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राष्ट्रपति ने 65 हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से किया सम्मानित, रोहित शर्मा, आर माधवन, अलका याग्निक और ममूटी तक शामिल

राष्ट्रपति ने इस समारोह में कुल 65 पद्म पुरस्कार प्रदान किए। इनमें दो पद्म विभूषण, सात पद्म भूषण और 56 पद्मश्री पुरस्कार शामिल हैं। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित कर उनकी उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी गई।

देशबन्धु 24 Jun 2026 12:01 pm

'आपके अंकल प्रेसिडेंट भी हों तब भी चालान कटेगा', कौन हैं ये कहने वाली IPS अनु बेनीवाल?

हाल ही में मप्र की एक आईपीएस अफसर यह कहकर चर्चा में आई थी कि 'आपके अंकल प्रेसिडेंट भी हों तब भी चालान कटेगा', उनका यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। जानते हैं कौन हैं ये आईपीएस अफसर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में गाड़ियों की रूटीन चेकिंग के ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 11:12 am

बालोतरा जिले में भू-अभिलेख निरीक्षक 20500 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट

बालोतरा। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को बालाेतरा जिले की गुड़ामालानी तहसील में सर्किल नगर भू-अभिलेख निरीक्षक (आरआई) नारायण लाल को 20 हजार 500 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी बाड़मेर को शिकायत मिली कि परिवादी के पिता […] The post बालोतरा जिले में भू-अभिलेख निरीक्षक 20500 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jun 2026 10:19 am

Commodore Callback 8020: डूमस्क्रोलिंग से दिलाएगा आजादी! आ गया 'सोशल मीडिया ब्लॉक' करने वाला अनोखा फ्लिप फोन

सुबह आंख खुलने से लेकर रात को सोने तक, क्या आप भी बिना किसी वजह के फोन की स्क्रीन पर रील्स और मीम्स स्क्रोल करते रहते हैं? अगर हां, तो परेशान मत होइए, आप अकेले नहीं हैं। आज की युवा पीढ़ी 'डूमस्क्रोलिंग' (Doomscrolling) यानी सोशल मीडिया की इस खतरनाक लत से बुरी तरह जूझ रही है। डिजिटल स्क्रीन की इस दुनिया में लोग अपना सुकून और कीमती समय खो रहे हैं।लेकिन जरा सोचिए, क्या कोई ऐसा फोन हो सकता है जो चाहकर भी आपको सोशल मीडिया की लत के जाल में न फंसने दे? 80 और 90 के दशक में कंप्यूटर की दुनिया पर एकछत्र राज करने वाला दिग्गज ब्रांड कमोडोर (Commodore) अब ठीक ऐसा ही एक क्रांतिकारी कदम उठाने जा रहा है। कंपनी एक अनोखा फ्लिप फोन पेश कर रही है, जो आपको रील्स और नोटिफिकेशन के डिस्ट्रैक्शन से जबरदस्ती आजाद करा देगा। आइए जानते हैं टेक वर्ल्ड में खलबली मचाने वाले इस अनूठे गैजेट के बारे में।Commodore 64 की विरासत अब स्मार्टफोन के रूप में80 और 90 के दशक में अपने आइकॉनिक 'Commodore 64' कंप्यूटर से दुनिया को दीवाना बनाने वाली कंपनी कमोडोर अब स्मार्टफोन मार्केट में एक नए विज़न के साथ वापसी कर रही है। कंपनी जो नया फ्लिप फोन ला रही है, उसका नाम Commodore Callback 8020 है। यह फोन विशेष रूप से उन लोगों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जो अपनी भागदौड़ भरी डिजिटल लाइफ को सिंपल (Minimalsit) बनाना चाहते हैं और बिना किसी फालतू डिस्ट्रेक्शन के शांति से जीना चाहते हैं। आजकल युवाओं के बीच 'डम्ब फोन्स' (Dumb Phones) का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है और यह डिवाइस इसी जरूरत को पूरा करेगी।चाहकर भी नहीं देख पाएंगे रील्स, सिस्टम लेवल पर ब्लॉक होंगे ऐप्सCommodore Callback 8020 की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह आपके चाहने पर भी आपको सोशल मीडिया नहीं चलाने देगा। कंपनी ने इसमें सुरक्षा और ब्लॉकिंग के कई कड़े इंतजाम किए हैं:सिस्टम लेवल ब्लॉकिंग: इस फोन में यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक जैसे तमाम सोशल मीडिया ऐप्स और ओपन वेब ब्राउजर्स को सिस्टम के स्तर पर पूरी तरह ब्लॉक किया गया है।सॉलिड सिक्योरिटी पेटेंट: कंपनी का दावा है कि उन्होंने एक विशेष पेटेंट टेक्नोलॉजी विकसित की है, जिसके कारण कोई भी यूजर चाहकर भी बाहर से (थर्ड पार्टी एपीके के जरिए) इन प्रतिबंधित ऐप्स को इंस्टॉल नहीं कर पाएगा।DNS लेवल ब्लॉकिंग: अगर कोई बहुत बड़ा टेक एक्सपर्ट किसी चालाकी से सोशल मीडिया ऐप इंस्टॉल कर भी लेता है, तो फोन का एडवांस 'डीएनएस ब्लॉकिंग' सिस्टम ऐप के सर्वर को काम ही नहीं करने देगा। यानी रील देखना पूरी तरह नामुमकिन होगा।डोम LED नोटिफिकेशन: फोन में एक अनोखा डोम एलईडी लाइट नोटिफिकेशन सिस्टम दिया गया है, जो बिना स्क्रीन ऑन किए आपको जरूरी अलर्ट्स देगा। यह फोन दुनिया भर के सभी सिम कार्ड्स को सपोर्ट करता है।लिनक्स पर आधारित ओएस, चलेंगे वॉट्सऐप और गूगल मैप्सयह कोई आम पुराना कीपैड फोन नहीं है, बल्कि इसमें आज के जमाने की जरूरत के सभी जरूरी और काम के फीचर्स दिए गए हैं।काम के ऐप्स रहेंगे चालू: इस फ्लिप फोन में 'Sailfish OS' दिया गया है, जो लिनक्स (Linux) पर काम करने वाला एक सुरक्षित ऑपरेटिंग सिस्टम है। कंपनी के मुताबिक, इस पर 99% जरूरी एंड्रॉयड ऐप्स जैसे कि वॉट्सऐप (WhatsApp), सिग्नल (Signal), स्पॉटिफाई (Spotify) और गूगल मैप्स (Google Maps) पूरी तरह स्मूथ चलेंगे, ताकि आपकी कनेक्टिविटी प्रभावित न हो।90s के गेम्स और प्रीमियम ऑडियो: गेमिंग लवर्स के लिए इसमें कमोडोर 64 के जमाने के विंटेज और रेट्रो गेम्स पहले से प्री-इंस्टॉल्ड मिलेंगे। म्यूजिक के शौकीनों के लिए इसमें 8-बिट SID म्यूजिक प्लेयर, एफएम रेडियो, 3.5mm का हेडफोन जैक और एक प्रीमियम डीएसी (DAC) दिया गया है, जो बेहतरीन साउंड क्वालिटी देगा। खास बात यह है कि बॉक्स के साथ प्रीमियम ईयरफोन भी मिलेंगे।कैल्कुलेटर जैसी रेट्रो स्क्रीन और दमदार स्पेसिफिकेशन्सलुक के मामले में यह फोन पुराने और नए जमाने का एक बेहतरीन फ्यूजन है।रेट्रो लुक डिस्प्ले: फोन के बाहरी हिस्से पर एक छोटी सेकेंडरी स्क्रीन दी गई है, जो 1970 के दशक के मशहूर कमोडोर कैल्कुलेटर की याद दिलाती है। इसके लुक्स को बदलने के लिए चेंजेबल कवर्स का ऑप्शन भी मिलेगा।डिस्प्ले और स्टोरेज: इस डिवाइस में अंदर की तरफ 3.25 इंच का मेन डिस्प्ले (480 x 640 पिक्सल) और बाहर की तरफ 1.77 इंच का एक्सटर्नल डिस्प्ले दिया गया है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें 4GB रैम और 64GB की इंटरनल स्टोरेज मिलेगी, जिसे माइक्रो एसडी कार्ड की मदद से और बढ़ाया जा सकता है।कीमत और कब होगा लॉन्च?साल 2025 में कमोडोर ब्रांड का अधिग्रहण करने वाले क्रिश्चियन पेरी फ्रैक्टिक सिम्पसन (Christian Perry Phraktic Simpson) के अनुसार, कमोडोर का यह अनोखा फ्लिप फोन इस साल 2026 की चौथी तिमाही (अक्टूबर से दिसंबर के बीच) में मार्केट में मिलना शुरू हो जाएगा। कीमत की बात करें तो इसके अलग-अलग वेरिएंट्स के आधार पर इसकी कीमत 500 डॉलर से 640 डॉलर के बीच होगी, जो भारतीय मुद्रा के अनुसार लगभग 47,460 रुपये के आसपास बैठती है। डिजिटल डिटॉक्स (Digital Detox) चाहने वालों के लिए यह एक बेहतरीन प्रीमियम विकल्प हो सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 10:04 am

मुजफ्फरनगर में बड़ा एनकाउंटर: 25 हज़ारी इनामी और सीरियल रेपिस्ट सतपाल उर्फ सत्तू ढेर, अपहृत नाबालिग लड़की सकुशल मुक्त

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से कानून-व्यवस्था को लेकर एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'जीरो टॉलरेंस' निर्देश के तहत यूपी पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। मुजफ्फरनगर में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई एक भीषण और सीधी मुठभेड़ में 25,000 रुपये का इनामी कुख्यात अपराधी, सीरियल रेपिस्ट और छोटा राजन गैंग का बेहद सक्रिय सदस्य सतपाल उर्फ सत्तू ढेर हो गया है।इस जवाबी कार्रवाई और एनकाउंटर के दौरान आरोपी की तरफ से की गई अंधाधुंध फायरिंग में दो जांबाज पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।रणजी प्लेयर से छोटा राजन गैंग का शॉर्प शूटर बनने की खौफनाक कहानीमुठभेड़ में मारे गए बदमाश सतपाल उर्फ सत्तू का इतिहास बेहद चौंकाने वाला और आपराधिक रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, सतपाल कभी क्रिकेट की पिच पर हाथ आजमाता था और वह एक रणजी प्लेयर (Ranji Trophy Player) भी रह चुका था। लेकिन खेल के मैदान से निकलकर उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा और देखते ही देखते वह मुंबई के अंडरवर्ल्ड और अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन गैंग का एक कुख्यात व सरगना बदमाश बन गया। उसके ऊपर कई राज्यों में हत्या, लूट, रंगदारी और जबरन वसूली जैसे दर्जनों संगीन मामले दर्ज थे।चार दिन पहले प्रकाश चौक से किया था नाबालिग का अपहरणसतपाल उर्फ सत्तू केवल अंडरवर्ल्ड की गतिविधियों तक ही सीमित नहीं था, बल्कि वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में एक खूंखार सीरियल रेपिस्ट (Serial Rapist) के रूप में भी एक्टिव था, जिससे इलाके की महिलाएं और बेटियां खौफजदा थीं।इस एनकाउंटर के पीछे की मुख्य वजह चार दिन पहले हुई एक दुस्साहसिक वारदात थी। आरोपी सतपाल ने मुजफ्फरनगर के व्यस्ततम इलाके 'प्रकाश चौक' से दिनदहाड़े एक नाबालिग लड़की का गनपॉइंट पर अपहरण कर लिया था। इस घटना के बाद से ही स्थानीय पुलिस, सर्विलांस और एसओजी की कई टीमें आरोपी की तलाश में लगातार कॉम्बिंग और छापेमारी कर रही थीं।SOG और पुलिस टीम पर की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में हुआ ढेरपुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि अपहरणकर्ता सतपाल नाबालिग लड़की को लेकर मुजफ्फरनगर के एक सुनसान इलाके से भागने की फिराक में है। सूचना मिलते ही एसओजी और स्थानीय पुलिस की टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दी। खुद को चारों तरफ से घिरा देख शातिर अपराधी सतपाल ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर सीधे तौर पर अत्याधुनिक हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।बदमाश की तरफ से हुई इस अचानक गोलीबारी में दो पुलिसकर्मियों को गोलियां लगीं और वे गंभीर रूप से जख्मी हो गए। पुलिस टीम ने तुरंत अपनी आत्मरक्षार्थ और अपहृत लड़की की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जवाबी फायरिंग की। दोनों तरफ से हुई कई राउंड की गोलीबारी में आरोपी सतपाल उर्फ सत्तू को गंभीर गोलियां लगीं, जिसके बाद वह मौके पर ही ढेर हो गया।सकुशल छुड़ाई गई नाबालिग बेटी, इलाके के लोगों ने ली राहत की सांसइस पूरे एनकाउंटर ऑपरेशन की सबसे बड़ी और राहत भरी सफलता यह रही कि पुलिस ने सूझबूझ दिखाते हुए मुठभेड़ के तुरंत बाद झाड़ियों और बदमाश के कब्जे से अपहृत नाबालिग लड़की को पूरी तरह से सकुशल (Safe and Sound) छुड़ा लिया। बच्ची को सही-सलामत पाकर उसके परिवार और स्थानीय जनता ने यूपी पुलिस और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े एक्शन की जमकर सराहना की है। मुजफ्फरनगर और आस-पास के जिलों में इस कुख्यात सीरियल रेपिस्ट के खात्मे के बाद से व्यापारियों और आम जनता ने राहत की सांस ली है। घायल पुलिसकर्मियों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 10:03 am

मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स केस में ED की बड़ी कार्रवाई, दिल्ली में 5 ठिकानों पर छापेमारी; नाइट क्लब निवेश की जांच तेज

मुंद्रा पोर्ट पर 2,988 किलो हेरोइन बरामदगी मामले में ED ने दिल्ली के 5 ठिकानों पर छापेमारी की। जांच में ड्रग्स से कमाए गए धन को नाइट क्लबों में निवेश किए जाने के संकेत मिले हैं।

देशबन्धु 24 Jun 2026 10:01 am

अलीगंज अग्निकांड के बाद एक्शन मोड में योगी सरकार: यूपी में 'खान सर' और 'फिजिक्स वाला' समेत 84 कोचिंग सेंटर सील; 'आकाश' पर अभी भी मेहरबानी?

राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए दर्दनाक कोचिंग सेंटर अग्निकांड (जिसमें बंद दरवाजों और खराब वेंटिलेशन के कारण 15 मासूम जिंदगियां खत्म हो गईं) के बाद उत्तर प्रदेश प्रशासन पूरी तरह हिल गया है। इस भयावह हादसे को बेहद गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश में अवैध और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले कोचिंग संस्थानों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीएम योगी के कड़े रुख के बाद हरकत में आए आला अधिकारियों और जिला प्रशासनों ने पूरे प्रदेश में एक बड़ा सर्च और सील अभियान (Crackdown) शुरू कर दिया है।इस औचक छापेमारी और जांच अभियान के तहत अब तक उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कुल 84 कोचिंग सेंटरों को नियमों का उल्लंघन करने और फायर सेफ्टी मानक न पूरे करने के आरोप में सील कर दिया गया है।सीएम योगी के निर्देश पर सड़कों पर उतरे अफसर, मंचा हड़कंपअलीगंज की घटना के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से स्पष्ट आदेश जारी किए गए थे कि छात्रों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। इसके बाद लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर समेत राज्य के तमाम बड़े शैक्षणिक हब वाले शहरों में जिलाधिकारियों (DM), पुलिस कप्तानों और फायर ब्रिगेड की संयुक्त टीमें सड़कों पर उतर आईं। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से कोचिंग संचालकों के बीच हड़कंप मच गया है। जांच के दौरान जिन भी सेंटरों में आपातकालीन निकास (Emergency Exit), वेंटिलेशन और अग्निशमन उपकरणों की कमी पाई गई, उन्हें बिना कोई मोहलत दिए तुरंत बंद करने की कार्रवाई की जा रही है।'फिजिक्स वाला' और 'खान सर' जैसी बड़ी कोचिंग्स पर चला प्रशासन का डंडाइस देशव्यापी अभियान के तहत प्रशासन ने किसी भी रसूखदार या बड़े नाम की परवाह न करते हुए सीधी कार्रवाई की है। सील किए गए 84 संस्थानों में देश के कई प्रतिष्ठित और नामी कोचिंग ब्रांड्स भी शामिल हैं। मिली जानकारी के अनुसार:एलेन कोचिंग (Allen Career Institute): मानकों की अनदेखी पाए जाने पर इसके सेंटरों पर ताला जड़ दिया गया है।फिजिक्स वाला (Physics Wallah): इस बड़े एडटेक प्लेटफॉर्म के विद्यापीठ सेंटरों में सुरक्षा कमियां मिलने पर इन्हें सील किया गया है।खान सर कोचिंग (Khan Sir Coaching): युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय खान सर के कोचिंग सेंटरों पर भी नियमों के उल्लंघन के चलते बड़ी कार्रवाई हुई है।कानपुर के काकादेव और वाराणसी के दुर्गाकुंड जैसे घने कोचिंग इलाकों में यह कार्रवाई सबसे ज्यादा देखने को मिली है, जहां संकरी गलियों में बिना बेसमेंट क्लीयरेंस और फायर एनओसी (NOC) के धड़ल्ले से कोचिंग्स चलाई जा रही थीं।'आकाश इंस्टीट्यूट' जैसे कुछ बड़े नाम अभी भी कार्रवाई के दायरे से बाहर?उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन की इस ताबड़तोड़ और निष्पक्ष दिखने वाली कार्रवाई के बीच एक बड़ा सवालिया निशान भी खड़ा हो गया है। जमीनी रिपोर्ट और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जहां एक तरफ 'एलेन' और 'फिजिक्स वाला' जैसे बड़े दिग्गजों पर ताला लटका दिया गया है, वहीं दूसरी तरफ 'आकाश इंस्टीट्यूट' (Aakash Institute) और आकाश कोचिंग जैसे कई अन्य बेहद बड़े और रसूखदार नाम अभी भी इस सीलिंग अभियान के दायरे से पूरी तरह बाहर बने हुए हैं।चर्चाएं गर्म हैं कि क्या इन सेंटरों के पास वाकई सभी मानक पूरे हैं या फिर रसूख के चलते इनके खिलाफ जांच की आंच धीमी पड़ गई है। छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि अगर सुरक्षा का अभियान चलाना है, तो इसमें किसी भी संस्थान को छोटा या बड़ा मानकर रियायत नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि बच्चों की जान की कीमत सबके लिए बराबर है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:59 am

शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर का निधन: सदमे में 'रावलपिंडी एक्सप्रेस', खेल जगत में शोक की लहर

क्रिकेट जगत और पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) के परिवार से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। दुनिया के सबसे तेज गेंदबाज और 'रावलपिंडी एक्सप्रेस' के नाम से मशहूर शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर का निधन हो गया है। शोएब अख्तर ने खुद 23 जून को देर शाम सोशल मीडिया के जरिए इस अपूरणीय क्षति की जानकारी अपने फैंस और पूरी दुनिया के साथ साझा की। भाई के अचानक चले जाने से दिग्गज क्रिकेटर का पूरा परिवार गहरे सदमे और शोक में डूबा हुआ है।शोएब अख्तर ने सोशल मीडिया पर लिखा भावुक संदेशशोएब अख्तर ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक बेहद भावुक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, मुझे यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि मेरे प्यारे बड़े भाई शाहिद अख्तर अल्लाह के पास चले गए हैं। इस दुखद घड़ी में शोएब अख्तर ने अपने दिवंगत भाई की आत्मा की शांति और उन्हें जन्नत में आला मुकाम मिलने के लिए अल्लाह से दुआ मांगी है। इसके साथ ही उन्होंने दुनिया भर में फैले अपने करोड़ों फैंस और चाहने वालों से अपील की है कि वे उनके भाई और परिवार को अपनी खास दुआओं में जरूर याद रखें।खेल जगत में शोक की लहर, आज इस्लामाबाद में होगा अंतिम संस्कारशोएब अख्तर के बड़े भाई के इंतकाल की खबर मिलते ही खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। शोएब के फैंस, दुनिया भर के पूर्व और वर्तमान क्रिकेटरों के साथ-साथ पाकिस्तान के खेल जगत की तमाम बड़ी हस्तियों ने सोशल मीडिया पर उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और दिवंगत शाहिद अख्तर को भावभीनी श्रद्धांजलि दी है।पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मरहूम शाहिद अख्तर की अंतिम नमाज-ए-जनाजा आज बुधवार, 24 जून 2026 को असर की नमाज के बाद अदा की जाएगी। इसके बाद उन्हें पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के एच-8 (H-8) कब्रिस्तान में सुपुर्दे-खाक (अंतिम संस्कार) किया जाएगा।क्रिकेट इतिहास के सबसे तेज गेंदबाज हैं शोएब अख्तरअपनी तूफानी गेंदबाजी से बल्लेबाजों के दिलों में खौफ पैदा करने वाले शोएब अख्तर को क्रिकेट इतिहास का सबसे खतरनाक और तेज गेंदबाज माना जाता है। उन्होंने साल 2003 के आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप के दौरान इंग्लैंड के खिलाफ क्रिकेट इतिहास की सबसे तेज गेंद फेंकने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था।उस ऐतिहासिक मैच में शोएब अख्तर की गेंद की रफ्तार 161.3 किलोमीटर प्रति घंटा (KMPH) मापी गई थी। यह एक ऐसा अटूट महा-रिकॉर्ड है, जिसे क्रिकेट इतिहास का कोई भी गेंदबाज आज तक (साल 2026 तक) तोड़ने में कामयाब नहीं हो पाया है। शोएब अख्तर ने अपने पूरे अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान कई बार 150 KMPH से अधिक की रफ्तार का आंकड़ा पार किया, जो उनके अविश्वसनीय शारीरिक सामर्थ्य को दर्शाता है।'रावलपिंडी एक्सप्रेस' के शानदार करियर और रिकॉर्ड्स पर एक नज़रशोएब अख्तर की सबसे तेज गेंद फेंकने का वर्ल्ड रिकॉर्ड जितना महान है, उतने ही शानदार उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के आंकड़े भी हैं। उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट टीम की तरफ से तीनों फॉर्मेट में अपनी गेंदबाजी का लोहा मनवाया है:टेस्ट क्रिकेट: शोएब अख्तर ने पाकिस्तान के लिए 46 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने 25.7 के बेहतरीन गेंदबाजी औसत से कुल 178 विकेट अपने नाम किए।वनडे इंटरनेशनल (ODI): 163 वनडे मैचों में प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने 24.98 के शानदार औसत के साथ 247 बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया।टी20 इंटरनेशनल: फटाफट क्रिकेट के इस दौर में उन्होंने पाकिस्तान के लिए 15 टी20 मैच खेले और 22.74 के औसत से 19 विकेट हासिल किए।खेल के मैदान पर बड़ी से बड़ी टीम के बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त करने वाले शोएब अख्तर आज अपने जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं, और पूरा खेल जगत इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:49 am

IRFC OFS: रेलवे की इस दिग्गज कंपनी में हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, बाजार भाव से सस्ते दाम पर शेयर खरीदने का बड़ा मौका

शेयर बाजार के निवेशकों और रेलवे स्टॉक में रुचि रखने वालों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर आ रही है। भारतीय रेलवे की वित्तीय रीढ़ मानी जाने वाली सरकारी कंपनी 'इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन' (IRFC) को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार इस नवरत्न कंपनी में 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) के जरिए अपनी 2 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी बेचने की पूरी तैयारी कर चुकी है। इस विनिवेश (Disinvestment) के जरिए सरकार का लक्ष्य बाजार से एक भारी-भरकम फंड जुटाना है। यदि आप भी शेयर बाजार में निवेश करते हैं या कमाई का कोई बेहतरीन मौका ढूंढ रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।क्या है सरकार का पूरा प्लान और 'ग्रीनशू ऑप्शन'?केंद्र सरकार की तरफ से इस हिस्सेदारी बिक्री को लेकर विस्तृत योजना साझा की गई है। तय रणनीति के मुताबिक, सरकार शुरुआत में आईआरएफसी (IRFC) की 1 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी बाजार में बिक्री के लिए उतारेगी। यदि इस हिस्सेदारी को निवेशकों की तरफ से शानदार रिस्पॉन्स मिलता है और मांग ज्यादा रहती है, तो सरकार 'ग्रीनशू ऑप्शन' (Greenshoe Option) का इस्तेमाल करेगी। इस ऑप्शन के तहत अतिरिक्त 1 फीसदी हिस्सेदारी और बेची जाएगी। यानी कुल मिलाकर 2 फीसदी शेयर बाजार में निवेशकों के लिए उपलब्ध होंगे।'DIPAM' ने दी जानकारी, जानिए कब खुलेगा आपके लिए यह मौकानिवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पहले ट्विटर) पर आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) बुधवार से निवेशकों के लिए लाइव हो रहा है।इसकी समयसारणी को दो हिस्सों में बांटा गया है:बुधवार (पहला दिन): इस दिन केवल गैर-रिटेल (Non-Retail) यानी संस्थागत निवेशक (Institutional Investors) ही शेयरों के लिए अपनी बोली लगा सकेंगे।गुरुवार (दूसरा दिन): आम जनता यानी छोटे और हमारे-आपके जैसे रिटेल (Retail) निवेशकों के लिए यह विंडो गुरुवार को खुलेगी, जहां वे सस्ते दाम पर शेयरों के लिए आवेदन कर सकेंगे।बाजार भाव से भारी डिस्काउंट: 91 रुपये तय हुआ फ्लोर प्राइसइस ऑफर फॉर सेल की सबसे आकर्षक बात इसकी कीमत है। सरकार ने इस बिक्री के लिए 'फ्लोर प्राइस' (न्यूनतम कीमत) 91 रुपये प्रति शेयर तय की है। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले कारोबारी सत्र यानी मंगलवार को बाजार बंद होने पर IRFC का शेयर 98.37 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। इसका सीधा मतलब यह है कि सरकार आम निवेशकों को मौजूदा बाजार भाव (Market Price) से करीब 7.5% के आकर्षक डिस्काउंट यानी सस्ते दाम पर शेयर ऑफर कर रही है। इस पूरी प्रक्रिया के तहत कुल 26.13 करोड़ शेयर बेचे जाने की उम्मीद है, जिससे सरकारी खजाने में 2,300 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि आएगी।क्यों जरूरी है सरकार के लिए यह कदम?'ऑफर फॉर सेल' (OFS) एक ऐसा आसान जरिया है जिसके तहत किसी भी लिस्टेड कंपनी के प्रमोटर (इस मामले में भारत सरकार) स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से सीधे अपनी हिस्सेदारी आम और संस्थागत निवेशकों को बेच सकते हैं। इससे पहले भी सरकार ने आईआरएफसी में अपनी 4 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की कोशिश की थी, लेकिन उस दौरान बाजार की परिस्थितियों के चलते केवल 1.71 फीसदी शेयर ही बिक पाए थे।वर्तमान में इस कंपनी के भीतर सरकार की कुल हिस्सेदारी 84.65 फीसदी है। दरअसल, केंद्र सरकार ने इस चालू वित्तीय वर्ष (FY27) के बजट में विनिवेश (Disinvestment Target) के जरिए कुल 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का एक बड़ा लक्ष्य रखा है। आईआरएफसी में हिस्सेदारी बेचने का यह हालिया कदम इसी बड़े टारगेट को पूरा करने की कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:47 am

Nirjala Ekadashi 2026: जून में इस तारीख को है निर्जला एकादशी, जानें भीमसेन से जुड़ी यह अनोखी कथा

