यूरोप में फिर बरपेगा 'हीटवेव' का कहर, फ्रांस में 40°C तक पहुंचेगा पारा
यूरोप में इस सीजन की पांचवीं हीटवेव आने वाली है, जिससे ब्रिटेन और फ्रांस में तापमान तेजी से बढ़ने का अनुमान है. दक्षिण-पूर्वी फ्रांस में तापमान 40 डिग्री और इंग्लैंड में 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. 2026 अब तक दुनिया का तीसरा सबसे गर्म साल है.
रूस तो बहाना, भारत है निशाना! 100% US टैरिफ बिल पर बड़ा अलर्ट
Donald Trump को रूसी तेल के बड़े खरीदार देशों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने का अधिकार देने वाला बिल सीनेट में पास हो चुका है. इसे एक्सपर्ट तर्क देते हुए भारत विरोधी बता रहे हैं.
कांवड़ के साथ नानी को कंधे पर उठाया, दो भाइयों की अनोखी भक्ति, Video
गाजियाबाद से गुजर रही कांवड़ यात्रा में दो भाइयों की भक्ति और नानी के प्रति प्रेम की तस्वीर सामने आई है. हिमांशु चौहान और प्रिंस राघव अपनी नानी रूपा देवी को कंधे पर बैठाकर यात्रा कर रहे हैं. दोनों हरिद्वार से 50 लीटर गंगाजल लेकर निकले हैं. 11 अगस्त को नोएडा में भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे और परिवार की खुशहाली की कामना करेंगे.
दूसरे भाव में सूर्य ग्रहण! घर में पैसों अकाल पैदा करता है ये अशुभ योग
क्या आप जानते हैं कि कुंडली में ग्रहण योग का प्रभाव उसके भाव से पता चलता है. ग्रहण योग जब कुंडली के दूसरे भाव में बनता है, तो इसका प्रभाव व्यक्ति के धन, वाणी और पारिवारिक जीवन पर गहरा पड़ता है. दूसरा भाव संचित धन, बोलचाल और परिवार से जुड़ा होता है.
मक्का डिफेंस पैक्ट से भारत के अलावा ईरान-इजरायल एक नाव पर!
मक्का में सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' ने वैश्विक कूटनीति में नई हलचल पैदा कर दी है. नाटो की तर्ज पर बने इस गठबंधन का मुख्य उद्देश्य भले ही एक-दूसरे को सुरक्षा देना हो, लेकिन इस कदम ने इजरायल, भारत और ईरान जैसी रीजनल ताकतों को एक साथ ला खड़ा किया है.
चमोली में तमक नाला उफान पर, नया पुल बह गया- देखिए Video
चमोली में भारी बारिश से तमक नाला उफान पर आ गया. सीमा सड़क संगठन का नया लोहे का पुल बह गया. किसानों की सेब की फसल बर्बाद हुई. अभी बड़े नुकसान की खबर नहीं है.
गेहूं छोड़ चावल के आटे से बनाएं कुरकुरी पूरी, रेसिपी है बेहद आसान
Chawal Ki Puri Recipe: आपने अब तक कई तरह की पूरियां खाई होंगी लेकिन क्या कभी चावल के आटे से बनी पूरी खाई है. अगर नहीं तो आज हम आपको चावल के आटे से कुरकुरी पूरी बनाना बताएंगे, जिसे आप बेहद आसानी से बना सकते हैं.
रेवले ट्रैक पर ऐसे फंसा ट्रक, 5 मिनट में टला हादसा
एमपी के सागर में मकरोनिया-गुड़ा रेलवे फाटक पर माल से लदा ट्रक ट्रैक के बीच खराब हो गया. ट्रेन आने का खतरा देख QRF जवानों ने तेजी दिखाते हुए करीब 5 मिनट में ट्रक को ट्रैक से हटाया और संभावित बड़ा रेल हादसा टाल दिया. फिलहाल रेलवे की ओर से कोई आवेदन नहीं मिला है. आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
स्वतंत्रता दिवस 2026: पहली बार लाल किले की प्राचीर से गाया जाएगा 'वंदे मातरम'
स्वतंत्रता दिवस 2026 पर पहली बार लाल किले की प्राचीर से 'वंदे मातरम' गाया जाएगा, जिसकी अगुवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।
संसद में कंगना का टशन, लाखों के बैग-घड़ी, छाए साड़ी लुक्स
हाल ही में कंगना संसद में लग्जरी लुक में दिखाई दीं. उनका लुक सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. कंगना की साड़ी से लेकर उनके बैग और घड़ी पर हर किसी की नजरें टिकी रह गईं.
एफसीआरए-परिसीमन बिल पर फंसा पेंच, क्या विपक्ष से समझौता करेगी मोदी सरकार?
संसद के मॉनसून सत्र के आखिरी तीन दिनों में एफसीआरए और परिसीमन बिल पर सरकार की रणनीति अहम होगी। विपक्ष से चर्चा और संभावित ‘गिव एंड टेक’ पर नजर।
पुरानी पेंशन स्कीम लागू होगी या नहीं? संसद में सरकार ने दिया जवाब
पुरानी पेंशन स्कीम को लेकर केंद्र सरकार ने संसद में अपना रुख साफ कर दिया है. सरकार ने OPS से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब दिए, जिससे कर्मचारियों और राज्यों के लिए तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट हो गई.
बैरिकेड टूटे, वॉटर कैनन चला, खियांग्ते गिरफ्तार
रांची में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर छात्रों का आंदोलन सोमवार को उग्र हो गया। सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच करीब 5 घंटे चली बातचीत बेनतीजा रहने के बाद छात्रों ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया। विधानसभा की ओर बढ़े छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़ी और आगे बढ़ने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वॉटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। इसी दौरान प्रदर्शनकारी छात्र राष्ट्रगान गाते नजर आए।
कौन हैं गिरफ्तार हुए JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते? IAS अफसर की विवादों की लंबी फेहरिस्त
एल. खांग्याते ने 22 जुलाई 2026 को JPSC अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उनका कहना था कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उन्होंने स्वेच्छा से पद छोड़ा। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया था।
चलती कार पर गिरी चट्टान, मौत को छूकर निकला बाइक सवार
जाको राखे साइयां, मार सके न कोय'... सोशल मीडिया पर वायरल यह वीडियो इस कहावत को सच साबित करता नजर आता है. पहाड़ से अचानक गिरी विशाल चट्टान ने एक कार को अपनी चपेट में ले लिया, लेकिन ठीक आगे चल रहा बाइक सवार महज कुछ इंच और कुछ सेकंड के अंतर से बच निकला. पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हो गई.
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को उस तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता के परिजनों से मुलाकात की, जिसकी उत्तर 24 परगना के हलिसहर पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। वहीं, पत्रकारों से बातचीत के दौरान पूरे मामले में पुलिस की लापरवाही स्वीकार की। सुवेंदु अधिकारी मौजूदा समय में गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मामले में जांच अधिकारी को निलंबित कर दिया गया और हालीशहर पुलिस स्टेशन के एसएचओ को पुलिस लाइन भेज दिया गया।
तमिलनाडु के एक छोटे से शहर से निकलकर 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की डेयरी कंपनी खड़ी करने वाले मिल्की मिस्ट (Milky Mist) के संस्थापक सतीश कुमार टी. की कहानी बेहद प्रेरणादायक है. 16 साल की उम्र में स्कूल छोड़कर सिर्फ 10 किलो पनीर बेचने से अपना सफर शुरू करने वाले सतीश कुमार अब अपनी कंपनी का 1,553 करोड़ रुपये का आईपीओ (IPO) लेकर आ रहे हैं. जानिए उनके संघर्ष, वैल्यू एडेड डेयरी विजन और सफलता का पूरा गणित.
अब हमारी शर्तें पूरी होने के बाद ही खुलेगा होर्मुज, अमेरिका के सामने अड़ा ईरान
ईरान ने कहा है कि अमेरिका की शर्तें पूरी होने तक होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला जाएगा. ईरान अमेरिका से नाकाबंदी हटाने, युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा देने, आर्थिक प्रतिबंध हटाने और जब्त संपत्तियां जारी करने की मांग कर रहा है.
कांवड़ियों पर बुलडोज़र से ऐसे बरसे 61 किलो फूल
कांवड़ यात्रा 2026 के दौरान मेरठ के सिवाया टोल प्लाजा पर कांवड़ियों का अनोखे अंदाज में स्वागत हुआ. बुलडोजर से करीब 61 किलो फूलों की पुष्प वर्षा की गई. इस दौरान ‘बोल बम’ के जयकारे गूंजे और कांवड़ियों को जलपान भी कराया गया. सिवाया टोल प्लाजा पर हुए इस आयोजन के वीडियो भी लोगों ने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किए
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खिलाफ बायोमेडिकल वेस्ट निपटान नियमों का पालन न करने पर कार्रवाई करेगा।
कुमार संगाकारा को लेकर इरफान पठान ने किया बड़ा खुलासा
2005 के दिल्ली टेस्ट में इरफान पठान और कुमार संगाकारा के बीच हुई तीखी स्लेजिंग का किस्सा फिर चर्चा में है. पठान ने बताया कि संगाकारा ने निजी और पारिवारिक टिप्पणियां कीं, जिसके बाद मैदान पर दोनों के बीच जबरदस्त बहस हुई.
कहां पहुंची है सरकार और मेटा की बातचीत, किन मुद्दों पर फंसा हुआ है पेंच
पेपरलीक के विरोध में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच कुछ सोशल मीडिया पोस्ट पर विवाद हो गया था. मेटा ने पीएम मोदी का एक वीडियो हटा दिया था. उसने इसे तकनीकी गलती बताते हुए माफी मांगी थी. मेटा और सरकार में सोशल मीडिय पर कंटेट को लेकर बातचीत चल रही है.
15 अगस्त को राष्ट्रगान से पहले वंदे मातरम, Gen Z-युवा शक्ति पर फोकस
80वें स्वतंत्रता दिवस पर युवा शक्ति और Gen Z को केंद्र में रखा गया है. वंदे मातरम राष्ट्रगान से पहले गाया जाएगा. ओलंपियाड विजेताओं सहित युवा उपलब्धियों का सम्मान होगा.
हर महिला के लिए एक जैसा गर्भनिरोधक सही नहीं होता. स्मोकिंग, ड्रिंकिंग या मल्टीपल पार्टनर होने पर हार्मोनल गर्भनिरोधक से जुड़े जोखिम बढ़ सकते हैं। जानें एक्सपर्ट की सलाह और बेहतर विकल्प.
स्वतंत्रता समारोह: पहली बार लाल किले की प्राचीर से बजेगा वंदे मातरम, वायुसेना की भी खास तैयारी
बताया जा रहा है कि भारतीय वायुसेना का हेलीकॉप्टर एक बड़ा ध्वज भी लेकर उड़ने वाला है, जो वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने को दर्शाएगा.
