1 सितंबर से लगेगा झटका! महंगी होंगी ये कारें, इतनी बढ़ेगी कीमत
सितंबर का महीना महंगाई लेकर आने वाला है. अगर आप कार खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो सितंबर में ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे. टाटा मोटर्स और हुंडई दोनों ही अपनी कारों की कीमतों में बढ़ोतरी कर रही हैं. वहीं मारुति सुजुकी ने अगस्त में अपनी कारों की कीमतों में 30 हजार रुपये तक का इजाफा किया है. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स.
डिलीवरी बॉय से ₹90,000 की लूट! अपहरण कर चाकू से हमला
पुणे के गहुंजे स्टेडियम के पास एक डिलीवरी बॉय को अगवा कर उस पर हथियार से हमला किया गया और 90 हजार रुपये लूट लिए गए. पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो पहले भी लूट और चोरी के मामलों में शामिल रहे हैं.
मॉनसून की उलटी चाल! कहीं बाढ़ तो कहीं बूंद-बूंद को तरसा 35% भारत
असम की बाढ़ से लेकर बिहार और आंध्र प्रदेश में बारिश की कमी तक, इस मॉनसून में मौसम का मिजाज एक जैसा नहीं रहा. IMD के जिला स्तर के आंकड़े इस अंतर को साफ दिखाते हैं.
AC बंद करने का बेस्ट तरीका, रिमोट या स्विच? बढ़ जाएगी लाइफ
How To Turn Off AC : AC को बंद करने का सबसे बेस्ट तरीका बताने जा रहे हैं. बहुत से लोग AC को बंद करने का गलत तरीका फॉलो करते हैं, जिसकी वजह से वह जल्दी खराब हो जाती है. आइए आज जानते हैं कि AC को बंद करने का बेस्ट तरीका क्या है.
लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की मदद
सरकार द्वारा महिलाओं के कल्याण के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की गई है. इस नई सरकारी योजना के तहत समाज की आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी. सरकार का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और समाज में उन्हें सशक्त करना है. इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लाभार्थियों के बैंक खातों में इस वित्तीय सहायता की राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी.
पति को खोकर टूटीं अरुणा ईरानी, बिलखकर रोए घरवाले
कुकू कोहली अब हमारे बीच नहीं रहे. 77 साल की उम्र में उनका निधन हो गया. मंगलवार को उन्होंने मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में आखिरी सांस ली थी.
योगी सरकार के दांव पर सपा का काउंटर, महिलाओं को हर साल 40 हजार देने का वादा
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सपा ने महिलाओं के लिए बड़ा चुनावी वादा किया है। डिंपल यादव ने ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ के तहत हर साल 40 हजार रुपये देने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि राशि में सालाना बढ़ोतरी होगी और मोबाइल, लैपटॉप, प्रशिक्षण व शिक्षा से महिला सशक्तिकरण किया जाएगा,
बांग्लादेश में हिंदू परिवार की हत्या पर घिरी तारिक रहमान सरकार
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. हाल ही में एक हिंदू परिवार की हत्या और बलात्कार के गंभीर आरोपों को लेकर बांग्लादेश में हड़कंप मच गया है. इस जघन्य वारदात के बाद तारिक रहमान की अंतरिम सरकार बुरी तरह से घिर चुकी है. पीड़ित हिंदू परिवार और समुदाय के लोग लगातार सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं और अपने लिए सुरक्षा तथा न्याय की गुहार लगा रहे हैं.
पाकिस्तान को गच्चा दे गया ये यूरोपीय देश! कराची में दफ्तर किया बंद
पांच दशक पुराना फ्रांसीसी कांसुलेट अब कराची के राजनयिक नक्शे से हटने जा रहा है. हालांकि फ्रांस ने साफ किया है कि इस फैसले का असर पाकिस्तान और फ्रांस के रिश्तों पर नहीं पड़ेगा.
Swine Flu में एंटीबायोटिक लेना पड़ सकता है भारी, ये है सही इलाज
देश के कई राज्यों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं, जिसमें तेज बुखार, खांसी और शरीर में दर्द जैसे लक्षण शामिल हैं. डॉक्टरों का कहना है कि स्वाइन में बिना जांच एंटीबायोटिक लेना गलत है.
NCB ने Jammu में 5.16 किलो Heroin जब्त की, सरगना सहित तीन लोग गिरफ्तार
स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) की जम्मू इकाई ने बुधवार को बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए एक अभियान में सीमा पार से हेरोइन की तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ कर, 5.16 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किया गया और गिरोह के संदिग्ध सरगना सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एनसीबी के प्रवक्ता ने बताया कि शनिवार को मिली एक विशेष खुफिया सूचना के आधार पर जम्मू के मध्य क्षेत्र पंजतीर्थी में एक वाहन को रोका गया। वाहन में सवार दो लोगों के पास से करोड़ों रुपये मूल्य की हेरोइन बरामद की गई। दोनों उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के रहने वाले हैं। प्रवक्ता ने बताया कि बारामूला के एक और निवासी के बारे में मिली अहम जानकारी के आधार पर तुरंत आगे की कार्रवाई शुरू की गई। यह व्यक्ति मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क का संदिग्ध सरगना और आपूर्तिकर्ता है। एनसीबी की टीम ने उसे लद्दाख के लेह जिले में ढूंढ़ निकाला और जब्ती के दो दिन के अंदर सोमवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। प्रवक्ता ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि जब्त की गई हेरोइन एक संगठित सीमा पार आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा है। आशंका है कि यह नशीला पदार्थ पाकिस्तान से आया था और इसे उरी बॉर्डर सेक्टर के जरिए भारत में लाया गया था। उन्होंने कहा कि सरगना की तेजी से पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाना एनसीबी के इस प्रयास को दर्शाता है कि वह केवल तस्करों की गिरफ्तारी और मादक पदार्थों की बरामदगी तक सीमित रहने के बजाय पूरे तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। प्रवक्ता ने कहा कि आगे की जांच में गिरोह से जुड़े सीमा पार के आपूर्तिकर्ताओं, वित्तीय संबंधों, इसे लाने-ले जाने वाले लोगों, स्थानीय सहयोगियों और मादक पदार्थों के वितरण के लिए बनाए गए नेटवर्क की पहचान की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई इस महीने की शुरुआत में एनसीबी जम्मू द्वारा की गई हेरोइन की दो अन्य बरामदगी के बाद हुई है। 12 अगस्त को 438 ग्राम और 13 अगस्त को 603 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। उन्होंने कहा कि ये कार्रवाइयां क्षेत्र में खुफिया सूचनाओं के आधार पर लगातार जारी मादक पदार्थ रोधी अभियानों की तीव्रता को दर्शाती हैं। एनसीबी ने कहा कि पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने और उसके आगे-पीछे के संपर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच और खुफिया सूचनाएं जुटाने का काम जारी है। एजेंसी ने नागरिकों से अपील की है कि वे राष्ट्रीय स्वापक हेल्पलाइन – मानस (1933) के जरिए भरोसेमंद जानकारी देकर मादक पदार्थ तस्करी और नशे की लत के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय रूप से सहयोग करें। जानकारी गुप्त रूप से दी जा सकती है। एनसीबी ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले नेटवर्क के खिलाफ सख्त, निरंतर और खुफिया सूचनाओं पर आधारित कार्रवाई जारी रखने तथा ‘नशा मुक्त’ भारत के लक्ष्य में योगदान देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
योगी कैबिनेट ने लोकमाता अहिल्याबाई योजना को दी मंजूरी
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने रक्षा बंधन के पावन पर्व से ठीक पहले महिलाओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा फैसला लिया है. योगी कैबिनेट की बैठक में लोकमाता अहिल्याबाई मातृ शक्ति योजना को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी गई है. इस फैसले को प्रदेश की महिलाओं के लिए रक्षा बंधन का एक बड़ा और अमूल्य उपहार माना जा रहा है. इस योजना के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने और समाज में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे.
मंदिर में दर्शन के बहाने आया चोर, पुजारी की जेब हुई साफ
कटिहार के हनुमान मंदिर में एक युवक ने पहले भगवान को प्रणाम किया और फिर पुजारी के कुर्ते की जेब से 3500 रुपये चुरा लिए. पूरी घटना CCTV में कैद हो गई. पुजारी के मुताबिक, मंदिर में पहले भी चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. वीडियो में जानें पुजारी ने क्या-क्या बताया.
CM योगी ने दिया बुजुर्ग महिलाओं को मुफ्त बस सफर का तोहफा
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के नागरिकों के हित में दो बेहद महत्वपूर्ण और बड़े फैसले लिए गए हैं. सरकार के इस नए और कल्याणकारी निर्णय के अनुसार, अब 60 वर्ष या उससे अधिक आयु की बुजुर्ग महिलाओं को राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में आजीवन मुफ्त यात्रा करने की सुविधा प्रदान की जाएगी. इसके तहत वे बिना किसी किराए के बस में सुरक्षित सफर कर सकेंगी, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी.
सोशल मीडिया की वर्चुअल दुनिया में कब किस बात पर बवंडर खड़ा हो जाए और सेलिब्रिटीज को निशाना बना लिया जाए, यह आज के समय में प्रिडिक्ट करना बेहद मुश्किल हो चुका है। हाल ही में रक्षा बंधन के पावन और पवित्र त्योहार के मौके पर रिलीज हुए एक विज्ञापन (Rakhi Ad) को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स ने अभिनेत्री कृति सेनन और उनकी बहन नुपूर सेनन को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया। इस विज्ञापन में दोनों बहनों के बीच के प्यार और बॉन्डिंग को दिखाया गया था, लेकिन कुछ नेटिज़न्स को नुपूर सेनन के उस विज्ञापन में पहने गए कपड़े पसंद नहीं आए और उन्होंने इसे संस्कृति के खिलाफ बताकर दोनों बहनों पर निशाना साधना शुरू कर दिया। जब ट्रोलिंग की सीमाएं पार होने लगीं और लगातार नकारात्मक टिप्पणियां सामने आने लगीं, तो नुपूर सेनन ने इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए आलोचकों को करारा और मुंहतोड़ जवाब दिया है। नुपूर के इस दो टूक जवाब के बाद से इंटरनेट पर एक नई और बड़ी बहस छिड़ गई है कि क्या किसी सेलिब्रिटी के पहनावे पर इस तरह से सवाल उठाना और ट्रोल करना उचित है।राखी के विज्ञापन पर क्यों भड़के सोशल मीडिया यूजर्स और क्या था पूरा विवादत्योहारों के सीजन में विभिन्न ब्रांड्स द्वारा कई तरह के विज्ञापन जारी किए जाते हैं, जो अक्सर जनता का ध्यान अपनी ओर खींचते हैं। रक्षा बंधन के खास मौके पर रिलीज हुए इस विज्ञापन में बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री कृति सेनन और उनकी बहन नुपूर सेनन नजर आ रही थीं। वीडियो में दोनों बहनों का आपसी प्यार और एक-दूसरे के प्रति समर्पण साफ झलक रहा था। हालांकि, विज्ञापन के सामने आते ही सोशल मीडिया का एक धड़ा इस बात पर आपत्ति जताने लगा कि पारंपरिक और पारिवारिक त्योहार से जुड़े विज्ञापन में आधुनिक या पश्चिमी शैली के कपड़े क्यों पहने गए। कुछ लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति और परंपरा के कथित रूप से खिलाफ बताते हुए दोनों बहनों को ट्रोल करना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे यह मामूली सी बात सोशल मीडिया पर एक बड़ा मुद्दा बन गई और लोग बिना किसी ठोस वजह के इसे संस्कृति और पहनावे की बहस से जोड़ने लगे।नुपूर सेनन का तीखा पलटवार: 'जब मुझे और मेरे परिवार को आपत्ति नहीं, तो आपको क्यों?'ट्रोलर्स की लगातार आलोचनाओं और नकारात्मक टिप्पणियों से परेशान होने के बजाय नुपूर सेनन ने बेहद आत्मविश्वास के साथ सामने आकर आलोचकों की बोलती बंद कर दी। नुपूर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कृति सेनन केवल एक प्रसिद्ध अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि उनकी अपनी सगी और प्यारी बहन हैं। उन्होंने दो टूक अंदाज में सवाल पूछते हुए कहा कि जब इस विज्ञापन में काम करने वाली और उसे पहनने वाली उन्हें खुद और उनके परिवार को इस बात से कोई भी दिक्कत या परेशानी नहीं है, तो फिर बाहरी लोगों या ट्रोलर्स को इससे क्या समस्या हो रही है? नुपूर ने यह भी साफ किया कि पहनावा पूरी तरह से व्यक्ति की अपनी पसंद और उस प्रोजेक्ट की डिमांड पर निर्भर करता है, जिसे लेकर समाज के कुछ लोगों को अनावश्यक रूप से हाय-तौबा मचाने की कोई जरूरत नहीं है। उनके इस बोल्ड और स्पष्ट जवाब ने उनके प्रशंसकों का दिल जीत लिया और कई लोग उनके समर्थन में उतर आए।सेलिब्रिटी फैशन, सोशल मीडिया ट्रोलिंग और हमारी मानसिक संकीर्णतायह पूरा वाकया एक बार फिर से इस बात को उजागर करता है कि सोशल मीडिया पर किस प्रकार से छोटी-छोटी और गैर-जरूरी बातों को तूल देकर सेलिब्रिटीज को निशाना बनाया जाता है। भारत जैसे लोकतांत्रिक और आधुनिक देश में जहां एक तरफ युवा पीढ़ी अपनी पसंद के कपड़े पहनने और स्वतंत्र रूप से जीने में विश्वास रखती है, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया का एक वर्ग आज भी हर चीज में नैतिक पुलिसिंग (Moral Policing) करने से बाज नहीं आता है। जानकारों और मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि सोशल मीडिया पर बिना सोचे-समझे किसी को भी ट्रोल करना लोगों की दबी हुई कुंठा और संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है। नुपूर सेनन द्वारा इस प्रकार बेबाकी से जवाब देना यह सिखाता है कि ट्रोलर्स को सिर पर चढ़ाने के बजाय यदि सही समय पर कड़ा रुख अपनाया जाए, तो इस तरह की नकारात्मकता पर काफी हद तक लगाम लगाई जा सकती है। बहरहाल, इस घटना के बाद से यह बहस एक बार फिर तेज हो गई है कि सेलिब्रिटीज की निजी जिंदगी और उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना बेहद जरूरी है।व्यक्तिगत स्वतंत्रता बनाम सामाजिक नैतिकता की अंतहीन बहसआज के डिजिटल युग में कलाकारों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को हर कदम पर परखा जाता है। उनके कपड़े, उनके बोलने का अंदाज, उनके त्योहार मनाने के तरीके और यहां तक कि उनके पारिवारिक रिश्तों तक को सोशल मीडिया के तराजू में तौला जाता है। नुपूर और कृति सेनन के इस मामले ने एक बार फिर से यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हम एक समाज के रूप में बहुत अधिक असहिष्णु होते जा रहे हैं? जब दो बहनें अपने रिश्ते और काम को पूरी ईमानदारी से निभा रही हैं, तो उसमें कपड़ों को लेकर आपत्ति जताना और बेवजह विवाद खड़ा करना किसी भी लिहाज से सही नहीं ठहराया जा सकता। उम्मीद की जानी चाहिए कि इस तरह की घटनाओं से लोग सीखेंगे कि किसी के भी व्यक्तिगत मामलों में अनावश्यक दखल देने के बजाय हमें अपनी सोच को अधिक सकारात्मक और विस्तृत बनाने की जरूरत है, ताकि कला और अभिव्यक्ति की असली स्वतंत्रता सुरक्षित रह सके।
' महंगी गाड़ी, बिजनेसमैन से शादी...', फर्जी IAS बन भौकाल बनाने वाली तृप्ति की कहानी
फर्जी IAS बनकर लोगों पर रौब जमाने और ठगी के आरोपों में घिरी तृप्ति राजपूत के भोपाल कनेक्शन की जांच तेज हो गई है. चंदेरी पुलिस ने उसके घर और ससुराल में तलाशी लेकर फर्जी CBI कार्ड, लेटरहेड और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं.
