LIVE: मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर संग्राम, भाजपा देशभर में कर रही विरोध प्रदर्शन, बिना शर्त माफी की मांग- Congress President Mallikarjun Kharge controversial statement BJP protests LIVE remarks on PM Modi father
सऊदी अरब में मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद अमेरिका ने अपने गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके पात्र परिवार के सदस्यों को देश छोड़ने का आदेश दिया है।
अयोध्या में शरद पूर्णिमा पर अमृत वर्षा के बीच रामलला को लगा विशेष 'खीर' का भोग
धर्मनगरी अयोध्या स्थित भव्य रामजन्मभूमि परिसर में रविवार को शरद पूर्णिमा का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस विशेष धार्मिक अवसर पर गर्भगृह में विराजमान बालक रूप प्रभु श्री रामलला सरकार का अत्यंत मनमोहक पूजन-अर्चन और दिव्य श्रृंगार किया गया। शरद ऋतु के आगमन और पूर्ण चंद्र की धवल चांदनी के पावन संयोग पर मध्य रात्रि में भगवान को गाय के शुद्ध दूध, मेवों और केसर से निर्मित विशेष खीर का भोग अर्पित किया गया। मंदिर परिसर में इस उत्सवी आयोजन के दौरान सुरक्षा के कड़े और चाक-चौबंद प्रबंध किए गए थे ताकि सभी शास्त्रीय परंपराएं और अनुष्ठान पूरी गरिमा एवं शांति के साथ निर्विघ्न संपन्न हो सकें।सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार शरद पूर्णिमा की पावन निशा में चंद्रमा अपनी समस्त 16 कलाओं से युक्त होकर आकाश में अमृत की वर्षा करता है। धार्मिक आस्था है कि इस रात खुले गगन के नीचे चंद्रमा की शीतल किरणों में रखी गई खीर औषधीय और आध्यात्मिक गुणों से परिपूर्ण होकर अमृत तुल्य बन जाती है। इसी प्राचीन परंपरा का विधिवत निर्वहन करते हुए रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में खीर को तैयार कर खुले आकाश के नीचे रखा गया और तत्पश्चात मध्य रात्रि के विशेष मुहूर्त में मंत्रोच्चार के साथ प्रभु रामलला के श्रीचरणों में भोग लगाया गया। भोग उपरांत इसी अमृतमयी खीर को उपस्थित संतों और ट्रस्ट कर्मियों के बीच प्रसाद रूप में वितरित किया गया।गर्भगृह के उत्तरी चबूतरे पर विराजे रामलला के चल विग्रह, भक्तिमय पदगायन से गूंजा परिसरराम मंदिर के धार्मिक व्यवस्था प्रमुख इंद्रदेव मिश्र ने पूरे धार्मिक अनुष्ठान की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि शरद पूर्णिमा के उपलक्ष्य में विशेष पूजा अर्चना का क्रम संध्या आरती के तुरंत बाद शुरू हो गया था। संध्या कालीन पूजन के पश्चात विधि-विधान पूर्वक रामलला के चल विग्रह को गर्भगृह से बाहर लाकर मंदिर के उत्तरी चबूतरे पर स्थापित किया गया। उत्तरी चबूतरे पर भगवान के विराजमान होते ही मंदिर के पुजारियों और उपस्थित श्रद्धालुओं ने परंपरागत पदों का सुमधुर गायन आरंभ किया। मधुर भजनों और अवधी लोक पदों की गूंज से संपूर्ण परिसर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय और आनंदित हो उठा।उत्तरी चबूतरे पर ही शरद पूर्णिमा के सभी विशिष्ट शास्त्रीय अनुष्ठान वैदिक आचार्यों की देखरेख में संपन्न हुए। इस दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। आयोजन में मुख्य रूप से ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास, ट्रस्टी डॉ. निर्मला यादव, मंदिर निर्माण समिति के सीईओ सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र तथा मुख्य अर्चक आचार्य केशव शर्मा के साथ रामलला के सहयोगी अर्चक, ट्रस्ट के वरिष्ठ कर्मचारी और सुरक्षा से जुड़े शीर्ष अधिकारी पूरे समय मौजूद रहे। सभी ने एक साथ मिलकर आरती उतारी और लोक कल्याण की मंगल कामना की।राम मंदिर परिसर में आज हर्षोल्लास से मनेगी महर्षि वाल्मीकि जयंती, संतों का होगा महाजुटानशरद पूर्णिमा के दिव्य अनुष्ठानों के सफल समापन के बाद अब सोमवार को रामजन्मभूमि परिसर में आदिकवि महर्षि वाल्मीकि की पावन जयंती भी पूरे हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाई जा रही है। रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि के सम्मान में परिसर के भीतर नवनिर्मित वाल्मीकि मंदिर को विशेष रूप से रंग-बिरंगे सुगंधित फूलों और आकर्षक दीपमालाओं से सजाया गया है। इस पावन अवसर पर वाल्मीकि समाज के प्रतिष्ठित संतों, समाज सुधारकों, विशिष्ट प्रतिनिधियों और राम मंदिर ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों को सादर आमंत्रित किया गया है।महर्षि वाल्मीकि जयंती से संबंधित सभी धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का कुशल संयोजन एवं नेतृत्व ट्रस्टी डॉ. निर्मला यादव द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित मूल रामायण के श्लोकों का पाठ होगा और उनके जीवन दर्शन तथा सामाजिक समरसता के संदेश पर आधारित विचार गोष्ठी का भी आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर संपूर्ण अयोध्या धाम में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों के बीच भारी उत्साह देखा जा रहा है।
ग्रेटर नोएडा और जेवर क्षेत्र के निवासियों के लिए यमुना एक्सप्रेसवे पर टोल फ्री आवागमन का सपना अभी भी अधर में लटका नजर आ रहा है। स्थानीय नागरिकों को टोल टैक्स से पूर्ण मुक्ति दिलाने के आधिकारिक दावों और वादों के बाद क्षेत्र के लगभग चार हजार लोगों ने निर्धारित पोर्टल पर अपने आवेदन जमा कराए थे। हालांकि, घोषणा के एक महीने से भी अधिक का समय बीत जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर एक भी आवेदक को टोल शुल्क में छूट का सीधा लाभ नहीं मिल सका है। इस प्रशासनिक सुस्ती और तकनीकी देरी के चलते स्थानीय ग्रामीणों, व्यापारियों और रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों में भारी असंतोष पनप रहा है। 17 सितंबर से इस छूट व्यवस्था को धरातल पर लागू करने का भरोसा दिया गया था, लेकिन धरातल पर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है।यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते ग्रेटर नोएडा स्थित जिला मुख्यालय, प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों में जाने वाले आम नागरिकों, कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं और दैनिक कामगारों के लिए यह मार्ग जीवन रेखा की तरह है। स्थानीय लोग पिछले 14 वर्षों से लगातार यह मांग उठा रहे हैं कि परियोजना से प्रभावित और आसपास बसे जेवर के मूल निवासियों को टोल से मुक्त रखा जाए। इसके अलावा किसान संगठन यमुना एक्सप्रेसवे के खुर्जा अंडरपास पर पैदल यात्रियों के लिए सीढ़ियां बनाने और जेवर की जनता के लिए पहचान पत्र के जरिए निशुल्क आवागमन की व्यवस्था लागू करने को लेकर कई बार बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन और महापंचायतें भी कर चुके हैं।17 सितंबर को हुआ था छूट का ऐलान, दस्तावेज सत्यापन के बाद भी नहीं बनी बातक्षेत्रीय जनता की इस डेढ़ दशक पुरानी मांग को संज्ञान में लेते हुए जेवर के स्थानीय विधायक धीरेंद्र सिंह और यमुना एक्सप्रेसवे टोल प्रबंधन की साझा सहमति से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस यानी 17 सितंबर के अवसर पर जेवर वासियों को टोल से राहत देने की सार्वजनिक घोषणा की गई थी। उस दौरान एक्सप्रेसवे प्रबंधन की ओर से निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले स्थानीय वाहन स्वामियों के लिए एक आधिकारिक वेब लिंक जारी किया गया था। यह तय किया गया था कि पहचान पत्र, निवास प्रमाण और वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) जैसे आवश्यक दस्तावेजों के ऑनलाइन सत्यापन के उपरांत गाड़ियों को फास्टैग डेटाबेस में छूट श्रेणी में मैप कर दिया जाएगा।घोषणा के तुरंत बाद जेवर तहसील क्षेत्र के लगभग चार हजार उत्साही नागरिकों ने उम्मीद के साथ अपने दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड कर दिए। लोगों को यह आशा थी कि अब उन्हें दैनिक आवागमन के दौरान अपनी जेब ढीली नहीं करनी पड़ेगी। परंतु हकीकत यह है कि आज भी जब वे जेवर टोल प्लाजा से गुजरते हैं, तो उनके फास्टैग से पूरा टोल शुल्क कट रहा है या उन्हें नकद भुगतान करना पड़ रहा है। जब इस विषय पर टोल प्रबंधन से उनका आधिकारिक रुख जानने का प्रयास किया गया, तो उनकी तरफ से कोई संतोषजनक उत्तर या स्पष्ट समयसीमा सामने नहीं आई, जिससे जनता में यह संदेश जा रहा है कि यह कदम केवल तात्कालिक आक्रोश को शांत करने की एक कवायद भर थी।रोजमर्रा के आवागमन पर पड़ रहा भारी आर्थिक बोझ, जनता में बढ़ रहा आक्रोशस्थानीय निवासियों का कहना है कि जेवर क्षेत्र के लोगों को प्रशासनिक कार्यों, अदालती तारीखों, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और रोजगार के सिलसिले में हर दिन गौतमबुद्ध नगर जिला मुख्यालय यानी ग्रेटर नोएडा और नोएडा की ओर जाना पड़ता है। इसी तरह बड़ी संख्या में युवा पढ़ाई के लिए नॉलेज पार्क और अन्य तकनीकी विश्वविद्यालयों का रुख करते हैं। ऐसे में दिन में दो से तीन बार एक्सप्रेसवे से होकर गुजरने वाले परिवारों पर हर महीने हजारों रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ केवल टोल टैक्स के रूप में पड़ रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि उनकी बहुमूल्य उपजाऊ जमीनें इस एक्सप्रेसवे और आगामी विकास परियोजनाओं के लिए ली गई थीं, लेकिन उन्हें ही अपनी ही जमीन पर बने राजमार्ग से गुजरने के लिए भारी शुल्क चुकाना पड़ रहा है। घोषणा के बाद लोगों ने उम्मीद में सारे कागजात पूरे किए थे, लेकिन अब तक किसी एक भी वाहन को टोल माफी का ग्रीन सिग्नल न मिलना स्थानीय प्रशासन की मंशा पर बड़े सवाल खड़े करता है। यदि शीघ्र ही पोर्टल पर पंजीकृत वाहनों को छूट नहीं दी गई, तो किसान संगठनों ने दोबारा आंदोलन की राह पकड़ने की चेतावनी दी है।पांच जिलों से गुजरता है 165 किमी लंबा एक्सप्रेसवे, टोल प्रबंधन के सामने खड़ी हुई बड़ी दुविधाइस बहुप्रतीक्षित राहत योजना के लागू न हो पाने के पीछे टोल प्रबंधन और संबंधित प्राधिकरणों की एक बड़ी आंतरिक दुविधा मानी जा रही है। 165 किलोमीटर लंबा यमुना एक्सप्रेसवे केवल गौतमबुद्ध नगर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अलीगढ़, मथुरा, हाथरस और आगरा जिलों के विशाल ग्रामीण और शहरी इलाकों से होकर गुजरता है। सूत्रों के अनुसार, जैसे ही जेवर के स्थानीय लोगों को टोल फ्री करने की प्रक्रिया शुरू हुई, वैसे ही एक्सप्रेसवे के किनारे बसे अन्य सभी चारों जिलों के किसान संगठनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में समान टोल छूट की पुरजोर मांग उठानी शुरू कर दी।टोल प्रबंधन की सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि केवल जेवर के निवासियों को भौगोलिक आधार पर टोल फ्री सुविधा प्रदान कर दी जाती है, तो कानूनी और सामाजिक रूप से अलीगढ़, मथुरा, हाथरस और आगरा के किसानों को इस दायरे से बाहर रखना असंभव हो जाएगा। यदि पूरे 165 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी स्थानीय वाहनों को छूट दी गई, तो टोल कंपनी के वित्तीय संतुलन और राजस्व वसूली पर गहरा संकट खड़ा हो जाएगा। इसी नीतिगत पेंच और अंतर-जिला विवाद के डर से टोल प्रबंधन यह तय नहीं कर पा रहा है कि जेवर के लिए जारी किए गए लिंक के तहत आवेदनों को मंजूरी दी जाए या पूरी प्रक्रिया को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाए। फिलहाल जेवर के चार हजार आवेदक अपनी फाइलों के निस्तारण और वादे के पूरे होने की राह देख रहे हैं।
राहुल गांधी पर आज सुल्तानपुर कोर्ट सुना सकती है फैसला, जानें मामला
सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ 2018 के मानहानि मामले में अपना फैसला सुनाएगी. यह मामला तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है. बीजेपी नेता विजय मिश्रा द्वारा दर्ज कराई गई इस शिकायत में राहुल गांधी के कोर्ट में पेश होने की संभावना है. दोपहर तक इस अहम केस में अदालत का निर्णय आ सकता है.
