'PM को गाली दी, उनकी मां को गाली दी...', अपशब्दों पर भड़कीं इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की VC
पीएम मोदी और उनकी दिवगंत मां को गाली दी जाने पर इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर संगीता श्रीवास्तव ने कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब किसी को गाली देना नहीं है. उन्होंने सवाल किया कि आज समाज से हमारे अच्छे मूल्य और संस्कार आखिर कहां गायब हो गए हैं? हमें अपने गिरेबान में झांकना की जरुरत है.
भूकंप से तबाही के बीच कोलंबिया की ट्रंप से अपील, टैरिफ हटाने की मांग
कोलंबिया में भूकंप से 289 लोगों की मौत के बाद राष्ट्रपति अबेलार्डो डी ला एस्प्रिएला ने डोनाल्ड ट्रंप से कोलंबियाई उत्पादों पर लगे टैरिफ को अस्थायी रूप से हटाने की मांग की है. भूकंप में हजारों लोग घायल हुए हैं और बड़ी संख्या में घर तबाह हुए हैं.
घरों से लेकर CHC तक पानी-पानी... जल निकासी को लेकर सपा का जल सत्याग्रह
रायबरेली के बछरावां में भारी बारिश के बाद जलभराव अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में पानी भरने से नाराज सपा कार्यकर्ताओं ने पानी के बीच बैठकर जल सत्याग्रह किया. प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही नगर पंचायत प्रशासन सक्रिय हुआ. पंपिंग सेट और इंजन से पानी निकालने के साथ नालियों की सफाई शुरू कराई गई.
म्यूजियम से रेनेसां काल की मशहूर पेंटिंग चोरी, कीमत 700 करोड़ रुपये
इटली के सिसिली के मेसिना शहर स्थित म्यूमे संग्रहालय से रिनेसां चित्रकार अंतोनेल्लो दा मेसिना की चार अनमोल पेंटिंग्स चोरी हो गई हैं. यह चोरी असम्पशन त्योहार के दौरान हुई, जब चोरों ने अलार्म सिस्टम को चकमा देकर सैन ग्रेगोरियो पॉलिप्टिक के तीन पैनल और पीएता पैनल उड़ा लिए. विशेषज्ञों के अनुसार इनकी कीमत लगभग आठ करोड़ डॉलर आंकी गई है.
राशन विक्रेताओं को CM योगी देंगे बड़ी सौगात, 90 से बढ़कर ₹125 होगा लाभांश
CM योगी आदित्यनाथ लखनऊ के लोक भवन से राशन विक्रेताओं के लाभांश में 35 रुपये प्रति कुंतल का इजाफा करने जा रहे हैं. अब तक मिलने वाला 90 रुपये प्रति कुंतल का लाभांश बढ़कर सीधे 125 रुपये हो जाएगा.
कल का मौसम: 17 अगस्त को यूपी के इन जिलों में जमकर बरसेंगे बदरा
UP Weather Updates: 17 अगस्त को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है. 18 अगस्त को भी बारिश जारी रहेगी, जबकि 19-20 अगस्त को राहत के संकेत हैं.
NTA कराएगा 3 विषयों का री-एग्जाम, नया शेड्यूल हुआ जारी
यूजीसी नेट जून 2026 के तीन विषयों अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र की परीक्षा दोबारा कराई जाएगी. एनटीए की विशेषज्ञ समिति को इन प्रश्नपत्रों में तथ्य, टाइपिंग, अनुवाद और व्याकरण से जुड़ी गंभीर गलतियां मिली थीं. री-एग्जाम के लिए अभ्यर्थियों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा. अंग्रेजी और कॉमर्स की परीक्षा 9 सितंबर, जबकि समाजशास्त्र की परीक्षा 10 सितंबर को होगी. बाकी 84 विषयों के परिणाम तय कार्यक्रम के अनुसार जारी होंगे.
नाग पंचमी पर भोग में बनाएं गाढ़ी खीर और फूली-फूली पूड़ियां
नाग पंचमी पर भोग के लिए अगर आप भी कुछ प्रसाद बनाने की सोच रहे हैं तो यहां हम आपको फूली-फूली पूड़ी और मलाईदार खीर की रेसिपी बता रहे हैं. इस ट्रिक से आप फटाफट भोग का प्रसाद तैयार कर सकते हैं.
पूर्व रेलवे ने सियालदह-बारासात एसी ईएमयू लोकल सेवा का विस्तार 20 अगस्त 2026 से बनगांव जंक्शन तक करने का निर्णय लिया है।
लोग ज्यादा शराब पीने लगे हैं... ट्रंप की नीति पर BJP नेता का चौंकाने वाला दावा
महाराष्ट्र बीजेपी के उपाध्यक्ष और पूर्व सांसद सुजय विखे-पाटील ने कहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान युद्ध संबंधी बदलती रणनीति को भारत में शराब की खपत बढ़ गए हैं। इसके अलावा अहिल्यानगर-मनमाड सड़क निर्माण में हो रही देरी का जिम्मेदार भी ठहराया।
सपा सरकार बनी तो 16 अगस्त को होगी सार्वजनिक छुट्टी, अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को कहा कि यदि 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो 16 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाएगा। यह अवकाश स्वतंत्रता सेनानी वीरांगना अवंतीबाई लोधी के सम्मान में होगा। […]
डिस्कवरी चैनल की डॉक्यूमेंट्री 'ऑपरेशन सिंदूर' ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष के कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पाकिस्तान ने दिल्ली पर मिसाइल दागी, जिसे भारतीय बराक-8 सिस्टम ने सिरसा के पास हवा में ही नष्ट कर दिया।
कांवड़ यात्रा में ट्रॉली पर रखा DJ हाईटेंशन तार से टकराया, एक की मौत
गोरखपुर में कांवड़ यात्रा के दौरान 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा झुलस गया. पिपराइच रोड पर ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखा DJ ऊपर से गुजर रहे तार के संपर्क में आया. पुलिस के मुताबिक, वापसी के दौरान DJ खोलते समय हादसा हुआ.
चमोली सुरंग हादसे की होगी मजिस्ट्रेट जांच, चौथे दिन भी 2 लापता मजदूरों की तलाश
उत्तराखंड के चमोली जिले में सुरंग हादसे के चौथे दिन रविवार को भी दो लापता श्रमिकों की तलाश जारी रही। हादसे की कारणों की जांच के लिए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए हैं।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने लाभार्थियों से संवाद करते हुए योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी भी प्राप्त की। इस अवसर पर उन्होंने पात्र लाभार्थियों को ई-रिक्शा वितरित किए तथा झंडा दिखाकर ई-रिक्शाओं को रवाना किया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद एवं पात्र परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना और उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती कल्पना सोनकर, विधायक चायल श्रीमती पूजा पाल, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य, अवधेश गुप्ता, निवर्तमान विधायकगण संजय कुमार गुप्ता, लाल बहादुर एवं शीतला प्रसाद उर्फ पप्पू पटेल, सदस्य उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग प्रतिभा कुशवाहा, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद मंझनपुर वीरेंद्र फौजी, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद भरवारी कविता पासी, अध्यक्ष नगर पंचायत अझुवा शांति देवी, शिव मोहन मौर्य, चन्द्रदत्त शुक्ला तथा जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल, पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण, मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी सहित जनपद के अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज प्रयागराज भ्रमण के दौरान सर्किट हाउस में पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से भेंटवार्ता कर संगठनात्मक विषयों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने संगठन को और अधिक मजबूत, सक्रिय एवं जनोन्मुखी बनाने तथा पार्टी की नीतियों एवं केंद्र व प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।श्री मौर्य ने पार्टी पदाधिकारियों से संगठन की गतिविधियों, आगामी कार्यक्रमों तथा बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का संगठन कार्यकर्ता आधारित संगठन है और कार्यकर्ताओं की मेहनत एवं समर्पण के बल पर पार्टी निरंतर मजबूत हो रही है। उन्होंने पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे जनसामान्य के बीच लगातार संपर्क में रहें तथा सरकार की उपलब्धियों एवं योजनाओं की जानकारी पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाएं।उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सर्किट हाउस में जनता दर्शन का आयोजन कर बड़ी संख्या में आए नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना। विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने सड़क, बिजली, पानी, राजस्व, आवास, पेंशन, रोजगार सहित अन्य जनसमस्याओं से संबंधित प्रार्थना-पत्र उप मुख्यमंत्री जी को सौंपे। प्रत्येक फरियादी की बात ध्यानपूर्वक सुनी और संबंधित अधिकारियों को जनसमस्याओं के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। पात्र लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाना और उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है।
तुष्टीकरण की ओछी राजनीति, वंदे मातरम विवाद में कांग्रेस पर भड़के भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने आरोप लगाया कि एक बार फिर यह साबित हो गया है कि आजादी के आठ दशक बाद भी कांग्रेस के लिए वंदे मातरम का कोई सम्मान नहीं है।
दिल्ली मेट्रो में CISF जवान पर लगा फोटो खींचने का आरोप
दिल्ली के एम्स मेट्रो स्टेशन पर सीआईएसएफ के एक जवान पर महिला यात्री की तस्वीरें चुपके से लेने का आरोप लगा है. घटना के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ और मामले ने तूल पकड़ लिया. सीआईएसएफ ने आरोपी जवान को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी है. हालांकि, मेट्रो पुलिस के मुताबिक महिला ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई और पिस्टल तानने की बात भी गलत बताई गई है.
सावन के तीसरे सोमवार 9 शुभ योग, जलाभिषेक का मुहूर्त भी नोट करें
17 अगस्त को सावन सोमवार के साथ शुभ योग, रवि योग, नाग पंचमी, सिंह संक्रांति, स्कंद षष्ठी, मलयालम नववर्ष, कर्क राशि में त्रिग्रही योग, हंसराज योग और बुधादित्य योग जैसे संयोग बताए गए हैं. इन योगों और पर्वों के एक साथ पड़ने से इस दिन का धार्मिक महत्व बढ़ जाता है.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को देश के पहले वर्चुअल चिड़ियाघर का लोकार्पण किया। साथ ही उन्होंने इंदौर प्राणी संग्रहालय में स्थापित साढ़े 4 करोड़ रुपए की लागत से पीपीपी मॉडल पर निर्मित 14-डी सिनेमा थिएटर एवं वर्चुअल जंगल सफारी का भी लोकार्पण ...
'ट्रंप की वजह से नहीं बन पा रही सड़क...', महाराष्ट्र के BJP नेता का दावा
महाराष्ट्र बीजेपी उपाध्यक्ष सुजय विखे-पाटिल ने अहिल्यानगर-मनमाड सड़क परियोजना में देरी के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की युद्ध नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है.
स्लीपर टिकट पर AC में सफर, TT ने उतरने को कहा तो मॉडल ने पहले उतारे कपड़े, फिर ब्लेड से कर दिया हमला
अरावली एक्सप्रेस में मॉडल अंतरा मुखर्जी का हाई-वोल्टेज ड्रामा सामने आया है. सीट विवाद में मॉडल ने पहले तो अपने कपड़े उतारे फिर RPF और TC पर ब्लेड से हमला कर दिया.
'लाइफलाइन एक्सप्रेस' यानी चलता-फिरता अस्पताल सूरजपुर के विश्रामपुर पहुंच चुका है. 5 सितंबर तक यहां विशेषज्ञ डॉक्टर कैंसर, मोतियाबिंद और सर्जरी समेत अन्य गंभीर बीमारियों का फ्री इलाज करेंगे.
अमेरिकी सैनिकों को मारने या पकड़ने पर 30,000 डॉलर का इनाम... ईरानी कमांडर का ऐलान
ईरानी सेना के कमांडर ने अमेरिकी सैनिकों को पकड़ने या मारने वाले ईरानी लड़ाकों के लिए 30,000 डॉलर के इनाम का ऐलान किया. यह घोषणा ऐसे समय हुई है, जब शांति वार्ता में कोई प्रगति नहीं हुई है और होर्मुज स्ट्रेट से तेल टैंकरों की आवाजाही भी रुकी हुई है.
'नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए माफी की कर रहे मांग', कांग्रेस ने शाह पर साधा निशाना
कांग्रेस ने गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 'वंदे मातरम्' के कथित अपमान पर माफी मांगने की मांग पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
रांची में छात्रों से मिलीं कुनिका, आंदोलन का किया समर्थन
रांची में छात्रों के प्रदर्शन को 23 दिन बीत चुके हैं. ऐसे में उनका साथ देने बॉलीवुड एक्ट्रेस कुनिका सदानंद जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पहुंची, जहां उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से मुलाकात की.
प्रयागराज में केशव प्रसाद मौर्य ने वंदे मातरम्' का अपमान और कांग्रेस पर प्रहार और सपा प्रमुख को दिया जवाब कहा कि- कांग्रेस मुख्यालय में सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी की मौजूदगी में 'वंदे मातरम्' को बीच में रोककर राष्ट्रगीत और भारत माता का घोर अपमान किया गया है।- वंदे मातरम्' के छह छंदों में भारत माता को देवी दुर्गा, सरस्वती और लक्ष्मी के रूप में पूजा गया है, जिसे कांग्रेस अपनी तुष्टिकरण और भारत-विरोधी राजनीति के कारण बर्दाश्त नहीं कर पा रही है।- राष्ट्रगीत का यह अपमान उसी मानसिकता का हिस्सा है जिसने 1947 में देश का बंटवारा कराया था; यह एक गैरकानूनी कृत्य और राष्ट्रद्रोह है।- कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व अपने इस कृत्य के लिए पूरे देश से तत्काल माफी मांगे। इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।- समाज और विशेषकर भाजपा कार्यकर्ता एकजुट होकर इस 'अर्बन और वैचारिक नक्सलवाद' के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाएं और पुरजोर विरोध करें।मेडिकल कॉलेज के मुद्दे पर अखिलेश यादव को जवाब- मेडिकल कॉलेजों को लेकर अखिलेश यादव का बयान तथ्यहीन है; वर्तमान में वहां काउंसलिंग चल रही है और पढ़ने व पढ़ाने वाले दोनों मौजूद हैं।- अखिलेश यादव पर तंज: जिनके परिवार में केवल 'लठैत' हैं, वे शिक्षा को नहीं समझ सकते; यदि उनके परिवार में भी पढ़ने वाले होंगे, तो वे वहां जाकर पढ़ सकते हैं।एंबुलेंस सुविधा और विपक्ष की बयानबाजी- किसी एक घटना को 25 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश से जोड़कर पेश करना केवल चुनाव को देखते हुए की जा रही कोरी राजनीतिक बयानबाजी है।- सरकार राज्य के हर एक नागरिक को आवश्यकता पड़ने पर एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह से संकल्पित है और इस दिशा में काम कर रही है।
फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड के कहर से मुश्किल में जान, देखें विशेष
देश के अलग-अलग हिस्सों में आसमान से मूसलाधार मुसीबत बरस रही है. कहीं सड़कें दरिया बन गई हैं तो कहीं नदियों किनारों को काटकर बह रही हैं. लेकिन बाढ़-बारिश के साथ भूस्खलन की मार सबसे ज्यादा पड़ रही है. पहाड़ दरक रहे हैं, चट्टानें चटक रही हैं, और लोग मुश्किल में हैं. देखें विशेष.