बॉलीवुड की ग्लैमरस और अपने फैशन सेंस के लिए हमेशा सुर्खियों में रहने वाली अभिनेत्री उर्वशी रौतेला एक बार फिर से एक बड़े विवाद के केंद्र में आ गई हैं। हाल ही में उनके द्वारा पहना गया एक विशेष परिधान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया, जिसके बाद उन्हें नेटिज़न्स और कई सोशल मीडिया यूजर्स की कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा। आलोचकों का आरोप था कि तिरंगे के सम्मान और उसकी गरिमा के खिलाफ जाकर इस तरह की ड्रेस पहनना राष्ट्रीय ध्वज का अनादर है। इस तमाम तीखी आलोचना और बढ़ते विवाद के बाद अब अभिनेत्री उर्वशी रौतेला ने चुप्पी तोड़ते हुए अपनी सफाई पेश की है। उर्वशी ने बड़े ही स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वह अपने देश और राष्ट्रध्वज से अगाध प्रेम करती हैं और वह हमेशा देश को अपनी पहचान के रूप में अपने साथ रखती हैं। उनके इस स्पष्टीकरण के बाद से ही फिल्म इंडस्ट्री और सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है कि क्या फैशन और राष्ट्रभक्ति को एक साथ इस तरह जोड़ना सही है या गलत।तिरंगे वाली ड्रेस और सोशल मीडिया पर मचा बवालउर्वशी रौतेला ने हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम या फोटो शूट के दौरान तिरंगे के रंगों से प्रेरित एक अनोखी और स्टाइलिश ड्रेस पहनी थी, जिसकी तस्वीरें इंटरनेट पर जंगल की आग की तरह फैल गईं। जैसे ही यह तस्वीरें सामने आईं, सोशल मीडिया यूजर्स का एक वर्ग भड़क उठा। लोगों का कहना था कि राष्ट्रीय ध्वज हमारे देश की आन, बान और शान का प्रतीक है, और इसे फैशन या कपड़ों के रूप में इस्तेमाल करना भारतीय ध्वज संहिता (Flag Code of India) के नियमों के विपरीत हो सकता है। कुछ ही घंटों में ट्विटर और इंस्टाग्राम पर उर्वशी के खिलाफ तीखी प्रतिक्रियाओं का सैलाब आ गया, जिसमें कई लोगों ने इसे पब्लिसिटी स्टंट करार दिया तो कुछ ने उन पर कानूनी कार्रवाई की मांग तक कर डाली। सेलिब्रिटीज के जीवन में फैशन और राष्ट्रवाद का यह टकराव कोई नया नहीं है, लेकिन इस बार मामला तूल पकड़ता देख अभिनेत्री को खुद मैदान में उतरना पड़ा।उर्वशी रौतेला की सफाई और राष्ट्रप्रेम की दुहाईबढ़ते विवाद और आलोचनाओं के बीच उर्वशी रौतेला ने मीडिया और अपने सोशल मीडिया हैंडल्स के जरिए सफाई देते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनका इरादा किसी की भी भावनाओं को ठेस पहुंचाने का या राष्ट्रीय ध्वज का अनादर करने का बिल्कुल नहीं था। उर्वशी ने सफाई देते हुए कहा कि वह एक भारतीय होने पर गर्व महसूस करती हैं और दुनिया के किसी भी कोने में जाएं, वह अपने देश को अपनी पहचान के रूप में हमेशा अपने दिल और साथ रखती हैं। उन्होंने तर्क दिया कि उनके पहनावे के पीछे का भाव देश के प्रति उनके प्रेम और सम्मान को प्रदर्शित करना था, न कि किसी नियम का उल्लंघन करना। हालांकि, उनकी इस सफाई के बाद भी सोशल मीडिया पर यूजर्स के दो गुट बन गए हैं; एक तरफ जहां उनके प्रशंसक उनके समर्थन में उतर आए हैं, वहीं दूसरी तरफ आलोचक अभी भी उनकी इस दलील से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं।सेलिब्रेटी फैशन, राष्ट्रीय प्रतीक और जनभावनाओं का दायरायह पूरी घटना इस बात को दर्शाती है कि देश के प्रतीकों, विशेषकर तिरंगे को लेकर आम जनता और सेलिब्रिटीज की भावनाएं कितनी अधिक संवेदनशील हैं। भारत जैसे देश में जहां राष्ट्रीय ध्वज को सर्वोच्च सम्मान दिया जाता है, वहां किसी भी प्रकार के अनजाने या जानबूझकर किए गए प्रयोग पर तुरंत तीखी प्रतिक्रिया सामने आती है। कानूनविदों और जानकारों का भी यह मानना है कि कलाकारों को फैशन या स्टाइल अपनाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा पर कोई आंच न आए। उर्वशी रौतेला के इस विवाद ने एक बार फिर से यह बहस छेड़ दी है कि क्या ग्लैमर की दुनिया में सीमाओं का ध्यान रखना उतना ही जरूरी है जितना कि व्यक्तिगत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का। बहरहाल, अभिनेत्री की इस सफाई के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में यह विवाद थमता है या इसे लेकर और अधिक प्रशासनिक या सामाजिक प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं।
Asaduddin Owaisi ने UP Elections 2027 में AIMIM को जिताने की अपील की
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने लोगों से 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी का समर्थन करने और उसे मजबूत करने तथा उसके उम्मीदवारों की सफलता के लिए दुआ करने की अपील की है। हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने मंगलवार रात यहां मिलाद-उन-नबी के अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए सवाल किया कि जब हर समुदाय का अपना नेतृत्व हो सकता है तो देश के मुसलमानों का अपना नेतृत्व क्यों नहीं होना चाहिए। ओवैसी ने कहा कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने बिहार विधानसभा चुनाव में पांच सीटें जीती थीं और उम्मीद जताई कि उत्तर प्रदेश में भी पार्टी अच्छा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे दोस्तो और बुजुर्गो, एआईएमआईएम का समर्थन करें और उसे मजबूत करें तथा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम के उम्मीदवारों की सफलता के लिए दुआ करें। हमने बिहार में पांच सीटें जीती हैं। उत्तर प्रदेश में भी अल्लाह एआईएमआईएम के सदस्यों को सफलता देंगे... जो लोग आरोप लगाना चाहते हैं, लगाते रहें।’’ओवैसी ने कहा, ‘‘भारत और मजबूत होगा तथा देश का लोकतंत्र और संविधान मजबूत होगा। जिस समुदाय की आबादी 18 करोड़ है, उसके केवल 24 सांसद हैं। संसद में उसके केवल 24 सदस्य हैं और उनकी आवाज उठाने वाला कोई नहीं है। वे वंदे मातरम् के मुद्दे पर भी अपनी बात नहीं रख सकते। जब संसद में राष्ट्रगीत को लेकर बहस हुई थी, तब मैंने ही इस मुद्दे पर अपनी बात रखी थी।’’वंदे मातरम् विवाद पर ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि रवीन्द्रनाथ टैगोर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और महात्मा गांधी ने तय किया था कि इसके केवल दो अंतरे गाए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘क्या नरेन्द्र मोदी महात्मा गांधी, नेताजी सुभाचंद्र बोस और रवीन्द्रनाथ टैगोर से अधिक बुद्धिमान या देशभक्त हैं? देश सभी का है। इस पर कानून बनाकर भाजपा और मोदी रवीन्द्रनाथ टैगोर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और महात्मा गांधी का अपमान कर रहे हैं।’’उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा और कहा कि उन्हें पहले रोजगार उपलब्ध कराने के मुद्दे पर बात करनी चाहिए, क्योंकि देश में 11 करोड़ लोगों के पास रोजगार नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को याद रखना चाहिए कि लोग सड़कों पर उतर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड, असम और गुजरात में समान नागरिक संहिता से संबंधित कानून पारित किए गए हैं। ओवैसी ने कहा कि एकरूपता समानता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू विवाह अधिनियम, हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम और हिंदू तलाक अधिनियम मुसलमानों पर थोपे जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आप अपने प्रयासों में विफल होंगे।’’ओवैसी ने दावा किया कि 1949 में संविधान लिखे जाने के चार दिन बाद ही आरएसएस ने उसके खिलाफ शिकायत की थी और संघ ने कानून के बजाय मनुस्मृति लागू करने की मांग की थी। उन्होंने कहा, ‘‘26 नवंबर, 1949 को संविधान अपनाया गया। इसके चार दिन बाद 30 नवंबर को आरएसएस के एक मुखपत्र ने संविधान के खिलाफ शिकायत प्रकाशित की और कहा कि यह संविधान नहीं है तथा इसकी जगह मनुस्मृति होनी चाहिए थी। मैं आरएसएस के लोगों से पूछना चाहता हूं कि क्या यह सच नहीं है?’’इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा स्कूल की वर्दी के साथ छात्रा को हिजाब या सिर ढकने वाला कपड़ा पहनने की अनुमति देने संबंधी याचिका खारिज किए जाने पर ओवैसी ने कहा कि वह उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ हैं और इससे सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह फैसला गलत है और इस्लाम पर हमला है।
4 दिन में 70% उछला ये 'छुटकू' शेयर, 40 देशों में कंपनी का कारोबार
Penny Stock Multibagger Return: स्मॉलकैप कंपनी का शेयर अपने निवेशकों के लिए मल्टीबैगर बना हुआ नजर आ रहा है और महज एक महीने में ही इसने उनकी रकम को करीब दोगुना कर दिया है.
