'एक खटोला जेल के भीतर और...', हिस्ट्रीशीटर के भाई ने बनाई रील-VIDEO
मेरठ जेल के बाहर खड़े होकर कुछ युवकों ने ऐसा वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. रील में जेल की दीवार के सामने 'एक खटोला जेल के भीतर, एक खटोला जेल के बाहर' गाना बजता सुनाई दे रहा है. पुलिस ने वीडियो को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज किया है और इसमें शामिल युवकों की पहचान कर कार्रवाई शुरू कर दी है.
क्या अमेरिका में आमने-सामने होंगे पुतिन-जेलेंस्की? G20 समिट में हो सकती है मुलाकात
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए दोनों देशों के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच मियामी में G20 शिखर सम्मेलन के दौरान आमने-सामने मुलाकात की संभावना बन रही है.
प्रभास की स्पिरिट पर मचा घमासान! वांगा के भाई ने क्रिटिक्स को ललकारा
प्रोड्यूसर प्रणय रेड्डी वांगा ने 'स्पिरिट' की रिलीज से पहले फिल्म क्रिटिक्स को खुली चुनौती दी है. उन्होंने उनसे कहा है कि वे प्रभास की इस फिल्म को थिएटर में टारगेट करें.
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहित कई नेताओं का रामनाथस्वामी मंदिर के सामने स्वागत किया।
'ग्लोबल गवर्नेंस रिफॉर्म के 10 प्रपोजल तैयार करें', BRICS नेताओं से बोले PM मोदी
पीएम मोदी ने शनिवार को BRICS समिट को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रीविलेज से पार्टनरशिप की तरफ बढ़ना ज़रूरी है. पीएम ने साथ ही ग्लोबल साउथ की समान भागीदारी के लिए 10 प्रस्ताव का सुझाव दिया. उन्होंने समुद्री सुरक्षा के सपोर्ट नेटवर्क पर भी ज़ोर दिया. देखें वीडियो.
रील के लिए नदी में उतारी SUV, फिर तेज बहाव में फंसी गाड़ी; वीडियो देख दंग रह जाएंगे आप
नदी के प्रचंड वेग और पत्थरों के बीच गाड़ी अचानक फंस गई, जिसके बाद स्कॉर्पियो में सवार युवक उफनती नदी के बीचों-बीच जिंदगी और मौत के बीच झूलने लगे।
वाराणसी का जल पुलिस थाना खुद हुआ बाढ़ से प्रभावित, लगा गंदगी का अंबार
वाराणसी में गंगा का जलस्तर घटना शुरू हो गया है, लेकिन इसके बावजूद लोगों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. वाराणसी का जल पुलिस थाना भी बाढ़ प्रभावित हो चुका है.
ब्रिक्स समिट में हिंदुत्व डिप्लोमेसी, PM मोदी ने रामनाथस्वामी मंदिर के बारे में जिनपिंग को समझाया
नरेंद्र मोदी ने रामनाथस्वामी मंदिर के बैकग्राउंड में स्वागत करते हुए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को मंदिर के बारे में विस्तार से समझाया। पीएम मोदी ने ब्राजील के विदेश मंत्री मौरो विएरा का भी स्वागत किया।
अजमेर। नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के द्वितीय चरण के मतदान के दौरान शुक्रवार को जिला निर्वाचन अधिकारी लोक बन्धु ने राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज पहुंचकर मतदान सामग्री संग्रहण एवं मतगणना से संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान जिला पुलिस अधीक्षक हर्ष वर्धन भी उनके साथ रहे। जिला निर्वाचन अधिकारी लोक बन्धु ने मतदान सामग्री संग्रहण […] The post नगरीय निकाय चुनाव : पॉलिटेक्निक कॉलेज में मतदान सामग्री संग्रहण स्थल, स्ट्रांग रूम एवं मतगणना कक्षों का निरीक्षण appeared first on Sabguru News .
तुला राशि वालों की होगी उन्नति, जानें आपके लिए कैसा रहेगा कल का दिन
Kal Rashifal 13 September 2026: तुला राशि वाले लक्ष्य हासिल करने के लिए तेजी से काम करेंगे. परिवार के लोगों से मुलाकात हो सकती है. प्रशासनिक और सरकारी काम आगे बढ़ेंगे. कामकाज में अनुकूलता बनी रहेगी. नए विषयों को सीखने और समझने में रुचि बढ़ेगी. विभिन्न कार्यों में सफलता के संकेत हैं. सकारात्मक सोच बनाए रखें.
जेल में भी पोर्न, रेप केस में सजा काट रहे पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के फोन में क्या-क्या मिला
बलात्कार के मामले में जेल में बंद पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना की कोठरी से मोबाइल फोन बरामद हुआ था। अब इस फोन की फॉरेंसिक जांच में सामने आया है कि इसमें दर्जनों की संख्या में पोर्न वीडियो थे।
भारत में पेजेश्कियान, उधर ट्रंप ने होर्मुज पर दे दिया बड़ा बयान... ईरान ने भी US को दी ये नसीहत
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान नई दिल्ली में मसूद पेजेश्कियान ने अनवर इब्राहिम से मुलाकात में कहा कि मध्य पूर्व को अमेरिका जैसे क्षेत्रीय पुलिसकर्मी की जरूरत नहीं है. उधर डबलिन में डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज से आवाजाही, ईरान, तेल और सऊदी पाइपलाइन हमले पर कहा कि हालात संभल जाएंगे, व्यापार पर बात हुई है और युद्ध बहुत जल्द खत्म होगा.
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया और इथियोपिया के प्रधानमंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।
पास बैठे थे जिनपिंग, ब्रिक्स समिट से पीएम मोदी ने दे दिया संदेश; अमेरिका को भी दो टूक
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में फैसले लेने की मौजूदा व्यवस्था ऐसी है, जिसमें ताकत और फैसले कुछ देशों के हाथ में ज्यादा है, जबकि कई देश उन फैसलों से प्रभावित होते हैं, लेकिन उन्हें अपनी बात रखने का मौका कम मिलता है।
BRICS के मंच से पीएम मोदी ने की मांग, UN सिक्योरिटी काउंसिल में हो रिफॉर्म
मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि सुधार की प्रक्रिया केवल वैश्विक संस्थाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसकी शुरुआत संगठनों की अपनी आंतरिक कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने से भी होनी चाहिए। इसके लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार करने की जरूरत है, जिसमें प्रतिनिधित्व, जवाबदेही और नियम-निर्माण को प्राथमिकता दी जाए।
'भारत के साथ हुई बेहद मजबूत बैठक', दिल्ली में पीएम मोदी और पेजेश्कियान की मुलाकात पर बोले अराघची
ईरान ब्रिक्स के न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) में शामिल होने के अपने प्रयासों को तेज कर रहा है, जिसकी जानकारी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दी।
आनंद कुमार के बेटों पर मायावती का बड़ा फैसला, BSP में नहीं मिलेगी जिम्मेदारी
बसपा प्रमुख मायावती ने बसपा में पीढ़ीगत बदलाव के संकेत दे दिए हैं. उन्होंने संगठन में युवाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं. साथ ही, मायावती ने ये भी साफ कर दिया है कि उनके भाई आनंद कुमार के बच्चों को BSP में राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी.
Akhilesh Yadav ने Varanasi में जलभराव पर साधा निशाना, कहा विदेशी पर्यटकों के सामने विकास पानी-पानी
(फाइल फोटो के साथ)लखनऊ, 12 सितंबर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा कि काशी में विदेशी पर्यटकों के सामने ‘विकास’ पानी-पानी हो गया। सपा प्रमुख यादव ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर व्यंग्यात्मक अंदाज में पोस्ट किया, ‘‘काशी में विदेशी पर्यटकों के सामने पानी-पानी हुआ देश की ‘प्रधान नगरी’ का जलमग्न विकास!’’उन्होंने वाराणसी में बाढ़ से उपजी बदइंतजामी के लिए परोक्ष रूप से राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, ‘‘जब तक ‘प्रधान नगरी’ काशी को जलमग्न ‘मुख्य नगरी’ गोरखपुर जैसा नहीं बना देंगे, तब तक लखनऊ वाले मानेंगे नहीं।’’यादव ने अपने पोस्ट में कहा, ‘‘दरअसल अब आपस का झगड़ा अंतरराष्ट्रीय हो गया है। बात दिल्ली बनाम लखनऊ से ऊपर उठकर ‘क्योटो बनाम स्पेन’ की हो गई है।’’काशी (वाराणसी) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है, जिसका वह तीसरी बार प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। अगस्त 2018 में भारत और जापान के बीच पहला समझौता हुआ, जिसके तहत काशी को जापान के शहर क्योटो की तर्ज पर विकसित किए जाने की बात कही गई थी। वहीं, गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृह जनपद है और वह वहां की प्रसिद्ध गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर भी हैं। हाल में भाजपा सांसद रविकिशन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में आयोजित एक कार्यक्रम में गोरखपुर के विकास की तारीफ करते हुए शहर की तुलना स्पेन से की थी। सपा प्रमुख ने इस पोस्ट के साथ एक चैनल की खबर का 28 सेकंड का वीडियो भी साझा किया, जिसमें काशी में विदेशी पर्यटक गंदे पानी से गुजरते हुए दिख रहे हैं।
अमीषा पटेल की मां के लाखों के कंगन चोरी, नौकरानी गिरफ्तार
मुंबई में बॉलीवुड एक्ट्रेस अमीषा पटेल के माता-पिता के घर चोरी की घटना सामने आई है, जिसमें करीब 5 लाख रुपये के सोने और हीरे की ज्वेलरी गायब हो गई है.
कहां गई पूरी बीच? समंदर की लहरों ने बदला कैलिफोर्निया का तट
कैलिफोर्निया के तट पर उठी बड़ी लहरों ने बीच की रेत बहा दी, घरों और रेलवे लाइन तक पानी पहुंच गया. कई इलाकों में नुकसान के बाद अब वैज्ञानिकों की नजर आने वाले अल-नीनो पर है, जिससे हालात और बिगड़ने की आशंका है.
Bihar Flood: 15 जिलों में विकराल हुई बाढ़, 48 लाख लोग प्रभावित
बिहार में बाढ़ की स्थिति शनिवार को और गंभीर हो गई। राज्य के 15 जिलों में बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर करीब 48 लाख हो गई है। वहीं, गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) ने अचानक और तेजी से नदी किनारे कटाव की आशंका को देखते हुए अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा, कई नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण 15 जिलों के 87 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतों में करीब 47.92 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं। शुक्रवार शाम तक बाढ़ प्रभावित लोगों की संख्या 47.33 लाख थी। राज्य सरकार ने अधिकारियों को कटाव की किसी भी घटना की तत्काल सूचना देने और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रखने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने बताया कि बिहार में लगातार हो रही बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण कई नदियों और नाले उफना गए हैं। उन्होंने बताया कि सितंबर में अब तक राज्य में 104.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से करीब 27 प्रतिशत अधिक है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, भागलपुर के सुल्तानगंज में शनिवार सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 36.48 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 1.98 मीटर ऊपर है। हालांकि, यहां जलस्तर में कमी आ रही है। जल संसाधन विभाग ने बताया कि डुमरियाघाट में गंडक, बलतारा और कुर्सेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में गंगा, श्रीपालपुर में पुनपुन, बेनीबाद में बागमती तथा दरौली और गंगपुर सिसवान में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इसमें कहा गया है कि पानी के स्तर में अचानक कमी से नदी के किनारों के कटाव का खतरा बढ़ सकता है, जिससे नदी के किनारों और तटबंधों के संवेदनशील हिस्सों को खतरा हो सकता है। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अचानक कटाव, तटबंध टूटने वाले स्थानों का तुरंत निरीक्षण करें और बिना देरी के जरूरी रोकथाम एवं सुरक्षा उपाय शुरू करें। आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा, बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में कुल 1,245 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा 13 राहत शिविर भी चालू हैं। इन केंद्रों में 12,260 बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए रहने, भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। विभाग ने बताया कि लोगों को सुरक्षित निकालने और परिवहन के लिए कुल 1,840 नावें चलाई जा रही हैं। इसके अलावा अब तक 11,204 क्विंटल पशु चारा वितरित किया गया है। बाढ़ को देखते हुए त्वरित राहत एवं बचाव अभियान सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न जिलों में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की 27 और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 10 टीम तैनात की गई हैं। बिहार मौसम केंद्र ने अगले दो दिनों के दौरान राज्य के ज्यादातर हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है।
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में संक्रामक बीमारियों से 30 से अधिक बच्चों की मौत के बाद शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दीपके बालाघाट पहुंचे। बलाघाट पहुंचकर अभिजीत दीपके ने प्रभावित आदिवासी गांवों अदोरी, कोरका और बोंडारी का दौरा ...
आर्टिफिशियल प्लांट रखते हैं तो 4 गलतियों से बचें, हो सकतें हैं कंगाल!
Vastu Tips: घर में आर्टिफिशियल प्लांट रखते समय इन जरूरी बातों का ध्यान रखें. जानें किन जगहों पर नकली पौधे रखना वास्तु के अनुसार अशुभ माना जाता है और किन गलतियों से बचना चाहिए.
सीधे ₹51000 बढ़ेगी कर्मचारियों की सैलरी, अगर सरकार ने मानी ये डिमांड
8th Pay Commission Salary Hike: आठवें वेतन आयोग की अब तक हुई बैठकों में सबसे बड़ी मांग फिटमेंट फैक्टर की उठी है और अगर ये मान ली जाती है, तो न सिर्फ 50 लाख से ज्यादा कर्मचारियों की सैलरी में जोरदार उछाल होगा, बल्कि 69 लाख पेंशनर्स को भी तगड़ा फायदा होगा.
भारत अपनी अनूठी संस्कृति, लोक परंपराओं और त्योहारों के लिए पूरी दुनिया में एक विशेष पहचान रखता है, और जब बात सुहागिनों के सबसे पवित्र और पावन पर्व हरतालिका तीज की आती है, तो पूरे देश का माहौल एक अलग ही उत्सव के रंग में रंग जाता है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाए जाने वाले इस महापर्व पर सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए कठोर निर्जला व्रत रखती हैं और माता पार्वती व भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करती हैं। यदि आप इस बार की हरतालिका तीज के पावन अवसर पर केवल घर की चार दीवारों में पूजा करने के बजाय इस पर्व के असली, जीवंत और सांस्कृतिक रंगों को अपनी आंखों से देखना चाहते हैं, तो भारत के कुछ चुनिंदा शहर आपके लिए सबसे बेहतरीन डेस्टिनेशन साबित हो सकते हैं। इन ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहरों में तीज का त्योहार किसी बड़े मेले या उत्सव की तरह मनाया जाता है, जहां की लोक नृत्य शैलियां, पारंपरिक संगीत, सजे-धजे बाजार और महिलाओं का उत्साह देखकर आपका मन पूरी तरह से प्रफुल्लित हो उठेगा। आइए जानते हैं उन 7 अद्भुत शहरों के बारे में जहां का तीज का सफर आपकी जिंदगी का सबसे यादगार ट्रैवल एक्सपीरियंस बन सकता है।#जयपुर: राजस्थान की गुलाबी नगरी में शाही अंदाज और भव्य लोक उत्सव के साथ तीज की धूमजब भी पारंपरिक त्योहारों की बात आती है, तो राजस्थान की राजधानी जयपुर का नाम सबसे पहले जेहन में आता है और हरतालिका तीज के मौके पर तो इस गुलाबी शहर की खूबसूरती देखते ही बनती है। जयपुर में तीज का त्योहार केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह रियासतकालीन परंपराओं और शाही ठाठ-बाठ का एक भव्य प्रदर्शन होता है। इस खास दिन पर शहर में निकलने वाली पारंपरिक 'तीज माता की सवारी' को देखने के लिए देश-विदेश से हजारों पर्यटक और स्थानीय लोग सड़कों के दोनों ओर जमा होते हैं। सजे-धजे हाथियों, ऊंटों, पारंपरिक लोक नर्तकों और शाही लवाजमे के साथ जब यह सवारी शहर के मुख्य मार्गों से गुजरती है, तो पूरा माहौल मुग्ध कर देने वाला हो जाता है। शहर के जौहरी बाजार और बापू बाजार पूरी तरह से हरी और लाल रंग की साड़ियों, सुहाग की सामग्रियों तथा पारंपरिक आभूषणों से सजी दुकानों से गुलजार नजर आते हैं। यदि आप तीज के दिन राजसी संस्कृति और लोक परंपराओं का असली संगम देखना चाहते हैं, तो जयपुर की यात्रा आपके लिए सबसे सही और जादुई अनुभव साबित होगी।#वाराणसी: काशी की प्राचीन गलियों और गंगा घाटों पर शिव-पार्वती की आराधना का अलौकिक नजारादेवों की नगरी और दुनिया के सबसे प्राचीन जीवित शहरों में शुमार वाराणसी यानी काशी में हरतालिका तीज का पर्व बेहद श्रद्धा, भक्ति और पौराणिक उल्लास के साथ मनाया जाता है। गंगा के पावन घाटों और प्राचीन मंदिरों की नगरी में इस दिन सुहागिन महिलाओं का उत्साह चरम पर होता है, जो सुबह से ही माता मंगला गौरी और भगवान विश्वनाथ के दर्शन के लिए लंबी कतारों में खड़ी नजर आती हैं। काशी की संकरी गलियों में सजी पूजा सामग्री और सुहाग के सामान की दुकानें इस त्योहार की दिव्यता को और अधिक बढ़ा देती हैं। शाम के वक्त जब माता गंगा की भव्य आरती होती है और उसी समय घरों व मंदिरों में सुहागिनें अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं, तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। उत्तर प्रदेश की इस सांस्कृतिक राजधानी में तीज मनाने का अपना एक अलग ही आध्यात्मिक सुकून है, जो मन को अंदर तक शांति और ऊर्जा से भर देता है।#लखनऊ: नवाबों के शहर में पारंपरिक तहजीब और झूला महोत्सव की अनूठी छटानवाबी तहजीब, कला और संस्कृति के लिए मशहूर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हरतालिका तीज का त्योहार बहुत ही उल्लास और भव्यता के साथ मनाया जाता है। लखनऊ के पुराने इलाकों जैसे चौक, अमीनाबाद और यहियागंज के बाजारों में तीज से कई दिन पहले ही महिलाओं की भारी भीड़ खरीदारी करने के लिए उमड़ने लगती है। इस दिन यहां के पारंपरिक पार्कों और ऐतिहासिक स्थलों पर विशेष 'झूला महोत्सव' का आयोजन किया जाता है, जहां महिलाएं हरे रंग के परिधान पहनकर पारंपरिक लोक गीत गाती हैं और झूला झूलती हैं। लखनऊ की खास संस्कृति और यहां की मेहमाननवाज शैली इस त्योहार के आनंद को कई गुना बढ़ा देती है। अगर आप उत्तर भारत की लोक संस्कृति, पारंपरिक पकवानों जैसे घेवर और फेयी का लुत्फ उठाते हुए तीज मनाना चाहते हैं, तो लखनऊ का यह सफर आपके लिए बेहद शानदार रहेगा।#इंदौर: मालवा की सांस्कृतिक माटी में महिलाओं के सामूहिक उल्लास और लोक पर्व का आकर्षणमध्य प्रदेश का सबसे बड़ा और स्वच्छ शहर इंदौर अपनी अनूठी खानपान संस्कृति के साथ-साथ पारंपरिक त्योहारों को मनाने के अपने खास अंदाज के लिए भी पूरे देश में प्रसिद्ध है। इंदौर और इसके आसपास के मालवा क्षेत्र में हरतालिका तीज के मौके पर महिलाओं में गजब का उत्साह देखने को मिलता है। इस दिन यहां विशेष तौर पर सुहागिन महिलाएं सामूहिक रूप से एकत्रित होकर व्रत की कथा सुनती हैं और माता पार्वती को समर्पित पारंपरिक गीत गाती हैं। शहर के राजवाड़ा और सेंट्रल मार्केट के आसपास के बाजार सुहाग के सामान, पारंपरिक चूड़ियों और विशेष मिठाइयों से सज जाते हैं। इंदौर के लोग अपनी मेहमाननवाजी और जीवंत स्वभाव के लिए जाने जाते हैं, इसलिए यदि आप यहां तीज के दौरान आते हैं, तो आपको यहां के स्थानीय परिवारों की आत्मीयता और उत्सव प्रेम का बहुत ही करीब से अनुभव करने का अवसर मिलेगा।#पटना: बिहार की ऐतिहासिक धरती पर लोकगीतों और पारंपरिक अनुष्ठानों से सजा पावन पर्वबिहार की राजधानी पटना में हरतालिका तीज का व्रत और पूजा-अर्चना बेहद निष्ठा, अनुशासन और पारंपरिक नियमों के साथ की जाती है। बिहार के इस क्षेत्र में तीज को 'हरितालिका तीज' के रूप में पूरी भव्यता से मनाया जाता है, जहां महिलाएं निर्जला व्रत रखकर दिनभर भगवान शिव और माता पार्वती की कठिन पूजा करती हैं। पटना के बोरिंग रोड, बांकीपुर और पुरानी हवेली वाले इलाकों के बाजारों में तीज की पूर्व संध्या पर खरीदारी करने वाली महिलाओं की भारी रौनक देखने को मिलती है। शाम के समय जब घरों और मंदिरों में महिलाएं सामूहिक रूप से पारंपरिक लोकगीत गाती हैं, तो पूरा वातावरण लोक संस्कृति की खुशबू से महक उठता है। बिहार की इस पारंपरिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि में तीज मनाने का अनुभव किसी भी पर्यटक या परिवार के लिए बेहद यादगार और प्रेरणादायक होता है।#चंडीगढ़: आधुनिकता और पारंपरिक लोक संस्कृति का खूबसूरत संगम देखता पंजाब का दिलपंजाब की खूबसूरत और आधुनिक राजधानी चंडीगढ़ में देश के विभिन्न राज्यों से आकर बसे लोग बड़ी संख्या में रहते हैं, जिसके कारण यहां हरतालिका तीज का त्योहार एक राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक मिलन का रूप ले लेता है। चंडीगढ़ के सेक्टर 17 और अन्य प्रमुख बाजारों में इस पर्व के उपलक्ष्य में विशेष मेलों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। पंजाबी और उत्तर भारतीय महिलाएं पारंपरिक आभूषणों और हरे-पीले परिधानों में सज-धजकर इस व्रत को पूरी श्रद्धा के साथ मनाती हैं। आधुनिक जीवनशैली के बीच अपनी प्राचीन परंपराओं को जीवित रखने का यह अनूठा प्रयास चंडीगढ़ को तीज मनाने के लिए एक बहुत ही खास और अलग डेस्टिनेशन बनाता है, जहां आपको आधुनिकता के साथ-साथ पारंपरिक आत्मीयता का अहसास होगा।#अरेबियन सागर के किनारे मुंबई: महानगर की भागदौड़ के बीच संस्कृति और आस्था का अनूठा उत्सवदेश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भले ही जीवन बेहद तेज गति से चलता हो, लेकिन जब बात भारतीय संस्कृति और पर्वों की आती है, तो मायानगरी का हर कोना आस्था के रंग में रंग जाता है। मुंबई और उसके आसपास के ठाणे तथा नवी मुंबई क्षेत्रों में उत्तर भारतीय और राजस्थानी समुदाय की महिलाएं बड़े पैमाने पर हरतालिका तीज का व्रत रखती हैं। महानगर के विभिन्न सांस्कृतिक मंडलों और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना के आयोजन किए जाते हैं, जहां महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में एकत्रित होकर माता पार्वती से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगती हैं। समुद्र के किनारे बसी इस नगरी में आधुनिकता और प्राचीन संस्कृति का यह अनूठा मेल इस बात का प्रमाण है कि प्रवासी लोग अपनी जड़ों और परंपराओं से कितनी गहराई से जुड़े हुए हैं। यदि आप महानगर की व्यस्तता के बीच भी इस पावन पर्व की सच्ची रौनक और उत्साह को देखना चाहते हैं, तो मुंबई का यह सफर आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित होगा।
