इंटरनेट डेस्क । जम्मू-कश्मीर में नाराज विधायकों का मामला बढ़ता ही जा रहा हैं और ये मामला सीएम उमर अब्दुल्ला के लिए परेशानी बन रहा है। इन सबके बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी के 15 नाराज विधायक और एक निर्दलीय चौथी बार श्रीनगर पहुंचे। शुक्रवार को उन्होंने पार्टी चीफ फारूक अब्दुल्ला से मुलाकात की। विधायकों ने उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी समेत सभी मंत्रियों को पद से हटाने की मांग उठाई। जाने कौन कौन था सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुखिया से मिलने जो विधायक गए थे उसमें जावेद मिर्चल, सज्जाद शफी उरी, गुलाम मोहिउद्दीन मीर, फारूक जान, बशीर अहमद वीरी, अब्दुल माजिद भट उर्फ लारमी, फारूक अहमद शाह, मुबारक गुल, न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) हसनैन मसूदी, नजीर अहमद गुरेजी, ऐजाज अहमद जान, जावेद इकबाल चौधरी, सैफ-उद-दीन भट और कैसर जमशेद लोन शामिल थे। मीटिंग के बाद बागी गुट के नेता नजीर गुरेजी ने कहा कि हमने पार्टी लीडरशिप के सामने अपनी शिकायतें रखी हैं। इस मीटिंग में सीएम उमर अब्दुल्ला भी शामिल थे। नाराज विधायकों ने हाईकमान को अपना प्रस्ताव सौंप दिया है। पत्र में विधायक मुबारक गुल समेत कुल 17 विधायकों के साइन हैं, प्रमुख दो मांगों का इसमें जिक्र है। 1. सभी मंत्रियों (जिनमें डिप्टी सीएम और सीएम के सलाहकार भी शामिल हैं) को दो हफ्ते के अंदर उनके पद से हटा दिया जाना चाहिए। 2. मंत्रियों, डिप्टी सीएम और सलाहकार को उनके पद से हटाने के बाद, पार्टी के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ उचित सलाह-मशविरा करके पारदर्शी तरीके से एक नई कैबिनेट बनाई जाए, इसका पूरा ड्राफ्ट इसके साथ लगा हुआ है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि ज्यादातर कैबिनेट मंत्रियों के अपने काम ठीक से नहीं किए हैं, मतलब कर्तव्य का पालन नहीं किया है। pc-indianexpress.com
छोटी दिवाली पर घर में न रखें ये 5 चीजें, वरना होगी धन की कमी!
Choti Diwali 2026: छोटी दिवाली पर घर की सफाई करते समय इन 5 चीजों को बाहर कर दें. वास्तु के अनुसार, इन्हें घर में रखना अच्छा नहीं माना जाता है. जानें क्या हैं ये चीजें.
मिडटर्म नतीजों के बाद ट्रंप सरकार में पहला बड़ा इस्तीफा, देखें दुनिया आजतक
मिडटर्म नतीजों के बाद ट्रंप सरकार में पहला बड़ा इस्तीफा हो गया. डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस की सिविल राइट्स प्रमुख हरमीत ढिल्लन ने अपना पद छोड़ दिया. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान ढिल्लन ने नागरिक अधिकार विभाग की प्राथमिकताओं को पूरी तरह से बदलने में निर्णायक भूमिका निभाई थी. देखें दुनिया आजतक.
भारत के खिलाफ बड़ी साजिश, किसने ट्रांसफर किए 1 मिलियन डॉलर, ED ने कसा शिकंजा
प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में दो कम्पनियों पर शिकंजा कसा है। जांच में पाया गया है कि एक ट्रस्ट ने कई चरणों में लेनदेन के बाद ब्रिटेन की एक संस्था को पैसा भेजा, जहां से इसे भारत पहुंचाया गया।
मोटापे से जूझ रहे लोगों को परेशान कर सकता है प्रदूषण, यूं करें बचाव
दिल्ली-एनसीआर सहित देश के कई इलाकों में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है, जो खासकर मोटापे से पीड़ित लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं कर सकता है.
'इंदिरा गांधी बिगड़ते हालात से निपटने को संघर्ष कर रही थीं', आपातकाल पर बोलीं सोनिया गांधी
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपनी किताब 'Belonging: A Journey of Love' में आपातकाल के दौर का जिक्र भी किया है. सोनिया गांधी ने उस समय जो देखा और महसूस किया, उसे अपनी बुक में लिखा है.
रामायण की चर्चा इन दिनों हर तरफ हो रही है. लेकिन इस बीच ओटीटी प्लेटफॉर्म जियोहॉटस्टार पर महाभारत एक धर्मयुद्ध 2 की पहली झलक को दिखाई गई है. परिवार, महत्वाकांक्षा, वफादारी, संघर्ष और धर्म के शाश्वत प्रश्न की यह गाथा मानव स्वभाव और भाग्य को आकार देने वाले विकल्पों में गहरी अंतर्दृष्टि प्रदान करती है.
पुरानी स्टिकर वाली रंगोली कैसे हटाएं? जानिए फर्श से चिपकी रंगोली निकालने का आसान तरीका
आज हम आपको फर्श से जिद्दी स्टिकर रंगोली हटाने का आसान तरीका बताने जा रहे हैं. इससे फर्श भी खराब नहीं होगा और आपका काम भी बेहद आसान हो जाएगा.
कर्नाटक सरकार के पेट्रोल में 31.2% तक एथेनॉल होने के दावे को इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने खारिज कर दिया है. कंपनियों का कहना है कि परीक्षण निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया के अनुसार नहीं हुआ.
'ई20 बना 420': राहुल गांधी ने कर्नाटक सरकार के दावे पर केंद्र को घेरा, पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने पर उठाए सवाल rahul-gandhi-alleges-excess-ethanol-blending-petrol-e20-modi-government-karnataka-controversy
चुनाव आयोग ने सात राज्यों में उन मतदाताओं को एक और मौका देने का फैसला किया है, जिनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए थे। चुनाव आयोग के अनुसार, यह मौका उन मतदाताओं को दिया गया है जिन्हें 'अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट' (ASD) के रूप में चिह्नित किया गया था। साथ ही, इसमें वे लोग भी शामिल हैं जिनके लिए 'एन्यूमरेशन फॉर्म' (गणना फॉर्म) जारी तो किए गए थे, लेकिन वे वापस नहीं मिले। इस वजह से, चल रहे 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) अभियान के दौरान उनके नाम 'ड्राफ्ट मतदाता सूची' (प्रारूप मतदाता सूची) से हटा दिए गए थे। चुनाव आयोग ने अधिकारियों से एक निगरानी तंत्र (मॉनिटरिंग मैकेनिज्म) बनाने को कहा है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी पात्र मतदाता अंतिम मतदाता सूची में शामिल होने के मौके से वंचित न रहे, और साथ ही डुप्लिकेट पंजीकरण को भी रोका जा सके। अगर ड्राफ्ट SIR सूची से नाम गायब है, तो पहले से पंजीकृत मतदाता 'फॉर्म 6' जमा कर सकते हैं मंगलवार को चुनाव आयोग ने 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) के तहत 'फॉर्म 6' को लेकर एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया। यह उन मतदाताओं के बीच बनी उलझन को दूर करने के लिए है, जिनके नाम उनके राज्यों की ड्राफ्ट मतदाता सूची से गायब हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जो मतदाता पहले पंजीकृत थे, लेकिन जिनके नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं हैं, वे अपना नाम फिर से शामिल कराने के लिए 'फॉर्म 6' जमा कर सकते हैं। पहले से पंजीकृत मतदाताओं को डर था कि ऐसा घोषणा-पत्र देने को 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950' की धारा 31 के तहत गलत जानकारी देना माना जा सकता है, जिससे उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि 'फॉर्म 6' में पहली बार नाम शामिल करने से जुड़ी घोषणा की शर्त 1 अगस्त, 2022 से लागू है। हालांकि, जिस किसी का भी नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से गायब है, उसे अपना नाम शामिल कराने के लिए SIR प्रक्रिया के दौरान या उसके बाद एक नया 'फॉर्म 6' आवेदन जमा करना होगा- भले ही वे पिछले चुनावों में मतदाता के रूप में पंजीकृत रहे हों। आयोग ने साफ तौर पर कहा है कि ऐसी स्थिति में 'फॉर्म 6' जमा करने को केवल इस आधार पर 'गलत घोषणा' नहीं माना जाएगा कि आवेदक पहले भी मतदाता सूची में पंजीकृत था। चुनाव आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि कोई भी 'निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी' (ERO) धारा 31 के तहत मुकदमा न चलाए, सिर्फ इसलिए कि कोई व्यक्ति पहले मतदाता के रूप में पंजीकृत था और उसने फिर से 'फॉर्म 6' जमा किया है। हालाँकि, एक महत्वपूर्ण शर्त है: आवेदक का नाम पहले से किसी अन्य संसदीय या विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में पंजीकृत नहीं होना चाहिए। इस स्पष्टीकरण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची के मसौदे से छूट गए हैं, वे बिना किसी कानूनी परिणाम के डर के फिर से आवेदन कर सकें। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
सलमान खान ने देखी 'रामायण'? भाईजान ने 1987 की रामायण का किया जिक्र
Salman Khan on watching Doordarshan Ramayana: सलमान खान इन दिनों अपनी अपनी वॉर-ड्रामा फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं. वहीं हाल ही में फिल्म के एक कार्यक्रम में वह पहुंचे. जहां उनसे मीडिया ने रणबीर कपूर की 4000 करोड़ की रामायण को लेकर सवाल किए.
किस देश में हैं दुनिया की सबसे खूबसूरत महिलाएं? रूस टॉप पर, भारत को कौन सा स्थान
दुनिया की सबसे खूबसूरत महिलाओं वाले देशों की नई रैंकिंग में रूस को पहला, वेनेजुएला को दूसरा और भारत को तीसरा स्थान मिला है। जानिए टॉप-20 लिस्ट में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस समेत कौन-कौन से देश शामिल हैं।
'कन्फ्यूजन आपको है, हमें नहीं...'; अमित शाह के क्लिप को लेकर राहुल गांधी पर प्रल्हाद जोशी का पलटवार
राहुल गांधी द्वारा अमित शाह के मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर दिए बयान के संपादित क्लिप साझा करने पर केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने उन पर आरोप लगाए हैं।
एडल्ट लाइफ की असली 'लग्जरी' मानी जाती हैं ये 15 चीजें, लोग बोले- सबको आसानी से नहीं मिलतीं
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर वायरल 15 चीजों की एक लिस्ट ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि असल में अमीर होना क्या है.
'मेरी काफी मदद की...', शमी के रिटायरमेंट पर भावुक हुए बॉलिंग कोच
टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद मोहम्मद शमी का पूरा फोकस अब व्हॉट बॉल क्रिकेट पर रहेगा. शमी आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 के बाद टीम इंडिया में जगह नहीं बना पाए हैं. हालांकि वो बंगाल के लिए घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं. शमी ने टीम इंडिया में वापसी की उम्मीदें नहीं छोड़ी हैं.
