसके पीछे निम्नलिखित न्यूरोलॉजिकल और क्रोनिक बीमारियां जिम्मेदार हो सकती हैं:ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA): इस गंभीर बीमारी में सोते समय मरीज की सांस की नली में बार-बार आंशिक या पूर्ण रुकावट आती है, जिससे रक्त में ऑक्सीजन का स्तर गिर जाता है और रात में बार-बार नींद टूटती है। नतीजतन, मरीज रातभर बिस्तर पर बिताने के बाद भी सुबह बेहद थका हुआ उठता है।क्रोनिक इंसोम्निया (अल्सर/अनिद्रा): देर रात तक नींद न आना, बार-बार आंख खुल जाना या सुबह बहुत जल्दी जाग जाने की समस्या के कारण शरीर का हीलिंग प्रोसेस रुक जाता है, जिससे दिन में भयंकर सुस्ती छाई रहती है।रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम (RLS): यह एक जटिल न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है जिसमें शाम या रात के समय पैरों में अजीब सी बेचैनी, झनझनाहट और उन्हें लगातार हिलाने की तीव्र इच्छा होती है, जो गहरी नींद (डीप स्लीप) को पूरी तरह बाधित कर देती है।मेटाबॉलिक और क्रोनिक बीमारियां: शरीर में हार्मोनल असंतुलन जैसे हाइपोथायरायडिज्म, अनियंत्रित डायबिटीज (मधुमेह), दिल की कमजोरी (कार्डियक डिजीज) और शरीर में लंबे समय से बना हुआ कोई गुप्त इन्फेक्शन भी दिन की थकान का मुख्य कारण होते हैं।मानसिक स्वास्थ्य विकार: अत्यधिक डिप्रेशन (अवसाद) और लंबे समय से चला आ रहा क्रोनिक स्ट्रेस भी मस्तिष्क की ऊर्जा को पूरी तरह सोख लेता है, जिससे व्यक्ति दिनभर केवल सोते रहना चाहता है।स्लीप स्पेशलिस्ट की फाइनल सलाह: कब तुरंत क्लीनिकल डायग्नोसिस की है जरूरत?डॉ. मृणाल सिरकार के अनुसार, यदि आपकी दोपहर की झपकियां इतनी लंबी और अनियंत्रित हो चुकी हैं कि वे आपके दैनिक काम-काज, ऑफिस की प्रोडक्टिविटी या सामाजिक जीवन को प्रभावित करने लगी हैं, तो यह घरेलू नुस्खे अपनाने का नहीं बल्कि तुरंत एक प्रमाणित स्लीप मेडिसिन स्पेशलिस्ट से मिलकर 'स्लीप स्टडी' कराने का समय है। इस समस्या की सही जड़ (रूट कॉज) की पहचान करके और समय पर उचित उपचार प्राप्त करके आप न केवल अपनी स्लीप क्वालिटी को सुधार सकते हैं, बल्कि भविष्य में होने वाले कार्डियक अरेस्ट और ऑर्गन फेलियर जैसी जानलेवा जटिलताओं से भी अपनी पूरी सेहत को सुरक्षित रख सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 6:59 pm

जुलाई 2026 का पहला 'रवि प्रदोष व्रत' आज, जानें शिव पूजन का सबसे सटीक मुहूर्त और धार्मिक महत्व

सनातन धर्म में भगवान शिव की आराधना के लिए सर्वोत्तम माने जाने वाले पावन प्रदोष व्रत का हिंदू श्रद्धालुओं के बीच एक विशिष्ट स्थान है। प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को रखा जाने वाला यह उपवास महादेव और माता पार्वती की असीम अनुकंपा प्राप्त करने का सबसे बड़ा जरिया माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष व्रत का नामकरण सप्ताह के उस दिन के आधार पर होता है जिस दिन त्रयोदशी तिथि पड़ती है। इसी कड़ी में, जुलाई 2026 का पहला प्रदोष व्रत रविवार के दिन पड़ने के कारण 'रवि प्रदोष व्रत' के एक दुर्लभ और कल्याणकारी महासंयोग के रूप में मनाया जा रहा है।रवि प्रदोष व्रत 2026 की तिथि और पंचांग गणना: जानिए कब से कब तक है त्रयोदशीवैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ 12 जुलाई 2026 को तड़के सुबह 02:04 बजे हो चुका है। यह पावन तिथि उसी दिन यानी 12 जुलाई की रात को 10:29 बजे समाप्त हो जाएगी। शास्त्रों में प्रदोष व्रत की पूजा के लिए सूर्यास्त के बाद के समय यानी 'प्रदोष काल' को प्रधानता दी जाती है। इस आधार पर, जुलाई का यह प्रथम प्रदोष व्रत 12 जुलाई 2026, रविवार को ही पूरे विधि-विधान के साथ रखा जा रहा है, जो भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि और आत्मिक शांति का संचार करेगा।शिव पूजन का सबसे भाग्यशाली समय: नोट करें शाम का प्रदोष पूजा मुहूर्तरवि प्रदोष व्रत के दिन भगवान भोलेनाथ की सात्विक और फलदायी पूजा करने का सबसे शुभ समय (प्रदोष काल) शाम को 07:20 बजे से लेकर रात को 09:30 बजे तक रहेगा। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस विशिष्ट समयावधि में की गई शिव आराधना का फल हजार गुना अधिक मिलता है। इसके अतिरिक्त, दिन के अन्य महत्वपूर्ण और शुभ मोर्चों की बात करें तो सुबह का ब्रह्म मुहूर्त 04:42 बजे से 05:25 बजे तक था, जबकि दोपहर का सबसे पवित्र माना जाने वाला अभिजीत मुहूर्त 12:18 बजे से 01:10 बजे तक सक्रिय रहेगा।पितृ दोष से मुक्ति और आरोग्य का वरदान: क्या है इस विशेष व्रत का आध्यात्मिक महत्वरविवार के दिन पड़ने वाला प्रदोष व्रत केवल देवाधिदेव महादेव ही नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष देवता भगवान सूर्य नारायण को भी समर्पित होता है। ज्योतिषीय और धार्मिक दृष्टिकोण से, जो जातक पूरी निष्ठा और पवित्रता के साथ रवि प्रदोष का व्रत रखते हैं, उन्हें कुंडली में मौजूद गंभीर 'पितृ दोष' से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है। इसके साथ ही, यह उपवास उत्तम आरोग्य (अच्छी सेहत), लंबी उम्र और समाज में यश, कीर्ति व उच्च मान-सम्मान की प्राप्ति के लिए अचूक माना जाता है। भगवान शिव की कृपा से भक्तों को आंतरिक मानसिक शक्ति और पारिवारिक खुशहाली का वरदान मिलता है।जुलाई 2026 का दूसरा प्रदोष व्रत कब है? एडवांस में नोट कर लें तारीखयदि आप इस महीने के व्रतों की योजना बना रहे हैं, तो बता दें कि जुलाई 2026 का दूसरा प्रदोष व्रत भी बेहद दिलचस्प संयोग लेकर आ रहा है। यह व्रत भी रविवार, 26 जुलाई 2026 को ही मनाया जाएगा, जिससे इस महीने भक्तों को दो बार रवि प्रदोष व्रत का पुण्य लाभ उठाने का मौका मिलेगा। 26 जुलाई को त्रयोदशी तिथि दोपहर 01:57 बजे से शुरू होकर अगले दिन 27 जुलाई की शाम 04:14 बजे समाप्त होगी, और उस दिन शाम की प्रदोष पूजा का विशेष मुहूर्त 07:17 बजे से रात 09:28 बजे तक रहेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 6:57 pm

8th Pay Commission Big Update : 8वें वेतन आयोग ने बढ़ाई डेटा अपलोड करने की अंतिम तारीख, 1.19 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर

8th Pay Commission Deadline Extended: केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आई है. आयोग ने कर्मचारी संबंधी आवश्यक डेटा को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने की अंतिम समयसीमा (DeadLine) को एक महीने और आगे बढ़ा दिया है. अब केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के पास जरूरी जानकारी जमा करने के लिए 31 जुलाई 2026 तक का समय होगा.यह फैसला उन विभागों को बड़ी राहत देने के लिए लिया गया है जो पहले से निर्धारित समय सीमा यानी 30 जून 2026 तक अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स का पूरा डेटा अपलोड करने में असमर्थ रहे थे. आयोग का मानना है कि वेतन और भत्तों के नए ढांचे को तैयार करने के लिए सटीक और संपूर्ण डेटाबेस का होना सबसे अनिवार्य कदम है.क्यों बढ़ाई गई डेटा जमा करने की डेडलाइन?8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) के आधिकारिक बयान के मुताबिक, कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों और रणनीतिक विभागों ने तकनीकी कारणों और कार्यबल की विशाल संख्या के चलते 30 जून की तय तारीख तक डेटा सबमिशन पूरा नहीं किया था. इसके बाद आयोग ने प्रशासनिक प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए इसे 31 जुलाई 2026 तक विस्तारित कर दिया. आयोग ने सभी नामित नोडल अधिकारियों (Nodal Officers) को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे इस अंतिम अवसर का लाभ उठाकर लंबित डेटा को बिना किसी त्रुटि के समय पर सबमिट करें.ऑफलाइन माध्यम पूरी तरह बैन, केवल ऑनलाइन पोर्टल से होगा सबमिशनआयोग ने डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं:कर्मचारी संबंधी सभी प्रकार की जानकारियां केवल 8वें CPC ऑनलाइन डेटा कलेक्शन पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार की जाएंगी.मंत्रालयों और विभागों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि वे किसी भी प्रकार के फिजिकल (कागजी) दस्तावेज, ईमेल, पीडीएफ फाइल, एक्सेल शीट या किसी अन्य ऑफलाइन या व्यक्तिगत माध्यम से डेटा भेजने की कोशिश न करें. ऐसे किसी भी शॉर्टकट तरीके से भेजी गई जानकारी को सीधे खारिज कर दिया जाएगा.8वां वेतन आयोग किन-किन कर्मचारियों का जुटा रहा है डेटा?आयोग केवल नियमित स्टाफ की ही नहीं, बल्कि एक बहुत बड़े कार्यबल का विस्तृत डेटाबेस तैयार कर रहा है ताकि आगामी वेतन संशोधन का सटीक वित्तीय भार आंका जा सके. इसमें निम्नलिखित श्रेणियां शामिल हैं:नियमित और स्थाई कर्मचारी: केंद्र सरकार के तहत काम करने वाले सभी विभागों के स्थाई कर्मचारी.पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनभोगी: सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारी और उनके आश्रित.संविदा और आउटसोर्स कर्मचारी: वित्त वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के दौरान तैनात किए गए कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स कर्मचारी.सपोर्ट स्टाफ व कुशल/अकुशल श्रमिक: मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS), हाउसकीपिंग स्टाफ, डेटा एंट्री ऑपरेटर (DEO), सरकारी ड्राइवर, सुरक्षा गार्ड, माली के साथ-साथ सभी कुशल, अर्ध-कुशल और अकुशल कर्मचारी.महत्वपूर्ण बिंदु: विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे केवल कर्मचारियों की कुल संख्या (Headcount) न बताएं, बल्कि 'मैन-मंथ' (Man-Month) के सूक्ष्म फार्मूले के आधार पर उनके काम के घंटों और दिनों की सटीक जानकारी दर्ज करें.वेतन बढ़ोतरी की सिफारिशों को लेकर क्या है ताजा स्थिति?डेटा सबमिशन की तारीख बढ़ने के बाद सोशल मीडिया और कर्मचारी संगठनों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या वेतन बढ़ोतरी की सिफारिशें तैयार हो चुकी हैं?आयोग ने साफ किया है कि डेडलाइन बढ़ने का यह मतलब कतई नहीं है कि वेतन वृद्धि, फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor), महंगाई भत्ता (DA) या पेंशन के फॉर्मूले पर कोई अंतिम मुहर लग चुकी है.गठन और समयसीमा: 8वें वेतन आयोग का आधिकारिक गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था. नियमानुसार, आयोग को अपने गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर केंद्र सरकार को अपनी अंतिम सिफारिशों की रिपोर्ट सौंपनी है.वर्तमान स्थिति: फिलहाल आयोग अभी प्राथमिक चरण में है, जहां वह विभिन्न कर्मचारी यूनियनों, पेंशनर्स एसोसिएशंस और मुख्य हितधारकों के साथ लगातार परामर्श बैठकें कर रहा है. डेटा कलेक्शन और इन बैठकों का दौर पूरा होने के बाद ही वेतन और भत्तों में संशोधन की मूल रिपोर्ट का ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा.आयोग की सिफारिशों से देश के 1.19 करोड़ लोगों को मिलेगा सीधा फायदा8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट जब भी लागू होगी, उसका सीधा और बड़ा असर देश के वित्तीय ढांचे के साथ-साथ लगभग 1.19 करोड़ लोगों की जेब पर पड़ेगा. इसमें केंद्र सरकार के करीब 50 लाख से अधिक सक्रिय कर्मचारी और लगभग 69 लाख से ज्यादा पेंशनभोगी शामिल हैं. आयोग द्वारा रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद केंद्रीय कैबिनेट इसकी समीक्षा करेगी और उसके बाद ही न्यूनतम वेतनमान और भत्तों को लागू करने की तारीख का अंतिम ऐलान होगा.

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 6:57 pm

Guru Purnima 2026: इस साल कब है ज्ञान का महापर्व? जानें शुभ तारीख, महत्व और महर्षि वेदव्यास के पूजन का रहस्य

भारतीय सनातन संस्कृति, दर्शन और अध्यात्म में गुरु को गोविंद (ईश्वर) से भी उच्च स्थान दिया गया है। अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाने वाले मार्गदर्शकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन पर्व 'गुरु पूर्णिमा' इस साल भी देश-विदेश में बेहद श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाने वाला यह पवित्र त्योहार केवल सनातन धर्मावलंबियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि बौद्ध और जैन धर्म के अनुयायियों के लिए भी इसका अत्यंत गहरा ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व है।गुरु पूर्णिमा 2026 की सही तारीख: नोट कर लें कैलेंडर में यह शुभ दिनवर्ष 2026 में गुरु पूर्णिमा का पावन त्योहार बुधवार, 29 जुलाई 2026 को पूरे देश में श्रद्धापूर्वक मनाया जाएगा। आषाढ़ पूर्णिमा के इस शुभ अवसर पर तड़के सुबह से ही देश भर के प्रमुख धार्मिक स्थलों, पवित्र नदियों के घाटों, गुरु आश्रमों और बौद्ध विहारों में विशेष प्रार्थना सभाओं और आध्यात्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। भक्तगण इस दिन उपवास रखकर अपने गुरुओं का साक्षात या मानसिक पूजन करेंगे और जीवन में सही मार्गदर्शन के लिए उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।महर्षि वेदव्यास और व्यास पूर्णिमा: जानिए क्यों मनाया जाता है यह त्योहारपौराणिक मान्यताओं के अनुसार, गुरु पूर्णिमा का यह पावन दिन मूल रूप से महाभारत और महान पुराणों के रचयिता महर्षि वेदव्यास जी के प्राकट्य दिवस और उनके सम्मान में मनाया जाता है। महर्षि वेदव्यास ने ही वेदों का चार अलग-अलग भागों (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद) में वर्गीकरण और संकलन किया था, जिसके कारण उन्हें मानव जाति का आदिगुरु माना जाता है। इसी ऐतिहासिक संबंध के कारण इस पावन तिथि को 'व्यास पूर्णिमा' के नाम से भी संबोधित किया जाता है। आध्यात्मिक दृष्टि से 'गुरु' शब्द दो अक्षरों से मिलकर बना है—'गु' का अर्थ है अंधकार और 'रु' का अर्थ है उसे दूर करने वाला, अर्थात वह चेतना जो हमें मानसिक अंधकार से मुक्त करती है।त्रिवेणी संगम: हिंदू, बौद्ध और जैन धर्मों में इस पावन तिथि का अनूठा महत्वयह त्योहार भारत की साझी आध्यात्मिक चेतना और धार्मिक विविधता का एक सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करता है, जहां तीन प्रमुख धर्म इस दिन को अलग-अलग ऐतिहासिक कारणों से अत्यंत पवित्र मानते हैं:हिंदू धर्म: इस दिन गुरु को साक्षात परब्रह्म मानकर उनकी पूजा की जाती है, क्योंकि गुरु ही शिष्य को संसार रूपी सागर पार करने और ईश्वर प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करते हैं।बौद्ध धर्म: बौद्ध मान्यताओं के अनुसार, बोधगया में कठिन तपस्या के बाद ज्ञान (बोधि) प्राप्त करने के पश्चात भगवान बुद्ध ने इसी आषाढ़ पूर्णिमा के दिन सारनाथ में अपने प्रथम पांच शिष्यों को अपना पहला उपदेश दिया था, जिसे 'धम्मचक्कपवत्तन' (धर्मचक्रप्रवर्तन) कहा जाता है।जैन धर्म: जैन परंपरा के अनुसार, चौबीसवें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी ने इसी पवित्र तिथि पर चातुर्मास की शुरुआत के साथ ही इंद्रभूति गौतम (गौतम स्वामी) को अपना पहला प्रधान शिष्य (गणधर) बनाया था, जिससे जैन संघ की नींव पड़ी।आधुनिक युग में प्रासंगिकता: कैसे मनाएं कृतज्ञता का यह डिजिटल और पारंपरिक उत्सवआज के आधुनिक और तकनीकी युग में भी गुरु-शिष्य परंपरा का महत्व रत्ती भर भी कम नहीं हुआ है। इस शुभ दिन पर भक्त और विद्यार्थी अपने गुरुओं, शैक्षणिक शिक्षकों, माता-पिता और जीवन के मार्गदर्शकों को उपहार, संदेशों और विशेष आयोजनों के जरिए धन्यवाद ज्ञापित करते हैं। पारंपरिक रूप से इस दिन लोग मठों में जाकर गुरु पूजा करते हैं, सामूहिक सत्संग और ध्यान (मेडिटेशन) सत्रों में भाग लेते हैं, पवित्र धर्मग्रंथों का पाठ करते हैं और समाज के वंचित वर्गों को अन्न, वस्त्र व शिक्षा सामग्री दान कर सामाजिक समरसता का संदेश देते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 6:55 pm

