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सोनम वांगचुक के शरीर में डिहाइड्रेशन और बढ़ते कीटोन के संकेत, इलाज से किया इनकार

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ने शनिवार दोपहर करीब 3:30 बजे जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति पर नया मेडिकल बुलेटिन जारी किया। अस्पताल के अनुसार, वांगचुक में डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण), कॉम्पेन्सेटेड एसिडोसिस, सीरम पोटैशियम का स्तर कम होने और यूरिन में कीटोन का स्तर बढ़ने के संकेत मिले हैं। हालांकि उन्होंने इंट्रावेनस (आईवी) फ्लूइड, ओरल रीहाइड्रेशन फ्लूइड और दवाएं लेने से इनकार कर दिया है।

देशबन्धु 18 Jul 2026 6:51 pm

केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश शिशु देखभालकर्ता महिला को निर्धारित मजदूरी दर के अनुसार किया जाए भुगतान

श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि *बदलते मौसम के दृष्टिगत कार्यस्थलों पर बुनियादी सुविधाओं में कोई कोताही न बरती जाए।* सभी कार्यस्थलों पर स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता अनिवार्य रूप से हो इसके साथ ही, वर्तमान में चल रही भीषण गर्मी तथा आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए श्रमिकों को मौसम के थपेड़ों से बचाने के लिए शेड (छायादार स्थान) एवं अन्य सुरक्षात्मक साधनों की पर्याप्त व्यवस्था कराई जाए, ताकि किसी भी श्रमिक के स्वास्थ्य पर विपरीत असर न पड़े।उन्होंने निर्देश दिया कि *जिन भी कार्यस्थलों पर 5 वर्ष से कम आयु के 5 या उससे अधिक बच्चे होंगे, वहाँ उनकी उचित देखभाल और सुरक्षा के लिए एक समर्पित महिला की नियुक्ति की जाएगी। इस महिला को उनके कार्य के बदले निर्धारित मजदूरी दर के अनुसार ससमय भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।* इससे जहाँ एक ओर कामकाजी माताओं को राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर एक अन्य महिला को रोजगार का अवसर भी प्राप्त होगा।उपमुख्यमंत्री जी ने सरकार के मूल मंत्र को दोहराते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार का एक ही सपना, हर मजदूर सुरक्षित हो अपना। उन्होंने कहा कि *आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार में सभी वर्ग के श्रमिको को विकास की मुख्यधारा से जोड़ रहा है।* विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने और नियमों का कड़ाई से पालन कराने के लिए अधिकारियों को धरातल पर उतरकर नियमित निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 6:36 pm

'क्या उनके पास कोई और काम नहीं है,' बुरे वक्त में सलमान खान की मदद वाले दावों पर भड़कीं ईवा ग्रोवर

एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री ईवा ग्रोवर (Eva Grover) ने पिछले लंबे समय से इंटरनेट, विकिपीडिया और यूट्यूब पर चल रहे उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि उनके जीवन के सबसे दर्दनाक और हिंसक शादी वाले दौर में बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान ने उनकी बड़ी आर्थिक या व्यक्तिगत मदद की थी। एक हालिया विस्फोटक इंटरव्यू में एक्ट्रेस ने इन भ्रामक खबरों पर अपनी गहरी नाराजगी और असहमति जताते हुए साफ किया है कि न तो उन्होंने कभी भाईजान से कोई मदद मांगी और न ही सलमान खान ने कभी उनकी निजी जिंदगी में हस्तक्षेप किया। ईवा ने मीडिया के एक वर्ग द्वारा खबरों को बिना किसी पुष्टि के सनसनीखेज बनाने की आदत पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे पूरी तरह बकवास और मनगढ़ंत करार दिया है।हिंसक शादी के दर्दनाक पांच साल: इंटरव्यू में ईवा ने बयां किया अपना सबसे मुश्किल दौरईवा ग्रोवर ने मशहूर टॉक शो होस्ट सिद्धार्थ कनन को दिए एक विशेष साक्षात्कार में अपनी निजी जिंदगी के उन काले पन्नों को साझा किया, जहां वह लगभग पांच वर्षों तक एक बेहद हिंसक और प्रताड़ना से भरी शादी का हिस्सा रही थीं। इस दर्दनाक दौर से बाहर निकलने और तलाक होने के बाद जब वह अपनी छोटी बेटी के पालन-पोषण और काम के लिए संघर्ष कर रही थीं, तब मीडिया में अचानक यह अफवाहें उड़ने लगीं कि सलमान खान ने संकटमोचक बनकर उनकी मदद की। ईवा ने इस सवाल को पूछने के लिए होस्ट का धन्यवाद करते हुए कहा कि कुछ दिनों पहले जब उन्होंने खुद इंटरनेट पर ये दावे देखे, तो वह हैरान रह गईं कि कैसे एक सह-कलाकार के नाम को उनकी पर्सनल लाइफ के साथ जबरन घसीटा जा रहा है।'रेडी' फिल्म के बाद कभी नहीं हुई बात: सलमान खान को बीच में घसीटने पर जताई कड़ी आपत्तिसुपरस्टार सलमान खान के साथ ब्लॉकबस्टर फिल्म 'रेडी' (Ready) में काम कर चुकीं ईवा ग्रोवर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि फिल्म की शूटिंग खत्म होने के बाद से आज तक उनकी सलमान खान से कभी कोई बात या मुलाकात नहीं हुई है। ईवा ने तीखे लहजे में सवाल उठाते हुए कहा कि सलमान खान देश के इतने बड़े सुपरस्टार हैं, क्या उनके पास मेरी पर्सनल लाइफ में क्या चल रहा है या हैदर अली खान मेरे साथ क्या कर रहे हैं, यही देखने के अलावा और कोई काम नहीं बचा है? उन्होंने इन फेक न्यूज पर चिंता जताते हुए कहा कि जब सलमान खान ऐसी खबरें पढ़ेंगे तो वह सोचेंगे कि यह कैसी लड़की है जो पब्लिसिटी के लिए जबरन मेरा नाम इस्तेमाल कर रही है, जबकि हकीकत से इसका कोई लेना-देना नहीं है।बिग बॉस ऑफर होने की असली इनसाइड स्टोरी: नदीम भाई और सेट पर मुलाकात का पूरा सचइंटरनेट पर चल रहे एक और बड़े दावे, जिसमें कहा गया था कि सलमान खान ने खुद फोन करके ईवा ग्रोवर को रियलिटी शो 'बिग बॉस' (Bigg Boss) ऑफर किया था, उसका भी एक्ट्रेस ने पूरी तरह पर्दाफाश कर दिया है। असली घटना का जिक्र करते हुए ईवा ने बताया कि 'रेडी' फिल्म की शूटिंग के दौरान वह सलमान खान के एक दूसरे सेट पर गई थीं, जहां उनकी मुलाकात सलमान का सारा कामकाज देखने वाले मैनेजर नदीम से हुई थी। उस वक्त ईवा को काम की सख्त जरूरत थी, जिस पर नदीम ने उन्हें सुझाव दिया था कि इन दिनों बिग बॉस की कास्टिंग चल रही है और आपको इसके लिए प्रयास करना चाहिए, क्योंकि सलमान खान काफी मददगार स्वभाव के हैं। ईवा के मुताबिक, बस इतनी सी औपचारिक बातचीत के अलावा मीडिया ने पूरी कहानी को बढ़ा-चढ़ाकर एक झूठा प्रोपेगेंडा बना दिया, जिसमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 6:33 pm

'जन नायकन' के ऑनलाइन लीक के बाद थलपति विजय की मूवी में हुए बड़े बदलाव, प्रोड्यूसर का चौंकाने वाला खुलासा

तमिल सिनेमा के सबसे बड़े सुपरस्टार और हाल ही में सक्रिय राजनीति में कदम रखने वाले थलपति विजय के अभिनय करियर की अंतिम और बहुप्रतीक्षित फिल्म 'जन नायकन' (Jana Nayakan) को लेकर फिल्म इंडस्ट्री और दर्शकों के बीच उत्सुकता चरम पर पहुंच गई है। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल होने से पहले विजय की इस विदाई फिल्म को लेकर केवीएन प्रोडक्शंस (KVN Productions) के प्रमुख निर्माता के. वेंकट नारायण ने एक बेहद सनसनीखेज और बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले फिल्म के संवेदनशील दृश्यों के इंटरनेट पर अवैध रूप से लीक होने और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के साथ चले लंबे कानूनी विवाद के बाद, क्रिएटिव टीम ने फिल्म में इतने व्यापक बदलाव किए हैं कि अब दर्शक सिनेमाघरों में पूरी तरह से एक फ्रेश और नई फिल्म का अनुभव करेंगे। एच. विनोथ के निर्देशन में बनी यह हाई-वोल्टेज पॉलिटिकल एक्शन थ्रिलर आगामी २३ जुलाई को दुनिया भर के सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है।ऑनलाइन लीक और सेंसर विवाद के बाद भारी फेरबदल: री-शूटिंग, नए गाने और बदले हुए सीन्स के साथ आएगी मूवीएनडीटीवी को दिए एक विशेष साक्षात्कार में जब प्रोड्यूसर वेंकट नारायण से फिल्म में थलपति विजय के राजनीतिक दल 'तमिझागा वेत्री कड़गम' (TVK) और बाबासाहेब अंबेडकर के संदर्भों को हटाने व विजय का नाम छोटा करने को लेकर तीखे सवाल पूछे गए, तो उन्होंने काफी सतर्कता से जवाब दिया। निर्माता ने कहा कि वे इस समय फिल्म की रणनीतिक सुरक्षा के कारण सभी तकनीकी बातें उजागर नहीं कर सकते, लेकिन यह पूरी तरह सच है कि लीक कांड के बाद फिल्म के मूल ढांचे में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं और अनेक नए सीन्स जोड़े गए हैं। उन्होंने प्रशंसकों को आश्वस्त किया कि सिनेमाघरों में जो वर्जन दिखाया जाएगा, वह लीक हुए कंटेंट से बिल्कुल अलग होगा, जिसमें कई नए गानों को शामिल किया गया है और कुछ गानों को पूरी तरह से री-एडिट और री-शूट किया गया है, ताकि दर्शकों को कोई स्पॉइलर न मिले और उनका उत्साह बना रहे।सीबीएफसी के कट्स और 'ए' सर्टिफिकेट: कोर्ट की जद्दोजहद के बाद मिली हरी झंडी'जन नायकन' को इस साल के शुरुआत में जनवरी के महीने में ही पोंगल के बड़े मौके पर रिलीज किया जाना था, लेकिन ऐन वक्त पर सेंसर बोर्ड (CBFC) ने फिल्म के कड़े राजनीतिक संवादों और सामाजिक मुद्दों पर गहरी आपत्ति जताते हुए सर्टिफिकेट रोकने का फैसला किया था। यह मामला इतना पेचीदा हो गया था कि मेकर्स को राहत के लिए माननीय अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा था, जहां लंबी कानूनी जद्दोजहद के बाद सेंसर बोर्ड द्वारा सुझाए गए महत्वपूर्ण कट्स, विशेष रूप से राजनीतिक और सामाजिक प्रतीकों के रेफरेंस को संशोधित करने के बाद फिल्म को 'ए' (Adults Only) सर्टिफिकेट के साथ रिलीज की अंतिम मंजूरी दी गई। इन तमाम चुनौतियों और पाइरेसी करने वाले अपराधियों की गिरफ्तारियों के बाद अब फिल्म का नया रूप थिएटर्स में धमाल मचाने को तैयार है।स्टार कास्ट और दमदार कहानी: अनिल रविपुडी की 'भगवंत केसरी' का तमिल अडैप्टेशनराजनीतिक गलियारों और सिनेमाई हलकों में हलचल मचाने वाली यह फिल्म दरअसल प्रसिद्ध तेलुगु फिल्म निर्माता अनिल रविपुडी की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'भगवंत केसरी' का आधिकारिक तमिल रूपांतरण (Adaptation) है। थलपति विजय की चिरपरिचित शैली के अनुरूप यह फिल्म भी एक बेहद मजबूत और संवेदनशील सामाजिक मुद्दे के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जो हर आयु वर्ग के दर्शकों को गहराई से जोड़ेगी। फिल्म में थलपति विजय के साथ मुख्य भूमिकाओं में ममिता बैजू, पूजा हेगड़े और खतरनाक विलेन के रूप में बॉलीवुड स्टार बॉबी देओल नजर आने वाले हैं। मुख्यमंत्री बनने से ठीक पहले विजय को आखिरी बार बड़े पर्दे पर एक्शन अवतार में देखने के लिए एडवांस बुकिंग में केवल ६० मिनट के भीतर हजारों टिकटें बिक चुकी हैं, जो बॉक्स ऑफिस पर एक नए इतिहास की ओर इशारा कर रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 6:31 pm

बलूचिस्तान ने पाकिस्तान से नाता तोड़ा, खुद को घोषित किया आजाद, चीन के 65 अरब डॉलर के CPEC प्रोजेक्ट को लगा तगड़ा झटका!

दक्षिण एशिया के सबसे अशांत और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र बलूचिस्तान से आ रही स्वतंत्रता की घोषणा के दावों ने अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीति और राजनयिक गलियारों में एक अभूतपूर्व भूचाल ला दिया है। यद्यपि अभी तक वैश्विक मंच पर किसी भी संप्रभु देश ने बलूचिस्तान को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में आधिकारिक मान्यता नहीं दी है, परंतु इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने चीन और पाकिस्तान की संयुक्त रीढ़ माने जाने वाले 'चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे' (CPEC) के अस्तित्व पर सबसे बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। करीब ६५ अरब डॉलर (लगभग ५.४ लाख करोड़ रुपये) की भारी-भरकम लागत से बन रहा सीपेक प्रोजेक्ट चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की महत्वाकांक्षी 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव' (BRI) का सबसे महत्वपूर्ण मुकुट माना जाता है, जो अब बलूचिस्तान की बगावत के चलते पूरी तरह खटाई में पड़ता नजर आ रहा है।ग्वादर बंदरगाह पर संप्रभुता का कानूनी पेंच: अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत फंस सकता है चीन का अरबों का निवेशइस पूरे भू-राजनीतिक विवाद का मुख्य केंद्र बिंदु रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील ग्वादर बंदरगाह (Gwadar Port) है, जो सीधे अरब सागर के मुहाने पर स्थित है। वर्तमान व्यवस्था के तहत इस गहरे पानी के बंदरगाह का संपूर्ण संचालन बीजिंग की सरकारी कंपनी 'चाइना ओवरसीज पोर्ट्स होल्डिंग कंपनी' द्वारा पाकिस्तान सरकार के साथ हुए एक द्विपक्षीय समझौते के तहत किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक संधि के तहत चीन को केवल व्यावसायिक संचालन और टोल वसूलने का अधिकार प्राप्त है, जबकि बंदरगाह की वास्तविक संप्रभुता (Sovereignty) कानूनी रूप से इस्लामाबाद के पास सुरक्षित है। अंतरराष्ट्रीय कानून के विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि यदि बलूचिस्तान एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में स्थापित होता है, तो ग्वादर बंदरगाह स्वतः ही बलूचिस्तान की संप्रभु सीमा का हिस्सा बन जाएगा, जिससे पूर्व में पाकिस्तान के साथ किए गए चीन के सभी समझौते तकनीकी रूप से अवैध या शून्य घोषित हो सकते हैं।ड्रैगन पर चौतरफा मार: चीनी इंजीनियरों की सुरक्षा, नए वीजा नियम और बीमा लागत में बेतहाशा वृद्धि की आशंकाअंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक, यदि बलूचिस्तान में कोई नई संप्रभु सरकार का गठन होता है, तो उसे यह पूर्ण विधिक अधिकार होगा कि वह चीन के साथ पुराने सीपेक समझौतों को जारी रखे, उनमें अपनी शर्तों पर संशोधन करे, अथवा उन्हें पूरी तरह से निरस्त कर दे। ऐसी विकट स्थिति में चीनी निवेशकों को अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालतों (International Arbitration) का दरवाजा खटखटाना पड़ सकता है, जो एक बेहद लंबी और अनिश्चित प्रक्रिया है। इसके अतिरिक्त, ३,००० किलोमीटर लंबे इस आर्थिक गलियारे में काम कर रहे हजारों चीनी इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों के वीजा नियम, स्थानीय श्रम कानून और सबसे महत्वपूर्ण उनकी सुरक्षा (Security Core) की पूरी जिम्मेदारी नए सिरे से तय करनी होगी। बलूच लिबरेशन आर्मी जैसी अलगाववादी ताकतों की सक्रियता बढ़ने से परियोजनाओं की बीमा लागत (Insurance Cost) और बुनियादी ढांचा सुरक्षा खर्च कई गुना बढ़ जाएगा, जिससे चीनी खजाने पर भारी वित्तीय बोझ पड़ना तय है।इस्लामाबाद की लूट के खिलाफ बलूच विद्रोह: स्थानीय संसाधनों के दोहन और रोजगार से वंचित रखने का गंभीर आरोपपाकिस्तान के लिए ग्वादर बंदरगाह और बलूचिस्तान का विशाल भूभाग उसकी सबसे बड़ी रणनीतिक और आर्थिक थाती माना जाता है, लेकिन धरातल पर बलूचिस्तान के स्थानीय नागरिक लंबे समय से खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। 'ज्वाइंट बलूच राइट्स कमिटी' और अन्य क्षेत्रीय संगठनों का स्पष्ट आरोप है कि बलूचिस्तान के सोने, तांबे और प्राकृतिक गैस जैसे असीमित प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन करके इसका पूरा वित्तीय लाभ केवल इस्लामाबाद के हुक्मरानों और विदेशी चीनी निवेशकों की जेबों में जा रहा है। बलूच अवाम आज भी बुनियादी सुविधाओं जैसे साफ पीने के पानी, स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा और सम्मानजनक रोजगार के अवसरों से पूरी तरह महरूम है, जिसने अंततः इस क्षेत्र के लोगों को पाकिस्तान से पूरी तरह नाता तोड़कर अपनी आजादी की हुंकार भरने के लिए विवश कर दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 6:29 pm

भगवान राम की 81 फीट ऊंची मूर्ति बनवा रहे हिंदू युवक को सीआईडी ने किया गिरफ्तार, ढाका में सड़कों पर उतरे अल्पसंख्यक

पड़ोसी देश बांग्लादेश में धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर भीषण राजनीतिक व सामाजिक उबाल आ गया है। गायकबंधा जिले के पलाशबाड़ी इलाके में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की 81 फीट ऊंची भव्य और विशालकाय मूर्ति का ऐतिहासिक निर्माण करवा रहे एक हिंदू युवक हरिदास चंद्र तारनी दास की अचानक हुई गिरफ्तारी के बाद पूरे देश का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। इस दमनकारी कार्रवाई के खिलाफ शनिवार को राजधानी ढाका स्थित नेशनल प्रेस क्लब के बाहर हिंदू, बौद्ध और ईसाई समुदायों के शीर्ष नेताओं ने एकजुट होकर विशाल विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर सीधा आरोप लगाया है कि बहुसंख्यक समाज के कट्टरपंथियों के दबाव में आकर मूर्ति निर्माण कार्य को बाधित करने के लिए हरिदास को मनी लॉन्ड्रिंग के एक पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठे केस में फंसाकर जेल भेजा गया है।सीआईडी का मनी लॉन्ड्रिंग का दावा: संदिग्ध लेन-देन और जबरन धर्म परिवर्तन की थ्योरी पर उठे गंभीर सवालबांग्लादेश की आपराधिक जांच विभाग (CID) ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में हरिदास चंद्र को ९.३५ करोड़ टका (बांग्लादेशी मुद्रा) के संदिग्ध लेन-देन और अवैध वित्तीय हेरफेर के संगीन आरोपों के तहत गिरफ्तार किया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी जांच में यह सनसनीखेज दावा किया है कि हरिदास वर्ष २०१० में अवैध रूप से सीमा पार कर भारत चला गया था और बाद में २०१९ में उसने कथित तौर पर इस्लाम धर्म कबूल कर लिया था। हालांकि, स्थानीय अदालत द्वारा हरिदास को बिना किसी विस्तृत जांच के सीधे न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने के फैसले के बाद से ही देश के अल्पसंख्यक संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा है, जो पुलिस की इस धर्म परिवर्तन और वित्तीय हेरफेर वाली थ्योरी को एक सुनियोजित साजिश करार दे रहे हैं।अल्पसंख्यक एकता परिषद का बड़ा अल्टीमेटम: रिहाई न होने पर पूरे बांग्लादेश में उग्र आंदोलन की दी चेतावनी'बांग्लादेश हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद' के बैनर तले आयोजित इस विशाल विरोध प्रदर्शन में अंतरिम सरकार को बेहद सख्त और सीधी चेतावनी जारी की गई है। परिषद के केंद्रीय महासचिव मनिंद्र कुमार नाथ ने इस दमनकारी गिरफ्तारी की तीव्र शब्दों में भर्त्सना करते हुए कहा कि राज्य मशीनरी जानबूझकर धार्मिक आस्था के काम में रोड़े अटका रही है, जिसे देश का अल्पसंख्यक समाज किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। वहीं, परिषद के वरिष्ठ और प्रखर नेता सुब्रत चौधरी ने प्रशासन को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट किया कि यदि बेकसूर हरिदास को ससम्मान तुरंत रिहा नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में तीनों अल्पसंख्यक समुदाय सामूहिक रूप से सड़कों पर उतरकर एक राष्ट्रव्यापी उग्र आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने सवाल दागा कि आखिर किसके इशारे पर देश का सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का यह घिनौना खेल खेला जा रहा है?एक साल में 3000 से अधिक अत्याचार की घटनाएं: नरसिंगदी के चंचल भौमिक हत्याकांड से दहला हिंदू समाजमनिंद्र कुमार नाथ ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया के समक्ष बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही लगातार हिंसक वारदातों के भयावह आंकड़े भी सार्वजनिक किए। उन्होंने बताया कि पिछले महज एक वर्ष के भीतर पूरे बांग्लादेश में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यकों पर बर्बर अत्याचार की करीब ३,००० से अधिक हिंसक घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें सुनियोजित तरीके से ६६ मासूम लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई और दर्जनों प्राचीन मंदिरों को कट्टरपंथियों द्वारा खंडित कर दिया गया। हाल ही में नरसिंगदी जिले में २५ वर्षीय हिंदू युवा चंचल भौमिक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला भी काफी गरमाया हुआ है, जिसकी सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद उसकी बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हो रही है। इसके पूर्व गायकबंधा जिले में ही एक इस्लामी जुलूस के दौरान भगवान राम के चित्रों के सरेआम अपमान किए जाने की घटना पर भी भारी आक्रोश देखा गया था।भारत सरकार ने भी वैश्विक मंच पर जताई कड़ी चिंता: विदेश मंत्रालय ने ढाका को दी सुरक्षा पुख्ता करने की नसीहतबांग्लादेश के भीतर हिंदुओं और उनके धार्मिक प्रतीकों पर हो रहे इन लगातार हमलों पर भारत सरकार भी बेहद कड़ा और स्पष्ट रुख अपना चुकी है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस संवेदनशील विषय पर बयान जारी करते हुए कहा था कि बांग्लादेश में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों और धार्मिक तस्वीरों के लगातार हो रहे अपमान व तोड़फोड़ की घटनाओं पर नई दिल्ली बेहद बारीक नजर बनाए हुए है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक नियमों के तहत बांग्लादेश की तत्कालीन सरकार से इन चरमपंथी और कट्टरपंथी तत्वों पर तत्काल प्रभाव से कड़ी कानूनी लगाम कसने, दोषियों को जेल भेजने और संपूर्ण अल्पसंख्यक आबादी के जान-माल की पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर अपील की थी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 6:27 pm

कश्मीर में नया सियासी घमासान: उमर अब्दुल्ला के दिल्ली आंदोलन को महबूबा मुफ्ती का बड़ा झटका, रख दीं दो सख्त शर्तें

जम्मू-कश्मीर की क्षेत्रीय राजनीति में इस समय एक बहुत बड़ा वैचारिक और रणनीतिक मोड़ आ गया है। केंद्र शासित प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) द्वारा नई दिल्ली में आयोजित किए जाने वाले 'दिल्ली चलो' आंदोलन को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने एक बड़ा झटका दिया है। शनिवार को आधिकारिक बयान जारी करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पार्टी इस विरोध प्रदर्शन में केवल एक ही सूरत में शामिल होगी, जब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इस आंदोलन के मुख्य एजेंडे में जम्मू-कश्मीर के बुनियादी मुद्दों से जुड़ी कुछ अन्य अनिवार्य और सख्त मांगों को भी शामिल करेंगे।केवल राज्य का दर्जा मांगना अवाम से विश्वासघात: महबूबा मुफ्ती ने फारुख अब्दुल्ला को खत लिख रखा अपना स्टैंडपीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला को एक औपचारिक पत्र भेजकर अपनी शर्तों से अवगत करा दिया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में बेहद तल्ख लहजे में कहा कि अगर आंदोलन केवल पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने तक सीमित रहता है, तो इससे यह गलत संदेश जाएगा कि हम ५ अगस्त २०१९ को केंद्र सरकार द्वारा लिए गए फैसले को स्वीकार कर चुके हैं। महबूबा ने जोर देकर कहा कि प्रदेश की अवाम ने नेशनल कॉन्फ्रेंस को केवल राज्य का दर्जा वापस पाने के लिए भारी बहुमत नहीं दिया है; इसलिए एजेंडे में ऐतिहासिक आर्टिकल ३70 की बहाली, जेलों में बंद स्थानीय राजनीतिक कैदियों की बिना शर्त रिहाई और जमात-ए-इस्लामी जैसे सामाजिक-राजनीतिक संगठनों पर से प्रतिबंध हटाने की मांग को तुरंत जोड़ा जाना चाहिए।लद्दाख की तर्ज पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की वकालत: सामूहिक नेतृत्व से ही निकलेगा कश्मीर का समाधानमहबूबा मुफ्ती ने नेशनल कॉन्फ्रेंस द्वारा बिना किसी पूर्व विमर्श के इस तरह के एकतरफा आंदोलन की घोषणा करने पर गहरी निराशा व्यक्त की है। उन्होंने सुझाव दिया कि लद्दाख के राजनीतिक नेतृत्व की तरह जम्मू-कश्मीर की सभी छोटी-बड़ी राजनीतिक पार्टियों को आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आना चाहिए। इसके लिए सबसे पहले एक व्यापक सर्वदलीय बैठक (All-Party Meeting) बुलाई जानी चाहिए, जिसमें न केवल राजनीतिक दलों के प्रमुख बल्कि नागरिक समाज (सिविल सोसाइटी) के प्रतिनिधि भी हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि एक ईमानदार और सार्थक राजनीतिक प्रक्रिया तभी शुरू हो सकती है जब तक बुनियादी और अमानवीय परिस्थितियों को हल करने के लिए सभी नेता एक सुर में केंद्र सरकार के सामने अपनी मांगें न रखें।जंतर-मंतर पर २० मार्च को शक्ति प्रदर्शन की तैयारी: मीरवाइज को न्योते पर भड़की भाजपाज्ञात हो कि जम्मू-कश्मीर की सत्ता संभाल रहे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आगामी २० मार्च २०२6 को देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर एक विशाल धरने और प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार की है। उमर अब्दुल्ला का आरोप है कि केंद्र सरकार उनके धैर्य की परीक्षा ले रही है और पूर्ण राज्य का दर्जा देने के वादे को लगातार टाल रही है। इस राष्ट्रीय आंदोलन को सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने देश के तमाम विपक्षी नेताओं के साथ-साथ कश्मीर के प्रमुख धार्मिक और अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारुख को भी औपचारिक निमंत्रण भेजा है, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उमर अब्दुल्ला पर अलगाववाद को दोबारा बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाया है और इस पूरी कवायद का कड़ा विरोध किया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 6:17 pm

वांगचुक की हालत बेहद नाजुक! सोनम ने अस्पताल में दवा और ड्रिप लेने से किया इनकार

Sonam Wangchuk Health Update: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से अनशन पर बैठे लद्दाख के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। शनिवार तड़के दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने ...

वेब दुनिया 18 Jul 2026 6:15 pm

दिल्ली से सीधे ऋषिकेश तक दौड़ेगी रैपिड रेल, 5 घंटे का थकाऊ सफर अब सिर्फ 150 मिनट में होगा पूरा!

