Jamui Case: Bihar Police की SIT का एक्शन, Half Encounter में पकड़ा गया आरोपी नंदन यादव
जमुई में नाबालिग के साथ छेड़छाड़ के मामले का मुख्य आरोपी नंदन यादव मंगलवार को बिहार पुलिस के साथ हुई एक 'हाफ एनकाउंटर' में घायल हो गया। आरोपी के पैर में गोली लगी। यह घटना तब सामने आई जब जमुई ज़िले में सड़क किनारे लोगों के एक समूह द्वारा एक लड़के और लड़की के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ किए जाने का वीडियो वायरल हुआ। जमुई में 10वीं कक्षा के एक लड़के और लड़की को कुछ लोगों के समूह द्वारा परेशान किए जाने के वीडियो ऑनलाइन सामने आए थे। इसे भी पढ़ें: Jamui Incident पर Congress नेता Udit Raj का हमला, पूछा- Bihar में कैसा शासन चला रहे हैं CM पुलिस ने 'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण' (POCSO) अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि यह घटना 19 सितंबर को शाम करीब 7 बजे हुई, जब कोचिंग क्लास के बाद दो नाबालिग (जो दोस्त हैं) उस इलाके में गए थे। इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मांग की थी कि वीडियो में दिख रहे सभी लोगों की पहचान की जाए और उन पर POCSO के तहत मुकदमा चलाया जाए। साथ ही, उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर लड़कियों की सुरक्षा को लेकर बिहार सरकार पर सवाल भी उठाए थे। जमुई के पुलिस अधीक्षक (SP) दयाल ने बताया कि ऑनलाइन वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस को इस घटना की जानकारी मिली। SP ने बताया कि कोचिंग क्लास के बाद दो छात्र उस इलाके में तस्वीरें लेने गए थे। इसके बाद POCSO और अन्य संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई। इसे भी पढ़ें: Bihar Harassment Case | जमुई में कोचिंग से लौट रहे नाबालिगों से बर्बरता व छेड़छाड़, वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा जनाक्रोश, SIT गठित, 3 गिरफ्तार हालांकि FIR में किसी आरोपी का नाम नहीं था, लेकिन जांच के दौरान पुलिस ने वीडियो में दिख रहे छह-सात लोगों की पहचान की। पुलिस ने बताया कि एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
जमुई कांड के आरोपी नंदन यादव का एनकाउंटर, पुलिस मुठभेड में लगी गोली
जमुई बदसलूकी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. मामले में फरार चल रहे आरोपी नंदन यादव से पुलिस की मुठभेड़ की सूचना सामने आई है. इस दौरान नंदन यादव को गोली लगने की भी सूचना है.
CIA अफसर बनकर मेडिकल स्टोर मालिक से मांगी 10 लाख की फिरौती, आरोपी गिरफ्तार
भिवाड़ी पुलिस ने हरियाणा पुलिस के फर्जी सीआईए अधिकारी बनकर मेडिकल स्टोर संचालक से फिरौती वसूलने वाले गैंग के 10 हजार के इनामी बदमाश अनिल को गिरफ्तार किया है. आरोपी ने साथियों के साथ मिलकर पीड़ित को नशीली दवा बेचने के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से 1 लाख रुपये वसूले थे. पुलिस इससे पहले दो आरोपियों मोहित और हर्ष को गिरफ्तार कर चुकी है.
पहाड़गंज के स्पा में चल रहा था सेक्स रैकेट... पुलिस ने किया भंडाफोड़
दिल्ली के पहाड़गंज में स्पा की आड़ में कथित सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है. नबी करीम पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर 8 महिलाओं को रेस्क्यू किया. पढ़ें इस एक्शन की पूरी कहानी.
जल सुरक्षा के लिए विज्ञान, तकनीक और जनभागीदारी जरूरी, भारत पेश करेगा नया वैश्विक मॉडल
धरती पर जीवन के अस्तित्व का सबसे बड़ा आधार जल है, लेकिन आज के दौर में जलवायु परिवर्तन, तेजी से घटता भूजल स्तर और बढ़ती आबादी के कारण जल संकट एक विकराल रूप लेता जा रहा है। इस गंभीर चुनौती से निपटने के लिए अब केवल पारंपरिक तरीकों से काम नहीं चलेगा, बल्कि विज्ञान, अत्याधुनिक तकनीक और जनभागीदारी का एक मजबूत त्रिकोण तैयार करना होगा। इसी विजन को आगे बढ़ाते हुए भारत आगामी 'अंतरराष्ट्रीय जल सप्ताह' (International Water Week) के वैश्विक मंच पर जल संरक्षण और प्रबंधन का एक नया और क्रांतिकारी मॉडल प्रस्तुत करने जा रहा है। दुनिया भर के विशेषज्ञ इस बात पर सहमत हैं कि यदि आने वाली पीढ़ियों को जल संकट से बचाना है, तो भारत का यह मॉडल एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। आइए जानते हैं कि इस बहुप्रतीक्षित आयोजन में भारत किस प्रकार अपनी जल प्रबंधन रणनीतियों को दुनिया के सामने रखने जा रहा है।आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों का सामना कर रही है, जिसके कारण मौसम चक्र पूरी तरह से असंतुलित हो गया है। कभी अत्यधिक बाढ़ तो कभी भयंकर सूखा देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में आम बात हो गई है। भारत जैसे विकासशील देश में, जहां कृषि एक बड़े भूभाग की आजीविका का मुख्य आधार है, पानी की हर एक बूंद की कीमत बहुत अधिक है। अंधाधुंध दोहन के कारण भूजल का स्तर लगातार नीचे खिसकता जा रहा है, जिससे न केवल पीने के पानी का संकट पैदा हो रहा है बल्कि खाद्य सुरक्षा पर भी बड़ा खतरा मंडराने लगा है। ऐसे में जल स्रोतों के संरक्षण और उनके वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए एक ठोस रणनीति बनाना समय की सबसे बड़ी मांग बन चुका है।पारंपरिक जल स्रोतों जैसे तालाबों, कुओं और झीलों के जीर्णोद्धार के साथ-साथ अब आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल जल प्रबंधन में अनिवार्य हो गया है। भारत सरकार और विभिन्न वैज्ञानिक संस्थान मिलकर ऐसे स्मार्ट सॉल्यूशंस तैयार कर रहे हैं जो पानी की बर्बादी को रोकने में कारगार साबित हो रहे हैं। इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) आधारित सेंसर और एआई (Artificial Intelligence) का उपयोग करके जल वितरण प्रणालियों की निगरानी की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि किस क्षेत्र में कितना पानी लीक हो रहा है या कहां उसकी अधिक आवश्यकता है। इसके अलावा, ड्रिप इरिगेशन, सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों और वेस्टवाटर रीसाइक्लिंग (अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण) प्लांट्स के जरिए पानी के हर एक बूंद के सदुपयोग पर जोर दिया जा रहा है।कितनी भी बेहतरीन तकनीक और नीतियां क्यों न बना ली जाएं, जब तक आम नागरिकों को इस अभियान से नहीं जोड़ा जाता, तब तक जमीनी स्तर पर बदलाव लाना असंभव है। 'जल जीवन मिशन' और विभिन्न स्थानीय अभियानों ने यह साबित कर दिया है कि जब जनता खुद जल संरक्षण को अपनी नैतिक जिम्मेदारी मान लेती है, तो परिणाम अद्भुत होते हैं। वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) को हर घर और हर संस्थान की अनिवार्य आदत बनाने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। पंचायतों, स्थानीय निकायों और महिला स्व-सहायता समूहों को जल प्रबंधन समितियों से जोड़कर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पानी के उचित उपयोग के प्रति एक नई जनचेतना जगाई जा रही है।आगामी अंतरराष्ट्रीय जल सप्ताह के दौरान भारत अपने इन्हीं सफल अनुभवों, तकनीकी नवाचारों और सामुदायिक सहभागिता के मॉडलों को वैश्विक पटल पर प्रदर्शित करेगा। दुनिया भर के जल वैज्ञानिक, नीति निर्माता और प्रतिनिधि इस बात का अध्ययन करेंगे कि कैसे एक विशाल आबादी वाले देश ने सीमित संसाधनों के बावजूद जल सुरक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। यह मंच न केवल भारत को वैश्विक जल कूटनीति में एक अगुआ के रूप में स्थापित करेगा, बल्कि अन्य विकासशील देशों को भी अपने यहां जल संकट से निपटने के लिए एक व्यावहारिक और अनुकरणीय मार्गदर्शिका प्रदान करेगा।
राज्यसभा और एमएलसी चुनाव का ऐलान: बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र में 23 अक्टूबर को होगा मतदान
देश के चार प्रमुख राज्यों में राजनीतिक हलचल एक बार फिर अपने चरम पर पहुंचने वाली है। भारतीय चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने देश के चार महत्वपूर्ण राज्यों—बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में खाली होने वाली राज्यसभा और विधान परिषद (MLC) की सीटों के लिए आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। इन चुनावों के ऐलान के साथ ही राजनीतिक दलों में सुगबुगाहट तेज हो गई है क्योंकि संसद के उच्च सदन और राज्य के विधान मंडलों में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए सभी दल पूरी ताकत झोंकने को तैयार हैं। इन चुनावों के जरिए देश के सियासी गलियारों में नए समीकरण बनने की उम्मीद है, आइए जानते हैं इस पूरे चुनावी शेड्यूल और सीटों के गणित से जुड़ी हर एक महत्वपूर्ण बात को विस्तार से।चुनाव आयोग की ओर से जारी आधिकारिक शेड्यूल के अनुसार, बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की रिक्त सीटों के लिए आगामी 23 अक्टूबर को मतदान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मतदान के तुरंत बाद उसी दिन यानी 23 अक्टूबर को ही वोटों की गिनती (Counting of Votes) भी संपन्न होने की पूरी संभावना है, हालांकि आधिकारिक परिणामों की अंतिम घोषणा और पूरी प्रक्रिया 27 अक्टूबर तक समाप्त कर ली जाएगी। चुनाव आयोग के इस त्वरित और चुस्त कार्यक्रम ने सभी राजनीतिक दलों को अपने उम्मीदवारों के चयन और जोड़-तोड़ की रणनीति पर तेजी से काम करने के लिए मजबूर कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन चुनावों के नतीजे आने वाले समय में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीति पर गहरा प्रभाव डालेंगे।इस चुनावी रण में जिन चार राज्यों—बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश—को शामिल किया गया है, वे भारतीय राजनीति के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील और निर्णायक माने जाते हैं। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र देश के सबसे बड़े राजनीतिक राज्य हैं, जहां विधानसभा और विधान परिषद के आंकड़े सत्ता संतुलन को तय करते हैं। वहीं बिहार और कर्नाटक में भी क्षेत्रीय क्षत्रपों और राष्ट्रीय दलों के बीच वर्चस्व की एक अलग ही जंग देखने को मिलती है। इन राज्यों में राज्यसभा और एमएलसी की सीटों के खाली होने के पीछे का कार्यकाल पूरा होना या अन्य कारणों से रिक्त होना है। विभिन्न दलों के दिग्गजों का राजनीतिक भविष्य इन सीटों के परिणामों पर टिका हुआ है, जिसके चलते सभी दलों ने अभी से अपनी कमर कस ली है।चुनाव आयोग द्वारा तारीखों के ऐलान के बाद से ही दिल्ली से लेकर लखनऊ, पटना, मुंबई और बेंगलुरु तक सियासी पारा चढ़ गया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही खेमे अपने-अपने कोटे के सुरक्षित उम्मीदवारों के नाम तय करने के लिए मंथन बैठकों में जुट गए हैं। संख्या बल (Number Game) के गणित को साधने के लिए क्षेत्रीय दलों के साथ-साथ राष्ट्रीय पार्टियां भी अपने विधायकों को एकजुट करने और क्रॉस-वोटिंग के खतरे को टालने की रणनीति बना रही हैं। जानकारों का कहना है कि इन चुनावों में निर्विरोध निर्वाचन की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं, लेकिन यदि विपक्ष ने अपने उम्मीदवार उतारे, तो मुकाबला काफी दिलचस्प और कांटे की टक्कर का हो सकता है।राज्यसभा और विधान परिषद जैसे उच्च सदनों का महत्व कानून निर्माण और देश-राज्य की नीतियों पर वैचारिक मंथन के लिहाज से बहुत अधिक होता है। संसद और विधानसभाओं में बहुमत का आंकड़ा सुदृढ़ करने के लिए यह चुनाव सभी दलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाला है। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में विधान परिषद की सीटों का होना सरकार के नीतिगत फैसलों को पास कराने में अहम भूमिका निभाता है। जैसे-जैसे 23 अक्टूबर की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंचती जा रही है और हर किसी की नजरें इन चुनावों के परिणामों पर टिकी हुई हैं कि किस पार्टी के पाले में कितनी सीटें जाती हैं।
दिल्ली: सदर बाजार में मासूम से रेप पर जनआक्रोश, पुलिस से हुई झड़प
दिल्ली के सदर बाजार इलाके से एक बेहद ही दर्दनाक और शर्मनाक मामला सामने आया है. यहां एक मासूम नाबालिग बच्ची के साथ दरिंदगी की वारदात को अंजाम दिया गया है. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है. गुस्साए लोगों ने दिल्ली के देशबंधु गुप्ता रोड थाने का घेराव कर जोरदार हंगामा किया और इंसाफ की मांग की. इस प्रदर्शन के दौरान लोगों और पुलिस के बीच तीखी झड़प भी देखने को मिली.