डिलीवरी से पहले पकड़ी गई 4.10 करोड़ की स्मैक, 2 तस्कर गिरफ्तार
सहारनपुर में पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन सवेरा के तहत बड़ी कार्रवाई की है. बेहट पुलिस, SWAT और सर्विलांस टीम ने 804 ग्राम अवैध स्मैक के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है. बरामद नशीले पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 4.10 करोड़ रुपये बताई गई है. आरोपियों से बोलेरो और दो मोबाइल भी मिले हैं.
डेढ़ घंटे तक जज की गाड़ी रोक दी! महाराष्ट्र में नाराज अभ्यार्थियों का हंगामा
छात्रों के इस आंदोलन को कांग्रेस, MNS और एनसीपी (शरद पवार गुट) के नेताओं का भी समर्थन मिला, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति काफ़ी देर तक बनी रही.
ओडिशा में IMD का रेड अलर्ट, सुरक्षित जगह पहुंचाए गए 2.37 लाख से अधिक लोग
ओडिशा में हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। अब भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने भी अलर्ट जारी किया है। इसमें बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने एक नए कम दबाव के क्षेत्र के कारण कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।
ममता बनर्जी इस स्वतंत्रता दिवस पर सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहीं और अपने घर पर भी झंडा नहीं फहराया। करीब चार दशक के राजनीतिक जीवन में यह पहली बार हुआ, जिससे उनकी अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी।
तमिलनाडु: विजय सरकार ने 11 शराब ब्रांड्स पर लगा बैन हटाया, नियमों के उल्लंघन पर लगा था प्रतिबंध
तमिलनाडु में सरकारी कंपनी TASMAC द्वारा बेचे जाने वाले 11 शराब ब्रांडों पर लगा अस्थायी प्रतिबंध तीन दिन बाद हटा लिया गया है।
चीन में प्यार करना इतना भी नहीं आसान, तरक्की के बीच छीनती जा रही आजादी
थिंक टैंक 'मेरिक्स' से जुड़ी ड्रिनहाउजेन ने बताया कि पार्टी के अंदर सदस्यों की नैतिक छवि तय करने में तलाक या शादी जैसे मामलों को भी ध्यान में रखा जा सकता है.
यूजीसी-नेट की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है। एजेंसी ने माना है कि इन तीनों प्रश्नपत्रों में इतनी अधिक गलतियां और दोहराए गए सवाल थे कि केवल कुछ प्रश्न हटाकर समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता था। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के अनुसार, इन तीनों विषयों की नई परीक्षा 9 और 10 सितंबर को होगी। अंग्रेजी की परीक्षा 9 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक, जबकि वाणिज्य की परीक्षा उसी दिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित की जाएगी। समाजशास्त्र की परीक्षा 10 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। अभ्यर्थियों से दोबारा परीक्षा के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। मौजूद जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने रविवार को यूजीसी-नेट के 87 में से 84 विषयों की अस्थायी उत्तर कुंजी जारी कर दी थी, लेकिन अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र की उत्तर कुंजी रोक दी गई थी। यह फैसला जून में हुई परीक्षा के करीब सात सप्ताह बाद आया है। एजेंसी ने बताया कि अभ्यर्थियों से बड़ी संख्या में शिकायतें मिलने के बाद एक समिति बनाई गई थी। समिति की जांच में प्रश्नपत्रों में कई तरह की गंभीर गलतियां सामने आईं। इनमें तथ्य संबंधी गलतियां, छपाई की गलतियां, अनुवाद की त्रुटियां, नामों की गलत वर्तनी, पुस्तकों के बिगड़े हुए नाम, गलत तरीके से लिखे गए सवाल, व्याकरण और विराम चिह्नों की गलतियां तथा स्थापित अवधारणाओं के लिए गैर-मानक शब्दों का इस्तेमाल शामिल था। समिति को यह भी पता चला कि प्रश्नपत्रों में पहले पूछे जा चुके काफी सवाल दोबारा शामिल किए गए थे। अंग्रेजी विषय के अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया था कि 150 में से 67 सवाल वर्ष 2024 की परीक्षा में पूछे गए सवालों से हूबहू मिलते थे। यहां तक कि विकल्पों का क्रम भी कथित तौर पर वही था। बाद में वाणिज्य के प्रश्नपत्र में भी सवाल दोहराए जाने की शिकायत सामने आई। समाजशास्त्र के अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र में रिट्जर की जगह पुट्जर, पार्सन्स की जगह पार्सो और घुर्ये की जगह घुन्ये जैसे नाम लिखे जाने की शिकायत की थी। ए. आर. देसाई का नाम भी गलत तरीके से लिखा गया था। हिंदी अनुवाद और पाठ्यक्रम से जुड़े सवालों को लेकर भी अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए थे। गौरतलब है कि जून 2024 में भी यूजीसी-नेट परीक्षा को आयोजित होने के एक दिन बाद रद्द करना पड़ा था। गृह मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय साइबर अपराध खतरा विश्लेषण इकाई से परीक्षा की विश्वसनीयता प्रभावित होने की जानकारी मिलने के बाद दोबारा परीक्षा कराई गई थी। हालांकि इस बार बाकी 84 विषयों के नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने कहा है कि इन विषयों के परिणाम तय समय पर जारी किए जाएंगे और कनिष्ठ शोध अध्येता आवंटन के साथ सहायक प्रोफेसर और पीएचडी पात्रता प्रमाणपत्र में देरी नहीं होगी। सहायक प्रोफेसर पात्रता के लिए सफल अभ्यर्थियों की संख्या जून की परीक्षा या दोबारा होने वाली परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों में से जिसकी संख्या अधिक होगी, उसके छह प्रतिशत के आधार पर तय की जाएगी।
एनटीए ने यूजीसी-नेट के तीन पेपरों के लिए दोबारा परीक्षा की घोषणा की
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने यूजीसी-नेट के इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की है।
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज कौशांबी जनपद के मां शीतला अतिथि गृह, सयारा में जनपद के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे और जनता की समस्याओं एवं शिकायतों का समाधान पूरी संवेदनशीलता, गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ सुनिश्चित किया जाए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराया जाए। उन्होंने आईजीआरएस के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक निस्तारण न किया जाए, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि और समस्या के वास्तविक समाधान को प्राथमिकता दी जाए। निस्तारित शिकायतों का सत्यापन भी कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कार्मिक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।श्री मौर्य जी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी से जनपद में पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों की जानकारी प्राप्त की और निर्देश दिए कि सर्वे कराकर ऐसे पात्र लोगों को चिन्हित किया जाए, जो अभी तक पेंशन योजनाओं का लाभ पाने से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति कल्याणकारी योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने दिव्यांगजनों के संबंध में निर्देश देते हुए कहा कि जनपद में सर्वे कराकर पात्र दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत भी छूटे हुए पात्र परिवारों को चिन्हित कर उन्हें आवास योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।भूमि विवादों के प्रभावी समाधान और अवैध अतिक्रमण हटाने के निर्देशउपमुख्यमंत्री जी ने कहा कि लंबे समय से एक ही तहसील में तैनात कार्मिकों का नियमानुसार स्थानांतरण किया जाए। उन्होंने भूमि विवादों के मामलों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि राजस्व एवं पुलिस विभाग आपसी समन्वय के साथ भूमि विवादों का प्रभावी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें, जिससे विवादों के कारण आमजन को अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने नियमित रूप से ग्राम चौपालों का आयोजन कराने के निर्देश देते हुए कहा कि अधिकारी गांवों में पहुंचकर जनता की समस्याओं को सुनें और मौके पर ही यथासंभव समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने अभियान चलाकर चकमार्ग, खलिहान एवं अन्य सरकारी भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए।प्रत्येक विकासखंड में स्वयं सहायता समूहों की बड़ी इकाई स्थापित करने पर जोरश्री मौर्य जी ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रत्येक विकासखंड में स्वयं सहायता समूह की बड़ी इकाई स्थापित करने की दिशा में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को स्थानीय संसाधनों, उत्पादों और बाजार से जोड़कर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं।
'मुझे हर एक युवा पर गर्व है', राहुल गांधी ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन की सराहाना की
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के हिंसक शासन के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवाओं के साहस की सराहना की।
BBC vs ट्रंप: अब इवांका, जेरेड और डोनाल्ड ट्रंप जूनियर से मांगी जाएगी गवाही?
BBC ने डोनाल्ड ट्रंप के 10 अरब डॉलर के मानहानि मामले में उनके परिवार के सदस्यों से जुड़े दस्तावेज और बयान के लिए अदालत से मदद मांगी. कोर्ट ने ट्रंप की कानूनी टीम से इस मांग पर जवाब देने को कहा है.
गाजियाबाद में चाइनीज मांझे ने ली बाइक सवार की जान, गर्दन कटने से रवि राज की मौत
गाजियाबाद: स्वतंत्रता दिवस के दिन गाजियाबाद में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे ने एक बाइक सवार की जान ले ली। हादसा एनएच-9 पर कौशांबी थाना क्षेत्र में हुआ, जहां बाइक से जा रहे 27 वर्षीय रवि राज की गर्दन में हवा में लटका मांझा उलझ गया। धारदार डोर से गंभीर चोट लगने के बाद वह बाइक से […]
जरदारी के बयान पर भड़के जावेद अख्तर, याद दिलाया 10% विवाद
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस मौके पर वहां रह रहे हिंदूओं को लेकर ऐसा बयान दिया, जिससे जावेद अख्तर भी नाराज हो गए. उन्होंने उन्हें अपने अंदाज में फटकार लगाई.
गंडक नदी में नहाने गए थे 5 दोस्त, एक-एक कर 3 गहरे पानी में समाए
बेगूसराय में बूढ़ी गंडक नदी के बसौना घाट पर नहाने गए पांच स्कूली छात्रों में से तीन गहरे पानी में डूब गए. हादसा चेरिया बरियारपुर थाना क्षेत्र में हुआ. दो अन्य छात्र अपने दोस्तों को डूबता देखकर वहां से भाग गए. घाट पर कपड़े और साइकिल मिलने के बाद ग्रामीणों को घटना का पता चला. SDRF की टीम तलाश में जुटी है.
'हवाई जहाज वाला गुरुद्वारा', इच्छा पूरी होने पर लोग चढ़ाते हैं खिलौना
जालंधर शहर से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित गुरुद्वारा श्री तलहन साहिब जी को शहीद बाबा निहाल सिंह जी गुरुद्वारा साहिब के नाम से भी जाना जाता है. इस गुरुद्वारे से लोगों की आस्था जुड़ी हुई है. कहते हैं कि गुरुद्वारा साहिब आने वाले लोग विदेश जाने की मन्नत मांगते है और मन्नत पूरी हो जाने पर खिलौने वाला हवाई जहाज चढ़ाते हैं.
चिपचिपी नहीं होगी भिंडी की सब्जी! आजमाएं शेफ की ये आसान ट्रिक
भिंडी की सब्जी बनाते समय लोगों की अक्सर यही दिक्कत होती है कि वो चिपचिपी हो जाती है. ऐसा इसलिए होता है कि क्योंकि लोग गलत तरीके से भिंडी को धोते हैं और काटते हैं. ऐसे में द लीला पैलेस चेन्नई के एग्जीक्यूटिव शेफ रविश मिश्रा के भिंडी का चिपचिपाहट दूर करने के आसान तरीके बताए हैं, जो आपके बहुत काम आएंगे.
ओडिशा में भारी बारिश से हाहाकार! 2.37 लाख लोगों का रेस्क्यू, रेड अलर्ट जारी
ओडिशा में भारी बारिश और बाढ़ की वजह से हालात बिगड़ गए हैं. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है. 2.37 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. राज्य सरकार ने हाई अलर्ट जारी कर सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं.
ऑनलाइन परीक्षा कराना बस का नहीं तो एग्जाम क्यों लेते हैं? अभिजीत दिपके ने सरकार को घेरा
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क भर्ती परीक्षा के दौरान तकनीकी गड़बड़ी हुई. इसमें कंप्यूटर सिस्टम फेल हो गए. कई छात्रों को जबरन फेल घोषित कर दिया गया. कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सरकार और परीक्षा व्यवस्था की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने परीक्षा दोबारा आयोजित करने की मांग की है.
खतरे में धरोहरें: राष्ट्रीय महत्व के 414 संरक्षित स्थल अतिक्रमण के शिकार, सबसे आगे उत्तर प्रदेश
देश में कुल 3,688 राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों में से 414 पर अतिक्रमण की सूचना मिली है, जिसमें उत्तर प्रदेश 75 स्थलों के साथ सबसे आगे है।
260 में खरीदकर 600 रुपये में बेचता था नशे वाला कफ सिरप, आरोपी गिरफ्तार
राजस्थान के धौलपुर में करौली पुलिस ने कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध सप्लाई का खुलासा किया है. मंडरायल में 58 टोसेक्स सिरप के साथ हरिओम राजपूत को पकड़ा गया. पूछताछ में उसने बाड़ी के जय अंबे मेडिकल स्टोर से सिरप खरीदने की बात कही. इसके बाद मेडिकल स्टोर संचालक के बेटे हिमांशु सिंघल को गिरफ्तार कर दुकान सील कर दी गई.
'माफी मांगे कांग्रेस नेतृत्व', रविशंकर प्रसाद ने वंदे मातरम् के अपमान पर सोनिया गांधी को घेरा
राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के अपमान पर कांग्रेस नेतृत्व घिर गया है। रविशंकर प्रसाद ने सोनिया गांधी को लेकर सवाल पूछे हैं। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इससे बड़ी घृणित बात कोई और नहीं हो सकती है।
जेन-जी से डरी हुई है विजय सरकार, जानबूझकर बना रही निशाना; थलपति पर बरसे उदयनिधि
तमिलनाडु की विजय सरकार पर बरसते हुए डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि राज्य सरकार जान-बूझकर युवा कार्यकर्ताओं और जेन-जी युवाओं को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि यह सरकार जेन-जी युवाओं से डरी हुई है।
कर्ज में US, आप क्या कर रहे? कियोसाकी बोले- सोना, चांदी ही सहारा
Robert Kiyosaki Warning: रॉबर्ट कियोसाकी ने एक बार फिर बड़ी वार्निंग दी है. उनके वायरल पोस्ट में अमेरिकी कर्ज को लेकर चिंता जताई गई है और सोना-चांदी को मुसीबत का सहारा बताया गया है.