NH-9 पर रोज का सिरदर्द: छिजारसी से कनावनी तक रेंग रहे पहिए, नोएडा-गाजियाबाद सफर में घंटों की बर्बादी
दिल्ली-एनसीआर की लाइफलाइन कहे जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-9 (NH-9) पर सफर करना अब दैनिक यात्रियों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रह गया है। लचर ट्रैफिक प्रबंधन और दोषपूर्ण रोड इंजीनियरिंग के कारण इस महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे और उसके सर्विस लेन पर हर दिन भीषण जाम की स्थिति बन रही है। विशेष रूप से सुबह दफ्तर जाने के समय और शाम को घर वापसी के पीक आवर्स में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो जाती है। छिजारसी कट, नोएडा सेक्टर-62 मॉडल टाउन गोलचक्कर, इंदिरापुरम क्षेत्र में कनावनी पुलिया और सीआईएसएफ (CISF) कट के पास वाहनों की लंबी-लंबी कतारें आम दृश्य बन चुकी हैं। चंद मिनटों का सफर तय करने में वाहन चालकों को 45 मिनट से लेकर एक घंटे तक का अतिरिक्त समय गंवाना पड़ रहा है, जिससे आम जनता में गहरा रोष व्याप्त है।National Highway 9 (NH-9) Noida Ghaziabad जैसे 14-लेन वाले चौड़े और आधुनिक मार्ग पर जाम की मुख्य वजह वाहनों का बेतरतीब ठहराव, प्रमुख चौराहों पर बनने वाले बॉटलनेक, अनियोजित यू-टर्न और स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए अवैध कट हैं। मुख्य मार्ग से सर्विस लेन और स्थानीय सेक्टरों की ओर मुड़ने वाले बिंदुओं पर किसी भी प्रकार का लेन अनुशासन लागू न होने के कारण गाड़ियां एक-दूसरे में उलझ जाती हैं। परिणामस्वरूप, एक्सप्रेसवे से लेकर नीचे की संपर्क सड़कों तक वाहनों का पहिया थम जाता है और पीछे कई किलोमीटर तक गाड़ियों का रेला लग जाता है।सेक्टर-62 और छिजारसी पर बेतरतीब बसें और रॉन्ग साइड ड्राइविंग बनी जाम की जड़समस्या की सबसे प्रमुख जड़ नोएडा सेक्टर-62 और छिजारसी कट पर ट्रैफिक पुलिस के ढीले नियंत्रण के चलते सड़क किनारे खड़ी होने वाली निजी व डग्गामार बसें हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी बिहार की ओर जाने वाली ये निजी बसें एनएच-9 के सर्विस रोड और मुख्य कैरिजवे के मुहाने पर ही बेतरतीब तरीके से खड़ी होकर सवारियां भरती हैं। इन डग्गामार वाहनों और ऑटो-ई-रिक्शा चालकों के मनमाने पड़ाव के कारण तीन लेन वाली सड़क सिकुड़कर मात्र एक लेन की रह जाती है। जब भारी वाहन इस संकरे रास्ते से गुजरने की कोशिश करते हैं, तो पीछे आ रहे सभी हल्के वाहनों की रफ्तार पूरी तरह रुक जाती है।इसके साथ ही, ट्रैफिक नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाते हुए विपरीत दिशा यानी रॉन्ग साइड से आने वाले वाहन चालकों ने स्थिति को और भी विकट बना दिया है। कनावनी पुलिया, सीआईएसएफ कट और छिजारसी के आसपास यू-टर्न की दूरी से बचने के लिए सैकड़ों दोपहिया, ई-रिक्शा और कार चालक विपरीत दिशा से घुस आते हैं। सामने से आ रहे तेज रफ्तार वैध ट्रैफिक और उल्टी दिशा से आने वाले वाहनों के आमने-सामने आने से न केवल भीषण जाम की नौबत आती है, बल्कि हर वक्त जानलेवा सड़क हादसों की आशंका भी बनी रहती है। स्थानीय लोगों की बार-बार की शिकायतों के बावजूद विपरीत दिशा में चलने वाले ऐसे लापरवाह वाहन चालकों के खिलाफ सख्त चालान या कानूनी कार्रवाई का अभाव साफ नजर आता है।ट्रांस हिंडन और गाजियाबाद से नोएडा जाने वाले नौकरीपेशा लोगों पर दोहरा आर्थिक बोझनोएडा और ग्रेटर नोएडा में आईटी हब, सॉफ्टवेयर कंपनियों, मीडिया संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों का विशाल संजाल मौजूद है। इस कारण गाजियाबाद, इंदिरापुरम, वसुंधरा, वैशाली, कौशांबी, विजयनगर और पूरे ट्रांस हिंडन क्षेत्र से लाखों की तादाद में कामकाजी लोग प्रतिदिन अपनी आजीविका के लिए नोएडा का रुख करते हैं। सुबह 8:30 बजे से 11:00 बजे के बीच जब यह जनसैलाब एनएच-9 पर उतरता है, तो पूरा कॉरिडोर हांफने लगता है। यही स्थिति शाम को 6:00 बजे से 9:00 बजे के दौरान गाजियाबाद की ओर लौटने वाले रूट पर देखने को मिलती है।घंटों जाम में फंसे रहने के कारण न केवल लोगों के कीमती समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि वाहनों के लगातार स्टार्ट रहने और पहले-दूसरे गियर में चलने से पेट्रोल-डीजल की भारी खपत हो रही है। इससे आम नौकरीपेशा वर्ग पर अप्रत्याशित आर्थिक बोझ पड़ रहा है। लगातार क्लच और ब्रेक दबाने से चालकों में मानसिक तनाव, चिड़चिड़ापन और शारीरिक थकान बढ़ रही है। पर्यावरणविदों के अनुसार, जाम के दौरान रेंगते वाहनों से निकलने वाला जहरीला धुआं ट्रांस हिंडन और नोएडा के वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) को भी खतरनाक स्तर पर पहुंचा रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों को सांस संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।स्थायी ट्रैफिक पुलिस तैनाती और पुख्ता इंजीनियरिंग सुधार की सख्त दरकारदैनिक यात्रियों और स्थानीय आरडब्ल्यूए (RWA) प्रतिनिधियों का कहना है कि जब तक यातायात पुलिस द्वारा पीक आवर्स के दौरान संवेदनशील स्थानों पर स्थायी रूप से कर्मियों की तैनाती नहीं की जाएगी, तब तक हालात में सुधार संभव नहीं है। वर्तमान में चौराहों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की गैर-मौजूदगी के चलते ऑटो चालक और बसें मनमाने ढंग से बीच सड़क पर रुकती हैं। लोगों की मांग है कि छिजारसी कट, सीआईएसएफ गेट, सेक्टर-62 चौराहे और कनावनी मोड़ पर सुबह और शाम विशेष ट्रैफिक टास्क फोर्स को तैनात किया जाए, जो अवैध पार्किंग और विपरीत दिशा में चलने वाले वाहनों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाए।इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और स्थानीय विकास प्राधिकरणों को मिलकर रोड इंजीनियरिंग की कमियों को दूर करना होगा। अनावश्यक व संकरे बॉटलनेक्स को चौड़ा करने, सर्विस रोड को अतिक्रमण मुक्त कराने, पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित फुटओवर ब्रिज बनाने और अवैध कटों को स्थायी कंक्रीट बैरियर लगाकर बंद करने की तत्काल आवश्यकता है। जब तक नियमों का कड़ाई से अनुपालन और सड़क सुधार का काम एक साथ जमीन पर नहीं उतरेगा, तब तक एनएच-9 का यह सफर लाखों यात्रियों के लिए रोज की अग्निपरीक्षा ही बना रहेगा।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर आधी रात भीषण सड़क हादसा: आपस में भिड़े तीन ट्रक
उत्तर प्रदेश के अति व्यस्त हाई-स्पीड कॉरिडोरआगरा - लखनऊ एक्सप्रेसवे Click to open side panel for more information पर सोमवार तड़के एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना घटित हुई। फतेहाबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन किलोमीटर संख्या 22.300 पर रात करीब 2:30 बजे आगे-पीछे चल रहे तीन बड़े मालवाहक ट्रक अनियंत्रित होकर एक-दूसरे से जा टकराए। टक्कर इतनी भीषण थी कि बीच में फंसे ट्रक का केबिन पूरी तरह पिचक गया, जिसके मलबे में दबकर चालक की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं अन्य दो ट्रकों के चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर चीख-पुकार मच गई और पीछे से आ रहे अन्य वाहनों के पहिए भी थम गए। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और यूपीडा की गश्ती टीम तत्काल हरकत में आई और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ट्रकों के आपस में टकराने की आवाज दूर तक सुनाई दी। गश्ती दल ने तुरंत क्रेन और बचाव उपकरणों की मदद से क्षतिग्रस्त केबिन को काटकर फंसे हुए चालकों को बाहर निकाला। मृत चालक के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए आगरा जिला मुख्यालय स्थित मोर्चरी भेज दिया गया, जबकि दोनों घायल चालकों को तत्काल नजदीकी चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है।लखनऊ से आगरा की ओर बढ़ रहे थे तीनों भारी वाहन, केबिन में फंसने से सीतापुर के युवक की गई जानचौकी इंचार्ज लुहारी यासीन बेग और यूपीडा के सुरक्षा अधिकारी राधामोहन द्विवेदी ने दुर्घटना के विस्तृत विवरण की पुष्टि करते हुए बताया कि तीनों भारी वाहन लखनऊ से आगरा की दिशा में जा रहे थे। अचानक आगे चल रहे ट्रक की गति धीमी होने अथवा अचानक ब्रेक लगने की आशंका के चलते पीछे आ रहे दोनों ट्रक संतुलन खो बैठे और एक के बाद एक आपस में जा घुसे। इस भयंकर टक्कर में सबसे अधिक नुकसान बीच वाले ट्रक को हुआ। बीच वाले ट्रक के चालक 29 वर्षीय राजीव पुत्र नरपाल, निवासी ग्राम चडरा लालपुर, थाना महोली, जिला सीतापुर की मौके पर ही सांसें थम गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्टीयरिंग और सीट के बीच बुरी तरह फंस जाने के कारण राजीव को संभलने का न्यूनतम अवसर भी नहीं मिल सका।मृतक राजीव अपने परिवार का मुख्य सहारा था और माल ढुलाई के काम से जुड़ा हुआ था। पुलिस ने मृतक की जेब से मिले दस्तावेजों और पहचान पत्र के आधार पर उनके गृह जनपद सीतापुर के महोली स्थित पैतृक गांव के ग्राम प्रधान व परिजनों को इस दुखद घटना की सूचना दे दी है। युवक की असमय मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजन आगरा के लिए रवाना हो गए हैं।राजस्थान के दो चालक गंभीर रूप से जख्मी, प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफरइस तिहरे सड़क हादसे में अन्य दोनों ट्रकों के चालकों को भी गंभीर चोटें आई हैं। आगे चल रहे ट्रक के चालक राजेंद्र, निवासी सेरी खुर्द, जिला भरतपुर (राजस्थान) इस दुर्घटना में घायल हो गए। घटना के समय ट्रक में मौजूद उनके सगे भाई और सहचालक रवि ने किसी तरह सुरक्षित बचते हुए भाई को संभाला। राहत दल ने तत्काल राजेंद्र को एंबुलेंस की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) फतेहाबाद पहुंचाया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया।वहीं, काफिले में सबसे पीछे चल रहे तीसरे ट्रक के चालक सोनाराम, निवासी दारासर, थाना चौहटन, जिला बाड़मेर (राजस्थान) की हालत अत्यधिक नाजुक बताई जा रही है। सामने से हुई टक्कर के तेज झटके के कारण उनके सिर, सीने और पैरों में गंभीर फ्रैक्चर व अंदरूनी चोटें आई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सोनाराम को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से एक निजी एंबुलेंस के जरिए सीधे आगरा शहर स्थित श्रीहरि अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति स्थिर करने के प्रयास किए जा रहे हैं और बाड़मेर में उनके परिजनों को भी घटना से अवगत करा दिया गया है।यूपीडा सुरक्षा विंग और स्थानीय पुलिस ने क्रेन से क्षतिग्रस्त वाहन हटाकर खुलवाया मार्गहादसा घटित होते ही यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण) की पेट्रोलिंग वैन और चौकी इंचार्ज लुहारी यासीन बेग की पुलिस टीम ने मौके पर मोर्चा संभाल लिया। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों के सड़क के बीचों-बीच आड़े-तिरछे खड़े होने के कारण लखनऊ से आगरा जाने वाली लेन पर यातायात आंशिक रूप से बाधित हो गया था। रात के घने अंधेरे में पीछे से आने वाले तेज रफ्तार वाहनों को किसी अन्य दुर्घटना से बचाने के लिए यूपीडा सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत घटनास्थल से 500 मीटर पहले बैरिकेडिंग और रेड रिफ्लेक्टर लाइटें लगाकर सुरक्षा घेरा बनाया।इसके उपरांत भारी क्षमता वाली हाइड्रो क्रेन मंगवाकर तीनों क्षतिग्रस्त ट्रकों को मुख्य कैरिजवे से खींचकर किनारे किया गया और सड़क पर बिखरे कांच व लोहे के टुकड़ों को साफ कराकर करीब एक घंटे के भीतर यातायात को पूरी तरह सामान्य कराया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रात के समय चालकों को झपकी आना या ओवरस्पीडिंग इस हादसे की मुख्य वजह हो सकती है, जिसकी विस्तृत तकनीकी जांच की जा रही है ताकि वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
VHP की आपत्ति के बाद दिवाली पत्रिका से हटाई गई मुस्लिम कवि की कविता
गुजरात सरकार ने अपने वार्षिक दिवाली प्रकाशन के ऑनलाइन संस्करण से विवादित कविता को हटा दिया है. विश्व हिंदू परिषद ने इस कविता को भगवान राम और संत मीरा बाई के प्रति आपत्तिजनक बताते हुए मुख्यमंत्री से तत्काल हटाने की मांग की थी.