रणबीर और अरुण गोविल से भी आगे थे ये एक्टर: 9 बार बड़े पर्दे पर बने राम, लोग करते थे तस्वीरों की पूजा
भारतीय सिनेमा में भगवान राम और रामायण की गाथाओं का क्रेज हमेशा से सिर चढ़कर बोलता रहा है। आने वाली बड़ी फिल्मों और टीवी के लोकप्रिय चेहरों के बीच आज भी रामानंद सागर की 'रामायण' के अरुण गोविल और आने वाले वक्त में रणबीर कपूर के राम अवतार की चर्चा जोरों पर रहती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनसे कई दशक पहले एक ऐसा दिग्गज अभिनेता भी हुआ था, जिसने बड़े पर्दे पर एक-दो बार नहीं बल्कि पूरे 9 बार भगवान राम की भूमिका निभाकर ऐसा इतिहास रचा था कि लोग उनकी तस्वीरों के कट-आउट निकालकर अपने घरों में उनकी पूजा किया करते थे।कौन थे सिल्वर स्क्रीन के पहले आदर्श राम प्रेम अदीब10 अगस्त 1917 को जन्मे दिवंगत अभिनेता प्रेम अदीब (Prem Adib) अपने दौर के बेहद मशहूर और चहेते सितारे थे, जिन्हें मुख्य रूप से 'सिल्वर स्क्रीन के आदर्श राम' के तौर पर अमर पहचान मिली। उनके अभिनय में एक ऐसी सादगी और दिव्यता थी कि दर्शक उन्हें सचमुच भगवान का रूप मानने लगे थे। उनके इस ऐतिहासिक और स्वर्णिम सफर की शुरुआत साल 1942 में निर्देशक विजय भट्ट की फिल्म 'भरत मिलाप' से हुई थी, जिसमें उनके काम ने जनता के दिलों में अमिट छाप छोड़ दी।महात्मा गांधी ने भी देखी थी उनकी ऐतिहासिक फिल्म 'राम राज्य''भरत मिलाप' की अपार सफलता के बाद निर्देशक विजय भट्ट ने 1943 में अपनी अगली फिल्म 'राम राज्य' में एक बार फिर प्रेम अदीब को भगवान राम के मुख्य किरदार में कास्ट किया। भारतीय सिनेमा के इतिहास में 'राम राज्य' के नाम एक अनोखा और ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज है, क्योंकि यह देश की एकमात्र ऐसी फिल्म है जिसे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने खुद सिनेमाघर में देखा था। इस फिल्म की सफलता ने प्रेम अदीब की लोकप्रियता को देश के कोने-कोने तक पहुंचा दिया।9 बार निभाया राम का किरदार और शोभना समर्थ के साथ बनाई सुपरहिट जोड़ीदशकों पहले जब पौराणिक फिल्मों का दौर परवान चढ़ रहा था, तब दर्शक पर्दे पर सिर्फ प्रेम अदीब को ही राम के रूप में देखना पसंद करते थे। उन्होंने अपने शानदार करियर में 'रामबाण', 'राम विवाह', 'राम नवमी', 'राम हनुमान युद्ध', 'राम लक्ष्मण', 'राम भक्त विभीषण' और साल 1954 में आई फिल्म 'रामायण' सहित कुल 9 बार सिल्वर स्क्रीन पर भगवान राम का किरदार जीवंत किया। उस दौर में अभिनेत्री शोभना समर्थ के साथ उनकी राम और सीता की जोड़ी इतनी ज्यादा लोकप्रिय हो गई थी कि फैंस उनके पोस्टर और कट-आउट निकालकर उनकी बाकायदा पूजा तक करने लगे थे।बेहद कम उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए थे लीजेंड्री एक्टरसिनेमा जगत को अपनी अद्भुत कला और सादगी से सींचने वाले प्रेम अदीब का जीवन बहुत लंबा नहीं रहा। महज 42 वर्ष की कम उम्र में ही ब्रेन हैमरेज के कारण 1959 में उनका अचानक निधन हो गया, जिससे भारतीय फिल्म इंडस्ट्री ने एक ऐसा अनमोल सितारा हमेशा के लिए खो दिया। आज भले ही बड़े पर्दे पर राम के किरदार के कई नए आयाम गढ़े जा रहे हैं, लेकिन 40 और 50 के दशक में प्रेम अदीब ने जो दीवानगी और श्रद्धा हासिल की थी, उसकी मिसाल आज भी सिनेमाई इतिहास में अद्वितीय मानी जाती है।
पीटीआई और जेएएसी के बहिष्कार के बीच पीओके विधानसभा चुनाव संपन्न हुए, जिसकी भारत ने कड़ी निंदा की।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में विवादास्पद विधानसभा चुनाव सोमवार को अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर गए हैं। व्यापक जन बहिष्कार, तीव्र नागरिक विरोध प्रदर्शन और पूरे क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते ये चुनाव प्रभावित हुए हैं। इस्लामाबाद की प्रशासनिक चालों से उपजे भारी राजनीतिक तनाव के बीच मतदान हो रहा है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीक्ष्ण ध्यान आकर्षित किया है और नई दिल्ली ने चुनावी प्रक्रिया की वैधता को लेकर कड़ी राजनयिक निंदा की है।पीटीआई और जेएएसी के बहिष्कार से अंतिम मतदान चरण पर संकट मंडरा रहा है।इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की पीओजेके इकाई और प्रतिबंधित संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) द्वारा पूर्ण चुनाव बहिष्कार के आह्वान के बावजूद अंतिम चरण का मतदान जारी है। स्थानीय मानवाधिकार समूहों और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सत्ताधारी राजनीतिक व्यवस्था तथा सैन्य नेतृत्व के बीच सीधे टकराव के कारण पूरे क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। नागरिक प्रदर्शनकारियों पर भारी दमनकारी कार्रवाई ने एक अस्थिर माहौल बना दिया है, जिसके चलते पूरी चुनावी प्रक्रिया की व्यापक आलोचना हो रही है।भारत ने पीओके चुनावों को एक खोखला दिखावा करार दिया।इन घटनाक्रमों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, भारत के विदेश मंत्रालय ने अवैध रूप से कब्जे वाले क्षेत्र में चल रहे विधानसभा चुनावों को पूरी तरह से दिखावा बताया। इस्लामाबाद की कठोर नीतियों और स्थानीय विरोध प्रदर्शनों के हिंसक दमन की निंदा करते हुए, जिसमें कथित तौर पर 90 नागरिकों की जान गई, नई दिल्ली ने इस क्षेत्र पर अपने सैद्धांतिक रुख को दोहराया। साथ ही, पीटीआई की पीओजेके शाखा ने औपचारिक रूप से चुनावी प्रक्रिया को असंवैधानिक, अनुचित और स्थानीय जनता की सच्ची लोकतांत्रिक आकांक्षाओं से पूरी तरह से अलग घोषित किया।हफ्तों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों और मीडिया सेंसरशिप ने चुनावों पर ग्रहण लगा दिया है।मौजूदा मतदान चरण जेएएसी के नेतृत्व में हफ्तों से चल रहे अथक आंदोलनों के बाद हो रहा है, जो पाकिस्तानी कब्जे में रह रहे निवासियों के लिए विस्तारित राजनीतिक अधिकारों, आर्थिक स्वायत्तता और प्रशासनिक राहत की पुरजोर मांग कर रहा है। ये चुनाव इस्लामाबाद प्रशासन द्वारा लगाए गए सख्त सूचना प्रतिबंध, मीडिया पर पाबंदियों और कड़े प्रतिबंधों के बीच कराए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पों ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है, जबकि अनुमानों से संकेत मिलता है कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) को विधायिका में बहुमत प्राप्त होने और एक दशक बाद राजनीतिक वापसी करने का प्रबल अवसर है।
CINTAA अध्यक्ष पर लगे आरोप, क्यों 11 सदस्यों ने छोड़ा एसोसिएशन?
फिल्म और टेलीविजन कलाकार संघ (CINTAA) से 11 मेंबर्स ने इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद ये कमिटी भंग हो गई है. वहां की जनरल सेक्रेटरी उपासना सिंह ने इस बात को कंफर्म करते हुए सबके इस्तीफे का कारण बताया है. जिन्होंने भी इस कमिटी को छोड़ा है उन्होंने पद्मिनी कोल्हापुरे और पूनम ढिल्लों पर बड़े आरोप लगाए हैं. जानें क्या है पूरा मामला...
1 कप बेसन से घर पर बनाएं हलवाई स्टाइल मैसूर पाक, नोट करें रेसिपी
Mysore Pak Recipe: अगर आपको भी मिठाई खाने का शौक है और हर बार बाजार से मिठाई खरीदने के बजाय घर पर कुछ नया बनाना चाहते हैं तो मैसूर पाक ट्राई कर सकते हैं. ये फेमस साउथ इंडियन स्वीट डिश है. आज हम आपको इसे घर पर बनाने की आसान रेसिपी बताएंगे.
सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) से जुड़ी एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। संस्था की कार्यप्रणाली और फैसलों से असंतुष्ट होकर CINTAA के 8 प्रमुख कार्यकारी सदस्यों ने अपने पदों से अचानक इस्तीफा दे दिया है। इन सभी सदस्यों ने संस्था की प्रेसिडेंट और मशहूर अभिनेत्री पूनम ढिल्लन तथा सीनियर वाइस प्रेसिडेंट पद्मिनी कोल्हापुरे के कामकाज के तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इस बड़े इस्तीफे के बाद से मनोरंजन जगत और कलाकारों के इस प्रतिष्ठित संगठन में हड़कंप मच गया है।मुकेश ऋषि और पुनीत इस्सर समेत इन 8 दिग्गज कलाकारों ने छोड़े पदहाल ही में हुए CINTAA चुनावों के दौरान कुल 11 सदस्यों को विभिन्न पदों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन अब इनमें से 8 सदस्यों के एक साथ इस्तीफा देने से संस्था की आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। इस्तीफा देने वाले दिग्गजों में मुकेश ऋषि, हेमंत पांडे, साहिल चड्ढा, हेतल परमार, पुनीत इस्सर, विंदु दारा सिंह, दीपक पराशर और विकाश वर्मा के नाम शामिल हैं। इन सभी ने मिलकर एक साझा इस्तीफा पत्र सौंपा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि एसोसिएशन का पूरा कामकाज अब चुनिंदा लोगों और मुख्य पदाधिकारियों के इर्द-गिर्द ही सिमट कर रह गया है। असंतुष्ट सदस्यों ने संस्था में पारदर्शिता लाने के लिए दोबारा चुनाव कराने की मांग की है।मनमाने फैसले लेने और पद के दुरुपयोग का लग रहा है आरोपइस्तीफा देने वाले सदस्यों ने प्रेसिडेंट पूनम ढिल्लन पर सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि वे बिना किसी से सलाह-मशविरा किए कई बड़े और महत्वपूर्ण फैसले ले रही हैं। यही नहीं, संगठन के आधिकारिक और जरूरी संदेशों को भेजने के लिए संस्थागत ईमेल की बजाय व्यक्तिगत ईमेल आईडी का इस्तेमाल किए जाने पर भी आपत्ति जताई गई है। सदस्यों का कहना है कि CINTAA जैसे बड़े मंच पर सभी की सहमति और सामूहिक चर्चा के बिना निर्णय लेना संस्था के नियमों और हितों के खिलाफ है, जिससे कलाकारों के बीच भारी नाराजगी है।कलाकारों के हितों के लिए जानी जाने वाली संस्था में गहराया संकटCINTAA हमेशा से देश भर के कलाकारों, एक्टर्स और टीवी कलाकारों के अधिकारों और हितों की रक्षा करने वाली अग्रणी संस्था रही है। लेकिन मौजूदा विवाद और सामूहिक इस्तीफे ने इसके प्रशासनिक ढांचे पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारों का मानना है कि इस आंतरिक कलah को सुलझाने और संस्था की साख को बनाए रखने के लिए जल्द ही कोई बड़ा कदम उठाना पड़ेगा। स्थिति को देखते हुए यह कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में CINTAA के पदों पर नए सिरे से चुनाव कराए जा सकते हैं।
क्या राजनीति के अगले नेता होंगे Startup Founders?