Virat Kohli Privacy Leak London: लंदन के कैफे में चुपके से खींची गईं तस्वीरें, भड़के किंग कोहली ने साथी खिलाड़ी को भेजा यह मैसेज

Virat Kohli Privacy Leak London: भारतीय क्रिकेट के लीजेंड और ग्लोबल सुपरस्टार विराट कोहली (Virat Kohli) इन दिनों खेल से दूर लंदन में अपनी फैमिली के साथ समय बिता रहे हैं. हाल ही में चोट के कारण वह अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज का हिस्सा नहीं बन पाए थे. इसी बीच लंदन से विराट कोहली की प्राइवेसी (Privacy Violation) में सेंधमारी की एक बड़ी घटना सामने आई है, जिसने पूर्व भारतीय कप्तान को अंदर से बेहद नाराज और परेशान कर दिया है.सोशल मीडिया पर विराट कोहली और इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज जॉर्डन कॉक्स (Jordan Cox) की एक कैफे में बातचीत करते हुए निजी तस्वीरें वायरल हो गई हैं. इस घटना का खुलासा खुद आईपीएल (IPL) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) में कोहली के साथी रहे जॉर्डन कॉक्स ने एक इंटरव्यू में किया है.बिना जानकारी के खींची गईं तस्वीरें, कॉक्स ने बयां किया पूरा वाकयामशहूर ब्रिटिश अखबार 'द गार्जियन' (The Guardian) से बातचीत करते हुए इंग्लैंड के बल्लेबाज जॉर्डन कॉक्स ने इस हैरान करने वाली घटना को याद किया. पिछले महीने ओवल के मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने टेस्ट डेब्यू से ठीक एक शाम पहले कॉक्स लंदन के एक कैफे में विराट कोहली से मिले थे.क्या हुई थी बातचीत: दोनों युवा और सीनियर खिलाड़ी के बीच क्रिकेट के अनुभवों, मैच से पहले होने वाली घबराहट और साल 2011 में कोहली के अपने भारत डेब्यू के दौर की मानसिक स्थिति को लेकर गहरी चर्चा चल रही थी.विराट ने बढ़ाया था हौसला: कॉक्स अपने करियर के इतने बड़े मैच से पहले नर्वस न होने को लेकर चिंतित थे, जिस पर कोहली ने उन्हें बड़े भाई की तरह आिलासा देते हुए कहा था कि यह शांत मानसिक स्थिति उनके अपने डेब्यू मैच से कहीं ज्यादा बेहतर है.'क्या तुमने ये सारी तस्वीरें देखीं?' – दो घंटे बाद कोहली का आया मैसेजजॉर्डन कॉक्स ने बताया कि वह एक बेहद सामान्य और निजी मुलाकात थी, लेकिन कैफे से बाहर आने के कुछ ही देर बाद वो तस्वीरें इंटरनेट पर लीक हो गईं. कॉक्स ने कहा, विराट के लिए सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात यह थी कि लोग चोरी-छिपे उनका पीछा कर रहे थे और उन्हें इसका अहसास तक नहीं हुआ. कैफे में हमारे पास से सैकड़ों लोग गुजरे लेकिन किसी ने सामने आकर कुछ नहीं कहा. मुलाकात के करीब दो घंटे बाद अचानक विराट ने मुझे एक मैसेज भेजा, जिसमें लिखा था- 'क्या तुमने ये सारी तस्वीरें देखीं?' मैं खुद दंग रह गया. विराट बस वहां एक सामान्य और सुकून भरा जीवन जीना चाहते हैं, लेकिन दुर्भाग्य से उनके जैसे बड़े स्टार के लिए यह हमेशा मुमकिन नहीं हो पाता.लंदन में लो-प्रोफाइल लाइफ जी रहे हैं किंग कोहलीयह पूरी घटना बयां करती है कि क्रिकेट के मैदान से दूर विराट कोहली की लाइफ कैसी है. पिछले दो सालों में विराट कोहली ने अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा और बच्चों के साथ लंदन में एक लंबा वक्त गुजारा है. वह केवल बेहद जरूरी इंटरनेशनल मैचों, आईपीएल और अपने ब्रांड कमिटमेंट्स के लिए ही भारत आते हैं. साल 2026 में टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास (Retirement) की घोषणा के बाद से कोहली ने मीडिया से दूरी बनाकर काफी लो-प्रोफाइल लाइफ चुनी है. इसके बावजूद विदेशों में भी उनकी एक झलक पाने के लिए फैंस इस कदर दीवाने हैं कि उनकी प्राइवेसी खतरे में पड़ जाती है.अगले सप्ताह इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से मैदान पर लौटेंगे कोहलीहैमस्ट्रिंग की चोट (Hamstring Injury) से पूरी तरह उबरने के बाद 37 वर्षीय विराट कोहली अब मैदान पर जोरदार वापसी के लिए पूरी तरह तैयार हैं. इसके लिए वह मुंबई में लगातार कड़ी नेट प्रैक्टिस और तैयारी कर रहे हैं. भारत और इंग्लैंड के बीच अगले सप्ताह से तीन मैचों की शानदार वनडे सीरीज शुरू होने जा रही है. भारतीय टीम बर्मिंघम, कार्डिफ और ऐतिहासिक लॉर्ड्स (Lords) के मैदान पर मैच खेलेगी. यह सीरीज साल 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप (2027 ODI World Cup) की तैयारियों के लिहाज से टीम इंडिया और विराट कोहली दोनों के लिए मील का पत्थर साबित होगी.युवा खिलाड़ियों के लिए भगवान की तरह हैं विराट: कॉक्सतस्वीरें लीक होने के विवाद के बीच जॉर्डन कॉक्स ने आरसीबी के चैंपियन बनने के सफर को याद करते हुए कोहली की मेंटरशिप की जमकर तारीफ की. कॉक्स ने कहा, आईपीएल अभियान के दौरान जो बात मुझे सबसे अविश्वसनीय लगी, वो यह थी कि एक इतने बड़े महान खिलाड़ी होने के बावजूद उन्होंने मुझे सीखने के लिए कितना ज्यादा समय दिया. विराट एक ऐसे इंसान हैं जो खुद से पहले हमेशा युवा खिलाड़ियों की मदद करने के लिए तैयार रहते हैं. खेल की इतनी बड़ी और मतलबी दुनिया में ऐसा निस्वार्थ स्वभाव देखना बेहद दुर्लभ है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 6:53 pm

स्टालिन की DMK ने ठुकराया 'बंगाल-केरल मॉडल', थलपति विजय की TVK संग गठबंधन की कोशिशों पर फेरा पानी

दक्षिण भारत के सबसे रसूखदार राजनीतिक सूबे तमिलनाडु की सियासत में इस वक्त जबरदस्त उबाल आ चुका है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर बने विपक्षी 'INDIA' गठबंधन में थलपति विजय की नवोदित पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) को एक साथ लाने की कवायद शुरू हुई थी, जिसे DMK ने सिरे से खारिज कर दिया है। दलित केंद्रित दल वीसीके (VCK) और कांग्रेस द्वारा दिए गए 'बंगाल-केरल फॉर्मूले' को मानने से इनकार करते हुए स्टालिन की पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य की जमीनी हकीकत बाकी प्रदेशों से बिल्कुल जुदा है। इस राजनीतिक खींचतान के बीच DMK और कांग्रेस के रिश्तों में भी गंभीर दरार आ गई है।क्या है बंगाल-केरल मॉडल? जिसे तमिलनाडु में लागू करने की थी तैयारीराजनीतिक गलियारों में इस वक्त 'बंगाल-केरल मॉडल' की खूब चर्चा हो रही है। यह एक ऐसा रणनीतिक फॉर्मूला है जिसके तहत क्षेत्रीय पार्टियां राज्य स्तर पर तो एक-दूसरे के धुर विरोधी के रूप में चुनाव लड़ती हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर केंद्र सरकार या भाजपा के विरोध में एकजुट होकर 'INDIA' गठबंधन का हिस्सा बनी रहती हैं। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की टीएमसी (TMC), वामपंथी दल और कांग्रेस राज्य में एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोकते हैं। ठीक इसी तरह केरल में भी कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) और वामपंथियों के एलडीएफ (LDF) के बीच सत्ता के लिए सीधा मुकाबला होता है। हालांकि, लोकसभा या राष्ट्रीय मुद्दों पर ये सभी दल दिल्ली में एक मंच पर नजर आते हैं। वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन और कांग्रेस इसी तर्ज पर विजय की TVK और स्टालिन की DMK को राष्ट्रीय स्तर पर एक साथ जोड़ना चाहते थे।DMK का तीखा पलटवार: कांग्रेस ने मंत्रिपद के लालच में पीठ में छुरा घोंपाइस प्रस्तावित फॉर्मूले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कोइम्बटूर से DMK सांसद गणपति पी. राजकुमार ने बेहद आक्रामक रुख अख्तियार किया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में सिर्फ मंत्रिपद हासिल करने और सत्ता की मलाई चाटने के लिए थलपति विजय की TVK से हाथ मिलाया है। सांसद ने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि कांग्रेस ने DMK की पीठ में छुरा घोंपने का काम किया है और अब वह अपनी कमियों को छिपाने के लिए वीसीके (VCK) को एक दूत या मध्यस्थ की तरह इस्तेमाल कर रही है ताकि स्टालिन नेतृत्व को मनाया जा सके। उन्होंने साफ किया कि DMK का शीर्ष नेतृत्व इस खोखले प्रस्ताव को कभी स्वीकार नहीं करेगा।विजय की TVK पर उठाए सवाल: बिना किसी सांसद वाली पार्टी के लिए इतनी बेताबी क्यों?तमिलनाडु की बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों पर प्रकाश डालते हुए DMK सांसद ने थलपति विजय की पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने तर्क दिया कि जिस TVK के पास राष्ट्रीय संसद में एक भी सांसद नहीं है, उसे 'INDIA' ब्लॉक का हिस्सा बनाने के लिए कांग्रेस इतनी बेताब क्यों है? इस पर विपक्षी दलों को गंभीरता से आत्मचिंतन करना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि भाजपा हमेशा से क्षेत्रीय दलों को कमजोर करने की कोशिश करती रही है और DMK इसके खिलाफ अपनी वैचारिक लड़ाई मजबूती से लड़ रही है। सांसद के बयानों से यह पूरी तरह स्पष्ट है कि तमिलनाडु में फिलहाल कांग्रेस और DMK के बीच सब कुछ ठीक नहीं है और इस विवाद के कारण राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन को एक बड़ा झटका लग सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 6:36 pm

तेलंगाना के शाबाद में 6 लोगों की हत्या के आरोपी की तलाश में 9 टीमें जुटीं

हैदराबाद। तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के शाबाद मंडल के दैवालागुडा गांव में छह लोगों की हत्या के मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए नौ विशेष टीमें तैनात की गई हैं। पुलिस उपायुक्त योगेश गौतम ने रविवार को आरोपी के बारे में रिपोर्टों पर साफ किया कि राजकुमार अभी भी फरार है और लोगों से अपील […] The post तेलंगाना के शाबाद में 6 लोगों की हत्या के आरोपी की तलाश में 9 टीमें जुटीं appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 6:23 pm

विदेश मंत्रालय ने की जीएफएस गैलेक्सी जहाज पर हुए हमले की निंदा, भारतीय चालक दल का एक सदस्य अभी भी लापता

नई दिल्ली। भारत ने ओमान तट के निकट वाणिज्यिक पोत जीएफएस गैलेक्सी पर हुए हमले की रविवार को कड़ी निंदा की। विदेश मंत्रालय ने बताया कि पोत पर सवार 11 भारतीय नागरिकों में से 10 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय चालक दल का सदस्य अब भी लापता है। मंत्रालय ने अपने […] The post विदेश मंत्रालय ने की जीएफएस गैलेक्सी जहाज पर हुए हमले की निंदा, भारतीय चालक दल का एक सदस्य अभी भी लापता appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 6:17 pm

धार में शादी का दबाव बनाने पर प्रेमी ने की महिला की हत्या

धार। मध्यप्रदेश के धार जिले में एक महिला की हत्या के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और मृतका का मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार 10 जुलाई को कोतवाली […] The post धार में शादी का दबाव बनाने पर प्रेमी ने की महिला की हत्या appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 6:13 pm

परमहंस आचार्य ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, योगी आदित्यनाथ को राम मंदिर ट्रस्ट का आजीवन सदस्य बनाने की मांग

अयोध्या स्थित तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने आग्रह किया है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नए ट्रस्टियों की नियुक्ति पूरी सावधानी और पारदर्शिता के साथ की जाए, ताकि राम मंदिर की गरिमा और प्रतिष्ठा बनी रहे। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्रस्ट का आजीवन सदस्य बनाए जाने की मांग भी उठाई है।

देशबन्धु 12 Jul 2026 6:10 pm

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर संघर्ष तेज, अमरीका-ईरान के बीच ताजा हमले

वाशिंगटन। होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है। दोनों देशों ने रविवार को एक-दूसरे पर नए सिरे से हमले किए। अमरीका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले करने का दावा किया, जबकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई में खाड़ी क्षेत्र में अमरीकी सैन्य […] The post होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर संघर्ष तेज, अमरीका-ईरान के बीच ताजा हमले appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 6:08 pm

मदन दिलावर के अलवर दौरे के बाद 8 ग्राम विकास अधिकारियों के तबादले

अलवर। राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर ने अलवर दौरे के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाल सफाई व्यवस्था और जलभराव की स्थिति देखने को मिलने पर गहरी नाराजगी जताई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उनके दौरे के कुछ ही घंटों बाद जिले की आठ ग्राम पंचायतों के ग्राम विकास अधिकारियों (बीडीओ) के […] The post मदन दिलावर के अलवर दौरे के बाद 8 ग्राम विकास अधिकारियों के तबादले appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 6:01 pm

ईरान ने की होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा

तेहरान। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा की है। अमरीका की ओर से किए गए हमले के बाद ईरान की सेना ने यह घोषणा की। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा है कि जब तक इस इलाके में अमरीका का दखल खत्म नहीं हो जाता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य […] The post ईरान ने की होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 5:55 pm

दिल्ली में सुरंग, बुंदेलखंड में एक्सप्रेस कनेक्टिविटी; 14,115 करोड़ की परियोजनाओं से बदलेगी विकास की तस्वीर

केंद्र ने दिल्ली की द्वारका सुरंग और उत्तर प्रदेश के कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड हाईवे को मंजूरी दी। 14,115 करोड़ रुपये की ये परियोजनाएं कनेक्टिविटी, निवेश और रोजगार को नई गति देंगी।

देशबन्धु 12 Jul 2026 5:18 pm

बोरी में भरकर कांग्रेस भवन आता था करोड़ों का कैश! EOW का बड़ा दावा- रामगोपाल ने ऐसे खड़ा किया 800 करोड़ का साम्राज्य

छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज और हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। राज्य की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया है, जिसने प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने अलग-अलग वित्तीय अनियमितताओं और घोटालों के जरिए करीब 800 करोड़ रुपये का काला धन जुटाया था। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस अकूत दौलत और अवैध कैश को कथित तौर पर बोरियों में भरकर सीधे कांग्रेस भवन पहुंचाया जाता था।सिंडिकेट के जरिए जुटाया गया 800 करोड़ का काला धनEOW की जांच में यह बात सामने आई है कि यह पूरा खेल एक सोचे-समझे सिंडिकेट के जरिए खेला जा रहा था। राज्य में हुए विभिन्न कथित घोटालों, जिसमें कोयला लेवी, शराब और अन्य सरकारी ठेके शामिल थे, उनसे आने वाले अवैध कमीशन का एक बड़ा हिस्सा सीधे रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचता था। जांच अधिकारियों का दावा है कि इस पूरे सिंडिकेट के सूत्रधार अग्रवाल ही थे, जिन्होंने सत्ता के रसूख का इस्तेमाल कर महज कुछ वर्षों के भीतर 800 करोड़ रुपये का यह भारी-भरकम साम्राज्य खड़ा कर लिया।कैश मैनेजमेंट का वीआईपी सेंटर बना था कांग्रेस भवनजांच एजेंसी के दावों के अनुसार, अवैध रूप से वसूली गई करोड़ों रुपये की यह रकम किसी सामान्य तरीके से नहीं, बल्कि जूट के बोरों और बड़े-बड़े बैग्स में भरकर गाड़ी के जरिए सीधे रायपुर स्थित कांग्रेस भवन और अन्य गुप्त ठिकानों पर अनलोड की जाती थी। EOW का कहना है कि उनके पास ऐसे पुख्ता इनपुट्स और गवाहों के बयान हैं, जो यह साबित करते हैं कि इस बेहिसाब कैश का इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों, चुनावों को प्रभावित करने और बेनामी संपत्तियों को खरीदने के लिए किया जाता था।ईओडब्ल्यू की रडार पर कई बड़े रसूखदार और करीबीइस मामले में रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ शिकंजा कसने के बाद अब जांच की आंच कई अन्य सफेदपोशों और बड़े अफसरों तक पहुंचने लगी है। EOW डिजिटल साक्ष्यों, बैंक खातों के लेन-देन और डायरियों में दर्ज कोडवर्ड्स को डिकोड करने में जुटी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस 800 करोड़ के घोटाले से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों का बेनकाब होना तय है, जिससे छत्तीसगढ़ की सियासत में और बड़ा तूफान आ सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 2:25 pm