JNU के बाद जामिया की दीवारोें पर विवादित नारे, मच गया सियासी हंगामा
दिल्ली के जेएनयू और जामिया यूनिवर्सिटी की दीवारों पर विवादित नारे लिखे जाने के बाद भारी बखेड़ा खड़ा हो गया है. जेएनयू में सावरकर के खिलाफ आपत्तिजनक बातें और फ्री उमर खालिद के नारे लिखे गए. वहीं जामिया में छात्र संघ चुनाव की मांग के बीच विवादित स्लोगन सामने आए. एबीवीपी ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया है. पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं.
काशी में गंगा भक्ति में लीन हुए एयर चीफ मार्शल एपी सिंह: दशाश्वमेध घाट पर पत्नी संग की दिव्य महाआरती
भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह अपनी वाराणसी यात्रा के दौरान काशी के आध्यात्मिक रंगों में पूरी तरह रंगे नजर आए। रविवार की शाम उन्होंने अपनी धर्मपत्नी और भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के दल के साथ मोक्षदायिनी मां गंगा के पावन तट पर पहुंचकर विश्व प्रसिद्ध भव्य गंगा आरती में सहभागिता की। काशी की प्राचीन धार्मिक विरासत और सांस्कृतिक छटा के बीच जब वैदिक ऋचाओं के सस्वर पाठ और शंखनाद के साथ गंगा आरती का शुभारंभ हुआ, तब वायुसेना प्रमुख हाथ जोड़कर पूर्ण श्रद्धा और भक्ति भाव से मां भागीरथी की वंदना करते दिखाई दिए। देश की सुरक्षा व्यवस्था के शीर्ष सेनापति को इस पावन अवसर पर एक सामान्य श्रद्धालु की भांति हाथ में पूजा की थाल लिए और मां गंगा की आराधना में लीन देखकर घाट पर मौजूद हजारों श्रद्धालु और पर्यटक भी अभिभूत हो गए। दशाश्वमेध घाट वाराणसी Click to open side panel for more informationपर मुख्य आरती से पूर्व वायुसेना प्रमुख और उनकी धर्मपत्नी ने पवित्र गंगा जल का आचमन किया और वैदिक ब्राह्मणों के निर्देशन में संपूर्ण शास्त्रीय विधि-विधान के साथ मां गंगा का षोडशोपचार पूजन व अभिषेक संपन्न किया। इस दौरान विद्वान पुरोहितों द्वारा उच्चारित स्वास्तिवाचन, शांति पाठ और देवी गंगा के स्तोत्रों से संपूर्ण गंगा तट गूंज उठा। पूजन उपरांत दशाश्वमेध घाट पर भव्य आरती का नियमित आयोजन करने वाली संस्था गंगा सेवा निधि के पदाधिकारियों द्वारा एयर चीफ मार्शल का गर्मजोशी से स्वागत व अभिनंदन किया गया। संस्था की ओर से उन्हें पारंपरिक बनारसी रेशमी अंगवस्त्र, प्रसाद और स्मृति चिह्न के रूप में मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया। वायुसेना प्रमुख ने इस आतिथ्य सत्कार के लिए आयोजकों का आभार जताया।विजिटर बुक में लिखा मन का भाव: 'मां गंगा के तट पर यह पल अत्यंत अद्भुत'मां गंगा की अलौकिक महाआरती के साक्षी बनने के बाद एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने अपने इस पावन अनुभव को शब्दों में पिरोया। गंगा सेवा निधि की आधिकारिक विजिटर बुक में अपने अनुभव दर्ज करते हुए उन्होंने लिखा कि मां गंगा के इस दिव्य तट पर आकर इस अलौकिक और अद्भुत पल का साक्षी बनना जीवन का एक अविस्मरणीय अनुभव है। उन्होंने इस पावन परंपरा को अनवरत और इतने अनुशासित ढंग से आगे बढ़ाने के लिए आयोजकों, ब्राह्मणों और सेवा निधि के सभी कार्यकर्ताओं को हृदय से साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि काशी की यह पवित्र भूमि और मां गंगा का तट मानसिक शांति और असीम सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है, जो राष्ट्र सेवा में समर्पित प्रत्येक नागरिक और सैनिक को नए संकल्प के साथ आगे बढ़ने की आध्यात्मिक प्रेरणा देता है।दशाश्वमेध घाट पर लगभग एक घंटे तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान सुरक्षा के बेहद कड़े और चाक-चौबंद प्रबंध किए गए थे। वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस, जल पुलिस और स्थानीय प्रशासन के आला अफसर सुरक्षा घेरे में मुस्तैद रहे। घाट की सीढ़ियों से लेकर नदी में खड़ी नौकाओं तक उपस्थित हजारों देश-विदेश के श्रद्धालुओं ने भी भारत माता की जय और हर-हर महादेव के गगनभेदी जयघोष के साथ वायुसेना प्रमुख की उपस्थिति का अभिनंदन किया।अस्सी घाट पर 'सुबह-ए-बनारस': शास्त्रीय वाद्य वृंद की धुनों पर मंत्रमुग्ध हुए वायुसेना प्रमुखसंध्या कालीन गंगा आरती से पूर्व रविवार की अलसुबह एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने काशी की विश्व प्रसिद्ध सांस्कृतिक सुबह का प्रत्यक्ष अनुभव किया। वे भोर की पहली किरण के साथ वाराणसी के दक्षिणी छोर पर स्थित सांस्कृतिक केंद्र पहुंचे।अस्सी घाट वाराणसी Click to open side panel for more informationपर प्रतिदिन आयोजित होने वाले ऐतिहासिक 'सुबह-ए-बनारस' कार्यक्रम में शामिल होकर उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा और सुरों की सरिता का भरपूर आनंद उठाया। गंगा की लहरों से आती शीतल बयार के बीच जब प्रख्यात कलाकारों ने वाद्य वृंद की सम्मिलित प्रस्तुति दी, तो वायुसेना प्रमुख सहित उपस्थित सभी संगीत प्रेमी मंत्रमुग्ध हो गए।इस प्रातःकालीन सांस्कृतिक सभा में काशी के शीर्ष संगीत साधकों ने अपने सुरों से समां बांध दिया। तबले पर पंडित किशोर मिश्र की थाप, सितार पर बुधादित्य प्रधान के मधुर तारों की झंकार, सारंगी पर अनीश मिश्र के शास्त्रीय सुर और बांसुरी पर नीष ग्यावली के सम्मोहक रागों ने मिलकर एक दिव्य संगीत का ताना-बाना बुना। कलाकारों की इस जुगलबंदी ने सुबह के वातावरण में आध्यात्मिक चेतना का संचार कर दिया। इस प्रतिष्ठित संगीत सभा का कुशल और गरिमामय मंच संचालन प्रसिद्ध उद्घोषक डॉ. प्रीतेश आचार्य द्वारा किया गया। वायुसेना प्रमुख ने कार्यक्रम के समापन पर सभी संगीत साधकों की कला की मुक्तकंठ से सराहना की और कहा कि काशी की सुबह का संगीत भारत की आत्मा और उसकी अमर सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है।
₹12 हजार सस्ता हुआ 32 इंच का TV, Amazon सेल में बंपर छूट!
Amazon Sale में 32 इंच के इस TV पर शानदार छूट मिल रही है. इसकी कीमत में करीब 12 हजार रुपये की कटौती का दावा किया जा रहा है. अगर आप दिवाली से पहले घर के लिए नया टीवी खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो यह डील आपके काम आ सकती है. खरीदने से पहले कीमत और फीचर्स जरूर चेक करें.
ओवैसी ने मुसलमानों की हिस्सेदारी को लेकर अखिलेश को घेरा
उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कैराना में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अखिलेश यादव के ‘रावण’ वाले बयान पर पलटवार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अखिलेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रावण कह सकते हैं।
बिग बॉस 20 से बाहर हुईं ओलंपिक चैंपियन मैरी कॉम, रोहित शेट्टी ने किया एविक्शन का ऐलान
टेलीविजन के सबसे बड़े और बहुचर्चित रियलिटी शो 'बिग बॉस 20' के मंच पर इस हफ्ते एक बेहद भावुक और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। भारत की दिग्गज मुक्केबाज, छह बार की विश्व चैंपियन और ओलंपिक पदक विजेता एमसी मैरी कॉम का सफर शो से समाप्त हो गया है। 24 अक्टूबर के एपिसोड में हुए इस अप्रत्याशित एविक्शन ने न केवल घर के सदस्यों को स्तब्ध कर दिया, बल्कि लाखों दर्शकों को भी भावुक कर दिया। इस हफ्ते शो के नियमित होस्ट सलमान खान की अनुपस्थिति में बॉलीवुड के एक्शन डायरेक्टर रोहित शेट्टी ने 'वीकेंड का वार' की कमान संभाली थी। रोहित शेट्टी ने अपनी सख्त और निष्पक्ष शैली में पूरे हफ्ते के खेल की समीक्षा की और अंत में मैरी कॉम के शो से बाहर होने का आधिकारिक ऐलान किया।मैरी कॉम इस सीजन की सबसे हाई-प्रोफाइल और प्रतिष्ठित प्रतियोगी थीं, जिनके घर में प्रवेश करने से शो की साख और गंभीरता काफी बढ़ गई थी। हालांकि, खेल के कड़े नियमों और नॉमिनेशन की प्रक्रिया में जब उनकी दोनों लाइफलाइन समाप्त हो गईं, तो जनता के वोटों और गेम डायनामिक्स के आधार पर उन्हें बाहर का रास्ता देखना पड़ा। उनके बाहर होने की खबर जैसे ही रोहित शेट्टी ने सुनाई, पूरे घर में सन्नाटा पसर गया। विशेष रूप से भोजपुरी सिनेमा की शीर्ष अभिनेत्री और शो की मजबूत प्रतियोगी आम्रपाली दुबे अपने आंसुओं पर काबू नहीं रख सकीं और फूट-फूटकर रोने लगीं। आम्रपाली और मैरी कॉम के बीच घर के भीतर एक गहरा आत्मीय और भावनात्मक रिश्ता बन चुका था, जो इस विदाई के साथ बिखरता नजर आया।'रिंग में आते तो किसी को नहीं छोड़ती' — मैरी कॉम का दिल छू लेने वाला विदाई संदेशशो से बाहर आने के बाद मैरी कॉम ने अपनी चिरपरिचित खेल भावना और गरिमा का परिचय दिया। उन्होंने किसी भी प्रकार की कड़वाहट या निराशा जाहिर करने के बजाय बिग बॉस के मंच और अपने साथी प्रतियोगियों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। अपने विदाई भाषण में उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक इस चुनौतीपूर्ण घर में टिके रहना और एक बिल्कुल अलग दुनिया के लोगों के साथ रहना उनके जीवन का एक अविस्मरणीय और समृद्ध अनुभव रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि घर के सदस्य उन्हें हमेशा याद रखेंगे और जो सीख उन्होंने साझा की है, उसे आगे लेकर चलेंगे।मैरी कॉम ने अपने साथी प्रतियोगियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे सभी अपनी वास्तविक शख्सियत और मजबूत व्यक्तित्व को सामने रखकर खेलें और किसी का मुखौटा न पहनें। इसके साथ ही उन्होंने अपने बॉक्सर अंदाज में एक चुटीला तंज कसते हुए कहा कि अगर आप लोग कभी रिंग में मेरे सामने प्रतिद्वंद्वी बनकर आते, तो मैं आप में से किसी को भी नहीं छोड़ती। इस हल्की-फुल्की और दोस्ताना चेतावनी ने घर के गमगीन माहौल में सभी के चेहरों पर एक पल के लिए मुस्कान ला दी। सभी कंटेस्टेंट्स ने खड़े होकर तालियों के साथ इस महान एथलीट को सम्मानपूर्वक विदा किया।किचन से लेकर वर्कआउट तक: घर में उतार-चढ़ाव से भरा रहा बॉक्सर का सफरबिग बॉस के घर के भीतर मैरी कॉम की यात्रा कई खट्टे-मीठे अनुभवों और बड़े उतार-चढ़ाव से भरी रही। खेल जगत से आकर ग्लैमर और विवादों से भरे रियलिटी शो में खुद को ढालना उनके लिए कतई आसान नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने घर के रोजमर्रा के कामकाज में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। किचन एरिया में खाना बनाते समय उनके बिताए हुए पल, घर के युवाओं को फिटनेस के गुर सिखाते हुए सुबह के वर्कआउट सेशन्स और गार्डन एरिया में उनकी सादगी भरी बातें दर्शकों को खूब पसंद आईं। उन्होंने कई मौकों पर यह साबित किया कि एक अंतरराष्ट्रीय चैंपियन होने के बावजूद वे जमीन से जुड़ी हुई इंसान हैं।हालांकि, रियलिटी शो की प्रकृति के अनुरूप वे विवादों से पूरी तरह अछूती नहीं रह सकीं। घर के भीतर टास्क और तकरार के दौरान उनके द्वारा की गई कुछ टिप्पणियों को लेकर बाहर दर्शकों और सोशल मीडिया पर भारी असंतोष भी देखा गया। विशेष रूप से जब उन्होंने मुक्केबाजी में अपने विश्व रिकॉर्ड, पदकों और व्यक्तिगत खेल उपलब्धियों का जिक्र करते हुए साथी प्रतियोगियों पर कटाक्ष किया, तो कई लोगों ने इसे उनका अहंकार मान लिया। खेल प्रेमियों का एक वर्ग इस बात से आहत हुआ कि एक लेजेंडरी खिलाड़ी को अपनी महान उपलब्धियों का प्रदर्शन एक रियलिटी शो के झगड़ों में नहीं करना चाहिए था।आलोचनाओं के बाद टीम की आधिकारिक सफाई और बिग बॉस का बदलता समीकरणसोशल मीडिया पर बढ़ती आलोचना और नकारात्मक प्रतिक्रियाओं को देखते हुए मैरी कॉम की आधिकारिक पीआर टीम को सक्रिय होना पड़ा था। उनकी टीम ने तुरंत एक सार्वजनिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की थी और खेल भावना के तहत माफी भी मांगी थी। टीम के प्रवक्ता ने अपने स्पष्टीकरण में कहा था कि मैरी कॉम की बातों का उद्देश्य किसी भी अन्य एथलीट या व्यक्ति की कड़ी मेहनत और उपलब्धियों को कमतर आंकना कतई नहीं था। वे केवल बहस के दबाव में अपनी बात रख रही थीं। इस आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद विवाद तो शांत हो गया, लेकिन कहीं न कहीं इसका असर वोटिंग पैटर्न पर जरूर पड़ा।मैरी कॉम के बाहर हो जाने के बाद अब 'बिग बॉस 20' की राजनीतिक और सामाजिक गतिशीलता में भारी बदलाव आने वाला है। घर के अंदर अब गुटबाजी और तीखी होने की संभावना है क्योंकि एक वरिष्ठ और निष्पक्ष व्यक्तित्व की मौजूदगी अक्सर झगड़ों को सुलझाने में मदद करती थी। आम्रपाली दुबे के लिए यह एक बड़ा व्यक्तिगत झटका है, और देखना होगा कि वे इस भावनात्मक आघात से उबरकर खेल में किस तरह आगे बढ़ती हैं। वहीं दूसरी ओर, रोहित शेट्टी द्वारा होस्ट किए गए इस वीकेंड ने यह साबित कर दिया है कि बिग बॉस के घर में किसी का भी सफर सुरक्षित नहीं है, चाहे वह कितना भी बड़ा दिग्गज क्यों न हो।
