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भारतीय रेलवे के नक्शे में आ जाएगा भूटान, चीन की टेंशन बढ़ा सकता है भारत का यह कदम

जल्द ही भारतीय रेलवे के मैप पर भूटान भी आ जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि भारत-भूटान को जोड़ने के लिए 69 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय रेललाइन पर केंद्र सरकार 3500 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। सरकार ने कोकराझार-गेलेफू रेललाइन को आधिकारिक तौर पर विशेष रेल परियोजना का दर्जा दिया है।

लाइव हिन्दुस्तान 30 Aug 2026 6:00 am

अब इंदौर में होगा छात्रों की गूंज का आयोजन, राहुल गांधी करेंगे युवाओं से बात

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस नेता राहुल गांधी 12 सितंबर को इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान वह जेन-जी से संवाद करेंगे।

जागरण 30 Aug 2026 5:54 am

मदद करने पर भी नहीं बख्शा! अफगान नागरिक को US ने भेजा अफ्रीका

अमेरिका ने कई लोगों को सेंट्रल अफ्रीकी गणराज्य भेज दिया, जिनमें एक अफगान नागरिक भी शामिल है, जिसके भाइयों ने अमेरिकी सेना के साथ काम किया था. उसके वकील के मुताबिक, उसे तालिबान से उत्पीड़न का डर था और अमेरिकी जज ने उसे अफगानिस्तान भेजे जाने से सुरक्षा दी थी.

आज तक 30 Aug 2026 5:53 am

मध्य प्रदेश: रीवा में जच्चा-बच्चा की मौत पर अस्पताल की अजीब दलील, कहा- 'काम का अत्यधिक दबाव था'

मध्य प्रदेश के रीवा शहर में श्याम शाह मेडिकल कालेज से संबद्ध गांधी मेमोरियल अस्पताल के गायनी वार्ड में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले की जांच शुरू हो गई है।

जागरण 30 Aug 2026 5:45 am

राजस्थान में रिश्तों का कत्ल: कुल्हाड़ी के वार से पिता को मार डाला, जुर्म छिपाने को गढ़ी झूठी कहानी

राजस्थान में डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा थाना क्षेत्र में कर्ज के बोझ और जमीन बेचने की जिद ने एक बेटे को अपने ही पिता का हत्यारा बना दिया।

जागरण 30 Aug 2026 5:43 am

ऐसा लगा जैसे पहाड़ों से सुनामी आ रही हो, नेपाल की भयानक आपदा में फंस गए तमिलनाडु के तीर्थयात्रियों ने सुनाया हाल

नेपाल की भयानक आपदा में फंस गए तमिलनाडु के 21 तीर्थयात्री जब चेन्नई हवाई अड्डे पर सुरक्षित पहुंचे।

जागरण 30 Aug 2026 5:42 am

जेल में ‘आतंक का ऑफिस’ खोले बैठा था आफताब, मोबाइल, कैश और क्या-क्या मिला

2002 में अमेरिकन सेंटर पर हमले का मास्टरमाइंड आतंकी आफताब अंसारी के पास से जेल में तीन आईफोन, वाईफाई राउटर, पेनड्राइव, इयरबड्स और 31 हजार रुपये कैश समेत कई अन्य सामान बरामद हुए हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 30 Aug 2026 5:25 am

275 भारतीय अब भी लापता, 108 का रेस्क्यू; टनल ऑपरेशन में जुटी भारतीय टीमें

Nepal Flood Live Updates: नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद 275 से ज्यादा भारतीय अब भी लापता हैं, जबकि 108 को बचाया गया है. 598 भारतीय चीन से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं और करीब 900 भारतीय चीन में सुरक्षित हैं.

आज तक 30 Aug 2026 5:20 am

दरअसल- 30 अगस्त

आज तक 30 Aug 2026 5:00 am

जल प्रलय का 'टाइम बम' बनीं ग्लेशियल झीलें, भारत में भी मच सकती है भारी तबाही

वैज्ञानिकों का कहना है कि भारत पर भी नेपाल जैसी जल प्रलय का खतरा मंडरा रहा है. हिमाचल और तिब्बत सहित ट्रांस हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियल झीलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

लाइव हिन्दुस्तान 30 Aug 2026 4:52 am

सीजेआई सूर्यकांत की दो-टूक: डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराध पर न्यायपालिका सक्रिय, संसद के फैसले का इंतजार नहीं

सीजेआई सूर्यकांत की दो-टूक:डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराध पर न्यायपालिका सक्रिय, संसद के फैसले का इंतजार नहीं

अमर उजाला 30 Aug 2026 4:50 am

सरकारी स्कूल में मिले 6 महीने पुराने एक्सपायर्ड मसाले, CJP ने उठाया सवाल

CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने स्कूल ठीक करो अभियान के तहत हिंगोली के औंढा स्थित सरकारी स्कूल का दौरा किया. उन्होंने छात्रों के भोजन के लिए एक्सपायर हो चुके पैकेट मिलने का दावा किया.

आज तक 30 Aug 2026 4:45 am

किश्तवाड़ रेप केस: क्राइम ब्रांच करेगी जांच, शिक्षक सहित 6 गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में 15 साल की आदिवासी लड़की से कथित दुष्कर्म और उसकी मौत के मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है. पुलिस ने अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं, पीड़िता के पिता की याचिका पर हाई कोर्ट ने भी मामले की सुनवाई सोमवार को तय की है.

आज तक 30 Aug 2026 4:02 am

MP BJP की कार्यसमिति बैठक ओरछा में शुरू, Mission 2028 और Gen Z पर रहेगा जोर

मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले के ओरछा में रविवार से शुरू हो रही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में ‘मिशन-2028’ की रणनीति के साथ युवा पीढ़ी (जेन-जी) तक पहुंच बनाने की कार्ययोजना पर भी चर्चा होगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, हाल के महीनों में दिल्ली और मध्यप्रदेश के विभिन्न हिस्सों में युवाओं के प्रदर्शनों को देखते हुए भाजपा ‘जेन-जी’ के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने पर जोर दे रही है। इसके तहत युवाओं से संवाद स्थापित करने और उनकी प्राथमिकताओं को समझने की रणनीति तैयार की जाएगी। बैठक में हर विधानसभा क्षेत्र में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, संगठन विस्तार, प्रशिक्षण, आगामी कार्यक्रमों और राजनीतिक रणनीति पर भी चर्चा होगी। भाजपा की ओर से जारी बयान में बताया गया कि कार्यसमिति में संगठन को अधिक सक्रिय, सशक्त और प्रभावी बनाने के साथ आगामी कार्ययोजना पर व्यापक मंथन किया जाएगा। बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई वरिष्ठ नेता और प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य शामिल होंगे। पार्टी नेताओं के अनुसार, बैठक में विशेष रूप से युवाओं से जुड़ी योजनाओं और उनकी समस्याओं पर चर्चा होगी। नेताओं का मानना है कि 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले युवाओं की चिंताओं को समझना और उनके साथ बेहतर संवाद स्थापित करना जरूरी है। पार्टी नेताओं ने बताया कि दतिया विधानसभा सीट के हालिया उपचुनाव में भाजपा की हार के कारणों में युवाओं की नाराजगी को भी एक वजह माना गया था। इसके अलावा उज्जैन में छात्रों के आंदोलन समेत राज्य के अन्य हिस्सों में शिक्षा से जुड़ी समस्याओं को लेकर हुए प्रदर्शनों ने भी पार्टी का ध्यान आकर्षित किया है। ‘जेन-जी’ उस पीढ़ी को कहा जाता है, जिसका जन्म 1997 से 2012 के बीच हुआ है। यह वर्ग तकनीक, इंटरनेट और सोशल मीडिया के साथ बड़ा हुआ है। भाजपा के आधिकारिक बयान के मुताबिक, बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव पर चर्चा के अलावा ‘समरसता का संकल्प’ और ‘विकसित भारत 2047’ जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा बूथ सशक्तीकरण पर भी चर्चा की जाएगी। पार्टी ने कहा कि प्रदेश कार्यसमिति की यह बैठक संगठन की आगामी दिशा और कार्ययोजना तय करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगी।

प्रभासाक्षी 30 Aug 2026 4:02 am

महाराष्ट्र: छत्रपति संभाजीनगर में गैस पाइपलाइन लीक, मची अफरा-तफरी; एनसीपी शरद गुट ने सरकार से पूछे तीखे सवाल

महाराष्ट्र: छत्रपति संभाजीनगर में गैस पाइपलाइन लीक, मची अफरा-तफरी; एनसीपी शरद गुट ने सरकार से पूछे तीखे सवाल

अमर उजाला 30 Aug 2026 3:04 am

बंगलूरू पुलिस की कार्रवाई पर हाईकोर्ट सख्त: हिंदू संगठन नेता को उडुपी से क्यों लाया गया? सीसीटीवी पर भी सवाल

बंगलूरू पुलिस की कार्रवाई पर हाईकोर्ट सख्त: हिंदू संगठन नेता को उडुपी से क्यों लाया गया? सीसीटीवी पर भी सवाल

अमर उजाला 30 Aug 2026 2:32 am

LIVE: एकता-विविधता भारत के डीएनए में, मैडिसन स्क्वायर में बोले भागवत

न्यूयॉर्क में 30 अगस्त को रक्षाबंधन और यूनिवर्सल ऑननेस को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें अलग-अलग समूहों की प्रस्तुतियां हुईं और विभिन्न धर्मों के नेता भी शामिल हुए. कार्यक्रम में डॉ. मोहन भागवत मुख्य वक्ता के तौर पर मौजूद रहें.

आज तक 30 Aug 2026 2:23 am

18,600 फीट की ऊंचाई पर भारतीय सेना का साहसिक रेस्क्यू मिशन, देखें वीडियो

नुन कुन के पास 18,600 फीट की ऊंचाई पर भारतीय सेना की एविएशन यूनिट ने एक बेहद चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया।

जागरण 30 Aug 2026 2:14 am

मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे के बाद कर्नाटक की राजनीति में उबाल, कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने

कर्नाटक में भ्रष्टाचार के आरोपित मंत्री नागेंद्र के इस्तीफे के बाद कांग्रेस भाजपा में वार पलटवार शुरू हो गया है।

जागरण 30 Aug 2026 2:00 am

राजस्थान में बुटाटी धाम मंदिर के भंडार से नकदी और जेवरात गायब, पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

राजस्थान के नागौर जिले में स्थित प्रमुख धार्मिक स्थल बुटाटी धाम में दान में मिली नकदी और जेवरात गायब होने का मामला सामने आया है।

जागरण 30 Aug 2026 2:00 am

सरकार के दखल से चीनी के खुदरा- थोक कीमतों में आई गिरावट, नए नियम हुए लागू!

सरकार के दखल से चीनी के खुदरा- थोक कीमतों में आई गिरावट, नए नियम हुए लागू!

अमर उजाला 30 Aug 2026 1:52 am

ताश के पत्तों की तरह बहा पुल, UP में मंदाकिनी के रौद्र रूप से हाहाकार

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में लगातार बारिश के चलते मंदाकिनी नदी ने 23 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है. रामघाट समेत कई इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है और राहत-बचाव के लिए NDRF, SDRF और PAC की टीमें तैनात हैं.

आज तक 30 Aug 2026 1:41 am

नाइजर में फिर तख्तापलट की कोशिश! एयरपोर्ट और राष्ट्रपति भवन के पास फायरिंग

नाइजर की राजधानी नियामे में अहम सैन्य अड्डे पर सैनिकों के विद्रोह और गोलीबारी की घटना सामने आई. अधिकारियों के मुताबिक, कुछ सैनिकों ने अधिकारियों को बंधक बनाया और संवेदनशील जगहों पर फायरिंग की. हालांकि, बाद में स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया.

आज तक 30 Aug 2026 12:32 am

रीवा-सतना के बाढ़ पीड़ितों को कपड़े-खाना और शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जाए: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 29 अगस्त की रात रीवा पहुंचे। उन्होंने सर्किट हाउस से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सतना और रीवा में बारिश के दौरान जल भराव एवं बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने सतना कलेक्टर को निर्देश दिए कि सभी बाढ़ ...

वेब दुनिया 30 Aug 2026 12:11 am

बॉम्बे हाईकोर्ट की FDA को कड़ी फटकार, मनमाने आदेश वापस लेने पड़े; पूछा- क्या आप खुद को भगवान समझते हैं?

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र FDA को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों की अनदेखी और जल्दबाजी में आदेश जारी करने पर जमकर फटकार लगाई. अदालत की नाराजगी के बाद FDA को सिप्ला का लाइसेंस रद्द करने और MCA परिसर के रेस्त्रां संचालन निलंबित करने संबंधी अपने आदेश वापस लेने पड़े.

NDTV इंडिया 30 Aug 2026 12:08 am

CRPF के कोबरा कमांडोज क्यों कहलाते हैं नक्सलियों का काल? देखें वंदे मातरम्

CRPF के कोबरा कमांडोज 'नक्सल मुक्त भारत' अभियान में अहम भूमिका निभाते हैं. घने जंगलों में इनकी नजरें हमेशा नक्सलियों पर टिकी रहती हैं. जिन इलाकों को नक्सली अपना गढ़ कहते हैं, वहां जाकर ये कमांडोज खतरनाक ऑपरेशन चलते हैं. क्या हैं कोबरा कमांडोज की खासियतों, और क्यों इन्हें कहा जाता है नक्सलियों का काल? देखें वंदे मातरम्.

आज तक 30 Aug 2026 12:03 am

मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री शाह को मध्यप्रदेश में संचालित विभिन्न ...

वेब दुनिया 29 Aug 2026 11:59 pm

WWE फाइटर रहे खली की कार का हुआ एक्सीडेंट, पानीपत में आगे चल रही इनोवा से टकराई

इस घटना में राहत की बात यह रही कि खली सहित गाड़ी में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं. हादसे के बाद खली दूसरी गाड़ी से रवाना हो गए.

NDTV इंडिया 29 Aug 2026 11:54 pm

20 रुपए के लिए कंडक्टर पर टूटा दबंगों का कहर! चलती बस रुकवाकर सड़क पर गिराया, बेल्ट से पीटा; ₹27 हजार छीने

भिंड में 20 रुपए के किराए को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. बरहद गांव के पास चलती बस रोककर कंडक्टर भगवान सिंह भदौरिया की कथित रूप से बेल्ट, लात और घूंसों से पिटाई कर दी. घटना का वीडियो वायरल हो रहा है. पीड़ित ने 27 हजार रुपए की रोकड़ छीने जाने का भी आरोप लगाया है.

NDTV इंडिया 29 Aug 2026 11:53 pm

Nepal Flood से बाल-बाल बचे Raipur के पांच दोस्त, चाय के लिए रुकने से टला बड़ा हादसा

अगर चाय पीने के लिए वे पांच दोस्त कुछ देर के लिए नहीं रुकते तो नेपाल में बुधवार को भोटे कोशी और त्रिशूली नदी घाटियों में आई अचानक बाढ़ में बह सकते थे। हालांकि, वे सुरक्षित बच गए लेकिन इसके बाद उन्हें दो दिन तक एक ऊंची जगह से उफनती त्रिशूली नदी का भयावह रूप देखते हुए चिंता में बिताने पड़े। रायपुर के माणा कैंप क्षेत्र के रहने वाले नारायण सेन, दिनेश ओझा, प्रेम सिंह जगत, यतेंद्र प्रकाश और दिनेश सिंह ठाकुर (सभी की उम्र 50 से 60 वर्ष के बीच) शनिवार को अपने घर लौटे। सैलून चलाने वाले 53 वर्षीय नारायण सेन ने ‘पीटीआई-वीडियो’ सेवा को बताया, ‘‘हम भाग्यशाली थे कि 26 अगस्त को अचानक बाढ़ आने के समय हम चाय पीने के लिए रुक गए थे। अगर हम 10-15 मिनट पहले निकल गए होते तो शायद फंस गए होते।’’उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम वहां नहीं रुकते तो पता नहीं क्या होता।’’ पांच दोस्तों का ये समूह 21 अगस्त को रायपुर से रवाना हुआ था और अगले दिन नेपाल पहुंचा था। उन्होंने एक कार किराये पर ली थी और पशुपतिनाथ मंदिर, मनोकामना मंदिर तथा अन्य पर्यटन स्थलों की यात्रा की योजना बनाई थी। 26 अगस्त को पूर्वाह्न करीब 9:30 से 10 बजे के बीच वे धादिंग जिले के मलेखू कस्बे के एक होटल में चाय पीने के लिए रुके। सेन ने बताया, ‘‘वहां हमें पता चला कि आगे एक पुल बाढ़ में बह गया है। होटल एक भारतीय व्यक्ति का था, जिसने हमारी काफी मदद की और हमें भोजन भी उपलब्ध कराया।’’इसके बाद ये दोस्त वहां सामने आ रही भयावह आपदा के प्रत्यक्षदर्शी बन गए। सेन ने कहा, ‘‘हमने देखा कि कारें त्रिशूली नदी में बह रही थीं। पानी के तेज बहाव में शव और कई अन्य चीजें भी बहकर जा रही थीं। हम डर गए थे। हर समय यह आशंका बनी हुई थी कि बाढ़ की स्थिति और खराब हो सकती है।’’समूह ने मलेखू में एक ऊंची जगह पर शरण ली और रात अपनी कार में बिताई। स्थानीय लोगों और अधिकारियों ने उनकी मदद की। पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात 55 वर्षीय ठाकुर ने बताया कि जब बाढ़ आई, तब वे पशुपतिनाथ मंदिर से करीब 50 किलोमीटर दूर थे। उन्होंने कहा, ‘‘होटल में चाय पीते समय हमने देखा कि अचानक लोग बेचैन होने लगे। बाद में हमें बाढ़ से हुई तबाही के बारे में पता चला। हमने सुना कि पूरे गांव, इमारतें, कार्यालय और जलविद्युत परियोजनाएं तबाह हो गई हैं।’’बाद में वे त्रिशूली नदी के किनारे स्थिति देखने के लिए गए। ठाकुर ने कहा, ‘‘हमने जो देखा, उसे शब्दों में बयां करना बहुत मुश्किल है।’’उन्होंने कहा, ‘‘हम लगातार भगवान शिव का नाम जपते रहे और हमें लगता है कि उनकी कृपा ने हमारी रक्षा की।’’ ठाकुर ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘‘वहां बिजली और पानी नहीं था लेकिन प्रशासन व पुलिस ने हमारी मदद की। उन्होंने हमें बताया कि हम ऊंची जगह पर हैं और हमें चिंता करने की जरूरत नहीं है।’’समूह इंटरनेट के माध्यम से अपने परिवारों के संपर्क में रहा और भारत सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई हेल्पलाइन के जरिए अपनी स्थिति की जानकारी साझा की। ठाकुर ने कहा, ‘‘वहां इंटरनेट सेवा अच्छी तरह काम कर रही थी, इसलिए हम अपने परिवारों के संपर्क में रहे और घबराए नहीं।’’दोस्तों का यह समूह आखिरकार 28 अगस्त को नेपाल से रवाना हुआ। त्रासदी के बीच इन पांच दोस्तों के लिए एक भावुक पल भी आया, जब स्थानीय महिला सुरक्षा कर्मियों ने उनकी कलाई पर राखी बांधी। ठाकुर ने कहा, ‘‘हम रक्षाबंधन के बाद यात्रा से लौटने वाले थे इसलिए हमारी बहनों ने हमें पहले ही राखी दे दी थी। वहां तैनात महिला सुरक्षा कर्मियों ने हमारी कलाई पर ये राखियां बांधीं। वह हमारे लिए सबसे सुकून भरा पल था।’’सिलाई की दुकान चलाने वाले दिनेश ओझा ने कहा कि बाढ़ के बाद उन्होंने जो दृश्य देखे, उन्हें वे जीवनभर नहीं भूल पाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हम जो कुछ देख चुके हैं, उसे कभी नहीं भुला पाएंगे। कई लोग अपने लापता परिजनों की तलाश में बुरी तरह परेशान होकर इधर-उधर भटक रहे थे।’’ ओझा ने कहा, ‘‘हमने अपनी कार में रात बिताई, लेकिन वास्तव में सो नहीं पाए। हर समय यह डर बना हुआ था कि कहीं फिर से बाढ़ न आ जाए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें खुशी है कि आखिरकार हम सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं।

प्रभासाक्षी 29 Aug 2026 11:52 pm

सोनिया गांधी की किताब 'Belonging: A Journey of Love' पर क्‍या है कंट्रोवर्सी, प्रकाशन ने क्‍यों छापने से किया इनकार?

सोनिया गांधी की किताब ‘बिलॉन्‍गिंग’ 'Belonging: A Journey of Love' को लेकर ठीक वही हुआ, जैसा पहले से अनुमान था। सोनिया गांधी की इस किताब पर भारत में बखेड़ा शुरू हो गया है। इस किताब पर आग में घी का डालने का काम तब हुआ, जब इसके प्रकाशन समूह पेंगुइन ...

वेब दुनिया 29 Aug 2026 11:50 pm

2034 तक पहली उड़ान,120 किलोन्यूटन थ्रस्ट, 100 फीसदी IP... एमका फाइटर जेट इंजन के लिए रॉल्स-रॉयस का बड़ा ऑफर

भविष्य के जेट्स को टेक-ऑफ के समय ज्यादा वजन की जरूरत होती है, ताकि उनमें बड़े इंटरनल वेपन बे (हथियार रखने की जगह), लंबी दूरी के मिशन के लिए ज्यादा फ़्यूल और लॉयल विंगमैन कॉम्बैट ड्रोन के साथ तालमेल बिठाने के लिए जरूरी कॉम्प्लेक्स इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम लगाए जा सकें.

NDTV इंडिया 29 Aug 2026 11:48 pm

किसी ने पूछा— RSS जॉइन करने पर मुझे क्या मिलेगा, न्‍यू यॉर्क में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने दिया ये जवाब

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संघ के विचार, धर्म, और भारतीय परंपरा पर अपनी बात रखी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आरएसएस का मकसद सिर्फ और सिर्फ निस्वार्थ सेवा है। ...

वेब दुनिया 29 Aug 2026 11:46 pm

सिंधु जल संधि पर PAK की भारत को चेतावनी, बोला-पानी रोका गया तो क्षेत्रीय शांति पर पड़ेगा असर

सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान ने भारत को चेतावनी दी है. विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि अगर संधि के तहत मिलने वाले पानी को रोकने की कोशिश की गई तो इसका क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि यह मामला केवल भारत-पाकिस्तान का नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून और समझौतों का भी है.

आज तक 29 Aug 2026 11:45 pm

सांप ने काटा तो युवक ने किया कुछ ऐसा जो मच गया हड़कंप, डॉक्टर्स भी रह गए हैरान

ओडिशा के भद्रक जिले में एक सांप ने एक युवक को काट लिया। पीड़ित युवक ने बहादुरी दिखाई और उस सांप को पकड़ लिया और उसे डिब्बे में बंद करके हॉस्पिटल पहुंच गया।

खबर इंडिया टीवी 29 Aug 2026 11:44 pm

तमिलनाडु में वेलंकन्नी फेस्टिवल के दौरान हादसा, हीलियम गुब्बारा फटने से 4 लोग घायल

तमिलनाडु के वेलंकन्नी में सेंट मैरीज नेटिविटी के वार्षिक उत्सव के दौरान झंडा फहराने के समय हीलियम गुब्बारे फटने से चार लोग घायल हो गए।

जागरण 29 Aug 2026 11:43 pm

एप्पल CEO टिम कुक का 15 साल का कार्यकाल कैसा रहा? बड़े लॉन्च से पहले बड़े फेरबदल की तैयारी

बताया जा रहा है कि पद छोड़ने के बाद भी टिम कुक पूरी तरह एप्पल से अलग नहीं होंगे. वह कंपनी के बोर्ड के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बने रहेंगे.