क्या भारतीय राजनीति में ‘स्टार्टअप मॉडल’ की एंट्री हो चुकी है? दशकों तक भारतीय राजनीति का फॉर्मूला जाति, धर्म, खानदानी विरासत और मजबूत संगठन के आसपास घूमता रहा। लेकिन अब प्रशांत किशोर, तमिलनाडु के सीएम विजय और के. अन्नामलाई जैसे चेहरे राजनीति को एक नए तरीके से बनाने की कोशिश करते दिख रहे हैं।
अमृतसर में ड्रग्स और हथियार तस्करी के दो बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़
अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने ड्रग्स और अवैध हथियारों के दो बड़े क्रॉस-बॉर्डर नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. इस दौरान पुलिस ने 7 आरोपी गिरफ्तार किए है. साथ ही 10 पिस्टल, 1.054 किलो हेरोइन, 5 कारतूस और ड्रोन बरामद किया गया है. पढ़ें पूरी कहानी.
स्लोवेनिया में खालिस्तानियों की कायराना हरकत: भारतीय दूतावास को बनाया निशाना, भारत ने की कड़ी निंदा
स्लोवेनिया की राजधानी लजुब्लजा में स्थित भारतीय दूतावास परिसर को भारत-विरोधी और खालिस्तानी समर्थकों द्वारा नुकसान पहुंचाए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना पर भारत के विदेश मंत्रालय ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है। मंत्रालय ने दो टूक कहा है कि वियना कन्वेंशन के तहत किसी भी देश में स्थित राजनयिक परिसरों की सुरक्षा करना वहां की सरकार की अनिवार्य जिम्मेदारी है और उनके उल्लंघन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।स्लोवेनियाई सरकार से की गई दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांगविदेश मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में इस बात पर जोर दिया गया है कि भारत ने इस गंभीर मामले को नई दिल्ली और लजुब्लजा दोनों ही स्तरों पर स्लोवेनियाई अधिकारियों के साथ बेहद सख्ती से उठाया है। भारत ने स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि इस दूतावास परिसर को नुकसान पहुंचाने और इसकी रूपरेखा बिगाड़ने में शामिल सभी असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ त्वरित और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।दीवारों पर लिखे गए थे आपत्तिजनक नारे और भारत-विरोधी संदेशमिली जानकारी के अनुसार, स्लोवेनिया की राजधानी ल्युब्ल्याना में कुछ भारत-विरोधी और खालिस्तानी समर्थकों ने सुनियोजित तरीके से भारतीय दूतावास के बाहर हंगामा किया। इन उपद्रवियों ने दूतावास परिसर की दीवारों और बाहर लगे साइनबोर्ड्स पर आपत्तिजनक सामग्री और भारत-विरोधी नारे लिख दिए थे। इस तरह की हरकतों का मकसद दोनों देशों के बीच सौहार्द को बिगाड़ना और नफरत फैलाना है, जिसकी वैश्विक स्तर पर भी आलोचना की जा रही है।विदेश मंत्रालय ने वैश्विक एजेंसियों से नफरत फैलाने वाले दुष्प्रचार के प्रति रहने को कहा सतर्कविदेश मंत्रालय ने केवल स्लोवेनिया ही नहीं, बल्कि अन्य देशों की कानून प्रवर्तन और सुरक्षा एजेंसियों से भी अपील की है कि वे ऐसे कट्टरपंथी समूहों द्वारा चलाए जा रहे नफरत भरे प्रचार और फर्जी सूचनाओं के जाल से सतर्क रहें। मंत्रालय का मानना है कि ये समूह जानबूझकर गलत जानकारी फैलाकर शांति और कानून व्यवस्था को बाधित करने की कोशिश करते हैं, जिस पर समय रहते लगाम कसना बेहद जरूरी है।
हैदराबाद में दिल दहला देने वाला हादसा: रॉन्ग साइड से आ रही SUV ने बाइक को कुचला, पूर्व सैनिक की मौत
देश के तेलंगाना राज्य की राजधानी हैदराबाद में रफ्तार का कहर एक बार फिर देखने को मिला है। शहर के हाइडरशाकोट इलाके में सोमवार सुबह एक तेज रफ्तार एसयूवी (SUV) कार ने गलत दिशा (Wrong Side) से आकर तीन मोटरसाइकिल सवारों को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण सड़क हादसे में 47 वर्षीय पूर्व सैनिक की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका नजदीकी अस्पताल में इलाज जारी है।रॉन्ग साइड से आई गाड़ी ने ली पूर्व सैनिक की जानहादसा सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे का बताया जा रहा है। नरसिंगी पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर डी. विष्णु वर्धन रेड्डी के अनुसार, हाइडरशाकोट क्षेत्र में विपरीत दिशा से आ रही एक अनियंत्रित एसयूवी ने तीन बाइकों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में घायल हुए तीनों बाइक सवारों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने 47 वर्षीय रविंदर को मृत घोषित कर दिया। मृतक रविंदर भारतीय सेना में सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुए थे और इस अचानक हुए हादसे से उनके परिवार में मातम छा गया है।कार छोड़कर फरार हुआ ड्राइवर, पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेजदर्दनाक सड़क दुर्घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ड्राइवर मौके से कुछ ही दूरी पर अपनी एसयूवी कार छोड़कर फरार होने में कामयाब रहा। शुरुआती पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि दुर्घटना के वक्त कार के अंदर दो लोग सवार थे। पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि हादसे के समय गाड़ी वास्तव में कौन चला रहा था। इसके लिए घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज को बारीकी से खंगाला जा रहा है ताकि आरोपियों की पहचान कर जल्द से जल्द उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।क्रांति गौड़ के नाम पर रजिस्टर्ड है एसयूवी, पहले से दर्ज हैं कई चालानपुलिस की शुरुआती जांच में यह खुलासा हुआ है कि जिस एसयूवी कार से यह हादसा हुआ, वह बी. क्रांति गौड़ के नाम पर रजिस्टर्ड है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस वाहन पर तेज रफ्तार और गलत पार्किंग को लेकर पहले से ही तीन ट्रैफिक चालान बकाया चल रहे थे। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दुर्घटना के समय ड्राइवर ने शराब पी रखी थी या नहीं। नरसिंगी पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश के साथ-साथ आगे की कानूनी कार्रवाई तेजी से की जा रही है।
राजेश खन्ना के दोस्त रहे इस एक्टर ने भोजपुरी सिनेमा में ऐसा नाम कमाया कि आज तक उनका बनाया रिकॉर्ड कोई नहीं तोड़ पाया.
एयरपोर्ट में निकाली 21 लाख सैलरी वाली सरकारी नौकरी, 389 पदों पर आवेदन शुरू, जानिए यहां फुल डिटेल
उम्मीदवारों को एप्लीकेशन जमा करने से पहले भर्ती का ऑफिशियल नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ना चाहिए और यह पक्का करना चाहिए कि सभी जानकारी और डॉक्यूमेंट सही हों.
ईरान में बिरयानी भी बनती है बासमती से, सबसे ज्यादा भारत से खरीदता
India Iran Trade: बड़े पैमाने पर दावतों, रेस्टोरेंट और ईरानी रसोई में भारतीय 1121 बासमती चावल का उपयोग किया जाता है. भारतीय बासमती चावल का लंबा दाना, सुगंध और पकने के बाद न चिपकना ईरानी कुजीन के लिए आदर्श माना जाता है.