आज उन तमाम युवाओं के लिए, जो UPSC या किसी दूसरी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में असफलताओं और दबाव से जूझ रहे हैं, आकांक्षा का संदेश साफ है निरंतरता और धैर्य सबसे जरूरी हैं.
जंतर-मंतर, झारखंड और अब बिहार... क्या पटना में परवान चढ़ेगा छात्रों का आंदोलन? चल रही भीषण तैयारी
आने वाले कुछ दिनों में बिहार में छात्रों का आंदोलन नए सिरे से शुरू होने के आसार दिख रहे हैं. छात्र नेताओं की घोषणा के बाद अलग-अलग राजनीतिक दलों ने भी भर्ती परीक्षा और पेपर लीक को मुद्दा बनाना शुरू कर दिया है.
बॉम्बे हाई कोर्ट की क्लर्क भर्ती परीक्षा का मामला गरमाया, अभिजीत दीपके ने लगाए गंभीर आरोप
अभिजीत दीपके ने कहा कि एग्जाम सेंटर पर कुछ अभ्यर्थियों के कंप्यूटर के माउस काम नहीं कर रहे थे, जबकि कुछ के कीबोर्ड खराब थे। परीक्षा शुरू होने के करीब 10 मिनट के भीतर बड़ी संख्या में छात्रों को सिस्टम से बाहर कर दिया गया।
अलवर में अमित शाह का ग्रामीण महिलाओं ने गीत गाकर किया स्वागत
अलवर। केंद्रीय गृहमंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अलवर पहुंचने पर हेलीपैड के बाहर ग्रामीण परिवेश में अनूठा स्वागत देखने को मिला। लुगड़ी-लहंगा पहने ग्रामीण महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाकर दोनों नेताओं का स्वागत किया और बजरंगबली के जयकारे लगाए। इस दौरान अमित शाह, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय मंत्री […] The post अलवर में अमित शाह का ग्रामीण महिलाओं ने गीत गाकर किया स्वागत appeared first on Sabguru News .
DSP अमित पाठक ने रोका तो आगबबूला हुए MLA अनिल पाराशर, देखें वृंदावन से वायरल VIDEO
DSP अमित पाठक और अलीगढ़ की कोल सीट से भाजपा MLA अनिल पाराशर के बीच वृंदावन में गाड़ियों की एंट्री को लेकर तीखी बहस हो गई. विधायक वृंदावन में बांके बिहारी दर्शन आए थे. विवाद का वीडियो वायरल हो रहा है.
स्टंट के बाद एक्ट्रेस भूलीं अपनी याददाश्त, घबराए रोहित शेट्टी
खतरों के खिलाड़ी 15 पर जैस्मिन भसीन के साथ एक घटना घटी, जिसे हालिया एपिसोड में देखा गया. एक स्टंट परफॉर्म करते समय उनकी कुछ पल के लिए याददाश्त चली गई थी. जैस्मिन ने इस हादसे के बारे में खुद बात भी की.
राजस्थान पंचायत चुनाव पर बड़ा अपडेट, आरक्षण लॉटरी की नई तारीखें घोषित
राजस्थान में पंचायत चुनाव के लिए पहले आरक्षण लॉटरी 17 और 18 अगस्त को प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसे स्थगित कर नई तारीख निर्धारित की है.पंचायती राज विभाग ने आदेश में कहा कि सरकार ने चुनाव प्रक्रिया 15 नवंबर 2026 तक पूरी कराने का संकल्प लिया है.
ये है शेयर बाजार में कम पैसों से लाखों बनाने की 'मशीन', जानिए Option Trading की हर बारीकी
शेयर बाजार में कम पूंजी के साथ ट्रेडिंग और हेजिंग करने के लिए ऑप्शन ट्रेडिंग (Option Trading) एक बेहद लोकप्रिय जरिया है. जानिए कॉल और पुट ऑप्शन क्या होते हैं, स्ट्राइक प्राइस, प्रीमियम और आईटीएम (ITM), एटीएम (ATM) व ओटीएम (OTM) का पूरा गणित बिल्कुल आसान हिंदी में.
वन्यजीवों के शिकार का आगरा-श्योपुर-मुरैना और दिल्ली तक फैले तस्कर सिंडिकेट का खुलासा हुआ है. इसमें एक NGO भी शामिल है जो वन्यजीवों के संरक्षण पर काम करता है. STSF मामले की जांच कर रही है, उसका दावा है कि जल्द ही दिल्ली एनसीआर से कुछ हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारियां होगीं.
'गांधी नहीं, भगत सिंह की राह पे चलेंगे', रांची में छात्रों ने फूंका राहुल का पुतला
JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज हो गया है. छात्रों ने हेमंत सोरेन, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के पुतले फूंकते हुए 18 अगस्त तक मांगें पूरी नहीं होने पर 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेरने की चेतावनी दी. आंदोलन के 23वें दिन SDM और अभिनेत्री कुनिका सदानंद भी प्रदर्शन स्थल पहुंचीं,
17 अगस्त को सावन का तीसरा सोमवार मनाया जाएगा. इस दिन कई शुभ योग, रवि योग, नाग पंचमी, सिंह संक्रांति, स्कंद षष्ठी, मलयालम नववर्ष, कर्क राशि में त्रिग्रही योग, हंसराज योग और बुधादित्य योग जैसे कई महत्वपूर्ण संयोग बन रहे हैं.
सहकारिता से हर गांव हो रहा समृद्ध : अमित शाह
अलवर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य है कि सहकारिता के माध्यम से देश का हर गांव समृद्ध हो और सहकार से समृद्धि के उनके मंत्र को चरितार्थ करते हुए हम हर गांव को समृद्ध करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। शाह रविवार […] The post सहकारिता से हर गांव हो रहा समृद्ध : अमित शाह appeared first on Sabguru News .
नागपंचमी पर भोग में बनाएं मीठी-मीठी सूतफेनी, झटपट बनकर होगी तैयार
Nag Panchami Special: कल देश भर में नाग पंचमी का पर्व मनाया जाएगा. इस दिन नाग देवताओं की पूजा की जाती है. इस दिन घर में कई तरह के मीठे पकवानों का नाग देवताओं को भोग भी लगाया जाता है. इस दिन कई जगहों पर खीर और सूतफेनी का भोग लगता है. यहां हम आपको सूतफेनी की पारंपरिक और आसान रेसिपी बता रहे हैं.
MP में हाथियों की दस्तक क्यों बढ़ी? बांधवगढ़ बना 'गजराजों' का ठिकाना
क्या मध्य प्रदेश के जंगल अब गजराजों के लिए भी नया और सुरक्षित घर बन चुके हैं? जवाब बांधवगढ़ और शहडोल के जंगलों से साफ दिख रहा है. यहां 50 से 70 जंगली हाथियों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है, जबकि ब्यौहारी क्षेत्र में करीब 25 हाथियों का दल पिछले 1.5 वर्ष से डेरा डाले हुए है.
देश में बेटियों के जन्म दर को बढ़ाने, भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाओं पर लगाम लगाने, बाल विवाह रोकने और बालिकाओं की 12वीं व उच्च शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू की गई 'लेक लाडकी योजना' (Lek Ladki Yojana) गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक बड़ा वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों में जन्म लेने वाली बेटियों को जन्म से लेकर उनके 18 वर्ष का होने तक विभिन्न चरणों में कुल ₹1,01,000 (एक लाख एक हजार रुपये) की वित्तीय सहायता सीधे बैंक खाते में प्रदान की जाती है।पहले इस योजना के तहत लाभ पाने के लिए अभिभावकों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे और दर्जनों कागजात जुटाने पड़ते थे। लेकिन अब राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग ने आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह से आधुनिक और सुव्यवस्थित बना दिया है। नए नियमों के तहत अनावश्यक दस्तावेजों की बाध्यता को घटा दिया गया है और पूरी प्रणाली को आधार-आधारित डिजिटल ई-केवाईसी (e-KYC) से जोड़ दिया गया है, जिससे पात्र परिवारों को बिना किसी बिचौलिए या देरी के सीधे उनके बैंक खातों में योजना का लाभ मिल सके।5 किस्तों में मिलता है ₹1.01 लाख का पूरा लाभ: जानिए किस कक्षा में कितनी मिलेगी राशिलेक लाडकी योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह राशि एकमुश्त न देकर बेटी की पढ़ाई और उम्र के महत्वपूर्ण पड़ावों (Milestones) से जोड़ी गई है, ताकि अभिभावक पैसे के अभाव में बेटी की पढ़ाई बीच में न छुड़वाएं:पहली किस्त (जन्म के समय): बेटी का जन्म होने पर तत्काल पोषण और स्वास्थ्य देखभाल के लिए ₹5,000 की पहली आर्थिक सहायता दी जाती है।दूसरी किस्त (पहली कक्षा में प्रवेश पर): जब बालिका 6 वर्ष की उम्र में पहली कक्षा (Class 1) में औपचारिक स्कूल में दाखिला लेती है, तो स्कूल किट और किताबों के लिए ₹6,000 जारी किए जाते हैं।तीसरी किस्त (छठी कक्षा में प्रवेश पर): उच्च प्राथमिक शिक्षा में प्रवेश के दौरान यानी कक्षा 6 में एडमिशन लेने पर ₹7,000 की तीसरी किस्त मिलती है।चौथी किस्त (11वीं कक्षा में प्रवेश पर): माध्यमिक शिक्षा पूरी करने के बाद जब छात्रा 11वीं कक्षा (Higher Secondary) में प्रवेश करती है, तो उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ₹8,000 प्रदान किए जाते हैं।पांचवीं और सबसे बड़ी किस्त (18 वर्ष पूरे होने पर): जब बेटी सफलतापूर्वक 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेती है, अविवाहित रहती है और मतदाता सूची (Voter List) में उसका नाम दर्ज हो जाता है, तो उसके खाते में एकमुश्त ₹75,000 की बड़ी परिपक्वता राशि (Maturity Amount) ट्रांसफर की जाती है।इस प्रकार पांचों किस्तों को मिलाकर कुल ₹1,01,000 का वित्तीय सुरक्षा चक्र बालिका को प्राप्त होता है।आधार ई-केवाईसी से आसान हुई आवेदन प्रक्रिया: अब कम दस्तावेजों में होगा त्वरित सत्यापनहालिया सुधारों के तहत राज्य सरकार ने लेक लाडकी योजना के डिजिटल पोर्टल को स्टेट डेटाबेस और आधार सर्वर से पूरी तरह इंटीग्रेट कर दिया है। पहले जहां आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, बैंक सत्यापन और स्कूल रिकॉर्ड्स की कई-कई फोटोकॉपी बार-बार जमा करनी पड़ती थीं, वहीं अब नई व्यवस्था में अधिकांश जानकारी आधार नंबर डालते ही सिस्टम द्वारा स्वतः (Auto-fetch) सत्यापित कर ली जाती है।महिला एवं बाल विकास मंत्री के अनुसार, अब माता, पिता और बालिका तीनों का आधार प्रमाणीकरण 'ई-केवाईसी' के जरिए एक बार में ही हो जाता है। इससे डेटा मिसमैच की समस्या खत्म हो गई है और आवेदनों के पेंडिंग रहने का समय कई हफ्तों से घटकर महज कुछ दिनों का रह गया है। साथ ही, स्थानीय आंगनवाड़ी सेविकाओं और सुपरवाइजर्स को मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सीधे घर-घर जाकर फॉर्म अपलोड करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को किसी साइबर कैफे पर अतिरिक्त पैसे खर्च नहीं करने पड़ते।पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria): कौन-कौन सी बेटियां हैं इस योजना की हकदार?लेक लाडकी योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार द्वारा निर्धारित बुनियादी नियम इस प्रकार हैं:जन्म तिथि की सीमा: यह योजना केवल उन बालिकाओं पर लागू होती है जिनका जन्म 1 अप्रैल 2023 को या उसके बाद हुआ है।राशन कार्ड की श्रेणी: परिवार के पास महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी वैध पीला (Yellow) या नारंगी/केसरिया (Orange/Saffron) राशन कार्ड होना अनिवार्य है।पारिवारिक आय सीमा: लाभार्थी परिवार की कुल वार्षिक आय ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) से अधिक नहीं होनी चाहिए।महाराष्ट्र का मूल निवासी: बालिका का परिवार महाराष्ट्र राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए और लाभार्थी का बैंक खाता भी महाराष्ट्र में ही स्थित किसी बैंक में होना जरूरी है।परिवार नियोजन की शर्त: यह लाभ परिवार की अधिकतम दो जीवित बेटियों तक ही सीमित है। यदि परिवार में पहली संतान लड़का या लड़की है और दूसरी डिलीवरी में बेटी या जुड़वां बेटियां जन्म लेती हैं, तो भी लाभ मिलेगा, बशर्ते दूसरी डिलीवरी के बाद माता या पिता को परिवार नियोजन (Family Planning Operation) का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।18 वर्ष की अंतिम शर्त: अंतिम ₹75,000 की किस्त पाने के लिए आवश्यक है कि बालिका 18 वर्ष की आयु पूरी होने तक अविवाहित हो और उसने 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई पूरी की हो।आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों की नई और संक्षिप्त चेकलिस्टप्रक्रिया सरल होने के बाद अब केवल निम्नलिखित जरूरी दस्तावेज ही आवेदन के लिए आवश्यक हैं:बालिका का आधिकारिक जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)।माता-पिता का आधार कार्ड (पहली किस्त के समय नवजात बालिका के आधार की अनिवार्यता में छूट रहती है, बाद की किस्तों में बालिका का आधार जरूरी है)।पीले या नारंगी राशन कार्ड की सत्यापित प्रति।तहसीलदार या सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वार्षिक आय प्रमाण पत्र (₹1 लाख से कम)।महाराष्ट्र का निवास प्रमाण पत्र (Domicile/Residence Certificate)।बैंक पासबुक के पहले पृष्ठ की प्रति (माता और बालिका का संयुक्त खाता या पिता के साथ खाता, जो आधार से लिंक और डीबीटी-सक्रिय हो)।अगली किस्तों के लिए संबंधित स्कूल का बोनाफाइड/एडमिशन प्रमाण पत्र।परिवार नियोजन शल्यक्रिया प्रमाण पत्र (लागू होने की स्थिति में)।