Jamia University में छात्र संघ चुनाव का रास्ता साफ, संविधान मंजूरी के 15 दिन में मतदान
जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने सोमवार को आदेश दिया कि छात्र संघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन के भीतर छात्र संघ चुनाव कराए जाएं। विश्वविद्यालय के एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गयी है। साथ ही, जारी विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों के निलंबन आदेश और उन्हें जारी किए गए कारण बताओ नोटिस वापस ले लिए गए हैं। कुलसचिव मोहम्मद महताब आलम रिजवी की ओर से जारी आदेश में विरोध प्रदर्शन की अवधि के दौरान सुरक्षा कर्मियों के आचरण की जांच के लिए एक समिति गठित करने का भी प्रावधान है। ये फैसले विश्वविद्यालय की ओर से भूख हड़ताल कर रहे छात्रों और उनके प्रतिनिधियों द्वारा सौंपे गए मांगपत्र पर विचार करने के बाद लिए गए। आदेश के अनुसार, प्रदर्शनकारी छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आंदोलन के दौरान दिए गए मानहानिकारक बयानों, की गई कार्रवाइयों या सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट के लिए एक संवाददाता सम्मेलन में सार्वजनिक रूप से माफी मांगने पर सहमत हुए हैं। ऐसी पोस्ट तत्काल प्रभाव से सोशल मीडिया मंचों से हटाई जानी हैं। आदेश में कहा गया है कि इसे जारी किए जाने के तुरंत बाद विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया जाएगा। यह घटनाक्रम विश्वविद्यालय में करीब दो सप्ताह से चल रहे आंदोलन के बीच सामने आया है। प्रदर्शनकारी जामिया मिल्लिया इस्लामिया छात्र संघ (जेएमआईएसयू) को बहाल करने की मांग कर रहे थे। छात्र संघ के चुनाव 2006 से नहीं हुए हैं। इस मांग को लेकर चार छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। वहीं, अन्य प्रदर्शनकारी चुनाव कराने के लिए समयबद्ध कार्यक्रम घोषित करने, अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेने और सुरक्षा कर्मियों द्वारा कथित ज्यादतियों की जांच कराने की मांग कर रहे थे। विश्वविद्यालय ने इससे पहले, प्रदर्शन स्थल पर बढ़ते तनाव के बीच सभी पाठ्यक्रमों की कक्षाएं तत्काल प्रभाव से ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने की घोषणा की थी। प्रशासन ने छात्रों को विश्वविद्यालय परिसर में आने से बचने की सलाह भी दी थी और कहा था कि अगले आदेश तक विश्वविद्यालय के द्वार और पुस्तकालय बंद रहेंगे। प्रशासन ने बताया था कि प्रोफेसरों की सात सदस्यीय समिति ने प्रदर्शनकारियों के साथ कई दौर की बातचीत की थी। साथ ही, जेएमआईएसयू का संविधान तैयार करने के लिए एक समिति को 21 अक्टूबर को अधिसूचित किया गया था। छात्रों का कहना था कि चुनाव के लिए निश्चित समयसीमा तय किए बिना और संविधान तैयार करने की प्रक्रिया में छात्र प्रतिनिधियों को शामिल किए बिना मसौदा समिति का गठन पर्याप्त नहीं है। नए आदेश में संविधान को मंजूरी मिलने के बाद चुनाव कराने की समयसीमा तय की गई है, विरोध प्रदर्शन से संबंधित निलंबन आदेश और कारण बताओ नोटिस वापस लिए गए हैं तथा आंदोलन के दौरान सुरक्षा कर्मियों के आचरण की जांच कराने का प्रावधान किया गया है।
जाते-जाते 2 जिंदगी दे गई करनवीर, रुला देगा पिता का फैसला
पंजाब के संगरूर की 20 वर्षीय करनवीर कौर IELTS क्लियर कर विदेश जाने की तैयारी कर रही थी. लेकिन सड़क हादसे ने उसके सपने छीन लिए. 21 अक्टूबर को PGIMER चंडीगढ़ में उसे ब्रेन-स्टेम डेड घोषित कर दिया गया.
रश्मिका मंदाना के लहजे पर ट्रोल करने वालों को जावेद अख्तर की दो टूक
भारतीय सिनेमा के मशहूर चैट शो 'कॉफी विद करण' के नौवें सीजन के ताजा एपिसोड में पैन-इंडिया स्टार रश्मिका मंदाना अपने पति और लोकप्रिय अभिनेता विजय देवराकोंडा के साथ शिरकत करती नजर आईं। दोनों की ऑन-स्क्रीन और ऑफ-स्क्रीन केमिस्ट्री ने दर्शकों का दिल जीत लिया, लेकिन बातचीत के दौरान रश्मिका ने अपने करियर के उस संवेदनशील पहलू को साझा किया जिसका सामना वह वर्षों से करती आ रही हैं। हिंदी और दक्षिण भारतीय सिनेमा दोनों में अपनी मजबूत पहचान बना चुकीं अभिनेत्री ने बताया कि किस तरह सोशल मीडिया पर उनके बोलने के लहजे यानी एक्सेंट को लेकर लगातार तंज कसे जाते रहे हैं। रश्मिका ने बेहद शालीनता से स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी इंटरनेट पर होने वाली इस नकारात्मकता को अपने काम या फिल्मों के चयन के बीच में आने नहीं दिया और न ही कभी अपने आत्मविश्वास को डगमगाने दिया।रश्मिका मंदाना ने चैट शो के दौरान कहा कि जब किसी कलाकार को भाषाई सीमाओं से परे जाकर काम करना होता है, तो आलोचनाएं स्वाभाविक रूप से सामने आती हैं। हालांकि, उन्होंने कभी भी इन आलोचनाओं को एक बाधा के तौर पर नहीं देखा, बल्कि इन्हें एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया। सोशल मीडिया के इस दौर में किसी भी क्षेत्रीय कलाकार के लिए हिंदी सिनेमा में अपनी मौलिक पहचान के साथ स्थापित होना आसान नहीं होता, और रश्मिका ने इस पूरे सफर को बेहद मजबूती और सकारात्मक नजरिए के साथ तय किया है।जावेद अख्तर का ट्रोलर्स पर सीधा हमला, भाषाई श्रेष्ठता के दंभ पर उठाया सवालरश्मिका मंदाना के इस बयान और सोशल मीडिया पर उनके लहजे को लेकर चल रही बहसों के बीच भारतीय सिनेमा के दिग्गज गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख्तर खुलकर अभिनेत्री के समर्थन में आगे आए हैं। जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तीखी पोस्ट साझा करते हुए रश्मिका का मजाक उड़ाने वालों को जमकर आईना दिखाया। उन्होंने लिखा कि जिन लोगों को रश्मिका के उच्चारण या उनके लहजे से शिकायत है, उन्हें चुनौती के तौर पर तमिल भाषा की कुछ पंक्तियां पढ़कर सुनानी चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि तमिल दुनिया की सबसे प्राचीन और समृद्ध भाषाओं में शुमार है, और जो लोग दूसरों के उच्चारण पर हंसते हैं, वे खुद उस प्राचीन भाषा का एक वाक्य भी शुद्धता से नहीं बोल पाएंगे।जावेद अख्तर ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि किसी भाषा विशेष को लेकर अपने भीतर श्रेष्ठता की झूठी और बेबुनियाद भावना पालना पूरी तरह गलत और अस्वीकार्य है। उनका यह बयान सीधे तौर पर उन सोशल मीडिया ट्रोल्स के लिए एक कड़ा संदेश है जो किसी भी दक्षिण भारतीय कलाकार के हिंदी लहजे को लेकर उनकी प्रतिभा पर सवाल उठाने लगते हैं। जावेद अख्तर की इस तार्किक और बेबाक प्रतिक्रिया को सिनेमा प्रेमियों और बुद्धिजीवियों का भारी समर्थन मिल रहा है, और लोग इसे भाषाई विविधता का सम्मान करने वाला जरूरी कदम बता रहे हैं।करियर के शुरुआती दिनों से आलोचनाओं का सामना, सीमाओं में बंधने से किया इनकारशो के दौरान रश्मिका मंदाना ने अपनी पुरानी यादों को साझा करते हुए बताया कि जब उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा था, तभी से उन्हें किसी न किसी रूप में लगातार परखा और आंका जाता रहा है। उन्होंने कहा कि चाहे उनका अभिनय कौशल हो, उनके डायलॉग डिलीवरी का अंदाज हो, भाषा की समझ हो या फिर उनका बोलने का स्वाभाविक लहजा, ट्रोल्स ने हमेशा कमियां निकालने का प्रयास किया। रश्मिका ने दृढ़ स्वर में कहा कि वे कभी भी खुद को किसी एक भाषा, एक क्षेत्र या एक सीमित फिल्म उद्योग के दायरे में कैद नहीं रखना चाहती थीं। उनका स्पष्ट विजन था कि वे हर सिनेमाई उद्योग का हिस्सा बनें और देश भर की विभिन्न भाषाओं में संवाद कर दर्शकों से सीधा नाता जोड़ें।रश्मिका का यह दृष्टिकोण उनके हालिया फिल्म चयन में भी साफ झलकता है। उन्होंने क्षेत्रीय पहचान को अपनी कमजोरी बनाने के बजाय उसे अपनी सबसे बड़ी ताकत में तब्दील किया है। उनका मानना है कि एक कलाकार का काम भावनाओं को दर्शकों के दिल तक पहुंचाना होता है, और भावनाएं किसी भी तयशुदा एक्सेंट या व्याकरण की मोहताज नहीं होती हैं। लगातार ट्रोलिंग का शिकार होने के बावजूद रश्मिका ने कभी भी नए प्रयोग करने से पीछे कदम नहीं खींचे।'एनिमल' से लेकर 'थामा' और 'कॉकटेल 2' तक, लहजे पर क्यों छिड़ती रही है बहससोशल मीडिया पर रश्मिका मंदाना के हिंदी संवाद बोलने के तौर-तरीके को लेकर कई बार मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। ब्लॉकबस्टर फिल्म 'एनिमल' के दौरान भी उनके कुछ दृश्यों के संवादों पर दर्शकों और आलोचकों ने खूब चर्चा की थी। इसके बाद जब ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बनी 'छावा' और बड़े बजट की फिल्म 'सिकंदर' में उनका काम सामने आया, तब भी भाषा और डिक्शन को लेकर सोशल मीडिया पर बहसें छिड़ीं। यह सिलसिला यहीं नहीं थमा, साल 2025 में रिलीज हुई हॉरर-कॉमेडी 'थामा' और 2026 में आई 'कॉकटेल 2' के बाद इंटरनेट पर एक बार फिर उनके हिंदी एक्सेंट को लेकर पुरानी बहस ताजा हो गई थी।हालांकि, सिनेमा विशेषज्ञों का मानना है कि रश्मिका के संवादों में दक्षिण भारतीय स्पर्श उनका एक स्वाभाविक गुण है, जो उनके किरदारों को एक अलग ताजगी और यथार्थवादी रंग देता है। किसी भी गैर-हिंदी भाषी कलाकार से यह उम्मीद करना कि वह अपनी मूल पहचान को पूरी तरह भुलाकर बात करे, अवास्तविक है। जावेद अख्तर के ताजा बयान ने इस पूरी बहस को एक नई दिशा दी है, जहां अब भाषाई शुद्धता के नाम पर होने वाली ट्रोलिंग के खिलाफ वरिष्ठ फिल्म निर्माता और लेखक भी एकजुट होकर कलाकारों के समर्थन में खड़े नजर आ रहे हैं।
ये क्या? शेयर बाजार में अचानक पलटा गेम, खुलते ही क्रैश... फिर तूफानी तेजी
Stock Market: शेयर बाजार ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन हैरान किया है. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स-निफ्टी बुरी तरह क्रैश नजर आए, तो वहीं आधे घंटे के कारोबार के बाद अचानक बाजी पलट गई औ Sensex-Nifty तूफानी तेजी से भाग पड़े.
