27 लाख इमारतों का सर्वे फेल? सत्य निकेतन हादसे की कहानी
दिल्ली में एक और बिल्डिंग गिरी... लेकिन इस बार सिर्फ एक इमारत नहीं टूटी... सात सपने मलबे में दब गए..24 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है लेकिन सत्य निकेतन में अभी भी काफी लोगों के दबे होने की संभावना है. सत्य निकेतन जहां देशभर से छात्र अपने भविष्य के लिए आते हैं किसी ने मां को फोन किया... किसी ने दोस्त को... किसी ने अपने टीचर को... कुछ बच गए... कुछ हमेशा के लिए खामोश हो गए.
लैब से बैटलफील्ड तक... कैसे आत्मनिर्भर बन रहा भारत का डिफेंस सेक्टर?
भारत का डिफेंस सेक्टर अब सिर्फ हथियार और सैन्य उपकरण खरीदने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि अपनी जरूरत की तकनीक और सिस्टम खुद विकसित करने से लेकर उन्हें दुनिया तक पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
ज्वालामुखी फटा तो 1558 फ्लाइट्स रद्द, 1.70 लाख यात्री फंसे
ज्वालामुखी फटा तो राख आसमान में 50 हजार फीट तक पहुंच गई. इसका असर इतना बड़ा हुआ कि 1558 फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं और करीब 1.70 लाख यात्री फंस गए.
क्या हैं भारतीय नौसेना की तैयारियां और चुनौतियां? नेवी चीफ ने विस्तार से बताया, देखें
आजतक के 'सुरक्षा सभा' कार्यक्रम में सोमवार को चीफ ऑफ नेवल स्टाफ एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने शिरकत की. इस दौरान 'लहरों के सिकंदर' सेशन में उन्होंने भारतीय नौसेना से जुड़े तमाम पहलुओं पर बात की. एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने देश की सुरक्षा में नेवी की भूमिका, उसकी ताकत, आधुनिक तकनीक से लेकर नौसेना की चुनौतियों पर अपने विचार रखे. देखें वीडियो.
30 साल बाद शनि मार्गी! 2027 तक इन 4 राशियों को बना सकते हैं अमीर
Shani Margi 2026: शनि 11 दिसंबर को मीन राशि में मार्गी होंगे. शनि की सीधी चाल का असर सभी राशियों पर पड़ सकता है. मार्गी शनि वृषभ, मिथुन, तुला और मकर राशि के जातकों को आर्थिक मोर्चे पर जबरदस्त लाभ दे सकता है.
दाल-सब्जी खाने का नहीं है मन? बेसन से बनाएं गुजरात की चटपटी चटनी
कभी-कभी घर में कोई सब्जी नहीं होती है, ऐसे में समझ नहीं आता है कि आखिर क्या बनाएं. मगर अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि ऐसे में गुजरात की फेमस बेसन की चटनी की रेसिपी ट्राई कर सकते हैं. इसे बनाने में 10 मिनट लगते हैं और रोटी-चावल सबके साथ ये खाने में टेस्टी भी लगती है.
9 साल से लापता बच्चे की तलाश में भटकेगी परिणीति चोपड़ा, इस दिन रिलीज होगी 'शक: ट्रस्ट नो वन'
अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा की वेब सीरीज 'शक: ट्रस्ट नो वन' रिलीज के लिए तैयार है। सोमवार को मेकर्स ने सीरीज का पहला लुक और रिलीज डेट की घोषणा की है।
क्या बायोप्सी कराने से फैल जाता है कैंसर? डॉक्टर ने बताया
कई लोगों को यह लगता है कि बायोप्सी कराने से कैंसर फैल सकता है. ये धारणा कितनी सही है. बायोप्सी क्यों की जाती है. इस बारे में कैंसर सर्जन डॉ. वेदांत काबरा ने बताया है.
राहुल गांधी के कार्यक्रम में 'वंदे मातरम्' की मांग, BJP नेता खुद नहीं गा पाए
Indore Vande Mataram Controversy: राहुल गांधी के इंदौर दौरे में वंदे मातरम के 6 छंदों की मांग करने वाले BJP नेता नानूराम कुमावत खुद गान नहीं गा सके. पत्रकारों के सामने अटके नेताजी का वीडियो वायरल.
17 साल की उम्र, इश्क और 2 कत्ल... जब आधी रात मचा हड़कंप
क्राइम पेट्रोल 2026 के नए सीजन के 'बगावत' एपिसोड में टीनएज लव स्टोरी को दिखाया गया है, जो डबल मर्डर और जुर्म की कहानी में बदल जाती है.
एक रोती हुई बहू से 'मास्टरमाइंड' तक... कानपुर हत्याकांड की पूरी क्रोनोलॉजी!
कानपुर के करोड़पति दवा व्यापारी विनीत मिनोचा हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. ससुर की हत्या की मास्टरमाइंड बहु शालू ही निकली, जिसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. खर्चों पर रोक-टोक से नाराज बहू ने 6 लाख रुपये की सुपारी देकर पुराने नौकर विशाल और उसके साथी से कत्ल की खौफनाक वारदात को अंजाम दिलवाया.
'मेरे रिटायर होने का इंतजार है क्या, दिन-रात काम करो'; अब किस पर भड़क गए CJI सूर्यकांत
अदालत ने समिति को अंतिम रिपोर्ट 30 नवंबर तक दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा कि अगर किसी विशेष मुद्दे पर तत्काल फैसले की जरूरत हो तो समिति अलग-अलग विषयों पर अंतरिम रिपोर्ट भी दाखिल कर सकती है।
Reel के लिए स्टंट पड़ा भारी, बांध में कूदते ही हादसा
झांसी के पहूज बांध में रील बनाने के लिए 30 फीट की ऊंचाई से कूदना युवक को भारी पड़ गया. पानी कम होने से उसके पैर चट्टान से टकरा गए और दोनों में फ्रैक्चर हो गया. एक पैर में दो रॉड डाली गई हैं.
शेफाली को सेंडऑफ देना पड़ा महंगा, PAK कप्तान पर ICC का एक्शन
फातिमा सना ने शेफाली वर्मा का विकेट लेने के बाद जिस तरह का इशारा किया था, उसके चलते पाकिस्तानी कप्तान की जमकर आलोचना हुई थी. अब फातिमा सना पर आईसीसी ने एक्शन लिया है. फातिमा ने भारत के खिलाफ उस मुकाबले में तीन झटके थे.
Jio ने 10वीं सालगिरह पर 3599 रुपए के एनुअल रिचार्ज प्लान में यूजर्स को 120GB बोनस डेटा, OTT और 18 महीने का गूगल जैमिनी प्रो दे रहा है। जानें Airtel, Jio और Vi के 3599 रुपए प्लान वाले प्लान किसका प्लान फायदेमंद।
कनाडा से ट्रंप की क्या अदावत? पहले ट्रूडो की बेइज्जती, अब कार्नी से पंगा
डोनाल्ड ट्रंप ने एआई तस्वीर और तंज के जरिए कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी पर सीधा निशाना साधा, जबकि दोनों देशों के बीच टैरिफ, लेक ओंटारियो, विनिमय दर और सांस्कृतिक अधिकारों को लेकर तनाव पहले से बना है. इस टकराव का असर अब कनाडा की राजनीति, द्विपक्षीय रिश्तों और वैश्विक बाजार पर पड़ता दिख रहा है.
'सपा सरकार बनी तो सम्राट अशोक जयंती पर छुट्टी...', अखिलेश का ऐलान
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी, सांप्रदायिकता और सरकारी संपत्तियों की बिक्री को लेकर तीखा हमला किया है.
आत्मनिर्भर भारत ही असली रक्षा कवच बनेगा- सुरक्षा सभा में बोले एक्सपर्ट
सुरक्षा सभा में अंशुमन त्रिपाठी, ब्रिगेडियर देवाशीष चौधरी और विवेक मिश्रा ने भविष्य की युद्धनीति पर चर्चा की. आत्मनिर्भरता, स्वदेशी आरएंडडी, एआई, ड्रोन और इकोसिस्टम की जरूरत पर जोर दिया. मेक इन इंडिया को जीत की कुंजी बताया.
ईशान की गर्लफ्रेंड की पोस्ट ने काटा गदर! सरेआम लुटाया प्यार
ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी में बल्ले से कमाल का प्रदर्शन करते हुए दोहरा शतक जड़ दिया है. सोशल मीडिया पर ईशान किशन की इस धमाकेदार पारी के बाद फैन्स उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं.
सनातन संस्कृति और दक्षिण भारत के पौराणिक इतिहास के पन्नों को जब भी पलटा जाता है, तो उसमें प्रेम, भक्ति, प्रकृति और देवत्व के एक से बढ़कर एक अद्भुत संगम देखने को मिलते हैं जो हर किसी के मन को मोह लेते हैं। इसी समृद्ध सांस्कृतिक और पौराणिक धरोहर में भगवान शिव और माता पार्वती के ज्येष्ठ पुत्र भगवान कार्तिकेय, जिन्हें दक्षिण भारत में मुरुगन, सुब्रह्मण्यम या स्कंद के रूप में पूजा जाता है, और उनकी अर्धांगिनी वल्ली की प्रेम कथा बेहद खास और लोकप्रिय मानी जाती है। भगवान कार्तिकेय और वल्ली के इस पवित्र प्रेम प्रसंग का संबंध केवल दो दिव्य आत्माओं के मिलन से ही नहीं है, बल्कि इसका सीधा और गहरा जुड़ाव दक्षिण भारत के पश्चिमी घाट की पहाड़ियों पर हर बारह साल में खिलने वाले दुर्लभ नीले रंग के 'नीलकुरिंजी' फूलों और ऐतिहासिक तिरुत्तनी मुरुगन मंदिर से जुड़ा हुआ है। आज के इस विस्तृत और रोचक आर्टिकल में हम आपको भगवान कार्तिकेय और वल्ली की इस अनूठी प्रेम गाथा के साथ-साथ प्रकृति और वास्तुकला के इस अनोखे संगम के हर एक रहस्य से रूबरू कराने जा रहे हैं, जिसके बारे में जानकर आप भी पूरी तरह से अचंभित रह जाएंगे।भगवान कार्तिकेय और वल्ली के मिलन की पौराणिक कथा: कैसे एक साधारण शिकारी की पुत्री बनीं देव सेनापति की अर्धांगिनीपौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान कार्तिकेय देवताओं की सेना के महासेनापति थे और उन्होंने कई भयंकर राक्षसों का वध करके देवलोक की रक्षा की थी, लेकिन उनके जीवन का एक ऐसा अध्याय भी है जो आम इंसानों की तरह प्रेम और समर्पण की भावनाओं से ओत-प्रोत है। वल्ली एक स्थानीय कबीले के मुखिया और शिकारी राजा की दत्तक पुत्री थीं, जो बचपन से ही प्रकृति के सान्निध्य में पली-बढ़ी थीं और भगवान मुरुगन की अनन्य व परम भक्त थीं। उनकी अनन्य भक्ति और सुंदरता से आकर्षित होकर भगवान कार्तिकेय ने एक बूढ़े संत या शिकारी के रूप में वल्ली की परीक्षा ली और अंततः उनके प्रेम व समर्पण से प्रसन्न होकर उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया। तमिल साहित्य और संगम ग्रंथों में इस प्रेम कथा का बहुत ही काव्यात्मक और सुंदर वर्णन मिलता है, जहां वल्ली और कार्तिकेय के मिलन को भगवान और उनके भक्तों के बीच के अटूट और पवित्र रिश्ते का प्रतीक माना गया है।नीलकुरिंजी के नीले फूलों का रहस्य और भगवान कार्तिकेय की प्रेम गाथा का अद्भुत प्राकृतिक संबंधदक्षिण भारत की पहाड़ियों, विशेषकर मुन्नार और नीलगिरी के क्षेत्रों में पाए जाने वाले 'नीलकुरिंजी' यानी स्ट्रोबिलेंथेस कुंथियाना के फूल इस प्रेम कहानी से गहराई से जुड़े हुए हैं, जिनकी विशेषता यह होती है कि ये सामान्य फूलों की तरह हर साल नहीं खिलते बल्कि पूरे बारह साल के अंतराल पर एक बार खिलते हैं। जब ये फूल खिलते हैं, तो पूरी पहाड़ियां नीले रंग के एक खूबसूरत और मनमोहक कालीन से ढक जाती हैं, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से लाखों प्रकृति प्रेमी और पर्यटक वहां पहुंचते हैं। प्राचीन मान्यताओं और स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार, जब भगवान कार्तिकेय और वल्ली का विवाह हुआ था, तब इस क्षेत्र के जंगलों और पहाड़ियों पर यही नीले रंग के फूल अपनी पूर्ण छटा के साथ खिले थे और इस बारह साल के लंबे चक्र को वल्ली के इंतजार और उनके पवित्र प्रेम के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। वनस्पति विज्ञान और पौराणिक आस्था का यह मिलन इस कथा को और भी अधिक रहस्यमयी, आकर्षक और ऐतिहासिक बना देता है, जो विज्ञान और अध्यात्म का एक बेजोड़ नमूना पेश करता है।तिरुत्तनी मुरुगन मंदिर का इतिहास: जहां कार्तिकेय और वल्ली के विवाह के बाद मिली थी शाश्वत शांतिभगवान कार्तिकेय और वल्ली के इस दिव्य विवाह के बाद, मुरुगन स्वामी ने जिस स्थान पर विश्राम किया और अपने क्रोध को शांत किया, वह ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से आज के तमिलनाडु के तिरुत्तनी में स्थित प्रसिद्ध 'तिरुत्तनी मुरुगन मंदिर' के रूप में जाना जाता है। चेन्नई के पास स्थित यह मंदिर भगवान कार्तिकेय के छह सबसे पवित्र निवास स्थलों यानी 'अरुपड़ई वीदु' में से एक है, जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु अपनी मन्नतें मांगने के लिए आते हैं। 'तिरुत्तनी' शब्द का शाब्दिक अर्थ ही वह स्थान होता है जहां मन और शरीर को परम शांति और संतोष की प्राप्ति होती है, और ऐसा माना जाता है कि वल्ली के साथ विवाह के पश्चात कार्तिकेय जी ने इसी पावन पहाड़ी पर अपने सभी युद्धीय शस्त्रों को रखकर शांत चित्त से निवास किया था। मंदिर की वास्तुकला, इसकी भव्य सीढ़ियां और पहाड़ी की चोटी से दिखने वाला आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य इस बात की गवाही देता है कि यह स्थल सदियों से आस्था और प्रेम का एक बहुत बड़ा केंद्र रहा है।प्रकृति और अध्यात्म का यह संगम आज भी देता है प्रेम और समर्पण का अनमोल संदेशभगवान कार्तिकेय और वल्ली की यह प्रेम कहानी, नीलकुरिंजी के फूलों का बारह साल में खिलना और तिरुत्तनी मुरुगन मंदिर की यह पवित्र धरा इस बात का प्रमाण है कि सनातन संस्कृति में प्रकृति और देवता एक-दूसरे के पर्याय माने गए हैं। जब कोई भी पर्यटक या श्रद्धालु इन पहाड़ियों पर जाता है, तो उसे वहां की हवा में एक अलौकिक शांति और उस प्राचीन प्रेम गाथा की महक महसूस होती है जो समय की सीमाओं से परे है। आज की इस भागदौड़ भरी और आधुनिक जीवनशैली में जहां रिश्तों में स्थिरता और समर्पण कम होता जा रहा है, वहीं कार्तिकेय और वल्ली का यह अमर प्रेम हमें सच्चे विश्वास, धैर्य और प्रकृति के प्रति सम्मान का पाठ पढ़ाता है। यदि आपको कभी दक्षिण भारत जाने का अवसर मिले, तो तिरुत्तनी मुरुगन मंदिर के दर्शन करने के साथ-साथ नीलकुरिंजी की वादियों में जाकर इस पौराणिक और प्राकृतिक इतिहास के अद्भुत पलों को अपनी आंखों से अनुभव अवश्य करें, जो आपके जीवन का एक बेहद खूबसूरत और अविस्मरणीय अनुभव बन जाएगा।
बिल्डिंग गिरने से 7 छात्रों की मौत, जानें दिल्ली में मकान बनाने के क्या हैं नियम?