मौलाना फजलू रहमान ने शहबाज शरीफ सरकार को घेरा, पड़ोसी मुल्क में मचा सियासी हड़कंप
वैश्विक मंचों पर भारत की बढ़ती ताकत और चमकती अर्थव्यवस्था का लोहा आज पूरी दुनिया मान रही है, लेकिन इसके ठीक उलट हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। पाकिस्तान के जाने-माने और प्रभावशाली राजनीतिक-धार्मिक नेता मौलाना फजलू रहमान, जिन्हें अक्सर 'मौलाना डीजल' के नाम से भी जाना जाता है, ने अपनी ही देश की शहबाज शरीफ सरकार को आईना दिखाते हुए एक बेहद सनसनीखेज और कड़वा सच बयां किया है। मौलाना फजलू रहमान ने एक सार्वजनिक मंच से खुली तीखी आलोचना करते हुए कहा कि आज हमारा पड़ोसी देश भारत तरक्की की नई ऊंचाइयों को छूते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है, जबकि इसके विपरीत पाकिस्तान के आम नागरिक दो वक्त की रोटी और भुखमरी के गंभीर संकट से जूझ रहे हैं। उनके इस बयान के सामने आने के बाद से ही पाकिस्तानी हुक्मरानों और सत्ता के गलियारों में भारी खलबली मच गई है, क्योंकि एक पाकिस्तानी नेता द्वारा भारत की इस तरह खुली तारीफ करना और अपनी सरकार को घेरना वहां की राजनीति में एक बड़ा भूचाल लेकर आया है।मौलाना फजलू रहमान का तीखा हमला और पड़ोसी देश की हकीकतमौलाना फजलू रहमान ने अपनी पार्टी और समर्थकों को संबोधित करते हुए शहबाज शरीफ और आसिफ अली जरदारी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के तमाम देश विकास, तकनीक, विज्ञान और मजबूत अर्थव्यवस्था के बल पर आगे बढ़ रहे हैं, जिसमें भारत ने अपनी रणनीतिक और आर्थिक नीतियों के दम पर वैश्विक पटल पर एक ऐसा मुकाम हासिल कर लिया है जहां आज वह दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में मजबूती से खड़ा है। इसके विपरीत, पाकिस्तान के हुक्मरान केवल आपसी कुर्सी की लड़ाई, महंगे कर्ज और विदेशी भीख पर अपनी सरकार चलाने में व्यस्त हैं। मौलाना ने दो टूक शब्दों में कहा कि देश की मौजूदा नीतियां ऐसी हैं जिनके कारण आम जनता महंगाई के दलदल में धंसती जा रही है और देश के कई हिस्सों में लोग भुखमरी और कुपोषण का शिकार होने को मजबूर हो चुके हैं।पाकिस्तान की डूबती अर्थव्यवस्था और बिगड़ते अंदरूनी हालातपाकिस्तान लंबे समय से गंभीर आर्थिक बदहाली, भारी-भरकम विदेशी कर्ज, चरमराती मुद्रा और आसमान छूती महंगाई की मार झेल रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की कड़ी शर्तों के आगे घुटने टेकने के बावजूद वहां की अवाम को कोई राहत नहीं मिल पा रही है। पेट्रोल, डीजल, बिजली और खाने-पीने की बुनियादी चीजों के दाम इतने बढ़ चुके हैं कि आम आदमी का जीना मुहाल हो गया है। मौलाना फजलू रहमान का यह बयान इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि अब पाकिस्तान के अंदरूनी नेता भी इस बात को खुले तौर पर स्वीकार करने लगे हैं कि उनकी नीतियां पूरी तरह विफल हो चुकी हैं। जब देश का नेतृत्व और शासन प्रणाली केवल भ्रष्टाचार और सत्ता बचाने में लगी रहती है, तो देश का विकास रुक जाता है, और आज पाकिस्तान ठीक इसी बदतर दौर से गुजर रहा है, जहाँ जनता का भरोसा अपनी ही सरकार पर से पूरी तरह उठ चुका है।भारत की बढ़ती वैश्विक साख और पाकिस्तान की विफलता पर कूटनीतिक विश्लेषणअंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों और विश्लेषकों का मानना है कि भारत की आर्थिक और कूटनीतिक सफलता आज पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बन चुकी है। स्थिर सरकार, मजबूत सुधारों, डिजिटल क्रांति और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में हो रहे विकास के कारण भारत ने ग्लोबल इकोनॉमी में अपनी मजबूत जगह बनाई है। दूसरी ओर, पाकिस्तान जैसे देश जो आतंकवाद को पालने-पोसने और अपनी आंतरिक प्राथमिकताओं को ताक पर रखने में लगे रहे, आज वे अपने ही बुने हुए जाल में फंस चुके हैं। मौलाना फजलू रहमान जैसे वरिष्ठ नेता का भारत की तरक्की का उदाहरण देकर अपनी सरकार को घेरना यह दिखाता है कि पाकिस्तान के भीतर भी अब यह आवाज उठने लगी है कि जब तक देश अपनी गलत नीतियों, कट्टरपंथ और प्राथमिकताहीन रवैये को नहीं बदलेगा, तब तक उसका पतन रोकना असंभव है। यह बयान पाकिस्तान के राजनीतिक भविष्य और वहां की चरमराती व्यवस्था पर एक बहुत बड़ा तमाचा है, जिसका असर आने वाले दिनों में वहां की सियासत पर पड़ना तय है।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी PoK की धरती पर एक बार फिर से दबी हुई चिंगारी भड़क उठी है और वहां के अवाम के बीच इस्लामाबाद की दमनकारी नीतियों के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। पाकिस्तान की दमनकारी हुकूमत और वहां की बदहाल आर्थिक व्यवस्था से आजिज आ चुके स्थानीय लोगों ने अब खुलकर बगावत का झंडा बुलंद कर दिया है। इसी कड़ी में जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ एक नए और बड़े पैमाने पर जनांदोलन का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। इस घोषणा के बाद से ही PoK के विभिन्न इलाकों में हलचल तेज हो गई है और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों तथा प्रशासन के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें खिंच गई हैं। स्थानीय जनता का यह बढ़ता हुआ गुस्सा इस बात का साफ संकेत है कि अब वहां के लोग पाकिस्तान के अवैध कब्जे और शोषण को और अधिक बर्दाश्त करने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं।JKJAAC का नया आंदोलन और जनता की बुनियादी मांगेंजम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) पिछले कुछ समय से PoK के आम नागरिकों के अधिकारों की आवाज उठाने वाला सबसे मजबूत मंच बनकर उभरा है। इस नए आंदोलन के तहत स्थानीय लोगों ने बिजली की भारी-भरकम दरों, आसमान छूती महंगाई, बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी और पाकिस्तानी हुक्मरानों द्वारा क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों की हो रही अंधाधुंध लूट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। समिति के नेताओं का कहना है कि पाकिस्तान की सरकार ने दशकों से इस क्षेत्र के लोगों को केवल शोषण और गरीबी के सिवाय कुछ नहीं दिया है। जब भी स्थानीय अवाम अपनी बुनियादी जरूरतों और अधिकारों के लिए आवाज उठाती है, तो पाकिस्तानी सेना और पुलिस बल उन पर गोलियां बरसाने और उन्हें गिरफ्तार करने से पीछे नहीं हटते। इस बार JKJAAC ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका यह नया आंदोलन तब तक नहीं रुकेगा जब तक उनकी सभी जायज मांगें पूरी नहीं हो जातीं।पाकिस्तानी हुक्मरानों के होश फाख्ता और दमनकारी नीतियांPoK में सुलग रही इस नई आग और जन-आंदोलन के ऐलान से इस्लामाबाद के हुक्मरानों के होश फाख्ता हो गए हैं। पाकिस्तान की संघीय सरकार और वहां की खुफिया एजेंसियां इस बात से सबसे ज्यादा डरी हुई हैं कि यदि यह आंदोलन पिछले प्रदर्शनों की तरह एक बार फिर से बेकाबू हो गया, तो अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान का असली और क्रूर चेहरा पूरी दुनिया के सामने बेनकाब हो जाएगा। इस स्थिति से निपटने के लिए पाकिस्तानी प्रशासन ने एक बार फिर से दमनकारी हथकंडे अपनाने शुरू कर दिए हैं। इंटरनेट सेवाओं को बाधित करने, स्थानीय नेताओं को नजरबंद करने और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती करने के गुप्त निर्देश दिए जा चुके हैं। हालांकि, इन तमाम प्रशासनिक और सैन्य ज्यादतियों के बावजूद PoK के आम नागरिकों के हौसले बुलंद हैं और वे अपनी आजादी तथा अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने को पूरी तरह तैयार बैठे हैं।भारत और वैश्विक मंच पर इस सुलगती बगावत के कूटनीतिक मायनेपाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले इस क्षेत्र में लगातार सुलग रही बगावत की आग पर भारत की नजरें भी बहुत ही पैनी बनी हुई हैं। भारत सरकार ने हमेशा से यह स्पष्ट किया है कि PoK भारत का अभिन्न अंग है और वहां के लोगों का दर्द हर भारतीय महसूस करता है। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का यह मानना है कि पाकिस्तान खुद अपने ही देश के भीतर गंभीर आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और प्रांतीय बगावत से जूझ रहा है। बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा के बाद अब PoK में उठने वाली यह बगावत की आंधी पाकिस्तान के विघटन की पटकथा को और अधिक तेज कर सकती है। दुनिया के तमाम मानवाधिकार संगठन भी अब PoK में पाकिस्तानी सेना द्वारा किए जाने वाले अत्याचारों पर सवाल उठाने लगे हैं। आने वाले दिनों में JKJAAC का यह नया आंदोलन पाकिस्तान की नींव हिलाने के लिए काफी साबित हो सकता है, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि अन्याय और अत्याचार की दीवारें अब ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं हैं।
आशमा बनी पूजा तो घर में घुसकर मंदिर तोड़ा, मुस्लिम बनने का दबाव!