NDTV इंडिया 29 Aug 2026 11:42 pm

बारिश ज्यादा, तापमान भी ऊंचा... दिल्ली में अगस्त का औसत AQI तीन साल में सबसे खराब

दिल्ली में इस साल अगस्त में बारिश ने सामान्य से 29 प्रतिशत ज्यादा रिकॉर्ड बनाया. अगस्त के पहले हफ्ते में 15 साल की सबसे ज्यादा बारिश हुई और 25 अगस्त को एक दिन में सबसे भारी बारिश दर्ज हुई. इतनी बारिश के बावजूद दिन और रात दोनों समय तापमान ऊंचा बना रहा. साथ ही हवा की गुणवत्ता भी तीन साल में सबसे खराब औसत स्तर पर पहुंच गई.

आज तक 29 Aug 2026 11:42 pm

अंबाला के थाने में SHO की मौत, सीने में गोली और पास पड़ी थी सर्विस गन

हरियाणा के अंबाला में नग्गल थाने के SHO कर्मवीर सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. उनका शव पुलिस स्टेशन के अंदर मिला, जबकि सीने में गोली लगी थी और पास में सर्विस हथियार पड़ा था. पुलिस आत्महत्या की आशंका जता रही है, लेकिन अन्य पहलुओं से भी जांच जारी है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.

आज तक 29 Aug 2026 11:32 pm

iPhone बनाने से लेकर अगली Apple कंपनी खड़ी करने तक... क्या सफल होगा भारत का ₹62,500 करोड़ का दांव?

इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि 2027 के मध्य तक भारत अपना पहला मजबूत स्वदेशी मोबाइल ब्रांड देखने की उम्मीद कर रहा है।

जागरण 29 Aug 2026 11:30 pm

'मुस्लिमों को बाहर करना हिंदुत्व नहीं', न्यूयॉर्क में बोले मोहन भागवत, Video

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क में ONE WORLD ONE HUMANITY कार्यक्रम को संबोधित किया. भगवत ने कहा, भले ही धर्म अलग-अलग हों, लेकिन इंसानियत और मानवता एक ही है. सत्य एक है और इंसानियत उसी सत्य का परिणाम है. संघ प्रमुख ने कहा कि हिंदुत्व ये नहीं है कि मुसलमानों को भारत से बाहर करो और अगर कोई हिंदू ये सोचता है कि भारत में मुसलमान नहीं होने चाहिए, तो वो हिंदू नहीं. देखें वीडियो.

आज तक 29 Aug 2026 11:30 pm

बिजनौर के दारोगा और 4 सिपाही सस्पेंड, SP केके बिश्नोई का सख्त एक्शन

Bijnor News: बिजनौर के नवागत पुलिस कप्तान केके बिश्नोई ने बिना सूचना हरियाणा के गुरुग्राम में दबिश देने वाले नांगल थाने के दरोगा समेत 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया.

आज तक 29 Aug 2026 11:29 pm

70 वर्षीय बुजुर्ग के साथ भी कर चुका था रेप, ग्रेटर नोएडा एनकाउंटर में ढेर बलराज की क्राइम कुंडली

पुलिस के मुताबिक, आरोपी बलराज आदतन अपराधी था. उसके आपराधिक इतिहास की जांच में सामने आया कि वह पहले से तीन रेप और हत्या के मामलों तथा एक अन्य हत्या के मामले में आरोपी था

NDTV इंडिया 29 Aug 2026 11:22 pm

Yogi Adityanath ने Gorakhpur में विपक्ष पर साधा निशाना, कहा- विकास विरोधी बांट रहे समाज

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर जाति, क्षेत्र और के नाम पर लोगों को बांटने का आरोप लगाया। गोरखपुर में एक कार्यक्रम में योगी ने कहा, ‘‘बीआरडी मेडिकल कॉलेज (गोरखपुर में) को उच्चीकृत किया गया है और अब यह सुपर-स्पेशियलिटी सुविधाएं प्रदान करता है। एक क्षेत्रीय वायरोलॉजी केंद्र की स्थापना की गई है। गोरखपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान चालू हो गया है। इसके अलावा, देवरिया,कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच और गोंडा में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं और लोग इसका लाभ उठा रहे हैं।’’योगी ने कहा,‘‘एक अच्छी सरकार आती है और अच्छा प्रदर्शन करती है। इसलिए मैं कहता हूं कि यह काम इसलिए संभव हो सका क्योंकि यह राष्ट्रवाद और राष्ट्र प्रथम पर आधारित है, जहां राष्ट्र सर्वोपरि है। इसी भावना से प्रेरित होकर और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘डबल इंजन’ सरकार ने अपना काम शुरू किया।’’उन्होंने कहा, “जो लोग इस विकास को नापसंद करते हैं, जो इन ‘कल्याण मंडपों’ (सामुदायिक हॉल), इन चौड़ी सड़कों, युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों और इस उत्सव के माहौल को नापसंद करते हैं- वे एक बार फिर काम कर रहे हैं। लोगों को जाति, क्षेत्र और के आधार पर विभाजित करने में लगे हुए हैं।”योगी ने कहा, ‘‘हमें उनसे सावधान रहने की जरूरत है। हमें उन पर भरोसा नहीं करना चाहिए। वे वास्तव में डकैतों का एक गिरोह हैं। जब भी उन्हें मौका मिलता है, वे लूटपाट करते हैं। उन्होंने राज्य और देश को लूटा और अराजकता फैलाई।’’मुख्यमंत्री 130 करोड़ रुपये से अधिक की 170 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के लिए गोरखपुर में थे। उन्होंने कहा,‘‘वे गरीबों और व्यापारियों की जमीन को जब्त करना अपना जन्मसिद्ध अधिकार मानते थे। हालांकि, यह ‘डबल इंजन’ भाजपा सरकार गरीबों पर अत्याचार नहीं होने देगी, न ही दलितों या हाशिए पर रहने वालों का शोषण होने देगी। यह किसी को भी किसी बेटी या किसी व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं देगी, और जो कोई भी ऐसा करने का प्रयास करेगा उससे इस ‘डबल इंजन’ सरकार द्वारा कानून के दायरे में सख्ती से निपटा जाएगा।’’योगी ने कहा कि पिछले करीब एक दशक में उत्तर प्रदेश में माफिया का सफाया हुआ है और मच्छर जनित बीमारी ‘इंसेफेलाइटिस’ की समस्या का समाधान किया गया है। उन्होंने कहा, “2017 से पहले ‘इंसेफेलाइटिस’ के कारण गोरखपुर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश में दहशत का माहौल था। यह बीमारी 1977 से क्षेत्र की बड़ी समस्या बनी हुई थी, लेकिन पिछली सरकारों ने इसके समाधान पर ध्यान नहीं दिया।”योगी ने कहा कि सांसद रहते हुए उन्होंने इस मुद्दे को संसद के अंदर और बाहर उठाया तथा मुख्यमंत्री बनने के बाद इस संकट के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए। उन्होंने कहा कि अब इस बीमारी से बच्चों की मौत नहीं होती। योगी ने बताया कि राज्य सरकार ने अब तक 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं और अगले एक साल में एक लाख और युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए हर जिले में ‘सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार और कौशल क्षेत्र’ स्थापित किए जा रहे हैं, जो कौशल विकास से रोजगार तक का मार्ग तैयार करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं और बेटियों के लिए भी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने अगले दो महीनों में स्नातक अंतिम वर्ष की 50 हजार छात्राओं को स्कूटर दिए जाने की घोषणा की। योगी ने 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए राज्य परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अब महिलाएं अयोध्या, काशी, प्रयाग, विंध्याचल और देवीपाटन जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा आसानी से कर सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षा बंधन पर 60 लाख से अधिक महिलाओं ने मुफ्त बस यात्रा का लाभ लिया और ऐसी योजनाएं मजबूत वित्तीय व्यवस्था व अच्छी सरकार से ही संभव होती हैं।

प्रभासाक्षी 29 Aug 2026 11:22 pm

बहन को प्रेमी संग देख आपा खो बैठा भाई, ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझी

Nagaur News: नागौर के जानेवा में रक्षाबंधन पर 45 साल के शेराराम की बर्बरतापूर्वक हत्या. पुलिस ने 12 घंटे में खुलासा कर प्रेमिका मोनिका और उसके भाई श्रवणराम को गिरफ्तार किया.

आज तक 29 Aug 2026 11:12 pm

Allahabad High Court: Noida कामगार प्रदर्शन केस में Himanshu Thakur को मिली जमानत

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने नोएडा में इस साल अप्रैल में कामगारों के विरोध प्रदर्शन को लेकर दर्ज दो प्राथमिकियों के संबंध में कर्मचारी यूनियन ‘‘मजदूर बिगुल दस्ता’’ के सदस्य हिमांशु ठाकुर को जमानत दे दी। न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना और न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने अलग-अलग इन मामलों में आदेश जारी किया। अदालत ने पाया कि भीड़ की कथित हिंसा में ठाकुर की कोई स्पष्ट या विशेष भूमिका नहीं थी। गौतम बुद्ध नगर के फेज-2 थाने में दर्ज इन दोनों मामलों में हिमांशु ठाकुर को 17 अप्रैल, 2026 को गिरफ्तार किया गया था। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि कामगारों की बड़ी संख्या में भीड़ नोएडा के औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर एकत्र हुई और प्रदर्शनकारियों ने पथराव कर कंपनी की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया तथा कर्मचारियों एवं पुलिसकर्मियों पर हमला किया। इस मामले में ठाकुर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम और आपराधिक विधि (संशोधन) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने अपराध संख्या 164 में जमानत देते हुए कहा कि समान अधिकार क्षेत्र वाली एक पीठ पहले ही सह-आरोपी रवि कुमार राठौर को जमानत दे चुकी है। न्यायमूर्ति पहल ने सात अगस्त को जमानत देते हुए कहा कि ठाकुर का आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया है। अदालत ने उन्हें एक निजी मुचलका और दो जमानतदार पेश करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया। इसके करीब दो सप्ताह बाद 20 अगस्त को न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना ने अपराध संख्या 165 में ठाकुर को जमानत प्रदान की। राज्य सरकार के वकील ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि ठाकुर की सोशल मीडिया के माध्यम से पूरे राज्य में हिंसा फैलाने में भूमिका थी। हालांकि, अदालत ने कहा कि 400-500 लोगों की भीड़ में ठाकुर की कोई विशेष भूमिका सामने नहीं आई है। ठाकुर के वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल के पास से कोई हथियार, विस्फोटक या आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री बरामद नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि न तो प्राथमिकी में और न ही गवाहों के बयानों में यह उल्लेख है कि ठाकुर पथराव, गेट तोड़ने या वाहनों में आग लगाने की घटनाओं के दौरान मौके पर मौजूद थे।

प्रभासाक्षी 29 Aug 2026 11:12 pm

DK Shivakumar ने CEC को लिखा पत्र, कर्नाटक SIR में मतदाता सत्यापन के लिए मांगा और समय

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शनिवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर आग्रह किया कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाताओं को सत्यापन के लिए पर्याप्त समय देने के साथ निर्धारित प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया जाए। शिवकुमार ने सीईसी से दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि बढ़ाने, सत्यापन का सामना कर रहे मतदाताओं को पर्याप्त समय देने तथा कर्नाटक में एसआईआर के लिए निर्धारित प्रक्रिया को पूरी तरह लागू करने का आग्रह भी किया है। उन्होंने मतदाताओं को सत्यापन के लिए अधिक समय देने का अनुरोध किया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर शिवकुमार का पत्र साझा करते हुए कहा, ‘‘कर्नाटक के मुख्यमंत्री का सीईसी को लिखा पत्र है, जिसमें एसआईआर प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची से नामों को बड़े पैमाने पर और अनुचित तरीके से काटे जाने का मुद्दा उठाया गया है।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि सीईसी मुख्यमंत्री द्वारा उठाई गई चिंताओं पर शीघ्र कार्रवाई करेंगे।’’ज्ञानेश कुमार को लिखे पत्र में शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक में एसआईआर के दौरान सामने आए आंकड़े गंभीरता से ध्यान देने योग्य हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कर्नाटक में 5.54 करोड़ मतदाताओं में से करीब 1.08 करोड़ (लगभग हर पांच में से एक) को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, दोहराव वाले और अन्य (एएसडीडीओ) श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा, 24 अगस्त को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद करीब 43.8 लाख मतदाताओं को ‘तार्किक विसंगतियों’ या 2002 की मतदाता सूची से लिंक नहीं होने के कारण सत्यापन नोटिस जारी किए जाने की संभावना है।’’मुख्यमंत्री ने कहा कि अकेले बेंगलुरु में 46.88 लाख मतदाताओं को एएसडीडीओ श्रेणी में रखा गया है। उनका कहना था कि इस हिसाब से कर्नाटक में करीब 1.5 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने का खतरा है, जब तक कि वे अपना नाम बनाए रखने या नए सिरे से शामिल किए जाने के लिए दावे दाखिल नहीं करते। शिवकुमार ने कहा कि ‘‘अनुपस्थित’’ की श्रेणी में रखे गए लोगों में बड़ी संख्या ऐसे वास्तविक मतदाताओं की हो सकती है, जो काम, स्वास्थ्य या अन्य वैध कारणों से उस समय घर पर मौजूद नहीं थे जब बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) उनके यहां गए और वे गणना प्रपत्र जमा नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि इसी तरह, जो मतदाता किसी अन्य मतदान केंद्र के क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए, उन्हें अपने नए पते पर प्रपत्र जमा करने का अवसर नहीं मिला और उनके नाम पुराने पते से हटा दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेंगलुरु और अन्य शहरों में सड़क के दूसरी ओर भी घर बदलने पर मतदान केंद्र बदल सकता है और ‘‘अनुपस्थित तथा स्थानांतरित’’ श्रेणियों के तहत लाखों वास्तविक मतदाताओं के मताधिकार से वंचित होने का खतरा है। ऐसे मतदाताओं को अब नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 दाखिल करना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘यह विशेष रूप से चिंता का विषय है क्योंकि जीवंत समाज में लोग और परिवार काम, विवाह तथा अन्य कारणों से नियमित रूप से मोहल्लों, शहरों, कस्बों और गांवों के बीच स्थानांतरित होते रहते हैं। स्थानांतरण का मतलब मताधिकार से वंचित किया जाना नहीं होना चाहिए।’’शिवकुमार ने कहा कि यह चिंता गरीब और वंचित नागरिकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो आजीविका के लिए बार-बार स्थानांतरित हो सकते हैं और अपनी पात्रता साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेज आसानी से हासिल या उपलब्ध नहीं कर पाते। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए एसआईआर को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मतदाता सूची की सटीकता और अखंडता बनाए रखने के साथ-साथ हर पात्र नागरिक के मतदान के अधिकार की रक्षा हो।’’कांग्रेस नेता ने कहा कि निर्वाचन आयोग की दोहरी जिम्मेदारी है कि सटीक मतदाता सूची तैयार हो और कोई वास्तविक और पात्र मतदाता सूची से बाहर न हो। उन्होंने कहा कि ये दोनों उद्देश्य परस्पर विरोधी नहीं हैं और पर्याप्त समय तथा उचित प्रक्रियाओं के जरिए दोनों को हासिल किया जा सकता है।

प्रभासाक्षी 29 Aug 2026 11:02 pm

‘भारत में कोई मुस्लिम न रहे, ऐसा सोचने वाला हिंदू नहीं हो सकता’: न्यूयॉर्क में बोले मोहन भागवत

मोहन भागवत ने कहा, 'धर्मों को बड़े पैमाने पर उनके कर्मकांडों के आधार पर परिभाषित किया जाता है। किसी धार्मिक अनुशासन में शामिल होने और उस मार्ग के जरिए ईश्वरत्व की ओर बढ़ने के लिए कर्मकांडों से जुड़ा अनुशासन जरूरी है।'

लाइव हिन्दुस्तान 29 Aug 2026 10:59 pm

'गालियां देना टैलेंट है', अर्चना पूरन सिंह ने समय रैना को क्यों दिया ऐसा जवाब?

कॉमेडियन समय रैना के शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन-2' में बिहारियों और कश्मीरी पंडितों पर की गई टिप्पणियों से विवाद खड़ा हो गया है।

जागरण 29 Aug 2026 10:58 pm

इश्क में पति की हत्या! पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर दबाया गला, फिर शव को...

सोनभद्र में NCL के सीनियर ओवरमैन रमाशंकर मिश्रा की संदिग्ध मौत का राज पुलिस ने 24 घंटे में खोल दिया. 23 अगस्त को सड़क किनारे मिले शव को पहले हादसा माना गया था. जांच में पत्नी प्रियंका और उसके प्रेमी विकास चौहान पर हत्या का आरोप सामने आया. पुलिस ने दोनों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है.

आज तक 29 Aug 2026 10:57 pm

मुंबई: कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले 61 लोग लापता

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकला 61 सदस्यीय दल नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ के बाद से लापता है. 26 अगस्त के बाद दल से संपर्क नहीं हो पाया है और परिजन उनकी सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहे हैं.

आज तक 29 Aug 2026 10:55 pm

डाकघर की इस सुपरहिट स्कीम में हर साल ₹36,000 जमा करने पर मिलेंगे ₹5.47 लाख, जानें ब्याज दर, नियम और पूरा कैलकुलेशन

शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड्स के उतार-चढ़ाव से दूर रहकर जो लोग एक निश्चित, सुरक्षित और सरकार द्वारा गारंटीड रिटर्न की तलाश में हैं, उनके लिए डाकघर (India Post) की स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स हमेशा से सबसे पहली पसंद रही हैं। डाकघर की 'राष्ट्रीय बचत आवर्ती जमा खाता' यानी 5-ईयर पोस्ट ऑफिस रेकरिंग डिपॉजिट (Post Office RD Scheme) एक ऐसा वित्तीय साधन है जो आम नागरिकों, किसानों, नौकरीपेशा और छोटे व्यापारियों को नियमित बचत की आदत डालने का अवसर देता है।यदि आप हर महीने सिर्फ ₹3,000 (यानी सालाना ₹36,000) की बचत करते हैं, तो डाकघर की इस योजना में चक्रवृद्धित होकर यह रकम मैच्योरिटी पर ₹5,47,500 से अधिक का बड़ा सुरक्षित फंड बन जाती है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें जमा पूंजी पर भारत सरकार की सॉवरेन गारंटी (Sovereign Guarantee) मिलती है, जिससे निवेशकों का एक-एक रुपया 100% सुरक्षित रहता है और बाजार के किसी भी संकट का इस पर कोई असर नहीं पड़ता।₹36,000 सालाना (₹3,000 महीना) से ₹5.47 लाख बनने का पूरा गणितडाकघर की 5 वर्षीय आरडी स्कीम में ब्याज की गणना तिमाही आधार पर चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) नियम से की जाती है, जिससे निवेशक को सामान्य सिंपल इंटरेस्ट की तुलना में कहीं अधिक मुनाफा मिलता है। इस योजना का मूल कार्यकाल 5 वर्ष का होता है, जिसे आवेदन देकर अगले 5 वर्षों के लिए बढ़ाया जा सकता है।मासिक बचत राशि: ₹3,000 प्रति माहवार्षिक कुल निवेश: ₹36,000 प्रति वर्षलागू ब्याज दर: 6.7% वार्षिक (तिमाही चक्रवृद्धि आधार पर)पहले 5 साल का परिदृश्य:5 वर्षों में आपकी कुल जमा राशि: ₹1,80,0005 वर्ष पूरे होने पर अर्जित अनुमानित ब्याज: ₹34,0975 वर्ष बाद कुल मैच्योरिटी राशि: ₹2,14,097खाते को 10 वर्ष तक एक्सटेंड करने पर: यदि आप 5 साल बाद पैसा निकालने के बजाय इस खाते को अगले 5 साल (कुल 10 वर्ष) के लिए आगे बढ़ा देते हैं:10 वर्षों में आपकी कुल जमा राशि: ₹3,60,000 (₹3,000 120 महीने)10 वर्षों में अर्जित कुल चक्रवृद्धि ब्याज: ₹1,87,500 से अधिक10 साल पूरे होने पर मिलने वाला कुल मैच्योरिटी फंड: ₹5,47,500 (लगभग साढ़े पांच लाख रुपये)कंपाउंडिंग की ताकत का सबसे बड़ा असर आखिरी 5 वर्षों में दिखाई देता है, जहां आपका अर्जित ब्याज मूलधन की गति से भी तेजी से बढ़कर फंड को बड़ा आकार देता है।पोस्ट ऑफिस आरडी स्कीम की प्रमुख विशेषताएं और पात्रता के नियमडाकघर आवर्ती जमा खाता देश के किसी भी नागरिक के लिए बेहद आसान और लचीली शर्तों के साथ उपलब्ध है:कौन खोल सकता है खाता: भारत का कोई भी 18 वर्ष से अधिक आयु का नागरिक व्यक्तिगत (Single) खाता खोल सकता है। तीन वयस्क मिलकर संयुक्त (Joint A या Joint B) खाता भी खोल सकते हैं।बच्चों के नाम पर निवेश: 10 वर्ष से अधिक उम्र के नाबालिग के नाम पर वह स्वयं खाता संचालित कर सकता है, जबकि 10 वर्ष से छोटे बच्चों के लिए अभिभावक (माता/पिता) खाता खुलवा सकते हैं।न्यूनतम व अधिकतम सीमा: इस खाते को न्यूनतम ₹100 प्रति माह से शुरू किया जा सकता है। अधिकतम निवेश की कोई ऊपरी सीमा (No Upper Limit) नहीं है; आप अपनी क्षमतानुसार 100 के गुणक में कितनी भी रकम जमा कर सकते हैं।खातों की संख्या: एक व्यक्ति डाकघर में जितने चाहे उतने अलग-अलग आरडी खाते खोल सकता है।नामांकन सुविधा (Nomination): खाता खोलते समय या बाद में कभी भी नॉमिनी का नाम दर्ज कराने की निशुल्क सुविधा उपलब्ध है।5 साल के बाद खाते को अगले 5 साल के लिए एक्सटेंड करने का नियमडाकघर आरडी मूल रूप से 5 साल की अवधि के लिए खोली जाती है। लेकिन अगर आप ₹5.47 लाख का बड़ा कॉर्पस पाना चाहते हैं, तो आप विभागीय नियमों के तहत इसे 10 साल तक जारी रख सकते हैं:एक्सटेंशन की प्रक्रिया: 5 वर्ष पूरे होने से पहले खाताधारक को संबंधित डाकघर में एक साधारण आवेदन पत्र (Extension Form) जमा करना होता है।ब्याज दर की सुरक्षा: जिस ब्याज दर पर खाता खोला गया था या एक्सटेंशन के समय जो दर लागू होगी, उसी निर्धारित दर पर खाता अगले 5 साल तक लगातार चलता रहेगा।बिना नई जमा के जारी रखने का विकल्प: यदि 5 साल बाद आप हर महीने ₹3,000 जमा नहीं करना चाहते, तब भी आप जमा किए गए ₹2.14 लाख को अगले 5 साल के लिए खाते में छोड़ सकते हैं। उस पर भी तिमाही आधार पर ब्याज जुड़ता रहेगा।लोन, प्री-मैच्योर क्लोजर और पेनल्टी से जुड़े जरूरी नियमआपातकालीन वित्तीय जरूरतों के समय डाकघर आरडी खाताधारकों को कई सहूलियतें प्रदान करता है:50% लोन की सुविधा: खाता लगातार 1 वर्ष (12 किस्तें) तक सक्रिय रहने के बाद जमा राशि का 50% तक हिस्सा लोन के रूप में लिया जा सकता है। इस लोन पर आरडी की ब्याज दर से मात्र 2% अधिक ब्याज लगता है, जिसे एकमुश्त या मासिक किस्तों में चुकाया जा सकता है।प्री-मैच्योर विड्रॉल (समय पूर्व बंदी): विशेष परिस्थितियों में खाता खोलने की तिथि से 3 वर्ष पूरे होने के बाद इसे समय से पहले बंद कराया जा सकता है। हालांकि, ऐसी स्थिति में डाकघर बचत खाते (Post Office Savings Account) की 4% साधारण ब्याज दर के अनुसार ही भुगतान किया जाता है।किस्त जमा करने की तिथि व पेनल्टी: यदि खाता महीने की 1 से 15 तारीख के बीच खुला है, तो हर महीने 15 तारीख तक किस्त जमा करनी होती है। यदि खाता 16 तारीख के बाद खुला है, तो महीने के अंतिम कार्यदिवस तक किस्त देनी होगी। समय पर किस्त न देने पर प्रति ₹100 पर ₹1 की मामूली डिफॉल्ट फीस (पेनाल्टी) लगती है।डाकघर में आरडी खाता कैसे खुलवाएं: ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रक्रियाइस योजना से जुड़ने के लिए डाक विभाग ने डिजिटल और पारंपरिक दोनों माध्यमों को बेहद सरल बना दिया है:ऑफलाइन माध्यम: अपने नजदीकी डाकघर (प्रधान डाकघर या उप डाकघर) में जाएं। आरडी खाता खोलने का फॉर्म (Form-1) भरें। साथ में दो पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, पैन कार्ड और मूल निवास प्रमाण पत्र की स्वप्रमाणित प्रतियां संलग्न करें और पहली किस्त नकद या चेक से जमा करें।ऑनलाइन माध्यम (IPPB मोबाइल बैंकिंग): यदि आपका इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) में डिजिटल खाता है, तो आप IPPB मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे 'DOP Services' में जाकर सीधे अपने बैंक खाते से पोस्ट ऑफिस आरडी खोल सकते हैं और हर महीने ऑटो-डेबिट (Auto-Debit) सेट कर सकते हैं।बैंक आरडी बनाम पोस्ट ऑफिस आरडी: कौन सा विकल्प है ज्यादा फायदेमंद?व्यावसायिक बैंकों (Commercial Banks) की तुलना में डाकघर की आरडी कई मायनों में आम निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक और विश्वसनीय मानी जाती है। अधिकांश बैंक 1 से 3 साल की आरडी पर अधिक ध्यान देते हैं और 5 से 10 साल की लंबी अवधि के लिए उनकी ब्याज दरें अक्सर कम हो जाती हैं। वहीं, डाकघर 5 साल की लंबी अवधि के लिए 6.7% की स्थिर तिमाही चक्रवृद्धि ब्याज दर प्रदान करता है।इसके अतिरिक्त, बैंकों में ₹5 लाख तक का डिपॉजिट ही डीआईसीजीसी (DICGC) के तहत बीमित होता है, जबकि डाकघर में जमा पूरा पैसा सीधे भारत सरकार के संप्रभु कोष (Sovereign Backing) द्वारा सुरक्षित रहता है। कर नियमों की बात करें तो आरडी से मिलने वाला ब्याज आयकर स्लैब के अनुसार कर योग्य होता है, लेकिन 10 साल के नजरिए से नियमित अनुशासित बचत का यह सबसे प्रभावी माध्यम है।यदि आप हर महीने सिर्फ ₹3,000 की अनुशासित बचत का संकल्प लेते हैं, तो पोस्ट ऑफिस की यह 5 वर्षीय आवर्ती जमा योजना अगले 10 वर्षों में आपको बिना किसी जोखिम के ₹5,47,500 का एक मजबूत वित्तीय सुरक्षा कवच प्रदान कर सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Aug 2026 10:53 pm

