16 दिन से परिवार से बिछड़ी थी महिला, AI ने ऐसे मिलाया
गलत वाहन में बैठकर एक बुजुरिग महिला नालासोपारा पहुंच गई थीं. जीवन आनंद संस्था और पुलिस ने AI और गूगल की मदद से 70 साल की बुजुर्ग के परिवार से संपर्क साधा और उन्हें घर पहुंचाया.
सुनसान सड़क पर बुजुर्ग महिला से बैग छीनने की कोशिश, Video
छत्रपति संभाजीनगर के गारखेड़ा परिसर में 15 से 16 साल के किशोर ने बुजुर्ग महिला का बैग छीनने की कोशिश की. बैग खींचने के दौरान महिला जमीन पर गिर गई. उसकी चीख सुनकर स्थानीय लोग बाहर निकले और किशोर को पकड़ लिया. घटना का वीडियो वायरल है. पुलिस के मुताबिक, अब तक कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई है.
बल्ला दिखा रहे गंभीर, गौर से देख रहे वैभव... क्या है इस तस्वीर का राज?
गौतम गंभीर के हाथ में बल्ला और वैभव सूर्यवंशी की उस पर टिकी नजरों वाली तस्वीर ने भारत के बैटिंग ऑर्डर को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में नंबर-3 पर उतरकर वैभव 8 गेंदों में 4 रन बना सके थे. ईशान किशन तीसरे टी20 से भी बाहर हैं. ऐसे में क्या वैभव को फिर मौका मिलेगा और क्या उनकी बैटिंग पोजिशन बदलेगी?
कैप्टन स्मित माछर की बहादुरी की गूंज... भारत को चियर कर रहे इजरायली युवा
इजरायल की संसद में पहली बार वोट देने जा रहे युवाओं ने चुनाव और कैप्टन स्मिथ मच्छर की बहादुरी पर बात की. बातचीत में आपसी देखभाल, अपने जैसा बने रहने और जीत की उम्मीद के साथ उड़ान में कई इजरायलियों की जान बचाने की कोशिश की सराहना सामने आई.
महोबा की सियासत में 'पान' की महक और 2027 की बिसात
उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक महोबा जिला प्राचीन चंदेल राजवंश की वीरगाथाओं और पान की खेती के लिए प्रसिद्ध है. सियासत की बात करें तो जिले की दोनों विधानसभा सीटों- महोबा और चरखारी- पर बीजेपी का कब्जा है. लोध, दलित और सवर्ण मतदाताओं के भरोसे बीजेपी 2027 में हैट्रिक की तैयारी में है, वहीं सपा-बसपा एंटी-इंकंबेंसी और स्थानीय मुद्दों के दम पर चुनौती देने में जुटी हैं.
फ्रीज खाते खुलवाने वाला वकील गिरफ्तार, 20 राज्यों में नेटवर्क
ED ने मुंबई एयरपोर्ट से वकील रशेश उपाध्याय को गिरफ्तार किया. आरोप है कि वह साइबर ठगी नेटवर्क के फ्रीज बैंक खाते रिश्वत देकर खुलवाता था. जांच में 28,000 करोड़ रुपये के लेनदेन और 20 राज्यों से जुड़े मामलों का खुलासा हुआ. जानें क्या है पूरा मामला.
चक्रवात अर्नब के कल तक भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका
चक्रवात अर्नब: बंगाल की खाड़ी से उठ रहा चक्रवात अर्नब आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है और इसके कल तक भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है, जिससे ओडिशा और आंध्र प्रदेश में मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है।
चक्रवात अर्नब के असर से उत्तर प्रदेश में बदलेगा मौसम, 28 से 30 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट
चक्रवात अर्नब: चक्रवात अर्नब, मौसम ब्रेकिंग (उत्तर प्रदेश): बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से उत्तर प्रदेश में 28 से 31 अक्टूबर के बीच मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
समुद्र में उठा तूफान अर्णव, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश में देगा दस्तक
चक्रवात अर्णव: बंगाल की खाड़ी में शक्तिशाली होता हुआ चक्रवाती तूफान 'अर्णव' 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा। मौसम विभाग के अनुसार यह तूफान गंभीर रूप ले रहा है, जिससे कई राज्यों में हाई अलर्ट जारी किया गया है।
यूपी चुनाव में अमित शाह की एंट्री, इसबार सामने हैं तीन चुनौतियां
2014 और 2017 में बीजेपी की ऐतिहासिक वापसी कराने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक बार फिर यूपी के सियासी रण में उतर रहे हैं, जहां 2027 के चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने और 'पीडीए' की काट के लिए सोशल इंजीनियरिंग को नए सिरे से साधने की चुनौती होगी.
आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ा चक्रवात अर्नब, राज्यों में अलर्ट
चक्रवात अर्नब: चक्रवात अर्नब, मौसम ब्रेकिंग नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरे दबाव का क्षेत्र अब चक्रवात 'अर्नब' में बदल चुका है, जिसके 27 अक्टूबर तक भीषण चक्रवाती तूफान का रूप लेने और 28 अक्टूबर की सुबह तक आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका जताई गई है।
मंदाह पीएचसी पर जन आरोग्य सेतु मेले में बढ़े सर्दी-जुकाम के मरीज
बदलते मौसम: मंदाह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर रविवार को जन आरोग्य सेतु मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में कुल 40 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनका इलाज किया गया। मेले में सर्दी-जुकाम और बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या ज्यादा रही। लगातार बदल रहे मौसम के कारण लोग इन बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं, जिनमें.
महाराष्ट्र के पुणे स्थित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER-Pune) ने सामाजिक कार्यकर्ता उमर खालिद के शोध पर आधारित एक किताब को अपनी लाइब्रेरी से हटा दिया है। सोशल मीडिया पर इस किताब को लेकर आलोचना होने के बाद संस्थान ने यह कदम उठाया। इस घटना के बाद शैक्षणिक संस्थानों में किताबों के चयन, […] यह लेख IISER पुणे की लाइब्रेरी से हटाई गई उमर खालिद की किताब, सोशल मीडिया पर आलोचना के बाद लिया फैसला सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
पूर्णिया प्रमंडल में 27 अक्टूबर से भारी वर्षा और वज्रपात का अलर्ट
पूर्णिया मौसम चेतावनी: पूर्णिया प्रमंडल में 27 अक्टूबर से 1 नवंबर तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य में वर्षा की गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना जताते हुए यह चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे शक्तिशाली होकर चक्रवाती तूफान में.
कथावाचकों की लग्जरी लाइफ पर चित्रलेखा ने क्या कहा? फरारी पर हुई थीं ट्रोल
कुछ समय पहले प्रसिद्ध कथावाचक देवी चित्रलेखा को महंगी कार की वजह से ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था. अब एक पॉडकास्ट में उनसे कथावाचकों के लग्जरी लाइफस्टाइल पर सवाल किया गया. आइए जानते हैं कि उन्होंने क्या जवाब दिया.
सड़कों पर संग्राम, पर्दे पर क्रांति! फ्रेंच सिनेमा की 10 यादगार फिल्में
आज हम आपको फ्रांस की दस ऐसी फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने वैश्विक सिनेमा पर गहरा प्रभाव डाला और हॉलीवुड के फिल्मकारों के लिए भी पाठशाला साबित हुई.
Cyclone Arnab को लेकर 4 राज्यों में High Alert, तट से टकराने पर IMD की पैनी नजर
बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान 'अर्नब' आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है। बुधवार सुबह इसके तट से टकराने की संभावना को देखते हुए चार राज्यों को अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने इस चक्रवाती तूफान को देखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। आंध्र प्रदेश के तट से टकराने से पहले यह धीरे-धीरे और अधिक भीषण चक्रवाती तूफान का रूप ले लेगा। आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पुडुचेरी को भी अलर्ट पर रखा गया है। इसे भी पढ़ें: चक्रवात ‘अर्नब’ हुआ सक्रिय, 28 अक्टूबर को Andhra Pradesh तट से टकराने की चेतावनी भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार सुबह जारी अपने बुलेटिन में बताया कि यह तूफान सुबह 5:30 बजे बंगाल की खाड़ी के पूर्वी-मध्य और उससे सटे पश्चिमी-मध्य हिस्से में, विशाखापत्तनम से लगभग 650 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में मौजूद था। यह 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ रहा था। सोमवार आधी रात तक इस चक्रवात के और अधिक तीव्र होकर एक 'गंभीर चक्रवाती तूफान' (severe cyclonic storm) में बदलने की संभावना है, और मंगलवार तक यह और भी ताकतवर होकर एक 'बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान' (very severe cyclonic storm) का रूप ले सकता है। अनुमान है कि यह यानम के पास, बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट को पार करेगा। इस दौरान हवा की लगातार गति 115–125 किमी प्रति घंटा रहेगी, जबकि हवा के झोंके 140 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं। इस बीच, IMD ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे सोमवार से पश्चिम बंगाल के तट के पास और समुद्र में न जाएं, क्योंकि इस इलाके में तेज हवाएं चलेंगी। साथ ही, चक्रवात के कारण दार्जिलिंग के उप-हिमालयी जिले में भूस्खलन (landslides) होने की भी चेतावनी दी गई है। इसे भी पढ़ें: Cyclone Arnab की बढ़ी ताकत, आंध्र प्रदेश से ओडिशा तक भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा इस बीच, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने, जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित करने और तटीय इलाकों में लगातार चेतावनी जारी करने का निर्देश दिया है। प्रशासन उन गर्भवती महिलाओं को भी अस्पतालों में पहुंचाने की तैयारी कर रहा है, जिनकी प्रसव की तारीख नजदीक है। ओडिशा में, छह दक्षिणी जिलों — गंजाम, गजपति, रायगडा, मलकानगिरी, कोरापुट और नबरंगपुर — को संवेदनशील (खतरे की आशंका वाले) क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया गया है। संवेदनशील इलाकों में आपदा प्रतिक्रिया टीमों को तैनात किया गया है, जबकि कुछ पहाड़ियों, झरनों और बांधों के पास मछली पकड़ने और पर्यटकों के जाने पर रोक लगा दी गई है।
ड्रोन, हेलिकॉप्टर... तीनों सेनाओं के लिए 2.12 लाख करोड़ के हथियार मंजूर
डिफेंस एक्वीजिशन काउंसिल ने 2.12 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव मंजूर किए. थलसेना, नौसेना और वायुसेना के लिए कई आधुनिक हथियार और सिस्टम खरीदेंगे. 82% खरीद भारतीय उद्योग से होगी.
'फर्जी' वेब सीरीज देख खड़ा किया जाली नोटों का साम्राज्य, पांच राज्यों में फैला नेटवर्क
जाली नोट छापने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए राजस्थान पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि गिरोह के कुछ सदस्य वेब सीरीज ‘फर्जी’ से प्रेरित हुए थे. इस मामले की कड़ियां राजस्थान से निकलकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और छत्तीसगढ़ तक पहुंच गईं.