दिल्ली-एनसीआर से देवभूमि उत्तराखंड के पहाड़ों और पवित्र धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक बेहद शानदार और युगांतरकारी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी देने वाली देश की सबसे तेज रीजनल रेल 'नमो भारत' (Namo Bharat) अब सीधे हिमालय की तलहटी तक का सफर तय करने जा रही है। केंद्र सरकार ने दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर को मेरठ के मोदिपुरम स्टेशन से आगे बढ़ाते हुए विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्रों हरिद्वार और ऋषिकेश तक ले जाने के ऐतिहासिक प्रस्ताव को अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। यह लगभग १५० किलोमीटर लंबा नया एक्सटेंशन कॉरिडोर देश के सबसे बड़े पर्यटन हब को दिल्ली से जोड़कर सफर के समय को आधा कर देगा।उत्तराखंड के प्रयासों को मिली हरी झंडी: 'गंगा ग्रोथ कॉरिडोर' के लिए ग्राउंड वर्क और डीपीआर की तैयारी शुरूयह महापरियोजना उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर के समक्ष लगातार की गई मजबूत पैरवी का परिणाम है। केंद्र सरकार से औपचारिक हरी झंडी मिलने के बाद अब उत्तराखंड सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) संयुक्त रूप से इस ड्रीम प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने में जुट गए हैं। इस पूरे रूट का व्यापक हवाई और जमीनी सर्वे करने के साथ-साथ एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है, जिसमें स्टेशनों की संख्या, आवश्यक भूमि अधिग्रहण और जटिल इंजीनियरिंग रूट मैप को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उत्तराखंड शासन ने इस मेगा प्रोजेक्ट के त्वरित क्रियान्वयन के लिए अतिरिक्त सचिव रीना जोशी को विशेष नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया है।मेरठ से लक्ष्मण झूला तक का रूट मैप: जानिए किन-किन बड़े शहरों से होकर गुजरेगी नमो भारतयह अत्याधुनिक सेमी-हाई-स्पीड रेल ट्रैक वर्तमान में संचालित हो रहे दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के अंतिम छोर यानी मोदिपुरम (मेरठ) से आगे विस्तार पकड़ेगा। उत्तर प्रदेश के हिस्से में यह कॉरिडोर मोदिपुरम से शुरू होकर दौराला, खतौली, मुजफ्फरनगर औद्योगिक क्षेत्र और उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड की भौगोलिक सीमा पर स्थित पुरकाजी कस्बे से होकर गुजरेगा। इसके बाद सीमा पार करते हुए यह ट्रेन शिक्षा के बड़े केंद्र रुड़की (IIT रुड़की) और हरिद्वार में पवित्र हर की पौड़ी के करीब से गुजरती हुई सीधे ऋषिकेश में प्रतिष्ठित लक्ष्मण झूला के समीप नवनिर्मित टर्मिनल स्टेशन पर जाकर समाप्त होगी। इस विशाल नेटवर्क का सबसे अनूठा लाभ यह होगा कि हरिद्वार और ऋषिकेश के यात्री बिना किसी रुकावट के गाजियाबाद, आनंद विहार और सराय काले खान पहुंच सकेंगे, जिसे भविष्य में दिल्ली-पानीपत और जेवर एयरपोर्ट रैपिड रेल रूट से भी इंटरचेन्ज के जरिए जोड़ा जाएगा।भारी ट्रैफिक जाम से मिलेगी बड़ी राहत: १६० किमी की रफ्तार से वीकेंड टूरिज्म को मिलेगा जबरदस्त बूस्टवर्तमान समय में दिल्ली से ऋषिकेश या हरिद्वार जाने वाले मुसाफिरों को राष्ट्रीय राजमार्ग-५८ (NH-58) पर मिलने वाले भीषण ट्रैफिक जाम और जटिल मोड़ों से जूझना पड़ता है, जिससे सड़क मार्ग से यात्रा तय करने में औसतन ५ से ६ घंटे का लंबा समय बर्बाद होता है। चूंकि नमो भारत ट्रेनें १६० किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड से पटरियों पर दौड़ने की क्षमता रखती हैं, इसलिए इस डेडीकेटेड ट्रैक के चालू होने के बाद दिल्ली से ऋषिकेश की कुल दूरी महज ढाई से तीन घंटे (१५० मिनट) में आसानी से नापी जा सकेगी। इस क्रांतिकारी परिवहन प्रणाली के विकसित होने से दिल्ली-एनसीआर के कामकाजी लोग और युवा वीकेंड पर आसानी से एडवेंचर स्पोर्ट्स और आध्यात्मिक शांति के लिए ऋषिकेश आ-जा सकेंगे और सुबह जाकर शाम तक वापस अपने घर लौट सकेंगे।निवेश और फंडिंग का महायोजना: वैश्विक बैंकों की मदद से आकार लेगी कई हजार करोड़ की यह परियोजनायद्यपि सरकार ने विस्तृत सर्वे और डीपीआर पूरा होने से पहले इस बड़े प्रोजेक्ट की सटीक आधिकारिक लागत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन बुनियादी ढांचे के विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह एक बेहद विशाल पूंजी निवेश वाला प्रोजेक्ट होगा। संदर्भ के लिए, ८२.१५ किलोमीटर लंबे मौजूदा दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के निर्माण में करीब ₹३०,२७4 करोड़ का बड़ा खर्च आया था, और चूंकि यह नया ऋषिकेश एक्सटेंशन कॉरिडोर उससे लगभग दोगुना लंबा है, इसलिए इसमें भारी बजटीय आवंटन की आवश्यकता होगी। इस वित्तीय आवश्यकता को पूरा करने के लिए केंद्र और दोनों राज्य सरकारों के अंशदान के साथ-साथ एशियाई विकास बैंक (ADB) और एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से बड़े ऋण समझौते किए जा सकते हैं, जबकि उत्तराखंड सरकार ने कुंभ क्षेत्र के बिजली बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ₹७५0 करोड़ की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता मांगी है।केवल तीर्थयात्रा नहीं बल्कि व्यापारिक क्रांति: रियल एस्टेट, वेयरहाउसिंग और महाकुंभ २०२७ के लिए गेम चेंजरआर्थिक जगत के विश्लेषकों और लोहिया वर्ल्डस्पेस के प्रबंध निदेशक पीयूष लोहिया का स्पष्ट मानना है कि इस कॉरिडोर के आने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की पूरी व्यावसायिक तस्वीर बदल जाएगी। इस कॉरिडोर के चालू होने से मुजफ्फरनगर के वेयरहाउसिंग सेक्टर और रुड़की के छात्र-आवास (हॉस्टल्स) व रियल एस्टेट मार्केट में जबरदस्त तेजी देखी जाएगी, साथ ही मुरादाबाद के पीतल उद्योग के निर्यातकों को भी हाईवे पर जाम कम होने से माल को दिल्ली भेजने में बड़ी लॉजिस्टिक्स राहत मिलेगी। दिल्ली-एनसीआर के बड़े निवेशकों द्वारा हरिद्वार और ऋषिकेश में हॉलिडे होम्स, लग्जरी विला और सर्विस अपार्टमेंट्स में भारी निवेश करने की उम्मीद है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि साल २०२७ में आयोजित होने वाले भव्य महाकुंभ और वार्षिक चारधाम यात्रा के दौरान जब उत्तराखंड के मार्ग वाहनों के अत्यधिक दबाव से हांफने लगते हैं, तब यह हाई-स्पीड रैपिड रेल प्रणाली राज्य के संपूर्ण ट्रैफिक मैनेजमेंट और पर्यटन अर्थव्यवस्था के लिए एक अचूक सुरक्षा कवच साबित होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 6:14 pm

सोनम वांगचुक के अनशन पर पहली बार बोले राहुल गांधी, आधी रात के पुलिस एक्शन पर मोदी सरकार को घेरा

लद्दाख के पर्यावरण और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा जबरन हटाए जाने के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस पूरे घटनाक्रम पर पहली बार अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। शनिवार को केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा मोदी सरकार के मूल सिद्धांत पूरी तरह से असत्य और हिंसा पर टिके हुए हैं। उन्होंने जंतर-मंतर से वांगचुक को हटाए जाने की पुलिसिया कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर करारी चोट बताते हुए स्पष्ट किया कि एक अहिंसक और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को बलपूर्वक दबाना पूरी तरह से अलोकतांत्रिक और निंदनीय है।दिल्ली पुलिस का सीक्रेट ऑपरेशन: जैमर, सादे कपड़े और सफेद चादरों के घेरे में ऐसे हटाए गए वांगचुकसोनम वांगचुक का स्वास्थ्य लगातार बिगड़ने के बाद शनिवार तड़के दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर एक बेहद सुनियोजित और विशेष रणनीति के तहत ऑपरेशन को अंजाम दिया। दिल्ली उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों और डॉक्टरों की आपातकालीन सलाह के बाद शुक्रवार रात करीब १:३० बजे पुलिस मुख्यालय से वरिष्ठ अधिकारियों को वांगचुक की मेडिकल जांच और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने के सख्त निर्देश मिले। इसके तुरंत बाद नई दिल्ली जिले के आला अधिकारी मंदिर मार्ग थाने में एकत्र हुए और बिना किसी टकराव के वांगचुक को एक मिनट से भी कम समय में वहां से निकालने का विशेष अभ्यास किया गया। सुबह करीब ५ बजे सादे कपड़ों में तैनात पुलिसकर्मियों ने पूरे मंच को बड़ी-बड़ी सफेद चादरों से ढक दिया और विरोध प्रदर्शनकारियों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को रोकने के लिए इलाके में मोबाइल नेटवर्क जैमर तक लगा दिए गए, जिसके बाद वांगचुक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया।शिक्षा व्यवस्था पर राहुल गांधी का बड़ा हमला: पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्याओं को बताया राष्ट्रीय संकटसोनम वांगचुक के मुद्दे के साथ-साथ राहुल गांधी ने देश के छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर भी मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि लगातार होते प्रश्नपत्र लीक (पेपर लीक), शिक्षा की आसमान छूती लागत और इसके कारण डिप्रेशन में आकर छात्रों द्वारा की जा रही आत्महत्याएं भारत के भविष्य से जुड़े सबसे गंभीर मुद्दे हैं, जिन पर सरकार को राजनीति से ऊपर उठकर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के लिए किया जाने वाला कोई भी बल प्रयोग देश के युवाओं को उनके हकों की लड़ाई लड़ने से नहीं रोक सकता क्योंकि छात्रों की निर्भीक आवाज ही जीवंत लोकतंत्र की असली पहचान है।देहरादून रैली का भावुक वीडियो साझा: नीट परीक्षा और रिया की आत्महत्या पर टूटे पिता का दर्द बयां कियाअपने बयानों को आगे बढ़ाते हुए राहुल गांधी ने देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था को बिल्कुल नए सिरे से तैयार करने की पुरजोर वकालत की ताकि बच्चों के लिए तनावमुक्त व सुरक्षित माहौल का निर्माण हो सके। उन्होंने देहरादून में आयोजित 'छात्रों की गूंज' रैली का एक बेहद भावुक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने मंच पर रिया कुमारी के पिता राजेश कुमार को आमंत्रित किया था। ज्ञात हो कि नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में बड़े पैमाने पर लगे पेपर लीक के आरोपों और परीक्षा रद्द होने के बाद मानसिक तनाव के कारण मई में रिया ने आत्महत्या कर ली थी। राहुल ने भावुक होते हुए लिखा कि अपनी बेटी को खोकर राजेश जी इस कदर टूट चुके हैं कि उन्हें देखकर हर आंख नम हो गई; यह सिर्फ एक परिवार का व्यक्तिगत दर्द नहीं है बल्कि देश में पेपर लीक के माफियाओं ने ऐसे कई हंसते-खेलते परिवारों के बच्चों को उनसे हमेशा के लिए छीन लिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 6:12 pm

पवन चंदाना और नागा भरत डाका: ऐतिहासिक विक्रम-1 मिशन के पीछे की जोड़ी, जिसने अंतरिक्ष क्षेत्र में बदल दी भारत की तस्वीर

वर्ष 2018 में इसरो के दो पूर्व वैज्ञानिकों द्वारा शुरू किया गया एक महत्वाकांक्षी सपना आज भारत के निजी स्पेस सेक्टर की सबसे बड़ी सफलता की कहानी बन चुका है। पवन कुमार चंदाना और नागा भरत डाका के नेतृत्व में स्काईरूट एयरोस्पेस ने भारत का पहला सफल निजी ऑर्बिटल लॉन्च कर इतिहास रच दिया है।

देशबन्धु 18 Jul 2026 5:59 pm

रविवार को जगदीशपुर में होगी मोहन कैबिनेट की अहम बैठक, UCC समेेत कई अहम फैसलों पर टिकी नजर

20 जुलाई से शुरु हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र से पहले रविवार को मोहन कैबिनेट की अहम बैठक जगदीशपुर में होगी। कैबिनेट की बैठक में UCC समेत कई अहम मसौदों को मंजूरी दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जगदीशपुर में कैबिनेट की बैठक लेकर कहा कि भोपाल ...

वेब दुनिया 18 Jul 2026 5:55 pm

ये हमारी कहानी नहीं हैं, हमारी कहानी कुछ और है, जिसे हमें खोजना है

जैसे-जैसे हम में संविधान के मूल्‍य और अधिकारों की समझ बढ़ने लगती है, हम अधिक बेहतर इंसान और बेहतर भारतीय नागरिक बनने की तरफ बढ़ने लगते हैं। एक व्‍यक्‍ति अगर अपने अधिकार और खासतौर से संवैधानिक मूल्‍यों के प्रति जागरूक होगा तो वो बेहतर इंसान भी होगा। ...

वेब दुनिया 18 Jul 2026 5:52 pm

दतिया उपचुनाव में अटकलों पर लगा विराम, अवधेश नायक ने किया कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह का समर्थन, चुनाव प्रचार के लिए उतरे

दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस ‌में टिकट वितरण के बाद उठे घमासान के बाद अब दोनों ही सियासी दलों में डैमेज कंट्रोल होता दिख रहा है। कांग्रेस में घनश्याम ‌सिंह का टिकट होने के बाद टिकट के प्रबल दावेदार रहे अवधेश नायक की नाराजगी‌ और उनको ...

वेब दुनिया 18 Jul 2026 5:47 pm

सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने पर राहुल गांधी का हमला, बोले- शांतिपूर्ण आंदोलन दबाना गलत

सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल भेजे जाने पर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। NEET परीक्षा अनियमितताओं, शिक्षा सुधार और छात्रों के मुद्दों को लेकर विपक्ष ने कार्रवाई पर सवाल उठाए।

देशबन्धु 18 Jul 2026 4:44 pm

बंगाल दौरे पर अमित शाह का सीमा सुरक्षा पर फोकस, BSF चौकी पहुंचे; ‘चिकन नेक’ कॉरिडोर की सुरक्षा को लेकर हाईलेवल बैठक

पश्चिम बंगाल दौरे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सिलीगुड़ी स्थित BSF चौकी का दौरा कर भारत-बांग्लादेश सीमा और ‘चिकन नेक’ कॉरिडोर की सुरक्षा की समीक्षा की। IB, BSF और NIA अधिकारियों के साथ हुई हाईलेवल बैठक।

देशबन्धु 18 Jul 2026 4:30 pm

जंतर-मंतर पर अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकी गई, सोनम वांगचुक को अस्पताल भेजे जाने के बाद भूख हड़ताल पर बैठे CJP प्रमुख

दिल्ली पुलिस द्वारा सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके आज से भूख हड़ताल पर बैठ गए। जब वे अनशनस्‍थल पर कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे तभी एक महिला ने उन पर स्याही फेंक दी। इससे वहां अफरातफरी ...

वेब दुनिया 18 Jul 2026 4:21 pm

दिल्ली-NCR में 10 दिन से बारिश का इंतजार, बादल छा रहे लेकिन बरस क्यों नहीं रहे? जानिए IMD ने क्या बताया

दिल्ली-NCR, यूपी, हरियाणा और राजस्थान में 10 दिन से अच्छी बारिश क्यों नहीं हो रही? जानिए IMD के अनुसार 'ब्रेक इन मॉनसून', अल नीनो और मानसून ट्रफ का पूरा असर तथा कब लौटेगी झमाझम बारिश।

देशबन्धु 18 Jul 2026 4:07 pm

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

Liver Disease Symptoms: क्या आपने कभी अपनी हथेलियों के रंग या अपनी आंखों के सफेद हिस्से (स्केलेरा) पर बारीकी से गौर किया है? अक्सर हम हलकी लालिमा या आंखों के पीलेपन को थकान समझकर टाल देते हैं। लेकिन शरीर के ये छोटे-छोटे बदलाव असल में एक बहुत बड़ी ...

वेब दुनिया 18 Jul 2026 4:05 pm

पूर्व सैनिक प्रवीण पुंडीर ने बीड़ा उठाया देश के रक्षक तैयार करने का, जानें युवाओं के लिए कैसे बने प्रेरणा

भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद भी एक सैनिक का जज्बा कभी रिटायर नहीं होता। इसका सटीक उदाहरण हैं पूर्व सैनिक प्रवीण पुंडीर, जिन्होंने खुद देश की सीमाओं की रक्षा करने के बाद अब युवाओं को वर्दी पहनाने का बीड़ा उठा लिया है। वे केवल एक मेंटॉर नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं के लिए उम्मीद की किरण हैं जो भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों और पुलिस में भर्ती होकर देश सेवा का सपना संजोए बैठे हैं। प्रवीण पुंडीर की कहानी आज हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो संघर्षों से लड़कर सफलता की इबारत लिखना चाहता है।सेना के अनुशासन से युवाओं में भर रहे हैं जोशप्रवीण पुंडीर का मानना है कि सेना में भर्ती केवल शारीरिक क्षमता का परीक्षण नहीं है, बल्कि यह मानसिक मजबूती और अनुशासन का एक अनूठा संगम है। उन्होंने अपनी सेवा के वर्षों में जो अनुभव प्राप्त किए, उसे वे अब पूरी निष्ठा के साथ आने वाली पीढ़ी को दे रहे हैं। उनके प्रशिक्षण केंद्र में अनुशासन का स्तर सेना जैसा ही होता है, जिससे युवाओं को पहले दिन से ही एक फौजी की जीवनशैली और मानसिकता का अनुभव मिलने लगता है। वे अपने छात्रों को न केवल फिजिकल ट्रेनिंग देते हैं, बल्कि उन्हें देश प्रेम और समर्पण की भावना से भी ओत-प्रोत करते हैं।कैसे तैयार होते हैं देश के भविष्य के रक्षक?प्रवीण पुंडीर के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं की सफलता का ग्राफ तेजी से ऊपर बढ़ा है। वे मानते हैं कि अगर सही दिशा, सटीक मार्गदर्शन और अटूट मेहनत मिल जाए, तो किसी भी ग्रामीण या मध्यम वर्गीय परिवार का युवा देश की सबसे बड़ी सेवा का हिस्सा बन सकता है। वे अपने प्रशिक्षण के दौरान शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ लिखित परीक्षा और इंटरव्यू की तैयारी पर भी समान रूप से जोर देते हैं। उनके छात्रों का कहना है कि पुंडीर सर की रणनीति और उनकी व्यावहारिक सीख ही उन्हें बाकी प्रतियोगियों से अलग खड़ा करती है।वर्दी के सपने को सच करने का मिशनएक सैनिक जब अपनी वर्दी उतारता है, तो उसके पास ढेर सारी यादें और अनुभव होते हैं, लेकिन प्रवीण पुंडीर ने अपने इन अनुभवों को समाज सेवा में बदलने का रास्ता चुना। आज जब देश को युवा और ऊर्जावान सुरक्षाकर्मियों की जरूरत है, तब पुंडीर जैसे पूर्व सैनिक अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं। उनका यह सफर इस बात को साबित करता है कि वर्दी सेवा का एक माध्यम मात्र है, और उसे पहनने के बाद भी समाज के प्रति जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। युवाओं को सही राह दिखाकर वे असल मायने में 'देश के रक्षक' तैयार कर रहे हैं, जो आने वाले कल में भारत की सुरक्षा की बागडोर संभालेंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 3:30 pm

जींद में हरित क्रांति: पीएम मोदी की 'ग्रीन ट्रांसपोर्ट' मुहिम को मिला बड़ा जनसमर्थन, रैली में दौड़े 466 इलेक्ट्रिक वाहन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पर्यावरण संरक्षण और हरित परिवहन (Green Transportation) की सोच को हरियाणा की धरती पर एक नई दिशा मिली है। जींद में आयोजित एक विशाल रैली के दौरान 466 इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का एक साथ उपयोग किया गया, जो न केवल भारत के बढ़ते ई-मोबिलिटी संकल्प को दर्शाता है, बल्कि हरियाणा के लोगों की पीएम मोदी के विजन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का भी प्रमाण है। यह आयोजन देश के भविष्य को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।पर्यावरण संरक्षण और ई-मोबिलिटी का अनूठा संगमजींद की इस रैली में इलेक्ट्रिक वाहनों की भारी संख्या में मौजूदगी ने यह संदेश दिया है कि आम जनता अब 'ग्रीन एनर्जी' को अपनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने के लिए पीएम मोदी का जोर लगातार इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग पर रहा है। इस रैली में शामिल हुए 466 इलेक्ट्रिक वाहनों ने न केवल रैली में आने वाले लोगों को सुविधा प्रदान की, बल्कि पर्यावरण में कार्बन उत्सर्जन को कम करने का एक बेहतरीन उदाहरण भी पेश किया। स्थानीय लोगों के बीच भी इन वाहनों को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।हरियाणा में बढ़ रहा है इलेक्ट्रिक वाहनों का क्रेजहरियाणा सरकार भी केंद्र की इस पहल को धरातल पर उतारने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशनों का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे लोग अब बेझिझक इलेक्ट्रिक वाहनों का चुनाव कर रहे हैं। जींद की रैली में हुए इतने बड़े पैमाने पर ई-वाहनों का उपयोग यह साबित करता है कि प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों का इकोसिस्टम मजबूती से पनप रहा है। यह न केवल किफायती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक अनिवार्य कदम भी है।पीएम मोदी का विजन और भारत का भविष्यप्रधानमंत्री का सपना एक ऐसे भारत का निर्माण करना है जो 'आत्मनिर्भर' होने के साथ-साथ 'प्रदूषण मुक्त' भी हो। जींद में दिखा यह जनसमर्थन पीएम मोदी के उस विजन की पुष्टि करता है, जिसमें वे देश की ऊर्जा जरूरतों को अक्षय ऊर्जा और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के माध्यम से पूरा करना चाहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी प्रकार का जनभागीदारी वाला मॉडल देश भर में अपनाया गया, तो भारत बहुत जल्द ही वैश्विक स्तर पर ग्रीन ट्रांसपोर्ट का नेतृत्व करने में सक्षम होगा। रैली में इतनी बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक वाहनों का आना एक राजनीतिक संदेश के साथ-साथ सामाजिक बदलाव की एक बड़ी दस्तक भी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 3:28 pm

कैथल ग्रेनेड हमला मामला: साल 2025 की इस बड़ी घटना में नाबालिग आरोपी को मिली हाईकोर्ट से जमानत

कैथल में हुए चर्चित ग्रेनेड हमले के मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए नाबालिग आरोपी को जमानत दे दी है। साल 2025 में हुए इस दहला देने वाले ग्रेनेड अटैक ने पूरे हरियाणा में सनसनी फैला दी थी। आरोपी के नाबालिग होने और मामले की गंभीरता के बीच हाईकोर्ट ने कानूनी प्रावधानों और किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act) के तहत सुनवाई करते हुए यह राहत प्रदान की है। इस फैसले के बाद से केस से जुड़े सभी पक्षों और स्थानीय लोगों के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म है।क्या था साल 2025 का कैथल ग्रेनेड अटैक मामला?साल 2025 में कैथल शहर में हुए ग्रेनेड हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े किए थे। इस घटना में विस्फोटक का इस्तेमाल कर दहशत फैलाने का प्रयास किया गया था, जिसमें कई लोग बाल-बाल बचे थे। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई थी कि हमले के पीछे एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय था, जिसमें किशोरों का इस्तेमाल किया गया था। इस मामले ने न केवल पुलिस बल्कि राज्य की सुरक्षा एजेंसियों को भी हिलाकर रख दिया था, जिसके बाद कई गिरफ्तारियां हुई थीं और गहन छानबीन की गई थी।हाईकोर्ट का फैसला और जमानत की शर्तेंनाबालिग आरोपी की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने तर्क दिया था कि आरोपी घटना के समय किशोर था और उसे सुधारने की जरूरत है, न कि उसे जेल के माहौल में रखने की। हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड और तथ्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी को शर्तों के साथ जमानत देने का आदेश जारी किया है। कोर्ट ने यह सुनिश्चित करने को कहा है कि जमानत के दौरान किशोर की निगरानी उचित सुधार गृह के माध्यम से हो या उसके अभिभावकों की देखरेख में रहे। अदालत का यह आदेश इस दृष्टिकोण पर आधारित है कि किशोर अपराधियों के साथ कानून का रुख सुधारवादी होना चाहिए।जांच पर पड़ेगा क्या असर और आगे की राह?इस जमानत के बाद कानून के जानकारों का मानना है कि इससे मुख्य मामले की जांच की गति पर असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, आम लोगों के मन में अब भी इस हमले को लेकर कई सवाल बाकी हैं। कैथल पुलिस ने पहले ही इस केस में चार्जशीट दाखिल कर दी है। कोर्ट के इस आदेश ने एक बार फिर से इस बात पर बहस छेड़ दी है कि गंभीर अपराधों में संलिप्त नाबालिगों के लिए न्याय का स्वरूप क्या होना चाहिए। फिलहाल, इस हाई-प्रोफाइल मामले में सरकार और पुलिस की अगली कानूनी रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 3:26 pm

गारंटीड रिटर्न का झांसा पड़ सकता है भारी: WhatsApp ग्रुप और फर्जी ऐप्स से रहें सावधान, राजस्थान पुलिस की सख्त चेतावनी

अगर आपको भी WhatsApp या किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 'घर बैठे लाखों कमाने' या 'गारंटीड रिटर्न' का लालच देने वाले मैसेज मिल रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। राजस्थान पुलिस ने साइबर ठगों के बढ़ते नेटवर्क को देखते हुए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। साइबर अपराधी आजकल निवेश के नाम पर फर्जी ऐप्स और व्हाट्सएप ग्रुप का जाल बिछा रहे हैं, जिसमें फंसकर लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं। पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और बताया है कि कैसे ये ठग आपकी गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रहे हैं।ऐसे काम करता है फर्जी निवेश का साइबर जालसाइबर अपराधी सबसे पहले लोगों को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ते हैं, जहाँ वे खुद को एक्सपर्ट बताकर शेयर बाजार, क्रिप्टो या किसी अज्ञात स्कीम में निवेश करने पर भारी मुनाफे का दावा करते हैं। शुरुआत में ये ठग छोटा निवेश करवाकर थोड़ा रिटर्न देते हैं ताकि विश्वास जीत सकें, लेकिन जैसे ही आप बड़ी रकम निवेश करते हैं, ये आपका पैसा लेकर गायब हो जाते हैं। इन गिरोहों द्वारा बनाए गए फर्जी ऐप्स दिखने में बिल्कुल असली जैसे लगते हैं, लेकिन इनका एकमात्र उद्देश्य आपका पैसा हड़पना होता है। पुलिस के अनुसार, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करना या किसी संदिग्ध ऐप को डाउनलोड करना आपकी वित्तीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हो सकता है।पुलिस की सलाह: इन संकेतों को पहचानें और सुरक्षित रहेंराजस्थान पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई भी वैध निवेश योजना कभी भी व्हाट्सएप पर इस तरह के अनचाहे मैसेज नहीं भेजती। पुलिस की एडवाइजरी में कहा गया है कि अगर कोई ऐप आपको बहुत कम समय में दोगुना या तिगुना रिटर्न देने का वादा कर रहा है, तो समझ लीजिए कि यह एक स्कैम है। किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी लें और केवल सेबी (SEBI) या आरबीआई (RBI) द्वारा मान्यता प्राप्त प्लेटफार्मों का ही उपयोग करें। अगर आपके साथ ऐसी कोई घटना होती है, तो तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करें। अनजान व्यक्ति के खाते में कभी भी पैसे ट्रांसफर न करें और न ही किसी भी अज्ञात निवेश ग्रुप में शामिल हों।डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा है जरूरीऑनलाइन निवेश का चलन बढ़ने के साथ ही साइबर धोखाधड़ी के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि 'लालच' ही ठगों का सबसे बड़ा हथियार है। स्मार्ट निवेश वही है जो पूरी जानकारी और सावधानी के साथ किया जाए। अपनी व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी किसी भी अनवेरिफाइड सोर्स के साथ साझा न करें। राजस्थान पुलिस का यह कदम नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की एक कोशिश है, ताकि आम जनता अपनी गाढ़ी कमाई को इन शातिर अपराधियों से बचा सके। याद रखें, सावधानी ही साइबर ठगी से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 3:23 pm

करौली का 400 साल पुराना शिव मंदिर: यहाँ शिवलिंग पर चढ़ाया जल नंदी तक कैसे पहुंचता है? जानिये चमत्कार