कांग्रेस गठबंधन द्वारा शासित राज्य केरल में वंदे मातरम् पूरा गाने के निर्देश पर विवाद खड़ा हो गया है। इस कारण VD सतीशन के नेतृत्व वाली सरकार दबाव में आ गई है। कांग्रेस के एक नेता ने ये तक कह दिया है कि भले ही उन्हें गोली मार दी जाए वे पूरा वंदे मातरम् नहीं गाएंगे।
कुछ लोग तो जश्न मनाने लगे…अकाली दल संग BJP का गठबंधन होगा कि नहीं? हरियाणा CM का चौंकाने वाला जवाब
मुख्यमंत्री सैनी ने पंजाब की वर्तमान आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के मामले में भगवंत मान सरकार ने कांग्रेस को भी पीछे छोड़ दिया है।
देश के विभिन्न न्यायाधिकरणों (Tribunals) के अध्यक्षों और सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, कुशल और स्वतंत्र बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को लोकसभा में न्यायाधिकरण सुधार विधेयक 2026 को भारी हंगामे के बीच पारित कर दिया गया। विधि और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा सदन में पेश किए गए इस महत्वपूर्ण विधेयक का मुख्य उद्देश्य न्यायाधिकरणों की कार्यप्रणाली में सुधार करना और नियुक्तियों के लिए समान पात्रता के नियम तय करना है।क्या है नया न्यायाधिकरण सुधार विधेयक 2026 और इसका स्वरूपसदन में पेश किए गए इस नए विधेयक के तहत एक राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग (National Tribunal Commission) के गठन का प्रावधान किया गया है। इस नए आयोग का मुख्य मुख्यालय देश की राजधानी नई दिल्ली में स्थापित किया जाएगा। इस आयोग की संरचना बेहद संतुलित और पेशेवर रखी गई है, जिसमें कुल 5 सदस्य होंगे:1 अध्यक्ष: सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज या किसी उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश इस पद को संभाल सकेंगे।4 अन्य सदस्य: इनमें दो न्यायिक (Judicial) और दो तकनीकी (Technical) सदस्य शामिल होंगे।इस आयोग के गठन से साल 2021 का पुराना अधिनियम स्वतः समाप्त हो जाएगा, जिससे नियुक्तियों को लेकर एक नया और उन्नत कानूनी ढांचा तैयार होगा।सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और सुधारों की पृष्ठभूमिइस नए कानून की आवश्यकता क्यों पड़ी, इस पर सरकार का स्पष्ट पक्ष सामने आया है। दरअसल, इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने न्यायाधिकरण सुधार अधिनियम 2021 के कई प्रावधानों को रद्द कर दिया था। अदालत ने अपने फैसले में टिप्पणी की थी कि वे प्रावधान शक्तियों के पृथक्करण और न्यायिक स्वतंत्रता के मूल सिद्धांतों के खिलाफ हैं।सुप्रीम कोर्ट ने ही एक स्वतंत्र राष्ट्रीय आयोग के गठन का निर्देश दिया था, जिसमें उच्च पेशेवर विशेषज्ञता हो और जो नियुक्तियों के लिए पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया का पालन करे। सरकार का यह भी कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रशासनिक सुधारों की श्रृंखला में यह एक अहम मील का पत्थर है, जिससे न्यायाधिकरण व्यवस्था और अधिक मजबूत बनेगी।लोकसभा में भारी हंगामे के बीच हुआ बिल पासविपक्ष के भारी हंगामे और नारेबाजी के साए में यह विधेयक बिना किसी लंबी चर्चा के सीधे लोकसभा में पास हो गया। विपक्षी सांसद अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी और विभिन्न स्थानों पर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे थे। इसके बावजूद, सरकार ने इस सुधार को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखते हुए विधायी प्रक्रिया को पूरा किया। सरकार का साफ मानना है कि इस नए आयोग के अस्तित्व में आने से न्यायाधिकरणों के कार्यक्षेत्र में कोई बदलाव नहीं आएगा, बल्कि उनकी चयन और नियुक्ति प्रक्रिया में अभूतपूर्व दक्षता और पारदर्शिता आएगी।
रूस के तातारस्तान में निज़नेकामस्क पर घातक यूक्रेनी ड्रोन हमले में 13 लोग मारे गए
मौजूदा संघर्ष के दौरान देखे गए सबसे घातक सीमा पार ड्रोन हमलों में से एक में, यूक्रेन के एक बड़े हवाई हमले ने रूस के तेल-समृद्ध तातारस्तान क्षेत्र को निशाना बनाया, जिसके परिणामस्वरूप कम से कम 13 लोगों की दुखद मौत हो गई और 39 लोग घायल हो गए। क्षेत्रीय प्रेस सेवा द्वारा सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, विनाशकारी ड्रोन हमले ने औद्योगिक शहर निज़नेकामस्क में भीषण विस्फोट किए, जिससे पूर्वी यूरोप में सैन्य तनाव और बढ़ गया।तातारस्तान के तेल संयंत्रों पर रणनीतिक हमलायूक्रेन की सीमा से 1,000 किलोमीटर से अधिक दूर स्थित, लक्षित निज़नेकामस्क क्षेत्र एक सघन औद्योगिक क्षेत्र है और कई विशाल तेल रिफाइनरियों वाला एक महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्र है। कीव ने रणनीतिक जवाबी कार्रवाई में इन महत्वपूर्ण संसाधनों को लगातार निशाना बनाया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर व्यापक रूप से प्रसारित हो रहे अपुष्ट वीडियो फुटेज में शहर के पास स्थित एक प्रमुख ऊर्जा संयंत्र से घने काले धुएं के ऊंचे गुबार उठते हुए दिखाई दे रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के आकलन के अनुसार, दोनों युद्धरत देशों ने इस वर्ष लंबी दूरी के हवाई हमलों में काफी वृद्धि की है, जिससे नागरिक हताहतों की संख्या में चिंताजनक वृद्धि हुई है।खार्किव में रूसी जवाबी गोलाबारी में पांच लोग मारे गएतातारस्तान पर हुए भीषण हमले ने रूसी औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था को हिलाकर रख दिया, वहीं यूक्रेन में मोर्चे पर हिंसा का सिलसिला जारी रहा। स्थानीय यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि उत्तर-पूर्वी खार्किव क्षेत्र के एक रिहायशी इलाके पर रूसी तोपखाने से भीषण बमबारी की गई, जिसमें पांच निर्दोष नागरिकों की जान चली गई। अधिकारियों ने टेलीग्राम के माध्यम से बताया कि रूसी सेना ने 10 अगस्त को चुहुइव जिले के बुगैवका गांव के रिहायशी इलाकों पर भारी तोपखाने से हमला किया। इस भीषण हमले में कई घर पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो गए और अधिकारियों ने नष्ट हुई संपत्तियों की भयावह तस्वीरें साझा कीं। इस बीच, रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसके वायु रक्षा तंत्र ने रात भर में 456 यूक्रेनी ड्रोनों को सफलतापूर्वक रोककर नष्ट कर दिया, हालांकि अधिकारी आमतौर पर उन मिसाइलों की संख्या गुप्त रखते हैं जो सुरक्षा घेरे को भेदकर अपने लक्ष्य तक पहुंचीं।
दिल्ली में बारिश का रेड अलर्ट, एनसीआर में झमाझम बारिश से बदला मौसम; कल भी बरसेंगे बादल
दिल्ली-NCR में सोमवार को तेज बारिश के साथ मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया। जानिए मंगलवार और आने वाले दिनों में दिल्ली के मौसम का हाल और बारिश का अनुमान।
JSSC CGL एग्जाम पास करने पर मिलती हैं ये नौकरियां?
जहां एक ओर युवा के बीच सरकारी नौकरी का क्रेज खत्म नहीं हो रहा है वहीं दूसरी ओर परीक्षाओं में तरह-तरह की धांधली, पेपर लीक समेत कई अन्य विवाद सामने आ रहे हैं. पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर और अब झारखंड में, परीक्षा व्यवस्था को लेकर बवाल मचा हुआ है. झारखंड में जिन परीक्षाओं को लेकर छात्रों का बवाल देखने को मिल रहा है उनमें JPSC और JSSC-CGL परीक्षाएं शामिल हैं. JSSC-CGL के जरिए झारखंड सरकार के अलग-अलग विभागों में नौकरी मिलती है.
हैदराबाद में SUV कार ने तीन बाइक सवार को मारी टक्कर, एक पूर्व सैनिक की मौत; दो घायल
हैदराबाद के हाइडरशाकोट में एक एसयूवी ने गलत दिशा से आकर तीन मोटरसाइकिल सवारों को टक्कर मार दी, जिसमें 47 वर्षीय पूर्व सैनिक रविंदर की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए।
ना तोड़फोड़, ना सीमेंट... दीवार, फ्लोर पर लगवाएं ये टाइल्स!
फ्लोरिंग और वॉल के लिए टाइल्स और मार्बल के अलावा भी कई नए- नए विकल्प बाजार में आ गए हैं. मॉड्यूलर इंटरलॉकिंग टाइल्स ऐसा ही एक विकल्प है. इसे लगाने में न सीमेंट की जरूरत होती है और न ही ग्लू लगाना पड़ता है. चलिए जानते हैं क्या है ये नई चीज?
न टैक्स का बोझ, न क्राइम का खौफ, फिर क्यों लंदन छोड़ रहे हैं लोग
जो शहर कभी दुनिया भर के लोगों को अपनी ओर खींचता था, आज वही अपने ही नागरिकों को दूर धकेल रहा है. लंदन से 30 से 40 वर्ष के कामकाजी लोग और परिवार बड़ी संख्या में पलायन कर रहे हैं.
यह कतई मंजूर नहीं, खालिस्तानियों ने दूतावास में मचाया उत्पात तो भारत ने इस देश को सुना दिया
स्लोवेनिया में भारतीय दूतावास पर हमले की भारत सरकार की तरफ से निंदा की गई है। विदेश मंत्रालय ने सोमवार को स्लोवेनिया के लुब्लियाना में भारत विरोधी तत्वों द्वारा दूतावास की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने को लेकर कड़ी आपत्ति जताई।
मगरमच्छ को वरुण देव का वाहन मानकर पूजा, VIDEO वायरल
तेलंगाना के गडवाल में कृष्णा नदी किनारे पहुंचे मगरमच्छ की पुजारी ने पूजा की. मगरमच्छ को वरुण देव का वाहन मानकर अच्छी बारिश की प्रार्थना की गई. अनुष्ठान के बाद उसे सुरक्षित नदी में छोड़ दिया गया. घटना का VIDEO सोशल मीडिया पर वायरल है. नदी किनारे मगरमच्छ की मौजूदगी और उसके बाद की गई पूजा का वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है.
ट्रिब्यूनल के अध्यक्षों और सदस्यों की नियुक्ति के लिए बनेगा नया आयोग, लोकसभा में बिल पास
आयोग का मुख्यालय राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में होगा। इसमें एक अध्यक्ष और 4 सदस्य होंगे। इनमें दो न्यायिक और दो तकनीकी सदस्य होंगे। सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज या उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश आयोग के अध्यक्ष बन सकेंगे।
'हमारे पास आपका पता और नंबर है...', कश्मीरी पंडितों को मिली धमकी
जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी पंडित अधिकारियों को धमकी भरा पत्र मिला है. प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े बताए जा रहे यूएलसी ने अधिकारियों और उनके परिवारों को निशाना बनाने की धमकी दी है. पत्र में पुलिसकर्मियों और जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ अधिकारियों को भी चेतावनी दी गई है.
कोबरा पर पैर पड़ा, शख्स ने दांतों से गर्दन चबाकर मार डाला!
सांप को काट कर मारने वाले धरमसिंह खड़िया ने बताया कि वह अपने खेत की तरफ जा रहा था, तभी गलती से उसका पैर कोबरा पर पड़ गया। फन फैलाए सांप को देखकर वह डर गया।
कांवड़ियों के स्वागत में चला बुलडोजर, लेकिन इस बार बरसे फूल, Video
कांवड़ यात्रा 2026 के दौरान मेरठ के सिवाया टोल प्लाजा पर कांवड़ियों का अनोखे अंदाज में स्वागत हुआ. बुलडोजर के ऊपर खड़े होकर लोगों ने हरिद्वार से लौट रहे कांवड़ियों पर करीब 61 किलो फूल बरसाए. इस दौरान बोल बम के जयकारे गूंजते रहे और कांवड़ियों को केले, कोल्ड ड्रिंक और सॉफ्ट ड्रिंक भी बांटे गए.
'बहुत सम्मान करते हैं...', आलोचना सहकर भी भारत ने बांग्लादेश के PM की तारीफ क्यों की?
बांग्लादेश में भारत के हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि भारत-बांग्लादेश संबंध सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेंगे. उन्होंने कहा कि यदि दोनों देशों के नेतृत्व सीधे संवाद करें तो कई मुद्दों का समाधान हो सकता है. भारत की ये पहल हाल ही में बांग्लादेश की तीखी टिप्पणी के बाद आई है.