लेक लाडकी योजना में ऑफलाइन और ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?योजना का लाभ लेने के लिए अभिभावक दो आसान तरीकों से आवेदन कर सकते हैं:आंगनवाड़ी केंद्र के माध्यम से (सबसे सुलभ माध्यम): ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अभिभावक अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र (Anganwadi Centre) या बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) कार्यालय जा सकते हैं। वहां से निःशुल्क 'लेक लाडकी' आवेदन फॉर्म प्राप्त करें। फॉर्म में आवश्यक विवरण भरकर दस्तावेजों के साथ आंगनवाड़ी सेविका के पास जमा करें। आंगनवाड़ी सेविका और सुपरवाइजर दस्तावेजों की प्राथमिक जांच के बाद इसे सीधे आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड कर देते हैं।जिला महिला एवं बाल विकास कार्यालय: आवेदक अपने जिले के 'जिला कार्यक्रम अधिकारी' (District Program Officer - Zilla Parishad) कार्यालय में भी सीधे अपना आवेदन और ई-केवाईसी सत्यापन जमा कर सकते हैं।डीबीटी द्वारा सीधे खाते में भुगतान: सत्यापन प्रक्रिया पूरी होते ही जिला स्तरीय समिति द्वारा लाभार्थी सूची को मंजूरी दी जाती है और पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) के जरिए सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में किस्त की राशि भेज दी जाती है।बेटियों के सुनहरे भविष्य की मजबूत नींवमहाराष्ट्र सरकार की लेक लाडकी योजना केवल एक वित्तीय सहायता कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह समाज में बेटियों के प्रति सोच को बदलने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का एक सशक्त सामाजिक आंदोलन है। जन्म से लेकर बालिग होने तक मिलने वाली ₹1.01 लाख की यह मदद गरीब परिवारों पर से बेटी के लालन-पालन और उच्च शिक्षा के आर्थिक बोझ को पूरी तरह हटा देती है।यदि आपके घर में या आसपास 1 अप्रैल 2023 के बाद किसी बेटी ने जन्म लिया है और परिवार पीले या नारंगी राशन कार्ड की श्रेणी में आता है, तो तुरंत अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र से संपर्क कर इस कल्याणकारी योजना में रजिस्ट्रेशन करवाएं और अपनी लाडली के भविष्य को सुरक्षित बनाएं।
दिमागी नक्सल होने पर मुझे गर्व, चिदंबरम पर भाजपा सांसद रविशंकर का पलटवार- शर्मनाक, घटिया और भद्दा
कांग्रेस सांसद पी चिदंबरम द्वारा खुद को दिमागी नक्सल बताने पर भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद भड़क उठे हैं। उन्होंने चिदंबरम के इस बयान को शर्मनाक, घटिया और भद्दा बताया है।
बस्तर के 90 से अधिक गांवों में पहली बार फहराया तिरंगा, माओवाद से मिली आजादी का मनाया गया जश्न
बस्तर संभाग के 90 से अधिक माओवाद प्रभावित गांवों में लगभग तीन दशकों बाद पहली बार स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया।
कन्नड़ सिनेमा से निकलकर पूरे भारत और दुनिया भर के दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले 'रॉकिंग स्टार' यश (नवीन कुमार गौड़ा) अपनी दमदार अदाकारी, एक्शन और साधारण व्यक्तित्व के लिए जाने जाते हैं। ब्लॉकबस्टर फिल्म 'KGF' और 'KGF चैप्टर 2' की ऐतिहासिक सफलता के बाद यश आज भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े पैन-इंडिया सितारों में गिने जाते हैं। लेकिन अपनी ऑन-स्क्रीन रॉकी भाई वाली आक्रामक छवि से इतर यश अपनी निजी जिंदगी में एक समर्पित पति और पारिवारिक इंसान हैं। हाल ही में एक दिलकश बातचीत के दौरान यश ने अपनी शादीशुदा जिंदगी और फिल्मों में अभिनेत्रियों के साथ फिल्माए जाने वाले बोल्ड व रोमांटिक दृश्यों पर पत्नी राधिका पंडित के स्वाभाविक रिएक्शन को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है।यश ने साफगोई से स्वीकार किया कि कोई भी जीवनसाथी अपने पार्टनर को किसी दूसरे इंसान के साथ पर्दे पर रोमांटिक या इंटीमेट होते देखकर स्वाभाविक रूप से बहुत खुश या रोमांचित नहीं होता, लेकिन उनके रिश्ते की सबसे मजबूत नींव उनका आपसी सम्मान और अटूट विश्वास है।ऑन-स्क्रीन बोल्ड सीन्स पर राधिका पंडित का रिएक्शन: यश ने बयां की दिल की बातफिल्मी पर्दे पर रोमांटिक और बोल्ड सीन्स करने को लेकर जब यश से सवाल पूछा गया कि क्या उनकी पत्नी और मशहूर अभिनेत्री राधिका पंडित इस पर असहज महसूस करती हैं, तो अभिनेता ने बेहद ईमानदारी से जवाब दिया।यश के बयान के प्रमुख पहलू:स्वाभाविक मानवीय प्रतिक्रिया: यश ने बताया कि पर्दे पर किसी अन्य अभिनेत्री के साथ करीबी दृश्य देखकर किसी भी पत्नी का असहज होना एक सामान्य और स्वाभाविक मानवीय भावना है। यह दिखावा करना गलत होगा कि कोई भी पार्टनर ऐसे दृश्यों को देखकर बेहद खुश होता है।कलाकार होने के नाते समझ: चूंकि राधिका खुद कन्नड़ सिनेमा की एक नेशनल और स्टेट अवॉर्ड विजेता शीर्ष अभिनेत्री रही हैं, इसलिए वे अभिनय के क्राफ्ट, स्क्रिप्ट की मांग और कैमरे के पीछे की हकीकत को बखूबी समझती हैं।भरोसे की अटूट दीवार: यश ने कहा कि राधिका जानती हैं कि कैमरा बंद होते ही वह केवल एक किरदार था और उनके असल रिश्ते में प्यार, निष्ठा और समर्पण में कभी कोई कमी नहीं आ सकती। यही विश्वास दोनों को किसी भी असुरक्षा की भावना से दूर रखता है।टीवी सेट से शुरू हुई थी यश और राधिका की दास्तान: 10 साल की दोस्ती से शादी तक का सफरयश और राधिका पंडित की प्रेम कहानी किसी क्लासिक फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। दोनों की पहली मुलाकात लगभग दो दशक पहले साल 2004 में कन्नड़ टेलीविजन धारावाहिक 'नंदा गोकुला' (Nanda Gokula) के सेट पर हुई थी। उस समय दोनों ही अपने करियर की शुरुआती सीढ़ियां चढ़ रहे थे।शुरुआत में शांत और अंतर्मुखी स्वभाव की राधिका को यश थोड़े रिजर्व लगे थे, लेकिन धीरे-धीरे धारावाहिक के सेट पर दोनों की बातचीत शुरू हुई और यह मुलाकात एक गहरी दोस्ती में तब्दील हो गई। इसके बाद साल 2008 में दोनों ने एक साथ फिल्म 'मोगिना मनसू' (Moggina Manasu) से अपने बड़े पर्दे के करियर की शुरुआत की। 'ड्रामा', 'गूगली' और 'मिस्टर एंड मिसेज रामाचारी' जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में एक साथ काम करते हुए उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाया, जबकि ऑफ-स्क्रीन उनकी 10 साल पुरानी दोस्ती प्यार में बदल चुकी थी। दिसंबर 2016 में दोनों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ एक भव्य समारोह में शादी की।कला और निजी सीमाओं का संतुलन: स्टारडम के बीच जमीन से जुड़ा परिवारसिनेमा जगत में अक्सर ऑन-स्क्रीन इंटीमेसी और चकाचौंध के चलते निजी रिश्तों में कड़वाहट आने की खबरें सामने आती रहती हैं, लेकिन यश और राधिका ने हमेशा अपने पेशेवर जीवन और व्यक्तिगत जिंदगी के बीच एक बहुत स्पष्ट और स्वस्थ रेखा खींच रखी है।दंपति की मजबूत समझ के मुख्य सूत्र:पारदर्शिता और संवाद: यश का मानना है कि किसी भी सीन को करने से पहले या स्क्रिप्ट चयन के दौरान जब परिवार और पार्टनर के साथ खुलकर बातचीत होती है, तो किसी भी गलतफहमी की कोई गुंजाइश नहीं बचती।बच्चों की परवरिश और सादगी: यश और राधिका दो प्यारे बच्चों—बेटी आयरा (Ayra) और बेटे यथर्व (Yatharv)—के माता-पिता हैं। करोड़ों का स्टारडम होने के बावजूद दोनों अपने बच्चों को सोशल मीडिया और ग्लैमर की चकाचौंध से दूर एक सामान्य और संस्कारी माहौल में बड़ा कर रहे हैं।एक-दूसरे के करियर का सम्मान: राधिका ने शादी और बच्चों के बाद फिल्मों से कुछ समय के लिए ब्रेक लिया, लेकिन यश हमेशा उनके अभिनय में लौटने के फैसलों का पूरा समर्थन करते रहे हैं।यश के आगामी बड़े प्रोजेक्ट्स: 'टॉक्सिक' और 'रामायण' से बॉक्स ऑफिस पर नया धमाकाKGF 2 के बाद पूरे देश के दर्शकों की निगाहें यश के आगामी सिनेमाई प्रोजेक्ट्स पर टिकी हुई हैं। यश इस समय अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म 'टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' (Toxic) की तैयारियों और शूटिंग में व्यस्त हैं, जिसका निर्देशन मशहूर राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक गीतू मोहनदास कर रही हैं। यह फिल्म डार्क एक्शन, थ्रिलर और इंटेंस ड्रामा से भरपूर मानी जा रही है।इसके अलावा, यश नितेश तिवारी की महत्वाकांक्षी मेगा-बजट फिल्म 'रामायण' (Ramayana) में 'रावण' के ऐतिहासिक और शक्तिशाली किरदार को निभाने के साथ-साथ इस प्रोजेक्ट के सह-निर्माता (Co-Producer) के रूप में भी जुड़े हुए हैं। इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम और साई पल्लवी माता सीता की भूमिका में नजर आएंगे।मजबूत वैवाहिक रिश्ते और परिपक्वता की मिसालपर्दे की चमक और असल जिंदगी के रिश्तों के बीच संतुलन कैसे साधा जाता है, यश और राधिका पंडित की जोड़ी इसकी सबसे खूबसूरत मिसाल है। यश का यह बयान यह साबित करता है कि किसी भी सफल और टिकाऊ रिश्ते की सबसे बड़ी ताकत एक-दूसरे की असुरक्षाओं को समझना, उनका सम्मान करना और अपने काम के प्रति पेशेवर रहते हुए भी साथी के भरोसे को सबसे ऊपर रखना है। ग्लैम वर्ल्ड के तमाम आकर्षणों के बीच यश और राधिका का यह रिश्ता आज की युवा पीढ़ी के लिए आपसी विश्वास और परिपक्वता की एक प्रेरणादायक सीख है।
उत्तर से लेकर पूर्व और मध्य भारत तक मानसून की सक्रियता ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी नवीनतम ऑल इंडिया वेदर बुलेटिन के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल व उत्तरी ओडिशा के तटीय इलाकों में एक नया शक्तिशाली 'निम्न दबाव का क्षेत्र' (Low-Pressure Area) केंद्रित हो गया है। यह मौसमी प्रणाली अगले 24 घंटों में और अधिक सुदृढ़ होकर उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ रही है।इसके साथ ही, मानसून ट्रफ (Monsoon Trough) का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर हिमालय की तलहटी में स्थित है, जबकि दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमोत्तर राजस्थान के ऊपर ऊपरी वायु का चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है। इन सभी मौसमी कारकों के एक साथ जुड़ने से 17 अगस्त को देश के कम से कम 8 प्रमुख राज्यों में मूसलाधार बारिश का तांडव देखने को मिलेगा, जबकि पूर्वी भारत के 2 राज्यों के लिए अत्यधिक भारी बारिश की 'रेड वॉर्निंग' जारी की गई है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी दी है।ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 'रेड अलर्ट': 200 मिमी से अधिक बारिश की आशंकाबंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती सिस्टम का सबसे सीधा और विनाशकारी असर ओडिशा और पश्चिम बंगाल पर पड़ने जा रहा है। मौसम विभाग ने 17 अगस्त के लिए उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल (Gangetic West Bengal) के तटीय और आंतरिक जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है।इस रेड अलर्ट के तहत प्रमुख बिंदु:अत्यधिक भारी वर्षा (Extremely Heavy Rainfall): कुछ स्थानों पर 24 घंटों के भीतर 204.4 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की जा सकती है।तटीय क्षेत्रों में तूफानी हवाएं: समुद्र तट पर 45 से 55 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलेंगी, जो 65 किमी/घंटा तक के झोंकों में बदल सकती हैं। मछुआरों को 18 अगस्त तक गहरे समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।शहरी जलभराव और बाढ़ का खतरा: निचले इलाकों, खेतों और कच्ची सड़कों के डूबने की पूरी आशंका है। कोलकाता, हावड़ा, मिदनापुर, बालासोर, मयूरभंज और भद्रक जैसे जिलों में आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा: उमस से राहत के साथ झमाझम बारिश का दौरराष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर के इलाकों (नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद) में सोमवार, 17 अगस्त को दिनभर रुक-रुक कर तेज बारिश और गरज-चमक का सिलसिला बना रहेगा।दिल्ली-एनसीआर का वेदर प्रोफाइल:तापमान में गिरावट: दिल्ली में अधिकतम तापमान 34C और न्यूनतम तापमान 28C के आसपास रहने का अनुमान है। बादलों की मौजूदगी और 30 से 40 किमी/घंटा की गति से चलने वाली मानसूनी हवाओं के कारण उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।