राजस्थान के करौली जिले में एक ऐसा प्राचीन शिव मंदिर स्थित है जो अपनी स्थापत्य कला से कहीं अधिक अपने एक रहस्यमयी चमत्कार के लिए श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। करीब 400 साल पुराने इस शिवालय की महिमा ऐसी है कि यहाँ वैज्ञानिक और भक्त दोनों ही हैरान रह जाते हैं। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि शिवलिंग पर चढ़ाया गया जल अभिषेक के बाद अपने आप ही नंदी महाराज के चरणों तक पहुँच जाता है। यह जल कहाँ जाता है और इसका मार्ग क्या है, यह आज भी एक अनसुलझा रहस्य बना हुआ है।सदियों पुराना इतिहास और भक्तों की अटूट आस्थाकरौली के इस प्राचीन मंदिर का इतिहास चार शताब्दियों पुराना बताया जाता है। स्थानीय निवासियों और बुजुर्गों के अनुसार, यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रमुख केंद्र है। मंदिर की बनावट को लेकर पुरातत्वविदों का मानना है कि इसे बहुत ही बारीकी और तकनीक के साथ निर्मित किया गया था। मंदिर के गर्भगृह में स्थित शिवलिंग पर जब भक्त श्रद्धा से जल चढ़ाते हैं, तो वह जल चमत्कारिक रूप से बाहर निकलने के बजाय सीधे नंदी की प्रतिमा तक पहुँच जाता है। यह दृश्य न केवल लोगों को भावविभोर करता है, बल्कि मंदिर के शिल्पकारों की अद्भुत इंजीनियरिंग क्षमता को भी प्रदर्शित करता है।क्या वाकई यह चमत्कार है या प्राचीन इंजीनियरिंग का कमाल?भक्त इसे महादेव का साक्षात आशीर्वाद और चमत्कार मानते हैं, वहीं जिज्ञासु लोग इसे प्राचीन भारत की जल प्रबंधन प्रणाली (Water Management System) का एक उत्कृष्ट नमूना मानते हैं। सदियों पहले बनाई गई यह व्यवस्था आज के आधुनिक युग में भी चर्चा का विषय बनी हुई है। मंदिर के पुजारियों का कहना है कि जल के इस रहस्यमयी मार्ग को आज तक कोई भी पूरी तरह से नहीं समझ पाया है। यह नंदी की प्रतिमा से जुड़ा एक ऐसा पाइप या गुप्त जल निकासी प्रणाली हो सकती है जिसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि जल शिवलिंग से नंदी के पास तक बिना किसी रुकावट के पहुँचता है।श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्रकरौली में स्थित यह मंदिर न केवल धार्मिक पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि देश भर से लोग इस अनूठे नजारे को अपनी आँखों से देखने के लिए आते हैं। मंदिर का वातावरण अत्यंत शांत और सकारात्मक है, जो आने वाले हर व्यक्ति को आत्मिक शांति का अनुभव कराता है। विशेष अवसरों पर, जैसे कि महाशिवरात्रि और सावन के महीने में यहाँ भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। यदि आप राजस्थान यात्रा पर निकल रहे हैं, तो करौली के इस चमत्कारी शिव मंदिर के दर्शन जरूर करें। यह मंदिर आपको भारतीय संस्कृति के उस गौरवशाली अतीत से जोड़ता है, जहाँ विज्ञान और अध्यात्म एक साथ चलते थे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 3:22 pm

बेतला नेशनल पार्क का 'सीक्रेट रूट' हुआ वायरल: सफारी बंद होने के बाद भी पलामू की खूबसूरती ने खींचा पर्यटकों का ध्यान

पलामू के जंगलों की रौनक भले ही अभी सफारी के बंद होने से थोड़ी थम गई हो, लेकिन प्रकृति प्रेमियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। बेतला नेशनल पार्क के मुख्य सफारी मार्ग के बंद होने के बाद भी, पलामू के घने जंगलों के बीच एक 'सीक्रेट रूट' पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। सोशल मीडिया पर इस नए रास्ते की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जो पर्यटकों को जंगल के उस अनछुए हिस्से से रूबरू करा रहे हैं, जिसे अब तक केवल स्थानीय लोग ही जानते थे।क्या है पलामू का ये नया 'सीक्रेट रूट' और क्यों हो रहा है चर्चा?बेतला नेशनल पार्क, जो अपनी जैव विविधता और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए जाना जाता है, इन दिनों अपने एक गुप्त रास्ते को लेकर चर्चा में है। जानकारों के अनुसार, यह रास्ता पलामू के जंगलों के उन दुर्गम और शांत हिस्सों से होकर गुजरता है, जहाँ पहले पहुँच पाना आम पर्यटकों के लिए मुश्किल था। सफारी बंद होने के बावजूद, प्रकृति की गोद में शांति तलाशने वाले लोग इस रूट के जरिए जंगलों की अद्भुत सुंदरता का लुत्फ उठा रहे हैं। यहाँ के ऊंचे पहाड़, घने साल के वृक्ष और वन्यजीवों की प्राकृतिक हलचल इस सफर को अविस्मरणीय बना देती है।पलामू की लुभावनी खूबसूरती और वन्य जीवन की झलकइस रूट की सबसे बड़ी खासियत यहाँ की शांति और प्राकृतिक दृश्य हैं। यहाँ आप न केवल पलामू की पहाड़ियों की चोटियों का दीदार कर सकते हैं, बल्कि जंगल के उस प्राकृतिक सौंदर्य को भी देख सकते हैं जो सफारी के शोर-शराबे से दूर रहता है। यदि आप किस्मत वाले रहे, तो रास्ते में आपको हिरणों के झुंड या दुर्लभ पक्षियों की चहचहाहट भी सुनाई दे सकती है। यह रूट पलामू के जंगलों के उस रहस्यमय पक्ष को उजागर करता है, जो अब तक पर्यटकों की नजरों से छिपा था। यदि आप प्रकृति के करीब जाकर फोटोग्राफी के शौकीन हैं, तो यह जगह आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं है।यात्रा से पहले जरूरी सावधानियां और सुझावभले ही यह रास्ता रोमांच से भरा हो, लेकिन यह याद रखना आवश्यक है कि यह एक संरक्षित क्षेत्र है। जंगल के इस 'सीक्रेट रूट' पर जाने से पहले स्थानीय वन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन जरूर करें। अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें और जंगल की शांति को बनाए रखने के लिए किसी भी तरह की गंदगी न फैलाएं। पलामू के इस रहस्यमय रास्ते का लुत्फ उठाने का सबसे अच्छा समय सुबह की पहली किरण के साथ होता है, जब जंगल अपनी पूरी जीवंतता के साथ जागता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 3:20 pm

झारखंड में मौसम का 'अलर्ट मोड'! रांची सहित 6 जिलों में मूसलाधार बारिश और वज्रपात की चेतावनी, संभलकर चलें

झारखंड के मौसम में आज अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य के कई हिस्सों में आसमान काले बादलों से घिर गया है और हवाओं के साथ भारी बारिश का सिलसिला शुरू हो चुका है। मौसम विभाग (IMD) ने रांची समेत 6 प्रमुख जिलों के लिए 'येलो' और 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश के साथ-साथ आसमान से गिरती बिजली यानी वज्रपात की चेतावनी ने प्रशासन और आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल, मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे या खुले मैदानों में न रहें और अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।इन जिलों पर मंडरा रहा है सबसे बड़ा खतरामौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, रांची, रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो, गुमला और खूंटी जिलों में आज झमाझम बारिश होने की प्रबल संभावना है। इन क्षेत्रों में दोपहर के बाद से ही गरज और चमक के साथ बारिश का दौर तेज हो गया है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की सक्रियता और कम दबाव के क्षेत्र के कारण इन जिलों में अगले कुछ घंटों तक रुक-रुक कर भारी बारिश जारी रह सकती है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, जिसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।वज्रपात: जान बचाने के लिए बरतें ये सावधानियांभारी बारिश के साथ वज्रपात (Thunderstorm) की चेतावनी ने सबसे ज्यादा डर पैदा किया है। पिछले कुछ वर्षों में झारखंड में बिजली गिरने से हुई घटनाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने गाइडलाइन जारी की है। यदि आप घर से बाहर हैं और अचानक बिजली कड़कने लगे, तो किसी पक्के मकान या सुरक्षित शेल्टर का सहारा लें। खेतों में काम कर रहे किसानों को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया है। धातु की वस्तुओं, बिजली के खंभों और ऊंचे पेड़ों से दूर रहना ही बचाव का एकमात्र तरीका है। अपने स्मार्टफोन पर मौसम के अपडेट्स पर नजर बनाए रखें और घबराएं नहीं।यातायात और जनजीवन पर असररांची शहर और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही बारिश का असर यातायात पर भी दिख रहा है। सड़कों पर दृश्यता (Visibility) कम होने के कारण वाहनों की गति धीमी हो गई है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची सड़कों पर जलभराव की वजह से आवागमन बाधित हुआ है। अगर आपको आज कहीं बहुत जरूरी काम से बाहर जाना है, तो पहले मौसम के ताजा हाल को जरूर जांच लें। सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें स्थिति पर नजर रखे हुए हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। सुरक्षित रहें और सतर्क रहें!

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 3:17 pm

25 लाख का इनामी 'IED एक्सपर्ट' अजय महतो गिरफ्तार, पुलिस के हत्थे चढ़ा खूंखार मास्टरमाइंड

झारखंड के गिरिडीह में सुरक्षाबलों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे 25 लाख रुपये के इनामी नक्सली अजय महतो को गिरफ्तार कर लिया गया है। अजय महतो न केवल प्रतिबंधित नक्सली संगठन का एक सक्रिय सदस्य था, बल्कि वह IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) प्लांट करने और सुरक्षाबलों को निशाना बनाने में भी 'मास्टरमाइंड' माना जाता था। उसकी गिरफ्तारी से नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा का दायरा और मजबूत होने की उम्मीद है। गिरिडीह पुलिस के इस ऑपरेशन को इलाके में नक्सलियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।IED का जाल बिछाने में था माहिरगिरफ्तारी के बाद पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अजय महतो का मुख्य काम सुरक्षाबलों के रास्तों पर IED छिपाकर लगाना था। वह न केवल खुद विस्फोटक तैयार करने में माहिर था, बल्कि वह नए रंगरूटों को भी बम बनाने और प्लांट करने की ट्रेनिंग देता था। कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें सुरक्षाबलों के काफिले को निशाना बनाने के पीछे उसी की रणनीति थी। अजय महतो की गिरफ्तारी से पुलिस को नक्सलियों के कई ठिकानों और उनके आगामी खतरनाक मंसूबों के बारे में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है, जिससे आने वाले समय में बड़े सुरक्षा खतरों को टाला जा सकेगा।लंबे समय से थी पुलिस की 'वांटेड' लिस्ट मेंअजय महतो की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया था, जो कई महीनों से उसके मूवमेंट पर नजर रख रही थी। उस पर झारखंड और आसपास के राज्यों में दर्जनों संगीन मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, लेवी वसूली और पुलिस पर हमला शामिल है। 25 लाख रुपये का इनाम होने के कारण वह पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ था। उसे गिरफ्तार करने के लिए सुरक्षाबलों ने एक सटीक खुफिया सूचना पर काम किया और अंततः उसे घेरकर दबोच लिया। यह गिरफ्तारी स्थानीय लोगों के बीच सुरक्षा और कानून के प्रति एक नया भरोसा कायम करने वाली है।नक्सल विरोधी अभियानों को मिलेगी नई धारअजय महतो जैसे बड़े नक्सली लीडर का पकड़े जाना इस बात का संकेत है कि अब नक्सलियों के लिए छिपना और अपनी गतिविधियों को अंजाम देना मुश्किल होता जा रहा है। गिरिडीह पुलिस अब इस पूछताछ के जरिए यह पता लगाने में जुटी है कि उसके साथ और कौन से बड़े लीडर इस नेटवर्क में शामिल हैं। पुलिस की बढ़ती सक्रियता और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से अब धीरे-धीरे नक्सलवाद का प्रभाव कम होता जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में शांति और विकास की गतिविधियों को और गति मिलेगी, जिससे आम जनता का डर पूरी तरह से खत्म हो सकेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 3:16 pm

BCCI सचिव की 'ना' के बावजूद फैंस की धड़कनें तेज! रोहित शर्मा के इन 3 इशारों से मची खलबली, क्या रिटायरमेंट है करीब

भारतीय क्रिकेट के 'हिटमैन' रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर मची अटकलों पर BCCI सचिव ने भले ही विराम लगाने की कोशिश की हो, लेकिन क्रिकेट के गलियारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। आधिकारिक बयानों के इतर, रोहित शर्मा की हालिया गतिविधियां और उनके खेल के प्रति नजरिए में आए बदलावों ने उनके करोड़ों चाहने वालों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। BCCI की ओर से भले ही सब कुछ सामान्य बताया जा रहा हो, लेकिन ये 3 बड़े संकेत इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि रोहित शर्मा शायद अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के आखिरी पड़ाव पर खड़े हैं। फैंस अब इस बात को लेकर सहमे हुए हैं कि क्या उनका पसंदीदा खिलाड़ी जल्द ही कोई बड़ा फैसला लेने वाला है।1. अहम सीरीज से लगातार ब्रेक और बढ़ती दूरियांरोहित शर्मा का हालिया समय में लगातार बड़े मैचों और महत्वपूर्ण सीरीज से ब्रेक लेना फैंस के लिए एक चिंता का सबब बन गया है। पहले इसे वर्कलोड मैनेजमेंट का नाम दिया जा रहा था, लेकिन अब यह चर्चा जोरों पर है कि क्या यह ब्रेक केवल थकान दूर करने के लिए है या फिर रोहित खुद को धीरे-धीरे खेल से दूर कर रहे हैं? पिछले कुछ महीनों में उनकी टीम से अनुपस्थिति ने इस सवाल को और बड़ा कर दिया है कि क्या 'हिटमैन' अब केवल बड़े टूर्नामेंट्स पर ही फोकस करना चाहते हैं?2. मैदान पर बॉडी लैंग्वेज और बॉडी फेटिग का संकेतहालिया कुछ मैचों में रोहित शर्मा की बॉडी लैंग्वेज में एक अजीब सा ठहराव और कभी-कभी थकान साफ देखी गई है। फील्डिंग के दौरान जिस ऊर्जा की उम्मीद उनसे की जाती है, उसमें एक बदलाव महसूस हो रहा है। मैदान पर उनके हाव-भाव और साथियों के साथ चर्चाओं में जिस तरह की गंभीरता दिखाई देती है, वह अनुभवी खिलाड़ियों के उस दौर की याद दिलाती है जब वे संन्यास की दहलीज पर होते हैं। फैंस की निगाहें उनके हर कदम पर हैं और यह 'शांति' उन्हें अंदर तक डरा रही है।3. भविष्य की योजना और कप्तानी का 'हैंडओवर'तीसरा और सबसे बड़ा इशारा है टीम में युवा खिलाड़ियों को कमान सौंपने की प्रक्रिया का तेज होना। रोहित शर्मा जिस तरह से युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं और उन्हें खुलकर खेलने की आजादी दे रहे हैं, वह किसी 'लीजेंड' के विदाई से ठीक पहले का माहौल जैसा है। क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि रोहित शर्मा अब अपनी भूमिका को केवल रन बनाने तक ही सीमित नहीं रख रहे, बल्कि वे आने वाली पीढ़ी को तैयार करने के मिशन पर हैं। जब एक खिलाड़ी खुद से ज्यादा टीम के भविष्य की चिंता करने लगे, तो समझ लेना चाहिए कि वह अपनी अंतिम पारी की तैयारी कर रहा है। BCCI की लाख सफाई के बाद भी, ये तीन इशारे रोहित शर्मा के फैंस के लिए एक 'अलार्म' से कम नहीं हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 3:14 pm

बद्रीनाथ धाम विवाद: पांडा पंचायत की सीएम धामी से मांग, पैसे लेकर विशेष दर्शन कराने की भी हो जांच

चमोली, 18 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तराखंड के श्री बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे के गबन मामले की जांच के बीच श्री बद्रीश पांडा पंचायत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर जांच का दायरा बढ़ाने की मांग की है। पंचायत ने आरोप लगाया है कि मंदिर में विशेष दर्शन के नाम पर रिश्वत लेने और बिना अनुमति लोगों को मंदिर परिसर में प्रवेश दिलाने के मामलों की भी जांच कराई जानी चाहिए।

देशबन्धु 18 Jul 2026 2:48 pm

सलमान खान के असली फैन हैं? तो OTT पर आज ही देखें ये 8 ब्लॉकबस्टर फिल्में, फुल एंटरटेनमेंट की है गारंटी

अगर आप बॉलीवुड के 'दबंग' सलमान खान के जबरा फैन हैं और इस वीकेंड घर बैठे फुल एंटरटेनमेंट की तलाश में हैं, तो आपकी खोज अब खत्म होती है। सलमान खान की फिल्में न केवल बॉक्स ऑफिस पर करोड़ों की कमाई करती हैं, बल्कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स (OTT Platforms) पर भी सबसे ज्यादा देखी जाने वाली फिल्मों में शुमार रहती हैं। चाहे 'बजरंगी भाईजान' का इमोशनल ड्रामा हो या फिर 'टाइगर' सीरीज का खूंखार एक्शन, भाईजान के पास हर तरह की फिल्मों का खजाना है। आपकी सुविधा के लिए हमने चुनी हैं वो 8 ब्लॉकबस्टर फिल्में, जो आप आज ही अपने ओटीटी ऐप्स पर स्ट्रीम कर सकते हैं।एक्शन और रोमांच का डबल डोज: टाइगर और दबंगसलमान खान की 'टाइगर' सीरीज—'एक था टाइगर', 'टाइगर जिंदा है' और 'टाइगर 3'—एक्शन प्रेमियों के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं है। स्पाई-थ्रिलर से भरपूर ये फिल्में आपको अपनी सीट से हिलने नहीं देंगी। वहीं, अगर आपको चुलबुल पांडे का अंदाज पसंद है, तो 'दबंग' फ्रैंचाइजी की फिल्में आज भी ओटीटी पर उतनी ही मजेदार लगती हैं। इनके अलावा, 'वांटेड' जैसी फिल्म ने सलमान को एक नए अवतार में पेश किया था, जो आज भी एक्शन लवर्स की पहली पसंद बनी हुई है।दिल जीत लेने वाली इमोशनल और रोमांटिक फिल्मेंसिर्फ एक्शन ही नहीं, सलमान खान ने 'बजरंगी भाईजान' जैसी फिल्म से साबित किया है कि वे इमोशनल किरदारों में भी कितने माहिर हैं। यह फिल्म ओटीटी पर मौजूद सबसे बेहतरीन फिल्मों में से एक है। इसके अलावा, अगर आपको रोमांस और कॉमेडी का तड़का चाहिए, तो 'हम दिल दे चुके सनम' और 'प्रेम रतन धन पायो' जैसी फिल्में देख सकते हैं, जो आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाएंगी। इन फिल्मों में भाईजान का जो सौम्य और प्रेमी अंदाज देखने को मिलता है, वह फैंस का हमेशा से पसंदीदा रहा है।कैसे और कहां देखें ये फिल्में?आजकल डिज्नी प्लस हॉटस्टार, अमेज़न प्राइम वीडियो, नेटफ्लिक्स और जी5 जैसे प्लेटफॉर्म्स पर सलमान खान की ये तमाम फिल्में आसानी से उपलब्ध हैं। इनमें से कई फिल्में हाई-डेफिनिशन (HD) और कई भाषाओं में भी मौजूद हैं। आप अपने स्मार्ट टीवी, लैपटॉप या मोबाइल पर आराम से बैठकर भाईजान का जलवा देख सकते हैं। तो देर किस बात की? अपनी पसंद की फिल्म चुनिए, साथ में पॉपकॉर्न रखिए और इस वीकेंड को 'सलमान स्पेशल' बना लीजिए। ये 8 फिल्में न केवल आपको एंटरटेन करेंगी, बल्कि सलमान खान के अभिनय की रेंज का भी एहसास कराएंगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 2:37 pm

10 लाख में बिका पेपर, फिर भी मिली री-एग्जाम की छूट! नीट धांधली के बीच NTA ने अचानक क्यों रोका रिजल्ट

नीट (NEET) परीक्षा की शुचिता पर इस समय पूरे देश में सवाल उठ रहे हैं। एक ओर जहां पेपर लीक की खबरें और आर्थिक लेनदेन के खुलासे ने छात्रों और अभिभावकों का भरोसा तोड़ दिया है, वहीं दूसरी ओर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के फैसलों ने इस मामले को और अधिक रहस्यमयी बना दिया है। ताजा जानकारी के अनुसार, नीट का पेपर 10 लाख रुपये में बेचने वाले एक आरोपी को री-एग्जाम (पुनः परीक्षा) में बैठने की कानूनी अनुमति मिल गई, लेकिन जैसे ही यह मामला सामने आया, NTA ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित छात्रों का रिजल्ट ही होल्ड पर डाल दिया। आखिर इसके पीछे क्या खेल है, यह अब बड़ा सवाल बन गया है।10 लाख की डील और सवालों के घेरे में NTA की निष्पक्षताजांच एजेंसियों के मुताबिक, नीट पेपर लीक में शामिल गिरोहों ने 10 लाख रुपये प्रति छात्र की दर से पेपर का सौदा किया था। पुलिस ने जब इस रैकेट का भंडाफोड़ किया, तो कई ऐसे अभ्यर्थी सामने आए जिन्हें पहले पेपर मिल चुका था। हैरान करने वाली बात यह है कि इस धांधली में शामिल कुछ उम्मीदवारों को कोर्ट या संबंधित अथॉरिटी से दोबारा परीक्षा देने का मौका मिल गया। इस छूट ने न केवल आम छात्रों में असंतोष पैदा किया, बल्कि नीट की पूरी प्रक्रिया पर ही एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि जो छात्र धांधली में सीधे तौर पर लिप्त थे, उन्हें दोबारा परीक्षा का मौका क्यों दिया जा रहा है?रिजल्ट क्यों रोका गया? NTA का स्टैंड और छात्रों का गुस्साजब विवाद बढ़ा और सोशल मीडिया पर NTA के खिलाफ छात्रों ने मोर्चा खोल दिया, तो नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने मामले को दबाने के बजाय संबंधित छात्रों के रिजल्ट पर रोक लगा दी। विशेषज्ञों का मानना है कि NTA यह सुनिश्चित करना चाहता है कि दागदार उम्मीदवारों को मेरिट लिस्ट में जगह न मिले। हालांकि, देरी से लिए गए इस फैसले ने लाखों उन छात्रों के भविष्य को अधर में लटका दिया है जिन्होंने पूरी ईमानदारी से परीक्षा दी थी। लखनऊ, पटना, कोटा और दिल्ली जैसे प्रमुख शिक्षण केंद्रों पर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि नीट का रिजल्ट रद्द कर फिर से पारदर्शिता के साथ परीक्षा आयोजित की जाए।भविष्य पर मंडराता खतरा और न्याय की मांगइस पूरी घटनाक्रम ने शिक्षा व्यवस्था में तकनीकी और सुरक्षा खामियों की पोल खोल दी है। अगर धांधली के आरोपी दोबारा परीक्षा देकर मुख्य धारा में शामिल होते हैं, तो यह उन हजारों होनहारों के साथ अन्याय होगा जिन्होंने रात-दिन मेहनत की है। अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट की ओर हैं, जहां नीट धांधली और NTA की कार्यप्रणाली को लेकर कई याचिकाएं दायर की गई हैं। क्या NTA भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए कोई पुख्ता डिजिटल सिक्योरिटी सिस्टम अपनाएगा? या फिर हर बार इसी तरह छात्रों का भविष्य दांव पर लगता रहेगा? फिलहाल, देश का युवा केवल एक ही मांग कर रहा है—निष्पक्ष जांच और त्वरित न्याय।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 2:34 pm

जयपुर, कानपुर, उदयपुर... क्यों इन शहरों के नाम के अंत में लगा है 'पुर'? जानिए क्या है इसके पीछे का गहरा रहस्य

भारत के नक्शे पर नजर डालें, तो आपको ऐसे सैकड़ों शहर और कस्बे मिल जाएंगे जिनके नाम के अंत में 'पुर' (pur) जुड़ा होता है। चाहे राजस्थान का गुलाबी शहर जयपुर हो, झीलों की नगरी उदयपुर हो या फिर उत्तर प्रदेश का औद्योगिक केंद्र कानपुर, इन सभी नामों के पीछे एक गहरा भाषाई और ऐतिहासिक कारण छिपा है। अक्सर लोग इसे केवल एक भौगोलिक प्रत्यय (suffix) मान लेते हैं, लेकिन इसका वास्तविक अर्थ भारतीय इतिहास के उन पन्नों से जुड़ा है, जहां नगर बसाने की परंपरा का विकास हुआ था। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि आखिर 'पुर' का असली मतलब क्या है और ये नाम कैसे अस्तित्व में आए, तो यह खबर आपके लिए ही है।'पुर' का शब्दिक अर्थ: केवल एक नगर नहीं, एक व्यवस्थासंस्कृत भाषा के शब्दकोश में 'पुर' का अर्थ होता है—'नगर', 'शहर' या 'किलेबंद बस्ती'। प्राचीन काल में जब भी कोई राजा या शासक किसी नई जगह को बसाता था, तो वह उसे सुरक्षा की दृष्टि से चारों तरफ से ऊंची दीवारों या परकोटे से घेर देता था। इसी सुरक्षित और सुव्यवस्थित नगरीय ढांचे को 'पुर' कहा जाता था। 'पुर' शब्द 'पुरी' (जैसे हस्तिनापुरी या द्वारकापुरी) का ही एक रूप है। समय के साथ-साथ यह शब्द भारतीय संस्कृति और वास्तुकला का पर्याय बन गया, जहां हर 'पुर' का मतलब एक ऐसी जगह से था जहां जीवन के तमाम साधन उपलब्ध थे और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे।राजाओं और शासकों की पहचान बन गए ये नामभारत में शहरों के नामकरण की परंपरा में शासक का नाम और स्थान का महत्व सबसे ऊपर होता था। उदाहरण के तौर पर, जयपुर की स्थापना सवाई जयसिंह ने की थी, इसलिए इसे 'जय' (शासक) + 'पुर' (नगर) यानी 'जयपुर' कहा गया। इसी तरह, उदयपुर की स्थापना महाराणा उदय सिंह ने की थी। कानपुर का नाम भी 'कन्हैयापुर' से बिगड़कर कानपुर हुआ माना जाता है, जिसे कभी राजा कान देव ने बसाया था। इस प्रकार, 'पुर' का इस्तेमाल अक्सर शहर के संस्थापक या उस क्षेत्र की किसी ऐतिहासिक विशेषता को दर्शाने के लिए किया जाता था, जो आज भी भारतीय शहरों की गौरवशाली पहचान बना हुआ है।बदलते भारत में 'पुर' का महत्वआज के आधुनिक युग में जब हम स्मार्ट सिटी की बात करते हैं, तब भी 'पुर' शब्द हमें हमारी जड़ों से जोड़कर रखता है। लखनऊ, जयपुर, कानपुर जैसे शहरों ने अपनी प्राचीन पहचान को बचाए रखा है। शोधकर्ताओं का मानना है कि नाम के पीछे का यह 'पुर' प्रत्यय न केवल भूगोल को परिभाषित करता है, बल्कि यह उस कालखंड के सामाजिक, राजनीतिक और स्थापत्य विकास की कहानी भी सुनाता है। तो अगली बार जब आप किसी 'पुर' वाले शहर से गुजरें, तो समझ लीजिए कि आप किसी ऐसे ऐतिहासिक नगर में हैं जिसे प्राचीन काल में एक सुनियोजित और सुरक्षित बस्ती के रूप में विकसित किया गया था। यह सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की भारतीय नगरीय सभ्यता का जीता-जागता प्रमाण है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 2:33 pm

मानसून सत्र से पहले बिहार में सियासी घमासान! तेजस्वी यादव के 'गायब' होने पर बीजेपी-जेडीयू का तंज, गरमाई राजनीति

बिहार की सियासत में मानसून सत्र से पहले ही गर्मी का पारा अपने चरम पर है। आगामी 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र के ठीक पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। सत्ताधारी एनडीए (BJP-JDU) गठबंधन ने तेजस्वी यादव के सत्र से पहले राज्य में न होने या सक्रियता न दिखाने पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष के इस प्रमुख चेहरे की चुप्पी और अनुपस्थिति पर सत्ता पक्ष ने इसे जनता से दूरी और जिम्मेदारी से भागने के तौर पर पेश करना शुरू कर दिया है, जिससे सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।सत्ता पक्ष का हमला, 'विपक्ष का नेता ही गायब'बीजेपी और जेडीयू के नेताओं ने इसे बड़ा मुद्दा बनाते हुए कहा है कि मानसून सत्र जैसे महत्वपूर्ण समय में जब राज्य बाढ़, विकास और कानून-व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने वाला है, तब विपक्ष का चेहरा ही नदारद है। एनडीए प्रवक्ताओं का कहना है कि तेजस्वी यादव अपनी राजनीतिक जिम्मेदारियों को छोड़कर विदेश यात्रा पर हैं या निजी व्यस्तताओं में हैं, जो साफ तौर पर बिहार की जनता की अनदेखी को दर्शाता है। बीजेपी का दावा है कि विपक्ष के पास सदन में चर्चा के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वे सत्र के माहौल को भांपकर ही भागने की कोशिश कर रहे हैं।आरजेडी का पलटवार, कहा- 'राजनीति चमकाने का काम न करें'दूसरी ओर, आरजेडी के नेताओं ने इन दावों को पूरी तरह से सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि तेजस्वी यादव की पूर्व निर्धारित व्यस्तताएं हैं और वे सत्र के दौरान सदन में पूरी मजबूती के साथ मौजूद रहेंगे। आरजेडी का आरोप है कि सरकार अपने नाकामियों को छिपाने के लिए विपक्ष पर बेबुनियाद सवाल उठा रही है ताकि ध्यान भटकाया जा सके। पार्टी ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार को इस बात की चिंता करनी चाहिए कि कैसे वह इस बार बाढ़ पीड़ितों के लिए काम करेगी, न कि इस बात पर कि विपक्ष का नेता कब और कहां है।मानसून सत्र में क्या होगा बड़ा धमाका?20 जुलाई से शुरू होने वाला यह मानसून सत्र बिहार के लिए काफी अहम माना जा रहा है। इसमें बिहार की वर्तमान आर्थिक स्थिति, शिक्षा विभाग के नए नियम, और हालिया अपराध की घटनाओं को लेकर सदन में हंगामे के पूरे आसार हैं। जानकार मान रहे हैं कि तेजस्वी यादव की वापसी के साथ ही विपक्ष सरकार को घेरने की कोई बड़ी रणनीति तैयार कर चुका है। एनडीए और आरजेडी दोनों के बीच जारी इस वार-पलटवार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार बिहार विधानसभा का सत्र हंगामेदार और चुनौतीपूर्ण होने वाला है, जिसमें आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति की आग और भड़क सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 2:32 pm