'ये मेरा फाइनल एक्ट है'- लाइव स्ट्रीम में काश्वी का इमोशनल बयान, स्काउट ओपी से ब्रेकअप की अटकलें तेज
रियलिटी शो 'बिग बॉस-20' कंटेस्टेंट स्काउट ओपी (तन्मय सिंह) गर्लफ्रेंड और गेमिंग क्रिएटर काश्वी हिरानंदानी के हालिया लाइव स्ट्रीम ने ब्रेकअप की नई अटकलों को हवा दे दी है।
शादी को लेकर हुई बहस के बाद गर्लफ्रेंड की हत्या! पहाड़ी के पास फेंका शव, आरोपी गिरफ्तार
कर्नाटक में शादी के विवाद पर SSB कॉन्स्टेबल बसप्पा ने अपनी प्रेमिका की गला घोंटकर हत्या कर दी. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
मशहूर आयुर्वेदिक न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह ने शरीर में खून बढ़ाने के लिए एक खास चटनी की रेसिपी बताई है. आइए जानते हैं इसके बारे में-
अयोध्या कितनी बदली? संत बोले- कर्फ्यू के दौर से निकलकर मिली वैश्विक पहचान
श्रीराम जन्मभूमि दीपोत्सव और नरक चतुर्दशी के पावन अवसर पर आयोजित 'पंचायत आजतक अयोध्या' के मंच पर अयोध्या संतों ने अयोध्या के कायाकल्प, सनातन संस्कृति, राम मंदिर निर्माण के संघर्ष और सुरक्षा व्यवस्था पर खुलकर विचार रखे. साथ ही संतों ने राममंदिर में चंदा चोरी पर भी बात रखी.
बेरोजगारी भत्ता 2026: 12वीं पास को ₹1,200 और ग्रेजुएट को मिलेंगे ₹2,000, 30 नवंबर तक करें आवेदन
पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी और करियर की तलाश में जुटे शिक्षित युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और दैनिक खर्चों में मदद देने के लिए सरकार की बेरोजगारी भत्ता योजना (Unemployment Allowance Scheme) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। हरियाणा रोजगार विभाग द्वारा शुरू की गई इस कल्याणकारी योजना के तहत राज्य के पात्र बेरोजगार युवाओं को उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर हर महीने आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना में 12वीं कक्षा उत्तीर्ण युवाओं को ₹1,200 प्रति माह तथा स्नातक (ग्रेजुएट) व स्नातकोत्तर डिग्री धारकों को ₹2,000 प्रति माह का बेरोजगारी भत्ता सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा। इस योजना के लिए आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया 1 नवंबर 2026 से शुरू हो चुकी है और इसके लिए 30 नवंबर 2026 तक की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।शैक्षणिक योग्यता के अनुसार मासिक भत्ते का विवरणयोजना के तहत विभिन्न शैक्षणिक योग्यताओं के आधार पर मासिक भत्ते की दरें तय की गई हैं:12वीं कक्षा पास: ₹1,200 प्रति माह10वीं के बाद 2 वर्षीय डिप्लोमा या सर्टिफिकेट धारक: ₹1,200 प्रति माहस्नातक (ग्रेजुएशन) डिग्री धारक: ₹2,000 प्रति माह12वीं के बाद 3 वर्षीय पॉलिटेक्निक/इंजीनियरिंग डिप्लोमा: ₹2,000 प्रति माहपरास्नातक (पोस्ट ग्रेजुएशन) या उच्चतर डिग्री धारक: ₹2,000 प्रति माहकौन हैं पात्र और क्या हैं जरूरी शर्तें?योजना का लाभ केवल उन्हीं युवाओं को दिया जाता है जो सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा करते हैं:मूल निवास: आवेदक का संबंधित राज्य (हरियाणा) का स्थायी मूल निवासी होना अनिवार्य है।आयु सीमा: आवेदक की आयु 1 नवंबर 2026 को न्यूनतम 21 वर्ष और अधिकतम 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए।रोजगार कार्यालय में 3 साल का पंजीकरण: आवेदक का राज्य के किसी भी सरकारी रोजगार कार्यालय (Employment Exchange / HREx) में 1 नवंबर 2026 तक लगातार कम से कम 3 वर्ष पुराना वैध पंजीकरण होना अनिवार्य है। साथ ही शैक्षणिक योग्यता रिकॉर्ड में अपडेट होनी चाहिए।पारिवारिक आय सीमा: आवेदक के परिवार की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय ₹3,00,000 (तीन लाख रुपये) से अधिक नहीं होनी चाहिए।संपत्ति मानक: परिवार के पास ₹10 लाख से अधिक मूल्य की आवासीय/व्यावसायिक संपत्ति या 2 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि नहीं होनी चाहिए।पूर्णतः बेरोजगार होना: आवेदक किसी भी सरकारी या निजी नौकरी, संविदा पद या नियमित स्वरोजगार में कार्यरत नहीं होना चाहिए।अपात्रता: वर्तमान में नियमित छात्र, अप्रेंटिसशिप/ट्रेनी या सक्षम युवा योजना के लाभार्थी इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्टऑनलाइन फॉर्म भरते समय उम्मीदवारों को निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:परिवार पहचान पत्र (PPP / फैमिली आईडी)।आधार कार्ड और उससे लिंक मोबाइल नंबर।रोजगार कार्यालय का 3 वर्ष पुराना पंजीकरण कार्ड/विवरण।10वीं, 12वीं, ग्रेजुएशन या डिप्लोमा की मूल अंकतालिकाएं व प्रमाण पत्र।राज्य का मूल निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate)।परिवार का अद्यतन आय प्रमाण पत्र।आधार से लिंक और डीबीटी (DBT) सक्रिय बैंक बचत खाते की पासबुक।आरक्षित वर्ग के आवेदकों के लिए वैध जाति प्रमाण पत्र।ऑनलाइन आवेदन करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रियापात्र युवा रोजगार विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर 30 नवंबर 2026 तक नीचे दिए गए चरणों का पालन कर आवेदन कर सकते हैं:सबसे पहले रोजगार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट hrex.gov.in पर जाएं।पोर्टल पर अपनी पंजीकृत User ID और Password की सहायता से लॉगिन करें।डैशबोर्ड पर Schemes सेक्शन में जाकर 'Unemployment Allowance Scheme' (बेरोजगारी भत्ता योजना) के विकल्प को चुनें।अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक रिकॉर्ड, रोजगार कार्यालय पंजीकरण संख्या और परिवार पहचान पत्र (PPP) का विवरण दर्ज करें।बैंक खाते का विवरण भरें और मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेज स्पष्ट स्कैन कॉपी में अपलोड करें।फॉर्म में भरी गई सभी प्रविष्टियों की दोबारा जांच करें और 'Submit' बटन पर क्लिक करें।भविष्य के संदर्भ और भौतिक सत्यापन के लिए आवेदन की पावती रसीद (Acknowledgement Receipt) डाउनलोड कर सुरक्षित रख लें।निर्धारित अंतिम तिथि (30 नवंबर 2026) के बाद किसी भी स्थिति में नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसलिए सभी योग्य युवा अंतिम दिन के सर्वर लोड और तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए समय रहते अपना पंजीकरण व आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।
अगले 207 दिन 4 राशियों के लिए वरदान, शनि देव खोलेंगे तरक्की के रास्ते
Shani Gochar 2027: शनि देव की चाल में बदलाव से अगले 207 दिन 4 राशियों के लिए खास रह सकते हैं. ज्योतिष के अनुसार, मिथुन, तुला, कन्या और मकर राशि वालों को नौकरी, कारोबार, धन और पारिवारिक जीवन में लाभ मिलने के संकेत हैं. जानें शनि गोचर का किन राशियों पर होगा शुभ प्रभाव.
CAA: बंगाल में पाक और बांग्लादेश से आए हिंदुओं को नागरिकता देने की तैयारी, शुभेंदु ने तय की तारीख
आपको बता दें कि 2019 में संसद द्वारा पारित नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) उन हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, जैनियों, पारसियों और ईसाइयों को भारतीय नागरिकता पाने का रास्ता देता है जो पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हैं।
दिवाली से पहले फ्री राशन वितरण शुरू: 30 नवंबर तक मिलेगा मुफ्त गेहूं-चावल, जानें नए नियम
दीपावली और छठ पूजा के पावन त्योहारों के मद्देनजर खाद्य एवं रसद विभाग ने नवंबर महीने के मुफ्त खाद्यान्न वितरण का आधिकारिक शेड्यूल लागू कर दिया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत पात्र राशन कार्डधारकों को त्योहारों की खुशियों के बीच समय पर राशन उपलब्ध कराने के लिए कोटे की दुकानों पर वितरण प्रक्रिया 6 नवंबर से प्रारंभ कर दी गई है, जो 30 नवंबर तक निरंतर चलेगी। त्योहारी सीजन में किसी भी परिवार को अनाज की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए राशन दुकानों पर पर्याप्त स्टॉक पहुंचा दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना कार्डधारक समय रहते अपनी नजदीकी सरकारी उचित दर दुकान (फेयर प्राइस शॉप) पर जाकर अपना निर्धारित कोटा प्राप्त कर लें, ताकि अंतिम दिनों में सर्वर और भीड़ की समस्या से बचा जा सके।अंत्योदय और पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को कितना मिलेगा खाद्यान्न?खाद्य विभाग के मानकों के अनुसार, राशन कार्ड की श्रेणी के आधार पर खाद्यान्न का आवंटन तय किया गया है:अंत्योदय राशन कार्ड (AAY): अत्यंत निर्धन परिवारों के लिए जारी अंत्योदय कार्ड पर प्रति कार्ड कुल 35 किलोग्राम मुफ्त खाद्यान्न प्रदान किया जा रहा है। इसमें 14 किलो गेहूं और 21 किलो फोर्टिफाइड चावल (या कुछ जिलों में निर्धारित अनुपात 21 किलो गेहूं और 14 किलो चावल) शामिल है।पात्र गृहस्थी राशन कार्ड (PHH): इस श्रेणी के कार्डधारकों को परिवार में दर्ज सदस्यों (यूनिट) की संख्या के आधार पर प्रति यूनिट 5 किलोग्राम मुफ्त राशन मिलता है। इसके अंतर्गत प्रति यूनिट 2 से 3 किलो गेहूं और शेष मात्रा में पौष्टिक फोर्टिफाइड चावल का वितरण किया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी परिवार के कार्ड में 5 सदस्य दर्ज हैं, तो उन्हें 25 किलो खाद्यान्न पूरी तरह निःशुल्क मिलेगा।वितरण का समय: दो पालियों में खुलेंगी कोटे की दुकानेंभीड़ नियंत्रण और सुगम वितरण के लिए सरकारी राशन दुकानों को प्रतिदिन दो पालियों में संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं:प्रथम पाली (सुबह): प्रातः 8:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक।द्वितीय पाली (दोपहर/शाम): दोपहर 2:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक।दुकानों पर ई-पॉस (e-PoS) मशीनों के माध्यम से आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन (फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन) के बाद ही पारदर्शी तरीके से राशन दिया जा रहा है।ई-केवाईसी (e-KYC) अनिवार्य: सत्यापन न होने पर रुक सकता है राशनखाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने सभी राशन कार्डधारकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि परिवार में दर्ज प्रत्येक सदस्य का e-KYC सत्यापन पूरा होना अनिवार्य है। फर्जी यूनिट्स और अपात्र लाभार्थियों को सूची से बाहर करने के उद्देश्य से यह प्रक्रिया चलाई जा रही है। लाभार्थी राशन लेते समय ही कोटेदार की ई-पॉस मशीन पर अपने अंगूठे का निशान लगाकर अपना सत्यापन निःशुल्क करा सकते हैं। जिन सदस्यों का आधार सत्यापन लंबित रहेगा, भविष्य में उनकी यूनिट का खाद्यान्न रोक दिया जाएगा, इसलिए परिवार के सभी सदस्यों की ई-केवाईसी समय रहते पूरी करा लें।गंतव्य राज्य से बाहर रहने वालों के लिए 'वन नेशन वन राशन कार्ड'त्योहारों के अवसर पर घर लौटे या अन्य शहरों में कार्यरत प्रवासी श्रमिकों के लिए 'वन नेशन वन राशन कार्ड' (ONORC) की पोर्टेबिलिटी सुविधा सक्रिय है। लाभार्थी देश या राज्य के किसी भी हिस्से में अपनी नजदीकी राशन दुकान पर जाकर आधार प्रमाणीकरण के जरिए अपने हिस्से का राशन प्राप्त कर सकते हैं। यदि कोई कोटेदार घटतौली (कम तौलना) करता है या राशन देने से इनकार करता है, तो उपभोक्ता खाद्य विभाग के राज्य स्तरीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1967 या 1800-1800-150 पर तत्काल अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जांच में दोषी पाए जाने वाले कोटेदारों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का कड़ा प्रावधान है।
आशा भोसले बॉलीवुड की वो सिंगर हैं, जिन्होंने हिंदी सिनेमा को कई सदाबहार गाने दिए. उन्होंने 20 से अधिक भारतीय और विदेशी भाषाओं में गाने गाए, जिन्हें फैंस का खूब प्यार मिला. इन्हीं गीतों की लिस्ट में एक 60 साल पुराना गाना भी है
Xiaomi से सैमसंग तक, ये हैं 5 बेस्ट फोन, कीमत 20,000 से कम
Best 5G Phone under Rs 20000: नया स्मार्टफोन खरीदने का प्लान बना रहे हैं, लेकिन बेस्ट मोबाइल चुनने में कंफ्यूजन हो रही है. आज आपको कुछ ऐसे स्मार्टफोन के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनको हाल ही में लॉन्च किया है और वे बेहतर फीचर्स के साथ आते हैं.
