मसानिया भैरव धाम राजगढ़ पर नशा छोड़ने के लिए महिलाओं में मची होड़
अजमेर। राजगढ मसाणिया भैरव धाम पर पर नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान अनवरत जारी है। इस सिलसिल को जारी रखते हुए रविवारीय मेले में नशा मुक्ति रैली का आयोजन किया गया। रैली को मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज ने हरी झण्डी दिखाकर आरम्भ किया। रैली में श्रद्धालुओं ने जन-जन का एक ही नारा, नशा […] The post मसानिया भैरव धाम राजगढ़ पर नशा छोड़ने के लिए महिलाओं में मची होड़ appeared first on Sabguru News .
अमेठी दौरे पर अखिलेश-राहुल पर बरसे केशव मौर्य
उत्तर प्रदेश के अमेठी में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि 2047 तक न सपा की सरकार बनेगी और न कांग्रेस की. मौर्य ने दावा किया कि अखिलेश मुख्यमंत्री और राहुल गांधी प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे. उन्होंने गैरकानूनी निर्माण पर कार्रवाई का समर्थन किया. अमेठी दौरे में मौर्य ने आवास लाभार्थियों को सहायता राशि के चेक दिए और योजनाओं पर चर्चा की.
ये दिशा बिगाड़ती है घर का बजट, एक गलती से बढ़ते हैं बेहिसाब खर्चे
वास्तु एक्सपर्ट के अनुसार, दक्षिण-पूर्व दिशा का विशेष ख्याल रखें. इसे साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखें. अग्नि तत्व में आने वाली इस दिशा में किसी भी प्रकार से जल या आकाश तत्व के रंग की चीज का होना वास्तु दोष पैदा करता है.
'मुगलों को हटाने से पहले कबाब हटाओ', बोलकर फंसी ट्विंकल
ट्विंकल खन्ना ने अपने स्पेशल कॉलम में तंज कसते हुए मुगलों के इतिहास को हटाए जाने से पहले खाने से मुगल खाने को हटाने की बात लिखी थी. मगर ये तंज अब उन्हीं पर भारी पड़ चुका है. उन्हें लोगों की तरफ से भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा है.
15 दिन सिर्फ पानी पीकर घटाया 20 किलो वजन, चली गई याददाश्त!
चीन की 31 साल की महिला ने 15 दिनों तक सिर्फ पानी पीकर 20 किलो वजन कम कर लिया. लेकिन इस खतरनाक फास्टिंग के बाद उसे चलने में परेशानी और याददाश्त कमजोर होने लगी. डॉक्टरों ने उसे Wernicke's encephalopathy नाम की गंभीर बीमारी बताई.
भीलवाड़ा के मोखमपुरा गांव में सर्पदंंश से दो बालिकाओं की मौत
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के रायपुर थाना क्षेत्र में मोखमपुरा गांव में रविवार को सर्पदंश से दो बालिकाओं की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार मोखमपुरा गांव में ज्ञानी देवी गुर्जर अपनी बेटियों कृष्णा (पांच) और भावना (दो) के साथ घर के चौक में सो रही थीं। तभी तड़के एक सांप ने दोनों […] The post भीलवाड़ा के मोखमपुरा गांव में सर्पदंंश से दो बालिकाओं की मौत appeared first on Sabguru News .
'कॉलेज में अच्छे हॉस्टल नहीं...', बिल्डिंग हादसे पर राहुल ने सरकार को घेरा
दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार दोपहर को हुई इमारत गिरने की घटना में दो लोगों की मौत हो गई है और कई लोग मलबे में दबे हुए हैं. लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस हादसे को बेहद दर्दनाक और चिंताजनक बताया है.
सत्य निकेतन हादसा: मौके पर जुटी भीड़ बनी परेशानी, देखें ग्राउंड रिपोर्ट
Delhi Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली में रविवार को मोती बाग क्षेत्र में सत्य निकेतन इलाके की 5 मंजिला इमारत अचानक गिर गई. बताया जा रहा है कि इसके मलबे में दर्जनों लोगों के फंसे हो सकते हैं. मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. मौके पर कई सियासी नेताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है. साथ ही उनके समर्थक भी मौके पर पहुंच रहे हैं. जिसके चलते रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कतें आ रही हैं. देखें ग्राउंड रिपोर्ट.
Fake IAS-IPS: कोई बेचता था चाय, कोई 100 करोड़ का मालिक, 17 फर्जी आईएएस-आईपीएस की कहानी
फर्जी आईएएस-आईपीएस चर्चा में हैं. उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान में बीते 6 महीनों में 17 ऐसे नकली अफसर गिरफ्तार हुए हैं. इन अपराधियों के नेटवर्क, पुलिस जांच के गिरते स्तर, विशेषज्ञों की राय और कानूनी सजा के प्रावधानों की पूरी रिपोर्ट पढ़ें.
ऑनलाइन ऑर्डर हुई ऑक्सीजन, ग्रीन कॉरिडोर तैयार... सत्य निकेतन पर ऐसे हो रहा रेस्क्यू
बताया जा रहा है कि करीब 40-50 साल पुरानी इस इमारत को एक साल पहले खाली करा दिया गया था, लेकिन दो-तीन महीने पहले यहां फिर से PG शुरू कर दिया गया.
भारत और अफ्रीका आपकी सोच से भी बड़े, फिर क्यों दुनिया के नक्शे में इसे छिपाया गया?
नया ‘इक्वल अर्थ’ प्रोजेक्शन अफ्रीका, भारत और दक्षिण अमेरिका जैसे क्षेत्रों के वास्तविक क्षेत्रफल को अधिक सटीक रूप में दिखाता है, जिससे दुनिया की भौगोलिक तस्वीर ज्यादा निष्पक्ष नजर आती है.
एएसआई ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाने वाला वीडियो वायरल
नवी मुंबई। महाराष्ट्र में नवी मुंबई पुलिस की विशेष शाखा (स्पेशल ब्रांच) में तैनात सहायक पुलिस उपनिरीक्षक पांडुरंग निंबाजी पाटिल ने एक होटल के कमरे में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। आत्महत्या जैसा घातक कदम उठाने से पहले पाटिल (56) ने दो वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किए थे। […] The post एएसआई ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाने वाला वीडियो वायरल appeared first on Sabguru News .
Satya Niketan में पांच मंजिला PG इमारत गिरी, 1 की मौत और कई फंसे
नयी दिल्ली, छह सितंबर दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार अपराह्न छात्रों के ‘पीजी’ के तौर पर इस्तेमाल की जा रही पांच मंजिला इमारत ढह गई, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि कई लोग अभी भी मलबे में फंसे हुए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह इलाका दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के ‘साउथ कैंपस’ के प्रमुख हिस्से के पास स्थित है और यहां की संकरी एवं भीड़भाड़ वाली गलियों में कई छात्रावास तथा भोजनालय हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इमारत करीब 20 साल पुरानी थी और घटना के समय, अपराह्न करीब 1.30 बजे, बेसमेंट में निर्माण कार्य जारी था। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के सूत्रों ने बताया कि अस्पताल में लाए गए चार घायलों में से दो की हालत अब भी गंभीर है, जबकि एक को मृत अवस्था में लाया गया था। एक बचावकर्मी को भी अस्पताल लाया गया था, जिसे उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि स्थानीय पुलिसकर्मी, दमकल विभाग, ‘कैट’ एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाएं मौके पर मौजूद हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई है और बचाव एवं राहत अभियान जारी है। पुलिस ने एक बयान में बताया कि अपराह्न 1.34 बजे साउथ कैंपस थाने में नानकपुरा गुरुद्वारे के पास एक इमारत ढहने के संबंध में पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) को सूचना मिली। बयान में कहा गया, ‘‘मलबे में फंसे या घायल लोगों की सटीक संख्या फिलहाल ज्ञात नहीं है। अब तक कुछ लोगों को मलबे से निकाला गया गया है। पुष्टि होने पर आगे की जानकारी साझा की जाएगी।’’पुलिस ने बताया कि उन्होंने इमारत के मालिक की पहचान कर ली है और उसे पकड़ने के लिए कई टीम गठित की गई हैं। अधिकारियों के अनुसार, ढही हुई इमारत को ‘हॉस्टल डेज’ के नाम से जाना जाता था। घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने अनुमान जताया कि 20 से अधिक लोग मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं, हालांकि इस संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, एक स्थानीय निवासी ने कहा, ‘‘हॉस्टल हमेशा भरा रहता था। इसलिए मलबे में अब भी कई लोग फंसे हो सकते हैं। गलियां काफी संकरी और भीड़भाड़ वाली हैं, इसलिए बचाव वाहनों के लिए घटनास्थल पर जल्दी पहुंचना मुश्किल था।।’’स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने तत्काल बचाव कार्य में मदद शुरू कर दी और मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए हाथों तथा उपलब्ध औजारों से मलबा हटाया। इस संबंध में एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि अगर यह घटना किसी कार्यदिवस पर हुई होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी, क्योंकि आसपास के कई छात्र घर गए हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यहां बहुत कम लोग थे।’’दिल्ली पुलिस के साथ काम करने वाले स्थानीय निवासी राजेन छेत्री ने बताया कि इमारत में करीब 15 कमरे थे और प्रत्येक कमरे में दो से तीन छात्र रहते थे। छेत्री ने कहा, ‘‘यहां रहने वाले ज्यादातर छात्र केरलम, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से हैं और मुख्य रूप से मोतीलाल नेहरू कॉलेज, आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज और श्री वेंकटेश्वर कॉलेज में पढ़ते हैं। वे प्रति बिस्तर करीब 12,000 रुपये किराया दे रहे थे।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं पिछले 20 वर्षों से यहां रह रहा हूं। बेसमेंट में कुछ निर्माण कार्य चल रहा था, जहां पानी जमा होने लगा था। नींव भी बेहद कमजोर थी।’’ उन्होंने बताया कि करीब 13 लोगों को बचाया जा चुका है। दिल्ली में शुक्रवार से लगातार बारिश हो रही है। पिछले 20-22 वर्षों से इलाके में रह रहीं प्रियंका ने कहा, ‘‘यहां इमारतें पांच-छह मंजिल तक बनाई जा रही हैं। कई मकानों को लड़कों के पीजी (पेइंग गेस्ट) में तब्दील कर दिया गया है और मालिक कहीं और चले गए हैं। वे बस संपत्तियों को पीजी का नाम दे देते हैं, किराया ऑनलाइन लेते हैं और इलाके में वापस आकर यह तक नहीं देखते कि स्थिति क्या है।’’उन्होंने कहा, ‘‘जो इमारत ढही है, वह 20 साल से अधिक पुरानी है और इतने वर्षों में मैंने यहां कोई रखरखाव का काम होते नहीं देखा। पूरा सत्य निकेतन पीजी से भरा हुआ है। मुश्किल से 30 प्रतिशत मकान मालिक ही यहां रहते हैं।’’प्रियंका ने कहा, ‘‘यहां नालियां और सीवर तक खुले हैं। इमारत के अंदर कई छात्र फंसे हुए थे। बारिश हो रही थी, इसलिए ज्यादातर छात्र अपने कमरों में थे, जबकि सप्ताहांत के कारण कुछ छात्र घर चले गए थे।’’पुलिस स्थानीय लोगों और मौके पर मौजूद लोगों से घटनास्थल से दूर रहने की अपील कर रही है, क्योंकि भीड़ के कारण बचाव कार्य में बाधा आ रही है। एंबुलेंस की आवाजाही सुचारू रखने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक अनिल शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे और बताया कि अभी भी लोग मलबे में फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमें अंदर फंसे लोगों के फोन भी आ रहे हैं। टीम लगातार अंदर फंसे लोगों के संपर्क में है।
पाकिस्तान (Pakistan) के राजनीतिक और सामरिक गलियारों में इस समय एक ऐसा विस्फोटक बयान सामने आया है जिसने देश के भीतर और बाहर खलबली मचा दी है। पाकिस्तान के सबसे रसूखदार और बड़े प्रांत पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज (Maryam Nawaz) ने लाहौर (Lahore) में एक उच्चस्तरीय कार्यक्रम के दौरान खुले तौर पर यह स्वीकार किया है कि उनके प्रांत को पारंपरिक दुश्मन देश भारत (India) से उतना खतरा नहीं है, जितना खतरा उन्हें अपने ही देश के अन्य पड़ोसी प्रांतों यानी खैबर पख्तूनख्वाह (Khyber Pakhtunkhwa) और बलूचिस्तान (Balochistan) से महसूस हो रहा है। शनिवार को लाहौर में प्रांतीय इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड थ्रेट असेसमेंट सेंटर (PIFTAC) और अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मरियम नवाज ने यह सनसनीखेज बयान दिया, जिसके बाद से पाकिस्तान की घरेलू राजनीति में भूचाल आ गया है और विपक्षी दलों द्वारा लगातार तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।प्रांतीय सीमाओं और त्रि-सीमा क्षेत्र से पंजाब में घुसपैठ करते हैं आतंकवादीसमारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने बेहद स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह एक विडंबना और दुर्भाग्यपूर्ण सच्चाई है कि पंजाब को सबसे बड़ा खतरा बाहरी देशों से कहीं ज्यादा अपने ही मुल्क के भीतर स्थित पड़ोसी प्रांतों से मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय आतंकवाद और चरमपंथ की जड़ें इन्हीं प्रांतीय सीमाओं और संवेदनशील त्रि-सीमा क्षेत्रों (Tri-border areas) में फैली हुई हैं, जहां से आतंकवादी और असामाजिक तत्व आसानी से घुसपैठ करके पंजाब की सीमा में प्रवेश करते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी संतोष जताया कि तमाम चुनौतियों के बावजूद पंजाब देश का एक सुरक्षित और शांत प्रांत बना हुआ है, क्योंकि यहां की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए सरकार दिन-रात कड़े कदम उठा रही है। पारंपरिक रूप से पाकिस्तानी सेना और वहां की सत्ता में बैठे हुक्मरान हमेशा से देश के भीतर होने वाले हर बड़े आतंकवादी हमले के तार भारत या अफगानिस्तान से जोड़ने की कोशिश करते रहे हैं, लेकिन यह पहला मौका है जब किसी शीर्ष प्रांतीय नेता ने सार्वजनिक मंच से यह स्वीकार किया है कि पंजाब के लिए तात्कालिक और सबसे बड़ा खतरा बाहरी हमले से ज्यादा आंतरिक घुसपैठ और दूसरे प्रांतों से आने वाले चरमपंथी तत्वों से है।