पटना से दिल्ली तक हलचल! लालू यादव को दिल्ली AIIMS किया गया शिफ्ट, मीसा भारती ने प्रशासन को घेरा

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की तबीयत एक बार फिर से चिंता का विषय बनी हुई है। पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में इलाज करा रहे लालू यादव को अब बेहतर चिकित्सा देखभाल के लिए दिल्ली एम्स (AIIMS) शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान उनकी बड़ी बेटी और सांसद मीसा भारती ने पिता के स्वास्थ्य को लेकर ताजा जानकारी साझा की है, साथ ही पटना प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर अपना सख्त गुस्सा भी जाहिर किया है। लालू यादव के स्वास्थ्य को लेकर आरजेडी समर्थकों और बिहार के राजनीतिक गलियारों में खलबली मची हुई है।मीसा भारती का खुलासा, स्वास्थ्य को लेकर दी बड़ी जानकारीमीसा भारती ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पटना में इलाज के दौरान लालू यादव की सेहत में अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा था, जिसके चलते डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें दिल्ली ले जाने का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि लालू जी की स्थिति नाजुक बनी हुई है और उन्हें विशेष देखभाल की जरूरत है। मीसा ने अपने पिता की सेहत पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि उनकी पुरानी बीमारियों और बढ़ती उम्र को देखते हुए कोई भी जोखिम नहीं लिया जा सकता। दिल्ली में डॉक्टरों की विशेष टीम उनकी निगरानी करेगी।अस्पताल की व्यवस्था पर फूटा मीसा का गुस्सालालू यादव को शिफ्ट करने के दौरान पटना प्रशासन और अस्पताल की व्यवस्था पर मीसा भारती खासी नाराज दिखीं। उन्होंने आरोप लगाया कि आईजीआईएमएस में सुविधाएं और प्रबंधन का स्तर संतोषजनक नहीं रहा, जिससे इलाज में बाधाएं आ रही थीं। उन्होंने सीधे तौर पर पटना प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि व्यवस्था में भारी चूक हुई है और सहयोग के बजाय बाधाएं पैदा की गईं। मीसा ने कहा कि एक वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री के साथ इस तरह का व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है।राजनीतिक गलियारों में तेज हुई चर्चालालू यादव को दिल्ली शिफ्ट करने की खबर मिलते ही समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। दिल्ली एम्स में भी उनके पहुंचने से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। लालू यादव के साथ मीसा भारती और परिवार के अन्य सदस्य भी दिल्ली रवाना हो गए हैं। बिहार की राजनीति में लालू यादव का स्वास्थ्य हमेशा से केंद्र बिंदु रहा है, और अब उनके दिल्ली जाने के बाद पटना के सियासी समीकरणों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। समर्थक लगातार उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 2:31 pm

बिहार शिक्षकों के लिए बड़ी अपडेट: तीन चरणों में होंगे बंपर तबादले, देखें पूरा टाइम-टेबल और प्रक्रिया

बिहार शिक्षा विभाग ने राज्य के लाखों शिक्षकों के लिए तबादले की बहुप्रतीक्षित प्रक्रिया का ऐलान कर दिया है। शिक्षा विभाग के नए निर्देश के अनुसार, शिक्षकों का ट्रांसफर अब मनमाने तरीके से नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित तीन-चरणीय प्रक्रिया (Three-Phase Transfer Process) के तहत किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की संख्या को संतुलित करना और उन्हें उनके पसंद के या नजदीकी शिक्षण संस्थानों में पदस्थापित करना है। इस पूरी प्रक्रिया के लिए विस्तृत टाइम-टेबल और शेड्यूल जारी कर दिया गया है, ताकि शिक्षकों को किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति का सामना न करना पड़े।तीन चरणों में होगा शिक्षकों का ट्रांसफर, जानें कैसे काम करेगा सिस्टमशिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक, तबादले की यह प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी। पहले चरण में उन शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी जो लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं, या फिर गंभीर बीमारी या अन्य विशेष कारणों से स्थानांतरण के हकदार हैं। दूसरे चरण में पारस्परिक (Mutual) तबादलों को मौका दिया जाएगा, जबकि तीसरे और अंतिम चरण में शेष बचे हुए शिक्षकों को रिक्त पदों पर पदस्थापित किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी न हो, इसलिए पूरी मैपिंग सॉफ्टवेयर के माध्यम से की जाएगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे।कब से शुरू होगी प्रक्रिया और कब तक चलेगी?शिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक कैलेंडर के अनुसार, तबादला आवेदन के लिए पोर्टल को अगले सप्ताह से खोल दिया जाएगा। पहले चरण के आवेदनों की समीक्षा के बाद, अगस्त के मध्य तक ड्राफ्ट लिस्ट जारी कर दी जाएगी। पूरे तीन चरणों की यह प्रक्रिया सितंबर के अंतिम सप्ताह तक पूरी कर ली जाएगी, ताकि अक्टूबर के नए शैक्षणिक सत्र या तिमाही से पहले सभी शिक्षक अपने नए स्कूलों में कार्यभार संभाल सकें। विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को निर्देश दिए हैं कि वे रिक्त पदों की संख्या को समय रहते अपडेट करें ताकि आवेदन में कोई तकनीकी बाधा न आए।शिक्षकों को इन बातों का रखना होगा खास ध्यानतबादले की इस पूरी प्रक्रिया में भाग लेने वाले शिक्षकों को अपने सभी जरूरी दस्तावेज, जैसे कि सेवा पुस्तिका (Service Book) और अन्य व्यक्तिगत जानकारी, एनआईसी (NIC) के पोर्टल पर अपडेट रखनी होगी। विभाग की ओर से स्पष्ट कहा गया है कि गलत जानकारी देने वाले या नियमों का उल्लंघन करने वाले आवेदनों को बिना किसी सूचना के रद्द कर दिया जाएगा। अपनी पसंद के स्कूलों का चयन करते समय शिक्षकों को वरिष्ठता और स्कूल की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखना होगा। यह कवायद बिहार के सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा सुधार लाने के उद्देश्य से शुरू की गई है, जिससे राज्य के दूर-दराज के स्कूलों में भी शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 2:29 pm

बंगाल पर 'रेड अलर्ट' का साया! सोमवार तक घर से निकलना खतरे से खाली नहीं, मौसम विभाग ने जारी की सख्त चेतावनी

पश्चिम बंगाल के निवासियों के लिए अगले 48 घंटे बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के अधिकांश हिस्सों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी करते हुए लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी है। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के कारण सोमवार तक मूसलाधार बारिश का अनुमान है, जिसने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। कोलकाता से लेकर दार्जिलिंग और तटीय इलाकों तक, स्थिति गंभीर बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों ने साफ कर दिया है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, सोमवार तक घर से बाहर निकलना जान जोखिम में डालने जैसा हो सकता है।इन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा, प्रशासन हाई अलर्ट परमौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण बंगाल के जिलों में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो सकती है, जबकि उत्तर बंगाल के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन (Landslide) का खतरा बना हुआ है। कोलकाता, हावड़ा, हुगली और उत्तर 24 परगना के निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका है। आपदा प्रबंधन की टीमें पहले से ही तैनात कर दी गई हैं। प्रशासन ने स्थानीय लोगों को नदियों के किनारे न जाने और जर्जर इमारतों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। लखनऊ और राज्य के अन्य हिस्सों से आने वाले यात्रियों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना मौसम के मिजाज को देखते हुए ही बनाएं।सोमवार तक स्कूलों और दफ्तरों पर हो सकता है असररेड अलर्ट को देखते हुए सरकार ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। सोमवार तक कई स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश घोषित किया जा सकता है। इसके अलावा, सरकारी दफ्तरों में भी उपस्थिति कम रहने की उम्मीद है। परिवहन व्यवस्था भी चरमरा सकती है, क्योंकि भारी बारिश के चलते ट्रेन और बस सेवाओं में देरी की संभावना है। स्थानीय नगर पालिकाओं को जल निकासी के पंप सक्रिय करने और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों को 24 घंटे चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं।क्या करें और क्या न करें? प्रशासन की गाइडलाइंसआपदा प्रबंधन विभाग ने आम जनता के लिए एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि वे अपने साथ पावर बैंक, जरूरी दवाइयां और सूखा राशन तैयार रखें। बिजली के तारों और खंभों के पास न जाएं, क्योंकि बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। यदि आप सड़क पर हैं और जलभराव का सामना कर रहे हैं, तो अपने वाहन को सुरक्षित स्थान पर पार्क करें और पानी के बहाव में गाड़ी न डालें। किसी भी आपात स्थिति के लिए स्थानीय पुलिस या आपदा सहायता नंबर पर तुरंत संपर्क करें। यह समय संयम और सतर्कता बरतने का है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 2:28 pm

सोनम वांगचुक के बाद अब अभिजीत दिपके ने भरी हुंकार, अनशन की घोषणा से गरमाया लद्दाख का पारा

लद्दाख की स्वायत्तता और पर्यावरण संरक्षण की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन एक नए मोड़ पर आ पहुंचा है। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य खराब होने के चलते जबरन अस्पताल ले जाए जाने के बाद, अब आंदोलन की कमान अभिजीत दिपके ने अपने हाथों में ले ली है। अभिजीत दिपके ने साफ ऐलान कर दिया है कि वे सोनम वांगचुक की उस अधूरी लड़ाई को आगे बढ़ाएंगे और उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस घटनाक्रम ने लद्दाख के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है, और अब यह मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में आ गया है।अस्पताल भेजे गए सोनम वांगचुक, लेकिन हौसले अब भी बुलंदपिछले कई दिनों से लद्दाख के अधिकारों को लेकर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य बीते 24 घंटों में काफी गिर गया था। डॉक्टरों की सलाह और प्रशासन के दबाव के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया। हालांकि, उनके समर्थकों का दावा है कि वांगचुक अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। अस्पताल से भी उन्होंने अपने साथियों को आंदोलन जारी रखने का संदेश दिया है, जिसके तुरंत बाद अभिजीत दिपके का सामने आना यह दर्शाता है कि यह मुहिम अब एक व्यक्ति से निकलकर एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले चुकी है।क्या है लद्दाख आंदोलन का असली मकसद?लद्दाख के लोग मुख्य रूप से तीन बड़ी मांगों को लेकर लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देना, इसे संविधान की छठी अनुसूची (Sixth Schedule) में शामिल करना ताकि वहां की जमीन और संस्कृति सुरक्षित रह सके, और लद्दाख के लिए अलग से लोक सेवा आयोग का गठन करना शामिल है। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से उनकी स्थानीय आवाज दब गई है और लद्दाख के पारिस्थितिक तंत्र को औद्योगिक विकास के नाम पर खतरा पैदा हो रहा है। यही कारण है कि स्थानीय युवा अब सोनम वांगचुक और अभिजीत दिपके जैसे चेहरों के साथ सड़क पर उतरकर अपना भविष्य सुरक्षित करने की मांग कर रहे हैं।लखनऊ से लेह तक गूंज रही है मांग, प्रशासन पर बढ़ा दबावइस आंदोलन की गूंज सिर्फ लेह-लद्दाख की वादियों में ही नहीं, बल्कि दिल्ली और लखनऊ जैसे बड़े शहरों में भी सुनाई दे रही है। सोशल मीडिया और एआई सर्च प्लेटफॉर्म्स पर भी लद्दाख के मुद्दे को लेकर काफी सर्च वॉल्यूम देखा जा रहा है। अभिजीत दिपके के अनशन पर बैठने के ऐलान के बाद स्थानीय प्रशासन और सरकार पर वार्ता के लिए दबाव और अधिक बढ़ गया है। जानकारों का कहना है कि अगर सरकार ने जल्द ही लद्दाख के प्रतिनिधियों के साथ सार्थक बातचीत शुरू नहीं की, तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में और अधिक उग्र हो सकता है, जिससे वहां की शांति और व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 2:26 pm

विक्रम-1 की धमाकेदार कामयाबी पर बोले PM मोदी, स्काईरूट की पूरी टीम को दिया ये खास संदेश

अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भारत ने एक और मील का पत्थर स्थापित कर दिया है। स्काईरूट एयरोस्पेस (Skyroot Aerospace) द्वारा विकसित भारत के निजी रॉकेट 'विक्रम-1' ने अपनी पहली उड़ान में ही सफलता का परचम लहरा दिया है। इस बड़ी उपलब्धि को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'आत्मनिर्भर भारत' का सबसे ठोस सबूत करार दिया है। प्रधानमंत्री ने इस मिशन से जुड़े वैज्ञानिकों और स्काईरूट एयरोस्पेस की पूरी टीम को न केवल बधाई दी, बल्कि इसे भविष्य के स्पेस मिशनों के लिए एक गेम-चेंजर बताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता दर्शाती है कि भारत के युवा अब वैश्विक स्तर पर अंतरिक्ष की दौड़ में नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।निजी क्षेत्र की भागीदारी से बदला भारत का स्पेस गेमविक्रम-1 की यह कामयाबी केवल एक रॉकेट का प्रक्षेपण नहीं है, बल्कि भारतीय अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र (Space Ecosystem) में निजी क्षेत्र की बढ़ती धमक का प्रमाण है। इसरो (ISRO) की देखरेख और गाइडेंस में स्काईरूट जैसी स्टार्टअप कंपनियों ने जो तकनीकी कौशल दिखाया है, उसने यह साबित कर दिया है कि भारत अब कम लागत में बेहतर तकनीक के साथ दुनिया को सेवाएं दे सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, विक्रम-1 जैसे रॉकेट भविष्य में छोटे उपग्रहों (Small Satellites) को अंतरिक्ष में भेजने का सबसे सस्ता और सुरक्षित जरिया बनेंगे, जिससे वैश्विक बाजार में भारत की हिस्सेदारी और अधिक बढ़ेगी।PM मोदी की नजर में क्यों खास है विक्रम-1 का मिशन?प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में विशेष रूप से 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से भारत आज रक्षा, डिजिटल और स्टार्टअप की दुनिया में आगे बढ़ रहा है, उसी तरह अंतरिक्ष क्षेत्र में भी हमारी निजी कंपनियों की यह प्रगति पूरे देश के लिए गौरव की बात है। विक्रम-1 में इस्तेमाल की गई स्वदेशी तकनीक, हल्की निर्माण सामग्री और बेहतर ईंधन दक्षता इसे दुनिया के अन्य निजी रॉकेटों की तुलना में काफी प्रतिस्पर्धी बनाती है। यह सफलता लखनऊ से लेकर बेंगलुरु तक, भारत के युवा इंजीनियरों और उद्यमियों के लिए एक नई प्रेरणा बन गई है।अंतरिक्ष की दौड़ में भारत अब वैश्विक लीडर बनने की राह परआने वाले समय में स्काईरूट एयरोस्पेस जैसे स्टार्टअप्स का लक्ष्य न केवल उपग्रहों को लॉन्च करना है, बल्कि भारत को 'ग्लोबल स्पेस हब' के रूप में स्थापित करना भी है। विक्रम-1 की इस सफलता के बाद अब अंतरराष्ट्रीय निवेशक भी भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स में भारी रुचि दिखा रहे हैं। जानकारों का मानना है कि विक्रम-1 के बाद अब भारत अपने स्पेस मिशन की संख्या को दोगुना कर सकता है, जिससे न केवल आर्थिक लाभ होगा, बल्कि दुनिया भर के देशों के साथ भारत के तकनीकी संबंध और अधिक गहरे होंगे। पीएम मोदी का यह प्रोत्साहन स्टार्टअप्स को नए प्रयोग करने का और भी बड़ा साहस देगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 2:24 pm

किचन में कुत्ते की एक मासूम हरकत बनी बड़ी तबाही! टोस्टर ऑन होते ही जल उठा पूरा घर, 3 पालतू जानवरों की मौत [VIDEO]

पालतू जानवर परिवार का हिस्सा होते हैं, लेकिन उनकी एक अनजानी हरकत भी कभी-कभी बड़े हादसे की वजह बन सकती है। अमेरिका के Maryland में ऐसा ही एक दर्दनाक मामला सामने आया, जहां घर में अकेले छोड़े गए एक पालतू कुत्ते ने गलती से टोस्टर (Toaster) ऑन कर दिया। ...

वेब दुनिया 18 Jul 2026 1:56 pm

गुजरात में 'जैश-ए-मोहम्मद' का नेटवर्क खड़ा करने की साजिश, ATS की पूछताछ में बड़ा खुलासा

Gujarat ATS Jaish-e-Mohammed: गुजरात एटीएस (ATS) द्वारा पकड़े गए पांच संदिग्ध आतंकवादियों से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, प्राथमिक जांच में यह जानकारी मिली है कि ये आरोपी गुजरात में ...

वेब दुनिया 18 Jul 2026 1:45 pm

देश में तीन साल बाद फिर बढ़े कोरोना के मामले, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में कोविड संक्रमण ने बढ़ाई सतर्कता

तीन साल बाद महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में फिर बढ़े कोरोना के मामले। महाराष्ट्र में 48 और आंध्र प्रदेश में 12 कोविड केस दर्ज, स्वास्थ्य विभाग ने सतर्क रहने की दी सलाह।

देशबन्धु 18 Jul 2026 1:18 pm

गगन में लहराया भारत का परचम! पहले प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट 'विक्रम-1' की सफल उड़ान, अंतरिक्ष क्षेत्र में बना नया इतिहास

भारत की पहली निजी स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने विक्रम-1 ऑर्बिटल रॉकेट का सफल प्रक्षेपण किया। मिशन आगमन की सफलता के साथ भारत अमेरिका और चीन के बाद निजी ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च करने वाला तीसरा देश बना।

देशबन्धु 18 Jul 2026 12:37 pm

अहमदाबाद जा रही इंडिगो फ्लाइट में मिला बम की धमकी वाला नोट, पुलिस ने शुरू की जांच

बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अहमदाबाद जाने वाली इंडिगो की एक उड़ान में बम की झूठी धमकी मिलने से गुरुवार शाम सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। विमान के शौचालय में एक हस्तलिखित नोट मिलने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

देशबन्धु 18 Jul 2026 12:32 pm

Weather Update 18 July : 17 राज्यों में बारिश का अलर्ट, केदारनाथ में भूस्खलन का खतरा बढ़ा; यूपी में 21 जुलाई तक झमाझम बारिश

Weather Update 18 July : उत्तर प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में मानसून सक्रिय नजर आ रहा है। लगातार हो रही बारिश की वजह से केदारनाथ में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। पूर्वोत्तर भारत में तेज बारिश का दौर जारी है तो पश्चिम-मध्य एवं दक्षिण प्रायद्वीपीय ...

वेब दुनिया 18 Jul 2026 12:16 pm

एआई तकनीक सीखने वालों के लिए सर्वाधिक अवसर बनेंगे: प्रोफेसर आशुतोष कुमार सिंह

एमसीयू भोपाल में आयोजित 10 दिवसीय एआई फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के समापन पर प्रो. आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि एआई सीखने वालों के लिए भविष्य में सबसे अधिक अवसर होंगे। विशेषज्ञों ने मीडिया, शिक्षा और रोजगार में एआई की भूमिका पर चर्चा की।

देशबन्धु 18 Jul 2026 11:57 am

'विक्रम-1' की उड़ान से पहले पीएम मोदी बोले- 'यह अंतरिक्ष यात्रा के लिए नया अध्याय', स्काईरूट टीम को दी शुभकामनाएं

स्काईरूट एयरोस्पेस का 'विक्रम-1' और 'मिशन आगमन' श्रीहरिकोटा से उड़ान भरने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह इसे भारत की अंतरिक्ष यात्रा के लिए एक नया ऐतिहासिक अध्याय बताया। पीएम मोदी ने स्काईरूट एयरोस्पेस की टीम को इस ऐतिहासिक प्रक्षेपण के लिए शुभकामनाएं दीं और कामना की कि विक्रम-1 नई ऊंचाइयों को छुए, इतिहास रचे व नवाचार की नई पीढ़ी को प्रेरित करे।

देशबन्धु 18 Jul 2026 11:57 am

सोनम वांगचुक सफदरगंज अस्पताल में भर्ती, क्या कहती है उनकी मेडिकल रिपोर्ट?

Sonam Wangchuk health bulletin : जंतर मंतर पर 20 दिन से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने सफदरगंज अस्पताल में भर्ती कराया है। सफदरगंज अस्पताल द्वारा जारी हेल्थ बुलेटिन में सोनम वांगचुक की हालत स्थिर बताई गई है।

वेब दुनिया 18 Jul 2026 11:03 am

सोनम वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने पर काकरोच पार्टी के अभिजीत दीपके ने शुरु किया भूख हड़ताल

21 दिन की भूख हड़ताल के बाद सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य बिगड़ने पर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। जंतर-मंतर पर अभिजीत दीपके ने नया अनशन शुरू किया, जबकि वांगचुक की पत्नी ने इलाज को लेकर महत्वपूर्ण अपील की।

देशबन्धु 18 Jul 2026 10:57 am

इतिहास रचने को तैयार Vikram-1: PM मोदी का हाथ से लिखा 'वंदे मातरम' पोस्टकार्ड भी जाएगा अंतरिक्ष

Vikram 1 Launch : प्राइवेट स्पेस स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस 18 जुलाई को विक्रम-1 टेस्ट फ्लाइट-1 के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'वंदे मातरम' लिखा हाथ से लिखा पोस्टकार्ड अंतरिक्ष में भेजेगा। यह भारत के पहले निजी ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट की टेस्ट ...

वेब दुनिया 18 Jul 2026 10:28 am

मेरठ में 'सांप से मौत' का सनसनीखेज खुलासा! पत्नी ने प्रेमी संग रची खौफनाक साजिश, नींद की गोलियां देकर चादर में छोड़ा जहरीला सांप

मेरठ के हस्तिनापुर में पहले सर्पदंश से हुई मौत माने जा रहे मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, पत्नी ने कथित प्रेमी और साथियों के साथ मिलकर पति को पहले नींद की गोलियां दीं और फिर चादर में जहरीला सांप छोड़कर उसकी हत्या कर दी। ...

वेब दुनिया 18 Jul 2026 9:46 am

Sameera Reddy: मेरी डेब्यू फिल्म में मुझे 2-3 शेड गोरा बनाया गया, समीरा रेड्डी ने बयां किया बॉलीवुड में रंगभेद का दर्दनाक सच!

मुंबई/लखनऊ। बॉलीवुड में चकाचौंध और ग्लैमर के पीछे छिपे काले सच अक्सर कलाकारों के जरिए सामने आते रहते हैं। इसी कड़ी में हिंदी और साउथ सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री समीरा रेड्डी (Sameera Reddy) ने फिल्म इंडस्ट्री में गहरे पैठ जमाए बैठे 'रंगभेद' (Colour Bias) को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बेबाक खुलासा किया है। एक होन्डाकास्ट और हालिया इंटरव्यू में अपने फिल्मी सफर को याद करते हुए समीरा ने बताया कि कैसे उनके सांवले रंग (Dusk Skin Tone) के कारण उन्हें अपने डेब्यू के समय ही भारी मानसिक तनाव और भेदभाव का सामना करना पड़ा था। अभिनेत्री के मुताबिक, उनकी पहली फिल्म के दौरान मेकर्स और निर्देशकों को उनका नेचुरल सांवला रंग पसंद नहीं था, जिसके चलते स्क्रीन पर उन्हें जबरन दो से तीन शेड ज्यादा गोरा (Lighter) दिखाया गया था।इंडस्ट्री को एक खास तरह की 'गोरी लड़की' ही चाहिए थीसमीरा रेड्डी ने साल 2002 में फिल्म 'मैंने दिल तुझको दिया' से सोहेल खान के साथ बॉलीवुड में अपना शानदार डेब्यू किया था। उस दौर को याद करते हुए समीरा ने कहा, जब मैंने कदम रखा, तो इंडस्ट्री में सांवली लड़कियों को लेकर एक अजीब सी हिचक थी। मुझे आज भी याद है कि मेरी पहली फिल्म में लाइटिंग और भारी-भरकम बेस मेकअप का इस्तेमाल करके मेरे स्किन टोन को पूरी तरह बदल दिया गया था। मुझे स्क्रीन्स पर 2-3 शेड लाइट दिखाया गया क्योंकि उस समय धारणा थी कि हीरोइन का गोरा दिखना ही सफलता की गारंटी है। उन्होंने आगे बताया कि इस रंगभेद ने उनके आत्मविश्वास को शुरुआती दिनों में काफी ठेस पहुंचाई थी और उन्हें लगने लगा था कि उनके लुक में ही कोई कमी है।साउथ और बॉलीवुड दोनों जगह झेला भेदभावसमीरा ने बताया कि यह समस्या सिर्फ बॉलीवुड तक सीमित नहीं थी, बल्कि साउथ फिल्म इंडस्ट्री (तमिल और तेलुगु सिनेमा) में भी एक्ट्रेस के रंग और बॉडी शेप को लेकर भारी दबाव बनाया जाता था। उन्होंने कहा, मुझसे अक्सर कहा जाता था कि अपनी त्वचा को साफ करने के लिए ट्रीटमेंट करवाओ या हमेशा ब्राइट लाइट्स में ही शूट करो। कपड़ों से लेकर लिपस्टिक के शेड्स तक सिर्फ इसलिए बदल दिए जाते थे ताकि मेरा सांवलापन उभरकर सामने न आए। इस लगातार मिलने वाले रिजेक्शन और कृत्रिम मापदंडों के कारण वे लंबे समय तक 'बॉडी डिस्मॉर्फिया' और असुरक्षा की भावना से जूझती रहीं।अब सोशल मीडिया पर बॉडी पॉजिटिविटी की मिसाल बनीं समीराफिल्मी दुनिया की इन तमाम पाबंदियों और झूठे पैमानों से दूर, आज समीरा रेड्डी सोशल मीडिया पर 'बॉडी पॉजिटिविटी' (Body Positivity) और नेचुरल ब्यूटी की सबसे बड़ी पैरोकार बनकर उभरी हैं। वे अक्सर बिना किसी फिल्टर और बिना मेकअप के अपने सफेद बालों, स्ट्रेच मार्क्स और असल स्किन टोन की तस्वीरें व वीडियो साझा करती हैं। समीरा का कहना है कि उम्र के इस पड़ाव पर आकर उन्होंने खुद को अपनी कमियों के साथ पूरी तरह स्वीकार करना सीख लिया है। उनकी इस बेबाकी को आज की युवा पीढ़ी और महिलाओं द्वारा खूब सराहा जा रहा है, जिससे वे रूढ़िवादी ब्यूटी स्टैंडर्ड्स को तोड़ने में एक प्रेरणास्रोत साबित हो रही हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 9:02 am

Indian Currency: कागजी नोटों की जगह अब जेब में चमकेगी प्लास्टिक करेंसी, RBI ने पॉलिमर नोट छापने के लिए जारी किया ग्लोबल टेंडर