संगरूर में एक्टिविस्ट की कस्टडी प्रताड़ना विवाद, पंजाब सरकार ने DSP हरविंदर सिंह का किया तबादला
'वारिस पंजाब दे' के नेता और विधायक मनप्रीत सिंह ने पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने ड्रग्स के खिलाफ़ काम करने वाले कार्यकर्ता मोहनजीत सिंह को हिरासत में कथित तौर पर प्रताड़ित करने और संगरूर में दलित मज़दूर गुलज़ार सिंह की आत्महत्या के मामले में सख़्त कार्रवाई की मांग की। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंह ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को काले झंडे दिखाने के बाद मोहनजीत सिंह को हिरासत में पुलिस की बर्बरता का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, पिछले कुछ दिनों में संगरूर में ड्रग्स से जुड़ी घटनाएँ हुई हैं। एक घटना सरदार मोहनजीत सिंह द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान को काले झंडे दिखाने की थी। तो, वही नेता जो चुनाव से पहले कहते थे कि 'अगर कोई नेता आपके गाँव आए, तो उनसे सवाल पूछो', आज सवाल पूछना तो दूर अगर कोई सिर्फ़ झंडा भी दिखा दे, तो देखिए पुलिस ने कैसे मोहनजीत सिंह को गिरफ़्तार किया और उन्हें प्रताड़ित किया। इसे भी पढ़ें: Congress सांसद सुखजिंदर रंधावा का AAP सरकार पर बड़ा हमला, कहा- पंजाब में खुलेआम घूम रहे गैंगस्टर इसे भी पढ़ें: Congress सांसद सुखजिंदर रंधावा का AAP सरकार पर बड़ा हमला, कहा- पंजाब में खुलेआम घूम रहे गैंगस्टर उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि कोई उनके सामने आवाज़ उठाए। उन्होंने बताया कि पार्टी ने आज पंजाब में ड्रग्स की समस्या को लेकर मंत्रियों के घरों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और काले झंडे दिखाए। उन्होंने गुलज़ार सिंह का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के दौरे के दौरान ड्रग्स का मुद्दा सबके सामने उठाने पर गांव के सरपंच ने गुलज़ार सिंह को धमकी दी थी। सिंह ने कहा, एक और घटना गुलज़ार सिंह से जुड़ी है, जो एक मज़दूर हैं और तुर बंजारा गांव के रहने वाले हैं। वित्त मंत्री सरदार हरपाल सिंह चीमा उस गांव के दौरे पर गए थे। वहां गुलज़ार सिंह ने कहा कि ड्रग्स की समस्या खत्म नहीं हुई है; उनका बेटा ड्रग्स का आदी हो गया है और उसने घर का लगभग सारा सामान बेच दिया है, और वे बहुत परेशान हैं। उन्होंने मांग की कि ड्रग्स पर रोक लगाई जाए और इसे और फैलने से रोका जाए। जवाबदेही की मांग करते हुए उन्होंने कहा, सरकार को बिना किसी भेदभाव के तुरंत और उचित कार्रवाई करनी चाहिए। इसलिए, हम मांग करते हैं कि गुलज़ार सिंह के मामले में उचित कार्रवाई की जाए। दूसरी बात, मोहनजीत सिंह को दी गई यातना के मामले में, सभी ज़िम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की जानी चाहिए और उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाना चाहिए। इसे भी पढ़ें: Ferozepur District Court को बम से उड़ाने की ईमेल पर मिली धमकी, परिसर कराया खाली इसे भी पढ़ें: Ferozepur District Court को बम से उड़ाने की ईमेल पर मिली धमकी, परिसर कराया खाली इन विवादों के कारण पूरे पंजाब में बड़े पैमाने पर राजनीतिक आलोचना हो रही है। नशा-विरोधी कार्यकर्ता मोहनजीत सिंह को हिरासत में प्रताड़ित करने के आरोपों के चलते बढ़ते दबाव को देखते हुए, पंजाब सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर तबादले किए हैं। पंजाब सरकार ने एक डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (DSP) का तबादला किया है और तीन पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन संगरूर भेज दिया है। शनिवार को जारी आदेशों के अनुसार, संगरूर के सुनाम सब-डिविजन में DSP के पद पर तैनात हरविंदर सिंह का प्रशासनिक आधार पर तबादला कर उन्हें पटियाला के बहादुरगढ़ स्थित पहली कमांडो बटालियन (CDO) में DSP के पद पर तैनात किया गया है।
भारत में BRICS समिट के बीच PM मोदी ने नेतन्याहू को किया याद
भारत में BRICS समिट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और इजरायल के लोगों को यहूदी नववर्ष रोश हशनाह की बधाई दी. पीएम मोदी ने नए साल में शांति, उम्मीद, अच्छी सेहत और तरक्की की कामना की.
Bigg Boss Weekend ka Vaar: बिग बॉस 20 के वीकेंड का वार के वीडियोज में सलमान खान ने घर के हर सदस्य से बात की, उन्होंने कुछ की तारीफ की तो कुछ लोगों की गलती भी बताई. लेकिन इस वीकेंड पता लग जाएगा कि अभी तक सलमान खान ने किसको सबसे ज्यादा पसंद किया है.
पिता के एक्सीडेंट की झूठी सूचना देकर 12वीं की छात्रा को स्कूल से ले गए, रेप के आरोप में दो अरेस्ट
बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में 12वीं कक्षा की एक छात्रा को उसके पिता के एक्सीडेंट की झूठी सूचना देकर स्कूल से बाहर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद बिल्सी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले में नामजद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर […] The post पिता के एक्सीडेंट की झूठी सूचना देकर 12वीं की छात्रा को स्कूल से ले गए, रेप के आरोप में दो अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
रात में बच्चे के कान में दर्द हो तो क्या करें? एक्सपर्ट ने बताया कैसे मिलेगा जल्दी आराम
पीडियाट्रिशियन बताती हैं, हर बार कान में दर्द होने का मतलब कान का इंफेक्शन नहीं होता है. इससे अलग भी कई कारणों के चलते बच्चे के कान में दर्द या दुखन जैसी परेशानी हो सकती है.
BRICS Summit के इतर PM Narendra Modi ने चार देशों के नेताओं के साथ की अहम वार्ता
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मलेशिया, वियतनाम, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और इथियोपिया के नेताओं के साथ शनिवार को द्विपक्षीय बैठकें कीं जिनमें महत्वपूर्ण खनिजों, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्रों समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। ये बैठकें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर हुईं। प्रधानमंत्री मोदी ने अबू धाबी के युवराज शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ वार्ता में पश्चिम एशिया की समग्र स्थिति और भारत-यूएई रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के कदमों पर चर्चा की। मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘रक्षा, कृत्रिम मेधा (एआई), अंतरिक्ष, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और संपर्क के क्षेत्रों में हमारी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।’’उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिम एशिया में अनिश्चितता के इस दौर में मजबूत भारत-यूएई संबंध स्थिरता, समृद्धि और शांति का प्रतीक है।’’मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर बिन इब्राहिम ने अपनी बैठक में व्यापार एवं निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, बुनियादी ढांचा, डिजिटल अर्थव्यवस्था, ऊर्जा और वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) समेत विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की। इब्राहिम ने मोदी को मलेशिया के सबाह प्रांत के कोटा किनाबालू में भारत का महावाणिज्य दूतावास स्थापित करने पर अपने देश की सहमति से अवगत कराया। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान)-भारत संबंधों को मजबूत करने में मलेशिया के निरंतर सहयोग की सराहना की। दोनों नेताओं ने साझा हित से जुड़े प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।’’मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने भारत-मलेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मोदी और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग के बीच बैठक में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों पर मुख्य रूप से चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘इस बैठक से दोनों नेताओं को उन द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा करने का अवसर मिला जिन्हें ‘उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दिया गया है।’’मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने साझा महत्व के विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया तथा अपनी साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत और वियतनाम के बीच साझा सभ्यतागत विरासत, आपसी विश्वास और समझ पर आधारित पुरानी मित्रता है। वियतनाम भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का एक प्रमुख स्तंभ और दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ भारत के व्यापक जुड़ाव में महत्वपूर्ण साझेदार है।’’इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ मोदी की वार्ता भी रक्षा और व्यापार समेत विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और विस्तार देने संबंधी कदमों पर केंद्रित रही। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से चर्चा की। उन्होंने आर्थिक सहयोग, रक्षा साझेदारी और क्षमता निर्माण समेत प्रमुख क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की।’’यह बैठक पिछले वर्ष दिसंबर में मोदी की अदीस अबाबा यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति को आगे बढ़ाने की दिशा में हुई। मंत्रालय ने कहा, ‘‘दोनों नेताओं ने साझा हित के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने बहुपक्षीय मंचों पर निकट सहयोग की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
दिल्ली में ब्रिक्स समिट 2026 के दौरान मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने पीएम मोदी की जबरदस्त लोकप्रियता की सराहना की।
ट्रैवल करने के शौकीन लोगों के घूमने-फिरने के तौर-तरीकों में पिछले कुछ सालों में एक बहुत बड़ा और दिलचस्प बदलाव देखने को मिला है। आज का जागरूक और आधुनिक यात्री अब पारंपरिक और घिसे-पिटे होटलों के चार दीवारों वाले कमरों में बंधकर रहना बिल्कुल भी पसंद नहीं करता है। छुट्टियों का मतलब अब केवल दिनभर घूमकर रात को सोने के लिए कोई कमरा बुक करना नहीं रह गया है, बल्कि ठहरने की जगह खुद में ही एक पूरा रोमांचक और यादगार अनुभव बन चुकी है। यही वजह है कि देश-विदेश के पर्यटक होटलों को छोड़कर अब कुछ हटके और अनोखे स्टे ऑप्शंस की तलाश में रहते हैं। प्रकृति के बेहद करीब, इतिहास की खुशबू समेटे हुए या फिर पूरी तरह से अनूठे वास्तुशिल्प वाले इन आवासों में रुकना अपने आप में एक अलग ही सुकून देता है। आज हम आपको ऐसे ही 6 बेहद अनोखे स्टे के बारे में बताने जा रहे हैं, जो इन दिनों ट्रैवलर्स की पहली पसंद बने हुए हैं और जिनका अनुभव आपकी अगली यात्रा को हमेशा के लिए अमर बना देगा।#ट्रीहाउस स्टे: प्रकृति की गोद में ऊंचे पेड़ों पर बचपन के सपनों को जीनाजब बात अनोखे स्टे की आती है, तो सबसे पहला नाम ट्रीहाउस का आता है, जो इन दिनों जंगल, पहाड़ों और वन्यजीव अभयारण्यों के पास सबसे ज्यादा लोकप्रिय हो रहा है। जमीन से कई फीट ऊपर घने और विशाल पेड़ों की शाखाओं के बीच बनाए गए ये लकड़ी के कॉटेज पर्यटकों को सीधे प्रकृति के आंचल में रहने का अनूठा अहसास कराते हैं। सुबह उठते ही खिड़की से पक्षियों की चहचहाहट सुनना, ठंडी हवा के झोंकों को महसूस करना और पत्तों से छनकर आती सूरज की किरणों का स्वागत करना एक अलग ही जादुई दुनिया में ले जाता है। केरल के वायनाड, हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक के जंगलों में बने इन ट्रीहाउस में आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ प्राकृतिक जीवनशैली का बेहतरीन संगम देखने को मिलता है। जो लोग शहरी कोलाहल और प्रदूषण से दूर कुछ दिन पूरी तरह से शांत और प्राकृतिक माहौल में बिताना चाहते हैं, उनके लिए यह स्टे किसी जन्नत से कम नहीं है।#हेरिटेज होमस्टे: राजा-महाराजाओं के महलों और पुरानी हवेलियों में शाही मेहमाननवाजहोटलों के आधुनिकीकरण से बोर हो चुके लोग इन दिनों राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे ऐतिहासिक राज्यों में हेरिटेज होमस्टे का जमकर रुख कर रहे हैं। सदियों पुरानी हवेलियों, किलों और पारंपरिक राजसी घरों को अब हेरिटेज होमस्टे के रूप में तब्दील कर दिया गया है, जहां ठहरकर यात्री पुराने दौर के राजा-महाराजाओं और जागीरदारों की जीवनशैली को खुद महसूस कर सकते हैं। इन इमारतों की नक्काशी, पारंपरिक हस्तशिल्प से सजावट और वहां के शाही खानपान के तरीके पर्यटकों को इतिहास के पन्नों में उतार देते हैं। इन जगहों पर केवल रुकना ही नहीं होता, बल्कि वहां के स्थानीय मेजबान आपको उस इलाके के इतिहास, लोक कथाओं और संस्कृति से भी गहराई से रूबरू कराते हैं, जिससे यात्री उस जगह से मानसिक रूप से जुड़ जाता है।#ग्लैम्पिंग यानी लग्जरी टेंट स्टे: रेगिस्तान और पहाड़ों के बीच तारों भरी छांव में सोनाकैंपिंग का रोमांच तो हर कोई चाहता है, लेकिन बिना किसी बुनियादी सुविधा के खुले आसमान के नीचे रहना हर किसी के बस की बात नहीं होती। इसी परेशानी का एक बेहद शानदार और स्टाइलिश समाधान ग्लैम्पिंग यानी 'लग्जरी कैंपिंग' के रूप में सामने आया है। जैसलमेर के थार रेगिस्तान से लेकर लद्दाख की ठंडी वादियों और गोवा के बीच तक, इन दिनों लग्जरी टेंट का ट्रेंड सिर चढ़कर बोल रहा है। बाहर से देखने में ये साधारण तंबू जैसे लग सकते हैं, लेकिन अंदर से इनमें फाइव-स्टार होटलों जैसी तमाम आलीशान सुविधाएं, आरामदायक बेड, एसी और निजी बाथरूम मौजूद होते हैं। रात के वक्त खुले आसमान के नीचे बैठकर तारों को निहारना और अलाव के पास बैठकर संगीत का आनंद लेना यात्रियों को एक ऐसा अनुभव देता है जिसे वे जीवनभर नहीं भूल पाते हैं।#इको-फ्रेंडली मड हाउस और बोट हाउस: सस्टेनेबल ट्रैवल का नया और अनोखा दौरआज का समझदार यात्री पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए 'सस्टेनेबल टूरिज्म' को तेजी से अपना रहा है, जिसके चलते मिट्टी के घरों यानी मड हाउस का क्रेज बहुत बढ़ गया है। पूरी तरह से प्राकृतिक मिट्टी, बांस और भूसे से बने ये घर गर्मियों में ठंडे और सर्दियों में गर्म रहते हैं, जो सेहत के लिहाज से भी बहुत फायदेमंद होते हैं। इसके अलावा, केरल के बैकवाटर्स और कश्मीर की डल झील में तैरने वाले हाउस बोट या केतुवान में ठहरना भी एक ऐसा अनुभव है जो किसी होटल में कभी नहीं मिल सकता। पानी की लहरों के बीच तैरते हुए घर में बैठकर सुबह की चाय पीना और शाम को ढलते सूरज को देखना ट्रैवलर्स के लिए किसी सपने के सच होने जैसा होता है।#लाइटर हाउस और केबिन स्टे: एकांत और शांति की तलाश में परफेक्ट ठिकानाभीड़भाड़ और सोशल मीडिया की चकाचौंध से दूर कुछ पल पूरी तरह से शांति में बिताने के लिए दुनिया भर के यात्री अब जंगलों के बीच बने लकड़ी के 'केबिन स्टे' या समुद्र के किनारे खड़े ऐतिहासिक 'लाइटर हाउस' में रुकना पसंद कर रहे हैं। स्कैंडिनेवियाई शैली में बने ये छोटे और आरामदायक केबिन उन लोगों के लिए वरदान हैं जो अपनी व्यस्त जिंदगी से ब्रेक लेकर 'डिटॉक्स' होना चाहते हैं। यहां न तो कोई टीवी का शोर होता है और न ही शहर की भागदौड़, बस चारों तरफ पसरा हुआ सन्नाटा और आपकी अपनी किताबें या कला होती है। इन अनोखे और ऑफबीट ठिकानों पर बिगाड़ा गया एक-एक पल इंसान की मानसिक शांति और रचनात्मकता को फिर से जिंदा कर देता है, यही वजह है कि आज का ट्रैवलर पारंपरिक होटलों को छोड़कर इन अनुभवों के पीछे भाग रहा है।
राजस्थान के एकमात्र ठंडे और खूबसूरत हिल स्टेशन माउंट आबू की हसीन वादियों से प्रकृति प्रेमियों और पर्यावरणविदों के लिए एक बेहद चौंकाने वाली और रोमांचक खबर सामने आई है। अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक इमारतों और प्राचीन मंदिरों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर माउंट आबू में एक ऐसा अद्भुत और दुर्लभ पेड़ खोज निकाला गया है, जो देश भर में अपने आप में अनोखा है। वन विभाग और स्थानीय पर्यावरण शोधकर्ताओं की एक टीम ने जब इस विशालकाय और प्राचीन पेड़ की उम्र और उसकी प्रजाति का वैज्ञानिक अध्ययन किया, तो यह हैरान करने वाला तथ्य सामने आया कि यह देश का दूसरा सबसे पुराना 'सफेदा' यानी यूकेलिप्टस का पेड़ है। इस ऐतिहासिक पेड़ को आज से करीब डेढ़ सदी पहले यानी ब्रिटिश हुकूमत के दौर में अंग्रेजों द्वारा यहां लगाया गया था। जैसे ही इस अनोखे और दुर्लभ पेड़ की खोज की खबर सार्वजनिक हुई, देश भर के वनस्पति वैज्ञानिकों, पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के बीच भारी उत्सुकता पैदा हो गई है और हर कोई इस ऐतिहासिक धरोहर को अपनी आंखों से देखने के लिए माउंट आबू की तरफ खिंचा चला आ रहा है।#माउंट आबू की हसीन वादियों में अंग्रेजों के जमाने का अनमोल तोहफाब्रिटिश राज के दौरान अंग्रेजों को भारत के गर्म मैदानी इलाकों से राहत पाने के लिए माउंट आबू की जलवायु बेहद पसंद आई थी, और वे गर्मियों के दिनों में अपनी प्रशासनिक राजधानी को यहीं शिफ्ट कर लिया करते थे। उस दौर में अंग्रेजों ने न केवल यहां खूबसूरत बंगले, क्लब और सड़कें बनवाईं, बल्कि वे अपने साथ दुनिया भर से कई दुर्लभ पौधों और पेड़ों के बीज भी लेकर आए थे ताकि वे इस हिल स्टेशन के पर्यावरण को और अधिक हरा-भरा और अपने अनुकूल बना सकें। इसी कड़ी में ब्रिटिश अधिकारियों ने यहां सफेदा यानी यूकेलिप्टस के कुछ चुनिंदा पौधे रोपे थे, जिनमें से यह विशालकाय पेड़ आज भी अपनी पूरी शान के साथ जीवित और सुरक्षित है। स्थानीय बुजुर्गों और इतिहास के जानकारों का कहना है कि अंग्रेजों ने इस पेड़ को यहां की पारिस्थितिकी और प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ाने के मकसद से लगाया था, लेकिन किसी को यह अंदाजा नहीं था कि आने वाले समय में यह पौधा देश के सबसे पुराने और दुर्लभ जीवित सफेदा पेड़ों की सूची में शामिल हो जाएगा।#वैज्ञानिक अध्ययन और पेड़ की उम्र का हैरान करने वाला खुलासाजब स्थानीय पर्यावरणविदों और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पेड़ के विशाल तने, उसकी अनूठी छाल और ऊंचाई का बारीकी से निरीक्षण किया, तो उन्हें इसके सामान्य पेड़ होने पर शक हुआ। इसके बाद बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया और विभिन्न विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों की एक विशेष टीम ने इसकी उम्र का पता लगाने के लिए आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल किया। अध्ययन में यह चौंकाने वाला परिणाम सामने आया कि इस पेड़ की उम्र लगभग डेढ़ सौ वर्ष से भी अधिक हो चुकी है। भारत में यूकेलिप्टस या सफेदा के पेड़ों का इतिहास बहुत पुराना नहीं माना जाता है, और इतनी लंबी उम्र के जीवित पेड़ देश में बहुत ही कम देखने को मिलते हैं। इस खोज के बाद इस पेड़ को देश का दूसरा सबसे पुराना सफेदा होने का आधिकारिक दर्जा मिलने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जो माउंट आबू के वानस्पतिक इतिहास में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।#पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन के लिहाज से क्यों खास है यह खोजइस दुर्लभ और प्राचीन पेड़ के मिलने से न केवल माउंट आबू के वन विभाग का मान बढ़ा है, बल्कि इसने देश-विदेश के पर्यटकों के लिए भी एक नया और रोमांचक आकर्षण पैदा कर दिया है। आमतौर पर पर्यटकों के लिए माउंट आबू का मतलब नक्की झील, सनसेट पॉइंट और दिलवाड़ा के जैन मंदिर ही रहे हैं, लेकिन अब इस ऐतिहासिक सफेदा के पेड़ के जुड़ जाने से यहां 'इको-टूरिज्म' को एक नई दिशा मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। राजस्थान सरकार और वन विभाग अब इस प्राचीन धरोहर के संरक्षण के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं ताकि इसे दीमक, बीमारियों और मानवीय दखलंदाजी से पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सके। पेड़ के आसपास के इलाके को विकसित कर इसे एक हेरिटेज नेचर साइट के रूप में तब्दील करने की तैयारी चल रही है, जहां आने वाले पर्यटक और छात्र इस अनोखे पेड़ के इतिहास के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकें।#देश की वानस्पतिक धरोहर और भविष्य की अनुसंधान योजनाएंयह खोज इस बात का भी प्रमाण है कि माउंट आबू की जैव विविधता और जलवायु कितनी समृद्ध और अनूठी है, जो डेढ़ सौ साल पहले लगाए गए विदेशी मूल के पौधे को भी आज तक इतने शानदार तरीके से संजोए हुए है। देश के विभिन्न शोध संस्थानों के वैज्ञानिक अब इस बात का अध्ययन करने में जुटे हैं कि आखिर कैसे इस पेड़ ने प्रतिकूल जलवायु परिवर्तनों और बदलते मौसम के बीच इतने लंबे समय तक अपनी जीवनक्षमता को बनाए रखा। वनस्पति विज्ञान के छात्रों के लिए यह पेड़ अब एक जीवंत प्रयोगशाला बन चुका है, जहां वे यूकेलिप्टस प्रजाति के जीवन चक्र और उसकी दीर्घायु के रहस्यों को करीब से समझ सकते हैं। स्थानीय प्रशासन ने आम नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे जब भी माउंट आबू आएं, इस ऐतिहासिक धरोहर को देखने जरूर जाएं और इसके संरक्षण में प्रशासन का पूरा सहयोग करें, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियां भी देश की इस अमूल्य प्राकृतिक और ऐतिहासिक विरासत की गवाह बन सकें।
Major Rishabh Sambyal Addresses Rumors:
भारत के लिए कितना महत्वपूर्ण है बाब अल मंदेब रूट, हूतियों के कब्जे से कैसा होगा असर?