सुरक्षा व्यवस्था को पूर्वानुमान आधारित बनाने के लिए लॉन्च हुआ AI हब और PIFTACइस आंतरिक खतरे से प्रभावी तरीके से निपटने और सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह से आधुनिक बनाने के लिए ही पंजाब सरकार ने लाहौर में प्रांतीय इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड थ्रेट असेसमेंट सेंटर (PIFTAC) और अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब की स्थापना की है। मरियम नवाज के अनुसार, ये नए डिजिटल केंद्र सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली को पूरी तरह से बदलकर रख देंगे और पारंपरिक 'प्रतिक्रियात्मक' (Reactive) व्यवस्था से आगे बढ़कर इसे 'पूर्वानुमान आधारित' (Predictive) सुरक्षा प्रणाली में तब्दील कर देंगे, जिससे किसी भी संभावित खतरे का अंदेशा होने से पहले ही उसका सटीक पता लगाया जा सके। इन उच्चस्तरीय तकनीकी केंद्रों की मदद से जिला समन्वय समितियों को रियल-टाइम डिजिटल अलर्ट प्राप्त होंगे, विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान सेकंडों में संभव हो सकेगा और किसी भी नई सुरक्षा चुनौती पर समय रहते त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी। उन्होंने गर्व के साथ यह भी बताया कि पाकिस्तानी सेना और अन्य प्रमुख राष्ट्रीय सुरक्षा संस्थानों के आपसी सहयोग से महज कुछ ही महीनों के भीतर एआई तकनीक को प्रांत की सुरक्षा और खुफिया तंत्र में पूरी तरह से शामिल कर लिया गया है, और इस प्रकार पंजाब देश का ऐसा पहला प्रांत बन गया है जहां प्रांतीय स्तर पर इस तरह का एडवांस एआई इंटेलिजेंस हब स्थापित किया गया है।नदी किनारे के कच्चे इलाकों पर कड़ा नियंत्रण और अपराध दर में भारी गिरावट का दावाअपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने राज्य के नदी किनारे वाले कुख्यात 'कच्चा' (Katcha) इलाकों का भी विशेष रूप से जिक्र किया, जो अतीत में खूंखार आतंकवादियों, कुख्यात अपहरणकर्ताओं और बड़े अपराधियों का सबसे सुरक्षित अड्डा माने जाते थे, लेकिन अब सरकार और सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई से वहां राज्य की पकड़ पूरी तरह से बहाल हो चुकी है। इन संवेदनशील नदीवर्ती इलाकों में स्थापित संयुक्त पुलिस चेकपोस्टों को अब अत्याधुनिक बुलेटप्रूफ सुरक्षा सुरक्षा कवच, थर्मल इमेजिंग कैमरे और नाइट-विजन उपकरणों से लैस कर दिया गया है ताकि रात के वक्त भी किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके। उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि पहले जब इन इलाकों में सुरक्षा बलों पर हमले होते थे तो उन्हें भारी जान-माल का नुकसान उठाना पड़ता था क्योंकि आतंकवादियों और अपराधियों के पास अत्याधुनिक और बेहतर हथियार हुआ करते थे, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह से बदल चुकी है। मरियम नवाज ने यह भी दावा किया कि जब से उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला है, तब से प्रांत के भीतर कुल आपराधिक मामलों में लगभग 70 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि केवल लंबी-चौड़ी सड़कें और बड़ी विकास परियोजनाएं बना देना ही काफी नहीं है, क्योंकि यदि राज्य का आम नागरिक अपने ही घर और संपत्ति में सुरक्षित महसूस नहीं करता है, तो ऐसे विकास का कोई भी वास्तविक अर्थ नहीं रह जाता है।मरियम नवाज के इस विवादित बयान के बाद पाकिस्तान में गरमाई सियासतमुख्यमंत्री मरियम नवाज का यह तीखा और वास्तविकता को उजागर करने वाला बयान सामने आते ही पूरे पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में भूचाल आ गया है और विपक्षी दलों, विशेषकर इमरान खान की पार्टी पीटीआई (PTI) और अन्य नेताओं ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि इस तरह का गैर-जिम्मेदाराना बयान देश के भीतर प्रांतीय सद्भाव को गंभीर रूप से बिगाड़ने वाला है और यह खैबर पख्तूनख्वाह की जनता तथा वहां के स्वाभिमान का सीधा अपमान है, इसलिए मुख्यमंत्री को तुरंत अपने इस बयान के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए और इसे वापस लेना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों और आलोचकों का यह भी कहना है कि खैबर पख्तूनख्वाह और बलूचिस्तान के इलाके पिछले कई दशकों से आतंकवाद की सबसे भयानक और भारी कीमत चुका रहे हैं और वहां के लोग लगातार हिंसा झेल रहे हैं, ऐसे में देश के ही एक अन्य प्रांत की मुख्यमंत्री द्वारा इस प्रकार की बयानबाजी करना राष्ट्रीय एकता और अखंडता को कमजोर करने का काम करता है। दूसरी तरफ, खैबर पख्तूनख्वाह के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने भी मरियम नवाज के इस बयान को पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है, जिससे यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति में यह मुद्दा एक बहुत बड़ा और ज्वलनशील विवाद बनने वाला है।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया और न्याय जगत से एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आई है, जहां मिस्र (Egypt) की एक अदालत ने देश की जानी-मानी और बेहद लोकप्रिय टीवी शो एंकर सारा खलीफा (Sarah Khalifa) सहित कुल 12 आरोपियों को बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों के अवैध निर्माण, अंतरराष्ट्रीय तस्करी और गैर-कानूनी हथियार रखने के संगीन जुर्म में मौत की सजा (Death Penalty) सुनाई है। मात्र 39 वर्ष की आयु वाली सारा खलीफा मिस्र में 'मिशन इम्पॉसिबल' (Mission Impossible) नामक एक बहुत ही चर्चित और लोकप्रिय टेलीविजन शो होस्ट करती थीं, जो मुख्य रूप से देश के भीतर होने वाले अपराधों, सुरक्षा मामलों और असामाजिक गतिविधियों की तह तक जाने के लिए जाना जाता था। एक प्रतिष्ठित टीवी पत्रकार और मीडिया हस्ती होने के साथ-साथ सारा खलीफा का व्यावसायिक दायरा भी काफी बड़ा था, क्योंकि वह पत्रकारिता के अलावा एक लग्जरी कॉस्मेटिक सर्जरी क्लिनिक और एक बड़ी इवेंट मैनेजमेंट कंपनी की मालकिन भी थीं, जिसके चलते इस खुलासे ने पूरे देश के अभिजात वर्ग और मीडिया इंडस्ट्री को अंदर से झकझोर कर रख दिया है।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित हो रहे संगठित ड्रग्स नेटवर्क का हुआ बड़ा खुलासामिस्र के प्रतिष्ठित सरकारी समाचार पत्र 'अल-अहराम' (Al-Ahram) से प्राप्त विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, अदालत में चली लंबी कानूनी प्रक्रिया के दौरान यह साबित हुआ कि सारा खलीफा और उनके साथियों का यह गिरोह कोई साधारण अपराधी समूह नहीं था, बल्कि यह एक सुव्यवस्थित अंतरराष्ट्रीय और संगठित आपराधिक सिंडिकेट (Organized Criminal Syndicate) के रूप में काम कर रहा था। यह हाई-प्रोफाइल गिरोह विदेशों से सिंथेटिक ड्रग्स (Synthetic Drugs) और नशीले पदार्थों के निर्माण के लिए भारी मात्रा में कच्चा माल (Raw Material) बेहद शातिर तरीके से देश के भीतर मंगाता था। इसके बाद सिंडिकेट के सभी सदस्य अपनी-अपनी तयशुदा जिम्मेदारियों को निभाते हुए अत्याधुनिक लैब में इन खतरनाक ड्रग्स को तैयार करते थे और फिर उन्हें स्थानीय तथा अंतरराष्ट्रीय काले बाजार में ऊंचे दामों पर बेचते थे। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के हाथ जब इस विशाल ड्रग्स साम्राज्य के तार लगे, तो वे भी इस बात से हैरान रह गए कि कैसे एक सेलिब्रिटी और जानी-मानी मीडिया हस्ती पर्दे के पीछे बैठकर इतने बड़े अपराध साम्राज्य का संचालन कर रही थी।पुलिस छापेमारी में 750 किलो ड्रग्स और अवैध हथियारों का जखीरा बरामदइस संगीन मामले की गहराई से जांच कर रही पुलिस और विशेष नारकोटिक्स टीमों ने जब काहिरा (Cairo) और उसके आसपास के इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की, तो बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियों का काला चिट्ठा खुलकर सामने आ गया। पुलिस ने अपनी कार्रवाई के दौरान 750 किलोग्राम से भी अधिक मात्रा में तैयार और अर्ध-तैयार नशीले पदार्थों के साथ-साथ ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाली भारी मात्रा में कच्ची सामग्री और रासायनिक उपकरण बरामद किए। जांच के दौरान राजधानी काहिरा के भीतर दो ऐसे आलीशान अपार्टमेंट्स का पता चला, जिनका इस्तेमाल गुप्त रूप से अवैध ड्रग्स तैयार करने वाली अत्याधुनिक लैबोरेटरीज (Drug Labs) के रूप में किया जा रहा था। इन गुप्त ठिकानों से पुलिस ने न केवल भारी मात्रा में नशीला माल जब्त किया, बल्कि मौके से बिना लाइसेंस वाले खतरनाक स्वचालित हथियार, भारी मात्रा में गोला-बारूद और आपत्तिजनक डिजिटल दस्तावेज भी अपने कब्जे में ले लिए, जिससे आरोपियों के खिलाफ अभियोजन पक्ष का मामला पूरी तरह से अटूट और मजबूत हो गया।अदालत का कड़ा फैसला और अन्य आरोपियों को सुनाई गई उम्रकैद की सजामिस्र की अदालत ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद कुल 12 प्रमुख आरोपियों को मौत की सजा सुनाई है, जबकि इस सिंडिकेट से जुड़े 9 अन्य आरोपियों को उम्रकैद (Life Imprisonment) की कड़ी सजा दी गई है, वहीं दूसरी ओर पर्याप्त और ठोस साक्ष्यों के अभाव में 7 अन्य लोगों को अदालत ने बरी भी कर दिया है। मिस्र के कड़े कानूनी प्रावधानों के अनुसार किसी भी मौत की सजा को अंतिम रूप देने और उस पर अमल करने से पहले देश के सर्वोच्च धार्मिक प्राधिकारी यानी ग्रैंड मुफ्ती (Grand Mufti) की औपचारिक धार्मिक सहमति लेना अनिवार्य होता है, और इस आवश्यक कानूनी औपचारिकता को पूरा करने के बाद ही फैसले की अंतिम पुष्टि की गई है। हालांकि, इस कठोर फैसले के सामने आने के बाद सारा खलीफा के बचाव पक्ष के वकीलों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे इस आदेश के खिलाफ देश की ऊपरी और उच्चतर अदालत में विधिवत अपील दाखिल करेंगे ताकि सजा पर पुनर्विचार कराया जा सके।कोर्ट रूम में फूट-फूटकर रो पड़ीं सारा खलीफा, खुद को बताया पूरी तरह निर्दोषशुरुआती दौर से ही सारा खलीफा ने अपने ऊपर लगे इन तमाम गंभीर और देश को झकझोर देने वाले आरोपों को सिरे से खारिज किया है और लगातार यही दावा किया है कि वह इस मामले में पूरी तरह से बेकसूर और निर्दोष हैं। पिछले साल जब इस मामले की सुनवाई अदालत में चल रही थी, तब मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वह जज के सामने खुद को संभाल नहीं पाई थीं और कोर्ट रूम में ही फूट-फूटकर रो पड़ी थीं। उन्होंने अदालत से गुहार लगाते हुए कहा था कि एंटी-नारकोटिक्स विभाग के दफ्तर में लाए जाने से पहले उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी में कभी किसी ड्रग्स या सिगरेट तक को हाथ नहीं लगाया है। उन्होंने अपनी दलील में यह भी कहा था कि वह एक बेहद प्रतिष्ठित और सम्मानित परिवार से ताल्लुक रखती हैं, इसलिए उन्हें इस तरह के गैर-कानूनी और घिनौने कामों के जरिए पैसे कमाने की कोई आवश्यकता नहीं थी। अभियोजन पक्ष ने इस मामले को पुख्ता करने के लिए अदालत में 20 से अधिक गवाहों के आधिकारिक बयान, पुख्ता डिजिटल सबूत, हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरें और चैट मैसेज पेश किए थे, जिसके आधार पर उन्हें अप्रैल 2025 में काहिरा से गिरफ्तार किया गया था।मानवाधिकार संगठनों की चिंता और मिस्र के सख्त कानूनी नियममिस्र के मौजूदा कानूनों के तहत आतंकवाद, सुनियोजित हत्या और बड़े पैमाने पर ड्रग्स की तस्करी जैसे बेहद संगीन और असामाजिक अपराधों के लिए मृत्युदंड का कड़ा और सख्त प्रावधान है, जिसके तहत देश में इस तरह के मामलों में अक्सर कठोर फैसले सुनाए जाते हैं। हालांकि, एमनेस्टी इंटरनेशनल (Amnesty International) और अन्य अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में मृत्युदंड दिए जाने की नीति की कड़ी आलोचना की है, और वैश्विक मंचों पर यह तर्क दिया है कि मौत की सजा जैसी अंतिम और अपूरणीय कार्रवाई केवल बेहद गंभीर, हिंसक और जानलेवा अपराधों तक ही सीमित होनी चाहिए, न कि ड्रग्स या आर्थिक अपराधों के मामलों में। इसके बावजूद मिस्र की न्यायपालिका और सुरक्षा एजेंसियां देश के भीतर संगठित अपराधों और ड्रग्स माफिया के खिलाफ पूरी तरह से सख्त रुख अपनाए हुए हैं, और यह पूरा मामला दुनिया भर के मीडिया में एक बहुत बड़ी बहस का विषय बन चुका है, जिससे यह साफ होता है कि कानून की नजर में कोई भी कितना भी रसूखदार क्यों न हो, अपराध करने पर सजा से बच नहीं सकता।
ड्रग फ्री गुजरात के लिए हर जिले में बनेगी एंटी नार्कोटिक्स विंग
गुजरात को ड्रग फ्री बनाने के उद्देश्य से हर जिले में एंटी नार्कोटिक्स विंग की शुरुआत की जा रही है. गुजरात पुलिस महानिदेशक के निर्देशों के मुताबिक यह विंग 7 दिनों के अंदर काम शुरू कर देगी.
