हाईवे निर्माण में AI का दौर, NHAI ने स्मार्ट मशीनें की जरूरी
हाईवे निर्माण में अब AI और स्मार्ट मशीनों का होगा बड़ा रोल, NHAI ने 20 किलोमीटर से लंबे और 500 करोड़ रुपये से ज्यादा वाले प्रोजेक्ट्स में स्मार्ट मशीनों से काम करना जरूरी किया.
दुनिया को कर्ज बांटने वाले सऊदी अरब को क्या हुआ? क्राउन प्रिंस को चाहिए खरबों का लोन
ईरान युद्ध ने सऊदी अरब की कमर तोड़ दी है. तेल से होने वाली कमाई कम हो गई है और प्रिंस सलमान को विजन 2030 पूरा करने के लिए भारी-भरकम कर्ज लेना पड़ रहा है. सऊदी अरब अपनी इकोनॉमी को तेल से हटाकर दूसरे क्षेत्रों में ले जाना चाहता है, इसके लिए उसे अरबों डॉलर खर्च करने पड़ रहे हैं.
CJP प्रदर्शनकारियों को राहत, अब नहीं दर्ज होगी नई FIR
सुप्रीम कोर्ट ने 20 से 25 जुलाई के बीच हुए प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में दर्ज सभी FIR रद्द करने का बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने आर्टिकल 142 के तहत विशेष शक्तियों का इस्तेमाल किया. साथ ही 20 से 26 जुलाई की घटनाओं पर नई FIR दर्ज करने पर रोक लगाई. हालांकि, केंद्र और दिल्ली पुलिस को 2,873 लोगों के खिलाफ जांच में अपराध मिलने पर नई FIR की अनुमति दी गई है.
चाय के साथ बनाएं बाजार जैसी क्रिस्पी आलू भाकरवड़ी, आसान है रेसिपी
शाम की चाय के साथ कुछ तीखा और खस्ता खाने का मन है, तो आलू भाकरवड़ी बेस्ट ऑप्शन है. उबले आलू और देसी मसालों से तैयार यह क्रिस्पी स्नैक मिनटों में बन जाता है. समोसे-कचौड़ी से हटकर कुछ नया ट्राई करने के लिए यह आसान रेसिपी जरूर बनाएं.
टीम इंडिया का ऐलान, संजू सैमसन की वापसी, रिंकू समेत 8 खिलाड़ी बाहर
अफगानिस्तान के खिलाफ 13 सितंबर से शुरू होने वाली 3 मैचों की टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान हो गया है. श्रेयस अय्यर कप्तान और तिलक वर्मा उपकप्तान होंगे. संजू सैमसन की टीम में वापसी हुई है. बुमराह, हर्षित, वाशिंगटन और नीतीश का चयन फिटनेस टेस्ट पास करने की शर्त पर हुआ है. रिंकू सिंह समेत 8 खिलाड़ी बाहर हैं.
'एक्सपीरियंस के बावजूद नहीं मिल रही नौकरी', महिला ने दी खास सलाह
ऑफिस पॉलिटिक्स, काम का ज्यादा दवाब और बर्नआउट की वजह से लोग हमेशा अपनी नौकरी को कोसते हैं. लेकिन सोशल मीडिया पर एक महिला ने उन लोगों को बड़ी अहम सलाह दी है.
गाड़ी को लॉक किया या नहीं भूल जाते हैं, ये बीमारी तो नहीं?
गाड़ी का लॉक लगाने के बाद बार- बार सोचते हैं लॉग लगा दिया था या नहीं, घर से निकलने के बाद कन्फ्यूजन में रहते हैं कि AC या पंखा बंद किया था नहीं, अगर इस तरह की समस्याएं आपको हो रही है तो ये ब्रेन फॉग हो सकता है.
टीचर की डांट-मार से बिगड़ी बच्ची की हालत! मौत के बाद लगे संगीन आरोप
दिल्ली के पांडव नगर में 12 साल की छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद परिवार ने सरकारी स्कूल की टीचर पर डांटने और कथित मारपीट का आरोप लगाया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. पढ़ें पूरी कहानी.
भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी और धारदार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी इन दिनों अपनी घातक गेंदबाजी के दम पर एक बार फिर से सुर्खियों के केंद्र में आ गए हैं। घरेलू क्रिकेट या मैदान पर जब भी शमी का सामना विपक्षी बल्लेबाजों से होता है, वह अपनी शानदार लय और स्विंग से तहलका मचा देते हैं। हाल ही में घरेलू सर्किट या प्रतिस्पर्धी मैचों के दौरान मोहम्मद शमी ने जिस अंदाज में अपनी गेंदबाजी से कहर बरपाया है, उसने चयनकर्ताओं और क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सोशल मीडिया से लेकर खेल गलियारों तक फैंस अब मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर से यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या वे इस प्रदर्शन को देख रहे हैं। अगले साल होने वाले आगामी वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों के मद्देनजर शमी की यह फॉर्म भारतीय टीम के लिए एक बहुत बड़ा सकारात्मक संकेत मानी जा रही है, जिससे टीम मैनेजमेंट पर भी बड़े चयन को लेकर दबाव बढ़ना तय है।घरेलू मैदान पर मोहम्मद शमी की गेंदबाजी का दिखा पुराना खूंखार रूपक्रिकेट के मैदान पर अपनी रफ्तार, सटीक लाइन-लेन्थ और सीम पोजीशन के लिए पूरी दुनिया में पहचान बनाने वाले मोहम्मद शमी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उम्र और चोटें उनके हौसले को कमजोर नहीं कर सकती हैं। मैदान पर उतरते ही शमी ने विरोधी टीम के बल्लेबाजों की नाक में दम कर दिया। उनकी गेंदों में वह पुरानी तेजी और स्विंग साफ तौर पर देखने को मिली, जिसके आगे बड़े-बड़े धुरंधर बल्लेबाज घुटने टेकने पर मजबूर हो जाते हैं। शुरुआती ओवरों से ही विकेट चटकाने की उनकी कला ने एक बार फिर से यह बता दिया कि आधुनिक क्रिकेट में नई और पुरानी दोनों गेंदों से विपक्षी खेमे में दहशत कैसे फैलाई जाती है। उनके इस कातिलाना प्रदर्शन को देखकर स्टेडियम में बैठे दर्शकों के साथ-साथ टीवी स्क्रीन पर मैच देख रहे फैंस भी झूम उठे और उनकी गेंदबाजी की जमकर सराहना की।अजीत अगरकर और चयनकर्ताओं के सामने खड़ी हुई बड़ी चुनौतीभारतीय चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर और टीम मैनेजमेंट के लिए आने वाले महीनों में टीम का चयन करना किसी सिरदर्द से कम नहीं होने वाला है। जब देश के पास मोहम्मद शमी जैसा अनुभवी और मैच विनर गेंदबाज उपलब्ध हो, जो अपनी काबिलियत के दम पर अकेले दम पर मैच का रुख मोड़ सकता है, तो उन्हें नजरअंदाज करना नामुमकिन सा हो जाता है। फैंस और क्रिकेट पंडित लगातार यह चर्चा कर रहे हैं कि क्या अजीत अगरकर इस शानदार प्रदर्शन को अनदेखा करेंगे। शमी ने अपनी फिटनेस और गेंदबाजी के स्तर से यह साफ कर दिया है कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करने और टीम के लिए अपनी सेवाएं देने के लिए पूरी तरह से तैयार और फिट हैं। चयनकर्ताओं को अब यह तय करना होगा कि आगामी अंतरराष्ट्रीय श्रृंखलाओं और बड़े टूर्नामेंटों में इस अनुभवी गेंदबाज को कैसे इस्तेमाल किया जाए ताकि भारत को उसका पूरा फायदा मिल सके।अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के लिए मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकते हैं शमीक्रिकेट कैलेंडर में अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप (ODI World Cup) का रोमांच अभी से खिलाड़ियों और प्रशंसकों के सिर चढ़कर बोलने लगा है। इस बड़े और प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीतने के लिए टीम इंडिया को अनुभव और आक्रामकता दोनों के बेहतरीन तालमेल की जरूरत होगी। मोहम्मद शमी का आईसीसी टूर्नामेंट्स में प्रदर्शन का इतिहास हमेशा से शानदार रहा है, खासकर पिछले वर्ल्ड कप में उन्होंने जिस तरह से सबसे ज्यादा विकेट चटकाकर तहलका मचाया था, उसे कोई नहीं भूल सकता। यदि शमी इसी फिटनेस और फॉर्म को बरकरार रखते हैं, तो वह आगामी वर्ल्ड कप में भारत के गेंदबाजी आक्रमण की सबसे बड़ी रीढ़ साबित हो सकते हैं। विरोधी टीमों के बल्लेबाजों के मन में शमी की गेंदबाजी का खौफ किसी भी अहम मैच से पहले भारत को मनोवैज्ञानिक बढ़त दिला सकता है।फैंस की सोशल मीडिया पर मांग, जल्द हो टीम में नियमित वापसीमोहम्मद शमी के इस कातिलाना प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। ट्विटर और इंस्टाग्राम पर फैंस लगातार ट्रेंड चला रहे हैं और बीसीसीआई तथा चयनकर्ताओं से मांग कर रहे हैं कि शमी को बिना किसी देरी के भारतीय वनडे और टेस्ट स्क्वाड में नियमित रूप से जगह दी जाए। एक अनुभवी गेंदबाज का ड्रेसिंग रूम में होना युवाओं के लिए भी बहुत बड़ा मार्गदर्शन साबित होता है। जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी की जोड़ी अगर एक बार फिर मैदान पर उतरती है, तो दुनिया का कोई भी बल्लेबाजी क्रम सहम सकता है। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि चयनकर्ता आगामी सीरीज के लिए टीम चुनते वक्त शमी की इस आग उगलती गेंदबाजी और फैंस की उम्मीदों को कितना महत्व देते हैं।
क्रिसमस या किसी फिल्मी स्क्रिप्ट की तरह खेल के मैदान पर कई बार ऐसे अद्भुत और रोमांचक दृश्य देखने को मिल जाते हैं जो सीधे दर्शकों के दिलों में उतर जाते हैं। क्रिकेट के मैदान पर जज्बे और जुनून की एक ऐसी ही हैरान कर देने वाली कहानी इन दिनों सोशल मीडिया और खेल गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। केरल क्रिकेट लीग (Kerala Cricket League) के एक मुकाबले के दौरान कुछ ऐसा हुआ जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। मैदान पर एक खिलाड़ी गंभीर रूप से चोटिल होने के बावजूद अपनी टीम के लिए क्रीज पर डटा रहा। उसकी हालत यह थी कि वह ठीक से अपने पैरों पर चल भी नहीं पा रहा था, लेकिन इसके बावजूद उसने हार नहीं मानी और आखिरी गेंद पर शानदार छक्का लगाकर अपनी टीम को असंभव सी दिखने वाली जीत दिला दी। इस जांबाज पारी को देखने के बाद फैंस सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के खिलाड़ी इमाम उल हक को आड़े हाथों ले रहे हैं और तुलना करते हुए कह रहे हैं कि इस खिलाड़ी से कुछ सीख लेनी चाहिए।केरल क्रिकेट लीग में दिखा जुनून का अद्भुत नजाराकेरल क्रिकेट लीग के मुकाबलों में इन दिनों रोमांच अपने चरम पर है और युवा तथा अनुभवी खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने के लिए मैदान पर जी-जान लगा रहे हैं। ऐसा ही एक मुकाबला खेल प्रेमियों के बीच चर्चा का केंद्र बन गया है, जहां हार और जीत का फैसला आखिरी गेंद पर हुआ। मैच का माहौल बेहद तनावपूर्ण था और दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर चल रही थी। एक समय ऐसा लग रहा था कि मैच पूरी तरह से हाथ से निकल चुका है और टीम की हार तय है, लेकिन तभी मैदान पर एक ऐसे खिलाड़ी ने चमत्कार कर दिखाया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों का यह हौसला यह साबित करता है कि क्रिकेट केवल बल्ले और गेंद का खेल नहीं है, बल्कि यह अटूट जज्बे और कभी हार न मानने वाले आत्मविश्वास का दूसरा नाम है।गंभीर चोट के कारण चलने में भी लाचार था खिलाड़ी, फिर भी नहीं छोड़ी उम्मीदमैच के दौरान एक रन लेने या फील्डिंग करने के चक्कर में इस जांबाज खिलाड़ी को गंभीर चोट लग गई। उसकी मांसपेशियों में खिंचाव या पैर में ऐसी चोट थी जिसके कारण उसका खड़े रहना भी मुश्किल हो रहा था। हालत यह थी कि वह क्रीज पर अपने पैरों पर ठीक से चल तक नहीं पा रहा था और हर कदम उठाने में उसे भारी दर्द का सामना करना पड़ रहा था। आमतौर पर ऐसी गंभीर चोट लगने पर खिलाड़ी मैदान छोड़कर पवेलियन लौट जाते हैं या मेडिकल सहायता लेते हैं, लेकिन इस खिलाड़ी ने अपनी शारीरिक पीड़ा को अपने देश या टीम की जीत के आड़े नहीं आने दिया। लंगड़ाते हुए और दर्द से कराहते हुए भी वह क्रीज पर डटा रहा और अपने साथी खिलाड़ी के साथ मिलकर स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाने की कोशिश करता रहा।आखिरी गेंद पर छक्का जड़कर लिखी जीत की इबारतमुकाबला अपने सबसे रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका था और टीम को जीत के लिए आखिरी गेंद पर कड़े रन बनाने की दरकार थी। स्ट्राइक पर वही चोटिल खिलाड़ी मौजूद था जो पैरों से ठीक से चल भी नहीं पा रहा था। विरोधी टीम के गेंदबाज ने दबाव बनाने के लिए एक बेहतरीन गेंद फेंकी, लेकिन इस जांबाज बल्लेबाज के इरादे कुछ और ही थे। उसने अपने दर्द को दरकिनार करते हुए अपनी पूरी ताकत झोंक दी और बल्ले का बेहतरीन संपर्क बनाते हुए गेंद को मैदान के बाहर छक्के के लिए भेज दिया। गेंद जैसे ही बाउंड्री के पार गई, पूरा स्टेडियम खुशी से झूम उठा और डगआउट में बैठे खिलाड़ी जश्न मनाने के लिए दौड़ पड़े। यह किसी चमत्कार से कम नहीं था कि एक पैर से चल न पाने वाला खिलाड़ी आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर अपनी टीम का हीरो बन गया।सोशल मीडिया पर छाया जज्बा, इमाम उल हक से हो रही है तुलनाइस घटना का वीडियो और स्कोरिंग मोमेंट्स जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुए, इंटरनेट पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। क्रिकेट फैंस इस खिलाड़ी के अदम्य साहस और जुझारूपन की तारीफ करते थक नहीं रहे हैं। इसके साथ ही सोशल मीडिया यूजर्स पाकिस्तानी बल्लेबाज इमाम उल हक को लेकर मीम्स और तंज कस रहे हैं। फैंस का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बार खिलाड़ी मामूली चोट या हल्की ऐंठन (cramps) होने पर भी मैदान छोड़ देते हैं या धीमी गति से खेलते हैं, जबकि इस घरेलू लीग के खिलाड़ी ने दिखा दिया कि जज्बा हो तो शरीर की हर सीमा को पार किया जा सकता है। यह साहसी पारी आने वाले लंबे समय तक क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में जिंदा रहेगी और युवाओं को प्रेरणा देती रहेगी।
दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल मुकाबला: वैभव सूर्यवंशी के बाद कप्तान ईशान किशन का चला धमाकेदार बल्ला