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का बहुत बड़ा महत्व माना जाता है, लेकिन ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष में आने वाली निर्जला एकादशी की बात ही कुछ अलग है। इस व्रत को साल की सभी 24 एकादशियों में सबसे कठिन और पवित्र माना गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि जब उत्तर भारत सहित पूरे देश में भीषण गर्मी पड़ती है, उस दौरान श्रद्धालु पूरे 24 घंटों के लिए अन्न के साथ-साथ पानी की एक बूंद का भी त्याग कर देते हैं। भगवान विष्णु के भक्त पूरी श्रद्धा के साथ इस कठिन नियम का पालन करते हैं। धार्मिक ग्रंथों में इसे भीमसेनी एकादशी के नाम से भी पुकारा जाता है।जानिए साल 2026 में कब रखा जाएगा निर्जला एकादशी का व्रतअगर आप इस साल निर्जला एकादशी के व्रत की सही तारीख को लेकर उलझन में हैं, तो पंचांग की गणना को समझना जरूरी है। इस साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 24 जून, बुधवार की शाम को 6 बजकर 13 मिनट पर हो रही है। यह तिथि अगले दिन यानी 25 जून, गुरुवार को शाम 8 बजकर 10 मिनट तक रहेगी। सनातन धर्म में उदया तिथि यानी सूर्योदय के समय मौजूद तिथि को ही व्रत के लिए मुख्य माना जाता है। इसलिए उदया तिथि के नियम के अनुसार, इस साल निर्जला एकादशी का मुख्य व्रत 25 जून को ही रखा जाएगा। इसके बाद अगले दिन द्वादशी तिथि में व्रत का पारण किया जाएगा।आखिर क्यों इस व्रत को माना जाता है सभी एकादशियों में श्रेष्ठपद्म पुराण में इस विशेष व्रत की महिमा का बहुत ही सुंदर वर्णन मिलता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन श्रद्धा पूर्वक विष्णु जी की पूजा करने और जल का नियम निभाने वाले इंसान के बड़े से बड़े पाप भी कट जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन किए गए पवित्र नदी के स्नान, दान-पुण्य और मंत्रों के जाप का फल कभी खत्म नहीं होता। मान्यता है कि अगर कोई इंसान पूरे साल की बाकी एकादशियों का व्रत किसी कारणवश नहीं रख पाता है, तो वह केवल इस एक एकादशी का उपवास रखकर साल भर की सभी एकादशियों के बराबर पुण्य फल हासिल कर सकता है।जब भीमसेन की भूख के कारण शुरू हुआ यह महाव्रतइस एकादशी को भीमसेनी एकादशी कहे जाने के पीछे एक बेहद दिलचस्प पौराणिक कथा है। पद्म पुराण के मुताबिक, एक बार पांचों पांडवों में से भीमसेन ने महर्षि वेद व्यासजी के सामने अपनी एक बड़ी व्यावहारिक समस्या रखी। भीमसेन ने कहा कि उनके उदर यानी पेट में 'वृक' नाम की एक ऐसी अग्नि हमेशा जलती रहती है, जिसकी वजह से उन्हें हर समय तेज भूख लगती है। वह भूखे नहीं रह सकते, इसलिए उन्होंने आज तक जीवन में कोई व्रत नहीं किया है। उन्होंने व्यासजी से गुहार लगाई कि मुझे कोई ऐसा एक व्रत बताइए, जिसे साल में सिर्फ एक बार करने से ही मेरा उद्धार हो जाए और मुझे स्वर्ग लोक मिल सके।तब महर्षि वेद व्यासजी ने भीमसेन की परेशानी को समझते हुए उन्हें ज्येष्ठ मास की इस शुक्ल पक्ष एकादशी को बिना पानी पिए यानी निर्जल रहकर व्रत करने की सलाह दी। व्यासजी ने समझाया कि यह साल का सबसे गर्म महीना होता है और इसमें बिना पानी के रहना बहुत मुश्किल है, लेकिन अगर तुम यह कठिन तपस्या कर लेते हो, तो तुम्हें साल भर की सभी एकादशियों के व्रत का पुण्य एक बार में ही मिल जाएगा। व्यासजी के कहने पर भीम ने यह व्रत पूरी निष्ठा से किया, जिसके बाद से इसे भीमसेनी एकादशी भी कहा जाने लगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:35 am

Gold and Silver Rates Today: सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, दिल्ली-मुंबई समेत १० बड़े शहरों में गोल्ड के ताजा रेट जारी

वैश्विक कमोडिटी बाजार (Global Commodity Market) में मचे उथल-पुथल का सीधा असर भारतीय सराफा बाजार पर देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी डॉलर की रिकॉर्ड मजबूती और बॉन्ड यील्ड में उछाल के चलते कीमती धातुओं पर मंदी का दबाव गहरा गया है। आज, २४ जून २०२६ बुधवार की सुबह देश के प्रमुख शहरों में सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।इससे ठीक एक दिन पहले दिल्ली के हाजिर सराफा बाजार में ९९.९ प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में ३,००० रुपये या लगभग २ प्रतिशत का जोरदार क्रैश देखा गया था, जिसके बाद आज भी बाजार लाल निशान के साथ खुला है।अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना और चांदी का हालविदेशी बाजारों में बिकवाली के हावी होने के कारण कीमती धातुओं के दाम रिकॉर्ड स्तरों से काफी नीचे आ चुके हैं:स्पॉट गोल्ड (Spot Gold): अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना फिसलकर ४,१२१.१० डॉलर प्रति औंस (१ औंस = २८.३५ ग्राम) के स्तर पर कारोबार कर रहा है।स्पॉट सिल्वर (Spot Silver): वैश्विक बाजार में हाजिर चांदी की कीमत भी टूटकर ६२.२७ डॉलर प्रति औंस पर टिकी हुई है, जिससे डोमेस्टिक मार्केट में भी चांदी की चमक फीकी पड़ गई है।आपके शहर में आज का गोल्ड रेट: दिल्ली, मुंबई और लखनऊ के लेटेस्ट भावटैक्स और स्थानीय सराफा एसोसिएशन के नियमों के कारण देश के अलग-अलग राज्यों में सोने के रेट में मामूली अंतर होता है। आज २४ जून २०२६ को भारत के १० प्रमुख शहरों में २२ कैरेट और २४ कैरेट सोने की कीमतें (प्रति १० ग्राम) इस प्रकार हैं:शहर का नाम२२ कैरेट सोने का भाव (₹/१० ग्राम)२४ कैरेट सोने का भाव (₹/१० ग्राम)दिल्ली (Delhi)१,३२,६९०१,४४,७४०जयपुर (Jaipur)१,३२,६९०१,४४,७४०लखनऊ (Lucknow)१,३२,६९०१,४४,७४०चंडीगढ़ (Chandigarh)१,३२,६९०१,४४,७४०चेन्नई (Chennai)१,३५,५९०१,४७,९२०अहमदाबाद (Ahmedabad)१,३२,५९०१,४४,६४०भोपाल (Bhopal)१,३२,५९०१,४४,६४०मुंबई (Mumbai)१,३२,५४०१,४४,५९०कोलकाता (Kolkata)१,३२,५४०१,४४,५९०हैदराबाद (Hyderabad)१,३२,५४०१,४४,५९०चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट: जानें नया रेटसोने के नक्शेकदम पर चलते हुए औद्योगिक और चमकीली धातु चांदी की कीमतों में भी मंदी का दौर जारी है। देश के प्रमुख शहरों के सराफा बाजारों में आज चांदी की कीमत घटकर २,४४,९०० रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर इंडेक्स $१०० के ऊपर बना रहेगा और औद्योगिक मांग में कूटनीतिक सुधार नहीं होगा, तब तक चांदी पर यह दबाव देखा जा सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:31 am

पुणे में इंदौर से भी ज्यादा खौफनाक हत्या, सिया ने ही बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर की थी मंगेतर केतन की हत्या

पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में बेहद चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। मृतक केतन के पिता ने बताया कि यह हत्या एक खौफनाक और सोची-समझी साजिश थी। 18 मई को खाई में धक्का देकर मारने से चार दिन पहले यानी 14 जून को भी सिया ने केतन की जान लेने का पूरा ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 9:31 am

UP Assistant Professor Recruitment 2026: यूपी के कॉलेजों में १६०० से अधिक प्रोफेसर पदों पर भर्ती की तैयारी, उच्च शिक्षा विभाग ने आयोग को भेजी रिक्तियों की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के अशासकीय और सरकारी सहायता प्राप्त (Aided) डिग्री कॉलेजों में प्रोफेसर बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) ने विभिन्न कॉलेजों में खाली पड़े पदों को भरने की कवायद युद्ध स्तर पर शुरू कर दी है।शासन के निर्देश पर उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रदेशभर के कॉलेजों से रिक्त पदों की विस्तृत और बिंदुवार जानकारी मांगी थी। इस कूटनीतिक कदम के बाद अब विभिन्न कॉलेजों से मिली रिक्तियों की रिपोर्ट का अंतिम सत्यापन (Final Verification) कर उसे उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजा जा रहा है, जिससे साफ है कि जल्द ही भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है।१६०० से अधिक पदों पर आ सकती है वैकेंसी, बढ़ सकता है अंतिम आंकड़ाउच्च शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों के मुताबिक, अब तक मिली रिपोर्ट के आधार पर सहायता प्राप्त कॉलेजों में १६०० से अधिक असिस्टेंट प्रोफेसर के पद खाली पाए गए हैं।पदों में बढ़ोतरी की उम्मीद: निदेशालय ने सभी संबंधित कॉलेजों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने यहाँ खाली पड़े पदों की बिल्कुल सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं।नई रिपोर्ट का इंतजार: कई संस्थानों ने हाल ही में नई रिक्तियों की सूचना निदेशालय को भेजी है। अधिकारियों का मानना है कि चूंकि अभी कुछ कॉलेजों से अंतिम वेरिफिकेशन रिपोर्ट आना बाकी है, इसलिए मुख्य विज्ञापन जारी होने तक खाली पदों का यह अंतिम आंकड़ा और भी ज्यादा बढ़ सकता है।कॉलेजों में 'प्राचार्य' (Principal) के पदों पर भी होगी सीधी भर्तीइस आगामी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत युवाओं को न केवल असिस्टेंट प्रोफेसर, बल्कि डिग्री कॉलेजों में प्राचार्य (Principal) बनने का भी सुनहरा मौका मिलेगा।१११ पदों की सूची तैयार: उच्च शिक्षा विभाग ने फिलहाल प्राचार्य के १११ रिक्त पदों का पूरा ब्योरा तैयार कर नए शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेज दिया है।वेरिफिकेशन जारी: इस विंग में भी कई कॉलेजों से आंतरिक रिपोर्ट आनी बाकी है, जिसके बाद प्राचार्य के पदों की संख्या में भी इजाफा होना तय माना जा रहा है।मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों में सृजित होंगे शिक्षकों के हजारों नए पदउत्तर प्रदेश में बुनियादी और माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाने के लिए सरकार 'मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय' (CM Model Composite Schools) का निर्माण तेजी से करा रही है।प्री-नर्सरी से १२वीं तक की पढ़ाई: ये अत्याधुनिक स्कूल प्री-नर्सरी से लेकर कक्षा १२वीं तक के होंगे।नए पदों का सृजन: इन नए मॉडल स्कूलों में सुचारू रूप से पढ़ाई संचालित करने के लिए शासन ने शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों से एक विस्तृत कार्ययोजना रिपोर्ट मांगी है। इस रिपोर्ट के आधार पर स्कूलों में प्रधानाचार्य, प्रवक्ता (PGT), सहायक अध्यापक (TGT) और प्री-प्राइमरी शिक्षकों के हजारों नए पद सृजित (Create) करने की तैयारी चल रही है।शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के बंपर द्वारउच्च शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा विभाग की इस संयुक्त सक्रियता से उत्तर प्रदेश के नेट (NET), स्लेट (SLET) और पीएचडी (PhD) पास कर चुके हजारों योग्य अभ्यर्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। इस महा-भर्ती प्रक्रिया के पूरी होने से जहाँ एक तरफ प्रदेश के युवाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक सरकारी नौकरी मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में लंबे समय से चली आ रही फैकल्टी की कमी को भी हमेशा के लिए दूर किया जा सकेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:29 am

Delhi Weather Update: दिल्ली में ९१ किमी/घंटे की आंधी के बाद तापमान १४.९°C तक लुढ़का, आज भी बारिश-तूफान का यलो अलर्ट

देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर (Delhi-NCR) के निवासियों को पिछले कई हफ्तों से जारी भीषण और जानलेवा लू (Heatwave) से आखिरकार बड़ी राहत मिल गई है। मंगलवार दोपहर दिल्ली के मौसम में आए अचानक और कूटनीतिक बदलाव के बाद धूल भरी तेज आंधी और झमाझम बारिश ने पूरी दिल्ली को सराबोर कर दिया।भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज, २४ जून २०२६ बुधवार के लिए भी दिल्ली में 'यलो अलर्ट' जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आज दोपहर और शाम के व्यस्त समय (Peak Hours) के दौरान दिल्ली के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज आंधी आने और बारिश होने की प्रबल संभावना है।पालम में ९१ किमी/घंटे का तूफान, अयानगर में सबसे ज्यादा गिरा पारामंगलवार दोपहर दिल्ली में आए तूफान की तीव्रता इतनी भयानक थी कि हवाओं की रफ्तार ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। आईएमडी (IMD) के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक:तूफान की रफ्तार: दिल्ली के पालम इलाके में दोपहर करीब २:३० बजे सबसे तेज ९१ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलीं। इसके अलावा पूसा में ८५ किमी/घंटा और मुख्य सफदरजंग वेदर स्टेशन पर ५२ किमी/घंटे की स्पीड से आंधी दर्ज की गई।तापमान में ऐतिहासिक गिरावट: इस अंधड़ और बारिश के कारण दिल्ली के तापमान में भारी और चौंकाने वाली गिरावट आई। अयानगर में सबसे ज्यादा १४.९C पारा लुढ़क गया, जिससे दोपहर का तापमान ४०.६C से सीधे गिरकर २५.७C पर आ गया। इसके साथ ही पालम में १०C, जफरपुर में ११.६C और मुख्य सफदरजंग में तापमान करीब ७C तक कम दर्ज किया गया।आज कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम? (तापमान और हवाओं का पूर्वानुमान)मौसम विभाग का कहना है कि मंगलवार की आंधी के बाद दिल्ली के वायुमंडल में नमी बढ़ गई है, जिससे आज भी आंधी-तूफान बनने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।अधिकतम और न्यूनतम तापमान: बुधवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान ३९C से ४१C के बीच रहने का अनुमान है, जिससे चिलचिलाती गर्मी कंट्रोल में रहेगी। वहीं न्यूनतम तापमान २४C से २६C के बीच दर्ज किया जा सकता है।बादलों की आवाजाही: दिनभर आसमान में आंशिक रूप से बादल (Partly Cloudy Sky) छाए रहेंगे। पश्चिमी दिशा से १५ से २५ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी और तेज हवाएं चल सकती हैं।दोपहर और शाम को घर से बाहर निकलते समय रहें सावधानमौसम वैज्ञानिकों ने संकेत दिए हैं कि हालांकि आज मंगलवार जितना भयंकर रूप देखने को नहीं मिलेगा, लेकिन दोपहर के बाद और शाम के समय दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में अचानक तेज आंधी के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।यात्रियों के लिए सलाह:शाम को ऑफिस से घर लौटते समय या व्यस्त ट्रैफिक के दौरान मौसम में अचानक बदलाव होने की सबसे ज्यादा संभावना है। ऐसे में वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे तेज हवाओं के दौरान पेड़ों और कमजोर होर्डिंग्स के नीचे खड़े होने से बचें और बीएमसी या स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:27 am

Budh Gochar 2026: ग्रहों के राजकुमार बुध का कर्क राशि में महागोचर, इन 5 राशि वालों की चमकेगी किस्मत, खुलेगा धन का पिटारा

ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को 'ग्रहों का राजकुमार' कहा जाता है। नवग्रहों में बुध को बुद्धि, तर्क, वाणी, संचार, शिक्षा और व्यापार का मुख्य कारक माना जाता है। जिस जातक की कुंडली में बुध मजबूत स्थिति में होते हैं, वह व्यक्ति अपनी तीक्ष्ण बुद्धि, हाजिरजवाबी और बेहतरीन बिजनेस सेंस से समाज में एक अलग मुकाम हासिल करता है। बुध मुख्य रूप से मिथुन और कन्या राशि के स्वामी हैं। यह कन्या राशि में होने पर उच्च के और मीन राशि में होने पर नीच के माने जाते हैं।ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 22 जून 2026 की दोपहर 3 बजकर 41 मिनट पर बुध ग्रह ने मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश कर लिया है। बुध का यह राशि परिवर्तन देश-दुनिया सहित सभी 12 राशियों के जीवन को गहरे से प्रभावित करेगा। विशेष रूप से 5 भाग्यशाली राशियां ऐसी हैं, जिनकी किस्मत इस गोचर से पूरी तरह चमकने वाली है।दिल और दिमाग का अनूठा संगम कराएगा यह गोचरकर्क एक बेहद भावुक और जल तत्व की राशि है। जब बुद्धि के देवता बुध इस राशि में आते हैं, तो जातक की तार्किक सोच और भावनाओं के बीच एक अनूठा संतुलन बनता है। इस दौरान लोग केवल दिमाग से नहीं बल्कि दिल से भी फैसले लेते हैं। पारिवारिक रिश्तों में घनिष्ठता और आपसी प्रेम बढ़ेगा, हालांकि अत्यधिक भावुकता में आकर कोई भी बड़ा व्यापारिक या आर्थिक फैसला लेने से बचना चाहिए।इन 5 राशियों की लगेगी लॉटरी, करियर और बिजनेस में मिलेगा बंपर लाभ1. मिथुन राशि (Gemini)बुध मिथुन राशि के ही स्वामी हैं, इसलिए इनका यह गोचर आपके लिए अत्यंत कल्याणकारी रहेगा। कर्क राशि में पहले से मौजूद गुरु और शुक्र के साथ बुध का यह संबंध आपके ज्ञान और बुद्धि के नए द्वार खोलेगा।मुख्य लाभ: लंबे समय से रुके हुए सरकारी और गैर-सरकारी काम तेजी से पूरे होंगे। नौकरीपेशा जातकों को कार्यक्षेत्र में अधिकारियों से प्रशंसा और इंक्रीमेंट मिल सकता है।छात्रों के लिए: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह समय स्वर्णिम साबित होगा, एकाग्रता बढ़ेगी।2. कर्क राशि (Cancer)कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं। आपकी ही राशि में तीन बड़े ग्रहों (बुध, गुरु और शुक्र) का अद्भुत समावेश होने जा रहा है, जो आपके लिए धन वर्षा के योग बना रहा है।व्यापार में मुनाफा: जो जातक जल से जुड़े काम, कॉस्मेटिक्स, ब्यूटी पार्लर, सैलून या कलात्मक क्षेत्रों से जुड़े हैं, उनके मुनाफे में भारी बढ़ोतरी होगी। परिवार में सुख-शांति रहेगी।सलाह: आर्थिक रूप से समय जितना मजबूत है, स्वास्थ्य के मोर्चे पर आपको उतना ही सतर्क रहने की जरूरत है। खान-पान का ध्यान रखें।3. कन्या राशि (Virgo)कन्या भी बुध की अपनी राशि है। इस गोचर के प्रभाव से माँ लक्ष्मी की विशेष अनुकंपा आपके ऊपर बरसने वाली है। समाज में आपका मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी।इन क्षेत्रों को होगा फायदा: यदि आप गणित के शिक्षक हैं, ज्योतिष, कोचिंग सेंटर संचालक, लेखक, कवि, चित्रकार, संगीतकार, एडिटर, वकील, पत्रकार या किसी भी प्रकार के कूटनीतिक व न्याय संबंधी कार्य से जुड़े हैं, तो आपको करियर में एक लंबी छलांग लगाने का मौका मिलेगा।4. तुला राशि (Libra)तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं। कर्क राशि में गुरु और बुध के जुड़ाव से तुला राशि के जातकों के भौतिक सुख-साधनों में भारी विस्तार होने जा रहा है।मकान और वाहन का योग: यदि आप लंबे समय से अपना घर या नई गाड़ी खरीदने का सपना देख रहे थे, तो इस गोचर काल में आपका वह सपना पूरा हो सकता है।अविवाहितों के लिए: कुंवारे जातकों के लिए विवाह के बेहतरीन प्रस्ताव आएंगे और रिश्ते पक्के होने के प्रबल योग हैं। कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारी मिलेगी, बस बातचीत करते समय अपनी वाणी पर संयम रखें।5. मीन राशि (Pisces)मीन देवगुरु बृहस्पति की राशि है। शुक्र, बुध और गुरु के इस शुभ योग से मीन राशि के जातकों का जीवन आनंद और सुख-सुविधाओं से युक्त होने जा रहा है।रिश्तों में सुधार: बुध के शुभ प्रभाव से पुराने समय से रूठे हुए मित्र वापस आएंगे और शत्रुओं पर आप विजय प्राप्त करेंगे। परिवार में किसी बेटी या कन्या के विवाह से जुड़े मांगलिक कार्य संपन्न हो सकते हैं। यदि आपकी व्यक्तिगत कुंडली में बुध बलवान हैं, तो यह अवधि आपको मानसिक तनाव से पूरी तरह मुक्ति दिलाएगी।बुधवार के दिन करें ये विशेष दान, मजबूत होगा बुध ग्रहयदि आपकी कुंडली में बुध कमजोर स्थिति में हैं या आपको व्यापार-शिक्षा में रुकावटों का सामना करना पड़ रहा है, तो बुध के गोचर काल के दौरान बुधवार के दिन निम्नलिखित वस्तुओं का दान जरूर करें:कांसे के बर्तन या पात्र।पढ़ने-लिखने की सामग्री (स्टेशनरी का सामान) गरीब बच्चों को बांटें।हरे रंग के वस्त्र और हरी पत्तेदार सब्जियां या साबुत मूंग की दाल का दान करें।पन्ना या हरे रंग का कोई भी पत्थर धारण करना या दान करना भी शुभ फल देता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:24 am

Petrol Diesel Price Today: देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, जानें आज आपके शहर में क्या है ईंधन का भाव

हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की नई किरणों से नहीं, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है। रोजमर्रा की जिंदगी में दफ्तर जाने वाले नौकरीपेशा से लेकर फल-सब्जी और राशन पहुंचाने वाले व्यापारियों तक, हर किसी की जेब पर ईंधन की कीमतों का सीधा असर पड़ता है।वैश्विक बाजार में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के चलते होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही सामान्य हो गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड के दाम गिरकर $७७ प्रति बैरल से नीचे आ चुके हैं। इसके बावजूद घरेलू बाजार में तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज, २४ जून २०२६ को भी कीमतों में कोई बड़ा फेरबदल नहीं किया है। देश की प्रमुख तेल कंपनियों द्वारा हर सुबह ६ बजे जारी होने वाले ईंधन के ताजा भाव नीचे दिए गए हैं।मेट्रो शहरों में ईंधन का ताजा भाव: मुंबई में पेट्रोल ₹१११ पारदेश के चारों महानगरों में टैक्स दरों के अलग-अलग होने के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ा अंतर देखने को मिलता है। आज के लेटेस्ट रेट इस प्रकार हैं:नई दिल्ली: देश की राजधानी में पेट्रोल ₹१०२.१२ प्रति लीटर और डीजल ₹८३.०९ प्रति लीटर पर स्थिर है।मुंबई: मायानगरी में ईंधन सबसे महंगा है, यहाँ पेट्रोल ₹१११.१८ प्रति लीटर और डीजल ₹८६.०० प्रति लीटर बिक रहा है।कोलकाता: यहाँ एक लीटर पेट्रोल की कीमत ₹११३.४७ और डीजल की कीमत ₹९३.५० दर्ज की गई है।चेन्नई: तमिलनाडु की राजधानी में पेट्रोल का भाव ₹१०७.७७ प्रति लीटर और डीजल ₹९१.५० प्रति लीटर है।उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के शहरों का हालदिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक इलाकों और राजधानी लखनऊ में आज कीमतें कुछ इस प्रकार बनी हुई हैं:नोएडा: गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) में आज पेट्रोल ₹१०२.१२ प्रति लीटर और डीजल ₹९१.७० प्रति लीटर की दर से मिल रहा है।लखनऊ: नवाबों के शहर लखनऊ में पेट्रोल का रेट ₹१०२.०५ प्रति लीटर और डीजल का भाव ₹९५.७५ प्रति लीटर है।२४ जून २०२६: देश के अन्य बड़े शहरों के ताजा रेट्सयदि आप देश के अन्य राज्यों या शहरों के भाव चेक करना चाहते हैं, तो आज की लिस्ट नीचे दी गई है:शहर का नामपेट्रोल का भाव (प्रति लीटर)डीजल का भाव (प्रति लीटर)हैदराबाद₹११५.६९₹९७.००तिरुवनंतपुरम₹११५.४९(स्थानीय दरों के अधीन)पटना₹११३.३५(स्थानीय दरों के अधीन)जयपुर₹११२.६६₹९०.९१बेंगलुरु₹११०.९३₹९०.००भुवनेश्वर₹१०९.९२(स्थानीय दरों के अधीन)गुरुग्राम₹१०२.७७₹९१.७०चंडीगढ़₹९eight.१०(स्थानीय दरों के अधीन)पुणे(स्थानीय दरों के अधीन)₹९२.५०अहमदाबाद(स्थानीय दरों के अधीन)₹८२.२५पिछले दो साल से क्यों स्थिर बनी हुई हैं कीमतें?भारतीय ईंधन बाजार में मई २०२२ के बाद से एक अनोखी स्थिरता बनी हुई है। उस समय केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारों द्वारा आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए एक्साइज ड्यूटी और वैट (VAT) में भारी कटौती की गई थी। हालांकि इस दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कई उतार-चढ़ाव आए (जैसे हालिया अमेरिका-ईरान तनाव और शांति वार्ता), लेकिन भारतीय तेल कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कीमतों को तुलनात्मक रूप से स्थिर बनाए रखा है।कैसे तय होती है आपके शहर में ईंधन की कीमत?खुदरा बाजार में पेट्रोल-डीजल की अंतिम कीमत मुख्य रूप से इन ५ बड़े कारकों पर निर्भर करती है:कच्चे तेल (Crude Oil) की अंतरराष्ट्रीय कीमत: चूंकि पेट्रोल-डीजल कच्चे तेल से ही रिफाइंड होते हैं, इसलिए वैश्विक बाजार की मंदी-तेजी का असर सीधे भारत पर पड़ता है।डॉलर के मुकाबले रुपया: भारत अपनी जरूरत का ८०% से ज्यादा कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है और इसका भुगतान डॉलर में होता है। रुपया कमजोर होने पर आयात महंगा हो जाता है।सरकारी टैक्स (Tax & Duty): केंद्र सरकार का एक्साइज शुल्क और राज्य सरकारों का वैट (VAT) मिलकर ईंधन के खुदरा मूल्य का लगभग आधा हिस्सा तय करते हैं। यही वजह है कि अलग-अलग राज्यों में रेट अलग होते हैं।रिफाइनिंग की लागत: कच्चे तेल को कारखानों में लाकर इस्तेमाल योग्य पेट्रोल-डीजल में बदलने का प्रोसेसिंग खर्च भी इसमें जोड़ा जाता है।मांग और आपूर्ति (Demand & Supply): त्योहारों, खेती के सीजन या अत्यधिक गर्मी और सर्दी में जब ईंधन की खपत बढ़ती है, तो बाजार के समीकरणों पर इसका प्रभाव पड़ता है।घर बैठे सिर्फ एक SMS से जानें अपने शहर का ताजा भावयदि आपके शहर का नाम ऊपर दी गई सूची में नहीं है, तो आप अपने मोबाइल से एक साधारण एसएमएस भेजकर सीधे तेल कंपनियों से ताजा रेट्स की जानकारी मंगा सकते हैं:Indian Oil (IOCL) के लिए: अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में RSP अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे 9224992249 पर भेज दें।Bharat Petroleum (BPCL) के लिए: मैसेज बॉक्स में RSP शहर का कोड लिखकर 9223112222 पर सेंड करें।Hindustan Petroleum (HPCL) के लिए: अपने फोन से HP Price शहर का कोड लिखकर 9222201122 पर एसएमएस करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:23 am

मुंबई में रात भर आफत की बरसात: मानसून की पहली ही बारिश ने थामी अंधेरी सबवे की रफ्तार, पालघर तक रेड अलर्ट जारी

