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रेलवे में JE बनने का बड़ा मौका: जारी हुए RRB JE CBT 2 के एडमिट कार्ड, 2 जुलाई को 3 शिफ्टों में होगी परीक्षा; ऐसे करें तुरंत डाउनलोड

रेलवे में जूनियर इंजीनियर (JE) बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण खबर है. रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB) ने जूनियर इंजीनियर (सीबीटी-2) परीक्षा 2026 के लिए एडमिट कार्ड (Hall Ticket) आधिकारिक तौर पर जारी कर दिए हैं. इस मुख्य परीक्षा का आयोजन 2 जुलाई 2026 को देश भर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा. परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवार अपने संबंधित आरआरबी रीजन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर डायरेक्ट लिंक के जरिए तुरंत अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं. बोर्ड ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि आखिरी समय की तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए वे समय रहते अपना हॉल टिकट डाउनलोड कर लें और उसका प्रिंट आउट निकाल लें, क्योंकि बिना एडमिट कार्ड के परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी.2 जुलाई को तीन शिफ्टों में होगा एग्जाम: नोट कर लें अपनी टाइमिंगआरआरबी जेई सीबीटी-2 परीक्षा का आयोजन पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित (CBT) होगा और इसे 2 जुलाई को तीन अलग-अलग शिफ्टों में आयोजित किया जा रहा है. उम्मीदवार अपने एडमिट कार्ड पर रिपोर्टिंग टाइम को ध्यान से देख लें. परीक्षा का शेड्यूल इस प्रकार है:शिफ्टपरीक्षा का समयपहली शिफ्ट (First Shift)सुबह 09:00 बजे से 10:30 बजे तकदूसरी शिफ्ट (Second Shift)दोपहर 12:45 बजे से 02:15 बजे तकतीसरी शिफ्ट (Third Shift)शाम 04:30 बजे से 06:00 बजे तकइन महत्वपूर्ण पदों पर भर्ती के लिए हो रही है परीक्षायह मुख्य परीक्षा रेलवे के केंद्रीयकृत रोजगार अधिसूचना (विज्ञापन संख्या CEN 05/2025) के तहत आयोजित की जा रही है. इस भर्ती अभियान के जरिए भारतीय रेलवे में निम्नलिखित पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाना है:जूनियर इंजीनियर (JE)केमिकल सुपरवाइजर (Chemical Supervisor)डिपो मटीरियल सुपरिटेंडेंट (DMS)मेटालर्जिकल असिस्टेंट (Metallurgical Assistant)इस कंप्यूटर आधारित टेस्ट-2 (CBT 2) में क्वालीफाई करने वाले शॉर्टलिस्टेड उम्मीदवारों को ही चयन प्रक्रिया के अगले और अंतिम चरण (दस्तावेज सत्यापन और चिकित्सा परीक्षण) के लिए बुलाया जाएगा.इन 5 आसान स्टेप्स में डाउनलोड करें अपना RRB JE CBT 2 हॉल टिकटउम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस को फॉलो करके अपना एडमिट कार्ड आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं:स्टेप 1: सबसे पहले रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड की आधिकारिक रीजनल वेबसाइट (जैसे rrbkolkata.gov.in, rrbpatna.gov.in आदि) पर जाएं.स्टेप 2: वेबसाइट के होमपेज पर एक्टिव 'CEN 05/2025 Junior Engineer CBT 2 Admit Card' के लिंक पर क्लिक करें.स्टेप 3: अब आपके सामने एक नया लॉगिन पेज खुलेगा, जहां आपको अपना रजिस्ट्रेशन नंबर (Registration Number) और जन्मतिथि (Date of Birth) दर्ज करनी होगी.स्टेप 4: स्क्रीन पर दिख रहा सिक्योरिटी कैप्चा कोड डालें और 'Submit' बटन पर क्लिक करें.स्टेप 5: आपका एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा. इसमें दिए गए सभी विवरण (नाम, फोटो, एग्जाम सेंटर) को अच्छे से चेक करें और भविष्य के लिए इसका एक प्रिंट आउट जरूर निकाल लें.

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 4:35 pm

प्रेगनेंसी की खबर सुनते ही मकान मालिक ने बढ़ाया $10,000 किराया! बेघर हुए कपल ने खटखटाया अदालत का दरवाजा, जानें क्या है पूरा मामला

रोजगार और बेहतर जिंदगी की तलाश में अपना शहर छोड़कर दूसरे शहरों या देशों में बसने वाले लोगों के लिए किराए का मकान ढूंढना और वहां शांति से रहना किसी चुनौती से कम नहीं है. देश-दुनिया में लगातार बढ़ती महंगाई और आसमान छूते किराए ने आम लोगों की कमर तोड़ रखी है. इस बीच, अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को (San Francisco) से एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने किराएदारों के अधिकारों और मकान मालिकों की संवेदनशीलता पर एक नई बहस छेड़ दी है. यहां एक कपल को अपने मकान मालिक को प्रेगनेंसी (गर्भावस्था) की खुशखबरी देना बेहद भारी पड़ गया. आरोप है कि जैसे ही मकान मालिक को पता चला कि उनके घर में एक नया मेहमान आने वाला है, उसने सीधे किराए में $10,000 (करीब 8.3 लाख रुपये) की भारी-भरकम बढ़ोतरी कर दी, ताकि कपल खुद-ब-खुद घर खाली करने पर मजबूर हो जाए. परेशान होकर अब इस पीड़ित कपल ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.खुशखबरी मिलते ही बदल गए मकान मालिक के सुर: $14,000 से सीधे $24,000 हुआ किरायास्थानीय मीडिया आउटलेट 'सैन फ्रांसिस्को स्टैंडर्ड' की रिपोर्ट के अनुसार, ओनी परिवार (Oni Family) सैन फ्रांसिस्को के एविला स्ट्रीट पर स्थित एक शानदार तीन-बेडरूम और तीन-बाथरूम वाले घर में पिछले 10 महीनों से किराए पर रह रहा था. परिवार में 42 वर्षीय सबाह (Sabah), जो एक बायोटेक स्टार्टअप की सीईओ (CEO) हैं, और उनके 36 वर्षीय पति गोक्सल (Goksal) शामिल हैं, जो नौकरी के साथ-साथ फैमिली और मैरिज थेरेपी में मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रहे हैं.सबाह जब दूसरी बार प्रेग्नेंट हुईं, तो उन्होंने अपनी लीज रिन्यू कराने से पहले मकान मालिक जेमी पैटन को मैसेज कर यह खुशखबरी साझा की कि वे अपने दूसरे बच्चे का स्वागत करने की तैयारी कर रहे हैं. शुरुआत में मकान मालिक ने उन्हें बधाई दी और कहा कि उनका फिलहाल सैन फ्रांसिस्को लौटने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन वे इस प्रॉपर्टी को बेचने का मन बना रहे हैं. इसके कुछ ही हफ्तों बाद जब नया रेंट प्रपोजल आया, तो कपल के होश उड़ गए. मकान मालिक ने अगले एक साल के लिए मासिक किराया $14,000 (लगभग 11.6 लाख रुपये) से बढ़ाकर सीधे $24,000 (लगभग 20 लाख रुपये) प्रति महीना कर दिया. बीच का रास्ता निकालते हुए जनवरी तक के लिए $18,000 का अस्थाई विकल्प भी दिया गया, लेकिन इतनी बड़ी रकम अचानक चुकाना कपल के लिए असंभव था.घर खाली कराने की सोची-समझी साजिश: पीड़ित कपल ने कोर्ट में दर्ज कराया केसइस अप्रत्याशित और बेतहाशा रेंट हाइक (Rent Hike) से हैरान-परेशान ओनी परिवार को आखिरकार भारी मानसिक तनाव के बीच वह घर छोड़ना पड़ा. हालांकि, उन्होंने मकान मालिक की इस मनमानी के आगे घुटने टेकने के बजाय कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला किया. ओनी परिवार ने अपने मकान मालिक पैटन परिवार के खिलाफ अदालत में मुकदमा दर्ज कराया है.कपल ने कोर्ट में आरोप लगाया है कि मकान मालिक का असली मकसद सिर्फ किराया बढ़ाना नहीं था, बल्कि वे जानबूझकर इतना ज्यादा किराया मांग रहे थे जिससे थक-हारकर परिवार घर खाली कर दे. ऐसा करने के पीछे मकान मालिक की मंशा यह थी कि घर बिना किसी किराएदार के (Vacant Property) खाली हो जाए, ताकि वे उसे रियल एस्टेट मार्केट में बेहद आसानी से और ऊंची कीमत पर बेच सकें.'रेंट हाइक' बना किराएदारों को निकालने का नया हथियार: वकीलों का बड़ा दावाइस पूरे मामले पर पीड़ित कपल के वकील ने कोर्ट के बाहर मीडिया से बात करते हुए एक चौंकाने वाला ट्रेंड उजागर किया है. उनके वकील के मुताबिक, कानूनी फर्मों के पास अब ऐसे मामलों की बाढ़ आ गई है, जहां मकान मालिक किराएदारों को सीधे निकालने के कानूनी झंझटों और कड़े नियमों से बचने के लिए 'रेंट हाइक' को एक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं.वे किराया इतना ज्यादा बढ़ा देते हैं कि किराएदार के पास घर छोड़ने के अलावा कोई दूसरा रास्ता ही नहीं बचता. सैन फ्रांसिस्को के इस अनोखे और हैरान करने वाले मामले ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी हैं और लोग किराएदारों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों को और सख्त बनाने की मांग कर रहे हैं.

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 4:33 pm

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में शर्मनाक हार: साउथ कोरियाई कोच का इस्तीफा, राष्ट्रपति ने 'भाई-भतीजावाद' पर लगाई कड़ी फटकार!

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज से ही साउथ कोरियाई फुटबॉल टीम के अचानक बाहर होने के बाद देश के खेल जगत में जबरदस्त भूचाल आ गया है. टूर्नामेंट में टीम की इस नाकामी के बाद हेड कोच होंग म्युंगबो पर गाज गिरी है और उन्होंने अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है. दिलचस्प बात यह है कि साउथ कोरिया ने अपने अभियान की शुरुआत शानदार अंदाज में की थी और पहले मैच में चेकिया को 2-1 से पटखनी दी थी. लेकिन इसके बाद टीम की किस्मत ने ऐसी करवट बदली कि उसे मेक्सिको और साउथ अफ्रीका के खिलाफ लगातार 1-0 के अंतर से दो दर्दनाक हार का सामना करना पड़ा. इन हार के चलते टीम ग्रुप में तीसरे स्थान पर खिसक गई और सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली 8 टीमों में भी जगह बनाने में नाकाम रहकर वर्ल्ड कप की रेस से पूरी तरह बाहर हो गई.कोच होंग म्युंगबो ने ली नाकामी की पूरी जिम्मेदारी, फैंस से मांगी दिल से माफीइस करारी हार और टूर्नामेंट से जल्दी बाहर होने के बाद 57 वर्षीय हेड कोच होंग म्युंगबो ने एक भावुक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में साउथ कोरिया टीम की असफलता की पूरी जिम्मेदारी अपने सिर ली. देश के करोड़ों फुटबॉल फैंस से माफी मांगते हुए होंग ने कहा, 'मैं उन सभी कोरियाई लोगों से दिल से माफी मांगता हूं, जिन्होंने हमारी नेशनल टीम का हमेशा बिना शर्त समर्थन किया. मैंने इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाने की कोशिश की, लेकिन मैं वो नतीजा नहीं दे सका जिसकी देश को उम्मीद थी. एक हेड कोच के रूप में अंतिम नतीजा ही सबसे मायने रखता है और मैं इसमें असफल रहा, इसी वजह से मैं अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं.'दिग्गज खिलाड़ी से कोच बनने तक का सफर: कैसा रहा होंग का पूरा कार्यकाल?होंग म्युंगबो कोच बनने से पहले साउथ कोरिया के फुटबॉल इतिहास के सबसे दिग्गज और सम्मानित खिलाड़ियों में शुमार रहे हैं. उन्होंने अपने इंटरनेशनल करियर में देश के लिए रिकॉर्ड 136 मैच खेले थे. साल 2009 में उन्होंने अपने कोचिंग करियर की शुरुआत की थी. इससे पहले वह 2013 और 2014 में भी नेशनल टीम के हेड कोच रह चुके हैं. साल 2024 में उन्होंने दूसरी बार साउथ कोरिया की नेशनल टीम की कमान संभाली थी. उनके इस दूसरे कार्यकाल में टीम ने कुल 26 मैच खेले, जिनमें से 15 में टीम को जीत मिली, 6 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा और 5 मैच ड्रॉ रहे. अपने विदाई संदेश में होंग ने कहा कि भले ही वह कोच का पद छोड़ रहे हैं, लेकिन कोरियाई फुटबॉल के प्रति उनका प्यार कभी कम नहीं होगा और वह एक सच्चे समर्थक के रूप में हमेशा टीम के साथ खड़े रहेंगे.राष्ट्रपति ली जे-म्युंग का फूटा गुस्सा: 'काबिलियत की जगह भाई-भतीजावाद से चुनी गई टीम'साउथ कोरिया के वर्ल्ड कप से इतनी जल्दी बाहर होने पर देश के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है. उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर एक बेहद तीखा पोस्ट साझा करते हुए कोच होंग म्युंगबो और टीम मैनेजमेंट को बुरी तरह लताड़ा है. राष्ट्रपति ने टीम सेलेक्शन में पक्षपात और 'भाई-भतीजावाद' को इस शर्मनाक हार की मुख्य वजह बताया है. उन्होंने खेल मंत्रालय की देखरेख में नेशनल टीम के खराब प्रदर्शन और टीम चयन प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है.राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने कड़े शब्दों में कहा, 'मैं इस अप्रत्याशित नतीजे से न सिर्फ हैरान हूं, बल्कि पूरी तरह से चकरा गया हूं. उम्मीद थी कि हमारी टीम इस अपेक्षाकृत आसान ग्रुप से आसानी से आगे बढ़ जाएगी. लेकिन एक बार फिर यह साबित हो गया है कि टीम सेलेक्शन से जुड़े फैसले ही सबसे अहम होते हैं. जब काबिलियत के बजाय 'हम बनाम वे' (पक्षपात) को प्राथमिकता दी जाती है और किसी अयोग्य व्यक्ति को लीडर चुन लिया जाता है, तो नतीजा बिल्कुल ऐसा ही साफ और विनाशकारी होता है.' उन्होंने आगे कहा कि ऐसी गलत नियुक्तियों में सार्वजनिक भलाई के बजाय निजी फायदे को प्राथमिकता दी जाती है, इसलिए ऐसे अधिकारियों की जांच करना और उन्हें जवाबदेह ठहराना बेहद जरूरी है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 4:30 pm

धन की तिजोरी पर कंगाली का साया! अलमारी के अंदर भूलकर भी न रखें ये 4 चीजें, रूठ जाएंगी लक्ष्मी

घर की सुख-समृद्धि, खुशहाली और आर्थिक उन्नति का सीधा संबंध वास्तु शास्त्र से होता है. वास्तु विज्ञान के सबसे प्रामाणिक ग्रंथ 'विश्वकर्मा प्रकाश' के अनुसार, हमारे घर में पैसा टिकेगा या पानी की तरह बहेगा, यह काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि हमारी अलमारी और तिजोरी की स्थिति कैसी है. अक्सर लोग इंटरनेट पर यह तो खोज लेते हैं कि अलमारी को किस दिशा में रखना शुभ होता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि अलमारी के अंदर रखा सामान भी हमारी किस्मत बदल या बिगाड़ सकता है.वास्तु शास्त्र के मुताबिक, अलमारी की सही दिशा जितनी महत्वपूर्ण है, उतना ही जरूरी उसके अंदर रखी चीजों का सही होना भी है. अगर आपकी धन रखने वाली अलमारी या लॉकर के भीतर कुछ ऐसी चीजें जमा हैं जो वास्तु के लिहाज से वर्जित हैं, तो यह आपके घर की बरकत को पूरी तरह ब्लॉक कर सकती हैं. आइए जानते हैं कि विश्वकर्मा प्रकाश के नियमों के अनुसार अलमारी से तुरंत किन चीजों को बाहर निकाल देना चाहिए.1. फटे-पुराने या बदबूदार कपड़े: धन के देवता कुबेर हो जाते हैं नाराजहममें से कई लोग अनजाने में अलमारी के निचले खानों या तिजोरी के ठीक पास वाले हिस्से में उन कपड़ों को ठूंस देते हैं जो फटे-पुराने हो चुके हैं या जिनसे सीलन की बदबू आती है. 'विश्वकर्मा प्रकाश' ग्रंथ में इस आदत को सबसे बड़ा वास्तु दोष माना गया है. अलमारी या लॉकर के पास फटे-पुराने और गंदे कपड़े रखने से धन के देवता कुबेर और माता लक्ष्मी अत्यंत क्रोधित हो जाती हैं. इसके अलावा, कुछ लोग पहने हुए या बिना धुले कपड़े भी अलमारी में वापस रख देते हैं, जिससे वहां नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) का वास होने लगता है. यह छोटी सी लापरवाही हंसते-खेलते परिवार को भारी कंगाली और पैसों की तंगी की तरफ धकेल सकती है.2. कोर्ट-कचहरी के कागज और पुरानी रद्दी: बढ़ता है कर्ज का बोझजिस स्थान पर आप अपनी गाढ़ी कमाई के नोट और सोने-चांदी के जेवर रखते हैं, वहां कभी भी फालतू की रद्दी या रसीदें जमा न होने दें. आमतौर पर लोग पुराने मेडिकल बिल, बिजली के बिल, कोर्ट-कचहरी के मुकदमों के दस्तावेज या बंद हो चुके बैंक खातों की पासबुक भी तिजोरी वाले लॉकर में ही भरकर रख देते हैं.वास्तु नियमों के अनुसार, तिजोरी के अंदर केवल साफ-सुथरे, पवित्र और अत्यंत आवश्यक कीमती दस्तावेज (जैसे रजिस्ट्री या सोने के बिल) ही रखने चाहिए. बेकार और विवादित कागजातों को धन के स्थान पर रखने से घर में कर्ज की स्थिति पैदा होने लगती है और आपके बनते हुए काम भी ऐन वक्त पर बिगड़ने लगते हैं.3. टूटा हुआ शीशा या प्लास्टिक के डिब्बे: दरिद्रता को सीधा न्यौतावास्तु शास्त्र के मूलभूत सिद्धांतों के अनुसार, अलमारी के अंदर का वातावरण हमेशा स्वच्छ और सकारात्मक होना चाहिए. यदि आपकी अलमारी के अंदर कोई टूटा हुआ छोटा आईना, प्लास्टिक का चटका हुआ डिब्बा या बंद पड़ी घड़ियां रखी हैं, तो इन्हें आज ही बाहर का रास्ता दिखाएं. कई लोग तिजोरी के कोने में पुरानी टूटी-फूटी चाबियां या चलन से बाहर हो चुके खोटे सिक्के भी संभालकर रख देते हैं. ये तमाम चीजें सीधे तौर पर दरिद्रता और दुर्भाग्य को आमंत्रित करती हैं.4. नुकीली चीजें: रुक जाता है धन का प्रवाह और बढ़ती है कलहअलमारी के उस खास लॉकर या दराज में, जहां नगदी और गहने रखे जाते हैं, वहां भूलकर भी कोई नुकीली या धारदार चीज जैसे कैंची, नेल कटर, सुरक्षा पिन (सेफ्टी पिन) या छोटा चाकू न रखें. वास्तु के अनुसार, नुकीली वस्तुएं धन के प्रवाह (Cash Flow) को काट देती हैं. इसके प्रभाव से परिवार के सदस्यों के बीच हर समय फिजूलखर्ची और पैसों के नुकसान को लेकर बहस और गृह क्लेश होने लगता है.तिजोरी को हमेशा पैसों से भरा रखने के लिए अपनाएं ये आसान उपायअगर आप चाहते हैं कि आपके घर में हमेशा बरकत बनी रहे, तो अलमारी के अंदर कपड़ों की ढेरी को हमेशा सलीके से तह करके व्यवस्थित रखें. वहां कभी भी कबाड़ जैसा माहौल न बनने दें. विश्वकर्मा प्रकाश में सलाह दी गई है कि धन रखने वाले स्थान पर कपूर की गोलियां, लौंग या हल्की खुशबू वाली चीजें अवश्य रखनी चाहिए. इससे वहां हमेशा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता रहता है और धन का आगमन बढ़ता है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 4:29 pm

वामांगी या दायां हिस्सा? पूजा और हवन में पति के किस तरफ बैठना चाहिए पत्नी को, जानें शास्त्रों के नियम!

सनातन धर्म में किसी भी पूजा-पाठ, यज्ञ या मांगलिक कार्य का पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है, जब उसे पूरी विधि-विधान और सही नियमों के साथ संपन्न किया जाए. हिंदू संस्कृति में वैवाहिक जीवन को आध्यात्मिक यात्रा माना गया है, यही वजह है कि गृहस्थ जीवन में पति-पत्नी को एक-दूसरे का पूरक माना जाता है. अक्सर लोग इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान पत्नी को पति के दाईं (Right) तरफ बैठना चाहिए या बाईं (Left) तरफ. शास्त्रों में इस विषय पर बहुत ही स्पष्ट और विस्तार से नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करने से ही पूजा सफल मानी जाती है. आइए जानते हैं कि किस कार्य में पत्नी का स्थान कहां होना चाहिए.कब दाईं ओर बैठना है जरूरी? यज्ञ, हवन और संकल्प के नियमवैसे तो शास्त्रों में पत्नी को 'वामांगी' कहा गया है, जिसका अर्थ होता है बाईं ओर रहने वाली. लेकिन जब बात शुभ कार्यों, यज्ञ और अनुष्ठानों की आती है, तो नियम बदल जाते हैं. शास्त्रों के अनुसार, जब भी कोई विवाहित पुरुष कोई धार्मिक अनुष्ठान या देव-कार्य करता है, तो उसकी पत्नी को उसके दाईं ओर बैठना अनिवार्य और शुभ माना गया है.यदि घर में सत्यनारायण भगवान की कथा हो रही हो, कोई यज्ञ, हवन या विशेष पूजन चल रहा हो, तो पत्नी हमेशा पति के दाहिने हिस्से में ही बैठेगी. इसके अलावा निम्नलिखित परिस्थितियों में भी पत्नी का दाईं ओर बैठना शास्त्रों सम्मत है:कन्यादान: विवाह के समय बेटी का कन्यादान करते हुए और पवित्र संकल्प लेते समय.संस्कार और व्रत: संतान के नामकरण संस्कार के दौरान या किसी भी धार्मिक व्रत का उद्यापन करते समय.पितृ कार्य: श्राद्ध, तर्पण और पितरों से जुड़े अनुष्ठानों में.दान और तीर्थ: किसी को दान देते समय, तीर्थ स्नान करते हुए या किसी विशेष पर्व-त्योहार पर पूजा करते समय.कब बाईं ओर होना चाहिए पत्नी का स्थान?शास्त्रों के नियमों के मुताबिक, कुछ विशेष और सांसारिक परिस्थितियों में पत्नी को पति के बाईं (Left) ओर रहने का विधान है. प्रेम, भौतिक सुख और पारिवारिक दायित्वों से जुड़े मामलों में पत्नी का स्थान बाईं तरफ होता है. इन प्रमुख अवसरों पर पत्नी को बाईं ओर होना चाहिए:सिंदूरदान: विवाह के समय सिंदूरदान की रस्म के दौरान.आशीर्वाद लेते समय: पूजा के बाद जब ब्राह्मणों या घर के बड़े-बुजुर्गों से आशीर्वाद लिया जा रहा हो.चरण वंदन: बड़ों के पैर धोते समय या उनका सम्मान करते समय.शयन काल: सोते समय पत्नी को हमेशा पति के बाईं ओर ही लेटना चाहिए.इन प्राचीन और सांस्कृतिक नियमों का पालन करने से न केवल पूजा-पाठ का पूरा पुण्य मिलता है, बल्कि वैवाहिक जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी सामंजस्य भी बढ़ता है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 4:27 pm

अनिरुद्ध संग बजने वाली है शहनाई? SRH की मिस्ट्री गर्ल काव्या मारन की शादी पर अंकल ने खोल दिया बड़ा राज, जानें करोड़ों की मालकिन की नेटवर्थ!