दिल्ली में निर्माण के लिए MPD-2021 और UBBL-2016 मुख्य आधार हैं. FAR के साथ ग्राउंड कवरेज, सेटबैक, बिल्डिंग हाइट, पार्किंग और फायर सेफ्टी के नियमों का पालन जरूरी है. रेजिडेंशियल प्लॉट के आकार के अनुसार FAR और ग्राउंड कवरेज तय होते हैं. MPD-2041 अभी ड्राफ्ट है.
सनातन संस्कृति और प्राचीन वास्तु शास्त्र में हमारे दैनिक जीवन से जुड़ी कई ऐसी सरल और प्रभावी चीजों का वर्णन मिलता है, जो न केवल हमारे घर के वातावरण को पवित्र बनाती हैं, बल्कि हमारे जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाओं को चुटकियों में दूर करने की अद्भुत क्षमता भी रखती हैं। इन्हीं अचूक और शक्तिशाली सामग्रियों में से एक है 'कपूर', जिसकी भीनी-भीनी खुशबू और पवित्र धूनी से घर का कोना-कोना महक उठता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है। आधुनिक जीवन की भागदौड़ और तनाव भरे माहौल में जब लोग मानसिक अशांति, आर्थिक तंगी और करियर में लगातार मिल रही असफलताओं से परेशान रहते हैं, तब वास्तु शास्त्र में बताए गए कपूर के ये विशेष उपाय किसी वरदान से कम साबित नहीं होते हैं। जाने-माने वास्तु गुरुओं के अनुसार, यदि घर में सही तरीके और नियमित रूप से कपूर का प्रयोग किया जाए, तो जन्म कुंडली में बैठे क्रूर ग्रहों जैसे राहु और केतु के अशुभ प्रभावों के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आज के इस विस्तृत आर्टिकल में हम आपको वास्तु शास्त्र के उन 5 अचूक और सरल उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपने जीवन में सुख-समृद्धि और शांति वापस ला सकते हैं।वास्तु शास्त्र में कपूर का महत्व और राहु-केतु के नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति पाने का राजवास्तु विज्ञान और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, कपूर एक ऐसा दैवीय पदार्थ है जो अंतरिक्ष की नकारात्मक ऊर्जा को अपने अंदर खींचकर उसे सकारात्मकता में बदलने की अद्भुत शक्ति रखता है। जब किसी जातक की कुंडली में राहु और केतु जैसे छाया ग्रह अपनी नीच स्थिति में होते हैं या अशुभ प्रभाव डाल रहे होते हैं, तो व्यक्ति के जीवन में अचानक मानसिक तनाव, कोर्ट-कचहरी के चक्कर, व्यर्थ के खर्चे और बनते हुए काम बिगड़ने जैसी समस्याएं लगातार आने लगती हैं। वास्तु गुरुओं का ऐसा स्पष्ट मानना है कि नियमित रूप से घर में कपूर जलाने या इसके विशेष अनुष्ठान करने से राहु और केतु के कुप्रभावों का शमन होता है, क्योंकि कपूर की शुद्ध अग्नि और सुगंध इन छाया ग्रहों की ऊर्जा को संतुलित करने में मदद करती है। यदि आपके घर में भी बिना किसी ठोस कारण के लगातार कलह-क्लेश का माहौल बना रहता है और लाख कोशिशों के बाद भी तरक्की के रास्ते बंद नजर आते हैं, तो आपको वास्तु के इन पांच सरल उपायों को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में जरूर शामिल करना चाहिए।पहला अचूक उपाय: घर की नकारात्मक ऊर्जा और वास्तु दोष को चुटकियों में ऐसे करें दूरघर के अंदर कई बार अनजाने में ऐसे कई वास्तु दोष उत्पन्न हो जाते हैं जिनके कारण परिवार के सदस्यों की सेहत अक्सर खराब रहती है और घर में हमेशा एक भारीपन या उदासी का माहौल बना रहता है। इस गंभीर समस्या से निजात पाने के लिए कपूर का यह उपाय बेहद असरदार माना गया है, जिसमें आपको रोजाना सुबह और शाम के समय दो बूंद शुद्ध गाय के घी में एक कपूर की टिक्की को डुबोकर अपने पूरे घर में जलाना चाहिए। जब कपूर जलकर पूरी तरह से बुझ जाए, तो उसकी महक को घर के हर कोने तक फैलने दें, क्योंकि ऐसा करने से वातावरण में मौजूद सभी प्रकार के नकारात्मक सूक्ष्म कण और सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं। वास्तु विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित रूप से ऐसा करने से घर की बंद किस्मत के ताले खुल जाते हैं और मां लक्ष्मी का वास हमेशा के लिए आपके घर में स्थापित हो जाता है, जिससे आर्थिक संपन्नता में तेजी से वृद्धि होने लगती है।दूसरा और तीसरा उपाय: राहु-केतु दोष और पितृ दोष से मुक्ति के लिए अपनाएं यह विशेष तरीकाकुंडली में राहु-केतु का दोष और पितृ दोष व्यक्ति के जीवन को पूरी तरह से नरक तुल्य बना सकते हैं, जिसके कारण उसे हर कदम पर असफलता और अपमान का सामना करना पड़ता है। इस भयंकर दोष से छुटकारा पाने के लिए वास्तु शास्त्र में यह सलाह दी जाती है कि हर शनिवार की रात को सोते समय एक चांदी की कटोरी या किसी साफ पत्र में थोड़ा सा कपूर लेकर उसमें दो लौंग रखकर जला दें। इसके अलावा, यदि घर में लगातार पितृ दोष के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो रोजाना रात को सोने से पहले चांदी या पीतल के बर्तन में कपूर और लौंग जलाकर पूरे घर में उसकी धूनी घुमाने से घर की सभी बुरी शक्तियां और बाधाएं स्वतः ही समाप्त हो जाती हैं। यह उपाय न केवल राहु-केतु के प्रकोप को शांत करता है, बल्कि आपके अटके हुए कार्यों को भी तीव्र गति से आगे बढ़ाने में एक उत्प्रेरक का काम करता है, जिससे समाज में आपका मान-सम्मान भी बढ़ता है।चौथा और पांचवा उपाय: वैवाहिक जीवन की कलह को दूर कर आर्थिक तंगी से पाएं हमेशा के लिए छुटकाराकई बार पति-पत्नी के बीच बिना किसी बात के छोटी-छोटी बातों पर बहुत बड़ा विवाद हो जाता है और बेडरूम का वास्तु खराब होने के कारण आपसी प्रेम धीरे-धीरे समाप्त होने लगता है। इस वैवाहिक कलह को समाप्त करने के लिए बेडरूम के एक कोने में रोजाना दो कपूर की गोलियां रख देनी चाहिए और जब वे अपने आप उड़ जाएं या पिघल जाएं, तो उन्हें बदलकर नई गोलियां रख देनी चाहिए, जिससे आपसी रिश्ते में मधुरता और विश्वास फिर से लौटने लगता है। इसके साथ ही, यदि आप आर्थिक तंगी से पूरी तरह त्रस्त हो चुके हैं और लाख कमाने के बावजूद पैसे हाथ में नहीं टिकते हैं, तो रात को सोने से पहले शौचालय या स्नानघर में कपूर की एक टिकिया रख दें, जिससे वहां से आने वाली राहु की नकारात्मक ऊर्जा ब्लॉक हो जाती है। इन छोटे-छोटे और बेहद आसान उपायों को पूरी निष्ठा और श्रद्धा के साथ अपनाने से आपके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाएंगे और कपूर की महक से आपका पूरा जीवन खुशियों से महक उठेगा।
सनातन संस्कृति में पर्वों और व्रतों की एक बेहद समृद्ध परंपरा रही है, जिसमें प्रकृति, जीव-जंतुओं और विशेषकर गौ माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने वाले पर्वों का बहुत ही खास और अलौकिक महत्व माना गया है। इसी श्रृंखला में भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाए जाने वाले बछ बारस यानी गोवत्स द्वादशी के पावन पर्व का सनातन धर्म में विशेष स्थान है। इस साल बछ बारस का यह पावन व्रत और पर्व पंचांग के भेदों के अनुसार मनाया जा रहा है, जहां कई जगहों पर यह व्रत और पूजा अनुष्ठान किया जा रहा है। माताओं द्वारा अपनी संतान की लंबी उम्र, यशस्वी जीवन और उत्तम स्वास्थ्य की कामना के लिए रखा जाने वाला यह व्रत अपने आप में बेहद कठिन और अनुशासन से भरा होता है। इस विशेष दिन पर गाय और उसके बछड़े की पूजा करने का विधान है। इसके साथ ही इस दिन खान-पान से जुड़े कुछ कड़े नियम और परहेज भी पालन किए जाते हैं, जिनके बारे में हर व्रتي महिला को विस्तार से पता होना बेहद जरूरी है ताकि व्रत का पूरा और पुण्य फल प्राप्त हो सके।बछ बारस का धार्मिक महत्व और संतान की लंबी उम्र के लिए रखे जाने वाले इस व्रत की प्राचीन कथागोवत्स द्वादशी या बछ बारस का पर्व मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा अपनी संतान के कल्याण और उनकी रक्षा के लिए समर्पित माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन महिलाएं व्रत रखती हैं और दिनभर उपवास के बाद शाम के समय गौ माता और उनके बछड़े की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करती हैं। इस पर्व से जुड़ी कथा के अनुसार, प्राचीन काल में एक राजा था जिसके राज्य में बछ बारस के दिन गाय के दूध या उससे बनी चीजों के इस्तेमाल को लेकर एक विशेष नियम का पालन किया जाता था। इस दिन बछड़े की पूजा का विधान इसलिए भी है क्योंकि बछड़ा गाय का प्रिय होता है और गौ सेवा से समस्त देवी-देवताओं का आशीर्वाद स्वतः ही प्राप्त हो जाता है। ऐसी मान्यता है कि जो माताएं सच्चे मन से इस व्रत को रखती हैं और बछ बारस की कथा सुनती हैं, उनकी संतान पर आने वाले सभी प्रकार के संकट टल जाते हैं और उन्हें दीर्घायु तथा आरोग्यता का वरदान प्राप्त होता है।गोवत्स द्वादशी की सरल और सटीक पूजा विधि: जानें किस प्रकार करें गौ-बछड़े की आराधनाबछ बारस के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर साफ वस्त्र धारण किए जाते हैं और इस व्रत का संकल्प लिया जाता है। पूजा के लिए शाम के समय का यानी प्रदोष काल का समय सबसे उत्तम और फलदायी माना गया है। इस दिन अपने घर के आस-पास या किसी गौशाला जाकर गाय और उसके बछड़े को स्नान कराकर उन्हें स्वच्छ किया जाता है। इसके बाद गाय और बछड़े को तिलक लगाया जाता है, उनके माथे पर मौली बांधी जाती है और उन्हें फूलों की माला पहनाई जाती है। पूजा की थाली में अक्षत, रोली, धूप, दीप और गुड़ तथा भीगे हुए चने रखे जाते हैं। गौ माता और बछड़े को अंकुरित चने और गेहूं से बनी चीजें श्रद्धापूर्वक खिलाई जाती हैं। इसके बाद हाथ में जल लेकर व्रत की कथा सुनी या पढ़ी जाती है और अंत में गौ माता की परिक्रमा कर उनकी आरती उतारी जाती है।क्यों इस विशेष दिन पर दूध, दही और गेंहू से बनी चीजों का सेवन करना माना जाता है वर्जितबछ बारस के व्रत की सबसे बड़ी और मुख्य विशेषता इसके कड़े खान-पान के नियम हैं, जिनका पालन हर व्रتي को पूरी निष्ठा के साथ करना पड़ता है। इस दिन किसी भी रूप में गाय के दूध और उससे बनी चीजों जैसे कि दही, मक्खन, घी या पनीर का सेवन करना पूरी तरह से वर्जित माना गया है। इसके पीछे मुख्य धार्मिक मान्यता यह है कि इस दिन बछड़ा अपने हिस्से का दूध पीता है और बछड़े के अधिकार का दूध या उससे जुड़ी चीजें इंसान को ग्रहण नहीं करनी चाहिए। इसके अलावा, इस दिन भोजन में किसी भी ऐसे अनाज का प्रयोग नहीं किया जाता है जिसे खेतों में हल चलाकर या मशीन से काटा गया हो, यही वजह है कि इस दिन मुख्य रूप से कटे हुए गेहूं और चाकू से काटी जाने वाली सब्जियों का सेवन नहीं किया जाता है। व्रती महिलाएं इस दिन केवल मूंग, मोठ, बाजरा और बिना कटे या जमीन के अंदर उगने वाले कंदमूल जैसे फलाहार या विशिष्ट व्यंजनों का ही सेवन करती हैं, जिससे व्रत के नियमों का पूर्ण पालन हो सके।व्रत के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां और इस पर्व का आधुनिक जीवन में संदेशबछ बारस या गोवत्स द्वादशी का यह पर्व सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह हमारे और प्रकृति तथा मूक पशुओं के बीच के गहरे प्रेम और सह-अस्तित्व के रिश्ते को भी मजबूत करता है। आधुनिक भागदौड़ भरी जिंदगी में जब लोग अपनी संस्कृति और परंपराओं से दूर होते जा रहे हैं, तब ऐसे पर्व हमें अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं। व्रत के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि किसी भी परिस्थिति में गौ माता या बछड़े को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उनकी सेवा पूरी श्रद्धा के साथ की जाए। पूजा संपन्न होने के बाद गाय और बछड़े को चारा और गुड़ अवश्य खिलाना चाहिए। यदि आप भी इस पावन व्रत को पूरी आस्था के साथ रख रहे हैं, तो इसके सभी नियमों का कड़ाई से पालन करें, ताकि आपके घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहे और आपकी संतान का भविष्य उज्जवल व सुरक्षित हो सके।
LIC का ये धांसू प्लान, सिर्फ 24 रुपये रोजाना में 50 लाख का बीमा कवर
LIC Best Term Plan: एलआईसी के युवा टर्म प्लान में रोजाना छोटी सी बचत के जरिए मोटा लाइफ कवर लिया जा सकता है. यही नहीं प्रीमियन का भुगतान भी अपने हिसाब से मंथली, तिमाही, छमाही या सालाना किया जा सकता है.