अयोध्या से जनकपुर जाने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगा नया ठिकाना
बिहार के शिवहर जिले में स्थित पौराणिक एवं ऐतिहासिक देकुली धाम (Dekuli Dham Sheohar) बहुत जल्द देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख धार्मिक आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किए जा रहे महत्वकांक्षी 'राम-जानकी मार्ग' (Ram-Janki Path) के निर्माण से इस पौराणिक स्थल की किस्मत पूरी तरह से बदलने वाली है। उत्तर प्रदेश के पवित्र शहर अयोध्या में भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के बाद अब अयोध्या से नेपाल स्थित माता सीता के जन्मस्थान जनकपुरधाम तक जाने वाले श्रद्धालुओं का आवागमन काफी बढ़ गया है। इसी सांस्कृतिक और धार्मिक जुड़ाव को सुगम बनाने के लिए राम-जानकी पथ का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, जो सीधे शिवहर जिले के देकुली धाम से होकर गुजरेगा। इस नए फोरलेन हाईवे के बन जाने से न केवल श्रद्धालुओं को एक बेहतरीन विश्राम स्थल मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर व्यापार, रोजगार और पर्यटन क्षेत्र को भी एक नया आयाम और पहचान मिलेगी।राम-जानकी मार्ग का ऐतिहासिक महत्व और शिवहर के देकुली धाम से जुड़ावराम-जानकी मार्ग केवल एक सामान्य सड़क या नेशनल हाईवे नहीं है, बल्कि यह भारत और नेपाल की साझी पौराणिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आपस में जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण कॉरिडोर है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार त्रेतायुग में भगवान श्री राम जब महर्षि विश्वामित्र और अपने भ्राता लक्ष्मण के साथ जनकपुर गए थे, तथा विवाह के पश्चात जब पूरी बारात अयोध्या वापस लौटी थी, तब जिस मार्ग का उपयोग किया गया था, यह पथ काफी हद तक उसी ऐतिहासिक मार्ग का अनुसरण करता है। शिवहर जिले में बागमती नदी के तट पर स्थित बाबा भुवनेश्वरनाथ का प्राचीन देकुली धाम इसी पावन पथ के मुख्य केंद्र में पड़ता है। पौराणिक ग्रंथों और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इस स्थान पर स्वयं परशुराम जी ने भी भगवान शिव की तपस्या की थी और विशाल शिवलिंग की स्थापना की थी। ऐसे में राम-जानकी मार्ग के सीधे देकुली धाम से जुड़ने के कारण अब अयोध्या से जनकपुर की यात्रा पर निकलने वाले लाखों रामभक्तों के लिए यह धाम दर्शन और विश्राम का सबसे प्रमुख पड़ाव स्थल साबित होगा।देकुली धाम में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार और बुनियादी ढांचे का कायाकल्पअयोध्या-जनकपुर कॉरिडोर के केंद्र में आने के बाद देकुली धाम के आसपास बुनियादी सुविधाओं को आधुनिक रूप देने के लिए वृहद स्तर पर योजनाएं तैयार की गई हैं। राज्य सरकार और पर्यटन विभाग की ओर से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों को भव्य और आकर्षक रूप देने के लिए सौंदर्यीकरण का काम तेजी से शुरू किया जा रहा है। हाईवे से सीधे मंदिर तक पहुंचने के लिए चौड़ी कनेक्टिंग सड़कें, बड़े वाहनों के लिए पार्किंग स्थल, श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए आधुनिक धर्मशालाएं, स्वच्छ पेयजल और शौचालय की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा बागमती नदी के किनारे घाटों का निर्माण और सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु यहां पवित्र स्नान कर सकें और संध्या समय भव्य आरती का आनंद ले सकें। इस पूरे प्रोजेक्ट के पूरा होने से देकुली धाम न केवल एक स्थानीय पूजा स्थल से बढ़कर अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर उभरेगा, बल्कि यहां आने वाले पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं भी मिल सकेंगी।स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और उत्तर बिहार के विकास को मिलेगी नई रफ्तारराम-जानकी पथ के निर्माण और देकुली धाम को एक बड़े टूरिस्ट हब के रूप में विकसित किए जाने से शिवहर और आसपास के जिलों जैसे सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर और मोतिहारी की स्थानीय अर्थव्यवस्था में जबरदस्त उछाल आने की पूरी संभावना है। धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के ढेरों नए अवसर पैदा होंगे। होटल, रेस्टोरेंट, हस्तशिल्प, परिवहन, पूजा-सामग्री के कारोबार और गाइड सेवाओं से जुड़े छोटे व बड़े व्यवसायियों की आय में अप्रत्याशित बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा, बेहतर सड़क नेटवर्क बनने से शिवहर जिले की कनेक्टिविटी सीधे पटना, अयोध्या और नेपाल से मजबूत हो जाएगी, जिससे क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी। स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि इस बहुप्रतीक्षित सड़क परियोजना से शिवहर जिला, जो अब तक भौगोलिक रूप से थोड़ा पिछड़ा माना जाता था, अब उत्तर बिहार के सबसे प्रमुख आध्यात्मिक और व्यापारिक केंद्रों में से एक के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित करेगा।
चक्रवात अर्नब के कारण मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में जाने से रोका
चक्रवात अर्नब: चक्रवात अर्नब, मौसम ब्रेकिंग (कोलकाता): बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान की आशंका के चलते क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने मछुआरों को मंगलवार से गुरुवार तक समुद्र में न जाने की चेतावनी दी है और कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया है।
ट्रेन टिकट कन्फर्म होने के बाद भी सफर हो सकता है बेहाल
भारतीय रेलवे (Indian Railways) से सफर करना हम सभी के लिए बेहद आम बात है, और जब यात्रा लंबी हो तो रिजर्वेशन यानी कन्फर्म टिकट मिलना किसी बड़ी राहत से कम नहीं होता है। बहुत से लोग यात्रा की योजना बनाते समय केवल ट्रेन के समय, किराए और सीट नंबर (जैसे लोअर या अपर बर्थ) पर ही ध्यान केंद्रित करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपका पूरा सफर आरामदायक बीतेगा या नहीं, यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि आपने अपनी बोगी या कोच का चयन कैसे किया है? अक्सर लोग टिकट बुक करते समय जल्दबाजी में कोच की लोकेशन या उसकी श्रेणी को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसका खामियाजा उन्हें पूरी यात्रा के दौरान भारी भीड़, बार-बार आने-जाने वाले यात्रियों की हलचल और शौचालय के पास होने वाली बदबू या शोर-शराबे के रूप में भुगतना पड़ता है। यदि आप भी अपनी अगली ट्रेन यात्रा को बेहद आरामदायक, शांतिपूर्ण और तनावमुक्त बनाना चाहते हैं, तो रेलवे रिजर्वेशन और कोच सिलेक्शन से जुड़े इन महत्वपूर्ण और व्यावहारिक पहलुओं को समझना आपके लिए बेहद जरूरी है।ट्रेन के बीच वाले कोच क्यों माने जाते हैं सबसे बेस्ट और सुरक्षित?जब आप किसी एक्सप्रेस या सुपरफास्ट ट्रेन में अपना टिकट बुक कर रहे होते हैं, तो यह ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है कि आपका कोच ट्रेन में किस स्थान पर स्थित है। रेलवे विशेषज्ञों और नियमित रूप से सफर करने वाले यात्रियों का अनुभव बताता है कि हमेशा इंजन या गार्ड के डिब्बे से बहुत ज्यादा सटे हुए कोच चुनने के बजाय ट्रेन के मध्य यानी बीच वाले कोचों का चयन करना चाहिए। ट्रेन के शुरुआती और आखिरी डिब्बों में जब ट्रेन पटरियों के जोड़ों या जंक्शनों से गुजरती है, तो झटके और आवाजें बहुत अधिक महसूस होती हैं, जिससे लंबी यात्रा के दौरान थकान और सिरदर्द की समस्या बढ़ सकती है। इसके अलावा, ट्रेन के बीच के कोच (जैसे स्लीपर या एसी श्रेणी के मध्य भाग) में होने पर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर उतरने के बाद निकास द्वार (Exit Gate), फुट ओवर ब्रिज और एस्केलेटर तक पहुंचना भी काफी आसान हो जाता है, जिससे भारी सामान के साथ प्लेटफॉर्म पर ज्यादा भागदौड़ नहीं करनी पड़ती है।टॉयलेट और पैंट्री कार के पास वाली सीटों से क्यों बना लें दूरी?टिकट बुक करते समय बर्थ चुनना जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही यह देखना भी जरूरी है कि आपकी सीट कोच के किस हिस्से में आ रही है। यदि आपकी सीट ठीक टॉयलेट (शौचालय) के बगल में या बिल्कुल नजदीक है, तो आपकी पूरी यात्रा मुश्किल में पड़ सकती है। टॉयलेट के पास स्थित सीटों पर लगातार आने-जाने वाले यात्रियों की आवाजाही बनी रहती है, जिससे बार-बार आपकी नींद या आराम में खलल पड़ता है। इसके अलावा, वहां से उठने वाली दुर्गंध और लगातार पानी गिरने या फ्लश चलने की आवाजें मानसिक रूप से आपको परेशान कर सकती हैं। ठीक इसी प्रकार, पैंट्री कार (Pantry Car) यानी रसोई या ट्रेन के मुख्य एंट्रेंस दरवाजों के पास वाली सीटें भी सफर के लिहाज से बहुत अच्छी नहीं मानी जाती हैं। पैंट्री कार के पास से लगातार कुकिंग की महक, वेटर और कैटरिंग स्टाफ का आना-जाना और रात के समय बर्तनों की खड़खड़ाहट आपकी शांति को भंग कर सकती है, इसलिए हमेशा कोशिश करें कि सीट कोच के बीच केबिन में हो।साइड बर्थ और अपर-लोअर बर्थ चुनते समय रखें इन खास बातों का ध्यानभारतीय ट्रेनों में साइड लोअर (Side Lower) और साइड अपर (Side Upper) बर्थ को लेकर यात्रियों के मन में हमेशा एक अलग ही असमंजस और उत्सुकता रहती है। यदि आप अकेले यात्रा कर रहे हैं और आपको खिड़की से बाहर का नजारा देखना या लेटने में आसानी पसंद है, तो साइड बर्थ अपने आप में एक अलग अनुभव देती है, लेकिन इसके कुछ अपने नुकसान भी हैं। साइड लोअर बर्थ पर बैठने वाले यात्री को दिनभर आने-जाने वाले लोगों का सामना करना पड़ता है क्योंकि कॉरिडोर से गुजरने वाला हर व्यक्ति या तो वहां से निकलता है या कई बार दूसरे यात्री भी उस पर बैठने की अनुमति मांगने लगते हैं। इसके विपरीत, यदि आप परिवार के साथ यात्रा कर रहे हैं, तो आमने-सामने की मड-बर्थ यानी लोअर, मिडिल और अपर बर्थ का कॉम्बो चुनना सबसे बेहतर माना जाता है, जिससे परिवार के सभी सदस्य एक ही बे-डब्बी में एक साथ बैठकर आराम से बात कर सकें और बच्चों या बुजुर्गों को चढ़ने-उतरने में कोई कठिनाई न हो।कोच की साफ-सफाई और करंट स्टेटस की जानकारी कैसे रखें अपडेट?आज के डिजिटल युग में भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई बेहतरीन मोबाइल ऐप्स और ऑनलाइन सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं, जिनका उपयोग करके आप अपने सफर को और अधिक सुगम बना सकते हैं। जब भी आप ट्रेन में यात्रा करें, तो 'रेल मदद' (RailMadad) ऐप या IRCTC के आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करके अपनी ट्रेन की लाइव रनिंग स्टेटस और कोच की पोजीशन की जानकारी पहले ही जांच लें। कई बार ट्रेनों में रेक (Rake) बदल जाने के कारण कोच का क्रम आगे-पीछे हो जाता है, जिससे स्टेशन पर पहुंचने पर भारी अफरा-तफरी मच जाती है। इसके अलावा, यदि यात्रा के दौरान आपके कोच में पानी की कमी हो जाती है, डस्टबिन ओवरफ्लो हो जाता है या बर्थ की साफ-सफाई ठीक नहीं मिलती है, तो आप तुरंत ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। सफर के दौरान अपने सामान की सुरक्षा के लिए चेन और ताले का इस्तेमाल करना तथा अनधिकृत लोगों को कोच में प्रवेश करने से रोकने के लिए टीटीई (TTE) या रेलवे सुरक्षा बल (RPF) का सहयोग लेना भी एक समझदारी भरा कदम है।
मध्य प्रदेश के पूर्वी जिलों में बारिश का अलर्ट
मध्य प्रदेश मौसम: बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात ‘अर्णब’ के चलते देश के पूर्वी हिस्सों में मौसम की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। इसका संभावित असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र की 26 अक्टूबर 2026 की चेतावनी के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 और.
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के विवादित बयान के खिलाफ सोशल मीडिया पर एक आक्रामक मुहिम शुरू की है। भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक स्टाइलिश तस्वीर साझा करते हुए तंज कसा— डियर खरगे, मोदी कहीं नहीं जाएगा ...