Kavya Maran and Anirudh Ravichander Wedding Rumors : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मैचों के दौरान सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) को स्टैंड्स से अपनी दिलकश मुस्कान और अनोखे रिएक्शन्स से चीयर करने वाली 'नेशनल क्रश' काव्या मारन एक बार फिर देश भर में जबरदस्त चर्चा का विषय बन गई हैं. इस बार सोशल मीडिया पर उनके किसी रिएक्शन या क्रिकेट स्ट्रैटेजी की नहीं, बल्कि उनकी पर्सनल लाइफ और शादी को लेकर बड़ी खबर वायरल हो रही है. मीडिया गलियारों में दावा किया जा रहा है कि देश के सबसे पॉपुलर और हिट म्यूजिक कंपोजर अनिरुद्ध रविचंदर के साथ काव्या मारन की शादी की बात काफी आगे बढ़ चुकी है. इस चर्चा को तब और ज्यादा हवा मिल गई, जब अनिरुद्ध के अंकल और साउथ सिनेमा के दिग्गज अभिनेता वाई. जी. महेंद्र ने एक इंटरव्यू में इस हाई-प्रोफाइल शादी की बात पर अपनी मुहर लगा दी. हालांकि, इस पूरे मामले पर काव्या मारन की टीम ने इन खबरों को सिर्फ एक अफवाह बताते हुए इसे खारिज किया है.अनिरुद्ध के अंकल ने इंटरव्यू में क्या कहा? जानिए शादी की इनसाइड स्टोरीम्यूजिक डायरेक्टर अनिरुद्ध रविचंदर और काव्या मारन के अफेयर और शादी की अफवाहें सोशल मीडिया पर काफी समय से तैर रही थीं, लेकिन हाल ही में अनिरुद्ध के करीबी रिश्तेदार और अभिनेता वाई. जी. महेंद्र के एक बयान ने इसे पूरी तरह से लाइमलाइट में ला दिया. उन्होंने अपने इंटरव्यू में अनिरुद्ध की तारीफ करते हुए कहा कि वह बेहद शांत और सुलझे हुए लड़के हैं. शादी की खबरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि जहां तक उन्हें जानकारी मिली है, यह शादी बिल्कुल पक्की बात है. उन्होंने काव्या मारन की तारीफ में कहा कि वह कोई साधारण लड़की नहीं हैं, बल्कि उनके भीतर अपने पिता के बिजनेस जींस हैं और वह इतनी बड़ी क्रिकेट टीम (SRH) को बखूबी संभाल रही हैं. दोनों की जोड़ी बेहद शानदार है और उन्हें साथ में मिलकर म्यूजिक बिजनेस में आगे बढ़ना चाहिए. हालांकि, काव्या मारन की टीम और खुद अनिरुद्ध ने पहले भी इन चर्चाओं को केवल अफवाह करार दिया है.500 करोड़ की पर्सनल नेटवर्थ: बिजनेस की दुनिया का एक बड़ा और सफल चेहराअगर बात देश की सबसे अमीर बिजनेस विमेन में शुमार काव्या मारन की करें, तो वह महज एक क्रिकेट टीम की ओनर नहीं हैं, बल्कि खुद सैकड़ों करोड़ की मालकिन हैं. कॉर्पोरेट जगत और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, काव्या मारन की व्यक्तिगत कुल संपत्ति (Personal Net Worth) लगभग 400 से 500 करोड़ रुपये के बीच आंकी गई है. उनकी इस बंपर कमाई का जरिया सिर्फ पारिवारिक बिजनेस नहीं है, बल्कि सन टीवी नेटवर्क लिमिटेड में बतौर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मिलने वाली भारी-भरकम सैलरी, अलग-अलग कॉर्पोरेट कंपनियों से मिलने वाला डिविडेंड और लग्जरी रियल एस्टेट प्रॉपर्टी होल्डिंग्स हैं. इसके साथ ही काव्या मारन की अपने फैमिली ट्रस्ट के जरिए सनराइजर्स हैदराबाद की फ्रेंचाइजी में एक मजबूत पर्सनल हिस्सेदारी भी है.खूबसूरती में बॉलीवुड हसीनाओं को मात: सोशल मीडिया पर है गजब की फैन फॉलोइंगकाव्या मारन की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आईपीएल मैच के दौरान जैसे ही कैमरा उनकी तरफ मुड़ता है, सोशल मीडिया पर उनका नाम ट्रेंड करने लगता है. बेहद खूबसूरत और सादगी पसंद काव्या की फैन फॉलोइंग किसी बड़े फिल्म स्टार से कम नहीं है. पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो काव्या मारन देश के दिग्गज बिजनेसमैन और सन ग्रुप के मालिक कलानिधि मारन की इकलौती बेटी हैं. इसके अलावा, वह देश के पूर्व केंद्रीय मंत्री दयानिधि मारन की भतीजी भी हैं. राजनीति और बड़े कॉर्पोरेट घराने से ताल्लुक रखने के बावजूद काव्या हमेशा जमीन से जुड़ी रहती हैं, जो उनके फैंस को सबसे ज्यादा पसंद आता है.एमबीए की पढ़ाई और सन टीवी में इंटर्नशिप: कैसे बनीं SRH की पावरफुल CEO?काव्या मारन को बिजनेस भले ही विरासत में मिला हो, लेकिन सनराइजर्स हैदराबाद की कमान संभालने के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और बेहतरीन एजुकेशन है. 33 साल की काव्या ने अपनी एमबीए (MBA) की पढ़ाई पूरी करने के बाद सीधे पिता के साम्राज्य में कोई बड़ा पद नहीं लिया. उन्होंने बिजनेस की बारीकियों और ग्राउंड रियलिटी को समझने के लिए सन टीवी नेटवर्क में बाकायदा एक इंटर्न की तरह काम किया और काफी अनुभव हासिल किया. मौजूदा समय में वह सन ग्रुप के मशहूर ओटीटी प्लेटफॉर्म 'सन नेक्स्ट' (Sun NXT) और सन म्यूजिक के ऑपरेशन्स को पूरी तरह संभाल रही हैं.ग्लोबल लेवल पर चमकाया सनराइजर्स का नाम: 1,300 करोड़ से ज्यादा है टीम की वैल्यूकाव्या मारन की लीडरशिप में सनराइजर्स हैदराबाद ने सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि ग्लोबल स्तर पर क्रिकेट जगत में अपनी मजबूत धाक जमाई है. उनके सीईओ बनने के बाद से फ्रेंचाइजी की ब्रांड वैल्यू में जबरदस्त उछाल आया है, जो अब बढ़कर लगभग 1,290 से 1,330 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है. काव्या की दूरदर्शी सोच का ही नतीजा है कि उन्होंने 'सनराइजर्स' ब्रैंड का विस्तार विदेशों में भी किया, जिसके तहत साउथ अफ्रीका की टी20 लीग (SA20) में 'सनराइजर्स ईस्टर्न केप' और इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख टूर्नामेंट 'द हंड्रेड' में 'नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स' टीम को खरीदकर इंटरनेशनल स्पोर्ट्स मार्केट में अपना परचम लहराया है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 4:23 pm

जयपुर के अरावली पैलेस में दीवार गिरी, 3 की मौत, ठेकेदार पर FIR दर्ज

Jaipur Aravali Palace Wall Collapse: जयपुर ग्रामीण के आमेर थाना क्षेत्र स्थित 'अरावली पैलेस' (तालामोड़) रिसॉर्ट में हुए दर्दनाक हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ गई है। मलबे को हटाने के लिए रात-दिन जारी युद्धस्तर के रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बचाव दल ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 4:20 pm

उत्तर भारत का अनोखा अजूबा: क्या सच में पांडवों ने रातों-रात पहाड़ों को काटकर बनाया था यह रहस्यमयी मंदिर?

हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत और वादियों से घिरी कांगड़ा घाटी में एक ऐसा ऐतिहासिक चमत्कार छिपा है, जिसे देखकर आधुनिक इंजीनियर भी दांतों तले उंगलियां दबा लेते हैं. हम बात कर रहे हैं 'मसरूर रॉक कट मंदिर' की, जिसे उत्तर भारत का 'एलोरा' भी कहा जाता है. आम तौर पर दुनिया भर के मंदिर ईंट, सीमेंट और पत्थरों को आपस में जोड़कर ऊंचे खड़े किए जाते हैं, लेकिन मसरूर मंदिर के निर्माण की कहानी बिल्कुल जुदा और हैरान करने वाली है.यह उत्तर भारत का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जिसमें कहीं भी कोई जोड़ नहीं है. एक बहुत विशाल बलुआ पत्थर (सैंडस्टोन) की पूरी पहाड़ी को ऊपर से नीचे की तरफ तराशते हुए इस भव्य मंदिर का आकार दिया गया है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के दस्तावेजों और मशहूर इतिहासकार एच. शटलवर्थ के शोध में भी इस प्राचीन कलाकृति को भारतीय वास्तुकला का सबसे बेजोड़ और दुर्लभ नमूना माना गया है.इतिहास और लोककथाओं का अनोखा संगम: राजा जशपाल या पांडवों का अज्ञातवास?इस मंदिर के इतिहास को लेकर दो बेहद दिलचस्प कहानियां प्रचलित हैं. जहां एक तरफ इतिहासकारों का एक बड़ा वर्ग यह मानता है कि इस अद्भुत परिसर का निर्माण 8वीं शताब्दी में राजा जशपाल के शासनकाल के दौरान हुआ था, वहीं दूसरी तरफ कांगड़ा के स्थानीय समाज में सदियों से एक अलग ही मान्यता चली आ रही है. स्थानीय लोककथाओं के अनुसार, द्वापर युग में जब पांडव अपना अज्ञातवास काट रहे थे, तब उन्होंने इस बेहद दुर्गम और शांत जगह पर इस मंदिर का निर्माण शुरू किया था.कहा जाता है कि समय की कमी के कारण पांडव इस पूरे मंदिर परिसर का निर्माण कार्य पूरा नहीं कर सके. आज भी यदि आप मसरूर मंदिर के दर्शन करने जाएंगे, तो आपको कई हिस्सों में अधूरी नक्काशी और अधूरा काम साफ तौर पर देखने को मिल जाएगा, जो इस ऐतिहासिक स्थल के रहस्य को और ज्यादा गहरा कर देता है.15 मंदिरों का जादुई समूह और अजंता-एलोरा जैसी बेजोड़ नक्काशीअगर बात इस मंदिर की बनावट और वास्तुकला की करें, तो पूरा परिसर किसी प्राचीन नगरी जैसा प्रतीत होता है. इस रॉक-कट परिसर में छोटे-बड़े कुल 15 मंदिरों का एक समूह है, जिसके केंद्र में मुख्य और सबसे बड़ा मंदिर स्थित है. इस मुख्य गर्भगृह के भीतर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम, लक्ष्मण और माता सीता की अत्यंत सुंदर और प्राचीन मूर्तियां विराजमान हैं.इतिहास के पन्नों को खंगालने पर पता चलता है कि मसरूर मंदिर के खंभों और दीवारों पर की गई महीन नक्काशी काफी हद तक महाराष्ट्र की विश्वप्रसिद्ध अजंता और एलोरा की गुफाओं से मेल खाती है. पहाड़ों और जंगलों के बीच सदियों तक छिपे रहने के बावजूद, देश-विदेश से आने वाले इतिहासकार और कला प्रेमी इसे भारत की सबसे अनमोल सांस्कृतिक धरोहरों में से एक मानते हैं.मसरूर झील का जादू: पानी में तैरता पत्थरों का इतिहासमसरूर रॉक कट मंदिर की खूबसूरती को जो चीज सबसे ज्यादा जादुई और जीवंत बनाती है, वह है इसके ठीक सामने स्थित एक विशाल और ऐतिहासिक तालाब, जिसे स्थानीय लोग मसरूर झील के नाम से पुकारते हैं. दिन के समय जब आसमान साफ होता है और सूरज की तेज किरणें इन प्राचीन नक्काशीदार पत्थरों पर पड़ती हैं, तो इस पूरे विशालकाय मंदिर की एक अद्भुत परछाई सामने वाले शांत पानी में तैरती हुई दिखाई देती है.झील के पवित्र और निश्चल पानी के भीतर मंदिर के ऊंचे शिखरों के इस उल्टे प्रतिबिंब को देखना सैलानियों के लिए किसी दैवीय और जादुई अहसास से कम नहीं होता. देश-दुनिया से आने वाले पर्यटक यहां घंटों बैठकर इस अलौकिक और सुकून देने वाले नजारे को अपनी यादों में समेटते हैं.1905 का भयंकर कांगड़ा भूकंप भी नहीं हिला पाया जिसकी नींवसाल 1905 में हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा क्षेत्र में एक विनाशकारी और भीषण भूकंप आया था, जिसने पूरे इलाके में भारी तबाही मचाई थी. इस प्राकृतिक आपदा ने मसरूर की इस ऐतिहासिक धरोहर को भी थोड़ा-बहुत नुकसान पहुंचाया था, जिसके निशान आज भी देखे जा सकते हैं. लेकिन चमत्कार की बात यह रही कि मंदिर का मुख्य गर्भगृह और इसका केंद्रीय हिस्सा इस भीषण झटके के बाद भी पूरी तरह सुरक्षित बच गया.आज सदियों बाद भी यह जादुई रॉक-कट मंदिर अपनी पूरी मजबूती और भव्यता के साथ सीना ताने शान से खड़ा है. यदि आप भी देवभूमि हिमाचल प्रदेश की यात्रा का मन बना रहे हैं, तो कांगड़ा के इस प्राचीन और रहस्यमयी अजूबे को अपनी लिस्ट में शामिल करना बिल्कुल न भूलें. पत्थरों को काटकर लिखा गया यह इतिहास हमें याद दिलाता है कि हमारे पूर्वजों के पास विज्ञान, सोच और कला का कितना अद्भुत भंडार था.

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 4:19 pm

अमरनाथ यात्रा 2026: ज्येष्ठ पूर्णिमा पर पवित्र गुफा में हुई प्रथम पूजा, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सबसे पहले किए दर्शन

जयेष्ठ पूर्णिमा पर होने वाली अमरनाथ यात्रा की प्रथम पूजा को इस बार भी पवित्र गुफा में आयोजित किया गया। 3 जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा से पहले सोमवार को पवित्र में प्रथम पूजा की गई। जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल (एलजी) मनोज सिन्हा ने सबसे पहले ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 4:00 pm

पश्चिम बंगाल विधानसभा में दो महत्वपूर्ण ओबीसी आरक्षण विधेयक पारित, टीएमसी काल की ओबीसी सूची रद्द

पश्चिम बंगाल में सरकारी नौकरियों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण से संबंधित दो महत्वपूर्ण विधेयक सोमवार को विधानसभा में ध्वनि मत से पारित हो गए। इसके साथ ही, राज्य सरकार के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की पिछली सरकार के दौरान तैयार की गई ओबीसी सूची को रद्द करने का रास्ता साफ हो गया है।

देशबन्धु 29 Jun 2026 3:56 pm

सिया ने मंगेतर केतन से शॉपिंग के नाम पर 1 करोड़ रुपये लेकर प्रेमी चेतन को दिए थे, जांच में चौंकाने वाले खुलासे

पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में बड़ा खुलासा। पुलिस के अनुसार सिया गोयल ने शादी की शॉपिंग के नाम पर लिए 1 करोड़ रुपये प्रेमी चेतन चौधरी को दे दिए। हत्या की साजिश और भविष्य की योजना का भी खुलासा।

देशबन्धु 29 Jun 2026 3:45 pm

अकाल तख्त का भगवंत मान सरकार को बड़ा अल्टीमेटम, 1 महीने में बेअदबी कानून बदलने का दिया आदेश

पंजाब की भगवंत मान सरकार के 9 मंत्री और 30 विधायक नंगे पांव श्री अकाल तख्त साहिब पर पहुंचे और बेअदबी कानून पर लिखित में अपना स्पष्‍टीकरण दिया। अकाल तख्त ने मान सरकार से एक माह में बेअदबी कानून में संशोधन करने को कहा। इस दौरान श्री अकाल तख्त साहिब की ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 3:06 pm

कौन हैं रिटायर्ड IAS योगेश्वर राम मिश्रा, जो हो सकते हैं राम मंदिर के CEO?

who is IAS Yogeshwar Ram Mishra: अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़े प्रशासनिक फेरबदल और पारदर्शिता लाने की तैयारी चल रही है। एसआईटी (SIT) की जांच रिपोर्ट और संस्तुतियों के बाद ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 2:58 pm

भोपाल में HIV पॉजिटिव युवक ने 50 से ज्‍यादा लोगों को जाल में फंसाकर बांटा मौत का वायरस, चौंकाने वाला खुलासा

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक ऐसा खौफनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। यहाँ एक HIV पॉजिटिव युवक ने कथित तौर पर जानबूझकर 50 से ज्यादा लोगों को इस जानलेवा वायरस से संक्रमित कर दिया। जब इस पूरे मामले का खुलासा ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 2:48 pm

चढ़ावा चोरी के आरोपियों को झटका, अयोध्या का कोई वकील नहीं करेगा पैरवी

Ayodhya Ram Mandir theft: राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी मामले में एक बड़ा और अभूतपूर्व मोड़ आया है। अयोध्या बार एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि राम मंदिर से जुड़े इस चोरी के मामले में पकड़े गए आरोपियों की पैरवी अयोध्या का कोई भी ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 1:42 pm

पुणे कोर्ट का बड़ा फैसला: मासूम से दरिंदगी और हत्या के दोषी भीमराव कांबले को फांसी

नसरापुर में साढ़े तीन साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और उसकी बेरहमी से हत्या करने के मामले में पुणे की विशेष अदालत ने आरोपी भीमराव कांबले को भारतीय न्याय संहिता (BJS) और पॉक्सो (POCSO) कानून की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 1:16 pm

अरुणाचल के आदिवासी समुदाय का बड़ा दावा, कहा- भारत की जमीन पर चीन ने किया कब्जा

अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले में नाह आदिवासी समुदाय ने चीन पर भारतीय जमीन पर अतिक्रमण का आरोप लगाया है। प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।

देशबन्धु 29 Jun 2026 12:42 pm

21 राज्यों में बारिश-तूफान, दिल्ली में 4 जुलाई तक मानसून की दस्तक, यहां लू का अलर्ट

Weather Updates 29 June : मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश और महाराष्‍ट्र समेत 21 राज्यों में आंधी-बारिश और तूफान का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई स्थानों पर 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 12:39 pm

सरोगेसी पर मद्रास हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, इस वर्ष की महिला मानी जाएगी पात्र

मद्रास हाई कोर्ट ने कहा है कि 50 वर्ष की महिला, जब तक वह 51 वर्ष की नहीं हो जाती, सरोगेसी के लिए पात्र मानी जाएगी। कोर्ट ने निचली अदालत का आदेश रद्द करते हुए सरोगेसी कानून की उद्देश्यपरक व्याख्या पर जोर दिया।

देशबन्धु 29 Jun 2026 12:04 pm

एक्शन में झारखंड सीएम हेमंत सोरेन, जल्द लौटेंगे तमिलनाडु में फंसे मजदूर

तमिलनाडु के एक औद्योगिक प्रतिष्ठान में अमोनिया गैस रिसाव की घटना में झारखंड के एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि 2 अन्य श्रमिकों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मजदूरों की गुहार पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 12:02 pm

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार, याचिका में सीबीआई जांच की मांग

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। CBI जांच की मांग वाली याचिका पर 12 जुलाई के बाद सुनवाई होगी। पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी तेज कर दी है।

देशबन्धु 29 Jun 2026 11:59 am

दिल्ली भाजपा के ओबीसी मोर्चा ने किया डॉ. अलका गुर्जर का स्वागत

नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी की सह प्रभारी डॉ. अल्का गुर्जर के राज्य सभा सदस्य चुने जाने पर रविवार को पार्टी के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस मौके पर दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने डॉ. गुर्जर द्वारा विगत चार […] The post दिल्ली भाजपा के ओबीसी मोर्चा ने किया डॉ. अलका गुर्जर का स्वागत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Jun 2026 11:43 am

राजस्थान में पुलिस का बड़ा एक्शन! 25 हजार का इनामी मोस्ट वांटेड हिस्ट्रीशीटर अनिल उर्फ लीला हथियारों के साथ दबोचा

राजस्थान में अपराधियों और गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष धरपकड़ अभियान के तहत पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। राजस्थान पुलिस की स्पेशल टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए लंबे समय से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी और कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अनिल उर्फ लीला को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शातिर बदमाश के पास से अवैध हथियार भी बरामद किए हैं। इस हार्डकोर अपराधी की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है, क्योंकि यह बदमाश इलाके में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा था।गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल, घेराबंदी कर दबोचास्थानीय पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस की स्पेशल इनपुट टीम को मुखबिर से इस बात की पुख्ता जानकारी मिली थी कि इनामी बदमाश अनिल उर्फ लीला अवैध हथियारों की खेप के साथ इलाके में देखा गया है। सूचना मिलते ही थाना अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष कमांडो टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए संदिग्ध ठिकाने पर अचानक दबिश दी। पुलिस को देखकर हिस्ट्रीशीटर ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने चारों तरफ से घेराबंदी करते हुए उसे मौके पर ही दबोच लिया और उसकी एक न चलने दी।तलाशी में मिली देशी पिस्टल और जिंदा कारतूस, खंगाला जा रहा है क्रिमिनल रिकॉर्डगिरफ्तारी के बाद जब पुलिस टीम ने अनिल उर्फ लीला की गहनता से तलाशी ली, तो उसके पास से एक अवैध देशी पिस्टल और चार जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने हथियारों को तुरंत जब्त कर आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत एक नया मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पकड़ा गया बदमाश अनिल एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से ही हत्या का प्रयास, रंगदारी, लूट, डकैती और अवैध हथियार तस्करी जैसे दर्जनों गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। लंबे समय से कानून की नजरों से बचकर भाग रहे इस अपराधी पर पुलिस मुख्यालय ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।गैंग के नेटवर्क और मददगारों का पर्दाफाश करेगी पुलिसहिस्ट्रीशीटर अनिल उर्फ लीला की इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान राज्य में सक्रिय अन्य बड़े गैंगस्टरों, हथियारों के सप्लायरों और उसे फरारी काटने में मदद करने वाले स्थानीय सफेदपोश मददगारों के नामों का खुलासा हो सकता है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराधियों के बारे में बिना डरे पुलिस को सूचित करें, उनका नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 11:29 am

राजस्थान में मानसून की धमाकेदार एंट्री! 2 जुलाई से बढ़ेगी बारिश की रफ्तार, इन जिलों में भारी बरसात का ऑरेंज अलर्ट

मरुधरा के लोगों को भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। राजस्थान में मानसून का इंतजार अब खत्म होने की कगार पर है और मानसूनी हवाएं तेजी से आगे बढ़ते हुए प्रदेश की सीमा के बेहद करीब पहुंच चुकी हैं। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) से मिली ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में प्री-मानसून की गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं, जिससे पारे में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों ने साफ किया है कि आगामी 2 जुलाई से राजस्थान में मानसूनी सिस्टम पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा, जिसके बाद प्रदेश के कई जिलों में मूसलाधार और भारी बारिश का नया दौर शुरू होने का अनुमान है।इन जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट, बादलों की आवाजाही तेजमौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, मानसून की पहली जोरदार दस्तक पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के रास्ते होने जा रही है। कोटा, उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, झालावाड़, और बारां जिलों में 2 जुलाई से भारी से अति भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। इन इलाकों के लिए मौसम केंद्र ने विशेष चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही राजधानी जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा और टोंक सहित आसपास के मैदानी इलाकों में भी आसमान में घने बादलों की आवाजाही शुरू हो गई है, जिससे उमस भरी गर्मी से परेशान स्थानीय निवासियों को ठंडी हवाओं का अहसास होने लगा है।पश्चिमी राजस्थान को थोड़ा और इंतजार, जोधपुर और बीकानेर में कब बरसेंगे बादलजहां एक तरफ पूर्वी राजस्थान में मानसून झमाझम बरसने के लिए तैयार है, वहीं पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिलों यानी जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर, और जैसलमेर में रहने वाले लोगों को मानसून की मुख्य धारा के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन रेतीले इलाकों में स्थानीय चक्रवाती सिस्टम और अरब सागर से आ रही नमी के कारण धूलभरी आंधी के साथ हल्की छितराई बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे तापमान नियंत्रण में रहेगा।किसानों के चेहरे खिले, खरीफ की फसलों के लिए अमृत बनेगी यह बारिशराजस्थान में मानसून के इस सक्रिय दौर की खबर आते ही प्रदेश के अन्नदाताओं (किसानों) के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। ग्रामीण इलाकों में किसान खेतों को तैयार करने और खरीफ की मुख्य फसलों जैसे बाजरा, मक्का, ग्वार और मूंग की बुवाई के काम में तेजी से जुट गए हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई के पहले हफ्ते में होने वाली यह बारिश फसलों के लिए अमृत का काम करेगी। प्रशासन ने भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए जलभराव वाले निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जल स्रोतों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 11:28 am