हूती समूह द्वारा लाल सागर तट पर मोखा बंदरगाह और अन्य द्वीपों पर कब्जे से जहाजों पर हमला करने की उनकी क्षमता कई गुना बढ़ गई है। जहाजों पर हमलों के खतरे से समुद्री इंश्योरेंस की दरें आसमान छू रही हैं।
क्रिकेट के मैदान पर जब भी भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने आती हैं, तो खेल प्रेमियों की धड़कनें अपने आप तेज हो जाती हैं। महिलाओं के क्रिकेट इतिहास में भी एक ऐसा ही महामुकाबला खेला गया था, जो आज भी क्रिकेट जगत के सबसे रोमांचक और कांटे के मुकाबलों में शुमार किया जाता है। महिला एशिया कप के खिताबी मुकाबले में दोनों पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी ट्रॉफी पर कब्जा जमाने के लिए पूरी ताकत के साथ मैदान पर उतरे थे। मैच की शुरुआत से ही दर्शकों को एक तरफ जहां बेहतरीन गेंदबाजी और शानदार क्षेत्ररक्षण देखने को मिला, वहीं दूसरी तरफ दोनों ही टीमों की बल्लेबाजों ने मैदान के हर कोने पर रन बटोरने के लिए अपनी पूरी जान लगा दी। इस खिताबी भिड़ंत का तनाव इस हद तक बढ़ चुका था कि स्टेडियम में मौजूद हर एक दर्शक और टीवी के परदे से चिपके करोड़ों फैंस की सांसें थमी हुई थीं। खेल के आखिरी ओवर तक यह अंदाजा लगाना असंभव था कि आखिरकार एशिया कप की इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी का असली हकदार कौन बनेगा, क्योंकि जीत और हार के बीच का फासला सिर्फ कुछ रनों और अंतिम क्षणों के फैसलों पर आकर टिक गया था।#रोमांचक फाइनल मुकाबला और दोनों टीमों की कड़ी टक्करमैच की पहली पारी से ही मुकाबला बेहद संघर्षपूर्ण रहा। भारतीय महिला टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और शुरुआत में कुछ झटकों के बाद पारी को संभलते हुए एक चुनौतीपूर्ण स्कोर बोर्ड पर खड़ा कर दिया। भारतीय बल्लेबाजों ने पाकिस्तानी गेंदबाजों की कसी हुई गेंदबाजी और सटीक लाइन-लेन्थ का सामना करते हुए सूझबूझ से रन बनाए। इसके जवाब में जब पाकिस्तानी महिला टीम लक्ष्य का पीछा करने उतरी, तो उन्होंने भी बेहद आक्रामक शुरुआत की और भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाने की पूरी कोशिश की। मैच के हर एक ओवर के साथ रन रेट और आवश्यक रन संख्या का समीकरण बदलता जा रहा था। दोनों टीमों की खिलाड़ी मैदान पर एक-एक रन के लिए संघर्ष करती नजर आ रही थीं, और खिलाड़ियों का यह जोश तथा जज्बा देखकर यह साफ हो गया था कि यह मुकाबला इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज होने वाला है। मैदान पर बढ़ता हुआ तनाव इस बात की गवाही दे रहा था कि महिला क्रिकेट अब तकनीकी और मानसिक दोनों ही स्तरों पर कितनी मजबूती के साथ आगे बढ़ चुका है।#आखिरी ओवर का ड्रामा और एक गेंद का खेलमुकाबला जब अपने सबसे रोमांचक और निर्णायक मोड़ पर पहुंचा, तो मैच का अंतिम ओवर फेंकने के लिए भारतीय कप्तान ने अपनी सबसे भरोसेमंद गेंदबाज को गेंद सौंपी। पाकिस्तान को जीत हासिल करने के लिए आखिरी कुछ गेंदों पर कुछ ही रनों की दरकार थी, जबकि क्रीज पर मौजूद बल्लेबाज हर हाल में बड़ा शॉट खेलकर मैच को अपनी झोली में डालना चाहती थी। स्टेडियम में सन्नाटा पसरा हुआ था क्योंकि हर एक गेंद के साथ मैच का रुख तेजी से बदल रहा था। दबाव इतना ज्यादा था कि गेंदबाज और बल्लेबाज दोनों के माथे पर पसीने की बूंदें साफ देखी जा सकती थीं। खेल का रोमांच अपने चरम पर तब पहुंच गया जब मैच का फैसला सिर्फ और सिर्फ अंतिम बची हुई एकमात्र गेंद पर आ टिका। उस एक गेंद पर या तो चौका-छक्का लगकर इतिहास बदलने वाला था या फिर भारतीय टीम अपनी बेहतरीन गेंदबाजी के दम पर मुकाबला जीतकर नया इतिहास रचने वाली थी।#सिर्फ एक गेंद ने पलट दी पूरी बाजी और भारतीय टीम ने रचा इतिहासवह जादुई और ऐतिहासिक पल आ ही गया जब गेंदबाज ने अपनी पूरी ताकत और चतुराई के साथ आखिरी गेंद फेंकी। पाकिस्तानी बल्लेबाज ने उस गेंद पर बड़ा शॉट खेलने का पूरा प्रयास किया, लेकिन भारतीय क्षेत्ररक्षक की चुस्ती और गेंदबाज की सटीक लाइन के आगे वह चूक गई और सिर्फ एक मामूली रन या विकेट के पतन के साथ ही पूरा समीकरण पलट गया। जैसे ही वह आखिरी गेंद फेंकी गई, मैदान पर भारतीय खिलाड़ियों की चीख और खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सिर्फ एक सिंगल या डॉट बॉल ने पाकिस्तान के मुंह से जीत छीन ली और भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रोमांच की सारी हदें पार करते हुए महिला एशिया कप के इस ऐतिहासिक फाइनल मुकाबले को अपने नाम कर लिया। इस सनसनीखेज जीत के बाद मैदान पर जश्न का माहौल शुरू हो गया और भारतीय खिलाड़ियों की आंखें खुशी के आंसुओं से भर आईं।#क्रिकेट इतिहास में हमेशा के लिए अमर हो गया यह महामुकाबलाभारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया यह महिला एशिया कप का फाइनल मुकाबला केवल एक क्रिकेट मैच नहीं था, बल्कि यह जज्बे, दबाव से उबरने की क्षमता और खेल के प्रति अटूट समर्पण की एक बानगी था। इस एक मैच ने यह साबित कर दिया कि महिला क्रिकेट में भी अब पुरुषों की तरह ही रोमांच और कांटे की टक्कर देखने को मिलती है। खेल विश्लेषक आज भी इस मुकाबले को महिला क्रिकेट इतिहास के सबसे महान फाइनल में से एक मानते हैं, जहां सिर्फ एक गेंद के अंतर ने विजेता और उपविजेता का फैसला किया। इस ऐतिहासिक जीत ने देश की युवा पीढ़ी और विशेषकर महिलाओं को खेल के मैदान में आगे बढ़ने के लिए एक नई प्रेरणा दी है, जो आने वाले कई वर्षों तक क्रिकेट प्रेमियों के दिलों और दिमाग में तरोताजा बनी रहेगी।
क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक बेहद रोमांचक खबर सामने आ रही है क्योंकि भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली जाने वाली हाई-वोल्टेज तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का आगाज होने जा रहा है। इस सीरीज का पहला मुकाबला राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा, जिसको लेकर देश भर के फैंस में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। आमतौर पर भारतीय टीम के घरेलू या अधिकारिक मुकाबलों की स्ट्रीमिंग जिन बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर होती है, इस बार का समीकरण थोड़ा अलग रहने वाला है। कई दर्शक यह जानने के लिए बेताब हैं कि वे अपने मोबाइल या स्मार्ट टीवी पर इस धमाकेदार मुकाबले का लुत्फ किस ऐप या चैनल के जरिए उठा सकते हैं। मैच के लाइव प्रसारण और डिजिटल स्ट्रीमिंग से जुड़े तमाम असमंजस अब पूरी तरह से दूर हो चुके हैं, जिससे फैंस बिना किसी रुकावट के मैदान की हर एक गेंद का आनंद ले सकेंगे।#सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के पास है टेलिविजन प्रसारण के अधिकारभारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाले इस रोमांचक द्विपक्षीय मुकाबलों के टेलीविजन प्रसारण के अधिकार आधिकारिक तौर पर सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के पास सुरक्षित हैं। जो दर्शक अपने घर बैठे टीवी सेट पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखना चाहते हैं, वे सोनी स्पोर्ट्स के चैनलों पर मुकाबलों का आनंद ले सकते हैं। हालांकि, डिजिटल प्लेटफॉर्म और ओटीटी के दौर में बड़ी संख्या में ऐसे दर्शक हैं जो स्मार्टफोन, टैबलेट या लैपटॉप पर लाइव मैच देखना पसंद करते हैं। ऐसे में डिजिटल राइट्स को लेकर फैंस के मन में तरह-तरह के सवाल चल रहे थे कि क्या यह मैच हमेशा की तरह डिज़्नी+ हॉटस्टार या जियोसिनेमा पर उपलब्ध होगा या नहीं। आपको बता दें कि इस बार की व्यवस्था थोड़ी अलग है, जिसके बारे में जानना हर क्रिकेट प्रेमी के लिए बेहद जरूरी है ताकि वे सही समय पर सही प्लेटफॉर्म का चुनाव कर सकें।#फैनकोड ऐप पर होगी भारत और अफगानिस्तान के पहले टी20 की लाइव स्ट्रीमिंगडिजिटल प्लेटफॉर्म पर मुकाबले का आनंद लेने वाले फैंस के लिए यह जानना जरूरी है कि इस सीरीज की लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार या सोनी लिव पर नहीं, बल्कि लोकप्रिय डिजिटल प्लेटफॉर्म फैनकोड (FanCode) ऐप और उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर की जाएगी। दर्शक अपने स्मार्टफोन पर फैनकोड ऐप डाउनलोड करके इस मुकाबले की लाइव स्ट्रीमिंग हाई डेफिनेशन क्वालिटी में देख सकते हैं। इस नई डिजिटल साझेदारी से फैंस को एक अलग यूजर इंटरफेस और मैच से जुड़े तमाम एनालिटिक्स व लाइव स्कोर अपडेट्स एक ही जगह पर आसानी से मिल जाएंगे। मैच की शुरुआत भारतीय समयानुसार शाम को 7:00 बजे से होगी, और टॉस ठीक आधे घंटे पहले यानी 6:30 बजे फेंका जाएगा, जिसके बाद दोनों टीमों की फाइनल प्लेइंग इलेवन का खुलासा भी हो जाएगा।#श्रेयस अय्यर की कप्तानी में उतरेगी युवा और अनुभवी भारतीय टीमइस टी20 सीरीज के लिए भारतीय चयनकर्ताओं ने एक संतुलित और दमदार स्क्वॉड का ऐलान किया है, जिसकी कमान स्टाइलिश बल्लेबाज श्रेयस अय्यर के हाथों में सौंपी गई है। टीम में अभिषेक शर्मा, विस्फोटक विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन, संजू सैमसन, तिलक वर्मा और युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी जैसे खतरनाक बल्लेबाज शामिल हैं। इसके अलावा गेंदबाजी क्रम में जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई और वरुण चक्रवर्ती जैसे धुरंधर विपक्षी बल्लेबाजों की बखिया उधेड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। टीम इंडिया चाहेगी कि घरेलू सरजमीं पर अपने इस शानदार प्रदर्शन को बरकरार रखते हुए सीरीज की शुरुआत एक बेहतरीन और धमाकेदार जीत के साथ की जाए।#इब्राहिम जादरान और राशिद खान की अगुवाई में मजबूत है अफगान फौजदूसरी तरफ, मेहमान टीम अफगानिस्तान की बागडोर युवा और प्रतिभाशाली बल्लेबाज इब्राहिम जादरान के हाथों में है, जबकि टीम की गेंदबाजी की रीढ़ दुनिया के सर्वश्रेष्ठ लेग स्पिनर राशिद खान हैं। अफगान खेमे में रहमानुल्लाह गुरबाज़, मोहम्मद नबी, अजमतुल्लाह उमरजई और नवीन-उल-हक जैसे विश्वस्तरीय खिलाड़ी मौजूद हैं जो किसी भी समय मैच का पासा पलटने की कुवैट रखते हैं। दिल्ली की पिच अमूनन बल्लेबाजों के अनुकूल मानी जाती है, ऐसे में दर्शकों को एक हाई-स्कोरिंग और कांटे की टक्कर वाला मुकाबला देखने को मिल सकता है। क्रिकेट फैंस फैनकोड ऐप के जरिए इस रोमांचक भिड़ंत का एक भी पल मिस किए बिना लुत्फ उठा सकते हैं।
नेपाल ने कटाया एशिया कप का टिकट, UAE की टूटी उम्मीद
संदीप लामिछाने की अगुवाई में नेपाली टीम ने ना सिर्फ प्रीमियर कप का खिताब अपने नाम किया, बल्कि 2027 में ओडीआई प्रारूप में होने वाले मेन्स एशिया कप का टिकट भी हासिल कर लिया. नेपाली टीम दूसरी बार एशिया कप में हिस्सा लेगी.
झांसी पुलिस ने कर्नाटक की रहने वाली मरीजा को एआई से फोटो एडिड करने, ब्लैकमेलिंग करने और अवैध रुपयों की वसूली करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा है.