'E20 बना 420... जनता की गाड़ी से हो रही पेट्रोल चोरी': राहुल गांधी का सरकार पर बड़ा हमला
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पेट्रोल में तय सीमा से अधिक इथेनॉल मिलाने के मुद्दे पर मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक तीखा पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने आरोप लगाया है कि देश में E20 नहीं बल्कि 420 चल ...
PM आवास योजना ग्रामीण 2026: ₹1.20 लाख की सहायता, पात्रता नियम और आवेदन का पूरा तरीका
देश के ग्रामीण अंचलों में जीवनयापन करने वाले बेघर और कच्चे मकानों में रहने वाले गरीब परिवारों को सुरक्षित, टिकाऊ और बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण' (PMAY-G) एक मील का पत्थर साबित हुई है। केंद्र सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना को विस्तार देते हुए मार्च 2029 तक ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त 2 करोड़ पक्के मकान बनाने के लक्ष्य को मंजूरी दी है। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित इस योजना के तहत मैदानी क्षेत्रों के पात्र लाभार्थियों को सीधे उनके बैंक खाते में ₹1,20,000 (एक लाख बीस हजार रुपये) की आर्थिक सहायता डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से प्रदान की जाती है। वहीं पूर्वोत्तर, पहाड़ी राज्यों और दुर्गम (IAP) जिलों में यह सहायता राशि ₹1,30,000 तय की गई है। यह राशि केवल घर के बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ स्वच्छ भारत मिशन और मनरेगा का तालमेल जोड़कर लाभार्थी को अतिरिक्त वित्तीय लाभ भी सुनिश्चित किया जाता है।वित्तीय सहायता का ढांचा: ₹1.20 लाख के अलावा मिलते हैं ये अतिरिक्त लाभपीएम आवास योजना ग्रामीण की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह विभिन्न सरकारी योजनाओं के अभिसरण (Convergence) पर आधारित है। लाभार्थी को कुल मिलने वाली सहायता इस प्रकार विभाजित होती है:बुनियादी निर्माण सहायता: मैदानी इलाकों में ₹1.20 लाख और पहाड़ी क्षेत्रों में ₹1.30 लाख, जो मकान निर्माण की प्रगति (जियो-टैगिंग) के आधार पर 3 प्रत्यक्ष किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।मनरेगा (MGNREGA) से अकुशल मजदूरी: मकान बनाने के लिए लाभार्थी को मनरेगा के तहत लगभग 90 से 95 दिनों की अकुशल मजदूरी (Unskilled Labour Wages) दी जाती है, जो राज्यों की तय मजदूरी दर के अनुसार ₹20,000 से ₹25,000 तक की अतिरिक्त राहत बनती है।शौचालय निर्माण सहायता: स्वच्छ भारत मिशन - ग्रामीण (SBM-G) के तहत पक्के शौचालय के निर्माण के लिए ₹12,000 की अलग से प्रोत्साहन राशि सीधे हस्तांतरित की जाती है।उज्ज्वला व बिजली कनेक्शन: योजना के तहत बनने वाले हर घर को सौभाग्य योजना के जरिए बिजली कनेक्शन और पीएम उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन से जोड़ा जाता है।कौन हैं पात्र और किन्हें मिलेगा योजना का लाभ?PMAY-G के तहत लाभार्थियों का चयन सामाजिक, आर्थिक एवं जाति जनगणना (SECC) और सरकार के अद्यतन 'आवास+' (Awaas+) सर्वेक्षण डेटा के आधार पर पारदर्शी तरीके से किया जाता है। पात्रता के प्रमुख मानदंड निम्नलिखित हैं:कच्चा मकान या बेघर होना: आवेदक का देश में कहीं भी कोई पक्का मकान नहीं होना चाहिए और परिवार शून्य, एक या दो कच्चे कमरों वाले घर में रहता हो।सामाजिक प्राथमिकता: अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अल्पसंख्यक, विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG), दिव्यांग सदस्य वाले परिवार और बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराए गए परिवारों को प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर रखा जाता है।महिला स्वामित्व: योजना महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देती है; मकान का स्वामित्व परिवार की महिला मुखिया के नाम पर या पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर अनिवार्य रूप से पंजीकृत होता है।अपात्रता की शर्तें: किन परिवारों को नहीं मिलेगा लाभ?पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार ने 13 ऑटो-एक्सक्लूजन (स्वतः बाहर होने वाले) नियम तय किए हैं। यदि किसी परिवार में निम्नलिखित में से कोई भी स्थिति है, तो वह अपात्र माना जाएगा:परिवार के किसी भी सदस्य के पास तिपहिया या चार पहिया वाहन, कृषि उपकरण या नाव हो।परिवार के पास ₹50,000 या उससे अधिक की क्रेडिट लिमिट वाला किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) मौजूद हो।परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी कर्मचारी हो या गैर-कृषि उद्यम पंजीकृत हो।परिवार का कोई सदस्य आयकर (Income Tax) या व्यावसायिक कर (Professional Tax) चुकाता हो।परिवार की मासिक आय ₹15,000 से अधिक हो।परिवार के पास 2.5 एकड़ या उससे अधिक सिंचित भूमि (सिंचाई उपकरण सहित) या 5 एकड़ या उससे अधिक असिंचित भूमि हो।आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों की चेकलिस्टयोजना में नाम दर्ज कराने या सत्यापन के समय लाभार्थी के पास निम्नलिखित दस्तावेज होने आवश्यक हैं:आवेदक और परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड और आधार सहमति पत्र।आधार से लिंक और डीबीटी (DBT) सक्रिय सक्रिय बैंक बचत खाते की पासबुक।सक्रिय मनरेगा जॉब कार्ड (MGNREGA Job Card Number)।स्वच्छ भारत मिशन (SBM) पंजीकरण संख्या (यदि पहले से उपलब्ध हो)।मोबाइल नंबर जो आधार से जुड़ा हो।शपथ पत्र (Affidavit) कि देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं है।आवेदन और नाम जुड़वाने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रियापीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत व्यक्तिगत रूप से किसी बाहरी पोर्टल से खुला आवेदन नहीं होता, बल्कि यह ग्राम पंचायत और ब्लॉक स्तर की प्रशासनिक निगरानी में संपन्न होता है:आवास+ सर्वेक्षण और ग्राम सभा सत्यापन: ग्राम पंचायत सचिव या ग्राम रोजगार सेवक (GRS) 'AwaasApp' मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से मौके पर जाकर कच्चे मकान की जियो-टैग फोटो खींचते हैं और परिवार का विवरण दर्ज करते हैं। इसके बाद ग्राम सभा की खुली बैठक में पात्र लाभार्थियों की प्राथमिकता सूची को अनुमोदित किया जाता है।AwaasSoft पोर्टल पर डेटा प्रविष्टि: ग्राम पंचायत द्वारा सत्यापित सूची को ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय द्वारा आधिकारिक पोर्टल (pmayg.nic.in / pmayg.dord.gov.in) पर 'AwaasSoft' में अपलोड किया जाता है।किस्तों का सीधा हस्तांतरण (FTO): नाम स्वीकृत होने के बाद फंड ट्रांसफर ऑर्डर (FTO) जनरेट होता है। पहली किस्त नींव भरने (Plinth level) पर, दूसरी किस्त छत के स्तर (Lintel level) पर और तीसरी किस्त मकान पूर्ण होने के बाद भौतिक सत्यापन और जियो-टैगिंग के उपरांत सीधे बैंक खाते में जमा कर दी जाती है।नई ग्रामीण सूची 2026 में अपना नाम कैसे चेक करें?यदि आपका सर्वे हो चुका है और आप देखना चाहते हैं कि आपका नाम स्वीकृत सूची में शामिल है या नहीं, तो आधिकारिक पोर्टल पर घर बैठे जांच कर सकते हैं:आधिकारिक पोर्टल pmayg.dord.gov.in या rhreporting.nic.in पर जाएं।मेनू में Awaassoft विकल्प में जाकर Report पर क्लिक करें।सोशल ऑडिट रिपोर्ट सेक्शन में Beneficiary details for verification चुनें।फ़िल्टर में अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत का चयन करें तथा वर्ष में 2025-2026 या नवीनतम वित्तीय वर्ष चुनें।सुरक्षा कैप्चा हल कर सबमिट करते ही आपके गांव के सभी लाभार्थियों की सूची, मकान की मंजूरी की स्थिति और जारी की गई किस्तों का विवरण स्क्रीन पर दिखाई देगा।
कभी सोचा है... काजू कतली बर्फी की तरह चोकोर क्यों नहीं होती?
काजू कतली दूसरी मिठाइयों की तरह चौकोर नहीं, बल्कि हीरे यानी डायमंड के आकार में क्यों काटी जाती है? इसके पीछे कोई खास वजह है या फिर यह सिर्फ मिठाई बनाने का पारंपरिक तरीका है?