मुंबई/लखनऊ। भारतीय अर्थव्यवस्था और बैंकिंग क्षेत्र (Banking Sector) से एक बेहद बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आ रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश में सदियों पुरानी पारंपरिक कागजी मुद्रा (Paper Currency) को बदलकर पूरी तरह से प्लास्टिक यानी पॉलिमर नोट (Polymer Banknotes) लाने के बड़े प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर चुका है। देश के करेंसी सिस्टम में इस क्रांतिकारी बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाते हुए आरबीआई की नोट छापने वाली शाखा 'भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड' (BRBNMPL) ने हाल ही में नोट छपाई के काम आने वाले 'ओपेसिफाइड पॉलिमर सब्सट्रेट शीटों' (प्लास्टिक नोट बनाने वाले बेस मटीरियल) की आपूर्ति के लिए वैश्विक निविदा (Global Tender) जारी कर दी है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, इस 'ग्लोबल एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट' (EoI) के तहत इच्छुक वैश्विक निर्माताओं को अपनी बोलियां जमा करने के लिए 18 अगस्त 2026 तक की अंतिम तारीख दी गई है।पहले चरण में ₹10 और ₹20 के नोटों पर होगा ट्रायलआरबीआई की इस योजना के अनुसार, प्लास्टिक केंटेंसी का यह पायलट प्रोजेक्ट (Pilot Project) शुरुआती तौर पर सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले छोटे मूल्यवर्ग के नोटों यानी ₹10 और ₹20 के नोटों के साथ शुरू किया जाएगा। टेंडर के दस्तावेजों के मुताबिक, शुरुआती आवश्यकता कुल 68,000 रीम (Reams) मटीरियल की है, जिसे दो अलग-अलग मूल्यवर्ग के नोटों की छपाई के लिए 34,000-34,000 रीम में बांटा गया है (ध्यान रहे कि एक रीम में कुल 500 प्लास्टिक शीट्स होती हैं)। इस पायलट प्रोजेक्ट के सफल और सकारात्मक फील्ड ट्रायल के बाद ही देश में बड़े नोटों के लिए पॉलिमर शीट का भारी मात्रा में प्रोक्योरमेंट (खरीद) किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इन प्लास्टिक नोटों का फुल-स्केल रोलआउट (चलन) साल 2027 से भारतीय बाजारों में देखने को मिल सकता है।सुरक्षा के लिए बेहद कड़े नियम, चीन-पाकिस्तान पर कड़ा बैनचूंकि मामला देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़ा है, इसलिए भारत सरकार और आरबीआई ने निविदा भरने वाली कंपनियों के लिए अत्यंत कड़े नियम और शर्तें रखी हैं:बोली लगाने वाली किसी भी वैश्विक कंपनी का कोई भी ऑपरेशन या यूनिट चीन या पाकिस्तान में सक्रिय नहीं होना चाहिए।भारत के करेंसी प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल होने वाला कोई भी कच्चा माल (Raw Material) इन दोनों देशों से नहीं मंगाया जाएगा।कंपनियों को यह भी वचन देना होगा कि वे भारत के लिए तैयार की जाने वाली विशिष्ट सुरक्षा विशेषताओं वाली इन शीट्स को किसी तीसरे देश को सप्लाई नहीं करेंगी।इसके अलावा धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं का सम्मान करते हुए यह प्रमाणित करना अनिवार्य होगा कि रबर या प्लास्टिक मिश्रण में किसी भी प्रकार की जानवर की चर्बी या डीएनए (DNA) शामिल नहीं है।कागजी नोटों के मुकाबले प्लास्टिक नोट क्यों हैं बेहतर?विशेषज्ञों के मुताबिक, भले ही प्लास्टिक नोटों की छपाई की शुरुआती लागत कागजी नोटों की तुलना में थोड़ी अधिक हो, लेकिन दीर्घकालिक रूप से इसके कई बेमिसाल फायदे हैं:5 गुना ज्यादा लाइफ (Durability): जहां साधारण ₹100 का कागजी नोट औसतन 4 साल में कट-फट जाता है या मैला हो जाता है, वहीं प्लास्टिक नोट पानी, नमी और गंदगी से सुरक्षित रहते हैं और 15 से 20 साल तक बिना खराब हुए चलते हैं।फर्जी नोटों (Counterfeiting) पर लगाम: पॉलिमर नोट्स में ऐसे अत्याधुनिक कलर-शिफ्टिंग सिक्योरिटी फीचर्स और ट्रांसपेरेंट विंडो एम्बेड किए जा सकते हैं, जिनकी हूबहू नकल करना जाली नोट छापने वाले रैकेट और जालसाजों के लिए नामुमकिन होगा।क्या पुराने नोट बंद हो जाएंगे? आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक चरणबद्ध प्रक्रिया है और वर्तमान में आपके बटुए में मौजूद कागजी नोट पूरी तरह से वैध और मान्य रहेंगे, जनता को किसी भी तरह की घबराहट या परेशानी की जरूरत नहीं है। ऑस्ट्रेलिया, यूके, कनाडा और सिंगापुर जैसे विकसित देश पहले से ही पूर्ण रूप से पॉलिमर करेंसी का उपयोग कर रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 9:01 am

Chaturmas 2026: देवशयनी एकादशी के बाद नया मकान खरीदना सही या गलत? जान लें चातुर्मास में प्रॉपर्टी डीलिंग के कड़े नियम

लखनऊ। सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले 'शुभ मुहूर्त' (Shubh Muhurat) देखने की प्राचीन परंपरा है, विशेषकर जब बात जिंदगी की सबसे बड़ी पूंजी यानी नया मकान, फ्लैट या जमीन खरीदने की हो। शनिवार (25 जुलाई 2026) को देवशयनी एकादशी के पावन अवसर से चातुर्मास (Chaturmas 2026) का आरंभ हो चुका है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज से अगले चार महीनों के लिए सृष्टि के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु क्षीर सागर में योगनिद्रा में लीन हो जाएंगे. भगवान के शयन काल में जाने के कारण हिंदू पंचांग में सभी प्रकार के मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है. ऐसे में रियल एस्टेट मार्केट और घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के मन में यह बड़ा सवाल उठता है कि क्या चातुर्मास के दौरान नया मकान खरीदना, रजिस्ट्री कराना या नए घर में शिफ्ट होना (गृह प्रवेश) शास्त्रों के अनुसार सही है या नहीं? आइए जानते हैं ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के कड़े नियम।1. क्या चातुर्मास में नया मकान या जमीन खरीद सकते हैं?ज्योतिषविदों और पंचांग वेत्ताओं के अनुसार, चातुर्मास को लेकर आम जनमानस में यह गलतफहमी है कि इन चार महीनों में हर तरह के काम बंद हो जाते हैं. शास्त्रों में केवल मांगलिक संस्कारों (जैसे—विवाह, मुंडन, जनेऊ और नए यज्ञ) को वर्जित किया गया है. जहां तक संपत्ति या अचल संपत्ति (Property Purchase) खरीदने का सवाल है, तो निवेश और व्यावसायिक गतिविधियों पर कोई पूर्ण प्रतिबंध नहीं है. यदि आप नया मकान या प्लॉट खरीदना चाहते हैं, तो पंचांग में दिए गए विशिष्ट 'प्रॉपर्टी परचेज मुहूर्त' या राहुकाल को छोड़कर शुभ नक्षत्रों (जैसे—अनुराधा, मघा, विशाखा, मृगशिरा) में टोकन मनी दे सकते हैं या रजिस्ट्री का काम करवा सकते हैं. इसे अशुभ नहीं माना जाता।2. गृह प्रवेश (Housewarming) पर रहता है पूर्ण प्रतिबंध: जानिए क्यों?भले ही आप चातुर्मास में मकान खरीद लें या उसकी रजिस्ट्री करा लें, लेकिन 'गृह प्रवेश' (Griha Pravesh) करने की शास्त्रों में सख्त मनाही होती है. वास्तु शास्त्र और ज्योतिष के अनुसार, एक नए घर में जीवन की शुरुआत करने के लिए सौर ऊर्जा, सकारात्मक ब्रह्मांडीय तरंगों और भगवान विष्णु के जाग्रत आशीर्वाद की आवश्यकता होती है. चूंकि इन चार महीनों में भगवान विष्णु शयन में होते हैं और सूर्य व चंद्रमा की कोणीय स्थितियां भी बदलती हैं, इसलिए सावन, भादों, अश्विन और कार्तिक मास में नए या निर्मित मकान में गृह प्रवेश की पूजा नहीं की जाती है. अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026 में गृह प्रवेश का कोई भी सामूहिक शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं है.3. अगर घर शिफ्ट करना बहुत जरूरी हो, तो क्या करें?कई बार किराए का मकान खाली करने, ट्रांसफर होने या किसी आपातकालीन स्थिति (Emergency Relocation) के कारण लोगों को चातुर्मास के दौरान ही नए घर में जाना पड़ता है. शास्त्रों में आपातकाल के लिए अपवाद दिए गए हैं:यदि शिफ्ट होना अनिवार्य है, तो आप बिना किसी तामझाम या बड़े उत्सव के एक साधारण कलश पूजा करके नए मकान में प्रवेश कर सकते हैं.ध्यान रखें कि इसे 'औपचारिक गृह प्रवेश' नहीं माना जाएगा। चातुर्मास समाप्त होने के बाद (20 नवंबर 2026 को देवउठनी एकादशी के बाद) आप विद्वान ब्राह्मण से शुभ मुहूर्त निकलवाकर विधिवत 'वास्तु शांति यज्ञ' और पूर्ण गृह प्रवेश पूजा संपन्न करवा सकते हैं.4. चातुर्मास में संपत्ति से जुड़े इन वास्तु नियमों का रखें ध्यानदशा और दिशा: यदि आप इस अवधि में मकान फाइनल कर रहे हैं, तो वास्तु के अनुसार उत्तर (North) या पूर्व (East) मुखी मुख्य द्वार वाले मकान को प्राथमिकता दें, क्योंकि यह सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है.राहुकाल से बचें: किसी भी संपत्ति के सौदे के कागजात पर हस्ताक्षर करते समय या बयाना (Token Money) देते समय उस दिन के राहुकाल (अशुभ समय) का विशेष ध्यान रखें और उस दौरान वित्तीय लेनदेन से बचें.सफाई और रखरखाव: चातुर्मास के चार महीने आत्म-निरीक्षण और शुद्धि के होते हैं. यदि आपने नया घर लिया है, तो उसमें साफ-सफाई करवाकर रखें, लेकिन मुख्य निर्माण कार्य या बड़ा रेनोवेशन शुरू करने से पहले किसी ज्योतिषी से अपनी व्यक्तिगत कुंडली के ग्रहों की स्थिति जरूर जंचवा लें.

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:59 am

महंगाई की मार: नॉन-वेज खाने वालों की जेब होगी ढीली, जानिए क्यों लगातार महंगे हो रहे हैं चिकन और अंडे

नई दिल्ली/लखनऊ। सावन के पवित्र महीने में जहां एक तरफ बड़ी आबादी नॉन-वेज से दूरी बना रही है, वहीं दूसरी तरफ पोल्ट्री बाजार से आम उपभोक्ताओं को झटका देने वाली खबर आ रही है। देश भर के बाजारों में अंडा और चिकन के दामों (Egg & Chicken Prices) में अचानक तगड़ा उछाल देखा जा रहा है। बिजनेस और कमोडिटी विशेषज्ञों के अनुसार, इस तेजी की मुख्य वजह मुर्गियों के दाने यानी 'पोल्ट्री फीड' (Poultry Feed) की लागत में भारी बढ़ोतरी होना है। पोल्ट्री फीड तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले दो सबसे प्रमुख कृषि उत्पाद—सोयाबीन और मक्का—घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में महंगे हो गए हैं, जिसके कारण पोल्ट्री फार्म संचालकों के लिए मुर्गियों का पालन-पोषण करना काफी खर्चीला साबित हो रहा है।पोल्ट्री फीड क्यों हुआ महंगा? जानिए इनसाइड स्टोरीपोल्ट्री उद्योग के जानकारों का कहना है कि मुर्गियों के चारे (फीड) को बनाने में लगभग 60 से 65 फीसदी हिस्सेदारी मक्के की और करीब 25 से 30 फीसदी हिस्सेदारी सोयाबीन (सोयामील) की होती है। पिछले कुछ समय से मौसम की मार, बुवाई में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) प्रभावित होने के चलते मक्के और सोयाबीन के थोक भावों में 20 से 30 फीसदी तक की तेजी आई है। इसके अलावा, भारत में जीएम (जेनेटिकली मॉडिफाइड) मक्का और सोयाबीन के आयात पर प्रतिबंध होने के कारण भी घरेलू बाजार में इन अनाजों के विकल्प सीमित हैं। लागत का यह सीधा बोझ अब आम जनता की थाली पर पड़ रहा है।अंडा और चिकन के दामों में कितना आया उछाल?बाजार से मिले ताजा आंकड़ों के अनुसार:चिकन के दाम: खुदरा बाजार में जो ब्रॉयलर चिकन पहले ₹180 से ₹200 प्रति किलोग्राम बिक रहा था, उसके दाम बढ़कर ₹240 से ₹260 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं।अंडे के दाम: थोक बाजार में प्रति क्रेट (30 अंडे) की कीमत में ₹30 से ₹45 तक का उछाल आया है। इसके चलते खुदरा दुकानों पर जो अंडा पहले ₹6 में मिलता था, वह अब ₹7.50 से ₹8.50 प्रति पीस की दर से बिक रहा है।दुनिया का सबसे महंगा पोल्ट्री फीड भारत में, लेकिन राहत भीएक दिलचस्प पहलू यह भी है कि भारी इम्पोर्ट टैरिफ और नियमों के कारण भारत में इस समय दुनिया का सबसे महंगा पोल्ट्री फीड बिक रहा है। भारतीय किसान अमेरिका, यूक्रेन या ब्राजील के मुकाबले मक्के के लिए 35 से 50 फीसदी अधिक दाम चुका रहे हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि इतनी ऊंची लागत के बावजूद, कुशल प्रबंधन के कारण भारतीय उपभोक्ताओं को मिलने वाला अंडा वैश्विक स्तर पर (जैसे ब्राजील या यूएसए की तुलना में) अब भी काफी किफायती दरों पर उपलब्ध हो पा रहा है।आने वाले दिनों में क्या रहेंगे आसार?पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों का मानना है कि मानसून की प्रगति और आने वाले हफ्तों में मक्के व सोयाबीन की नई फसल की आवक शुरू होने के बाद ही फीड की कीमतों में नरमी आ सकती है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगस्त के आखिरी सप्ताह तक जब त्योहारों के बाद बाजार में सप्लाई सामान्य होगी, तब अंडा और चिकन के दामों में ₹15 से ₹20 तक की गिरावट देखने को मिल सकती है। तब तक उपभोक्ताओं को इस बढ़ी हुई कीमतों के साथ ही तालमेल बिठाना होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:58 am

POCO M8 Power & X8: भारत में जल्द एंट्री मारेंगे पोको के दो धांसू स्मार्टफोन, 8000mAh की 'राक्षसी' बैटरी उड़ाएगी होश

नई दिल्ली/लखनऊ। भारतीय बजट और मिड-रेंज स्मार्टफोन बाजार में तहलका मचाने के लिए चीनी टेक ब्रांड पोको (POCO) एक बार फिर बड़ा धमाका करने के लिए तैयार है। हाल ही में सामने आईं हाइपरओएस (HyperOS) फर्मवेयर और टिप्सटर की लीक रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी जल्द ही भारत में अपनी नई सीरीज के तहत दो बेहद पावरफुल स्मार्टफोन—POCO M8 Power और POCO X8 लॉन्च करने जा रही है। इस खबर ने टेक लवर्स के बीच हलचल इसलिए तेज कर दी है, क्योंकि लीक के मुताबिक POCO M8 Power में 8000mAh की एक विशाल (Massive) बैटरी दी जाएगी, जो कि बजट सेगमेंट में अब तक की सबसे बड़ी बैटरियों में से एक होने वाली है।Redmi Note 17 सीरीज का रीब्रांडेड वर्जन होंगे ये फोन?मशहूर टिप्सटर और लीक रिपोर्ट्स का दावा है कि शाओमी (Xiaomi) अपनी पुरानी रणनीति को दोहराते हुए चीन में हाल ही में लॉन्च हुई अपनी रेडमी नोट 17 सीरीज को ही भारत में पोको ब्रांडिंग के तहत पेश करने वाली है।लीक कोड्स के अनुसार, POCO M8 Power असल में चीन के Redmi Note 17 5G का रीब्रांडेड वर्जन होगा।वहीं, POCO X8 को Redmi Note 17 Pro के रीबैज्ड वर्जन के रूप में भारतीय बाजार में उतारा जा सकता है।POCO M8 Power: संभावित स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्सयदि यह आगामी फोन पूरी तरह से चीनी रेडमी नोट 17 के हार्डवेयर को कॉपी करता है, तो इसमें ग्राहकों को अद्भुत फीचर्स देखने को मिलेंगे:डिस्प्ले: इस फोन की सबसे बड़ी यूएसपी इसका 7.0 इंच का बड़ा FHD+ OLED डिस्प्ले होगा, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 1800 निट्स की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करेगा। इतनी बड़ी स्क्रीन और ओलेड पैनल इस बजट में मिलना वाकई बेमिसाल होगा।बैटरी और चार्जिंग: फोन को पावर देने के लिए इसमें 8000mAh की बड़ी बैटरी दी जाएगी। सबसे अच्छी बात यह है कि ग्लोबल मार्केट में जहां इसकी बैटरी छोटी होने की चर्चा है, वहीं भारतीय वेरिएंट में 8000mAh की पूरी क्षमता को बरकरार रखा जाएगा। इसे चार्ज करने के लिए 45W की फास्ट चार्जिंग और 22.5W की रिवर्स वायर्ड चार्जिंग का सपोर्ट मिलेगा।प्रोसेसर व कैमरा: परफॉर्मेंस के लिए इसमें क्वालकॉम का लेटेस्ट Snapdragon 4 Gen 4 चिपसेट मिल सकता है, जो रोजमर्रा के मल्टीटास्किंग और सामान्य गेमिंग के लिए बेहतरीन है। फोटोग्राफी के लिए पीछे की तरफ 50MP का प्राइमरी कैमरा और सेल्फी के लिए 8MP का फ्रंट शूटर मिलने की उम्मीद है।संभावित कीमत और भारत में कब होगा लॉन्च?कंपनी ने अभी तक इन दोनों स्मार्टफोन्स की आधिकारिक लॉन्चिंग डेट या कीमत का खुलासा नहीं किया है। हालांकि, चीनी मार्केट में रेडमी नोट 17 की शुरुआती कीमत CNY 1,299 (लगभग ₹18,000) रखी गई है। इसे देखते हुए भारतीय बाजार में भी POCO M8 Power की शुरुआती कीमत ₹18,000 से ₹20,000 के बीच होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। जहां तक लॉन्च टाइमलाइन की बात है, तो यह फोन साल 2026 की इस तीसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर के बीच) में कभी भी भारत में दस्तक दे सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:52 am

Devshayani Ekadashi 2026: 3 महासंयोगों में रखा जाएगा देवशयनी एकादशी का व्रत, जानें पंचांग के अनुसार सही तारीख और पारण का सटीक समय

लखनऊ। हिंदू धर्म में सभी एकादशियों में सर्वश्रेष्ठ मानी जाने वाली आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी (Devshayani Ekadashi 2026) का व्रत इस साल बेहद खास और दुर्लभ होने जा रहा है। वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, इस बार देवशयनी एकादशी पर 3 बड़े और शुभ महायोगों का निर्माण हो रहा है, जो इस दिन की गई पूजा और व्रत के आध्यात्मिक फल को कई गुना बढ़ा देंगे। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इसी पवित्र तिथि से सृष्टि के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु अगले चार महीनों (120 दिनों) के लिए क्षीर सागर में शेषनाग की शैय्या पर योगनिद्रा में चले जाते हैं। प्रभु के शयन में जाने के साथ ही देश भर में चातुर्मास (Chaturmas 2026) का शुभारंभ हो जाएगा और विवाह, मुंडन, जनेऊ व गृह प्रवेश जैसे सभी मांगलिक व शुभ कार्यों पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी।तारीख को लेकर न हों कन्फ्यूज, उदया तिथि के अनुसार इस दिन है व्रतइस साल एकादशी तिथि की शुरुआत और समाप्ति के समय को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बन रही थी। ज्योतिषविदों और पंचांग के अनुसार:एकादशी तिथि का प्रारंभ: 24 जुलाई 2026, शुक्रवार को सुबह 09:12 बजे से होगा।एकादशी तिथि की समाप्ति: 25 जुलाई 2026, शनिवार को सुबह 11:34 बजे होगी।सटीक व्रत की तारीख: सनातन धर्म में उदया तिथि (सूर्योदय के समय मौजूद तिथि) को सर्वोपरि माना जाता है। चूंकि 25 जुलाई की सुबह सूर्योदय के समय एकादशी तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए देवशयनी एकादशी का पावन व्रत 25 जुलाई 2026, शनिवार को ही रखा जाएगा।3 बड़े शुभ योग और पूजा का उत्तम मुहूर्तइस बार की एकादशी ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद अनूठी है क्योंकि यह 3 प्रमुख शुभ योगों के त्रिवेणी संगम में आ रही है, जो जातकों के करियर और आर्थिक स्थिति में उन्नति के द्वार खोलेगी।पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त: 25 जुलाई की सुबह 07:21 बजे से सुबह 09:03 बजे तक का समय भगवान विष्णु की विशेष आराधना के लिए सर्वोत्तम माना गया है। इस दौरान श्रीहरि को पंचामृत, पीले फूल, पीले वस्त्र और गुड़-चने का भोग लगाना अत्यंत कल्याणकारी रहेगा।व्रत पारण (Parana Time) का सटीक समयएकादशी व्रत का पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है जब उसका पारण (व्रत खोलना) नियमों के अनुसार अगले दिन शुभ समय के भीतर किया जाए।पारण की तारीख: 26 जुलाई 2026, रविवार।पारण का समय: रविवार की सुबह 05:39 बजे से लेकर सुबह 08:22 बजे तक रहेगा। इस समयावधि के भीतर ही व्रतियों को सात्विक भोजन ग्रहण कर अपना उपवास खोलना चाहिए।भूलकर भी न करें ये 3 गलतियां, इन बातों का रखें ध्यानधार्मिक नियमों के अनुसार, देवशयनी एकादशी के दिन घर में पूर्ण सात्विक माहौल होना चाहिए। इस दिन भूलकर भी घर में लहसुन, प्याज या तामसिक भोजन न बनाएं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना पूरी तरह वर्जित होता है; यदि आपको भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करना है, तो उसे एक दिन पहले (24 जुलाई को) ही तोड़कर रख लें। इसके साथ ही, इस दिन वाद-विवाद और क्रोध से बचकर 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' महामंत्र का मानसिक जाप करते रहना चाहिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:50 am

Madhya Pradesh Tourism: मानसून में जन्नत बन जाती हैं मध्य प्रदेश की ये 5 जगहें, झरने और हरी-भरी वादियां जीत लेंगी आपका दिल

भोपाल/लखनऊ। भारत का दिल कहे जाने वाले मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) का सौंदर्य वैसे तो हर मौसम में पर्यटकों को आकर्षित करता है, लेकिन मानसून के दस्तक देते ही इस राज्य का भूगोल और नजारा पूरी तरह बदल जाता है। जुलाई से अक्टूबर के बीच होने वाली मूसलाधार बारिश एमपी के जंगलों, पहाड़ों और घाटियों में एक नई जान फूंक देती है। इस दौरान यहां के ऐतिहासिक किले बादलों से घिर जाते हैं, सूखी नदियां उफान पर आ जाती हैं और सूखी पहाड़ियां मखमली हरी चादर ओढ़ लेती हैं। मध्य प्रदेश पर्यटन (MP Tourism) के मुताबिक, यदि आप इस मानसूनी सीजन में प्रकृति के करीब जाकर सुकून के कुछ पल बिताना चाहते हैं, तो मध्य प्रदेश की ये 5 जादुई जगहें, जो अपने ऊंचे झरनों और खूबसूरत घाटियों के लिए जानी जाती हैं, आपके सफर को हमेशा के लिए यादगार बना देंगी।1. पचमढ़ी: मध्य प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन (Queen of Satpura)सतपुड़ा की पहाड़ियों के बीच बसा पचमढ़ी (Pachmarhi) मानसून के दौरान बादलों के साए में छिप जाता है। जुलाई से अक्टूबर के बीच यहां का तापमान बेहद सुहावना होता है और चारों तरफ गहरी हरी वादियां नजर आती हैं।मुख्य आकर्षण: यहां का 'बी फॉल' (Bee Fall) और 'डचेस फॉल' बारिश के दिनों में पूरे शबाब पर होते हैं। इसके अलावा हांडी खोह (गहरी घाटी) और धूपगढ़ से ढलते सूरज का नजारा देखना किसी जन्नत से कम नहीं लगता।कैसे पहुंचें: नजदीकी रेलवे स्टेशन पिपरिया (Pipariya) है, जो पचमढ़ी से लगभग 50 किलोमीटर दूर है।2. भेड़ाघाट (जबलपुर): धुआंधार जलप्रपात की जादुई बूंदेंजबलपुर से महज 25 किलोमीटर दूर स्थित भेड़ाघाट (Bhedaghat) नर्मदा नदी के तट पर संगमरमर की विशाल चट्टानों (Marble Rocks) के लिए प्रसिद्ध है।मुख्य आकर्षण: मानसून में जब नर्मदा का पानी उफान पर होता है, तो 'धुआंधार जलप्रपात' (Dhuandhar Waterfall) का नजारा देखने लायक होता है। पानी इतनी ऊंचाई और वेग से गिरता है कि चारों तरफ कोहरे या धुएं जैसा माहौल बन जाता है। बारिश के मौसम में संगमरमर की वादियों के बीच बहती जलधारा का यह रूप रोंगटे खड़े कर देने वाला होता है।3. मांडू: ऐतिहासिक खंडहरों और वादियों का मिलनइंदौर से लगभग 90 किलोमीटर दूर स्थित मांडू (Mandu) एक ऐसा ऐतिहासिक शहर है जो रानी रूपमती और बाज बहादुर के अमर प्रेम की गवाही देता है।मुख्य आकर्षण: मानसून के दिनों में मांडू के ऊंचे महलों और किलों के ऊपर काले बादल तैरते हुए नजर आते हैं। काकड़ा खोह जैसी गहरी हरी-भरी घाटियां और जहाज महल के आस-पास का प्राकृतिक सौंदर्य इस मौसम में देखते ही बनता है। इतिहास और प्रकृति प्रेमियों के लिए मानसून में मांडू घूमना एक बेहतरीन अनुभव है।4. अमरकंटक: नर्मदा का उद्गम और शांत वादियांमैकाल पहाड़ियों के बीच स्थित अमरकंटक (Amerkantak) एक पवित्र तीर्थ स्थल होने के साथ-साथ एक बेहद खूबसूरत प्राकृतिक स्थल भी है। यह हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी के बीच जलविभाजक का काम करता है।मुख्य आकर्षण: यहीं से पवित्र नर्मदा और सोन नदी का उद्गम होता है। मानसून में अमरकंटक के घने जंगल और पहाड़ियां बादलों से ढक जाती हैं। यहां का 'कपिल धारा' और 'दुग्ध धारा' जलप्रपात बारिश के पानी से सराबोर होकर सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।5. पातालपानी और तिंचा फॉल (इंदौर): वीकेंड के लिए बेस्ट डेस्टिनेशनयदि आप इंदौर या उसके आस-पास के इलाकों में हैं, तो मानसून का आनंद लेने के लिए पातालपानी (Patalpani) और तिंचा फॉल (Tincha Fall) से बेहतर कोई जगह नहीं हो सकती।मुख्य आकर्षण: पातालपानी जलप्रपात लगभग 300 फीट की ऊंचाई से गिरता है और इसके आस-पास की गहरी घाटियां पूरी तरह हरी-भरी हो जाती हैं। हालांकि, बारिश के मौसम में यहां पानी का बहाव अचानक बढ़ जाता है, इसलिए पर्यटकों को झरने के बहुत करीब न जाने और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की सख्त सलाह दी जाती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:49 am

SBI Recruitment 2026: एसबीआई में मेडिकल ऑफिसर बनने का आखिरी मौका! बैंक ने आगे बढ़ाई आवेदन की तारीख, अब 21 जुलाई तक करें अप्लाई

नई दिल्ली/लखनऊ। मेडिकल क्षेत्र के उन अनुभवी प्रोफेशनल्स के लिए बड़ी और राहत भरी खबर है जो बैंकिंग सेक्टर में एक प्रतिष्ठित और स्थायी सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिसर (SCO) के तहत बैंक मेडिकल ऑफिसर (BMO-II) के पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया है। आधिकारिक अधिसूचना (Official Notification) के मुताबिक, जिन उम्मीदवारों ने किसी कारणवश 14 जुलाई 2026 की समय-सीमा तक अपना फॉर्म नहीं भरा था, वे अब 21 जुलाई 2026 तक एसबीआई के ऑफिशियल करियर पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन और फीस का भुगतान कर सकते हैं। इस भर्ती अभियान के जरिए देश भर के विभिन्न एसबीआई सर्किलों में कुल 35 रिक्त पदों को भरा जाना है।किन सर्किलों में हैं कितनी रिक्तियां?एसबीआई द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कुल 35 पदों में से सबसे अधिक 6-6 रिक्तियां उत्तर प्रदेश के लखनऊ और महाराष्ट्र सर्किल में उपलब्ध हैं। इसके अलावा राजस्थान के जयपुर और ओडिशा के भुवनेश्वर सर्किल में 4-4 पदों पर तथा बिहार के पटना सर्किल में 3 पदों पर भर्ती की जाएगी। बाकी बची वैकेंसियों को देश के अन्य सर्किलों में उनकी आवश्यकता के अनुसार आवंटित किया गया है।पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria) और आवश्यक योग्यताबैंक मेडिकल ऑफिसर के इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार के पास नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) या किसी भी राज्य की मेडिकल काउंसिल द्वारा मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या कॉलेज से MBBS की डिग्री होनी अनिवार्य है। वांछनीय योग्यता के रूप में MD/MS या पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा धारकों को प्राथमिकता दी जाएगी।कार्य अनुभव: केवल डिग्री होना काफी नहीं है; पंजीकरण के बाद का न्यूनतम अनुभव होना जरूरी है। सिर्फ MBBS डिग्री वाले उम्मीदवारों के पास जनरल प्रैक्टिशनर के तौर पर 5 साल का अनुभव होना चाहिए। वहीं, पीजी डिग्री या डिप्लोमा धारकों के लिए न्यूनतम 3 साल का अनुभव आवश्यक है। ध्यान रहे कि इंटर्नशिप की अवधि को इस अनुभव में शामिल नहीं किया जाएगा।आयु सीमा: आवेदन के लिए उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 35 वर्ष (31 मई 2026 के आधार पर) निर्धारित की गई है। हालांकि, आरक्षित श्रेणियों को सरकारी नियमों के तहत अधिकतम आयु सीमा में छूट मिलेगी; जैसे ओबीसी (OBC) को 3 वर्ष, एससी-एसटी (SC-ST) को 5 वर्ष और दिव्यांग (PwBD) उम्मीदवारों को 10 वर्ष की छूट देय होगी।चयन प्रक्रिया और कितना मिलेगा वेतन?एसबीआई बीएमओ के पदों पर अंतिम रूप से चयनित होने वाले डॉक्टरों को मिडिल मैनेजमेंट ग्रेड स्केल-II (MMGS-II) के तहत 64,820 रुपये से लेकर 93,960 रुपये प्रति माह का मूल वेतनमान प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और 20 फीसदी नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (NPA) मिलाकर सकल वेतन काफी आकर्षक हो जाता है। इन पदों के लिए चयन प्रक्रिया लिखित परीक्षा, साक्षात्कार (Interview) और लोकल लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी टेस्ट (LLPT) के आधार पर संपन्न की जाएगी। सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए आवेदन शुल्क 750 रुपये है, जबकि एससी, एसटी और दिव्यांगों के लिए आवेदन पूरी तरह निःशुल्क है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:48 am