12.50 करोड़ की इनाम राशि बांटेगी सरकार, पहली बार वेटरन खिलाड़ियों को भी मिलेंगे इनाम- CM मान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राष्ट्रमंडल खेल-2026 की रजत पदक विजेता हरजिंदर कौर और लवप्रीत सिंह को 50-50 लाख रुपये से सम्मानित किया. इससे प्रदेश सरकार की मजबूत खेल ढाँचा निर्माण और पंजाब के नौजवानों को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने की प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया गया.
पढ़ें 6 सितंबर 2026 की शाम की बड़ी खबरें और अन्य समाचार
दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत अचानक भरभराकर गिर गई. बारिश के बीच इस दर्दनाक हादसे में कई लोगों के मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका जताई जा रही है.
दुनिया के सबसे कुख्यात अपराधियों और सेक्स ऑफेंडर के रूप में पहचाने जाने वाले जेफ्री एपस्टीन (Jeffrey Epstein) के काले कारनामों से जुड़े एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाले खुलासे ने पूरी दुनिया को एक बार फिर से स्तब्ध कर दिया है। अमेरिका में न्याय और सच्चाई की तलाश के बीच एपस्टीन की गिरफ्त और अत्याचारों का शिकार रही सर्वाइवर जूलिया मोलचानोवा (Julia Molchanova) ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी आपबीती दुनिया के सामने रखी है। प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' को दिए गए एक विस्तृत और दिल दहला देने वाले इंटरव्यू में जूलिया ने विस्तार से बताया है कि कैसे यह शातिर अपराधी कम उम्र की भोली-भाली लड़कियों और महिलाओं को फैशन इंडस्ट्री में करियर और बेहतर भविष्य का झूठा लालच देकर अपने जाल में फंसाता था और फिर उन्हें मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का एक लंबा सिलसिला शुरू करता था। इस खुलासे के बाद एक बार फिर से उस दौर के रसूखदार लोगों और एपस्टीन के गुप्त नेटवर्क की चर्चा तेज हो गई है।कैसे हुई थी जूलिया की एपस्टीन से मुलाकात और क्या था झांसामूल रूप से रूस की रहने वाली जूलिया मोलचानोवा जब महज 22 वर्ष की थीं और अपने सपनों को पूरा करने के लिए न्यूयॉर्क आई थीं, तब उनकी पहली मुलाकात जेफ्री एपस्टीन से हुई थी। उस वक्त जूलिया को अंग्रेजी भाषा का ज्ञान नहीं था और वह शहर में नई थीं, जिसका फायदा उठाकर एपस्टीन ने सड़क पर उनसे बेहद दोस्ताना और मददगार अंदाज में बातचीत की, जिससे जूलिया को उस पर किसी भी तरह का कोई शक नहीं हुआ और दोनों ने अपने फोन नंबर आपस में बदल लिए। इसके अगले ही दिन शातिर एपस्टीन ने उन्हें नाश्ते पर आमंत्रित किया और उनकी निजी जिंदगी तथा करियर के बारे में लंबी बातचीत की। बातचीत के दौरान जब एपस्टीन को यह पता चला कि जूलिया अपने किसी पारिवारिक रिश्ते में काफी परेशान हैं और उन्हें फैशन तथा डिजाइनिंग के क्षेत्र में गहरी दिलचस्पी है, तो उसने इसे अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया। एपस्टीन ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह फैशन इंडस्ट्री में उनकी पूरी मदद करेगा और न्यूयॉर्क के दुनिया के मशहूर 'फैशन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी' (Fashion Institute of Technology) में उनका दाखिला करवा देगा। इसी झूठे और लुभावने झांसे में आकर जूलिया न्यूयॉर्क चली गईं और यहीं से उनके जीवन के सबसे डरावने अध्यायों की शुरुआत हुई।'असिस्टेंट' शब्द की आड़ में चलता था शोषण का पूरा खेलजूलिया मोलचानोवा ने अपने इस सनसनीखेज खुलासे में बताया कि एपस्टीन बेहद शातिर तरीके से अपने घर आने-जाने वाले बड़े और रसूखदार लोगों के सामने पीड़िताओं को अपनी 'असिस्टेंट' (Assistant) कहकर मिलवाता था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी पेशेवर पद का नाम नहीं बल्कि सिर्फ एक कानूनी पर्दाफाश और ढाल था, जिसका इस्तेमाल वह घर के बंद दरवाजों के पीछे चलने वाले काले कारनामों और शारीरिक शोषण को दुनिया की नजरों से छिपाने के लिए करता था। जूलिया के मुताबिक एपस्टीन एक अत्यंत चालाक और मानसिक रूप से बीमार इंसान था, जो धीरे-धीरे लोगों की जिंदगी पर पूरी तरह से नियंत्रण हासिल कर लेता था। उसने महिलाओं की जिंदगी के हर छोटे-बड़े हिस्से पर सख्त पाबंदियां लगा रखी थीं। वह अपनी नियंत्रण की प्रवृत्ति के तहत महिलाओं के आर्थिक खर्चों पर भी पूरी नजर रखता था। जूलिया ने बताया कि हालांकि एपस्टीन महिलाओं को अपने पास रखने के लिए क्रेडिट कार्ड देता था, लेकिन बदले में उन्हें एक-एक पाई का हिसाब देना पड़ता था और हर खरीदारी की रसीद की फोटो संभाल कर रखनी होती थी। इसके अलावा वह महिलाओं को यह तक निर्देश देता था कि उन्हें किस तरह के कपड़े पहनने हैं, उनके बाल कैसे होने चाहिए और उनका शारीरिक वजन कितना होना चाहिए।24-24 घंटे कमरे में कैद रखना और मानसिक प्रताड़ना की इंतहापीड़ित महिला ने दर्दनाक दास्तां साझा करते हुए बताया कि एपस्टीन महिलाओं को उनके परिवार, दोस्तों और बाहरी दुनिया से पूरी तरह से काट देता था, और उन्हें अपने निजी और एकांत टापुओं (Private Islands) पर ले जाता था, जहां से भागना असंभव था। महिलाओं को लगातार एपस्टीन को धन्यवाद के लंबे मैसेज भेजने होते थे और यदि कोई गलती से भी ऐसा करने से मना कर देती थी, तो वह बुरी तरह चिल्लाता और गुस्सा करता था। सजा के तौर पर महिलाओं को कई-कई घंटों या 24-24 घंटे तक लगातार एक ही कमरे में बंद करके रखा जाता था, जिससे वे मानसिक रूप से पूरी तरह टूट जाती थीं। जूलिया ने बताया कि उस दौरान वह लगातार गंभीर डिप्रेशन और मानसिक तनाव से गुजर रही थीं। एक बार जब उन्होंने अपनी मानसिक स्थिति सुधारने के लिए एपस्टीन से किसी डॉक्टर या थेरेपिस्ट (Therapist) के पास जाने की अनुमति मांगी, तो उसने बेहद कड़ाई से साफ इनकार कर दिया। चूंकि एपस्टीन के संबंध देश के शीर्ष राजनेताओं, उद्योगपतियों और रसूखदार हस्तियों के साथ थे, इसलिए वह बेहद ताकतवर था। जूलिया के मन में अपनी जान का इतना खौफ समाया हुआ था कि उन्होंने कभी भी पुलिस या स्थानीय प्रशासन के पास जाकर मदद मांगने की हिम्मत नहीं जुटाई।धोखाधड़ी का खुलासा और 2019 का वह निर्णायक मोड़सालों तक खौफ के साए में जीने के बाद आखिरकार साल 2019 की शुरुआत में इस पूरी धोखाधड़ी का पर्दाफाश होना शुरू हुआ। जब जूलिया ने एक क्रेडिट-मॉडिटरिंग ऐप (Credit-Monitoring App) की मदद से अपनी वित्तीय स्थिति की जांच की, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई क्योंकि उन्हें पता चला कि उनके नाम पर ऐसे कई क्रेडिट कार्ड और भारी-भरकम खरीदारी दर्ज थीं, जिनके बारे में उन्हें रत्तीभर भी जानकारी नहीं थी। इसके बाद हिम्मत जुटाकर 4 अप्रैल 2019 को उन्होंने एपस्टीन को एक कड़ा संदेश भेजकर अपनी जिंदगी को पूरी तरह से सामान्य करने की इच्छा जताई और साफ कर दिया कि वह उनके द्वारा बनाए गए किसी भी फर्जी दस्तावेज या छद्म नाम से पूरी तरह अनजान हैं। जूलिया का यह साहसिक बयान आज दुनिया भर में उन तमाम महिलाओं के लिए एक मिसाल बन गया है जो ताकतवर लोगों के जुल्मों के खिलाफ बोलने की हिम्मत जुटा रही हैं, और यह मामला न्याय व्यवस्था के सामने एक बार फिर से कई बड़े सवाल खड़े कर गया है।
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गुरुग्राम में भारी बारिश के बाद हाईवे पर जलभराव से लोगों की परेशानी बढ़ गई. इसी बीच एक ट्रैफिक पुलिस जवान का वीडियो सामने आया, जिसमें वह बारिश के बीच कचरे से जाम नाली को साफ करता दिख रहा है. जवान ने डंडे की मदद से पानी की निकासी का रास्ता खोला. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग उसकी जिम्मेदारी और सेवा भावना की जमकर तारीफ कर रहे हैं.
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Teenage Parenting Tips: क्या आपका टीनएजर बच्चा भी बात-बात पर आपसे बहस करता है, उल्टा जवाब देता है. पैरेंटिंग एक्सपर्ट से जानिए वो 5 सबसे जरूरी बातें, जो हर बच्चे को अपनी मां को उल्टा जवाब देने से पहले जरूर सोचनी चाहिए.
कच्ची रोटी से पैरों की मोच का दर्द हो सकता है कम, मेरी मम्मी का आजमाया हुआ नुस्खा
क्या आपके पैरों में मोच लग गई और दर्द हो रहा है? अगर हां, तो मेरी मम्मी के आजमाए नुस्खे को एक बार जरूर ट्राई करके देखें. शायद आपको इससे कुछ आराम मिल जाए? यहां जानते हैं इस नुस्खे के बारे में-
IPS अंशिका वर्मा का डांस वीडियो वायरल, भूटान वाली तस्वीर पर तो पति ने किया शानदार कमेंट
IPS अंशिका वर्मा का डांस वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.ब रेली पुलिस लाइन में आयोजित जन्माष्टमी समारोह में रासलीला के दौरान 2021 बैच की आईपीएसनीली साड़ी में पहुंचीं. एसपी दक्षिण अंशिका वर्मा ने कलाकारों पर पुष्प वर्षा की और भक्तिमय माहौल में नृत्य किया.
