Kharge का सीधा वार: BJP-RSS ने आजादी में कुछ नहीं किया, मंदिर लूटने वाले देशभक्त नहीं
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की आलोचना करते हुए कहा कि भारत की आज़ादी की लड़ाई में उनका कोई योगदान नहीं था। उन्होंने अपनी पार्टी के सदस्यों को असली देशभक्त बताया और BJP नेताओं को गद्दार करार दिया। उत्तराखंड के हल्द्वानी में एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए खड़गे ने कहा कि बीजेपी और आरएसएस ने देश के लिए कुछ नहीं किया है। आज़ादी की लड़ाई में उनका कोई योगदान नहीं रहा। क्या आरएसएस का कोई सदस्य देश की आज़ादी के लिए कभी जेल गया है? क्या बीजेपी के किसी वफ़ादार ने जेल की सज़ा काटी है? इसे भी पढ़ें: Jharkhand Exam Controversy: Babulal Marandi बोले- बातचीत के बहाने JPSC-JSSC मुद्दे को न भटकाए JMM सरकार खड़गे ने कहा कि अगर कुछ लोग गए भी होंगे, तो वे शायद ऐसे लोग रहे होंगे जो पहले कांग्रेस में थे और बाद में उस तरफ़ चले गए। लेकिन बीजेपी के किसी असली सदस्य ने उस आंदोलन में हिस्सा नहीं लिया। यह उनका इतिहास है, फिर भी वे हमें देशभक्ति का पाठ पढ़ाते रहते हैं। सच तो यह है कि असली देशभक्त हम हैं। वे तो देश छोड़कर भागने वाले लोग हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी से डरेगी या घबराएगी नहीं। उन्होंने कहा कि इसीलिए कांग्रेस न तो किसी से डरेगी और न ही कोई उन्हें डरा सकता है। खड़गे ने भारत के आज़ादी के इतिहास में 8 अगस्त के महत्व को याद करते हुए महात्मा गांधी द्वारा 8 अगस्त 1942 को शुरू किए गए 'भारत छोड़ो आंदोलन' का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी जी ने 'करो या मरो' और 'भारत छोड़ो' का नारा दिया, जिससे लोग एकजुट हुए और ब्रिटिश शासन में डर पैदा हो गया। आखिरकार, लोगों ने अंग्रेजों को देश से बाहर खदेड़ दिया, और कितनी खुशी की बात है कि आज ही के दिन यहां इतनी बड़ी जनसभा हो रही है। इसे भी पढ़ें: Prashant Kishor संग Sunetra Pawar की भेंट से BJP में बेचैनी, महायुति में भी खलबली कांग्रेस नेता ने BJP-RSS पर मंदिर के दान में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, जिसमें अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर का दान भी शामिल है। उन्होंने दावा किया किBJP-RSS के लोग धर्म के नाम पर लूट-खसोट कर रहे हैं। चाहे केदारनाथ धाम हो, बद्रीनाथ धाम हो या राम मंदिर, वे हर जगह लूट रहे हैं। जो लोग मंदिरों में चढ़ावे की चोरी करते हैं, वे ही दूसरों को भगवान का विरोधी बताते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब वे संसद में इन मुद्दों को उठाने की कोशिश करते हैं, तो अक्सर BJP सांसद उसमें बाधा डालते हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
कांवड़ यात्रा में अनोखा शौक पड़ा भारी, बाइक हुई सीज
हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के बीच 500 हॉर्न लगी एक अनोखी बाइक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. फरीदाबाद के अमन की बताई जा रही इस बाइक को शंकराचार्य चौक पर पुलिस ने रोककर जांच की. नियमों के खिलाफ मॉडिफिकेशन पाए जाने पर पुलिस ने बाइक को सीज कर दिया. कार्रवाई के बाद बाइक का वीडियो वायरल हुआ और यह कांवड़ मेले में चर्चा का विषय बन गई.
एयर इंडिया फ्लाइट टर्बुलेंस: नागरिक उड्डयन मंत्री ने अस्पताल जाकर जाना घायलों का हाल
4 अगस्त को एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट में तेज टर्बुलेंस की घटना के बाद करीब 24 यात्रियों को अस्पताल ले जाया गया था. ज्यादातर यात्रियों को शुरुआती कुछ घंटों में छुट्टी दे दी गई, जबकि 4 क्रू मेंबर अभी भी अस्पताल में हैं.
भारतीय खानपान और विशेषकर शाकाहारी आहार में पनीर को प्रोटीन का सबसे बेहतरीन और लोकप्रिय स्रोत माना जाता है। स्वाद में लाजवाब और सेहतमंद होने के कारण पनीर हर घर की पहली पसंद होता है, लेकिन बाजार से खरीदकर जो पनीर आप अपने परिवार को खिला रहे हैं, क्या वह वाकई शुद्ध है? हाल ही में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने गलत लेबलिंग और गंभीर स्वास्थ्य खतरों के चलते 'एनालॉग पनीर' (Analog Paneer) के उत्पादन और बिक्री पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया है। आइए जानते हैं कि आखिर यह एनालॉग पनीर क्या है, कैसे आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा रहा है और असली पनीर की पहचान कैसे की जाए।क्या होता है एनालॉग पनीर और यह कैसे बनता हैपारंपरिक और असली पनीर हमेशा पूरी तरह से शुद्ध दूध से तैयार किया जाता है, लेकिन बाजार की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए फैब्रिकेटेड या एनालॉग पनीर का चलन बढ़ गया है। एनालॉग पनीर असली दूध से न बनकर स्किम्ड मिल्क पाउडर, सस्ते वेजिटेबल ऑयल्स (जैसे पाम ऑयल), स्टार्च, इमल्सीफायर्स और प्रोसेसिंग सॉल्ट्स के मिश्रण से तैयार किया जाता है। इन सभी सामग्रियों को मिलाकर थर्मल प्रोसेसिंग के जरिए इसे एक ठोस पनीर का रूप दिया जाता है। दिखने और छूने में यह बिल्कुल असली पनीर जैसा ही प्रतीत होता है, लेकिन अल्ट्रा-प्रोसेस्ड होने के कारण इसमें प्राकृतिक पोषक तत्वों की भारी कमी होती है और खतरनाक केमिकल्स की मात्रा अधिक होती है।असली और नकली (एनालॉग) पनीर में अंतरअसली पनीर में प्राकृतिक दूध का प्रोटीन और नेचुरल फैट्स मौजूद होते हैं, जबकि एनालॉग पनीर में पाम ऑयल जैसे अनहेल्दी वेजीटेबल फैट्स का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे इसमें शरीर के लिए नुकसानदायक ट्रांस फैट की मात्रा बढ़ जाती है। ताजा और शुद्ध पनीर कम प्रोसेस्ड होता है, जबकि एनालॉग पनीर अल्ट्रा-प्रोसेस्ड होने के कारण शरीर को फायदा पहुंचाने के बजाय नुकसान पहुंचाता है। इसके अलावा, असली पनीर हाथ से दबाने पर आसानी से भुरभुरा होकर टूट जाता है, जबकि एनालॉग पनीर काफी हद तक रबर जैसा खिंचावदार और सख्त बना रहता है।सेहत के लिए क्यों खतरनाक है एनालॉग पनीरएनालॉग पनीर में इस्तेमाल होने वाले घटिया क्वालिटी के वेजीटेबल ऑयल्स शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) की मात्रा तेजी से बढ़ाते हैं, जिससे दिल की बीमारियों और हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसमें मिलाए जाने वाले इमल्सीफाइंग सॉल्ट्स शरीर में सोडियम का स्तर बढ़ाते हैं, जो हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन के मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। दिल के मरीजों, डायबिटीज के शिकार लोगों और बढ़ते बच्चों को इस तरह के नकली और सिंथेटिक खाद्य पदार्थों से विशेष रूप से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।एनालॉग पनीर की पहचान करने के आसान तरीकेबाजार से पनीर खरीदते समय हमेशा उसकी पैकेजिंग और प्रोडक्ट लेबल को ध्यान से पढ़ना चाहिए। यदि सामग्री (Ingredients) की सूची में वेजिटेबल ऑयल, फैट स्प्रेड या इमल्सीफायर्स का जिक्र है, तो समझ जाइए कि वह एनालॉग पनीर है। हमेशा किसी भरोसेमंद और प्रमाणित ब्रांड का पैक्ड पनीर ही खरीदें तथा खुले व बिना ब्रांड वाले पनीर की खरीद से बचें। खरीदारी करते समय पनीर के टेक्सचर और उसकी खुशबू पर भी विशेष ध्यान दें ताकि आप और आपका परिवार किसी भी गंभीर स्वास्थ्य जोखिम से सुरक्षित रह सके।
महाभारत काल के प्रज्ञाच्युत और नीतिशास्त्र के मर्मज्ञ महात्मा विदुर द्वारा रीतबद्ध की गई 'विदुर नीति' (Vidur Niti) आज के समय में भी मानव जीवन के लिए एक मार्गदर्शिका की तरह है। विदुर नीति के अनुसार, किसी भी व्यक्ति का मूल्यांकन केवल उसकी किताबी डिग्रियों या पढ़ाई-लिखाई से नहीं किया जाता, बल्कि उसका वास्तविक आचरण, सोच और दैनिक आदतें उसके व्यक्तित्व को तय करती हैं। कई बार इंसान की कुछ छोटी-सी दिखने वाली बुरी आदतें उसे समाज में उपहास का पात्र बना देती हैं और वह समझदार होते हुए भी महामूर्ख की श्रेणी में आ जाता है। आइए जानते हैं विदुर नीति में बताई गई उन 5 प्रमुख बुरी आदतों के बारे में जो इंसान के जीवन और बुद्धि का विनाश कर देती हैं।अहंकार (Ego and Arrogance)विदुर नीति के अनुसार, अत्यधिक अहंकार इंसान की बुद्धि को पूरी तरह भ्रष्ट कर देता है। कई बार लोग थोड़ी सी सफलता या ज्ञान पाकर खुद को सर्वज्ञाता समझने लगते हैं और दूसरों को अपने से कमतर आंकने लगते हैं। अहंकारी व्यक्ति न तो किसी की सही सलाह सुनता है और न ही अपनी गलतियों को स्वीकार करने की हिम्मत जुटा पाता है। यही घमंड उसके पतन का मुख्य कारण बनता है, इसलिए जीवन में उपलब्धियों पर गर्व करना अलग बात है, लेकिन अभिमान करना इंसान को विवेकहीन बना देता है।क्रोध (Anger and Loss of Control)क्रोध को मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु माना गया है। गुस्से की स्थिति में इंसान की सोचने, समझने और सही-गलत का फैसला करने की क्षमता छिन जाती है। क्रोध के आवेश में व्यक्ति अक्सर ऐसे कड़े कदम उठा लेता है या अपमानजनक शब्द बोल देता है, जिसका पछतावा उसे जीवनभर रहता है। गुस्से की वजह से आपसी रिश्ते टूटने लगते हैं और बड़े अवसर हाथ से निकल जाते हैं। इसलिए विपरीत परिस्थितियों में भी संयम और शांति बनाए रखना ही बुद्धिमानी है।आलस्य (Procrastination and Laziness)आलस्य एक ऐसा दीमक है जो इंसान की पूरी मेहनत और प्रतिभा को अंदर से खोखला कर देता है। जो लोग आज का काम कल पर टालने की आदत रखते हैं, वे जीवन में कभी सफलता हासिल नहीं कर पाते। समय की कद्र न करने वाले लोग हमेशा दूसरों से पीछे रह जाते हैं और उनके ऊपर काम का मानसिक बोझ लगातार बढ़ता जाता है। विदुर नीति के अनुसार, जीवन में तरक्की पाने के लिए आलस्य का त्याग करना सबसे पहली शर्त है।ईर्ष्या (Jealousy and Resentment)दूसरों की तरक्की, सुख-सुविधाओं या धन को देखकर जलने वाले लोग अपना ही नुकसान करते हैं। ईर्ष्यालु प्रवृत्ति के लोग अपनी कमियों को सुधारने के बजाय अपना अधिकांश समय दूसरों से द्वेष रखने में व्यर्थ कर देते हैं। इसके विपरीत, एक समझदार और ज्ञानी व्यक्ति दूसरों की सफलता से प्रेरणा लेता है। मन में ईर्ष्या की भावना रखने से नकारात्मकता बढ़ती है और व्यक्ति का आत्मविश्वास लगातार कमजोर होता चला जाता है।लालच (Greed and Insatiable Desires)जरूरत से ज्यादा पाने की लालसा इंसान को हमेशा गलत और शॉर्टकट रास्तों पर धकेल देती है। लालची व्यक्ति के पास चाहे कितनी भी सुख-सुविधाएं और धन क्यों न आ जाए, उसकी तृष्णा कभी शांत नहीं होती। यह लगातार बनी रहने वाली लालच की भावना इंसान की मानसिक शांति को छीन लेती है और उसे नैतिक पतन की ओर ले जाती है। विदुर नीति का संदेश है कि जीवन में संतोष और ईमानदारी की मेहनत ही असली पूंजी है। इन पांच दुर्गुणों से दूर रहकर ही व्यक्ति एक सफल, सम्मानित और सुखी जीवन जी सकता है।
सनातन पंचांग और ज्योतिषीय गणना के अनुसार, सावन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी यानी कामिका एकादशी का पावन पर्व बेहद खास योगों के साथ आ चुका है। इस साल कामिका एकादशी पर द्विपूष्कर योग और हर्षण योग का एक अत्यंत दुर्लभ और शुभ संयोग बन रहा है। सावन के महीने में पड़ रही इस एकादशी पर जगत के पालनहार भगवान विष्णु और धन की देवी मां लक्ष्मी की असीम कृपा से कुछ चुनिंदा राशियों के भाग्य के बंद ताले खुलने वाले हैं। आइए जानते हैं कि किन 5 भाग्यशाली राशियों पर इस महासंयोग का सबसे सकारात्मक प्रभाव पड़ने वाला है।वृषभ, कर्क और सिंह राशि के जातकों को मिलेगा बंपर लाभज्योतिषीय आकलनों के अनुसार, कामिका एकादशी पर बन रहे इन शुभ योगों का प्रभाव सभी राशियों पर देखने को मिलेगा, लेकिन पांच राशियां ऐसी हैं जिन्हें विशेष लाभ मिलने की पूरी संभावना है। वृषभ राशि के जातकों की आर्थिक स्थिति में अचानक सुधार देखने को मिल सकता है। लंबे समय से रुका हुआ धन वापस मिल सकता है और कारोबारियों को कोई बड़ी डील या नया प्रोजेक्ट हाथ लग सकता है। कर्क राशि के जातकों के लिए नए आय के स्रोत बनेंगे और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी। नौकरीपेशा लोगों को उच्च अधिकारियों से प्रशंसा और प्रमोशन का लाभ मिल सकता है। सिंह राशि के जातकों के आत्मविश्वास में जबरदस्त वृद्धि होगी और समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। सरकारी या प्रशासनिक कार्यों से जुड़े लोगों को बड़ी सफलता हासिल हो सकती है।तुला और कुंभ राशि वालों के जीवन में आएगी सुख-समृद्धितुला राशि के जातकों का भाग्य पूरी तरह से साथ देगा और आय के नए साधन स्थिर बने रहेंगे। यदि आप कोई नया निवेश या प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह समय बेहद अनुकूल साबित हो सकता है। परिवार या बच्चों की ओर से कोई सुखद समाचार मिल सकता है। इसके अलावा, कुंभ राशि के जातकों के जीवन की पुरानी समस्याएं और करियर की बाधाएं समाप्त होंगी। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाओं की सराहना की जाएगी। जीवनसाथी के साथ रिश्ते मधुर होंगे और आप धन संचय करने में सफल रहेंगे।कामिका एकादशी के विशेष उपाय और पूजा विधिकामिका एकादशी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए कुछ विशेष उपाय करने से जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी के पत्तों का विशेष रूप से भोग लगाएं। चूंकि एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना वर्जित माना जाता है, इसलिए इन्हें एक दिन पहले ही तोड़कर रख लेना चाहिए। इसके अलावा, 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करने या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से आर्थिक तंगी दूर होती है। इस दिन पीले रंग के फल, चने की दाल, पीले वस्त्र या केसर युक्त खीर का दान करना गुरु और भगवान विष्णु दोनों का आशीर्वाद दिलाता है।
Aditya Birla Fashion Q1 Results: आय में 11% की शानदार बढ़ोतरी लेकिन लागत बढ़ने से घाटा भी बढ़ा
आदित्य बिरला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड (Aditya Birla Fashion and Retail) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपनी पहली तिमाही (Q1 Results) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के इन नतीजों में एक तरफ जहां बिजनेस की टॉप-लाइन यानी कुल आय में डबल डिजिट की मजबूत ग्रोथ देखने को मिली है, वहीं दूसरी तरफ लागत बढ़ने के कारण घाटे में भी आंशिक इजाफा दर्ज हुआ है। जून तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन कैसा रहा और कारोबार के किन मोर्चों पर तेजी या सुस्ती देखने को मिली, आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।जून तिमाही के वित्तीय आंकड़े और घाटाआदित्य बिरला फैशन एंड रिटेल की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध घाटा बढ़कर ₹215.2 करोड़ पर पहुंच गया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को ₹212 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ था। हालांकि, कंपनी की ऑपरेशनल और कुल आय में अच्छी-खासी तेजी दर्ज की गई है। समीक्षाधीन तिमाही के दौरान कंपनी की कुल आय 10.6% की उछाल के साथ ₹2,025.6 करोड़ हो गई, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹1,831.5 करोड़ थी। दूसरी ओर, महंगाई और खर्च बढ़ने के कारण कुल खर्च 11.4% बढ़कर ₹2,395 करोड़ पर पहुंच गया, जो एक साल पहले ₹2,149 करोड़ दर्ज किया गया था।EBITDA और सेगमेंट के अनुसार कारोबार का हालकंपनी का एबिटडा (EBITDA) पहली तिमाही में 5% बढ़कर ₹117.1 करोड़ रहा, जो पिछले साल की पहली तिमाही में ₹111.7 करोड़ था। हालांकि, एबिटडा मार्जिन घटकर 5.78% पर आ गया, जबकि पिछले साल यह 6.10% पर था। कंपनी के मुताबिक, अन्य आय में करीब 70 बेसिस प्वाइंट की गिरावट और नए बिजनेस सेगमेंट को आगे बढ़ाने पर किए गए खर्च का दबाव मार्जिन पर साफ तौर पर दिखाई दिया। इसके बावजूद Pantaloons जैसे प्रमुख कारोबार की आय 10% बढ़कर ₹1,204 करोड़ पर पहुंच गई, जबकि एथनिक बिजनेस (Ethnic Businesses) में 4% और TMRW सेगमेंट में 11% की ग्रोथ दर्ज की गई। इसके अलावा अन्य कारोबारों में 30% की मजबूत बढ़त देखने को मिली।शादियों के सीजन की सुस्ती और लागत का बढ़ता दबावकंपनी ने बताया कि इस तिमाही के दौरान शादियों और अन्य मांग वाले अवसरों पर पिछले साल की तुलना में कुछ नरमी रही, जिसका मुख्य कारण अधिक मास होना रहा। इसके बावजूद अलग-अलग श्रेणियों में कंज्यूमर डिमांड पिछली तिमाहियों के आसपास ही बनी रही। कंपनी प्रबंधन के अनुसार, कच्चे माल, ट्रांसपोर्टेशन और लेबर कॉस्ट यानी मजदूरी में महंगाई का दबाव लगातार महसूस किया जा रहा है। छोटे शहरों और टियर-2, टियर-3 बाजारों में बढ़ते कॉम्पिटिशन और वैल्यू रिटेल सेगमेंट की वजह से कंपनियों को अपने उत्पाद पोर्टफोलियो में विविधता लानी पड़ रही है। इसके साथ ही, डिजिटल-फर्स्ट फैशन ब्रांड अब ऑफलाइन स्टोर नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर रहे हैं और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स नए सेल्स चैनल के रूप में उभर रहे हैं।
भारतीय क्रिकेट टीम के लिए श्रीलंका दौरा शुरू होने से ठीक पहले मुश्किलों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। आगामी दो मैचों की टेस्ट सीरीज के आगाज से पहले टीम इंडिया को एक और तगड़ा झटका लगा है। भारत के भरोसेमंद नंबर-3 बल्लेबाज साई सुदर्शन (Sai Sudharsan) चोट के कारण श्रीलंका के खिलाफ पूरी टेस्ट सीरीज से आधिकारिक रूप से बाहर हो गए हैं। इस सीरीज का पहला मुकाबला आगामी 15 अगस्त से गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाना है, लेकिन उससे ठीक पहले प्रमुख खिलाड़ियों का चोटिल होना टीम मैनेजमेंट और कप्तान की सिरदर्दी को काफी बढ़ा चुका है।बेंगलुरु के CoE में चल रहा है रिहैबिलिटेशन, समय पर नहीं हो सके फिटबाएं हाथ के प्रतिभाशाली बल्लेबाज साई सुदर्शन को पैर में चोट लगी है, जिसके चलते वह वर्तमान में बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में रिहैबिलिटेशन की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। टीम प्रबंधन को शुरुआत में पूरी उम्मीद थी कि पहला टेस्ट मुकाबला शुरू होने से पहले सुदर्शन पूरी तरह फिट होकर टीम के साथ जुड़ जाएंगे। हालांकि, मेडिकल और खेल विज्ञान टीम के ताजा हालातों को देखते हुए यह साफ हो गया है कि तमिलनाडु के इस युवा बल्लेबाज को समय पर मैच-फिट घोषित नहीं किया जा पाएगा, जिसके कारण उन्हें इस अहम दौरे से बाहर होना पड़ा है।सरफराज खान और शेख रशीद में से किसी एक को मिल सकता है बड़ा मौकासाई सुदर्शन के बाहर होने के बाद अब उनकी जगह प्लेइंग इलेवन या स्क्वाड में रिप्लेसमेंट के तौर पर किसे शामिल किया जाएगा, इसको लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चयनकर्ताओं के सामने मुख्य रूप से दो बड़े नाम रेस में हैं—सरफराज खान और युवा शेख रशीद। मुंबई के अनुभवी बल्लेबाज सरफराज खान अपनी फिटनेस टेस्ट को लेकर पिछले एक हफ्ते से अधिक समय से CoE में ही मौजूद हैं, जबकि युवा खिलाड़ी शेख रशीद को भी बेंगलुरु फैसिलिटी में रिपोर्ट करने के लिए कह दिया गया है। रशीद ने हाल ही में इंडिया ए के साथ श्रीलंका दौरे पर शानदार प्रदर्शन करते हुए पारियों में 45, 63 और 20 रन बनाए थे, जिससे वह लगातार चयनकर्ताओं के रडार पर बने हुए हैं।
अब X से यूजर्स को नहीं मिलेगा कंटेंट का पैसा, लॉन्च होगा नया प्रोग्राम और ये है नई शर्त
अब एक्स पर पैसा कमाना उतना आसान नहीं होगा। एलन मस्क एक नया प्रोग्राम लेकर आ रहे हैं, जिससे यूजर्स को कंटेंट का पैसा नहीं मिल सकेगा। इसके लिए बकायदा एक शर्त रख दी गई है।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए आगामी बड़े टूर्नामेंट से ठीक पहले एक बुरी खबर सामने आई है। टीम की स्टार और अनुभवी बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स (Jemimah Rodrigues) इंग्लैंड में खेली जा रही प्रतिष्ठित लीग 'द हंड्रेड' (The Hundred) से चोट के कारण बाहर हो गई हैं। उनकी फ्रेंचाइजी 'सदर्न ब्रेव' (Southern Brave) ने आधिकारिक तौर पर शनिवार को इस बात की पुष्टि की है कि जेमिमा को मैच के दौरान हैमस्ट्रिंग इंजरी (Hamstring Injury) का सामना करना पड़ा है। इस खबर के सामने आते ही भारतीय खेमे और फैंस की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इसी महीने के अंत में विमंस एशिया कप का आगाज होने जा रहा है।सदर्न ब्रेव ने किया रिप्लेसमेंट का ऐलान, शानदार फॉर्म में थीं जेमिमा25 वर्षीय जेमिमा रोड्रिग्स सदर्न ब्रेव टीम के मिडिल ऑर्डर की रीढ़ मानी जाती थीं। इस सीजन में उन्होंने अपने बल्ले से शानदार प्रदर्शन करते हुए छह पारियों में 35.75 की औसत और 131.19 के बेहतरीन स्ट्राइक रेट से कुल 143 रन बनाए थे। उनकी इस खतरनाक फॉर्म को देखते हुए टीम को बड़ा झटका लगा है। उनकी कमी को पूरा करने के लिए सदर्न ब्रेव ने उनकी जगह ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर चार्ली नॉट (Charli Knott) को अपनी टीम में शामिल कर लिया है। फ्रेंचाइजी ने सोशल मीडिया पर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की है।28 अगस्त से शुरू हो रहा है विमंस एशिया कप, क्या फिट हो पाएंगी जेमिमा?क्रिकफैन के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जेमिमा रोड्रिग्स आगामी विमंस एशिया कप 2026 तक पूरी तरह फिट हो पाएंगी या नहीं। महिला टी20 एशिया कप की शुरुआत 28 अगस्त से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में होने जा रही है। भारतीय टीम अपने अभियान का आगाज 30 अगस्त को थाईलैंड के खिलाफ मुकाबले से करेगी, जबकि सबसे बड़ा और रोमांचक मुकाबला चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ 5 सितंबर को खेला जाना है। जेमिमा के पास अपनी हैमस्ट्रिंग की चोट से उबरने के लिए अब एक महीने से भी कम का वक्त बचा है। यदि वह समय पर फिट नहीं होती हैं, तो चयनकर्ता यस्तिका भाटिया या प्रतिका रावल को टी20 टीम में शामिल करने पर विचार कर सकते हैं।8 टीमों के बीच होगी खिताबी भिड़ंत, जानें पूरा शेड्यूल और ग्रुप्सइस बार विमंस एशिया कप 2026 में कुल 8 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिन्हें दो अलग-अलग ग्रुपों में बांटा गया है। ग्रुप 'ए' में भारत, पाकिस्तान, थाईलैंड और हांगकांग चीन को रखा गया है, जबकि ग्रुप 'बी' में श्रीलंका, बांग्लादेश, यूएई और इंडोनेशिया की टीमें शामिल हैं। दोनों ग्रुप की शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल का टिकट हासिल करेंगी। टूर्नामेंट का पहला सेमीफाइनल 10 सितंबर, दूसरा सेमीफाइनल 11 सितंबर और खिताबी मुकाबला (Final) 13 सितंबर को खेला जाएगा। साल 2024 के पिछले संस्करण के फाइनल में भारत को श्रीलंका के हाथों हार का सामना करना पड़ा था, ऐसे में इस बार टीम इंडिया हर हाल में एशिया कप की ट्रॉफी अपने नाम करना चाहेगी।
'ऐसा लगा जैसे मंदिर में आ गया', न्यूयॉर्क के रेस्टोरेंट में बोले शाहरुख खान
शेफ विकास खन्ना ने बताया कि शाहरुख खान ने न्यूयॉर्क में उनके रेस्टोरेंट 'बंगलो' की तारीफ करते हुए उसे संस्कृति का मंदिर बताया था. शाहरुख के अलावा, रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण ने भी विकास के रेस्टोरेंट में 'धुरंधर' की सफलता का जश्न मनाया था.