Delhi Weather: दिल्ली में टूटा 5 साल का रिकॉर्ड, दर्ज हुई जुलाई की सबसे गर्म रात; अब राहत देने आ रही है झमाझम बारिश

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली और पूरे एनसीआर (Delhi-NCR) में मॉनसून की बेरुखी के चलते लोग भीषण और दमघोंटू उमस भरी गर्मी का सामना कर रहे हैं. इसी बीच मौसम विभाग (IMD) से दिल्लीवालों के लिए एक बड़ी राहत और एक बड़ी चेतावनी दोनों साथ आई हैं. दिल्ली में शुक्रवार (17 जुलाई) को पिछले 5 साल में जुलाई के महीने की सबसे गर्म रात दर्ज की गई, जिसने लोगों को बेहाल कर दिया. हालांकि, इस भीषण तपन के बीच अब मौसम करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने आज शनिवार (18 जुलाई) और रविवार (19 जुलाई) के लिए दिल्ली-एनसीआर में आंधी-तूफान के साथ हल्की से मध्यम बारिश का 'येलो अलर्ट' (Yellow Alert) जारी किया है, जिससे तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है.न्यूनतम तापमान ने तोड़ा रिकॉर्ड, 2021 के बाद सबसे गर्म रातसफदरजंग मौसम केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक यानी 31 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह पिछले पांच वर्षों में जुलाई के महीने में दर्ज की गई सबसे गर्म रात है। इससे पहले 1 जुलाई 2021 को न्यूनतम तापमान 31.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। रात के समय हवा पूरी तरह बंद होने और वातावरण में अत्यधिक नमी (Humidity) होने के कारण लोगों को घरों के भीतर और बाहर भारी परेशानी झेलनी पड़ी।38.8 डिग्री तापमान पर 51 डिग्री जैसी गर्मी का अहसासकेवल रात ही नहीं, बल्कि दिल्ली का दिन भी भयंकर रूप से तप रहा है। शुक्रवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री ज्यादा यानी 38.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हवा में 46 से 74 फीसदी तक की उच्च आर्द्रता (उमस) के चलते लोगों को असल में 48 से 51 डिग्री सेल्सियस जैसी झुलसाने वाली गर्मी (Real Feel Temperature) महसूस हुई। लोधी रोड में अधिकतम तापमान 39 डिग्री और पालम में 38.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया.येलो अलर्ट: वीकेंड पर तेज हवाओं के साथ बारिश की उम्मीदमौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण दिल्ली का मौसम आज दोपहर बाद बदल सकता है। शनिवार और रविवार को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की प्रबल संभावना है। इस बारिश से उमस से तो तुरंत राहत नहीं मिलेगी, लेकिन अधिकतम तापमान 3 डिग्री तक गिरकर 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास आ सकता है.20 जुलाई के बाद आएगा मॉनसून का असली यू-टर्नस्काईमेट और आईएमडी के विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली में मॉनसून का जो लंबा ब्रेक चल रहा था, वह अब समाप्त होने की कगार पर है। असली और व्यापक राहत 20 से 22 जुलाई के बीच देखने को मिलेगी। इस दौरान दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में भारी बारिश का दौर शुरू होगा, जिससे लंबे समय से सूखी पड़ी दिल्ली को भीषण गर्मी से पूरी तरह निजात मिल सकेगी। इस बीच, शुक्रवार शाम दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 176 दर्ज किया गया, जो 'मध्यम' श्रेणी में बना हुआ है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:46 am

Sir Garfield Sobers Death: क्रिकेट जगत में पसरा मातम, एक ओवर में 6 छक्के जड़ने वाले पहले महान ऑलराउंडर गारफील्ड सोबर्स का निधन

नई दिल्ली/लखनऊ। क्रिकेट जगत से एक बेहद दुखद और स्तब्ध कर देने वाली खबर सामने आई है। खेल इतिहास के सबसे महान ऑलराउंडर और वेस्टइंडीज के पूर्व दिग्गज कप्तान सर गारफील्ड सोबर्स (Sir Garfield Sobers) का 89 वर्ष की आयु में बारबाडोस में उनके गृह आवास पर निधन हो गया है। सर गारफील्ड सोबर्स, जिन्हें उनके चाहने वाले प्यार से 'गैरी सोबर्स' भी कहते थे, क्रिकेट इतिहास की उन चुनिंदा हस्तियों में शामिल थे जिन्होंने इस खेल को एक नई परिभाषा दी। उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि क्रिकेट वेस्टइंडीज (CWI) और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने की है, जिसके बाद से पूरी दुनिया के क्रिकेटर्स और खेल प्रेमी इस महान खिलाड़ी को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।क्रिकेट के इतिहास में 'किंग क्रिकेट' का सफर28 जुलाई 1936 को बारबाडोस में जन्मे सर गारफील्ड सोबर्स ने साल 1954 से 1974 के बीच दो दशकों तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर राज किया। उन्होंने वेस्टइंडीज के लिए 93 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 57.78 की बेमिसाल औसत से 8,032 रन बनाए, जिसमें 26 शतक और 30 अर्धशतक शामिल थे। वह केवल एक महान बल्लेबाज नहीं थे, बल्कि अपनी जादुई बाएं हाथ की गेंदबाजी से उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 235 विकेट भी चटकाए। सोबर्स की खासियत यह थी कि वे तेज गति (Medium Fast) से लेकर ऑर्थोडॉक्स स्पिन और रिस्ट स्पिन तीनों तरह की गेंदबाजी करने में माहिर थे।एक ओवर में 6 छक्के जड़ने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाजक्रिकेट की किताबों में सर गारफील्ड सोबर्स का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज है, क्योंकि वे प्रथम श्रेणी क्रिकेट (First-Class Cricket) में एक ओवर की सभी 6 गेंदों पर 6 छक्के लगाने वाले दुनिया के सबसे पहले बल्लेबाज बने थे। उन्होंने यह ऐतिहासिक कारनामा 31 अगस्त 1968 को नॉटिंघमशायर की तरफ से खेलते हुए ग्लैमॉर्गन के स्पिनर मैल्कम नैश के खिलाफ किया था। उनके इस रिकॉर्ड ने क्रिकेट की दुनिया में आक्रामक बल्लेबाजी के एक नए युग की शुरुआत की थी।पाकिस्तान के खिलाफ बनाया था 365 रनों का रिकॉर्ड*सर गैरी सोबर्स ने साल 1958 में पाकिस्तान के खिलाफ खेलते हुए नाबाद 365 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी। यह उस समय टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर था। सोबर्स का यह जादुई रिकॉर्ड 36 सालों तक अटूट रहा, जिसे बाद में साल 1994 में उन्हीं के हमवतन और वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा (375 रन) ने तोड़ा था।विजडन ने चुना था 'क्रिकेटर ऑफ द सेंचुरी', मिला था नाइटहुडउनकी इसी महानता और खेल के प्रति अद्भुत योगदान को देखते हुए साल 1975 में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने उन्हें 'नाइटहुड' (सर की उपाधि) से सम्मानित किया था। इसके बाद साल 2000 में विजडन ने उन्हें 20वीं सदी के 5 सबसे महान क्रिकेटरों की सूची में शामिल किया था। आधुनिक युग में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) साल के सर्वश्रेष्ठ पुरुष क्रिकेटर को सम्मानित करने के लिए जो सबसे बड़ा पुरस्कार देती है, उसका नाम भी इन्हीं के सम्मान में 'सर गारफील्ड सोबर्स ट्रॉफी' रखा गया है। उनके निधन से क्रिकेट के एक गौरवशाली युग का अंत हो गया है, लेकिन उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:37 am

Bank Holiday Today: आज शनिवार 18 जुलाई को बैंक खुले हैं या बंद? घर से निकलने से पहले जान लें RBI का यह जरूरी नियम

नई दिल्ली/लखनऊ। आज शनिवार का दिन है और बैंकों से जुड़े कामकाज निपटाने वाले ग्राहकों के मन में अक्सर यह असमंजस रहता है कि आज बैंक खुले हैं या बंद (Bank Open or Closed Today)। यदि आप भी आज यानी 18 जुलाई 2026 को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), एचडीएफसी (HDFC), आईसीआईसीआई (ICICI) या पंजाब नेशनल बैंक (PNB) जैसी किसी भी सरकारी या प्राइवेट बैंक शाखा में जाने का मन बना रहे हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आधिकारिक हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक, आज देश के अधिकांश हिस्सों में बैंक पूरी तरह खुले रहेंगे और आम दिनों की तरह ही कामकाज होगा।तीसरे शनिवार को खुले रहते हैं बैंक: क्या है RBI का नियम?आरबीआई (RBI) के नियमानुसार, देश के सभी शेड्यूल्ड और नॉन-शेड्यूल्ड बैंक हर महीने के केवल दूसरे (2nd) और चौथे (4th) शनिवार को ही बंद रहते हैं। चूंकि आज 18 जुलाई महीने का तीसरा शनिवार (3rd Saturday) है, इसलिए इसे बैंक वर्किंग डे (कार्यदिवस) माना जाता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-NCR, मुंबई और कोलकाता समेत देश के लगभग सभी प्रमुख राज्यों व शहरों में आज ग्राहक इन-ब्रांच जाकर कैश डिपॉजिट, चेक क्लीयरेंस, डिमांड ड्राफ्ट और पासबुक अपडेट जैसे तमाम काम आसानी से करवा सकते हैं।सिक्किम में आज रहेगी छुट्टी, जानिए क्या है कारण?देशभर में बैंक खुले होने के बावजूद, आज सिक्किम राज्य में सभी बैंक पूरी तरह बंद रहेंगे। दरअसल, आज सिक्किम में पवित्र बौद्ध त्योहार 'द्रुकपा त्शे-जी' (Drukpa Tshe-zi) मनाया जा रहा है। यह त्योहार भगवान बुद्ध द्वारा ज्ञान प्राप्ति के बाद सारनाथ के डियर पार्क में अपने पहले पांच शिष्यों को दिए गए 'चार आर्य सत्यों' के प्रथम उपदेश की याद में मनाया जाता है। इस क्षेत्रीय त्योहार के कारण आरबीआई ने केवल गंगटोक और सिक्किम के अन्य शहरों में आज बैंकों के लिए अवकाश घोषित किया है।डिजिटल और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं रहेंगी चालूसिक्किम के ग्राहकों सहित जिन भी लोगों को आज बैंक बंद होने के कारण असुविधा हो रही है, वे डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं। एटीएम (ATM), इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग ऐप्स और यूपीआई (UPI) सेवाएं 24 घंटे बिना किसी रुकावट के काम करती रहेंगी। इन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए आप पैसों का ट्रांसफर और बिलों का भुगतान घर बैठे ही कर सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:35 am

FIFA World Cup Final: मेसी बनाम लामिन यमाल के महामुकाबले से पहले फाइनल के वेन्यू पर मचा भारी बवाल, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

नई दिल्ली/लखनऊ। फुटबॉल इतिहास के सबसे बड़े और बहुप्रतीक्षित महामुकाबले से ठीक पहले फाइनल मैच के वेन्यू (स्टेडियम) के बाहर जबरदस्त हंगामा, अफरा-तफरी और अराजकता का माहौल पैदा हो गया है। फीफा वर्ल्ड कप (FIFA World Cup) के खिताबी क्लैश में एक तरफ जहां सर्वकालिक महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी (Lionel Messi) की साख दांव पर है, वहीं दूसरी तरफ दुनिया के सबसे उभरते हुए युवा सनसनी लामिन यमाल (Lamine Yamal) इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरने वाले हैं। इस ऐतिहासिक 'मेसी बनाम यमाल' की जंग को लाइव देखने के लिए दुनियाभर से लाखों फैंस स्टेडियम पहुंचे हैं। लेकिन मैच की किक-ऑफ से कुछ घंटे पहले ही स्टेडियम के प्रवेश द्वारों (Entry Gates) के बाहर सुरक्षा घेरा टूटने और भारी भीड़ के अनियंत्रित होने के कारण बड़ा बवाल खड़ा हो गया, जिससे वेन्यू पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई।स्टेडियम के बाहर क्यों मची आफत और अफरा-तफरी?ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, फाइनल मुकाबले को लेकर दर्शकों का उत्साह इस कदर चरम पर था कि हजारों की संख्या में बिना टिकट वाले फैंस भी स्टेडियम के सुरक्षा बैरिकेड्स को तोड़कर जबरन अंदर घुसने का प्रयास करने लगे। देखते ही देखते प्रवेश द्वारों पर भारी भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। टिकट धारक फैंस, जो घंटों से कतारों में खड़े थे, वे भी इस अराजकता के कारण फंस गए। भीड़ के दबाव को बढ़ता देख सुरक्षाकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए और स्टेडियम के मुख्य द्वारों को कुछ समय के लिए पूरी तरह बंद करना पड़ा, जिससे वेन्यू के बाहर भारी आक्रोश और चिल्ला-पुल्ली का माहौल बन गया।पुलिस ने संभाला मोर्चा, मैच की टाइमिंग पर संकटस्थिति को बेकाबू होता देख स्थानीय दंगा नियंत्रण पुलिस और अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तुरंत मोर्चे पर तैनात किया गया। पुलिस ने उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया और कई उपद्रवियों को हिरासत में लिया है। स्टेडियम के बाहर मचे इस भयंकर बवाल और अफरा-तफरी के कारण खिलाड़ियों के अभ्यास सत्र और वीआईपी मूवमेंट पर भी गहरा असर पड़ा है। खेल प्रेमियों और फीफा (FIFA) अधिकारियों के बीच इस बात को लेकर भी चिंता बढ़ गई है कि क्या इस सुरक्षा चूक और हंगामे की वजह से महामुकाबले की शुरुआत में देरी हो सकती है।पिच पर मेसी बनाम लामिन यमाल का ऐतिहासिक क्लैशसुरक्षा के इस बड़े बवाल के इतर, अगर खेल की बात करें तो पूरी दुनिया की नजरें इस फाइनल मैच पर टिकी हैं। अर्जेंटीना के करिश्माई कप्तान लियोनेल मेसी के करियर का यह आखिरी और सबसे बड़ा इम्तिहान माना जा रहा है, जहां वे एक बार फिर विश्व विजेता का ताज अपने सिर सजाना चाहते हैं। वहीं दूसरी तरफ, स्पेनिश सनसनी लामिन यमाल अपनी जादुई ड्रिबलिंग और रफ्तार से मेसी के साम्राज्य को चुनौती देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। फुटबॉल पंडितों का मानना है कि यह मैच केवल दो देशों की जंग नहीं, बल्कि फुटबॉल के वर्तमान और भविष्य के बीच का सबसे ऐतिहासिक मुकाबला है, बशर्ते स्टेडियम के बाहर की सुरक्षा स्थिति को जल्द से जल्द पूरी तरह नियंत्रित कर लिया जाए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:34 am

Newly Married Tips: शादी के तुरंत बाद पार्टनर के साथ शुरू कर दें ये 5 काम, कभी नहीं होगी पैसों की किल्लत और तेजी से बढ़ेगा बैंक बैलेंस

लखनऊ। शादी के बाद एक नए और खूबसूरत जीवन की शुरुआत होती है, जहां ढेर सारी खुशियों के साथ-साथ कई नई जिम्मेदारियां भी आती हैं। नए शादीशुदा जोड़ों (Newlyweds) के लिए शुरुआती समय बेहद रोमांचक होता है, लेकिन हनीमून, शॉपिंग और घर को नए सिरे से सजाने के चक्कर में अक्सर बजट बिगड़ जाता है। फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, शादी के शुरुआती महीनों में पैसों को लेकर की गई लापरवाही आगे चलकर वैवाहिक जीवन में तनाव का एक बड़ा कारण बन सकती है। यदि आप अपनी शादीशुदा जिंदगी को बिना किसी आर्थिक तंगी के खुशहाल बनाना चाहते हैं, तो शुरुआत से ही कुछ स्मार्ट मनी सेविंग टिप्स (Money Saving Hacks) अपनाना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं उन 5 बेहतरीन तरीकों के बारे में जिनसे आप और आपका पार्टनर मिलकर एक सुरक्षित और मजबूत आर्थिक भविष्य बना सकते हैं।1. एक साथ बैठकर बनाएं व्यावहारिक बजट (Joint Budgeting)शादी के बाद सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम यह है कि दोनों पार्टनर एक साथ बैठें और अपनी कुल मासिक आय (Income) और खर्चों का एक पारदर्शी ब्योरा तैयार करें। घर का किराया, ग्रॉसरी, बिजली बिल और लोन की EMI जैसे जरूरी खर्चों को पहले अलग रखें। इसके बाद मनोरंजन और बाहर खाने-पीने के लिए एक निश्चित सीमा तय करें। जब आप दोनों मिलकर बजट बनाते हैं, तो फिजूलखर्ची पर लगाम लगाना बेहद आसान हो जाता है।2. 'हमारा' सेविंग अकाउंट और इमरजेंसी फंड तैयार करेंभले ही आप दोनों के अपने अलग-अलग पर्सनल बैंक अकाउंट हों, लेकिन एक जॉइंट सेविंग अकाउंट खुलवाना एक बेहतरीन कदम हो सकता है, जिसमें दोनों पार्टनर हर महीने एक निश्चित राशि जमा करें। इसके अलावा, जीवन में आने वाली किसी भी अनपेक्षित समस्या जैसे—अचानक नौकरी जाना या मेडिकल इमरजेंसी—से निपटने के लिए एक 'इमरजेंसी फंड' (Emergency Fund) बनाएं। इस फंड में कम से कम आपके 6 महीने के खर्च के बराबर की राशि सुरक्षित होनी चाहिए।3. 'पहले बचत, फिर खर्च' का स्वर्णिम नियम अपनाएंज्यादातर लोग सैलरी आने के बाद पहले पूरे महीने खर्च करते हैं और अंत में जो बचता है उसे सेव करते हैं। फाइनेंशियल गुरुओं के अनुसार, अमीर बनने का सही नियम इसके बिल्कुल उलट है। जैसे ही हाथ में पैसा आए, सबसे पहले उसका एक तय हिस्सा (कम से कम 20 से 30 फीसदी) निवेश या बचत के लिए अलग निकाल दें। इसके बाद बची हुई रकम से ही पूरे महीने के खर्चों को प्रबंधित करें।4. म्यूचुअल फंड और SIP के जरिए मिलकर करें स्मार्ट निवेशसिर्फ बैंक खाते में पैसा रखना महंगाई के दौर में काफी नहीं है। अपने वित्तीय लक्ष्यों (जैसे—भविष्य में घर खरीदना, कार लेना या बच्चों की पढ़ाई) के अनुसार म्यूचुअल फंड्स (Mutual Funds), एसआईपी (SIP), पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) या शेयर बाजार में निवेश की योजना बनाएं। कम उम्र में और शादी के तुरंत बाद शुरू किया गया छोटा सा निवेश भी कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि ब्याज) की ताकत से भविष्य में एक विशाल फंड में तब्दील हो जाता है।5. कर्ज की आदतों से बचें और वित्तीय लक्ष्यों पर बात करेंआधुनिक लाइफस्टाइल में क्रेडिट कार्ड का अंधाधुंध इस्तेमाल और हर छोटी-बड़ी चीज के लिए 'नो-कॉस्ट ईएमआई' या पर्सनल लोन लेना नए जोड़ों को कर्ज के जाल में फंसा सकता है। दिखावे की संस्कृति से दूर रहें और कोई भी बड़ा खर्च करने से पहले आपस में चर्चा जरूर करें। हर हफ्ते या महीने में एक बार अपने फाइनेंशियल गोल्स को रिव्यू करें कि आप सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं या नहीं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:32 am

Relationship Tips: क्या आपका लाइफपार्टनर दे रहा है धोखा? इन 5 बड़े बदलावों से पहचानें कि कहीं शादी के बाहर तो नहीं चल रहा कोई अफेयर

लखनऊ। विवाह एक ऐसा पवित्र और अटूट बंधन है जो पूरी तरह से आपसी विश्वास, ईमानदारी और समर्पण पर टिका होता है। लेकिन आधुनिक समय में भागदौड़ भरी जिंदगी, सोशल मीडिया का अत्यधिक प्रभाव और भावनात्मक दूरियों के कारण कई बार रिश्तों में दरार आ जाती है। शादीशुदा जिंदगी में सबसे बड़ा झटका तब लगता है जब किसी एक पार्टनर का झुकाव शादी के बाहर (Extra-Marital Affair) किसी और की तरफ होने लगता है। रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स और मैरिज काउंसलर्स के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति जब किसी गुप्त रिश्ते में होता है, तो वह अनजाने में अपनी रोजमर्रा की आदतों और व्यवहार में कुछ ऐसे बदलाव करने लगता है, जिन्हें अगर समय रहते पहचान लिया जाए तो रिश्ते की सच्चाई सामने आ सकती है। आइए जानते हैं उन 5 प्रमुख संकेतों के बारे में जो पार्टनर की बेवफाई की ओर इशारा करते हैं।1. मोबाइल और गैजेट्स को लेकर अचानक अत्यधिक गोपनीयताअगर आपके पार्टनर का फोन पहले अक्सर ऐसे ही टेबल पर खुला रहता था, लेकिन अब वे अचानक अपने फोन, लैपटॉप या सोशल मीडिया अकाउंट्स को लेकर बहुत ज्यादा सतर्क (Secretive) हो गए हैं, तो यह एक बड़ा संकेत हो सकता है। फोन में नए पासवर्ड लगाना, स्क्रीन को हमेशा नीचे की तरफ करके रखना, आपके सामने आने पर तुरंत चैट बंद कर देना या देर रात तक छिपकर मैसेजिंग करना जैसी आदतें रिश्तों में कुछ छुपाए जाने की ओर साफ इशारा करती हैं।2. ग्रूमिंग और लुक्स पर अचानक बहुत ज्यादा ध्यान देनात्वचा विशेषज्ञों (डर्मेटोलॉजिस्ट) और ब्यूटी एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि जब कोई व्यक्ति किसी नए रोमांटिक रिश्ते में आता है, तो वह अपने लुक्स, कपड़ों और ग्रूमिंग को लेकर अचानक बेहद गंभीर हो जाता है। बिना किसी खास वजह के जिम जाना शुरू कर देना, नया वार्डरोब कलेक्शन खरीदना, महंगे परफ्यूम का इस्तेमाल करना और स्किन केयर रूटीन पर अचानक ज्यादा वक्त बिताना भी इस बात का संकेत हो सकता है कि वे किसी नए व्यक्ति को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।3. भावनात्मक रूप से दूर होना और बातचीत बंद करना (Emotional Distance)एक स्वस्थ विवाह की पहचान यह है कि दोनों पार्टनर आपस में दिनभर की बातें और अपनी भावनाएं साझा करते हैं। लेकिन अगर आपका जीवनसाथी अब आपसे कतराने लगा है, आपकी बातों में रुचि नहीं लेता और घर में रहने के बावजूद एक मानसिक दूरी (Communication Gap) महसूस होती है, तो यह चिंता का विषय है। जब किसी का भावनात्मक जुड़ाव कहीं और हो जाता है, तो वह अपने मौजूदा पार्टनर से पूरी तरह कूटनीतिक या औपचारिक बातचीत तक सीमित हो जाता है।4. बिना वजह गुस्सा करना और छोटी बातों पर झगड़नाएक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर में शामिल व्यक्ति अक्सर एक आंतरिक अपराध बोध (Guilt) से गुजर रहा होता है। इस अपराध बोध को छुपाने के लिए वे अपने पार्टनर में कमियां निकालना शुरू कर देते हैं। अगर बात-बात पर चिढ़ जाना, बिना किसी ठोस वजह के आप पर शक करना या घर में कलह का माहौल बनाना उनकी आदत बन चुका है, तो वे असल में अपने गलत व्यवहार को सही साबित करने के लिए ऐसा रक्षात्मक रवैया अपना रहे होते हैं।5. रूटीन में अचानक बदलाव और पैसों का अस्पष्ट खर्चऑफिस से अक्सर देर से घर आना, लगातार बिजनेस ट्रिप्स का बढ़ जाना या दोस्तों के साथ ज्यादा वक्त बिताने के बहाने बनाना भी एक आम संकेत है। इसके अलावा, अगर उनके बैंक स्टेटमेंट्स में अचानक ऐसा खर्च दिख रहा है जिसका कोई स्पष्ट हिसाब नहीं है—जैसे महंगे रेस्तरां के बिल, तोहफों की खरीदारी या होटल बुकिंग—तो यह इस बात का मजबूत प्रमाण हो सकता है कि वे अपनी शादीशुदा जिंदगी से बाहर समय और पैसा निवेश कर रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:30 am

Relationship Tips: पति-पत्नी के बीच रोज-रोज होते हैं झगड़े? इन 5 आसान तरीकों से रिश्तों में फिर से घुलेगी प्यार की मिठास

लखनऊ। शादी दो पवित्र दिलों का बंधन है, जहां प्यार, विश्वास और थोड़ा-बहुत मनमुटाव होना बेहद स्वाभाविक है। वैवाहिक जीवन में पति-पत्नी के बीच छोटी-मोटी बहस या नोकझोंक होना रिश्ते को मजबूत भी बनाता है, लेकिन जब यही नोकझोंक रोज-रोज के गंभीर झगड़ों का रूप ले लेती है, तो मानसिक शांति भंग होने लगती है। आधुनिक समय में काम के अत्यधिक तनाव, संवाद की कमी (Communication Gap) और एक-दूसरे को समय न दे पाने के कारण कपल्स के बीच दूरियां तेजी से बढ़ रही हैं। अगर आपके घर में भी अपनी पत्नी के साथ अक्सर किसी न किसी बात पर तकरार हो जाती है, तो कुछ बेहद सरल और आजमाए हुए मैरिज टिप्स (Relationship Tips) अपनाकर आप अपने रिश्ते की कड़वाहट को दूर कर सकते हैं और पार्टनर को आसानी से मना सकते हैं।1. तुरंत बहस करने के बजाय 'कूलिंग ऑफ पीरियड' अपनाएंरिलेशनशिप एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब भी किसी बात को लेकर बहस शुरू हो, तो दोनों में से किसी एक को तुरंत शांत हो जाना चाहिए। गुस्से में इंसान अक्सर ऐसी बातें बोल जाता है जो सामने वाले के दिल को गहरी ठेस पहुंचाती हैं। झगड़ा बढ़ते ही 15-20 मिनट के लिए बातचीत रोक दें या उस जगह से थोड़ा दूर हट जाएं। जब दिमाग शांत हो जाएगा, तब उस मुद्दे पर बात करने से मामला बिगड़ने की बजाय आसानी से सुलझ जाएगा।2. शांति से पार्टनर की बात सुनें (Active Listening)अक्सर झगड़ों के दौरान दोनों पार्टनर सिर्फ अपनी बात सही साबित करने की होड़ में लग जाते हैं और सामने वाले की बात बिल्कुल नहीं सुनते। एक अच्छे पति के तौर पर, अपनी पत्नी की नाराजगी या शिकायत को बिना बीच में टोके पूरी शांति और ध्यान से सुनें। कई बार महिलाएं सिर्फ यह चाहती हैं कि उनका पार्टनर उनकी भावनाओं और परेशानियों को समझे। जब उन्हें लगेगा कि आप उनकी बात को तवज्जो दे रहे हैं, तो उनका गुस्सा आधा वैसे ही शांत हो जाएगा।3. 'मैं' की जगह 'हम' शब्द का इस्तेमाल करेंबातचीत के दौरान अपनी भाषा और शब्दों के चयन पर विशेष ध्यान दें। तुम्हारी वजह से ऐसा हुआ या तुम हमेशा ऐसा ही करती हो जैसे आक्रामक वाक्यों का प्रयोग करने से बचें, क्योंकि इससे सामने वाला रक्षात्मक (Defensive) हो जाता है और झगड़ा बढ़ जाता है। इसकी जगह हमें मिलकर इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए या मुझे बुरा लगा जब ऐसा हुआ जैसे वाक्यों का इस्तेमाल करें। यह आपके बीच के टीमवर्क और प्यार को दर्शाता है।4. गलती होने पर बिना अहंकार के 'सॉरी' कहेंवैवाहिक जीवन में अहंकार (Ego) की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। अगर आपको लगता है कि आपकी किसी बात या व्यवहार से पत्नी का दिल दुखा है, या अनजाने में आपसे कोई गलती हुई है, तो तुरंत और ईमानदारी से अपनी गलती मान लें। एक छोटा सा 'सॉरी' (Sorry) बड़े से बड़े विवाद को मिनटों में खत्म कर सकता है। गलती मानना आपको छोटा नहीं बल्कि रिश्ते की नजर में और अधिक मैच्योर (समझदार) बनाता है।5. पुरानी बातों को बीच में न लाएं और क्वालिटी टाइम बिताएंअक्सर देखा जाता है कि झगड़ा किसी मौजूदा बात पर शुरू होता है, लेकिन लोग उसमें महीनों या सालों पुरानी बातें और पुराने विवाद घसीट लाते हैं। इससे समस्या सुलझने की बजाय और ज्यादा पेचीदा हो जाती है। केवल वर्तमान मुद्दे पर टिके रहें। इसके साथ ही, हफ्ते में कम से कम एक बार काम से ब्रेक लेकर अपनी पत्नी के साथ बाहर डिनर, वॉक या लॉन्ग ड्राइव पर जाएं और बिना किसी घरेलू तनाव के क्वालिटी टाइम बिताएं। यह आपके रिश्ते में नयापन बनाए रखता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:29 am

