ठाणे में नाबालिग से दरिंदगी के मामले में दोषी को POCSO Court ने सुनाई 20 साल की कैद
ठाणे, आठ नवंबर महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक विशेष अदालत ने शादी का झांसा देकर नाबालिग लड़की से कई बार दुष्कर्म करने के मामले में 35 वर्षीय व्यक्ति को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रेमल एस. विठलानी ने आरोपी श्रीनिवास अशोक येलगोंडा को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और बाल यौन अपराधों विरोधी कानून पॉक्सो की संबंधित धाराओं के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता ठाणे जिले के दिवा पूर्व स्थित उसी आवासीय सोसायटी में रहती थी, जहां आरोपी भी रहता था। जून, 2020 में दोनों की जान-पहचान हुई और फोन पर बातचीत के दौरान उनके बीच प्रेम संबंध शुरू हो गया। विशेष लोक अभियोजक रेखा हिवराले ने अदालत को बताया कि आरोपी ने नवंबर, 2020 में शादी का वादा करके पड़ोसी के खाली फ्लैट में पहली बार नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने कई बार उसका यौन शोषण किया। फरवरी 2022 में आरोपी द्वारा शादी से मुकरने के बाद हुए विवाद के दौरान यह मामला सामने आया। बचाव पक्ष ने प्राथमिकी दर्ज कराने में देरी और घटनाओं की सटीक तारीखें उपलब्ध नहीं होने का तर्क दिया। हालांकि, अदालत ने पीड़िता के जन्म प्रमाणपत्र और स्कूल छोड़ने के प्रमाणपत्र के आधार पर पुष्टि की कि वह घटनाओं के दौरान नाबालिग थी। इसलिए उसकी सहमति कानूनन अप्रासंगिक थी। न्यायाधीश ने कहा कि पीड़िता को आरोपी से शादी होने का भरोसा था, जिसके कारण उसने इस संबंध और घटनाओं को अपने माता-पिता से छिपाए रखा। परिवार द्वारा पुलिस से संपर्क करने में हुई देरी भी सामाजिक प्रतिष्ठा और लड़की के भविष्य से जुड़ी परिस्थितियों में स्वाभाविक थी। अदालत ने कहा कि हिंसा और पूर्व नियोजित यौन अपराध के प्रमाण नहीं मिले, लेकिन पीड़िता की नाबालिग उम्र के कारण कानून के तहत न्यूनतम 20 साल की सजा देना अनिवार्य था।
पंजाब में पराली जलाने के 3307 मामले, 60.60 लाख रुपये जुर्माना
पंजाब में 7 नवंबर तक पराली जलाने के 3307 मामले दर्ज किए गए. 60.60 लाख जुर्माना हुआ है. 32.50 लाख की वसूली हुई है. तरनतारन सबसे आगे 623 मामलों के साथ. पटियाला में 196 घटनाएं हुई हैं. एफआईआर, रेड एंट्री और नोटिस की कार्रवाई जारी.
कटरीना-विक्की ने दिखाई बेटे 'विहान' की झलक, दिवाली पर की ट्विनिंग
Katrina Kaif-Vicky Kaushal Son Photo: दिवाली पर कटरीना कैफ और विक्की कौशल ने बेटे विहान की पहली झलक दिखाई है. पीली जैकेट और क्रीम कुर्ते में विहान ने मम्मी-पापा संग ट्विनिंग की. देखिए कपल की खूबसूरत फैमिली फोटो और तीनों का दिवाली लुक.
आ रहा है iPhone 18 सीरीज का सबसे सस्ता मोबाइल, इतनी होगी कीमत
Apple अब बड़ी तैयारी कर रहा है और आने वाले दिनों में वह iPhone 18 स्टैंडर्ड, iPhone Air 2 और iPhone 18e को लॉन्च करेगा.वहीं, iPhone 18e इस लाइनअप का सबसे सस्ता हैंडसेट होगा. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
कल दिवाली के दूसरे दिन 3 राशियां खूब कमाएंगी पैसा, पढ़ें राशिफल
Kal Ka Rashifal 9 November 2026: कामकाज सामान्य रहेगा. समय सीमा लापरवाही से मामले लंबित रह सकते हैं. पेशेवर प्रयास व्यवस्थित रहेंगे. कामकाजी यात्राएं बढ़ेंगी. वातावरण सामान्य रहेगा. वाणिज्यिक मामलों में धैर्य दिखाएं
कटरीना-विक्की ने बेटे संग शेयर की पहली तस्वीर, दिवाली पर दिखाया चेहरा
कटरीना कैफ और विक्की कौशल ने दिवाली के खास मौके पर अपने नन्हे राजकुमार की पहली तस्वीर शेयर कर दी है.
परविंदर सिंह झोटा का 26 दिन बाद अंतिम संस्कार, पैतृक गांव में परिवार ने दी आखिरी विदाई
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के 26 दिन बाद आखिरकार उन्हें आखिरी विदाई दे दी गई है. उनके परिवार ने उनके ही खेत में उनका अंतिम संस्कार कर दिया है.
26 दिन बाद परविंदर सिंह झोटा का अंतिम संस्कार, पैतृक गांव में परिवार ने दी आखिरी विदाई
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के 26 दिन बाद आखिरकार उन्हें आखिरी विदाई दे दी गई है. उनके परिवार ने उनके ही खेत में उनका अंतिम संस्कार कर दिया है.
E20 पेट्रोल में 30% तक एथनॉल मिलाने के आरोप पर आया सरकार का जवाब, कर्नाटक की रिपोर्ट पर उठाए सवाल
मंत्रालय के मुताबिक, पेट्रोल पंपों के निरीक्षण के दौरान एक-एक लीटर के छह नमूने लिए जाते हैं। इनमें से दो नमूने डीलर को, दो तेल कंपनी या संबंधित विभाग को और दो अधिकृत प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे जाते हैं।
Diwali पर Green Crackers के नियमों को लेकर Delhi Police अलर्ट, बाजारों में निगरानी सख्त
दीपावली पर पटाखे जलाने संबंधी प्रतिबंधों का पालन सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने पूरी राष्ट्रीय राजधानी में निगरानी बढ़ा दी है। वहीं, संभावित आग की घटनाओं से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग ने भी व्यापक आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना लागू की है। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी जिला पुलिस इकाइयों, विशेष प्रकोष्ठों और जमीनी स्तर पर तैनात पुलिस कर्मियों को विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले बाजारों, आवासीय कॉलोनियों और अन्य संवेदनशील इलाकों में कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारी ने कहा, सभी जिलों की पुलिस इकाइयां और टीम यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी रखेंगी कि लोग हरित पटाखे फोड़ने के लिए निर्धारित समय का पालन करें। भीड़भाड़ वाले इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, दीपावली पर सुबह छह से सात बजे और रात आठ से 10 बजे तक ही प्रमाणित हरित पटाखे फोड़ने की अनुमति है। दिल्ली अग्निशमन सेवा ने आपातकालीन दलों को आग लगने की घटनाओं वाली जगहों पर बिना देरी पहुंचाने के लिए विशेष तैनाती योजना तैयार की है। खासतौर पर उन घनी आबादी वाले इलाकों पर ध्यान दिया गया है, जहां सामान्य दमकल गाड़ियों का पहुंचना अक्सर मुश्किल होता है। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सभी 71 दमकल केंद्रों में वाहनों की जांच पहले ही की जा चुकी है। इसके अलावा, शहर के विभिन्न स्थानों पर 50 त्वरित प्रतिक्रिया वाहन (क्यूआरवी) और 20 मोटरसाइकिल फर्स्ट रिस्पांडर (एमसीएफआर) इकाइयां तैनात की जा रही हैं। तैयारियों के तहत आग लगने की घटनाओं के लिहाज से 23 स्थानों को विशेष रूप से संवेदनशील चिह्नित किया गया है। चिह्नित स्थानों में सदर बाजार का बार टूटी चौक, तिलक नगर, लाजपत नगर सेंट्रल मार्केट, लाल कुआं चौक, लाहौरी गेट, नांगलोई, साउथ एक्सटेंशन मार्केट, घिटोरनी मेट्रो स्टेशन, रानी बाग मार्केट, गांधी नगर मार्केट, आजाद मार्केट चौक, छतरपुर और गाजीपुर स्थित पेपर मार्केट शामिल हैं। विभाग मोटरसाइकिलों पर तैनात फर्स्ट रिस्पांडर टीम की भी मदद ले रहा है। इन टीमों के पास बैग में रखे जा सकने वाले मिस्ट फायर-सप्रेशन सिस्टम (पानी की महीन फुहार से आग बुझाने वाली प्रणाली) उपलब्ध हैं। ये टीम गांधी नगर मार्केट, लक्ष्मी नगर, पहाड़गंज, मोरी गेट, चावड़ी बाजार, लाजपत नगर, राजौरी गार्डन, बुराड़ी, नांगलोई, मोती नगर, भजनपुरा और अलीपुर सहित अन्य व्यस्त इलाकों में तैनात रहेंगी। शहर के अलग-अलग रणनीतिक स्थानों पर 50 क्यूआरवी भी तैनात किए जाएंगे। पर्याप्त संख्या में अग्निशमन कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तैनाती अवधि के दौरान उनके नियमित अवकाश पर भी पाबंदी लगा दी गयी है।
CEC Gyanesh Kumar के हटने तक जारी रहेगा Congress का आंदोलन: KC Venugopal
कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने रविवार को कहा कि कांग्रेस का आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पद से हटा नहीं दिया जाता और देश की चुनाव प्रणाली को निष्पक्ष एवं पारदर्शी नहीं बनाया जाता। वेणुगोपाल ने यहां पत्रकारों से कहा कि विभिन्न राज्यों एवं जिलों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं तथा दिवाली के दौरान इनमें कुछ समय के लिए विराम दिया जा सकता है। उन्होंने एक नवंबर को नयी दिल्ली में कांग्रेस की ओर से आयोजित रैली को देश के सबसे बड़े विरोध प्रदर्शनों में से एक बताया और कहा कि पार्टी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है। वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘हम इस आंदोलन को तभी समाप्त करेंगे, जब ज्ञानेश कुमार को पद से हटा दिया जाएगा और भारत की चुनाव प्रणाली एवं प्रक्रियाओं को त्रुटिहीन, निष्पक्ष तथा न्यायसंगत बनाने के लिए कदम उठाए जाएंगे। यह ऐसी लड़ाई नहीं है, जिसे हम बीच में छोड़ देंगे।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के कारण गरीब लोग मतदान के अधिकार के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ से भी वंचित हो जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि सरकारी योजनाओं के लाभ को तेजी से मतदाता पहचान पत्र से जोड़ा जा रहा है। वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस अगले डेढ़ महीने के दौरान पंचायत स्तर पर देशव्यापी ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान चलाएगी। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत पार्टी प्रत्येक मतदान केंद्र पर एक ‘वोट रक्षक’ नियुक्त करेगी, जो मतदाता सूचियों की जांच करेगा, जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं उनकी पहचान करेगा और उनके घर जाकर मतदाता सूची में नाम दोबारा जुड़वाने में मदद करेगा। वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस की विभिन्न इकाइयां राज्यों एवं जिलों में कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं तथा अन्य राजनीतिक दलों के साथ संयुक्त कार्यक्रम आयोजित करने की भी योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि संसद के आगामी सत्र में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया जाएगा और विपक्ष हाल के विवादों तथा जनता से जुड़े मुद्दों को भी उठाएगा। वेणुगोपाल ने संसद के पिछले सत्र का जिक्र करते हुए दावा किया कि विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों के कारण अमित शाह करीब दो सप्ताह तक सदन में प्रवेश नहीं कर पाए थे। केरलम सरकार के कामकाज के बारे में पूछे जाने पर वेणुगोपाल ने कहा कि राज्य में सक्षम प्रशासन है और सरकार अपने खिलाफ उठाए गए मुद्दों का समाधान करेगी। उन्होंने कहा कि छिटपुट घटनाएं और प्रशासनिक खामियां सामने आना स्वाभाविक है, लेकिन जहां भी आवश्यकता होगी, सरकार उचित कार्रवाई करेगी। वेणुगोपाल ने केरलम के आबकारी मंत्री एम. लिजू के शराब बार मालिकों से संबंध होने के आरोपों से निपटने के सरकार के तरीके का बचाव करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि अपने निर्वाचन क्षेत्रों में कारोबारियों सहित विभिन्न लोगों को जानते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व आबकारी आयुक्त एस. संबाशिव राव को विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप उस समय उठाने चाहिए थे, जब वह पद पर थे। हालांकि, वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार शिकायत की जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने पर सहमत हो गई है।
दिवाली में इस्तेमाल मिट्टी के दीयों से घर पर पीतांबरी कैसे बनाएं, जानें पितांबरी बनाने का तरीका
Copper Cleaning Home Remedy: दिवाली के पुराने मिट्टी के दीयों को फेंकने की बजाय उनसे घर पर सफाई पाउडर बनाया जा सकता है. वायरल हैक में दीयों की बारीक मिट्टी, नमक और डिटर्जेंट मिलाकर तांबे के बर्तन साफ करने का तरीका बताया गया है. हालांकि, इस्तेमाल से पहले सावधानी जरूरी है.
Vadodara Court ने पुलिस इंस्पेक्टर के खिलाफ दिया आपराधिक कार्रवाई का आदेश
वडोदरा (गुजरात), आठ नवंबर गुजरात के वडोदरा की एक अदालत ने 2024 में एक व्यक्ति के साथ कथित तौर पर मारपीट करने के मामले में तत्कालीन पुलिस निरीक्षक के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया है। इस घटना में व्यक्ति के कान का पर्दा फट गया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सुप्रिया सान्याल ने चार नवंबर को पारित अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया गोरवा थाने के तत्कालीन पुलिस निरीक्षक के. एन. लाठिया के खिलाफ मामला बनता है। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की उन धाराओं के तहत लाठिया के खिलाफ समन जारी करने का निर्देश दिया, जो स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाने और जानबूझकर अपमान करने से संबंधित हैं। शिकायतकर्ता मोइन पठान के अनुसार, चार नवंबर 2024 की रात वह गुजरात के वडोदरा शहर के गोरवा इलाके में कार चला रहे थे, तभी मोटरसाइकिल पर सवार चार-पांच लोगों ने उन पर हमला कर दिया। पठान ने मदद के लिए अपने भाई मोहम्मद अहमद खान को फोन किया। इसके बाद उनके भाई ने पुलिस नियंत्रण कक्ष में फोन किया। हालांकि, फोन करने के बावजूद मौके पर कोई पुलिस सहायता नहीं पहुंची। बाद में जब लाठिया घटनास्थल पर पहुंचे तो वह वर्दी में नहीं थे और एक निजी काली कार में आए थे। शिकायतकर्ता के वकील दर्शन पटेल ने आरोप लगाया, ‘‘वह कार चालक और मोटरसाइकिल सवार लोगों, दोनों पक्षों को गोरवा पुलिस थाने ले गए। वहां उन्होंने दोनों शिकायतकर्ताओं (पठान और उनके भाई) की बेरहमी से पिटाई की, जिससे पठान के कान का पर्दा फट गया।’’पठान ने घटना के अगले दिन उपचार कराया। पुलिस की कथित बर्बरता के बाद दोनों भाइयों ने लाठिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस आयुक्त, राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और गृह मंत्री से संपर्क किया। हालांकि, कोई कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने अदालत का रुख किया। अपने बचाव में लाठिया ने कहा कि दोनों भाई नशे में थे और उनके खिलाफ शराब पीकर गाड़ी चलाने का मामला दर्ज किया गया था, जो अदालत में साबित हो चुका है। पटेल ने कहा, ‘‘अदालत ने पाया कि प्रथम दृष्टया मामला बनता है और आरोपी पुलिस निरीक्षक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश दिया। अदालत ने उसे समन जारी करने का भी निर्देश दिया।’’
पंजाब के राजपुरा की 22 वर्षीय रसनीत कौर ने बिना किसी कोचिंग के UPSC सिविल सेवा परीक्षा में पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 51 हासिल कर मिसाल कायम की है. PSPCL में लाइनमैन पिता की बेटी ने घर पर रहकर सेल्फ स्टडी के दम पर यह बड़ी सफलता हासिल की.
राजस्थान के बहरोड़ विधानसभा सीट से भाजपा के वर्तमान विधायक और राज्य सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. जसवंत सिंह यादव का रविवार सुबह जयपुर में निधन हो गया. वह लंबे समय से कैंसर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और 73 वर्ष के थे. जानिए उनके राजनीतिक सफर और अंतिम संस्कार से जुड़ी पूरी डिटेल्स.