बागपत में धर्म परिवर्तन कर आयशा से पूजा बनी महिला ने पड़ोसियों पर घर का मंदिर तोड़ने, मूर्तियां खंडित करने और जबरन धर्मांतरण का दबाव बनाने का आरोप लगाया है. पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने बीएनएस (BNS) की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
J-10CE फाइटर जेट्स: भारत के जिगरी मुस्लिम दोस्त को चीन ने शुरू की खतरनाक लड़ाकू विमानों की डिलीवरी
वैश्विक रक्षा बाजार और सामरिक गलियारों में इस समय एक ऐसी बड़ी हलचल मची हुई है, जिसने पारंपरिक रक्षा समीकरणों को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है। चीन की डिफेंस इंडस्ट्री और उसकी सैन्य कूटनीति हमेशा से अपने हथियारों के निर्यात को लेकर चर्चा में रही है, लेकिन इस बार मामला कुछ अलग और बेहद सनसनीखेज है। चीन ने अपने अत्याधुनिक और मारक जे-10सीई (J-10CE) लड़ाकू विमानों की डिलीवरी भारत के एक बेहद करीबी और जिगरी मुस्लिम मित्र देश को शुरू कर दी है। जैसे ही बीजिंग से इन अत्याधुनिक फाइटर जेट्स के पहले बेड़े के रवाना होने की खबर दुनिया के सामने आई, इस्लामाबाद यानी पाकिस्तान के हुक्मरानों की नींद उड़ गई है। पाकिस्तान जो अब तक खुद को चीन के इन विमानों का सबसे खास और इकलौता विदेशी खरीदार मानता था, उसे अब अपने सबसे बड़े और संवेदनशील सैन्य रहस्यों के लीक होने का गहरा डर सताने लगा है। रक्षा जानकारों का मानना है कि इस घटनाक्रम से दक्षिण एशिया और पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक संतुलन में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।जे-10सीई लड़ाकू विमानों की खूबी और इस नई रक्षा डील के मायनेचीन द्वारा निर्मित जे-10सीई (J-10CE) एक 4.5 जनरेशन का मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जो एडवांस्ड एवियोनिक्स, पावरफुल रडार सिस्टम और खतरनाक बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) मिसाइलों से लैस है। कुछ समय पहले तक पाकिस्तान ने अपनी वायुसेना को मजबूत करने के लिए चीन से इन्हीं विमानों की बड़ी खेप खरीदी थी। इस्लामाबाद इसे अपनी सामरिक ताकत का बहुत बड़ा प्रतीक मानता था और इन विमानों के तकनीकी स्पेसिफिकेशन्स, सॉफ्टवेयर कोड तथा ऑपरेटिंग सिस्टम को पूरी तरह गोपनीय रखने का दावा करता था। लेकिन अब जब चीन ने अपने इसी घातक फाइटर जेट को भारत के एक अन्य नजदीकी और मित्र इस्लामी देश को बेचना शुरू कर दिया है, तो पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें खिंच गई हैं। उन्हें इस बात का तगड़ा डर सता रहा है कि अन्य देशों के संपर्क में आने से इन चीनी विमानों के तमाम गुप्त सामरिक कोड, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर की क्षमताएं और रडार सिग्नेचर दुनिया के सामने बेनकाब हो सकते हैं।पाकिस्तान की बढ़ती बैचेनी और ड्रैगन के दोहरे चरित्र का खेलअंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि चीन के लिए कूटनीति का मतलब केवल अपने हथियारों का कारोबार बढ़ाना है, फिर चाहे उसके पुराने वफादार दोस्त की सुरक्षा चिंताएं ही क्यों न दांव पर लग जाएं। पाकिस्तान लंबे समय से आर्थिक और सैन्य रूप से पूरी तरह बीजिंग पर निर्भर रहा है, लेकिन चीन ने अपने आर्थिक मुनाफे को प्राथमिकता देते हुए अन्य देशों को भी अपने ये हथियार बेचना शुरू कर दिए हैं। इस स्थिति ने पाकिस्तान को कूटनीतिक रूप से बेहद असहज स्थिति में ला खड़ा किया है। एक तरफ वह चीन के खिलाफ खुलकर कुछ बोल नहीं सकता, क्योंकि उसकी पूरी अर्थव्यवस्था और रक्षा प्रणाली उसी के कंधों पर टिकी है, और दूसरी तरफ वह अंदर ही अंदर इस बात से घबराया हुआ है कि इन विमानों की टेक्नोलॉजी दूसरे देशों तक पहुंचने से उसकी खुद की हवाई सामरिक बढ़त कम हो जाएगी।भारत के सामरिक दृष्टिकोण से इस नई डिफेंस डील के क्या हैं मायनेभारत के सामरिक और रक्षा विश्लेषक इस पूरे घटनाक्रम पर बहुत ही पैनी नजर बनाए हुए हैं। भारत के अपने मित्र देशों के साथ रक्षा और कूटनीतिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं, और दुनिया के कई देश अब भारत के साथ संतुलन बनाकर चलना चाहते हैं। यदि चीन के फाइटर जेट्स ऐसे देशों तक पहुंच रहे हैं जिनके संबंध भारत के साथ बेहद प्रगाढ़ और दोस्ताना हैं, तो यह भारतीय रक्षा एजेंसियों के लिए तकनीकी विश्लेषण और खुफिया अध्ययन का एक बेहतरीन अवसर साबित हो सकता है। भारत पहले ही अपनी स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता यानी 'आत्मनिर्भर भारत' और तेजस जैसे लड़ाकू विमानों के दम पर अपनी स्थिति को बेहद मजबूत कर चुका है। ऐसे में, चीन और उसके सहयोगी देशों के बीच हथियारों के इस सौदे से पाकिस्तान की बढ़ती बेचैनी यह साफ दिखाती है कि पड़ोसी देश अपनी आंतरिक और सामरिक असुरक्षा के दौर से गुजर रहा है, जिसका असर आने वाले समय में उसकी विदेश नीति पर भी पड़ना तय है।
'जो बोया वो ही काट रहे हैं Imran Khan', Mehbooba Mufti ने दिया बड़ा बयान
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में हालत और उनके साथ हो रहे व्यवहार को लेकर उठ रहे सवालों के बीच जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती का बयान खास राजनीतिक मायने रखता है। महबूबा ने इमरान के मौजूदा हालात को पाकिस्तान की उसी राजनीतिक संस्कृति का नतीजा बताया, जिसका उनकी अपनी सरकार भी कभी हिस्सा रही थी। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि आज इमरान खान जिस तरह राजनीतिक कार्रवाई और दबाव का सामना कर रहे हैं, उनके प्रधानमंत्री रहते उनके विरोधियों के साथ भी कमोबेश वैसा ही व्यवहार किया गया था। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इमरान खान से अपनी पहली मुलाकात को भी याद किया। महबूबा के मुताबिक, वह 1994 में अपने पिता के साथ लंदन में पहली बार इमरान खान से मिली थीं। पाकिस्तान में सकारात्मक बदलाव लाने के इमरान के जुनून और उनके दृढ़ विश्वास ने उनके पिता को गहराई से प्रभावित किया था। लेकिन सत्ता में पहुंचने के बाद तस्वीर बदल गई। महबूबा ने लिखा कि इमरान खान प्रधानमंत्री बनने के बाद उनकी सरकार भी उसी राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा बन गई, जिसमें विरोधियों का पीछा उसी आक्रामकता से किया जाता है, जिस तरह आज खुद इमरान का किया जा रहा है। इसे भी पढ़ें: Shehbaz Sharif सरकार की बढ़ेगी मुश्किल? Imran Khan को अस्पताल न भेजने पर PTI ने फिर खटखटाया SC का दरवाजा हम आपको याद दिला दें कि इमरान खान को मार्च 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए प्रधानमंत्री पद से हटा दिया गया था। इसके बाद भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में मार्च 2023 से वह जेल में हैं। अब इमरान खान की कैद को लेकर चिंता उनके परिवार की ओर से और गंभीर चेतावनी के रूप में सामने आई है। उनके बेटे कासिम खान ने दावा किया है कि लंबे समय से एकांत कारावास में रखे जाने के कारण उनके 73 वर्षीय पिता की सेहत लगातार बिगड़ रही है और यदि उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिली तो वह जेल में शायद बच न पाएं। एक ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में कासिम और उनके भाई सुलेमान खान ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने इमरान के निजी अस्पताल के डॉक्टरों से जांच कराने और परिवार के साथ नियमित संपर्क की अनुमति देने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की अनदेखी की है। कासिम खान के मुताबिक, हालात अब इतने गंभीर हो चुके हैं कि उन्हें अपने पिता के जेल से जीवित निकल पाने पर भी आशंका होने लगी है। उन्होंने कहा कि इमरान खान करीब तीन वर्षों से एकांत कारावास झेल रहे हैं और भले ही वह मानसिक रूप से टूटे नहीं हों, लेकिन उनका शरीर इस लंबे बंदी जीवन की कीमत चुका रहा है। कासिम ने यह भी दावा किया कि इमरान खान को लगभग छह फुट गुणा आठ फुट की एक कोठरी में रखा गया है, जहां खिड़की या प्राकृतिक रोशनी नहीं है और उन्हें अक्सर 23 घंटे से अधिक समय तक उसी कोठरी में बंद रहना पड़ता है। इमरान के अंतरराष्ट्रीय वकील जेरेड जेंसर ने कथित जेल परिस्थितियों को “स्लो-मोशन मर्डर” तक करार दिया है। हम आपको बता दें कि इमरान की सेहत को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच पाकिस्तानी सरकार ने पिछले सप्ताह उन्हें भारी सुरक्षा के बीच रात में एक सरकारी अस्पताल ले जाकर संक्षिप्त जांच कराई थी, जिसके बाद उन्हें स्वस्थ बताया गया। लेकिन परिवार इस आकलन से संतुष्ट नहीं है और बेहतर तथा स्वतंत्र चिकित्सा जांच की मांग कर रहा है। दूसरी ओर, महबूबा मुफ्ती का बयान और कासिम खान की चेतावनी, दोनों अलग-अलग संदर्भों से निकलते हुए भी एक बड़े सवाल पर आकर मिलते हैं। महबूबा जहां इमरान के साथ हो रहे व्यवहार को पाकिस्तान की पुरानी राजनीतिक संस्कृति का परिणाम बता रही हैं, वहीं उनका बेटा दावा कर रहा है कि इस राजनीतिक और कानूनी संघर्ष की कीमत अब इमरान खान का शरीर चुका रहा है। देखा जाये तो महबूबा मुफ्ती के बयान ने इसी विडंबना को सबसे धारदार ढंग से सामने रख दिया है। यानि जिस व्यवस्था का इस्तेमाल कभी विरोधियों के खिलाफ हुआ, आज उसी व्यवस्था के शिकंजे में उसका सबसे बड़ा चेहरा खुद फंसा हुआ है।
'हॉट और सेक्सी लग रही हो', मल्लिका से बोले तेज प्रताप, शरमाईं एक्ट्रेस
तेज प्रताप यादव 'भोजपुरी बवाल' शो में गर्दा उड़ा रहे हैं. मल्लिका शेरावत संग तेज प्रताप का मस्तीभरा अंदाज लोगों को खूब पसंद आ रहा है. दोनों को साथ देखना फैंस के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं है.
चीन को बड़ा धोखा देकर अमेरिका की शरण में पहुंचा पाकिस्तान! डोनाल्ड ट्रंप से मांगी 10 अरब डॉलर की भीख
वैश्विक कूटनीति के गलियारों में इस समय भूचाल आया हुआ है और एक बार फिर पाकिस्तान के दोहरे चरित्र ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। दशकों तक 'चीन को अपना सबसे पक्का यार' बताने वाला पाकिस्तान अब ड्रैगन की पीठ में छुरा घोंपकर अमेरिका के दरवाजे पर जा पहुंचा है। ताजा अंतरराष्ट्रीय खुफिया रिपोर्टों और कूटनीतिक सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आई है कि पाकिस्तान की माली हालत इतनी ज्यादा खस्ता हो चुकी है कि उसे बचाने के लिए अब बीजिंग का कर्ज भी कम पड़ रहा है। इसी हताशा के चलते पाकिस्तानी हुक्मरानों और सैन्य नेतृत्व ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने गिड़गिड़ाते हुए सीधे तौर पर 10 अरब डॉलर के भारी-भरकम पैकेज या वित्तीय सहायता की मांग रख दी है। पाकिस्तान की इस यू-टर्न वाली नीति ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसका एकमात्र एजेंडा केवल और केवल विदेशी मदद और कर्ज के सहारे अपनी अर्थव्यवस्था को किसी तरह खींचना है, चाहे इसके लिए उसे अपने सबसे बड़े रणनीतिक साझीदार चीन को ही क्यों न धोखा देना पड़े।ड्रैगन की पीठ पीछे अमेरिका से क्यों गलबहियां कर रहा है पाकिस्तानपिछले कुछ वर्षों में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) और अन्य परियोजनाओं के नाम पर पाकिस्तान ने चीन से अरबों डॉलर का कर्ज लिया था। इस कर्ज के बोझ तले पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था इस कदर दब चुकी है कि उसे हर साल केवल ब्याज चुकाने के लिए भी नए कर्जों की जरूरत पड़ती है। बीजिंग की तरफ से अब और अधिक खुला पैसा मिलने की उम्मीद लगभग खत्म होती देख पाकिस्तानी रणनीतिकारों ने एक बार फिर वाशिंगटन की ओर रुख किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक व्यापारिक और राजनीतिक नीतियों को साधने के लिए पाकिस्तान ने अमेरिका को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की है कि वह क्षेत्रीय सुरक्षा के नाम पर उसका सबसे वफादार प्यादा बन सकता है। लेकिन जानकारों का मानना है कि अमेरिका इस बात अच्छी तरह जानता है कि पाकिस्तान की नीयत क्या है और वह केवल अपने सामरिक स्वार्थों के लिए एक बार फिर वाशिंगटन का इस्तेमाल करना चाहता है।10 अरब डॉलर की इस सनसनीखेज मांग के पीछे छिपी है बड़ी आर्थिक मजबूरीपाकिस्तान द्वारा अमेरिका से 10 अरब डॉलर की इस भारी वित्तीय सहायता की मांग के पीछे उसकी डूबती हुई अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा भंडार की भारी किल्लत है। देश में महंगाई चरम पर है, ऊर्जा संकट गहराया हुआ है और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की कड़ी शर्तों के कारण सरकार जनता को कोई राहत देने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। ऐसे में, पाकिस्तान के हुक्मरानों को लगता है कि अमेरिका और पश्चिमी देशों के वित्तीय संस्थानों पर दबाव बनाकर या उनके सामने सुरक्षा का रोना रोकर वे भारी-भरकम राहत पैकेज हासिल कर सकते हैं। हालांकि, वाशिंगटन के गलियारों में अब पाकिस्तान की इन चालबाजियों को बहुत अधिक तवज्जो नहीं दी जा रही है, क्योंकि अमेरिकी नीति निर्माताओं की प्राथमिकताएं अब पूरी तरह बदल चुकी हैं और वे भारत के साथ अपने सामरिक संबंधों को सबसे ज्यादा मजबूती दे रहे हैं।चीन-पाकिस्तान संबंधों पर इस धोखे का क्या होगा दूरगामी असरपाकिस्तान की इस गुप्त और अवसरवादी कूटनीति का सबसे बड़ा असर बीजिंग और इस्लामाबाद के रिश्तों पर पड़ना तय माना जा रहा है। चीन कभी भी अपने सामरिक निवेश और क्षेत्रीय प्रभाव के साथ इस तरह के विश्वासघात को आसानी से बर्दाश्त नहीं करता है। बीजिंग के रणनीतिकारों की पैनी नजर इस बात पर है कि कैसे पाकिस्तान एक तरफ उनसे अरबों डॉलर की मदद लेता है और दूसरी तरफ पश्चिमी देशों के सामने जाकर गिड़गिड़ाता है। यदि अमेरिका ने इस मांग को ठुकरा दिया और चीन को इस दोहरे खेल की पूरी सच्चाई का अहसास हो गया, तो पाकिस्तान दोनों तरफ से घिर जाएगा। भारत के सामरिक विशेषज्ञों का भी यही मानना है कि पाकिस्तान की यह चालबाजी उसकी अंतहीन कूटनीतिक विफलताओं और दिवालिएपन की एक और बानगी मात्र है, जिसका भारत की सुरक्षा पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ने वाला है, बल्कि इससे पड़ोसी देश की विश्व मंच पर किरकिरी ही होनी तय है।
दिल्ली-NCR में स्वाइन फ्लू का बढ़ता खतरा, 24 घंटे में नोएडा में आठ गुना बढ़े मरीज
दिल्ली-NCR में मौसम बदलने के साथ स्वाइन फ्लू ने चिंता बढ़ा दी है। राजधानी दिल्ली में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़कर 2,308 पहुंच गई है। वहीं इन्फ्लूएंजा ए और बी के करीब 3,000 मामले सामने आ चुके हैं। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली तस्वीर नोएडा से सामने आई है, जहां महज 24 घंटे में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या करीब आठ गुना बढ़ गई।
कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी करने वाले कैबिनेट मंत्री विजय शाह के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी नहीं जाने के सरकार के फैसले को लेकर प्रदेश में सियासी पारा गर्मा गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इससे सेना ...