भारतीय घरेलू क्रिकेट में इन दिनों दलीप ट्रॉफी (Duleep Trophy) के मुकाबले खेले जा रहे हैं, जिसमें युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। टूर्नामेंट का एक बेहद रोमांचक और सांस रोक देने वाला सेमीफाइनल मुकाबला हाल ही में समाप्त हुआ, जिसमें ईस्ट जोन की टीम ने अपने शानदार खेल के दम पर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। इस हाई-वोल्टेज मुकाबले की शुरुआत युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के तूफानी प्रदर्शन से हुई, जिसके बाद कप्तान और स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से महफिल लूट ली। दोनों ही खिलाड़ियों की शानदार पारियों के बदौलत ईस्ट जोन ने एक बेहद कड़े मुकाबले में विपक्षी टीम को धूल चटाकर खिताबी मुकाबले में अपनी धाकड़ मौजूदगी दर्ज करा दी है। घरेलू क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मुकाबला किसी रोमांचक थ्रिलर से कम नहीं रहा, जहाँ हर सेशन में खेल ने नया मोड़ लिया।वैभव सूर्यवंशी की तूफानी शुरुआत और युवा जोश का जलवाइस हाई-प्रोफाइल सेमीफाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन की पारी की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में हुई। टीम के युवा और उभरते हुए ओपनिंग बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने क्रीज पर कदम रखते ही विपक्षी गेंदबाजों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दीं। वैभव ने अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी शैली का परिचय देते हुए शुरुआती ओवरों से ही चौकों और छक्कों की बारिश कर दी। विपक्षी खेमे के तेज गेंदबाजों से लेकर अनुभवी स्पिनरों तक, किसी के पास भी उनकी आक्रामक लय को रोकने का कोई जवाब नहीं था। कम उम्र में ही अपनी असाधारण प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले वैभव ने इस मैच में एक बार फिर साबित कर दिया कि वह आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट का एक बहुत बड़ा सितारा बनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनकी इस तेजतर्रार पारी ने ईस्ट जोन को एक मजबूत और सुरक्षित शुरुआत दिलाई, जिससे टीम के बाकी बल्लेबाजों के लिए आगे का रास्ता काफी आसान हो गया।कप्तान ईशान किशन का कप्तानी पारी से कमाल, मैदान पर बरसाए चौके-छक्केवैभव सूर्यवंशी द्वारा दी गई शानदार शुरुआत के बाद मैदान पर उतरे टीम के कप्तान और अनुभवी खिलाड़ी ईशान किशन ने मोर्चा संभाला। ईशान किशन ने एक कप्तान के रूप में अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाते हुए शुरुआत से ही सूझबूझ और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण दिखाया। उन्होंने क्रीज पर टिककर खेलने के साथ-साथ खराब गेंदों को boundary के पार पहुँचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मैदान के चारों तरफ बेहतरीन स्ट्रोक लगाते हुए ईशान ने न केवल अपना अर्धशतक पूरा किया, बल्कि टीम के स्कोर को एक विशाल टोटल तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी इस कप्तानी पारी के दौरान उनके शॉट्स का चयन और गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कला देखने लायक थी। जब भी विरोधी टीम ने मैच में वापसी की कोशिश की, ईशान ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए उनके हर आक्रमण का करारा जवाब दिया।रोमांचक सेमीफाइनल में गेंदबाजों का भी दिखा बेहतरीन योगदानसिर्फ बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने भी इस सेमीफाइनल मुकाबले में अपनी गेंदबाजी का लोहा मनवाया। जब विपक्षी टीम बल्लेबाजी करने उतरी, तो ईस्ट जोन के तेज गेंदबाजों और स्पिनर्स ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए लगातार अंतराल पर झटके दिए। पिच से मिल रही थोड़ी बहुत मदद का फायदा उठाते हुए गेंदबाजों ने विपक्षी टीम के स्टार बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। दबाव बनाने की इस रणनीति के तहत क्षेत्ररक्षकों ने भी बेहतरीन फील्डिंग का प्रदर्शन किया और कुछ शानदार कैच लपके। गेंदबाजों के इस अनुशासित प्रदर्शन के कारण ही विपक्षी टीम मैच के अहम मौकों पर दबाव नहीं झेल पाई और अंततः ईस्ट जोन ने मुकाबले को अपने नाम करते हुए फाइनल का टिकट कटा लिया।फाइनल मुकाबले की ओर कदम और टूर्नामेंट का बढ़ता रोमांचइस रोमांचक सेमीफाइनल जीत के साथ ही ईस्ट जोन के खेमे में जश्न का माहौल है और टीम का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर पहुँच गया है। कप्तान ईशान किशन की कप्तानी और वैभव सूर्यवंशी जैसे युवाओं के जोश ने यह साबित कर दिया है कि यह टीम इस बार दलीप ट्रॉफी का खिताब जीतने के लिए सबसे मजबूत दावेदार है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईस्ट जोन इसी तरह का सामूहिक प्रदर्शन फाइनल मुकाबले में भी जारी रखता है, तो वे आसानी से ट्रॉफी अपने नाम कर लेंगे। फाइनल मैच से पहले खिलाड़ियों का यह बेहतरीन फॉर्म और मैदान पर उनका तालमेल इस बात का संकेत दे रहा है कि खिताबी मुकाबला बेहद कड़ा और रोमांचक होने वाला है, जिस पर पूरे देश के क्रिकेट प्रेमियों की नजरें टिकी रहेंगी।
'बहन को मार डाला...', गले पर निशान देख भड़का मायके वाले, थाने में धरना
जयपुर के जोबनेर में विवाहिता संजू कुमावत की संदिग्ध मौत के बाद पीहर पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज प्रताड़ना और गला घोंटकर हत्या का आरोप लगाया है. ससुराल पक्ष ने मौत हार्ट अटैक से होने की सूचना दी थी, जबकि परिजनों ने गले पर रस्सी जैसे निशान मिलने का दावा किया. पोस्टमॉर्टम के बाद भी परिजन शव लेने को तैयार नहीं हुए और थाने में धरने पर बैठ गए.
बिहार की सियासत में इन दिनों लगातार बड़े राजनीतिक उलटफेर देखने को मिल रहे हैं, और इसी कड़ी में एक ऐसा वाकया सामने आया है जिसने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों दोनों में ही हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी और उनकी सुरक्षा की कमान संभालने वाले पूर्व सिक्योरिटी हेड हरेंद्र सिंह ने अब खाकी और सुरक्षा घेरे को छोड़कर राजनीति के मैदान में आधिकारिक रूप से कदम रख दिया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी और उनकी विशेष मेहरबानी से हरेंद्र सिंह ने औपचारिक रूप से बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। इस हाई-प्रोफाइल राजनीतिक 'गृह प्रवेश' के बाद से राज्य के राजनीतिक समीकरणों और आने वाले दिनों में प्रशासनिक से राजनीतिक सफर तय करने वाले चेहरों को लेकर कयासों का बाजार बेहद गर्म हो गया है।खाकी से सियासत तक का सफर: नीतीश कुमार के भरोसेमंद अधिकारी का बड़ा कदमकिसी भी राज्य के मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था संभालना एक बेहद संवेदनशील और जिम्मेदारी भरा काम माना जाता है। हरेंद्र सिंह लंबे समय तक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुरक्षा दस्ते के प्रमुख यानी सिक्योरिटी हेड के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। नीतीश कुमार के सबसे करीबी और भरोसेमंद अधिकारियों में गिने जाने वाले हरेंद्र सिंह ने अपनी प्रशासनिक सेवा पूरी करने या उससे पहले ही राजनीतिक दुनिया में उतरने का यह साहसिक निर्णय लिया है। प्रशासनिक गलियारों में हर उनके काम करने के तौर-तरीकों और अनुशासन की तारीफ होती रही है। अब जब उन्होंने सीधे तौर पर राजनीति का दामन थाम लिया है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि वह प्रशासनिक अनुभवों का इस्तेमाल किस तरह से जनसेवा और दलीय राजनीति में करते हैं।सम्राट चौधरी की रणनीति और बीजेपी में हुआ शानदार स्वागतहरेंद्र सिंह के इस राजनीतिक प्रवेश के पीछे बिहार भाजपा के दिग्गज नेता और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की रणनीति को सबसे अहम माना जा रहा है। पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक भव्य मिलन समारोह के दौरान सम्राट चौधरी ने खुद आगे बढ़कर हरेंद्र सिंह का पार्टी में स्वागत किया और उन्हें भगवा पटका पहनाकर बीजेपी परिवार में शामिल किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के अनुभवी और प्रशासनिक पृष्ठभूमि से आने वाले चेहरों को पार्टी में शामिल करके बीजेपी अपने सांगठनिक आधार को और अधिक मजबूत करने की जुगत में है। सम्राट चौधरी की इस मेहरबानी और सियासी दांव से पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह यह संदेश गया है कि आने वाले चुनावों में पार्टी हर मोर्चे पर अपनी स्थिति को अभेद्य बनाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।आगामी चुनावों और क्षेत्रीय समीकरणों पर क्या पड़ेगा इसका असरहरेंद्र सिंह के बीजेपी में शामिल होने से विशेष रूप से उनके गृह क्षेत्र या प्रभाव वाले इलाकों में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल सकते हैं। एक पूर्व सुरक्षा अधिकारी और प्रशासनिक प्रमुख होने के नाते उनकी पकड़ स्थानीय मुद्दों और जनसंपर्क में काफी मजबूत मानी जाती है। जब कोई अधिकारी सीधे तौर पर सत्ताधारी पार्टी का हिस्सा बनता है, तो विरोधी दलों के खेमे में भी सुगबुगाहट तेज हो जाती है। यह माना जा रहा है कि पार्टी उन्हें आगामी विधानसभा या अन्य स्थानीय चुनावों में किसी महत्वपूर्ण सीट से चुनावी मैदान में उतार सकती है या फिर संगठन में कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकती है। उनके समर्थकों में इस बात को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है और वे इसे एक बड़े राजनीतिक बदलाव के रूप में देख रहे हैं।प्रशासनिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं का राजनीति में बढ़ता दखलबिहार की राजनीति का इतिहास यह गवाह रहा है कि समय-समय पर कई बड़े आईएएस, आईपीएस और सुरक्षा अधिकारी अपनी सेवाएं छोड़कर राजनीति के अखाड़े में उतरे हैं और उन्होंने अपनी अलग पहचान भी बनाई है। हरेंद्र सिंह का यह कदम इसी कड़ी का एक नया और ताजा अध्याय माना जा रहा है। जनता भी अब ऐसे चेहरों को बहुत बारीकी से परखती है जो शासन और प्रशासन के अंदरूनी तंत्र को अच्छी तरह जानते हैं और समस्याओं के समाधान के लिए व्यावहारिक दृष्टिकोण रखते हैं। कुल मिलाकर, नीतीश कुमार के पूर्व सिक्योरिटी हेड का यह राजनीतिक 'गृह प्रवेश' बिहार की सियासत में एक नए समीकरण की शुरुआत का संकेत दे रहा है, जिस पर आने वाले दिनों में सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।
11 मौतों वाले कौशांबी पटाखा ब्लास्ट में बड़ा एक्शन, तीन फरार आरोपियों पर 25-25 हजार इनाम
कौशांबी के मोहम्मदपुर मनौरी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में पुलिस ने फरार तीन आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है. शकील, कहकशा बानो और आदिल अभी फरार हैं. हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी. मुख्य आरोपी नौशाद अली गिरफ्तार है, जबकि शबाना और साइना हिरासत में हैं. लापरवाही पर एक इंस्पेक्टर समेत छह दारोगा निलंबित किए गए हैं.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का दो दिवसीय गोवा दौरा बुधवार से होगा शुरू
पणजी, एक सितंबर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) से बातचीत करने और युवाओं के साथ संवाद के लिए बुधवार को गोवा पहुंचेंगे। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि सीईसी का उनका यह दौरा दो दिन का होगा। गोवा में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, गोवा की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, अपने दौरे में कुमार दक्षिण गोवा के मडगांव स्थित रवींद्र भवन में चुनावी साक्षरता क्लबों (ईएलसी) और ईसीआईनेट मंच पर आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन में भी शामिल होंगे। इसमें बताया गया कि वह बुधवार को बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) से संवाद करेंगे। इस दौरान बीएलओ को अपने अनुभव, बेहतर कार्यप्रणालियां और जमीनी स्तर पर की गई नवाचार पहल साझा करने का अवसर मिलेगा। विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस संवाद का उद्देश्य बीएलओ के अनुभवों और सुझावों को शामिल करते हुए चुनावी प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी, सुलभ और पारदर्शी बनाने पर चर्चा को बढ़ावा देना है। तीन सितंबर को चुनावी साक्षरता क्लबों (ईएलसी) और ईसीआईनेट पर एक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही चुनावी साक्षरता क्लबों के साथ संवाद भी होगा, जिसमें समावेशी और जागरूक चुनावी प्रक्रिया को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका पर चर्चा की जाएगी। ईएलसी चुनाव प्रक्रिया के विभिन्न चरणों, जैसे मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना से जुड़ी जानकारी का प्रसार करेंगे। साथ ही वे ईसीआईनेट ऐप और निर्वाचन आयोग की अन्य पहलों के बारे में भी जागरूकता बढ़ाएंगे। ईएलसी 2.0 के दृष्टिकोण, उद्देश्य, प्रमुख विशेषताओं और संचालन ढांचे के साथ-साथ भारतीय चुनाव प्रक्रिया और ईसीआईनेट मंच पर प्रस्तुतियां दी जाएंगी। सम्मेलन स्थल पर प्रतिभागियों को मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी देने के लिए तीन केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा निर्वाचन आयोग की विभिन्न पहलों, नवाचारों और उपलब्धियों को बताने के लिए एक विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। कुमार के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त पवन शर्मा, महानिदेशक (मीडिया) आशीष गोयल, महानिदेशक (आईटी) सीमा खन्ना, उप निदेशक (मीडिया) अपूर्वा सिंह और अन्य अधिकारी शामिल होंगे।