Ayodhya में हनुमानगढ़ी और रामलला के दर्शन कर संतों से मिले CM Yogi, भेंट किए उपहार
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अयोध्या के हनुमानगढ़ी और राम मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश के लोगों की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अयोध्या में 10वें दीपोत्सव के भव्य आयोजन के एक दिन बाद रविवार सुबह गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने भगवान हनुमान के सामने शीश नवाया और प्रदेशवासियों की खुशी, समृद्धि एवं कल्याण के लिए प्रार्थना की। योगी शनिवार से ही अयोध्या प्रवास पर हैं। अधिकारियों के मुताबिक, हनुमानगढ़ी पहुंचने पर संतों और पुजारियों ने जय श्री राम के उद्घोष के साथ उनका स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री श्रीराम जन्मभूमि परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने रामलला की पूजा-अर्चना की और आरती उतारी। उन्होंने मंदिर की परिक्रमा भी की और राम दरबार में पूजा कर प्रदेशवासियों की निरंतर प्रगति एवं कल्याण की कामना की। मंदिर से बाहर आने पर श्रद्धालुओं ने जय श्री राम के नारे लगाकर मुख्यमंत्री का अभिवादन किया। आदित्यनाथ ने हाथ हिलाकर उनका अभिवादन स्वीकार किया। अयोध्या प्रवास के दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए उनके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। बाद में मुख्यमंत्री ने अयोध्या के विभिन्न अखाड़ों और मठों में पहुंचकर संतों से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और दीपावली के उपलक्ष्य में उपहार भेंट किए। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, योगी सबसे पहले दिगंबर अखाड़े पहुंचे, जहां उन्होंने महंत सुरेश दास से मुलाकात की। इस दौरान संत राम लखन दास भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने दोनों संतों से प्रदेश और समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की और उन्हें दीपावली के उपहार भेंट किए। इसके बाद मुख्यमंत्री बड़ा भक्त महल पहुंचे, जहां उन्होंने महंत कौशल किशोर दास जी महाराज से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और दीपावली के उपहार भेंट किए। योगी राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास से मिलने मणिराम दास छावनी भी पहुंचे। उन्होंने महंत के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके दीर्घायु होने की कामना करते हुए उन्हें दीपावली का उपहार भेंट किया।
देश के सजग पहरी हैं Indian Army के जवान, Sikkim पहुंचे Rajnath Singh ने की सराहना
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 8 नवंबर को सिक्किम के शेराथांग युद्ध स्मारक पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अपना जीवन बलिदान करने वालों की याद में बनाए गए स्मारक, राष्ट्रीय कर्तव्य और त्याग की याद दिलाते हैं।'X' (ट्विटर) पर एक पोस्ट में, राजनाथ सिंह ने लिखा कि आज दिवाली के पावन अवसर पर, मैंने सिक्किम के शेराथांग युद्ध स्मारक पर हमारे अमर वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। जैसा कि कहा जाता है, 'स्मारक जीवित लोगों के लिए होते हैं, मृतकों के लिए नहीं'; ये स्मारक हमें लगातार प्रेरित करते हैं और हमारे भीतर राष्ट्रीय गौरव की भावना जगाते हैं। कर्तव्य पथ पर दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान, एक कृतज्ञ राष्ट्र की स्मृतियों में सदैव अंकित रहेगा, और हम उनके शौर्य के सदैव ऋणी रहेंगे। इसे भी पढ़ें: देश और दुनिया की प्रमुख खबरें: PM Modi का बस्तर दौरा, Congress चंदे में कमी और Japan भूकंप इस दौरे के दौरान, रक्षा मंत्री ने सीमा के कठिन और चुनौतीपूर्ण इलाकों में तैनात सैनिकों से मुलाकात की और उनसे बातचीत की। उन्होंने सैनिकों की सतर्कता की तुलना पारंपरिक दीवाली के दीयों से करते हुए कहा, “हमारे जवान खुद उन ‘दीयों’ की तरह हैं, जो चुपचाप अंधेरे से लड़ रहे हैं और देश के हर घर में सुरक्षा का प्रकाश फैला रहे हैं। बेहद खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी, उनकी अटूट सतर्कता, असीम देशभक्ति और ऊंचा हौसला हजारों दीयों से भी ज्यादा तेज चमकता है।” इसे भी पढ़ें: Bagdogra में जवानों संग Rajnath Singh ने मनाई दिवाली, Made in India तकनीक को सराहा उन्होंने सैनिकों के साथ दीवाली मनाने को एक बड़ा सम्मान बताया और सीमा पर तैनात सभी जवानों तथा उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं: “मातृभूमि के सच्चे रक्षकों के बीच दीवाली मनाना बहुत गर्व की बात है। सीमा पर तैनात हमारे सभी बहादुर जवानों और उनके परिवारों को दीवाली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।” इससे पहले, नाथुला दर्रे के पास शेराथांग युद्ध स्मारक पर, सिंह ने भारतीय सेना के जवानों के अनुशासन, समर्पण और बलिदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं पर उनकी मौजूदगी के कारण ही नागरिक त्योहार मना पाते हैं और चैन की नींद सो पाते हैं।
दुनियाभर में हर दिन अनगिनत गाने आते होंगे. लेकिन बात करें पॉपुलर सॉन्ग्स की तो एक 16 साल पुराना गाना आज भी यूट्यूब पर लोग सुनते हैं. खास बात यह है कि यह अंग्रेजी गाना है, जिसे भारत में मिलेनियल्स से लेकर जेनजी के बीच खूब प्यार मिला.
दाढ़ी बढ़ाने से कोई Revanth Reddy नहीं बनता, Telangana CM ने BRS नेता KTR पर कसा तंज
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शनिवार को भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव पर निशाना साधा। उन्होंने रामा राव पर अपना लुक कॉपी करने का आरोप लगाते हुए कहा, सिर्फ दाढ़ी बढ़ा लेने से आप रेवंत रेड्डी जैसे नहीं दिखने लगेंगे। रेड्डी ने यह भी कहा कि बिना किसी ठोस आधार के राजनीतिक दिखावा करना, खुद को बाघ दिखाने की कोशिश कर रहे लोमड़ी जैसा है; और सिर्फ नकल करने से के.टी. रामा राव (जिन्हें KTR के नाम से जाना जाता है) को मतदाताओं का भरोसा नहीं मिल पाएगा। इसे भी पढ़ें: Congress को मिले चंदे में 75 फीसदी गिरावट, 2025-26 में आए 130 करोड़ रुपये विकाराबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए रेड्डी ने कहा कि जैसे कोई लोमड़ी बाघ की धारियों की नकल करके बाघ नहीं बन सकती, वैसे ही आप भी किसी की नकल करके बाघ नहीं बन सकते। सिर्फ दाढ़ी बढ़ा लेने से कोई रेवंत रेड्डी नहीं बन जाता। उन्हें दाढ़ी बढ़ाने में 50 साल लग गए। पता नहीं, उन्हें थोड़ी समझदारी हासिल करने में और कितने साल लगेंगे? उन्होंने आगे कहा, जब तक नेता अपनी सोच नहीं बदलता, तब तक तेलंगाना की जनता उस पर कभी भरोसा नहीं करेगी। उन्होंने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि चाहे आप 10 जन्म ले लें या ताड़ के पेड़ से लटक जाएं, आप तारक रामाराव ही रहेंगे, लेकिन अपने पूरे जीवन में कभी रेवंत रेड्डी नहीं बन पाएंगे। कार्यकर्ताओं का ख्याल रखने और उन्हें अपने दिल के करीब रखने के लिए हिम्मत चाहिए होती है। इस रिपोर्ट को तैयार किए जाने के समय तक राव या BRS की ओर से कोई तत्काल टिप्पणी नहीं आई थी। यह बयान कांग्रेस और BRS के बीच चल रही जुबानी जंग का एक और हिस्सा है, जिसमें दोनों पार्टियों के नेता राज्य में शासन, नेतृत्व और विकास के मुद्दों पर एक-दूसरे पर तीखे हमले कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Nation First के सिद्धांत से LK Advani ने रखी BJP की नींव, PM Modi ने याद किया सफर रेड्डी ने आरोप लगाया कि 10 साल तक मुख्यमंत्री रहने और राज्य का बजट ₹20 लाख करोड़ तक पहुंच जाने के बावजूद, BRS अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव ने सिंचाई से जुड़ी कोई भी लंबित परियोजना पूरी नहीं की है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि अविभाजित आंध्र प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने 16 लाख एकड़ से अधिक भूमि की सिंचाई के लिए 'प्राणहिता-चेवेल्ला' परियोजना की योजना बनाई थी, लेकिन KCR ने इसकी जगह बदलकर और इसकी लागत बढ़ाकर इसे 'कालेश्वरम' परियोजना में बदल दिया। उन्होंने आगे कहा कि इस परियोजना का निर्माण KCR ने ही कराया था और उनके कार्यकाल के दौरान ही यह ढह गई।
Kochi में लॉज पर छापा मारकर 192 ग्राम MDMA बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार
कोच्चि, आठ नवंबर केरलम के एक लॉज में तलाशी के दौरान 185 ग्राम एमडीएमए समेत कुल 192 ग्राम प्रतिबंधित मादक पदार्थ जब्त किया और दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। एर्णाकुलम के ग्रामीण जिला पुलिस प्रमुख के. एस. सुदर्शन को मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह तलाशी ली गयी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरिकृष्णन के. एस. (32) और शिनू सेबेस्टियन (34) के रूप में हुई है। अलुवा के पुलिस उपाधीक्षक बैजू पॉलोस के नेतृत्व में एक टीम ने लॉज में छापा मारकर हरिकृष्णन को गिरफ्तार किया और उसके पास से 185 ग्राम एमडीएमए बरामद किया। इसकी कीमत लगभग 7.5 लाख रुपये आंकी गई है। उससे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने कोच्चि सिटी पुलिस के साथ मिलकर थोप्पुमपडी स्थित शिनू के घर की तलाशी ली। वहां कथित तौर पर एक पक्षी के पिंजरे में छिपाकर रखा गया सात ग्राम एमडीएमए और बरामद किया गया। पुलिस ने बताया कि जांच में पता चला है कि आरोपी तमिलनाडु से एक पर्यटक बस के जरिये मादक पदार्थ कोच्चि लाए थे। उन्होंने कथित तौर पर इसे केले के एक गुच्छे के अंदर छिपा रखा था। मादक पदार्थों के स्रोत और उनके वितरण नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच तेज कर दी गई है। इसमें बेंगलुरु-तमिलनाडु क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस तस्करी में और कितने लोग शामिल थे, आरोपियों को मादक पदार्थ किसने बेचे थे और उनसे इन्हें किसने खरीदा था।
वनटांगिया परिवार के साथ दिवाली क्यों मनाते हैं CM योगी? खुद बताई वजह
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर साल गोरखपुर के वनटांगिया गांव जाकर दिवाली मनाते हैं. त्योहार के इस पावन पर्व पर उन्होंने इसकी वजह बताई और इस समाज की दशकों से चली आ रही समस्याओं पर चर्चा की. सीएम योगी ने बताया कि उनकी सरकार ने वनटांगिया परिवारों को राजस्व गांव का दर्जा दिलाया और उनका मकसद समाज के अंतिम व्यक्ति तक खुशियां पहुंचाना है.
'नक्सली खत्म हुए, खतरा नहीं', बस्तर में PM मोदी ने क्यों किया दिमागी नक्सलियों का जिक्र?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में CRPF जवानों के साथ दिवाली मनाई. उन्होंने कहा कि हथियारबंद नक्सली खत्म हुए हैं, लेकिन दिमागी नक्सलियों का खतरा अभी बरकरार है. जानें प्रधानमंत्री के भाषण की खास बातें.
'स्वागत है ससुराल' ट्रेलर: जिस सौतेली बेटी पर किया सितम, वही बनी सहारा
भोजपुरी सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री स्मृति सिन्हा अपनी नई फिल्म 'स्वागत है ससुराल' के साथ दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार हैं. फिल्म का ट्रेलर हाल ही में जारी किया गया है, जिसने सोशल मीडिया पर काफ़ी तहलका मचाया है. यह फिल्म एक परिवार की कहानी है, जिसमें स्मृति सिन्हा एक सौतेली माँ की भूमिका निभा रही हैं, जो अपनी सौतेली बेटी पर सितम करती है, लेकिन बाद में वही बेटी उसकी ढाल बन जाती है. ट्रेलर में स्मृति सिन्हा का अभिनय काफ़ी दमदार लग रहा है और उनके प्रशंसक उनके इस नए रूप को देखने के लिए काफ़ी उत्साहित हैं. फिल्म में स्मृति सिन्हा के साथ कई अन्य लोकप्रिय कलाकार भी नज़र आएंगे, जिन्होंने अपने अभिनय से फिल्म को काफ़ी ख़ास बनाया है.'स्वागत है ससुराल' के ट्रेलर में स्मृति सिन्हा एक सौतेली माँ की भूमिका निभा रही हैं, जो अपनी सौतेली बेटी पर सितम करती है. उनके अभिनय में नफ़रत और ज़्यादती की भावना काफ़ी साफ़ नज़र आ रही है. ट्रेलर में कई ऐसे दृश्य हैं जिनमें स्मृति सिन्हा अपनी सौतेली बेटी को प्रताड़ित करती हुई नज़र आ रही हैं. उनके प्रशंसक उनके इस नए रूप को देखने के लिए काफ़ी उत्साहित हैं और वे सोशल मीडिया पर उनके अभिनय की जमकर तारीफ़ कर रहे हैं. स्मृति सिन्हा ने अपने अभिनय से यह साबित कर दिया है कि वे न केवल सकारात्मक भूमिकाओं में दमदार लगती हैं, बल्कि नकारात्मक भूमिकाओं में भी वे अपना जलवा बिखेर सकती हैं. उनके प्रशंसक उनके इस नए रूप को देखने के लिए काफ़ी उत्साहित हैं.फिल्म 'स्वागत है ससुराल' के ट्रेलर में एक और महत्वपूर्ण मोड़ नज़र आ रहा है, जिसमें स्मृति सिन्हा की सौतेली बेटी उनकी ढाल बन जाती है. जिस बेटी पर स्मृति सिन्हा ने सितम किया, वही बेटी उनकी मदद के लिए आगे आती है. ट्रेलर में यह काफ़ी भावनात्मक दृश्य नज़र आ रहा है, जिसने दर्शकों का दिल जीत लिया है. यह साबित करता है कि प्यार और विश्वास हर ज़्यादती पर भारी पड़ सकते हैं. ट्रेलर के इस हिस्से ने दर्शकों को काफ़ी प्रभावित किया है और वे फिल्म को देखने के लिए काफ़ी उत्साहित हैं. फिल्म में सौतेली बेटी की भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री ने भी अपने अभिनय से काफ़ी ख़ास बनाया है.'स्वागत है ससुराल' के ट्रेलर ने दर्शकों में काफ़ी उत्साह पैदा कर दिया है और वे फिल्म को देखने के लिए काफ़ी उत्साहित हैं. स्मृति सिन्हा के प्रशंसक उनके अभिनय की जमकर तारीफ़ कर रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि यह फिल्म भी उनकी पिछली फिल्मों की तरह काफ़ी लोकप्रिय होगी. फिल्म में स्मृति सिन्हा के साथ कई अन्य लोकप्रिय कलाकार भी नज़र आएंगे, जिन्होंने अपने अभिनय से फिल्म को काफ़ी ख़ास बनाया है. फिल्म के निर्देशक और निर्माता ने भी फिल्म को काफ़ी ख़ास बनाया है और उन्हें उम्मीद है कि यह फिल्म दर्शकों को काफ़ी पसंद आएगी.
कौन हैं अर्जुन राजपूत? जिन्होंने PAK के खिलाफ जड़ा तूफानी शतक
पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले मेंं भारतीय टीम ने 86 रनों के स्कोर तक 5 विकेट गंवा दिए थे. विकेटों के पतझड़ के बीच अर्जुन राजपूत ने तूफानी शतक लगाकर भारतीय टीम की लाज बचाई.