बॉलीवुड के बहुमुखी अभिनेता आयुष्मान खुराना एक बार फिर अपने अनूठे जॉनर के साथ सिनेमाघरों में दर्शकों का दिल जीतने में पूरी तरह कामयाब रहे हैं। 23 अक्टूबर को बड़े पर्दे पर दस्तक देने वाली उनकी नई स्पाई कॉमेडी फिल्म 'उड़ता तीर' ने अपने शुरुआती वीकेंड में बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए धमाकेदार कमाई दर्ज की है। सारा अली खान और आयुष्मान खुराना की ताजगी भरी जोड़ी को दर्शकों और फिल्म समीक्षकों दोनों की ओर से भरपूर प्यार मिल रहा है। रिलीज के पहले दिन यानी शुक्रवार को जहां फिल्म ने एक सम्मानजनक शुरुआत की थी, वहीं शनिवार और रविवार को फिल्म के कलेक्शन में अभूतपूर्व उछाल देखने को मिला है। परिवार, युवाओं और कॉमेडी शैली के शौकीनों के लिए यह फिल्म वीकेंड की पहली पसंद बनकर उभरी है, जिसके चलते देश भर के मल्टीप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन थिएटर्स में दर्शकों की भारी मौजूदगी दर्ज की गई।ट्रेड ट्रैकिंग वेबसाइट सैकनिल्क के आंकड़ों के अनुसार, फिल्म ने पहले दिन शुक्रवार को 4.10 करोड़ रुपये की ठोस ओपनिंग ली थी। सकारात्मक वर्ड ऑफ माउथ और सोशल मीडिया पर बेहतरीन समीक्षाओं के दम पर दूसरे दिन शनिवार को इसके कारोबार में 75 प्रतिशत से अधिक का भारी उछाल देखा गया और इसने 7.25 करोड़ रुपये का कारोबार किया। वहीं तीसरे दिन यानी रविवार को छुट्टी का पूरा फायदा उठाते हुए फिल्म ने अपनी मजबूत पकड़ बरकरार रखी और 7.27 करोड़ रुपये की शानदार कमाई की। रविवार को फिल्म के लिए देश भर में कुल 5,691 शोज चलाए गए, जिनमें औसत ऑक्यूपेंसी लगभग 24 प्रतिशत दर्ज की गई। दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, पंजाब और उत्तर प्रदेश के प्रमुख सर्किट्स में शाम और रात के शोज पूरी तरह हाउसफुल रहे।तीन दिनों में 18 करोड़ पार, जानिए टोटल नेट और ग्रॉस कलेक्शन का पूरा ब्योराफिल्म 'उड़ता तीर' ने अपने शुरुआती तीन दिनों के पहले वीकेंड में वित्तीय रूप से बेहद मजबूत स्थिति हासिल कर ली है। घरेलू बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का अब तक का कुल नेट कलेक्शन 18.62 करोड़ रुपये हो चुका है, जबकि इसका ग्रॉस इंडिया कलेक्शन 22.11 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है। ट्रेड पंडितों का मानना है कि मध्यम बजट में बनी एक स्पाई कॉमेडी के लिए यह शुरुआत बेहद उत्साहजनक है, विशेष रूप से ऐसे समय में जब दर्शक सिनेमाघरों में केवल वही फिल्में देखना पसंद कर रहे हैं जो उन्हें नयापन और भरपूर मनोरंजन देती हों।रविवार के आधिकारिक आंकड़े सामने आने के बाद फिल्म का बॉक्स ऑफिस कार्ड कुछ इस प्रकार रहा: पहले दिन 4.10 करोड़ रुपये, दूसरे दिन 7.25 करोड़ रुपये और तीसरे दिन 7.27 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन। फिल्म का यह निरंतर ऊपर चढ़ता ग्राफ यह साफ दर्शाता है कि दर्शकों को इसका हास्य और जासूसी से भरा कथानक काफी रास आ रहा है। कामकाजी दिनों यानी सोमवार से गुरुवार के बीच यदि यह फिल्म अपनी इस लय को 2 से 3 करोड़ रुपये के दायरे में भी बनाए रखती है, तो यह बॉक्स ऑफिस पर एक बहुत बड़ी हिट साबित होने की दिशा में आगे बढ़ जाएगी।याद्दाश्त खोने से बदला खेल: 'देशभक्ति याद है पर देश भूल गया' की मजेदार कहानीफिल्म 'उड़ता तीर' की सबसे बड़ी ताकत इसकी लीक से हटकर लिखी गई कहानी और उसका मनोरंजक स्क्रीनप्ले है। फिल्म का कथानक आयुष्मान खुराना द्वारा निभाए गए किरदार बिलाल अहमद के इर्द-गिर्द बुना गया है। बिलाल दरअसल पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) का एक प्रशिक्षित स्लीपर एजेंट है, जिसे एक बड़े गुप्त मिशन के तहत कश्मीर के बारामूला में भारतीय आतंकवाद विरोधी दस्ते (CTS) में घुसपैठ करने का जिम्मा सौंपा जाता है। बिलाल चालाकी से भारतीय सुरक्षा तंत्र में अपनी जगह बना लेता है, लेकिन तभी कहानी में एक अप्रत्याशित मोड़ आता है।एक भीषण हादसे के चलते बिलाल के सिर पर गहरी चोट लगती है और उसकी याद्दाश्त पूरी तरह चली जाती है। अपनी पिछली जिंदगी और असली पहचान को भूल जाने के बाद बिलाल को लगता है कि वह वास्तव में एक कट्टर और सच्चा भारतीय देशभक्त जासूस है। फिल्म का सबसे मजेदार पहलू यही कन्फ्यूजन है जहां बिलाल कहता नजर आता है कि 'देशभक्ति तो याद है, पर यह नहीं याद रहता कि किस देश का'। अपने इस नए आत्मबोध के साथ बिलाल भारत के लिए पूरी निष्ठा से काम करना शुरू कर देता है और जाने-अनजाने में पाकिस्तान के उसी आतंकी और जासूसी नेटवर्क की धज्जियां उड़ाने लगता है जिसने उसे भारत भेजा था। उसके इस अप्रत्याशित व्यवहार से सीमा पार बैठे उसके असली आईएसआई हैंडलर्स और साथी आतंकी सदमे में आ जाते हैं और उनके बीच भारी अफरा-तफरी मच जाती है, जो पर्दे पर ठहाकों की जोरदार वजह बनती है।दमदार निर्देशन और सितारों की टोली: धर्मा और सिख्या एंटरटेनमेंट का संयुक्त धमाका'उड़ता तीर' का निर्देशन और लेखन प्रतिभाशाली फिल्ममेकर आकाश कौशिक ने किया है। उन्होंने देशभक्ति और जासूसी जैसे गंभीर विषय को एक बेहद संवेदनशील, मजेदार और गुदगुदाने वाली कॉमेडी के ढांचे में बखूबी ढाला है। फिल्म का निर्माण भारतीय सिनेमा के दो बड़े और प्रतिष्ठित बैनरों 'धर्मा प्रोडक्शंस' और 'सिख्या एंटरटेनमेंट' के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है। इसे करण जौहर, अदार पूनावाला, ऑस्कर विजेता निर्माता गुनीत मोंगा, अपूर्व मेहता और अचीन जैन ने मिलकर बड़े पैमाने पर प्रोड्यूस किया है। प्रोडक्शन क्वालिटी, संगीत और बैकग्राउंड स्कोर फिल्म की गति को लगातार बनाए रखते हैं।अभिनय के मोर्चे पर मुख्य भूमिकाओं में आयुष्मान खुराना और सारा अली खान की केमिस्ट्री बेहद सहज और मनोरंजक है। सारा अली खान ने एक होशियार और समझदार किरदार के रूप में आयुष्मान के उलझे हुए किरदार को बेहतरीन संतुलन दिया है। वहीं सहायक कलाकारों की फौज ने फिल्म को और भी समृद्ध बना दिया है। अनुभवी अभिनेता राहुल बोस, राम कपूर, गुलशन ग्रोवर, मुकुल देव, सुहेल नय्यर, सुप्रिया पिलगांवकर, बृजेंद्र काला और संदीप आनंद ने अपने-अपने किरदारों में जान फूंक दी है। विशेष रूप से बृजेंद्र काला और राम कपूर के कॉमिक टाइमिंग वाले दृश्य थिएटर्स में दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर देते हैं। कुल मिलाकर 'उड़ता तीर' ने अपने शुरुआती वीकेंड में बॉक्स ऑफिस का मोर्चा पूरी मजबूती से जीत लिया है।
रामायण में कव्वाली और सूफी बीट्स? 'मंगल रंग' गाने को लेकर एआर रहमान पर फूटा दर्शकों का गुस्सा
भारतीय सिनेमा की सबसे बहुप्रतीक्षित और भव्य पौराणिक फिल्म 'रामायणम्' के नए गाने 'मंगल रंग' के सामने आते ही इंटरनेट जगत में एक नया सांस्कृतिक विवाद शुरू हो गया है। फिल्म के निर्माताओं ने 25 अक्टूबर को इस गाने को आधिकारिक तौर पर श्रोताओं के समक्ष पेश किया था। संगीत के जादूगर कहे जाने वाले ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान द्वारा तैयार किए गए इस गीत को देश के दो दिग्गज पार्श्व गायक अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल ने अपनी सुरीली आवाजों से सजाया है। दृश्यात्मक रूप से यह गीत मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम और माता सीता के अलौकिक प्रेम, उनके पावन मिलन और विवाह के बाद के पवित्र आध्यात्मिक सफर को केंद्र में रखकर रचा गया है। हालांकि, जहां एक सीमित दर्शक वर्ग को दोनों गायकों की जुगलबंदी पसंद आई, वहीं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अधिकांश दर्शकों ने इस गीत की संगीत संरचना को लेकर सख्त ऐतराज दर्ज कराया है।श्रोताओं और नेटिजन्स का आरोप है कि इतने बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक महाकाव्य के दृश्यों के साथ जिस धुन को पिरोया गया है, वह पूरी तरह से सूफी और कव्वाली शैली से प्रेरित नजर आती है। रिलीज के कुछ ही मिनटों के भीतर माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर गाने की क्लिप्स वायरल होने लगीं और संगीत प्रेमियों ने एआर रहमान के इस प्रयोग पर गहरी निराशा जाहिर की। दर्शकों का मानना है कि रामायण जैसे सनातन इतिहास और पवित्र ग्रंथ के रूपांतरण में जो पारंपरिक भक्ति, शास्त्रीय राग और सांस्कृतिक गंभीरता होनी चाहिए थी, उसकी जगह बॉलीवुड के घिसे-पिटे सूफी-पॉप फॉर्मूले को जबरन थोप दिया गया है।सूफी कव्वाली जैसी धुन पर भड़के यूजर्स, पुराने फॉर्मूले को रीसायकल करने का आरोपगाने के सार्वजनिक होते ही प्रशंसकों की नाराजगी खुलकर सामने आने लगी। कई यूजर्स ने सीधे तौर पर संगीत निर्देशक एआर रहमान की संगीत समझ और इस प्रोजेक्ट के प्रति उनकी रिसर्च पर सवाल खड़े कर दिए। एक असंतुष्ट यूजर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि मेकर्स ने उनकी सुपरहिट फिल्म रॉकस्टार के सूफी गाने 'कुन फया कुन' वाले टेम्पलेट को उठाया, उसे थोड़े बदलाव के साथ 'मंगल रंग' में फिट कर दिया और इसे रामायण का भक्ति संगीत बताकर पेश कर दिया। लोगों का कहना है कि यह प्रयोग न केवल संदर्भ से भटका हुआ है, बल्कि एक ऐतिहासिक महाकाव्य की मूल आत्मा के साथ भी बड़ा समझौता है।वहीं एक अन्य यूजर ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि महर्षि वाल्मीकि की रामायण में सूफी कव्वाली की बीट्स और क्लैपिंग पैटर्न डालना आधुनिक बॉलीवुड के सांस्कृतिक भटकाव का सबसे बड़ा प्रमाण है। यूजर ने आगे कहा कि करोड़ों रुपये के भारी-भरकम बजट के बावजूद निर्माताओं के पास न्यूनतम सांस्कृतिक समझ और रिसर्च का अभाव दिखाई देता है। उन्होंने लिखा कि हमारे पवित्र इतिहास और आस्था के केंद्रों को किसी आम शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली सामान्य रोमांटिक-कॉमेडी फिल्मों की तरह नहीं आंका जाना चाहिए। इस तरह के संगीत से दृश्य का मूल भाव और भक्ति का आध्यात्मिक प्रवाह पूरी तरह बिखर जाता है।शुद्ध संस्कृत और पारंपरिक रागों की अनदेखी पर उठे गंभीर सवालसोशल मीडिया पर संगीत प्रेमियों का एक बड़ा वर्ग इस बात को लेकर भी आक्रोशित है कि भारतीय शास्त्रीय संगीत और प्राचीन वाद्ययंत्रों की समृद्ध विरासत होने के बावजूद इस प्रकार की पश्चिमी और सूफी मिश्रित धुनों को क्यों चुना गया। फिल्म के टीजर में सुनाई दिए बैकग्राउंड म्यूजिक (BGM) की तो सराहना की गई, लेकिन मुख्य गीतों के कमजोर प्रभाव ने दर्शकों को निराश किया है। एक यूजर ने अपनी विस्तृत समीक्षा में लिखा कि उन्हें अब तक रिलीज हुए ट्रैक्स में केवल बैकग्राउंड स्कोर ही प्रभावशाली लगा, जबकि बाकी गाने बेहद औसत स्तर के हैं। विशेष रूप से 'मंगल रंग' का वाइब बहुत कमजोर और आधुनिकता से ग्रसित है।