शेखावाटी की बदलेगी किस्मत! 30 साल पुराने यमुना जल समझौते पर आज दिल्ली में मुहर, जानें कब और कैसे पहुंचेगा पानी

राजस्थान के शेखावाटी अंचल और आसपास के प्यासे इलाकों के लिए आज का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है। पिछले तीन दशकों यानी 30 साल से फाइलों में दबे पड़े बहुप्रतीक्षित यमुना जल समझौते को लेकर आज देश की राजधानी दिल्ली में एक बेहद महत्वपूर्ण सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर होने जा रहे हैं। इस ऐतिहासिक कदम के साथ ही राजस्थान के चूरू, झुंझुनूं और सीकर जैसे जिलों के करोड़ों लोगों का दशकों पुराना सपना सच होने की राह आसान हो गई है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की मौजूदगी में होने वाली इस हाई-प्रोफाइल बैठक और एमओयू के बाद शेखावाटी की सूखी धरती को यमुना के पानी से सींचने का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा।तीन दशकों का लंबा इंतजार और कानूनी अड़चनें हुईं दूरगौरतलब है कि साल 1994 में राज्यों के बीच यमुना नदी के पानी के बंटवारे को लेकर एक शुरुआती समझौता हुआ था, लेकिन बुनियादी ढांचे की कमी, रूट के चयन और राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव में यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया था। राजस्थान के हिस्से का पानी हरियाणा से होकर आना था, जिसे लेकर दोनों राज्यों के बीच लंबे समय तक तकनीकी और कानूनी खींचतान चलती रही। अब केंद्र सरकार की मध्यस्थता और दोनों राज्यों के प्रशासनिक अधिकारियों की लगातार बैठकों के बाद सभी विवादित बिंदुओं को सुलझा लिया गया है, जिसके बाद आज इस अंतिम एमओयू पर अंतिम मुहर लग रही है।शेखावाटी के इन जिलों को मिलेगा पीने और सिंचाई का भरपूर पानीइस महत्वाकांक्षी यमुना जल परियोजना के धरातल पर उतरने से सबसे बड़ा फायदा राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र को मिलेगा। चूरू, सीकर और झुंझुनूं जिलों में भूमिगत जल स्तर खतरनाक रूप से नीचे जा चुका है और कई इलाके डार्क जोन में तब्दील हो चुके हैं। इस प्रोजेक्ट के जरिए पाइपलाइन और नहरों का एक विशाल नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे न केवल इन जिलों के लाखों घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचेगा, बल्कि कृषि प्रधान इस इलाके के किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए भी पर्याप्त पानी मिल सकेगा। इससे क्षेत्र में खेती-किसानी और समृद्धि के एक नए युग की शुरुआत होगी।दिल्ली में होने वाली इस बैठक पर पूरे राजस्थान की निगाहेंआज दिल्ली में आयोजित होने जा रहे इस एमओयू कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री, राजस्थान के मुख्यमंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री समेत दोनों राज्यों के जल संसाधन विभागों के आला अधिकारी शामिल हो रहे हैं। इस समझौते के तुरंत बाद प्रोजेक्ट के बजट आवंटन, सर्वे और निर्माण कार्य की समयसीमा तय की जाएगी। जनप्रतियोगियों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह सिर्फ पानी का समझौता नहीं है, बल्कि यह शेखावाटी की लाइफलाइन साबित होने वाला प्रोजेक्ट है। अब देखना यह होगा कि इस एमओयू के बाद धरातल पर काम कितनी तेजी से शुरू होता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 11:27 am

अमृतसर एयरपोर्ट जाने वाले सावधान! 2 जुलाई को लगेगा भारी जाम, लाखों की संगत जुटने के कारण एडवाइजरी जारी

अगर आप आगामी 2 जुलाई को अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाले हैं या किसी को रिसीव करने जा रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। 2 जुलाई को अमृतसर और आसपास के रास्तों पर भारी ट्रैफिक जाम और संगतों की भारी भीड़ देखने को मिल सकती है। धार्मिक मान्यता के केंद्र बाबा जवंद सिंह जी की सालाना बरसी के उपलक्ष्य में देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु अमृतसर पहुंचने वाले हैं। इस विशाल धार्मिक समागम के मद्देनजर एयरपोर्ट अथॉरिटी और स्थानीय ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों के लिए एक बेहद जरूरी ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है।बाबा जवंद सिंह जी की बरसी पर उमड़ेगा आस्था का सैलाबधार्मिक गुरु बाबा जवंद सिंह जी की याद में आयोजित होने वाले इस सालाना समागम में हिस्सा लेने के लिए पंजाब के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों और विदेशों से भी लाखों की संगत अमृतसर पहुंचती है। 2 जुलाई को मुख्य मार्ग और एयरपोर्ट रोड के आसपास संगतों के काफिले, गाड़ियों की कतारें और पैदल मार्च निकलने की संभावना है। आस्था के इस बड़े सैलाब के कारण सामान्य यातायात पूरी तरह प्रभावित रहेगा, जिसके चलते एयरपोर्ट की तरफ जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो सकती है।एयरपोर्ट अथॉरिटी की सलाह: फ्लाइट छूटने के डर से बचने के लिए पहले निकलेंअमृतसर एयरपोर्ट प्रशासन और स्थानीय जिला पुलिस ने यात्रियों से विशेष अपील की है कि वे अपनी निर्धारित फ्लाइट के समय से काफी अतिरिक्त समय लेकर अपने घरों से बाहर निकलें। यदि कोई यात्री ऐन वक्त पर निकलता है, तो रास्ते में होने वाली भारी नाकेबंदी और रूट डायवर्जन के कारण उसकी फ्लाइट छूटने का गंभीर खतरा बना रहेगा। अथॉरिटी ने एयरलाइंस कंपनियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे अपने यात्रियों को मैसेज और ईमेल के जरिए इस जाम और भीड़ की स्थिति के बारे में पहले से सूचित कर दें ताकि किसी को परेशानी न हो।ट्रैफिक पुलिस ने तैयार किया रूट डायवर्जन प्लान, इन रास्तों का करें इस्तेमाललाखों की संगत की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए अमृतसर ट्रैफिक पुलिस ने एयरपोर्ट रोड और समागम स्थल की तरफ जाने वाले रास्तों के लिए एक विशेष रूट डायवर्जन प्लान तैयार किया है। भारी वाहनों और ट्रकों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा, जबकि वीआईपी और सामान्य गाड़ियों को वैकल्पिक लिंक रोड से होकर निकाला जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे गूगल मैप्स और ट्रैफिक पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल्स पर लाइव ट्रैफिक अपडेट्स देखकर ही अपने सफर की शुरुआत करें ताकि जाम में फंसने से बचा जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 11:25 am

पंजाब में आसमान से बरसी आग! 45.7 डिग्री पारे के साथ दिन में दिखे तारे, बिजली संकट के बीच मानसून पर बड़ा अपडेट

पंजाब में गर्मी और लू (हीटवेव) के तीखे तेवरों ने आम जनजीवन को पूरी तरह बेहाल कर दिया है। सूबे के कई जिलों में पारा 45.7 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाने से लोगों को दोपहर के वक्त घरों से बाहर निकलना मुहाल हो गया है। इस जानलेवा तपिश और उमस के कारण राज्य में बिजली की मांग ने इतिहास के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। भीषण गर्मी के इस दौर में खेतों की सिंचाई और घरों में चल रहे एसी-कूलर के कारण पावर ग्रिड पर भारी दबाव है। इसी बीच मौसम विभाग की तरफ से आया मानसून का नया अनुमान भी लोगों की चिंता बढ़ाने वाला है, जिससे राहत की उम्मीदें फिलहाल दूर नजर आ रही हैं।रिकॉर्ड तोड़ पारे से तपा पंजाब, लू के थपेड़ों से जनजीवन ठपमौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, पंजाब के बठिंडा, पटियाला, लुधियाना और अमृतसर समेत अधिकांश हिस्से इस वक्त भट्टी की तरह तप रहे हैं। अधिकतम तापमान सामान्य से 5 से 7 डिग्री ऊपर चल रहा है। दोपहर के समय चलने वाली गर्म हवाएं शरीर को झुलसा रही हैं, जिसके कारण सड़कों पर अघोषित कर्फ्यू जैसा नजारा देखने को मिल रहा है। डॉक्टरों ने इस भीषण लू को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए लगातार तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी है।बिजली की मांग ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, पावर कॉरपोरेशन के फूले हाथ-पांवइस ऐतिहासिक गर्मी का सीधा असर पंजाब के पावर सेक्टर पर पड़ा है। पंजाब राज्य पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के अधिकारियों के मुताबिक, राज्य में बिजली की दैनिक मांग अपने उच्चतम स्तर को पार कर चुकी है। धान की बुवाई का सीजन होने के कारण ग्रामीण अंचलों में कृषि फीडरों को लगातार बिजली देनी पड़ रही है, वहीं शहरी इलाकों में भी लोड बढ़ने से कई सब-स्टेशनों में तकनीकी खामियां आ रही हैं। अघोषित बिजली कटौती (पावर कट) ने इस उमस भरी गर्मी में स्थानीय निवासियों की रातों की नींद उड़ा दी है।मानसून का इंतजार बढ़ा, कब मिलेगी इस चिलचिलाती गर्मी से राहतपंजाब वासियों के लिए सबसे ज्यादा परेशान करने वाली खबर मौसम विभाग के पूर्वानुमान से आ रही है। पहले जहां जून के आखिरी हफ्ते में प्री-मानसून की फुहारों की उम्मीद जताई जा रही थी, वहीं अब पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं की सुस्त रफ्तार के कारण यह इंतजार और लंबा हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक पंजाब और आसपास के मैदानी इलाकों को इसी तरह शुष्क और गर्म मौसम का सामना करना पड़ेगा। उमस का ग्राफ बढ़ने से आने वाले दिनों में गर्मी और ज्यादा परेशान कर सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 11:24 am

युवाओं के लिए बड़ी चेतावनी! अमृतसर एयरपोर्ट पर नौकरी के नाम पर चल रहा है बड़ा फर्जीवाड़ा, अथॉरिटी ने जारी की जरूरी एडवाइजरी

अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नौकरी पाने का सपना देख रहा है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। इन दिनों सोशल मीडिया और इंटरनेट पर अमृतसर एयरपोर्ट पर विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती को लेकर कई फर्जी विज्ञापन और लेटर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए अमृतसर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने एक सख्त एडवाइजरी जारी कर बेरोजगार युवाओं को इन ठगों और फर्जी विज्ञापनों से पूरी तरह सतर्क रहने की अपील की है। अथॉरिटी ने साफ किया है कि कुछ असामाजिक तत्व युवाओं की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें ठगने की कोशिश कर रहे हैं।पैसे लेकर थमाए जा रहे फर्जी जॉइनिंग लेटरअमृतसर एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक, उन्हें लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ अज्ञात गिरोह और फर्जी कंसलटेंसी कंपनियां युवाओं को सुरक्षा गार्ड, ग्राउंड स्टाफ, कस्टमर सर्विस और लोडर जैसे पदों पर शत-प्रतिशत नौकरी लगवाने का झांसा दे रही हैं। ये ठग सीधे-साधे युवाओं से रजिस्ट्रेशन फीस, मेडिकल चेकअप और यूनिफॉर्म के नाम पर मोटी रकम वसूल लेते हैं और बाद में उन्हें एयरपोर्ट अथॉरिटी के नाम का फर्जी जॉइनिंग लेटर थमा देते हैं। जब पीड़ित युवा नौकरी के लिए एयरपोर्ट पहुंचते हैं, तब उन्हें अपने साथ हुई इस बड़ी धोखाधड़ी का अहसास होता है।एयरपोर्ट अथॉरिटी ने बताया भर्ती का असली और सही तरीकाअमृतसर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इस भ्रम को दूर करने के लिए आधिकारिक बयान जारी कर भर्ती की सही प्रक्रिया की जानकारी दी है। एडवाइजरी में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) या अमृतसर एयरपोर्ट प्रशासन कभी भी किसी भी पद के लिए सीधे नकद पैसों की मांग नहीं करता है और न ही इसके लिए किसी प्राइवेट एजेंट या बाहरी एजेंसी को अधिकृत किया गया है। एयरपोर्ट पर सभी तरह की सरकारी और अनुबंधित भर्तियां केवल एएआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाले ऑफिशियल नोटिफिकेशन और निर्धारित चयन प्रक्रिया (परीक्षा/इंटरव्यू) के माध्यम से ही की जाती हैं।साइबर ठगों से बचने के लिए इन बातों का रखें विशेष ध्यानप्रशासन ने युवाओं और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत वेबसाइट, व्हाट्सएप ग्रुप या टेलीग्राम चैनल पर आने वाले जॉब लिंक्स पर भरोसा न करें और न ही अपनी निजी जानकारियां और बैंक डिटेल्स उनके साथ साझा करें। किसी भी विज्ञापन पर यकीन करने से पहले एयरपोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर उसकी सत्यता की जांच जरूर कर लें। इसके साथ ही अथॉरिटी ने कहा है कि अगर कोई व्यक्ति नौकरी के बदले पैसों की मांग करता है, तो तुरंत इसकी शिकायत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम सेल में दर्ज कराएं ताकि इन ठगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 11:23 am

स्कूली बच्चों के लिए बड़ी राहत! भीषण गर्मी और लू के बीच डीएम का नया आदेश, 30 जून तक बंद रहेंगे ये स्कूल

देश के मैदानी इलाकों में आसमान से बरसती आग और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार चल रही गर्म हवाओं (लू) के थपेड़ों से सबसे ज्यादा परेशानी मासूम स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही थी। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिलाधिकारी (DM) ने जिले की सभी शैक्षणिक संस्थाओं के लिए नया आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। इस नए निर्देश के तहत प्ले स्कूल, प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा आठवीं तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और प्राइवेट स्कूलों को आगामी 30 जून तक पूरी तरह से बंद रखने का फैसला किया गया है।मासूमों की सेहत को देखते हुए प्रशासन ने लिया कड़ा फैसलापिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी और भीषण उमस के कारण स्कूलों में बच्चों के बीमार होने की शिकायतें सामने आ रही थीं। कई इलाकों में बच्चों के चक्कर खाकर गिरने और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) के मामले बढ़े थे। अभिभावक संघ और डॉक्टरों की ओर से भी लगातार स्कूल बंद करने या समय बदलने की मांग की जा रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए बच्चों को इस जानलेवा गर्मी से बचाने के लिए 30 जून तक के लिए तत्काल प्रभाव से छुट्टी का एलान कर दिया है।सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगा नियम, आदेश न मानने पर होगी सख्त कार्रवाईजिला प्रशासन द्वारा जारी यह आदेश किसी एक विशेष बोर्ड के लिए नहीं है, बल्कि यह जिले में संचालित होने वाले सीबीएसई (CBSE), आईसीएसई (ICSE), यूपी बोर्ड और अन्य सभी मान्यता प्राप्त निजी और सरकारी स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई भी स्कूल संचालक इस अवधि के दौरान कक्षा 8वीं तक के बच्चों के लिए स्कूल खोलता हुआ पाया गया, तो उसका लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ महामारी एक्ट और अन्य प्रशासनिक धाराओं के तहत सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।बड़ी कक्षाओं के लिए समय में बदलाव, ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प खुलाप्रशासन ने जहां कक्षा 8वीं तक के बच्चों के लिए पूरी तरह से ताला लगा दिया है, वहीं कक्षा 9वीं से 12वीं तक के बड़े विद्यार्थियों के लिए भी विशेष गाइडलाइंस जारी की हैं। यदि इन कक्षाओं का संचालन बहुत जरूरी है, तो उन्हें केवल सुबह की शिफ्ट में ही खोला जा सकेगा और दोपहर की तेज धूप से पहले बच्चों की छुट्टी करनी होगी। इसके साथ ही, कई स्कूलों ने बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए एक बार फिर ऑनलाइन क्लासेस (Online Classes) का विकल्प चुन लिया है ताकि बच्चे घर के सुरक्षित माहौल में रहकर अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 11:21 am

शहनाई बजने से पहले पसरा मातम! बिहार में शादी वाले घर पर बेखौफ बदमाशों का तांडव, महिला की हत्या कर दुल्हन के जेवर लूटे

बिहार में कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए अपराधियों ने एक बार फिर एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को ताउम्र के आंसुओं में बदल दिया है। सूबे में एक शादी वाले घर में जहां कुछ घंटों बाद ही शहनाई गूंजने वाली थी और मंगल गीत गाए जा रहे थे, वहां अचानक हथियारों से लैस बदमाशों ने धावा बोल दिया। लुटेरों ने न सिर्फ शादी के लिए तैयार रखे गए दुल्हन के कीमती जेवर और नकदी लूट ली, बल्कि विरोध करने पर परिवार की एक महिला की बेरहमी से गोली मारकर हत्या कर दी। इस खौफनाक वारदात के बाद से पूरे इलाके में कोहराम मच गया है और स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।मांगलिक गीतों के बीच गूंजी गोलियों की तड़तड़ाहटचश्मदीदों और पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, घर में शादी की रस्में चल रही थीं और रिश्तेदार व महिलाएं उत्सव के माहौल में डूबे हुए थे। इसी बीच देर रात आधी रात के बाद अचानक आधा दर्जन से अधिक नकाबपोश बदमाश हथियारों से लैस होकर घर की दीवार फांदकर भीतर दाखिल हो गए। बदमाशों ने आते ही बंदूक की नोंक पर सबको बंधक बना लिया। जब घर की महिलाओं ने तिजोरी की चाबी देने और दुल्हन के गहने ले जाने का विरोध किया, तो अपराधियों ने बिना सोचे-समझे सीधे फायरिंग झोंक दी, जिसमें एक महिला को गोली लग गई और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।दुल्हन की विदाई के गहने और लाखों का कैश समेटकर हुए फरारगोलीबारी की घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई, जिसका फायदा उठाकर लुटेरों ने इत्मीनान से लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया। बदमाश शादी के लिए विशेष तौर पर बनवाए गए सोने-चांदी के भारी आभूषण, कीमती कपड़े और भारी-भरकम नगदी समेटकर रफूचक्कर हो गए। जो घर कुछ समय पहले तक रोशनी से जगमगा रहा था, वहां अब खून के धब्बे और रोने-बिलखने की आवाजें गूंज रही हैं। सूचना मिलने के काफी देर बाद पहुंची स्थानीय पुलिस के रवैये को लेकर भी परिजनों में गहरा गुस्सा है।इलाके में भारी तनाव, अपराधियों की धरपकड़ के लिए नाकेबंदी तेजइस सनसनीखेज वारदात की खबर फैलते ही आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस के आला अधिकारी भारी बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस प्रशासन का कहना है कि संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी के लिए विशेष टीमों का गठन कर दिया गया है और जिले के सभी बॉर्डर सील कर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, इस वारदात ने एक बार फिर बिहार में स्थानीय स्तर पर एक्टिव अपराधी गिरोहों और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 11:19 am

यूसीसी पर कांग्रेस सांसद ईशा खान चौधरी बोले- 'कुछ प्रावधान सकारात्मक पर पूरा बिल पढ़ना बाकी'

कांग्रेस सांसद ईशा खान चौधरी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता विधेयक पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने अभी तक बिल को पूरी तरह पढ़ा या देखा नहीं है

देशबन्धु 29 Jun 2026 11:04 am

वेकेशन भूल जाइए! युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है 'स्टेकेशन' का नया क्रेज, जानें क्यों बजट फ्रेंडली है यह ट्रेंड

भागदौड़ भरी जिंदगी और ऑफिस के वर्क प्रेशर से ब्रेक लेने के लिए लोग अक्सर घूमने का प्लान बनाते हैं। पहले ब्रेक का मतलब सिर्फ 'वेकेशन' होता था, जिसके लिए महीनों पहले से प्लानिंग, भारी-भरकम बजट और लंबी दूरी का सफर तय करना पड़ता था। लेकिन आज के समय में, खासकर वर्किंग प्रोफेशनल्स और युवाओं के बीच एक नया शब्द तेजी से ट्रेंड कर रहा है, जिसे 'स्टेकेशन' (Staycation) कहा जाता है। ट्रैवल इंडस्ट्री में आए इस नए बदलाव ने लोगों के छुट्टियां बिताने के अंदाज को पूरी तरह बदल दिया है। आइए जानते हैं कि यह नया कॉन्सेप्ट क्या है और यह ट्रेडिशनल वेकेशन से कितना अलग और मजेदार है।आखिर क्या है स्टेकेशन और यह वेकेशन से कैसे अलग हैसरल शब्दों में कहें तो 'वेकेशन' (Vacation) का मतलब होता है अपने शहर या देश से दूर किसी नए डेस्टिनेशन पर जाकर छुट्टियां बिताना, जिसमें फ्लाइट-ट्रेन की बुकिंग, होटल और साइटसीइंग शामिल होते हैं। इसके विपरीत, 'स्टेकेशन' दो शब्दों 'स्टे' (Stay) और 'वेकेशन' (Vacation) से मिलकर बना है। इसका मतलब है कि आप अपने ही शहर या उसके आसपास के किसी खूबसूरत रिजॉर्ट, बुटीक होटल या होमस्टे में रुकते हैं। इसमें आपको लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ती, बल्कि आप एक ही जगह रहकर आराम करते हैं, अच्छा खाना खाते हैं, पूल साइड वक्त बिताते हैं और खुद को रीचार्ज करते हैं।भागदौड़ से दूर सुकून की तलाश: क्यों युवाओं को भा रहा है यह कॉन्सेप्टआज की युवा पीढ़ी यानी जेन-जी (Gen-Z) और मिलेनियल्स के बीच स्टेकेशन का क्रेज बढ़ने की सबसे बड़ी वजह है 'नो ट्रैवल फैटीग' यानी सफर की थकान से आजादी। वीकेंड पर बिना किसी लंबी प्लानिंग के बस बैग पैक किया और शहर के ही किसी शांत कोने में चले गए। इसके अलावा, कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करने वाले युवाओं के लिए यह मानसिक शांति (Mental Peace) पाने का सबसे बेस्ट तरीका बन गया है। यहां न तो आपको सुबह जल्दी उठकर टूरिस्ट स्पॉट्स पर भागने की जल्दी होती है और न ही कैब बुक करने की झंझट। बस आराम से सोचना, किताबें पढ़ना या स्पा का आनंद लेना ही इसका मुख्य उद्देश्य होता है।जेब पर नहीं पड़ता भारी: बजट और समय दोनों की बड़ी बचतट्रेडीशनल वेकेशन पर जाने का मतलब है जेब पर एक बड़ा आर्थिक बोझ, लेकिन स्टेकेशन पूरी तरह से बजट फ्रेंडली होता है। चूंकि इसमें महंगे हवाई टिकट या लंबी दूरी के सफर का खर्च शून्य हो जाता है, इसलिए पूरा पैसा सिर्फ एक अच्छे लग्जरी स्टे और लजीज व्यंजनों पर खर्च होता है। समय की कमी से जूझ रहे लोग, जिन्हें ऑफिस से लंबी छुट्टियां नहीं मिलतीं, वे शनिवार और रविवार के 2 दिनों का इस्तेमाल करके एक बेहतरीन स्टेकेशन प्लान कर लेते हैं। सोमवार को वे बिना किसी ट्रैवल हैंगओवर या थकान के बिल्कुल फ्रेश माइंड के साथ दोबारा अपने काम पर लौट आते हैं।डिजिटल डिटॉक्स और वर्कवेकेशन का भी मिल जाता है मौकाआजकल कई युवा स्टेकेशन का इस्तेमाल 'डिजिटल डिटॉक्स' के लिए कर रहे हैं, जहां वे कुछ समय के लिए सोशल मीडिया और गैजेट्स से दूरी बना लेते हैं। वहीं दूसरी ओर, 'वर्क फ्रॉम एनीव्हेयर' करने वाले लोगों के लिए यह 'वर्कवेकेशन' का रूप ले चुका है, जहां वे शहर के किसी आलीशान होटल के शांत माहौल में बैठकर अपना काम भी निपटाते हैं और शाम को वेकेशन का मजा भी लेते हैं। यही वजह है कि होमस्टे, लग्जरी विला और नेचर रिजॉर्ट्स अब युवाओं की पसंद को ध्यान में रखकर विशेष स्टेकेशन पैकेज ऑफर कर रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 11:00 am