बिहार में चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का तांडव: मौसम विभाग का अलर्ट जारी
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ चक्रवाती तूफान 'अर्नब' (Cyclone Arnab) अब तटीय इलाकों से आगे बढ़ते हुए उत्तर भारत के कई राज्यों के मौसम को बड़े पैमाने पर प्रभावित करने लगा है। विशेष रूप से पूर्वी भारत के महत्वपूर्ण राज्य बिहार में इस चक्रवात के असर से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना (IMD Patna) और राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान एजेंसियों से मिली ताजा अपडेट के मुताबिक, आगामी 28 अक्टूबर से राज्य के कई जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू होने की पूरी संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिसे लेकर प्रशासन और आम नागरिकों को एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं।बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात 'अर्नब' का बिहार के मौसम पर प्रभावदक्षिण-पूर्वी और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा अवदाब अब एक गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले चुका है, जिसका नाम 'अर्नब' रखा गया है। हालांकि इस चक्रवात का सीधा लैंडफॉल यानी मुख्य केंद्र बिहार की सीमा पर नहीं होगा, लेकिन इसके प्रभाव से बंगाल की खाड़ी की ओर से लगातार नमी से भरपूर पूर्वी हवाएं बिहार के वायुमंडल में प्रवेश कर रही हैं। इस मौसमी हलचल के कारण पिछले कुछ दिनों से बनी शांत स्थिति अब बदलने लगी है। मौसम विभाग का कहना है कि 26 और 27 अक्टूबर तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में धूप खिली रहेगी और मौसम आमतौर पर शुष्क व सामान्य बना रहेगा, लेकिन जैसे ही घड़ी की सुई 28 अक्टूबर की ओर बढ़ेगी, आसमान में बादलों के डेरा डालने का सिलसिला तेज हो जाएगा।28 और 29 अक्टूबर को भारी बारिश और तेज हवाओं का हाई अलर्टमौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात 'अर्नब' के असर से 28 अक्टूबर से बिहार के मौसम में उल्लेखनीय बदलाव दर्ज किया जाएगा। इस दिन राज्य के कई दक्षिणी और पूर्वी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की शुरुआत हो सकती है, जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने कई इलाकों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। इसके बाद 29 अक्टूबर का दिन और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि इस दौरान पूरे बिहार के कई हिस्सों में भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली गिरने) की आशंका को देखते हुए 'ऑरेंज अलर्ट' घोषित किया गया है। मौसम विभाग की चेतावनियों के मुताबिक इस अवधि में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से थपेड़े मार सकती है। उत्तर बिहार और उससे सटे मैदानी इलाकों में बारिश की तीव्रता सबसे अधिक रहने का अनुमान जताया गया है।किसानों की बढ़ी चिंता, फसल और कच्चे मकानों को लेकर विशेष चेतावनीइस चक्रवाती तूफान के संभावित असर को लेकर कृषि विशेषज्ञों और आपदा प्रबंधन विभागों ने गहरी चिंता व्यक्त की है। अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में खेतों में धान और अन्य खरीफ की फसलें पककर तैयार होने की स्थिति में हैं या कटाई के चरण में हैं। ऐसे में 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं और मूसलाधार बारिश खेतों में खड़ी फसलों को जमीन पर गिरा सकती है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों, टीन की छतों और झुग्गी-झोपड़ियों को भी नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है। आकाशीय बिजली (वज्रपात) की घटनाओं से जान-माल और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।आम जनता के लिए निर्देश और प्रशासन की मुस्तैदीबिहार सरकार और जिला प्रशासन ने मौसम विभाग के इन इनपुट के बाद सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश जारी कर दिए हैं। निचले और जलभराव वाले इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है ताकि आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। मौसम वैज्ञानिकों ने आम नागरिकों, ड्राइवरों और विशेष रूप से किसानों से अपील की है कि वे 28 से 30 अक्टूबर के दौरान खराब मौसम और तेज आंधी-तूफान के समय अनावश्यक यात्रा करने से बचें। यदि बहुत जरूरी न हो तो खुले खेतों, पेड़ों या कमजोर संरचनाओं के नीचे शरण लेने से पूरी तरह परहेज करें। अपने मोबाइल पर मौसम विभाग के लेटेस्ट अपडेट्स और सरकार की चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखें, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखा जा सके।
खरगोन में 5 साल की बच्ची से छेड़छाड़ का आरोप, स्कूल प्राचार्य गिरफ्तार
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के सिनखेड़ा गांव में पांच साल की बच्ची से छेड़छाड़ का आरोप लगा है. पुलिस ने ज्ञानदीप स्कूल के प्राचार्य को गिरफ्तार कर पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया है. पढ़ें हेडमास्टर की शर्मनाक करतूत.
पटना में खरगे के पुतले पर बवाल, सायरन सुनते ही बाइक से भागा युवक
बिहार की राजधानी पटना की सड़कों पर उस समय एक बेहद अजीब और हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पुतले के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं का पुलिस के साथ चूहे-बिल्ली का खेल शुरू हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई अमर्यादित टिप्पणी और विवादित बयानबाज़ी के बाद भड़के भाजपा कार्यकर्ताओं ने पटना के मुख्य चौराहे पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया था। लेकिन जैसे ही पुलिस गश्ती दल की गाड़ियों का सायरन गूंजा, एक भाजपा कार्यकर्ता खरगे के पुतले को उठाकर अपनी बाइक पर पीछे लादकर सरपट भाग निकला। यह पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद कैमरों में कैद हो गया और अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस अनोखे और अफरा-तफरी भरे प्रदर्शन ने पटना की सड़कों पर भारी राजनीतिक गर्माहट पैदा कर दी है, जहाँ एक ओर भाजपा कार्यकर्ता आक्रामक मूड में नजर आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस बल शहर की कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है।विवादित बयान से भड़का सियासी तूफान: पटना की सड़कों पर उतरा भाजपा का प्रचंड आक्रोशविवाद की मुख्य जड़ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा एक जनसभा के दौरान दिया गया वह विवादित बयान है, जिसमें उन्होंने देश के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया था। जैसे ही इस बयान की खबर मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए फैली, पूरे देश के साथ-साथ बिहार की राजधानी पटना में भी भाजपा समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा। पटना के डाकबंगला चौराहे और आयकर गोलंबर के पास सैकड़ों की संख्या में भाजपा युवा मोर्चा और पार्टी के कार्यकर्ता हाथों में झंडे और तख्तियां लेकर इकट्ठा हुए। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कांग्रेस नेतृत्व को 'संस्कारहीन' और 'मर्यादाविहीन' करार दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद स्वीकार्य हो सकते हैं, लेकिन देश के प्रधानमंत्री और उनके पूर्वजों पर अभद्र टिप्पणी करना भारतीय संस्कृति और राजनीतिक शुचिता का सीधा अपमान है।सायरन गूंजते ही बाइक पर पुतला लादकर रफूचक्कर हुआ कार्यकर्ता: पुलिस रह गई हक्की-बक्कीपटना के व्यस्त चौराहे पर जब भाजपा कार्यकर्ता पुतला दहन करने ही वाले थे, तभी वहां सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस की गाड़ियों का सायरन जोर-जोर से बजने लगा। पुलिसकर्मियों को अपनी ओर आता देख पुतला फूंकने की रणनीति में तुरंत बदलाव किया गया। कार्रवाई और जब्ती के डर से एक अति-उत्साही भाजपा कार्यकर्ता ने पुतले को झपट्टा मारकर उठाया, बाइक पर पीछे बैठे साथी के साथ लादा और फुल स्पीड में बाइक दौड़ाकर वहां से रफूचक्कर हो गया। पुलिस के जवान गाड़ियों और पैदल ही उसके पीछे दौड़े, लेकिन ट्रैफिक और संकरी गलियों का फायदा उठाकर कार्यकर्ता पुतले को सुरक्षित स्थान पर ले जाने में कामयाब रहा। इस पूरे ड्रामे को देखकर चौराहे पर मौजूद आम राहगीर और मीडियाकर्मी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। पुलिस अधिकारी थोड़ी देर के लिए हक्के-बक्के रह गए, हालांकि बाद में अतिरिक्त बल बुलाकर चौराहे पर व्यवस्था को सुचारू कराया गया।कांग्रेस दफ्तर का घेराव करने की चेतावनी: भाजपा नेताओं ने दी अनिश्चितकालीन आंदोलन की धमकीपुतला कांड के इस ड्रामे के बाद पटना में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। नेताओं ने स्पष्ट किया कि खरगे के इस अमर्यादित बयान को बिहार की जनता कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जब तक कांग्रेस अध्यक्ष देश की जनता और प्रधानमंत्री से सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी नहीं मांग लेते, तब तक यह विरोध प्रदर्शन थमने वाला नहीं है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि वे आने वाले दिनों में सदाकत आश्रम (पटना स्थित राज्य कांग्रेस मुख्यालय) का घेराव करेंगे और राज्य भर के जिला मुख्यालयों पर चरणबद्ध आंदोलन चलाएंगे। नेताओं का आरोप है कि चुनाव में लगातार मिल रही हार से बौखलाकर कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व अपनी मानसिक संतुलन खो चुका है और घटिया भाषा पर उतर आया है।पटना की सियासत पर असर: राजनीतिक विश्लेषकों का मानना—आगामी चुनावों में बनेगा बड़ा मुद्दाबिहार की राजनीति में जुबानी जंग हमेशा से तीखी रही है, लेकिन पटना की सड़कों पर हुए इस ड्रामे ने आगामी राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्मा दिया है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी पर व्यक्तिगत हमला करना हमेशा से विपक्ष के लिए राजनीतिक रूप से नुकसानदेह साबित हुआ है। भाजपा इस मुद्दे को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है और आम जनता के बीच कांग्रेस की 'संस्कारहीनता' का नैरेटिव सेट करने की कोशिश कर रही है। दूसरी तरफ, पटना पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा गश्त बढ़ा दी है ताकि दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच सीधी मुठभेड़ की स्थिति न पैदा हो। सायरन सुनते ही बाइक पर पुतला लेकर भागने की यह घटना अब बिहार के सियासी गलियारों में चटकारे लेकर चर्चा का विषय बनी हुई है।
पोस्ट ऑफिस की रिकरिंग डिपॉजिट (RD) स्कीम उन लोगों के लिए बचत का एक विकल्प है, जो हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम जमा करके भविष्य के लिए पैसा जोड़ना चाहते हैं। इसमें एक निश्चित अवधि तक नियमित जमा करना होता है और तय ब्याज दर के अनुसार रकम पर ब्याज मिलता है। ...
अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस
बिहार की सियासत में 'छोटे सरकार' के नाम से मशहूर बाहुबली नेता अनंत सिंह और उनके परिवार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जनता दल यूनाइटेड (JDU) और सत्तारूढ़ गठबंधन ने अनंत सिंह के राजनीतिक साम्राज्य पर एक और बड़ा प्रहार किया है। बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने अनंत सिंह की पत्नी और मोकामा से विधायक नीलम देवी को उनका पटना स्थित पटना हाइकोर्ट के पास वाला आलीशान सरकारी बंगला तुरंत खाली करने का आधिकारिक नोटिस थमा दिया है। हाल ही में नीलम देवी से बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष का पद और राज्यमंत्री का दर्जा छीने जाने के बाद, JDU नीत सरकार का यह लगातार तीसरा बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक एक्शन माना जा रहा है। सरकार के इस सख्त फैसले से बिहार के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है, जबकि मोकामा से लेकर पटना तक अनंत सिंह के समर्थकों में गहरा सन्नाटा और मायूसी का माहौल देखा जा रहा है।सत्ता के गलियारों में बड़ा झटका: जानिए क्यों नीलम देवी से वापस मांगा जा रहा है VIP सरकारी बंगलापटना के पॉश इलाके में स्थित यह वीआईपी सरकारी बंगला नीलम देवी को उनके राजनीतिक कद और तत्कालीन संवैधानिक जिम्मेदारियों के तहत आवंटित किया गया था। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में जेडीयू शीर्ष नेतृत्व और अनंत सिंह के कुनबे के बीच बढ़ी राजनीतिक दूरियों और सत्ता समीकरणों में आए बदलाव के बाद सरकार का रुख सख्त हो गया है। भवन निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जारी इस नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि नीलम देवी अब उस निर्धारित श्रेणी की हकदार नहीं हैं जिसके तहत उन्हें यह श्रेणी-A का वीआईपी आवास आवंटित किया गया था। नियमानुसार, नोटिस की मियाद पूरी होते ही उन्हें बंगला खाली करके चाबी विभाग को सौंपनी होगी। यदि ऐसा नहीं होता है, तो प्रशासन द्वारा कानूनी प्रक्रिया के तहत बेदखली की कार्रवाई की जाएगी।राज्यमंत्री का दर्जा छीनने के बाद तीसरा प्रहार: जेडीयू और अनंत सिंह कुनबे के बीच क्यों बढ़ीं दूरियां?बिहार की राजनीति में यह कोई पहली बार नहीं है जब सत्ताधारी दल ने अपने ही पुराने सहयोगियों पर इस तरह का कड़ा शिकंजा कसा हो। कुछ ही समय पहले सरकार ने नीलम देवी को दिए गए राज्यमंत्री के दर्जे को निरस्त कर दिया था और उसके बाद उनसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी वापस ले ली थीं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मोकामा और आसपास के इलाकों में स्थानीय निकाय चुनावों, आगामी संगठनात्मक फैसलों और पार्टी लाइन से हटकर दिए गए कुछ बयानों के कारण जेडीयू आलाकमान अनंत सिंह परिवार से काफी नाराज चल रहा था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी रणनीतिकारों ने साफ संदेश दे दिया है कि पार्टी में अनुशासनहीनता और अपनी समानांतर सत्ता चलाने की कोशिश करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उनका राजनीतिक वजूद कितना भी बड़ा क्यों न हो।मोकामा से लेकर पटना तक गरमाई सियासत: विपक्ष ने साधा निशाना तो JDU ने दी सफाईसरकारी बंगला खाली कराने के इस नोटिस के बाद बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और अन्य विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम करने का आरोप लगाया है। विपक्ष के नेताओं का कहना है कि जब तक कोई नेता सरकार की हां में हां मिलाता है, तब तक उसे तमाम सुख-सुविधाएं दी जाती हैं, लेकिन जैसे ही वह अपने अधिकार और जनता की आवाज उठाता है, तो उसके खिलाफ प्रशासनिक तंत्र को लगा दिया जाता है। दूसरी ओर, जेडीयू के प्रवक्ताओं ने विपक्ष के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। सरकारी नियमों के तहत जो सुविधाएं पद से जुड़ी होती हैं, पद न रहने पर उन्हें वापस लेना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है और इसमें कोई राजनीतिक द्वेष नहीं है।अनंत सिंह के राजनीतिक भविष्य पर बड़ा सवाल: क्या अब नए विकल्प की तलाश करेंगे 'छोटे सरकार'?एक समय बिहार की राजनीति में निर्दलीय लड़कर भी प्रचंड जीत दर्ज करने वाले अनंत सिंह के लिए यह दौर काफी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ जहाँ वे कानूनी दांव-पेचों से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जेडीयू के इस हैट्रिक एक्शन ने उनके राजनीतिक आधार को बड़ा झटका दिया है। सरकारी बंगला खाली करने के नोटिस के बाद अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि नीलम देवी और अनंत सिंह का अगला राजनीतिक कदम क्या होता है। क्या वे सरकार के इस फैसले को कोर्ट में चुनौती देंगे या फिर आगामी चुनावों से पहले किसी नए राजनीतिक दल का दामन थामकर जेडीयू को खुली चुनौती देंगे? पटना के सियासी गलियारों में इस बात को लेकर कयासबाजी का दौर शुरू हो गया है और आने वाले दिनों में यह विवाद और ज्यादा तूल पकड़ सकता है।
राजस्थान में पहली बार भरेगा महिला विधायकों का महाकुंभ
राजस्थान के संसदीय इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। राज्य में पहली बार देश भर की महिला विधायकों और सांसदों का एक ऐतिहासिक 'महाकुंभ' (राष्ट्रीय महिला विधायक सम्मेलन) आयोजित किया जा रहा है। इस अभूतपूर्व आयोजन को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी खुद नई दिल्ली पहुंचे और उन्होंने देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से राष्ट्रपति भवन में शिष्टाचार मुलाकात की। देवनानी ने राष्ट्रपति मुर्मु को इस राज्य स्तरीय सह राष्ट्रीय महिला सम्मेलन का मुख्य अतिथि बनने और इसका औपचारिक उद्घाटन करने के लिए भावभीना निमंत्रण पत्र सौंपा। महिला सशक्तिकरण, विधायी प्रक्रियाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के दौर में आयोजित होने वाला यह महाकुंभ न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं की अग्रणी भूमिका को रेखांकित करेगा। इस खबर के सामने आते ही देश भर के राजनीतिक गलियारों में इस अनोखे सम्मेलन को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।देश की पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति को न्योता: विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सौंपी विशेष आमंत्रित प्रतिराजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के दौरान उन्हें सम्मेलन के उद्देश्यों और इसकी रूपरेखा से विस्तार से अवगत कराया। देवनानी ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु स्वयं भारत की मातृशक्ति, अदम्य साहस और लोकतांत्रिक मूल्यों की सर्वोच्च प्रतीक हैं। ऐसे में उनके करकमलों द्वारा इस महिला विधायक महाकुंभ का उद्घाटन होना पूरे राजस्थान और देश भर की महिला प्रतिनिधियों के लिए अत्यंत गौरव और प्रेरणा का विषय होगा। राष्ट्रपति मुर्मु ने राजस्थान विधानसभा की इस अनूठी और दूरदर्शी पहल की जमकर सराहना की और सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान देवनानी ने राष्ट्रपति को राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, हस्तशिल्प और मोमेंटो भी भेंट किया, जिससे दोनों के बीच सकारात्मक और सार्थक चर्चा हुई।देश भर की महिला सांसदों और विधायकों का होगा समागम: नीति निर्माण में बढ़ेगी नारी शक्ति की धमकराजस्थान में आयोजित होने जा रहे इस पहले महिला विधायक महाकुंभ में देश के सभी राज्यों की विधानसभाओं, विधान परिषदों और संसद (लोकसभा व राज्यसभा) की महिला प्रतिनिधियों को एक साथ एक मंच पर आमंत्रित किया जा रहा है। इस महाकुंभ का मुख्य उद्देश्य विधायी कामकाज में महिला जनप्रतिनिधियों की भागीदारी को और अधिक प्रभावी बनाना, कानून निर्माण में उनके दृष्टिकोण को प्राथमिकता देना तथा उनके सामने आने वाली व्यावहारिक और राजनीतिक चुनौतियों पर गहन मंथन करना है। सम्मेलन के दौरान विभिन्न तकनीकी और वैचारिक सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जहाँ वरिष्ठ महिला नेत्रियाँ अपने अनुभवों को साझा करेंगी और नई महिला विधायकों को विधायी नियमों की बारीकियां सिखाएंगी। संसद में पारित 33 फीसदी महिला आरक्षण कानून के परिप्रेक्ष्य में यह आयोजन भविष्य की महिला राजनीति की दशा और दिशा तय करने में मील का पत्थर साबित होगा।गुलाबी नगरी जयपुर बनेगी ऐतिहासिक सम्मेलन की साक्षी: विधानसभा में तैयारियों का दौर शुरूइस राष्ट्रीय महिला विधायक सम्मेलन का आयोजन राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित अत्याधुनिक राजस्थान विधानसभा परिसर में करने की योजना बनाई गई है। जयपुर में देश भर से आने वाली वीआईपी महिला जनप्रतिनिधियों के स्वागत, ठहरने, सुरक्षा और परिवहन के लिए अभी से उच्च स्तरीय तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। राज्य सरकार और विधानसभा सचिवालय मिलकर एक विशेष समन्वय समिति का गठन कर रहे हैं ताकि आयोजन में किसी भी तरह की कमी न रहे। गुलाबी नगरी को इस ऐतिहासिक अवसर पर विशेष रूप से सजाया जाएगा, जिससे राजस्थान की पारंपरिक 'अतिथि देवो भव:' की संस्कृति की झलक पूरी दुनिया को देखने को मिले। विभिन्न राज्यों की महिला प्रतिनिधि यहाँ न केवल विधायी मुद्दों पर चर्चा करेंगी, बल्कि राजस्थान की ऐतिहासिक धरोहरों, कला और संस्कृति का भी अवलोकन करेंगी।महिला सशक्तिकरण की दिशा में राजस्थान की अनूठी पहल: वासुदेव देवनानी के नेतृत्व में नया रिकॉर्डराजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में वासुदेव देवनानी लगातार नवाचारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त बनाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने विधानसभा की कार्यवाही को पेपरलेस करने से लेकर जनहित के मुद्दों पर सार्थक बहस को बढ़ावा देने के कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अब देश भर की महिला विधायकों का महाकुंभ आयोजित कराकर राजस्थान विधानसभा एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित करने जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के राष्ट्रीय आयोजनों से राज्यों के बीच विधायी अनुभवों का आदान-प्रदान होता है और महिला नेताओं में नया आत्मविश्वास पैदा होता है। राजस्थान की यह दूरगामी पहल भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल बनेगी और देश के शासन-प्रशासन में नारी शक्ति के प्रभाव को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
इजरायल चुनाव में नेतन्याहू की अग्निपरीक्षा... जंग ही नहीं, जातीय संघर्ष भी मुद्दा
इज़रायल में 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व, 7 अक्टूबर 2023 के हमले की जवाबदेही, सेना में भर्ती और धार्मिक-जातीय मतभेद अहम मुद्दे हैं. मुकाबला करीबी माना जा रहा है और किसी भी खेमे को सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत मिलने की गारंटी नहीं है.