क्रिकेट के मैदान पर लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही अफगानिस्तान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम अब एक बार फिर से अपनी खतरनाक खेल शैली और मैच जिताऊ खिलाड़ियों के दम पर दुनिया भर की बड़ी टीमों को चौंकाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। जब भी अफगानिस्तान की टीम किसी मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ मैदान पर उतरती है, तो क्रिकेट के गलियारों में रोमांच अपने चरम पर पहुंच जाता है। आने वाले दिनों में भारत की धरती पर होने वाले मुकाबलों और विशेष तौर पर राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जाने वाले हाई-वोल्टेज मैचों को लेकर सरगर्मी अभी से तेज हो गई है। अफगान टीम के खेमे में कुछ ऐसे विश्वस्तरीय और आक्रामक खिलाड़ी मौजूद हैं जो अपनी बेहतरीन गेंदबाजी और विस्फोटक बल्लेबाजी के दम पर अकेले अपने दम पर मैच का पासा पलटने का माद्दा रखते हैं। क्रिकेट प्रेमियों और खेल विश्लेषकों की निगाहें इन पांच धुरंधरों पर टिकी हुई हैं, जो भारतीय पिचों की परिस्थितियों का फायदा उठाकर मेजबान टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं।#राशिद खान: अपनी जादुई फिरकी से किसी भी बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस करने वाले कप्तानइस सूची में सबसे पहला और सबसे बड़ा नाम अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान और दुनिया के सबसे खतरनाक लेग स्पिनर राशिद खान का आता है। आधुनिक टी-20 और वनडे क्रिकेट में राशिद खान की गेंदबाजी शैली को पढ़ना किसी भी दुनिया के दिग्गज बल्लेबाज के लिए एक बहुत बड़ी पहेली बना रहता है। उनकी गुगली, लेग ब्रेक और तेज गति से फेंकी जाने वाली फिरकी गेंदें सीधे बल्लेबाजों को गच्चा देने के लिए जानी जाती हैं। भारतीय पिचों पर स्पिन गेंदबाजों को हमेशा से ही अतिरिक्त टर्न और उछाल मिलती रही है, और ऐसी परिस्थितियों में राशिद खान का सामना करना किसी भी भारतीय बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होगा। मध्य के ओवरों में रन गति पर लगाम लगाने के साथ-साथ विपक्षी टीम के मुख्य बल्लेबाजों को पवेलियन भेजने की उनकी कला उन्हें इस खेल का सबसे बड़ा मैच विनर बनाती है। यदि दिल्ली की पिच पर थोड़ी भी सूखी घास या टर्न देखने को मिलती है, तो राशिद खान अकेले दम पर भारतीय बल्लेबाजी क्रम की धज्जियां उड़ाने की क्षमता रखते हैं।#रहमानुल्लाह गुरबाज़: पावरप्ले में अपनी तूफानी बल्लेबाजी से विरोधी खेमे में दहशत फैलाने वाले ओपनरअफगानिस्तान की बल्लेबाजी की रीढ़ माने जाने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज़ अपनी विस्फोटक शुरुआत के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। पारी की शुरुआत से ही गेंदबाजों पर आक्रामक प्रहार करने की उनकी शैली पावरप्ले के ओवरों में मैच का रुख पूरी तरह से बदल देती है। गुरबाज़ के पास मैदान के चारों तरफ लंबे छक्के लगाने की अद्भुत क्षमता है और यदि वे शुरुआती कुछ ओवर क्रीज पर टिक गए, तो वे किसी भी बड़े गेंदबाजी आक्रमण को दबाव में ला सकते हैं। भारतीय तेज गेंदबाजों के खिलाफ उनका रिकॉर्ड हमेशा से शानदार रहा है और वे नई गेंद से स्विंग का सामना करने के पूरी तरह से अभ्यस्त हैं। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम की पिच को बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग माना जाता है, जहां गेंद बल्ले पर बहुत अच्छे से आती है। इस परिस्थिति का पूरा फायदा उठाकर गुरबाज़ शुरुआत में ही तेज गति से रन बटोरने और भारतीय गेंदबाजों की रणनीति को फेल करने का पूरा दम रखते हैं।#मोहम्मद नबी: अपने बेमिसाल तजुर्बे और ऑलराउंड प्रदर्शन से गेम पलटने वाले अनुभवी खिलाड़ीअफगानिस्तान क्रिकेट के इतिहास में सबसे लंबे समय तक टीम की सेवा करने वाले और सबसे अनुभवी ऑलराउंडर मोहम्मद नबी इस मुकाबले के सबसे बड़े एक्स फैक्टर साबित हो सकते हैं। नबी के पास दुनिया भर की टी-20 लीग्स खेलने का लंबा अनुभव है, जिसका इस्तेमाल वे दबाव के क्षणों में अपनी टीम के लिए बेहद चतुराई से करते हैं। अपनी ऑफ स्पिन गेंदबाजी से किफायती स्पेल फेंकने के साथ-साथ निचले क्रम पर आकर ताबड़तोड़ रन बनाने की उनकी काबिलियत उन्हें एक पूर्ण पैकेज बनाती है। जब भी मैच का माहौल तनावपूर्ण होता है, मोहम्मद नबी मैदान पर अपनी शांत सूझबूझ से कप्तानी में भी अहम सलाह देते हैं। भारतीय परिस्थितियों और यहां की पिचों के मिभाजों से वे अच्छी तरह वाकिफ हैं क्योंकि उन्होंने आईपीएल के दौरान भारतीय मैदानों पर अनगिनत मैच खेले हैं। उनका यह घरेलू अनुभव और ऑलराउंड खेल भारत के लिए सबसे बड़ी सिरदर्दी बन सकता है।#नवीन-उल-हक: अपनी कटर और स्लोअर गेंदों से बल्लेबाजों को छकाने वाले तेज गेंदबाजअफगानिस्तान के प्रमुख तेज गेंदबाज नवीन-उल-हक अपनी धारदार गेंदबाजी और विविधता भरे तरकश के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जाने जाते हैं। हालांकि वे बहुत अधिक गति से गेंदबाजी नहीं करते, लेकिन उनकी सटीक लाइन-लेन्थ, खतरनाक कटर और धीमी गति की गेंदे बल्लेबाजों को क्रीज पर सेट होने का मौका नहीं देती हैं। विशेष तौर पर डेथ ओवरों में जब बल्लेबाज तेजी से रन बनाने के लिए बड़े शॉट खेलते हैं, तब नवीन-उल-हक अपनी यॉर्कर और चालाकी भरी गेंदबाजी से रन गति पर अंकुश लगा देते हैं। भारतीय पिचों पर जहां अमूमन तेज गेंदबाजों के लिए रन रोकना मुश्किल माना जाता है, वहां नवीन की यह वैरायटी उन्हें विरोधी बल्लेबाजों के खिलाफ बेहद प्रभावी बनाती है। दिल्ली के मैदान पर होने वाले इस मुकाबले में वे शुरुआती झटके देने के साथ-साथ पारी के अंतिम ओवरों में टीम के लिए संकटमोचन की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।#इब्राहिम जादरान: अपनी तकनीक और सूझबूझ से पारी को संभालने वाले तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाजइस कड़ी का पांचवा और बेहद महत्वपूर्ण नाम युवा बल्लेबाज इब्राहिम जादरान का है, जो आधुनिक क्रिकेट में अपनी क्लासिकल बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। जहां एक तरफ अफगानिस्तान की टीम में ताबड़तोड़ रन बनाने वाले हिटर भरे पड़े हैं, वहीं इब्राहिम जादरान एक छोर को मजबूती से थामकर लंबी पारी खेलने के लिए जाने जाते हैं। उनकी डिफेंसिव तकनीक और मैदान के गैप में शॉट खेलकर रन चुराने की कला उन्हें टीम का सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज बनाती है। यदि शुरुआती ओवरों में अफगानिस्तान के विकेट जल्दी गिर जाते हैं, तो जादरान अपनी परिपक्व बल्लेबाजी से पारी को संभालते हैं और टीम को एक सम्मानजनक एवं मजबूत स्कोर तक पहुंचाते हैं। भारतीय स्पिनर्स और तेज गेंदबाजों की संयुक्त चुनौती का सामना करने के लिए उनकी यह तकनीक बेहद कारगर साबित हो सकती है। कुल मिलाकर इन पांचों खिलाड़ियों का सामूहिक प्रदर्शन इस बात का गवाह है कि दिल्ली के मैदान पर होने वाला यह मुकाबला भारत के लिए किसी भी हाल में आसान नहीं रहने वाला है।
80s के दौर में पहुंचे भारतीय खिलाड़ी, रेट्रो अंदाज देख हुए हैरान
भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले से पहले बीसीसीआई ने एक मजेदार वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में भारतीय खिलाड़ी 80 के दशक वाले स्टाइल में नजर आ रहे हैं. इस वीडियो पर फैन्स लगातार अपना रिएक्शन देने का काम कर रहे हैं.
दुर्ग में आकाशीय बिजली का कहर: बारिश से बचने पेड़ के नीचे खड़े दो युवकों पर गिरी आसमानी आफत
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से मानसून के मौसम से जुड़ी एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि खराब मौसम और बारिश के दौरान बरती गई जरा सी लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है। जिले के एक ग्रामीण इलाके में अचानक हुई झमाझम बारिश और खराब मौसम के बीच खुद को बचाने के लिए दो युवक एक घने पेड़ के नीचे शरण लेकर खड़े हो गए थे। उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि जिस पेड़ को वे अपनी ढाल समझ रहे हैं, वही उनके लिए काल बन जाएगा। आसमान से कड़कती हुई तेज गर्जना के साथ अचानक एक विकराल आकाशीय बिजली सीधे उसी पेड़ पर आ गिरी, जिसकी चपेट में आने से दोनों युवक बुरी तरह झुलस गए। इस भयानक हादसे में एक युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरे की नाजुक हालत को देखते हुए उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उसकी जान बचाने के लिए लगातार जुटी हुई है।#पेड़ के नीचे शरण लेना पड़ा भारी, आसमानी बिजली का सीधा प्रहारयह पूरी घटना दुर्ग जिले के अंतर्गत आने वाले एक खुले मैदान के पास उस समय घटी जब दोपहर के वक्त अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी के साथ भारी बारिश शुरू हो गई। आसपास कोई पक्का शेड या सुरक्षित मकान न होने के कारण दोनों युवक पास ही खड़े एक विशाल पेड़ के नीचे जाकर खड़े हो गए ताकि वे भीगने से बच सकें। मौसम विज्ञानियों और आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों द्वारा बार-बार यह चेतावनी दी जाती है कि गरज-चमक और आंधी-तूफान के समय कभी भी किसी बड़े या अकेले खड़े पेड़ के नीचे शरण नहीं लेनी चाहिए, क्योंकि पेड़ों में नमी और उनकी ऊंचाई के कारण उन पर आकाशीय बिजली गिरने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। दुर्भाग्यवश, इन दोनों युवकों को इस तकनीकी और वैज्ञानिक खतरे की जानकारी नहीं थी और जैसे ही उन्होंने पेड़ के नीचे पनाह ली, कुछ ही पलों में आसमान से मौत बनकर गिरी बिजली ने उन पर प्रहार कर दिया। बिजली के इस भयंकर झटके से पेड़ की टहनियां भी बुरी तरह झुलस गईं और दोनों युवक अचेत होकर जमीन पर आ गिरे।#हादसे के बाद चीख-पुकार और स्थानीय ग्रामीणों की त्वरित मददआकाशीय बिजली गिरने की यह तेज आवाज इतनी भयानक थी कि इसकी गूंज सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे अन्य ग्रामीण और राहगीर तुरंत दौड़ते हुए घटनास्थल की ओर पहुंचे। वहां का मंजर बेहद डरावना था क्योंकि दोनों युवक खून से लथपथ और गंभीर रूप से झुलसी हुई हालत में अमीन पर पड़े थे। ग्रामीणों ने बिना एक भी पल गंवाए तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस और एम्बुलेंस सेवा को दी। परिजनों और स्थानीय लोगों के सहयोग से दोनों घायलों को फौरन पास के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां तैनात आपातकालीन चिकित्सा अधिकारियों ने परीक्षण के बाद एक युवक को मृत घोषित कर दिया। दूसरे युवक की सांसें चल रही थीं, लेकिन उसकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई थी, जिसे देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, जहां उसका इलाज चल रहा है। इस अचानक हुई अप्रत्याशित घटना से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में मातम का माहौल छा गया है।#पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी, पोस्टमार्टम और कानूनी प्रक्रियाघटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस तुरंत हरकत में आ गई और बल के साथ अस्पताल व घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस ने मृतक युवक के शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और उसे पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया ताकि मौत के वास्तविक कारणों की कानूनी पुष्टि की जा सके। पुलिस अधिकारियों ने मौके का मुआयना करने के बाद स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे मानसून और बारिश के इस मौसम में पूरी तरह से सतर्क रहें। प्रशासन की ओर से लगातार यह जागरूकता फैलाई जा रही है कि जब भी आसमान में बादल गरज रहे हों और बिजली चमक रही हो, तब लोग खुले खेतों में जाने से बचें, पेड़ों के नीचे बिल्कुल खड़े न हों और मोबाइल फोन या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल से भी परहेज करें ताकि इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखा जा सके।#अंधड़ और वज्रपात के दौर में सुरक्षा सावधानियों की सख्त जरूरतछत्तीसगढ़ और उसके आसपास के इलाकों में इन दिनों मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है, जिसमें कभी धूप तो कभी अचानक तेज आंधी के साथ भारी बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। इस प्रकार के परिवर्तनशील मौसम में वज्रपात यानी आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं काफी आम हो जाती हैं, जो हर साल सैकड़ों बेकसूर लोगों की जान ले लेती हैं। दुर्ग की यह घटना इस बात की एक गंभीर चेतावनी है कि हमें मौसम विभाग की चेतावनियों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। यदि हर नागरिक थोड़े से एहतियात बरते और खुले स्थानों में काम करते समय सावधानी बरते, तो इस प्रकार के दर्दनाक हादसों से बहुमूल्य इंसानी जिंदगियों को बचाया जा सकता है। फिलहाल, अस्पताल में भर्ती दूसरे युवक की हालत पर डॉक्टरों की विशेष नजर बनी हुई है और स्थानीय प्रशासन पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है।
'UNSC में सुधार अब टाला नहीं जा सकता', BRICS के मंच से पीएम मोदी का दुनिया को स्पष्ट संदेश
पीएम मोदी ने सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के ब्रिक्स समिट में स्वागत करते हुए अपने संबोधन में कहा- मुझे आप सभी का स्वागत और अभिनंदन करते हुए मुझे अत्यंत खुशी हो रही है.
Zomato का बड़ा फैसला, COD ऑर्डर करने पर अब देना होगा इतना एक्स्ट्रा चार्ज
Zomato पर 'कैश ऑन डिलीवरी' चुनने वाले ग्राहकों को अब देने होंगे ₹5 से ₹20 एक्स्ट्रा! जानिए स्विगी, फ्लिपकार्ट और रैपिडो की टक्कर के बीच कंपनी ने क्यों उठाया यह कदम..
Mathura में Radhashtami पर्व पर Barsana मेला क्षेत्र 7 जोन और 20 सेक्टरों में बंटा
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के ब्रज क्षेत्र में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के बाद अब राधारानी के जन्मोत्सव राधाष्टमी की तैयारियां तेज हो गई हैं। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 19 सितंबर को मनाए जाने वाले इस पर्व का मुख्य आकर्षण बरसाना, राधारानी की जन्मस्थली रावल गांव और वृंदावन स्थित ठाकुर बांके बिहारी मंदिर होंगे, जहां विभिन्न धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ के मद्देनजर जिला प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण के व्यापक इंतजाम शुरू कर दिए हैं। जिलाधिकारी (डीएम) चंद्रप्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। बरसाना के मेला क्षेत्र को सात जोन और 20 सेक्टरों में बांटा गया है। अधिकारियों के मुताबिक, श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए 38 ‘होल्डिंग एरिया’ बनाए जा रहे हैं, आने वाले मार्गों पर 88 स्थानों पर अवरोधक लगाए जाएंगे और 50 स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था होगी। उन्होंने बताया कि छह ‘वॉच टावर’, 155 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी और 27 स्थानों पर 63 अस्थायी कैमरे लगाए जाएंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने और निर्बाध बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र में 12 स्वास्थ्य शिविर, मेडिकल टीमें और बाइक एंबुलेंस तैनात रहेंगी। अधिकारी ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए 35 पानी के टैंकर, 30 मोबाइल शौचालय, 100 लाउडस्पीकर और सात जूता घर बनाए जाएंगे। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम 18 और 19 सितंबर को बरसाना आने-जाने के लिए 160 बसें चलाएगा जबकि 40 अतिरिक्त बसें रिजर्व रहेंगी। ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में राधारानी के प्राकट्योत्सव की तैयारियां भी जारी हैं। राधाष्टमी के दिन स्वामी हरिदास का 489वां पाटोत्सव भी मनाया जाएगा और 12 सितंबर से विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम शुरू होंगे।
IAS Pratibha Pal: सागर कलेक्टर के क्विक एक्शन से 30 जिंदगियां बचीं; 3 घंटे में पहुंचे एंटीडोट
आईएएस प्रतिभा पाल के क्विक एक्शन के कारण भोपाल से महज 3 घंटे में फोमेपिजोल इंजेक्शन बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंच गया. इससे सागर में जहरीली शराब के शिकार हुए 30 से ज्यादा मरीजों की जान बच गईं.
सत्ता के पिरामिड से साझेदारी के मंच तक: BRICS के मंच से PM ने किया 'ग्लोबल साउथ' का समर्थन
ब्रिक्स समिट 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता को सफल बनाने में आप सभी के सक्रिय योगदान और समर्थन के लिए मैं आपका तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं। इस साल का ब्रिक्स समिट एक ऐतिहासिक पड़ाव है। हम ब्रिक्स की 20वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। इंसानी ज़िंदगी में, 20 साल की उम्र परिपक्वता और ज़िम्मेदारी के एक नए दौर की शुरुआत होती है। उन्होंने कहा कि आप सभी का भारत में स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। भारत की BRICS अध्यक्षता लोगों पर केंद्रित और मानवता को प्राथमिकता देने वाले नज़रिए पर आधारित है। मज़बूती, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी हमारी प्राथमिकताएँ रही हैं। इसे भी पढ़ें: BRICS Summit के लिए दिल्ली पहुंचे Xi Jinping, PM Modi से करेंगे द्विपक्षीय वार्ता प्रधानमंत्री ने कहा कि इन प्राथमिकताओं के साथ-साथ, हमने BRICS के सहयोग को आम लोगों से जोड़ने पर भी खास ज़ोर दिया है। इसी सोच के साथ, 350 से ज़्यादा बैठकें आयोजित की गईं। हमें लगभग 30 शहरों में आपकी टीमों का स्वागत करने का मौका मिला। मोदी ने कहा कि आज BRICS भी परिपक्वता के दौर में पहुँच गया है। पिछले दो दशकों में, BRICS ने वैश्विक मंच पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। हम एक-दूसरे के नज़रिए का सम्मान करते हैं और आम सहमति से आगे बढ़ते हैं। हम किसी का विरोध करके नहीं, बल्कि सबको साथ लेकर आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं। अब समय आ गया है कि हम BRICS के भीतर अपनी एकता और आम सहमति को वैश्विक मंच पर ठोस नतीजों में बदलें। नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हमें अगले 20 सालों के लिए एक नए और बड़े लक्ष्य वाले एजेंडे पर काम करने की ज़रूरत है। हमें इस प्रक्रिया की शुरुआत अपने अंदरूनी कामकाज के तरीकों से करनी चाहिए। भले ही ब्रिक्स की अध्यक्षता हर साल बदलती रहती है, लेकिन इससे हमारे संस्थागत कामकाज की रफ़्तार पर असर नहीं पड़ना चाहिए। मेरा प्रस्ताव है कि ब्रिक्स में निरंतरता और काम को लागू करने के लिए एक सिस्टम बनाया जाए। इससे 'ट्रोइका' व्यवस्था के ज़रिए सभी पहलों और नतीजों पर आगे की कार्रवाई हो सकेगी। हम हर फ़ैसले से जुड़े नोडल पॉइंट, समय-सीमा और उसे लागू करने की स्थिति का रिकॉर्ड रखने के लिए एक सुरक्षित डिजिटल रिपॉज़िटरी भी बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स को मज़बूत करने के साथ-साथ, हमें वैश्विक सुधार की दिशा भी तय करनी होगी। वैश्विक शासन का मौजूदा ढांचा एक पिरामिड जैसा है: सत्ता और फ़ैसले लेने की शक्ति सबसे ऊपर केंद्रित है, जबकि निचले स्तरों पर वे देश हैं जो इन फ़ैसलों से प्रभावित तो होते हैं, लेकिन उन्हें आकार देने में उनकी कोई भूमिका नहीं होती। उन्होंने कहा कि आज, ग्लोबल साउथ वैश्विक संकटों का सामना करने में तो सबसे आगे है, लेकिन फ़ैसले लेने की प्रक्रिया में पीछे है। हमें 'विशेषाधिकार के पिरामिड' को 'साझेदारी के मंच' में बदलना होगा—एक ऐसा मंच जहाँ हर देश की आवाज़ सुनी जाए, हर सदस्य की हिस्सेदारी हो, और हर कोशिश के केंद्र में मानवता का विकास हो। इसके लिए, मेरा प्रस्ताव है कि हम वैश्विक शासन में सुधार के लिए मिलकर 10 प्रस्ताव तैयार करें, ताकि अगले शिखर सम्मेलन तक उन्हें ब्रिक्स (BRICS) सुधार रोडमैप का रूप दिया जा सके। इसे भी पढ़ें: PM Narendra Modi के जन्मदिन से UP में चलेगा Seva Sankalp Abhiyan, CM Yogi ने दी जानकारी नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस रोडमैप को तैयार करते समय हमें तीन अहम पहलुओं पर ध्यान देना होगा: प्रतिनिधित्व, जवाबदेही और नियम बनाना। प्रतिनिधित्व के बारे में, मैं यह कहना चाहूंगा कि UN सुरक्षा परिषद में सुधार को अब और टाला नहीं जा सकता। इस मामले पर बातचीत को एक निश्चित समय-सीमा और स्पष्ट नतीजों से जोड़ा जाना चाहिए। इसी तरह, वित्तीय संस्थानों में वोटिंग पावर, लीडरशिप के पद और पॉलिसी की प्राथमिकताएं आज की आर्थिक हकीकत के अनुरूप होनी चाहिए। जो देश ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ को आगे बढ़ाते हैं, उन्हें ग्लोबल इकोनॉमिक गवर्नेंस को आकार देने में भी उचित भूमिका निभानी चाहिए।
'BRICS किसी के खिलाफ नहीं', पीएम मोदी बोले- UNSC में रिफॉर्म को अब टाल नहीं सकते
ब्रिक्स समिट में पीएम मोदी ने कहा कि हमें अगले 20 सालों के लिए एक नए और बड़े एजेंडे पर काम करने की जरूरत है। हमें यह प्रोसेस अपने अंदरूनी वर्किंग सिस्टम से शुरू करना होगा।
प्रदेश में विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए मुख्यमंत्री ने एक बार फिर पूरी तरह से कड़ा रुख अपना लिया है। आम जनता को बुनियादी सुविधाएं समय पर मिल सकें और विकास परियोजनाओं में किसी भी तरह की हीला-हवाली न हो, इसके लिए प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह से मुस्तैद कर दिया गया है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने सीधे संबंधित जिले के कलेक्टर को फोन करके निर्माणाधीन पुल की प्रगति के बारे में तीखे सवाल किए और यह जानने की कोशिश की कि जनता की सुविधा के लिए बेहद महत्वपूर्ण यह प्रोजेक्ट तय समयसीमा के भीतर क्यों पूरा नहीं हो पाया है। इस औचक फोन कॉल और प्रशासनिक हलचल के बाद से ही महकमे में हड़कंप मच गया है और सुस्त रफ्तार से काम करने वाले अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं।#सीएम का औचक फोन और विकास कार्यों की जमीनी हकीकतसुशासन और पारदर्शी कार्यशैली को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री लगातार यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि हर एक विकास कार्य धरातल पर समयबद्ध तरीके से उतरे। इसी मंशा के तहत जब उन्हें यह फीडबैक मिला कि एक महत्वपूर्ण पुल का निर्माण कार्य काफी समय से तय डेडलाइन चुकने के बावजूद अटका हुआ है, तो उन्होंने बिना किसी देरी के सीधे जिले के जिलाधिकारी यानी कलेक्टर को फोन मिला लिया। बातचीत के दौरान उन्होंने दो टूक शब्दों में यह पूछा कि इस परियोजना के पूरा होने में आखिर क्या तकनीकी या प्रशासनिक अड़चनें आ रही हैं और अब तक काम पूरा क्यों नहीं हो सका। इस तरह की सीधी मॉनिटरिंग से यह साफ हो गया है कि मुख्यमंत्री अब फाइलों में चलने वाले कागजी काम की बजाय सीधे परिणामों पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त करने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं।#लापरवाह अधिकारियों पर गिरेगी गाज, सख्त एक्शन के निर्देशकलेक्टर से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि जनता के टैक्स के पैसों से बनने वाले इन प्रोजेक्ट्स में यदि किसी भी अधिकारी या ठेकेदार की तरफ से अनावश्यक देरी या लापरवाही पाई जाती है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उन सभी लापरवाह अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाए जिनके कारण इस अहम पुल के निर्माण में देरी हुई है। यदि जांच में यह सामने आता है कि प्रशासनिक सुस्ती या आपसी तालमेल की कमी के चलते तय समयसीमा का पालन नहीं हुआ, तो उन पर तुरंत सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस कड़े निर्देश के बाद जिला प्रशासन और निर्माण कार्य से जुड़ी एजेंसियों के बीच खलबली मच गई है और युद्धस्तर पर फाइलों को खंगालने तथा अटके हुए कार्यों को तेज करने का सिलसिला शुरू हो चुका है।#आम जनता को हो रही परेशानियों का मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञानयह पुल स्थानीय नागरिकों, आसपास के गांवों और आवागमन करने वाले यात्रियों के लिए एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण जीवनरेखा है। इसके अधूरा रहने की वजह से लोगों को रोजाना भारी ट्रैफिक जाम, लंबे चक्कर और आवागमन में बेहिसाब दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। आम जनता की इन्हीं समस्याओं और लगातार मिल रही शिकायतों का गंभीर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने खुद कमान संभाली और प्रशासनिक अमले को चेतावनी दी कि जनता की सुविधा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर रियायत नहीं दी जाएगी। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री के इस त्वरित और सख्त कदम की सराहना करते हुए उम्मीद जताई है कि अब इस हाई-प्रोफाइल प्रोजेक्ट का काम बहुत जल्द पूरा हो जाएगा और उन्हें ट्रैफिक जाम से स्थायी राहत मिल सकेगी।#प्रशासनिक तंत्र में मचा हड़कंप, अब तय समय में पूरा होगा काममुख्यमंत्री के इस तीखे रुख और सख्त तेवर के बाद जिले का पूरा प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया है। कलेक्टर ने खुद मौके पर जाकर निर्माणाधीन पुल का औचक निरीक्षण करने का मन बना लिया है और निर्माण एजेंसी के इंजीनियरों को यह चेतावनी दी है कि वे दिन-रात काम करके इसकी रफ्तार को कई गुना बढ़ा दें। परियोजना में आ रही छोटी-मोटी अड़चनों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जा रहा है ताकि तय की गई नई समयसीमा के भीतर इस पुल को जनता के आवागमन के लिए पूरी तरह से समर्पित किया जा सके। जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री के इस तरह के औचक हस्तक्षेप से न सिर्फ इस विशेष परियोजना को गति मिलेगी, बल्कि पूरे प्रदेश के अन्य जिलों में चल रहे विकास कार्यों में भी सुस्ती बरतने वाले अधिकारी अपनी कार्यशैली में सुधार करने के लिए मजबूर होंगे।
क्रिकेट की दुनिया का बड़ा नाम, दुबई में हसीनाओं पर लुटाए करोड़ों?