मुंबई और इसके आसपास के इलाकों (MMR) में आखिरकार मानसून ने अपनी जोरदार उपस्थिति दर्ज करा दी है। बुधवार की सुबह मुंबईकरों के लिए भारी बारिश, कड़कती बिजली और तेज हवाओं के शोर के साथ हुई। रात भर हुई मूसलाधार बरसात के कारण शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे दफ्तर और काम पर निकलने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मानसून के इस आक्रामक रुख को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) बेहद सतर्क है और पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।तड़के ४ बजे जारी हुआ रेड अलर्ट, फिर बदला ऑरेंज मेंमौसम की गंभीरता को देखते हुए आईएमडी (IMD) ने बुधवार सुबह तड़के ४ बजे मुंबई और पड़ोसी जिले पालघर के लिए ३ घंटे का 'रेड अलर्ट' जारी किया था। इस दौरान ४० से ६० किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली चमकने और अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई थी। इसके बाद सुबह ७ बजे स्थिति की समीक्षा करते हुए मौसम विभाग ने इसे अगले तीन घंटों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' में तब्दील कर दिया। इस ऑरेंज अलर्ट के तहत मुंबई, ठाणे, रायगढ़, पालघर और सिंधुदुर्ग में मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान जताया गया है।१३ दिन की देरी से पहुंचा मानसून, गर्मी से मिली बड़ी राहतलंबे समय से उमस और चिलचिलाती गर्मी झेल रहे मुंबईकरों के लिए राहत की खबर यह रही कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मंगलवार को आधिकारिक रूप से मुंबई में दस्तक दे दी। हालांकि, इस बार मानसून अपनी सामान्य निर्धारित तिथि से १३ दिन की देरी से पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून अब मध्य अरब सागर के बचे हुए हिस्सों, मुंबई समेत महाराष्ट्र के अधिकांश इलाकों, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ चुका है।क्या है मुंबई में मानसून की देरी का इतिहास?मुंबई में आमतौर पर मानसून के आगमन की सामान्य तारीख १० जून मानी जाती है। मौसम विभाग (IMD) के ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले साल यानी २०२३ में मानसून और भी ज्यादा देरी से २५ जून को मुंबई पहुंचा था। वहीं, मुंबई के इतिहास में सबसे ज्यादा देरी साल १९७४ और १९५८ में दर्ज की गई थी, जब मानसूनी बादलों ने २८ जून को मायानगरी में प्रवेश किया था।अंधेरी सबवे हुआ बंद, लोकल ट्रेन और बेस्ट बसें फिलहाल सामान्यबृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) द्वारा जारी ताजा अपडेट के अनुसार, रात भर हुई भारी बारिश और जलभराव (Waterlogging) के कारण बुधवार सुबह एहतियातन अंधेरी सबवे को ट्रैफिक के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे विले पार्ले और अंधेरी के बीच यातायात प्रभावित हुआ है। हालांकि, मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली सबअर्बन लोकल ट्रेन सेवाएं (Central, Western, Harbour Line) और बेस्ट (BEST) बसें बिना किसी बड़े व्यवधान के सामान्य रूप से चल रही हैं। मुख्य सड़कों पर जलभराव के कारण कुछ जगहों पर ट्रैफिक धीमा जरूर हुआ है।सेंट्रल मुंबई के नायर अस्पताल में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिशबीएमसी (BMC) के रेन गेज आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार सुबह ८ बजे से शाम ७ बजे के बीच सबसे ज्यादा बारिश सेंट्रल मुंबई के नायर हॉस्पिटल इलाके में ७८.९६ मिलीमीटर दर्ज की गई। इसके अलावा एनएम जोशी मार्ग-लोअर परेल में ७८.४ मिमी और परेल टीटी में ७२.६३ मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। वहीं पश्चिमी उपनगरों में मलाड बस डिपो में ६१.८ मिमी और पूर्वी उपनगर मानखुर्द के महाराष्ट्रनगर में ५१.२ मिमी पानी बरसा।क्या आज मुंबई में स्कूल-कॉलेज बंद हैं?भारी बारिश और शुरुआती रेड अलर्ट के बाद अभिभावकों और छात्रों के बीच स्कूलों की छुट्टी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बीएमसी और जिला प्रशासन की ओर से आज बुधवार को स्कूल और कॉलेजों को बंद रखने की कोई भी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल सभी शिक्षण संस्थान खुले हैं, लेकिन प्रशासन ने सभी को सलाह दी है कि वे सोशल मीडिया और आधिकारिक माध्यमों से आने वाली बीएमसी की गाइडलाइंस पर लगातार नजर बनाए रखें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:20 am

अमेरिका-ईरान शांति वार्ता से कच्चे तेल में फिसलन: युद्ध के पीक से ३३% से ज्यादा टूटे दाम, होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग सामान्य

वैश्विक ऊर्जा बाजार (Global Energy Market) से एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक कोशिशों और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही सामान्य होने के चलते कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। बुधवार, २४ जून २०२६ को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम और ज्यादा फिसल गए।फरवरी के अंत में शुरू हुए इस बड़े सैन्य संघर्ष के दौरान कच्चा तेल जिस रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था, वहां से अब इसकी कीमतों में एक-तिहाई (३३% से अधिक) की भारी गिरावट आ चुकी है।कच्चे तेल का ताजा भाव: ब्रेंट क्रूड $७६ और WTI $७२ के करीब फिसलावैश्विक बाजारों में दोनों प्रमुख बेंचमार्क फ्यूचर्स लाल निशान (Negative Zone) में कारोबार कर रहे हैं:ब्रेंट क्रूड (Brent Crude): अंतरराष्ट्रीय मानक माना जाने वाला अगस्त डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स पिछले सत्र में १.१% टूटने के बाद आज फिर ०.४५% गिरकर $७६.७३ प्रति बैरल पर आ गया है।यूएस डब्ल्यूटीआई (WTI Crude): अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड फ्यूचर्स भी आज ०.४८% की गिरावट के साथ $७२.८६ प्रति बैरल पर ट्रेंड कर रहा है।तेल की कीमतों में गिरावट के ४ मुख्य कारण (Global Developments)वैश्विक कमोडिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, तेल की कीमतों पर दबाव और आपूर्ति (Supply) बढ़ने के पीछे निम्नलिखित चार बड़े कूटनीतिक और रणनीतिक घटनाक्रम जिम्मेदार हैं:१. अमेरिका-ईरान के बीच डिप्लोमैटिक बातचीतवाशिंगटन और तेहरान के बीच फरवरी से चले आ रहे सैन्य तनाव को खत्म करने के लिए शुरुआती मोर्चे पर सकारात्मक प्रगति के संकेत मिले हैं। हालांकि यह बातचीत काफी लंबी खिंचने की उम्मीद है, लेकिन डिप्लोमैटिक प्रोसेस के तहत अमेरिका ने अस्थायी रूप से ईरानी तेल खरीदने की छूट (Waiver) दे दी है। इस छूट के मिलते ही ईरानी एक्सपोर्टर्स एक बार फिर एशिया के बड़े रिफाइनिंग देशों के साथ व्यापारिक रूप से जुड़ गए हैं, जिससे बाजार में तेल की सप्लाई बढ़ गई है।२. होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग एक्टिविटी हुई नॉर्मलदुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' से अब जहाजों और ऑयल टैंकर्स की आवाजाही पूरी तरह सामान्य हो गई है। इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइज़ेशन (IMO) को सुरक्षा का भरोसा मिलने के बाद फारस की खाड़ी में फंसे सैकड़ों जहाज सुरक्षित बाहर निकल आए हैं। जहाज मालिकों का भरोसा इतना बढ़ा है कि वे अब अपने सैटेलाइट ट्रैकिंग सिस्टम को लगातार एक्टिव रख रहे हैं।३. खाड़ी देशों ने युद्ध स्तर पर बढ़ाया प्रोडक्शनफारस की खाड़ी के प्रमुख तेल उत्पादक देश बाजार में अपना एक्सपोर्ट फिर से स्थापित करने के लिए तेजी से उत्पादन बढ़ा रहे हैं:यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE): इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के मुताबिक, यूएई ने युद्ध से पहले के अपने प्रोडक्शन लेवल का ८५% हिस्सा दोबारा हासिल कर लिया है।कुवैत और इराक: कुवैत ने तेल सप्लाई को लेकर लगाए गए अपने सभी 'फोर्स मेज्योर' (Force Majeure - आपातकालीन प्रतिबंध) उपायों को वापस ले लिया है, जबकि इराक भी लगातार उत्पादन में बढ़ोतरी कर रहा है।४. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीनेट से चुनौतीअमेरिकी घरेलू राजनीति में भी इस युद्ध को लेकर बड़ा उलटफेर हुआ है। रिपब्लिकन-कंट्रोल्ड सीनेट ने ईरान के साथ चल रही इस सैन्य लड़ाई में अमेरिकी दखल को खत्म करने के लिए एक ऐतिहासिक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हालांकि इस सिंबॉलिक (प्रतीकात्मक) कदम से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की मुख्य नीतियों में तुरंत बदलाव की उम्मीद नहीं है, लेकिन यह साफ दिखाता है कि इस मिलिट्री कैंपेन के लिए अमेरिका के भीतर राजनीतिक और घरेलू सपोर्ट बेहद सीमित है।आगे किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर?कच्चे तेल के बाजार की नजर अब इस बात पर टिकी है कि ईरान और ओमान के बीच होर्मुज स्ट्रेट के प्रशासन को कंट्रोल करने वाले नए एग्रीमेंट का क्या नतीजा निकलता है। बाजार में इस बात की मामूली चिंता जरूर है कि तेहरान इस रणनीतिक रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर अतिरिक्त ट्रांजिट चार्ज (अतिरिक्त फीस) लगा सकता है। यदि यह बातचीत भी सुलझ जाती है, तो आने वाले दिनों में भारतीय बाजारों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बड़ी राहत देखने को मिल सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:19 am

मुंबई में मॉनसून का कहर: 24 घंटे की बारिश से शहर बेहाल, रेड अलर्ट जारी; ट्रैफिक और लोकल सेवाएं प्रभावित

मुंबई में मॉनसून की भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित। दादर, बांद्रा, अंधेरी समेत कई इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और रेल सेवाओं पर असर। IMD ने जारी किया रेड अलर्ट।

देशबन्धु 24 Jun 2026 9:07 am

बागी हुए ट्रंप के सांसद, अमेरिकी सीनेट में ईरान जंग के खिलाफ प्रस्ताव पास

अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट ने ईरान जंग के खिलाफ प्रस्ताव पास किया है। 50-48 वोटों से मंजूर हुए इस प्रस्ताव में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए कहा गया है। इससे पहले हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में भी इस ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 9:07 am

मिजोरम में ड्रग्स के खिलाफ व्यापक अभियान, सरकार ने समन्वित कार्रवाई पर दिया जोर

मिजोरम के आबकारी मंत्री लालनघिंगलोवा हमार ने कहा कि राज्य सरकार, कई संगठनों के साथ मिलकर, ड्रग्स के दुरुपयोग और तस्करी को रोकने के लिए लगातार और समन्वित प्रयास कर रही है

देशबन्धु 24 Jun 2026 9:06 am

पुणे में राजा रघुवंशी जैसा हत्याकांड, युवती ने प्रेमी के साथ मिलकर मंगेतर को 400 फीट गहरी खाई में फेंका, मौत

पुणे में कारोबारी केतन अग्रवाल की संदिग्ध मौत मामले में बड़ा खुलासा। मंगेतर और उसके कथित प्रेमी पर हत्या की साजिश का आरोप, पुलिस ने शुरू की गहन जांच।

देशबन्धु 24 Jun 2026 8:55 am

लंदन हाईकोर्ट से नीरव मोदी को बड़ा झटका,100 करोड़ के हीरे लौटाने का आदेश, बैंक ऑफ इंडिया की बड़ी जीत

भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को ब्रिटेन की अदालत से बड़ा झटका लगा है। लंदन हाई कोर्ट ने बैंक ऑफ इंडिया के पक्ष में फैसला सुनाते हुए नीरव को बैंक का 10.7 मिलियन डॉलर यानी करीब 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज चुकाने के लिए जिम्मेदार बताया है।

वेब दुनिया 24 Jun 2026 8:33 am

PWD में बड़ी प्रशासनिक पदोन्नति : 18 अधीक्षण अभियंता बने अतिरिक्त मुख्य अभियंता (सिविल)

अजमेर के अशोक कुमार तंवर भी बने अतिरिक्त मुख्य अभियंता अजमेर। सार्वजनिक निर्माण विभाग में विभागीय पदोन्नति समिति द्वारा 18 अधीक्षण अभियंताओं को अतिरिक्त मुख्य अभियंता के पद पर पदोन्नत किया गया है। इन सभी अधीक्षण अभियंताओं (सिविल) को वरिष्ठता-सह-योग्यता के आधार पर नियमित रूप से अतिरिक्त मुख्य अभियंता (सिविल) के पद पर पदोन्नत किया […] The post PWD में बड़ी प्रशासनिक पदोन्नति : 18 अधीक्षण अभियंता बने अतिरिक्त मुख्य अभियंता (सिविल) appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jun 2026 10:56 pm

वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना : अजमेर जिले के 1 हजार 688 वरिष्ठ नागरिक करेंगे तीर्थ यात्रा

केन्द्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने निकाली लॉटरी ट्रेन से 1504 और हवाईमार्ग से 184 करेंगे यात्रा अजमेर। देवस्थान विभाग की प्रमुख योजना वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026 के तहत इस बार जिले के एक हजार 677 तीर्थयात्रियों को रेलमार्ग तथा 205 को हवाईमार्ग से विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा करवाई जाएगी। इसके लिए केन्द्रीय कृषि […] The post वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना : अजमेर जिले के 1 हजार 688 वरिष्ठ नागरिक करेंगे तीर्थ यात्रा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jun 2026 10:49 pm

ममता बनर्जी ने फिरहाद हाकिम, अरूप विश्वास, अरूप रॉय समेत आठ वरिष्ठ नेताओं को तृणमूल से निकाला

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को फिरहाद हाकिम, अरूप विश्वास, अरूप रॉय और जावेद खान सहित आठ वरिष्ठ नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। यह बड़ी कार्रवाई तृणमूल के कालीघाट गुट द्वारा इन नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के […] The post ममता बनर्जी ने फिरहाद हाकिम, अरूप विश्वास, अरूप रॉय समेत आठ वरिष्ठ नेताओं को तृणमूल से निकाला appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jun 2026 10:38 pm

पुणे के उद्योगपति के बेटे की मौत की वजह ट्रेकिंग के दौरान गिरना नहीं, बल्कि मंगेतर के प्रेमी ने दिया था धक्का

पुणे। पुणे के प्रमुख उद्योगपति के बेटे केतन अग्रवाल की ट्रेकिंग के दौरान खाई में गिरने से मौत के मामले में एक अहम खुलासा हुआ है जिसमें यह उभर कर सामने आया है कि उसकी मौत गिरने से नहीं बल्कि खाई में धकेलने के कारण हुई थी। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि […] The post पुणे के उद्योगपति के बेटे की मौत की वजह ट्रेकिंग के दौरान गिरना नहीं, बल्कि मंगेतर के प्रेमी ने दिया था धक्का appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jun 2026 10:28 pm

बीकानेर के खाजूवाला में 13 साल की बालिका के हाथ पैर बांधकर रेप

बीकानेर। राजस्थान में बीकानेर जिले के खाजूवाला थाना क्षेत्र में एक 13 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपी ने बालिका के हाथ-पैर बांधकर उससे दो बार दुष्कर्म किया। घटना के समय बालिका की मां मजदूरी पर गयी हुई थी। बालिका घर में खेल रही थी, तभी गांव का ही एक युवक […] The post बीकानेर के खाजूवाला में 13 साल की बालिका के हाथ पैर बांधकर रेप appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jun 2026 10:21 pm

चित्तौड़गढ़ में स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार का भंडाफोड़

चित्तौड़गढ़। राजस्थान में चित्तौड़गढ़ के कोतवाली थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक होटल में चल रहे स्पा सेंटर की आड़ में विदेशी युवतियों से वेश्यावृत्ति करवाने के मामले का भंडाफोड़ करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने मंगलवार को बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि ब्लू हेवन […] The post चित्तौड़गढ़ में स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार का भंडाफोड़ appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jun 2026 10:15 pm

भारत आने वाले 11 जहाजों ने होर्मुज किया पार, भारत के 10 जहाज अभी भी खाड़ी क्षेत्र में : विदेश मंत्रालय

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संघर्ष समाप्त करने के लिए अमरीका और ईरान के बीच 17 जून को हुए समझौते के बाद से भारत आने वाले 11 विभिन्न टैंकरों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार किया है जबकि भारतीय ध्वज वाले दस टैंकर अभी भी खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं और दो ने अभी होर्मुज […] The post भारत आने वाले 11 जहाजों ने होर्मुज किया पार, भारत के 10 जहाज अभी भी खाड़ी क्षेत्र में : विदेश मंत्रालय appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jun 2026 10:07 pm

ब्रिटेन के बाद क्या भारत में भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए लगेगी पाबंदी, विशेषज्ञों ने खोल दी पोल

ब्रिटेन सरकार द्वारा 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाने की चर्चा ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है। यह कदम बच्चों के मानसिक और संज्ञानात्मक विकास पर सोशल मीडिया के बढ़ते दुष्प्रभाव को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ चुका है। भारत जैसे देश में, जहां डिजिटल क्रांति के साथ बच्चों का स्क्रीन टाइम तेजी से बढ़ा है, यह सवाल और भी प्रासंगिक हो गया है कि क्या बच्चों को तकनीक से पूरी तरह दूर कर देना ही सही समाधान है?क्यों विकसित हो रहा है बच्चों के दिमाग पर 'डिजिटल खतरा'यथार्थ हॉस्पिटल्स के न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. कुणाल बहरानी का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वे बच्चों का ध्यान खींच सकें। इसका शुरुआती संपर्क बच्चों के मस्तिष्क की ध्यान केंद्रित करने की क्षमता, आवेग नियंत्रण और भावनात्मक विनियमन (Emotional Regulation) पर गंभीर असर डाल सकता है। विशेषज्ञ चिंता जताते हैं कि उनके क्लीनिक में आने वाले बच्चों में कम एकाग्रता, नींद में गड़बड़ी और अत्यधिक चिड़चिड़ेपन जैसे लक्षण तेजी से बढ़ रहे हैं, जो सीधे तौर पर डिजिटल लत से जुड़े हैं।क्या 'पूर्ण प्रतिबंध' ही है एकमात्र रास्तान्यूरोलॉजिस्ट डॉ. नेहा पंडिता का मानना है कि पूर्ण प्रतिबंध लगाने के बजाय 'संतुलित नियमन' (Balanced Regulation) की अधिक आवश्यकता है। बच्चों का मस्तिष्क अभी परिपक्व हो रहा होता है, इसलिए वे डिजिटल उत्तेजनाओं के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। पूर्ण बैन लगाने के बजाय माता-पिता की सक्रिय भागीदारी और बच्चों में 'डिजिटल साक्षरता' (Digital Literacy) को बढ़ावा देना ज्यादा प्रभावी हो सकता है।माता-पिता इन 6 संकेतों को न करें नजरअंदाजडॉक्टरों के अनुसार, यदि आपके बच्चे में निम्नलिखित बदलाव दिख रहे हैं, तो समझ जाइए कि उनकी डिजिटल आदतें चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुकी हैं:नींद में खलल: देर रात तक जागना और नींद पूरी न होना।भावनात्मक अस्थिरता: छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन और मूड स्विंग्स।ध्यान की कमी: शैक्षणिक प्रदर्शन में लगातार गिरावट आना।रुचि में कमी: ऑफ-लाइन खेल और बाहरी गतिविधियों से दूरी बनाना।चिड़चिड़ापन: स्क्रीन छीनने या उपयोग कम करने के लिए कहने पर हिंसक या अत्यधिक परेशान होना।एकाग्रता का अभाव: किसी भी काम में लंबे समय तक ध्यान न लगा पाना।विशेषज्ञों के सुझाव: कैसे बनाएं डिजिटल आदतें स्वस्थतकनीक को पूरी तरह छोड़ना आज के समय में असंभव है, इसलिए संतुलन बनाना ही कुंजी है:नो-स्क्रीन टाइम: भोजन करते समय परिवार में किसी को भी फोन का उपयोग नहीं करना चाहिए।रात का नियम: सोने से कम से कम एक घंटा पहले सभी डिजिटल डिवाइस को बंद कर दें।आयु-उपयुक्त सामग्री: बच्चा क्या देख रहा है, इस पर माता-पिता की कड़ी निगरानी जरूरी है।आउटडोर एक्टिविटी: शारीरिक गतिविधियों और आमने-सामने की बातचीत (Face-to-face interaction) को प्राथमिकता दें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 8:26 pm

डेस्क जॉब में 'बवासीर' का खतरा: 60% बढ़ गए हैं मामले, दिनभर बैठने वाले सावधान

आधुनिक कार्यशैली और डेस्क जॉब ने हमारे काम को आसान तो बना दिया है, लेकिन स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौतियां भी पैदा कर दी हैं। ताजा रिपोर्ट और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी के मुताबिक, आईटी सेक्टर और कॉर्पोरेट जगत में काम करने वाले युवा पेशेवरों में बवासीर (हेमोरोइड्स) के मामलों में 60% तक की भारी वृद्धि देखी गई है। विशेषज्ञ इसे 'गतिहीन जीवनशैली' (Sedentary Lifestyle) का सीधा परिणाम मान रहे हैं।क्यों बढ़ रहा है कार्यालय कर्मचारियों में खतरा?अपोलो स्पेक्ट्रा पुणे के जनरल सर्जन डॉ. किरण कुमार जाधव के अनुसार, रोजाना 8 से 10 घंटे तक एक ही जगह बैठकर काम करने से गुदा क्षेत्र की नसों पर लगातार दबाव बना रहता है। यह दबाव ही बवासीर की समस्या को जन्म देता है। इसके साथ ही पानी की कमी (निर्जलीकरण), डाइट में फाइबर की कमी और जंक फूड का अधिक सेवन इस जोखिम को और कई गुना बढ़ा देता है। चौंकाने वाली बात यह है कि 30 से 45 वर्ष की आयु के हर 10 में से 6 कर्मचारी मलाशय में असहजता और दर्द जैसी शिकायतों के साथ डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं।ये लक्षण हैं तो रहें सतर्कअक्सर लोग बवासीर के शुरुआती संकेतों को मामूली मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर एनीमिया या गंभीर दर्द का कारण बन सकते हैं। इन लक्षणों को कभी भी हल्के में न लें:मलाशय में लगातार खुजली और बेचैनी होना।मल त्याग के दौरान दर्द या बहुत अधिक असुविधा महसूस होना।मल के साथ चमकीले लाल रंग का रक्त आना।शौचालय जाने के बाद भी पेट पूरी तरह साफ न होने का एहसास (अपूर्ण मल त्याग)।बचाव के लिए जीवनशैली में करें ये बदलावडॉक्टरों का मानना है कि बवासीर जैसी स्थिति को केवल अपनी आदतों में थोड़ा सुधार करके रोका जा सकता है:फाइबर युक्त आहार: अपनी डाइट में अधिक से अधिक फल, सब्जियां, साबुत अनाज और सलाद को शामिल करें। मसालेदार और डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं।पानी का भरपूर सेवन: दिनभर में पर्याप्त पानी पिएं, जो कब्ज को दूर रखने में सबसे बड़ा हथियार है।बीच-बीच में ब्रेक लें: हर घंटे अपनी कुर्सी से उठें, थोड़ा टहलें या स्ट्रेचिंग करें। इससे रक्त परिसंचरण (Blood Circulation) बेहतर होता है और नसों पर दबाव कम होता है।सही समय पर प्रतिक्रिया: जब भी मल त्याग की इच्छा हो, उसे टालें नहीं।इलाज में देरी पड़ सकती है भारीडॉ. जाधव चेतावनी देते हैं कि लक्षणों को नजरअंदाज करने से समस्या बढ़ सकती है, लेकिन घबराएं नहीं। वर्तमान में चिकित्सा विज्ञान में काफी प्रगति हुई है और कई 'न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रियाएं' (Minimally Invasive Procedures) उपलब्ध हैं, जिससे मरीज को बहुत जल्दी रिकवरी मिल जाती है। यदि आपको ऊपर दिए गए कोई भी शुरुआती लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत किसी विशेषज्ञ से परामर्श लें। याद रखें, छोटी सी सावधानी आपको बड़ी जटिलताओं से बचा सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 8:21 pm

क्या उज्बेकिस्तान के खिलाफ बाहर होंगे क्रिस्टियानो रोनाल्डो, खराब प्रदर्शन के बाद कोच रॉबर्टो मार्टिनेज ने तोड़ी चुप्पी

फीफा विश्व कप 2026 के उद्घाटन मैच में डीआर कांगो के खिलाफ क्रिस्टियानो रोनाल्डो का निराशाजनक प्रदर्शन अब पुर्तगाल की टीम के लिए एक बड़ी चर्चा का विषय बन गया है। 41 वर्षीय रोनाल्डो अपनी लय से पूरी तरह भटकते नजर आए, जिसके बाद से ही फुटबॉल जगत में उन्हें आगामी मैचों में शुरुआती प्लेइंग इलेवन से बाहर करने की मांग तेज हो गई है। अब हर किसी की निगाहें उज्बेकिस्तान के खिलाफ होने वाले पुर्तगाल के अगले मुकाबले पर टिकी हैं।कांगो के खिलाफ 'सीआर7' का फ्लॉप शोकांगो के साथ हुए 1-1 के ड्रॉ मैच में रोनाल्डो का प्रदर्शन टीम की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। आंकड़ों पर गौर करें तो इस मैच में रोनाल्डो ने गेंद को केवल 25 बार छुआ, जो पूरी टीम में सबसे कम था। उनके पास गोल करने के कई सुनहरे मौके थे, लेकिन वे उन्हें भुनाने में पूरी तरह नाकाम रहे। इस निराशाजनक प्रदर्शन ने विशेषज्ञों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या अपने छठे विश्व कप में रोनाल्डो का जादू अब ढलान पर है।क्या उज्बेकिस्तान के खिलाफ मिलेगा मौका?मैच से ठीक पहले कोच रॉबर्टो मार्टिनेज ने प्लेइंग इलेवन को लेकर रहस्य बरकरार रखा है। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या रोनाल्डो उज्बेकिस्तान के खिलाफ शुरुआती टीम का हिस्सा होंगे, तो उन्होंने साफ तौर पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। मार्टिनेज ने कहा, मैं शुरुआती प्लेइंग इलेवन की घोषणा अभी नहीं कर सकता क्योंकि मैंने पहले अपने खिलाड़ियों को सूचित नहीं किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी नहीं कहा कि रोनाल्डो टीम का हिस्सा होंगे, जिससे सस्पेंस और भी गहरा गया है।मार्टिनेज ने की रोनाल्डो की तारीफ, लेकिन...कोच ने रोनाल्डो का बचाव करते हुए उन्हें 'कप्तान के रूप में एक मिसाल' बताया। मार्टिनेज ने कहा, वह टीम के लिए एक आदर्श हैं। उन्होंने वापसी करने और ट्रेनिंग लेने का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। लेकिन डीआर कांगो के खिलाफ टीम के खराब प्रदर्शन की निराशा को कम करना चुनौतीपूर्ण है। कोच ने दावा किया कि पुर्तगाल की टीम इस वक्त पहले से कहीं ज्यादा एकजुट है और आने वाले मैच के लिए पूरी तरह केंद्रित है।टीम पर दबाव और उम्मीदेंपुर्तगाल का कांगो के खिलाफ प्रदर्शन उनके स्तर के अनुरूप नहीं था। नौ में से केवल तीन शॉट ही लक्ष्य पर थे, जो टीम की कमजोरी को दर्शाता है। कोच मार्टिनेज ने कहा कि विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में तनाव और शोर होना स्वाभाविक है, लेकिन उनकी टीम पूरी तरह से अगले मैच के लिए तैयार है। अब यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि क्या उज्बेकिस्तान के खिलाफ कोच रोनाल्डो पर भरोसा जताते हैं या फिर पुर्तगाल को एक नई रणनीति के साथ मैदान में उतारते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 8:19 pm

फीफा विश्व कप 2026: मेस्सी का 'गोल' का जादू चला, अर्जेंटीना ने ऑस्ट्रिया को हराकर नॉकआउट का टिकट पक्का किया

मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना फीफा विश्व कप 2026 में अपने खिताब को बचाने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रही है। टीम ने टूर्नामेंट में अपनी शानदार लय को बरकरार रखते हुए ऑस्ट्रिया को 2-0 से करारी शिकस्त दी है। इस जीत के साथ ही अर्जेंटीना ने टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण (Knockout Stage) में अपनी जगह सुरक्षित कर ली है। लियोनेल मेस्सी की कप्तानी में टीम का प्रदर्शन इस बार देखने लायक है।मेस्सी के 'पांच गोल' का कहरटूर्नामेंट में अब तक अर्जेंटीना ने कुल पांच गोल दागे हैं और गौर करने वाली बात यह है कि ये सभी पांचों गोल लियोनेल मेस्सी के नाम दर्ज हैं। ऑस्ट्रिया के खिलाफ मैच में मेस्सी ने शुरुआत में एक पेनल्टी मिस की, लेकिन उसके बाद उन्होंने 38वें मिनट में पहला गोल दागा और इंजरी टाइम में दूसरा गोल करके अपनी टीम की जीत पक्की कर दी। इससे पहले, अल्जीरिया के खिलाफ 3-0 की जीत में मेस्सी ने शानदार हैट्रिक लगाई थी। उनका यह फॉर्म मौजूदा चैंपियन की सबसे बड़ी ताकत बना हुआ है।नॉकआउट की राह और अगला पड़ावलगातार दो मैचों में जीत दर्ज करने के बाद अर्जेंटीना नॉकआउट राउंड में प्रवेश कर चुकी है। टीम अब अपनी पूरी लय के साथ खिताब के बचाव की ओर अग्रसर है। अर्जेंटीना का अगला मुकाबला 28 जून को अर्लिंग्टन के डलास स्टेडियम में जॉर्डन के खिलाफ होगा। जहां एक ओर अर्जेंटीना जीत की हैट्रिक लगाने के इरादे से मैदान में उतरेगी, वहीं दूसरी ओर जॉर्डन के लिए मौजूदा चैंपियन को हराना एक बहुत बड़ी चुनौती होगी। जॉर्डन फिलहाल ग्रुप में तीसरे स्थान पर है और टूर्नामेंट में अपनी साख बचाने की जद्दोजहद में लगी है। जॉर्डन का अगला मुकाबला 24 जून को सांता क्लारा में अल्जीरिया से है, जो उनके लिए करो या मरो जैसा होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 8:17 pm

Gold-Silver Price Crash: सोना-चांदी खरीदने वालों की मौज! एक झटके में ₹10,500 सस्ती हुई चांदी

अगर आप लंबे समय से सोने या चांदी में निवेश करने या घर के लिए गहने खरीदने का इंतजार कर रहे थे, तो आपके लिए आज का दिन बेहद खास है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में आज कीमती धातुओं की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। मांग में कमी और वैश्विक दबाव के कारण सोना और चांदी दोनों ही धातुएं काफी सस्ती हो गई हैं।चांदी ₹10,500 तो सोना ₹3,000 तक सस्ताबाजार में आई इस ताजा गिरावट के बाद, चांदी की कीमतों में भारी सेंध लगी है। चांदी 10,500 रुपये की भारी गिरावट के साथ 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। यह चांदी का पिछले दो महीनों का सबसे निचला स्तर है। वहीं, सोने (99.9% शुद्धता) की कीमतों में भी 3,000 रुपये की कटौती हुई है, जिसके बाद इसका भाव 1,49,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। जानकारों के अनुसार, यह करीब तीन महीने का सबसे निचला भाव है।गिरावट के पीछे के असली कारणसोने-चांदी की कीमतों में इस बड़ी गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारक मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत डॉलर और अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंकाओं ने सोने-चांदी की चमक फीकी कर दी है। निवेशक इस समय अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठकों पर नजर बनाए हुए हैं, जिससे बाजार में बिकवाली का माहौल बना हुआ है। अमेरिका-ईरान वार्ता से जुड़ी सकारात्मक खबरों के बावजूद कीमती धातुओं में टिकाऊ तेजी नहीं आ पाई और बाजार फिर से ब्याज दरों की चिंता में वापस लौट आया है।अंतरराष्ट्रीय बाजार का दबावगिरावट का सिलसिला केवल दिल्ली तक ही सीमित नहीं है। वैश्विक बाजारों (COMEX) में भी सोना और चांदी दबाव में हैं। हाजिर बाजार में सोना 70 डॉलर से अधिक गिरकर 4,121 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार कर रहा है। वहीं, चांदी में भी 4 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे यह 62 डॉलर प्रति औंस के आसपास बनी हुई है। बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिरता नहीं आती, तब तक कीमतों में यह उठापटक जारी रह सकती है। ऐसे में निवेशकों के लिए यह एक मौका हो सकता है, लेकिन किसी भी निवेश से पहले बाजार के रुझानों को समझ लेना जरूरी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 8:14 pm

'मैं वापस आऊंगा' का ओटीटी सफर: थिएटर्स के बाद अब घर-घर पहुंचेगा दिलजीत-नसीरुद्दीन का जादू

बॉक्स ऑफिस पर अपनी धीमी शुरुआत के बावजूद जबरदस्त 'कमबैक' करने वाली निर्देशक इम्तियाज अली की फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' ने दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बना ली है। 95 साल के बुजुर्ग की मार्मिक प्रेम कहानी और दिलजीत दोसांझ की बेहतरीन अदाकारी ने फिल्म को सुपरहिट बना दिया है। थिएटर्स में दर्शकों का प्यार बटोरने के बाद अब हर कोई यह जानना चाहता है कि यह फिल्म डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कब और कहां उपलब्ध होगी।नेटफ्लिक्स पर होगा 'मैं वापस आऊंगा' का प्रीमियरअगर आप भी इस फिल्म के ओटीटी रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। फिल्म की ओटीटी पार्टनरशिप को लेकर पहले ही स्थिति स्पष्ट हो चुकी है। यह रोमांटिक ड्रामा ओटीटी दिग्गज नेटफ्लिक्स (Netflix) पर स्ट्रीम की जाएगी। इम्तियाज अली ने फिल्म की रिलीज से पहले ही नेटफ्लिक्स के साथ इसके डिजिटल अधिकार साझा करने का समझौता कर लिया था।कब तक होगी स्ट्रीम?आमतौर पर फिल्मों के थिएटर्स से ओटीटी तक पहुंचने का एक निश्चित समय होता है, जिसे 'ओटीटी विंडो' कहा जाता है। वर्तमान में यह फिल्म सिनेमाघरों में सफलतापूर्वक चल रही है, इसलिए मेकर्स फिलहाल इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने की जल्दबाजी में नहीं हैं। फिल्म रिलीज के अभी मात्र 11 दिन ही बीते हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि यह फिल्म दर्शकों को अगस्त महीने के आसपास नेटफ्लिक्स पर देखने को मिल सकती है। आधिकारिक पुष्टि फिलहाल बाकी है, लेकिन फैंस को इसके लिए थोड़ा सब्र करना होगा।बॉक्स ऑफिस पर 'मैं वापस आऊंगा' की गूंज'मैं वापस आऊंगा' का बॉक्स ऑफिस सफर किसी मिसाल से कम नहीं है। पहले हफ्ते में सिर्फ 12 करोड़ रुपये की कमाई करने वाली इस फिल्म ने दूसरे वीकेंड में शानदार प्रदर्शन किया है। फिल्म का नेट बॉक्स ऑफिस कलेक्शन अब 26 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है, जो इस बात का सबूत है कि दर्शकों को यह लव स्टोरी बेहद पसंद आ रही है। दिलजीत दोसांझ, नसीरुद्दीन शाह, शरवरी वाघ और वेदांग रैना की जुगलबंदी ने इसे साल की सबसे यादगार फिल्मों में से एक बना दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 8:12 pm

सोमवार को भी नहीं थमा दिलजीत-नसीरुद्दीन की फिल्म का तूफान, 50 करोड़ की ओर कदम

सिनेमाघरों में 'मैं वापस आऊंगा' का नशा दर्शकों के सिर चढ़कर बोल रहा है। दिलजीत दोसांझ, नसीरुद्दीन शाह, वेदांग रैना और शरवरी वाघ की यह रोमांटिक ड्रामा भले ही धीमी रफ्तार से शुरू हुई हो, लेकिन 'वर्ड ऑफ माउथ' की बदौलत यह फिल्म अब बॉक्स ऑफिस पर एक नया रिकॉर्ड बना रही है। खास बात यह है कि कामकाजी सोमवार (Working Monday) के बावजूद, फिल्म ने कमाई के मोर्चे पर हार नहीं मानी और दर्शकों को एक बार फिर थिएटर्स तक खींच लिया।सोमवार को बदला कमाई का गणितआमतौर पर फिल्मों की कमाई सोमवार को गिर जाती है, लेकिन 'मैं वापस आऊंगा' के मामले में यह उलट रहा है। फिल्म की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रिलीज के 10वें दिन भी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर मजबूती बनाए रखी है। 'सैकनिल्क' (Sacnilk) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को इस फिल्म ने 2.50 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन किया है। यह आंकड़ा फिल्म के शुरुआती दिनों के रुझान के हिसाब से बेहद प्रभावशाली है। 95 साल के बुजुर्ग की इस मार्मिक प्रेम कहानी को देखने के बाद दर्शक खुद को फिल्म के सजेशन देने से रोक नहीं पा रहे हैं।50 करोड़ के क्लब की ओर तेजी से बढ़ते कदमघरेलू बॉक्स ऑफिस पर फिल्म अब तक 26.75 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर चुकी है, जबकि इसकी ग्रॉस कमाई 31.97 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। फिल्म का असली दम विदेशी बाजारों में भी दिख रहा है। दुनियाभर में फिल्म ने अब तक 44 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है और यह तेजी से 50 करोड़ रुपये के प्रतिष्ठित क्लब में शामिल होने की ओर बढ़ रही है। ओवरसीज मार्केट में भी फिल्म का जलवा कायम है, जहां से इसने अब तक 12.10 करोड़ रुपये की कमाई की है।दर्शकों का मिल रहा अपार प्यारफिल्म की सफलता का सबसे बड़ा कारण इसकी कहानी है, जो सीधे दिल को छूती है। दिलजीत दोसांझ और नसीरुद्दीन शाह जैसे दिग्गज कलाकारों की अदाकारी ने इस फिल्म में जान डाल दी है। 'कॉकटेल-2' जैसी अन्य फिल्मों के साथ प्रतिस्पर्धा के बावजूद, 'मैं वापस आऊंगा' अपने दम पर दर्शकों को थिएटर तक ला रही है। फिल्म क्रिटिक्स का मानना है कि जिस तरह से यह फिल्म हर दिन के साथ कमाई का गणित बदल रही है, आने वाले वीकेंड तक यह नए कीर्तिमान स्थापित कर सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 8:08 pm

'धुरंधर 2': 4 महीने से वीडियो रिलीज का इंतजार कर रहा जुबिन नौटियाल का ये सैड सॉन्ग

सुपरस्टार रणवीर सिंह की स्पाई थ्रिलर 'धुरंधर 2: द रिवेंज' ने इस साल बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। फिल्म की कहानी से लेकर इसके गानों तक, सब कुछ दर्शकों के सिर चढ़कर बोला है। लेकिन इसी बीच एक ऐसी बात सामने आई है जिसने फैंस को थोड़ा निराश किया है। फिल्म के कुल 14 शानदार गानों में से एक ऐसा भी गीत है, जिसका वीडियो वर्जन पिछले 4 महीनों से रिलीज का इंतजार कर रहा है।'कन्हैया' गाने का अधूरा सफरफिल्म का जो गाना फिलहाल चर्चा का विषय बना हुआ है, उसका नाम है 'कन्हैया' (Kanhaiyya)। जुबिन नौटियाल की जादुई आवाज में सजा यह गाना फिल्म का एक बेहद भावुक सैड सॉन्ग है। हैरानी की बात यह है कि सिनेमाघरों में रिलीज के बाद जब यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर आई, तब भी 'कन्हैया' का वीडियो वर्जन इसमें शामिल नहीं किया गया। यूट्यूब पर भी इसके केवल लिरिक्स वर्जन ही उपलब्ध हैं, जिससे फैंस का गुस्सा और जिज्ञासा दोनों बढ़ गए हैं।4 घंटे की फिल्म में भी नहीं मिली जगह'धुरंधर 2' का रनटाइम लगभग 4 घंटे का रहा है, बावजूद इसके मेकर्स ने इस गीत को फाइनल कट से बाहर रखा। जबकि जुबिन नौटियाल ने फिल्म के अन्य सुपरहिट गानों 'आखिरी इश्क' को भी अपनी आवाज दी है, जो चार्टबस्टर्स साबित हुए। सादगी और दर्द से भरपूर 'कन्हैया' गाना सुनने में इतना मधुर है कि फैंस का मानना है कि इसे एक विजुअल ट्रीट की सख्त जरूरत है।संगीत का जादू: शाश्वत सचदेवा की धुनें'धुरंधर 2' का संगीत शाश्वत सचदेवा की देखरेख में तैयार किया गया था, जिसमें अरिजीत सिंह, जैस्मीन सैंडलस, सुधीर यदुवंशी और खान साहब जैसे दिग्गजों ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा। फिल्म के गानों ने चार्टबस्टर्स पर राज किया है, लेकिन 'कन्हैया' का इस तरह फिल्म और वीडियो से गायब रहना संगीत प्रेमियों के लिए एक रहस्य बना हुआ है। अब देखना यह है कि क्या मेकर्स भविष्य में इस दर्दभरे गीत का वीडियो वर्जन रिलीज करेंगे या यह फिल्म के अनसुने अनकहे पन्नों में ही दबकर रह जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 8:07 pm

27 साल बाद भी आंखों में आंसू ला देता है यह 'सैड सॉन्ग', अधूरी प्रेम कहानी का आज भी है जलवा

बॉलीवुड के सैड सॉन्ग्स की फेहरिस्त में तमाम गाने शुमार हैं, लेकिन क्या आपने कभी कोई ऐसा नॉन-फिल्मी गीत सुना है जिसे सुनने के बाद रूह कांप जाए? हम बात कर रहे हैं 27 साल पहले 1999 में रिलीज हुई उस ऐतिहासिक गजल की, जिसने बिना किसी फिल्म के सहारे ही संगीत प्रेमियों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ दी। यह 12 मिनट का मास्टरपीस आज भी सदी के सबसे दर्द भरे गीतों में शीर्ष पर गिना जाता है।छोटे मजीद शोला की रूहानी आवाजजब भी गजल की दुनिया की बात होती है, जगजीत सिंह या पंकज उदास का नाम सबसे पहले आता है, लेकिन इस दर्दभरी दास्तां के पीछे गायक छोटे मजीद शोला (Chhote Majeed Shola) का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। मजीद साहब ने अपनी आवाज से जो जादू जगाया, वो आज भी बरकरार है। उनकी गजल 'वो लड़की याद आती है' (Woh Ladki Yaad Aati Hai) किसी के भी खोए हुए प्यार की यादों को ताजा करने के लिए काफी है।कैसे बना यह दर्द का महाकाव्य?इस गजल की गहराई का अंदाजा इसकी मेकिंग से लगाया जा सकता है। इसके संगीत को मशहूर संगीतकार राजेंद्र प्रसन्ना ने तैयार किया था, जबकि गीतकार हामिद अंसारी के शब्दों ने एक ऐसी 'अधूरी प्रेम कहानी' की तस्वीर खींची, जिसे हर आशिक ने खुद से जोड़ लिया। 12 मिनट का यह सफर सुनने वाले को सीधे अतीत की गलियों में ले जाता है, जहां दर्द और यादें ही एकमात्र साथी रह जाती हैं।डिजिटल युग में भी 'सुपरहिट'सोशल मीडिया और यूट्यूब के दौर में भी इस गजल का क्रेज कम नहीं हुआ है। टी-सीरीज के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मौजूद इस गजल के वीडियो वर्जन को 19 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है। लाखों लाइक्स इस बात का सबूत हैं कि भले ही दौर बदल गया हो, लेकिन छोटे मजीद शोला का यह दर्द भरा गीत आज की युवा पीढ़ी को भी उतना ही छू जाता है। अगर आपने अभी तक इसे नहीं सुना है, तो शायद आपने संगीत की दुनिया का एक सबसे मर्मस्पर्शी हिस्सा मिस कर दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 8:01 pm

हादसे का 'ड्रामे' से सजे कत्ल का पर्दाफाश, मंगेतर सिया और उसके प्रेमी ने मिलकर रची थी खौफनाक साजिश

पुणे के प्रतिष्ठित रियल एस्टेट कारोबारी परिवार के 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की लोहगढ़ किले की खाई में संदिग्ध मौत का मामला अब एक बेहद चौंकाने वाले मर्डर केस में तब्दील हो गया है। शुरू में इसे 'पैर फिसलने' का हादसा बताने वाली केतन की मंगेतर सिया गोयल अब खुद सलाखों के पीछे है। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि नवंबर में होने वाली शाही शादी की तैयारियों के बीच केतन को रास्ते से हटाने के लिए एक खौफनाक साजिश रची गई थी।मंगेतर की 'इमोशनल' पोस्ट बनी जांच का हिस्साकेतन की मौत के बाद, सिया गोयल ने सोशल मीडिया पर बेहद भावुक इंस्टाग्राम स्टोरी साझा की थी। उसने केतन के साथ बिताए पलों का वीडियो शेयर करते हुए लिखा था, तुमने मुझे मेरे जन्मदिन पर छोड़ दिया... वापस आ जा। सिया के इस पोस्ट को अब पुलिस अपनी जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है। अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह से इसे एक हादसे के तौर पर पेश करने की कोशिश की गई, वह पूरी तरह से सोची-समझी साजिश का हिस्सा था।क्या है पूरा मामला?पुणे के गहुंजे के रहने वाले केतन अग्रवाल की 18 जून को लोहगढ़ किले की 400 फीट गहरी खाई में गिरने से मौत हुई थी। पुलिस को शुरुआत में सूचना मिली थी कि तेज हवा के कारण उनका पैर फिसल गया। हालांकि, पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल के नेतृत्व में हुई जांच ने मामले की दिशा बदल दी। जांच के दौरान पता चला कि केतन और सिया की नवंबर में उदयपुर के एक महल में शादी होने वाली थी, जिसकी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं।प्रेमी के साथ मिलकर रची हत्या की साजिशपुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि सिया गोयल का पुणे के कोंढवा निवासी 22 वर्षीय चेतन चौधरी के साथ भी संबंध था। कथित तौर पर चेतन को केतन और सिया की शादी बिल्कुल मंजूर नहीं थी। आरोप है कि सिया ने केतन को घूमने के बहाने लोहगढ़ किले बुलाया और वहां पहले से मौजूद चेतन के साथ मिलकर केतन को पीछे से खाई में धक्का दे दिया। दोनों ने इसे एक सामान्य हादसा दिखाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सबूतों और कॉल डिटेल्स ने उनके झूठ का पर्दाफाश कर दिया।पुलिस का कड़ा एक्शनकेतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल की शिकायत पर पुणे ग्रामीण पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत हत्या और आपराधिक साजिश का केस दर्ज किया है। पुलिस ने मंगलवार को सिया गोयल और चेतन चौधरी, दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। एक 'ट्रिप' जो केतन की मंगेतर के साथ आखिरी ट्रिप बनने वाली थी, वह अब एक सनसनीखेज हत्याकांड के रूप में दर्ज हो चुकी है। कोर्ट में मामले की सुनवाई के साथ ही पुलिस अन्य कड़ियों को भी जोड़ने का काम कर रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 7:36 pm

अखिलेश यादव ने किया CM मोहन यादव का बचाव, कहा- भाजपा के निशाने पर तीन मुख्‍यमंत्री

Akhilesh Yadav statement on Mohan Yadav: यूपी प्रदेश और मध्य प्रदेश की सियासत में उस वक्त एक हैरान करने वाला मोड़ आ गया, जब समाजवादी पार्टी के मुखिया और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खुलकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बचाव में ...

वेब दुनिया 23 Jun 2026 6:56 pm

चारधाम एवं हेमकुंड साहिब यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता, अफवाहों से बचें : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

Chief Minister Pushkar Singh Dhami : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम एवं हेमकुंड साहिब यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं की सुख-सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा ...

वेब दुनिया 23 Jun 2026 6:12 pm

बेजुबानों पर काल बनकर टूटी लखनऊ हादसे की आग, इंसानों ने बचाईं बिल्‍लियां, कई डॉग्‍स का नहीं चल रहा पता

लखनऊ की एक इमारत में आग लगी थी। चारों तरफ़ अफ़रा-तफ़री मची थी। लेकिन धुएं के बीच, लोगों का एक समूह बस एक ही सवाल पूछ रहा था... ‘अंदर फंसे जानवरों का क्या होगा?’ लखनऊ के अलीगंज में लगी भीषण आग में 15 लोगों की जान चली गई, लेकिन इसी त्रासदी के बीच एक ...

वेब दुनिया 23 Jun 2026 5:52 pm

डिलीवरी बॉय और 'MBA ड्रॉपआउट' से WhatsApp की कमान संभालने तक: CRED के Kunal Shah की ये कहानी आपको रोने और फिर सैल्यूट करने पर मजबूर कर देगी

यह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट की लाइन नहीं, बल्कि भारत के सबसे प्रभावशाली फिनटेक (Fintech) लीडर्स में से एक, कुणाल शाह के जीवन का वो कड़वा सच है जिससे बहुत कम लोग वाकिफ हैं। हाल ही में मेटा (Meta) द्वारा CRED में 900 मिलियन डॉलर (लगभग ₹7,500 करोड़) के ...

वेब दुनिया 23 Jun 2026 5:11 pm

मेघालय के पूर्व कांग्रेस विधायक महेंद्रो रापसांग भाजपा में शामिल

शिलांग। मेघालय में कांग्रेस के पूर्व विधायक महेंद्रो रापसांग मंगलवार को यहां औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। रापसांग अपने समर्थकों के साथ मेघालय राज्य भाजपा अध्यक्ष रिकमैन जी. मोमिन और कैबिनेट मंत्री सनबोर शुलई समेत कई अन्य नेताओं की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए। रापसांग ने कहा कि […] The post मेघालय के पूर्व कांग्रेस विधायक महेंद्रो रापसांग भाजपा में शामिल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jun 2026 5:03 pm

बिहार में रिश्वत के जुर्म में महिला दारोगा को कठोर कैद की सजा

पटना। बिहार की राजधानी पटना की एक विशेष अदालत ने रिश्वत लेने के जुर्म में मंगलवार को बिहार पुलिस की एक महिला दारोगा को तीन वर्ष सश्रम कारावास की सजा के साथ दस हजार रूपए का जुर्माना भी किया है। निगरानी के विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह ने मामले में सुनवाई के बाद वैशाली जिले […] The post बिहार में रिश्वत के जुर्म में महिला दारोगा को कठोर कैद की सजा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jun 2026 4:55 pm

स्कूल होंगे अपग्रेड, किसान कल्याण पर फोकस, जानें सीएम डॉ.मोहन ने कैबिनेट में क्या-क्या लिए फैसले?

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 22 जून को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और कल्याणी विवाह सहायता योजना को 1 अप्रैल 2026 से 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 1,740 करोड़ 57 ...

वेब दुनिया 23 Jun 2026 4:39 pm

रायपुर में सीएम विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की महा-बैठक शुरू, कई बड़े और ऐतिहासिक फैसलों पर लगेगी अंतिम मुहर

छत्तीसगढ़ की सियासत और शासन व्यवस्था से जुड़ी इस वक्त की एक बेहद बड़ी, अहम और नीतिगत खबर सामने आ रही है। राजधानी रायपुर स्थित महानदी भवन (मंत्रालय) में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnu Deo Sai) की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो चुकी है। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में उपमुख्यमंत्री द्वय, कैबिनेट के तमाम वरिष्ठ मंत्री और राज्य के शीर्ष प्रशासनिक अफसर (IAS Officers) मौजूद हैं। एक वरिष्ठ राजनीतिक और प्रशासनिक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो साय सरकार की यह कैबिनेट बैठक राज्य के विकास की दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है। बैठक के एजेंडे में युवाओं, किसानों, महिलाओं और ग्रामीण विकास से जुड़े कई ऐसे कड़े और कल्याणकारी प्रस्ताव शामिल हैं, जिन पर आज अंतिम मुहर लगने की पूरी संभावना है। इस बैठक के शुरू होते ही प्रदेश के सभी विभागों और कर्मचारी यूनियनों में उत्सुकता चरम पर पहुंच गई है।धान बोनस, किसान कल्याण और इनपुट सब्सिडी को लेकर हो सकता है सबसे बड़ा ऐलानइस कैबिनेट बैठक की बैकस्टेज स्टोरी और मुख्य एजेंडे को अगर हम गहराई से समझें, तो साय सरकार का फोकस हमेशा से ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों पर रहा है। सूत्रों से मिली पक्की जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में खरीफ सीजन के लिए किसानों को दी जाने वाली इनपुट सब्सिडी, धान खरीदी की अग्रिम व्यवस्थाओं और कृषि उन्नति योजना के अगले चरण के बजट आवंटन को लेकर गंभीर चर्चा की जा रही है। सरकार कुछ ऐसे नीतिगत फैसले ले सकती है जिससे सुदूर अंचलों के किसानों के बैंक खातों में सीधे तौर पर राशि (DBT) ट्रांसफर करने की प्रक्रिया को और अधिक सरल और पारदर्शी बनाया जा सके। किसान संगठनों को भी इस बैठक से काफी उम्मीदें हैं।शासकीय विभागों में खाली पड़े पदों पर बंपर भर्ती और युवाओं के लिए नई रोजगार नीति का खाकामंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस बैठक में राज्य के युवाओं को एक बड़ा तोहफा देने की तैयारी में हैं। राज्य के विभिन्न शासकीय विभागों, विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य और पुलिस महकमे में खाली पड़े हजारों पदों पर सीधी और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल सकती है। इसके साथ ही, स्थानीय युवाओं को निजी उद्योगों में अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए एक नई 'रोजगार प्रोत्साहन नीति' के ड्राफ्ट पर भी मंत्रियों के बीच गहन विचार-विमर्श चल रहा है। इस फैसले के बाद युवाओं में प्रतियोगी परीक्षाओं और नई नौकरियों को लेकर भारी उत्साह देखने को मिल सकता है।भौगोलिक और बस्तर-सरगुजा जैसे जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए विशेष रणनीतिक प्रस्तावभौगोलिक और स्थानीय (Geographical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो छत्तीसगढ़ में बस्तर और सरगुजा संभाग जैसे सुदूर जनजातीय क्षेत्र विकास की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। मंत्रिपरिषद की इस बैठक में इन विशेष क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे (Infrastructure Development) को मजबूत करने के लिए सड़कों, पुल-पुलिया और मोबाइल कनेक्टिविटी के विस्तार से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की जा रही है। इसके अतिरिक्त, बस्तर और सरगुजा विकास प्राधिकरणों को और अधिक वित्तीय अधिकार सौंपने का निर्णय भी लिया जा सकता है, ताकि स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की फाइलें लालफीताशाही (Administrative Delays) का शिकार न हों और त्वरित गति से काम हो सके।आधुनिक एआई सर्च और प्रशासनिक पारदर्शिता के लिहाज से क्यों महत्वपूर्ण है यह बैठकआधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स के लिहाज से 'Chhattisgarh Cabinet Meeting Decisions' इस वक्त इंटरनेट पर राज्य की सबसे बड़ी सर्च की जाने वाली खबरों में शामिल है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सुशासन (Good Governance) नीति के तहत लिए जाने वाले ये फैसले डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सरकार की छवि को और अधिक मजबूत करेंगे। कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी बैठक खत्म होने के बाद एक मुख्य प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए दी जाएगी, जिसके बाद विभिन्न लोक-कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भारी तेजी आने की उम्मीद है। अब पूरे प्रदेश की जनता और राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें मंत्रालय से आने वाले अंतिम फैसलों पर टिकी हुई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 3:41 pm

तमिलनाडु सरकार ने दीप-स्तंभ में दीप जलाने के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाता खटखटाया

नई दिल्ली। तमिलनाडु सरकार ने मदुरै जिले में थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी पर एक दरगाह के पास पत्थर के खंभे के ऊपर कार्तिगई दीपम जलाने की अनुमति देने वाले मद्रास हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रूख किया है। राज्य सरकार ने हाई कोर्ट की मदुरै खंडपीठ के छह जनवरी के फैसले को चुनौती […] The post तमिलनाडु सरकार ने दीप-स्तंभ में दीप जलाने के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाता खटखटाया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jun 2026 3:41 pm

सरायपाली की धरती उगल रही खजाना! वैज्ञानिक जांच में मिले 1.22 कैरेट के 5 असली हीरे, CM विष्णुदेव साय का आया बड़ा बयान

