मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में उत्सव के माहौल में कोई उपद्रव नहीं कर सकता। अगर कोई ऐसा करेगा तो सात पीढ़ियों तक भुगतेगा। आज मुहर्रम पर शांति है। कोई खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन या सड़क पर गुंडागर्दी नहीं कर सकता। 2017 में सरकार बनने ...
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का प्राथमिक विद्यालयों के साथ ...
पटना का चर्चित 10 सर्कुलर रोड बंगला जल्द होगा खाली, राबड़ी देवी ने शुरू की शिफ्टिंग
बिहार की राजनीति का एक अहम अध्याय अब समाप्ति की ओर बढ़ता दिख रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के परिवार से लंबे समय तक जुड़ा रहा पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड का सरकारी आवास खाली कराने की प्रक्रिया तेज हो गई है। शुक्रवार को आवास के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे हटाए गए, जबकि घर का सामान भी धीरे-धीरे दूसरी जगह शिफ्ट किया जाता रहा।
बिहार: दरभंगा में सब-इंस्पेक्टर पर गोली चलाई गई, आरोपी को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला
दरभंगा जिले के ओझौल गांव में हुई हिंसक घटना में एक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया और एक कथित अपराधी की भीड़ द्वारा हमले में मौत हो गई।
केतन से क्यों नफरत करती थी सिया? पुलिस के सामने किया बड़ा खुलासा
Ketan Agrawal Murder Case: जिस मंगेतर के साथ सात फेरे लेने के लिए 17 करोड़ रुपए का आलीशान महल बुक हो चुका था, जिसके रसूख और दौलत की चर्चा पूरे पुणे में थी... उसी रईस बिजनेसमैन के बेटे को उसकी मंगेतर ने सिर्फ इसलिए मौत के घाट उतार दिया क्योंकि वह ...
महाराज जी! चंदा चोर आपके खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं...
Arvind Kejriwal Ayodhya: अयोध्या का 'राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद' अब देश की राजनीति का सबसे बड़ा अखाड़ा बन चुका है। शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने जब अयोध्या पहुंचकर रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई, तो लखनऊ से लेकर ...
Sant Kabir Jayanti 2026: हर साल ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तिथि को महान संत, समाज सुधारक और कवि संत कबीर दास जी की जयंती मनाई जाती है। कबीर दास जी ने अपनी साखियों और दोहों के जरिए समाज में फैली कुरीतियों, आडंबरों और अंधविश्वास पर करारा प्रहार किया था।
गुजरात: जेल में बंद विधायक के समर्थन में आप का राज्यव्यापी प्रदर्शन, कानूनी लड़ाई लड़ने का संकल्प
आम आदमी पार्टी (आप) ने शुक्रवार को पूरे गुजरात में डेडियापाडा के विधायक चैतर वसावा के समर्थन में मार्च निकाले। वसावा को नर्मदा जिले की एक सेशंस कोर्ट ने 2023 के एक मामले में सात साल की कठोर कैद की सजा सुनाई थी। यह मामला वन विभाग के अधिकारियों के साथ कथित मारपीट, सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने और जबरन वसूली से जुड़ा था।
BSNL का ₹259 ब्रॉडबैंड प्लान लॉन्च, 25Mbps अनलिमिटेड डेटा, कॉलिंग और OTT का मिलेगा फायदा
सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL ने ग्रामीण भारत के ग्राहकों के लिए मात्र 259 रुपये का नया किफायती ब्रॉडबैंड प्लान लॉन्च किया है। इस प्लान में 25Mbps स्पीड के साथ अनलिमिटेड डेटा, पूरे देश में अनलिमिटेड कॉलिंग और मनोरंजन के लिए Waves OTT का सब्सक्रिप्शन ...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने पॉक्सो मामले में वचनानंद स्वामी की अग्रिम जमानत रद्द की
बेंगलूरु। कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार को वचनानंद स्वामी को सत्र अदालत से मिली अग्रिम ज़मानत रद्द कर दी। स्वामी के खिलाफ पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था। न्यायालय ने कहा कि जिस तरह से गिरफ्तारी से पहले ज़मानत दी गई, वह परेशान करने वाली कार्रवाई है। यह सुनवाई शिकायतकर्ता की उस याचिका […] The post कर्नाटक हाईकोर्ट ने पॉक्सो मामले में वचनानंद स्वामी की अग्रिम जमानत रद्द की appeared first on Sabguru News .
होर्मुज जलडमरूमध्य में हमला : ईरान ने जहाज पर दागी मिसाइल, संयुक्त राष्ट्र का निकासी अभियान निलंबित
वॉशिंगटन/तेहरान। संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) ने होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे 11,000 से अधिक नाविकों के लिए तत्काल निकासी अभियान रोक दिया है। यह फैसला ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के सिंगापुर ध्वज वाले मालवाहक पोत एवर लवली पर किए गए हमले के बाद लिया गया है। यह घटना इस महत्वपूर्ण […] The post होर्मुज जलडमरूमध्य में हमला : ईरान ने जहाज पर दागी मिसाइल, संयुक्त राष्ट्र का निकासी अभियान निलंबित appeared first on Sabguru News .
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित लोकतंत्र सेनानी प्रादेशिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों पर पुष्प ...
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज पारंपरिक मुहर्रम का जुलूस निकाला जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन में उमड़ने वाली भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए रायपुर ट्रैफिक पुलिस ने एक व्यापक रूट डायवर्जन प्लान लागू किया है। आज दोपहर 2:00 बजे से लेकर रात 10:00 बजे तक शहर के कई प्रमुख रास्तों पर आम वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। अगर आप आज किसी जरूरी काम से घर से बाहर निकल रहे हैं, तो जाम से बचने के लिए इस नए ट्रैफिक रूट को जरूर जान लें।शहर के इन प्रमुख मार्गों पर रहेगा भारी डायवर्जनयातायात पुलिस द्वारा जारी की गई आधिकारिक गाइडलाइन के मुताबिक, मुहर्रम के मुख्य जुलूस के मार्ग पर पड़ने वाले सभी चौराहों पर बैरिकेडिंग की गई है। जयस्तंभ चौक, मालवीय रोड, शारदा चौक, मौदहापारा, आमापारा और कोतवाली चौक की तरफ जाने वाले रास्तों पर दोपहर के बाद से सामान्य यातायात पूरी तरह से बंद रहेगा। इन रास्तों से गुजरने वाले चौपहिया और दुपहिया वाहनों को शहर के बाहरी लिंक रोड और रिंग रोड की तरफ डायवर्ट किया जा रहा है, ताकि मुख्य बाजारों में जाम की स्थिति पैदा न हो।रेलवे स्टेशन और अस्पताल जाने वाले यात्री ध्यान देंइस रूट डायवर्जन का सबसे ज्यादा असर रायपुर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और मेकाहारा (Mekahara) अस्पताल जाने वाले मरीजों व यात्रियों पर पड़ सकता है। प्रशासन ने इन जरूरी सेवाओं के लिए कुछ वैकल्पिक मार्ग तय किए हैं। स्टेशन जाने वाले लोग आज वीआईपी रोड या विधानसभा रोड के बाहरी रास्तों का उपयोग कर सकते हैं। ट्रैफिक पुलिस ने अपील की है कि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए लोग मुख्य डायवर्जन पॉइंट जैसे फाफाडीह चौक और मरीन ड्राइव (तेलीबांधा) की तरफ से ही वैकल्पिक मार्गों का चुनाव करें।चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे पुलिसकर्मी और सीसीटीवी कैमरेत्योहार के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए रायपुर जिला प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद है। जुलूस के पूरे रूट पर सैकड़ों की संख्या में यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है जो वाहन चालकों को सही रास्ता दिखाने में मदद करेंगे। इसके साथ ही पूरे मार्ग की निगरानी स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर और सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जा रही है। वाहन चालकों से अनुरोध किया गया है कि वे किसी भी तरह की जल्दबाजी न करें और सड़कों पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें।
छत्तीसगढ़ के सबसे संवेदनशील और नक्सल प्रभावित मोर्चे यानी बस्तर रेंज में पुलिस नेतृत्व को लेकर एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव किया गया है। राज्य सरकार और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के आदेशों के तहत सीनियर आईपीएस अधिकारी बीएन मीणा को बस्तर रेंज का नया आईजी (इंसपेक्टर जनरल) नियुक्त किया गया है। वहीं बस्तर में लंबे समय तक अपनी बेहतरीन सेवाएं देने वाले और नक्सलियों के खिलाफ कई बड़े ऑपरेशनों को लीड करने वाले आईपीएस सुंदरराज पी. को अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में आईजी के पद पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।बस्तर के मोर्चे पर अब बीएन मीणा की होगी कमाननवनियुक्त आईजी बीएन मीणा छत्तीसगढ़ कैडर के एक बेहद कड़क और अनुभवी पुलिस अधिकारी माने जाते हैं। बस्तर रेंज के आईजी के रूप में उनकी यह तैनाती ऐसे समय में हुई है जब इलाके में नक्सल विरोधी अभियान काफी तेज गति से चल रहे हैं। जगदलपुर मुख्यालय से संचालित होने वाली इस पूरी रेंज की सुरक्षा व्यवस्था, अंदरूनी इलाकों में नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना और स्थानीय आदिवासियों के बीच विश्वास बहाली को आगे बढ़ाना अब नए आईजी बीएन मीणा के लिए सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण चुनौती होगी।सुंदरराज पी. को केंद्र में मिली बड़ी जिम्मेदारीबस्तर के निवर्तमान आईजी सुंदरराज पी. ने अपने कार्यकाल के दौरान इस दुर्गम क्षेत्र में कानून व्यवस्था और एंटी-नक्सल ऑपरेशंस में कई अभूतपूर्व सफलताएं हासिल की हैं। बस्तर में उनके लंबे और सफल ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए अब उन्हें केंद्र सरकार द्वारा नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी एनआईए (NIA) में आईजी पद पर प्रतिनियुक्ति दी गई है। उनकी इस नई भूमिका से देश की सबसे बड़ी आतंकवाद और देश-विरोधी गतिविधियों की जांच करने वाली एजेंसी को छत्तीसगढ़ और उसके आसपास के राज्यों के जमीनी नेटवर्क को समझने में काफी मदद मिलेगी।जगदलपुर और पूरे बस्तर संभाग में सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूतइस बड़े फेरबदल का सीधा असर जगदलपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव और कांकेड़ जैसे जिलों की सुरक्षा रणनीति पर पड़ेगा। प्रशासनिक गलियारों में इस बदलाव को एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है। नए आईजी बीएन मीणा जल्द ही जगदलपुर पहुंचकर अपना पदभार ग्रहण करेंगे, जिसके बाद बस्तर संभाग के सभी पुलिस अधीक्षकों (SPs) के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था की एक नई और व्यापक समीक्षा बैठक की जाएगी।
NEET परीक्षा को लेकर देश भर में जारी सियासी घमासान और कानूनी लड़ाई के बीच एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है जिसने पूरे प्रशासनिक अमले को हिलाकर रख दिया है। नीट पेपर लीक और री-एग्जाम की जांच कर रही एजेंसियों के हाथ एक ऐसी एफआईआर (FIR) लगी है, जिसे कथित तौर पर पांच दिनों तक बेहद गोपनीय रखा गया और मीडिया की नजरों से छिपाकर रखा गया था। अब इस एफआईआर के पन्ने जैसे ही सामने आए हैं, देश के सबसे बड़े सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड का काला चिट्ठा और उसकी पूरी कार्यप्रणाली (मोडस ऑपेरंडी) बेनकाब हो गई है।आखिर उस एफआईआर में क्या छिपा थाजांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, इस गोपनीय एफआईआर में परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले के उन महत्वपूर्ण घंटों का पूरा ब्योरा दर्ज है, जब नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक किए गए थे। इसमें स्पष्ट रूप से दर्ज है कि किस तरह सॉल्वर गैंग ने अत्याधुनिक गैजेट्स और कोडवर्ड का इस्तेमाल कर चुनिंदा सेंटर्स पर प्रश्नपत्र और उनके उत्तर पहुंचाने की पूरी प्लानिंग तैयार की थी। पांच दिनों तक इस दस्तावेज को सार्वजनिक न करने के पीछे की मुख्य वजह इस रैकेट से जुड़े बड़े चेहरों और रसूखदार लोगों को बचाने की कोशिश बताई जा रही है।सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड का नेटवर्क देखकर उड़े होशइस एफआईआर से जो सबसे बड़ा पर्दाफाश हुआ है, वह है सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड का देशव्यापी नेटवर्क। यह मास्टरमाइंड कोई आम अपराधी नहीं, बल्कि देश के कई राज्यों में फैले कोचिंग सेंटर्स, परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों और टेक एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर एक समानांतर सिस्टम चला रहा था। आरोपी मास्टरमाइंड मोटी रकम लेकर कमजोर छात्रों की जगह 'स्कॉलर्स' यानी सॉल्वर बैठाने और परीक्षा से पहले लीक पेपर रटवाने के लिए सेफ हाउस का इंतजाम करता था।री-एग्जाम और जांच एजेंसियों का अगला कदमएफआईआर के सार्वजनिक होने और मास्टरमाइंड के इस बड़े खुलासे के बाद अब नीट री-एग्जाम (NEET Re-Exam) को लेकर छात्रों का आक्रोश और ज्यादा बढ़ गया है। केंद्रीय जांच एजेंसियां अब इस एफआईआर में दर्ज कड़ियों को जोड़कर मास्टरमाइंड के बैंक खातों, बेनामी संपत्तियों और उसके राजनीतिक संपर्कों की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में देश के कई अन्य राज्यों से भी इस सॉल्वर गैंग से जुड़े मददगारों की बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
बिहार में मौसम का मिजाज तेजी से बदल गया है और चिलचिलाती गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिलने के साथ ही अब आफत की भी आशंका गहरा गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के बड़े हिस्से में मानसून की सक्रियता को देखते हुए पटना सहित करीब 20 जिलों के लिए भारी बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली (वज्रपात) का हाई-अलर्ट जारी किया है। विभाग ने इस स्थिति को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित कर लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।पटना समेत इन जिलों में दिखेगा आंधी-पानी का तांडवमौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस समय एक मजबूत मौसमी सिस्टम बिहार के ऊपर से गुजर रहा है। इसके प्रभाव से राजधानी पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, दरभंगा, आरा, बिहारशरीफ, मोतिहारी और बेतिया जैसे प्रमुख शहरों और उनके आसपास के इलाकों में अगले 24 से 48 घंटों के भीतर गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने की पूरी संभावना है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे कच्चे मकानों और पेड़ों को नुकसान होने का अंदेशा है।मौसम विभाग ने जारी की बेहद जरूरी गाइडलाइनबिहार में आकाशीय बिजली (वज्रपात) के कारण हर साल होने वाले जान-माल के नुकसान को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम विभाग ने लोगों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। किसानों और आम लोगों को सलाह दी गई है कि जब आसमान में बादल कड़क रहे हों, तो भूलकर भी खेतों में न जाएं, बड़े पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली के खंभों व ऊंचे ढांचों से दूरी बनाए रखें। मौसम खराब होने की स्थिति में पक्के मकानों के अंदर रहना ही सबसे सुरक्षित उपाय बताया गया है।उत्तर और दक्षिण बिहार में मानसून की रफ्तार तेजइस समय बिहार के सीमावर्ती इलाकों के साथ-साथ उत्तर और दक्षिण बिहार के जिलों में मानसूनी हवाएं काफी सक्रिय हो चुकी हैं। स्थानीय प्रशासन को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि जलजमाव या आंधी से होने वाले किसी भी व्यवधान से तुरंत निपटा जा सके। नेपाल के तराई क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण उत्तर बिहार की नदियों के जलस्तर पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।
पहले बच्चे का था इंतजार, पति ने गर्भवती पत्नी को उतारा मौत के घाट, मर्डर के बाद इस शख्स को किया फोन
बिहार से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है जिसने मानवीय रिश्तों को तार-तार कर दिया है। एक घर में जहां जल्द ही नन्हे कदम पड़ने वाले थे और हर कोई पहले बच्चे के जन्म की खुशियां मनाने का इंतजार कर रहा था, वहां अचानक चीख-पुकार मच गई। एक सनकी पति ने अपनी ही गर्भवती पत्नी की बेरहमी से गला दबाकर हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है और हर कोई इस क्रूरता को देखकर स्तब्ध है।खुशियों वाले घर में पसरा मातमस्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला कई महीनों की गर्भवती थी और परिवार में पहले बच्चे के आगमन को लेकर तैयारियां चल रही थीं। दंपती के बीच किसी बात को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था, लेकिन यह विवाद इस हद तक बढ़ जाएगा किसी ने नहीं सोचा था। वारदात वाले दिन दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद गुस्से में आकर पति ने अपनी ही जीवनसंगिनी और अपने होने वाले बच्चे की जिंदगी हमेशा के लिए खत्म कर दी।हत्या के तुरंत बाद पुलिस को खुद लगाया फोनइस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाला मोड़ तब आया जब हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति मौके से भागा नहीं। उसने तुरंत अपने मोबाइल से स्थानीय पुलिस स्टेशन के प्रभारी को फोन लगाया। फोन कॉल पर उसने बेहद ठंडे दिमाग से पुलिस को बताया कि उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है और वह घर पर ही मौजूद है। इस सूचना के मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस टीम घटनास्थल पर रवाना हुई।पुलिस जांच में जुटे हैरान करने वाले सुरागमौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी पति को तुरंत हिरासत में ले लिया और मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। शुरुआती जांच और स्थानीय लोगों से पूछताछ में यह बात सामने आ रही है कि पारिवारिक कलह और आपसी अनबन इस खौफनाक कदम की मुख्य वजह हो सकती है। पुलिस अब मृतका के मायके वालों से संपर्क कर रही है ताकि इस मामले के हर पहलू को खंगाला जा सके।
पंजाब में सरकारी दफ्तरों का समय बदला: 1 जुलाई से लागू होगा नया टाइम-टेबल, जानें पूरी डिटेल
पंजाब सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और आम जनता को प्रभावित करने वाला एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। सरकार ने राज्य के सभी सरकारी दफ्तरों के कामकाजी समय (वर्किंग ऑवर्स) में बदलाव करने का नया आदेश जारी किया है। यह नया नियम आने वाली 1 जुलाई से पूरे राज्य में पूरी तरह लागू हो जाएगा।सुबह 9 से शाम 5 बजे तक खुलेंगे दफ्तरनए आधिकारिक आदेश के मुताबिक, 1 जुलाई से पंजाब के सभी सरकारी कार्यालय सुबह 9:00 बजे खुलेंगे और शाम 5:00 बजे बंद होंगे। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से सरकारी कामकाज को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलेगी और आम जनता को भी अपने प्रशासनिक कामों के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।भीषण गर्मी और बिजली की बचत के लिए लिया फैसलागौरतलब है कि पंजाब सरकार ने इससे पहले गर्मियों के सीजन को देखते हुए दफ्तरों का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक कर दिया था। इस पुराने फैसले के पीछे का मुख्य उद्देश्य दोपहर की भीषण गर्मी के दौरान बिजली की खपत को कम करना और ग्रिड पर पड़ने वाले लोड को नियंत्रित करना था। अब मौसम के बदलते मिजाज और प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए सरकार दोबारा अपने नियमित समय यानी सुबह 9 से शाम 5 बजे वाले शेड्यूल पर लौट रही है।स्थानीय जनता और कर्मचारियों पर क्या होगा असरसमय में इस बदलाव से चंडीगढ़, लुधियाना, अमृतसर, जालंधर और पटियाला सहित पंजाब के सभी जिलों के स्थानीय नागरिकों को अब दोपहर के बाद भी सरकारी काम कराने की सुविधा मिलेगी। कर्मचारियों को भी अब नए शेड्यूल के हिसाब से दफ्तर पहुंचना होगा। सभी विभागों को निर्देश दे दिए गए हैं कि वे 1 जुलाई से पहले इस बदलाव की तैयारियां पूरी कर लें ताकि आम जनता को दफ्तर पहुंचने पर किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
पंजाब को नशे और आतंक के काले साए से मुक्त कराने के अभियान में जालंधर पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर जालंधर और उसके आस-पास के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय कुख्यात आतंकी शहजाद भट्टी गैंग के तीन खूंखार गुर्गों को धर दबोचा है। देश विरोधी ताकतों और सीमा पार से संचालित होने वाले इस नेटवर्क के खिलाफ इसे पंजाब पुलिस की एक बेहद अहम और निर्णायक कामयाबी माना जा रहा है। पकड़े गए आरोपी न केवल पंजाब के युवाओं की नसों में नशे का जहर घोल रहे थे, बल्कि इस काली कमाई का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों की फंडिंग के लिए करने की फिराक में भी थे।जालंधर पुलिस की स्पेशल टीम ने बिछाया जालइस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए जालंधर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की देखरेख में एक विशेष काउंटर-इंटेलिजेंस और एंटी-नार्कोटिक्स टीम का गठन किया गया था। पुलिस को सटीक इनपुट मिला था कि शहजाद भट्टी गैंग के ये गुर्गे भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीले पदार्थों और अवैध हथियारों की खेप लेकर जालंधर के शहरी इलाके में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने या डील करने के लिए पहुंचने वाले हैं। पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए संदिग्ध ठिकानों पर नाकाबंदी की और घेराबंदी करके तीनों आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया। तलाशी के दौरान इनके पास से भारी मात्रा में हेरोइन, आधुनिक हथियार और भारी नकदी बरामद हुई है।सीमा पार से जुड़े हैं आतंकी शहजाद भट्टी गैंग के तारशुरुआती पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों के भी कान खड़े कर दिए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जेल में बंद और विदेश से नेटवर्क चला रहे आतंकी शहजाद भट्टी के तार सीधे तौर पर सीमा पार बैठे बड़े तस्करों और देश विरोधी तत्वों से जुड़े हुए हैं। यह गैंग ड्रोन के जरिए पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में हेरोइन और अवैध हथियारों की डिलीवरी करवाता था। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी इसी डिलीवरी को आगे ठिकाने लगाने और पंजाब के अलग-अलग जिलों में सप्लाई करने का मुख्य काम संभालते थे। इस गिरफ्तारी से इस पूरे रूट और सिंडिकेट का भंडाफोड़ हो गया है।कड़ाई से पूछताछ जारी, खुल सकते हैं कई बड़े राजजालंधर पुलिस अब इन आरोपियों को माननीय अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पकड़े गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट में पंजाब और देश के अन्य हिस्सों के कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं। इसके साथ ही इनके बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन की भी गहनता से जांच की जा रही है ताकि टेरर फंडिंग के पूरे नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त किया जा सके। इस बड़ी कार्रवाई के बाद जालंधर सहित पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
पंजाब के पटियाला जिले से एक बेहद सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। यहां एक प्रेमी ने आपसी विवाद के बाद अपनी प्रेमिका की बाथरूम में ले जाकर बेरहमी से गला घोंटकर हत्या कर दी। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी प्रेमी ने खुद भी जहरीला पदार्थ निगल लिया, जिससे उसकी भी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में फोरेंसिक टीम के साथ आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच में यह मामला प्रेम प्रसंग में उपजे गंभीर विवाद और अविश्वास का नतीजा नजर आ रहा है।मामूली बात पर शुरू हुआ झगड़ा और बन गया खूनी खेलस्थानीय सूत्रों और पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक युवक और युवती पिछले काफी समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे और उनके बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। वारदात वाले दिन दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि युवक अपना आपा खो बैठा। गुस्से में पागल प्रेमी मृतका को घसीटते हुए घर के बाथरूम में ले गया और वहां उसका गला दबाकर उसे मौत की नींद सुला दिया। जब युवक को अपनी इस भयानक गलती और पुलिसिया कार्रवाई का अहसास हुआ, तो उसने कानून के शिकंजे से बचने के लिए खुद भी घर में रखा खतरनाक जहर खा लिया।पड़ोसियों ने दी पुलिस को सूचना, तफ्तीश में जुटी पुलिसआस-पड़ोस के लोगों को जब घर से किसी भी तरह की हलचल नहीं सुनाई दी और अनहोनी की आशंका हुई, तो उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी स्थानीय थाना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब घर का दरवाजा तोड़ा तो अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। युवती का शव बाथरूम में पड़ा था, जबकि युवक तड़पती हुई हालत में फर्श पर गिरा हुआ था। पुलिस ने तुरंत युवक को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।शक और अविश्वास के चलते उजड़ गए दो परिवारइस दर्दनाक घटना ने हंसते-खेलते दो परिवारों को ताउम्र का रोना दे दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल कॉल डिटेल्स और शुरुआती पूछताछ से संकेत मिले हैं कि दोनों के बीच पिछले कुछ दिनों से किसी तीसरे व्यक्ति को लेकर या फिर शादी की बात को लेकर अनबन चल रही थी। शक की इसी चिंगारी ने आज इतना बड़ा रूप ले लिया कि एक हंसती-खेलती जिंदगी खत्म हो गई और दूसरे को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। पुलिस अब दोनों के मोबाइल फोन को खंगाल रही है ताकि हत्या और आत्महत्या की असली वजह के पुख्ता सबूत सामने आ सकें।
राजस्थान में भीषण गर्मी और उमस के बीच मौसम विभाग की भविष्यवाणी बिल्कुल सटीक साबित हुई है। सूबे के कई हिस्सों में अचानक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। विशेषकर टोंक और नागौर जिलों में दोपहर बाद आसमान में घने काले बादल छा गए और देखते ही देखते तेज रफ्तार हवाओं के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। इस अचानक हुए मौसम परिवर्तन से पिछले कई दिनों से रिकॉर्ड तोड़ गर्मी झेल रहे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली है। ठंडी हवाओं के चलने से वातावरण में घुली तपिश कम हो गई है और तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।टोंक में अंधड़ के बाद बरसे बदरा, सड़कों पर बहा पानीटोंक जिले और उसके आस-पास के कस्बों में आज दोपहर की शुरुआत तेज धूप के साथ हुई थी, लेकिन देखते ही देखते हवा की दिशा बदली और धूलभरी आंधी चलने लगी। अंधड़ की वजह से विजिबिलिटी काफी कम हो गई और वाहन चालकों को लाइटें जलानी पड़ीं। इसके तुरंत बाद शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर को सराबोर कर दिया। करीब आधे घंटे तक चली इस तेज बारिश के कारण निचले इलाकों और मुख्य सड़कों पर पानी जमा हो गया। मौसम विभाग के अनुसार, स्थानीय स्तर पर बने कम दबाव के क्षेत्र और चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र (Cyclonic Circulation) के सक्रिय होने की वजह से टोंक में यह प्री-मानसून एक्टिविटी देखने को मिली है।नागौर में तेज हवाओं के साथ बारिश, किसानों के चेहरे खिलेदूसरी ओर नागौर जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में भी मौसम का ऐसा ही दिलचस्प रूप देखने को मिला। नागौर में तेज गर्जना के साथ शुरू हुई बारिश ने मौसम को बेहद सुहावना बना दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों से मिल रही रिपोर्ट के अनुसार, इस बारिश से जहां आम जनता को पसीने वाली गर्मी से निजात मिली है, वहीं दूसरी ओर आगामी खरीफ की फसलों की तैयारी में जुटे किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश खेतों की जुताई और बुवाई के काम को गति देने में बेहद मददगार साबित होगी।मौसम विभाग का अलर्ट: आगामी 24 घंटों में इन जिलों में अलर्ट जारीजयपुर मौसम केंद्र (IMD Jaipur) के अनुसार, राज्य में पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी सिस्टम के प्रभाव से अगले 24 से 48 घंटों तक ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना है। टोंक और नागौर के अलावा जयपुर, अजमेर, दौसा, और जोधपुर के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों ने आम जनता को सलाह दी है कि वे आकाशीय बिजली चमकने या अंधड़ आने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहें और बड़े पेड़ों या ढीले बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचें।
प्रवर्तन निदेशालय ने कर्नाटक में बेनामी शराब लाइसेंस रैकेट का भंडाफोड़ किया
बेंगलूरु। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कर्नाटक के आबकारी विभाग के भीतर चल रहे एक व्यापक और कथित बेनामी शराब लाइसेंस रैकेट का पर्दाफाश करने का दावा किया है। एजेंसी ने अधिकारियों, बिचौलियों और उनके सहयोगियों के एक ऐसे संगठित नेटवर्क की ओर इशारा किया है जो कथित तौर पर अवैध लाइसेंसिंग और रिश्वतखोरी की गतिविधियों […] The post प्रवर्तन निदेशालय ने कर्नाटक में बेनामी शराब लाइसेंस रैकेट का भंडाफोड़ किया appeared first on Sabguru News .