Liver Health Care: लिवर को लाइफटाइम रखना है एकदम फिट? डॉक्टर राम अवतार के बताए ये 5 देसी सुपरफूड आज से ही खाना शुरू करें

लखनऊ। मानव शरीर में लिवर (यकृत) सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, जो भोजन को पचाने, पोषक तत्वों को स्टोर करने और शरीर से हानिकारक टॉक्सिन्स (विषाक्त पदार्थों) को बाहर निकालने का काम करता है। आजकल की अनियमित जीवनशैली, प्रोसेस्ड जंक फूड का अत्यधिक सेवन और शारीरिक निष्क्रियता के कारण लोगों में फैटी लिवर और लिवर सिरोसिस जैसी बीमारियां तेजी से पैर पसार रही हैं। इसी बीच, जाने-माने स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉक्टर राम अवतार ने लिवर को ताउम्र फिट और निरोगी रखने के लिए 5 ऐसे पारंपरिक देसी सुपरफूड्स (Desi Superfoods) के सेवन की सलाह दी है, जो लिवर की कोशिकाओं को नया जीवन दे सकते हैं। डॉक्टर के मुताबिक, महंगी दवाओं और डिटॉक्स सप्लीमेंट्स के चक्रव्यूह में फंसने के बजाय इन प्राकृतिक चीजों को रोजमर्रा की डाइट में शामिल करना सबसे सुरक्षित उपाय है।1. आंवला: लिवर डिटॉक्सिफिकेशन का पावरहाउसडॉक्टर राम अवतार के अनुसार, आंवला लिवर के लिए किसी अमृत से कम नहीं है। विटामिन सी और शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर आंवला लिवर की कार्यप्रणाली को तेज करता है। यह लिवर में जमा होने वाले हानिकारक तत्वों को बाहर निकालकर उसे गहराई से डिटॉक्स करता है। रोजाना सुबह खाली पेट आंवले का जूस या चूर्ण खाने से लिवर की कोशिकाएं सुरक्षित रहती हैं।2. हल्दी: सूजन और इन्फेक्शन को रोकने में मददगारभारतीय रसोई की शान कही जाने वाली हल्दी में 'करक्यूमिन' (Curcumin) नाम का एक मुख्य सक्रिय तत्व पाया जाता है। डॉक्टर ने बताया कि हल्दी में बेहतरीन एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। यह लिवर की सूजन को कम करने में मदद करती है और फैटी लिवर के खतरे को काफी हद तक टाल देती है। रोज रात को दूध में एक चुटकी हल्दी मिलाकर पीना लिवर के स्वास्थ्य के लिए रामबाण है।3. हरी पत्तेदार सब्जियां: पाचन और एंजाइम्स को रखें दुरुस्तपालक, बथुआ, मेथी और सरसों जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों में प्रचुर मात्रा में क्लोरोफिल और फाइबर पाया जाता है। डॉक्टर राम अवतार के मुताबिक, ये सब्जियां लिवर में पाचक रसों (Bile Juice) के उत्पादन को बढ़ाती हैं, जिससे भोजन का पाचन आसानी से होता है। यह लिवर पर अतिरिक्त फैट को जमा होने से रोकती हैं और भारी धातुओं (Heavy Metals) को शरीर से न्यूट्रलाइज करती हैं।4. लहसुन: लिवर एंजाइम्स को एक्टिव करने का देसी नुस्खालहसुन की छोटी सी कली में एलिसिन और सेलेनियम जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो लिवर को साफ करने में मदद करते हैं। लहसुन का सेवन करने से लिवर के वे एंजाइम्स सक्रिय हो जाते हैं, जो शरीर से गंदगी को बाहर निकालने के लिए जिम्मेदार होते हैं। डॉक्टर की सलाह है कि रोज सुबह खाली पेट लहसुन की एक कली को हल्के गुनगुने पानी के साथ निगलना बेहद फायदेमंद होता है।5. चुकंदर: खून साफ करने और लिवर टोनर का काम करेचुकंदर (Beetroot) में प्रचुर मात्रा में बीटा-कैरोटीन और फ्लेवोनोइड्स होते हैं, जो लिवर की कार्यक्षमता को कई गुना बढ़ा देते हैं। यह न केवल शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को सुधारता है, बल्कि प्राकृतिक रूप से खून को साफ करने का काम भी करता है। चुकंदर का नियमित सेवन करने से लिवर में ऑक्सीडेटिव डैमेज कम होता है। इसे आप सलाद या जूस के रूप में ले सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:28 am

Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा पर निकलने से पहले जरूर करा लें ये 7 हेल्थ टेस्ट, मुश्किल सफर में नहीं होगी कोई परेशानी

लखनऊ। सावन के पवित्र महीने की शुरुआत के साथ ही देश भर में भगवान शिव के भक्तों की प्रसिद्ध 'कांवड़ यात्रा' (Kanwar Yatra 2026) का आगाज होने जा रहा है। पैरों में छाले, चिलचिलाती धूप, उमस भरी गर्मी और सैकड़ों किलोमीटर की पैदल दूरी—यह सफर जितना आस्था से भरा है, शारीरिक रूप से उतना ही कठिन और चुनौतीपूर्ण भी है। अक्सर देखा जाता है कि कई श्रद्धालु उत्साह में बिना अपनी शारीरिक क्षमता को जांचे यात्रा पर निकल जाते हैं, जिससे रास्ते में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों के मुताबिक, कांवड़ यात्रा पर निकलने से कम से कम एक सप्ताह पहले कुछ बुनियादी स्वास्थ्य जांच (Health Checkups) करा लेना बेहद अनिवार्य है, ताकि भोलेनाथ के दर्शन की इस पावन राह में कोई भी शारीरिक अड़चन न आए।1. कार्डियक और हार्ट चेकअप (ECG & TMT)कांवड़ यात्रा में भक्तों को प्रतिदिन कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है, जिससे दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। अगर आपको चलने में सांस फूलने या छाती में भारीपन की शिकायत रहती है, तो यात्रा से पहले एक बार ईसीजी (ECG) या ट्रेडमिल टेस्ट (TMT) जरूर करा लें। इससे हृदय की कार्यप्रणाली का पता चल जाता है और यात्रा के दौरान हार्ट अटैक जैसी आपातकालीन स्थितियों से बचा जा सकता है।2. ब्लड प्रेशर (BP) की नियमित जांचलगातार पैदल चलने और धूप के संपर्क में रहने के कारण ब्लड प्रेशर का स्तर अचानक बढ़ या घट सकता है। जिन लोगों को पहले से ही हाई या लो बीपी की समस्या है, उन्हें अपनी दवाएं समय पर खानी चाहिए और यात्रा पर निकलने से पहले डॉक्टर से अपने बीपी का सटीक लेवल जरूर चेक करवाना चाहिए।3. डायबिटीज (Blood Sugar Level) टेस्टशुगर के मरीजों को पैदल यात्रा के दौरान अपने पैरों का विशेष ध्यान रखना होता है। खून में शुगर की मात्रा अनियंत्रित होने पर पैरों में मामूली चोट या छाला भी गंभीर इन्फेक्शन का रूप ले सकता है। इसलिए यात्रा से पहले फास्टिंग और पीपी ब्लड शुगर टेस्ट करा लें और डॉक्टर की सलाह पर ही सफर की शुरुआत करें।4. फेफड़ों की क्षमता (Pulmonary Function Test - PFT)उमस और धूल-मिट्टी के बीच लंबी दूरी तय करने के लिए फेफड़ों का मजबूत होना बेहद जरूरी है। जिन श्रद्धालुओं को अस्थमा, ब्रोंकाइटिस या एलर्जी की पुरानी शिकायत है, उन्हें यात्रा पर निकलने से पहले अपने पल्मोनोलॉजिस्ट (फेफड़ा रोग विशेषज्ञ) से सलाह लेनी चाहिए और जरूरी इनहेलर या दवाएं हमेशा अपने पास रखनी चाहिए।5. हड्डियों और जोड़ों की मजबूती (Joints & Bone Health)कांवड़ यात्रा का पूरा भार पैरों और घुटनों पर होता है। यदि आपको पहले से ही घुटनों में दर्द, यूरिक एसिड बढ़ने या अर्थराइटिस की समस्या है, तो यात्रा से पहले ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से जांच कराएं। आवश्यकतानुसार घुटने के सपोर्ट (Knee Cap) का इस्तेमाल करें और शरीर में कैल्शियम व विटामिन डी के स्तर की जांच करवा लें।6. कंप्लीट ब्लड काउंट (CBC) और इन्फेक्शन टेस्टमानसून के इस मौसम में डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जैसी वायरल बीमारियों का खतरा बहुत ज्यादा रहता है। यात्रा पर निकलने से पहले एक बार सीबीसी (CBC) टेस्ट करवा लें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आपके शरीर में प्लेटलेट्स और हीमोग्लोबिन का स्तर बिल्कुल सामान्य है और शरीर में कोई आंतरिक संक्रमण नहीं है।7. किडनी और लिवर फंक्शन टेस्ट (KFT & LFT)लंबी पैदल यात्रा के दौरान शरीर में पानी की कमी (Dehydration) होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है, जिसका सीधा असर किडनी पर पड़ता है। यात्रा से पहले एक बार बुनियादी किडनी और लिवर फंक्शन टेस्ट करा लेना यह सुनिश्चित करता है कि आपका शरीर इस कठिन यात्रा के दौरान मेटाबॉलिक दबाव को झेलने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:23 am

Sunscreen Expiry Date: कितने दिनों में एक्सपायर हो जाती है सनस्क्रीन? डर्मेटोलॉजिस्ट की बताई इन 3 चेतावनियों को कभी न करें नजरअंदाज

लखनऊ। चिलचिलाती धूप, हानिकारक अल्ट्रावॉयलेट (UV) किरणों और समय से पहले आने वाली झुर्रियों से त्वचा की रक्षा करने के लिए सनस्क्रीन को सबसे बड़ा सुरक्षा कवच माना जाता है। डर्मेटोलॉजिस्ट (त्वचा रोग विशेषज्ञ) हर मौसम में सनस्क्रीन लगाने की सख्त सलाह देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी पसंदीदा सनस्क्रीन भी एक निश्चित समय के बाद एक्सपायर हो जाती है? अक्सर लोग सालों-साल एक ही सनस्क्रीन ट्यूब का इस्तेमाल करते रहते हैं, यह सोचे बिना कि वह प्रभावी है भी या नहीं। त्वचा विशेषज्ञों के मुताबिक, एक्सपायर्ड सनस्क्रीन लगाने से त्वचा को कोई सुरक्षा नहीं मिलती, बल्कि इससे चेहरे पर गंभीर एलर्जी, रैशेज और पिंपल्स हो सकते हैं। आइए डॉक्टरों से सीधे समझते हैं कि सनस्क्रीन की शेल्फ लाइफ कितनी होती है और इसके खराब होने के क्या संकेत हैं।कितने दिनों में एक्सपायर होती है सनस्क्रीन?आमतौर पर, अधिकांश सनस्क्रीन की शेल्फ लाइफ (Shelf Life) निर्माण की तारीख से 2 से 3 साल तक की होती है। हालांकि, मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, एक बार सनस्क्रीन की बोतल या ट्यूब को खोलने (Open) के बाद, उसकी प्रभावशीलता 12 महीने (1 साल) के भीतर धीरे-धीरे कम होने लगती है। एफडीए (FDA) के नियमों के मुताबिक भी सनस्क्रीन पर एक्सपायरी डेट होना अनिवार्य है, लेकिन अगर किसी कारणवश ट्यूब पर तारीख मिट गई है, तो उसे खरीदने के 3 साल बाद बिल्कुल इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार: सनस्क्रीन खराब होने के 3 मुख्य संकेतयदि आपकी सनस्क्रीन में निम्नलिखित बदलाव दिखाई दें, तो उसे तुरंत कूड़ेदान में फेंक दें, क्योंकि वह एक्सपायर हो चुकी है:टेक्सचर और गाढ़ेपन में बदलाव (Separation of Ingredients): जब सनस्क्रीन खराब होने लगती है, तो उसमें मौजूद पानी और तेल या केमिकल अलग-अलग हो जाते हैं। अगर ट्यूब से सनस्क्रीन निकालते समय गाढ़ी क्रीम के बजाय पतला पानी जैसा लिक्विड या तेल पहले निकले, तो समझ जाएं कि यह इस्तेमाल के लायक नहीं बची है।रंग का बदल जाना (Change in Color): एक फ्रेश सनस्क्रीन का रंग आमतौर पर सफेद या हल्का सा टिंटेड होता है। लेकिन अगर आपकी सनस्क्रीन का रंग हल्का पीला, मटमैला या पारदर्शी होने लगा है, तो यह इस बात का साफ इशारा है कि इसके सक्रिय तत्व (Active Ingredients) पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं।अजीब या अप्रिय गंध आना (Bad Odor): सनस्क्रीन में मौजूद प्रिजर्वेटिव्स जब समय के साथ बेअसर हो जाते हैं, तो उसमें बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। यदि सनस्क्रीन से किसी भी तरह की अजीब, तीखी या केमिकल जैसी दुर्गंध आने लगे, तो उसे चेहरे पर लगाने की भूल कतई न करें।एक्सपायर्ड सनस्क्रीन लगाने के गंभीर नुकसान और बचावडॉक्टरों के मुताबिक, खराब हो चुकी सनस्क्रीन लगाने से चेहरे की त्वचा सनबर्न (Sunburn) का शिकार हो सकती है, क्योंकि इसका SPF (सन प्रोटेक्शन फैक्टर) बेअसर हो जाता है। इसके अलावा, बंद रोमछिद्रों के कारण चेहरे पर भयंकर मुंहासे, रेडनेस और स्किन इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। सनस्क्रीन को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए उसे कभी भी सीधी धूप, कार के डैशबोर्ड या बाथरूम जैसी नमी वाली जगहों पर न रखें। इसे हमेशा कमरे के सामान्य तापमान (Cool and Dry Place) पर ही स्टोर करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 8:22 am

LIVE: सोनम वांगचुक अस्पताल में भर्ती, जंतर मंतर से प्रदर्शनकारियों को हटाया, क्या बोली दिल्ली पुलिस?

Latest News Today Live Updates in Hindi : जंतर मंतर पर 20 दिन से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस अपने साथ ले गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों को जंतर ...

वेब दुनिया 18 Jul 2026 7:57 am

पनामा के विदेश मंत्री 19 जुलाई से भारत दौरे पर, जयशंकर और पीयूष गोयल से करेंगे मुलाकात

पनामा के विदेश मंत्री जेवियर एडुआर्डो मार्टिनेज-आचा वास्केज 19 से 23 जुलाई तक भारत के आधिकारिक दौरे पर आएंगे

देशबन्धु 18 Jul 2026 7:40 am

'जापान के साथ बातचीत जारी, 2027 में शुरू होगा पहला चरण', बुलेट ट्रेन पर उठ रहे सवालों पर एमईए का जवाब

विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में शुक्रवार को आयोज‍ित साप्‍ताह‍िक मीडिया ब्रीफिंग में मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (एमएएचएसआर) प्रोजेक्ट की प्रगति को अच्‍छा बताया

देशबन्धु 18 Jul 2026 7:00 am

चंडीगढ़: पीएम मोदी ने की सफाई के लिए रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी की सराहना, इंदरजीत सिंह संधू ने जताया आभार

चंडीगढ़ पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी इंदरजीत सिंह संधू का जिक्र किया। पीएम मोदी ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने उन्हें पद्म सम्मान दिया है

देशबन्धु 18 Jul 2026 6:23 am

हाइड्रोजन ट्रेन से ग्रीन एनर्जी को मिलेगी नई रफ्तार, नीट मामले पर विपक्ष कर रहा राजनीति: आरपी सिंह

भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने पीएम मोदी की हाइड्रोजन ट्रेन लॉन्च, उत्तराखंड में अग्निवीर योजना पर सरकार की तैयारी और नीट पेपर लीक मामले पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की

देशबन्धु 18 Jul 2026 6:10 am

UCC पर CM डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान, बोले- MP में एक शादी वालों को ही मिलेगा कानूनी अधिकार

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) लागू करने की जोरदार वकालत करते हुए बड़ा बयान दिया है। कटनी में एक स्कूल के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में अब ...

वेब दुनिया 17 Jul 2026 11:42 pm

75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों में से 7 रेलवे स्टेशनों का आधुनिक स्वरूप देने के लिए प्रधानमंत्री को हृदय से आभार, केशव प्रसाद मौर्य

प्रधानमंत्री को धन्‍यवाद देते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा किउत्तर प्रदेश के ऐशबाग, विंध्याचल, फतेहपुर, पनकी धाम, मोदीनगर, शामली एवं धामपुर रेलवे स्टेशनों का आधुनिक स्वरूप प्रदेश के विकास को नई गति देगा। इन स्टेशनों पर विकसित की गई अत्याधुनिक सुविधाएं यात्रियों के सफर को अधिक सुरक्षित, आरामदायक एवं सुविधाजनक बनाएंगी। साथ ही दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिकों एवं महिलाओं के लिए भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।श्री मौर्य ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के माध्यम से रेलवे स्टेशन स्थानीय संस्कृति, विरासत और क्षेत्रीय पहचान के अनुरूप विकसित किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश धार्मिक, सांस्कृतिक एवं औद्योगिक दृष्टि से देश का महत्वपूर्ण राज्य है और इन पुनर्विकसित स्टेशनों से प्रदेश में कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई मजबूती प्राप्त होगी।उपमुख्यमंत्री ने अमृतसर-वाराणसी एक्सप्रेस ट्रेन के शुभारंभ का स्वागत करते हुए कहा कि यह नई रेल सेवा देश के विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क को और सशक्त बनाएगी। इससे यात्रियों को अधिक सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध होगी तथा धार्मिक पर्यटन, व्यापारिक गतिविधियों और सामाजिक-सांस्कृतिक संबंधों को भी नई ऊर्जा मिलेगी।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में सड़क, रेल, हवाई एवं जल परिवहन सहित सभी क्षेत्रों में आधुनिक आधारभूत संरचना का तेजी से विस्तार हो रहा है। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में मजबूत और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है तथा भारतीय रेलवे इस परिवर्तन का प्रमुख आधार बन रही है।श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश आज देश के सबसे तेज़ी से विकसित होने वाले राज्यों में शामिल है। रेलवे सहित सभी क्षेत्रों में हो रहे अभूतपूर्व विकास कार्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का कार्य करेंगे।उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने देशवासियों को अत्याधुनिक आधारभूत संरचना, आधुनिक रेलवे स्टेशन एवं सुविधाजनक रेल सेवाएं समर्पित करने के लिए यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का हार्दिक आभार एवं अभिनंदन व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 10:42 pm

कल का मौसम: UP, बिहार और दिल्ली समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, घर से निकलने से पहले जान लें वेदर रिपोर्ट

नई दिल्ली/लखनऊ। देश के एक बड़े हिस्से में एक बार फिर मानसून की रफ्तार तेज होने जा रही है, जिससे भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत तो मिलेगी, लेकिन कुछ इलाकों के लिए यह आफत भी बन सकती है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कल के मौसम को लेकर एक बड़ा और गंभीर अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, देश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में मानसून की धमाकेदार वापसी हो रही है, जिसके चलते दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश (UP), बिहार और पश्चिम बंगाल (West Bengal) समेत कई राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है। इन इलाकों में प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश (UP) में भारी बारिश की चेतावनीमौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली और उसके आस-पास के इलाकों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद) में कल आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है। वहीं, उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज समेत पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के अधिकांश जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। वज्रपात (आकाशीय बिजली) की आशंका को देखते हुए लोगों को खुले में न जाने की सलाह दी गई है।बिहार और पश्चिम बंगाल में आफत की बारिश का अलर्टपूर्वी भारत की बात करें तो बिहार और पश्चिम बंगाल में मानसून सबसे ज्यादा आक्रामक रुख अपना सकता है। बिहार के पटना, भागलपुर और गया समेत कई जिलों में भारी वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। इसके साथ ही, पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्रों और गांगेय पश्चिम बंगाल में भी मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। मछुआरों को समंदर में न जाने की हिदायत दी गई है और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslide) का खतरा बढ़ गया है।इन राज्यों में भी मौसम विभाग ने जारी किया अलर्टमानसून की इस सक्रियता का असर केवल उत्तर और पूर्व भारत तक ही सीमित नहीं रहेगा। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड में भी कल हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा, दक्षिण भारत के तटीय कर्नाटक और केरल में भी मानसून की गतिविधियां तेज होने के संकेत हैं। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी अचानक आने वाली बाढ़ (Flash Floods) को लेकर अलर्ट जारी किया गया है, इसलिए पर्यटकों को नदी-नालों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 10:34 pm

White Hair Remedies: सफेद हो चुके बालों को जड़ से हमेशा के लिए काला कर देंगे ये 3 आयुर्वेदिक नुस्खे, आयुर्वेदाचार्य का बड़ा दावा

लखनऊ। आधुनिक समय में खराब जीवनशैली, मानसिक तनाव, केमिकल युक्त शैंपू का अत्यधिक इस्तेमाल और पोषण की कमी के कारण कम उम्र में ही बालों का सफेद होना (Premature Hair Greening) एक बहुत बड़ी समस्या बन चुका है। बाजार में मिलने वाले महंगे हेयर डाई और कलर्स बालों को कुछ समय के लिए तो काला कर देते हैं, लेकिन उनमें मौजूद हानिकारक केमिकल्स बालों को जड़ से और ज्यादा डैमेज कर देते हैं। इसी बीच देश के एक प्रतिष्ठित आयुर्वेदाचार्य ने एक बड़ा दावा करते हुए कुछ ऐसे अचूक और प्रामाणिक आयुर्वेदिक नुस्खे (Ayurvedic Remedies) साझा किए हैं, जो न सिर्फ पहले से सफेद हो चुके बालों को प्राकृतिक रूप से दोबारा काला कर सकते हैं, बल्कि नए बालों को असमय सफेद होने से हमेशा के लिए रोक सकते हैं।आयुर्वेदाचार्य का दावा: बालों को प्राकृतिक रूप से काला करने के 3 महाउपायआयुर्वेद विशेषज्ञ के अनुसार, बालों का सफेद होना शरीर में 'पित्त दोष' के बढ़ने को दर्शाता है। इसे संतुलित कर और सही जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल करके बालों को हमेशा के लिए चमकदार और काला बनाए रखा जा सकता है:1. भृंगराज और आंवला तेल का जादुई मिश्रण: आयुर्वेद में भृंगराज को 'केशराज' यानी बालों का राजा कहा गया है। आयुर्वेदाचार्य के अनुसार, शुद्ध नारियल या तिल के तेल में भृंगराज की पत्तियां और सूखे आंवले को धीमी आंच पर तब तक पकाएं जब तक कि तेल काला न हो जाए। इस तेल से हफ्ते में तीन बार स्कैल्प (सिर की त्वचा) की अच्छी तरह मालिश करें। यह जड़ों को भीतर से मेलेनिन उत्पादन बढ़ाने में मदद करता है, जिससे सफेद बाल धीरे-धीरे काले होने लगते हैं।2. लोहे की कड़ाही में बना मेंहदी और शिकाकाई का पेस्ट: केमिकल वाले कलर की जगह लोहे की कड़ाही में आंवला पाउडर, शिकाकाई, रीठा और थोड़ी सी मेंहदी को रात भर के लिए पानी में भिगोकर रख दें। लोहे के बर्तन की वजह से यह पेस्ट पूरी तरह काला हो जाता है। इसे हफ्ते में एक बार बालों में मास्क की तरह लगाएं। यह नुस्खा बालों को एक प्राकृतिक गहरा काला रंग देता है और जड़ों को पोषण प्रदान करता है।3. करी पत्ता और मेथी दाने का अचूक लेप: मुट्ठी भर ताजा करी पत्तों को मेथी के दानों के साथ पीसकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को बालों की जड़ों में 45 मिनट के लिए लगाकर छोड़ दें और फिर गुनगुने पानी से धो लें। करी पत्ते में मौजूद विटामिन और मिनरल्स बालों के नेचुरल पिगमेंट को बनाए रखते हैं, जिससे बाल दोबारा कभी सफेद नहीं होते।बालों को अंदर से स्वस्थ रखने के लिए जरूरी आयुर्वेदिक नियमनियमित नुस्खों के साथ-साथ आयुर्वेदाचार्य ने आहार (Diet) पर भी विशेष ध्यान देने की सलाह दी है। बालों को हमेशा काला रखने के लिए रोज सुबह खाली पेट भीगे हुए बादाम, अखरोट और एक चम्मच आंवला पाउडर का सेवन जरूर करें। इसके अलावा, अत्यधिक तीखे, मसालेदार और जंक फूड से पूरी तरह परहेज करें, क्योंकि ये शरीर में पित्त बढ़ाकर बालों को तेजी से सफेद करते हैं। पर्याप्त नींद लें और केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स से बिल्कुल दूरी बना लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 10:32 pm

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग योजना (PMFME) में 99 प्रतिशत ऋण वितरण के साथ उत्तर प्रदेश देश में प्रथम, केशव प्रसाद मौर्य

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह क्षेत्र किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने, कृषि आधारित उद्योगों का विस्तार करने तथा युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निवेश, औद्योगिक विकास और कृषि आधारित उद्योगों का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत उपलब्ध सभी प्रोत्साहनों, अनुदानों एवं निवेश सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए ताकि अधिक से अधिक निवेशक प्रदेश में उद्योग स्थापित करें और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिले। साथ ही उद्योगों में सौर ऊर्जा एवं हरित तकनीकों के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जाए, जिससे उद्योग अधिक प्रतिस्पर्धी एवं आत्मनिर्भर बन सकें। बैठक में बैंकर्स के साथ योजना की विस्तृत समीक्षा करते हुए जुलाई माह के अंत तक 31,000 स्वीकृत परियोजनाओं का लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। विभिन्न बैंकों में लंबित 6,208 आवेदनों के शीघ्र निस्तारण पर भी विशेष बल दिया गया ताकि पात्र उद्यमियों को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जा सके और निवेश प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।बैठक के दौरान आम उत्पादकों एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशेषज्ञों और किसानों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही गोरखपुर की क्रेजी स्नैक्स लिमिटेड के निवेशक श्री नवीन अग्रवाल ने जानकारी दी कि उनकी कंपनी का आईपीओ सफलतापूर्वक लॉन्च होकर बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध होने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर चुका है। इसे पूर्वांचल के औद्योगिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया गया।उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेशकों के लिए पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध व्यवस्था विकसित कर रही है। सरकार का लक्ष्य केवल उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि किसानों की समृद्धि, युवाओं के रोजगार, ग्रामीण विकास और प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डबल इंजन सरकार की जनकल्याणकारी एवं निवेश-अनुकूल नीतियों के बल पर उत्तर प्रदेश शीघ्र ही एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर निर्णायक कदम बढ़ाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 10:31 pm

Cholesterol Level Rules: शरीर में कितना बढ़ जाए कोलेस्ट्रॉल तो खानी पड़ती है दवा? जानें कब सिर्फ लाइफस्टाइल बदलने से टल जाएगा खतरा