भारतीय वायुसेना (IAF) एक बार फिर इतिहास रचने जा रही है। राजस्थान के जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर दुनिया के सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास 'तरंग शक्ति' (Tarang Shakti 2026) के दूसरे संस्करण का आगाज होने जा रहा है। पाकिस्तान की सीमा के नजदीक आयोजित होने वाले इस युद्धाभ्यास में 40 से अधिक देशों की वायु सेनाएं अपने घातक और आधुनिक लड़ाकू विमानों के साथ हिस्सा ले रही हैं। भारत की इस सामरिक शक्ति प्रदर्शन से वैश्विक स्तर पर रक्षा कूटनीति के नए समीकरण बन रहे हैं, आइए जानते हैं कि इस महाकुंभ का मुख्य उद्देश्य क्या है और यह क्यों खास है।भारतीय वायुसेना का यह बहुप्रतीक्षित द्विवार्षिक अभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है। खास बात यह है कि यह आयोजन भारत और जापान के बीच हाल ही में संपन्न हुए 'वीर गार्डियन' युद्धाभ्यास के ठीक बाद हो रहा है। पाकिस्तान सीमा के बेहद करीब पश्चिमी राजस्थान के आसमान में जब दुनिया के बेहतरीन फाइटर जेट गरजेंगे, तो यह भारत की बढ़ती सामरिक ताकत और रक्षा क्षमताओं का स्पष्ट संदेश होगा। रक्षा जानकारों के मुताबिक, इस आयोजन में भाग लेने के लिए कई देशों के एयर चीफ भी भारत पहुंच रहे हैं, जिससे सैन्य कूटनीति को और अधिक मजबूती मिलेगी।इस महाअभ्यास में दुनिया के सबसे उन्नत और मारक विमानों का जमावड़ा लगने वाला है। रिपोर्ट्स के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका अपनी वायुसेना के अत्याधुनिक पांचवीं पीढ़ी के स्टीथ फाइटर जेट F-35 लाइटनिंग II को इस अभ्यास में उतार सकता है। वहीं, फ्रांस अपने बेजोड़ राफेल विमानों के साथ और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अपने F-16 फाइटर जेट्स के साथ इस युद्धाभ्यास की शोभा बढ़ाएगा। इसके अलावा जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, सिंगापुर और ब्रिटेन समेत कई देश अपने परिवहन विमान, हवा में ईंधन भरने वाले टैंकर (Air-to-Air Refuellers) और एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) सिस्टम के साथ शिरकत कर रहे हैं।विदेशी मेहमानों के बीच भारतीय वायुसेना भी अपनी पूरी ताकत झोंकने के लिए तैयार है। IAF इस युद्धाभ्यास में अपने मुख्य फ्रंटलाइन लड़ाकू विमान जैसे राफेल और सुखोई-30 MKI को मैदान में उतारेगी। इसके साथ ही भारत के स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (LCA) तेजस और आधुनिक हेलीकॉप्टर्स की युद्ध कौशल क्षमताएं भी दुनिया के सामने प्रदर्शित की जाएंगी। भारतीय वायुसेना के नेट्रा जैसे अर्ली वार्निंग एयरक्राफ्ट और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट भी इस अभ्यास का अहम हिस्सा होंगे, जो आधुनिक युद्धक रणनीतियों में भारत की आत्मनिर्भरता और तकनीकी दक्षता को साबित करेंगे।'तरंग शक्ति' का यह आयोजन केवल सैन्य अभ्यास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की बढ़ती कूटनीतिक और कमान क्षमता का प्रतीक है। जब विभिन्न संस्कृतियों और युद्ध प्रणालियों वाले 40 से अधिक देशों के सैनिक एक मंच पर साझा अभ्यास करते हैं, तो इससे आपसी सामंजस्य, सामरिक अनुभव और इंटरऑपरेबिलिटी में जबरदस्त सुधार होता है। पाकिस्तान सीमा के पास इतने बड़े पैमाने पर दुनिया की महाशक्तियों का एकजुट होना भारत के विरोधियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि भारत वैश्विक सुरक्षा में एक मजबूत और विश्वसनीय स्तंभ के रूप में उभर चुका है।
संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित होने के 40 दिन बाद भी मॉनसून सत्र को औपचारिक रूप से सत्रावसान (prorogued) नहीं किया गया है। यह एक असामान्य देरी है, जिससे सरकार के लिए बिना नया सत्र बुलाए कानून लाने की संभावना बनी हुई है। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही 13 अगस्त को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई थी, लेकिन राष्ट्रपति ने अभी तक सत्र के सत्रावसान का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है। इसे भी पढ़ें: Rajya Sabha Election: निर्वाचन आयोग ने की घोषणा, तीन राज्यों की 12 सीटों पर 16 अक्टूबर को मतदान लोकसभा के पूर्व महासचिव पी.डी.टी. आचारी ने PTI को बताया कि 40 दिनों का यह अंतराल दोनों सदनों के सत्रावसान न होने का एक नया रिकॉर्ड है। उन्होंने याद दिलाया कि 2015 में, कार्यवाही स्थगित होने के 28 दिन बाद सदनों का सत्रावसान किया गया था, जब सरकार GST कानून पर आम सहमति बनाने की कोशिश कर रही थी। इस देरी से अटकलें तेज हो गई हैं कि सरकार इस दौरान अहम कानून लाने की कोशिश कर सकती है। जिन कानूनों पर चर्चा हो रही है, उनमें महिला आरक्षण कानून में संशोधन की एक नई कोशिश भी शामिल है, ताकि 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले इसे लागू किया जा सके। बजट सत्र के दौरान की गई पिछली कोशिश पर्याप्त संख्या बल न होने के कारण सफल नहीं हो पाई थी। इन प्रस्तावित बदलावों का मकसद दक्षिणी राज्यों की विपक्षी पार्टियों की उन चिंताओं को दूर करना भी है, जिन्हें आबादी के आधार पर परिसीमन के बाद लोकसभा में प्रतिनिधित्व घटने की आशंका को लेकर उठाया गया था। सामने आ रहे सुझावों के अनुसार, सरकार सभी राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में लोकसभा सीटों की संख्या में एकसमान 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही है। इसे भी पढ़ें: ओम प्रकाश राजभर ने Modi का नाम लेकर कर दिया बड़ा दावा, क्या वाकई UP के चार टुकड़े होने वाले हैं? आमतौर पर, सदनों की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित होने के तीन या चार दिन के भीतर सत्र का सत्रावसान (प्रोरोगेशन) कर दिया जाता है। उदाहरण के लिए, बजट सत्र 18 अप्रैल को समाप्त हुआ था और दो दिन बाद 20 अप्रैल को उसका सत्रावसान कर दिया गया था। संविधान के तहत, सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा संसद का औपचारिक रूप से सत्रावसान किया जाता है। शीतकालीन सत्र आमतौर पर नवंबर के आखिरी हफ्ते से शुरू होता है और क्रिसमस से पहले समाप्त हो जाता है।
सऊदी अरब का पाकिस्तान पर दांव लगाना साबित हो सकता है बहुत बड़ा भू-राजनीतिक जोखिम
इस्लामिक दुनिया के सबसे पवित्र और प्रभावशाली केंद्र मक्का की जमीन से हाल ही में जिस बहुचर्चित 'मक्का पैक्ट' की सुगबुगाहट शुरू हुई है, उसे लेकर वैश्विक कूटनीति के गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो चुका है। सऊदी अरब के नेतृत्व में क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक विकास और आपसी सहयोग के नाम पर गढ़े जा रहे इस नए कूटनीतिक समीकरण को लेकर रक्षा और विदेश मामलों के बड़े विश्लेषक अब खुलकर सवाल खड़े करने लगे हैं। खाड़ी देशों के इस बहुउद्देशीय और महत्वाकांक्षी समझौते में जिस तरह से गहरे आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहे पाकिस्तान को एक अहम हिस्सेदार के रूप में शामिल किया जा रहा है, उसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति के जानकारों को गहरी चिंता में डाल दिया है। इतिहास गवाह है कि जब-जब पश्चिम एशिया और मध्य पूर्व में अमेरिका और पश्चिमी ताकतों के इशारे पर इस तरह के बड़े समझौते थोपे गए हैं, उनका हश्र उम्मीदों के बिल्कुल विपरीत निकला है। जिस प्रकार ऐतिहासिक 'अब्राहम अकॉर्ड' (Abraham Accords) को मध्य पूर्व में शांति का नया सूरज कहकर प्रचारित किया गया था लेकिन वह क्षेत्रीय जटिलताओं और जमीनी वास्तविकताओं के चलते कई मोर्चों पर अपनी चमक खोता नजर आया, ठीक उसी तरह अब यह अंदेशा जताया जा रहा है कि मक्का पैक्ट का भविष्य भी कुछ ऐसा ही दर्दनाक और विफल हो सकता है। सऊदी अरब जैसे आर्थिक महाशक्ति देश द्वारा अपनी कूटनीतिक रणनीतियों में पाकिस्तान जैसे अनियोजित और आतंकवाद के दलदल में फंसे राष्ट्र पर जरूरत से ज्यादा भरोसा करना रियाद के लिए आने वाले समय में एक बहुत बड़ी और रणनीतिक भूल साबित हो सकता है।मक्का पैक्ट की पृष्ठभूमि और सऊदी अरब की नई कूटनीतिक चाल: क्या क्षेत्रीय स्थिरता ला पाएगी यह रणनीति?सऊदी अरब के दूरदर्शी और युवा नेतृत्व ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी अर्थव्यवस्था को तेल पर निर्भरता से मुक्त कर विजन 2030 के तहत आधुनिकता और वैश्विक निवेश की ओर मोड़ने का ऐतिहासिक फैसला किया है। इसी महत्वाकांक्षी विजन के तहत सऊदी अरब अपनी क्षेत्रीय सुरक्षा और भू-राजनीतिक पकड़ को और अधिक मजबूत करने के लिए नए-नए कूटनीतिक पैंतरे चल रहा है, जिसका एक प्रमुख हिस्सा मक्का पैक्ट के रूप में सामने आ रहा है। इस पैक्ट के जरिए सऊदी हुक्मरान इस्लामिक देशों के बीच आपसी मतभेदों को भुलाकर एक मजबूत आर्थिक और राजनीतिक धुरी तैयार करना चाहते हैं, ताकि वैश्विक स्तर पर मुस्लिम जगत का नेतृत्व पूरी मजबूती के साथ रियाद के हाथों में सुरक्षित रह सके। हालांकि, कूटनीतिक जानकारों का यह मानना है कि जब किसी बहुपक्षीय समझौते की नींव ही अस्थिर और अविश्वसनीय स्तंभों पर रखी जाती है, तो उसका महल लंबे समय तक टिक नहीं पाता है। सऊदी अरब द्वारा इस पैक्ट के दायरे में उन देशों को भी प्रमुखता देना जो खुद अपनी आंतरिक कलह, कुशासन और गृहयुद्ध जैसे हालातों से जूझ रहे हैं, इस पूरी योजना की विश्वसनीयता पर एक बहुत बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। रियाद के रणनीतिकारों को यह समझना होगा कि केवल बड़े-बड़े सम्मेलनों और कागजी समझौतों से क्षेत्रीय स्थिरता हासिल नहीं की जा सकती, बल्कि इसके लिए जमीन पर ठोस और साफ नीयत वाले साझेदारों की जरूरत होती है, जिसकी भारी कमी इस समय सऊदी खेमे में साफ तौर पर महसूस की जा रही है।पाकिस्तान पर रियाद का दांव क्यों है सबसे खतरनाक? आतंकवाद, आर्थिक बदहाली और अस्थिर नेतृत्व का सचसऊदी अरब द्वारा मक्का पैक्ट या अन्य क्षेत्रीय समझौतों में पाकिस्तान को एक केंद्रीय भूमिका देने का निर्णय सबसे अधिक विवादित और खतरनाक माना जा रहा है। दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञ और भू-राजनीतिक रणनीतिकार इस बात पर हैरान हैं कि जिस देश की अपनी अर्थव्यवस्था पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की बैसाखियों और विदेशी कर्जों पर टिकी हो, जिसकी आंतरिक सुरक्षा आतंकवाद, धार्मिक कट्टरता और सेना के राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण पूरी तरह चरमराई हुई हो, उस पर रियाद इतना बड़ा दांव कैसे खेल सकता है। पाकिस्तान का इतिहास इस बात का गवाह रहा है कि उसने अपने सामरिक हितों को साधने के लिए हमेशा दोहरी नीतियों का सहारा लिया है और सऊदी अरब ने अतीत में भी पाकिस्तान की आर्थिक मदद के नाम पर अरबों डॉलर झोंके हैं, जिसके बदले में रियाद को अक्सर निराशा और रणनीतिक असहयोग ही हाथ लगा है। आज पाकिस्तान की सेना और वहां की सरकार अपने ही नागरिकों के विरोध, भीषण महंगाई और विदेशी मुद्रा भंडार की कमी से जूझ रही है, ऐसे में वह किसी भी क्षेत्रीय शांति समझौते में एक मजबूत और मददगार साथी की भूमिका निभाने के बजाय खुद एक बोझ और सुरक्षा जोखिम बनकर उभर सकता है। सऊदी अरब का यह सोचना कि पाकिस्तान इस पैक्ट के जरिए मुस्लिम जगत में कोई सकारात्मक बदलाव लाएगा, केवल एक कोरी कल्पना से ज्यादा कुछ नहीं है, क्योंकि जो देश खुद अपने आंतरिक संकटों को नहीं संभाल पा रहा, वह क्षेत्रीय स्थिरता की गारंटी कभी नहीं बन सकता।अब्राहम अकॉर्ड से तुलना: क्यों फेल हो रहे हैं पश्चिम एशिया के कृत्रिम और थोपे गए कूटनीतिक समझौते?मक्का पैक्ट की तुलना वर्तमान समय में बहुचर्चित 'अब्राहम अकॉर्ड' से की जा रही है, और यह तुलना पूरी तरह से तर्कसंगत भी है क्योंकि दोनों ही समझौतों के पीछे कूटनीतिक दिखावे और सतही रणनीतियों का बोलबाला अधिक दिखाई देता है। जब अमेरिका की मध्यस्थता में अब्राहम अकॉर्ड पर हस्ताक्षर किए गए थे, तब यह दावा किया गया था कि यह समझौता मध्य पूर्व में दशकों पुराने तनाव को हमेशा के लिए खत्म कर देगा और इजरायल तथा अरब देशों के बीच स्थायी शांति की एक नई सुबह लेकर आएगा। हालांकि, जमीनी हकीकत यह रही कि फिलिस्तीन के वास्तविक और मानवीय मुद्दों को पूरी तरह से नजरअंदाज करके बनाए गए उस कृत्रिम समझौते ने क्षेत्र के ध्रुवीकरण को कम करने के बजाय और अधिक गहरा कर दिया, जिसका परिणाम हालिया संघर्षों और भयानक हिंसा के रूप में पूरी दुनिया ने देखा है। इसी प्रकार, मक्का पैक्ट भी यदि क्षेत्रीय वास्तविकताओं, जमीनी संघर्षों और जनता की भावनाओं की उपेक्षा करके केवल कागजों पर शासकों के गठजोड़ के रूप में आगे बढ़ता है, तो इसका हश्र भी अब्राहम अकॉर्ड जैसा ही होना तय माना जा रहा है। कूटनीति के इतिहास में यह अकाट्य सत्य रहा है कि जनता के समर्थन और स्थायी समाधान के बिना बनाए गए पैक्ट रेत की उस दीवार की तरह होते हैं जो पहली ही वैचारिक या सामरिक आंधी में ताश के पत्तों की तरह बिखर जाते हैं, और सऊदी अरब के रणनीतिकारों को इस ऐतिहासिक सबक को नजरअंदाज करने की भूल बिल्कुल नहीं करनी चाहिए।सऊदी अरब के भू-राजनीतिक हितों पर मंडराता खतरा: समय रहते रणनीति नहीं बदली तो चुकानी होगी भारी कीमतयदि सऊदी अरब अपनी वर्तमान विदेश नीति और रणनीतिक समझौतों की समीक्षा नहीं करता है, तो उसे आने वाले समय में इसके बहुत गंभीर और दूरगामी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक जिम्मेदार और महाशक्ति के रूप में उभर रहे रियाद के लिए यह बेहद जरूरी है कि वह अपने सहयोगियों का चुनाव बहुत ही सावधानी और दूरदर्शिता के साथ करे, न कि केवल भावनात्मक या पारंपरिक समीकरणों के आधार पर। पाकिस्तान जैसे अस्थिर और अंदर से खोखले हो चुके देश को अपने सबसे बड़े रणनीतिक प्रोजेक्ट्स में शामिल करना सऊदी अरब के उस सुनहरे भविष्य को भी खतरे में डाल सकता है जिसे वह अपने विजन 2030 के तहत बड़ी मेहनत से तराश रहा है। खाड़ी देशों में शांति, सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि बनाए रखने के लिए यह अनिवार्य है कि सऊदी नेतृत्व चापलूसी और दिखावे की राजनीति से ऊपर उठकर कठोर जमीनी सच को स्वीकार करे। यदि समय रहते मक्का पैक्ट की इस कमजोर कड़ी को बाहर नहीं किया गया, तो यह समझौता सऊदी अरब की विदेश नीति की सबसे बड़ी विफलताओं में से एक दर्ज किया जाएगा, जिससे रियाद का क्षेत्रीय प्रभाव मजबूत होने के बजाय कमजोर हो जाएगा और उसके विरोधी इस कमजोरी का पूरा फायदा उठाने में कामयाब हो जाएंगे।
जमुई में नाबालिग से बदसलूकी पर बवाल, 120 सोशल मीडिया यूजर्स पर केस
बिहार के जमुई से एक बेहद ही शर्मनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक नाबालिग लड़की के साथ सरेआम छेड़छाड़ और बदसलूकी की गई. इस पूरी वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद देश भर में भारी आक्रोश फैल गया है. यह घटना करीब चार दिन पुरानी बताई जा रही है. वीडियो के सामने आते ही पुलिस तुरंत हरकत में आई और लगभग 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है जिन्होंने इस संवेदनशील वीडियो को शेयर किया था.
