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19 लाख का लोन, दो कत्ल और... 19 लाख के लालच में मां-बेटे की हत्या

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में शिक्षिका रजनी बरेठ और उनके बेटे सुजल की हत्या के मामले में पुलिस ने प्रवेश कुमार को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, करीब 19 लाख रुपये के लोन की रकम हासिल करने के लिए आरोपी ने पहले रजनी की हत्या की और फिर राज खुलने के डर से सुजल को भी मार डाला.

आज तक 23 Oct 2026 4:39 pm

मिलावटखोरी पर रेखा सरकार सख्त, 322 KG नकली घी जब्त

दिल्ली में त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने कई स्टोरों पर छापेमारी कर 322 किलो से ज्यादा घी जब्त किया है. मिठाई, बिस्कुट और दूसरी खाद्य सामग्री के सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं.

आज तक 23 Oct 2026 4:38 pm

सौरव दास और आशुतोष रांका क्या कानूनी दांवपेच में फंसते आ रहे नजर?

कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका तिहाड़ जेल से बाहर आ गए हैं, लेकिन उन्हें मामले में बरी नहीं किया गया है. दिल्ली की स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोनों के जमानत बांड स्वीकार करने के बाद रिहाई का आदेश दिया. यह फैसला शांति बनाए रखने से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया के तहत आया है. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि कोर्ट से रिहाई मिलने का क्या मतलब है और मामले की जांच जारी रहने के बावजूद दोनों को जेल से बाहर आने की अनुमति कैसे मिली.

आज तक 23 Oct 2026 4:34 pm

Andhra Pradesh Panchayat Polls: नामांकन के दौरान 13 जिलों में 31 हिंसक घटनाएं, पुलिस पर पथराव

आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान बृहस्पतिवार को 13 जिलों में हिंसा और नामांकन नष्ट किए जाने सहित चुनाव से जुड़ी 31 घटनाएं दर्ज की गईं। राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने यह जानकारी दी। पुलिस महानिदेशक हरीश कुमार गुप्ता ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि दर्ज की गई कुल घटनाओं में से 22 घटनाएं हिंसा, झड़प और सार्वजनिक कानून-व्यवस्था में व्यवधान से जुड़ी थीं, जबकि नौ घटनाएं नामांकन पत्र छीनने या फाड़ने से संबंधित थीं। डीजीपी के अनुसार, अनंतपुर जिले में सबसे ज्यादा आठ घटनाएं सामने आईं। इसके बाद अन्नमय्या, कडप्पा, प्रकाशम और तिरुपति जिलों में तीन-तीन घटनाएं दर्ज की गईं। वहीं चित्तूर, श्री सत्य साई और पलनाडु में दो-दो तथा पांच अन्य जिलों में एक-एक घटना घटी। उन्होंने बताया कि राज्य भर में नामांकन पत्र छीनने या नष्ट करने के कुल 16 मामले सामने आए। इसके अलावा छह घटनाओं में पथराव या लाठी-डंडों से हमला किया गया, जबकि चार वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। डीजीपी ने बताया कि उपद्रवियों ने दो घरों को नुकसान पहुंचाया और एक घर को बुलडोजर से ढहा दिया। इस दौरान हवा में गोलीबारी की एक घटना भी सामने आई, जबकि तीन स्थानों पर मार्ग अवरोध, धरना-प्रदर्शन या यातायात बाधित किया गया। हिंसा के दौरान तीन उम्मीदवारों को नामांकन केंद्र ले जा रहे पुलिस वाहन पर पथराव किया गया, जिसमें एक पुलिस कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके अलावा एक उम्मीदवार समेत दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि तीन अलग-अलग झड़पों में कई अन्य लोगों को चोटें आई हैं। इन घटनाओं में तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी), वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और निर्दलीय उम्मीदवारों को निशाना बनाया गया। डीजीपी गुप्ता ने बताया कि मंडल परिषद कार्यालय के मुख्य द्वारों पर, नामांकन केंद्रों के भीतर और निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के अंदर नामांकन पत्र छीने या फाड़े गए। एक मामले में तो उम्मीदवार जब पुलिस को अपने दस्तावेज दिखा रहा था, तभी पत्र छीन लिए गए। पुलिस ने अब तक 16 मामले दर्ज किए हैं, जबकि 11 अन्य घटनाओं में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। मौके से चार लोगों को हिरासत में लिया गया है और कम से कम 54 लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 170 के तहत एहतियाती कार्रवाई की है। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को तीन मौकों पर लाठीचार्ज करना पड़ा और दो आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े।

प्रभासाक्षी 23 Oct 2026 4:33 pm

JLN Stadium में Diljit Dosanjh के शो का रास्ता साफ, सुरक्षा समीक्षा के बाद Delhi Police दी मंजूरी

दिल्ली पुलिस ने आयोजकों के साथ सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करने के बाद दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट को मंजूरी दे दी है। अधिकारियों ने ANI को बताया कि कई दौर की बैठकों के बाद यह फैसला लिया गया, जिसमें आयोजकों ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए विस्तृत योजनाएं पेश कीं। यह मंजूरी ऐसे समय में मिली है जब इस हफ्ते की शुरुआत में कॉन्सर्ट को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई थी। खबरों के अनुसार, तब पुलिस ने सुरक्षा संबंधी इनपुट, त्योहारों के मौसम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी अन्य जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए इस कार्यक्रम के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसे भी पढ़ें: मुंबई में बम धमाकों की धमकी: Amitabh Bachchan का 'जलसा' और Diljit Dosanjh का कॉन्सर्ट निशाने पर, पुलिस जांच में जुटी 30 अक्टूबर को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने वाला दिलजीत का कॉन्सर्ट, उनके 'ऑरा इंडिया टूर 2026' का हिस्सा है। एक पुरानी रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) कार्यालय से टिकटिंग प्लेटफॉर्म 'बुकमायशो' (BookMyShow) को भेजे गए एक पत्र में कहा गया था कि सुरक्षा संबंधी खतरों और त्योहारों के मौसम में सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए अनुमति नहीं दी जा सकती। पुलिस ने राजधानी में कानून-व्यवस्था से जुड़ी अन्य जिम्मेदारियों का भी हवाला दिया। गायक के कॉन्सर्ट में भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए, सुरक्षा इंतजाम एक बड़ी चिंता का विषय थे। हालांकि, आयोजकों के साथ कई दौर की बैठकों और उनकी सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा के बाद, अब अनुमति दे दी गई है। इस नए फैसले से कार्यक्रम के आयोजन का रास्ता साफ हो गया है, हालांकि सुरक्षा इंतजामों के बारे में अभी कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसे भी पढ़ें: Diljit Dosanjh के फैंस को बड़ा झटका: पुलिस से अनुमति न मिलने के कारण 30 अक्टूबर का दिल्ली कॉन्सर्ट अधर में दिलजीत ने अक्टूबर की शुरुआत में अपने 'ऑरा टूर' (Aura Tour) के भारत चरण की घोषणा की, जिसमें सात शहर शामिल हैं। इस टूर में दिल्ली-NCR, इंदौर, अहमदाबाद, मुंबई, बेंगलुरु, चंडीगढ़ और लखनऊ शामिल हैं। भारत चरण की घोषणा से पहले, यह गायक उत्तरी अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया में परफॉर्म कर चुके हैं। उन्होंने पंजाबी संगीत को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुँचाने का काम जारी रखा है; इसमें वेम्बली में दी गई उनकी एक परफॉरमेंस भी शामिल है, जिसे पंजाबी गायकों के लिए एक अहम उपलब्धि माना गया था। अब दिल्ली शो के लिए अनुमति मिल गई है, इसलिए 30 अक्टूबर को होने वाले इस कॉन्सर्ट का इंतज़ार कर रहे प्रशंसक, इवेंट और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी आगे की जानकारी के लिए आयोजकों से संपर्क कर सकते हैं।

प्रभासाक्षी 23 Oct 2026 4:28 pm

4 राज्यों की 28 MLC सीटों पर मतदान, हरियाणा के कई शहरों में ब्लैकआउट, देखें बड़ी खबरें

देश के चार प्रमुख राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में विधान परिषद की 28 सीटों के लिए मतदान प्रक्रिया जारी है. इस चुनाव में एनडीए और महागठबंधन के बीच तीखा मुकाबला देखा जा रहा है. पटना में राजद उम्मीदवार के घर देर रात पुलिस पहुंचने से विवाद गहरा गया है. हरियाणा में करीब 40 हजार बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के कारण गुरुग्राम और अंबाला समेत कई शहरों में ब्लैकआउट का संकट पैदा हो गया है, जिससे उद्योग और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.

आज तक 23 Oct 2026 4:26 pm

बिजली कर्मचारियों की हड़ताल, गुरुग्राम में 50 हजार से ज्यादा घरों की बत्ती गुल

हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के कारण राज्य में गंभीर बिजली संकट पैदा हो गया है. गुरुग्राम, नूंह, सोनीपत, रोहतक और रेवाड़ी जैसे प्रमुख जिलों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है. अकेले गुरुग्राम में 50 हजार से अधिक घरों की बत्ती गुल है और लगभग 1800 औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन पूरी तरह रुक गया है. लोगों को पीने के पानी की समस्या और इन्वर्टर बैकअप खत्म होने जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. बिजली विभाग के करीब 98 प्रतिशत यानी लगभग 40 से 50 हजार कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हैं.

आज तक 23 Oct 2026 4:23 pm

Special Cell, Crime Branch और EOW में नए DCP तैनात, Delhi Police ने किए 25 तबादले

दिल्ली पुलिस में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है, जिसके तहत 25 IPS और DANIPS अधिकारियों का तबादला कर उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। कई अधिकारियों को नई पोस्टिंग दी गई है, जबकि कुछ को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इस फेरबदल में क्राइम ब्रांच, स्पेशल सेल, सिक्योरिटी, इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW), एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और कई जिला पुलिस इकाइयों जैसे महत्वपूर्ण विभाग शामिल हैं। एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इन बदलावों का उद्देश्य पुलिस बल को अधिक प्रभावी बनाना और इसकी विभिन्न इकाइयों की कार्यप्रणाली में सुधार करना है। यहाँ उन अधिकारियों की पूरी सूची दी गई है जिनका तबादला किया गया है और उनकी नई पोस्टिंग की जानकारी है। इसे भी पढ़ें: Delhi Protest: गृह मंत्रालय का एक और बड़ा फैसला, CJP प्रोटेस्ट के बीच उठा लिया ये बड़ा कदम दिल्ली पुलिस ट्रांसफर लिस्ट: IPS और DANIPS अधिकारी मोनिका भारद्वाज: एडिशनल CP, एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) | पहले: एडिशनल CP, क्राइम ब्रांच राहुल मलिक: एडिशनल CP, सिक्योरिटी | पहले: पोस्टिंग का इंतज़ार कर रहे थे गौरव शर्मा: एडिशनल CP, सिक्योरिटी | पहले: पोस्टिंग का इंतज़ार कर रहे थे राजा बंथिया: DCP (टेक्निकल) और PI, साथ ही DCP (IT) का अतिरिक्त प्रभार | पहले: DCP (टेक्निकल) और PI नेहा यादव: DCP, PMMC | पहले: SPUWAC का अतिरिक्त प्रभार संभाल रही थीं प्रवीण कुमार त्रिपाठी: DCP, CP सचिवालय | पहले: DCP, स्पेशल सेल सुबोध कुमार गोस्वामी: डिप्टी डायरेक्टर, DPA | पहले: DCP, EOW जसबीर सिंह: एडिशनल DCP-I, आउटर डिस्ट्रिक्ट | पहले: एडिशनल DCP-II, साउथ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट सौरभ चंद्रा: एडिशनल DCP-I, वेस्ट डिस्ट्रिक्ट | पहले: एडिशनल DCP-II, द्वारका डिस्ट्रिक्ट आदित्य गौतम: DCP, क्राइम | पहले: ACP, क्राइम डॉ. विकास श्योकंद: DCP, स्पेशल सेल (CDC) | पहले: पोस्टिंग का इंतज़ार कर रहे थे ए. वेंकटेश: एडिशनल DCP-II, शाहदरा डिस्ट्रिक्ट (CDC) | पहले: पोस्टिंग का इंतज़ार कर रहे थे मनोज कुमार मीना: एडिशनल DCP-II, साउथ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट (CDC) | पहले: एडिशनल DCP-I, आउटर डिस्ट्रिक्ट (CDC) विनय माथुर: एडिशनल DCP-II, रोहिणी डिस्ट्रिक्ट (CDC) | पहले: पोस्टिंग का इंतज़ार कर रहे थे गुरसेवक सिंह: एडिशनल DCP-II, नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट (CDC) | पहले: पोस्टिंग का इंतज़ार कर रहे थे अजय कुमार: DCP, सिक्योरिटी (CDC) | पहले: एडिशनल DCP-II, नॉर्थ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट (CDC) रीना लता: एडिशनल DCP, SPUWAC (CDC) | पहले: ACP, SPUWAC विदुषी कौशिक: एडिशनल DCP-II, द्वारका डिस्ट्रिक्ट (CDC) | पहले: SDPO, सदर बाज़ार, नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट मनु हिमांशु: DCP, DE सेल (CDC) | इससे पहले: ACP, DE सेल सकारिया मिहिर प्रवीणभाई: अतिरिक्त DCP-II, आउटर डिस्ट्रिक्ट (CDC) | इससे पहले: ACP, ऑपरेशंस, साउथ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट गरिमा तिवारी: DCP, DSF, नई दिल्ली डिस्ट्रिक्ट (CDC) | इससे पहले: SDPO, तिलक नगर, वेस्ट डिस्ट्रिक्ट आशीष कुमार: DCP, EOW (CDC) | इससे पहले: ACP, स्पेशल सेल मनीष लाडला: DCP, क्राइम (CDC) | इससे पहले: ACP, क्राइम रोहित गुप्ता: DCP, सिक्योरिटी (CDC) | इससे पहले: ACP, सिक्योरिटी राम दुलाश मीणा: अतिरिक्त DCP-II, नॉर्थ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट | इससे पहले: अतिरिक्त DCP-II, नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट

प्रभासाक्षी 23 Oct 2026 4:23 pm

SIR के विरोध में Delhi में Election Commission मुख्यालय की ओर मार्च, सुरक्षा कड़ी

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ शुक्रवार को मध्य दिल्ली में निकाला गया मार्च कड़ी सुरक्षा में निर्वाचन आयोग के मुख्यालय की ओर बढ़ा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मतदाताओं के नाम कथित तौर पर हटाए जाने को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की। ‘पीपुल अगेंस्ट एसआईआर’ की दिल्ली समन्वय समिति की ओर से आयोजित इस मार्च में छात्रों, युवाओं और किसानों सहित कई लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारी तिरंगा और संगठन के बैनर लेकर मार्च में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने ‘‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’’, ‘‘एसआईआर रोको’’ और ‘‘वोट चोरी बर्दाश्त नहीं करेंगे’’ जैसे नारे लगाए। मार्च में माकपा की वरिष्ठ नेता वृंदा करात, ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक वुमेंस एसोसिएशन (एआईडीडब्ल्यूए) और ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (एआईडीएसओ) के सदस्य भी शामिल हुए। मार्च कालीबाड़ी मार्ग और भाई वीर सिंह मार्ग के चौराहे पर स्थित गोल डाकखाना के पास से शुरू हुआ। क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने भी इस प्रदर्शन को समर्थन दिया। मार्च में दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। मार्च से पहले बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास सुरक्षा बढ़ा दी गई तथा दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवानों को बड़ी संख्या में तैनात किया गया। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को रोके जाने पर वे सड़क पर बैठ गए और आयोजकों की घोषणा के अनुसार ‘जन संसद’ आयोजित की। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘‘यह जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल के रूप में बहाल करने का मामला नहीं, बल्कि लोकतंत्र और देश को बचाने की लड़ाई है।’’एक अन्य प्रदर्शनकारी ने देशभर में विभिन्न संगठनों द्वारा प्रदर्शन की घोषणाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की अधिसूचित सूची से हटाए जाने के बाद देश की हर सड़क जंतर-मंतर बन जाएगी। ‘पीपुल अगेंस्ट एसआईआर’ ने विभिन्न शहरों में हो रहे प्रदर्शनों की जानकारी देने के लिए एक वेबसाइट भी शुरू की है। इस समूह के अनुसार, 18 राज्यों के 88 शहरों में 145 संगठनों की भागीदारी से प्रदर्शन की योजना बनाई गई है। समूह ने शुक्रवार को होने वाले प्रदर्शनों की सूची जारी की है और एसआईआर के खिलाफ अपने अभियान के तहत एक नवंबर तक के कार्यक्रमों की भी घोषणा की है। आयोजकों ने किसानों, मजदूरों, युवाओं, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों से राष्ट्रीय ध्वज लेकर मार्च में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि मार्च शांतिपूर्ण और अनुशासित रहेगा। पुलिस जहां भी मार्च को रोकेगी, वहां प्रतिभागी ‘जन संसद’ आयोजित करेंगे। इसके बाद प्रस्ताव पारित किए जाएंगे और राष्ट्रगान गाया जाएगा। एसएफआई ने शुक्रवार को मध्य दिल्ली और जिला मुख्यालयों में एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए प्रदर्शन करने का भी आह्वान किया है। इस मार्च के मद्देनजर मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में यातायात मार्गों में बदलाव किया गया। दिल्ली यातायात पुलिस ने बताया कि ये बदलाव दोपहर एक बजे से शाम पांच बजे तक लागू रहेंगे। उसने कहा कि बंगला साहिब गुरुद्वारे, कनॉट प्लेस, संसद मार्ग और जंतर-मंतर के आसपास यातायात जाम और देरी का सामना करना पड़ सकता है। यातायात पुलिस ने यात्रियों को प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने, अपनी यात्रा की पहले से योजना बनाने और जहां संभव हो, वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

प्रभासाक्षी 23 Oct 2026 4:23 pm

एक ही मायका, एक ही ससुराल, अब सरपंच का चुनाव लड़ेंगी दो सगी बहनें

नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के पैतृक गांव बरणगांव में सरपंच चुनाव दिलचस्प हो गया है. यहां उनके दो बड़े भाइयों की पत्नियां मीरा बेनीवाल और राजबाला बेनीवाल आमने-सामने हैं. खास बात यह है कि दोनों सगी बहनें हैं. सरपंच पद के लिए कुल सात महिला प्रत्याशी मैदान में हैं और 2,970 मतदाताओं के फैसले पर सबकी नजरें टिकी हैं.

आज तक 23 Oct 2026 4:22 pm

‘हनुमान अंश’ की सफलता का असर! बॉलीवुड में संतों पर बनेंगी 6 फिल्में

‘हनुमान अंश’ की कथित 450 करोड़ रुपये की कमाई के बाद बॉलीवुड में संतों की कहानियों पर फिल्में बनाने की तैयारी तेज हो गई है. तुलसीदास की जिंदगी पर दो ‘रामबोला’ फिल्में बनेंगी, वहीं साईं बाबा, संत रविदास और स्वामी हरिदास की कहानियां भी बड़े पर्दे पर आएंगी. जानें इन फिल्मों की पूरी डिटेल.