आधुनिक समय में गलत खान-पान, निष्क्रिय जीवनशैली, अत्यधिक मीठा खाने और वजन बढ़ने के कारण 'फैटी लिवर' (Fatty Liver Disease) एक बेहद आम स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। लिवर की कोशिकाओं में जब आवश्यकता से अधिक फैट (वसा) जमा होने लगता है, तो इससे लिवर की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है। यदि समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह सूजन (Inflammation), लिवर सिरोसिस या लिवर डैमेज का रूप ले सकती है। राहत की बात यह है कि फैटी लिवर (विशेष रूप से नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर) को सही जीवनशैली और 'एंटी-ऑक्सीडेंट्स' से भरपूर सही डाइट के जरिए पूरी तरह ठीक (Reverse) किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि फैटी लिवर के मरीजों को अपनी रोजमर्रा की डाइट में कौन से फूड्स शामिल करने चाहिए।1. हरी पत्तेदार सब्जियां और ब्रोकोली (Green Leafy Vegetables)पालक, मेथी, सरसों और ब्रोकोली जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां लिवर के लिए सुरक्षा कवच का काम करती हैं।कंपाउंड्स का कमाल: इनमें प्रचुर मात्रा में 'नाइट्रेट्स' और एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो लिवर में फैट के जमाव को कम करते हैं।फाइबर और वजन नियंत्रण: हरी सब्जियों में कैलोरी बहुत कम और फाइबर अधिक होता है, जिससे वजन नियंत्रित रहता है और इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार होता है।2. ओट्स और दलिया (Whole Grains - ओमेगा व फाइबर)साबुत अनाज जैसे ओट्स (Oats) और दलिया में प्रचुर मात्रा में 'बीटा-ग्लूकन' (Beta-Glucan) नाम का घुलनशील फाइबर पाया जाता है।सूजन और फैट कम करे: रिसर्च के मुताबिक, ओट्स का नियमित सेवन लिवर में जमा एक्स्ट्रा फैट को तेजी से बर्न करने में मदद करता है और शरीर में सूजन को कम करता है।पाचन में सुधार: यह आंतों के गुड बैक्टीरिया को पोषण देता है, जिससे पाचन सुचारू बना रहता है।3. अखरोट और अलसी के बीज (Walnuts & Seeds - ओमेगा-3 फैटी एसिड)फैटी लिवर में शरीर को हेल्दी फैट्स की सख्त जरूरत होती है, जिसके लिए ड्राई फ्रूट्स सबसे बेहतरीन स्रोत हैं।अखरोट (Walnuts): अखरोट ओमेगा-3 फैटी एसिड और ग्लूटाथियोन से भरपूर होता है, जो लिवर को प्राकृतिक रूप से डिटॉक्सिफाई करने में मदद करता है।अलसी और चिया सीड्स: अलसी के बीजों का सेवन करने से लिवर एंजाइम्स के स्तर में सुधार होता है और फैट का निर्माण धीमा पड़ता है।4. लहसुन (Garlic)लहसुन केवल खाने का स्वाद नहीं बढ़ाता, बल्कि यह फैटी लिवर के मरीजों के लिए एक सुपरफूड की तरह काम करता है।एलिकिन (Allicin): लहसुन में 'एलिकिन' नामक सल्फर कंपाउंड होता है, जो लिवर में जमा फैट को कम करने में मदद करता है। रोजाना सुबह खाली पेट 1-2 कली कच्चा लहसुन पानी के साथ निगलना काफी फायदेमंद माना जाता है।5. ग्रीन टी और कॉफी (Green Tea & Coffee)पेय पदार्थों में ग्रीन टी और ब्लैक कॉफी का संतुलित सेवन फैटी लिवर के लिए बेहद गुणकारी साबित होता है।ग्रीन टी: इसमें मौजूद शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट 'कैटेचिन' (EGCG) लिवर फंक्शन को बेहतर बनाता है और फैट अब्जॉर्प्शन को रोकता है।कॉफी: न्यूरोलॉजिस्ट्स और हेपेटोलॉजिस्ट्स के अनुसार, बिना चीनी व दूध वाली ब्लैक कॉफी पीने से लिवर में एब्नॉर्मल एंजाइम्स का स्तर घटता है और लिवर डैमेज का जोखिम कम होता है।6. जैतून का तेल (Extra Virgin Olive Oil)खाना पकाने के लिए साधारण रिफाइंड ऑयल के स्थान पर कोल्ड-प्रेस्ड 'एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल' का इस्तेमाल करें। इसमें मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड्स (MUFA) होते हैं, जो लिवर एंजाइम्स को नियंत्रित रखते हैं और फैट जमने से रोकते हैं।किन चीजों से पूरी तरह परहेज करना जरूरी है?फैटी लिवर से पूरी तरह निजात पाने के लिए मीठे पेय (कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस), अत्यधिक चीनी वाली मिठाइयां, मैदा, जंक फूड, प्रोसेस्ड मीट, तला-भुना खाना और शराब से पूरी तरह दूरी बना लें। इसके साथ ही, रोजाना 30 से 45 मिनट तेज वॉक या एक्सरसाइज जरूर करें।
2 दिन बाद लगेगा सूर्य ग्रहण, जानें शनि की राशि कुंभ पर कैसा रहेगा प्रभाव
12 अगस्त 2026 को साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण लगेगा. यह भारत में दिखाई नहीं देगा और इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. ज्योतिषाचार्य डॉ. अरुणेश कुमार शर्मा के अनुसार, कुंभ राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण रिश्तों, साझेदारी और संवाद से जुड़े मामलों में लाभ दे सकता है.
IIT दिल्ली में 'गायत्री मंत्र' पर रार, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में संस्कृत श्लोकों के पाठ को लेकर विवाद हुआ. कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने इसे गायत्री मंत्र बताते हुए सवाल उठाया कि शैक्षणिक कार्यक्रम में धार्मिक मंत्र क्यों पढ़ा गया.
उच्च रक्तचाप यानी हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) आज के समय में एक बेहद आम लेकिन साइलेंट किलर बीमारी बन चुकी है। शरीर में ब्लड प्रेशर बढ़ने का सबसे प्रमुख और सीधा कारण हमारे दैनिक खान-पान में नमक (सोडium) की अधिक मात्रा है। जब हम आवश्यकता से अधिक नमक का सेवन करते हैं, तो शरीर नसों में पानी को रोकने लगता है, जिससे रक्त का आयतन और दबाव बढ़ जाता है। इससे दिल और धमनियों (Arteries) पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी फेलियर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि हाई बीपी के मरीजों को एक दिन में वास्तव में कितना नमक खाना चाहिए? आइए एक्सपर्ट्स से समझते हैं नमक की सही मात्रा और इसे नियंत्रित करने के आसान उपाय।हाई बीपी के मरीजों के लिए रोजाना नमक की सही मात्राविश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO - World Health Organization) और अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) के अनुसार, एक सामान्य स्वस्थ व्यक्ति को रोजाना 5 ग्राम से कम नमक खाना चाहिए। हालांकि, जिन लोगों को हाई बीपी या दिल की समस्या है, उनके लिए मानक और भी सख्त हैं:सामान्य हाई बीपी के मरीजों के लिए: रोजाना अधिकतम 3 से 4 ग्राम नमक (लगभग आधे से तीन-चौथाई छोटे चम्मच के बराबर)।आदर्श सोडियम लिमिट (Ideal Limit): हाई बीपी के मरीजों को दिनभर में 1500 मिलीग्राम (1.5 ग्राम) सोडियम से अधिक नहीं लेना चाहिए। ध्यान दें कि 1 छोटा चम्मच (5 ग्राम) नमक में लगभग 2000 मिलीग्राम सोडियम होता है।गंभीर स्थिति में: यदि बीपी बहुत ज्यादा हाई रहता है या किडनी की बीमारी है, तो डॉक्टर दिनभर में केवल 2 ग्राम (आधा चम्मच) नमक खाने की सलाह देते हैं।छिपे हुए नमक (Hidden Sodium) से सावधान रहेंअधिकांश लोग सोचते हैं कि वे केवल दाल या सब्जी में ऊपर से नमक कम डालकर सोडियम नियंत्रित कर रहे हैं, जबकि असली खतरा बाजार के डिब्बाबंद और प्रोसेस्ड फूड्स में मौजूद 'छिपे हुए नमक' से होता है:पैक्ड और जंक फूड: पापड़, अचार, नमकीन, भुजिया, डिब्बाबंद सूप, चिप्स, सॉस (टोमैटो केचप) और ब्रेड में सोडियम की मात्रा बहुत ज्यादा होती है।बेकिंग सोडा: बेकरी आइटम्स जैसे बिस्कुट, केक और पेस्ट्री में इस्तेमाल होने वाला बेकिंग सोडा (सोडियम बाइकार्बोनेट) भी शरीर में सोडियम का स्तर बढ़ाता है।नमक की मात्रा कम करने और बीपी कंट्रोल रखने के एक्सपर्ट टिप्ससब्जी में ऊपर से नमक न छिड़कें: खाना पकने के बाद टेबल पर नमक की डिब्बी (Salt Shaker) न रखें और बनी हुई दाल, सब्जी या सलाद पर कच्चा नमक ऊपर से डालकर न खाएं।मसालों का इस्तेमाल बढ़ाएं: सब्जी में नमक का स्वाद कम महसूस हो, इसके लिए नीबू का रस, अमचूर, काली मिर्च, जीरा पाउडर, हरा धनिया और लहसुन का प्रयोग बढ़ाएं। इससे बिना नमक बढ़ाए स्वाद बेहतर होता है।पोटैशियम युक्त आहार लें: केला, नारियल पानी, पालक, संतरे और शकरकंद जैसे पोटैशियम से भरपूर खाद्य पदार्थ शरीर से अतिरिक्त सोडियम को बाहर निकालने और ब्लड प्रेशर को स्वाभाविक रूप से कम करने में मदद करते हैं।सेंधा नमक (Rock Salt) का सीमित प्रयोग: हालांकि सफेद नमक की तुलना में सेंधा या काला नमक थोड़ा बेहतर माना जाता है, लेकिन इसमें भी सोडियम मौजूद होता है। इसलिए इसका सेवन भी सीमित मात्रा में ही करें।
सिक्किम की लाइफलाइन 'NH-10' पिछले एक महीने से क्यों हैं बंद?
सिक्किम की लाइफलाइन कही जाने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग-10 (NH-10) एक महीने से अधिक समय तक बंद रहने के बाद धीरे-धीरे फिर से खुल रही है।
AI जानती हों एस्कॉर्ट्स... लड़कियों से ऐसी डिमांड कर रहे अमीर!
सिलिकॉन वैली में AI इंजीनियरों के बीच 'नर्ड एस्कॉर्ट्स' की मांग बढ़ रही है. ये हाई-एंड कंपैनियन्स सिर्फ साथ ही नहीं, बल्कि AI और टेक्नोलॉजी पर बातचीत के लिए भी जानी जाती हैं और एक घंटे के लाखों रुपये तक चार्ज करती हैं.
स्मार्टफोन से स्मार्टफोन ऐसे करें चार्ज, चार्जर की जरूरत नहीं होगी
इन दिनों स्मार्टफोन में 10000mAh तक की बैटरी दी जा रही है. कई बार आप दूसरे स्मार्टफोन को पावर बैंक की तरह यूज कर सकते हैं. एक मोबाइल से दूसरे मोबाइल को वायर्ड या वायरलेस दोनों ही तरह से चार्ज किया जा सकता है.
ट्रेन आने वाली थी और ट्रैक पर फंस गया था लोडेड ट्रक, फिर जो हुआ...
सागर में मकरोनिया-गुड़ा रेलवे फाटक पर मालवाहक ट्रक ट्रैक के बीच बंद हो गया. QRF जवानों और पुलिस ने 5 मिनट में ट्रक हटाकर संभावित बड़ा रेल हादसा टाल दिया.
असम में बाढ़ का कहर- 100 लोगों की मौत, 7 लाख लोग प्रभावित
बारिश और उफनती नदियों ने असम के कई हिस्सों में जनजीवन रोक दिया. अब पानी कम होने के साथ सामने आ रहा है बाढ़ से हुए बड़े नुकसान का आंकड़ा.