Laptop Yojana 2026: 12वीं पास 15,000 छात्रों को मिलेंगे ₹30,000, 19 नवंबर तक करें आवेदन
डिजिटल युग में उच्च शिक्षा की पढ़ाई को सुगम और आधुनिक बनाने के लिए ओडिशा सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने मेधावी विद्यार्थियों के लिए 'गोदाबरीश विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना' (Godabarisha Bidyarthi Protsahan Yojana - Laptop DBT Scheme) के तहत ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत 12वीं कक्षा पास करने वाले कुल 15,000 होनहार छात्र-छात्राओं का चयन किया जाएगा। चयनित प्रत्येक विद्यार्थी को आधुनिक लैपटॉप खरीदने के लिए ₹30,000 की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार सीधे भौतिक रूप से लैपटॉप बांटने के बजाय यह पूरी राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से छात्रों के आधार-लिंक्ड बैंक खातों में ट्रांसफर करेगी, ताकि छात्र अपनी पसंद और तकनीकी आवश्यकता के अनुसार बाजार से लैपटॉप खरीद सकें। योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसके लिए 19 नवंबर 2026 तक की अंतिम तिथि तय की गई है।कौन से छात्र हैं पात्र और क्या हैं जरूरी शैक्षणिक योग्यताएं?इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने स्पष्ट पात्रता शर्तें निर्धारित की हैं:मूल निवास: आवेदक का ओडिशा राज्य का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।शैक्षणिक बोर्ड: छात्र ने ओडिशा उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद (CHSE Odisha) से साइंस, आर्ट्स, कॉमर्स या वोकेशनल स्ट्रीम में 12वीं की परीक्षा पास की हो। इसके अतिरिक्त श्री जगन्नाथ संस्कृत विश्वविद्यालय, पुरी से उपशास्त्री परीक्षा पास करने वाले छात्र भी इसके पात्र हैं।उत्तीर्ण वर्ष: मुख्य रूप से 2025 में 12वीं परीक्षा पास करने वाले छात्र पात्र हैं। साथ ही वर्ष 2024 में उत्तीर्ण हुए ऐसे छात्र जो पिछली बार आवेदन करने से चूक गए थे, उन्हें भी इस बार मौका दिया गया है।अंक प्रतिशत: दिशा-निर्देशों के अनुसार 60% या उससे अधिक अंक पाने वाले मेधावी छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।15,000 छात्रों का चयन कैसे होगा: मेरिट और कोटा प्रणालीयोजना में 15,000 लाभार्थियों का चयन पूरी तरह पारदर्शी मेरिट व्यवस्था के तहत किया जाएगा। इसके लिए विभाग द्वारा ब्लॉक स्तर, शहरी स्थानीय निकायों (ULB) और जिला स्तर पर सीटों का कोटा निर्धारित किया गया है। साथ ही संकाय (साइंस, आर्ट्स, कॉमर्स) और सामाजिक श्रेणियों (सामान्य, एससी और एसटी) के आधार पर सीटों का आनुपातिक वितरण तय किया गया है। छात्रों को आवेदन करने से पहले ओडिशा उच्च शिक्षा विभाग (dhe.odisha.gov.in) या स्कॉलरशिप पोर्टल पर जारी प्रोविजनल लाभार्थी सूची में अपना नाम अवश्य जांच लेना चाहिए।आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्टऑनलाइन फॉर्म भरने से पहले छात्रों को इन सभी दस्तावेजों की स्पष्ट स्कैन कॉपी तैयार रखनी होगी:12वीं (उच्च माध्यमिक) की मूल मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट।आधार कार्ड और उससे लिंक सक्रिय मोबाइल नंबर।आधार सीडेड और एनपीसीआई (NPCI) से मैप बैंक पासबुक की कॉपी।ओडिशा का स्थायी निवास प्रमाण पत्र (Resident Certificate)।आरक्षित वर्ग के छात्रों के लिए सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate)।पासपोर्ट साइज फोटो और ईमेल आईडी।स्टेट स्कॉलरशिप पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रियापात्र विद्यार्थी 19 नवंबर 2026 तक नीचे दिए गए आसान चरणों का पालन करके अपना आवेदन पूरा कर सकते हैं:सबसे पहले ओडिशा राज्य छात्रवृत्ति पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट scholarship.odisha.gov.in पर जाएं।होमपेज पर 'Registration' विकल्प पर क्लिक करें और आधार नंबर व ओटीपी के जरिए अपना पंजीकरण पूरा करें।पंजीकरण के बाद अपने क्रेडेंशियल्स की मदद से 'Student Login' करें।डैशबोर्ड पर 'Schemes' सेक्शन में जाकर Higher Education Department के अंतर्गत 'Godabarisha Bidyarthi Protsahan Yojana (LAPTOP DBT)' का चयन करें।अपनी व्यक्तिगत जानकारी, 12वीं का रोल नंबर, प्राप्तांक और बैंक खाते का विवरण सावधानीपूर्वक भरें।मांगे गए सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करें, पूरे फॉर्म का प्रीव्यू जांचें और 'Submit' बटन पर क्लिक करके पावती (Acknowledgement Receipt) सुरक्षित रख लें।अंतिम तिथि का न करें इंतजार, तुरंत करें आवेदनआवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद उच्च शिक्षा विभाग द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा और अंतिम रूप से चयनित छात्रों के बैंक खातों में ₹30,000 की राशि सीधे भेज दी जाएगी। छात्रों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका बैंक खाता सक्रिय हो और डीबीटी भुगतान प्राप्त करने के लिए आधार से अनिवार्य रूप से लिंक हो। तकनीकी दिक्कतों और सर्वर लोड से बचने के लिए पात्र मेधावी छात्रों को 19 नवंबर की अंतिम तिथि से पहले ही अपना फॉर्म भरने की सलाह दी जाती है।
18 की उम्र में शुरू करें अटल पेंशन योजना: ₹42 से ₹210 जमा कर पाएं ₹5,000 मासिक पेंशन
अपने सुनहरे भविष्य और रिटायरमेंट के बाद नियमित आय की गारंटी के लिए युवावस्था में ही सही वित्तीय योजना बनाना सबसे बुद्धिमानी भरा कदम माना जाता है। भारत सरकार द्वारा संचालित 'अटल पेंशन योजना' (Atal Pension Yojana - APY) असंगठित क्षेत्र के कामगारों से लेकर मध्यमवर्गीय युवाओं के लिए एक बेहद भरोसेमंद और सरकारी गारंटी वाली सामाजिक सुरक्षा योजना है। इस योजना की सबसे बड़ी ताकत इसका 'कम्पाउंडिंग और कम उम्र में प्रवेश' का सिद्धांत है। यदि कोई युवा ठीक 18 वर्ष की आयु में इस योजना में अपना खाता खोल लेता है, तो उसे 60 वर्ष की आयु के बाद हर महीने ₹1,000 से लेकर ₹5,000 तक की आजीवन पेंशन पाने के लिए हर माह केवल ₹42 से लेकर अधिकतम ₹210 तक की मामूली रकम जमा करनी होती है। दिन के हिसाब से देखें तो रोजाना केवल ₹1.40 से ₹7 की बचत करके बुढ़ापे में सम्मानजनक जीवन और वित्तीय स्वावलंबन सुनिश्चित किया जा सकता है।18 वर्ष की आयु पर अंशदान का पूरा स्लैब: कितना जमा करने पर कितनी पेंशन?पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) द्वारा निर्धारित आधिकारिक चार्ट के अनुसार, 18 वर्ष के अंशधारक को 60 वर्ष की उम्र तक (यानी कुल 42 वर्षों तक) नियमित योगदान देना होता है। चुनी गई पेंशन राशि के अनुसार मासिक, त्रैमासिक या छमाही किस्त इस प्रकार निर्धारित होती है:इच्छित मासिक पेंशन (60 वर्ष के बाद)18 वर्ष पर मासिक अंशदानत्रैमासिक अंशदान (Quarterly)छमाही अंशदान (Half-Yearly)नॉमिनी को मिलने वाला कुल फंड (Corpus)₹1,000 प्रति माह₹42₹125₹248₹1.70 लाख₹2,000 प्रति माह₹84₹250₹496₹3.40 लाख₹3,000 प्रति माह₹126₹376₹744₹5.10 लाख₹4,000 प्रति माह₹168₹501₹991₹6.80 लाख₹5,000 प्रति माह₹210₹626₹1,239₹8.50 लाख(नोट: 18 वर्ष की आयु में ₹5,000 मासिक पेंशन पाने के लिए 42 वर्षों में कुल जमा राशि लगभग ₹1,05,840 बैठती है, जबकि 60 वर्ष के बाद निवेशक को आजीवन ₹60,000 सालाना पेंशन मिलती है और नॉमिनी के लिए ₹8.5 लाख का पूरा फंड सुरक्षित रहता है।)ट्रिपल बेनिफिट सुरक्षा: अंशधारक, जीवनसाथी और नॉमिनी का पूरा हकअटल पेंशन योजना केवल निवेशक तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे परिवार के लिए एक संपूर्ण वित्तीय सुरक्षा चक्र तैयार करती है:अंशधारक को आजीवन पेंशन: खाताधारक के 60 वर्ष की आयु पूरी करते ही उसके बैंक खाते में तय पेंशन (₹1,000 से ₹5,000) हर महीने सीधे ट्रांसफर होनी शुरू हो जाती है।जीवनसाथी (Spouse) को समान पेंशन: यदि किसी कारणवश अंशधारक का निधन हो जाता है, तो उसके पति या पत्नी को बिना किसी कटौती के आजीवन वही मासिक पेंशन राशि मिलती रहती है।नॉमिनी को एकमुश्त कॉर्पस: यदि अंशधारक और जीवनसाथी दोनों का देहांत हो जाता है, तो योजना के तहत जमा हुआ पूरा संचित फंड (₹1.7 लाख से लेकर ₹8.5 लाख तक) नामित व्यक्ति (Nominee) को एकमुश्त कानूनी तौर पर सौंप दिया जाता है।कौन जुड़ सकता है और क्या हैं जरूरी पात्रता नियम?अटल पेंशन योजना में खाता खुलवाने के लिए बुनियादी शर्तें बेहद सरल और पारदर्शी हैं:आयु सीमा: आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए। 18 वर्ष में जुड़ने पर सबसे कम प्रीमियम चुकाना पड़ता है, जबकि 40 वर्ष की उम्र में ₹5,000 की पेंशन के लिए ₹1,454 प्रति माह जमा करना होता है।बैंक खाता और आधार: आवेदक का किसी भी सरकारी या निजी बैंक अथवा पोस्ट ऑफिस में सक्रिय बचत खाता (Savings Account) होना और आधार से लिंक होना अनिवार्य है।ऑटो-डेबिट सुविधा: मासिक किस्त के लिए खाते में 'ऑटो-डेबिट' मैन्डेट सेट किया जाता है, जिससे तय तारीख को प्रीमियम अपने आप कट जाता है।आयकर दाता नियम: केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार, जो नागरिक आयकर (Income Tax) के दायरे में आते हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं। यह योजना विशेष रूप से उन लोगों के लिए तैयार की गई है जिनके पास कोई संगठित पेंशन कवर नहीं है।ऑनलाइन या बैंक शाखा से कैसे शुरू करें खाता?अटल पेंशन योजना का खाता शुरू करने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और परेशानी मुक्त है। युवा अपने बैंक की नेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग ऐप में लॉगिन करके 'Social Security Schemes' या 'APY' विकल्प चुन सकते हैं। वहां अपना पसंदीदा पेंशन स्लैब (जैसे ₹5,000) और प्रीमियम फ्रीक्वेंसी (मासिक, त्रैमासिक या छमाही) चुनकर नॉमिनी का विवरण भरें और सबमिट कर दें। इसके अलावा नजदीकी बैंक शाखा या डाकघर में जाकर केवल एक सामान्य फॉर्म भरकर और आधार कार्ड की प्रति देकर भी इसे तुरंत शुरू किया जा सकता है। 18 वर्ष की कच्ची उम्र में जेब खर्च से बचाई गई यह छोटी सी रकम बुढ़ापे की लाठी बनकर जीवनभर आर्थिक स्वाभिमान प्रदान करती है।