आज तक 23 Oct 2026 4:20 pm

Voter List में गलत नाम होने पर भी नहीं रुकेगा वोट, UP MLC Election के लिए EC का निर्देश

उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) चुनावों की मतदाता सूची में कुछ अजीबोगरीब प्रविष्टियां मिलने के बाद चुनाव आयोग (EC) ने स्पष्टीकरण जारी किया है। इनमें राम ने यादव को मारा और राम ने शर्मा को मारा जैसे नाम शामिल हैं। एक मामले में तो मतदाता के पिता का नाम https://B.Com दर्ज पाया गया। उत्तर प्रदेश में 11 MLC सीटों के लिए शुक्रवार को होने वाले मतदान से पहले, इलाहाबाद-झांसी ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में ये गड़बड़ियां सामने आईं। इन अजीब प्रविष्टियों को दर्शाने वाली एक सूची सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसके बाद चुनाव आयोग को इस पर प्रतिक्रिया देनी पड़ी। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने गुरुवार को इन गलतियों को स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि 11 निर्वाचन क्षेत्रों की कुल 14.81 लाख प्रविष्टियों (entries) में से 158 ऐसी प्रविष्टियां मिली हैं, जिनमें असामान्य जानकारी दर्ज थी। इसे भी पढ़ें: Dark Web पर डेटा लीक के दावे के बीच SBI की सफाई, 3897 ग्राहकों के बैंक खाते बिल्कुल सुरक्षित मतदाता सूची में 158 गलत प्रविष्टियां मिलीं रिनवा ने कहा कि इन गलतियों का असर कुल मतदाताओं के बहुत छोटे हिस्से पर ही पड़ा है। कई मामलों में, ये गलतियां तब हुईं जब मतदाता सूची को ऑनलाइन तैयार करने के लिए इस्तेमाल किए गए सॉफ्टवेयर ने नामों का गलत अनुवाद कर दिया। उत्तर प्रदेश में पहली बार स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतदाता सूचियां डिजिटल तरीके से तैयार की गईं। इससे पहले, यह प्रक्रिया जिला स्तर पर मैन्युअल (हाथ से) तरीके से की जाती थी। इन असामान्य प्रविष्टियों जिनमें गलत नाम और अन्य विवरण शामिल थे। डिजिटल तरीके से तैयार की गई मतदाता सूचियों की सटीकता पर सवाल खड़े कर दिए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने बताया कि इनमें से कई गड़बड़ियां सॉफ्टवेयर द्वारा नामों के गलत अनुवाद के कारण हुई हैं। इसे भी पढ़ें: 'पैसा कभी हमारे बीच नहीं आया': Bigg Boss 20 में Mahhi Vij के एलिमनी ठुकराने पर Jay Bhanushali का दिल जीतने वाला रिएक्शन योग्य मतदाताओं को वोट देने के अधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा मतदान से पहले, बुधवार को रिनवा ने यह भी स्पष्ट किया था कि 23 अक्टूबर को होने वाले उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनावों में किसी भी योग्य मतदाता को वोट देने के अधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि मतदाता सूची में उनके नाम या अन्य विवरणों में छोटी-मोटी लिपिकीय (clerical) या छपाई संबंधी गलतियां हो सकती हैं। उन्होंने एक बयान में कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार लागू किया गया यह प्रावधान, पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों में लागू होगा। अधिकारियों को मतदाताओं की पहचान सत्यापित करने का निर्देश रिनवा ने बताया कि सभी संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया गया है कि मतदाता सूची में छोटी-मोटी गलतियों की वजह से पात्र मतदाताओं को कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि अगर कोई मतदाता मतदान केंद्र पर आता है और पीठासीन अधिकारी या मतदान अधिकारी को उसके विवरण में कोई लिपिकीय (clerical) या छपाई संबंधी गलती दिखती है, तो सबसे पहले उस मतदाता की पहचान सुनिश्चित की जानी चाहिए। सत्यापन के बाद मतदाता अपना वोट डाल सकते हैं रिनवा ने स्पष्ट किया कि अगर मतदान अधिकारी इस बात से संतुष्ट हो जाता है कि आया हुआ व्यक्ति वही मतदाता है जिसका नाम सूची में है। चाहे यह मतदाता द्वारा पेश किए गए वैध दस्तावेजों से पता चले या सूची में दर्ज अन्य विवरणों से तो उस व्यक्ति को वोट डालने की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में, नाम या अन्य विवरणों में मौजूद छोटी-मोटी लिपिकीय या छपाई संबंधी गलतियों को नजरअंदाज कर दिया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने जोर देकर कहा कि केवल वर्तनी (spelling) या छपाई की छोटी-मोटी गलतियों की वजह से किसी भी पात्र मतदाता को उसके लोकतांत्रिक मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

प्रभासाक्षी 23 Oct 2026 4:20 pm

सांस फूलना हार्ट की बीमारी या फेफड़ों का इंफेक्शन? ऐसे करें पहचान

सांस फूलने की समस्या को कुछ लोग हल्का इंफेक्शन समझकर नजरअंदाज कर देते है, लेकिन यह हार्ट या फेफड़ों की गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है, लेकिन कैसे पता चले कि सांस फूलना लंग्स की बीमारी है या हार्ट की. इस बारे में डॉक्टर ने बताया है.

आज तक 23 Oct 2026 4:19 pm

हर घर में कॉमन है ये चीज... उसका यूज कर लैब में बना दिया असली सोना!

अमेरिका की एक स्टार्टअप कंपनी ने दावा किया है कि उसने पारा से सोना बनाने की एक तकनीक विकसित की है. कंपनी का प्लान भविष्य में इस तकनीक का इंडस्ट्रियल इस्तेमाल कर कम समय में ज्यादा मात्रा में सोना बनाने का है.

आज तक 23 Oct 2026 4:19 pm

श्रद्धा दुबे की जमानत अर्जी खारिज, कोर्ट ने बताया गंभीर अपराध

लखनऊ के शिवा शर्मा मौत मामले में सीजेएम कोर्ट ने मॉडल श्रद्धा दुबे, उनकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश की जमानत अर्जी खारिज कर दी. कोर्ट ने अपराध को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि मुकदमे की सुनवाई सेशन कोर्ट में होगी, इसलिए उसके स्तर पर जमानत का उचित या पर्याप्त आधार नहीं है.

आज तक 23 Oct 2026 4:13 pm

West Bengal में गिरेगा पारा और होगी मूसलाधार बारिश, IMD ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की दी सलाह

मौसम विभाग ने शुक्रवार को बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र, जो आगे चलकर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है, 28 अक्टूबर से पश्चिम बंगाल के तटीय और पश्चिमी जिलों में भारी बारिश लाएगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस मौसमी सिस्टम के कारण राज्य के दक्षिणी हिस्सों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है। इसे भी पढ़ें: भारत और Poland के बीच तकनीक और AI में बने Joint Venture: डोनाल्ड टस्क 26 अक्टूबर तक कम दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान में बदल सकता है मौसम विभाग ने आगे बताया कि दक्षिण बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान में बदल सकता है और पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिणी ओडिशा तट की तरफ जा सकता है। IMD ने यह भी बताया कि 28 अक्टूबर से दक्षिण बंगाल के सभी जिलों में 40 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान आने की संभावना है। इसके अलावा, दक्षिण 24 परगना और पूर्वी मेदिनीपुर जैसे तटीय जिलों के साथ-साथ पश्चिमी मेदिनीपुर, झारग्राम, पुरुलिया और बांकुरा में भारी बारिश हो सकती है। इसे भी पढ़ें: 2003 Bengaluru Murder Case: उम्रकैद काट रही शुभा को राहत नहीं, खारिज हुई Mercy Petition IMD ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है मौसम विभाग ने मछुआरों को 26 अक्टूबर से समुद्र में न जाने की सलाह दी है। राज्य की राजधानी में 28 अक्टूबर से आंधी-तूफान आने की संभावना है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को बताया कि कम दबाव का क्षेत्र 26 अक्टूबर तक एक चक्रवाती तूफान में बदल सकता है और फिर उत्तरी आंध्र प्रदेश तथा उससे सटे दक्षिणी ओडिशा के तटों की ओर बढ़ सकता है। विभाग ने बताया कि दक्षिण-पूर्वी और उससे सटे पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) के कारण, सुबह 5:30 बजे कम दबाव का एक क्षेत्र बना है। इसके उसी इलाके में बने रहने और 24 अक्टूबर तक एक 'डिप्रेशन' (गहरे कम दबाव के क्षेत्र) में तब्दील होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इस चक्रवात के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और अगले दो दिनों के दौरान उत्तरी आंध्र प्रदेश तथा उससे सटे दक्षिणी ओडिशा के तटों की ओर और अधिक तीव्र होने की उम्मीद है।

प्रभासाक्षी 23 Oct 2026 4:13 pm

जंगलों की आग ने घोंटा दम, इंडोनेशिया से सिंगापुर तक बिगड़ी हवा

एक देश में लगी जंगलों की आग अब पूरे इलाके के लिए मुसीबत बन गई है. धुएं के कारण स्कूल बंद हो रहे हैं, बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है और सिंगापुर में हवा खराब रहने का पुराना रिकॉर्ड भी टूट गया है.

आज तक 23 Oct 2026 4:12 pm

हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से बढ़ा संकट, अंधेरे में डूबे कई शहर

हरियाणा में 40 हजार बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से गुरुग्राम, फरीदाबाद और नूह समेत कई जिलों में भारी बिजली संकट खड़ा हो गया है. बिजली न होने से पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है और लोग सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं. कर्मचारी निजीकरण के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं, जबकि सरकार उनसे बातचीत कर समस्या सुलझाने का प्रयास कर रही है.

आज तक 23 Oct 2026 4:11 pm

बर्बाद कर रहा ये चर्चित शेयर... आज 17% टूटा, रिकॉर्ड से 70% नीचे

फूड डिलीवरी ऐप स्विगी के शेयरों में गुरुवार को भारी गिरावट आई, जिस कारण स्विगी के शेयर 17 फीसदी से ज्‍यादा टूट चुके हैं. रिकॉर्ड हाई से यह शेयर 70 फीसदी गिर चुका है और अपने आईपीओ प्राइस से ये शेयर 55 फीसदी नीचे है.

आज तक 23 Oct 2026 4:10 pm

'अपने बच्चों को कभी IAS नहीं बनाऊंगा' इस अफसर ने क्यों कही ये बात?

देश भर के लाखों युवाओं के लिए IAS बनना सबसे बड़ा सपना होता है, लेकिन 21 साल के करियर में 25 बार ट्रांसफर झेल चुके सीनियर IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे का नजरिया अलग है. उन्होंने साफ कहा है कि वे अपने बच्चों को सिविल सर्विसेज में नहीं भेजेंगे. जान‍िए इसके पीछे उन्होंने क्या तर्क द‍िए हैं?

आज तक 23 Oct 2026 4:10 pm

पराली जलाने से रोकने में भगवंत मान सरकार का शानदार काम

उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सर्दियों की आहट के साथ ही हर साल जिस एक सबसे गंभीर समस्या पर सबसे ज्यादा बहस होती थी, वह थी खेतों में धान के अवशेष यानी पराली जलाना। इस जहरीले धुएं की वजह से दिल्ली-एनसीआर से लेकर पूरे पंजाब और हरियाणा तक हवा का स्तर बेहद खतरनाक श्रेणी में पहुंच जाता था, जिससे सांस लेना तक दूभर हो जाता था। लेकिन इस बार पंजाब से एक ऐसी राहत भरी और बेहद सुखद खबर सामने आई है, जिसने पूरे देश के पर्यावरणविदों और नीति निर्माताओं को चौंका दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के अथक प्रयासों, कृषि विभाग की जागरूकता रणनीतियों और सबसे बढ़कर राज्य के समझदार किसानों के सहयोग से इस साल पराली जलाने की घटनाओं में पिछले साल के मुकाबले 93 प्रतिशत से भी ज्यादा की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। यह आंकड़ा केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि यह इस बात का सबूत है कि यदि सही दिशा में ठोस प्रयास किए जाएं, तो दशकों पुरानी इस बड़ी समस्या का समाधान भी पूरी तरह संभव है।कैसे संभव हुआ यह चमत्कार: सरकार द्वारा उठाए गए जमीनी कदम और आधुनिक तकनीक का इस्तेमालआखिर पिछले कुछ वर्षों में ऐसा क्या बदलाव आया है कि जिस पंजाब पर पराली जलाने के सबसे ज्यादा आरोप लगते थे, वहां आज खेतों में आग लगाने की घटनाएं न के बराबर रह गई हैं। इसके पीछे राज्य सरकार की ओर से अपनाई गई एक सुनियोजित और बेहद प्रभावी रणनीति है। कृषि विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों ने मिलकर इस बार धान की कटाई के समय से ही किसानों तक सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, स्मार्ट सीडर और बेलर जैसी आधुनिक कृषि मशीनरी की उपलब्धता सुनिश्चित की। सरकार द्वारा इन मशीनों की खरीद पर किसानों को भारी सब्सिडी मुहैया कराई गई, ताकि हर वर्ग का किसान बिना आर्थिक दबाव के इन उन्नत यंत्रों का इस्तेमाल कर सके। इसके अलावा, राज्यभर में जिला प्रशासन और कृषि अधिकारियों की विशेष टीमों ने गांवों में जाकर चौपालें लगाईं, किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में समझाया और इसके प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीकों से अवगत कराया। जब सरकार और किसान दोनों ने मिलकर एक टीम की तरह काम किया, तो इसके परिणाम भी उतने ही शानदार और उम्मीद से कहीं ज्यादा बेहतर सामने आए।पंजाब के अन्नदाताओं की बदलती सोच और पर्यावरण के प्रति बढ़ती संवेदनशीलताइस पूरी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय यदि किसी को जाता है, तो वे हैं पंजाब के मेहनतकश और जागरूक किसान। एक वक्त था जब किसानों के पास कटाई के बाद फसल के अवशेषों को निपटाने के लिए समय और आर्थिक संसाधन दोनों की कमी होती थी, जिसके कारण उन्हें मजबूरी में खेतों में आग लगानी पड़ती थी। लेकिन समय के साथ पंजाब के अन्नदाताओं ने यह समझ लिया है कि जिस धरती मां से वे अपनी आजीविका चलाते हैं, उसकी सेहत और आबोहवा को बचाना उनका भी उतना ही नैतिक कर्तव्य है। आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अब किसान पराली जलाने के बजाय उसे मिट्टी में मिलाने या बेल बनाकर बायोमास प्लांट और पराली आधारित उद्योगों तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। गांवों में किसानों ने खुद आगे बढ़कर यह संकल्प लिया है कि वे अपने इलाके को धुएं से मुक्त रखेंगे और आने वाली पीढ़ी को एक साफ-सुथरा और स्वस्थ वातावरण सौंपेंगे। किसानों की इस सकारात्मक सोच ने प्रशासनिक प्रयासों को और अधिक मजबूती प्रदान की है।आने वाले समय के लिए एक मिसाल बना पंजाब का यह सफल मॉडलपंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में आई इस 93 प्रतिशत से अधिक की गिरावट ने पूरे देश के सामने एक बेहतरीन और अनुकरणीय मॉडल पेश किया है। पर्यावरण और प्रदूषण नियंत्रण पर काम करने वाली राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने भी पंजाब सरकार और वहां के किसानों के इस संयुक्त प्रयास की भरपूर सराहना की है। हालांकि प्रशासन का मानना है कि भले ही आंकड़े बहुत संतोषजनक हैं, लेकिन उनका अंतिम लक्ष्य इस संख्या को शून्य पर लाना है ताकि सर्दियों के मौसम में लोगों को साफ हवा मिल सके। आने वाले सत्रों में सरकार कृषि विविधीकरण, फसल अवशेष प्रबंधन के लिए और अधिक वित्तीय सहायता और पर्यावरण हितैषी योजनाओं को धरातल पर उतारने की तैयारी कर रही है। यदि इसी तरह की इच्छाशक्ति और जनसहयोग बना रहा, तो वह दिन दूर नहीं जब पंजाब की खेती पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त और आधुनिक तकनीक पर आधारित हो जाएगी, जो देश के बाकी राज्यों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Oct 2026 4:10 pm

अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर तनाव, देखें ITBP डीजी ने क्या बताया

अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन की सीमा पर बढ़े तनाव को लेकर आईटीबीपी के महानिदेशक (डीजी) शत्रुजीत कपूर का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने बताया कि जुलाई के बाद से उत्तरी सीमा पर चीन की सेना के साथ कई स्थानों पर आमने-सामने (फेस-ऑफ) की स्थिति बनी हुई है. यह पहला मौका है जब किसी शीर्ष अधिकारी ने आधिकारिक तौर पर एलएसी पर जारी तनाव की पुष्टि की है. राजस्थान के अलवर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आईटीबीपी डीजी ने बताया कि चीनी सेना भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिशें करती रहती है, जिसका भारतीय बल मजबूती से जवाब दे रहे हैं.

आज तक 23 Oct 2026 4:09 pm

चारे के ट्रांसपोर्ट पर पूरी तरह बैन... जिला प्रशासन का सख्त कदम

Nanded Fodder Ban News: नांदेड़ में सूखे के हालात के बीच चारे के ट्रांसपोर्ट पर रोक. हदगांव से बाहर ले जाए जा रहे सोयाबीन क्रेट व टेंपो जब्त, BNS 223 के तहत केस दर्ज.

आज तक 23 Oct 2026 4:08 pm

क्या फिर से करीब आ सकते हैं पुराने राजनीतिक साथी अकाली दल और बीजेपी

भारतीय राजनीतिक गलियारों में जब भी क्षेत्रीय दलों और राष्ट्रीय पार्टियों के रिश्तों की बात होती है, तो कई दशकों पुराने समीकरणों का जिक्र जरूर छिड़ जाता है। पंजाब की सियासत में एक बार फिर से गर्माहट आ गई है जब शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रमुख नेता सुखबीर सिंह बादल ने आने वाले राजनीतिक भविष्य और गठबंधनों को लेकर एक बहुत बड़ा बयान दिया है। पंजाब के राजनीतिक परिदृश्य में यह चर्चा काफी समय से चल रही थी कि क्या कभी अटूट रहे अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के रास्ते एक बार फिर से आपस में मिल सकते हैं। अब खुद सुखबीर सिंह बादल द्वारा दिए गए बयानों ने इन अटकलों को और अधिक हवा दे दी है। उनके इस ताजा बयान के बाद राज्य के राजनीतिक विश्लेषक और विपक्षी दल इस बात की नए सिरे से समीक्षा करने लगे हैं कि यदि ये दोनों दल दोबारा साथ आते हैं, तो पंजाब के आगामी विधानसभा और अन्य स्थानीय चुनावों के समीकरणों पर इसका कितना गहरा और दूरगामी असर पड़ेगा।सुखबीर बादल का स्पष्ट संकेत: पंजाब के विकास और शांति के लिए समान विचारधारा वाले दल आएं साथएक मीडिया साक्षात्कार और सार्वजनिक मंच पर बातचीत के दौरान जब सुखबीर सिंह बादल से अकाली दल और बीजेपी के पुराने रिश्तों और भविष्य की संभावनाओं को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने किसी भी तरह की दूरी बनाने के बजाय बेहद सधा हुआ और सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजनीति में क्षेत्रीय अखंडता, राज्य की शांति, आपसी भाईचारे और किसानों-व्यापारियों के हितों को सर्वोपरि रखना सबसे बड़ा धर्म होता है। सुखबीर बादल ने कहा कि अकाली दल हमेशा से पंजाब के समग्र विकास के पक्ष में रहा है और यदि राज्य के भले के लिए किसी समान विचारधारा वाली पार्टी के साथ हाथ मिलाने की जरूरत पड़ती है, तो उनकी पार्टी इसके लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यह भी इशारा किया कि अतीत के कुछ राजनीतिक फैसलों के कारण दोनों दलों के रास्ते भले ही कुछ समय के लिए अलग हो गए हों, लेकिन वैचारिक स्तर पर दोनों के उद्देश्य पंजाब की खुशहाली और सुरक्षा से जुड़े रहे हैं।किन वजहों से अलग हुए थे अकाली दल और बीजेपी, और अब क्यों उठ रहे हैं मेल-मिलाप के कयास?यह जगजाहिर है कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन विवादास्पद कृषि कानूनों के विरोध में अकाली दल ने साल 2020 में एनडीए (NDA) गठबंधन से अपना नाता तोड़ लिया था और केंद्रीय मंत्रिमंडल से भी अपने मंत्रियों को इस्तीफा दे दिया था। उस समय पंजाब के किसानों के गुस्से और अकाली दल के पारंपरिक वोट बैंक को देखते हुए यह फैसला पार्टी की मजबूरी माना गया था। हालांकि, समय बीतने के साथ-साथ पंजाब की राजनीतिक जमीन पर काफी बदलाव आ चुका है। राज्य में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार आने और कांग्रेस समेत अन्य दलों की सक्रियता के बीच पारंपरिक अकाली-भाजपा गठबंधन के टूटने से दोनों ही दलों को चुनावों में नुकसान का सामना करना पड़ा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दोनों ही दल अब यह महसूस कर रहे हैं कि पंजाब में एक मजबूत राजनीतिक विकल्प और विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए पुराने गिले-शिकवे भुलाकर साथ आना दोनों के दीर्घकालिक राजनीतिक हित में हो सकता है।आने वाले दिनों में क्या होगा पंजाब की सियासत का रुख और जनता की क्या है प्रतिक्रिया?सुखबीर सिंह बादल के इन संकेतों के बाद से पंजाब की राजनीति में बैठकों और कयासों का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, अभी तक न तो अकाली दल और न ही भारतीय जनता पार्टी के किसी केंद्रीय नेता की तरफ से गठबंधन को लेकर कोई आधिकारिक और अंतिम घोषणा की गई है, लेकिन अंदरखाने मुलाकातों और वार्ताओं की सुगबुगाहट तेज हो गई है। पंजाब की जनता और विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों के मतदाता इन राजनीतिक घटनाक्रमों पर बहुत बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। किसानों के मुद्दों और सिख पंथ से जुड़े सरोकारों को लेकर अकाली दल की अपनी एक अलग पहचान रही है, वहीं शहरी क्षेत्रों में बीजेपी का अपना मजबूत जनाधार है। यदि आने वाले समय में ये दोनों दल वाकई किसी ठोस समझौते पर पहुंचते हैं, तो पंजाब का चुनावी अखाड़ा बेहद दिलचस्प और कड़े मुकाबले वाला बन जाएगा। फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले हफ्तों में दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से इस दिशा में क्या आधिकारिक कदम उठाए जाते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Oct 2026 4:08 pm