शेयर बाजार में निवेश करने वाले हर निवेशक की चाहत होती है कि उसे पूंजी में बढ़त के साथ-साथ नियमित अंतराल पर डिविडेंड के रूप में भी मोटी कमाई होती रहे। ऐसे निवेशकों का सबसे ज्यादा फोकस कंपनियों की डिविडेंड यील्ड पर होता है। अगर आप भी शेयर बाजार में ऐसे ही शेयरों की तलाश कर रहे हैं, तो अनिल अग्रवाल की वेदांता लिमिटेड (Vedanta) समेत पांच ऐसे दिग्गज शेयरों के बारे में जानना आपके लिए बेहद जरूरी है, जो निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं।क्या होती है डिविडेंड यील्ड और कैसे काम करती है कैलकुलेशनडिविडेंड यील्ड को आसान भाषा में ऐसे समझें कि यह यह बताती है कि किसी शेयर की मौजूदा कीमत के मुकाबले कंपनी सालभर में कितना डिविडेंड दे रही है। उदाहरण के लिए, यदि किसी शेयर की कीमत 100 रुपये है और कंपनी 5 रुपये का सालाना डिविडेंड देती है, तो डिविडेंड यील्ड 5 फीसदी होगी। यदि वही शेयर गिरकर 50 रुपये का हो जाए और कंपनी फिर भी 5 रुपये का डिविडेंड दे, तो डिविडेंड यील्ड बढ़कर 10 फीसदी दिखने लगेगी। यहीं पर नए निवेशकों को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है, क्योंकि कई बार शेयर की कीमत टूटने की वजह से डिविडेंड यील्ड कागजों पर artificially बहुत ज्यादा नजर आती है।अनिल अग्रवाल की वेदांता समेत टॉप 5 हाई डिविडेंड यील्ड वाले शेयरमार्केट डेटा के विश्लेषण के अनुसार, सबसे ज्यादा डिविडेंड यील्ड देने वाले शेयरों की सूची में अनिल अग्रवाल की वेदांता लिमिटेड सबसे ऊपर है। इन चुनिंदा 5 शेयरों की सूची इस प्रकार है:Vedanta: इस शेयर की डिविडेंड यील्ड सबसे ज्यादा करीब 12.9 फीसदी दर्ज की गई है और इसे लगभग 76 म्यूचुअल फंड योजनाओं ने अपने पोर्टफोलियो में जगह दी है।Gujarat Pipavav Port: इस पोर्ट कंपनी की डिविडेंड यील्ड करीब 6.9 फीसदी रही है और करीब 9 म्यूचुअल फंड स्कीम्स ने इसमें निवेश किया हुआ है।Castrol India: लुब्रिकेंट सेक्टर की इस दिग्गज कंपनी की डिविडेंड यील्ड करीब 4.7 फीसदी है, जिसे लगभग 13 म्यूचुअल फंड्स का समर्थन प्राप्त है।TCS: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में शुमार टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज की डिविडेंड यील्ड करीब 4.5 फीसदी है और इसे 156 म्यूचुअल फंड योजनाओं ने अपने पोर्टफोलियो में रखा है।Infosys: आईटी सेक्टर की दिग्गज इंफोसिस की डिविडेंड यील्ड करीब 4.2 फीसदी है। इस सूची में यह सबसे ज्यादा 244 म्यूचुअल फंड होल्डिंग वाला शेयर है।निवेशकों के लिए क्या हैं बड़े जोखिम और जरूरी सावधानियांनए निवेशकों को यह गलती बिल्कुल नहीं करनी चाहिए कि वे केवल ऊंची डिविडेंड यील्ड या म्यूचुअल फंड्स की भारी-भरकम होल्डिंग देखकर आंख मूंदकर निवेश कर बैठें। वेदांता की 12.9 फीसदी यील्ड का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि यदि आपने 1 लाख रुपये लगाए हैं, तो हर साल 12,900 रुपये का पक्का रिटर्न मिलेगा। डिविडेंड पूरी तरह से कंपनी के मुनाफे, कर्ज, बिजनेस मॉडल और भविष्य की जरूरतों पर निर्भर करता है। आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनियों जैसे टीसीएस और इंफोसिस का कारोबार ग्लोबल मार्कीट और तकनीकी চাহিद पर निर्भर करता है। इसलिए, किसी भी कंपनी में पैसा लगाने से पहले उसका पिछला ट्रैक रिकॉर्ड, कर्ज की स्थिति, कैश फ्लो और बिजनेस ग्रोथ को अच्छी तरह परख लें।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दो बार की वर्ल्ड चैंपियन वेस्टइंडीज (West Indies) की टीम को एक बड़ा झटका लगा है। क्रिकेट जगत में कैरेबियाई टीम के सुनहरे इतिहास को एक बार फिर बड़ा धक्का पहुंचा है, क्योंकि टीम आगामी 2027 वनडे विश्व कप के लिए सीधे तौर पर क्वालीफाई (Direct Qualification) करने में असफल रही है। अफगानिस्तान और आयरलैंड के बीच खेली जा रही मौजूदा सीरीज के नतीजों के बाद वेस्टइंडीज की ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन की बची-खुची उम्मीदें भी लगभग समाप्त हो चुकी हैं। दो बार की विश्व विजेता टीम को अब एक बार फिर वर्ल्ड कप का टिकट हासिल करने के लिए कड़े क्वालिफायर मुकाबलों की कठिन परीक्षा से गुजरना होगा।अफगानिस्तान की जीत से टूटा वेस्टइंडीज का सीधा सपनासाल 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप के लिए सह-मेजबान के रूप में दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे को पहले ही डायरेक्ट एंट्री मिल चुकी है, जबकि शेष आठ स्थान आईसीसी वनडे रैंकिंग (ICC ODI Rankings) के आधार पर तय होने हैं। इस रैंकिंग के लिए कट-ऑफ की अंतिम तारीख 30 सितंबर तय की गई है। न्यूजीलैंड के खिलाफ हालिया सीरीज के बाद वेस्टइंडीज की टीम 73 अंकों के साथ 10वें पायदान पर खिसक गई थी, जबकि बांग्लादेश नौवें और अफगानिस्तान 90 अंकों के साथ सातवें स्थान पर मजबूत स्थिति में है। हाल ही में अफगानिस्तान ने आयरलैंड के खिलाफ मौजूदा वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में शानदार जीत दर्ज कर इस रेस में अपनी स्थिति पूरी तरह सुरक्षित कर ली, जिससे कैरेबियाई टीम के सीधे प्रवेश का दरवाजा आधिकारिक रूप से बंद हो गया।इतिहास में लगातार तीसरी बार आई ऐसी नौबतवेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के लिए पिछले कुछ साल बेहद निराशाजनक रहे हैं। कैरेबियाई टीम साल 2019 के वनडे विश्व कप के लिए भी सीधे क्वालीफाई नहीं कर पाई थी और उसे टूर्नामेंट तक पहुंचने के लिए क्वालिफायर खेलने पड़े थे। इसके बाद साल 2023 के वर्ल्ड कप में तो स्थिति और भी ज्यादा बदतर हो गई, जब जिम्बाब्वे में खेले गए क्वालिफायर मुकाबलों के सुपर सिक्स चरण में जिम्बाब्वे और नीदरलैंड्स से हारने के बाद टीम पहली बार आधिकारिक रूप से मुख्य विश्व कप से ही बाहर हो गई थी। अब एक बार फिर वही पुराना इतिहास दोहराया जा रहा है, जिससे वेस्टइंडीज के फैंस को गहरा आघात लगा है।भारत के खिलाफ सीरीज भी नहीं बदल पाएगी तकदीरवेस्टइंडीज को आगामी दिनों में भारत के खिलाफ तीन मैचों की एकदिवसीय सीरीज खेलनी है, जिसकी शुरुआत 27 सितंबर से होगी। इसके बाद दूसरा मैच 30 सितंबर और तीसरा मुकाबला 3 अक्टूबर को खेला जाना है। हालांकि, क्रिकेट जानकारों का मानना है कि यदि वेस्टइंडीज इस सीरीज में भारत को 3-0 से हरा भी देती है, तब भी कट-ऑफ तारीख के गणित और रेटिंग पॉइंट्स के आधार पर उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं होगा। ऐसे में दो बार (1975 और 1979) की चैंपियन टीम को एक बार फिर वर्ल्ड कप के मुख्य दौर में पहुंचने के लिए क्वालिफायर का लंबा और कड़ा संघर्ष करना ही होगा।
मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स (MCU) की सबसे बहुप्रतीक्षित और आगामी फिल्म 'एवेंजर्स: डूम्सडे' (Avengers Doomsday) का जब से ट्रेलर सामने आया है, तब से दुनियाभर के कॉमिक्स और फिल्म प्रेमियों के बीच सनसनी फैल गई है। 18 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही इस फिल्म को लेकर दर्शकों के मन में ढेरों सवाल हैं, लेकिन सबसे बड़ा और चौंकाने वाला सवाल यह है कि आखिर थंडर का देवता यानी 'थॉर' (Thor), जो चुटकियों में थानोस का सिर धड़ से अलग कर चुका है, वह इस नए विलेन 'डॉक्टर डूम' से इतना खौफ में क्यों नजर आ रहा है? ट्रेलर में जब थॉर अपने स्ट्रोमब्रेकर से डॉक्टर डूम पर घातक हमला करता है, तो डूम उसे महज दो उंगलियों से हवा में ही रोक लेता है। आइए जानते हैं आखिर इस महाशक्तिशाली विलेन के आगे थॉर के पसीने क्यों छूट रहे हैं और इसके पीछे की 3 सबसे बड़ी वजहें क्या हैं।1. थॉर का पुराना दर्द और अपनों को खोने का गहरा डरट्रेलर में थॉर को एक भावुक और चेतावनी भरे अंदाज में यह बताते हुए देखा जा सकता है कि उसने अतीत में कई ताकतवर योद्धाओं के साथ मिलकर बड़ी जंगें लड़ी हैं, लेकिन उनमें से अधिकतर ने अपनी जान गंवा दी। थॉर भली-भांति जानता है कि डॉक्टर डूम कोई साधारण खलनायक नहीं है, बल्कि वह नए सुपरहीरोज को एक झटके में धूल चटा सकता है। इसके अलावा, टीजर में थॉर को अपनी बेटी को गोद में उठाए हुए भी दिखाया गया है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि इस बार दांव पर सिर्फ ब्रह्मांड नहीं बल्कि उसके परिवार की जान भी है, जो उसके डर का एक बहुत बड़ा कारण है।2. साइंस और डार्क मैजिक का सबसे खतरनाक और घातक कॉम्बिनेशनफैनबेस के मन में यह सवाल जरूर आता है कि आखिर डॉक्टर डूम इतना अजय और शक्तिशाली कैसे बन गया है? मार्वल कॉमिक्स के इतिहास के अनुसार, डॉक्टर डूम सिर्फ एक ताकतवर योद्धा नहीं, बल्कि एक बेहद कुशाग्र बुद्धि का वैज्ञानिक (Scientist) भी है। उसके नाम के आगे 'डॉक्टर' यूं ही नहीं लगा है; वह आधुनिक विज्ञान की तकनीक और डार्क मैजिक (काली शक्तियों) दोनों का सबसे खतरनाक मिश्रण है। एक तरफ जहां उसके पास आयरन मैन जैसा तेज दिमाग है, तो वहीं दूसरी तरफ डॉक्टर स्ट्रेंज जैसी खतरनाक जादुई शक्तियां भी हैं। यही वजह है कि जब गुस्से में थॉर उसे चेतावनी देता है, तब भी डूम पूरी तरह शांत और बेखौफ नजर आता है।3. मल्टीवर्स की टाइमलाइन और भविष्य की हर चाल से वाकिफ है डॉक्टर डूमडॉक्टर डूम की ताकत का दायरा सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया और मार्वल थ्योरीज के अनुसार वह समय और मल्टीवर्स के नियमों से भी आगे निकल चुका है। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि फिल्म की शुरुआत में ही डूम 'गॉड ऑफ स्टोरीज' लोकी को अपने कब्जे में लेकर उसकी असीम मल्टीवर्सल शक्तियों को चुरा लेगा। इसके चलते उसे यह पहले से ही पता होगा कि किस यूनिवर्स में क्या होने वाला है। इसके अलावा, फैंस यह भी कयास लगा रहे हैं कि 'एवेंजर्स: एंडगेम' के दौरान किए गए स्नैप की वजह से डॉक्टर डूम के अपने गृह ब्रह्मांड और परिवार को भारी नुकसान पहुंचा था, जिसके चलते वह महाविनाश लाने पर उतारू है।
भारतीय सिनेमा के इतिहास में यदि किसी फिल्म के भव्य सेट, बेहतरीन संवाद और अमर संगीत की बात की जाए, तो के. आसिफ के निर्देशन में बनी मास्टरपीस फिल्म 'मुगल-ए-आजम' (Mughal-e-Azam) का नाम सबसे पहले आता है। दिलीप कुमार, मधुबाला, पृथ्वीराज कपूर और दुर्गा खोटे जैसे दिग्गज कलाकारों से सजी यह ऐतिहासिक फिल्म जब 5 अगस्त 1960 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, तो इसने हिंदी सिनेमा के सारे पैमाने बदल दिए थे। इस फिल्म से जुड़े कई ऐसे दिलचस्प किस्से हैं, जिन्हें आज भी दर्शक बड़े चाव से सुनते हैं। ऐसा ही एक हैरान करने वाला किस्सा फिल्म के सबसे मशहूर और सुपरहिट गाने 'प्यार किया तो डरना क्या' से जुड़ा है, जिसे स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने एक बाथरूम में रिकॉर्ड किया था।क्यों रिकॉर्ड करना पड़ा था 'प्यार किया तो डरना क्या' गाना बाथरूम में?'मुगल-ए-आजम' के इस प्रतिष्ठित गाने में गजब का 'इको इफ़ेक्ट' (Echo Effect) देने की जरूरत थी, जो उस दौर के रिकॉर्डिंग स्टूडियो में आसानी से मिल पाना बहुत मुश्किल हुआ करता था। संगीतकार नौशाद साहब इस गाने के साथ कुछ बेहद अनूठा और जादुई प्रयोग करना चाहते थे। अपनी इसी क्रिएटिव सोच के तहत उन्होंने लता मंगेशकर को स्टूडियो के एक बड़े बाथरूम में गाकर रिकॉर्ड करने का सुझाव दिया, ताकि गाने की आवाज में वह प्राकृतिक गहराई और गूंज (Deep Echo Effect) आ सके जो स्क्रीन पर उस भव्य शीश महल के सेट पर बिल्कुल सटीक बैठे। फाइनल वर्जन को मंजूरी मिलने से पहले इस गाने में लगभग 1051 बार या कई बड़े बदलाव किए गए थे, तब जाकर यह कल्ट क्लासिक गाना तैयार हुआ था।65 साल पहले सिर्फ एक गाने पर खर्च हो गए थे 1 करोड़ रुपयेइस गाने की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे मोहन स्टूडियो में फिल्माया गया था, जिसके लिए एक विशाल सेट तैयार किया गया था। यह सेट 150 फीट लंबा, 80 फीट चौड़ा और 35 फीट ऊंचा था। इस अकेले गाने को पूरी तरह तैयार होने में लगभग दो साल का लंबा समय लगा था। उस दौर में इस एक गाने के सेट और निर्माण पर 1 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई थी, जो उन दिनों किसी भी पूरी हिंदी फिल्म के कुल बजट से भी कई गुना ज्यादा हुआ करती थी। फिल्म इंडस्ट्री के कई जानकारों का मानना है कि यदि आज के समय में इस भव्य गाने को शूट किया जाए, तो इसकी लागत आसानी से 55 करोड़ रुपये से भी ऊपर पहुंच जाएगी। आज भी यह गाना हर संगीत प्रेमी की जुबान पर छाया हुआ है।
PM Modi के वादे के बाद भी Jammu Kashmir को राज्य का दर्जा न मिलने से निराश हैं उमर अब्दुल्ला
जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा वादे के अनुरूप बहाल किए जाने में हो रही देरी पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को गहरी निराशा जताई। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में इस मुद्दे को लेकर ‘‘गुस्सा और निराशा’’ केवल मोदी सरकार के खिलाफ नहीं है, बल्कि उन्हें खुद भी इसकी वजह से ‘‘बहुत बड़ा राजनीतिक नुकसान’’ उठाना पड़ा है। अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने में लगातार हो रही देरी से जम्मू-कश्मीर की जनता में निराशा पैदा हुई है, जो केवल केंद्र सरकार तक सीमित नहीं है। अब्दुल्ला ने यह भी स्वीकार किया कि उनकी अपनी राजनीतिक विश्वसनीयता को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है, क्योंकि वह लगातार ‘‘उन गलतियों की कीमत चुका रहे हैं, जो उनकी नहीं हैं।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का दर्जा जल्द बहाल कराने की उम्मीद में केंद्र सरकार के साथ रचनात्मक संबंध बनाने की उनकी शुरुआती रणनीति ने स्थानीय लोगों के बीच उनकी राजनीतिक साख को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है। अब्दुल्ला ने ‘द वायर’ के लिए पत्रकार करण थापर को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘मैंने इसके लिए अपनी बहुत बड़ी राजनीतिक साख दांव पर लगा दी। मुझे अच्छी तरह पता है कि मैंने इसका एक बड़ा हिस्सा खो दिया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं उन गुनाहों की सजा भुगतूंगा जो मेरे नहीं हैं, और मैं फिर से वह सलीब उठाऊंगा क्योंकि उसे उठाना मेरी ही जिम्मेदारी है।’’ जम्मू-कश्मीर को सही समय पर राज्य का दर्जा बहाल करने की केंद्र की अस्पष्ट समय-सीमा की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने इस प्रक्रिया की तुलना ऐसे लक्ष्य से की, जो लगातार आगे खिसकता जा रहा है। इसे भी पढ़ें: Amarnath Yatra Suspended | भारी बारिश के कारण अमरनाथ यात्रा स्थगित, 11 अगस्त तक अलर्ट जारी, सीएम उमर अब्दुल्ला ने की धैर्य रखने की अपील उन्होंने कहा, ‘‘यह मैराथन दौड़ की तरह है। इसे 42 किलोमीटर में पूरा करने के बजाय, जब भी आप अंतिम रेखा के करीब पहुंचते हैं, वे उसे आगे खिसका देते हैं।’’ उन्होंने केंद्र सरकार से स्पष्ट मानदंड तय करने का आग्रह किया, ताकि उनकी सरकार के पास एक निश्चित लक्ष्य हो। अब्दुल्ला ने इस तर्क को भी खारिज किया कि जब तक आतंकवाद पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, तब तक राज्य का दर्जा बहाल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में काम कर रहे सुरक्षा तंत्र पर उनकी निर्वाचित सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘इस तर्क के साथ समस्या यह है कि आप वास्तव में ऐसी सरकार को सजा दे रहे हैं, जिसकी इसमें कोई भूमिका नहीं है। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद इसलिए नहीं है कि वहां निर्वाचित सरकार है। इसे भी पढ़ें: Omar Abdullah ने Jammu Kashmir में 140 करोड़ रुपये की पेयजल योजनाओं की नींव रखी वास्तव में जम्मू-कश्मीर में इस समय जो आतंकवाद रोधी तंत्र काम कर रहा है, उससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है।’’ उन्होंने तर्क दिया कि ऐसा कहकर ‘‘आप वास्तव में यह कह रहे हैं कि जब पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देना बंद कर देगा, तब आप राज्य का दर्जा बहाल करेंगे। यानी आप यह फैसला हमारे देश की राजधानी से हटाकर इस्लामाबाद को सौंप रहे हैं।’’ प्रशासनिक कामकाज में आ रही बाधाओं को रेखांकित करते हुए अब्दुल्ला ने विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेश को ‘‘विसंगति’’ बताया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर ऊर्जा विकास निगम और शेर-ए-कश्मीर चिकित्सा विज्ञान संस्थान जैसे प्रमुख संस्थान अब भी उपराज्यपाल के अधिकार क्षेत्र में हैं। उन्होंने कहा, ‘‘विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेश से खराब शासन व्यवस्था का कोई और रूप नहीं हो सकता। कृपया केंद्र शासित प्रदेश रखें, लेकिन उन्हें विधानसभा न दें।’’ उन्होंने कहा कि उनके मंत्रिमंडल के पास अपने प्रशासनिक सचिवों का चयन करने या महाधिवक्ता की नियुक्ति करने तक का अधिकार नहीं है। अनुच्छेद 370 पर अपना रुख कमजोर करने के आरोपों का जवाब देते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि संवैधानिक शक्तियों के किसी भी विभाजन के लिए राज्य का दर्जा एक पूर्व कानूनी शर्त है। इसे भी पढ़ें: Omar Abdullah जल्द PM Modi को सौंपेंगे Rajouri और पुंछ का बाढ़ राहत प्रस्ताव उन्होंने कहा, ‘‘अनुच्छेद 370 मूल रूप से केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच शक्तियों का बंटवारा था। जब आप राज्य ही नहीं हैं तो राज्य सूची कैसे हो सकती है? अनुच्छेद 370 की बहाली से पहले राज्य का दर्जा बहाल होना जरूरी है।’’ केंद्र सरकार के वादे पर अब्दुल्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने क्षेत्र के अपने दौरों के दौरान व्यक्तिगत रूप से राज्य का दर्जा बहाल करने की प्रतिबद्धता जताई थी। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य राजनीतिक आश्वासन नहीं, बल्कि स्पष्ट रूप से ‘‘मोदी का वादा’’ था।
Kerala Rain: 7 जिलों में Orange Alert जारी, राहत शिविरों में पहुंचे सैकड़ों लोग
केरल के कई हिस्सों में शनिवार को भी बारिश जारी रही। कई इलाकों में बाढ़ के पानी का स्तर धीरे-धीरे ही कम हो रहा है, लेकिन अभी भी कई सड़कें और मकान जलमग्न हैं जिससे सैकड़ों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। अधिकारियों ने बताया कि अलप्पुझा के ऊपरी कुट्टनाड और कुट्टनाड क्षेत्र तथा कोट्टायम जिले के अंदरूनी इलाके सबसे ज्यादा बाढ़ से प्रभावित हैं। हालांकि, कई जगहों पर पानी का स्तर अब घटने लगा है। कुछ क्षेत्रों में बाढ़ का पानी बहुत धीमी गति से कम हो रहा है, जिसके कारण कई मकान और सड़कें अब भी जलमग्न हैं, जिससे स्थानीय निवासी फंसे हुए हैं। अलप्पुझा-चंगनाशेरी सड़क समेत कई प्रमुख सड़कें अब भी जलमग्न हैं, जिससे इलाके में यातायात प्रभावित हुआ है। इसे भी पढ़ें: Meerut Kanwar Yatra: CM Yogi और Arun Govil ने मेरठ में की पुष्पवर्षा, शिवभक्तों के उत्साह से गूंजा पूरा यूपी जलभराव वाले इलाकों से लोगों को लाने और ले जाने तथा जरूरी सामान को दूसरे स्थान पर पहुंचाने के लिए छोटी नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है। बाढ़ से स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं पाई है जिसकी वजह से दक्षिण और मध्य जिलों के कई इलाकों में सैकड़ों लोग राहत शिविरों में ही रह रहे हैं। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार के लिए पत्तनमथिट्ठा, अलप्पुझा, कोट्टायम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इसे भी पढ़ें: मुख्यमंत्री को जोकर बताने वाले अर्जुन अयांकी पर Kerala Police ने दर्ज किया नया मुकदमा ‘ऑरेंज अलर्ट’ का मतलब 11 सेंटीमीटर से 20 सेंटीमीटर तक की बहुत भारी बारिश से होता है। केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) ने कहा कि तेज हवाएं राज्य में मौसम से जुड़ी सबसे खतरनाक स्थितियों में से एक हैं। तेज हवाएं चलने के दौरान अक्सर पेड़ उखड़ने और शाखाएं टूटने जैसी घटनाएं होती हैं। केएसडीएमए ने लोगों को तेज हवाओं और बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे शरण लेने या वहां वाहन खड़े करने से बचने की सलाह दी। स्थानीय निकायों, राजस्व अधिकारियों और निर्वाचित प्रतिनिधियों से जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाने की व्यवस्था करने को कहा गया है।
NEET paper leak पर Mallikarjun Kharge ने Haldwani से संसद में बहस कराने की दी चुनौती