100 साल का हुआ श्रीगंगानगर: 75 साल के बुजुर्ग ने जब 21 किमी मैराथन में लगाई दौड़
राजस्थान के उत्तरी छोर पर स्थित ऐतिहासिक और समृद्ध शहर श्रीगंगानगर ने अपनी स्थापना के 100 गौरवशाली वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस शताब्दी वर्ष (Centenary Celebration) के ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए शहर भर में अभूतपूर्व उत्साह और जश्न का माहौल देखा जा रहा है। जिला प्रशासन और स्थानीय नागरिकों द्वारा आयोजित भव्य 'श्रीगंगानगर मैराथन' में एक ऐसा अद्भुत नजारा देखने को मिला जिसने हर किसी को हैरत में डाल दिया और प्रेरणा से भर दिया। मैराथन की 21 किलोमीटर की हाफ-मैराथन श्रेणी में जब 75 साल के एक बुजुर्ग ने नौजवानों के साथ कदम से कदम मिलाकर दौड़ लगाना शुरू किया, तो वहां मौजूद हर शख्स बस देखता ही रह गया। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका अटूट जज्बा, जोश और अद्भुत स्टेमिना देखकर दर्शकों और अन्य धावकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से पूरे मार्ग को गूंजा दिया। 100 साल के श्रीगंगानगर के इस शताब्दी समारोह में 75 वर्षीय बुजुर्ग की यह ऐतिहासिक दौड़ अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और सोशल मीडिया पर भी इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।महाराजा गंगा सिंह के सपनों का शहर श्रीगंगानगर: 100 साल के गौरवशाली इतिहास और विकास की गाथाश्रीगंगानगर का इतिहास भारतीय स्थापत्य, दूरदर्शिता और अदम्य इच्छाशक्ति की एक मिसाल है। बीकानेर के तत्कालीन महाराजा गंगा सिंह जी के प्रयासों से गंगनहर (Gang Canal) के निर्माण के साथ ही इस रेगिस्तानी इलाके की तकदीर बदल गई थी और 26 अक्टूबर 1927 को इस आधुनिक शहर की नींव मजबूत हुई थी। कभी धूल भरी आंधियों और पानी के संकट के लिए पहचाने जाने वाला यह क्षेत्र आज राजस्थान का 'अन्न कटोरा' (Food Bowl of Rajasthan) कहलाता है। कृषि, व्यापार और शिक्षा के क्षेत्र में श्रीगंगानगर ने पिछले 100 वर्षों में जो अभूतपूर्व प्रगति की है, उसका उत्सव आज पूरा शहर मिलकर मना रहा है। शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस मैराथन दौड़ ने शहर के समृद्ध इतिहास, जीवंत संस्कृति और यहाँ के लोगों के कभी न हार मानने वाले जज्बे को एक बार फिर दुनिया के सामने लाकर रख दिया है।75 साल के बुजुर्ग की 21 किमी मैराथन दौड़: उम्र को मात देकर युवाओं के सामने पेश की नई मिसालमैराथन दौड़ की शुरुआत तड़के मुख्य खेल स्टेडियम से हुई, जहाँ हजारों की संख्या में बच्चे, युवा, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक एकत्र हुए थे। जैसे ही फ्लैग ऑफ हुआ, 21 किलोमीटर की कठिन श्रेणी में 75 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक ने बिना किसी झिझक के अपनी दौड़ शुरू की। पूरी दौड़ के दौरान उन्होंने अपनी सांसों और गति पर ऐसा नियंत्रण बनाए रखा कि उनके साथ दौड़ रहे युवा खिलाड़ी भी दंग रह गए। बिना रुके और बिना थके जब उन्होंने 21 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए फिनिशिंग लाइन पार की, तो आयोजकों और अधिकारियों ने उन्हें गले लगा लिया। बुजुर्ग धावक ने बातचीत के दौरान बताया कि नियमित दिनचर्या, योग, गंगनहर के शुद्ध वातावरण और सकारात्मक सोच के बल पर उन्होंने इस उम्र में भी खुद को पूरी तरह फिट रखा हुआ है। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि उम्र केवल एक संख्या है और यदि मन में दृढ़ संकल्प हो तो कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं है।पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल: रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, झांकियां और मैराथन से गूंजा श्रीगंगानगरश्रीगंगानगर के 100वें स्थापना दिवस के मौके पर केवल मैराथन ही नहीं, बल्कि कई अन्य सांस्कृतिक और खेलकूद प्रतियोगिताओं का भी भव्य आयोजन किया गया है। पूरे शहर की प्रमुख इमारतों, चौराहों और ऐतिहासिक स्थलों को आकर्षक रोशनी और गुब्बारों से सजाया गया है। स्थानीय स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों द्वारा प्रभात फेरियां और सांस्कृतिक झांकियां निकाली गईं, जिनमें राजस्थान की समृद्ध लोक कला और महाराजा गंगा सिंह के योगदान को दर्शाया गया। मैराथन मार्ग पर जगह-जगह स्थानीय व्यापारिक मंडलों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा धावकों के लिए पानी, जूस और फल वितरण की व्यवस्था की गई थी। हर नागरिक अपने शहर के इस शताब्दी वर्ष का हिस्सा बनने पर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है।जन-जन में फिटनेस और हरित श्रीगंगानगर का संदेश: आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना यह शताब्दी समारोहइस ऐतिहासिक मैराथन और 75 साल के बुजुर्ग की प्रेरणादायी दौड़ का मुख्य उद्देश्य केवल जश्न मनाना नहीं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना भी था। जिला प्रशासन ने इस मौके पर श्रीगंगानगर को और अधिक स्वच्छ, सुंदर और हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया है। खेल प्रेमियों और समाजसेवियों का मानना है कि इस तरह के आयोजन युवाओं को नशामुक्त जीवन शैली अपनाने और खेलों की ओर आकर्षित करने में मील का पत्थर साबित होंगे। 100 साल के श्रीगंगानगर की यह शताब्दी मैराथन और बुजुर्ग धावक की स्वर्णिम सफलता आने वाली कई पीढ़ियों के लिए स्वास्थ्य, ऊर्जा और समर्पण की एक अमर गाथा के रूप में याद रखी जाएगी।
'जामिया को जेल बना दिया...' संस्थापकों के परिवार ने रखा अपना पक्ष
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव और भूख हड़ताल को लेकर चल रहा विवाद अब प्रेस कॉन्फ्रेंस तक पहुंच गया है. विश्वविद्यालय के संस्थापकों के परिवारों, पूर्व छात्रों और SFI-NSUI जैसे छात्र संगठनों ने एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कैंपस में बिजली-पानी बंद करने, पुलिस की घर-घर तक पहुंच और तानाशाही रवैये को लेकर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
ब्रह्माकुमारीज के मंच से नितिन नबीन की बड़ी बातें
सनातन संस्कृति के पुनरुत्थान और समाज निर्माण में महिलाओं की भूमिका को लेकर देश भर में जारी विमर्श के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री नितिन नबीन ने एक बड़ा बयान दिया है। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित एक भव्य आध्यात्मिक और सामाजिक सम्मेलन के मंच को संबोधित करते हुए नितिन नबीन ने कहा कि भारत का आने वाला स्वर्णिम भविष्य केवल दो मजबूत स्तंभों—सनातन परंपराओं और मातृशक्ति की असीम ऊर्जा—के बल पर ही गढ़ा जाएगा। आध्यात्मिक चेतना से ओत-प्रोत इस कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक समाज अपनी प्राचीन सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ा रहेगा और महिलाओं को नेतृत्व के अग्रिम मोर्चे पर रखेगा, तब तक दुनिया की कोई भी ताकत भारत को विश्व गुरु बनने से नहीं रोक सकती। ब्रह्माकुमारीज संस्थान के शांति सरोवर परिसर में आयोजित इस गरिमामय समारोह में देश-विदेश से आए सैकड़ों साधकों, बुद्धिजीवियों और गणमान्य हस्तियों की मौजूदगी में नितिन नबीन के इस ओजस्वी संबोधन की हर तरफ सराहना हो रही है।ब्रह्माकुमारीज के आध्यात्मिक मंच से नितिन नबीन का विचारोत्तेजक और प्रेरक संबोधनप्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय हमेशा से ही चरित्र निर्माण, ध्यान और मूल्य आधारित शिक्षा के लिए जाना जाता है। इस विशेष मंच का उपयोग करते हुए नितिन नबीन ने भारतीय समाज की वर्तमान दिशा और दशा पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया तकनीकी प्रगति के साथ-साथ मानसिक तनाव, वैचारिक भटकाव और भौतिकवादी विकृतियों से जूझ रही है, तब सनातन जीवन शैली ही मानवता को सही राह दिखाने का काम कर रही है। सनातन का अर्थ केवल पूजा-पाठ या धार्मिक कर्मकांड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वसुधैव कुटुंबकम और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व की एक महान जीवन दृष्टि है। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारीज जैसी संस्थाएं पिछले कई दशकों से निस्वार्थ भाव से समाज में शांति, पवित्रता और भ्रातृभाव की अलख जगा रही हैं, जो आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।राष्ट्र निर्माण और सामाजिक परिवर्तन में 'मातृशक्ति' का अतुलनीय योगदानअपने संबोधन के दौरान नितिन नबीन ने महिलाओं के सशक्तिकरण और समाज में उनकी केंद्रीय भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय चिंतन में नारी को केवल एक व्यक्ति के रूप में नहीं, बल्कि 'साक्षात शक्ति' और 'सृजन की जननी' के रूप में देखा गया है। ब्रह्माकुमारीज संस्थान इसका सबसे प्रत्यक्ष और जीवंत उदाहरण है, जहाँ प्रशासनिक कमान से लेकर आध्यात्मिक मार्गदर्शन तक का संपूर्ण संचालन मातृशक्ति द्वारा अत्यंत कुशलता के साथ किया जा रहा है। नितिन नबीन ने कहा कि जब एक महिला शिक्षित, आत्मनिर्भर और आध्यात्मिक रूप से सशक्त होती है, तो वह केवल एक परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरी आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में चल रही महिला केंद्रित विकास (Women-Led Development) की नीतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज भारत की बेटियां अंतरिक्ष अनुसंधान से लेकर सीमा की सुरक्षा तक हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं।सनातन मूल्यों का संरक्षण ही आधुनिक भारत की असली ताकत और पहचान हैकैबिनेट मंत्री नितिन नबीन ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि आधुनिकता का अर्थ अपनी समृद्ध सांस्कृतिक जड़ों को भूल जाना बिल्कुल नहीं है। सच्चा विकास वही है जहाँ आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और हमारी सनातन परंपराओं का सुंदर संतुलन हो। उन्होंने कहा कि जब युवा वर्ग सनातन मूल्यों को अपने आचरण में उतारेगा, तभी समाज से अपराध, भ्रष्टाचार और नफरत का खात्मा संभव हो सकेगा। सनातन धर्म ने हमेशा से ही करुणा, दया, अहिंसा और समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण का संदेश दिया है। आज पूरा विश्व भारत के इस आध्यात्मिक ज्ञान की ओर आकर्षित हो रहा है, और इसमें ब्रह्माकुमारीज जैसी संस्थाओं की राजयोग साधना और जीवन मूल्यों का बहुत बड़ा योगदान है, जो लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।शांति, सद्भाव और समृद्ध भारत के निर्माण का आह्वान: सम्मेलन से निकला बड़ा संदेशकार्यक्रम के समापन सत्र में नितिन नबीन ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं और साधकों से आह्वान किया कि वे इस मंच से दिए गए शांति और शक्ति के संदेश को अपने दैनिक जीवन और कार्यक्षेत्र में उतारें। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति की रक्षा और मातृशक्ति का सम्मान करना हर नागरिक का परम कर्तव्य है। यदि हम सब मिलकर इस रास्ते पर चलेंगे, तो एक सशक्त, समृद्ध और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध भारत का निर्माण बहुत तेजी से पूरा होगा। सम्मेलन के अंत में ब्रह्माकुमारीज की वरिष्ठ बहनों द्वारा मंत्री नितिन नबीन को स्मृति चिन्ह और ईश्वरीय सौगात भेंट कर सम्मानित किया गया। इस पूरे आयोजन ने समाज में नैतिक मूल्यों के पुनर्जागरण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नई और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया है।
जमशेदपुर में मौत के कुएं में सच में घुसी 'मौत', भीषण हादसे में झुलस गई महिला बाइकर