BSNL और Vi के लिए गेमचेंजर बनेगा नेटवर्क अपग्रेड प्लान? जानिए कैसे बदलेगा टेलीकॉम का पूरा गेम
देश के टेलीकॉम सेक्टर में पिछले कुछ वर्षों से रिलायंस जियो और भारती एयरटेल का दबदबा एकतरफा होता दिख रहा था। निजी कंपनियों द्वारा टैरिफ में लगातार की जा रही बढ़ोतरी के बाद आम उपभोक्ता एक ऐसे विकल्प की तलाश में थे जो किफायती होने के साथ-साथ मजबूत कनेक्टिविटी भी दे सके। इसी पृष्ठभूमि में सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) और भारी कर्ज संकट से जूझ रही वोडाफोन आइडिया (Vi) ने अपने नेटवर्क के आधुनिकीकरण और वित्तीय पुनर्गठन के लिए जो आक्रामक रणनीति अपनाई है, उसने पूरे बाजार में हलचल मचा दी है। सरकारी राहत पैकेज और स्वदेशी तकनीक के दम पर जहां बीएसएनएल जमीनी स्तर पर अपने 4G और 5G नेटवर्क को खड़ा कर रही है, वहीं वोडाफोन आइडिया अपने बड़े फंड जुटाव (FPO और बैंक फंडिंग) के सहारे 17 प्राथमिक सर्किलों में नेटवर्क विस्तार को अंतिम रूप दे रही है। यह संयुक्त बदलाव न केवल इन दोनों कंपनियों के अस्तित्व को नई ताकत दे रहा है, बल्कि भारतीय टेलीकॉम बाजार को 'ड्यूओपोली' (दो कंपनियों के एकाधिकार) में बदलने से रोकने का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है।बीएसएनएल का स्वदेशी 4G/5G नेटवर्क प्लान: 'आत्मनिर्भर भारत' का सबसे बड़ा दांवबीएसएनएल की वापसी का पूरा दारोमदार पूरी तरह घरेलू तकनीक पर आधारित स्टैक पर टिका हुआ है। विदेशी वेंडर्स पर निर्भरता खत्म करते हुए कंपनी ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), तेजस नेटवर्क्स और सी-डॉट (C-DOT) के कंसोर्टियम के साथ मिलकर 1 लाख से अधिक मोबाइल टावरों पर स्वदेशी 4G नेटवर्क को लाइव करने का लक्ष्य लगभग पूरा कर लिया है।क्लाउड-नेटिव और 5G रेडी आर्किटेक्चर: बीएसएनएल का यह 4G नेटवर्क भविष्य के 5G के लिए पूरी तरह अनुकूल है। इसका मतलब यह है कि कंपनी को 5G सेवा शुरू करने के लिए जमीनी स्तर पर नए उपकरण नहीं लगाने होंगे, बल्कि केवल एक सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए मौजूदा 4G टावरों को 5G में बदला जा सकेगा।किफायती टैरिफ का अचूक हथियार: निजी ऑपरेटरों द्वारा रिचार्ज प्लान्स 15 से 25 प्रतिशत तक महंगे किए जाने के बाद से लाखों यूजर्स ने अपने सिम कार्ड बीएसएनएल में पोर्ट कराए हैं। 28, 84 और 365 दिनों की लंबी वैधता वाले बेहद किफायती प्लान्स पेश करके बीएसएनएल ने टियर-2, टियर-3 और ग्रामीण क्षेत्रों के ग्राहकों को बड़े पैमाने पर अपने पाले में खींचा है।दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्रों में एकाधिकार: देश के रणनीतिक, पहाड़ी और उत्तर-पूर्वी इलाकों में बीएसएनएल का बुनियादी ढांचा पहले से ही सबसे मजबूत रहा है। अब वहां हाई-स्पीड डेटा की उपलब्धता कंपनी के एक्टिव यूजर बेस (VLR) को स्थिर बनाने में गेमचेंजर साबित हो रही है।वोडाफोन आइडिया (Vi) की फंडिंग और 5G रोलआउट: टर्नअराउंड की नई उम्मीददूसरी ओर वोडाफोन आइडिया (Vi) के लिए हाल के महीने जीवनदान साबित हुए हैं। कंपनी द्वारा 18,000 करोड़ रुपये का विशाल एफपीओ (FPO) सफलतापूर्वक जुटाने और सरकार द्वारा स्पेक्ट्रम देनदारियों के हिस्से को इक्विटी में बदलने के बाद कंपनी की वित्तीय सेहत में ठोस सुधार आया है।17 प्रमुख सर्किलों पर फोकस: वीआई ने अपनी रणनीति बदलते हुए उन 17 प्राथमिक सर्किलों में अपनी 4G क्षमता को 30% से अधिक बढ़ाने पर पूंजी लगाई है, जहां से उसका 90% से अधिक राजस्व आता है।नोकिया, एरिक्सन और सैमसंग के साथ मेगा सौदे: कंपनी ने अपने नेटवर्क गियर को अपग्रेड करने के लिए वैश्विक टेक कंपनियों के साथ करीब 3.6 अरब डॉलर के बहुवर्षीय अनुबंध किए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य कॉल ड्रॉप्स को खत्म करना और इनडोर डेटा स्पीड को दोगुना करना है।कमर्शियल 5G का आगाज: वित्तीय बाधाओं के चलते वीआई 5G की दौड़ में जियो और एयरटेल से काफी पिछड़ गई थी। लेकिन अब दिल्ली, मुंबई, गुजरात और बेंगलुरु जैसे हाई-रेवेन्यू सर्किलों में वीआई का 5G नेटवर्क तेजी से सक्रिय किया जा रहा है, जिससे इसके हाई-वैल्यू पोस्टपेड और कॉर्पोरेट सब्सक्राइबर्स का टूटना बंद हो गया है।सब्सक्राइबर्स की लड़ाई: सिम कंसोलिडेशन और एमएनपी (MNP) का पूरा गणितभारतीय उपभोक्ताओं की एक बड़ी खासियत यह है कि वे दो सिम कार्ड (Dual SIM) का उपयोग करते हैं—एक प्राइमरी सिम कॉलिंग व बैंकिंग के लिए और दूसरा सिम सस्ते डेटा के लिए। जब निजी कंपनियों ने न्यूनतम रिचार्ज की सीमा ₹199 से ऊपर कर दी, तो भारी संख्या में यूजर्स ने अपने सेकेंडरी सिम को एक्टिव रखने के लिए बीएसएनएल का रुख किया।नेटवर्क क्वालिटी का इम्तिहान: ग्राहकों को जोड़ना आसान है, लेकिन उन्हें बनाए रखना पूरी तरह नेटवर्क की विश्वसनीयता और डेटा स्पीड पर निर्भर करता है। पहले जहां बीएसएनएल का नाम आते ही सुस्त 3G स्पीड और सिग्नल गायब होने की शिकायत रहती थी, नए टावर लगने के बाद 40 से 60 एमबीपीएस की निरंतर 4G डाउनलोड स्पीड मिलने से यूजर रिटेंशन में भारी सुधार दर्ज किया जा रहा है।वीआई का यूजर बेस स्थिरीकरण: वोडाफोन आइडिया जो हर तिमाही लाखों ग्राहक गंवा रही थी, अब नेटवर्क में सुधार के बाद उसके मासिक ग्राहक घाटे में भारी कमी आई है और कई सर्किलों में इसका नेट एडिशन दोबारा पॉजिटिव होने के संकेत दे रहा है।जियो और एयरटेल के लिए क्यों बज रही है खतरे की घंटी?यदि बीएसएनएल और वोडाफोन आइडिया अपने नेटवर्क अपग्रेड और सर्विस क्वालिटी के वादे पर पूरी तरह खरे उतरते हैं, तो इसका सीधा असर टेलीकॉम की दिग्गज कंपनियों की रणनीति पर पड़ेगा।अनियंत्रित टैरिफ बढ़ोतरी पर ब्रेक: जब तक बाजार में केवल दो विकल्प थे, तब तक कंपनियां मनमाने ढंग से टैरिफ बढ़ा सकती थीं। लेकिन बीएसएनएल और वीआई के मजबूत होते ही बाजार में मूल्य-प्रतिस्पर्धा (Price Competition) फिर से लौट आएगी, जिससे उपभोक्ताओं को अत्यधिक महंगे प्लान्स से राहत मिलेगी।क्वालिटी ऑफ सर्विस (QoS) पर सख्त दबाव: ट्राई (TRAI) द्वारा कॉल ड्रॉप्स और इंटरनेट लेटेंसी को लेकर बनाए गए कड़े नियमों के बीच यदि तीसरे और चौथे विकल्प के रूप में ये दोनों कंपनियां बेहतर प्रदर्शन करती हैं, तो एयरटेल और जियो को अपने ग्राहकों को रोकने के लिए वैल्यू-एडेड सर्विसेज और बेहतर ऑफर देने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।गेमचेंजर प्लान की राह में बची हुई चुनौतियांभले ही यह खाका कागजों और शुरुआती आंकड़ों में बेहद आशाजनक दिखता है, लेकिन दोनों ही कंपनियों के सामने चुनौतियां पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। बीएसएनएल के लिए देश के हर कोने में ऑप्टिकल फाइबर बैकहॉल को समय पर जोड़ना और कस्टमर सर्विस को सरकारी ढर्रे से निकालकर कॉर्पोरेट स्तर पर ले जाना सबसे बड़ी परीक्षा है। वहीं वोडाफोन आइडिया को आगामी वर्षों में स्पेक्ट्रम की लंबित देनदारियों को चुकाने के लिए अपने प्रति यूजर औसत राजस्व (ARPU) को ₹200 के पार ले जाना होगा। इसके बावजूद यह तय है कि नेटवर्क मजबूती और किफायती प्लान्स का यह डबल-इंजन फॉर्मूला इन दोनों कंपनियों को भारतीय टेलीकॉम के रणक्षेत्र में दोबारा मुख्य दावेदार बनाकर खड़ा कर चुका है।
अलीगढ़ में भी रुकेगी दिल्ली-पटना अमृत भारत एक्सप्रेस, रेलवे ने बतायी तारीख और टाइमिंग
ट्रेन नंबर 22362 नई दिल्ली-पटना अमृत भारत एक्सप्रेस को अलीगढ़ में दो दिन के ठहराव की मंजूरी दी गई है. इसका मतलब है कि ठहराव अस्थायी रूप से दो दिन होगी.
UGC नियमों पर अगड़ों और पिछड़ों की रार में उलझी BJP! चुनाव से पहले बनाई कमेटी
2012 के पुराने नियमों में केवल एससी और एसटी छात्रों के लिए सुरक्षा प्रावधान थे, लेकिन UGC के 2026 के नए नियमों में OBC वर्ग को भी शामिल कर लिया गया था।
दीपिंदर गोयल के टेंपल डिवाइस पर डॉक्टरों ने उठाए सवाल, क्या दिमाग का हाल बताएगा 85000 का गैजेट?
जौमेटो के को-फाउंडर दीपिंदर गोयल ने एक खास डिवाइस तैयार किया था, जो माथे पर चिपकाया जाता था, लेकिन इस डिवाइस पर डॉक्टरों ने सवाल खड़े कर दिए हैं. जिसके बाद 85000 का यह गैजेट चर्चा में है.