दुनियाभर के युवाओं के जेहन में जब भी मैनेजमेंट की दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित डिग्री यानी मास्टर इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन यानी एमबीए का जिक्र आता है, तो सबसे पहला और बड़ा नाम अमेरिका की शीर्ष यूनिवर्सिटीज का ही आता है, जहां से पढ़ाई करना हर महत्वाकांक्षी छात्र का एक बड़ा सपना होता है। अमेरिका की हार्वर्ड, स्टैनफोर्ड, व्हार्टन और कोलंबिया जैसी दुनिया की नंबर-1 बिजनेस स्कूलों से एमबीए की डिग्री हासिल करना न सिर्फ एक शानदार कॉर्पोरेट करियर की गारंटी माना जाता है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर पेशेवर तरक्की के नए दरवाजे भी खोल देता है। हालांकि, इस सुनहरे सपने को पूरा करने की राह में सबसे बड़ी और मुख्य बाधा भारी-भरकम खर्च यानी ट्यूशन फीस और वहां रहने का भारी आर्थिक बोझ होता है, जिसके बारे में हर उस छात्र को गहराई से पता होना चाहिए जो अमेरिका जाकर अपनी किस्मत आजमाना चाहता है। आज के इस विस्तृत आर्टिकल में हम आपको अमेरिका की टॉप यूनिवर्सिटीज से एमबीए करने आने वाले कुल खर्च, ट्यूशन फीस, लिविंग कॉस्ट और अन्य सभी जरूरी शुल्कों का पूरा और सटीक हिसाब-किताब आसान भाषा में समझाने जा रहे हैं।अमेरिका की टॉप-1 यूनिवर्सिटीज में एमबीए की भारी-भरकम ट्यूशन फीस का गणितअमेरिका के किसी भी शीर्ष या प्रतिष्ठित बिजनेस स्कूल से एमबीए करने की जब बात होती है, तो ट्यूशन फीस अपने आप में एक बहुत बड़ा आंकड़ा होती है जो किसी को भी चौंका सकती है। हार्वर्ड बिजनेस स्कूल, स्टैनफोर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस या पेनसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी के व्हार्टन स्कूल जैसे दुनिया के नंबर-1 संस्थानों में दो साल के फुल-टाइम एमबीए प्रोग्राम की कुल ट्यूशन फीस अकेले ही लगभग 80,000 अमेरिकी डॉलर से लेकर 1,20,000 अमेरिकी डॉलर प्रति वर्ष तक हो सकती है। अगर भारतीय रुपये में इसका सीधा हिसाब लगाया जाए, तो केवल दो साल की ट्यूशन फीस का यह आंकड़ा आसानी से 75 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये या उससे भी अधिक तक पहुंच जाता है। यह फीस केवल शैक्षणिक पाठ्यक्रम, क्लासरूम रिसोर्सेज, केस स्टडी मैटेरियल और फैकल्टी चार्ज को कवर करती है, जबकि इसके अलावा अन्य यूनिवर्सिटी चार्जेस और हेल्थ इंश्योरेंस का खर्च अलग से जुड़ जाता है, जो बजट को और अधिक बढ़ा देता है।रहने, खाने और जीवनयापन का खर्च: अमेरिका में सरवाइव करने का कुल अनुमानित बजटट्यूशन फीस के बाद जो दूसरा सबसे बड़ा वित्तीय खर्च छात्र के सामने आता है, वह है अमेरिका के महंगे शहरों में दो साल तक रहने, खाने और अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने का खर्च जिसे लिविंग कॉस्ट या कॉस्ट ऑफ लिविंग कहा जाता है। बोस्टन, सैन फ्रांसिस्को, न्यूयॉर्क या फिलाडेल्फिया जैसे महानगरों में स्थित टॉप यूनिवर्सिटीज के आसपास रहना अपने आप में एक खर्चीला सौदा है, क्योंकि वहां किराए पर अपार्टमेंट लेना, लोकल ट्रांसपोर्ट का खर्च, ग्रॉसरी और खाने-पीने का सामान काफी महंगा पड़ता है। एक छात्र के तौर पर अमेरिका में रहने और खाने का औसत खर्च लगभग 25,000 से 40,000 अमेरिकी डॉलर प्रति वर्ष यानी भारतीय मुद्रा में लगभग 20 लाख से 35 लाख रुपये के बीच बैठता है। इसमें शेयरिंग अकमोडेशन, हेल्थ इंश्योरेंस, किताबें, लैपटॉप और अन्य पर्सनल खर्चे शामिल होते हैं, और यदि कोई छात्र अपने परिवार या पार्टनर के साथ वहां रहता है, तो यह खर्च डेढ़ गुना तक और अधिक बढ़ सकता है।ट्रैवल, वीजा फीस और अन्य छुपे हुए खर्च जो बजट को कर सकते हैं पूरी तरह प्रभावितजब छात्र अमेरिका से एमबीए करने का फाइनल बजट तैयार करते हैं, तो वे अक्सर ट्यूशन और लिविंग कॉस्ट को तो जोड़ लेते हैं, लेकिन कई अन्य छोटे और छुपे हुए खर्चों को नजरअंदाज कर देते हैं जो बाद में बड़ा आर्थिक झटका दे सकते हैं। इसमें सबसे पहले अमेरिका की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज के आवेदन यानी एप्लीकेशन फीस शामिल होती है, जो हर एक यूनिवर्सिटी के लिए 150 से 250 डॉलर तक होती है, और छात्र आमतौर पर 4 से 5 यूनिवर्सिटीज में आवेदन करते हैं। इसके अलावा जीमैट या जीआरई परीक्षा की फीस, टोफेल या आईलेट्स जैसी अंग्रेजी दक्षता परीक्षाओं की कोचिंग और टेस्ट फीस, अमेरिका का एफ-1 स्टूडेंट वीजा और सेविस फीस, तथा भारत से अमेरिका आने-जाने का वन-वे और रिटर्न हवाई किराया शामिल होता है। इन सभी शुरुआती और प्रक्रियागत खर्चों को मिलाकर लगभग 3 से 5 लाख रुपये का अतिरिक्त फंड अपने पास रखना बेहद जरूरी होता है, ताकि ऐन वक्त पर किसी भी प्रकार की वित्तीय परेशानी का सामना न करना पड़े।लोन, स्कॉलरशिप और वित्तीय सहायता के जरिए अमेरिका में एमबीए को बनाएं किफायतीअमेरिका के किसी टॉप स्कूल से एक करोड़ रुपये से अधिक के कुल खर्च को देखकर घबराने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है, क्योंकि दुनिया भर के योग्य और मेधावी छात्रों के लिए इन यूनिवर्सिटीज में भारी-भरकम स्कॉलरशिप और फेलोशिप के विकल्प हमेशा खुले रहते हैं। हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड जैसी यूनिवर्सिटीज नीड-ब्लाइंड एडमिशन प्रक्रिया का पालन करती हैं, जिसका मतलब है कि यदि आपका चयन हो जाता है, तो यूनिवर्सिटी आपकी आर्थिक स्थिति को देखकर बिना मांगे ही आपको भारी स्कॉलरशिप या ग्रांट प्रदान करती है। इसके अलावा, भारतीय छात्र स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा या क्रेडिड कर्मा और एजीडब्लू जैसे ग्लोबल लेंडर पोर्टल्स के माध्यम से बिना किसी भारी कोलेटरल या संपत्ति को गिरवी रखे करोड़ों रुपये का एजुकेशन लोन आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। अपनी समर इंटर्नशिप के दौरान मिलने वाला तगड़ा स्टाइपेंड और पढ़ाई के बाद वहां की टॉप कंपनियों में मिलने वाला लाखों डॉलर का सालाना पैकेज इस शुरुआती निवेश को कुछ ही सालों में पूरी तरह वसूल कर देता है, जिससे यह सौदा लंबी अवधि में बेहद फायदेमंद साबित होता है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बार फिर से मौसम के बिगड़े मिजाज और खतरनाक स्तर पर पहुंच चुके प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने एक बहुत बड़ा और सख्त फैसला लिया है, जिसके तहत राजधानी के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल अगले तीन दिनों के लिए पूरी तरह से बंद रखने का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी किए गए इस नए सर्कुलर ने बच्चों के अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन के बीच हलचल बढ़ा दी है, क्योंकि अचानक आए इस फैसले से एक बार फिर से ऑनलाइन कक्षाओं और बच्चों की पढ़ाई के तौर-तरीकों पर चर्चा शुरू हो गई है। दिल्ली में सर्दियों की आहट के साथ ही हवा की गुणवत्ता यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स इस कदर गिर चुका है कि छोटे बच्चों और स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर इसका बेहद बुरा और गंभीर असर पड़ने की आशंका लगातार बनी हुई थी, जिसके मद्देनजर सरकार को यह कड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।शिक्षा निदेशालय का आधिकारिक सर्कुलर और तीन दिनों की छुट्टियों का पूरा ब्यौरादिल्ली के शिक्षा निदेशालय की तरफ से जारी किए गए इस ताजा और महत्वपूर्ण सर्कुलर के अनुसार, राजधानी के तमाम इलाकों में स्थित नर्सरी से लेकर सीनियर सेकेंडरी कक्षाओं तक के सभी शैक्षणिक संस्थान अगले तीन दिनों तक बंद रहेंगे और इस दौरान छात्रों को स्कूल आने की आवश्यकता नहीं होगी। सर्कुलर में यह भी स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए हैं कि स्कूल परिसरों में फिजिकल क्लासेज यानी ऑफलाइन पढ़ाई पूरी तरह से स्थगित रहेगी, ताकि बच्चों को जहरीली हवा और खराब मौसम के प्रकोप से बचाया जा सके। हालांकि, बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए स्कूलों को यह अनुमति दी गई है कि वे इन तीन दिनों के दौरान ऑनलाइन माध्यमों से अपनी क्लासेज जारी रख सकते हैं ताकि पाठ्यक्रम समय पर पूरा हो सके। शिक्षा विभाग के इस आदेश को दिल्ली के सभी जोनल अधिकारियों और स्कूल प्रिंसिपलों तक तुरंत प्रभाव से पहुंचा दिया गया है ताकि इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके।खतरनाक वायु प्रदूषण और मौसम के बिगड़े हालात बने स्कूल बंद होने की मुख्य वजहराजधानी दिल्ली और इसके आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में वायु प्रदूषण की समस्या हर साल ठंड के मौसम की शुरुआत के साथ ही एक भयंकर रूप धारण कर लेती है, और इस बार भी स्थिति कमोबेश वैसी ही डरावनी बनी हुई है। हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे खतरनाक सूक्ष्म कणों की मात्रा तय मानकों से कई गुना अधिक दर्ज की जा रही है, जिसके कारण विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है और लोगों को सांस लेने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की लगातार यह चेतावनी आ रही थी कि इस तरह के जहरीले वातावरण में छोटे बच्चों का घर से बाहर निकलना उनके फेफड़ों और श्वसन तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे अस्थमा और एलर्जी जैसी बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं। इन्हीं तमाम स्वास्थ्य संबंधी चेतावनियों और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए शिक्षा निदेशालय ने बिना किसी देरी के इन तीन दिनों की छुट्टियों का यह सख्त और जरूरी फैसला लिया है।अभिभावकों की बढ़ी चिंताएं और बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई की ओर वापसीस्कूलों के अचानक तीन दिनों के लिए बंद होने के इस फैसले ने एक बार फिर से दिल्ली के कामकाजी माता-पिता और अभिभावकों के सामने लॉजिस्टिक और बच्चों की देखभाल से जुड़ी नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। जिन घरों में माता-पिता दोनों नौकरीपेशा हैं, उनके लिए अचानक बच्चों की देखभाल के प्रबंध करना एक बड़ा सिरदर्द बन जाता है, वहीं दूसरी तरफ बच्चों की आंखों और मानसिक स्वास्थ्य पर लगातार स्क्रीन के सामने रहने वाले ऑनलाइन क्लासेज के असर को लेकर भी पेरेंट्स चिंता में हैं। हालांकि, पिछले कुछ सालों के दौरान कोविड महामारी के बाद से स्कूल और छात्र ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली के आदि हो चुके हैं, इसलिए इस बार वर्चुअल कक्षाओं पर स्विच करना स्कूलों के लिए बहुत ज्यादा मुश्किल साबित नहीं हो रहा है। शिक्षकों द्वारा डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से होमवर्क और स्टडी मटीरियल छात्रों तक पहुंचाया जा रहा है ताकि तीन दिनों की इस छुट्टी के दौरान अकादमिक सफर में किसी भी प्रकार की रुकावट न आए।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आगे भी बढ़ सकती हैं छुट्टियांदिल्ली सरकार और पर्यावरण मंत्रालय लगातार जमीनी स्तर पर हालात पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं और मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के आधार पर आगे के फैसले लिए जा रहे हैं। यदि आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता में सुधार दर्ज नहीं किया जाता है और प्रदूषण का यह स्तर यूं ही बना रहता है, तो सरकार इन छुट्टियों को आगे भी बढ़ा सकती है, जिसकी आधिकारिक घोषणा स्थिति की समीक्षा करने के बाद की जाएगी। फिलहाल दिल्ली के सभी नागरिकों से यह अपील की जा रही है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें और बच्चों को बाहरी गतिविधियों से दूर रखें। शिक्षा निदेशालय के इन निर्देशों का उद्देश्य केवल और केवल बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा करना है, और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही मौसम साफ होने के बाद स्कूल अपने सामान्य समय और सुचारू रूप से फिर से खुल सकेंगे।
तंबूरा बजाने वाला सिंगर बना स्टार, 'हनुमान अंश' में कैसे मिला मौका?