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्नपत्र लीक मामले में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चुनौती दी कि अगर वे सही है तो छात्रों के आंदोलन के मुद्दे पर संसद में बहस कराएं। खरगे ने यहां रामलीला मैदान से पार्टी के चुनावी अभियान का ‘विजय शंखनाद’ करते हुए कहा कि बार-बार प्रश्नपत्र लीक होने से छात्र परेशान हैं और जब वे अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर आंदोलन करते हैं तो उनके साथ दमनात्मक रवैया अपनाया जाता है। उत्तराखंड में अगले साल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। खरगे ने यह भी कहा कि संसद में विपक्ष ने नहीं बल्कि खुद सरकार ने सदन को चलने नहीं दिया। उन्होंने कहा, “मोदी जी, तुमसे और तुम्हारे शाह से नहीं डरते। 56 इंच की छाती सिकुड़ गई क्या? इसे भी पढ़ें: NEET paper leak: CBI ने आरोपपत्र में 13 गिरफ्तारियों का क्रमवार ब्योरा अदालत में सौंपा विद्यार्थियों से बात नहीं कर सकते क्या?” कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता किसी दबाव से डरने वाले नहीं हैं और पार्टी संविधान, लोकतंत्र, गरीबों, महिलाओं और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि राहुल ने कन्याकुमारी से कश्मीर तक संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए पदयात्रा की। खरगे ने बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि 2014 में हर साल दो करोड़ रोजगार देने का वादा किया गया था। उन्होंने सवाल किया कि युवाओं को कितनी नौकरियां मिलीं? खरगे ने दावा किया, “देश में करीब 30 लाख सरकारी पद रिक्त हैं लेकिन उन्हें भरा नहीं जा रहा। ऐसे में विकसित भारत की बात कैसे की जा सकती है।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास रोजगार और विकास को लेकर विजन और योजना है। कांग्रेस अध्यक्ष ने वादा किया कि कांग्रेस सत्ता में आई तो योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था को मजबूत करेगी। उन्होंने उत्तराखंड के युवाओं को होनहार बताते हुए अल्मोड़ा के युवा आविष्कारक रवि टम्टा का भी जिक्र किया और कहा कि उन्होंने अपने दम पर उड़ने वाली कार तैयार की है। खरगे ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कहा कि कांग्रेस नेताओं को भ्रष्टाचार के आरोप में जेल भेजने की बात करने के बाद भाजपा उन्हीं आरोपों से घिरे नेताओं को शामिल कर लेती है। इसे भी पढ़ें: CBI ने NEET Paper Leak मामले में NTA के 3 विशेषज्ञों पर तय किए गंभीर आरोप, उम्रकैद की सजा संभव उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा ने ऐसे नेताओं को ‘वॉशिंग मशीन’ में डालकर साफ करने का काम शुरू कर दिया है। खरगे ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए खाद्य सुरक्षा कानून और मनरेगा जैसे कानून बनाए जबकि भाजपा के पास गरीबों व युवाओं के लिए ठोस योजना नहीं है। उन्होंने दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल का भी जिक्र किया और कहा कि उस समय कांग्रेस सरकार ने किसानों का करीब 62 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया था। खरगे ने महात्मा गांधी द्वारा शुरू किए गए ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा और संघ का आजादी के आंदोलन में कोई योगदान नहीं रहा लेकिन वे आज कांग्रेस को देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे हैं। उन्होंने उत्तराखंड सरकार पर सभी मोर्चों पर विफल रहने का आरोप लगाया और कहा कि वह राज्य में सड़कों के गड्ढे तक नहीं भर पा रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि जनता वर्तमान सरकार से परेशान है और उन्होंने दावा किया कि अगले चुनाव के बाद प्रदेश में कांग्रेस की ही सरकार बनेगी। इसे भी पढ़ें: BJP को RSS Chief Mohan Bhagwat की सलाह माननी चाहिए, NEET पर बोले दीपके खरगे की जनसभा से पहले कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यकर्ताओं को लेकर आ रही बसों और वाहनों को रोके जाने का आरोप लगाते हुए हल्द्वानी में एसएसपी कार्यालय के बाहर धरना दिया था। इस दौरान, कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य भी कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठे। आर्य ने पुलिस प्रशासन पर ‘सरकार के एजेंट’ के रूप में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सभा में पहुंचने से रोकने के लिए बेवजह वाहनों की जांच की जा रही है। हल्द्वानी से कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने ‘फेसबुक’ लाइव के जरिए नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी पर आरोप लगाया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सभा में आने वाले लोगों की गाड़ियों को जबरन रोका जा रहा है। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी भी दी।
Yogi Adityanath ने Meerut में कांवड़ियों पर की पुष्प वर्षा, सुरक्षा बनाए रखने के निर्देश दिए
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कांवड़ यात्रा में शामिल शिव भक्तों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया और कांवड़ यात्रियों की नियमित सुरक्षा, सम्मान, सुविधा आदि की समुचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। पूरे कांवड़ मार्ग पर हेलिकॉप्टर से भी शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा की गई। आयोजन स्थल पर पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हेलिकॉप्टर से कांवड़ यात्रा का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए भक्तों की श्रद्धा को नमन किया और प्रशासनिक अधिकारियों को कांवड़ यात्रियों की नियमित सुरक्षा, सम्मान, सुविधा आदि की समुचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। मेरठ के मोदीपुरम क्षेत्र में दुल्हेड़ा पुलिस चौकी के निकट बनाए गए मंच से योगी आदित्यनाथ ने ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के बीच कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा की। इस अवसर पर उनके साथ रामानंद सागर के धारावाहिक ‘रामायण’ में भगवान राम की भूमिका निभाने वाले अरुण गोविल, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सोमेंद्र तोमर समेत कई प्रमुख लोग मौजूद थे। इसे भी पढ़ें: मेरठ में CM Yogi ने कांवड़ियों पर बरसाए फूल, बोले- 4 से 5 करोड़ शिव भक्तों के आने की उम्मीद गोविल, मेरठ से भारतीय जनता पार्टी के सांसद भी हैं। योगी ने इस मौके पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, “सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक और धार्मिक संगठनों का हृदय से धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ कांवड़ियों की सुविधाओं का ध्यान रखा है। सावन में कांवड़ यात्रा का हिस्सा बन रहे सभी शिव भक्तों का अभिनंदन करता हूं और उनकी इस यात्रा के लिए देवाधिदेव महादेव से प्रार्थना करता हूं कि वे उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करें।” मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रदेश और देश में सुख, शांति, समृद्धि और सौहार्द का माहौल बनाने के लिए देवाधिदेव महादेव की कृपा बनी रहे, इसी भावना के साथ आज मुझे भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने का अवसर मिला है।” उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा अपने समापन की ओर बढ़ रही है। हरिद्वार में हर की पैड़ी से गंगाजल लेकर शिवभक्त अपने गंतव्य की ओर बढ़ते हुए विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक करने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल हैं। उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि सावन की शिवरात्रि तक गाजियाबाद से लेकर हरिद्वार के बीच चार से साढ़े चार करोड़ श्रद्धालु और शिवभक्त इस कांवड़ यात्रा में गंगाजल लेकर शिवालयों में जलाभिषेक करेंगे।” मुख्यमंत्री ने कहा, “आज मुजफ्फरनगर के शिव चौक पर भारी भीड़ है। अभी मेरठ में मुझे शिवभक्त कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा करने का अवसर मिला है। इसे भी पढ़ें: Meerut Kanwar Yatra: CM Yogi और Arun Govil ने मेरठ में की पुष्पवर्षा, शिवभक्तों के उत्साह से गूंजा पूरा यूपी मेरठ के हमारे सभी जनप्रतिनिधि इस अवसर पर मेरे साथ यहां मौजूद हैं।” योगी ने कहा कि मेरठ के प्रसिद्ध बाबा औघड़नाथ मंदिर, गाजियाबाद के बाबा दूधेश्वरनाथ मंदिर और बागपत के पुरा महादेव मंदिर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और हिमाचल प्रदेश से आने वाले शिवभक्त इस यात्रा का हिस्सा बने हुए हैं। उन्होंने कहा, “पूरी श्रद्धा, उत्साह और उमंग के साथ यात्रा में शामिल होने आए कांवड़ियों का प्रदेश सरकार की ओर से स्वागत और अभिनंदन करता हूं।” मुख्यमंत्री ने कांवड़ियों के राष्ट्र के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि जात-पात, प्रांत और क्षेत्रीयता की सीमाओं से ऊपर उठकर शिवत्व की भावना से एकाकार होने के लिए यह यात्रा उत्साह और उमंग का वातावरण पैदा कर रही है। प्रशासनिक तैयारियों और व्यवस्थाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “प्रशासन ने उच्च स्तर की व्यवस्था की है और समाजसेवी संगठनों ने शिविर लगाए हैं तथा कांवड़ियों को सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। वास्तव में यह भक्ति की पराकाष्ठा है। मैं सभी कांवड़ यात्रियों का स्वागत करता हूं। आज, कल और परसों यानी शिवरात्रि के दिन यहां पुष्प वर्षा होगी और हमने हेलीकॉप्टर की भी व्यवस्था की है।” एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इसके साथ ही पूरे कांवड़ मार्ग पर हेलिकॉप्टर से भी शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा की गई। इसे भी पढ़ें: Bantwara 1947 की रिलीज़ से पहले लखनऊ पहुँचे Sunny Deol और Preity Zinta, CM योगी आदित्यनाथ से की शिष्टाचार मुलाक़ात इस मौके पर कांवड़ यात्रियों के ‘हर-हर, बम-बम’ के उद्घोष से पूरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश गुंजायमान हो उठा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा को भक्ति, समर्पण, सामाजिक व राष्ट्रीय एकता और समरसता का अनुपम उदाहरण बताया। योगी ने कहा, “यहां उत्साह, उमंग का माहौल है। प्रशासन ने मुस्तैदी के साथ सुरक्षा की व्यवस्था की है।” जिला प्रशासन, सेक्टर मजिस्ट्रेट, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, पुलिसकर्मी, जोन, रेंज, जिला, थाना स्तर के साथ ही तमाम पुलिस अधिकारी भी श्रद्धाभाव के साथ अभियान का हिस्सा बनकर सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।
Kerala में Vande Mataram का पूरा संस्करण गाने के आदेश का विरोध, विजयन बोले- RSS एजेंडा
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने शनिवार को मुख्य सचिव के उस आदेश को वापस लेने की मांग की, जिसमें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एजेंडे के सामने झुक रही है। विजयन ने संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण देश के धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने दावा किया कि संविधान सभा ने तय किया था कि इस गीत के केवल शुरुआती छंद ही गाए जाने चाहिए। विजयन ने कहा, “हमारे देश ने ‘वंदे मातरम’ के बारे में आम तौर पर एक बात स्वीकार की है। वह यह कि ‘वंदे मातरम’ पूरी तरह से धर्मनिरपेक्षता के अनुरूप नहीं है। जब हमने एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र बनने का फैसला किया, तो संविधान सभा ने खुद तय किया कि जो गीत धर्मनिरपेक्षता के अनुरूप नहीं है, उसे उस तरह से नहीं गाया जाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ के शुरुआती अंतरा गाने में कोई बुराई नहीं है। विजयन ने कहा, “संविधान सभा ने तय किया था कि सिर्फ शुरुआती कुछ पंक्तियां ही गाई जानी चाहिए। पंडित जवाहरलाल नेहरू समेत विभिन्न नेताओं की यही नीति थी। इसे भी पढ़ें: Kerala Rain: 7 जिलों में Orange Alert जारी, राहत शिविरों में पहुंचे सैकड़ों लोग कांग्रेस की नीति भी यही थी।” उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के सत्ता में आने के बाद नीति बदल गई। विजयन ने राज्य मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान पूरा ‘वंदे मातरम’ गाए जाने की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा, “यह बदलाव तब आया, जब नयी (यूडीएफ) सरकार सत्ता में आई। पहले ही दिन, मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान पूरा ‘वंदे मातरम’ गाया गया।” विजयन ने कहा, “पूरा ‘वंदे मातरम’ गाना आरएसएस की नीति है। यह आरएसएस का एजेंडा है। यहां की सरकार ने इसके सामने पूरी तरह से झुक जाने का रवैया दिखाया। इसे भी पढ़ें: मुख्यमंत्री को जोकर बताने वाले अर्जुन अयांकी पर Kerala Police ने दर्ज किया नया मुकदमा इसकी काफी आलोचना हुई।” उन्होंने कहा कि ऐसी खबरों के बाद यह मुद्दा फिर से उठ खड़ा हुआ है कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रगान के साथ-साथ ‘वंदे मातरम’ भी पूरा गाना होगा। विजयन ने कहा, “अगर ऐसा है, तो यह गंभीर मामला है। यह आरएसएस की नीति है; हमारे देश ने इसे स्वीकार नहीं किया है। जब ‘वंदे मातरम’ गाने की बात आती है, तो केवल शुरुआती अंतर ही गाए जाने चाहिए।” उन्होंने कहा, “शपथ ग्रहण समारोह से लेकर मौजूदा घटनाक्रमों तक हम देख सकते हैं कि वे आरएसएस के एजेंडे के सामने किस कदर झुक रहे हैं। अब जरूरत इस बात की है कि इस मामले में तुरंत सुधार किया जाए।” मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता पी राजीव ने मुख्य सचिव के आदेश को लेकर कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार की आलोचना की। उन्होंने शनिवार को एक फेसबुक पोस्ट में आरोप लगाया कि राज्य सरकार यह फैसला लेने से पहले केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के किसी संदेश का इंतजार कर रही थी। राजीव ने सवाल किया, “अगर सरकार को केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार ही काम करना है, तो मुख्य सचिव ही काफी हैं। क्या मुख्यमंत्री और मंत्रियों के उन कुर्सियों पर बैठने की कोई जरूरत है?” उन्होंने आरोप लगाया कि यूडीएफ सरकार ने बिना किसी विरोध के इस फैसले को स्वीकार कर लिया। राजीव ने कहा, “इस मुद्दे पर कांग्रेस का राष्ट्रीय स्तर पर रुख यह है कि ‘वंदे मातरम’ को पूरा नहीं गाया जाना चाहिए। इसे भी पढ़ें: Kerala में नौका हादसों के बाद लापता तीन मछुआरों की तलाश में Coast Guard जुटी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या उस रुख में कोई बदलाव आया है। अगर कांग्रेस की नीति नहीं बदली है, तो मुख्यमंत्री वीडी सतीशन को बताना चाहिए कि वह अब किस पार्टी का हिस्सा हैं।” उन्होंने इस निर्देश को लेकर कोई आपत्ति नहीं जताने के लिए इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) की भी आलोचना की। केरल के मुख्य सचिव विश्वनाथ सिन्हा ने छह अगस्त को ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के बारे में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय से मिले संदेश के बाद एक पत्र जारी किया, जिसमें कहा गया कि ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत 2022 में शुरू किए गए इस अभियान को 2026 में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के देशव्यापी जश्न के साथ मनाया जाएगा। पत्र में कहा गया कि इस दौरान होने वाले सभी कार्यक्रमों में पूरे ‘वंदे मातरम’ को सामूहिक रूप से गाने और राष्ट्रीय ध्वज फहराने का काम एक साथ किया जाएगा।
Murshidabad के सांसदों ने West Bengal CM से मुलाकात की, Loudspeaker हटाने पर जताई चिंता
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के दो सांसदों ने शनिवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने को लेकर चिंता जताई। राज्य सचिवालय नबान्न में बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सांसद अबू ताहिर खान ने आरोप लगाया कि राज्य में मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है। खान ने कहा, मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। बंगाल में मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है। कृपया इसे रोका जाए। हमें नमाज अदा करने की अनुमति दी जानी चाहिए। इसे भी पढ़ें: Uttam Kumar जन्म शताब्दी पर West Bengal सरकार ने समिति बनाई, Sandip Ray बने अध्यक्ष खान के साथ जंगीपुर के सांसद खलीलुर रहमान भी मौजूद थे। उन्होंने कहा, अदालत के निर्देशों का निश्चित रूप से पालन किया जाना चाहिए, लेकिन मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाना सही नहीं है। हमने सरकार से इस मामले पर गौर करने का अनुरोध किया है। इसे भी पढ़ें: Durga Puja से पहले सरकारी कर्मचारियों को सौगात, 1 अक्टूबर से मिलेगा बढ़ा हुआ DA साल 2024 में तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर मुर्शिदाबाद से दूसरी बार चुनाव जीतने वाले खान ने आरोप लगाया कि राज्य पुलिस मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने को लेकर जरूरत से ज्यादा सक्रिय हो रही है। उन्होंने कहा, हमने मुख्यमंत्री से मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की कार्रवाई रोकने की अपील की है। दोनों सांसदों ने मुस्लिम बहुल जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) न्यायाधिकरणों में बड़ी संख्या में लंबित मामलों को लेकर भी मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की। खान ने कहा, कई वास्तविक मतदाता, जिनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, वे न्यायाधिकरण के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। देरी के कारण पासपोर्ट सत्यापन, जमीन का पंजीकरण और सरकारी कल्याण योजनाओं का लाभ लेने में दिक्कतें आ रही हैं। हमने राज्य सरकार से सुनवाई में तेजी लाने और प्रक्रिया 31 दिसंबर तक पूरी करने का अनुरोध किया है। इसे भी पढ़ें: NCW अध्यक्ष विजया रहाटकर पश्चिम बंगाल दौरे पर, महिला सुरक्षा उपायों की करेंगी समीक्षा बृहस्पतिवार को खान, रहमान और मुर्शिदाबाद जिले के एक अन्य सांसद यूसुफ पठान ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी और राज्य में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने का मुद्दा उठाया था।
सावन में झमाझम बारिश की 2 वजह, समझें क्यों कमजोर पड़ा अलनीनो; दिल्ली टू यूपी बदला मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 36 से 48 घंटे में राजस्थान में भारी बारिश हो सकती है। उत्तर प्रदेश में गरज और चमक के साथ तेज बारिश के आसार हैं।
VP CP Radhakrishnan का Sri Vijaya Puram दौरा, Har Ghar Tiranga अभियान का बनेंगे हिस्सा
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के दो दिवसीय दौरे पर शनिवार को श्री विजय पुरम पहुंचे, जहां वह ‘हर घर तिरंगा’ अभियान और ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। अधिकारियों ने बताया कि राधाकृष्णन शनिवार सुबह एक विशेष विमान से वीर सावरकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास स्थित नौसैनिक वायु अड्डे ‘आईएनएस उत्क्रोश’ पर उतरे, जहां वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। उन्होंने बताया कि ‘आईएनएस उत्क्रोश’ से राधाकृष्णन लोक निवास गए, जहां उन्होंने उपराज्यपाल डीके जोशी के साथ बैठक की। अधिकारियों के मुताबिक, उपराष्ट्रपति शनिवार शाम सेलुलर जेल राष्ट्रीय स्मारक का दौरा देंगे, जहां वह शहीद स्तंभ पर श्रद्धांजलि देंगे। उन्होंने बताया कि सेलुलर जेल राष्ट्रीय स्मारक में राधाकृष्णन स्वतंत्रता ज्योति पर श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे और उस कोठरी में भी जाएंगे, जहां ब्रिटिश शासन के दौरान वीडी सावरकर को कैद रखा गया था। अधिकारियों के अनुसार, सेलुलर जेल राष्ट्रीय स्मारक में उपराष्ट्रपति आजादी के आंदोलन और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान पर आधारित ‘लाइट एंड साउंड शो’ भी देखेंगे। उन्होंने बताया कि नौ अगस्त की सुबह उपराष्ट्रपति श्री विजय पुरम में ‘हर घर तिरंगा अभियान’ के तहत फ्लैग पॉइंट पर राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद राधाकृष्णन एक सभागार में राज्य स्तरीय ‘वंदे मातरम तिरंगा संगीत कार्यक्रम में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि रविवार दोपहर उपराष्ट्रपति ऐतिहासिक नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप का दौरा करेंगे और शाम को नयी दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
पत्नी को मारा तंदूर में जलाया! 1995 का वो हत्याकांड जिसने दिल्ली का दिल दहला दिया
युवा नेता सुशील शर्मा ने अपनी पत्नी नैना साहनी के सिर और छाती में गोलियां दाग दी थीं। वजह? सिर्फ एक शक कि नैना का किसी और से अफेयर चल रहा है।
पाक में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ उबाल, शहर-शहर जोरदार प्रदर्शन
पाकिस्तान में पेट्रोलियम की बढ़ी कीमतों के खिलाफ हजारों लोगों ने रैलियां की. कराची, इस्लामाबाद और लाहौर में पेट्रोलियम लेवी के ख़िलाफ हज़ारों प्रदर्शनकारी जुटे. ये रैलियां धार्मिक-राजनीतिक पार्टी जमात-ए-इस्लामी ने आयोजित की. पेट्रोलियम लेवी एक तय टैक्स है जो केंद्र सरकार पेट्रोल, डीज़ल और केरोसिन पर आयात या घरेलू बिक्री के समय लगाती है. पाकिस्तान में इसी का जबरदस्त विरोध हो रहा है. देखें वीडियो.
उच्च न्यायालयों को एक साथ मिले ढाई दर्जन जज, 20 वकील बन गए HC के जस्टिस
हाईकोर्टों में नए जजों की नियुक्ति में 20 अधिवक्ता और 10 न्यायिक अधिकारी शामिल हैं. सबसे अधिक 15 नियुक्तियां मद्रास हाईकोर्ट में हुई हैं.
क्या Punjab में BJP का चेहरा बनेंगे Raghav Chadha?
राघव चड्ढा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अचानक हुई मुलाकात ने पंजाब की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है. चड्ढा ने मुलाकात की तस्वीरें साझा कर इसे यादगार सुबह बताया. पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले हुई इस बैठक को अहम माना जा रहा है. इससे एक दिन पहले मोदी ने सुखबीर सिंह बादल से भी मुलाकात की थी, जिससे राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं.
तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी ने आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति न मिलने पर कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
उत्तर प्रदेश के युवाओं के सर्वांगीण विकास, उनकी क्षमताओं के समुचित उपयोग और उच्च शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, रोजगार एवं उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी सरकार एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। इसके तहत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) एवं भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के युवा अधिकारी इंटरमीडिएट स्तर के विद्यार्थियों के साथ नियमित संवाद कर उन्हें प्रेरित करेंगे और करियर संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
बड़ा खुलासा! IAF अधिकारी को पाकिस्तानी महिला एजेंट ने बनाया हनीट्रैफ का शिकार, गिरफ्तार
IAF officer arrested: देश की सुरक्षा व्यवस्था में एक सनसनीखेज और गंभीर सेंधमारी का मामला सामने आया है। भारतीय वायुसेना (IAF) के एक सेवारत अधिकारी को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (ISI) की महिला एजेंट के मोहपाश (हनीट्रैप) में फंसकर गोपनीय सैन्य जानकारी ...
कल का मौसम: दिल्ली-NCR से यूपी-बिहार तक आफत की बारिश, मौसम विभाग ने दी बड़ी चेतावनी
कल का मौसम, 9 अगस्त 2026: क्या दिल्ली-NCR में फिर से बारिश कहर बरपाएगी? क्या यूपी, बिहार और झारखंड में लोगों को एक बार फिर जलभराव और बाढ़ जैसे हालात का सामना करना पड़ेगा?