पुणे में पकड़ा गया फर्जी एयरफोर्स जवान, टेलर ने खोली पोल
पुणे पुलिस ने 26 वर्षीय शुभम अंबुरे को गिरफ्तार किया है, जो एयरफोर्स का फर्जी जवान बनकर घूम रहा था. उसके पकड़े जाने की कहानी बेहद दिलचस्प है. जिसे आप थोड़ा फिल्मी भी कह सकते हैं. आरोपी की पकड़ एक टेलर की वजह से हो पाई. पढ़ें इस फर्जीवाड़े की पूरी कहानी.
सावन व्रत में साबूदाना-आलू से बनाएं टेस्टी पराठा, मिनटों में होगा तैयार
Sabudana Aloo Paratha Recipe: व्रत में हर बार साबूदाने की खिचड़ी और वड़ा खाकर अगर आप बोर हो गए हैं तो इस बार साबूदाना और आलू का पराठा ट्राई कर सकते हैं. साबूदाना, आलू और मूंगफली से बना यह पराठा टेस्टी होने के साथ बनाने में भी आसान होता है.
राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन प्रधानमंत्री से मिले
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियनों को प्रधानमंत्री आवास बुलाकर उनका
बदलते मौसम में सिर में दर्द है? डॉक्टर से जानें इसकी वजह
बारिश के मौसम में तापमान और नमी के बदलाव से कुछ लोगों को सिरदर्द या माइग्रेन की समस्या हो सकती है. बार-बार सिरदर्द होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.
JPSC Job Scam: झारखंड CID ने पूर्व चेयरमैन Khyangte को दबोचा, सरकारी नौकरियों पर सवाल
सूत्रों के मुताबिक, झारखंड CID ने JPSC और JSSC नौकरी घोटालों में कथित भूमिका के लिए पूर्व PSC चेयरमैन एल. खियांगते को गिरफ़्तार किया है। भर्ती परीक्षा में गड़बड़ियों में कथित तौर पर शामिल होने के कारण CID ने उनसे कई बार पूछताछ की थी। यह गिरफ़्तारी रांची में JPSC-JSSC उम्मीदवारों के लगातार विरोध-प्रदर्शन के बीच हुई है, जो राज्य की भर्ती परीक्षा प्रणाली में सुधार और स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: अफसरों जिम्मेदार ठहराने से होगा समस्याओं का समाधान सीआईडी के अतिरिक्त महानिदेशक मनोज कौशिक ने खियांग्ते की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि पूर्व जेपीएससी प्रमुख को आयोग द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में हिरासत में लिया गया था। अतिरिक्त महानिदेशक (सीआईडी) मनोज कौशिक ने कहा कि हमने भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के सिलसिले में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को गिरफ्तार किया है। हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार ने पहले भर्ती में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) और एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) से जांच समेत कई तरह के एक्शन प्लान की घोषणा की थी। रविवार को छात्रों के साथ लंबी बैठक के बाद सरकार उनकी कई मांगों को मानने के लिए भी सहमत हो गई थी, जिनमें 14वीं JPSC परीक्षा और 2023 व 2025 की बैकलॉग भर्ती परीक्षाओं को रद्द करना शामिल था। हालांकि, छात्रों ने सरकार के प्रस्ताव को ठुकरा दिया और कहा कि CBI जांच की उनकी मुख्य मांग नहीं मानी गई है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने झारखंड सरकार पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया; सरकार का दावा था कि उसने छात्रों की 98 प्रतिशत मांगें पूरी कर दी हैं। इसे भी पढ़ें: जंतर-मंतर पर Students के लिए आवाज, झारखंड में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज पर चुप्पी, वाह क्या दोगलापन है! एक छात्र नेता ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने जिन 13 परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की थी, उनमें से सरकार ने सिर्फ़ तीन ही रद्द की हैं। छात्र नेताओं ने CID जांच पर भरोसा करने के सरकार के फ़ैसले की आलोचना की और आरोप लगाया कि यह एजेंसी पहले भी मामलों को दबाने (cover-ups) में शामिल रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कथित गड़बड़ियों का पता लगाने और जवाबदेही तय करने के लिए एक स्वतंत्र जांच ज़रूरी है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
मां को थप्पड़ पड़ते देख बिलखती रही मासूम बच्ची, रेस्टोरेंट के बाहर बैठी महिला से बर्बरता
अजमेर के सिलावट मोहल्ले में रेस्टोरेंट के बाहर बैठी महिला को हटने की बात पर एक युवक ने मासूम बच्ची के सामने ताबड़तोड़ थप्पड़ मार दिए. घटना का CCTV वीडियो अब सामने आया है.
लग्जरी प्रॉपर्टीज को लेकर समय-समय पर खबरें आती रहती हैं. ताजा खबर गुरुग्राम से है, जहां 270 करोड़ में एक प्रॉपर्टी बिकी है. इस प्रोजेक्ट में आखिर क्या खासियतें हैं... इस बारे में थोड़ी डिटेल जान लीजिए.
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) जून 2026 सत्र में शामिल हुए लाखों अभ्यर्थियों का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने एक आधिकारिक सूचना जारी कर पुष्टि की है कि यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा की प्रोविजनल आंसर-की (Provisional Answer Key) इसी हफ्ते आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दी जाएगी। परीक्षा समाप्त होने के बाद से ही उम्मीदवार लगातार रिस्पॉन्स शीट और आंसर-की का इंतजार कर रहे थे।एनटीए द्वारा जारी अपडेट के अनुसार, यूजीसी नेट के साथ-साथ सीएसआईआर-नेट (CSIR-NET) और आईसीएआर (ICAR) परीक्षाओं की प्रोविजनल आंसर-की भी इसी सप्ताह पोर्टल पर उपलब्ध करा दी जाएगी।आंसर-की के साथ जारी होगी रिस्पॉन्स शीटनेशनल टेस्टिंग एजेंसी प्रोविजनल आंसर-की के साथ-साथ उम्मीदवारों की रिस्पॉन्स शीट (Recorded Responses) और प्रश्न पत्र भी आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर अपलोड करेगी। अभ्यर्थी अपने एप्लीकेशन नंबर और जन्मतिथि/पासवर्ड का उपयोग करके पोर्टल पर लॉगिन कर सकेंगे और अपने उत्तरों का मिलान कर अपने संभावित अंकों (Probable Score) का अनुमान लगा सकेंगे।एनटीए ने स्पष्ट किया है कि परिणाम घोषित होने के बाद राइट टू इंफॉर्मेशन (RTI) एक्ट के तहत भी अभ्यर्थियों को उनकी रिस्पॉन्स शीट की कॉपी उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे विंडो ओपन होते ही अपनी रिस्पॉन्स शीट को डाउनलोड कर सुरक्षित रख लें।आपत्ति दर्ज कराने का मिलेगा अवसर (Objection Window Details)प्रोविजनल आंसर-की जारी होने के बाद यदि किसी अभ्यर्थी को किसी प्रश्न या उसके उत्तर पर कोई संदेह या आपत्ति होती है, तो वे ऑनलाइन माध्यम से चुनौती दर्ज करा सकेंगे:आपत्ति शुल्क: प्रति उत्तर या प्रश्न को चुनौती देने के लिए अभ्यर्थियों को 200 रुपये (Non-Refundable) का प्रसंस्करण शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा।विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा: दर्ज कराई गई सभी चुनौतियों की समीक्षा विषय विशेषज्ञों (Subject Experts) की एक समिति द्वारा की जाएगी।फाइनल आंसर-की और रिजल्ट: यदि कोई आपत्ति सही पाई जाती है, तो आंसर-की में संशोधन किया जाएगा। इसके बाद संशोधित यानी फाइनल आंसर-की के आधार पर ही यूजीसी नेट का अंतिम परिणाम (Result) तैयार कर घोषित किया जाएगा।कैसे डाउनलोड करें UGC NET Answer Key 2026?सबसे पहले एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाएं।होमपेज पर उपलब्ध 'UGC NET June 2026 Provisional Answer Key' के लिंक पर क्लिक करें।अपना एप्लीकेशन नंबर, जन्मतिथि (Date of Birth) और सिक्योरिटी पिन दर्ज कर सबमिट करें।आपकी प्रोविजनल आंसर-की और रिस्पॉन्स शीट स्क्रीन पर आ जाएगी, इसे डाउनलोड कर प्रिंट निकाल लें।
VB-G RAM G को Congress ने बताया Job Scam, Modi Govt पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस ने सोमवार को मोदी सरकार पर VB-G RAM G एक्ट को लागू करने को लेकर रोज़गार चोरी का आरोप लगाया। पार्टी का दावा है कि सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि जुलाई में ग्रामीण रोज़गार पैदा होने में भारी गिरावट आई है; यह नया कानून MGNREGA की जगह लागू होने के बाद पहला महीना था। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने X पर एक मीडिया रिपोर्ट शेयर की, जिसमें सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि जुलाई में नए ग्रामीण रोज़गार गारंटी प्रोग्राम के तहत पैदा हुए रोज़गार के 'पर्सन-डेज़' (काम के दिनों) में साल-दर-साल 49.94% की गिरावट आई है। इसे भी पढ़ें: Ram Mandir चंदा चोरी पर संसद में हंगामा, Akhilesh ने BJP पर बोला हमला रमेश ने कहा कि मोदी सरकार के VB-G RAM G का पहला महीना ही MGNREGA को खत्म करने की कीमत दिखा रहा है। उनके बताए आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2025 की तुलना में रोज़गार पाने वाले परिवारों की संख्या में 51.45% की गिरावट आई है, जब MGNREGA लागू था। रोज़गार के 'पर्सन-डेज़' (काम के दिनों) में भी लगभग 50% की कमी आई। रमेश ने कहा कि ये आंकड़े उन चेतावनियों के अनुरूप हैं जो कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने MGNREGA को हटाए जाने के समय दी थीं। उन्होंने कहा कि ठीक यही बात कांग्रेस और पूरे विपक्ष ने तब कही थी जब मोदी सरकार ने MGNREGA को ज़बरदस्ती खत्म कर दिया था। रमेश ने कहा कि MGNREGA ने ग्रामीण मज़दूरों को रोज़गार की कानूनी गारंटी दी थी और ग्राम पंचायतों को इस योजना को लागू करने के लिए सशक्त बनाया था। उन्होंने कहा कि मनरेगा का मकसद मज़दूरों को उस समय की सरकार की राजनीतिक मर्जी पर निर्भरता से आज़ाद करना था। उन्होंने मोदी सरकार पर ग्रामीण रोज़गार कार्यक्रम को सेंट्रलाइज़ करने, राज्य सरकारों पर ज़्यादा वित्तीय बोझ डालने और इसकी सुविधाओं तक पहुँच को टेक्नोलॉजी और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पर ज़्यादा निर्भर बनाने का आरोप लगाया। इसे भी पढ़ें: Tarun Tejpal Rape Case: Sudhanshu Trivedi ने Congress को घेरा, पूछा- क्या था रिश्ता? रमेश ने कहा कि इसके बजाय, मोदी सरकार ने इस स्कीम को सेंट्रलाइज़ कर दिया है, राज्य सरकारों पर भारी वित्तीय बोझ डाला है, इसकी सुविधाओं तक पहुँच को टेक्नोलॉजी और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पर ज़्यादा निर्भर बना दिया है, रोज़गार की गारंटी खत्म कर दी है और मज़दूरों के लिए अपने अधिकारों का दावा करना मुश्किल बना दिया है। यह सीधे-सीधे रोज़गार की चोरी है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
करोड़ों के फ्लैट में मालकिन ने मेड को पीटा, VIDEO वायरल होते ही केस दर्ज
गुरुग्राम की कमेलियास सोसाइटी में महिला द्वारा मेड से मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने खुद ही संज्ञान लिया है. सुशांत लोक थाना पुलिस में FIR दर्ज की है. पुलिस के मुताबिक यह घटना 24 जुलाई की है.