22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; जयपुर-कोलकाता में बाढ़ जैसे हालात
Weather Update 26 June : मानसून की इंट्री के बाद मध्य प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी है। बारिश की वजह से इंदौर के 15 पर्यटन स्थल बंद कर दिए गए हैं। कोलकाता-जयपुर में तेज बारिश से सड़कें पानी में डूब गई। अस्पताल और दुकानों में पानी घुस गया। मानसून ...
जयपुर से तीर्थ नगरी हरिद्वार के लिए रवाना हुई राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) की एक चलती बस में अचानक लगी भीषण आग ने सवारियों के होश उड़ा दिए। सफर के दौरान जैसे ही बस से धुएं का गुब्बार उठने लगा, पूरी गाड़ी के भीतर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को तुरंत हाईवे के किनारे रोका, जिसके बाद यात्रियों ने अपनी जान बचाने के लिए दरवाजे और खिड़कियों से कूदना शुरू कर दिया। देखते ही देखते पूरी सरकारी बस आग के शोलों में तब्दील हो गई।चलती बस के इंजन से अचानक उठा धुआं और भड़क उठी लपटेंप्रत्यक्षदर्शियों और बस में सवार यात्रियों से मिली जानकारी के अनुसार, जयपुर डिपो की यह रोडवेज बस अपने निर्धारित समय पर हरिद्वार के लिए निकली थी। रास्ते में नेशनल हाईवे पर अचानक बस के बोनट और इंजन वाले हिस्से से तेज काला धुआं निकलने लगा। यात्रियों ने जब इसकी शिकायत की, तब तक आग की लपटें केबिन के भीतर तक पहुंच चुकी थीं। बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से यह हादसा हुआ, जिसने कुछ ही पलों में विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।यात्रियों ने सूझबूझ से बचाई जान, सारा सामान जलकर कबाड़ हुआहादसे के वक्त बस में काफी संख्या में यात्री सवार थे, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे। जैसे ही बस रुकी, यात्रियों में पहले बाहर निकलने की होड़ मच गई। गनीमत रही कि सभी यात्री समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे, जिससे एक बहुत बड़ा बड़ा हादसा होने से टल गया और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि, अचानक मची इस भगदड़ के कारण यात्री अपना कीमती सामान, बैग और दस्तावेज़ बस के अंदर से बाहर नहीं निकाल पाए, जो आग में पूरी तरह जलकर खाक हो गए।स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर संभाला मोर्चाघटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने काफी मशक्कत के बाद बस में लगी इस भीषण आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक राजस्थान रोडवेज की यह बस पूरी तरह लोहे के ढांचे में बदल चुकी थी। इस हादसे की वजह से हाईवे पर कुछ समय के लिए वाहनों का लंबा जाम भी लग गया, जिसे पुलिस ने क्रेन की मदद से जली हुई बस को एक तरफ हटाकर सुचारू रूप से चालू करवाया। प्रशासन अब इस तकनीकी खराबी के कारणों की विस्तृत जांच कर रहा है।
मानसून में जन्नत बन जाते हैं पश्चिमी घाट के ये 5 सीक्रेट ठिकाने, खूबसूरती देखकर भूल जाएंगे सब कुछ
भारत में मानसून की दस्तक के साथ ही प्रकृति प्रेमियों और घुमक्कड़ों के पैर घरों में नहीं टिकते। अगर आप इस रिमझिम फुहारों के मौसम में किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं जहां बादलों और पहाड़ों का अनोखा मिलन देखने को मिले, तो पश्चिमी घाट (Western Ghats) से बेहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल पश्चिमी घाट मानसून के दिनों में रहस्यमयी कोहरे, मखमली हरियाली और कलकल बहते दूधिया झरनों की जादुई दुनिया में तब्दील हो जाता है। आइए जानते हैं पश्चिमी घाट के उन 5 चुनिंदा और बेहतरीन डेस्टिनेशन्स के बारे में, जिनकी सुंदरता इस मौसम में आपका दिल जीत लेगी।1. महाबलेश्वर और पंचगनी (महाराष्ट्र): बादलों के ऊपर तैरने का अहसासमुंबई और पुणे के करीब स्थित महाबलेश्वर और पंचगनी मानसून के दौरान महाराष्ट्र के सबसे खूबसूरत ठिकाने बन जाते हैं। यहां के प्रसिद्ध विल्सन पॉइंट और आर्थर सीट जैसे सनसेट पॉइंट्स पर जब मानसूनी धुंध और कोहरा छा जाता है, तो ऐसा लगता है मानो आप बादलों के ऊपर चल रहे हैं। बारिश के दिनों में यहां की घाटियों से नीचे गिरते अनगिनत मौसमी झरने और चारों तरफ फैली स्ट्रॉबेरी के खेतों की हरियाली इस जगह के पूरे माहौल को बेहद रोमांटिक और जादुई बना देती है।2. कूर्ग (कर्नाटक): भारत का स्कॉटलैंड और महकते कॉफी के बागानकर्नाटक का कूर्ग (कोडागु) अपनी असीम शांति और प्राकृतिक सुंदरता के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है, लेकिन मानसून के दौरान इसकी रंगत दोगुनी हो जाती है। जब बारिश की बूंदें कॉफी के बागानों और घने जंगलों पर गिरती हैं, तो पूरी वादी एक भीनी-भीनी खुशबू से महक उठती है। इस मौसम में कूर्ग का एबी फॉल्स (Abbey Falls) और इरुप्पु फॉल्स अपने पूरे उफान पर होते हैं। यहां की धुंध से ढकी पहाड़ियों के बीच एक कप गरमा-गरम कड़क कॉफी पीना अपने आप में जीवन का एक अविस्मरणीय अनुभव है।3. वायनाड (केरल): झरनों, गुफाओं और मिस्टी पहाड़ों का गढ़केरल का वायनाड पश्चिमी घाट का एक ऐसा रत्न है जो मानसून लवर्स के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। बारिश के मौसम में यहां के बाणासुर सागर बांध का नजारा और एडक्कल गुफाओं के आसपास का ट्रेक बेहद रोमांचक हो जाता है। वायनाड के ऊंचे पहाड़ों पर तैरते सफेद बादल और नीचे फैली हरी-भरी चाय की पत्तियां आंखों को सुकून देती हैं। अगर आप शहर की भागदौड़ से दूर प्रकृति की गोद में कुछ दिन बिताना चाहते हैं, तो वायनाड के ट्री-हाउस रिसॉर्ट्स आपके लिए परफेक्ट चॉइस हो सकते हैं।
भीषण गर्मी के थपेड़ों के बाद आखिरकार मानसूनी बादलों ने देश के बड़े हिस्से को अपनी आगोश में ले लिया है। बारिश की पहली फुहार पड़ते ही प्रकृति ने भी हरी-भरी चादर ओढ़ ली है। ऐसे सुहावने मौसम में भला किसका मन घर में बैठने का करेगा? अगर आप भी रोजमर्रा की व्यस्त जिंदगी और दफ्तर के काम से ब्रेक लेकर किसी बेहद शांत और जादुई जगह पर जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह मानसून आपके लिए परफेक्ट मौका है। देश में कुछ ऐसे छिपे हुए टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स हैं जो बारिश के दिनों में किसी जन्नत से कम नहीं लगते, जहां कलकल बहते झरने और पहाड़ों पर तैरते सफेद बादल आपका दिल जीत लेंगे।पहाड़ों की रानी और बादलों का घर: बादलों के बीच खो जाने का अहसासमानसून के दौरान वेस्टर्न घाट (पश्चिमी घाट) और उत्तर-पूर्वी भारत के पहाड़ी इलाके पूरी तरह से जीवंत हो उठते हैं। महाराष्ट्र के लोनावला, महाबलेश्वर और भंडारदरा से लेकर कर्नाटक के कूर्ग और चिकमगलूर जैसे खूबसूरत ठिकाने इस मौसम में पर्यटकों की पहली पसंद बन जाते हैं। वहीं अगर बात उत्तर भारत की करें, तो हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ ऑफबीट गांव जैसे जीभी, तीर्थन वैली और लैंसडाउन में इस समय एक अलग ही शांति और असीम सुकून का अहसास होता है। यहां की घाटियों में जब सुबह-सुबह कोहरा और मानसूनी धुंध छाती है, तो ऐसा लगता है मानो आप बादलों के ऊपर सैर कर रहे हों।दूधिया झरने और मखमली वादियां: फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए स्वर्गबारिश के मौसम में जो चीज सबसे ज्यादा आकर्षित करती है, वो हैं पहाड़ों से पूरी रफ्तार में गिरते हुए रहस्यमयी झरने। गोवा का दूधसागर फॉल्स, मेघालय के नोहकलिकाई झरने और मध्य प्रदेश के भेड़ाघाट में धुंआधार जलप्रपात इस समय अपने पूरे शबाब पर होते हैं। इन झरनों के आसपास फैली मखमली हरी घास और सोंधी मिट्टी की खुशबू आपके दिमाग को पूरी तरह से रीफ्रेश कर देती है। सोशल मीडिया लवर्स और ट्रैवल इन्फ्लुएंसर्स के लिए यह समय इंस्टाग्राम रील्स और बेहतरीन लैंडस्केप फोटोग्राफी के लिए सबसे बेहतरीन माना जाता है।रोड ट्रिप और मानसून ट्रेकिंग का अनोखा रोमांचएडवेंचर के शौकीनों के लिए मानसून का समय ट्रेकिंग का सबसे बेहतरीन मौका लेकर आता है। इस मौसम में पहाड़ों पर ट्रेकिंग करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण जरूर होता है, लेकिन जब आप चढ़ाई पूरी कर टॉप पर पहुंचते हैं, तो वहां से दिखने वाला नजारा आपकी सारी थकान पल भर में गायब कर देता है। इसके अलावा, अपने दोस्तों या पार्टनर के साथ मानसूनी बौछारों के बीच घुमावदार रास्तों पर लॉन्ग ड्राइव या रोड ट्रिप का मजा ही कुछ और है। बस जरूरत है तो एक सही प्लानिंग की और मानसून के अनुकूल जरूरी सामान साथ रखने की।मानसून ट्रिप पर जाने से पहले इन जरूरी बातों का रखें खास ख्यालप्रकृति की इस असीम खूबसूरती का आनंद लेने के साथ-साथ सुरक्षा का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। मानसून के दौरान भारी बारिश की वजह से कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में लैंडस्लाइड (भूस्खलन) और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए किसी भी जगह की यात्रा पर निकलने से पहले वहां के स्थानीय मौसम का हाल और प्रशासन द्वारा जारी की गई गाइडलाइंस को अच्छी तरह से चेक कर लें। अपने साथ वाटरप्रूफ बैग, रेनकोट, अच्छी ग्रिप वाले ट्रैकिंग शूज और जरूरी दवाइयां रखना बिल्कुल न भूलें ताकि आपकी यह जादुई ट्रिप पूरी तरह से सुरक्षित और आरामदायक बनी रहे।
योग नगरी और एडवेंचर के गढ़ ऋषिकेश में एक ऐसी जादुई जगह सामने आई है, जिसने देश-दुनिया के पर्यटकों और खासकर हैरी पॉटर के दीवानों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। पहाड़ों और घने जंगलों के बीच बसी यह अनोखी कुटिया हूबहू हॉलीवुड फिल्म 'हैरी पॉटर' के जादुई स्कूल 'हॉगवर्ट्स' (Hogwarts) के गुप्त ठिकानों की याद दिलाती है। दिन के समय बेहद शांत और रहस्यमयी दिखने वाली यह कुटिया सोशल मीडिया पर तेजी से ट्रेंड कर रही है। इंटरनेट पर इसकी खूबसूरत तस्वीरें और रील्स देखकर लोग यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि उत्तराखंड के ऋषिकेश में भी ऐसी कोई अद्भुत जगह मौजूद हो सकती है।रात के सन्नाटे में बिखरती है जादुई रोशनी और बदल जाता है पूरा माहौलइस कुटिया की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सूरज ढलते ही और रात का अंधेरा घिरते ही यहां का नजारा पूरी तरह से बदल जाता है। कुटिया के चारों तरफ की गई अनोखी और विंटेज स्टाइल की लाइटिंग इसे एक काल्पनिक और जादुई दुनिया का रूप दे देती है। घने पेड़ों के बीच से छनकर आती रोशनी और रात के सन्नाटे में बहती गंगा नदी की आवाज मिलकर एक ऐसा माहौल तैयार करती हैं, मानो आप किसी दूसरी ही दुनिया में कदम रख चुके हों। यहां आने वाले सैलानियों का कहना है कि रात में यहां बैठकर ऐसा महसूस होता है जैसे कोई जादूगर अभी अपनी छड़ी लेकर आपके सामने आ जाएगा।प्रकृति की गोद में बना वास्तुकला का एक बेहतरीन और अनोखा नमूनाइस कुटिया का निर्माण बेहद ही कलात्मक और पारंपरिक पत्थरों व लकड़ियों के फ्यूजन से किया गया है। इसकी नुकीली छतें, रहस्यमयी खिड़कियां और पुरानी शैली के दरवाजे इसे आम पहाड़ों के रिसॉर्ट्स या आश्रमों से बिल्कुल अलग बनाते हैं। ज्योग्राफिकल और लोकल टूरिज्म के लिहाज से यह जगह फोटोग्राफर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक नया हॉटस्पॉट बन चुकी है। एकांत और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह कुटिया किसी जन्नत से कम नहीं है, जहां वे शहरों की भागदौड़ से दूर कुछ पल शांति के बिता सकते हैं।ऋषिकेश आने वाले पर्यटकों के लिए नई एडवेंचर डेस्टिनेशनऋषिकेश अब सिर्फ राफ्टिंग, कैंपिंग और गंगा आरती तक ही सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इस तरह के ऑफबीट और यूनिक लोकेशंस अब नए जमाने के यात्रियों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। एआई सर्च (GEO) और आधुनिक ट्रैवलिंग ट्रेंड्स में इस सीक्रेट डेस्टिनेशन को लेकर लोग लगातार सर्च कर रहे हैं। अगर आप भी इस वीकेंड या छुट्टियों में ऋषिकेश जाने का प्लान बना रहे हैं, तो इस जादुई और हॉगवर्ट्स वाइब वाली कुटिया का दीदार करना बिल्कुल न भूलें, क्योंकि यहां की तस्वीरें आपके सोशल मीडिया हैंडल पर धूम मचाने के लिए काफी हैं।
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की वेबसाइट पर मौजूद ‘रोल ऑफ ऑनर’ में अब तक 26,626 शहीद सैनिकों के नाम दर्ज हैं। इस सूची में वर्ष 1947-48 के भारत-पाक युद्ध से लेकर विभिन्न सैन्य अभियानों और संघर्षों में शहीद हुए सैनिकों को सम्मान दिया गया है।
झारखंड की वादियों और जंगलों के बीच कई ऐसे रहस्य छिपे हैं जो आज भी लोगों को हैरान कर देते हैं। राजधानी रांची के पास एक ऐसा ही अनोखा मंदिर स्थित है, जिसकी ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई है। भूत-प्रेत के साये, अनहोनी की डरावनी कहानियों और सड़क हादसों के खौफ के बीच बसे इस मंदिर को लेकर लोगों में गहरी आस्था है। स्थानीय निवासियों और यहां से गुजरने वाले मुसाफिरों का दृढ़ विश्वास है कि इस मंदिर के चौखट पर आकर केवल एक नारियल चढ़ाने से ही हर तरह की अदृश्य बाधा दूर हो जाती है और यात्रा के दौरान सुरक्षा का अचूक कवच मिल जाता है।हाईवे के जानलेवा हादसों और अनहोनी से बचाता है यह दरबारयह रहस्यमयी मंदिर एक ऐसे ब्लैक स्पॉट या हाईवे के पास स्थित है जहां पहले आए दिन बेहद दर्दनाक सड़क हादसे होते रहते थे। स्थानीय लोग बताते हैं कि इस इलाके में कुछ ऐसी अजीबोगरीब ताकतें या अदृश्य ऊर्जा महसूस की जाती थी जिसके कारण चालकों का नियंत्रण गाड़ियों से छूट जाता था। इन डरावने हादसों और भूत-प्रेत की कहानियों के खौफ को खत्म करने के लिए इस मंदिर की स्थापना की गई। तब से लेकर आज तक यह परंपरा बन चुकी है कि यहां से गुजरने वाली हर छोटी-बड़ी गाड़ी का ड्राइवर कुछ पल के लिए रुकता है और भगवान के चरणों में नारियल अर्पित कर अपनी सुरक्षित यात्रा की मन्नत मांगता है।केवल एक नारियल चढ़ाने से दूर होती हैं ऊपरी बाधाएंइस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां किसी तामझाम या भारी-भरकम पूजा-पाठ की आवश्यकता नहीं होती। मान्यता है कि अगर किसी व्यक्ति पर कोई ऊपरी हवा, भूत-प्रेत का साया या नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव हो, तो उसे इस मंदिर परिसर में लाकर मात्र एक श्रीफल (नारियल) भगवान को अर्पित कर दिया जाए, तो वह संकट तुरंत टल जाता है। यही वजह है कि केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों से आने वाले लोग भी मानसिक शांति और सुरक्षा के भरोसे के लिए इस रहस्यमयी तीर्थ स्थल पर खिंचे चले आते हैं।विज्ञान और आस्था के बीच उलझा है इस मंदिर का रहस्यवैज्ञानिक दृष्टिकोण रखने वाले लोग भले ही इसे महज एक अंधविश्वास या संयोग का नाम दें, लेकिन सालों से यहां मिल रहे चमत्कारी अनुभवों को झुठलाया नहीं जा सकता। मंदिर के मुख्य पुजारी और यहां आने वाले नियमित श्रद्धालुओं का कहना है कि यह स्थान सकारात्मक ऊर्जा का एक बहुत बड़ा केंद्र है। जब कोई भक्त पूरी श्रद्धा के साथ यहां मन्नत मांगता है, तो उसके चारों ओर एक सुरक्षा घेरा बन जाता है। रात के सन्नाटे में आज भी इस मंदिर के आसपास कई तरह की अलौकिक कहानियां सुनने को मिलती हैं, जो इसके रहस्य को और ज्यादा गहरा कर देती हैं।
कृषि मंत्री शिवराज चौहान और सीएम धामी ने 'पूर्व छात्र सम्मेलन' में की शिरकत, किया पौधरोपण
देश के पहले कृषि विश्वविद्यालय— गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में शुक्रवार को 'पूर्व छात्र सम्मेलन' (Alumni Meet) का भव्य आयोजन किया गया। इस गौरवमयी समागम में देश के केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह ...
लखनऊ। अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले में गठित एसआईटी की रिपोर्ट सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि जनआस्था से जुड़े इस प्रकरण में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है और […] The post राम मंदिर चढ़ावा मामले में दोषियों को नहीं मिलेगी राहत, दूध का दूध, पानी का पानी होगा : योगी आदित्यनाथ appeared first on Sabguru News .