सरकारी परीक्षा के रिजल्ट से वायरल हुआ नाम, लेकिन पढ़ाई में भी हैं आगे
आपने सोशल मीडिया पर कई तरह की खबरों को वायरल होते हुए देखा होगा लेकिन क्या कभी किसी के नाम पर इतनी चर्चा देखी है? बता दें कि छत्तीसगढ़ पीएससी सब-इंस्पेक्टर परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद से रायगढ़ के 'न्यूज कुमार प्रधान' सुर्खियों में आ गए. लेकिन उनका नाम ही केवल वायरल नहीं हुआ है, उनकी पढ़ाई को लेकर भी चर्चा हो रही है. उनका नाम सुनकर कई लोगों ने इसे फर्जी भी बताया लेकिन उन्होंने अपने डॉक्यूमेंट के साथ इस बात का सबूत दिया कि उनका असली नाम यही है.
पंजाब पुलिस का 'गैंगस्टरां ते वार' अभियान: 200 दिनों में 1.09 लाख छापेमारी, 1532 अपराधी गिरफ्तार
पंजाब पुलिस के एंटी गैंगस्टर अभियान ‘गैंगस्टरां ते वार’ ने 200 दिन पूरे कर लिए हैं. इस दौरान उन्होंने गैंगस्टर नेटवर्क पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई.
डॉक्टरों से की थी मारपीट, अब जेल से रिहा हुआ शिवसेना नेता रमेश म्हात्रे
डोंबिवली के शास्त्री नगर म्युनिसिपल अस्पताल में डॉक्टरों से कथित मारपीट के मामले में आरोपी शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को बॉम्बे हाई कोर्ट से जमानत मिल गई है. कोर्ट ने शर्त रखी है कि चार्जशीट दाखिल होने तक म्हात्रे और अन्य आरोपी महाराष्ट्र से बाहर रहेंगे.
बॉम्बे हाई कोर्ट ने डॉक्टर पर हमले के मामले में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को ज़मानत दे दी है
बॉम्बे हाई कोर्ट ने शनिवार को डॉक्टरों के साथ मारपीट के मामले में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को ज़मानत दे दी। यह कदम कोर्ट के उस पुराने आदेश के बाद उठाया गया है, जिसमें मजिस्ट्रेट के उस आदेश पर रोक लगा दी गई थी जिसके तहत म्हात्रे को ज़मानत मिली थी। म्हात्रे को 6 जुलाई को डोंबिवली के एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों और अन्य स्टाफ़ के साथ कथित तौर पर मारपीट करने के आरोप में उसके साथियों के साथ गिरफ़्तार किया गया था। बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा म्हात्रे की ज़मानत मंज़ूर करने वाले मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने के एक दिन बाद उसने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था। इसे भी पढ़ें: Jharkhand Exam Controversy: Babulal Marandi बोले- बातचीत के बहाने JPSC-JSSC मुद्दे को न भटकाए JMM सरकार म्हात्रे और उसके तीन साथियों को 8 जुलाई को गिरफ़्तार किया गया था। यह गिरफ़्तारी डोंबिवली के शास्त्री नगर म्युनिसिपल हॉस्पिटल में दो डॉक्टरों और अन्य स्टाफ़ सदस्यों पर कथित तौर पर हमला करने के एक दिन बाद हुई थी। यह हमला एक शिकायत के बाद हुआ था, जिसमें कहा गया था कि गर्भावस्था से जुड़ी दिक्कतों वाली नौ महीने की गर्भवती महिला को अस्पताल में भर्ती करने से मना कर दिया गया था, क्योंकि सरकारी अस्पताल के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में कोई बेड उपलब्ध नहीं था। सोशल मीडिया पर हमले का CCTV वीडियो वायरल होने के बाद, इस घटना को लेकर मेडिकल जगत में भारी आक्रोश फैल गया।
ईरान ने जारी की US F-15E फाइटर जेट के मलबे की तस्वीरें, देखें
ईरान ने U.S. एयर फ़ोर्स के F-15E स्ट्राइक ईगल फ़ाइटर जेट के मलबे की तस्वीर जारी की है, जिसमें ACES-II इजेक्शन सीट और एयरक्राफ़्ट की कैनोपी भी शामिल है. दरअसल दावा है कि ल्यूक एयर फ़ोर्स बेस पर मौजूद स्क्वाड्रन का ये फ़ाइटर जेट 40 दिन की लड़ाई के दौरान मार गिराया गया था. ईरान ने मलबे की तस्वीरें अब जारी की. देखें वीडियो.
राघव चड्ढा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात ने पंजाब की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। शनिवार 08 अगस्त को द
ना घट रही माइलेज ना हो रहा नुकसान, E20 विवाद के बीच सरकारी तेल कंपनियों का दावा
देश भर में हुए टेस्ट के बाद तेल कंपनियों ने कहा कि E20 पेट्रोल की क्वालिटी तय मानकों के दायरे में है और इसमें मिलावट की आशंकाएं बेबुनियाद हैं। सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने शुक्रवार को कहा कि E20 पेट्रोल के देशव्यापी टेस्ट में ज़्यादा नमी या क्लोराइड के कारण होने वाली खराबी का कोई सबूत नहीं मिला है। इससे केंद्र सरकार की इथेनॉल-ब्लेंडिंग पॉलिसी को लेकर जताई जा रही चिंताओं को चुनौती मिली है। टेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, पूरी सप्लाई चेन में फ्यूल की क्वालिटी तय सीमाओं के भीतर रही, जबकि पुरानी गाड़ियों के लिए ब्लेंडेड फ्यूल के उपयुक्त होने और माइलेज पर इसके असर को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। इसे भी पढ़ें: E20 पेट्रोल पर Punjab Govt का विरोध, क्या किसानों के हित के खिलाफ है AAP का रुख? ईंधन की क्वालिटी तय सीमा के अंदर है इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने कहा कि केंद्र सरकार ने ब्लेंडिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले इथेनॉल में क्लोराइड की मात्रा के लिए नियम तय किए हैं। बयान के अनुसार, नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए रिफाइनरियों, डिस्टिलरियों, डिपो, टर्मिनल और रिटेल आउटलेट्स पर लगातार निगरानी की व्यवस्था लागू की गई थी। इसके अलावा, हर रिटेल आउटलेट पर दिन में 8-12 बार पानी की मिलावट और घनत्व (डेंसिटी) की जांच करके, मोबाइल फ्यूल क्वालिटी टेस्टिंग लैब तैनात करके और फ्यूल लैब के ज़रिए नतीजों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करके क्वालिटी की निगरानी को और मज़बूत किया गया है। इसलिए, तीनों कंपनियों ने बताया कि इस प्रक्रिया में पूरी सप्लाई चेन शामिल थी और इस बात पर ज़ोर दिया कि ईंधन की गुणवत्ता लगातार तय सीमाओं के भीतर बनी हुई है। इसे भी पढ़ें: E-20 Petrol जांच में मानक पर खरा उतरा, तेल कंपनियों ने प्रदूषण के दावे खारिज किए PPM लेवल तय सीमा के अंदर रिफाइनरी से लिए गए 100 से ज़्यादा पेट्रोल सैंपल में क्लोराइड का लेवल 1 पार्ट पर मिलियन (ppm) या उससे कम पाया गया, जबकि पिछले 10 दिनों में 80 डिस्टिलरी से लिए गए इथेनॉल सैंपल में क्लोराइड की मात्रा 3 ppm से कम पाई गई। OMCs ने बताया कि देश भर के डिपो और टर्मिनल से लिए गए 80 से ज़्यादा सैंपल में भी क्लोराइड की मात्रा 3 ppm से कम पाई गई। OMCs ने कहा कि रिटेल आउटलेट पर पिछले कुछ दिनों में टेस्ट किए गए 160 से ज़्यादा E20 सैंपल में क्लोराइड का लेवल 0-3 ppm की रेंज में पाया गया, जो कई सौ ppm होने के दावों के उलट है। क्लोराइड का लेवल ज़्यादा होने के सिर्फ़ दो अलग-अलग मामले सामने आए, जिनमें सप्लाई तुरंत रोक दी गई; सप्लाई फिर से शुरू करने की इजाज़त देने से पहले मामले की असल वजह का पता लगाने और सुधार के उपाय करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
LIVE: अतीक के दोनों बेटे पहुंचे प्रयागराज, अबान के जनाजे में हुए शामिल
अतीक अहमद के दोनों बेटे अली और उमर पैरोल पर प्रयागराज पहुंचे हैं. दोनों पुलिस सुरक्षा के बीच अपने छोटे भाई अबान के जनाजे में शामिल होने कसारी मसारी कब्रिस्तान पहुंचे.
तालाब किनारे से लोग फेंकते हैं बिस्कुट... पानी में रहने को मजबूर इकबाल
छोटी सी उम्र में वह तालाब के पानी में किसी जलीय जीव की तरह रहने को मजबूर है. किनारे से लोगों के फेंके गए बिस्किट और नमकीन खाकर वह जिंदा रहता है. मगर उसके हाथ पैरों की चमड़ी पूरी तरह सफेद पड़ चुकी है. पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले (बेलडांगा) से आई 16 साल के इकबाल की यह बेहद भावुक और दर्दनाक कहानी किसी का भी कलेजा कंपा सकती है.
अजमेर जेल में बंद कैदियों से 1992 ब्लैकमेल कांड के मास्टरमाइंड नफीस चिश्ती से वीडियो कॉल करने के मामले में जेलर सद्दाम हुसैन को निलंबित कर दिया गया है.
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कड़ी आलोचना की। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल होने वाले सांसदों के साथ बैठक करने के लिए मोदी की आलोचना की। ठाकरे की यह टिप्पणी पार्टी के बंटवारे को लेकर चल रहे राजनीतिक और कानूनी विवाद के बीच आई है, जिस पर अभी भारत के सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। न्यायिक प्रक्रिया में हो रही देरी की ओर इशारा करते हुए, ठाकरे ने बताया कि उनकी अयोग्यता और नेतृत्व से जुड़ा मामला चार साल से लंबित है, हालांकि अब इसकी सुनवाई एक अहम अंतिम चरण में पहुँचती दिख रही है। इसे भी पढ़ें: Jharkhand Exam Controversy: Babulal Marandi बोले- बातचीत के बहाने JPSC-JSSC मुद्दे को न भटकाए JMM सरकार एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, उन्होंने प्रधानमंत्री के राजनीतिक कार्यक्रमों पर निराशा जताई और राष्ट्रीय राजधानी में नागरिक विरोध-प्रदर्शनों से निपटने के सरकार के तरीके की तुलना उनसे की। ठाकरे ने कहा कि हमारा मामला चार साल से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। अब ऐसा लग रहा है कि सुनवाई अपने अंतिम चरण में है और लगातार चल रही है... पीएम मोदी के पास जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे Gen Z प्रदर्शनकारियों से मिलने का समय नहीं है, लेकिन वे गद्दारों से मिले। शिवसेना (UBT) नेता ने बैठक के दौरान पाला बदलने वाले विधायकों को दिए गए कथित आश्वासनों पर सवाल उठाए और प्रधानमंत्री कार्यालय से मिलने वाले ऐसे समर्थन के व्यापक राजनीतिक और प्रशासनिक नतीजों को लेकर चिंता जताई। ठाकरे ने आगे कहा कि इसके अलावा, इन गद्दारों को भरोसा दिलाया जा रहा है: ‘डरो मत; मैं तुम्हारे साथ हूँ...’” उन्होंने सत्ताधारी नेतृत्व को चुनौती देते हुए पूछा, “क्या यह संदेश अमित शाह, देवेंद्र फडणवीस, प्रशासन या पार्टी के उन सभी लोगों को भेजा गया था जो गद्दारी करना चाहते हैं? इसे भी पढ़ें: Prashant Kishor संग Sunetra Pawar की भेंट से BJP में बेचैनी, महायुति में भी खलबली जब उनसे पूछा गया कि क्या इस बैठक का असर लंबित मामले पर पड़ सकता है, तो ठाकरे ने न्यायपालिका में अपने गुट का भरोसा जताया, लेकिन बैठक के मकसद पर शक ज़ाहिर किया। उन्होंने कहा कि इस पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए; हमें न्यायपालिका और CJI पर इतना भरोसा है, लेकिन हमें एक शक है: क्या यह सुप्रीम कोर्ट पर दबाव बनाने की कोशिश है, यह दिखाकर कि मैं (PM मोदी) गद्दारों के साथ हूँ? देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
पद के लिए MBA/PGDM और 12 वर्ष का ऑपरेशनल अनुभव आवश्यक है, जबकि 200+ साइट नेटवर्क का नेतृत्व करने का अनुभव भी मांगा गया है.
Success Story: 3 भाई-बहन बने अफसर, पिता की भावुक FB पोस्ट ने जीता सबका दिल
जोधपुर के ओसियां निवासी शिक्षक मोहनराम ईशरवाल के तीनों बच्चों ने सफलता का इतिहास रचा है. बेटा शिवपाल UPSC CAPF में असिस्टेंट कमांडेंट, शिशुपाल मुंबई कस्टम्स में प्रिवेंटिव ऑफिसर और बेटी गीता राजस्थान पुलिस में तैनात हैं. जानिए एक साधारण शिक्षक के बच्चों की सक्सेस स्टोरी.
80 किमी का पैदल सफर और 2 करोड़ जायरीन... अरबईन वॉक के बारे में आप कितना जानते हैं?
मोकिब में मुफ्त में खाना, पानी, चाय, आराम की जगह, दवाइयां और साफ-सफाई की सुविधा मिलती हैं. किसी से भी कोई पैसा नहीं लिया जाता.
छक्के से डेब्यू, अब 7 साल बड़ी एक्ट्रेस से क्रिकेटर की गुपचुप शादी
भारतीय क्रिकेटर रमनदीप सिंह ने एक्ट्रेस चार्ली चौहान से शादी कर ली है. दोनों ने गुरुद्वारे में पंजाबी-सिख रीति-रिवाजों के साथ सात फेरे लिए. चार्ली रमनदीप से 7 साल बड़ी हैं. दोनों ने अपने रिश्ते को लंबे समय तक निजी रखा था. रमनदीप भारत के लिए 2 टी20 इंटरनेशनल खेल चुके हैं और डेब्यू की पहली गेंद पर छक्का जड़ चुके हैं.
सूर्य ग्रहण वाला हफ्ता! कर्क-सिंह सहित इन राशियों पर भारी नया सप्ताह
Weekly Tarot Rashifal (10-16 Aug 2026): अगस्त का नया सप्ताह 10 अगस्त से लेकर 16 अगस्त तक रहने वाला है. ज्योतिषाचार्य प्रवीण मिश्र ने ग्रहों की चाल के आधार पर इस सप्ताह का हाल बताया है. इस सप्ताह साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण भी लगने वाला है.
डिजिटल सुरक्षा पर जोर: MeitY ने Meta को दिया निर्देश, कंटेंट मॉडरेशन मजबूत करे
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने मेटा से कहा है कि वह अपने एल्गोरिदम में बदलाव करे और डीपफेक, प्रोपेगैंडा और दूसरे हेरफेर किए गए या गैर-कानूनी कंटेंट को अपने प्लेटफॉर्म पर फैलने से रोकने के लिए नियमों के पालन का एक डिटेल्ड रोडमैप जमा करे। अधिकारियों ने कंपनी से कंटेंट मॉडरेशन को मजबूत करने, अधिकृत एजेंसियों के अनुरोध पर कंटेंट हटाने की प्रक्रिया को तेज करने और भारत की डेटा-लोकलाइजेशन की शर्तों का पालन सुनिश्चित करने के लिए भी कहा है। इसे भी पढ़ें: Jharkhand Exam Controversy: Babulal Marandi बोले- बातचीत के बहाने JPSC-JSSC मुद्दे को न भटकाए JMM सरकार सूत्रों के हवाले से ANI की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार चाहती है कि मेटा डीपफेक, मॉर्फ्ड इमेज और गुमराह करने वाली पोस्ट का पता लगाने और उन्हें हटाने के काम को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों के साथ मिलकर और बेहतर तरीके से काम करे। सोशल मीडिया प्लैटफ़ॉर्म पर AI से बने नुकसानदेह और हेर-फेर किए गए कंटेंट को लेकर बढ़ती जांच-पड़ताल के बीच, MeitY और Meta के बीच हाल ही में हुई बातचीत के बाद यह निर्देश जारी किया गया है। शुक्रवार को हुई एक मीटिंग में, Meta की टेक्निकल टीम ने ऑनलाइन नुकसानदेह कंटेंट का पता लगाने और उससे निपटने के लिए अपने मौजूदा सिस्टम के बारे में बताया। अधिकारियों ने Meta से प्रोपेगैंडा, डीपफेक और हेर-फेर किए गए मीडिया के प्रसार और फैलाव को कम करने के लिए खास एल्गोरिदम में बदलाव करने पर ज़ोर दिया। Meta ने भी अपने मौजूदा सिस्टम में कमियों को माना और सिंथेटिक कंटेंट से निपटने के लिए जिन टेक्निकल उपायों पर वह विचार कर रही है, उनके बारे में जानकारी दी। सरकारी सूत्रों ने बताया कि यह निर्देश हाल ही में हुई बातचीत के बाद आया है, जिसमें मेटा ने अपने मौजूदा सिस्टम में कमियां मानीं और डीपफेक व सिंथेटिक कंटेंट से निपटने के लिए तकनीकी कदम बताए। शुक्रवार को MeitY अधिकारियों के साथ हुई बैठक में, मेटा की टेक्निकल टीम ने बताया कि वे अभी ऑनलाइन हानिकारक कंटेंट को कैसे संभालते हैं। अधिकारियों ने प्रोपेगैंडा, डीपफेक और हेरफेर किए गए मीडिया के प्रसार को सीमित करने के लिए खास एल्गोरिदम बदलावों पर जोर दिया। दोनों पक्ष बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए और अगले हफ्ते एक और बैठक होने की उम्मीद है। इसे भी पढ़ें: Prashant Kishor संग Sunetra Pawar की भेंट से BJP में बेचैनी, महायुति में भी खलबली दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी रहने की उम्मीद है और अगले हफ्ते एक और बैठक हो सकती है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब भारत AI-जनरेटेड और सिंथेटिक कंटेंट से जुड़े नियमों को और सख्त कर रहा है। MeitY के फ्रेमवर्क के तहत, बड़े सोशल मीडिया इंटरमीडियरीज को सिंथेटिक रूप से तैयार जानकारी के संबंध में तकनीकी उपाय करने होंगे, जिसमें यूजर डिक्लेरेशन और ऐसे कंटेंट की स्पष्ट लेबलिंग शामिल है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
यूपी में डेटिंग एप की मदद से लडकों से लूट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ठगी कर के एक हसीना ने 6 करोड़ रुपए लूट लिए। डेटिंग पर लोगों को फंसाना, फिर धमकी देकर ब्लेकमेल करना। इसके लिए बहुत शातिर तरीके से ये हसीना लोगों को अपने जाल में फंसाती थी।
JPSC परीक्षा विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की उठी मांग
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 में कथित गड़बड़ियों का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है.
'आज शरद पवार का हक छीना, कल आपका...', शिंदे गुट को सुप्रिया सुले की वार्निंग
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले ने उद्धव ठाकरे से बागी सांसदों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात को संविधान का अपमान बताया है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में किसानों की कर्जमाफी पर नियम थोपे जा रहे हैं और सरकार केवल चुनावी फायदे के लिए काम कर रही है. सुप्रिया ने FCRA बिल के मौजूदा ड्राफ्ट का कड़ा विरोध जताया और इसे ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी को भेजने की मांग की.
परिसीमन बिल पर मोदी सरकार को मिला अकाली दल का साथ, गठबंधन की चर्चा तेज
भारतीय जनता पार्टी की पूर्व सहयोगी अकाल दल ने परिसीमन बिल के मुद्दे पर केंद्र सरकार का साथ देने का फैसला किया है। अकाली दल की तरफ से यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है, जब शुक्रवार को पीएम मोदी और सुखबीर सिंह बादल की मुलाकात हुई थी।
SEBI की नई गाइडलाइंस के तहत, इन्वेस्टर्स नॉमिनेशन वाले हिस्से को खाली नहीं छोड़ सकते. अकाउंट खोलते समय या मौजूदा फोलियो के लिए, उन्हें या तो नॉमिनी की जानकारी देनी होगी.
पाक का परमाणु बल, तुर्किए का ड्रोन और सऊदी का पैसा! क्या US का विकल्प बनेगा यह नया गुट?
पाकिस्तान, तुर्किए और सऊदी अरब ने आपसी रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें एक सदस्य पर हमला होने की स्थिति को तीनों पर हमला माना जाएगा. इस समझौते से मध्य पूर्व में बदलते शक्ति संतुलन और क्षेत्र में अमेरिका की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हुई है.
Murshidabad में 5 साल से तालाब में क्यों रह रहा लड़का?
मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में 16 साल के इकबाल शेख पिछले करीब 5 साल से ज्यादातर समय तालाब में बिताता है. उसका कहना है कि पानी से बाहर निकलते ही शरीर में तेज जलन होने लगती है, जबकि पानी में उसे राहत मिलती है. स्थानीय लोगों के मुताबिक वह कई दिनों तक तालाब में रहता है. अब लोग उसकी सही मेडिकल जांच और इलाज की मांग कर रहे हैं.
एक्ट्रेस स्वरा भास्कर और अविका गोर को हुआ डेंगू, अस्पताल में हुईं भर्ती
स्वरा भास्कर को डेंगू होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्होंने अस्पताल के बिस्तर से एक तस्वीर शेयर की है. इसके अलावा टीवी एक्ट्रेस भी डेंगू की चपेट में आ गई हैं.
'पाकिस्तानी दिल से भारतीयों के दुश्मन नहीं हैं' RSS प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान
मोहन भागवत ने साफ किया कि पाकिस्तान के लोग पूरी तरह से भारतीयों के दुश्मन नहीं हैं और स्थायी शत्रुता किसी समस्या का हल नहीं हो सकती।
90 की सास, कंधे पर कांवड़... हरिद्वार से दिल्ली पैदल निकली बहू की भक्ति
हरिद्वार से दिल्ली तक कांवड़ यात्रा पर निकली काजल चौधरी इन दिनों लोगों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई हैं. वजह है उनका अपनी 90 वर्षीय सास चंद्रो देवी को साथ लेकर पैदल सफर करना. काजल 21 जुलाई को हर की पौड़ी से गंगाजल लेकर रवाना हुई थीं और अब गाजियाबाद के रास्ते दिल्ली की ओर बढ़ रही हैं.
रात को सोने से पहले 1 से 2 लौंग चबाकर हल्का गुनगुना पानी पीना सेहत के लिए किसी औषधि से कम नहीं माना जाता है। भारतीय रसोइयों में मसाले के रूप में इस्तेमाल होने वाली लौंग में यूजीनॉल (Eugenol), एंटी-ऑक्सीडेंट्स, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट्स के अनुसार, जब आप रात को लौंग का सेवन करते हैं, तो इसके पोषक तत्व रातभर शरीर में अवशोषित होते हैं और पाचन क्रिया को सुचारू बनाने के साथ-साथ कई गंभीर बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं।रात को लौंग खाकर सोने से शरीर को मिलने वाले 5 बड़े फायदे1. पाचन तंत्र और गैस की समस्या में राहत: रात में लौंग चबाकर गुनगुना पानी पीने से पाचक एंजाइमों का स्राव तेज होता है। यदि आप अक्सर सुबह उठकर पेट में भारीपन, गैस, एसिडिटी या कब्ज की समस्या से परेशान रहते हैं, तो रात में लौंग का सेवन पेट की सफाई करने और आंतों को स्वस्थ रखने में मदद करता है।2. दांत के दर्द और सांस की बदबू से छुटकारा: लौंग में मौजूद मुख्य तत्व 'यूजीनॉल' प्राकृतिक दर्द निवारक और एंटी-सेप्टिक की तरह काम करता है। रात को सोने से पहले लौंग चबाने से मुंह में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं, जिससे दांत दर्द, मसूड़ों की सूजन और सुबह मुंह से आने वाली बदबू की समस्या दूर होती है।3. बेहतर नींद और तनाव से मुक्ति: लौंग में पाए जाने वाले यौगिक तंत्रिका तंत्र (Nervous System) को शांत करने में मदद करते हैं। रात में इसका सेवन करने से मांसपेशियों का तनाव कम होता है, मानसिक शांति मिलती है और अनिद्रा (Insomnia) की समस्या से राहत पाकर गहरी नींद आती है।4. इम्यूनिटी में सुधार और सर्दी-जुकाम से बचाव: लौंग एंटी-ऑक्सीडेंट्स और विटामिन सी का बेहतरीन स्रोत है। बदलते मौसम में रात को लौंग खाकर सोने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) मजबूत होती है, जिससे गले की खराश, खांसी और मौसमी फ्लू का खतरा कम हो जाता है।5. लिवर और ब्लड शुगर का नियंत्रण: शोध के अनुसार, लौंग में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स लिवर की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाते हैं और शरीर से विषाक्त पदार्थों (Toxins) को बाहर निकालने में मदद करते हैं। इसके अलावा, यह इंसुलिन की संवेदनशीलता को बढ़ाकर ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में भी सहायक है।न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह: एक बार में कितनी लौंग खानी चाहिए?न्यूट्रिशनिस्ट्स और आयुर्वेद विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि लौंग की तासीर अत्यधिक गर्म होती है, इसलिए इसका सेवन हमेशा सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। एक स्वस्थ वयस्क को एक बार में केवल 1 से 2 लौंग का ही सेवन करना चाहिए। किसी भी परिस्थिति में एक दिन में 2 से अधिक लौंग खाने की सलाह नहीं दी जाती है।यदि आप लौंग का अधिक मात्रा में सेवन करते हैं, तो इसमें मौजूद 'यूजीनॉल' की अधिकता के कारण पेट में जलन, एसिडिटी, त्वचा पर चकत्ते या लिवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।लौंग का सेवन करने का सही तरीका क्या है?रात को सोने से लगभग 30 मिनट पहले 1 या 2 साबुत लौंग (फूल वाली लौंग) लें। इसे दांतों से अच्छी तरह चबाएं ताकि इसका रस और तेल मुंह में घुल जाए। इसके बाद 1 गिलास हल्का गुनगुना पानी पी लें। यदि आपको लौंग चबाना बहुत कड़वा या तीखा लगता है, तो आप लौंग के पाउडर को गुनगुने पानी या शहद के साथ मिलाकर भी ले सकते हैं।किन लोगों को लौंग खाने से बचना चाहिए?गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं: अत्यधिक गर्म तासीर होने के कारण डॉक्टर की सलाह के बिना सेवन न करें।ब्लड थिनर (खून पतला करने की दवा) खाने वाले मरीज: लौंग खून को पतला करने की प्रक्रिया को तेज कर सकती है।पेट में अल्सर या भयंकर एसिडिटी के मरीज: अत्यधिक गर्म तासीर पेट की अंदरूनी परत में जलन बढ़ा सकती है।छोटे बच्चे: 10 साल से छोटे बच्चों को सीधे साबुत लौंग देने से बचना चाहिए।
ग्राउंड रिपोर्ट: कागजों में चलता 100 बेड का अस्पताल, गेट पर लटका मिला ताला
Gwalior Nursing Scam Ground Report: ग्वालियर के धाकरे अस्पताल में लटकता मिला ताला. कागजों पर चल रहे नर्सिंग कॉलेज के अस्पताल पर उठे सवाल. कलेक्टर ने दिए 38 कॉलेजों की जांच के आदेश...