यूजर्स का दृढ़ता से कहना है कि भगवान राम और सीता के विवाह या उनके प्रसंगों के लिए शुद्ध संस्कृत श्लोकों, पारंपरिक चौपाइयों और भारतीय शास्त्रीय रागों पर आधारित रचनाएं कहीं अधिक प्रभावी, प्रभावशाली और सौ गुना बेहतर सिद्ध होतीं। दक्षिण और उत्तर भारत के शास्त्रीय संगीत का समृद्ध संगम इस फिल्म को एक अमर संगीत दे सकता था, लेकिन इसके बजाय पॉप-कव्वाली बीट्स के चयन ने सिनेप्रेमियों को असमंजस में डाल दिया है। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या रचनाकारों ने सिनेमाई रचनात्मक स्वतंत्रता के नाम पर विषय की मूल गरिमा को नजरअंदाज कर दिया है।5 नवंबर को बड़े पर्दे पर दस्तक देगी फिल्म, क्या विवाद का पड़ेगा बॉक्स ऑफिस पर असरनितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस महत्वाकांक्षी त्रि-आयामी सिनेमाई गाथा 'रामायणम्' में भारतीय फिल्म जगत के कई दिग्गज चेहरे नजर आने वाले हैं। फिल्म में मुख्य भूमिका निभाते हुए बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर भगवान श्री राम के रूप में पर्दे पर दिखाई देंगे, जबकि दक्षिण भारतीय सिनेमा की लोकप्रिय अदाकारा साई पल्लवी माता सीता की भूमिका को जीवंत कर रही हैं। इसके अलावा टेलीविजन स्टार रवि दुबे, पैन-इंडिया सुपरस्टार यश, दिग्गज अभिनेता सनी देओल, अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह और लारा दत्ता जैसे बड़े कलाकार महत्वपूर्ण पौराणिक किरदारों में नजर आएंगे।यह बहुचर्चित फिल्म आगामी 5 नवंबर को दुनिया भर के सिनेमाघरों में कई भाषाओं में एक साथ रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि, फिल्म के भव्य पैमाने और स्टार कास्ट को लेकर दर्शकों में भारी उत्सुकता बनी हुई है, लेकिन 'मंगल रंग' गाने को लेकर उपजा यह ताजा विवाद रिलीज से ठीक पहले मेकर्स के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। अब यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि क्या फिल्म निर्देशक नितेश तिवारी या खुद संगीतकार एआर रहमान इस विवाद पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करते हैं, या फिर 5 नवंबर को सिनेमाघरों में दर्शकों का रुख इस भव्य प्रस्तुति के प्रति सकारात्मक बना रहता है।
बेटी के खिलाफ दुनिया, बेबस हुईं लव गिल की मां, कहा- कितना दर्दनाक
Bigg Boss Weekend Ka Vaar में Scout OP, Love Gill और Kashvi Hiranandani के बीच हुई बहस के बाद विवाद बढ़ गया है. Love Gill की टीम ने उनका समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें बदनामी नहीं, बल्कि सम्मान और न्याय मिलना चाहिए.
केरलम के पूर्व राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर ने पद छोड़ने से पहले राष्ट्रपति को पत्र लिखकर केरलम लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों को हटाने की मांग की है।
ओवैसी का अखिलेश यादव पर हमला, बोले- ‘समाजवादी पार्टी’ नहीं, ‘समाजवादी यादव परिवार’ रख लें नाम
असदुद्दीन ओवैसी ने कैराना की जनसभा में अखिलेश यादव पर परिवारवाद को लेकर निशाना साधा। AIMIM प्रमुख ने बीजेपी को रोकने के लिए विपक्षी दलों के साथ गठबंधन की इच्छा जताई और अल्पसंख्यकों के मुद्दे भी उठाए।
Jio के जबरदस्त प्लान्स, 1 रिचार्ज और 3 महीने टेंशन फ्री, दाम 329 रुपये से शुरू
Reliance Jio के 329 और 889 प्रीपेड प्लान्स के साथ यूजर्स को कई बेनिफिट्स मिलते हैं. इन प्लान के साथ आपको JioSaavn Pro सब्सक्रिप्शन, JioHotstar और 35,100 रुपये की कीमत वाला Google Gemini AI Pro एआई प्लान फ्री मिलता है.
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में 20 साल बाद छात्र संघ चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। प्रशासन ने 15 दिनों में चुनाव कराने, निलंबन वापस लेने और छात्रों से कथित बर्बरता की जांच का ऐलान किया।
80 गांवों की प्यास बुझाने वाली हेंवल नदी की कहानी क्या है? पीएम मोदी ने किया जिक्र
पीएम मोदी ने मन की बात में टिहरी जिले के चंबा क्षेत्र की हेंवल नदी का जिक्र किया था। बताया कि कैसे ग्रामीणों और पर्यावरणप्रेमियों के आंदोलन से यह नदी पुनर्जीवित हुई और आज 80 गावों की प्यास बुझा रही है।
CBSE Board Exams 2027 LIVE: 10वीं और 12वीं के छात्रों का इंतजार होगा खत्म, जारी होने वाली है डेटशीट
CBSE Board Class 10, 12 Exams 2027 LIVE: सीबीएसई की तरफ से 10वीं और 12वीं परीक्षाओं की डेटशीट जारी की जाएगी. लाखों छात्र इसका इंतजार कर रहे हैं. आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर टाइम टेबल जारी किया जाएगा.
12 भाषाएं बोलती है असिन की बेटी अरिन, घर पर नहीं है टीवी, पति राहुल शर्मा बोले- बस किताबें
आमिर खान के लिए यह लड़की काफी लकी थी. जिस जमाने में 100 करोड़ क्लब में शामिल होना किसी फिल्म के लिए बड़ी बात थी. उस जमाने में इस एक्ट्रेस ने परफेक्सनिस्ट के साथ 194 करोड़ की फिल्म दी थी.
2026 में हॉरर फिल्मों का जलवा, एक बेटी, दो मां वाली मूवी का 170 करोड़ बजट में 900 करोड़ का कलेक्शन
हॉलीवुड में 2026 हॉरर फिल्मों के नाम जाता नजर आ रहा है. ऑब्सेशन, बैकरूम, ईविल डेड बर्न, रेजिडेंट ईविल, स्क्रीन 7 और इनसीडियस आउट ऑफ द फर्दर के बाद एक बेटी और दो मां वाली इस फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर जलवा.
हीरा किन लोगों के लिए शुभ और किनके लिए अशुभ? पंडित जी से जानें
Diamond Gemstones: हीरा पहनना हर किसी के लिए शुभ नहीं माना जाता है. ज्योतिष के अनुसार, इसे धारण करने से पहले अपनी कुंडली और लग्न के बारे में जानना जरूरी है. आइए ज्योतिषाचार्य शैलेंद्र पांडे से जानते हैं कि किन लोगों को हीरा पहनना चाहिए और किन्हें इससे परहेज करना चाहिए.
दिल्ली: आज से 12वां ब्रिक्स संसदीय मंच, 21 देशों के प्रतिनिधिमंडल पहुंचे; पीएम भी करेंगे स्पीकर्स से मुलाकात 12th-brics-parliamentary-forum-delhi-Delegations-from-21-nations-pm-modi-om-birla
टीवी एक्टर करण वाही ने एक्स गर्लफ्रेंड उदिति सिंह के साथ अपने रिश्ते पर बात की है. करण ने बताया कि वे अपनी जिंदगी के ऐसे पड़ाव पर थे, जहां वे चाहते थे कि उनके रिश्ते का भविष्य स्पष्ट हो. उन्होंने कहा, जब मैंने उन्हें डेट करना शुरू किया, तब मैं 33-34 साल का था. उस उम्र में मेरी सोच यह थी कि अब अगर मैं किसी रिश्ते में आ रहा हूं, तो वह शादी में बदलना चाहिए.
टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी मामले में जारी मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. शूटर्स के निशाने पर बॉलीवुड के कई बड़े एक्टर थे, इन्होंने अमिताभ बच्चन, आमिर खान, अक्षय कुमार और सलमान खान के घर की रेकी की थी.
वैभव के भाई ने काटा गदर, तूफानी शतक ठोक टीम को दिलाई जीत
वैभव सूर्यवंशी के छोटे भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी भी लोकल क्रिकेट में बल्ले से शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. आशीर्वाद ने एक स्थानीय मैच में नाबाद शतक जड़कर अपनी टीम को 2 विकेट से जीत दिलाई.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी के पिता को लेकर विवादित बयान दिया है. बीजेपी ने इसे देश का अपमान बताया और विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है. इस बीच उस शख्स के बयान से मामले में नया मोड़ आ गया है, जिसकी वजह से कांग्रेस अध्यक्ष के बोल बिगड़े.
रश्मिका की ट्रोलिंग से नाराज जावेद अख्तर, लेकिन हो गई एक चूक
रश्मिका मंदाना को अक्सर उनके बोलने के लहजे (एक्सेंट) को लेकर ट्रोल किया जाता है. हिंदी पिक्चरों में उनके डायलॉग सुनकर कई लोग परेशान होते हैं, और उनकी आलोचना करना शुरू कर देते हैं. ऐसे में इस मुद्दे पर जावेद अख्तर एक्ट्रेस के समर्थन में खड़े होते हुए नजर आए. मगर वो भी ट्रोल हो गए.
'भारतीय तोड़फोड़ नहीं करते, जैसा यूरोप में हो रहा', पीयूष गोयल का बड़ा बयान
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने जर्मनी और नीदरलैंड के दौरे के दौरान यूरोप में भारतीय समुदाय के सम्मान और सुरक्षा पर जोर दिया है. उन्होंने कहा कि भारतीय आमतौर पर शांतिप्रिय होते हैं और समाज में अशांति नहीं फैलाते.
करी पत्ते का पौधा घना कैसे करें? जानें 6 आसान तरीके और खाद देने का सही तरीका
Curry Leaf Plant Fertilizer: करी पत्ते के पौधे को घना और हरा-भरा बनाने के लिए सही गमला, अच्छी जलनिकासी वाली मिट्टी, समय-समय पर कटाई-छंटाई और संतुलित खाद जरूरी है. कीड़ों की जांच करें और छाछ को चमत्कारी खाद समझने से बचें.
वाल्मीकि जयंती पर सीएम योगी का संदेश, ऊंच-नीच की दीवारें टूटेंगी, तभी बनेगा समरस समाज
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में विरासत के सम्मान और विकास की संभावनाओं को पर्याप्त महत्व नहीं मिला, आज बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नीतियों के दम पर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और तकनीकी विकास के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है.
'सौभाग्य से जाति का भेदभाव नहीं हुआ...', वोटर लिस्ट में नामों की गलती पर यूपी चुनाव आयोग का पोस्ट
उत्तर प्रदेश की वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों के मामले सामने आने के बाद CEO ने सोमवार 26 अक्टूबर को गलती स्वीकार की है. AAP सांसद संजय सिंह के पोस्ट को रीपोस्ट कर कहा कि कंप्यूटर जातिवादी नहीं है.
BJP पर Mamata Banerjee का वार, जनता को डराने और पुलिस के दुरुपयोग का लगाया आरोप
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर लोगों को प्रभावित करने के लिए धनबल का इस्तेमाल करने और डराने-धमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस की ज्यादतियां बढ़ गई हैं और सरकारी अधिकारी उन्हें धमका रहे हैं। ममता ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक बयान में दावा किया कि जिलाधिकारियों, प्रखंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) और पुलिस अधीक्षकों का इस्तेमाल लोगों को धमकाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘ भाजपा लोगों को प्रभावित करने के लिए धनबल का इस्तेमाल कर रही है और डरा-धमका रही है। कल (शनिवार से) से पुलिस की ज्यादतियां बढ़ गई हैं।’’
खुलते ही मचा कोहराम... शेयर मार्केट फिर क्रैश, आखिर वजह क्या है?
Stock Market Crash: शेयर बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को एक बार फिर बड़ी गिरावट आई है. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स रेड जोन में खुले. BSE Sensex तो ओपनिंग के साथ ही 500 अंक से ज्यादा बिखर गया.