राहुल गांधी के मनुस्मृति वाले बयान पर जाने-माने विचारक दिलीप मंडल का बड़ा पलटवार
देश की राजनीति में वैचारिक बहसें अक्सर इतिहास, धर्म और प्राचीन ग्रंथों के इर्द-गिर्द घूमती नजर आती हैं। हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मनुस्मृति और पुराने भारतीय ग्रंथों को लेकर दिए गए बयानों ने राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए पहचाने जाने वाले जाने-माने लेखक और विचारक दिलीप मंडल ने एक तीखा पलटवार किया है। दिलीप मंडल ने राहुल गांधी के बयान के संदर्भ में प्राचीन व्यवस्थाओं और धार्मिक ग्रंथों पर खुलकर बात की है। उन्होंने अपने तर्क को पुख्ता करने के लिए केवल भारतीय ग्रंथों का ही नहीं, बल्कि पश्चिमी धार्मिक ग्रंथ बाइबिल (Bible) का भी उदाहरण दिया है। उनका यह बयान ऐसे समय पर सामने आया है जब देश में संविधान, सामाजिक न्याय, समानता और प्राचीन व्यवस्थाओं की प्रासंगिकता को लेकर एक बार फिर से जोरदार बहस छिड़ गई है, जिसमें विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषक अपने-अपने तर्क रख रहे हैं।राहुल गांधी के मनुस्मृति वाले बयान से क्यों गरमाई सियासतभारतीय राजनीति में जब भी वैचारिक स्वतंत्रता, जातिगत व्यवस्था या समानता की बात आती है, तो प्राचीन ग्रंथों का जिक्र अक्सर छिड़ जाता है। राहुल गांधी ने अपने बयानों में यह रेखांकित करने का प्रयास किया था कि कैसे पुरानी व्यवस्थाएं और ग्रंथ समाज के एक बड़े वर्ग को उनके अधिकारों से वंचित करते रहे हैं। उनके इस दृष्टिकोण को देश के एक बड़े तबके द्वारा सामाजिक सुधार की दिशा में एक जरूरी कदम माना गया, तो वहीं पारंपरिक विचारधारा के लोगों ने इस पर कड़ी आपत्ति भी जताई। इसी बीच, विचारक दिलीप मंडल ने इस पूरी बहस में एक नया आयाम जोड़ते हुए कहा कि आज के आधुनिक, वैज्ञानिक और लोकतांत्रिक युग को चलाने के लिए प्राचीन ग्रंथों या स्मृतियों की पाबंदियों को आधार नहीं बनाया जा सकता है। उनका मानना है कि संविधान ही आज के समय का एकमात्र और सबसे पवित्र ग्रंथ है जो हर नागरिक को बिना किसी भेदभाव के समानता और स्वतंत्रता का अधिकार देता है।बाइबिल और इतिहास के उदाहरण से दिलीप मंडल की बड़ी बातअपने इस तीखे पलटवार और विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए दिलीप मंडल ने इतिहास और वैश्विक धर्मग्रंथों का हवाला दिया। उन्होंने बाइबिल और अन्य ऐतिहासिक ग्रंथों का उदाहरण देते हुए यह समझाने का प्रयास किया कि दुनिया के लगभग सभी प्राचीन ग्रंथों की रचना उस दौर की सामाजिक, राजनीतिक और भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से की गई थी। समय के साथ मानव सभ्यता ने विज्ञान, शिक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों के जरिए जो तरक्की की है, उसे पुरानी व्यवस्थाओं में बांधकर नहीं रखा जा सकता। मंडल ने तर्क दिया कि यदि आज के समाज को आगे बढ़ाना है, तो हमें अतीत की उन रूढ़ियों और पाबंदियों को पीछे छोड़ना होगा जो इंसानों के बीच असमानता या भेदभाव को बढ़ावा देती हैं। उनका यह बयान इस बात पर जोर देता है कि आधुनिक समय के फैसले केवल आधुनिक संविधान, तर्क और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के आधार पर ही लिए जाने चाहिए, न कि किसी प्राचीन परंपरा के भय से।सामाजिक न्याय, संविधान और आधुनिक भारत का भविष्यइस पूरी बहस का दायरा सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत के सामाजिक ताने-बाने और भविष्य की दिशा से जुड़ा हुआ एक गंभीर विषय बन चुका है। एक तरफ जहां राजनीतिक दल अपने वैचारिक एजेंडे के तहत इन मुद्दों को जनता के सामने रखते हैं, वहीं दूसरी तरफ बुद्धिजीवी वर्ग इसे समानता और अधिकारों की लड़ाई के रूप में देखता है। भारत जैसे विविधता से भरे देश में जहां एक ओर परंपराओं का गहरा सम्मान है, वहीं दूसरी ओर आधुनिकता और संवैधानिक मूल्यों को अपनाने की होड़ भी कम नहीं है। राहुल गांधी के बयान और दिलीप मंडल की इस टिप्पणी के बाद अब यह चर्चा फिर से तेज हो गई है कि क्या आज के समाज को चलाने के लिए संविधान ही एकमात्र मार्गदर्शक होना चाहिए या फिर प्राचीन ग्रंथों की सीख भी उतनी ही प्रासंगिक है। बहरहाल, इस वैचारिक मंथन ने देश के राजनीतिक और बौद्धिक हलकों में एक बार फिर से नई बहस को जन्म दे दिया है, जिसका असर आने वाले दिनों में सामाजिक बहसों पर पड़ना तय है।
ट्यूबवेल के कमरे में चल रही थी तमंचा फैक्ट्री, ग्राहक बनकर पहुंची पुलिस
उत्तर प्रदेश के बांदा में पुलिस ने जंगल के बीच चल रही एक अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. यहां एक ट्यूबवेल के कमरे को हथियार बनाने का अड्डा बनाया गया था. पुलिस को जब इसकी गुप्त सूचना मिली तो टीम ने जाल बिछाया. पुलिसकर्मी ग्राहक बनकर पहुंचे और तमंचे खरीदने की बात की. डील पक्की होते ही पुलिस ने मौके पर दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
भारत की सामरिक ताकत, सैन्य पराक्रम और कूटनीतिक रणनीतियों का लोहा आज पूरी दुनिया मानती है। जब भी देश की सुरक्षा और संप्रभुता पर कोई आंच आती है, भारतीय सशस्त्र बल दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। हाल ही में सेना से जुड़े एक बेहद संवेदनशील और बड़े खुलासे ने देश की राजनीति और सामरिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। भारत के पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) या शीर्ष सैन्य अधिकारियों द्वारा 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर किए गए एक सनसनीखेज खुलासे ने पड़ोसी मुल्क की पोल खोलकर रख दी है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर भारत सरकार या सैन्य मुख्यालय की तरफ से युद्धविराम (सीजफायर) या किसी बड़े सैन्य अभियान को रोकने का आधिकारिक ऐलान होने से पहले ही उसकी गुप्त सूचना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तक कैसे पहुंच गई? इस खुलासे ने भारत की खुफिया सुरक्षा व्यवस्था और पड़ोसी देश की कूटनीतिक चालबाजियों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।ऑपरेशन सिंदूर और सामरिक गोपनीयता की अनकही कहानीसैन्य अभियानों में गोपनीयता (Secrecy) सबसे बड़ा हथियार मानी जाती है। 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसे रणनीतिक अभियानों की हर एक हरकत पर देश की सर्वोच्च कमान की सीधी नजर होती है। लेकिन जब ऐसे किसी अति-संवेदनशील मिशन के दौरान होने वाले फैसलों की जानकारी भारत के आधिकारिक सार्वजनिक घोषणा से पहले ही वाशिंगटन या अमेरिकी नेतृत्व तक पहुंच जाती है, तो यह सुरक्षा चूक (Security Breach) या हाई-लेवल लीकेज की ओर इशारा करता है। पूर्व सीडीएस के बयानों और रक्षा मामलों के विशेषज्ञों के विश्लेषण के मुताबिक, पड़ोसी मुल्क ने अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने और अपनी रणनीतिक विफलता को छुपाने के लिए किस प्रकार से गुप्त चैनलों का इस्तेमाल किया, यह अब किसी से छुपा नहीं है। भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह घटना इस बात का सबक है कि सामरिक मामलों में डिजिटल और कूटनीतिक स्तर पर सूचनाओं की सुरक्षा कितनी अधिक जरूरी है।पड़ोसी देश की दोहरी चाल और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक दबावयुद्ध के मैदान में मुंह की खाने के बाद पड़ोसी देश अक्सर वैश्विक मंचों और पश्चिमी देशों के सामने गिड़गिड़ाने की पुरानी आदत से बाज नहीं आता है। 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान जब भारतीय सेना ने अपने अदम्य साहस का परिचय देते हुए दुश्मन के ठिकानों को नेस्तनाबूद करना शुरू किया, तो पड़ोसी मुल्क की नींद उड़ गई। अपनी हार को सामने देख उसने तुरंत अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के राजनयिक चैनलों का दरवाजा खटखटाया। पूर्व सीडीएस द्वारा खोले गए इन राज़ों से यह साफ हो गया है कि कैसे पड़ोसी देश ने परोक्ष रूप से दबाव बनाने की कोशिश की ताकि भारत को अपने सैन्य कदमों को रोकने के लिए मजबूर किया जा सके। हालांकि, भारत ने हमेशा अपनी रणनीतिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy) को सर्वोपरि रखा है और किसी भी बाहरी दबाव के आगे झुकने से साफ इंकार किया है।रक्षा विशेषज्ञों की राय और भविष्य के लिए कड़े सामरिक सबकइस पूरे घटनाक्रम पर देश के जाने-माने रक्षा विश्लेषकों और रणनीतिकारों का मानना है कि भारत को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा वास्तुकला (National Security Architecture) को और अधिक चाक-चौबंद बनाने की जरूरत है। आधुनिक युद्ध केवल हथियारों और सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सूचना युद्ध (Information Warfare), साइबर सुरक्षा और कूटनीतिक खुफिया तंत्र का भी एक बड़ा हिस्सा बन चुका है। पूर्व सीडीएस द्वारा 'ऑपरेशन सिंदूर' के रहस्यों से पर्दा उठाने के बाद देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में इस बात की समीक्षा तेज हो गई है कि संवेदनशील कूटनीतिक और सैन्य सूचनाएं लीक होने के रास्तों को कैसे पूरी तरह से बंद किया जाए। भारत अब एक मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में उभर रहा है, जो अपनी सुरक्षा के फैसले खुद लेने में पूरी तरह सक्षम है और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को कतई बर्दाश्त नहीं करता है।
चुनाव से पहले योगी सरकार का ऐलान, बुजुर्ग महिलाओं को दिया ये तोहफा
60 वर्ष से अधिक उम्र वाली महिलाओं को यूपी रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना का शुभारंभ कर दिया. इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश की 60 वर्ष एवं उससे अधिक आयु की महिलाओं के लिए निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा मिलेगी. इस योजना का लाभ रोजाना करीब 88438 महिला यात्रियों को मिलने का अनुमान है.