छत्तीसगढ़ की पावन और खनिज संपदा से भरपूर धरती से इस वक्त की एक बेहद सनसनीखेज, चौंकाने वाली और ऐतिहासिक खबर सामने आ रही है। महासमुंद जिले के सरायपाली (Saraipali Mahasamund) इलाके में भूवैज्ञानिकों के एक विशेष सर्वे और वैज्ञानिक परीक्षण के दौरान हीरों का एक बड़ा भंडार होने के पुख्ता संकेत मिले हैं। प्रारंभिक जांच और टेस्टिंग के दौरान वैज्ञानिकों को यहां से 1.22 कैरेट के 5 चमचमाते असली हीरे (Diamonds Discovered in CG) बरामद हुए हैं। इस बड़ी भूवैज्ञानिक खोज के बाद न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के खनिज महकमे में भारी उत्साह देखा जा रहा है। एक वरिष्ठ खोजी रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह खोज राज्य की आर्थिक तकदीर बदलने वाली साबित हो सकती है। इस महा-खोज पर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने भी अपनी बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसने मरुधरा और देश के औद्योगिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।सरायपाली के नीचे आखिर कैसे मिला हीरों का भंडार, जानिए वैज्ञानिकों के महा-सर्वे की इनसाइड स्टोरीइस ऐतिहासिक भूवैज्ञानिक खोज के बैकस्टेज समीकरणों और तकनीकी पहलुओं को समझें तो भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) और राज्य के खनिज साधन विभाग की टीमें लंबे समय से महासमुंद और सरायपाली बेल्ट की मिट्टी और चट्टानों का बारीकी से अध्ययन कर रही थीं। सरायपाली के अंतर्गत आने वाले कुछ चुनिंदा ग्रामीण अंचलों में पाई जाने वाली किम्बरलाइट चट्टानों (Kimberlite Pipes) के सैंपल्स को जब अत्याधुनिक लैबोरेट्रीज में वैज्ञानिक परीक्षण के लिए भेजा गया, तो परिणाम बेहद चौंकाने वाले रहे। जांच में न केवल हीरों की मौजूदगी की पुष्टि हुई, बल्कि सैंपल में से 1.22 कैरेट के 5 उच्च गुणवत्ता वाले प्राकृतिक हीरे भी रिकवर किए गए। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह तो महज एक झांकी है, जमीनी गहराई में हीरों की एक विशाल पाइपलाइन या बेल्ट छिपी हो सकती है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताई भारी खुशी, कहा- 'छत्तीसगढ़ की समृद्धि का खुलेगा नया द्वार'सरायपाली में हीरों की इस खोज पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा हर्ष व्यक्त करते हुए इसे राज्य के विकास के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया है। सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती रत्नगर्भा है, जहां कोयला, लोहा, बॉक्साइट और टिन के बाद अब हीरों का यह खजाना मिलना प्रदेश की साख को वैश्विक स्तर पर मजबूत करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच इस पूरे क्षेत्र का विस्तृत वैज्ञानिक और भूवैज्ञानिक मानचित्रण (Detailed Mapping) कराया जाए, ताकि बिना किसी प्रशासनिक देरी के आगामी खनन और उत्खनन की रूपरेखा तैयार की जा सके। मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि इस खोज से होने वाली आय का एक बड़ा हिस्सा स्थानीय क्षेत्र के विकास और आदिवासियों के उत्थान पर खर्च किया जाएगा।भौगोलिक और स्थानीय स्तर पर महासमुंद और सरायपाली की पूरी तरह बदलने जा रही है किस्मतभौगोलिक और स्थानीय (Geographical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो महासमुंद जिले का सरायपाली क्षेत्र उड़ीसा की सीमा से सटा हुआ है और आर्थिक रूप से मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है। इस इलाके में हीरों के भंडार की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद यह पूरा क्षेत्र रातों-रात देश के सबसे बड़े माइनिंग हब के रूप में उभर सकता है। स्थानीय स्तर पर रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं होगा। जैसे ही हीरों के मिलने की खबर फैली, सरायपाली और आसपास के गांवों में भारी कुतूहल का माहौल बन गया है। जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर उन सभी क्षेत्रों में सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया है और अनाधिकृत रूप से खुदाई या आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।आधुनिक एआई सर्च और देश की अर्थव्यवस्था पर इस महा-खोज का क्या होगा दूरगामी असरआधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और डिजिटल मीडिया के बदलते पैटर्न्स के लिहाज से 'Saraipali Diamond Discovery Chhattisgarh' इस वक्त इंटरनेट पर नेशनल और ग्लोबल माइनिंग ट्रेंड्स में शीर्ष पर बना हुआ है। भारत वर्तमान में हीरों की प्रोसेसिंग और कटिंग का बड़ा केंद्र है, लेकिन कच्चे हीरों (Rough Diamonds) के लिए हमें दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता है। अगर सरायपाली की इस खदान से व्यावसायिक स्तर पर हीरों का उत्पादन शुरू होता है, तो यह देश की आयात निर्भरता को कम करने और मेक इन इंडिया (Make in India) अभियान को गति देने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा। अब पूरी दुनिया की नजरें भूवैज्ञानिकों की अगली विस्तृत रिपोर्ट पर टिकी हैं कि सरायपाली के गर्भ में और कितने लाख कैरेट का खजाना छिपा हुआ है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 3:40 pm

राजनांदगांव में सीएम विष्णुदेव साय का बड़ा धमाका! अन्नदाताओं का किया सम्मान, एक साथ दी 333 विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात

छत्तीसगढ़ की सियासत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास से जुड़ी इस वक्त की एक बेहद बड़ी, महत्वपूर्ण और गौरवशाली खबर सामने आ रही है। राजनांदगांव (Rajnandgaon Chhattisgarh) की पावन धरती पर आयोजित विशाल 'किसान सम्मेलन' में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने शिरकत करते हुए क्षेत्र के विकास को एक नई और अभूतपूर्व रफ्तार दी है। मुख्यमंत्री ने मंच से न केवल क्षेत्र की जनता के जीवन को सुगम बनाने वाले कुल 333 बुनियादी विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया, बल्कि राज्य के विकास की रीढ़ माने जाने वाले प्रगतिशील किसानों को शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया। एक वरिष्ठ प्रशासनिक और राजनीतिक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो साय सरकार का यह कदम छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों को सशक्त बनाने और आगामी ग्रामीण एजेंडे को मजबूत करने की दिशा में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।करोड़ों रुपये के 333 विकास कार्यों का तोहफा, बदलेगी राजनांदगांव की पूरी सूरतइस भव्य किसान सम्मेलन और विकास उत्सव की इनसाइड स्टोरी को गहराई से समझें तो मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा लोकार्पित और भूमिपूजित किए गए 333 कार्यों में बुनियादी ढांचे का विकास सबसे शीर्ष प्राथमिकता पर रहा है। इन परियोजनाओं के तहत ग्रामीण इलाकों में नई सड़कों का निर्माण, पुल-पुलिया, सिंचाई के आधुनिक साधन, पेयजल आपूर्ति के लिए जल जीवन मिशन के तहत नए कनेक्शन, स्कूलों के नए भवन और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का सुदृढ़ीकरण शामिल है। मंच से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि उनकी सरकार का एकमात्र संकल्प 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' है, और राजनांदगांव के इन सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक विकास की हर एक किरण पहुंचाना उनका मुख्य प्रशासनिक दायित्व है। इन कार्यों के पूरा होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।मंच से गूंजा अन्नदाताओं का जयकारा, प्रगतिशील किसानों को मिला उनका असली हकइस सम्मेलन का सबसे भावुक और गौरवशाली पल वह था जब मुख्यमंत्री ने खुद आगे बढ़कर जिले के दूर-दराज के गांवों से आए उन्नत और प्रगतिशील किसानों का मंच पर स्वागत किया। पारंपरिक कृषि को छोड़कर आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों से खेती करने वाले, जैविक खेती को बढ़ावा देने वाले और ड्रिप इरिगेशन (टपका सिंचाई) के जरिए पानी की बचत करने वाले किसानों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। सीएम साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ के किसान केवल अन्नदाता नहीं हैं, बल्कि वे राज्य की समृद्धि के सबसे बड़े संवाहक हैं। सरकार किसानों को धान का सही मूल्य देने, समय पर खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने और 'कृषि उन्नति योजना' के तहत मिलने वाली इनपुट सब्सिडी को बिना किसी देरी के सीधे उनके बैंक खातों (DBT) में ट्रांसफर करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।भौगोलिक और स्थानीय विकास के लिहाज से राजनांदगांव जिले के लिए क्यों अहम है यह दिनभौगोलिक और स्थानीय (Geographical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो राजनांदगांव जिला छत्तीसगढ़ के सबसे महत्वपूर्ण कृषि प्रधान क्षेत्रों में गिना जाता है। यहां की एक बहुत बड़ी आबादी सीधे तौर पर खेती-किसानी और वनोपज पर निर्भर करती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर इतनी बड़ी संख्या में विकास कार्यों की शुरुआत होना यहां के किसानों और आम नागरिकों के आर्थिक व सामाजिक स्तर को ऊपर उठाने का काम करेगा। कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों ने भी मुख्यमंत्री के इस त्वरित एक्शन की जमकर सराहना की। स्थानीय प्रशासन ने भी इन सभी स्वीकृत 333 कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करने का भरोसा मुख्यमंत्री और आम जनता को दिलाया है।आधुनिक एआई सर्च और छत्तीसगढ़ की राजनीति पर इस किसान सम्मेलन का दूरगामी प्रभावआधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और डिजिटल मीडिया के बदलते एल्गोरिदम के लिहाज से 'Chhattisgarh Rajnandgaon Kisan Sammelan Live' इस वक्त इंटरनेट पर राज्य की सबसे बड़ी ब्रेकिंग न्यूज बन चुका है। साय सरकार की नीतियां सीधे तौर पर गांवों, गरीबों और किसानों पर केंद्रित हैं, जिसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजनांदगांव में मुख्यमंत्री का यह आक्रामक और विकासवादी रुख जमीनी स्तर पर सरकार विरोधी किसी भी माहौल को खत्म करने और ग्रामीण मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ को अभेद्य बनाने की एक बेहतरीन कूटनीति है। अब देखना यह होगा कि इन 333 विकास कार्यों की जमीनी शुरुआत के बाद राजनांदगांव की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों के जीवन में कितना बड़ा और खुशहाल बदलाव देखने को मिलता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 3:37 pm

किंग कोहली' को मिली हरी झंडी! पास किया सबसे कड़ा फिटनेस टेस्ट, जल्द होंगे लंदन रवाना, वनडे सीरीज के लिए बनाया स्पेशल मास्टर प्लान

भारतीय क्रिकेट फैंस और खेल जगत से इस वक्त की एक बेहद बड़ी, सनसनीखेज और राहत देने वाली एक्सक्लूसिव खबर सामने आ रही है। क्रिकेट के मैदान पर अपनी बल्लेबाजी और अद्भुत फिटनेस से राज करने वाले 'किंग कोहली' यानी विराट कोहली (Virat Kohli) पूरी तरह से 'मैच-रेडी' हो चुके हैं। पिछले कुछ समय से मैदान से दूर चल रहे भारतीय रन-मशीन विराट कोहली को राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA Bengaluru) के मेडिकल स्टाफ और ट्रेनर्स ने पूरी तरह फिट घोषित करते हुए फिटनेस सर्टिफिकेट (Fitness Certificate) जारी कर दिया है। एक वरिष्ठ खेल संवाददाता और क्रिकेट रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह खबर टीम इंडिया (Team India) के आगामी विदेशी दौरों और आईसीसी मिशन के लिए सबसे बड़ा बूस्टर डोज साबित होने जा रही है। फिटनेस की हरी झंडी मिलने के तुरंत बाद अब कोहली आगामी वनडे सीरीज की विशेष तैयारियों के लिए बहुत जल्द लंदन (London) रवाना होने वाले हैं।एनसीए में हुआ कड़ा फिटनेस टेस्ट, यो-यो टेस्ट से लेकर मोशन एनालिसिस तक सब कुछ किया पासइस पूरे घटनाक्रम की इनसाइड स्टोरी को समझें तो विराट कोहली की फिटनेस को जांचने के लिए बैंगलुरू की नेशनल क्रिकेट एकेडमी में एक बेहद कड़ा और वैज्ञानिक पैमानों पर आधारित टेस्ट शेड्यूल तैयार किया गया था। इस टेस्ट के दौरान न केवल उनके पारंपरिक यो-यो टेस्ट (Yo-Yo Test Score) के स्तर को जांचा गया, बल्कि मैदान पर उनकी रनिंग स्पीड, मांसपेशियों की रिकवरी क्षमता और री-स्टार्ट टाइमिंग का भी बारीकी से बायो-मैकेनिकल और मोशन एनालिसिस किया गया। एनसीए के फिजियो और फिटनेस प्रमुख कोहली की फिटनेस रिपोर्ट देखकर बेहद प्रभावित हुए, क्योंकि ३७ की उम्र को छूने के बाद भी उनके फिटनेस पैरामीटर्स युवा खिलाड़ियों से कहीं ज्यादा बेहतर पाए गए। सभी पैमानों पर शत-प्रतिशत खरा उतरने के बाद डॉक्टरों की टीम ने उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की लिखित मंजूरी दे दी है।क्यों खास है विराट कोहली का लंदन दौरा, काउंटी कंडीशंस और इंग्लिश पिचों पर करेंगे कड़ा अभ्यासलंदन रवानगी के पीछे विराट कोहली का एक बड़ा रणनीतिक और तकनीकी मकसद छिपा हुआ है। आगामी महत्वपूर्ण एकदिवसीय (ODI Series) और टेस्ट श्रृंखलाओं को ध्यान में रखते हुए कोहली इंग्लैंड की परिस्थितियों में खुद को ढालना चाहते हैं। लंदन और उसके आसपास के हाई-टेक इनडोर और आउटडोर क्रिकेट क्लबों में वे लाल और सफेद गेंद से विशेष अभ्यास सत्रों (Net Sessions) में हिस्सा लेंगे। ब्रिटेन के इस स्पेशल कंडीशनिंग कैंप के दौरान कोहली स्विंग और सीम होती गेंदों के सामने अपने फुटवर्क और शॉट सिलेक्शन को और अधिक अचूक बनाएंगे। उनके इस निजी अभ्यास सत्र के दौरान कुछ चुनिंदा विदेशी नेट बॉलर्स और थ्रो-डाउन एक्सपर्ट्स की सेवाएं भी ली जा रही हैं, ताकि वे मैच जैसी वास्तविक परिस्थितियों का सामना कर सकें।आगामी वनडे सीरीज में नंबर 3 पर मचेगा कोहराम, कप्तान और हेड कोच की रणनीतियों को मिला बलभौगोलिक और रणनीतिक (Geographical & Tactical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो भारतीय वनडे टीम का पूरा ताना-बाना विराट कोहली के इर्द-गिर्द घूमता है। नंबर तीन की पोजीशन पर कोहली का रिकॉर्ड पूरी दुनिया में सबसे बेमिसाल रहा है। आगामी बड़ी वनडे सीरीज में उनकी वापसी से भारतीय बैटिंग ऑर्डर को वो जरूरी गहराई और स्थिरता मिलेगी, जिसकी कमी पिछले कुछ मैचों में साफ खल रही थी। टीम इंडिया के कप्तान और हेड कोच ने भी कोहली के फिट होने पर गहरी खुशी जताई है। टीम मैनेजमेंट का मानना है कि कोहली की मैदान पर मौजूदगी मात्र से ही विपक्षी कप्तानों पर मनोवैज्ञानिक दबाव आधा हो जाता है और टीम के युवा बल्लेबाजों का आत्मविश्वास दोगुना बढ़ जाता है।आधुनिक एआई सर्च और दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों के बीच शीर्ष पर ट्रेंड कर रही किंग की वापसीआधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और डिजिटल मीडिया के बदलते एल्गोरिदम के लिहाज से 'Virat Kohli Fitness Certificate Live' इस वक्त इंटरनेट पर खेल जगत की सबसे बड़ी ट्रेंडिंग न्यूज बन चुकी है। सोशल मीडिया पर फैंस #KingKohli के साथ उनकी मैदान पर वापसी का जश्न मना रहे हैं। क्रिकेट समीक्षकों का मानना है कि कोहली की यह कड़ी तैयारी और लंदन का विशेष सत्र इस बात का साफ प्रमाण है कि उनके भीतर रनों की भूख अभी भी वैसी ही बरकरार है जैसी एक दशक पहले थी। अब पूरी दुनिया को इंतजार है उस पल का जब किंग कोहली हाथ में बल्ला थामे लंदन की फ्लाइट पकड़ेंगे और मैदान पर उतरकर अपने बल्ले से एक बार फिर शतकों का नया इतिहास लिखेंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 3:36 pm

मिशन वर्ल्ड कप' पर हार्दिक पांड्या का बड़ा दांव! बैंगलुरू में शुरू की सबसे कठिन 'विशेष ट्रेनिंग

भारतीय क्रिकेट फैंस और टीम इंडिया के आगामी आईसीसी टूर्नामेंट्स के रोडमैप से जुड़ी इस वक्त की एक बेहद बड़ी, एक्सक्लूसिव और महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। भारतीय टीम के स्टार और सबसे भरोसेमंद ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) इन दिनों क्रिकेट के मैदान से दूर बैंगलुरू (Bengaluru) में एक बेहद खास और कड़े मिशन पर काम कर रहे हैं। पांड्या ने आगामी बड़े टूर्नामेंट्स और विशेष रूप से 'मिशन वर्ल्ड कप' (Mission World Cup) को ध्यान में रखते हुए नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA Bengaluru) में आयोजित किए जा रहे 'परफॉर्मेंस ब्लॉक प्रोग्राम' (Performance Block Program) में हिस्सा ले लिया है। एक वरिष्ठ खेल संवाददाता और क्रिकेट रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो हार्दिक का यह कदम उनके अंतरराष्ट्रीय करियर और टीम इंडिया के संतुलन के लिए सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है, जहां वे अपनी बॉडी को पूरी तरह री-शेप और फिटनेस को अचूक बनाने के लिए दिन-रात कड़ा पसीना बहा रहे हैं।आखिर क्या है यह 'परफॉर्मेंस ब्लॉक प्रोग्राम' और हार्दिक के लिए क्यों है यह संजीवनीक्रिकेट जगत और स्पोर्ट्स साइंस के इस आधुनिक ट्रेनिंग फॉर्मेट को अगर हम गहराई से समझें, तो 'परफॉर्मेंस ब्लॉक प्रोग्राम' कोई सामान्य जिम या नेट सेशन नहीं है। यह एनसीए के शीर्ष स्पोर्ट्स साइंटिस्ट्स, फिजियो और स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग एक्सपर्ट्स द्वारा तैयार किया गया एक कस्टमाइज्ड हाई-इंटेनसिटी प्रोग्राम है। इस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य किसी भी खिलाड़ी की मांसपेशियों की ताकत बढ़ाना, चोट लगने की संभावना को पूरी तरह खत्म करना (Injury Prevention) और मैच के दौरान उनकी रिकवरी स्पीड को तेज करना होता है। हार्दिक पांड्या का पुराना इतिहास चोटों (Injuries) से भरा रहा है, जिससे टीम इंडिया का संतुलन कई बार बिगड़ा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई (BCCI) ने हार्दिक के लिए यह विशेष विंडो तैयार की है ताकि वे एक पूर्ण ऑलराउंडर के रूप में चार-चार ओवरों के स्पेल और डेथ ओवर्स में विस्फोटक बल्लेबाजी का भार बिना किसी शारीरिक परेशानी के उठा सकें।बैंगलुरू की हाई-टेक लैब में चल रही है खास ट्रेनिंग, हर एक मूवमेंट पर रखी जा रही है पैनी नजरएनसीए के अंदरूनी सूत्रों से मिली पक्की जानकारी के मुताबिक, बैंगलुरू में हार्दिक पांड्या की इस ट्रेनिंग की पल-पल की मॉनिटरिंग आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और मोशन कैप्चर कैमरों (Motion Capture Technology) के जरिए की जा रही है। ट्रेनिंग के दौरान उनके बॉलिंग एक्शन के लोड, रन-अप के समय पैरों पर पड़ने वाले दबाव और बैटिंग के दौरान उनके फुटवर्क के संतुलन का बारीकी से बायो-मैकेनिकल विश्लेषण किया जा रहा है। नेशनल कोच और ट्रेनर्स हार्दिक के साथ अलग-अलग शिफ्ट्स में काम कर रहे हैं, जिसमें सुबह के समय कार्डियो और कोर स्ट्रेंथ पर ध्यान दिया जाता है, जबकि दोपहर और शाम के सत्र में उनकी स्किल ट्रेनिंग और मैच सिचुएशन के हिसाब से कड़ा अभ्यास कराया जा रहा है। हार्दिक खुद इस प्रोग्राम को लेकर बेहद गंभीर हैं और सोशल मीडिया की चकाचौंध से दूर पूरी तरह अपने खेल पर फोकस कर रहे हैं।टीम इंडिया के संतुलन के लिए हार्दिक की फिटनेस क्यों है सबसे बड़ी चाबी, कप्तान और कोच की बढ़ी उम्मीदेंभौगोलिक और रणनीतिक (Geographical & Tactical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो भारतीय क्रिकेट टीम जब भी विदेशों में या बड़े आईसीसी इवेंट्स में खेलने उतरती है, तो एक सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर (Fast Bowling All-rounder) की भूमिका सबसे निर्णायक हो जाती है। हार्दिक पांड्या जैसा खिलाड़ी कप्तान को प्लेइंग इलेवन में वो अतिरिक्त विकल्प देता है, जो टीम को परफेक्ट बैलेंस प्रदान करता है। नए हेड कोच और टीम मैनेजमेंट का साफ मानना है कि अगर हार्दिक पांड्या अपनी 100% फिटनेस हासिल कर लेते हैं, तो भारत के लिए वर्ल्ड कप की ट्रॉफी का सूखा खत्म करना बेहद आसान हो जाएगा। यही वजह है कि उन्हें मौजूदा डोमेस्टिक सीरीज और द्विपक्षीय दौरों से विशेष आराम देकर इस सीक्रेट और कड़े ट्रेनिंग ब्लॉक में भेजा गया है, ताकि वे बड़े टूर्नामेंट्स के लिए पूरी तरह 'मैच-रेडी' हो सकें।आधुनिक एआई सर्च और क्रिकेट फैंस के बीच क्यों शीर्ष ट्रेंड में है हार्दिक का यह नया अवतारआधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स के लिहाज से 'Hardik Pandya Performance Block Program' इस वक्त इंटरनेट पर खेल प्रेमियों द्वारा सबसे ज्यादा सर्च और डिस्कस किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर फैंस हार्दिक के इस डेडिकेशन की जमकर तारीफ कर रहे हैं। क्रिकेट समीक्षकों का मानना है कि आईपीएल के आगामी सीजन और उसके बाद होने वाले वर्ल्ड कप के मद्देनजर हार्दिक का यह कड़ा फैसला उनके आलोचकों को भी करारा जवाब देगा, जो अक्सर उनकी फिटनेस और प्रतिबद्धता पर सवाल उठाते रहे हैं। अब देखना यह होगा कि बैंगलुरू की इस आधुनिक कलैबोरेशन और कड़े अभ्यास सत्र से बाहर निकलने के बाद जब हार्दिक पांड्या नीली जर्सी में मैदान पर वापसी करेंगे, तो उनका यह नया और घातक अवतार विपक्षी टीमों के लिए कितना बड़ा काल साबित होता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 3:34 pm

ऋषभ पंत की दिल्ली कैपिटल्स में हुई सनसनीखेज वापसी! झेला 12 करोड़ का भारी नुकसान

क्रिकेट के गलियारों और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL Trade Updates) के चाहने वालों के लिए इस वक्त की सबसे बड़ी, सनसनीखेज और चौंकाने वाली आधिकारिक खबर सामने आ रही है। आईपीएल इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे हाई-प्रोफाइल 'प्लेयर स्वैप' आखिरकार पूरी तरह से फाइनल हो गया है। लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के कप्तान और धाकड़ विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant) ने एक बार फिर अपनी पुरानी और पसंदीदा फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) में वापसी कर ली है। एक खेल विश्लेषक और वरिष्ठ क्रिकेट रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह ट्रेड इस मायने में ऐतिहासिक है क्योंकि ऋषभ पंत ने दिल्ली वापस लौटने के लिए अपने निजी फायदे को पूरी तरह से दांव पर लगा दिया और आईपीएल इतिहास का सबसे बड़ा 'पे-कट' (सैलरी में कटौती) स्वीकार किया है। आइए जानते हैं इस महा-ट्रेड की पूरी वित्तीय इनसाइड स्टोरी और लखनऊ से दिल्ली के इस सफर के पीछे के असल समीकरण।लखनऊ में मिलते थे रिकॉर्ड 27 करोड़ रुपये, दिल्ली कैपिटल्स में इतने करोड़ पर लगी मुहरइस पूरे मेगा ट्रेड के वित्तीय गणित (IPL Purse Calculation) को अगर गहराई से समझें, तो ऋषभ पंत को आईपीएल 2025 की मेगा नीलामी (Mega Auction) के दौरान संजीव गोयनका की टीम लखनऊ सुपर जायंट्स ने रिकॉर्डतोड़ 27 करोड़ रुपये की अविश्वसनीय बोली लगाकर अपनी टीम में शामिल किया था। यह आईपीएल इतिहास की अब तक की सबसे महंगी बोली का ऑल-टाइम रिकॉर्ड है। लेकिन दिल्ली कैपिटल्स में वापस आने की अपनी जिद और पुरानी टीम से लगाव के कारण पंत ने अपनी फीस में सीधे 12 करोड़ रुपये की भारी-भरकम कटौती स्वीकार की है। अब वे दिल्ली कैपिटल्स में महज 15 करोड़ रुपये की संशोधित फीस पर शामिल हुए हैं। इस बड़े फैसले के बाद पंत रविंद्र जडेजा के बाद दूसरे ऐसे बड़े भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने अपनी फ्रेंचाइजी बदलने के लिए अपनी करोड़ों की सैलरी को खुद ही कम कर लिया।ऋषभ पंत की जगह कुलदीप यादव की लखनऊ में एंट्री, जानिए स्पिनर का नया कॉन्ट्रैक्टआईपीएल गवर्निंग काउंसिल (IPL Governing Council) के नियमों के मुताबिक यह कोई सीधा खिलाड़ी-बदले-खिलाड़ी (Player-for-Player) का सामान्य सौदा नहीं है। इस ब्लॉकबस्टर डील के तहत दिल्ली कैपिटल्स के स्टार चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) अब लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम का हिस्सा बन गए हैं। कुलदीप यादव को उनकी पुरानी सैलरी यानी 13.50 करोड़ रुपये की मौजूदा कीमत पर ही लखनऊ की टीम में ट्रांसफर किया गया है। चूंकि पंत की पुरानी कीमत 27 करोड़ रुपये थी, इसलिए लखनऊ की टीम ने इस सौदे के वित्तीय संतुलन को बराबर करने के लिए दिल्ली कैपिटल्स से कैश एडजस्टमेंट भी किया है। इस अदला-बदली से लखनऊ सुपर जायंट्स के पर्स में आगामी मिनी-नीलामी के लिए लगभग 13.75 करोड़ रुपये का बड़ा फायदा हुआ है, जबकि दिल्ली के पर्स से कुछ राशि कम होगी।लखनऊ के खराब प्रदर्शन और कप्तानी छोड़ने के फैसले के बाद तैयार हुआ था यह बैकस्टेज ड्रामाअगर इस कड़े फैसले के बैकस्टेज कारणों पर नजर डालें, तो ऋषभ पंत का लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ पिछला सीजन (IPL 2026) एक बुरे सपने की तरह गुजरा था। उनकी कप्तानी में लखनऊ की टीम पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे यानी 10वें स्थान पर रही थी, जहां टीम 14 मैचों में से सिर्फ 4 मैच ही जीत सकी थी। खुद पंत का प्रदर्शन भी बतौर बल्लेबाज बेहद औसत रहा और वे 13 पारियों में केवल 312 रन ही बना सके थे। सीजन के खत्म होते ही टीम डायरेक्टर टॉम मूडी और हेड कोच जस्टिन लैंगर की मौजूदगी वाले ऑस्ट्रेलियाई कोचिंग स्टाफ ने लीडरशिप में 'रीसेट' (बदलाव) करने की इच्छा जताई थी। कप्तानी के इस विवाद और टीम मैनेजमेंट से मतभेदों के बाद पंत ने खुद कप्तानी छोड़ने का ऐलान कर दिया था और दिल्ली कैपिटल्स के मालिकों के साथ अपने पुराने मजबूत पारिवारिक रिश्तों के दम पर इस ऐतिहासिक घर वापसी का रास्ता तैयार किया।दिल्ली कैपिटल्स के लिए पूरी तरह 'होमकमिंग', युवराज सिंह की कोचिंग में खेलेंगे पंतभौगोलिक और स्थानीय (Geographical & Local Optimization) लिहाज से ऋषभ पंत और दिल्ली कैपिटल्स का रिश्ता लगभग एक दशक पुराना है। पंत ने साल 2016 से 2024 तक लगातार 9 सीजन दिल्ली के लिए खेले हैं और वे इस फ्रेंचाइजी के लिए सबसे ज्यादा 111 मैच खेलने वाले इकलौते खिलाड़ी हैं। इसके साथ ही उन्होंने 43 मैचों में दिल्ली की कप्तानी भी की है। आधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) के विश्लेषण के मुताबिक, दिल्ली कैपिटल्स के खेमे में इस वक्त एक और बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जिसमें भारत के दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) बतौर बैटिंग कोच टीम के साथ जुड़ सकते हैं। युवराज सिंह और ऋषभ पंत के बीच बेहद करीबी गुरु-चेले जैसे संबंध रहे हैं। युवराज की देखरेख में खेलने की इच्छा ने भी पंत के इस दिल्ली वापसी के फैसले को सबसे ज्यादा रफ्तार दी है। अब देखना यह होगा कि अपनी पसंदीदा जर्सी में वापस लौटने के बाद पंत का बल्ला आगामी सीजन में कितना कोहराम मचाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 3:33 pm