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के बयान पर सियासी संग्राम: भाजपा ने आज प्रदर्शन का किया एलान, कांग्रेस ने दी सफाई- Uproar over Mallikarjun Kharge remarks about PM Modi's father BJP announces protests get latest updates
6 सेकेंड में मौत! होटल के कमरे में घुसते ही धड़ाम से गिरी मुस्कान
झांसी में शादी के महज तीन महीने बाद एक बैंक मैनेजर की पत्नी की संदिग्ध परिस्थितियों में होटल के कमरे में मौत हो गई. मृतका के पिता ने दामाद पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है. पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है.
Sarla Puraskar: उड़िया कवि डॉ. आशुतोष परिदा को मिला 47वां सम्मान, ₹7 लाख नकद प्रदान
उड़िया भाषा के प्रसिद्ध कवि डॉ. आशुतोष परिदा को उत्कृष्ट साहित्यिक उपलब्धि के लिए रविवार को 47वें ‘सरला पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार विख्यात गीतकार, कवि और उपन्यासकार आर वैरामुथु द्वारा प्रदान किया गया। इस पुरस्कार के तहत परिडा को एक ताम्रपत्र, प्रशस्ति पत्र और सात लाख रुपये की नकद राशि प्रदान की गई। परिदा को यह सम्मान ‘परभा प्रकाशन’ द्वारा प्रकाशित उनके प्रशंसित कविता संग्रह ‘विश्वास दे पृथ्वी’ के लिए दिया गया। इस अवसर पर, वर्ष 2025 के पद्मश्री प्राप्तकर्ता एवं शास्त्रीय ओडिसी नर्तक गुरु दुर्गा चरण रणबीर और मूर्तिकार व कला शिक्षक दामोदर बेहरा को ‘इला-बंशीधर पांडा कला सम्मान’ से सम्मानित किया गया। दोनों कलाकारों में से प्रत्येक को एक प्रशस्ति पत्र, एक ताम्रपत्र और 2.5 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई। डॉ. बंशीधर पांडा और श्रीमती इला पांडा द्वारा 1974 में स्थापित आईएमपीएसीटी संस्था सरला पुरस्कार (1980 में शुरू), इला-बंशीधर पांडा कला सम्मान और खेल के क्षेत्र में ‘एकलव्य पुरस्कार’ के माध्यम से उड़िया साहित्य व कला को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
हरभजन सिंह को पैसा शोहरत क्यों लगने लगी बेकार?
हरभजन सिंह ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में अपनी जिंदगी के उस बदलाव के बारे में बताया, जिसने उनका नजरिया बदल दिया। उन्होंने कहा कि बेटी के जन्म के बाद उनका स्वभाव शांत हो गया और परिवार उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गया।
दीवाली की सफाई और पेंट से छिल गया है गला? फौरन आराम देने वाले यूनानी नुस्खे
दीवाली की सफाई और पेंटिंग के बाद गले में खराश, सूखी खांसी या जलन हो रही है? सफदरजंग अस्पताल के पूर्व यूनानी HOD डॉ. सैयद अहमद खान से जानिए मुलेठी, बनफ्शा, लऊक सपिस्तां सहित राहत देने वाले घरेलू और यूनानी उपाय.
केरलम मर्सिडीज हादसा: जज के बेटे को पहले थाने से मिली जमानत, प्रदर्शन के बाद गैर-इरादतन हत्या की जुड़ी धारा keralam-mercedes-crash-judge-minor-son-detained-again-fatal-accident
दो दशक बाद जामिया में होंगे छात्रसंघ चुनाव, यूनिवर्सिटी प्रशासन का ऐलान
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में करीब दो दशक बाद छात्रसंघ चुनाव कराने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है. यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सोमवार को जारी आदेश में कहा है कि छात्रसंघ के संविधान को मंजूरी मिलने की तारीख से 15 दिनों के भीतर चुनाव कराए जाएंगे. यह ऐलान ऐसे समय में किया जा रहा है, जब छात्र लंबे समय से चुने हुए छात्रसंघ को बहाल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे.
Noida कैफे अग्निकांड में युवक की मौत, संचालक और ठेकेदार पर केस दर्ज
थाना सेक्टर 126 क्षेत्र के रायपुर गांव के पास स्थित एक कैफे में शनिवार की शाम आग लगने की घटना में एक युवक की झुलसने से हुई मृत्यु के मामले में उसके परिजन ने कैफे संचालक और ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। थाना सेक्टर- 126 के प्रभारी निरीक्षक सोमनेश कुमार सिंह ने बताया कि बीती रात दलीप चंद्र पुत्र धुली चंद्र, निवासी सरस्वती कुंज चिपियाना खुर्द तिगरी ने थाने में एक रिपोर्ट दर्ज कराई। सिंह ने शिकायत के हवाले से बताया कि 24 अक्टूबर शाम रायपुर गांव के पास स्थित एक कैफे के फूड स्टॉल पर मरम्मत का कार्य चल रहा था। सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता के अनुसार उनका बेटा अन्य कर्मचारियों के साथ यह कार्य कर रहा था और इसी दौरान अचानक उक्त परिसर में आग लग गई। उन्होंने बताया कि देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास की अन्य दुकानों/ कैफे को भी अपनी चपेट में ले लिया। उनके अनुसार आग की चपेट में आने से उनका बेटा साहिल शर्मा बुरी तरह से झुलस गया और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया है कि उक्त कैफे में निर्माण एवं मरम्मत/ बिजली फिटिंग का कार्य कराया जाने के दौरान आवश्यक सुरक्षा मानकों तथा अग्नि सुरक्षा संबंधित नियमों का पालन नहीं किया गया, जिसकी वजह से उनके बेटे की झुलसने से मौत हुई है। उन्होंने बताया कि पीड़ित ने कैफे संचालक, बिजली फिटिंग आदि का कार्य करने वाले ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि पुलिस घटना की रिपोर्ट दर्ज करके जांच कर रही है।
UP में BJP को रोकने के लिए विपक्ष से हाथ मिलाने को तैयार AIMIM, ओवैसी का बयान
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता में आने से रोकने के साझा उद्देश्य के लिए अन्य विपक्षी दलों के साथ हाथ मिलाने को तैयार है। ओवैसी ने शामली जिले के कैराना में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी पार्टी भाजपा की सरकार बनने से रोकने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि वह योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनते नहीं देखना चाहते। एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा कि अगर अन्य विपक्षी दलों का भी भाजपा को सत्ता से बाहर रखने का यही उद्देश्य है, तो उनकी पार्टी उनके साथ सहयोग करने को तैयार है। ओवैसी ने विपक्षी दलों पर अल्पसंख्यकों और समाज के कमजोर वर्गों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से नहीं उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के शासनकाल में मस्जिदों को गिराए जाने और कथित ‘हाफ एनकाउंटर’ की घटनाएं जारी हैं, लेकिन विपक्षी दल इन मुद्दों पर आवाज नहीं उठा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: PM Modi के नेतृत्व में भारत आर्थिक शक्ति के नए मुकाम पर: Yogi Adityanath हैदराबाद से सांसद ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों की प्राथमिकता केवल अपने मतदाताओं तक सीमित रह गई है और वे अल्पसंख्यकों तथा अन्य वंचित वर्गों की समस्याओं को उठाने में विफल रहे हैं। ओवैसी ने कहा कि अगर विपक्षी दल वास्तव में भाजपा को सत्ता से बाहर रखना चाहते हैं, तो उन्हें अल्पसंख्यकों और कमजोर वर्गों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम करना होगा।
छत्तीसगढ़ में 2028 चुनाव जीतेगी BJP, Smriti Irani ने कार्यकर्ताओं को दिया बूथ मजबूत करने का मंत्र
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़ प्रभारी स्मृति ईरानी ने रविवार को पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का आह्वान किया और कहा कि चुनावी सफलता पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के साथ उनके जुड़ाव पर निर्भर करती है। यहां कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित संगठनात्मक बैठकों को संबोधित करते हुए ईरानी ने विश्वास जताया कि पार्टी 2028 के विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ में पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता बरकरार रखेगी। उन्होंने कहा कि ‘मिशन 2028’ केवल चुनावी लक्ष्य नहीं है, बल्कि राज्य की पहचान, विकास और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता भी है। इसे भी पढ़ें: President Droupadi Murmu पहुंचीं Raipur, Chhattisgarh में दो दिवसीय दौरे की शुरुआत ईरानी ने जोर दिया कि पार्टी के प्रत्येक कार्यक्रम को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘‘चुनाव केवल मतपत्रों या वोटिंग मशीनों से नहीं जीते जाते, बल्कि इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत, जनता के साथ उनका व्यक्तिगत जुड़ाव और मजबूत संगठनात्मक ढांचा जरूरी है।’’
KTR का आरोप, Revanth Reddy के राज में Telangana बना राहुल गांधी का एटीएम
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामा राव ने रविवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी के शासन में तेलंगाना ‘‘कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लिए एटीएम’’ बन गया है। यहां बीआरएस के एक कार्यक्रम में उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने ‘छात्रों की गूंज’ के बारे में बात करते हुए देशभर का दौरा किया, लेकिन उनमें तेलंगाना आने का ‘‘साहस नहीं’’ है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रेड्डी के भाइयों की कारोबारी गतिविधियों और अन्य मुद्दों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बीआरएस नेता ने राहुल गांधी पर तेलंगाना में कथित भ्रष्टाचार, लूट और घोटालों की ‘‘अनदेखी करने’’ का आरोप लगाया। रामा राव ने सवाल किया, ‘‘2023 के चुनाव से पहले राहुल गांधी ने तेलंगाना की जनता से 420 वादे किए थे। कांग्रेस ने 100 दिन के भीतर चुनावी छह गारंटी लागू करने, 13 घोषणाओं को पूरा करने और सभी 420 वादों को पूरा करने का वादा किया था। एक हजार दिन से अधिक बीत चुके हैं। राहुल गांधी के 420 वादों का क्या हुआ?’’ उन्होंने कहा, ‘‘जहां दिल्ली में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार लोगों को बांट रही है, वहीं तेलंगाना में कांग्रेस सरकार राज्य को लूट रही है।’’ मुख्यमंत्री के खिलाफ बीआरएस नेता के बार-बार लगाए जाने वाले आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस नेता आदि श्रीनिवास ने कहा था कि रामा राव को अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने चाहिए।
जब नितेश तिवारी की 'रामायण' के लिए ए.आर. रहमान और हंस जिमर को संगीतकार के तौर पर चुना गया तो कई लोगों को लगा कि यह एक बेहतरीन जोड़ी है. फिल्म के टाइटल की घोषणा के समय जो पहला गाना सामने आया, उसे काफी सराहा गया.
Brazil Election: लूला दा सिल्वा चौथी बार बने ब्राजील के राष्ट्रपति, डोनाल्ड ट्रंप को लगा तगड़ा झटका!
Brazil Election: ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव के लिए दूसरे दौर के मतदान के बाद मौजूदा राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा चुनाव जीतने में सफल रहे। वे चौथी बार ब्राजील के राष्ट्रपति बने हैं। इस चुनाव में पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे फ्लावियो ...
शूटर्स के निशाने पर आमिर खान? घर की रेकी के बाद बदला प्लान!
Aamir Khan In Shooters Hit List: सलमान खान के बाद आमिर खान को भी शूटर्स के निशाने पर होने का दावा सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके बांद्रा वाले घर की रेकी की गई थी.
जब CJI के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के जजों ने कर डाली प्रेस कॉन्फ्रेंस, जस्टिस कौल ने बताया 'भूकंप'
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस संजय किशन कौल ने अपनी किताब में दावा किया कि 12 जनवरी 2018 के जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस एक भूकंप की तरह थी जिसके बाद न्यायपालिका की फाल्ट लाइन सबके सामने आ गई।
सेवानिवृत्त सैन्य अफसर गिरफ्तार: सेना की गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोप,अज्ञात महिला की भूमिका क्या?
विक्रांत तो गजब का निकला,सिर्फ महिला सिपाहियों से खेलता था दिल जीतने का खेल
बागपत का विक्रांत तोमर प्यार के नाम पर ऐसा खेल खेलता था कि निशाने पर दिल्ली पुलिस की महिला सिपाहियां ही थीं. कभी महंगी कार में घुमाकर रईसी का रौब दिखाता, तो कभी शादी का भरोसा देकर पैसे ऐंठता. दिल जीतने के इस खेल में एक महिला सिपाही से 24 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया. अब पुलिस करीब 20 महिला कांस्टेबलों से जुड़े मामले की कड़ियां जोड़ रही है.
इंटरनेट डेस्क। कांग्रेस की ओर से अब 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में वोट बचाओ, देश बचाओ महारैली का आयोजन किया जाएगा। इस रैली को लेकर रविवार को जयपुर के कांस्टीट्यूशन क्लब में एआईसीसी के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की बैठक भी आयोजित की गई। महारैली की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में पूर्व सीएम अशोक गहलोत भी शामिल हुआ। इस बात की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से दी है। उन्होंने एक्स के माध्यम से कहा कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली यह रैली जनता के वोट के अधिकार और लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई है। मैं राजस्थान के सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं, साथियों और जागरूक नागरिकों से अपील करता हूं कि बड़ी संख्या में पहुंचकर इस लड़ाई को मज़बूत करें। जनता के वोट के अधिकार की रक्षा आज सबसे बड़ी लड़ाई है। गहलोत ने इससे पहले कहा था कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की महारैली वोट बचाओ, देश बचाओ अभियान का महत्त्वपूर्ण पड़ाव है। वोट चोरी, मतदाता सूची से नाम कटने और चुनाव आयोग की भूमिका पर उठ रहे सवालों ने लोकतंत्र की बुनियाद को हिला दिया है। जनता के वोट के अधिकार की रक्षा आज सबसे बड़ी लड़ाई है। राजस्थान के सभी कांग्रेसजनों और जागरूक नागरिकों से अपील मैं राजस्थान के सभी कांग्रेसजनों और जागरूक नागरिकों से अपील करता हूं कि इस रैली में बड़ी संख्या में पहुंचें। प्रत्येक नागरिक का एक-एक वोट देश का भविष्य तय करता है। उसकी रक्षा के लिए आवाज़ बुलंद करना हम सभी का कर्तव्य है। PC:indiatv
मानहानि केस में राहुल गांधी पर फैसला आज, जानें केस की टाइमलाइन
राहुल गांधी के खिलाफ 2018 में अमित शाह के खिलाफ की गई टिप्पणी के कारण मानहानि का मामला दर्ज हुआ था. इस मामले में कई गवाहों की गवाही और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं. 26 अक्टूबर 2026 को सुल्तानपुर की विशेष MP-MLA अदालत इस मामले में अंतिम फैसला सुनाएगी.