'पुलिस ने रोने की आवाज सुनी और...', 3 दिन बाद मलबे से जिंदा निकली छह साल की मासूम

नेपाल के रसुवा जिले के टिमुरे में भोटेकोशी बाढ़ के मलबे में दबी 6 साल की बच्ची को सशस्त्र पुलिस बल ने तीन दिन बाद शुक्रवार शाम जिंदा बाहर निकाला. बचाव दल को मिट्टी के नीचे से बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी थी, जिसके बाद तुरंत तलाश शुरू की गई.

आज तक 29 Aug 2026 10:53 pm

पैसों की अचानक जरूरत पड़ने पर एफडी तोड़ें या उस पर लोन लें? जानिए नफा-नुकसान, बैंक पेनाल्टी और पूरा कैलकुलेशन

जीवन में कई बार अचानक मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों की स्कूल-कॉलेज फीस, घर की मरम्मत या किसी अप्रत्याशित वित्तीय संकट के चलते तुरंत पैसों की आवश्यकता पड़ जाती है। ऐसे समय में ज्यादातर लोग अपनी सुरक्षित बचत यानी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) का रुख करते हैं। लेकिन यहां सबसे बड़ा असमंजस यह होता है कि क्या सालों की मेहनत से बनाई गई एफडी को बीच में ही तोड़ दिया जाए या फिर उसी एफडी को गिरवी रखकर बैंक से लोन या ओवरड्राफ्ट (Overdraft Facility) ले लिया जाए?वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, बिना सोचे-समझे एफडी तोड़ना आपको दोहरा आर्थिक नुकसान पहुंचा सकता है। बैंक न केवल समय से पहले निकासी पर पेनाल्टी वसूलते हैं, बल्कि आपको मिलने वाले चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding Interest) का चक्र भी हमेशा के लिए टूट जाता है। वहीं दूसरी ओर, एफडी के बदले लोन लेने का विकल्प आपको अपनी जमा पूंजी को सुरक्षित रखते हुए नकदी की कमी दूर करने की आजादी देता है। दोनों विकल्पों का सही चुनाव इस बात पर निर्भर करता है कि आपको कितनी रकम की जरूरत है और आप उसे कितने समय में वापस चुका सकते हैं।एफडी प्री-मैच्योर विड्रॉल (Premature Withdrawal): पेनाल्टी और ब्याज का गणितजब आप किसी फिक्स्ड डिपॉजिट को उसकी तय मैच्योरिटी अवधि (Tenure) पूरी होने से पहले बंद करते हैं, तो बैंक इसे 'प्री-मैच्योर विड्रॉल' कहते हैं। इसमें आपको मिलने वाला रिटर्न कई पैमानों पर घट जाता है:पेनाल्टी की कटौती: देश के प्रमुख बैंक (जैसे SBI, HDFC, ICICI, PNB) एफडी को समय से पहले तोड़ने पर 0.50% से लेकर 1% तक का जुर्माना (Penalty) काटते हैं।लागू ब्याज दर का नियम: मान लीजिए आपने 5 साल के लिए 7.5% की दर पर ₹5 लाख की एफडी कराई थी। यदि आप इसे 2 साल बाद ही तोड़ देते हैं, तो बैंक आपको 5 साल वाला 7.5% ब्याज नहीं देगा। बैंक उस दर पर ब्याज देगा जो एफडी खुलवाते समय 2 साल की अवधि के लिए लागू थी (मान लेते हैं 6.5%), और उसमें से भी 1% पेनाल्टी घटाकर आपको केवल 5.5% की दर से ही भुगतान करेगा।कंपाउंडिंग का बड़ा नुकसान: एफडी में लंबी अवधि में मिलने वाला सबसे बड़ा फायदा ब्याज पर मिलने वाले ब्याज यानी कंपाउंडिंग से होता है। बीच में एफडी तोड़ने से भविष्य के वर्षों की वेल्थ क्रिएशन प्रक्रिया पूरी तरह रुक जाती है।लोन अगेंस्ट एफडी (Loan Against FD): यह सुविधा कैसे काम करती है?फिक्स्ड डिपॉजिट के एवज में लोन लेना सुरक्षित ऋण (Secured Loan) की श्रेणी में आता है। इसमें आपकी एफडी बैंक के पास कोलैटरल (जमानत) के रूप में सुरक्षित रहती है:लोन की सीमा: बैंक आपकी एफडी की कुल जमा राशि और उस पर अर्जित ब्याज का 85% से 95% तक हिस्सा लोन या ओवरड्राफ्ट के रूप में तुरंत स्वीकृत कर देते हैं।ब्याज दर का फॉर्मूला: एफडी पर लोन की ब्याज दर बहुत सामान्य होती है। बैंक आमतौर पर आपकी एफडी पर मिलने वाली मूल ब्याज दर से केवल 1% से 2% अधिक ब्याज वसूलते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आपकी एफडी पर 7% ब्याज मिल रहा है, तो लोन पर 8% से 8.5% का ब्याज लगेगा।पूरी एफडी पर ब्याज जारी रहता है: लोन लेने के बावजूद आपकी पूरी ₹5 लाख की एफडी पर बैंक द्वारा तय किया गया 7% ब्याज लगातार बनता रहता है।फ्लेक्सिबल रीपेमेंट (Overdraft Facility): इस सुविधा में आपको एक क्रेडिट लिमिट मिलती है। आप जितना पैसा निकालते हैं और जितने दिनों के लिए इस्तेमाल करते हैं, आपको केवल उतने ही पैसे और दिनों पर ब्याज देना होता है।₹5 लाख की एफडी पर वास्तविक कैलकुलेशन: समझिए किसमें है ज्यादा फायदामान लेते हैं कि आपने ₹5,00,000 की एफडी 5 साल की अवधि के लिए 7.00% वार्षिक ब्याज पर कराई है। 3 साल पूरे होने पर आपको अचानक 6 महीने के लिए ₹2,00,000 की जरूरत पड़ती है। आइए दोनों स्थितियों का वास्तविक वित्तीय विश्लेषण देखें:विकल्प 1: एफडी समय से पहले तोड़ना3 साल का वास्तविक कार्ड रेट 6.25% था, जिसमें से 0.75% पेनाल्टी कटने के बाद प्रभावी दर 5.50% रह गई।आपको 3 साल का ब्याज कम दर पर मिलेगा और बाकी बचे 2 साल का कंपाउंडिंग लाभ पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।₹5 लाख की पूरी एफडी टूट जाएगी, जबकि आपको जरूरत केवल ₹2 लाख की थी। बाकी बचे ₹3 लाख पर भी भविष्य का 7% ब्याज रुक जाएगा।विकल्प 2: एफडी पर ₹2 लाख का ओवरड्राफ्ट/लोन लेनाआपकी ₹5 लाख की पूरी एफडी 7% की दर से लगातार बढ़ती रहेगी और 5 साल बाद अपनी पूरी मैच्योरिटी वैल्यू देगी।आपको ₹2 लाख के लोन पर 8% (7% + 1%) की दर से 6 महीने का ब्याज देना होगा, जो लगभग ₹8,000 के आसपास बैठेगा।6 महीने बाद जैसे ही आप ₹2 लाख और ₹8,000 का ब्याज चुका देते हैं, आपका लोन खाता बंद हो जाएगा और आपकी मूल एफडी बिना किसी नुकसान के जस की तस सुरक्षित रहेगी।इस तुलना से साफ है कि अल्पकालिक जरूरतों के लिए लोन अगेंस्ट एफडी चुनना हजारों रुपये के संभावित नुकसान से बचाता है।कब एफडी तोड़ना समझदारी है और कब लोन लेना बेहतर?दोनों विकल्पों में से सही रास्ते का चुनाव आपकी जरूरत की समय-सीमा और पुनर्भुगतान की क्षमता पर निर्भर करता है:लोन अगेंस्ट एफडी कब चुनें:जब आपको पैसों की आवश्यकता बहुत कम समय (1 महीने से 12 महीने) के लिए हो।जब आपको उम्मीद हो कि आने वाले कुछ महीनों में सैलरी, बोनस या अन्य स्रोतों से पैसा वापस आ जाएगा।जब आपकी एफडी अपनी मैच्योरिटी के काफी करीब हो (जैसे 5 साल की एफडी में से 4 साल बीत चुके हों)।जब आपको एफडी की कुल रकम के 20% से 50% हिस्से की ही जरूरत हो।एफडी तोड़ना (Premature Closure) कब सही है:जब आपको एफडी की पूरी या 90% से अधिक राशि की जरूरत हो और आप उसे अगले 2-3 वर्षों तक चुकाने की स्थिति में न हों।यदि लोन की अवधि लंबी खिंचती है, तो 1% से 2% का अतिरिक्त ब्याज समय के साथ बड़ा बोझ बन सकता है।जब आपको किसी ऐसी जगह निवेश करने का अवसर मिल रहा हो जहां रिटर्न एफडी की दर और पेनाल्टी के नुकसान से कहीं अधिक (जैसे आकर्षक रियल एस्टेट या हाई-ग्रोथ एसेट) हो।सिबिल स्कोर, प्रोसेसिंग फीस और टैक्स नियमक्रेडिट स्कोर पर असर: एफडी के बदले लोन लेने के लिए किसी सिबिल (CIBIL) स्कोर की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि बैंक के पास आपकी एफडी पहले से सुरक्षित होती है। यदि आपका क्रेडिट स्कोर खराब भी है, तब भी यह लोन बिना किसी रुकावट के मिल जाता है। समय पर इसका भुगतान करने से आपका सिबिल स्कोर और मजबूत होता है।शून्य प्रोसेसिंग फीस: अधिकांश बैंक एफडी पर लोन या ओवरड्राफ्ट के लिए कोई प्रोसेसिंग फीस या प्री-पेमेंट पेनाल्टी नहीं लेते हैं। आप जब चाहें बिना किसी अतिरिक्त चार्ज के लोन बंद कर सकते हैं।टैक्स में कोई रुकावट नहीं: यदि आपने 5 साल की टैक्स सेवर एफडी (Section 80C) कराई है, तो नियम के अनुसार उस पर 5 साल का लॉक-इन होता है; उसे तोड़ा नहीं जा सकता और न ही उस पर लोन मिलता है। सामान्य एफडी पर मिलने वाला ब्याज 'इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेस' में जुड़ता है और आपके टैक्स स्लैब के अनुसार कर योग्य होता है।डिजिटल माध्यम से 2 मिनट में पाएं लोनआजकल बैंक शाखा जाने की भी जरूरत नहीं है। यदि आपके पास इंटरनेट बैंकिंग या मोबाइल ऐप (जैसे SBI YONO, HDFC MyCards, ICICI iMobile) है, तो आप 'Loans/Overdraft against FD' सेक्शन में जाकर कुछ ही क्लिक में अपनी एफडी के बदले तुरंत अपने बचत खाते में लोन की रकम ट्रांसफर करवा सकते हैं।यदि जरूरत छोटी अवधि की है तो एफडी तोड़ने के बजाय उस पर लोन या ओवरड्राफ्ट लेना वित्तीय रूप से सबसे स्मार्ट और किफायती फैसला साबित होता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Aug 2026 10:52 pm

एसबीआई में सिर्फ ₹50,000 का एकमुश्त निवेश बनाकर दे सकता है ₹19 लाख का फंड, जानिए कंपाउंडिंग का गणित, टॉप फंड्स और निवेश का सही तरीका

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) समर्थित 'एसबीआई म्यूचुअल फंड' (SBI Mutual Fund) देश के सबसे भरोसेमंद और बड़े एसेट मैनेजमेंट फंड हाउस में से एक है। अक्सर लोग यह सोचते हैं कि करोड़ों या लाखों का फंड बनाने के लिए हर महीने भारी रकम निवेश करनी पड़ती है, जबकि हकीकत यह है कि सही समय पर किया गया एक छोटा सा एकमुश्त (Lumpsum) निवेश भी चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding) की बदौलत भविष्य में विशाल धनराशि का रूप ले सकता है।यदि आप अपनी किसी बचत या बोनस में से केवल ₹50,000 की राशि को एक बार में किसी अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड में डालकर छोड़ देते हैं, तो लंबी अवधि में यह मामूली सी रकम बढ़कर ₹19 लाख से अधिक का बड़ा कॉर्पस बन सकती है। यह योजना उन लोगों के लिए सबसे उपयुक्त है जो बार-बार किस्त भरने के झंझट से दूर रहकर अपने बच्चों की उच्च शिक्षा, उनके विवाह या अपने रिटायरमेंट के लिए एक सुरक्षित वित्तीय बैकअप तैयार करना चाहते हैं।₹50,000 से ₹19 लाख बनने का पूरा गणित और कंपाउंडिंग चार्टम्यूचुअल फंड में रिटर्न की गणना अल्बर्ट आइंस्टीन द्वारा कहे गए दुनिया के 'आठवें अजूबे' यानी कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि विकास) पर निर्भर करती है। जब आप पैसा निवेश करते हैं, तो आपको मूलधन पर मिलने वाले लाभ पर भी दोबारा रिटर्न मिलता है।मान लीजिए कि आप एसबीआई के किसी डायवर्सिफाइड इक्विटी या स्मॉल/मिडकैप फंड में ₹50,000 का एकमुश्त निवेश करते हैं और उस फंड से औसतन 15% का वार्षिक चक्रवृद्धि रिटर्न (CAGR) प्राप्त होता है:5 साल बाद: आपकी ₹50,000 की रकम लगभग ₹1,00,568 हो जाएगी (पैसा दोगुना)।10 साल बाद: यही राशि बढ़कर लगभग ₹2,02,278 तक पहुंच जाएगी।15 साल बाद: 15% सालाना की दर से कुल फंड लगभग ₹4,06,853 बन जाएगा।20 साल बाद: आपका निवेश बढ़कर लगभग ₹8,18,327 हो जाएगा।25 साल बाद: कंपाउंडिंग की रफ्तार तेज होने से यह रकम लगभग ₹16,45,947 हो जाएगी।26 साल बाद: 26वें वर्ष में आपकी ₹50,000 की प्रारंभिक लागत बढ़कर ₹18,92,840 (लगभग ₹19 लाख) का विशाल फंड बन जाएगी।यदि फंड का वार्षिक प्रदर्शन 15.5% या 16% तक पहुंचता है, तो यह ₹19 लाख का आंकड़ा 24 से 25 साल में ही आसानी से पार हो जाता है।ऐतिहासिक रूप से शानदार रिटर्न देने वाले SBI के प्रमुख इक्विटी फंड्सलंबी अवधि में 14% से 18% तक का सीएजीआर (CAGR) रिटर्न देने वाले एसबीआई के कुछ चुनिंदा म्यूचुअल फंड्स ने निवेशकों को मालामाल किया है:SBI Small Cap Fund: इस फंड ने अपनी शुरुआत से लेकर अब तक लंबी अवधि में 18% से अधिक का शानदार औसत रिटर्न दिया है। यह तेजी से बढ़ती छोटी कंपनियों में निवेश करता है।SBI Magnum Midcap Fund: मिडकैप कैटेगरी का यह एक स्थापित फंड है, जिसने पिछले 10 से 15 वर्षों में 16% से अधिक का वार्षिक सीएजीआर दर्ज किया है।SBI Contra Fund: यह फंड 'कंट्रारियन' स्ट्रैटेजी पर काम करता है, यानी उन सेक्टर्स में पैसा लगाता है जो फिलहाल सस्ते वैल्यूएशन पर हैं लेकिन भविष्य में भारी मुनाफा दे सकते हैं। इसने 15% से 17% तक का लगातार रिटर्न दिया है।SBI Large & Midcap Fund: यह फंड स्थिरता और ग्रोथ दोनों का संतुलन बनाता है, जिसमें टॉप 100 बड़ी कंपनियों के साथ-साथ उभरती मिडकैप कंपनियों का पोर्टफोलियो शामिल होता है।SBI Long Term Equity Fund (ELSS): यह एक टैक्स-सेविंग फंड है, जिसने ऐतिहासिक रूप से वेल्थ क्रिएशन में 15% के आसपास मजबूत प्रदर्शन दिखाया है।लंपसम (Lumpsum) बनाम एसआईपी (SIP): आपके लिए क्या बेहतर है?निवेशकों के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि उन्हें हर महीने एसआईपी करनी चाहिए या एकमुश्त पैसा लगाना चाहिए:लंपसम (एकमुश्त निवेश): जब आपके पास कोईमुश्त रकम (जैसे बोनस, एफडी मैच्योरिटी, संपत्ति की बिक्री या उपहार में मिला पैसा) उपलब्ध हो, तो उसे एक साथ निवेश करना लंपसम कहलाता है। यदि बाजार में गिरावट या सुधार (Correction) आया हुआ है, तो लंपसम निवेश सबसे ज्यादा यूनिट्स सस्ते दाम पर खरीदने का बेहतरीन मौका देता है।सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP): नियमित मासिक आय वाले नौकरीपेशा लोगों के लिए एसआईपी उपयुक्त है, जिससे बाजार के उतार-चढ़ाव की कॉस्ट एवरेजिंग (Rupee Cost Averaging) हो जाती है।स्मार्ट तरीका (STP रूट): यदि आप बाजार के उच्चतम स्तर पर एक साथ ₹50,000 लगाने से डरते हैं, तो आप इस पैसे को पहले 'एसबीआई लिक्विड फंड' में रख सकते हैं और वहां से सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) के जरिए हर महीने इक्विटी फंड में ट्रांसफर कर सकते हैं।एसबीआई म्यूचुअल फंड में ऑनलाइन निवेश की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रियाडिजिटल युग में एसबीआई के किसी भी फंड में एकमुश्त निवेश करना बेहद सरल और पेपरलेस है:एसबीआई योनो ऐप (SBI YONO): यदि आपका खाता भारतीय स्टेट बैंक में है, तो YONO ऐप में लॉग-इन करें। 'Investments' सेक्शन में जाएं, 'Mutual Funds' चुनें और अपनी पसंद का SBI फंड सिलेक्ट करके ₹50,000 का लंपसम पेमेंट सीधे बैंक खाते से कर दें।आधिकारिक पोर्टल (sbimf.com): एसबीआई म्यूचुअल फंड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। 'Invest Now' पर क्लिक करके अपना पैन कार्ड (PAN) और मोबाइल नंबर दर्ज करें। ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद योजना का चुनाव करें और नेट बैंकिंग या यूपीआई से भुगतान पूरा करें।म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म्स: आप CAMS, KFintech, Groww, Zerodha Coin या Angel One जैसे रजिस्टर्ड फिनटेक प्लेटफॉर्म के जरिए भी डायरेक्ट प्लान (Direct Plan - Growth) चुनकर कमीशन बचा सकते हैं।जोखिम प्रबंधन और टैक्स नियम: इन बातों का रखें विशेष ध्यानम्यूचुअल फंड बाजार के जोखिमों के अधीन होते हैं, इसलिए निवेशकों को यथार्थवादी समझ के साथ आगे बढ़ना चाहिए:बाजार का उतार-चढ़ाव: इक्विटी बाजार में अल्पकालिक (Short Term) उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। 2 से 3 वर्षों में फंड निगेटिव रिटर्न भी दिखा सकता है, लेकिन 15 से 25 साल के नजरिए में भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती के कारण यह जोखिम काफी कम हो जाता है।लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स: 1 वर्ष से अधिक समय तक होल्ड किए गए इक्विटी म्यूचुअल फंड पर रिडेम्पशन के समय सालाना ₹1.25 लाख तक का मुनाफा पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है। इससे अधिक के मुनाफे पर 12.5% की दर से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लागू होता है।डायरेक्ट बनाम रेगुलर प्लान: हमेशा 'Direct Plan - Growth' विकल्प चुनें। इसमें एजेंट का कोई कमीशन नहीं कटता, जिससे लंबी अवधि में आपका कुल कॉर्पस 1% से 1.5% अतिरिक्त बढ़ता है।छोटी बचत की सही दिशा में निरंतरता ही आर्थिक स्वतंत्रता की कुंजी है। ₹50,000 का यह छोटा सा बीज सही समय और धैर्य के साथ आने वाले दशकों में एक मजबूत वटवृक्ष बन सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Aug 2026 10:51 pm

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 86 कॉलोनियों को खाली करने का सख्त आदेश; हजारों परिवारों पर बेघर होने का संकट, जानें पुनर्वास और कानूनी नियम