जहां हूती बरसा रहे ड्रोन-बम, वहां से इंडियन नेवी ने पार कराए दो भारतीय जहाज
भारतीय नौसेना की मिशन पर तैनात इकाई ने 25 अगस्त को बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से एमवी यूनियन मरीनर और एमवी डागर के सुरक्षित ट्रांजिट की निगरानी की. यह कदम भारत से जुड़े अहम माल की आवाजाही की सुरक्षा और खाड़ी क्षेत्र में समुद्री हितों पर बढ़ी नजर को दिखाता है.
हिजाब विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर भड़के असदुद्दीन ओवैसी, इसे इस्लाम पर बताया सीधा हमला
देश भर में धार्मिक स्वतंत्रता, संवैधानिक अधिकारों और पहनावे की आजादी को लेकर छिड़ी बहस के बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के एक हालिया फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। ओवैसी ने अदालत के इस फैसले को सीधे तौर पर इस्लाम और धार्मिक स्वतंत्रता पर करारा हमला करार दिया है। हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक आक्रामक तेवर अपनाते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि किसी भी नागरिक को यह बताने का हक नहीं है कि उसे कौन सा मजहब अपनाना चाहिए और कैसा पहनावा पहनना चाहिए। उनका यह बयान ऐसे समय पर आया है जब देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर हिजाब व अन्य धार्मिक परिधानों को लेकर नियमों और विनियमों पर कानूनी और सामाजिक स्तर पर लगातार बड़ी बहस छिड़ी हुई है।इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ ओवैसी का तीखा प्रहारअसदुद्दीन ओवैसी ने सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया के माध्यम से इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस निर्णय की कड़ी आलोचना की है जिसमें धार्मिक प्रतीकों या विशेष पोशाक से जुड़े नियमों पर फैसला सुनाया गया था। ओवैसी का आरोप है कि इस तरह के न्यायिक फैसले देश के संविधान द्वारा प्रत्येक नागरिक को दिए गए मौलिक अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता के मूल भावना के खिलाफ जाते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत का संविधान अपने हर नागरिक को अपनी आस्था, संस्कृति और परंपरा के अनुसार जीने और अपने धर्म के पालन की पूरी स्वतंत्रता प्रदान करता है। ओवैसी के इस बयान ने एक बार फिर से देश की सियासत में धार्मिक अधिकारों, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और न्यायिक फैसलों की परिधि को लेकर एक राष्ट्रीय बहस को हवा दे दी है, जिसके बाद विपक्षी दलों और मुस्लिम संगठनों के बीच प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है।पहनावे की स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों पर छिड़ी राष्ट्रव्यापी बहसहिजाब और अन्य धार्मिक व पारंपरिक परिधानों का मुद्दा लंबे समय से भारतीय राजनीति और न्यायपालिका के गलियारों में चर्चा का विषय बना रहा है। एक तरफ जहां न्यायपालिका और शिक्षण संस्थानों के प्रशासनों का यह तर्क होता है कि अनुशासन, समानता और एकरूपता बनाए रखने के लिए संस्थानों के अपने नियम और ड्रेस कोड होने चाहिए, वहीं दूसरी तरफ ओवैसी जैसे नेताओं और मानवाधिकार समर्थकों का यह स्पष्ट मानना है कि धार्मिक पहचान को दबाना व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर सीधा प्रतिबंध है। ओवैसी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि एक लोकतांत्रिक देश में सरकार या अदालतें यह तय नहीं कर सकतीं कि महिलाएं क्या पहनेंगी और उन्हें अपने मजहब का पालन कैसे करना चाहिए। इस तीखे वैचारिक मतभेद के कारण समाज का एक वर्ग इस फैसले को समानता की दृष्टि से सही मान रहा है, तो दूसरा वर्ग इसे धार्मिक स्वतंत्रता में सीधा हस्तक्षेप बता रहा है।राजनीतिक नफा-नुकसान और आने वाले दिनों में बढ़ते राजनीतिक समीकरणअसदुद्दीन ओवैसी के इस आक्रामक रुख को आगामी राजनीतिक और चुनावी रणनीतियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। ओवैसी हमेशा से मुस्लिम समुदाय के अधिकारों, पहचान और धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दों पर मुखर होकर बोलते आए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयानों से एक तरफ जहां उनके पारंपरिक वोट बैंक में उनकी पकड़ और मजबूत होती है, वहीं दूसरी तरफ यह राष्ट्रीय राजनीति में ध्रुवीकरण के मुद्दों को भी हवा देता है। सत्तारूढ़ दल और अन्य राजनीतिक पार्टियां इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। बहरहाल, इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले और उस पर ओवैसी की इस कड़ी आपत्ति ने एक बार फिर से इस संवेदनशील मुद्दे को देश के मुख्यधारा के राजनीतिक पटल पर ला खड़ा किया है, जिसका असर आने वाले समय में सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य पर पड़ना तय माना जा रहा है।
One Nation, One Election: Congress सांसद Imran Masood ने 'असंभव' बताकर दागा सवाल
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बुधवार को 'एक देश, एक चुनाव' की व्यावहारिक व्यवहार्यता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत में एक साथ चुनाव कराने का विचार बिल्कुल भी व्यावहारिक और संभव नहीं है, खासकर तब जब किसी राज्य विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उसका बहुमत खत्म हो जाए। राज्यों में एक साथ चुनाव कराने की चुनौतियों पर ANI से बात करते हुए, मसूद ने विधानसभाओं के कार्यकाल और उनके समय से पहले भंग होने की स्थिति को लेकर चिंता जताई। इसे भी पढ़ें: Punjab में 'Mission 117' पर BJP, Satish Poonia बोले - ड्रग्स से मुक्ति दिलाएंगे मसूद ने कहा कि यह कैसे संभव है? अगर किसी वजह से विधानसभा में बहुमत कम हो जाता है या खत्म हो जाता है, तो अगला चुनाव उसी समय-सीमा के लिए होगा... यह इस देश में बिल्कुल भी व्यावहारिक और संभव नहीं है। विपक्ष की आशंकाओं का जवाब देते हुए, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने तर्क दिया कि एक साथ चुनाव लागू करने से चुनाव से जुड़े खर्चों में काफी कमी आएगी और अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। चंदोलिया ने ANI से कहा कि अगर देश में 'एक देश, एक चुनाव' लागू होता है, तो अलग-अलग चुनावों पर खर्च होने वाला बहुत सारा पैसा बचेगा और इससे देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। इस बीच, पटना में बिहार के मंत्री राम कृपाल यादव ने भी इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि बार-बार होने वाले चुनाव चक्र से प्रशासन और अर्थव्यवस्था पर ऐसा बोझ पड़ता है जिसे संभालना मुश्किल होता है। इसे भी पढ़ें: बीजेपी संसदीय बोर्ड में बड़ा फेरबदल संभव, 4 CMs को मिलेगी जगह; Modi-Nabin के अलावा कौन-कौन? ANI से बात करते हुए यादव ने कहा कि यह सरकार अपने काम को गंभीरता से लेती है और सभी नियमों और कानूनों का पूरी तरह पालन करती है। इसीलिए 'एक देश, एक चुनाव' जरूरी है; लगातार होने वाले चुनावों से देश और सरकार पर भारी बोझ पड़ता है। इसे समझते हुए, प्रधानमंत्री ने 'एक देश, एक चुनाव' को सही और जरूरी माना है। इससे पहले, मंगलवार को JPC चेयरमैन पीपी चौधरी ने कहा कि प्रस्तावित एक देश, एक चुनाव का ढांचा न तो संघवाद के खिलाफ है और न ही संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस कदम का मकसद राज्यों की स्वायत्तता को प्रभावित किए बिना चुनावी कैलेंडर में तालमेल बिठाना है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
कंधे पर बच्चे, सामने उफनता नाला... VIDEO देख दहल जाएंगे
मध्य प्रदेश के सिवनी में बारिश के बाद स्कूली बच्चे तेज बहाव वाले उफनते नाले को पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं. वायरल वीडियो में बच्चे हाथ पकड़कर नाला पार करते और छोटे बच्चों को परिजन कंधे पर ले जाते दिख रहे हैं. प्रशासन ने 75 मीटर पुल का प्रस्ताव भेजने की बात कही है.
'ईरान ने की मेरे बेटे को मारने की कोशिश', नेतन्याहू के दावे से मचा हड़कंप
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि ईरान ने उनके एक बेटे को मारने की कोशिश की, लेकिन साजिश से जुड़ी कोई ठोस जानकारी नहीं दी. नेतन्याहू के इस दावे से हड़कंप मचा हुआ है. क्या है पूरा मामला, जानने के लिए देखें वीडियो.
हाता की विरासत, मठ की सियासत... सपा-BJP के सामने बसपा ने चल दिया 'ठाकुर कार्ड'
गोरखपुर की चिल्लूपार सीट पर बसपा द्वारा अस्मिता चंद को प्रत्याशी घोषित करने के बाद 'गोरखनाथ मठ' बनाम 'तिवारी हाता' की पुरानी जंग एक बार फिर 'ब्राह्मण बनाम ठाकुर' के सियासी संग्राम में बदल गई है. 2027 के विधानसभा चुनाव में जहां सपा और भाजपा ब्राह्मण चेहरों पर दांव लगाने की तैयारी में हैं, वहीं बसपा का 'ठाकुर-दलित' समीकरण ने मुकाबले को रोचक बना दिया है.
स्कूल में टॉयलेट की सुविधा नहीं, सड़क पर उतरे 200 छात्र, किया चक्काजाम
छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री के गृह जिले दुर्ग में सरकारी स्कूल की बदहाल व्यवस्था को लेकर करीब 200 छात्र-छात्राओं को सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ा. छात्रों का आरोप है कि स्कूल में पिछले दो साल से पर्याप्त शौचालय और बाउंड्रीवॉल की सुविधा नहीं है. शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा के अभाव में पढ़ाई प्रभावित होने से नाराज विद्यार्थियों ने पहले स्कूल के गेट पर तालाबंदी की और इसके बाद दुर्ग-पाटन मुख्य मार्ग पर बैठकर करीब एक घंटे तक चक्काजाम किया.
Hamirpur में Lumpy Skin Disease से एक बछड़े की मौत, 33 मवेशी संक्रमित
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में लंपी त्वचा रोग से एक बछड़े की मौत हो गई है और 33 मवेशी संक्रमित पाए गए हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। पशुपालन विभाग ने बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए निगरानी और उपचार के प्रयास तेज कर दिए हैं। लंपी त्वचा रोग (एलएसडी) मवेशियों और भैंसों को प्रभावित करने वाला संक्रामक रोग है। यह कैप्रिपॉक्स वायरस के कारण होता है। यह बीमारी मच्छरों, मक्खियों और किलनियों के जरिए फैलती है। इससे मवेशियों में तेज बुखार, त्वचा पर कठोर गांठें, आंखों और नाक से स्राव शुरू हो सकता है तथा उनके दूध देने की क्षमता काफी कम हो सकती है। अधिकारियों के अनुसार, पिछले चार-पांच दिनों में जिले के विभिन्न इलाकों से लंपी रोग के कम से कम 34 मामले सामने आए हैं। बरसार क्षेत्र में इससे एक बछड़े की मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि नादौन क्षेत्र में सबसे अधिक 12 मामले सामने आए हैं, जबकि भोरंज और सुजानपुर में दो-दो मामले दर्ज किए गए हैं। अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी पशुओं में बीमारी के लक्षण पाए जाने के बाद पशुपालन विभाग ने निगरानी और उपचार के प्रयास तेज कर दिए हैं। हमीरपुर पशुपालन विभाग के सहायक निदेशक (परियोजना) डॉ. सतीश ने लोगों को सतर्क रहने, अपने पशुओं की नियमित जांच करने और शरीर पर असामान्य गांठ, बुखार या कमजोरी के लक्षण दिखने पर तुरंत पशु चिकित्सक को सूचित करने की सलाह दी है। अधिकारियों ने बताया कि बीमारी से निपटने के लिए पशुपालन विभाग को करीब 13,500 टीके मिले हैं। इन टीकों को पशु चिकित्सालयों और संबंधित केंद्रों में भेज दिया गया है, ताकि संवेदनशील क्षेत्रों में पशुओं का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सके। पिछले वर्ष हमीरपुर में करीब 16,000 पशुओं को लंपी त्वचा रोग से बचाव का टीका लगाया गया था। वर्ष 2023 में बीमारी के बड़े प्रकोप के बाद बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान चलाया गया था।
कनाडा PR के नाम पर भाई-बहन के साथ 97.50 लाख की ठगी
गांधीनगर में कनाडा का PR वीजा दिलाने के नाम पर भाई-बहन के साथ 97.50 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. आरोपी एजेंट ने PR के बजाय क्लोज्ड वर्क परमिट दिया और हर 15 दिन में 1,500 कनाडाई डॉलर भी लिए. पढ़ें इस ठगी की पूरी कहानी.
उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में 17 अहम प्रस्तावों को मंजूरी, अग्निवीरों के लिए बनेगा रोजगार सेल
Uttarakhand Cabinet Decision: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने 'उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026' और सेवानिवृत्त अग्निवीरों के लिए ...
'बेवकूफी देखकर...', PC में फूटा अंग्रेज कप्तान का गुस्सा, लगाई फटकार
इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान जो रूट (Joe Root) तेज गेंदबाज ब्रायडन कार्स (Brydon Carse) के नाइट क्लब विवाद पर भड़क उठे. कार्स को नशे की हालत में हंगामा करने के शक में कुछ समय के लिए गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे टेस्ट से हटा दिया गया. रूट ने कहा कि खिलाड़ियों की बार-बार होने वाली ऐसी बेवकूफियां टीम के प्रदर्शन से ध्यान भटका रही हैं.
कियारा से ऐश्वर्या तक: शादीशुदा हसीनाओं ने दिए इंटीमेट सीन
कियारा ऐसी पहली एक्ट्रेस नहीं हैं, जिन्होंने शादी के बाद इंटीमेट सीन किए. उनसे पहले भी कई एक्ट्रेसेस ने शादी के बाद बेझिझक बोल्ड रोल किए हैं.
चंद्र ग्रहण पर चंद्रमा को निगल जाएंगे राहु-केतु! 5 राशियां रहें सावधान
Chandra Grahan 2026 Rashifal: 28 अगस्त को कुंभ राशि में लगने वाला चंद्र ग्रहण कई राशियों के बजट, सेहत और रिश्तों पर भारी पड़ सकता है. जानें किन गलतियों से बचना होगा और ग्रहण काल में किन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.
बीजिंग, मॉस्को, टोक्यो, वॉशिंगटन तक भारत का 'वैश्विक कूटनीतिक चक्रव्यूह'
आज का दिन वैश्विक कूटनीति के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों से लिखा जाएगा. एक तरफ बीजिंग में भारत के एनएसए अजीत डोभाल, तो दूसरी तरफ मॉस्को में विदेश मंत्री एस. जयशंकर. एक तरफ टोक्यो में पीयूष गोयल, तो वॉशिंगटन और कनाडा में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण. ये कोई इत्तेफाक नहीं, ये भारत का 'वैश्विक कूटनीतिक चक्रव्यूह' है.
86 साल पुराना दिल्ली रेस क्लब खाली होगा, बेदखली के सरकारी आदेश पर हाईकोर्ट का राहत देने से इनकार
दिल्ली की एक अदालत ने दिल्ली रेस क्लब को परिसर खाली करने के लिए जारी आदेश पर स्टे देने से मना कर दिया है. अदालत ने कहा कि क्लब अपनी बात रखने और सबूत पेश करने के कई मौके दिए गए, जिनका फायदा क्लब ने नहीं उठाया.
नेपाल में बाढ़ का भयानक मंजर, पानी में बह गया पुल, हाई अलर्ट जारी
रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन, भारत के बगहा, पुर्वी चम्पारण, पश्चिम चंपारण जिलों से बहने वाली नदियों के पास रहने वाले लोगों के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया है.
कन्नड़ सुपरस्टार यश की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' की रिलीज से पहले बेंगलुरु कोर्ट ने मेकर्स को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने फिल्म के खिलाफ झूठे, बदनाम करने वाले और पायरेटेड कंटेंट के सर्कुलेशन पर अंतरिम रोक लगा दी है.
कर्नाटक के भूतनाल झील में 6 शव मिलने से हड़कंप, सभी शव पानी में तैरते मिले
कर्नाटक के विजयपुरा की भूतनाल झील में 6 लोगों के शव बरामद होने से हड़कंप मच गया. जिला फायर ऑफिसर शशिधर के मुताबिक, सूचना मिली थी कि 6 लोग झील में गिर गए हैं. मौके पर पहुंची टीम ने पानी में 6 शव तैरते हुए बरामद किए.
Yogi सरकार का महिला शक्ति को प्रणाम: UP में Lokmata Ahilyabai Free Bus यात्रा शुरू
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को राज्य में महिलाओं के लिए मुफ़्त बस यात्रा योजना की घोषणा की। इस पहल का नाम 18वीं सदी की शासक अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर रखा गया है। लखनऊ में लॉन्च कार्यक्रम में बोलते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण में अहिल्याबाई होल्कर के योगदान को सम्मान देते हुए इस योजना का नाम ‘लोकमाता अहिल्याबाई निःशुल्क बस यात्रा’ रखा गया है। इसे भी पढ़ें: बीजेपी संसदीय बोर्ड में बड़ा फेरबदल संभव, 4 CMs को मिलेगी जगह; Modi-Nabin के अलावा कौन-कौन? मुख्यमंत्री ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर ने महिलाओं की आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की और साथ ही सुशासन तथा भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए भी काम किया। आदित्यनाथ ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर ने उस समय अहम भूमिका निभाई जब देश मुगल आक्रमणकारियों की वजह से अव्यवस्था का सामना कर रहा था। उन्होंने भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को बचाए रखते हुए सुशासन के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने का श्रेय उन्हें दिया। मुख्यमंत्री ने देश भर में मंदिरों के जीर्णोद्धार में उनके योगदान पर भी प्रकाश डाला। आदित्यनाथ के अनुसार, विदेशी आक्रमणकारियों द्वारा क्षतिग्रस्त या नष्ट किए गए सैकड़ों मंदिरों का बाद में अहिल्याबाई होल्कर के प्रयासों से जीर्णोद्धार किया गया। आदित्यनाथ ने कहा कि जब भी महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की बात होती है, तो अहिल्याबाई होल्कर का नाम सम्मान के साथ याद किया जाता है। इसे भी पढ़ें: UP Cabinet ने MBBS और BDS इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ाकर 25,000 रुपये किया उन्होंने उन्हें महिलाओं की आत्मनिर्भरता का एक आदर्श उदाहरण बताया और कहा कि उनकी विरासत से ही प्रेरित होकर मुफ़्त बस यात्रा योजना का नाम उनके नाम पर रखा गया है। यह घोषणा लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की गई, जिसमें मुख्यमंत्री ने शासन-प्रशासन, सांस्कृतिक संरक्षण और महिला सशक्तिकरण में इस ऐतिहासिक हस्ती के योगदान पर प्रकाश डाला। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने जारी किया एग्जाम कैलेंडर, जानें कब होगा कौन सा एग्जाम
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) नेसितंबर से नवंबर 2026 तक का संशोधित परीक्षा कैलेंडर जारी कर दिया है. जो उम्मीदवार सरकारी नौकरी के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, वो एक बार इस कैलेंडर को अच्छे से देख लें.
सरकार बेच रही है हिस्सेदारी, इस कंपनी का खुला OFS, ऐसे लगाएं बोली
Hindustan Copper OFS बुधवार को रिटेल निवेशकों के लिए खुल गया है. एक्सपर्ट इसे फायदे का सौदा बता रहे हैं और लॉन्गटर्म में शेयर में जोरदार तेजी की उम्मीद जता रहे हैं.
बच्चों को निगलते दिल्ली के गड्ढे-नाले....डेढ़ महीने में छह डूबे मगर सबक नहीं ले रहीं एजेंसियां!
तेज बारिश के कारण दिल्ली के गड्ढे-नालों में पानी भर जाता है और कभी खेल-खेल में तो कभी अनजाने में बच्चे गिर जाते हैं और डूबने से उनकी मौत हो जाती है.
यूपी कैबिनेट ने श्रमिकों के लिए नई सामाजिक सुरक्षा और कार्यदशा नियमावली को मंजूरी दी। एक साल की सेवा पर ग्रेच्युटी, सालाना मुफ्त हेल्थ चेकअप और महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम की अनुमति मिलेगी।
Atif Aslam Bollywood Songs: आतिफ असलम की आवाज में कुछ ऐसा जादू है, जो पुराने से पुराने जख्मों को भी खूबसूरत यादों में बदल देता है. उनकी आवाज करीब दो दशक से म्यूजिक लवर्स की प्लेलिस्ट पर राज कर रही है.
'25 लाख टैबलेट, 1 लाख रोजगार...', Gen-Z वोटर्स को साधने में जुटी योगी सरकार
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और योगी सरकार का फोकस युवा वोटर्स पर बढ़ता दिख रहा है. सरकार स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 25 लाख टैबलेट खरीदने की तैयारी में है. साथ ही अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य रखा गया है.
पेपर लीक के आरोपों के बाद महाराष्ट्र में ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती रद्द, MPSC ने लिया फैसला
MPSC Drug Inspector Exam Cancelled: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की तरफ से आयोजित ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती को लेकर उठ रहे सवालों के बीच बड़ा फैसला लिया गया है, आयोग ने भर्ती को रद्द कर दिया है और अब दोबारा परीक्षा कराई जाएगी.
रेलवे ट्रैक पर Reel बना रही थी 19 साल की पूर्णिमा, ट्रेन से दोनों हाथ कटे
झारखंड के गढ़वा में 19 साल की लड़की रेलवे ट्रैक पर रील बना रही थी. अचानक ट्रेन आ गई और लड़की के दोनों हाथ कट गए. यह देखते ही उसके दोस्तों में अफरा-तफरी मच गई. तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया. अब लड़की को हायर सेंटर रेफर किया गया है.
अमिताभ बच्चन की फेवरेट है ये गजल, जगजीत सिंह ने अपनी आवाज से जीता दिल, कहा- बहुत शानदार गजल है
Amitabh Bachchan favorite Jagjit singh ghazal: बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन एक्टिंग ही नहीं सिंगिंग से भी फैंस का दिल जीत चुके हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनकी फेवरेट गजल कौनसी है?
तीसरी मंजिल से गिरा 13 साल का छात्र; लोहे का सरिया गले और मुंह को चीरते हुआ आर-पार, सूरत की घटना
गुजरात के सूरत में मदरसे का एक 13 वर्षीय छात्र खेलते समय तीसरी मंजिल से गिर गया. निर्माणाधीन इमारत में निकली लोहे का सरिया उसके गले और मुंह के आर-पार हो गया. गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती छात्र का इलाज जारी है.
Raksha Bandhan Date 2026: रक्षा बंधन 2026 को लेकर तारीख का कंफ्यूजन दूर हो गया है. आचार्य मदन मोहन ने बताया कि भद्रा और उदयकालीन पूर्णिमा के कारण 28 अगस्त को राखी बांधना शुभ रहेगा. शुभ समय सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक बताया गया है.
रक्षा बंधन के मौके पर कृति सेनॉन ने जूलरी ब्रांड के लिए एक ऐड शूट किया था जो रिलीज होते ही चर्चा में आ गया. ऐड में कृति के लुक को लेकर इतनी चर्चा हुई कि आखिर में इसे कंपनी ने वापस ले लिया.
राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा H1N1 यानी स्वाइन फ्लू से संक्रमित पाए गए हैं. तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें जयपुर के SMS अस्पताल के ICU में भर्ती किया गया है. इस बीच राज्य में स्वाइन फ्लू के मामले 8 गुना तक बढ़ गए हैं.
रक्षाबंधन के लिए 4 चम्मच देसी घी से बनाएं जयपुर का मावा घेवर
How to Make Mawa Ghewar: अगर आप भी रक्षाबंधन पर अपने भाई के लिए घेवर खरीदने की सोच रहे हैं तो इस बार बाजार की जगह घर पर ही राजस्थानी घेवर बनाइए और उससे अपने भाई का मुंह मीठा कराइए. यहां हम आपको बिलकुल बाजार जैसा जालीदार घेवर बनाने का आसान तरीका बता रहे हैं.
MG ने किया कमाल, लॉन्च की धांसू 7-सीटर SUV, इतने रुपये है कीमत
एमजी ने भारतीय बाजार में अपनी नई इलेक्ट्रिक कार MG Hector Tomahawk को लॉन्च कर दिया है. ये कार दमदार फीचर्स के साथ आती है. इसका सीधा मुकबला 7-सीटर कारों से होगा. MG Hector Tomahawk EV के साथ कंपनी ने प्लगइन हाइब्रिड वर्जन को भी अनवील किया है. आइए जानते हैं इस कार की कीमत और दूसरी खास बातें.
कौन हैं आबिद? Duleep Trophy में कहर, वेस्ट जोन चारों खाने चित
Duleep Trophy में नॉर्थ जोन ने वेस्ट जोन को 52 रनों से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली. जीत के हीरो रहे अबिद मुश्ताक, जिन्होंने मैच में 9 विकेट झटककर वेस्ट की बल्लेबाजी तहस-नहस कर दी. नॉर्थ अब सेमीफाइनल में साउथ जोन से भिड़ेगा.