'झारखंड कब आओगे?', प्रयागराज में पोस्टर के जरिए राहुल को घेरा, देखें
राहुल गांधी के प्रयागराज में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है. एक ओर कांग्रेस जोर-शोर से इस आयोजन की तैयारियों में लगी है, तो वहीं प्रयागराज में पोस्टर वॉर की शुरुआत हो गई है. जिनमें सवाल किया गया है कि आखिर राहुल झारखंड में जारी छात्रों के आंदोलन में क्यों नहीं गए. देखें वीडियो.
आमतौर पर लोगों के मन में यह धारणा होती है कि इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return - ITR) केवल उन्हीं लोगों को फाइल करना चाहिए जिनकी सालाना आय टैक्स छूट की सीमा (Tax Exemption Limit) से अधिक होती है। यदि आपकी कुल वार्षिक आय नई या पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत कर योग्य सीमा से कम है, तो कानूनन आपके लिए आईटीआर दाखिल करना अनिवार्य नहीं है। लेकिन आयकर विभाग के नियमों के अनुसार, ऐसे लोग 'नील आईटीआर' (Nil Income Tax Return) फाइल कर सकते हैं।नील आईटीआर का सीधा सा मतलब है कि आप सरकार को यह आधिकारिक जानकारी दे रहे हैं कि आपकी आय टैक्स छूट की सीमा के भीतर है और आपकी कर देनदारी शून्य (Zero Tax) है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना किसी टैक्स देनदारी के भी हर साल नियमित रूप से आईटीआर फाइल करने से आपको ऐसे कई वित्तीय और कानूनी फायदे मिलते हैं, जो भविष्य में बड़े काम आते हैं।टैक्स न बनने पर भी आईटीआर फाइल करने के 6 सबसे बड़े फायदेयदि आपकी आय टैक्स फ्री लिमिट के दायरे में आती है, तब भी आपको हर साल समय पर आईटीआर जरूर फाइल करना चाहिए। ऐसा करने से मिलने वाले 6 प्रमुख फायदे निम्नलिखित हैं:1. होम लोन, पर्सनल लोन और कार लोन आसानी से होता है पासबैंक या एनबीएफसी (NBFC) से किसी भी प्रकार के लोन के लिए आवेदन करते समय वित्तीय संस्थान सबसे पहले आपके पिछले 2 से 3 वर्षों की आईटीआर कॉपी (ITR Receipts) मांगते हैं। आईटीआर आपके वित्तीय स्थायित्व (Financial Stability) और पुनर्भुगतान क्षमता (Repayment Capacity) का सबसे विश्वसनीय आधिकारिक प्रमाण होता है। यदि आपके पास नियमित आईटीआर का रिकॉर्ड है, तो क्रेडिट कार्ड और होम लोन का अप्रूवल बिना किसी अड़चन के तेजी से मिल जाता है।2. विदेशी वीजा (Visa Processing) के लिए अनिवार्य दस्तावेजयदि आप पढ़ाई, नौकरी या घूमने के लिए अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोप (शेंगेन) या ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों का वीजा अप्लाई करते हैं, तो दूतावास (Embassy) आपसे पिछले 3 सालों के आईटीआर दाखिल करने का प्रूफ मांगते हैं। आईटीआर यह साबित करता है कि आपके पास अपने देश में आय का वैध स्रोत है और आपके वहां वापस लौटने की संभावना मजबूत है, जिससे आपका वीजा रिजेक्ट होने का खतरा काफी कम हो जाता है।3. टीडीएस (TDS) और टीसीएस (TCS) का पूरा रिफंड पानाकई बार फ्रीलांसिंग, बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के ब्याज, डिविडेंड या अनुबंध पर काम करने के दौरान आपका नियोक्ता या बैंक आपकी आय पर पहले से टीडीएस (Tax Deducted at Source) काट लेता है, भले ही आपकी कुल सालाना आय टैक्स योग्य न हो। इस कटे हुए टीडीएस के पैसे को अपने बैंक खाते में वापस (Tax Refund) पाने का एकमात्र कानूनी जरिया समय पर आईटीआर फाइल करना ही है।4. शेयर बाजार और बिजनेस में हुए नुकसान (Capital Loss) को कैरी फॉरवर्ड करनायदि आपको शेयर बाजार (Stocks), म्यूचुअल फंड्स, वायदा-कारोबार (F&O) या किसी बिजनेस में घाटा हुआ है, तो उस नुकसान को आप अगले वित्तीय वर्षों के फायदों (Capital Gains/Profits) के साथ सेट-ऑफ (Set-off) कर सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि आपने उस संबंधित साल में डेडलाइन से पहले आईटीआर फाइल किया हो। अगर आप आईटीआर फाइल नहीं करते हैं, तो आप इस नुकसान का एडजस्टमेंट अगले सालों में नहीं कर पाएंगे।5. टर्म इंश्योरेंस और हाई-कवर जीवन बीमा लेने में आसानी50 लाख या 1 करोड़ रुपये से अधिक का टर्म लाइफ इंश्योरेंस (Term Insurance) लेते समय बीमा कंपनियां आपकी आय की प्रामाणिकता की जांच करती हैं। वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए पे-स्लिप के अलावा स्वरोजगार (Self-employed) या फ्रीलांसर्स के लिए आईटीआर ही एकमात्र मान्य इनकम प्रूफ (Income Proof) होता है। इसके बिना बीमा कंपनियां बड़ा कवर देने से इनकार कर देती हैं।6. स्टार्टअप्स और खुद का बिजनेस शुरू करने में मददगारयदि आप भविष्य में खुद का स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं, सरकारी टेंडर (Government Tenders) में भाग लेना चाहते हैं या किसी बैंक से बिजनेस लोन (Mudra Loan / MSME Loan) लेना चाहते हैं, तो पिछले 3 वर्षों का आईटीआर रिकॉर्ड होना अनिवार्य होता है। आईटीआर आपकी वित्तीय साख (Financial Credibility) को मजबूत बनाता है।कौन-कौन फाइल कर सकता है 'नील आईटीआर'?छात्र और फ्रीलांसर्स: जिनकी कमाई पॉकेट मनी, ट्यूशन या पार्ट-टाइम प्रोजेक्ट्स से होती है।वरिष्ठ नागरिक (Senior Citizens): जिनकी आय केवल पेंशन या बैंक ब्याज से आती है और छूट सीमा में है।गृहणियां (Homemakers): जो घर बैठे सिलाई, ट्यूशन या छोटे-मोटे काम से थोड़ी-बहुत कमाई करती हैं।छोटे व्यापारी और किसान: जिनकी कृषि आय या व्यापार की शुद्ध आय कर योग्य सीमा से कम है।समय पर आईटीआर फाइल न करने से बचें और उठाएं वित्तीय लाभइनकम टैक्स विभाग अब ई-फाइलिंग पोर्टल (incometax.gov.in) के जरिए बहुत ही सरल और सहज तरीके से ऑनलाइन आईटीआर फाइल करने की सुविधा प्रदान करता है। यदि आप फॉर्म-16 या अन्य दस्तावेजों की मदद से स्वयं या किसी सीए (CA) के जरिए शून्य टैक्स होने पर भी अपना रिटर्न जमा कर देते हैं, तो यह आपको एक अनुशासित और जिम्मेदार नागरिक साबित करता है।अपनी वित्तीय साख मजबूत करने और भविष्य में लोन या वीजा की रुकावटों से बचने के लिए हर साल समय सीमा से पहले अपना आईटीआर जरूर दाखिल करें।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, जंक फूड का अत्यधिक सेवन, असमय भोजन करना, शारीरिक गतिविधि की कमी और तनाव के कारण पेट में गैस बनना एक आम समस्या बन चुका है। कई बार गैस और पेट फूलने (Over-bloating) की वजह से सीने में जलन, सिरदर्द, जी मिचलाना और पेट में ऐंठन होने लगती है। जब यह समस्या बार-बार होती है, तो लोग अक्सर तुरंत आराम पाने के लिए एंटासिड (Antacid) या गैस की अंग्रेजी गोलियां खाने लगते हैं।हालांकि, बार-बार दवाओं का सेवन करना हमारे पाचन तंत्र और आंतों (Gut Health) के लिए लंबे समय में हानिकारक साबित हो सकता है। आयुर्वेद और आहार विशेषज्ञों के अनुसार, हमारी रसोई में ही ऐसी कई प्राकृतिक और औषधीय चीजें मौजूद हैं जो बिना किसी साइड इफेक्ट के पेट की गैस को जड़ से खत्म करने में मदद करती हैं।पेट की गैस और ब्लोटिंग से तुरंत राहत दिलाने वाली 5 प्राकृतिक चीजेंयदि आप भी रोजाना पेट में बनने वाली गैस से परेशान हैं और दवाओं से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो इन 5 आसान और असरदार घरेलू चीजों को अपनी दैनिक खुराक में शामिल करें:1. सौंफ और मिश्री (Fennel Seeds):सौंफ में एनेथोल (Anethole) नामक एक वाष्पशील तेल होता है, जो पेट की मांसपेशियों को आराम देता है और पाचक रसों के स्राव को बढ़ाता है। खाना खाने के बाद 1 चम्मच सौंफ और थोड़ी सी मिश्री चबाकर खाने से पाचन क्रिया तेज होती है। इसके अलावा, 1 गिलास पानी में 1 चम्मच सौंफ उबालकर उसका गुनगुना पानी पीने से पेट का भारीपन और ब्लोटिंग तुरंत शांत हो जाती है।2. भुना हुआ जीरा और काला नमक (Roasted Cumin & Black Salt):जीरा पाचन तंत्र के लिए एक रामबाण औषधि है। जीरे में मौजूद थाइमोल (Thymol) नामक यौगिक अग्न्याशय (Pancreas) को सक्रिय करता है, जिससे भोजन आसानी से पचता है। पेट में तेज गैस बनने पर तवे पर भुने हुए जीरे के पाउडर को एक चुटकी काले नमक के साथ हल्के गुनगुने पानी में मिलाकर पिएं। यह नुस्खा पेट में बनी गैस को तुरंत बाहर निकालने में मदद करता है।3. अजवाइन और हींग का कॉम्बिनेशन (Carom Seeds & Asafoetida):अजवाइन में 'थाइमोल' और हींग में ऐंटी-फ्लैटुलेंट (Anti-flatulent) गुण पाए जाते हैं, जो पेट में गैस पैदा करने वाले बैक्टीरिया को नष्ट करते हैं। आधा चम्मच अजवाइन में एक चुटकी हींग और थोड़ा सा काला नमक मिलाकर गुनगुने पानी के साथ निगल लें। 10 से 15 मिनट के भीतर गैस, पेट दर्द और मरोड़ से तुरंत आराम मिल जाएगा।4. ताजा अदरक का टुकड़ा या अदरक की चाय (Ginger):अदरक में 'जिंजरॉल' (Gingerol) नामक शक्तिशाली एंटी-इन्फ्लेमेटरी घटक होता है, जो पेट की अंदरूनी परत की सूजन को कम करता है और गैस को बनने से रोकता है। सुबह या खाने के बाद आधा इंच अदरक के टुकड़े पर थोड़ा सा सेंधा नमक लगाकर चबाएं या फिर अदरक को पानी में उबालकर उसकी चाय बनाकर पिएं। यह एसिड रिफ्लक्स और सीने की जलन में भी काफी फायदेमंद है।5. ठंडा दूध या भुना पुदीना और छाछ (Buttermilk with Mint):खाने के बाद दोपहर में 1 गिलास ताजा छाछ में भुना हुआ जीरा, काला नमक और पुदीने की पत्तियां मिलाकर पीना पाचन के लिए अमृत समान है। छाछ में मौजूद लैक्टिक एसिड पेट के एसिड को बेअसर करता है और आंतों में गुड बैक्टीरिया (Probiotics) को बढ़ाता है। यदि आपको एसिडिटी के कारण सीने में जलन हो रही है, तो आधा कप बिना चीनी वाला ठंडा दूध पीना भी तुरंत राहत देता है।पेट में गैस बनने से रोकने के लिए अपनाएं ये 4 जरूरी आदतेंकेवल नुस्खे आजमाने के अलावा अपनी दिनचर्या में कुछ छोटे सुधार करना भी आवश्यक है:भोजन चबा-चबाकर खाएं: खाना जल्दी-जल्दी निगलने से पेट में हवा चली जाती है, जो बाद में गैस का कारण बनती है। हमेशा शांत होकर आराम से चबाकर खाएं।खाने के तुरंत बाद पानी न पिएं: भोजन करने के कम से कम 30-45 मिनट बाद ही पानी पिएं, ताकि पेट की जठराग्नि (Digestive Enzymes) मंद न हो।देर रात भारी भोजन से बचें: रात का खाना हल्का रखें और सोने से कम से कम 2 घंटे पहले खा लें।पैदल चलें: रात को खाने के बाद 15-20 मिनट की टहलने की आदत (Vajrasana or Walk) गैस को बनने ही नहीं देती।प्राकृतिक और सादा आहार अपनाकर आप बिना किसी दवा के अपने पेट को स्वस्थ और हल्का बनाए रख सकते हैं।
भारतीय रेलवे में कार्यरत मुस्लिम कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और गौरवशाली अवसर सामने आया है। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय (Ministry of Minority Affairs) और रेलवे बोर्ड ने सऊदी अरब के जेद्दा, मक्का और मदीना में आगामी हज यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की सहायता और प्रशासनिक प्रबंधन के लिए प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर कर्मचारियों के आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती अभियान के तहत रेलवे कर्मियों को हज सुपरिंटेंडेंट (Haj Superintendent), असिस्टेंट हज ऑफिसर (AHO) और हज इंस्पेक्टर (HI) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर तैनात किया जाएगा।इच्छुक और योग्य रेलवे कर्मचारी 10 अगस्त 2026 तक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपना ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। यह अवसर न केवल रेलवे कर्मियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशासनिक अनुभव प्रदान करता है, बल्कि उन्हें सऊदी अरब में भारतीय हज यात्रियों की सेवा करने का पुण्य अवसर भी देता है।किन-किन पदों पर हो रही है भर्ती और क्या है पात्रता?अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक दिशानिर्देशों के अनुसार, प्रतिनियुक्ति के तहत विभिन्न पदों के लिए रेलवे के पदानुक्रम (Pay Matrix) के आधार पर योग्यता निर्धारित की गई है:हज सुपरिंटेंडेंट (Haj Superintendent): इस पद के लिए रेलवे में पे-मैट्रिक्स लेवल-8, 9 या 10 पर कार्यरत गजटेड (Gazetted) अधिकारी आवेदन करने के पात्र हैं।असिस्टेंट हज ऑफिसर (AHO): पे-मैट्रिक्स लेवल-7 या 8 में कार्य कर रहे वरिष्ठ रेलवे कर्मचारी और पर्यवेक्षक इस पद के लिए पात्र माने गए हैं।हज इंस्पेक्टर (HI): पे-मैट्रिक्स लेवल-6 में कार्यरत नॉन-गजटेड रेलवे कर्मचारी हज इंस्पेक्टर के पद के लिए अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।आवेदन करने वाले कर्मचारियों की आयु सीमा और शारीरिक फिटनेस को लेकर भी कड़े नियम तय किए गए हैं। आवेदक की आयु 1 जुलाई 2026 तक 25 से 58 वर्ष के बीच होनी चाहिए। चूंकि सऊदी अरब में हज के दौरान अत्यधिक पैदल चलना और कठिन परिस्थितियों में काम करना होता है, इसलिए आवेदक का शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ (Medically Fit) होना अनिवार्य है।मिलने वाले भत्ते, सुविधाएं और डेपुटेशन की अवधिसऊदी अरब में प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने वाले रेलवे कर्मियों को केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार आकर्षक वेतन और भत्ते प्रदान किए जाते हैं। प्रतिनियुक्ति की अवधि आमतौर पर 2 से 3 महीने की होती है, जो हज सीजन की गतिविधियों पर निर्भर करती है।विदेशी भत्ता (Foreign Allowance): भारत में मिलने वाले मूल वेतन के अलावा कर्मियों को विदेश में रहने के दौरान निर्धारित फॉरेन अलाउंस और डेली अलाउंस (DA) दिया जाता है।मुफ्त आवास और परिवहन: जेद्दा, मक्का और मदीना में रहने के लिए नि:शुल्क आवास (Accommodation) तथा ड्यूटी स्थल तक आने-जाने के लिए स्थानीय परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।इमर्जेंसी मेडिकल कवर: प्रतिनियुक्ति अवधि के दौरान सऊदी अरब में पूर्ण चिकित्सा बीमा और स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।आने-जाने का हवाई किराया: भारत से सऊदी अरब जाने और वापस आने का संपूर्ण हवाई यात्रा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाता है।10 अगस्त 2026 तक ऐसे करें ऑनलाइन आवेदनरेलवे कर्मियों को आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखना होगा। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे:सबसे पहले अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के हज प्रतिनियुक्ति पोर्टल haj.nic.in/deputation पर जाएं।अपनी व्यक्तिगत जानकारी, रेलवे सर्विस डिटेल्स, पे-लेवल और पासपोर्ट संबंधी विवरण दर्ज करके ऑनलाइन फॉर्म भरें।अपने हालिया पासपोर्ट साइज फोटो, रेलवे पहचान पत्र, मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और वैलिड पासपोर्ट की कॉपी अपलोड करें।ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद उसकी हार्ड कॉपी (Printout) निकाल लें।इस प्रिंटआउट को अपने संबंधित रेलवे डिवीजन के कार्मिक विभाग (Personnel Department / Cadre Controlling Authority) से अग्रेषित (Forward) करवाकर 'उचित माध्यम' (Proper Channel) से जमा करें।ध्यान रहे कि 10 अगस्त 2026 के बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जिन आवेदनों को रेलवे प्रशासन की अनापत्ति (NOC) प्राप्त नहीं होगी, उन्हें सीधे निरस्त कर दिया जाएगा।चयन प्रक्रिया और रेलवे बोर्ड के सख्त निर्देशऑनलाइन आवेदन जमा होने के बाद अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और रेलवे बोर्ड द्वारा आवेदनों की स्क्रूटनी की जाएगी। आवेदकों के सतर्कता क्लीयरेंस (Vigilance Clearance), सर्विस रिकॉर्ड और पिछले प्रदर्शन के आधार पर शॉर्टलिस्ट तैयार की जाएगी। यदि आवश्यक हुआ तो आवेदकों का पर्सनल इंटरव्यू या भाषा ज्ञान (अरबी/अंग्रेजी) का परीक्षण भी किया जा सकता है।रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई (D&AR Case) या सतर्कता जांच लंबित है, वे इस प्रतिनियुक्ति के लिए पात्र नहीं होंगे। साथ ही, पूर्व में हज प्रतिनियुक्ति पर जा चुके कर्मियों के बजाय नए और योग्य उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।सऊदी अरब में भारतीय हज यात्रियों के सुगम आवागमन, मेडिकल सहायता, आवास प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाने में रेलवे कर्मियों की भूमिका सदैव सराहनीय रही है। योग्य रेलवे कर्मचारी समय रहते अपना आवेदन पूरा कर लें।
बारिश में सड़क बनी नदी, दिल्ली में शख्स ने निकाल ली नाव, Video
दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में जलभराव के बीच एक शख्स सड़क पर नाव चलाता नजर आया. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है और लोग इसे देखकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.
रक्षाबंधन के दिन चंद्र ग्रहण जानिए राखी पर क्या होगा असर
रक्षाबंधन 2026 इस बार एक खास खगोलीय संयोग लेकर आ रहा है. 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के दिन साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लगेगा, जो कई देशों में ब्लड मून का नजारा दिखाएगा. हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इसलिए यहां इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा और रक्षाबंधन के त्योहार पर भी कोई रोक या विशेष धार्मिक पाबंदी नहीं रहेगी.
भारत में किराए पर घर लेते समय सिक्योरिटी डिपॉजिट (Security Deposit) देना एक आम प्रक्रिया है। यह राशि मकान मालिक इसलिए लेता है ताकि अगर किराएदार बिना किराया दिए चला जाए या संपत्ति को गंभीर नुकसान पहुंचाए, तो उसकी भरपाई की जा सके। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि घर खाली करते समय मकान मालिक री-पेंटिंग, गहरी सफाई या छोटी-मोटी टूट-फूट के नाम पर सिक्योरिटी मनी में से मोटी रकम काट लेते हैं।भारतीय कानून 'ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट 1882' (Transfer of Property Act 1882) की धारा 108(m) और 'मॉडल टेनेंसी एक्ट' (Model Tenancy Act) के तहत किराएदारों को स्पष्ट कानूनी सुरक्षा प्राप्त है। मकान मालिक हर तरह के नुकसान का बहाना बनाकर आपकी जमा राशि नहीं रोक सकता।'सामान्य टूट-फूट' (Normal Wear and Tear) बनाम 'गंभीर नुकसान'कानून के मुताबिक समय के साथ घर में होने वाले स्वाभाविक बदलावों को 'नॉर्मल वियर एंड टियर' माना जाता है, जिसके लिए मकान मालिक सिक्योरिटी डिपॉजिट से पैसे नहीं काट सकता।नॉर्मल वियर एंड टियर (कटौती गैर-कानूनी):समय बीतने के कारण दीवारों के पेंट का रंग फीका पड़ना या स्वाभाविक रूप से पपड़ी बनकर पेंट उखड़ना।नल, पंखे, लाइट या स्विच का पुराना होकर प्राकृतिक रूप से काम बंद कर देना।रोजमर्रा के इस्तेमाल से फर्श या टाइल्स पर आई हल्की खरोंचें।ताले या दरवाजों का पुराना होना।गंभीर नुकसान (काटना जायज):दीवारों में बड़े गड्ढे करना या कोई तोड़-फोड़ करना।खिड़कियों के कांच, दरवाजे, सैनिटरी फिटिंग्स या टाइल्स को तोड़ना।मकान मालिक की बिना इजाजत के घर के स्ट्रक्चर में बदलाव करना।कोई पेंडिंग बिजली, पानी या सोसाइटी मेंटेनेंस बिल अधूरा छोड़ना।मॉडल टेनेंसी एक्ट के तहत रिफंड के मुख्य नियमडिपॉजिट की अधिकतम सीमा: आवासीय संपत्तियों (Residential Properties) के लिए मकान मालिक अधिकतम 2 महीने का किराया ही बतौर सिक्योरिटी डिपॉजिट ले सकता है।रिफंड की समय-सीमा: घर का कब्जा सौंपने और बकाया बिल चुकता होने के तुरंत बाद या अधिकतम 15 से 30 दिनों के भीतर मकान मालिक को डिपॉजिट की बची हुई राशि वापस करनी होती है।लिखित ब्रेकडाउन देना जरूरी: यदि मकान मालिक किसी नुकसान के लिए कटौती कर रहा है, तो उसे उस खर्च का वास्तविक बिल या रसीद (Written Breakdown) किराएदार को देनी होगी।अगर मकान मालिक डिपॉजिट वापस करने से मना करे, तो अपनाएं ये 4 कदम1. शिफ्टिंग के समय फोटो और वीडियो का सबूत जुटाएंघर में शिफ्ट होते समय और खाली करते समय पूरे घर, दीवारों और फिटिंग्स के फोटो व वीडियो बनाकर रखें। यह साबित करने के लिए सबसे ठोस सबूत होता है कि आपने घर सही स्थिति में सौंपा है।2. लिखित या डिजिटल मांग दर्ज करेंमकान मालिक से केवल मौखिक बात करने के बजाय व्हाट्सएप (WhatsApp) संदेश या आधिकारिक ईमेल के जरिए सिक्योरिटी डिपॉजिट रिफंड की मांग करें। इसमें सभी बकाया बिल चुकता होने की रसीदें भी अटैच करें।3. एडवोकेट के जरिए लीगल नोटिस भेजेंयदि मकान मालिक बार-बार बहाने बना रहा है या गैर-कानूनी तरीके से पैसे काट रहा है, तो किसी वकील के माध्यम से लीगल नोटिस भेजें। अधिकांश मामलों में लीगल नोटिस मिलते ही मकान मालिक विवाद सुलझाकर पैसे वापस कर देते हैं।4. रेंट अथॉरिटी या सिविल कोर्ट का रुख करेंमॉडल टेनेंसी एक्ट के तहत राज्य स्तर पर गठित रेंट अथॉरिटी (Rent Authority) या रेंट ट्रिब्यूनल में शिकायत दर्ज कराएं। यदि आपके क्षेत्र में रेंट ट्रिब्यूनल सक्रिय नहीं है, तो आप सिविल कोर्ट (Civil Court) में रिकवरी का केस दाखिल कर सकते हैं।
राहुल गांधी ने की अमरिंदर सिंह की तारीफ, पंजाब चुनाव से पहले होगा खेल?