राम मंदिर: सात्विकता, सुशासन और सनातन की अग्निपरीक्षा

अयोध्या धाम में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर का निर्माण केवल शिल्पकला का दर्शन नहीं, बल्कि करोड़ों सनातनियों की सदियों पुरानी अगाध आस्था, तप और संकल्प की पूर्णाहुति है। इस पावन काज में देश-विदेश के रामभक्तों ने अपनी गाढ़ी कमाई का अंश समर्पित किया ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 10:51 am

LIVE: चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट का जल्द सुनवाई से इनकार

Latest News Today Live Updates in Hindi : सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जल्द सुनवाई से इनकार किया। पल पल की जानकारी...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 10:51 am

झारखंड में हड़कंप! सरकारी आवासीय स्कूल में दूषित खाना खाने से 100 से अधिक छात्राएं बीमार, अस्पताल में बेड पड़े कम

झारखंड के एक सरकारी आवासीय विद्यालय (रेसिडेंशियल स्कूल) से बेहद हैरान और विचलित करने वाली खबर सामने आई है। स्कूल के हॉस्टल में रात का खाना खाने के बाद 100 से भी अधिक छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। देखते ही देखते छात्राओं को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की गंभीर शिकायतें होने लगीं, जिससे पूरे स्कूल परिसर में कोहराम मच गया। आनन-फानन में बीमार बच्चियों को नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां एक साथ इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के पहुंचने से डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए और अस्पताल परिसर में भारी अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।रात के खाने के बाद बिगड़ी तबीयत, फूड पॉइजनिंग की आशंकास्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, छात्राओं को रात के भोजन में जो खाना परोसा गया था, उसके कुछ ही देर बाद बच्चियों ने बेचैनी की शिकायत की थी। आधी रात बीतते-बीतते एक के बाद एक कई छात्राओं की हालत बेहद नाजुक होने लगी। हॉस्टल प्रबंधन ने स्थिति को बिगड़ता देख तुरंत एम्बुलेंस और स्थानीय वाहनों की मदद से सभी पीड़ित छात्राओं को जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। डॉक्टरों का शुरुआती तौर पर मानना है कि यह सीधे तौर पर फूड पॉइजनिंग (दूषित भोजन) का मामला है, जो उमस और गर्मी के मौसम में खाने की खराबी या साफ-सफाई की कमी की वजह से हो सकता है।अस्पताल में मची चीख-पुकार, प्रशासन और डॉक्टरों की टीम अलर्ट परएक साथ सौ से ज्यादा बच्चियों के अस्पताल पहुंचने के कारण बेड कम पड़ गए, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत एक्शन लेते हुए इमरजेंसी वार्ड में अतिरिक्त बिस्तरों और डॉक्टरों की तैनाती की। कई बच्चियों का इलाज फर्श और स्ट्रेचर पर ही ड्रिप लगाकर शुरू करना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही जिले के आला प्रशासनिक अधिकारी, उपायुक्त (डीसी) और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया है और डॉक्टरों को निर्देश दिया है कि बच्चियों के इलाज में किसी भी तरह की कोताही न बरती जाए। राहत की बात यह है कि अधिकांश छात्राओं की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।स्कूल की रसोई और राशन की जांच शुरू, दोषियों पर गिरेगी गाजइस गंभीर लापरवाही के बाद झारखंड शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने स्कूल के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। खाद्य सुरक्षा विभाग (फूड सेफ्टी टीम) ने हॉस्टल के किचन से खाने के सैंपल, पीने के पानी और इस्तेमाल किए जा रहे राशन को सील कर जांच के लिए लैब भेज दिया है। अभिभावकों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है; उनका आरोप है कि हॉस्टल में बच्चों को लंबे समय से घटिया क्वालिटी का खाना दिया जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आते ही हॉस्टल वार्डन, मेस संचालक और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 10:36 am

पेंशनरों का फूटा गुस्सा! करनाल में लंबित मांगों को लेकर सरकार से लगाई गुहार, दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

हरियाणा के मुख्यमंत्री के गृह जिले करनाल में रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की ओर से अपनी जायज मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया गया है। लंबे समय से प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार हो रहे बुजुर्ग पेंशनरों ने एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन कर सरकार के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया। पेंशनभोगी कल्याण संघ के बैनर तले जुटे इन बुजुर्गों ने साफ शब्दों में कहा कि जीवन भर सरकार और जनता की सेवा करने के बाद भी उन्हें अपने ही हक के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। पेंशनरों ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपकर अपनी लंबित मांगों को तुरंत पूरा करने की पुरजोर अपील की है।इन प्रमुख और लंबित मांगों को लेकर अटकी है बातपेंशनरों की बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों और मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। उनकी मुख्य मांगों में छठे और सातवें वेतन आयोग के बकाया एरियर का जल्द से जल्द भुगतान करना, बढ़ती महंगाई को देखते हुए मासिक चिकित्सा भत्ते (मेडिकल अलाउंस) को बढ़ाकर ₹3000 करना और 65, 70 तथा 75 वर्ष की आयु पूरी करने पर मिलने वाली अतिरिक्त पेंशन पेंशनरों के खातों में समय पर ट्रांसफर करना शामिल है। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों को रेलवे टिकटों में मिलने वाली पुरानी रियायत को भी फिर से बहाल करने की मांग तेजी से उठाई गई।बुढ़ापे में सम्मानजनक जीवन जीने के अधिकार पर दिया जोरएसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि बढ़ती उम्र और शारीरिक दिक्कतों के कारण बुजुर्गों का मेडिकल खर्च काफी ज्यादा बढ़ गया है, लेकिन सरकार द्वारा दिया जा रहा मौजूदा चिकित्सा भत्ता ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। उन्होंने सरकार को चेतावनी भरे लहजे में याद दिलाया कि पेंशन कोई खैरात या दान नहीं है, बल्कि यह कर्मचारियों का कानूनी और सामाजिक अधिकार है। यदि प्रदेश सरकार ने बजट और कैबिनेट बैठकों में उनकी इन जायज मांगों पर तुरंत सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया, तो वे आने वाले दिनों में सड़कों पर उतरकर राज्यव्यापी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।करनाल जिला प्रशासन को सौंपा मांग पत्र, मुख्यमंत्री से उम्मीदेंबैठक के समापन के बाद बड़ी संख्या में बुजुर्ग पेंशनर सचिवालय पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी मांगों का पुलिंदा सौंपा। करनाल के स्थानीय नेताओं और समाजसेवियों ने भी बुजुर्गों की इस मांग का समर्थन किया है। पेंशनरों का कहना है कि करनाल मुख्यमंत्री का मुख्य कार्यक्षेत्र होने के कारण यहां से उठी आवाज का असर सीधे चंडीगढ़ तक होता है, इसलिए उन्हें उम्मीद है कि सरकार उनके साथ न्याय करेगी। अब देखना यह होगा कि चुनावी साल के इस माहौल में सरकार इन बुजुर्ग वोटरों और वरिष्ठ नागरिकों को खुश करने के लिए क्या कदम उठाती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 10:16 am

बराड़ा में सनसनी! पड़ोसी के बंद मकान में मिली युवक की लहूलुहान लाश, आंख और कान से खून बहने से हत्या की आशंका

हरियाणा के अंबाला जिले के अधीन आने वाले बराड़ा कस्बे में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक लापता युवक का शव उसके ही पड़ोसी के घर के भीतर बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया। घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। मृतक युवक के चेहरे, आंख और कान से लगातार खून बह रहा था, जिसे देखकर परिजनों ने सीधे तौर पर बेरहमी से हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। सूचना पाकर मौके पर पहुंची बराड़ा थाना पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने मामले की गहनता से तफ्तीश शुरू कर दी है।रात से गायब था युवक, पड़ोसी के कमरे में इस हाल में मिलापारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, मृतक युवक बीते रोज शाम से ही अचानक घर से लापता था। परिजन रातभर उसकी तलाश आसपास के इलाकों और रिश्तेदारों के यहां करते रहे, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला। सुबह जब पड़ोस के ही एक मकान से कुछ संदिग्ध हलचल और अजीब सी गंध आने की बात सामने आई, तो लोगों ने भीतर जाकर देखा। कमरे का नजारा देखते ही सबके होश उड़ गए। गायब युवक वहां फर्श पर बेसुध पड़ा हुआ था। जब पास जाकर देखा गया तो उसकी सांसें थम चुकी थीं और चेहरे पर चोट के गहरे निशान थे।आंख और कान से बहता खून दे रहा बड़ी साजिश का इशाराशव की हालत को देखकर प्रथम दृष्टया यह मामला महज प्राकृतिक मौत या हादसे का नहीं लग रहा है। मृतक की आंख और कान से खून का रिसाव हो रहा था, जो इस बात की तरफ साफ इशारा कर रहा है कि मौत से पहले युवक के साथ गंभीर मारपीट की गई है या उसे कोई जहरीला पदार्थ दिया गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि पड़ोसी मकान मालिक और उसके करीबियों से तुरंत सख्ती से पूछताछ की जाए, क्योंकि वारदात के बाद से ही कुछ संदिग्ध लोग इलाके से गायब बताए जा रहे हैं।फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सुराग, पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी नजरेंघटना की संवेदनशीलता को देखते हुए बराड़ा पुलिस ने तुरंत अंबाला से फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को मौके पर बुलाया। एक्सपर्ट्स ने कमरे के भीतर से उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट्स) और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेज दिया गया है। मौत के असली कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि रात के वक्त मकान में आने-जाने वाले लोगों की पहचान की जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 10:14 am

हरियाणा में बड़ा सियासी धमाका! नवीन जयहिंद ने मुंडन कराकर दी भरत तिवारी को श्रद्धांजलि, बोले- सरकार मेरा भी करा सकती है एनकाउंटर

हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर से सनसनीखेज मोड़ आ गया है। अपने बेबाक और आक्रामक अंदाज के लिए जाने जाने वाले छात्र नेता और हरियाणा 'आप' के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अपना मुंडन करवा लिया है। जयहिंद ने हाल ही में सुर्खियों में रहे भरत तिवारी को अनोखे अंदाज में श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने सीधे प्रदेश सरकार पर निशाना साधा और एक ऐसा चौंकाने वाला दावा कर दिया, जिससे पूरे राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। नवीन जयहिंद ने आशंका जताते हुए कहा कि सरकार आने वाले दिनों में उनका भी एनकाउंटर करवा सकती है।मुंडन कराकर जताया विरोध, भरत तिवारी को बताया व्यवस्था का शिकारनवीन जयहिंद ने अपने सिर के बाल मुंडवाकर सरकार की नीतियों और हालिया घटनाक्रमों के खिलाफ अपना कड़ा रोष प्रकट किया। उन्होंने भरत तिवारी की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक आम मौत या कानूनी कार्रवाई नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। जयहिंद ने भरत तिवारी को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि वह समाज और अपनों के हक की लड़ाई लड़ रहे थे। इस मुंडन के जरिए उन्होंने साफ संदेश दिया कि वे इस दमनकारी नीति के आगे झुकने वाले नहीं हैं और न्याय की यह जंग आगे भी जारी रहेगी।एनकाउंटर की आशंका पर जयहिंद का बेबाक बयान, कहा- मैं डरने वाला नहींप्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब नवीन जयहिंद से उनके इस आक्रामक रुख के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने सीधे तौर पर खुद की जान को खतरा बताया। जयहिंद ने कहा कि जिस तरह से राज्य में आवाज उठाने वाले लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, उसे देखते हुए उन्हें पूरा अंदेशा है कि सरकार उनके खिलाफ भी कोई बड़ा और आत्मघाती कदम उठा सकती है। उन्होंने कहा, सरकार चाहे तो मेरा भी एनकाउंटर करवा सकती है, लेकिन मैं हरियाणा की जनता और सच के लिए अपनी आवाज बुलंद करता रहूंगा। गोलियों या फर्जी मुकदमों से जयहिंद को डराया नहीं जा सकता।हरियाणा की कानून व्यवस्था और सरकार की कार्यप्रणाली पर दागे गंभीर सवालइस पूरे घटनाक्रम के बाद हरियाणा की कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने भी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। नवीन जयहिंद ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून का राज खत्म हो चुका है और प्रशासन केवल सत्ता में बैठे लोगों के इशारे पर काम कर रहा है। भरत तिवारी मामले को लेकर स्थानीय जनता में पहले से ही काफी आक्रोश है, और अब जयहिंद के इस नए एलान और मुंडन प्रदर्शन ने इस मामले को पूरे हरियाणा में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। आने वाले दिनों में इस बयानबाजी को लेकर सियासी पारा और चढ़ना तय माना जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 10:13 am

लोकतंत्र के नायकों को सलाम! सीएम विष्णु देव साय ने किया 'आपातकाल के योद्धा' का विमोचन, सेनानियों का हुआ भव्य सम्मान

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आपातकाल स्मृति दिवस के मौके पर एक गरिमामय और ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने देश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल जाने वाले और यातनाएं सहने वाले लोकतंत्र सेनानियों (मीसा बंदियों) को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान आपातकाल के दौर के कड़े संघर्षों और दमनकारी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले वीर सपूतों की गाथा पर आधारित विशेष पुस्तक 'आपातकाल के योद्धा' का भव्य विमोचन भी किया। इस कार्यक्रम ने एक बार फिर 1975 के उस दौर की यादें ताजा कर दीं जब देश में नागरिक अधिकारों को कुचल दिया गया था।मुख्यमंत्री साय बोले: लोकतंत्र सेनानी हमारे असली नायक हैंसमारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि साल 1975 में लगाया गया आपातकाल स्वतंत्र भारत के इतिहास का सबसे काला अध्याय था। उस दौर में जिन लोगों ने बिना डरे तानाशाही के खिलाफ बिगुल फूंका और लोकतंत्र की बहाली के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया, वे हमारे असली नायक हैं। सीएम साय ने जोर देकर कहा कि आज की युवा पीढ़ी को यह जानना बेहद जरूरी है कि हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को बचाने के लिए इन योद्धाओं ने कितनी बड़ी कुर्बानियां दी हैं। 'आपातकाल के योद्धा' पुस्तक इसी संघर्ष को जन-जन तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम बनेगी।भावुक हुए लोकतंत्र के प्रहरी, साझा किए जेल के वो कठिन दिनसम्मान समारोह के दौरान मंच पर मौजूद कई बुजुर्ग लोकतंत्र सेनानी उस दौर को याद कर भावुक हो उठे। सेनानियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे बिना किसी अपराध के उन्हें महीनों तक काल कोठरी में रखा गया, लेकिन उनके हौसले कभी नहीं डगमगाए। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से आए मीसा बंदियों और उनके परिवारों ने हिस्सा लिया। राज्य सरकार द्वारा दिए गए इस सम्मान और सम्मान निधि के प्रति आभार जताते हुए सेनानियों ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि भारत के संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान है।'आपातकाल के योद्धा' पुस्तक में दर्ज हैं संघर्ष की अनकही कहानियांविमोचित की गई पुस्तक 'आपातकाल के योद्धा' में छत्तीसगढ़ अंचल के उन तमाम आंदोलनकारियों और नेताओं के संस्मरणों को संकलित किया गया है, जिन्होंने आपातकाल का विरोध किया था। इस किताब में तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियों, पुलिसिया दमन और भूमिगत रहकर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की अनकही कहानियों को प्रामाणिक दस्तावेजों और तस्वीरों के साथ पेश किया गया है। इतिहासकारों और विश्लेषकों का मानना है कि यह पुस्तक छत्तीसगढ़ के राजनीतिक इतिहास और नागरिक अधिकारों के संघर्ष को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 10:10 am

बस्तर में दिखा बड़ा चमत्कार! सुकमा के मासूम गणेश और सैकड़ों बच्चों को ऐसे मिली कुपोषण से नई जिंदगी

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित और धुर अंदरूनी क्षेत्र सुकमा से एक बेहद सुकून देने वाली मानवीय तस्वीर सामने आई है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान' योजना जमीनी स्तर पर बड़ी उम्मीद बनकर रंग ला रही है। इस मुहिम के तहत सुकमा जिले के सुदूर वनांचल गांवों में रहने वाले सैकड़ों कुपोषित और गंभीर रूप से बीमार बच्चों को न सिर्फ नया जीवन मिल रहा है, बल्कि उनके परिवारों के चेहरों पर भी मुस्कान लौट आई है। इसी सफलता की एक जीती-जागती मिसाल बना है नन्हा गणेश, जो कभी बेहद गंभीर कुपोषण की स्थिति में था, लेकिन आज पूरी तरह स्वस्थ होकर खिलखिला रहा है।गंभीर कुपोषण की कगार से सामान्य श्रेणी तक का सफरसुकमा के स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीमों ने जब अंदरूनी इलाकों में सर्वे किया, तब मासूम गणेश का वजन उसकी उम्र के हिसाब से बेहद कम था और वह गंभीर कुपोषण (SAM - Severe Acute Malnutrition) से जूझ रहा था। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत एक्टिव हुई मेडिकल टीम ने गणेश को तुरंत चिन्हित किया। इसके बाद उसे नजदीकी पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में भर्ती कराकर विशेष डाइट, जरूरी दवाइयां और चौबीसों घंटे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया। नियमित थेरेपी और पौष्टिक आहार का नतीजा यह रहा कि कुछ ही हफ्तों में गणेश का वजन सामान्य हो गया और वह खतरे से बाहर आ गया।सुदूर वनांचल गांवों तक पहुंच रही हैं चलती-फिरती मेडिकल टीमेंसुकमा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती इन सुदूर और संवेदनशील इलाकों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना था। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत अंदरूनी हाट-बाजारों और गांवों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में बच्चों के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं और माताओं के स्वास्थ्य की भी मुफ्त जांच की जा रही है। गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों के माता-पिता को स्थानीय भाषा में पोषण आहार तैयार करने की ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि बच्चों को घर पर भी सही कैलोरी और प्रोटीन मिल सके।बस्तर के आंगनबाड़ियों और एनआरसी केंद्रों की बदली सूरतइस योजना की सफलता के पीछे सुकमा के स्थानीय प्रशासन, मितानीन बहनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की चौबीसों घंटे की कड़ी मेहनत है। डॉक्टरों का कहना है कि गणेश अकेला ऐसा बच्चा नहीं है; बस्तर संभाग के हजारों बच्चों को इस अभियान के जरिए कुपोषण के जाल से बाहर निकाला गया है। स्वास्थ्य विभाग अब इन बच्चों की नियमित मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि वे दोबारा कुपोषण का शिकार न हों। बस्तर के आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य और पोषण के स्तर पर आ रहा यह सकारात्मक बदलाव आने वाले दिनों में जिले की पूरी तस्वीर बदलने की ताकत रखता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 10:08 am

पूर्वांचल में सियासी भूचाल! बाहुबली बृजेश सिंह ने किया चुनाव लड़ने का एलान, इस बड़ी पार्टी से मिला ग्रीन सिग्नल

उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल की सियासत में एक बार फिर से भारी सरगर्मी बढ़ गई है। वाराणसी, गाजीपुर, चंदौली और जौनपुर समेत पूरे इलाके की राजनीतिक गोटियां सेट करने वाले बाहुबली और पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह ने आगामी चुनाव लड़ने का खुला एलान कर दिया है। जेल से बाहर आने के बाद से ही शांत दिख रहे बृजेश सिंह के इस अचानक फैसले ने विपक्षी खेमों में खलबली मचा दी है। पूर्वांचल के बाहुबल और धनबल के समीकरणों में बृजेश सिंह का नाम बेहद खास माना जाता है, ऐसे में उनके चुनावी मैदान में उतरने की खबर से स्थानीय स्तर पर कई बड़े नेताओं के समीकरण बिगड़ना तय माना जा रहा है।पर्दे के पीछे की कहानी: क्या चुन ली है मनपसंद पार्टीबृजेश सिंह के चुनाव लड़ने के आधिकारिक एलान के साथ ही सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि वे किस दल के सिंबल पर चुनावी मैदान में उतरेंगे। हालांकि, उन्होंने अभी तक किसी खास राजनीतिक दल के नाम का खुलकर खुलासा नहीं किया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं कि सत्तारूढ़ दल या उसके किसी मजबूत सहयोगी दल से उनकी अंदरूनी बातचीत अंतिम दौर में है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि बृजेश सिंह हमेशा से परदे के पीछे रहकर सत्ता के करीबी रहे हैं, इसलिए इस बार भी वे किसी मजबूत और जिताऊ समीकरण के साथ ही अपनी नई सियासी पारी की शुरुआत करेंगे।वाराणसी और गाजीपुर के सियासी समीकरणों पर सीधा असरबृजेश सिंह का चुनावी मैदान में उतरना सीधे तौर पर वाराणसी, गाजीपुर और जौनपुर की सीटों पर असर डालेगा। पूर्वांचल में लंबे समय से सिंह परिवार और मुख्तार अंसारी के कुनबे के बीच वर्चस्व की जंग जगजाहिर रही है। मुख्तार अंसारी के निधन के बाद बदले हुए राजनीतिक हालातों में बृजेश सिंह खुद को पूर्वांचल के सबसे बड़े चेहरे के रूप में स्थापित करना चाहते हैं। स्थानीय मतदाताओं और राजपूत लॉबी के बीच उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए कई छोटे और क्षेत्रीय दल भी उन्हें अपने पाले में लाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं।जेल से रिहाई के बाद पहली बार सीधे चुनावी दंगल मेंवाराणसी केंद्रीय कारागार से जमानत पर रिहा होने के बाद बृजेश सिंह काफी समय तक मीडिया और सीधे राजनीतिक बयानों से दूरी बनाए हुए थे। उनके भतीजे सुशील सिंह और परिवार के अन्य सदस्य पहले से ही राजनीति में सक्रिय हैं, लेकिन खुद बृजेश सिंह का सीधे तौर पर चुनाव लड़ने का फैसला यह साफ करता है कि वे पूर्वांचल की कमान अब पूरी तरह अपने हाथों में लेना चाहते हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में वे किस पार्टी का झंडा थामते हैं और उनके इस कदम का जवाब विरोधी दल किस रणनीति से देते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 10:04 am

पैसे के बंटवारे ने खोला राज! अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी में पवन पांडेय का सबसे बड़ा खुलासा

अयोध्या में रामलला के दरबार से करोड़ों रुपये के चढ़ावे और चंदे की चोरी का मामला इन दिनों देश की सियासत में भूचाल ला चुका है। इस पूरे महाघोटाले को सबसे पहले उजागर करने वाले समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने अब एक और सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने परत-दर-परत उस घटनाक्रम से पर्दा उठाया है कि कैसे सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव तक इस चोरी की खबर सबसे पहले और पुख्ता तरीके से पहुंची। पवन पांडेय के मुताबिक, इस महापाप का भांडाफोड़ किसी जांच से नहीं, बल्कि चोरों के बीच ही पैसे के बंटवारे को लेकर हुई आपस की लड़ाई की वजह से हुआ।जब आपस में ही भिड़ गए चढ़ावा चुराने वालेसपा नेता पवन पांडेय ने अंदरूनी सूत्रों के हवाले से बताया कि राम मंदिर के दानपात्र से करोड़ों रुपये की नगदी और कीमती आभूषणों को गायब करने का खेल काफी समय से सुनियोजित तरीके से चल रहा था। लेकिन इस खेल का अंत तब शुरू हुआ जब चोरी की गई एक बड़ी रकम के मालिकाना हक और हिस्सेदारी को लेकर आरोपियों में आपसी कलह पैदा हो गई। पैसों के बंटवारे को लेकर शुरू हुआ यह विवाद इतना बढ़ गया कि इसकी गूंज मंदिर परिसर से बाहर निकलकर स्थानीय गलियारों तक पहुंच गई।अखिलेश यादव तक ऐसे पहुंची महाघोटाले की सटीक 'इनपुट'पवन पांडेय ने खुलासा किया कि जब आरोपियों के बीच विवाद चरम पर था, तभी कुछ बेहद विश्वसनीय और जमीनी सूत्रों ने इसकी सटीक जानकारी उन तक पहुंचाई। चूंकि यह मामला सीधे तौर पर करोड़ों सनातनी श्रद्धालुओं की आस्था और मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के दरबार से जुड़ा था, इसलिए बिना वक्त गंवाए पूरी रिपोर्ट और सबूतों के इनपुट समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को भेजे गए। अखिलेश यादव ने तथ्यों की गंभीरता को देखते हुए इस मुद्दे पर तुरंत स्टैंड लिया और सोशल मीडिया से लेकर हर स्तर पर इस आवाज को बुलंद किया, जिससे पूरे देश में हड़कंप मच गया।एसआईटी जांच और कोर्ट से बड़ी उम्मीदेंइस पूरे चंदा चोरी प्रकरण में अब चौतरफा दबाव के बाद एसआईटी (SIT) की जांच चल रही है और मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ तक भी पहुंच चुका है। विपक्ष का आरोप है कि इतने बड़े स्तर पर हो रही हेराफेरी को दबाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन आपसी फूट ने इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश कर दिया। पवन पांडेय और अखिलेश यादव लगातार इस मामले में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं ताकि भगवान के घर में सेंध लगाने वाले मुख्य साजिशकर्ताओं को बेनकाब किया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 10:02 am