पंजाब: 7 लाख सरकारी कर्मचारियों का हल्ला-बोल, 27 अगस्त को 'महाबंद' का ऐलान
पंजाब के करीब 7 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों ने 27 अगस्त को 'महाबंद' का ऐलान किया है. पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाली, संविदा कर्मचारियों को पक्का करने और केंद्रीय वेतनमान समीक्षा की मांगों को लेकर यह हड़ताल होगी.
सड़कें गायब... चीन में तूफान गैनारी के बाद बाढ़ का खौफनाक मंजर
चीन के फुजियान प्रांत में तूफान गैनारी के बाद भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं. लॉन्गयान शहर की सड़कें पानी में डूब गईं, गाड़ियां फंस गईं और कई इलाकों में कमर तक पानी भर गया.
पानी-पानी गुरुग्राम क्यों? सवाल से बचते दिखे CM सैनी, सुरक्षाकर्मियों ने हटाया माइक
हरियाणा के गुरुग्राम में भारी बारिश के बाद जलभराव को लेकर मुख्यमंत्री नायब सैनी से सवाल किया गया, लेकिन वे जवाब दिए बिना आगे बढ़ गए. पंचकूला में मीडिया के सवाल के दौरान उनके सुरक्षाकर्मियों ने दो बार माइक हटा दिया. उधर गुरुग्राम में भारी बारिश से कई सड़कें और अंडरपास पानी में डूब गए थे.
सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद ओम बिरला भी ऐक्शन में, TMC के बागियों से 7 दिन में जवाब मांगा
TMC के 20 बागी सांसदों को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने अयोग्यता याचिकाओं पर 7 दिन में जवाब देने का नोटिस दिया है। अभिषेक बनर्जी की सुप्रीम कोर्ट याचिका पर सुनवाई के बाद यह कार्रवाई हुई। जानिए पूरा मामला।
धर्मशाला में पढ़ने को मजबूर बच्चे, पंजाब के इस स्कूल का हाल बेहाल
संगरूर जिले के बेनड़ा गांव में प्राथमिक स्कूल की बदहाल स्थिति पर ग्रामीणों में काफी नाराजगी है. बच्चे धर्मशाला में पढ़ने को मजबूर हैं. डेढ़ साल से स्कूल के नए भवन का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन अब तक स्कूल का नया भवन बन नहीं पाया है.
ममदानी ने मोहन भागवत का किया विरोध, तो नाराज हुआ उद्धव गुट, कांग्रेस ने RSS पर ही उठाए सवाल
न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी ने मंगलवार को कहा कि वह मैडिसन स्क्वायर गार्डन में प्रस्तावित उस कार्यक्रम का समर्थन नहीं करते, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत भारतीय प्रवासी समुदाय के लोगों को संबोधित करेंगे।
कानपुर के पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बड़े नेक्सस का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय की जांच और आदेश के बाद 7 फर्मों और उनके संचालकों के खिलाफ 6 अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं.
कैंसर से जंग लड़ी, 36 की उम्र में बैडमिंटन कोर्ट पर रच दिया इतिहास
Chou Tien Chen: ताइवान के 36 वर्षीय चाउ तिएन-चेन (Chou Tien Chen) ने वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप में इतिहास रच दिया. 36 साल 225 दिन की उम्र में वह पुरुष सिंगल्स में सबसे उम्रदराज मेडलिस्ट बने. कैंसर से जंग के बाद लौटे चाउ ने बिना मुख्य कोच के यह मुकाम हासिल किया. सेमीफाइनल में हार के बावजूद उनका ब्रॉन्ज और संघर्ष की कहानी बेहद खास रही.
Toxic Review In Hindi: यश की मोस्ट अवेटेड फिल्म टॉक्सिक द फेयरीटेल फॉर ग्रोनअप्स 26 अगस्त को वर्ल्डवाइड सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. फिल्म में यश के अलावा कियारा आडवाणी, नयनतारा, तारा सुतारिया और रुक्मणि वसंत लीड रोल में नजर आ रहे हैं.
मिसकैरेज की छुट्टी को मैटरनिटी लीव में नहीं जोड़ सकते, महिला कर्मचारी के लिए हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महिला कर्मचारियों के अधिकारों पर बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि मिसकैरेज की छुट्टी को बाद में मिलने वाली मैटरनिटी लीव में नहीं जोड़ा जा सकता. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लीव बैलेंस कम होने के आधार पर मातृत्व लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता.
Kriti Sanon Rakhi Ad: कृति सेनन के पक्ष में उतरे राहुल गांधी, कपडों पर क्या बोले?
रक्षाबंधन के एक ज्वेलरी विज्ञापन में कृति सेनन के पहनावे को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद शुरू हुआ। बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने भी उनके पहनावे पर सवाल उठाए।
फर्जी डिग्री से नौकरी का खेल! कुलपति समेत 3 गिरफ्तार, 66 डिग्रियां जांच में
सरकारी नौकरी हासिल करने की चाह में फर्जी डिग्री के सहारे भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है. राजस्थान की शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2022 से जुड़े इस मामले में जांच एजेंसी ने मध्य प्रदेश की एक यूनिवर्सिटी के कुलपति समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. जांच में विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कथित फर्जीवाड़े की परतें खुलने की बात सामने आई है.
नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ से तबाही, कई गांव और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट बहे; निचले इलाकों में अलर्ट
नेपाल के रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ से गांव, बाजार और हाइड्रोपावर परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। प्रशासन ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया है।
पाकिस्तान के रेस्टोरेंट में 2 रोबोट परोस रहे खाना, राबिया और जोजो से मिलने की जिद्द कर रहे बच्चे
कराची, लाहौर और मुल्तान के कई रेस्टोरेंट यह रोबोट खाना सर्व कर रहे हैं. बड़ी बात यह है कि इन रोबोट को एक पाकिस्तानी स्टार्टअप ने ही बनाया है.
पाकिस्तान में क्यों सालों तक पूर्वजों की अस्थियां रखते हैं हिंदू?
पाकिस्तान में कई हिंदुओं को वीजा की वजह से अपने परिजनों को अस्थियों को रखना पड़ता है. तो जानते हैं ऐसा क्यों किया जाता है?
मुंबई के Ayub’s रेस्टोरेंट में मिलीं गंभीर खामियां
मुंबई के फोर्ट स्थित मशहूर Ayub’s रेस्टोरेंट का फूड लाइसेंस महाराष्ट्र FDA ने निलंबित कर दिया. जांच में गंदगी, मक्खियां, जमा पानी, खराब नाले और कच्चे-पके भोजन को अलग न रखने जैसी कई खामियां मिलीं. FDA ने 37 प्रतिष्ठानों की जांच कर 31 को नोटिस भी दिए. वीडियो में जानें FDA ने कैसे की कार्रवाई.
अभिनेत्री Kriti Sanon के रक्षाबंधन विज्ञापन को Giva ब्रांड ने विवाद के बाद हटाया
आभूषण बनाने वाले ब्रांड जीवा ने बुधवार को कहा कि उसने रक्षाबंधन के लिए अभिनेत्री कृति सैनन को लेकर बनाया गया अपना विज्ञापन हटा दिया है। विज्ञापन में अभिनेत्री द्वारा पहने गए कपड़ों पर सोशल मीडिया पर लोगों ने आपत्ति जतायी थी। ब्रांड ने अपने सोशल मीडिया खातों पर जारी एक बयान में कहा कि उसका उद्देश्य ‘‘समाज के किसी भी वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था’’, इसलिए उसने विज्ञापन वापस ले लिया है। जीवा ने कहा, ‘‘हम भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों का बहुत सम्मान करते हैं। एक ब्रांड के तौर पर हम हमेशा पूरे परिवार के साथ इन खुशी के अवसरों को मनाने में विश्वास करते रहे हैं। इस बार हम इस प्यार और उत्सव में अपने पालतू जानवरों को भी शामिल करना चाहते थे।’’ उसने कहा, ‘‘अगर हमारे हालिया विज्ञापन से अनजाने में समाज के किसी वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो हमारा ऐसा कोई इरादा बिल्कुल नहीं था। सम्मान के तौर पर हमने उस विज्ञापन को सभी मीडिया माध्यमों से हटा लिया है। इस त्योहारी मौसम में आप सभी के जीवन में प्रेम और सकारात्मकता बनी रहे।’’ विज्ञापन में फिल्म ‘कॉकटेल 2’ की अभिनेत्री कृति सैनन ‘इंडो-वेस्टर्न’ पोशाक में नजर आई थीं। उन्होंने ‘ब्रालेट और स्कर्ट के साथ केप पहन रखा था और अपने भाई तथा पालतू कुत्ते को राखी बांधती दिखाई दी थीं। विज्ञापन सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया। कई लोगों ने पारंपरिक त्योहार के दौरान अभिनेत्री के पहनावे की आलोचना की, जबकि कुछ लोगों ने कुत्ते को राखी बांधने पर भी आपत्ति जताई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में कृति की पोशाक को ‘‘जानबूझकर असहज करने वाला’’ बताया। अपने बेबाक बयानों के लिए पहचाने जाने वाली रनौत ने कहा, ‘‘महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां तरह-तरह के कपड़ों से भरी हैं। आज की महिला ‘ग्लोबल’ महिला है-कॉकटेल ड्रेस से लेकर लहंगा-चोली, जींस से साड़ी और बिकिनी से सलवार-कमीज तक।’’ रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, ‘‘आज हमारे पास कपड़ों के इतने विकल्प हैं, फिर आप अपनी बिकिनी/अंतर्वस्त्र में अपने भाई को राखी क्यों बांधोगी? आपके पास स्टाइल के सारे विकल्प कहां हैं? हा हा, यह विज्ञापन जानबूझकर असहज करने वाला लगता है।’’ कृति सैनन ने काफी समय तक चुप्पी साधे रहने के बाद दोपहर में इंस्टाग्राम पर जवाबी पोस्ट किया। उन्होंने कहा, ‘‘संस्कृति और परंपराएं दिल में होती हैं, नेकलाइन में नहीं!... साथ ही, महिलाओं को यह बताना हम कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए? समय के साथ पारंपरिक पहनावे और फैशन में काफी बदलाव आया है। लेकिन अब भी किसी महिला के अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान को सिर्फ उसके कपड़ों से मापा जाता है।’’ अपने बयान में सैनन ने कहा कि त्योहारों की असली भावना व्यक्ति के पहनावे में नहीं, बल्कि उन परंपराओं के प्रति उसके मन में मौजूद भावनाओं और उनके महत्व में होती है। सैनन ने कुत्ते को राखी बांधने पर आपत्ति जताने वालों को जवाब देते हुए कहा, ‘‘रक्षाबंधन एक-दूसरे की रक्षा के संकल्प का प्रतीक है। मैं और मेरी बहन एक-दूसरे को राखी बांधते हैं। हम जानते हैं कि हम एक-दूसरे की उतनी ही रक्षा कर सकते हैं, जितनी एक भाई कर सकता है। हम एक-दूसरे के अच्छे स्वास्थ्य, खुशियों और लंबी उम्र की प्रार्थना करते हैं। और हमारे लिए यह प्रार्थना और वादा हमारे कुत्तों के लिए भी एक समान ही है। आखिरकार, वे भी हमारे परिवार का हिस्सा हैं।
Sugar Price Hike: चीनी की किल्लत नहीं तो क्यों डर गई सरकार? क्या है चीनी का सच
चीनी की कीमतों पर चल रही हजारों खबरों के बीच आपको अब तक ये समझने में दिक्कत हो रही होगी कि देश में चीनी की कमी है या नहीं और चीनी का स्टॉक कितना है। तो जो सच है वो ये है कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है
वो महारानी, जो पति को हटाकर गद्दी पर बैठी, जिसके थे 20 से ज्यादा प्रेमी
इतिहास में कई ऐसे राजा- रानी हुए, जिनकी कहानियां आज भी हमें हैरान करती है. ऐसी ही एक महारानी रूस में भी थी. उसने अपने पति के खिलाफ ही साजिश रचकर उसे गद्दी से हटा दिया था. चलिए जानते हैं आखिर रूस की इस महारानी का किस्सा क्या है?
British Tourist In India: ब्रिटिश ट्रैवलर डीआना की इंस्टाग्राम प्रोफाइल के मुताबिक, उन्हें इंडिया घूमते हुए करीब 1 महीना होने वाला है. उन्होंने अपनी ट्रिप की शुरुआत दिल्ली से की थी. वहां से वो मसूरी और फिर लद्दाख गईं. इस वक्त वे असम को एक्सप्लोर कर रही हैं.
यश संग इंटीमेट हुईं कियारा, बोल्डनेस देख हैरान फैंस, Leak हुए सीन
टॉक्सिक के रोमांटिक सीन खासकर कियारा आडवाणी और यश के बीच की केमिस्ट्री को लेकर इंटरनेट पर चर्चा तेज है.कियारा के बोल्ड और इंटीमेट सीन ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है.

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