उत्तर प्रदेश में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अभी से अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में यूपी बीजेपी के नए सांगठनिक ढांचे और टीम का ऐलान कर दिया गया है। इस नई टीम की बनावट को देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की चुनावी रणनीति और दूरदर्शी सोच की गहरी छाप है। बीजेपी ने अपनी इस नई कार्यकारिणी में सोशल इंजीनियरिंग का एक नया प्रयोग किया है, जिसने उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल तेज कर दी है।नई टीम से यादव और जाटव चेहरों की दूरी के क्या हैं सियासी मायने?इस नई सांगठनिक टीम में जो बात सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है, वह है कोर सांगठनिक पदों से यादव और जाटव बिरादरी के बड़े चेहरों की कम होती मौजूदगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के पारंपरिक वोट बैंक समीकरणों को देखते हुए यह कदम उठाया है। चूंकि यादव मतदाता पारंपरिक रूप से समाजवादी पार्टी (सपा) और जाटव मतदाता बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के मजबूत गढ़ माने जाते हैं, इसलिए बीजेपी ने इस बार अपनी रणनीति में थोड़ा बदलाव किया है।गैर-यादव ओबीसी और गैर-जाटव दलितों पर बीजेपी का बड़ा दांवयूपी की सत्ता पर दोबारा पूर्ण बहुमत से काबिज होने के लिए बीजेपी ने अपनी इस नई टीम में गैर-यादव अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और गैर-जाटव अनुसूचित जातियों (SC) को भारी तरजीह दी है। अमित शाह के इस फॉर्मूले के तहत कुर्मी, मौर्य, शाक्य, सैनी, लोध और निषाद समाज के साथ-साथ दलितों में पासी, कोरी और वाल्मीकि समाज के नेताओं को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। बीजेपी का मुख्य फोकस उन जातियों को अपने पाले में पूरी तरह से लामबंद करना है, जो किसी एक क्षेत्रीय दल से मजबूती से नहीं बंधी हैं।लखनऊ से लेकर दिल्ली तक 2027 फतह करने की अचूक रणनीतिबीजेपी के इस नए भौगोलिक और जातीय ऑप्टिमाइजेशन का असर सीधे तौर पर जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल और बुंदेलखंड तक, हर क्षेत्र के क्षेत्रीय संतुलन को इस टीम में बेहद बारीकी से साधा गया है। पार्टी के शीर्ष सूत्रों का कहना है कि अमित शाह की यह रणनीति केवल चुनावों के लिए नहीं है, बल्कि यह भविष्य के लिए एक नया और मजबूत काडर तैयार करने की कोशिश है, जो विपक्ष के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वाले नैरेटिव को जमीनी स्तर पर कड़ा जवाब दे सके।
अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण और इसके दान को लेकर छिड़े सियासी संग्राम के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर अब तक का सबसे बड़ा और तीखा हमला बोला है। राम मंदिर ट्रस्ट पर लग रहे दान चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सीएम योगी ने विरोधियों को उनकी पुरानी बातें याद दिलाई हैं। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि जिन राजनीतिक दलों ने हमेशा भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए और उन्हें काल्पनिक बताया, वे आज अचानक राम भक्तों की आस्था के पैरोकार बनने का ढोंग कर रहे हैं।चुनावी फायदे के लिए पवित्र मंदिर को निशाना बना रहा विपक्षमुख्यमंत्री ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ ताकतें राम मंदिर निर्माण की वैश्विक सफलता और देश-दुनिया में उमड़ रहे जनसैलाब को पचा नहीं पा रही हैं। यही वजह है कि वे हर दिन नए और मनगढ़ंत आरोप लगाकर इस पवित्र स्थल की छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रही हैं। सीएम योगी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जनता सब जानती है कि कौन राम का भक्त है और कौन सिर्फ चुनावी फायदे के लिए आस्था का राजनीतिकरण कर रहा है।राम मंदिर ट्रस्ट के काम में पूरी पारदर्शिता और शुचिताविपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पूरी पारदर्शिता, आधुनिक तकनीक और देश के शीर्ष विशेषज्ञों की देखरेख में काम कर रहा है। यहां आने वाले एक-एक पैसे का पूरा हिसाब-किताब डिजिटल और ऑडिटेड फॉर्म में मौजूद है। उन्होंने लोकल और ग्लोबल मीडिया के सामने यह भरोसा दिलाया कि अयोध्या के विकास और मंदिर निर्माण के कार्य में किसी भी तरह की बाधा या अफवाह फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।अयोध्या में सनातन संस्कृति को बदनाम करने की साजिश फेलसीएम योगी ने कहा कि अयोध्या आज सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर सांस्कृतिक राजधानी के रूप में उभर रही है। ऐसे समय में जब पूरी दुनिया अयोध्या की भव्यता को देख रही है, विपक्ष के ये बेबुनियाद आरोप उनकी हताशा को दर्शाते हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे ऐसी किसी भी भ्रामक खबर और अफवाह पर ध्यान न दें, क्योंकि राम का काज बिना रुके और पूरी प्रामाणिकता के साथ निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।
सड़क हादसे पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की शोक संवेदनाएं
झारखंड के रामगढ़ जिले में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात (आधी रात को) एक अत्यंत दर्दनाक और भीषण सड़क हादसा हुआ। रामगढ़-बोकारो मुख्य मार्ग (NH-23) पर लारी-बरलौंग (बुधबाजार) के समीप एक तेज रफ्तार कोयला लदे ट्रक ने सवारी गाड़ी (वैन) को सामने से ...
भुवनेश्वर। ओडिशा में कटक जिले की एक फास्ट ट्रैक विशेष अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसले में एक शिक्षक को नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न करने का दोषी करार देते हुए यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनायी है। कटक की अपर जिला एवं सत्र […] The post नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न करने के दोषी मदरसा सुल्तानिया के उर्दू शिक्षक को 20 साल का सश्रम कारावास appeared first on Sabguru News .
Ram Mandir: दान चोरी विवाद के बीच चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा! क्या है पूरा सच
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बीच एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अचानक अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। पिछले कुछ समय से राम मंदिर निर्माण के लिए आए दान और जमीन खरीद को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में कई तरह के विवाद चल रहे थे। इस बीच इन दोनों बड़े पदाधिकारियों का इस्तीफा देना पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है।दान चोरी और जमीन विवाद के आरोपों से घिरा था ट्रस्टआपको बता दें कि पिछले कुछ महीनों से राम मंदिर ट्रस्ट पर जमीन खरीद में वित्तीय अनियमितताओं और दान की हेराफेरी के गंभीर आरोप लग रहे थे। विपक्ष और कुछ स्थानीय संगठनों ने चंपत राय और अनिल मिश्रा पर सीधे तौर पर सवाल उठाए थे। हालांकि, ट्रस्ट की ओर से हमेशा इन आरोपों को बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित बताया गया। लेकिन विवाद लगातार बढ़ता गया, जिससे ट्रस्ट की छवि पर असर पड़ रहा था।क्यों दिया चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा?सूत्रों के मुताबिक, चंपत राय और अनिल मिश्रा ने यह कदम राम मंदिर आंदोलन और ट्रस्ट की शुचिता को बनाए रखने के लिए उठाया है। बताया जा रहा है कि वे नहीं चाहते थे कि उनके ऊपर लग रहे आरोपों की वजह से भगवान श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण कार्य या ट्रस्ट की साख पर कोई आंच आए। उन्होंने निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता का हवाला देते हुए अपने पद छोड़ दिए हैं, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।अयोध्या में अब आगे क्या होगा?इस अचानक आए इस्तीफे के बाद अयोध्या से लेकर दिल्ली तक हलचल तेज हो गई है। अब हर किसी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का अगला महासचिव कौन होगा। मंदिर निर्माण कार्य अपने अंतिम चरणों में है, ऐसे में नए पदाधिकारियों का चयन बेहद सावधानी और सूझबूझ से किया जाएगा ताकि निर्माण कार्य बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से चलता रहे।
कौशांबी में गैस टैंकर में लगी आग, टोल प्लाजा के 7 कर्मी झुलसे
कौशाम्बी। कौशांबी जिले के कोखराज बाईपास स्थित टोल प्लाजा पर शुक्रवार सुबह एलपीजी गैस से भरा टैंकर डिवाइडर से टकरा गया और उसमें आग लग गई। इस हादसे में टोल प्लाजा पर तैनात सात कर्मचारी झुलस गए जबकि टोल के तीन बूथ पूरी तरह जलकर राख हो गए। सूत्रों के अनुसार कानपुर की ओर से […] The post कौशांबी में गैस टैंकर में लगी आग, टोल प्लाजा के 7 कर्मी झुलसे appeared first on Sabguru News .
झारखंड के रामगढ़ में भीषण सड़क हादसा, ताशा पार्टी के 7 सदस्यों की मौत, ग्रामीणों का प्रदर्शन
रामगढ़। झारखंड के रामगढ़-बोकारो मुख्य मार्ग पर रजरप्पा थाना क्षेत्र के लारी गांव स्थित बुध बाजार के समीप कल देर रात करीब साढ़े 11 बजे ट्रक और पिकअप वाहन की आमने-सामने की भीषण टक्कर में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को पहले रामगढ़ सदर […] The post झारखंड के रामगढ़ में भीषण सड़क हादसा, ताशा पार्टी के 7 सदस्यों की मौत, ग्रामीणों का प्रदर्शन appeared first on Sabguru News .
पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट का मूल उद्देश्य किसी व्यक्ति की अंतरराष्ट्रीय यात्रा को आसान बनाना है। मंत्रालय ने कहा कि यह कोई नया कानूनी दृष्टिकोण नहीं है, बल्कि भारतीय कानून में लंबे समय से यही व्यवस्था लागू है।
Ketan Agrawal Murder Case : केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी से पूछताछ कर रही है। इस मामले में आरोपी सिया के माता-पिता ने कहा है कि दोष साबित होने पर बेटी को सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उसे भी किले से नीचे ...
मध्य प्रदेश: रतलाम में ताजिया हाई-टेंशन बिजली लाइन से टकराया, तीन लोगों की मौत
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में मुहर्रम जुलूस के दौरान एक ताजिया के हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आने से तीन लोगों की मौत हो गई और कम से कम सात अन्य घायल हो गए।
LIVE: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सभी 8 आरोपी गिरफ्तार
Latest News Today Live Updates in Hindi : श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करते हुए पुलिस ने चढ़ावा चोरी मामले में सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पल पल की जानकारी...
वेनेजुएला में भूकंप से 235 मौतें; भारत ने भेजी मदद, Starlink ने फ्री इंटरनेट का किया ऐलान
Venezuela Earthquake : दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 235 हो गई। इस दर्दनाक हादसे में 1500 से ज्यादा लोग घायल हैं जबकि सैकड़ों लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है। राहत और बचाव कार्य जोरों से जारी है।
750 से 1,650 मीटर चौड़ा एक एस्टेरॉयड शनिवार को पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरने वाला है। बताया जा रहा है कि इस एस्टेरॉयड के पृथ्वी से टकराने की कोई संभावना नहीं है। इससे पृथ्वी को कोई खतरा नहीं होगा। इस पर भारत की ISRO, चीन की CNSA, अमेरिका की NASA ...
NCERT की कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान पुस्तक में चुनाव आयोग, Special Intensive Revision (SIR), EVM, VVPAT और भारतीय चुनाव प्रक्रिया पर नया अध्याय शामिल किया गया है। छात्रों को लोकतांत्रिक व्यवस्था और गठबंधन राजनीति की भी जानकारी दी जाएगी।
फाइनेंशियल रूल्स चेंज (1 जुलाई): नया महीना शुरू होने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं। 1 जुलाई 2026 से देश के वित्तीय क्षेत्र (Financial Sector) में कई बड़े और महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहे हैं। इन नए नियमों का सीधा और व्यापक असर नौकरीपेशा लोगों, टैक्सपेयर्स, सरकारी पेंशनभोगियों और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों की जेब पर पड़ने वाला है।इन बदलावों में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग की समयसीमा, ईपीएफओ (EPFO) की नई डिजिटल सेवाएं, केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) और प्रमुख बैंकों के क्रेडिट कार्ड नियम शामिल हैं। अगर आपने समय रहते इन नियमों को नहीं समझा, तो आपको टैक्स फाइलिंग, बैंकिंग और अन्य वित्तीय कामों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है और भारी जुर्माना भी देना पड़ सकता है।1. ITR फाइलिंग की डेडलाइन: समय पर नहीं भरा टैक्स तो लगेगा भारी जुर्मानाजुलाई का महीना आते ही टैक्सपेयर्स की धड़कनें बढ़ जाती हैं। वित्त वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।ITR-1 और ITR-2: वेतनभोगी (Salaried) कर्मचारियों और व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स के लिए बिना लेट फीस के रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई है।ITR-3 और ITR-4: ऐसे टैक्सपेयर्स जिनका टैक्स ऑडिट होना अनिवार्य नहीं है, वे अपना रिटर्न 31 अगस्त 2026 तक फाइल कर सकते हैं।लापरवाही पर नुकसान: अगर आप तय समयसीमा (Deadline) चूक जाते हैं, तो आपको न सिर्फ लेट फीस या जुर्माना देना होगा, बल्कि पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत मिलने वाले कई टैक्स बेनिफिट्स से भी हाथ धोना पड़ेगा। इसके साथ ही आप चालू वर्ष के बिजनेस या कैपिटल लॉस (नुकसान) को अगले वित्तीय वर्ष के लिए कैरी फॉरवर्ड (आगे ट्रांसफर) नहीं कर पाएंगे।2. UPI से PF निकालना होगा बेहद आसान: लॉन्च होने जा रहा है EPFO 3.0कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों खाताधारकों को जुलाई महीने में एक बड़ा डिजिटल तोहफा दे सकता है। विभाग द्वारा बहुप्रतीक्षित EPFO 3.0 प्लेटफॉर्म को लॉन्च किए जाने की पूरी उम्मीद है। इस नए और आधुनिक सिस्टम का मुख्य उद्देश्य पीएफ से जुड़ी डिजिटल सेवाओं को बेहद सरल और सुरक्षित बनाना है।इस अपग्रेडेशन के बाद सबसे बड़ा फायदा यह हो सकता है कि नौकरीपेशा कर्मचारी जरूरत पड़ने पर UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) के जरिए तुरंत अपने PF का पैसा निकाल सकेंगे। यदि यह सुविधा शुरू होती है, तो दावों के निपटारे (Claim Settlement) में लगने वाला कई दिनों का समय घटकर कुछ ही घंटों या मिनटों का रह जाएगा।3. केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को DA बढ़ोतरी का इंतजारदेश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए जुलाई का महीना खुशियों की सौगात ला सकता है। केंद्र सरकार अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) के आंकड़ों के आधार पर हर साल जनवरी और जुलाई में महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) की समीक्षा करती है।साल 2026 की दूसरी छमाही के लिए जुलाई में डीए बढ़ोतरी की आधिकारिक घोषणा होने की प्रबल संभावना है। इस फैसले से न केवल केंद्रीय कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी (सैलरी में बढ़ोतरी) बढ़ेगी, बल्कि पेंशनर्स की मासिक पेंशन और सार्वजनिक क्षेत्र (PSU) के कर्मचारियों की आय में भी सम्मानजनक इजाफा देखने को मिलेगा।4. HDFC Bank क्रेडिट कार्ड के नियम बदले: लाउंज एक्सेस के लिए खर्च करने होंगे इतने रुपयेयदि आपके पास एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) का लोकप्रिय Regalia Gold या Diners Club Privilege क्रेडिट कार्ड है, तो 1 जुलाई 2026 से आपके लिए एयरपोर्ट लाउंज के नियम पूरी तरह बदलने वाले हैं। रिवॉर्ड पॉइंट्स से जुड़े कुछ प्रतिबंध बैंक ने पहले ही लागू कर दिए थे, लेकिन अब मुफ्त सुविधाओं पर कैपिंग लगाई जा रही है।नए नियम के अनुसार, Regalia Gold कार्डधारकों को देश के एयरपोर्ट्स पर मुफ्त घरेलू लाउंज एक्सेस (Complimentary Domestic Lounge Access) की सुविधा का लाभ उठाने के लिए पिछली कैलेंडर तिमाही में कम से कम ₹60,000 खर्च करना अनिवार्य होगा। यदि आप यह खर्च सीमा पूरी नहीं करते हैं, तो आपको लाउंज में मुफ्त एंट्री नहीं मिलेगी।5. SBI Card के रिवॉर्ड पॉइंट्स पर लगी लिमिट: इन दो कार्ड यूजर्स को झटकास्टेट बैंक ऑफ इंडिया की क्रेडिट कार्ड शाखा (SBI Card) ने भी अपने दो प्रीमियम को-ब्रांडेड कार्ड्स के नियमों में बड़ा बदलाव करने का एलान किया है। यह नया नियम PhonePe SBI Card Purple और PhonePe SBI Card Select Black पर 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो जाएगा।नए अपडेट के तहत बैंक ने हर महीने मिलने वाले अधिकतम रिवॉर्ड पॉइंट्स (Reward Points) की एक ऊपरी सीमा (Max Cap) तय कर दी है:इंश्योरेंस प्रीमियम (बीमा किस्त) के भुगतान और अन्य विशिष्ट कैटेगरी के खर्चों पर मिलने वाले पॉइंट्स की लिमिट अब अलग-अलग होगी।इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन (Online Shopping) करने पर मिलने वाले बोनस या अधिकतम रिवॉर्ड पॉइंट्स को भी पहले के मुकाबले काफी कम कर दिया गया है, जिससे कार्डधारकों का मंथली बेनिफिट कम हो जाएगा।
गोल्ड सिल्वर रेट्स टुडे (26 जून): भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर लगातार दबाव देखने को मिल रहा है। वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों और मजबूत होते अमेरिकी डॉलर के कारण घरेलू बाजार में कीमती धातुओं की कीमतें तेजी से नीचे आ रही हैं। शुक्रवार (26 जून) की सुबह देश के अधिकांश बड़े शहरों में सोने के दाम काफी सस्ते हो गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अब 24 कैरेट सोने की कीमत घटकर ₹1,41,470 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गई है। कीमती धातुओं में आई इस भारी गिरावट से निवेशकों का सेंटिमेंट प्रभावित हुआ है।अंतरराष्ट्रीय बाजार में $4,000 के नीचे फिसला सोना, डॉलर की मजबूती ने बिगाड़ा खेलविदेशी बाजारों में सोने की कीमतों में आई कमजोरी का सीधा असर भारतीय सर्राफा बाजार पर दिख रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना (Spot Gold) $4,000 प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे लुढ़ककर 3,978.06 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका में महंगाई बढ़ने की आशंका के चलते अमेरिकी केंद्रीय बैंक 'फेडरल रिजर्व' द्वारा आने वाले समय में ब्याज दरें बढ़ाए जाने का डर बना हुआ है। इस वजह से अमेरिकी डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है, जिससे निवेशकों का आकर्षण सोने से घटकर डॉलर की तरफ बढ़ गया है और सोने की कीमतों में चौतरफा बिकवाली देखी जा रही है। इससे एक दिन पहले भी दिल्ली सर्राफा बाजार में 99.9% शुद्धता वाले सोने की कीमत में ₹2,800 प्रति 10 ग्राम की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी।दिल्ली, मुंबई और चेन्नई समेत देश के बड़े शहरों में आज क्या हैं गोल्ड रेट्स?26 जून की सुबह देश के प्रमुख महानगरों और शहरों में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के रिटेल भाव (प्रति 10 ग्राम) इस प्रकार दर्ज किए गए हैं:दिल्ली: 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,41,470 और 22 कैरेट का भाव ₹1,29,690 है।मुंबई व कोलकाता: इन दोनों महानगरों में 24 कैरेट सोना ₹1,41,320 और 22 कैरेट सोना ₹1,29,540 पर ट्रेंड कर रहा है।चेन्नई: यहां सोने की कीमतें बाकी शहरों से थोड़ी ऊपर हैं। 24 कैरेट का भाव ₹1,43,340 और 22 कैरेट का भाव ₹1,31,390 है।पुणे व बेंगलुरु: इन शहरों में भी 24 कैरेट गोल्ड ₹1,41,320 और 22 कैरेट गोल्ड ₹1,29,540 के स्तर पर है।देश के 10 बड़े शहरों की प्राइस लिस्ट (Table)शहर22 कैरेट सोने का भाव (₹/10 ग्राम)24 कैरेट सोने का भाव (₹/10 ग्राम)दिल्ली₹1,29,690₹1,41,470मुंबई₹1,29,540₹1,41,320लखनऊ₹1,29,690₹1,41,470अहमदाबाद₹1,29,590₹1,41,330चेन्नई₹1,31,390₹1,43,340कोलकाता₹1,29,540₹1,41,320हैदराबाद₹1,29,540₹1,41,320जयपुर₹1,29,690₹1,41,470भोपाल₹1,29,590₹1,41,370चंडीगढ़₹1,29,690₹1,41,470चांदी की चमक भी पड़ी फीकी, ₹2.35 लाख के करीब पहुंचे दामसोने की राह पर चलते हुए चमकीली धातु चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट का दौर जारी है। 26 जून की सुबह भारतीय बाजारों में चांदी की कीमत घटकर ₹2,34,900 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। वहीं, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो वहां हाजिर चांदी (Spot Silver) की कीमत इस समय 57.10 डॉलर प्रति औंस पर बनी हुई है। औद्योगिक मांग में सुस्ती और ग्लोबल वेल्थ सेंटिमेंट कमजोर होने से चांदी पर भी दबाव साफ दिख रहा है।
दिल्ली एनसीआर मौसम अपडेट (26 जून): दिल्ली-एनसीआर में उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को राजधानी और आसपास के इलाकों में धूल भरी आंधी, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है। हालांकि दिन के समय तेज धूप और उमस के कारण गर्मी का असर बना रहेगा, लेकिन दोपहर बाद या शाम तक मौसम करवट लेगा, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। इससे पहले गुरुवार को भी दिल्ली के कई इलाकों में बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई थी।दोपहर बाद आंधी-तूफान के साथ बरसेंगे बदरा, 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएंमौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आज दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम के समय तेज आंधी-तूफान के साथ बिजली कड़कने और बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है।इस दौरान मौसम में आने वाले बड़े बदलाव कुछ इस तरह होंगे:हवा की रफ्तार: आंधी के दौरान जमीनी हवाएं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।अधिकतम गति: तूफान के वक्त हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की भी उम्मीद है।गुरुवार का हाल: कल दिल्ली का अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.6 डिग्री ज्यादा था। हवा में भारी उमस (Humidity) के कारण लोगों को वास्तविक तापमान 44.1 डिग्री सेल्सियस जैसा महसूस (Real Feel) हो रहा था।आज कितना रहेगा दिल्ली का तापमान?आईएमडी के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वहीं, रात और सुबह के समय न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है। दिन की गर्मी के बाद शाम की बारिश दिल्लीवालों को बड़ी राहत देगी।अगले 3 दिनों तक ऐसा ही रहेगा मौसम, 29 जून से गिरेगा पारादिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए अच्छी बात यह है कि राहत का यह सिलसिला केवल आज तक सीमित नहीं है। आने वाले दिनों का वेदर ट्रेंड कुछ इस प्रकार रहने वाला है:27 जून: शनिवार को भी मौसम का मिजाज ऐसा ही रहेगा। 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है, जबकि तापमान 39 से 41 डिग्री के बीच बना रहेगा।29 जून से बड़ी राहत: सोमवार से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिलेगी। पारा लुढ़ककर 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच आ सकता है। बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा।1 जुलाई का पूर्वानुमान: अगले महीने की शुरुआत यानी 1 जुलाई तक दिल्ली का अधिकतम तापमान घटकर 35 से 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह लगातार हो रही प्री-मानसून (Pre-Monsoon) गतिविधियां हैं, जो इस बात का संकेत हैं कि दिल्ली में मानसून की एंट्री के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं।मौसम विभाग की जरूरी सलाह: आंधी के समय बरतें ये सावधानियांतेज हवाओं और आंधी-तूफान के अलर्ट को देखते हुए मौसम विभाग ने आम जनता के लिए एडवाइजरी जारी की है:आंधी-तूफान के दौरान घरों के अंदर ही रहें और खिड़कियां बंद रखें।बाहर होने की स्थिति में बड़े पेड़ों, बिजली के खंभों, कमजोर दीवारों या जर्जर इमारतों के नीचे आश्रय लेने से बिल्कुल बचें।यात्रा पर निकलने से पहले मौसम विभाग की ताजा सैटेलाइट तस्वीरों और लाइव वेदर अपडेट्स को जरूर चेक कर लें।