रांची के बिरसा जैविक उद्यान में नन्हें मेहमान के आने से छाई खुशी की लहर

झारखंड की राजधानी रांची और इसके आसपास के प्राकृतिक सौंदर्य के बीच स्थित बिरसा जैविक उद्यान (Birsa Biological Park) पर्यटकों के लिए हमेशा से आकर्षण का बड़ा केंद्र रहा है। ओरमांझी में स्थित इस चिड़ियाघर में वन्यजीवों की देखरेख और उनके संरक्षण के लिए लगातार बेहतरीन प्रयास किए जाते हैं। हाल ही में इस पार्क से एक बेहद सुखद और उत्साह बढ़ाने वाली खबर सामने आई है, जिसने वन्यजीव प्रेमियों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। बिरसा जैविक उद्यान में एक नन्हे दरियाई घोड़े (Hippo) का जन्म हुआ है, जिससे पार्क के अधिकारियों और कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। जन्म के बाद से ही यह छोटा मेहमान अपनी हरकतों और मां के साथ बिताए जाने वाले पलों के कारण सभी का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। पार्क प्रशासन द्वारा इस नवजात शिशु की विशेष देखरेख की जा रही है और उसके स्वास्थ्य पर लगातार पशु चिकित्सकों की पैनी नजर बनी हुई है।मां और नन्हा शावक दोनों पूरी तरह स्वस्थ, पशु चिकित्सकों की देखरेख में रखा गया विशेष ख्यालकिसी भी वन्यजीव पार्क में जब किसी नए शावक का जन्म होता है, तो उसकी शुरुआती देखभाल बहुत चुनौतीभरी और संवेदनशील मानी जाती है। बिरसा जैविक उद्यान के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि मादा दरियाई घोड़े ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है और जन्म के बाद से ही मां और बच्चा दोनों पूरी तरह से स्वस्थ और सक्रिय हैं। पार्क के अनुभवी पशु चिकित्सकों और कीपर्ज की टीम लगातार उन पर निगरानी रख रही है। नन्हे शावक के खान-पान, उसकी मां के दूध पीने के तौर-तरीकों और उनके बाड़े के तापमान को बिल्कुल अनुकूल रखा गया है ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। पर्यटकों की सुरक्षा और मां के अत्यधिक सुरक्षात्मक स्वभाव को ध्यान में रखते हुए फिलहाल इस परिवार को कुछ हफ्तों के लिए विशेष बाड़े में रखा गया है, जहां आगंतुकों को एक सुरक्षित दूरी से इनके दीदार करने की व्यवस्था की जा रही है।इस नए मेहमान के आने से बिरसा जैविक उद्यान में अब कितनी हो गई है दरियाई घोड़ों की कुल संख्या?इस नन्हें शावक के जन्म लेने के बाद बिरसा जैविक उद्यान में दरियाई घोड़ों (Hippopotamuses) के कुनबे में इजाफा हो गया है। पार्क के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस नए मेहमान के जुड़ने से अब ओरमांझी जू में दरियाई घोड़ों की कुल संख्या बढ़कर चार हो गई है। इससे पहले पार्क में एक नर और दो मादा दरियाई घोड़े मौजूद थे, जिनकी देखरेख बहुत ही वैज्ञानिक और प्राकृतिक वातावरण में की जा रही थी। चिड़ियाघर प्रबंधन का कहना है कि जब भी किसी शावक का जन्म पार्क के प्राकृतिक आवास के भीतर होता है, तो यह इस बात का प्रमाण होता है कि वहां के वन्यजीवों को रखा जाने वाला माहौल और खान-पान उनकी प्रजनन क्षमता के पूरी तरह अनुकूल है। आने वाले कुछ हफ्तों बाद जब इस नन्हे दरियाई घोड़े को आम पर्यटकों के दर्शन के लिए खुले बाड़े में छोड़ा जाएगा, तो यह रांची आने वाले सैलानियों, विशेषकर बच्चों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनने वाला है।वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन के लिहाज से रांची के इस जू के लिए क्यों खास है यह पल?बिरसा जैविक उद्यान झारखंड राज्य का एक प्रमुख और बेहद लोकप्रिय कंजर्वेशन सेंटर है, जहां देश-विदेश से आने वाले तमाम वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास जैसी सुविधाएं दी जाती हैं। यहां केवल मनोरंजन ही नहीं बल्कि लुप्तप्राय हो रहे जीवों के संरक्षण और उनके प्रजनन पर भी विशेष वैज्ञानिक ध्यान दिया जाता है। समय-समय पर बाघ, तेंदुए, शेर, भालू और अब दरियाई घोड़ों जैसे जलीय जीवों के कुनबे में होने वाली यह वृद्धि इस बात को साबित करती है कि झारखंड का यह पार्क वन्यजीव संरक्षण की दिशा में लगातार मील के पत्थर साबित कर रहा है। पार्क के निदेशक और कर्मचारियों का मानना है कि इस तरह की खुशखबरी से न केवल जू की लोकप्रियता बढ़ती है, बल्कि आम जनता और विशेषकर युवा पीढ़ी के भीतर प्रकृति और जानवरों के प्रति प्रेम और संवेदनशीलता भी जागृत होती है। यदि आप भी इस वीकेंड रांची घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो बिरसा जैविक उद्यान जाकर इस नन्हे और बेहद प्यारे दरियाई घोड़े की एक झलक पाने का सुनहरा मौका बिल्कुल न गंवाएं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Oct 2026 4:06 pm

टीम से बाहर, जोश बरकरार... वैभव का क्राइस्टचर्च में टॉवेल सेल‍िब्रेशन

वैभव सूर्यवंशी को अभी टीम इंड‍िया की प्लेइंग 11 में मौका भले ही नहीं म‍िल रहा हो, लेकिन उनका जोश बरकरार है . पहला टी20 जीतने के बाद उनका एक ऐसा वीड‍ियो सामने आया, जहां वो जोशीले अंदाज में सेल‍िब्रेशन करते हुए नजर आए.

आज तक 23 Oct 2026 4:05 pm

प्रदेश BJP कार्यसमिति की बैठक में गिरिडीह उपचुनाव की बनेगी रणनीति

भारतीय राजनीति में संगठन की मजबूती और चुनावी रणनीतियों के लिहाज से झारखंड राज्य का विशेष महत्व रहा है। इसी कड़ी में राजनीतिक सरगर्मियों के बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन अपने तीन दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर झारखंड की राजधानी रांची पहुंच चुके हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद झारखंड का यह उनका दूसरा दौरा है, जिसे लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर पहुंचते ही उनका पारंपरिक तरीके से जोरदार स्वागत किया गया। इस तीन दिवसीय दौरे का मुख्य उद्देश्य राज्य में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को धार देना, कार्यकर्ताओं में नया जोश भरना और आने वाले राजनीतिक मुकाबलों के लिए एक अचूक और ठोस रणनीति तैयार करना है। झारखंड की राजनीतिक फिज़ा में इस दौरे को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं और हर किसी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भाजपा आगामी चुनावों और उपचुनावों को लेकर क्या नया संदेश देने वाली है।प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक और गिरिडीह उपचुनाव को लेकर बनेगी खास रणनीतिइस दौरे का सबसे अहम और केंद्रीय आकर्षण रांची में आयोजित होने वाली भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक है। इस उच्चस्तरीय बैठक का शुभारंभ राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के करकमलों द्वारा किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्यभर से आए पार्टी के तमाम बड़े नेता, सांसद, विधायक, प्रदेश पदाधिकारी और जिला स्तर के चुनिंदा प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। बैठक के एजेंडे में सबसे ऊपर आगामी 'गिरिडीह उपचुनाव' को लेकर जीत की अचूक रणनीति तैयार करना है। पार्टी इस सीट पर अपनी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है, ताकि चुनावी मैदान में विपक्ष को कड़ी चुनौती दी जा सके। इसके अलावा राज्य की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, सरकार की जनविरोधी नीतियों और स्थानीय मुद्दों को लेकर मुखर होने के तरीकों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया जा रहा है ताकि जनता के बीच पार्टी का जनाधार और अधिक मजबूत किया जा सके।संगठनात्मक फेरबदल और आगामी राजनीतिक चुनौतियों पर वरिष्ठ नेताओं के साथ मंथनयह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब हाल ही में झारखंड भाजपा संगठन में कई बड़े और अहम बदलाव किए गए हैं, जिसमें नए प्रभारियों और पदाधिकारियों की नियुक्तियां शामिल हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, संगठन महामंत्री और कोर कमेटी के सदस्यों के साथ अलग-अलग बैठकें कर रहे हैं। इन बैठकों में मुख्य रूप से इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि कैसे बूथ स्तर तक के संगठन को और अधिक सक्रिय बनाया जाए। केंद्र सरकार की जनहित की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने और राज्य सरकार की नाकामियों को जनता के बीच प्रभावी तरीके से उठाने के लिए कार्यकर्ताओं को दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। संगठनात्मक समन्वय को बेहतर बनाने के लिए यह संवाद बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी आने वाले समय में राज्य की हर एक राजनीतिक इकाई को चुस्त-दुरुस्त करना चाहती है ताकि किसी भी चुनौती का मजबूती से सामना किया जा सके।मिशन आगामी चुनाव और कार्यकर्ताओं को मिला जीत का खास मंत्रभले ही वर्तमान में पूरा फोकस गिरिडीह उपचुनाव की तैयारियों और कार्यसमिति की रूपरेखा पर हो, लेकिन इस दौरे के दूरगामी राजनीतिक निहितार्थ भी निकाले जा रहे हैं। भाजपा का यह केंद्रीय नेतृत्व साफ संदेश दे रहा है कि पार्टी राज्य में किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। बैठकों के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित कर रहे हैं और उन्हें अनुशासन व परिश्रम के साथ जनता के बीच रहने का मंत्र दे रहे हैं। झारखंड की राजनीतिक पृष्ठभूमि में आदिवासियों, युवाओं और महिलाओं के मुद्दों को अपनी प्राथमिकता सूची में रखते हुए पार्टी अपनी जमीन और मजबूत करने में जुटी है। तीन दिनों तक चलने वाले इस सघन दौरे के समापन के बाद भाजपा के सांगठनिक फैसलों और कार्यसमिति में पारित होने वाले प्रस्तावों का असर आने वाले दिनों में झारखंड के राजनीतिक पटल पर साफ तौर पर देखने को मिलेगा, जिसको लेकर सियासी पारा अभी से काफी चढ़ चुका है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Oct 2026 4:05 pm

टाटानगर और झारखंड के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी, जयपुर का सफर होगा आसान

भारतीय रेलवे ने झारखंड के प्रमुख औद्योगिक शहर टाटानगर और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को एक बहुत बड़ी सौगात दी है। पिछले लंबे समय से यह मांग उठ रही थी कि देश के वाणिज्यिक और सांस्कृतिक केंद्रों में शुमार राजस्थान की राजधानी जयपुर के लिए झारखंड से कोई सीधी ट्रेन सेवा शुरू की जाए। खासकर झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में रहने वाले राजस्थानी समुदाय के लोगों के लिए यह एक लंबे अरसे से अधूरा सपना जैसा था। अब रेलवे बोर्ड की हरी झंडी मिलने के बाद इस दिशा में आधिकारिक घोषणा हो चुकी है और आगामी 26 अक्टूबर से टाटानगर के रास्ते एक नई सीधी ट्रेन सेवा का शुभारंभ होने जा रहा है। इस नई ट्रेन के चलने से न केवल यात्रियों का सफर बेहद आरामदायक और सुगम हो जाएगा, बल्कि दो बड़े राज्यों के बीच की दूरियां भी काफी हद तक कम हो जाएंगी। रेलवे प्रशासन की ओर से इस संबंध में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और उद्घाटन समारोह को लेकर भी स्थानीय स्तर पर खासा उत्साह देखा जा रहा है।संतरागाछी से खातीपुरा (जयपुर) के बीच चलेगी नई साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेनरेलवे से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह नई ट्रेन पश्चिम बंगाल के संतरागाछी स्टेशन से चलकर टाटानगर, रांची और उत्तर प्रदेश-बिहार के विभिन्न चुनिंदा स्टेशनों से होते हुए जयपुर के पास स्थित खातीपुरा रेलवे स्टेशन तक अपनी यात्रा तय करेगी। ट्रेन संख्या 18601 और 18602 के रूप में संचालित होने वाली यह एक्सप्रेस ट्रेन दोनों दिशाओं में साप्ताहिक या नियमित अंतराल पर यात्रियों को अपनी सेवाएं देगी। स्थानीय सांसद और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में 26 अक्टूबर को टाटानगर रेलवे स्टेशन से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर पहली बार रवाना किया जाएगा। इस ट्रेन के परिचालन से न सिर्फ झारखंड के लोगों को बल्कि बंगाल और बिहार के सीमावर्ती जिलों के यात्रियों को भी राजस्थान जाने के लिए एक सीधा और सुरक्षित विकल्प मिल जाएगा। यात्रियों को अब बिना किसी अतिरिक्त झंझट के एक ही ट्रेन में बैठकर सीधे जयपुर तक का सफर तय करने का बड़ा लाभ मिलने वाला है।जानिए क्या होगा इस ट्रेन का संभावित रूट, टाइमिंग और प्रमुख ठहरावइस नई ट्रेन के टाइम टेबल और रूट चार्ट को लेकर यात्रियों में भारी उत्सुकता बनी हुई है। प्रस्तावित शेड्यूल के मुताबिक, यह ट्रेन संतरागाछी से दोपहर के वक्त रवाना होकर शाम को टाटानगर रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। इसके पश्चात यह ट्रेन चांडिल, पुरुलिया, मुरी, रांची, लोहरदगा, टोरी, लातेहार, डाल्टनगंज, गढ़वा, सासाराम, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, प्रयागराज और कानपुर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों से होते हुए आगे बढ़ेगी। उत्तर प्रदेश और हरियाणा-दिल्ली के रूट से गुजरते हुए यह ट्रेन तय समय पर राजस्थान में प्रवेश करेगी और जयपुर के निकट खातीपुरा स्टेशन पर अपनी यात्रा समाप्त करेगी। वापसी की दिशा में भी यही ट्रेन निर्धारित समय पर खातीपुरा से चलकर अगले दिन टाटानगर और संतरागाछी पहुंचेगी। रेलवे द्वारा इस बात के भी प्रयास किए जा रहे हैं कि उद्घाटन के तुरंत बाद इसकी नियमित बुकिंग IRCTC पोर्टल और रेलवे आरक्षण केंद्रों पर शुरू कर दी जाए ताकि यात्री समय रहते अपने टिकट बुक कर सकें।व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मिलेगा एक नया आयामटाटानगर से जयपुर के बीच इस सीधी रेल सेवा के शुरू होने से केवल यात्रियों को ही आवागमन में सहूलियत नहीं मिलेगी, बल्कि इससे व्यापारिक और पर्यटन गतिविधियों को भी पंख लगेंगे। झारखंड और राजस्थान के बीच औद्योगिक उत्पादों, कपड़ों, हस्तशिल्प और मार्बल के व्यापार से जुड़े कारोबारियों के लिए यह ट्रेन एक लाइफलाइन साबित होगी। इसके अलावा जो पर्यटक राजस्थान के ऐतिहासिक किलों, महलों और संस्कृति का आनंद लेने के लिए जाना चाहते हैं, वे अब बिना किसी ट्रेन बदलाव के सीधे सफर का लुत्फ उठा सकेंगे। चक्रधरपुर रेल मंडल के अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की बढ़ती संख्या और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे लगातार अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रहा है। आने वाले दिनों में पटरियों के दोहरीकरण और नई लाइनों के बिछ जाने से ट्रेनों के समय की पाबंदी और अधिक बेहतर होगी। फिलहाल 26 अक्टूबर से शुरू होने जा रही इस बहुप्रतीक्षित ट्रेन को लेकर यात्रियों में जबरदस्त उत्साह है और हर कोई इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए बेताब नजर आ रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Oct 2026 4:04 pm

फिल्मकार Madhur Bhandarkar बनाएंगे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन पर फिल्म

निर्माता मधुर भंडारकर फिल्म ‘श्यामा-द मिसिंग चैप्टर’ का निर्देशन करेंगे, जो डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन पर आधारित है। इस संबंध में जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि आदित्य कुमार हलवासिया और भंडारकर फिल्म का निर्माण ‘भंडारकर एंटरटेनमेंट’ और ‘एकेएच वेंचर्स’ के तहत कर रहे हैं। मुखर्जी एक भारतीय शिक्षाविद और राजनेता थे। उन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी, जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का पूर्ववर्ती वैचारिक संगठन था। कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति के रूप में अपने शुरुआती दिनों से लेकर, जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में स्वतंत्र भारत के पहले मंत्रिमंडल में अपने कार्यकाल तक, उनकी यात्रा दृढ़ विश्वास, साहस और कठिन राजनीतिक निर्णयों से भरी रही। यह फिल्म सरकार के साथ उनके वैचारिक मतभेदों, मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के उनके फैसले और 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना करने के उनके कदम को दिखाएगी। इसमें जम्मू-कश्मीर में परमिट प्रणाली के खिलाफ उनके 1953 के अभियान और हिरासत में उनकी मौत से जुड़ी परिस्थितियों पर भी फिर से गौर किया जाएगा। ‘फैशन’, ‘हीरोइन’ और ‘बबली बाउंसी’ जैसी फिल्मों के लिए जाने जाने वाले भंडारकर ने कहा कि फिल्म निर्माता के तौर पर उनके लिए मुखर्जी के जीवन को खंगालना ‘‘चुनौतीपूर्ण और काफी परिश्रम वाला’’ काम रहा है। उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘ ‘श्यामा’ के माध्यम से, मैं भारत के इतिहास के एक अहम अध्याय को ईमानदारी, संवेदनशीलता और एक नए दृष्टिकोण के साथ पर्दे पर लाना चाहता हूं।’’हलवासिया ने कहा कि इसका उद्देश्य मुखर्जी की ‘‘असाधारण यात्रा को पर्दे पर लाना है, ताकि नयी पीढ़ी को इतिहास जानने, हमारी विरासत को अपनाने और उन मूल्यों को समझने के लिए प्रेरित किया जा सके, जो हमारे देश के भविष्य को आकार देने में मदद करते हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन इस बात की याद दिलाता है कि सच्चा नेतृत्व साहस, दृढ़ विश्वास और राष्ट्र सेवा में निहित है।’’

प्रभासाक्षी 23 Oct 2026 4:03 pm

तिब्बत में 7.0 तीव्रता के भूकंप से तबाही का मंजर, देखें दुनिया आजतक

तिब्बत में 7.0 तीव्रता के भूकंप से कम से कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई. जबकि कई लोग घायल हुए हैं. नागकू के बाकेन काउंटी में भूकंप का केंद्र था. जहां सैकड़ों घर ढह गए. लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजने और निकालने का काम युद्धस्तर पर जारी है. देखें दुनिया आजतक.