बिहार शिक्षा विभाग में भारी खलबली! शिक्षा मंत्री का अब तक का सबसे बड़ा कड़ा एक्शन, 6 बड़े अधिकारियों पर गिरी गाज, BEO सस्पेंड

बिहार के प्रशासनिक और शैक्षणिक गलियारों से इस वक्त की एक बेहद बड़ी, सनसनीखेज और सुधारवादी खबर सामने आ रही है। राज्य की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से दुरुस्त करने और भ्रष्टाचार व लापरवाही के खिलाफ जीरो टॉलरेंस (Zero Tolerance) की नीति अपनाते हुए बिहार के शिक्षा मंत्री ने एक बहुत बड़ा और कड़क एक्शन लिया है। विभाग में लंबे समय से चल रही अनियमिताओं और कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोपों में कुल छह बड़े शिक्षा अधिकारियों पर एक साथ गाज गिरी है। इस बड़ी कार्रवाई के तहत एक ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है, जबकि अन्य दागी और लापरवाह अधिकारियों की सीधे नौकरी से बर्खास्तगी (Dismissal) के लिए सक्षम प्राधिकार को कड़ी सिफारिश भेज दी गई है। एक वरिष्ठ प्रशासनिक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो इस ऐतिहासिक कार्रवाई ने पूरे सूबे के शिक्षा महकमे में हड़कंप मचा दिया है और कामचोर कर्मचारियों के हौसले पूरी तरह पस्त हो गए हैं।औचक निरीक्षण में खुली पोल: गायब मिले साहब और फाइलों में मिली भारी गड़बड़ीइस पूरे हाई-प्रोफाइल प्रशासनिक एक्शन की इनसाइड स्टोरी को समझें तो शिक्षा मंत्री के निर्देश पर विभाग की उच्च स्तरीय टीमों ने राज्य के विभिन्न जिलों और प्रखंडों (ब्लॉक्स) के शिक्षा कार्यालयों और सरकारी स्कूलों का अचानक औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया था। इस विशेष चेकिंग अभियान के दौरान कई चौंकाने वाली हकीकतें सामने आईं। जांच टीम को पता चला कि कई अधिकारी बिना किसी पूर्व सूचना या आधिकारिक छुट्टी के अपने दफ्तरों से गायब थे, जिससे आम जनता और शिक्षकों के जरूरी काम हफ्तों से लटके पड़े थे। इसके अतिरिक्त, जब कार्यालयों के वित्तीय रिकॉर्ड, छात्रवृत्ति वितरण और मिड-डे मील से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलों को खंगाला गया, तो उनमें व्यापक स्तर पर वित्तीय अनियमितताएं और गंभीर कमियां पाई गईं। इसी पुख्ता जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा मंत्री ने सीधे एक्शन की फाइल पर अपनी मुहर लगा दी।एक बीईओ तत्काल प्रभाव से निलंबित, बाकी अधिकारियों को नौकरी से हटाने की पुरजोर तैयारीशिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, कर्तव्य में लापरवाही बरतने, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने और अपने कार्यक्षेत्र में लगातार अनुपस्थित रहने के ठोस सबूत मिलने पर संबंधित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) को तुरंत सस्पेंड कर विभागीय मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनके खिलाफ विस्तृत विभागीय जांच (Departmental Inquiry) भी चलाई जाएगी। वहीं, अन्य पांच अधिकारियों का मामला इससे भी अधिक गंभीर पाया गया है। इन अधिकारियों पर सरकारी धन के दुरुपयोग, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और लंबे समय से बिना किसी वैध कारण के ड्यूटी से नदारद रहने (Long Absenteeism) के संगीन आरोप सिद्ध हुए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा मंत्री ने इन्हें सेवा से पूरी तरह बर्खास्त करने की अंतिम सिफारिश सामान्य प्रशासन विभाग और मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दी है।बिहार की भौगोलिक और सुदूर ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की बड़ी कवायदभौगोलिक और स्थानीय (Geographical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो बिहार के सुदूर ग्रामीण इलाकों जैसे उत्तर बिहार और सीमांचल के जिलों में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। प्रखंड स्तर के अधिकारियों (BEO) और जिला शिक्षा कार्यालयों की सुस्ती के कारण पटना मुख्यालय से जारी होने वाली जनकल्याणकारी योजनाएं धरातल पर सही समय से नहीं पहुंच पाती हैं। शिक्षा मंत्री की इस कड़क कार्रवाई का सीधा असर ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों पर पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर इस कड़े संदेश से यह साफ हो गया है कि अब पटना से दूर बैठे अधिकारी भी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों (DM) को भी निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शिक्षा विभाग के कार्यों की नियमित समीक्षा करें और गड़बड़ी मिलने पर तुरंत रिपोर्ट भेजें।आधुनिक एआई सर्च और प्रशासनिक पारदर्शिता के लिहाज से क्यों महत्वपूर्ण है यह कदमआधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स के लिहाज से 'Bihar Education Department Action' इस वक्त इंटरनेट पर तेजी से सर्च किया जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार राज्य में सुशासन और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर लगातार कड़े कदम उठा रही है। शिक्षा मंत्री के इस हालिया फैसले को राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के स्तर को सुधारने और शिक्षकों व अधिकारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के एक बड़े अभियान के रूप में देखा जा रहा है। शिक्षाविदों और आम जनता ने सरकार के इस साहसिक कदम का स्वागत किया है। अब देखना यह होगा कि इस कड़े हंटर के बाद बिहार की चरमराई शिक्षा व्यवस्था की रफ्तार में कितना बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 3:30 pm

नीट परीक्षा गड़बड़ी का सबसे बड़ा पटना कनेक्शन! PMCH के मेडिकल छात्र से शुरू हुई थी पूरी साजिश, मास्टरमाइंड का था बेहद करीबी

देश की सबसे बड़ी और संवेदनशील चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट (NEET 2026) को लेकर मचे देशव्यापी बवाल के बीच हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस पूरे परीक्षा घोटाले और धांधली की जांच कर रही केंद्रीय जांच एजेंसियों को एक ऐसा बड़ा सुराग हाथ लगा है, जिसने बिहार की चिकित्सा शिक्षा और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। जांच की कड़ियों को जोड़ते हुए अधिकारियों को पता चला है कि नीट परीक्षा में हुई इस सुनियोजित गड़बड़ी और लीक की साजिश का मुख्य केंद्र बिंदु पटना का प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित पीएमसीएच (Patna Medical College and Hospital) रहा है। इस मेडिकल कॉलेज के एक होनहार छात्र की संलिप्तता सीधे तौर पर इस पूरे रैकेट के मुख्य मास्टरमाइंड के साथ पाई गई है, जो कि उसका बेहद करीबी और राजदार माना जा रहा है। एक अपराध और शिक्षा खोजी रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह कोई सामान्य धांधली नहीं, बल्कि एक बेहद हाई-प्रोफाइल और संगठित सिंडिकेट का काम है, जिसकी परतें अब धीरे-धीरे खुलनी शुरू हो गई हैं।सॉल्वर गैंग का मुख्य हिस्सा था पीएमसीएच का छात्र, परीक्षा से ठीक पहले तैयार किया गया था ब्लूप्रिंटजांच टीम के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पीएमसीएच का यह संदिग्ध छात्र खुद एक बेहद मेधावी छात्र रहा है और उसने कुछ ही साल पहले अच्छे अंकों के साथ नीट परीक्षा क्रैक की थी। उसकी इसी प्रतिभा का फायदा उठाने के लिए परीक्षा माफिया और पेपर लीक के मुख्य मास्टरमाइंड ने उसे अपने जाल में फंसाया। इस छात्र पर आरोप है कि वह इस अंतरराज्यीय 'सॉल्वर गैंग' (Solver Gang) का एक मुख्य स्तंभ था, जिसका काम मोटी रकम के बदले लीक हुए प्रश्नपत्रों के सटीक उत्तर (आंसर-की) बेहद कम समय में तैयार करना था। परीक्षा से ठीक पहले पटना के एक गुप्त ठिकाने पर इस छात्र और मास्टरमाइंड के बीच कई दौर की गोपनीय बैठकें हुईं, जहां परीक्षा के दिन डिजिटल माध्यमों से उत्तरों को देश के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों तक ट्रांसफर करने का पूरा ब्लूप्रिंट तैयार किया गया था।इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और भारी कैश बरामद, बैंक खातों के मनी ट्रेल को खंगाल रही जांच एजेंसीजैसे ही तकनीकी सर्विलांस और पकड़े गए अन्य आरोपियों के बयानों के आधार पर जांच एजेंसी ने पीएमसीएच के हॉस्टल और छात्र के ठिकानों पर अचानक छापेमारी की, तो वहां से कई आपत्तिजनक दस्तावेज और अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए। इन उपकरणों में गुप्त ब्लूटूथ डिवाइस, माइक्रो सिम कार्ड और कई परीक्षार्थियों के ओरिजिनल एडमिट कार्ड शामिल हैं। इसके साथ ही, छात्र के बैंक खातों की जांच में लाखों रुपये के संदिग्ध और अचानक हुए लेन-देन का भी पता चला है। जांच एजेंसी अब इस 'Money Trail' (पैसों के लेन-देन के रास्ते) को बारीकी से खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट की वित्तीय जड़ें कितनी गहरी हैं और इसके पीछे किन बड़े सफेदपोशों और कोचिंग माफियाओं का हाथ है।पटना और बिहार की भौगोलिक जड़ों से जुड़े हैं इस महा-घोटाले के तार, देश भर में फैले नेटवर्कभौगोलिक और स्थानीय (Geographical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो पटना का 'पीएमसीएच' और इसके आसपास का इलाका हमेशा से बिहार के शिक्षा जगत का दिल माना जाता रहा है। लेकिन इस प्रतिष्ठित संस्थान का नाम इस तरह के गंभीर घोटाले में आने से राज्य की साख को बड़ा धक्का लगा है। जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क सिर्फ पटना तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार पड़ोसी राज्यों जैसे झारखंड, उत्तर प्रदेश और यहां तक कि दिल्ली-एनसीआर के कई परीक्षा केंद्रों से भी जुड़े हुए थे। स्थानीय पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां अब पटना के कई अन्य लॉज और हॉस्टलों में भी सर्च ऑपरेशन चला रही हैं ताकि इस छात्र के संपर्क में रहे अन्य संदिग्धों और सहयोगियों को भी समय रहते गिरफ्तार किया जा सके।आधुनिक एआई सर्च और नीट के भविष्य पर क्या होगा इस कड़े खुलासे का दूरगामी असरआधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स के लिहाज से 'NEET Exam Controversy' इस वक्त इंटरनेट पर सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाले विषयों में शीर्ष पर है। देश भर के लाखों छात्रों और अभिभावकों का भविष्य इस परीक्षा की पवित्रता से जुड़ा हुआ है। पीएमसीएच के छात्र से जुड़े इस सनसनीखेज खुलासे के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और शिक्षा मंत्रालय पर सुरक्षा मानकों को लेकर दबाव और ज्यादा बढ़ गया है। कोर्ट की सख्त निगरानी में चल रही इस जांच के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से फुलप्रूफ बनाने के लिए कड़े प्रशासनिक और डिजिटल सुधार किए जा सकते हैं, ताकि किसी भी होनहार छात्र के भविष्य के साथ ऐसा खिलवाड़ दोबारा न हो सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 3:29 pm

पानी संकट होगा खत्म! CM भजनलाल शर्मा का अचानक दिल्ली दौरा, यमुना जल समझौते पर होने जा रही है सबसे बड़ी निर्णायक बैठक

राजस्थान की सियासत और प्रदेश के सबसे बड़े जल संकट को दूर करने की दिशा में इस वक्त की एक बेहद बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक में शामिल होने के लिए देश की राजधानी दिल्ली के दौरे पर हैं। यह दौरा किसी सामान्य राजनीतिक मुलाकात के लिए नहीं, बल्कि दशकों पुरानी और मरुधरा के लिए जीवनदायिनी मानी जाने वाली 'यमुना जल परियोजना' (Yamuna Water Project Rajasthan) को धरातल पर उतारने के लिए आयोजित किया जा रहा है। एक वरिष्ठ राजनीतिक और प्रशासनिक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के तत्वावधान में होने जा रही यह बैठक पूरी तरह से निर्णायक साबित हो सकती है। इस बैठक के सफल होने से राजस्थान के कई सूखाग्रस्त जिलों, विशेषकर शेखावाटी क्षेत्र के प्यासे कंठों और खेतों तक यमुना का पानी पहुंचने का रास्ता हमेशा के लिए साफ हो जाएगा।दशकों पुराना यमुना जल विवाद और भजनलाल सरकार की कूटनीतिक जीत की बैकस्टोरीइस पूरे मामले की बैकस्टेज स्टोरी को अगर गहराई से समझें, तो राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के बीच यमुना नदी के पानी के बंटवारे को लेकर साल 1994 से ही विवाद और समझौते की फाइलें धूल फांक रही थीं। पूर्व की सरकारों के समय इच्छाशक्ति की कमी के कारण राजस्थान को अपने हक का पानी नहीं मिल पा रहा था। लेकिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सत्ता संभालते ही पड़ोसी राज्य हरियाणा के साथ कूटनीतिक स्तर पर बातचीत शुरू की और पिछले दिनों एक ऐतिहासिक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। अब इस पूरी योजना को अमलीजामा पहनाने, पाइपलाइन के रूट मैप को फाइनल करने और इसके लिए आवश्यक भारी-भरकम बजट के आवंटन को लेकर दिल्ली में यह महा-बैठक बुलाई गई है, जिसमें केंद्रीय मंत्रियों के साथ तीनों राज्यों के शीर्ष नौकरशाह भी शामिल हो रहे हैं।शेखावाटी के तीन जिलों सहित मरुधरा के इन बड़े इलाकों की पूरी तरह बदल जाएगी तकदीरभौगोलिक और स्थानीय (Geographical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह परियोजना राजस्थान के चूरू, झुंझुनूं और सीकर (शेखावाटी क्षेत्र) के साथ-साथ बियाबान माने जाने वाले कई अन्य इलाकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इन क्षेत्रों में भूजल स्तर खतरनाक रूप से नीचे जा चुका है और पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने के कारण स्थानीय आबादी गंभीर बीमारियों से जूझ रही है। यमुना जल परियोजना के तहत हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से पाइपलाइनों के जरिए शुद्ध पेयजल और सिंचाई का पानी सीधे राजस्थान के इन जिलों में लाया जाएगा। इस बैठक में पानी की मात्रा, वितरण प्रणाली और स्थानीय स्तर पर बनने वाले विशाल जल भंडारों (Water Reservoirs) के निर्माण को लेकर अंतिम मंजूरी दी जाएगी, जिससे आने वाले समय में यहां की खेती और पीने के पानी की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।हजारों करोड़ का बजट और आधुनिक अंडरग्राउंड पाइपलाइन तकनीक पर लगेगी अंतिम मुहरसचिवालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में हो रही इस निर्णायक बैठक में परियोजना की कुल अनुमानित लागत और उसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी (फंडिंग पैटर्न) पर सबसे महत्वपूर्ण चर्चा होगी। पारंपरिक खुली नहरों के बजाय इस बार पूरी परियोजना को 'अंडरग्राउंड कंक्रीट पाइपलाइन' (Underground Pipeline System) के जरिए पूरा करने का प्रस्ताव है। इस आधुनिक तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि रास्ते में पानी की चोरी और वाष्पीकरण (Evaporation) के कारण होने वाले नुकसान को शून्य किया जा सकेगा। इसके साथ ही जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) से जुड़े विवादों में भी भारी कमी आएगी। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम इस बैठक में मुख्यमंत्री के सामने अपना फाइनल प्रजेंटेशन देगी ताकि बिना किसी देरी के टेंडर प्रक्रिया की शुरुआत की जा सके।आधुनिक एआई सर्च और राजस्थान के चुनावी समीकरणों पर इस बैठक का दूरगामी असरआधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स के लिहाज से यह मुद्दा पूरे देश में शीर्ष पर बना हुआ है। 'पानी' राजस्थान की राजनीति का सबसे संवेदनशील और बड़ा चुनावी मुद्दा रहा है। भजनलाल शर्मा सरकार द्वारा यमुना जल परियोजना को हकीकत में बदलना आगामी स्थानीय निकाय और सांगठनिक चुनावों में बीजेपी के लिए एक बहुत बड़ा गेम चेंजर साबित हो सकता है। विपक्ष के पास लंबे समय से इस मुद्दे पर सरकार को घेरने का मौका था, लेकिन मुख्यमंत्री का यह त्वरित और आक्रामक रुख विरोधियों के राजनीतिक एजेंडे को पूरी तरह शांत कर देगा। अब पूरे राजस्थान की नजरें दिल्ली से आने वाले अंतिम फैसले पर टिकी हैं कि कब मरुधरा की प्यासी धरती पर यमुना मैया का आगमन होता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 3:27 pm

RPSC और RBSE से शुरू हुई बड़ी कवायद! अब राजस्थान के बोर्ड-आयोगों में मचेगी हलचल, जानें किसे मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी

राजस्थान की सियासत और सत्ता के गलियारों से इस वक्त की एक बेहद बड़ी और महत्वपूर्ण रणनीतिक खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने राज्य में लंबे समय से लंबित पड़ी राजनीतिक नियुक्तियों (Political Appointments in Rajasthan) का पिटारा खोलने की पूरी तैयारी कर ली है। इस महा-कवायद की शुरुआत राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) और राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) जैसी शीर्ष संस्थाओं में बड़े स्तर पर महत्वपूर्ण पदस्थापनों के साथ हो चुकी है। एक राजनीतिक विश्लेषक और वरिष्ठ रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह शुरुआती कदम इस बात का साफ संकेत है कि आने वाले दिनों में राज्य के विभिन्न बोर्डों, निगमों और आयोगों में राजनीतिक कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपने का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। सचिवालय से लेकर राजनीतिक हलकों तक इस वक्त केवल इसी बात की चर्चाएं तेज हैं।आरपीएससी और आरबीएसई से हुई शुरुआत: प्रशासनिक सुधार और साख बचाने की बड़ी चुनौतीइस पूरी कवायद के बैकस्टेज समीकरणों को समझें तो भजनलाल सरकार ने सबसे पहले राज्य की दो सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील संस्थाओं को चुना है। पिछले कुछ समय में पेपर लीक और विभिन्न प्रशासनिक विवादों के कारण आरपीएससी की साख पर जो सवाल उठे थे, उन्हें सुधारना सरकार की सबसे शीर्ष प्राथमिकता है। आरपीएससी और अजमेर स्थित माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) में योग्य और विश्वसनीय चेहरों की ताजपोशी कर सरकार ने यह साफ संदेश दे दिया है कि वे पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ रहे हैं। इन प्रमुख पदों पर नियुक्तियों के बाद अब प्रशासनिक मशीनरी में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है, जो युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए भी बेहद अहम है।बोर्ड और आयोगों में नियुक्तियों की बारी: कार्यकर्ताओं का इंतजार होगा खत्म, रेस में कई बड़े नामआरपीएससी और आरबीएसई का काम पूरा होने के बाद अब बीजेपी के कर्मठ कार्यकर्ताओं, जिला अध्यक्षों और चुनाव के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ नेताओं का लंबा इंतजार खत्म होने जा रहा है। सूत्रों से मिली पक्की जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO Jaipur) ने विभिन्न बोर्डों और आयोगों (जैसे महिला आयोग, एससी-एसटी आयोग, अल्पसंख्यक आयोग, आवासन मंडल, और बीज निगम) के लिए संभावित उम्मीदवारों की एक शॉर्टलिस्ट तैयार कर ली है। इस सूची को अंतिम मंजूरी के लिए दिल्ली स्थित केंद्रीय संगठन के पास भी भेजा गया है। माना जा रहा है कि पार्टी के प्रति वफादार रहे उन दिग्गज चेहरों को प्राथमिकता दी जाएगी जो पिछले चुनाव में टिकट से वंचित रह गए थे, ताकि आगामी सांगठनिक समीकरणों को पूरी तरह से साधा जा सके।क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने की बड़ी सोशल इंजीनियरिंग: हर वर्ग को साधने का प्रयासभौगोलिक और स्थानीय (Geographical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो राजस्थान में किसी भी राजनीतिक नियुक्ति में सोशल इंजीनियरिंग और जातीय समीकरण सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं। भजनलाल सरकार इस बात को लेकर बेहद गंभीर है कि मारवाड़, मेवाड़, ढूंढाड़, हाड़ौती और शेखावाटी जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों को इन नियुक्तियों में उचित प्रतिनिधित्व मिले। इसके साथ ही, जाट, राजपूत, ब्राह्मण, गुर्जर, दलित और आदिवासी समुदायों के बीच एक सटीक सामाजिक और राजनीतिक संतुलन बनाने की पुरजोर कोशिश की जा रही है। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा और बीकानेर जैसे बड़े संभागों के स्थानीय नेताओं को विशेष तवज्जो देकर जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ को और अधिक मजबूत करने की यह एक सोची-समझी कूटनीति है।आधुनिक एआई सर्च और आगामी चुनाव समीकरणों के लिहाज से क्यों महत्वपूर्ण है यह कदमआधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और डिजिटल मीडिया के बदलते पैटर्न्स के लिहाज से यह राजनीतिक हलचल इंटरनेट पर सबसे ज्यादा सर्च की जाने वाली खबरों में शामिल हो गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के इस बड़े कदम को आगामी स्थानीय निकाय और अन्य सांगठनिक चुनावों की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बोर्ड और आयोगों में नियुक्तियों के जरिए सरकार न केवल अपने कार्यकर्ताओं का मनोबल सातवें आसमान पर पहुंचाएगी, बल्कि विपक्ष के उस घेराव का भी कड़ा जवाब देगी जिसमें नियुक्तियों में देरी को लेकर सरकार पर सवाल उठाए जा रहे थे। अब देखना यह होगा कि कैबिनेट की अगली अनौपचारिक बैठक के बाद सूबे की इस नई सूची से किन-किन भाग्यशाली चेहरों के नाम सामने आते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 3:26 pm

राजस्थान में UCC पर भजनलाल सरकार का सबसे बड़ा कदम! लिव-इन के कड़े नियम से लेकर महिलाओं के हक तक, जानिए क्या होगा नया

देश के सबसे बड़े राज्य राजस्थान से इस वक्त की एक बेहद बड़ी, नीतिगत और दूरगामी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने राज्य में यूनीफॉर्म सिविल कोड (Uniform Civil Code) यानी समान नागरिक संहिता को लागू करने की दिशा में अपने कदम बहुत तेजी से आगे बढ़ा दिए हैं। राजस्थान सरकार ने मरुधरा की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधताओं को ध्यान में रखते हुए यूसीसी का एक बेहद मजबूत और आधुनिक ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस नए कानून के आने के बाद विवाह, तलाक, गोद लेने की प्रक्रिया और पैतृक संपत्ति के बंटवारे जैसे संवेदनशील मामलों में सभी धर्मों के लिए एक समान कानून लागू हो जाएगा। एक वरिष्ठ राजनीतिक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो भजनलाल सरकार का यह फैसला उत्तराखंड के बाद देश में यूसीसी लागू करने वाला दूसरा बड़ा मील का पत्थर साबित होने जा रहा है, जिसने पूरे राज्य के प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में एक नई बहस छेड़ दी है।लिव-इन रिलेशनशिप का होगा कड़ा सरकारी रजिस्ट्रेशन: नियम तोड़ा तो मिलेगी सीधी जेलभजनलाल सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे यूसीसी ड्राफ्ट का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला पहलू 'लिव-इन रिलेशनशिप' (Live-in Relationship Rules) को लेकर आ रहा है। नए प्रावधानों के तहत अब राजस्थान में रहने वाले किसी भी लिव-इन कपल के लिए स्थानीय प्रशासन या संबंधित पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया जाएगा। यदि कोई जोड़ा बिना रजिस्ट्रेशन के एक साथ रहता हुआ पाया जाता है, तो उसे कानूनी रूप से अवैध माना जाएगा और इसके लिए भारी जुर्माने के साथ-साथ जेल की सजा का भी कड़ा प्रावधान किया जा रहा है। इसके अलावा, यदि लिव-इन रिलेशनशिप के दौरान किसी बच्चे का जन्म होता है, तो उसे माता-पिता की संपत्ति में पूरी तरह से वैध उत्तराधिकारी माना जाएगा, जिससे महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा को एक नया और मजबूत कानूनी आधार मिलेगा।महिलाओं के अधिकारों में होगी ऐतिहासिक क्रांति: पैतृक संपत्ति और गोद लेने पर समान हकराजस्थान यूसीसी बिल में आधी आबादी यानी महिलाओं के अधिकारों (Women Rights in UCC) को सबसे शीर्ष प्राथमिकता दी गई है। अब तक विभिन्न पर्सनल लॉ के कारण महिलाओं को संपत्ति और गोद लेने के मामलों में पुरुषों के मुकाबले कम अधिकार मिलते थे, लेकिन नया कानून इस असमानता को जड़ से खत्म कर देगा। चाहे शादीशुदा बेटी हो या अविवाहित, उसे अपने पिता की पैतृक संपत्ति में बेटों के बिल्कुल बराबर का कानूनी अधिकार मिलेगा। इसके साथ ही, तलाक की स्थिति में महिलाओं को मिलने वाले भरण-पोषण (Alimony) की प्रक्रिया को बेहद सरल और सख्त बनाया जा रहा है ताकि कोई भी पुरुष कानूनी पेचीदगियों का फायदा उठाकर बच न सके। सभी धर्मों की महिलाओं को बच्चा गोद लेने और अपनी इच्छा से विवाह करने की पूरी स्वतंत्रता यह कानून सुनिश्चित करेगा।बाल विवाह और बहुविवाह पर लगेगी पूरी तरह रोक: मरुधरा से खत्म होगी ये कुप्रथाभौगोलिक और स्थानीय (Geographical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो राजस्थान के कुछ सुदूर ग्रामीण इलाकों में आज भी आखा तीज जैसे त्योहारों पर बाल विवाह (Child Marriage) की खबरें प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनी रहती हैं। भजनलाल सरकार का यह नया यूसीसी कानून बाल विवाह की इस सामाजिक कुप्रथा पर हमेशा के लिए पूरी तरह से पूर्णविराम लगा देगा। इसके साथ ही, किसी भी धर्म के पुरुष को पहली पत्नी के रहते हुए दूसरी शादी करने यानी बहुविवाह (Polygamy) पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। विवाह की न्यूनतम आयु को सभी वर्गों के लिए कड़ाई से लागू किया जाएगा और हर शादी का सरकारी रजिस्ट्रेशन कराना कानूनी रूप से अनिवार्य होगा, जिससे भविष्य में होने वाले पारिवारिक और कानूनी विवादों में भारी कमी आएगी।आदिवासी समाज की सांस्कृतिक अनूठता का रखा जाएगा विशेष ध्यान: ड्राफ्ट में बड़ी छूट संभवराजस्थान में एक बहुत बड़ी आबादी अनुसूचित जनजाति (मीणा, भील, गरासिया आदि) की है, जिनकी अपनी एक बेहद समृद्ध, प्राचीन और अनूठी सांस्कृतिक परंपरा व रीति-रिवाज हैं। आधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और सामाजिक समीकरणों के लिहाज से यह मुद्दा सबसे संवेदनशील है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, भजनलाल सरकार इस बात को लेकर बेहद सतर्क है कि यूसीसी के कारण आदिवासियों के पारंपरिक अधिकारों और उनकी सांस्कृतिक पहचान को कोई ठेस न पहुंचे। इसी वजह से उत्तराखंड की तर्ज पर राजस्थान के इस ड्राफ्ट में भी आदिवासी समाज को कुछ विशेष मामलों में बड़ी छूट दी जा सकती है। सरकार की समिति इस विषय पर विभिन्न जनजातीय संगठनों और खाप पंचायतों से लगातार संवाद कर रही है ताकि एक सर्वमान्य और प्रगतिशील कानून मरुधरा की धरती पर लागू किया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 3:24 pm

डॉ. श्याम प्रसाद मुखर्जी पुण्यतिथि, जानें 5 अनसुने तथ्य

Dr. Syama Prasad Mukherjee: 23 जून को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि मनाई जाती है। वे स्वतंत्र भारत के प्रमुख राजनेता, शिक्षाविद और भारतीय जनसंघ के संस्थापक थे। उनका जीवन राष्ट्रवाद, शिक्षा और राजनीतिक संघर्षों से जुड़ा रहा। आइए जानते हैं ...