ट्रैफिक और जलभराव की चुनौती: सुबह के पीक आवर्स और दोपहर बाद कुछ इलाकों में तेज बारिश के तेज स्पेल (Intense Spells) आ सकते हैं, जिससे मुख्य चौराहों और अंडरपासों पर जलभराव की स्थिति बन सकती है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।उत्तर प्रदेश में 25 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश और 75 किमी/घंटा की आंधी का अलर्टउत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। राज्य के दोनों हिस्सों—पश्चिमी यूपी और पूर्वी यूपी—के लिए मौसम विभाग ने विस्तृत चेतावनी जारी की है।यूपी के प्रमुख प्रभावित जिले:पश्चिमी यूपी: नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, आगरा, मथुरा, बिजनौर, मुरादाबाद और सहारनपुर में भारी बारिश और 70 से 75 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।पूर्वी व मध्य यूपी: राजधानी लखनऊ, कानपुर, बरेली, हरदोई, सीतापुर, शाहजहांपुर, गोंडा, बस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, प्रतापगढ़, जौनपुर, फतेहपुर और मिर्जापुर-सोनभद्र में बादलों की तेज गर्जना और बिजली चमकने के साथ भारी बारिश का 'येलो' और 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया गया है।तापमान: लखनऊ में अधिकतम तापमान 29C और न्यूनतम तापमान 27C के करीब दर्ज होने की संभावना है।पहाड़ों पर आफत: उत्तराखंड और हिमाचल में लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड की चेतावनीपहाड़ी राज्यों में जारी बारिश के दौर ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रखा है। 17 अगस्त को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बारिश की तीव्रता और अधिक बढ़ने का अनुमान है।उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट: मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने देहरादून और टिहरी जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' तथा नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर, पौड़ी और उत्तरकाशी के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। भारी से बहुत भारी बारिश के कारण संवेदनशील पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन (Landslides) और बोल्डर गिरने का गंभीर खतरा बना हुआ है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने चारधाम यात्रियों को मौसम का ताजा बुलेटिन देखकर ही सुरक्षित यात्रा करने के निर्देश दिए हैं।हिमाचल प्रदेश: राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर अचानक तेज बारिश (Cloudburst-like intense spells) की संभावना है। नदी-नालों के जलस्तर में उफान को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों को व्यास, सतलुज और रावी नदियों के तटों से दूर रहने की हिदायत दी है।बिहार, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान: जानिए अन्य राज्यों का मौसमदेश के अन्य प्रमुख मैदानी और पश्चिमी राज्यों में भी मौसमी हलचल तेज रहेगी:बिहार: गया, बांका, जमुई, कटिहार, भागलपुर, कैमूर, नालंदा, नवादा, औरंगाबाद, वैशाली, समस्तीपुर, पूर्णिया, अररिया और किशनगंज में गरज-चमक, आकाशीय बिजली (Lightning Strikes) और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पटना में अधिकतम तापमान 32C के आसपास रहेगा।पंजाब और हरियाणा: पंजाब के पठानकोट, फिरोजपुर, होशियारपुर, संगरूर, अमृतसर, जालंधर, रूपनगर और फाजिल्का में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट है। हरियाणा में दोपहर के समय तेज गरज के साथ कुछ क्षेत्रों में स्थानीय तीव्र बारिश हो सकती है।गुजरात और पश्चिमी भारत: दक्षिण और मध्य गुजरात के दाहोद, नर्मदा, तापी, वलसाड, नवसारी, सूरत, भरूच, पंचमहाल और वडोदरा में भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट है।राजस्थान: पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और धूप निकलने का अनुमान है।खराब मौसम के दौरान बचाव के जरूरी उपाय और एडवाइजरीमूसलाधार बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आम जनता के लिए सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं:पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें: तेज आंधी (80 किमी/घंटा तक) के दौरान पुराने पेड़ों की टहनियां टूटने और होर्डिंग्स गिरने का खतरा रहता है; इसलिए खुले मैदान या पक्के मकानों में ही रुकें।बिजली चमकने पर खुले में न रहें: यदि आप खेत या खुले में हैं, तो तुरंत किसी पक्की इमारत के भीतर चले जाएं। धातु की वस्तुओं, लोहे की ग्रिल और पानी के स्रोतों से तुरंत दूर हटें।पहाड़ी रास्तों पर अनावश्यक यात्रा से बचें: भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों और जलमग्न रपटों (Overflowing Drains) को पार करने की बिल्कुल कोशिश न करें।किसानों के लिए सलाह: खेतों में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पानी की निकासी का प्रबंध करें और कटी हुई फसलों को सुरक्षित तिरपाल से ढक कर रखें।17 अगस्त को सक्रिय हो रहा यह मानसूनी सिस्टम अगले 3 से 4 दिनों तक देश के बड़े भू-भाग को तरबतर रखेगा। घर से बाहर निकलने से पहले अपने स्थानीय मौसम विभाग और ट्रैफिक पुलिस की लाइव एडवाइजरी अवश्य जांच लें।
'मुझसे पहले अश्विन को भेज देते थे...', रवींद्र जडेजा का छलका दर्द
रवींद्र जडेजा ने अपने शुरुआती इंटरनेशनल करियर के संघर्षों को लेकर बड़ा खुलासा किया है. जडेजा ने बताया कि भारतीय टीम में लगातार निचले क्रम पर बल्लेबाजी करने से उनका आत्मविश्वास प्रभावित हुआ था और उन्हें लगता था कि टीम को उनकी बल्लेबाजी पर पूरा भरोसा नहीं था.
FSSAI की सख्ती, छह कंपनियों ने वापस लिए भ्रामक दावे और लेबल
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) की कार्रवाई के बाद छह कंपनियों ने अपने उत्पादों से भ्रामक दावे और ट्रेडमार्क हटा लिए हैं।
वंदे मातरम् विवाद को लेकर फंसी कांग्रेस, सोनिया और राहुल गांधी के खिलाफ FIR की मांग
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ‘वंदे मातरम्’ के दौरान सोनिया गांधी ने ऐसे इशारे किए, जिससे गीत को आगे जारी रखने पर आपत्ति जताने की बात सामने आती है.
देश में मॉनसूनी बारिश में आई कमी, खरीफ फसलों की बुआई पर भारी असर; 25.10 लाख हेक्टेयर फसल का नुकसान
मॉनसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर बना हुआ है. इसके कारण, सप्ताह के ज़्यादातर दिनों में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में और अगले 3-4 दिनों तक उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.
पापा की ही फिल्म में ऑडिशन देकर मिला काम, स्टारकिड टैग को बाय कह 'मासूम' में की एंट्री
शेखर कपूर ने बताया कि उनकी बेटी कावेरी कपूर ने 'मासूम: द नेक्स्ट जेनरेशन' में काम करने से पहले स्क्रीन टेस्ट देने पर जोर दिया था.
अमित शाह ने किया निम्बाहेड़ा में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा अनावरण
चित्तौड़गढ़। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह वादे पूरे करने की दिशा में तेज गति से काम कर रहे हैं। शाह रविवार को चित्तौड़गढ़ के निम्बाहेड़ा में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा अनावरण के बाद आयोजित अटल गौरव […] The post अमित शाह ने किया निम्बाहेड़ा में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा अनावरण appeared first on Sabguru News .
एक्स अब सरकारी अनुरोधों पर की गई सेंसरशिप को स्पष्ट रूप से दिखाएगा, जिससे यूजर्स को पता चलेगा कि किसी पोस्ट को क्यों हटाया या रोका गया।
मुस्कान और संपूर्ण सेहत की पहली सीढ़ी: ओरल हेल्थ को प्राथमिकता देना क्यों है जरूरी?
खूबसूरत और चमकती हुई मुस्कान न केवल आपके आत्मविश्वास और व्यक्तित्व को निखारती है, बल्कि यह आपके संपूर्ण शारीरिक स्वास्थ्य का आईना भी होती है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने यह पूरी तरह सिद्ध कर दिया है कि मुंह का स्वास्थ्य (Oral Hygiene) केवल दांतों और मसूड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध आपके हृदय रोग (Cardiovascular Diseases), अनियंत्रित डायबिटीज, फेफड़ों के संक्रमण और आंतों (Gut Health) के माइक्रोबायोम से जुड़ा होता है। जब मुंह में बैक्टीरिया और प्लाक (Plaque) का संतुलन बिगड़ता है, तो वे रक्तप्रवाह के जरिए शरीर के आंतरिक अंगों तक पहुंचकर गंभीर सूजन और बीमारियां पैदा कर सकते हैं।भागदौड़ भरी जिंदगी में अधिकांश लोग दांतों की देखभाल के नाम पर केवल सुबह उठकर 1 मिनट तक जल्दबाजी में ब्रश करने की औपचारिकता निभाते हैं। लेकिन दांतों की सड़न (Cavity), मसूड़ों से खून आना (Gingivitis), सांसों की बदबू (Halitosis), दांतों का पीलापन और पायरिया (Periodontitis) जैसी गंभीर समस्याओं से बचने के लिए दैनिक जीवन में कुछ बुनियादी और वैज्ञानिक आदतों को शामिल करना बेहद जरूरी है।1. ब्रश करने का सही 2-2-2 नियम और 45-डिग्री की 'बास तकनीक'दांतों की सफाई में केवल यह मायने नहीं रखता कि आप ब्रश कर रहे हैं, बल्कि यह सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है कि आप ब्रश किस तरह और कितनी देर कर रहे हैं। दंत रोग विशेषज्ञ दांतों की सुरक्षा के लिए '2-2-2 नियम' का पालन करने की सलाह देते हैं:दिन में 2 बार ब्रश करें: सुबह उठने के बाद और रात को सोने से ठीक पहले ब्रश करना अनिवार्य है। रात के समय मुंह में लार (Saliva) का बनना बहुत कम हो जाता है, जिससे भोजन के कणों पर बैक्टीरिया तेजी से एसिड बनाते हैं। रात में ब्रश करने से दांतों में रातभर सड़न का खतरा 80% तक घट जाता है।पूरे 2 मिनट का समय दें: अधिकांश लोग 30 से 40 सेकंड में ब्रश खत्म कर देते हैं। दांतों की सभी सतहों—बाहरी, भीतरी और चबाने वाली सतहों—की पूरी सफाई के लिए कम से कम 120 सेकंड (2 मिनट) का समय देना चाहिए।हर 2 से 3 महीने में बदलें टूथब्रश: जब ब्रश के ब्रिसल्स मुड़ने या फैलने लगें, तो वे दांतों की सफाई करने के बजाय मसूड़ों को छीलने लगते हैं। हमेशा सॉफ्ट या अल्ट्रा-सॉफ्ट ब्रिसल्स वाले ब्रश का ही इस्तेमाल करें। मीडियम या हार्ड ब्रिसल्स दांतों के सुरक्षा कवच यानी 'इनेमल' (Enamel) को घिसकर संवेदनशील बना देते हैं।45-डिग्री एंगल का कमाल (Modified Bass Technique): ब्रश को दांतों पर सीधे रखकर रगड़ने के बजाय 45 डिग्री के कोण पर मसूड़ों और दांतों के जोड़ पर रखें। हल्के हाथों से गोल-गोल (Circular Motion) और ऊपर से नीचे की ओर ब्रश चलाएं। जोर-जोर से आड़ा (Horizontal) ब्रश रगड़ने से इनेमल घिसता है और दांतों की जड़ें बाहर निकल आती हैं।2. इंटरडेंटल सफाई: फ्लॉसिंग के बिना अधूरी है दांतों की 40% सफाईटूथब्रश के ब्रिसल्स केवल दांतों की ऊपरी, आगे और पीछे की सतह तक ही पहुंच पाते हैं। दो दांतों के बीच की संकरी जगह (Interdental Space) में ब्रश का पहुंचना नामुमकिन होता है, जहां भोजन के बारीक रेशे और बैक्टीरिया छिपकर सड़न व मसूड़ों की बीमारी को जन्म देते हैं।डेंटल फ्लॉस (Dental Floss) का दैनिक उपयोग: दिन में कम से कम एक बार रात को ब्रश करने से पहले डेंटल फ्लॉस (विशेष धागे) का उपयोग करें। धागे को दोनों दांतों के बीच धीरे से ले जाएं और 'C-शेप' बनाकर दांत की सतह से सटाकर ऊपर खींचें।वॉटर फ्लॉसर या इंटरडेंटल ब्रश: जिन लोगों के दांतों के बीच गैप ज्यादा है या जिन्होंने ब्रेसेस (Braces) व क्राउन लगवा रखे हैं, वे इंटरडेंटल ब्रश या वॉटर फ्लॉसर (Water Flosser) की मदद से पानी के तेज प्रेशर द्वारा दांतों के बीच के प्लाक को पूरी तरह साफ कर सकते हैं।3. जीभ की सफाई (Tongue Cleaning): सांसों की दुर्गंध को कहें अलविदामुंह में बदबू (Halitosis) पैदा करने वाले 70 प्रतिशत से अधिक बैक्टीरिया दांतों पर नहीं, बल्कि जीभ की खुरदरी सतह पर जमा होते हैं। भोजन के कण, मृत कोशिकाएं और बैक्टीरिया मिलकर जीभ पर एक सफेद या पीली परत बना देते हैं।ब्रश करने के बाद तांबे (Copper), स्टेनलेस स्टील या प्लास्टिक के टंग क्लीनर से जीभ को पीछे से आगे की ओर 3 से 4 बार हल्के हाथों से साफ करें।टंग स्क्रैपर का उपयोग करने से न केवल सांसों में ताजगी बनी रहती है, बल्कि जीभ के टेस्ट बड्स (स्वाद ग्रंथियां) भी साफ होते हैं, जिससे भोजन का असली स्वाद बेहतर महसूस होता है।