बैंक डूबा और खाते में जमा हैं ₹10 लाख तो कितना मिलेगा वापस? समझें DICGC का नियम
किसी भी आम नागरिक या परिवार के लिए बैंक खाता जीवनभर की मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने का सबसे प्राथमिक जरिया होता है। लेकिन जब किसी सहकारी बैंक या वाणिज्यिक बैंक पर वित्तीय संकट के चलते भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा पाबंदियां लगाई जाती हैं या बैंक दिवालिया (Liquidation) घोषित होता है, तो खाताधारकों की नींद उड़ जाती है। सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि यदि किसी बैंक में आपके कुल ₹10 लाख जमा हैं और वह बैंक पूरी तरह डूब जाए, तो आपको कितना पैसा वापस मिलेगा?नियमों के अनुसार, ऐसी स्थिति में आपको अधिकतम ₹5 लाख ही वापस मिलेंगे, जबकि शेष ₹5 लाख की राशि डूबने का पूरा जोखिम रहेगा। यह सुरक्षा भारतीय रिजर्व बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी 'डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन' (DICGC) द्वारा प्रदान की जाती है।क्या है DICGC और इसके तहत ₹5 लाख के इंश्योरेंस का नियम?डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (संशोधन) अधिनियम के तहत देश के प्रत्येक बैंक जमाकर्ता को बैंक के दिवालिया या लाइसेंस रद्द होने की स्थिति में सुरक्षा दी जाती है। साल 2020 के केंद्रीय बजट से पहले यह सुरक्षा सीमा केवल ₹1 लाख प्रति जमाकर्ता हुआ करती थी, जिसे बढ़ाकर ₹5 लाख (मूलधन + ब्याज दोनों मिलाकर) कर दिया गया था।DICGC के इस सुरक्षा कवच की मुख्य शर्तें इस प्रकार हैं:₹5 लाख की ऊपरी सीमा: एक ही बैंक में आपकी कुल जमा पूंजी चाहे ₹10 लाख हो या ₹50 लाख, DICGC के तहत आपको अधिकतम ₹5 लाख तक का ही भुगतान कानूनी तौर पर सुनिश्चित किया जाता है।मूलधन और ब्याज दोनों शामिल: ₹5 लाख की सीमा में केवल आपका जमा मूलधन (Principal) ही नहीं, बल्कि उस पर अर्जित ब्याज (Interest) भी शामिल होता है। उदाहरण के लिए, यदि मूलधन ₹4.70 लाख है और ब्याज ₹40,000 हो चुका है (कुल ₹5.10 लाख), तो आपको केवल ₹5 लाख ही मिलेंगे, ऊपर के ₹10,000 नहीं।प्रीमियम बैंक चुकाता है, ग्राहक नहीं: इस जमा बीमा का प्रीमियम बैंक द्वारा वहन किया जाता है। खाताधारक से इसके बदले कोई अलग शुल्क नहीं काटा जाता।₹10 लाख की जमा राशि पर मिलने वाले पैसे का पूरा हिसाब-किताबविवरणस्थिति A (एक ही बैंक की एक या सभी शाखाओं में)स्थिति B (दो अलग-अलग स्वतंत्र बैंकों में)कुल जमा राशि₹10,00,000₹10,00,000 (बैंक 1 में ₹5L + बैंक 2 में ₹5L)DICGC बीमा कवरअधिकतम ₹5,00,000प्रत्येक बैंक पर ₹5,00,000 तक (कुल ₹10L)बीमा के तहत सुरक्षित राशि₹5,00,000₹10,00,000 (पूरी सुरक्षित)डूबने के जोखिम वाली शेष राशि₹5,00,000शून्य (₹0)(नोट: डूबने वाली शेष ₹5 लाख की राशि के लिए जमाकर्ता लिक्विडेटर की सूची में 'असुरक्षित लेनदार' बन जाता है। बैंक की संपत्तियां नीलाम होने के बाद यदि फंड बचता है, तभी उस शेष राशि का आनुपातिक भुगतान सालों बाद हो पाता है।)अलग-अलग शाखाओं में खाते हों तो क्या अलग-अलग ₹5 लाख मिलेंगे?अक्सर लोगों में यह गलतफहमी होती है कि यदि उनका एक खाता किसी बैंक की मुख्य शाखा में है और दूसरा खाता उसी बैंक की दूसरी शाखा में, तो दोनों पर अलग-अलग ₹5 लाख का कवर मिलेगा। यह धारणा पूरी तरह गलत है।DICGC के नियम 'सेम कैपेसिटी एंड सेम राइट' (Same Capacity and Same Right) के सिद्धांत पर काम करते हैं:एक ही बैंक की सभी शाखाएं एक मानी जाएंगी: यदि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पीएनबी या किसी भी बैंक की 3 अलग-अलग शाखाओं में आपके बचत, चालू और एफडी खाते हैं, तो उन सभी को जोड़कर कुल ₹5 लाख की सीमा लागू होगी।खातों के प्रकार का क्लब होना: आपके सेविंग्स अकाउंट (Savings), फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), रेकरिंग डिपॉजिट (RD) और करेंट अकाउंट (Current) के बैलेंस को एक साथ जोड़कर ही ₹5 लाख का सुरक्षा घेरा तय होता है।संयुक्त खाते (Joint Accounts) में कैसे काम करता है नियम?यदि आपके पास उसी बैंक में जॉइंट अकाउंट्स हैं, तो स्वामित्व के क्रम (Order of Names) के आधार पर अलग कवर मिलता है:खाता 1 (व्यक्तिगत): 'A' के नाम पर अकेले — ₹5 लाख तक सुरक्षित।खाता 2 (जॉइंट): 'A' (पहला नाम) और 'B' (दूसरा नाम) — इसे एक अलग इकाई माना जाएगा और इस पर अलग से ₹5 लाख का कवर मिलेगा।खाता 3 (जॉइंट - नाम का क्रम उल्टा): 'B' (पहला नाम) और 'A' (दूसरा नाम) — इसे भी अलग कानूनी इकाई मानकर ₹5 लाख का अलग कवर मिलेगा।90 दिनों के भीतर पैसा मिलने की कानूनी समयसीमासाल 2021 में संसद द्वारा पारित संशोधन के बाद जमाकर्ताओं को सबसे बड़ी राहत समयसीमा (Timeline) के रूप में दी गई है। पहले बैंक डूबने के बाद ग्राहकों को बीमा राशि पाने के लिए 8 से 10 साल तक इंतजार करना पड़ता था।अब नियम यह है कि यदि आरबीआई किसी बैंक पर जमा निकासी पर रोक (Moratorium) लगाता है:पहले 45 दिन: बैंक को सभी खाताधारकों के दावों और खातों का विवरण तैयार करके DICGC को सौंपना होता है।अगले 45 दिन: DICGC उन दावों की जांच और सत्यापन करके सीधे जमाकर्ताओं के खातों में पैसे ट्रांसफर कर देता है। अर्थात, बैंक पर पाबंदी लगने के अधिकतम 90 दिनों के भीतर ₹5 लाख तक की राशि खाताधारक को वापस मिल जाती है।अपनी बड़ी जमा पूंजी को पूरी तरह सुरक्षित रखने के व्यावहारिक तरीकेयदि आपके पास ₹10 लाख या उससे अधिक की लिक्विड पूंजी है, तो उसे पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए इन वित्तीय रणनीतियों का पालन करें:पूंजी को अलग-अलग बैंकों में बांटें: यदि आपके पास ₹10 लाख हैं, तो ₹5-5 लाख दो अलग-अलग शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंकों (जैसे एक सरकारी बैंक और एक बड़े निजी बैंक) में रखें। इससे आपकी पूरी ₹10 लाख की रकम 100% बीमित रहेगी।डोमेस्टिक सिस्टेमिकली इम्पोर्टेंट बैंक्स (D-SIBs) का चयन: आरबीआई ने एसबीआई (SBI), एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) और आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) को 'टू बिग टू फेल' (Too Big to Fail) की श्रेणी में रखा है। इन बैंकों की वित्तीय स्थिति इतनी मजबूत है कि इनके डूबने का जोखिम न के बराबर होता है।जॉइंट अकाउंट्स का सही संयोजन बनाएं: परिवार के सदस्यों के साथ प्राथमिक नाम बदलकर खाते संचालित करने से भी एक ही बैंक में बीमित राशि का दायरा बढ़ाया जा सकता है।
नोबेल विजेता CV Raman की जयंती पर जानिए 7 November का ऐतिहासिक महत्व
नयी दिल्ली, सात नवंबर इतिहास के पन्नों में सात नवंबर की तारीख भारत के एक महान वैज्ञानिक के जन्मदिन के तौर पर दर्ज है। विज्ञान के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होने वाले पहले एशियाई वैज्ञानिक सर चंद्रशेखर वेंकटरमन का जन्म 7 नवंबर, 1888 को तमिलनाडु के तिरूचिरापल्ली में हुआ था। प्रकाश परावर्तन के क्षेत्र में उनकी खोज के लिए रमन को 1930 में भौतिक शास्त्र के नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया था।सी वी रमन ने जिस समय अपनी यह अद्भुत खोज की वह आजादी से पहले का कठिनाइयों से भरा दौर था और प्रयोग करने के लिए आधुनिक यंत्रों और प्रयोगशालाओं का नितांत अभाव था, लेकिन तमाम मुश्किलों के बावजूद विज्ञान के प्रति रमन का रुझान उन्हें विश्व के शीर्ष सम्मान तक ले गया।देश-दुनिया के इतिहास में सात नवंबर की तारीख में दर्ज अन्य प्रमुख घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है :- 1858 : अंग्रेजों के खिलाफ लोहा लेने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी बिपिन चंद्र पाल का जन्म। लाला लाजपत राय और बाल गंगाधर तिलक के साथ उनकी तिकड़ी को ‘लाल बाल पाल’ के नाम से पुकारा गया।1862 : अंतिम मुगल बादशाह बहादुरशाह जफर का निधन। ब्रिटिश हुकूमत ने उन्हें स्वतंत्रता सेनानियों का साथ देने पर रंगून (अब म्यांमा) निर्वासित कर दिया था, जहां ब्रिटिश हुकूमत की हिरासत में ही उन्होंने अंतिम सांस ली।1867 : रेडियोधर्मिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण खोज के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित मैरी क्यूरी का जन्म। वह नोबेल पुरस्कार से सम्मानित पहली महिला थीं। वह पहली ऐसी शख्सियत और एकमात्र महिला थीं, जिन्हें दो बार नोबेल पुरस्कार मिला। उन्हें रसायन विज्ञान के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान के लिए नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया था।1888 : भारत के महान भौतिक शास्त्री सी वी रमन का जन्म। उन्हें 1930 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।1996 : नासा ने मंगल ग्रह का लंबे समय तक अध्ययन करने के लिए रोबोटिक अंतरिक्ष यान मार्स ग्लोबल सर्वेयर को अंतरिक्ष में भेजा।1998 : दुनिया के सबसे बुजुर्ग अंतरिक्ष यात्री अमेरिका के सीनेटर जॉन ग्लेन अपनी ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा कर धरती पर वापस लौटे। अधिक उम्र में अंतरिक्ष यात्रा के शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव का पता लगाने के लिए उन्हें 77 वर्ष की आयु में नासा द्वारा अंतरिक्ष में भेजा गया था।2003 : अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने देश में गर्भपात पर रोक सम्बन्धी विधेयक पर हस्ताक्षर किए।2020 : जर्मनी में कोरोना वायरस संक्रमण के एक ही दिन में सर्वाधिक 23,300 नए मामले।2021 : ड्रोन हमले में बाल-बाल बचे इराक के प्रधानमंत्री मुस्तफा अल-कदीमी, सात सुरक्षाकर्मी घायल।2023 : ब्रिटेन की राजगद्दी संभालने के बाद महाराजा चार्ल्स तृतीय ने राष्ट्राध्यक्ष के तौर पर संसद को संबोधित किया।2024 : अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया एक पैसे टूटकर 84.32 प्रति डॉलर के अपने नए सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ।2025 : दिल्ली हवाई अड्डे पर हवाई यातायात नियंत्रण प्रणाली में तकनीकी खामी के कारण लगभग 300 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें विलंबित हुईं, जिससे सैकड़ों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