स्मार्ट ट्रैवल टेक्नोलॉजी अपडेट: आज के डिजिटल दौर में टेक्नोलॉजी ने हमारे घूमने-फिरने के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया है। अब किसी ट्रिप पर जाने के लिए न तो आपको एजेंटों के चक्कर काटने पड़ते हैं और न ही भारी-भरकम कैश लेकर चलने की मजबूरी होती है। ट्रिप की प्लानिंग से लेकर डेस्टिनेशन पर पहुंचने, रुकने और वापस आने तक का हर काम अब स्मार्टफोन के कुछ क्लिक्स पर सिमट गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक डिजिटल टूल्स की वजह से आज का सफर पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित, आसान और बजट-फ्रेंडली हो गया है।अगर आप भी आने वाले दिनों में किसी वेकेशन या बिजनेस ट्रिप की प्लानिंग कर रहे हैं, तो टेक्नोलॉजी से जुड़े इन 7 बड़े बदलावों को जरूर जान लें जो आपके ट्रैवलिंग एक्सपीरियंस को बिल्कुल बदल देंगे।1. एआई बेस्ड ट्रैवल प्लानिंग: आपका पर्सनल गाइड है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसअब आपको इंटरनेट पर घंटों बैठकर ट्रिप का शेड्यूल बनाने की जरूरत नहीं है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब आपकी पसंद, बजट, दिनों की संख्या और आपके इंटरेस्ट के हिसाब से पूरा कस्टमाइज्ड ट्रैवल प्लान (Itinerary) पलक झपकते ही तैयार कर देता है। एडवांस एआई चैटबॉट्स न सिर्फ आपको बेहतरीन होटल्स और फ्लाइट्स के विकल्प देते हैं, बल्कि वहां के मशहूर रेस्टोरेंट्स और घूमने लायक छिपी हुई खूबसूरत जगहों (Hidden Gems) की भी सटीक सिफारिश करते हैं। इससे समय की भारी बचत होती है और सबसे बेस्ट ऑप्शन मिलते हैं।2. डिजिटल बोर्डिंग पास और कॉन्टैक्टलेस ट्रैवल: लाइनों का झंझट खत्मएयरपोर्ट्स और अब प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी लंबी कतारों से मुक्ति दिलाने के लिए डिजिटल टिकटिंग और कॉन्टैक्टलेस ट्रैवल को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। ई-बोर्डिंग पास और फेस रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाली) जैसी आधुनिक बायोमेट्रिक तकनीकों की मदद से अब यात्री बिना किसी फिजिकल डॉक्यूमेंट या कागज के सीधे एंट्री पा सकते हैं। अपने मोबाइल से ही घर बैठे वेब चेक-इन करने की सुविधा ने यात्रियों का काफी कीमती समय बचा दिया है।3. रियल-टाइम नेविगेशन और स्मार्ट मैप्स: अनजान राहें भी हुईं आसानआज के दौर में अगर आप किसी अनजान शहर या सुदूर पहाड़ी इलाके में भी हैं, तो रास्ता भटकने का डर बिल्कुल खत्म हो चुका है। आधुनिक नेविगेशन ऐप्स सिर्फ रास्ता ही नहीं दिखाते, बल्कि आपको लाइव ट्रैफिक अपडेट, सड़क बंद होने की चेतावनी, दुर्घटनाओं की जानकारी और सबसे शॉर्टकट या वैकल्पिक रास्ते भी बताते हैं। इसके साथ ही आपके रूट पर पड़ने वाले पेट्रोल पंप, अस्पताल, एटीएम और अच्छे ढाबों या होटल्स की लोकेशन भी आपको स्क्रीन पर रियल-टाइम में दिखती रहती है।4. स्मार्ट लगेज और जीपीएस ट्रैकिंग: अब नहीं होगी सामान खोने की टेंशनअक्सर यात्रा के दौरान सबसे बड़ा डर सामान के खोने या चोरी होने का रहता है। इस समस्या का हल जीपीएस (GPS) और ब्लूटूथ आधारित स्मार्ट लगेज और ट्रैकिंग डिवाइस ने निकाल दिया है। इन बैग्स में इन-बिल्ट ट्रैकिंग सिस्टम होता है, जिससे आप अपने स्मार्टफोन पर लाइव देख सकते हैं कि आपका बैग इस वक्त कहां है। इसके अलावा, आजकल के स्मार्ट बैग्स डिजिटल लॉक, इन-बिल्ट यूएसबी चार्जिंग पोर्ट और बैग के आपसे दूर जाने पर मोबाइल पर एंटी-थेफ्ट अलर्ट भेजने जैसी सुविधाओं के साथ आते हैं।5. ऑनलाइन बुकिंग और डिजिटल पेमेंट: कैशलेस सफर का नया दौरफ्लाइट, सुपरफास्ट ट्रेन, लग्जरी बस, होटल या लोकल टैक्सी की बुकिंग अब चुटकियों में मोबाइल ऐप्स के जरिए हो जाती है। सबसे बड़ा बदलाव डिजिटल पेमेंट क्रांति से आया है। यूपीआई (UPI), डिजिटल वॉलेट, सुरक्षित इंटरनेट बैंकिंग और इंटरनेशनल फॉरेक्स कार्ड्स की मदद से अब जेब में नकदी (Cash) रखने की टेंशन खत्म हो गई है। डिजिटल लेन-देन करने पर यात्रियों को बंपर डिस्काउंट, कूपन कोड्स और कैशबैक का फायदा भी मिलता है, जिससे सफर काफी किफायती हो जाता है।6. वर्चुअल टूर और ऑगमेंटेड रियलिटी (AR): जाने से पहले देखें नजाराकई बड़ी ट्रैवल कंपनियां और टूरिस्ट स्पॉट्स अब वर्चुअल रियलिटी (VR) और ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसकी मदद से आप किसी भी होटल के कमरे या टूरिस्ट डेस्टिनेशन को बुक करने से पहले ही उसका 360-डिग्री व्यू देख सकते हैं। इससे आपको यह समझने में आसानी होती है कि असल में वह जगह कैसी दिखती है। यह तकनीक यात्रियों को गलत डेस्टिनेशन चुनने की गलती से बचाती है और बुकिंग को पारदर्शी बनाती है।7. ट्रैवल सेफ्टी और इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम: हर पल सुरक्षित रहेगा आपका सफरआधुनिक ट्रैवल ऐप्स में अब सुरक्षा को लेकर बेहद शानदार फीचर्स दिए जा रहे हैं। ये ऐप्स आपको खराब मौसम, फ्लाइट में देरी, प्राकृतिक आपदाओं या किसी क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी दिक्कतों का रियल-टाइम अलर्ट तुरंत भेज देते हैं। इसके साथ ही इन ऐप्स में मिलने वाले एसओएस (SOS) बटन, लाइव लोकेशन शेयरिंग और वन-टैप इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जैसी सुविधाएं किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाने का काम करती हैं, जिससे अकेले सफर करने वाले यात्रियों का भरोसा काफी बढ़ा है।
बुध वक्री गोचर 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राशि और नक्षत्र परिवर्तन के साथ-साथ उनकी सीधी (मार्गी) और उल्टी (वक्री) चाल को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। नवग्रहों में बुद्धि, वाणी, व्यापार, अर्थव्यवस्था और शिक्षा के कारक ग्रह 'बुध' जल्द ही अपनी चाल बदलने जा रहे हैं। ग्रहों के राजकुमार बुध इस समय चंद्र देव की राशि कर्क में गोचर कर रहे हैं, जहां वे वक्री होने वाले हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, बुध के वक्री होने पर व्यक्ति की निर्णय क्षमता प्रभावित होती है, लेकिन इस बार की उल्टी चाल 4 विशेष राशियों के लिए सुनहरे दिन लेकर आने वाली है।29 जून को रात 10:45 पर वक्री होंगे बुध, मिथुन राशि में भी करेंगे प्रवेशउज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, 29 जून 2026 की रात 10 बजकर 45 मिनट पर बुध ग्रह कर्क राशि में वक्री (Retrograde) हो जाएंगे। अपनी इस उल्टी चाल के दौरान ही बुध देव 7 जुलाई 2026 को मिथुन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इसके बाद 24 जुलाई 2026 तक वक्री अवस्था में रहने के बाद वे फिर से मार्गी यानी सीधी चाल चलना शुरू करेंगे। बुध का यह करीब 25 दिनों का वक्री काल देश-दुनिया समेत सभी 12 राशियों पर बड़ा असर डालेगा।इन 4 राशियों के खुलेंगे भाग्य के द्वार, मिलेगी बड़ी खुशखबरीवैसे तो बुध की चाल का असर सभी जातकों पर पड़ेगा, लेकिन ज्योतिषीय गणना के अनुसार करियर, बिजनेस, धन लाभ और सामाजिक मान-सम्मान के मामले में 4 राशियों को भाग्य का पूरा साथ मिलने वाला है। आइए जानते हैं वे भाग्यशाली राशियां कौन सी हैं:1. मेष राशि (Aries): रिश्तों में आएगी मिठास, बढ़ेगा मान-सम्मानमेष राशि के जातकों के लिए बुध की उल्टी चाल खुशियों और तरक्की की नई सौगात लेकर आएगी।परिवार में लंबे समय से चला आ रहा मनमुटाव या तनाव अब पूरी तरह खत्म होगा।समाज और कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा और मान-सम्मान में भारी बढ़ोतरी होगी।संतान पक्ष की ओर से किसी बड़ी सफलता या करियर से जुड़ी खुशखबरी मिल सकती है।2. मिथुन राशि (Gemini): विदेश यात्रा के योग और करियर में ऊंची उड़ानबुध आपकी ही राशि के स्वामी हैं, इसलिए इनका वक्री होना आपके लिए तरक्की के नए मार्ग प्रशस्त करेगा।जो लोग विदेश जाने या विदेश में पढ़ाई-नौकरी करने का सपना देख रहे हैं, उनकी इच्छा पूरी हो सकती है।वीजा या पासपोर्ट से जुड़े रुके हुए सरकारी दस्तावेज आसानी से बन जाएंगे।नई नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को बड़ी कंपनियों से आकर्षक ऑफर मिलने के मजबूत संकेत हैं।3. सिंह राशि (Leo): अड़चनें होंगी दूर, पैतृक संपत्ति से होगा लाभसिंह राशि के जातकों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं रहने वाला है।आपके काम में लंबे समय से जो भी विरोधी या अड़चनें रुकावट डाल रहे थे, वे अब समाप्त हो जाएंगे।यदि कोर्ट-कचहरी में पैतृक संपत्ति को लेकर कोई विवाद चल रहा है, तो फैसला आपके पक्ष में आ सकता है।परिवार में किसी मांगलिक या धार्मिक उत्सव का आयोजन होने की प्रबल संभावना बनेगी।4. कुंभ राशि (Aquarius): दूर होंगी परेशानियां, बढ़ेगी धार्मिक रुचिकुंभ राशि के लोगों के जीवन में यह गोचर सकारात्मक और बड़े बदलाव लेकर आ रहा है।आपका झुकाव धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों की ओर ज्यादा रहेगा, जिससे मानसिक शांति मिलेगी।जीवनसाथी के साथ किसी तीर्थ यात्रा या धार्मिक स्थल पर घूमने का प्लान बन सकता है।लंबे समय से चली आ रही मानसिक और आर्थिक परेशानियां दूर होंगी, साथ ही सूर्य देव के शुभ प्रभाव से सेहत में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।वक्री बुध के दौरान क्या रखें सावधानी?ज्योतिषियों के अनुसार, भले ही यह समय इन 4 राशियों के लिए शुभ है, लेकिन बुध वक्री होने के कारण किसी भी प्रकार के बड़े निवेश, कागजी कार्रवाई या नया व्यापारिक कॉन्ट्रैक्ट साइन करते समय डॉक्यूमेंट्स को अच्छी तरह पढ़ लेना चाहिए। जल्दबाजी में लिया गया कोई भी फैसला नुकसानदेह साबित हो सकता है।
एमक्योर फार्मा शेयर अपडेट: भारतीय फार्मा सेक्टर की जानी-मानी कंपनी एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड (Emcure Pharmaceuticals) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दिग्गज ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी फर्म बेन कैपिटल (Bain Capital) ने कंपनी में अपनी बची हुई पूरी हिस्सेदारी बेच दी है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर हुई एक ब्लॉक डील के जरिए बेन कैपिटल ने करीब 12 साल पुराने इस निवेश सफर को पूरी तरह खत्म करते हुए कंपनी से एग्जिट कर लिया है। बाजार के बड़े घरेलू और विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs/DIIs) ने इन शेयरों को हाथों-हाथ खरीदा है।₹352 करोड़ की ब्लॉक डील, इन दिग्गजों ने खरीदे एमक्योर के शेयरस्टॉक एक्सचेंज से मिले ब्लॉक डील डेटा के मुताबिक, बेन कैपिटल ने एमक्योर फार्मा में अपनी करीब 1 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर यानी 19.4 लाख शेयर खुले बाजार में बेचे हैं। यह पूरी डील औसतन ₹1,817 प्रति शेयर की कीमत पर हुई, जिसकी कुल वैल्यू 352 करोड़ रुपये है।इस हिस्सेदारी को खरीदने के लिए देश के बड़े म्यूचुअल फंड्स और इंश्योरेंस कंपनियों ने भरोसा जताया है:HDFC स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस: इसने सबसे बड़ा दांव लगाते हुए ₹130 करोड़ में 7.1 लाख शेयर खरीदे।एक्सिस म्यूचुअल फंड (Axis MF): फंड हाउस ने ₹50 करोड़ के शेयर पोर्टफोलियो में शामिल किए।आदित्य बिड़ला सन लाइफ MF: इन्होंने ₹47.5 करोड़ निवेश कर 2.6 लाख शेयर खरीदे।इसके अलावा ग्लोबल इनवेस्टर सेंटिमेंट को दर्शाते हुए HSBC म्यूचुअल फंड, गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली और बीएनपी पारिबा (BNP Paribas) जैसी दिग्गज संस्थाओं ने भी ₹25-25 करोड़ के शेयर खरीदे हैं।शार्क टैंक फेम नमिता थापर से है नाता, 2024 में आया था IPOएमक्योर फार्मा देश की उन चुनिंदा दवा कंपनियों में से है जिसकी पहचान घर-घर में है। बिजनेस रियलिटी शो 'शार्क टैंक इंडिया' (Shark Tank India) की लोकप्रिय जज नमिता थापर इस कंपनी में होल-टाइम डायरेक्टर हैं। उनके पिता सतीश रमनलाल मेहता इस कंपनी के फाउंडर, सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं।कंपनी के शेयर बाजार के सफर की बात करें तो:जुलाई 2024 में कंपनी का ₹1,952.03 करोड़ का आईपीओ (IPO) आया था।मौजूदा समय में कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Cap) ₹35,600 करोड़ के पार निकल चुका है।फिलहाल बीएसई (BSE) पर एमक्योर फार्मा के शेयर की कीमत ₹1,881.90 के स्तर पर टिकी हुई है।मार्च 2026 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक, कंपनी में प्रमोटर्स के पास अभी भी 77.87 फीसदी की मजबूत हिस्सेदारी बनी हुई है।निवेशकों की कराई तगड़ी कमाई, 1 साल में 40% का बंपर रिटर्नबाजार में लिस्ट होने के बाद से ही इस फार्मा स्टॉक ने निवेशकों को लगातार मालामाल किया है। पिछले कुछ समय में शेयर के प्रदर्शन पर नजर डालें तो इसमें शानदार तेजी देखने को मिली है:1 साल का रिटर्न: शेयर की कीमत में करीब 40 प्रतिशत की मजबूती आई है।6 महीने का रिटर्न: इस अवधि में स्टॉक ने 30 प्रतिशत से ज्यादा का मुनाफा दिया है।2 हफ्ते का रिटर्न: हालिया दो हफ्तों में भी यह शेयर करीब 12 प्रतिशत उछला है।₹10 की फेस वैल्यू वाले इस स्टॉक में आ रही लगातार तेजी कंपनी के मजबूत बिजनेस मॉडल को दर्शाती है।कैसी है एमक्योर फार्मा की वित्तीय सेहत? जानिए मुनाफे के आंकड़ेहिस्सेदारी की इस फेरबदल के बीच कंपनी के वित्तीय नतीजे भी काफी मजबूत नजर आ रहे हैं। जनवरी-मार्च 2026 (Q4FY26) की तिमाही में स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी का रेवेन्यू ₹1,467.70 करोड़ रहा, जबकि इस दौरान कंपनी ने ₹233.70 करोड़ का नेट प्रॉफिट (शुद्ध मुनाफा) दर्ज किया।अगर पूरे वित्त वर्ष 2026 (FY26) की बात करें, तो कंपनी ने स्टैंडअलोन बेसिस पर ₹5,243.19 करोड़ का कुल रेवेन्यू हासिल किया है और सालाना शुद्ध मुनाफा ₹732.96 करोड़ रहा है। वित्तीय मोर्चे पर इस मजबूती के कारण ही बेन कैपिटल के एग्जिट के बाद भी घरेलू फंड हाउसेज ने स्टॉक में खरीदारी करने में जरा भी देर नहीं लगाई।
एशियन मार्केट अपडेट (26 जून): वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों के बीच आज एशियाई शेयर बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिल रही है। वॉल स्ट्रीट पर कल रात आए उतार-चढ़ाव का सीधा असर आज सुबह एशियाई देशों के सूचकांकों पर साफ नजर आ रहा है। दिग्गज टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों में आई अचानक गिरावट ने निवेशकों के सेंटिमेंट को कमजोर कर दिया है, जिसके चलते बाजार में चौतरफा मुनाफावसूली हावी है।टेक शेयरों की कमजोरी से सहमा एशियाई बाजार, निक्केई और कोस्पी औंधे मुंह गिरेशुक्रवार सुबह के कारोबारी सत्र में जापान का प्रमुख इंडेक्स निक्केई (Nikkei) करीब 4.18 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 69,341.00 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। इसके साथ ही दक्षिण कोरिया के कोस्पी (KOSPI) में 7.38 फीसदी की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई।अन्य एशियाई बाजारों का हाल भी कुछ ऐसा ही है:ताइवान का बाजार: 2.28% टूटकर 45,200.59 के स्तर पर आ गया।हैंगसेंग (हांगकांग): 2.32% की कमजोरी के साथ 22,541.00 पर ट्रेंड कर रहा है।स्ट्रेट टाइम्स (सिंगापुर): यहां भी 0.89% की सुस्ती देखी जा रही है।हालांकि, इन सबके उलट चीन का शंघाई कम्पोजिट विपरीत दिशा में चलते हुए 2.57 फीसदी की बढ़त के साथ 4,014.45 के स्तर पर टिका हुआ है। सेमीकंडक्टर कंपनियों की ओर से बेहतर भविष्य के अनुमान (गाइडेंस) आने के बावजूद निवेशक इस समय जोखिम लेने से बच रहे हैं।आज भारतीय शेयर बाजार बंद, BSE और NSE में नहीं होगी कोई हलचलअगर आप आज घरेलू शेयर बाजार में ट्रेडिंग की योजना बना रहे हैं, तो रुक जाइए। भारतीय शेयर बाजार (BSE और National Stock Exchange) आज, 26 जून को मुहर्रम के अवसर पर पूरी तरह बंद हैं। आज इक्विटी, डेरिवेटिव और करेंसी सेगमेंट में कोई कामकाज नहीं होगा। अब बाजार में सोमवार को नियमित रूप से ट्रेडिंग शुरू होगी।वॉल स्ट्रीट पर फीकी पड़ी रफ्तार, Apple की इस घोषणा से मची हलचलअमेरिकी बाजार (Wall Street) में गुरुवार का सत्र काफी मिला-जुला और उतार-चढ़ाव से भरा रहा। टेक-हैवी इंडेक्स नैस्डैक (Nasdaq) बड़े तकनीकी शेयरों में गिरावट के चलते नुकसान के साथ बंद हुआ। दिग्गज टेक कंपनी Apple के शेयरों में 6.1% की भारी गिरावट आई, जिसने पूरे बाजार का मूड बिगाड़ दिया। दरअसल, कंपनी द्वारा Mac, iPad और होम डिवाइसेज की कीमतें बढ़ाने के फैसले से निवेशकों का सेंटिमेंट प्रभावित हुआ। इसका असर 'मैग्निफिसेंट सेवन' (दिग्गज टेक समूह) के अन्य शेयरों पर भी पड़ा।अमेरिकी बाजारों का क्लोजिंग स्टेटस:Dow Jones: 71.72 अंक (0.14%) बढ़कर 51,920.62 पर बंद।S&P 500: 0.73 अंक (0.01%) की मामूली गिरावट के साथ 7,357.49 पर बंद।Nasdaq: 118.03 अंक (0.46%) फिसलकर 25,358.60 के स्तर पर बंद हुआ।माइक्रोन टेक्नोलॉजी की शानदार कमाई और मजबूत आउटलुक के बावजूद अमेरिकी बाजार शुरुआती बढ़त को बरकरार रखने में नाकाम रहे।होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव से कच्चे तेल में सुस्ती, बॉन्ड यील्ड घटीवैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंताएं बढ़ गई हैं। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऑयल ट्रेड रूट 'होर्मुज स्ट्रेट' में एक कमर्शियल जहाज पर मिसाइल (प्रोजेक्टाइल) हमले की खबर के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया। इस भू-राजनीतिक तनाव के बीच वैश्विक तेल सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।दूसरी ओर, अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के पसंदीदा महंगाई आंकड़ों में उम्मीद से कम बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस वजह से बॉन्ड मार्केट को उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व आने वाले समय में ब्याज दरों में बढ़ोतरी के फैसले को टाल सकता है।AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और चिप स्टॉक्स में भारी उतार-चढ़ाव, निवेशक सतर्कमौजूदा समय में दुनिया भर के बाजारों में इस बात को लेकर बहस और चिंता छिड़ी हुई है कि टेक कंपनियों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में किए जा रहे अरबों डॉलर के निवेश से वास्तविक रिटर्न कब और कितना मिलेगा। यही वजह है कि टेक और चिप मैन्युफैक्चरिंग स्टॉक्स में भारी अस्थिरता है। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स और S&P 500 इस तिमाही में अपनी पहली मासिक गिरावट दर्ज करने की कगार पर हैं।भले ही क्वालकॉम ने साल 2029 तक सालाना AI डेटा-सेंटर कंपोनेंट की बिक्री 15 अरब डॉलर से पार ले जाने का भरोसा जताया हो, लेकिन आज एशियाई बाजार में चिप कंपनियों (SK हाइनिक्स, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और कियॉक्सिया होल्डिंग्स) के शेयरों में तगड़ी गिरावट देखी जा रही है।OpenAI का IPO अब 2027 तक टलने की खबरटेक जगत से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आ रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, चैटजीपीटी (ChatGPT) बनाने वाली कंपनी OpenAI अपनी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) को आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है। आंतरिक सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि कंपनी अब अपने IPO को साल 2027 तक टालने की योजना बना रही है, जिससे टेक निवेशकों की उम्मीदों को थोड़ा झटका लगा है।
अगर आप भी नया पासपोर्ट बनवाने या अपने पुराने पासपोर्ट को रिन्यू कराने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खबर है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने पासपोर्ट से जुड़ी तमाम सेवाओं की फीस में बढ़ोतरी का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। सरकार द्वारा जारी नए नोटिफिकेशन के मुताबिक, संशोधित दरें इसी साल 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो जाएंगी।खास बात यह है कि इस बार सामान्य और तत्काल श्रेणी के साथ-साथ पासपोर्ट खोने या खराब होने पर मिलने वाले रिप्लेसमेंट पासपोर्ट की फीस में सबसे ज्यादा इजाफा किया गया है।सामान्य और तत्काल पासपोर्ट: अब चुकाने होंगे इतने रुपयेवयस्कों (Adults) और 15-18 साल के नाबालिगों के लिए 36 पेज और 60 पेज के नए या री-इश्यू पासपोर्ट की नई दरें कुछ इस प्रकार तय की गई हैं:36 पेज पासपोर्ट (Normal): अब इसके लिए ₹1,500 की जगह ₹2,500 देने होंगे।36 पेज पासपोर्ट (Tatkal): तत्काल स्कीम के तहत यह फीस बढ़कर ₹5,000 हो गई है।60 पेज पासपोर्ट (Normal): बड़ी बुकलेट के लिए अब ₹3,500 की फीस लगेगी।60 पेज पासपोर्ट (Tatkal): इस कैटेगरी में आपको ₹6,000 चुकाने होंगे।पासपोर्ट खोने या खराब होने पर जेब होगी और ढीलीअगर आपका पासपोर्ट कहीं गुम हो गया है या डैमेज हो गया है, तो उसके बदले नया रिप्लेसमेंट पासपोर्ट लेना अब काफी महंगा पड़ेगा। सरकार ने इस सेक्शन में सबसे बड़ी बढ़ोतरी की है:36 पेज रिप्लेसमेंट (Normal): इसके लिए आपको ₹5,000 खर्च करने होंगे।36 पेज रिप्लेसमेंट (Tatkal): तत्काल में नया डॉक्यूमेंट लेने के लिए ₹7,500 देने होंगे।60 पेज रिप्लेसमेंट (Normal): इस कैटेगरी की फीस ₹6,000 निर्धारित की गई है।60 पेज रिप्लेसमेंट (Tatkal): इसके लिए सबसे ज्यादा ₹8,500 का भुगतान करना होगा।नाबालिगों के लिए (36 पेज रिप्लेसमेंट): बच्चों के गुमशुदा पासपोर्ट के बदले नया पासपोर्ट नॉर्मल में ₹4,250 और तत्काल में ₹6,750 में बनेगा।पीसीसी (PCC), सरेंडर और अन्य सर्टिफिकेट्स के भी बदले रेटपासपोर्ट के अलावा उससे जुड़ी अन्य जरूरी कागजी कार्यवाहियों के लिए भी नया सर्विस चार्ज तय किया गया है:PCC और सरेंडर सर्टिफिकेट: पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC), सरेंडर सर्टिफिकेट और ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम वेरिफिकेशन जैसी सेवाओं के लिए भारत में अब ₹750 की फीस तय की गई है।सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी: भारत में इसकी कीमत ₹1,000 होगी।विदेशी सेवाएं (Emergency/Identity): भारत से बाहर आपातकालीन सर्टिफिकेट (Emergency Certificate) के लिए 15 USD और पहचान प्रमाण-पत्र (Certificate of Identity) के लिए 50 USD देने होंगे। ध्यान रहे कि इन अंतरराष्ट्रीय सेवाओं के लिए कोई तत्काल सुविधा नहीं मिलेगी।वैलिडिटी के क्या हैं नियम?फीस बदलने के बावजूद पासपोर्ट की वैधता (Validity) के पुराने नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है:वयस्कों (Adults) के लिए जारी किया गया पासपोर्ट पूरे 10 साल के लिए मान्य रहेगा।नाबालिगों (Minors) के लिए जारी पासपोर्ट की वैलिडिटी 5 साल या उनके 18 वर्ष के होने तक (जो भी पहले पूरा हो) मान्य रहेगी।
पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में आरोपी सिया गोयल के माता-पिता का पहला बयान सामने आया है। पिता ने कहा कि दोष साबित होने पर कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलनी चाहिए, जबकि मां ने रिश्ते को लेकर कई अहम बातें कहीं।
राम मंदिर चढ़ावा मामला: 8 आरोपियों पर FIR, चंपत राय का नाम नहीं; विपक्ष ने जांच पर उठाए सवाल
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में 8 लोगों के खिलाफ BNS की गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की गई है। चंपत राय का नाम शामिल न होने पर विपक्ष ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
Top News 26 June : वेनेजुएला में भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 235 हुई। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद में 8 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज। केंद्र सरकार ने कैंसर की नकली दवाओं पर शिकंजा कसा। भारत ने महिला विश्व कप में बांग्लादेश को हराया। ...