पर्यावरण संरक्षण, वन भूमि की सुरक्षा और सुनियोजित शहरी विकास को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद सख्त और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने संरक्षित वन क्षेत्रों, हरित पट्टियों और सरकारी भूमि पर वर्षों से बसी 86 अवैध कॉलोनियों को तत्काल प्रभाव से खाली कराने और वहां किए गए अनधिकृत निर्माणों को ध्वस्त करने का स्पष्ट निर्देश जारी किया है।अदालत की विशेष पीठ ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण संतुलन और सार्वजनिक सुरक्षा के साथ किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने राज्य सरकार, संबंधित नगर निगमों, विकास प्राधिकरणों और जिला प्रशासन को एक निर्धारित समय-सीमा के भीतर समूची जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराकर अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) पेश करने का आदेश दिया है। इस आदेश के सामने आते ही संबंधित इलाकों में रहने वाले हजारों परिवारों के सामने अपने आशियाने को बचाने का गहरा संकट खड़ा हो गया है।क्यों लिया गया यह सख्त फैसला? पर्यावरण और मास्टर प्लान का उल्लंघनअदालत के इस कड़े आदेश की पृष्ठभूमि में लंबे समय से चल रही जनहित याचिकाएं (PIL) और पर्यावरणविदों द्वारा दायर की गई कानूनी अपीलें शामिल हैं। जांच रिपोर्टों और सेटेलाइट मैपिंग के जरिए यह तथ्य कोर्ट के सामने आया कि चिन्हित की गई 86 कॉलोनियां प्राकृतिक जल निकासी चैनलों, इको-सेंसिटिव जोन, रिज या आरक्षित वन भूमि पर अवैध रूप से बसाई गई हैं।भू-माफियाओं और अवैध कॉलोनाइजरों ने कृषि व वन भूमि के फर्जी दस्तावेज तैयार करके गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को सस्ते दामों में प्लॉट बेच दिए। समय बीतने के साथ वहां पक्के मकान, बहुमंजिला इमारतें और व्यावसायिक दुकानें तक खड़ी हो गईं। कोर्ट ने अपनी सख्त टिप्पणी में कहा कि अवैध निर्माणों को संरक्षण देना भविष्य में बाढ़, भूस्खलन, जलभराव और गंभीर पर्यावरणीय आपदाओं को निमंत्रण देने जैसा है। इसलिए प्राकृतिक जलस्रोतों और वन क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को बहाल करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।हजारों परिवारों पर बेघर होने का साया: कॉलोनियों में दहशत और आक्रोश का माहौलसुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश के बाद प्रभावित 86 कॉलोनियों में भय और अनिश्चितता का माहौल बन गया है। इन इलाकों में रहने वाले अधिकांश लोग निम्न और मध्यम आय वर्ग से ताल्लुक रखते हैं, जिन्होंने अपने जीवन भर की जमा-पूंजी लगाकर ईंट-ईंट जोड़कर मकान बनाए थे।स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे पिछले 15 से 25 वर्षों से इन इलाकों में रह रहे हैं। उनके पास बिजली के वैध कनेक्शन, पानी के बिल, नगर पालिका के हाउस टैक्स की रसीदें, आधार कार्ड, वोटर आईडी और रजिस्ट्री तक के दस्तावेज मौजूद हैं। लोगों का तर्क है कि जब निर्माण कार्य चल रहा था, तब स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने इसे क्यों नहीं रोका। अब अचानक बिना किसी ठोस व्यवस्था के छतों को गिराने के फैसले ने बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों के भविष्य को अधर में लटका दिया है।प्रशासन की डिमोलिशन और बेदखली कार्ययोजना: भारी पुलिस बल होगा तैनातशीर्ष अदालत की अवमानना से बचने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारियों और नगर आयुक्तों ने एक संयुक्त उच्चस्तरीय बैठक कर चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की रूपरेखा तैयार कर ली है:सार्वजनिक नोटिस और मुनादी: प्रशासन सबसे पहले चिन्हित कॉलोनियों में धारा-144 के तहत सार्वजनिक घोषणाएं करा रहा है और प्रत्येक मकान पर बेदखली के नोटिस चस्पा किए जा रहे हैं, ताकि लोग अपना घरेलू सामान सुरक्षित निकाल सकें।जोनल मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति: बड़े पैमाने पर होने वाली इस कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा करने के लिए पूरे क्षेत्र को अलग-अलग सेक्टरों और जोनों में बांटकर प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की विशेष ड्यूटी लगाई जा रही है।ड्रोन सर्विलांस और वीडियोग्राफी: डिमोलिशन अभियान के दौरान किसी भी अप्रिय घटना, उपद्रव या कानून व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए ड्रोन कैमरों से पूरे इलाके की निगरानी की जाएगी और समूची प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होगी।बिजली-पानी के कनेक्शन काटने का निर्देश: आधिकारिक समय-सीमा समाप्त होते ही संबंधित डिस्कॉम और जल संस्थान को अवैध ढांचों के बिजली व पानी के कनेक्शन काटने के आदेश जारी किए जा चुके हैं।पुनर्वास नीति (Rehabilitation): क्या बेघर परिवारों को मिलेगा वैकल्पिक मकान?सुप्रीम कोर्ट ने जहां अवैध निर्माण को हटाने पर कोई ढिलाई न बरतने की बात कही है, वहीं वास्तविक और पात्र नागरिकों के मानवीय अधिकारों को ध्यान में रखते हुए पुनर्वास के लिए भी दिशा-निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं परिवारों को पुनर्वास योजना का लाभ मिलेगा जो पात्रता के सख्त मानकों को पूरा करेंगे:कट-ऑफ डेट का निर्धारण: केवल वही परिवार पुनर्वास के हकदार माने जाएंगे जो सरकार द्वारा तय की गई कट-ऑफ तारीख (Cut-off Date) से पहले से वहां निवास कर रहे हों और जिनके पास इसका पुख्ता कानूनी प्रमाण हो।प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) से लिंक: बेघर होने वाले पात्र और निर्धन परिवारों को सरकार की किफायती आवास योजनाओं (Affordable Housing Schemes) के तहत न्यूनतम किस्तों या लीज आधार पर फ्लैट्स आवंटित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।पहचान व स्क्रूटनी प्रक्रिया: जिला समाज कल्याण विभाग और राजस्व टीम प्रभावित लोगों के राशन कार्ड, वोटर लिस्ट में नाम और वार्षिक पारिवारिक आय प्रमाण पत्र की जांच करेगी, ताकि किसी अपात्र या किराएदार द्वारा योजना का दुरुपयोग न किया जा सके।कानूनी विकल्प: क्या प्रभावित लोगों के पास अब भी कोई राहत का रास्ता है?सुप्रीम कोर्ट के अंतिम आदेश के बाद कानूनी विकल्प काफी सीमित हो जाते हैं, लेकिन भारतीय न्यायिक प्रक्रिया के तहत प्रभावित पक्ष अभी भी कुछ संवैधानिक रास्तों का उपयोग कर सकते हैं:पुनर्विचार याचिका (Review Petition): प्रभावित नागरिक या उनकी संयुक्त कल्याण समितियां (RWA) आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल कर सकती हैं, जिसमें मानवीय आधार और पुनर्वास प्रक्रिया पूरी होने तक डिमोलिशन पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की जा सकती है।सुधारात्मक याचिका (Curative Petition): यदि पुनर्विचार याचिका भी खारिज हो जाती है, तो अंतिम कानूनी उपाय के रूप में क्यूरेटिव पिटीशन का सहारा लिया जा सकता है, हालांकि इसमें राहत मिलने की दर बेहद सीमित होती है।राज्य सरकार से गुहार: स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के जरिए राज्य सरकार से यह मांग की जा रही है कि वह कैबिनेट स्तर पर नीतिगत निर्णय लेकर प्रभावित आबादी के लिए विशेष पुनर्वास पैकेज या सैटेलाइट टाउनशिप में भूमि का प्रबंध करे।यह पूरा घटनाक्रम शहरी नियोजन, पर्यावरण संतुलन और नागरिकों के आशियाने के बीच एक जटिल टकराव को दर्शाता है। आने वाले दिनों में प्रशासन की ओर से की जाने वाली कार्रवाई और सरकार के पुनर्वास कदम पर पूरे देश की निगाहें टिकी रहेंगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Aug 2026 10:50 pm

एल्गार परिषद मामले में NIA को झटका, चार आरोपियों की जमानत रद्द करने की अर्जी खारिज

एल्गार परिषद मामले में चार आरोपियों की जमानत रद्द करने की NIA की मांग को विशेष NIA अदालत ने खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि आरोपियों की मौजूदगी से जमानत शर्तों के उल्लंघन का प्रमाण नहीं मिलता. कोर्ट ने कहा कि जमानत रद्द करने के लिए ठोस सबूत जरूरी हैं. केवल मौजूदगी को आधार नहीं बनाया जा सकता.

आज तक 29 Aug 2026 10:48 pm

Roadways Conductor Bharti: रोडवेज बसों में महिला परिचालकों की बंपर भर्ती का ऐलान, 12वीं पास को सुनहरा मौका

राज्य सड़क परिवहन निगम में महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश भर के विभिन्न रीजनल डिपो और रूटों पर चलने वाली रोडवेज बसों में महिला परिचालकों (कंडक्टर) की नियुक्ति के लिए विशेष भर्ती अभियान शुरू किया गया है। अब सरकारी बसों में टिकट काटने से लेकर यात्रियों की सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने की कमान महिलाएं संभालती नजर आएंगी।इस भर्ती का मुख्य उद्देश्य परिवहन सेवा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और महिला यात्रियों को सुरक्षित व सहज यात्रा का अनुभव देना है। परिवहन निगम द्वारा संविदा (Contractual) आधार पर यह भर्तियां निकाली जा रही हैं, जिसमें पारदर्शी प्रक्रिया के तहत बिना किसी लिखित परीक्षा या इंटरव्यू के सीधे मेरिट और सेवायोजन पोर्टल के नियमों के आधार पर चयन किया जाएगा। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की पात्र युवतियां इस अवसर का लाभ उठाकर सरकारी तंत्र से जुड़ सकती हैं।किन-किन रीजनल डिपो में होगी तैनाती और पदों का विवरणपरिवहन निगम की इस योजना के तहत राज्य के प्रमुख संभागों और जिलों के डिपो में महिला परिचालकों को तैनात किया जाएगा। इनमें लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, मेरठ, गाजियाबाद, आगरा, अलीगढ़, बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर और अयोध्या जैसे बड़े रीजन शामिल हैं।स्थानीय डिपो पर तैनात होने से महिला अभ्यर्थियों को उनके गृह जिले या आसपास के क्षेत्रों में ही ड्यूटी करने की सुविधा मिलेगी। लंबी दूरी की इंटरसिटी बसों के साथ-साथ लोकल और ग्रामीण रूटों की साधारण व जनरथ बसों में महिला कंडक्टरों की रोस्टर आधारित ड्यूटी लगाई जाएगी। इसके अलावा, महिला यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए विशेष पिंक बसों में प्राथमिकता के आधार पर महिला स्टाफ को ही जिम्मेदारी दी जा रही है।शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और पात्रता की शर्तेंरोडवेज में परिचालक पद के लिए आवेदन करने वाली महिला अभ्यर्थियों के पास आवश्यक शैक्षणिक और तकनीकी योग्यताएं होना अनिवार्य है:शैक्षणिक योग्यता: अभ्यर्थी का किसी भी मान्यता प्राप्त राज्य या केंद्रीय शिक्षा बोर्ड से न्यूनतम 12वीं (इंटरमीडिएट) कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।कंप्यूटर योग्यता: राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT / DOEACC) द्वारा जारी 'CCC' (Course on Computer Concepts) प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। बिना CCC सर्टिफिकेट के आवेदन मान्य नहीं होगा।विशेष अधिमान्यता (अतिरिक्त अंक): एनसीसी (NCC 'B' या 'C' सर्टिफिकेट), भारत स्काउट्स एवं गाइड्स में राज्य पुरस्कार प्राप्त अथवा किसी मान्यता प्राप्त खेलकूद प्रतियोगिता में पदक विजेता अभ्यर्थियों को चयन मेरिट में नियमानुसार वरीयता (वेटेज) दी जाएगी।आयु सीमा: आवेदन के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्गों (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग) की महिला अभ्यर्थियों को राज्य सरकार के नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट प्रदान की जाएगी।चयन प्रक्रिया: कैसे बनेगी अंतिम मेरिट सूची?परिवहन निगम में परिचालक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और बिचौलियों से मुक्त रखा गया है:मेरिट आधारित चयन: इस भर्ती में किसी प्रकार की लिखित परीक्षा या व्यक्तिगत साक्षात्कार नहीं लिया जाएगा। अभ्यर्थियों का चयन 12वीं कक्षा में प्राप्त अंकों के प्रतिशत और नियमों के तहत मिलने वाले वेटेज के आधार पर तैयार की जाने वाली मेरिट सूची से होगा।दस्तावेज सत्यापन (Document Verification): सेवायोजन पोर्टल पर शॉर्टलिस्ट की गई महिला अभ्यर्थियों को संबंधित क्षेत्रीय प्रबंधक (RM) कार्यालय में अपने मूल दस्तावेजों के सत्यापन के लिए बुलाया जाएगा।प्रारंभिक प्रशिक्षण: चयन के उपरांत सभी नवनियुक्त महिला कंडक्टरों को इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन (ETM) चलाने, यात्रियों से संवाद, कैश मैनेजमेंट और आपातकालीन सुरक्षा उपायों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।मानदेय, किलोमीटर भत्ता और मिलने वाली सुविधाएंसंविदा परिचालकों को राज्य सड़क परिवहन निगम के मानकों के अनुसार पारिश्रमिक और प्रोत्साहन राशि दी जाती है:किलोमीटर आधारित भुगतान: परिचालकों को प्रति किलोमीटर बस संचालन के आधार पर निर्धारित दर (लगभग ₹1.89 से ₹2.10 प्रति किमी) से भुगतान किया जाता है।मासिक फिक्स इंसेंटिव: यदि कोई महिला परिचालक महीने में 22 दिन की न्यूनतम ड्यूटी पूरी करती है और निर्धारित मानक (लगभग 5,000 किलोमीटर) का संचालन करती है, तो उसे ₹3,000 तक का अतिरिक्त प्रदर्शन प्रोत्साहन (Incentive) भत्ता प्रदान किया जाता है।औसत मासिक आय: नियमानुसार नियमित कार्य करने पर महिला कंडक्टर प्रतिमाह लगभग ₹16,000 से ₹22,000 तक का मानदेय आसानी से प्राप्त कर सकती हैं।अन्य लाभ: ड्यूटी के दौरान ईपीएफ (EPF) कटौती, दुर्घटना बीमा सुरक्षा, निशुल्क यात्रा पास और मातृत्व अवकाश जैसी सुविधाएं भी नियमानुसार देय होती हैं।सेवायोजन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रियाइस भर्ती के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन मोड में राज्य रोजगार संगम/सेवायोजन पोर्टल (sewayojan.up.nic.in) के माध्यम से स्वीकार किए जा रहे हैं:पोर्टल पर पंजीकरण: सबसे पहले सेवायोजन पोर्टल पर जाएं और 'जॉब सीकर' (Job Seeker) के रूप में अपना नया रजिस्ट्रेशन करें।प्रोफाइल पूरा करें: अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण (10वीं, 12वीं), CCC कंप्यूटर सर्टिफिकेट का रोल नंबर व जारी दिनांक, जाति प्रमाण पत्र और फोटो अपलोड करके प्रोफाइल को 100% पूरा करें।नौकरी खोजें: पोर्टल के डैशबोर्ड में 'आउटसोर्सिंग/संविदा नौकरियां' विकल्प पर क्लिक करें। वहां पद का नाम 'कंडक्टर' या विभाग 'उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम' चुनकर सर्च करें।आवेदन सबमिट करें: संबंधित जिले या रीजन की रिक्तियों के सामने दिए गए 'आवेदन करें' (Apply) बटन पर क्लिक करें। सफल आवेदन के बाद पावती रसीद (Acknowledgement Slip) का प्रिंट आउट निकाल कर सुरक्षित रख लें।आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार रखेंदस्तावेज सत्यापन के समय किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए उम्मीदवारों को नीचे दिए गए सभी प्रमाण पत्रों की मूल और स्वप्रमाणित प्रतियां तैयार रखनी चाहिए:हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) की मूल अंकतालिका व प्रमाण पत्रNIELIT द्वारा जारी मूल CCC कंप्यूटर प्रमाण पत्रआधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्रजाति प्रमाण पत्र (आरक्षित वर्ग की महिला अभ्यर्थियों के लिए)एनसीसी, एनएसएस या स्काउट-गाइड प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)सेवायोजन पोर्टल पर पंजीकृत प्रोफाइल का विवरण व आवेदन पर्ची4 नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ और बैंक खाता पासबुक की प्रतिपरिवहन विभाग के इस कदम से सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा का दायरा तो बढ़ेगा ही, साथ ही हजारों शिक्षित युवतियों को अपने ही क्षेत्र में सम्मानजनक आजीविका हासिल करने का एक मजबूत जरिया मिलेगा। इच्छुक अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे सेवायोजन पोर्टल पर समय रहते अपनी प्रोफाइल अपडेट कर लें ताकि आवेदन विंडो खुलते ही तुरंत प्रक्रिया पूरी की जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Aug 2026 10:47 pm

क्या सच में नीम की दातून पीले दांतों को चमका सकती है? जानिए डेंटल सर्जन की राय और दांतों का पीलापन दूर करने के सुरक्षित व असरदार उपाय

भारत में सदियों से नीम, बबूल और मिसवाक की दातून का उपयोग मुंह की सफाई के लिए किया जाता रहा है। आज के मॉडर्न दौर में जब बाजार केमिकल युक्त टूथपेस्ट और महंगे टीथ व्हाइटनिंग प्रोडक्ट्स से भरा पड़ा है, तब भी कई लोग प्राकृतिक चमक के लिए पारंपरिक दातून का रुख करते हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या सिर्फ नीम की दातून घिसने से सालों का पीलापन दूर होकर दांत मोतियों जैसे सफेद हो सकते हैं?डेंटल सर्जनों और ओरल हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, नीम की दातून दांतों और मसूड़ों के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है, लेकिन इसके व्हाइटनिंग प्रभाव को लेकर सही वैज्ञानिक समझ होना जरूरी है। दांतों का पीलापन दो प्रकार का होता है: पहला बाहरी दाग (Extrinsic Stains), जो चाय, कॉफी, तंबाकू या खाने-पीने की चीजों से दांत की ऊपरी परत यानी इनेमल पर जमते हैं। दूसरा आंतरिक पीलापन (Intrinsic Stains), जो उम्र बढ़ने, दवाओं के असर या जेनेटिक कारणों से दांतों की अंदरूनी परत यानी डेंटिन के दिखने से होता है।क्या सच में दांत सफेद करती है दातून? डेंटल एक्सपर्ट की रायडेंटल विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि नीम की दातून कोई रासायनिक ब्लीचिंग एजेंट नहीं है जो दांतों के प्राकृतिक रंग को कृत्रिम रूप से पूरी तरह बदल दे। हालांकि, यह दांतों की सतह पर जमे प्लाक, टार्टर और खाने के कणों को हटाने में बेहद कारगर है।जब आप सही तरीके से नीम की दातून चबाकर ब्रश की तरह इस्तेमाल करते हैं, तो इसके रेशे दांतों की ऊपरी सतह पर जमी मैल और चाय-कॉफी के हल्के दागों को धीरे-धीरे साफ कर देते हैं। इससे दांत अपने वास्तविक प्राकृतिक रंग में नजर आने लगते हैं, जिससे वे पहले की तुलना में अधिक साफ और चमकदार दिखते हैं। वास्तविक रूप से स्वस्थ दांतों का प्राकृतिक रंग हल्का ऑफ-व्हाइट या हल्का पीलापन लिए हुए होता है, क्योंकि इनेमल के नीचे मौजूद डेंटिन का रंग स्वाभाविक रूप से पीला ही होता है।नीम दातून के अद्भुत औषधीय गुण: ओरल हेल्थ के लिए वरदानभले ही दातून आपके दांतों को रातों-रात ब्लीच की तरह सफेद न करे, लेकिन यह आपके पूरे मुंह के स्वास्थ्य के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। नीम की छाल और रस में कई सक्रिय तत्व पाए जाते हैं:एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण: नीम में मौजूद निम्बिन और एजाडिराक्टिन जैसे तत्व मुंह के हानिकारक बैक्टीरिया (Streptococcus mutans) को नष्ट करते हैं, जिससे कैविटी और सड़न का खतरा न्यूनतम हो जाता है।मसूड़ों की मजबूती: नीम का कसैला रस मसूड़ों की सूजन (Gingivitis) और पायरिया जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है तथा मसूड़ों से खून आना बंद करता है।मुंह की दुर्गंध से छुटकारा: यह लार (Saliva) के उत्पादन को बढ़ाता है और मुंह के पीएच स्तर (pH Level) को संतुलित रखता है, जिससे सांसों की बदबू पूरी तरह खत्म होती है।प्लाक का खात्मा: दातून के प्राकृतिक रेशे दांतों के बीच फंसी गंदगी को बिना केमिकल नुकसान के साफ करते हैं।दातून करने का सही तरीका: अगर ये गलती की तो घिस सकता है इनेमलडेंटल सर्जन चेतावनी देते हैं कि नीम की दातून का गलत इस्तेमाल दांतों को फायदा पहुंचाने के बजाय भारी नुकसान पहुंचा सकता है। अक्सर लोग सख्त दातून को सीधे दांतों पर रगड़ने लगते हैं, जिससे दांतों की सुरक्षात्मक परत (Enamel) घिस जाती है और सेंसिटिविटी की समस्या शुरू हो जाती है।नरम ब्रश बनाएं: सबसे पहले नीम की ताजी और पतली टहनी के ऊपरी हिस्से को दांतों से तब तक धीरे-धीरे चबाएं जब तक कि वह एक मुलायम ब्रश (Bristles) का रूप न ले ले।हल्के हाथों से सफाई: बने हुए प्राकृतिक ब्रिसल्स से दांतों पर हल्के हाथों से ऊपर से नीचे की दिशा में मसाज करें। जोर से रगड़ने से बचें।मसूड़ों पर दबाव न डालें: दातून को मसूड़ों पर जोर से न दबाएं, केवल दांतों की सतह और पिछले हिस्से को साफ करें।कुल्ला और जीभ की सफाई: दातून करने के बाद हल्के गुनगुने पानी से अच्छी तरह कुल्ला करें और दातून को बीच से चीरकर उससे जीभ की सफाई (Tongue Cleaning) भी करें।डेंटल सर्जन द्वारा सुझाए गए सुरक्षित और असरदार नेचुरल नुस्खेयदि आप बिना दांतों को नुकसान पहुंचाए उनके पीलेपन को कम करना चाहते हैं और नेचुरल ब्राइटनेस पाना चाहते हैं, तो डेंटल एक्सपर्ट्स इन सुरक्षित घरेलू तरीकों की सलाह देते हैं:ऑयल पुलिंग (Oil Pulling): सुबह खाली पेट एक चम्मच वर्जिन नारियल तेल या तिल का तेल मुंह में लेकर 5 से 10 मिनट तक चारों तरफ घुमाएं और फिर थूक दें। यह प्रक्रिया मुंह से टॉक्सिन्स बाहर निकालती है और प्लाक को हटाकर दांतों की चमक लौटाती है।हल्का बेकिंग सोडा और पानी: महीने में सिर्फ एक या दो बार चुटकी भर बेकिंग सोडा को पानी में मिलाकर उंगली से दांतों पर हल्का सा लगा सकते हैं। इसे नियमित रूप से इस्तेमाल न करें क्योंकि इसका अधिक प्रयोग इनेमल को पतला कर सकता है।क्रंची फल और सब्जियों का सेवन: सेब, गाजर, खीरा और अमरूद जैसी कच्ची और रेशेदार चीजें चबाने से लार का स्राव बढ़ता है और दांतों की नेचुरल स्क्रबिंग होती रहती है।स्ट्रॉ का उपयोग व तुरंत कुल्ला: चाय, कॉफी, हल्दी वाले पेय या कोल्ड ड्रिंक्स पीने के तुरंत बाद सादे पानी से कुल्ला जरूर करें। यदि संभव हो तो गहरे रंग के तरल पदार्थों के लिए स्ट्रॉ का इस्तेमाल करें ताकि वे सीधे दांतों के संपर्क में न आएं।दांतों की सुरक्षा और नियमित देखभालदांतों को चमकदार और स्वस्थ बनाए रखने के लिए दिन में दो बार ब्रश करना, नियमित फ्लॉसिंग करना और हर 6 महीने में डेंटिस्ट से स्केलिंग (प्रोफेशनल क्लीनिंग) करवाना सबसे सुरक्षित तरीका है। कई लोगों में यह भ्रम होता है कि डेंटिस्ट से सफाई करवाने पर दांत कमजोर होते हैं, जबकि वैज्ञानिक रूप से स्केलिंग केवल जमे हुए जिद्दी टार्टर को हटाती है। नीम की दातून को आप अपने दैनिक जीवन में एक बेहतरीन सहायक और प्राकृतिक ओरल केयर साधन के रूप में जरूर अपना सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Aug 2026 10:45 pm