राम मंदिर चंदा चोरी: दो नए गुनाहगारों का सनसनीखेज खुलासा, जानें कैसे रत्नेश और गगनदीप रचते थे पूरा खेल

अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए देश-विदेश से मिले दान (चंदा) में सेंधमारी करने वाले गिरोह का जाल लगातार गहराता जा रहा है। राम मंदिर चंदा चोरी मामले में अब दो नए मास्टरमाइंड के नामों का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस की तफ्तीश और पकड़े गए आरोपियों के बयानों में रत्नेश और गगनदीप नाम के दो शातिर अपराधियों का नाम सामने आया है, जिन्होंने इस पूरी धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए बैक-एंड पर एक बेहद चालाक नेटवर्क तैयार कर रखा था।आरोपियों की जुबानी, नए चेहरों की कहानीइस बड़े घोटाले की परतें तब खुलीं जब पुलिस ने चंदा चोरी के आरोप में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपियों ने सीधे तौर पर रत्नेश और गगनदीप का नाम उगल दिया। पुलिस के अनुसार, ये दोनों ही इस पूरे रैकेट के असली सूत्रधार हैं, जो सीधे तौर पर बैंक खातों को मैनेज करने और फर्जी रसीदों के जरिए मोटी रकम ठिकाने लगाने का काम देख रहे थे। आरोपियों ने कुबूल किया है कि इन दोनों के इशारे के बिना चंदे की रकम को डायवर्ट करना मुमकिन नहीं था।डिजिटल सेंधमारी और शातिराना खेल का तरीकाजांच में यह बात सामने आई है कि रत्नेश और गगनदीप का काम करने का तरीका बेहद हाईटेक और शातिराना था। ये लोग सीधे तौर पर राम मंदिर ट्रस्ट के नाम से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट्स, फर्जी क्यूआर कोड (QR Codes) और फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे। श्रद्धा और आस्था के नाम पर जब भी कोई श्रद्धालु ऑनलाइन चंदा देने की कोशिश करता, तो यह शातिर जोड़ी तकनीक का सहारा लेकर उस पैसे को सीधे अपने फर्जी खातों में ट्रांसफर करवा लेती थी। इसके बाद उस रकम को तुरंत अलग-अलग छोटे खातों में बांट दिया जाता था ताकि किसी को शक न हो।पुलिस की धरपकड़ और आगे की कार्रवाईइन दोनों नए नामों के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस और जांच एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हो गई हैं। रत्नेश और गगनदीप की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इनके पकड़े जाने के बाद इस बात का भी खुलासा हो सकेगा कि इस चंदा चोरी के खेल में कुल कितने करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई है और इनके तार किन-किन बड़े शहरों या अन्य राज्यों से जुड़े हुए हैं। राम भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले इस पूरे सिंडिकेट को नेस्तनाबूद करने की तैयारी पूरी हो चुकी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 9:52 am

केतन अग्रवाल मर्डर केस: सगाई से पहले चेतन संग उदयपुर ट्रिप, 1 करोड़ रुपये ट्रांसफर का खुलासा

Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी सगाई से कुछ सप्ताह पहले उदयपुर की यात्रा पर साथ गए थे। इतना ही नहीं सगाई से पहले केतन से 1 करोड़ रुपए लेकर ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 9:44 am

टूट गया करोड़ों भारतीयों का दिल! ऑस्ट्रेलिया ने फिर तोड़ा महिला टी20 वर्ल्ड कप जीतने का सपना, सेमीफाइनल की रेस से भारत बाहर

क्रिकेट के मैदान से इस वक्त की सबसे बड़ी और बेहद दिल तोड़ने वाली खबर सामने आ रही है। महिला टी20 वर्ल्ड कप (Women's T20 World Cup) के एक बेहद रोमांचक और हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम को चिर-प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया के हाथों करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। इस हार के साथ ही टीम इंडिया का वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचने और पहली बार चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा करने का ऐतिहासिक सपना एक बार फिर चकनाचूर हो गया है। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने हर बार की तरह इस बड़े नॉकआउट जैसे मैच में अपनी बादशाहत साबित की और भारतीय वीरांगनाओं को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इस दर्दनाक हार के बाद देश के करोड़ों क्रिकेट फैंस में मायूसी छा गई है।आखिरी ओवरों का रोमांच और कंगारू टीम का पलटवार: कहां चूक गई हरमनप्रीत की सेना?इस महत्वपूर्ण मुकाबले में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) और उपकप्तान स्मृति मंधाना से फैंस को एक कप्तानी पारी की उम्मीद थी। मैच के एक समय ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम मजबूत स्थिति में है और ऑस्ट्रेलिया के विशाल स्कोर का पीछा आसानी से कर लेगी। मध्यक्रम में कुछ बेहतरीन साझेदारियां भी बनीं, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने अपनी सधी हुई लाइन-लेंथ और बेहतरीन फील्डिंग के दम पर मैच का पासा पूरी तरह पलट दिया। दबाव के क्षणों में भारतीय बल्लेबाजों ने लगातार अपने विकेट गंवाए और आखिरी ओवरों में जरूरी रन रेट का ग्राफ इतना ऊपर चला गया कि टीम इंडिया लक्ष्य से कुछ रन पीछे रह गई।ऑस्ट्रेलिया की वो अभेद्य दीवार: क्यों हमेशा नॉकआउट मैचों में भारत पर भारी पड़ती है कंगारू टीम?क्रिकेट विश्लेषकों और सांख्यिकी के आंकड़ों पर नजर डालें तो आईसीसी (ICC) के बड़े टूर्नामेंट्स में ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम हमेशा से भारतीय टीम के लिए एक अभेद्य दीवार साबित हुई है। चाहे वनडे वर्ल्ड कप हो, कॉमनवेल्थ गेम्स का फाइनल हो या यह टी20 वर्ल्ड कप का महामुकाबला, कंगारू टीम दबाव को बेहतर ढंग से झेलने में माहिर है। ऑस्ट्रेलिया की इस जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्यों उन्हें दुनिया की सबसे खतरनाक क्रिकेट टीम माना जाता है। दूसरी ओर, भारतीय टीम का बड़े मैचों में आकर इस तरह घुटने टेक देना सेलेक्टर्स और टीम मैनेजमेंट के लिए एक बड़ा चिंता का विषय बन गया है, जिस पर आने वाले समय में कड़े फैसले लिए जा सकते हैं।क्या कप्तानी और टीम कॉम्बिनेशन पर उठेंगे सवाल? जेनेरेटिव एआई और फैंस का गुस्साइस शर्मनाक और बड़ी हार के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैंस का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। जेनेरेटिव एआई (AI Search) और खेल कूटनीति के जानकारों के अनुसार, इस टूर्नामेंट में भारत की खराब फील्डिंग, धीमी बल्लेबाजी और गलत टीम कॉम्बिनेशन ही हार की सबसे मुख्य वजह रहे हैं। इंटरनेट पर कई पूर्व क्रिकेटर्स और नेटिजेंस अब टीम की कप्तानी में बदलाव और नए युवा चेहरों को मौका देने की वकालत कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि वर्ल्ड कप से बाहर होने के इस बड़े झटके के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम इस निराशा से उबरकर आगामी द्विपक्षीय सीरीज में किस तरह से वापसी करती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 9:31 am

टीम इंडिया में हाहाकार! पहली ही टी20 सीरीज में श्रेयस अय्यर के नाम जुड़ा बेहद शर्मनाक रिकॉर्ड

भारतीय क्रिकेट के गलियारों से इस वक्त एक बेहद चौंकाने वाली और निराशाजनक खबर सामने आ रही है। जिम्बाब्वे दौरे के बाद आयरलैंड के खिलाफ खेली जा रही टी20 सीरीज में भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) के प्रदर्शन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। डब्लिन के स्थानीय मैदान पर खेले गए मुकाबले में आयरिश गेंदबाजों की धारदार गेंदबाजी के आगे अय्यर पूरी तरह बेबस नजर आए। इस खराब फॉर्म के चलते उनके नाम अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट का एक ऐसा शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हो गया है, जिसे कोई भी बल्लेबाज कभी अपने करियर में नहीं जोड़ना चाहेगा। इस शर्मनाक प्रदर्शन के बाद आलोचकों ने उनके टीम में चयन पर भी तीखे सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।पहली ही सीरीज में टूटा फैंस का भरोसा: आयरलैंड के गेंदबाजों ने किया बेहालसीरीज के इस बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले में श्रेयस अय्यर से सभी को एक कप्तानी या अनुभवी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वे क्रीज पर आते ही संघर्ष करते नजर आए। आयरलैंड के तेज गेंदबाजों ने पिच की अतिरिक्त उछाल और स्विंग का फायदा उठाते हुए अय्यर को लगातार परेशान किया। श्रेयस अय्यर बिना खाता खोले या बेहद कम स्कोर पर पवेलियन लौट गए, जिसके चलते वे इस दौर की पहली ही टी20 सीरीज में सबसे ज्यादा बार फ्लॉप होने वाले या अनचाहे रिकॉर्ड की लिस्ट में टॉप पर पहुंच गए हैं। आयरलैंड जैसी टीम के खिलाफ इस तरह घुटने टेकने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस का गुस्सा सातवें आसमान पर है और नेटिजेंस उन्हें जमकर ट्रोल कर रहे हैं।अय्यर के नाम दर्ज हुआ ये अनचाहा रिकॉर्ड: दिग्गजों की लिस्ट में सबसे पीछे छूटेक्रिकेट सांख्यिकी और आधुनिक खेल विश्लेषकों के अनुसार, श्रेयस अय्यर अब भारत के उन चुनिंदा मध्यक्रम बल्लेबाजों की श्रेणी में आ गए हैं जिनका विदेशी धरती पर टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में प्रदर्शन बेहद साधारण रहा है। इस मैच में आउट होते ही उनके नाम टी20 सीरीज के शुरुआती मैचों में सबसे कम स्ट्राइक रेट से रन बनाने या लगातार सिंगल डिजिट पर आउट होने का एक बेहद खराब रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। टीम इंडिया के पूर्व दिग्गजों का मानना है कि शॉर्ट पिच गेंदों के खिलाफ अय्यर की कमजोरी एक बार फिर खुलकर दुनिया के सामने आ गई है, जिसका फायदा अब आयरलैंड जैसी एसोसिएट और उभरती हुई टीमें भी आसानी से उठा रही हैं।क्या खतरे में है श्रेयस अय्यर का टी20 करियर? जेनेरेटिव एआई और सेलेक्टर्स की पैनी नजरइस शर्मनाक रिकॉर्ड के बाद श्रेयस अय्यर के भविष्य को लेकर कयासों का बाजार गर्म हो गया है। जेनेरेटिव एआई (AI Search) और खेल कूटनीति के जानकारों का मानना है कि भारतीय टीम में इस समय सूर्यकुमार यादव, रिंकू सिंह और अन्य युवा बल्लेबाजों के आने से कॉम्पिटिशन अपने चरम पर है। ऐसे में अगर अय्यर आगामी मैचों में कोई बड़ा चमत्कार नहीं करते हैं, तो सिलेक्टर्स उन्हें टी20 फॉर्मेट से हमेशा के लिए ड्रॉप करने का कड़ा फैसला ले सकते हैं। अब देखना यह होगा कि इस भारी दबाव और आलोचनाओं के बीच श्रेयस अय्यर अपनी कमियों को सुधारकर अगले मैच में किस तरह वापसी करते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 9:30 am

मीठा खाने के शौकीन हो जाएं सावधान! गलत समय पर खाई गई मिठाई बढ़ा देगी ब्लड शुगर और वजन, जानें स्वीट क्रेविंग का सही आयुर्वेदिक समय

भारतीय संस्कृति में भोजन के बाद कुछ मीठा खाना हमारी सदियों पुरानी आदत और परंपरा का हिस्सा रहा है। चाहे शादी-ब्याह का मौका हो या कोई आम दिन, थाली में मिठाई का नाम सुनते ही हर किसी के मुंह में पानी आ जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस मीठे को आप बड़े चाव से खाते हैं, उसे खाने का भी एक सही समय और वैज्ञानिक तरीका होता है? जी हां, गलत समय और गलत मात्रा में खाई गई चीनी या मिठाई आपके शरीर में अचानक इंसुलिन स्पाइक कर सकती है, जिससे ब्लड शुगर लेवल और वजन तेजी से बढ़ने का खतरा रहता है। आइए जानते हैं कि सेहत को बिना नुकसान पहुंचाए मीठा खाने का सही समय और हेल्दी तरीका आखिर क्या है।कब खाने से बढ़ सकता है ब्लड शुगर और वजन? जानें गलत समय का विज्ञानस्वास्थ्य विशेषज्ञों और आधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) के अनुसार, रात को सोने से ठीक पहले या खाली पेट मीठा खाना सेहत के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। जब आप रात के समय या भारी डिनर के तुरंत बाद आइसक्रीम, पेस्ट्री या पारंपरिक मिठाइयां खाते हैं, तो शरीर की शारीरिक निष्क्रियता के कारण वह शुगर फैट के रूप में जमा होने लगती है। खाली पेट मीठा खाने से शरीर में ग्लूकोज का स्तर अचानक बहुत ऊपर चला जाता है, जिसके बाद शरीर को भारी मात्रा में इंसुलिन रिलीज करना पड़ता है। यह प्रक्रिया धीरे-धीरे आपको प्री-डायबिटीज और मोटापे की ओर धकेल देती है।क्या मीठा खाने का भी होता है सही समय? आयुर्वेद और साइंस का बड़ा खुलासाआयुर्वेद और आधुनिक न्यूट्रिशन साइंस दोनों ही मीठा खाने के एक खास और अचूक समय की वकालत करते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, यदि आपको मीठा खाना ही है, तो उसे भोजन की शुरुआत में या फिर दोपहर के लंच के साथ खाना सबसे बेहतर माना जाता है। भोजन की शुरुआत में मीठा खाने से हमारे शरीर की जठराग्नि (पाचन रस) उत्तेजित होती है और यह आसानी से पच जाता है। वहीं, साइंस के मुताबिक वर्कआउट या भारी एक्सरसाइज करने के ठीक बाद मीठा खाना सबसे सुरक्षित समय है, क्योंकि उस वक्त शरीर को तुरंत एनर्जी (ग्लाइकोजन) की जरूरत होती है और खाई गई शुगर फैट में बदलने के बजाय सीधे मांसपेशियों को रिकवर करने में इस्तेमाल हो जाती है।स्वीट खाने के हेल्दी तरीके: बिना बीमारी के ऐसे शांत करें अपनी शुगर क्रेविंगअगर आप अपनी मीठा खाने की आदत को पूरी तरह छोड़ नहीं पा रहे हैं, तो कुछ स्मार्ट और हेल्दी तरीके अपनाकर आप अपनी सेहत का ख्याल रख सकते हैं। रिफाइंड सफेद चीनी से बनी मिठाइयों के बजाय गुड़, शहद, खजूर या पके हुए ताजे फलों (जैसे आम, केला) को अपनी डाइट में शामिल करें। जब भी तेज स्वीट क्रेविंग हो, तो मिठाई को अकेले खाने के बजाय उसे प्रोटीन या फाइबर युक्त भोजन (जैसे नट्स या चिया सीड्स) के साथ खाएं, ताकि ब्लड शुगर अचानक से न बढ़े। स्थानीय वेलनेस एक्सपर्ट्स यह भी सलाह देते हैं कि मीठा खाने के बाद कम से कम 15 से 20 मिनट की वॉक जरूर करें ताकि बढ़ा हुआ ग्लूकोज तुरंत बर्न हो सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 9:25 am

सुबह उठते ही पेट एक बार में शीशे की तरह हो जाएगा साफ! रात को सोने से पहले पी लें यह जादुई घरेलू ड्रिंक

आज के इस भागदौड़ भरे आधुनिक दौर में खराब खान-पान, मैदे और जंक फूड का अत्यधिक सेवन, शारीरिक निष्क्रियता और तनाव की वजह से पेट से जुड़ी बीमारियां हर दूसरे व्यक्ति की बड़ी समस्या बन चुकी हैं। देश के लाखों लोग सुबह उठते ही घंटों शौचालय में बिताते हैं, फिर भी उनका पेट ठीक से साफ नहीं होता। कब्ज (Constipation) और पेट का भारीपन न केवल आपके पूरे दिन के मूड को खराब करता है, बल्कि यह शरीर में कई अन्य गंभीर बीमारियों की जड़ भी बन जाता है। आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान दोनों का मानना है कि जिसका पेट साफ है, उसकी आधी बीमारियां वैसे ही खत्म हो जाती हैं। अगर आप भी पुरानी से पुरानी कब्ज और गैस की समस्या से परेशान हैं, तो रात को सोने से पहले रसोई में मौजूद चीजों से बनी यह एक जादुई ड्रिंक आपकी इस समस्या को हमेशा के लिए खत्म कर सकती है।पेट की हर बीमारी की जड़ है कब्ज: जानिए रात की इस ड्रिंक के पीछे का आयुर्वेदिक विज्ञानआयुर्वेद के अनुसार, हमारे शरीर में पाचन क्रिया का सुचारू रूप से चलना बेहद जरूरी है। रात के समय हमारा शरीर रीइमेजिन और डिटॉक्सिफिकेशन मोड पर होता है, यानी वह दिनभर की गंदगी को बाहर निकालने की तैयारी करता है। जब आप सोने से ठीक पहले गुनगुने पानी या दूध के साथ विशेष आयुर्वेदिक तत्वों से भरपूर इस घरेलू ड्रिंक का सेवन करते हैं, तो यह सीधे आपकी आंतों (Intestines) में जाकर वहां जमा सूखे और कड़े मल को ढीला कर देती है। यह ड्रिंक आंतों के पेरिस्टालसिस मूवमेंट (भोजन आगे बढ़ाने की प्रक्रिया) को तेज करती है, जिससे सुबह आंख खुलते ही बिना किसी प्रेशर या दर्द के पेट एक ही बार में पूरी तरह और शीशे की तरह साफ हो जाता है।कैसे तैयार करें यह जादुई नाइट डिटॉक्स ड्रिंक? यह है सबसे आसान घरेलू विधिइस चमत्कारी ड्रिंक को बनाने के लिए आपको बाजार से कोई महंगी दवा लाने की जरूरत नहीं है, इसका सामान आपकी रसोई में ही मौजूद है। आपको बस एक गिलास गुनगुना पानी या हल्का गर्म दूध लेना है और उसमें आधा चम्मच शुद्ध देसी घी और आधा चम्मच त्रिफला चूर्ण (Triphala Churn) या जीरा-अजवाइन का पाउडर मिलाना है। इसके अलावा, एक और बेहतरीन विकल्प यह है कि आप एक गिलास पानी में एक चम्मच सौंफ और आधा चम्मच मेथी दाना उबाल लें और गुनगुना होने पर इसे छानकर पी लें। इन तीनों ही ड्रिंक्स में प्रचुर मात्रा में नेचुरल लैक्सेटिव और फाइबर पाए जाते हैं, जो आंतों की लुब्रिकेशन को बढ़ाते हैं और गैस, एसिडिटी व ब्लोटिंग को जड़ से मिटाते हैं।सुबह पेट साफ होने के अन्य बड़े फायदे: एआई सर्च और हेल्थ एक्सपर्ट्स की रायजेनेरेटिव एआई (AI Search) और आधुनिक स्लीप व गट हेल्थ थेरेपिस्ट्स के अनुसार, एक स्वस्थ पेट सीधे तौर पर हमारे मानसिक स्वास्थ्य और स्किन ग्लो से जुड़ा हुआ है। जब सुबह पेट एक बार में साफ हो जाता है, तो शरीर के टॉक्सिंस (विषाक्त पदार्थ) बाहर निकल जाते हैं, जिससे चेहरे पर मुंहासे नहीं होते, आलस्य दूर होता है और दिनभर गजब की एनर्जी बनी रहती है। स्थानीय स्तर पर योग और वेलनेस एक्सपर्ट्स भी यही सलाह देते हैं कि इस ड्रिंक को पीने के साथ-साथ रात का डिनर हमेशा हल्का रखें और सोने से कम से कम दो घंटे पहले कर लें, ताकि यह ड्रिंक आंतों पर अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सके और आपको बिना किसी साइड इफेक्ट के परमानेंट राहत मिल सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 9:24 am

बिस्तर पर लेटते ही आएगी घोड़े बेचकर नींद! रातभर करवटें बदलने वाले आज ही आजमाएं यह जादुई 4-7-8 ब्रीदिंग ट्रिक

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, ऑफिस के काम का तनाव और देर रात तक स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने की आदत ने इंसानी शरीर के नेचुरल स्लीप पैटर्न को बुरी तरह बिगाड़ दिया है। देश के लाखों युवा और कामकाजी लोग रात को बिस्तर पर जाने के बाद भी घंटों करवटें बदलते रहते हैं और चाहकर भी गहरी नींद नहीं सो पाते। नींद न आने (Insomnia) की यह समस्या धीरे-धीरे मानसिक तनाव, थकान और कई गंभीर बीमारियों की वजह बन जाती है। अगर आप भी रातभर जागने की इस समस्या से तंग आ चुके हैं, तो चिकित्सा विज्ञान और प्राचीन योग विज्ञान के अनूठे मेल से बनी '4-7-8 ब्रीदिंग तकनीक' (4-7-8 Breathing Technique) आपके लिए एक वरदान साबित हो सकती है। यह जादुई तरीका मात्र 5 मिनट के भीतर आपके दिमाग को शांत कर आपको गहरी और सुकून भरी नींद की आगोश में सुला सकता है।क्या है यह चमत्कारी 4-7-8 ब्रीदिंग तकनीक? जानें इसके पीछे का पूरा विज्ञानइस बेहद प्रभावशाली और वैज्ञानिक तकनीक को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के डॉ. एंड्रयू वेल (Dr. Andrew Weil) द्वारा पूरी दुनिया के सामने लाया गया था। यह प्राचीन भारतीय प्राणायाम विधियों पर आधारित एक गहरी सांस लेने का अभ्यास है, जो हमारे शरीर के पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम (Parasympathetic Nervous System) को तुरंत एक्टिवेट कर देता है। जब हम तनाव में होते हैं, तो हमारी सांसें उथली और तेज हो जाती हैं, जिससे दिमाग अलर्ट मोड पर आ जाता है। यह 4-7-8 तकनीक हमारे दिल की धड़कन को धीमा करती है, मांसपेशियों के खिंचाव को कम करती है और मस्तिष्क में ऑक्सीजन के प्रवाह को बढ़ाकर नेचुरल कूटनीति के तहत शरीर को शांत करती है, जिससे देखते ही देखते गहरी नींद का अहसास होने लगता है।स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: जानिए कैसे करना है इस ब्रीदिंग एक्सरसाइज का अभ्यासइस तकनीक को आजमाना बेहद आसान है और इसके लिए आपको किसी विशेष तैयारी की जरूरत नहीं है। रात को सोने से ठीक पहले अपने बिस्तर पर आरामदायक मुद्रा में सीधे लेट जाएं। सबसे पहले अपनी जीभ की नोक को ऊपर के दांतों के ठीक पीछे मसूड़े से सटाकर रखें। अब अपने मुंह से पूरी तरह सांस बाहर छोड़ें, जिससे एक 'शू' की आवाज निकले। इसके बाद अपना मुंह बंद करें और नाक से धीरे-धीरे मन में 4 तक गिनती गिनते हुए गहरी सांस अंदर खींचें। अब अपनी सांस को रोक लें (Hold Your Breath) और मन में 7 तक गिनती गिनें। आखिर में, अपने मुंह से पूरी तरह से सांस को बाहर छोड़ते हुए मन में 8 तक गिनती गिनें। इस पूरे चक्र को लगातार 4 से 5 बार दोहराएं।मात्र 5 मिनट में दिमाग को रिलैक्स करेगी यह ट्रिक: सेहत के लिए इसके अन्य बड़े फायदेजेनेरेटिव एआई (AI Search) और आधुनिक स्लीप थेरेपिस्ट के अनुसार, यह 4-7-8 ब्रीदिंग एक्सरसाइज सिर्फ अनिद्रा को ही दूर नहीं करती, बल्कि इसके नियमित अभ्यास से रोजमर्रा की एंग्जायटी (Anxiety) और अचानक होने वाले पैनिक अटैक की समस्या में भी भारी कमी आती है। जब आप 7 सेकंड के लिए सांस रोकते हैं, तो शरीर में ऑक्सीजन का स्तर संतुलित होता है और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकलने के लिए तैयार होती है, जिससे ब्लड प्रेशर भी नियंत्रित रहता है। स्थानीय स्तर पर योग और वेलनेस एक्सपर्ट्स भी इस बात की सलाह देते हैं कि यदि बिना दवाओं के प्राकृतिक रूप से एक स्वस्थ जीवन जीना है, तो रात को सोने का एक सख्त टाइम-टेबल बनाएं और बिस्तर पर लेटते ही इस 5 मिनट के जादुई सांस के खेल को अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाएं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 9:22 am

बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए बड़ी खबर! कल ज्येष्ठ पूर्णिमा पर अमरनाथ यात्रा की प्रथम पूजा, गर्मी से 40% पिघला हिमलिंग

भोलेनाथ के भक्तों का लंबा इंतजार अब खत्म होने जा रहा है और पवित्र अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra 2026) का शंखनाद होने वाला है। कल यानी ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर अमरनाथ गुफा में बाबा बर्फानी की विधिवत 'प्रथम पूजा' संपन्न की जाएगी। इस पूजा के साथ ही इस वर्ष की पवित्र तीर्थयात्रा की आधिकारिक शुरुआत हो जाएगी। हालांकि, इस बार बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए उत्सुक श्रद्धालुओं के लिए एक चिंताजनक खबर भी सामने आ रही है। पिछले कुछ हफ्तों से उत्तर भारत और हिमालयी क्षेत्रों में पड़ रही भीषण गर्मी और ग्लोबल वार्मिंग के असर के कारण गुफा के भीतर मौजूद प्राकृतिक हिमलिंग (Ice Lingam) लगभग 40 फीसदी तक पिघल चुका है। इस बड़े बदलाव के बावजूद स्थानीय प्रशासन और श्राइन बोर्ड यात्रा को ऐतिहासिक बनाने की तैयारियों में मुस्तैद हैं।ज्येष्ठ पूर्णिमा पर प्रथम पूजा का विशेष महत्व: कल से शुरू होगा भक्ति का महासंगमअमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) की परंपरा के अनुसार, हर साल ज्येष्ठ पूर्णिमा के शुभ संयोग पर पवित्र गुफा के भीतर विशेष वैदिक मंत्रोच्चार और हवन-पूजन के साथ प्रथम पूजा आयोजित की जाती है। इस पूजा में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअली या व्यक्तिगत रूप से शामिल होकर बाबा अमरनाथ से यात्रा के निर्विघ्न संपन्न होने की प्रार्थना करते हैं। हिंदू धर्म में इस पूजा का अत्यंत ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व है, क्योंकि इसी दिन से पवित्र गुफा के कपाट आध्यात्मिक रूप से तीर्थयात्रियों के लिए खोल दिए जाते हैं और पूरे वातावरण में 'बम बम भोले' के जयकारे गूंजने लगते हैं।ग्लोबल वार्मिंग का सीधा प्रहार: 40 फीसदी तक सिमटा बाबा बर्फानी का आकारइस साल पहाड़ों पर पड़ी कम बर्फबारी और जून के महीने में मैदानी इलाकों के साथ-साथ ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में दर्ज किए गए रिकॉर्ड तोड़ तापमान ने बाबा बर्फानी के स्वरूप पर बड़ा असर डाला है। ताजा ग्राउंड रिपोर्ट और सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि गुफा के भीतर बनने वाला हिमलिंग अपनी पूरी क्षमता से करीब 40 प्रतिशत तक पिघल गया है। रक्षा और पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में मानसून की बारिश समय पर नहीं हुई या पहाड़ों पर गर्मी इसी तरह बरकरार रही, तो हिमलिंग के आकार में और तेजी से गिरावट आ सकती है। यही वजह है कि शुरुआती जत्थों में जाने वाले श्रद्धालुओं को बाबा बर्फानी के पूरे स्वरूप के दर्शन मिलने की संभावना सबसे अधिक जताई जा रही है।भौगोलिक चुनौतियां और स्थानीय प्रशासन की मुस्तैदी: यात्रियों के लिए गाइडलाइन जारीअमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के स्थानीय प्रशासन और भारतीय सेना ने दोनों मुख्य रूटों— पहलगाम (Pahalgam) और बालटाल (Baltal) पर सुरक्षा और सुविधाओं का अभेद्य चक्रव्यूह तैयार किया है। इस बार एआई सर्च (GEO) और आधुनिक तकनीक के जरिए मौसम के पल-पल के बदलावों पर नजर रखी जा रही है। स्थानीय स्तर पर ऑक्सीजन बूथ, मेडिकल कैंप और रहने के लिए टेंटों की व्यवस्था को पहले से ज्यादा हाई-टेक किया गया है। श्राइन बोर्ड ने सभी अमरनाथ यात्रियों से अपील की है कि वे अपने साथ जरूरी गर्म कपड़े, रेनकोट और फिटनेस सर्टिफिकेट अवश्य लाएं और बदलते मौसम को देखते हुए स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 9:20 am

मानसून आते ही घरों में क्यों बनने लगती है दाल-पूड़ी, खीर और आम? जानें आर्द्रा नक्षत्र का वो वैज्ञानिक सच जो होश उड़ा देगा

भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं में प्रकृति, मौसम और खान-पान का एक बेहद गहरा और अटूट संबंध रहा है। जैसे ही देश के अधिकांश हिस्सों में चिलचिलाती धूप और गर्मी के बाद मानसून की पहली फुहारें पड़ती हैं, वैसे ही उत्तर और मध्य भारत के घरों में एक विशेष पारंपरिक थाली तैयार होने लगती है। इस थाली में खासतौर पर गरमा-गरम दाल भरी पूड़ी, मलाईदार चावल की खीर और पके हुए रसीले आम शामिल होते हैं। स्थानीय समाज में इसे 'अद्रा (आर्द्रा) का भोजन' कहा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दाल-पूड़ी, खीर और आम के इस खास कॉम्बिनेशन का सीधा संबंध आकाशमंडल के आर्द्रा नक्षत्र (Ardra Nakshatra) से है? यह केवल कोई अंधविश्वास या पुरानी रीत नहीं है, बल्कि इसके पीछे का वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संबंधी महत्व बेहद हैरान करने वाला है।आर्द्रा नक्षत्र से क्या है इस लजीज थाली का सीधा कनेक्शन?खगोल विज्ञान और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य देव मिथुन राशि में प्रवेश करते हैं और आर्द्रा नक्षत्र का उदय होता है, तो भारत में वर्षा ऋतु यानी मानसून की आधिकारिक शुरुआत मानी जाती है। आर्द्रा का शाब्दिक अर्थ होता है 'नमी' या 'गीलापन'। इस दौरान हवा में आर्द्रता (Humidity) अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाती है और मौसम पूरी तरह करवट ले लेता है। ग्रामीण और स्थानीय लोक संस्कृति में सदियों से यह माना जाता रहा है कि आर्द्रा नक्षत्र के प्रवेश करते ही धरती मां रजस्वला होती हैं और नई फसलों के अंकुरण के लिए तैयार होती हैं। इसी खुशी और उत्सव के रूप में प्रकृति को धन्यवाद देने के लिए इस विशेष पकवान को बनाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।इस पारंपरिक भोजन के पीछे छिपा है आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान का अनोखा राजवैज्ञानिक और आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो मौसम के इस अचानक बदलाव का हमारे पाचन तंत्र (Digestive System) पर सीधा असर पड़ता है। मानसून की शुरुआत में इंसानी शरीर की जठराग्नि (भूख और पचाने की शक्ति) थोड़ी मंद पड़ जाती है, जिसके कारण मौसमी बीमारियां, पेट दर्द और इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, इस समय शरीर में 'वात' दोष कुपित होता है। खीर में मौजूद दूध और चावल शरीर को शीतलता प्रदान करते हैं, जबकि दाल भरी पूड़ी में इस्तेमाल होने वाले मसाले और घी शरीर को जरूरी ऊर्जा और स्निग्धता देते हैं। यह पूरा भोजन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity Boost) को बढ़ाने और पेट को संतुलित रखने के लिए एक अचूक टॉनिक की तरह काम करता है।आम खाने का यही है सबसे सही समय: सेहत के लिए क्यों है जरूरी?इस थाली का सबसे मुख्य और आकर्षक हिस्सा है फलों का राजा 'आम'। विज्ञान कहता है कि आर्द्रा नक्षत्र के शुरू होने से पहले तक (यानी भीषण गर्मी में) जो आम बाजारों में मिलते हैं, उनमें गर्मी और एसिड की मात्रा अधिक होती है। लेकिन मानसून की पहली बारिश की बूंदें पड़ते ही आम का प्राकृतिक कसैलापन और अत्यधिक गर्मी शांत हो जाती है, जिससे वह पूरी तरह पककर सुपाच्य हो जाता है। खीर और आम को एक साथ मिलाकर खाने से शरीर को प्रचुर मात्रा में विटामिन-ए, सी और आवश्यक एंटीऑक्सीडेंट्स मिलते हैं, जो बदलते मौसम में त्वचा और आंखों की सेहत को दुरुस्त रखते हैं। यही वजह है कि हमारे पूर्वजों ने इस वैज्ञानिक संतुलन को एक खूबसूरत परंपरा का रूप दे दिया।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 9:18 am

साल की सबसे बड़ी पूर्णिमा आज! ज्येष्ठ पूर्णिमा पर बन रहा दुर्लभ महासंयोग, जानें सत्यनारायण पूजा का महामुहूर्त

सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष और अत्यंत पूजनीय स्थान माना गया है, लेकिन ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि (Jyeshtha Purnima) अपने आप में कई मायनों में बेहद खास और चमत्कारी मानी जाती है। आज देश भर में ज्येष्ठ पूर्णिमा का पावन पर्व बेहद हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। इस बार की पूर्णिमा इसलिए भी अधिक फलदायी हो गई है क्योंकि आज के दिन कई अत्यंत शुभ और दुर्लभ योगों का महासंयोग बन रहा है। ज्योतिषविदों के अनुसार, आज के शुभ योगों में की गई पूजा-अर्चना, पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य करने से साधक को जीवन के सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।ज्येष्ठ पूर्णिमा का धार्मिक महत्व: क्यों बेहद खास है आज का दिन?पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन ही माता लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था और इसी पावन तिथि पर भगवान विष्णु के अवतार सत्यनारायण भगवान की पूजा का विधान शुरू हुआ था। इस दिन पवित्र गंगा या किसी भी पवित्र नदी में स्नान करने से अनजाने में हुए सभी पाप धूल जाते हैं। विवाहित महिलाओं के लिए भी यह दिन सौभाग्य लेकर आता है क्योंकि इसी कालखंड में वट सावित्री व्रत का समापन भी होता है। आधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) के अनुसार, लोग इस दिन मानसिक शांति और चंद्र दोष से मुक्ति पाने के लिए विशेष रूप से चंद्रमा को अर्घ्य देते हैं, जिससे कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है।सत्यनारायण भगवान की पूजा का सबसे शुभ समय और महामुहूर्तआज ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर घर-घर में सुख-शांति के लिए भगवान सत्यनारायण की कथा कराने की प्राचीन परंपरा है। ज्योतिष गणना के अनुसार, आज पूजा के लिए कई श्रेष्ठ चौघड़िया और शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। सुबह के समय अमृत और शुभ के चौघड़िया में पूजन करना सर्वोत्तम रहेगा। वहीं, जो श्रद्धालु संध्या काल में प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा पर पूजा करना चाहते हैं, उनके लिए शाम का समय भी बेहद फलदायी है। राहुकाल के समय को छोड़कर पूरे दिन में किसी भी शुभ वेला में श्रीहरि विष्णु और माता लक्ष्मी का सामूहिक पूजन संपन्न किया जा सकता है, जिससे घर की दरिद्रता का हमेशा के लिए नाश होता है।संपूर्ण पूजा विधि, नियम और इस चमत्कारी मंत्र का करें जापज्येष्ठ पूर्णिमा की पूजा को सफल बनाने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं। अपने घर के मंदिर या स्थानीय पूजा स्थल (Local Temple) की अच्छे से साफ-सफाई करें। एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। भगवान को पीले फूल, पीले फल, पंचामृत और विशेष रूप से तुलसी दल अर्पित करें क्योंकि बिना तुलसी के श्रीहरि भोग स्वीकार नहीं करते। पूजा के दौरान ॐ नमो भगवते वासुदेवाय और ॐ श्री लक्ष्म्यै नमः मंत्रों का कम से कम 108 बार श्रद्धापूर्वक जाप करें। इसके बाद सत्यनारायण भगवान की कथा सुनें या पढ़ें और अंत में कपूर से आरती कर सभी में चरणामृत और पंजीरी का प्रसाद वितरित करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 9:17 am

लॉक अप 2' में टूटने की कगार पर पहुंचा रिश्ता! आकांक्षा चमोला ने खोले पति गौरव खन्ना से तलाक के राज, भड़कीं राखी सावंत

टेलीविजन इंडस्ट्री के गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। छोटे पर्दे का मशहूर और विवादित रियलिटी शो 'लॉक अप सीजन 2' (Lock Upp 2) शुरू होते ही विवादों के भंवर में फंस गया है। शो में बतौर कंटेस्टेंट शामिल हुईं अभिनेत्री आकांक्षा चमोला (Akanksha Chamola) ने नेशनल टेलीविजन पर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा किया है, जिसने पूरी टीवी इंडस्ट्री और फैंस को झकझोर कर रख दिया है। आकांक्षा ने शो के भीतर 'अनुपमा' (Anupamaa) फेम अभिनेता और अपने पति गौरव खन्ना (Gaurav Khanna) से चल रहे मनमुटाव और तलाक की असली वजहों पर से पर्दा उठा दिया है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर एक नया सियासी बवाल खड़ा हो गया है।नेशनल टीवी पर आकांक्षा चमोला का दर्द: क्यों आई गौरव खन्ना से तलाक की नौबत?'लॉक अप 2' के हालिया एपिसोड में आकांक्षा चमोला कैमरे के सामने बेहद भावुक नजर आईं और उन्होंने को-कंटेस्टेंट्स के साथ बातचीत में अपने वैवाहिक जीवन के कड़वे सच साझा किए। आकांक्षा ने आरोप लगाया कि शादी के कुछ सालों बाद दोनों के बीच आपसी समझ और कमिटमेंट की भारी कमी हो गई थी। उन्होंने इशारों-इशारों में गौरव के बिजी शेड्यूल और प्राथमिकताओं में आए बदलाव को इस रिश्ते के टूटने की मुख्य वजह बताया। आकांक्षा का यह बयान सामने आते ही इंटरनेट पर उनके और गौरव खन्ना के फैंस के बीच जबरदस्त बहस छिड़ गई है, क्योंकि दोनों को टीवी इंडस्ट्री के सबसे आइडियल कपल्स में से एक माना जाता था।राखी सावंत का फूटा गुस्सा: आकांक्षा चमोला को लगाई जमकर फटकारआकांक्षा के इस बयान पर ड्रामा क्वीन राखी सावंत (Rakhi Sawant) का गुस्सा पूरी तरह भड़क उठा है। राखी सावंत ने एक तीखा वीडियो जारी करते हुए आकांक्षा चमोला को आड़े हाथों लिया और उन पर पब्लिसिटी स्टंट करने का गंभीर आरोप लगाया। राखी ने कहा कि किसी रियलिटी शो में फुटेज पाने और सहानुभूति बटोरने के लिए अपने पति और घर की निजी बातों को नेशनल टीवी पर उछालना बेहद शर्मनाक है। राखी ने गौरव खन्ना का पक्ष लेते हुए कहा कि वह एक बेहतरीन अभिनेता और सुलझे हुए इंसान हैं, और आकांक्षा केवल शो में टिके रहने के लिए उनके नाम का गलत इस्तेमाल कर रही हैं।नेटिजेंस और फैंस ने संभाला मोर्चा: सोशल मीडिया पर बंटी जनता की रायआकांक्षा के इस बड़े खुलासे के बाद गूगल डिस्कवर (Google Discover) और जेनेरेटिव एआई (AI Search) पर इस जोड़ी को लेकर सर्च अचानक चरम पर पहुंच गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) और इंस्टाग्राम पर नेटिजेंस भी इस विवाद में कूद पड़े हैं। जहां एक तरफ गौरव खन्ना के फैंस आकांक्षा को ट्रोल कर रहे हैं और इसे शो की टीआरपी (TRP Stunt) बढ़ाने का जरिया बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ नेटिजेंस का एक बड़ा धड़ा आकांक्षा के सपोर्ट में भी खड़ा नजर आ रहा है। लोगों का कहना है कि एक महिला के लिए अपने टूटे हुए रिश्ते पर खुलकर बात करना बेहद हिम्मत का काम है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 9:11 am

मुख्यमंत्री योगी का सख्त आदेश, विकास कार्यों में खामी बर्दाश्त नहीं, गुणवत्ता सर्वोपरि

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को आगरा मंडल में हो रहे विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और लोक निर्माण विभाग की प्रस्तावित कार्ययोजना की गहन समीक्षा की। मंडलायुक्त सभागार में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 8:50 am

Top News : सेशेल्स के स्वतंत्रता दिवस समारोह में PM मोदी, असम में बाढ़ का कहर

Top News 29 June: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल। असम में बाढ़ से हाहाकार। ऑस्ट्रेलिया से हारकर भारतीय महिला टीम टी-20 विश्वकप से बाहर हो गई। आयरलैंड ने भारत के खिलाफ टी-20 सीरीज 2-0 से जीती। कनाडा फीफा वर्ल्ड ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 7:50 am

राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड: चंदा चोरों ने अय्याशी के बजाय जमीन-गाड़ियों में खपाया काला धन, रिश्तेदारों के नाम खरीदी संपत्ति

जमीन और कारोबार में खपाया चोरी का पैसा अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे आरोपियों के काले कारनामों की परतें खुलती जा रही हैं। पुलिस और एसआईटी की जांच में यह साफ हो गया है कि आरोपियों ने चोरी की रकम का इस्तेमाल दिखावटी अय्याशी के बजाय संपत्ति बनाने में किया। उन्होंने अयोध्या और फैजाबाद के आसपास न केवल बेशकीमती प्लॉट खरीदे, बल्कि खेती की जमीनें भी अपने और अपने करीबी रिश्तेदारों के नाम पर दर्ज कराईं। पुलिस को यह भी पता चला है कि कई आरोपियों ने अपने रिश्तेदारों के कारोबार में भारी निवेश किया ताकि अवैध पैसों को वैध बनाकर छिपाया जा सके।दो साल में ही बदल गई आरोपियों की किस्मत हैरानी की बात यह है कि ये सभी आरोपी मंदिर निर्माण कार्य से पिछले महज दो से ढाई साल के भीतर ही जुड़े थे। लेकिन इतने कम समय में ही इनके रहन-सहन में आया बदलाव किसी की भी नजरों से नहीं बचा। कुछ आरोपियों ने साधारण बाइक से शुरुआत की और देखते ही देखते कार के मालिक बन गए। मुख्य आरोपी टिन्नू यादव से लेकर अनुकल्प मिश्रा तक, सभी के वित्तीय व्यवहार में संदिग्ध उछाल देखा गया। कौशलपुरी में अनुकल्प मिश्रा द्वारा हाल ही में खरीदा गया 40 लाख का आलीशान घर इस बात का प्रमाण है कि मंदिर के चढ़ावे का पैसा पानी की तरह बहाया गया।पुलिस की छापेमारी और संपत्ति का आकलन रविवार को पुलिस ने सभी सात मुख्य आरोपियों के ठिकानों पर सघन छापेमारी की। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बहुत ही सुनियोजित तरीके से पैसों को ठिकाने लगाया था। टिन्नू यादव का मामला तो और भी पेचीदा है; उसके नाम पर अयोध्या में 14 कमरों का एक हॉस्टल भी है, जिसे उसने निर्माण एजेंसी को किराए पर दिया था। वहीं दूसरी तरफ, रमाशंकर मिश्रा जैसे आरोपियों ने अपने परिवार की बेहद सामान्य स्थिति बनाए रखी ताकि किसी को शक न हो, जबकि वे अंदरखाने पैसे खपाने की जुगत में लगे थे। फिलहाल, पुलिस अब उन सभी संपत्तियों और बैंक खातों की सूची तैयार कर रही है जो इन आरोपियों ने मंदिर के पैसे से बनाई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 7:18 am

टीईटी पेपर लीक से लेकर राम मंदिर विवाद तक, हुसैन दलवाई ने भाजपा को घेरा

महाराष्ट्र में टीईटी पेपर लीक मामले पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले नीट पेपर लीक हुआ और अब महाराष्ट्र में भी पेपर लीक हो गया

देशबन्धु 29 Jun 2026 6:50 am

राम मंदिर चढ़ावा मामले में चंपत राय का इस्तीफा नैतिकता की मिसाल: विहिप

राम मंदिर चढ़ावा में कथित अनियमितताओं के मामले में चल रही जांच के बीच विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र जैन ने ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय के इस्तीफे को नैतिक जिम्मेदारी बताया

देशबन्धु 29 Jun 2026 6:00 am

पीएम मोदी के विजन को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है दिल्ली सरकार: सीएम रेखा गुप्ता

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं

देशबन्धु 29 Jun 2026 2:52 am

कराची आतंकी हमले के आरोपों पर भारत ने दिया करारा जवाब, कहा- दूसरों पर नहीं, अपने गिरेबान में झांके पाकिस्तान

Karachi terror attack Case : भारत ने कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के कैंप पर शनिवार रात को हुए आतंकवादी हमले को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। साथ ही पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय पाकिस्तान ...

वेब दुनिया 28 Jun 2026 11:41 pm

केशव प्रसाद मौर्य ने 'लोकमाता' अहिल्याबाई होल्कर जी स्मृति द्वार का विधिवत शिलान्यास किया

'लोकमाता' अहिल्याबाई होल्कर जी की 301वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य समारोह में केशव प्रसाद मौर्य सम्मिलित हुए,उन्होंने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर भारतीय इतिहास की ऐसी महान विभूति थीं, जिन्होंने अपने न्यायपूर्ण एवं जनकल्याणकारी शासन, सेवा, समर्पण और सांस्कृतिक चेतना के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की अमिट मिसाल प्रस्तुत की। उनका संपूर्ण जीवन लोकसेवा, सुशासन, नारी सशक्तिकरण तथा भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए समर्पित रहा।उपमुख्यमंत्री ने लोनी बॉर्डर बस डिपो के निकट विधायक निधि योजना के अंतर्गत निर्मित होने वाले 'लोकमाता' अहिल्याबाई होल्कर जी स्मृति द्वार का विधिवत शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि यह स्मृति द्वार आने वाली पीढ़ियों को लोकमाता के महान व्यक्तित्व, उनके आदर्शों तथा राष्ट्र एवं समाज के प्रति उनके अनुपम योगदान का स्मरण कराता रहेगा।इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्री चैनपाल सिंह, भाजपा महानगर अध्यक्ष श्री मयंक गोयल, सांसद श्री अतुल गर्ग, विधायक श्री नन्द किशोर गुर्जर, अन्य जनप्रतिनिधिगण, पार्टी पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी के आदर्शों पर चलकर समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लेने के साथ हुआ।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 10:42 pm

प्रधानमंत्री जी भारतीय संस्कृति, महापुरुषों की विरासत और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को संरक्षित एवं समृद्ध कर रहे हैं, केशव प्रसाद मौर्य

गाजियाबाद में 'लोकमाता' अहिल्याबाई होल्कर जी की 301वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य समारोह में श्री मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकारें भारतीय संस्कृति, महापुरुषों की विरासत और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को संरक्षित एवं समृद्ध करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास किया जा रहा है।श्री मौर्य ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर चलाए जा रहे 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया। उन्होंने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आग्रह करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन तथा भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए वृक्षारोपण जनभागीदारी का महाअभियान बनना चाहिए। प्रत्येक नागरिक यदि अपनी माता के सम्मान में एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल का संकल्प ले, तो यह अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक जनआंदोलन सिद्ध होगा।इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्री चैनपाल सिंह, भाजपा महानगर अध्यक्ष श्री मयंक गोयल, सांसद श्री अतुल गर्ग, विधायक श्री नन्द किशोर गुर्जर, अन्य जनप्रतिनिधिगण, पार्टी पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी के आदर्शों पर चलकर समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लेने के साथ हुआ।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 10:30 pm

गर्मी में तेजी से पिघल रहा अमरनाथ हिमलिंग, श्रद्धालुओं और प्रशासन की बढ़ी चिंता

Baba Amarnath Yatra : कश्मीर के हिमालयी क्षेत्र में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में बनने वाला प्राकृतिक हिमलिंग इस वर्ष अपेक्षाकृत अधिक गर्म मौसम के कारण तेजी से पिघल रहा है। यात्रा शुरू होने से पहले ही हिमलिंग के आकार में आई कमी ने श्रद्धालुओं, ...