बिहार की सियासत में इन दिनों आरक्षण के मुद्दे पर सियासी पारा एक बार फिर सातवें आसमान पर पहुंच गया है। नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल के कद्दावर नेता तेजस्वी यादव ने एनडीए गठबंधन के प्रमुख सहयोगियों और केंद्रीय मंत्रियों पर सीधा और जोरदार हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का नाम लिए बिना उन पर तीखा कटाक्ष करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सत्ता और राजनीतिक फायदों का पूरा आनंद उठाने वाले लोग ही अक्सर परोक्ष रूप से आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने या उसे खत्म करने की बातें करते हैं। तेजस्वी के इस बयान के बाद से राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है और पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है।तेजस्वी यादव का तीखा हमला: मलाई खाने वाले करते हैं आरक्षण खत्म करने की बातपटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान और विभिन्न जनसभाओं को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने देश और राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आज के समय में कुछ ऐसे राजनेता और दल हैं जो आरक्षण और दलित-शोषित वर्ग के अधिकारों के नाम पर राजनीति तो खूब करते हैं, लेकिन जब असल हक देने की बारी आती है तो वे पीछे हट जाते हैं। तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि ऐसे लोग खुद तो आरक्षण और सत्ता की मलाई का पूरा फायदा उठाते हैं, लेकिन जब बात गरीबों, पिछड़ों और दलितों के संवैधानिक अधिकारों की आती है तो वे ऐसे बयान देते हैं जिससे साफ पता चलता है कि उनके मन में आरक्षण व्यवस्था के प्रति क्या सोच है। उनका यह सीधा इशारा एनडीए खेमे के उन नेताओं की तरफ था जो अक्सर आरक्षण के फॉर्मूलों या क्रीमी लेयर जैसे मुद्दों पर अपने बयान बदलते रहते हैं।चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के रुख पर उठे सवालराजनीतिक गलियारों में तेजस्वी यादव के इस बयान को सीधे तौर पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और एलजेपी (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान से जोड़कर देखा जा रहा है। हाल ही के दिनों में आरक्षण के वर्गीकरण, कोटा के भीतर कोटा और संविधान संशोधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर एनडीए के इन प्रमुख नेताओं के अलग-अलग बयान सामने आए थे। विपक्षी दलों का यह लगातार आरोप रहा है कि सत्ता में बने रहने के लिए ये नेता अपनी ही जाति और वर्ग के हितों से समझौता कर रहे हैं। तेजस्वी यादव ने इसी कमजोरी को भांपते हुए कड़ा प्रहार किया है और जनता के बीच यह संदेश देने की कोशिश की है कि जो नेता खुद को दलितों और पिछड़ों का सबसे बड़ा मसीहा बताते हैं, वे असल में एनडीए के एजेंडे के तहत काम कर रहे हैं और आने वाले समय में आरक्षण को पूरी तरह से निष्प्रभावी बनाने की साजिश का हिस्सा बन रहे हैं।बिहार की राजनीति में गरमाया आरक्षण का मुद्दा, बढ़ रहा सियासी तापमानबिहार एक ऐसा राज्य रहा है जहां सामाजिक न्याय और आरक्षण की राजनीति हमेशा से चुनावी वैतरणी पार करने का सबसे बड़ा हथियार रही है। हाल ही में जाति आधारित गणना और उसके आधार पर आरक्षण का दायरा बढ़ाने के मामलों को लेकर राज्य की राजनीति पहले ही काफी गर्म थी। ऐसे में तेजस्वी यादव का यह नया बयान आग में घी का काम कर रहा है। राजद लगातार यह मुद्दा उठा रहा है कि केंद्र सरकार और उसके सहयोगी दल देश के संविधान और बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा दिए गए आरक्षण के अधिकारों को धीरे-धीरे खत्म करना चाहते हैं। दूसरी ओर, एनडीए के नेता लगातार यह सफाई देते रहे हैं कि उनकी सरकारें आरक्षण के पूरी तरह पक्ष में हैं और किसी भी कीमत पर इसे आंच नहीं आने दी जाएगी, लेकिन इसके बावजूद जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है।आगामी चुनावों को लेकर जनता के बीच छिड़ी बहसतेजस्वी यादव के इस आक्रामक तेवर से साफ जाहिर है कि आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति पूरी तरह से आरक्षण और सामाजिक न्याय के इर्द-गिर्द घूमने वाली है। सभी राजनीतिक दल अपने-अपने पाले को मजबूत करने और वोटबैंक को एकजुट करने में जुट गए हैं। एक तरफ जहां आरजेडी और महागठबंधन इस मुद्दे के जरिए एनडीए पर हमलावर हैं, वहीं एनडीए के नेता भी इसका माकूल जवाब देने की रणनीति तैयार कर रहे हैं। इस बयानबाजी के बीच आम जनता और युवा वर्ग भी इस पूरी बहस को बहुत बारीकी से देख रहा है कि कौन सी पार्टी वास्तव में उनके अधिकारों के लिए लड़ रही है और कौन केवल राजनीतिक रोटियां सेक रहा है।
5 साल, 5 बाढ़... नेपाल का रसुवा क्यों बन गया इतना खतरनाक?
ग्लेशियरों का पिघलना और नदी के आसपास बढ़ता निर्माण रसुवा में बाढ़ का खतरा बढ़ा रहा है. पहाड़ों के बीच बसा यह इलाका तेज पानी को रोक नहीं पाता, जिससे बाढ़ आने पर नुकसान तेजी से बढ़ जाता है.
नेपाल में फ्लैश फ्लड से 1,003 मौतें, 4 हजार लापता, फिर जारी हुआ बाढ़ अलर्ट
नेपाल में फ्लैश फ्लड से मौतों का आंकड़ा 1000 के पार पहुंच गया है. करीब 4 हजार लोग अब भी लापता हैं. वहीं, कई इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ने पर फिर बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है.
पानी के तेज बहाव के साथ सीमा पार से आई बेहद खतरनाक मछलियां, मत्स्य विभाग ने जारी की सख्त चेतावनी
बिहार के सीमावर्ती जिलों से इन दिनों एक बेहद चौंकाने वाली और डराने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने आम लोगों के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों की भी नींद उड़ा दी है। पड़ोसी देश नेपाल में हाल ही में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बाद उफनती नदियों का पानी भारतीय सीमाओं में दाखिल हो चुका है। इस जलप्रलय के साथ नेपाल की नदियों से बहकर बिहार के विभिन्न जलाशयों, तालाबों और मैदानी इलाकों में कुछ ऐसी खतरनाक और विदेशी प्रजाति की मछलियां आ पहुंची हैं जो यहाँ के जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बेहद विनाशकारी साबित हो सकती हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य के मत्स्य विभाग ने तुरंत प्रभाव से हाई अलर्ट जारी कर दिया है और स्थानीय लोगों को कड़ी हिदायत दी है कि वे भूलकर भी इन अनजान मछलियों का सेवन न करें, अन्यथा यह सेहत के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं।नेपाल की बाढ़ और जलप्रलय के साथ बिहार में घुसी विदेशी मछलियांनेपाल में हुई मूसलाधार बारिश और बांधों से छोड़े गए अतिरिक्त पानी ने भारत के कई उत्तरी जिलों में भारी तबाही मचाई है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से पानी का तेज बहाव सीमा पार से नेपाल के जलीय जीवों को भी अपने साथ खींच लाया है। बिहार के सीमावर्ती जिलों जैसे सीतामढ़ी, मधुबनी, रक्सौल, अररिया और सुपौल के जल स्रोतों में ऐसी मछलियां देखी जा रही हैं जो आमतौर पर स्थानीय बाजारों या नदियों में नहीं पाई जाती हैं। इन मछलियों की शारीरिक बनावट, रंग-रूप और आक्रामक स्वभाव सामान्य देशी मछलियों से पूरी तरह अलग है। पर्यावरणविदों और वैज्ञानिकों का मानना है कि बाढ़ के पानी के बहाव में बहकर आई ये प्रजातियां न केवल स्थानीय मछलियों का अस्तित्व खतरे में डाल रही हैं, बल्कि पानी की गुणवत्ता को भी बुरी तरह प्रभावित कर रही हैं।मत्स्य विभाग की सख्त चेतावनी: भूलकर भी न खाएं ये खतरनाक मछलियांजैसे ही स्थानीय मछुआरों और ग्रामीणों के जाल में ये अनजान और खूंखार दिखने वाली मछलियां फंसीं, तुरंत इसकी सूचना जिला मत्स्य अधिकारियों को दी गई। स्थिति की नजाकत को भांपते हुए मत्स्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से एक एडवाइजरी जारी कर दी है। विभाग ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि लोग नदी, बाढ़ के पानी या खेतों में तैरती इन अजनबी मछलियों को पकड़कर खाने से बिल्कुल बचें। अधिकारियों का कहना है कि इन विदेशी प्रजाति की मछलियों में खतरनाक बैक्टीरिया, जहरीले तत्व या ऐसे पैरासाइट्स हो सकते हैं जो इंसानी शरीर में पहुंचकर गंभीर बीमारियां पैदा कर सकते हैं। कई मछलियां मांसाहारी और बेहद आक्रामक स्वभाव की होती हैं, जिनका सेवन करने से फूड पॉइजनिंग या अन्य घातक स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।स्थानीय जलीय जीव और पर्यावरण के लिए भी मंडराया बड़ा खतराइन आक्रामक विदेशी मछलियों के बिहार के जल स्रोतों में प्रवेश करने से केवल इंसानों की सेहत पर ही नहीं, बल्कि जलीय पर्यावरण पर भी बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है। जानकारों का कहना है कि ये नई प्रजातियां काफी ताकतवर और आक्रामक होती हैं, जो देसी और स्थानीय मछलियों का भोजन छीन लेती हैं और धीरे-धीरे उन्हें मारकर उनकी संख्या खत्म कर देती हैं। इससे नदियों और तालाबों की बायोडायवर्सिटी पूरी तरह असंतुलित हो सकती है। मत्स्य विभाग और विशेषज्ञों की टीमें लगातार ऐसे जलाशयों की मॉनिटरिंग कर रही हैं जहां बाढ़ का पानी सबसे ज्यादा आया है, ताकि इन खतरनाक मछलियों को फैलने से रोका जा सके और स्थानीय जलीय जीवों की रक्षा की जा सके।प्रशासन और ग्रामीणों के लिए जागरूकता और सुरक्षा के कड़े उपायप्रशासन ने सीमावर्ती इलाकों के सभी गांवों में मुनादी करवा दी है और लोगों से अपील की है कि वे बाढ़ के पानी में मछली पकड़ने के दौरान पूरी सावधानी बरतें। यदि जाल में कोई ऐसी संदिग्ध या अजीब दिखने वाली मछली फंसे, तो उसे तुरंत सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया जाए या इसकी सूचना तुरंत नजदीकी पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के कार्यालय को दी जाए। बाजारों में बिकने वाली मछलियों की भी कड़ी जांच की जा रही है ताकि कोई दुकानदार धोखे से ऐसी खतरनाक मछलियों को बाजार में न बेच सके। सरकार और स्थानीय प्रशासन की इस मुस्तैदी से एक तरफ जहां लोगों को इस नए खतरे के प्रति जागरूक किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इस बात की भी पूरी कोशिश हो रही है कि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
राजस्थान के मौसम को लेकर एक बार फिर बहुत बड़ा अपडेट सामने आया है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के अधिकांश जिलों में कमजोर पड़े मानसून के बाद अब मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए नए वेदर सिस्टम और कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) के असर से मरुधरा में एक बार फिर मानसूनी बादल पूरी तरह सक्रिय होने जा रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में 2 सितंबर से बारिश का एक नया और मजबूत दौर शुरू होने की पूरी संभावना है। इस बदलाव से लोगों को उमस भरी चिपचिपाहट भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।बंगाल की खाड़ी में बने नए सिस्टम से बदला मौसम का चक्रमौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम हिस्से और उससे सटे ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों के ऊपर एक नया कम दबाव का क्षेत्र बन चुका है। यह सिस्टम धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए मध्य भारत की ओर रुख कर रहा है, जिसके प्रभाव से राजस्थान के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां फिर से जोर पकड़ेंगी। मौसम विभाग का कहना है कि सितंबर के शुरुआती हफ्ते में मानसून की यह सक्रियता राज्य के कई संभागों में झमाझम बारिश लेकर आएगी। खासकर पूर्वी राजस्थान के जिलों में पिछले काफी समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों और आम नागरिकों के लिए यह एक बड़ी खुशखबरी है।कोटा, जयपुर, भरतपुर समेत पांच संभागों में भारी बारिश का अलर्टमौसम केंद्र, जयपुर की ओर से जारी चेतावनी के अनुसार, 2 और 3 सितंबर से भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में अचानक तेजी आएगी। इसके बाद जैसे-जैसे यह नया सिस्टम आगे बढ़ेगा, 4 सितंबर से लेकर 7 सितंबर के बीच कोटा, जयपुर, अजमेर, भरतपुर और उदयपुर संभाग के कई जिलों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना है। विशेष तौर पर कोटा संभाग और उसके आसपास के इलाकों में मानसूनी मेघों की मेहरबानी ज्यादा देखने को मिल सकती है, जिससे कुछेक जगहों पर तेज पानी गिरने से स्थानीय नदी-नालों और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।पश्चिमी राजस्थान में फिलहाल शुष्क रहेगा मौसम का मिजाजएक तरफ जहां पूर्वी राजस्थान के पांच बड़े संभागों में झमाझम बारिश का दौर शुरू होने जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ पश्चिमी राजस्थान के लोगों को अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में आगामी दिनों के दौरान मानसून की परिस्थितियां अपेक्षाकृत कमजोर बनी रहेंगी। इन इलाकों में आसमान मुख्य रूप से साफ रहने तथा तेज धूप के साथ हल्की उमस का असर देखने को मिल सकता है। हालांकि बीच-बीच में चलने वाली हल्की हवाओं से तापमान में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है, फिर भी लोग अच्छी बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।कृषि और तापमान पर क्या पड़ेगा इस नए मानसूनी दौर का असरअगस्त के महीने में सामान्य से कम बारिश दर्ज किए जाने के बाद सितंबर के पहले सप्ताह में आ रही यह मानसूनी बारिश कृषि क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जिन इलाकों में फसलें पानी की कमी से जूझ रही थीं, वहां इस नई बारिश से संजीवनी मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा तापमान में भी 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने लोगों और खासकर यात्रा करने वाले पर्यटकों को सलाह दी है कि वे भारी बारिश और वज्रपात की संभावना वाले क्षेत्रों में सतर्कता बरतें तथा मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखें।