यहूदियों से दोस्ती की पींगे बढ़ा रहे असीम मुनीर? अधिकारी संग ड्रोन डील पर खड़े हुए बड़े सवाल
पाक सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के गुप्त और विवादास्पद फैसलों ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों में खलबली मचा दी है। पाकिस्तान और इजरायल के बीच आधिकारिक तौर पर कूटनीतिक संबंध न होने के बावजूद, हाल ही में सामने आए एक रक्षा सौदे ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तानी सेना के शीर्ष नेतृत्व ने इजरायली सेना के एक पूर्व उच्च पदस्थ अधिकारी और रक्षा तकनीकी विशेषज्ञ के साथ एक गुप्त ड्रोन डील को अंतिम रूप दिया है। इस चौंकाने वाले घटनाक्रम के बाद से रक्षा विशेषज्ञों, राजनीतिक विश्लेषकों और खुद पाकिस्तान के भीतर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं कि क्या पारंपरिक रूप से इजरायल विरोधी रुख रखने वाला पाकिस्तान अब यहूदी राष्ट्र के साथ भीतरखाने नई रणनीतिक दोस्ती की इबारत लिख रहा है? इस हाई-प्रोफाइल रक्षा सौदे की भनक लगते ही वैश्विक राजनीति में समीकरणों के बदलने की सुगबुगाहट तेज हो गई है।असीम मुनीर का सीक्रेट डिफेंस पैक्ट: कट्टरपंथी नीतियों के बीच अचानक कैसे बदली प्राथमिकताएं?जनरल असीम मुनीर का यह कदम इसलिए भी अत्यधिक चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि पाकिस्तान की स्थापना से लेकर अब तक वहां की सरकारों और सेना ने सार्वजनिक मंचों पर हमेशा इजरायल की खुलकर आलोचना की है और फलस्तीनी मुद्दों का समर्थन करने का दावा किया है। ऐसे में, इजरायली सेना से जुड़े एक पूर्व अधिकारी की कंपनियों के साथ ड्रोन तकनीक और सैन्य साजो-सामान की यह बड़ी डील यह साबित करती है कि कूटनीति की बंद दरवाजों के पीछे जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। रक्षा जानकारों का मानना है कि पाकिस्तानी सेना अपनी पारंपरिक युद्धक क्षमताओं में आ रही भारी गिरावट और आधुनिकीकरण की सख्त जरूरत से जूझ रही है, जिसके चलते उन्हें आधुनिक और अचूक इजरायली ड्रोन तकनीक की दरकार पड़ी है। वैचारिक कट्टरता और व्यावहारिक सैन्य जरूरतों के बीच फंस चुके असीम मुनीर का यह दोहरा चरित्र अब उनके अपने देश के भीतर ही कट्टरपंथी संगठनों और राजनीतिक विरोधियों के निशाने पर आ गया है, जिससे उनकी आंतरिक मुश्किलें आने वाले दिनों में काफी बढ़ सकती हैं।इजरायली रक्षा तकनीक और गुप्त सौदे: पाकिस्तान की बदलती सैन्य मजबूरियां और वैश्विक कूटनीतिड्रोन युद्धक तकनीक के मामले में इजरायल दुनिया के सबसे अग्रणी और उन्नत देशों में शुमार किया जाता है, और उसकी तकनीक का लोहा आज अमेरिका समेत दुनिया के तमाम बड़े देश मानते हैं। पाकिस्तान द्वारा इस तकनीक को हासिल करने के लिए इजरायली सेना के पूर्व अधिकारियों के नेटवर्क का उपयोग करना यह दर्शाता है कि पाकिस्तानी सेना अपनी सुरक्षा कमजोरियों को दूर करने के लिए अब किसी भी हद तक जाने को तैयार है। हालांकि, यह सौदा सीधे तौर पर इजरायल सरकार के साथ नहीं बल्कि परोक्ष रूप से मध्यस्थों के माध्यम से किया गया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय मंचों और इस्लामिक देशों के बीच पाकिस्तान की किरकिरी न हो सके। इसके बावजूद, खुफिया रिपोर्ट्स के लीक होने के बाद यह सौदा जगजाहिर हो चुका है, जिससे सऊदी अरब, ईरान और तुर्की जैसे देशों की नजरों में भी इस्लामाबाद की नीयत पर संदेह के बादल मंडराने लगे हैं। सामरिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह समझौता पाकिस्तान की डूबती अर्थव्यवस्था और रक्षा क्षेत्र की लाचारी को तो कुछ हद तक ढक सकता है, लेकिन यह देश के भू-राजनीतिक हितों के लिए एक बहुत बड़ा और खतरनाक जोखिम साबित हो सकता है।घरेलू राजनीति और कट्टरपंथी ताकतों का विरोध: क्या असीम मुनीर संभाल पाएंगे बगावत के सुर?जैसे-जैसे इजरायली पूर्व अधिकारी के साथ इस ड्रोन डील की खबरें पाकिस्तान के मीडिया और सोशल प्लेटफार्म्स पर सार्वजनिक हो रही हैं, वैसे-वैसे देश के भीतर धार्मिक और राजनीतिक भूचाल आना शुरू हो गया है। पाकिस्तान के कट्टरपंथी राजनीतिक दल और मजहबी संगठन जनरल असीम मुनीर के इस फैसले को इस्लाम और फलस्तीन के साथ खुला विश्वासघात करार दे रहे हैं। उनका तर्क है कि जिस देश को पाकिस्तानी अवाम दशकों से अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानती आई है, उसी देश के पूर्व सैन्य अधिकारियों से हथियार खरीदना देश की वैचारिक नींव के बिल्कुल खिलाफ है। इस बढ़ते आंतरिक दबाव और जनआक्रोश को दबाने के लिए पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क विभाग (ISPR) की तरफ से सफाई देने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन कोई भी संतोषजनक जवाब न मिलने के कारण जनता का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। यदि यह विरोध और अधिक उग्र रूप धारण करता है, तो असीम मुनीर के लिए अपनी कुर्सी बचाना और सेना के भीतर असंतोष को रोकना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर असर: क्या अमेरिका और पश्चिम को खुश करने का एक नया राजनीतिक पैंतरा है?इस पूरे घटनाक्रम के भू-राजनीतिक विश्लेषण से यह बात भी सामने आती है कि जनरल असीम मुनीर का यह कदम केवल सैन्य जरूरतों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरा कूटनीतिज्ञ और पश्चिमी देशों को साधने का षड्यंत्र भी हो सकता है। वाशिंगटन और पश्चिमी देशों की नजरों में अपनी पैठ मजबूत करने तथा अमेरिकी रक्षा तंत्र का समर्थन हासिल करने के लिए कई बार ऐसे परोक्ष समझौते किए जाते हैं, जो पर्दे के पीछे से वैश्विक ताकतों को संतुष्ट करते हैं। पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली इस समय चरम पर है और उसे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) तथा पश्चिमी देशों से लगातार वित्तीय मदद की दरकार रहती है, जिसे पाने के लिए सेना हरसंभव कूटनीतिक हथकंडे अपना रही है। हालांकि, इजरायल के साथ इस तरह के रक्षा संबंध रखना पाकिस्तान के उन तमाम दावों की पोल खोल देता है जो वह मुस्लिम जगत के रहनुमा बनने के लिए अक्सर करता रहता है। आने वाले समय में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि असीम मुनीर का यह दांव पाकिस्तान को संकट से बाहर निकालता है या फिर उसे एक नए और गहरे भू-राजनीतिक संकट में धकेल देता है।
PDA रथ के रंग को लेकर मायावती का अखिलेश पर हमला
उत्तर प्रदेश की 2027 विधानसभा चुनाव तैयारियों के बीच सपा के PDA रथ के रंग को लेकर अखिलेश यादव और मायावती के बीच बयानबाजी हुई। मायावती ने रथ में सपा के लाल रंग की तुलना में भगवा रंग अधिक होने का दावा करते हुए PDA की राजनीति पर सवाल उठाए।
राफेल की ऐतिहासिक उड़ान: फ्रांस से 40,000 किमी का सफर तय कर भारत पहुंच रहे फाइटर जेट
भारतीय वायुसेना (IAF) की मारक क्षमता में एक बार फिर अभूतपूर्व इजाफा होने जा रहा है, क्योंकि वैश्विक रक्षा परिदृश्य में अपनी रणनीतिक ताकत का लोहा मनवाते हुए फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमानों का एक नया और शक्तिशाली जत्था अपनी लंबी उड़ान भरकर सीधे भारत की ओर बढ़ चला है। आधुनिक रक्षा कूटनीति और सामरिक क्षेत्र में इसे फ्रांस के अब तक के सबसे बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है, जहां इन आधुनिक और मारक विमानों ने आसमान में अपनी अजय क्षमता का परिचय देते हुए एक ऐसा सफर तय किया है जो दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों के लिए चर्चा का विषय बन गया है। भारतीय सीमाओं पर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजामों और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदमों के बीच यह खेप बेहद खास मानी जा रही है, क्योंकि इन विमानों ने लगभग 40,000 किलोमीटर की लंबी और चुनौतीपूर्ण दूरी तय करके सीधे भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल होने के लिए भारत की सरजमीं की तरफ रुख किया है। इस साहसिक और लंबी दूरी की उड़ान ने एक बार फिर पूरी दुनिया का ध्यान भारत और फ्रांस के बीच मजबूत होते रक्षा सहयोग, तकनीकी साझेदारी और आपसी विश्वास की तरफ आकर्षित किया है, जिससे देश के दुश्मनों की नींद उड़ना तय माना जा रहा है।आसमान की महाशक्ति: 40,000 किलोमीटर का यह सफर क्यों है इतना खास?जब बात आधुनिक सैन्य विमानों की लंबी और महा-उड़ानों की आती है, तो तकनीक, पायलटों की अद्भुत दक्षता और विमान की सहनशक्ति की सबसे कड़ी परीक्षा होती है। फ्रांस से उड़ान भरकर भारत की ओर आ रहे इन राफेल विमानों ने करीब 40,000 किलोमीटर का लंबा सफर तय किया है, जो अपने आप में एक बहुत बड़ी रणनीतिक और तकनीकी उपलब्धि है। रास्ते में दुनिया के विभिन्न देशों के वायु क्षेत्रों, मौसम के भारी उतार-चढ़ाव, भौगोलिक बाधाओं और महासागरों को पार करते हुए इन विमानों ने जिस तरह से अपनी नॉन-स्टॉप और रीफ्यूलिंग क्षमताओं का परिचय दिया है, उसने यह साबित कर दिया है कि राफेल वर्तमान समय में दुनिया के सबसे भरोसेमंद और बेहतरीन फाइटर जेट्स में से एक हैं। इस महा-सफर के दौरान हवा में ही विमानों में ईंधन भरने की जटिल प्रक्रिया को बेहद सटीकता के साथ अंजाम दिया गया, जिसमें मित्र देशों के टैंकर विमानों ने भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह शक्ति प्रदर्शन केवल एक साधारण फेरबदल या डिलीवरी नहीं है, बल्कि यह इस बात का खुला और स्पष्ट ऐलान है कि भारतीय वायुसेना और फ्रांस के राफेल मिलकर किसी भी वैश्विक मोर्चे या विपरीत परिस्थिति में दुश्मन को नेस्तनाबूद करने की अचूक और अजेय क्षमता रखते हैं।भारतीय वायुसेना का बढ़ता दम: IAF के साथ मिलकर आसमान में दहाड़ेंगे राफेलभारतीय वायुसेना के बेड़े में इन अत्याधुनिक राफेल विमानों के शामिल होने से भारत की सामरिक स्थिति और स्ट्राइक पावर में जबरदस्त मजबूती आएगी। जब ये नए फाइटर जेट्स भारतीय वायुसेना की सीमा में प्रवेश करेंगे और पहले से मौजूद राफेल स्क्वाड्रन के साथ मिलकर आकाश में संयुक्त युद्धाभ्यास करेंगे, तो आसमान में एक अलग ही और खौफनाक गर्जना सुनाई देगी, जो देश के विरोधियों को स्पष्ट संदेश देगी। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन उन्नत विमानों के आने से भारत की सामरिक पकड़ और हमलावर क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। अत्याधुनिक और घातक मिसाइल प्रणालियों, उन्नत रडार जैमिंग सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर क्षमताओं से पूरी तरह लैस ये फाइटर जेट्स किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में दुश्मन के सबसे सुरक्षित ठिकानों को पलक झपकते ही धूल में मिलाने की ताकत रखते हैं। भारतीय वायुसेना के जांबाज पायलटों की बेहतरीन ट्रेनिंग और राफेल की अद्भुत मारक क्षमता का यह अनूठा संगम भारत के रक्षा क्षेत्र में आधुनिकता और शक्ति के नए आयाम गढ़ रहा है, जिससे पड़ोसी देशों की हर गुप्त और नापाक चाल पर पैनी नजर रखना और भी ज्यादा आसान हो जाएगा।