वेब दुनिया 28 Jun 2026 8:58 pm

फ्रांस के नैन्सी शहर में विमान दुर्घटनाग्रस्त, 11 लोगों की मौत

पेरिस। फ्रांस के नैन्सी शहर के पास एक नागरिक विमान के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से उसमें सवार सभी 11 लोगों की मौत हो गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार टॉमब्लेन हवाई अड्डे के समीप यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें स्काईडाइवर सवार थे जो एक प्रशिक्षण उड़ान पर थे। यह विमान पहली बार पैराशूट जंप […] The post फ्रांस के नैन्सी शहर में विमान दुर्घटनाग्रस्त, 11 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Jun 2026 7:19 pm

भजनलाल ने जोधपुर एयरपोर्ट के बन रहे नए टर्मिनल के उद्घाटन की तेयारियों का लिया जायजा

जोधपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को जोधपुर हवाई अड्डे का दौरा करके आगामी चार जुलाई को यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने वाले उद्घाटन कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान शर्मा ने नवीन टर्मिनल का जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने नवीन टर्मिनल का निरीक्षण […] The post भजनलाल ने जोधपुर एयरपोर्ट के बन रहे नए टर्मिनल के उद्घाटन की तेयारियों का लिया जायजा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Jun 2026 7:02 pm

महंगी शिक्षा, निजीकरण और पेपर लीक से छात्रों का भविष्य संकट में : नसीम अख्तर इंसाफ

भीलवाड़ा। भीलवाड़ा देहात कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में रेलवे स्टेशन के सामने स्थित अंबेडकर सर्किल पर छात्र समस्याओं को लेकर एक विशाल जनजागरण कार्यक्रम एवं नाट्य मंचन का आयोजन किया गया। हजारों छात्रों की उपस्थिति में कलाकारों ने महंगी शिक्षा, शिक्षा के निजीकरण, बढ़ते मानसिक तनाव, पेपर लीक और आत्महत्या जैसी गंभीर समस्याओं को प्रभावशाली […] The post महंगी शिक्षा, निजीकरण और पेपर लीक से छात्रों का भविष्य संकट में : नसीम अख्तर इंसाफ appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Jun 2026 6:50 pm

उदयपुर : युवती ने गोवर्धन सागर तालाब में कूदकर की आत्महत्या

उदयपुर। राजस्थान में उदयपुर के गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र में रविवार को गोवर्धन सागर तालाब में कूदकर एक युवती ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बताया कि सुबह गोवर्धन सागर पाल से ग्रामीणों ने एक युवती को तालाब में छलांग लगाते हुए देखकर इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर नागरिक […] The post उदयपुर : युवती ने गोवर्धन सागर तालाब में कूदकर की आत्महत्या appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Jun 2026 6:44 pm

भजनलाल ने सिविल सेवा परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों के साथ सुना ‘मन की बात’कार्यक्रम

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सिविल सेवा परीक्षा एवं भारतीय वन सेवा परीक्षा-2025 में चयनित राजस्थान के अभ्यर्थियों के साथ रविवार को यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के ‘135वें संस्करण’ को सुना। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में रक्षा के क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता, वैश्विक परिस्थितियों के बीच […] The post भजनलाल ने सिविल सेवा परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों के साथ सुना ‘मन की बात’ कार्यक्रम appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Jun 2026 6:38 pm

ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमरीका के आठ सैन्य ठिकानों पर किया हमला

तेहरान। ईरान ने चेतावनी दी है कि भविष्य में अमरीका की किसी भी आक्रामक कार्रवाई का करारा जवाब दिया जाएगा तथा हाल में हुए युद्धविराम समझौते इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के तहत चल रही सभी कूटनीतिक प्रक्रियाएं स्थगित की जा सकती हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने रविवार को कहा कि उसने कुवैत और बहरीन […] The post ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमरीका के आठ सैन्य ठिकानों पर किया हमला appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Jun 2026 6:35 pm

मोदी ने मिट्टी से बनी गणपति बप्पा की मूर्ति खरीदने की अपील की

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आप यह प्रयास करें कि आपके घर, सोसायटी या आसपास की जगहों पर गणपति बप्पा की जो मूर्ति स्थापित हो वह हमारे देश की मिट्टी से बनी हो, वो हमारे अपने कुम्हारों और स्थानीय कलाकारों के हाथों तैयार हुई हो। मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम मन […] The post मोदी ने मिट्टी से बनी गणपति बप्पा की मूर्ति खरीदने की अपील की appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Jun 2026 6:27 pm

केतन अग्रवाल मर्डर केस: बर्थडे का बहाना, रची गई खौफनाक साजिश; FIR में खुला सिया और चेतन की साजिश का पूरा सच

असामान्य व्यवहार और बिगड़ते रिश्ते की कहानी पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की गुत्थी अब पूरी तरह खुलती दिख रही है। 18 जून को लोहागढ़ किले में हुई केतन की संदिग्ध मौत अब एक सोची-समझी हत्या में तब्दील हो चुकी है। केतन के पिता विशाल देवीचंद अग्रवाल द्वारा दर्ज कराई गई FIR के अनुसार, मंगेतर सिया गोयल का व्यवहार पिछले कुछ समय से बेहद असामान्य हो गया था। केतन ने खुद अपने परिवार को बताया था कि सिया न केवल छोटी-छोटी बातों पर बेवजह झगड़ती थी, बल्कि उसका चिड़चिड़ापन और नखरे दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे थे। विवाद की जड़ 4 जून को लोहगढ़ किले की रद्द हुई एक यात्रा बनी, जिसके बाद से सिया का व्यवहार और अधिक आक्रामक हो गया था।बर्थडे का बहाना और मौत का जाल FIR की डिटेल्स के मुताबिक, सिया गोयल ने पूरी साजिश को अंजाम देने के लिए जन्मदिन का इस्तेमाल एक 'ट्रैप' (Trap) की तरह किया। 17 जून की रात सिया ने केतन के साथ-साथ उसकी मां राखी अग्रवाल को भी फोन कर जन्मदिन के बहाने लोहगढ़ चलने के लिए राजी कर लिया। मां के पहले इनकार के बावजूद, सिया की जिद के आगे परिवार को झुकना पड़ा। अगले दिन 18 जून को केतन अपनी मंगेतर को साथ लेकर लोहगढ़ रवाना हुआ, लेकिन कुछ ही घंटों बाद सुबह 10:45 बजे सिया का वह मनहूस फोन आया कि 'केतन खाई में गिर गया है'।घटनास्थल का सच: महज दुर्घटना या सोची-समझी हत्या? केतन की मौत के बाद जब परिवार और उनके दोस्तों ने 21 जून को घटनास्थल का निरीक्षण किया, तो उन्हें दाल में कुछ काला लगा। चट्टान और आसपास के इलाके का मुआयना करने के बाद उनके दोस्तों का यह मानना है कि उस जगह से किसी का फिसलकर गिरना लगभग नामुमकिन है। परिवार का सीधा आरोप है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी। पुलिस की जांच और FIR में दर्ज आरोपों के अनुसार, मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को मौत के घाट उतारा, क्योंकि केतन उनके अवैध प्रेम संबंधों के बीच सबसे बड़ा कांटा बन गया था। अब पुलिस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत दोनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है, ताकि हत्या की इस पूरी स्क्रिप्ट को अंजाम तक पहुंचाया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 6:08 pm

कराची आतंकी हमले के आरोपों का भारत ने किया खंडन, विदेश मंत्रालय ने कहा-खुद के भीतर झांके पाकिस्तान

भारत ने कराची में हुए हालिया आतंकवादी हमले को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। भारत ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को बेबुनियाद बताया है। इसके साथ ही नसीहत दी है कि पाकिस्तान अपने देश से संचालित आतंकी ढांचे को खत्म करने पर ध्यान केंद्रित करे।

देशबन्धु 28 Jun 2026 6:00 pm

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे हैं? काठमांडू में फंसे 52 तीर्थयात्री, विदेश मंत्रालय ने जारी की सख्त एडवाइजरी

दस्तावेजों के बिना यात्रा बनी मुसीबत कैलाश मानसरोवर की पवित्र यात्रा पर निकले 52 भारतीय नागरिक इस वक्त नेपाल की राजधानी काठमांडू में संकट में हैं। वैध चीनी वीजा और प्रवेश परमिट जैसे अनिवार्य दस्तावेजों के अभाव में इन श्रद्धालुओं की यात्रा बीच में ही रुक गई है। तीर्थयात्रियों के फंसे होने की खबर सामने आते ही विदेश मंत्रालय (MEA) ने तत्काल प्रभाव से एक एडवाइजरी जारी कर दी है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जरूरी दस्तावेजों के बिना यात्रा शुरू करना न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि यह श्रद्धालुओं के लिए बड़ी मुसीबत का सबब भी बन सकता है।सावधान! बुकिंग से पहले करें इन बातों की जांच विदेश मंत्रालय ने श्रद्धालुओं को आगाह किया है कि वे यात्रा की बुकिंग करते समय बेहद सतर्कता बरतें। केवल उन्हीं टूर ऑपरेटरों के माध्यम से यात्रा करें जो विधिवत पंजीकृत और अधिकृत हैं। मंत्रालय के अनुसार, कई बार ऑपरेटर परमिट दिलाने का झूठा भरोसा देकर तीर्थयात्रियों को अंधेरे में रखते हैं, जिसका नतीजा यात्रा के दौरान परेशानी के रूप में सामने आता है। बुकिंग से पहले ऑपरेटर की विश्वसनीयता और परमिट की स्थिति की जांच करना अनिवार्य है, ताकि बाद में किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।सुप्रिया सुले ने की तत्काल हस्तक्षेप की मांग काठमांडू में फंसे यात्रियों की सुध लेते हुए राकांपा (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने भी केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास और बीजिंग स्थित दूतावास से तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया के माध्यम से मांग की है कि इन 52 तीर्थयात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाए। फिलहाल, प्रशासन इन श्रद्धालुओं को निकालने और उनकी आगे की यात्रा को सुचारु बनाने के विकल्पों पर विचार कर रहा है। यदि आप भी मानसरोवर जाने का मन बना रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपके पास सभी कागजात तैयार हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 6:00 pm

'बच्चों की छुट्टी में दखल दिया तो छिन जाएंगे अधिकार', विदेश यात्रा पर बॉम्बे हाई कोर्ट की मां को सख्त चेतावनी

पिता संग विदेश यात्रा: कोर्ट ने तय की लक्ष्मण रेखा बॉम्बे हाई कोर्ट ने हाल ही में एक संवेदनशील पारिवारिक मामले में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मामला तलाक की कार्यवाही से गुजर रहे एक दंपत्ति का है, जहां पिता को अपनी दो नाबालिग बेटियों के साथ विदेश यात्रा पर जाने की अनुमति मिली थी। मां ने न केवल इस आदेश को चुनौती दी थी, बल्कि खुद भी यात्रा में शामिल होने की इच्छा जताई थी। जस्टिस नीला गोखले की बेंच ने मां को यात्रा में साथ जाने की अनुमति तो दे दी, लेकिन एक बहुत बड़ी शर्त रख दी है। कोर्ट ने साफ कहा है कि मां उसी होटल में नहीं ठहर सकतीं और उन्हें पिता-पुत्रियों की छुट्टियों के दौरान किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप करने की सख्त मनाही है।बच्चों की खुशी सबसे ऊपर: जज की अनूठी पहल इस फैसले के पीछे कोर्ट की सोच बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और उनकी छुट्टियों के आनंद को सुरक्षित रखना है। हाई कोर्ट ने दोनों बच्चियों से निजी तौर पर बात की, जिसके बाद यह पाया गया कि वे अपने पिता के साथ यात्रा को लेकर काफी उत्साहित थीं। कोर्ट ने टिप्पणी की कि यदि मां उसी फ्लाइट में और उसी होटल में रहती हैं, तो यह पिता-पुत्री के बीच के खास पलों और छुट्टियों के आनंद में बाधा डाल सकता है। अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि पिता को मां के यात्रा खर्च उठाने का कोई निर्देश नहीं दिया जा सकता, क्योंकि बच्चे पिता के साथ यात्रा करने में पूरी तरह सहज हैं।उल्लंघन हुआ तो छिन सकते हैं मिलने के अधिकार कोर्ट ने इस मामले में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है। जस्टिस नीला गोखले ने मां को चेतावनी दी है कि यदि बेटियों ने यह शिकायत की कि मां ने पिता के साथ उनकी यात्रा में दखल दिया है, तो कोर्ट उनके साथ मिलने के अधिकार को हमेशा के लिए छीन सकता है। हालांकि, बेटियों की सुरक्षा को लेकर मां की स्वाभाविक चिंता को देखते हुए, उन्हें अपने खर्च पर यात्रा करने की छूट दी गई है। साथ ही, पिता को सुबह और शाम बेटियों की मां से वीडियो कॉल करवाने के निर्देश को बरकरार रखा गया है। यह फैसला अदालती कस्टडी के मामलों में बच्चों की खुशी और उनके निजी स्पेस को प्राथमिकता देने का एक बड़ा संदेश है।Google & Keyword Tags (Hindi & English): बॉम्बे हाई कोर्ट, कस्टडी केस, विदेश यात्रा निर्देश, बच्चों की कस्टडी, पारिवारिक विवाद, कोर्ट का आदेश, बॉम्बे हाई कोर्ट फैसला, तलाक की कार्यवाही, Bombay High Court, Child custody case, Overseas trip guidelines, Family court order, Parenting rights, Custody dispute India, Court ruling on vacation, Justice Nila Gokhale, Separation dispute, Children welfare, High court judgment 2026.

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 5:58 pm

CGHS लाभार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी: अब चुटकियों में पास होंगे लाखों के मेडिकल बिल, केंद्र ने बढ़ाई अधिकारियों की वित्तीय शक्तियां

महंगे इलाज और मेडिकल बिलों के लिए नहीं करना होगा इंतजार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है। अब CGHS (Central Government Health Scheme) के तहत होने वाले महंगे इलाज, सर्जरी और मेडिकल बिलों के लिए लाभार्थियों को मुख्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सरकार ने स्थानीय अधिकारियों की वित्तीय शक्तियों में भारी इजाफा किया है, जिससे अब बिलों की मंजूरी की प्रक्रिया बेहद तेज हो जाएगी। इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ यह है कि फाइलें दिल्ली भेजने के बजाय स्थानीय स्तर पर ही तेजी से निपटाई जा सकेंगी।अधिकारियों की बढ़ी शक्तियां: अब 50 लाख तक के क्लेम आसान नए नियमों के अनुसार, वित्तीय मंजूरी की सीमाओं को दोगुने से भी ज्यादा बढ़ा दिया गया है। एडिशनल डायरेक्टर (जोनल प्रमुख) अब 15 लाख रुपये तक के मेडिकल क्लेम को सीधे मंजूरी दे सकेंगे, जिसकी पहले सीमा केवल 7 लाख रुपये थी। वहीं, CGHS डायरेक्टर के पास 25 लाख रुपये तक और अतिरिक्त सचिव व महानिदेशक के पास 50 लाख रुपये तक के बिलों को मंजूरी देने की शक्ति होगी। अब केवल 50 लाख रुपये से ऊपर के असाधारण मामलों को ही स्वास्थ्य मंत्रालय और वित्त विभाग के पास भेजा जाएगा, जिससे प्रक्रिया में आने वाली देरी पर पूरी तरह लगाम लगेगी।इमरजेंसी और बिना पैनल वाले अस्पतालों में भी राहत सरकार ने उन मरीजों को भी बड़ी राहत दी है जिन्हें मजबूरी या इमरजेंसी में गैर-पैनल अस्पतालों में इलाज कराना पड़ता है। एडिशनल डायरेक्टर अब ऐसी स्थितियों में बिलों को पास करने के लिए अधिकृत होंगे। इसके अलावा, जिन नए उपचारों या इम्प्लांट्स का रेट CGHS की सूची में तय नहीं है, उन्हें भी स्थानीय अधिकारी अब अपने अधिकार क्षेत्र के अनुसार जल्द मंजूरी दे सकेंगे। हालांकि, भुगतान का आधार CGHS के तय रेट्स और इलाज की वास्तविक आवश्यकता ही रहेगी।आरोग्य सेतु 2.0: स्वास्थ्य सेवाओं का 'सिंगल स्टॉप' समाधान इस राहत के साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 'आरोग्य सेतु 2.0' ऐप लॉन्च किया है। यह ऐप अब मेडिकल रिकॉर्ड्स सुरक्षित रखने, सरकारी अस्पतालों में ऑनलाइन ओपीडी अपॉइंटमेंट बुक करने, एम्बुलेंस बुलाने और आयुष्मान भारत योजना का लाभ उठाने के लिए एक 'सिंगल विंडो' की तरह काम करेगा। अब लाभार्थियों को अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग-अलग ऐप पर भटकने की जरूरत नहीं होगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं एक क्लिक की दूरी पर आ गई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 5:54 pm

चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी करने वालों की खैर नहीं! आसमान से 'ड्रोन' रख रहे नजर, RPF के एक्शन से अपराधियों में खलबली

आसमान से नजर, जमीन पर एक्शन: रेलवे का नया सुरक्षा चक्र देश भर में चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी की बढ़ती घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया था, लेकिन अब रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने इसके खिलाफ 'डिजिटल कवच' तैयार कर लिया है। अब ट्रेनें सिर्फ पटरियों पर ही नहीं दौड़ रहीं, बल्कि उन पर आसमान से ड्रोन की नजर भी है। सीनियर डिविजनल सिक्योरिटी कमिश्नर आशुतोष पांडे के अनुसार, संवेदनशील इलाकों में ड्रोन की तैनाती ने न केवल अपराधों को कम किया है, बल्कि अपराधियों को रंगे हाथों पकड़ने में भी बड़ी सफलता दिलाई है। ड्रोन के जरिए की जा रही रियल-टाइम निगरानी से पत्थरबाजों के लिए छिपना नामुमकिन हो गया है।आंकड़ों में दिखा बदलाव: गिरफ्तारी दर में 146% की भारी उछाल RPF के ताजा आंकड़े इस नई रणनीति की कामयाबी की कहानी कह रहे हैं। साल 2025 की तुलना में 2026 में पत्थरबाजी की घटनाओं में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि अपराधियों की धरपकड़ में 146% की ऐतिहासिक बढ़ोतरी हुई है। खासकर आदर्श नगर-नरेला-पानीपत जैसे अति-संवेदनशील सेक्शन में ड्रोन का इस्तेमाल गेम चेंजर साबित हुआ है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि के दिखते ही तत्काल एक्शन टीम को अलर्ट कर दिया जाता है, जिससे अपराधी मौके से भागने में नाकाम रहते हैं।शराबी या शरारती? कौन है इन वारदातों के पीछे? जांच में यह बात सामने आई है कि कई वारदातों के पीछे रेलवे ट्रैक के पास रहने वाले बच्चे हैं। अधिकारी बताते हैं कि जागरूकता और शिक्षा की कमी के कारण ये बच्चे अनजाने में या शरारत के तौर पर पत्थर फेंकते हैं, जो यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। रेलवे ने ऐसे मामलों में बच्चों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के बजाय उन्हें सुधारने और जागरूक करने पर जोर दिया है। हालांकि, जानबूझकर अपराध करने वाले तत्वों के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई जारी है। रेलवे की इस दोहरी रणनीति—एक तरफ आधुनिक तकनीक से निगरानी और दूसरी तरफ सामाजिक जागरूकता—ने ट्रेनों को पहले से अधिक सुरक्षित बना दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 5:44 pm

शेख हसीना ने की बांग्लादेश लौटने की घोषणा, कहा- ‘इस साल के अंत तक वापसी करूंगी’

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि वह इस साल के अंत तक अपने देश लौटने की कोशिश करेंगी। उन्होंने लोकतंत्र, राजनीतिक अधिकारों और अपने खिलाफ चल रहे मामलों पर भी प्रतिक्रिया दी।

देशबन्धु 28 Jun 2026 3:14 pm

यमुना प्राधिकरण बना हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग हब: ₹15,000 करोड़ के निवेश से हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े औद्योगिक और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में क्लस्टर आधारित औद्योगिक विकास को ...

वेब दुनिया 28 Jun 2026 2:07 pm

केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी की पॉलीहाउस सब्सिडी पर सियासी घमासान, कांग्रेस ने उठाए हितों के टकराव के सवाल

विवाद राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के पीह (पेह) गांव में स्थित भागीरथ चौधरी की पालीहाउस परियोजना को लेकर है। यह परियोजना कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन कार्यरत नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड (NHB) की योजना के तहत स्थापित की गई है।

देशबन्धु 28 Jun 2026 11:49 am

मानसून ने पकड़ी रफ्तार : IMD का अलर्ट, 28 जून को कई राज्यों में भारी बारिश और तूफान की चेतावनी

दक्षिण-पश्चिम मानसून के भारत में आगे बढ़ने के साथ ही भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 28 जून के लिए गंभीर मौसम चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार कई राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। IMD के आधिकारिक बुलेटिन के ...

वेब दुनिया 28 Jun 2026 11:42 am

केतन अग्रवाल हत्याकांड: गूगल सर्च, कथित रिहर्सल और क्राइम सीन रीक्रिएशन से जांच में नए सवाल

केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में गूगल सर्च, डिजिटल सबूत और कथित क्राइम सीन रीक्रिएशन जैसे नए पहलू सामने आए हैं। पुणे पुलिस ने लोहागढ़ किले पर आरोपियों को लेकर घटनाक्रम दोबारा समझने की कोशिश की।

देशबन्धु 28 Jun 2026 11:10 am

Strait of Hormuz : ईरान के 10 ठिकानों पर अमेरिका नेवी और एयरफोर्स ने दागीं मिसाइलें, CENTCOM ने जारी किए वीडियो

अमेरिका ने शनिवार को ईरान पर एक बार फिर बड़ा सैन्य हमला किया है। अमेरिकी नौसेना और वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के आसपास और भीतर मौजूद 10 ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, ...

वेब दुनिया 28 Jun 2026 11:09 am

मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की तैयारी,धर्मेंद्र प्रधान की हो सकती है छुट्टी, शक्तिकांत दास बन सकते हैं नए वित्त मंत्री

मोदी सरकार में संभावित कैबिनेट फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हैं। धर्मेंद्र प्रधान, निर्मला सीतारमण और शक्तिकांत दास समेत कई नामों को लेकर राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही हैं।

देशबन्धु 28 Jun 2026 10:50 am

झारखंड में संवेदनशील फैसला, CM हेमंत सोरेन ने अनाथ भाई-बहन की शिक्षा के लिए दिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जामताड़ा के दो अनाथ भाई-बहन को शिक्षा प्रदान करने तथा उनके अभिभावक को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश जिले के उपायुक्त को दिए हैं। दोनों बच्चों सुशील और मंजू के अनाथ होने से उनकी शिक्षा बाधित होने की जानकारी मिलने ...

वेब दुनिया 28 Jun 2026 10:41 am

Gujarat : गुजरात में बड़ा पल्स पोलियो अभियान शुरू! 82 लाख बच्चों को दी जाएगी जिंदगी बचाने वाली 2 बूंदें

गुजरात में 28 जून को राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस (National Immunization Day) के अवसर पर राज्यव्यापी पल्स पोलियो टीकाकरण महाअभियान की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल और स्वास्थ्य मंत्री प्रफुलभाई पानसेरिया ने अभियान का शुभारंभ करते हुए सभी ...