देशभर के महानगरों और विशेष तौर पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पुरानी डीजल गाड़ियों (Diesel Vehicles) के संचालन पर लगी पाबंदियों और कड़े नियमों के बीच वाहन चालकों और आम जनता के लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली (IIT Delhi) द्वारा विकसित की गई एक विशेष और चमत्कारी मशीन को आधिकारिक तौर पर हरी झंडी दिखा दी है, जो पुरानी डीजल गाड़ियों से निकलने वाले खतरनाक धुएं और प्रदूषण को सीधे तौर पर 90 प्रतिशत तक कम करने की ताकत रखती है। इस अभूतपूर्व तकनीकी खोज के सामने आने के बाद अब यह उम्मीद जग गई है कि वाहन मालिकों को अपनी पुरानी डीजल गाड़ियों को जबरन कबाड़ (Scrap) में नहीं देना पड़ेगा और वे तय समयसीमा के बाद भी वैध तरीके से अपनी गाड़ियों का सड़कों पर इस्तेमाल कर सकेंगे, जिससे मध्यम वर्ग और ट्रांसपोर्टरों की जेब पर पड़ने वाला भारी-भरकम आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा।क्या है IIT दिल्ली की रेट्रोफिट एमिशन कंट्रोल डिवाइस (RECD) और इसके फायदेभारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली (IIT Delhi) के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लंबे अनुसंधान के बाद तैयार की गई इस खास तकनीक का आधिकारिक नाम रेट्रोफिट एमिशन कंट्रोल डिवाइस (Retrofit Emission Control Device - RECD) रखा गया है, जो किसी भी पुरानी डीजल इंजन वाली गाड़ी में आसानी से फिट की जा सकती है। यह उन्नत डिवाइस गाड़ी के साइलेंसर से निकलने वाले धुएं के साथ उड़ने वाले जहरीले पार्टिकुलेट मैटर (PM) को लगभग 90 फीसदी तक मजबूती से नियंत्रित कर लेती है, इसके साथ ही यह हवा में घुलने वाली खतरनाक नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) गैस की मात्रा को भी करीब 60 फीसदी तक घटा देती है। हाल ही में सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने खुद इस क्रांतिकारी तकनीक की सफलता की जानकारी साझा करते हुए बताया कि यदि किसी पुरानी बीएस-III (BS-III) या बीएस-IV (BS-IV) मानक वाली डीजल गाड़ी में इस डिवाइस को सफलतापूर्वक इंस्टॉल कर दिया जाए, तो वह गाड़ी आधुनिक बीएस-VI (BS-VI) मानकों के स्तर पर प्रदूषण मुक्त होकर काम करने लगेगी।कमर्शियल गाड़ी मालिकों को मिलेगी राहत, कबाड़ में भेजने से मुक्तिदेश के वाहन चालकों, विशेष रूप से कमर्शियल वाहन (Commercial Vehicles) मालिकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह रही है कि 10 या 15 साल की अवधि पूरी होने के बाद उन्हें अपनी जीवनभर की कमाई से खरीदी गई गाड़ियों को मजबूरी में स्क्रैप करना पड़ता था, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति बुरी तरह प्रभावित होती थी। इस गंभीर समस्या का जिक्र करते हुए नितिन गडकरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब पुरानी गाड़ियों के संचालन को लेकर जनता को बहुत बड़ी राहत दी जा सकेगी और हर गाड़ी को बिना सोचे-समझे कबाड़ में तब्दील करने की कोई आवश्यकता नहीं रह जाएगी क्योंकि नई कमर्शियल गाड़ी खरीदकर सड़क पर उतारना हर गरीब या मध्यम वर्गीय व्यक्ति के बस की बात नहीं होती है। इस डिवाइस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह तकनीकी रूप से बेहद उन्नत होने के बावजूद आम जनता की पहुंच में होगी और इसकी अनुमानित कीमत बाजार में केवल 4,000 से 5,000 रुपये के आसपास ही रहने की उम्मीद जताई जा रही है, जो नई गाड़ी खरीदने के मुकाबले ऊंट के मुंह में जीरे के समान है।ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड के तहत जल्द जारी होगा ड्राफ्ट नोटिफिकेशनइस अभिनव तकनीक के व्यावसायिक इस्तेमाल और आम जनता तक इसकी सुलभ पहुंच को सुनिश्चित करने के लिए सरकार बहुत जल्द ही ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (Automotive Industry Standard 228) के तहत एक आधिकारिक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी करने जा रही है, जिसके बाद वाहन मालिक आसानी से अपने वाहनों में इसे लगवा सकेंगे। सूत्रों के अनुसार इस अत्याधुनिक डिवाइस का उपयोग केवल चार पहिया या भारी डीजल वाहनों तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका इस्तेमाल डीजल से चलने वाले विभिन्न प्रकार के जनरेटर सेट (Diesel Generators) में भी प्रदूषण को रोकने के लिए प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। यदि यह तकनीकी पहल प्रायोगिक और व्यावहारिक धरातल पर भी पूरी तरह सफल साबित होती है, तो यह देश के पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ वाहन मालिकों के लिए एक ऐतिहासिक और राहत भरी सौगात साबित होगी, जिससे प्रदूषण के स्तर में भारी कमी आएगी और मोबिलिटी भी बाधित नहीं होगी।वाहन निर्माता कंपनियों के लिए स्क्रैपिंग और प्रोत्साहन नीति पर जोरपुरानी गाड़ियों के प्रबंधन और वाहन उद्योग की未来 की रणनीतियों पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इससे पहले वाहन निर्माता कंपनियों से अपील की थी कि वे ग्राहकों को अपनी पुरानी गाड़ियां स्क्रैप करने के लिए प्रोत्साहित करने वास्ते प्रोत्साहन राशि (Incentive Amount) में बढ़ोतरी करें, क्योंकि इससे अंततः ऑटोमोबाइल सेक्टर की बिक्री में जबरदस्त उछाल आएगा और उत्पादन लागत में भी कमी दर्ज की जाएगी। सियाम (SIAM) के 66वें वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने वाहन कंपनियों को यह समझाया था कि सरकार की स्क्रैपिंग पॉलिसी किसी के लिए नुकसान का सौदा नहीं है बल्कि इससे कंपनियों की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और बाजार में नए वाहनों की मांग में भी बड़ा इजाफा होगा। इन तमाम दूरदर्शी नीतियों और आईआईटी दिल्ली जैसी संस्थाओं के नवाचारों के मेल से अब देश का परिवहन और ऑटोमोबाइल सेक्टर एक नए और हरित युग की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है, जिससे आम आदमी और पर्यावरण दोनों को ही सीधा लाभ मिलने की पूरी उम्मीद है।
Amit Shah बोले, 2029 तक भारत को Drug Free बनाने का ब्लूप्रिंट तैयार
(फाइल फोटो के साथ)पणजी, छह सितंबर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य है कि नशा-मुक्त युवा शक्ति 2047 में ‘विकसित भारत’ का नेतृत्व करे तथा इस सिलसिले में केंद्र सरकार ने 2029 तक भारत को नशा-मुक्त बनाने के लिए एक प्रारूप तैयार किया है। शाह ने कहा कि विकसित भारत का सपना साकार करने के लिए मोदी सरकार देश को नशा-मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ठीक वैसे ही जैसे उसने नक्सलवाद और आतंकवाद की समस्या को खत्म करने के लिए काम किया है। उन्होंने कहा कि 2029 तक ‘मादक पदार्थ मुक्त भारत’ के लक्ष्य के तहत केंद्र ने नशीले पदार्थों की तस्करी से लेकर वित्तपोषण एवं पीड़ितों के पुनर्वास तक समूचे मादक पदार्थ नेटवर्क को ध्वस्त करने की समन्वित राष्ट्रव्यापी रणनीति अपनाई है। शाह ने यहां मादक पदार्थ पर एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करने के बाद प्रेसवार्ता में कहा, ‘‘नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य है कि नशा-मुक्त युवा शक्ति 2047 में विकसित भारत का नेतृत्व करे।’’इस बैठक में गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, गृह मंत्रालय के अधिकारी एवं राज्य सरकार के सरकारी शामिल हुए। गृह मंत्री ने कहा, ‘‘2014 से पहले मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई अधिकतर छोटी इकाइयों द्वारा और अलग-थलग रहकर लड़ी जाती थीं। एजेंसियां अक्सर छोटे-मोटे आरोपियों को पकड़कर ही संतुष्ट हो जाती थीं। हमारी सरकार इस लड़ाई को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से प्राथमिकता बना रही है।’’शाह ने कहा, ‘‘सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में खास तौर पर मादक पदार्थ कार्यबल (एएनटीएफ) बनाए गए और स्थानीय पुलिस को राष्ट्रीय रणनीति से जोड़ा गया है।’’उन्होंने कहा कि 2019 में एक संयुक्त समन्वय समिति भी बनाई गई थी, ताकि केंद्रीय एजेंसियां और राज्य सरकार मिलकर बड़े मादक पदार्थ नेटवर्क, उनके अंतरराष्ट्रीय संपर्क आदि के खिलाफ संयुक्त निर्णय ले सकें। शाह ने कहा कि सरकार राजनीतिक इच्छाशक्ति, आपसी तालमेल के साथ कानून लागू करने और मादक पदार्थों की लत को रोकने एवं पीड़ितों के पुनर्वास के उपायों के जरिए ‘नशा-मुक्त भारत 2029’ का लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार के कार्यकाल में, आतंकवाद में कमी आने के बाद जम्मू-कश्मीर प्रगति और विकास की राह पर है तथा वहां आतंकवाद धीरे-धीरे खत्म होने के करीब है। शाह ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से अलगाववाद की भावना कम हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘मोदी सरकार ने आंतरिक सुरक्षा को बेहतर और मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। जिन लोगों ने तिरुपति से पशुपति तक ‘लाल’ (माओवादी) गलियारा बनाने का सपना देखा था, उन्होंने हथियार डाल दिए हैं और मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं।’’पूर्वोत्तर का ज़िक्र करते हुए शाह ने कहा कि 2019 से अब तक 14 बड़े शांति समझौते हुए हैं और लगभग 11,000 हथियारबंद युवाओं ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा का रास्ता अपनाया है। शाह ने कहा कि पांच दशकों तक चला नक्सलवाद अब अतीत की बात हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ‘‘हमने नक्सलवाद को खत्म कर दिया है और मादक पदार्थों की समस्या से भी उसी तरह निपटेंगे।
VIDEO: फ्रांस में बना पहला हिंदू मंदिर; 40 देशों के लोग पहुंचे, 1970 का था संकल्प, देखें तस्वीरें
इस मंदिर का निर्माण प्राचीन भारतीय वास्तुकला और वैदिक शिल्पशास्त्र के आधार पर किया गया है, जिसमें फ्रांसीसी आधुनिक तकनीक का भी सुंदर सम्मिश्रण देखने को मिलता है.
हैदराबाद। तेलंगाना रक्षा समिति (टीआरएस) की अध्यक्ष के कविता ने सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ कथित रूप से अश्लील टिप्पणी करने वाले एक पुलिस अधिकारी को तत्काल बर्खास्त कर गिरफ्तार करने की मांग की है। कविता ने रविवार को कहा कि महिलाओं को ऐसे उत्पीड़न से सुरक्षा देने वाले कानून मौजूद होने के बावजूद पुलिस […] The post तेलंगाना में TRS अध्यक्ष कविता ने अश्लील टिप्पणी करने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की appeared first on Sabguru News .
रियलिटी शो भोजपुरी बवाल में धमाल मचाने के बाद अब आम्रपाली दुबे बिग बॉस 20 में अपने तीखे तेवरों के साथ नजर आने वाली हैं. इसके लिए उनके को स्टार निरहुआ उन्हें चीयर करने के लिए शो पर पहुंचे है.
सत्य निकेतन हादसे पर बोलीं DU साउथ कैंपस डायरेक्टर
दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक बिल्डिंग भरभराकर गिर गई है. माना जा रहा है कि इस इमारत में दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई छात्र रहते थे. इस बीच दिल्ली यूनिवर्सिटी साउथ कैंपस की निदेशक प्रोफेसर राजनी अब्बी ने कहा है कि फिलहाल यह पता लगाना संभव नहीं हो पाया है कि मलबे के अंदर कुल कितने बच्चे मौजूद हैं.
चेन्नई एयरपोर्ट के लिए सरकार ने तलाशे 2 नए विकल्प, मनेल्लूर और चेय्यूर पर टिकी निगाहें
तमिलनाडु की राजनीति और विमानन क्षेत्र (Aviation Sector) में इस समय एक बहुत बड़ा और निर्णायक मोड़ आया है, जहां मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (C. Joseph Vijay) की सरकार ने बहुचर्चित और लंबे समय से विवादों में रहे परंदूर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को आधिकारिक रूप से रद्द करने के तुरंत बाद चेन्नई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र (CMA) के लिए दो बिल्कुल नए और वैकल्पिक स्थानों की खोज कर ली है। सरकारी सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने मनेल्लूर (Manellore) और चेय्यूर (Cheyyur) को दूसरे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के संभावित और उपयुक्त ठिकानों के रूप में चिन्हित कर लिया है, और इन दोनों ही जगहों की विस्तृत तकनीकी सिफारिशों को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के पास गहन अध्ययन और फिजिबिलिटी सर्वे के लिए आधिकारिक तौर पर भेज दिया गया है। इन दोनों वैकल्पिक साइटों के सामने आने के बाद से ही राज्य के प्रशासनिक गलियारों और औद्योगिक क्षेत्रों में सुगबुगाहट तेज हो गई है कि क्या आने वाले दिनों में चेन्नई को उसकी दूसरी बड़ी विमानन सौगात इन इलाकों में मिल पाएगी या नहीं।चेन्नई से दूरी और भौगोलिक स्थिति के आधार पर चुनी गईं ये दो नई साइटेंराज्य सरकार द्वारा शॉर्टलिस्ट की गई इन दोनों नई जगहों की भौगोलिक स्थिति और शहर से दूरी पर अगर नजर डाली जाए तो मनेल्लूर चेन्नई शहर से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिसे कनेक्टिविटी और शहरी विस्तार के लिहाज से काफी मुफीद माना जा रहा है, जबकि दूसरी साइट चेय्यूर चेन्नई से लगभग 100 किलोमीटर की दूर दक्षिण की ओर स्थित है। दिलचस्प बात यह है कि चेय्यूर साइट करीब 7 साल पहले जब पहली बार चर्चा के केंद्र में आई थी, तब वह कुल 11 संभावित स्थानों की सूची में शामिल थी, लेकिन वर्ष 2021 से 2026 के बीच पिछली डीएमके सरकार की तरफ से चुनी गई चार प्रमुख शॉर्टलिस्टेड साइटों (परंदूर, पन्नूर, तिरुपोतूर और पडालम) में यह शामिल नहीं हो पाई थी। इन दोनों चुनिंदा जगहों के चयन के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आने वाले दशकों में महानगर की बढ़ती विमानन जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ घनी आबादी और संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र पर कम से कम नकारात्मक प्रभाव पड़े। इसके साथ ही, चेन्नई के मौजूदा मीनांबक्कम एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण और विस्तार का काम भी समानांतर रूप से जारी रहेगा, जिसके तहत एएआई ने मौजूदा एयरपोर्ट के उत्तर-पश्चिम हिस्से में एक नया अत्याधुनिक पैसेंजर-हैंडलिंग सिस्टम बनाने की योजना बनाई है और इसे राष्ट्रीय राजमार्ग से निर्बाध रूप से जोड़ने के लिए नई सड़कों के निर्माण की अनुमति मांगी है, जिस पर विजय सरकार ने पूर्ण प्रशासनिक सहयोग का पूरा आश्वासन दिया है।परंदूर प्रोजेक्ट रद्द करने के पीछे किसानों का हित और राजनीतिक वजहेंपूर्ववर्ती द्रमुक (DMK) सरकार की तरफ से प्रस्तावित लगभग 27,400 करोड़ रुपये के भारी-भरकम परंदूर प्रोजेक्ट को अचानक रद्द करने के मुख्यमंत्री विजय के इस साहसिक और बड़े फैसले पर राज्य के मुख्य विपक्षी दलों की तरफ से बेहद तीखा हमला बोला गया है, लेकिन सरकार अपने इस फैसले पर पूरी तरह अडिग नजर आ रही है। विधानसभा के पटल पर अपने इस कदम का जोरदार बचाव करते हुए मुख्यमंत्री विजय ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि ग्रेटर चेन्नई की भविष्य की बढ़ती औद्योगिक और व्यावसायिक जरूरतों के लिए एक दूसरा एयरपोर्ट होना अत्यंत आवश्यक है, लेकिन इस तरह का कोई भी विकास कार्य उपजाऊ कृषि भूमि और गरीब किसानों की आवासीय बस्तियों की भारी कीमत पर हरगिज़ नहीं किया जा सकता है। इस मामले में राज्य के ऊर्जा और कानून मंत्री आर. निर्मल कुमार ने विधानसभा में सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि पिछली सरकार ने बिना किसी प्रकार के 'पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन' (EIA) या जरूरी कानूनी मंजूरियों के जल्दबाजी में करीब 5,846 एकड़ विशाल जमीन के अधिग्रहण की विवादास्पद प्रक्रिया शुरू कर दी थी। टीवीके सरकार का यह भी तर्क था कि प्रस्तावित कुल भूमि में से लगभग 1,558 एकड़ सरकारी जमीन असल में नहरों, तालाबों और महत्वपूर्ण जल निकायों के रूप में थी, जो किसी भी रनवे के निर्माण के लिए तकनीकी रूप से पूरी तरह अनुपयुक्त थी।पर्यावरणीय संवेदनशीलता और हजारों किसानों का विस्थापन बना परंदूर के रद्द होने का कारणविजय सरकार द्वारा परंदूर एयरपोर्ट साइट को पूरी तरह से खारिज करने के पीछे कई बेहद ठोस और व्यावहारिक कारण गिनाए गए हैं, जिसमें सबसे प्रमुख बिंदु यह था कि प्रस्तावित साइट लगभग 5,746 एकड़ उपजाऊ और बहु-फसल वाली कृषि भूमि पर बनाई जा रही थी, जिससे क्षेत्र के हजारों अन्नदाता किसानों की पुश्तैनी जमीन और उनकी आजीविका हमेशा के लिए छिन जाती। इसके अलावा, परंदूर और उसके आसपास के गांवों के स्थानीय निवासियों ने पिछले 1,150 से भी अधिक दिनों से लगातार इस महत्वाकांक्षी परियोजना के खिलाफ अभूतपूर्व और कड़ा विरोध प्रदर्शन किया था, क्योंकि इस मेगा प्रोजेक्ट के कारण बड़ी संख्या में लोगों को अपने घरों से बेघर होना पड़ता। इस प्रस्तावित साइट के दायरे में कई प्रमुख जल निकाय और पारिस्थितिकी रूप से बेहद संवेदनशील वेटलैंड क्षेत्र भी शामिल थे, जो भौगोलिक रूप से चेन्नई और उसके आसपास के जिलों के लिए प्राकृतिक बाढ़ अवरोधक (Natural Flood Barriers) के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री विजय ने अपने चुनावी प्रचार के दौरान ही परंदूर एयरपोर्ट का पुरजोर विरोध किया था और किसानों से यह खुला वादा किया था कि यदि उनकी सरकार सत्ता में आती है तो वे सबसे पहले इस जनविरोधी परियोजना को रद्द कर देंगे, जिसे उन्होंने कार्यभार संभालते ही पूरा कर दिखाया है।सियासी वार-पलटवार और आने वाले समय की बड़ी चुनौतियांइस पूरे प्रकरण पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक घमासान पूरी तरह से चरम पर पहुंच चुका है, जहां डीएमके का यह पुख्ता तर्क है कि किसी भी विकास प्रोजेक्ट को 90 प्रतिशत से अधिक काम पूरा होने के बाद अचानक बीच में ही रद्द कर देने से राज्य के औद्योगिक विकास की रफ्तार धीमी पड़ी है और देश-विदेश के निवेशकों के भरोसे को भी भारी आर्थिक झटका लगा है। इसके जवाब में सत्तारूढ़ दल ने स्पष्ट किया कि 1,150 से अधिक दिनों से धरने पर बैठे एकनापुरम और आसपास के 12 गांवों के गरीब किसानों को उनके घरों से उजड़ने और बेघर होने से बचाना उनकी सरकार का सर्वोच्च नैतिक और चुनावी कर्तव्य था, जिसे उन्होंने पूरी ईमानदारी से निभाया है। अब तमाम राजनीतिक और प्रशासनिक गहमागहमी के बीच सबकी निगाहें एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की उस अंतिम तकनीकी रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जो यह तय करेगी कि अंततः मनेल्लूर या चेय्यूर में से किस वैकल्पिक स्थान पर मुहर लगती है और चेन्नई के नए एयरपोर्ट का रास्ता साफ होता है।
न्यूड फोटो वायरल करने की धमकी से परेशान महिला ने की आत्महत्या की कोशिश
तेलंगाना के सूर्यापेट जिले में कांग्रेस नेता चिंतारेड्डी विजय भास्कर रेड्डी पर एक महिला ने यौन उत्पीड़न और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं. महिला का दावा है कि आरोपी ने उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें खींचीं और उन्हें सोशल मीडिया पर डालने की धमकी दी. पुलिस पर भी शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाने का आरोप है. मामले की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.