वेब दुनिया 23 Jun 2026 3:08 pm

कृत्रिम बारिश से दूरी, असली मानसून में शूट हो रही है ‘तुम्बाड 2’

मुंबई। वर्ष 2018 की चर्चित हॉरर फिल्म ‘तुम्बाड’ की तरह उसके सीक्वल ‘तुम्बाड 2’ में भी बारिश और प्रकृति कहानी का अहम हिस्सा बनने जा रही है। सूत्रों के अनुसार फिल्म की टीम कृत्रिम बारिश के बजाय वास्तविक मानसून में शूटिंग के लिए महाराष्ट्र के विभिन्न इलाकों में भारी वर्षा वाले स्थानों की तलाश कर […] The post कृत्रिम बारिश से दूरी, असली मानसून में शूट हो रही है ‘तुम्बाड 2’ appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jun 2026 3:07 pm

Uttarakhand: अर्द्धकुंभ 2027 के लिए सीएम धामी का बड़ा मास्टरप्लान, 156 करोड़ से बदलेगी ऋषिकेश त्रिवेणी घाट की सूरत

Uttarakhand Ardh Kumbh 2027: उत्तराखंड में साल 2027 में आयोजित होने वाले अर्द्धकुंभ को ऐतिहासिक, भव्य और दिव्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने एक बड़ा मास्टरप्लान तैयार किया है। इस महाआयोजन के मद्देनजर देवभूमि आने वाले ...

वेब दुनिया 23 Jun 2026 3:06 pm

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए आवेदन आमंत्रित

नई दिल्ली। सरकार ने देश के सर्वोच्च राष्ट्रीय बाल सम्मान प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 के लिए नामांकन आमंत्रित किए हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि देश का यह प्रतिष्ठित सम्मान 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के उन बच्चों को दिया जाता है जिन्होंने बहादुरी, समाज सेवा, पर्यावरण, खेल, कला […] The post प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए आवेदन आमंत्रित appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jun 2026 2:59 pm

सीबीआई ने 7,623 करोड़ रुपए के बैंक घोटाले में अनिल अंबानी ग्रुप की दो कंपनियों के पूर्व सीईओ को किया गिरफ्तार

सीबीआई ने अनिल अंबानी के रिलायंस एडीए ग्रुप से जुड़े मामलों की चल रही जांच के सिलसिले में रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) के पूर्व डायरेक्टर और सीईओ देवांग मोदी और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) के पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीईओ रवींद्र सुधालकर को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी केंद्रीय जांच एजेंसी की ओर से सोमवार को दी गई।

देशबन्धु 23 Jun 2026 2:57 pm

काम की भूखी हीरोइन'… राज निदिमोरु ने नहीं देखी थीं सामंथा की शुरुआती फिल्में, एक्ट्रेस के स्टारडम पर किया ये बड़ा कमेंट

साउथ से लेकर बॉलीवुड तक अपनी बेहतरीन अदाकारी का लोहा मनवाने वाली सुपरस्टार सामंथा रुथ प्रभु (Samantha Ruth Prabhu) आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जब उन्हें ओटीटी की दुनिया के सबसे ब्लॉकबस्टर शो 'द फैमिली मैन 2' (The Family Man 2) के लिए चुना गया था, तब इसके मेकर्स उनकी शुरुआती ब्लॉकबस्टर फिल्मों से पूरी तरह अनजान थे? जी हां, सीरीज के मशहूर निर्देशक राज निदिमोरु (Raj Nidimoru) ने हाल ही में सामंथा के स्टारडम और उनके काम करने के तरीके को लेकर एक बेहद ही दिलचस्प और हैरान करने वाला खुलासा किया है। राज ने एक्ट्रेस को 'काम की भूखी' बताते हुए कुछ ऐसी बातें कही हैं, जिसकी चर्चा अब सिनेमाई गलियारों में तेजी से हो रही है।बिना पुरानी फिल्में देखे कैसे मिली 'राजी' की चुनौतीपूर्ण भूमिकाएक वरिष्ठ एंटरटेनमेंट रिपोर्टर के नजरिए से अगर हम इस इनसाइड स्टोरी को समझें, तो राज निदिमोरु और कृष्णा डीके (Raj & DK) जब 'द फैमिली मैन' के दूसरे सीजन के लिए मुख्य विलेन 'राजी' के किरदार की तलाश कर रहे थे, तब उन्हें एक ऐसी एक्ट्रेस की जरूरत थी जो बेहद इंटेंस और स्क्रीन पर पावरफुल नजर आए। राज निदिमोरु ने हालिया इंटरव्यू में स्वीकार किया कि उन्होंने सामंथा की साउथ की शुरुआती रोमांटिक या कमर्शियल फिल्में नहीं देखी थीं। वे उनके किसी बड़े स्टारडम से प्रभावित होकर उनके पास नहीं गए थे, बल्कि जब वे सामंथा से मिले, तो उनके भीतर अभिनय को लेकर जो जूनून और सादगी दिखी, उसने मेकर्स का दिल जीत लिया और उन्हें तुरंत इस रोल के लिए फाइनल कर लिया गया।स्टारडम को पीछे छोड़ जब सामंथा ने चुनी बेहद मुश्किल राहसाउथ सिनेमा में सामंथा एक टॉप लीडिंग लेडी के तौर पर स्थापित थीं, जहां उनका ग्लैमर्स अंदाज फैंस के सिर चढ़कर बोलता था। लेकिन राज एंड डीके के इस प्रोजेक्ट के लिए उन्होंने अपने इस बड़े स्टारडम को एक तरफ रख दिया। 'राजी' के किरदार के लिए उन्हें बिना मेकअप के, मिट्टी और पसीने से सने लुक में स्क्रीन पर आना था, जो किसी भी स्थापित कमर्शियल एक्ट्रेस के लिए एक बहुत बड़ा रिस्क हो सकता था। राज निदिमोरु ने एक्ट्रेस की तारीफ करते हुए कहा कि सामंथा एक ऐसी आर्टिस्ट हैं जो सेट पर अपनी स्टार इमेज को पूरी तरह भूल जाती हैं। वे सिर्फ और सिर्फ एक बेहतरीन परफॉर्मेंस देने की भूखी रहती हैं, और यही बात उन्हें बाकी कलाकारों से बिल्कुल अलग और खास बनाती है।'द फैमिली मैन 2' और 'सिटाडेल' के बाद बदला करियर का ग्राफ'द फैमिली मैन 2' में सामंथा के अभिनय ने न सिर्फ दर्शकों को हैरान किया, बल्कि उन्हें पैन-इंडिया लेवल पर एक नई पहचान दी। इस सीरीज की सफलता के बाद राज एंड डीके ने एक बार फिर सामंथा पर भरोसा जताया और उन्हें अपने अगले बड़े इंटरनेशनल स्पाई थ्रिलर प्रोजेक्ट 'सिटाडेल: हनी बनी' (Citadel: Honey Bunny) में वरुण धवन के साथ कास्ट किया। मेकर्स का मानना है कि सामंथा की यह खूबी कि वह हमेशा कुछ नया और चुनौतीपूर्ण करने के लिए तैयार रहती हैं, उन्हें निर्देशकों की पहली पसंद बनाती है। इस बड़े कमेंट के बाद सामंथा के फैंस सोशल मीडिया पर लगातार राज निदिमोरु के बयान की सराहना कर रहे हैं और एक्ट्रेस की मेहनत को सलाम कर रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 2:36 pm

यूपी के 60 जिलों में 955 केंद्रों पर होगी शिक्षक पात्रता परीक्षा, जानिए कब आएगा एडमिट कार्ड और क्या है पूरा शेड्यूल

उत्तर प्रदेश में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों बेरोजगार युवाओं के लिए एक बेहद बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी (PNP) ने यूपी शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET 2026) के आयोजन को लेकर अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इस बार सूबे के 60 संवेदनशील और प्रमुख जिलों में कुल 955 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां कड़े सुरक्षा घेरे के बीच इस महा-परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। आधिकारिक घोषणा के साथ ही अब अभ्यर्थियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह तैर रहा है कि परीक्षा का एडमिट कार्ड किस दिन आधिकारिक वेबसाइट पर लाइव होगा। आइए इस विशेष रिपोर्ट में जानते हैं परीक्षा की तारीखों से लेकर एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की पूरी टाइमलाइन और इस बार के नए कड़े नियम।दो पालियों में आयोजित होगी परीक्षा और इतनी बड़ी संख्या में बैठेंगे अभ्यर्थीप्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बार यूपीटीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए रिकॉर्ड तोड़ आवेदन आए हैं। परीक्षा को पूरी तरह शुचितापूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए इसे दो अलग-अलग पालियों (Shifts) में आयोजित करने का फैसला लिया गया है। पहली पाली में प्राथमिक स्तर (Primary Level Class 1-5) के लिए अभ्यर्थी बैठेंगे, जबकि दूसरी पाली में उच्च प्राथमिक स्तर (Upper Primary Level Class 6-8) के लिए परीक्षा का आयोजन होगा। 60 जिलों के जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस कप्तानों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था का खुद जायजा लें, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना या अव्यवस्था को रोका जा सके।इस तारीख को जारी होगा एडमिट कार्ड, ऐसे कर पाएंगे ऑनलाइन डाउनलोडयूपीटीईटी परीक्षा के प्रवेश पत्र (Admit Card) का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए राहत की खबर यह है कि परीक्षा नियामक प्राधिकारी विभाग परीक्षा से ठीक एक सप्ताह पहले आधिकारिक वेबसाइट पर डाउनलोडिंग लिंक एक्टिवेट कर देगा। अभ्यर्थी अपने रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि (Date of Birth) का उपयोग करके सीधे अपना हॉल टिकट डाउनलोड कर सकेंगे। विभाग ने साफ कर दिया है कि किसी भी परीक्षार्थी को डाक या अन्य माध्यम से ऑफलाइन एडमिट कार्ड नहीं भेजा जाएगा। एडमिट कार्ड पर अभ्यर्थी का रोल नंबर, परीक्षा केंद्र का सटीक पता, रिपोर्टिंग टाइम और परीक्षा के दौरान पालन किए जाने वाले कड़े दिशा-निर्देश दर्ज होंगे, जिन्हें ध्यान से पढ़ना बेहद जरूरी है।सॉल्वर गैंग और पेपर लीक रोकने के लिए बनाए गए अभेद्य सुरक्षा नियमउत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख को देखते हुए इस बार यूपीटीईटी परीक्षा के लिए सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किए जा रहे हैं जिन्हें भेद पाना नामुमकिन होगा। सभी 955 केंद्रों पर लाइव सीसीटीवी (CCTV) मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है, जिसका सीधा कनेक्शन लखनऊ के राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से होगा। परीक्षा हॉल के भीतर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, ब्लूटूथ डिवाइस या स्मार्टवॉच ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा, केंद्रों के मुख्य द्वारों पर बायोमेट्रिक अटेंडेंस और फेशियल रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाली तकनीक) के जरिए सघन चेकिंग की जाएगी ताकि किसी भी डमी कैंडिडेट या सॉल्वर को एंट्री न मिल सके। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नए सख्त कानून के तहत रासुका (NSA) और भारी जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 2:34 pm

CBSE 12वीं के री-इवैल्यूएशन ने पलट दिया पूरा खेल, अब आर्ट्स-कॉमर्स और साइंस के सभी टॉपर्स झारखंड से

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 12वीं के री-इवैल्यूएशन यानी कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन के नतीजों ने इस बार देश के पूरे शिक्षा जगत को हैरान कर दिया है। स्क्रूटनी और दोबारा जांच के बाद जो नए आंकड़े सामने आए हैं, उसने टॉपर्स की पुरानी लिस्ट को पूरी तरह से पलट कर रख दिया है। इस उलटफेर के बाद अब इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि सीबीएसई 12वीं के तीनों प्रमुख संकायों—आर्ट्स (मानविकी), कॉमर्स (वाणिज्य) और साइंस (विज्ञान) के नेशनल टॉपर्स एक ही राज्य से निकलकर सामने आए हैं, और वह राज्य कोई और नहीं बल्कि झारखंड है। झारखंड के होनहारों ने री-इवैल्यूएशन के बाद नंबरों की ऐसी छलांग लगाई है कि दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े शहरों के दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए देश की मेरिट लिस्ट में टॉप पर अपना कब्जा जमा लिया है।पुनर्मूल्यांकन में बढ़े नंबर और रातों-रात बदल गई देश की मेरिट लिस्टसीबीएसई की मुख्य परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद कई मेधावी छात्र अपने मिले हुए नंबरों से संतुष्ट नहीं थे, जिसके बाद झारखंड के कई स्कूलों के विद्यार्थियों ने बोर्ड के नियमानुसार री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया था। कॉपियों की दोबारा बारीकी से हुई जांच और टोटलिंग की गलतियों को सुधारे जाने के बाद छात्रों के स्कोर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई। कुछ छात्रों के तो ३ से लेकर ५ नंबर तक बढ़ गए, जिसने नेशनल लेवल पर पूरा गणित ही बदल दिया। इस नंबर गेम के बाद मुख्य परीक्षा के दौरान टॉप टेन की रेस से बाहर या थोड़े पीछे रहे झारखंड के छात्र अब सीधे नंबर वन की कुर्सी पर जा बैठे हैं, जिससे राज्य के शिक्षण संस्थानों और परिवारों में जश्न का माहौल है।आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस में झारखंड के सूरमाओं का जलवाइस बार के नतीजों की सबसे खास बात यह रही कि किसी एक स्ट्रीम में नहीं, बल्कि तीनों संकायों में झारखंड का परचम लहराया है। साइंस स्ट्रीम में जहां रांची और बोकारो के छात्रों ने फिजिक्स और केमिस्ट्री जैसे कड़े विषयों में री-इवैल्यूएशन के बाद पूरे अंक हासिल किए हैं, वहीं कॉमर्स में जमशेदपुर और धनबाद के होनहारों ने अकाउंटेंसी और इकोनॉमिक्स में बाजी मारी है। आर्ट्स की बात करें तो इतिहास और राजनीति विज्ञान में बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर हजारीबाग और रांची की छात्राओं ने देश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। यह अनूठा संयोग है कि किसी एक ही राज्य के छात्रों ने एक साथ तीनों स्ट्रीम में देशव्यापी प्रथम स्थान हासिल कर शिक्षा के क्षेत्र में झारखंड का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा दिया है।बोर्ड की कॉपियों की चेकिंग पर उठे सवाल या छात्रों की असली मेहनतइस अभूतपूर्व परिणाम के बाद जहां एक तरफ झारखंड के लिए यह बेहद गौरव का क्षण है, वहीं दूसरी तरफ सीबीएसई बोर्ड की शुरुआती कॉपी चेकिंग की प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। शिक्षाविदों और अभिभावकों का कहना है कि अगर री-इवैल्यूएशन में इतने बड़े पैमाने पर नंबरों का अंतर आ रहा है, तो इसका मतलब है कि पहली बार में कॉपियों को ठीक से नहीं जांचा गया था। अगर ये छात्र दोबारा जांच के लिए आवेदन नहीं करते, तो उनकी असली प्रतिभा और देश के टॉपर्स बनने का सपना सिस्टम की लापरवाही के कारण हमेशा के लिए दफन हो जाता। हालांकि, इन सब विवादों के बीच झारखंड के इन नए टॉपर्स की कड़ी मेहनत और उनकी इस ऐतिहासिक सफलता की गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 2:32 pm

बैतूल में अंधविश्वास के चलते 15 वर्षीय किशोर की हत्या, आरोपी अरेस्ट

बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में अंधविश्वास की एक दर्दनाक घटना में जादू-टोने के संदेह में एक 15 वर्षीय किशोर की हत्या कर उसका शव खाई में फेंक दिया गया। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मुलताई थाना क्षेत्र के ताईखेड़ा निवासी सुदामा इवनाते […] The post बैतूल में अंधविश्वास के चलते 15 वर्षीय किशोर की हत्या, आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jun 2026 2:25 pm

गाजियाबाद में ट्रैफिक जाम का परमानेंट इलाज: ₹90.91 करोड़ से बनेगा नया आउटर रिंग रोड; एलिवेटेड रोड पर शुरू हुआ 'रामसेतु द्वार' का काम

दिल्ली-एनसीआर, खासकर गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन के निवासियों और इस रूट से गुजरने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए एक बहुत ही शानदार और राहत भरी खबर है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) पूरे क्षेत्र को ट्रैफिक जाम से हमेशा के लिए मुक्त करने की एक मेगा योजना पर काम कर रहा है। जीडीए अगले महीने से 45 मीटर चौड़े आउटर रिंग रोड का निर्माण कार्य धरातल पर शुरू कराने की तैयारी में है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू कर दी गई है। करीब 90.91 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार होने वाले इस आउटर रिंग रोड के बनने से दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के बीच का सफर बेहद आसान और रफ्तार वाला हो जाएगा।2 लाख की आबादी को मिलेगी रोज-रोज के नरकीय जाम से मुक्तिमौजूदा समय में राजनगर एक्सटेंशन के भीतर 60 से ज्यादा बड़ी आवासीय सोसाइटियां हैं, जिनमें 2 लाख से भी अधिक लोग निवास करते हैं। इस पूरे वीआईपी क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या यह है कि यहां अभी आने-जाने के लिए केवल एक ही मुख्य मार्ग है, जो जीटी रोड होते हुए एलिवेटेड रोड के जरिए दिल्ली-मेरठ रोड को आपस में जोड़ता है। इस इकलौते रास्ते पर गाड़ियों का सबसे ज्यादा दबाव रहता है क्योंकि गाजियाबाद, मुरादनगर और मोदीनगर से हिंडन एयरफोर्स स्टेशन या एलिवेटेड रोड के रास्ते दिल्ली-नोएडा आने-जाने वाले सारे वाहन इसी संकरे मार्ग से गुजरते हैं। इसके चलते सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में यहां कई किलोमीटर लंबा भीषण जाम लग जाता है। इसी सिरदर्द को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए जीडीए ने इस नए बाईपास विकल्प पर काम तेज किया है।5.8 किमी लंबा होगा आउटर रिंग रोड, जगमगाएंगी ₹15 करोड़ की लाइट्सजीडीए के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, यह नया आउटर रिंग रोड करीब 5.8 किलोमीटर लंबा और बेहद आधुनिक होगा। इसके पूरी तरह चालू होने के बाद गाड़ियां सिटी फॉरेस्ट के पास से बिना किसी चौराहे या बाधा के सीधे एनपीआर (नॉर्न पेरिफेरल रोड) की तरफ फर्राटा भर सकेंगी। इस आउटर रिंग रोड पर मुख्य हाईवे के साथ-साथ दोनों तरफ चौड़ी सर्विस लेन भी बनाई जाएगी। इसके अलावा मजबूत डिवाइडर और जलभराव को रोकने के लिए अत्याधुनिक सीवर सिस्टम का निर्माण होगा। रात के समय सड़क को खूबसूरत और सुरक्षित बनाने के लिहाज से यहां 15 करोड़ रुपये का अलग से बजट पास कर फैंसी और आधुनिक स्ट्रीट लाइट्स लगाई जाएंगी।हरनंदीपुरम, एयरोसिटी और इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम को मिलेगा डायरेक्ट कनेक्शनइस नए आउटर रिंग रोड का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक फायदा जीडीए की आने वाली बड़ी और महत्वाकांक्षी टाउनशिप योजनाओं को मिलने वाला है। यह रूट सीधे तौर पर हरनंदीपुरम और एयरोसिटी टाउनशिप के साथ-साथ गाजियाबाद में प्रस्तावित इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम को भी आपस में जोड़ेगा। इन सभी बड़े प्रोजेक्ट्स की बाउंड्री से गुजरता हुआ यह रोड सीधे एनपीआर में जाकर मिल जाएगा। इसका नतीजा यह होगा कि दिल्ली से मुरादनगर और मोदीनगर की तरफ जाने वाले भारी या हल्के वाहन मुख्य शहर के आंतरिक जाम में फंसे बिना, सीधे इसी बाईपास रूट का इस्तेमाल कर दिल्ली-मेरठ रोड पर आ-जा सकेंगे।जीडीए के उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने बताया कि राजनगर एक्सटेंशन में आउटर रिंग रोड के प्रोजेक्ट को प्राथमिकता पर रखकर इसकी प्रशासनिक प्रक्रिया को तेज किया गया है। इसके लिए टेंडर निकाल दिया गया है। जैसे ही एजेंसी फाइनल होकर टेंडर की कानूनी प्रक्रिया पूरी होगी, मौके पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।एलिवेटेड रोड पर 'रामसेतु द्वार' का निर्माण शुरूआउटर रिंग रोड के इस बड़े प्रोजेक्ट के साथ ही गाजियाबाद की लाइफलाइन और पहचान बन चुकी एलिवेटेड रोड को लेकर भी एक बड़ा और खूबसूरत अपडेट सामने आया है। अब ‘रामसेतु’ के नाम से मशहूर हो चुकी इस एलिवेटेड रोड की शुरुआत में गाजियाबाद नगर निगम ने एक भव्य ‘रामसेतु द्वार’ (स्वागत गेट) बनाने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है।नगर निगम ने एनएच-9 (NH-9) के पास जहां से यह एलिवेटेड रोड शुरू होती है, वहां गेट का मजबूत लोहे और कंक्रीट का ढांचा (स्ट्रक्चर) खड़ा कर दिया है। निगम के निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर एन.के. चौधरी ने बताया कि इस आकर्षक गेट को बनाने का काम अगले दो से तीन महीनों के भीतर पूरी तरह से संपन्न कर लिया जाएगा। बता दें कि जीडीए द्वारा बनाई गई यह एलिवेटेड रोड अब पूरी तरह से नगर निगम को देखरेख के लिए ट्रांसफर की जा चुकी है, जिसके बाद निगम इसकी स्पेशल मरम्मत, ब्यूटीफिकेशन, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था को और बेहतर करने में जुटा हुआ है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 2:25 pm

आंध्र प्रदेश के परवाड़ा फार्मा सिटी के तेल संयंत्र में आग लगने से दो श्रमिकों की मौत

विशाखापत्तनम। आंध्र प्रदेश के अनकापल्ली जिले के परवाड़ा फार्मा सिटी स्थित दक्षिण एनर्जी के प्लास्टिक पाइरोलिसिस तेल संयंत्र में भीषण आग लगने से दो श्रमिकों की जलकर मौत हो गई है। मृतकों की पहचान वेपदा वेंकटेश और त्रिनाथ के रूप में हुई है। दोनों लगभग 26 वर्ष के थे और अचुतापुरम के रहने वाले थे। […] The post आंध्र प्रदेश के परवाड़ा फार्मा सिटी के तेल संयंत्र में आग लगने से दो श्रमिकों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jun 2026 2:16 pm

भारत में 'वॉटर क्राइसिस' पर वैश्विक एजेंसी मूडीज की बड़ी चेतावनी, दिल्ली-मुंबई में हाहाकार; जानें क्यों खाली हो रहे जल स्रोत

वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज रेटिंग्स (Moody's Ratings) ने भारत में तेजी से गहराते जल संकट को लेकर एक बेहद गंभीर और डराने वाली चेतावनी जारी की है। मूडीज ने भारत की मौजूदा जल प्रबंधन व्यवस्था को बेहद बिखरा हुआ और कम लचीलापन वाला बताया है। वैश्विक एजेंसी का कहना है कि भारत में अलग-अलग सेक्टरों (कृषि, घरेलू और उद्योग) के बीच पानी के सही बंटवारे की प्रक्रिया बहुत धीमी है, जो इस संकट को और तेजी से न्योता दे रही है। इसके अलावा, चुनिंदा क्षेत्रों में पानी और बिजली पर दी जाने वाली भारी सब्सिडी सरकारी खजाने (राजकोष) पर वित्तीय दबाव को लगातार बढ़ा रही है।रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में उपलब्ध कुल मीठे पानी का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा अकेले कृषि क्षेत्र (Agriculture Sector) में इस्तेमाल हो जाता है। चूंकि भारत का जल प्रबंधन संघीय ढांचे के तहत आता है, इसलिए सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और स्थानीय जल संसाधनों की जिम्मेदारी मुख्य रूप से राज्य सरकारों के अधीन है। हर राज्य की अपनी अलग जल नीति होने के कारण पूरे देश में जल संसाधनों का कोई एक समान और प्रभावी संतुलन नहीं बन पा रहा है।आखिर भारत में क्यों खड़े हो रहे हैं जल संकट के ये 3 बड़े कारणमूडीज रेटिंग्स और जमीनी आंकड़ों के विश्लेषण से भारत में पानी की किल्लत के तीन सबसे बड़े कारण सामने आए हैं:वितरण व्यवस्था और नीतियों में भारी खामी: विभिन्न राज्यों की अलग-अलग प्राथमिकताएं जल संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल को रोकती हैं। जिन क्षेत्रों में पानी की मांग ज्यादा और उपलब्धता कम है, वहां हालात बदतर हो रहे हैं। कृषि से लेकर घरेलू उपयोग के बीच पानी का पुनर्वितरण बेहद सुस्त है।डिजिटल इकोनॉमी और एआई (AI) उद्योगों का बढ़ता दबाव: भारत में डिजिटल अर्थव्यवस्था का विस्तार बहुत तेजी से हो रहा है। देश में बड़े-बड़े डेटा सेंटर्स, क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित उद्योग खड़े हो रहे हैं। इन हाई-टेक सेंटर्स के सर्वर्स को ठंडा रखने (कूलिंग प्रोसेस) के लिए रोजाना लाखों-करोड़ों लीटर मीठे पानी की जरूरत होती है, जिससे सीमित जल स्रोतों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।जलवायु परिवर्तन और भूजल का अंधाधुंध दोहन: भीषण सूखा, अचानक आने वाली बाढ़, अनियमित मानसून, पाइपलाइन नेटवर्क की बर्बादी और जमीन के नीचे से (Groundwater) अत्यधिक पानी खींचना इस संकट को सीधे तौर पर बुलावा दे रहा है। देश के कई राज्यों में भूजल का स्तर डार्क जोन में पहुंच चुका है।देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में सिर्फ एक महीने का पानी बचाजल संकट का सबसे खौफनाक और सीधा असर देश के सबसे बड़े महानगरों पर दिखने लगा है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई इस समय पानी की बूंद-बूंद को तरसने की कगार पर है। मुंबई महानगर को पानी सप्लाई करने वाली सात प्रमुख झीलों— तानसा, विहार, तुलसी, भातसा, ऊपरी वैतरणा, मोदक सागर और मध्य वैतरणा का संयुक्त जल भंडार घटकर महज 9.33 प्रतिशत रह गया है। पिछले साल इसी समय इन जलाशयों में 12.27 प्रतिशत पानी था। बीएमसी (BMC) के मुताबिक, झीलों में अब मुंबई की प्यास बुझाने के लिए केवल एक महीने का ही स्टॉक बचा है, जिससे मानसून की एंट्री से पहले भारी कटौती का खतरा मंडरा रहा है।देश की राजधानी दिल्ली में बूंद-बूंद को तरस रहे लोगदूसरी तरफ, देश की राजधानी दिल्ली में पानी की उपलब्धता पर लगातार त्राहि-त्राहि मची हुई है। दिल्ली के कई वीआईपी और रिहायशी इलाकों में पिछले 15 से 20 दिनों से नलों में पानी नहीं पहुंचा है और लोग पूरी तरह टैंकरों पर निर्भर हैं। दिल्ली में इस समय सभी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स, रेनीवेल और ट्यूबवेल को मिलाकर कुल 948 से 950 एमजीडी (Million Gallons per Day) पानी का उत्पादन हो रहा है, जो सामान्य दिनों की मांग से करीब 50 एमजीडी कम है। सप्लाई और डिमांड का यही बड़ा अंतर दिल्ली को बूंद-बूंद के लिए तरसा रहा है।चेन्नई में फिलहाल राहत, लेकिन भविष्य की चुनौती बड़ीदक्षिण भारत के प्रमुख महानगर चेन्नई की बात करें तो यहां के मुख्य जलाशयों में फिलहाल लगभग 288 दिनों (करीब 9-10 महीने) का पीने का पानी सुरक्षित है, जो मानसून में देरी होने पर भी शहर की जरूरतों को पूरा कर सकता है। लेकिन चिंता की बात यह है कि चेन्नई में भी भूजल स्तर तेजी से नीचे गिर रहा है। साथ ही, चेन्नई आईटी और डिजिटल अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हब बनता जा रहा है, जिससे उद्योगों में पानी की खपत कई गुना बढ़ जाएगी। मूडीज की रिपोर्ट के अनुसार, अगर चेन्नई ने अभी से पानी के वितरण की व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया, तो आने वाले वक्त में यहां भी मुंबई और दिल्ली जैसे हालात देखने को मिल सकते हैं।मूडीज ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जल संसाधनों का सही प्रबंधन सिर्फ पर्यावरण के लिए ही नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक और वित्तीय स्थिरता के लिए भी बेहद जरूरी हो गया है। बढ़ती आबादी और औद्योगिक विस्तार के बीच भारत को जल्द ही दीर्घकालिक और कड़े कदम उठाने होंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 2:14 pm