4. मसूड़ों की सेहत और पायरिया से बचाव: नमक के पानी से कुल्ला और मालिशमसूड़े दांतों की मजबूत नींव होते हैं। यदि मसूड़े अस्वस्थ होंगे, तो दांत कितने भी मजबूत हों, वे ढीले होकर गिर जाएंगे। मसूड़ों में सूजन, लालिमा या ब्रश करते समय खून आना 'जिंजिवाइटिस' का लक्षण है, जो आगे चलकर हड्डी को गलाने वाले खतरनाक 'पायरिया' में बदल सकता है।मसूड़ों को मजबूत बनाने के आसान तरीके:गुनगुने पानी में सेंधा नमक का कुल्ला: दिन में एक बार (विशेषकर रात को) एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच सेंधा नमक मिलाकर 30 सेकंड तक मुंह में घुमाकर कुल्ला करें। नमक का प्राकृतिक ऑस्मोटिक प्रभाव मसूड़ों की सूजन को खींच लेता है और हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करता है।मसूड़ों की उंगली से मालिश: ब्रश करने के बाद अपनी तर्जनी उंगली (Index Finger) से मसूड़ों पर ऊपर से नीचे और नीचे से ऊपर की ओर 1 मिनट तक हल्की मालिश करें। इसके लिए तिल का तेल, सरसों का तेल या नारियल तेल में चुटकी भर सेंधा नमक और हल्दी मिलाकर मालिश की जा सकती है। इससे मसूड़ों में रक्त संचार (Blood Circulation) बढ़ता है और वे दांतों को मजबूती से जकड़ कर रखते हैं।5. प्राचीन भारतीय आयुर्वेद का चमत्कार: ऑयल पुलिंग (Oil Pulling) के फायदेआयुर्वेद में 'कवल' और 'गंडूश' के रूप में वर्णित ऑयल पुलिंग (Oil Pulling) मुंह के संपूर्ण डिटॉक्सिफिकेशन की सबसे प्राचीन और प्रभावी विधि है।विधि: सुबह खाली पेट 1 चम्मच शुद्ध वर्जिन कोकोनट ऑयल (नारियल तेल) या कोल्ड-प्रेस्ड तिल का तेल मुंह में लें। इसे बिना निगले 5 से 10 मिनट तक पूरे मुंह में, गालों और दांतों के बीच अच्छी तरह घुमाएं। इसके बाद तेल को डस्टबिन या टिशू में थूक दें (वॉशबेसिन में न थूकें ताकि पाइप चोक न हो) और गुनगुने पानी से कुल्ला कर लें।वैज्ञानिक लाभ: नारियल तेल में मौजूद 'लॉरिक एसिड' (Lauric Acid) एक शक्तिशाली एंटी-माइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंट है। यह मुंह में पाए जाने वाले मुख्य कैविटी-कारक बैक्टीरिया 'स्ट्रेप्टोकोकस म्यूटन्स' (Streptococcus mutans) की बाहरी लिपिड झिल्ली को घोलकर उन्हें नष्ट कर देता है, जिससे प्लाक जमना बंद हो जाता है और दांत प्राकृतिक रूप से चमकदार बनते हैं।6. खान-पान में बदलाव और इनेमल की सुरक्षा: क्या खाएं और किससे बचें?आप जो कुछ भी खाते-पीते हैं, उसका सीधा असर आपके दांतों की ऊपरी परत (Enamel) पर पड़ता है। गलत खान-पान दांतों के खनिजों को घोलकर इनेमल को कमजोर कर देता है।दांतों के मित्र खाद्य पदार्थ:कैल्शियम और फास्फोरस से भरपूर आहार: दूध, दही, पनीर, छाछ, तिल, बादाम, टोफू और हरी पत्तेदार सब्जियां दांतों के इनेमल को री-मिनरलाइज (खनिज युक्त) करती हैं।विटामिन-सी युक्त फल: आंवला, संतरा, अमरूद और नींबू कोलेजन के निर्माण को बढ़ावा देकर मसूड़ों को सिकुड़ने से बचाते हैं।कुरकुरे और रेशेदार फल-सब्जियां: सेब, गाजर, खीरा और मूली को चबाकर खाने से मुंह में लार का उत्पादन तेजी से बढ़ता है, जो एक प्राकृतिक डिटर्जेंट की तरह दांतों को साफ करता है।दांतों के शत्रु खाद्य पदार्थ:अत्यधिक मीठे और चिपचिपे स्नैक्स: चॉकलेट, टॉफी, कुकीज और सूखे मेवे दांतों की दरारों में चिपक जाते हैं और घंटों तक बैक्टीरिया को एसिड बनाने का ईंधन देते हैं। मीठा खाने के तुरंत बाद सादे पानी से अच्छी तरह कुल्ला जरूर करें।कार्बोनेटेड और एरेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स: कोल्ड ड्रिंक्स और पैक्ड फ्रूट जूसेज में अत्यधिक फॉस्फोरिक और साइट्रिक एसिड होता है, जो इनेमल को सीधे गला देता है।तंबाकू, गुटखा और धूम्रपान से पूर्ण परहेज: सिगरेट, गुटखा और खैनी मसूड़ों की रक्त नलिकाओं को सिकोड़ देते हैं, जिससे मसूड़े सड़ने लगते हैं और ओरल कैंसर का खतरा 10 गुना तक बढ़ जाता है।7. दांतों की देखभाल में भूलकर भी न करें ये 4 सामान्य गलतियांअक्सर अच्छी नीयत से की गई कुछ गलतियां भी दांतों को भारी नुकसान पहुंचा देती हैं:खट्टा या एसिडिक खाना खाने के तुरंत बाद ब्रश न करें: संतरा, नींबू पानी, कोल्ड ड्रिंक या सिरका खाने के तुरंत बाद दांतों का इनेमल अस्थायी रूप से नरम (Soft) हो जाता है। यदि आप तुरंत ब्रश कर लेंगे, तो इनेमल की परत तेजी से घिस जाएगी। खट्टा खाने के कम से कम 30 मिनट बाद ही ब्रश करें; तब तक केवल सादे पानी से कुल्ला करें।टूथपिक या आलपिन का इस्तेमाल बंद करें: दांतों के बीच फंसे खाने को निकालने के लिए लकड़ी की तीली (Toothpick), सेफ्टी पिन या माचिस की तीली का प्रयोग कभी न करें। इससे मसूड़ों में घाव हो जाता है और दांतों के बीच का प्राकृतिक गैप चौड़ा हो जाता है। हमेशा केवल डेंटल फ्लॉस का ही उपयोग करें।दांतों से बोतल का ढक्कन या पैकेट न फाड़ें: दांत केवल भोजन चबाने के लिए हैं, उन्हें औजार (Tool) की तरह इस्तेमाल करने से दांत चटक सकते हैं या उनकी नसें (Pulp) डैमेज हो सकती हैं।हर 6 महीने में प्रोफेशनल डेंटल चेकअप और स्केलिंग: यह आम मिथक है कि डेंटिस्ट से दांत साफ (Scaling) कराने से दांत पतले या ढीले हो जाते हैं। हकीकत में, अल्ट्रासोनिक स्केलिंग केवल दांतों पर जमी पथरीली परत (टार्टर/कैलकुलस) को हटाती है जिसे घर पर ब्रश से नहीं हटाया जा सकता। साल में एक या दो बार पेशेवर सफाई कराने से पायरिया का खतरा जड़ से खत्म हो जाता है।दांत कुदरत का दिया हुआ वह अनमोल तोहफा हैं जो एक बार खो जाने पर दोबारा अपनी प्राकृतिक अवस्था में कभी वापस नहीं आते। रोज केवल 5 से 7 मिनट का समय अपने ओरल केयर रूटीन को देकर—सही ब्रशिंग तकनीक, नियमित फ्लॉसिंग, जीभ की सफाई, संतुलित आहार और मसूड़ों की देखभाल अपनाकर—आप अपने दांतों और मसूड़ों को जीवन भर स्वस्थ, मजबूत और बीमारियों से पूरी तरह मुक्त रख सकते हैं।
बारिश... सड़कें बनीं 'स्विमिंग पूल', बच्चों ने लगाए गोते, देखें VIDEO
अजमेर के किशनगढ़ में मूसलाधार बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी, सड़कों को नदी बना दिया और जलभराव में ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोल दी. लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई, लेकिन बच्चों ने इसी पानी को खेल का मैदान बना लिया.
घर की बैठक हो, ऑफिस की रिसेप्शन टेबल या दुकानों का कैश काउंटर—हाथों में पोटली लिए, गोल-मटोल पेट और चेहरे पर खिलखिलाती मुस्कान बिखेरती 'लाफिंग बुद्धा' (Laughing Buddha) की मूर्ति आज दुनिया भर के घरों का एक अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। वास्तु शास्त्र और फेंगशुई में लाफिंग बुद्धा को सुख, समृद्धि, सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य का सबसे शक्तिशाली प्रतीक माना जाता है।लेकिन अधिकांश लोगों के मन में यह भारी भ्रम रहता है कि लाफिंग बुद्धा और बौद्ध धर्म के संस्थापक भगवान गौतम बुद्ध (Siddhartha Gautama) एक ही व्यक्ति हैं। ऐतिहासिक और धार्मिक तथ्यों के अनुसार, ये दोनों बिल्कुल अलग-अलग व्यक्तित्व हैं। जहां भगवान गौतम बुद्ध ने ईसा पूर्व छठी शताब्दी में भारत में कठोर तपस्या के बाद ज्ञान (निर्वाण) प्राप्त किया था और वे शांत, ध्यानमग्न मुद्रा में दिखाई देते हैं, वहीं लाफिंग बुद्धा 10वीं शताब्दी के चीन के एक ऐतिहासिक बौद्ध भिक्षु थे जो अपनी अनोखी जीवनशैली, निस्वार्थ सेवा और असीम आनंद के लिए प्रसिद्ध हुए।लाफिंग बुद्धा की असली कहानी: कौन थे 10वीं सदी के बौद्ध भिक्षु 'होतेई'?चीनी इतिहास और बौद्ध परंपरा के अनुसार, लाफिंग बुद्धा का वास्तविक नाम 'किएसी' (Qieci) था। वे चीन के लियांग राजवंश (Liang Dynasty) के दौरान 10वीं शताब्दी में रहने वाले एक झेन (चान) बौद्ध भिक्षु थे।चीनी भाषा में उन्हें 'बुदाई' (Budai) और जापानी संस्कृति में 'होतेई' (Hotei) के नाम से जाना जाता है। चीनी शब्द 'बुदाई' का शाब्दिक अर्थ 'कपड़े की बोरी' या 'पोटली' होता है। होतेई का स्वभाव पारंपरिक संन्यासियों से बिल्कुल अलग था। वे किसी एक मठ या गुफा में बंधकर रहने के बजाय हमेशा एक गांव से दूसरे गांव की यात्रा करते रहते थे। उनके कंधे पर हमेशा कपड़े का एक बड़ा झोला (पोटली) टंगा रहता था और उनके चेहरे पर एक ऐसी जादुई व संक्रामक मुस्कान होती थी कि जो कोई भी उन्हें देखता, वह अपने सारे दुख-दर्द भूलकर हंसने लगता था।पोटली और गोल पेट का गहरा आध्यात्मिक रहस्यलाफिंग बुद्धा के कंधे पर लटकी बड़ी पोटली और उनके विशाल गोल पेट के पीछे बहुत गहरा प्रतीकात्मक और दार्शनिक अर्थ छिपा हुआ है:संसार के दुखों को समाहित करने वाली पोटली: लोककथाओं के अनुसार, होतेई अपनी पोटली में गांव के बच्चों के लिए मिठाई, फल और खिलौने भरकर लाते थे और उन्हें बांटते थे। वहीं आध्यात्मिक दृष्टि से यह माना जाता है कि वे लोगों के जीवन के तनाव, चिंता, नकारात्मक ऊर्जा और दुखों को अपनी पोटली में समेट लेते थे और बदले में उन्हें केवल खुशी, हास्य और सकारात्मकता प्रदान करते थे।विशाल पेट (उदारता और सहनशीलता का प्रतीक): लाफिंग बुद्धा का बड़ा पेट यह संदेश देता है कि मनुष्य का हृदय और दृष्टिकोण इतना विशाल होना चाहिए कि वह जीवन में आने वाले सभी कड़वे अनुभवों, आलोचनाओं और कष्टों को हंसते-हंसते अपने भीतर समा सके और कभी अपना धैर्य व मुस्कान न खोए।मैत्रेय बुद्ध के अवतार: चीनी महायान बौद्ध परंपरा में भिक्षु होतेई को भविष्य के बुद्ध यानी 'मैत्रेय' (Maitreya Buddha) का जीवित अवतार माना जाता है, जो संसार को प्रेम, उदारता और आशा का संदेश देने अवतरित हुए थे।लाफिंग बुद्धा की 6 प्रमुख मुद्राएं और उनके चमत्कारी प्रभावबाजार में लाफिंग बुद्धा की अलग-अलग मुद्राओं (Gestures) वाली मूर्तियां मिलती हैं। अपनी विशिष्ट इच्छा या समस्या के अनुसार सही मुद्रा वाली प्रतिमा का चयन करना चाहिए:दोनों हाथ ऊपर उठाए हुए लाफिंग बुद्धा: यह मुद्रा जीवन में अपार विजय, करियर में पदोन्नति और हर क्षेत्र में सफलता का प्रतीक है। यदि आपके व्यापार या नौकरी में ठहराव आ गया है, तो दोनों हाथ ऊपर उठाए मूर्ति लगाना सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।कंधे पर पोटली (झोला) लिए लाफिंग बुद्धा: यह सबसे लोकप्रिय रूप है। यह घर से आर्थिक तंगी, दरिद्रता और नकारात्मक ऊर्जा को बाहर निकालकर धन-धान्य और नए अवसरों का प्रवाह बढ़ाने का प्रतीक है।सोने के सिक्के, पिंड या कटोरे वाले लाफिंग बुद्धा: जिनके हाथों में सोने का सिक्का, चीनी युआन या कटोरी (Ingot/Bowl) होती है, वे सीधे तौर पर धन की देवी कुबेर की तरह समृद्धि और स्थायी संपत्ति को आकर्षित करते हैं। इसे व्यापारिक प्रतिष्ठानों के कैश काउंटर पर रखना अत्यंत शुभ होता है।बच्चों से घिरे हुए लाफिंग बुद्धा: जिस मूर्ति में लाफिंग बुद्धा के आसपास 5 छोटे बच्चे खेलते दिखते हैं, वह 'संतान सुख', वंश वृद्धि और परिवार में आपसी प्रेम का प्रतीक है। निसंतान दंपतियों को इसे अपने लिविंग रूम में रखना चाहिए।हाथ में पंखा लिए लाफिंग बुद्धा: चीनी मान्यता में पंखे को 'ओसू' कहा जाता है, जो घर से सभी प्रकार की चिंताओं, बुरी नजर और दुर्भाग्य को उड़ाकर दूर कर देता है।कमंडल या ड्रैगन पर बैठे लाफिंग बुद्धा (वू लू): हाथ में लौकी/कमंडल (Wu Lou) लिए या ड्रैगन कछुए पर बैठे लाफिंग बुद्धा परिवार के सदस्यों को गंभीर बीमारियों से बचाते हैं और दीर्घायु व उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करते हैं।घर और ऑफिस में लाफिंग बुद्धा रखने की सही दिशा और वास्तु नियमलाफिंग बुद्धा की मूर्ति का पूर्ण सकारात्मक लाभ तभी मिलता है जब उसे फेंगशुई और वास्तु के सटीक नियमों के अनुसार स्थापित किया जाए:मुख्य द्वार के ठीक सामने (आई-लेवल पर): लाफिंग बुद्धा को हमेशा घर के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने इस प्रकार रखना चाहिए कि जैसे ही दरवाजा खुले, घर में प्रवेश करने वाले व्यक्ति की पहली नजर उनकी मुस्कुराती हुई आकृति पर पड़े। इससे घर में प्रवेश करने वाली नकारात्मक ऊर्जा तुरंत सकारात्मक तरंगों में बदल जाती है।आंखों के स्तर (Eye-Level) पर स्थापना: मूर्ति को कभी भी फर्श पर या बहुत नीचे नहीं रखना चाहिए। इसे जमीन से कम से कम 30 से 36 इंच की ऊंचाई पर किसी मजबूत मेज, कंसोल टेबल या शेल्फ पर स्थापित करें, ताकि आते-जाते समय आपकी दृष्टि सीधे उनके चेहरे पर पड़े।पूर्व दिशा (स्वास्थ्य और पारिवारिक तालमेल): घर की पूर्व दिशा (East) सूर्य और स्वास्थ्य का क्षेत्र होती है। यहां लाफिंग बुद्धा रखने से परिवार में कलह समाप्त होती है और सदस्यों का स्वास्थ्य उत्तम रहता है।