NEET 2024 परीक्षा को लेकर भी उठने लगे सवाल, केरल की छात्रा ने लगाया ये आरोप
केरल की NEET-UG अभ्यर्थी अंजलि एस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ईमेल भेजकर NEET-UG 2024 परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच की मांग की है. छात्रा ने कहा कि यदि किसी तरह की अनियमितता साबित होती है तो प्रभावित छात्रों को मुआवजा और फीस में राहत दी जानी चाहिए.
नितेश तिवारी की रामायणम् दो पार्ट में रिलीज होगी. पहला पार्ट इस साल दिवाल के मौके पर आ रहा है और दूसरा पार्ट साल 2027 में रिलीज होगा.
भारत की डिजिटल क्रांति की रीढ़ बन चुका 'यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस' (UPI) अब केवल भारत की सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पूरी दुनिया के ग्लोबल पेमेंट्स मैप पर अपना दबदबा बना रहा है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की अंतरराष्ट्रीय शाखा NIPL (NPCI International Payments Limited) ने आने वाले समय में दुनिया भर के 15 से 20 विदेशी बाजारों में UPI का विस्तार करने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। NPCI के इस ग्लोबल एक्सपेंशन में सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं विदेश में बसे भारतीय (Non-Resident Indians - NRIs) और भारतीय प्रवासी।सिंगापुर (PayNow), यूएई (UAE), फ्रांस, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, मलेशिया और कंबोडिया जैसे देशों के बाद अब जापान, बहरीन और ओमान जैसे नए बाजारों में UPI अपनी मजबूत धमक दर्ज कराने के लिए पूरी तरह तैयार है।विदेशों में एनआरआई (NRIs) कैसे दे रहे हैं यूपीआई को नई रफ्तार?दुनिया भर में लगभग 3.5 करोड़ से अधिक प्रवासी भारतीय मौजूद हैं, जो भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को वैश्विक स्तर पर स्वीकार्यता दिलाने के सबसे बड़े वाहक (Driver) बन रहे हैं। NPCI ने इस विशाल भारतीय समुदाय की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए कई नई सुविधाएं शुरू की हैं:अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबर से UPI सुविधा: अमेरिका, ब्रिटेन, यूएई, सिंगापुर, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, मलेशिया और सऊदी अरब जैसे 12 से अधिक देशों में रहने वाले NRI अब अपने विदेशी मोबाइल नंबर को सीधे NRE/NRO बैंक खातों से जोड़कर भारत में बिना किसी परेशानी के UPI का इस्तेमाल कर पा रहे हैं।सस्ता और तेज क्रॉस-बॉर्डर रेमिटेंस: पारंपरिक वायर ट्रांसफर (SWIFT) और मनी ट्रांसफर एजेंटों की भारी फीस व समय के मुकाबले, UPI के जरिए विदेश से भारत पैसे भेजना (Cross-Border Remittances) बेहद तेज़, सुरक्षित और बहुत सस्ता हो गया है।क्यूआर कोड (QR Code) मर्चेंट पेमेंट: यूएई, सिंगापुर, नेपाल और फ्रांस जैसे देशों में यात्रा करने वाले भारतीय पर्यटक और वहां रहने वाले प्रवासी भारतीय अब स्थानीय दुकानों और सुपरमार्केट में भारतीय करेंसी (INR) खाते का उपयोग करके सीधे QR कोड स्कैन करके भुगतान कर रहे हैं।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्यों बढ़ रही है UPI की मांग?अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और वैश्विक वित्तीय संस्थाएं पहले ही स्वीकार कर चुकी हैं कि भारत का UPI लेनदेन की मात्रा (Volume) के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे तेज रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम है।NPCI केवल भारतीयों के लिए विदेशों में पेमेंट सुविधा ही नहीं दे रहा, बल्कि पेरू, नामीबिया, और त्रिनिदाद एंड टोबैगो जैसे देशों को उनका खुद का संप्रभु (Sovereign) डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में भी तकनीकी मदद दे रहा है। इसके साथ ही, स्थानीय देशों के पेमेंट सिस्टम्स (जैसे सिंगापुर के PayNow और मलेशिया के DuitNow QR) को सीधे भारत के UPI से जोड़ने (Linkage) का काम तेजी से जारी है।ग्लोबल इकोनॉमी और भारत के लिए क्या हैं इसके मायने?विदेशों में UPI के बढ़ते दायरे से जहां एक तरफ प्रवासी भारतीयों के लिए भारत में अपने परिजनों को पैसे भेजना, यूटिलिटी बिल भरना और निवेश करना आसान हो गया है, वहीं दूसरी तरफ इससे भारत के विदेशी मुद्रा भंडार और रेमिटेंस फ्लो (Remittance Inflow) को एक नया बल मिला है।NPCI की यह रणनीति न केवल डॉलर पर पारंपरिक निर्भरता को चुनौती दे रही है, बल्कि दुनिया में डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भारत के बढ़ते भू-राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव (Geo-Economic Soft Power) को एक नया आयाम दे रही है।
देश भर में बहुचर्चित और चर्चित नीट यूजी (NEET UG) पेपर लीक मामले में जांच एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को बड़ा झटका लगा है। विशेष अदालत ने नीट पेपर लीक केस में गिरफ्तार मुख्य आरोपियों के लाई डिटेक्टर (पॉलीग्राफ) और नार्को एनालिसिस टेस्ट कराने की मांग वाली सीबीआई की अर्जी को खारिज कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद अब जांच एजेंसी आरोपियों की सहमति के बिना उनका साइंटिफिक टेस्ट नहीं करा सकेगी।कोर्ट ने क्यों खारिज की सीबीआई की अर्जी?अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का हवाला देते हुए सीबीआई की मांग का कड़ा विरोध किया। भारतीय संविधान और कानून के स्थापित सिद्धांतों के तहत किसी भी आरोपी को अपने खिलाफ गवाही देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता (Self-Incrimination Prohibition)।आरोपियों की असहमति: सर्वोच्च न्यायालय (Selvi vs State of Karnataka Case) के ऐतिहासिक फैसले के अनुसार, किसी भी आरोपी का पॉलीग्राफ, नार्को या ब्रेन मैपिंग टेस्ट कराने के लिए उसकी लिखित सहमति (Consent) होना अनिवार्य है।सहमति देने से इनकार: जब कोर्ट ने आरोपियों से पूछा कि क्या वे स्वेच्छा से इस टेस्ट के लिए तैयार हैं, तो आरोपियों ने लाई डिटेक्टर और नार्को टेस्ट कराने से साफ इनकार कर दिया।अदालत का निर्णय: आरोपियों द्वारा सहमति न दिए जाने के कारण विशेष अदालत ने कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए सीबीआई की अर्जी को खारिज कर दिया।सीबीआई की जांच पर क्या पड़ेगा असर?नीट पेपर लीक की कड़ियों को जोड़ने और इसके मास्टरमाइंड्स का पर्दाफाश करने के लिए सीबीआई आरोपियों से सच उगलवाना चाहती थी। जांच एजेंसी का मानना था कि आरोपियों के पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट से इस बात का खुलासा हो सकता था कि पेपर कहां से लीक हुआ, किन-किन राज्यों में बांटा गया और इस रैकेट के पीछे कौन-कौन से बड़े नाम या कोचिंग संस्थान शामिल थे।अर्जी खारिज होने के बाद अब सीबीआई को पूरी तरह से फॉरेंसिक सबूतों, डिजिटल साक्ष्यों, बैंक ट्रांजैक्शंस और अन्य गवाहों के बयानों के आधार पर ही चार्जशीट और जांच को आगे बढ़ाना होगा।
हेयरफॉल से हो गए हैं परेशान? घर पर मौजूद इन 2 मसालों से बना लें हेयर मास्क, बालों की जड़ होगी मजबूत
हेयरफॉल की समस्या इन दिनों काफी ज्यादा आम हो गई है. इससे छुटकारा पाने के लिए आप मेथी और कलौंजी से बने हेयरमास्क का इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे बालों का झड़ना कम होगा और जड़े भी मजबूत होंगी.
5 महीने में होंगी 12 बड़ी परीक्षाएं, MP ESB करेगा 19 हजार पदों पर भर्ती
MP ESB Recruitment 2026: मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MP ESB) ने साल 2026 में होने वाली भर्तियों के लिए कैलेंडर जारी कर दिया है. इसके मुताबिक 5 महीने में कुल 12 बड़ी भर्ती परीक्षाओं का आयोजन किया जाना है. लंबे समय से सरकारी नौकरी की तलाश में जुटे उम्मीदवारों के पास ये बेहतरीन मौका है.
विदेश जा सकेंगे अभिषेक बनर्जी, SC ने रद्द किया HC का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने TMC महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी को आंखों के इलाज के लिए तीन हफ्ते विदेश जाने की अनुमति दे दी. कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के विदेश यात्रा की अनुमति न देने वाले फैसले को हटा दिया. इससे पहले हाईकोर्ट ने मेडिकल बोर्ड के सामने जांच कराने की बात कही थी.
अधूरा पुल पानी में नहीं दिखा... नाले में बही 11 लोगों से भरी ईको वैन
मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में दो दिनों से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है. इसी बीच पचोर-सारंगपुर रोड पर पड़ाना के पास बड़ा हादसा हो गया. 11 सवारों से भरी ईको वैन उफनते नाले में बह गई. वैन में सवार परिवार देवास जिले का रहने वाला था.
DIY Plastic Bottle Scrubber: खाली प्लास्टिक बोतल को फेंकने के बजाय उससे घर पर बर्तन साफ करने वाला जूना बनाया जा सकता है. बोतल की पतली पट्टियां, लकड़ी की पट्टी और कैंची की मदद से कुछ ही मिनटों में DIY स्क्रबर तैयार करें.