NPS New Rules: 1 दिसंबर 2026 से बदलेंगे नेशनल पेंशन सिस्टम के नियम, PFRDA का बड़ा आदेश
देश के करोड़ों वेतनभोगी कर्मचारियों और व्यक्तिगत निवेशकों के लिए सुरक्षित रिटायरमेंट का सबसे भरोसेमंद साधन मानी जाने वाली 'राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली' (National Pension System - NPS) में आगामी 1 दिसंबर 2026 से जमीनी स्तर पर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क (MSF) और सब्सक्राइबर ऑनबोर्डिंग व्यवस्था को लेकर एक नया व्यापक सर्कुलर जारी किया है। इस नए आदेश का सीधा मकसद पेंशन योजनाओं में निवेश करने वाले आम नागरिकों के लिए स्कीम चयन की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सरल और निष्पक्ष बनाना है। नियामक के इस कदम से अब किसी भी निवेशक को अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार सही पेंशन फंड और स्कीम चुनने में बिचौलियों या प्लेटफॉर्म्स के पक्षपातपूर्ण एल्गोरिदम का सामना नहीं करना पड़ेगा। पेंशन व्यवस्था को आधुनिक और यूजर-फ्रेंडली बनाने की दिशा में इसे एक क्रांतिकारी सुधार माना जा रहा है।स्कीमों के नामकरण से हटेगा 'कैटेगरी कोड': अब आसान और स्पष्ट पहचान होगीवर्तमान व्यवस्था में एनपीएस की अलग-अलग श्रेणियों को समझने के लिए निवेशकों को जटिल कोड (जैसे कैटेगरी A से लेकर E) से जूझना पड़ता था, जिससे अधिकांश सामान्य निवेशक भ्रमित हो जाते थे। पीएफआरडीए ने अपने नए सर्कुलर में स्पष्ट कर दिया है कि 1 दिसंबर 2026 से किसी भी स्कीम के नाम में कैटेगरी कोड (A से E) शामिल नहीं होगा।नियामक ने सभी पेंशन फंड्स के लिए एक मानक और सरल नामकरण फॉर्मूला (Standard Naming Convention) अनिवार्य कर दिया है:पेंशन फंड का संक्षिप्त नाम (Abbreviation): जैसे संबंधित फंड हाउस का संक्षिप्त कोड।कॉमन पहचानकर्ता: अनिवार्य रूप से 'NPS' शब्द।विशिष्ट स्कीम का नाम (Unique Scheme Name): फंड हाउस द्वारा तय किया गया सरल और याद रखने में आसान नाम।टियर-2 के लिए प्रत्यय: टियर-1 योजनाएं डिफॉल्ट मानी जाएंगी, जबकि टियर-2 योजनाओं के नाम के अंत में अनिवार्य रूप से 'Tier II' लिखा होगा।यदि कोई पेंशन फंड हाउस एक ही श्रेणी में एक से अधिक स्कीमें पेश करता है, तो दोनों के नाम पूरी तरह अलग और स्पष्ट होने चाहिए, जिससे भ्रम की गुंजाइश खत्म हो जाए।रिस्क लेवल और ग्रोथ कैटेगरी दिखाना अनिवार्य: निवेश से पहले पता चलेगा जोखिमअक्सर निवेशक अधिक रिटर्न के लालच में यह जाने बिना पैसा लगा देते थे कि संबंधित स्कीम में कितना जोखिम छिपा है। पीएफआरडीए के नए दिशा-निर्देशों के तहत अब सभी पेंशन फंड्स को अपने विज्ञापनों, ब्रॉशर, आधिकारिक दस्तावेजों (NPS Scheme Essentials Document) और पब्लिक-फेसिंग प्लेटफॉर्म्स पर स्कीम के नाम के साथ उसकी पूरी 'ग्रोथ कैटेगरी' और 'जोखिम का स्तर' (Risk Level) स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना होगा।उदाहरण के लिए, यदि कोई स्कीम हाई इक्विटी से जुड़ी है, तो उसके नाम के ठीक नीचे या पास में छोटे फॉन्ट में Aggressive Growth – Very High Risk या Balanced Growth – Medium Risk लिखना अनिवार्य होगा। इससे निवेशक अपनी उम्र, रिटायरमेंट के शेष वर्षों और वित्तीय स्थिति को तौलकर खुद निर्णय ले सकेंगे कि उन्हें किस स्कीम में निवेश करना चाहिए।PoP और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर खत्म होगा पक्षपात: सभी पेंशन फंड्स की दिखेगी लिस्ट1 दिसंबर 2026 से लागू होने वाले नियमों का सबसे बड़ा और व्यावहारिक असर पॉइंट ऑफ प्रेजेंस (PoP) यानी बैंकों, फिनटेक ऐप्स, सीआरए (CRA) और एनपीएस सेंट्रल पोर्टल्स पर देखने को मिलेगा। अब तक कई प्लेटफॉर्म्स केवल चुनिंदा या अपने सहयोगी पेंशन फंड्स की योजनाओं को ही आगे रखकर अन्य प्रतिस्पर्धी विकल्पों को पीछे छिपा देते थे। पीएफआरडीए ने आदेश दिया है कि:समान अवसर (Fair Display): जब कोई निवेशक किसी विशेष श्रेणी (जैसे 'बैलेंस्ड ग्रोथ') का चयन करेगा, तो स्क्रीन पर उस श्रेणी में उपलब्ध देश के सभी पेंशन फंड्स की स्कीमें, उनके रिटर्न और जरूरी आंकड़ों के साथ एक साथ प्रदर्शित करनी होंगी।तुलना का अधिकार: भले ही कोई प्लेटफॉर्म किसी खास फंड को सूची में ऊपर रखे, लेकिन वह अन्य फंड्स को छिपा नहीं सकता। स्क्रीन पर एक मानकीकृत नेविगेशन (Standardised Navigation) देना होगा जिससे निवेशक विभिन्न फंड्स की तुलना करके अपनी मर्जी से चुनाव कर सके।निजी ऐप्स को छूट: यह नियम केवल तभी शिथिल होगा जब कोई निवेशक सीधे किसी विशिष्ट पेंशन फंड हाउस की अपनी आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर जाकर ऑनबोर्डिंग कर रहा हो।बड़े विड्रॉल और एग्जिट नियमों का भी मिलेगा सहारा: रिटायरमेंट प्लानिंग हुई मजबूतपीएफआरडीए द्वारा हाल के महीनों में लागू किए गए बहुआयामी सुधारों की श्रृंखला में यह नया सर्कुलर पारदर्शिता का अंतिम सिरा जोड़ता है। इससे पहले नॉन-गवर्नमेंट एनपीएस सब्सक्राइबर्स के लिए 60 वर्ष की आयु पर एकमुश्त निकासी (Lump Sum Withdrawal) की सीमा को 60% से बढ़ाकर अधिकतम 80% तक करने का विकल्प दिया जा चुका है, जिसमें अनिवार्य एन्युइटी का हिस्सा घटकर केवल 20% रह गया है। इसके साथ ही ₹8 लाख तक के छोटे कॉर्पस पर 100% एकमुश्त निकासी और 85 वर्ष की आयु तक निवेश जारी रखने की छूट ने एनपीएस को देश का सबसे लचीला रिटायरमेंट प्लान बना दिया है। 1 दिसंबर 2026 से स्कीमों के नामकरण और प्लेटफॉर्म्स के खुले डिस्प्ले नियम लागू होने के बाद आम नागरिकों के लिए पेंशन में निवेश करना पहले की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित, आसान और लाभप्रद हो जाएगा।प्रमुख बदलाव का क्षेत्र1 दिसंबर 2026 से पहले की स्थिति1 दिसंबर 2026 से नया नियम (PFRDA आदेश)स्कीम का नामकरणA, B, C, D, E जैसे तकनीकी कैटेगरी कोड शामिल रहते थे।कैटेगरी कोड पूरी तरह हटेंगे; फंड का नाम + 'NPS' + यूनिक नाम रहेगा।जोखिम (Risk) का प्रकटीकरणजोखिम का स्तर अक्सर दस्तावेजों के भीतर छिपा रहता था।नाम के ठीक पास 'Very High', 'Medium' आदि रिस्क लेवल लिखना अनिवार्य।प्लेटफॉर्म्स (PoP) पर डिस्प्लेकई प्लेटफॉर्म केवल स्पॉन्सर्ड या चुनिंदा फंड्स को ही प्रमोट करते थे।श्रेणी चुनते ही सभी पात्र पेंशन फंड्स की स्कीमें तुलना के लिए दिखाना अनिवार्य।टियर-2 की पहचानटियर-1 और टियर-2 के नामों में स्पष्ट भेद न होने से भ्रम होता था।टियर-2 स्कीमों के नाम के अंत में स्पष्ट रूप से 'Tier II' लिखा होना जरूरी।
9वीं की परीक्षा में अच्छे नंबर से पास हुआ बेटा तो पिता ने गिफ्ट कर दी 2.30 करोड़ की BMW कार
9वीं की हाफ ईयरली परीक्षा में अच्छे नंबर से पास होने पर पिता ने बेटे को 2.30 करोड़ की बीएमडब्ल्यू कार गिफ्ट कर दी. इन अनोखे उपहार की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है. लेकिन जिसे यह गिफ्ट मिला वो उसे अभी यूज नहीं कर सकता.
गाजियाबाद पुलिस चौकी के अंदर धमाका, 'तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान' ने ली जिम्मेदारी
गाजियाबाद की वसुंधरा पुलिस चौकी को उड़ाने की धमकी से जुड़ी एक सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई है. 'गाजी 2' नाम के एक्स अकाउंट से किए गए पोस्ट में तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान नाम के संगठन की ओर से जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है.
गाजियाबाद में धमाका... कोई साजिश या हादसा? हर एंगल से हो रही जांच
गाजियाबाद की वसुंधरा पुलिस चौकी में हुए धमाके ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. शुरुआती जांच में ये साफ नहीं हो पाया है कि धमाका किस तरह का था और इसमें किस विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ. पुलिस, फोरेंसिक टीम और खुफिया एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं.
दूर होंगी गड़बड़ियां: जनगणना से पहले दोहरी गणना की आशंका को खत्म करने की तैयारी, अब सबसे बड़ी चुनौती क्या?
दिल्ली में जहरीली हवा का कहर जारी, वोटर लिस्ट विवाद पर घमासान, देखें बड़ी खबरें
दिल्ली और आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आम जनता का सांस लेना मुश्किल हो गया है. राजधानी के कई क्षेत्रों जैसे पंजाबी बाग, रोहिणी, बवाना और नजफगढ़ में AQI 400 के पार पहुंच चुका है. नोएडा के सेक्टर 62 में भी हवा की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है. इस गंभीर मुद्दे पर राजनीति भी तेज हो गई है. कांग्रेस नेता शशि थरूर और पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं, जबकि विपक्ष के अन्य नेताओं ने भी स्थिति पर चिंता जताई है.
30 लाख से ज्यादा दीये, ड्रोन से रामायण; देखें अयोध्या दीपोत्सव की तैयारी
अयोध्या में भव्य और दिव्य दीपोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं. इस बार राम की पैड़ी के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक और पूरी अयोध्या में 33 लाख से अधिक दीये जलाकर एक बार फिर नया विश्व कीर्तिमान स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है. सरयू नदी के पावन तटों को रोशन करने के लिए करीब 35 हजार स्वयंसेवक और घाट प्रभारी अपनी जिम्मेदारियों को मुस्तैदी से निभा रहे हैं. दीपोत्सव के अवसर पर आसमान में लगभग 2100 स्वदेशी ड्रोन्स के माध्यम से रामायण के विभिन्न प्रसंगों और प्रभु श्रीराम के वीर स्वरूप का भव्य प्रदर्शन किया जाएगा. इसके साथ ही लेजर शो, मल्टीमीडिया प्रोजेक्शन और ग्रीन फायरक्रैकर्स शो इस भव्य आयोजन के प्रमुख आकर्षण रहेंगे.
लाल साड़ी में ऐश्वर्या, अक्षय के बेटे ने लूटी महफिल, छाईं कपूर सिस्टर्स
देशभर में इस समय दिवाली की धूम है. बॉलीवुड गलियारों में दिवाली का जश्न जोरों-शोरों से मनाया जा रहा है. बीते दिनों सेलिब्रिटी फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा ने ग्रैंड दिवाली पार्टी होस्ट की, जिसमें इंडस्ट्री की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं.