झारखंड की औद्योगिक नगरी जमशेदपुर के सोनारी इलाके में आयोजित एक मेले में उस वक्त हड़कंप मच गया जब 'मौत का कुआं' स्टंट शो के दौरान एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा हो गया। दर्शकों की भारी भीड़ और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच अपनी बाइक से हैरत अंगेज कारनामे दिखा रही एक मशहूर महिला स्टंट बाइकर अचानक संतुलन खो बैठी। रफ्तार में घूमती बाइक कुएं की लकड़ी की दीवारों से टकराकर सीधे नीचे जा गिरी और उसमें भीषण आग लग गई। सेकंडों के भीतर हुए इस हादसे में महिला बाइकर आग की लपटों में घिरकर गंभीर रूप से झुलस गई। इस खौफनाक मंजर को देखकर मेले में मौजूद सैकड़ों दर्शकों के बीच चीख-पुकार और भगदड़ जैसा माहौल पैदा हो गया। आनन-फानन में शो के आयोजकों और स्थानीय लोगों ने जान पर खेलकर महिला को बाहर निकाला और तुरंत नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया। इस घटना ने एक बार फिर मेलों में होने वाले जानलेवा स्टंट शोज की सुरक्षा व्यवस्था और आयोजकों की घोर लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।सोनारी मेले में मौत का कुआं बना अखाड़ा: जानिए कैसे हुआ यह भयावह हादसासोनारी के रामलीला मैदान में लगे इस भव्य मेले में 'मौत का कुआं' शो लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लकड़ी के विशाल बेलनाकार ढांचे में कार और बाइक सवार बेहद तेज रफ्तार में चक्कर लगा रहे थे। शो का मुख्य आकर्षण वह महिला बाइकर थी जो बिना हाथ छोड़े और तरह-तरह के जोखिम भरे स्टंट करके भीड़ की वाहवाही लूट रही थी। तभी अचानक करीब 30 से 40 फीट की ऊंचाई पर चक्कर काटते समय महिला की बाइक का पिछला पहिया फिसल गया या उसमें कोई तकनीकी खराबी आ गई। बाइक अनियंत्रित होकर लकड़ी के तख्तों से टकराती हुई सीधे कुएं के सबसे निचले हिस्से में जा गिरी। गिरते ही बाइक का फ्यूल टैंक फट गया और उसमें भयंकर आग लग गई। बाइक के साथ नीचे गिरी महिला बाइकर भी आग की लपटों में समा गई, जिससे पूरे पंडाल में धुआं और चीख-पुकार मच गई।जान पर खेलकर निकाला गया बाहर: अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही स्टंट आर्टिस्टहादसा होते ही कुएं के ऊपर खड़े दर्शकों में अफरा-तफरी मच गई। शो के अन्य साथी कलाकारों और मेला प्रांगण में मौजूद साहसी युवकों ने बिना एक पल गंवाए राहत और बचाव काम शुरू किया। उन्होंने बाल्टी से पानी और अग्निशामक यंत्रों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की और सीढ़ी व रस्सियों के सहारे कुएं के नीचे उतरकर झुलसी हुई महिला बाइकर को बाहर निकाला। महिला का चेहरा, हाथ और पैर आग की वजह से काफी हद तक झुलस चुके थे। घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई, जिसके बाद एम्बुलेंस की मदद से पीड़ित महिला को जमशेदपुर के टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) के बर्न यूनिट में दाखिल कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, महिला की हालत नाजुक बनी हुई है और उसे गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में रखकर विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम निरंतर निगरानी कर रही है।सुरक्षा मानकों की अनदेखी: क्या बिना फायर सेफ्टी और एम्बुलेंस के चल रहा था स्टंट शो?जमशेदपुर के इस हादसे ने मेलों और सर्कस में मनोरंजन के नाम पर चलाए जाने वाले खतरनाक खेलों में सुरक्षा इंतजामों की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आयोजकों ने पैसे कमाने के चक्कर में सुरक्षा के न्यूनतम मानकों को भी ताक पर रख दिया था। शो स्थल पर न तो पर्याप्त मात्रा में आग बुझाने के उपकरण मौजूद थे और न ही आपात स्थिति से निपटने के लिए कोई मेडिकल टीम या एम्बुलेंस तैनात थी। यदि वहां मौजूद दर्शक और साथी कलाकार मुस्तैदी न दिखाते, तो महिला की जान मौके पर ही जा सकती थी। सवाल यह भी उठ रहा है कि जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने बिना पुख्ता सुरक्षा ऑडिट के ऐसे जोखिम भरे स्टंट शो की अनुमति कैसे दे दी। घटना के बाद मेले में आए लोगों में आयोजकों के खिलाफ भारी गुस्सा देखा जा रहा है।जमशेदपुर पुलिस ने शुरू की जांच: शो के आयोजकों और संचालक पर कस सकता है शिकंजाहादसे की जानकारी मिलते ही सोनारी थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने 'मौत का कुआं' शो को तुरंत प्रभाव से बंद करवा दिया है और पूरे इलाके को बैरिकेडिंग करके सील कर दिया गया है। पुलिस अधिकारी मेले के आयोजकों, शो के मालिक और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर रहे हैं। इसके साथ ही स्टंट के समय बनाए गए वीडियो फुटेज को भी खंगाला जा रहा है ताकि हादसे के सही कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में आयोजकों की ओर से किसी भी तरह की लापरवाही या अनुमति नियमों के उल्लंघन की बात सामने आती है, तो उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद शहर के अन्य इलाकों में लगने वाले मेलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन सतर्क हो गया है।
कर्नाटक में Siddaramaiah के खिलाफ कथित स्टिंग की BJP ने उठाई जांच की मांग
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने कांग्रेस नेता सिद्धरमैया को निशाना बनाकर किए गए कथित स्टिंग ऑपरेशन की सोमवार को उचित जांच की मांग की और मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार तथा कांग्रेस सरकार पर इस मामले में बहुत कम रुचि दिखाने का आरोप लगाया। विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि सिद्धरमैया का इस्तेमाल करने और बाद में उन्हें दरकिनार करने की साजिश रची जा रही है, और दावा किया कि इस घटनाक्रम ने सत्ताधारी कांग्रेस के भीतर आंतरिक मतभेदों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मामलों में देरी करने के बजाय, मुख्यमंत्री को एक उचित जांच करानी चाहिए और इस पूरे प्रकरण को किसी निष्कर्ष तक पहुंचाना चाहिए।’’विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि ‘‘राजनीतिक हिसाब-किताब चुकता करने के लिए सीडी और पेन ड्राइव का इस्तेमाल किया जा रहा है।’’ उन्होंने दावा किया कि तथाकथित सीडी फैक्ट्री , जो पहले कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) कार्यालय से संचालित हो रही थी, अब विधानसभा सौध में स्थानांतरित हो गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस विधायक और वरिष्ठ मंत्री अपने खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो जारी होने की आशंका से डरे हुए हैं। उन्होंने शिवकुमार से जिम्मेदारी लेने और गहन जांच कराने का आग्रह करते हुए कहा, ‘‘यह केवल कांग्रेस पार्टी का आंतरिक मुद्दा नहीं है।’’यह स्टिंग ऑपरेशन कर्नाटक में चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें शिवकुमार ने दावा किया है कि उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें फंसाने का प्रयास किया गया था। हाल ही में, शिवकुमार के पूर्ववर्ती सिद्धरमैया ने एक सोशल मीडिया साइट पर पोस्ट किए गए एक मानहानिकारक वीडियो के प्रसारण पर अदालत से रोक का आदेश प्राप्त किया है। सिद्धरमैया की शिकायत के आधार पर पुलिस ने एक सोशल मीडिया साइट पर मानहानिकारक वीडियो पोस्ट करने के आरोप में जनता दल (सेक्युलर) के कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। केंद्रीय मंत्री और जेडी(एस) नेता एच डी कुमारस्वामी आरोप लगाते आ रहे हैं कि पुलिस वीडियो बनाने वाले असली दोषियों को बचाते हुए गलत लोगों को निशाना बना रही है। कुमारस्वामी ने आरोप लगाया है कि सरकार आरोपियों को परोक्ष रूप से सहायता दे सकती है और उन्होंने जांच से जुड़ी परिस्थितियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि यदि अधिकारी मुख्य आरोपियों को अग्रिम जमानत दिलाने में मदद करते हैं, तो जेडी(एस) चुप नहीं बैठेगी।
बीड़-बिलिंग में 28 अक्तूबर तक सोलो पैराग्लाइडिंग पर रोक
बीड़-बिलिंग मौसम: जिला काँगड़ा में स्थित विश्वविख्यात पैराग्लाइडिंग स्थल बीड़-बिलिंग में प्रतिकूल मौसम और हालिया हादसों के मद्देनजर प्रशासन ने 28 अक्तूबर तक सोलो पैराग्लाइडिंग उड़ानों पर रोक लगा दी है। उपमंडल अधिकारी (नागरिक) बैजनाथ संकल्प गौतम ने इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी किए हैं। हालांकि, अधिकृत एवं योग्य पायलटों और ऑपरेटरों की निगरानी में टैंडम उड़ानें सुचारू रूप.
यहां मकड़ी की लड़ाई पर लगाते हैं सट्टा... वीडियो देख आप कहेंगे- ये कुछ भी है!
इन दिनों सोशल मीडिया पर मकड़ियों की लड़ाई का दिलचस्प वीडियो वायरल हो रहा है. ऐसे खेल फिलीपींस में होते हैं. मकड़ियों की लड़ाई वहां एक पुराना खेल है. इसमें सट्टेबाजी भी होती है. लेकिन, ऐसा करना कानूनी परेशानी की वजह बन सकता है.
मुरैना में घायल मिला 19 महीने का चीता, पीठ पर चोट के निशान
Cheetah found injured in Morena: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के पहाड़गढ़ में 19 महीने का चीता घायल मिला. पीठ पर चोट के निशान के बाद उसे कूनो नेशनल पार्क के चिकित्सा केंद्र ले जाया गया. चोट का कारण जानने के लिए जांच जारी है.
सरकारी नौकरी में रिटायरमेंट के बाद कौन-कौन सी मिलती है सुविधाएं?
सरकारी नौकरी का क्रेज तो भारत में देखने को मिलता है. सुरक्षित जॉब, अच्छी सैलरी, भत्ते समेत अन्य सुविधाएं मिलती हैं. लेकिन ये सुविधाएं केवल नौकरी में रहते हुए नहीं बल्कि रिटायरमेंट के बाद भी मिलती हैं. चलिए जानते हैं कि वह कौन-कौन सी सुविधाएं हैं?
शिवा शर्मा मौत केस में कसा पुलिस का शिकंजा, श्रद्धा दुबे के 3 मददगारों की पहचान
लखनऊ के चर्चित कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस की तफ्तीश बेहद तेज हो गई है. गिरफ्तार मॉडल श्रद्धा दुबे और उसकी बहन रश्मि दुबे समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ पुलिस लगातार शिकंजा कस रही है. पुलिस अब श्रद्धा दुबे की फरारी के दौरान उसकी मदद करने वाले तमाम सहयोगियों को तलाशने में जुट गई है. जांच के दौरान लखनऊ पुलिस ने तीन ऐसे मुख्य मददगारों की पहचान कर ली है, जिन्होंने श्रद्धा दुबे को छिपने, कानूनी सलाह और वित्तीय सहायता प्रदान की थी.
गढ़वा में चक्रवात और भारी बारिश की आशंका से धान किसानों की बढ़ी चिंता
गढ़वा मौसम समाचार: खेतों में धान की फसल पककर कटाई के लिए तैयार है। कहीं किसान कटाई की तैयारी में जुटे हैं, तो कहीं फसल समेटने का इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच चक्रवात के प्रभाव से तेज हवा और भारी बारिश की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम का मिजाज बिगड़ा तो खेतों में खड़ी धान.
DMK के पूर्व मंत्री अंबिल महेश गिरफ्तार, 100 करोड़ की रिश्वत लाने का आरोप
तमिलनाडु के पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री अंबिल महेश पोय्यामोझी को चेन्नई पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी प्राइवेट स्कूलों को लाइसेंस देने से जुड़े 100 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार मामले में हुई है।
जब लेफ्ट-राइट आए साथ, चरण सिंह ने ढहाया कांग्रेस का किला!
प्या र के लिए बेटी ने पिता को मरवाया, नींद की गोली दी, सिर कुचला, जानें सबकुछ
इटावा में नाबालिग बेटी ने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पिता की हत्या कर दी. आरोप है कि दोनों ने खाने में नींद की गोलियां देकर उन्हें बेहोश किया, फिर चाकू और सिलबट्टे से हमला कर मार डाला. शव को फ्रिज में छिपाने की कोशिश नाकाम होने पर बक्से में बंद कर दिया. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया है.
पोस्ट ऑफिस की धाकड़ स्कीम, ₹5000 बचाएं... फिर मिलेंगे 8 लाख रुपये
Post Office Best Scheme: पोस्ट ऑफिस हर उम्र और हर वर्ग के लिए सरकार द्वारा संचालित स्मॉल सेविंग स्कीम्स ऑफर करता है. इनमें निवेश पर सुरक्षा की गारंटी के साथ ही रिटर्न भी जोरदार मिलता है.
तेल से गंदी हो गई किचन की चिमनी? बिना उतारे ऐसे करें साफ
Chimney Cleaning Tips: अगर आप भी दिवाली से पहले किचन की चिमनी को साफ करना चाहते हैं तो यहां हम आपको सबसे आसान तरीका बता रहे हैं जिससे आपको इसे बिना खोले और उतारे साफ कर सकते हैं.
भारत ने बना ली अपनी ड्रोन बोट, एलीट ग्रुप में हुआ शामिल
भारत अब बिना चालक वाले समुद्री जहाज (USV) बनाने वाले चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है. पुणे की सागर डिफेंस इंजीनियरिंग ने इसे विकसित किया है. यह निगरानी का काम भी करेगा. युद्ध में भी काम करेगा.