भारत-फ्रांस रक्षा साझेदारी: रणनीतिक रिश्तों की नई और मजबूत इबारतफ्रांस और भारत के बीच रक्षा संबंधों और सामरिक साझेदारी का इतिहास हमेशा से ही भरोसेमंद, अटूट और समय की हर कसौटी पर खरा उतरने वाला रहा है, और राफेल विमानों का यह नया जत्था इसी गहरी दोस्ती का एक और जीवंत उदाहरण है। फ्रांस द्वारा अपनी सबसे उन्नत, गोपनीय और आधुनिक सैन्य तकनीक को भारत के साथ साझा करना और अंतरराष्ट्रीय दबावों के बावजूद समय पर हथियारों की आपूर्ति सुनिश्चित करना दोनों देशों के बीच की गहरी रणनीतिक समझ को दर्शाता है। अंतरराष्ट्रीय राजनीति के इस दौर में जहां भू-राजनीतिक समीकरण हर दिन तेजी से बदल रहे हैं, भारत और फ्रांस का यह मजबूत रक्षा गठजोड़ इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने में एक मुख्य और निर्णायक भूमिका निभा रहा है। रक्षा जानकारों का कहना है कि इस शानदार शक्ति प्रदर्शन के जरिए फ्रांस ने दुनिया को यह कड़ा संदेश दे दिया है कि भारत उसका सबसे भरोसेमंद और रणनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक साझीदार है, जो आने वाले समय में रक्षा निर्माण, संयुक्त अनुसंधान और तकनीक हस्तांतरण के क्षेत्र में और भी नए मील के पत्थर स्थापित करने की पूरी क्षमता रखता है।सामरिक और रणनीतिक असर: दुश्मन देशों की बढ़ी चिंता और भारत की अजेय बढ़तजैसे-जैसे ये राफेल विमान अपनी अंतिम मंजिल के बेहद करीब पहुंच रहे हैं, वैसे-वैसे अंतरराष्ट्रीय रक्षा गलियारों और पड़ोसी देशों की राजधानियों में खलबली और चर्चाएं तेज हो गई हैं। भारत की सीमाओं पर लगातार बनी रणनीतिक चुनौतियों और संवेदनशीलता के बीच इस तरह की अजेय ताकत का जुड़ना भारतीय वायुसेना को क्षेत्रीय रूप से सबसे शक्तिशाली बल बनाता है। चीन और पाकिस्तान जैसे प्रतिस्पर्धी देशों की सीमा से लगे संवेदनशील इलाकों में इन विमानों की रणनीतिक तैनाती से भारत की रक्षात्मक और आक्रामक दोनों क्षमताएं एक साथ मजबूत होंगी। यह शक्ति प्रदर्शन सिर्फ कुछ विमानों की डिलीवरी भर नहीं है, बल्कि यह भारत के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व की उस मजबूत और अडिग इच्छाशक्ति का परिणाम है जिसके तहत देश की सेनाओं को दुनिया के सबसे आधुनिक और मारक हथियारों से लैस किया जा रहा है। आने वाले दिनों में जब ये विमान भारतीय वायुसेना के गौरवशाली रंगों में रंगकर देश के आसमान में अपनी पहली आधिकारिक और गरजती हुई उड़ान भरेंगे, तो यह हर भारतवासी के लिए गर्व का ऐतिहासिक पल होगा और देश के दुश्मनों के लिए एक बहुत बड़ी तथा स्पष्ट चेतावनी भी साबित होगा।
Jamui Incident पर Congress नेता Udit Raj का हमला, पूछा- Bihar में कैसा शासन चला रहे हैं CM
कांग्रेस नेता उदित राज ने मंगलवार को जमुई में एक नाबालिग लड़की के कथित उत्पीड़न और छेड़छाड़ के मामले को लेकर बिहार सरकार पर निशाना साधा और कहा कि यह घटना राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति को दर्शाती है। एक वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें कथित तौर पर एक किशोर लड़के के साथ मारपीट और एक लड़की के साथ छेड़छाड़ की घटना दिखाई गई है, राज ने नाबालिगों के खिलाफ कथित अपराधों से जुड़े पिछले मामलों का ज़िक्र किया और ऐसी घटनाओं पर सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए। इसे भी पढ़ें: Jamui मामले को Bihar Minister Shrawan Kumar ने बताया छिटपुट घटना, कड़ी कार्रवाई का किया वादा राज ने ANI से कहा कि उस छात्रा का क्या हुआ जिसकी हॉस्टल में हत्या कर दी गई थी? मुजफ्फरपुर के एक हॉस्टल में नाबालिग लड़कियों के साथ रेप हुआ; इसमें जाने-माने लोगों के नाम सामने आए थे। लेकिन मामला दब गया। उनकी तुलना में जमुई का मामला उतना बड़ा नहीं है। इसके बाद उन्होंने कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर बिहार सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब हत्या का आरोपी राज्य का मुख्यमंत्री हो, तो बिहार के हालात का अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि जब लालू यादव या RJD-कांग्रेस जैसी सामाजिक न्याय की ताकतें सत्ता में होती हैं, तो मीडिया को वहां 'जंगल राज' दिखता है। वरना, वहां 'मंगल राज' होता है। बिहार में कानून-व्यवस्था बिगड़ गई है। कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने भी इस घटना को लेकर बिहार सरकार की आलोचना की और राज्य में कानून-व्यवस्था के दावों पर सवाल उठाए। कुमार ने कहा कि बिहार के जमुई में हुई घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है। यह दिल दहला देने वाली घटना है। राज्य में शासन-व्यवस्था को लेकर हालिया दावों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बस एक-दो दिन पहले ही मैंने कई लोगों को—जिनमें स्थानीय सांसद भी शामिल थे—मंच से यह दावा करते हुए सुना कि यहाँ 'राम राज्य' है और अब कोई भी लड़कियों या महिलाओं को परेशान नहीं कर सकता। इसे भी पढ़ें: 25 साल पहले भारत ने कैसे अमेरिकी प्रतिबंधों को किया बेअसर! पोखरण-II से लेकर वाशिंगटन के घुटने टेकने तक की पूरी कहानी उन्होंने कहा कि मैं उनसे एक सीधा सवाल पूछना चाहता हूँ: यह घटना उनके अपने संसदीय क्षेत्र में हुई है, तो यह किस तरह का 'शासन' है? आप 'जंगल राज' के बारे में बहुत बातें करते थे; मुझे बताइए, यह किस तरह का शासन है? कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री के उस पुराने बयान का भी ज़िक्र किया जिसमें उन्होंने ऐसी घटनाओं पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने पूछा कि बिहार के मौजूदा मुख्यमंत्री कहा करते थे कि अगर ऐसी कोई घटना सामने आई, तो वे इस्तीफ़ा दे देंगे और अपना पद छोड़ देंगे। मेरा आपसे एक सीधा सवाल है: इस बारे में आपका क्या कहना है?
शिमला में 1 करोड़ की चोरी, उत्तराखंड से 4 आरोपी गिरफ्तार
शिमला में एक करोड़ रुपये से अधिक की चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है. सदर थाना पुलिस ने ऊधम सिंह नगर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई कर रुद्रपुर से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, चोरी की गई संपत्ति का करीब 80 फीसदी हिस्सा बरामद कर लिया गया है.
सपा-कांग्रेस गठबंधन पर रार, इमरान मसूद और इकरा हसन में तीखी बयानबाजी
उत्तर प्रदेश में साल 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन पर अब संशय गहराने लगा है. हालांकि दोनों पार्टियों ने पहले गठबंधन में चुनाव लड़ने की बात कही थी, लेकिन सीट शेयरिंग को लेकर तनातनी शुरू हो गई है. कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का कहना है कि अखिलेश यादव की सक्रियता से कोई फर्क नहीं पड़ता, अगर गठबंधन करना है तो सीट शेयरिंग को तुरंत अंतिम रूप दिया जाना चाहिए. इस पर पलटवार करते हुए सपा सांसद इकरा हसन ने मसूद के बयान को बेवकूफी भरा बताया और कहा कि यूपी में भाजपा को सिर्फ अखिलेश यादव ही हरा सकते हैं.
Rajya Sabha Election: निर्वाचन आयोग ने की घोषणा, तीन राज्यों की 12 सीटों पर 16 अक्टूबर को मतदान
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की 12 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होंगे। निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को यह घोषणा की। उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की एक सीट पर चुनाव होगा, जिन पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल की एक सीट पर उपचुनाव होगा। निर्वाचन आयोग ने बताया कि चुनाव की अधिसूचना 29 सितंबर को जारी की जाएगी, छह अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे और 16 अक्टूबर को मतगणना होगी। उत्तर प्रदेश से जिन सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अरुण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल, बी. एल. वर्मा, सीमा द्विवेदी और हरदीप सिंह पुरी, समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता राम गोपाल यादव तथा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के रामजी गौतम शामिल हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा की सीट भी 11 सितंबर से रिक्त है। उस दिन अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद उनका इस्तीफा प्रभावी हुआ था। उत्तराखंड में भाजपा सदस्य नरेश बंसल का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। उत्तर प्रदेश की जिन 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है, उनमें से आठ पर भाजपा के सदस्य हैं, जबकि एक-एक सीट समाजवादी पार्टी और बसपा के पास थी। राज्यसभा के ये चुनाव अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले हो रहे हैं। मौजूदा विधानसभा में दलों की संख्या के आधार पर भाजपा नीत गठबंधन के आठ सीटें जीतने की संभावना जताई जा रही है, जबकि समाजवादी पार्टी को दो सीटें मिलने का अनुमान है। इस चुनाव के परिणाम से बसपा राज्यसभा में अपना प्रतिनिधित्व खो सकती है, क्योंकि उसके पास गौतम की सीट बरकरार रखने के लिए पर्याप्त संख्या में विधायक नहीं हैं। अगस्त में बसपा के इकलौते विधायक उमा शंकर सिंह के निधन के बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा में पार्टी का कोई विधायक नहीं है। 2020 में भी बसपा के पास अपने दम पर राज्यसभा सदस्य चुनने के लिए पर्याप्त संख्या नहीं थी। हालांकि, उस समय भाजपा ने 10 में से केवल आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिससे बसपा के रामजी गौतम के लिए राज्यसभा पहुंचने का रास्ता खुल गया था। रामजी गौतम निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। सपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार का नामांकन खारिज होने के बाद ऐसा हुआ था। इसके बाद सपा ने भाजपा और बसपा के बीच समझौता होने का आरोप लगाया था। उत्तराखंड की सीट पर भी भाजपा की स्थिति मजबूत है और उसके इस सीट को बरकरार रखने की संभावना है। पश्चिम बंगाल में उपचुनाव तृणमूल कांग्रेस की रुक्मिणी मलिक के इस्तीफे के कारण आवश्यक हुआ। रुक्मिणी मलिक को अभिनेत्री कोयल मलिक के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने 16 जुलाई को इस्तीफा दिया था। उपचुनाव में निर्वाचित होने वाला सदस्य दो अप्रैल 2032 तक बचे कार्यकाल को पूरा करेगा। पश्चिम बंगाल विधानसभा में स्पष्ट बहुमत होने के कारण सत्तारूढ़ भाजपा के तृणमूल कांग्रेस से यह सीट हासिल करने की उम्मीद जताई जा रही है।
10 साल बाद जन्मे पोता-पोती, जुड़वा को देख रोए एक्ट्रेस के सास-ससुर
संभावना के ससुर दादा बनने पर बोले- एक समय पर हमने बच्चे की उम्मीद ही छोड़ दी थी. संभावना और अविनाशभी IVF की कोशिश करते रहे. रिश्तेदार भी पूछते थे कि 10 साल हो गए हैं बच्चा कब होगा. हमने तो बप्पा के सामने सरेंडर कर दिया था. बप्पा ने हमें फल दिया.