क्रिकेट एनालिस्ट और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर अमित मजीठिया ने बॉलीवुड पार्टियों, क्रिकेटर्स की महफिलों और सट्टेबाजी से जुड़े कई राज खोले हैं. उन्होंने बॉलीवुड की बड़ी हस्तियों से अपनी दोस्ती, एक्ट्रेस के साथ रिश्ते और मैच फिक्सिंग को लेकर खुलकर बात की.
दिल्ली में जिनपिंग की रहस्यमयी कार पर 'काला कवर', आखिर क्या छिपा रहा चीन?
दिल्ली पहुंचे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सिक्रेट Hongqi N701 लिमोजीन कार को काले कवर से ढंककर ले जाया गया। इस रिपोर्ट में जानें चीनी राष्ट्रपति की इस कार पर काले कवर का रहस्य…
बिहार में मानसून की मार और बाढ़ की विभीषणता के बाद अब एक नए और गंभीर खतरे ने राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग की नींद उड़ा दी है। सूबे की कई प्रमुख नदियों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम होने लगा है, लेकिन जलस्तर में आने वाली यह तेज गिरावट अपने साथ तबाही के नए निशान और बड़े खतरे लेकर आ रही है। आमतौर पर लोगों का यह मानना होता है कि बाढ़ का पानी उतरना राहत की बात है, लेकिन जल संसाधन और आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों का कहना है कि नदियों का पानी घटने के साथ ही तटबंधों पर अत्यधिक दबाव बन जाता है, जिससे उनके अचानक टूटने या धंसने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। राज्य के बाढ़ प्रभावित जिलों में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है और मैदानी इलाकों से लेकर संवेदनशील तटबंधों तक पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी संभावित अनहोनी से समय रहते निपटा जा सके।#नदियों का जलस्तर घटने से क्यों बढ़ जाता है तटबंधों पर खतराबाढ़ के पानी के तेजी से घटने और बांधों पर मंडराने वाले खतरे के पीछे एक बेहद वैज्ञानिक और भौगोलिक कारण छिपा होता है। जब नदियां उफान पर होती हैं और उनका जलस्तर बहुत ऊपर तक पहुंच जाता है, तो पानी का दबाव तटबंधों की अंदरूनी दीवारों और मिट्टी को पूरी तरह से संतृप्त यानी सैचुरेट कर देता है। इसके बाद जब अचानक से नदियों का पानी घटना शुरू होता है, तो बांध के अंदर की गीली मिट्टी में नमी का दबाव बाहर की ओर काम करने लगता है, जिससे तटबंधों के स्लोप के खिसकने, धंसने या उनमें अचानक से बड़े-बड़े रिसाव पैदा होने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है। इंजीनियरों की भाषा में इसे ड्रॉडाउन फेलियर कहा जाता है, जो किसी भी पक्के या कच्चे बांध के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। उत्तर बिहार की कई प्रमुख नदियां जैसे कोसी, गंडक, बागमती और कमला बलान के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के दौरान इस तरह की तकनीकी समस्याएं पहले भी देखी जा चुकी हैं, जिसके चलते इस बार जल संसाधन विभाग ने जलस्तर घटने की प्रक्रिया को लेकर विशेष दिशानिर्देश जारी किए हैं।#प्रशासन की विशेष सतर्कता और संवेदनशील इलाकों में निगरानीबिहार सरकार के जल संसाधन विभाग और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों और बाढ़ नियंत्रण कक्ष के इंजीनियरों को चौबीस घंटे मुस्तैद रहने के सख्त निर्देश दिए हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील तटबंधों की सुरक्षा के लिए विशेष गश्ती दलों का गठन किया गया है जो दिन-रात बांधों का मुआयना कर रहे हैं। किसी भी संभावित रिसाव या कटाव की सूचना तुरंत उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने के लिए वायरलेस सेट और आधुनिक संचार माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही बालू से भरे बोरियों के स्टॉक को संवेदनशील बिंदुओं पर पहले से ही पर्याप्त मात्रा में सुरक्षित रख लिया गया है ताकि यदि जलस्तर घटने के दौरान कहीं भी हल्का सा भी कटाव या रिसाव नजर आए, तो तुरंत उस पर काबू पाया जा सके। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को भी यह चेतावनी दी गई है कि वे पानी घटने के बाद तुरंत अपनी पुरानी जगहों पर लौटने से पहले तटबंधों की स्थिति की जांच स्थानीय प्रशासन से जरूर करवा लें।#जल जनित बीमारियों का खतरा और स्वास्थ्य विभाग की तैयारीनदियों का पानी घटने के साथ ही बाढ़ प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में एक और बहुत बड़ी चुनौती मुंह फाड़े खड़ी हो जाती है, जो कि गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा है। जब बाढ़ का पानी वापस लौटने लगता है, तो अपने पीछे भारी मात्रा में सिल्ट, कीचड़, कचरा और मृत जीवों के अवशेष छोड़ जाता है, जिससे भीषण दुर्गंध के साथ-साथ जल जनित और वेक्टर जनित संक्रमण तेजी से फैलने लगते हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी है और प्रभावित जिलों के गांवों में मेडिकल टीमों को तैनात कर दिया है। लोगों को क्लोरीन की गोलियां और ओआरएस के पैकेट बड़े पैमाने पर बांटे जा रहे हैं ताकि पानी के दूषित होने से होने वाली डायरिया, कॉलरा, टाइफाइड और चर्म रोगों जैसी बीमारियों के प्रकोप को समय रहते रोका जा सके। पशुओं के लिए भी चारा और टीकाकरण की व्यवस्था की जा रही है ताकि पानी उतरने के बाद पशुधन को किसी भी महामारी से बचाया जा सके।#किसानों की मुश्किलें और फसलों के नुकसान का आकलनबिहार में बाढ़ के पानी के घटने के बाद राज्य के किसानों के सामने एक नया संकट आ खड़ा हुआ है। खेतों में पानी जमा रहने के कारण धान और अन्य खरीफ की फसलें पहले ही बड़े पैमाने पर सड़ चुकी थीं, और अब जब पानी उतर रहा है, तो खेतों की उपजाऊ मिट्टी भी पानी के साथ बहकर चली गई है या उस पर मोटी रेत की परत जम गई है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की स्थिति में किसान चाहकर भी तुरंत अगली फसल की बुआई नहीं कर पाएंगे क्योंकि मिट्टी में नमी और पोषक तत्वों का संतुलन पूरी तरह से बिगड़ चुका है। राज्य सरकार ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे युद्धस्तर पर फसलों के नुकसान का आकलन करें ताकि प्रभावित किसानों को समय पर उचित मुआवजा और राहत राशि पहुंचाई जा सके। कुल मिलाकर देखा जाए तो बिहार में भले ही बाढ़ का दृश्य रूप से प्रकोप कम होता नजर आ रहा हो, लेकिन पानी घटने के बाद का यह दौर प्रशासन और आम जनता दोनों के लिए ही उतनी ही बड़ी और तकनीकी परीक्षा का समय बना हुआ है।
जंग का विरोध, किसी एक पर हमले की निंदा नहीं... साझा बयान पर सहमत BRICS देश
नई दिल्ली शिखर सम्मेलन के लिए ब्रिक्स देशों ने लंबी बातचीत के बाद साझा घोषणा पत्र पर सहमति बना ली. बयान में जंग की एकतरफा कार्रवाई की निंदा होगी, लेकिन किसी एक देश का नाम नहीं लिया जाएगा.
स्टालिन के 'मीसा' रिकॉर्ड पर बवाल, DMK सांसद ए. राजा का मंत्री पर निजी हमला
तमिलनाडु में स्टालिन की MISA गिरफ्तारी के रिकॉर्ड पर विवाद बढ़ गया है. मंत्री आर. निर्मल कुमार के बयान पर DMK सांसद ए. राजा ने निजी टिप्पणी की. MISA मुद्दे पर विधानसभा में भी हंगामा हो चुका है.
'हर दिन बयान बदलते हैं ट्रंप...', ऐसा क्यों बोले राष्ट्रपति पेजेश्कियान?
ब्रिक्स सम्मेलन में शिरकत करने दिल्ली आए पेजेश्कियान से आजतक ने एक्सक्लूसिव बात की. आजतक से बात करते हुए पेजेश्कियान ने कहा कि अमेरिका ने ईरान पर बगैर उकसावे के हमला किया. पेजेश्कियान ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप हर दिन अपना बयान बदलते हैं. देखें Video.
30 हजार का लोन, यूट्यूब से सीखी सैंडविच बनाने की रेसिपी, अब 25 लाख की कमाई
भोपाल के रहने वाले अभिषेक साहू ने 30 हजार रुपये का लोन लेकर अपना बिजनेसस शुरू किया और अब वह हर महीने 25 लाख रुपये का बिजनेस कर रहे हैं. उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
भारत ने लंबी बातचीत के बाद ब्रिक्स के संयुक्त बयान पर आम सहमति बनाने में बड़ी कूटनीतिक जीत हासिल की है।
Rajat Sharma के Deepfake वीडियो हटाने का Delhi High Court ने दिया आदेश
दिल्ली उच्च न्यायालय ने कई फेसबुक और यूट्यूब खातों को पत्रकार रजत शर्मा के व्यक्तित्व और प्रचार अधिकारों का उल्लंघन करने से रोका है और इन मंचों को ऐसी सामग्री हटाने का निर्देश दिया है, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से बने डीपफेक वीडियो भी शामिल हैंन्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने 24 अगस्त को इंडिया टीवी के चेयरमैन और प्रधान संपादक के पक्ष में और कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ फैसला दिया। न्यायमूर्ति सिंह ने कहा कि शर्मा ‘मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक’ और ‘गूगल एलएलसी’ (जो क्रमशः फेसबुक और यूट्यूब का संचालन करते हैं) से संपर्क करने के लिए स्वतंत्र हैं। वे ऐसी किसी भी सामग्री के खिलाफ संपर्क कर सकते हैं जो प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से उनके नाम, शक्ल-सूरत, छवि, आवाज, फ़ोटो, वीडियो या उनके व्यक्तित्व के किसी अन्य पहलू का दुरुपयोग, अनुचित इस्तेमाल या शोषण करती हो। अदालत ने आदेश दिया, ‘‘संबंधित प्रतिवादी 24 घंटे के भीतर अनुरोध स्वीकार करेंगे और उसके बाद 36 घंटे के भीतर कार्रवाई करेंगे।’’शर्मा के वकील ने दलील दी कि उनका मुवक्किल एक जाना-माना पत्रकार है जिसकी छवि बेदाग है और वह दो दशकों से अधिक समय से भारतीय टेलीविजन का चेहरा हैं। वकील ने अपनी दलील में कहा कि फेसबुक पर कई खातें गलत जानकारी प्रसारित कर रहे हैं। इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) प्रौद्योगिकी का गलत इस्तेमाल करके ऐसे वीडियो बनाए जा रहे हैं जिनमें वादी की बदली हुई या हेर-फेर की गई तस्वीरें, आवाज और व्यक्तित्व की अन्य विशेषताएं दिखाई या सुनाई दे रही हैं। उन्होंने कहा कि कुछ यूट्यूब चैनल भी डीपफेक वीडियो प्रसारित कर रहे है। अदालत ने संज्ञान में लिया कि प्रतिवादियों को नोटिस भेजा गया था, लेकिन उन्होंने तय समय के भीतर मुकदमे का कोई जवाब दाखिल नहीं किया, और शर्मा के पक्ष में फैसला सुनाया। अदालत ने इससे पहले शर्मा के व्यक्तित्व अधिकार की सुरक्षा के लिए एक अंतरिम आदेश पारित किया था और आपत्तिजनक सामग्री तक पहुंच बाधित करने तथा उसे हटाने का निर्देश दिया था।
बिहार में फ्रैक्चर पैर पर कार्टून बांधकर डॉक्टर ने मरीज को किया रेफर
बिहार के जहानाबाद में सड़क हादसे में घायल दो युवकों के फ्रैक्चर हुए पैरों पर प्लास्टर की जगह कार्टून का टुकड़ा बांधकर रेफर किए जाने का मामला सामने आया। सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लिया।
भारत को क्यों चाहिए रूसी स्टील्थ जेट, ये कैसे वायु सेना की ताकत बढ़ाएगा?
रूस Su-57E स्टील्थ जेट भारत को बेचने पर जोर दे रहा है. चीन-पाकिस्तान की बढ़ती ताकत के बीच यह भारतीय वायुसेना के लिए जरूरी पुल साबित हो सकता है. तुरंत क्षमता बढ़ेगी लेकिन स्वदेशी AMCA पर असर भी देखना होगा.
बेजुबान जानवर और बिखरे शव... मुंबई में 6 बिल्लियों से बर्बरता की कहानी
मुंबई के चेम्बूर में 6 बिल्लियां और एक बिल्ली का बच्चा मृत मिला था. पुलिस से शिकायत की गई कि इन सभी बेजुबानों की क्रूर तरीके से हत्या की गई है. पुलिस ने मामले की जांच-पड़ताल की और एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और तकनीकी व फोरेंसिक सबूत जुटाए जा रहे हैं.
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद पर बड़ी चोट, 5 ठिकानों पर छापेमारी
जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से चल रही संदिग्ध गतिविधियों को लेकर जांच एजेंसी ने शनिवार सुबह बड़ा एक्शन लिया. पुंछ और उधमपुर में एक साथ पांच ठिकानों पर तलाशी शुरू की गई. जांच के दौरान कई ऐसे लोग सामने आए, जिनके तार LoC के पार मौजूद संदिग्ध लोगों से जुड़े हैं.
BRICS 2023: '...तो आप चीतों के घर में हैं', सुनते ही हंस पड़े PM मोदी
ब्रिक्स 2023 के दौरान PM मोदी ने ब्रिक्स देशों से बिग कैट्स के संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय बिग कैट अलायंस के तहत संयुक्त प्रयास करने का आह्वान किया था. उन्होंने कहा था कि ब्रिक्स के सभी देशों में कई बिग कैट प्रजातियां पाई जाती हैं और इनके संरक्षण के लिए मिलकर काम किया जा सकता है.
जयपुर में पत्नी और तीन बेटियों की हत्या कर पिता को चाय पिलाकर फरार हुआ राहुल झा
जयपुर। राजधानी जयपुर के करधनी इलाके में एक ही परिवार की चार महिलाओं की हत्या से सनसनी फैल गई। पुलिस के मुताबिक गोविंद वाटिका इलाके में एक व्यक्ति पर अपनी पत्नी और तीन बेटियों की हत्या करने का संदेह है। चारों के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। प्रारंभिक जांच में […] The post जयपुर में पत्नी और तीन बेटियों की हत्या कर पिता को चाय पिलाकर फरार हुआ राहुल झा appeared first on Sabguru News .
शी जिनपिंग 7 साल बाद भारत आए, मगर ये 2019 वाला भारत नहीं; चीन भी कितना बदल गया!
शी जिनपिंग 7 साल बाद दिल्ली लौटे हैं। 2019 के बाद गलवान, सीमा तनाव, सैन्य समझौते और बदलती वैश्विक राजनीति ने भारत-चीन रिश्तों को बदल दिया। जानिए 2026 में दोनों देशों के संबंध 2019 से कितने अलग हैं और शी की भारत यात्रा क्यों अहम है।
Rajasthan में PMNDP के तहत 16 हजार मरीजों को मिला मुफ्त Dialysis का लाभ
राजस्थान में अब तक 16,003 मरीजों को निशुल्क डायलिसिस की सुविधा दी गई है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार डायलिसिस सेवाओं के तहत करीब 21.11 करोड़ रुपये की उपचार सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि राज्य में गुर्दे के रोगियों को आसानी से और निःशुल्क डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में अब तक 16,003 मरीजों को कुल 1,17,258 ‘डायलिसिस सेशन’ की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इन सेवाओं के तहत मरीजों को उपलब्ध कराई गई उपचार सुविधा का कुल अनुमानित मूल्य करीब 21.11 करोड़ रुपये है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम (पीएमएनडीपी) के तहत प्रदेश के 35 जिला चिकित्सालयों में 149 डायलिसिस मशीनें संचालित हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में अप्रैल से अगस्त 2026 तक राज्य में 4,265 मरीजों को 31,675 ‘डायलिसिस सेशन’ की निःशुल्क सुविधा दी जा चुकी है। इनमें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के तहत 35 केंद्रों पर 3489 मरीजों के 25860 सेशन तथा बजट घोषणा के तहत चिह्नित चिकित्सा संस्थानों में 776 मरीजों के 5815 सेशन शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में 11738 मरीजों को 85583 डायलिसिस सेशन की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई गई। इनमें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के 35 केंद्रों पर 8507 मरीजों के 65,148 सेशन तथा बजट घोषणा के तहत चिह्नित चिकित्सा संस्थानों में 3198 मरीजों के 19,187 सेशन शामिल हैं। राठौड़ ने कहा कि राज्य बजट घोषणा वर्ष 2022-23 के अनुपालन में राज्य के 182 चिकित्सा संस्थानों में हीमोडायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। इनमें से 102 चिकित्सा संस्थानों में सुविधा उपलब्ध है। शेष संस्थानों में चिकित्सकों एवं कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा 30 सितंबर 2026 तक सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि सरकारी व्यवस्था के साथ कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के माध्यम से भी निःशुल्क डायलिसिस सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिला चिकित्सालय नदबई (भरतपुर) एवं उपजिला चिकित्सालय सिवाना (बालोतरा) में हंस फाउंडेशन, गुरुग्राम के सहयोग से यह सुविधा संचालित है। सिवाना में तीन मशीनों के माध्यम से 12 मरीजों के 575 सेशन तथा नदबई में तीन मशीनों के माध्यम से 21 मरीजों के 673 सेशन आयोजित किए गए हैं।
Ferozepur District Court को बम से उड़ाने की ईमेल पर मिली धमकी, परिसर कराया खाली
फिरोजपुर जिला अदालत परिसर को शनिवार को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल मिला जिसके बाद पुलिस ने परिसर को खाली कराया और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा व्यापक जांच किए जाने तक लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी। धमकी वाला ईमेल उस दिन आया जब अदालत परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जानी थी। सुरक्षा जांच के कारण अदालत की कार्यवाही पूर्वाह्न 11:30 बजे तक स्थगित रही। ईमेल मिलने के तुरंत बाद पुलिस अधीक्षक (एसपी) दलवीर सिंह, अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। इलाके की जांच के लिए श्वान दस्ते और बम निरोधक दस्तों को भी तैनात किया गया। पुलिस की कई टीम ने परिसर के कमरों, कार्यालयों, गलियारों और अन्य हिस्सों की तलाशी ली। एसपी सिंह ने कहा कि पूरे परिसर की गहन जांच की गई है और अब तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि धमकी को गंभीरता से लिया जा रहा है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। तकनीकी टीम धमकी भरा ईमेल भेजने वाले व्यक्ति का पता लगाने के लिए प्रयास कर रही हैं। करीब नौ महीने में अदालत परिसर को मिली यह पांचवीं ऐसी धमकी है। इससे पहले आठ जनवरी, छह अप्रैल, 12 अगस्त और 26 अगस्त को भी बम की धमकी वाले इसी तरह के ईमेल मिले थे।
AAP नेता Atishi ने की PM Awas के निरीक्षण की मांग
(फाइल फोटो के साथ जारी)नयी दिल्ली, 12 सितंबर आम आदमी पार्टी (आप) ने शनिवार को कहा कि दिल्ली विधानसभा की लोक लेखा समिति (पीएसी) फ्लैगस्टाफ रोड स्थित बंगला नंबर छह का निरीक्षण करेगी जहां पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल रहते थे और उसने मांग की कि प्रधानमंत्री आवास का भी इसी तरह निरीक्षण कराया जाना चाहिए। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस बंगले की कथित भव्यता को लेकर लगातार झूठ बोलती रही है। उन्होंने दावा किया कि निरीक्षण के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी। आतिशी ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री के ‘फ्लैगस्टाफ रोड’ स्थित आवास के बारे में लगातार झूठ फैलाया। उसने कहा कि वहां ‘स्विमिंग पूल’ है, सोने का कमोड है, मदिरालय है और भी ऐसी कई अन्य बातें कहीं। मुझे खुशी है कि दिल्ली विधानसभा की लोक लेखा समिति ने इस आवास का निरीक्षण करने का फैसला किया है। सब कुछ 14 सितंबर को साफ हो जाएगा।’’उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास का भी निरीक्षण कराए जाने की मांग करते हुए कहा, ‘‘पूरा देश करोड़ों रुपये में बने प्रधानमंत्री आवास को भी देखेगा।’’‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल जब मुख्यमंत्री के पद पर थे, उस समय वह सिविल लाइंस के फ्लैगस्टाफ रोड स्थित इस बंगले में रहते थे। भाजपा ने 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान इस बंगले के मरम्मत कार्य को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया था और इसे ‘शीशमहल’ बताते हुए इस पर अत्यधिक खर्च किए जाने का आरोप लगाया था। केजरीवाल के इस्तीफा देने और आवास खाली करने के बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने इसके अंदरूनी हिस्सों का विस्तृत ऑडिट किया था। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार इस संपत्ति को अतिथि गृह में बदलने और इसके प्रबंधन की जिम्मेदारी निजी आतिथ्य कंपनियों को सौंपने की योजना बना रही है।
जिस महिला के हत्या के आरोप में लोग गए थे जेल वो जिंदा है
बिहार के रोहतास में 2014 में एक महिला के गायब होने के बाद नहर से मिले शव की पहचान उसके परिवार ने बेटी के रूप में की थी। हत्या के आरोप में पति और ससुराल के आठ लोगों पर केस हुआ और कई लोग जेल गए। करीब 12 साल बाद पुलिस ने झारखंड से कथित तौर पर उसी महिला को जिंदा बरामद किया.