आज तक 23 Oct 2026 4:02 pm

'सिस्टम से भरोसा उठा, इस्लाम कुबूल कर लूंगा', MLC वोटिंग के बीच फूट-फूटकर रोए सपा प्रत्याशी, VIDEO

उत्तर प्रदेश में शिक्षक और स्नातक MLC चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने कहा है कि वो धर्मांतरण कर लेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के समर्थकों और परिवार को परेशान किया जा रहा है. उनके साथ ऐसा बर्ताव हो रहा है जैसे वो पाकिस्तान से आए कोई आतंकवादी हों.

आज तक 23 Oct 2026 4:01 pm

उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव की मतदाता सूची पर खड़े हुए गंभीर सवाल

देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से चुनावी सरगर्मी के बीच मतदाता सूचियों में पाई जाने वाली गड़बड़ियों ने राजनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। मामला राज्य की महत्वपूर्ण विधान परिषद यानी एमएलसी चुनावों की वोटर लिस्ट से जुड़ा हुआ है, जहां पारदर्शी और निष्पक्ष मतदान प्रक्रिया को लेकर बड़े सवाल खड़े होने लगे हैं। उत्तर प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी ने राज्य के कई निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर धांधली और गंभीर विसंगतियों का आरोप लगाया है। पार्टी का साफ तौर पर कहना है कि चुनाव जैसे पवित्र लोकतांत्रिक उत्सव में यदि वोटर लिस्ट जैसी बुनियादी चीज में ही इस तरह की गंभीर खामियां या जानबूझकर की गई छेड़छाड़ पाई जाएगी, तो निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद करना बेमानी होगा। इस पूरे विवाद के सामने आने के बाद से प्रशासनिक अमले में भी हड़कंप मच गया है और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल दागे जा रहे हैं।समाजवादी पार्टी ने सोशल मीडिया पर साझा की पर्चियां, एक ही नाम के पांच वोटर्स का दावाविवाद तब और अधिक गहरा गया जब समाजवादी पार्टी के नेताओं ने आधिकारिक तौर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करके और सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर मतदाता सूची से जुड़े दस्तावेज और पर्चियां सार्वजनिक कर दीं। पार्टी का दावा है कि जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि वोटर लिस्ट में एक ही नाम और समान विवरण वाले पांच अलग-अलग मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। इसके अलावा सूची में कई ऐसे अजीबोगरीब और आपत्तिजनक नाम भी छपे हुए हैं जिन्हें देखकर किसी को भी अपनी आंखों पर यकीन न हो। विपक्षी दलों का आरोप है कि ये महज कोई साधारण तकनीकी या प्रिंटिंग की गलती नहीं है, बल्कि इसके पीछे सोची-समझी रणनीति के तहत चुनावों को प्रभावित करने और फर्जी मतदान कराने का बड़ा खेल चल रहा है। समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधियों ने इन तमाम सबूतों और पर्चियों को मुख्य निर्वाचन अधिकारी के सामने रखते हुए तुरंत प्रभाव से सूची की समीक्षा करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।चुनाव आयोग की सख्ती और अधिकारियों को दिए गए तत्काल जांच के निर्देशमामले के तूल पकड़ने और सोशल मीडिया पर वोटर लिस्ट की कमियों के वायरल होने के बाद निर्वाचन आयोग भी पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने मामले की गंभीरता को समझते हुए संबंधित जिलाधिकारियों और निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों से फौरी तौर पर रिपोर्ट तलब की है। आयोग के उच्च अधिकारियों का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान यदि स्तर पर किसी भी कर्मचारी या अधिकारी द्वारा लापरवाही बरती गई है या जानबूझकर गलत प्रविष्टियां जोड़ी गई हैं, तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी पात्र और वास्तविक मतदाता को उसके मताधिकार से वंचित नहीं होने दिया जाएगा। निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों के प्रशासनिक अमले को निर्देश दिए हैं कि मतदान से पहले इस प्रकार के दोहरे नामों, फर्जी प्रविष्टियों और तकनीकी त्रुटियों की त्वरित पहचान कर उन्हें सूची से हटाया जाए ताकि चुनाव की शुचिता पर कोई आंच न आ सके।राजनीतिक दलों की खींचतान और पारदर्शी चुनाव प्रणाली की उठी मांगइस पूरे घटनाक्रम के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। जहां एक तरफ विपक्षी दल इसे सत्ताधारी दल की शह पर चुनावी प्रक्रिया में सेंध लगाने की साजिश करार दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक स्तर पर सूचियों को दुरुस्त करने के लिए युद्ध स्तर पर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। जानकारों का मानना है कि देश के सबसे बड़े राज्य में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने के लिए यह बेहद जरूरी है कि मतदाता सूचियों का डेटा पूरी तरह से त्रुटिहीन हो। किसी भी लोकतंत्र की मजबूती इस बात पर निर्भर करती है कि वहां का मतदाता बिना किसी डर और असमंजस के अपने विवेक का इस्तेमाल कर सके। फिलहाल, इस ताजा विवाद के सामने आने के बाद जिला प्रशासन की टीमें घर-घर जाकर और डिजिटल माध्यमों से सूचियों के मिलान में जुट गई हैं, और सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि चुनाव आयोग इन शिकायतों के आधार पर कितना कड़ा और प्रभावी कदम उठाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Oct 2026 4:00 pm

पाकिस्तानी ड्रामे, गाने और फैशन... Gen Z ख़त्म कर रहे दो देशों की दूरी!

भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक तनाव के बावजूद, जेन जी पाकिस्तानी गानों, ड्रामों और फैशन में इंटरेस्ट दिखा रही है. नुसरत फतेह अली खान के गानों से लेकर ‘पसूरी’ और पाकिस्तानी टीवी सीरियल तक, क्या है इस पसंद की वजह? जानिए कैसे सोशल मीडिया, मिलती-जुलती भाषा और कल्चर दोनों देशों के युवाओं को जोड़ रहे हैं.

आज तक 23 Oct 2026 4:00 pm

दौसा में प्रेगनेंट नाबालिग से गैंगरेप, डिलीवरी के तुरंत बाद बच्चे की मौत

दौसा। राजस्थान के दौसा जिले में 16 वर्षीय गर्भवती किशोरी के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ युवक उसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पास एक सुनसान स्थान पर ले गए, जहां उसके साथ वारदात हुई। इसी दौरान किशोरी को प्रसव पीड़ा हुई और उसने बच्चे को जन्म दिया। […] The post दौसा में प्रेगनेंट नाबालिग से गैंगरेप, डिलीवरी के तुरंत बाद बच्चे की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Oct 2026 4:00 pm

ऋतिक रोशन ने की सुपर-30 के आनंद कुमार की तारीफ, जान‍िए क्या कहा

फिल्म 'सुपर 30' में आनंद कुमार का किरदार निभा चुके बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन ने एक बार फिर अपने 'ऑन-स्क्रीन गुरु' की तारीफ की है. आनंद कुमार ने छात्रों के लिए 'सुपर इनफिनिटी' नाम से एक नया यूट्यूब इनिशिएटिव शुरू किया है, जिसके जरिए वे गणित और पढ़ाई को बेहद आसान और मजेदार बनाएंगे.

आज तक 23 Oct 2026 3:59 pm

नोएडा के सोरखा में दर्दनाक हादसा: टावर से गिरकर मजदूर की मौत से मचा हड़कंप

देशभर में तेजी से हो रहे शहरीकरण और ऊंची-ऊंची इमारतों के निर्माण का यह दौर जितना आधुनिक और भव्य दिखाई देता है, उसकी असली कीमत अक्सर वे मजदूर चुकाते हैं जो अपनी जान जोखिम में डालकर इन ईंट-पत्थर की इमारतों को खड़ा करते हैं। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर नोएडा से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने एक बार फिर से निर्माण स्थलों पर काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा और सुरक्षा मानकों के पालन पर बहुत बड़े और गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नोएडा के थाना फेज-3 क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सोरखा गांव के पास एक निर्माणाधीन आवासीय सोसाइटी की ऊंची इमारत पर काम कर रहा एक गरीब मजदूर अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण नीचे आ गिरा। इस भयावह हादसे में मजदूर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जिसके बाद से पूरे इलाके में कोहराम मचा हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि कागजी दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर मजदूरों की जिंदगी कितनी असुरक्षित है।कैसे हुआ यह भयानक हादसा और क्या कहती है शुरुआती पुलिस जांच की रिपोर्ट?प्राप्त जानकारी और स्थानीय पुलिस अधिकारियों से मिली शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, सोरखा गांव के समीप स्थित इस निर्माणाधीन ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट की साइट पर इन दिनों तेजी से निर्माण कार्य चल रहा था। मृतक मजदूर रोज की तरह अपनी रोजी-रोटी कमाने के लिए सुबह टावर पर काम करने के लिए चढ़ा था। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के मुताबिक, काम के दौरान सुरक्षा के लिए जरूरी बेल्ट, हार्नेस या सेफ्टी नेट जैसी बुनियादी चीजों का अभाव था, जिसके कारण ऊंचाई पर काम करते समय अचानक पैर फिसलने से वह नीचे आ गिरा। इतनी ऊंचाई से जमीन पर गिरने के कारण उसके शरीर और सिर पर गंभीर चोटें आईं। आसपास काम कर रहे अन्य सहकर्मी तुरंत दौड़कर उसके पास पहुंचे और आनन-फानन में उसे नजदीकी अस्पताल ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया। इस हृदयविदारक घटना की खबर मिलते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने ठेकेदार और निर्माण कंपनी के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या साइट पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जा रही थी।निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी: क्यों हर बार दांव पर लगती है मजदूरों की जान?यह कोई पहला मौका नहीं है जब नोएडा या एनसीआर के किसी निर्माण स्थल पर सुरक्षा में लापरवाही के कारण किसी गरीब मजदूर को अपनी जान गंवानी पड़ी हो। देश के बड़े शहरों में जब भी किसी रेजिडेंशियल या कमर्शियल प्रोजेक्ट का निर्माण होता है, तो लेबर लॉ और बिल्डिंग बायलॉज के तहत यह सख्त निर्देश दिए जाते हैं कि ऊंचाई पर काम करने वाले हर श्रमिक को हेलमेट, सेफ्टी जैकेट, फुल-बॉडी हार्नेस बेल्ट और मजबूत मचान (स्कैफोल्डिंग) की सुविधा दी जाए। इसके साथ ही टावर के चारों तरफ सुरक्षा जाल लगाना अनिवार्य होता है ताकि यदि कोई दुर्घटना हो भी, तो मजदूर सीधे नीचे न गिरे। लेकिन मुनाफा कमाने की होड़ में अक्सर बिल्डर्स, ठेकेदार और साइट मैनेजर इन जरूरी सुरक्षा उपकरणों पर होने वाले खर्च को बचा लेते हैं। मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के ही कई-कई मंजिला ऊंची इमारतों के खुले किनारों पर काम करने के लिए मजबूर किया जाता है। गरीबी और लाचारी के कारण ये मजदूर भी चुपचाप जोखिम उठाकर काम करने को विवश होते हैं, और जब ऐसे हादसे होते हैं तो कुछ दिनों की बयानबाजी के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है।प्रशासन की सख्ती और न्याय की उम्मीद: पीड़ित परिवार को कब मिलेगा मुआवजा और इंसाफ?सोरखा की इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय निवासियों, श्रमिक संघों और समाज के प्रबुद्ध वर्ग में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि जब तक लापरवाह बिल्डर्स और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त से सख्त आपराधिक मुकदमे दर्ज करके उन्हें सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाएगा, तब तक इस तरह की घटनाओं पर रोक लगना नामुमकिन है। पुलिस और श्रम विभाग (Labour Department) की टीम अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या उस निर्माणाधीन सोसाइटी के पास सभी वैध अनुमतियां थीं और क्या साइट पर लेबर कमिश्नर के नियमों का पालन किया जा रहा था। यदि जांच में बिल्डर या ठेकेदार की तरफ से किसी भी प्रकार की लापरवाही या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उनके खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, जिला प्रशासन और सामाजिक संगठनों से यह मांग की जा रही है कि मृतक के गरीब परिवार को तुरंत उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए ताकि इस दुख की घड़ी में उनके भरण-पोषण का कुछ सहारा बन सके। यह हादसा हम सभी के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि विकास की इन चमकती हुई इमारतों के पीछे पसीना बहाने वाले इन इंसानों की सुरक्षा से समझौता करना बंद होना चाहिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Oct 2026 3:59 pm

पेट का फूलना और गोल होना: क्या यह सिर्फ मोटापा है या किसी गंभीर बीमारी की आहट

भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खानपान और गलत जीवनशैली के इस दौर में पेट से जुड़ी समस्याएं आम बात हो चली हैं। कभी-कभी अधिक खा लेने या सही समय पर भोजन न करने से पेट में गैस बन जाती है, जिससे पेट फूला-फूला और भारी महसूस होने लगता है। बहुत से लोग इस स्थिति को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं या फिर इसे बढ़ता हुआ मोटापा मानकर जिम जाने और वजन घटाने के नुस्खे तलाशने लगते हैं। लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि यदि आपका पेट अचानक से बहुत ज्यादा गोलमोल और कड़ा हो जाए, उसमें लगातार भारीपन बना रहे, और लाख कोशिशों के बाद भी वह कम न हो, तो इसके पीछे कोई साधारण गैस या चर्बी नहीं बल्कि एक गंभीर शारीरिक समस्या छिपी हो सकती है? चिकित्सा विज्ञान की भाषा में इस खतरनाक स्थिति को 'एसाइटिस' (Ascites) कहा जाता है, जिसका सीधा मतलब होता है पेट के अंदर तरल पदार्थ यानी पानी का अत्यधिक मात्रा में जमा हो जाना। यह स्थिति शरीर के भीतर चल रही किसी बड़ी आंतरिक बीमारी का सबसे पहला और स्पष्ट संकेत होती है, जिसे समय रहते पहचानना और डॉक्टर से सलाह लेना हर व्यक्ति के लिए अत्यंत आवश्यक है।क्या है एसाइटिस या पेट में पानी भरना, और शरीर के भीतर कैसे शुरू होती है यह प्रक्रिया?एसाइटिस मूल रूप से एक ऐसी चिकित्सीय स्थिति है जिसमें पेट की झिल्ली यानी पेरिटोनियल कैविटी (Peritoneal Cavity) के अंदर असामान्य रूप से बहुत अधिक मात्रा में फ्लूइड यानी पानी इकट्ठा होने लगता है। सामान्य स्वास्थ्य की स्थिति में हमारे पेट के अंगों के बीच एक सीमित मात्रा में तरल पदार्थ मौजूद होता है जो अंगों को आपस में रगड़ने से बचाता है और उन्हें चिकनाई देता है। लेकिन जब शरीर के प्रमुख अंगों, विशेषकर लीवर, गुर्दे या हृदय की कार्यप्रणाली में कोई गंभीर गड़बड़ी पैदा होती है, तो रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ने लगता है और नसों से पानी रिसकर पेट की खाली जगह में जमा होने लगता है। धीरे-धीरे यह पानी इतनी मात्रा में बढ़ जाता है कि मरीज का पेट बुरी तरह फूल जाता है, उसे उठने-बैठने में भारी परेशानी होने लगती है, सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है और शरीर का वजन अचानक तेजी से बढ़ने लगता है। यह कोई अपने आप होने वाली बीमारी नहीं है, बल्कि यह इस बात का गहरा प्रमाण है कि शरीर का कोई अंदरूनी तंत्र अपनी क्षमता से बाहर काम कर रहा है और उसे तुरंत चिकित्सीय सहायता की जरूरत है।किन मुख्य बीमारियों और कारणों के चलते पेट के अंदर जमा होने लगता है यह खतरनाक पानी?चिकित्सकों और हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, पेट में पानी भरने यानी एसाइटिस के पीछे सबसे प्रमुख और मुख्य कारण लीवर से जुड़ी गंभीर बीमारियां होती हैं। इसमें सबसे ऊपर नाम आता है 'लिवर सिरोसिस' (Liver Cirrhosis) का, जो अत्यधिक शराब पीने, हेपेटाइटिस संक्रमण या फैटी लीवर के अनियंत्रित हो जाने के कारण होता है। जब लीवर खराब होने लगता है, तो वह रक्त में मौजूद महत्वपूर्ण प्रोटीन यानी एल्बुमिन का निर्माण करना बंद कर देता है, जिससे रक्त का थक्का और दबाव असंतुलित होकर पानी को पेट की ओर धकेलने लगता है। लीवर की बीमारियों के अलावा, कंजेस्टिव हार्ट फेलियर, किडनी खराब होना, अग्न्याशय यानी पैंक्रियास में सूजन, या पेट के कैंसर जैसी घातक स्थितियां भी इस समस्या को जन्म दे सकती हैं। कई बार महिलाओं में डिम्बग्रंथि यानी ओवेरियन कैंसर के शुरुआती चरणों में भी पेट में पानी भरने की शिकायत पाई जाती है। यही कारण है कि जब किसी व्यक्ति का पेट अचानक से गुब्बारे की तरह फूलने लगे और उसके साथ पैरों में सूजन या कमजोरी महसूस हो, तो उसे कभी भी सामान्य गैस या वजन वृद्धि मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।पेट फूलने के साथ इन शुरुआती लक्षणों को पहचानें और समय रहते अपनाएं सही सावधानीयदि आप यह समझना चाहते हैं कि आपका पेट फूला हुआ होना सामान्य गैस है या फिर एसाइटिस का संकेत, तो आपको इसके साथ दिखने वाले अन्य लक्षणों पर भी पैनी नजर रखनी होगी। पेट में पानी भरने की स्थिति में मरीज को पेट के आकार में अचानक भारी वृद्धि, पेट की त्वचा का टाइट होना, नाभि का बाहर की तरफ उभर जाना, अचानक वजन बढ़ना, और पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द या बेचैनी महसूस होती है। इसके साथ ही, कई रोगियों के पैरों, टखनों और चेहरे पर भी सूजन आने लगती है, भूख बिल्कुल बंद हो जाती है, और जरा सा चलने पर सांस फूलने लगती है। यदि इस तरह के लक्षण लगातार बने रहें, तो तुरंत किसी अच्छे गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट या जनरल फिजिशियन से संपर्क करके अल्ट्रासाउंड और ब्लड टेस्ट करवाना चाहिए। डॉक्टर स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डाइयूरेटिक्स यानी पानी निकालने वाली दवाइयां, नमक के सेवन में सख्त परहेज और जरूरत पड़ने पर पेट से पानी निकालने की प्रक्रिया (पैरासेंटेसिस) की सलाह देते हैं। अपने खानपान में सोडियम की मात्रा कम करें, शराब और तंबाकू जैसी चीजों से पूरी तरह तौबा करें और नियमित रूप से अपने स्वास्थ्य की जांच कराते रहें ताकि आप इस गंभीर समस्या से सुरक्षित रह सकें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Oct 2026 3:59 pm

फोन से निकला सिम तो WhatsApp नहीं चलेगा? समझें पूरा खेल क्या है

सिम बाइंडिंग को लेकर कई तरह की बातें की जा रही हैं. लोगों की राय अलग अलग है. कुछ काम मानना है कि इससे फ्रॉड रूकेगा, बल्कि कुछ ऐसा मानते हैं कि इस नियम से यूजर्स को ही परेशानी होगी. आइए जानते हैं क्या है सिम बाइंडिंग का पूरा खेल.