फोन कॉल के लिए रोकी बाइक, तेज रफ्तार गाड़ी ने कुचला; परिवार के 3 लोगों की मौत
यह हादसा गुरुवायूर-कुन्नमकुलम रोड पर हुआ. बताया जा रहा है कि परिवार एक शादी अटेंड करके घर वापस लौट रहा था.
प्यार सिर्फ 'I Love You' बोलना नहीं होता, 5 तरीके जिनसे लोग बिना कहे जता देते हैं अपना प्यार
प्यार सिर्फ 'I Love You' बोलने का नाम नहीं होता, बल्कि इसे डेली लाइफ के छोटे-छोटे कामों और परवाह से बिना कहे भी जताया जा सकता है.
संभल में डंपर के टेंपो को टक्कर मारने से 5 लोगों की मौत, 6 घायल
संभल। उत्तर प्रदेश में संभल जिले के बहजोई क्षेत्र में रविवार को एक डंपर के टेंपो को टक्कर मार देने से उसमें सवार पांच लोगों की मौत हो गई तथा छह घायल हो गए। थाना बहजोई के अंतर्गत के ग्राम बम्नेटा के निकट मुरादाबाद आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर आज सुबह लगभग नौ बजे बालू से […] The post संभल में डंपर के टेंपो को टक्कर मारने से 5 लोगों की मौत, 6 घायल appeared first on Sabguru News .
पश्चिम बंगाल (West Bengal) की राजनीति और शिक्षा व्यवस्था में इस समय एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां राज्य के मुख्यमंत्री (Chief Minister) शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने छात्रों के भविष्य, स्वास्थ्य और अकादमिक उत्कृष्टता को सर्वोपरि रखते हुए कई कड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में यह ऐलान किया कि राज्यभर के स्कूलों में बच्चों द्वारा मोबाइल फोन (Mobile Phone) के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, भले ही इस कड़े राजनीतिक फैसले की वजह से उनके या उनकी पार्टी के कुछ वोट कम क्यों न हो जाएं। सीएम ने गुजरात (Gujarat) राज्य का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां पहले से ही 12वीं कक्षा तक के स्कूलों परिसरों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूरी पाबंदी है, और पश्चिम बंगाल सरकार भी अब इसी तर्ज पर छात्रों को डिजिटल विकर्षणों और दुष्प्रभावों से बचाने के लिए सख्त कदम उठाने की तैयारी में जुटी हुई है।बच्चों की पढ़ाई और सेहत पर मंडरा रहा मोबाइल का गंभीर खतरामुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अभिभावकों और शिक्षकों को आगाह करते हुए इस बात पर गहरी चिंता जताई कि आधुनिक तकनीक और स्मार्टफोन (Smartphone) का बच्चों के कोमल मस्तिष्कों पर बेहद खतरनाक और नकारात्मक असर पड़ रहा है। आज के समय में ऐसे अनगिनत मामले लगातार सामने आ रहे हैं जहां छोटे-छोटे बच्चे और किशोर अपने माता-पिता के सोने के बाद भी देर रात तक अंधेरे में मोबाइल स्क्रीन से चिपके रहते हैं, जिससे न केवल उनकी बहुमूल्य नींद पूरी तरह से प्रभावित हो रही है बल्कि उनकी आंखों की रोशनी और मानसिक स्वास्थ्य पर भी बहुत बुरा असर पड़ रहा है। सीएम ने दो टूक अंदाज में कहा कि इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है और इसके लिए अभिभावकों को भी अपने बच्चों के प्रति अत्यधिक सतर्क और जागरूक रहने की जरूरत है ताकि वे समय रहते बच्चों की डिजिटल लत को नियंत्रित कर सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस राष्ट्रीय और सामाजिक हित से जुड़े मुद्दे पर विचार कर रही है और आने वाले दिनों में बच्चों को इस डिजिटल बीमारी से बचाने के लिए कुछ बेहद कड़े और निर्णायक प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे, भले ही इसके राजनीतिक परिणाम कुछ भी क्यों न हों।राज्य के हर जिले में खुलेंगे दो अत्याधुनिक 'सीएम श्री' स्कूलशिक्षा के मोर्चे पर बड़ा बदलाव लाते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के हर एक जिले में दो आधुनिक और उच्च सुविधाओं से लैस 'सीएम श्री' (CM Shri Schools) स्कूल खोलने का एक बड़ा और महत्वाकांक्षी ऐलान किया है। यह नई पहल केंद्र सरकार की लोकप्रिय 'पीएम श्री' (PM Shri) योजना की तर्ज पर ही पूरी तरह से विकसित की जाएगी, जिसके तहत इन चयनित विद्यालयों में अत्याधुनिक तकनीक (Advanced Technology), डिजिटल क्लासरूम और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा ताकि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को भी प्राइवेट स्कूलों जैसी बेहतरीन शिक्षा मिल सके। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य के उत्तरी और पश्चिमी जिलों में खेलकूद और शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए खेल के क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र (Centres of Excellence in Sports) स्थापित करने की भी अपनी योजना साझा की है, जिससे बंगाल के युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर सकें।शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुधारकर शीर्ष छह राज्यों में शामिल होने का लक्ष्यपश्चिम बंगाल में सरकारी और राज्य द्वारा संचालित विद्यालयों के गिरते स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान यहाँ के छात्र देश के अन्य विकसित राज्यों के छात्रों की तुलना में शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के मामले में काफी पीछे छूट गए हैं, जिसे अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुरजोर शब्दों में कहा कि हमें हर हाल में अपनी शिक्षा के बुनियादी ढांचे (Educational Infrastructure) को पूरी तरह से सुधारना होगा और देश के शीर्ष छह अग्रणी राज्यों की सूची में अपनी जगह बनानी होगी। मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी शिक्षकों से भी यह आह्वान किया कि वे अपनी नैतिक जिम्मेदारी को समझें और छात्रों को उनकी पढ़ाई-लिखाई में फिर से एक मजबूत स्थिति में लाने तथा उत्कृष्टता के ऊंचे से ऊंचे मुकाम हासिल करने में पूरी निष्ठा के साथ मदद करें। इस व्यापक शैक्षणिक सुधार अभियान से राज्य के लाखों विद्यार्थियों का भविष्य उज्जवल होने की पूरी उम्मीद है और यह कदम बंगाल की शिक्षा व्यवस्था की दशा और दिशा पूरी तरह से बदलकर रख देगा।
केरल में सड़क हादसों पर Suresh Gopi ने NHAI को दी सख्त चेतावनी
त्रिशूर (केरलम), छह सितंबर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने रविवार को कहा कि कैपामंगलम जैसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाने चाहिए तथा एक-दूसरे पर दोष मढ़ने से कोई फायदा नहीं होगा। शुक्रवार देर रात डिंडिगुल जिले के एक अभियांत्रिकी महाविद्यालय के विद्यार्थियों समेत आठ लोगों को ले जा रही एक कार कैपामंगलम के पनम्बिक्कुन्नु में राजमार्ग पर खड़ी एक लॉरी (मालवाहक वाहन) के पिछले हिस्से से टकरा गई। इस हादसे में तमिलनाडु के आठ लोगों की मौत हो गयी थी। त्रिशूर के सांसद गोपी ने यहां पत्रकारों से कहा कि सभी संबंधित पक्षों से गलतियां हुई हैं। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग के उन हिस्सों पर सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की जरूरत पर बल दिया, जहां अब भी निर्माण कार्य जारी है। मंत्री ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को ‘सख्त चेतावनी’ दी गई है और इस मामले को सार्वजनिक मुद्दा बनाने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘सार्वजनिक रूप से बोलना जिम्मेदारी से भागने का एक तरीका है।’’उन्होंने कहा कि जन प्रतिनिधियों को अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए अधिकारियों या दूसरों पर दोष नहीं मढ़ना चाहिए। गोपी ने कहा कि जहां भी सड़क का काम पूरा हो गया है, वहां यातायात को सुरक्षित रूप से गुजरने देने के लिए सही मार्ग परिवर्तन की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि शुक्रवार को हुए हादसे वाली जगह, कैपामंगलम में जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य की भी ज़िम्मेदारी है। गोपी ने सही मार्ग परिवर्तन बोर्ड और ‘रिफ्लेक्टर’ न होने का विषय उठाते हुए कहा कि अगर काम पूरा होने की समय-सीमा के बाद भी सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए, तो इसके लिए ठेकेदार को ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। पुलिस के अनुसार, लॉरी को राजमार्ग के दाईं ओर एक बैरिकेड वाले हिस्से के पास अवैध रूप से खड़ा किया गया था, जहां निर्माण कार्य के कारण यातायात को दूसरी तरफ़ मोड़ दिया गया था। कार तेज रफ़्तार से जा रही थी और टक्कर से पहले चालक का ध्यान शायद मार्ग परिवर्तन बैरिकेड पर नहीं गया। गोपी ने बताया कि उन्होंने शनिवार को केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला से लगभग आधे घंटे तक बात की थी तथा अब गश्ती को और मज़बूत किया जाएगा। हादसे के बाद, मुख्यमंत्री वी डी सतीशन और खेल मंत्री ओजे जनीश ने एनएचएएआई के सामने केरलम में राष्ट्रीय राजमार्ग के हिस्सों पर बार-बार होने वाले हादसों को लेकर चिंता जताई। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने एनएचएआई और केंद्र सरकार पर दोष मढ़ने के लिए केरल के मंत्रियों की आलोचना की। गोपी ने कहा कि केरल पुलिस और मोटर वाहन विभाग को यातायात व्यवस्था और नियमों के पालन को देखना चाहिए।
छात्रों की गूंज कार्यक्रम के लिए नहीं मिली जगह, कांग्रेस ने दिए सुझाव
इंदौर में नेहरू स्टेडियम में राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम का आयोजन होना था, लेकिन नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई. जिसके बाद, अब कांग्रेस ने प्रशासन के सामने तीन मैदानों के विकल्प रख दिए हैं.