जब लगातार फ्लॉप से टूट चुके थे अमिताभ बच्चन, अभिनेत्री बिंदू ने सुनाया शूटिंग का वो मजेदार किस्सा
बॉलीवुड के 'शहंशाह' अमिताभ बच्चन के करियर के शुरुआती दिन आज जितने शानदार लगते हैं, हकीकत में वे उतने ही संघर्षपूर्ण थे। हाल ही में दिग्गज अभिनेत्री बिंदू ने बिग बी के साथ जुड़ा एक ऐसा किस्सा साझा किया है, जो न केवल मजेदार है बल्कि उस दौर के तनाव को भी बयां करता है। बिंदू और अमिताभ ने 'जंजीर' और 'अभिमान' जैसी कई यादगार फिल्मों में साथ काम किया है, लेकिन शूटिंग के दौरान हुई एक घटना ने उन्हें हमेशा के लिए एक हसीन याद दे दी।जब हवा के झोंके ने बदल दी दिशाबिंदू ने एक इंटरव्यू में बताया कि फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में वे लोग ऋषिकेश गए थे। काम खत्म होने के बाद पूरी टीम देहरादून में डिनर के लिए निकली थी। लौटते समय बिंदू पान खा रही थीं। वे बताती हैं, हम खुली खिड़कियों वाली गाड़ी में थे और हवा सीधे मेरे चेहरे पर लग रही थी। मैंने पान थूकने के लिए जैसे ही खिड़की से सिर बाहर निकाला, हवा की दिशा ने सब कुछ बदल दिया। वह पान सीधे अमिताभ बच्चन की शर्ट पर जा गिरा। बिंदू के लिए यह पल बेहद शर्मिंदगी भरा था, लेकिन बिग बी ने जिस तरह इसे संभाला, वह उनकी दरियादिली दर्शाता है।अमिताभ का रिएक्शन और 'इलाहाबाद वाली' चिंताइस घटना के बाद अमिताभ बच्चन ने गुस्सा होने के बजाय बिंदू को माफ कर दिया, लेकिन इसे उन्होंने हमेशा के लिए मजाक का विषय बना लिया। वे अक्सर बिंदू की टांग खिंचाई करते थे। इसी दौरान बिंदू ने एक और गंभीर याद साझा की। उन्होंने बताया कि उन दिनों अमिताभ बच्चन लगातार फ्लॉप फिल्मों के कारण बहुत तनाव में थे। एक बार प्लेन के सफर में उन्होंने बिंदू और अपनी हेयर-ड्रेसर से कहा था, मेरी फिल्में बैक-टू-बैक फ्लॉप हो रही हैं, पता नहीं आगे क्या होगा, अब तो इलाहाबाद की टिकट ही कटवानी पड़ेगी। उस दौर में बिग बी हार मानने की कगार पर थे, लेकिन उसके ठीक बाद 'जंजीर' और 'दीवार' जैसी फिल्मों ने इतिहास बदल दिया और वे सदी के महानायक बन गए।
दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में अगले 6 दिनों तक बारिश के आसार हैं। IMD के अनुसार मानसून तेजी से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और पंजाब की ओर बढ़ रहा है। जानें ताजा मौसम अपडेट।
मानसून की बीमारियों को कहें अलविदा: बदलते मौसम में बार-बार बीमार पड़ने से बचाएंगे ये 5 सुपरफूड्स
भीषण गर्मी के बाद मानसून की फुहारें जहां राहत लेकर आती हैं, वहीं अपने साथ बीमारियों का अंबार भी लाती हैं। हवा में बढ़ी हुई नमी, उमस और दूषित पानी बैक्टीरिया और वायरस के पनपने के लिए अनुकूल माहौल तैयार करते हैं। इस दौरान सर्दी, खांसी, फ्लू और अन्य संक्रमण होना बेहद आम है। ऐसे में शरीर को इन बीमारियों से लड़ने के लिए मजबूत बनाना जरूरी है। आपको अपनी डाइट में बहुत बड़े बदलाव करने की जरूरत नहीं है, बस इन 5 सुपरफूड्स को शामिल कर आप अपनी इम्युनिटी को इतना शक्तिशाली बना सकते हैं कि संक्रमण आपके करीब भी नहीं फटकेंगे।इम्युनिटी को फौलाद बनाने वाले 5 'जादुई' खाद्य पदार्थ1. तुलसी (Basil)तुलसी को आयुर्वेद में औषधियों की रानी कहा गया है। इसमें एंटी-वायरल, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। तुलसी में मौजूद 'यूजेनॉल' नामक आवश्यक तेल मानसून के दौरान सांस संबंधी समस्याओं से सुरक्षा प्रदान करता है। कैसे इस्तेमाल करें: आप तुलसी की ताजी पत्तियों को सीधे चबा सकते हैं, इसे चाय में डालकर ले सकते हैं या फिर तुलसी का पानी पीना बेहद फायदेमंद साबित होता है।2. अदरक (Ginger)अदरक एक बेहतरीन नेचुरल पेनकिलर (दर्द निवारक) है, जो सर्दी-जुकाम के इलाज में रामबाण माना जाता है। यह शरीर की सूजन को कम करने और इम्यून सेल्स को सक्रिय करने में मदद करता है। कैसे इस्तेमाल करें: सब्जी या दाल में अदरक के छोटे टुकड़े डालें। अदरक वाली चाय या इसका काढ़ा पीना मानसून में इम्युनिटी बढ़ाने का सबसे पुराना और प्रभावी तरीका है।3. काली मिर्च (Black Pepper)काली मिर्च में 'पाइपरिन' नामक कंपाउंड पाया जाता है, जो एंटी-बैक्टीरियल होने के साथ-साथ एंटीऑक्सीडेंट्स से भी भरपूर होता है। यह न केवल शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण (absorption) में मदद करती है, बल्कि इम्युनिटी को भी बनाए रखती है। कैसे इस्तेमाल करें: मसालों के अलावा, सूप या सलाद के ऊपर काली मिर्च पाउडर छिड़ककर इसका सेवन करें। यह स्वाद के साथ सेहत का भी तड़का लगाती है।4. करी पत्ता (Curry Leaves)करी पत्ता सिर्फ खाने का स्वाद नहीं बढ़ाता, बल्कि यह एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन्स और मिनरल्स का भंडार है। इसमें मौजूद 'कैरोटीनॉयड्स' इम्युनिटी को बूस्ट करने का काम करते हैं। कैसे इस्तेमाल करें: दाल, सब्जी, रसम या सूप में तड़के के रूप में करी पत्ता शामिल करें। यह भोजन को न केवल स्वादिष्ट बनाता है, बल्कि उसे पोषण से भरपूर भी कर देता है।5. नींबू (Lemon)विटामिन-सी का पावरहाउस माना जाने वाला नींबू शरीर में व्हाइट ब्लड सेल्स की संख्या बढ़ाता है, जो संक्रमण से लड़ने के लिए अनिवार्य हैं। कैसे इस्तेमाल करें: चाय, सलाद, दाल, सब्जी या फिर गुनगुने पानी के साथ नींबू का रोजाना सेवन करें। यह शरीर को अंदर से साफ रखने और बीमारियों को दूर रखने में मदद करता है।
भारतीय क्रिकेट का नया सितारा, 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी, आज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने पदार्पण के लिए पूरी तरह तैयार है। बेलफास्ट में भारत और आयरलैंड के बीच दो मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 26 जून को खेला जाना है। श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में मैदान पर उतरने वाली भारतीय टीम में वैभव सूर्यवंशी के चयन ने हर किसी को हैरान और उत्साहित किया है। हालांकि, मेजबान आयरलैंड ने इस युवा सनसनी को रोकने के लिए अपनी रणनीति पहले ही स्पष्ट कर दी है।वैभव सूर्यवंशी को रोकने के लिए आयरलैंड की खास रणनीतिआयरलैंड के अनुभवी ऑलराउंडर जॉर्ज डॉकरेल ने मैच से पूर्व प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कर दिया कि उनकी टीम भारतीय टीम के साथ-साथ वैभव की आक्रामक बल्लेबाजी से निपटने के लिए तैयार है। डॉकरेल ने कहा, वैभव निश्चित रूप से एक बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना उनकी काबिलियत का प्रमाण है, लेकिन हम उनके लिए कोई विशेष अलग व्यवहार नहीं करेंगे। हमारी योजनाएं वही होंगी जो बाकी भारतीय बल्लेबाजों के लिए हैं। हमें उनकी ताकत का अंदाजा है और हम उन्हें दबाव में डालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत का 'नया दौर'यह सीरीज भारतीय टीम के लिए एक नए अध्याय की तरह है, जहां श्रेयस अय्यर टी20 कप्तान के रूप में टीम की बागडोर संभाल रहे हैं। भारतीय टीम में युवाओं और अनुभव का शानदार मिश्रण है। आयरलैंड के लिए भी यह दौरा खुद को विश्व स्तर पर परखने का एक बड़ा मौका है। डॉकरेल के अनुसार, आयरलैंड की टीम भी अब एक बदलाव के दौर से गुजर रही है, जिसमें कुछ नए चेहरों के साथ टीम की पहचान को नया रूप दिया जा रहा है। विश्व चैंपियन भारत के खिलाफ खेलना आयरलैंड के लिए अपनी तैयारियों को मापने का सबसे अच्छा तरीका है।लार्कन की कप्तानी पर आयरलैंड का भरोसाआयरलैंड की टीम में कप्तान के बदलाव को लेकर डॉकरेल ने खुलकर बात की। उन्होंने लार्कन की कप्तानी की सराहना करते हुए कहा, लार्कन बहुत स्पष्ट सोच रखने वाले और शांत स्वभाव के कप्तान हैं। वे क्रिकेट को गहराई से समझते हैं और टीम में हर खिलाड़ी को अपनी जिम्मेदारी खुद लेने के लिए प्रेरित करते हैं। उनकी कप्तानी में टीम का टी20 क्रिकेट और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है। बेलफास्ट में होने वाले इस मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर होने की पूरी संभावना है, जहाँ एक ओर भारत अपनी बादशाहत कायम रखना चाहेगा, तो दूसरी ओर आयरलैंड अपनी नई रणनीति से उलटफेर करने की कोशिश करेगा।
भारत की धमाकेदार जीत के साथ सेमीफाइनल की उम्मीदें हुई मजबूत, टी20 वर्ल्ड कप का 'हीरो' बना ये खिलाड़ी
महिला टी20 विश्व कप 2026 के 23वें मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने शानदार फॉर्म को जारी रखते हुए बांग्लादेश को एकतरफा अंदाज में 5 विकेट से शिकस्त दी है। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाने की संभावनाओं को और प्रबल कर लिया है। अब भारत के खाते में 6 अंक हो चुके हैं और फैंस की नजरें आगामी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले 'करो या मरो' के मुकाबले पर टिकी हैं।राधा यादव और श्री चरणी की घातक गेंदबाजीमैच में पहले बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेशी टीम भारतीय गेंदबाजों के जाल में बुरी तरह फंस गई। बांग्लादेश की सलामी बल्लेबाज जुएरिया फिरदौस (33) और कप्तान निगार सुल्ताना (32) ने कोशिश जरूर की, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन के आगे टीम 20 ओवर में 8 विकेट खोकर मात्र 136 रन ही बना सकी। भारत की ओर से राधा यादव ने सबसे घातक गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट झटके, वहीं श्री चरणी ने 2 सफलताएं हासिल कीं। श्री चरणी के लिए यह टूर्नामेंट यादगार साबित हो रहा है, जिन्होंने टी20 वर्ल्ड कप के एक एडिशन में सर्वाधिक 12 विकेट लेकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।शेफाली वर्मा की विस्फोटक शुरुआत और रिकॉर्डतोड़ पावरप्ले137 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को शेफाली वर्मा ने एक ऐसी शुरुआत दी, जिसकी कल्पना शायद बांग्लादेश ने नहीं की होगी। स्मृति मंधाना के जल्दी आउट होने के बावजूद शेफाली ने गेंदबाजों पर चौतरफा प्रहार किया। पावरप्ले में भारतीय टीम ने 1 विकेट के नुकसान पर 63 रन जड़ दिए, जो टी20 विश्व कप के इतिहास में भारतीय महिला टीम का पावरप्ले में अब तक का सर्वोच्च स्कोर है। शेफाली ने महज 29 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया और 34 गेंदों में 53 रनों की अपनी धमाकेदार पारी में 8 चौके और 1 छक्का जड़ा।सेमीफाइनल की राह और अब अगला पड़ावशेफाली के आउट होने के बाद यास्तिका भाटिया (23) और कप्तान हरमनप्रीत कौर (नाबाद 13) ने पारी को जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाया और भारत को 16.5 ओवर में ही जीत दिला दी। इस जीत ने न केवल भारतीय टीम का मनोबल बढ़ाया है, बल्कि प्वाइंट्स टेबल में भारत की स्थिति को भी सुरक्षित किया है। अब दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले अगले बड़े मुकाबले का बेसब्री से इंतजार है, जो तय करेगा कि कौन सी टीम सेमीफाइनल का टिकट पक्का करती है।
ट्रेंट ब्रिज में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे तीसरे और निर्णायक टेस्ट मैच के पहले दिन कीवी बल्लेबाजों ने जो धमाल मचाया है, उसने मेजबान टीम के गेंदबाजों के पसीने छुड़ा दिए हैं। सीरीज अभी 1-1 से बराबरी पर है, और इस करो या मरो के मुकाबले में न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाजों ने न केवल शानदार शुरुआत की, बल्कि इंग्लैंड के गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए पहले ही दिन 361 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया।लाथम-कॉन्वे की ऐतिहासिक 317 रनों की साझेदारीमैच की शुरुआत कप्तान टॉम लाथम के टॉस जीतने के साथ हुई। ट्रेंट ब्रिज की बल्लेबाजी के अनुकूल पिच का पूरा फायदा उठाते हुए लाथम और डेवोन कॉन्वे ने पहले विकेट के लिए 317 रनों की विशाल साझेदारी की। टॉम लाथम ने अपने टेस्ट करियर का 17वां शतक जड़ते हुए 151 रनों की शानदार पारी खेली, वहीं दूसरी ओर डेवोन कॉन्वे ने भी अपनी लय बरकरार रखी और 22 चौकों व 3 छक्कों की मदद से 157 रन बनाए। इस साझेदारी ने इंग्लैंड को खेल के पहले सत्र से ही बैकफुट पर धकेल दिया।बेन स्टोक्स की वापसी भी नहीं आई कामदूसरे टेस्ट में अनुशासनात्मक कारणों से बाहर रहने वाले इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन की टीम में वापसी हुई थी। उम्मीद थी कि स्टोक्स का आना इंग्लैंड की गेंदबाजी को धार देगा, लेकिन कीवी बल्लेबाजों के आगे कोई भी रणनीति काम नहीं आई। स्टोक्स ने 13 ओवर में 57 रन लुटाए और उन्हें केवल एक सफलता मिली। जो रूट को एक विकेट जरूर मिला, लेकिन दिन के अंत तक इंग्लैंड के बाकी गेंदबाज जैसे शोएब बशीर, जोफ्रा आर्चर और गस एटकिंसन विकेट के लिए तरसते नजर आए।दिन का खेल: न्यूजीलैंड का पलड़ा भारीहालांकि खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने कुछ वापसी की और हेनरी निकोल्स (36) तथा रचिन रविंद्र (7) के विकेट चटकाए, लेकिन तब तक न्यूजीलैंड की टीम एक मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी थी। दिन का खेल समाप्त होने तक न्यूजीलैंड का स्कोर 4 विकेट पर 361 रन रहा। कीवी टीम की मंशा अब इस मैच में इतना बड़ा स्कोर खड़ा करने की है कि इंग्लैंड को फिर से बल्लेबाजी करने का मौका ही न मिले। यह निर्णायक मुकाबला अब पूरी तरह से न्यूजीलैंड के नियंत्रण में दिख रहा है।
'Gullak 5' के बीच अमेजन प्राइम पर 'पंचायत 2.0' की एंट्री! गांव की इस कहानी पर फिदा हुए फैंस
अगर आप भी 'पंचायत' और 'गुल्लक' जैसी वेब सीरीज के शौकीन हैं और सुकून भरी ग्रामीण कहानियों की तलाश में हैं, तो अमेजन प्राइम वीडियो पर आपके लिए एक बेहतरीन सरप्राइज मौजूद है। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक सीरीज जबरदस्त तरीके से ट्रेंड कर रही है, जिसे दर्शक सीधे तौर पर 'पंचायत 2.0' का दर्जा दे रहे हैं। यह सीरीज है अमोल पाराशर स्टारर 'ग्राम चिकित्सालय' (Gram Chikitsalay), जिसका दूसरा सीजन हाल ही में चुपके से ओटीटी पर रिलीज हुआ है। 5 एपिसोड वाली यह सीरीज कम समय में ही दर्शकों के दिलों में जगह बना चुकी है।पंचायत जैसी क्यों लग रही है ये कहानी?कहानी एक शहर से आए युवा पेशेवर की है, जो अपनी मर्जी के खिलाफ एक सुदूर गांव पहुंचता है। वहां के अजीबोगरीब स्थानीय लोगों के साथ तालमेल बिठाने का संघर्ष, सरकारी सिस्टम की कमियां और धीरे-धीरे उस गांव का अभिन्न अंग बन जाने का सफर—यह सब सुनकर आपको 'पंचायत' के सचिव जी की याद आना स्वाभाविक है। 'ग्राम चिकित्सालय 2' में अमोल पाराशर ने डॉ. प्रभात का किरदार निभाया है, जो तमाम मुश्किलों के बावजूद गांववालों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी उठाने का कठिन रास्ता चुनता है।भ्रष्टाचार और नौकरशाही के बीच 'डॉक्टर साहब' की जंगसीजन 2 की कहानी ग्रामीण इलाके के एक प्राइमरी हेल्थ सेंटर (PHC) के इर्द-गिर्द बुनी गई है। डॉ. प्रभात के सामने चुनौतियां कम नहीं हैं—अस्पताल में दवाओं की कमी, भ्रष्ट सिस्टम और गांव की जटिल राजनीति। अपनी बुद्धिमानी और हास्य के तड़के के साथ, डॉ. प्रभात इन सभी बाधाओं को पार करते हुए अस्पताल को बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं। इस बार कहानी में ग्रामीण राजनीति और सरकारी अड़चनों को और अधिक गहराई के साथ दिखाया गया है, जो दर्शकों को पूरी तरह से बांधे रखता है।दमदार स्टारकास्ट और कहां देखें?इस सीरीज की सबसे बड़ी ताकत इसकी बेहतरीन स्टारकास्ट है। अमोल पाराशर के साथ विनय पाठक, आकांक्षा रंजन कपूर और दिनेश लाल यादव जैसे मंझे हुए कलाकार नजर आए हैं। 5 एपिसोड की यह सीरीज न तो ज्यादा लंबी है और न ही उबाऊ, जो इसे 'बिंज-वॉच' (Binge-watch) के लिए परफेक्ट बनाती है। अगर आप भी वीकेंड पर एक ऐसी सीरीज देखना चाहते हैं जो हंसाए भी और दिल को छू भी जाए, तो अमेजन प्राइम वीडियो पर 'ग्राम चिकित्सालय 2' जरूर देखें।
'स्त्री 2' की ऐतिहासिक सफलता के बाद, श्रद्धा कपूर अपने करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण और पावरफुल फिल्म 'ईठा' (Eetha) के साथ बड़े पर्दे पर वापसी के लिए तैयार हैं। फिल्म का टीजर सामने आते ही दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह है, जिसमें श्रद्धा एक लावणी डांसर के रूप में नजर आ रही हैं। यह फिल्म महाराष्ट्र की महान लोक कलाकार विठाबाई भाऊ मंग नारायणगांवकर के जीवन पर आधारित है। टीजर का वह दृश्य, जिसमें एक महिला मंच के पीछे बच्चे को जन्म देने के तुरंत बाद स्टेज पर परफॉर्मेंस के लिए लौटती है, विठाबाई की उस अटूट कला-साधना की झलक दिखाता है, जिसने उन्हें 'तमाशा सम्राज्ञी' के खिताब तक पहुंचाया।कौन थीं विठाबाई नारायणगांवकर1 जुलाई 1935 को पंढरपुर में जन्मी विठाबाई का जीवन लोक-संस्कृति के गलियारों से शुरू हुआ था। उनका परिवार पूरी तरह से कला को समर्पित था। उनके दादा ने एक पारंपरिक घूमती-फिरती लोक मंडली (तमाशा मंडली) शुरू की थी, जिसे बाद में उनके पिता और चाचा ने 'भाऊ-बापू मांग' के नाम से आगे बढ़ाया। पारंपरिक थिएटर के माहौल में पली-बढ़ीं विठाबाई ने बहुत कम उम्र से ही मंच संभाल लिया था। उनकी गायकी और लावणी डांस की शैली इतनी प्रभावशाली थी कि उन्होंने न केवल महाराष्ट्र, बल्कि पूरे भारत में लोक-संस्कृति की एक अमिट छाप छोड़ी।'तमाशा सम्राज्ञी' का खिताब और संघर्ष भरी जिंदगीविठाबाई को उनकी दमदार परफॉर्मेंस और कला के प्रति असीम समर्पण के लिए 'तमाशा सम्राज्ञी' (तमाशा की रानी) कहा जाता था। उनका जीवन मंच और लोक-कला के प्रति जुनून की मिसाल था। उनके बारे में कई ऐसी कहानियां मशहूर हैं, जो उनके जज्बे को दर्शाती हैं, जिनमें से एक फिल्म 'ईठा' में भी देखने को मिलेगी। मंच पर उनकी मौजूदगी दर्शकों को सम्मोहित कर देती थी। 66 साल की उम्र में लकवे का दौरा पड़ने के बाद 15 जनवरी 2002 को उनका निधन हुआ, लेकिन उनकी विरासत आज भी जीवित है। उनकी स्मृति को सम्मान देने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने 2006 में 'विठाबाई नारायणगावकर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड' की शुरुआत की, जो आज भी लोक-कलाकारों को दिया जाता है।फिल्म 'ईठा' से क्या उम्मीदें हैंश्रद्धा कपूर का इस भूमिका के लिए चयन उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाता है। एक ऐसी महिला का किरदार निभाना, जो अपनी निजी जिंदगी के उतार-चढ़ाव और शारीरिक कष्टों के बावजूद मंच पर पूरे साहस के साथ डटी रहती थी, श्रद्धा के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है। फिल्म में विठाबाई की उन अनकही कहानियों को पर्दे पर उतारा जाएगा, जो दशकों से महाराष्ट्र की मिट्टी में दबी हुई थीं। प्रशंसकों को अब श्रद्धा के इस नए अवतार का बेसब्री से इंतजार है, जो यकीनन लोक-कला के प्रति नए नजरिए को जन्म देगा।
भारतीय फिल्म संगीत के इतिहास में अगर कोई जोड़ी रूह को सुकून देने के लिए जानी जाती है, तो वह है संगीतकार मदन मोहन और 'सुर साम्राज्ञी' लता मंगेशकर की जोड़ी। 'लग जा गले', 'आपकी नजरों ने समझा' और 'नैना बरसे रिमझिम' जैसे गीतों ने आज भी अपनी जादुई पकड़ बना रखी है। लता मंगेशकर उन्हें न केवल अपना पसंदीदा संगीतकार मानती थीं, बल्कि उन्हें एक भाई की तरह मानती थीं। लेकिन संगीत की दुनिया के इस 'शहजादे' की कहानी जितनी सुरीली है, उतनी ही संघर्षपूर्ण भी रही है।सेना की वर्दी से संगीत के सुरों तकबहुत कम लोग जानते हैं कि संगीत की गहराई में उतरने से पहले मदन मोहन देश की रक्षा के लिए सेना में तैनात थे। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, 1943 में अपनी एक साल की सैन्य ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वे भारतीय सेना में 'सेकंड लेफ्टिनेंट' के पद पर कार्यरत हुए थे। युद्ध की विभीषिका के बाद जब उन्होंने सेना से इस्तीफा दिया, तो वे मुंबई लौट आए। 'ऑल इंडिया रेडियो' से जुड़कर उन्होंने अपने संगीत के सफर की शुरुआत की, जिसने आगे चलकर लता मंगेशकर की आवाज को एक नई ऊंचाई दी।सिद्धांतों के धनी, जिन्हें देर से मिली पहचानमदन मोहन का संगीत गजल और शास्त्रीय संगीत का एक ऐसा अनूठा संगम था, जो सीधे दिल में उतर जाता था। वे बेहद सादगी पसंद और उसूलों के पक्के इंसान थे। फिल्मी दुनिया की चकाचौंध और दिखावे से दूर रहने के कारण उन्हें अपने करियर में कई बार काम के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा। फिल्म इंडस्ट्री की व्यावसायिक दौड़ में वे अक्सर पिछड़ जाते थे। यह विडंबना ही है कि जिस कलाकार ने 'वो कौन थी', 'अनपढ़' और 'हीर रांझा' जैसी फिल्मों में अपनी बेहतरीन धुनें दीं, उन्हें उनके जीते जी वह मुकाम नहीं मिला जिसके वे हकदार थे।निधन के बाद 'अमर' हुआ उनका संगीत1975 में जब मदन मोहन ने इस दुनिया को अलविदा कहा, तब जाकर लोगों को उनकी धुनो की असल कीमत समझ आई। मौत के बाद उनके संगीत को जो शोहरत मिली, उसने उन्हें हमेशा के लिए अमर कर दिया। लता मंगेशकर ने उन्हें प्यार से 'गजल का शहजादा' कहा था, और आज उनकी रचनाएं संगीत के छात्रों और प्रेमियों के लिए किसी स्कूल से कम नहीं हैं। मदन मोहन की सादगी और उनके गहरे संगीत ने साबित कर दिया कि असली हुनर किसी दिखावे का मोहताज नहीं होता, वह समय की कसौटी पर हमेशा खरा उतरता है।