अमरनाथ यात्रा से पहले सुरक्षा बलों की बड़ी तैयारी: जम्मू बेस कैंप में NSG और SOG की मॉक ड्रिल, जानें कब रवाना होगा पहला जत्था

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में अगले महीने से शुरू होने वाली पवित्र अमरनाथ यात्रा को लेकर तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। इस बार सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरह मुस्तैद और अलर्ट नजर आ रही हैं। इसी कड़ी में सोमवार को जम्मू के भगवती नगर स्थित मुख्य यात्री निवास (आधार शिविर) में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) और पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एक साझा मॉक ड्रिल (युद्ध अभ्यास) का आयोजन किया।अमरनाथ यात्रा के औपचारिक आगाज से ठीक पहले की गई इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित आतंकी हमले या आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा बलों की तैयारियों और उनकी तुरंत एक्शन लेने की क्षमता को परखना था। अभ्यास के दौरान देश के जांबाज कमांडो और जवानों ने यह प्रदर्शित किया कि अगर किसी दुर्भाग्यपूर्ण आतंकी हमले के दौरान बाबा बर्फानी के श्रद्धालुओं को बंधक बना लिया जाए, तो उन्हें बिना किसी नुकसान के सुरक्षित तरीके से कैसे रेस्क्यू किया जाएगा।बंधकों को सुरक्षित निकालने और आतंकियों को ढेर करने की रणनीतिइस हाई-लेवल ड्रिल के जरिए एनएसजी कमांडो और एसओजी के जवानों ने बेहद संकरे व संवेदनशील इलाकों में आतंकवादियों को तेजी से निष्क्रिय करने, बंधक बनाए गए यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने और पूरे परिसर को अपने नियंत्रण में लेने की अलग-अलग रणनीतियों का सघन अभ्यास किया। जवानों ने दिखाया कि कैसे पलक झपकते ही आधुनिक हथियारों और तकनीक की मदद से बड़े से बड़े खतरे को टाला जा सकता है। इस दौरान अलग-अलग सुरक्षा बलों के बीच बेहतरीन तालमेल और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का भी सफल प्रदर्शन हुआ।सज-धज कर तैयार हुआ भगवती नगर आधार शिविरअमरनाथ यात्रा को लेकर जम्मू के भगवती नगर स्थित यात्री निवास को बेहद भव्य तरीके से तैयार किया जा रहा है। श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए शिविर के सभी कमरों की मरम्मत, बिजली फिटिंग और रंग-रोगन का काम पूरी तरह से खत्म हो चुका है। प्रशासन के मुताबिक, जल्द ही इस पूरे यात्री निवास को पर्यटन विभाग के सुपुर्द कर दिया जाएगा, ताकि विभाग श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन और अन्य बुनियादी नागरिक व्यवस्थाओं को समय रहते अंतिम रूप दे सके।3 जुलाई से शुरू होगी पवित्र यात्रा, उपराज्यपाल दिखाएंगे हरी झंडीहर साल होने वाली हिंदुओं की आस्था का केंद्र यह अमरनाथ यात्रा इस साल अगले महीने 3 जुलाई, 2026 से आधिकारिक तौर पर शुरू हो रही है। यात्रा की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे जम्मू-कश्मीर, विशेषकर राष्ट्रीय राजमार्गों और बेस कैंपों पर सुरक्षा घेरा बेहद कड़ा कर दिया गया है। भगवती नगर यात्री निवास जम्मू संभाग का सबसे प्रमुख आधार शिविर है, जहां देशभर से आने वाले श्रद्धालु कश्मीर घाटी में प्रवेश करने से पहले रुकते हैं।जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा आगामी 2 जुलाई को इसी भगवती नगर यात्री निवास से अमरनाथ यात्रियों के सबसे पहले जत्थे को पवित्र गुफा की ओर हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसके मद्देनजर सेना, अर्धसैनिक बल और स्थानीय पुलिस किसी भी प्रकार की आतंकी या प्राकृतिक चुनौती से निपटने के लिए लगातार अपनी तैयारियों को मुकम्मल कर रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 2:13 pm

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला : एसआईटी ने शासन को सौंपी 150 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट

लखनऊ। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। एसआईटी के चेयरमैन और लखनऊ मंडलायुक्त आईएएस विजय विश्वास पंत ने मंगलवार को अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद को रिपोर्ट सौंपी। मुख्यमंत्री ने […] The post राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला : एसआईटी ने शासन को सौंपी 150 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jun 2026 2:11 pm

लखनऊ अलीगंज अग्निकांड: 15 मौतों के बाद जागा LDA, अवैध 'डेथ ट्रैप' को ढहाने का दोबारा नोटिस; 4 आरोपी अरेस्ट और भ्रष्ट अफसरों पर गिरेगा गाज

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए रूह कंपा देने वाले अग्निकांड के बाद शासन से लेकर प्रशासनिक महकमे तक में हड़कंप मचा हुआ है। 15 मासूम छात्र-छात्राओं की दर्दनाक मौत के बाद गहरी नींद से जागे लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने मंगलवार को उस अवैध तीन मंजिला इमारत को एक बार फिर से जमींदोज करने का अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। इसके साथ ही, एक पूरी तरह से रिहायशी (Residential) बिल्डिंग को सालों-साल तक नियमों को ताक पर रखकर गैर-कानूनी तरीके से कमर्शियल स्पेस के रूप में चलने देने के मामले में एलडीए ने अपने ही विभाग के अधिकारियों और इंजीनियरों पर हंटर चलाना शुरू कर दिया है।लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई का ऐलान करते हुए बताया कि सोमवार को जिस इमारत में यह भीषण हादसा हुआ, उसे निर्माण संबंधी नियमों के गंभीर उल्लंघन को लेकर फिर से गिराने का नोटिस दिया गया है। उपाध्यक्ष ने साफ किया कि इस जानलेवा लापरवाही में शामिल रहे तत्कालीन और वर्तमान अधिकारियों को चिह्नित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है, ताकि इतने वर्षों से चल रहे भ्रष्टाचार और मिलीभगत का पूरा सच सामने आ सके और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।साल 2016 में भी जारी हुआ था ढहाने का आदेश, लेकिन हुआ खेलइस पूरी इमारत का इतिहास सीधे तौर पर सिस्टम के भ्रष्टाचार और प्रशासनिक घोर लापरवाही की गवाही देता है। एलडीए अधिकारियों के मुताबिक, इस तीन मंजिला अवैध इमारत को साल 2016 में ही पूरी तरह गिराने का अंतिम आदेश पारित किया गया था। लेकिन भ्रष्ट सिस्टम की सांठगांठ का खेल देखिए कि महज दो महीने से भी कम समय के भीतर उस कड़े आदेश को चुपके से वापस (Revoke) ले लिया गया। विभागीय अफसरों और मालिकों की इसी मिलीभगत का नतीजा रहा कि यह ‘डेथ ट्रैप’ (मौत का जाल) सालों तक बिना किसी डर के वीआईपी रिहायशी इलाके में चलता रहा और अंत में 15 हंसते-खेलते परिवारों के चिराग बुझ गए।4 आरोपी सलाखों के पीछे, 4 अधिकारी सस्पेंड और SIT का गठनइस भयावह घटना पर मुख्यमंत्री के बेहद सख्त रुख के बाद पुलिस और प्रशासन ने ताबड़तोड़ एक्शन लिया है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इस हादसे के चार मुख्य जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रामकृष्ण उपाध्याय (43), वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (62), तुषार कृष्ण जायसवाल (31) और सुरेश कुमार साहू के रूप में हुई है। इसके साथ ही, प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर बिजली विभाग, फायर ब्रिगेड और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के चार अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है।अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित ऊषा मेहता मार्ग पर हुई इस दर्दनाक घटना की गहराई से जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक हाई-लेवल विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस दो सदस्यीय एसआईटी में अपर मुख्य सचिव (पर्यटन) अमृत अभिजात और अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) लखनऊ जोन, प्रवीण तिवारी शामिल हैं, जो पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही सीधे शासन को सौंपेंगे।जानिए कैसे हुआ यह दिल दहला देने वाला अलीगंज अग्निकांड?यह हृदय विदारक घटना सोमवार दोपहर लखनऊ के सबसे व्यस्त रिहायशी इलाकों में से एक अलीगंज के सेक्टर-डी (ऊषा मेहता मार्ग, पुरनिया) में घटित हुई। नियमों को कुचलकर खड़ी की गई इस तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में ‘हेड हॉपर 3D आर्ट स्टूडियो’ नाम का एक नामी एनीमेशन सेंटर और कोचिंग हब चल रहा था। इस बिल्डिंग की पहली मंजिल पर एक पेट शॉप (Pet Shop) थी, दूसरी मंजिल पर ग्राफिक एनीमेशन का सेंटर था और सबसे टॉप फ्लोर यानी तीसरी मंजिल पर एक प्राइवेट लाइब्रेरी चलाई जा रही थी, जहां दर्जनों छात्र-छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे।बिजली कटते ही जाम हुआ बायोमेट्रिक थंब-लॉक गेट, बना मासूमों का कालसोमवार दोपहर को अचानक बिल्डिंग के दूसरे फ्लोर पर स्थित एनीमेशन सेंटर में शॉर्ट सर्किट हुआ और भीषण आग लग गई। देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग में जहरीला और गाढ़ा काला धुआं फैल गया। इस आधुनिक ऑफिस का मुख्य दरवाजा ‘थंब एम्प्रेशन’ (बायोमेट्रिक अंगूठा प्रणाली) से लॉक और अनलॉक होता था। आग लगते ही जैसे ही पूरी बिल्डिंग की बिजली कटी, वह बायोमेट्रिक सिस्टम पूरी तरह से हैंग हो गया और दरवाजा ऑटोमैटिक लॉक हो गया। इसके चलते अंदर मौजूद छात्रों को बाहर भागने का कोई रास्ता ही नहीं मिला।पूरी बिल्डिंग को बाहर से बड़े-बड़े शीशों से पैक किया गया था, जिसमें कोई भी आपातकालीन निकास द्वार (Emergency Exit) नहीं था और न ही कोई चालू फायर फाइटिंग सिस्टम मौजूद था। नीचे उतरने का इकलौता संकरा रास्ता पूरी तरह आग की लपटों और धुएं की चपेट में आ चुका था। अपनी जान बचाने के लिए बच्चे कमरों और बाथरूम में छिप गए, जहां ऑक्सीजन खत्म होने और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैस के कारण अधिकांश बच्चों का दम घुट गया।दीवार तोड़कर किया गया रेस्क्यू, 15 की मौत और 9 जिंदगी के लिए जूझ रहेमौके पर पहुंची दमकल और रेस्क्यू टीम को अंदर फंसे बच्चों तक पहुंचने के लिए कंक्रीट की मजबूत दीवार को तोड़ना पड़ा। इस अग्निकांड में 15 मासूमों की जिंदा जलने और दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें ज्यादातर वो छात्र थे जो अपने सुनहरे भविष्य का सपना लेकर यहां कोचिंग करने आए थे। इसके अलावा 9 अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिनका अस्पताल के केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है। इस भयावह घटना ने एक बार फिर शहरों में धड़ल्ले से चल रहे अवैध कमर्शियल बेसमेंट्स, कोचिंग सेंटर्स की सुरक्षा और भ्रष्ट नौकरशाही पर बेहद गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 2:11 pm

अयोध्या राम मंदिर दान विवाद: SIT ने यूपी सरकार को सौंपी 150 पन्नों की गोपनीय रिपोर्ट, FIR और ट्रस्ट के पुनर्गठन की सिफारिश से मचा हड़कंप

अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में कथित हेराफेरी के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत में भूचाल आया हुआ है। विपक्ष लगातार इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर केंद्र और राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहा था। विवाद बढ़ता देख उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की गहराई से जांच करने का जिम्मा स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को सौंपा था। इस मामले में आज (23 जून, 2026) एक बहुत बड़ा अपडेट आया है। SIT ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है, जिसके बाद से ही प्रशासनिक गलियारों और मंदिर प्रबंधन में हड़कंप मच गया है।3 सदस्यीय टीम ने गृह विभाग को सौंपी रिपोर्ट, हो सकते हैं चौंकाने वाले खुलासेप्राप्त जानकारी के मुताबिक, 3 सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने अपनी यह शुरुआती रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (होम) संजय प्रसाद को सौंप दी है। इस विस्तृत रिपोर्ट में पिछले कई दिनों से चल रही जांच-पड़ताल और दस्तावेजी सबूतों का पूरा ब्यौरा शामिल है। लखनऊ मंडल के आयुक्त और एसआईटी के अध्यक्ष विजय विश्वास पंत ने टीम के बाकी दो सदस्यों के साथ मिलकर यह रिपोर्ट शासन को सौंपी। पंत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि रिपोर्ट सौंप दी गई है, लेकिन यह एक शुरुआती और बेहद गोपनीय रिपोर्ट है, इसलिए इसके नतीजों के बारे में फिलहाल सार्वजनिक रूप से कुछ भी नहीं कहा जा सकता। हालांकि, सूत्रों का दावा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही कई रसूखदार लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।आंतरिक व्यवस्था और दान की निगरानी पर खड़े हुए गंभीर सवालविभागीय सूत्रों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में राम मंदिर में आने वाली दान राशि की गिनती और उसकी निगरानी करने वाली व्यवस्था पर बेहद गंभीर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि चढ़ावा गिनने वाले कर्मचारियों का चयन किस आधार पर किया गया था और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों से उनके क्या संबंध थे। सूत्रों की मानें तो जांच टीम ने कुछ दोषी कर्मचारियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर कानूनी मुकदमा चलाने की संस्तुति (सिफारिश) की है। इसके साथ ही मंदिर की आंतरिक व्यवस्था संभालने वाले कुछ बड़े पदाधिकारियों की भूमिका को भी संदेहास्पद माना गया है।150 पेज की रिपोर्ट में 150 लोगों से पूछताछ का पूरा कच्चा चिट्ठासूत्रों के अनुसार, यह प्रारंभिक रिपोर्ट करीब 150 पन्नों की है, जिसमें मंदिर से जुड़े लगभग 150 व्यक्तियों और सेवादारों से की गई कड़ी पूछताछ का पूरा विवरण दर्ज है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एसआईटी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राम मंदिर ट्रस्ट के पुनर्गठन (दोबारा बनाने) की मजबूत सिफारिश की है। टीम का सुझाव है कि मंदिर के रोजमर्रा के कामकाज और प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए सरकार को किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी (IAS लेवल) को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में नियुक्त करना चाहिए। इसके अलावा, एसआईटी ने पिछले 5 वर्षों में मंदिर को मिले देश-विदेश के सभी दानों का फोरेंसिक ऑडिट कराने की बात भी कही है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लेंगे अंतिम फैसला, जांच अभी रहेगी जारीउत्तर प्रदेश सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट नहीं है, बल्कि जांच की कार्रवाई अभी भी प्रचलित (जारी) है। एसआईटी ने इस पूरे घोटाले की तह तक जाने के लिए शासन से कुछ और समय और सहयोगी अधिकारियों की मांग की है। रिपोर्ट में भविष्य में ऐसी किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए कर्मचारियों की नए सिरे से पारदर्शी भर्ती करने और प्रशासनिक पहरेदारी को मजबूत करने के कई कड़े उपाय सुझाए गए हैं। अब इस बेहद संवेदनशील मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होगी, ट्रस्ट में क्या बदलाव किए जाएंगे और किन लोगों पर गाज गिरेगी— इस पर अंतिम फैसला उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लेंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 2:10 pm

अलीगंज कोचिंग सेंटर अग्निकांड पर योगी का ताबड़तोड़ एक्शन : 4 आरोपी अरेस्ट, 4 अफसर सस्पेंड

लखनऊ। लखनऊ में अलीगंज कोचिंग सेंटर अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्शन मोड में हैं। अलीगढ़ में कार्यक्रम रद्द कर सीधे लखनऊ पहुंचे मुख्यमंत्री ने पहले घटनास्थल का जायजा लिया, फिर केजीएमयू में घायलों से मिले। इसके बाद उच्च स्तरीय बैठक कर चार आरोपियों की गिरफ्तारी और चार अफसरों को निलंबित करने के निर्देश […] The post अलीगंज कोचिंग सेंटर अग्निकांड पर योगी का ताबड़तोड़ एक्शन : 4 आरोपी अरेस्ट, 4 अफसर सस्पेंड appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jun 2026 2:05 pm

गंगा नदी में नाव पर चिकन पार्टी का वीडियो वायरल, पांच अरेस्ट

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा में इफ्तार पार्टी के बाद एक बार फिर नाव पर चिकन पार्टी करने का वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो का संज्ञान लेते हुए दशाश्वमेध पुलिस ने जांच शुरू की और सोमवार रात पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में डोमरी निवासी अरुण कुमार साहनी, अनुराग निषाद […] The post गंगा नदी में नाव पर चिकन पार्टी का वीडियो वायरल, पांच अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jun 2026 1:58 pm

Uttarakhand: रुद्रप्रयाग गुरुद्वारे में 40 घंटे से तनाव, छत पर डटे निहंग, सेना तैनात, जानिए क्या है पूरा विवाद?

Rudraprayag Gurudwara controversy: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में नगरासू (दमदमा साहिब) गुरुद्वारे में पिछले कुछ दिनों से एक गंभीर और तनावपूर्ण गतिरोध चल रहा है। श्री हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर स्थित इस गुरुद्वारे की छत पर पारंपरिक हथियारों ...

वेब दुनिया 23 Jun 2026 1:52 pm

मोदी सरकार के मंत्री जॉर्ज कुरियन ने दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति ने किया मंजूर

65 वर्षीय जॉर्ज कुरियन अगस्त 2024 से मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्यसभा सदस्य थे। उनका कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो गया। 18 जून को हुए राज्यसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया था।

देशबन्धु 23 Jun 2026 12:11 pm

बड़ा IPO, बड़ी कमाई की गारंटी नहीं! निवेश से पहले समझें वैल्यूएशन का असली खेल

जब भी बाजार में कोई बड़ा IPO (इन्िशियल पब्लिक ऑफरिंग) आता है, तो चारों तरफ उसका एक अलग ही बज (Buzz) बन जाता है। रिटेल निवेशकों के बीच उसे खरीदने की होड़ मच जाती है। लोगों को लगता है कि कंपनी जितनी बड़ी होगी, लिस्टिंग गेन और भविष्य का मुनाफा भी उतना ही तगड़ा होगा। लेकिन शेयर बाजार का इतिहास गवाह है कि हर बड़ा IPO कमाई की गारंटी नहीं होता। कई बार 'ऊंची दुकान, फीका पकवान' वाली कहावत सच साबित हो जाती है। निवेश की रेस में उतरने से पहले आपको इसके पीछे के वैल्यूएशन के गणित को गहराई से समझना होगा।ब्रांड की चमक और हकीकत का अंतरअक्सर बड़ी कंपनियां अपनी ब्रांड वैल्यू और भारी-भरकम विज्ञापनों के दम पर बाजार में हाइप क्रिएट करती हैं। निवेशक कंपनी के नाम और उसके बड़े साइज को देखकर आकर्षित हो जाते हैं। लेकिन सच यह है कि बड़ा साइज केवल कंपनी के फैलाव को दिखाता है, उसकी प्रॉफिटेबिलिटी (मुनाफे) को नहीं। कई बार स्टार्टअप्स या नई टेक कंपनियां बिना मुनाफा कमाए ही बड़े वैल्यूएशन पर IPO ले आती हैं। ऐसी स्थिति में, अगर आप सिर्फ नाम देखकर पैसा लगा रहे हैं, तो लिस्टिंग के दिन या उसके बाद आपको बड़ा झटका लग सकता है।वैल्यूएशन का वो गणित जो जानना जरूरी हैकिसी भी IPO में पैसा लगाने से पहले कंपनी के पीई रेशियो (P/E Ratio), प्राइस-टू-बुक वैल्यू (P/B Ratio) और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) को देखना बेहद जरूरी है। अगर कोई कंपनी अपने समकक्ष (Peer) कंपनियों की तुलना में बहुत महंगे वैल्यूएशन पर शेयर ऑफर कर रही है, तो इसका मतलब है कि भविष्य की ग्रोथ की कीमत पहले ही वसूली जा रही है। ऐसे में रिटेल निवेशकों के लिए टेबल पर कमाई का कोई मार्जिन नहीं बचता। सीधा सा नियम है—महंगे वैल्यूएशन वाले आईपीओ में लिस्टिंग गेन की गुंजाइश बहुत कम हो जाती है।ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के भरोसे न रहेंआजकल नए निवेशक IPO में दांव लगाने के लिए पूरी तरह ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP पर निर्भर हो जाते हैं। याद रखिए, जीएमपी कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह केवल एक अनुमान और बाजार की तात्कालिक भावना होती है। कई बार बड़े आईपीओ का जीएमपी शुरुआत में बहुत ऊपर दिखाया जाता है, लेकिन लिस्टिंग के दिन बाजार के मूड या वैश्विक संकेतों के बदलते ही वह धड़ाम से गिर जाता है। इसलिए, जीएमपी को देखकर नहीं, बल्कि कंपनी के फंडामेंटल्स (Financials) को देखकर फैसला लें।सुरक्षित निवेश के लिए क्या करें रिटेल निवेशक?अगर आप अपने गाढ़े पसीने की कमाई को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो बड़े IPO के झांसे में आने के बजाय कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) को पढ़ें। यह देखें कि कंपनी आईपीओ से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कहां करने वाली है। अगर पैसा कर्ज चुकाने या बिजनेस को बढ़ाने में लग रहा है, तो यह अच्छा संकेत है। लेकिन अगर मौजूदा प्रमोटर्स सिर्फ अपनी हिस्सेदारी बेचकर (OFS - ऑफर फॉर सेल) बाहर निकल रहे हैं, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। समझदारी इसी में है कि हर चमकती चीज को सोना न समझें और वैल्यूएशन का गणित समझने के बाद ही 'अप्लाई' बटन दबाएं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 12:08 pm

मोहर्रम को लेकर नोएडा पुलिस अलर्ट, अधिकारियों ने किया फ्लैग मार्च

आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए गौतमबुद्ध नगर पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में वरिष्ठ अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए फुट पेट्रोलिंग की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

देशबन्धु 23 Jun 2026 11:49 am

लखनऊ अग्निकांड के पीछे कौन जिम्मेदार? जांच में सामने आ रही चौंकाने वाली लापरवाहियां

लखनऊ में तीन मंजिला इमारत में आग में 15 लोगों की मौत के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्शन में नजर आ रहे हैं। मामले में कार्रवाई करते हुए 4 अफसरों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया ...

वेब दुनिया 23 Jun 2026 11:49 am

NCW के सामने पेश हुए कॉमेडियन प्रणीत मोरे, हिमांशु जांगड़ा और मधुर विरली, माफी के बावजूद नहीं मिली राहत

सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कॉमेडी के नाम पर महिलाओं के प्रति अपमानजनक और आपत्तिजनक सामग्री को बढ़ावा दिए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे कंटेंट को सामान्य मान लेना समाज के लिए चिंताजनक है और इससे महिलाओं की गरिमा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

देशबन्धु 23 Jun 2026 11:38 am

शिक्षा का महाउत्सव: CM भूपेंद्र पटेल ने PM मोदी के वडनगर स्कूल से किया शाला प्रवेशोत्सव का शुभारंभ

गुजरात में शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने और बच्चों का स्वागत करने के लिए 'कन्या केलवणी महोत्सव और शाला प्रवेशोत्सव' के 24वें संस्करण का आज (23 जून) से उत्साहपूर्वक शुभारंभ हो गया है। वर्ष 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र ...

वेब दुनिया 23 Jun 2026 11:04 am

लखनऊ अग्निकांड का दर्दनाक सच: पेट क्लिनिक बना मौत का जाल, पिंजरों में बंद जानवरों को नहीं मिला बचने का मौका

लखनऊ के अलीगंज में एक तीन मंजिला इमारत में आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई जबकि 9 की हालत गंभीर है। मृतकों में कोचिंग के शिक्षक, छात्र और कर्मचारी शामिल है। हादसे की चपेट में कई कुत्ते, बिल्लियां और खरगोश भी जिंदा जल गए। दमकलकर्मियों ने कई ...

वेब दुनिया 23 Jun 2026 10:49 am

तेज प्रताप यादव के आवास में चोरी, 20 लाख नकद समेत आईफोन और लैपटॉप गायब; पीए के खिलाफ मामला दर्ज

पटना में तेज प्रताप यादव के सरकारी आवास से 20 लाख रुपये नकद, सोने के आभूषण, 4 iPhone और लैपटॉप चोरी। निजी सहायक मोतीलाल राय पर FIR दर्ज, पुलिस जांच में जुटी।

देशबन्धु 23 Jun 2026 10:29 am

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: गिनती कर्मियों पर सख्ती, बिना जेब की वर्दी अनिवार्य; SIT जांच के बीच बदले नियम

राम मंदिर चढ़ावा मामले की SIT जांच के बीच चढ़ावा गिनने वाले कर्मचारियों के लिए नया ड्रेस कोड लागू। बिना जेब की वर्दी, मोबाइल पर रोक और सुरक्षा व्यवस्था हुई सख्त।

देशबन्धु 23 Jun 2026 10:28 am

तेल निर्यात में राहत के बीच ट्रंप की चेतावनी, क्या मुश्किल में पड़ जाएगी US-Iran डील?

Trump Threatens Iran Again: स्विटजरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच हुई अहम बातचीत के बाद एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। बातचीत के पहले दौर के खत्म होने के महज एक दिन बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को नई चेतावनी दे दी है। ट्रंप ने ...

वेब दुनिया 23 Jun 2026 9:48 am

Positive IOD क्या है? कैसे बनता है भारतीय मानसून का 'रक्षक' और El Nino के असर को करता है कमजोर

Positive Indian Ocean Dipole (IOD) Explained: क्या है पॉजिटिव IOD, यह अल नीनो के प्रभाव को कैसे कम करता है और भारतीय मानसून को कैसे मजबूत बनाता है? जानिए आसान भाषा में पूरा विज्ञान।

वेब दुनिया 23 Jun 2026 9:01 am

मानसून ने पकड़ी रफ्तार, उत्तर से दक्षिण तक आंधी-तूफान का खतरा, कई राज्यों में भारी बारिश और लू का अलर्ट

मानसून ने देशभर में रफ्तार पकड़ ली है। उत्तर से दक्षिण भारत तक कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट जारी है, जबकि कुछ इलाकों में लू का असर बरकरार है।

देशबन्धु 23 Jun 2026 8:47 am