आज तक 23 Oct 2026 3:58 pm

देश की साइबर सिटी में 40 घंटे से बत्ती गुल! 1500 फैक्ट्रियों का काम भी ठप

बिजली विभाग के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों की हड़ताल से गुरुग्राम में बिजली संकट गहरा गया है. दौलताबाद, कादीपुर और सेक्टर-37 के औद्योगिक क्षेत्रों में 36 से 40 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित है. 1500 से अधिक औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन ठप होने से करोड़ों के नुकसान का अंदेशा है. लाखों उपभोक्ता भी बिजली संकट से प्रभावित हुए हैं.

आज तक 23 Oct 2026 3:58 pm

दिलजीत दोसांझ vs अरिजीत सिंह: टिकट कीमतों में क्या अंतर

अरिजीत सिंह और दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट टिकट की कीमतों में बड़ा अंतर है. हालांकि, दोनों ही यूथ के फेवरेट हैं. अरिजीत के प्रीमियम पैकेज की कीमत 11.8 लाख रुपये तक है, जबकि दिलजीत के सबसे महंगे टिकट की कीमत 18,000 रुपये बताई गई है. वीडियो में जानें दोनों के टूर और टिकटों की कीमतें.

आज तक 23 Oct 2026 3:58 pm

दिलजीत के कॉन्सर्ट को मिली मंजूरी, सुरक्षा कारणों से लगी थी रोक

दिल्ली पुलिस ने दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट के लिए अनुमति दे दी है. अनुमति कई सुरक्षा शर्तों के साथ दी गई है. आयोजकों ने पुलिस के साथ कई बार मीटिंग कर सुरक्षा योजना बताई.

आज तक 23 Oct 2026 3:55 pm

लॉन्च से पहले ही आ गई फीचर्स की लिस्ट... शोरूम पहुंचने लगी SUV

हुंडई बेयॉन (Hyundai Bayon) अगले हफ्ते लॉन्च होने वाली है. लॉन्च से पहले ही कंपनी ने इस कार से जुड़ी कई जानकारियां दे दी हैं. ग्लोबल मार्केट में रिवील हो चुकी हुंडई बेयॉन भारत में 26 अक्टूबर को लॉन्च होने वाली है. कंपनी ने इसके इंजन और ट्रांसमिशन की जानकारी दी है. ब्रांड ने 1.5 लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड इंजन से जुड़ी जानकारी दी है.

आज तक 23 Oct 2026 3:55 pm

पुलिस वाहन और कार की भीषण टक्कर, होमगार्ड की मौत, 3 पुलिसकर्मी घायल

बिहार के बेतिया में बेतिया-चनपटिया मुख्य मार्ग पर पुलिस वाहन और टाटा गाड़ी के बीच भीषण टक्कर हो गई. हादसे में सहोदरा थाना के एक होमगार्ड जवान की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि तीन पुलिसकर्मी घायल हैं. डीआईजी हर किशोर राय और एसएसपी कुमार गौतम ने जीएमसीएच पहुंचकर घायलों के इलाज की जानकारी ली.

आज तक 23 Oct 2026 3:54 pm

करवा चौथ के बाद बुध-मंगल का खास योग, 4 राशियों को होगा धन लाभ!

Budh Mangal Kendra Drishti Yog: करवा चौथ के बाद 30 अक्टूबर 2026 को बुध-मंगल का केंद्र दृष्टि योग बनेगा. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, 4 राशियों को धन लाभ, नौकरी में प्रमोशन और कारोबार में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं. जानें किन राशियों को होगा.

आज तक 23 Oct 2026 3:54 pm

कभी दुकान में तो कभी सेब के बागान में... कश्मीर में जंगली भालुओं का आतंक- VIDEO

कश्मीर के रिहायशी इलाकों, खेतों और स्कूल परिसरों में घुस रहे जंगली भालुओं में से एक महीने में 15 को पकड़ा गया. सिकुड़ते जंगल, सेब और खुले कूड़े की ओर खिंचते भालुओं से बढ़ते खतरे के बीच अधिकारियों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है.

आज तक 23 Oct 2026 3:54 pm

दुनिया की टॉप 25 घूमने की जगहों में भारत का ये एक शहर, खास है वजह

राजस्थान का एक शहर 2027 में अपनी स्थापना के 300 साल पूरे करने जा रहा है. इसी खास मौके पर शहर को नेशनल ज्योग्राफिक की बेस्ट ऑफ द वर्ल्ड 2027 लिस्ट में जगह मिली है. जानें उसके ऐतिहासिक किले, महल, हस्तशिल्प और फेस्टिवल इसे खास क्यों बनाते हैं.

आज तक 23 Oct 2026 3:52 pm

यूपी विधान परिषद की 11 सीटों पर आज मतदान, BJP-सपा में कड़ी टक्कर

उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए आज वोट डाले जा रहे हैं. राज्य में 5 स्नातक और 6 शिक्षक सीटों पर सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान प्रक्रिया जारी रहेगी। इस चुनाव में कुल मिलाकर 14 लाख से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं. राज्य भर में कई सीटों पर बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच काफी सख्त और सीधी टक्कर देखने को मिल रही है. विशेष रूप से सबसे हाई प्रोफाइल मुकाबला उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राजनीतिक गढ़ गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक कोटे की सीट पर हो रहा है.

आज तक 23 Oct 2026 3:46 pm

दीवाली से पहले किसानों के लिए खुशखबरी, इस दिन खाते में आएगी पीएम किसान की 24वीं किस्त, तुरंत कराएं e-KYC

PM Kisan 24th Instalment: केंद्र सरकार ने पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त जारी करने की आधिकारिक तिथि का ऐलान कर दिया है।

दैनिक जागरण 23 Oct 2026 3:45 pm

फर्श की टाइल्स से आ रही है ठक-ठक आवाज? ऐसे करें ठीक

How To Fix Floor Tiles Sound: फर्श पर चलते समय टाइल्स से ठक-ठक या खोखली आवाज आना टाइल के नीचे खाली जगह होने का संकेत हो सकता है. अगर आपके घर के फर्श की टाइल्स से भी ऐसी आवाज आ रही है, तो उसे ठीक करना जरूरी होता है. अगर आप उसे समय रहते ठीक नहीं करेंगे तो वो टूट सकती है.

आज तक 23 Oct 2026 3:44 pm

छिपकली खाने में गिर जाए तो क्या करना चाहिए, छिपकली खाने से क्या होगा? जानिए खाना सुरक्षित है या नहीं

अगर किसी के खाने में छिपकली गिर जाए, तो ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए? क्या आप छिपकली निकालकर उसे खा लेते हैं? क्या हमारे देश की छिपकलियों में जहर होता है? यहां इन सवालों का जवाब अच्छे से जानते हैं-

NDTV इंडिया 23 Oct 2026 3:43 pm

कित्तूर की रानी चेन्नम्मा की जयंती मनाई गई

नई दिल्ली। कित्तूर रानी चेन्नम्मा की जयंती और 202वें विजयोत्सव पर आज संसद परिसर दिल्ली के प्रेरणा स्थल पर भव्य समारो

स्वतंत्र आवाज़ 23 Oct 2026 3:43 pm

33 साल पहले ब्रह्मलीन हुए स्वामी चिन्मयानंद के होलोग्राफिक अवतार से पीएम मोदी ने की बात!

पीएम मोदी ने कहा, 'चिन्मय मिशन के प्रयासों से लाखों युवा भारत के सांस्कृतिक ब्रांड एंबेसडर के रूप में काम कर रहे हैं.'

NDTV इंडिया 23 Oct 2026 3:43 pm

Kolkata Airport के वॉशरूम में मिला बम का धमकी भरा नोट, CISF ने चलाया तलाशी अभियान

कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक शौचालय में शुक्रवार सुबह टिश्यू पेपर पर हाथ से लिखा एक नोट मिला, जिसमें विमान में सवार होने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एक द्वार (‘बोर्डिंग गेट’) पर बम होने की चेतावनी दी गई थी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने हवाई अड्डे पर व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया। एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘तलाशी अभियान जारी है और अब तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। उड़ानों का परिचालन प्रभावित नहीं हुआ है।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमारे एक सफाई कर्मचारी को महिलाओं के शौचालय में टिश्यू पेपर पर लिखा एक नोट मिला, जिसमें ‘बोर्डिंग गेट’ संख्या 30 पर बम होने की चेतावनी दी गई थी। कर्मचारी ने प्राधिकारियों को इसकी सूचना दी।’’अधिकारी ने बताया कि इसके बाद ‘बोर्डिंग गेट’ के आसपास के इलाके को खाली करा लिया गया और बम निरोधक दस्ते ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों के साथ मिलकर पूरे हवाई अड्डे पर व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। बिधाननगर शहर पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘पुलिस नोट बरामद करने वाले सफाई कर्मचारी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है कि नोट किसने छोड़ा था।’’हवाई अड्डे के एक अधिकारी ने बताया कि पूरे हवाई अड्डे पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, लेकिन उड़ानों का परिचालन प्रभावित नहीं हुआ है। यह घटना हवाई अड्डे पर आठ अक्टूबर को ईमेल के जरिए बम की धमकी मिलने के करीब दो सप्ताह बाद हुई है। उस ईमेल में हवाई अड्डा परिसर में विस्फोटक रखे होने की चेतावनी दी गई थी। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रियों को सतर्क किया और हवाई अड्डे के कुछ हिस्सों को खाली कराकर तलाशी अभियान चलाया था, लेकिन कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली थी।

प्रभासाक्षी 23 Oct 2026 3:43 pm

स्टील की बाल्टी कैसे साफ करें? खारे पानी के दाग कैसे हटाएं

स्टील साफ करने वाला केमिकल कौन सा है? बाथरूम की स्‍टील की बाल्‍टी पर खारे पानी के न‍िशान है और बहुत रगड़ने के बाद भी नहीं जा रहे हैं, तो यह तरीका आजमाकर देख‍िएए. म‍िनटों में साफ हो जाएंगे सारे दाग और धब्‍बे.

NDTV इंडिया 23 Oct 2026 3:42 pm

चीन पर इतनी निर्भरता भारत के लिए ठीक नहीं- NDTV World Summit में बोले शशि थरूर

NDTV World Summit 2026 के दूसरे दिन 'Demystifying a World Between Orders' विषय पर चर्चा में डॉ शशि थरूर शामिल हुए और वैश्विक व्यवस्था में हो रहे बदलावों और उनसे जुड़ी चुनौतियों पर अपने विचार रखे.

NDTV इंडिया 23 Oct 2026 3:42 pm

घर की बालकनी और दीवार पर उगे पीपल के पेड़ को कैसे हटाएं? जानें नमक का घोल कैसे करेगा कमाल

पीपल के पेड़ को समय रहते हटाया नहीं जाए तो ये छत और दीवारों को नुकसान पहुंचाने लगता है. अगर, आपके घर, छत और बालकनी में पीपल का पेड़ उग गया है तो यहां जानिए पीपल के पेड़ को कैसे हटाएं?

NDTV इंडिया 23 Oct 2026 3:40 pm

'आंदोलन दबाने 500 करोड़...', मनोज जरांगे के वायरल ऑडियो से महाराष्ट्र में हड़कंप

महाराष्ट्र की राजनीति में एक कथित ऑडियो क्लिप के सामने आने के बाद भारी सियासत शुरू हो गई है. मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख नेता मनोज जरांगे पाटिल द्वारा जारी किए गए इस ऑडियो क्लिप में दावा किया गया है कि उनके आंदोलन को दबाने के लिए 500 करोड़ रुपये के लेनदेन की बात चल रही है. इस सनसनीखेज खुलासे के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है. हालांकि आजतक इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता.

आज तक 23 Oct 2026 3:39 pm

परिंदों की कोई सरहद नहीं होती... 23 देशों का सफर कर 11 दिन में भारत लौटे अपापांग और अलांग; यहां से किधर जाएंगे

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि दो अमूर फाल्कन- अपापांग और अलांग 11 दिन में चीन से 23 देशों का सफर कर मणिपुर लौट आए हैं. अब यहां से उनका अगल पड़ाव सोमालिया होगा.

NDTV इंडिया 23 Oct 2026 3:39 pm

करण जौहर का फेवरेट बना सपना चौधरी का 6 साल पुराना गाना, DJ पर जब बजता है तो नाचने लगते हैं ताऊ और अम्मा, रेणुका पंवार की आवाज में सुपरहिट

करण जौहर का भी फेवरेट बन चुका सपना चौधरी का सुपरहिट हरियाणवी गाना ‘चटक मटक’ आज भी शादियों और डीजे पार्टियों की जान बना हुआ है. रेणुका पंवार की दमदार आवाज और सपना के देसी ठुमकों से सजा यह गाना यूट्यूब पर 1.1 बिलियन से ज्यादा व्यूज बटोर चुका है.

NDTV इंडिया 23 Oct 2026 3:39 pm

यूपी विधान परिषद चुनाव: दोपहर 2 बजे तक 40.87 फीसदी से अधिक मतदान दर्ज, सपा ने लगाए फर्जी वोटिंग और धांधली के गंभीर आरोप

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की पांच खंड स्नातक और छह खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों के लिए शुक्रवार को मतदान के बीच समाजवादी पार्टी ने कथित फर्जी मतदान, मतदाताओं से मारपीट और मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से लगातार शिकायतें कीं।

देशबन्धु 23 Oct 2026 3:38 pm

प्रेमिका के लिए अनिल से बना दानिश, 4 साल बाद की हत्या

नवी मुंबई के नेरुल रेलवे स्टेशन के पास प्रेमिका की हत्या के आरोप में दानिश अंसारी को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के अनुसार, दानिश और सादिया शेख की चार साल से दोस्ती थी. सादिया के नजरअंदाज करने से नाराज दानिश ने 20 अक्टूबर को उस पर चाकू से हमला किया. इलाज के दौरान 21 अक्टूबर को सादिया की मौत हो गई.

आज तक 23 Oct 2026 3:37 pm

67 साल पुराना गाना, मोर बनकर नाची थीं वैजयंतीमाला, लता की आवाज और 'बक्कड़ बम बम' का जादू आज भी यादगार

67 साल पहले आए गाने में वैजयंतीमाला ने मोर बनकर ऐसा डांस किया कि सालों बाद भी उस गाने पर लड़कियां थिरकना पसंद करती हैं. लता मंगेशकर की सुरीली आवाज, शंकर-जयकिशन का संगीत और वैजयंतीमाला के मयूर डांस ने गाने को एक अलग ही पहचान दी.

NDTV इंडिया 23 Oct 2026 3:37 pm

बच्‍चों में ब्लड कैंसर व बोन मैरो ट्रांसप्लांट पर सबसे ज्‍यादा पूछे जाने वाले सवालों के जवाब सीध एक्‍सपर्ट से

क्या ब्लड कैंसर लौट आने के बाद भी बच्चे का इलाज संभव है? एक्सपर्ट के मुताबिक, बोन मैरो ट्रांसप्लांट कई मामलों में नई उम्मीद बन सकता है. जानिए ट्रांसप्लांट, डोनर मैचिंग, थैलेसीमिया और रिकवरी से जुड़ी जरूरी बातें.

NDTV इंडिया 23 Oct 2026 3:37 pm

भाजपा का कांग्रेस पर हमला: ‘नेहरू-गांधी परिवार ने देश की बर्बादी की बुनियाद पर खड़ी की सत्ता की इमारत’

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और गांधी परिवार पर सत्ता की राजनीति, वंशवाद तथा देश की संवैधानिक संस्थाओं को लेकर तीखे आरोप लगाए हैं। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप […] The post भाजपा का कांग्रेस पर हमला: ‘नेहरू-गांधी परिवार ने देश की बर्बादी की बुनियाद पर खड़ी की सत्ता की इमारत’ appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Oct 2026 3:37 pm

ज्योतिष में केतु की महादशा और उसका गहरा आध्यात्मिक रहस्य

वैदिक ज्योतिष में केतु को एक छाया ग्रह और मोक्ष का कारक माना गया है। राहु और केतु को ज्योतिषीय फलित में सबसे रहस्यमयी ग्रह कहा जाता है, क्योंकि इनका कोई भौतिक स्वरूप नहीं होने के बावजूद जातक के जीवन पर इनका प्रभाव अत्यंत गहरा और दूरगामी होता है। जब किसी जातक की कुंडली में केतु की महादशा शुरू होती है, तो उसका जीवन एक अलग ही दिशा में मुड़ने लगता है। यह महादशा कुल सात वर्षों की होती है, और इन सात सालों के दौरान जातक को कई प्रकार के उतार-चढ़ाव, मानसिक उथल-पुथल, आध्यात्मिक झुकाव और अचानक मिलने वाले लाभ या हानियों का सामना करना पड़ता है। केतु मूल रूप से विरक्ति, मोक्ष, सूक्ष्म अध्ययन, विज्ञान, और अचानक होने वाली घटनाओं का प्रतिनिधित्व करता है। लेकिन केतु की इस पूरी सात साल की यात्रा में सबसे महत्वपूर्ण बात यह होती है कि इसके भीतर अलग-अलग नौ ग्रहों की अंतर्दशाएं आती हैं। इन अंतर्दशाओं के दौरान केतु का मूल प्रभाव संबंधित ग्रह के स्वभाव के अनुसार पूरी तरह से बदल जाता है, जिससे जातक के जीवन में अलग-अलग प्रकार के परिणाम देखने को मिलते हैं।केतु महादशा में सूर्य, चंद्रमा और मंगल की अंतर्दशा का अचूक प्रभावकेतु की महादशा के अंतर्गत सबसे पहली अंतर्दशा खुद केतु की ही होती है, जिसके बाद सूर्य, चंद्रमा और मंगल जैसे क्रूर और ऊर्जावान ग्रहों की अंतर्दशाएं आती हैं। जब केतु की महादशा में सूर्य की अंतर्दशा आती है, तो जातक के मान-सम्मान, अहंकार और सरकारी कामकाज में विशेष उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। इस दौरान पिता के साथ संबंधों में थोड़ी तनातनी हो सकती है या फिर जातक को अपनी कार्यशैली में ऊर्जावान रहने की आवश्यकता होती है। वहीं इसके विपरीत, जब केतु में चंद्रमा की अंतर्दशा शुरू होती है, तो यह समय मानसिक संवेदनशीलता को बहुत अधिक बढ़ा देता है। चंद्रमा चंचल मन का कारक है और केतु अलगाव का, ऐसे में इस युति या अंतर्दशा के दौरान जातक का मन अक्सर अज्ञात भय, बेचैनी और भ्रम से घिरा रहता है। हालांकि, यदि कुंडली में चंद्रमा मजबूत स्थिति में हो, तो जातक को जल यात्रा या कला के क्षेत्र में अचानक लाभ भी मिल सकता है। इसके बाद आने वाली मंगल की अंतर्दशा जातक के भीतर अत्यधिक क्रोध, आक्रामकता और भूमि-जायदाद से जुड़े विवादों को जन्म देती है। मंगल की ऊर्जा और केतु की तीक्ष्णता मिलकर जातक को कई बार जल्दबाजी में गलत फैसले लेने के लिए प्रेरित करती है, इसलिए इस कालखंड में संयम रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है।राहु, बृहस्पति और शनि की अंतर्दशा का जीवन पर पड़ने वाला अदृश्य असरजैसे-जैसे केतु की महादशा आगे बढ़ती है, इसमें राहु, गुरु (बृहस्पति) और शनि जैसे बड़े और प्रभावशाली ग्रहों की अंतर्दशाएं अपना प्रभाव दिखाना शुरू करती हैं। केतु की महादशा में राहु की अंतर्दशा को ज्योतिषीय दृष्टि से बहुत अधिक चुनौतीपूर्ण और मानसिक रूप से तनावपूर्ण माना गया है। चूँकि राहु और केतु दोनों ही धूमावृत और मायावी ग्रह हैं, इसलिए इस दौरान जातक को भ्रम, अनिद्रा, त्वचा संबंधी समस्याएं या अचानक से जीवन में बड़ी उथल-पुथल का सामना करना पड़ सकता है। इसके ठीक विपरीत, जब केतु की महादशा में देवगुरु बृहस्पति की अंतर्दशा आती है, तो यह जीवन में एक राहत भरी सांस लेकर आती है। गुरु की सात्विक और ज्ञानवान ऊर्जा केतु के नकारात्मक प्रभावों को बहुत हद तक शांत कर देती है। इस दौरान जातक का झुकाव धर्म-कर्म, अध्यात्म, दान-पुण्य और उच्च शिक्षा की तरफ तेजी से बढ़ता है। गुरु की कृपा से उलझे हुए काम सुलझने लगते हैं और परिवार में मांगलिक कार्य संपन्न होते हैं। इसके बाद जब कर्मफल दाता शनि की अंतर्दशा शुरू होती है, तो जातक को कड़े परिश्रम, अनुशासन और संघर्ष के बाद ही सफलता मिलती है। शनि और केतु दोनों ही वैराग्य और न्याय के प्रतीक हैं, इसलिए यह समय जातक को जीवन की कठोर वास्तविकताओं से रूबरू कराता है और उसे जमीन से जोड़ता है।बुध, शुक्र और अंत में आने वाली अंतर्दशाओं के जरिए जीवन का अंतिम निष्कर्षकेतु की महादशा के अंतिम चरणों में बुध और शुक्र जैसे भोग-वििलास और बुद्धि के कारकों की अंतर्दशाएं आती हैं, जो जीवन को एक नया मोड़ देती हैं। जब केतु में बुध की अंतर्दशा आती है, तो जातक की बुद्धि बहुत अधिक विश्लेषणात्मक हो जाती है। वह व्यापार, गणित, ज्योतिष या किसी गुप्त विद्या में विशेष रुचि लेने लगता है। हालांकि, कई बार अत्यधिक सोचने के कारण संवाद में दूरियां भी आ सकती हैं। इसके बाद आने वाली शुक्र की अंतर्दशा भौतिक सुख-सुविधाओं और रिश्तों की परीक्षा लेती है। चूंकि केतु वैराग्य का प्रतीक है और शुक्र भौतिकता का, इसलिए इस अंतर्दशा के दौरान पति-पत्नी या प्रेमी जोड़ों के बीच वैचारिक मतभेद या रिश्तों में खिंचाव देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर, केतु की महादशा में आने वाली ये नौ ग्रहों की अंतर्दशाएं जातक को उसके पिछले कर्मों का हिसाब चुकाने और भविष्य के लिए आध्यात्मिक रूप से परिपक्व बनाने का काम करती हैं। यदि इस पूरी अवधि के दौरान जातक नियमित रूप से भगवान गणेश की उपासना करे, गरीबों को दान दे और अपने क्रोध पर नियंत्रण रखे, तो केतु के नकारात्मक प्रभाव न्यूनतम हो जाते हैं और जीवन में एक नई सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Oct 2026 3:36 pm