Jamui मामले को Bihar Minister Shrawan Kumar ने बताया छिटपुट घटना, कड़ी कार्रवाई का किया वादा
बिहार के ग्रामीण विकास और सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने सोमवार को जमुई में दो नाबालिगों के साथ कथित छेड़छाड़ की घटना को छिटपुट घटना बताया और भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पटना में पत्रकारों से बात करते हुए कुमार ने कहा कि राज्य सरकार ऐसी घटनाओं पर नज़र रख रही है और दोषियों को कानून से बचने नहीं देगी। मंत्री ने कहा कि दुनिया पूरी तरह अपराध-मुक्त नहीं है। छिटपुट घटनाएं होती रहती हैं। सरकार की नज़र इन छिटपुट घटनाओं पर है। बिहार में ऐसे काम करने वाले बच नहीं सकते। पहले भी उनके खिलाफ़ सख़्त कार्रवाई की गई है। इसे भी पढ़ें: 25 साल पहले भारत ने कैसे अमेरिकी प्रतिबंधों को किया बेअसर! पोखरण-II से लेकर वाशिंगटन के घुटने टेकने तक की पूरी कहानी यह बयान तब आया जब जमुई में 10वीं कक्षा के एक लड़के और लड़की को कुछ लोगों के समूह द्वारा परेशान किए जाने के वीडियो ऑनलाइन सामने आए। पुलिस ने 'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण' (POCSO) अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि यह घटना 19 सितंबर को शाम करीब 7 बजे हुई, जब कोचिंग क्लास के बाद दो नाबालिग (जो दोस्त हैं) उस इलाके में गए थे। इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मांग की थी कि वीडियो में दिख रहे सभी लोगों की पहचान की जाए और उन पर POCSO के तहत मुकदमा चलाया जाए। साथ ही, उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर लड़कियों की सुरक्षा को लेकर बिहार सरकार पर सवाल भी उठाए थे। जमुई के पुलिस अधीक्षक (SP) दयाल ने बताया कि ऑनलाइन वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस को इस घटना की जानकारी मिली। SP ने बताया कि कोचिंग क्लास के बाद दो छात्र उस इलाके में तस्वीरें लेने गए थे। इसके बाद POCSO और अन्य संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई। इसे भी पढ़ें: Jamui घटना पर भड़कीं Mamata Banerjee, BJP पर साधा निशाना हालांकि FIR में किसी आरोपी का नाम नहीं था, लेकिन जांच के दौरान पुलिस ने वीडियो में दिख रहे छह-सात लोगों की पहचान की। पुलिस ने बताया कि एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
जमुई केस: सम्राट चौधरी देंगे इस्तीफा? जंगलराज के नाम पर बच रही सरकार!
जमुई में जो हुआ उसके बाद क्या सम्राट चौधरी इस्तीफा देंगे। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस्तीफे की मांग शुरू हो गई है. लेकिन सरकार अब भी जंगलराज का राग अलाप रही है।
'Gen-Z' को जोड़ने उतरी सपा, कॉलेजों के जरिए भरोसा जीतने का प्लान
यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत सपा ने 'Gen-Z' यानी नई पीढ़ी के युवाओं और छात्रों को साधने के लिए बड़ा दांव चला है. पार्टी ने प्रदेशभर के कॉलेजों और यूनिवर्सिटी कैंपस में 'PDA जागरूकता अभियान' शुरू किया है, जिसके जरिए छात्रों से फीडबैक लेकर चुनावी घोषणा पत्र तैयार किया जाएगा.
अफगानिस्तान में PAK ने अमेरिकी GBU-12 लेजर गाइडेड बम गिराया!
अफगानिस्तान के कुनार हमले में अमेरिकी बम जीबीयू-12 पेववे II लेजर-गाइडेड बम के अवशेष मिले. यह एमके-82 आधारित 227 किलोग्राम का बम है. आइए जानते हैं इस बम का खासियत...
मलाई से घी निकालने का आसान जुगाड़, कुकर से मिनटों में होगा काम, न जलने का टेंशन न चिपकने का झंझट
कुकर में मलाई से घी कैसे निकाले? इस आसान ट्रिक से बिना झंझट के घर पर ही बनाएं एकदम शुद्ध और खुशबूदार देसी घी.
बैलेंस बिगड़ने से खौलते सांभर में गिरी महिला, मौत- VIDEO
विजयवाड़ा में विनायका चविथि अन्नदानम की तैयारी के दौरान 46 साल की सुजाता खौलते सांभर के बड़े बर्तन में गिर गईं और बाद में उनकी मौत हो गई. सीसीटीवी में कैद इस हादसे के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया है और अब इंतजाम में किसी लापरवाही की भी जांच कर रही है.
Assam में Gaurav Gogoi और Bhupesh Baghel के काफिले पर पथराव, BJP पर हमला करने का आरोप
सोमवार को असम कांग्रेस के अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के उप-नेता गौरव गोगोई और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की गाड़ियों पर पत्थर और बोतलें फेंकी गईं। पार्टी का आरोप है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनके बड़े नेताओं के काफिले पर हमला किया। इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। ये नेता असम के नगांव में एक चुनावी बैठक के लिए जा रहे थे। यह कथित हमला समागुरी के बोरमा इलाके में तब हुआ जब काफिला लोरीमुख इलाके की ओर बढ़ रहा था। यह चुनावी बैठक 6 अक्टूबर को होने वाले नगांव लोकसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार सिबामनी बोरा के समर्थन में आयोजित की गई थी। इसे भी पढ़ें: राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम: 21 सितंबर की प्रमुख खबरों का संक्षिप्त विवरण कांग्रेस का आरोप है कि जब उनका काफिला उस इलाके से गुज़र रहा था, तो बीजेपी समर्थकों ने काले झंडे दिखाए और वापस जाओ के नारे लगाए; इसके बाद गाड़ियों पर पत्थर फेंके गए। गौरव गोगोई ने कहा, कांच टूट गए हैं, खिड़कियां तोड़ दी गई हैं। पत्थर फेंके गए हैं। AICC सचिव मनोज चौहान जी घायल हो गए हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की गाड़ी पर भी हमला हुआ है, जिसमें हमारी कांग्रेस उम्मीदवार सिबामनी बोरा और मैं बैठे थे। असम पुलिस को, शायद मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर, दखल न देने के लिए कहा गया था। कल रात से ही हमारे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें ऐसी स्थिति की आशंका के बारे में बार-बार आगाह किया था, फिर भी उन्होंने इसे होने दिया। जब तक हिमंत बिस्वा सरमा असम के मुख्यमंत्री रहेंगे, राज्य की राजनीतिक संस्कृति धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी। गोगोई के अनुसार, इस घटना में कांग्रेस उम्मीदवार सिबामनी बोरा की गाड़ी को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने गाड़ी की तस्वीरें शेयर कीं और बताया कि जब पत्थर लगा, तब AICC सचिव मनोज चौहान गाड़ी के अंदर ही थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस उम्मीदवार सिबामनी बोरा को सुरक्षा नहीं दी गई थी। असम पुलिस के सूत्रों ने इस घटना की पुष्टि की। बघेल ने कहा कि कांग्रेस के काफिले को कोई सुरक्षा नहीं दी गई थी। इसे भी पढ़ें: Balotra Municipal Council में BJP के योगेश गहलोत जीते, कांग्रेस उम्मीदवार को हराया उन्होंने कहा कि अभी लौटते समय हमारी कार पर फिर से हमला हुआ। गौरव गोगोई की कार पर भी लौटते समय हमला किया गया। इसका मतलब है कि एक ही जनसभा में जाने के दौरान दो बार हमला हुआ। इसके बावजूद, पुलिस प्रशासन सो रहा है।
बिहार के जमुई में हुई घटना पर पूरे देश में गुस्सा है. एक्ट्रेस दिशा पाटनी की बहन खुशबू पाटनी ने इस घटना पर अपनी नाराजगी जाहिर की और लोगों से अपील की कि वह ये सुनिश्चित करें दोषी सलाखों के पीछे हों.
Tamil Nadu CM Joseph Vijay ने Breakfast Scheme का विस्तार किया, कक्षा 6 से 8 के छात्र जुड़े
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने मंगलवार को स्कूली छात्रों के लिए राज्य सरकार की नाश्ता योजना का विस्तार किया, जिसके तहत अब कक्षा 6 से 8 तक के छात्र भी इसमें शामिल होंगे। विजय ने चेन्नई के गांधी ग्रामम स्थित एक सरकारी मिडिल स्कूल में इस विस्तारित योजना की शुरुआत की। उन्होंने स्कूल में छात्रों को नाश्ता परोसा और बाद में उनके साथ बैठकर खाना भी खाया। लॉन्च के बाद, मुख्यमंत्री ने क्लासरूम का दौरा किया और छात्रों से बातचीत की। इसे भी पढ़ें: Supreme Court ने SASTRA University भूमि विवाद में तमिलनाडु सरकार से मांगा वैकल्पिक जमीन पर विचार तमिलनाडु सरकार के अनुसार, 'पेरुंथलैवर कामराजर फ्री ब्रेकफास्ट स्कीम' (जिसका नाम बदला गया है) के विस्तार से कक्षा 6 से 8 में पढ़ने वाले लगभग 15.30 लाख अतिरिक्त छात्रों को लाभ होगा। इस विस्तारित कार्यक्रम में तमिलनाडु के 15,454 सरकारी और राज्य-सहायता प्राप्त स्कूलों के छात्र शामिल होंगे। राज्य सरकार ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में इस प्रोग्राम के विस्तार के लिए अतिरिक्त ₹217.63 करोड़ आवंटित किए हैं, जिससे ब्रेकफ़ास्ट प्रोग्राम के लिए कुल आवंटन ₹724 करोड़ हो गया है। सरकार ने कहा है कि इस प्रोग्राम का मकसद बच्चों के न्यूट्रिशन लेवल को बेहतर बनाना और यह पक्का करना है कि छात्र बिना भूखे पेट स्कूल आएं और अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे सकें। पहले 'चीफ़ मिनिस्टर ब्रेकफ़ास्ट स्कीम' के नाम से जाने जाने वाले इस प्रोग्राम का नाम जुलाई में तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज के नाम पर 'पेरुंथलैवर कामराजर ब्रेकफ़ास्ट स्कीम' कर दिया गया था। मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा क्षेत्रों में छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनावों के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण चेंगलपट्टू और तिरुप्पुर जिलों में इसे लागू नहीं किया जाएगा। योजना के तहत उपमा, खिचड़ी और पोंगल जैसे पौष्टिक पारंपरिक व्यंजन परोसे जाएंगे। इसमें सप्ताह में दो बार मोटे अनाज से बने व्यंजन भी शामिल किए जाएंगे। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu में अब शराब की दुकानों पर अब नहीं चलेगा मनमाना पहनावा, 15 नवंबर से वर्दी जरूरी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, वृहद चेन्नई निगम 447 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में अपनी एकीकृत रसोई के माध्यम से इस योजना को लागू करेगा। नगर प्रशासन निदेशालय अन्य नगर निगमों, नगरपालिकाओं और उनसे सटे टाउनशिप क्षेत्रों के 2,150 सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में एकीकृत रसोई के माध्यम से इस कार्यक्रम को संचालित करेगा। वहीं, तमिलनाडु महिला विकास निगम ग्रामीण क्षेत्रों, टाउनशिप क्षेत्रों और उनसे सटे ग्रामीण इलाकों के 12,857 सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में इसे लागू करेगा। विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘संबंधित विद्यालयों में स्वयं सहायता समूहों के सदस्य नाश्ता तैयार करेंगे और विद्यार्थियों को परोसेंगे। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, पोषण, स्कूल में उपस्थिति और सीखने के पहलुओं को एकीकृत करते हुए स्कूल शिक्षा की नींव को और मजबूत करने के लिए इस योजना का विस्तार किया जा रहा है।
कुमार विश्वास की फैमिली के बारे में आप कितना जानते हैं?
कवि कुमार विश्वास की दो बेटियां अग्रता और कुहू शर्मा हैं, जो शोबिज से अलग क्षेत्रों में सक्रिय हैं। अग्रता ने बिजनेस मैनेजमेंट और फैशन मार्केटिंग की पढ़ाई की है और 2025 में उदयपुर में शादी की। कुहू ने साइकोलॉजी की पढ़ाई की और काउंसलिंग मनोवैज्ञानिक हैं।
यहां अब एक्सप्रेस और डीलक्स बसों में भी महिलाएं फ्री में कर सकेंगी सफर, जानें किसके लिए है ये योजना
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने राज्य में 2 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाली महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की महत्वाकांक्षी योजना वेट्री पयनम (Vetri Payanam) के विस्तार की तैयारियों की समीक्षा की. जानिए, योजना से जुड़े नियम, बस रूट और इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग सिस्टम (ETM) की पूरी जानकारी.
राज्यसभा की 12 सीटों पर 16 अक्टूबर को मतदान, यूपी की 10 सीटों पर दिलचस्प मुकाबले के आसार
उत्तर प्रदेश में जिन 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है, उनका कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है। इन सीटों पर मौजूदा समय में भाजपा के पास आठ, समाजवादी पार्टी के पास एक और बहुजन समाज पार्टी के पास एक सीट बताई गई है।
आज हम ऐसे ही एक गाने के बारे में बताने जा रहे हैं. वह गाना है ‘लग जा गले कि फिर ये हसीन रात हो न हो’. इसकी धुन में मोहब्बत की तड़प, बिछड़ने का एक अनकहा डर है. यह बेहद रुहानी गाना है. करीब छह दशक बाद भी यह गाना खूब पसंद किया जाता है.
60 KM का माइलेज, 76 हजार कीमत, ये स्कूटर है बाजार का बेताज बादशाह
August 2026 में भारत में 7.11 लाख से अधिक स्कूटर्स की बिक्री हुई. 30% मार्केट शेयर के साथ Honda Activa नंबर-1 पर रही. आइए आपको इसकी कीमत और बाकी डिटेल्स के बारे में बताते हैं.
BSF जवान ने की थी पत्नी की हत्या, पहले नौकरी गई, अब मिली उम्रकैद की सजा
मुजफ्फरनगर की अदालत ने पत्नी आकांक्षा की हत्या के मामले में निलंबित BSF जवान मनोज कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. आरोपी ने कथित तौर पर लोहे की रॉड से हत्या कर इसे सड़क हादसा बताया था.
जिस प्रोफेसर से छीना पद, उसके समर्थन में उतरे सुधींद्र कुलकर्णी
IIT बॉम्बे के प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के समर्थन की लिस्ट बढ़ती जा रही है. अब उनके समर्थन में लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता सुधींद्र कुलकर्णी सामने आए हैं. उन्होंने प्रोफेसर के खिलाफ दर्ज SC/ST एक्ट के मामले को वापस लेने की मांग की है.