FY26 में दिए ₹62,722 करोड़, पिछले 10 सालों में कुल योगदान ₹4.83 लाख करोड़ के पार
भारतीय उद्योग जगत में वेदांता लिमिटेड ने एक बार फिर अपनी आर्थिक मजबूती और राष्ट्र-निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण दिया है। अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली इस दिग्गज खनन और संसाधन कंपनी ने अपनी 11वीं टैक्स ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट जारी की है, जिसके आंकड़े हैरान करने वाले हैं। वित्त वर्ष 2026 (FY26) में वेदांता ने सरकारी खजाने में कुल ₹62,722 करोड़ का योगदान दिया है, जो कि कंपनी के परिचालन से हुई कुल कमाई का लगभग 36% हिस्सा है। यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 13.3% की भारी वृद्धि दर्शाता है।पिछले एक दशक की शानदार गाथावेदांता का आर्थिक योगदान केवल एक साल तक सीमित नहीं है। कंपनी द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले दस वर्षों के दौरान वेदांता ने भारतीय अर्थव्यवस्था में कुल ₹4,83,034 करोड़ का योगदान दिया है। यह विशाल राशि देश के बुनियादी ढांचे, सामाजिक कल्याण और विकास योजनाओं को गति देने में सीधे तौर पर सहायक रही है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह योगदान उनके द्वारा अर्जित कुल राजस्व का 36 प्रतिशत है, जो भारत के आर्थिक विकास में उनके बड़े हिस्से को दर्शाता है।कहाँ से आया सबसे बड़ा योगदान?वेदांता के इस रिकॉर्ड तोड़ योगदान में विभिन्न वर्टिकल्स का अहम रोल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार:जिंक कारोबार: इस साल जिंक ने सबसे ज्यादा ₹19,053 करोड़ का योगदान दिया।एल्युमीनियम: वेदांता एल्युमीनियम की ओर से ₹15,788 करोड़ का योगदान आया।ऑयल एंड गैस: इस सेक्टर से सरकारी खजाने में ₹11,697 करोड़ जमा हुए।टैक्स और रॉयल्टी के जरिए मजबूत किया भारत का वित्तीय आधारवेदांता ने यह राशि केवल एक टैक्स के रूप में नहीं, बल्कि कई रूपों में जमा की है। कंपनी ने माइनिंग और हाइड्रोकार्बन प्रोडक्शन के लिए राजस्थान, ओडिशा, गुजरात, छत्तीसगढ़, गोवा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और असम जैसे राज्यों को रॉयल्टी और प्रॉफिट पेट्रोलियम के तौर पर ₹14,840 करोड़ का भुगतान किया। इसके अलावा, कंपनी ने ₹21,777 करोड़ का इनडायरेक्ट टैक्स (CGST, SGST और IGST) जमा किया। साथ ही, इनकम और कैपिटल टैक्स के रूप में ₹8,290 करोड़ और डिविडेंड के रूप में सरकार को ₹1,180 करोड़ से अधिक की राशि मिली। इन आंकड़ों से साफ है कि वेदांता भारत की अर्थव्यवस्था की धुरी बनने की ओर तेजी से अग्रसर है।
राम मंदिर दान विवाद: केजरीवाल बोले, बड़े नामों को बचाने के लिए बनाई गई एसआईटी
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में दान चोरी की जांच के लिए बनाई गई विशेष जांच टीम सिर्फ 'आंखों में धूल झोंकने' वाली कार्रवाई है।
ओवैसी ने एमईए के बयान पर जताई आपत्ति, कहा- पासपोर्ट को नागरिकता से अलग मानना अनुचित
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भारतीय विदेश मंत्रालय (एमईए) के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें कहा गया था कि पासपोर्ट केवल एक यात्रा दस्तावेज है और इसे नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जा सकता
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में जब भी किसी रिकॉर्ड को तोड़ने या नया कीर्तिमान स्थापित करने की बात आती है, तो जेहन में सबसे पहले सचिन तेंदुलकर या विराट कोहली का नाम कौंधता है। लेकिन अब इस एलीट लिस्ट में एक और ऐसा नाम जुड़ गया है जिसने बेहद छोटी उम्र में दुनिया को हैरान कर दिया है। जी हां, हम बात कर रहे हैं क्रिकेट के नए वंडर बॉय वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) की। वैभव ने अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी और अद्भुत खेल कौशल के दम पर क्रिकेट के मैदान पर एक ऐसा ऐतिहासिक कारनामा कर दिखाया है, जिसे उनसे पहले भारत के लिए सिर्फ सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसे महान खिलाड़ी ही अपने नाम कर सके थे। इस उपलब्धि के बाद से ही वैभव सूर्यवंशी पूरे खेल जगत में छा गए हैं।सचिन और विराट के बाद यह जादुई उपलब्धि हासिल करने वाले बने सबसे युवा भारतीयबिहार से ताल्लुक रखने वाले वैभव सूर्यवंशी ने खेल के सबसे कठिन फॉर्मेट में अपनी तकनीकी क्षमता और मानसिक मजबूती का लोहा मनवाया है। उन्होंने इस विशेष रिकॉर्ड को अपने नाम करते ही खुद को भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े दिग्गजों के समकक्ष ला खड़ा किया है। क्रिकेट सांख्यिकीविदों के अनुसार, इतनी कम उम्र में इस तरह के दबाव वाले मैचों में निरंतरता के साथ रन बनाना और टीम को फ्रंट से लीड करना हर किसी के बस की बात नहीं होती। वैभव ने जिस मैच्योरिटी के साथ मैदान पर शॉट्स खेले, उसने चयनकर्ताओं से लेकर सीनियर क्रिकेटरों तक को यह मानने पर मजबूर कर दिया है कि वह टीम इंडिया के अगले बड़े सुपरस्टार बनने की राह पर हैं।मैदान के चारों तरफ की आतिशी बल्लेबाजी, दिग्गज गेंदबाजों की उड़ाई धज्जियांमैच के दौरान वैभव सूर्यवंशी का रवैया बेहद आक्रामक और सकारात्मक रहा। विरोधी टीम के पास इस युवा खब्बू बल्लेबाज की स्विंग और गति को खेलने की रणनीति का कोई जवाब नहीं था। वैभव ने स्पिनर्स के खिलाफ कदमों का बेहतरीन इस्तेमाल किया तो वहीं तेज गेंदबाजों के खिलाफ फ्रंट फुट और बैक फुट पर जाकर कुछ ऐसे दर्शनीय कट्स और पुल शॉट्स लगाए, जिन्होंने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी इस कप्तानी पारी की बदौलत न सिर्फ टीम ने मैच में अपनी पकड़ मजबूत की, बल्कि वर्ल्ड क्रिकेट को एक ऐसा युवा बल्लेबाज भी मिल गया जो आने वाले समय में कई और बड़े रिकॉर्ड्स को नेस्तनाबूद करने का माद्दा रखता है।डोमेस्टिक क्रिकेट से आईपीएल और टीम इंडिया तक का सफर हुआ आसानविशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी द्वारा बनाया गया यह रिकॉर्ड उनके करियर के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होने वाला है। डोमेस्टिक क्रिकेट और जूनियर स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन करने के बाद, अब इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने उनके लिए आईपीएल (IPL) फ्रेंचाइजियों और सीनियर भारतीय टीम के दरवाजे बहुत तेजी से खोल दिए हैं। क्रिकेट पंडितों ने सोशल मीडिया पर इस युवा खिलाड़ी की तुलना बचपन के सचिन तेंदुलकर से करनी शुरू कर दी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि वैभव अपनी इस बेमिसाल फॉर्म को आगे किस तरह बरकरार रखते हैं और देश का नाम रोशन करते हैं।
क्रिकेट के दीवानों के लिए एक बेहद बड़ी और रोमांचक खबर सामने आ रही है। वर्ल्ड कप के बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बांग्लादेश को 5 विकेट से करारी शिकस्त दे दी है। इस टूर्नामेंट में यह भारत की लगातार तीसरी बड़ी जीत है। इस धमाकेदार जीत के साथ ही टीम इंडिया ने न सिर्फ अंक तालिका (Points Table) में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है, बल्कि सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को भी पूरी तरह से जिंदा और बरकरार रखा है। भारतीय फैंस इस जीत के बाद से ही जश्न में डूबे हुए हैं।कसी हुई गेंदबाजी के आगे बेबस हुए बांग्लादेशी बल्लेबाज, भारत को मिला था आसान लक्ष्यमैच की शुरुआत में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेश की टीम भारतीय गेंदबाजों की आग उगलती गेंदों के सामने टिक नहीं सकी। भारतीय तेज गेंदबाजों और स्पिनर्स की जुगलबंदी ने कसी हुई गेंदबाजी का मुजाहिरा करते हुए बांग्लादेशी बल्लेबाजों को हाथ खोलने का कोई मौका नहीं दिया। नियमित अंतराल पर विकेट गिरने की वजह से बांग्लादेश की टीम निर्धारित ओवरों में एक बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही। भारतीय फील्डर्स ने भी मैदान पर मुस्तैदी दिखाते हुए कई शानदार कैच पकड़े, जिसके चलते बांग्लादेश की पारी एक मामूली स्कोर पर ही सिमट गई और भारत के सामने जीत के लिए एक आसान सा लक्ष्य रहा।लड़खड़ाने के बाद संभली टीम इंडिया, धुआंधार बल्लेबाजी से 5 विकेट से जीती बाजीलक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत थोड़ी उतार-चढ़ाव भरी रही। बांग्लादेशी गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में कसी हुई गेंदबाजी कर भारत के कुछ महत्वपूर्ण विकेट चटकाकर मैच में रोमांच लाने की कोशिश की। एक समय ऐसा लगा कि मैच फंस सकता है, लेकिन मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने सूझबूझ और आक्रामक बल्लेबाजी का बेहतरीन नजारा पेश किया। क्रीज पर मौजूद बल्लेबाजों ने मैदान के चारों तरफ चौके-छक्कों की बरसात करते हुए रन गति को बनाए रखा। अंत में टीम इंडिया ने बेहद आसानी से 5 विकेट खोकर लक्ष्य को हासिल कर लिया और देश को एक शानदार जीत का तोहफा दिया।सेमीफाइनल का समीकरण हुआ साफ, अब इस मुकाबले पर टिकी हैं सबकी नजरेंइस तीसरी जीत के साथ ही भारतीय टीम के सेमीफाइनल का रास्ता बेहद आसान नजर आ रहा है। पॉइंट्स टेबल में नेट रन रेट (NRR) के मामले में भी भारत को इस मैच से बड़ा फायदा मिला है। हालांकि, सेमीफाइनल की रेस आधिकारिक तौर पर पक्की करने के लिए भारत को अपने आगामी मैचों में भी इस विजयी रथ को जारी रखना होगा। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि जिस लय में इस समय भारतीय टीम के गेंदबाज और बल्लेबाज प्रदर्शन कर रहे हैं, उसे देखते हुए टीम इंडिया को इस बार खिताब का सबसे मजबूत दावेदार माना जा सकता है।
प्रकृति ने हमें कई ऐसे फल दिए हैं जो स्वाद के साथ-साथ सेहत से भी भरपूर होते हैं। आमतौर पर हम किसी भी फल का गूदा (पल्प) खा लेते हैं और उसके बीजों को बेकार समझकर डस्टबिन में फेंक देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा फल भी है जिसके बीज दिखने में बिल्कुल गोल और काली मिर्च (Black Pepper) जैसे होते हैं, और वे न्यूट्रिशन के मामले में फल के गूदे से भी कई गुना ज्यादा शक्तिशाली हैं? जी हां, हम बात कर रहे हैं पपीते के बीजों (Papaya Seeds) की। हेल्थ एक्सपर्ट्स और डाइटीशियन के अनुसार, पपीते के ये छोटे-छोटे काले बीज औषधीय गुणों की खान हैं, जो शरीर की कई गंभीर बीमारियों को जड़ से खत्म करने की ताकत रखते हैं।पेट के कीड़ों का काल और पाचन तंत्र के लिए संजीवनी बूटी हैं ये बीजआजकल की खराब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी खान-पान की वजह से ज्यादातर लोग कब्ज, गैस और अपच की समस्या से परेशान रहते हैं। पपीते के बीजों में 'पपेन' (Papain) नाम का एक बेहद पावरफुल एंजाइम पाया जाता है, जो हमारे पाचन तंत्र को सुपरफास्ट बनाने का काम करता है। यह एंजाइम पेट में मौजूद प्रोटीन को आसानी से पचाने में मदद करता है। इसके अलावा, इन बीजों में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-पैरासिटिक गुण होते हैं, जो पेट और आंतों में पनपने वाले हानिकारक कीड़ों और बैक्टीरिया को पूरी तरह से नष्ट कर देते हैं। अगर आपको अक्सर पेट की समस्या रहती है, तो ये बीज आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं।लिवर को डिटॉक्स करने और किडनी को सुरक्षित रखने का अचूक नुस्खाहमारा लिवर और किडनी शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंग हैं, जो खून को साफ करने और टॉक्सिन्स (जहरीले पदार्थों) को बाहर निकालने का काम करते हैं। ज्यादा ऑयली और जंक फूड खाने से लिवर पर बुरा असर पड़ता है। आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा दोनों में माना गया है कि पपीते के बीज लिवर सिरोसिस (Liver Cirrhosis) जैसी गंभीर बीमारी में बेहद फायदेमंद साबित होते हैं। ये बीज एक बेहतरीन नेचुरल डिटॉक्सिफायर की तरह काम करते हैं, जो लिवर और किडनी में जमा सारी गंदगी को साफ कर उन्हें दोबारा नई जैसी ताकत प्रदान करते हैं।वजन घटाने और इम्यूनिटी को फौलादी बनाने में मददगार है यह सुपरफूडअगर आप तेजी से अपना वजन कम करना चाहते हैं, तो पपीते के बीजों को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। इन बीजों में प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है, जो मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है और शरीर में एक्स्ट्रा फैट को जमने नहीं देता। इसके साथ ही, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन-सी आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को इतना मजबूत बना देते हैं कि बदलते मौसम में होने वाले सर्दी, खांसी और वायरल इन्फेक्शन आपसे कोसों दूर रहते हैं।कड़वे बीजों को खाने का सही तरीका, बस इतनी मात्रा का रखें ध्यानपपीते के बीज स्वाद में थोड़े तीखे और कड़वे होते हैं, इसलिए इन्हें सीधे चबाकर खाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। इन्हें इस्तेमाल करने का सबसे बेस्ट तरीका यह है कि आप पपीते के बीजों को सुखाकर उनका बारीक पाउडर बना लें। इस पाउडर को आप रोज सुबह गुनगुने पानी के साथ आधा चम्मच ले सकते हैं। इसके अलावा, आप इस पाउडर को अपनी सलाद, सूप या स्मूदी के ऊपर छिड़ककर (स्प्रिंकल करके) भी खा सकते हैं। ध्यान रहे कि ये बीज तासीर में बेहद गर्म होते हैं, इसलिए एक दिन में 4 से 5 ग्राम (आधे चम्मच) से ज्यादा इसका सेवन न करें। गर्भवती महिलाओं को इसके सेवन से पूरी तरह बचना चाहिए।
बंपर डिमांड और अंधाधुंध कमाई, फिर भी भारत में पूरी तरह बैन है ये मछली; वजह जानकर दहल जाएगा आपका दिल
भारतीय मत्स्य बाजार में मछलियों की मांग हमेशा सातवें आसमान पर रहती है। कई मछलियां अपनी बेहतरीन ग्रोथ और स्वाद के लिए जानी जाती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसी मछली भी है जो महज कुछ ही महीनों में बहुत तेजी से बढ़ती है, जिसे पालने में लागत न के बराबर आती है और बाजार में जिसकी अवैध बिक्री से लोग लाखों कमाते हैं—फिर भी भारत सरकार ने इसे देश में पूरी तरह से बैन (Prohibited) कर रखा है। पहली नजर में यह बात चौंकाने वाली लग सकती है कि इतनी मुनाफेदार चीज पर पाबंदी क्यों है, लेकिन इसके पीछे की जो खौफनाक वजह है, उसने वैज्ञानिकों से लेकर पर्यावरणविदों तक की रातों की नींद उड़ा रखी है।आखिर कौन सी है यह मछली और क्यों इसे कहा जाता है 'जलीय दानव'हम जिस मछली की बात कर रहे हैं, उसका नाम है 'थाई मांगुर' (Thai Magur) या अफ्रीकन कैटफिश (African Catfish)। सामान्य देसी मांगुर के विपरीत, यह हाइब्रिड प्रजाति बेहद खतरनाक मानी जाती है। इसके बैन होने की सबसे पहली और बड़ी वजह इसका मांसाहारी और बेहद आक्रामक स्वभाव है। यह मछली पानी के भीतर एक 'साइलेंट किलर' या जलीय दानव की तरह काम करती है। यह इतनी भूखी और हिंसक होती है कि जिस तालाब या नदी में इसे पाला जाता है, वहां मौजूद दूसरी सभी स्थानीय मछलियों, कछुओं, मेंढकों और जलजीवों को खाकर उनका अस्तित्व पूरी तरह खत्म कर देती है। इससे हमारा जलीय पारिस्थितिकी तंत्र (Aquatic Ecosystem) पूरी तरह तबाह हो जाता है।गंदे गटर के पानी में भी हो जाती है बड़ी, इंसानी सेहत के लिए है 'धीमा जहर'थाई मांगुर की सबसे बड़ी खासियत और खराबी यह है कि यह किसी भी तरह के बेहद गंदे, प्रदूषित और गटर के पानी में भी आसानी से जिंदा रह सकती है और बहुत तेजी से अपना वजन बढ़ा लेती है। इसके इस स्वभाव का फायदा उठाकर कुछ लालची कारोबारी इसे सड़े-गले मांस, मरे हुए जानवरों के अवशेष और गंदी चीजें खिलाकर पालते हैं। इस वजह से इस मछली के शरीर में भारी मात्रा में लेड (सीसा), आयरन और खतरनाक बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों के मुताबिक, इस दूषित थाई मांगुर मछली का सेवन करने से इंसानों में कैंसर, लिवर डैमेज, पेट की गंभीर बीमारियां और स्किन इंफेक्शन होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यह सेहत के लिए किसी धीमे जहर से कम नहीं है।सरकार की सख्त पाबंदी और भारी जुर्माने के बावजूद क्यों फल-फूल रहा है इसका काला बाजारभारत सरकार और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने इसके खतरनाक दुष्प्रभावों को देखते हुए साल 2000 में ही थाई मांगुर के पालन, बिक्री और परिवहन पर देशव्यापी प्रतिबंध लगा दिया था। स्थानीय प्रशासन और मत्स्य विभाग अक्सर छापेमारी करके हजारों क्विंटल अवैध मांगुर को नष्ट भी करते हैं। इसके बावजूद, चोरी-छिपे इसका काला बाजार इसलिए फल-फूल रहा है क्योंकि यह मछली बेहद सस्ती दरों पर मिल जाती है और आम लोग अनजाने में इसे देसी मांगुर समझकर खरीद लेते हैं। अगर आप भी बाजार से मछली खरीदते हैं, तो अत्यधिक गहरे काले या भूरे रंग की बड़ी मांगुर मछली को खरीदने से बचें, क्योंकि आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपके पूरे परिवार की सेहत को बड़े खतरे में डाल सकती है।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहतमंद रहना किसी चुनौती से कम नहीं है। जिम जाने का वक्त न हो और महंगे सप्लीमेंट्स पर पैसे खर्च नहीं करने हों, तो हेल्थ एक्सपर्ट्स अब एक बेहद अनोखा और असरदार तरीका अपनाने की सलाह दे रहे हैं। सुबह उठकर टूथब्रश करना हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का एक सामान्य हिस्सा है, लेकिन अगर आप इसी 2 मिनट की एक्टिविटी में एक छोटा सा बदलाव कर लें, तो यह आपकी पूरी सेहत को सुधार सकता है। डॉक्टरों और फिटनेस गुरुओं के अनुसार, रोजाना सुबह एक पैर पर खड़े होकर ब्रश करने से शरीर को ऐसे गजब के फायदे मिलते हैं, जिनकी कल्पना भी सामान्य तौर पर नहीं की जा सकती।दिमाग और शरीर का संतुलन होगा मजबूत, न्यूरोलॉजिकल हेल्थ के लिए है वरदानजब आप सुबह उठकर अपने एक पैर को जमीन से ऊपर उठाते हैं और दूसरे पैर पर पूरे शरीर का संतुलन बनाकर ब्रश करते हैं, तो आपका दिमाग तुरंत एक्टिव मोड में आ जाता है। न्यूरोलॉजिस्ट्स के मुताबिक, यह साधारण सी दिखने वाली एक्टिविटी असल में एक बेहतरीन 'ब्रेन एक्सरसाइज' है। एक पैर पर टिकने के लिए हमारे मस्तिष्क को मांसपेशियों के साथ गहरा तालमेल बिठाना पड़ता है। इससे एकाग्रता (Focus) बढ़ती है, मानसिक सतर्कता आती है और बढ़ती उम्र के साथ होने वाली अल्जाइमर या भूलने की बीमारी का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।रीढ़ की हड्डी और कोर मसल्स होंगी फौलादी, उठने-बैठने का पॉश्चर सुधरेगाघंटों ऑफिस में कुर्सी पर बैठे रहने या गलत तरीके से लेटने की वजह से आजकल ज्यादातर लोग कमर दर्द और खराब बॉडी पॉश्चर (Body Posture) से परेशान हैं। एक पैर पर खड़े होकर ब्रश करने की यह 2 मिनट की आदत आपकी कोर मसल्स (पेट और पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियां) को एक्टिवेट करती है। संतुलन बनाए रखने के चक्कर में रीढ़ की हड्डी पर जोर पड़ता है, जिससे वह बिल्कुल सीधी और मजबूत होती है। कुछ ही दिनों में आप महसूस करेंगे कि आपका झुककर चलने या बैठने का पुराना तरीका अपने आप सुधरने लगा है और पीठ के पुराने दर्द से राहत मिल रही है।जोड़ों और टखनों को मिलती है मजबूती, बुढ़ापे में गिरने का डर होगा खत्मअक्सर देखा जाता है कि उम्र बढ़ने के साथ ही शरीर के जोड़ों और टखनों (Ankles) की ताकत कम होने लगती है, जिससे अचानक संतुलन बिगड़ने और गिरने का खतरा बढ़ जाता है। रोजाना सुबह एक-एक मिनट के लिए दोनों पैरों पर बारी-बारी से खड़े होकर ब्रश करने से पैर के निचले हिस्से की हड्डियों और जोड़ों की डेंसिटी बेहतर होती है। यह एक्टिविटी आपके टखनों को इतनी मजबूती दे देती है कि बुढ़ापे में भी आपका शरीर पूरी तरह स्टेबल और बैलेंस्ड रहता है। तो देर किस बात की, कल सुबह से ही सेहत से जुड़े इस जादुई और बिना खर्च वाले 2 मिनट के फॉर्मूले को अपनी रूटीन का हिस्सा जरूर बनाएं।