चुनाव आने वाले हैं.... पंजाब में विधानसभा चुनाव को लेकर गहमा गहमी तेज है... ऐसे में अगर किसी दूसरे दल के नेता की तारीफ कर दी जाए.... तो मायने कुछ और ही निकल जाते हैं... राहुल गांधी ने बीजेपी में अपने पसंदीदा नेता के तौर पर पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम लिया है. खास बात यह है कि कभी पंजाब कांग्रेस में राहुल गांधी ने नवजोत सिंह सिद्धू को तरजीह देने के चलते अमरिंदर सिंह को पार्टी से साइड लाइन कर दिया था।.
मानव शरीर को खड़ा रखने, चलने-फिरने और अंदरूनी अंगों की सुरक्षा के लिए मजबूत हड्डियां (Strong Bones) रीढ़ की हड्डी की तरह काम करती हैं। आमतौर पर हम मानते हैं कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, हड्डियां अपने आप कमजोर होने लगती हैं। लेकिन आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स की मानें तो हड्डियों की कमजोरी और ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) का मुख्य कारण केवल बढ़ती उम्र नहीं, बल्कि हमारी दैनिक डाइट और खराब जीवनशैली है।अक्सर हम स्वाद के चक्कर में ऐसी चीजों का सेवन नियमित रूप से करते रहते हैं, जो हमारे शरीर के अंदर जाकर कैल्शियम के अवशोषण (Calcium Absorption) को पूरी तरह रोक देती हैं या हड्डियों में जमा कैल्शियम को पेशाब के रास्ते बाहर निकाल देती हैं। हड्डियों का यह क्षरण इतने चुपके से होता है कि व्यक्ति को जब तक अहसास होता है, तब तक मामूली झटके या गिरने पर ही हड्डियां फ्रैक्चर होने लगती हैं।हड्डियों के कमजोर होने के शुरुआती संकेत और ऑस्टियोपोरोसिस का खतराहड्डियों का कमजोर होना एक साइलेंट प्रोसेस है। शुरुआत में व्यक्ति को अक्सर जोड़ों में हल्का दर्द, पीठ के निचले हिस्से में लगातार खिंचाव, नाखूनों का बार-बार टूटना या मसूड़ों का कमजोर होना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। जब शरीर में कैल्शियम और विटामिन डी की कमी होने लगती है, तो बॉडी अपने कामकाज चलाने के लिए हड्डियों में जमा कैल्शियम को खींचना शुरू कर देती है।इससे हड्डियों का घनत्व (Bone Mineral Density) घटने लगता है और हड्डियां अंदर से स्पंज की तरह खोखली हो जाती हैं। यदि समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो उठने-बैठने में कट-कट की आवाज आना और हल्की सी चोट में भी बोन फ्रैक्चर होना आम बात हो जाती है।सावधान! आपकी हड्डियों को धीरे-धीरे कमजोर बना रही हैं ये 5 चीजेंस्वास्थ्य विशेषज्ञों और आर्थोपेडिक डॉक्टरों के अनुसार, यदि आप अपनी हड्डियों को बुढ़ापे तक लोहे जैसा मजबूत बनाए रखना चाहते हैं, तो अपनी रोजमर्रा की खुराक से इन 5 चीजों को तुरंत सीमित या पूरी तरह बाहर कर देना चाहिए:1. अत्यधिक नमक (High Sodium Intake):अत्यधिक नमक का सेवन हड्डियों की सेहत के लिए सबसे बड़ा दुश्मन माना जाता है। नमक में सोडियम की मात्रा अधिक होती है। जब हम बहुत ज्यादा नमकीन चीजें, पैक्ड स्नैक्स, चिप्स या प्रोसेस्ड फूड खाते हैं, तो शरीर अतिरिक्त सोडियम को बाहर निकालने की कोशिश करता है। इस प्रक्रिया में सोडियम के साथ-साथ हड्डियों में मौजूद कैल्शियम भी यूरिन के जरिए शरीर से बाहर बह जाता है। डॉक्टरों के अनुसार, लगभग 2,300 मिलीग्राम सोडियम का सेवन करने से शरीर से काफी मात्रा में कैल्शियम नष्ट हो जाता है।2. कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स और सोडा (Carbonated Drinks & Soda):कोल्ड ड्रिंक्स, कार्बोनेटेड सोडा और डिब्बाबंद मीठे जूस का अत्यधिक सेवन हड्डियों के घनत्व को तेजी से घटाता है। इन ड्रिंक्स में फॉस्फोरिक एसिड (Phosphoric Acid) की मात्रा बहुत अधिक होती है। जब शरीर में फास्फोरस का स्तर कैल्शियम की तुलना में बहुत बढ़ जाता है, तो शरीर में कैल्शियम और फास्फोरस का संतुलन बिगड़ जाता है। इसके परिणामस्वरूप, हड्डियां अपना कैल्शियम खोने लगती हैं और बेहद कमजोर व भुरभुरी हो जाती हैं।3. कैफीन का अत्यधिक सेवन - चाय और कॉफी (Excessive Caffeine):दिन भर में 3-4 कप से अधिक चाय या कॉफी पीने की आदत भी आपकी हड्डियों की मजबूती पर भारी पड़ सकती है। चाय और कॉफी में कैफीन पाया जाता है। कैफीन एक माइल्ड ड्यूटरिक (Diuretic) की तरह काम करता है, जिससे पेशाब बार-बार आता है। अत्यधिक कैफीन के सेवन से आंतों द्वारा कैल्शियम सोखने की क्षमता घट जाती है और हर 100 मिलीग्राम कैफीन पर शरीर लगभग 6 मिलीग्राम कैल्शियम खो देता है।4. रिफाइंड शुगर और मीठी चीजें (Refined Sugar & Sweets):सफेद चीनी, मिठाइयां, पेस्ट्री और बेकरी प्रोडक्ट्स न केवल डायबिटीज और मोटापे का कारण बनते हैं, बल्कि हड्डियों के लिए भी अभिशाप हैं। अत्यधिक चीनी का सेवन करने से शरीर में मैग्नीशियम, तांबा और कैल्शियम जैसे आवश्यक मिनरल्स का अवशोषण रुक जाता है। इसके अलावा, चीनी शरीर में इन्फ्लेमेशन (सूजन) बढ़ाती है, जिससे हड्डियों के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है।5. शराब और अत्यधिक प्रोसेस्ड मीट (Alcohol & High Animal Protein):नियमित रूप से शराब पीने से शरीर में विटामिन डी का बनना और सक्रिय होना बंद हो जाता है। बिना विटामिन डी के आंतें भोजन से कैल्शियम को अवशोषित नहीं कर पातीं। इसके साथ ही, अत्यधिक मात्रा में प्रोसेस्ड मीट या एनिमल प्रोटीन खाने से शरीर में एसिड का स्तर बढ़ जाता है। इस एसिड को न्यूट्रलाइज करने के लिए शरीर हड्डियों से कैल्शियम खींचकर खून में मिलाता है, जिससे हड्डियां अंदर से खोखली होने लगती हैं।जानिए कैसे काम करता है बोन डेंसिटी कम होने का वैज्ञानिक चक्रहमारी हड्डियां जीवित ऊतक (Living Tissues) हैं, जो लगातार टूटती और नई बनती रहती हैं। बचपन और युवावस्था में नई हड्डियां तेजी से बनती हैं, लेकिन 30 वर्ष की आयु के बाद हड्डियों का नुकसान होने की दर नई बनने की दर से तेज हो जाती है। जब हम ऊपर बताई गई 5 चीजों का सेवन करते हैं, तो ऑस्टियोब्लास्ट (Osteoblasts - हड्डी बनाने वाले सेल्स) का काम धीमा हो जाता है और ऑस्टियोक्लास्ट्स (Osteoclasts - हड्डी तोड़ने वाले सेल्स) ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं।इसी असंतुलन के कारण कम उम्र में ही ऑस्टियोपेनिया और आगे चलकर ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा पैदा हो जाता है।हड्डियों को फौलाद जैसा मजबूत बनाने के लिए डाइट में शामिल करें ये सुपरफूड्सखराब चीजों को बाहर करने के साथ-साथ अपनी थाली में ऐसे पोषक तत्वों को जोड़ना जरूरी है जो हड्डियों के पुनर्निर्माण में मदद करें:डेयरी उत्पाद: दूध, दही, पनीर और छाछ कैल्शियम और प्रोटीन के सबसे बड़े स्रोत हैं।हरी पत्तेदार सब्जियां: पालक, मेथी, ब्रोकोली और सहजन (Moringa) में भरपूर मात्रा में कैल्शियम और विटामिन के पाया जाता है।तिल और मेवे: सफेद तिल, बादाम, अखरोट और अलसी के बीजों में ओमेगा-3 और कैल्शियम प्रचुर मात्रा में होता है।रागी और मोटा अनाज: रागी (नाचनी) कैल्शियम का पावरहाउस है, जिसे अपनी रोटी या दलिया में शामिल करना चाहिए।धूप की सिकाई (Sunlight): सुबह की 15-20 मिनट की गुनगुनी धूप शरीर में प्राकृतिक विटामिन डी3 का निर्माण करती है।मजबूत हड्डियों के लिए अपनाएं ये 4 आसान लाइफस्टाइल टिप्सकेवल खान-पान ही नहीं, बल्कि दैनिक दिनचर्या में सुधार करके भी आप अपनी बोन हेल्थ को सुधार सकते हैं। रोजाना कम से कम 30 मिनट का वेट-बेयरिंग व्यायाम (जैसे पैदल चलना, जोगिंग करना या हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग) करें, क्योंकि व्यायाम करने से हड्डियों पर दबाव पड़ता है और वे मजबूत बनती हैं।धूम्रपान और तंबाकू के सेवन से पूरी तरह दूर रहें क्योंकि निकोटीन बोन सेल्स को सीधे नष्ट करता है। इसके अतिरिक्त, 40 की उम्र के बाद साल में एक बार बोन डेंसिटी टेस्ट (DEXA Scan) जरूर करवाएं ताकि हड्डियों की सेहत का सही अंदाजा लग सके।
Pinarayi Vijayan का बड़ा हमला, बोले- पूरा 'Vande Mataram' गाना RSS Agenda और धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन ने शनिवार को मुख्य सचिव के उस आदेश को वापस लेने की मांग की, जिसमें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान 'वंदे मातरम' का पूरा संस्करण गाने का निर्देश दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार RSS के एजेंडे के सामने झुक रही है। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए विजयन ने कहा कि 'वंदे मातरम' का पूरा संस्करण देश के धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है और दावा किया कि संविधान सभा ने यह तय किया था कि केवल इसके शुरुआती छंद ही गाए जाने चाहिए। इसे भी पढ़ें: सोशल मीडिया से इथेनॉल से जुड़ा डीपफेक कटेंट तुरंत हटाएं, Meta-Google को हाई कोर्ट का नोटिस धर्मनिरपेक्षता के अनुरूप नहीं उन्होंने कहा वंदे मातरम के संबंध में एक बात है जिसे हमारे देश ने आम तौर पर स्वीकार किया है। वह यह है कि वंदे मातरम गीत पूरी तरह से धर्मनिरपेक्षता के अनुरूप नहीं है। जब हमने एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र बनने का निर्णय लिया, तो संविधान सभा ने स्वयं यह तय किया कि जो गीत धर्मनिरपेक्षता के अनुरूप नहीं है, उसे उस तरह से नहीं गाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके शुरुआती छंदों को गाने में कोई बुराई नहीं है। उन्होंने कहा संविधान सभा ने तय किया था कि सिर्फ़ शुरुआती कुछ लाइनें ही गाई जानी चाहिए। पंडित जवाहरलाल नेहरू समेत कई नेताओं की यही नीति थी। कांग्रेस की भी यही नीति थी। विजयन ने कहा कि मौजूदा सरकार के सत्ता में आने के बाद यह नीति बदल गई और उन्होंने कैबिनेट के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान 'वंदे मातरम' के पूरे गायन का ज़िक्र किया। यह बदलाव तब आया जब यह (UDF) सरकार सत्ता में आई। पहले ही दिन, कैबिनेट के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान 'वंदे मातरम' पूरा गाया गया। इसे भी पढ़ें: सोशल मीडिया से इथेनॉल से जुड़ा डीपफेक कटेंट तुरंत हटाएं, Meta-Google को हाई कोर्ट का नोटिस RSS की नीति और एजेंडा का हिस्सा उन्होंने कहा पूरा 'वंदे मातरम' गाना RSS की नीति और एजेंडा है। यहाँ की सरकार ने इसके सामने पूरी तरह झुकने का रवैया दिखाया। इसकी काफी आलोचना हुई। विजयन ने कहा कि यह मुद्दा तब फिर से उठा जब ऐसी खबरें आईं कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रगान के साथ-साथ वंदे मातरम भी पूरा गाया जाएगा। उन्होंने कहा अगर ऐसा है, तो यह एक गंभीर मामला है। यह RSS की नीति है; हमारे देश ने इसे स्वीकार नहीं किया है। वंदे मातरम गाने की बात आती है, तो केवल शुरुआती पंक्तियाँ ही गाई जानी चाहिए। विजयन ने कहा इसलिए, शपथ ग्रहण समारोह से लेकर मौजूदा घटनाओं तक, हम देख सकते हैं कि वे RSS के एजेंडे के सामने कितना झुक रहे हैं। अब ज़रूरत इस बात की है कि इस मामले को तुरंत ठीक किया जाए।
आजकल लगभग हर घर में डायरेक्ट-टू-होम (DTH) या केबल टीवी कनेक्शन का इस्तेमाल होता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में टीवी का मासिक रीचार्ज काफी महंगा हो गया है। अक्सर देखा जाता है कि केबल और DTH कंपनियां ग्राहकों को ऐसे बुके (Bouquet) या कॉम्बो पैक थमा देती हैं, जिनमें दर्जनों ऐसे चैनल शामिल होते हैं जिन्हें परिवार का कोई भी सदस्य कभी नहीं देखता। इन अनचाहे चैनलों के कारण हर महीने जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।ग्राहकों को इस फालतू खर्च से बचाने और पारदर्शी व्यवस्था देने के लिए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने एक विशेष पहल की है। ट्राई के नए टैरिफ आदेश (NTO) और आधिकारिक सरकारी ऐप 'TRAI Channel Selector' की मदद से अब उपभोक्ता अपनी पसंद के अनुसार केवल वही चैनल चुन सकते हैं जिन्हें वे वास्तव में देखना चाहते हैं। इस ऐप के जरिए किसी भी अनचाहे चैनल को हटाना और मासिक बिल को आधा करना बेहद आसान हो गया है।TRAI Channel Selector App क्या है और यह कैसे काम करता है?भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने देश के सभी DTH और केबल टीवी उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए 'TRAI Channel Selector' नाम से एक यूनिवर्सल मोबाइल एप्लिकेशन और वेब पोर्टल लॉन्च किया है। इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह भारत के लगभग सभी प्रमुख DTH और केबल ऑपरेटर्स को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाता है।चाहे आप टाटा प्ले (Tata Play), एयरटेल डिजिटल टीवी (Airtel Digital TV), डिश टीवी (Dish TV), वीडियोकॉन डी2एच (d2h) या सन डायरेक्ट (Sun Direct) का उपयोग कर रहे हों, आपको अलग-अलग कंपनियों के ऐप पर जाने की आवश्यकता नहीं है। इस सरकारी ऐप के जरिए आप अपने वर्तमान में चल रहे एक्टिव पैक (Active Subscription) को देख सकते हैं, उसकी कुल कीमत जांच सकते हैं और जिन चैनलों को आप नहीं देखते, उन्हें एक क्लिक में हटा सकते हैं।सरकारी ऐप के जरिए अनचाहे चैनल हटाने की पूरी स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रियायदि आप भी अपने टीवी रीचार्ज का बजट कम करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए आसान चरणों का पालन करके बिना काम के चैनलों को अपने सब्सक्रिप्शन से हटा सकते हैं:स्टेप 1: ऐप डाउनलोड करेंसबसे पहले अपने स्मार्टफोन के गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) या एप्पल ऐप स्टोर (Apple App Store) पर जाएं और 'TRAI Channel Selector App' सर्च करके डाउनलोड करें।स्टेप 2: अपने ऑपरेटर का चयन करेंऐप खोलते ही आपके सामने देश के सभी प्रमुख DTH और केबल ऑपरेटर्स की सूची दिखाई देगी। इनमें से अपने संबंधित ऑपरेटर (जैसे Tata Play, Airtel, Dish TV आदि) को चुनें।स्टेप 3: लॉगिन करेंलॉगिन करने के लिए अपने ऑपरेटर के साथ पंजीकृत मोबाइल नंबर (Registered Mobile Number - RMN), सब्सक्राइबर आईडी (Subscriber ID) या स्मार्ट कार्ड नंबर दर्ज करें। आपके मोबाइल पर एक ओटीपी (OTP) आएगा, जिसे दर्ज करके सबमिट करें।स्टेप 4: वर्तमान पैक की समीक्षा करेंलॉगिन सफल होने के बाद आपकी स्क्रीन पर वर्तमान में एक्टिव सभी चैनलों की सूची और आपका कुल मासिक रीचार्ज एमाउंट (Network Capacity Fee + Channel Price) दिखाई देगा।स्टेप 5: अनचाहे चैनल अनचेक करेंसूची में से उन चैनलों या कॉम्बो पैक्स के आगे बने टिक-मार्क (Check Box) को हटा दें जिन्हें आप नहीं देखना चाहते। यदि आपने कोई बुके पैक लिया है और उसमें से केवल कुछ ही चैनल काम के हैं, तो उस पैक को हटाकर केवल अपनी पसंद के चैनलों को 'आला-कार्टे' (A-la-carte) मोड में चुनें।स्टेप 6: नए बिल का अनुमान देखें और सबमिट करेंजैसे-जैसे आप अनचाहे चैनल हटाते जाएंगे, स्क्रीन पर आपके नए मासिक बिल का अनुमानित मूल्य घटता हुआ दिखाई देगा। अपनी पसंद के चैनल तय करने के बाद 'Optimize' या 'Submit' बटन पर क्लिक करें। आपके ऑपरेटर द्वारा कुछ ही मिनटों में आपकी नई चैनल लिस्ट अपडेट कर दी जाएगी।बुके पैक (Bouquet) बनाम आला-कार्टे (A-la-carte): जानें बचत का असली गणितअक्सर DTH कंपनियां ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कई चैनलों का एक गुच्छा यानी 'बुके पैक' बेचती हैं। कंपनियां यह दावा करती हैं कि बुके पैक में प्रत्येक चैनल सस्ता पड़ता है, लेकिन हकीकत यह होती है कि 100 चैनलों के बुके में से ग्राहक केवल 10 या 12 चैनल ही नियमित रूप से देखता है। बाकी के 88-90 चैनलों की कीमत ग्राहक बिना वजह चुका रहा होता है।ट्राई (TRAI) के नियमों के अनुसार, हर चैनल की अपनी एक तय कीमत (A-la-carte Price) होती है। यदि आपके घर में केवल न्यूज, स्पोर्ट्स या बच्चों के कुछ गिने-चुने चैनल ही देखे जाते हैं, तो पूरे बुके पैक को हटाकर केवल उन खास चैनलों को 'आला-कार्टे' (व्यक्तिगत आधार) पर चुनना बहुत अधिक फायदेमंद होता है। इससे नेटवर्क कैपेसिटी फीस (NCF) के साथ आपका कुल रीचार्ज एमाउंट काफी कम हो जाता है।DTH ऑपरेटर्स के अपने आधिकारिक मोबाइल ऐप से भी हटा सकते हैं चैनलयदि आप सरकारी ऐप का उपयोग नहीं करना चाहते, तो आप जिस DTH सर्विस का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसके आधिकारिक मोबाइल ऐप का उपयोग करके भी चैनल मॉडिफाई कर सकते हैं:टाटा प्ले (Tata Play App): ऐप में लॉगिन करें, 'Manage Packs' पर जाएं, 'Modify Pack' चुनें और जिस चैनल को हटाना है उसे ड्रॉप करके सबमिट करें।एयरटेल थैंक्स ऐप (Airtel Thanks App): DTH सेक्शन में जाएं, 'Manage Channels' पर क्लिक करें और बिना काम के चैनलों को रिमूव करें।माय डिश टीवी ऐप (My DishTV App): 'Packs and Channels' ऑप्शन में जाकर 'Edit Pack' के जरिए आसानी से चैनल जोड़ या घटा सकते हैं।टीवी का मासिक बिल आधा करने के लिए एक्सपर्ट्स के 5 बड़े सीक्रेट्सअपने टीवी रीचार्ज के खर्च को नियंत्रित रखने के लिए केवल चैनल हटाना ही काफी नहीं है, बल्कि कुछ स्मार्ट रणनीतियों को अपनाना भी जरूरी है:HD और SD चैनल का अंतर समझें: एक ही चैनल के एचडी (HD) वर्जन की कीमत एसडी (SD) की तुलना में दोगुनी या तिगुनी होती है। यदि आपके पास छोटा टीवी है या आप साधारण न्यूज/ड्रामा शो देखते हैं, तो महंगे एचडी चैनलों की जगह एसडी चैनल चुनकर पैसे बचाएं।फ्री-टू-एयर (FTA) चैनलों की सूची जांचें: दूरदर्शन और कई क्षेत्रीय/समाचार चैनल बिल्कुल मुफ्त (Free to Air) होते हैं। इनके लिए आपको कोई पे-चैनल फीस नहीं देनी होती।जरूरत पड़ने पर ही एक्टिवेट करें स्पोर्ट्स चैनल: जब कोई बड़ा क्रिकेट टूर्नामेंट या स्पोर्ट्स इवेंट चल रहा हो, तभी स्पोर्ट्स चैनल ऐड करें। इवेंट खत्म होते ही उन्हें तुरंत हटा दें।लॉन्ग-टर्म रीचार्ज प्लान्स: कई ऑपरेटर्स 6 महीने या 1 साल के रीचार्ज पर 1 से 2 महीने का एक्स्ट्रा सब्सक्रिप्शन या डिस्काउंट ऑफर करते हैं।मल्टी-टीवी कनेक्शन डिस्काउंट: यदि आपके घर में एक से ज्यादा टीवी लगे हैं, तो दूसरे टीवी कनेक्शन पर NCF चार्जेस में मिलने वाली छूट का लाभ जरूर उठाएं।
शैलेश लोढ़ा मुंबई में रहते हैं. उनका घर काफी खूबसूरत है. घर में मॉडर्न इंटीरियर के साथ-साथ कला और साहित्य की झलक भी दिखाई देती है. इसमें आराम के साथ खूबसूरती का भी पूरा ध्यान रखा गया है. घर के अंदर मां सरस्वती की भी एक विशाल मूर्ति भी है.
दुर्लभ पैंगोलिन तस्करी केस में बड़ा फैसला, आरोपी को जमानत नहीं
जबलपुर में दुर्लभ पैंगोलिन तस्करी मामले में कोर्ट ने आरोपी देवीदीन उर्फ देवा विश्वकर्मा की जमानत याचिका खारिज कर दी. STSF ने 5 किलो पैंगोलिन के शल्क, कार और बाइक जब्त की थी.