जयपुर नगर निगम चुनाव 2026: पुनीत कर्णावत की बगावत के आगे झुके कालीचरण सराफ? मान ली अपनी गलती
गुलाबी नगरी जयपुर की सियासत में इन दिनों नगर निगम चुनावों को लेकर पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, राजनीतिक दलों के भीतर टिकट बंटवारे को लेकर शुरू हुआ घमासान अब खुली बगावत का रूप लेता जा रहा है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के खेमे से एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जयपुर के राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री कालीचरण सराफ को पार्टी के कद्दावर बागी नेता पुनीत कर्णावत की बगावत के आगे आखिरकार झुकना पड़ गया है। इतना ही नहीं, सियासी दबाव और अंदरखाने चल रहे घटनाक्रम के बीच यह भी सामने आया है कि किस तरह से नेताओं को अपनी गलतियों का अहसास हुआ और इस हाई-वोल्टेज ड्रामे ने स्थानीय चुनाव के समीकरणों को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है।जयपुर नगर निगम चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर गरमाया माहौलजयपुर नगर निगम चुनाव 2026 के लिए जब से बीजेपी और कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की सूचियां जारी की हैं, तब से पार्टी कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन और नाराजगी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों ही प्रमुख दलों ने एंटी-इंकम्बेंसी से बचने के लिए इस बार कई नए और युवा चेहरों पर दांव खेला है, जिसके चलते कई पुराने, अनुभवी और जमीनी स्तर पर मजबूत माने जाने वाले पार्षदों और कार्यकर्ताओं के टिकट काट दिए गए हैं। टिकट कटने से उपजा यह असंतोष धीरे-धीरे बगावत की आग में बदलने लगा। पार्टी के कई वफादार सिपाही अब निर्दलीय मैदान में उतरने का मन बना चुके हैं, जिससे पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशियों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। इसी सियासी उथल-पुथल के बीच मालवीय नगर और आसपास के इलाकों में पुनीत कर्णावत का मामला सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बन गया है।पुनीत कर्णावत की बगावत और पार्टी पर बना भारी दबावपुनीत कर्णावत भारतीय जनता पार्टी के एक बेहद जाने-माने और सक्रिय नेता हैं, जिनका संगठन में लंबा अनुभव और स्थानीय क्षेत्र में मजबूत जनाधार माना जाता है। जब इस बार के निगम चुनाव में उनके समर्थक या उनके खुद के राजनीतिक भविष्य को लेकर टिकट वितरण में पेंच फंसा, तो उनका गुस्सा खुलकर सामने आ गया। पुनीत कर्णावत और उनके समर्थकों ने जिस तेवर के साथ बगावत का बिगुल फूंका, उससे स्थानीय नेतृत्व के माथे पर बल पड़ गए। स्थानीय चुनाव वार्ड स्तर पर लड़े जाते हैं जहाँ एक-एक वोट और एक-एक मजबूत कार्यकर्ता की कीमत बहुत ज्यादा होती है। बगावत की इस आंधी को भांपते हुए पार्टी के रणनीतिकारों को यह अच्छी तरह समझ आ गया कि यदि इस असंतोष को समय रहते नहीं संभाला गया, तो इसका सीधा नुकसान चुनावी परिणाम पर पड़ेगा।क्या वाकई कालीचरण सराफ को झुकना पड़ा और माननी पड़ी गलती?इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान जयपुर की राजनीति में यह बात आग की तरह फैल गई कि पार्टी के वरिष्ठ विधायक और कद्दावर नेता कालीचरण सराफ को पुनीत कर्णावत के तीखे तेवरों और बगावती तेवर के आगे झुकना पड़ा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर समन्वय बिठाने और भीतरघात के खतरे को टालने के लिए बड़े नेताओं को कई बार अपने फैसलों पर पुनर्विचार करना पड़ता है। चर्चा यह भी है कि बंद कमरे की बैठकों और बढ़ते सियासी दबाव के बीच नेताओं को अपनी रणनीति की कमियों का अहसास हुआ और डैमेज कंट्रोल करने की कोशिशें शुरू हुईं। हालांकि, राजनीति की इस बिसात पर कौन कितना झुका और किसने क्या रणनीति अपनाई, यह आने वाले चुनाव परिणामों और डैमेज कंट्रोल की सफलता पर ही पूरी तरह से साफ हो पाएगा।बागी और निर्दलीय बिगाड़ सकते हैं दोनों पार्टियों का खेलजयपुर नगर निगम चुनाव के इस पूरे प्रकरण ने यह साबित कर दिया है कि इस बार का मुकाबला केवल पार्टी के सिंबल पर नहीं, बल्कि व्यक्तिगत प्रभाव और स्थानीय मुद्दों पर लड़ा जा रहा है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दलों के सामने इस वक्त सबसे बड़ी चुनौती अपने ही बागियों को मनाने और उन्हें शांत करने की है। यदि बागी उम्मीदवार मैदान में डटे रहते हैं, तो वह आधिकारिक प्रत्याशियों के वोटों में भारी सेंधमारी करेंगे, जिससे जीत का गणित पूरी तरह बिगड़ सकता है। जनता भी अब भली-भांति समझ चुकी है कि टिकट वितरण में हुई खींचतान और आंतरिक कलह का असर शहर के विकास कार्यों पर पड़ सकता है। देखना यह होगा कि इस राजनीतिक ड्रामे के बाद मतदाता किसके सिर पर ताज सजाते हैं और कौन बाजी मारता है।
गुलाबी नगरी जयपुर की राजनीतिक फिजा इन दिनों पूरी तरह से गरमाई हुई है और आगामी नगर निगम चुनावों को लेकर सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच चुकी है। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, राजनीतिक दलों के खेमे में बैचेनी और उत्साह दोनों साफ देखे जा सकते हैं। इस बार के जयपुर नगर निगम चुनाव 2026 (Jaipur Nagar Nigam Chunav 2026) में वार्डों के नए परिसीमन और समीकरणों ने दोनों ही प्रमुख दलों यानी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस की नींद उड़ा रखी है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस बार मैदान में डटे निर्दलीय उम्मीदवार और बागी नेता दोनों ही राष्ट्रीय पार्टियों का पूरा चुनावी गणित बिगाड़ देंगे। हाल ही में सामने आए आंकड़ों और टिकट वितरण की बानगी ने यह साबित कर दिया है कि इस बार का मुकाबला बेहद दिलचस्प और कांटे का होने वाला है।परिसीमन और नए समीकरणों से बदला जयपुर का राजनीतिक भूगोलजयपुर नगर निगम के चुनाव इस बार कई मायनों में बेहद ऐतिहासिक और अलग माने जा रहे हैं। पिछले चुनावों के मुकाबले इस बार भौगोलिक और प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया गया है। ग्रेटर और हेरिटेज निगमों के प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब जयपुर में वार्डों की कुल संख्या को समेटकर 150 कर दिया गया है। वार्डों के इस नए परिसीमन ने कई पुराने और दिग्गज पार्षदों के पैरों के नीचे से जमीन खिसका दी है। कई मजबूत माने जाने वाले इलाके कटकर दूसरे वार्डों में चले गए हैं, जिससे पुराने सूरमाओं का पारंपरिक जनाधार बिखर गया है। इस भौगोलिक बदलाव के कारण न सिर्फ चुनावी रणनीतियां बदल गई हैं, बल्कि मतदाताओं का मिजाज भांपना भी दोनों पार्टियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।83 फीसदी पुराने पार्षदों के टिकट कटे, नए चेहरों पर दांवटिकट वितरण के जो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं, उन्होंने सबको हैरान कर दिया है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने ही एंटी-इंकम्बेंसी से बचने के लिए एक बड़ा राजनीतिक जोखिम उठाते हुए अपने लगभग 83 प्रतिशत मौजूदा और पुराने पार्षदों के टिकट काट दिए हैं। पिछले बोर्ड में जीत दर्ज करने वाले 250 पार्षदों में से एक भारी हिस्सा इस बार चुनावी रेस से बाहर कर दिया गया है। पार्टियों ने पुराने दिग्गजों के बजाय नए और युवा चेहरों पर भरोसा जताया है ताकि जनता के बीच किसी भी तरह के स्थानीय असंतोष को थामा जा सके। हालांकि, इस बड़े पैमाने पर हुई टिकट कटौती के बाद पार्टी के भीतर बगावत के सुर भी तेज हो गए हैं और कई टिकट से वंचित नेता बगावत करके मैदान में उतरने की तैयारी कर चुके हैं।मैदान में उतरे बागी और निर्दलीय बिगाड़ सकते हैं खेलटिकट बंटवारे के बाद दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों के सामने सबसे बड़ा सिरदर्द उनके अपने ही बागी नेता बन गए हैं। जिन कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं को टिकट नहीं मिला है, उन्होंने निर्दलीय के रूप में पर्चा दाखिल कर दिया है या करने की पूरी तैयारी कर ली है। स्थानीय चुनावों में अक्सर व्यक्तिगत पकड़ और जातिगत समीकरण पार्टी के सिंबल पर भारी पड़ जाते हैं। ऐसे में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि बागी और निर्दलीय उम्मीदवार कई वार्डों में जीत-हार का अंतर तय करेंगे। यदि बागी उम्मीदवारों ने अपने-अपने वार्डों में मजबूत सेंधमारी कर ली, तो बीजेपी और कांग्रेस दोनों का ही निगम की सत्ता पर काबिज होने का सपना अधूरा रह सकता है।विकास के मुद्दों और स्थानीय वादों के बीच जनता का रुखएक तरफ जहां राजनीतिक दल अपनी जीत के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जयपुर की जनता बुनियादी सुविधाओं, सड़क, पानी और सफाई जैसे मुद्दों को लेकर पूरी तरह सतर्क है। वार्ड स्तर पर होने वाले इन चुनावों में मतदाता पार्टी के चेहरे से ज्यादा स्थानीय उम्मीदवार के कामकाज और उसकी उपलब्धियों को प्राथमिकता देते हैं। यही वजह है कि तमाम कद्दावर नेता और रणनीतिकार घर-घर जाकर जनसंपर्क साधने में जुटे हैं। देखना यह होगा कि क्या जनता पारंपरिक पार्टियों के नए चेहरों पर भरोसा जताती है या फिर बागी और निर्दलीय उम्मीदवार इस बार बाजी मारकर जयपुर के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय लिख जाते हैं।
मुश्किल स्टंट के बाद भावुक हुईं जैस्मीन भसीन, कहा- पिछला हफ्ता आसान नहीं था
अभिनेत्री जेस्मीन भसीन इन दिनों 'खतरों के खिलाड़ी-15' में नजर आ रही हैं। अभिनेत्री ने मंगलवार को सोशल मीडिया के जरिए मुश्किल पलों में हार न मानने की अहमियत पर जोर देते हुए खास पोस्ट शेयर किया।
10 लाख से कम कीमत, दमदार फीचर्स... आ रहा दो कारों का अपडेट
सिट्रोएन अपने पोर्टफोलियो को मजबूत करने में लगी हुई है. कंपनी एयरक्रॉस और बेसाल्ट के नए वर्जन लाने वाली हैं. इन दोनों ही कार के अपकमिंग वर्जन ज्यादा वैल्यू फॉर मनी हो सकते हैं. साथ ही इनमें कुछ एक्सटीरियर अपडेट्स भी देखने को मिल सकते हैं. पिछले कई दिनों से कंपनी इन कारों को टीज कर रही है. आइए जानते हैं क्या है कंपनी की तैयारी.
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की 28 वर्षीय भतीजी बृष्टि मुखर्जी (Bristy Mukherjee) की मंगलवार को बीरभूम जिले के रामपुरहाट में मौत हो गई। समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक, बृष्टि का शव उनके गांव स्थित आवास में फंदे से लटका मिला।
'You will be killed...', चिराग पासवान को मिली जान से मारने की धमकी
केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान को डाक के जरिए जान से मारने की धमकी भरा पत्र मिला है. धमकी मिलने के बाद उनके कार्यालय ने केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखकर सुरक्षा बढ़ाने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है.
बिना नहाए, पसीने की गंध के साथ डेट पर क्यों जा रहे Gen-Z!
जेन-जी के कई युवा डेट पर जाने से पहले नहाना छोड़ रहे हैं. 'फेरोमोन-मैक्सिंग' नाम के इस ट्रेंड में उनका मानना है कि शरीर की नेचुरल गंध उन्हें ज्यादा आकर्षक बना सकती है. लेकिन सवाल है कि क्या साइंस भी इस दावे का समर्थन करती है?
UPI का रिकॉर्ड... अगस्त में 24.5 अरब ट्रांजेक्शन, 11 देशों में फैला नेटवर्क!
यूपीआई ने रिकॉर्ड हाई लेवल टच किया है. अगस्त महीने के दौरान 24.5 अरब से ज्यादा ट्रांजेक्शन हुए, क्योंकि डिजिटल पमेंट तेजी से बढ़ा है. साथ ही रक्षाबंधन त्योहार के दौरान भी यूपीआई को लेकर भुगतान बढ़ा है.
बेन स्टोक्स ने रचा इतिहास, बने BBL के सबसे महंगे खिलाड़ी
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान बेन स्टोक्स BBL के 2026-27 सीजन में एडिलेड स्ट्राइकर्स के लिए खेलेंगे. वह लीग इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बने हैं और पूरे सीजन उपलब्ध रहेंगे. स्टोक्स आखिरी बार 2014-15 में मेलबर्न रेनेगेड्स के लिए खेले थे. इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास के बाद यह उनकी बड़ी फ्रेंचाइजी डील है. उनका पहला मैच 16 दिसंबर को होगा.
IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर भावुक हुए मिर्जापुर के लोग, बताई वजह
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर स्थित लहरियादह गांव में आजादी के बाद से जारी पानी के संकट को दूर करने वाली पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद ग्रामीण भावुक हैं. जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से पानी पहुंचाने वाली अफसर को ग्रामीण भगवान का दर्जा दे रहे हैं.
एक और आश्रम! ट्रोल हुआ 'सैयारा' गर्ल की नई सीरीज का टीजर
जियो हॉटस्टार पर अनीत पड्डा की नई वेब सीरीज हुंकार आ रही है, जिसका टीजर देखकर कई लोगों के मन में बॉबी देओल वाली आश्रम का नाम उठा है. क्या है इस नए शो के टीजर में ऐसा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर बीजेपी देश के पूर्व से पश्चिम तक जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रही है। इसके तहत उत्तर प्रदेश के वाराणसी से गुजरात के वडनगर तक करीब 1,500 किलोमीटर लंबी 'पूर्व से पश्चिम संपर्क यात्रा' निकाली जाएगी। इस यात्रा की शुरुआत वाराणसी और वडनगर दोनों जगहों से एक साथ होगी। दोनों स्थानों से बीजेपी की 10-10 टीमें रवाना होंगी।
शर्मनाक फोटोक्रॉप के बाद शहबाज का डैमेज कंट्रोल, अब शेयर की SCO समिट की फुल फोटो
किर्गिस्तान के बिश्केक में हुए शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की ग्रुप फोटो को उनके कार्यालय द्वारा क्रॉप कर शेयर करने पर सोशल मीडिया पर मजाक उड़ाया गया.