जिस हॉरर सीन को देखकर खुद एक्ट्रेस को लगा डर, वही फिल्म 30 अक्टूबर को OTT पर होगी रिलीज

Obsession OTT Release: हॉरर फिल्म के किस सीन से डर गईं एक्ट्रेस Inde Navarrette? जानें रिलीज डेट, OTT प्लेटफॉर्म और फिल्म की कहानी.

NDTV इंडिया 23 Oct 2026 3:36 pm

केरल के गुरुवायूर मंदिर में हैं सबसे ज्यादा हाथी

भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर अत्यंत समृद्ध है, जहां परंपराओं के निर्वहन के लिए कई अनूठे तौर-तरीके सदियों से चले आ रहे हैं। दक्षिण भारत के राज्यों, विशेषकर केरल में मंदिरों की संस्कृति में हाथियों का एक विशेष और अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रहा है। जब भी देश के किसी मंदिर में सबसे अधिक हाथियों के होने की बात आती है, तो केरल के त्रिशूर जिले में स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री कृष्ण मंदिर यानी गुरुवायूर मंदिर का नाम सबसे पहले लिया जाता है। भगवान गुरुवायूरप्पम को समर्पित इस पवित्र धाम में हाथियों की संख्या देश के किसी भी अन्य धार्मिक स्थल की तुलना में सबसे अधिक है। यहां आने वाले भक्त केवल सोने-चांदी या धन-दौलत का ही दान नहीं करते, बल्कि अपनी मन्नतें पूरी होने या भगवान के प्रति अगाध आस्था के कारण विशालकाय हाथियों को भी दान स्वरूप मंदिर को समर्पित करते आए हैं। यही कारण है कि गुरुवायूर मंदिर के पास हाथियों का अपना एक बहुत बड़ा और भव्य गजराज परिवार है, जो देश-दुनिया के पर्यटकों और श्रद्धालुओं के बीच मुख्य आकर्षण का केंद्र रहता है।पुन्नाथूर कोट्टा: जानिए कहां और कैसे रखे जाते हैं गुरुवायूर मंदिर के ये गजराजगुरुवायूर मंदिर के पास हाथियों की संख्या इतनी अधिक है कि उन्हें मंदिर परिसर के अंदर रखना संभव नहीं है। इसके लिए मंदिर प्रबंधन यानी 'गुरुवायूर देवस्वोम बोर्ड' द्वारा मुख्य मंदिर से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर एक विशेष और विशाल गजराज शरणार्थी शिविर का संचालन किया जाता है, जिसे पुन्नाथूर कोट्टा (Punnathur Kotta) या आनक्कोट्टा के नाम से जाना जाता है। कभी यह किला एक स्थानीय शासक का आवास हुआ करता था, जिसे बाद में मंदिर के हाथियों के आवास के रूप में परिवर्तित कर दिया गया। एक समय में इस अनूठे हाथी अभ्यारण्य में साठ से अधिक हाथियों की देखरेख की जाती है। इन विशालकाय जीवों की सेवा और देखभाल के लिए दोस्तों से लेकर महावतों, डॉक्टरों और विशेष रसोइयों की एक बड़ी फौज तैनात रहती है। हाथियों को रोज नहलाने, उनके खान-पान, स्वास्थ्य परीक्षण और उनकी मालिश का एक निश्चित और अनुशासित दैनिक शेड्यूल होता है। मंदिर के उत्सवों, मेलों और मुख्य आयोजनों के दौरान जब ये सजे-धजे हाथी कतारबद्ध होकर चलते हैं, तो वह दृश्य देखने लायक होता है और हर किसी का मन मोह लेता है।इतिहास के पन्नों में दर्ज है गजा राज 'गुरुवायूर केशवम' की पौराणिक गाथागुरुवायूर मंदिर और हाथियों के इस अटूट रिश्ते की जब भी चर्चा होती है, तब 'गराजावु' यानी गजराज गुरुवायूर केशवम का नाम अत्यंत आदर के साथ लिया जाता है। केशवम को गुरुवायूर मंदिर के इतिहास का सबसे प्रसिद्ध, और सबसे अधिक पूजनीय हाथी माना जाता है। किंवदंतियों और इतिहास के अनुसार, इस विशालकाय और बेहद समझदार हाथी को सन 1922 में निलंबूर के राज परिवार द्वारा भगवान गुरुवायूरप्पम को दान दिया गया था। अपनी अद्भुत बुद्धिमत्ता, अनुशासित स्वभाव और भगवान के प्रति गहरी भक्ति के कारण केशवम कुछ ही वर्षों में देश भर के श्रद्धालुओं के बीच आस्था का प्रतीक बन गया था। मंदिर के मुख्य उत्सवों में भगवान की स्वर्ण प्रतिमा को अपनी सूंड पर उठाकर चलने का गौरव सिर्फ केशवम को ही प्राप्त था। आज भी हर साल गुरुवायूर एकादशी के पावन अवसर पर मंदिर के अन्य सभी हाथी कतरबद्ध होकर गुरुवायूर केशवम की आदमकद प्रतिमा के सामने श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि इन मंदिरों में हाथी केवल एक मूक पशु नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य और भगवान के सच्चे सेवक माने जाते हैं।देश के अन्य बड़े मंदिरों में क्या है हाथियों की स्थिति और परंपरा?दक्षिण भारत के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों जैसे केरल के ही वडक्कुनाथन मंदिर, श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर और तमिलनाडु के कुछ प्राचीन मंदिरों में भी अनुष्ठानों के लिए हाथियों को रखने की पुरानी परंपरा रही है। हालांकि, वन्यजीव संरक्षण कानूनों, एनिमल वेलफेयर बोर्ड के कड़े नियमों और हाथियों के रखरखाव पर आने वाले भारी-भरकम खर्च के कारण पिछले कुछ दशकों में मंदिरों में रखे जाने वाले हाथियों की संख्या में देश भर में उल्लेखनीय कमी आई है। आज अधिकांश मंदिर औपचारिक या पारंपरिक उत्सवों के लिए अब रोबोटिक या यांत्रिक हाथियों का उपयोग करने लगे हैं ताकि जीवित वन्यजीवों को किसी प्रकार की मानसिक या शारीरिक पीड़ा न उठानी पड़े। इसके बावजूद, गुरुवायूर मंदिर का यह ऐतिहासिक हाथी शिविर आज भी अपनी इस प्राचीन परंपरा को जीवित रखे हुए है, जहां भक्तों द्वारा दान किए गए हाथियों की पूरी गरिमा और देखरेख के साथ सेवा की जाती है। यह स्थान वन्यजीव प्रेमियों और धार्मिक पर्यटकों के लिए भारतीय संस्कृति की अनूठी मिसाल पेश करता है, जहां आस्था और जीव-दया का एक अद्भुत संगम देखने को मिलता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Oct 2026 3:36 pm

दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट को दिल्ली पुलिस ने दी मंजूरी, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होना है शो

दिलजीत दोसांझ का यह शो 30 अक्टूबर को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित होगा.

NDTV इंडिया 23 Oct 2026 3:35 pm

NEET UG काउंसलिंग 2026: डॉक्टर बनने की राह देख रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर

देशभर के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में दाखिले के लिए चल रही लंबी और थका देने वाली प्रक्रिया के बीच एक बेहद चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। हर साल लाखों छात्र नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानी NEET की परीक्षा पास करने के लिए दिन-रात एक कर देते हैं। माता-पिता अपने बच्चों के डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करने के लिए अपनी गाढ़ी कमाई दांव पर लगा देते हैं। लेकिन इसके बावजूद, जब काउंसलिंग के अंतिम चरण पूरे होते हैं, तो जो परिणाम सामने आते हैं वे हैरान करने वाले होते हैं। इस साल भी नीट यूजी काउंसलिंग के तमाम दौर और मुख्य चरणों के बीत जाने के बाद भी मेडिकल और डेंटल कोर्सेज की सैकड़ों सीटें खाली रह गई हैं। यह स्थिति उन तमाम युवाओं के लिए एक नई उम्मीद और साथ ही कई गंभीर सवाल खड़े करती है जो कम अंकों या अन्य कारणों से अब तक प्रवेश नहीं पा सके थे।स्ट्रे वैकेंसी राउंड के बाद भी क्यों बच गईं इतनी सारी सीटें?मेडिकल काउंसलिंग कमेटी यानी MCC द्वारा आयोजित किए जाने वाले 'स्ट्रे वैकेंसी राउंड' को आमतौर पर एडमिशन प्रक्रिया का अंतिम और निर्णायक पड़ाव माना जाता है। इस साल भी MCC ने एमबीबीएस (MBBS), बीडीएस (BDS) और बीएससी नर्सिंग की हजारों खाली सीटों को भरने के लिए स्ट्रे वैकेंसी राउंड का आयोजन किया था। इस विशेष राउंड के लिए कुल 4,068 सीटें चिन्हित की गई थीं, जिन्हें योग्य उम्मीदवारों के बीच आवंटित किया जाना था। हालांकि, जब इस राउंड का प्रोविजनल सीट आवंटन परिणाम जारी हुआ, तो यह देखा गया कि तमाम कोशिशों के बावजूद केवल 3,108 सीटें ही छात्रों को अलॉट हो सकीं। इसके बाद भी देश भर के विभिन्न मेडिकल संस्थानों में 800 से अधिक सीटें ऐसी बच गईं, जिन पर किसी ने दाखिला नहीं लिया। इतने चरणों की काउंसलिंग के बाद भी इतनी बड़ी संख्या में सीटों का खाली रह जाना यह सोचने पर मजबूर करता है कि आखिर प्रक्रिया में ऐसी कौन सी व्यावहारिक अड़चनें आ रही हैं, जिनका सामना छात्र और उनके परिवार कर रहे हैं।क्या है खाली सीटें रहने के पीछे की मुख्य वजहें और छात्रों की मुश्किलें?जानकारों और शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल सीटों के खाली रहने के पीछे कई बड़े कारण जिम्मेदार हैं। सबसे बड़ा और अहम कारण देश के कुछ प्राइवेट और डीम्ड विश्वविद्यालयों का भारी-भरकम फीस ढांचा है। कई बार काउंसलिंग के अंतिम चरणों में वे सीटें बच जाती हैं जिनकी ट्यूशन फीस आम परिवारों के बजट से बहुत बाहर होती है। इसके अलावा, भौगोलिक दूरियां, कॉलेज का लोकेशन और कोर्स को लेकर छात्रों की खास पसंद भी इसमें बड़ी भूमिका निभाती है। कई छात्र अपने मनपसंद शहर या कॉलेज में सीट न मिलने पर एडमिशन छोड़ने का जोखिम उठा लेते हैं। हालांकि, जिन छात्रों के पास रैंक अच्छी थी लेकिन वे शुरुआती राउंड में सही चॉइस-फिल्लिंग नहीं कर पाए थे, उनके लिए यह खाली सीटें एक बड़े अवसर की तरह हैं। काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान कई बार तकनीकी कारणों या दस्तावेजों के सत्यापन में देरी के कारण भी योग्य उम्मीदवार समय पर सीट सुरक्षित नहीं कर पाते हैं।क्या मेडिकल दाखिले के लिए छात्रों को मिलेगा एक और नया मौका?जैसे ही स्ट्रे वैकेंसी राउंड के बाद खाली सीटों के आंकड़े सार्वजनिक हुए हैं, वैसे ही देश भर के मेडिकल अभ्यर्थियों की धड़कनें तेज हो गई हैं। छात्रों और उनके अभिभावकों के मन में अब यही सवाल सबसे प्रमुख है कि क्या इन बची हुई 800 से ज्यादा सीटों को भरने के लिए कोई नया या विशेष स्ट्रे वैकेंसी राउंड आयोजित किया जाएगा? शिक्षा जगत के जानकारों का संकेत है कि खाली सीटों को व्यर्थ जाने से बचाने के लिए संबंधित प्राधिकरण और राज्य स्तर पर काउंसलिंग एजेंसियां अतिरिक्त सत्र या विशेष दौर चला सकती हैं। हालांकि, इस संबंध में मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक और अंतिम घोषणा नहीं की गई है। विशेषज्ञों की सलाह है कि जिन उम्मीदवारों को पिछले चरणों में मनचाहा कॉलेज नहीं मिला है या जो थोड़ा और इंतजार करने की स्थिति में हैं, उन्हें लगातार MCC की आधिकारिक वेबसाइट पर पैनी नजर बनाए रखनी चाहिए।आगे की प्रक्रिया के लिए उम्मीदवारों को किन बातों का रखना होगा खास ध्यान?यदि आप भी उन उम्मीदवारों में शामिल हैं जो इस साल मेडिकल प्रवेश की दौड़ में बने हुए हैं, तो आपको बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। काउंसलिंग के इन आखिरी पड़ावों पर जरा सी लापरवाही आपके हाथ से साल भर की मेहनत का अवसर छीन सकती है। जिन छात्रों को पिछले परिणामों में प्रोविजनल रूप से सीटें आवंटित हुई हैं, उन्हें समय सीमा के भीतर अपने सभी जरूरी दस्तावेजों जैसे नीट स्कोरकार्ड, एडमिट कार्ड, बारहवीं की मार्कशीट और श्रेणी प्रमाण पत्र के साथ पूरी तैयारी रखनी चाहिए। इसके साथ ही, यदि नया या स्पेशल राउंड आयोजित होता है, तो चॉइस-फिल्लिंग करते समय बहुत सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। कॉलेज की फीस, वहां की व्यवस्था और अपनी वित्तीय स्थिति का आकलन करने के बाद ही अंतिम निर्णय लें। देश के चिकित्सा शिक्षा ढांचे में हर एक सीट की कीमत बहुत ज्यादा है, इसलिए यह जरूरी है कि खाली पड़ी इन सीटों पर देश के योग्य और मेहनतकश युवाओं का अधिकार जल्द से जल्द तय किया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Oct 2026 3:34 pm

NEET 2026: लाखों छात्रों ने क्रैक की परीक्षा, फिर भी खाली रह गईं MBBS सीटें

देशभर में हर साल लाखों युवा आंखें नम किए और सीने में सपने संजोए मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी में जुटते हैं। दिन-रात एक करके, कोचिंग के चक्कर काटकर और हर एक अंक के लिए संघर्ष करके वे NEET क्वालीफाई भी कर लेते हैं। लेकिन इस साल ऑल इंडिया काउंसलिंग प्रक्रिया के अंतिम चरण के बाद जो तस्वीरें सामने आई हैं, उन्होंने हर किसी को हैरान कर दिया है। लाखों अभ्यर्थियों के पास होने के बावजूद देश भर के मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर बनने के लिए तय की गई सैकड़ों MBBS सीटें पूरी तरह खाली पड़ी रह गई हैं। एक तरफ जहां छात्र एक-एक सीट के लिए तरसते हैं, वहीं दूसरी तरफ कट-ऑफ क्लियर करने वाले योग्य विद्यार्थी काउंसलिंग सेंटर से बिना दाखिला लिए खाली हाथ लौटने पर मजबूर हो गए हैं। यह स्थिति उन परिवारों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है, जिन्होंने अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने का सपना देखा था।हताशा की वजह: सालाना 25 से 35 लाख का भारी-भरकम फीस स्ट्रक्चरइस अभूतपूर्व संकट और खाली सीटों के पीछे जो सबसे बड़ा कारण बनकर उभरा है, वह है डीम्ड यूनिवर्सिटीज और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों का बेतहाशा और बेलगाम फीस स्ट्रक्चर। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) के अंतिम राउंड की रिपोर्ट दर्शाती है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी और देश के अन्य हिस्सों में स्थित निजी संस्थानों में MBBS की एक सीट की ट्यूशन फीस सालाना 23 लाख से 35 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है। यदि इसमें हॉस्टल, मेस और अन्य छिपे हुए प्रशासनिक खर्चों को जोड़ दिया जाए, तो साढ़े चार साल की पढ़ाई का कुल बजट 1.25 करोड़ से 1.50 करोड़ रुपये के पार निकल जाता है। मध्यमवर्गीय या साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि वाले परिवारों के लिए इतनी बड़ी रकम चुकाना पूरी तरह असंभव है। बैंक लोन की सीमाएं भी इतनी बड़ी राशि को कवर नहीं कर पातीं, जिसके कारण मेरिट में आने के बावजूद योग्य छात्रों को अपनी सीटें छोड़नी पड़ रही हैं।आंकड़ों की जुबानी: काउंसलिंग के अंतिम दौर के बाद भी 800 से अधिक सीटें खालीअगर आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल नीट यूजी की प्रक्रिया समाप्त होने के मोड़ पर खड़ी है, लेकिन मेडिकल कॉलेजों का आंकड़ा चिंताजनक है। रिपोर्टों के अनुसार, स्ट्रे वैकेंसी और ऑल इंडिया कोटा के अंतिम राउंड के बाद भी देशभर में 830 से अधिक MBBS सीटें बिना एडमिशन के खाली रह गई हैं। अकेले तमिलनाडु और पुडुचेरी के डीम्ड विश्वविद्यालयों में ही 824 से ज्यादा सीटें ऐसी हैं, जिन पर कोई भी छात्र मोटी फीस के डर से दाखिला लेने नहीं पहुंचा। कई प्रसिद्ध संस्थानों में जहां पहले तीसरी राउंड में ही सारी सीटें भर जाती थीं, वहां इस बार कट-ऑफ रैंक में भारी गिरावट के बावजूद सीटें खाली रहीं। यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि छात्र अब केवल डिग्री पाने के लिए खुद को और अपने परिवार को जीवनभर के वित्तीय कर्ज में धकेलने के लिए तैयार नहीं हैं।क्या अतिरिक्त काउंसलिंग राउंड से सुलझेगी छात्रों की परेशानी?सीटें खाली रह जाने के बाद अब अभ्यर्थियों और अभिभावकों की नजरें मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) और स्वास्थ्य मंत्रालय के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। सवाल यह उठ रहा है कि क्या सरकार इन खाली सीटों को भरने के लिए कोई विशेष स्ट्रे वैकेंसी राउंड आयोजित करेगी? हालांकि, जानकारों और शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की फीस पर कोई राष्ट्रीय नीति या कैपिंग लागू नहीं की जाती, तब तक अतिरिक्त काउंसलिंग कराने से भी जमीनी स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आने वाला है। अगर फीस वही रही, तो छात्र फिर से प्रवेश लेने से कतराएंगे। कई छात्र संगठनों ने भी मांग उठाई है कि केंद्र सरकार को डीम्ड विश्वविद्यालयों की फीस तय करने के लिए तुरंत कड़े नियम बनाने चाहिए ताकि देश के होनहार युवाओं को अपनी प्रतिभा के दम पर पढ़ाई करने का जायज मौका मिल सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Oct 2026 3:33 pm