NEET UG को JEE की तर्ज पर साल में दो बार कराने और कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) लागू करने के प्रस्ताव पर एक्सपर्ट ने अपनी राय दी है. ऐसे आइए जानते हैं इस बदलाव से स्टूडेंट्स के लिए फायदे, चुनौतियां और फिजिक्स विषय को लेकर क्या चिंताएं जताई गई हैं.
अब छात्रों को IAS-IPS अफसर देंगे करियर टिप्स, योगी सरकार की नई पहल
उत्तर प्रदेश में इंटरमीडिएट छात्रों के लिए नई पहल शुरू होने जा रही है. अब हर महीने IAS, IPS और IFS अधिकारी स्कूल जाकर छात्रों को करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का मार्गदर्शन देंगे.
Sugar Price Hike 2026: बढ़ती कीमतों और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए सरकार ने स्टॉक लिमिट लागू की है।
इस गाने में मन्ना डे की जादुई आवाज ने इसे सीधे लोगों के दिलों में उतार दिया. यह गाना न सिर्फ एक आइकॉनिक सॉन्ग है, बल्कि भारतीय फिल्म संगीत का एक बेंचमार्क माना जाता है.
दीवार में छोटे विजय का किरदार निभाकर यानी अमिताभ बच्चन के बचपन का रोल कर उन्होंने खूब पॉपुलैरिटी हासिल की.
8-8-8 का महासंयोग! इन 3 तारीखों पर जन्मे लोगों के लिए लकी आज का दिन
आज तारीख 8 है. अगस्त साल का 8वां महीना है. और आज की तिथि का जोड़ (8+8+2+0+2+6= 8) भी 8 है. अंक ज्योतिष में 8 को एक्स्ट्रीम नंबर माना गया है और यह शनि का अंक होता है. संयोग से 8 का यह संयोग बना भी शनिवार के दिन ही है. इसलिए 8 मूलांक वालों के लिए यह दिन खास माना जा रहा है.
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर में शादी-विवाह के जश्न के माहौल के बीच एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने पीड़ित परिवार के साथ-साथ पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। घर में गूंज रही शहनाइयों की आवाजों के बीच जब शादी की रस्मों के लिए दुल्हन और परिवार की अन्य महिलाओं को पहनाने के लिए तिजोरी खोली गई, तो अलमारी के अंदर का मंजर देखकर सबके होश उड़ गए। अलमारी के लॉकर में रखे लगभग 25 लाख रुपये की कीमत के सोने, चांदी और हीरे के कीमती जेवरात पूरी तरह गायब थे।जिस घर में कुछ देर पहले तक ढोल-नगाड़ों की थाप पर खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां पल भर में सन्नाटा पसर गया। आनन-फानन में पूरे घर के चप्पे-चप्पे को खंगाला गया, लेकिन गहनों का कोई सुराग नहीं मिला। पीड़ित परिवार ने तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन को इस बड़ी चोरी की सूचना दी, जिसके बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई।लॉकर का ताला सलामत फिर भी गहने पार, महिला रिश्तेदार पर पुलिस का पहला शकघटना की शुरुआती जांच में पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स को जो सबसे चौंकाने वाली बात मिली, वह यह थी कि अलमारी या उसके मुख्य लॉकर के ताले के साथ कोई तोड़फोड़ नहीं की गई थी। अलमारी का ताला पूरी तरह सुरक्षित था, जिससे साफ जाहिर होता है कि चोरी की इस वारदात को किसी बाहरी चोर ने नहीं, बल्कि घर के ही किसी भेदिया ने बेहद शातिराना अंदाज में अंजाम दिया है। चोर को चाबियां कहां रखी जाती हैं, इसकी पूरी जानकारी थी।परिजनों ने पुलिस के सामने अपने ही घर में ठहरी एक करीबी महिला रिश्तेदार पर चोरी का गहरा संदेह जताया है। पीड़ित परिवार के मुताबिक, उक्त महिला रिश्तेदार पिछले कुछ दिनों से शादी के सिलसिले में उनके घर पर ही रुकी हुई थी और उसका बेडरूम तथा अलमारी वाले कमरे में लगातार आना-जाना था। परिजनों का आरोप है कि महिला रिश्तेदार ने मौका पाकर चाबियों के जरिए अलमारी खोली और 25 लाख रुपये के भारी-भरकम जेवरात पार कर दिए। जब गहनों के गायब होने की बात सामने आई, तो महिला रिश्तेदार के व्यवहार में भी अजीब सी घबराहट और हड़बड़ाहट देखी गई।फॉरेंसिक टीम ने जुटाए फिंगरप्रिंट्स, पुलिस की कई टीमें जांच में जुटींघटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स और डॉग स्क्वायड की टीम ने घटनास्थल का बारीक मुआयना किया। फॉरेंसिक टीम ने अलमारी के हैंडल, लॉकर और आसपास की जगहों से संदिग्ध उंगलियों के निशान (Fingerprints) एकत्र किए हैं। इसके अलावा, घर के आसपास और मुख्य रास्तों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि घटना के समय की हर गतिविधि को ट्रैक किया जा सके।पुलिस ने पीड़ित मकान मालिक की तहरीर के आधार पर अज्ञात तथा संदिग्ध महिला रिश्तेदार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों की शंका के आधार पर संदिग्ध महिला रिश्तेदार को हिरासत में लेकर महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में गहन पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही घर में काम करने वाले नौकरों और शादी के सिलसिले में आने-जाने वाले अन्य रिश्तेदारों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि फॉरेंसिक साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) के आधार पर मामले का बहुत जल्द खुलासा कर दिया जाएगा।शादी-विवाह और बड़े घरेलू आयोजनों में कीमती सामान की सुरक्षा के लिए जरूरी टिप्सशादी वाले घरों में मेहमानों की लगातार आवाजाही और गहनों-कैश के बार-बार इस्तेमाल के कारण चोरों और शातिर दिमाग लोगों की नजर ऐसे मौकों पर बनी रहती है। पुलिस प्रशासन और सुरक्षा विशेषज्ञों ने बड़े घरेलू कार्यक्रमों के दौरान चोरी से बचने के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है:1. चाबियों की कस्टडी सीमित रखेंअलमारी या लॉकर की चाबियां हमेशा घर के किसी एक ही जिम्मेदार व्यक्ति के पास होनी चाहिए। चाबियों को किसी ऐसे स्थान पर न छुपाएं जहां आने-जाने वाले मेहमानों या दूर के रिश्तेदारों की नजर आसानी से पड़ सके।2. बैंक लॉकर का अधिकतम इस्तेमाल करेंशादी के दिन या रस्म वाले दिन से ठीक पहले ही गहनों को बैंक लॉकर से घर लाएं। रस्म खत्म होते ही अतिरिक्त कीमती जेवरातों को घर में रखने के बजाय सुरक्षित स्थान या बैंक के लॉकर में वापस जमा करा दें।3. सीसीटीवी कैमरे और डिजिटल लॉकर का प्रयोग करेंजिस कमरे में नकदी और आभूषण रखे जाएं, उस कमरे के प्रवेश द्वार पर सीसीटीवी कैमरा जरूर लगवाएं। इसके अलावा, चाबी वाले सामान्य लॉकर के बजाय नंबर कोड या बायोमेट्रिक वाले डिजिटल सेफ का इस्तेमाल करें।4. अनजान या संदिग्ध व्यक्तियों पर पैनी नजर रखेंशादी वाले घर में कई बार अनजान लोग भी रिश्तेदार बनकर दाखिल हो जाते हैं। ऐसे में कैटरिंग स्टाफ, डेकोरेशन वर्क्स और नए मिलने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जांच करनी चाहिए।
कर्नाटक: कांग्रेस नेता के मर्डर का CCTV आया सामने, ऐसे दबोचे गए तीनों आरोपी
कर्नाटक के उडुपी जिले में कांग्रेस नेता और ठेकेदार डेविड डिसूजा की 7 अगस्त को सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने फाइनेंसियल विवाद और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के एंगल से जांच करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है. वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है.
इंसान की फितरत होती है कि वह मीठे शब्दों, झूठी तारीफों और बनावटी मुस्कान के पीछे अपनी असली नीयत को छुपाने की पूरी कोशिश करता है। कई बार हम किसी व्यक्ति पर भरोसा कर लेते हैं और बाद में धोखा खाने पर पछताते हैं। अक्सर लोग सोचते हैं कि किसी की नीयत जानने के लिए उससे तीखे सवाल पूछने पड़ेंगे या कोई इंटरव्यू लेना पड़ेगा, लेकिन मनोविज्ञान (Psychology) कहता है कि ऐसा करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।इंसान की बोली और उसके शब्द जितने झूठे हो सकते हैं, उसकी बॉडी लैंग्वेज (Body Language), बिना सोचे-समझे किए गए व्यवहार और अवचेतन मन की हरकतें उतनी ही सच्ची होती हैं। मनोविज्ञान के अनुसार, जब कोई व्यक्ति सतर्क नहीं होता, तब उसकी असली नीयत अपने आप छनकर बाहर आ जाती है। यदि आप भी अपने आसपास मौजूद दोस्तों, सहकर्मियों या रिश्तेदारों की सच्ची नीयत को बिना कोई सवाल पूछे परखना चाहते हैं, तो मनोविज्ञान के ये 5 अचूक और व्यावहारिक तरीके आपके बहुत काम आएंगे।1. अपने से कमज़ोर और वेटर/ड्राइवर के साथ उनका बर्ताव (The Waiter Test)किसी भी इंसान के चरित्र और उसकी नीयत की सबसे बड़ी कसौटी यह होती है कि वह अपने से कमज़ोर, अधीनस्थ (Subordinates) या सेवा करने वाले लोगों के साथ कैसा व्यवहार करता है। मनोविज्ञान में इसे 'द वेटर टेस्ट' (The Waiter Test) कहा जाता है।जब आप किसी व्यक्ति के साथ किसी रेस्तरां, ऑफिस या सार्वजनिक स्थान पर हों, तो ध्यान दें कि वह वेटर, सफाई कर्मचारी, सिक्योरिटी गार्ड या ड्राइवर से किस लहजे में बात करता है। जो व्यक्ति अपने बराबर या अपने से ऊंचे पद वाले लोगों से बहुत मीठा और विनम्र बनता है, लेकिन वेटर या ड्राइवर पर रोब झाड़ता है, उसे आदेश देता है या बदतमीजी से बात करता है, तो समझ जाइए कि उस इंसान की नीयत में खोट है। ऐसा व्यक्ति केवल अपने स्वार्थ के आधार पर लोगों को इज्जत देता है। जिसकी नीयत साफ और दिल सच्चा होता है, वह हर छोटे-बड़े इंसान के साथ समान आदर और संवेदनशीलता से पेश आता है।2. संकट और अचानक आई मुसीबत के वक्त उनका तात्कालिक रिएक्शनकहते हैं कि इंसान की असली पहचान तब नहीं होती जब सब कुछ ठीक चल रहा हो, बल्कि तब होती है जब अचानक कोई बड़ी मुसीबत या संकट आ खड़ा हो। जब परिस्थितियां अनुकूल होती हैं, तो हर कोई बहुत मददगार और सहृदय होने का नाटक कर सकता है। लेकिन जैसे ही कोई अचानक आपातकालीन स्थिति (Emergency) आती है या किसी का कोई बड़ा नुकसान होता है, तो इंसान के मन का नकाब उतर जाता है।बिना एक भी सवाल पूछे बस यह देखिए कि जब आपके या किसी तीसरे व्यक्ति के ऊपर अचानक कोई संकट आता है, तो उस व्यक्ति का पहला रिएक्शन क्या होता है? क्या वह तुरंत मदद के लिए आगे बढ़ता है, या फिर बहाना बनाकर खिसकने की कोशिश करता है? चालाक और मतलबी नीयत वाले लोग मुसीबत देखते ही सबसे पहले अपना बचाव ढूंढते हैं या जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं। वहीं, साफ नीयत वाले लोग बिना अपनी परवाह किए दूसरों को सहारा देने का प्रयास करते हैं।3. बॉडी लैंग्वेज और असली-नकली मुस्कान का सूक्ष्म अंतर (Micro-expressions)इंसानी चेहरा भावनाओं का आईना होता है, लेकिन ज्यादातर लोग नकली मुस्कान बिखेरने में माहिर होते हैं। हालांकि, मनोविज्ञान में 'डचेन स्माइल' (Duchenne Smile) का एक सिद्धांत है जो असली और नकली मुस्कान के अंतर को तुरंत पकड़ लेता है।जब कोई व्यक्ति दिल से खुश होता है या आपकी ओर अच्छी नीयत रखता है, तो हंसते समय उसकी आंखों के कोनों में छोटी-छोटी झुर्रियां (Crow's Feet) बनती हैं और उसके चेहरे की मांसपेशियां स्वाभाविक रूप से ऊपर उठती हैं। लेकिन अगर किसी की नीयत में खोट है या वह आपसे ईर्ष्या करता है, तो उसकी मुस्कान केवल होंठों तक सीमित रहेगी, उसकी आंखें ठंडी और भावहीन रहेंगी। इसके अलावा, जब आप किसी से बात कर रहे हों, तो उसकी बॉडी लैंग्वेज पर ध्यान दें। यदि कोई आपसे बात करते समय अपने पैर या शरीर का ऊपरी हिस्सा दूसरी तरफ मोड़कर रखता है, हाथ-पैर क्रॉस करके बैठता है, या बार-बार नजरें चुराता है, तो यह दर्शाता है कि उसकी नीयत में चोर है और वह उस बातचीत में ईमानदार नहीं है।4. दूसरों की सफलता और आपकी खुशी पर उनकी पहली प्रतिक्रियासच्चा और साफ नीयत वाला इंसान वही है जो आपकी या किसी अन्य व्यक्ति की सफलता पर दिल से खुश हो सके। किसी की असली नीयत को बिना कुछ पूछे परखने का एक बेहतरीन तरीका यह है कि जब भी आपके सामने किसी तीसरे व्यक्ति की बड़ी कामयाबी, प्रमोशन या खुशी की चर्चा हो, तो उस इंसान के चेहरे के भावों को ध्यान से देखें।ईर्ष्यालु और बुरी नीयत वाले लोग दूसरों की सफलता सुनते ही या तो चुप हो जाते हैं, या फिर उस सफलता को किस्मत का खेल बताकर कम आंकने (Devalue) की कोशिश करते हैं। कई बार वे ऊपर से तो बधाई देते हैं, लेकिन उनके चेहरे पर एक पल के लिए हताशा या कड़वाहट की लकीरें उभर आती हैं, जिन्हें माइक्रो-एक्सप्रेशन्स (Micro-expressions) कहते हैं। अगर कोई व्यक्ति दूसरों की खुशी में मुस्कुराने के बजाय उसमें कमियां ढूंढने लगे या तुरंत विषय बदलने की कोशिश करे, तो समझ लीजिए कि उसकी नीयत कभी आपके लिए भी साफ नहीं हो सकती।5. बिना किसी स्वार्थ और लेन-देन (Transactional) के मदद करने की आदतआज की दुनिया में ज्यादातर रिश्ते 'गिव एंड टेक' यानी लेन-देन के सिद्धांत पर चलने लगे हैं। लेकिन एक इंसान की असली नीयत इस बात से पता चलती है कि वह तब कैसा व्यवहार करता है जब उसे सामने वाले व्यक्ति से किसी भी तरह के फायदे या रिटर्न (Return) की उम्मीद नहीं होती।गौर करें कि क्या वह व्यक्ति केवल उन्हीं लोगों की मदद करता है जिनसे उसका कोई काम निकलने वाला है? क्या वह बिना किसी स्वार्थ के चिड़ियों को दाना डालने, आवारा पशुओं की देखभाल करने या किसी अनजान बुजुर्ग की मदद करने में रुचि दिखाता है? जो व्यक्ति बिना किसी पब्लिसिटी, कैमरे या स्वार्थ के दूसरों की भलाई करता है, उसकी नीयत सोने की तरह खरी होती है। इसके विपरीत, जो इंसान हर काम करने के बाद उसका अहसान जताता है या भविष्य में बदले की उम्मीद रखता है, उसकी नीयत में निस्वार्थ प्रेम नहीं बल्कि केवल गणित और सौदेबाजी होती है।कैसे रखें खुद को चालाक और दोहरे चरित्र वाले लोगों से सुरक्षित?जब आप इन 5 मनोवैज्ञानिक तरीकों से किसी व्यक्ति की नीयत को पहचान लें, तो आपको उससे झगड़ा करने या उसे बेनकाब करने की जरूरत नहीं है। समझदारी इसी में है कि अपनी समझ को अपने तक सीमित रखें और ऐसे लोगों से अपनी निजी जिंदगी, गुप्त योजनाएं और वित्तीय बातें शेयर करना बंद कर दें।अपनी नीयत और सोच को हमेशा साफ रखें, लेकिन दूसरों की नीयत को परखने के लिए अपनी आंखें और कान खुले रखें। भावनात्मक बुद्धिमत्ता (Emotional Intelligence) का यही तकाजा है कि आप दुनिया के सामने दयालु रहें, लेकिन किसी को अपनी मासूमियत का फायदा न उठाने दें।
सफेद बालों को काला करने के लिए मेहंदी और डाई नहीं, चाय पत्ती में मिलाकर लगा लें ये एक चीज
क्या आप भी अपने सफेद बालों से परेशान हैं, तो किचन में मौजूद चाय पत्ति में मिलाकर इस्तेमाल कर लें ये एक चीज.
करियर में ग्रोथ, बेहतर सैलरी पैकेज या अपनी पसंद के रोल के लिए जॉब चेंज (Job Switch) करना एक सामान्य प्रक्रिया है। हालांकि, नई कंपनी से मिलने वाले ऑफर लेटर और जॉइनिंग की खुशी में अक्सर कर्मचारी पुरानी कंपनी से बाहर निकलते समय जरूरी कागजी कार्रवाई में लापरवाही बरत देते हैं। कॉरपोरेट नियमों के अनुसार, जब आप किसी संस्थान को अलविदा कहते हैं, तो सही तरीके से अपना ऑफबोर्डिंग (Offboarding Process) पूरा करना और एचआर (HR Department) से अपनी सेवाओं से जुड़े तमाम दस्तावेज हासिल करना बेहद आवश्यक होता है।आजकल लगभग सभी छोटी-बड़ी कंपनियां नए कर्मचारियों को ऑनबोर्ड करने से पहले थर्ड-पार्टी एजेंसियों के जरिए बैकग्राउंड वेरिफिकेशन (Background Verification - BGV) करवाती हैं। ऐसे में यदि आपके पास पुरानी कंपनी के आधिकारिक दस्तावेज नहीं हैं, तो आपकी नई जॉइनिंग अटक सकती है, सैलरी होल्ड पर जा सकती है या भविष्य में टैक्स फाइलिंग के दौरान भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ सकता है। किसी भी कंपनी से इस्तीफा (Resignation) देने के बाद और अपनी अंतिम कार्यतिथि (Last Working Day) से पहले एचआर से मांग लेने योग्य 15 सबसे महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट्स की पूरी लिस्ट निम्नलिखित है:1. रिलीविंग लेटर (Relieving Letter)रिलीविंग लेटर आपकी पुरानी कंपनी की तरफ से जारी किया जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज है। यह इस बात का आधिकारिक प्रमाण होता है कि आपने कंपनी की नोटिस पीरियड (Notice Period) की शर्तों को नियमानुसार पूरा किया है और कंपनी ने आपको आपके पदों व दायित्वों से मुक्त कर दिया है। नई कंपनी में आपकी जॉइनिंग के समय बीजीवी (BGV) टीम सबसे पहले रिलीविंग लेटर की ही मांग करती है।2. एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट (Experience Certificate)अनुभव प्रमाण पत्र यानी एक्सपीरियंस लेटर में कंपनी में आपके कुल कार्यकाल (जॉइनिंग डेट से लेकर लास्ट वर्किंग डे तक), आपके पद (Designation) और आपके कार्य प्रदर्शन का स्पष्ट उल्लेख होता है। भविष्य में जब भी आप किसी नई जगह आवेदन करेंगे, तो यह पत्र आपके कार्य अनुभव का आधिकारिक सबूत बनेगा।3. पिछले 3 से 6 महीने की सैलरी स्लिप (Salary Slips)पुरानी कंपनी से निकलने से पहले अपनी कम से कम पिछले 3 से 6 महीनों की पे-स्लिप (Pay Slips) जरूर डाउनलोड या ईमेल पर मंगवा लें। सैलरी स्लिप में आपकी बेसिक सैलरी, अलाउंस, टैक्स कटौती और पीएफ योगदान का विस्तृत विवरण होता है। नई कंपनी में सैलरी हाइक की बातचीत (Salary Negotiation) और इन-हैंड सैलरी तय करने में यह प्राथमिक दस्तावेज माना जाता है।4. फॉर्म 16 और टीडीएस सर्टिफिकेट (Form 16 / TDS Certificate)इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने के लिए फॉर्म 16 बेहद अनिवार्य है। आपकी पुरानी कंपनी ने आपकी सैलरी से जो भी टीडीएस (TDS) काटा है, उसका पूरा हिसाब-किताब फॉर्म 16 के पार्ट-ए और पार्ट-बी में दर्ज होता है। यदि आप साल के बीच में नौकरी बदलते हैं, तो नई कंपनी को अपना पिछला टीडीएस रिकॉर्ड दिखाने और दोहरे टैक्स से बचने के लिए फॉर्म 16 की सख्त जरूरत पड़ती है।5. फुल एंड फाइनल (F&F) सेटलमेंट स्टेटमेंटफुल एंड फाइनल सेटलमेंट शीट में आपकी बची हुई सैलरी, बची हुई छुट्टियों का पैसा (Leave Encashment), पेंडिंग बोनस, ग्रेच्युटी और कंपनी द्वारा काटे गए किसी भी प्रकार के डिडक्शन का विस्तृत हिसाब होता है। एचआर से यह लिखित स्टेटमेंट जरूर लें ताकि आपको पता रहे कि आपके खाते में कितना पैसा आना बाकी है या कोई कटौती किस आधार पर की गई है।6. यूएएन (UAN) और पीएफ अकाउंट डिटेल्स (PF Account Details)भविष्य निधि (Provident Fund) का पैसा सुरक्षित ट्रांसफर करने के लिए आपके पास अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) और पुरानी कंपनी की पीएफ मेंबर आईडी (PF Member ID) होना जरूरी है। हालांकि यूएएन एक ही रहता है, लेकिन पुरानी कंपनी द्वारा आपके पीएफ खाते में अंतिम योगदान और 'डेट ऑफ एग्जिट' (Date of Exit) की सही एंट्री दर्ज की गई है या नहीं, इसका दस्तावेज या पासबुक कॉपी जरूर चेक कर लें।7. नो ऑब्जेक्शन / नो ड्यूज सर्टिफिकेट (NOC / No Dues Certificate)नो ड्यूज सर्टिफिकेट इस बात का प्रमाण है कि पुरानी कंपनी के किसी भी विभाग (आईटी, एडमिन, फाइनेंस, एचआर) का आप पर कोई बकाया नहीं है। कंपनी के लैपटॉप, एक्सेस कार्ड, पेनड्राइव या कोई अन्य एसेट जमा करने के बाद सभी विभागों के साइन वाला नो ड्यूज फॉर्म अपने पास संभालकर रखें, ताकि भविष्य में कोई वित्तीय या कानूनी विवाद न खड़ा हो।8. कंपनी एसेट्स सरेंडर रसीद (Asset Return Acknowledgment)ऑफिस छोड़ते समय जब आप कंपनी का लैपटॉप, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, आईडी कार्ड या वाहन जमा करते हैं, तो आईटी और एडमिन विभाग से उसकी लिखित रसीद या ईमेल एक्नॉलेजमेंट (Acknowledgment) जरूर लें। कई बार एसेट खोने या डैमेज होने के झूठे दावों के कारण कर्मचारियों का एफ़ एंड एफ़ सेटलमेंट रोक दिया जाता है, जिससे यह रसीद आपको बचाती है।9. ग्रेच्युटी क्लेम फॉर्म और स्टेटमेंट (Gratuity Statement)यदि आपने किसी एक कंपनी में लगातार 4 साल 240 दिन या 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया है, तो आप पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट के तहत ग्रेच्युटी के हकदार बन जाते हैं। एचआर से ग्रेच्युटी कैलकुलेशन शीट और क्लेम फॉर्म का स्टेटस जरूर मांग लें, ताकि आपके बैंक खाते में सही राशि ट्रांसफर हो सके।10. अप्रेजल लेटर और इंक्रीमेंट लेटर्स (Appraisal & Increment Letters)आपकी पुरानी कंपनी में समय-समय पर हुए अप्रेजल, प्रमोशन और सैलरी इंक्रीमेंट के लेटर्स आपके करियर ग्रोथ को दर्शाते हैं। नई कंपनी में अपने पिछले रिकॉर्ड को साबित करने और डेसिग्नेशन में बढ़ोतरी हासिल करने के लिए इन पत्रों की सॉफ्ट और हार्ड कॉपी पास होना काफी मददगार साबित होता है।11. ओरिजिनल ऑफर लेटर और जॉइनिंग लेटर (Offer & Joining Letter)जब आपने पुरानी कंपनी जॉइन की थी, तब आपको जो ऑफर लेटर और अपॉइंटमेंट लेटर (Appointment Letter) मिला था, उसकी कॉपी भी संभालकर रखें। बैकग्राउंड वेरिफिकेशन एजेंसियां कई बार जॉइनिंग के समय तय की गई शर्तों और आपकी शुरुआती पदस्थता की पुष्टि के लिए इन दस्तावेजों की मांग करती हैं।12. टैक्स प्रोजेक्शन शीट और इंवेस्टमेंट डिक्लेरेशन (Tax Projection Sheet)वित्त वर्ष के बीच में जॉब बदलने पर पुरानी कंपनी द्वारा तैयार की गई टैक्स प्रोजेक्शन शीट (Tax Projection Sheet) एचआर से मांग लें। इसमें दर्ज जानकारी को अपनी नई कंपनी के एचआर के साथ साझा करें, ताकि वे साल के बचे हुए महीनों में सही टैक्स कैलकुलेट कर सकें और आपकी सैलरी से अधिक टीडीएस न कटे।13. ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस पोर्टेबिलिटी/क्लोजर डॉक्यूमेंटयदि आपकी पुरानी कंपनी में आपका और आपके परिवार का कॉरपोरेट ग्रुप मेडिक्लेम (Group Health Insurance) चल रहा था, तो कंपनी छोड़ने के साथ ही वह पॉलिसी समाप्त हो जाती है। आप एचआर या इंश्योरेंस ब्रोकर से क्लोजर लेटर लेकर उस पॉलिसी को इंडिविजुअल रिटेल पॉलिसी में पोर्ट (Portability) करा सकते हैं, जिससे आपकी पुरानी वेटिंग पीरियड की अवधि बेकार नहीं जाती।14. एनपीएस (NPS / PRAN) डिटेल्सयदि आपकी पुरानी कंपनी नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में योगदान दे रही थी, तो अपना परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN Card) और कॉर्पोरेट-टू-कॉर्पोरेट शिफ्टिंग फॉर्म एचआर से प्राप्त करें। इससे आप अपने एनपीएस खाते को नई कंपनी के कॉर्पोरेट प्लान से आसानी से टैग करवा सकेंगे।15. सर्विस / आचरण प्रमाण पत्र (Conduct & Service Certificate)खासकर बैंकिंग, डिफेंस, पीएसयू (PSU), सरकारी संस्थानों या विदेशी मल्टीनेशनल कंपनियों (MNCs) में नौकरी बदलने पर कर्मचारी के आचरण और सत्यनिष्ठा (Integrity and Conduct Certificate) का प्रमाण पत्र मांगा जाता है। यह लेटर यह प्रमाणित करता है कि आपके खिलाफ कार्यकाल के दौरान कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई (Disciplinary Action) नहीं हुई थी।एचआर से बातचीत करते समय ध्यान रखने योग्य जरूरी बातेंलिखित ईमेल द्वारा अनुरोध करें: अपने पर्सनल और ऑफिशियल दोनों ईमेल आईडी से एचआर को इन सभी दस्तावेजों की सूची भेजकर लिखित में अनुरोध दर्ज कराएं।लास्ट वर्किंग डे से पहले फॉलो-अप करें: नोटिस पीरियड के दौरान ही अपने सभी क्लीयरेंस पूरे कर लें ताकि अंतिम दिन कोई कागजी अड़चन न रहे।ऑफीशियल ईमेल और पोर्टल का बैकअप लें: कंपनी छोड़ने से पहले अपने सैलरी स्लिप, फॉर्म 16 और अप्रेजल लेटर्स को अपने पर्सनल मेल या गूगल ड्राइव पर डाउनलोड करके रख लें, क्योंकि लास्ट वर्किंग डे के बाद आपका ऑफिशियल ईमेल एक्सेस बंद कर दिया जाता है।सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखें: एचआर और अपने मैनेजर के साथ हमेशा प्रोफेशनल और शांतिपूर्ण संबंध (Professional Offboarding) बनाए रखकर ही एग्जिट प्रक्रिया पूरी करें, क्योंकि भविष्य के रेफरेंस चेक (Reference Check) में उनकी फीडबैक बहुत मायने रखती है।इस्तीफा देने के बाद इन 15 दस्तावेजों को समय रहते प्राप्त कर लेने से आपका करियर ट्रांजिशन (Career Transition) बिल्कुल तनावमुक्त और सुरक्षित हो जाता है।