योगी सरकार की नई पहल: गरीब परिवारों की बेटियों के हाथ पीले करने का जिम्मा उठाएगी सरकार

उत्तर प्रदेश के लाखों जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की बेटियों की शादी के लिए दी जाने वाली सहायता राशि में ऐतिहासिक बढ़ोतरी का फैसला लिया है। प्रदेश में अब पात्र परिवारों की कन्याओं के विवाह के लिए ₹1 लाख तक की आर्थिक सहायता 'कन्यादान' के रूप में प्रदान की जा रही है।इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रहने वाले गरीब परिवारों पर शादी के दौरान पड़ने वाले आर्थिक बोझ को समाप्त करना है। अक्सर देखा जाता है कि धन के अभाव में निर्धन परिवार बेटियों के विवाह के लिए कर्ज के जाल में फंस जाते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की इस पहल से न केवल बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर रोक लगेगी, बल्कि बेटियों का भविष्य भी सुरक्षित और सम्मानजनक बनेगा।योजना के तहत ₹1 लाख की धनराशि का विवरण और वितरणइस सहायता राशि को पारदर्शी तरीके से सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए एक स्पष्ट ढांचा तैयार किया गया है। योजना के तहत मिलने वाली पूरी राशि को तीन प्रमुख हिस्सों में विभाजित किया गया है, ताकि नवविवाहित जोड़े को गृहस्थी बसाने में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े:₹70,000 की नकद राशि: यह पैसा सीधे दुल्हन (कन्या) के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजा जाएगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म होगी।₹20,000 की वैवाहिक सामग्री: वर और वधू के लिए जरूरी कपड़े, बर्तन, चांदी की पायल, बिछिया और दैनिक उपयोग का घरेलू सामान उपलब्ध कराया जाएगा।₹10,000 आयोजन खर्च: सामूहिक विवाह समारोह के आयोजन, पंडाल, भोजन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं।कौन उठा सकता है इस योजना का लाभ? (पात्रता की शर्तें)उत्तर प्रदेश समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस योजना का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे, इसके लिए कुछ स्पष्ट नियम व पात्रता मानदंड तय किए गए हैं:मूल निवासी: आवेदक परिवार का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।पारिवारिक आय सीमा: ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए परिवार की वार्षिक आय ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) से अधिक नहीं होनी चाहिए। बीपीएल (BPL) कार्ड धारक परिवारों को इसमें प्राथमिकता दी जाएगी।आयु सीमा: शादी के समय दुल्हन की आयु न्यूनतम 18 वर्ष और दूल्हे की आयु न्यूनतम 21 वर्ष पूरी होनी चाहिए।जाति वर्ग: यह योजना अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अल्पसंख्यक और सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) सभी वर्गों के लिए खुली है।विशेष प्राथमिकता: निराश्रित महिलाओं (विधवाओं), दिव्यांगजनों और परित्यक्ता महिलाओं की पुत्रियों के विवाह को चयन प्रक्रिया में पहली वरीयता दी जाएगी।आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूचीयोजना का लाभ लेने के इच्छुक आवेदकों को अपने सभी कानूनी और पहचान दस्तावेज पहले से तैयार रखने होंगे:कन्या और वर का आधार कार्डकन्या और वर दोनों का आयु प्रमाण पत्र (जन्म प्रमाण पत्र, हाईस्कूल अंकपत्र या मेडिकल बोर्ड सर्टिफिकेट)परिवार का अद्यतन आय प्रमाण पत्र (Income Certificate)मूल निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate)जाति प्रमाण पत्र (सामान्य वर्ग को छोड़कर अन्य सभी वर्गों के लिए)कन्या के नाम का एकल बैंक खाता पासबुक (जो आधार और NPCI से लिंक हो)वर और वधू की संयुक्त एवं अलग-अलग पासपोर्ट साइज फोटोशादी का निमंत्रण पत्र या विवाह का कानूनी पंजीकरणऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन की आसान प्रक्रियाउत्तर प्रदेश सरकार ने इस योजना की आवेदन प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और सुगम बना दिया है ताकि दूर-दराज के गांवों में रहने वाले लोग भी आसानी से इसका लाभ ले सकें।ऑनलाइन माध्यम: आवेदक उत्तर प्रदेश समाज कल्याण विभाग के आधिकारिक पोर्टल (shadianudan.upsdc.gov.in या cmsvy.upsdc.gov.in) पर जाकर 'नया पंजीकरण' विकल्प चुन सकते हैं। यहां सभी आवश्यक विवरण भरने के बाद मांगे गए दस्तावेजों को स्कैन करके अपलोड करना होगा।जन सुविधा केंद्र (CSC): ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिक अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर मामूली शुल्क पर अपना ऑनलाइन फॉर्म भरवा सकते हैं।ऑफलाइन प्रक्रिया: ब्लॉक स्तर पर खंड विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय या शहरी क्षेत्र में नगर निगम/नगर पालिका के समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में जाकर भी भौतिक फॉर्म जमा किया जा सकता है।आवेदन जमा होने के बाद संबंधित क्षेत्र के उपजिलाधिकारी (SDM) या खंड विकास अधिकारी द्वारा पात्रता की जांच की जाएगी। जांच पूरी होते ही निर्धारित तिथि पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम में नवदंपति को आशीर्वाद और योजना का पूर्ण लाभ प्रदान किया जाएगा।उत्तर प्रदेश के हर जिले में व्यापक स्तर पर लागूयह योजना राजधानी लखनऊ से लेकर पूर्वांचल के गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, आगरा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ व सहारनपुर तक पूरे प्रदेश के सभी 75 जिलों में समान रूप से लागू की जा रही है। जिला स्तर पर जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पात्र लाभार्थियों के आवेदनों को बिना किसी देरी के समयबद्ध सीमा के भीतर स्वीकृत करें। इस कदम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल मिलेगा और बेटियों के प्रति समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Aug 2026 10:44 pm

CM Mohan Charan Majhi ने Odisha Police को 75 फीसदी दोषसिद्धि का लक्ष्य दिया

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को आपराधिक मामलों में राज्य की दोषसिद्धि दर बढ़ाकर कम से कम 75 फीसदी किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने प्रदेश पुलिस को संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और जबरन वसूली से जुड़े मामलों को “कतई बर्दाश्त न करने” की नीति अपनाने का निर्देश दिया। भुवनेश्वर में राज्य स्तरीय डीजीपी और आईजीपी सम्मेलन में माझी ने ओडिशा में कानून-व्यवस्था की स्थिति, आंतरिक एवं तटीय सुरक्षा, साइबर अपराध और भविष्य की पुलिसिंग जरूरतों का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस के लिए 10-सूत्री परामर्श जारी किया, जिसमें दोषियों की दोषसिद्धि दर बढ़ाने, ओडिशा को नशा-मुक्त बनाने, तटीय एवं समुद्री सुरक्षा मजबूत करने, साइबर अपराध तथा ‘डार्क वेब’ से निपटने, खुफिया जानकारी जुटाने के तौर-तरीके बेहतर करने, पुलिस थानों को आधुनिक बनाने और भ्रष्टाचार-मुक्त पुलिसिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। आधिकारिक बयान के मुताबिक, माझी ने इस बात पर भी जोर दिया कि पुलिसकर्मियों को जनता, खासकर शिकायत लेकर पुलिस थाने आने वाले लोगों के साथ विनम्र, संवेदनशील और भरोसेमंद व्यवहार करना चाहिए। बयान के अनुसार, माझी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सम्मेलन में शामिल पुलिसकर्मियों से कहा कि वे परेशान लोगों के साथ सहानुभूति से पेश आएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनसीआरबी (राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में दोषसिद्धि दर अब सुधरकर 40 प्रतिशत से अधिक हो गई है, लेकिन इसे कम से कम 75 फीसदी तक बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया कि वे जांच को ज्यादा पेशेवर और प्रौद्योगिकी आधारित बनाएं, खासकर महिलाओं के खिलाफ हिंसा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में। माझी ने कहा कि उनकी सरकार ओडिशा को साल 2029 तक पूरी तरह से “नशा-मुक्त” बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पुलिस को सिर्फ जब्ती और गिरफ्तारियों पर ध्यान देने के बजाय मादक पदार्थ की तस्करी के पीछे की पूरी आपूर्ति शृंखला और वित्तीय नेटवर्क को निशाना बनाना चाहिए।

प्रभासाक्षी 29 Aug 2026 10:42 pm

त्रासदी से नेपाल को कितना नुकसान, फिर से बसाने में 2015 में आए भूकंप के मुकाबले कितना होगा खर्च?

इस आपदा के आने से पहले से ही नेपाल की अर्थव्यवस्था दबाव में थी. जेन जी प्रदर्शनों के बाद सत्ता में आई प्रधानमंत्री बालेन शाहकी सरकार सीमित संसाधनों के साथ काम कर रही है. ऐसे में इस आपदा ने अर्थव्यवस्था पर कई गुना बोझ बढ़ा दिया है.

NDTV इंडिया 29 Aug 2026 10:39 pm

CM शुभेंदु का नया मास्टरस्ट्रोक, जेन-जी खुश पर TMC को गम; 33000 लोगों से ठगी का करेंगे हिसाब-किताब

मुख्यमंत्री ने कहा कि आठ महीने के बजट में स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट के लिए 400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। राज्य के हर विधानसभा क्षेत्र में टेबल टेनिस, बैडमिंटन और जिम वाले मॉडर्न मिनी इनडोर स्टेडियम बनाए जाएंगे।

लाइव हिन्दुस्तान 29 Aug 2026 10:37 pm

गन्ना किसानों की एक ही किस्म पर निर्भरता पड़ रही भारी, लाल सड़न रोग से घटी पैदावार

गन्ने की सीओ-0238 किस्म पर अत्यधिक निर्भरता किसानों के लिए रेड राट रोग का कारण बन रही है, जिससे चीनी उत्पादन में संकट गहरा रहा है।

जागरण 29 Aug 2026 10:34 pm

दरभंगा में 200 करोड़ से बनेगा हाईटेक क्रिकेट स्टेडियम, मिलेंगी ये सुविधाएं

दरभंगा में 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से राष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी है. पुराने नेहरू स्टेडियम की जगह बनने वाले परिसर में डे-नाइट IPL मैचों के लिए आधुनिक सुविधाएं होंगी. साथ ही स्विमिंग पूल, बॉक्सिंग, बैडमिंटन, जूडो-रेसलिंग, मेडिकल सुविधाएं, हॉस्टल और मल्टी लेवल पार्किंग भी प्रस्तावित है.

आज तक 29 Aug 2026 10:34 pm

Nepal Flood में फंसे कुशीनगर के करन शर्मा, त्रिशूली प्रोजेक्ट से 76 कर्मी लापता

नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन से हुई तबाही में कुशीनगर निवासी करन शर्मा भी लापता हो गये हैं और परिवार का उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। शर्मा के परिवार से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि कप्तानगंज तहसील के मलूकही गांव निवासी शर्मा(34) नेपाल के रसुवा जिले के त्रिशूली क्षेत्र में स्थित 216 मेगावाट के अपर त्रिशूली-1 जल विद्युत परियोजना में ‘इलेक्ट्रिशियन फोरमैन’ के पद पर कार्यरत थे। आपदा के बाद से उनका परिवार से संपर्क टूट गया है और उनका कोई पता नहीं चल पा रहा है। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से रसुवा जिले का बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ है। कई जल विद्युत परियोजनाओं,सड़कों और पुलों को भारी नुकसान पहुंचा है। जल विद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले ऐसे कर्मचारियों की बड़ी संख्या है जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार 216 मेगावाट अपर त्रिशूली-1 परियोजना से जुड़े 76 कर्मचारियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिजनों के अनुसार करन शर्मा से घटना की रात 26 अगस्त को घर वालों की बातचीत हुई थी। उस समय तक परिवार को किसी बड़े खतरे की जानकारी नहीं थी। इसके बाद नेपाल में अचानक आई बाढ़ और तबाही के बीच करन से संपर्क टूट गया। परिवार के लोग लगातार फोन पर संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनसे बात नहीं हो पा रही है। परिजन लगातार नेपाल में परियोजना से जुड़े अधिकारियों और संबंधित हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे हैं। परिवार की चिंता उस समय और बढ़ गई, जब जल विद्युत परियोजना की ओर से आपदा के बाद लापता कर्मचारियों की सूची जारी की गई। परिजनों के अनुसार करन शर्मा का नाम भी लापता लोगों की सूची में शामिल है। इसके बाद परिवार ने स्थानीय स्तर पर प्रशासन से भी मदद की गुहार लगाई है। नेपाल के स्वतंत्र ऊर्जा उत्पादक संघ के अनुसार रसुवा क्षेत्र की विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं में बड़ी संख्या में कर्मचारी बाढ़ के बाद संपर्क से बाहर हैं। अपर त्रिशूली-1 परियोजना में काम करने वाली एंड्रिट्ज हाइड्रो से जुड़े 76 कर्मचारियों का संपर्क टूटने की जानकारी सामने आई है। परियोजना से जुड़े अन्य कर्मचारियों के भी लापता होने की सूचना है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी आकांक्षा मिश्रा ने बताया कि देवकली के ग्राम प्रधान ने बीती रात सूचना दी थी। यह सूचना गोरखपुर आयुक्त को लिखित रूप में भेजी जा चुकी है। परिजनों के मुताबिक करन लंबे समय से नेपाल में जल विद्युत परियोजना में काम कर रहे थे। नौकरी के सिलसिले में वह नेपाल के रसुवा जिले के त्रिशूली क्षेत्र में रह रहे थे। परिवार को अब भी उनके सकुशल होने की खबर मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों ने बताया कि नेपाल से सटे पड़ोसी महाराजगंज जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और बचाव एवं राहत दलों को तैनात किया गया है। चौबीसों घंटे काम करने वाला नियंत्रण कक्ष भी चालू कर दिया गया है। जिले की सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, जबकि तटबंधों और संवेदनशील इलाकों की निगरानी के लिए टीमें तैनात की गई थीं। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि सभी तटबंध सुरक्षित हैं और सोहगीबरवा के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से 99,800 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना मिली है और इसमें बढ़ोतरी का रुझान दिख रहा है। शनिवार को नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या 626 हो गई है जबकि लगभग 2,000 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बुधवार को पानी, कीचड़ और मलबे के सैलाब ने कस्बों और गांवों को अपनी चपेट में ले लिया था, जिसके बाद से नेपाल हालात को संभालने की कोशिश कर रहा है। बचावकर्मी लापता लोगों की तलाश में दिन-रात काम कर रहे हैं, वे कहीं बारिश का सामना कर रहे हैं तो कहीं सूख चुके कीचड़ को खोदकर लोगों को ढूंढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। रात में नेपाल के गृह मंत्री सुदान गुरुंग ने अपर त्रिशूली 3ए जल विद्युत परियोजना स्थल पर खुदाई करने वाली मशीनों से मिट्टी हटाए जाने के काम की निगरानी की। यहां विनाशकारी बाढ़ के बाद सौ से अधिक लोग एक सुरंग में फंस गए थे। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई भीषण बाढ़ ने रसुवा क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। बाढ़ की तेज धारा और मलबे ने कई बस्तियों, सड़कों, पुलों और बिजली परियोजनाओं को नुकसान पहुंचाया है। राहत और बचाव अभियान भी दुर्गम पहाड़ी इलाकों तथा क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों के कारण चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

प्रभासाक्षी 29 Aug 2026 10:32 pm

मैथ्स में AI अच्छा या बुरा? ऑनलाइन पोस्ट वायरल होने के बाद सबसे बेहतरीन गणितज्ञों का आया जवाब

AI से कोई प्रूफ तैयार करने में भले ही कुछ घंटे लगें, लेकिन नए नतीजों को इंसानी ज्ञान का हिस्सा बनने में सालों लग सकते हैं. इस लिहाज से, बड़ा खतरा यह नहीं है कि AI गणितज्ञों की जगह ले लेगा, बल्कि यह है कि यूनिवर्सिटीज इंसानी मेहनत को सपोर्ट करना बंद कर देंगी.

NDTV इंडिया 29 Aug 2026 10:30 pm

गीले बालों को कसकर बांधा तो फंस जाओगे! टूटेंगे बाल, बढ़ेगा डैंड्रफ!

मानसून में गीले बाल बांधने से बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं. हवा न मिलने से स्कैल्प में फंगल इंफेक्शन, डैंड्रफ और बदबू की समस्या बढ़ जाती है. जानिए गीले बाल बांधने के 4 बड़े नुकसान और बारिश के मौसम में बालों को मजबूत, साफ और स्वस्थ रखने के आसान हेयर केयर टिप्स.

आज तक 29 Aug 2026 10:30 pm

नेपाल में ग्लेशियर टूटने से तबाही के बीच क्या-क्या हुआ? देखें अद्भुत, अविश्वसनीय, अकल्पनीय

नेपाल में बाढ़ ने सैकड़ों लोगों की जान ले ली. अभी भी हजारों लोग लापता हैं. नेपाल में ऐसी त्रासदी आई जिसके निशान सालों तक सालते रहेंगे. सड़कें, पुल, घर सब सैलाब में बह गए. आखिर ऐसा क्या हुआ कि चंद मिनटों में ही सबकुछ तबाह हो गया? क्यों कोई इतनी बड़ी प्रलय को भांप नहीं सका? देखें अद्भुत, अविश्वसनीय, अकल्पनीय.

आज तक 29 Aug 2026 10:29 pm

आपके PAN Card पर तो नहीं चल रहा कोई फर्जी लोन? तुरंत घर बैठे ऐसे चेक करें अपना सिबिल रिकॉर्ड और एक्टिव लोन्स की लिस्ट

वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर अपराध के बढ़ते दौर में पैन कार्ड (Permanent Account Number) का दुरुपयोग एक गंभीर चिंता बन चुका है। फिनटेक प्लेटफॉर्म्स और इंस्टेंट लोन ऐप्स के जरिए पैन कार्ड की फोटोकॉपी या नंबर का इस्तेमाल कर किसी अनजान व्यक्ति के नाम पर पर्सनल लोन या कंज्यूमर लोन ले लिया जाता है। पीड़ित व्यक्ति को इस फर्जीवाड़े की भनक तब तक नहीं लगती, जब तक कि रिकवरी एजेंट्स के कॉल नहीं आने लगते या किसी नए लोन के लिए आवेदन करने पर सिबिल (CIBIL) स्कोर खराब नहीं पाया जाता। समय-समय पर अपने पैन से जुड़े एक्टिव लोन्स की जांच करना बेहद जरूरी है ताकि किसी भी अनधिकृत वित्तीय देनदारी से बचा जा सके।अपने पैन पर एक्टिव लोन चेक करने के 3 आसान और आधिकारिक तरीकेभारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा अधिकृत क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियां (CIC) आपके पैन कार्ड से जुड़े हर प्रकार के लोन और क्रेडिट कार्ड का पूरा रिकॉर्ड रखती हैं:1. आधिकारिक क्रेडिट ब्यूरो (CIBIL / Experian / CRIF High Mark / Equifax):सिबिल की आधिकारिक वेबसाइट cibil.com या एक्सपेरियन (experian.in) पर जाएं।अपना नाम, जन्मतिथि, पैन नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करके फ्री एनुअल क्रेडिट रिपोर्ट जेनरेट करें।रिपोर्ट के 'Accounts' या 'Credit Facilities' सेक्शन में जाएं। वहां आपके पैन पर सक्रिय (Active) और बंद (Closed) सभी प्रकार के पर्सनल लोन, होम लोन, ऑटो लोन और क्रेडिट कार्ड की सूची दिख जाएगी।2. फाइनेंशियल ऐप्स और बैंकिंग पोर्टल्स:गूगल पे (Google Pay), पेटीएम (Paytm), पैसाबाजार या अपने बैंक के नेटबैंकिंग ऐप में मौजूद 'Free Credit Score' फीचर का उपयोग करके तुरंत लोन अकाउंट्स का विवरण देखें।3. इनकम टैक्स एआईएस (Annual Information Statement - AIS):इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल (eportal.incometax.gov.in) पर लॉगिन करें।'Services' टैब में जाकर AIS (Annual Information Statement) और TIS डाउनलोड करें।इसमें आपके पैन से जुड़े सभी उच्च-मूल्य वित्तीय लेन-देन और लोन डिस्बर्सल की आधिकारिक एंट्री दिखाई देती है।अगर पैन पर कोई अनजान या फर्जी लोन दिखे तो क्या करें?यदि क्रेडिट रिपोर्ट जांचते समय आपको कोई ऐसा लोन खाता दिखता है जिसके लिए आपने कभी आवेदन नहीं किया था, तो तुरंत ये कदम उठाएं:संबंधित लेंडर (बैंक/एनबीएफसी) को रिपोर्ट: उस बैंक या लोन ऐप के कस्टमर सपोर्ट और नोडल ग्रीवेंस ऑफिसर को लिखित में ईमेल भेजकर सूचित करें कि यह लोन अनधिकृत है और धोखाधड़ी से जारी किया गया है।क्रेडिट ब्यूरो पर डिस्प्यूट (Dispute) दर्ज करें: CIBIL या संबंधित क्रेडिट ब्यूरो पोर्टल पर उस विशिष्ट लोन अकाउंट नंबर के खिलाफ ऑनलाइन 'Raise a Dispute' टिकट दर्ज करें।साइबर क्राइम पोर्टल पर एफआईआर: राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) या 1930 हेल्पलाइन पर पहचान की चोरी (Identity Theft / Financial Fraud) की शिकायत दर्ज कराएं और पावती सुरक्षित रखें।आरबीआई ओम्बड्समैन (RBI Ombudsman): यदि 30 दिनों के भीतर बैंक आपकी समस्या का समाधान नहीं करता है, तो आरबीआई के सीएमएस पोर्टल (cms.rbi.org.in) पर शिकायत दर्ज करें।पैन कार्ड को साइबर फ्रॉड से सुरक्षित रखने के 4 जरूरी टिप्सबिना जरूरत पैन साझा न करें: किसी भी गैर-भरोसेमंद ऐप या अनजान व्यक्ति को अपने पैन कार्ड की फोटोकॉपी या तस्वीर भेजने से बचें।मास्क्ड या वाटरमार्क कॉपी दें: जहां भी पैन कार्ड की फोटोकॉपी देना जरूरी हो, उस पर स्पष्ट रूप से तारीख और उद्देश्य (Purpose) लिखकर क्रॉस सिग्नेचर करें (जैसे: 'Only for Bank Account Opening - Not for Loan').नियमित क्रेडिट मॉनिटरिंग: हर 3 से 6 महीने में कम से कम एक बार अपनी क्रेडिट रिपोर्ट और सिबिल स्कोर की जांच करते रहें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Aug 2026 10:23 pm