आपका पसंदीदा फल खोल देगा पर्सनैलिटी के सारे राज, जानें अपना स्वभाव
Personality Test: एक तस्वीर में चार फल दिए गए हैं. आपको इनमें से वही फल चुनना है, जो पहली नजर में सबसे ज्यादा पसंद आया. आपकी पसंद के आधार पर यह मजेदार पर्सनैलिटी टेस्ट आपकी सबसे बड़ी खूबी के बारे में बताता है.
Congress सांसद सुखजिंदर रंधावा का AAP सरकार पर बड़ा हमला, कहा- पंजाब में खुलेआम घूम रहे गैंगस्टर
कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने 12 सितंबर को पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की आलोचना की और दावा किया कि पूरे राज्य में गैंगस्टर खुलेआम अपनी गतिविधियां चला रहे हैं। मोहाली में पत्रकारों से बात करते हुए, रंधावा ने दिन-दहाड़े हत्याओं, सार्वजनिक जगहों पर गोलीबारी और जबरन वसूली की घटनाओं का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि बिल्डरों को जबरन वसूली के लिए कॉल आ रहे हैं और पंजाब पुलिस पर गैंगस्टरों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सबसे खतरनाक बात यह है कि पंजाब पुलिस गैंगस्टरों के साथ मिली हुई है, और साथ ही यह भी कहा कि वह कई दिनों से ये आरोप लगा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: पंजाब में AAP सरकार के स्कूलों की निष्पक्ष जांच करे CJP, सचिन पायलट ने दी चुनौती इससे पहले, 10 सितंबर को रंधावा ने घोषणा की थी कि कांग्रेस पार्टी दलित मज़दूर गुलज़ार सिंह की आत्महत्या के मामले में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन करेगी। वे पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग करेंगे और इस मामले पर राज्य सरकार के रवैये की आलोचना करेंगे। इस घटना के बारे में बात करते हुए, रंधावा ने ज़ोर देकर कहा कि इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए और उन्होंने मामले को संभालने के तरीके पर चिंता जताने का वादा किया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस मामले पर बात की है और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कामकाज पर सवाल उठाए हैं। इसे भी पढ़ें: Gulzar Singh Suicide: चन्नी बोले- Punjab FM Harpal Cheema इस्तीफा दें और उन्हें तुरंत Arrest किया जाए रंधावा ने कहा कि हम निश्चित रूप से एक बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे। हम परिवार के लिए न्याय चाहते हैं। हम इस पर राजनीति नहीं चाहते। उन्होंने आगे कहा कि जो ड्रग्स पहले कुछ इलाकों तक ही सीमित थे, वे अब पूरे राज्य में घरों तक पहुँच रहे हैं। कांग्रेस नेताओं की ये बातें राज्य सरकार से गहन जांच और ज़रूरी कदम उठाने की सार्वजनिक मांग के बाद सामने आईं। गुलज़ार सिंह के परिवार ने उनकी मौत के मामले में न्याय की मांग की है और आरोप लगाया है कि उनकी सहमति के बिना ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
BRICS Summit के लिए दिल्ली पहुंचे Xi Jinping, PM Modi से करेंगे द्विपक्षीय वार्ता
चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए शनिवार को नयी दिल्ली की दो दिवसीय यात्रा शुरू की। यह पिछले सात वर्ष में उनकी पहली भारत यात्रा है और इसे व्यापार एवं निवेश संबंधों के विस्तार के जरिये द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने के एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार शाम शी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। ऐसा बताया जा रहा है कि दोनों पक्ष द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा करेंगे और आपसी संपर्क बढ़ाने के लिए नए कदम उठाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। शी की इस यात्रा से पहले दोनों देशों के बीच हाल में कई उच्चस्तरीय वार्ताएं हुई हैं। इनमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच बीजिंग में हुई विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता भी शामिल है। हालांकि, अरुणाचल प्रदेश सेक्टर में चीन के आक्रामक सैन्य रुख को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने दिल्ली हवाई अड्डे पर शी की अगवानी की। इस दौरान सांस्कृतिक कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर चीन के राष्ट्रपति का स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शी का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘सहयोग को आगे बढ़ाने और अधिक संतुलित, प्रतिनिधित्वपूर्ण एवं बहुध्रुवीय विश्व के निर्माण में योगदान देने की दिशा में ब्रिक्स लगातार आगे बढ़ रहा है तथा ऐसे में हमें रचनात्मक चर्चा होने की उम्मीद है’’शी के प्रतिनिधिमंडल में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो की स्थायी समिति के सदस्य काई ची और सीपीसी केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो के सदस्य एवं विदेश मंत्री वांग यी भी शामिल हैं। शी की यात्रा संबंधी जानकारियां रखने वाले अधिकारियों ने बताया कि यह यात्रा पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध के कारण तनावपूर्ण हुए भारत-चीन संबंधों को और सामान्य बनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। दोनों देशों ने पूर्वी लद्दाख में साढ़े चार साल से अधिक समय तक रहे सैन्य गतिरोध के कारण बिगड़े संबंधों को सुधारने के लिए पिछले कुछ महीनों में विश्वास बहाली के कई कदम उठाए हैं। अधिकारियों ने बताया कि मोदी और शी के बीच वार्ता में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर समग्र स्थिति की समीक्षा किए जाने तथा व्यापार एवं निवेश संबंधों के विस्तार समेत द्विपक्षीय संबंधों को और सामान्य बनाने के उपाय तलाशे जाने की उम्मीद है। दोनों नेताओं के बीच बैठक शाम छह बजे निर्धारित है। मोदी और शी ने पिछले साल 31 अगस्त को चीन के तियानजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन से इतर व्यापक मुद्दों पर वार्ता की थी। डोभाल ने पिछले महीने के अंत में चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ विशेष प्रतिनिधि (एसआर) स्तर की वार्ता की थी। इसमें सीमा निर्धारण, सीमा पार सहयोग से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने और एलएसी पर शांति बनाए रखने पर मुख्य रूप से चर्चा हुई थी। डोभाल और वांग दोनों सीमा वार्ता तंत्र के लिए नामित विशेष प्रतिनिधि हैं। भारत और चीन के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा से जुड़े विवाद का व्यापक समाधान तलाशने के लिए यह तंत्र 2003 में स्थापित किया गया था। भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने शुक्रवार को कहा, ‘‘चीन दोनों नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन के अनुरूप भारत के साथ मिलकर काम करेगा, द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक एवं दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखेगा, संवाद बढ़ाएगा, सहयोग मजबूत करेगा, मतभेदों का उचित ढंग से समाधान करेगा तथा अच्छे पड़ोसियों की तरह मित्र और एक-दूसरे की सफलता में सहयोग करने वाला साझेदार बनेगा।
त्योहारों से पहले स्वास्थ्य विभाग का एक्शन, 21 हजार लीटर संदिग्ध देसी घी जब्त
पंजाब के फरीदकोट जिले के कोटकपूरा में स्वास्थ्य विभाग ने करीब 21,500 लीटर संदिग्ध देसी घी से भरा टैंकर पकड़ा है. यह खेप ग्रेटर नोएडा से एक फैक्ट्री में सप्लाई के लिए पहुंची थी. जीएसटी विभाग की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने टैंकर कब्जे में लेकर घी के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे हैं.
भूपेश बघेल ने CM Himanta Biswa Sarma पर साधा निशाना, बाढ़ राहत पर काम करने की दी सलाह
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और असम के लिए कांग्रेस के प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की उन टिप्पणियों की आलोचना की है जो उन्होंने बघेल पर की थीं। बघेल ने सरमा से कहा कि वे बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने और असम में बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने पर ध्यान दें। राजीव भवन के दौरे के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए बघेल ने कहा कि देखिए, मैं हिमंत जी की चिंता समझता हूं, क्योंकि छत्तीसगढ़ में चुनाव 2028 में होने हैं। इसलिए वहां चिंता की कोई खास बात नहीं है। उन्हें तो इस बात की चिंता करनी चाहिए कि यहां बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत क्यों नहीं मिल रही है। यह डबल-इंजन सरकार है। इसके बावजूद, उन तक राहत नहीं पहुंच रही है। इसे भी पढ़ें: Gauhati High Court ने कहा: देश में Talaq-e-Hasan पर रोक नहीं, यह तलाक का वैध तरीका उन्होंने कहा कि सरमा को ज़रूरी चीज़ों की बढ़ती कीमतों से निपटने में लोगों की मदद करने पर ध्यान देना चाहिए। बघेल ने कहा कि उन्हें इस बात की चिंता करनी चाहिए कि असम के लोगों को पेट्रोल, डीज़ल, कुकिंग गैस और चीनी की बढ़ी हुई कीमतों से कैसे राहत दी जाए। नगांव लोकसभा उपचुनाव के बारे में बघेल ने बताया कि असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी पार्टी की रणनीति और उम्मीदवारों को तय करने के लिए कई बैठकें कर रही है। पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी, उपाध्यक्षों और प्रदेश चुनाव समिति की बैठकें हो चुकी हैं, और उपचुनाव के लिए नियुक्त विधायकों और पर्यवेक्षकों के साथ भी चर्चा की योजना है। उन्होंने बताया कि इन बैठकों में जो भी नाम सामने आएंगे, उन पर विचार किया जाएगा और उन्हें शॉर्टलिस्ट किया जाएगा, और फिर हम ये नाम AICC को भेजेंगे। वहीं से हमारे उम्मीदवार की घोषणा की जाएगी। भारत के चुनाव आयोग ने असम की नागांव लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव 6 अक्टूबर, 2026 को तय किया है और वोटों की गिनती 9 अक्टूबर, 2026 को होगी। बघेल ने नागांव के पूर्व ज़िला कमिश्नर देबाशीष शर्मा और पत्रकारों लेनिन सौरव बोरा और गुंजन कलिता के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का भी ज़िक्र किया। यह कार्यक्रम बीजेपी असम प्रदेश मुख्यालय में हुआ, जिसमें असम बीजेपी अध्यक्ष और दरांग-उदलगुरी के सांसद दिलीप सैकिया के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। इसे भी पढ़ें: असम और मेघालय के CMs ने Nirmala Sitharaman से की मुलाकात, EAPs को रफ्तार देने पर हुआ मंथन ब्रिक्स समिट और कांग्रेस नेताओं की आलोचना के बारे में बघेल ने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीनी नेतृत्व की यात्रा के दौरान चीन से जुड़े मुद्दों, जैसे गलवान और अरुणाचल प्रदेश विवाद, पर बात करेंगे। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि ब्रिक्स की शुरुआत मनमोहन सिंह जी ने की थी। इसे भूलना नहीं चाहिए।
खूबसूरत, बेदाग और चमकदार त्वचा की चाह रखने वालों के लिए विटामिन सी सीरम एक जरूरी ब्यूटी प्रोडक्ट बन चुका है। डर्मेटोलॉजिस्ट इसे त्वचा के लिए सबसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट मानते हैं। लखनऊ, दिल्ली, मुंबई और बंगलुरु जैसे बड़े शहरों में प्रदूषण, धूल और पराबैंगनी किरणों के कारण त्वचा तेजी से अपनी चमक खोने लगती है। ऐसे में विटामिन सी सीरम फ्री रेडिकल्स से लड़कर डार्क स्पॉट्स, पिगमेंटेशन, मेलास्मा और बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करने में मदद करता है। हालांकि, बाजार में मिलने वाले ब्रांडेड विटामिन सी सीरम काफी महंगे होते हैं। इसके साथ ही, विटामिन सी (एल-एस्कॉर्बिक एसिड) हवा और धूप के संपर्क में आते ही बहुत जल्दी ऑक्सिडाइज (खराब) हो जाता है। यही कारण है कि कई बार बाजार से खरीदे गए सीरम कुछ ही हफ्तों में पीले या भूरे पड़ने लगते हैं और उनका असर खत्म हो जाता है। ऐसे में घर पर ताजा और केमिकल-फ्री सीरम बनाना न केवल किफायती है, बल्कि ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी भी साबित होता है।DIY विटामिन सी सीरम बनाने के लिए जरूरी सामग्रियांघर पर असरदार और स्टेबल विटामिन सी सीरम तैयार करने के लिए आपको केवल चार शुद्ध सामग्रियों की आवश्यकता होती है, जो किसी भी मेडिकल स्टोर या ऑर्गेनिक शॉप पर आसानी से उपलब्ध हैं:एल-एस्कॉर्बिक एसिड पाउडर (विटामिन सी पाउडर) - आधा छोटा चम्मच: यह विटामिन सी का सबसे शुद्ध और सक्रिय रूप है, जो त्वचा में गहराई से अवशोषित होकर कोलेजन उत्पादन को तेज करता है।शुद्ध गुलाब जल या डिस्टिल्ड वाटर - 2 बड़े चम्मच: यह सीरम के लिए एक शांत और सुखदायक तरल आधार प्रदान करता है, जो त्वचा के पीएच स्तर को संतुलित रखता है।वेजिटेबल ग्लिसरीन - 1 चम्मच: ग्लिसरीन एक बेहतरीन ह्यूमेक्टेंट है, जो हवा से नमी खींचकर त्वचा में लॉक करता है और सीरम को एक चिकना, नॉन-स्टिकी टेक्सचर देता है।विटामिन ई ऑयल (1 कैप्सूल): विटामिन ई स्वयं एक बेहतरीन एंटीऑक्सीडेंट है, जो विटामिन सी के प्रभाव को दोगुना करता है और सीरम को जल्दी खराब होने से बचाता है।घर पर विटामिन सी सीरम तैयार करने की सटीक विधिएक साफ और पूरी तरह सूखी कांच की कटोरी लें। इसमें दो बड़े चम्मच शुद्ध गुलाब जल या डिस्टिल्ड वाटर डालें। अब इसमें आधा छोटा चम्मच एल-एस्कॉर्बिक एसिड पाउडर मिलाएं। एक साफ चम्मच की मदद से इस मिश्रण को तब तक हिलाएं जब तक कि विटामिन सी के बारीक कण पानी में पूरी तरह घुल न जाएं। ध्यान रखें कि कटोरी में कोई भी दाना न बचे, ताकि चेहरे पर लगाते समय खुरदरापन महसूस न हो।जब पाउडर पूरी तरह घुल जाए, तब इसमें एक चम्मच वेजिटेबल ग्लिसरीन मिलाएं। इसके बाद एक विटामिन ई कैप्सूल को पिन से छेदकर उसका तेल इस मिश्रण में निचोड़ दें। अब सभी चीजों को अच्छी तरह 2 मिनट तक फेंटें ताकि एक समान और पारदर्शी सीरम तैयार हो जाए। इस तैयार सीरम को ड्रॉपर वाली एक डार्क अंबर (काले या गहरे भूरे रंग की) कांच की शीशी में भर लें। शीशी को कसकर बंद करें और धूप से दूर किसी ठंडी जगह या फ्रिज में रखें।विटामिन सी सीरम लगाने का सही तरीका और रूटीनसीरम का अधिकतम लाभ पाने के लिए इसका सही तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है। रात को सोने से पहले अपने चेहरे को किसी जेंटल फेसवॉश से धोकर तौलिए से हल्का सुखा लें। ड्रॉपर की मदद से सीरम की केवल 3 से 4 बूंदें अपनी उंगलियों पर लें और पूरे चेहरे तथा गर्दन पर हल्के हाथों से थपथपाते हुए (डैब करते हुए) लगाएं। सीरम को चेहरे पर जोर-जोर से रगड़ें नहीं, बल्कि त्वचा को इसे स्वाभाविक रूप से सोखने दें।सीरम लगाने के 2 से 3 मिनट बाद अपनी त्वचा के अनुसार एक अच्छा लाइटवेट मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं ताकि सीरम त्वचा में लॉक हो सके। यदि आप इस सीरम को दिन के समय इस्तेमाल करते हैं, तो इसके ऊपर एसपीएफ 30 या 50 वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाना बिल्कुल अनिवार्य है, क्योंकि विटामिन सी लगाने के बाद त्वचा धूप के प्रति संवेदनशील हो जाती है।स्टोरेज के नियम और जरूरी सावधानियांविटामिन सी एक बेहद संवेदनशील यौगिक है जो रोशनी और गर्मी के संपर्क में आते ही अपना असर खोने लगता है। इसलिए इस होममेड सीरम को हमेशा गहरे रंग की कांच की बोतल में ही रखें और उपयोग के तुरंत बाद ढक्कन कसकर बंद कर दें। घर पर बने इस सीरम में कोई कृत्रिम प्रिजर्वेटिव नहीं होता, इसलिए इसे एक बार में केवल 10 से 15 दिनों के उपयोग के लिए ही बनाएं। 15 दिन बाद दोबारा ताजा बैच तैयार करें। यदि सीरम का रंग हल्का पीला, नारंगी या भूरा होने लगे, तो इसका मतलब है कि यह ऑक्सिडाइज हो चुका है; ऐसी स्थिति में इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें।पहली बार इस्तेमाल करने से पहले अपनी कोहनी या कान के पीछे पैच टेस्ट जरूर करें। यदि 24 घंटे के भीतर कोई लालिमा, खुजली या जलन नहीं होती है, तभी इसे चेहरे पर लगाएं। संवेदनशील त्वचा वाले लोग शुरुआत में विटामिन सी पाउडर की मात्रा थोड़ी कम रख सकते हैं।
कंधों पर बैग, नदी और जुगाड़ की नाव... स्कूल जाने में दांव पर लग जाती है जिंदगी!
बिहार के बाढ़ जिले में कुछ स्कूली बच्चों का एक वीडियो चर्चा में है. मुहाने नदी में पानी भरने के बाद करीब 10 बच्चे रोज जुगाड़ की नाव से नदी पार कर स्कूल पहुंच रहे हैं. हैरानी की बात ये है कि बच्चे खुद रस्सी खींचकर नाव को एक किनारे से दूसरे किनारे तक ले जाते हैं और उनके साथ कोई वयस्क नहीं होता.