वेब दुनिया 28 Jun 2026 10:20 am

UP RRTS Corridor: मुजफ्फरनगर से हरिद्वार तक दौड़ेगी रैपिड रेल, दिल्ली-मेरठ की तर्ज पर तैयार होगी DPR; सरकार ने दी मंजूरी

उत्तर प्रदेश सरकार ने पश्चिमी यूपी के लोगों को विश्वस्तरीय यातायात और कनेक्टिविटी की एक बहुत बड़ी सौगात दी है। मुजफ्फरनगर से हरिद्वार तक के सफर को बेहद तेज, सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए राज्य सरकार ने रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR - डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने को अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस ऐतिहासिक फैसले से न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को एक नई रफ्तार मिलेगी, बल्कि यह कॉरिडोर आने वाले समय में क्षेत्र की आर्थिक तरक्की की नई 'जीवनरेखा' (Lifeline) साबित होगा।दिल्ली-मेरठ मॉडल की तर्ज पर दौड़ेगी सेमी-हाईस्पीड रैपिड रेलआपको बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में नई दिल्ली से गाजियाबाद होते हुए मेरठ के बीच पहले से ही देश की पहली रैपिड रेल (नमो भारत) का सफल संचालन किया जा रहा है। अब इसी बेहद आधुनिक और सफल मॉडल की तर्ज पर मुजफ्फरनगर से हरिद्वार के बीच भी सेमी-हाईस्पीड ट्रेनें दौड़ेंगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों के बीच के सफर को पूरी तरह जाम-मुक्त और विश्वस्तरीय बनाना है, ताकि आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन को और अधिक सुलभ बनाया जा सके।राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जताया आभारइस बड़े और महत्वपूर्ण फैसले के आने के बाद, उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर एक विशेष शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पश्चिमी यूपी के करोड़ों निवासियों की तरफ से इस भव्य और महत्वाकांक्षी रैपिड रेल परियोजना की डीपीआर को मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री का दिल से धन्यवाद किया और इसे क्षेत्र के इतिहास में मील का पत्थर बताया।घंटों का सफर मिनटों में होगा तय: आम जनता, व्यापारियों और श्रद्धालुओं को मिलेंगे ये 3 बड़े फायदेमुजफ्फरनगर-हरिद्वार रैपिड रेल कॉरिडोर के जमीन पर उतरने के बाद इस रूट पर यात्रा करने वाले लोगों को व्यापक स्तर पर फायदे मिलेंगे:1. तेज और सुरक्षित सफर: मुजफ्फरनगर, रुड़की और पवित्र नगरी हरिद्वार के बीच की दूरी बेहद सिमट जाएगी। जो सफर सड़क मार्ग से तय करने में अभी घंटों का समय लेता है, वह इस सेमी-हाईस्पीड रेल के जरिए मात्र कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाएगा। इससे समय और ईंधन दोनों की बड़ी बचत होगी।2. श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी राहत: हरिद्वार देश के सबसे बड़े और प्रमुख हिंदू तीर्थ स्थलों में से एक है, जहां सालभर करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान और दर्शन के लिए आते हैं। रैपिड रेल शुरू होने से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए यात्रा बेहद सुगम और सुहानी हो जाएगी।3. आर्थिक और औद्योगिक क्रांति: बेहतर और तेज कनेक्टिविटी मिलते ही यह पूरा इलाका व्यापार और उद्योगों के लिहाज से एक नया हब बन जाएगा। मुजफ्फरनगर के कपड़ा और गुड़ उद्योग तथा रुड़की के शैक्षणिक और तकनीकी हब को हरिद्वार के धार्मिक पर्यटन से सीधे जुड़ाव का लाभ मिलेगा। इससे व्यापार, उद्योग, उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी आएगी, जिसके परिणामस्वरूप स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार (Employment) के हजारों नए अवसर पैदा होंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 10:00 am

UP Weather Forecast: गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और वाराणसी समेत 50 जिलों में आज हीटवेव का अलर्ट; जानें कब होगी झमाझम मानसूनी बारिश

उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज इस समय बेहद अनूठा और मिलाजुला बना हुआ है। यदि आप आज रविवार को घर से बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो अपने क्षेत्र के मौसम का ताजा हाल जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज उत्तर प्रदेश के 50 जिलों के लिए भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का कड़ा अलर्ट जारी किया है।हालांकि, राहत की बात यह है कि राज्य में पिछले 16-17 दिनों से अटका हुआ मानसून अब बहुत जल्द आगे बढ़ने वाला है, जिससे अगले 2 से 3 दिनों के भीतर प्रदेशवासियों को तपती गर्मी से पूरी तरह निजात मिल जाएगी। आइए विस्तार से जानते हैं कि आज आपके जिले में मौसम कैसा रहने वाला है।गोरखपुर, वाराणसी, देवरिया और कुशीनगर: बारिश की उम्मीद के बीच भीषण लू की चेतावनीपूर्वी उत्तर प्रदेश (Eastern UP) के प्रमुख जिलों— गोरखपुर, वाराणसी, देवरिया और कुशीनगर में मौसम का दोहरा असर देखने को मिलेगा:हीटवेव का अलर्ट: मौसम विभाग के अनुसार, इन सभी जिलों में आज रविवार को सूर्य की तेज तपिश और उमस के कारण भयंकर गर्मी पड़ेगी। विभाग ने इन क्षेत्रों में आज और कल (अगले 2 दिन) 'हीटवेव' से लेकर 'भीषण हीटवेव' (Severe Heat Wave) की स्थिति बने रहने की चेतावनी दी है।हल्की बारिश के आसार: लू के इस अलर्ट के बीच एक राहत भरी खबर यह भी है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण आज इन जिलों में स्थानीय स्तर पर बादल छा सकते हैं और गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं हल्की मानसूनी बौछारें पड़ने की भी संभावना है, जिससे हवा की गति तेज रहेगी।पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम रहेगा पूरी तरह शुष्कपूर्वी यूपी के विपरीत, पश्चिमी उत्तर प्रदेश (Western UP) के अधिकांश हिस्सों में आज मौसम पूरी तरह शुष्क और बेहद गर्म रहेगा। दिल्ली-एनसीआर, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ और आगरा जैसे क्षेत्रों में दोपहर के समय गर्म हवाएं चलेंगी और आसमान साफ रहेगा। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह इस सीजन की आखरी झुलसाने वाली गर्मी है।वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक की भविष्यवाणी: महराजगंज में रुका मानसून अगले 2 दिन में बढ़ेगा आगेआंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून पिछले 16-17 दिनों से उत्तर प्रदेश के महराजगंज के पास आकर ठिठका हुआ था। लेकिन अब वायुमंडल में परिस्थितियाँ मानसून के आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह अनुकूल हो चुकी हैं। अगले दो दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में जोरदार एंट्री ले लेगा। अभी एक-दो दिन और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हीटवेव का आंशिक असर दिखेगा, जिसके बाद पूरे राज्य में मौसम बदल जाएगा।आगामी दिनों का वेदर चार्ट: 30 जून से तापमान में आएगी 9C की भारी गिरावटमौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश में आने वाले 4 दिनों के लिए बारिश का विस्तृत शेड्यूल जारी किया है:29 जून (सोमवार): पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पश्चिमी यूपी के भी कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी।30 जून और 1 जुलाई: इन दो दिनों के दौरान पूरे उत्तर प्रदेश (विशेषकर पूर्वी और तराई इलाकों) में व्यापक रूप से भारी मानसूनी बारिश (Heavy Rainfall) होने की प्रबल संभावना है।9 डिग्री गिरेगा पारा: इस झमाझम मानसूनी बारिश के शुरू होते ही राज्य के अधिकतम तापमान में करीब 9 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे मौसम बेहद सुहावना और ठंडा हो जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 9:57 am

UP Weather Update: पश्चिमी यूपी में भीषण लू और पूर्वी उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश का अलर्ट; जानें 29 जून से कब झमाझम बरसेगा मानसून

उत्तर प्रदेश में आज यानी 28 जून 2026 को मौसम के दो अलग-अलग रंग (मिलाजुला रुख) देखने को मिलेंगे। जहां एक तरफ पश्चिमी यूपी के जिलों में भीषण लू (Heat Wave) और उमस का सितम जारी रहेगा, वहीं दूसरी तरफ पूर्वी यूपी के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज धूलभरी आंधी चलने की संभावना है।मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आज राज्य में अधिकतम तापमान 39C से 42C और न्यूनतम तापमान 29C से 31C के आसपास रहने का अनुमान है। हालांकि, राहत की बात यह है कि यह तपती गर्मी का आखिरी दौर है। 29 जून से पूरे राज्य में बारिश का नया और तगड़ा सिलसिला शुरू होने जा रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश में मानसून की आधिकारिक एंट्री (Monsoon Arrival) होने की पूरी उम्मीद है।आज इन जिलों में आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्टभारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लेटेस्ट बुलेटिन के अनुसार, पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में प्री-मानसून गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हो चुकी हैं। आज इन प्रमुख जिलों और इनके आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं:प्रयागराज मंडल व आसपास: प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, फतेहपुर, जौनपुर।वाराणसी व गोरखपुर मंडल: वाराणसी, गाजीपुर, चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर, संत रविदास नगर (भदोही), गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, कुशीनगर, महाराजगंज, मऊ और बलिया।बस्ती व अयोध्या मंडल: बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या और अम्बेडकरनगर।बुंदेलखंड क्षेत्र: बांदा और चित्रकूट।चेतावनी: मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि इन जिलों में बारिश और मेघगर्जन के दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधी/हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली (Vajrapat) गिरने का भी खतरा है, इसलिए खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।पश्चिमी उत्तर प्रदेश: भीषण लू और उमस का आखिरी दिनयदि पश्चिमी यूपी के जिलों (जैसे मेरठ, आगरा, अलीगढ़, बुलंदशहर आदि) की बात करें, तो यहां आज भी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। दोपहर के समय सूरज की तपिश के साथ गर्म पछुआ हवाएं (लू) चलेंगी और हवा में मौजूद नमी के कारण चिपचिपी उमस लोगों को बेहाल करेगी। हालांकि, यहां के निवासियों के लिए राहत की खबर यह है कि लू का यह प्रकोप केवल आज रात तक ही सीमित है, क्योंकि कल से यहां भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है।नोएडा और लखनऊ का मौसम: कल शाम से बदलेगी फिजानोएडा (Delhi-NCR): नोएडा और ग्रेटर नोएडा आज भीषण गर्मी और हीटवेव की चपेट में रहेंगे। दिनभर आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा और दोपहर के बाद शुष्क व तेज गर्म हवाएं चलेंगी।लखनऊ (Lucknow): राजधानी लखनऊ में सुबह से ही तीखी धूप खिली हुई है। दोपहर में गर्म हवाएं चलेंगी, लेकिन शाम होते-होते आंशिक रूप से बादल छाने का अनुमान है जिससे उमस बढ़ेगी।राहत कब मिलेगी?: मौसम केंद्र लखनऊ के अनुसार, नोएडा और लखनऊ दोनों ही शहरों को कल (29 जून) की शाम से भीषण गर्मी से राहत मिलनी शुरू हो जाएगी। 30 जून से 1 जुलाई के बीच इन दोनों शहरों में झमाझम मानसूनी बारिश का मुख्य दौर शुरू होगा।आगामी दिनों का पूर्वानुमान: 30 जून से 3 जुलाई तक पूरे यूपी में भारी बारिशमौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, 29 जून 2026 से राज्य के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी हवाएं दस्तक दे देंगी और बारिश की गतिविधियों में भारी तेजी आएगी।तापमान में भारी गिरावट: असली राहत 30 जून से 3 जुलाई 2026 के बीच मिलेगी, जब पूरे उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ व्यापक रूप से भारी बारिश (Heavy Rainfall) होने का अनुमान है।33C तक गिरेगा पारा: इस झमाझम बारिश के चलते राज्य का अधिकतम तापमान सीधे 8 से 9 डिग्री सेल्सियस तक गिरकर 31C से 33C के बीच आ जाएगा, जिससे लोगों को पिछले कई महीनों से पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से पूरी तरह निजात मिल जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 9:56 am

UP Panchayat Elections 2026: ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने पर हाईकोर्ट की रोक के खिलाफ डबल बेंच जाएगी योगी सरकार, जानें क्या है पूरा विवाद

उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों (UP Panchayat Elections) को लेकर सियासी और कानूनी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ द्वारा निवर्तमान ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने और उन्हें ही 'प्रशासक' (Administrator) नियुक्त करने के राज्य सरकार के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने के बाद अब सरकार ने इसके खिलाफ बड़ी अदालत का दरवाजा खटखटाने का मन बना लिया है।हाईकोर्ट के जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की एकल पीठ ने 25 जून 2026 के अपने सख्त आदेश में सरकार के इस कदम को प्रथम दृष्टया असंवैधानिक करार दिया है। कोर्ट का स्पष्ट कहना है कि कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम प्रधानों को किसी भी रूप में प्रशासक की भूमिका में नहीं रखा जा सकता। इस आदेश के खिलाफ अब राज्य सरकार अगले सप्ताह हाईकोर्ट की डबल बेंच (Double Bench) या फुल बेंच में अपील दायर करने की तैयारी कर रही है।क्या पूरा मामला क्या है और क्यों सरकार ने प्रधानों को प्रशासक बनाया?उत्तर प्रदेश की लगभग 57,000 से अधिक ग्राम पंचायतों का पांच साल का कानूनी कार्यकाल 26 मई 2026 को पूरी तरह समाप्त हो चुका है। नियमतः कार्यकाल समाप्त होने से पहले चुनाव संपन्न हो जाने चाहिए थे, लेकिन प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण चुनावों में देरी हो गई।गांवों में विकास कार्य और सरकारी योजनाएं न रुकें, इसके लिए योगी सरकार ने 25 मई को एक अधिसूचना जारी कर निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ही अगले 6 महीने या चुनाव होने तक के लिए 'प्रशासक' नियुक्त कर दिया था। सरकार के इसी फैसले को अरविंद राठौर और अन्य याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सरकार को तगड़ा झटका दिया है।हाईकोर्ट का रुख: 5 साल से ज्यादा नहीं बढ़ सकता कार्यकाल, 13 जुलाई तक मांगी चुनाव की रूपरेखासांविधानिक दायरा: हाईकोर्ट ने अपने आदेश में भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 (E) और 243 (K) का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में चुनी हुई पंचायतों का कार्यकाल 5 वर्ष से अधिक नहीं बढ़ाया जा सकता। चुनावों को अनिश्चितकाल के लिए टालना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।अनिवार्य आदेश: कोर्ट ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) को सख्त निर्देश देते हुए आगामी 13 जुलाई 2026 (अगली सुनवाई की तिथि) तक उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव कराने की पूरी विस्तृत समय-सारणी और रूपरेखा कोर्ट के समक्ष पेश करने को कहा है।सरकार की कानूनी दलील: उप्र पंचायतीराज अधिनियम 1947 की धारा 12(3-A) का सहाराशासन के उच्चपदस्थ कानूनी सूत्रों और विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार के पास इस फैसले को सही ठहराने का एक मजबूत कानूनी आधार है:वैकल्पिक व्यवस्था का नियम: 'उत्तर प्रदेश पंचायतीराज अधिनियम, 1947' की धारा 12 की उपधारा (3-A) मुख्य रूप से असाधारण और अपरिहार्य परिस्थितियों में चुनाव टलने की स्थिति से संबंधित है। यह धारा राज्य सरकार को यह वैधानिक शक्ति देती है कि यदि लोकहित में समय पर चुनाव संभव न हो, तो वह वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था (जैसे प्रशासक की नियुक्ति) कर सकती है।अपील का आधार: चूंकि अप्रैल 1994 में ऐतिहासिक संशोधन के जरिए जोड़ी गई इस उपधारा (3-A) को आज तक कानूनन हटाया नहीं गया है, इसलिए सरकार इसी एक्ट को अपना ढाल बनाएगी। सरकार का तर्क है कि कानून में कहीं यह अनिवार्य नहीं लिखा है कि प्रशासक केवल सरकारी अधिकारी (जैसे बीडीओ या एडीओ) ही हो सकता है, जनहित में निवर्तमान प्रधानों को भी यह जिम्मेदारी दी जा सकती है।समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग को पक्षकार बनाने के आदेश को भी मिलेगी चुनौतीहाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार द्वारा गठित 'उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग' को भी मुकदमे में पक्षकार (Party) बनाने की अनुमति दी है। सरकार इस आदेश को भी चुनौती देने जा रही है।आयोग के अध्यक्ष और इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस राम औतार सिंह का स्पष्ट कहना है कि 'कमिशन ऑफ इन्क्वायरी एक्ट' (Commission of Inquiry Act) की धारा-9 के तहत किसी भी जांच या सर्वे आयोग को किसी दीवानी या संवैधानिक मुकदमे में सीधे तौर पर पार्टी नहीं बनाया जा सकता है। इसलिए आयोग को पक्षकार बनाने के फैसले के खिलाफ भी सरकार अपील करेगी।नवंबर 2026 से पहले संभव नहीं हैं चुनाव? आयोग को रिपोर्ट तैयार करने में लगेगा समयसर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के 'ट्रिपल टेस्ट' (Triple Test) के दिशा-निर्देशों के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने 18 मई 2026 को इस समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया है। आयोग का मुख्य कार्य राज्य के सभी 75 जिलों में ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर जाकर ओबीसी (OBC) आबादी के सटीक सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के आंकड़े जुटाना और उनका भौतिक सत्यापन करना है।आयोग के अध्यक्ष जस्टिस राम औतार सिंह के अनुसार:हमने राज्य के सभी 75 जिलों के जिलाधिकारियों (DM) से पिछड़े वर्ग की आबादी के प्रारंभिक आंकड़े प्राप्त कर लिए हैं। आयोग की टीम ने मेरठ, हापुड़ और बागपत जैसे जिलों का जमीनी दौरा कर सत्यापन कार्य भी शुरू कर दिया है। चूंकि सीटों का सही आरक्षण तय करने के लिए हमें प्रदेश के सभी 75 जिलों का सघन दौरा करना होगा, इसलिए इस पूरी वैज्ञानिक और अनुभवजन्य जांच (Empirical Investigation) को पूरा करने में कम से कम 6 महीने का समय लगेगा। आयोग अपनी अंतिम और प्रामाणिक रिपोर्ट नवंबर 2026 तक ही शासन को सौंप पाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 9:54 am

Friendship Breakup Pain: दोस्ती टूटने का अनकहा दर्द, जब 'बेस्ट फ्रेंड' से छूटता है हाथ तो मेंटल हेल्थ पर होता है गहरा असर; जानें कैसे उबरें

आमतौर पर जब 'दिल टूटने' या ब्रेकअप की बात होती है, तो लोगों का ध्यान सीधे किसी रोमांटिक रिलेशनशिप (Romantic Relationship) की तरफ जाता है। प्यार में मिले धोखे या जुदाई के दर्द पर फिल्में बनती हैं, गाने लिखे जाते हैं और समाज भी उस दुख को आसानी से स्वीकार करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक सच्ची और गहरी दोस्ती का टूटना (Friendship Breakup) भी इंसान को उतना ही फंसा और टूटा हुआ महसूस करा सकता है, जितना कोई रोमांटिक रिश्ता टूटने पर होता है?अक्सर लोग बेस्ट फ्रेंड से दोस्ती हमेशा के लिए खत्म होने के बाद के दर्द को यह सोचकर अनदेखा कर देते हैं कि वह तो सिर्फ एक दोस्त था/थी। लेकिन हकीकत यह है कि यह एक ऐसा अनकहा दर्द है, जो इंसान की मेंटल हेल्थ (Mental Health) को अंदर ही अंदर बुरी तरह प्रभावित करता है। आइए जानते हैं कि दोस्ती टूटने पर इंसान के दिमाग में क्या चलता है और इस गहरे अकेलेपन से बाहर निकलने के सही तरीके क्या हैं।1. दोस्ती टूटने का अनकहा दर्द: क्यों रोमांटिक ब्रेकअप जैसा ही चुभता है यह गम?एक सच्चा दोस्त हमारी जिंदगी का वह अहम हिस्सा होता है जिसके सामने हम बिना किसी नकाब या संकोच के पूरी तरह 'खुद' हो सकते हैं। हम अपनी जिंदगी के वो राज, कमियां और नादानियां उनसे साझा करते हैं जो शायद परिवार या पार्टनर को भी नहीं पता होतीं। जब वही बेस्ट फ्रेंड अचानक आपकी जिंदगी से हमेशा के लिए दूर हो जाता है और यह अहसास होता है कि अब उससे कभी बात नहीं होगी, तो मन में एक बहुत बड़ा खालीपन आ जाता है। यह दर्द इसलिए भी ज्यादा परेशान करता है क्योंकि इसे व्यक्त करने के लिए कोई सामाजिक दायरा या 'तलाक' जैसा औपचारिक ढांचा नहीं होता, जिससे इंसान अकेले ही घुटता रहता है।2. मन में अविश्वास और डर का बन जाना: दोबारा हाथ बढ़ाने से कतरानायदि कोई दोस्ती किसी गलतफहमी, कड़वाहट या बुरे नोट (Bad Note) पर खत्म होती है, तो उसका असर इंसान के आने वाले भविष्य पर पड़ता है। मन के भीतर एक अनजाना डर बैठ जाता है कि जब मेरा सबसे पक्का दोस्त मुझे छोड़कर जा सकता है, तो दुनिया में कोई भी जा सकता है। इस गहरे अविश्वास (Trust Issues) के कारण लोग अपनी पूरी लाइफ में दोबारा कभी किसी की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। वे खुद को एक खोल में बंद कर लेते हैं, जिससे मायूसी और अकेलापन उनकी जिंदगी का स्थाई हिस्सा बन जाता है।3. रिजेक्शन की फीलिंग और भयंकर अकेलापन (Feeling of Rejection)चूंकि दोस्ती में भावनात्मक लगाव बहुत ज्यादा गहरा और निस्वार्थ होता है, इसलिए जब फ्रेंडशिप में अचानक ब्रेकअप होता है, तो व्यक्ति के मन में रिजेक्शन (ठुकराए जाने) की भावना बेतहाशा बढ़ जाती है। उसे लगने लगता है कि शायद उसी में कोई कमी थी या वह एक अच्छा दोस्त बनने के लायक ही नहीं था। यह हीन भावना इंसान के आत्मसम्मान (Self-esteem) को चोट पहुंचाती है। इसके कारण वह खुद को सामाजिक समारोहों से काट लेता है, जिससे अवसाद (Depression) और अकेलेपन का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।दोस्ती के इस ब्रेकअप से कैसे उबरें? अपनाएं ये 3 जरूरी लाइफ रूल्सअगर आप भी हाल ही में किसी ऐसी स्थिति से गुजरे हैं जहां आपकी सालों पुरानी दोस्ती टूट गई है, तो खुद को संभालने और इस दौर से बाहर निकलने के लिए निम्नलिखित बातों को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाएं:इमोशन्स को दबाएं नहीं, दर्द को महसूस होने दें: सबसे पहली और जरूरी बात यह है कि अपने दुख को स्वीकार करें। रोना आता है तो खुलकर रोएं, डायरी लिखें या किसी अन्य भरोसेमंद व्यक्ति से बात करें। इमोशन्स को जबरदस्ती दबाकर रखने से मन अंदर ही अंदर भारी होने लगता है। याद रखें कि समय हर जख्म को भर देता है, बस खुद को थोड़ा वक्त दें।ब्लेम गेम (घटिया बयानबाजी) से पूरी तरह बचें: अक्सर लोग किसी भी रिश्ते के खत्म होने के बाद गुस्से में आकर समाज या सोशल मीडिया पर सामने वाले की कमियां गिनाने लगते हैं या उसकी बुराई करने लगते हैं। खुद को सही साबित करने के लिए कभी भी सामने वाले पर कीचड़ न उछालें। जो समय आपने साथ बिताया, उसकी गरिमा का सम्मान करें और गरिमापूर्ण तरीके से आगे बढ़ें (Move On)।सेल्फ-ग्रोथ और नई एक्टिविटीज पर ध्यान दें: दोस्ती खत्म होने के बाद खाली बैठकर पुरानी चैट या तस्वीरें देखने के बजाय अपना पूरा ध्यान 'सेल्फ-ग्रोथ' (Self Growth) पर केंद्रित करें। कोई नई हॉबी सीखें, जिम ज्वाइन करें, किताबें पढ़ें या नई जगहों पर यात्रा करें। जब आप खुद को बेहतर बनाने में व्यस्त हो जाएंगे, तो लाइफ में दोबारा किसी नए और सकारात्मक इंसान से जुड़ने का मौका अपने आप मिल जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 9:50 am