2026 Holiday Calendar: अगले साल सरकारी कर्मचारियों और छात्रों की बल्ले-बल्ले! 50 से अधिक छुट्टियों और लॉन्ग वीकेंड्स की पूरी लिस्ट देखें

नौकरीपेशा कर्मचारियों, बैंक कर्मियों, स्कूल-कॉलेज के छात्रों और घूमने-फिरने के शौकीन लोगों के लिए नया साल 2026 छुट्टियों और त्योहारों के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) और विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा जारी अवकाश तालिकाओं के अनुसार, वर्ष 2026 में कुल 17 अनिवार्य राजपत्रित (Gazetted) अवकाश और 30 से अधिक प्रतिबंधित (Restricted / Optional) छुट्टियां शामिल हैं। इसके साथ ही अगर शनिवार और रविवार के साप्ताहिक अवकाशों तथा लॉन्ग वीकेंड्स को जोड़ लिया जाए, तो साल भर में लोगों को 50 से अधिक दिनों तक काम से ब्रेक और वेकेशन का शानदार मौका मिलने वाला है।साल 2026 के प्रमुख राजपत्रित अवकाश (Gazetted Holidays List)सरकारी कार्यालयों, बैंकों और शिक्षण संस्थानों में अनिवार्य रूप से मिलने वाली प्रमुख राष्ट्रीय और धार्मिक छुट्टियों का कैलेंडर इस प्रकार है:गणतंत्र दिवस (Republic Day): 26 जनवरी 2026 (सोमवार)होली (Holi / Dhulivandan): 3-4 मार्च 2026 (मंगलवार/बुधवार)ईद-उल-फितर (Id-ul-Fitr): 21 मार्च 2026 (शनिवार)रामनवमी (Ram Navami): 26 मार्च 2026 (गुरुवार)महावीर जयंती (Mahavir Jayanti): 31 मार्च 2026 (मंगलवार)गुड फ्राइडे (Good Friday): 3 अप्रैल 2026 (शुक्रवार)बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima): 1 मई 2026 (शुक्रवार)बकरीद / ईद-उल-जुहा (Id-ul-Zuha): 27-28 मई 2026 (बुधवार/गुरुवार)मुहर्रम (Muharram): 26 जून 2026 (शुक्रवार)स्वतंत्रता दिवस (Independence Day): 15 अगस्त 2026 (शनिवार)ईद-ए-मिलाद (Milad-un-Nabi): 26 अगस्त 2026 (बुधवार)श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (Janmashtami): 4 सितंबर 2026 (शुक्रवार)महात्मा गांधी जयंती (Gandhi Jayanti): 2 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार)दशहरा / विजयदशमी (Dussehra): 20-21 अक्टूबर 2026 (मंगलवार/बुधवार)दिवाली / दीपावली (Diwali / Deepawali): 8-10 नवंबर 2026 (रविवार से मंगलवार)गुरु नानक जयंती (Guru Nanak Jayanti): 24 नवंबर 2026 (मंगलवार)क्रिसमस (Christmas): 25 दिसंबर 2026 (शुक्रवार)2026 में मिलेंगे कई 'लॉन्ग वीकेंड्स' (Long Weekends): पहले से करें टूर प्लानवर्ष 2026 में कई ऐसे राष्ट्रीय और धार्मिक पर्व शुक्रवार या सोमवार को पड़ रहे हैं, जिससे शनिवार और रविवार मिलाकर 3 से 4 दिनों का लगातार अवकाश (Long Weekend) स्वतः मिल रहा है:जनवरी लॉन्ग वीकेंड: 24 जनवरी (शनिवार), 25 जनवरी (रविवार) और 26 जनवरी (सोमवार - गणतंत्र दिवस)।अप्रैल लॉन्ग वीकेंड: 3 अप्रैल (शुक्रवार - गुड फ्राइडे), 4 अप्रैल (शनिवार) और 5 अप्रैल (रविवार - ईस्टर)।मई दिवस वीकेंड: 1 मई (शुक्रवार - बुद्ध पूर्णिमा/मजदूर दिवस), 2 मई (शनिवार) और 3 मई (रविवार)।जून वीकेंड: 26 जून (शुक्रवार - मुहर्रम), 27 जून (शनिवार) और 28 जून (रविवार)।सितंबर जन्माष्टमी वीकेंड: 4 सितंबर (शुक्रवार - जन्माष्टमी), 5 सितंबर (शनिवार) और 6 सितंबर (रविवार)।अक्टूबर गांधी जयंती वीकेंड: 2 अक्टूबर (शुक्रवार - गांधी जयंती), 3 अक्टूबर (शनिवार) और 4 अक्टूबर (रविवार)।दिसंबर क्रिसमस वीकेंड: 25 दिसंबर (शुक्रवार - क्रिसमस), 26 दिसंबर (शनिवार) और 27 दिसंबर (रविवार)।प्रमुख वैकल्पिक एवं प्रतिबंधित अवकाश (Restricted Holidays)कर्मचारियों को अपनी पसंद के अनुसार वर्ष भर में 2 से 3 वैकल्पिक अवकाश (RH) चुनने का अधिकार होता है:नववर्ष दिवस (New Year's Day): 1 जनवरी 2026 (गुरुवार)मकर संक्रांति / पोंगल (Makar Sankranti / Pongal): 14-15 जनवरी 2026बसंत पंचमी (Basant Panchami): 23 जनवरी 2026 (शुक्रवार)महाशिवरात्रि (Maha Shivratri): 15 फरवरी 2026 (रविवार)होलिका दहन (Holika Dahan): 2-3 मार्च 2026गुड़ी पड़वा / उगादी (Gudi Padwa / Ugadi): 19 मार्च 2026 (गुरुवार)रक्षाबंधन (Raksha Bandhan): 28 अगस्त 2026 (शुक्रवार)गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi): 14 सितंबर 2026 (सोमवार)करवा चौथ (Karwa Chauth): 29 अक्टूबर 2026 (गुरुवार)गोवर्धन पूजा एवं भाई दूज: 9-11 नवंबर 2026छठ पूजा (Chhath Puja): 15 नवंबर 2026 (रविवार)यात्रा और पारिवारिक आयोजनों की योजना बनाने का सही समययदि आप नए साल में परिवार के साथ लंबी यात्रा, धार्मिक तीर्थाटन या वेकेशन पर जाने की सोच रहे हैं, तो अभी से इन तिथियों को ध्यान में रखकर ट्रेन और फ्लाइट टिकट तथा होटलों की बुकिंग कर सकते हैं। बीच के किसी एक कार्यदिवस (जैसे गुरुवार या मंगलवार के आसपास) पर आकस्मिक अवकाश (CL) लेकर आप 4 से 5 दिनों की लंबी छुट्टी का आनंद आसानी से उठा सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Aug 2026 10:22 pm

Nepal Floods: महाराष्ट्र के 37 पर्यटक सुरक्षित Mumbai पहुंचे, जताया आभार

(फोटो के साथ)मुंबई, 29 अगस्त नेपाल में इस सप्ताह की शुरुआत में आई भीषण बाढ़ में फंसने वाले महाराष्ट्र के पर्यटकों ने शनिवार को मुंबई पहुंचकर राहत की सांस ली। कई लोगों ने कहा कि उन्हें लगा कि भगवान ने उन्हें बचा लिया। उन्होंने सुरक्षित घर लौटने में मदद करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार का आभार भी जताया। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद आई बाढ़ ने कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया। इस घटना में मध्य नेपाल में महत्वपूर्ण ढांचे को नुकसान पहुंचा और जलविद्युत केंद्र बह गए। इस आकस्मिक बाढ़ से मरने वालों की संख्या शनिवार को बढ़कर 669 हो गई, जबकि अब भी 2,000 से अधिक लोग लापता हैं। नेपाल से कुल 37 पर्यटक शनिवार शाम मुंबई लौटे। मुंबई हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद एक पर्यटक ने कहा, हम खुश हैं कि सुरक्षित वापस आ गए हैं। हमें लगता है कि भगवान ने हमें बचा लिया। केंद्र और महाराष्ट्र सरकार ने घर लौटने में हमारी मदद की, इसके लिए हम उनके आभारी हैं। कैलास मानसरोवर यात्रा पर गए एक अन्य पर्यटक ने उस समय को याद किया, जब उन्हें अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही का पता चला। उन्होंने कहा, भगवान की कृपा से हम सुरक्षित लौट आए। हम 26 अगस्त को सागा (तिब्बत) पहुंच गए थे और उसके बाद हमें पता चला कि अचानक आई बाढ़ ने कितनी तबाही मचाई है। पर्यटक ने बताया कि समूह अपने तय कार्यक्रम से एक दिन देरी से पहुंचा, लेकिन वापसी यात्रा के दौरान उन्हें किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा, मुश्किल हालात में चीन और नेपाल सरकारों के बीच तालमेल भी अच्छा रहा। एक अन्य महिला पर्यटक ने सुरक्षित वापसी को भगवान का आशीर्वाद बताया। उन्होंने कहा, भगवान का पूरा आशीर्वाद हमारे साथ था, इसलिए हम कैलास पर्वत की यात्रा सुरक्षित पूरी कर सके।

प्रभासाक्षी 29 Aug 2026 10:22 pm

मलबे में तब्‍दील हुई पशुपतिनाथ की भूमि नेपाल, कई जिंदगियां लापता, किसी की गोद उजड़ी, किसी की जिंदगी का सहारा

कुदरत के कहर और पहाड़ों से बही गगनचुंबी तबाही ने पशुपतिनाथ की पवित्र भूमि नेपाल को पल भर में मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया है। चारों तरफ सिर्फ चीख-पुकार, पसरा हुआ सन्नाटा और अपनों को ढूंढती बेबस निगाहें हैं। इस भयानक मंजर ने किसी मां की गोद सूनी कर ...

वेब दुनिया 29 Aug 2026 10:22 pm

'रास्ते सीधे हों या टेढ़े-मेढ़े, सभी ईश्वर की ओर ही जाते हैं', न्यूयॉर्क से मोहन भागवत का संदेश

अमेरिका के न्यूयॉर्क में 'एक दुनिया, एक मानवता' कार्यक्रम को मोहन भागवत को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने बताया कि पूजा-पद्धतियां अलग हो सकती हैं, पर अंतिम सत्य और मानवता ही है.

आज तक 29 Aug 2026 10:15 pm

न्यू मदर के लिए रेलवे का बड़ा तोहफा, 500 स्टेशनों पर शुरू हुआ बेबी फीडिंग रूम, जानें क्या मिलेगी सुविधा

ट्रेन या रेलवे स्टेशन पर न्यू मदर के लिए नवजात बच्चे को बेबी फीड यानी उसे मां का दूध पिलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. इसके लिए रेलवे ने नई सुविधा शुरू की है.

NDTV इंडिया 29 Aug 2026 10:15 pm

GIVA ने खुलकर किया कृति सेनन का सपोर्ट, राखी एड हटाने की बताई असली वजह

ज्वेलरी ब्रांड के फाउंडर इशेंद्र अग्रवाल ने कहा कि कुछ स्टोर के आसपास तनाव के कारण स्टाफ की सुरक्षा को लेकर चिंताएं पैदा होने पर ब्रांड ने रक्षाबंधन का विज्ञापन हटा लिया.

आज तक 29 Aug 2026 10:12 pm

Kottayam में खुद को IPS बताकर नाबालिग का यौन उत्पीड़न करने वाला गिरफ्तार

केरलम के कोट्टायम में एक व्यक्ति को खुद को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी के रूप में पेश करके एक नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न करने और कई अन्य लोगों के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान वडावथूर के रहने वाले आदित्यन के तौर पर हुई है। उन्होंने बताया कि आदित्यन ने सोशल मीडिया पर खुद को आईपीएस अधिकारी के तौर पर पेश करके नाबालिग लड़की से दोस्ती की। अधिकारी के मुताबिक, बाद में आरोपी ने शादी का झांसा देकर लड़की का यौन उत्पीड़न किया। उन्होंने बताया कि हालांकि, लड़की के गर्भवती होने पर आदित्यन उससे दूरी बनाने लगा, जिसके बाद परिजन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अधिकारी के अनुसार, कोट्टायम पश्चिम पुलिस ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आदित्यन ने खुद को आईपीएस अधिकारी के तौर पर पेश करके कई लोगों को ठगा था। पुलिस के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद आदित्यन के खिलाफ धोखाधड़ी की घटनाओं के लिए अलग-अलग मामले दर्ज किए जाएंगे। पुलिस ने बताया कि आदित्यन को शनिवार को अदालत में पेश किया, जिसने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

प्रभासाक्षी 29 Aug 2026 10:12 pm

SBI में नौकरी का बंपर मौका: 3000 से अधिक पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, जानें योग्यता, चयन प्रक्रिया और ऑनलाइन आवेदन का तरीका

देश के सबसे बड़े वाणिज्यिक बैंक 'भारतीय स्टेट बैंक' (State Bank of India - SBI) में सरकारी नौकरी पाने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर सामने आया है। एसबीआई के सेंट्रल रिक्रूटमेंट एंड प्रमोशन डिपार्टमेंट (CRPD) ने विभिन्न संवर्गों (Cadres) के तहत 3000 से अधिक रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए आधिकारिक भर्ती अधिसूचना जारी कर दी है। बैंकिंग सेक्टर में स्थिरता, आकर्षक वेतनमान, सामाजिक प्रतिष्ठा और बेहतरीन करियर ग्रोथ के चलते हर साल लाखों युवा एसबीआई की भर्तियों का बेसब्री से इंतजार करते हैं। इस बार बैंक द्वारा जूनियर एसोसिएट्स, स्पेशलिस्ट ऑफिसर्स और अन्य तकनीकी व प्रबंधन पदों के लिए यह महा-भर्ती अभियान शुरू किया गया है।पद विवरण और रिक्तियों का विस्तृत ब्यौराएसबीआई द्वारा जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, विभिन्न श्रेणियों और सर्किलों के लिए रिक्तियों का विभाजन किया गया है:क्लर्क / जूनियर एसोसिएट (Customer Support & Sales): देश भर के विभिन्न राज्यों और सर्किलों में ग्राहक सेवा, कैश हैंडलिंग और बैंकिंग ऑपरेशंस के लिए बड़े पैमाने पर पदों को भरा जा रहा है।स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिसर (SCO): आईटी, साइबर सिक्योरिटी, सिस्टम्स, क्रेडिट एनालिस्ट, रिस्क मैनेजमेंट, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और मार्केटिंग जैसे तकनीकी और प्रबंधन क्षेत्रों के लिए अनुभवी प्रोफेशनल्स की भर्ती।सर्किल बेस्ड ऑफिसर (CBO) व अन्य पद: विभिन्न क्षेत्रीय सर्किलों में ऑपरेशंस को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पदों पर नियुक्तियां प्रस्तावित हैं।आरक्षण के नियम: कुल रिक्तियों में केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और दिव्यांग (PwBD) उम्मीदवारों के लिए श्रेणीवार आरक्षण का पूरा प्रावधान किया गया है।शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा के कड़े मानकएसबीआई में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को पद के अनुसार निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य है:शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification):क्लेरिकल / जूनियर एसोसिएट पदों के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से किसी भी विषय में स्नातक (Graduation) की डिग्री अनिवार्य है।स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिसर्स (SCO) के लिए संबंधित क्षेत्र में बीई/बीटेक (BE/B.Tech), एमसीए (MCA), एमबीए (MBA), सीए (CA) या पोस्ट ग्रेजुएशन की विशिष्ट डिग्री और न्यूनतम कार्यानुभव मांगा गया है।अभ्यर्थियों को उस संबंधित राज्य की स्थानीय भाषा (Local Language) का पढ़ना, लिखना और बोलना आना अनिवार्य है, जहां से वे आवेदन कर रहे हैं।आयु सीमा (Age Limit):सामान्य वर्ग (General/EWS) के लिए न्यूनतम आयु 20 वर्ष और अधिकतम आयु 28 वर्ष (पदों के अनुसार 30 से 35 वर्ष तक) तय की गई है।आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी—ओबीसी वर्ग को 3 वर्ष, एससी/एसटी को 5 वर्ष और दिव्यांग वर्ग (PwBD) को 10 से 15 वर्ष तक की छूट का प्रावधान है।चयन प्रक्रिया (Selection Process) और परीक्षा का प्रारूपएसबीआई में उम्मीदवारों का चयन एक पारदर्शी और बहु-स्तरीय प्रक्रिया के आधार पर किया जाता है:चरण 1: प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam): 100 अंकों की ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT), जिसमें इंग्लिश लैंग्वेज (30 प्रश्न), क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड (35 प्रश्न) और रीजनिंग एबिलिटी (35 प्रश्न) के कुल 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाते हैं। समय सीमा 1 घंटा होती है।चरण 2: मुख्य परीक्षा (Main Exam): प्रीलिम्स में सफल उम्मीदवारों को मेन्स परीक्षा में शामिल होना होता है। इसमें जनरल/फाइनेंशियल अवेयरनेस, जनरल इंग्लिश, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड और रीजनिंग व कंप्यूटर एप्टीट्यूड से जुड़े 200 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं।चरण 3: स्थानीय भाषा टेस्ट (Language Proficiency Test - LPT): मेन्स परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों के लिए संबंधित राज्य की स्थानीय भाषा का टेस्ट लिया जाता है (जिन्होंने 10वीं या 12वीं में वह भाषा पढ़ी है, उन्हें छूट मिलती है)।चरण 4: साक्षात्कार / इंटरव्यू (SCO पदों के लिए): स्पेशलिस्ट ऑफिसर और उच्च पदों के लिए शॉर्टलिस्टिंग के बाद सीधे व्यक्तिगत साक्षात्कार और ग्रुप डिस्कशन के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार होती है।नेगेटिव मार्किंग: वस्तुनिष्ठ परीक्षाओं में प्रत्येक गलत उत्तर पर एक-चौथाई (0.25) अंक की कटौती की जाएगी।ऑनलाइन आवेदन करने का पूरा स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेसइच्छुक और योग्य उम्मीदवार नीचे दिए गए सरल चरणों का पालन करके अपना ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं:स्टेप 1: आधिकारिक पोर्टल पर जाएंसबसे पहले भारतीय स्टेट बैंक के आधिकारिक करियर पोर्टल sbi.co.in/careers या sbi.bank.in/web/careers पर जाएं।स्टेप 2: 'Current Openings' सेक्शन खोलेंहोमपेज पर जाकर 'Join SBI' मेन्यू के अंदर 'Current Openings' विकल्प पर क्लिक करें।स्टेप 3: संबंधित भर्ती नोटिफिकेशन और 'Apply Online' का चयन करेंसंबंधित भर्ती विज्ञापन पर क्लिक करें और 'Apply Online' लिंक को खोलें।स्टेप 4: नया रजिस्ट्रेशन (New Registration) करें'Click here for New Registration' पर क्लिक करके अपना नाम, एक्टिव मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करें। इसके बाद आपके मोबाइल और ईमेल पर प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड प्राप्त होगा।स्टेप 5: व्यक्तिगत और शैक्षणिक विवरण भरेंलॉगिन करके अपना पूरा फॉर्म भरें, जिसमें पता, शैक्षणिक योग्यता, वर्ग और परीक्षा केंद्र की प्राथमिकता का सही चुनाव करें।स्टेप 6: फोटो, हस्ताक्षर और डॉक्यूमेंट्स अपलोड करेंनिर्धारित साइज और फॉर्मेट में अपनी नवीनतम पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो, हस्ताक्षर, बाएं हाथ के अंगूठे का निशान और हस्तलिखित घोषणा पत्र (Handwritten Declaration) स्कैन करके अपलोड करें।स्टेप 7: आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान और प्रिंटआउटसामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए निर्धारित आवेदन शुल्क (लगभग ₹750) का भुगतान नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड या यूपीआई के माध्यम से करें (एससी/एसटी/दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए शुल्क देय नहीं होता)। भुगतान सफल होने के बाद भरे हुए फॉर्म का प्रिंटआउट निकालकर भविष्य के लिए सुरक्षित रख लें।आवेदन करते समय इन जरूरी बातों का रखें विशेष ध्यानअंतिम तिथि से पहले आवेदन: बैंक सर्वर पर अंतिम दिनों में भारी ट्रैफिक के कारण तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं, इसलिए उम्मीदवार अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय पर रजिस्ट्रेशन पूरा करें।दस्तावेजों की प्रामाणिकता: फॉर्म में भरी गई सभी जानकारियां (नाम, जन्मतिथि, माता-पिता का नाम) 10वीं के प्रमाण पत्र और आधार कार्ड से बिल्कुल मेल खानी चाहिए।सिर्फ एक सर्किल/राज्य से आवेदन: उम्मीदवार किसी एक ही राज्य या सर्किल के लिए आवेदन कर सकते हैं, कई राज्यों से अलग-अलग फॉर्म भरने पर उम्मीदवारी निरस्त की जा सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Aug 2026 10:09 pm

अब बिजली बिल और गैस सिलेंडर की नो टेंशन! छत पर लगाएं सोलर वॉटर हीटर, मिलेगा 24 घंटे फ्री गर्म पानी और सरकारी सब्सिडी