दिवाली बैश में ईशा देओल पूर्व पति संग आईं नज़र, सारा अली खान ने दी सौतेली माँ को मात
बॉलीवुड में दिवाली का जश्न जोरों पर है, और बीती रात कई बड़े सितारों ने एक-दूसरे के दिवाली बैश में शिरकत की. इस जश्न में ईशा देओल अपने पूर्व पति भरत तख्तानी के साथ नज़र आईं, जबकि सारा अली खान ने अपनी सौतेली माँ करीना कपूर पर भारी पड़कर सबका ध्यान खींचा. वहीं, रकुल प्रीत सिंह का 'शूर्पणखा' स्वैग सोशल मीडिया पर छाया हुआ है. जानें पूरी खबर.माया नगरी मुंबई (Mumbai) में दिवाली (Diwali) का त्यौहार हमेशा से ही चकाचौंध और खुशियों का सैलाब लेकर आता है. इस साल भी, बॉलीवुड (Bollywood) हस्तियां पूरी शिद्दत के साथ इस रोशनी के त्यौहार को मनाने में जुटी हुई हैं. एकता कपूर, कृति सैनन और रमेश तौरानी जैसे कई बड़े निर्माताओं और सितारों ने अपने घरों पर दिवाली बैश (Diwali Bash) का आयोजन किया, जहाँ पूरी इंडस्ट्री एक छत के नीचे जमा हुई. इस साल के इन दिवाली बैशों में कुछ ऐसी बातें हुईं जो अब टॉक ऑफ द टाउन बन गई हैं. इनमें सबसे ज़्यादा चर्चा ईशा देओल (Esha Deol) की अपने पूर्व पति (ex-husband) के साथ सार्वजनिक उपस्थिति, सारा अली खान (Sara Ali Khan) का अपनी सौतेली माँ (stepmother) से ज़्यादा लाइमलाइट चुराना और रकुल प्रीत सिंह (Rakul Preet Singh) का 'शूर्पणखा' स्वैग रहा.इस दिवाली के जश्न में सबसे बड़ा सरप्राइज़ ईशा देओल ने दिया. वह रमेश तौरानी की दिवाली पार्टी में अपने पूर्व पति भरत तख्तानी (Bharat Takhtani) के साथ एक ही कार में नज़र आईं. ईशा और भरत, जिन्होंने इस साल की शुरुआत में अपनी 12 साल पुरानी शादी को ख़त्म करने का फ़ैसला किया था, को एक साथ देखकर पैपराजी और प्रशंसक दोनों ही हैरान रह गए. हालाँकि ईशा ने पैपराजी के सामने पोज़ नहीं दिया, लेकिन भरत तख्तानी ने हाथ जोड़कर सबका अभिवादन किया और मीडिया के सामने पोज़ भी दिया. ईशा का इस तरह दिवाली के जश्न में अपने पूर्व पति के साथ आना, उनके रिश्ते को लेकर कई कयासों को जन्म दे रहा है. प्रशंसक यह सोच रहे हैं कि क्या यह कोई रीयूनियन है या फिर बस एक दोस्ताना दिवाली मिलन. जो भी हो, ईशा और भरत की यह सार्वजनिक उपस्थिति इस साल के दिवाली बैशों की सबसे चर्चित घटनाओं में से एक बन गई है.ईशा देओल और भरत तख्तानी की दो बेटियाँ हैं, और उनके तलाक की घोषणा के बाद से दोनों को सार्वजनिक तौर पर एक साथ नहीं देखा गया था. इसलिए, दिवाली जैसे त्यौहार पर उनका एक साथ नज़र आना कई सवाल और आशाएं जगा रहा है. प्रशंसक अब सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि शायद यह रिश्ता एक बार फिर से जुड़ जाए. हालांकि, ईशा देओल या भरत तख्तानी की तरफ से इस रीयूनियन को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, और यह भी हो सकता है कि वे बस अपनी बेटियों की खातिर या पुराने रिश्तों के सम्मान में एक साथ आए हों.कृति सैनन के दिवाली बैश में सारा अली खान अपनी सौतेली माँ करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) पर भारी पड़ती नज़र आईं. करीना, जो हमेशा अपने फैशन सेंस और चार्म से सबका दिल जीत लेती हैं, इस बार सारा के सामने थोड़ी फीकी पड़ गईं. सारा ने एक ख़ूबसूरत मैरून और गोल्डन एथनिक वियर (ethnic wear) पहना था, जिसमें वह काफ़ी स्टनिंग लग रही थीं. वहीं, करीना ने एक साधारण बेज कलर का कुर्ता-पैंट पहना था, जो सारा के लुक के सामने काफ़ी साधारण लग रहा था. सारा ने पूरी लाइमलाइट चुरा ली और पैपराजी के सामने भी काफ़ी कॉन्फिडेंट पोज़ दिए. उनकी ख़ूबसूरती और स्टाइल ने सबका ध्यान खींचा, और सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें काफ़ी वायरल हो रही हैं. यह पहली बार नहीं है जब सारा ने अपनी सौतेली माँ को फैशन में मात दी हो, लेकिन दिवाली जैसे बड़े त्यौहार पर यह काफ़ी चर्चित हो गया. प्रशंसक सोशल मीडिया पर सारा के लुक की जमकर तारीफ़ कर रहे हैं और करीना के सिंपल लुक पर सवाल भी उठा रहे हैं. यह साफ़ है कि सारा अब बॉलीवुड की एक बड़ी फैशन आइकॉन बनती जा रही हैं और हर बड़े इवेंट में अपना जलवा बिखेर रही हैं.रकुल प्रीत सिंह ने एकता कपूर के दिवाली बैश में अपने 'शूर्पणखा' स्वैग से सबको हैरान कर दिया. उन्होंने एक ख़ूबसूरत और अनोखा एथनिक वियर पहना था, जिसके साथ उन्होंने एक विशेष हेडगियर (headgear) भी पहना था. उनका यह हेडगियर उन्हें पौराणिक चरित्र 'शूर्पणखा' (Surpanakha) जैसा लुक दे रहा था. रकुल ने अपने इस लुक को 'शूर्पणखा' स्वैग के साथ कैरी किया और सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें काफ़ी वायरल हो रही हैं. उनके प्रशंसक उनके इस यूनीक और साहसी लुक की जमकर तारीफ़ कर रहे हैं और उन्हें बॉलीवुड की सबसे स्टाइलिश अभिनेत्रियों में से एक बता रहे हैं. रकुल ने अपने इस लुक के साथ दिवाली के जश्न में एक नया ट्रेंड सेट किया है और आने वाले समय में हमें कई और अभिनेत्रियाँ इस तरह के यूनीक लुक में नज़र आ सकती हैं. रकुल का यह 'शूर्पणखा' स्वैग सोशल मीडिया पर छाया हुआ है और लोग उनके फैशन सेंस की जमकर तारीफ़ कर रहे हैं. यह साफ़ है कि रकुल अब बॉलीवुड की एक बड़ी फैशन आइकॉन बनती जा रही हैं और हर बड़े इवेंट में अपना जलवा बिखेर रही हैं.बॉलीवुड दिवाली बैश न केवल खुशियों और चकाचौंध का त्यौहार है, बल्कि यह रिश्तों को और भी मज़बूत करने का एक अवसर भी है. इन बैशों में पूरी इंडस्ट्री एक छत के नीचे जमा होती है और एक-दूसरे के साथ त्यौहार की खुशियाँ बांटती है. ईशा देओल का अपने पूर्व पति के साथ आना, सारा अली खान का अपनी सौतेली माँ के साथ दिवाली मनाना, ये सभी बातें बॉलीवुड के रिश्तों और उनकी जटिलताओं को दिखाती हैं. लेकिन अंत में, ये सभी बैश खुशियों और त्यौहार की भावना का जश्न मनाते हैं. प्रशंसक भी सोशल मीडिया पर इन बैशों की तस्वीरें और वीडियो देखकर त्यौहार की खुशियाँ मना रहे हैं. बॉलीवुड दिवाली बैश हमेशा से ही लोगों को त्यौहार के लिए प्रेरित करते रहे हैं और इस साल भी यह कोई अलग नहीं है.
ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि ने जीता भारतीयों का दिल, यूं दी दिवाली की बधाई
प्रकाश और खुशियों का पर्व दिवाली दुनिया भर में धूमधाम से मनाया जा रहा है. इस मौके पर ईरान के राजदूत मोहम्मद फ़तहाली और सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने भारतवासियों को शुभकामनाएं देकर दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत किया.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर योगी का विपक्ष पर पलटवार
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर विपक्ष के दुष्प्रचार का आरोपराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों की गलत हरकतों की सजा पूरी अयोध्या, संत समाज और रामभक्तों को नहीं दी जा सकती।
RITES Vacancy 2026: नवरत्न कंपनी में ग्रेजुएट-डिप्लोमा पास के लिए बंपर भर्ती
RITES Limited, जो भारत सरकार के रेल मंत्रालय के तहत एक नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (PSU) है, ने वित्त वर्ष 2026 के लिए ग्रेजुएट और डिप्लोमा धारकों के लिए एक बड़ी भर्ती योजना की घोषणा की है. यह भर्ती प्रक्रिया कई मायनों में अनूठी और उम्मीदवारों के लिए काफ़ी उत्साहजनक है. सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि इस भर्ती में चयन के लिए उम्मीदवारों को न तो किसी कठिन लिखित परीक्षा (Written Test) का सामना करना होगा और न ही किसी इंटरव्यू (Interview) में भाग लेना होगा. यह एक सीधा और पारदर्शी चयन है, जो पूरी तरह से उम्मीदवार के शैक्षणिक अंकों (Academic Marks) पर आधारित मेरिट लिस्ट (Merit List) के ज़रिए किया जाएगा. यह उन उम्मीदवारों के लिए एक बड़ा अवसर है जो एक प्रतिष्ठित नवरत्न कंपनी में अपना करियर शुरू करना चाहते हैं.RITES की यह भर्ती अभियान देश भर के उन ग्रेजुएट और डिप्लोमा धारकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है जो एक सरकारी कंपनी में नौकरी का सपना देख रहे हैं. नवरत्न दर्जा प्राप्त RITES Limited एक प्रतिष्ठित संगठन है, जो बुनियादी ढांचे और परामर्श क्षेत्र में काम करता है. यहाँ नौकरी करना न केवल आर्थिक रूप से सुरक्षित है, बल्कि पेशेवर विकास के लिए भी कई अवसर प्रदान करता है. इस भर्ती के तहत, कई अलग-अलग पदों को भरा जाना है, जो ग्रेजुएट और डिप्लोमा धारकों के लिए उपलब्ध हैं. पदों की विस्तृत जानकारी और पात्रता मानदंड के बारे में आधिकारिक अधिसूचना में विस्तार से बताया गया है, जिसे उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले ध्यान से पढ़ना चाहिए.यह भर्ती प्रक्रिया उम्मीदवारों के लिए काफ़ी सरल और सुलभ है. उन्हें बस आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. आवेदन की समय सीमा और अन्य महत्वपूर्ण तारीखें आधिकारिक अधिसूचना में दी गई हैं. उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपने आवेदन को समय पर जमा करें ताकि वे किसी भी अंतिम समय की जल्दबाज़ी से बच सकें. यह भर्ती ग्रेजुएट और डिप्लोमा धारकों के लिए एक बड़ा अवसर है जो एक सरकारी कंपनी में नौकरी का सपना देख रहे हैं.RITES की इस भर्ती के लिए अप्लाई करने के लिए, उम्मीदवारों को कुछ पात्रता मानदंड को पूरा करना होगा. सबसे महत्वपूर्ण मानदंड शैक्षणिक योग्यता है. उम्मीदवारों को संबंधित क्षेत्र में ग्रेजुएट या डिप्लोमा धारक होना चाहिए. पदों की विस्तृत जानकारी और प्रत्येक पद के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता आधिकारिक अधिसूचना में दी गई है. उम्मीदवारों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि वे आयु सीमा और अन्य आवश्यक मानदंडों को पूरा करते हैं. आयु सीमा और अन्य छूटों के बारे में जानकारी आधिकारिक अधिसूचना में उपलब्ध है.शैक्षणिक योग्यता के अलावा, उम्मीदवारों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि वे शारीरिक रूप से फिट हैं और किसी भी स्वास्थ्य समस्या से ग्रस्त नहीं हैं. स्वास्थ्य मानदंडों के बारे में जानकारी आधिकारिक अधिसूचना में दी गई है. उम्मीदवारों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि वे नागरिकता और अन्य आवश्यक मानदंडों को पूरा करते हैं. नागरिकता और अन्य आवश्यकताओं के बारे में जानकारी आधिकारिक अधिसूचना में उपलब्ध है. यह भर्ती ग्रेजुएट और डिप्लोमा धारकों के लिए एक बड़ा अवसर है जो एक सरकारी कंपनी में नौकरी का सपना देख रहे हैं.RITES की इस भर्ती की सबसे बड़ी विशेषता इसकी चयन प्रक्रिया है. इसमें कोई लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं होगा; उम्मीदवारों का चयन सीधे उनके शैक्षणिक अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट के ज़रिए किया जाएगा. इसका मतलब है कि उम्मीदवारों को बस अपने आवेदन में अपने शैक्षणिक अंकों को सही ढंग से भरना होगा. RITES उनके अंकों के आधार पर एक मेरिट लिस्ट तैयार करेगा और चयनित उम्मीदवारों को दस्तावेज़ सत्यापन (Document Verification) और मेडिकल जांच (Medical Examination) के लिए बुलाया जाएगा. यह एक सीधा और पारदर्शी चयन है, जो पूरी तरह से उम्मीदवार के शैक्षणिक अंकों पर आधारित मेरिट लिस्ट के ज़रिए किया जाएगा.यह चयन प्रक्रिया उन उम्मीदवारों के लिए काफ़ी सहायक होगी जो प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं. उन्हें अब अपनी मेहनत और शैक्षणिक अंकों के बल पर एक प्रतिष्ठित सरकारी कंपनी में नौकरी पाने का मौका मिलेगा. दस्तावेज़ सत्यापन और मेडिकल जांच के बारे में जानकारी आधिकारिक अधिसूचना में दी गई है. उम्मीदवारों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि वे नागरिकता और अन्य आवश्यक मानदंडों को पूरा करते हैं. नागरिकता और अन्य आवश्यकताओं के बारे में जानकारी आधिकारिक अधिसूचना में उपलब्ध है. यह भर्ती ग्रेजुएट और डिप्लोमा धारकों के लिए एक बड़ा अवसर है जो एक सरकारी कंपनी में नौकरी का सपना देख रहे हैं.RITES की इस भर्ती के तहत चयनित उम्मीदवारों को सरकारी कंपनी में नौकरी के सभी लाभ मिलेंगे, जिनमें आकर्षक वेतन और अन्य भत्ते शामिल हैं. वेतन और अन्य लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी आधिकारिक अधिसूचना में दी गई है, जिसे उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले ध्यान से पढ़ना चाहिए. सरकारी कंपनी में नौकरी करना न केवल आर्थिक रूप से सुरक्षित है, बल्कि पेशेवर विकास के लिए भी कई अवसर प्रदान करता है. यह उन उम्मीदवारों के लिए एक बड़ा अवसर है जो एक प्रतिष्ठित नवरत्न कंपनी में अपना करियर शुरू करना चाहते हैं.आकर्षक वेतन के अलावा, उम्मीदवारों को अन्य लाभ भी मिलेंगे, जैसे कि चिकित्सा सुविधा, परिवहन सुविधा, और अन्य भत्ते. वेतन और अन्य लाभों के बारे में जानकारी आधिकारिक अधिसूचना में दी गई है. उम्मीदवारों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि वे नागरिकता और अन्य आवश्यक मानदंडों को पूरा करते हैं. नागरिकता और अन्य आवश्यकताओं के बारे में जानकारी आधिकारिक अधिसूचना में उपलब्ध है. यह भर्ती ग्रेजुएट और डिप्लोमा धारकों के लिए एक बड़ा अवसर है जो एक सरकारी कंपनी में नौकरी का सपना देख रहे हैं.छात्रों को स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई करने से पहले, पात्रता मानदंड और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल करनी चाहिए. छात्रों को अपने आवेदन को समय पर जमा करना चाहिए ताकि वे स्कॉलरशिप के लिए पात्र हो सकें. कुछ मामलों में, स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई करने की समय सीमा काफ़ी कठिन हो सकती है, इसलिए छात्रों को अपने आवेदन को काफ़ी पहले ही जमा कर देना चाहिए. यह छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर है जो विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं और अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाना चाहते हैं. यह छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर है जो विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं और अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाना चाहते हैं.