लखनऊ में अवैध निर्माण के खिलाफ एक्शन! सुप्रीम कोर्ट की टीम ने किया सर्वे
लखनऊ अवैध निर्माण (illegal construction) और अवैध प्लाटिंग (illegal plotting) के खिलाफ अब देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की सीधी निगरानी में शिकंजा कसा जा रहा है, और इसी क्रम में शनिवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा नामित एमिकस क्यूरी (Amicus Curiae) की छह सदस्यीय विशेष टीम ने लखनऊ के कई प्रमुख इलाकों का कड़ा दौरा करते हुए जमीनी हकीकत का जायजा लिया। इस उच्चस्तरीय जांच टीम में आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) के प्रतिष्ठित प्रोफेसर भी विशेष रूप से शामिल रहे, जिन्होंने लखनऊ विकास प्राधिकरण (Lucknow Development Authority - LDA) द्वारा अब तक की गई सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का बारीकी से सत्यापन किया। हाल ही में अलीगंज (Aliganj) क्षेत्र में आवासीय भूखंड पर बने एक अवैध व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स में हुए भीषण अग्निकांड के बाद यह पूरा प्रशासनिक और न्यायिक कदम बेहद तेजी से उठाया गया है, जिससे अवैध निर्माणकर्ताओं में भारी हड़कंप मचा हुआ है।अलीगंज अग्निकांड के बाद एक्शन में सुप्रीम कोर्ट और एलडीएसुप्रीम कोर्ट द्वारा नामित न्याय मित्रों की टीम ने अपनी इस महत्वपूर्ण जांच की शुरुआत सबसे पहले संवेदनशील अलीगंज क्षेत्र से की, जहां 22 जून को हुए भयानक अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था और आवासीय भू-उपयोग के नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले व्यावसायिक निर्माणों का काला सच सामने आया था। टीम ने इस बात का कड़ाई से सत्यापन किया कि दुर्घटना के बाद प्रशासन ने किन-किन अवैध व्यावसायिक इमारतों पर सीलिंग और डिमोलिशन की कार्रवाई की है। इस दौरान लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पहले ही स्पष्ट रूप से यह जानकारी साझा कर दी थी कि अकेले अलीगंज क्षेत्र के भीतर ही आवासीय लैंड-यूज के विपरीत मानकों को ताक पर रखकर कुल 51 अवैध व्यावसायिक निर्माणों को चिन्हित किया गया है, जिन पर बुलडोजर चलाने और कानूनी शिकंजा कसने का काम युद्धस्तर पर जारी है। अलीगंज की इस दर्दनाक घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने अत्यंत कड़ा और सख्त रुख अपनाते हुए एमिकस क्यूरी के माध्यम से न सिर्फ इस क्षेत्र बल्कि लखनऊ के अन्य सभी जोन में भी अवैध निर्माणों का भौतिक सर्वे कराने के स्पष्ट निर्देश जारी किए थे, ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी बड़ी मानवीय त्रासदी को पूरी तरह से रोका जा सके।गोमती नगर विस्तार और वेलनेस सिटी तक पहुंची जांच टीम के कदमअलीगंज के बाद सुप्रीम कोर्ट की यह विशेष एमिकस क्यूरी टीम सीधे गोमती नगर विस्तार (Gomti Nagar Extension) के सरसवां इलाके की तरफ रवाना हुई, जहां पुलिस मुख्यालय के बिल्कुल पीछे प्रशासन द्वारा पूरी सख्ती के साथ ध्वस्त किए गए अवैध निर्माणों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया। इसके बाद टीम ने वेलनेस सिटी (Wellness City) का भी दौरा किया, जो अवैध निर्माण और अंधाधुंध अवैध प्लाटिंग का एक और बड़ा केंद्र माना जा रहा है, और यहां एलडीए द्वारा की गई ताबड़तोड़ कार्रवाई की एक-एक फाइल और जमीनी स्थिति का मिलान किया गया। इस पूरी निरीक्षण प्रक्रिया के दौरान लखनऊ विकास प्राधिकरण के अपर सचिव सीपी त्रिपाठी और ज्ञानेंद्र वर्मा सहित तमाम संबंधित जोनल अधिकारी और इंजीनियर पूरी मुस्तैदी के साथ मौके पर मौजूद रहे ताकि टीम को हर एक अवैध प्रोजेक्ट से जुड़ा तथ्यात्मक ब्योरा उपलब्ध कराया जा सके। यह पूरी सख्त कार्रवाई देश की सर्वोच्च अदालत में चल रहे बहुचर्चित 'लोकनाथन बनाम तमिलनाडु राज्य सरकार' मामले की मुख्य सुनवाई से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ समेत देश के तमाम बड़े महानगरों में धड़ल्ले से फल-फूल रहे अवैध निर्माणों और नियमों के उल्लंघन के मामलों को अत्यंत गंभीरता से लिया है और संबंधित विकास प्राधिकरणों व राज्य सरकारों से जवाब तलब किया है।सुप्रीम कोर्ट को सौंपी जाएगी विस्तृत सर्वे रिपोर्टलखनऊ के विभिन्न इलाकों में अवैध निर्माण, अनधिकृत व्यावसायिक परिसरों और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ चल रही कार्रवाई का स्थलीय निरीक्षण और भौतिक सत्यापन पूरा करने के बाद अब यह छह सदस्यीय एमिकस क्यूरी टीम अपनी एक विस्तृत और व्यापक रिपोर्ट तैयार करने में जुट गई है। इस अंतिम रिपोर्ट को सीधे तौर पर देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा, जिसके आधार पर भविष्य में लखनऊ विकास प्राधिकरण और अन्य स्थानीय निकायों को और भी अधिक कठोर दिशा-निर्देश मिलने की पूरी संभावना जताई जा रही है। इस पूरी कार्रवाई से शहर के भू-माफियाओं और अवैध निर्माणकर्ताओं में यह साफ संदेश चला गया है कि अब नियमों की अनदेखी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और प्रशासन के साथ-साथ न्यायपालिका भी शहर की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से गंभीर है। इस रिपोर्ट के सुप्रीम कोर्ट में दाखिल होने के बाद लखनऊ के अर्बन प्लानिंग और अवैध निर्माण विरोधी अभियानों में और अधिक तेजी आने की उम्मीद है।
'भूकंप जैसे आवाज हुई', सत्य निकेतन हादसे के चश्मदीद ने बयां किया मंजर
Delhi Satya Niketan Building Collapse Video: दिल्ली में रविवार को मोती बाग क्षेत्र में सत्य निकेतन इलाके में एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई. जिसके मलबे में दर्जनों लोगों के फंसे होने की आशंका है. मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. इस बीच आजतक से बातचीत में हादसे के चश्मदीदों ने खौफनाक मंजर बयां किया. देखें चश्मदीदों की बयानी.
ग्वालियर में स्पा सेंटर की आड़ में अनैतिक गतिविधियों का आरोप, हिरासत में 5 लोग
ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में कंपू थाना क्षेत्र के हुजरात पुल के पास संचालित एसटीएल स्पा सेंटर पर पुलिस की संयुक्त टीम ने देर रात छापामार कार्रवाई कर पांच लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार सेंटर में स्पा की आड़ में अनैतिक गतिविधियां संचालित किए जाने की सूचना मिली थी। पुलिस के अनुसार […] The post ग्वालियर में स्पा सेंटर की आड़ में अनैतिक गतिविधियों का आरोप, हिरासत में 5 लोग appeared first on Sabguru News .
CM मोहन यादव का दुबई दौरा, लूलू ग्रुप और इमार के दिग्गजों से मिलेंगे
CM Mohan Yadav Dubai Visit Schedule: मध्य प्रदेश में विदेशी निवेश लाने के लिए सीएम मोहन यादव 6 से 9 सितंबर तक दुबई दौरे पर हैं. AIM Congress 2026, लूलू ग्रुप, DP वर्ल्ड व इमार के साथ बैठकों का पूरा विवरण यहां पढ़ें.
गुजरात के स्टेट हाइवे पर शेरनी का कब्जा! लगा लंबा जाम
गुजरात के अमरेली में सावरकुंडला-राजुला स्टेट हाईवे पर देर रात शेरनी अपने दो शावकों के साथ पहुंच गई. आंबरडी गांव के पास शेरनी ने सड़क किनारे एक मवेशी का शिकार किया और वहीं बैठ गई. इससे हाईवे पर वाहनों की आवाजाही रुक गई और जाम जैसी स्थिति बन गई. सूचना पर वन विभाग की टीम पहुंची और शिकार हटाकर यातायात शुरू कराया. कर्मचारी रातभर निगरानी करते रहे. निगरानी लगातार जारी.
एयर होस्टेस ने बताया- रोज अजनबियों के साथ करना होता है काम
एयर होस्टेस की जॉब हमें काफी ग्लैमरस और चमक-धमक वाली लगती है. लेकिन, इसके पीछे की सच्चाई कुछ और ही है. क्योंकि, यह काम भी कई बार रातों की नींद और सुकून को छीन लेता है.
न्यायमूर्ति संजय कुमार अग्रवाल राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त
जयपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के न्यायाधीश संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। वहीं राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश डॉ. पुष्पेंद्र […] The post न्यायमूर्ति संजय कुमार अग्रवाल राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त appeared first on Sabguru News .
बिजली मीटर पर 5(30)A, 10(60)A क्यों लिखा होता है?
घर में लगे बिजली के मीटर पर आपने 5(30)A या 10(60)A जरूर देखा होगा, लेकिन क्या आपको पता है कि इन नंबरों का असली मतलब क्या है? क्या 5(30)A का मतलब सिर्फ 5 A तक बिजली इस्तेमाल करना है, या फिर इसके पीछे कोई और तकनीकी गणित है?
दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईशान ने जड़ा शतक, टेस्ट के लिए ठोका दावा!
वैभव सूर्यवंशी के बाद दलीप ट्रॉफी के फाइनल में कप्तान ईशान किशन ने भी बल्ले से कमाल का प्रदर्शन किया. मैच के पहले ही दिन शतक जड़कर उन्होंने अपनी टीम को काफी आगे पहुंचा दिया है.
मालगाड़ी से पकड़ा गया 3 हजार किलो पान मसाला, नेपाल भेजने की थी तैयारी
लखनऊ में कस्टम विभाग ने रेलवे के जरिए पहुंचाई जा रही करीब 3 हजार किलो पान मसाले की खेप पकड़ी है. चारबाग में हुई कार्रवाई के दौरान माल को कब्जे में लिया गया. शुरुआती जांच में इसके नेपाल भेजे जाने की आशंका सामने आई है. अब खेप के स्रोत, बुकिंग, संभावित खरीदार, टैक्स भुगतान और पूरे सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है.
Bihar Flood: 11 जिलों में गंगा का जलस्तर बढ़ा, 19.57 लाख लोग प्रभावित
पटना, छह सितंबर बिहार के 11 जिलों में 19 लाख से ज़्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर बाढ़ के महत्वपूर्ण निशान से ऊपर जाने के बाद अधिकारियों ने निचले इलाकों के लिए चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के बाद पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर ‘बाढ़ के उच्चतम स्तर’ (एचएफएल) से ऊपर चला गया है, इसलिए अगले एक से तीन दिनों में पटना जिले के अंतर्गत हाथीदह और उसके बाद के रेलवे स्टेशन के प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि राज्य में कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अररिया सहित 11 जिलों के 330 ग्राम पंचायतों में लगभग 19.57 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) की ओर से जारी नवीनतम परामर्श के मुताबिक, हाथीदह में गंगा का जलस्तर अपने पिछले एचएफएल को पार कर सकता है। इसके मद्देनजर बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। परामर्श में कहा गया, ‘‘अधिकारियों और ज़मीनी स्तर के कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सतर्क रहें और जरूरत के हिसाब से सावधानी बरतते हुए जल-स्तर, तटबंधों, संवेदनशील जगहों और निचले इलाकों पर नियमित नजर रखें।’’इसमें कहा गया, ‘‘अभियंताओं से बाढ़ से निपटने से संबंधित संसाधन और मशीनरी तैयार रखने को कहा गया है। प्रभावित इलाकों के लोगों को सलाह दी गई है कि वे नदी के पास न जाएं और सतर्क रहें।’’स्थानीय प्रशासन से कहा गया है कि वे नावों के संचालन पर नजर रखें, क्षमता से अधिक लोगों को नावों पर सवार नहीं होने दें और लोगों को हालात के बारे में जानकारी देते रहें। डब्ल्यूआरडी के मुताबिक, पटना के गांधी घाट पर रविवार सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर था, जो 21 अगस्त 2016 को दर्ज किए गए पिछले उच्चतम जलस्तर 50.52 मीटर से 0.05 मीटर अधिक है। बयान के मुताबिक, ‘‘पटना जिले के पंडारक में सुबह छह बजे गंगा नदी का जलस्तर 43.92 मीटर था, जो 16 अगस्त 2021 को दर्ज किए गए पिछले उच्चतम जलस्तर 43.73 मीटर से 0.19 मीटर अधिक है।’’अधिकारियों ने बताया कि राज्य में गंडक नदी डुमरियाघाट और हाजीपुर में, कोसी नदी बलतारा और कुरसेला में , बूढ़ी गंडक नदी खगड़िया में , गंगा नदी हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव, बक्सर व मुंगेर में, पुनपुन नदी श्रीपालपुर में, घाघरा नदी दरौली में और बागमती नदी बेनीबाद में खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। उन्होंने बताया कि बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए अभी अलग-अलग जिलों में कुल 110 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही है और प्रभावित इलाकों से लोगों को निकालने और आवाजाही में मदद के लिए 1,345 नावों की सेवा ली जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा, अलग-अलग जिलों में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की 27 और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 10 टीम तैनात की गई हैं। इस बीच, मध्य पूर्व रेलवे ने रविवार को कहा कि पटना-गया खंड पर पुनपुन और परसा बाजार स्टेशनों को जोड़ने वाली पुल संख्या 21 पर जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ जाने के कारण कुछ रेलगाड़ियों को र₨द्द कर दिया गया है या फिर उनका मार्ग बदला गया है।
सागर में जहरीली शराब से 11 मौतों के बाद CM का बड़ा एक्शन, 4 अफसर नपे
Sagar Poisonous Liquor Tragedy: सागर की बंडा तहसील में जहरीली शराब से 10 से ज्यादा मौतों के बाद CM मोहन यादव के निर्देश पर 4 आबकारी अधिकारी सस्पेंड किए गए. यूपी के ललितपुर से जुड़े तार.