जज साहब बेटे को बचा रहे, पर मैं छोडूंगी नहीं; मर्सिडीज से कुचलकर मारे गए शख्स की बेटी
केरल में जज के नाबालिग बेटे ने अपनी मर्सिडीज से एक 55 वर्षीय जयबालकृष्णन को कुचल डाला। हादसे में व्यक्ति की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। अब इस मामले में मृत जयबालकृष्णन की बेटी का बयान आया है।
इंडिगो की गया से बैंकॉक सीधी फ़्लाइट बिहार के अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव को मजबूत करती है, मगध में बौद्ध पर्यटन, सांस्कृ
कुपवाड़ा में खराब मौसम से निपटने के लिए संयुक्त कंट्रोल रूम मजबूत
कुपवाड़ा मौसम आपातकालीन सहायता: कुपवाड़ा जिला प्रशासन ने खराब मौसम और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए संयुक्त कंट्रोल रूम को मजबूत किया है। सड़क बंद या बिजली गुल होने पर जनता को तुरंत सहायता देने के लिए अधिकारियों के संपर्क नंबर सार्वजनिक किए जा रहे हैं।
श्रावस्ती में 28-29 अक्टूबर को फिर खराब हो सकता है मौसम, भारी बारिश की चेतावनी
श्रावस्ती मौसम: मौसम विज्ञान विभाग ने आगामी 28 और 29 अक्टूबर को श्रावस्ती जिले में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक, भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है, जिसके चलते जिलाधिकारी ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
26 अक्टूबर 1947 की तारीख जम्मू-कश्मीर के इतिहास में बेहद अहम है। इसी दिन महाराजा हरि सिंह ने जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय के दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे। उल्लेखनीय है कि देश के बंटवारे के बाद जब चारों ओर अराजकता और अनिश्चितता का माहौल था, तब पाकिस्तान की ओर से आए कबायली हमलावरों ने कश्मीर पर हमला कर दिया था। संकट की उस घड़ी में महाराजा हरि सिंह ने भारत के साथ जुड़ने का फैसला किया और भारतीय सेना ने घाटी पहुंचकर हमलावरों को मुंहतोड़ जवाब दिया था। गौरतलब है कि वर्ष 1947 में ब्रिटिश शासन की समाप्ति और भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद रियासतों के सामने अपने भविष्य को लेकर फैसला लेने की चुनौती थी। जम्मू-कश्मीर की भौगोलिक स्थिति, सामरिक महत्व और विविध सामाजिक संरचना के कारण इस रियासत का भविष्य भारत और पाकिस्तान, दोनों के लिए अहम था। इसी बीच अक्टूबर 1947 में पाकिस्तान की ओर से आए कबायली लड़ाकों ने जम्मू-कश्मीर पर हमला कर दिया। तेजी से बिगड़ते हालात के बीच महाराजा हरि सिंह ने भारत से सैन्य सहायता मांगी और भारत में विलय का निर्णय लिया। इसे भी पढ़ें: Farooq Abdullah के बयान पर घमासान, BJP ने टिप्पणी को बताया राष्ट्रविरोधी महाराजा द्वारा विलय-पत्र पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद भारतीय सेना श्रीनगर पहुंची और हमलावरों के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया। इस कार्रवाई ने श्रीनगर और घाटी के बड़े हिस्से को हमलावरों के कब्जे में जाने से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी के बाद से 26 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर में विलय दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष भी केंद्र शासित प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। भाजपा विलय दिवस को राष्ट्रीय एकता, संप्रभुता और अखंडता के संदेश से जोड़ती रही है। पार्टी के लिए यह अवसर महाराजा हरि सिंह के फैसले को याद करने के साथ जम्मू-कश्मीर को देश की मुख्यधारा से जोड़ने की अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता दोहराने का भी है। भाजपा ने आज जम्मू के त्रिकुटा नगर स्थित प्रदेश मुख्यालय के साथ सभी 20 जिलों में आयोजन किये। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सत शर्मा ने नेताओं और कार्यकर्ताओं से इस दिन को उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाने का आह्वान किया था। बहरहाल, जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय केवल तत्कालीन सैन्य संकट से जुड़ी घटना नहीं, बल्कि रियासतों के भारत के साथ संवैधानिक संबंध स्थापित होने के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है। इसमें नया अध्याय तब जुड़ा जब अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधानों को निष्प्रभावी करते हुए जम्मू-कश्मीर का पुनर्गठन किया। इसके बाद पूर्ववर्ती राज्य को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख नाम के दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया।
Moga में पुरानी रंजिश के चलते SUV सवारों ने की ताबड़तोड़ गोलीबारी, 2 की मौत
पंजाब के मोगा जिले में कुछ अज्ञात लोगों द्वारा की गई गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन घायल हो गए। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, अज्ञात हमलावर रविवार शाम करीब सात बजे एक काले रंग की एसयूवी में आए और पीड़ितों पर कई गोलियां चलाईं। पुलिस को संदेह है कि यह घटना दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश का नतीजा हो सकती है। पुलिस ने पीड़ितों के परिवारों की शिकायत के आधार पर पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, लेकिन हमलावर अभी पकड़े नहीं गए हैं। पटियाला में पत्रकारों से बातचीत में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि गोलीबारी में शामिल लोगों को ऐसी सजा दी जाएगी, जो दूसरों के लिए एक मिसाल बनेगी। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने सोमवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया। मोगा में पत्रकारों से बातचीत में यादव ने बताया कि साहिल जिंदल अपने 4-5 दोस्तों के साथ बैठा था, तभी कुछ अज्ञात लोग एक कार में आए और उन पर गोलियां चला दीं। डीजीपी ने बताया कि गोली लगने से पांच लोग घायल हुए थे, जिनमें से साहिल जिंदल और गगनदीप सिंह की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मौके से प्वॉइंट30 बोर और नौ-एमएम के छह कारतूस बरामद किए। पुलिस ने मोगा के सिटी साउथ थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 (हत्या) और 109 (हत्या का प्रयास) सहित संबंधित धाराओं तथा शस्त्र अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पीड़ितों के परिजन की शिकायत पर पुनीत गाबा, किरनपाल सिंह, तेजिंदर सिंह, बलजीत कौर और जीवन सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। डीजीपी ने कहा कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है और हमलावरों के साथ ही अपराध में उनका साथ देने वालों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। घटना के कारण के बारे में डीजीपी ने कहा कि शुरुआती जांच में पुरानी रंजिश की बात सामने आई है, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि राज्य में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार के तहत कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रमुख केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि मोगा में गोलीबारी की घटना कोई इकलौती घटना नहीं है, बल्कि पंजाब सरकार की पूरी तरह विफलता का सबूत है। ढिल्लों ने आरोप लगाया, ‘‘पंजाब में आज हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी डरने लगे हैं। माताएं अपने बच्चों को बाहर भेजने से डरती हैं, व्यापारी अपनी दुकानें खोलने को लेकर आशंकित हैं और आम पंजाबी अपने ही राज्य में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।’’कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी इस घटना को लेकर आप सरकार की आलोचना की। बाजवा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पंजाब में मुख्यमंत्री और गृह मंत्री काम नहीं कर रहे हैं। भगवंत मान के शासन में पंजाबी और उनके परिवार अपराध के कारण अपने प्रियजनों को खो रहे हैं।’’शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी मोगा की घटना को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की।
अलर्ट मोड में रहें सभी जिलों के कलेक्टर, चक्रवात अर्नब का इन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा
चक्रवात अर्नब: बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान अर्नब का प्रभाव छत्तीसगढ़ में भी पड़ने की पूरी संभावना है। इन संभावनाओं के मद्देनजर शासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है और सोमवार को मंत्रालय में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों को इस बैठक में अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए.
रामायण में शामिल हुआ 28 साल पुराना अंग्रेजी गाना, म्यूजिक पर झूमते दिखे 'रावण' यश
बीते दिनों रामायण का दूसरा ट्रेलर रिलीज हुआ था, जिसे दर्शकों का भरपूर प्यार मिला, लेकिन ट्रेलर के बाद सोशल मीडिया पर एक खास बात चर्चा का विषय बन गई है.
E100 फ्यूल वाली गाड़ियों के लिए रास्ता साफ, पेट्रोल के बिना चलेगी आपकी कार
केंद्र सरकार ने 100 प्रतिशत एथनॉल (E100) और E85 ईंधन पर चलने वाले फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को आधिकारिक मंजूरी दे दी है।
कानपुर में ड्यूटी के दौरान सिक्योरिटी गार्ड पर गिरा 4 क्विंटल का गेट,चली गई जान; वीडियो वायरल
इस हादसे के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है, बताया जा रहा है कि गेट कई दिनों से खराब था. हादसे का वीडियो भी सामने आया है.
शुद्ध देसी घी के नाम पर क्या बिक रहा था? जानें मामला
गुजरात के जूनागढ़ में गिर गाय के शुद्ध देसी घी के नाम पर कथित मिलावटी उत्पाद बेचने का मामला सामने आया है. SOG पुलिस ने 300 से अधिक डिब्बे बरामद किए हैं. खाद्य विभाग ने सैंपल जांच के लिए भेजे हैं, जिसकी रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी. वीडियो में जानें मामला.
मनोज जरांगे को मिले 500 करोड़? SIT करेगी जांच
मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे से जुड़े 500 करोड़ रुपये के कथित लेनदेन और ऑडियो क्लिप विवाद में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने SIT जांच के निर्देश दिए हैं. इस बीच, शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर मामले की ED से जांच कराने की मांग की है.
एक ही दिन में दो छात्रों की मौत से कोचिंग फैक्ट्री कोटा में हड़कंप, इस साल बुझ गए 14 चिराग
Kota Students Death: कोटा में जेईई और नीट की पढ़ाई के लिए आए दो छात्रों ने एक ही दिन में अलग-अलग जगहों पर खुदकुशी कर ली. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और परिवार कोचिंग संस्थान पर आरोप लगा रहे हैं.
भारतीय सेना ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को भ्रामक और डिजिटल रूप से बदला हुआ बताया है। इस वीडियो में वरिष्ठ सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल गिरिश कालिया के नाम से कथित बयान प्रसारित किए जा रहे हैं। इनमें दावा किया गया है कि चीन ने अरुणाचल ...
1 नवंबर की रैली होगी या… खरगे के संकेत, राहुल के '30 सेकंड' और व्यापारियों के डर से बढ़ा सस्पेंस
कांग्रेस और INDIA गठबंधन की 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली को लेकर सस्पेंस बरकरार है। विपक्ष इसे वोट चोरी के खिलाफ अभियान बता रहा है, जबकि दिल्ली के व्यापारी त्योहारों के मौसम में कारोबार बचाने के लिए इसे टालने की मांग कर रहे हैं।
भारतीय B-Schools ने MBA सिलेबस में किया बड़ा बदलाव, AI और एनालिटिक्स कोर्स हुए शामिल
विपणन, वित्त और मानव संसाधन जैसे मुख्य विषयों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) उपकरण को शामिल करने से लेकर, ‘जेनरेटिव एआई’, डेटा एनालिटिक्स और जिम्मेदार एआई में विशेष पाठ्यक्रम शुरू करने तक, भारत के कई प्रबंधन (बी) स्कूल अपने पाठ्यक्रम को नए सिरे से तैयार कर रहे हैं। वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं ताकि विद्यार्थियों को पारंपरिक प्रबंधन सिद्धांत से आगे बढ़ाकर ‘इंटेलिजेंट मशीनों’ के साथ मिलकर काम करने के लिए दक्ष बनाया जा सके। प्रतिष्ठित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) पहले ही अपने कार्यक्रमों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को शामिल कर चुके हैं। अब कई निजी बी-स्कूल भी अपने पाठ्यक्रम को अद्यतन कर रहे हैं और विद्यार्थियों को एआई से जुड़े पाठ्यक्रम उपलब्ध करा रहे हैं। ‘जयपुरिया स्कूल ऑफ बिजनेस’ के निदेशक तपन कुमार नायक के अनुसार, ‘जेनरेटिव एआई’ ने प्रबंधन शिक्षा के मुख्य वादे — यानी अनिश्चितता की स्थिति में सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना — को पूरा करना और भी कठिन बना दिया है। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हमने पहले साल के पाठ्यक्रम में कारोबारी नेताओं के लिए उभरती तकनीकें और एआई विषय पर 30 घंटे का एक विशेष पाठ्यक्रम तैयार किया है। कुछ बेहतरीन बी-स्कूलों में मैनेजर्स के लिए एआई की बुनियादी बातें विषय पर 2-3 महीने का अनिवार्य कोर्स पढ़ाया जाता है। हमारे यहां ‘बिज़नेस एनालिटिक्स’ में एक विशेष विशेषज्ञीकरण है, जिसमें एआई अब इसका एक अहम हिस्सा बन गया है।’’नायक ने कहा कि वैश्विक बदलावों के साथ कदम मिलाने के लिए भारत के ज़्यादातर आईआईएम और यहां तक कि दूसरी श्रेणी के बी-स्कूल भी अब एआई-केंद्रित एमबीए कार्यक्रम पेश कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने ‘जवाबदेह एआई’ से जुड़े कोर्स की जरूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘इसे और अधिक नैतिक एवं जिम्मेदार बनाने के लिए, बी-स्कूलों को ‘जवाबदेह एआई’ पर एक पाठ्यक्रम अनिवार्य करना चाहिए, जिसमें एआई सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़ा एक मॉड्यूल भी शामिल हो। बी-स्कूलों को नए विद्यार्थियों के लिए एक कार्यशाला के साथ सत्र शुरू करना चाहिए, जिसमें उन्हें चैटजीपीटी और क्लाउड जैसे नए दौर के उभरते उपकरणों और एआई-आधारित सिमुलेशन के बारे में बताया जाए, ताकि सभी विद्यार्थी एक ही स्तर की जानकारी रख सकें।’’वैश्विक परप्रेक्ष्य सर्वे रिपोर्ट 2026 के अनुसार एआई, नियोक्ताओं की बदलती अपेक्षाएं और एमबीए कार्यक्रमों के लिए बदलती मांग, भारतीय प्रबंधन स्कूलों के सामने प्रमुख चुनौतियों के रूप में उभर रही हैं। यह सर्वेक्षण 22 डीन और शैक्षणिक प्रमुखों के सर्वेक्षण पर आधारित है। इसी तरह, ग्रेजुएट मैनेजमेंट एडमिशन काउंसिल के एक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है कि एआई उपकरणों का इस्तेमाल करना, भविष्य में नियोक्ताओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण कौशल होगा।
रिटर्न फ्रॉड का खेल खत्म! आ गया Apple का स्कैनर, iPhone खरीदने वालों के लिए काम की खबर
Apple ने रिटेल स्टोर्स के लिए नया Presto स्कैनर लॉन्च किया है। सीलबंद बॉक्स को खोले बिना वापस किए गए iPhones की जांच और रिटर्न फ्रॉड रोकने की जादुई तकनीक यहाँ जानें.