भारत के वो बच्चे, जिनके असाधारण हुनर को सलाम करती है दुनिया! मिलते हैं करोड़ों रुपये
भारत में कई ऐसे बच्चे हैं जिनके असाधारण हुनर (exceptional talent) को दुनिया सलाम करती है. ये वो युवा प्रतिभाएँ हैं जो बिना JEE (Joint Entrance Examination) के ही IIT (Indian Institutes of Technology) और IIIT (Indian Institutes of Information Technology) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में सीट हासिल कर सकते हैं और उन्हें करोड़ों रुपये की स्कॉलरशिप और फंडिंग मिलती है. जानें उनकी प्रेरणादायक कहानियाँ.भारत, जो अपनी विविधता और प्रतिभा के लिए जाना जाता है, कई असाधारण बच्चों का घर है जिनके हुनर को दुनिया भर में सराहा जा रहा है. ये युवा प्रतिभाएँ पारंपरिक शैक्षणिक रास्तों को चुनौती दे रही हैं और साबित कर रही हैं कि हुनर किसी उम्र या परीक्षा का मोहताज नहीं होता. जहाँ लाखों छात्र IIT और IIIT जैसे संस्थानों में प्रवेश पाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं और JEE जैसी कठिन परीक्षा देते हैं, वहीं कुछ ऐसे बच्चे हैं जो अपने असाधारण कौशल (exceptional skill) के बल पर इन संस्थानों में सीधे प्रवेश पाने के पात्र बन जाते हैं. इन बच्चों की कहानियाँ न केवल प्रेरणादायक हैं, बल्कि यह भी दिखाती हैं कि भारत में हुनर को पहचानना और उसे बढ़ावा देना कितना महत्वपूर्ण है.पारंपरिक शैक्षणिक प्रणाली में, छात्रों को उनकी बुद्धिमत्ता और योग्यता को साबित करने के लिए परीक्षाओं और ग्रेड पर निर्भर रहना पड़ता है. हालांकि, कुछ बच्चे ऐसे होते हैं जिनके हुनर को इन परीक्षाओं के ज़रिए मापा नहीं जा सकता. ये बच्चे कोडिंग, कला, संगीत, खेल या विज्ञान जैसे क्षेत्रों में असाधारण प्रतिभा दिखाते हैं, जो उनके लिए नए रास्ते खोलते हैं. IIT और IIIT जैसे संस्थानों ने अब इस बात को पहचाना है और वे इन युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रवेश कार्यक्रम शुरू कर रहे हैं. इन कार्यक्रमों के तहत, छात्र अपने हुनर और उपलब्धि के बल पर इन संस्थानों में प्रवेश पा सकते हैं, बिना JEE दिए.यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है जो भारत में हुनर को पहचानने और उसे बढ़ावा देने की दिशा में एक नया रास्ता खोलता है. यह साबित करता है कि हुनर किसी उम्र या परीक्षा का मोहताज नहीं होता और अगर उसे सही दिशा और समर्थन मिले, तो वह दुनिया भर में अपनी पहचान बना सकता है. इन असाधारण बच्चों की कहानियाँ हमें यह भी सिखाती हैं कि हमें पारंपरिक शैक्षणिक रास्तों से हटकर नए अवसरों की तलाश करनी चाहिए और अपने हुनर को संवारने पर ध्यान देना चाहिए.IIT और IIIT जैसे संस्थानों ने अब असाधारण हुनर वाले छात्रों को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रवेश कार्यक्रम शुरू किए हैं. इन कार्यक्रमों के तहत, छात्र कोडिंग प्रतियोगिताओं, कला प्रदर्शनियों, संगीत कार्यक्रमों या खेल प्रतियोगिताओं में अपनी उपलब्धि के बल पर इन संस्थानों में सीधे प्रवेश पा सकते हैं. यह इन संस्थानों की एक महत्वपूर्ण पहल है जो भारत में हुनर को पहचानने और उसे बढ़ावा देने की दिशा में एक नया रास्ता खोलती है.यह न केवल इन छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर है, बल्कि यह भी दिखाता है कि भारत में हुनर को अब प्रतिष्ठित संस्थानों का साथ मिल रहा है. यह साबित करता है कि हुनर किसी उम्र या परीक्षा का मोहताज नहीं होता और अगर उसे सही दिशा और समर्थन मिले, तो वह दुनिया भर में अपनी पहचान बना सकता है. इन असाधारण बच्चों की कहानियाँ हमें यह भी सिखाती हैं कि हमें अपने हुनर को संवारने पर ध्यान देना चाहिए और प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ जुड़कर नए अवसरों की तलाश करनी चाहिए.असाधारण हुनर वाले छात्रों को न केवल प्रतिष्ठित संस्थानों का साथ मिल रहा है, बल्कि उन्हें करोड़ों रुपये की स्कॉलरशिप और फंडिंग भी मिल रही है. यह वित्तीय समर्थन उन्हें अपने हुनर को संवारने और अपने सपनों को साकार करने में मदद करता है. कई सरकारी और निजी संगठन अब इन युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए विशेष स्कॉलरशिप और फंडिंग कार्यक्रम शुरू कर रहे हैं.यह एक महत्वपूर्ण पहल है जो भारत में हुनर को वित्तीय समर्थन प्रदान करने की दिशा में एक नया रास्ता खोलती है. यह साबित करता है कि हुनर किसी उम्र या परीक्षा का मोहताज नहीं होता और अगर उसे सही दिशा और समर्थन मिले, तो वह दुनिया भर में अपनी पहचान बना सकता है. इन असाधारण बच्चों की कहानियाँ हमें यह भी सिखाती हैं कि हमें अपने हुनर को संवारने पर ध्यान देना चाहिए और वित्तीय समर्थन हासिल करके नए अवसरों की तलाश करनी चाहिए.भारत में कई ऐसे बच्चे हैं जिनके असाधारण हुनर को दुनिया सलाम करती है. कोडिंग से लेकर कला और संगीत तक, ये युवा प्रतिभाएँ अपनी मेहनत और लगन से अपनी पहचान बना रही हैं. इनमें से कुछ बच्चों की कहानियाँ काफ़ी प्रेरणादायक हैं, जैसे कि 12 वर्षीय कोडर जिसने अपना खुद का ऐप बनाया, या 10 वर्षीय चित्रकार जिसकी पेंटिंग्स अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में प्रदर्शित की गईं.इन बच्चों की कहानियाँ हमें यह सिखाती हैं कि हुनर किसी उम्र या परीक्षा का मोहताज नहीं होता और अगर उसे सही दिशा और समर्थन मिले, तो वह दुनिया भर में अपनी पहचान बना सकता है. ये कहानियाँ हमें यह भी सिखाती हैं कि हमें अपने हुनर को संवारने पर ध्यान देना चाहिए और नए अवसरों की तलाश करनी चाहिए. ये बच्चे भारत के भविष्य हैं और उनके हुनर को बढ़ावा देना हमारे देश के लिए महत्वपूर्ण है.भारत में कई ऐसे बच्चे हैं जिनके असाधारण हुनर को दुनिया सलाम करती है. ये युवा प्रतिभाएँ पारंपरिक शैक्षणिक रास्तों को चुनौती दे रही हैं और साबित कर रही हैं कि हुनर किसी उम्र या परीक्षा का मोहताज नहीं होता. IIT और IIIT जैसे संस्थानों ने अब इस बात को पहचाना है और वे इन युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रवेश कार्यक्रम शुरू कर रहे हैं. इसके अलावा, इन छात्रों को करोड़ों रुपये की स्कॉलरशिप और फंडिंग भी मिल रही है, जो उनके हुनर को संवारने में मदद करती है.यह भारत के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है कि वह इन युवा प्रतिभाओं को पहचाने और उन्हें बढ़ावा दे. हमें पारंपरिक शैक्षणिक प्रणाली से हटकर नए अवसरों की तलाश करनी चाहिए और अपने हुनर को संवारने पर ध्यान देना चाहिए. ये असाधारण बच्चे भारत के भविष्य हैं और उनके हुनर को बढ़ावा देना हमारे देश के लिए महत्वपूर्ण है. हमें उन्हें सही दिशा और समर्थन प्रदान करना चाहिए ताकि वे दुनिया भर में अपनी पहचान बना सकें और भारत का नाम रोशन कर सकें.
दुनिया के सबसे अमीर देश में फ्री पढ़ने का मौका, हर सेमेस्टर मिलेंगे ₹15 लाख
विदेश में पढ़ाई का सपना देख रहे छात्रों के लिए शानदार मौका है. दुनिया के सबसे अमीर देशों में शुमार लक्ज़मबर्ग (Luxembourg) ने एक विशेष स्कॉलरशिप प्रोग्राम का ऐलान किया है, जिसके तहत भारतीय छात्रों को हर सेमेस्टर लगभग ₹15 लाख की वित्तीय सहायता मिलेगी. जानें इसके लिए कहाँ और कैसे अप्लाई करना होगा.विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करना (Study Abroad) कई भारतीय छात्रों का एक बड़ा सपना होता है, लेकिन वित्तीय बाधाएं अक्सर उनके रास्ते में आ जाती हैं. अगर आप भी इस तरह की चुनौती का सामना कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए एक बड़ी उम्मीद की किरण बन सकती है. यूरोप के एक छोटे लेकिन दुनिया के सबसे अमीर देशों में से एक, लक्ज़मबर्ग (Luxembourg), ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों (International Students) के लिए एक बेहद आकर्षक स्कॉलरशिप योजना की घोषणा की है. इस कार्यक्रम के तहत, चयनित छात्रों को प्रति सेमेस्टर (Per Semester Scholarship) लगभग ₹15 लाख की भारी वित्तीय सहायता मिलेगी. यह स्कॉलरशिप छात्रों को लक्ज़मबर्ग में अपनी पढ़ाई जारी रखने और अपने सपनों को साकार करने में मदद करेगी.लक्ज़मबर्ग सरकार द्वारा शुरू की गई इस स्कॉलरशिप का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर के प्रतिभाशाली छात्रों को अपनी ओर आकर्षित करना और देश के शैक्षणिक संस्थानों को और अधिक विविधता प्रदान करना है. यह स्कॉलरशिप छात्रों को न केवल वित्तीय सहायता प्रदान करती है, बल्कि उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक माहौल में सीखने और विकसित होने का भी मौका देती है. लक्ज़मबर्ग अपनी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, आधुनिक शैक्षणिक संस्थानों और सुरक्षित वातावरण के लिए जाना जाता है. यह छात्रों के लिए एक आदर्श स्थान है जो एक अंतरराष्ट्रीय डिग्री हासिल करना चाहते हैं और अपने करियर को एक नई ऊँचाई पर ले जाना चाहते हैं.यह स्कॉलरशिप प्रोग्राम विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों में स्नातक (Bachelor's), स्नातकोत्तर (Master's), और पीएचडी (PhD) स्तर की पढ़ाई के लिए उपलब्ध है. छात्र अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार अपने लिए उपयुक्त कोर्स का चयन कर सकते हैं. स्कॉलरशिप के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता में ट्यूशन फीस, रहने का खर्च, और अन्य शैक्षणिक खर्च शामिल हैं. इससे छात्रों को बिना किसी वित्तीय बोझ के अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी. यह स्कॉलरशिप छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर है जो विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं और अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाना चाहते हैं.लक्ज़मबर्ग स्कॉलरशिप कार्यक्रम के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता काफ़ी आकर्षक है. चयनित छात्रों को प्रति सेमेस्टर लगभग ₹15 लाख की भारी वित्तीय सहायता मिलेगी. यह राशि छात्रों के लिए काफ़ी सहायक होगी और उन्हें अपनी पढ़ाई के दौरान वित्तीय चिंताओं से मुक्त रखेगी. स्कॉलरशिप के लिए पात्रता मानदंड विभिन्न कोर्स और शैक्षणिक संस्थानों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं. आम तौर पर, स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई करने के लिए छात्रों को एक अच्छी शैक्षणिक पृष्ठभूमि, प्रासंगिक शैक्षणिक योग्यता, और अंग्रेज़ी भाषा में दक्षता साबित करनी होगी. कुछ मामलों में, छात्रों को प्रवेश परीक्षा या साक्षात्कार में भी भाग लेना पड़ सकता है.स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई करने से पहले, छात्रों को संबंधित शैक्षणिक संस्थान की वेबसाइट पर जाकर पात्रता मानदंड और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल करनी चाहिए. यह काफ़ी महत्वपूर्ण है क्योंकि कुछ मामलों में, स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई करने की समय सीमा और अन्य आवश्यकताएं काफ़ी कठिन हो सकती हैं. छात्रों को अपने आवेदन के साथ अपने शैक्षणिक रिकॉर्ड, सिफारिश पत्र, और एक व्यक्तिगत विवरण भी जमा करना होगा. यह छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर है जो विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं और अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाना चाहते हैं.लक्ज़मबर्ग अपनी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय अनुभव के लिए एक आदर्श स्थान है. देश के शैक्षणिक संस्थान आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं और छात्रों को एक अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक माहौल प्रदान करते हैं. लक्ज़मबर्ग में पढ़ाई करने से छात्रों को न केवल एक अंतरराष्ट्रीय डिग्री हासिल करने का मौका मिलता है, बल्कि उन्हें एक नई संस्कृति और भाषा सीखने का भी मौका मिलता है. यह छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर है जो अपने क्षितिज को व्यापक बनाना चाहते हैं और अपने करियर को एक नई ऊँचाई पर ले जाना चाहते हैं.लक्ज़मबर्ग एक सुरक्षित और स्वागत करने वाला देश है, जो छात्रों के लिए एक आदर्श स्थान है. देश में परिवहन की अच्छी व्यवस्था है और छात्रों के लिए रहने का खर्च काफ़ी कम है. लक्ज़मबर्ग में पढ़ाई करने से छात्रों को न केवल एक अंतरराष्ट्रीय डिग्री हासिल करने का मौका मिलता है, बल्कि उन्हें एक नई संस्कृति और भाषा सीखने का भी मौका मिलता. यह छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर है जो अपने क्षितिज को व्यापक बनाना चाहते हैं और अपने करियर को एक नई ऊँचाई पर ले जाना चाहते हैं. यह छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर है जो विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं और अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाना चाहते हैं.लक्ज़मबर्ग स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई करने के लिए, छात्रों को संबंधित शैक्षणिक संस्थान की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. आवेदन प्रक्रिया आम तौर पर शैक्षणिक संस्थान की वेबसाइट पर उपलब्ध होती है और छात्रों को आवेदन पत्र को ध्यान से भरना होगा. छात्रों को अपने आवेदन के साथ अपने शैक्षणिक रिकॉर्ड, सिफारिश पत्र, और एक व्यक्तिगत विवरण भी जमा करना होगा. स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई करने की समय सीमा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और कोर्स के अनुसार अलग-अलग हो सकती है.छात्रों को अपने आवेदन को समय पर जमा करना चाहिए ताकि वे स्कॉलरशिप के लिए पात्र हो सकें. कुछ मामलों में, स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई करने की समय सीमा काफ़ी कठिन हो सकती है, इसलिए छात्रों को अपने आवेदन को काफ़ी पहले ही जमा कर देना चाहिए. छात्रों को स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई करने से पहले, पात्रता मानदंड और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल करनी चाहिए. यह काफ़ी महत्वपूर्ण है क्योंकि कुछ मामलों में, स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई करने की समय सीमा और अन्य आवश्यकताएं काफ़ी कठिन हो सकती हैं. यह छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर है जो विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं और अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाना चाहते हैं.लक्ज़मबर्ग स्कॉलरशिप कार्यक्रम विदेश में पढ़ाई का सपना सच करने का एक सुनहरा अवसर है. यह स्कॉलरशिप छात्रों को न केवल वित्तीय सहायता प्रदान करती है, बल्कि उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक माहौल में सीखने और विकसित होने का भी मौका देती है. लक्ज़मबर्ग अपनी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, आधुनिक शैक्षणिक संस्थानों और सुरक्षित वातावरण के लिए जाना जाता है. यह छात्रों के लिए एक आदर्श स्थान है जो विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं और अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाना चाहते हैं.छात्रों को स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई करने से पहले, पात्रता मानदंड और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल करनी चाहिए. छात्रों को अपने आवेदन को समय पर जमा करना चाहिए ताकि वे स्कॉलरशिप के लिए पात्र हो सकें. कुछ मामलों में, स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई करने की समय सीमा काफ़ी कठिन हो सकती है, इसलिए छात्रों को अपने आवेदन को काफ़ी पहले ही जमा कर देना चाहिए. यह छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर है जो विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं और अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाना चाहते हैं. यह छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर है जो विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं और अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाना चाहते हैं.
मुहूर्त ट्रेडिंग शुरू.. शेयर बाजार में तूफानी तेजी, बीते 10 साल का देखें डेटा
Muhurat Trading Last 10 Years: शेयर बाजार में आज मुहूर्त ट्रेडिंग शुरू हो गई है और सेंसेक्स-निफ्टी जोरदार तेजी के साथ खुले हैं. बीते 10 साल में इस खास ट्रेडिंग सेशन में दोनों इंडेक्स की परफॉर्मेंस देखें, तो 10 में से 8 में ये इंडेक्स बढ़त में रहे, जबकि 2 सेशन में गिरावट देखने को मिली है.
मनोज तिवारी ने चलाई रिक्शा-बेची साड़ी, पत्नी को किया Kiss
मनोज तिवारी का अब एक अलग अंदाज देखने को मिला. पत्नी को डेट पर ले जाने के लिए उन्होंने छोटे-मोटे काम करके पैसे कमाए. मनोज तिवारी ने पत्नी को रोमांटिक अंदाज में प्रपोज भी किया.