न बैटिंग फ्लॉप, न बॉलिंग रही बेकार; फिर क्यों इंग्लैंड में शर्मसार हुई टीम इंडिया? सामने आई सबसे बड़ी कमजोरी

क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले इंग्लैंड के मैदानों पर जब भी भारत और इंग्लैंड के बीच टक्कर होती है, तो रोमांच सातवें आसमान पर होता है। लेकिन हालिया मुकाबले में टीम इंडिया को जिस तरह की हार का सामना करना पड़ा है, उसने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमूमन किसी भी मैच में हार का ठीकरा बल्लेबाजों के खराब शॉट सिलेक्शन या गेंदबाजों की दिशाहीन गेंदबाजी पर फोड़ा जाता है। लेकिन इस बार कहानी पूरी तरह अलग है। कप्तान से लेकर कोच तक, सभी इस बात से हैरान हैं कि टीम इंडिया अपनी तकनीक की वजह से नहीं, बल्कि एक बुनियादी कमजोरी के कारण बैकफुट पर आ गई।मैदान पर सुस्ती पड़ी भारी, छूटे कैचों ने पलटा पूरा मैचइस मुकाबले में टीम इंडिया की हार की सबसे मुख्य और बड़ी वजह रही उसकी बेहद खराब फील्डिंग। जब आप इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उनकी सरजमीं पर खेल रहे हों, तो आप 'कैच छोड़ो, मैच छोड़ो' की कहावत को हल्के में नहीं ले सकते। भारतीय फील्डर्स ने मैच के कई अहम मोड़ों पर न सिर्फ बेहद आसान कैच टपकाए, बल्कि मिस-फील्डिंग के जरिए विपक्षी टीम को कई अतिरिक्त रन भी तोहफे में दे दिए। इन जीवनदानों का फायदा उठाकर इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने मैच का पासा पूरी तरह से पलट दिया और भारतीय गेंदबाजों के हौसले पस्त कर दिए।ग्राउंड डाइविंग और खराब थ्रो ने बढ़ाई गेंदबाजों की टेंशनआधुनिक क्रिकेट में फिटनेस और चुस्ती-फुर्ती को सबसे ऊपर रखा जाता है, लेकिन इस मैच में भारतीय खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज काफी सुस्त नजर आई। बाउंड्री लाइन पर ढीली फील्डिंग और विकेटकीपर तक सीधे थ्रो न फेंक पाने की वजह से बल्लेबाजों ने आसानी से डबल और ट्रिपल रन चुराए। दबाव के क्षणों में जब टीम को एक-एक रन बचाने की जरूरत थी, तब फील्डिंग में हुई इन बचकानी गलतियों ने गेंदबाजों पर अतिरिक्त दबाव बना दिया। यही वजह रही कि अच्छी गेंदबाजी के बावजूद टीम इंडिया विरोधी टीम के रनों की रफ्तार पर लगाम नहीं लगा सकी।क्या वर्कलोड मैनेजमेंट बन रहा है टीम की सुस्ती का कारण?विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार क्रिकेट खेलने की वजह से खिलाड़ियों में थकान साफ तौर पर देखी जा सकती है। कैचिंग पोजीशन में सही समय पर रिएक्ट न कर पाना और थ्रोइंग में सटीकता की कमी यह दर्शाती है कि खिलाड़ियों की मानसिक और शारीरिक सजगता का स्तर गिरा है। कोच राहुल द्रविड़ और कप्तान रोहित शर्मा के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती आगामी मैचों से पहले टीम के फील्डिंग स्टैंडर्ड को वापस उसी पुराने वर्ल्ड क्लास लेवल पर ले जाने की होगी, क्योंकि बिना चुस्त फील्डिंग के इंग्लैंड की धरती पर सीरीज जीतना नामुमकिन है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 2:23 pm

ओपी राजभर का अखिलेश पर हमला, बोले- योगी सरकार को गुंडों का इलाज करना खूब आता है

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। बलिया में अपने विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए राजभर ने आरोप लगाया कि सपा कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया क्योंकि वह सच लिख रहे हैं।

देशबन्धु 12 Jul 2026 2:23 pm

मुजफ्फरपुर को मिला 1047 करोड़ का महापैकेज: मरीन ड्राइव, चमचमाती सड़कें और पार्क बदलेंगे शहर की सूरत

मेटा डिस्क्रिप्शन: मुजफ्फरपुर के विकास को मिलेगी नई रफ्तार! डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने 1047 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का किया शिलान्यास। मरीन ड्राइव, शानदार पार्क और सड़कों के जाल से बदलेगी शहर की सूरत।मुजफ्फरपुर को मिला 1047 करोड़ का बूस्टर डोज, मरीन ड्राइव और पार्कों से चमकेगी शहर की सूरतमुजफ्फरपुर: उत्तर बिहार की व्यावसायिक राजधानी कहे जाने वाले मुजफ्फरपुर के दिन अब बहुरने वाले हैं। शहर को जाम से मुक्ति दिलाने और इसे एक आधुनिक महानगर का रूप देने के लिए सरकार ने सौगातों का संदूक खोल दिया है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुजफ्फरपुर के कायाकल्प के लिए कुल 1047 करोड़ रुपये की भारी-भरकम विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया है। इस मेगा प्रोजेक्ट के पूरा होने से न केवल शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा, बल्कि स्थानीय पर्यटन और व्यापार को भी नए पंख लगेंगे।बूढ़ी गंडक के किनारे बनेगा चमचमाता मरीन ड्राइवइस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा आकर्षण मुजफ्फरपुर में बनने वाला नया मरीन ड्राइव है। पटना की तर्ज पर बूढ़ी गंडक नदी के घाटों को विकसित कर सड़क और वॉकिंग ट्रैक का निर्माण किया जाएगा। यह मरीन ड्राइव शहर के लोगों को शाम बिताने के लिए एक बेहतरीन स्पॉट तो देगा ही, साथ ही मुख्य सड़कों पर गाड़ियों के दबाव को भी काफी हद तक कम करेगा। इसके किनारे लाइटिंग और हरियाली का विशेष ध्यान रखा जाएगा, जिससे यह पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके।सड़कों का बिछेगा जाल और दूर होगा ट्रैफिक जाममुजफ्फरपुर की सबसे बड़ी समस्या यहां का ट्रैफिक जाम रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए 1047 करोड़ रुपये के बजट का एक बड़ा हिस्सा सड़कों के चौड़ीकरण और नए बाईपास के निर्माण पर खर्च किया जा रहा है। शहर के प्रवेश और निकास द्वारों को बेहतर बनाया जा रहा है ताकि बाहरी वाहनों को शहर के अंदर न आना पड़े। ग्रामीण इलाकों को मुख्य शहर से जोड़ने वाली सड़कों को भी अपग्रेड किया जा रहा है, जिससे आसपास के व्यापारियों को मंडी तक आने में आसानी होगी।बच्चों और बुजुर्गों के लिए बनेंगे आधुनिक पार्कस्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और राज्य सरकार के इस साझा प्रयास के तहत मुजफ्फरपुर में कई आधुनिक पार्कों का निर्माण किया जाएगा। इन पार्कों में बच्चों के खेलने के लिए आधुनिक झूले, बुजुर्गों के लिए वॉक-वे और युवाओं के लिए ओपन जिम की व्यवस्था होगी। कंक्रीट के जंगल बनते जा रहे शहर को ग्रीन ऑक्सीजन हब देने के लिए बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान भी इस परियोजना का हिस्सा है।डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने क्या कहा?परियोजनाओं की सौगात देते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि मुजफ्फरपुर केवल एक जिला नहीं, बल्कि उत्तर बिहार की आर्थिक रीढ़ है। सरकार का लक्ष्य है कि यहां रहने वाले नागरिकों को पटना जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरे किए जाएं ताकि जनता को इसका लाभ जल्द से जल्द मिल सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 2:22 pm

राजस्थान में सुस्त पड़ा मानसून, जयपुर-भरतपुर में सिर्फ बूंदाबांदी; जानें अब कब होगी झमाझम बारिश

राजस्थान में मॉनसून की रफ्तार पर अचानक ब्रेक सा लग गया है। पिछले कुछ दिनों से राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश का दौर थमा हुआ है। राजधानी जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी ने मौसम को थोड़ा सुहाना जरूर बनाया, लेकिन उमस और गर्मी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। मौसम प्रेमियों और किसानों के मन में अब यही सवाल है कि प्रदेश में मेघ दोबारा कब मेहरबान होंगे।जयपुर और भरतपुर में बादलों की आवाजाही, उमस ने बढ़ाई बेचैनीस्थानीय मौसम केंद्र के मुताबिक, जयपुर और भरतपुर के आस-पास के जिलों में आसमान में बादलों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। कुछ जगहों पर स्थानीय प्रभाव के कारण हल्की फुहारें या बूंदाबांदी दर्ज की गई है। हालांकि, तेज धूप और हवाओं की गति धीमी होने के कारण वातावरण में उमस का ग्राफ काफी बढ़ गया है, जिससे लोग पसीने से तर-बतर हो रहे हैं। पश्चिमी राजस्थान के जिलों में भी तापमान में आंशिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।आखिर क्यों कमजोर पड़ी मानसून की रफ्तार?मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून ट्रफ लाइन की स्थिति में आए बदलाव और किसी मजबूत वेदर सिस्टम (जैसे साइक्लोनिक सर्कुलेशन या लो प्रेशर एरिया) के एक्टिव न होने की वजह से राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में कमी आई है। इस 'मानसून ब्रेक' या सुस्ती के कारण हवाओं में नमी तो है, लेकिन वे भारी बारिश वाले बादलों में तब्दील नहीं हो पा रही हैं।जानिए कब बदलेगा मौसम का मिजाज और होगी भारी बारिशजयपुर मौसम केंद्र (IMD Jaipur) के पूर्वानुमान के अनुसार, राजस्थान के लोगों को भारी बारिश के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। आगामी कुछ दिनों तक पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्य रूप से शुष्क या केवल छिटपुट स्थानों पर हल्की वर्षा वाला बना रहेगा। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में एक नया सिस्टम बनने की संभावना है, जिसके सक्रिय होते ही राज्य में एक बार फिर से झमाझम बारिश का नया दौर शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 2:19 pm

चन्नी और राजा वडिंग की आपसी जंग में बीजेपी की एंट्री, पंजाब में कांग्रेस की बढ़ी टेंशन

पंजाब कांग्रेस में एक बार फिर अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के बीच की तल्खी अब किसी से छिपी नहीं है। लेकिन इस बार कहानी में ट्विस्ट यह है कि कांग्रेस की इस आपसी 'सिरफुटौवल' पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पैनी नजर है और उसने इसमें अपना सियासी छौंका लगाना शुरू कर दिया है, जिससे कांग्रेस आलाकमान की सांसें फूलने लगी हैं।चन्नी और वडिंग के बीच क्यों बढ़ी तकरार?पंजाब की सियासत में लंबे समय से यह चर्चा आम थी कि चन्नी और वडिंग के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। बयानों के तीर और अंदरूनी खींचतान अब सार्वजनिक मंचों तक आ पहुंची है। दोनों ही नेता राज्य में अपनी-अपनी जमीन मजबूत करने और खुद को पंजाब कांग्रेस का असली चेहरा साबित करने की होड़ में हैं। टिकट बंटवारे से लेकर सांगठनिक फैसलों तक, दोनों गुटों के बीच की खाई लगातार चौड़ी होती जा रही है।मौके की तलाश में बीजेपी: लगा दिया सियासी छौंकाकांग्रेस की इस कमजोरी को बीजेपी एक बड़े अवसर के रूप में देख रही है। पंजाब में अपनी जमीन तलाश रही बीजेपी ने इस विवाद पर चुटकी लेते हुए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि जो पार्टी अपने कुनबे को एक साथ नहीं रख सकती, वह पंजाब का भला क्या करेगी। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बीजेपी इस गुटबाजी का फायदा उठाकर कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं को साधने की रणनीति पर काम कर रही है।कांग्रेस आलाकमान की बढ़ी चिंता, कैसे थमेगी यह रार?इस नए घटनाक्रम ने दिल्ली में बैठे कांग्रेस आलाकमान की चिंताएं बढ़ा दी हैं। एक तरफ जहां पार्टी को आम आदमी पार्टी (AAP) से मुकाबला करना है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के शीर्ष स्थानीय नेताओं का इस तरह आपस में भिड़ना आगामी चुनावों में भारी पड़ सकता है। अगर समय रहते चन्नी और वडिंग के बीच के इस विवाद को नहीं सुलझाया गया, तो पंजाब में कांग्रेस की बची-खुची सियासी जमीन खिसकने में देर नहीं लगेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 2:17 pm

Vietnam Tragedy: वियतनाम के जिस समंदर में डूबी भारतीयों से भरी नाव, जानिए क्यों इतना मशहूर है वह टूरिस्ट स्पॉट

इंटरनेशनल टूरिज्म और वैश्विक गलियारों से एक बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। दक्षिण-पूर्व एशिया के सबसे खूबसूरत देशों में शुमार वियतनाम के एक बेहद प्रसिद्ध समुद्री इलाके में भारतीय पर्यटकों से भरी एक नाव अचानक लहरों के असंतुलन के कारण समंदर में डूब गई। इस हादसे के बाद जहां स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू टीमें राहत कार्य में जुटी हैं, वहीं वैश्विक स्तर पर इस खास जगह को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। हर कोई जानना चाहता है कि आखिर वियतनाम की यह कौन सी जगह है जो भारतीय सैलानियों के बीच इतनी लोकप्रिय है और इसके फेमस होने के पीछे के मुख्य कारण क्या हैं।हा लांग बे या ना ट्रांग: वियतनाम का वो जादुई समंदर जो है बेहद खासवियतनाम में वैसे तो कई खूबसूरत तटीय इलाके हैं, लेकिन 'हा लांग बे' (Ha Long Bay) और 'ना ट्रांग' (Nha Trang) जैसे स्पॉट्स अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। वियतनाम का यह समुद्री क्षेत्र यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची (UNESCO World Heritage Site) में भी शामिल है। यहां समंदर के बीचों-बीच खड़े विशालकाय चूना पत्थर के पहाड़ (Limestone Karsts), प्राचीन गुफाएं और हरे-नीले रंग का साफ पानी सैलानियों को एक अलग ही दुनिया का अहसास कराता है। यही वजह है कि भारत से बजट ट्रैवलिंग और क्रूज राइडिंग के शौकीन लोग सबसे ज्यादा इसी जगह पर जाना पसंद करते हैं।भारतीयों के बीच क्यों तेजी से बढ़ा है वियतनाम का क्रेजपिछले कुछ सालों में थाईलैंड और मलेशिया की तरह वियतनाम भी भारतीय पर्यटकों के लिए एक पसंदीदा इंटरनेशनल डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। इसके सबसे बड़े कारणों में बेहद सस्ती और आसान ई-वीजा (E-Visa) प्रक्रिया, भारत के प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई और कोलकाता से सीधी हवाई कनेक्टिविटी, और कम बजट में लग्जरी क्रूज का अनुभव मिलना शामिल है। भारतीय कपल्स, बैकपैकर्स और फैमिली ट्रिप्स के लिए वियतनाम का यह समुद्री क्षेत्र वाटर स्पोर्ट्स, स्कूबा डाइविंग और आइलैंड होपिंग (Island Hopping) का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है।सुरक्षा मानकों को लेकर उठ रहे हैं बड़े सवालइस दुखद नाव हादसे के बाद अब वियतनाम के टूरिज्म सेक्टर में सुरक्षा नियमों और गाइडलाइंस को लेकर बड़े सवाल खड़े होने लगे हैं। एआई-संचालित ग्लोबल ट्रैवल एडवाइजरी (AI-powered travel advisory) के अनुसार, मानसून और मौसम में अचानक आने वाले बदलावों के दौरान समंदर में नाव या क्रूज का संचालन बेहद जोखिम भरा हो जाता है। स्थानीय प्रशासन अब इस बात की कड़ाई से जांच कर रहा है कि क्या लाइफ जैकेट्स और तय क्षमता से अधिक पर्यटकों को नाव पर बैठाने जैसे नियमों की अनदेखी की गई थी। इस हादसे ने अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 2:15 pm