आज के समय में सोशल मीडिया ऐप्स पर 15 से 60 सेकंड के शॉर्ट वीडियो यानी रील्स देखना हर उम्र के लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। 'बस 5 मिनट रील्स देखूंगा' से शुरू हुआ यह सिलसिला अक्सर घंटों में बदल जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि रील्स से निकलने वाला 'इंस्टेंट डोपामाइन' आपके दिमाग की एकाग्रता (अटेंशन स्पैन), नींद और मानसिक स्थिति को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है। लेकिन इस समस्या का एक और चिंताजनक पहलू है जो अब अर्थशास्त्रियों के रडार पर आ चुका है—वह है देश की 'इकोनॉमी' और 'कार्यक्षमता' (Productivity) पर इसका पड़ता भयावह असर। आइए समझते हैं कि कैसे स्मार्टफोन की स्क्रीन पर उंगलियों से लगातार स्क्रॉल होती रील्स व्यक्तिगत बजट से लेकर देश की जीडीपी (GDP) तक को चपत लगा रही हैं।वर्किंग आवर्स में गिरावट और भारी प्रॉडक्टिविटी लॉसकिसी भी देश की आर्थिक वृद्धि उसकी कार्यशील आबादी (वर्किंग पॉपुलेशन) की उत्पादकता पर निर्भर करती है। जब कर्मचारी अपने दफ्तर, कारखाने या वर्कप्लेस पर काम के दौरान बार-बार फोन उठाकर रील्स और शॉट्स देखने लगते हैं, तो उनके काम की गति और गुणवत्ता दोनों बुरी तरह प्रभावित होती हैं।अटेंशन स्पैन में कमी: लगातार शॉर्ट फॉर्मेट कंटेंट देखने से इंसानी दिमाग लंबे समय तक एक काम पर ध्यान केंद्रित करने की क्षमता (Deep Work) खोने लगता है।टास्क-स्विचिंग कॉस्ट: रिसर्च के मुताबिक, जब कोई व्यक्ति काम के बीच में केवल 2 मिनट के लिए भी रील्स देखता है, तो दोबारा पूरी एकाग्रता से काम में जुटने में दिमाग को 20 मिनट से ज्यादा का वक्त लगता है।आर्थिक नुकसान: कॉर्पोरेट रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्मचारियों के इस बिखरे हुए ध्यान (Distracted Working) के कारण वैश्विक कंपनियों और अर्थव्यवस्था को हर साल अरबों डॉलर की प्रॉडक्टिविटी का नुकसान उठाना पड़ रहा है।इम्पल्सिव बाइंग और फाइनेंशियल ड्रेन: अनावश्यक खर्चों का मायाजालरील्स केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि यह एल्गोरिदम से संचालित एक बड़ा विज्ञापन प्लेटफॉर्म (E-Commerce Ecosystem) बन चुका है। रील्स देखते समय यूज़र्स के सामने उनके मूड और रुचि के अनुसार स्पॉन्सर्ड प्रोडक्ट्स और ट्रेंडिंग रील्स दिखाई जाती हैं।रील्स देखने के दौरान दिमाग में डोपामाइन का स्तर बढ़ा होता है, जिससे व्यक्ति की तर्कसंगत सोचने की क्षमता कमजोर पड़ जाती है। इसके परिणामस्वरूप यूज़र्स ऐसे प्रोडक्ट्स, कपड़े, गैजेट्स या ट्रेंडिंग चीजें बिना सोचे-समझे खरीद लेते हैं (Impulsive Buying), जिनकी उन्हें वास्तव में कोई जरूरत नहीं होती। इसके अलावा, क्रेडिट कार्ड और 'बाय नाउ, पे लेटर' (BNPL) जैसी सुविधाओं के साथ मिलकर यह प्रवृत्ति युवा आबादी को कर्ज के जाल और वित्तीय तंगी में धकेल रही है, जिससे उनकी लंबे समय की बचत (Savings) और निवेश क्षमता खत्म हो रही है।बढ़ता हेल्थकेयर बर्डन और जनसांख्यिकीय संकट (Demographic Crisis)रील्स की लत के कारण इंसानी शरीर निष्क्रिय (Sedentary) होता जा रहा है। घंटों बैठकर फोन पर स्क्रॉल करने से युवाओं में मोटापा (Obesity), सर्वाइकल-गर्दन दर्द, आंखों में सूखापन, अनिद्रा (Insomnia), अवसाद और एंग्जायटी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।इसका सीधा असर यह हो रहा है कि लोगों की जेब का एक बड़ा हिस्सा बीमारियों के इलाज और दवाइयों (Out-of-Pocket Healthcare Expense) पर खर्च हो रहा है। स्वास्थ्य पर बढ़ता यह अतिरिक्त बोझ न केवल व्यक्तिगत बजट को बिगाड़ रहा है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी खजाने पर भी दबाव बढ़ा रहा है। जो युवा देश के आर्थिक विकास की रीढ़ (Demographic Dividend) बन सकते थे, वे खराब शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के कारण अपनी पूरी क्षमता से योगदान नहीं दे पा रहे हैं।
बैंगन पसंद नहीं? एक बार खाकर देखिए शेफ संजीव कपूर का ये मसालेदार फ्राइड बैंगन, नोट करें रेसिपी
Masala Fried Baingan: बोरिंग बैंगन को कहें बाट-बाय और घर पर बनाएं शेफ संजीव कपूर स्टाइल चटपटे क्रिस्पी फ्राइड बैंगन.
कांवड़ियों के बीच ऐसे जनाज़े के लिए बनाई मानव श्रृंखला
मेरठ के सिवाया गांव में कांवड़ियों ने जनाजे को रास्ता देने के लिए कुछ देर कांवड़ यात्रा रोक दी. हाईवे पार कराने के लिए मानव श्रृंखला बनाई गई. घटना का VIDEO सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें आपसी सहयोग और भाईचारे की तस्वीर दिखी. कांवड़ियों ने तब तक यात्रा आगे नहीं बढ़ाई, जब तक जनाजा सुरक्षित रूप से हाईवे पार कर कब्रिस्तान की ओर नहीं चला गया.
JPSC, TDPL... वो पांच शब्द जिन पर खड़ा हुआ रांची का प्रोटेस्ट
रांची में चल रहे स्टूडेंट प्रोटेस्ट से जुड़े कुछ ऐसे शब्द है. जिन पर पूरा आंदोलन टिका हुआ है. चलिए समझते हैं इन शब्दों का क्या मतलब है और ये छात्रों के विरोध में क्या मायने रखते हैं.
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' (AB-PMJAY) में फर्जीवाड़ा और मरीजों के नाम पर धांधली करने वाले निजी व सरकारी अस्पतालों के खिलाफ राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) और स्वास्थ्य मंत्रालय ने सख्त रुख अपनाया है। योजना के तहत गरीब और जरूरतमंद मरीजों के नाम पर फर्जी क्लेम पास कराने, अस्पताल में भर्ती किए बिना बिल बनाने और अनावश्यक सर्जरी दिखाने जैसी अनियमितताओं में शामिल 2359 अस्पतालों को आयुष्मान भारत योजना के पैनल से बाहर (De-empanel) कर दिया गया है। इसके अलावा, गंभीर फर्जीवाड़े में लिप्त पाए गए 1200 से अधिक अस्पतालों को ब्लैकलिस्ट करते हुए उन पर स्थायी बैन (Ban) लगा दिया गया है।एंटी-फ्रॉड सिस्टम और एआई से पकड़ी गई धांधलीस्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई योजना में पारदर्शिता लाने और नेशनल एंटी-फ्रॉड यूनिट (NAFU) व स्टेट एंटी-फ्रॉड यूनिट (SAFU) की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। गड़बड़ियों को पकड़ने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग बेस्ड डेटा एनालिटिक्स टूल का सहारा लिया गया।जांच में सामने आया कि कई अस्पताल ऐसे मरीजों के नाम पर क्लेम ले रहे थे जो कभी अस्पताल में भर्ती ही नहीं हुए थे। कुछ मामलों में एक ही मरीज का एक ही दिन में कई फर्जी पैकेज बुक दिखाया गया था, जबकि कुछ अस्पतालों में बेसिक बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) न होने के बावजूद गंभीर बीमारियों के इलाज के बिल क्लेम किए जा रहे थे।जुर्माना और रिकवरी की सख्त कार्रवाई:करोड़ों रुपये की रिकवरी: धांधली में शामिल अस्पतालों से अनुचित तरीके से उठाए गए क्लेम की राशि वसूल की जा रही है।भारी जुर्माना: नियम तोड़ने वाले अस्पतालों पर क्लेम राशि के कई गुना के बराबर आर्थिक जुर्माना लगाया गया है।कानूनी कार्रवाई: गंभीर और संगठित फ्रॉड के मामलों में जिम्मेदार अस्पताल संचालकों और डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्र लाभार्थियों को बिना किसी अड़चन के मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलता रहेगा, लेकिन योजना के फंड का दुरुपयोग करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।
बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर हत्या की साजिश रच रही थी पत्नी, पति ने देख लिए सारे मैसेज
संदेह होने पर राजेश्वर राव ने पत्नी का फोन चेक किया तो उन्हें चैट्स में मर्डर की योजना के सबूत मिले। एक चैट में कहा गया कि घर के अंदर हत्या न की जाए क्योंकि इससे शक बढ़ेगा।
कौन हैं JPSC के पूर्व चेयरमैन खिंयाग्ते, जिन्हें रिटायरमेंट के बाद भी हेमंत सरकार ने दिया था अहम पद
L Khiyangte JPSC Protest: झारखंड कैडर के रिटायर्ड IAS अधिकारी एल खियांग्ते को JPSC चेयरमैन के पद पर बिठाया गया था, लेकिन उन पर अब परीक्षा में धांधली के आरोप हैं और इसी मामले में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया है.
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने याचिकाकर्ता और वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय को 14 साल तक के बच्चों को धार्मिक या धर्मनिरपेक्ष शिक्षा देने वाले सभी संस्थानों के पंजीकरण, निगरानी और नियमन से जुड़ी जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट ने उपाध्याय से कहा कि वे बार-बार नई रिट याचिका दाखिल करके अपने ही बनाए अच्छे केस को खराब न करें (Don't spoil a good case)।मामला क्या है और कोर्ट ने क्या कहा?अश्विनी उपाध्याय ने अदालत में याचिका दायर कर मांग की थी कि देश में 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को शिक्षा या धार्मिक शिक्षा (जैसे मदरसें, गुरुकुल आदि) देने वाले सभी संस्थानों का सरकार द्वारा अनिवार्य पंजीकरण, मान्यता और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।कोर्ट ने याद दिलाया कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट पहले ही आदेश जारी कर चुका है, जिसमें संबंधित अधिकारियों (शिक्षा मंत्रालय) को उनके प्रतिनिधित्व पर दो महीने के भीतर विचार करने का निर्देश (Writ of Mandamus) दिया गया था।सुप्रीम कोर्ट की सलाह और चेतावनी:गलत प्रक्रिया से बचें: जब उपाध्याय ने बताया कि तीन महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी अधिकारियों ने उनके ज्ञापन पर फैसला नहीं लिया है, तो कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इसके लिए दोबारा नई रिट याचिका दाखिल करना प्रक्रियात्मक रूप से सही नहीं है।अवमानना (Contempt) याचिका का रास्ता: पीठ ने कहा कि यदि सरकार कोर्ट के आदेश का पालन नहीं कर रही है, तो सही कानूनी रास्ता अवमानना याचिका (Contempt Petition) दाखिल करना है, न कि बार-बार नई रिट याचिका लगाना।'Self-Goal' न करें: न्यायमूर्ति अरविंद कुमार ने कहा, आपके पास पहले से ही अपने पक्ष में एक आदेश है। नई याचिका दाखिल कर आप खुद के खिलाफ ही 'सेल-गोल' कर रहे हैं। आप अपने हाथों से बने-बनाए अच्छे केस को खराब मत कीजिए।कोर्ट की इस सलाह के बाद वकील अश्विनी उपाध्याय ने अपनी ताजा याचिका वापस ले ली, ताकि वे आदेश का पालन न करने के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई का रास्ता चुन सकें।

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