मत खरीदो सोना, विदेश में शादी करने और घूमने भी मत जाओ; फिर क्यों अपील कर रहे पीएम मोदी?
सोना मत खरीदिए, घूमने और शादी करने के लिए विदेश मत जाइए! यह दूसरी बार है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से यह अपील की है। आखिर क्या वजह है, जो पीएम मोदी को बार-बार इस तरह की अपील करनी पड़ रही है?
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा। सीएम डॉ. मोहन यादव ने एक ओर राहुल का प्रदेश में स्वागत किया, तो वहीं दूसरी ओर उनसे यह भी कहा कि वे उनकी पार्टी का सारा हिसाब-किताब जनता को बताएं। उन्होंने ...
पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी की भतीजी की मौत, घर में फंदे से लटका मिला शव
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती साक्ष्यों के आधार पर मामला खुदकुशी का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगी।
वैभव के बल्ले ने यश को तोड़ दिया, लेकिन फिर आया बड़ा Twist!
लीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में वैभव सूर्यवंशी और यश ठाकुर की जंग ने फिर रोमांच बढ़ा दिया... 37 गेंदों पर 22 रन बनाकर खेल रहे वैभव ने यश ठाकुर की लगातार चार गेंदों पर 4, 6, 4, 4 ठोककर अपने 40 रन पूरे किए.
खुला तेल बेचने वालों को CM फडणवीस ने दी राहत, एक साल तक पाबंदी नहीं
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुल में तेल की बिक्री करने वाले व्यापारियों को बड़ी राहत दी है. मुख्यमंत्री ने 2011 के खाद्य सुरक्षा कानून के तहत खुले तेल की बिक्री पर प्रतिबंध को एक साल के टाल दिया है.
'आतंकवाद को जड़ से खत्म करने की जरूरत...', SCO समिट में बोले PM मोदी
SCO शिखर सम्मेलन का आज दूसरा दिन है. समिट के दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन में पाकिस्तान का नाम लिये बगैर आतंकवाद का मुद्दा उठाया. पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद के पूरे ईको सिस्टम को जड़ से खत्म करने की जरूरत है.
TMC प्रमुख Mamata Banerjee की भतीजी Birbhum में मृत मिलीं, डिप्रेशन-नौकरी छूटने से गहराया था तनाव
पुलिस ने मंगलवार को बताया कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की भतीजी पश्चिम बंगाल के बीरभूम में अपने घर पर मृत पाई गईं। मंगलवार दोपहर रामपुरहाट के कुसुम्बा गांव में 31 साल की महिला का शव उसके घर की दूसरी मंज़िल के एक कमरे में मिला। मृतक महिला ममता के चचेरे भाई की बेटी थी। परिवार वालों ने बताया कि वह पिछले कुछ सालों से डिप्रेशन से जूझ रही थी और उसका इलाज चल रहा था। इसे भी पढ़ें: अयोध्या मछली भोज विवाद: CM Yogi के बयान पर Ajay Rai ने किया मानहानि का केस, गरमाई UP की सियासत परिवार वालों ने यह भी बताया कि कथित भ्रष्टाचार के कारण सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में नियुक्तियों को रद्द करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उसकी नौकरी चली गई थी। अधिकारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और घटना की जांच चल रही है। PTI के अनुसार, उन्होंने कहा कि मौत की वजहों का पता पोस्टमार्टम और अन्य ज़रूरी जांच के बाद ही चलेगा। इसे भी पढ़ें: Punjab University: Amit Shah ने ABVP जीत को 'राष्ट्र प्रथम' विचारधारा का प्रमाण बताया परिवार के सदस्यों के अनुसार, बृष्टि मुखर्जी पिछले कुछ वर्षों से अवसाद से जूझ रही थीं और उनका इलाज चल रहा था। परिजनों ने बताया कि सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कथित भ्रष्टाचार के कारण भर्ती रद्द करने के उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद उनकी नौकरी चली गई थी। बृष्टि के परिवार वालों ने बताया कि वह तलाक की प्रक्रिया से गुजर रही थीं, जिससे हाल के महीनों में उनकी परेशानी और बढ़ गई थी। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि यह आत्महत्या का मामला हो सकता है। मौत की सटीक वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू की गयी है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
ट्रेन लेट हुई तो बनाया ऐप, Google ने ₹280 करोड़ में खरीदा
ट्रेन लेट होने की छोटी-सी परेशानी से आया एक आइडिया आगे चलकर करोड़ों की डील तक पहुंच गया. अहमद निजाम और उनकी टीम ने ऐसा ऐप बनाया, जिसने यात्रियों के लिए ट्रेन की लोकेशन पता करना काफी आसान कर दिया.
सरकारी नौकरी, तलाक या कोई और वजह... ममता बनर्जी की भतीजी फंदे से लटक क्यों दी जान?
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी का शव मंगलवार को बीरभूम जिले के रामपुरहाट स्थित कुसुम्बा गांव के उनके घर की दूसरी मंजिल से फंदे पर लटका मिला।
जानिये सुभाष चंद्रा कैसे दीवालिया होने तक फंसते चले गए
कभी देश की इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के बेताज बादशाह रहे ज़ी ग्रुप के फाऊंडर सुभाष चंद्रा आज दीवालिया हो गए हैं. अनजाने सेक्टर्स में एंट्री का भारीभरकम रिस्क, गिरवी शेयरों की बदौलत शुरू हुआ यह कर्जसंकट उनकी 'पर्सनल गारंटी' पर आकर आत्मघाती बन गया. उनके बुरे वक्त का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि NCLT ने उन्हें 99.97% कर्जमाफी देकर रियायत दी तो वह भी विवादों में आ गया.
सभी 5 गाइडलाइंस तोड़कर चल रहीं स्लीपर बस, नाबालिग से गैंगरेप के बाद खुलासा
चलती स्लीपर बस में नाबालिग से गैंगरेप के बाद आज तक ने दिल्ली की एक स्लीपर बस का रियलिटी चेक किया. बस में न CCTV कैमरे मिले, न SOS बटन. ड्राइवर और यात्रियों के बीच बड़ी पार्टिशन था और चार की जगह सिर्फ दो इमरजेंसी विंडो थीं. घटना और रियलिटी चेक ने सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा नियमों के पालन पर सवाल खड़े किए.
SCO Summit : पाकिस्तान ने PM मोदी की फोटो की क्रॉप, वीडियो भी काटा, भारत ने दिखाया पूरा सच
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) Summit के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से शेयर की गई एक तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया। पाकिस्तान ने फिर ओछी हरकत की। आरोप है कि पाकिस्तान PMO ने SCO नेताओं की ग्रुप फोटो से ...
चित्रकूट की लाइफ लाइन मंदाकिनी खतरे के निशान से पार, दिखा रौद्र रूप
चित्रकूट की लाइफ लाइन कहीं जाने वाली मंदाकिनी नदी में चार दिन में तीसरी बार खतरे के निशान को पार कर लिया है. जिससे लोगों में एक बार फिर दहशत है. 29 अगस्त को मंदाकिनी ने 23 साल की बाढ़ का रिकॉर्ड तोड़ते हुए पूरे चित्रकूट में तबाही ले आई थी. सैकड़ों साल पुराना पुल बह गया था और 50 से अधिक गांव जलमग्न हो गए थे. आज सुबह मंदाकिनी ने फिर से लगातार तीसरी बार खतरे के निशान को पार कर लिया है. लोगों में जबरदस्त दहशत का माहौल है और प्रशासन की नींद उड़ी हुई है.
'हनुमान अंश' में भजन गाकर छाया गांव का लड़का, कौन है ये?
2 करोड़ में बनी फिल्म हनुमान अंश का भजन 'मैंने तेरे ही भरोसे' दृष्टिबाधित सिंगर सुनील लोधी ने गाया है, जो बुंदेलखंड के हैं. सुनील की कहानी इंस्पायरिंग है, जिन्होंने अपनी दृष्टिबाधा को ताकत बनाया और आवाज से करोड़ों दिल जीते.
तो जेल भेजिए, खुले में कैसे घूम रहे थे 2,800 अपराधी?पुलिस के दावे पर CJP के सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में प्रदर्शनों की एफआईआर रद्द कर दीं, जिसके बाद CJP ने 5 सितंबर का मार्च वापस ले लिया। हालांकि, अदालत ने 2,873 संदिग्धों पर कार्रवाई की अनुमति दी, जिस पर CJP ने सवाल उठाए।
ऑफर लेटर में 80K CTC, अकाउंट में आती है बस 60 हजार!
कई बार जब आप नई जगह पर नौकरी करने जाते हैं, तो भारी-भरकम CTC देखकर ऑफर लेटर पर तुरंत साइन कर देते हैं. लेकिन कई बार ऑफर लेटर पर 10 लाख की CTC होती है पर हाथ में केवल 60 हजार रुपये. लेकिन कई बार लोग समझ नहीं पाते हैं कि इसके पीछे क्या गणित है?
मछली भोज विवाद में नया मोड़, अजय राय ने सीएम योगी के खिलाफ किया मानहानि का केस
अयोध्या के मछली भोज विवाद में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मानहानि केस की प्रक्रिया शुरू की। जानें पूरा विवाद और दोनों पक्षों के आरोप।
हापुड़ में खनन माफिया का कहर: RSS नेता को ट्रैक्टर से कुचला
हापुड़ के हाफिजपुर थाना क्षेत्र में सोमवार देर शाम मिट्टी से भरे तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने आरएसएस नेता और किसान सतीश चौधरी को कुचल दिया. 30-35 मीटर तक घसीटे जाने के बाद इलाज के दौरान सतीश की मौत हो गई. परिजनों ने रंजिश के तहत हत्या का आरोप लगाया है.
इसरो 4 को लॉन्च करेगा GSLV-F17, चीन-PAK बॉर्डर पर रखेगा नजर
अंतरिक्ष में तैनात होगी भारत की नई आंख 36 हजार KM ऊपर से इसरो का EOS-05 देश के बड़े हिस्से पर नजर रखेगा. चक्रवात, बाढ़, जंगल की आग और सीमा से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी में भी यह सैटेलाइट मदद करेगा.
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के उस फ़ैसले का स्वागत किया जिसमें देश भर में छात्र प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ 20 से 25 जुलाई के बीच दर्ज सभी FIR को रद्द कर दिया गया है। यह फ़ैसला 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा 5 सितंबर को अपना मार्च वापस लेने के बाद आया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, नड्डा ने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार शिक्षा सुधारों को लेकर CJP की सभी मांगों को पूरा करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं का उत्थान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसे भी पढ़ें: अयोध्या मछली भोज विवाद: CM Yogi के बयान पर Ajay Rai ने किया मानहानि का केस, गरमाई UP की सियासत नड्डा ने कहा कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए, हमने भारत सरकार की ओर से भरोसा दिलाया था कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस ले लिए जाएंगे और भविष्य में उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसी क्रम में, हमने बीजेपी शासित राज्यों की सरकारों से भी बातचीत की और अब हम उस वादे को पूरा कर रहे हैं। इससे पहले NEET परीक्षा विवाद को लेकर हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों को बड़ी राहत देते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल किया और उनके खिलाफ देश भर में दर्ज FIR को रद्द कर दिया। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने कहा कि सिर्फ विरोध प्रदर्शन में शामिल होना अपने आप में कोई अपराध नहीं है। बेंच ने यह भी कहा कि जिन लोगों पर शारीरिक नुकसान पहुंचाने या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप है, उनके खिलाफ कार्रवाई करने की राज्य की छूट बनी रहेगी। साथ ही, कोर्ट ने कहा कि उसके ये निर्देश फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी से जुड़ी लंबित संवैधानिक चुनौती पर कोई असर नहीं डालेंगे। इसे भी पढ़ें: Punjab University: Amit Shah ने ABVP जीत को 'राष्ट्र प्रथम' विचारधारा का प्रमाण बताया शुरुआत में, केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाया कि सरकार विरोध-प्रदर्शन की उन खास घटनाओं से जुड़ी FIR पर आगे नहीं बढ़ेगी और उन्हीं घटनाओं के लिए कोई नई FIR दर्ज नहीं की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि सरकार मुआवज़े के अपने वादे पर कायम है और राज्यों व अन्य संबंधित पक्षों से बातचीत करके मुआवज़े के तौर-तरीके तय किए जाएंगे। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
रूस ने कीव को फिर बनाया निशाना, दागी मिसाइलें, देखें दुनिया की बड़ी खबरें
यूक्रेन की राजधानी कीव के पास रूस का बड़ा मिसाइल हमला हुआ है...हमले की ये दो तस्वीरें आप देख सकते हैं...पहली तस्वीर हमले के दौरान की है जबकि दूसरी हमले के बाद....कीव क्षेत्र के गवर्नर तिमुर तकाचेंको के मुताबिक, बोरीस्पिल में रूसी मिसाइल हमले में 4 लोगों की मौत हुई है जबकि कम से कम 13 लोग घायल हुए हैं... घायलों में 2 बच्चे भी शामिल हैं...हमले के बाद राहत और बचाव का काम चल रहा है. देखें...