अब बिना CAT दिए 12वीं के बाद सीधे आईआईएम में मिलेगा धमाकेदार एडमिशन

देश के सबसे प्रतिष्ठित और सपनों के शिक्षण संस्थानों यानी भारतीय प्रबंधन संस्थानों (IIM) में दाखिला पाने के लिए हर साल लाखों छात्र कैट (CAT) परीक्षा की कठिन और लंबी तैयारी में अपनी रातों की नींद खराब करते हैं। हर इंजीनियरिंग या कॉमर्स के ग्रेजुएट्स का यह सपना होता है कि वह किसी तरह आईआईएम से एमबीए की डिग्री हासिल कर अपने करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाए। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अब आपको आईआईएम में एडमिशन पाने के लिए ग्रेजुएशन पूरी करने और कैट की कठिन बाधा को पार करने का इंतजार करने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है? जी हाँ, देश के कई प्रमुख आईआईएम अब छात्रों को 12वीं कक्षा के तुरंत बाद सीधे अपने यहाँ प्रवेश का सुनहरा मौका दे रहे हैं। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने वाले होनहार छात्र अब बिना कैट परीक्षा दिए ही मैनेजमेंट की दुनिया में कदम रख सकते हैं। आइए जानते हैं कि इस खास प्रोग्राम के तहत एडमिशन पाने की पूरी प्रक्रिया, योग्यता और इसके क्या बड़े फायदे हैं।क्या है 12वीं के बाद IIM में एडमिशन का यह खास इंटीग्रेटेड प्रोग्राम?भारतीय प्रबंधन संस्थानों द्वारा संचालित इस शानदार कोर्स को 'इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट' (IPM) यानी प्रबंधन में समेकित पाठ्यक्रम कहा जाता है। यह कोर्स कुल 5 साल का होता है, जो बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) और मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) का एक बेहतरीन कॉम्बिनेशन होता है। इसका मतलब यह है कि छात्र जैसे ही अपनी 12वीं की बोर्ड परीक्षा पास करते हैं, वे इस 5 वर्षीय प्रोग्राम में दाखिला ले सकते हैं। इस कोर्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि छात्रों को ग्रेजुएशन के बाद दोबारा किसी एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी करने या एमबीए में एडमिशन के लिए धक्के खाने की कोई जरूरत नहीं पड़ती। एक बार जब छात्र इस 5 साल के कोर्स में सेलेक्ट हो जाते हैं, तो उनकी ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रैजुएशन दोनों की डिग्री एक ही प्रतिष्ठित संस्थान से पूरी हो जाती है, जो उनके करियर को सीधे एक रॉकेट जैसी रफ्तार देती है।कौन-कौन से प्रमुख IIM ऑफर करते हैं यह डायरेक्ट कोर्स और क्या है योग्यता?देश के शुरुआती कुछ आईआईएम ने छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस एकीकृत पाठ्यक्रम की शुरुआत की थी, जो आज देश के सबसे लोकप्रिय कोर्सेज में शुमार हो चुका है। वर्तमान में आईआईएम इंदौर (IIM Indore), आईआईएम रोहतक (IIM Rohtak), आईआईएम रांची (IIM Ranchi), आईआईएम जम्मू (IIM Jammu) और आईआईएम बोधगया (IIM Bodh Gaya) जैसे देश के शीर्ष संस्थान 12वीं के बाद यह कोर्स ऑफर कर रहे हैं। इस कोर्स में एडमिशन पाने के लिए पात्रता की बात करें तो छात्र को किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा कम से कम 60 प्रतिशत अंकों (आरक्षित श्रेणियों के लिए नियमानुसार छूट) के साथ पास होना अनिवार्य है। इसके अलावा, छात्रों की आयु सीमा भी निर्धारित की जाती है, जिसके तहत युवा छात्र ही इस परीक्षा में बैठने के पात्र माने जाते हैं।एडमिशन की पूरी प्रक्रिया: कैसे होती है चयन प्रक्रिया और कौन सी परीक्षा देनी होती है?चूंकि इस कोर्स में एडमिशन के लिए कैट परीक्षा की जरूरत नहीं होती, इसलिए आईआईएम खुद अपनी एक अलग प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं या फिर विशेष एप्टीट्यूड टेस्ट के स्कोर को मान्यता देते हैं। उदाहरण के लिए, आईआईएम इंदौर अपना खुद का 'आईपीएमएटी' (IPMAT - IPM Aptitude Test) आयोजित करता है, जबकि आईआईएम रोहतक और अन्य संस्थान भी अपनी अलग परीक्षाएं करवाते हैं। इस प्रवेश परीक्षा में मुख्य रूप से मात्रात्मक योग्यता (Quantitative Aptitude), तार्किक तर्क (Logical Reasoning) और मौखिक क्षमता (Verbal Ability) से जुड़े बहुविकल्पीय सवाल पूछे जाते हैं। लिखित परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करने वाले छात्रों को इसके बाद पर्सनल इंटरव्यू (PI) और वॉट (WAT) यानी रिटेन एबिलिटी टेस्ट के अगले चरण के लिए बुलाया जाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Oct 2026 3:31 pm

'अपर सियांग पावर प्रोजेक्ट' को लेकर अरुणाचल प्रदेश में प्रदर्शन, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले; झड़प में चार महिलाएं घायल

अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले में 'सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट' के विरोध में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें चार महिलाएं घायल हो गईं।

जागरण 23 Oct 2026 3:30 pm

चंडीगढ़ में सनसनीखेज मर्डर: महज एक घंटे में लिया पिटाई का इंतकाम

देश के सबसे सुरक्षित और व्यवस्थित शहरों में शुमार चंडीगढ़ की फिजाओं में उस वक्त सनसनी फैल गई जब एक मामूली कहासुनी और मारपीट का बदला लेने के लिए अपराधियों ने खून की होली खेल डाली। चंडीगढ़ के पॉश और व्यस्त इलाके में हुई इस खौफनाक वारदात ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। एक घंटे पहले हुई मामूली पिटाई और बेइज्जती का खौफनाक इंतकाम लेते हुए कुछ बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें एक बेकसूर नाबालिग की दर्दनाक मौत हो गई। हैरानी की बात तो यह है कि बदमाशों की बंदूक से निकली एक गोली वहां से गुजर रहे एक ऑटो चालक के कंधे को चीरती हुई सीधे उस नाबालिग के सीने में जा धंसी। इस पूरी जघन्य वारदात का सीसीटीवी और मोबाइल वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर किसी की भी रूह कांप जाए।क्या है पूरा मामला? जानिए कैसे एक घंटे के भीतर रची गई मर्डर की खौफनाक साजिशपुलिस द्वारा दी गई शुरुआती जानकारी और चश्मदीदों के बयानों के अनुसार, यह पूरी घटना दो पक्षों के बीच उपजे मामूली विवाद से शुरू हुई थी। घटना से ठीक एक घंटे पहले मुख्य आरोपी और उसके साथियों की किसी बात को लेकर मृतक के दोस्तों के साथ तीखी बहस और हाथापाई हो गई थी। उस झड़प में आरोपियों की जमकर पिटाई हुई थी, जिससे उनकी दबंगई और अहंकार को गहरी ठेस पहुंची थी। अपनी उस बेइज्जती और पिटाई का बदला लेने के लिए आरोपी आग बबूला हो गए और उन्होंने चंद मिनटों के भीतर ही हथियार जुटाकर खतरनाक साजिश रच डाली। वे अपने साथियों के साथ घात लगाकर उस इलाके में पहुंचे जहां उन्हें अपने विरोधी युवक नजर आने की उम्मीद थी। जैसे ही उन्हें लगा कि उनके निशाने पर वे लोग हैं, उन्होंने बिना सोचे-समझे ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं, जिससे वहां भगदड़ मच गई।ऑटो चालक के कंधे को चीरती हुई निकली गोली, बेकसूर नाबालिग बना शिकारयह खौफनाक वारदात इतनी तेजी से घटी कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। जब बदमाशों ने पिस्तौल निकालकर फायरिंग की, तो रास्ते से गुजर रहा एक आम ऑटो चालक उनकी गोलीबारी की चपेट में आने से बाल-बाल बचा, हालांकि एक गोली उसके कंधे को चीरती हुई निकल गई जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसी गोली का अगला शिकार एक मासूम नाबालिग बन गया, जो इस पूरे विवाद से किसी भी तरह से जुड़ा हुआ नहीं था। गोली सीधे नाबालिग के शरीर में जा धंसी, जिससे वह खून से लथपथ होकर वहीं सड़क पर गिर पड़ा। आसपास के लोगों ने जब तक उसे तुरंत उठाकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एक मामूली रंजिश के चलते एक बेकसूर बच्चे की जान चले जाने से पूरे इलाके में कोहराम मच गया है।डरावना VIDEO आया सामने: कानून व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवालइस पूरी वारदात का एक दिल दहला देने वाला वीडियो अब सामने आ चुका है, जिसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे बेखौफ बदमाश दिनदहाड़े पिस्तौल लहराते हुए फायरिंग कर रहे हैं और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद चंडीगढ़ पुलिस की कार्यशैली और शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े और गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि शहर के मुख्य इलाकों में इस तरह सरेआम गोलियां चलने लगेंगी, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का क्या होगा? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को देखकर हर कोई आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई और उन्हें फांसी की सजा देने की मांग कर रहा है। चंडीगढ़ पुलिस और क्राइम ब्रांच की कई टीमें इस खौफनाक वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान करने और उनकी धर-पकड़ के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं।पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश और आरोपियों की तलाश जारीघटना की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस के आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और फोरेंसिक टीम को बुलाकर घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें पकड़ने के लिए शहर के तमाम एग्जिट पॉइंट्स को सील कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने वाला कोई भी दरिंदा कानून की गिरफ्त से बच नहीं पाएगा और उन्हें जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। वहीं दूसरी ओर, मृतक नाबालिग के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और वे अपने कलेजे के टुकड़े को खोने के गम में पूरी तरह टूट चुके हैं। समाज में लगातार बढ़ रहा हिंसक गुस्सा और मामूली बात पर हथियार उठा लेने की प्रवृत्ति इस बात का संकेत है कि युवाओं के बीच कानून का डर तेजी से खत्म हो रहा है, जिस पर रोक लगाना बेहद जरूरी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Oct 2026 3:30 pm

क्या है धारा 108, जिस पर बनी सहमति? खत्म हो सकती है बिजली कर्मियों की हड़ताल

हरियाणा में बिजली वितरण के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों द्वारा बुलाई गई तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल अब समाप्ति के बेहद करीब पहुंच गई है। नूंह और गुरुग्राम जैसे प्रमुख औद्योगिक व राजस्व वाले इलाकों में एक निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण का लाइसेंस दिए जाने के फैसले से गुस्साए बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों के साझा मंच ने कड़ा रुख अपनाया था। हालांकि, बिजली संकट से जनता को हो रही दिक्कतों और राज्य की व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए हरियाणा सरकार तुरंत एक्शन मोड में आ गई। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कर्मचारियों की मुख्य मांग को मानते हुए घोषणा की है कि राज्य सरकार 'इलेक्ट्रिसिटी एक्ट' की धारा 108 लागू करने के विकल्प पर पूरी तरह तैयार है। सरकार के इस सकारात्मक रुख के बाद हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लॉइज एंड इंजीनियर्स जॉइंट एक्शन फ्रंट के नेताओं ने वार्ता की टेबल पर आने की सहमति जताई है, जिससे कई जिलों में बिजली संकट दूर होने की बड़ी उम्मीद जगी है।क्या है इलेक्ट्रिसिटी एक्ट की धारा 108 और सरकार कैसे करेगी इसका इस्तेमाल?कानूनी दृष्टिकोण से समझें तो इलेक्ट्रिसिटी एक्ट (Electricity Act) की धारा 108 राज्य सरकार को यह विशेषाधिकार देती है कि वह राज्य विद्युत नियामक आयोग (State Electricity Regulatory Commission - HERC) को नीतिगत मामलों में लिखित निर्देश जारी कर सकती है। दरअसल, नियामक आयोग ने गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी 'इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड' को 25 साल के लिए बिजली वितरण का लाइसेंस जारी किया था। बिजली यूनियनों का मुख्य विरोध यही था कि इससे सरकारी बिजली कंपनियों (दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम) का भारी राजस्व नुकसान होगा और भविष्य में आम उपभोक्ताओं के लिए बिजली महंगी हो सकती है। धारा 108 के तहत जब राज्य सरकार सार्वजनिक हित, जनभावना और जनसेवा की दुहाई देते हुए निर्देश जारी करती है, तो नियामक आयोग के फैसले को समीक्षा के दायरे में लाया जा सकता है या उस पर रोक लगाई जा सकती है। यही वजह है कि कर्मचारी यूनियन धारा 108 को लागू करने की मांग पर अड़ी थीं।ऊर्जा मंत्री अनिल विज की पहल: 'हड़ताल रास्ता नहीं, बातचीत से निकलेगा समाधान'हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बिजली यूनियनों के साथ वार्ता का द्वार खोलते हुए स्पष्ट किया है कि लोकतंत्र में हड़ताल जनता को परेशानी में डालने का साधन नहीं बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से चर्चा की गई है और सरकार धारा 108 के इस्तेमाल के लिए पूरी तरह सहमत है। मंत्री विज ने कर्मचारियों से अपील की कि वे तुरंत काम पर लौटें और उपभोक्ताओं को सुचारू बिजली आपूर्ति बहाल करें। सरकार के इस न्योते के बाद चंडीगढ़ में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें ऊर्जा मंत्री, बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी संगठनों के प्रमुख प्रतिनिधि आमने-सामने बैठकर समझौते के कानूनी ड्राफ्ट पर अंतिम मुहर लगाएंगे।निजीकरण के फैसले का विरोध क्यों कर रहे थे बिजली कर्मचारी और इंजीनियर्स?हरियाणा में चल रहे इस बड़े आंदोलन के पीछे बिजली वितरण व्यवस्था का निजीकरण सबसे बड़ी वजह है। कर्मचारियों का तर्क है कि गुरुग्राम और नूंह ऐसे क्षेत्र हैं जहां से सरकारी बिजली निगमों को कुल राजस्व का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा प्राप्त होता है। यदि इन क्षेत्रों में निजी कंपनियों को समानांतर लाइसेंस दे दिया गया, तो वे बड़े औद्योगिक व व्यावसायिक उपभोक्ताओं को अपनी ओर खींच लेंगी। इसका सीधा असर यह होगा कि सरकारी डिस्कॉम के पास केवल घाटे वाले ग्रामीण और कृषि क्षेत्र ही रह जाएंगे, जिससे सरकारी तंत्र आर्थिक रूप से पंगु हो जाएगा। इसी वित्तीय घाटे और कर्मचारियों के भविष्य की सुरक्षा को लेकर यूनियनें सड़कों पर उतरी थीं और पुतले दहन कर विरोध दर्ज कराया था।वार्ता के नतीजों पर टिकीं प्रदेश भर की नजरें: जनता को मिलेगी राहतबिजली कर्मचारियों की हड़ताल के कारण प्रदेश के कई जिलों में ग्रिड और सब-स्टेशन प्रभावित हुए थे, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों, अस्पतालों और आम रिहाइशी इलाकों में पानी व बिजली की आपूर्ति लड़खड़ाने लगी थी। हालांकि सरकार द्वारा धारा 108 लागू करने के दिए गए लिखित/मौखिक आश्वासन के बाद यह तय माना जा रहा है कि यह हड़ताल किसी भी समय आधिकारिक रूप से वापस ले ली जाएगी। हरियाणा की जनता और व्यापारी वर्ग ने सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच इस सहमति का स्वागत किया है। यदि आज की वार्ता में धारा 108 के क्रियान्वयन पर अंतिम सहमति बन जाती है, तो यह न केवल कर्मचारियों की जीत मानी जाएगी, बल्कि प्रदेश में बिजली का संकट पलक झपकते ही दूर हो जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Oct 2026 3:29 pm

Delhi में SIR के खिलाफ सड़क पर उतरे वाम दल, CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग, कई हिरासत में

23 अक्टूबर को नई दिल्ली में बांग्ला साहिब गुरुद्वारे के पास कई वामपंथी दलों और छात्र नेताओं ने एक मार्च निकाला। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की और मतदाता सूची के 'विशेष सघन पुनरीक्षण' (SIR) का विरोध किया। मध्य दिल्ली में मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) के खिलाफ निकाले गए एक मार्च के दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। ये प्रदर्शनकारी मतदाताओं के नाम कथित तौर पर हटाए जाने के विरोध में भारतीय चुनाव आयोग (ECI) मुख्यालय की ओर जा रहे थे। इसे भी पढ़ें: Mumbai Mayor के दफ्तर, Amitabh Bachchan के आवास और Diljit Dosanjh के शो पर बम हमले की धमकी CPI के राष्ट्रीय महासचिव डी. राजा ने कहा कि आज एक आह्वान किया गया है। देखते हैं कि लोग कैसी प्रतिक्रिया देते हैं और यह किस तरह एक कड़ा संदेश पहुंचाता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद पर नहीं बने रह सकते। उन्हें इस्तीफा देना होगा। 'पीपल अगेंस्ट SIR' विरोध प्रदर्शन के दौरान CPI नेता एनी राजा ने कहा कि हम देश को केंद्र के उन कपटपूर्ण तरीकों से बचाने के लिए यहाँ आए हैं, जिनका मकसद लोकतंत्र को नष्ट करना है। सीपीआई नेता पी. संतोष ने कहा कि हमारा विरोध और तेज होगा; ज्ञानेश कुमार को कोई नहीं बचा सकता। CPI(M) नेता वृंदा करात ने कहा कि जब तक CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। बांग्ला साहिब गुरुद्वारे से जंतर-मंतर की ओर लोगों की भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एक ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की और दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे के बीच रूट डायवर्जन की घोषणा की। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अपने आधिकारिक 'X' (ट्विटर) अकाउंट के जरिए लोगों को सलाह दी कि वे प्रभावित रास्तों से बचें, अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें और ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें। इसे भी पढ़ें: अगले 30 साल आपका नंबर नहीं लगने वाला, अमित शाह का राहुल गांधी को मैसेज, चुनाव जीतना है तो... यह मार्च, SIR प्रक्रिया को लेकर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के खिलाफ 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच निकाला गया। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण (रिवीजन) में गड़बड़ी का आरोप लगाया है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। इससे पहले दिन में, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने ECI पर अपनी संवैधानिक सत्ता खो देने का आरोप लगाया और ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त संविधान का पालन करने के बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रति वफादारी निभाते हुए काम कर रहे हैं।

प्रभासाक्षी 23 Oct 2026 3:29 pm

'हमारे यहां लगाएं प्रदर्शनी', इस राज्य के CM का रेहान वाड्रा को ऑफर

केरलम के वी डी सतीशन ने रेहान वाड्रा और प्रियंका गांधी को टैग कर पूरी प्रदर्शनी केरलम में आयोजित करने का प्रस्ताव दिया. यह पेशकश बीकानेर हाउस से दिल्ली के विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरें हटाए जाने पर छिड़े विवाद के बीच सामने आई.