चुकंदर को चेहरे पर कैसे लगाएं? शहनाज हुसैन ने बताया घर पर चुकंदर की क्रीम बनाने का आसान तरीका
ब्यूटी एक्सपर्ट शहनाज हुसैन ने चुकंदर की क्रीम बनाने का आसान तरीका बताया है. आइए जानते हैं इसके बारे में-
IIT Bombay छात्र Sahil Wakode की मौत मामले में Crime Branch ने खंगाले CCTV फुटेज
मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने यहां बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या से पहले की गतिविधियों का पता लगाने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-मुंबई) के परीक्षा सभागार, परिसर क्षेत्र और छात्रावास के सीसीटीवी फुटेज को खंगालाना शुरू किया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। आईआईटी (मुंबई) में ऊर्जा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के दूसरे साल का बीटेक विद्यार्थी वाकोडे 18 सितंबर की शाम को छात्रावास के अपने कमरे में फंदे पर लटका मृत मिला था। यह घटना ‘मिड-सेमेस्टर’ परीक्षा के दौरान उसे ‘चैटजीपीटी’ का इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद हुई। आईआईटी परिसर में विद्यार्थियों के विरोध प्रदर्शन के बाद यह मामला आगे की जांच के लिए 19 सितंबर को अपराध शाखा को सौंपा गया था। अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा सभागार के सीसीटीवी कैमरों में वाकोडे की गतविधियां रिकॉर्ड हुईं। कथित रूप से नकल करते हुए पकड़े जाने के बाद एक प्रोफेसर उसके पास आए और उसे दूसरे विद्यार्थियों से दूर ले गए। इसके बाद के फुटेज में वाकोडे को परीक्षा सभागार से निकलने के बाद परिसर से होते हुए छात्रावास के अपने कमरे तक जाते हुए देखा गया। एक अधिकारी ने बताया कि उसके बाद उसे अपने कमरे से बाहर निकलते हुए नहीं देखा गया। बाद में वह छात्रावास के अपने कमरे में फंदे पर मृत लटका हुआ मिला। जांचकर्ता वाकोडे की गतिविधियों का पता लगाने और घटना से पहले की घटनाओं का क्रम समझने के लिए संस्थान के कई स्थानों से कैमरे के फुटेज इकट्ठा कर रहे हैं और उनका मिलान कर रहे हैं। वाकोडे की आत्महत्या के बाद आईआईटी परिसर में विरोध-प्रदर्शन हुए, जिसके चलते पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी पड़ी। छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि उनके आंदोलन का मकसद अकादमिक गड़बड़ियों का बचाव करना नहीं, बल्कि व्यवस्था से जुड़ी बड़ी समस्याओं को उजागर करना और संस्थागत सुधारों की मांग करना है। अधिकारियों ने बताया कि छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आईआईटी निदेशक को मांगों की एक सूची सौंपी है। डायरेक्टर ने उनकी चिंताओं को स्वीकार किया और एक तय समय-सीमा के भीतर उन्हें लागू करने का भरोसा दिलाया।
'छठी मैया' गाने को मिल रहे प्यार पर खुश हुईं तमन्ना भाटिया, बोलीं- मेकर्स ने हर चीज का रखा ध्यान
अभिनेत्री तमन्ना भाटिया आगामी फिल्म 'द वन - फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' में नजर आने वाली हैं।
होम थियटर के साथ सीक्रेट रिकॉर्डिंग रूम! महल है अदनान का घर
सिंगर अदनान सामी का मुंबई वाला घर किसी महल से कम नहीं है. पियानो रूम, चांदी के एंटीक शोपीस, बीथोवेन की मैनुस्क्रिप्ट और होम थिएटर से सजा ये घर किसी राजमहल से कम नहीं है. देखे इनसाइड फोटोज.
VIDEO: झटका मीट की अपील, अब KFC का उद्घाटन... ट्रोल हुए गिरिराज
बिहार के बेगूसराय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 17 सितंबर को हर-हर महादेव चौक के पास खुले KFC कैफे का उद्घाटन किया. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. उद्घाटन के दौरान गिरिराज सिंह ने KFC की ब्रांच खुलने को बेगूसराय के विकास की निशानी बताया.
दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पास नाबालिग से गैंगरेप, 18 घंटे में तीनों आरोपी गिरफ्तार
कालकाजी मंदिर और लोटस टेंपल के पास भारी भीड़ रहती है. सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बावजूद भी मंदिर के पास लड़की के साथ हुई गैंगरेप की घटना ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है.
सीएम विजय ने तमिलनाडु में 'पेरुंथलैवर कामराजार नाश्ता योजना शुरू' की शुरुआत कर दी है. जिसमें स्कूली बच्चों को अब हर दिन स्पेशल नाश्ता दिया जाएगा. सीएम विजय ने योजना की शुरुआत करते हुए खुद बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर नाश्ता किया.
कब से शुरू होंगे पितृ पक्ष? नोट करें श्राद्ध की सभी तिथियां
Pitra Paksha 2026: पितृपक्ष में पूर्वजों को याद करके दान धर्म करने की परंपरा है. हिन्दू धर्म में इन दिनों का खास महत्व है. पितृ पक्ष पर पितरों की मुक्ति के लिए कर्म किए जाते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ नाराज हो जाएं तो घर की तरक्की में बाधाएं उत्पन्न होने लगती हैं. यही कारण है कि पितृ पक्ष में पितरों को खुश करने और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए श्राद्ध किए जाते हैं.
Rajya Sabha Election: UP और उत्तराखंड की 11 सीटों पर 16 अक्टूबर को वोटिंग, आयोग ने जारी किया शेड्यूल
चुनाव आयोग ने मंगलवार (22 सितंबर) को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की 11 राज्यसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनावों और पश्चिम बंगाल की एक सीट के लिए उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया। आयोग के अनुसार, उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त होने वाला है। आपको बता दें कि यूपी और उत्तराखंड से 11 सांसद रिटायर हो रहे हैं। इसे भी पढ़ें: ओम प्रकाश राजभर ने Modi का नाम लेकर कर दिया बड़ा दावा, क्या वाकई UP के चार टुकड़े होने वाले हैं? पूरा शेड्यूल इस प्रकार है: नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख: 29 सितंबर, 2026 (मंगलवार) नॉमिनेशन की आखिरी तारीख: 6 अक्टूबर, 2026 (मंगलवार) नॉमिनेशन की जांच: 7 अक्टूबर, 2026 (बुधवार) उम्मीदवारी वापस लेने की आखिरी तारीख: 9 अक्टूबर, 2026 (शुक्रवार) वोटिंग की तारीख: 16 अक्टूबर, 2026 (शुक्रवार) सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक वोटों की गिनती: 16 अक्टूबर, 2026, शाम 5:00 बजे से चुनाव प्रक्रिया पूरी होने की आखिरी तारीख: 19 अक्टूबर, 2026 (सोमवार) उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के 10 सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म हो रहा है। इनमें से आठ सीटें अभी बीजेपी के पास हैं, जबकि समाजवादी पार्टी (SP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के पास एक-एक सीट है। इस साल नवंबर में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के दस सदस्य रिटायर हो रहे हैं: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दिनेश शर्मा, हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह, बनवारी लाल वर्मा, बृज लाल, नीरज शेखर, सीमा द्विवेदी और गीता शाक्य, साथ ही समाजवादी पार्टी (SP) के राम गोपाल यादव और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के रामजी गौतम। वहीं, उत्तराखंड से बीजेपी के नरेश बंसल भी इस साल नवंबर में राज्यसभा से रिटायर हो रहे हैं। दिनेश शर्मा (BJP) हरदीप सिंह पुरी (BJP) अरुण सिंह (BJP) बनवारी लाल वर्मा (BJP) बृज लाल (BJP) नीरज शेखर (BJP) सीमा द्विवेदी (BJP) गीता शाक्य (BJP) राम गोपाल यादव (SP) रामजी गौतम (BSP) उत्तराखंड नरेश बंसल (BJP) इसे भी पढ़ें: Jamui घटना पर भड़कीं Mamata Banerjee, BJP पर साधा निशाना पश्चिम बंगाल में एक सीट के लिए उपचुनाव उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की 11 सीटों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल की एक सीट के लिए भी उपचुनाव होगा। पश्चिम बंगाल की यह सीट 16 जुलाई, 2026 को रुक्मिणी मल्लिक उर्फ कोयल मल्लिक के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। उनका कार्यकाल असल में 2 अप्रैल, 2032 तक चलने वाला था।
नवरात्र से पहले 'Rent A Garba Partner' पोस्ट वायरल, क्या Gen Z अकेलेपन की गिरफ्त में है?
साल 2026 में नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं, लेकिन इससे कुछ समय पहले वायरल हुई 'Rent A Garba Partner' पोस्ट ने युवाओं में बढ़ते अकेलेपन पर चर्चा छेड़ दी है. जानिए अकेलापन मानसिक और शारीरिक सेहत को कैसे प्रभावित कर सकता है.
पढ़ें 22 सितंबर 2026 की बड़ी खबरें और अन्य समाचार
न्यूयॉर्क में भारत और वाइसेग्राड ग्रुप यानी V फोर के बीच पहली हाई लेवल बैठक हुई. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसे ऐतिहासिक मौका बताया.
महाराष्ट्र में डंपर माफिया की हिमाकत, पुलिस वाले को एक किलोमीटर तक घसीटता रहा!
महाराष्ट्र के सतारा में बालू माफिया की हिमाकत. पूछताछ से भड़का. एक किलोमीटर तक डंपर से घसीटता रहा.
7 छक्के और तूफानी फिफ्टी... स्मृति ने गोल्ड मेडल मैच में उड़ाया गर्दा
भारत और श्रीलंका के बीच खेले गए मुकाबले में स्मृति मंधाना ने बल्ले से धुआं उड़ा दिया. कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए इस ब्लॉकबस्टर मुकाबले में स्मृति मंधाना ने महज 45 गेंदों पर 79 रनों की तूफानी पारी खेली. स्मृति ने इस दौरान शेफाली वर्मा संग बेहतरीन साझेदारी की.
Hanuman Ansh Box Office Collection: विशाल चतुर्वेदी के डायरेक्शन में बनी हनुमान अंश को दर्शकों से खूब प्यार मिल रहा. इसका नतीजा ये है कि 46वें दिन भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई कर रही है.
'कप्तानी के चक्कर में बर्बाद हो रहा है बाबर आजम का करियर!'
बाबर आजम ने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के दौरान फैन्स को बेहद निराश किया. बल्लेबाजी के साथ-साथ उनकी कप्तानी भी फ्लॉप रही. बाबर द्वारा लिए गए फैसलों पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं.
कांग्रेस को लेकर सपा ने बदली रणनीति, इमरान को उसी भाषा में जवाब देने का दांव
यूपी में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन की रस्साकशी अब इमरान मसूद और इकरा हसन की तीखी जुबानी जंग में बदल गई है. मसूद के अल्टीमेटम के जवाब में सपा ने अपनी युवा सांसद इकरा हसन को फ्रंटफुट पर उतारकर कांग्रेस को साफ संदेश दे दिया है.
कोर्ट से पहले 50% पेमेंट! चालान के नए नियम पर क्यों भड़के वकील
Traffic Challan Rule: वकीलों के मुताबिक, चालान से जुड़े विवाद पर अंतिम फैसला न्यायपालिका का विषय होना चाहिए. इसी वजह से दिल्ली की जिला अदालतों के बार एसोसिएशन से जुड़े वकीलों ने इस बदलाव पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
Elections announced for 11 Rajya Sabha seats across two states: Election Commission releases schedule- दो राज्यों की 11 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की एलान: चुनाव आयोग ने जारी किया शेड्यूल, 16 अक्तूबर को होगा मतदान
बिहार की तर्ज पर UP में कांग्रेस का EBC दांव, ठेकों में 50% कोटे का प्रस्ताव
उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले कांग्रेस ने अतिपिछड़ा वर्ग को लेकर एक प्रस्ताव तैयार किया है. इसमें कानूनी सुरक्षा के साथ सरकारी कामकाज में हिस्सेदारी बढ़ाने की बात भी है. यह प्रस्ताव बिहार में किए गए EBC वादों की तर्ज पर तैयार किया गया है.
किचन में कॉकरोच ने कर रखा है परेशान? ट्विंकल खन्ना का ये देसी जुगाड़ आएगा आपके काम
रसोई में कॉकरोच और चींटियों से परेशान हैं? केमिकल वाले स्प्रे से सेहत को नुकसान हो सकता है. ट्विंकल खन्ना का बताया ये देसी जुगाड़ अपनाएं, किचन रहेगा साफ और कीड़े हो जाएंगे गायब.
UPI चार्ज से आम आदमी की जेब को कितना झटका? वित्त मंत्री ने दी सफाई
UPI Payments MDR को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक बार फिर से साफ किया है कि ये न तो कोई टैक्स है और न ही सेस है. यह सर्विस प्रोवाइडर्स द्वारा सिस्टम को बेहतर बनाने और अच्छी सर्विस देने के लिए लगाया जाने वाला चार्ज है, छोटे ट्रांजैक्शन के लिए कोई चार्ज नहीं है.