'हनुमान अंश' फिल्म में 'मैंने तेरे ही भरोसे' भजन गाकर नेत्रहीन सिंगर सुनील लोधी स्पॉटलाइट में आ गए हैं. उन्हें फैंस का काफी प्यार मिल रहा है. लेकिन यहां तक पहुंचने से पहले उन्होंने जिंदगी में काफी मुश्किलों का सामना किया है. आइए उनकी जिंदगी पर एक नजर डालते हैं...
कार का बोनट खोला तो अंदर दिखा 7 फीट लंबा अजगर, दहिसर में मचा हड़कंप
मुंबई के दहिसर वेस्ट में रविवार शाम एक कार के बोनट के अंदर करीब 7 फीट लंबा अजगर मिला. रिहायशी इमारत की पार्किंग में खड़ी कार का बोनट खोलते ही अजगर दिखाई दिया. इससे वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया. सूचना मिलने पर स्नेक रेस्क्यू टीम पहुंची और काफी मशक्कत के बाद अजगर को बाहर निकाला. मेडिकल जांच के बाद उसे संजय गांधी नेशनल पार्क में छोड़ दिया गया.
अभी रक्षाबंधन पर आया था बेटा... अब DU छात्र अक्षत का शव लौटेगा घर
कटनी के तुलसी नगर में रहने वाले अक्षत की मौत की खबर मिलते ही उसके घर में मातम पसर गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई. स्वजन देर रात दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं और शव को कटनी लाने की प्रक्रिया में जुटे हैं. पड़ोसी और परिचित लगातार परिवार से बातचीत करते हुए उन्हें ढांढस बंधा रहे हैं.
यूरोप : अब बिना किसी रुकावट के कंपनियां दे रही हैं कम से कम 47 लाख रुपये तक का भारी पैकेज
यूरोप के जॉब मार्केट में इन दिनों भारतीय पेशवरों के लिए खुशियों की बड़ी लहर दौड़ पड़ी है, क्योंकि वहां की कई दिग्गज बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने टैलेंट की भारी कमी से निपटने के लिए भारतीय युवाओं के लिए अपने दरवाजे पूरी तरह खोल दिए हैं। अगर आप भी विदेश में नौकरी करने का सपना देख रहे हैं और अपनी मेहनत के दम पर एक बेहतरीन करियर बनाना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए किसी लॉटरी से कम नहीं है क्योंकि यूरोपीय कंपनियां अब भारतीयों को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए न्यूनतम 47 लाख रुपये सालाना से शुरुआत कर रही हैं। वैश्विक स्तर पर तकनीक, इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य और मैनेजमेंट के क्षेत्र में भारतीय प्रोफेशनल्स की जबरदस्त मांग को देखते हुए यूरोप के कई देशों ने अपने वीजा नियमों और भर्ती प्रक्रियाओं को बेहद आसान बना दिया है, जिससे योग्य उम्मीदवारों के लिए वहां जाकर बसने और काम करने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।यूरोपीय देशों में क्यों अचानक बढ़ गई है भारतीय टैलेंट की भारी मांगयूरोप के विकसित देशों जैसे कि जर्मनी, फ्रांस, नीदरलैंड, आयरलैंड और यूनाइटेड किंगडम में इन दिनों कामकाजी आबादी की भारी कमी देखी जा रही है, क्योंकि वहां की स्थानीय जनसंख्या तेजी से बूढ़ी हो रही है और तकनीकी क्षेत्रों के लिए पर्याप्त युवा लोकल टैलेंट नहीं मिल पा रहा है। इस जनसांख्यिकीय संकट का सामना करने के लिए यूरोपीय कंपनियों ने एशिया, और खासकर भारत की ओर रुख किया है, क्योंकि भारतीय प्रोफेशनल्स अपनी उच्च तकनीकी दक्षता, अंग्रेजी भाषा पर अच्छी पकड़ और कठिन परिस्थितियों में भी बेहतरीन काम करने की क्षमता के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मेडिकल और नर्सिंग, सिविल इंजीनियरिंग तथा वित्त जैसे विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखने वाले भारतीयों को अब यूरोपीय रिक्रूटर्स सीधे लिंक्डइन और अन्य ग्लोबल पोर्टल्स के माध्यम से हाथों-हाथ चुन रहे हैं।न्यूनतम 47 लाख रुपये सालाना पैकेज और आकर्षक कॉर्पोरेट सुविधाएंयूरोपीय कंपनियों द्वारा दिए जा रहे इन नए जॉब ऑफर्स की सबसे खास बात यह है कि इसमें शुरुआती सैलरी पैकेज ही कम से कम 47 लाख रुपये सालाना से शुरू हो रहा है, जो कि भारतीय मुद्रा के हिसाब से एक बहुत बड़ी राशि है और इसके साथ कई अन्य अतिरिक्त लाभ भी मिलते हैं। कंपनियों द्वारा उम्मीदवारों को रीलोकेशन अलाउंस यानी भारत से यूरोप जाने का हवाई खर्च, वीज़ा स्पॉन्सरशिप, शुरुआती कुछ हफ्तों के लिए रहने का आवास, और परिवार के सदस्यों के लिए भी हेल्थ इंश्योरेंस जैसी शानदार सुविधाएं दी जा रही हैं। इसके अलावा, यूरोपियन वर्क कल्चर में मिलने वाला वर्क-लाइफ बैलेंस, सप्ताह में पांच दिन काम का नियम, और साल भर में मिलने वाली लंबी पेड छुट्टियां इस ऑफर को भारतीय युवाओं के लिए और अधिक आकर्षक बना रही हैं, जिससे देश के टैलेंटेड यूथ का रुझान अब पश्चिमी देशों की तरफ तेजी से बढ़ रहा है।वीज़ा नियमों में ढील और वर्क परमिट हासिल करना हुआ अब बेहद आसानपहले यूरोपीय देशों में नौकरी पाकर वहां जाना एक बहुत लंबी और जटिल प्रक्रिया मानी जाती थी, जिसमें महीनों लग जाते थे और कई बार वीज़ा रिजेक्ट होने का डर भी बना रहता था, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। यूरोपीय संघ के कई देशों ने 'यूरोपीय ब्लू कार्ड' और पॉइंट-बेस्ड इमिग्रेशन सिस्टम जैसे नए नियमों को लागू कर दिया है, जिसके तहत यदि किसी भारतीय नागरिक के पास किसी मान्यता प्राप्त कंपनी का जॉब ऑफर लेटर है, तो वीज़ा की औपचारिकताएं कुछ ही हफ्तों के भीतर पूरी हो जाती हैं। सरकारें खुद आगे बढ़कर विदेशी स्किल्ड वर्कर्स का स्वागत कर रही हैं ताकि उनकी अर्थव्यवस्था को मंदी या सुस्ती से उबारा जा सके, और यही वजह है कि आज भारतीय युवाओं के लिए यूरोप में करियर बनाने की राह में अब कोई बड़ा प्रशासनिक रोड़ा नहीं बचा है।भारत से यूरोप जाने के इच्छुक युवाओं के लिए आवेदन करने का यह है सही तरीकायदि आप भी इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाना चाहते हैं और यूरोपीय कंपनियों के इन शानदार सैलरी पैकेजेस का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो आपको अपनी प्रोफेशनल प्रोफाइल को ग्लोबल स्टैंडर्ड के अनुसार अपडेट करना बेहद जरूरी है। लिंक्डइन और इंडीड जैसे अंतरराष्ट्रीय जॉब पोर्टल्स पर अपनी स्किल सेट को सटीक रूप से अपडेट करें, अपना रिज्यूमे एकदम प्रोफेशनल और ATS फ्रेंडली बनाएं, और सीधे यूरोपीय देशों की टॉप कंपनियों के करियर पेज पर जाकर अपनी पसंद की जॉब के लिए आवेदन करना शुरू करें। रिमोट इंटरव्यू और ऑनलाइन कोडिंग या टेक्निकल टेस्ट के माध्यम से घर बैठे ही चयन प्रक्रिया पूरी हो जाती है, इसलिए बिना देर किए अपनी तैयारी शुरू कर दें क्योंकि यूरोप के जॉब मार्केट में भारतीय टैलेंट के लिए यह दरवाजे आने वाले समय में इतिहास रचने वाले हैं।
Amit Shah in Goa: सहकारी संघवाद से मजबूत होगा Team India का संकल्प, Western Zonal Council में हुंकार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को गोवा के डोना पाउला में वेस्टर्न ज़ोनल काउंसिल की 28वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र और केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। यह बैठक गृह मंत्रालय के तहत इंटर-स्टेट काउंसिल सेक्रेटेरिएट द्वारा आयोजित की जा रही है और गोवा सरकार इसकी मेज़बानी कर रही है। गृह मंत्रालय के अनुसार, शाह वेस्टर्न ज़ोनल काउंसिल के चेयरमैन हैं, जबकि गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत इसके वाइस-चेयरमैन हैं। सदस्य राज्यों में से, हर साल बारी-बारी से किसी एक राज्य के मुख्यमंत्री काउंसिल के वाइस-चेयरमैन के तौर पर काम करते हैं। इसे भी पढ़ें: Amit Shah बोले, 2029 तक भारत को नशा-मुक्त बनाने का खाका तैयार ज़ोनल काउंसिल में पश्चिमी क्षेत्र के हर राज्य के मुख्यमंत्री और हर राज्य से दो वरिष्ठ मंत्री सदस्य के तौर पर शामिल थे। काउंसिल की बैठक में भारत सरकार और राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहकारी संघवाद के सिद्धांत पर देश के लिए 'टीम भारत' की परिकल्पना की है और ज़ोनल काउंसिल इस दिशा में अहम योगदान दे रही हैं। पीएम मोदी ने सर्वांगीण विकास हासिल करने के लिए सहकारी और प्रतिस्पर्धी संघवाद की क्षमता का इस्तेमाल करने पर ज़ोर दिया है। इसे भी पढ़ें: Amit Shah बोले, 2029 तक भारत को Drug Free बनाने का ब्लूप्रिंट तैयार 'मजबूत राज्यों से ही मजबूत राष्ट्र बनता है' की भावना के साथ, ज़ोनल काउंसिल दो या दो से ज़्यादा राज्यों, या केंद्र और राज्यों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत और चर्चा के लिए एक व्यवस्थित तंत्र प्रदान करती हैं और इस प्रक्रिया के ज़रिए आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए एक मंच के तौर पर काम करती हैं। ज़ोनल काउंसिल की भूमिका सलाहकारी होती है; हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में, ये काउंसिल विभिन्न क्षेत्रों में आपसी समझ और सहयोग के अच्छे संबंध बनाने में एक अहम कारक के तौर पर उभरी हैं। सभी राज्य सरकारों, केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सहयोग से, पिछले 12 वर्षों (जून 2014 से अब तक) में विभिन्न ज़ोनल काउंसिल और उनकी स्थायी समितियों की कुल 70 बैठकें हुई हैं। ये परिषदें राष्ट्रीय महत्व के व्यापक मुद्दों पर भी चर्चा करती हैं, जिनमें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बलात्कार के मामलों की तेज़ी से जांच और उनके जल्द निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (FTSC) को लागू करना; इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ERSS-112) को लागू करना; खाद्य सुरक्षा मानकों से जुड़े मुद्दे; हर गांव के तय दायरे में बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराना; और पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली क्षेत्र में सुधार, शहरी योजना, सहकारी व्यवस्था को मजबूत करना, साइबर अपराध और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे मुद्दे शामिल हैं।