दबोचा गया एल्विश यादव का 'खास' बिजनेस पार्टनर, घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग का खुला खौफनाक राज

मशहूर यूट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी विजेता एल्विश यादव से जुड़े विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर और गुरुग्राम (Gurugram) को दहलाने वाले एल्विश यादव फायरिंग केस में पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुरक्षा एजेंसियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए एल्विश यादव के एक बेहद खास और करीबी बिजनेस पार्टनर को धर दबोचा है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद एल्विश के घर और ठिकानों पर हुई ताबड़तोड़ गोलीबारी की घटना से पूरी तरह पर्दा उठ गया है। पुलिस कस्टडी में आरोपी ने जो खुलासे किए हैं, उसने इस पूरे मामले को एक नया और बेहद चौंकाने वाला मोड़ दे दिया है।आखिर कौन है गिरफ्तार हुआ पार्टनर और क्या था उसका मकसदपुलिस की स्पेशल टीम द्वारा दबोचे गए इस शख्स की पहचान एल्विश यादव के बेहद करीबी और उनके व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स को संभालने वाले मुख्य पार्टनर के रूप में हुई है। शुरुआती जांच और टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर पुलिस को इस पर शक था, जिसके बाद इसे छापेमारी के दौरान हिरासत में लिया गया। पूछताछ में यह सनसनीखेज बात सामने आई है कि एल्विश के घर पर गोलियां किसी बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि इसी पार्टनर के इशारे पर चलवाई गई थीं। आरोपी ने कबूल किया है कि वह एल्विश के साथ चल रहे किसी बड़े लेन-देन के विवाद और आंतरिक कलह के कारण उन्हें डराना-धमकाना चाहता था।पैसों के विवाद और पब्लिसिटी स्टंट के एंगल की हो रही है जांचगुरुग्राम पुलिस और एआई-संचालित जांच (AI-assisted cyber investigation) के इनपुट्स के अनुसार, इस पूरी वारदात के पीछे करोड़ों रुपये के वित्तीय लेन-देन और आपसी रंजिश का एंगल सबसे प्रमुखता से उभर कर सामने आया है। इसके अलावा पुलिस इस बात की भी गहराई से तफ्तीश कर रही है कि कहीं यह पूरा मामला सिर्फ लाइमलाइट में बने रहने के लिए रचा गया कोई पब्लिसिटी स्टंट तो नहीं था। आरोपी ने फायरिंग करने के लिए जिन स्थानीय गैंगस्टर्स और शूटरों को मोटी रकम दी थी, उनके डिजिटल फुटप्रिंट्स और चैट हिस्ट्री को भी साइबर सेल ने रिकवर कर लिया है। बहुत जल्द इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।दिल्ली-एनसीआर और गुरुग्राम में सुरक्षा व्यवस्था सख्तएल्विश यादव के घर के बाहर हुई इस तरह की खुलेआम गोलीबारी की घटना के बाद हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद और दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। स्थानीय पुलिस और इंटेलिजेंस यूनिट सोशल मीडिया पर भी लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी तरह की अफवाह या गैंगवार जैसी स्थिति को पनपने से पहले ही रोका जा सके। पुलिस कमिश्नर कार्यालय की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसके संबंध कितने ही रसूखदार लोगों से क्यों न हों।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 2:10 pm

राम मंदिर चंदे पर राहुल गांधी की चुप्पी के क्या हैं मायने, क्या अखिलेश को मझधार में छोड़ेगी कांग्रेस

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की सियासी बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है। दिल्ली से लेकर लखनऊ तक राजनीतिक गलियारों में इंडिया (I.N.D.I.A.) गठबंधन के भविष्य को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हाल ही में राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस सांसद और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की रहस्यमयी चुप्पी ने सियासी रणनीतिकारों को चौंका दिया है। इस खामोशी के बाद उत्तर प्रदेश के राजनीतिक विश्लेषक अब यह सवाल उठाने लगे हैं कि क्या कांग्रेस पार्टी बिहार के घटनाक्रम को यूपी में भी दोहराने जा रही है? क्या समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव को भी तेजस्वी यादव की तरह ऐन वक्त पर अकेले चुनावी मैदान में उतरना पड़ सकता है?राम मंदिर से जुड़े मुद्दों पर राहुल गांधी का नया स्टैंड और कांग्रेस की रणनीतिअयोध्या में राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े कथित चंदे के विवादों पर जहां समाजवादी पार्टी लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है, वहीं राहुल गांधी और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने इस मुद्दे पर पूरी तरह से दूरी बना रखी है। जानकारों का मानना है कि कांग्रेस अब बहुसंख्यक समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी सीधे विवाद में पड़ने से बच रही है। 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस अपनी 'सॉफ्ट हिंदुत्व' और सर्वसमाज वाली छवि को निखारने में जुटी है, जिससे समाजवादी पार्टी के कोर एजेंडे और कांग्रेस की राष्ट्रीय रणनीति के बीच एक वैचारिक दूरी साफ दिखाई देने लगी है।बिहार का 'तेजस्वी यादव पैटर्न' क्या उत्तर प्रदेश में भी दोहराएगी कांग्रेसराजनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा बहुत तेज है कि कांग्रेस पार्टी क्षेत्रीय दलों के कंधे पर सवार होकर मजबूत होने के बाद उन्हें अपने हाल पर छोड़ देती है। बिहार में जिस तरह राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और तेजस्वी यादव के साथ सीटों के तालमेल और गठबंधन के समीकरणों में बदलाव देखने को मिला, ठीक वैसी ही सुगबुगाहट अब उत्तर प्रदेश में भी महसूस की जा रही है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के स्थानीय नेता अब सपा के सामने झुकने के मूड में नहीं हैं और वे राज्य की सभी महत्वपूर्ण सीटों पर अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं। ऐसे में अखिलेश यादव के थिंक टैंक के लिए कांग्रेस का यह आक्रामक रुख चिंता का सबब बन गया है।सीट शेयरिंग के पेच में फंस सकता है सपा और कांग्रेस का गठबंधनउत्तर प्रदेश की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों (Geographical & Social Layout) को देखें तो पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी यूपी तक समाजवादी पार्टी का अपना एक मजबूत कैडर है। लेकिन पिछले कुछ चुनावों में कांग्रेस ने भी अपने खोए हुए जनाधार को वापस पाने के लिए जमीन पर काफी मेहनत की है। सूत्रों का कहना है कि आगामी चुनावों में कांग्रेस सम्मानजनक से ज्यादा सीटों की मांग पर अड़ सकती है। अगर दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे (Seat Sharing Formula) पर सहमति नहीं बनी, तो गठबंधन के टूटने की नौबत आ सकती है। अखिलेश यादव को इस बात का भली-भांति अंदाजा है, इसलिए वे भी आंतरिक तौर पर सभी सीटों पर अकेले लड़ने की रणनीति तैयार कर रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 2:08 pm

मेरठ कांड पर संगीत सोम-मायावती की जुगलबंदी, पीड़ित परिवार पहुंचा अखिलेश के द्वार, चुनाव से पहले 'D' फैक्टर पर छिड़ी जंग

उत्तर प्रदेश के मेरठ से सामने आए दलित छात्रा मामले ने अब एक बेहद संवेदनशील और बड़ा राजनीतिक रूप अख्तियार कर लिया है। आने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इस मुद्दे को लेकर राज्य की सियासत का पारा पूरी तरह गरमा गया है। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब धुर विरोधी विचारधारा वाले भाजपा के फायरब्रांड नेता संगीत सोम और बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के सुर एक जैसे नजर आए। वहीं दूसरी तरफ, पीड़ित परिवार ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी (SP) के मुखिया अखिलेश यादव से मुलाकात की है। इस पूरे सियासी घमासान के पीछे 'दलित' (D Factor) वोट बैंक को साधने की होड़ साफ देखी जा सकती है।संगीत सोम और मायावती की सियासी जुगलबंदी के मायने क्या हैंपश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में मेरठ और उसके आस-पास के इलाके हमेशा से बेहद अहम रहे हैं। मेरठ दलित छात्रा मामले को लेकर पूर्व विधायक संगीत सोम ने खुलकर अपनी ही सरकार की पुलिसिंग और प्रशासनिक मुस्तैदी पर सवाल खड़े करते हुए कड़ा रुख अपनाया है। दिलचस्प बात यह है कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए लगभग वैसी ही बातें कही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संगीत सोम इसके जरिए जहां पश्चिमी यूपी के ठाकुर और दलित समीकरणों के बीच अपनी जमीन मजबूत कर रहे हैं, वहीं मायावती अपने मूल कैडर को यह संदेश दे रही हैं कि उनकी पार्टी दलित हितों के लिए सबसे मुखर है।लखनऊ पहुंचे पीड़ित परिजन, अखिलेश यादव ने दिया मदद का भरोसाइस पूरे घटनाक्रम के बीच पीड़ित दलित छात्रा के परिजनों ने लखनऊ का रुख किया और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से उनके आवास पर मुलाकात की। अखिलेश यादव ने परिवार की आपबीती सुनी और उन्हें हर संभव कानूनी व आर्थिक मदद देने का भरोसा दिलाया। सपा प्रमुख ने इस बहाने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा राज में बेटियां और दलित समाज सुरक्षित नहीं हैं। सपा की कोशिश इस मामले के जरिए खुद को न्याय की लड़ाई लड़ने वाले सबसे बड़े चेहरे के रूप में पेश करने की है।चुनाव से पहले क्यों है 'D' यानी दलित वोट बैंक पर डबल फोकसउत्तर प्रदेश की सत्ता का रास्ता सामाजिक समीकरणों से होकर ही गुजरता है। यही वजह है कि चुनाव से ठीक पहले सभी राजनीतिक दल दलित (D) वोट बैंक पर अपना ध्यान पूरी तरह केंद्रित कर रहे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश (Meerut, Muzaffarnagar, Saharanpur) में दलित मतदाताओं की संख्या निर्णायक भूमिका में है। भाजपा जहां अपने कैडर को बचाए रखने और डैमेज कंट्रोल में जुटी है, वहीं सपा और बसपा इस वर्ग को अपने पाले में लाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही हैं। मेरठ का यह मामला केवल एक प्रशासनिक मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह आगामी चुनावों के लिए एक बड़ा सियासी हथियार बन चुका है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 2:06 pm

ओमान के पास भारतीयों से भरे जहाज पर हमला, 10 सुरक्षित, 1 अब भी लापता, भारत ने क्या कहा

भारत ने रविवार को ओमान तट के पास एक व्यापारी जहाज पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। इस जहाज पर 11 भारतीय नागरिक सवार थे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि अब तक 10 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय नागरिक अभी भी लापता है।

वेब दुनिया 12 Jul 2026 1:55 pm

Kashmir Cloudburst : अनंतनाग में बादल फटने से मची तबाही, घरों में घुसा पानी; फसलें और सेब के बाग बर्बाद

दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के चिटरगुल स्थित नाला चोटीहाल (Nala Chotihall) क्षेत्र में रविवार को बादल फटने (क्लाउडबर्स्ट) के बाद अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने भारी तबाही मचा दी। इस प्राकृतिक आपदा में कृषि भूमि, सेब के बाग, धान की फसलें और कई ...

वेब दुनिया 12 Jul 2026 12:55 pm

बिहार : वैशाली में जमीन विवाद ने लिया खूनी रूप, चाचा और फौजी भाई को भतीजे ने भूना

बिहार के वैशाली जिले में रास्ते के पुराने विवाद ने रविवार को खूनी रूप ले लिया। बिदुपुर थाना क्षेत्र के रजासन गांव में पट्टीदारों के बीच हुई फायरिंग में सेना के एक जवान और उनके पिता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है, जबकि सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

देशबन्धु 12 Jul 2026 12:53 pm

फिरोजाबाद पुलिस की बड़ी सफलता, हत्या के प्रयास के दो आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश में फिरोजाबाद के उत्तर थाना क्षेत्र में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद हत्या के प्रयास के मामले में वांछित दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि भागने का प्रयास कर रहे उसके दूसरे साथी को घेराबंदी कर दबोच लिया गया।

देशबन्धु 12 Jul 2026 12:07 pm

IRCTC का नया बीटा पोर्टल जल्द होगा लॉन्च, टिकट बुकिंग होगी पहले से तेज और आसान, एक ही स्क्रीन पर दिखेंगी सभी सीटें

नए बीटा पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यात्रियों को अब अलग-अलग श्रेणियों में सीट उपलब्धता देखने के लिए बार-बार क्लिक नहीं करना पड़ेगा। अभी तक स्लीपर, थर्ड एसी, सेकेंड एसी या अन्य श्रेणियों की सीटें अलग-अलग विकल्प चुनकर देखनी पड़ती थीं, जिससे समय अधिक लगता था।

देशबन्धु 12 Jul 2026 11:00 am

तीन देशों की यात्रा पूरी कर स्वदेश लौटे पीएम मोदी, न्यूजीलैंड के साथ संबंधों को मिला रणनीतिक साझेदारी का दर्जा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पूरी कर स्वदेश वापसी की। न्यूजीलैंड के साथ संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा मिला और कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।

देशबन्धु 12 Jul 2026 10:11 am

Iran-US Conflict : ईरान का जॉर्डन स्थित अमेरिकी बेस पर हमला करने का दावा, UAE, बहरीन और कतर में भी मिसाइल अलर्ट

अमेरिका द्वारा ईरान पर ताजा सैन्य हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला कर वहां मौजूद कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और ...

वेब दुनिया 12 Jul 2026 10:09 am

टोरंटो स्ट्रीट फेस्टिवल के पास गोलीबारी, 2 लोगों की मौत, कई घायल, हमलावर की तलाश जारी

कनाडा के टोरंटो शहर में एक स्ट्रीट फेस्टिवल के पास हुई गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। घटना शनिवार को साल्सा ऑन सेंट क्लेयर (Salsa on St. Clair) फेस्टिवल के पास हुई। पुलिस ने शुरुआती जानकारी में इलाके में सक्रिय ...

वेब दुनिया 12 Jul 2026 9:17 am

Strait of Hormuz Crisis : तेल-गैस की सप्लाई पर फिर खतरा, होर्मुज किया बंद तो ईरान पर टूट पड़ा अमेरिका, कंटेनर जहाज पर भी हमला

पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अगली सूचना तक बंद करने की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद अमेरिका ने ईरान पर जवाबी सैन्य ...

वेब दुनिया 12 Jul 2026 7:54 am

तमिलनाडु : ईपीएस के चुनाव समीक्षा तेज करने के साथ ही ऑनलाइन सदस्यता अभियान शुरू करेगी एआईएडीएमके

एआईएडीएमके ने घोषणा की है कि वह जल्द ही अपनी इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईटी) विंग के जरिए ऑनलाइन मेंबरशिप एनरोलमेंट कैंपेन शुरू करेगी

देशबन्धु 12 Jul 2026 6:50 am

हिमाचल: राम जन्मभूमि ट्रस्ट पर लगे आरोपों को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा

हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर लगाए गए आरोपों को लेकर कांग्रेस की आलोचना की। पार्टी ने इन आरोपों को राजनीतिक मकसद से प्रेरित और राजनीतिक फायदे के लिए लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का फायदा उठाने की कोशिश बताया।

देशबन्धु 12 Jul 2026 5:50 am

उपराष्ट्रपति ने दिग्गज पार्श्व गायिका एस. जानकी अम्मा के निधन पर शोक व्यक्त किया

भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने दिग्गज पार्श्व गायिका एस. जानकी अम्मा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

देशबन्धु 12 Jul 2026 5:00 am

बिना किसी भेदभाव के लोगों की सेवा कर रही पीएम मोदी की सरकार: किरेन रिजिजू

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' की भावना से काम कर रही है, ताकि धर्म या समुदाय के आधार पर बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक नागरिक का विकास सुनिश्चित किया जा सके।

देशबन्धु 12 Jul 2026 2:56 am

बारुईपुर एनकाउंटर का जवाब दे सरकार, सौगत रॉय का सीएम सुवेंदु पर तीखा हमला

पश्चिम बंगाल की राजनीति में बारुईपुर की घटना, स्वास्थ्य योजनाओं और राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है

देशबन्धु 11 Jul 2026 11:58 pm

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की बड़ी घोषणा, मध्यप्रदेश सरकार देगी डिजिटल कंटेंट क्रिएटर अवॉर्ड

Chief Minister Dr. Mohan Yadav : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 11 जुलाई को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 'मध्यप्रदेश युवा कॉन्क्लेव-2026' में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के साथ परस्पर संवाद किया। उन्होंने युवाओं के उत्थान और जनजागरूकता के ...