बच्ची तस्करी मामले में मुख्य आरोपी को न पकड़ने पर दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस को फटकारा
नयी दिल्ली, एक सितंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक बच्ची की तस्करी के 2024 के मामले में मुख्य आरोपी बताई जा रही एक नर्स को गिरफ्तार नहीं किए जाने को लेकर पुलिस को फटकार लगाई और कहा कि पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के मामले में ‘‘चुनिंदा रवैया’’ नहीं अपना सकती। न्यायमूर्ति गिरिश कठपालिया ने मामले में एक सह-आरोपी की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि अदालत राज्य की उस नीति को मंजूरी नहीं दे सकती जिसमें केवल कुछ आरोपियों को चुनिंदा तरीके से गिरफ्तार किया जाए। मामले में मौजूदा याचिकाकर्ता ने एक अन्य आरोपी के साथ कथित तौर पर पति-पत्नी बनकर एक नवजात बच्ची को गोद लिया था। बाद में बच्ची को एक अन्य सह-आरोपी को बेच दिया गया। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि उसे झूठे मामले में फंसाया गया है और मुख्य आरोपी नर्स कुलविंदर कौर को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। अदालत ने 31 अगस्त को पारित आदेश में कहा, ‘‘राज्य द्वारा कुछ आरोपियों को चुनिंदा तरीके से गिरफ्तार करने की नीति को मंजूर नहीं किया जा सकता। पुलिस को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि वह किसी आरोपी को गिरफ्तार करना चाहती है या नहीं। अदालत पुलिस को ऐसा करने या नहीं करने का निर्देश नहीं दे सकती। गिरफ्तारी के मामले में इस तरह का चुनिंदा रवैया निंदनीय है।’’अदालत ने जांच अधिकारी से कौर की स्थिति स्पष्ट करने को कहा। उसने कहा कि इस मामले में शामिल आरोपियों की ‘‘चुनिंदा गिरफ्तारी’’ का कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है और पुलिस उसके खिलाफ व्यावहारिक रूप से कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। अभियोजन पक्ष के वकील ने कहा कि कौर ‘‘बिना पात्रता वाली नर्स’’ है और आश्वासन दिया कि उसे गिरफ्तार किया जाएगा। न्यायमूर्ति कठपालिया ने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि अब राज्य को कथित अपराध की गंभीरता का एहसास हुआ है। मेरा स्पष्ट मत है कि केवल इसलिए कि पुलिस ने किसी अज्ञात कारण से किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं करने का फैसला किया, अदालत कथित अपराध की गंभीरता को नजरअंदाज नहीं कर सकती।’’अदालत ने संबंधित पुलिस उपायुक्त को बच्ची को जल्द से जल्द बरामद कराने का निर्देश दिया और चार सप्ताह में रिपोर्ट मांगी। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया उपलब्ध सामग्री से पता चलता है कि परिवार में छठी संतान रही नवजात बच्ची को मौजूदा याचिकाकर्ता ने बेच दिया था। अदालत ने कहा कि तस्वीरों में उसे उसके जैविक माता-पिता की मौजूदगी में बच्ची को लेते हुए देखा जा सकता है। अदालत ने कहा कि उसने यह भी स्वीकार किया है कि फिलहाल बच्ची उसके पास नहीं है। अदालत ने कहा कि जब बच्ची को उसके जैविक माता-पिता, खासकर मां से अलग किया जाता है और फिर उसे दूसरे लोगों के पास भेजा जाता है तो उसके मन पर ‘‘गहरा मानसिक आघात’’ पड़ता है। अदालत ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोपी की भूमिका ‘‘अत्यंत चौंकाने वाली’’ है और यह उसे हिरासत से रिहा करने के लिए उपयुक्त मामला नहीं है।
पंजाब यूनिवर्सिटी में ABVP की जीत, चुनाव के पहले नतीजों के क्या मायने?
पंजाब यूनिवर्सिटी में ABVP ने लगातार दूसरी बार अध्यक्ष पद जीत लिया है. विधानसभा चुनाव से पहले यह नतीजा छात्र राजनीति में संगठन की पकड़ दिखाता है, हालांकि इसे सीधे राज्य की सियासत का नतीजा मानना जल्दबाजी होगी.
NEET कैंडिडेट की पुण्यतिथि से जुड़े इवेंट की नहीं मिली अनुमति, विजय सरकार पर भड़के उदयनिधि
उदयनिधि ने कहा कि अनीता पहली थी जिसे हमने NEET की वजह से खो दिया। सीएम तब उनके घर श्रद्धांजलि देने गए थे। अब क्या हुआ? मैं सरकार से पूछना चाहता हूं कि उन्होंने इवेंट के लिए परमिशन क्यों नहीं दी?
जयपुर-उदयपुर नहीं, राजस्थान के इस शहर में पहुंचे सबसे ज्यादा टूरिस्ट!
Most Visited Place in Rajasthan: राजस्थान के जयपुर, उदयपुर और जैसलमेर जैसे शहरों के अलावा अब सीकर भी पर्यटकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. धार्मिक पर्यटन की वजह से यहां बड़ी संख्या में घरेलू पर्यटक पहुंच रहे हैं और सीकर ने विजिट के मामले में जयपुर को भी पीछे छोड़ दिया है.
राजस्थान: भाजपा के टिकट बंटवारे की इनसाइड स्टोरी, निकाय चुनाव में खुले कई मोर्चे
जयपुर नगर निगम के टिकट बंटवारे में संगठन के तीन नामों के पैनल पर विधायकों की मनपसंद सूची भारी पड़ी. एक वार्ड पर दोहरे सिंबल विवाद और विधायकों की खींचतान के बाद अब बागियों को साधना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती बन गया है.
हालांकि, कांग्रेस के लिए इस नैरेटिव को जमीन पर उतारना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा क्योंकि दलित वोटों के इस सियासी मैदान में मायावती की BSP एक मजबूत खिलाड़ी है, वहीं चंद्रशेखर आजाद की पार्टी भी तेजी से उभर रही है।
पाकिस्तान की ओछी हरकत, SCO ग्रुप से PM मोदी की फोटो हटाकर की शेयर
किर्गिस्तान के बिश्केक में चल रहे 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पाकिस्तान पर बड़ा प्रहार किया है. उन्होंने आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा संदेश देते हुए पूरे आतंकी इकोसिस्टम को खत्म करने का आह्वान किया. वहीं, पाकिस्तान ने एक बार फिऱ अपनी ओछी सोच दिखा दी. एससीओ की बैठक में नेताओं के ग्रुप फोटो से पाकिस्तानी पीएमओ ने पीएम मोदी की तस्वीर हटा दी.
UP के मऊ में मासूम बच्ची की फरियाद, DM से लगाई गुहार
मऊ में पहली कक्षा की सात वर्षीय छात्रा समरा नाज अपनी टूटी सड़क की शिकायत लेकर सीधे डीएम कार्यालय पहुंच गई. समरा ने जिलाधिकारी आनंद वर्धन को बताया कि खराब रास्ते की वजह से स्कूल जाते समय वह रोज गिर जाती है. इससे उसकी ड्रेस गंदी हो जाती है और उसे डांट भी पड़ती है. बच्ची की बात सुनकर डीएम ने सड़क की जांच कराने का भरोसा दिया और उसे बिस्कुट चॉकलेट देकर विदा किया.
मतदाता सूची से हटाए गए 47.5 लाख नाम, निर्वाचन आयोग ने ब्योरा नहीं दिया: सौरभ भारद्वाज
नयी दिल्ली, एक सितंबर आम आदमी पार्टी (आप) की दिल्ली इकाई के प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने बार-बार अनुरोध के बावजूद राजनीतिक दलों के साथ उन मतदाताओं के नाम, फोन नंबर और पते साझा नहीं किए हैं, जिनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। भारद्वाज ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पार्टी ने चुनाव अधिकारियों से यह जानकारी लिखित रूप में और बैठकों के दौरान भी मांगी थी। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने भी उन्हें आश्वासन दिया था कि ये विवरण साझा किए जाएंगे। हालांकि, इस मामले में भारत निर्वाचन आयोग की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद सूची राजनीतिक दलों के साथ साझा नहीं की गई। उन्होंने कहा कि इसके कारण राजनीतिक दल यह सत्यापित नहीं कर पा रहे हैं कि मतदाताओं के नाम वास्तव में सही कारणों से हटाए गए हैं या इसमें कोई अनियमितता हुई है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले में अदालत का रुख करने की इच्छुक नहीं है, क्योंकि बिहार और पश्चिम बंगाल में ऐसे मामलों को लेकर कानूनी कार्यवाही पहले से चल रही है। भारद्वाज ने कहा कि सरकार में कोई भी बदलाव ‘‘सड़कों और संविधान’’ के जरिए ही होना चाहिए। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत दिल्ली की मतदाता सूची का मसौदा सोमवार को प्रकाशित किया गया। इसमें मौजूदा 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 47.5 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में बुराड़ी में सबसे अधिक 1.67 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए। प्रतिशत के लिहाज से तुगलकाबाद में सबसे अधिक 47.85 प्रतिशत नाम हटाए गए हैं। इसके बाद ओखला में 45.33 प्रतिशत, कस्तूरबा नगर में 44.03 प्रतिशत और बदरपुर में 42.67 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
जन्माष्टमी पर दिल्ली में शोभायात्रा से DBG रोड और अजमल खान रोड पर जाम के आसार, ट्रैफिक एडवाइजरी जारी
नयी दिल्ली, एक सितंबर कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मंगलवार को शोभायात्रा के कारण दिल्ली के डीबीजी रोड, अजमल खान रोड और आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित होने की संभावना है। पुलिस ने यह जानकारी दी। दिल्ली यातायात पुलिस की ओर से जारी परामर्श के अनुसार, अपराह्न एक बजे शुरू शोभायात्रा के शाम सात बजे तक संपन्न होने की संभावना है। पुलिस ने बताया कि शोभायात्रा में करीब 2,000 श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। परामर्श में कहा गया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए डीबीजी रोड, अजमल खान रोड और आसपास की सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रह सकती है और शोभायात्रा के दौरान जाम लगने की भी आशंका है। यातायात पुलिस ने लोगों को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने और असुविधा से बचने के लिए मंगलवार अपराह्न एक बजे से शाम सात बजे के बीच डीबीजी रोड और अजमल खान रोड पर जाने से बचने की सलाह दी है। प्रभावित इलाकों से गुजरने वाले लोगों को अपनी सुविधा के अनुसार पंचकुइयां रोड, न्यू रोहतक रोड और आसपास की अन्य सड़कों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। यात्रियों से मार्ग पर तैनात यातायात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने तथा यातायात संकेतों एवं प्रतिबंधों का ध्यान रखने को भी कहा गया है।
BRICS Summit 2026: दिल्ली में स्वच्छता और आवारा पशु नियंत्रण के लिए एमसीडी का विशेष अभियान शुरू
स्वच्छता और आवारा पशुओं पर नियंत्रण को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले पूरी दिल्ली में बड़े स्तर पर सफाई और सौंदर्यीकरण अभियान शुरू किया है। अधिकारियों को शिखर सम्मेलन के प्रमुख आयोजन स्थलों और उन सड़कों को विशेष रूप से चमकाने के निर्देश दिए गए हैं, जिनसे होकर विदेशी प्रतिनिधिमंडल गुजरेंगे। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला 27 अगस्त को हुई समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक में एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार ने वरिष्ठ अधिकारियों और सभी जोन के उपायुक्तों को तैयारियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि आयुक्त ने अधिकारियों से कहा है कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। अपने-अपने क्षेत्रों में किसी भी तरह की लापरवाही, गंदगी या अधूरे काम के लिए संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा। इसे भी पढ़ें: ब्रिक्स सम्मेलन के कारकेड रिहर्सल से दिल्ली की 35 से अधिक सड़कों पर मंगलवार को बदलेगा ट्रैफिक एमसीडी ने सम्मेलन के आयोजन स्थलों और प्रतिनिधिमंडलों के आने-जाने वाले मार्गों से आवारा मवेशियों, कुत्तों और बंदरों को दूर रखने के लिए 24 घंटे काम करने वाले विशेष पशु नियंत्रण दस्ते भी गठित किए हैं। नगर निगम के दलों को एक से 13 सितंबर के बीच प्रमुख आयोजन स्थलों और महत्वपूर्ण मार्गों पर गहन सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। ब्रिक्स सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को आयोजित होना है। अभियान के तहत दिल्ली के कई प्रमुख स्थानों को विशेष रूप से सजाने-संवारने पर जोर दिया जा रहा है। इनमें राजघाट, भारत मंडपम, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, कमल मंदिर और सुंदर नर्सरी जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं। इसके अलावा साउथ एक्सटेंशन जैसे खरीदारी के बड़े केंद्र भी निगम की प्राथमिकता में हैं। इसे भी पढ़ें: BRICS Summit के कारण Delhi में Luxury Hotels के किराये में भारी उछाल, एक रात का रूम रेट पहुंचा लाखों के पार इस कायाकल्प के तहत एमसीडी का ध्यान क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, निर्माण कार्यों से निकले मलबे को हटाने और आयोजन स्थलों के आसपास मौजूद सार्वजनिक शौचालयों को साफ एवं उपयोग के योग्य बनाने पर रहेगा। अधिकारियों के अनुसार, नगर निगम कर्मचारियों को खाली-बदहाल हिस्सों को हरित क्षेत्रों में बदलने, सजावटी फूलों के गमले लगाने, खराब स्ट्रीट लाइट्स की मरम्मत करने और प्रमुख स्थलों के आसपास सजावटी रोशनी की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों ने कहा, ‘‘आठ से 10 सितंबर तक राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय में आयोजित होने वाले ब्रिक्स बाजार कार्यक्रम पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।’’ एमसीडी की प्रवर्तन टीम 24 घंटे काम करेंगी। इसे भी पढ़ें: पुतिन को मिला पीएम मोदी का 'सीक्रेट' मैसेज, दुनिया में मची सनसनी! रूस की धरती से जयशंकर का बड़ा बयान प्रमुख सड़कों से अवैध रेहड़ी-पटरी और अनधिकृत होर्डिंग हटाने के साथ-साथ अवैध पार्किंग पर भी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को इलाकों में लगातार गश्त करने के लिए कहा गया है, ताकि अतिक्रमण दोबारा न हो सके। सरकारी स्वास्थ्य अधिकारियों को भी सम्मेलन के दौरान मच्छरों से होने वाली बीमारियों का खतरा कम करने के लिए फॉगिंग और कीटनाशक दवाओं के छिड़काव में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। एमसीडी आयुक्त ने अधिकारियों को पूरे अभियान की ‘‘काम से पहले और काम पूरा होने के बाद’’ की तस्वीरें लेने और उनका रिकॉर्ड रखने का भी निर्देश दिया है। अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि काम में देरी या किसी भी तरह की लापरवाही पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