1599 में 22 सितंबर को East India Company की नींव रखने पर लंदन में हुई थी बैठक
इस बात को कौन नहीं जानता कि ब्रिटेन की ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना भारत के साथ कारोबार के लिए की गई थी, लेकिन भारत की धन धान्य से भरपूर रियासतों की आपस की लड़ाई और मजबूत नेतृत्व की कमी को देखते हुए कंपनी की साम्राज्यवादी आकांक्षाएं जाग गईं और उसने भारत का इतिहास और भूगोल सब बदलकर रख दिया।ईस्ट इंडिया कंपनी के निर्माण में 22 सितंबर का एक खास महत्व है। दरअसल 1599 में वह 22 सितंबर का ही दिन था जब लंदन में 21 कारोबारियों की एक बैठक हुई थी। इस बैठक में भारत के साथ कारोबार करने के लिए एक कंपनी के गठन पर विचार किया गया। इसे ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना की दिशा में पहला कदम कहा जा सकता है।22 सितंबर 1993 को अमेरिका के अलबामा में एमट्रैक सनसेट लिमिटेड ट्रेन पटरी से उतरकर नदी में गिर गई। बिग बायू कैनॉट नामक इस रेल हादसे में 47 यात्रियों की मौत हो गई थी।यह दुर्घटना किसी तकनीकी खराबी या रेलवे की गलती से नहीं, बल्कि एक नाव (टगबोट) की टक्कर की वजह से हुई थी। कोहरे के कारण रास्ता भटक कर मावविला नाम की एक टगबोट बिग बायू कैनॉट के रेल पुल से टकरा गई थी जिससे रेल की पटरियां अपनी जगह से करीब तीन फुट खिसक गईं और मुड़ गईं। इस टक्कर के ठीक आठ मिनट बाद, एमट्रैक की सनसेट लिमिटेड ट्रेन 110 किमी/घंटा की रफ्तार से इस पुल पर पहुंची और पटरी से उतरकर नदी में जा गिरी। देश दुनिया के इतिहास में 22 सितंबर की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है- 1539 : सिख संप्रदाय के पहले गुरु नानक देव जी का करतारपुर में निधन। पाकिस्तान स्थित इस जगह को अब डेरा बाबा नानक के नाम से जाना जाता है।1599 : लंदन के फाउंडर हॉल में 21 व्यापारियों की बैठक हुई जिसमें भारत के साथ कारोबार के लिए एक नयी कंपनी स्थापित करने के बारे में चर्चा की गई।1903 : अमेरिकी नागरिक इटालो मार्चिओनी को आइसक्रीम कोन के लिए पेटेंट मिला।1914 : मद्रास बंदरगाह पर जर्मनी के युद्धपोत इम्देन ने बमबारी की।1949 : सोवियत संघ ने परमाणु बम का सफलतापूर्वक परीक्षण किया।1955 : ब्रिटेन में टेलीविजन का व्यावसायीकरण शुरू।1965 : भारत पाकिस्तान के बीच संयुक्त राष्ट्र की पहल पर युद्ध विराम।1977 : विश्व प्रसिद्ध खिलाड़ी पेले के नेतृत्व में अमेरिका की कोसमोस फुटबॉल टीम दो प्रदर्शनी मैच खेलने के लिए कलकत्ता पहुंची।1979 : जमात-ए-इस्लाम संगठन के संस्थापक सदस्य मौलाना अब्दुल अली मौदूदी का निधन।1980 : ईरान और इराक के बीच चल रहा सीमा संघर्ष युद्ध में बदला।1988 : कनाडा सरकार ने द्वितीय विश्व युद्ध में जापान और कनाडा के नागरिकों की नजरबंदी के लिए माफी मांगी।1992 : संयुक्त राष्ट्र महासभा ने बोस्निया और हरजेगोविना के बीच युद्ध में भूमिका के लिए यूगोस्लाविया को निष्कासित किया।1993 : अमेरिका के अलबामा में एमट्रैक सनसेट लिमिटेड ट्रेन पटरी से उतरकर नदी में गिर गई जिससे 47 यात्रियों की मौत हो गई थी।1995 : अमेरिकी वायु सेना का ई-3 सेंट्री विमान (युक्ला 27) उड़ान भरते ही हंसों के झुंड से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिससे 2 कनाडाई और 22 अमेरिकी सैनिक मारे गए।2006 : जर्मनी के लाथेन में एक मैग्लेव ट्रेन की टक्कर रखरखाव वाहन से हो गई, जिससे 23 लोगों की मृत्यु हो गई।2011 : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मंसूर अली खान पटौदी का निधन।2012 : उत्तरी सिक्किम में भारी मानसूनी बारिश के कारण भीषण भूस्खलन हुआ था, जिसमें 24 लोगों की मृत्यु हो गई थी और कई अन्य लापता हो गए थे।2013 : पाकिस्तान के पेशावर में चर्च पर हमला, 127 से अधिक लोगों की मौत, 250 से अधिक घायल।2018 : तंजानिया में विक्टोरिया झील में एक यात्री नौका ‘एम वी न्येयेरे’ के पलटने से 220 से अधिक लोगों की मौत हो गई। इसी दिन ईरान में वार्षिक सैन्य परेड पर आतंकवादियों का हमला, महिलाओं और बच्चों समेत कम से कम 29 लोग मारे गए। हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली।2024 : ईरान में कोयला खदान में मीथेन गैस रिसाव से विस्फोट, कम से कम 34 मजदूरों की मौत।
दिल्ली से लेकर बिहार के जमुई तक... बेटियों की सुरक्षा पर सवाल, हैवानों ने किया शर्मसार
दिल्ली के कालकाजी और किशनगंज में नाबालिग से यौन उत्पीड़न, बिहार के जमुई में छात्रा से छेड़छाड़ के मामले सामने आए. तीनों घटनाओं ने बेटियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
यूपी की 10 और उत्तराखंड की एक सीट पर राज्यसभा चुनाव का एलान, 16 अक्टूबर को आएंगे नतीजे - Jagran
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लद्दाख में रहना कितना महंगा? कपल ने बताया 1 महीने का पूरा खर्च
लद्दाख में वर्ककेशन का प्लान बना रहे हैं? पहले जान लीजिए कि एक महीने में दो लोगों का रहने-खाने और घूमने का खर्च कितना आ सकता है. अंजलि और नमन ने अपना पूरा खर्च शेयर किया है.
अजनार नदी के बाद 'बिट्टू तबाही' अब दिल्ली की यमुना को साफ करने उतरे हैं. पहले ही दिन अकेले अपने दम पर जो कर दिखाया, उसे देख सोशल मीडिया पर लोग उन्हें असली हीरो बता रहे हैं.
फरीदाबाद के पास पांच सालों में नया शहर बसाने की तैयारी चल रही है. इसके लिए 40 सेक्टर बनाए जाने हैं, जहां पर लोगों को स्कूल, अस्पताल जैसी बढ़िया सुविधाएं मिलेंगी.
ट्रंप से जुड़ी कंपनी से एंटी-ड्रोन डील, भारतीय कंपनी को मिला लाइसेंस
पारस डिफेंस ने पावरस की गार्डियन-1 एंटी-ड्रोन तकनीक का भारत में विशेष लाइसेंस लिया. जून 2026 का यह समझौता स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा देगा. पावरस को ट्रंप से जुड़ी कंपनी के रूप में जानी जाती है.
Maharashtra UCC Panel से पूर्व जज RC Chavan ने दिया इस्तीफा
पूर्व न्यायमूर्ति आर. सी. चव्हाण ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के लिए मसौदा तैयार करने के वास्ते महाराष्ट्र सरकार द्वारा गठित समिति से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने समिति के कामकाज और राज्य के बाहर के एक अधिकारी की इसमें भागीदारी को लेकर असहमति का हवाला देते हुए यह कदम उठाया। महाराष्ट्र सरकार ने जुलाई में उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना देसाई की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति का गठन किया था, जिसे राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए रूपरेखा तैयार करने का काम सौंपा गया था। उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश चव्हाण ने 19 सितंबर को समिति से इस्तीफा दे दिया। चव्हाण ने अपने इस्तीफे के पत्र में कई चिंताएं जताईं और आरोप लगाया कि बैठकों को बिना सार्थक चर्चा के ही समाप्त कर दिया जाता था। उन्होंने दावा किया कि बैठक के एजेंडे में शामिल कार्यवाही के विवरण की पुष्टि, वेबसाइट में बदलाव और प्रश्नावली को अंतिम रूप देने जैसे मुद्दों को अध्यक्ष के निर्देश पर जल्दबाजी में निपटा दिया गया। उन्होंने दावा किया कि प्रश्नावली तैयार करने को लेकर सदस्यों के सुझावों पर भी विचार नहीं किया गया। इन सुझावों में देर से विवाह, बांझपन, अस्थिर विवाह और विवादों के समाधान जैसे मुद्दों पर लोगों की विस्तृत राय जानने के लिए प्रश्नावली तैयार करने का सुझाव भी शामिल था। उन्होंने कहा कि समिति की अध्यक्ष ने जिस प्रश्नावली को अंतिम रूप दिया था, वह पहले ही वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए प्रसारित की जा चुकी थी। चव्हाण ने समिति में राज्य के बाहर के एक अधिकारी की भागीदारी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, ‘‘महाराष्ट्र के अधिकारियों को शायद यह महसूस हो सकता है कि वे यह काम करने में सक्षम नहीं हैं, इसलिए दूसरे राज्य के एक अधिकारी को बुलाना पड़ा।’’न्यायमूर्ति चव्हाण ने कहा, ‘‘यह भी हो सकता है कि उन्हें यह पता ही नहीं था कि समिति के कामकाज में उस अधिकारी को किस भूमिका में शामिल किया जाए।’’पूर्व न्यायाधीश ने कहा, ‘‘इस समस्या का समाधान करने के लिए मैं अब समिति में अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं, ताकि सरकार जल्द से जल्द इस रिक्त स्थान को भर सके।’’उन्होंने कहा कि समिति में काम करना उनके लिए सीखने का अनुभव रहा और उन्होंने समिति के सदस्यों को शुभकामनाएं दीं।
क्या आप भी बनाते हैं रोटी की टेढ़ी मेढ़ी लोई? जान लें वास्तु नियम
Vastu Tips: क्या आप भी लोई बनाते समय उस पर उंगलियों के गहरे निशान छोड़ देते हैं? शास्त्रों में इसे पिंडदान की लोई समान माना गया है. हमेशा हथेलियों के बीच घुमाकर गोल व चिकनी लोई ही बनाएं ताकि मां लक्ष्मी और अन्नपूर्णा की कृपा बनी रहे.
टीवी एक्ट्रेस और बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में उन्होंने बॉडी शेमिंग और पर्सनल कमेंट करने वालों को सलाह दी है.
यूपी-बिहार-कर्नाटक और महाराष्ट्र में विधान परिषद चुनाव की तारीखों का ऐलान, 23 अक्टूबर को होगा मतदान
चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र में विधान परिषद चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया है. इस चुनाव में मतदान 23 अक्तूबर और मतगणना 27 अक्तूबर को कराई जाएगी.
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा और उत्तराखंड की 1 सीट पर राज्य सभा चुनाव का ऐलान किया गया है. पश्चिम बंगाल की एक सीट पर राज्यसभा उपचुनाव कराया जाएगा.
किसी धर्म या त्योहार के खिलाफ नहीं, लेकिन...गणेशोत्सव में DJ के तेज शोर पर बॉम्बे हाईकोर्ट की सख्ती
अब राज्य सरकार और प्रशासन को अदालत के सामने यह बताना होगा कि अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण पर तत्काल कार्रवाई और निर्धारित डेसिबल सीमा का पालन सुनिश्चित करने के लिए क्या व्यवस्था की गई है.
'मैंने उन्हें गोद...', महिला पार्षद पर दिए बयान पर विजयवर्गीय की सफाई
इंदौर में संध्या यादव पर की गई टिप्पणी को लेकर विवाद के बाद मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सफाई देते हुए खेद जताया है. वीडियो जारी कर उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोगों ने उनके शब्दों को गलत तरीके से पेश किया. विजयवर्गीय ने महिला पार्षद को अपनी बेटी जैसा बताते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें बचपन में गोद में खिलाया है.
चार राज्यों में विधान परिषद इलेक्शन: चुनाव आयोग ने तारीखों का किया एलान, कब होगा मतदान?
Legislative Council elections in four states: ECI announces dates; when will voting take place?
मुंबई में ₹711 करोड़ की डील, फ्लैट नहीं फाउंडर ने पूरा टावर ही खरीदा
Angel One के फाउंडर दिनेश ठक्कर ने जुहू में एक-दो फ्लैट नहीं, बल्कि पूरा रेजिडेंशियल टावर खरीदने का फैसला किया है. इस डील में उन्हें ग्राउंड फ्लोर से लेकर सातवीं मंजिल तक का पूरा टावर मिलेगा.
हनुमान अंश में क्रांतिकारी रामनंदन भोसले का किरदार निभाने वाले चंदन के आनंद ने एनडीटीवी से खास बातचीत के दौरान फिल्म से जुड़े कई किस्से सुनाए. साथ ही साथ बताया कि फिल्म की सक्सेस का क्रेडिट सबसे ज्यादा किसको जाता है.
जलपाईगुड़ी में तीस्ता में बहा हाथी का बच्चा, मछुआरों ने 3km नाव चलाकर बचाई जान, मां से मिलाया
जलपाईगुड़ी में तीस्ता नदी के तेज बहाव में बह रहे हाथी के बच्चे को मछुआरों ने नाव से 3 किलोमीटर तक पीछा कर सुरक्षित बचा लिया गया. इसकी दिल को छू लेने वाली तस्वीर सामने आई है.
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख क्षेत्र में ऑफिस जा रही युवती से दो बाइक सवार बदमाशों ने नया iPhone 18 Pro झपट लिया. आरोपियों ने पहले रास्ता पूछा और फिर मोबाइल की पुष्टि कर वारदात को अंजाम दिया. पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
IIT Bombay हॉस्टलों में सीलिंग फैन हटाकर लगाएगा वॉल फैन, छात्र की मौत के बाद फैसला
द्वितीय वर्ष के बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के बाद मुंबई के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) ने छत के पंखों के स्थान दीवार पर लगाए जाने वाले पंखे लगाने शुरू कर दिये हैं। इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने यह जानकारी दी। आईआईटी (मुंबई) में ऊर्जा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के दूसरे साल का बीटेक विद्यार्थी वाकोडे 18 सितंबर की शाम को छात्रावास के अपने कमरे में फंदे पर लटका मृत मिला था। यह घटना ‘मिड-सेमेस्टर’ परीक्षा के दौरान उसे चैटजीपीटी का इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद हुई। सूत्रों के मुताबिक विद्यार्थियों की आत्महत्या की हालिया घटनाओं के बाद भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मुंबई) अपने छात्रावासों से छत पर लगाए गए पंखे हटाने में जुट गया है। उन्होंने कहा कि आईआईटी (मुंबई) परिसर के सभी छात्रावासों एवं अन्य जरूरी जगहों पर दीवार वाले पंखे लगाए जाएंगे। सोशल मीडिया पर ‘पुनरोद्धार के काम के तहत परिसर में दीवार पर लगने वाले पंखों की एक खेप आने की तस्वीर सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता अनीश गवंडे ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि पंखे बदलने से विद्यार्थियों की आत्महत्या की समस्या का समाधान नहीं हो सकता। गवंडे ने सवाल उठाया कि क्या छत के पंखों की जगह दीवार के पंखे लगाने से विद्यार्थियों की आत्महत्या की बड़ी समस्या का समाधान हो सकता है। उन्होंने आत्महत्या रोकने और मानसिक स्वास्थ्य सहायता पर अधिक ध्यान देने की बात कही। जुलाई में एक छात्र की आत्महत्या के बाद संस्थान ने पंखे बदलने के कदम पर चर्चा की थी। पिछले सप्ताह साहिल की आत्महत्या के बाद इस मुद्दे पर फिर से ध्यान गया। गवंडे ने कहा कि पिछले 20 साल में विभिन्न आईआईटी में 117 से अधिक विद्यार्थियों ने आत्महत्या की है।
नेटफ्लिक्स पर 17 सितंबर को सच्ची घटना पर आधारित एक वेब सीरीज आई है. ये सीरीज 60 देशो में नंबर वन पर टॉप ट्रेंड कर रही है. एक बार शुरू की तो सभी आठ एपिसोड देखे बिना उठ नहीं पाएंगे.