‘बाय-बाय, पापा’; फोन करके बोली और चिनाब नदी में कूद गई बेटी
पिता ने बताया कि पायल दिन में मेले में गई थी और बाद में उसने फोन कर बताया था कि उसकी तबीयत ठीक नहीं लग रही है और वह डॉक्टर के पास जा रही है। डॉक्टर के उपलब्ध नहीं होने के बाद वह वापस लौट रही थी।
ISRO के निजीकरण प्रस्ताव पर कर्मचारी संगठनों ने V Narayanan से मांगा स्पष्टीकरण
नयी दिल्ली, छह सितंबर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के नौ कर्मचारी संगठनों ने अंतरिक्ष एजेंसी के अध्यक्ष वी. नारायणन को पत्र लिखकर विनिर्माण और परिचालन कार्यों को निजी कंपनियों को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव पर आधिकारिक स्पष्टीकरण मांगा है। कर्मचारी संगठनों ने चार सितंबर को लिखे गए इस पत्र में इसरो की भविष्य की भूमिका के साथ-साथ मौजूदा कर्मचारियों और भविष्य में होने वाली भर्तियों पर इसके संभावित प्रभावों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पत्र में कहा गया, ‘‘निर्धारित वाणिज्यिक गतिविधियों में निजी क्षेत्र की भागीदारी एक मजबूत और सार्वजनिक स्वामित्व वाले इसरो के साथ-साथ जारी रह सकती है लेकिन ऐसी नीति बिना व्यापक चर्चा के स्वीकार नहीं की जा सकती, जो इसरो की भूमिका को केवल सीमित अनुसंधान एवं विकास तक समेट दे और देश के प्रक्षेपण यानों के निर्माण एवं प्रक्षेपण संबंधी बुनियादी ढांचे का संचालन सार्वजनिक क्षेत्र के हाथों से बाहर चला जाए।’’पत्र में भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) के अध्यक्ष पवन गोयनका द्वारा 21 अगस्त को की गई टिप्पणियों का भी जिक्र किया गया। ‘इन-स्पेस’ गैर-सरकारी संस्थाओं की विभिन्न अंतरिक्ष गतिविधियों को बढ़ावा देने, उन्हें सक्षम बनाने, अधिकृत करने और उनकी निगरानी करने वाली संस्था है। गोयनका ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कथित तौर पर कहा था, ‘‘अंतत: इसरो कोई भी प्रक्षेपण यान नहीं बनाएगा और न ही किसी प्रक्षेपण यान का निर्माण करेगा। यह सब निजी क्षेत्र या पीएसयू द्वारा किया जाएगा।’’कर्मचारी संगठनों ने दावा किया कि इन टिप्पणियों के बाद अंतरिक्ष विभाग की ओर से कोई ऐसी आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई जिसमें स्वीकृत नीति, उसके कानूनी और प्रशासनिक आधार, उसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने की प्रक्रिया तथा मौजूदा कर्मचारियों और भविष्य की सरकारी भर्तियों पर पड़ने वाले असर को स्पष्ट किया गया हो। पत्र में कहा गया है, ‘‘इसरो द्वारा विकसित प्रौद्योगिकी राष्ट्रीय संपत्ति है। इसका हस्तांतरण पारदर्शी एवं जवाबदेह होना चाहिए तथा यह रणनीतिक, सुरक्षा और रोजगार संबंधी पहलुओं के अनुरूप होना चाहिए तथा कर्मचारियों को इसकी जानकारी समाचार पत्रों की खबरों के जरिये नहीं मिलनी चाहिए।’’इसमें कई अन्य चिंताएं को भी रेखांकित किया गया है तथा यह सवाल भी शामिल है कि पीएसएलवी, एलवीएम3, एसएसएलवी और भविष्य में विकसित किए जाने वाले प्रक्षेपण यानों का डिजाइन, विकास, निर्माण, एकीकरण, परीक्षण और प्रक्षेपण आगे भी इसरो के कार्यों के रूप में जारी रहेगा या इसे बंद कर दिया जाएगा। कर्मचारी संगठनों ने यह भी पूछा है कि प्रस्तावित बदलाव का स्वीकृत पदों की संख्या, मौजूदा रिक्तियों, भर्ती कैलेंडर तथा इसरो के सभी केंद्रों में वैज्ञानिक, तकनीकी, प्रशासनिक एवं औद्योगिक कर्मचारियों की भर्ती पर क्या असर पड़ेगा। गोयनका ने रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि भारत को 2030 तक हर साल 50 प्रक्षेपण के लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए इसरो और निजी कंपनियों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘इतने बड़े लक्ष्य को कोई एक संगठन अकेले हासिल नहीं कर सकता।’’‘इन-स्पेस’ के अध्यक्ष ने यह भी कहा कि इसरो का अनुसंधान नयी संभावनाओं की सीमाओं का विस्तार करता रहेगा। उन्होंने कहा, ‘‘निजी उद्योग को इस गति को बड़े पैमाने पर विनिर्माण में बदलना होगा-अधिक रॉकेट, अधिक उपग्रह, अधिक प्रक्षेपण क्षमता और नयी प्रौद्योगिकियां विकसित करनी होंगी।
Hanuman Ansh Box Office Collection:
हो सकता है मेरे वोट कम हो जाएं लेकिन...बंगाल के स्कूलों के लिए सीएम शुभेंदु अधिकारी का क्या प्लान
पश्चिम बंगाल के स्कूलों के लिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा ऐलान किया है। यह ऐलान सीधे छात्रों से जुड़ा हुआ है। वहीं, सीएम ने आशंका जताई है कि इससे उनके वोट कम हो सकते हैं…
बीते कुछ समय से पंजाब कांग्रेस में चल रहे सियासी घमासान के बीच आलाकमान ने बड़ा बदलाव किया है. भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को कांग्रेस के जहाज को सही ढंग से लैंड कराने की जिम्मेदारी मिली है.
पाकिस्तान में ‘बॉर्डर’ अब देश के बाहर नहीं, अंदर? जिन्ना ने तो ये सपने में नहीं सोचा होगा
1971 के बाद पूर्वी पाकिस्तान बांग्लादेश बन गया तो पंजाब जनसंख्या, क्षेत्रफल और अर्थव्यवस्था के लिहाज से सबसे बड़ा और प्रभावी राज्य बन गया. इसके बाद सेना के साथ-साथ राजनीति पर भी पंजाब की पकड़ मजबूत हो गई.
दिल्ली के सत्य निकेतन में 5 मंजिला इमारत गिरने के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, हादसे में अब तक 6 लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है। हालांकि, इस समय मलबे में कितने लोग फंसे हैं या कितने घायल हुए हैं, इसकी सही संख्या का पता नहीं चल पाया है। हादसे के बाद अब इस मुद्दे पर BJP और आम आदमी पार्टी के बीच सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। 40-50 साल पुरानी थी इमारत, बेसमेंट में चल रहा था काम दिल्ली पुलिस ने बताया कि स्थानीय जांच में सामने आया है कि यह इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी। इसमें बेसमेंट के अलावा ऊपर पांच मंजिलें थीं और इसका इस्तेमाल पीजी के तौर पर किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार, हादसे के वक्त बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। फिलहाल पुलिस और बचाव टीमें मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं और सर्च ऑपरेशन जारी है। इसे भी पढ़ें: Satya Niketan Building Collapse पर CM रेखा गुप्ता ने जताई चिंता, रेस्क्यू ऑपरेशन तेज सौरभ भारद्वाज ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप आप नेता सौरभ भारद्वाज ने हादसे को लेकर दिल्ली सरकार और एमसीडी पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इमारत में अवैध PG चल रहा था और मानसून के दौरान बेसमेंट की खुदाई का काम किया जा रहा था। भारद्वाज ने हाल ही में साकेत में हुए एक अन्य बिल्डिंग हादसे का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि प्रशासन ने इमारत की मंजिलों की संख्या को लेकर भी पहले सही जानकारी नहीं दी थी। उन्होंने कहा कि केवल छोटे स्तर के लोगों पर कार्रवाई करने से समस्या खत्म नहीं होगी। उनके मुताबिक, जिम्मेदारी बड़े अधिकारियों तक तय होनी चाहिए। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि पिछले एक साल में एमसीडी के साथ-साथ फायर विभाग और एसडीएम-डीएम स्तर के विभागों में भी भ्रष्टाचार बढ़ा है। इसे भी पढ़ें: 'बचाओ-बचाओ' चिल्ला रहे मलबे में दबे बच्चे! चश्मदीदों ने बताया Satya Niketan Building Collapse का खौफनाक मंजर भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने सौरभ भारद्वाज पर साधा निशाना भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने सौरभ भारद्वाज के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता ने 2022 में आप को सरकार बनाने का मौका दिया था, लेकिन उनके कार्यकाल के दौरान दो साल तक चेयरमैन और स्टैंडिंग कमेटी तक का गठन नहीं हो पाया। सहरावत ने कहा कि सौरभ भारद्वाज को पहले यह जवाब देना चाहिए कि उस समय उन्होंने अपनी जिम्मेदारी कैसे निभाई। बिल्डिंग हादसे को लेकर उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग मामले में जरूरी कार्रवाई कर रहे होंगे। भाजपा सांसद ने कहा कि अगर सौरभ भारद्वाज वास्तव में दिल्ली के लोगों को लेकर चिंतित थे, तो उन्हें पहले जनता की सेवा पर ध्यान देना चाहिए था। मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी फिलहाल मौके पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। बचाव दल मलबे को हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। हादसे में कितने लोग प्रभावित हुए हैं, इसकी पूरी तस्वीर रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही साफ हो सकेगी।
कौन हैं मनोज तिवारी की बेटी रीति, बिग बॉस में करेंगी राजनीति?
इस सीजन भोजपुरी अभिनेता-नेता मनोज तिवारी की बेटी रीति तिवारी कंटेस्टेंट के तौर पर एंट्री ले रही हैं. शो के प्रोमो में वो सलमान संग मस्ती करती दिखीं.
रूस-यूक्रेन जंग होगी खत्म? पुतिन से मुलाकात के बाद कीव पहुंचे ट्रंप के दूत
अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेट कुशनर रूस-यूक्रेन जंग के बीच रविवार को यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे हैं. शनिवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी बातचीत 3 घंटे तक चली थी.
चीची और लोलो पर फिल्माया गया यह गाना रिलीज होते ही लोगों की जुबान पर चढ़ गया था. 32 साल बाद भी इसकी धुन और बोल वही पुराना जादू बिखेरते हैं.
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक बिल्डिंग गिरने से मलबे में कई लोग दबे हो सकते हैं. अब तक 8 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है. 3 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है.
क्या खत्म होगा रूस-यूक्रेन युद्ध? कीव पहुंचे विटकॉफ-कुशनर
यूक्रेन में जारी युद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिका के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की कीव यात्रा नई शांति वार्ता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
बैंक में नौकरी करने वाली लड़की ने बताई सैलरी! हैरान हो गए लोग
सोशल मीडिया पर बैंक में नौकरी, वैकेंसी और सैलरी को लेकर कई तरह के नोटिफिकेशन जारी किए जाते हैं. लेकिन हाल में एक सरकारी बैंक कर्मचारी का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपनी जॉब के फायदे गिनवा रही है. इतना ही उन्होंने यह भी बताया कि 27 सालों में ही उनका पैकेज लाखों में पहुंच गया है.
BSF ने West Bengal सीमा पर 17.40 करोड़ रुपये का Gold पकड़ा
कोलकाता, छह सितंबर पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की गश्ती टीम ने एक बांग्लादेशी नागरिक को पकड़ा है और उसके कब्जे से तस्करी कर लाए गए 17.40 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के बिस्कुट बरामद हुए हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, यह घटना शनिवार शाम नदिया जिले की हलदरपाड़ा सीमा चौकी के पास हुई। इस क्षेत्र की सुरक्षा बीएसएफ की 32वीं बटालियन करती है। अधिकारियों ने बताया कि पांच सितंबर को बांग्लादेशी नागरिक से कुल 89 सोने के बिस्कुट बरामद किए गए जिनका वज़न 11.28 किलोग्राम से अधिक और कीमत 17.40 करोड़ रुपये थी। अधिकारियों ने बताया कि बीएसएफ ने जांच के लिए आरोपी को राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के अधिकारियों को सौंप दिया है। आंकड़ों के अनुसार, सीमा पार अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए बटालियन ने विशेष टीम तैनात की हैं। इन टीमों ने अगस्त 2023 से अब तक 100 करोड़ रुपये मूल्य के 120 किलोग्राम से अधिक सोने की जब्ती की है।
सात्विक-चिराग ने चाइना मास्टर्स का खिताब जीतकर रचा इतिहास
भारत की स्टार पुरुष युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए चाइना मास्टर्स सुपर 750 का खिताब जीत लिया है.
पश्चिम बंगाल के स्कूलों के सिलेबस में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और स्वामी प्रणवानंद को शामिल करने की तैयारी है। इतिहास, विभाजन और समाज सेवा से जुड़े पहलुओं पर फोकस रहेगा।
दिन के दौरान कई शुभ योग बनने की बात कही गई है, जिनका प्रभाव विभिन्न राशियों के लोगों पर अलग-अलग रूप में पड़ सकता है।.......
मध्य प्रदेश की एक गंदी नदी को अपने दम पर साफ करने वाले 21 साल के नौजवान ने जब सोशल मीडिया पर मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी को यह दो-टूक जवाब दिया, तो यह साफ हो गया कि ज़मीन पर काम करने वाले किसी भी ‘नैरेटिव’ के मोहताज नहीं होते। जिस तरह उसने महीनों तक गंदे […] यह लेख कौन हैं अजनार नदी साफ करने वाले बिट्टू तबाही? CM मोहन यादव से मुलाकात पर ध्रुव राठी को दिया दो-टूक जवाब सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
सपना कौन लौटाएगा? छात्रों की चोट पर Rahul Gandhi ने PM Modi को घेरा
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बिहार में छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने घायल छात्रों से मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए सरकार से सवाल किया कि छात्रों की टूटी हड्डियां तो जुड़ जाएंगी, लेकिन क्या उनके टूटे हुए सपने भी वापस लौटाए जा सकते हैं? इन बच्चों ने ऐसा क्या गुनाह किया था? राहुल गांधी ने कहा कि इन छात्रों ने सरकार से सिर्फ शिक्षा, रोजगार और जवाबदेही मांगी थी। उन्होंने सवाल किया कि आखिर इन बच्चों ने ऐसा क्या गुनाह किया था कि उन्हें गोली मार दी गई। राहुल गांधी के मुताबिक, एक छात्र के पैर में AK-47 की गोली लगी, जिससे उसकी हड्डी टूट गई। उन्होंने दावा किया कि वह छात्र सेना में जाकर देश की सेवा करना चाहता था, लेकिन गोली लगने के बाद उसका यह सपना भी प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि दो अन्य छात्रों के कंधों को भी गोली चीरती हुई निकल गई। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि ये छात्र अपराधी नहीं थे, बल्कि गरीब परिवारों से आने वाले वे युवा थे जो अपने परिवार की उम्मीदों के साथ पढ़ाई और बेहतर भविष्य की तलाश में आगे बढ़ रहे थे। सोचिए, ऐसा क्या गुनाह किया था इन बच्चों ने कि इन्हें गोली मार दी गई? इन्होंने सरकार से सिर्फ़ तीन चीज़ें माँगी थीं - शिक्षा, रोज़गार, और जवाबदेही। एक छात्र के पैर की हड्डी AK 47 की गोली से टूट गई। सेना में जाकर देश की सेवा करने का उसका सपना भी उसी के साथ चला गया। दो और छात्रों… pic.twitter.com/TzkRmPLDMz — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 6, 2026 इसे भी पढ़ें: Nashik में सड़कों पर क्यों उतरे आदिवासी छात्र? Rahul Gandhi के समर्थन से गरमाया मामला डर का इलाज किस अस्पताल में होगा? राहुल गांधी ने कहा कि गोली के घाव समय के साथ भर सकते हैं, लेकिन इन छात्रों के मन में जो डर बैठ गया है, उसका इलाज कहां होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से सवाल करते हुए कहा, 'इनकी टूटी हड्डी तो जुड़ जाएगी। क्या इनका टूटा हुआ सपना आप लौटा सकते हैं?' इसे भी पढ़ें: PM मोदी के 'नाराज फूफा' बयान पर भड़की कांग्रेस, Mallikarjun Kharge बोले- युवा भी लेकर खड़े हैं रिपोर्ट कार्ड राहुल गांधी ने छात्रों को दिया समर्थन राहुल गांधी ने इससे पहले 3 सितंबर को भी छात्रों के साथ मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की थी। उन्होंने कहा था कि बिहार सरकार चाहे जो कर ले, वह इन युवाओं के साथ खड़े हैं और उनकी हर संभव मदद करने के लिए तैयार हैं।
यूएन के नए नक्शा प्रस्ताव पर भारत का समर्थन, कश्मीर पर संप्रभुता से समझौता नहीं
संयुक्त राष्ट्र के ‘Correct the Map’ प्रस्ताव पर भारत ने समर्थन किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कश्मीर और लद्दाख पर भारत की संप्रभुता से कोई समझौता नहीं होगा।
मिलिए कारगिल की पहली महिला अफसर स्टैनजिन से, 14 साल घर से दूर रहकर ज्वाइन की इंडियन आर्मी
स्टैनजिन त्सांगयांग कारगिल जिले की पहली महिला सेना अधिकारी बनकर इतिहास रच दिया है. केंद्राशासित रदेश लद्दाख के जंस्कार घाटी की बेटी स्टैनजिन त्सांगयांग ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी चेन्नई से भारतीय सेना में कमीशन हुई हैं. पढ़िए इनकी सक्सेस स्टोरी.