देश के सबसे सुंदर और आधुनिक रूप से नियोजित शहरों में शुमार चंडीगढ़ की सुरक्षा व्यवस्था को आने वाले दिनों में अभेद्य और पूरी तरह से चाक-चौबंद बनाने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने एक बहुत बड़ा और मास्टरप्लान तैयार किया है। शहर में बढ़ते अपराधों पर लगाम कसने, असामाजिक तत्वों की हरकतों पर पैनी नजर रखने और कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से चंडीगढ़ पुलिस ने एक व्यापक खाका खींचा है, जिसके तहत पूरे शहर में आधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक संसाधनों का जाल बिछाया जा रहा है। इस नए सुरक्षा अभियान के तहत शहर के चप्पे-चप्पे पर कुल 2,000 नए हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल किए जाएंगे, जो चेहरे की पहचान (Facial Recognition) और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन जैसी आधुनिक खूबियों से लैस होंगे। इसके साथ ही, शहर की सीमाओं और रणनीतिक रूप से संवेदनशील इलाकों में कुल 19 नई पुलिस चेकपोस्ट्स का निर्माण किया जा रहा है, जिससे बाहर से आने-जाने वाले हर संदिग्ध वाहन और व्यक्ति पर 24 घंटे कड़ी नजर रखी जा सकेगी। पुलिस प्रशासन के इस कड़े और आक्रामक रुख से अपराधियों के मन में खौफ पैदा होना लाजिमी है, और आम नागरिकों को अब एक औरंगजेब की तरह सुरक्षित और भयमुक्त माहौल मिलने का पूरा भरोसा दिलाया जा रहा है।आधुनिक तकनीक और एआई आधारित कैमरों से लैस होगी चंडीगढ़ की सुरक्षा व्यवस्थाआज के डिजिटल और आधुनिक दौर में अपराध के तरीके जिस तेजी से बदल रहे हैं, उससे निपटने के लिए पारंपरिक पुलिसिंग के साथ-साथ अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करना अनिवार्य हो गया है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने अपने कमांड और कंट्रोल सेंटर को अपग्रेड करते हुए शहरभर में 2,000 नए सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम तेजी से शुरू कर दिया है। ये कैमरे साधारण नहीं होंगे बल्कि इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित वीडियो एनालिटिक्स की सुविधा होगी, जो किसी भी संदिग्ध गतिविधि, भीड़भाड़ वाले इलाकों में होने वाली छेड़छाड़ या फिर तेज रफ्तार से भागने वाले वाहनों की तुरंत पहचान कर कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज देगी। रात के अंधेरे में भी साफ तस्वीरें कैद करने की क्षमता रखने वाले ये कैमरे शहर के एंट्री पॉइंट्स, डार्क स्पॉट्स, बाजारों और प्रमुख चौराहों पर मुस्तैदी से तैनात रहेंगे। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इन कैमरों के लग जाने से न केवल अपराधियों को पकड़ने में मदद मिलेगी, बल्कि शहर में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर भी प्रभावी तरीके से शिकंजा कसा जा सकेगा।शहर की सीमाओं पर बनेगी 19 नई चेकपोस्ट, परिंदा भी नहीं मार सकेगा परचंडीगढ़ में आपराधिक वारदातों को अंजाम देकर अक्सर बदमाश पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा के इलाकों में आसानी से फरार हो जाते थे, जिस पर स्थायी रूप से रोक लगाने के लिए पुलिस ने नया चक्रव्यूह तैयार किया है। इस मास्टर प्लान के तहत शहर के चारों तरफ और विभिन्न आंतरिक संवेदनशील मार्गों पर कुल 19 नई हाई-टेक चेकपोस्ट्स (नाके) स्थापित की जा रही हैं, जिनपर चहुंओर से पुलिस बल तैनात रहेगा। इन नई चेकपोस्ट्स पर तैनात पुलिसकर्मियों को आधुनिक हथियार, वायरलेस कम्यूनिकेशन डिवाइस और हाई-स्पीड इंटरसेप्टर वाहनों से लैस किया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति या वारदात के तुरंत बाद अपराधियों का पीछा किया जा सके। रात के समय इन चेकपोस्ट्स पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा और आने-जाने वाली हर गाड़ी की डीटेल्स डिजिटल सर्वर पर दर्ज की जाएंगी। इस कड़े पहरे के बाद अब चंडीगढ़ की सीमा में दाखिल होने से पहले हर संदिग्ध को कई चरणों की सुरक्षा जांच से गुजरना होगा, जिससे शहर में अवैध हथियारों, ड्रग्स और अपराधियों की एंट्री पर पूरी तरह से ब्रेक लग जाएगा।आम नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के प्रति पुलिस प्रशासन की प्रतिबद्धताचंडीगढ़ प्रशासन और पुलिस विभाग का यह साझा विजन है कि इस ‘सिटी ब्यूटीफुल’ की शांति, भाईचारा और कानून का राज हर हाल में कायम रखा जाए ताकि यहां रहने वाले नागरिक और देश-विदेश से आने वाले पर्यटक खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर सकें। पुलिस महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार इस प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग की जा रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि तय समय सीमा के भीतर सभी 2,000 कैमरे और 19 चेकपोस्ट्स पूरी तरह से काम करना शुरू कर दें। स्थानीय आरडब्ल्यूए (RWA), व्यापारी संघों और आम जनता ने भी पुलिस के इस ऐतिहासिक सुरक्षा प्लान का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे शहर में चेन स्नेचिंग, वाहन चोरी और अन्य आपराधिक वारदातों में भारी गिरावट आएगी। पुलिस का यह सख्त और दूरदर्शी कदम यह साबित करता है कि वे कानून तोड़ने वालों से सख्ती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और अब चंडीगढ़ में किसी भी अपराधी के लिए छिपना नामुमकिन साबित होने वाला है।
द्वारका एक्सप्रेसवे बना प्रॉपर्टी का हॉटस्पॉट, 5 साल में 135% बढ़े दाम
दिल्ली-NCR के रियल एस्टेट बाजार में द्वारका एक्सप्रेसवे तेजी से प्रीमियम हाउसिंग के बड़े ठिकाने के तौर पर उभर रहा है. बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और लग्जरी घरों की बढ़ती मांग ने इस इलाके को निवेशकों और हाई-नेट-वर्थ खरीदारों के लिए खासा आकर्षक बना दिया.
भारतीय राजनीति और देश के सबसे पुराने राजनीतिक दल कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक मोर्चे पर एक बार फिर से राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है, जहां पार्टी के वरिष्ठ नेता और तेज-तर्रार रणनीतिकार सचिन पायलट के कंधों पर एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी आ पड़ी है। राहुल गांधी के आगामी बहुप्रतीक्षित पंजाब दौरे से ठीक पहले राज्य इकाई के भीतर लंबे समय से सुलग रही गुटबाजी, आपसी खींचतान और बगावती तेवरों को शांत करना सचिन पायलट के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं साबित हो रहा है। पंजाब की राजनीति हमेशा से अपने अनूठे समीकरणों और बयानों के लिए जानी जाती रही है, ऐसे में केंद्रीय नेतृत्व द्वारा सचिन पायलट को इस संवेदनशील राज्य की कमान सौंपकर आंतरिक कलह को खत्म करने का जो टास्क दिया गया है, उस पर पूरे देश की राजनीतिक निगाहें टिकी हुई हैं। यदि पायलट इस मिशन में कामयाब हो जाते हैं, तो यह न केवल पंजाब में कांग्रेस के खोए हुए सियासी वजूद को वापस लाने में मददगार साबित होगा, बल्कि पार्टी के भीतर उनके कद को भी और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चली आ रही गुटबाजी और नेताओं के बीच शीत युद्धपंजाब का राजनीतिक इतिहास इस बात का गवाह रहा है कि जब भी कांग्रेस पार्टी ने आंतरिक एकता का प्रदर्शन नहीं किया है, तब-तब उसे चुनावी मैदान में भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। पिछले कुछ विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान पार्टी के भीतर मचे घमासान, वरिष्ठ नेताओं के बीच व्यक्तिगत वर्चस्व की लड़ाई और अलग-अलग धड़ों में बंटी प्रदेश इकाई ने कैडर का मनोबल बुरी तरह तोड़ दिया था। हाल के महीनों में भी राज्य स्तर पर कई ऐसे मौके आए हैं जहां पार्टी के नेता सार्वजनिक मंचों पर एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करने से नहीं चूके, जिससे केंद्रीय नेतृत्व की चिंताएं लगातार बढ़ती चली गईं। कैप्टन अमरिंदर सिंह के जाने के बाद से लेकर अब तक पंजाब कांग्रेस एक स्थिर और सर्वमान्य नेतृत्व की तलाश में संघर्ष कर रही है, और हर बार जब भी कोई बड़ा राष्ट्रीय नेता राज्य के दौरे पर आने वाला होता है, तो यह आंतरिक फूट और ज्यादा सतह पर आ जाती है। इसी बिखराव को रोकने और सभी नाराज क्षत्रपों को एक मंच पर लाने के लिए अब हाईकमान ने सचिन पायलट को विशेष दूत के रूप में मैदान में उतारा है, जिनकी राजनीतिक संवाद शैली को संकट प्रबंधन के लिए सबसे मुफीद माना जाता है।राहुल गांधी के आगामी पंजाब दौरे का राजनीतिक महत्व और टाइमिंग की अहमियतकांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी का आगामी पंजाब दौरा पार्टी की आगामी राजनीतिक रणनीतियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसके तहत वे राज्य के कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने और जमीनी मुद्दों पर सरकार को घेरने की योजना बना रहे हैं। लेकिन राहुल गांधी के पंजाब पहुंचने से पहले यदि पार्टी के भीतर चल रही धड़ेबंदी और खींचतान को खत्म नहीं किया गया, तो यह दौरा सफल होने के बजाय पार्टी के लिए और अधिक असहज स्थिति पैदा कर सकता है। राहुल गांधी के सामने जब स्थानीय नेता गुटों में बंटे हुए नजर आएंगे, तो इससे जनता के बीच एक बहुत ही नकारात्मक संदेश जाएगा कि कांग्रेस आज भी खुद को ही संभालने में उलझी हुई है। यही वजह है कि सचिन पायलट को समय रहते पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ से लेकर जिलों तक के दौर करने और तमाम असंतुष्ट नेताओं, विधायकों तथा पूर्व मंत्रियों के साथ मैराथन बैठकें करने की सख्त जिम्मेदारी दी गई है। पायलट यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि राहुल गांधी के दौरे के वक्त मंच पर केवल कांग्रेस की एकजुटता दिखाई दे, न कि व्यक्तिगत अहंकारों की टकराहट, जिसके लिए वे लगातार व्यक्तिगत स्तर पर संवाद स्थापित कर रहे हैं।सचिन पायलट की राजनीतिक शैली और इस मुश्किल मिशन के सामने खड़ी जमीनी चुनौतियांयुवाओं के बीच खासी लोकप्रियता रखने वाले और जमीनी राजनीति की नब्ज को अच्छी तरह समझने वाले सचिन पायलट को संकट के समय पार्टी के भीतर आग बुझाने वाले नेता के तौर पर हमेशा याद किया जाता रहा है। इससे पहले भी पार्टी के कई अन्य राज्यों में उपजे राजनीतिक संकटों को सुलझाने में उन्होंने जिस परिपक्वता का परिचय दिया था, उसी का परिणाम है कि आज हाईकमान ने उन्हें पंजाब जैसे जटिल और संवेदनशील राज्य की कमान सौंपी है। हालांकि, पंजाब की डगर इतनी आसान नहीं है क्योंकि यहां के नेताओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं और आपसी समीकरण काफी पेचीदा माने जाते हैं, जहां हर कोई खुद को सबसे आगे देखना चाहता है। पायलट के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे सभी विरोधी धड़ों के नेताओं को एक मेज पर लाएं और उन्हें यह समझाएं कि पार्टी की मजबूती के बिना किसी का भी व्यक्तिगत राजनीतिक भविष्य सुरक्षित नहीं रह सकता है। आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि सचिन पायलट अपनी इस प्रतिष्ठा के अनुरूप पंजाब कांग्रेस में कड़वाहट को भुलाकर एक नई शुरुआत करवाने में कितने सफल होते हैं, और उनकी यह कूटनीतिक पहल पार्टी के लिए संजीवनी साबित होती है या नहीं।
वडोदरा में कल होने वाले प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में लोगों की भागीदारी के लिए BookMyShow के ज़रिए मुफ़्त रजिस्ट्रेशन शुरू किया गया। वडोदरा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (VMC) ने रजिस्ट्रेशन मैनेज करने के लिए इस प्राइवेट डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल किया। लोगों का ज़बरदस्त रिस्पॉन्स मिला; रजिस्ट्रेशन शुरू होने के एक घंटे के अंदर ही सभी सीटें बुक हो गईं। इसके बाद रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया गया और 42,000 से ज़्यादा लोगों को वेटिंग लिस्ट में रखा गया, जो इस कार्यक्रम के लिए लोगों के भारी उत्साह को दिखाता है। इस कार्यक्रम में पूरी तरह से डिजिटल और टेक्नोलॉजी-बेस्ड एंट्री सिस्टम भी होगा। रजिस्टर्ड लोगों को उनके BookMyShow अकाउंट पर एक डिजिटल M-टिकट मिलेगा, जिसमें एंट्री वेरिफ़िकेशन के लिए एक सुरक्षित लाइव QR कोड होगा। इसे भी पढ़ें: ISRO को कमजोर करने की साजिश हो रही या भारत को Space Superpower बनने की रणनीति पर काम चल रहा? रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन से लेकर वेन्यू में एंट्री और बैठने की व्यवस्था तक, पूरी प्रक्रिया डिजिटल तरीके से मैनेज की जा रही है, ताकि एंट्री तेज़ हो और भीड़ की आवाजाही आसान हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को गुजरात और महाराष्ट्र का दौरा करेंगे। वह वडोदरा में ₹35,000 करोड़ से ज़्यादा की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, उनका उद्घाटन करेंगे और उन्हें देश को समर्पित करेंगे। वडोदरा में, प्रधानमंत्री वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के तीन अहम सेक्शन देश को समर्पित करेंगे। ये सेक्शन 326 रूट किलोमीटर में फैले हैं और इन्हें ₹20,700 करोड़ से ज़्यादा की लागत से तैयार किया गया है। इसे भी पढ़ें: अचानक भारत आ रहे नेपाल के प्रधानमंत्री, चीन