जीडीपी आंकड़ों पर खरगे का तंज, बेरोजगारी और महंगाई से जूझ रही जनता
नयी दिल्ली, एक सितंबर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आर्थिक विकास दर से जुड़े प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बयान को लेकर मंगलवार को उन पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि लोगों से ‘‘झूठ बोलने की उनकी क्षमता’’ के अलावा आर्थिक मोर्चे पर कुछ नहीं बदला है। उन्होंने कहा कि आम लोग बेरोजगारी, महंगाई और बढ़ती असमानता से परेशान हैं, जबकि सरकार सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि का जश्न मना रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को अप्रैल-जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि की सराहना की थी और भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाने वालों पर तंज कसते हुए कहा था, निराशावादी नाकाम हुए और भारत एक बार फिर खिल उठा। उन्होंने कहा था कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के दौरान भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि एक असाधारण उपलब्धि है। खरगे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार के प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि आम आदमी ‘‘तीन यू’’ यानी ‘अनप्रेसीडेंटेड अनएम्प्लॉयमेंट, अनबियरेबल प्राइस राइज, अनब्रिडल्ड इनइक्वैलिटी’ (अभूतपूर्व बेरोजगारी, असहनीय मूल्य वृद्धि और बेलगाम असमानता) से जूझ रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि बेरोजगारी 50 साल के उच्चतम स्तर पर है और 40 प्रतिशत युवा स्नातक बेरोजगार हैं। उन्होंने जुलाई, 2026 में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के छह में से एक युवा के बेरोजगार होने का भी दावा किया और कहा कि हर साल दो करोड़ रोजगार देने का वादा टूट चुका है। खरगे ने खुदरा महंगाई को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि खुदरा मुद्रास्फीति 19 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है और चीनी, प्याज, टमाटर, दाल, खाद्य तेल, चावल तथा दूध जैसी रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं की कीमतें आम लोगों पर बोझ डाल रही हैं। उन्होंने पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और सीएनजी की कीमतों का भी जिक्र किया। उन्होंने आर्थिक असमानता को लेकर आरोप लगाया, ‘‘देश में शीर्ष एक प्रतिशत लोगों के पास कुल संपत्ति का 40 प्रतिशत हिस्सा है, जबकि निचले 50 प्रतिशत लोगों के पास केवल 15 प्रतिशत संपत्ति है।’’कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार पर ‘‘बेलगाम मित्रवादी पूंजीवाद’’ को आर्थिक नीति बनाने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि 2014 के बाद से 16 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कॉरपोरेट कर्ज माफ किए गए हैं। उन्होंने एक मीडिया व्यवसायी के मामले का उल्लेख करते हुए दावा किया कि 22,006 करोड़ रुपये के स्वीकार किए गए दावों के मुकाबले ऋणदाताओं को केवल 6.5 करोड़ रुपये की वसूली हुई। खरगे ने प्रधानमंत्री पर एक कारोबारी मित्र के हितों के लिए काम करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भारतीय नागरिकों से सोना नहीं खरीदने और विदेश यात्रा नहीं करने की अपील किए जाने का हवाला देते हुए कहा कि ये टिप्पणियां देश की ‘‘जमीनी हकीकत’’ से अलग हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘तथ्य यह है कि कुछ नहीं बदला है, सिवाय आपकी (मोदी) लोगों से झूठ बोलने की क्षमता के।
नेपाल में भोटेकोशी नदी की बाढ़ में बही बस, जान बचाकर निकले यात्रियों ने बयां की आपबीती
देवीघाट (नेपाल), एक सितंबर नेपाल के रसुवा जिले में हिंदू तीर्थस्थल गोसाइंकुंड जा रहे बस यात्री बद्री प्रसाद देवकोटा ने बताया कि कैसे उन्होंने तेजी से आती कीचड़ भरी बाढ़ को देखकर चलती बस से छलांग लगा दी। बस में उनकी पत्नी और 34 अन्य तीर्थयात्री भी सवार थे। देवकोटा ने ‘द काठमांडू पोस्ट’ से कहा, ‘‘मेरी पत्नी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और कहा, ‘कूदिए मत।’ मैंने उससे कहा, ‘हम यहीं मर जाएंगे।’’’इसके बाद उन्होंने पत्नी की पकड़ से खुद को छुड़ाया और नुवाकोट के भैंसे में भोटेकोशी नदी की बाढ़ का पानी सड़क पर आने के दौरान चलती बस से छलांग लगा दी। बाढ़ की लहर उन्हें सड़क किनारे बनी नाली में बहा ले गई, लेकिन उन्होंने पहाड़ी की ढलान पर उगी वनस्पतियों को पकड़ लिया। वहां से उन्होंने बस को बाढ़ के पानी में समाते देखा। समाचार पत्र ने सोमवार को बताया कि समूह के दो लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि 28 लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों में देवकोटा की पत्नी भी शामिल हैं। 26 अगस्त को आई बाढ़ के बाद बचे लोगों के सामने अपनी जिंदगी फिर से खड़ी करने की चुनौती है, जबकि हजारों परिवार अब भी अपने लापता परिजनों की तलाश कर रहे हैं। सैकड़ों लोगों की मौत और हजारों के लापता होने के बीच आपदा से बच निकले लोगों की आपबीती इस त्रासदी की आकस्मिकता और भयावहता की झलक देती है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद देवकोटा और उनके चचेरे भाई तुलाराम, जो बस से छलांग लगाकर बचने वाले छह यात्रियों में शामिल थे, करीब 20 मीटर ऊपर पहाड़ी पर चढ़े और करीब दो घंटे तक घास के एक हिस्से पर बैठे रहे। उन्होंने लोगों को घरों की छतों पर फंसे और कुछ अन्य लोगों को कीचड़ में दबे देखा। इसके बाद वे हिलेखर्का गांव पहुंचे, जहां स्थानीय लोगों ने उन्हें चाय और बिस्कुट दिए तथा प्राथमिक उपचार में मदद की। दोनों अगले दिन अपने परिवारों की तलाश में भैंसे इलाके में लौटे, लेकिन उन्हें किसी का कोई पता नहीं चला। इसके बाद वे अपने गृह जिले गोरखा लौट गए। बेत्रावती में संतमान लामा एक चेतावनी पर अमल करने के कारण बच गए, लेकिन उन्होंने अपनी लगभग पूरी संपत्ति खो दी। लामा ने रविवार को ‘ऑनलाइनखबर’ को बताया कि 26 अगस्त की सुबह वह अपने बेटे और बेटी को स्कूल छोड़कर घर लौट रहे थे, तभी पास की हार्डवेयर दुकान के मालिक ने उन्हें बाढ़ आने की चेतावनी दी और ऊंचाई वाले स्थान पर जाने को कहा। बेत्रावती में बाढ़ की चेतावनियां असामान्य नहीं थीं और लामा ने शुरुआत में इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया। हालांकि, उन्होंने अपनी पत्नी को इसकी जानकारी दी और परिवार ऊंचे स्थान पर चला गया। इसके कुछ ही देर बाद बाढ़ की पहली लहर आई। लामा ने बताया कि नदी उनकी पत्नी को बहा ले गई। उन्होंने किसी तरह उसे पकड़कर ऊंचाई की ओर धकेला और खुद भी झाड़ियों को पकड़कर बचने में कामयाब रहे। वहां से उन्होंने अपनी आंखों के सामने बाढ़ को अपना घर बहाते देखा। ‘ऑनलाइनखबर’ के अनुसार, लामा ने दो पड़ोसियों ईश्वरलाल श्रेष्ठ और बुद्धिलाल डंगोल को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में मदद की, लेकिन बाद में उनका संपर्क उनसे टूट गया। लामा ने अपने बच्चों के स्कूल से संपर्क किया और उन्हें पता चला कि दोनों सुरक्षित हैं। लेकिन उनका घर, दुकान और उनकी लगभग पूरी संपत्ति बाढ़ में बह गई। लामा ने कहा ‘‘मेरे पास खाने के लिए कुछ नहीं है और रहने के लिए कोई जगह भी नहीं है। मेरे पास जो कुछ था, वह सब चला गया।
उत्तर रेलवे ने मुरादाबाद मंडल के 712 किलोमीटर लंबे मार्ग पर 170 करोड़ रुपये की लागत से स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ लगाने को मंजूरी दी है। रेलवे ने कहा कि इस प्रणाली के लागू होने से ट्रेन संचालन में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हो जाएगी। रेल मंत्रालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘इस स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली (एटीपी) की तैनाती से मंडल का रेल सुरक्षा ढांचा मजबूत होगा। चिन्हित रेल खंडों पर ‘कवच 4.0’ लागू होने से ट्रेन संचालन के लिए सुरक्षा की एक उन्नत व्यवस्था उपलब्ध होगी।’’ ‘कवच’ स्वदेश में विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है जिसे रेल परिचालन की सुरक्षा बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। यह प्रणाली ट्रेन के लाल सिग्नल पार करने की स्थिति में जरूरत पड़ने पर स्वत: ब्रेक लगाकर दुर्घटना की आशंका को रोकने में मदद करती है। गंभीर परिस्थितियों में यह ट्रेन की गति को भी नियंत्रित कर सकती है और टक्कर के खतरे को काफी कम कर सकती है। इसे भी पढ़ें: समुद्र में सुरक्षा कवच हुआ मजबूत, 'INS निपुण' कैसे भारत की रक्षा करेगा? उत्तर रेलवे ने कहा, ‘‘यह पहल देशभर के रेल नेटवर्क पर ‘कवच’ का दायरा बढ़ाने तथा रेल सिग्नल प्रणाली और ट्रेन सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने के भारतीय रेलवे के लगातार प्रयासों का हिस्सा है।
CGPSC मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक के ठिकानों पर ED की छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में कथित अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के तहत मंगलवार को राज्य में कई स्थानों पर छापे मारे। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक (पीए) से जुड़े परिसर भी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत शुरू की गई जांच के सिलसिले में भिलाई, दुर्ग और रायपुर में कुल सात स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। इसे भी पढ़ें: CGPSC Recruitment Scam: भूपेश बघेल के PA के ठिकानों पर ED की Raid, Money Laundering की जांच तेज अधिकारियों के अनुसार, यह जांच छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। जिन स्थानों की तलाशी ली जा रही है, उनमें बघेल के पूर्व निजी सहायक के. के. चंद्राकर के परिसर भी शामिल हैं। बघेल ने इससे पहले शराब और कोयला कारोबार से अवैध रूप से वसूली गयी रकम से जुड़े धनशोधन मामलों में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया था। उन्होंने इन आरोपों को अपने और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया था। धनशोधन की यह जांच छत्तीसगढ़ आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की प्राथमिकी और इसके बाद जुलाई 2024 में सीबीआई द्वारा दर्ज की गई शिकायत से शुरू हुई। सीबीआई ने यह मामला नवंबर 2023 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कांग्रेस को हराकर छत्तीसगढ़ में सत्ता में आने के बाद दर्ज किया था। इसे भी पढ़ें: JSSC-CGL परीक्षा गड़बड़ी मामले में झारखंड सीआईडी ने गिरिडीह से एक और आरोपी को पकड़ा इस जांच के तहत छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी को केंद्रीय एजेंसी ने जुलाई में गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई कथित भ्रष्टाचार, प्रश्नपत्र लीक और सीजीपीसीएस द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षाओं में चयन प्रक्रिया में हेरफेर से जुड़े आरोपों को लेकर की गई थी। सोनवानी को सीबीआई ने भी 2024 में गिरफ्तार किया था।
Mamata Banerjee Niece Death:
सुभाष चंद्रा मामले में NCLT ने अपने ही फैसले पर लगाई रोक, 99.97% हेयरकट का कई देनदार कर रहे थे विरोध
Subhash Chandra Case: सुभाष चंद्रा मामले में NCLT के 99% हेयरकट वाले फैसले के खिलाफ LIC, यूनियन बैंक समेत कई देनदार NCLAT जाने वाले थे. इससे पहले NCLT ने ही अपने फैसले पर रोक लगाते हुए फिर से हयिरिंग का फैसला लिया है.
जन्माष्टमी पर कान्हा जी के भोग के लिए सूखे नारियल की सॉफ्ट बर्फी से बेहतर कुछ नहीं. न मावा चाहिए, न ज्यादा झंझट बस कुछ मिनटों में भोग के लिए मीठा तैयार.
भारत से हार पर PAK क्रिकेटर की पूर्व पत्नी सानिया का बड़ा आरोप
पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर इमाद वसीम की पूर्व पत्नी सानिया अशफाक ने उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. सानिया का दावा है कि उनकी मर्जी के बिना उनका अबॉर्शन कराया गया था. उन्होंने 2024 टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की हार का भी जिक्र भी किया है.
बीरभूम में ममता बनर्जी के चचेरे भाई की बेटी ब्रिस्टी मुखर्जी का शव घर में मिला। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद मौत के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
बच्चे के साथ भारतीय रेलवे के 2nd AC कोच में सफर करके पछताई महिला, बोली- 'दोबारा ये गलती नहीं करूंगी'
कॉर्पोरेट कंपनी में काम करने वाली एक महिला ने हाल में अपने बच्चे के साथ भारतीय रेलवे में सफर का एक्सपीरियंस शेयर किया है, जिससे इंस्टाग्राम पर बहस छिड़ गई है.
MP के 1.22 लाख छात्रों को लैपटॉप का तोहफा, CM मोहन यादव खातों में 25-25 हजार ट्रांसफर किए
मध्य प्रदेश के 1.22 लाख होनहार छात्रों को एक सितंबर को लैपटॉप का तोहफा मिल गया. सीएम मोहन यादव विद्यार्थियों के खाते में एक क्लिक पर 304 करोड़ से अधिक की राशि ट्रांसफर की. इससे बच्चे खुद अपनी पसंद का लैपटॉप खरीद सकते हैं.
मछली भोज मामले में अजय राय ने CM योगी के खिलाफ किया मानहानि का केस
अयोध्या में मछली खाने के झूठे आरोपों को लेकर यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है.
छोटे पर्दे से गोविंदा का कमबैक, रियलिटी शो का बनेंगे हिस्सा?
गोविंदा को लेकर एक बड़ी अपडेट सामने आ रही है. बड़े पर्दे पर अभी ना सही, लेकिन छोटे पर्दे पर उनका कमबैक हो सकता है. एक्टर को एक सनसनीखेज रियलिटी शो ऑफर किया गया है.