इस दिवाली खादी को दें तरजीह, बुनकरों और कारीगरों तक पहुँचाएं उजाला
यह दिवाली 'खादी वाली' मनाने की अपील की जा रही है, ताकि देश के बुनकरों और कारीगरों के घरों तक भी खुशियों का उजाला पहुँच सके. उनके हुनर को संवारने और उन्हें आर्थिक संबल देने के लिए यह एक सार्थक पहल है.जैसे-जैसे दीपावली (Diwali) का त्योहार नज़दीक आ रहा है, बाज़ार रोशनियों और उपहारों से जगमगा उठे हैं. ऐसे में एक नई और सार्थक पहल जोर पकड़ रही है—'ये दीवाली खादी वाली'. यह केवल एक नारा नहीं है, बल्कि एक आह्वान है अपने देश के उन लाखों बुनकरों (Weavers) और कारीगरों (Artisans) के घरों को रोशन करने का, जिनके अथक परिश्रम से हमारा पारंपरिक हुनर जीवित है. खादी (Khadi), जो स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक रही है, आज फिर से एक बड़े सामाजिक और आर्थिक बदलाव का ज़रिया बन सकती है.हम सभी जानते हैं कि दिवाली खुशियों और रोशनी का त्योहार है. हम अपने घरों को सजाते हैं, नए कपड़े खरीदते हैं और मिठाईयाँ बांटते हैं. लेकिन क्या हम कभी उन लोगों के बारे में सोचते हैं जो ये सब चीज़ें हमारे लिए बनाते हैं? देश के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लाखों बुनकर और कारीगर आज भी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं. उनके लिए दिवाली का मतलब केवल अतिरिक्त मेहनत है, ताकि वे कुछ और पैसे कमा सकें.'ये दीवाली खादी वाली' पहल का उद्देश्य इन बुनकरों और कारीगरों को समर्थन देना है. खादी के बने कपड़े, घर की सजावट के सामान और यहाँ तक कि खादी के दीये खरीदकर, हम न केवल अपने लिए कुछ अनूठा और पारंपरिक चुनते हैं, बल्कि सीधे तौर पर उनके आर्थिक सशक्तिकरण (Economic Empowerment) में योगदान देते हैं. यह एक ऐसा तरीक़ा है जिससे हम उनके हुनर का सम्मान कर सकते हैं और उन्हें यह महसूस करा सकते हैं कि वे भी इस त्योहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं.खादी केवल एक कपड़ा नहीं है, यह एक परंपरा है, एक विरासत है. हर खादी के कपड़े के पीछे एक बुनकर की कड़ी मेहनत और उसका हुनर छिपा होता है. उनके हाथों का जादू ही है जो साधारण से सूत को एक ख़ूबसूरत और टिकाऊ कपड़े में बदल देता है. लेकिन आज के दौर में, जहाँ मशीन से बने कपड़े बाज़ार पर हावी हैं, ये बुनकर पीछे छूटते जा रहे हैं.'ये दीवाली खादी वाली' पहल हमें एक अवसर देती है उनके हुनर को संवारने का. जब हम खादी के उत्पाद खरीदते हैं, तो हम न केवल उनकी मेहनत का फल देते हैं, बल्कि उन्हें प्रोत्साहित भी करते हैं कि वे अपनी परंपरा को जीवित रखें. यह एक ऐसा तरीक़ा है जिससे हम उनके जीवन में खुशियों की रोशनी ला सकते हैं और उन्हें यह महसूस करा सकते हैं कि उनका हुनर आज भी क़दरदानों की तलाश में नहीं है. यह उनके लिए एक नई शुरुआत हो सकती है, एक ऐसा अवसर जिससे वे अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकें.खादी के उत्पाद न केवल परंपरा और हुनर का प्रतीक हैं, बल्कि वे टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल (Eco-friendly) भी हैं. खादी के कपड़े हाथ से बुने जाते हैं, जिसका मतलब है कि उनके निर्माण में बिजली का कम इस्तेमाल होता है. इसके अलावा, खादी के उत्पादन में रसायनों का इस्तेमाल भी कम होता है, जिससे यह पर्यावरण के लिए एक बेहतर विकल्प बन जाता है.इस दिवाली, जब हम अपने लिए नए कपड़े और सजावट के सामान चुन रहे हों, तो खादी को एक विकल्प के रूप में ज़रूर विचार करें. खादी के बने कपड़े न केवल ख़ूबसूरत और आरामदायक होते हैं, बल्कि वे हमारे पर्यावरण के लिए भी बेहतर होते हैं. यह एक ऐसा तरीक़ा है जिससे हम अपने त्योहार को और भी सार्थक बना सकते हैं, न केवल अपने लिए बल्कि अपने देश और पर्यावरण के लिए भी. यह एक ऐसा क़दम हो सकता है जो हमें एक टिकाऊ भविष्य की ओर ले जाए.'ये दीवाली खादी वाली' केवल एक पहल नहीं है, यह एक सामाजिक आंदोलन की ओर बढ़ता एक क़दम है. यह एक ऐसा आंदोलन है जो हमारे देश के पारंपरिक हुनर को जीवित रखने और उसे प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है. यह एक ऐसा आंदोलन है जो हमारे बुनकरों और कारीगरों को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाने और उन्हें एक बेहतर भविष्य देने के लिए काम कर रहा है.इस दिवाली, हम सभी को इस आंदोलन का हिस्सा बनना चाहिए. हम खादी के उत्पाद खरीदकर, अपने दोस्तों और परिवार को इसके बारे में बताकर और सोशल मीडिया पर इसके बारे में चर्चा करके इसमें योगदान दे सकते हैं. यह एक ऐसा तरीक़ा है जिससे हम अपने देश के पारंपरिक हुनर को जीवित रख सकते हैं और अपने बुनकरों और कारीगरों के जीवन में खुशियों की रोशनी ला सकते हैं. यह एक ऐसा क़दम हो सकता है जो हमारे देश के लिए एक बेहतर भविष्य का निर्माण करे.इस दिवाली, हम सभी को 'ये दीवाली खादी वाली' मनाने का संकल्प लेना चाहिए. हम खादी के उत्पाद खरीदकर, अपने घरों को सजाकर और अपने दोस्तों और परिवार को उपहार देकर इस त्योहार को और भी सार्थक बना सकते हैं. यह एक ऐसा तरीक़ा है जिससे हम अपने देश के पारंपरिक हुनर को जीवित रख सकते हैं और अपने बुनकरों और कारीगरों के जीवन में खुशियों की रोशनी ला सकते हैं.यह एक ऐसा क़दम हो सकता है जो हमारे देश के लिए एक बेहतर भविष्य का निर्माण करे. आइए, हम सभी मिलकर इस दिवाली को 'खादी वाली' बनाएं और खुशियों का उजाला फैलाएं. यह हमारे लिए एक नया अवसर हो सकता है, एक ऐसा अवसर जिससे हम अपने त्योहार को और भी सार्थक बना सकें और अपने देश के लिए कुछ अच्छा कर सकें. यह हमारे लिए एक नई शुरुआत हो सकती है, एक ऐसा अवसर जिससे हम एक बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकें.
पंजाब में Parwinder Singh Jhota का शव मानसा पहुंचा, रविवार को होगा अंतिम संस्कार
मनसा, आठ नवंबर पंजाब में पिछले महीने मारे गए मादक पदार्थ विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा का शव रविवार को अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक स्थान मनसा लाया गया। झोटा की हत्या के बाद विरोध प्रदर्शन हुए थे और इस पर राजनीतिक विवाद पैदा हो गया था। शनिवार को चंडीगढ़ स्थित पीजीआईएमईआर में पोस्टमार्टम के बाद झोटा का शव उनके पैतृक स्थान ले जाया गया। अंतिम संस्कार से पहले उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचे। झोटा की 13 अक्टूबर को मनसा शहर के एक व्यस्त बाजार में स्थित दवा की दुकान पर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उन्होंने एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशे की लत लगाने वाली दवाएं बेचे जाने को लेकर दुकान के मालिक का विरोध किया था। इसके बाद दुकान के मालिक ने उन पर गोली चला दी थी। बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) के एक सदस्य ने शनिवार को कहा था कि झोटा का अंतिम संस्कार रविवार को उनके पैतृक स्थान मनसा में किया जाएगा। जेएसी को परविंदर सिंह झोटा इंसाफ एक्शन कमेटी के नाम से भी जाना जाता है। यह झोटा की हत्या के बाद पंजाब में गठित विभिन्न सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं का गठबंधन है। झोटा का अंतिम संस्कार मनसा में चकेरियां रोड स्थित उनके खेतों में किया जाएगा। उनके पिता भीम सिंह ने शनिवार को पंजाब के युवाओं से मादक पदार्थों के सेवन के खिलाफ संकल्प लेने की अपील की। सिंह ने शनिवार को चंडीगढ़ में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम पहले शव को अपने घर ले जाएंगे और इसके बाद दोपहर झोटा का अंतिम संस्कार किया जाएगा।’’झोटा का शव शुक्रवार तड़के मनसा के सिविल अस्पताल के शवगृह से चंडीगढ़ स्थित पीजीआईएमईआर लाया गया था। इससे पहले उनके परिवार ने 22 दिन से जारी आंदोलन समाप्त कर दिया था और बुधवार को पंजाब सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद पोस्टमार्टम कराने पर सहमति जताई थी। झोटा के पिता ने शुक्रवार को कहा था कि वह मनसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव चौधरी का तत्काल तबादला करने की मांग को लेकर अनशन करेंगे। झोटा के परिवार के सदस्य और जेएसी उनके लिए न्याय की मांग करते हुए मनसा में धरने पर बैठे थे। प्रदर्शन के दौरान 28 अक्टूबर को जेएसी के दो सदस्यों लखवीर सिंह और मोहंजीत सिंह शेरों को गिरफ्तार कर लिया गया था। चार नवंबर को प्रदर्शनकारियों और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई थी। इसमें विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड़ियां भी शामिल थे। इसके बाद पांच नवंबर की शाम को जेएसी के सदस्यों को नाभा जिला जेल से रिहा कर दिया गया। झोटा की हत्या उस समय हुई थी, जब वह फेसबुक पर लाइव सत्र कर रहे थे। इस घटना के बाद पंजाब में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। राज्य में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। झोटा की हत्या के बाद विपक्षी दलों ने मादक पदार्थों के मुद्दे और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर मान सरकार पर हमले तेज कर दिए थे। जेएसी मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के इस्तीफे की मांग कर रही थी। पंजाब सरकार ने झोटा की मौत की जांच पहले ही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी थी। यह कदम उनके परिवार की मांग के बाद उठाया गया था। राज्य सरकार ने इस मामले में एक थाना प्रभारी, एक पुलिस उपाधीक्षक और एक औषधि निरीक्षक को निलंबित कर दिया था। परिवार ने झोटा के नाम पर एक ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने और घटना में घायल हुए चारों लोगों को मुआवजा देने की मांग की थी, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया था। इसके अलावा सरकार ने झोटा की प्रतिमा किसी पार्क या स्टेडियम में स्थापित करने की मांग भी मान ली थी।
दिवाली पर अयोध्या में CM योगी ने किए रामलला-हनुमानगढ़ी के दर्शन, Video
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में रामलला के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. इसके पश्चात वे सीधे हनुमानगढ़ी पहुंचे और वहां बजरंगबली के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया. मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने जय श्री राम के गगनभेदी नारों के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया. दिवाली का पर्व अयोध्या के लिए बेहद पावन और ऐतिहासिक माना जाता है क्योंकि इसी दिन भगवान श्री राम 14 वर्षों के वनवास के बाद अयोध्या वापस लौटे थे और नगरवासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर के पुजारियों से भी बातचीत की और प्रदेश वासियों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं. पूरी रामनगरी इस समय दिव्य दीपों और सुंदर सजावट से जगमगा रही है.
₹150 करोड़ का साइबर फ्रॉड: आरोपी सॉफ्टवेयर इंजीनियर को मिली जमानत
मुंबई की एस्प्लेनेड मजिस्ट्रेट कोर्ट ने ₹150 करोड़ के साइबर फ्रॉड मामले में इंदौर के सॉफ्टवेयर इंजीनियर पंकज गुप्ता को जमानत दी. आरोपी पर 2,805 खतरनाक APK फाइल बनाने और साइबर अपराधियों को बेचने का आरोप है.
व्यावसायिक फसल उगाने से जंगल की जमीन पर कब्जे का हक नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि केवल व्यावसायिक फसल उगाने से किसी व्यक्ति को जंगल की जमीन पर कब्जे का हक नहीं मिल जाता. अदालत ने पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए कहा कि वन भूमि का उपयोग गैर-वानिकी कार्यों के लिए नहीं किया जा सकता.सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court of India) ने पर्यावरण संरक्षण (Environment Protection) की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरगामी निर्णय दिया है. अदालत ने साफ़ शब्दों में कहा है कि महज़ व्यावसायिक फसलें (Commercial Crops) उगाने से कोई भी व्यक्ति जंगल की जमीन (Forest Land) पर मालिकाना हक़ या कब्ज़े का दावा नहीं कर सकता. जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि वन भूमि का प्राथमिक उद्देश्य वनस्पति और वन्यजीवों का संरक्षण है, न कि व्यावसायिक कृषि.यह फ़ैसला एक ऐसे मामले में आया है जहाँ कुछ लोगों ने तर्क दिया था कि वे दशकों से वन भूमि पर व्यावसायिक फसलें उगा रहे हैं, इसलिए उन्हें उस ज़मीन का पट्टा या कब्ज़ा मिलना चाहिए. अदालत ने इस तर्क को पूरी तरह से ख़ारिज कर दिया. बेंच ने वन संरक्षण अधिनियम, 1980 (Forest Conservation Act, 1980) का हवाला देते हुए कहा कि यह अधिनियम वन भूमि के गैर-वानिकी उद्देश्यों के लिए उपयोग पर कड़ा प्रतिबंध लगाता है. अदालत ने स्पष्ट किया कि गैर-वानिकी उद्देश्य में व्यावसायिक फसलें उगाना भी शामिल है, जब तक कि इसके लिए केंद्र सरकार से विशेष अनुमति न ली गई हो.पीठ ने इस बात पर ज़ोर दिया कि वन केवल पेड़ों का समूह नहीं हैं, बल्कि एक जटिल पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) हैं जो जलवायु नियंत्रण, जल चक्र और जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण हैं. अदालत ने कहा कि वन भूमि का उपयोग गैर-वानिकी कार्यों के लिए करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा है. अदालत ने राज्य सरकारों को निर्देश दिया कि वे वन भूमि पर अवैध कब्ज़ों को हटाने के लिए कड़े कदम उठाएं और यह सुनिश्चित करें कि वन भूमि का उपयोग केवल वानिकी उद्देश्यों के लिए हो.सर्वोच्च न्यायालय का यह निर्णय वन भूमि और व्यावसायिक फसलों के बीच के कानूनी संबंधों को स्पष्ट करता है. अदालत ने कहा कि वन संरक्षण अधिनियम, 1980 के तहत, राज्य सरकारें केंद्र सरकार की पूर्व अनुमति के बिना वन भूमि को गैर-वानिकी कार्यों के लिए आवंटित या उपयोग नहीं कर सकतीं. गैर-वानिकी उद्देश्य में चाय, कॉफी, रबर, मसालों और अन्य व्यावसायिक फसलों की खेती शामिल है.अदालत ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति के वन भूमि पर व्यावसायिक फसलें उगाता है, तो यह कानून का उल्लंघन है और उसे उस ज़मीन पर कोई हक़ नहीं मिल सकता. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि वन भूमि पर कब्ज़े का दावा करने के लिए महज़ व्यावसायिक फसलें उगाना पर्याप्त नहीं है. किसी व्यक्ति को वन भूमि पर हक़ पाने के लिए वन अधिकार अधिनियम, 2006 (Forest Rights Act, 2006) के तहत अपनी पात्रता साबित करनी होगी, जो मुख्य रूप से वन-निवासी अनुसूचित जनजातियों और अन्य पारंपरिक वनवासियों के अधिकारों को मान्यता देता है.सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया है. अदालत ने कहा कि वन देश की प्राकृतिक संपत्ति हैं और उनका संरक्षण करना हर नागरिक और सरकार का कर्तव्य है. अदालत ने बढ़ती जनसंख्या और औद्योगिकीकरण के कारण वन भूमि पर बढ़ते दबाव पर चिंता व्यक्त की.अदालत ने कहा कि वन भूमि का उपयोग गैर-वानिकी कार्यों के लिए करना न केवल पारिस्थितिकी संतुलन को बिगाड़ता है, बल्कि जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता के नुकसान को भी बढ़ावा देता है. अदालत ने राज्य सरकारों को निर्देश दिया कि वे वन भूमि के संरक्षण के लिए दीर्घकालिक नीतियां बनाएं और यह सुनिश्चित करें कि वन भूमि का उपयोग स्थायी वानिकी (Sustainable Forestry) के लिए हो. अदालत ने पर्यावरण शिक्षा और जागरूकता के महत्व पर भी ज़ोर दिया, ताकि लोग वनों के महत्व को समझें और उनके संरक्षण में योगदान दें.सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को वन भूमि पर अवैध कब्ज़ों को हटाने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं. अदालत ने कहा कि राज्य सरकारें वन भूमि पर अवैध कब्ज़ों की पहचान करें और उन्हें हटाने के लिए त्वरित कार्रवाई करें. अदालत ने यह भी कहा कि राज्य सरकारें यह सुनिश्चित करें कि भविष्य में वन भूमि पर कोई अवैध कब्ज़ा न हो.अदालत ने राज्य सरकारों को वन भूमि के संरक्षण के लिए उचित निगरानी और प्रवर्तन तंत्र स्थापित करने का निर्देश दिया. अदालत ने राज्य सरकारों को यह भी निर्देश दिया कि वे वन भूमि पर अवैध कब्ज़ों को हटाने के लिए स्थानीय समुदायों और नागरिक समाज संगठनों के साथ मिलकर काम करें. अदालत ने कहा कि राज्य सरकारें यह सुनिश्चित करें कि वन भूमि पर अवैध कब्ज़ों को हटाने की प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो और प्रभावित लोगों को उचित पुनर्वास प्रदान किया जाए.सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय वन संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन अभी भी कई चुनौतियां बाकी हैं. वन भूमि पर अवैध कब्ज़े, अवैध कटाई और गैर-वानिकी कार्यों के लिए वन भूमि का उपयोग जारी है. अदालत ने कहा कि वन संरक्षण के लिए सरकार और नागरिकों के बीच सहयोग और समन्वय की आवश्यकता है.अदालत ने कहा कि वन संरक्षण के लिए स्थायी वानिकी और पारिस्थितिकी बहाली (Ecological Restoration) के महत्व पर ज़ोर दिया जाना चाहिए. अदालत ने यह भी कहा कि वन संरक्षण के लिए स्थानीय समुदायों की भागीदारी और उनके अधिकारों को मान्यता देना महत्वपूर्ण है. अदालत ने पर्यावरण संरक्षण के लिए नई तकनीकों और वैज्ञानिक अनुसंधान के उपयोग पर भी ज़ोर दिया. अदालत ने कहा कि वन संरक्षण देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है और सभी को मिलकर इसके लिए काम करना होगा.सर्वोच्च न्यायालय का व्यावसायिक फसल उगाने से जंगल की जमीन पर कब्जे का हक नहीं होने से संबंधित निर्णय पर्यावरण न्याय (Environmental Justice) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. अदालत ने स्पष्ट किया है कि वन भूमि का उपयोग गैर-वानिकी कार्यों के लिए नहीं किया जा सकता और पर्यावरण संरक्षण सर्वोपरि है. अदालत ने राज्य सरकारों को वन भूमि पर अवैध कब्ज़ों को हटाने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि वन भूमि का उपयोग केवल वानिकी उद्देश्यों के लिए हो.अदालत ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया है और सभी को मिलकर इसके लिए काम करने की अपील की है. यह निर्णय देश के वनों और पर्यावरण के संरक्षण के लिए दूरगामी परिणाम देगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और स्थायी पर्यावरण सुनिश्चित करेगा. अदालत ने वन संरक्षण के लिए सतत प्रयास और सभी हितधारकों की भागीदारी के महत्व पर ज़ोर दिया.