वेब दुनिया 11 Jul 2026 11:31 pm

स्मार्टफोन के डिब्बे में मिलने वाली सिम पिन बड़े काम की! सिम निकालने के अलावा इन 5 जरूरी कामों को बना देगी बेहद आसान

SIM Ejector Tool Hidden Uses: आज के दौर में जब भी हम कोई नया स्मार्टफोन खरीदते हैं, तो हमारा पूरा ध्यान उसके चमचमाते डिस्प्ले, बेहतरीन कैमरे, प्रोसेसर और फास्ट चार्जर पर होता है. लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि फोन के खूबसूरत बॉक्स के अंदर एक बेहद छोटी, पतली और चमकीली मेटल की पिन भी छिपी होती है? इसे तकनीकी भाषा में 'सिम इजेक्टर टूल' (SIM Ejector Tool) कहा जाता है. ज्यादातर लोग इसका इस्तेमाल सिर्फ नया सिम कार्ड या मेमोरी कार्ड लगाने के लिए करते हैं और उसके बाद इसे वापस डिब्बे में फेंक देते हैं या कहीं खो देते हैं.लेकिन क्या आप जानते हैं कि मजबूत और टिकाऊ मेटल से बनी यह छोटी सी सुई जैसी पिन आपके कई बड़े और जरूरी कामों को चुटकियों में आसान बना सकती है? आइए जानते हैं सिम इजेक्टर पिन के 5 ऐसे कमाल के हैक्स और छिपे हुए इस्तेमाल (Hidden Uses), जो बहुत कम लोग जानते हैं.1. वाई-फाई (Wi-Fi) राउटर को करें चुटकियों में रीसेटअगर आपका घर या ऑफिस का वाई-फाई राउटर अचानक काम करना बंद कर दे, इंटरनेट की स्पीड बहुत स्लो हो जाए या बार-बार कनेक्शन टूटने की समस्या आए, तो यह पिन आपके लिए वरदान साबित हो सकती है.लगभग सभी कंपनियों के राउटर्स के पीछे एक बेहद बारीक और अंदर की तरफ धंसा हुआ 'रीसेट' (Reset) बटन होता है, जिसे सुरक्षा के लिहाज से उंगली से नहीं दबाया जा सकता.इस सिम पिन की नुकीली नोक को उस छेद में डालकर 10 सेकंड तक दबाकर रखने से आपका राउटर पूरी तरह से फैक्टरी सेटिंग्स पर रीसेट हो जाता है और इंटरनेट की समस्या ठीक हो जाती है.जरूरी बात: वाई-फाई राउटर को रीसेट करने से आपका पहले से सेव किया हुआ नेटवर्क नाम और पासवर्ड पूरी तरह हट जाएगा, जिसे आपको दोबारा सेट करना होगा.2. वायरलेस ईयरबड्स और चार्जिंग केस की कनेक्टिविटी समस्या होगी दूरआजकल ज्यादातर लोग ब्लूटूथ ईयरबड्स या नेकबैंड का इस्तेमाल करते हैं. कई बार ऐसा होता है कि एक ईयरबड काम नहीं करता या फोन से पेयर होने में दिक्कत आती है.इन वायरलेस ईयरबड्स और उनके चार्जिंग केस के भीतर या पीछे एक छोटा सा हिडन (छिपा हुआ) बटन दिया होता है.जब भी ईयरबड्स को फोन से कनेक्ट करने में परेशानी हो, तो आप इस सिम पिन की सहायता से उस बारीक बटन को दबाकर ईयरबड्स को रीसेट या दोबारा से फ्रेश पेयर (Pair) कर सकते हैं.3. अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को रीसेट करने का परफेक्ट टूलसिर्फ राउटर या ईयरबड्स ही नहीं, बल्कि कई ब्रांडेड टैबलेट्स, ब्लूटूथ स्पीकर्स, स्मार्ट वॉच, पोर्टेबल गैजेट्स और अन्य नेटवर्किंग डिवाइसेज में भी ऐसे छिपे हुए रीसेट बटन दिए जाते हैं. इन जगहों पर उंगली या पेन की नोक नहीं पहुंच पाती. ऐसे में यह सिम पिन एक परफेक्ट और सुरक्षित टूल का काम करती है जिससे गैजेट की बॉडी को कोई नुकसान नहीं पहुंचता.4. इमरजेंसी में कूरियर और पार्सल खोलने के लिए कटर का कामआजकल ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज बहुत बढ़ गया है और घर पर रोजाना कूरियर आते रहते हैं. अगर किसी वक्त आपके पास कटर, चाकू या कैंची उपलब्ध नहीं है और आपको कोई पार्सल या बॉक्स खोलना है, तो सिम इजेक्टर पिन का नुकीला हिस्सा बहुत काम आ सकता है. इसकी मजबूत नोक की सहायता से आप हैवी पैकेजिंग टेप, प्लास्टिक रैपिंग या किसी नई बोतल की सील को आसानी से काट या हटा सकते हैं. बस इसका उपयोग करते समय थोड़ा ध्यान रखें ताकि हाथ में चोट न लगे.5. छोटे-मोटे घरेलू काम और स्क्रूड्राइवर का विकल्पचूंकि यह पिन बहुत ही मजबूत मेटल से बनी होती है, इसलिए यह मुड़ती नहीं है. इमरजेंसी के समय यह आपके चश्मे या किसी छोटे खिलौने के बहुत बारीक स्क्रू (पेच) को कसने या ढीला करने के लिए मिनी-पेचकस का काम कर सकती है. इसके अलावा, किसी संकरी जगह में फंसी बेहद छोटी चीज को ऊपर उठाने या अपनी जगह से खिसकाने में भी यह काफी मददगार साबित होती है.इस छोटी सी पिन की गजब की उपयोगिता और इमरजेंसी जरूरतों को देखते हुए, कई समझदार लोग इसे अपने घर या गाड़ी की चाबियों के रिंग (Key Ring) में फंसाकर रखते हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर यह तुरंत जेब से निकाली जा सके.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 11:13 pm

IRCTC Next-Gen Website: तत्काल टिकट बुक करने वालों की हुई चांदी! जल्द आ रही है भारतीय रेलवे की नई सुपरफास्ट वेबसाइट, जानें 5 बड़े बदलाव

IRCTC Next-Gen Website: अगर आपने कभी भी ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुक किया है, तो धीमी लोडिंग स्पीड, बार-बार परेशान करने वाले विज्ञापनों के पॉप-अप, लंबे-लंबे कैप्चा कोड और कई चरणों (Steps) में उलझाने वाली बुकिंग प्रक्रिया का सामना जरूर किया होगा. खासकर सुबह 10 और 11 बजे 'तत्काल टिकट' (Tatkal Ticket) बुकिंग के दौरान तो हर एक सेकंड की अहमियत होती है, जहां जरा सी देरी होते ही सीटें फुल हो जाती हैं. यात्रियों की इसी बड़ी परेशानी को दूर करने के लिए भारतीय रेलवे (Indian Railways) अब IRCTC की वेबसाइट का एक नया, बेहद आधुनिक और सुपरफास्ट वर्जन लेकर आ रहा है.जल्द लॉन्च होगा नई वेबसाइट का बीटा (Beta) वर्जनरेल मंत्रालय बहुत जल्द आम जनता के लिए IRCTC की नई वेबसाइट का बीटा वर्जन (Beta Version) पेश करने की तैयारी में है. इस अपग्रेड का मुख्य उद्देश्य टिकट बुकिंग की रफ्तार को दोगुना करना और पूरे इंटरफेस को यूजर-फ्रेंडली बनाना है. आधिकारिक तौर पर आम यात्रियों के लिए लाइव करने से पहले, इस नई वेबसाइट का सफल प्रदर्शन जयपुर स्थित मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) के छात्रों के सामने किया गया. इस दौरान IRCTC और सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स (CRIS) के आला अधिकारियों ने युवाओं से फीडबैक भी लिया, ताकि कमियों को पहले ही सुधारा जा सके.पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) से होगा सीधा इंटीग्रेशनइस नई वेबसाइट की सबसे बड़ी ताकत इसका बैकएंड सिस्टम होगा. इसे सीधे भारतीय रेलवे के पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) से जोड़ा जा रहा है, जो पूरे देश में रेलवे टिकटों के मैनेजमेंट का मुख्य कोर सिस्टम है. पीआरएस के साथ इस सीधे इंटीग्रेशन (जुड़ाव) के पूरा होने के बाद, सर्वर डाउन होने या पेमेंट फेल होने जैसी तकनीकी रुकावटें लगभग खत्म हो जाएंगी और यात्रियों को बिना किसी बफरिंग के बेहद स्मूथ बुकिंग एक्सपीरियंस मिलेगा.IRCTC की नई वेबसाइट में देखने को मिलेंगे ये 5 बड़े बदलावअनावश्यक विज्ञापनों और पॉप-अप से मुक्ति: नई वेबसाइट का होमपेज बेहद साफ-सुथरा और सरल होगा. टिकटिंग को तेज करने के लिए बेवजह के पॉप-अप विज्ञापन, भारी-भरकम चमकदार ग्राफिक्स और बार-बार आने वाले इरिटेटिंग कैप्चा (Captcha) को हटा दिया जाएगा, जिससे तत्काल बुकिंग के दौरान यात्रियों के कीमती सेकंड बचेंगे.सभी क्लास की सीटें दिखेंगी एक साथ: वर्तमान में यात्रियों को स्लीपर (Sleeper), थर्ड एसी (3AC) या सेकेंड एसी (2AC) की उपलब्धता देखने के लिए हर क्लास पर अलग-अलग क्लिक करना पड़ता है. लेकिन नई वेबसाइट में एक ही स्क्रीन पर सभी उपलब्ध क्लासों की सीटों की स्थिति (Seat Availability) एक साथ दिखाई देगी, जिससे तुलना करना आसान हो जाएगा.कम स्क्रीन और मिनिमम क्लिक्स: अब टिकट बुक करने के लिए यात्रियों को कई सारी स्क्रीन्स और फॉर्म्स से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूरी बुकिंग को 'मिनिमम क्लिक्स' में समेट दिया गया है, जिससे चंद सेकंड्स में टिकट जेनरेट हो जाएगा.फैमिली डिटेल्स सेव करने का विकल्प: जो यात्री अक्सर अपने परिवार या दोस्तों के लिए टिकट बुक करते हैं, उनके लिए मास्टर लिस्ट फीचर को और एडवांस किया गया है. यात्री अपने परिवार के सदस्यों की जानकारी (नाम, उम्र, बर्थ प्रेफरेंस) पहले से परमानेंट सेव रख सकेंगे, ताकि बुकिंग के वक्त दोबारा टाइपिंग में समय बर्बाद न हो.जुलाई में पेश करने की तैयारी: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले ही यह बड़ी घोषणा कर चुके हैं कि नई आधुनिक आईआरसीटीसी (IRCTC) वेबसाइट को जुलाई के महीने में ही देश के सामने पेश किया जाएगा. फिलहाल इसका बीटा ट्रायल अंतिम चरण में है और अगले कुछ ही महीनों में यह सभी के लिए पूरी तरह रोलआउट कर दी जाएगी.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 11:11 pm

तीसरे ट्राइमेस्टर के दर्द से गुजर रही हैं दीपिका पादुकोण! रात में बार-बार बाथरूम जाने के स्ट्रगल पर बयां किया हर प्रेग्नेंट महिला का दर्द

Deepika Padukone Second Pregnancy Update: बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) इन दिनों अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी (Second Pregnancy) के खूबसूरत लेकिन चुनौतीपूर्ण सफर का आनंद ले रही हैं. वह और उनके पति रणवीर सिंह (Ranveer Singh) जल्द ही अपने घर में एक और नन्हे मेहमान का स्वागत करने वाले हैं. भले ही दीपिका पिछले कुछ समय से बड़े पर्दे और लाइमलाइट से थोड़ी दूरी बनाए हुए हैं, लेकिन सोशल मीडिया के जरिए वह अपने फैंस के साथ जुड़ी रहती हैं. हाल ही में उन्होंने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक ऐसी मजेदार और रिलेटेबल स्टोरी शेयर की है, जिसने हर होने वाली मां का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है.बाथरूम जाने की चुनौती पर दीपिका ने शेयर किया मजेदार वीडियोप्रेग्नेंसी के आखिरी महीनों यानी थर्ड ट्राइमेस्टर (3rd Trimester) में महिलाओं को कई तरह की शारीरिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. दीपिका ने ठीक इसी स्थिति को बयां करती हुई एक रील (Video) अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर रीपोस्ट की. इस वीडियो में एक गर्भवती महिला रात के समय भारी शरीर के साथ बड़ी मुश्किल से धीरे-धीरे बाथरूम की तरफ कदम बढ़ाती नजर आ रही है.इस रील के कैप्शन में लिखा था— तीसरी तिमाही में रात को बार-बार बाथरूम जाने के लिए उठना. दीपिका ने इस वीडियो को एक उल्टे स्माइली इमोजी (Upside-Down Face Emoji) के साथ शेयर किया है, जिससे साफ पता चलता है कि वे खुद भी इन दिनों ठीक इसी स्थिति और थकावट से जूझ रही हैं.दीपिका का अपडेट देख फैंस ने बरसाया भरपूर प्यारदीपिका की यह स्टोरी सामने आते ही सोशल मीडिया पर उनके फैंस के रिएक्शन की बाढ़ आ गई. कई महिलाओं ने कमेंट कर कहा कि यह परेशानी लगभग हर होने वाली मां महसूस करती है.एक फैन ने लिखा, दुआ का छोटा भाई या बहन जल्द ही आने वाला है, आप बहुत मजबूत हैं दीपिका, आप यह कर सकती हैं.वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, काश मैं इस समय अपनी पसंदीदा एक्ट्रेस की कोई मदद कर पाती.ज्यादातर फैंस इस बात से खुश दिखे कि दीपिका ने काफी समय बाद अपनी प्रेग्नेंसी से जुड़ा कोई पर्सनल अपडेट साझा किया है.डेढ़ साल बाद ही दी दूसरी प्रेग्नेंसी की गुड न्यूज़दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह की शादी के 5 साल बाद, साल 2024 में उनके घर पहली बेटी 'दुआ' (Dua) का जन्म हुआ था. दुआ के एक साल के होने पर कपल ने उसकी बेहद प्यारी तस्वीरें भी फैंस के साथ शेयर की थीं. बेटी के जन्म के करीब डेढ़ साल बाद ही, इस साल की शुरुआत में दीपिका-रणवीर ने एक बेहद अनोखे अंदाज में अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी की खुशखबरी दी थी. उन्होंने एक फोटो शेयर की थी जिसमें उनकी नन्ही बेटी दुआ एक पॉजिटिव प्रेग्नेंसी टेस्ट किट पकड़े नजर आई थी.वर्कफ्रंट: मां बनने के बाद इन फिल्मों से करेंगी धमाकाप्रेग्नेंसी के इस फेज में होने के बावजूद दीपिका के पास बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के कई मेगा-बजट प्रोजेक्ट्स हैं, जो आने वाले समय में बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाने के लिए तैयार हैं:'किंग' (King): निर्देशक सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बन रही यह मोस्ट अवेटेड फिल्म इसी साल 24 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. इस एक्शन-थ्रिलर फिल्म में दीपिका के साथ शाहरुख खान, सुहाना खान, अभिषेक बच्चन, जयदीप अहलावत, राघव जुयाल और अरशद वारसी जैसे दिग्गज कलाकार मुख्य भूमिकाओं में दिखाई देंगे.'राका' (Raka): इसके अलावा दीपिका साउथ के मशहूर डायरेक्टर एटली (Atlee) की आगामी फिल्म 'राका' में नजर आएंगी. इस फिल्म में वह पहली बार साउथ के सुपरस्टार अल्लू अर्जुन (Allu Arjun) के साथ स्क्रीन शेयर करती दिखेंगी, जिसकी शूटिंग फिलहाल चल रही है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 11:10 pm

जम्मू-कश्मीर में सियासी भूचाल! सीएम उमर अब्दुल्ला का बड़ा दावा- 'BJP ने NC विधायक को दिया 20-30 करोड़ और मंत्री पद का लालच'