सर्दियों का मौसम आते ही अधिकांश घरों में गीजर और वॉटर हीटर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ जाता है, जिसके चलते महीने का बिजली बिल अचानक दो से तीन गुना तक उछल जाता है। वहीं दूसरी तरफ, एलपीजी (LPG) गैस गीजर के इस्तेमाल में सिलेंडर जल्दी खत्म होने का आर्थिक बोझ और बाथरूम में वेंटिलेशन न होने पर गैस लीकेज का सुरक्षा जोखिम बना रहता है। इन दोनों समस्याओं का सबसे सुरक्षित, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल समाधान है—सोलर वॉटर हीटर (Solar Water Heating System)। अपनी छत पर एक बार सोलर वॉटर हीटर लगवाकर आप न केवल साल भर बिना किसी बिजली या गैस के खर्च के 24 घंटे खौलता हुआ गर्म पानी पा सकते हैं, बल्कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा दी जाने वाली आकर्षक सब्सिडी व रिबेट का सीधा फायदा भी उठा सकते हैं।सोलर वॉटर हीटर कैसे काम करता है और यह क्यों है सुपर-इफेक्टिव?सोलर वॉटर हीटर सूरज की सौर तापीय ऊर्जा (Solar Thermal Energy) का उपयोग करके पानी को सीधे गर्म करता है। इसमें फोटोवोल्टिक (PV) बिजली उत्पादन की जरूरत नहीं होती, बल्कि यह 'थर्मोसाइफन सिद्धांत' (Thermosyphon Principle) पर काम करता है:सोलर कलेक्टर्स (Tubes/Panels): छत पर लगी विशेष कांच की ट्यूब्स या कॉपर पैनल्स सूर्य की किरणों को सोखकर ऊष्मा (हीट) में बदलते हैं और उनके अंदर बहने वाले पानी को 60C से 85C तक गर्म कर देते हैं।इंसुलेटेड स्टोरेज टैंक (Insulated Tank): गर्म पानी ऊपर उठकर एक अत्यधिक इंसुलेटेड स्टेनलेस स्टील (SS) या इनर-ग्लास लाइन्ड टैंक में जमा हो जाता है। इस टैंक में पफ (PUF) इंसुलेशन होने के कारण पानी रात भर और अगले दिन भी लगातार 24 से 48 घंटे तक गर्म बना रहता है।बादल वाले दिनों के लिए बैकअप: घने कोहरे या लगातार बारिश वाले दिनों के लिए इसमें एक वैकल्पिक इलेक्ट्रिक बैकअप हीटिंग एलिमेंट (1.5 kW से 2 kW) लगा होता है, जिसे जरूरत पड़ने पर ही ऑन किया जाता है।ETC बनाम FPC: कौन सा सोलर हीटर आपके घर के लिए है बेस्ट?बाजार में मुख्य रूप से दो प्रकार की तकनीकों वाले सोलर वॉटर हीटर उपलब्ध हैं:1. इवैक्युएटेड ट्यूब कलेक्टर (ETC System):खासियत: यह कांच की डबल-लेयर वैक्यूम ट्यूब्स पर आधारित होता है। यह कम धूप और ठंडे मौसम में भी तेजी से पानी गर्म करता है।लागत: यह तुलनात्मक रूप से सस्ता और मेंटेनेंस में आसान होता है।किसके लिए उपयुक्त: सामान्य बोरवेल या कम टीडीएस (TDS) वाले पानी और घरेलू उपयोग के लिए सबसे लोकप्रिय विकल्प।2. फ्लैट प्लेट कलेक्टर (FPC System):खासियत: इसमें मेटैलिक कॉपर एब्सॉर्बर प्लेट और टफन्ड ग्लास का इस्तेमाल होता है। यह बेहद मजबूत, लंबे समय तक चलने वाला (20+ साल लाइफ) और वेदर-रेसिस्टेंट होता है।लागत: ईटीसी की तुलना में यह थोड़ा अधिक महंगा होता है।किसके लिए उपयुक्त: भारी दबाव वाले प्रेशर पंप (Hydro-pneumatic systems), अत्यधिक खारे पानी और होटलों/अस्पतालों जैसे व्यावसायिक परिसरों के लिए बेस्ट।सोलर वॉटर हीटर पर सरकारी सब्सिडी और बिजली बिल में विशेष रिबेटनवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) और विभिन्न राज्य अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसियों (जैसे HAREDA, MEDA, UPNEDA आदि) द्वारा सोलर वॉटर हीटर को बढ़ावा देने के लिए कई तरह के वित्तीय प्रोत्साहन दिए जाते हैं:राज्य स्तरीय पूंजीगत सब्सिडी: कई राज्यों में घरेलू उपभोक्ताओं को 100 लीटर से लेकर 500 लीटर क्षमता के सिस्टम पर क्षमता अनुसार ₹4,000 से लेकर ₹10,000 तक की एकमुश्त सब्सिडी सीधे बैंक खाते में दी जाती है।बिजली बिल में मासिक रिबेट (Rebate on Electricity Bill): कई राज्यों के बिजली वितरण निगम (DISCOMs) सोलर वॉटर हीटर लगाने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को उनके मासिक बिजली बिल पर प्रति 100 लीटर क्षमता पर ₹100 से ₹300 तक की मासिक छूट (Rebate) प्रदान करते हैं। यह छूट सिस्टम की पूरी लाइफ तक बिजली बिल में मिलती रहती है।प्रॉपर्टी टैक्स में छूट: कुछ नगर निगम सोलर वॉटर हीटर लगे मकानों के हाउस टैक्स / प्रॉपर्टी टैक्स में 5% से 10% की अतिरिक्त वार्षिक छूट भी देते हैं।परिवार के हिसाब से सही कैपेसिटी का चुनाव कैसे करें?3 से 4 सदस्यों का छोटा परिवार: 100 से 150 लीटर प्रति दिन (LPD) क्षमता का सिस्टम पर्याप्त होता है।5 से 7 सदस्यों का मध्यम परिवार: 200 से 250 लीटर प्रति दिन (LPD) क्षमता का सोलर हीटर उपयुक्त है।बड़ा संयुक्त परिवार / विला: 300 से 500 LPD क्षमता की आवश्यकता होती है।लागत, बचत और निवेश की रिकवरी (ROI) का पूरा गणितऔसत शुरुआती लागत: 100 से 200 लीटर के ईटीसी सोलर वॉटर हीटर की अनुमानित कीमत सभी फिटिंग्स और टैक्स मिलाकर लगभग ₹22,000 से ₹38,000 के बीच होती है।वार्षिक बिजली की बचत: एक सामान्य 2 kW का इलेक्ट्रिक गीजर सर्दियों में रोजाना 3 से 4 घंटे चलने पर महीने में 150 से 200 यूनिट बिजली की खपत करता है। सोलर हीटर लगाने से आप सालाना लगभग ₹8,000 से ₹15,000 की शुद्ध बिजली बचाते हैं।पैसा वसूल (Payback Period): बिजली और एलपीजी में होने वाली बचत को मिलाकर मात्र 2 से 3 वर्षों के भीतर सोलर हीटर की पूरी लागत वसूल हो जाती है, जिसके बाद अगले 15 से 18 साल तक बिल्कुल मुफ्त गर्म पानी मिलता रहता है।सोलर वॉटर हीटर लगवाते समय इन बातों का रखें ध्यानधूप की उपलब्धता: छत पर ऐसी खुली जगह चुनें जहां दिन भर में कम से कम 5 से 6 घंटे सीधी धूप आती हो और किसी पेड़ या ऊंची दीवार की छाया न पड़ती हो।पानी की टंकी की ऊंचाई: ओवरहेड कोल्ड वॉटर टैंक का लेवल सोलर हीटर के स्टोरेज टैंक से कम से कम 4 से 6 फीट ऊपर होना चाहिए ताकि ग्रेविटी के जरिए पानी का प्राकृतिक दबाव बना रहे।विश्वसनीय ब्रांड और वारंटी: हमेशा बीआईएस (BIS / MNRE) प्रमाणित कंपनियों से ही उत्पाद खरीदें और कम से कम 5 से 7 साल की टैंक वारंटी जरूर सुनिश्चित करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Aug 2026 10:07 pm

अब आधार कार्ड से साबित नहीं होगी नागरिकता या जन्मतिथि, UIDAI ने साफ किए नियम; जानें सिर्फ पहचान के लिए क्यों मान्य है ये डॉक्यूमेंट

भारत में रहने वाले लगभग हर नागरिक के लिए 12 अंकों का विशिष्ट पहचान पत्र यानी आधार कार्ड दैनिक जीवन का एक अभिन्न अंग बन चुका है। बैंक खाता खुलवाने, सिम कार्ड लेने, सरकारी योजनाओं की सब्सिडी प्राप्त करने से लेकर यात्रा के दौरान पहचान दर्ज कराने तक हर जगह आधार का उपयोग किया जाता है। लेकिन आम जनता के बीच लंबे समय से यह गलत धारणा रही है कि आधार कार्ड भारतीय नागरिकता (Indian Citizenship) और जन्मतिथि (Date of Birth) का भी अंतिम और पुख्ता कानूनी प्रमाण है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI), केंद्रीय मंत्रालयों और विभिन्न उच्च न्यायालयों व सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी सर्कुलर और आदेशों में यह बात पूरी तरह स्पष्ट कर दी गई है कि आधार कार्ड केवल और केवल 'पहचान का प्रमाण' (Proof of Identity) और 'पते का प्रमाण' (Proof of Address) है, यह किसी भी सूरत में नागरिकता या जन्मतिथि का निर्णायक प्रमाण पत्र नहीं है।यूआईडीएआई के सर्कुलर में क्या लिखा है?यूआईडीएआई द्वारा समय-समय पर जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों और संशोधित सर्कुलर में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि आधार अधिनियम (Aadhaar Act, 2016) की धारा 9 के तहत आधार धारक को आधार संख्या जारी होना उसकी नागरिकता या अधिवास (Domicile) का प्रमाण नहीं है। आधार कार्ड के नए डिजिटल और भौतिक प्रारूपों में भी अब स्पष्ट रूप से यह वैधानिक चेतावनी (Disclaimer) मुद्रित की जा रही है: आधार पहचान का प्रमाण है, नागरिकता या जन्मतिथि का नहीं।प्राधिकरण ने सभी सरकारी विभागों, बैंकों, पासपोर्ट सेवा केंद्रों, शिक्षण संस्थानों और भर्ती बोर्डों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि किसी भी व्यक्ति की नागरिकता या सटीक जन्मतिथि के सत्यापन के लिए केवल आधार पर निर्भर न रहा जाए, बल्कि इसके लिए अन्य वैधानिक दस्तावेजों की मांग की जाए।आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण क्यों नहीं हो सकता?आधार कार्ड को नागरिकता का दस्तावेज न मानने के पीछे कई ठोस वैधानिक और तकनीकी कारण हैं:निवासी स्थिति पर आधारित (Resident-based Document): आधार कार्ड भारत में रहने वाले किसी भी व्यक्ति को जारी किया जा सकता है, जो आवेदन की तारीख से ठीक पहले के 12 महीनों में कम से कम 182 दिन भारत में रहा हो। इसका मतलब है कि भारत में वैध वीजा या वर्क परमिट पर रहने वाले विदेशी नागरिक भी आधार कार्ड बनवाने के पात्र होते हैं।नागरिकता अधिनियम 1955: भारतीय नागरिकता केवल नागरिकता अधिनियम, 1955 के प्रावधानों (जन्म से, वंश से, पंजीकरण से या देशीयकरण द्वारा) के तहत ही तय होती है। चूंकि आधार जारी करते समय विदेशी नागरिकों के नागरिकता दावों की गहन जांच नहीं होती, इसलिए इसे नागरिकता का कानूनी सबूत नहीं माना जा सकता।पासपोर्ट और वोटर आईडी का महत्व: भारत में नागरिकता के प्राथमिक दस्तावेजों के रूप में भारतीय पासपोर्ट (Indian Passport), मतदाता पहचान पत्र (Voter ID / EPIC) और सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी नागरिकता प्रमाण पत्र ही मान्य होते हैं।जन्मतिथि (DOB Proof) के रूप में आधार की मान्यता पर क्यों लगी रोक?स्कूल एडमिशन, प्रतियोगी परीक्षाओं, पेंशन दावों और भविष्य निधि (EPFO) निकासी के दौरान पहले जन्मतिथि के प्रमाण के तौर पर आधार कार्ड का व्यापक इस्तेमाल होता था। हालांकि, ईपीएफओ (EPFO), बॉम्बे हाईकोर्ट और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के निर्देशों के बाद जन्मतिथि के सत्यापन के लिए आधार के उपयोग को सीमित कर दिया गया है।घोषित जन्मतिथि (Declared DOB): आधार नामांकन के शुरुआती वर्षों में कई लोगों ने बिना किसी आधिकारिक जन्म प्रमाण पत्र के केवल स्व-घोषणा (Self-declaration) या अनुमान के आधार पर उम्र दर्ज करा दी थी। कई आधार कार्डों में केवल जन्म का वर्ष लिखा होता था, सटीक तारीख और महीना नहीं।दस्तावेजी सत्यापन की कमी: कई मामलों में आधार कार्ड पर दर्ज जन्मतिथि और स्कूल प्रमाण पत्र की जन्मतिथि में बड़ा अंतर पाया गया, जिससे कानूनी विवाद खड़े हुए। इसी कारण न्यायिक आदेशों में यह तय किया गया कि जन्मतिथि के कानूनी विवाद में आधार कार्ड को अकाट्य साक्ष्य (Conclusive Proof) नहीं माना जाएगा।अब जन्मतिथि और नागरिकता साबित करने के लिए कौन-से दस्तावेज मान्य हैं?सरकारी कामकाज, पासपोर्ट बनवाने, ईपीएफओ क्लेम और नौकरियों में जन्मतिथि व नागरिकता प्रमाणित करने के लिए अब निम्नलिखित अधिकृत दस्तावेजों को प्राथमिकता दी जाती है:जन्मतिथि (DOB) के लिए वैध दस्तावेज:नगर निगम, नगर पालिका या ग्राम पंचायत द्वारा जारी मूल जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)।मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी 10वीं कक्षा (मैट्रिकुलेशन) की मार्कशीट या पासिंग सर्टिफिकेट।सरकारी अस्पताल द्वारा जारी डिस्चार्ज समरी / जन्म रिकॉर्ड।पासपोर्ट और पैन कार्ड (सत्यापित रिकॉर्ड के साथ)।नागरिकता (Citizenship) के लिए वैध दस्तावेज:भारत सरकार द्वारा जारी वैध भारतीय पासपोर्ट।भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी वोटर आईडी कार्ड।गृह मंत्रालय द्वारा जारी नागरिकता पंजीकरण प्रमाण पत्र (Registration / Naturalisation Certificate)।आधार कार्ड का सही और सुरक्षित उपयोग कहां-कहां जारी रहेगा?भले ही आधार कार्ड नागरिकता या जन्मतिथि का निर्णायक प्रमाण न हो, लेकिन देश के डिजिटल और वित्तीय बुनियादी ढांचे में इसका महत्व पहले की तरह बरकरार है:बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (Biometric Authentication): किसी भी व्यक्ति की वास्तविक पहचान (Proof of Identity) साबित करने के लिए फिंगरप्रिंट, आईरिस या फेस-आरडी प्रमाणीकरण का सबसे सटीक माध्यम आधार ही है।प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT Services): पीएम किसान, एलपीजी सब्सिडी, राशन कार्ड वितरण और सरकारी छात्रवृत्तियों का पैसा सीधे बैंक खाते में प्राप्त करने के लिए आधार सीडिंग अनिवार्य है।सिम कार्ड और बैंक खाता ई-केवाईसी: पेपरलेस डिजिटल केवाईसी के जरिए तुरंत नया बैंक खाता खोलने या नया मोबाइल कनेक्शन लेने के लिए आधार सबसे तेज माध्यम बना रहेगा।पते का प्रमाण (Address Proof): निवास स्थान के सत्यापन के लिए आधार कार्ड को सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता रहेगा।आम नागरिकों के लिए जरूरी सुझावयदि आपके आधार कार्ड, 10वीं के सर्टिफिकेट और जन्म प्रमाण पत्र में नाम, जन्मतिथि या माता-पिता के नाम की स्पेलिंग में कोई अंतर है, तो उसे तुरंत ठीक करवाएं। जन्मतिथि के लिए अपने नजदीकी आधार सेवा केंद्र पर जाकर वैध जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) या 10वीं की मार्कशीट की मूल प्रति अपलोड करके अपनी जन्मतिथि को 'वेरिफाइड' (Verified Status) में अपडेट कराएं ताकि भविष्य में किसी भी सरकारी या कानूनी प्रक्रिया में रुकावट न आए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Aug 2026 10:06 pm

शोक में डूबे नेपाल को फिलहाल राहत, चीन बॉर्डर के पास बनी झील फटने का खतरा टला

चीन-नेपाल सीमा के पास ग्लेशियर टूटने से बनी झील के अचानक फटने का खतरा फिलहाल कम हो गया है. दरअसल, झील का पानी धीरे-धीरे बाहर निकल रहा है. इसका आकार घट रहा है. अधिकारी रडार और ड्रोन के जरिए झील पर नजर रख रहे हैं. दूसरी बड़ी झील की भी पहचान हुई है, जिस पर भी नजर रखी जा रही है.

आज तक 29 Aug 2026 10:05 pm

Gorakhpur में बोले Yogi Adityanath, विकास विरोधी लोग जनता को जाति और क्षेत्र में बांट रहे

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर जाति, क्षेत्र और के नाम पर लोगों को बांटने का आरोप लगाया। गोरखपुर में एक कार्यक्रम में आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘बीआरडी मेडिकल कॉलेज (गोरखपुर में) को उच्चीकृत किया गया है और अब यह सुपर-स्पेशियलिटी सुविधाएं प्रदान करता है। एक क्षेत्रीय वायरोलॉजी केंद्र की स्थापना की गई है। गोरखपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान चालू हो गया है। इसके अलावा, देवरिया,कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच और गोंडा में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं और लोग इसका लाभ उठा रहे हैं।’’आदित्यनाथ ने कहा,‘‘एक अच्छी सरकार आती है और अच्छा प्रदर्शन करती है। इसलिए मैं कहता हूं कि यह काम इसलिए संभव हो सका क्योंकि यह राष्ट्रवाद और राष्ट्र प्रथम पर आधारित है, जहां राष्ट्र सर्वोपरि है। इसी भावना से प्रेरित होकर और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘डबल इंजन’ सरकार ने अपना काम शुरू किया। जो लोग इस विकास को नापसंद करते हैं, जो इन ‘कल्याण मंडपों’ (सामुदायिक हॉल), इन चौड़ी सड़कों, युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों और इस उत्सव के माहौल को नापसंद करते हैं- वे एक बार फिर काम कर रहे हैं। लोगों को जाति, क्षेत्र और के आधार पर विभाजित करने में लगे हुए हैं।’’आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘हमें उनसे सावधान रहने की जरूरत है। हमें उन पर भरोसा नहीं करना चाहिए। वे वास्तव में डकैतों का एक गिरोह हैं। जब भी उन्हें मौका मिलता है, वे लूटपाट करते हैं। उन्होंने राज्य और देश को लूटा और अराजकता फैलाई।’’मुख्यमंत्री 130 करोड़ रुपये से अधिक की 170 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के लिए गोरखपुर में थे। उन्होंने कहा,‘‘वे गरीबों और व्यापारियों की जमीन को जब्त करना अपना जन्मसिद्ध अधिकार मानते थे। हालांकि, यह ‘डबल इंजन’ भाजपा सरकार गरीबों पर अत्याचार नहीं होने देगी, न ही दलितों या हाशिए पर रहने वालों का शोषण होने देगी। यह किसी को भी किसी बेटी या किसी व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं देगी, और जो कोई भी ऐसा करने का प्रयास करेगा उससे इस ‘डबल इंजन’ सरकार द्वारा कानून के दायरे में सख्ती से निपटा जाएगा।

प्रभासाक्षी 29 Aug 2026 10:02 pm

कौन हैं माहिका शर्मा? हार्दिक पांड्या की नई गर्लफ्रेंड को लेकर चर्चा तेज, जानें दोनों की उम्र में कितना है बड़ा अंतर

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या अपनी निजी जिंदगी को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। नताशा स्टेनकोविक से अलग होने के बाद हार्दिक पांड्या का नाम फैशन मॉडल और एक्ट्रेस माहिका शर्मा (Mahieka Sharma) के साथ जुड़ा है। दोनों को कई मौकों पर साथ देखा गया और सोशल मीडिया पर साथ में तस्वीरें साझा करने के बाद फैंस और मीडिया के बीच इस नई जोड़ी को लेकर काफी दिलचस्पी बढ़ गई है।कौन हैं माहिका शर्मा?माहिका शर्मा भारतीय फैशन और ग्लैमर जगत का एक जाना-माना और तेजी से उभरता हुआ नाम हैं:शिक्षा और बैकग्राउंड: दिल्ली की रहने वाली माहिका ने पंडित दीनदयाल एनर्जी यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स और फाइनेंस में ग्रेजुएशन किया है। इसके अलावा उन्होंने कम्युनिटी साइकोलॉजी में भी कोर्स किया है और वह एक सर्टिफाइड योग इंस्ट्रक्टर भी हैं।मॉडलिंग और फैशन करियर: माहिका सब्यसाची मुखर्जी, मनीष मल्होत्रा, तरुण तहिलियानी और अनीता डोंगरे जैसे देश के शीर्ष फैशन डिजाइनरों के लिए रैंप वॉक कर चुकी हैं। वह तनिष्क, वीवो और यूनीक्लो जैसे बड़े ब्रांड्स के विज्ञापनों में भी नजर आ चुकी हैं।अवॉर्ड्स और पहचान: उन्हें भारतीय फैशन जगत में 'मॉडल ऑफ द ईयर (न्यू एज)' के खिताब से भी नवाजा जा चुका है और वह एले (Elle) व ग्राज़िया (Grazia) जैसी प्रमुख लाइफस्टाइल मैगजीन्स के कवर्स पर दिखाई दे चुकी हैं।दोनों की उम्र में कितना है अंतर (Age Gap)?हार्दिक पांड्या और माहिका शर्मा की उम्र में लगभग 7 से 8 साल का अंतर है:हार्दिक पांड्या की उम्र: हार्दिक पांड्या का जन्म 11 अक्टूबर 1993 को हुआ था, यानी वह करीब 32 वर्ष के हैं।माहिका शर्मा की उम्र: माहिका शर्मा का जन्म 19 फरवरी 2001 को हुआ था और उनकी उम्र लगभग 24-25 वर्ष है।पहले भी चर्चाओं में रही है हार्दिक की पर्सनल लाइफहार्दिक पांड्या ने साल 2020 में मॉडल और एक्ट्रेस नताशा स्टेनकोविक से शादी की थी। दोनों का एक बेटा अगस्त्य भी है। शादी के चार साल बाद 2024 में दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने की घोषणा की थी। इसके बाद अब हार्दिक और माहिका शर्मा की बॉन्डिंग को लेकर सोशल मीडिया पर काफी बज बना हुआ है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Aug 2026 10:00 pm

नोएडा में माफिया का खेल! चोरी की बिजली से हर महीने वसूल रहे थे 1.30 करोड़

नोएडा के छिजारसी डूब क्षेत्र में करीब 13 हजार अवैध बिजली कनेक्शनों का मामला सामने आने के बाद विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है. आरोप है कि निजी सिंडिकेट प्राइवेट मीटर और नेटवर्क के जरिए बिजली पहुंचा रहा था. न्यूनतम 1 हजार रुपये प्रति कनेक्शन के हिसाब से हर महीने करीब 1.30 करोड़ रुपये की वसूली का अनुमान है.