बारिश की बूंदें भले ही गर्मी से राहत दिलाती हैं, लेकिन वायुमंडल में अत्यधिक नमी (ह्यूमिडिटी) त्वचा के लिए कई नई चुनौतियां खड़ी कर देती है। लखनऊ, कानपुर, दिल्ली-एनसीआर और मुंबई जैसे भारतीय शहरों में मानसूनी हवाओं के साथ उमस अपने चरम पर पहुंच जाती है। इस दौरान त्वचा की सेबेशियस ग्रंथियां सामान्य से अधिक तेल (सीबम) का स्राव करने लगती हैं। अत्यधिक सीबम पसीने और वायु प्रदूषण में मौजूद सूक्ष्म धूलकणों के साथ मिलकर रोमछिद्रों को बंद कर देता है। बंद रोमछिद्रों में बैक्टीरिया पनपते हैं, जिससे चेहरे पर जिद्दी मुंहासे, ब्लैकहेड्स, वाइटहेड्स और फंगल इन्फेक्शन तेजी से फैलने लगते हैं। त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के दिनों में सर्दियों या गर्मियों वाला पुराना स्किनकेयर रूटीन काम नहीं आता, बल्कि इस मौसम में त्वचा के पीएच बैलेंस को स्थिर रखने के लिए विशेष देखभाल की जरूरत होती है।सलिसीक्लिक एसिड और नीम आधारित क्लींजर से करें डीप पोर क्लींजिंगमानसून में त्वचा को दिन में कम से कम दो बार एक सही फेसवॉश से साफ करना अनिवार्य है। अत्यधिक क्रीमी या हैवी मॉइस्चराइजिंग क्लींजर का उपयोग करने से बचें क्योंकि ये त्वचा की सतह पर एक अतिरिक्त चिकनाई छोड़ जाते हैं। इसके बजाय, 1% से 2% सैलिसिलिक एसिड (बीएचए) या टी ट्री ऑयल और नीम के प्राकृतिक अर्क से युक्त फोमिंग क्लींजर का चुनाव करें। सैलिसिलिक एसिड तेल में घुलनशील होता है, जो रोमछिद्रों की गहराई में जाकर जमे हुए अतिरिक्त सीबम और डेड स्किन सेल्स को पूरी तरह बाहर निकालता है। ध्यान रखें कि चेहरे को बार-बार धोने की गलती न करें, क्योंकि दिन में तीन बार से अधिक फेसवॉश इस्तेमाल करने से त्वचा का नेचुरल लिपिड बैरियर टूट जाता है, जिससे त्वचा प्रतिक्रिया स्वरूप और ज्यादा तेल बनाने लगती है।जेल-बेस्ड मॉइस्चराइजर और हयालूरोनिक एसिड का सही इस्तेमालकई लोग यह मान बैठते हैं कि बरसात में हवा में पहले से नमी है और चेहरा चिपचिपा रहता है, इसलिए मॉइस्चराइजर की कोई आवश्यकता नहीं है। यह स्किनकेयर से जुड़ी सबसे बड़ी और हानिकारक भ्रांति है। ऑयली स्किन और डिहाइड्रेटेड स्किन में बहुत बड़ा अंतर होता है। जब आप मॉइस्चराइजर छोड़ देते हैं, तो त्वचा अंदर से डिहाइड्रेट हो जाती है और खुद को बचाने के लिए और ज्यादा सीबम रिलीज करती है। बरसात के मौसम में भारी, तेल-आधारित क्रीम्स को छोड़कर वाटर-बेस्ड या ऑयल-फ्री जेल मॉइस्चराइजर का उपयोग करें। हयालूरोनिक एसिड, एलोवेरा और नियासिनामाइड युक्त हल्के फॉर्मूले त्वचा को बिना किसी भारीपन या चिपचिपाहट के भीतर तक नमी प्रदान करते हैं और सीबम प्रोडक्शन को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं।बादलों के पीछे छिपी हानिकारक यूवी किरणों से सनस्क्रीन द्वारा सुरक्षाबारिश के दिनों में आसमान में घने काले बादल छाए रहने पर लोग अक्सर सनस्क्रीन लगाना बंद कर देते हैं। वास्तव में, बादलों की मोटी परत केवल धूप की गर्मी को रोकती है, लेकिन 80 प्रतिशत तक अल्ट्रावायलेट-ए (यूवीए) और अल्ट्रावायलेट-बी (यूवीबी) किरणें बादलों और बारिश को चीरकर सीधे त्वचा तक पहुंचती हैं। ये किरणें त्वचा पर समय से पहले झुर्रियां, पिगमेंटेशन और काले धब्बे पैदा करती हैं। इसलिए, चाहे बाहर तेज बारिश हो रही हो या आप घर के भीतर हों, ब्रॉड-स्पेक्ट्रम एसपीएफ 30 या 50 वाला नॉन-कॉमेडोजेनिक (जो रोमछिद्र बंद न करे) जेल या मैट-फिनिश सनस्क्रीन लगाना बिल्कुल न छोड़ें। मैटिफाइंग सनस्क्रीन चेहरे पर पसीने की चमक को कम करता है और त्वचा को दिनभर फ्रेश बनाए रखता है।मुल्तानी मिट्टी और चंदन का होममेड डिटॉक्स पैकहफ्ते में एक या दो बार त्वचा की डीप क्लींजिंग और अतिरिक्त तेल सोखने के लिए प्राकृतिक फेस पैक का उपयोग सबसे सुरक्षित माना जाता है। केमिकल युक्त पील-ऑफ मास्क से बचने के लिए आप घर पर ही एक चम्मच मुल्तानी मिट्टी, आधा चम्मच शुद्ध चंदन पाउडर, चुटकी भर हल्दी और आवश्यकतानुसार गुलाब जल मिलाकर एक चिकना पेस्ट तैयार कर सकते हैं। मुल्तानी मिट्टी त्वचा के अतिरिक्त तेल को स्पंज की तरह सोख लेती है, जबकि चंदन और गुलाब जल बारिश की उमस के कारण होने वाली लालिमा, खुजली और जलन को तुरंत शांत करते हैं। इस पैक को चेहरे पर लगाएं और 10 से 15 मिनट बाद, जब यह 80 प्रतिशत सूख जाए, हल्के हाथों से सादे ठंडे पानी से धो लें। पैक को पूरी तरह सूखने न दें, ताकि त्वचा की प्राकृतिक इलास्टिसिटी पर खिंचाव न आए।खानपान, साफ-सफाई और फंगल इन्फेक्शन से बचाव के जरूरी नियमबारिश के मौसम में बाहरी स्किनकेयर के साथ-साथ आंतरिक स्वास्थ्य और हाइजीन का ध्यान रखना भी उतना ही अनिवार्य है। बरसात में तला-भुना, स्ट्रीट फूड और अत्यधिक मसालेदार भोजन खाने से पाचन तंत्र सुस्त पड़ जाता है, जिसका सीधा असर चेहरे पर फुंसियों के रूप में दिखाई देता है। अपने आहार में मौसमी फल, नींबू पानी, नारियल पानी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर ग्रीन टी शामिल करें ताकि शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलते रहें। अपने चेहरे को बार-बार गंदे हाथों से छूने से बचें, अपने तौलिए और तकिए के कवर को हफ्ते में दो बार गर्म पानी में धोएं, और बारिश के गंदे पानी के संपर्क में आने पर तुरंत चेहरे और पैरों को एंटीबैक्टीरियल साबुन से अच्छी तरह धोकर सुखाएं।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, ऑफिस की लंबी शिफ्ट्स, बढ़ता प्रदूषण और स्क्रीन का बढ़ता इस्तेमाल हमारी त्वचा की चमक को सबसे पहले प्रभावित करता है। लखनऊ, दिल्ली, मुंबई और बंगलुरु जैसे मेट्रो शहरों में कामकाजी पेशेवरों और कॉलेज जाने वाले युवाओं के लिए हर दिन सैलून जाना या घंटों मेकअप करना व्यावहारिक नहीं है। ऐसे में 'नो-मेकअप' मेकअप लुक और क्लीन ब्यूटी रूटीन तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। त्वचा विशेषज्ञों का मानना है कि खूबसूरत दिखने के लिए भारी कॉस्मेटिक्स की नहीं, बल्कि सही स्किनकेयर लेयरिंग और बुनियादी ग्रूमिंग की जरूरत होती है। जब त्वचा अंदर से हाइड्रेटेड और स्वस्थ रहती है, तो चेहरा बिना किसी अतिरिक्त मेकअप के भी दिनभर खिला-खिला और जीवंत नजर आता है। केवल पांच बुनियादी स्टेप्स को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करके कोई भी व्यक्ति बिना किसी झंझट के हर समय एलिगेंट और प्रेजेंटेबल दिख सकता है।स्टेप 1: जेंटल क्लींजिंग और डीप हाइड्रेशन से करें शुरुआतचेहरे पर किसी भी तरह की ताजगी लाने की पहली शर्त है साफ और संतुलित त्वचा। सुबह उठते ही अपने चेहरे को किसी सल्फेट-फ्री और सूप-फ्री जेंटल क्लींजर से धोएं जो त्वचा के प्राकृतिक सुरक्षात्मक ऑयल्स को छीने बिना रातभर जमी गंदगी और अतिरिक्त सीबम को साफ करे। बहुत गर्म पानी से चेहरा धोने की गलती न करें, क्योंकि यह स्किन बैरियर को नुकसान पहुंचाता है और चेहरे पर लालिमा या सूखापन पैदा करता है। चेहरा धोने के बाद त्वचा को पूरी तरह सूखने न दें, बल्कि हल्की नम त्वचा पर ही हयालूरोनिक एसिड या एलोवेरा युक्त लाइटवेट सीरम या टोनर लगाएं। इसके तुरंत बाद अपनी स्किन टाइप के अनुसार एक ऑयल-फ्री जेल या लाइटवेट मॉइस्चराइजर लगाएं। हाइड्रेटेड स्किन की सतह चिकनी होती है, जिस पर रोशनी पड़ते ही एक प्राकृतिक, ओस जैसी ताजगी (ड्यूई लुक) अपने आप दिखने लगती है।स्टेप 2: सनस्क्रीन और टिंटेड मॉइस्चराइजर की स्मार्ट लेयरिंगयूवी किरणें न केवल त्वचा को टैन करती हैं बल्कि फाइन लाइन्स, डार्क स्पॉट्स और सुस्ती का भी सबसे बड़ा कारण हैं। चाहे आप घर के अंदर हों या बाहर, ब्रॉड-स्पेक्ट्रम एसपीएफ 50 सनस्क्रीन लगाना कभी न भूलें। अगर आप भारी फाउंडेशन या कंसीलर से बचना चाहते हैं जो कुछ ही घंटों में केकी या पसीने से खराब हो जाता है, तो सनस्क्रीन के बाद एक अच्छा टिंटेड मॉइस्चराइजर या बीबी/सीसी क्रीम चुनें। यह आपके चेहरे की असमान रंगत, हल्के दाग-धब्बों और लालिमा को एक समान टोन देता है और चेहरे को भारीपन का अहसास कराए बिना बिल्कुल नेचुरल फिनिश प्रदान करता है। यह स्टेप आपकी त्वचा को धूल, धूप और डिजिटल स्क्रीन्स से निकलने वाली ब्लू लाइट से सुरक्षा भी देता है और चेहरे को इंस्टेंट रेडी-टू-गो लुक में बदल देता है।स्टेप 3: आंखों की ग्रूमिंग और आइब्रो डिफाइनिंग से बदलें पूरा एक्सप्रेशनचेहरे की सारी ताजगी और आकर्षण आपकी आंखों से झलकता है। थकी हुई और सूजी हुई आंखें पूरे चेहरे को सुस्त बना देती हैं। सुबह उठकर आंखों के नीचे ठंडे पानी के छींटे मारें या कैफीन युक्त आई रोलर का इस्तेमाल करें जिससे पफीनेस तुरंत दूर हो जाए। इसके बाद अपनी आईब्रो को एक स्पूली ब्रश की मदद से ऊपर की दिशा में सेट करें और एक हल्के ब्राउन आईब्रो पेंसिल या टिंटेड ब्रो जेल से हल्के हाथों से भरें। जब भौहें सुव्यवस्थित और धनुषाकार होती हैं, तो चेहरा तुरंत लिफ्टेड, शार्प और स्ट्रक्चर्ड दिखने लगता है। इसके साथ ही पलकों को आईलैश कर्लर से कर्ल करके एक कोट वाटरप्रूफ मस्कारा लगाएं। मस्कारा आंखों को तुरंत बड़ा, खुला और चमकदार दिखाता है, जिससे आधी अधूरी नींद के बाद भी आपकी आंखें पूरी तरह से सतर्क और एक्टिव नजर आती हैं।स्टेप 4: चीक और लिप टिंट का मल्टीपर्पज मैजिकस्टाइलिश और फ्रेश दिखने का सबसे तेज और ट्रेंडी तरीका है मल्टी-टास्किंग क्रीम टिंट्स का इस्तेमाल। पाउडर ब्लश के बजाय हमेशा क्रीम या लिक्विड बेस्ड चीक टिंट का चुनाव करें। ये त्वचा के साथ आसानी से घुलमिल जाते हैं और ऐसा प्राकृतिक फ्लश देते हैं मानो चमक अंदर से आ रही हो। पीच, रोज पिंक या सॉफ्ट बेरी शेड के टिंट को अपने गालों के उभरे हुए हिस्से (एप्पल ऑफ द चीक्स) से लेकर कानों की दिशा में ऊपर की ओर डैब करें। इसी शेड को हल्के हाथों से अपने होंठों के बीच में लगाएं और उंगलियों से ब्लेंड कर लें। यह मोनोक्रोमैटिक लुक यानी होंठ और गालों पर एक जैसा हल्का रंग आपके पूरे चेहरे को एक यूनिफॉर्म, युवा और ट्रेंडी वाइब देता है जो किसी भी फॉर्मल मीटिंग या कैजुअल आउटिंग के लिए एकदम मुफीद है।स्टेप 5: हेयरडू और बॉडी फ्रेग्रेंस से पाएं परफेक्ट फिनिशिंग टचआपका चेहरा कितना भी खूबसूरत दिखे, यदि बाल बिखरे या चिपचिपे हों तो पूरा लुक अधूरा लगता है। यदि आपके पास बाल धोने का समय नहीं है, तो स्कैल्प पर थोड़ा सा ड्राई शैम्पू स्प्रे करें या एक स्लीक लो-बन, मेसी पोनीटेल या हाफ-अप बन बना लें। बालों को थोड़ा सुलझाकर हल्का सा हेयर सीरम लगाएं ताकि फ्रिज़ कम हो और बालों में एक नेचुरल शाइन नजर आए। लुक को अंतिम और यादगार स्पर्श देने के लिए अपनी कलाई, गर्दन और कॉलरबोन जैसे पल्स पॉइंट्स पर एक सौम्य, सिट्रस या फ्लोरल बेस वाला परफ्यूम या बॉडी मिस्ट स्प्रे करें। एक अच्छी और रिफ्रेशिंग खुशबू न केवल आपके आत्मविश्वास को बढ़ाती है, बल्कि आपके आस-पास के लोगों को भी आपकी मौजूदगी में फ्रेशनेस का अहसास कराती है।एक्सपर्ट टिप्स: इस ग्रूमिंग रूटीन को लंबे समय तक टिकाए रखने के तरीकेइन पांच ब्यूटी स्टेप्स को अपनाने के साथ-साथ यह समझना भी जरूरी है कि बाहरी खूबसूरती भीतर की सेहत का आईना होती है। दिनभर में कम से कम 2 से 3 लीटर पानी पिएं ताकि शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकलें और त्वचा में नमी बनी रहे। अपने बैग में एक छोटा फेशियल मिस्ट और लिप बाम हमेशा रखें, ताकि दोपहर के समय जब भी चेहरे पर थकान महसूस हो, आप एक स्प्रे से ताजगी को फिर से रीस्टोर कर सकें। सोने से पहले अपने चेहरे से सारा प्रोडक्ट डबल क्लींजिंग की मदद से पूरी तरह साफ करना कभी न भूलें, क्योंकि रात की मरम्मत प्रक्रिया ही अगली सुबह की प्राकृतिक चमक तय करती है।
MP High Court ने दमोह स्कूल Hijab Case में चार आरोपियों की FIR रद्द करने की याचिका खारिज की
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने दमोह के एक स्कूल में छात्राओं को कथित तौर पर हिजाब पहनने और विशेष धार्मिक प्रथाओं का पालन करने के लिए मजबूर करने के मामले में चार पूर्व पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी की एकल पीठ ने शुक्रवार को कहा कि छात्राओं को धमकी देकर कथित तौर पर मजबूर किए जाने संबंधी विशिष्ट आरोपों को निराधार नहीं कहा जा सकता और इनकी सत्यता साक्ष्यों के आधार पर तय की जाएगी। अदालत ने स्कूल के पूर्व पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार जैन, अब्दुल वसीम बारी, शिक्षक अनस अथर और कार्यालय सहायक रुस्तम अली की प्राथमिकी रद्द करने के अनुरोध वाली याचिकाएं खारिज कर दीं। यह मामला दमोह स्थित गंगा जमुना उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से जुड़ा है। मई 2023 में हिंदू छात्राओं के हिजाब पहने हुए एक पोस्टर सामने आने के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। छात्राओं की शिकायतों के बाद जिलाधिकारी ने जांच समिति गठित की थी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 295-ए (किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए जानबूझकर और दुर्भावनापूर्वक किया गया कृत्य), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) और 506 (आपराधिक धमकी) तथा किशोर न्याय अधिनियम और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि स्कूल में हिजाब पहनने, नमाज पढ़ने और उर्दू के अध्ययन को अनिवार्य कर दिया गया जबकि तिलक और कलावा पहनने पर रोक थी। अदालत ने कहा कि प्राथमिकी में छात्राओं को उनकी इच्छा के विरुद्ध एक विशेष पहनावे और धार्मिक प्रथाओं का पालन करने के लिए धमकी और दबाव डालने के विशिष्ट आरोप हैं। पीठ ने कहा कि ऐसे में याचिकाकर्ताओं के खिलाफ लगाए गए आरोपों को प्रथम दृष्टया निराधार नहीं कहा जा सकता। आरोपों की सत्यता साक्ष्यों के आधार पर तय होगी। पुलिस इस मामले में पहले ही आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है।
बतौर निर्माता 'डोंट बी शाय' को लेकर नर्वस महसूस कर रहीं आलिया भट्ट
अभिनेत्री आलिया भट्ट इन दिनों अपनी प्रोड्यूस आगामी फिल्म 'डोंट बी शाई' को लेकर सुर्खियों में चल रही हैं। अभिनेत्री ने ट्रेलर लॉन्च इवेंट के दौरान बताया कि वह फिल्म के साथ चार नए एक्टर्स और एक डेब्यूटेंट डायरेक्टर को इंट्रोड्यूस करने को लेकर ज्यादा नर्वस हैं।
जेल में प्रज्वल रेवन्ना के मोबाइल से मिले दर्जनों वीडियो, जांच में सामने आया चौंकाने वाला खुलासा
बेंगलूरु। रेप मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे जनता दल (सेक्युलर) के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना एक बार फिर चर्चा में हैं। जेल में उनके पास मोबाइल फोन मिलने के मामले की जांच के दौरान जब्त किए गए मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच में कथित तौर पर दर्जनों अश्लील वीडियो मिलने […] The post जेल में प्रज्वल रेवन्ना के मोबाइल से मिले दर्जनों वीडियो, जांच में सामने आया चौंकाने वाला खुलासा appeared first on Sabguru News .