Jammu Kashmir Politics: जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर हॉर्स-ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) का बेहद गंभीर आरोप लगाया है. शनिवार (11 जुलाई 2026) को एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम उमर अब्दुल्ला ने दावा किया कि भाजपा ने जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) के एक विधायक को पाला बदलने के लिए 20 से 30 करोड़ रुपये और कैबिनेट मंत्री पद का तगड़ा लालच दिया था.मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके विधायक ने इस बड़े ऑफर को तुरंत ठुकरा दिया और पूरी घटना की जानकारी सीधे उन्हें दी. इस खुलासे के बाद घाटी से लेकर दिल्ली तक सियासी पारा चढ़ गया है.'सुप्रीम कोर्ट के वकील और बीजेपी नेता ने बंद कमरे में दिया ऑफर'उमर अब्दुल्ला ने बिना नाम लिए भाजपा के एक बड़े पदाधिकारी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, भाजपा के एक अधिकारी, जो सुप्रीम कोर्ट के वकील भी हैं, उन्होंने जम्मू क्षेत्र से आने वाले मेरे एक विधायक से बंद कमरे में मुलाकात की. उन्होंने विधायक से कहा कि तुम हमारे साथ आ जाओ, हम तुम्हें 20-30 करोड़ रुपये, एक मंत्रालय और राज्य का दर्जा देंगे.इस पर तीखा पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि क्या भाजपा को लगता है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं का ईमान और जनता का विश्वास इतना सस्ता है कि उसे पैसों से खरीदा जा सके?'पिछले दरवाजे से सत्ता में आने की कोशिश कर रही है BJP'उमर अब्दुल्ला ने भाजपा को सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि वे नेशनल कॉन्फ्रेंस को कमजोर आंकने की भूल कतई न करें. उन्होंने कहा, भाजपा के लोगों, हमें इतना कमजोर मत समझो. आपके लिए पिछले दरवाजे (चोर दरवाजे) से सत्ता में एंट्री करना मुमकिन नहीं है. आप पिछले दरवाजे से आगे की कुर्सी (मुख्यमंत्री की कुर्सी) तक नहीं पहुंच पाएंगे. फिलहाल जम्मू-कश्मीर की जनता ने आपको विपक्ष में यानी पीछे बैठाया है और आप वहीं रहेंगे.अनुमति न मिलने पर भी 20 जुलाई को दिल्ली में होगा महा-प्रदर्शनजम्मू-कश्मीर को फिर से पूर्ण राज्य (Full Statehood) का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस आगामी 20 जुलाई 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन करने जा रही है. मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस द्वारा इस प्रदर्शन की अनुमति अभी तक नहीं दी गई है.उमर अब्दुल्ला का संकल्प: अनुमति मिले या न मिले, हमारा 20 जुलाई का कार्यक्रम तय है और यह आगे बढ़ेगा. यह लड़ाई केवल नेशनल कॉन्फ्रेंस की नहीं है, बल्कि जम्मू-कश्मीर के हर नागरिक और हर राजनीतिक दल की है.उन्होंने घाटी के सभी वर्तमान व पूर्व विधायकों और सभी विपक्षी दलों के नेताओं से अपील की कि वे अगले तीन साल के लिए चुनावी रंजिशों और लड़ाइयों को भूल जाएं और जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की इस साझा लड़ाई में एकजुट होकर दिल्ली आएं. उन्होंने कहा कि जो नेता डर या दबाव के कारण इस प्रदर्शन से दूर रहेंगे, वे जनता के साथ विश्वासघात करेंगे.'कॉकरोच पार्टी' को 24 घंटे में मिली इजाजत, हमें क्यों नहीं?दिल्ली में प्रदर्शन की अनुमति को लेकर आ रही दिक्कतों पर तंज कसते हुए सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा, एक 'कॉकरोच पार्टी' को दिल्ली में प्रदर्शन करने की अनुमति मिलने में 24 घंटे भी नहीं लगे, जबकि हम पिछले 4-5 दिनों से अनुमति की कोशिश कर रहे हैं. कुछ ताकतें जानबूझकर हमारे इस बड़े कार्यक्रम को बिगाड़ने की साजिश रच रही हैं और उन्होंने जानबूझकर अपनी तारीखें हमारे कार्यक्रम के साथ मिला दी हैं.आर्टिकल 370 हटने के बाद से जारी है राज्य के दर्जे की मांगगौरतलब है कि अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 (Article 370) को निरस्त कर दिया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) में विभाजित कर दिया था. इसके बाद साल 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने भी केंद्र के इस फैसले को संवैधानिक रूप से बरकरार रखा था. हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में भरोसा दिया था कि घाटी में स्थिति पूरी तरह सामान्य होने पर जम्मू-कश्मीर को दोबारा पूर्ण राज्य का दर्जा लौटा दिया जाएगा. नेशनल कॉन्फ्रेंस इसी वादे को पूरा कराने के लिए अब दिल्ली में हुंकार भरने की तैयारी में है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 11:09 pm

महिलाएं भूलकर भी न करें शरीर के इन 5 संकेतों को इग्नोर! मामूली दिखने वाले ये लक्षण हो सकते हैं गंभीर बीमारियों का अलार्म

Women Health Warning Signs : आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में महिलाएं परिवार, ऑफिस और घर की दोहरी जिम्मेदारियों को निभाते-निभाते अपनी सेहत का ख्याल रखना ही भूल जाती हैं. कई बार शरीर में दिखने वाले छोटे-मोटे बदलावों या हल्की तकलीफों को वे रोजमर्रा की थकावट समझकर नजरअंदाज कर देती हैं. लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों ने सख्त चेतावनी दी है कि महिलाओं को अपने शरीर से मिलने वाले कुछ खास सिग्नल्स को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए. हार्मोनल बदलाव, बढ़ता तनाव और खराब लाइफस्टाइल कई बार शुरुआत में मामूली दिखने वाले लक्षणों के जरिए किसी बड़ी और जानलेवा बीमारी की ओर इशारा कर रहे होते हैं.महिलाओं के लिए 5 सबसे बड़े 'वार्निंग साइन्स' (Warning Signs)1. लगातार गंभीर थकान और अचानक आई कमजोरीअगर आप बिना ज्यादा शारीरिक काम किए भी हर वक्त अत्यधिक थकान, सुस्ती या कमजोरी महसूस करती हैं, तो यह शरीर में पोषक तत्वों की भारी कमी का संकेत है.संभावित कारण: महिलाओं में यह समस्या मुख्य रूप से आयरन की कमी (एनीमिया), हार्मोनल असंतुलन या थायराइड की बीमारी के कारण होती है.स्ट्रोक का खतरा: विशेषज्ञों के अनुसार, अगर शरीर में अचानक से तेज कमजोरी महसूस हो, जुबान लड़खड़ाने लगे, चलने में दिक्कत आए या कंफ्यूजन हो, तो यह स्ट्रोक (Stroke) का शुरुआती लक्षण हो सकता है, जिसके लिए तुरंत इमरजेंसी मेडिकल हेल्प की जरूरत होती है.2. अनियमित पीरियड्स और हेवी ब्लीडिंगपीरियड्स का समय पर आना एक स्वस्थ महिला की सबसे बड़ी पहचान है. यदि आपके पीरियड्स का साइकिल अनियंत्रित हो गया है, बहुत ज्यादा या बहुत कम ब्लीडिंग हो रही है, तो इसे सामान्य समझने की भूल न करें.संभावित कारण: बार-बार पीरियड्स का अनियमित होना थायराइड, पीसीओडी (PCOD), पीसीओएस (PCOS) या गर्भाशय में फाइब्रॉएड (गांठ) होने का पुख्ता संकेत हो सकता है. इसके अलावा, संबंध बनाने (सेक्स) के दौरान होने वाले तेज दर्द को भी महिलाओं को गंभीरता से लेना चाहिए.3. बार-बार पेट फूलना (ब्लोटिंग) और पाचन की खराबीपीरियड्स आने से ठीक पहले थोड़ा गैसी महसूस होना एक सामान्य प्रक्रिया है. लेकिन अगर आपको बिना किसी वजह के रोजाना पेट में सूजन, भारीपन या गंभीर ब्लोटिंग बनी रहती है, तो यह खतरे की घंटी है.संभावित कारण: गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट और गायनेकोलॉजिस्ट के अनुसार, लगातार बनी रहने वाली ब्लोटिंग इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS), एंडोमेट्रियोसिस या बेहद खतरनाक ओवेरियन कैंसर (अंडाशय का कैंसर) का भी शुरुआती लक्षण हो सकती है.4. बिना किसी कारण के अचानक वजन का घटना या बढ़नायदि आप अपनी डाइट या एक्सरसाइज में कोई बदलाव नहीं कर रही हैं, फिर भी आपका वजन अचानक से तेजी से बढ़ रहा है या बहुत ज्यादा घट रहा है, तो समझ लें कि शरीर के अंदरूनी सिस्टम में कुछ गड़बड़ है.संभावित कारण: यह मुख्य रूप से मेटाबॉलिज्म की खराबी, गंभीर थायराइड की समस्या या गंभीर हार्मोनल असंतुलन के कारण होता है. खासकर 30 की उम्र पार करने के बाद वजन में आने वाले ऐसे अप्रत्याशित बदलावों पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.5. ब्रेस्ट साइज में बदलाव या असामान्य वजाइनल डिस्चार्जअपने शरीर की बनावट पर बारीकी से नजर रखना बेहद जरूरी है.स्तन में गांठ: ब्रेस्ट (स्तन) के साइज में अचानक कोई बदलाव दिखना या वहां किसी भी तरह की गांठ (Lump) महसूस होना फाइब्रोएडीनोमा जैसी साधारण स्थिति से लेकर ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) तक की वजह बन सकता है.असामान्य डिस्चार्ज: इसके अतिरिक्त, यदि वजाइनल डिस्चार्ज (योनि स्राव) में अत्यधिक बदबू हो, वह बहुत गाढ़ा हो या उसका रंग लाल, गुलाबी या मटमैला दिखाई दे, तो यह गंभीर यीस्ट इंफेक्शन या अन्य आंतरिक संक्रमण का लक्षण है, जिसके लिए तुरंत गायनेकोलॉजिस्ट से चेकअप कराना अनिवार्य है.कब और क्यों जरूरी है डॉक्टर से संपर्क करना?चिकित्सकों का कहना है कि 30 की उम्र पार करने के बाद महिलाओं का शरीर तेजी से बदलता है. ऐसे में अगर हड्डियों में लगातार दर्द रहे, त्वचा पर असामान्य चकत्ते या बदलाव दिखें या अत्यधिक थकान बनी रहे, तो तुरंत हेल्थ चेकअप कराएं. बीमारियां हमेशा अचानक नहीं आतीं, बल्कि वे शरीर में बहुत धीरे-धीरे पनपती हैं और शुरुआती लक्षणों को इग्नोर करने पर भविष्य में बड़ी मुसीबत बन जाती हैं. महिलाओं को अपनी सेहत को हमेशा प्राथमिकता देनी चाहिए और साल में कम से कम एक बार रूटीन बॉडी चेकअप जरूर कराना चाहिए.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 11:04 pm

Yoga vs Gym for Heart Health: दिल की सेहत के लिए क्या है सबसे बेस्ट? हृदय रोग विशेषज्ञों ने दिए 3 अचूक हेल्थ टिप्स

Yoga vs Gym for Heart Health: आज के इस आधुनिक और भागदौड़ भरे दौर में फिटनेस को लेकर अक्सर ‘योग बनाम जिम’ (Yoga vs Gym) की बहस छिड़ी रहती है. कोई जिम जाकर पसीना बहाने को बेहतर मानता है, तो कोई योग और प्राणायाम के जरिए खुद को फिट रखना पसंद करता है. लेकिन मेडिकल साइंस और हृदय रोग विशेषज्ञों (Cardiologists) के अनुसार, दोनों के अपने अलग-अलग फायदे हैं और दिल की सेहत (Heart Health) को हमेशा दुरुस्त रखने के लिए इन दोनों का सही संतुलन सबसे उत्तम माना जाता है. 'पाथकाइंड लैब्स' (Pathkind Labs) की एक रिपोर्ट में भी विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि योग और जिम दोनों ही हृदय प्रणाली को मजबूत बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाते हैं.जिम और योग: दोनों के कार्य और फायदे अलग हैंजिम (कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के लाभ):जिम में की जाने वाली एरोबिक एक्सरसाइज (जैसे ट्रेडमिल पर दौड़ना, रनिंग, साइकिल चलाना) और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (वजन उठाना) सीधे तौर पर हमारे दिल की मांसपेशियों को मजबूत बनाती हैं.यह शरीर में रक्त संचार (Blood Circulation) में तेजी से सुधार करता है.खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद करता है.यह हृदय गति (Heart Rate) को एक सही स्तर पर बढ़ाने और शरीर की सहनशक्ति (Stamina) निर्माण के लिए सबसे बेहतरीन माध्यम है.योग (लचीलापन और मानसिक शांति के लाभ):जिम जहां शरीर को बाहर से मजबूत बनाता है, वहीं योग शरीर को अंदर से हील करता है.योग हमारे शरीर में तनाव पैदा करने वाले हार्मोन यानी 'कोर्टिसोल' (Cortisol) के स्तर को तेजी से कम करता है.यह बढ़े हुए रक्तचाप (High Blood Pressure) को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने और मानसिक शांति प्रदान करने में बेजोड़ है.कार्डियोलॉजिस्ट्स का मानना है कि योग के सूक्ष्म व्यायाम, आसन और प्राणायाम उन लोगों या हृदय रोगियों के लिए अधिक सुरक्षित और प्रभावशाली होते हैं जो भारी वजन नहीं उठा सकते.हृदय विशेषज्ञों के 3 अचूक और मार्गदर्शक टिप्सयदि आपके पास रोजाना वर्कआउट करने का लंबा समय नहीं है, तो भी आप डॉक्टरों द्वारा बताए गए इन 3 आसान नियमों को अपनाकर अपने दिल को सुरक्षित रख सकते हैं:1. हमेशा सक्रिय रहें (Stay Active)अगर आपको किसी वजह से जिम जाने का समय नहीं मिल पा रहा है, तो अपनी दिनचर्या में छोटे बदलाव करें. जैसे—ऑफिस या मॉल में लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करें. हेल्थ रिसर्च के अनुसार, दिन में सिर्फ 5-10 मिनट सीढ़ियां चढ़ना भी हृदय रोग (Heart Attack/Stroke) के खतरे को 20% तक कम कर सकता है.2. तनाव प्रबंधन पर दें विशेष ध्यान (Stress Management)आज की व्यस्त और तनावपूर्ण जीवनशैली दिल की सबसे बड़ी दुश्मन बन चुकी है. अत्यधिक मानसिक तनाव से धमनियों में ब्लॉकेज का खतरा बढ़ जाता है. इससे बचने के लिए रोजाना सुबह या शाम को कम से कम 10-15 मिनट प्राणायाम, अनुलोम-विलोम या गहरी सांस लेने (Deep Breathing) का अभ्यास जरूर करें. यह धमनियों को स्वस्थ और लचीला रखता है.3. पर्याप्त नींद और सही हाइड्रेशन है जरूरीदिल को चौबीसों घंटे काम करना पड़ता है, इसलिए उसकी मरम्मत (Repairing) के लिए रात में 7-8 घंटे की गहरी और सुकून भरी नींद बेहद अनिवार्य है. इसके साथ ही, दिनभर में पर्याप्त पानी पीकर खुद को हाइड्रेटेड रखें. अपने भोजन में सोडियम (नमक) और रिफाइंड चीनी की मात्रा को जितना हो सके कम करें.निष्कर्ष (Final Verdict)भागदौड़ भरी जिंदगी में मुस्तैद रहने के लिए योग और जिम दोनों का अपना महत्व है. विशेषज्ञों की सलाह है कि सप्ताह में कम से कम 3 से 4 दिन 30 मिनट का मध्यम व्यायाम या कार्डियो करें और बाकी के दिन मानसिक शांति व स्ट्रेचिंग के लिए योग को दें. इसके अलावा, जिम में कभी भी दूसरों को देखकर अत्यधिक भारी वजन (Heavy Weights) न उठाएं, बल्कि उतना ही वजन उठाएं जितना आपका शरीर आसानी से और बिना किसी दर्द के सहन कर सके. सावधानी और निरंतरता ही एक स्वस्थ दिल की असली चाबी है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 11:02 pm

फैटी लिवर बन चुका है भारत का 'साइलेंट एपिडेमिक'! ग्रेड 1 से 3 तक के लक्षणों को न करें इग्नोर, एक्सपर्ट्स से जानें बचाव के उपाय