वास्तु शास्त्र में घर में रखी हर एक चीज का सीधा संबंध उसमें रहने वाले सदस्यों की ऊर्जा, मानसिक स्थिति और आर्थिक प्रगति से होता है। घड़ी केवल समय देखने का जरिया नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन की गति और भाग्य को भी संचालित करती है। सही स्थान पर लगी घड़ी जहां जीवन में उन्नति, सकारात्मकता और धन का आगमन लाती है, वहीं गलत दिशा में टंगी घड़ी घर की पूरी सुख-शांति को छिन्न-भिन्न कर सकती है। वास्तु नियमों के अनुसार, घर की दक्षिण दिशा (South Direction) में गलती से भी दीवार घड़ी नहीं टांगनी चाहिए।वास्तु ग्रंथों और पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, दक्षिण दिशा को यमराज (मृत्यु के देवता) और पितरों की दिशा माना गया है। यह दिशा ठहराव, गतिहीनता और नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है। जब आप दक्षिण दीवार पर घड़ी लगाते हैं, तो समय सूचक यंत्र यम की दिशा से ऊर्जा ग्रहण करने लगता है। इसका सीधा असर घर के मुखिया की सेहत और घर की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। दक्षिण दिशा में लगी घड़ी परिवार के सदस्यों की प्रगति में रुकावट पैदा करती है, व्यापार व नौकरी में नुकसान कराती है और घर में लगातार बीमारियों व तनाव का माहौल बनाए रखती है।दरवाजे के ऊपर घड़ी टांगने की न करें भूल, रुक जाता है सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाहकई लोग स्थान की कमी या सजावट के चक्कर में कमरे या मुख्य द्वार के दरवाजे के ठीक ऊपर (Above the Door) घड़ी टांग देते हैं। वास्तु की दृष्टि से यह एक गंभीर दोष माना जाता है। चाहे वह घर का मुख्य प्रवेश द्वार हो या बेडरूम का दरवाजा, दरवाजे के ऊपर घड़ी लगाने से चौखट से गुजरने वाले व्यक्ति पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव पड़ता है।जब भी कोई व्यक्ति दरवाजे के नीचे से गुजरता है, तो घड़ी से निकलने वाली समय की ऊर्जा उस व्यक्ति के औरा (Aura) को प्रभावित करती है। इससे व्यक्ति में मानसिक बेचैनी, सिरदर्द, तनाव और काम में ध्यान न लगने की समस्या पैदा होती है। इसके अलावा, दरवाजे के हिलने-डुलने से घड़ी की स्थिरता भी प्रभावित होती है, जो वास्तु के अनुसार शुभ नहीं माना जाता। इसलिए दरवाजे के ठीक ऊपर या उसके बिल्कुल सामने कभी भी घड़ी नहीं लगानी चाहिए।बंद और टूटी घड़ियां घर में लाती हैं कंगाली और बीमारियों का दौरघर में रखी बंद घड़ी या टूटा हुआ कांच प्रगति के मार्ग में सबसे बड़ा रोड़ा बनता है। वास्तु शास्त्र में बंद घड़ी को 'रुके हुए समय' का प्रतीक माना गया है। यदि आपके घर में कोई घड़ी लंबे समय से बंद पड़ी है, उसकी बैटरी खत्म हो गई है या उसकी सुइयां रुक चुकी हैं, तो उसे तुरंत ठीक करवाएं या बदल दें।घर में बंद घड़ी रखने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह रुक जाता है और व्यक्ति का जीवन भी ठहर सा जाता है। यह स्थिति आर्थिक तंगी, कर्ज वृद्धि और बनते कामों के अचानक बिगड़ने का कारण बनती है। इसी तरह, धुंधले कांच वाली या टूटी हुई घड़ी घर में वास्तु दोष उत्पन्न करती है, जिससे परिवार के सदस्यों के बीच कलह और मानसिक बीमारियां पनपती हैं। समय को हमेशा गतिमान और साफ-सुथरा रखना ही समृद्धि की चाबी है।घर में घड़ी लगाने की सबसे शुभ दिशाएं: उत्तर, पूर्व और पश्चिमयदि आप अपने जीवन में सफलता, धन-धान्य और मान-सम्मान बढ़ाना चाहते हैं, तो घड़ी को वास्तु अनुसार सही दिशा में लगाना बेहद जरूरी है:1. उत्तर दिशा (North Direction) - कुबेर का स्थान:वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर और बुद्ध ग्रह की दिशा माना गया है। उत्तर दीवार पर घड़ी लगाने से घर में धन का आगमन बढ़ता है, नए व्यावसायिक अवसर प्राप्त होते हैं और घर के बच्चों का पढ़ाई में मन लगता है। उत्तर दिशा के लिए हल्के नीले, हरे या सफेद रंग की घड़ी सबसे शुभ मानी जाती है।2. पूर्व दिशा (East Direction) - सूर्य का प्रभाव:पूर्व दिशा भगवान इंद्र और सूर्य देव की दिशा है, जो विकास, ऊर्जा और प्रसिद्धि की प्रतीक है। पूर्व दीवार पर घड़ी टांगने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, समाज में प्रतिष्ठा बढ़ती है और परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है। पूर्व दिशा के लिए लकड़ी का फ्रेम या हल्के पीले व भूरे रंग की घड़ी अत्यंत फलदायी होती है।3. पश्चिम दिशा (West Direction) - स्थिरता और संतुष्टि:यदि उत्तर या पूर्व दिशा में जगह न हो, तो आप पश्चिम दिशा का चयन कर सकते हैं। यह वरुण देव की दिशा मानी जाती है, जो जीवन में स्थिरता और अनुकूलता लाती है। पश्चिम दीवार पर गोल या ओवल (अंडाकार) आकार की घड़ी लगाना शुभ माना जाता है।घड़ी के रंग, आकार और वास्तु से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण नियमदिशा के साथ-साथ घड़ी के रंग और आकार का ध्यान रखना भी वास्तु दोष से बचने के लिए जरूरी है:आकार कैसा होना चाहिए: घर या कार्यालय के लिए गोल (Round), अंडाकार (Oval) या वर्ग (Square) आकार की घड़ियां सबसे उत्तम मानी जाती हैं। ये आकार ऊर्जा के सामंजस्य को बनाए रखते हैं। नुकीले, त्रिकोण (Triangle) या अजीबोगरीब डिजाइन वाली घड़ियों से बचना चाहिए, क्योंकि ये नकारात्मक तरंगें पैदा करती हैं।रंग का चयन: घर में गहरे काले (Black), गहरे लाल (Red) या नीले रंग की बहुत बड़ी घड़ी लगाने से बचें। लाल रंग अग्नि तत्व को दर्शाता है, जिसे गलत दिशा में लगाने से घर में बेवजह का गुस्सा और विवाद बढ़ता है।समय को हमेशा रखें आगे: वास्तु के अनुसार घड़ी के समय को कभी भी वास्तविक समय से पीछे (Slow) नहीं रखना चाहिए। घड़ी का समय हमेशा सही या 2-3 मिनट आगे (Fast) होना चाहिए। समय से पीछे चलने वाली घड़ी व्यक्ति को जीवन की दौड़ में पीछे धकेलती है।पेंडुलम वाली घड़ी: हॉल या लिविंग रूम की उत्तर या पूर्व दीवार पर पेंडुलम वाली घड़ी (Pendulum Clock) लगाना बेहद शुभ माना जाता है। इसकी ध्वनि और निरंतर गति से घर में सकारात्मक तरंगें फैलती हैं और सोई हुई किस्मत जगती है।वास्तु शास्त्र के इन छोटे लेकिन असरदार नियमों का पालन करके आप अपने घर से नकारात्मक ऊर्जा को पूरी तरह से दूर रख सकते हैं और जीवन में सुख, समृद्धि व तरक्की के द्वार खोल सकते हैं।
असम में 6 लाख रुपये की कीमत के हाथी दांत जब्त, पुलिस ने दो लोगों को किया गिरफ्तार
असम के तामुलपुर जिले में एसटीएफ ने दो लोगों को गिरफ्तार कर 6 लाख रुपये के हाथी दांत जब्त किए हैं।
सोशल मीडिया एक्स ने अपना पुराना रेवेन्यू प्रोग्राम को बंद करने का ऐलान किया है. कंपनी ने कहा है कि इसका आखिरी पेमेंट 11 सितंबर को होगा. जबकि नया प्रोग्राम शुरू होने वाला है.
90,000 पेट्रोल पंपों पर E20 ईंधन की महा-जांच, केंद्र सरकार और तेल कंपनियों ने दिया अंतिम फैसला
देश भर के वाहन चालकों और पेट्रोल पंपों पर लंबे समय से जारी ई-20 (E20 Petrol - 20% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) ईंधन की गुणवत्ता को लेकर विवाद पर आखिरकार पूर्ण विराम लग गया है। सार्वजनिक क्षेत्र की तीन प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (OMCs) – इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) के साथ-साथ केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देशव्यापी गहन जांच के बाद अपना अंतिम फैसला सार्वजनिक कर दिया है।देश भर के लगभग 90,000 खुदरा ईंधन आउटलेट्स (पेट्रोल पंपों) पर की गई विस्तृत जांच में ई-20 पेट्रोल गुणवत्ता के सभी निर्धारित मानकों पर पूरी तरह खरा उतरा है। सरकार और तेल कंपनियों ने सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में किए जा रहे पानी की मिलावट (Moisture Ingress) और अत्यधिक क्लोराइड की मौजूदगी के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि ई-20 ईंधन देश भर की गाड़ियों के लिए शत-प्रतिशत सुरक्षित है और उपभोक्ता बिना किसी हिचकिचाहट के इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।क्यों शुरू हुई थी देशव्यापी जांच? जानिए क्या थे मिलावट के दावेपिछले कुछ समय से सोशल मीडिया और कुछ उपभोक्ता संघों द्वारा यह दावा किया जा रहा था कि ई-20 पेट्रोल में इथेनॉल की अधिक मात्रा के कारण भूमिगत टैंकों में नमी और पानी जम रहा है। इसके साथ ही यह भी अफवाह फैलाई जा रही थी कि ई-20 ईंधन में क्लोराइड का स्तर कई सौ पीपीएम (PPM) तक पहुंच चुका है, जिससे वाहनों के इंजन, फ्यूल पाइप और स्पार्क प्लग में जंग (Corrosion) लग रही है और माइलेज में भारी गिरावट आ रही है।इन अफवाहों और उपभोक्ता शिकायतों का संज्ञान लेते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय और सरकारी तेल कंपनियों ने तुरंत एक्शन लिया। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के निर्देश पर एक विशेष क्रैक टीम का गठन किया गया और देश भर के डिस्टिलरी, रिफाइनरी, डिपो, टर्मिनल और पेट्रोल पंपों तक पूरी सप्लाई चेन की वैज्ञानिक जांच का आदेश जारी किया गया।लैब टेस्ट से लेकर अंडरग्राउंड टैंकों तक: ऐसे हुई E20 ईंधन की टेस्टिंगतेल कंपनियों द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, ई-20 पेट्रोल की शुद्धता परखने के लिए बहु-स्तरीय परीक्षण प्रणाली लागू की गई थी। इस राष्ट्रव्यापी जांच अभियान के तहत निम्नलिखित कड़े कदम उठाए गए:भूमिगत टैंकों का नियमित निरीक्षण: देश के लगभग 90,000 पेट्रोल पंपों पर स्थित अंडरग्राउंड फ्यूल स्टोरेज टैंकों की प्रतिदिन 8 से 12 बार अनिवार्य जांच की गई, ताकि पानी के किसी भी प्रकार के रिसाव या जमाव का पता लगाया जा सके।डिस्टिलरी टेस्ट: देश की 80 से अधिक इथेनॉल डिस्टिलरीज से लिए गए नमूनों का परीक्षण किया गया, जिनमें क्लोराइड की मात्रा 3 पीपीएम (Parts Per Million) से भी कम पाई गई।रिफाइनरी स्तर पर सैंपलिंग: रिफाइनरियों से एकत्र किए गए 100 से अधिक पेट्रोल नमूनों में क्लोराइड का स्तर केवल 1 पीपीएम या उससे नीचे पाया गया।पेट्रोल पंपों से सीधे सैंपल की जांच: देश भर के खुदरा आउटलेट्स से 160 से अधिक ई-20 पेट्रोल के यादृच्छिक (Random) सैंपल लिए गए। टेस्ट रिपोर्ट में क्लोराइड का स्तर 0 से 3 पीपीएम के बीच पाया गया, जो कि कई सौ पीपीएम के भ्रामक दावों के पूरी तरह विपरीत है।मोबाइल क्वालिटी टेस्टिंग लैब: जांच में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सचल प्रयोगशालाओं (Mobile Fuel Quality Testing Labs) को भी तैनात किया गया।पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का बयान: विवाद खड़ा करने की थी साजिशएक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ई-20 ईंधन को लेकर चल रहे भ्रम पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि देश के कुल 1,07,000 पेट्रोल पंपों पर प्रतिदिन 6 से 7 करोड़ ग्राहक ईंधन भरवाते हैं। इतने बड़े नेटवर्क में अत्यंत दुर्लभ मामलों को अपवाद मानकर पूरे इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम पर सवाल उठाना और अनावश्यक विवाद खड़ा करना पूरी तरह अनुचित है।पेट्रोलियम मंत्री ने बताया कि शिकायत पत्र मिलने से दो हफ्ते पहले ही मंत्रालय ने एहतियातन गहन जांच शुरू कर दी थी। गठित विशेष टीमों द्वारा देश भर के पेट्रोल पंपों की जांच में महज चार स्थानों पर मामूली तकनीकी त्रुटियां पाई गईं, जिन्हें तुरंत ठीक कर लिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने निर्धारित समय सीमा से 5 साल पहले ही 20% इथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य हासिल किया है, जिससे देश के अरबों रुपये के विदेशी मुद्रा भंडार की बचत हो रही है और किसानों की आय में बढ़ोतरी हुई है।क्या E20 पेट्रोल से पुरानी गाड़ियों के इंजन को होता है नुकसान? संसद में सरकार की सफाईसंसद में भारी उद्योग मंत्रालय ने लिखित जवाब दाखिल करते हुए स्पष्ट किया कि ई-20 ईंधन को भारतीय सड़कों पर उतारने से पहले ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI), सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM), इंडियन ऑयल (IOC) और देश की प्रमुख कार निर्माता कंपनियों द्वारा व्यापक लैब परीक्षण और फील्ड ट्रायल किए गए हैं।देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने वित्तीय वर्ष में अपनी वर्कशॉप में सर्विस के लिए आई 2.84 करोड़ से अधिक गाड़ियों का रीयल-वर्ल्ड डेटा विश्लेषित किया। इनमें 1.5 करोड़ से अधिक पुरानी गाड़ियां शामिल थीं। मारुति सुजुकी और टोयोटा किर्लोस्कर दोनों ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि ई-20 पेट्रोल के उपयोग से इंजन में किसी भी प्रकार का असामान्य घिसाव, जंग या पार्ट्स की खराबी का कोई मामला सामने नहीं आया है।सरकार ने यह भी दोहराया कि अप्रैल 2023 के बाद निर्मित सभी बीएस-VI फेज-2 वाहन पूरी तरह से ई-20 कंप्लायंट हैं, और ऑटोमोबाइल कंपनियां ई-20 ईंधन पर चलने वाली गाड़ियों की वारंटी (Warranty Obligations) को पूरी तरह मान रही हैं।ऑटोमोबाइल वारंटी और माइलेज पर ई-20 का क्या पड़ता है असर?उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी चिंता वाहनों के माइलेज और वारंटी को लेकर रही है। इस पर सरकार और ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों ने तकनीकी स्थिति स्पष्ट की है:माइलेज में मामूली अंतर: पुरानी गाड़ियों (अप्रैल 2023 से पहले की) में ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से माइलेज में महज 3% से 5% का सूक्ष्म अंतर आ सकता है। हालांकि, इथेनॉल का ऑक्टेन नंबर (Octane Rating) अधिक होने के कारण इंजन को बेहतर पिकअप, तेज कंबशन और सुचारू एक्सीलेरेशन मिलता है।इंजन क्लीनर के रूप में काम: इथेनॉल एक स्वच्छ ईंधन है जो इंजन के अंदर कार्बन जमने नहीं देता, जिससे इंजन की लाइफ लंबी होती है और प्रदूषण में भारी कमी आती है।वारंटी पर कोई संकट नहीं: भारतीय कार निर्माताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि मानक के अनुरूप ई-20 पेट्रोल का इस्तेमाल करने से किसी भी वाहन की वारंटी रद्द नहीं होगी।कंज्यूमर्स के लिए आगे की राह: तेल कंपनियों ने जारी किया भरोसा पत्रजांच के नतीजे आने के बाद इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने संयुक्त बयान जारी कर देश के करोड़ों वाहन चालकों को आश्वस्त किया है। OMCs ने कहा है कि ई-20 पेट्रोल की गुणवत्ता की निगरानी रिफाइनरी से लेकर पेट्रोल पंप की नोजल तक रियल-टाइम सिस्टम से की जा रही है। जांच के सभी विस्तृत आंकड़े और रिपोर्ट 'सेंटर फॉर High Technology' (CHT) की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध करा दिए गए हैं।यदि किसी ग्राहक को किसी विशेष पेट्रोल पंप पर ईंधन की गुणवत्ता को लेकर संदेह होता है, तो वह सीधे पंप पर मौजूद वाटर-इंडेक्टर पेस्ट (Water Indicator Paste) टेस्ट और डेंसिटी चेक (Density Test) की मांग कर सकता है, जो प्रत्येक पेट्रोल पंप पर निपुण कर्मचारियों द्वारा मुफ्त किया जाता है। 90,000 पेट्रोल पंपों पर हुई व्यापक जांच के बाद ई-20 पेट्रोल को पूर्णतः स्वच्छ, सुरक्षित और मानकों के अनुकूल पाया गया है। सरकार के इस अंतिम फैसले से देश के करोड़ों वाहन चालकों को बड़ी राहत मिली है।
Sukhbir Badal ने महिला आरक्षण बिल तुरंत लागू करने की मांग की, Delimitation Bill पर भी समर्थन का ऐलान
शिरोमणि अकाली दल ने शनिवार को यहां अपने वरिष्ठ नेताओं की बैठक में महिला आरक्षण बिल को तुरंत लागू करने की मांग की। बैठक के बाद SAD प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने X पर एक पोस्ट में कहा कि शिरोमणि अकाली दल को सिख गुरुओं की शिक्षाओं से प्रेरणा मिलती है, जिन्होंने महिलाओं के सम्मान, समानता और समान अधिकारों की वकालत की थी। उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने अपनी सभा में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था करके पहले ही एक मिसाल कायम की है। इसे भी पढ़ें: Jharkhand Exam Controversy: Babulal Marandi बोले- बातचीत के बहाने JPSC-JSSC मुद्दे को न भटकाए JMM सरकार बादल ने कहा कि संसद के सामने अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा के बाद, SAD ने एक निष्पक्ष और न्यायपूर्ण परिसीमन की भी मांग की, जिससे सभी राज्यों को समान प्रतिनिधित्व मिल सके। उन्होंने लिखा कि शिरोमणि अकाली दल ने उस प्रस्ताव का समर्थन किया जिसे भारत सरकार ने सदन में सभी राज्यों की सीटों में एक समान 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी के लिए पेश किया था। बादल ने पोस्ट में कहा कि पार्टी ने ज़ोर दिया कि महिलाओं के लिए आरक्षण और परिसीमन का काम तुरंत किया जाना चाहिए। इसे भी पढ़ें: Prashant Kishor संग Sunetra Pawar की भेंट से BJP में बेचैनी, महायुति में भी खलबली सरकार मौजूदा मॉनसून सत्र में विपक्षी नेताओं और NDA सहयोगियों से संपर्क करके, 2029 में विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने के लिए संविधान संशोधन बिल पास कराने की नई कोशिश कर रही है। पिछली बार के सत्र में यह संविधान संशोधन बिल पास नहीं हो पाया था। शिरोमणि अकाली दल के नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि आज हुई बैठक के बारे में मैं अभी ज़्यादा कुछ नहीं कह सकता। मैंने आपको लिए गए फैसलों के बारे में बताया है, खासकर महिला आरक्षण बिल को लागू करने और सीटों की संख्या 50 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए परिसीमन के फॉर्मूले के बारे में... शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष किसी भी मामले पर, या पंजाब के व्यापक हित में उनसे (PM से) मिल सकते हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
'एल्गोरिदम बदलने की जरूरत', डीपफेक और फर्जी खबरों पर नकेल कसने के लिए केंद्र की मेटा को दो टूक
केंद्र सरकार ने डीपफेक और फर्जी खबरों पर लगाम लगाने के लिए मेटा को अपने प्लेटफॉर्म्स के एल्गोरिदम में तुरंत सुधार करने का निर्देश दिया है।

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