दक्षिण-पूर्व दिशा (धन और समृद्धि का कोना): वास्तु और फेंगशुई में दक्षिण-पूर्व (South-East) को वेल्थ कॉर्नर माना जाता है। इस दिशा में सोने के सिक्के वाली मूर्ति रखने से धन आगमन के नए मार्ग खुलते हैं और रुका हुआ पैसा वापस मिलता है।अध्ययन या वर्क डेस्क (उत्तर-पश्चिम): बच्चों के स्टडी टेबल या ऑफिस की वर्किंग डेस्क पर छोटी लाफिंग बुद्धा की प्रतिमा रखने से एकाग्रता बढ़ती है, तनाव कम होता है और कार्यकुशलता में सुधार होता है।भूलकर भी न करें ये गलतियां: इन जगहों पर मूर्ति रखने से हो सकता है नुकसानशास्त्रों और फेंगशुई में लाफिंग बुद्धा को एक पूजनीय आध्यात्मिक संन्यासी का दर्जा दिया गया है। इसलिए उनकी स्थापना में कुछ नियमों की अनदेखी भारी वास्तु दोष का कारण बन सकती है:बेडरूम, किचन और बाथरूम में कभी न रखें: लाफिंग बुद्धा को कभी भी शयनकक्ष (बेडरूम), रसोईघर, बाथरूम, वॉशरूम या टॉयलेट की दीवार से सटाकर नहीं रखना चाहिए। इसे अत्यंत अपमानजनक और अशुभ माना जाता है।सीधे जमीन पर न रखें: मूर्ति को कभी भी सीधे फर्श पर नहीं रखना चाहिए; इसे हमेशा किसी साफ कपड़े, लकड़ी के स्टैंड या टेबल पर ही रखें।जूते-चप्पल और सीढ़ियों के नीचे रखने से बचें: मुख्य द्वार के पास भी ध्यान रखें कि मूर्ति जूते-चप्पल के रैक (Shoe Rack) के ऊपर या सीढ़ियों के ठीक नीचे न हो।इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के ऊपर न रखें: टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन या वाई-फाई राउटर के ऊपर मूर्ति रखने से बचना चाहिए, क्योंकि उपकरणों की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगे मूर्ति की सकारात्मक ऊर्जा को नष्ट कर देती हैं।लाफिंग बुद्धा के पेट पर हाथ फेरने की परंपरा: क्या है इसका सच?चीनी संस्कृति में यह बहुत प्रसिद्ध लोक-मान्यता है कि यदि आप दिन में एक बार लाफिंग बुद्धा के बड़े पेट पर प्यार और श्रद्धा से हाथ फेरते हैं (Rubbing the Belly), तो आपकी दिनभर की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और घर में सौभाग्य आता है। इसका मनोवैज्ञानिक पक्ष यह है कि जब आप सुबह उठकर किसी मुस्कुराते हुए चेहरे और सकारात्मक ऊर्जा को स्पर्श करते हैं, तो आपका अवचेतन मन दिनभर के तनाव और नकारात्मक विचारों से मुक्त होकर आशा और उमंग से भर जाता है।लाफिंग बुद्धा केवल सजावट का खिलौना या अंधविश्वास की वस्तु नहीं हैं, बल्कि वे जीवन जीने की उस महान कला के प्रतीक हैं जो हमें सिखाती है कि जीवन की चाहे जैसी भी परिस्थितियां हों—चेहरे पर मुस्कान, दिल में उदारता और मन में संतोष बनाए रखना ही संसार का सबसे बड़ा निर्वाण और सुख है। सही दिशा और श्रद्धा के साथ अपने घर में लाफिंग बुद्धा को स्थान देकर आप अपने परिवेश को सुख, शांति और असीम आनंद की ऊर्जा से भर सकते हैं।
अजातशत्रु थे वाजपेयी, नहीं था कोई दुश्मन: अमित शाह
राजस्थान चित्तौड़गढ़ के निम्बाहेड़ा में आज गृह मंत्री अमित शाह पहुंचे. वहां उन्होंने पू्र्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयीकी प्रतिमा का अनावरण किया. इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अटलजी राजनीति में अजातशत्रु की तरह थे. उनका राजनीति में कोई दुश्मन नहीं था. हर पार्टी के लोग अटल जी का सम्मान करते थे.
देश में हर चौथा सैंपल फेल? आखिर हमारी थाली में कितना मिलावटी खाना
खाने-पीने के सामान में मिलावट की खबरें तो आए-दिन आती रहती हैं, लेकिन इसे लेकर कुछ आंकड़े भी हैं. उन आंकड़ों से इस स्थिति को ज्यादा बेहतर तरीके से समझा जा सकता है.
वैदिक ज्योतिष शास्त्र में भगवान भास्कर यानी सूर्य देव को सभी नौ ग्रहों का अधिपति (राजा) और ब्रह्मांड की आत्मा माना गया है। आकाशगंगा के एकमात्र प्रत्यक्ष देवता सूर्य देव मनुष्य के जीवन में पिता, मान-सम्मान, नेतृत्व क्षमता, प्रशासनिक पद, आत्मबल, सरकारी नौकरी, तेज और शारीरिक आरोग्यता के कारक होते हैं। जब किसी जातक की जन्म कुंडली में सूर्य देव मजबूत और शुभ स्थिति में होते हैं, तो ऐसा व्यक्ति समाज में उच्च पद-प्रतिष्ठा प्राप्त करता है, राजनीति और प्रशासनिक सेवाओं में उसका डंका बजता है, और वह हमेशा आत्मविश्वास से भरपूर रहता है।इसके विपरीत, जब कुंडली में सूर्य नीच राशि (तुला), त्रिक भावों (6ठे, 8वें या 12वें भाव) में स्थित हों, या राहु-केतु और शनि की अशुभ दृष्टि से पीड़ित (सूर्य ग्रहण दोष या पितृ दोष) हों, तो जातक 'सूर्य दोष' का शिकार हो जाता है। ऐसे में कड़ी मेहनत और योग्यता के बावजूद व्यक्ति को अपने कार्यस्थल पर बार-बार असफलता, अपमान और रुकावटों का सामना करना पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र में रविवार का दिन भगवान सूर्य को समर्पित है। यदि रविवार की सुबह पूरे विधि-विधान से सूर्य देव को अर्घ्य देकर केवल 11 बार विशेष सूर्य मंत्र का जाप किया जाए, तो सूर्य दोष से हमेशा के लिए मुक्ति पाई जा सकती है।सूर्य दोष के प्रमुख लक्षण: कैसे पहचानें कि आपका सूर्य कमजोर है?कुंडली दिखाए बिना भी व्यक्ति अपने दैनिक जीवन में होने वाली घटनाओं और शारीरिक संकेतों के आधार पर सूर्य दोष की पहचान कर सकता है:करियर और मान-सम्मान में लगातार गिरावट: बनते हुए काम ऐन वक्त पर बिगड़ जाना, अधिकारी वर्ग से हमेशा अनबन रहना, और मेहनत का श्रेय किसी अन्य व्यक्ति को मिल जाना।सरकारी नौकरी और प्रतियोगी परीक्षाओं में अड़चनें: सरकारी नौकरी के प्रयासों में अंतिम चयन (मेरिट लिस्ट) से बार-बार चूक जाना या प्रमोशन में अनावश्यक देरी होना।पिता के साथ संबंधों में तनाव: पिता के स्वास्थ्य का लगातार खराब रहना, उनके साथ वैचारिक मतभेद या पिता के सुख में कमी होना कमजोर सूर्य का प्रमुख संकेत है।शारीरिक व मानसिक कष्ट: अत्यधिक सुस्ती (आलस्य), आत्मविश्वास की भारी कमी, आंखों की रोशनी कमजोर होना (दृष्टि दोष), सिरदर्द या माइग्रेन, हड्डियों में दर्द या कमजोरी, और हृदय संबंधी विकारों का खतरा बढ़ना।बिना वजह कानूनी विवाद: सरकारी विभागों, कोर्ट-कचहरी या टैक्स संबंधी मामलों में बेवजह फंसना।रविवार के दिन 11 बार करें इस चमत्कारी सूर्य बीज मंत्र का जापशास्त्रों में सूर्य देव की कृपा प्राप्त करने के लिए वैसे तो 108 बार जाप का विधान है, लेकिन व्यस्त दिनचर्या में यदि आप रविवार को पूर्ण श्रद्धा, पवित्रता और एकाग्रता के साथ केवल 11 बार शक्तिशाली 'सूर्य बीज मंत्र' का जाप करते हैं, तो भी यह जादुई फल प्रदान करता है:तांत्रिक सूर्य बीज मंत्र:ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः(Om Hraam Hreem Hroum Sah Suryaya Namah)यह मंत्र सूर्य की मूल ऊर्जा तरंगों (Solar Vibrations) को सीधे आपके शरीर के 'मणिपुर चक्र' (Solar Plexus) से जोड़ता है। इस मंत्र के 11 अक्षरों का उच्चारण शरीर के भीतर ऊर्जा, आत्मबल और तेज का संचार करता है।इसके अलावा, यदि यह मंत्र कठिन लगे, तो आप इन सरल मंत्रों में से किसी एक का 11 बार जाप कर सकते हैं:सूर्य नमस्कार मंत्र: ॐ घृणि सूर्याय नमःसूर्य गायत्री मंत्र: ॐ आदित्याय विद्महे मार्तण्डाय धीमहि तन्नो सूर्यः प्रचोदयात्पौराणिक सूर्य मंत्र: ॐ नमो भगवते श्री सूर्याय नमःरविवार की सुबह सूर्य अर्घ्य और मंत्र जाप की सही विधि (Step-by-Step Guide)सूर्य देव को जल चढ़ाने का अधिकतम लाभ तभी मिलता है जब उसे शास्त्रों में बताए गए सटीक नियमों के अनुसार किया जाए:ब्रह्म मुहूर्त में स्नान: रविवार को सूर्योदय से पूर्व (ब्रह्म मुहूर्त) बिस्तर छोड़ें और स्नान करके साफ लाल, नारंगी, केसरिया या पीले रंग के वस्त्र धारण करें।तांबे का लोटा ही प्रयोग करें: सूर्य देव की पूजा में तांबे (Copper) की धातु का ही इस्तेमाल करना चाहिए। स्टील, प्लास्टिक या कांच के बर्तनों से जल देना पूरी तरह वर्जित है।अर्घ्य के जल में मिलाएं ये 5 दिव्य सामग्रियां: तांबे के लोटे में शुद्ध जल भरें और उसमें थोड़ा सा गंगाजल, लाल कुमकुम या रोली, लाल चंदन, अक्षत (बिना टूटे हुए चावल के दाने), लाल गुड़हल का फूल या गुलाब की पंखुड़ियां, और थोड़ा सा गुड़ या मिश्री मिलाएं।अर्घ्य देने की मुद्रा: पूर्व दिशा की ओर मुख करके खड़े हों। दोनों हाथों से लोटे को सिर के ऊपर (ललाट से लगभग 8 इंच ऊंचा) उठाएं। जल की गिरती हुई पतली धार के बीच से उगते हुए लाल सूर्य के दर्शन करें। यह जल की धार एक प्रिज्म का काम करती है, जिससे सूर्य की सातों किरणें आंखों और मस्तिष्क के न्यूरॉन्स को सक्रिय करती हैं।अर्घ्य मंत्र और 11 बार जाप: जल की धारा प्रवाहित करते समय ॐ सूर्याय नमः या एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते। अनुकंपय मां भक्त्या गृहाणार्घ्यं दिवाकर॥ बोलें। जल अर्पित करने के बाद वहीं खड़े होकर तीन बार अपनी ही जगह पर दक्षिणावर्त (Clockwise) परिक्रमा करें और फिर पूर्व दिशा की ओर मुंह करके सीधे खड़े होकर या लाल आसन पर बैठकर सूर्य बीज मंत्र का 11 बार स्पष्ट उच्चारण के साथ जाप करें।चरण स्पर्श और तिलक: जहां अर्घ्य का जल गिरा हो, उस स्थान को पैरों से न छुएं। भूमि पर गिरे जल की बूंदों को अपनी अनामिका उंगली से लेकर अपने दोनों नेत्रों और मस्तक पर तिलक के रूप में लगाएं।रविवार के दिन अपनाएं ये 5 ज्योतिषीय नियम: सूर्य देव होंगे अति प्रसन्नमंत्र जाप और अर्घ्य के साथ-साथ रविवार के दिन कुछ विशेष सावधानियों और उपायों का पालन करने से सूर्य की शुभता कई गुना बढ़ जाती है:रविवार को नमक का त्याग (अलौना व्रत): सूर्य को बलवान करने के लिए रविवार के दिन सूर्यास्त से पहले भोजन में नमक (Salt) का सेवन न करें। दिन में केवल मीठा भोजन (जैसे दलिया, खीर, या बिना नमक की रोटी-गुड़) ग्रहण करें।पिता और वरिष्ठों का सम्मान: सूर्य पिता और गुरु का कारक है। सुबह उठकर सबसे पहले अपने पिता, दादा और बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लें। किसी भी वृद्ध व्यक्ति का अपमान न करें।गेहूं, तांबा और गुड़ का दान: रविवार को दोपहर के समय किसी योग्य ब्राह्मण, मंदिर या जरूरतमंद को सवा किलो गेहूं, तांबे का बर्तन, लाल वस्त्र, माणिक्य रत्न या गुड़ का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ: यदि आप किसी गंभीर कानूनी विवाद, असाध्य रोग या शत्रु बाधा से घिरे हैं, तो रविवार के दिन वाल्मीकि रामायण में वर्णित 'आदित्य हृदय स्तोत्र' का पाठ अवश्य करें। भगवान श्रीराम ने रावण पर विजय पाने के लिए अगस्त्य मुनि के कहने पर इसी स्तोत्र का पाठ किया था।काले और गहरे नीले वस्त्रों से परहेज: रविवार के दिन काले, स्लेटी या गहरे नीले रंग के कपड़े पहनने से बचें, क्योंकि ये रंग शनि और राहु के प्रतीक हैं जो सूर्य की सकारात्मक किरणों को बाधित करते हैं।सूर्य उपासना का वैज्ञानिक और आध्यात्मिक प्रभावआधुनिक विज्ञान भी इस बात की पुष्टि करता है कि सुबह के समय उगते हुए सूर्य के सामने खड़े होकर प्रार्थना और प्राणायाम करने से शरीर को प्राकृतिक विटामिन-डी (Vitamin D) मिलता है, जिससे मेलाटोनिन और सेरोटोनिन हार्मोन्स का संतुलन सुधरता है। यह डिप्रेशन को दूर करता है, इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है और शरीर की सर्कैडियन रिदम को दुरुस्त रखता है।मंत्रों के 11 बार किए जाने वाले ध्वनि कंपनों (Sound Frequencies) से मस्तिष्क का हाइपोथैलेमस भाग सक्रिय होता है, जिससे निर्णय क्षमता और एकाग्रता में अभूतपूर्व सुधार आता है।सच्ची श्रद्धा, नियमित दिनचर्या और रविवार को 11 बार किए गए इस छोटे से सूर्य मंत्र जाप से जीवन के समस्त अंधकार, असफलताएं और ग्रह दोष दूर हो जाते हैं। सूर्य देव की यह सरल साधना आपको न केवल आंतरिक शांति और अपार ऊर्जा प्रदान करेगी, बल्कि आपके जीवन को समाज में यश, कीर्ति और सफलता के दिव्य प्रकाश से आलोकित कर देगी।
बीकानेर में स्कॉर्पियो की टक्कर से दो मासूम बच्चों की मौत
बीकानेर। राजस्थान में बीकानेर जिले के गजनेर थाना क्षेत्र में गांव भोलासर के पास शनिवार को एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो गाड़ी की टक्कर से सड़क किनारे मोटरसाइकिल के पास खड़े दो मासूम भाइयों की मौत हो गई जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस सूत्रों ने रविवार को बताया कि गांव के […] The post बीकानेर में स्कॉर्पियो की टक्कर से दो मासूम बच्चों की मौत appeared first on Sabguru News .