के लिए बुरी खबर! इनमें न्यू साणंद (N)-न्यू मकरपुरा, न्यू उमरगाँव-न्यू सफाले और न्यू सफाले-न्यू JNPT सेक्शन शामिल हैं। जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (JNPA) की सीधी कनेक्टिविटी से EXIM कार्गो की आवाजाही तेज़ होगी, औद्योगिक केंद्रों और बंदरगाहों के बीच कनेक्टिविटी मज़बूत होगी, लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और मुंबई के रेलवे नेटवर्क पर भीड़ कम करने में मदद मिलेगी। इन सेक्शन के चालू होने से, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) नेटवर्क अपनी पूरी लंबाई में पूरी तरह से काम करने लगेगा। डेडिकेटेड फ्रेट इंफ्रास्ट्रक्चर मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाकर, ट्रांज़िट समय को कम करके और अलग-अलग क्षेत्रों में कार्गो की आसानी से आवाजाही को सुविधाजनक बनाकर देश के लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को और मज़बूत करेगा। प्रधानमंत्री न्यू साणंद (नॉर्थ), न्यू मकरपुरा, न्यू उमरगाँव और न्यू JNPT, मुंबई से मालगाड़ी सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाएंगे। इसके अलावा, वह टांडा रोड और वडोदरा (प्रतापनगर) के बीच एक नई पैसेंजर ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे। प्रधानमंत्री छोटा उदयपुर-धार प्रोजेक्ट के तहत बनाई गई जोबाट-टांडा रोड नई रेल लाइन को देश को समर्पित करेंगे। यह नई रेल लाइन अलीराजपुर के दूर-दराज़ और आदिवासी इलाकों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ेगी। प्रधानमंत्री 329 किलोमीटर लंबी और ₹9,700 करोड़ से ज़्यादा लागत वाली तीन रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इनमें वडोदरा-रतलाम तीसरी और चौथी लाइन, मियागाम करजन-चोरंडा-मलसार गेज कन्वर्ज़न और विश्वामित्री-डभोई दोहरीकरण परियोजना शामिल हैं। ये परियोजनाएं यात्री और माल ढुलाई क्षमता को बढ़ाएंगी, भीड़ कम करेंगी और गुजरात और मध्य प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी को मज़बूत करेंगी।प्रधानमंत्री लगभग ₹1,780 करोड़ की लागत वाली तीन नेशनल हाईवे परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इनमें NH-48 के कामरेज-चलथान सेक्शन को छह-लेन का बनाना; NH-48 के वडोदरा-सूरत सेक्शन पर तापी और नर्मदा नदियों पर बड़े पुलों समेत अतिरिक्त ढांचे बनाना; और NH-53 पर अभावा, मिंडहोला और खजोड़ जंक्शनों पर ग्रेड-सेपरेटेड ढांचे बनाना शामिल है।
टेलीविजन के सबसे बड़े और विवादित रियलिटी शो 'बिग बॉस' का नया सीजन शुरू होते ही एक बार फिर से सुर्खियों के बाजार में हलचल तेज हो गई है। शो का नया प्रोमो सामने आते ही सोशल मीडिया पर एक अलग ही भूचाल आ गया है, जिसमें मशहूर अभिनेत्री और कंटेस्टेंट माही विज अपने बेहद आक्रामक, बेबाक और धमाकेदार तेवरों के साथ घर के अंदर एंट्री लेती हुई नजर आ रही हैं। बिग बॉस के घर में कदम रखते ही पहले ही दिन माही विज ने बाकी तमाम घरमवालों की नाक में दम कर दिया और अपने तीखे अंदाज से ऐसा गदर काटा कि दर्शकों और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच चर्चा का दौर शुरू हो गया। इंटरनेट पर वायरल हो रहे इस प्रोमो को देखकर फैंस मजेदार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और यहां तक कह रहे हैं कि माही ने तो पहले ही दिन शो में वह सब कर दिखाया है जो उनके पति और अभिनेता जय भानुशाली ने अपने पूरे सीजन के दौरान भी शायद ही किया हो। शो के मेकर्स द्वारा रिलीज किए गए इस प्रोमो ने यह साबित कर दिया है कि इस बार का सीजन काफी मसालेदार, हाई-वोल्टेज ड्रामे से भरपूर और बेहद दिलचस्प होने वाला है, जिस पर देश भर के दर्शकों की नजरें टिक गई हैं।बिग बॉस के घर में माही विज की धमाकेदार एंट्री और पहले दिन का हाई-वोल्टेज ड्रामाटेलीविजन इंडस्ट्री की जानी-मानी और बेबाक अभिनेत्रियों में शुमार माही विज जब से बिग बॉस के इस नए सीजन का हिस्सा बनी हैं, तब से उनके फैंस के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। शो के निर्माताओं द्वारा हाल ही में जारी किए गए प्रोमो वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि घर के अंदर प्रवेश करते ही माही ने किसी भी प्रतियोगी के साथ शुरुआती औपचारिक औपचारिकताएं निभाने के बजाय पहले ही मिनट से अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए। घर के किचन से लेकर लिविंग एरिया तक, हर जगह उनका दबदबा और मुखर स्वभाव देखने को मिला, जिससे बाकी अन्य कंटेस्टेंट्स के होश उड़ गए। अक्सर देखा जाता है कि नए सीजन में प्रतिभागी शुरुआती कुछ दिनों तक माहौल को समझने की कोशिश करते हैं और अपनी छवि को लेकर काफी सतर्क रहते हैं, लेकिन माही विज ने इन सभी पारंपरिक तरीकों को दरकिनार करते हुए पहले ही दिन से अपने आक्रामक और निडर रूप से यह जता दिया है कि वे यहां सिर्फ गेम खेलने नहीं बल्कि पूरी महफिल लूटने आई हैं।सोशल मीडिया पर वायरल हुआ प्रोमो, फैंस ने जोड़े पति जय भानुशाली के पुराने सीजन से तारजैसे ही बिग बॉस का यह नया प्रोमो इंटरनेट पर आया, वैसे ही इंस्टाग्राम, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और यूट्यूब जैसे तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मीम्स और प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। दर्शक और शो के पुराने सीजन को बारीकी से देखने वाले फैंस इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि कैसे माही विज अपने पति अभिनेता जय भानुशाली के बिल्कुल उलट स्वभाव के साथ मैदान में उतरी हैं। आपको बता दें कि जय भानुशाली ने भी पिछले कुछ सीजन में बतौर कंटेस्टेंट बिग बॉस के घर में हिस्सा लिया था, जहां उनका स्वभाव काफी शांत, संयमित और विवादों से दूरी बनाए रखने वाला रहा था। इसके विपरीत, माही विज ने पहले ही दिन घर के अंदर जिस तरह से मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी और अन्य सदस्यों के साथ तीखी बहसबाजी की, उसे देखकर यूजर्स चटकारे ले रहे हैं और लिख रहे हैं कि माही ने तो अकेले ही जय भानुशाली के पूरे सीजन के बराबर का ड्रामा और हंगामा पहले ही 24 घंटों में कर दिखाया है। यह वायरल तुलना इस समय इंटरनेट पर सबसे बड़े ट्रेंड्स में से एक बनी हुई है और शो की टीआरपी को आसमान पर पहुंचाने के लिए काफी साबित हो रही है।घर के भीतर बनते-बिगड़ते समीकरण और आगामी एपिसोड्स में घमासान के पूरे आसारबिग बॉस के घर का यह नियम रहा है कि जो कंटेस्टेंट पहले दिन से ही अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा लेता है, वही आने वाले हफ्तों में खेल की दिशा और दशा तय करता है। माही विज के इस आक्रामक और बेबाक रवैये ने घर के बाकी सदस्यों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि उनके साथ टिक पाना इतना आसान नहीं होने वाला है। हालांकि शुरुआती दिनों में इस तरह का उग्र तेवर कई बार कंटेस्टेंट्स को आपस में भिड़ा देता है और घर के भीतर गुटबाजी का दौर शुरू हो जाता है, जिससे आने वाले एपिसोड्स में दर्शकों को भरपूर ड्रामा देखने को मिलेगा। टेलीविज़न समीक्षकों का मानना है कि माही की यह रणनीति उन्हें शो में लंबे समय तक टिकाए रख सकती है, बशर्ते वे इस गुस्से और अपने गेम प्लान के बीच सही संतुलन बनाए रखें। कुल मिलाकर, बिग बॉस का यह नया सीजन अपने शुरुआती प्रोमो और माही विज के इस धमाकेदार अंदाज के चलते दर्शकों की पहली पसंद बनता जा रहा है, और आने वाले दिनों में यह देखना बेहद रोमांचक होगा कि घर के बाकी सदस्य इस चुनौती का सामना कैसे करते हैं।
दाल-चावल के साथ बनाएं भिंडी की कुरकुरी भुजिया, रेसिपी है आसान
Bhindi Bhujia Recipe: अगर आपको भिंडी पसंद है और आप इसे हर बार एक ही तरीके से बनाकर बोर हो गए हैं तो इस बार कुरकुरी भिंडी की भुजिया ट्राई कर सकते हैं. यह बनाने में बेहद आसान है और इसका स्वाद भी काफी लाजवाब होता है.
पंजाबी अभिनेत्री और मॉडल लव गिल ने 'बिग बॉस 20' के घर में आते ही अपनी जिंदगी का एक ऐसा अनुभव साझा किया, जिससे शायद बहुत से लोग खुद को जोड़ पाएंगे। शो को शुरू हुए अभी एक दिन ही हुआ है, लेकिन घर में कंटेस्टेंट्स के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हो चुका है।
मशहूर रैपर बादशाह से अलग होने के बाद अभिनेत्री ईशा रिखी की जिंदगी में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
बंगाल में बैन होगी मांस-मछली! धीरेंद्र शास्री ने बताया 'पाखंड', फिर छिड़ी वेज-नॉन वेज की बहस
कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री ने दुर्गा पूजा के दौरान दुर्गा प्रतिमा के आसपास मांसाहारी भोजन न बेचने की अपील की। इसके साथ ही, उन्होंने बंगाल के हिंदुओं से नवरात्रि मनाने का भी आह्वान किया। इससे राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है।
Air India Express की Flight में Engine Oil स्तर गिरा, Kochi Airport पर कराई गई Emergency Landing
31 अगस्त को कोच्चि से अबू धाबी जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की बोइंग 737 फ़्लाइट (IX 415) को उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद वापस लौटना पड़ा। ऐसा तब हुआ जब क्रू को इंजन 1 के ऑयल लेवल में तेज़ी से गिरावट का पता चला। फ़्लाइट शुरू होने के करीब 50 मिनट बाद, जब विमान 36,000 फ़ीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, तब पायलट और को-पायलट ने देखा कि तेल का स्तर तेज़ी से गिर रहा है। क्रू ने FORDEC असेसमेंट किया। जैसे-जैसे तेल का स्तर गिरता गया, उन्होंने अबू धाबी सेक्टर का रास्ता छोड़कर कोच्चि वापस लौटने का फ़ैसला किया। सूत्रों के मुताबिक, बाद में जब इंजन 1 का ऑयल प्रेशर डेंजर ज़ोन में पहुँच गया, तो क्रू ने उसे बंद कर दिया। इसे भी पढ़ें: Air India के लिए Cost Control और Safety सबसे अहम, टाउनहॉल में बोले N Chandrasekaran विमान कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतर गया फ्लाइट शुरू होने के करीब 50 मिनट खराब, जब विमान 36,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, तब पायलट और पायलट ने देखा कि टेल का स्टार तेजी से गिर रहा है। क्रू ने FORDEC मूल्यांकन किया। जैसे-जैसे तेल का सितारा गिरता गया, उन्हें अबू धाबी सेक्टर का रास्ता छोड़कर वापस लौटने का फैसला किया गया। सूत्रों के मुताबिक, बाद में जब इंजन 1 का ऑयल प्रेशर डेंजर जोन में पहुंच गया, तो क्रू ने उसे बंद कर दिया। विमान कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतर गया। इसी तरह की घटनाएँ एयरलाइन ने एक बयान में कहा कि इससे पहले, वाराणसी से दिल्ली जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक फ़्लाइट को तकनीकी खराबी के कारण लखनऊ की ओर मोड़ दिया गया था। एयरलाइन ने बताया कि क्रू ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियात के तौर पर फ़्लाइट का रास्ता बदलने का फ़ैसला किया। एयर इंडिया एक्सप्रेस के प्रवक्ता ने कहा, विमान सुरक्षित रूप से उतरा और पहुँचने पर सभी यात्रियों को रिफ्रेशमेंट दिया गया।
पाकिस्तानी टीम में फिर मचा बवाल, PCB ने बैठाई जांच, जानें पूरा मामला
अनुशासन जांच ने पाकिस्तानी टीम की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने ना तो संबंधित खिलाड़ियों के नाम बताए हैं और ना ही जांच के पीछे मौजूद आरोपों की पूरी जानकारी दी है. इसलिए पूरे मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होने का इंतजार करना होगा.