लखनऊ। आधुनिक जीवनशैली, अत्यधिक मानसिक तनाव और असंतुलित खानपान के कारण आज 'हाई कोलेस्ट्रॉल' (High Cholesterol) एक बेहद आम लेकिन बेहद गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। इसे चिकित्सा विज्ञान में 'साइलेंट किलर' कहा जाता है क्योंकि धमनियों में वसा जमा होने पर भी शुरुआती चरणों में इसके कोई बाहरी लक्षण दिखाई नहीं देते। अक्सर लोग लिपिड प्रोफाइल टेस्ट (Lipid Profile Test) की रिपोर्ट में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ा हुआ देखकर सीधे मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदकर खाना शुरू कर देते हैं, जो कि स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है। चिकित्सा विशेषज्ञों (हार्ट स्पेशलिस्ट) के मुताबिक, हर बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल स्तर के लिए तुरंत दवा की जरूरत नहीं होती है। आइए डॉक्टरों से सीधे समझते हैं कि आखिर दवा शुरू करने का सही पैमाना क्या है और कब सिर्फ आदतों को सुधारकर बात बन सकती है।कितना होना चाहिए कोलेस्ट्रॉल का नॉर्मल स्तर?एक स्वस्थ वयस्क के शरीर में कुल कोलेस्ट्रॉल (Total Cholesterol) का स्तर 200 mg/dL से कम होना चाहिए। इसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका दो प्रकार के कोलेस्ट्रॉल की होती है:LDL (बैड कोलेस्ट्रॉल): इसका स्तर 100 mg/dL से कम होना आदर्श माना जाता है।HDL (गुड कोलेस्ट्रॉल): यह दिल की सुरक्षा करता है और इसका स्तर पुरुषों में 40 mg/dL और महिलाओं में 50 mg/dL से अधिक होना चाहिए।Triglycerides (ट्राइग्लिसराइड्स): इसका स्तर 150 mg/dL से नीचे रहना सुरक्षित माना जाता है।दवा (Statins) की जरूरत कब पड़ती है?वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट्स के अनुसार, केवल लिपिड प्रोफाइल की रिपोर्ट देखकर दवा शुरू नहीं की जाती, बल्कि मरीज के पूरे 'कार्डियोवैस्कुलर रिस्क' (हार्ट अटैक के खतरे) का आकलन किया जाता है। दवा की जरूरत मुख्य रूप से निम्नलिखित स्थितियों में पड़ती है:अत्यधिक उच्च स्तर: यदि किसी व्यक्ति का बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) 190 mg/dL या उससे अधिक पहुंच गया है, तो बिना देरी किए दवाएं शुरू करनी पड़ती हैं।पहले से मौजूद बीमारियां: यदि मरीज को पहले से डायबिटीज (मधुमेह), हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) है या उसे पहले कभी माइनर हार्ट अटैक या स्ट्रोक आ चुका है, तो डॉक्टरों का लक्ष्य LDL को 70 mg/dL या उससे भी नीचे लाने का होता है। ऐसी स्थिति में 100 mg/dL के स्तर पर भी दवाएं दी जाती हैं।पारिवारिक इतिहास: यदि परिवार में माता-पिता या भाई-बहन को कम उम्र में दिल की बीमारी (Heart Disease) होने का इतिहास रहा हो, तो आनुवंशिक कारणों से बढ़े कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए मेडिकल थेरेपी अनिवार्य हो जाती है।कब सिर्फ लाइफस्टाइल में बदलाव से बन सकती है बात?यदि किसी व्यक्ति का कुल कोलेस्ट्रॉल 200 से 239 mg/dL के बीच (बॉर्डरलाइन) है और LDL स्तर 100 से 130 mg/dL के आसपास है, तथा उसे दिल की बीमारी का कोई अन्य रिस्क फैक्टर (जैसे धूम्रपान, मोटापा या शुगर) नहीं है, तो डॉक्टर तुरंत दवा नहीं लिखते। ऐसी स्थिति में मरीज को 3 से 6 महीने का समय दिया जाता है, जिसमें केवल जीवनशैली और खानपान में सुधार करके कोलेस्ट्रॉल को पूरी तरह रिवर्स किया जा सकता है:डाइट में सुधार: भोजन से पूरी तरह ट्रांस फैट, रिफाइंड तेल, डालडा, मैदा, फास्ट फूड और अत्यधिक रेड मीट को बाहर करें। इसकी जगह फाइबर से भरपूर चीजें जैसे ओट्स, दलिया, हरी सब्जियां, फल, नट्स (बादाम, अखरोट) और फलियां शामिल करें।नियमित शारीरिक गतिविधि: रोजाना कम से कम 30 से 45 मिनट की तेज वॉक (Brisk Walking), योग या कार्डियो एक्सरसाइज करने से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल घटता है और गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) का स्तर तेजी से बढ़ता है।वजन और तनाव नियंत्रण: यदि वजन ज्यादा है, तो उसे कम से कम 5 से 10 फीसदी तक घटाने का प्रयास करें। इसके अलावा पर्याप्त नींद लें और धूम्रपान व शराब के सेवन से पूरी तरह दूरी बना लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 10:29 pm

Amla Juice Benefits: 15 दिन खाली पेट पी लें आंवला जूस, शरीर में दिखेंगे ये 5 चमत्कारी बदलाव; बीमारियां रहेंगी कोसों दूर

लखनऊ। आयुर्वेद में आंवला को 'अमृतफल' कहा गया है, जो सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। आधुनिक व्यस्त जीवनशैली और असंतुलित खानपान के कारण आज हर दूसरा व्यक्ति पेट की समस्याओं, कमजोर इम्यूनिटी और बालों के झड़ने से परेशान है। ऐसे में यदि आप बिना किसी मंहगी दवा के अपने शरीर को अंदर से डिटॉक्स और फिट रखना चाहते हैं, तो रोज सुबह आंवला जूस पीना एक बेहतरीन और प्राकृतिक विकल्प है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर आप लगातार 15 दिनों तक हर रोज सीमित मात्रा में आंवला जूस का सेवन करते हैं, तो आपके शरीर में कई ऐसे सकारात्मक और हैरान करने वाले बदलाव दिखेंगे कि आप इसे अपनी रोजमर्रा की डाइट का हिस्सा बना लेंगे।1. 15 दिनों में बूस्ट होगी इम्यूनिटी और संक्रमण से बचावआंवला विटामिन सी (Vitamin C) का सबसे समृद्ध और प्राकृतिक स्रोत माना जाता है। महज 15 दिनों तक नियमित रूप से इसका जूस पीने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) तेजी से मजबूत होती है। यह मौसम बदलने के कारण होने वाले सर्दी, खांसी, जुकाम और वायरल इन्फेक्शन से शरीर की रक्षा करता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं।2. पाचन तंत्र होगा दुरुस्त और पेट की बीमारियों से राहतलगातार 15 दिन आंवला जूस पीने का सबसे पहला और बड़ा असर आपके पेट पर दिखता है। यह आंतों की गहराई से सफाई करता है और शरीर से हानिकारक टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है। अगर आप पुरानी कब्ज (Constipation), गैस, खट्टी डकारें या एसिडिटी की समस्या से जूझ रहे हैं, तो आंवला जूस का एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पेट की परत को शांत करता है और मेटाबॉलिज्म को तेज करता है।3. त्वचा पर आएगा नेचुरल ग्लो और दाग-धब्बे होंगे कमअक्सर लोग चमकती त्वचा के लिए महंगे स्किन ट्रीटमेंट लेते हैं, लेकिन आंवला जूस खून को प्राकृतिक रूप से साफ (Blood Purifier) करने का काम करता है। 15 दिनों के अंदर यह त्वचा के अंदरूनी विषाक्त पदार्थों को साफ कर देता है, जिससे चेहरे पर मौजूद मुंहासे, कील-मुंहासे और काले दाग-धब्बे धीरे-धीरे हल्के होने लगते हैं। इसमें मौजूद विटामिन सी कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाता है, जिससे त्वचा में कसाव आता है और नेचुरल ग्लो बढ़ता है।4. बालों का झड़ना रुकेगा और आएगी नई चमकआंवला बालों के स्वास्थ्य के लिए एक रामबाण औषधि है। रोज सुबह इसका जूस पीने से बालों के रोम (Hair Follicles) को भरपूर पोषण मिलता है। 15 दिनों के नियमित सेवन से बालों का असमय सफेद होना कम होता है और बालों के झड़ने (Hair Fall) की समस्या में उल्लेखनीय सुधार देखा जा सकता है। यह स्कैल्प के ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर कर डैंड्रफ से भी निजात दिलाता है।5. ब्लड शुगर और आंखों की रोशनी के लिए फायदेमंदआंवला में क्रोमियम नाम का तत्व पाया जाता है, जो इंसुलिन के स्राव को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसके कारण यह डायबिटीज के मरीजों के लिए ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखने का एक बेहतरीन जरिया है। इसके अलावा, आंवला में मौजूद विटामिन ए और कैरोटीन आंखों की मांसपेशियों को मजबूती देते हैं, जिससे आंखों की रोशनी बेहतर होती है और धुंधलेपन की समस्या दूर होती है।आंवला जूस पीने का सही समय और तरीकाबेहतर और चमत्कारी परिणामों के लिए रोजाना सुबह खाली पेट 15 से 20 मिलीलीटर आंवला जूस को एक गिलास गुनगुने पानी में मिलाकर पीना सबसे सही तरीका माना जाता है। स्वाद के लिए आप इसमें थोड़ा सा शहद या काला नमक भी मिला सकते हैं। ध्यान रहे कि अत्यधिक मात्रा में इसका सेवन करने से बचें और यदि आपको कोई गंभीर बीमारी या एलर्जी है, तो शुरुआत करने से पहले किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 10:28 pm

Health Tips: साइलेंट किलर हैं किचन में रखी ये चीजें, बिना शराब छुए भी लिवर हो सकता है पूरी तरह डैमेज

लखनऊ। अगर अपने लिवर को हमेशा तंदुरुस्त और हेल्दी रखना है, तो सबसे पहले शराब (अल्कोहल) पीना बंद करो। यह एक ऐसी सलाह है जो हर डॉक्टर और आम इंसान अक्सर देता हुआ नजर आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मेडिकल साइंस के मुताबिक, लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचाने के लिए सिर्फ शराब ही इकलौती विलेन नहीं है? असल में हमारी रोजमर्रा की जिंदगी की कुछ बेहद सामान्य आदतें और आम चीजें भी लिवर को अंदर से खोखला करने के लिए उतनी ही जिम्मेदार हैं। सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह है कि लोग इन चीजों का इस्तेमाल बिना किसी डर या चिंता के धड़ल्ले से करते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ऐसी 5 प्रमुख चीजों और आदतों को चिन्हित किया है, जो आपके लिवर की सेहत को पूरी तरह बिगाड़ सकती हैं।1. बिना डॉक्टर की सलाह के जरूरत से ज्यादा पेनकिलर खानाआजकल लोगों में जरा सा सिरदर्द, बदन दर्द या थकान होने पर तुरंत मेडिकल स्टोर से खरीदकर पेनकिलर (दर्द निवारक दवाएं) खाने की एक बुरी आदत बन चुकी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अत्यधिक मात्रा में इन केमिकल युक्त दवाइयों का सेवन सीधे तौर पर लिवर को डैमेज कर सकता है? हर छोटे-मोटे दर्द में इन दवाओं को निगलने से लिवर पर टॉक्सिक दबाव बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, जिससे लिवर फेलियर तक की नौबत आ सकती है।2. अत्यधिक चीनी और फ्रुक्टोज से भरपूर मीठी चीजेंबाजार में मिलने वाले कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड फ्रूट जूस, कैंडी, पेस्ट्री और केक्स जैसी चीजों में रिफाइंड शुगर और हाई-फ्रक्टोज कॉर्न सिरप भारी मात्रा में मिलाया जाता है। जब आप लगातार इन मीठी चीजों का सेवन करते हैं, तो लिवर इस अतिरिक्त शर्करा को चर्बी में बदलना शुरू कर देता है। इसके कारण लिवर में धीरे-धीरे फैट जमा होने लगता है, जो आगे चलकर नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) जैसी गंभीर बीमारी का रूप ले लेता है।3. प्रोसेस्ड फूड और रिफाइंड जंक फूड का चस्काबर्गर, पिज्जा, चाउमीन, फ्रेंच फ्राइज और डिब्बाबंद चिप्स जैसे जंक फूड्स जुबान को जितने स्वादिष्ट लगते हैं, आपके लिवर के लिए उतने ही बड़े दुश्मन हैं। इन खाद्य पदार्थों में हानिकारक ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। यह खराब फैट लिवर कोशिकाओं में गंभीर सूजन (Inflammation) पैदा करता है और लिवर की नेचुरल कार्यक्षमता को पूरी तरह धीमा कर देता है।4. बिना डॉक्टरी जांच के सप्लीमेंट्स और स्टेरॉयड लेनाआजकल युवाओं में जिम जाने, बॉडी बनाने या तेजी से वजन घटाने-बढ़ाने के चक्कर में तरह-तरह के प्रोटीन सप्लीमेंट्स, हर्बल पाउडर और स्टेरॉयड का सेवन करने का क्रेज बहुत बढ़ गया है। लोग बिना किसी योग्य डॉक्टर या डायटीशियन से पूछे इन डिब्बाबंद प्रोडक्ट्स को खाने लगते हैं। कई सप्लीमेंट्स में ऐसे अज्ञात और भारी तत्व होते हैं, जिन्हें फिल्टर करने में लिवर पूरी तरह थक जाता है और अंततः गंभीर रूप से डैमेज हो जाता है।5. हेपेटाइटिस जैसी खतरनाक वायरल बीमारियों को नजरअंदाज करनालिवर खराब होने का एक बड़ा कारण हेपेटाइटिस बी और सी जैसे खतरनाक वायरल संक्रमण भी हैं। कई बार लोग इसके शुरुआती लक्षणों को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो समय पर सही इलाज न मिलने के कारण लिवर सिरोसिस या परमानेंट लिवर डैमेज का कारण बन जाता है। इससे बचाव के लिए समय पर वैक्सीनेशन कराना, साफ-सफाई का ध्यान रखना और सुरक्षित स्वास्थ्य आदतें अपनाना बेहद अनिवार्य है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 10:27 pm

Health Alert: घबराहट होते ही बार-बार भागना पड़ता है टॉयलेट? जान लें दिमाग और पेट का यह अनोखा कनेक्शन

फरीदाबाद (दिल्ली NCR)। क्या महत्वपूर्ण इंटरव्यू, किसी बड़े एग्जाम या लंबे सफर पर निकलने से ठीक पहले आपके पेट में अचानक मरोड़ उठने लगती है? क्या आपको बार-बार टॉयलेट भागना पड़ता है या अचानक तेज एसिडिटी और उल्टी जैसा महसूस होने लगता है? अगर आपका जवाब हां है, तो आपको बता दें कि ऐसा सिर्फ आपके साथ ही नहीं होता। अक्सर लोग इसे केवल सामान्य घबराहट समझ लेते हैं, लेकिन वास्तव में यह आपके दिमाग और पेट के बीच मौजूद एक बेहद खास और संवेदनशील कनेक्शन का नतीजा है। चिकित्सा विज्ञानियों के मुताबिक, अत्यधिक तनाव, घबराहट और एंग्जायटी का सीधा और गहरा असर हमारे पाचन तंत्र पर पड़ता है, जिसे मेडिकल की भाषा में 'गट-ब्रेन एक्सिस' (Gut-Brain Axis) कहा जाता है।एक्सपर्ट की जुबानी: क्या है 'गट फीलिंग' के पीछे का विज्ञान?इस दिलचस्प और महत्वपूर्ण विषय पर दिल्ली NCR के फरीदाबाद स्थित एकॉर्ड सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के जाने-माने न्यूरोलॉजिस्ट और न्यूरोसाइंसेस विभाग के चेयरमैन डॉ. (प्रो.) रोहित गुप्ता ने अपने एक सोशल मीडिया वीडियो के माध्यम से विस्तार से जानकारी साझा की है। डॉ. गुप्ता के अनुसार, हमारा दिमाग और हमारा पेट आपस में लगातार नसों और हार्मोन्स के जरिए बातचीत करते हैं। जब भी हमें कोई अंदरूनी एहसास या गट फीलिंग होती है, तो वह इसी कम्युनिकेशन सिस्टम का हिस्सा होती है। यही वजह है कि घबराहट में पेट के अंदर अजीब सी गुदगुदी (बटरफ्लाइज) या किसी बड़े डर की वजह से पेट में मरोड़ उठने लगती है।तनाव में कैसे काम करता है शरीर का 'फाइट या फ्लाइट' मोड?न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. रोहित गुप्ता ने स्पष्ट किया कि जब भी कोई व्यक्ति अत्यधिक तनाव या परीक्षा/इंटरव्यू के दबाव में होता है, तो उसका दिमाग तुरंत 'फाइट या फ्लाइट' (लड़ो या भागो) मोड में सक्रिय हो जाता है। इस मोड में आते ही शरीर का पूरा फोकस तात्कालिक संकट से निपटने पर लग जाता है, जिसके कारण पाचन क्रिया (Digestion) अचानक बेहद धीमी हो जाती है। पाचन तंत्र प्रभावित होते ही पेट में अचानक एसिड का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे एसिडिटी, गैस, तेज मरोड़ या लूज मोशन (दस्त) की समस्या शुरू हो जाती है। यह पूरी तरह से एक स्वाभाविक शारीरिक प्रतिक्रिया है जो नसों के सीधे जुड़ाव के कारण होती है।अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)Q1. घबराहट होने पर पेट में अचानक तेज दर्द क्यों होने लगता है?उत्तर: अत्यधिक मानसिक तनाव के दौरान जब शरीर 'Fight-or-Flight' मोड में जाता है, तो पाचन तंत्र की ओर रक्त का प्रवाह प्रभावित होता है, जिससे पेट की मांसपेशियों में ऐंठन और दर्द महसूस हो सकता है।Q2. क्या वाकई एंग्जायटी (Anxiety) की वजह से अचानक लूज मोशन हो सकते हैं?उत्तर: हां, तीव्र एंग्जायटी के कारण दिमाग से निकलने वाले सिग्नल्स आंतों की गतिशीलता (Intestinal Motility) को अचानक बढ़ा देते हैं, जिसके परिणामस्वरूप बार-बार टॉयलेट जाने की नौबत या दस्त की समस्या आ जाती है।Q3. यह 'Gut-Brain Axis' वास्तव में क्या बला है?उत्तर: यह हमारे केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (दिमाग) और पाचन तंत्र (गट) के बीच का एक सीधा कम्युनिकेशन नेटवर्क है, जो आपस में नसों, न्यूरोट्रांसमीटरों और हार्मोन्स के माध्यम से 24 घंटे संवाद करता है।Q4. मानसिक तनाव बढ़ने से पेट में एसिडिटी का स्तर क्यों बढ़ जाता है?उत्तर: स्ट्रेस के कारण पेट में सुरक्षात्मक परतों और पाचक रसों का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे हाइड्रोक्लोरिक एसिड का प्रभाव बढ़ जाता है और छाती व पेट में तेज जलन व एसिडिटी होने लगती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 10:25 pm

Fatty Liver Myths: फैटी लिवर को लेकर कहीं आप भी तो नहीं हैं इन 3 भ्रम के शिकार? एम्स के ट्रेंड डॉक्टर ने खोला राज

नई दिल्ली। कुछ बाहर का स्वादिष्ट खाने का मन है? चलो तुरंत ऑनलाइन ऑर्डर कर लेते हैं। क्या आप भी अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में अक्सर ऐसा ही करते हैं? अगर आपका जवाब हां है, तो यह खबर आपको समय रहते सावधान करने के लिए है। आजकल की बदलती और सुस्त लाइफस्टाइल, जंक फूड का अत्यधिक सेवन और प्रोसेस्ड फूड की आदतों के कारण लोगों में फैटी लिवर (Fatty Liver) की समस्या महामारी की तरह तेजी से बढ़ रही है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि कई लोग इसे बेहद आम या मामूली बीमारी समझकर पूरी तरह नजरअंदाज कर देते हैं। आम जनता के बीच फैटी लिवर को लेकर कई तरह की भ्रांतियां और गलत धारणाएं फैली हुई हैं।इसी गंभीर विषय पर प्रकाश डालते हुए एम्स (AIIMS), हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड से ट्रेंड मशहूर गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो साझा कर फैटी लिवर से जुड़े तीन सबसे बड़े मिथकों (Myths) का वैज्ञानिक सच उजागर किया है। डॉक्टर के अनुसार, सही जानकारी और समय पर जीवनशैली (Lifestyle) में थोड़े से सुधार करके इस गंभीर समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।मिथक 1: फैटी लिवर केवल ज्यादा घी-तेल या फैट खाने से होता हैआमतौर पर लोगों के मन में यह धारणा बैठी हुई है कि भोजन में ज्यादा घी, मक्खन, तेल या वसायुक्त चीजें शामिल करने से ही लिवर में चर्बी जमा होती है। डॉ. सौरभ सेठी के मुताबिक, यह पूरी तरह सच नहीं है। फैटी लिवर का सबसे बड़ा असली विलेन केवल फैट नहीं, बल्कि भोजन में मौजूद हाई-फ्रक्टोज और प्रोसेस्ड सामग्रियां हैं।बाजार में मिलने वाले पैकेज्ड सॉफ्ट ड्रिंक्स, डिब्बाबंद मीठे पेय पदार्थ, प्रोसेस्ड स्नैक्स और रिफाइंड जंक फूड में फ्रक्टोज की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो लिवर में सीधे तौर पर फैट जमा होने की प्रक्रिया को तेज कर देता है। इसके अतिरिक्त, घटिया गुणवत्ता वाले सीड ऑयल्स (सस्ते रिफाइंड तेल) भी इस बीमारी को बढ़ाते हैं। डॉक्टर ने साफ किया कि सभी फैट बुरे नहीं होते; एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल, एवोकाडो और नट्स (मेवे) में पाए जाने वाले हेल्दी फैट्स वास्तव में आपके लिवर की सुरक्षा करते हैं।मिथक 2: फैटी लिवर कोई जानलेवा या गंभीर बीमारी नहीं हैचूंकि यह बीमारी आजकल बहुत से लोगों की रिपोर्ट में निकल आती है, इसलिए लोग इसे हल्के में ले लेते हैं। डॉ. सेठी ने चेतावनी दी है कि यह सोच बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। अगर फैटी लिवर का समय पर इलाज और प्रबंधन न किया जाए, तो यह धीरे-धीरे अंदर ही अंदर गंभीर रूप धारण कर लेता है। यह आगे चलकर नॉन-अल्कोहॉलिक स्टीटोहेपेटाइटिस (NASH), फाइब्रोसिस, लिवर सिरोसिस और अंत में लिवर कैंसर जैसी जानलेवा स्थितियों में तब्दील हो सकता है।इस बीमारी की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि अपने शुरुआती चरणों में यह कोई लक्षण (Silent Killer) नहीं दिखाती। इसलिए नियमित रूप से ब्लड टेस्ट (जैसे LFT) और डॉक्टरी परामर्श लेना बेहद जरूरी है।मिथक 3: डाइट और लाइफस्टाइल बदलने से फैटी लिवर ठीक नहीं हो सकताकई मरीजों को ऐसा लगता है कि एक बार लिवर में फैट जमा हो जाने के बाद उसे दवाओं के बिना ठीक करना असंभव है और केवल खानपान बदलने से कोई खास फायदा नहीं होगा। डॉ. सौरभ सेठी इसे एक बड़ा भ्रम मानते हैं। उनके अनुसार, फैटी लिवर एक ऐसी प्रतिवर्ती (Reversible) स्थिति है, जिसे सही खानपान, वजन नियंत्रण और नियमित व्यायाम की मदद से न केवल सुधारा जा सकता है, बल्कि कई मामलों में लिवर को पूरी तरह पहले जैसा स्वस्थ भी बनाया जा सकता है। इसके लिए बाजार में बिकने वाले किसी भी महंगे डिटॉक्स टी, नकली सप्लीमेंट्स या किसी चमत्कारी प्रोडक्ट के जाल में फंसने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 10:24 pm

Beer Health Benefits: क्या सच में फायदेमंद है बीयर? जानिए इसमें छिपे न्यूट्रिशन, फायदे और नुकसान का पूरा सच

लखनऊ। हमारे देश में जब भी अल्कोहलिक ड्रिंक्स या शराब का नाम आता है, तो अक्सर लोग नाक-मुंह सिकोड़ लेते हैं और इससे सेहत को होने वाले नुकसानों की दुहाई देने लगते हैं। यह सच है कि शराब का अत्यधिक सेवन शरीर को बर्बाद कर देता है, लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू भी है। 'अति हर चीज की बुरी होती है'—यह कहावत बीयर पर भी सटीक बैठती है। हालिया वैज्ञानिक शोधों से पता चला है कि यदि बीयर को एक निश्चित और बेहद सीमित मात्रा में लिया जाए, तो यह सेहत के लिए कुछ मामलों में मददगार साबित हो सकती है। लोग हजारों सालों से बीयर का सेवन कर रहे हैं। इसे अनाज के दानों (जैसे जौ), यीस्ट और हॉप्स के साथ फर्मेंट करके बनाया जाता है, जिसमें आमतौर पर 4% से 6% तक अल्कोहल होता है।रेगुलर और लाइट बीयर: जानिए कितना होता है न्यूट्रिशन?आमतौर पर बीयर को 'खाली कैलोरी' (बिना पोषक तत्वों वाली) माना जाता है, लेकिन हकीकत यह है कि अनाज और यीस्ट से बनने के कारण इसमें कई तरह के विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं।पोषक तत्व (प्रति गिलास)स्टैंडर्ड (रेगुलर) बीयरलाइट बीयरकैलोरी153103प्रोटीन1.6 ग्राम0.9 ग्रामकार्ब्स13 ग्राम6 ग्राममैग्नीशियमडेली वैल्यू का 5%डेली वैल्यू का 4%फॉस्फोरसडेली वैल्यू का 4%डेली वैल्यू का 3%सेलेनियमडेली वैल्यू का 4%डेली वैल्यू का 3%विटामिन B12डेली वैल्यू का 3%डेली वैल्यू का 3%पैंटोथेनिक एसिडडेली वैल्यू का 3%डेली वैल्यू का 2%अल्कोहल13.9 ग्राम11 ग्रामफैट0 ग्राम0 ग्रामइनके अलावा दोनों ही बीयर में पोटैशियम, कैल्शियम, थायमिन, आयरन और जिंक भी थोड़ी मात्रा में पाए जाते हैं। लाइट बीयर में रेगुलर बीयर की तुलना में दो-तिहाई कैलोरी और कम अल्कोहल होता है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन पोषक तत्वों के लिए फल और सब्जियां ही सबसे बेहतर स्रोत हैं; शरीर की न्यूट्रिशनल जरूरतों को पूरा करने के लिए बीयर का सहारा कभी नहीं लेना चाहिए।दिल की सेहत के लिए हो सकती है फायदेमंदकई वैज्ञानिक अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि बहुत ही कम या मध्यम मात्रा में बीयर का सेवन करने से दिल की बीमारियों का खतरा कम हो सकता है। अधिक वजन वाले 36 वयस्कों पर 12 हफ्तों तक की गई एक रिसर्च में देखा गया कि सीमित मात्रा में बीयर पीने से शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) के एंटीऑक्सीडेंट गुण बेहतर हुए। लेकिन याद रहे, यह फायदा सिर्फ और सिर्फ सीमित मात्रा तक ही सीमित है। अगर इसकी मात्रा बढ़ी, तो यह दिल की गंभीर बीमारियों और स्ट्रोक के खतरे को कई गुना बढ़ा देती है।ब्लड शुगर लेवल में सुधार और डायबिटीज से बचावरिसर्च के मुताबिक, बेहद कम मात्रा में बीयर या अल्कोहल का सेवन करने से इंसुलिन रेजिस्टेंस में सुधार देखा गया है। इससे टाइप-2 डायबिटीज होने का कुल खतरा काफी हद तक कम हो सकता है। ध्यान रहे कि अल्कोहल का आदी होना सेहत के लिए जानलेवा है, इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले अपने डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 10:22 pm

RGHS में अनियमितताओं पर तीन महीने में 51 अस्पताल योजना से निलंबित

जयपुर। राजस्थान सरकार ने राज्य स्वास्थ्य योजना में वित्तीय एवं प्रक्रियागत अनियमितता के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए तीन महीनों में 51 संबद्ध अस्पतालों को योजना से निलंबित किया है जबकि 24 संबद्ध अस्पतालों पर करीब तीन करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री […] The post RGHS में अनियमितताओं पर तीन महीने में 51 अस्पताल योजना से निलंबित appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Jul 2026 9:47 pm

बम बनवाने वालों को होती थी शिवभक्तों की ‘बम-बम’ से तकलीफ : योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गाजियाबाद में कहा कि कांग्रेस व सपा के मुंह से आस्था की बात हास्यास्पद लगती है। इन लोगों ने कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई थी। इन्हें व्यापारी पर बम फेंकने और कट्टा/बम बनाने पर आपत्ति नहीं होती थी, लेकिन हर-हर, ...

वेब दुनिया 17 Jul 2026 9:40 pm

बिजनौर में CM योगी का बड़ा हमला, बोले- गुंडा-माफियाराज चाहने वालों को जिन्ना पसंद, हमें गन्ना पसंद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले मुख्यमंत्री बिजनौर आने से बचते थे और इसे अपशकुन मानते थे। दरअसल, वह स्वयं अपशकुन थे, इसलिए बिजनौर उन्हें स्वीकार नहीं करता था। जिस धरती पर भगवान श्रीकृष्ण महात्मा विदुर के घर साग खाने आए हों और जहां ...

वेब दुनिया 17 Jul 2026 9:33 pm

विकसित पंजाब के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है केन्द्र सरकार : मोदी

जालंधर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास सहित पंजाब में रेलवे और सड़क अवसंरचना से जुड़ी कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करते हुए कहा कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार न होने के बावजूद केन्द्र सरकार पंजाब के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ […] The post विकसित पंजाब के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है केन्द्र सरकार : मोदी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Jul 2026 9:18 pm

तृणमूल कांग्रेस के दो पूर्व विधायक ऋतब्रत बनर्जी के गुट में शामिल

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट के दो पूर्व विधायक, विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट में शुक्रवार को शामिल हो गए। नए राजनीतिक घटनाक्रम में बनगांव उत्तर के पूर्व विधायक बिश्वजीत दास तथा राजारहाट-न्यू टाउन के पूर्व विधायक तापस चट्टोपाध्याय औपचारिक […] The post तृणमूल कांग्रेस के दो पूर्व विधायक ऋतब्रत बनर्जी के गुट में शामिल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Jul 2026 9:11 pm

रायपुर के उपभोक्ता फोरम के फैसले को चुनौती देगी मारुति सुजुकी

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने कहा है कि रायपुर के जिला उपभोक्ता विवाद समाधान आयोग के उस आदेश को चुनौती देगी जिसमें एक ग्राहक के वाहन के बदले उसे ई20 के अनुकूल वाहन देने का निर्देश दिया गया है। कंपनी ने गुरुवार को जारी बयान में दावा […] The post रायपुर के उपभोक्ता फोरम के फैसले को चुनौती देगी मारुति सुजुकी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 17 Jul 2026 9:03 pm