इस बार संसद का मानसून सत्र भीतर कम विधायी कार्य और बाहर भारी राजनीतिक हंगामे के बीच समाप्त हुआ। NEET विवाद, पेपर लीक, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और राम मंदिर जैसे मुद्दों ने सत्र की सियासी दिशा तय की।
जावेद अख्तर ने खुद अपने एक इंटरव्यू में बताया कि किस तरह वह पूरी तरह भूल गए थे कि उन्हें एक गाना लिखना है. इसके बाद जब तक याद आया बहुत देर हो चुकी थी और मामला इज्जत बचाने तक पहुंच चुका था.
नाग पंचमी और सावन सोमवार का दुर्लभ महासंयोग, शिव और नाग साधना का सबसे पावन दिन
सनातन धर्म में श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला 'नाग पंचमी' (Nag Panchami) का पर्व आध्यात्मिक, पौराणिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस वर्ष नाग पंचमी पर एक बेहद दुर्लभ और फलदायी संयोग बना है, जब यह पावन तिथि सावन के सोमवार के दिन पड़ रही है। भगवान भोलेनाथ के प्रिय दिन 'सोमवार' और उनके गले का आभूषण कहे जाने वाले 'नाग देवता' की पूजा का यह अद्भुत संगम साधकों, श्रद्धालुओं और कालसर्प दोष से पीड़ित व्यक्तियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।शास्त्रों में नागों को पाताल लोक का स्वामी और भगवान विष्णु का शयन-आसन (शेषनाग) तथा भगवान शिव का कंठहार (वासुकी) माना गया है। जहां एक ओर इस दिन नाग देवता की विधिवत पूजा और रुद्राभिषेक से कुंडली के बड़े से बड़े ग्रह दोष शांत होते हैं, वहीं दूसरी ओर शास्त्रों और लोक मान्यताओं में इस दिन कुछ विशेष दैनिक कार्यों पर कड़ा प्रतिबंध भी लगाया गया है। इनमें सबसे प्रमुख नियम है—नाग पंचमी के दिन घर की रसोई में लोहे का तवा न चढ़ाना और तवे पर रोटी न बनाना। मान्यता है कि इस नियम की अनदेखी करने से परिवार में दरिद्रता, अशांति और राहु-केतु का भयंकर प्रकोप झेलना पड़ सकता है।नाग पंचमी के दिन तवा चढ़ाना क्यों है पूरी तरह वर्जित? जानिए पौराणिक और लोक मान्यताएंभारतीय सनातन संस्कृति में नाग पंचमी के दिन घर में तवा चूल्हे पर रखने की सख्त मनाही है। उत्तर भारत, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और बिहार समेत देश के अधिकांश हिस्सों में सदियों से यह परंपरा चली आ रही है।इसके पीछे मुख्य पौराणिक और धार्मिक कारण इस प्रकार हैं:तवे का नाग के फन से सादृश्य (प्रतीकात्मक रूप): धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गोल लोहे का तवा नाग देवता के फैले हुए फन का प्रतीक माना जाता है। जब तवे को सीधे चूल्हे या गैस की जलती हुई आग पर रखा जाता है, तो प्रतीकात्मक रूप से इसे नाग देवता के फन को आग पर तपाने या जलाने के समान माना गया है। ऐसा करने से नाग देवता कुपित और पीड़ित होते हैं, जिससे परिवार को उनका शाप लगता है।अग्नि से नागों की रक्षा का संकल्प: पौराणिक कथाओं के अनुसार, महाभारत काल में जब राजा जनमेजय ने अपने पिता परीक्षित की तक्षक दंश से हुई मृत्यु का बदला लेने के लिए 'सर्प सत्र यज्ञ' करवाया था, तो यज्ञ की धधकती अग्नि में लाखों निर्दोष सर्प जलकर भस्म होने लगे थे। तब आस्तिक मुनि ने श्रावण शुक्ल पंचमी के दिन ही उस यज्ञ की अग्नि को शांत कर नागों के प्राणों की रक्षा की थी। इसलिए नाग पंचमी के दिन नागों को अग्नि के कष्ट से दूर रखने के प्रतीक के रूप में तवा और आग का सीधा संपर्क वर्जित किया गया है।कड़ाही और उबले भोजन की परंपरा: इस दिन घरों में तवे पर रोटी सेंकने के बजाय कड़ाही में पूड़ी, कचौड़ी, हलवा, खीर, दाल बाटी या भाप में पके पकवान (जैसे ढोकला, फरा) बनाए जाते हैं। कई क्षेत्रों में नाग पंचमी के एक दिन पहले (चतुर्थी की रात) ही भोजन बनाकर रख लिया जाता है और पंचमी के दिन 'बासी भोजन' (ठंडा भोजन) खाने की परंपरा निभाई जाती है।राहु-केतु और शनि का तवे से संबंध: ज्योतिष शास्त्र में क्यों लगता है जीवन में ग्रहण?ज्योतिष विज्ञान में रसोईघर, लोहे और तवे का संबंध सीधे तौर पर छाया ग्रह राहु, केतु और कर्मफल दाता शनि से माना गया है।ज्योतिषीय नियमों के अनुसार:लोहा और तवा शनि व राहु के कारक: तवा लोहे की धातु से बनता है, जिसका सीधा स्वामित्व शनिदेव के पास है। जब इस पर कालिख या तेल-मैल जमती है, तो यह राहु का साक्षात रूप धारण कर लेता है। लाल किताब और वैदिक ज्योतिष में तवे को राहु की ऊर्जा का केंद्र माना गया है।राहु-केतु का सर्प रूप: वैदिक ज्योतिष में राहु को सर्प का सिर (Mouth) और केतु को सर्प का धड़ (Tail) कहा जाता है। जब कोई व्यक्ति नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा के बजाय तवे पर अग्नि का प्रहार करता है, तो कुंडली में राहु और केतु एक साथ उग्र हो जाते हैं।जीवन पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव: राहु-केतु के कुपित होने से जातक के जीवन में अचानक व्यापार में भारी घाटा, मानसिक तनाव, निर्णय लेने में भ्रम, अनिद्रा (Insomnia), दांपत्य जीवन में कलह और अज्ञात भय (फोबिया) जैसी समस्याएं घेरने लगती हैं। ऐसा माना जाता है कि यह गलती पूरे परिवार की उन्नति और भाग्य पर ग्रहण लगा देती है।तवे के अलावा नाग पंचमी पर ये काम भी हैं पूरी तरह वर्जित: भूलकर भी न करें ये गलतियांशास्त्रों में नाग पंचमी के दिन कुछ अन्य कार्यों को भी अत्यंत अशुभ और वर्जित श्रेणी में रखा गया है:जमीन खोदना या हल चलाना वर्जित: नाग पंचमी के दिन खेतों में हल चलाना, जमीन की खुदाई करना, नींव खोदना या बागवानी में खुरपी चलाना पूरी तरह मना होता है। मान्यता है कि मिट्टी के भीतर बिलों में सांप या उनके अंडे हो सकते हैं; खुदाई करने से उन्हें चोट लग सकती है या उनकी मृत्यु हो सकती है, जिससे 'सर्प दोष' लगता है।सुई-धागे और नुकीली चीजों का इस्तेमाल न करें: इस पावन दिन पर सिलाई-कढ़ाई करना, कैंची चलाना या चाकू-छुरी जैसी नुकीली वस्तुओं का अनावश्यक प्रयोग करने से बचना चाहिए।जीवित सांप को जबरन दूध न पिलाएं: कई लोग अंधविश्वास में आकर सपेरों से जीवित सांप को दूध पिलाने की कोशिश करते हैं। जीव विज्ञान के अनुसार सांप सरीसृप (Reptile) होते हैं और वे दूध नहीं पचा सकते; दूध पीने से उनके फेफड़े चोक हो जाते हैं और उनकी दर्दनाक मौत हो जाती है। नाग देवता के पत्थर या धातु की प्रतिमा, शिवलिंग या चित्र पर ही दूध अर्पित करना चाहिए।हरे पेड़-पौधों और फसलों को न काटें: नाग पंचमी के दिन किसी भी हरे पेड़, पौधे, घास या टहनी को काटना वर्जित माना जाता है।कालसर्प दोष और राहु-केतु की पीड़ा से मुक्ति के 5 अचूक उपाययदि आपकी कुंडली में कालसर्प दोष, राहु की महादशा, केतु की अंतर्दशा या पितृ दोष मौजूद है, तो सावन सोमवार और नाग पंचमी के इस महासंयोग पर किए गए ये उपाय जीवन के सारे कष्ट मिटा सकते हैं:चांदी के नाग-नागिन के जोड़े का दान: नाग पंचमी के दिन सुबह स्नानादि के बाद तांबे या चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा लेकर दूध और गंगाजल से अभिषेक करें। पूजा के बाद इसे किसी प्राचीन शिव मंदिर में शिवलिंग पर अर्पित करें या बहते हुए स्वच्छ जल (नदी) में प्रवाहित करें।महामृत्युंजय मंत्र और नाग गायत्री मंत्र का जाप: इस दिन रुद्राक्ष की माला से भगवान शिव के महामृत्युंजय मंत्र या नाग गायत्री मंत्र (ॐ नवकुलाय विद्महे विषदंताय धीमहि तन्नो सर्पः प्रचोदयात्) का 108 बार जाप करने से सभी प्रकार के सर्प भय और मानसिक अशांति से मुक्ति मिलती है।सावन सोमवार का रुद्राभिषेक: शिवलिंग पर कच्चा गाय का दूध, काले तिल, बेलपत्र, धतूरा और भस्म अर्पित करते हुए 'ॐ नमः शिवाय' का लगातार जप करें। भगवान आशुतोष प्रसन्न होकर कुंडली के सभी सर्प दोषों के प्रभाव को शून्य कर देते हैं।पक्षियों और मछलियों को दाना: राहु-केतु के अशुभ प्रभाव को शांत करने के लिए सात प्रकार के अनाज (सप्तधान्य) पक्षियों को डालें और आटे की गोलियां बनाकर मछलियों को खिलाएं।मुख्य द्वार पर गोबर या नीम से नाग आकृति: घर के मुख्य दरवाजे के दोनों ओर गाय के गोबर, गेरू या चंदन से नाग देवता की प्रतीकात्मक आकृति बनाएं और उन पर दूर्वा, अक्षत व कच्चा दूध चढ़ाएं। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नजर का प्रवेश नहीं होता।नाग पंचमी पर क्या बनाएं और कैसा रखें खान-पान?इस दिन रसोई में तवे का इस्तेमाल न करते हुए सात्विक और पारंपरिक भोजन तैयार किया जाता है:कड़ाही में देसी घी या तेल की मदद से पूड़ी, कचौड़ी, मालपुए, गुलगुले या पकौड़े बनाए जाते हैं।चावल की खीर, सेवइयां और पंचामृत का भोग नाग देवता और भगवान शिव को लगाया जाता है।कई पारंपरिक परिवारों में बाजरे की रोटी, बेसन के लड्डू, चने की दाल और अंकुरित अनाज (मूंग-चना) एक दिन पहले ही बनाकर रख लिए जाते हैं और पंचमी के दिन केवल ठंडे भोजन का ही सेवन किया जाता है।भोजन में लहसुन, प्याज, मांस और मदिरा का सेवन पूरी तरह वर्जित रहता है।प्रकृति और जीवों के प्रति सम्मान का संदेश है नाग पंचमीनाग पंचमी का पावन पर्व केवल पूजा-पाठ या नियमों का पालन भर नहीं है, बल्कि यह सनातन परंपरा का वह दिव्य संदेश है जो हमें प्रकृति, पर्यावरण और सभी मूक प्राणियों के साथ संतुलन बनाकर जीने की प्रेरणा देता है। सांप खेतों में फसलों को बर्बाद करने वाले चूहों और कीटों का शिकार करके हमारे अन्न और पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) की रक्षा करते हैं।इस सावन सोमवार और नाग पंचमी के अद्भुत संयोग पर घर की रसोई में तवा न चढ़ाने के नियम का सम्मान करें, सात्विक भोजन बनाएं, जरूरतमंदों को दान दें और भगवान भोलेनाथ व नाग देवता की आराधना कर अपने जीवन को सुख, समृद्धि और राहु-केतु के दोषों से पूरी तरह मुक्त बनाएं।
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