क्या आपके पास रखी खाली कुर्सी बढ़ा रही है आपका मानसिक तनाव और अपनों से दूरी
हम अपने घरों और ऑफिस को सुंदर बनाने के लिए तरह-तरह के फर्नीचर, सोफे और कुर्सियां लगाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके वर्कस्पेस या लिविंग रूम में रखी एक अदद 'खाली कुर्सी' भी आपकी जिंदगी, तरक्की और मानसिक शांति को सीधे प्रभावित कर सकती है? जी हां, वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) में कुर्सियों और उनके बैठने के तरीके को लेकर कई ऐसे अनसुने और गहरे रहस्य बताए गए हैं, जिन्हें अमूमन लोग नजरअंदाज कर देते हैं। वास्तु विज्ञान के अनुसार, काम करने की जगह या घर के मुख्य हिस्से में लंबे समय तक किसी कुर्सी का खाली रहना नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) को न्योता देता है, जिससे न सिर्फ तनाव बढ़ता है बल्कि अपनों से दूरियां भी बढ़ने लगती हैं।खाली कुर्सी कैसे बनती है मानसिक तनाव और नकारात्मक ऊर्जा का बड़ा कारणवास्तु शास्त्र में माना जाता है कि हर वस्तु की अपनी एक ऊर्जा और कंपन (Vibrations) होती है। जब कोई कुर्सी आपके केबिन या घर में लगातार खाली पड़ी रहती है, तो वहां ऊर्जा का प्रवाह रुक जाता है और 'स्थिरता' आने लगती है, जो धीरे-धीरे नकारात्मकता में बदल जाती है। विशेष रूप से यदि आपके ठीक सामने या आपके बगल की कुर्सी हमेशा खाली रहती है, तो यह आपके अवचेतन मन पर अकेलापन और असुरक्षा की भावना पैदा करता है। यही वजह है कि बिना किसी ठोस कारण के भी व्यक्ति खुद को मानसिक रूप से थका हुआ, तनावग्रस्त और चिड़चिड़ा महसूस करने लगता है।सहकर्मियों और परिवार के रिश्तों में दूरियां आने का यह है गुप्त वास्तु दोषकार्यस्थल (Workplace) पर अगर आपके पार्टनर या टीम मेंबर की कुर्सी अक्सर खाली दिखती है या वहां कोई नहीं बैठता, तो यह आपसी तालमेल को बिगाड़ सकता है। वास्तु के अनुसार, यह स्थिति विचारों में मतभेद और अविश्वास को जन्म देती है, जिससे धीरे-धीरे पेशेवर और व्यक्तिगत रिश्तों में दूरियां बढ़ने लगती हैं। ठीक इसी तरह, घर के डाइनिंग टेबल या लिविंग रूम में किसी एक कुर्सी का हमेशा खाली और उपेक्षित रहना परिवार के सदस्यों के बीच संवादहीनता और अलगाव की स्थिति पैदा करता है। लोग एक ही छत के नीचे रहकर भी एक-दूसरे से कटा हुआ महसूस करने लगते हैं।आर्थिक नुकसान और करियर में रुकावट से बचने के लिए तुरंत करें ये आसान उपायअगर आपके ऑफिस या घर में कुर्सियां खाली रखना आपकी मजबूरी है, तो वास्तु दोष के इन दुष्प्रभावों से बचने के लिए आप कुछ बहुत ही सरल और प्रभावी उपाय अपना सकते हैं:कुर्सी की दिशा बदलें: यदि कोई कुर्सी इस्तेमाल में नहीं है, तो उसे अपनी मुख्य टेबल के ठीक सामने रखने के बजाय थोड़ा साइड में या दीवार की तरफ मुंह करके रख दें।सकारात्मक चीजें रखें: खाली कुर्सी पर आप कोई सुंदर रंगीन कुशन (तकिया) रख सकते हैं या उसके पास एक छोटा इनडोर प्लांट (जैसे मनी प्लांट या बैम्बू प्लांट) रख सकते हैं, जो वहां की ऊर्जा को एक्टिव रखेगा।फर्नीचर को रोटेट करें: समय-समय पर कुर्सियों की जगह बदलते रहें ताकि किसी एक जगह पर ऊर्जा ब्लॉक न हो। साथ ही, टूटी या चरचराहट की आवाज करने वाली कुर्सियों को तुरंत ठीक कराएं या हटा दें, क्योंकि ये सीधे तौर पर धन हानि और करियर में रुकावट का कारण बनती हैं।
सोते समय सपने देखना एक सामान्य मानवीय प्रक्रिया है, लेकिन सनातन धर्म और स्वप्न शास्त्र (Swapna Shastra) में इन सपनों का एक खास और गहरा अर्थ बताया गया है। कई बार हम कुछ ऐसी चीजें सपने में देखते हैं जिन्हें देखकर हम सामान्य समझ लेते हैं, लेकिन असल में वे हमारी जिंदगी बदलने वाले संकेत होते हैं। स्वप्न विज्ञान के अनुसार, कुछ विशेष चीजों का सपने में आना इस बात का सीधा इशारा होता है कि आपके जीवन से दरिद्रता और परेशानियां हमेशा के लिए खत्म होने वाली हैं। अगर आपको भी सपने में गाय, कमल का फूल या दिव्य सफेद हाथी दिखाई देता है, तो समझ लीजिए कि मां लक्ष्मी की कृपा से आपकी किस्मत का सितारा चमकने वाला है और आपके अच्छे दिन शुरू होने वाले हैं।सपने में गौमाता का दिखना: सुख-समृद्धि और कष्टों से मुक्ति का सबसे बड़ा सूचकहिंदू धर्म में गाय को पूजनीय और 33 कोटि देवी-देवताओं का वास माना गया है। स्वप्न शास्त्र के अनुसार, यदि आपको सपने में गाय दिखाई देती है, तो यह बेहद दुर्लभ और शुभ संकेत है। अगर आप सपने में सफेद गाय देखते हैं या खुद को गाय का दूध निकालते हुए देखते हैं, तो इसका सीधा मतलब है कि आपके घर में बहुत जल्द सुख, शांति और अकूत समृद्धि आने वाली है। यह सपना इस बात का भी संकेत देता है कि यदि आप लंबे समय से किसी बीमारी या मानसिक तनाव से जूझ रहे थे, तो अब आपको उससे हमेशा के लिए मुक्ति मिलने वाली है। व्यापार और नौकरी में भी यह सपना बंपर तरक्की का योग बनाता है।कमल का फूल दिखना: मां लक्ष्मी के आगमन और धन लाभ का साक्षात संकेतकमल का फूल धन की देवी मां लक्ष्मी का प्रिय आसन है। यदि आप अपने सपने में कीचड़ में खिला हुआ या किसी तालाब में तैरता हुआ सुंदर कमल का फूल देखते हैं, तो खुशी से झूम उठिए। स्वप्न विज्ञान कहता है कि सपने में कमल का फूल दिखना साक्षात मां लक्ष्मी के आपके घर आगमन का सूचक है। इसका मतलब है कि आपको आने वाले दिनों में अचानक कहीं से बड़ा धन लाभ होने वाला है। आपका रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है या किसी पुराने निवेश से बड़ा मुनाफा हो सकता है। यह सपना आपके जीवन से पैसों की तंगी को हमेशा के लिए दूर करने की क्षमता रखता है।सफेद हाथी का दीदार: राजयोग की शुरुआत और समाज में मान-सम्मान की प्राप्तिहाथी को ऐश्वर्य, सौभाग्य और बुद्धि का प्रतीक माना जाता है, और जब बात इंद्रदेव के वाहन ऐरावत जैसे 'सफेद हाथी' की हो, तो इसका महत्व हजार गुना बढ़ जाता है। सपने में सफेद हाथी देखना बेहद भाग्यशाली लोगों के हिस्से में आता है। स्वप्न शास्त्र के अनुसार, यह सपना जीवन में एक बड़े 'राजयोग' की शुरुआत का संकेत है। यदि आप नौकरीपेशा हैं, तो आपको उच्च पद, प्रतिष्ठा और बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। समाज में आपका मान-सम्मान और क्रेडिबिलिटी बहुत तेजी से बढ़ेगी। यह सपना इस बात की भी गारंटी देता है कि आपके सोचे हुए सभी बड़े और कठिन कार्य अब बिना किसी बाधा के पूरे हो जाएंगे।
आज का दिन कर्क राशि (Cancer Horoscope) के जातकों के लिए खुशियों की नई सौगात लेकर आया है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आज आकाशमंडल में बेहद शुभ और दुर्लभ 'सिद्धि योग' का निर्माण हो रहा है। इस योग का सीधा और सबसे सकारात्मक प्रभाव कर्क राशि के जातकों पर पड़ने जा रहा है। यदि आप लंबे समय से अपने करियर, बिजनेस या पर्सनल लाइफ में किसी बड़े बदलाव का इंतजार कर रहे थे, तो आज आपकी किस्मत का सितारा चमकने के लिए पूरी तरह तैयार है। ग्रहों की चाल इस बात का साफ संकेत दे रही है कि आज आपके सोचे हुए सभी काम आसानी से पूरे हो जाएंगे।नौकरी और व्यापार में बंपर मुनाफा, सीनियर अधिकारियों का मिलेगा पूरा साथनौकरीपेशा जातकों के लिए आज का दिन कार्यस्थल पर बड़ी सफलता दिलाने वाला रहेगा। सिद्धि योग के शुभ प्रभाव से आपके काम की सराहना होगी और बॉस आपके प्रदर्शन से बेहद खुश रहेंगे। जो लोग लंबे समय से प्रमोशन या सैलरी इंक्रीमेंट की उम्मीद लगाए बैठे थे, उन्हें आज कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। वहीं दूसरी ओर, व्यापारियों के लिए भी आज का दिन मुनाफा कमाने वाला साबित होगा। अगर आप किसी नए बिजनेस प्रोजेक्ट या पार्टनरशिप की शुरुआत करना चाहते हैं, तो आज का दिन निवेश के लिहाज से बेहद उत्तम है। पुराना फंसा हुआ धन भी आज वापस मिलने के प्रबल योग हैं।लव लाइफ और पारिवारिक रिश्तों में घुलेगी मिठास, बढ़ेगा आपसी तालमेलकर्क राशि के जातकों की लव लाइफ और पारिवारिक जीवन की बात करें तो आज का दिन रिश्तों में मजबूती लेकर आएगा। यदि जीवनसाथी या लव पार्टनर के साथ पिछले कुछ दिनों से कोई मनमुटाव या गलतफहमी चल रही थी, तो आज वह बातचीत के जरिए सुलझ जाएगी। सिंगल जातकों के जीवन में आज किसी खास व्यक्ति की एंट्री हो सकती है, जिससे आपके दिल की धड़कनें बढ़ेंगी। परिवार के सदस्यों के साथ किसी धार्मिक स्थल की यात्रा या मांगलिक कार्यक्रम की योजना बन सकती है, जिससे घर का माहौल बेहद खुशनुमा और सकारात्मक रहेगा।सेहत और मानसिक तनाव से मिलेगी मुक्ति, बस इस बात का रखें खास ध्यानस्वास्थ्य के मोर्चे पर भी आज कर्क राशि वालों को बड़ी राहत मिलती दिख रही है। पुरानी किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों की सेहत में आज तेजी से सुधार होगा। मानसिक रूप से आप खुद को बेहद ऊर्जावान और तनावमुक्त महसूस करेंगे। हालांकि, सितारों की सलाह है कि उत्साह में आकर खान-पान को लेकर लापरवाही न बरतें। आज शाम के समय मेडिटेशन या योग करना आपके लिए और अधिक फायदेमंद साबित होगा। कुल मिलाकर, आज सिद्धि योग का पूरा लाभ उठाने के लिए आपको आलस्य छोड़कर अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है।
ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक के दौरान गुरुवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और ईरान के तेल मंत्री मोहसेन पाकनेजाद ने तेल, गैस और ऊर्जा क्षेत्र में रिश्तों को और मजबूत करने पर चर्चा की।
पानी जीवन का आधार है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस पानी को हम रोज़ पीते हैं और जिसे विज्ञान की भाषा में सिर्फ $H_2O$ समझकर छोड़ दिया गया था, उसका सच कुछ और ही है? अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सुपरकंप्यूटर की मदद से वैज्ञानिकों ने एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा किया है जिसने पूरी दुनिया के होश उड़ा दिए हैं। एआई मॉडल्स द्वारा किए गए गहरे आणविक (Molecular) विश्लेषण से पता चला है कि पानी कोई एक सिंगल लिक्विड नहीं है, बल्कि यह दो अलग-अलग तरह के लिक्विड फॉर्म्स का एक बेहद जटिल और अनोखा मिक्सचर है।सुपरकंप्यूटर और एआई ने कैसे पकड़ा पानी का यह बड़ा झूठ?वैज्ञानिक सदियों से पानी के कुछ अजीब व्यवहारों को लेकर उलझन में थे, जैसे कि बर्फ का पानी के ऊपर तैरना या अत्यधिक ठंडे तापमान में पानी का असामान्य बर्ताव। इस गुत्थी को सुलझाने के लिए शोधकर्ताओं ने मशीन लर्निंग और एआई एल्गोरिदम का सहारा लिया। एआई ने पानी के अणुओं (Water Molecules) के बीच होने वाले बदलावों को नैनोसेकंड से भी कम समय के स्तर पर ट्रैक किया। इस सटीक और गहन एआई एनालिसिस में यह बात साफ हो गई कि पानी के भीतर दो अलग-अलग घनत्व (Density) वाले लिक्विड फेज एक साथ मौजूद रहते हैं, जो लगातार एक-दूसरे में बदलते रहते हैं।हाई डेंसिटी और लो डेंसिटी लिक्विड का है यह अनोखा खेलएआई द्वारा खोजी गई इस नई थ्योरी के अनुसार, पानी के भीतर एक हिस्सा 'लो-डेंसिटी लिक्विड' (कम घनत्व वाले तरल) का होता है, जहां अणु एक सुंदर टेट्राहेड्रल संरचना में व्यवस्थित होते हैं। वहीं, दूसरा हिस्सा 'हाई-डेंसिटी लिक्विड' (उच्च घनत्व वाले तरल) का होता है, जहां अणु काफी करीब और अव्यवस्थित होते हैं। सामान्य तापमान पर ये दोनों लिक्विड इतनी तेजी से आपस में मिक्स होते हैं कि हमारी आंखें या साधारण लैब उपकरण इन्हें अलग-अलग नहीं देख पाते। एआई ने इस अदृश्य आणविक खेल को डिकोड करके दुनिया के सामने रख दिया है।इस एआई खोज से कैसे बदल जाएगी हमारी दुनिया?पानी के इस छुपे हुए सच के सामने आने के बाद अब विज्ञान की कई पुरानी थ्योरीज़ को दोबारा लिखा जाएगा। एआई की इस क्रांतिकारी खोज का सबसे बड़ा फायदा मेडिकल साइंस, नैनोटेक्नोलॉजी और स्पेस साइंस को मिलने वाला है। दूसरे ग्रहों पर जीवन की खोज करने से लेकर इंसानी शरीर के भीतर कोशिकाओं में होने वाली जैविक प्रक्रियाओं को समझने का तरीका अब पूरी तरह बदल जाएगा। यह खोज साबित करती है कि जनरेटिव एआई और मशीन लर्निंग सिर्फ टेक्स्ट या इमेज बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये ब्रह्मांड के सबसे बड़े रहस्यों को सुलझाने की ताकत रखते हैं।
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के समुद्री व्यापारिक इतिहास में एक नया और स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुंबई पोर्ट अथॉरिटी (MbPA) ने अपने बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर पर अपग्रेड करने के लिए ₹3,541 करोड़ की विशाल और महात्वाकांक्षी विस्तार परियोजनाओं का एलान किया है। इस भारी-भरकम निवेश का सीधा उद्देश्य मुंबई पोर्ट की कार्गो हैंडलिंग क्षमता को दोगुना करना और भारत के तटीय (कोस्टल) पर्यटन को एक वैश्विक पहचान दिलाना है। इस इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट के बाद मुंबई पोर्ट न केवल व्यापार बल्कि लग्जरी क्रूज टूरिज्म का भी सबसे बड़ा हब बनने के लिए तैयार है।नए बर्थ और आधुनिक टर्मिनल से आसान होगा वैश्विक व्यापारइस विशालकाय परियोजना के तहत मुंबई बंदरगाह पर अत्याधुनिक कार्गो टर्मिनलों का निर्माण किया जाएगा और गहरे समुद्र में जहाजों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए ड्रेजिंग (समुद्र की सफाई) की जाएगी। पुराने पड़ चुके बर्थों का आधुनिकरण कर उन्हें बड़े मालवाहक जहाजों (मदर शिप्स) के अनुकूल बनाया जाएगा। इससे लॉजिस्टिक्स लागत में भारी कमी आएगी और माल की लोडिंग-अनलोडिंग का समय आधा रह जाएगा। इस कदम से कोंकण क्षेत्र और पूरे महाराष्ट्र के स्थानीय उद्योगों को सीधे वैश्विक बाजारों से जुड़ने में मदद मिलेगी, जिससे लोकल इकोनॉमी में बड़ा उछाल आएगा।मुंबई बनेगा अंतरराष्ट्रीय लग्जरी क्रूज टूरिज्म का नया गेटवेइस ₹3,541 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट का एक सबसे रोमांचक पहलू मुंबई को दुनिया के नक्शे पर एक बेहतरीन क्रूज टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना है। इसके तहत इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल को दुनिया के सबसे आलीशान एयरपोर्ट्स की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। यहां आने वाले विदेशी और घरेलू पर्यटकों को वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं, शॉपिंग मॉल, मरीना और फाइव-स्टार होटल जैसी सेवाएं मिलेंगी। इससे मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया और आसपास के तटीय पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ने की उम्मीद है, जिससे हजारों नए रोजगार पैदा होंगे।ग्रीन पोर्ट और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकसआधुनिक जनरेटिव एआई और सस्टेनेबिलिटी को ध्यान में रखते हुए इस पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर को 'ग्रीन पोर्ट' और 'स्मार्ट पोर्ट' की अवधारणा पर डिजाइन किया गया है। पूरे पोर्ट परिसर में कार्गो ट्रैकिंग के लिए एडवांस एआई सॉफ्टवेयर, ऑटोमेटेड गेट्स और रिन्यूएबल एनर्जी (सौर ऊर्जा) का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा। इससे बंदरगाह से होने वाले कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी। भारत सरकार के सागरमाला प्रोजेक्ट के तहत उठाए गए इस बड़े कदम से न केवल सिंगापुर और दुबई जैसे वैश्विक बंदरगाहों को कड़ी टक्कर मिलेगी, बल्कि यह पश्चिमी तट पर भारत की रणनीतिक पकड़ को और मजबूत करेगा।
दुनिया भर के अमीर और रईस परिवारों के बीच दूसरे देश की नागरिकता या परमानेंट रेजिडेंसी (PR) पाने के लिए 'गोल्डन वीजा' प्रोग्राम हमेशा से पहली पसंद रहा है। लेकिन अब इस वैश्विक निवेश बाजार में एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव आ चुका है। जो गोल्डन वीजा कभी सिर्फ टैक्स प्लानिंग, रियल एस्टेट निवेश और कम टैक्स वाले देशों में पैसा छुपाने का जरिया माना जाता था, वह अब तेजी से 'ग्रीन' यानी पर्यावरण-अनुकूल हो रहा है। यूरोपीय संघ (EU) समेत दुनिया के कई दिग्गज देश अब केवल उन्हीं अमीरों को अपने यहां बसने का न्योता दे रहे हैं, जो पर्यावरण को सुधारने के लिए 'इम्पैक्ट इन्वेस्टिंग' यानी सामाजिक और पर्यावरणीय लाभ वाले प्रोजेक्ट्स में निवेश करने को तैयार हैं।रियल एस्टेट से हटा ध्यान, अब टिकाऊ विकास पर फोकसपिछले एक दशक में गोल्डन वीजा का मतलब होता था किसी विदेशी आलीशान शहर में महंगी प्रॉपर्टी या विला खरीदना। लेकिन पुर्तगाल, स्पेन, और ग्रीस जैसे देशों में इस वजह से स्थानीय स्तर पर घरों की कीमतें आसमान छूने लगीं, जिसका वहां के नागरिकों ने भारी विरोध किया। इस समस्या से निपटने और ग्लोबल वार्मिंग जैसी गंभीर चुनौती का सामना करने के लिए सरकारों ने अपने नियमों को बदल दिया है। अब विदेशी निवेशकों के लिए पारंपरिक रियल एस्टेट निवेश के रास्ते बंद या बेहद सीमित किए जा रहे हैं, और उनका ध्यान रिन्यूएबल एनर्जी (सौर और पवन ऊर्जा), ऑर्गेनिक फार्मिंग और कार्बन-क्रेडिट जनरेट करने वाले प्रोजेक्ट्स की तरफ मोड़ा जा रहा है।क्या है 'इम्पैक्ट इन्वेस्टिंग' और गोल्डन वीजा का नया कनेक्शन?इम्पैक्ट इन्वेस्टिंग का सीधा मतलब ऐसे निवेश से है जो आर्थिक मुनाफे के साथ-साथ समाज और पर्यावरण पर भी सकारात्मक बदलाव डाले। नए नियमों के तहत, यदि कोई भारतीय या वैश्विक निवेशक किसी यूरोपीय देश का गोल्डन वीजा चाहता है, तो उसे वहां के स्टार्टअप्स, ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर फंड्स या पर्यावरण अनुसंधान (Eco-Research) से जुड़े सरकारी बॉन्ड्स में एक निश्चित मोटी रकम लगानी होगी। इस कूटनीतिक और आर्थिक बदलाव के जरिए देश अपने क्लाइमेट चेंज के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए वैश्विक अमीरों की पूंजी का इस्तेमाल कर रहे हैं।भारतीय रईसों के बीच भी बढ़ा ग्रीन वीजा का क्रेजभारत के हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) यानी करोड़पतियों के बीच भी विदेशी नागरिकता पाने की होड़ हमेशा बनी रहती है। कूटनीतिक विशेषज्ञों और इमिग्रेशन सलाहकारों के अनुसार, भारतीय निवेशक भी अब इस बदलाव को खुले दिल से स्वीकार कर रहे हैं। इसका बड़ा कारण यह है कि नई पीढ़ी के अमीर उद्यमी न सिर्फ अपनी संपत्ति सुरक्षित रखना चाहते हैं, बल्कि वे अपनी वैश्विक छवि को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार निवेशक के रूप में भी पेश करना चाहते हैं। आने वाले समय में यह 'ग्रीन इनिशिएटिव' दुनिया भर के रेजिडेंसी-बाय-इन्वेस्टमेंट उद्योग की पूरी दिशा और दशा बदलने वाला साबित होगा।
दुनिया में बढ़ रहा खतरनाक बिखराव! विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कुछ ताकतवर देशों को लेकर चेताया
वैश्विक कूटनीति के मंच से भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक बार फिर दुनिया के सामने बेहद खरी-खरी बात रखी है। दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में आयोजित एक महत्वपूर्ण वैश्विक मंच पर बोलते हुए जयशंकर ने वैश्विक व्यवस्था में आ रहे बदलावों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि वैश्विक स्तर पर बिखराव और विभाजन लगातार बढ़ रहा है। ऐसे दौर में अंतरराष्ट्रीय नियमों और स्थिरता को बनाए रखने के लिए केवल कुछ गिने-चुने देशों पर निर्भर रहना पूरी तरह गलत और जोखिम भरा है।वैश्विक संकटों के बीच नियमों पर निर्भरता का उठा सवालविदेश मंत्री ने अपने संबोधन में साफ किया कि मौजूदा समय में दुनिया कई तरह के भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनावों और आर्थिक अनिश्चितताओं से जूझ रही है। उन्होंने इशारा किया कि जब पूरी दुनिया किसी एक या दो महाशक्तियों के फैसलों पर टिकी रहती है, तो संतुलन बिगड़ना तय है। जयशंकर ने जोर देकर कहा कि आज की चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक नियमों का पालन होना जरूरी है, लेकिन इन नियमों को लागू करने या तय करने का एकाधिकार किसी एक गुट या चुनिंदा देशों के पास नहीं होना चाहिए।कुछ देशों पर अत्यधिक निर्भरता क्यों है खतरनाक?सियोल में मौजूद राजनयिकों और विचारकों को संबोधित करते हुए भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chains) से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक, जब कुछ ही देशों पर निर्भरता बढ़ जाती है तो पूरी दुनिया संकट में आ जाती है। कोरोना महामारी और उसके बाद उपजे युद्धों ने यह साबित कर दिया है कि विकेंद्रीकरण (Decentralization) कितना जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक स्थिर दुनिया के लिए विनिर्माण, तकनीक और निर्णय लेने की शक्ति का पूरी दुनिया में समान रूप से प्रसार होना चाहिए।भारत और दक्षिण कोरिया मिलकर बना सकते हैं नया संतुलनजयशंकर ने इस बात पर विशेष बल दिया कि भारत और दक्षिण कोरिया जैसे लोकतांत्रिक और मजबूत आर्थिक क्षमता वाले देशों को इस बदलते वैश्विक परिदृश्य में आगे आना होगा। भारत हमेशा से ही एक बहुध्रुवीय दुनिया (Multipolar World) का समर्थक रहा है, जहां हर छोटे-बड़े देश की संप्रभुता और आवाज का सम्मान हो। उन्होंने दक्षिण कोरिया के साथ रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का आह्वान किया, ताकि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र और दुनिया भर में एक अधिक पारदर्शी, समावेशी और न्यायसंगत वैश्विक व्यवस्था का निर्माण किया जा सके।