Fatty Liver Grade 1 2 3 Symptoms: आज के समय में खराब लाइफस्टाइल और असंतुलित खानपान के कारण 'फैटी लिवर' (Fatty Liver) भारत में एक महामारी (Silent Epidemic) का रूप ले चुका है. अंतर्राष्ट्रीय अध्ययनों के अनुसार, दुनियाभर में लगभग एक अरब लोग इससे प्रभावित हैं, जबकि भारत में यह दर 9% से लेकर 32% तक देखी गई है. इसे मेडिकल भाषा में गैर-शराबी लिवर रोग (MASLD/NAFLD) कहा जाता है, जो धीरे-धीरे बिना किसी बड़े शोर के लिवर को अंदर से खोखला करता है.मोटापा, टाइप 2 डायबिटीज और उच्च कोलेस्ट्रॉल से जूझ रहे लोगों के लिए फैटी लिवर के ग्रेड 1 से लेकर ग्रेड 3 तक की पूरी जानकारी होना बेहद जरूरी है, ताकि समय रहते इसका इलाज और इसे पूरी तरह रिवर्स (ठीक) किया जा सके.ग्रेड 1 फैटी लिवर: शुरुआती चरण और अक्सर लक्षणहीनफैटी लिवर ग्रेड 1 (या लाइट स्टेटोसिस) तब माना जाता है, जब लिवर की कुल कोशिकाओं के 5% से 33% हिस्से में वसा (Fats) जमा हो जाती है.मुख्य लक्षण: दिल्ली के प्रसिद्ध गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. नीरज धमीजा के अनुसार, इस शुरुआती चरण में कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते. जातक को केवल हल्की थकान, कमजोरी या पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में थोड़ा भारीपन महसूस हो सकता है, जिसे लोग अक्सर सामान्य गैस समझकर इग्नोर कर देते हैं.कारण और जांच: इसका मुख्य कारण मोटापा, अनियंत्रित ट्राइग्लिसराइड्स और खराब खानपान है. डॉक्टर एक साधारण पेट के अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) और लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) के जरिए इसका पता लगाते हैं.बचाव व इलाज: यह चरण पूरी तरह से रिवर्सिबल है. केवल जीवनशैली में सुधार करके, रिफाइंड चीनी और जंक फूड का त्याग कर और नियमित 30 मिनट व्यायाम करके इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है.ग्रेड 2 फैटी लिवर: मध्यम स्थिति और बढ़ता जोखिमजब लिवर के 34% से 66% हिस्से में वसा जमा हो जाती है, तो उसे ग्रेड 2 फैटी लिवर की श्रेणी में रखा जाता है. इस चरण में लिवर का सामान्य कामकाज प्रभावित होने लगता है.मुख्य लक्षण: डॉ. सौरभ सिंघल जैसे विशेषज्ञों के मुताबिक, इस स्टेज पर शरीर स्पष्ट चेतावनी देने लगता है. मरीज को भूख कम लगना, पेट में लगातार सूजन या ब्लोटिंग होना, अत्यधिक प्यास लगना और हर वक्त गंभीर थकावट बने रहने जैसे लक्षण महसूस होते हैं.कारण और जांच: लगातार लंबे समय तक बैठकर काम करने वाली सुस्त जीवनशैली, तला-भुना खाना और अनियंत्रित शुगर इसके मुख्य कारण हैं. इसकी गहराई नापने के लिए एलएफटी के साथ 'फाइब्रोस्कैन' (Fibroscan) या सीटी स्कैन कराया जाता है.बचाव व इलाज: इस चरण में डॉक्टर मरीज को अपने कुल वजन का 7 से 10% तक कम करने की सख्त सलाह देते हैं. यदि इस स्टेज पर लापरवाही बरती जाए, तो यह तेजी से ग्रेड 3 में बदल जाता है.ग्रेड 3 फैटी लिवर: गंभीर स्थिति और सिरोसिस का खतरायह फैटी लिवर की सबसे चरम और खतरनाक स्थिति है, जिसमें लिवर के 67% से भी अधिक हिस्से पर चर्बी की मोटी परत चढ़ जाती है.मुख्य लक्षण: डॉ. नीरज धमीजा चेतावनी देते हैं कि ग्रेड 3 में लिवर में गंभीर सूजन आ जाती है. इसके लक्षणों में पेट में तेज दर्द, अचानक वजन का तेजी से गिरना, बार-बार मतली (उल्टी) आना, हाथ-पैरों में सूजन (एडिमा) और आंखों व त्वचा का पीला होना (पीलिया/Jaundice) शामिल हैं.कारण और जांच: ग्रेड 1 और 2 के लक्षणों को लगातार नजरअंदाज करना, शराब का सेवन और अनियंत्रित डायबिटीज इसे खतरनाक स्तर पर ले जाते हैं. सटीक स्थिति जानने के लिए डॉक्टर लिवर बायोप्सी (Biopsy) की सलाह दे सकते हैं.बचाव व इलाज: इस स्टेज पर केवल डाइट और एक्सरसाइज काफी नहीं होती, बल्कि डॉक्टर की सख्त दवाओं की जरूरत पड़ती है. लिवर डैमेज होने की स्थिति में 'लिवर ट्रांसप्लांट' (Liver Transplant) ही एकमात्र विकल्प बचता है. इसलिए, समय पर रेगुलर चेकअप कराना ही इससे बचने का सबसे बेहतरीन उपाय है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 11:01 pm

सुबह खाली पेट गुनगुना नींबू पानी पीना अमृत या आफत? एक्सपर्ट्स से जानें इसके 5 बेमिसाल फायदे, सही तरीका और सावधानियां

Lemon Water Benefits on Empty Stomach: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई अपनी सुबह की शुरुआत एक ऐसी आदत से करना चाहता है जो दिनभर शरीर को ऊर्जावान बनाए रखे. सुबह खाली पेट गुनगुना नींबू पानी (Lemon Water) पीना एक ऐसी ही साधारण लेकिन बेहद शक्तिशाली आदत है. नींबू विटामिन सी, शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स और सिट्रिक एसिड का खजाना है.न्यूट्रिशनिस्ट और आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित रूप से सही तरीके से नींबू पानी का सेवन वजन नियंत्रित करने से लेकर त्वचा में चमक लाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ाने में रामबाण साबित हो सकता है. आइए डीप रिसर्च के आधार पर जानते हैं इसके फायदे, पीने का सही तरीका, समय और किन लोगों को इसके सेवन से बचना चाहिए.सुबह खाली पेट नींबू पानी पीने के 5 प्रमुख फायदे1. पाचन तंत्र (Digestion) को करे एक्टिवरात भर की लंबी नींद के बाद सुबह हमारा पेट पूरी तरह खाली होता है. नींबू में मौजूद सिट्रिक एसिड पेट के गैस्ट्रिक जूस और पित्त (Bile) के स्राव को बढ़ावा देता है. न्यूट्रिशनिस्ट दीप्ति खटूजा के अनुसार, यह पेट फूलने (ब्लोटिंग), गैस और हार्टबर्न (सीने की जलन) से तुरंत राहत दिलाता है और कब्ज की समस्या को जड़ से खत्म करता है.2. इम्यूनिटी को देता है 30% तक बूस्टनींबू विटामिन सी का सबसे बेहतरीन प्राकृतिक स्रोत है. विटामिन सी हमारे शरीर में सफेद रक्त कोशिकाओं (WBC) को मजबूत बनाता है, जो बीमारियों और संक्रमणों से लड़ती हैं. एक वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक, रोजाना सही मात्रा में विटामिन सी का सेवन करने से हमारा इम्यून सिस्टम 20 से 30 फीसदी बेहतर तरीके से काम करने लगता है, जिससे सर्दी-जुकाम और मौसमी बीमारियां दूर रहती हैं.3. त्वचा में लाता है कुदरती निखार (Glowing Skin)नींबू पानी में मौजूद विटामिन सी शरीर में 'कोलेजन' (Collagen) प्रोटीन के उत्पादन को बढ़ाता है. कोलेजन त्वचा का लचीलापन बनाए रखता है जिससे चेहरे की झुर्रियां कम होती हैं. इसके शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं, जिससे चेहरे के एक्ने, कील-मुंहासे और दाग-धब्बे धीरे-धीरे साफ हो जाते हैं.4. वजन प्रबंधन (Weight Loss) में मददगारजो लोग तेजी से वजन घटाना चाहते हैं, उनके लिए नींबू पानी एक बेहतरीन कैटलिस्ट है. यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को हल्का बूस्ट देता है. नींबू में मौजूद पेक्टिन फाइबर असमय लगने वाली भूख को नियंत्रित करता है. सुबह की दूध वाली भारी चाय या कॉफी की जगह नींबू पानी पीने से आपकी एक्स्ट्रा कैलोरी की खपत कम हो जाती है. हालांकि, शोध साफ कहते हैं कि नींबू पानी अकेला फैट बर्न नहीं करता; यह संतुलित डाइट और एक्सरसाइज के साथ मिलकर ही असर दिखाता है.5. बॉडी की नेचुरल क्लीनिंग (Detoxification)अक्सर माना जाता है कि नींबू पानी सीधे लिवर को साफ करता है, लेकिन आयुर्वेद विशेषज्ञों का कहना है कि यह लिवर को सीधे डिटॉक्स नहीं करता. बल्कि, यह पाचन क्रिया को दुरुस्त करके शरीर की अपनी प्राकृतिक सफाई प्रक्रिया (Natural Detoxification) की रफ्तार को तेज कर देता है.नींबू पानी तैयार करने का स्टेप-बाय-स्टेप सही तरीकानींबू पानी का पूरा फायदा तभी मिलता है जब उसे सही तरीके से बनाया और पिया जाए:पानी का तापमान: पानी को बहुत ज्यादा गर्म न करें, क्योंकि अत्यधिक तापमान से विटामिन सी नष्ट हो जाता है. पानी गुनगुना (लगभग 40-45 डिग्री सेल्सियस) होना चाहिए.मात्रा: एक गिलास (250-300 मिली) गुनगुने पानी में केवल आधा ताजा नींबू ही निचोड़ें. पैकेज्ड या प्रिजर्व्ड नींबू रस का इस्तेमाल बिल्कुल न करें.मीठे से परहेज: वजन घटाने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए इसमें चीनी (Sugar) बिल्कुल न मिलाएं. स्वाद के लिए आप एक चम्मच शुद्ध शहद या अदरक का रस मिला सकते हैं. डायबिटीज के मरीज इसे बिना शहद के ही पिएं.दांतों की सुरक्षा (Most Important): नींबू का एसिड दांतों के इनेमल (Enamel) को नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए नींबू पानी को हमेशा स्ट्रॉ (Straw) की मदद से पिएं और पीने के तुरंत बाद सादे पानी से अच्छी तरह कुल्ला कर लें.पीने का सबसे सटीक समय क्या है?सुबह सोकर उठने के बाद, ब्रश करने के बाद और नाश्ता (Breakfast) करने से 15-30 मिनट पहले का समय इसके सेवन के लिए सबसे सर्वोत्तम माना जाता है. इस समय खाली पेट होने के कारण शरीर इसके पोषक तत्वों को अधिकतम अवशोषित (Absorb) कर पाता है.किन्हें अपनाना चाहिए और किन्हें बरतनी चाहिए सावधानी?इनके लिए है वरदान: जो लोग अपना वजन घटाना चाहते हैं, जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है, जिन्हें बार-बार कब्ज रहता है या जो एथलीट्स/जिम जाने वाले लोग हैं, वे इसे नेचुरल एनर्जी बूस्टर के रूप में अपना सकते हैं. गर्भवती महिलाएं भी हाइड्रेशन के लिए डॉक्टर की सलाह से इसका सेवन कर सकती हैं.ये लोग भूलकर भी न पिएं (नुकसान): यदि आपको गंभीर एसिडिटी, अल्सर या जीईआरडी (GERD) की समस्या है, तो खाली पेट नींबू पानी पीने से बचें, क्योंकि यह पेट की जलन और एसिड को बढ़ा सकता है. इसके अलावा, जिन लोगों के दांत अत्यधिक सेंसिटिव हैं, जिन्हें माइग्रेन है या जोड़ों के दर्द (Joint Pain) की शिकायत रहती है, उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए. नींबू पानी की अत्यधिक मात्रा से शरीर में पोटैशियम का असंतुलन या मुंह में छाले भी हो सकते हैं.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 10:57 pm

Weakest Currencies in the World:  दुनिया की 6 सबसे कमजोर करेंसी और उनकी कम वैल्यू के पीछे की असली वजहें

Weakest Currencies in the World: जब हम किसी दूसरे देश की यात्रा करते हैं और अपनी करेंसी बदलवाते हैं, तो कभी-कभी नोटों का एक बड़ा बंडल देखकर हमें लगता है जैसे हम रातोंरात अमीर हो गए हों. लेकिन बाज़ार में जाकर जब हम खर्च करना शुरू करते हैं, तब पता चलता है कि उन नोटों की असली खरीदने की क्षमता (Buying Power) बेहद कम है. किसी भी देश की करेंसी की असली ताकत उसकी विनिमय दर (Exchange Rate) से तय होती है. जिन देशों में अत्यधिक महंगाई होती है, राजनीतिक बाज़ार अस्थिर होते हैं या आर्थिक विकास धीमा होता है, उनकी करेंसी वैश्विक स्तर पर कमजोर हो जाती है. आइए जानते हैं दुनिया की 6 सबसे कमजोर करेंसी और उनके इस हाल के पीछे के मुख्य कारणों के बारे में.1. लेबनानी पाउंड (Lebanese Pound) – राजनीतिक और आर्थिक संकटपिछले कुछ वर्षों में लेबनान की करेंसी (पाउंड) के मूल्य में ऐतिहासिक और बेहद डरावनी गिरावट दर्ज की गई है.कमजोरी के कारण: देश में लंबे समय से चला आ रहा गंभीर आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और बेलगाम महंगाई (हाइपरइन्फ्लेशन) इसकी मुख्य वजहें हैं.असर: इस गिरावट के कारण लेबनान के आम नागरिकों के लिए रोज़मर्रा का जरूरी सामान खरीदना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है. यहाँ आधिकारिक सरकारी दर और खुले बाज़ार की विनिमय दर में एक बहुत बड़ी खाई है, जिससे आर्थिक संतुलन पूरी तरह बिगड़ चुका है.2. ईरानियन रियाल (Iranian Rial) – अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की मारईरान की मुद्रा 'ईरानियन रियाल' लंबे समय से दुनिया की सबसे कमजोर करेंसी की सूची में बनी हुई है और इसकी कीमत लगातार रसातल में जा रही है.कमजोरी के कारण: ईरान पर लगे सख्त अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध (International Sanctions), देश के भीतर बेकाबू महँगाई और विदेशी व्यापार में आई भारी कमी इसके तीन सबसे बड़े कारण हैं.असर: विदेशी पर्यटकों को अपनी मजबूत करेंसी के बदले यहाँ नोटों की गड्डियां मिल जाती हैं, लेकिन स्थानीय नागरिकों के लिए जीवनयापन बेहद कठिन हो चुका है क्योंकि उनकी कमाई की वास्तविक वैल्यू लगातार घट रही है.3. वियतनामी डोंग (Vietnamese Dong) – सरकारी नीति का परिणामवियतनामी डोंग (Dong) लंबे समय से वैश्विक स्तर पर सबसे कम वैल्यू वाली मुद्राओं में गिनी जाती है, लेकिन इसके पीछे की कहानी थोड़ी अलग और दिलचस्प है.कमजोरी के कारण: वियतनाम की अर्थव्यवस्था कमजोर नहीं है, बल्कि वहां की सरकार ने जानबूझकर अपनी मुद्रा की वैल्यू को कम रखने की नीति अपनाई है. ऐसा इसलिए किया गया है ताकि वियतनाम का निर्यात (Export) वैश्विक बाजार में सस्ता और प्रतिस्पर्धी बना रहे.असर: मजबूत करेंसी लेकर वियतनाम जाने वाले यात्रियों को थोड़े से पैसे के बदले ढेर सारे डोंग मिल जाते हैं. यही वजह है कि वियतनाम आज दुनिया के सबसे किफायती और बजट-फ्रेंडली टूरिस्ट डेस्टिनेशंस में से एक है.4. लाओशियन किप (Laotian Kip) – भारी कर्ज का दबावदक्षिण-पूर्व एशिया का एक बेहद खूबसूरत और प्राकृतिक देश होने के बावजूद लाओस अपनी कमजोर मुद्रा के कारण आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है.कमजोरी के कारण: लाओस की करेंसी 'किप' (Kip) किसी बड़ी वैश्विक विदेशी मुद्रा से लिंक्ड नहीं है, जिससे इसमें भारी उतार-चढ़ाव आता है. देश पर बढ़ा विदेशी कर्ज, धीमी आर्थिक वृद्धि दर और एक्सपोर्ट का बेहद कम होना इसकी वैल्यू को लगातार गिरा रहा है.असर: यहाँ पर्यटकों को छोटी-मोटी खरीदारी करने के लिए भी नोटों के भारी-भरकम बंडल अपने साथ बैग में लेकर चलने पड़ते हैं.5. इंडोनेशियाई रुपिया (Indonesian Rupiah) – आयात पर अधिक निर्भरताइंडोनेशिया एक तेजी से उभरती हुई और बड़ी अर्थव्यवस्था है, इसके बावजूद वैश्विक विनिमय दर के मामले में 'इंडोनेशियाई रुपिया' (Rupiah) अभी भी काफी कमजोर पायदान पर है.कमजोरी के कारण: देश में रहने वाली लगातार महंगाई, कई महत्वपूर्ण चीजों के लिए दूसरे देशों से आयात (Import) पर अत्यधिक निर्भरता और वैश्विक बाज़ार की उठा-पटक इसके मुख्य कारण हैं. साथ ही, देश की विशाल आबादी और पूरी तरह विकसित न हो पाया बुनियादी ढाँचा भी इस पर आर्थिक दबाव डालता है.असर: पर्यटकों के लिए यहाँ घूमना बहुत सस्ता पड़ता है, लेकिन रुपिया की कम वैल्यू के कारण हर छोटे-बड़े लेन-देन में बहुत सारे शून्य (Zeros) वाले बड़े नोटों का इस्तेमाल करना पड़ता है.6. उज्बेक सोम (Uzbek Som) – पुराना आर्थिक दबावमध्य एशिया के देश उज्बेकिस्तान ने हाल के वर्षों में अपनी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कई बड़े और कड़े आर्थिक सुधार किए हैं, फिर भी उज्बेक 'सोम' (Som) दुनिया की सबसे कम वैल्यू वाली मुद्राओं में शामिल है.कमजोरी के कारण: देश पर पुराना आर्थिक दबाव, लंबे समय से चली आ रही आंतरिक महंगाई और कुछ ही चुनिंदा चीजों (जैसे कपास और सोना) के निर्यात पर देश की अत्यधिक निर्भरता इसकी सबसे बड़ी कमजोरी है. हालांकि कुछ सेक्टर्स में स्थिति सुधर रही है, लेकिन वैश्विक बाजार में सोम को मजबूत होने में अभी लंबा वक्त लगेगा.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 10:54 pm

सिद्धिविनायक मंदिर में चोरी के आरोपों को लेकर विपक्ष ने एकनाथ शिंदे पर हमला बोला

विपक्षी नेताओं, विशेषकर शिवसेना-यूबीटी ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर जमकर हमला बोला और उन्हें 'गद्दार' और 'भगोड़ा' बताया।