लालकृष्ण आडवाणी: शताब्दी की ओर बढ़ता एक प्रेरणादायी सफर, PM मोदी का खास लेख
भारत रत्न लालकृष्ण आडवाणी आज अपना 99वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके लिए एक विशेष लेख लिखा है, जिसमें उन्होंने आडवाणी के जीवन और योगदान को विस्तार से सराहा है। पीएम मोदी ने आडवाणी को 'भारतीय राजनीति का शिखर पुरुष' और 'लाखों लोगों के लिए प्रेरणा' बताया है।एक साधारण शुरुआत से भारतीय राजनीति के शिखर तकपीएम मोदी ने अपने लेख में आडवाणी के शुरुआती जीवन का ज़िक्र किया है। उन्होंने बताया कि कैसे एक साधारण परिवार में जन्मे आडवाणी ने अपनी मेहनत और लगन से भारतीय राजनीति में एक ऊंचा स्थान हासिल किया। आडवाणी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के माध्यम से सार्वजनिक जीवन में प्रवेश किया और फिर भारतीय जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के गठन और विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।राम जन्मभूमि आंदोलन और भारतीय राजनीति में बदलावपीएम मोदी ने आडवाणी के नेतृत्व में चले राम जन्मभूमि आंदोलन का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन ने भारतीय राजनीति में एक बड़ा बदलाव लाया और देश भर में लोगों को एकजुट किया। आडवाणी की रथ यात्रा ने राम जन्मभूमि के मुद्दे को जन-जन तक पहुँचाया और अंततः अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया।एक दूरदर्शी नेता और कुशल प्रशासकपीएम मोदी ने आडवाणी को एक दूरदर्शी नेता और कुशल प्रशासक के रूप में भी याद किया है। उन्होंने बताया कि आडवाणी ने उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में देश की सेवा की और कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। उनके कार्यकाल में देश में आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने और विकास कार्यों को गति देने के लिए कई कदम उठाए गए।आडवाणी का जीवन: मूल्यों और सिद्धांतों पर आधारितपीएम मोदी ने अपने लेख में आडवाणी के जीवन के मूल्यों और सिद्धांतों पर भी जोर दिया है। उन्होंने कहा कि आडवाणी ने हमेशा देश और समाज के हित को सर्वोपरि रखा और कभी भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उनका जीवन ईमानदारी, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा का एक बेहतरीन उदाहरण है।एक शताब्दी की ओर बढ़ता प्रेरणादायी सफरपीएम मोदी ने अंत में आडवाणी को उनके 99वें जन्मदिन पर बधाई दी और उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि आडवाणी का जीवन एक शताब्दी की ओर बढ़ता हुआ एक प्रेरणादायी सफर है और आने वाली पीढ़ियां हमेशा उनसे प्रेरणा लेती रहेंगी।
4 लाख लोगों की दावत, घुड़दौड़ में थार ईनाम... शाही अंदाज में बेटी की शादी करेंगे अनंत सिंह
जदयू विधायक अनंत सिंह की बेटी की शादी को लेकर भव्य तैयारियां चल रही हैं. इस शादी जिसमें देशभर के राजनीतिक और मनोरंजन जगत के बड़े नामों को निमंत्रण दिया गया है. नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव समेत कई नेता और अभिनेता सोनू सूद, मैथिली ठाकुर, मनोज तिवारी, पवन सिंह और अक्षरा सिंह इस समारोह में शामिल हो सकते हैं.
देश और दुनिया की प्रमुख खबरें: PM Modi का बस्तर दौरा, Congress चंदे में कमी और Japan भूकंप
नयी दिल्ली, आठ नवंबर रविवार को अपराह्न दो बजे तक ‘भाषा’ की विभिन्न फाइल से जारी मुख्य समाचार इस प्रकार हैं : प्रादे44 मोदी दिवाली बस्तरमाओवादी आतंक का खात्मा सही नीतियों और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति की जीत : मोदीजगदलपुर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि माओवादी आतंक और नक्सली खतरे का खत्म होना देश की सही नीतियों और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति की जीत है। दि13 सोनिया दिवालीसोनिया ने दिवाली पर इंदिरा के आवास की यादों को साझा किया, कहा- हर तरफ जलते थे दीयेनयी दिल्ली, कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने रविवार को दिवाली के मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आवास पर दीपोत्सव मनाने की पुरानी यादें साझा कीं और कहा कि उस समय दिवाली का उत्सव बेहद खूबसूरत होता था तथा घर में चारों ओर दीये जलाए जाते थे। दि14 कांग्रेस चंदा आयोगकांग्रेस को मिलने वाले चंदे में लगभग 75 प्रतिशत की गिरावट, एक दशक की सबसे बड़ी कमीनयी दिल्ली, कांग्रेस को 2025-26 में 20,000 रुपये से अधिक मिलने वाले चंदे के रूप में 130.69 करोड़ रुपये मिले, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले करीब 75 प्रतिशत कम हैं। पार्टी को मिलने वाले चंदे में एक दशक की सबसे बड़ी सालाना गिरावट दर्ज की गई है। निर्वाचन आयोग के पास दाखिल पार्टी के दस्तावेजों के विश्लेषण से यह जानकारी सामने आई है। प्रादे14 सिक्किम राजनाथ आगमनराजनाथ सिंह वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने सिक्किम के शेरेथांग पहुंचेगंगटोक, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए रविवार को सिक्किम में नाथू ला सीमा के पास स्थित शेरेथांग पहुंचे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दि5 मोदी आडवाणीवैचारिक स्पष्टता, छद्म धर्मनिरपेक्षता को उजागर करना आडवाणी की दो प्रमुख विशेषताएं: मोदीनयी दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की वैचारिक स्पष्टता एवं बौद्धिक प्रखरता और भारतीय राजनीति में लंबे समय तक हावी रही छद्म धर्मनिरपेक्षता की वास्तविकता को उजागर करने का उनका तरीका ऐसी दो विशेषताएं हैं, जो उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान देती हैं। अर्थ1 एसबीआई अमेरिका टेक्सास विस्तारएसबीआई ने टेक्सास में अपनी पहली अनुषंगी शाखा के साथ अमेरिका में विस्तार कियाह्यूस्टन (अमेरिका), देश के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (कैलिफोर्निया) ने टेक्सास के फ्रिस्को में अपनी नई शाखा का उद्घाटन किया है। अर्थ2 आईओसी कच्चा तेल एलपीजी जहाजपोत परिवहन जोखिमों के बीच आईओसी खरीदेगी कच्चे तेल और एलपीजी के जहाजनयी दिल्ली, आठ नवंबर सार्वजनिक क्षेत्र की इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) अपने खुद के कच्चे तेल और तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) वाहक जहाज खरीदने की योजना बना रही है। खेल3 खेल भारत एभारत ए ने पांच विकेट पर 464 रन बनाकर पारी घोषित कीलिंकन, ध्रुव जुरेल, तिलक वर्मा और वाशिंगटन सुंदर के अर्धशतकों के बाद तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने दो विकेट झटककर भारत ए को न्यूजीलैंड ए के खिलाफ तीसरे अनौपचारिक टेस्ट के दूसरे दिन रविवार को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। खेल4 खेल भारत ए टीमबडोनी ने चोटिल पाटीदार की जगह ली, रिंकू सिंह एसीसी राइजिंग स्टार्स एशिया कप में उपकप्तान नियुक्तनयी दिल्ली, आयुष बडोनी ने एसीसी राइजिंग स्टार्स एशिया कप के लिए रविवार को भारत ए टीम में चोटिल मध्यक्रम के बल्लेबाज रजत पाटीदार की जगह ली जो चोटों से पूरी तरह उबरने में नाकाम रहे हैं। वि1 जापान भूकंपजापान में 5.7 तीव्रता का भूकंप, कम से कम 22 लोग घायलतोक्यो, जापान के मध्य हिस्से में रविवार तड़के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए और इस दौरान कम से कम 22 लोग घायल हो गए। स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी। वि7 पाकिस्तान दीपावलीपाकिस्तान के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दीपावली की शुभकामनाएं दींइस्लामाबाद, पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दीपावली के अवसर पर दुनियाभर में, विशेष रूप से पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू समुदाय के लोगों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। सरकारी मीडिया ने रविवार को यह जानकारी दी।
केएल राहुल ने जीता दिल... इनाम में मिला फोन इन्हें किया गिफ्ट
जीत के बावजूद भारतीय टीम की बल्लेबाजी चिंता का विषय बन गई है. गेंदबाजों ने न्यूजीलैंड को कम स्कोर पर रोककर मजबूत स्थिति बनाई थी, लेकिन टॉप ऑर्डर के बल्लेबाजों के जल्दी आउट होने के चलते भारतीय टीम मुश्किल में आ गई. बारिश ने अंत में भारत को राहत दी.
किसानों के साथ दिवाली मनाने पहुंचे फडणवीस तो खुश हो गए पीएम मोदी, बोले- भावुक करने वाला पल
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस बार दिवाली मनाने नागपुर में सूखा प्रभावित किसानों के पास पहुंचे। इसपर पीएम मोदी ने सराहना करते हुए कहा कि यह बेहद भावुक कर देने वाला पल है।
चढ़ावा चोरी, यूपी में नौकरियों से निवेश तक, हर मुद्दे पर बोले सीएम योगी
अयोध्या में रविवार को आयोजित 'पंचायत आजतक उत्तर प्रदेश' के सत्र 'रामजी बनाएंगे काम' में खास तौर पर आमंत्रित रहे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी. सत्र की मॉडरेटर श्वेता सिंह उनसे बातचीत में अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी, उत्तर प्रदेश में नौकरियों , निवेश से लेकर यूपी चुनाव 2027 समेत कई अहम मुद्दों से जुड़े सवाल पूछे. जिनके मुख्यमंत्री ने बड़ी बेबाकी से जवाब दिए. देखें ये सत्र.
6.5 Kg सोना और 213 गहने... दुबई में सजी ऐसी रंगोली, देखते रह गए लोग
Dubai Gold Diamond Rangoli: दिवाली के मौके पर फूलों और रंगों की रंगोली तो आम बात है, लेकिन दुबई के एक मॉल में सोने और हीरों के 213 कीमती गहनों से तैयार 6.5 किलो वजनी लग्जरी रंगोली ने सबको हैरान कर दिया है. ट्रेडिशनल भारतीय कला और शाही अंदाज का यह अनूठा संगम सोशल मीडिया पर छाया हुआ है.
अखिलेश के अयोध्या दौरे से पहले योगी ने रखी ये शर्त!
दीपावली के पावन अवसर पर 'आजतक पंचायत अयोध्या' के कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिरकत किया. इस दौरान सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रस्तावित अयोध्या दौरे को लेकर बड़ा बयान दिया है.
Congress को मिले चंदे में 75 फीसदी गिरावट, 2025-26 में आए 130 करोड़ रुपये
नयी दिल्ली, आठ नवंबर कांग्रेस को 2025-26 में 20,000 रुपये से अधिक मिलने वाले चंदे के रूप में 130.69 करोड़ रुपये मिले, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले करीब 75 प्रतिशत कम हैं। पार्टी को मिलने वाले चंदे में एक दशक की सबसे बड़ी सालाना गिरावट दर्ज की गई है। निर्वाचन आयोग के पास दाखिल पार्टी के दस्तावेजों के विश्लेषण से यह जानकारी सामने आई है। निर्वाचन आयोग को सौंपे गए 2024-25 के योगदान संबंधी पार्टी के दस्तावेज के अनुसार, कांग्रेस को उस वित्त वर्ष में इस तरह के चंदे के रूप में 517.39 करोड़ रुपये मिले थे। पिछले 12 वित्त वर्षों के आंकड़ों से तुलना करने पर पता चलता है कि इससे पहले चंदे में इससे बड़ी गिरावट 2015-16 में दर्ज की गई थी। उस समय कांग्रेस को मिलने वाला घोषित चंदा पिछले वित्त वर्ष के 141.46 करोड़ रुपये से करीब 86 प्रतिशत घट गया था। ताजा गिरावट से पहले लगातार दो वर्षों तक पार्टी को मिलने वाले चंदे में बढ़ोतरी हुई थी। कांग्रेस को 2023-24 में घोषित चंदे के रूप में 281.48 करोड़ रुपये मिले थे, जो लोकसभा चुनाव वाले वर्ष 2024-25 में बढ़कर 517.39 करोड़ रुपये हो गए थे। भाजपा को 2024-25 में 20,000 रुपये से अधिक के चंदे के रूप में 6,074.02 करोड़ रुपये मिले थे, जो कांग्रेस को मिले चंदे से करीब 12 गुना अधिक है। वर्ष 2025-26 के लिए भाजपा को मिले चंदे का संबंधित आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, क्योंकि निर्वाचन आयोग ने अभी तक पार्टी की योगदान संबंधी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की है। जांच किए गए सभी 12 वित्त वर्षों में भाजपा को कांग्रेस से अधिक चंदा मिला। कांग्रेस को मिलने वाले चंदे में ताजा गिरावट की एक बड़ी वजह ‘प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट’ से प्राप्त राशि में कमी रही। इस ट्रस्ट का योगदान 2024-25 के 216.34 करोड़ रुपये से करीब 88 प्रतिशत घटकर 2025-26 में 25 करोड़ रुपये रह गया। पार्टी की नवीनतम योगदान रिपोर्ट में प्रूडेंट एकमात्र इलेक्टोरल ट्रस्ट के रूप में सूचीबद्ध था। अन्य बड़े योगदानकर्ताओं में स्टार सीमेंट शामिल है, जिसने पांच करोड़ रुपये दिए। सज्जन भजंका ने चार करोड़ रुपये और प्रेम कुमार भजंका ने दो करोड़ रुपये का योगदान दिया। हालांकि, कांग्रेस को 2025-26 में मिला चंदा पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम रहा, लेकिन जांच की गई अवधि में यह पार्टी का सबसे कम चंदा नहीं था। इससे पहले के कई वर्षों में भी पार्टी को घोषित चंदे के रूप में इससे कम राशि मिली थी। इनमें 2020-21 में 74.52 करोड़ रुपये, 2021-22 में 95.46 करोड़ रुपये और 2022-23 में 79.92 करोड़ रुपये शामिल हैं। इन आंकड़ों में चुनावी बॉण्ड से प्राप्त राशि शामिल नहीं है। जब यह योजना लागू थी, तब चुनावी बॉण्ड से मिले चंदे की जानकारी अलग से दी जाती थी। पिछले वर्षों में चुनावी बॉण्ड से प्राप्त राशि को शामिल करने पर 2025-26 में कांग्रेस को मिला कुल चंदा 2020-21 के बाद सबसे कम रहा। योगदान संबंधी रिपोर्ट में पार्टी की कुल आय का ब्योरा नहीं होता। पार्टी की कुल आय में छोटी रकम के चंदे, सदस्यता शुल्क, कूपन से प्राप्त राशि और ब्याज भी शामिल होते हैं। कांग्रेस की 2025-26 की ऑडिट की गई लेखा रिपोर्ट अभी अपलोड नहीं हुई है। पार्टी की समग्र वित्तीय स्थिति का आकलन करने के लिए यह रिपोर्ट जरूरी है। वर्ष 2024-25 में केवल कूपन से पार्टी को 350.12 करोड़ रुपये मिले थे।
अखिलेश का PDA गिरगिट जैसा, ओवैसी के लिए UP में जगह नहीं: सीएम योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजतक पंचायतक के कार्यक्रम में सपा के 'PDA' को 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' बताते हुए कहा कि यह गिरगिट की तरह रंग बदलता है। साथ ही उन्होंने साफ किया कि भारत विरोधी एजेंडा चलाने वाले असदुद्दीन ओवैसी जैसे नेताओं के लिए यूपी में कोई जगह नहीं है.
Muhurat Trading 2026: हर साल की तरह इस बार भी दिवाली की रोशनी के बीच आज दलाल स्ट्रीट पर भी रौनक देखने को मिल सकती है. रविवार की छुट्टी होने के बावजूद आज शेयर बाजार खुलेगा. मौका है सालाना मुहूर्त ट्रेडिंग का, जिसका निवेशकों को बेसब्री से इंतजार रहता है. कुछ ही देर में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में कारोबार शुरू होगा.
वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन करने पहुंची विदेशी युवती, बोली- जीवन की सबसे बड़ी सीख मिली
वाराणसी में एक हफ्ते रहने के बाद एक विदेशी युवती ने बताया कि काशी की गलियों में शवयात्राएं देखकर उसे जीवन की अस्थायी प्रकृति का एहसास हुआ और मौत को लेकर उसकी सोच बदल गई.
'नक्सलवाद को लाइलाज बीमारी समझकर छोड़ दिया', PM मोदी का कांग्रेस पर वार
पीएम मोदी छत्तीसगढ़ के बस्तर पहुंचे. जहां उन्होंने जवानों के साथ दिवाली मनाई। पीएम ने कहा कि एक समय था जब देश में हजारों गांव नक्सली हिंसा से प्रभावित थे और हर साल हजारों की संख्या में हमले होते थे. साल 2010 में दंतेवाड़ा में हुई दुखद घटना में सीआरपीएफ के 76 जवान शहीद हुए थे और 44 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी. उस दौर में राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण सुरक्षा बलों के हाथ बंधे हुए थे और नक्सली हमलों का मुंहतोड़ जवाब नहीं दिया जा पाता था. लेकिन 2014 के बाद देश की सुरक्षा नीतियों में बड़ा बदलाव आया. ठोस रणनीति और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ नक्सलियों तथा अलगाववादियों के आर्थिक तंत्र और फंडिंग पर करारा प्रहार किया गया. नकली नोटों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया.
दिवाली का त्योहार जल्द ही आने वाला है. इस दिन का लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं. इस दिन को आम लोगों के अलावा राजनेता, बॉलीवुड सेलिब्रिटीज भी खास तरीके से मनाते हैं. दिवाली आने में बस अब कुछ दिन ही बाकी हैं.
'न राम मंदिर गया, न कभी जाऊंगा', TMC सांसद कीर्ति आजाद ने क्यों कहा ऐसा?