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट से तृणमूल कांग्रेस की उस याचिका पर तेजी से फैसला करने को कहा है, जिसमें कोलकाता नगर निगम द्वारा पार्टी के कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय से होर्डिंग हटाए जाने को चुनौती दी गई है।
'रशियन आर्मी में तो नहीं ले गए...' मॉस्को में 'गायब' इंडियन की पत्नी की गुहार
मॉस्को में भारतीय इंजीनियर चंदन गुप्ता को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का दावा सामने आया है. उनकी पत्नी स्नेहा ने आशंका जताई है कि चंदन को जबरन रूसी सेना में भेजा जा सकता है
30 फीट की ऊंचाई से लगाई छलांग, नीचे पानी की जगह थी चट्टान!
झांसी के पहूज बांध में रील बनाने के लिए 30 फीट की ऊंचाई से छलांग लगाने वाले पुष्पेंद्र का स्टंट हादसे में बदल गया. पानी कम होने के कारण उसके पैर चट्टान से टकरा गए, जिससे दोनों पैरों में गंभीर फ्रैक्चर हो गया. अस्पताल में एक पैर में दो रॉड डाली गई हैं.
किस जगह होना चाहिए MCB वाला बोर्ड? अपने घर में भी चेक कर लें
घर में बिजली से चलने वाले उपकरणों की सुरक्षा और शॉर्ट सर्किट से बचाव के लिए लोग एमसीबी लगवाते हैं. अब सवाल उठता है कि घर में कहां एमसीबी लगाना चाहिए.
WhatsApp पर नया फीचर, AI Agents होंगे कनेक्ट, होगी सीधी बात
WhatsApp यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव आने वाला है. अब AI का इस्तेमाल करने के लिए बार-बार अलग ऐप या वेबसाइट खोलने की जरूरत नहीं होगी. नए फीचर के बाद में हीवॉट्सऐप कई Third-Party AI Agents और Bots से बात की जा सकेगी.
अजय राय को पुलिस ने लिया हिरासत में, सहारनपुर जा रहे थे UP कांग्रेस अध्यक्ष
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने हिरासत में लिया है. सहारनपुर जा रहे अजय राय को यूपी पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया.
8 मंथ से भूखा हूं... मैकडॉनल्ड्स के हैंडल से पोस्ट किसने किया?
मैकडॉनल्ड्स इंडिया के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक इंटर्न ने पिछले 8 महीनों से वेतन न मिलने का आरोप लगाया जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसके बाद अकाउंट से क्रिप्टोकरेंसी प्रमोशन वाले पोस्ट भी किए गए, जिससे साइबर हैकिंग की आशंका जताई गई. मैकडॉनल्ड्स ने इस मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह पोस्ट उनके आधिकारिक हैंडल से नहीं किए गए और यह पूरी तरह से फर्जी हैं.
गणपति पूजा कब है 14 या 15 सितंबर को? जानें सही तिथि
गणेश महोत्सव 2026 में 14 सितंबर से 25 सितंबर तक मनाया जाएगा। गणेश चतुर्थी तिथि 14 सितंबर सुबह 7:06 बजे शुरू होकर 15 सितंबर सुबह 7:44 बजे समाप्त होगी। पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11:02 से दोपहर 1:31 बजे तक रहेगा।
भारतीय नौसेना की असली ताकत क्या है, एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने बताया
चीफ ऑफ नेवल स्टाफ एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने बताया कि बदलते वैश्विक हालात में भारतीय नौसेना किस तरह संभावित हॉटस्पॉट्स पर पहले से तैनाती कर रही है और हिंद महासागर में भारत की मैरीटाइम पावर क्यों लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है.
‘मोदी काका, चाय पिएं कि पउवा?’ महंगाई पर भोजपुरी गाने का तगड़ा तंज!
चीनी की बढ़ती कीमत पर बना भोजपुरी गाना सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. ‘75 की चीनी हो गई, 75 का मिले पउवा’ गाने में महंगाई को लेकर सरकार पर तंज कसा गया है.
बंगाल सरकार के विज्ञापन में दुर्गा की 11 भुजाओं पर विवाद, BJP ने ऐसे किया बचाव
पश्चिम बंगाल सरकार के एक विज्ञापन में मां दुर्गा को 11 भुजाओं के साथ दिखाए जाने पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है. सोमवार को सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग की ओर से जारी विज्ञापन में दुर्गा की एक अतिरिक्त भुजा दिखाई गई.
‘रोल कैमरा एंड एक्शन, तैयारी करके डायलॉग मारना'; थलपति विजय के भाषण पर उदयनिधि का तंज
उधयनिधि ने मुख्यमंत्री विजय पर विधानसभा में विपक्ष की बात सुनने से बचने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री को विपक्ष की प्रतिक्रिया सुनने में डर लगता है तो उन्हें अगली बार अच्छी तैयारी करके सदन में आना चाहिए।
नशा छोड़ने के लिए आगे आ रहे लोग, पंजाब के सरकारी केंद्रों में 164% बढ़े दाखिले
पंजाब में नशा छोड़ने के लिए सरकारी इलाज का सहारा लेने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है. 2024 के मुकाबले 2025 में नशा मुक्ति केंद्रों में दाखिले 164 प्रतिशत से ज्यादा बढ़े.
पौड़ी गढ़वाल में हाथियों का कहर! सड़क किनारे बाइक-स्कूटी को रौंद डाला, भागने लगे लगो- Video
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में रामडी-पुलिंडा मार्ग पर हाथियों के झुंड ने सड़क किनारे खड़ी बाइक-स्कूटी को रौंद डाला. इलाके में दहशत का माहौल है.
सरकारी स्कूल के नए हेड मास्टर ने कुर्सी का किया शुद्धिकरण, VIDEO वायरल होते ही गिरी गाज
सरकारी स्कूल के हेडमास्टर को कार्यालय का कथित शुद्धिकरण कराने का वीडियो वायरल होने पर निलंबित कर दिया गया है. शिक्षा विभाग ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए स्पष्टीकरण मांगा है और विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है.
'बालाकोट हमले में हमने 'कौए' नहीं मारे', पूर्व एयर मार्शल का बड़ा खुलासा
आजतक की सुरक्षा सभा में 'आसमान के रखवाले' सेशन के दौरान एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्र ने खुलकर बात की. वेस्टर्न एयर कमांड के पूर्व एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रहे एयर मार्शल मिश्र ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आसमान में हुई घटनाओं का विस्तार से जिक्र किया.
मलबे के नीचे 13 दिन... न खाना, ना पानी, फिर भी जिंदा, कैसे?
मलबे में फंसे इंसान के लिए सिर्फ रेस्क्यू टीम ही नहीं, उसका अपना शरीर भी लड़ रहा होता है. जानिए इस लड़ाई में शरीर किस तरह एनर्जी बचाता है और कब मुश्किल बढ़ने लगती है.
1980 की फिल्म 'अली बाबा और 40 चोर' का 'खतूबा' गाना आज भी जीनत अमान के डांस, आशा भोसले की आवाज और पंचम दा की धुन के लिए याद किया जाता है.
नीम करोली बाबा की जिंदगी पर बनी हनुमान अंश को खूब प्यार मिल रहा है. इस फिल्म का दूसरा पार्ट भी जल्द रिलीज होगा. इस बीच भगवान खाटू श्याम पर भी फिल्म की अनाउंसमेंट हो चुकी है.
एटा में छह साल के बच्चे की गर्दन में घुसी लोहे की सरिया
उत्तर प्रदेश के एटा में छह वर्षीय बच्चे के साथ निर्माणाधीन मकान में गंभीर हादसा हो गया। खेलते समय बच्चा खुले लोहे की सरिया पर गिर गया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया। परिजनों ने सरिया काटकर उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर सरिया निकाली।
सत्य निकेतन हादसा: राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ा गया बिल्डिंग का मालिक हरिराम बंसल
सत्य निकेतन हादसे में बिल्डिंग के मालिक हरिराम बंसल को भिवाड़ी से पकड़ लिया गया है. हरिराम बिल्डिंग गिरने के बाद से फरार चल रहा था. लेकिन अब पुलिस ने उसे भिवाड़ी से पकड़ लिया है.
लहसुन से कीटनाशक बनाने का ये तरीका मशहूर गार्डिंग एक्सपर्ट तरुण चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर शेयर किया है. आइए जानते हैं इसके बारे में-
निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की हिंदी फिल्म 'हनुमान अंश' सिनेमाघरों और दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाए हुए है. रिलीज होने के बाद फिल्म हर जगह से तारीफें बटोर रही है
30 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्टर के पास पहुंचीं बेटियां, बोलीं- स्कूल में न बिजली, न पढ़ाई की व्यवस्था
सरगुजा के शिवपुर एकलव्य आदर्श गर्ल्स स्कूल की छात्राएं स्कूल में बिजली, पढ़ाई, मेस और हॉस्टल की समस्याओं से परेशान होकर 30 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्टर से मिलने पहुंचीं. छात्राओं ने बताया कि एक महीने से बिजली नहीं है, जबकि शिक्षण और भोजन व्यवस्था भी प्रभावित है.
टीवी पर क्राइम स्टोरी सुनाती थीं सारा खलीफा, अब क्यों मिली मौत की सजा?
मिस्र की मशहूर टीवी एंकर सारा खलीफा इन दिनों ड्रग्स से जुड़े एक बेहद गंभीर मामले में सुर्खियों में हैं. काहिरा की अदालत ने मौत की सजा सुनाई है. आइये जानते हैं पूरा मामला क्या है.