सुधार की पहल: अस्पतालों से 2030 तक हटाए जाएंगे पारा वाले पुराने उपकरण, केंद्र ने 12 राज्यों को दिए निर्देश
18 घंटे काम करती है महिला, फिर भी पति से आधी है सैलरी, शेयर किया रूटीन
कंपनी बहुत काम करवाती है लेकिन सैलरी बहुत कम देती है. फ्रेशर्स के साथ हमेशा ही ऐसा होता है लेकिन दक्षिण कोरिया में रहने वाली 29 साल की क्रिएटर ने बताया कि वह 18 घंटे काम करती हैं लेकिन फिर भी अपने पति से कम कमाती है. उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए अपने इस रूटीन के बारे में बताया है.
सर्दियों में बालकनी में ऐसे उगाएं ताजी फूलगोभी, जानें आसान तरीका
How To Grow Cauliflower: सर्दियों में घर पर ताजी फूलगोभी और पत्तागोभी उगाना चाहते हैं? अब इसके लिए आपको बड़े बगीचे की जरूरत नहीं है. आप बालकनी में गमले में भी गोभी उगा सकते हैं. आज हम आपको बालकनी में गोभी उगाने का तरीका बताने वाले हैं, जिसके लिए किसी महंगी चीज की जरूरत नहीं होती है.
खूबसूरत दिखने वाले ये पौधे बना सकते हैं कंगाल! जान लें नियम
Plant Vastu: फेंगशुई की मान्यताओं के मुताबिक, कुछ खूबसूरत पौधों को घर में रखना अशुभ माना जाता है. जानें कौन से पौधे नकारात्मक ऊर्जा, पैसों की तंगी और दुर्भाग्य से जोड़े जाते हैं और इन्हें लेकर क्या मान्यता है.
खराब अंपायरिंग ने तोड़ा पडिक्कल का दिल! 199 पर OUT, फैसले पर सवाल
देवदत्त पडिक्कल ने अपने फर्स्ट क्लास करियर का 12वां शतक ठोका. हालांकि देवदत्त पडिक्कल अनलकी रहे और वो सिर्फ 1 रन से अपना दोहरा शतक नहीं बना सके. पडिक्कल को अंपायर ने कॉट बिहाइंड करार दिया, जबकि गेंद उनके पैड पर लगी थी.
भयानक रूप ले रहा ‘अर्णव’ चक्रवात,इन 7 राज्यों में होगी बारिश
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27KM का माइलेज, सनरूफ और कीमत 5.70 लाख से शुरू, देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली SUV
अगर आप नई SUV लेने का प्लान बना रहे हैं तो अभी आपके पास कई ऑप्शन्स हैं लेकिन देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली कॉम्पैक्ट एसयूवी बन एक टाटा की एक कार बनी है.
नेताजी सुभाष के प्रपौत्र ने की प्रभास की 'फौजी' की आलोचना, कहा- मेरे हिसाब से एक अपराध है
नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने आगामी फिल्म 'फौजी' के निर्देशक की आलोचना करते हुए आरोप लगाया है कि फिल्म में नेताजी और एडोल्फ हिटलर की मुलाकात को गलत तरीके से पेश किया गया है.
Weekend Ka Vaar: 'बिग बॉस 20' के आज के वीकेंड का वार को रोहित शेट्टी ने होस्ट किया. वीकेंड का वार में घरवालों के लिए बड़ा सरप्राइज था घर में सोनाक्षी-जहीर का आना. दोनों यहां अपनी फिल्म तू है मेरी किरण के प्रमोशन के लिए आते हैं. वहीं रोहित ने शो में उन्होंने घरवालों की जमकर क्लास लगाई.
किसी भी धर्म को नहीं मानते हैं दुनिया के इतने अरब लोग, नास्तिकों के मामले में ये देश है सबसे आगे
Religiously Unaffiliated Population: दुनियाभर में भगवान को मानने वाले लोगों की संख्या काफी ज्यादा है, लेकिन ऐसे लोग भी हैं, जो किसी भी धर्म या फिर ईश्वर को नहीं मानते हैं. प्यू रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट में इनका पूरा आंकड़ा दिया गया है.
8 साल पुराने मामले में आएगा फैसला राहुल गांधी होंगे बरी या मिलेगी सजा?
सांसद राहुल गांधी के खिलाफ गृहमंत्री अमित शाह पर कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़े 8 साल पुराने मानहानि मामले में आज, 26 अक्तूबर को सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट फैसला सुनाएगी।
गुजरात की दिवाली पत्रिका में बदलाव: वीएचपी ने जताई आपत्ति, हटी अजीज टंकारवी की कविता; क्यों था मचा बवाल? gujarat-government-diwali-magazine-poem-removed-after-vhp-objection-aziz-tankarvi
इंटरनेट डेस्क। अक्टूबर माह समाप्त की ओर अग्रसर है, लेकिन देश के कई राज्यों में अभी भी लोगों को राहत नहीं मिलती नजर आ रही है। अब एक खतरनाक चक्रवात परेशानी का कारण बन बन रहा है। इसके प्रभाव से देश के करीब 17 राज्यों में भारी बारिश का टेंशन भरा अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया है। मौसम विभाग ने आज दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित 16 राज्यों में भीषण बारिश का अलर्ट जारी किया है। ंबंगाल की खाड़ी के ऊपर मंडरा रहा चक्रवात परेशानी का कारण बन रहा है। मौसम विभाग ने इस दौरान 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी भी दी है। मौसम विभाग ने आज तेलंगाना, पुडुचेरी, ओडिशा, झारखंड, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, केरल, बिहार, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, असम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। राजस्थान में ऐसा रहेगा मौसम दूसरी और आज राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है; आज प्रदेश में बारिश या आंधी को लेकर कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं हुई है। कल रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है। इसके बाद 29 और 30 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश होने का अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया है। इन दो दिनों में जयपुर, अजमेर, कोटा, भरतपुर और उदयपुर संभागों में कुछ स्थानों में पर बारिश होने की संभावना है। PC:navbharattimes.indiatimes
Barauni Bhuj Amrit Bharat Express will Flag off: दिवाली से पहले बिहार और पूर्वांचल के रेल यात्रियों को बड़ी सौगात मिलने जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बरौनी से भुज के बीच नई अत्याधुनिक अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे. 2,532 किलोमीटर लंबी यह किफायती व आरामदायक ट्रेन बिहार, यूपी, राजस्थान और गुजरात को आपस में जोड़ेगी. जानें रूट, स्टॉपेज और टाइमिंग की पूरी जानकारी.
भोजपुरी और अवधी भाषा के रंग में रंगा 14 साल पहले एक ऐसा गीत आया था जिसने पति से दूर रहने वाली हर पत्नी के दिलों के तार छेड़ दिए. इसे कल्पना पटवारी, मालिनी अवस्थी, मैथिली ठाकुर समेत तमाम बड़ी सिंगर्स ने अपनी अपनी आवाज और अंदाज में गाया है.
अनुष्का शर्मा और विराट कोहली ने सेट किए Couple Goals, कृष्ण दास के कीर्तन में हरि राम जपते आए नजर
अनुष्का शर्मा और विराट कोहली बॉलीवुड का प्यारा कपल है, जो लाइमलाइट से दूर अपनी खुशहाल जिंदगी बिता रहा है. इसी बीच कपल का एक दिल जीतने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें दोनों कृष्ण दास के कीर्तन में शामिल होते हुए नजर आ रहे हैं और कपल गोल्स सेट करते हुए दिख रहे हैं.
Live: ब्रिक्स संसदीय मंच में शामिल होंगे पीएम मोदी, राहुल गांधी मानहानि केस पर आज अहम सुनवाई
Live Brics Parliamentary Forum: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ब्रिक्स संसदीय मंच के कार्यक्रम में शामिल होंगे. वहीं राहुल गांधी के मानहानि केस पर सुल्तानपुर कोर्ट में आज अहम सुनवाई होनी है.
PM मोदी के पिता पर खड़गे को कमेंट करना पड़ा भारी
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘मोदी का बाप भी जाएगा’ बयान पर सियासी विवाद बढ़ गया है। पटना में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। बीजेपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में 26 अक्टूबर को देशभर के प्रदेश मुख्यालयों पर प्रदर्शन का ऐलान किया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की पटना में पीएम मोदी के पिता पर की गई टिप्पणी से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। जिस व्यक्ति की बात पर खरगे ने प्रतिक्रिया दी थी, उसने अब स्पष्ट किया है कि उसकी बात को गलत समझा गया।
राशिफल: मिथुन को मिलेगी खुशखबरी, वृषभ को धन लाभ के संकेत, जानें सभी 12 राशियों का भविष्य
मिथुन राशि वालों के लिए शुभ समाचार मिलने के संकेत हैं, जबकि वृषभ राशि वालों को रुका हुआ पैसा मिल सकता है।......
यूपी के कैराना पहुंचे असदुद्दीन ओवैसी ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि SP का नाम बदलकर 'समाजवादी यादव परिवार' कर देना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं योगी को तीसरी बार सीएम बनते नहीं देखना चाहता.
पुणे में दिनदहाड़े 18 साल की युवती के अपहरण की कोशिश, लोगों ने बचाया, आरोपी पुलिस के हवाले
युवती की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी. इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है.
अमेरिका-चीन एआई प्रतिस्पर्धा के बीच फंसे कई देश
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अमेरिका और चीन के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण दुनिया के कई देश दोनों पक्षों के साथ संबंध बनाए रखने की रणनीति अपना रहे हैं।
महर्षि वाल्मीकि जयंती: पीएम मोदी ने देशवासियों को दीं शुभकामनाएं, कहा- उनके सद्विचार भारतीय संस्कृति के मूल तत्व
एक रेल हादसे से शुरू छात्र आंदोलन ने 14 साल पुरानी सरकार गिरा दी है. छात्रों की पार्टी- स्टूडेंट लिस्ट सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. इसके 250 उम्मीदवारों में से ज्यादातर शिक्षा और कला जैसे क्षेत्रों के एक्सपर्ट हैं और उन्हें राजनीतिक अनुभव बहुत कम है.
आमिर खान को मारने की थी साजिश? फिर टाइगर श्रॉफ पर क्यों चली गोलियां? शूटरों की कहानी हैरान कर देगी
मुंबई के जुहू इलाके में 18 अक्टूबर को अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग मामले में बेहद चौंकाने वाला खुलासा स
गिर गाय के नाम पर बेचते थे तेल-केमिकल से बना घी, हुआ बड़ा एक्शन
गुजरात के जूनागढ़ में गिर गाय के शुद्ध देसी घी के नाम पर कथित नकली घी बेचने के कारोबार का खुलासा हुआ है. एसओजी पुलिस ने कार्रवाई कर 300 से ज्यादा घी के डिब्बे बरामद किए हैं. आरोप है कि सोयाबीन तेल और केमिकल एसेंस से घी तैयार कर करीब 600 रुपये प्रति किलो में बेचा जा रहा था.
हरसिंगार के पौधे की देखभाल कैसे करें? फूल खिलाने के लिए अपनाएं ये तरीके, जानिए...
Harsingar Plant Care Tips: हरसिंगार यानी पारिजात के पौधे में फूल नहीं खिल रहे हैं तो धूप, खाद और पानी देने के तरीके पर ध्यान दें. जरूरत से ज्यादा धूप, खाद या गमले में पानी जमा होना पौधे की ग्रोथ प्रभावित कर सकता है.
सुबह बनाई रोटियां शाम तक रहेंगी नरम! अपनाएं ये 6 आसान टिप्स
Soft Roti Tricks: सुबह बनाई गई रोटियां कुछ ही घंटों में कड़क हो जाती हैं? अगर हां, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. आज हम आपको रोटी का आटा गूंथने से लेकर सेंकने और स्टोर करने की छोटी-छोटी गलतियों के बारे में बताएंगे, जिसकी वजह से वो सख्त हो जाती हैं. कुछ टिप्स अपनाकर आप रोटियों को लंबे समय तक सॉफ्ट बना रख सकते हैं.
कंपनियों को बड़ी राहत: रिटर्न और फाइनेंशियल स्टेटमेंट जमा करने की डेडलाइन बढ़ी, ये है नई तारीख
कंपनियों को कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय से बड़ी राहत मिली है. वित्त वर्ष 2025-26 के लिए फाइनेंशियल स्टेटमेंट और एनुअल रिटर्न दाखिल करने की डेडलाइन बढ़ा दी गई है. जानिए नई तारीखें और नियम.

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