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब 12 दिसंबर को समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव के प्रस्तावित अयोध्या दौरे पर भाजपा की ओर से हमला बोला गया था। इसी के जवाब में कीर्ति आजाद ने भाजपा और उसकी धार्मिक राजनीति पर तीखा प्रहार किया।
मौत के बाद कौन रखता है कर्मों का हिसाब? भाई दूज पर होती है पूजा!
Bhai Dooj 2026: मौत के बाद इंसान के अच्छे-बुरे कर्मों का हिसाब कौन रखता है? जानें भगवान चित्रगुप्त कौन हैं और भाई दूज पर उनकी पूजा क्यों की जाती है.
PM Narendra Modi ने Bastar में कहा, मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति से टूटा नक्सलवाद
जगदलपुर, आठ नवंबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि माओवादी आतंक और नक्सली खतरे का खत्म होना देश की सही नीतियों और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति की जीत है। छत्तीसगढ़ में बस्तर जिले के करनपुर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के शिविर में सुरक्षाकर्मियों के साथ दीवाली मनाते हुए मोदी ने कहा, ‘‘हमारी सरकार ने ऐसे फैसले लिए, जिनसे नक्सलियों और अलगाववादियों की ‘फंडिंग’ पर बहुत बड़ी चोट पहुंची।’’मोदी ने कहा कि सरकार द्वारा लिए गए फैसलों ने नकली मुद्रा के नेटवर्क को नष्ट कर दिया और नक्सलियों तथा अलगाववादियों की आपूर्ति लाइन को रोक दिया। उन्होंने कहा कि माओवादी आतंक और नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई आसान नहीं थी, एक समय ऐसा था जब लगभग 20 राज्यों के 230 से ज्यादा जिले नक्सलवाद से प्रभावित थे। मोदी ने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए, देश के दुश्मनों को अटूट संकल्प और एक सुनियोजित रणनीति के साथ कुचलना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में राजनीतिक इच्छाशक्ति की जो कमी थी, उसे 2014 में दूर किया गया, जब आपने इस ‘प्रधान सेवक’ को ‘भारत माता’ की सेवा करने का मौका दिया। उन्होंने कहा कि 47 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है कि पिछले एक साल में ड्यूटी के दौरान सीआरपीएफ का एक भी जवान शहीद नहीं हुआ। छत्तीसगढ़ में लंबे समय तक वामपंथी उग्रवाद (नक्सलवाद) के केंद्र के रूप में पहचाने जाने वाले बस्तर में, आतंकवाद-रोधी अभियानों, बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण और विकास कार्यों को बढ़ावा दिए जाने के बाद एक बड़ा बदलाव आया है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘पहले की सरकारों ने जमीन पर लड़ाई में सुरक्षाबलों के हाथ बांध कर रखे थे। नक्सली हमले हो जाते थे लेकिन सुरक्षाबलों के पास खुलकर पलटवार करने की आजादी नहीं थी, हमने सुरक्षाबलों को हर जरूरी निर्णय लेने की आजादी दी। पहले सरकार और व्यवस्था में बैठे कुछ लोगों से वामपंथी उग्रवाद को जो समर्थन मिलता था, हमने उसे रोकने का भी काम किया।’’उन्होंने कहा, ‘‘हम एक बहुत बड़े लक्ष्य को लेकर चल रहे थे। हमारा लक्ष्य था किसी मां की गोद सूनी न हो, कोई परिवार तबाही का सामना न करे, कोई बच्चा हथियार उठाकर हिंसा की राह पर न निकले, किसी युवा का भविष्य बर्बाद न हो, इसलिए जब तक यह लक्ष्य पूरा नहीं हो गया, हम संकल्प के साथ लगातार लग रहे।’’मोदी ने कहा, ‘‘कोई प्रचार-प्रसार नहीं, कोई दिखावा नहीं, हमने संवेदनशीलता के साथ काम करते हुए माओवादी आतंक की कमर तोड़ दी। हमने सेवा भाव से नक्सल प्रभावित इलाकों में लोगों के जीवन को बदला, इसलिए नक्सलवाद से पीड़ित लोग भी सरकार और सुरक्षाबलों के साथ मजबूती से खड़े हुए हैं।’’प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘सफलताओं के बीच हमें और बात याद रखनी है, नक्सली खत्म हुए हैं लेकिन खतरा अभी गया नहीं है, जंगलों से हथियार वाले नक्सली तो मिट गए, लेकिन दिमागी नक्सलियों ने कई संगठनों पर कब्जा कर रखा है। ये आज भी देश के संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ लोगों को उकसा रहे हैं, कई राजनीतिक दलों में अलग-अलग संगठनों में भी इन दिमागी नक्सलियों ने अपनी घुसपैठ कर ली है। हमें इन्हें पहचानना है, इन्हें परास्त करना है और देश को सुरक्षित करना है।’’
नवजोत सिंह सिद्धू के घर आए किन्नर, आंगन में दी बधाई और गाकर पोती को दिया आशीर्वाद
नवजोत सिंह सिद्धू ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर की. इस वीडियो में कुछ किन्नर उनके घर पर बधाई गाते और पोती आर्या को आशीर्वाद देते दिख रहे हैं.
लालकृष्ण आडवाणी भारत की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं. सिंध (अब पाकिस्तान) में जन्मे आडवाणी ने 1947 के विभाजन का दर्द झेला और शरणार्थी के रूप में भारत आए. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े आडवाणी ने जनसंघ और बाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई. राम जन्मभूमि आंदोलन और रथ यात्रा ने उन्हें राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला खड़ा किया.
संगठनों पर दिमागी नक्सलियों का कब्जा, इन्हें पहचान कर हराना जरूरी; बस्तर में बोले पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि जंगलों से हथियारी नक्सली तो चले गए, लेकिन दिमागी नक्सली बच्चों को गुमराह कर रहे हैं. इन लोगों ने नई पीढ़ी के दिमागों में घुसपैठ कर ली है.
बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने कहा कि लोग चंद्रशेखर को देखने जाते हैं।
प्रश्न: आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और बसपा दोनों लखनऊ में रैलियां करने जा रही हैं। दोनों की तिथियां बेहद महत्वपूर्ण हैं – 26 नवंबर (संविधान दिवस) और 6 दिसंबर (भीमराव आंबेडकर की पुण्यतिथि)। क्या आप इस बात से सहमत हैं कि यह एक तरह से ‘दलित बनाम दलित’ वाला कदम है? उत्तर: मैं इससे पूरी […]
बस्तर में जवानों संग PM मोदी ने मनाई दिवाली, नक्सलवाद के खात्मे पर सराहा
पीएम मोदी ने बस्तर में जवानों के साथ दिवाली मनाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि हिमालय की चोटियों से लेकर समंदर के किनारों और बस्तर के घने जंगलों तक, जवानों का त्याग देश के लिए अतुलनीय है. एक समय यह क्षेत्र नक्सली आतंक के गंभीर साये में था, लेकिन सुरक्षा बलों के अभूतपूर्व त्याग और तपस्या के कारण आज यहाँ नक्सलवाद पूरी तरह परास्त हो चुका है.
सड़क किनारे गोलगप्पे बेचने वाले शख्स की हर महीने की 1.2 लाख रुपये की शुद्ध बचत और स्कॉर्पियो गाड़ी जैसी लग्जरी लाइफस्टाइल ने बड़े-बड़े IIT ग्रेजुएट्स को हैरान कर दिया है.
आज शाम कितने बजे करें लक्ष्मी पूजा? चूक न जाएं शुभ मुहूर्त
Diwali 2026: दिवाली 2026 पर आज शाम लक्ष्मी-गणेश की पूजा कितने बजे करें? जानें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता समेत प्रमुख शहरों का शुभ मुहूर्त, पूजा का समय और चौघड़िया.
CM योगी ने दिया 80:20 का नारा, इन 3 मुद्दों को बताया BJP का चुनावी एजेंडा
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभी से सियासी बिसात बिछानी शुरू कर दी है. आजतक पंचायत अयोध्या के कार्यक्रम में सीएम योगी ने 80:20 का चुनावी नारा देते हुए सुरक्षा, सुशासन और समृद्धि को बीजेपी के तीन बड़े चुनावी एजेंडे के तौर पर पेश किया.
दिवाली पर पत्नी संग रोमांटिक हुए हरभजन सिंह, दिखा रॉयल अंदाज
देशभर में आज दिवाली का त्योहार जोरों-शोरों से मनाया जा रहा है. सितारे भी दिवाली के जश्न में डूबे हुए हैं. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने पत्नी और एक्ट्रेस गीता बसरा संग खास अंदाज में दिवाली मनाई.
रूस-अमेरिका से आए दीपावली के बधाई संदेश, US में 'दिवाली दिवस' के दौरान हंगामा
न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल द्वारा राज्य में 8 नवंबर 2026 को आधिकारिक रूप से 'दिवाली' घोषित किए जाने पर भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने उनका आभार व्यक्त किया।
Goa का Palolem Beach एशिया में सर्वश्रेष्ठ, वैश्विक सूची में मिला छठा स्थान
पणजी, आठ नवंबर गोवा के दक्षिण गोवा जिले में स्थित पालोलेम समुद्र तट को ‘बीच डॉट कॉम’ के वैश्विक सूचकांक में एशिया का सर्वश्रेष्ठ समुद्र तट चुना गया है और इसे दुनिया के शीर्ष 25 समुद्र तटों में छठा स्थान मिला है। राज्य के पर्यटन विभाग ने रविवार को यह जानकारी दी। विभाग ने बताया कि दुनिया के शीर्ष 25 समुद्र तटों की इस सूची में जगह बनाने वाला पालोलेम एशिया का एकमात्र समुद्र तट है। इस उपलब्धि से गोवा के समुद्र तटों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। काणकोण तालुका में स्थित पालोलेम समुद्र तट अर्धचंद्राकार खाड़ी, सफेद रेत, ताड़ के पेड़ों और अपेक्षाकृत शांत समुद्री पानी के लिए जाना जाता है। ‘बीच डॉट कॉम’ के ‘वैश्विक समुद्री तट सूचकांक 2026’ में विशेषज्ञों की सिफारिशों, पर्यटकों की समीक्षाओं, समुद्री पानी के रंग और स्वच्छता के संबंध में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ‘नासा’ के आंकड़ों तथा 18 निर्धारित मानकों के आधार पर समुद्र तटों का आकलन किया गया। इन मानकों में लोकप्रियता, लोगों की राय, पहुंच की सुविधा और जलवायु जैसे पहलू शामिल थे। पर्यटन विभाग के अनुसार, पालोलेम को समुद्र तट की गुणवत्ता, उपलब्ध सुविधाओं, पानी की गुणवत्ता और पर्यटकों के समग्र अनुभव के आधार पर यह स्थान मिला है। गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन ए. खाउंटे ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान गोवा के समुद्र तटों की प्राकृतिक सुंदरता और उन अनूठे अनुभवों को दर्शाती है, जो दुनियाभर के पर्यटकों को यहां आकर्षित करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के बजाय ऐसे पर्यटन को बढ़ावा देने पर ध्यान दे रही है, जिससे पर्यावरण, स्थानीय समुदायों और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण होने के साथ-साथ उनकी स्थिति में भी सुधार हो। पर्यटन निदेशक केदार नाइक ने कहा कि यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन में गोवा की स्थिति को मजबूत करती है और यह दक्षिण गोवा को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में मदद करेगी तथा इससे पर्यटकों को राज्य के समुद्र तटों, भीतरी इलाकों और सांस्कृतिक विरासत को जानने के लिए भी प्रोत्साहन मिलेगा। विभाग ने बताया कि पालोलेम समुद्र तट पर पर्यटक तैराकी, कयाकिंग (छोटी नाव चलाने), डॉल्फिन देखने के लिए नौका विहार और आसपास के बैकवाटर की सैर जैसी गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं। इसने कहा कि इसके आसपास स्थित तटीय गांव, खानपान की दुकानें और स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती से जुड़ी सुविधाएं भी पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। विभाग ने कहा कि यह उपलब्धि ऐसे समय में मिली है, जब गोवा खुद को सालभर घूमने योग्य पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास कर रहा है। इसके तहत राज्य के भीतरी इलाकों में पर्यटन, विरासत स्थलों की सैर, स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती, स्थानीय खानपान, आध्यात्मिकता और प्रकृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
अनंत सिंह की बेटी शिवांगी सिंह की शादी 25 नवंबर को होने जा रही है. जिसकी भव्य तैयारियां चल रही है. बेटी की शादी का कार्ड दिखाते हुए अनंत सिंह ने बताया कि पीएम मोदी, नीतीश कुमार, लालू यादव से लेकर तमाम दिग्गजों को निमंत्रण भेजा गया है.
बीते दिन खबरें आईं कि बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन की तबीयत खराब हो गई है, जिसके कारण केबीसी की शूटिंग रोक दी गई. हालांकि यह खबरें अफवाह साबित हुईं. इसी बीच बिग बी ने दीपावली के मौके पर अपने प्रशंसकों को शुभकामनाएं दी हैं
पंजाब पुलिस को गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने केंद्रीय एजेंसियों की मदद से डोनी बाल-प्रभ दासूवाल गैंग के प्रमुख सरगना गुरविंदर उर्फ अफरीदी को इथियोपिया से भारत डिपोर्ट कराया है।
दिमागी नक्सलियों ने संगठनों पर किया कब्जा, दिवाली पर विपक्ष पर जमकर बरसे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर साल की तरह इस बार भी देश के प्रहरियों के साथ दिवाली मनाने पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार छत्तीसगढ़ के बस्तर में जवानों के साथ दिवाली मनाई।
इथियोपिया से लाए गए गैंगस्टर गुरविंदर सिंह आफरीदी की क्राइम कुंडली
पंजाब पुलिस ने ऑपरेशन शहीद के तहत जिस गैंगस्टर गुरविंदर सिंह उर्फ आफरीदी को इथियोपिया से भारत डिपोर्ट कराया है, उसके खिलाफ 30 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. सबसे बड़ी बात ये है कि वो पांच चर्चित हत्याओं में वांटेड था. पढ़ें गुरविंदर की क्राइम कुंडली.
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पहली दीपावली है, जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त होने की उपलब्धि के साथ पर्व मना रहा है। उन्होंने इस सफलता को असाधारण बताते हुए इसका श्रेय सुरक्षा बलों के जवानों को दिया। पीएम मोदी ने कहा कि जवानों की मेहनत और साहस के कारण बस्तर जैसे क्षेत्रों में अब विकास की नई संभावनाएं खुल रही हैं।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के 100वें जन्मदिन के अवसर पर, राम मंदिर आंदोलन में उनकी अहम भूमिका को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। नवीन ने कहा कि अयोध्या में बना मंदिर उस सफर का परिणाम है, जिसकी शुरुआत आडवाणी ने दशकों पहले की थी। इस खास मौके पर, नवीन ने नई दिल्ली में BJP के केंद्रीय मुख्यालय में एक हवन किया। इसे भी पढ़ें: LK Advani के 100वें वर्ष में प्रवेश पर PM Modi ने की सराहना, बताया वैचारिक स्पष्टता का प्रतीक आडवाणी जी के प्रभाव पर चर्चा करते हुए, नबिन ने राम रथ यात्रा और बिहार में उसे रोके जाने की घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय हम बहुत छोटे थे, लेकिन फिर भी हम महसूस कर सकते थे कि पूरा देश इस आंदोलन से किस कदर जुड़ गया था। उन्होंने बताया कि समस्तीपुर में यात्रा रोके जाने के बावजूद, कारसेवकों ने आडवाणी जी के मिशन को पूरी लगन से आगे बढ़ाया, और अंततः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके लक्ष्य को साकार किया। नबिन ने कहा कि आज, जब देश अयोध्या में भव्य श्री राम मंदिर को खड़ा देखता है, तो यह हम सभी के लिए श्री आडवाणी जी की ऐतिहासिक यात्रा को याद करने और उन्हें सम्मान देने का क्षण है। आडवाणी को प्रेरणा का एक निरंतर स्रोत बताते हुए, नबिन ने उनके धैर्य और दृढ़ता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वे एक ऐसे नेता हैं जिन्होंने बंटवारे का दर्द सहा, फिर भी अपने संकल्प पर अडिग रहे और हमेशा 'राष्ट्र सर्वोपरि' (Nation First) के मूल आदर्श को बढ़ावा दिया। उन्होंने पार्टी के शुरुआती संघर्ष के दिनों में आडवाणी के नेतृत्व के लिए आभार भी जताया। नबिन ने कहा कि जब संसद में भाजपा के पास केवल दो सांसद रह गए थे, तब कई लोगों ने इसके भविष्य को लेकर निराशा जताई थी। लेकिन, उस निराशा के माहौल में भी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के अटूट संकल्प ने उम्मीद की एक किरण जगाई। उन्होंने कहा कि इन्हीं दोनों नेताओं की बदौलत आज भाजपा एक बड़ी राजनीतिक ताकत बन पाई है। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आडवाणी के 99वें जन्मदिन पर उनके सम्मान में एक लेख लिखा, जिसमें उन्होंने भारत के प्रति उनके अमूल्य योगदान को याद किया। मोदी ने बंटवारे, आपातकाल, रथ यात्रा और भाजपा के निर्माण में आडवाणी की भूमिका का जिक्र किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इस लेख को साझा करते हुए मोदी ने बताया कि 1947 में सिंध से विस्थापित होने का दर्द झेलने के बावजूद, आडवाणी ने बिना किसी कड़वाहट के अपना जीवन फिर से खड़ा किया। इसे भी पढ़ें: भजनलाल शर्मा के बयान पर भड़के Ashok Gehlot, सबूत देने या माफी मांगने की दी चुनौती मोदी ने लिखा कि भाजपा अध्यक्ष के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान, 1989 में कांग्रेस की सीटें 400 से गिरकर 200 से भी नीचे आ गईं, और 1996 में भाजपा पहली बार सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। आडवाणी जी ने कार्यकर्ताओं की कई पीढ़ियों को तैयार किया और पार्टी को 'राष्ट्र सर्वोपरि' के सिद्धांत पर आधारित एक मजबूत नींव दी। यह लेख कई राष्ट्रीय समाचार पत्रों में भी प्रकाशित हुआ था।
उत्तराखंड में Dhami सरकार के खिलाफ Congress का 10 नवंबर से राज्यव्यापी अभियान
देहरादून, आठ नवंबर उत्तराखंड में कांग्रेस मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के मंत्रियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर 10 नवंबर से राज्यव्यापी हस्ताक्षर अभियान शुरू करेगी। पार्टी की एक प्रवक्ता ने रविवार को यह जानकारी दी। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने बताया कि यह अभियान 30 नवंबर तक चलेगा और इसके तहत राज्यभर में जिला, ब्लॉक और नगर मुख्यालयों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अभियान के पहले चरण में 10 से 15 नवंबर तक जिला, ब्लॉक और नगर स्तर पर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री धामी और कैबिनेट मंत्रियों रेखा आर्य, गणेश जोशी तथा धन सिंह रावत पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। सिंह ने कहा कि इस अभियान के तहत विशेष रूप से तैयार किए गए पर्चों और बैनरों पर लोगों के हस्ताक्षर लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अगले चरण में 23 नवंबर को कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा की मौजूदगी में प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय से राजभवन तक मार्च निकाला जाएगा। सिंह ने कहा कि कांग्रेस राज्यभर से एकत्र किए गए हस्ताक्षरों वाले बैनर और पर्चे राज्यपाल को सौंपेगी तथा मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह करेगी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस राज्यभर के जिला और महानगर मुख्यालयों पर भ्रष्टाचार के खिलाफ 25 से 30 नवंबर तक प्रतीकात्मक अदालतें लगाएगी और तथा इस दौरान नुक्कड़ नाटकों के जरिए कथित भ्रष्टाचार, सत्ता के दुरुपयोग और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दों को उठाया जाएगा। सिंह ने कहा कि पार्टी ने इन कार्यक्रमों के आयोजन और समन्वय के लिए जिला एवं विधानसभा क्षेत्र स्तर पर प्रभारी नियुक्त किए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा सरकार के कार्यकाल में कथित भ्रष्टाचार को लेकर जनता की चिंताओं को सड़कों से लेकर विधानसभा तक उठाती रहेगी और जवाबदेही तय करने की मांग करती रहेगी।
जीजा और साले की जोड़ी को बॉलीवुड की कई फिल्मों में दिखाया गया है, जिसमें हम साथ साथ हैं से लेकर अंतिम तक का नाम शामिल है. लेकिन पिछले कुछ सालों में जीजा साले का प्यार खूनी बदले में तब्दील होता दिख रहा है.