नेचुरल ग्लो के लिए घर पर बनाएं केमिकल-फ्री ब्लीचिंग क्रीम, चेहरे के अनचाहे बाल और टैनिंग होंगे दूर
बाजार में मिलने वाली ब्लीचिंग क्रीम में अमोनिया, हाइड्रोजन पेरोक्साइड और कई हार्ड केमिकल्स मौजूद होते हैं। ये रसायन भले ही त्वचा के बालों को तुरंत हल्का कर दें, लेकिन इनके नियमित इस्तेमाल से त्वचा की सुरक्षात्मक परत कमजोर हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप चेहरे पर रूखापन, समय से पहले झुर्रियां, एलर्जी, लालिमा और जलन जैसी समस्याएं होने लगती हैं। इसके विपरीत, प्राकृतिक सामग्रियों से तैयार होममेड ब्लीचिंग क्रीम त्वचा को नुकसान पहुंचाए बिना टैनिंग दूर करती है, अनचाहे फेशियल हेयर के रंग को हल्का करती है और चेहरे को नेचुरल ग्लो देती है।होममेड ब्लीच बनाने के लिए जरूरी 5 सामग्रियांइस नेचुरल ब्लीचिंग पैक को तैयार करने के लिए आपको केवल रसोई में आसानी से मिलने वाली इन पांच प्राकृतिक चीजों की आवश्यकता होगी:कच्चा आलू (1 चम्मच रस): आलू में प्राकृतिक ब्लीचिंग एंजाइम (कैटेकोलेज) और विटामिन सी होते हैं, जो डार्क स्पॉट्स और पिगमेंटेशन को हल्का करने में सबसे असरदार माने जाते हैं।नींबू का रस (आधा चम्मच): सिट्रिक एसिड से भरपूर नींबू प्राकृतिक स्किन लाइटनर का काम करता है और चेहरे के अनचाहे बालों के रंग को हल्का करता है।बेसन (1 बड़ा चम्मच): बेसन त्वचा की गहराई से सफाई करता है, अतिरिक्त सीबम और तेल को सोखता है और पैक को स्मूद पेस्ट बेस देता है।शहद (1 चम्मच): नींबू और आलू के रस से होने वाले हल्के रूखेपन को संतुलित करने के लिए शहद बेहतरीन प्राकृतिक मॉइस्चराइजर और एंटीबैक्टीरियल एजेंट का काम करता है।कस्तूरी हल्दी (एक चुटकी): हल्दी में मौजूद करक्यूमिन त्वचा की रंगत निखारने, कील-मुंहासे रोकने और चेहरे को एंटीसेप्टिक सुरक्षा देने में मदद करता है।घर पर ब्लीचिंग क्रीम बनाने और लगाने की सही विधिएक साफ कांच की कटोरी में एक चम्मच बेसन लें। इसमें एक चुटकी हल्दी, आधा चम्मच नींबू का रस, एक चम्मच ताजे आलू का रस और एक चम्मच शहद मिलाएं। इन सभी सामग्रियों को चम्मच से तब तक अच्छी तरह फेंटें जब तक कि एक चिकना और गाढ़ा पेस्ट न बन जाए। ध्यान रहे कि पेस्ट न तो ज्यादा पतला हो और न ही बहुत सूखा, ताकि यह चेहरे पर आसानी से टिक सके।चेहरे को किसी सौम्य फेसवॉश या सादे गुनगुने पानी से अच्छी तरह धोकर तौलिए से थपथपाकर सुखा लें। अब उंगलियों या फेस ब्रश की मदद से इस होममेड क्रीम को चेहरे और गर्दन पर एक समान मोटी परत में लगाएं। आंखों के आसपास की बेहद नाजुक त्वचा और होठों को छोड़ दें। इस पैक को चेहरे पर 15 से 20 मिनट तक लगा रहने दें।पैक हटाने का सही तरीका और जरूरी सावधानियांजब पैक हल्का सूख जाए, तो हथेलियों में थोड़ा सा सामान्य पानी लें और चेहरे पर हल्के हाथों से 1-2 मिनट तक सर्कुलर मोशन में मसाज करें। इस हल्की स्क्रबिंग से डेड स्किन सेल्स और रोमछिद्रों में फंसी गंदगी आसानी से बाहर निकल जाती है। इसके बाद ताजे ठंडे पानी से चेहरा धो लें। चेहरा धोने के तुरंत बाद कोई भी हल्का मॉइस्चराइजर या शुद्ध एलोवेरा जेल जरूर लगाएं ताकि त्वचा की नमी लॉक हो सके।नेचुरल चीजों से भी संवेदनशील त्वचा पर एलर्जी हो सकती है, इसलिए पूरे चेहरे पर लगाने से पहले इसका पैच टेस्ट अपनी कलाई या कान के पीछे जरूर करें। यदि आपकी त्वचा बहुत अधिक सेंसिटिव या ड्राई है, तो नींबू के रस की मात्रा कम कर दें या उसकी जगह थोड़ा सा कच्चा दूध मिला लें। इस प्राकृतिक ब्लीच को हफ्ते में 1 से 2 बार शाम के समय इस्तेमाल करना सबसे अच्छा रहता है, ताकि धूप के सीधे संपर्क से बचा जा सके।
इस रूसी प्रेस सेक्रेटरी की हिंदी सुनकर आपको गर्व होगा
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में रूसी दूत ने हिंदी में बातचीत की और खास संदेश दिया. रूसी दूतावास के प्रेस सेक्रेटरी प्योत्र सिजोव ने कहा कि ब्रिक्स के बीच सहयोग का स्तर तेजी से बढ़ रहा है.
Salman Khurshid ने की मांग, BRICS मंच पर सहयोगी देशों का भरोसा फिर से जीते केंद्र सरकार
ब्रिक्स के बढ़ते प्रभाव का स्वागत करते हुए, कांग्रेस ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वे इस समूह की भारत की अध्यक्षता का इस्तेमाल 'ग्लोबल साउथ' देशों के बीच देश की कूटनीतिक जगह और रुतबे को फिर से हासिल करने के लिए करें। पार्टी ने ज़ोर देकर कहा कि एकजुटता के बयानों के साथ-साथ लगातार और असरदार कदम भी उठाए जाने चाहिए। इसे भी पढ़ें: BRICS देशों ने IMF और World Bank में विकासशील देशों की हिस्सेदारी बढ़ाने की मांग की AICC के विदेश मामलों के विभाग के चेयरमैन सलमान खुर्शीद ने एक बयान में कहा कि इसमें कुछ खास कदम उठाना शामिल है, जैसे कि ब्रिक्स सदस्य ईरान पर हुए हमलों के कथित समर्थन से जुड़ी चिंताओं को दूर करना; पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के दौरान BJP सरकार की सीमित कूटनीतिक भूमिका (जिसमें ब्रिक्स सदस्यों के बीच आम सहमति बनाने में उसकी अनिच्छा भी शामिल है); और ब्रिक्स के संस्थापक सदस्य दक्षिण अफ्रीका को कूटनीतिक दबाव का सामना करने के समय अपर्याप्त समर्थन देना। इसलिए, BJP सरकार को 'ग्लोबल साउथ' के सहयोगियों का भरोसा फिर से जीतने के लिए सोच-समझकर कदम उठाने चाहिए। उन्हें यह दिखाना होगा कि भारत संकट के समय में भी एक भरोसेमंद और रचनात्मक सहयोगी बना हुआ है। पार्टी ने आगे कहा कि भारत को अपने राष्ट्रीय और आर्थिक हितों की रक्षा करते हुए इस समूह को नैतिक नेतृत्व और रणनीतिक स्पष्टता देनी चाहिए। कांग्रेस ने BRICS देशों के साथ भारत के बहुत ज़्यादा असंतुलित व्यापारिक संबंधों की ओर भी इशारा किया; ये देश मिलकर दुनिया के सामानों के व्यापार का 19.6% हिस्सा संभालते हैं। पार्टी ने कहा कि BRICS पे सिस्टम (BRICS Pay System) के लिए की जा रही कोशिशों को मानते हुए, BJP सरकार को भारत की BRICS अध्यक्षता का इस्तेमाल आपसी फ़ायदे वाले व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए करना चाहिए। इसमें भारतीय सामान और सेवाओं के लिए बाज़ार तक बेहतर पहुँच बनाना, नॉन-टैरिफ और बाज़ार की दूसरी रुकावटों को दूर करना, और साथ ही भारतीय कंपनियों के लिए BRICS देशों में मुकाबला करने और विस्तार करने के लिए निष्पक्ष और अनुमान लगाने योग्य हालात बनाना शामिल होना चाहिए। इसे भी पढ़ें: BRICS के जरिए भारत का ऐतिहासिक कूटनीतिक दर्जा बहाल करे मोदी सरकार, Congress ने दी सलाह बयान में कहा गया है कि सप्लाई चेन को सुरक्षित करने और समावेशी कनेक्टिविटी पर कोई सहमति बननी चाहिए, और 'कंटिंजेंट रिज़र्व अरेंजमेंट' (जिसे 2014 में बनाया गया था और जिसके लिए भारत ने 18 अरब अमेरिकी डॉलर देने का वादा किया है) को चालू करने की कोशिशें की जानी चाहिए। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का ज़िक्र करते हुए कांग्रेस ने कहा कि भारत को अपनी रणनीतिक बढ़त की कोशिशों के साथ-साथ संप्रभु समानता, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व, मानवीय गरिमा और नियमों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का समर्थन भी करना चाहिए। पार्टी ने देश के पुराने नैतिक नेतृत्व के उदाहरण के तौर पर कोरियाई युद्ध में भारत की मध्यस्थता, पश्चिम एशिया में सैद्धांतिक रुख, दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के खिलाफ अभियान, दुनिया भर में उपनिवेशवाद खत्म करने की कोशिश और वैश्विक शासन संस्थाओं में सुधार की वकालत का ज़िक्र किया।
कांगो में 7 हजार से ज्यादा लोग इबोला पीड़ित, वायरस नए राज्य में फैला
कांगो में इबोला के पुष्ट मामले 7000 से अधिक हो गए. वायरस नए प्रांत में फैल गया. मौतों का आंकड़ा 3000 से पार. स्टाफ और फंड की कमी से प्रतिक्रिया प्रभावित. यह देश का सबसे बड़ा प्रकोप है.
गर्भावस्था के अंतिम हफ्तों में हर होने वाले माता-पिता के मन में सबसे बड़ा सवाल प्रसव के तरीके को लेकर उठता है। भारत सहित दुनिया भर में स्वास्थ्य विशेषज्ञ हमेशा इस बात पर जोर देते हैं कि मां और नवजात दोनों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। नॉर्मल डिलीवरी यानी वैजाइनल बर्थ एक प्राकृतिक और जैविक प्रक्रिया है, जो मानव शरीर की स्वाभाविक क्षमता पर आधारित होती है। इसके विपरीत, सी-सेक्शन (सिजेरियन डिलीवरी) एक गंभीर सर्जिकल प्रक्रिया है, जिसका उपयोग तब किया जाता है जब प्राकृतिक प्रसव से मां या बच्चे के जीवन को कोई जोखिम हो। दोनों ही प्रक्रियाओं के अपने फायदे और संभावित जोखिम हैं, जिन्हें समझना आवश्यक है।बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर प्रसव के तरीके का प्रभाववैज्ञानिक शोधों के अनुसार, नॉर्मल डिलीवरी के दौरान जब शिशु बर्थ कैनाल से गुजरता है, तो वह मां के प्राकृतिक माइक्रोबायोम के संपर्क में आता है। ये लाभकारी बैक्टीरिया बच्चे की आंतों में बस जाते हैं और उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को मजबूत करने में मदद करते हैं। कई अध्ययनों से यह सामने आया है कि नॉर्मल डिलीवरी से जन्मे बच्चों में आगे चलकर अस्थमा, एलर्जी और पाचन संबंधी समस्याओं का जोखिम काफी कम हो जाता है। इसके अलावा, प्राकृतिक प्रसव के संकुचन बच्चे के फेफड़ों से तरल पदार्थ को बाहर निकालने में मदद करते हैं, जिससे जन्म के तुरंत बाद शिशु को सांस लेने में आसानी होती है।सी-सेक्शन डिलीवरी कब अनिवार्य और जीवन रक्षक बन जाती है?सिजेरियन प्रक्रिया आधुनिक चिकित्सा विज्ञान का एक अत्यंत महत्वपूर्ण वरदान है। आपातकालीन स्थितियों में यह मां और बच्चे दोनों की जान बचाने का काम करती है। यदि गर्भ में शिशु उल्टा (ब्रीच पोजिशन) हो, गर्भनाल बच्चे के गले में उलझ गई हो, प्लेसेंटा प्रीविया (गर्भनाल का गर्भाशय के निचले हिस्से में होना) की समस्या हो, या बच्चे की दिल की धड़कन अचानक अनियंत्रित होने लगे, तो सी-सेक्शन अनिवार्य हो जाता है। इसके अलावा, यदि मां को पहले से गंभीर हाई ब्लड प्रेशर (प्री-एक्लेमप्सिया), अनियंत्रित डायबिटीज या हृदय संबंधी बीमारी हो, तो डॉक्टर सर्जिकल डिलीवरी की सलाह देते हैं ताकि प्रसव का तनाव मां के स्वास्थ्य को नुकसान न पहुंचाए।मां की रिकवरी और पोस्टपार्टम हीलिंग में कितना अंतर होता है?प्रसव के बाद मां के शरीर को सामान्य स्थिति में लौटने में लगने वाला समय दोनों प्रक्रियाओं में काफी अलग होता है। नॉर्मल डिलीवरी के बाद अधिकांश महिलाएं 24 से 48 घंटों के भीतर चलने-फिरने लगती हैं और अस्पताल से छुट्टी मिलने के कुछ ही दिनों में अपने सामान्य कामकाज में लौट सकती हैं। वहीं दूसरी ओर, सी-सेक्शन एक मेजर एब्डॉमिनल सर्जरी है। इसमें पेट और गर्भाशय पर चीरा लगाया जाता है, जिसे पूरी तरह ठीक होने में कम से कम 6 से 8 हफ्ते का समय लगता है। सर्जरी के बाद घाव में संक्रमण का खतरा, भारी वजन उठाने पर पाबंदी और लंबे समय तक दर्द की संभावना बनी रहती है।नवजात शिशु के लिए शुरुआती फीडिंग और बॉन्डिंग का महत्वजन्म के तुरंत बाद का समय मां और बच्चे के भावनात्मक जुड़ाव (बॉन्डिंग) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। नॉर्मल डिलीवरी में मां तुरंत अपने बच्चे को सीने से लगा सकती है (स्किन-टू-स्किन कॉन्टैक्ट) और पहले एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू कर सकती है, जिसे 'गोल्डन आवर' कहा जाता है। यह कोलोस्ट्रम (पहला गाढ़ा दूध) बच्चे के संपूर्ण विकास के लिए अमृत समान होता है। सी-सेक्शन के मामलों में एनेस्थीसिया के प्रभाव और पेट के टांकों के कारण मां को उठने-बैठने में थोड़ी कठिनाई होती है, जिससे कई बार शुरुआती फीडिंग में कुछ घंटों की देरी हो सकती है, हालांकि आधुनिक देखभाल तकनीकों से इसे भी अब काफी सुगम बना दिया गया है।सी-सेक्शन के बढ़ते मामलों के पीछे के सामाजिक और चिकित्सकीय कारणहाल के वर्षों में भारत के प्रमुख शहरों जैसे लखनऊ, दिल्ली, मुंबई और बंगलुरु के निजी अस्पतालों में सी-सेक्शन डिलीवरी की दर में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दिशानिर्देशों के अनुसार, किसी भी क्षेत्र में सी-सेक्शन की आदर्श दर 10 से 15 प्रतिशत के बीच होनी चाहिए, लेकिन कई शहरी केंद्रों में यह आंकड़ा 40 से 50 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। इसके पीछे जीवनशैली से जुड़ी समस्याएं, देर से विवाह और गर्भधारण, मोटापे की समस्या, प्रसव पीड़ा का डर, और कुछ मामलों में शुभ मुहूर्त देखकर बच्चे को जन्म देने की सामाजिक मान्यताएं जिम्मेदार हैं। चिकित्सकों का मानना है कि प्रसव का निर्णय हमेशा मेडिकल जरूरतों के आधार पर होना चाहिए, न कि सुविधा के आधार पर।बेहतर विकल्प क्या है और अंतिम निर्णय कैसे लें?विशेषज्ञों का स्पष्ट निष्कर्ष है कि यदि गर्भावस्था में कोई गंभीर मेडिकल जटिलता नहीं है, तो बच्चे और मां दोनों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य के लिए नॉर्मल डिलीवरी ही सबसे सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्प है। हालांकि, यदि प्रसव के दौरान कोई अप्रत्याशित जोखिम उत्पन्न होता है, तो सी-सेक्शन को बिना किसी झिझक के स्वीकार करना चाहिए क्योंकि मां और बच्चे की जान की सुरक्षा किसी भी अन्य विचार से ऊपर है। प्रत्येक गर्भवती महिला को अपनी नियमित प्रसवपूर्व जांच (एंटीनेटल चेकअप) समय पर करानी चाहिए, संतुलित खानपान और डॉक्टर की सलाह से हल्का व्यायाम करना चाहिए ताकि प्राकृतिक प्रसव की संभावनाओं को बेहतर बनाया जा सके।
बनने वाला है लक्ष्मी नारायण राजयोग, 4 राशियों को मिलेगा पैसा!
Laxmi Narayan Rajyog: 26 सितंबर 2026 से बुध-शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग बनेगा. जानें किन 4 राशियों को धन, करियर और कारोबार में बड़ा लाभ मिल सकता है.
उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक और संवेदनशील शहर मेरठ में अपराध का ग्राफ एक बार फिर तेजी से ऊपर चढ़ता हुआ नजर आ रहा है, जिससे आम जनता और व्यापारियों के दिलों में खौफ का माहौल पैदा हो गया है। मेरठ के एक चर्चित इलाके में उस वक्त सनसनी फैल गई जब बेखौफ बदमाशों ने दिनदहाड़े या सुनसान रास्ते पर एक युवक को सरेआम गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया। मृतक की पहचान नितिन के रूप में हुई है, जिसके परिवार और पुलिस सूत्रों से सामने आई शुरुआती जानकारियों ने इस पूरे हत्याकांड को और अधिक खौफनाक बना दिया है। हत्या की इस खौफनाक वारदात के सामने आने से पहले ही एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला सच यह है कि इस घटना से ठीक चार दिन पहले ही मृतक नितिन को किसी अज्ञात या पुरानी रंजिश के चलते जान से मारने की गंभीर धमकियां मिल चुकी थीं। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से मेरठ पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है और आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचकर मामले की गहन छानबीन में जुट गए हैं, जबकि पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।मेरठ में हुई इस निर्मम हत्या के पीछे की हैरान कर देने वाली पृष्ठभूमिअपराध और अपराधियों के गढ़ बनते जा रहे इलाकों में कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देते हुए बदमाशों ने इस पूरी घटना को बेहद शातिर तरीके से अंजाम दिया है। प्रारंभिक पुलिस जांच और परिजनों द्वारा दिए गए बयानों के अनुसार, नितिन और उसके आस-पास के कुछ स्थानीय तत्वों के बीच पिछले कुछ समय से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था, जो धीरे-धीरे रंजिश का रूप ले चुका था। हत्या की इस घटना से ठीक चार दिन पहले आरोपियों ने नितिन को फोन पर या आमने-सामने मिलकर जान से खत्म कर देने की खुली धमकी दी थी, जिसे उस समय शायद परिवार ने इतनी गंभीरता से नहीं लिया था। लेकिन बदमाशों ने अपनी उस धमकी को महज चार दिनों के भीतर ही सच साबित कर दिखाया और मौका मिलते ही नितिन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। शरीर में कई गोलियां लगने के कारण नितिन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जिससे यह साफ होता है कि हमलावर उसे जिंदा छोड़ने के इरादे से नहीं आए थे बल्कि वे किसी पुरानी दुश्मनी का खूनी बदला लेने के लिए पूरी प्लानिंग के साथ आए थे।ताबड़तोड़ फायरिंग की आवाज से दहल गया पूरा इलाका और मची भगदड़घटना के दिन जब नितिन अपने किसी काम से बाहर था या अपने ठिकाने के पास मौजूद था, तभी घात लगाकर बैठे हमलावरों ने अचानक उस पर हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बदमाशों ने बिना किसी बात के बहस करने के सीधे नितिन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं, जिससे आसपास के इलाके में अचानक भगदड़ मच गई। गोलियों की तड़तड़ाहट की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद बड़े आराम से हथियार लहराते हुए मौके से फरार होने में कामयाब हो गए। गोलीबारी की इस घटना के तुरंत बाद जब स्थानीय लोगों ने खून से लथपथ पड़े नितिन को देखा, तो उनके होश उड़ गए। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई और घायल अवस्था में उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दुस्साहसिक वारदात ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मेरठ में बदमाशों के दिलों से पुलिस का खौफ क्यों पूरी तरह से खत्म होता जा रहा है।पुलिस प्रशासन की ताबड़तोड़ दबिश और सीसीटीवी फुटेज खंगालने का काम जारीवारदात की सूचना मिलते ही मेरठ जोन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसपी सिटी, क्षेत्राधिकारी और संबंधित थाने की फोर्स भारी अमले के साथ घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस ने तुरंत फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को बुलाकर मौके से साक्ष्य जुटाने का काम शुरू कर दिया है, ताकि आरोपियों का कोई सुराग हाथ लग सके। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाल रही है, जिसमें हमलावरों के आने और भागने के रास्ते साफ-साफ कैद होने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतक के परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या तथा अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मेरठ पुलिस की कई विशेष टीमों का गठन किया गया है जो जिले के अलग-अलग संभावित ठिकानों पर लगातार ताबड़तोड़ दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल मुख्य साजिशकर्ताओं और शूटरों को बहुत जल्द सलाखों के पीछे पहुंचा दिया जाएगा।लगातार बढ़ती आपराधिक वारदातों से सहमा मेरठ और लोगों में भारी आक्रोशमेरठ और उसके आसपास के जिलों में पिछले कुछ महीनों में जिस प्रकार से सरेआम गोलियां चलने, हत्या और फिरौती जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, उससे आम नागरिकों और व्यापारियों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस ने चार दिन पहले मिली धमकी के मामले में ही थोड़ी सख्ती दिखाई होती और समय रहते कार्रवाई की जाती, तो शायद आज नितिन की जान इस तरह से न जाती। इस घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि पुलिस के खुफिया तंत्र और जमीनी पुलिसिंग में अभी भी कई बड़ी कमियां मौजूद हैं, जिनका फायदा उठाकर अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। फिलहाल, पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी प्रकार की तनावपूर्ण स्थिति से निपटा जा सके, लेकिन नितिन के घर में पसरा मातम और न्याय की गुहार लगा रहे परिजनों के आंसू इस बात की गवाही दे रहे हैं कि इस खूनी खेल ने एक हंसते-खेता परिवार को पूरी तरह से उजाड़ कर रख दिया है।
बाजार का महंगा पनीर छोड़ें, घर पर बनाएं ताजा मलाई पनीर
Homemade Malai Paneer: अगर आप भी पनीर के शौकीन हैं तो हर बार बाजार से क्यों खरीदते हैं जबकि आप इसे घर पर आसानी से बना सकते हैं. यहां हम आपको ताजा, सॉफ्ट और शुद्ध मलाई पनीर बनाने का तरीका बता रहे हैं.

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