कांप उठी धरती! वेनेजुएला में एक के बाद एक दो भीषण भूकंप, हजारों मौतों की आशंका से मचा हड़कंप
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला से इस वक्त की बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर सामने आ रही है। वेनेजुएला में आए दो लगातार और बेहद शक्तिशाली भूकंपों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इन भीषण झटकों के कारण राजधानी काराकास समेत कई प्रमुख शहरों में भारी तबाही मची है। शुरुआती ग्राउंड रिपोर्टों के मुताबिक, सैकड़ों बहुमंजिला इमारतें जमींदोज हो चुकी हैं और मलबे के नीचे दबे होने के कारण हजारों लोगों के मारे जाने की गंभीर आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने देश में हाई अलर्ट और इमरजेंसी लागू कर दी है।बैक-टू-बैक झटकों से ताश के पत्तों की तरह ढहीं इमारतेंप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहला झटका इतना तेज था कि लोग संभल पाते, उससे पहले ही दूसरे विनाशकारी झटके ने सब कुछ तबाह कर दिया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता बेहद खतरनाक मापी गई है। भूकंप का केंद्र जमीन के अंदर कम गहराई पर होने के कारण सतह पर इसका असर बेहद खौफनाक रहा। रिहायशी इलाकों में गगनचुंबी इमारतें, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और रिहायशी मकान देखते ही देखते मलबे के ढेर में तब्दील हो गए। सड़कों पर दरारें पड़ गई हैं और पुल धराशायी हो चुके हैं, जिससे यातायात पूरी तरह ठप है।मलबे में तब्दील हुए शहर, अपनों को ढूंढ रहे लोगभूकंप के तुरंत बाद प्रभावित इलाकों में चीख-पुकार मच गई। संचार व्यवस्था (नेटवर्क) और बिजली ग्रिड पूरी तरह ठप होने के कारण देश का एक बड़ा हिस्सा ब्लैकआउट का सामना कर रहा है। लोग अपनों की तलाश में बदहवास होकर मलबे को हाथों से हटाने की कोशिश कर रहे हैं। स्थानीय अस्पतालों में घायल लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है, जिससे वहां की चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी देखी जा रही है।युद्ध स्तर पर बचाव कार्य जारी, दुनिया से मांगी मददवेनेजुएला सरकार ने आपदा प्रबंधन टीमों, सेना और स्थानीय सुरक्षा बलों को तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन में झोंक दिया है। मलबे के नीचे दबी जिंदगियों को बचाने के लिए क्रेन और खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है। हालांकि, बार-बार आ रहे ऑफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के हल्के झटके) के कारण बचाव कार्य में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। देश के राष्ट्रपति ने इस राष्ट्रीय आपदा पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत मानवीय सहायता और रेस्क्यू एक्सपर्ट्स भेजने की भावुक अपील की है।
भारत सरकार ने पड़ोस प्रथम (Neighbor First) की नीति को एक नए मुकाम पर पहुंचाते हुए एक बेहद चौकाने वाला और बड़ा फैसला लिया है। बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त (राजदूत) दिनेश त्रिवेदी को केंद्रीय कैबिनेट मंत्री का दर्जा दे दिया गया है। गृह मंत्रालय (MHA) की ओर से इस संबंध में एक विशेष आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है। सरकार के इस कदम को कूटनीतिक हलकों में बेहद असाधारण और दूरगामी रणनीतिक फैसले के रूप में देखा जा रहा है।क्यों खास है गृह मंत्रालय का यह विशेष आदेश?आमतौर पर विदेशी धरती पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले राजनयिकों (Diplomats) को उनके कैडर और वरिष्ठता के हिसाब से प्रोटोकॉल मिलता है। लेकिन दिनेश त्रिवेदी के मामले में गृह मंत्रालय ने नियमों में विशेष ढील देते हुए उन्हें सीधे केंद्रीय मंत्री का रुतबा सौंप दिया है। इस आदेश के बाद अब त्रिवेदी को मिलने वाली सुविधाएं, भत्ते और सबसे महत्वपूर्ण—उनका प्रोटोकॉल स्टेटस, भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री के समकक्ष होगा।भारत-बांग्लादेश संबंधों में बढ़ेगा दिनेश त्रिवेदी का कदइस फैसले के सीधे और साफ मायने हैं कि भारत सरकार बांग्लादेश के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को कितनी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। दिनेश त्रिवेदी को केंद्रीय मंत्री का दर्जा मिलने से अब ढाका में उनकी बातचीत और निर्णयों का वजन काफी बढ़ जाएगा। वे सीधे भारत के शीर्ष नेतृत्व के संपर्क में रहकर बड़े रणनीतिक, व्यापारिक और सुरक्षा संबंधी फैसले मौके पर ही ले सकेंगे, जिससे दोनों देशों के बीच फाइलों की पेंडेंसी खत्म होगी और काम में तेजी आएगी।पड़ोस में चीन की घेराबंदी तोड़ने की रणनीति!विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण एशिया और खासकर बांग्लादेश में चीन की बढ़ती सक्रियता को काउंटर करने के लिए यह भारत का एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक है। दिनेश त्रिवेदी को यह पावरफुल स्टेटस देकर नई दिल्ली ने साफ कर दिया है कि बांग्लादेश के साथ भारत के रिश्ते किसी भी अन्य डिप्लोमैटिक मिशन से कहीं ऊपर हैं। इस फैसले से सीमा सुरक्षा, तीस्ता जल विवाद, और व्यापारिक गलियारों (Trade Corridors) जैसे संवेदनशील मुद्दों पर त्वरित फैसले लेने में आसानी होगी।
SIP से अमीर बनने का सबसे बड़ा सीक्रेट! 28 साल के ऐतिहासिक डेटा ने खोले निवेश के 4 बड़े राज
अगर आप भी अपनी गाढ़ी कमाई को म्यूचुअल फंड में सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP के जरिए निवेश कर रहे हैं या करने की सोच रहे हैं, तो आपके मन में यह सवाल जरूर आता होगा कि आखिर पैसा कितने दिनों के लिए लगाएं? बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच लार्ज कैप, मिड कैप या स्मॉल कैप में से कौन सा फंड आपके भविष्य के सपनों को सच करेगा? इन सभी उलझनों को दूर करने के लिए पिछले 28 सालों के मार्केट डेटा का एक बेहद दिलचस्प विश्लेषण सामने आया है, जो हर भारतीय निवेशक की आंखें खोल देगा।पहला जवाब: कम से कम कितने साल तक जारी रखनी चाहिए SIP?ऐतिहासिक डेटा का सबसे पहला और ठोस निष्कर्ष यह है कि एसआईपी में समय का बहुत बड़ा महत्व है। अगर आप सिर्फ 1 से 3 साल के लिए निवेश करते हैं, तो शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण आपको नुकसान होने का डर रहता है। लेकिन डेटा बताता है कि जैसे ही आप अपने निवेश की अवधि को 7 से 10 साल या उससे ऊपर ले जाते हैं, तो आपके नुकसान की संभावना (रिस्क) लगभग जीरो हो जाती है। लंबी अवधि में 'कंपाउंडिंग' (ब्याज पर ब्याज मिलना) का जादू काम करता है, जो आपके छोटे से निवेश को एक बड़े फंड में बदल देता है।दूसरा जवाब: लार्ज, मिड या स्मॉल कैप—कहां टिकेगा आपका पैसा?28 सालों के आंकड़ों ने फंड्स की परफॉर्मेंस को लेकर स्थिति बिल्कुल साफ कर दी है:लार्ज कैप फंड्स: ये देश की सबसे बड़ी और मजबूत कंपनियों (जैसे रिलायंस, टीसीएस) में पैसा लगाते हैं। यहां रिस्क सबसे कम होता है और रिटर्न में स्थिरता मिलती है। नए निवेशकों या सुरक्षित दांव खेलने वालों के लिए यह बेस्ट है।मिड कैप फंड्स: ये मझोली कंपनियों में निवेश करते हैं। डेटा के मुताबिक, लंबी अवधि में इन्होंने लार्ज कैप से बेहतर और स्मॉल कैप से अधिक स्थिर रिटर्न दिया है।स्मॉल कैप फंड्स: ये छोटी और तेजी से बढ़ती कंपनियों में पैसा लगाते हैं। इनमें रिस्क बहुत ज्यादा होता है, लेकिन जब बाजार तेज दौड़ता है, तो यही स्मॉल कैप फंड्स सबसे ज्यादा छप्परफाड़ रिटर्न कमा कर देते हैं।तीसरा जवाब: रिटर्न की रेस में किसने मारी बाजी?पिछले 28 वर्षों के लंबे सफर में अलग-अलग समय पर मार्केट ने कई उतार-चढ़ाव देखे—जैसे 2008 की मंदी या 2020 का कोरोना काल। डेटा गवाह है कि जिन निवेशकों ने बिना डरे स्मॉल और मिड कैप फंड्स में अपनी SIP को 15 से 20 साल तक जारी रखा, उन्हें औसतन 15 से 18 फीसदी तक का सालाना रिटर्न मिला है। वहीं, लार्ज कैप फंड्स ने भी विपरीत परिस्थितियों में 12 से 14 प्रतिशत का बेहद सुरक्षित और शानदार रिटर्न मेंटेन किया है, जो बैंक एफडी या पारंपरिक बचत योजनाओं से कहीं ज्यादा है।चौथा जवाब: भारतीय निवेशकों के लिए क्या है परफेक्ट पोर्टफोलियो फॉर्मूला?देश के टॉप फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स इस 28 साल के डेटा के आधार पर एक खास फॉर्मूला सुझाते हैं। भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था (GDP) का फायदा उठाने के लिए आपको अपने पैसे को किसी एक जगह ब्लॉक नहीं करना चाहिए। एक आदर्श पोर्टफोलियो के लिए अपनी कुल एसआईपी रकम का 50 फीसदी हिस्सा लार्ज कैप (स्थिरता के लिए), 30 फीसदी मिड कैप (ग्रोथ के लिए) और 20 फीसदी स्मॉल कैप (एक्स्ट्रा हाई रिटर्न के लिए) में बांटना सबसे समझदारी भरा और मुनाफे वाला कदम साबित होता है।
टाटा संस की लिस्टिंग टलेगी? RBI के इस बड़े यू-टर्न ने दी टाटा ग्रुप को राहत
भारतीय कॉर्पोरेट जगत और शेयर बाजार से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के एक हालिया कदम से देश के सबसे प्रतिष्ठित कारोबारी समूह, टाटा संस (Tata Sons) को बहुत बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जग गई है। बाजार में यह चर्चा तेजी से चल रही है कि क्या टाटा संस को शेयर बाजार में अनिवार्य रूप से लिस्ट होने के कड़े नियम से छूट मिल सकती है। अगर ऐसा होता है, तो टाटा ग्रुप के लिए यह किसी बड़ी लॉटरी से कम नहीं होगा।क्या था RBI का वो नियम जिससे बढ़ी थीं टाटा की मुश्किलें?पूरा मामला आरबीआई के 'अपर लेयर' एनबीएफसी (NBFC) नियमों से जुड़ा हुआ है। रिजर्व बैंक के स्केल-बेस्ड रेगुलेशन के तहत टाटा संस को एक कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) और 'अपर लेयर' एनबीएफसी के रूप में क्लासीफाइड किया गया था। इस नियम के मुताबिक, ऐसी कंपनियों के लिए सितंबर 2025 तक शेयर बाजार में लिस्ट होना कानूनी रूप से अनिवार्य था। टाटा संस पिछले काफी समय से इस अनिवार्य लिस्टिंग से बचने के कानूनी रास्ते तलाश रहा था, क्योंकि ग्रुप अपनी होल्डिंग कंपनी का नियंत्रण पूरी तरह अपने पास रखना चाहता है।RBI का यू-टर्न और टाटा संस के लिए राहत का रास्ताअब रेगुलेटरी गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, आरबीआई अपने कुछ कड़े नियमों में ढील देने या उनके रिव्यू पर विचार कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय बैंक कुछ विशेष परिस्थितियों वाली बड़ी होल्डिंग कंपनियों को इस अनिवार्य लिस्टिंग के नियम से छूट देने की राह पर आगे बढ़ सकता है। अगर आरबीआई आधिकारिक तौर पर इस यू-टर्न को मंजूरी देता है, तो टाटा संस को आईपीओ (IPO) लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे टाटा ट्रस्ट्स और ग्रुप कंपनियों को अपनी हिस्सेदारी बाजार में बेचने के दबाव से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।लोकल मार्केट और निवेशकों पर क्या होगा इसका सीधा असर?मुंबई की दलाल स्ट्रीट से लेकर देश भर के रिटेल निवेशकों की नजरें इस खबर पर टिकी हैं। अगर टाटा संस की लिस्टिंग टलती है, तो टाटा ग्रुप की अन्य लिस्टेड कंपनियों जैसे टाटा मोटर्स, टाटा स्टील और टीसीएस (TCS) के शेयरों में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि लिस्टिंग टलने से टाटा संस के भीतर की रीस्ट्रक्चरिंग का दबाव खत्म होगा, जिससे ग्रुप अपनी पूंजी का इस्तेमाल नए जमाने के बिजनेस जैसे सेमीकंडक्टर, ईवी (EV) और डिजिटल सेक्टर में ज्यादा आक्रामक तरीके से कर पाएगा।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में एफआईआर दर्ज, आठ आरोपी
अयोध्या/लखनऊ। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में गुरुवार को आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। एसआईटी जांच के बीच ट्रस्ट ने खुद रिपोर्ट लिखवाई है। ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है। एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट […] The post राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में एफआईआर दर्ज, आठ आरोपी appeared first on Sabguru News .
केशव प्रसाद मौर्य कल दिनांक 26 जून 2026 को अलीगढ़ जनपद के भ्रमण पर रहेंगे। इस दौरान वह विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे तथा जनप्रतिनिधियों, पार्टी पदाधिकारियों एवं अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य अपराह्न 12:10 बजे अलीगढ़ स्थित कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर, लाल डिग्गी में आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे तथा लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान करेंगे।इसके उपरांत अपराह्न 1:15 बजे वह सर्किट हाउस, अलीगढ़ में जनप्रतिनिधियों एवं भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों से भेंट करेंगे तथा क्षेत्रीय विकास एवं जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा करेंगे।तदोपरांत उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में विभिन्न विकास परियोजनाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए जाएंगे।निर्धारित कार्यक्रमों के उपरांत उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य अलीगढ़ से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।
योजना भवन, लखनऊ में आज केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश में कृषि रोडमैप, कृषि योजनाओं तथा ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह ओलख, राजस्व राज्य मंत्री सुरेन्द्र दिलेर सहित केन्द्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के प्रारम्भ में केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्य नाथ को दो महत्वपूर्ण स्वीकृति पत्र प्रदान किए। इनमें राज्य सरकार के अनुरोध पर किसानों के हित में चना, मसूर एवं सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की अवधि को 15 दिनों के लिए बढ़ाने की स्वीकृति शामिल है। अब प्रदेश के किसान 24 जून से 8 जुलाई तक अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेच सकेंगे। इस निर्णय से हजारों किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने में सुविधा होगी तथा उन्हें अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलेगा।बैठक में किसानों के कल्याण एवं कृषि क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार के बीच समन्वित प्रयासों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कृषि उत्पादन, विपणन, कृषि अवसंरचना विकास तथा किसानों की आय वृद्धि से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए भी एक बड़ी सौगात की घोषणा की गई। जिन परिवारों की आंखों में वर्षों से अपने पक्के घर का सपना पल रहा था, उनके सपनों को नई उड़ान देते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के लिए 6 लाख 18 हजार 482 नए आवासों को मंजूरी प्रदान की गई है। इस स्वीकृति से प्रदेश के लाखों जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा लिए गए ये दोनों निर्णय किसानों एवं ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। एमएसपी खरीद अवधि बढ़ने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए पर्याप्त अवसर मिलेगा, वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बड़ी संख्या में नए आवासों की स्वीकृति से ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारने और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी। बैठक में ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण तथा उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की उपलब्धियों एवं भावी कार्ययोजना की भी समीक्षा की गई। सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
केशव प्रसाद मौय्र ने कहा कि नरेन्द्र मोदी जी के 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने के लिए 'विकसित ग्राम' बनाना बेहद आवश्यक है। सरकार गांवों को सुदृढ़, आत्मनिर्भर और सर्वसुविधाायुक्त बनाने के लिए जमीनी स्तर पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री ने यह बातें केन्द्रीय ग्राम्य विकास मंत्री से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर हुई उच्च स्तरीय चर्चा के बाद साझा कीं। उन्होंने बताया कि बैठक में उत्तर प्रदेश के ग्रामीण विकास, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने से जुड़े कई अहम मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत हुई है।श्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर केंद्रीय योजनाओं को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की संख्या बढ़ाने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर दिया। हमारा लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं के जीवन स्तर में क्रांतिकारी बदलाव लाना है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप, प्रदेश की अधिक से अधिक महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाने के लिए अधिकारियों को मिशन मोड में काम करना होगा। स्वयं सहायता समूहों का दायरा बढ़ाया जाए ताकि कोई भी ग्रामीण महिला इस मुख्यधारा से वंचित न रहे।अधिकारियों को दिए गए प्रमुख निर्देश:• जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन: ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही विकास परियोजनाओं की कड़ाई से मॉनिटरिंग की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि लाभ सीधे अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचे।• स्वयं सहायता समूहों का विस्तार: गांवों में नए स्वयं सहायता समूहों (SHGs) का गठन किया जाए और पुराने समूहों को और अधिक सक्रिय कर रोजगार के नए अवसरों से जोड़ा जाए।• 'लखपति दीदी' योजना की गति: ग्रामीण महिलाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर उनकी वार्षिक आय को ₹1 लाख से ऊपर ले जाने के लक्ष्य पर त्वरित गति से कार्य हो।उप मुख्यमंत्री ने दोहराया कि ग्रामीण विकास ही उत्तर प्रदेश की प्रगति का आधार है। जब हमारे गांव मजबूत और आत्मनिर्भर होंगे, तभी देश विकसित बनेगा। सरकार गांवों के समग्र विकास के लिए बजटीय प्रावधानों और योजनाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ लागू कर रही है।
बारां में ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से बाइक सवार युवक की मौत
बारां। राजस्थान में बारां जिले के जलवाड़ा थाना क्षेत्र में गुरुवार को खलदा मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से मोटर साइकल पर सवार एक युवक की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार जलवाड़ा-खलदा रोड पर पुरुषोत्तम बंजारा मोटर साइकिल से जा रहा था। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से […] The post बारां में ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से बाइक सवार युवक की मौत appeared first on Sabguru News .

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