कौन हैं शादाब की पत्नी और क्या करती हैं काम? सरेआम लुटाया प्यार!
9 साल के लंबे इंतजार के बाद शादाब खान ने अपने वनडे करियर का पहला शतक जड़ा. शादाब खान ने 154 रन पर 9 विकेट गिरने के बावजूद हिम्मत नहीं हारी और टीम को एक यादगार जीत दिला दी. इतना ही नहीं इस जीत के साथ ही कई बड़े रिकॉर्ड भी पाकिस्तान क्रिकेट टीम के नाम जुड़ गया.
किसका होगा टीएमसी वाला निशान, सुप्रीम कोर्ट ने ऋतब्रत बनर्जी गुट को 10 दिन और दिया समय
सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी सिंबल विवाद मामले में ऋतब्रत बनर्जी गुट को 10 दिन का समय और दिया है. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से तीन महीने में इसपर फैसला लेने को कहा था.
केदारनाथ, यमुनोत्री से लेकर कश्मीर तक बर्फबारी, सफेद चादर में ढकीं वादियां
उत्तराखंड से लेकर जम्मू कश्मीर के पर्वतीय इलाकों में हुई ताजा बर्फबारी ने पहाड़ों की खूबसूरती में चार चांद लगा दिए हैं. केदारनाथ धाम, यमुनोत्री धाम और कश्मीर के बांदीपोरा सहित कई ऊंचाई वाले इलाकों में जमकर बर्फबारी देखने को मिल रही है. बर्फ की सफेद चादर में लिपटी वादियों और धुंध के आगोश में खोते पहाड़ों को देखकर पर्यटक बेहद रोमांचित नजर आ रहे हैं.
बिना डिग्री 50 हज़ार तक कमाई, Gen Z कैसे बदल रहे हैं पूरा गेम!
19-20 साल के कॉलेज छात्र यूजीसी वीडियो, माइक्रो-सास टूल और स्किल आधारित फ्रीलांसिंग से घर बैठे कमाई कर रहे हैं. ये मॉडल उन्हें डिग्री मिलने से पहले 25 से 50 हजार रुपये तक के पे-आउट और विदेशी क्लाइंट्स से डॉलर में भुगतान का रास्ता दे रहे हैं.
पीएम मोदी के पिता पर खड़गे के बयान से सियासी बवाल, BJP हमलावर
पटना में भाषण के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम नरेंद्र मोदी के पिता पर विवादित टिप्पणी की. इस बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. गृहमंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह और सीएम योगी आदित्यनाथ ने खड़गे के इस बयान को निंदनीय बताते हुए कांग्रेस से पूरे देश से तुरंत माफी मांगने की मांग की है.
डियर खरगे, मोदी कहीं नहीं जाएगा ब्रो.. राहुल और कांग्रेस अध्यक्ष के लिए BJP का मैसेज
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की पीएम मोदी के दिवंगत पिता पर की गई टिप्पणी को लेकर विवाद हो रहा है. इसी बीच बीजेपी ने पोस्ट कर कांग्रेस और खरगे पर तंज कसा है.
इंग्लैंड की लग्जरी लाइफ छोड़, नेपाल के लड़के से की शादी... ऐसे बचाए करोड़ों
इंग्लैंड की एक महिला वहां की अच्छी- खासी नौकरी और लग्जरी लाइफ छोड़कर नेपाल रहने आ गई. उसे यहां एक शख्स से प्यार हुआ. फिर उससे शादी की और अब वह यहीं रह रही है.
'एक मुहावरे का इस्तेमाल किया, किसी के पिता का अपमान नहीं', खरगे के बयान पर बोले शशि थरूर
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के 'मोदी का बाप भी जाएगा' बयान पर विवाद के बाद, शशि थरूर ने इसे एक आम मुहावरा बताया।
दुनिया भर में भड़का जन आक्रोश, क्यों सड़कों पर उतरी जनता? देखें
दुनिया भर के 57 से अधिक देशों में बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार, शिक्षा संकट और आवास की कमी को लेकर जनता सड़कों पर उतर आई है. फ्रांस, स्पेन, अल्बेनिया, इटली और सर्बिया जैसे देशों में सरकार विरोधी आंदोलन तेज हो चुके हैं. इन प्रदर्शनों से न केवल राजनीति में उथल-पुथल मच रही है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और कारोबार को भी अरबों का नुकसान हो रहा है. जानिए पूरी दुनिया में क्यों फैली है आंदोलनों की यह आग.
गुजरात के द्वारका, कच्छ, पोरबंदर और जामनगर सूखाग्रस्त घोषित, किसानों को प्रति हेक्टेयर 8500 की मदद
Gujarat Drought Relief Package: गुजरात में इस साल कम बारिश के कारण किसानों और पशुपालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पानी की कमी और फसल खराब होने की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने राहत के कदम उठाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ...
डोंग थाप में 2019-2020 जैसी गंभीर खारे पानी की घुसपैठ की चेतावनी
खारे पानी का घुसपैठ: नवंबर 2026 के मध्य से खारे पानी का प्रवेश हो सकता है, जिसका स्तर 2019-2020 के शुष्क मौसम के बराबर होगा। डोंग थाप प्रांत को सक्रिय जल भंडारण, फसल ऋतुओं में समायोजन और घरेलू जल स्रोतों के संरक्षण की आवश्यकता है।
राहु के घर में सूर्य, धनतेरस तक इन 5 राशियों को देगा धन लाभ
Surya Nakshatra Gochar 2026: सूर्य 6 नवंबर तक राहु के स्वामित्व वाले स्वाति नक्षत्र मे रहने वाले हैं. संयोगवश 6 नवंबर को धनतेरस भी है. ज्योतिषविदों का कहना है कि राहु के घर में सूर्य का प्रवेश अगले कुछ दिनों तक कई राशियों को लाभ देने वाला है.
दक्षिणी वियतनाम में 27 अक्टूबर से बारिश लौटने का अनुमान है
दक्षिणी वियतनाम में बारिश: दक्षिणी वियतनाम में बारिश और मध्य क्षेत्र में भारी बारिश का दौर शुरू होने वाला है। राष्ट्रीय मौसम विज्ञान और जल विज्ञान पूर्वानुमान केंद्र ने चेतावनी दी है कि 27 अक्टूबर से 29 अक्टूबर के बीच कई इलाकों में भारी वर्षा हो सकती है जिससे निचले क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
कल का मौसम 27 अक्टूबर: 11 घंटे के भीतर 25 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट
कल का मौसम 27 अक्टूबर: कल का मौसम 27 अक्टूबर 2026 को मानसून के बाद चक्रवात अर्नब के कहर से उत्तर प्रदेश, दिल्ली और बिहार समेत देश के 25 राज्यों में भारी बारिश और 95 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने का गंभीर अलर्ट जारी किया गया है।
हम आज जिस गाने के बारे में बात कर रहे हैं वो है 1981 में आई फिल्म ज्योति (Jyoti 1981) का गाना. यह हेमा मालिनी (Hema Malini) और जीतेंद्र (Jeetendra) की फिल्म का है. इसे अरुणा ईरानी (Aruna Irani) पर फिल्माया गया था.
इस सुरंग से होकर गुजरेगी बुलेट ट्रेन, लंबाई 21 किलोमीटर
जल्द ही बुलेट ट्रेन का सपना सच होने वाला है, वैसे अगले साल 15 अगस्त से पटरी पर बुलेट ट्रेन रफ्तार भरने लगेगी. दिन-राज प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है. मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (MAHSR), जो देश का पहला बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट है, अपनी शानदार इंजीनियरिंग और तकनीकी चुनौतियों के कारण पूरी दुनिया का ध्यान खींच रहा है.
दिल्ली-एनसीआर में रविवार रात हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद मौसम अचानक बदल गया है. सोमवार को सीजन की सबसे ठंडी सुबह दर्ज की गई, जहां न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया.
वियतनाम मौसम पूर्वानुमान: मध्य वियतनाम में बहुत भारी बारिश और दक्षिणी वियतनाम में धूप
वियतनाम मौसम पूर्वानुमान: थान्ह होआ से ह्यू तक के क्षेत्र में बहुत भारी बारिश की संभावना है, उत्तर में धूप और शुष्क मौसम रहेगा, दक्षिण में धूप रहेगी और अन्य क्षेत्रों में देर दोपहर और शाम को गरज के साथ बारिश हो सकती है।
सैटेलाइट लॉन्चिंग में भारत की लंबी उड़ान, ISRO बनाएगा 4 लॉन्च पैड
भारत का स्पेस प्रोग्राम अब और तेज होने वाला है. ISRO 2029 तक चार लॉन्च पैड तैयार करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है. इसके साथ गगनयान के टेस्ट, चंद्रयान-5 और प्राइवेट कंपनियों की भूमिका भी बढ़ेगी.
बिना इस्तेमाल किए खत्म हो रही फोन की बैटरी? चेक करें ये चीजें
फोन इस्तेमाल नहीं करने पर भी बैटरी तेजी से खत्म हो रही है? इसके पीछे बैकग्राउंड में चलने वाले ऐप्स, लोकेशन सेटिंग्स और कमजोर नेटवर्क जैसी वजहें हो सकती हैं. कुछ आसान सेटिंग्स बदलकर आप बैटरी की खपत कम कर सकते हैं. जानिए फोन की बैटरी बचाने के आसान तरीके.
बेटी के प्रेम प्रसंग पर भड़का परिवार, प्रेमी और उसके पिता को नंगा कर घुमाया
कोलकाता के बेहाला इलाके में प्रेम संबंध को लेकर बर्बरता का मामला सामने आया है. आरोप है कि एक युवती के परिजनों ने उसके साथ पकड़े गए युवक और उसके दोस्त को कमरे में बंद कर पीटा. इसके बाद युवक के पिता को भी बुलाया गया और तीनों को निर्वस्त्र कर मोहल्ले में घुमाया गया. मामले में युवती के माता-पिता और मामा गिरफ्तार हुए हैं.
E100 पेट्रोल को सरकार की मंजूरी, क्या आपकी कार में भी भर सकेगा 100% इथेनॉल वाला फ्यूल?
केंद्र सरकार ने मोटर वाहन नियमों में संशोधन करते हुए फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों (Flex-Fuel Vehicles) के लिए E100 ईंधन के इस्तेमाल का रास्ता साफ कर दिया है। सोमवार को अधिसूचित इस बदलाव के तहत विशेष रूप से डिजाइन और प्रमाणित वाहन अब 100% तक इथेनॉल वाले ईंधन ...
'उसके पिता ही उसे बचा रहे हैं', मर्सिडीज हादसे पर मृतक की बेटी का छलका दर्द
कोच्चि में एक नाबालिग ने तेज रफ्तार मर्सिडीज से स्कूटर सवार जयाबालकृष्णन को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई।
ट्रेन नंबर 01441/01442 पुणे से दानापुर के लिए नई स्पेशल ट्रेन का ऐलान किया है. यह ट्रेन 1 नवंबर से सप्ताह में 5 दिन चलायी जाएगी. यह ट्रेन महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार पहुंचेगी.

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