आज तक 29 Aug 2026 9:59 pm

ओवर स्पीडिंग पर सिर्फ चालान नहीं, अब 3 महीने के लिए सस्पेंड होगा ड्राइविंग लाइसेंस; ट्रैफिक पुलिस ने कड़े किए नियम

सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग (RTO) ने सख्त रुख अपनाया है। अक्सर वाहन चालक यह सोचते हैं कि ओवर स्पीडिंग (तय गति सीमा से तेज गाड़ी चलाना) पकड़े जाने पर केवल ऑनलाइन ई-चालान भरकर बचा जा सकता है। लेकिन मोटर वाहन संशोधन अधिनियम की धारा 19, केंद्रीय मोटर वाहन नियम और सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति (Supreme Court Committee on Road Safety) के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत, ओवर स्पीडिंग के मामले में चालान के साथ-साथ ड्राइविंग लाइसेंस (DL) को कम से कम 3 महीने के लिए सस्पेंड (निलंबित) करने का कड़ा कानूनी प्रावधान है।किन-किन गलतियों पर कटता है 3 महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस?यातायात नियमों के अनुसार, केवल ओवर स्पीडिंग ही नहीं, बल्कि कई गंभीर उल्लंघनों पर आरटीओ द्वारा 3 महीने का सस्पेंशन लागू किया जाता है:ओवर स्पीडिंग (Over Speeding): शहर, एक्सप्रेसवे या नेशनल हाईवे पर निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में वाहन चलाना।रेड लाइट जंप करना (Jumping Red Light): ट्रैफिक सिग्नल तोड़कर तेजी से गाड़ी निकालना।ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल: वाहन चलाते समय हाथ में फोन लेकर बात करना, टेक्स्ट करना या वीडियो देखना।शराब पीकर गाड़ी चलाना (Drunk Driving): पहली बार पकड़े जाने पर न्यूनतम 6 महीने का निलंबन, भारी जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान।कमर्शियल वाहनों में ओवरलोडिंग और खतरनाक ड्राइविंग: क्षमता से अधिक भार ढोना या बिना हेलमेट/सीटबेल्ट बार-बार नियम तोड़ना।कैसे काम करता है ऑटोमैटिक स्पीड कैमरा और लाइसेंस सस्पेंशन का सिस्टम?आजकल देश के सभी प्रमुख नेशनल हाईवे, एक्सप्रेसवे और बड़े शहरों के मुख्य चौराहों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) और लेजर-बेस्ड हाई-स्पीड कैमरे लगे हुए हैं:ऑटोमैटिक कैप्चर: जैसे ही कोई वाहन तय स्पीड लिमिट (जैसे 60, 80 या 100 किमी/घंटा) से ऊपर निकलता है, कैमरा उसकी गति और गाड़ी की नंबर प्लेट कैप्चर कर लेता है।ई-चालान और आरटीओ को सिफारिश: वाहन स्वामी के मोबाइल पर ई-चालान जेनरेट होता है। यदि गति बहुत अधिक (खतरनाक ड्राइविंग) है या बार-बार ओवर स्पीडिंग की जा रही है, तो ट्रैफिक पुलिस का सिस्टम सीधे संबंधित आरटीओ को लाइसेंस सस्पेंशन की सिफारिश भेज देता है।सारथी पोर्टल पर डिजिटल ब्लॉकिंग: आरटीओ द्वारा नोटिस जारी होने के बाद केंद्रीय 'सारथी' (Sarathi) डेटाबेस में संबंधित ड्राइविंग लाइसेंस का स्टेटस 'सस्पेंडेड' दर्ज कर दिया जाता है।3 महीने के सस्पेंशन के दौरान गाड़ी चलाने पर क्या होगा?यदि आपका ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड हो चुका है और उस 3 महीने की अवधि के दौरान आप दोबारा गाड़ी चलाते हुए पकड़े जाते हैं, तो इसे अत्यंत गंभीर अपराध माना जाता है:धारा 182 के तहत कार्रवाई: सस्पेंशन पीरियड में ड्राइविंग करने पर भारी जुर्माना (₹10,000 तक) और जेल की सजा हो सकती है।स्थायी रद्दीकरण (Permanent Revocation): बार-बार नियमों की अनदेखी करने पर आरटीओ आपके ड्राइविंग लाइसेंस को स्थायी रूप से रद्द कर सकता है, जिसके बाद आप नया लाइसेंस भी नहीं बनवा पाएंगे।बीमा क्लेम खारिज: यदि सस्पेंशन के दौरान कोई दुर्घटना हो जाती है, तो बीमा कंपनी किसी भी तरह के थर्ड-पार्टी या खुद के नुकसान का क्लेम पूरी तरह खारिज कर देती है।सस्पेंशन की अवधि पूरी होने के बाद कैसे बहाल होता है लाइसेंस?निर्धारित 3 महीने की अवधि समाप्त होने और सभी लंबित चालानों का भुगतान करने के बाद सारथी पोर्टल पर स्टेटस स्वतः अपडेट हो जाता है।कुछ राज्यों में लाइसेंस दोबारा एक्टिव कराने के लिए वाहन चालक को ट्रैफिक ट्रेनिंग स्कूल या रिफ्रेशर कोर्स पूरा करने का सर्टिफिकेट आरटीओ में जमा करना होता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Aug 2026 9:58 pm

बिहार में जमीन का पुराना दस्तावेज (केवाला) ऑनलाइन कैसे निकालें? घर बैठे डाउनलोड करें 50-100 साल पुराना रिकॉर्ड, जानें पूरी प्रक्रिया

बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पहले पूर्वजों के समय का 50 से 100 साल पुराना केवाला (Deed Document), खतियान या रजिस्टर्ड डीड की प्रमाणित प्रति निकलवाने के लिए लोगों को जिला निबंधन कार्यालय (Registry Office) या अंचल कार्यालय के महीनों चक्कर लगाने पड़ते थे। अब सरकार ने पुरानी और नई सभी रजिस्टर्ड डीड्स का डिजिटल रिकॉर्ड 'भूमि जानकारी' (Bhumijankari) पोर्टल पर लाइव कर दिया है। इसके जरिए राज्य का कोई भी नागरिक घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर से पुरानी जमीन का केवाला, खाता-खेसरा विवरण और डीड की कॉपी आसानी से देख और पीडीएफ फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकता है।पुराना केवाला ऑनलाइन सर्च करने के लिए जरूरी जानकारियांडिजिटल पोर्टल पर दस्तावेज खोजने के लिए आपके पास नीचे दी गई जानकारियों में से कुछ बुनियादी विवरण होने चाहिए:संबंधित जिले (District) का नामनिबंधन कार्यालय (Registration Office / SRO) का नामअंचल (Circle) और मौजा (Village/Mauza) का नामजमीन का खाता नंबर (Khata No.) या खसरा/प्लॉट नंबर (Khesra/Plot No.)डीड नंबर (Deed No.) या निबंधन का वर्ष (Registration Year - यदि याद हो)जमीन के क्रेता (Buyer) या विक्रेता (Seller) का नामस्टेप-बाय-स्टेप: 'भूमि जानकारी' पोर्टल से ऐसे डाउनलोड करें पुराना दस्तावेजस्टेप 1: आधिकारिक निबंधन पोर्टल पर जाएं सबसे पहले अपने वेब ब्राउज़र में बिहार सरकार के निबंधन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट bhumijankari.bihar.gov.in खोलें।स्टेप 2: 'View Registered Document' का विकल्प चुनें होमपेज पर उपलब्ध सेवाओं की सूची में से 'View Registered Document' या 'Search Document' वाले विकल्प पर क्लिक करें।स्टेप 3: समय सीमा (Year Phase) का सही चुनाव करें स्क्रीन पर रिकॉर्ड सर्च करने के तीन अलग-अलग विकल्प दिखाई देंगे:Online Registration (2016 To Till Date): 2016 के बाद के नए दस्तावेजों के लिए।Post Computerisation (2006 To 2015): 2006 से 2015 के बीच के दस्तावेजों के लिए।Pre-Computerisation (Before 2006): 2006 से पहले के पुराने और पुश्तैनी दस्तावेजों के लिए। अपने रिकॉर्ड के हिसाब से संबंधित रेडियो बटन को चुनें।स्टेप 4: लोकेशन और जमीन का विवरण दर्ज करें फॉर्म में अपना रजिस्ट्रेशन ऑफिस (Registration Office), अंचल, थाना कोड और मौजा का चयन करें। इसके बाद नीचे दिए गए सर्च विकल्पों में से खाता नंबर, प्लॉट नंबर या पार्टी का नाम भरें।स्टेप 5: 'Search' पर क्लिक करें और रिजल्ट देखें विवरण भरने के बाद 'Search' बटन पर क्लिक करें। नीचे उस मौजा और खाते से जुड़े सभी रजिस्टर्ड दस्तावेजों की सूची आ जाएगी। इसमें डीड नंबर, रजिस्ट्री की तारीख, क्रेता-विक्रेता का नाम और कुल रकबा दिखाई देगा।स्टेप 6: 'Click Here to View Details' और PDF डाउनलोड संबंधित दस्तावेज के सामने दिए गए 'View Details' या 'View Deed' विकल्प पर क्लिक करें। स्क्रीन पर आपके जमीन के पुराने केवाले की डिजिटल कॉपी खुल जाएगी, जिसे आप 'Print/Download' करके सुरक्षित रख सकते हैं।पुराना खतियान और जमाबंदी निकालने का तरीका (बिहार भूमि पोर्टल)यदि आपको जमीन का पुराना खतियान या वर्तमान जमाबंदी रजिस्टर (रजिस्टर-2) देखना है:राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के आधिकारिक पोर्टल biharbhumi.bihar.gov.in पर जाएं।'अपना खाता देखें' विकल्प पर क्लिक करके बिहार के नक्शे में अपने जिले और अंचल को चुनें।अपने मौजा का चयन करके खाता नंबर, खेसरा नंबर या खातेदार के नाम से सर्च करें।स्क्रीन पर पूरे खतियान का अधिकार अभिलेख प्रदर्शित हो जाएगा, जिसे सीधे प्रिंट किया जा सकता है।यदि ऑनलाइन रिकॉर्ड न मिले तो 'नकल' (Certified Copy) कैसे प्राप्त करें?यदि आपका दस्तावेज बहुत अधिक पुराना है और अभी तक स्कैन होकर पोर्टल पर अपलोड नहीं हुआ है:नकलखाना (Record Room) में आवेदन: अपने संबंधित जिला रजिस्ट्री ऑफिस (SRO) के रिकॉर्ड रूम में जाकर 'फॉर्म-1' भरकर प्रमाणित प्रति (Certified Copy) के लिए आवेदन दें।सर्च फीस का भुगतान: निर्धारित सरकारी खोज शुल्क (Search Fee) और स्टाम्प शुल्क जमा करने के बाद रजिस्ट्री ऑफिस के रिकॉर्ड रूम से मूल बही-खाते (Volumed Register) से ढूंढकर अधिकृत मुहर लगी प्रमाणित प्रतिलिपि जारी कर दी जाती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Aug 2026 9:55 pm

ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर नियामक एजेंसियों की सख्त कार्रवाई: बिना वैध लाइसेंस और नियमों के उल्लंघन पर ई-फार्मेसी कारोबार पर मंडराया संकट

देश में तेजी से बढ़ते डिजिटल हेल्थकेयर और ई-फार्मेसी (E-Pharmacy) सेक्टर पर सरकार, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) और स्वास्थ्य मंत्रालय का कड़ा रुख देखने को मिल रहा है। लंबे समय से बिना वैधानिक नियमों और वैध ऑनलाइन लाइसेंसिंग व्यवस्था के संचालित हो रहे ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स पर कड़े प्रतिबंध और नोटिस की कार्रवाई की गई है। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 और रूल्स 1945 के तहत वर्तमान में ऑनलाइन दवा बिक्री के लिए कोई अलग से वैधानिक व संहिताबद्ध कानून अधिसूचित नहीं है। इसके चलते कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स द्वारा शेड्यूल्ड दवाओं (Schedule H, H1 और X) की बिक्री, भारी छूट के विज्ञापन और डॉक्टर के वैध पर्चे (Prescription) के बिना दवाओं की होम डिलीवरी को लेकर गंभीर कानूनी व सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंताएं खड़ी हो गई हैं।8 लाख से अधिक ऑफलाइन केमिस्टों का विरोध और कानूनी विवादभारत में पारंपरिक मेडिकल स्टोर्स और दवा विक्रेताओं के सबसे बड़े संगठन 'ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स' (AIOCD) द्वारा ई-फार्मेसी कंपनियों के खिलाफ लगातार विरोध दर्ज कराया जा रहा है।अनियंत्रित डिस्काउंट और बाजार पर असर: ऑफलाइन केमिस्टों का आरोप है कि बड़ी ई-फार्मेसी कंपनियां विदेशी निवेश के दम पर 20% से लेकर 70% तक की भारी छूट (Predatory Pricing) देकर स्थानीय दवा दुकानों के कारोबार को खत्म कर रही हैं।दवाओं के दुरुपयोग का खतरा: ऑनलाइन माध्यम से नारकोटिक्स, एंटीबायोटिक्स और डिप्रेशन की हैबिट-फॉर्मिंग दवाओं (Habit-forming drugs) को बिना सख्त सत्यापन के मंगाए जाने का खतरा बना रहता है।अदालतों के अंतरिम आदेश: दिल्ली हाईकोर्ट और अन्य उच्च न्यायालयों में दायर जनहित याचिकाओं में दवाओं की अवैध ऑनलाइन बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने और सख्त ई-फार्मेसी नियम (E-Pharmacy Rules) लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।ई-फार्मेसी कंपनियों का पक्ष: मध्यस्थ मॉडल और मरीजों की सुविधादूसरी तरफ, देश की प्रमुख ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों का कहना है कि वे केवल एक डिजिटल प्लेटफॉर्म या 'इंटरमीडियरी' (Intermediary) के रूप में कार्य करती हैं।लाइसेंस्ड रिटेलर्स से सप्लाई: कंपनियों का दावा है कि उनके जरिए बेची जाने वाली 100% दवाएं राज्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन (State FDA) द्वारा लाइसेंस प्राप्त स्थानीय मेडिकल स्टोर्स से ही डिस्पैच होती हैं और पंजीकृत फार्मासिस्ट की देखरेख में ही बिल बनती हैं।रिमोट एरियाज में लाइफ-सेविंग सपोर्ट: ऑनलाइन दवाओं की होम डिलीवरी से बुजुर्गों, गंभीर रूप से बीमार मरीजों और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को घर बैठे किफायती व प्रामाणिक दवाएं प्राप्त करने में बड़ी मदद मिलती है।सरकार के नए ड्राफ्ट रूल्स: क्या होंगी प्रमुख शर्तें?स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा तैयार किए जा रहे प्रस्तावित नियामक ढांचे के तहत ऑनलाइन दवा बिक्री को पूरी तरह बंद करने के बजाय कड़े नियमों के दायरे में लाने की तैयारी है:केंद्रीय पंजीकरण अनिवार्य: केवल वही ई-पोर्टल दवाएं बेच सकेंगे, जो ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) के पास पंजीकृत होंगे।शेड्यूल X और नशीली दवाओं पर पूर्ण बैन: किसी भी प्रकार की नशीली, ट्रांक्विलाइजर और गंभीर साइकोट्रोपिक दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।कड़ा प्रिस्क्रिप्शन वेरिफिकेशन: हर ऑर्डर के साथ रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर (RMP) का सत्यापित डिजिटल पर्चा अपलोड करना और रिकॉर्ड मेंटेन करना अनिवार्य होगा।भ्रामक विज्ञापनों पर रोक: दवाओं की बिक्री बढ़ाने के लिए बढ़ा-चढ़ाकर भ्रामक छूट और विज्ञापन देने पर सख्त जुर्माने का प्रावधान होगा।करोड़ों के ई-हेल्थकेयर स्टार्टअप और निवेश पर असरनियामक अनिश्चितता और कानूनी सख्ती के चलते ऑनलाइन हेल्थकेयर और मेडिसिन डिलीवरी सेक्टर में काम कर रहे स्टार्टअप्स के वैल्यूएशन और पूंजी प्रवाह पर सीधा असर पड़ा है। कई कंपनियों को अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव करते हुए हाइब्रिड मॉडल (ऑनलाइन + ऑफलाइन स्टोर्स) अपनाना पड़ रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक सरकार आधिकारिक ई-फार्मेसी नीति को अंतिम रूप देकर अधिसूचित नहीं कर देती, तब तक नियमों का उल्लंघन करने वाले अनधिकृत प्लेटफॉर्म्स पर कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई जारी रहेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Aug 2026 9:54 pm

क्या आपका टूथब्रश दांतों के लिए सेफ है? जानिए कैसे टॉयलेट के बैक्टीरिया और गलत ब्रशिंग बिगाड़ सकते हैं ओरल हेल्थ

दांतों को चमकदार, स्वस्थ और सांसों को ताजा बनाए रखने के लिए रोजाना सुबह और रात को ब्रश करना बुनियादी ओरल हाइजीन का हिस्सा है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस टूथब्रश से आप अपने मुंह की सफाई करते हैं, वह खुद कितना साफ और सुरक्षित है? डेंटिस्ट्स और माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स के कई वैश्विक अध्ययनों में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गलत जगह पर रखा हुआ और महीनों पुराना टूथब्रश लाखों खतरनाक बैक्टीरिया, फंगस और वायरस का अड्डा बन सकता है। साफ करने के बजाय ऐसा टूथब्रश आपके मुंह में गंभीर संक्रमण, मसूड़ों की बीमारी और दांतों के क्षरण (Tooth Decay) का मुख्य कारण बन सकता है।बाथरूम में रखा टूथब्रश और टॉयलेट फ्लश का 'एरोसोल इफेक्ट'अधिकांश घरों में वाशबेसिन और टॉयलेट सीट एक ही बाथरूम में अगल-बगल होते हैं। जब टॉयलेट पॉट को बिना ढक्कन (Lid) बंद किए फ्लश किया जाता है, तो पानी के तेज दबाव से हवा में सूक्ष्म जलकण (Airborne Aerosol Droplets) फैलते हैं, जिन्हें 'टॉयलेट प्लम' (Toilet Plume) कहा जाता है। ये कण 6 से 8 फीट की दूरी तक हवा में तैरते हैं और सीधे वाशबेसिन पर खुले रखे टूथब्रश के ब्रिसल्स (Bristles) पर चिपक जाते हैं। इन कणों में ई. कोलाई (E. coli), स्टैफिलोकोकस और स्ट्रेप्टोकोकस जैसे संक्रामक बैक्टीरिया होते हैं, जो अगली सुबह ब्रश करते समय सीधे आपके मुंह के अंदर पहुंच जाते हैं।पुराना और सख्त टूथब्रश: मसूड़ों और इनेमल का सबसे बड़ा दुश्मनबहुत से लोग जब तक टूथब्रश के ब्रिसल्स पूरी तरह टेढ़े या चपटे नहीं हो जाते, तब तक नया ब्रश नहीं खरीदते। लंबे समय तक एक ही ब्रश इस्तेमाल करने से दांतों को भारी नुकसान पहुंचता है:दांतों के इनेमल (Enamel) का घिसना: पुराने और सख्त ब्रिसल्स दांतों की बाहरी सुरक्षात्मक परत (इनेमल) को रगड़कर घिस देते हैं। इससे दांतों में ठंडा-गर्म पानी लगने यानी तेज सेंसिटिविटी (Tooth Sensitivity) की समस्या शुरू हो जाती है।मसूड़ों का पीछे हटना (Gum Recession): कड़े ब्रिसल्स से लगातार जोर लगाकर ब्रश करने से मसूड़ों में घाव, सूजन और खून बहने की दिक्कत (Gingivitis) हो जाती है। समय के साथ मसूड़े अपनी जगह छोड़ देते हैं, जिससे दांतों की जड़ें कमजोर होकर हिलने लगती हैं।प्लाक हटाने में अक्षमता: घिसे हुए और मुड़े हुए ब्रिसल्स दांतों के कोनों और पिछले हिस्से (Molars) तक नहीं पहुंच पाते, जिससे दांतों के बीच बैक्टीरिया और पीला प्लाक जमा होता रहता है।टूथब्रश पर बैक्टीरिया पनपने की 4 आम गलतियांगीले ब्रश को प्लास्टिक कैप में बंद करके रखना: कई लोग सफाई के नाम पर गीले टूथब्रश पर तुरंत कैप चढ़ा देते हैं। नमी और अंधेरा फंगस व बैक्टीरिया के पनपने के लिए सबसे अनुकूल माहौल बनाते हैं।सभी सदस्यों के टूथब्रश एक ही होल्डर में सटाकर रखना: परिवार के सभी टूथब्रशों के हेड जब आपस में छूते हैं, तो एक व्यक्ति के मुंह के बैक्टीरिया और फ्लू वायरस दूसरे व्यक्ति के ब्रश में आसानी से ट्रांसफर हो जाते हैं।बीमारी (सर्दी-जुकाम, वायरल या गले में इंफेक्शन) के बाद ब्रश न बदलना: फ्लू या वायरल फीवर से ठीक होने के बाद भी पुराने ब्रश का इस्तेमाल करने से री-इंफेक्शन (दोबारा संक्रमण) का खतरा रहता है।सख्त (Hard) ब्रिसल्स वाले ब्रश का चुनाव: अधिकांश लोग सोचते हैं कि सख्त ब्रश से दांत ज्यादा साफ होते हैं, जबकि यह दांतों की जड़ों को पूरी तरह नुकसान पहुंचाता है।टूथब्रश को 100% सुरक्षित और स्वच्छ रखने के आसान नियमडेंटिस्ट्स और ओरल हेल्थ एक्सपर्ट्स आपके टूथब्रश को सुरक्षित रखने के लिए इन जरूरी बातों का पालन करने की सलाह देते हैं:हर 3 महीने में बदलें ब्रश: अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन (ADA) के अनुसार, टूथब्रश को हर 90 दिन (3 महीने) में या ब्रिसल्स के फैलते ही तुरंत बदल देना चाहिए।हमेशा 'अल्ट्रा-सॉफ्ट' या 'सॉफ्ट' ब्रिसल्स चुनें: दांतों और मसूड़ों की सुरक्षा के लिए हमेशा सॉफ्ट ब्रिसल्स वाले ब्रश का ही उपयोग करें और हल्के हाथों से सर्कुलर मोशन में 2 मिनट तक ब्रश करें।धूप और हवादार जगह पर रखें: इस्तेमाल के बाद ब्रश को बहते साफ पानी से अच्छी तरह धोएं और उसे हमेशा सीधा (Upright Position) खुली हवा में सूखने दें।टॉयलेट फ्लश करते समय ढक्कन बंद करें: बाथरूम में फ्लश का बटन दबाने से पहले हमेशा कमोड का ढक्कन जरूर बंद करें और टूथब्रश को कमोड से कम से कम 6 फीट दूर रखें।गर्म पानी या माउथवॉश से सैनिटाइजेशन: हफ्ते में एक बार अपने टूथब्रश के हेड को 30 सेकंड के लिए एंटी-बैक्टीरियल माउथवॉश या हल्के गुनगुने पानी में डुबोकर रखें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Aug 2026 9:52 pm

कुमार विश्वास की बेटियों का जलवा, राखी पर ग्लैमरस लुक में दिखीं कुहू

कुमार विश्वास की बेटियां हर बार अपने स्टाइल से लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींच ही लेती हैं, रक्षाबंधन पर भी उनका देसी अंदाज लोगों को बहुत पसंद आ रहा है. दोनों बहनों ने अपने पापा को राखी बांधी, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं और खासतौर पर छोटी बेटी के ग्लैमरस अवतार लोगों की नजरें ठहर गई हैं.

आज तक 29 Aug 2026 9:50 pm

Gujarat University में पूर्व VC Neerja Gupta पर जांच शुरू, पूर्व जज करेंगे पड़ताल

गुजरात विश्वविद्यालय ने पूर्व कुलपति डॉ. नीरजा गुप्ता के कार्यकाल के दौरान वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश डी. एम. व्यास की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच समिति का शनिवार को गठन किया। कार्यवाहक कुलपति जगदीश जोशी ने कहा कि समिति अनियमित नियुक्तियों, वित्तीय अनियमितताओं, धन के गबन और परिचितों को लाभ पहुंचाने के लिए अधिकारों के दुरुपयोग से जुड़ी शिकायतों की जांच करेगी। जोशी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि न्यायमूर्ति व्यास के साथ चर्चा की गई है और जांच प्रक्रिया अगले सप्ताह शुरू होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले अक्सर अंत में उच्च न्यायालय पहुंच जाते हैं, इसलिए विश्वविद्यालय ने सभी पहलुओं को शामिल करने और जांच को निष्पक्ष तरीके से सुनिश्चित करने के लिए पहले ही एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश को नियुक्त करने का फैसला किया है। यह घटनाक्रम नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) समेत छात्र संगठनों की ओर से लगाए गए आरोपों की पृष्ठभूमि में सामने आया है। इन संगठनों ने डॉ. गुप्ता पर वित्तीय अनियमितताओं, केंद्रीय अनुदान के दुरुपयोग और बहुत अधिक वेतन पर अस्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति कर विश्वविद्यालय को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया मंचों पर आरोपियों की ओर से दिए गए सार्वजनिक स्पष्टीकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए जोशी ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय को उनकी ओर से या उनके प्रतिनिधियों की ओर से कोई औपचारिक लिखित सूचना नहीं मिली है। इस महीने की शुरुआत में, विश्वविद्यालय ने तीन सदस्यीय तथ्यान्वेषण समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद गुजरात यूनिवर्सिटी स्टार्टअप एंड एंटरप्रेन्योरशिप काउंसिल के समूह मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और इंस्टीट्यूट ऑफ डिफेंस स्टडीज एंड रिसर्च फाउंडेशन (आईडीएसआरएफ) के सीईओ समेत 10 अस्थायी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि गुप्ता ने इन लोगों की नियुक्ति की और उन्हें अत्यधिक अधिक वेतन दिया, जिससे विश्वविद्यालय को आर्थिक नुकसान हुआ।

प्रभासाक्षी 29 Aug 2026 9:48 pm