आज तक 23 Oct 2026 3:28 pm

दहशत फैलाने की साजिश! अमिताभ बच्चन का बंगला, दिल्ली के स्कूलों और कोलकाता एयरपोर्ट उड़ाने की धमकी

देश में सुरक्षा एजेंसियों को एक बार फिर हिला देने वाली धमकियों का सिलसिला सामने आया है। मुंबई में महानायक अमिताभ बच्चन के बंगले और मशहूर गायक दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। कोलकाता एयरपोर्ट और दिल्ली ...

वेब दुनिया 23 Oct 2026 3:28 pm

विदेश में कंडोम के पैकेट्स पर क्यों लिखी होती हैं ये अजीब लाइनें?

विदेशों में कुछ कंडोम के पैकेट ऐसे होते हैं, जिन पर अजीब लाइनें लिखीं होती है. इनमें से कुछ फनी होती हैं, तो कुछ डबल मीनिंग वाले तो कुछ पर अजीब लोगो बना होता है. ऐसे में जानते हैं कि कंडोम के पैकेट की ऐसी पैकेजिंग क्यों की जाती है?

आज तक 23 Oct 2026 3:26 pm

बेटियों की पढ़ाई के लिए सरकार देगी ₹25,000, जानें प्लान

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत पात्र बेटियों को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक 6 चरणों में कुल ₹25,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है. वीडियो में जानें योजना की पात्रता, किस्तों का विवरण और ऑनलाइन आवेदन करने का तरीका. इस योजना का उद्देश्य बेटियों के स्वास्थ्य, टीकाकरण और शिक्षा को बढ़ावा देना है.

आज तक 23 Oct 2026 3:26 pm

रतलाम: घर में खेल रही 3 साल की बच्ची पर कुत्ते ने किया हमला, हुई मौत

रतलाम में घर के आंगन में खेल रही तीन साल की मनीषा भाभर पर आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया, जिसके बाद अस्पताल में उसे मृत घोषित किया गया. सिर और पीठ पर गहरे घाव मिलने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने और घटना की जांच करने की बात कही है.

आज तक 23 Oct 2026 3:25 pm

कल से 3 दिनों के लिए बंद रहेंगे बैंक, जानिए क्‍यों रहेगी छुट्टी

भारतीय रिजर्व बैंक की कैलेंडर के मुताबिक, अगले तीन दिनों के लिए अलग-अलग जगहों पर बैंकों का अपकाश रहने वाला है. हालांकि, अगले दो दिनों के लिए पूरे देश में अवकाश रहेगा.

आज तक 23 Oct 2026 3:25 pm

चंडीगढ़: 17 साल के लड़के पर सरेआम दागी गोलियां, मौके पर हुई मौत

चंडीगढ़ के सेक्टर 22 में ऑटोरिक्शा से जा रहे 17 वर्षीय छात्र नैतिक पर बाइक सवार दो लोगों ने गोलियां चलाईं, जिससे उसकी मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ. पुलिस को शक है कि वारदात छात्रों के दो गुटों के हालिया झगड़े और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए जाने से जुड़ी है.

आज तक 23 Oct 2026 3:24 pm

PUC नहीं तो तेल नहीं, 1 नवंबर से नया नियम, फटाफट जानिए मोबाइल पर चेक करने का तरीका

दिल्ली में 1 नवंबर से लागू होगी No PUC, No Fuel पॉलिसी. बिना वैलिड पॉल्यूशन सर्टिफिकेट के पेट्रोल पंपों पर आपको फ्यूल नहीं मिलेगा. इसको आप ऑनलाइन भी चेक कर सकते हैं.

NDTV इंडिया 23 Oct 2026 3:23 pm

Delhi के Jasola में पैतृक संपत्ति विवाद पर भाई की हत्या, दंपति गिरफ्तार

दिल्ली के जसोला गांव में पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद के दौरान अपने भाई की हत्या करने के आरोप में एक व्यक्ति और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान ओमप्रकाश वर्मा (36) और उसकी पत्नी चंदा वर्मा (34) के रूप में हुई है, और दोनों को कथित तौर पर राष्ट्रीय राजधानी से फरार होने की कोशिश करते समय गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, घटना 21 अक्टूबर को हुई, जब जसोला गांव में झगड़े के संबंध में पुलिस को सूचनी मिली। उन्होंने बताया कि पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और संजय वर्मा को गंभीर रूप से घायल पाया। उन्हें अपोलो अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि मृतक की पत्नी सोनी उर्फ नरगिस और उनकी मां जमना देवी को भी उपचार के लिए पंडित मदन मोहन मालवीय अस्पताल ले जाया गया है। जांच के दौरान जमना देवी ने आरोप लगाया कि पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद के दौरान उनके बेटे ओमप्रकाश और उसकी पत्नी चंदा ने संजय तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मारपीट की थी। पुलिस ने बताया कि उनके बयान, चिकित्सा संबंधी रिकॉर्ड और घटना की परिस्थितियों के आधार पर सरिता विहार थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) (हत्या) और 3(5) (सामान्य आशय) के तहत मामला दर्ज किया गया। अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों का पता लगाने और उन्हें फरार होने से रोकने के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गईं। पुलिस के अनुसार, चंदा को 21 अक्टूबर को नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया, जबकि ओमप्रकाश को 22 अक्टूबर को सराय काले खां बस अड्डे से पकड़ा गया। जांच के दौरान पुलिस ने कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल की गई लकड़ी की एक छड़ी, सीसीटीवी फुटेज और अपोलो अस्पताल से प्राप्त मृतक के कपड़ों वाला एक सीलबंद पैकेट जब्त किया है। मामले में जांच जारी है।

प्रभासाक्षी 23 Oct 2026 3:23 pm

'निकाह के बाद कभी संबंध नहीं बना पाया पति, विरोध पर पीटा'

यूपी के मुजफ्फरनगर जिले में एक पीड़िता शीबा ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर अपने पति आसिफ और ससुराल वालों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं. महिला का आरोप है कि पति ने मारपीट कर उसे तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया है, जिसके बाद पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है.

आज तक 23 Oct 2026 3:22 pm

बहनें नोट कर लें तिलक का समय, इस दिन मनाया जाएगा भाई दूज

Bhai Dooj 2026: भाई दूज को यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है. यह त्योहार भाई-बहन के प्रेम और विश्वास से जुड़ा है. आइए जानते हैं भाई दूज की सही तारीख, तिलक का शुभ समय और इस पर्व का धार्मिक महत्व.

आज तक 23 Oct 2026 3:22 pm

15 करोड़ और 2 साल में तैयार हुई चीन की पहली AI फिल्म, क्या होगी हिट?

चीन की पहली पूरी तरह से AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) द्वारा बनाई गई फीचर फिल्म शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है. हालांकि इस फिल्म को लेकर शुरुआती रिपोर्ट उम्मीद के मुताबिक नहीं है.

आज तक 23 Oct 2026 3:21 pm

केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के आवास पर तीसरी बार मिला अजगर, पुलिस की सतर्कता से पकड़ा गया

कोच्चि। केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के एर्नाकुलम जिले के नेदुंबस्सेरी स्थित देसम आवास पर एक बार फिर अजगर मिलने से सुरक्षा कर्मियों में सतर्कता बढ़ गई। मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके आवासीय परिसर से सांप मिलने की यह तीसरी घटना है। बुधवार देर रात बरामदे में खड़ी कार की ओर बढ़ रहे अजगर को […] The post केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के आवास पर तीसरी बार मिला अजगर, पुलिस की सतर्कता से पकड़ा गया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Oct 2026 3:21 pm

बिलो द बेल्ट' हिट करना शोभा नहीं देता, पूर्व CEC एस वाई कुरैशी पर भड़के अशोक खेमका

भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के सबसे बेबाक, ईमानदार और अपने सख्त तेवरों के लिए देश भर में जाने जाने वाले हरियाणा के पूर्व एडिशनल सेक्रेटरी अशोक खेमका एक बार फिर से अपने तीखे बयानों के कारण चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। इस बार उनका निशाना कोई और नहीं बल्कि देश के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) डॉ. एस.वाई. कुरैशी हैं। पूरा मामला तब गरमाया जब पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर कुछ सार्वजनिक टिप्पणियां की थीं। अशोक खेमका ने इन बياनों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए दो टूक शब्दों में कहा है कि एक पूर्व संवैधानिक पद पर आसीन रहे व्यक्ति की ओर से इस तरह के निचले स्तर के प्रहार करना कतई शोभा नहीं देता। खेमका ने साफ किया कि लोकतंत्र में असहमति होना और वैचारिक मतभेद होना पूरी तरह से जायज है, लेकिन किसी व्यक्ति विशेष पर व्यक्तिगत छींटाकशी करना और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाना स्वस्थ लोकतंत्र के लिए सही नहीं है।अनुच्छेद 370 को हटाना देश की सबसे बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि और गर्व का विषयअपने इस कड़े बयान के दौरान अशोक खेमका ने देश के सबसे बड़े फैसलों में से एक 'अनुच्छेद 370' (Article 370) के खात्मे का भी पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना केवल एक राजनीतिक फैसला नहीं था, बल्कि यह भारत की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा से जुड़ा हुआ एक ऐसा राष्ट्रीय गौरव का विषय था जिसे सदियों तक याद रखा जाएगा। खेमका का कहना था कि इस प्रकार के ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व के फैसलों पर अनावश्यक सवाल खड़े करना या राजनीतिक चश्मे से देखना देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस कदम से देश की मुख्यधारा के साथ कश्मीर का जो जुड़ाव मजबूत हुआ है, वह हर भारतीय के लिए गर्व की बात होनी चाहिए, न कि उस पर किसी भी प्रकार की ओछी राजनीति की जानी चाहिए।राजनीतिक द्वेष से ऊपर उठकर संवैधानिक गरिमा को देनी चाहिए प्राथमिकताअशोक खेमका ने अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव का हवाला देते हुए देश के बुद्धिजीवियों और पूर्व अधिकारियों को नसीहत दी कि उन्हें राजनीति और राजनीतिक द्वेष की भावना से ऊपर उठकर देशहित और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा के बारे में सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति देश के सबसे बड़े और जिम्मेदार चुनाव आयोग जैसे प्रतिष्ठित पद पर कार्य कर चुका होता है, तो समाज की उससे यह अपेक्षा होती है कि वह अपने बयानों में परिपक्वता और निष्पक्षता की मिसाल पेश करेगा। व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं या राजनीतिक एजेंडे के तहत दिए जाने वाले बयान देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे के प्रति जनता के भरोसे को कमजोर करते हैं। खेमका के इस बेबाक बयान ने एक बार फिर से इस बात को साबित कर दिया है कि वे प्रशासनिक गलियारों में सच बोलने के लिए क्यों जाने जाते हैं।प्रशासनिक गलियारों और राजनीतिक जगत में छिड़ गई नई बहसअशोक खेमका के इस तीखे और स्पष्टवादी बयान के सामने आने के बाद से ही राजनीतिक गलियारों और नौकरशाही के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एक सेवारत या पूर्व नौकरशाह द्वारा दूसरे वरिष्ठ पूर्व अधिकारी की कार्यशैली और बयानों पर इस तरह की सार्वजनिक टिप्पणी करना बहुत कम देखने को मिलता है। एक तरफ जहां कई लोग खेमका के इस रुख को प्रशासनिक नैतिकता और राष्ट्रीयता के पक्ष में उठाया गया एक साहसिक कदम बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इस पर विरोधी दलों की प्रतिक्रियाएं भी आनी शुरू हो गई हैं। यह पूरा घटनाक्रम इस समय देश भर की मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म्स पर मुख्य चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां लोग इस वैचारिक बहस के अलग-अलग पहलुओं पर अपनी राय रख रहे हैं।लोकतंत्र की मजबूती के लिए संस्थागत और व्यक्तिगत मर्यादा बेहद जरूरीभारत जैसी दुनिया की सबसे बड़ी और जीवंत लोकतांत्रिक व्यवस्था में विभिन्न मुद्दों पर अलग-अलग विचार होना लोकतंत्र की खूबसूरती है, लेकिन इस खूबसूरती को बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि हर व्यक्ति अपनी सीमा और गरिमा का ध्यान रखे। अशोक खेमका द्वारा उठाई गई यह आवाज इस बात की याद दिलाती है कि पद चाहे कोई भी हो, देशहित और संवैधानिक मर्यादाएं हमेशा सबसे ऊपर होनी चाहिए। पूर्व CEC और एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के बीच छिड़ी इस वैचारिक तनातनी ने देश की प्रशासनिक शुचिता और राजनीतिक बहसों को एक नया मोड़ दे दिया है, जो आने वाले दिनों में और अधिक तूल पकड़ सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Oct 2026 3:21 pm

NZ A vs IND A: इंडिया ए के खिलाफ 3 मैचों की रेड-बॉल सीरीज के लिए न्यूजीलैंड ए की टीम घोषित

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी मजबूत छाप छोड़ने और भविष्य के युवा सितारों को तराशने के उद्देश्य से भारत और न्यूजीलैंड की क्रिकेट टीमों के बीच मुकाबले हमेशा से काफी रोमांचक रहे हैं। इसी कड़ी में अब 'इंडिया ए' (India A) और 'न्यूजीलैंड ए' (New Zealand A) के बीच खेली जाने वाली तीन मैचों की चार दिवसीय (रेड-बॉल टेस्ट) अनऑफिशियल सीरीज के लिए न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने अपनी मजबूत 'ए' टीम का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। न्यूजीलैंड की चयन समिति ने इस आगामी सीरीज के लिए युवाओं और अनुभवी खिलाड़ियों का एक बेहद संतुलित और खतरनाक संयोजन तैयार किया है। भारतीय परिस्थितियों और स्पिन की अनुकूल पिचों को ध्यान में रखते हुए कीवी टीम ने अपने बेड़े में कई बेहतरीन स्पिनरों और तेज गेंदबाजों को शामिल किया है। यह अनऑफिशियल टेस्ट सीरीज दोनों देशों के कई युवा खिलाड़ियों के लिए सीनियर राष्ट्रीय टीम में एंट्री करने का सबसे बड़ा जरिया साबित होने वाली है।न्यूजीलैंड ए की टीम में किसे-किसने बनाई जगह? जानिए मुख्य खिलाड़ियों के नामन्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड द्वारा घोषित की गई इस टीम की कमान अनुभवी और फर्स्ट क्लास क्रिकेट में लगातार रन बनाने वाले शीर्ष क्रम के बल्लेबाज को सौंपी गई है। कीवी स्क्वॉड में उन खिलाड़ियों पर विशेष भरोसा जताया गया है जिन्होंने हाल के घरेलू सत्रों में प्लंकेट शील्ड (Plunket Shield) और सीमित ओवरों की प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। टीम में कई ऐसे चेहरे शामिल हैं जो पहले भी न्यूजीलैंड की सीनियर राष्ट्रीय टीम का हिस्सा रह चुके हैं और जिनके पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अच्छा-खासा अनुभव मौजूद है। इसके अलावा, मध्यक्रम को मजबूती देने के लिए भरोसेमंद ऑलराउंडरों और तकनीक में माहिर बल्लेबाजों को शामिल किया गया है। गेंदबाजी आक्रमण में 140 किमी/घंटे से ज्यादा की रफ्तार से गेंद फेंकने वाले युवा तेज गेंदबाजों और घूमती पिचों पर कहर बरपाने वाले खतरनाक स्पिनरों को चुना गया है, जिससे यह टीम काफी संतुलित नजर आ रही है।भारतीय सरजमीं पर तीन मैचों की रेड-बॉल सीरीज का महत्व और कड़ी चुनौतीभारत के दौरे पर आ रही न्यूजीलैंड ए की टीम के लिए यह दौरा आसान नहीं होने वाला है। भारतीय पिचों पर स्पिन का सामना करना और लंबी पारियां खेलना किसी भी विदेशी बल्लेबाज के लिए सबसे बड़ी परीक्षा माना जाता है। तीन मैचों की इस अनऑफिशियल टेस्ट सीरीज के दौरान खिलाड़ियों की शारीरिक सहनशक्ति, धैर्य और तकनीकी कौशल का कड़ा इम्तिहान होगा। न्यूजीलैंड की टीम मैनेजमेंट का मानना है कि इंडिया ए जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उनके अपने घरेलू मैदानों पर खेलना कीवी युवाओं को बेहद मूल्यवान अनुभव देगा। इस सीरीज के जरिए कई ऐसे खिलाड़ियों की पहचान की जाएगी जो आने वाले समय में मुख्य न्यूजीलैंड टेस्ट टीम में दिग्गज सीनियर खिलाड़ियों की जगह लेने के लिए पूरी तरह तैयार होंगे।इंडिया ए के लिए भी साबित होगा बड़ा मौका, कई युवा सितारों पर रहेंगी नजरेंदूसरी तरफ, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा भी इंडिया ए की टीम में घरेलू क्रिकेट के सबसे धाकड़ और प्रतिभावान युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जा रहा है। न्यूजीलैंड ए जैसी अनुशासित और प्रतिस्पर्धी टीम के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करने से भारतीय युवाओं के लिए सीधे भारतीय सीनियर टेस्ट टीम के दरवाजे खुल सकते हैं। रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) और इंडिया-ए के हालिया मैचों में शतक और विकेटों की झड़ी लगाने वाले खिलाड़ी इस सीरीज को एक बेहतरीन अवसर के रूप में देख रहे हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों टीमों के बीच होने वाले ये तीनों मुकाबले बेहद कड़े और कांटे की टक्कर वाले होंगे, क्योंकि दोनों ही टीमों के युवा खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचने की हरसंभव कोशिश करेंगे।सीरीज के मैच शेड्यूल और फैंस के बीच बढ़ती उत्सुकतातीन मैचों की यह रेड-बॉल सीरीज क्रिकेट प्रेमियों के लिए बेहद रोमांचक होने वाली है। मैचों का आयोजन भारत के प्रमुख क्रिकेट स्टेडियमों में किया जाएगा, जहां की पिचें लाल गेंद के खेल के लिए अनुकूल मानी जाती हैं। सीरीज के शुरू होने से पहले ही क्रिकेट विश्लेषकों और खेल प्रेमियों के बीच इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि कीवी बल्लेबाज भारतीय स्पिनरों की फिरकी का सामना किस रणनीति से करेंगे। न्यूजीलैंड ए की मजबूत टीम के ऐलान ने इस सीरीज के रोमांच को दोगुना कर दिया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि जब दोनों देशों की युवा ब्रिगेड मैदान पर आमने-सामने होगी, तो कौन सी टीम बाजी मारती है और किस खिलाड़ी के बल्ले या गेंद से नए रिकॉर्ड्स बनते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Oct 2026 3:20 pm