गले में फंसी बोतल, शरीर पर चोटें...होमगार्ड भर्ती के दौरान मौत या साजिश?
लखनऊ के पीएसी ग्राउंड में होमगार्ड भर्ती की दौड़ के दौरान सीतापुर निवासी योगेंद्र सिंह (25) की संदिग्ध मौत हो गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके गले में 250 ML की प्लास्टिक बोतल फंसने से दम घुटने और शरीर पर 12 चोट के निशान मिलने का खुलासा हुआ है. पुलिस ने अज्ञात पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया है.
राज्यसभा चुनाव का ऐलान, UP की 10 सीटों पर वोटिंग कब? 8 भाजपा सांसद होंगे रिटायर
चुनाव आयोग ने 12 सीटों पर चुनाव के तारीखों की घोषणा की है। इनमें से 10 सीटें उत्तर प्रदेश की हैं। वहीं एक सीट उत्तराखंड से है। बंगाल की भी एक सीट पर उपचुनाव की घोषणा की गई है।
झरोखे, पत्थर की दीवारें...ऐसा है कुणाल खेमू का कश्मीरी घर, PHOTOS
अभिनेता कुणाल खेमू की बहन करिश्मा खेमू ने श्रीनगर स्थित अपने पुश्तैनी घर का इमोशनल इनसाइड वीडियो शेयर किया. घर की अंदर की तस्वीरों में नक्काशीदार लकड़ी की बालकनी, पत्थर की दीवारें, पुराने कमरे और पारंपरिक कश्मीरी वास्तुकला की झलक दिखाई देती है.
देश की राजधानी दिल्ली में महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ बढ़ते जघन्य अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कालकाजी इलाके में स्थित आस्था कुंज पार्क में खुद को दिल्ली पुलिस का जवान बताकर तीन बदमाशों ने 17 वर्षीय एक नाबालिग लड़की के साथ हथियार के बल पर सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) किया। हालांकि, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक एनकाउंटर के बाद मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके दो अन्य साथियों की तलाश जारी है। आसिफ नाम के आरोपी और उसके साथियों ने दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कालकाजी में स्थित आस्था कुंज पार्क के अंदर लड़की पर हमला किया। पुलिस ने बताया कि आसिफ की गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद उसे अमर कॉलोनी के पास रोका गया। सरेंडर करने के लिए कहे जाने के बावजूद उसने कथित तौर पर पुलिस टीम पर तीन राउंड फायरिंग की। इस दौरान एक गोली हेड कॉन्स्टेबल की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। इसके बाद पुलिसकर्मी ने बचाव में दो राउंड फायरिंग की, जिसमें से एक गोली आसिफ के दाहिने पैर में लगी। पुलिस के मुताबिक, सोमवार रात करीब 8:45 बजे रेप की सूचना देने वाली एक PCR कॉल मिली थी। जब पुलिस आस्था कुंज पार्क पहुंची, तो उन्हें लड़की अपने 17 साल के पुरुष दोस्त के साथ मिली। अपने बयान में लड़की ने पुलिस को बताया कि आस्था कुंज पार्क में जाने से पहले वह और उसका दोस्त दर्शन के लिए कालकाजी मंदिर गए थे। पुलिसकर्मी बनकर तीन लोग उनके पास आए और लड़की को उसके दोस्त से अलग करके एक सुनसान जगह पर ले गए। पुलिस ने बताया कि आसिफ ने रेप करने से पहले बंदूक और चाकू दिखाकर लड़की को धमकाया। लड़की की शिकायत के अनुसार, बाद में बाकी दो आरोपियों ने भी उसके साथ रेप किया। इसके बाद तीनों लोगों ने लड़की और उसके दोस्त, दोनों को धमकाया। आरोपियों का पता लगाने के लिए कई टीमें बनाई गईं। इंस्पेक्टर राजेंद्र डागर की अगुवाई वाली एक टीम को अमर कॉलोनी में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ऑफिस रोड के पास आसिफ की गतिविधियों के बारे में खास जानकारी मिली और उन्होंने जाल बिछाया। मुठभेड़ और गिरफ्तारी के बाद, क्राइम और फोरेंसिक टीमों को मौके पर बुलाया गया और कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। 'प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज' (POCSO) एक्ट और 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें गंभीर यौन हमले और अन्य अपराधों से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। पुलिस ने कहा कि आगे की जांच चल रही है और बाकी दो आरोपियों का पता लगाने की कोशिशें जारी हैं। इसे भी पढ़ें: स्कूल बना कत्लगाह: विरोध करती टीचर को कॉरिडोर में घसीटकर मारी गोली, सिरफिरे आशिक ने बच्चों के सामने मचाया तांडव दिल्ली में 14 दिनों में नाबालिगों के साथ मारपीट/यौन उत्पीड़न के चार मामले कालकाजी गैंगरेप का मामला, पिछले दो हफ़्तों में दिल्ली में नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न का चौथा मामला है। सोमवार को देशबंधु गुप्ता रोड पर छह साल की बच्ची के साथ रेप हुआ। आरोपी की पहचान अंकित के तौर पर हुई है और उसे गिरफ़्तार कर लिया गया है। 17 सितंबर को, सदर बाज़ार में रहने वाली छठी क्लास की एक छात्रा पेंसिल और किताबें खरीदने के लिए घर से निकली थी, जिसे एक दर्ज़ी ने अपनी दुकान में बंधक बना लिया। पुलिस ने बताया कि मकसूद नाम के आरोपी ने उसके हाथ-पैर बांधे और उसके साथ रेप किया। उसे गिरफ़्तार कर लिया गया है। इसे भी पढ़ें: IIT बॉम्बे छात्र आत्महत्या मामला: CCTV फुटेज से सामने आया घटनाक्रम; परीक्षा हॉल से निकलने के बाद हॉस्टल में साहिल के आखिरी कदम कैद 10 सितंबर को, 17 साल की एक लड़की अपने दोस्त से मिलने गई थी, जिसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर उसके साथ गैंगरेप किया और नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली के स्वरूप नगर में उसकी हत्या कर दी। उस लड़की को आठ बार चाकू मारा गया था और 13 सितंबर को उसकी लाश मिली, जिसे कुत्तों ने खा लिया था। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ़्तार किया, जिनमें से तीन नाबालिग हैं। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
सावधान! 'धोखेबाज दुल्हनों' के मामले बढ़ रहे हैं, कनाडा से भारत के लिए आई चेतावनी
पंजाब में शादी के जरिए कनाडा इमिग्रेशन हासिल करने के लिए फर्जी रिश्तों के आरोपों के बीच IRCC ने चेतावनी जारी की है। कनाडा ने ‘रिलेशनशिप ऑफ कन्वीनियंस’ से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई के खतरे के बारे में भी आगाह किया है।
BJP नेता आशीष शेलार के घर में उमड़ा सितारों का सैलाब
बॉलीवुड में गणपति की धूम मची हुई है. 21 सितंबर की रात कई सितारे बप्पा के दरबार में उनका आशीर्वाद लेने पहुंचते नजर आए. बीजेपी नेता आशीष शेलार के घर भी बप्पा के दर्शन के लिए कई सारे फिल्मी और क्रिकेट जगत के सितारे पहुंचते हुए नजर आए.
ग्रेटर नोएडा के बिसरख क्षेत्र में बाइक सवार दो बदमाशों ने ई-रिक्शा में बैठी युवती से नया iPhone 18 Pro झपट लिया. खास बात यह है कि युवती ने फोन महज तीन दिन पहले खरीदा था और पति के साथ उसका Unboxing वीडियो भी बनाया था. वारदात से पहले बदमाशों ने बकायदा पूछा था कि क्या ये फोन नया वाला आईफोन है. इसके बाद मौका मिलते ही बदमाश मोबाइल छीनकर फरार हो गए. पुलिस CCTV फुटेज खंगाल रही है.
पकड़े गए 20 रुपये के नकली सिक्के... कैसे पता चलेगा कौन सा है असली?
क्या आप जानते हैं अब 20 रुपये के सिक्के भी नकली बनने लगे हैं. ऐसे में आज हम आपको बताते हैं कि 20 रुपये के असली सिक्के को पहचानने की ट्रिक क्या है?
मोटी सैलरी, छुट्टियां... क्यों इन 3 सरकारी नौकरियों के पीछे क्रेजी है जेन जी?
सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए सिर्फ अच्छी सैलरी ही मायने नहीं रखती. नौकरी में मिलने वाली छुट्टियां, मेडिकल सुविधा, आवास, यात्रा भत्ता और वर्क-लाइफ बैलेंस भी काफी महत्वपूर्ण होते हैं. यही वजह है कि कई उम्मीदवारों को ऐसी नौकरियां की तलाश रहती है, जहां सैलरी के साथ छुट्टियां भी अच्छी हों.
यूके तो ‘मरी हुई अर्थव्यवस्था’, थलपति विजय पर अन्नामलाई का तंज, देने लगे नसीहत
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के यूके दौरे को लेकर के अन्नामलाई ने कहा कि यूके की अर्थव्यवस्था पहले से ही मरी हुई है। उसकी विकास दर एक फीसदी है। ऐसे देश में निवेश तलाशने की क्या जरूरत है।
IIT बॉम्बे के दूसरे साल के BTech छात्र साहिल वाकोडे की मौत की जांच में CCTV फुटेज एक अहम सबूत के तौर पर सामने आया है। साहिल ने कथित तौर पर परीक्षा के दौरान ChatGPT का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने के बाद आत्महत्या कर ली थी। क्राइम ब्रांच की टीम परीक्षा हॉल से लेकर हॉस्टल तक के इलाके की फुटेज की जांच कर रही है। CCTV फुटेज से क्या पता चला? सूत्रों के मुताबिक, घटना वाले दिन दोपहर 12:30 बजे से 12:45 बजे के बीच CCTV कैमरों में साहिल की हरकतें रिकॉर्ड हुईं। परीक्षा खत्म होने से करीब 15 मिनट पहले, साहिल को झुककर अपनी जेब में झांकते हुए देखा गया। इसके बाद, फुटेज में एक प्रोफेसर उससे पूछताछ करते हुए दिखाई देते हैं। बाद में वे उसे दूसरे छात्रों से दूर एक तरफ ले गए। सूत्रों ने आगे बताया कि परीक्षा हॉल से निकलने के बाद साहिल को कैंपस में घूमते हुए देखा गया। बाद में उसे दोपहर करीब 1:25 बजे अपने हॉस्टल के कमरे में जाते हुए CCTV में देखा गया। सूत्रों ने कहा, उसके बाद छात्र अपने कमरे से बाहर नहीं निकला। बाद में उसकी मौत की खबर सामने आई। क्राइम ब्रांच अब परीक्षा हॉल, कैंपस और हॉस्टल के CCTV फुटेज को मिलाकर घटनाओं के पूरे क्रम को समझने की कोशिश कर रही है। क्राइम ब्रांच प्रोफेसर को पूछताछ के लिए बुला सकती है अधिकारियों ने रविवार को बताया कि क्राइम ब्रांच, जिसने IIT बॉम्बे के 22 वर्षीय छात्र की कथित आत्महत्या की जांच अपने हाथ में ली है, पूछताछ के लिए संस्थान के एक प्रोफेसर और अन्य लोगों को बुला सकती है। वाकोडे के परिवार ने आरोप लगाया है कि मौत से पहले उसे संस्थान में उत्पीड़न और जाति-आधारित भेदभाव का सामना करना पड़ा था। इन आरोपों के कारण IIT बॉम्बे कैंपस में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया है। माता-पिता की शिकायत के आधार पर, पवई पुलिस ने शनिवार को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाने) और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत FIR दर्ज की। इस मामले में प्रोफेसर को आरोपी बनाया गया है और इसकी जांच असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (डिटेक्शन) करेंगे। उन्होंने बताया कि शुक्रवार शाम को IIT बॉम्बे के पवई कैंपस में हॉस्टल नंबर 4 के अपने कमरे में साहिल रवींद्र वाकोडे छत के पंखे से लटके हुए पाए गए। आरोप है कि कुछ घंटे पहले ही उन्हें मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान मोबाइल फ़ोन और ChatGPT का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। महाराष्ट्र के यवतमाल ज़िले के रहने वाले वाकोडे, एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में BTech के दूसरे साल के छात्र थे। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi #WATCH | Mumbai: IIT Bombay student suicide | ... Professor Suryanarayana Doolla is considered a champion of student reforms in the institute. If you talk to the students he has interacted with, they are unanimous in saying that, of all people, they would never expect him to… pic.twitter.com/gRkaSf1Crg — ANI (@ANI) September 22, 2026 Crime Branch scans CCTV footage from exam hall to hostel in IIT Bombay student death case Read @ANI Story | https://t.co/xhACviHdyU #IITBombay #StudentSuicide #CrimeBranch #CCTVFootage #ExamHall #IITBombayHostel pic.twitter.com/x2opQe7Zq6 — ANI Digital (@ani_digital) September 22, 2026
रूस-यूक्रेन जंग हुई और भीषण, मॉस्को हमले के बाद पुतिन का बड़ा पलटवार
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा विनाशकारी युद्ध थमने के बजाय और भी भीषण रूप लेता जा रहा है. इस संघर्ष में दोनों देशों को भारी आर्थिक और सैन्य नुकसान उठाना पड़ा है. हाल ही में यूक्रेन द्वारा मॉस्को पर किए गए बड़े ड्रोन हमले के जवाब में अब रूस ने जबरदस्त पलटवार किया है. रूस ने यूक्रेन के कई महत्वपूर्ण इलाकों, रिहायशी क्षेत्रों और शॉपिंग सेंटरों को निशाना बनाकर मिसाइलों और घातक ड्रोन से ताबड़तोड़ हमले किए हैं. इस जवाबी कार्रवाई से यूक्रेन के कई शहरों में भारी तबाही मची है.
केतन मर्डर केस में नया मोड़! सिया के परिवार पर भी शक...गुपचुप शादी को लेकर खुला ये राज
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने आरोप लगाया कि, उन्हें अब भी शक है कि सिया के पिता, मां, भाई, चाचा और चाची केतन की हत्या की साजिश में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि चार्जशीट पढ़ने के बाद ही वह इस बारे में विस्तार से अपनी बात रख पाएंगे

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