संयुक्त राष्ट्र महासभा में विश्व मानचित्र को अधिक सटीक बनाने संबंधी प्रस्ताव पारित होने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर जोरदार कूटनीतिक भिड़ंत छिड़ गई है। भारत ने साफ कर दिया है कि उसके संप्रभु क्षेत्र, जिनमें केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख शामिल हैं, को भारत के आधिकारिक मानचित्र के अनुरूप ही दिखाया जाना चाहिए और किसी भी प्रकार का ‘‘गलत’’ या ‘‘भ्रामक’’ चित्रण स्वीकार्य नहीं होगा। वहीं पाकिस्तान ने इस स्पष्ट भारतीय रुख पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उसे ‘‘निराधार’’ बताया है। हम आपको बता दें कि ताजा विवाद की पृष्ठभूमि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा चार सितंबर को पारित उस प्रस्ताव से जुड़ी है, जिसका शीर्षक है— ‘करेक्ट द मैप: वैश्विक मानचित्रण प्रतिनिधित्व में संतुलन और विश्व के क्षेत्रों, विशेषकर अफ्रीका का समान प्रतिनिधित्व।’ टोगो द्वारा प्रायोजित इस प्रस्ताव को 164 देशों का समर्थन मिला। अमेरिका ने इसके खिलाफ अकेले मतदान किया, जबकि एस्टोनिया, जॉर्जिया, लिथुआनिया, मोल्दोवा, सर्बिया और यूक्रेन मतदान से दूर रहे। इसे भी पढ़ें: China के सैन्य मॉडल की राह पर Pakistan! 50 साल बाद किए बड़े बदलाव, India के लिए क्या हैं मायने? इस प्रस्ताव का मूल उद्देश्य राजनीतिक सीमाओं को बदलना या किसी देश के क्षेत्रीय दावों को मान्यता देना नहीं, बल्कि ऐसी ‘इक्वल एरिया’ मैप प्रोजेक्शन प्रणाली को प्रोत्साहित करना है, जिसमें महाद्वीपों और भूभागों का वास्तविक क्षेत्रफल अपेक्षाकृत सही अनुपात में दिखाई दे। दरअसल, अफ्रीकी देशों की लंबे समय से यह शिकायत रही है कि प्रचलित मानचित्र प्रक्षेपणों में अफ्रीका का आकार वास्तविकता से छोटा दिखाई देता है। संयुक्त राष्ट्र की पहल सरकारों, स्कूलों, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और तकनीकी कंपनियों को अधिक संतुलित मानचित्रण पद्धतियों, विशेषकर ‘इक्वल अर्थ’ जैसी प्रोजेक्शन प्रणालियों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करती है। लेकिन भारत ने प्रस्ताव के समर्थन के साथ ही एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक सुरक्षा-कवच भी खड़ा कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि भारत का समर्थन केवल भूभागों के वास्तविक आकार के अनुपात को बनाए रखने वाली मानचित्रण पद्धति के सिद्धांत के लिए है। भारत ने किसी विशेष नक्शे, प्रक्षेपण या राष्ट्रीय सीमाओं के किसी खास चित्रण का समर्थन नहीं किया है। जायसवाल का संदेश बेहद स्पष्ट था कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख सहित भारत के संप्रभु क्षेत्र भारत के आधिकारिक मानचित्र के अनुरूप ही प्रदर्शित किए जाने चाहिए। उन्होंने दो टूक कहा कि भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर उसका रुख ‘‘स्पष्ट, सुसंगत और गैर-परक्राम्य’’ है। दूसरे शब्दों में, नई वैश्विक मानचित्रण बहस को भारत अपनी सीमाओं या क्षेत्रीय स्थिति पर किसी नए विवाद का मंच नहीं बनने देगा। यहीं से पाकिस्तान बौखला उठा। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान ने भारतीय दावे को ‘‘निराधार’’ बताते हुए जम्मू-कश्मीर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एजेंडे पर मौजूद एक अंतरराष्ट्रीय विवाद बताया। पाकिस्तान ने दावा किया कि भारत के ‘‘एकतरफा कदम’’ और ‘‘आधिकारिक नक्शे’’ विवादित क्षेत्र की स्थिति नहीं बदल सकते तथा अंतिम निर्णय संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों और कश्मीरी जनता की इच्छा के अनुरूप होना चाहिए। देखा जाये तो भारत के लिए पाकिस्तान की यह प्रतिक्रिया कोई नई बात नहीं है, लेकिन इसका समय बेहद महत्वपूर्ण है। संयुक्त राष्ट्र का नया प्रस्ताव स्पष्ट रूप से राजनीतिक मानचित्रण, अंतरराष्ट्रीय सीमाओं, विवादित क्षेत्रों और स्थानों के नामों से संबंधित नहीं है। इसलिए पाकिस्तान द्वारा इस प्रस्ताव के बाद कश्मीर का मुद्दा उठाना दरअसल इस्लामाबाद के पुराने राग को दोबारा अलापने जैसा है। लेकिन पाकिस्तान के अलाप का कोई असर नहीं हुआ और भारत ने उसे बहस की दिशा बदलने का मौका ही नहीं दिया। नई दिल्ली ने पहले ही स्पष्ट कर दिया कि संयुक्त राष्ट्र का प्रस्ताव राजनीतिक सीमाओं पर फैसला नहीं करता। बहरहाल, पाकिस्तान चाहे कितना भी शोर मचाता रहे, सच्चाई नहीं बदल सकती। कश्मीर भारत का था, भारत का है और भारत का ही रहेगा। साथ ही पाकिस्तान जिस कश्मीर के नाम पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शोर मचाता फिरता है, उसी के अवैध कब्जे वाले पीओजेके से अब भारत के साथ जुड़ने की आवाजें उठ रही हैं। स्थानीय जनता के असंतोष, राजनीतिक दमन और पाकिस्तान की नीतियों के खिलाफ बढ़ते प्रतिरोध ने इस्लामाबाद के दावों की पोल पूरी दुनिया के सामने खोल दी है। पीओजेके की जनता को दुश्मन तक करार देने वाले पाकिस्तानी रक्षा मंत्री की टिप्पणी और स्थानीय लोगों पर हाल के जुल्मो-सितम के बाद 'कश्मीर' शब्द के उच्चारण का हक भी पाकिस्तान खो चुका है। सवाल उठता है कि जो देश अपने कब्जे वाले क्षेत्रों की जनता को अधिकार, सम्मान और आवाज तक नहीं दे सकता, वह कश्मीर के नाम पर दुनिया को उपदेश देने की नैतिक हैसियत कैसे रख सकता है? भारत का संदेश स्पष्ट है कि नक्शों पर भ्रम फैलाने या बयानबाजी से इतिहास और भूगोल नहीं बदलते। कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और पाकिस्तान की खोखली बयानबाजी इस सच्चाई को बदलने में कभी सफल नहीं होगी।
गैंगस्टर गुरप्रीत सेखों को लेकर पंजाब में आम आदमी पार्टी क्यों घिर गई है?
पंजाब के फिरोजपुर में चर्चित गैंगस्टर गुरप्रीत सेखों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया है. 2016 के नाभा जेलब्रेक कांड के मास्टरमाइंड रहे सेखों के आप में शामिल होने पर विपक्षी दलों ने निशाना साधते हुए राज्य में गैंगस्टर कल्चर को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है.
पत्नी के साथ जबरन संबंध भी कहलाएगा रेप? सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई; क्यों विरोध में सरकार
इससे पहले कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि पति को अपनी पत्नी से दुष्कर्म के आरोपों से छूट देना संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत समानता के अधिकार के खिलाफ है। क्या है मैरिटल रेप?
सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद कुएं का रहस्य, मलबे के नीचे मिला पुराना कुआं; ASI करेगी जांच
सहारनपुर — 8 सितंबर, 2026 — सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद मलबे के नीचे एक पुराना कुआं मिला है। कुआं करीब डेढ़ मीटर व्यास का और 20 से 22 फीट गहरा है, जिसमें पुरानी लखौरी ईंटों का इस्तेमाल दिखाई दे रहा है। प्रशासन ने कुएं की उम्र और इतिहास का पता लगाने के लिए ASI से संपर्क किया है। पुराने राजस्व रिकॉर्ड और खसरा-खतौनी दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी।
बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का कैसा हाल रहेगा, ये जानने के लिए अक्सर पहले दिन या पहले वीकेंड के आंकड़े देखे जाते हैं. लेकिन हर फिल्म की कहानी इतनी सीधी नहीं होती.
UN Correct Map resolution: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में दुनिया के पारंपरिक नक्शे को बदलने और उसमें सुधार करने से जुड़ा एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित हो गया है। इस मुहिम का नेतृत्व अफ्रीकी देश टोगो ने अफ्रीकन यूनियन (AU) के 54 सदस्य देशों के समर्थन ...
कौन है ढिल्ला पप्पू? 2008 जयपुर ब्लास्ट केस में SC से नहीं मिली राहत
2008 जयपुर ब्लास्ट में चांदपोल मार्केट के पास फटने से पहले बरामद हुए बम के मामले में दोषी ढिल्ला पप्पू को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली. कोर्ट ने उसकी उम्रकैद की सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया.
तेल लगाने की 1 गलती से बर्बाद हो रहे बाल! जावेद हबीब ने बताया तरीका
Jawed Habib Hair Oiling Tips: रातभर बालों में तेल लगाकर सोना सही है या इससे बालों को नुकसान भी हो सकता है? जावेद हबीब ने बालों में तेल लगाने की आम गलतियों के बारे में बताया है. जानिए तेल लगाने का सही समय, तरीका और किन बातों का ध्यान रखकर आप बालों को मजबूत, मुलायम और हेल्दी रख सकते हैं.
धीरेंद्र शास्त्री बंगाल में दुर्गा पंडालों के पीछे नॉन-वेज बनाने पर भड़के
बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने हावड़ा में हनुमान कथा के दौरान दुर्गा पूजा पंडालों के पीछे नॉन-वेज खाना बनाए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने नवरात्रि के दौरान ऐसे लोगों का बहिष्कार करने की अपील की। शास्त्री ने कहा कि धार्मिक होने का दावा करने वालों को पंडालों के पीछे ऐसा भोजन नहीं बनाना चाहिए और इसे पाखंड बताया।
मुंबई के हाईराइज टावरों का 30 साल बाद क्या होगा, सोशल मीडिया पर बहस
मुंबई में हाईराइज और लग्जरी टावरों की बढ़ती संख्या ने शहर की स्काईलाइन तो बदल दी है, लेकिन अब इन इमारतों के भविष्य को लेकर एक नया सवाल सामने आ रहा है.
कारगिल से OP सिंदूर तक कितना बदला युद्ध का तरीका? पूर्व एयर मार्शल ने बताया
आजतक के कार्यक्रम ‘सुरक्षा सभा’ के सेशन ‘वर्दी, वीरता, विजय’ में पूर्व वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ, एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी ने कारगिल युद्ध से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक युद्ध के बदलते तौर-तरीकों और तकनीक की भूमिका पर विस्तार से बात की. उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना के सामने किस तरह की चुनौतियां थीं और लेजर गाइडेड बम जैसी तकनीक ने किस तरह युद्ध का रुख बदलने ममें मदद की. उन्होंने यह भी बताया कि आज के युद्ध में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नेटवर्किंग और रियल-टाइम इन्फॉर्मेशन किस तरह निर्णायक भूमिका निभा रहे है.
आकाश आनंद का बसपा में प्रमोशन और डिमोशन कौन सी कहानी कह रहा है,मायावती को सता रहा है किस बात का डर
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी में बड़ी उथल-पुथल मची हुई है. पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक पद से हटा दिया है. उन्होंने अब आकाश के भाई ईशान को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है.
सुबह उठते ही सिर में दर्द, कहीं ये ब्रेन ट्यूमर तो नहीं?
सुबह उठते ही सिर में तेज दर्द होना कई कारणों से हो सकता है, जैसे नींद की कमी, मानसिक तनाव. लेकिन कुछ मामलों में सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर का लक्षण भी हो सकता है. इस बारे में डॉक्टर ने बताया है.
कल के दिन 5 राशियां पाएंगी बड़ी गुड न्यूज, पढ़ें पूरा राशिफल
Kal Ka Rashifal 8 September 2026: नए लोगों पर तुरंत भरोसा करने से बचें. प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और वित्तीय लेन-देन में आप पूरी तरह प्रभावी रहेंगे. पारिवारिक परिस्थितियां आपके अनुकूल रहेंगी. सबको साथ लेकर आगे बढ़ें और सहकारिता में वृद्धि करें.
'शौर्य चक्र वापस ले लो सरकार', शहीद की 80 साल की मां का छलका दर्द, 22 साल में नहीं मिली घोषित जमीन
शहीद के बड़े भाई रंजीत सक्सेना का आरोप है कि तहसीलदार ने फाइल देखते ही कहा, जमीन तो तुम्हें मिलेगी नहीं. जैसे सालों से भाग रहे हो, वैसे ही भागते रहो. अब ये फाइल नगर निगम जाएगी.
Psychology Facts: कुर्सी पर कपड़े रखने वाले लोग कैसे होते हैं?
Psychology Facts: क्या आपके कमरे की कुर्सी पर भी कपड़ों का ढेर लगा रहता है? अगर हां, तो इसे सिर्फ आलस या गंदगी की निशानी समझना सही नहीं है. साइकोलॉजी के मुताबिक, कुर्सी कई लोगों के लिए साफ और गंदे कपड़ों के बीच की एक अस्थायी जगह बन जाती है.
पुतला जलाकर किया था दाह-संस्कार, 10वें दिन अचानक ज़िंदा घर पहुंची महिला, नेपाल हादसे में 'चमत्कार'
Nepal Flood:
ईशान किशन ने उड़ाया गर्दा, फाइनल में जड़ा दोहरा शतक, बने कई रिकॉर्ड्स
ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन के लिए कप्तानी पारी खेली है. ईशान किशन और कुमार कुशाग्र के बीच पांचवें विकेट के लिए 230 रनों की साझेदारी हुई. कुमार कुशाग्र भी शतक जड़ने में सफल रहे.
राम मंदिर को लेकर आगे का प्लान क्या? नवनियुक्त CEO ने दिया ये जवाब
राम मंदिर के नवनियुक्त सीईओ जितेंद्र मिश्र ने राम मंदिर को लेकर अपनी आगे की राह से जुड़े सवाल पर कहा कि अभी आधिकारिक तौर पर पद नहीं संभाला है.
6 मैच, 2 शतक और 71 का एवरेज... फिर भी प्लेइंग-11 से बाहर!
भारतीय वनडे टीम में यशस्वी जायसवाल अपनी जगह बनाने में अब तक सफल नहीं हो सके हैं. ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि क्या वनडे वर्ल्ड कप 2027 में यशस्वी जायसवाल को खेलने का मौका मिलेगा?
मोदी पर डॉक्यूमेंट्री मामले में BBC को ‘फौरी राहत’; गुजरात के NGO ने मानहानि का केस वापस लिया
BBC द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी एक डॉक्यूमेंट्री दिखाने के मामले में गुजरात के एक एनजीओ ने 3 साल पहले BBC के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में दायर मानहानि का केस अब वापस ले लिया है।
रोजाना अपनाएं ये 10 जादुई आदतें, बीमारियों से रहेंगे कोसों दूर और चेहरे पर आएगा गजब का ग्लो
भागदौड़ भरी आधुनिक जिंदगी में खुद को सेहतमंद और ऊर्जावान बनाए रखना किसी चुनौती से कम नहीं है। हम अक्सर अपनी व्यस्त दिनचर्या में छोटी-छोटी मगर बेहद महत्वपूर्ण आदतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे धीरे-धीरे शरीर में थकान, मानसिक तनाव और बीमारियों का ...

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