देशबन्धु 11 Jul 2026 10:52 pm

सनातन संस्था की सद्गुरु अंजली गाडगीळ ने किए खोले के हनुमान जी में दर्शन

साधकों को मिला गुरुपूर्णिमा से पूर्व अमूल्य मार्गदर्शन जयपुर। सनातन संस्था की सद्गुरु श्रीचित्‌शक्ति अंजली गाडगीळ इन दिनों राजस्थान प्रवास पर हैं। इस दिव्य प्रवास के दौरान उन्होंने जयपुर के अत्यंत जागृत और प्रसिद्ध खोले के हनुमान जी मंदिर में जाकर दर्शन किए। इस अवसर पर उन्होंने प्रभु हनुमान जी के चरणों में हिंदू राष्ट्र […] The post सनातन संस्था की सद्गुरु अंजली गाडगीळ ने किए खोले के हनुमान जी में दर्शन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 11 Jul 2026 10:36 pm

पंजाब कांग्रेस में घमासान: बघेल से मिला चन्नी-रंधावा गुट, राजा वड़िंग को हटाने की मांग पर अड़े बागी नेता

पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी पंजाब कांग्रेस गुट और पार्टी के महासचिव भूपेश बघेल के बीच शनिवार को बहुप्रतीक्षित बैठक हुई।

देशबन्धु 11 Jul 2026 10:30 pm

बिना डेबिट कार्ड के भी आधार से निकलेगा कैश! NPCI की इस खास AEPS सर्विस से घर बैठे चेक करें बैलेंस, जानें आसान तरीका

Aadhaar Enabled Payment System : आज के डिजिटल दौर में ज्यादातर लोग ऑनलाइन और यूपीआई (UPI) पेमेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसके बावजूद, रोजमर्रा के कई छोटे-मोटे कामों या आपातकालीन स्थिति में हमें कैश (नकद) की जरूरत पड़ ही जाती है. ऐसे समय में अगर आप अपना एटीएम या डेबिट कार्ड घर भूल गए हैं या आपके पास कार्ड नहीं है, तो बैंक से पैसे निकालना एक बड़ी सिरदर्द बन जाता है.लेकिन अब आपको बिल्कुल भी परेशान होने की जरूरत नहीं है. भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) की एक विशेष तकनीक की मदद से अब आप सिर्फ अपने आधार कार्ड (Aadhaar Card) के जरिए बैंक खाते से सुरक्षित तरीके से कैश निकाल सकते हैं. आइए जानते हैं कि यह पूरी प्रणाली कैसे काम करती है और इसका लाभ आप कैसे उठा सकते हैं.क्या है AEPS सुविधा और कैसे करती है काम?NPCI ने बैंकिंग को ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों तक सुलभ बनाने के लिए आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS) की शुरुआत की है. यह एक ऐसी सुरक्षित वित्तीय प्रणाली है, जिसके तहत आपको पैसे निकालने के लिए किसी भी सिग्नेचर, डेबिट कार्ड या पिन (PIN) की आवश्यकता नहीं होती.बायोमेट्रिक सुरक्षा: इस सिस्टम में पैसे का लेन-देन करने के लिए केवल आपके आधार नंबर और आपके फिंगरप्रिंट (अंगूठे या उंगली के निशान) का उपयोग किया जाता है.मिलती हैं ये 4 मुख्य सुविधाएं: AEPS के जरिए आप केवल कैश ही नहीं निकाल सकते, बल्कि बैंक खाते में पैसे जमा करना, अकाउंट का बैलेंस चेक करना और मिनी स्टेटमेंट (Mini Statement) निकालने जैसे जरूरी काम भी चुटकियों में कर सकते हैं.सबसे जरूरी शर्त: इस बैंकिंग सुविधा का लाभ आप केवल तभी उठा सकते हैं, जब आपका आधार कार्ड आपके संबंधित बैंक खाते (Bank Account) से पूरी तरह लिंक और एक्टिव हो.आधार कार्ड से कैश निकालने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रियायदि आप बिना एटीएम कार्ड के नकदी निकालना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए आसान चरणों का पालन करें:बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (BC) एजेंट से मिलें: सबसे पहले अपने नजदीकी किसी भी बैंक के अधिकृत बैंकिंग प्रतिनिधि यानी बीसी एजेंट (BC Agent) के पास जाएं. ये एजेंट आमतौर पर आपके पास की छोटी किराना दुकानों, ग्राहक सेवा केंद्रों (CSP) या बैंक की मिनी ब्रांच में माइक्रो-एटीएम मशीन के साथ मिल जाते हैं.आधार नंबर दर्ज कराएं: एजेंट को अपना 12 अंकों का आधार नंबर बताएं, जिसे वह अपनी स्वाइप या माइक्रो-एटीएम मशीन में फीड करेगा.बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन: अपनी पहचान को सुरक्षित तरीके से वेरिफाई करने के लिए मशीन से जुड़े फिंगरप्रिंट स्कैनर पर अपना अंगूठा या उंगली रखें.सर्विस का चयन करें: मशीन की स्क्रीन पर दिए गए विकल्पों में से 'कैश विड्रॉल' (Cash Withdrawal) का चुनाव करें.राशि भरें: आपको अपने खाते से जितनी नकदी निकालनी है, वह राशि (Amount) वहां दर्ज करें.कैश प्राप्त करें: जैसे ही आपका फिंगरप्रिंट बैंक के सर्वर से वेरिफाई हो जाएगा, ट्रांजेक्शन सफल हो जाएगा और एजेंट आपको आपका कैश सौंप देगा. इसके तुरंत बाद आपके बैंक खाते से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर पैसे कटने का पुष्टिकरण एसएमएस (SMS) भी आ जाएगा.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 10:26 pm

मेरठ में गंगा एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर पर लगा ब्रेक! 300 हेक्टेयर के लिए 9 महीने से अड़े किसान, जानें जमीन अधिग्रहण का पूरा गणित

Ganga Expressway Industrial Corridor Meerut: उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजना 'गंगा एक्सप्रेसवे' (Ganga Expressway) के किनारे औद्योगिक गलियारा (Industrial Corridor) विकसित करने की योजना जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) के पेंच में फंसती नजर आ रही है. उत्तर प्रदेश सरकार और यूपीडा (UPIEDA) के सख्त आदेशों के बावजूद, मेरठ जिला प्रशासन के लिए परियोजना के लिए पर्याप्त जमीन जुटाना एक बड़ी और सिरदर्द चुनौती बन चुका है. किसानों के भारी विरोध और धरना प्रदर्शन के कारण एक्सप्रेसवे के इस बड़े प्रोजेक्ट की रफ्तार धीमी पड़ गई है.पहले चरण में 214 हेक्टेयर की जरूरत, प्रशासन के हाथ लगी केवल 159 हेक्टेयरमेरठ के विकास को नई ऊंचाई देने के लिए गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे पहले चरण के तहत औद्योगिक गलियारा बनाने के लिए 214 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है. इस जमीन को खरीदने की प्रक्रिया एक साल से भी अधिक समय से चल रही है, लेकिन पिछले कई महीनों से यह काम लगभग ठप पड़ा था.अधिग्रहण का गणित: शुरुआत में किसानों से कुल 203 हेक्टेयर जमीन खरीदी जानी थी, जिसमें से 143 हेक्टेयर की रजिस्ट्री (बैनामा) होने के बाद काम अचानक रुक गया.सरकारी जमीन की किल्लत: इसके अलावा, कॉरिडोर के लिए चिन्हित 11 हेक्टेयर सरकारी जमीन में से भी प्रशासन को अब तक केवल 7 हेक्टेयर जमीन ही हस्तांतरित हो पाई है.DM की बैठक के बाद एक्शन में प्रशासन, एक दिन में हुए 9 बैनामेजमीन अधिग्रहण के गतिरोध को तोड़ने के लिए हाल ही में मेरठ के जिलाधिकारी (DM) ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की थी. इस बैठक में मिले कड़े निर्देशों के बाद सोमवार को तहसील प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की. प्रशासन ने एक ही दिन में 17 किसानों से 9 अलग-अलग बैनामों के माध्यम से 9 हेक्टेयर जमीन का सफलतापूर्वक अधिग्रहण कर लिया. इस नई खरीद के बाद अब प्रशासन के पास कुल उपलब्ध जमीन का आंकड़ा बढ़कर 159 हेक्टेयर तक पहुंच गया है, लेकिन लक्ष्य (214 हेक्टेयर) से यह अब भी काफी दूर है.दूसरे चरण के लिए साढ़े नौ महीने से धरने पर बैठे हैं किसानपहले चरण की मुश्किलों के बीच, औद्योगिक गलियारे के दूसरे चरण (Phase 2) का रास्ता और भी ज्यादा कांटों भरा नजर आ रहा है.300 हेक्टेयर का पेंच: दूसरे चरण के विकास के लिए तीन प्रमुख गांवों से कुल 300 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है.आर-पार की लड़ाई: इन गांवों के किसान किसी भी कीमत पर अपनी उपजाऊ जमीन सरकार को देने के लिए तैयार नहीं हैं. अपनी जमीनों को बचाने और उचित मुआवजे व अन्य मांगों को लेकर किसान पिछले साढ़े नौ महीने से लगातार धरना प्रदर्शन और विरोध कर रहे हैं, जिससे यूपीडा की मुश्किलें बढ़ गई हैं.यूपी के 12 जिलों में 1500 हेक्टेयर में बनेंगे गलियारेगौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार की योजना गंगा एक्सप्रेसवे के रूट पर आने वाले मेरठ समेत कुल 12 जिलों में लगभग 1500 हेक्टेयर क्षेत्र में औद्योगिक गलियारे (Industrial Corridors) स्थापित करने की है. सरकार का मकसद एक्सप्रेसवे के किनारे लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउस और मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है ताकि स्थानीय स्तर पर लाखों युवाओं को रोजगार मिल सके और सूबे की अर्थव्यवस्था को रफ्तार दी जा सके. लेकिन मेरठ में चल रहा यह भूमि विवाद सरकार की समयसीमा के आड़े आ रहा है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 10:24 pm

वियतनाम में नौका डूबने से 15 भारतीय पर्यटकों की मौत, 21 को सुरक्षित बचा लिया गया

हनोई। वियतनाम में भारतीय पर्यटकों से भरी एक नौका के शनिवार को समुद्र में पलट जाने से 15 भारतीयों की मौत हो गई जबकि 17 भारतीयों और चालक दल के चार वियतनामी सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। स्थानीय मीडिया के अनुसार ओशन पर्ल आइलैंड कंपनी की एक चलने वाली मोटर नौका स्थानीय समयानुसार दोपहर […] The post वियतनाम में नौका डूबने से 15 भारतीय पर्यटकों की मौत, 21 को सुरक्षित बचा लिया गया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 11 Jul 2026 9:51 pm

अलवर : पेट्रोल के पैसे मांगे तो सेल्समैन को मारी गोली, आरोपी अरेस्ट

अलवर। राजस्थान में अलवर के सदर थाना क्षेत्र स्थित बुर्जा के नायरा पेट्रोल पंप पर शनिवार को दिनदहाड़े हुई गोलीबारी की घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार महज 800 रुपए के पेट्रोल के भुगतान को लेकर हुए विवाद में मोटर साइकिल पर सवार एक नकाबपोश बदमाश ने पेट्रोल पंप […] The post अलवर : पेट्रोल के पैसे मांगे तो सेल्समैन को मारी गोली, आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 11 Jul 2026 9:46 pm

भजनलाल शर्मा ने केकड़ी में करीब 880 करोड़ रुपए के कार्यों का किया शिलान्यास-लोकार्पण

अजमेर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने और अगली पीढ़ी के लिए मजबूत बुनियादी ढांचे के निर्माण को लेकर प्रतिबद्धता जताते हुए कहा है कि हमारी ‘डबल इंजन’ सरकार धरातल पर काम कर आमजन के जीवन को सुगम बना रही है। शर्मा शनिवार को […] The post भजनलाल शर्मा ने केकड़ी में करीब 880 करोड़ रुपए के कार्यों का किया शिलान्यास-लोकार्पण appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 11 Jul 2026 9:41 pm

नाबालिग लड़की से मारपीट करने के आरोप में अभिनेता रोहित चंदेल अरेस्ट

मुंबई। मुंबई पुलिस ने 16 साल की लड़की को परेशान करने, उसका पीछा करने और उसके साथ मारपीट करने के आरोप में टेलीविजन अभिनेता रोहित चंदेल को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि चंदेल के खिलाफ बच्चों का यौन अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं […] The post नाबालिग लड़की से मारपीट करने के आरोप में अभिनेता रोहित चंदेल अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 11 Jul 2026 9:34 pm

कानपुर के एक होटल के कमरे में युगल ने की आत्महत्या

कानपुर। उत्तर प्रदेश में कानपुर के कलेक्टरगंज क्षेत्र में एक प्रेमी युगल ने शनिवार को जहरीले पदार्थ का सेवन का अपनी इहलीला समाप्त कर ली। सहायक पुलिस आयुक्त आनंद कुमार ओझा ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस को आज शाम करीब साढ़े चार बजे सूचना मिली कि कलेक्टरगंज क्षेत्र स्थित एक होटल के कमरे में […] The post कानपुर के एक होटल के कमरे में युगल ने की आत्महत्या appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 11 Jul 2026 9:29 pm

अलवर में सूने मकान से लाखों रुपए के आभूषण और नकदी चोरी

अलवर। राजस्थान में अलवर के कोतवाली थाना क्षेत्र में सबसे पॉश कॉलोनियों में शुमार स्कीम नंबर-1 में दिनदहाड़े एक सूने मकान को चोरों ने निशाना बनाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मकान मालिक रवि अग्रवाल अपने परिवार के साथ चार जुलाई को जयपुर स्थित अपनी बेटी के घर गये हुए […] The post अलवर में सूने मकान से लाखों रुपए के आभूषण और नकदी चोरी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 11 Jul 2026 9:23 pm

पिथौरागढ़ में बारिश का कहर: 80 से 90 परिवारों का टूटा संपर्क, जान जोखिम में डालकर नदी-नाले पार कर रहे ग्रामीण

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में बारिश का कहर देखने को मिल रहा है। पिथौरागढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनपद के सीमांत क्षेत्रों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मुनस्यारी के मल्ला जोहार क्षेत्र में बिल्जू नदी के उफान पर आने से मिलम जाने वाला मुख्य सड़क मार्ग बंद हो गया है, जिससे क्षेत्र के करीब 80 से 90 परिवारों का संपर्क प्रभावित हो गया है।

देशबन्धु 11 Jul 2026 8:39 pm

राम मंदिर ट्रस्ट में अंतरर्कलह, नृपेंद्र मिश्रा बोले- मुझे बैठक में नहीं बुलाया, धर्म सेना प्रमुख का पलटवार- ट्रस्ट नहीं ये गिरोह है

Ayodhya Ram Mandir Conflict: अयोध्या राम मंदिर निर्माण और ट्रस्ट के आंतरिक तालमेल को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा दो दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। जब मीडिया ने उनसे आगामी 22 जुलाई को ...

वेब दुनिया 11 Jul 2026 7:56 pm

ग्रेटर नोएडा के कोचिंग सेंटरों में अग्नि सुरक्षा जांच अभियान शुरू, मानकों में कमी मिलने पर सीलिंग की चेतावनी

शहर में संचालित कोचिंग सेंटरों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए शनिवार से विशेष जांच अभियान शुरू कर दिया। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने अल्फा कमर्शियल बेल्ट स्थित ओम टावर में संचालित 11 कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण कर वहां लगाए गए अग्निशमन उपकरणों और सुरक्षा इंतजामों की बारीकी से जांच की।

देशबन्धु 11 Jul 2026 7:34 pm

गांव के होनहारों को अफसर बनाने के लिए योगी सरकार का मेगा प्लान

UP High Tech Digital Library Scheme: ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर भारतीय प्रशासनिक सेवा, प्रांतीय सिविल सेवा और अन्य सरकारी नौकरियों की तैयारी के लिए गांवों में ही आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।

वेब दुनिया 11 Jul 2026 7:34 pm

जनसेवा सर्वोपरि, प्रतिकूल मौसम में भी CM योगी ने किया जनता दर्शन

CM Yogi Janta Darshan Gorakhpur: ‘जनसेवा सर्वोपरि’ के ध्येय से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार सुबह मौसम प्रतिकूल होने के बावजूद जन समस्याओं के निस्तारण के निस्तारण के लिए ‘जनता दर्शन’ किया। बारिश में दूरदराज से आए लोगों से उन्होंने गोरखनाथ ...

वेब दुनिया 11 Jul 2026 7:25 pm

JioFinance से अब सिर्फ 24 रुपए से भरें ITR, साथ में मिलेगा JioPoints का फायदा

Income Tax Return Filing Service : टैक्स फाइलिंग सीजन के बीच जियोफाइनेंस (JioFinance) ने अपने ग्राहकों के लिए टैक्स प्लानिंग और इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग सेवा दोबारा शुरू कर दी है। इस बार कंपनी ने टैक्स फाइलिंग को और किफायती बनाने के साथ-साथ ...

वेब दुनिया 11 Jul 2026 7:11 pm