जयपुर साहित्य महोत्सव का 20वां संस्करण 14 से 18 जनवरी तक होगा आयोजित
नयी दिल्ली, एक सितंबर जयपुर साहित्य महोत्सव (जेएलएफ) का 20वां संस्करण अगले वर्ष 14 से 18 जनवरी के बीच आयोजित किया जाएगा। आयोजकों ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव गत दो दशकों से साहित्यिक आदान-प्रदान, सांस्कृतिक संवाद और बहुभाषी किस्सागोई का मंच रहा है। राजस्थान सरकार के सहयोग से, इस महोत्सव के 20वें संस्करण का आयोजन जयपुर के होटल क्लार्क्स आमेर में किया जाएगा। महोत्सव का थीम ‘विचारों, कहानियों और संवाद के 20 साल’ होगा। आयोजकों ने बताया कि 2008 में शुरू हुए इस महोत्सव में 8,000 से अधिक लेखक, वक्ता और कलाकार शामिल हुए हैं और 50 लाख से अधिक लोग इसके व्यक्तिगत रूप से गवाह बने हैं। वहीं, डिजिटल मंच, प्रसारण साझेदारी और मीडिया नेटवर्क के जरिए एक अरब से अधिक लोगों तक इसकी पहुंच बनी है। पिछले दो दशकों में, इस महोत्सव ने साहित्य, इतिहास, राजनीति, विज्ञान, अर्थशास्त्र, दर्शन, कला, लैंगिक अध्ययन, स्वास्थ्य, प्रवास और पर्यावरण जैसे विषयों पर संवाद के लिए मंच प्रदान किया है। इसकी अंतरराष्ट्रीय पहुंच भी बढ़ी है और अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, स्पेन, ऑस्ट्रेलिया, मध्य पूर्व, मालदीव और आयरलैंड जैसे देशों में इसके 15 से अधिक संस्करण आयोजित किए जा चुके हैं। इस साहित्य महोत्सव में नोबेल पुरस्कार विजेता, बुकर पुरस्कार विजेता, राष्ट्राध्यक्ष, अर्थशास्त्री, दार्शनिक, कलाकार और साहित्य, संस्कृति व सार्वजनिक जीवन से जुड़ी अन्य प्रमुख हस्तियां शामिल हुई हैं। आयोजकों के मुताबिक महोत्सव ने भारत की भाषाई विविधता और कई भाषाओं में किस्सागोई की कला को भी प्रमुखता से मंच प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि इसने भारतीय और अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में लोगों की आवाज को बुलंद किया है और अनुवाद तथा भाषाओं के बीच आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया है। आयोजकों ने बताया कि जयपुर साहित्य महोत्सव को उसकी 20वीं सालगिरह के जश्न के हिस्से के तौर पर भारत की सभी 22 आधिकारिक भाषाओं में एक साथ आयोजित किया जाएगा। जयपुर साहित्य महोत्सव की सह निदेशक और पुरस्कार विजेता लेखिका नमिता गोखले ने एक बयान में कहा, ‘‘भारत की आत्मा उसकी साहित्यिक विरासत और भाषाई विविधता में बसी है। यह उचित है कि हम अपनी ‘स्वर्णमाला’’श्रृंखला के ज़रिए भारत की कई भाषाओं को सम्मान देते हुए अपना 20वां साल मनाएं।’’टीमवर्क आर्ट्स के प्रबंध निदेशक और महोत्सव के निर्माता संजय के. रॉय ने कहा कि यह महोत्सव इस सोच पर आधारित है कि किताबों और विचारों में लोगों को एक साथ लाने की ताकत होती है। टीमवर्क आर्ट्स की अध्यक्ष प्रीता सिंह ने कहा कि यह महोत्सव किताबों, विचारों और सार्थक बातचीत से जुड़े रहते हुए एक प्रमुख साहित्यिक और सांस्कृतिक मंच बन गया है।
रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड यानी RCPL अब आइसक्रीम बाजार में भी उतर गई है। कंपनी ने बॉम्बे क्रीमरी नाम से नया आइसक्रीम ब्रांड लॉन्च किया है। इसकी कीमत ₹10 से शुरू होगी। बॉम्बे क्रीमरी की आइसक्रीम रियल डेयरी क्रीम से बनाई जाएगी। कंपनी ने इसे ...
देशभर में Paper Leak प्रदर्शन की FIR रद्द, Supreme Court के आर्टिकल 142 का उपयोग
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द कर दीं, जिन्होंने कथित पेपर लीक के खिलाफ हाल ही में देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था। कोर्ट ने प्रदर्शनकारी छात्रों को राहत देने के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल किया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच द्वारा पारित इस आदेश में दिल्ली, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Punjab University: Amit Shah ने ABVP जीत को 'राष्ट्र प्रथम' विचारधारा का प्रमाण बताया चीफ जस्टिस ने कहा कि 20 से 25 जुलाई के बीच दिल्ली में जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में हजारों छात्रों ने प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था। कोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में कुल 13 FIR दर्ज की थीं। CJI ने कहा कि 20 से 25 जुलाई तक, हजारों छात्रों ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। पुलिस ने कुल 13 FIR दर्ज कीं। हालांकि, कोर्ट ने साफ किया कि यह राहत उन लोगों को नहीं मिलेगी जिनका पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। दिल्ली पुलिस उन 2,873 लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई जारी रखेगी जिनके ख़िलाफ़ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं या जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि हमें बताया गया है कि दिल्ली पुलिस उन 2,873 लोगों के ख़िलाफ़ नई FIR दर्ज करेगी जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। इसके अलावा कोई नई FIR दर्ज नहीं की जाएगी। सुनवाई के दौरान, सॉलिसिटर जनरल ने अनुरोध किया कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए भी इसी तरह का निर्देश जारी किया जाए। चीफ़ जस्टिस ने संकेत दिया कि कोर्ट यह सुनिश्चित करेगा कि इस आदेश के दायरे में आने वाले छात्रों के ख़िलाफ़ सिर्फ़ इसलिए कोई और कार्रवाई न हो कि कोई FIR कोर्ट के ध्यान में नहीं लाई गई थी। इसे भी पढ़ें: Pune से Fadnavis का वार: CJP को बताया 'Congress Jitao Programme', विपक्ष पर भड़के CJI सूर्यकांत ने कहा कि अगर किसी राज्य में कोई ऐसी FIR है जिसकी जानकारी हमारे सामने नहीं लाई गई है, तो राज्य उसे रद्द करने के अनुरोध का विरोध नहीं करेगा। सुप्रीम कोर्ट के इस दखल से विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों को बड़ी राहत मिली है, लेकिन जिनका आपराधिक रिकॉर्ड पहले से है, उन्हें इससे अलग रखा गया है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
राजस्थान में 8वां आयोग... फिटमेंट फैक्टर, सैलरी पर आया ये अपडेट
8वें वेतन आयोग के तहत एक बड़ा अपडेट सामने आया है. आयोग अभी राजस्थान में है और कर्मचारी-पेंशनर्स ग्रुप से बैठक कर रही है. इस बैठक में फिटमेंट फैक्टर और सैलरी ग्रोथ को लेकर बातचीत होगी.
वर्दी वाले टीचर... हाथ में चॉक लेकर छात्राओं के बीच पहुंचे SP सर
IPS Rajesh Kumar Turns Teacher: बगहा के 10+2 सहकारी प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय में एसपी राजेश कुमार का अलग अंदाज देखने को मिला. उन्होंने छात्राओं के बीच बैठकर संवाद किया और ब्लैकबोर्ड पर शिक्षक बनकर पढ़ाया. एसपी ने छात्राओं को लक्ष्य तय कर मेहनत करने, अनुशासन और समय का महत्व समझाया.
'अगर वो कुत्ते के गले में घंटी बांधकर...', सपा नेता के बयान पर विवाद
समाजवादी पार्टी नेता लाल बिहारी यादव का बयान सामने आया है, जिसमें वे कुते के गले में समाजवादी पार्टी की उम्मीदवारी का पट्टा देखकर वोट देने की नसीहत देते नजर आ रहे हैं. वो भी किसी आम वोटर्स के बीच नहीं, बल्कि शिक्षकों के सामने. दरअसल समाजवादी पार्टी ने आजमगढ़ के नेहरू हॉल में शिक्षक गोष्ठी का आयोजन किया था. अब बीजेपी ने समाजवादी पार्टी के अंदर कार्यकर्ताओं-समर्थकों को लेकर दिए गए इस बयान पर सवाल खड़ा करना शुरू किया तो समाजवादी पार्टी ने उनके बयान को निजी बयान बता दिया.
NEET प्रदर्शन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी FIR रद करने का निर्देश दिया है।
एलडीएफ को कमजोर नहीं होने देगी भाकपा, बातचीत से सुलझेगा विवाद: बिनॉय विश्वम
नयी दिल्ली/तिरुवनंतपुरम, एक सितंबर केरलम विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष के पद को लेकर वाम दलों के बीच जारी विवाद के बीच भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की प्रदेश इकाई के सचिव बिनॉय विश्वम ने मंगलवार को कहा कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) भाकपा का ‘‘बच्चा’’ है और पार्टी, गठबंधन को कमजोर करने की किसी भी कोशिश की अनुमति नहीं देगी। विश्वम ने नयी दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि भाकपा ऐसा कोई रुख नहीं अपनाएगी जिससे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के साथ उसके संबंध कमजोर हों। उन्होंने कहा कि पार्टी चाहती है कि इस मुद्दे का समाधान एलडीएफ के भीतर बातचीत के जरिए निकाला जाए। यह पूछे जाने पर कि क्या इस विवाद को लेकर भाकपा राज्य विधानसभा में अलग समूह के रूप में बैठेगी, विश्वम ने कहा कि इस बारे में फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा, ‘‘एलडीएफ के गठन के लिए भाकपा ने कड़ी मेहनत की है। एलडीएफ भाकपा का बच्चा है। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यह बच्चा अपनी अलग पहचान के साथ स्वस्थ, मजबूत और अच्छे स्वभाव वाला बने। भाकपा इसके अलावा कोई और रुख नहीं अपनाएगी।’’वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘इसे नष्ट करने की किसी भी कोशिश की अनुमति नहीं दी जाएगी।’’विश्वम ने कहा कि माकपा का यह कहना केवल उसकी अपनी राय है कि परंपरा के आधार पर उप नेता प्रतिपक्ष का पद उसे मिलना चाहिए और यह एलडीएफ का फैसला नहीं है। उन्होंने उप नेता प्रतिपक्ष पद की मांग को लेकर एलडीएफ के दो प्रमुख घटक दलों के बीच सार्वजनिक रूप से जारी तकरार के बीच यह टिप्पणी की है। एलडीएफ की दूसरी सबसे बड़ी घटक भाकपा ने हाल में उसकी मांग खारिज करने पर माकपा के वरिष्ठ नेता एवं नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन की आलोचना की थी। भाकपा ने उन पर गठबंधन के नियमों का उल्लंघन करने और उसे कमजोर करने का आरोप लगाया था। विजयन ने पिछले सप्ताह भाकपा की मांग खारिज करते हुए कहा था कि उप नेता प्रतिपक्ष का पद माकपा के किसी नेता को मिलेगा। उन्होंने कहा था कि उप नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति के लिए उन्हें केवल विधानसभा अध्यक्ष को एक पत्र भेजना होगा और इसमें कोई संदेह नहीं है कि वह माकपा के किसी नेता के नाम की ही सिफारिश करेंगे। विश्वम ने विजयन की इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना करते हुए कहा था कि यह उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। इस बीच, भाकपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री के. राजन ने कहा कि पार्टी को भरोसा है कि केरलम विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष पद की उसकी मांग स्वीकार की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘अगर बिनॉय विश्वम ने भरोसा जताया है कि उप नेता प्रतिपक्ष का पद भाकपा को मिलेगा तो यह पार्टी के भरोसे को दर्शाता है। भाकपा ने जायज मांग उठाई है और हम उस पर कायम हैं।’’राजन ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि हमने जो मांगा है, उस पर एलडीएफ में शामिल भाकपा का अधिकार है। यह हमारा हक है, इसलिए हमें भरोसा है कि यह हमें मिलेगा।’’उन्होंने कहा कि भाकपा उन दलों में शामिल है जिन्होंने एलडीएफ के गठन के लिए त्याग किया था और फिलहाल ऐसी कोई स्थिति नहीं है कि पार्टी गठबंधन छोड़ने के बारे में सोचे।
पाकिस्तान क्रिकेट में फिर भूचाल, मिस्बाह-उल-हक ने छोड़ा सेलेक्टर पद
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मिस्बाह-उल-हक ने PCB की सेलेक्शन कमेटी से इस्तीफा दे दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, लॉर्ड्स टेस्ट में हार के बाद सात खिलाड़ियों को टीम से बाहर करने के फैसले में उन्हें शामिल नहीं किया गया, जिससे वह नाराज थे. PCB ने सरफराज अहमद और उमर गुल को भी हटाया है. पाकिस्तान इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में 0-2 से पीछे है.
दिल्ली में आज इन रास्तों से बचें, शाम सात बजे तक रूट डायवर्जन
दिल्ली में कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मंगलवार को आयोजित होने वाली शोभायात्रा के कारण DBG रोड, अजमल खां रोड और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है.
पाकिस्तान की शर्मनाक करतूत, SCO समिट की तस्वीर से पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति को हटाया
पाकिस्तान ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन की ग्रुप फोटो से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति को क्रॉप कर दिया, ताकि शहबाज शरीफ को केंद्र में दिखाया जा सके।
जम्मू-कश्मीर में मेडिकल इंटर्न के मासिक स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में MBBS इंटर्न अपने भत्ते में वृद्धि की मांग कर रहे हैं। इस बीच, जम्मू-कश्मीर सरकार में गठबंधन सहयोगी कांग्रेस ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मेडिकल इंटर्न के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग की है। जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तारीक हमीद कर्रा ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को पत्र लिखकर मेडिकल इंटर्न के मासिक स्टाइपेंड में उचित वृद्धि की वकालत की है। कर्रा ने अपने पत्र में कहा कि युवा डॉक्टर बेहद कठिन परिस्थितियों में लंबे और थकाऊ समय तक काम करते हैं। उन्हें कई बार 36 घंटे तक लगातार ड्यूटी करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि मेडिकल इंटर्न मरीजों की देखभाल और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। भारी कार्यभार और चुनौतीपूर्ण ड्यूटी के बावजूद वे मरीजों के हित में लगातार सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में उनके मेहनताने और स्टाइपेंड में वृद्धि करना आवश्यक है। इसे भी पढ़ें: मेडिकल प्रशिक्षुओं का मानदेय बढ़ाने की मांग, तारिक हमीद कर्रा ने सीएम उमर अब्दुल्ला को लिखा पत्र इस बीच, जम्मू-कश्मीर की स्वास्थ्य मंत्री सकीना इटू ने भी कहा है कि सरकार ने MBBS इंटर्न की स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग का संज्ञान लिया है और यह मामला फिलहाल वित्त विभाग के विचाराधीन है। पत्रकारों से बातचीत में सकीना इटू ने बताया कि मेडिकल इंटर्न के प्रतिनिधियों ने उनसे मुलाकात कर अपनी मांग रखी थी। इसके बाद इस मुद्दे को औपचारिक रूप से उठाया गया और वित्तीय पहलुओं की जांच के लिए वित्त विभाग को भेज दिया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इंटर्न की मांग को गलत नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में महंगाई काफी बढ़ गई है और ऐसे में स्टाइपेंड में वृद्धि की जरूरत है। उन्होंने कहा, “उनकी मांग जायज है। हम यह नहीं कह रहे कि उनकी मांग गलत है, क्योंकि इन दिनों महंगाई बहुत ज्यादा है। स्टाइपेंड में बढ़ोतरी जरूरी है और हम इसे स्वीकार करते हैं। माननीय मुख्यमंत्री ने भी यही बात कही है।” सकीना इटू ने स्पष्ट किया कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग पहले से ही इस मुद्दे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने मेडिकल इंटर्न और अन्य कर्मचारियों से हड़ताल का रास्ता अपनाने से बचने की अपील करते हुए कहा कि मांग पर पहले ही प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, हड़ताल से मरीजों की देखभाल प्रभावित होती है, इसलिए जब मामला सरकार के विचाराधीन है और उस पर कार्रवाई की जा रही है, तब विरोध या कार्य बहिष्कार उचित नहीं है। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हड़ताल तब तक चलेगी जब तक उनकी मांगें नहीं मान ली जातीं। उन्होंने कहा कि अभी 36 घंटे की शिफ्ट लगाई जा रही है और 12 हजार रुपए मासिक का भत्ता दिया जा रहा है जोकि सिर्फ आने जाने में खर्च हो जाता है। ऐसे में अन्य खर्चे चलाने में हो रही दिक्कतों को देखते हुए इसमें तत्काल वृद्धि की जानी चाहिए।

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