PM Modi ने Chhattisgarh के Bastar में जवानों संग मनाई Diwali, बोले- आप मेरा परिवार हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 8 नवंबर को छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षाकर्मियों के साथ दिवाली मनाई। सुरक्षाकर्मियों से बातचीत के दौरान, प्रधानमंत्री ने देश की रक्षा में उनकी भूमिका की सराहना की और उन्हें अपने परिवार का सदस्य बताया। वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि जब देश भर में और दुनिया भर में करोड़ों भारतीय रोशनी का यह त्योहार मना रहे हैं, तो उन्होंने इस मौके को देश की रक्षा करने वालों के साथ बिताने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि आज, पूरे देश में और दुनिया के हर कोने में, करोड़ों भारतीय रोशनी का यह पावन त्योहार मना रहे हैं। लोग अपने घरों को लौटने के लिए दूर-दूर से यात्रा कर रहे हैं। परिवारों और अपनों के एक साथ आकर जश्न मनाने का यह एक बहुत अच्छा मौका है। मैं भी आप लोगों के बीच दिवाली मनाने आया हूँ। इसे भी पढ़ें: Devendra Fadnavis ने किसानों संग मनाई दीपावली, PM Narendra Modi ने की पहल की तारीफ उन्होंने आगे कहा कि जो लोग देश की सीमाओं पर और देश के भीतर इसकी रक्षा कर रहे हैं, वे उनके परिवार का हिस्सा हैं। मोदी ने कहा कि जो लोग सीमाओं पर और देश के भीतर राष्ट्र की रक्षा करते हैं - राष्ट्र के ये रक्षक और भारत माता के वीर बेटे-बेटियां - आप सभी मेरे परिवार के सदस्य हैं। प्रधानमंत्री ने बस्तर के नक्सलवाद से जुड़े पुराने इतिहास का भी जिक्र किया और इस इलाके में आए बदलावों का श्रेय सुरक्षाकर्मियों के बलिदान और समर्पण को दिया। उन्होंने कहा कि आप सभी मेरे परिवार का हिस्सा हैं। इस बार, मैं बस्तर के जंगलों में दिवाली मनाने आया हूँ। यह वह जगह है जहाँ कभी नक्सलवाद का खतरा हुआ करता था। लेकिन, आपके बलिदान और समर्पण की बदौलत, अब इसी इलाके से नक्सलवाद का खतरा खत्म हो गया है और विकास की एक नई लहर शुरू हो गई है। इसे भी पढ़ें: PM Modi रविवार को Chhattisgarh के बस्तर में सुरक्षाबलों संग मनाएंगे Diwali मोदी की बातों में इस क्षेत्र में सुरक्षाकर्मियों की भूमिका और नक्सलवाद में आई कमी के बाद हुए बदलावों पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री के इस दौरे ने देश की सुरक्षा में तैनात जवानों पर ध्यान केंद्रित किया, जिनमें वे इलाके भी शामिल हैं जहाँ सुरक्षा संबंधी चुनौतियाँ रही हैं। इन जवानों को अपने परिवार का हिस्सा बताते हुए, मोदी ने उनकी सेवा और समर्पण की सराहना की। यह एक ऐसा त्योहार है जो पारंपरिक रूप से परिवारों के एक साथ आने से जुड़ा है। अपने संबोधन में उन्होंने इस मौके को बस्तर के बदलते हालात से भी जोड़ा और कहा कि यह क्षेत्र अब विकास के एक नए दौर से गुजर रहा है।
10 साल के रिपोर्ट कार्ड और एंटी-इनकंबेंसी पर बोले CM योगी- कोई खिलाफ नहीं
दीपावली के पावन अवसर पर 'आजतक पंचायत अयोध्या' में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दस साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया. उत्तर प्रदेश में 10 साल के शासन के बाद एंटी-इनकंबेंसी के सवाल पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा बयान दिया है.
दूरदर्शन की रामायण अपने गीत और संगीत के लिए बहुत याद की जाती है. ऐसे में आज दिवाली के मौके पर सुनिए श्रीराम और सीता के विवाह के शुभ मुहूर्त का एक गीत जिसकी बराबरी का कोई दूसरा गाना आज तक सुनने को नहीं मिला.
दिवाली की रात उल्लू दिखना शुभ है या अशुभ? जानें मान्यताएं और महत्व
दिवाली के दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है. सनातन धर्म मान्यताओं के अनुसार, उल्लू मां लक्ष्मी का वाहन है. उल्लू को बुद्धिमत्ता और सतर्कता का प्रतीक माना जाता है.
Devendra Fadnavis ने किसानों संग मनाई दीपावली, PM Narendra Modi ने की पहल की तारीफ
नयी दिल्ली, आठ नवंबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की नागपुर में सूखे से प्रभावित किसानों के साथ दीपावली मनाने के लिए सराहना की और उनके इस कदम को ‘‘बेहद भावुक करने वाला’’ बताया। मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह पहल उस संवेदनशीलता को दर्शाती है, जिसके साथ महाराष्ट्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार किसानों के कल्याण और उनकी खुशहाली सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने सोशल मीडिया पर फडणवीस के एक पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘‘महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फडणवीस जी का नागपुर के नरखेड़ स्थित लोहारी सावंगा गांव में किसानों के साथ दीपावली मनाने और अरुणाबाई तथा रामभाऊ बलपांडे के घर पर रुकने का यह कदम बेहद भावुक करने वाला है।’’फडणवीस के पोस्ट में उन्हें दीपावली पर किसानों के साथ समय बिताते हुए देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसानों की आंखों से आंसू पोंछना ही उनके लिए सच्ची दीपावली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें नागपुर जिले के लोहारी सावंगा गांव में अपने साथी किसानों के साथ दीपावली मनाने का सौभाग्य मिला। यह गांव हेमाडपंथी शिव मंदिर की ऐतिहासिक विरासत और कन्हान नदी की प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। उन्होंने मराठी भाषा में एक पोस्ट में कहा, ‘‘सूखे से जूझ रहे किसानों की कठिनाइयों, दुखों और अपने परिवारों के भविष्य को लेकर उनकी चिंताओं के बारे में जानकर मेरा मन भावनाओं से भर गया।’’फडणवीस ने बताया कि उन्होंने स्थानीय किसानों अरुणाबाई बलपांडे और रामभाऊ बलपांडे के घर पर रात बिताई। उन्होंने कहा कि बलपांडे परिवार ने जिस आत्मीयता से उनका स्वागत किया, उसने उनके दिल को छू लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके प्रेम, स्नेह और गर्मजोशी में कुछ ऐसा है, जो गहराई से भावुक कर देता है। फडणवीस ने कहा, ‘‘देशभर में जहां दीपावली उत्साह के साथ मनाई जा रही है, वहीं राज्य के किसान चिंतित हैं। प्रकृति के प्रकोप से झुलसी फसलें, आर्थिक तंगी और बच्चों की शिक्षा को लेकर चिंताओं का बोझ उनके मन पर है।’’मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिए महाराष्ट्र के हर किसान की फसल महज उपज नहीं है, बल्कि यह पूरे परिवार की सालभर की मेहनत, त्याग और सपनों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर फसल में एक परिवार के भविष्य की उम्मीद और हर मौसम में समृद्धि का सपना छिपा होता है। फडणवीस ने कहा कि जब प्रकृति की अनिश्चितता के कारण फसल बर्बाद होती है, तो किसान का भविष्य भी खतरे में पड़ जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आज मैंने इस पीड़ा को खुद महसूस किया। इसलिए मेरा ईमानदार प्रयास है कि सचिवालय में बैठकर बैठकों, फैसलों, योजनाओं या आर्थिक सहायता तक ही सीमित रहने के बजाय किसानों के पास बैठूं, उनकी परेशानियों को समझूं, उनके आंसू पोंछूं और उन्हें फिर से अपने पैरों पर खड़ा होने में मदद के लिए हाथ बढ़ाऊं।’’फडणवीस ने कहा कि उन्होंने किसानों के साथ रबी की फसलों को नुकसान से बचाने के लिए किए जा सकने वाले उपायों पर भी चर्चा की।
कानपुर में थार ने स्कूटी को 30 मीटर तक घसीटा, बुजुर्ग की मौके पर ही मौत, टक्कर मारकर भागी लड़कियां
कानपुर में एक लड़की ने अपनी तेज रफ्तार थार से स्कूटी सवार बुजुर्ग को रौंद दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. एक्सीडेंट के बाद अफरा-तफरी मच गई, इतने में मौके का फायदा उठाकर लड़की मौके से रफूचक्कर हो गई.
एशिया कप के लिए टीम इंडिया में बड़ा फेरबदल, इस धुरंधर की एंट्री
कतर की राजधानी दोहा में एसीसी मेन्स एशिया कप राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट आयोजित होने जा रहा है. इस टूर्नामेंट में वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा पर निगाहें होंगी. दोनों खिलाड़ी बतौर ओपनर गदर काटने के लिए तैयार हैं.
पश्चिम एशिया संकट के बीच अहम फैसला: आईओसी खरीदेगी कच्चे तेल-एलपीजी के जहाज, शिपिंग पर होगा कंट्रोल
पश्चिम एशिया संकट के बीच अहम फैसला: आईओसी खरीदेगी कच्चे तेल और एलपीजी के जहाज, शिपिंग पर निर्भरता घटाने की तैयारी
Lawrence Bishnoi गिरोह का गुर्गा Harry Boxer अमेरिका में पकड़ा गया, हरियाणा में हत्या समेत कई केस
चंडीगढ़, आठ नवंबर अमेरिका की आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन एजेंसी (आईसीई) द्वारा हिरासत में लिया गया लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य हरिचंद जाट उर्फ हैरी बॉक्सर हरियाणा में कई मामलों में आरोपी है। इनमें हांसी के जिम मालिक की हत्या का मामला भी शामिल है। राजस्थान पुलिस ने रविवार को बताया कि बॉक्सर को अमेरिका में आईसीई ने हिरासत में लिया है और उसे भारत लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के चतरपुरा गांव का निवासी 40 वर्षीय हैरी बॉक्सर कथित तौर पर विदेश में रहकर भारत में आपराधिक गतिविधियों का संचालन कर रहा था। लॉरेंस बिश्नोई-रोहित गोदारा गिरोह को हथियारों की आपूर्ति करने में भी उसकी अहम भूमिका थी। राजस्थान के अपराधी गिरोह निरोधक दस्ते (एजीटीएफ) के अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एमएन ने बताया कि वह राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में जबरन वसूली के लिए धमकियां देने और गोलीबारी की घटनाओं में शामिल था। इनमें मुंबई और पुणे की घटनाएं भी शामिल हैं। हरियाणा पुलिस के सूत्रों ने बताया कि बॉक्सर राज्य में जबरन वसूली और हत्या सहित कम से कम सात मामलों में शामिल है। इनमें एक जिम मालिक की हत्या का मामला भी है। जून में हरियाणा के हांसी में मोटरसाइकिल सवार दो हमलावरों ने एक जिम मालिक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हरियाणा पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने हाल ही में कहा था कि उसने संगठित अपराध के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। विदेश में छिपे वांछित अपराधियों और उनके नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। एसटीएफ के अनुसार, विभिन्न राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय, खुफिया जानकारी साझा करने और तकनीकी निगरानी के माध्यम से पूरे आपराधिक नेटवर्क की पहचान की जा रही है। हरियाणा पुलिस ने यह भी बताया कि अंतरराज्यीय गिरोहों और अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश की पुलिस के साथ मजबूत अंतरराज्यीय समन्वय व्यवस्था स्थापित की गई है। इसने कहा कि इस व्यवस्था के तहत गैंगस्टर, शूटर, हथियार आपूर्तिकर्ताओं, वित्तपोषकों और उनके सहयोगियों से जुड़ी खुफिया जानकारी तत्काल साझा की जा रही है। पुलिस के अनुसार, राज्यों की सीमाओं के पार सक्रिय वांछित और इनामी अपराधियों के खिलाफ संयुक्त छापेमारी और समन्वित गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाती है। खतरे का आकलन करने और संयुक्त रणनीति तैयार करने के लिए नियमित रूप से अंतरराज्यीय समन्वय बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं।
14 साल बाद अयोध्या लौटे थे राम, कुछ ऐसा था पहली दिवाली का नजारा!
First Diwali in Ayodhya: 14 साल का वनवास पूरा करने के बाद जब भगवान राम माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे, तो उनके स्वागत में पूरी नगरी को दीपों से सजाया गया था. जानें पहली दिवाली मनाने की यह धार्मिक मान्यता और पूरी कहानी.
'नक्सलवाद पर जीत के बाद यह पहली दिवाली': बस्तर में पीएम मोदी बोले- देश का हर जवान मेरे परिवार का हिस्सा pm modi celebrates diwali in bastar with security forces naxalism top quotes
हैदराबाद: मजदूरों से भरे ऑटो की ट्रक से टक्कर... 3 की मौत, 10 की हालत नाजुक
हैदराबाद के आउटर रिंग रोड पर एक मालवाहक ऑटो-रिक्शा ट्रक से टकरा गया, जिसमें 3 लोगों की मौके पर मौत हो गई. इस हादसे में 14 लोग घायल हो गए, जिनमें से 10 की हालत नाजुक बताई जा रही है. एक्सीडेंट के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया था, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने 20 किलोमीटर तक पीछा कर उसे पकड़ लिया.
मनीष मल्होत्रा की दिवाली पार्टी में छाए परिणीति-राघव
परिणीति चोपड़ा और राघव चड्ढा बीते दिनों सेलिब्रिटी फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा की दिवाली पार्टी में शामिल हुए. पार्टी में दोनों ब्लैक आउटफिट में ट्विनिंग करते हुए नजर आए. अब परिणीति ने पति राघव चड्ढा संग कई सारी रोमांटिक तस्वीरें शेयर की हैं.
Jio का नया रिचार्ज लॉन्च, 3 साल तक मिलेगी कॉल-डेटा, ये है कीमत
Jio ने पहली बार एक ऐसा रिचार्ज प्लान लॉन्च किया है, जिसमें पूरे 3 साल की वैलिडिटी मिली रही है. इसमें अनलिमिटेड डेटा और डेली 2.5GB डेटा मिलेगा. इस प्लान की कीमत 10 हजार रुपये है.
'राम मंदिर नहीं जाऊंगा, मथुरा जाऊंगा': टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद का बड़ा बयान, भाजपा पर क्या आरोप लगाए? Kirti Azad Says Will Never Visit Ram Temple Attacks BJP Over Religion Politics

30 C