अजा एकादशी पर बुध का गोचर, कल से इन 4 राशियों का गोल्डन टाइम शुरू
7 सितंबर को अजा एकादशी के दिन बुध ग्रह कन्या राशि मे प्रवेश करेंगे. इस गोचर से चार राशियों के लिए नौकरी, कारोबार, घर-परिवार, वाहन और संपत्ति से जुड़े मामलों में अच्छे संकेत मिल रहे हैं. यह गोचर करीब 19 दिनों तक रहेगा और इस दौरान इन राशियों को कई क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है.
PM Modi के 'नाराज फूफा' बयान पर Congress का पलटवार, कहा- नाकामी छिपाने को देते हैं नया विशेषण
नयी दिल्ली, छह सितंबर कांग्रेस ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ‘‘नाराज फूफा’’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना अपनी ‘‘नाकामियों’’ को छिपाने के लिए हर साल विपक्ष को नया विशेषण देने की उनकी कार्यशैली का हिस्सा है। विपक्षी दल कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी पर दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) के मंच का दुरुपयोग करने और शनिवार को आयोजित कॉलेज के शताब्दी समारोह को ‘‘एक और राजनीतिक प्रचार’’ में बदलने का आरोप लगाया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘‘नरेन्द्र मोदी जी कल दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में गए। यह देश के युवाओं, शिक्षा और उनके भविष्य पर संवाद का अवसर था। लेकिन अफसोस, युवाओं के सवालों का सामना करने के बजाय भाषण फिर एक राजनीतिक प्रचार में बदल गया।’’उन्होंने कहा, ‘‘मोदी जी की कार्यप्रणाली लोकतंत्र में सवालों को दबाने के लिए विपक्ष को साल दर साल एक नया विशेषण देना.. ताकि उनकी खुद की नाकामियां छिपी रहें। नाराज फूफा, दिमागी नक्सल, अर्बन नक्सल, खान मार्केट गैंग, आंदोलनजीवी, परजीवी।’’उन्होंने कहा कि विशेषण बदलते रहते हैं, पर मोदी सरकार की ‘‘जनविरोधी नीतियां’’ नहीं बदलतीं। उन्होंने कहा, ‘‘मोदी जी, संपर्क की जरूरत तभी पड़ती है, जब आप लोगों की पहुंच से बाहर हो जाते हैं। प्रधानमंत्री जी ने अपना “रिपोर्ट कार्ड” (प्रगति रिपोर्ट) दिखाया। देश का युवा भी अपना ‘रिपोर्ट कार्ड’ लेकर खड़ा है। इस ‘रिपोर्ट कार्ड’ में है - बेरोजगारी, वर्षों से अटकी सरकारी भर्तियां, पेपर लीक से परेशान विद्यार्थी, महंगी होती शिक्षा, घटते छात्रवृत्ति के अवसर और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर बढ़ता दबाव।’’उन्होंने कहा कि ‘‘छात्रों की गूंज’’ को सुनिए, इधर-उधर की बातों से समाधान नहीं निकलेगा। कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि श्रेष्ठता थोपने की कोशिश अक्सर हीन भावना की सबसे खराब अभिव्यक्ति होती है। खेड़ा ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के रूप में 12 साल बाद भी, एसआरसीसी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में देश के युवाओं को देने के लिए उनके पास कोई दृष्टिकोण, कोई प्रेरणादायक संदेश और कुछ भी सकारात्मक न होना, और इसके बजाय विपक्ष पर छींटाकशी करना, एक ऐसे प्रधानमंत्री पर गंभीर सवाल खड़े करता है, जिनके पास न तो कोई विचार बचा है और न कहने को कोई ठोस चीज है और ज़ाहिर तौर पर कहने के लिए कोई सार्थक बात भी नहीं बची है।’’मोदी ने शनिवार को कहा था कि भारत ना केवल 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है, बल्कि युद्धों और व्यवधानों के बावजूद रोजगार के अवसर भी पैदा कर रहा है, जो देश की ताकत को दर्शाता है। उन्होंने कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था को ‘पांच नाजुक’ अर्थव्यवस्थाओं में पहुंचाने वाले लोग अब देश की 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि को पचा नहीं पा रहे हैं। एसआरसीसी के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, ‘‘आज आतंकवाद फैलाने वालों को करारा जवाब दिया जा रहा है। अगर पाकिस्तान कोई नापाक हरकत करता है, तो भारतीय सेना उसके घर में घुसकर हमला करती है।’’उन्होंने कहा था कि जम्मू कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर तक शांति है और नक्सलवाद को खत्म कर दिया गया है। मोदी ने याद किया कि 2013 में, जब उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में आखिरी बार एसआरसीसी के छात्रों को संबोधित किया था, तब देश हर मोर्चे पर संघर्ष कर रहा था। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, आतंकवाद और महंगाई पर कोई नियंत्रण नहीं था, लेकिन अब भारत आर्थिक और सामाजिक रूप से कहीं अधिक सुरक्षित है। उन्होंने कहा था कि हालांकि इसे देखने के बाद कुछ लोगों की निराशा बढ़ रही है। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे लोगों के लिए मैंने लालकिले से (स्वतंत्रता दिवस के संबोधन के दौरान) होम्योपैथी की एक खुराक दी थी... ‘दिमागी नक्सल’।’’मोदी ने कहा, ‘‘जब मैंने ‘दिमागी नक्सल’ कहा, तो ऐसे सभी लोग सामने आ गए और मेरी आलोचना करने लगे। जो लोग दिमागी नक्सलवाद को बढ़ावा दे रहे थे, उनका असली रंग जनता ने देखा।’’मोदी ने कहा कि भारत की 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि ऐसे समय में भी हुई है जब पश्चिम एशिया में युद्ध जारी है और व्यापार से जुड़े व्यवधान बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी वृद्धि हासिल करना भारत की ताकत को दर्शाता है। वह अप्रैल-जून तिमाही की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी जानते हैं कि भारत को ‘नाजुक पांच’ अर्थव्यवस्थाओं में पहुंचाने वाले लोग अब देश की 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि के आंकड़े को पचा नहीं पा रहे हैं।’’ यह कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर परोक्ष हमला था, जिन्होंने आर्थिक वृद्धि के आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि परिसर के बाहर छात्रों को दो तरह के लोग मिलेंगे—‘‘वे जो समाज की शक्ति को सकारात्मक रूप से राष्ट्र की शक्ति में बदलते हैं और दूसरे वे, जो किसी भी काम के शुरू होते ही ‘नाराज फूफा’ बन जाते हैं।
हर घर नल पहुंचाने में यूपी सबसे आगे, जोड़े देश में सबसे ज्यादा ग्रामीण कनेक्शन
जल जीवन मिशन के तहत उत्तर प्रदेश ने ग्रामीण घरों तक नल का पानी पहुंचाने की दिशा में बड़ी छलांग लगाई है, कनेक्शन जोड़ने के मामले में यूपी देश के बाकी राज्यों से आगे निकल चुका है.
अर्जुन की छाल और दालचीनी की चाय कैसे बनाएं? नोट करें रेसिपी
Arjun Bark and Cinnamon Tea : घर पर अर्जुन की छाल और दालचीनी का काढ़ा बनाना बहुत ही आसान है. यहां हम आपको सिंपल सी रेसिपी बताएंगे. चलिए जानते हैं-
लोन चुकाना न पड़े इसलिए प्रेमी-प्रेमिका ने IIFL मैनेजर को मार डाला
गुजरात के प्रांतिज में IIFL फाइनेंस के मैनेजर की हत्या की गुत्थी पुलिस ने चंद घंटों में सुलझा दी. जांच में सामने आया कि 6 लाख रुपये का लोन चुकाने से बचने और गिरवी रखा सोना वापस पाने के लिए प्रेमी-प्रेमिका ने साजिश रची थी. महिला ने मैनेजर को बुलाया, प्रेमी ने कार में धारदार हथियार से उनकी हत्या कर दी.
धर्म-जाति के बाद अब 'Age' पर देश को बांटने की कोशिश; समृति ईरानी ने क्यों कही ये बात
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने एक पॉडकास्ट में कहा कि धर्म, जाति और क्षेत्र के बाद अब देश को उम्र के नाम पर बांटने की कोशिश हो रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री को व्यक्ति नहीं संस्थान बताते हुए आंदोलन के दौरान हुई गाली-गलौज की निंदा की।
अमेठी हार को स्मृति ईरानी ने किया याद, बोलीं- कार्यकर्ता सोच रहे थे दीदी को सदमा लग गया
अमेठी हार पर स्मृति ईरानी ने बताया कि नतीजे वाले दिन अपने घर में बने मंदिर में थी, वहां प्रतिमा को देखकर कहा कि जो किया अच्छा किया। मेरे बगल में खड़े कार्यकर्ता यह सुनकर शॉक्ड हो गए और सोचे कि दीदी को सदमा लग गया है।
नदी की सफाई से स्टार बने 'बिट्टू तबाही', अब ग्राउंड रिपोर्ट में नई कहानी
Ajnar River Cleanup Controversy: ब्यावरा की अजनार नदी अकेले साफ करने के 'बिट्टू तबाही' के दावों पर अजनार बचाओ समिति और नगर पालिका ने उठाए सवाल, बताया सामूहिक प्रयास.
26 साल पुराना वो सीरियल, जो 8 साल तक रहा सुपरहिट, आए 1833 एपिसोड, टाइटल सॉन्ग से घर-घर पहचान बनाई
एकता कपूर का 26 साल पुराना सीरियल ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ 8 साल तक दर्शकों का पसंदीदा रहा. 1833 एपिसोड वाले इस शो ने तुलसी-मिहिर की जोड़ी और अपने लोकप्रिय टाइटल सॉन्ग से घर-घर पहचान बनाई.
रीना रॉय और जीतेंद्र के 43 साल पुराने गाने में हर उस महिला का दर्द और डर छिपा है जिसे अपने पति, साथी या प्रेमी से अलग रहने पर मजबूर होना पड़ रहा है. 1983 में आई फिल्म अर्पण का ये गाना आज भी पसंद किया जाता है और ये फिल्म उस वक्त की हिट फिल्म थी.
गिल के शेर ने इंग्लैंड में मचाया गदर, 20 रन देकर झटके 5 विकेट
भारतीय टेस्ट टीम में भारतीय स्पिनर आर साई किशोर की एंट्री नहीं हो पाई है. लगातार गेंद से बेहतर प्रदर्शन करने के बावजूद चयनकर्ताओं द्वारा उन्हें नजरअंदाज किया जाता रहा है.
Amit Shah बोले, 2029 तक भारत को नशा-मुक्त बनाने का खाका तैयार
(फाइल फोटो के साथ)पणजी, छह सितंबर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य है कि नशा-मुक्त युवा शक्ति 2047 में ‘विकसित भारत’ का नेतृत्व करे तथा इस सिलसिले में केंद्र सरकार ने 2029 तक भारत को नशा-मुक्त बनाने के लिए एक प्रारूप तैयार किया है। शाह ने यहां प्रेसवार्ता में कहा कि विकसित भारत का सपना साकार करने के लिए मोदी सरकार देश को नशा-मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ठीक वैसे ही जैसे उसने नक्सलवाद और आतंकवाद की समस्या को खत्म करने के लिए काम किया है। शाह ने कहा, ‘‘नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य है कि नशा-मुक्त युवा शक्ति 2047 में विकसित भारत का नेतृत्व करे।’’उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 2014 से पहले मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई अधिकतर छोटी इकाइयों द्वारा और अलग-थलग रहकर लड़ी जाती थीं। एजेंसियां अक्सर छोटे-मोटे आरोपियों को पकड़कर ही संतुष्ट हो जाती थीं। हमारी सरकार इस लड़ाई को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से प्राथमिकता बना रही है।’’उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार के कार्यकाल में, आतंकवाद में कमी आने के बाद जम्मू-कश्मीर तरक्की और विकास की राह पर है और वहां आतंकवाद धीरे-धीरे खत्म होने के करीब है। शाह ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से अलगाववाद की भावना कम हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘मोदी सरकार ने आंतरिक सुरक्षा को बेहतर और मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। जिन लोगों ने तिरुपति से पशुपति तक लाल (माओवादी) गलियारा बनाने का सपना देखा था, उन्होंने हथियार डाल दिए हैं और मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं। पूर्वोत्तर में भी शांति है। 10,000 से ज़्यादा युवाओं ने हथियार डाल दिए हैं।’’शाह ने कहा कि पांच दशकों तक चलने वाला नक्सलवाद अब अतीत की बात हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ‘‘हमने नक्सलवाद को खत्म कर दिया है और नशीले पदार्थों की समस्या से भी उसी तरह निपटेंगे।
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