UP की पुलिस चौकी में जोरदार धमाका, ब्लास्ट से मचा हड़कंप
गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र की वसुंधरा पुलिस चौकी में शुक्रवार रात अचानक जोरदार धमाका हो गया. रात करीब 9 बजे हुए विस्फोट से चौकी के दो शीशे टूट गए और दीवार में दरार आ गई. घटना के वक्त वहां मौजूद एक डिलीवरी बॉय कांच लगने से घायल हो गया. धमाके की वजह अभी साफ नहीं है. पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाकर जांच शुरू कर दी है.
वायनाड Landslide में परिवार खोने वाली श्रुति ने Guruvayur Temple में रचाया विवाह
गुरुवायुर (केरलम), सात नवंबर केरलम के वायनाड में 2024 में हुए भूस्खलन में अपने परिवार के नौ सदस्यों और बाद में एक सड़क दुर्घटना में अपने मंगेतर को खोने वाली एस. श्रुति ने शनिवार को यहां गुरुवायुर श्रीकृष्ण मंदिर में विवाह कर अपने जीवन की नयी शुरुआत की। श्रुति और मनंतवाडी के रहने वाले संदीप ने शनिवार तड़के मंदिर में विवाह किया। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के विधायक और पूर्व मंत्री के. राजन भी विवाह समारोह में मौजूद थे। उन्होंने पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार के दौरान मुंडक्कई-चूरलमाला भूस्खलन के बाद पुनर्वास कार्यों में समन्वय की जिम्मेदारी संभाली थी। श्रुति ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मेरे जीवन के बारे में सब कुछ जानने के बाद भी उन्होंने (संदीप) मुझसे विवाह किया। मैं प्रार्थना करती हूं कि हम दोनों साथ में खुशहाल जीवन बिताएं।’’श्रुति ने मुश्किल समय में उनका साथ देने वाले सभी लोगों का आभार भी जताया। श्रुति ने भूस्खलन में अपने माता-पिता और बहन समेत परिवार के नौ सदस्यों को खो दिया था। इस आपदा में उनका घर भी नष्ट हो गया था। श्रुति अभी इस दुख से उबरने की कोशिश कर ही रही थीं कि एक सड़क दुर्घटना में उनके मंगेतर जेनसन की मौत हो गई। इस दुर्घटना में श्रुति भी घायल हुई थीं। राज्य सरकार ने उनकी कठिन परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें राजस्व विभाग में लिपिक के पद पर नियुक्ति दी। संदीप भी सरकारी कर्मचारी हैं और वायनाड जिलाधिकारी कार्यालय में कार्यरत हैं। राजन ने पत्रकारों से कहा, ‘‘यह सभी के लिए खुशी का अवसर है। हम मुश्किल समय में उनके साथ खड़े रहे। मुझे खुशी है कि मैं उनके जीवन के इस महत्वपूर्ण अवसर का हिस्सा बन सका।’’
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से एक बेहद दुखद और रोंगटे खड़े कर देने वाले सड़क हादसे की खबर सामने आई है। यहाँ यात्रियों से खचाखच भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में 5 लोगों की मौके पर ही और इलाज के दौरान मौत हो गई, जिनमें अधिकांश महिलाएं शामिल हैं। वहीं, दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज नजदीकी अस्पताल में जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा राहत व बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने हादसे में शामिल ट्रक को जब्त कर लिया है और ड्राइवर को पकड़ने के लिए टीमें तैनात कर दी हैं। पुलिस अधीक्षक (SP) अंकुर अग्रवाल ने बताया कि ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से टक्कर मारी थी। वहीं, लखनऊ रेंज की पुलिस महानिरीक्षक (IG) किरण एस. ने कहा कि हादसे का एक संभावित कारण तेज रफ्तार (overspeeding) हो सकता है। उन्होंने यात्रियों को लाने-ले जाने के लिए कृषि वाहनों के अवैध इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए। ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से मारी टक्कर, 5 लोगों की मौत SP अंकुर अग्रवाल के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्रॉली में करीब 20-25 लोग सवार थे, तभी पीछे से एक ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं हैं। अग्रवाल ने कहा, ...ट्रैक्टर-ट्रॉली में करीब 20-25 लोग सवार थे। पीछे से एक ट्रक ने टक्कर मारी, जिससे ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई। इस हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें ज्यादातर महिलाएं हैं। कई अन्य लोग घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है... ट्रक को जब्त कर लिया गया है और ड्राइवर को पकड़ने के लिए टीमें तैनात की गई हैं। सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी... घायलों को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। पुलिस टीमें ट्रक ड्राइवर को पकड़ने की कोशिश कर रही हैं और इस हादसे के संबंध में आगे की कार्रवाई की जाएगी। तेज रफ्तार को हादसे का कारण माना जा रहा है; पुलिस ने यात्रियों के अवैध परिवहन पर जताई चिंता IG किरण एस. ने इस घटना को दुखद बताया और कहा कि तेज रफ्तार (overspeeding) हादसे का एक संभावित कारण हो सकती है। अधिकारी ने बताया कि यात्रियों को एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में ले जाया जा रहा था। यह एक कृषि वाहन है, जिसका इस्तेमाल इस तरह से लोगों को लाने-ले जाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। आईजी किरण एस. ने पत्रकारों से कहा, एक दुखद घटना हुई है, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई है। कई अन्य लोग घायल हुए हैं और उनका इलाज चल रहा है। ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए। इस संबंध में पहले ही सख्त निर्देश दिए जा चुके हैं, और जिम्मेदारी तय करने के लिए आगे भी निर्देश जारी किए जाएंगे। आईजी ने कहा कि दुर्घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जांच की जाएगी, जिसमें तेज रफ्तार (ओवरस्पीडिंग) की संभावना भी शामिल है। आईजी ने आगे कहा, लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली में यात्रा कर रहे थे, जो कि नहीं होना चाहिए। जहां तक ट्रैक्टर की बात है, तो हो सकता है कि तेज रफ्तार के कारण यह हादसा हुआ हो। जांच के दौरान इस पहलू को देखा जाएगा। पुलिस और परिवहन विभाग को ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए कहा गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने सड़क सुरक्षा नियमों को और सख्ती से लागू करने, तथा पुलिस विभाग और परिवहन विभाग के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर जोर दिया। आईजी ने कहा कि मुख्य ध्यान इस बात पर होना चाहिए कि ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य कृषि वाहनों का इस्तेमाल यात्रियों को लाने-ले जाने के लिए न किया जाए। मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) का जिक्र करते हुए अधिकारी ने कहा कि ट्रैफिक नियमों में साफ तौर पर बताया गया है कि किन शर्तों के तहत वाहनों को चलाया जा सकता है। इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए दोनों विभागों को मिलकर काम करने की जरूरत है। आईजी ने कहा, मोटर वाहन अधिनियम और इससे जुड़े ट्रैफिक नियमों में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि वाहनों को किन शर्तों के तहत चलाया जा सकता है। इस मामले में परिवहन विभाग और पुलिस विभाग को मिलकर काम करना होगा। ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आगे और भी निर्देश जारी किए जाएंगे। फिलहाल इस दुर्घटना की विस्तृत जांच चल रही है। पुलिस ने ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है और इसके चालक को पकड़ने की कोशिश कर रही है। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
मां से परेशान होकर हाई कोर्ट पहुंचा 15 साल का लड़का, बोला- मुझे दादा-दादी के साथ रहना है
गुजरात हाई कोर्ट में याचिका दायर करते हुए 15 साल के लड़के ने मां के दुर्व्यवहार से सुरक्षा की मांग की है. कोर्ट ने बाल कल्याण समिति और पुलिस को नोटिस जारी कर 28 दिसंबर तक जवाब मांगा है.
कर्नाटक सरकार ने देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (OMCs) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सरकार का दावा है कि पेट्रोल पंपों पर सप्लाई किए जा रहे ईंधन में इथेनॉल की मात्रा तय सीमा से काफी अधिक है। लैब टेस्टिंग में कुछ नमूनों में इथेनॉल का स्तर 31.2 प्रतिशत तक ...
पति से झगड़े के बाद महिला झील में कूद गई, लाइफसेवर्स ने बचाई जान
महाराष्ट्र के ठाणे में 32 साल की महिला को तलाव पाली झील से सुरक्षित बाहर निकाला गया. अधिकारियों का कहना है कि पति से झगड़े के बाद अमरावती से ठाणे पहुंची महिला ने शुक्रवार रात झील में छलांग लगा दी थी. मौके पर तैनात लाइफसेवर्स ने उसे देख लिया और तुरंत बचा लिया.
दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण के बीच गुरुग्राम प्रशासन ने पहली बार बड़े कॉर्पोरेट ऑफिसों पर कार्रवाई की है. 50% वर्क फ्रॉम होम नियम के उल्लंघन के आरोप में दो नामी लॉ फर्मों को नोटिस जारी किया गया है.
दिवाली के दिन जरूर बनाएं सूरन की सब्जी, पूड़ी-चावल संग लगेगी टेस्टी
Suran Ki Sabji: दिवाली पर भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है और उन्हें तरह-तरह के पकवानों का भोग लगाया जाता है. लेकिन दिवाली के दिन सूरन की सब्जी बनाने की भी मान्यता होती है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि जिमीकंद जल्दी खराब नहीं होता और लंबे समय तक सुरक्षित रहता है. इसलिए इसे घर में धन-धान्य के स्थायित्व और बरकत का रूप मानकर मां लक्ष्मी को अर्पित किया जाता है।
समंदर में चीन का बढ़ा दबदबा, हर दिन 100 जहाजों की हलचल से अमेरिका परेशान
US के लिए चीन की नौसेना की बढ़ती ताकत बड़ी रणनीतिक चुनौती बन रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के करीब 100 नौसैनिक जहाज हर दिन एशिया के समुद्री इलाकों में सक्रिय रहते हैं. चीन के पास 400 से ज्यादा युद्धपोत और पनडुब्बियां हैं. ताइवान, दक्षिण चीन सागर और जापान के आसपास उसकी बढ़ती गतिविधियों ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की चिंता बढ़ा दी है.
अयोध्या में 2 दिन रहेंगे CM योगी, दीपोत्सव से दीपावली तक का जानें पूरा शेड्यूल
CM योगी आदित्यनाथ 7 और 8 नवंबर को अयोध्या में रहेंगे. शनिवार को वह दीपोत्सव के मुख्य कार्यक्रम, राम राज्याभिषेक, संत सम्मान, सरयू आरती और लेजर-ड्रोन शो में शामिल होंगे. रविवार को दीपावली के मौके पर हनुमानगढ़ी और राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन करेंगे.
पूरी टीम बॉल टेम्परिंग में शामिल थी... उस्मान ख्वाजा के दावे से हड़कंप
उस्मान ख्वाजा का यह बयान ऑस्ट्रेलिया के चार प्रमुख गेंदबाजों के 2021 में दिए गए संयुक्त बयान से अलग है. मिचेल स्टार्क, पैट कमिंस, जोश हेजलवुड और नाथन लायन ने उस समय गेंद से छेड़छाड़ की जानकारी होने से इनकार किया था.
दिवाली पर पीएम का संदेश: विकसित भारत के निर्माण का किया आह्वान, कहा- निराशा पर उम्मीद की शाश्वत जीत का प्रतीक pm-modi-diwali-greetings-message-light-over-darkness-viksit-bharat
Happy Diwali Wishes Images: यहां हम आपके लिए कुछ खास संदेश और खूबसूरत तस्वीरें लेकर आए हैं. इन संदेशों के जरिए आप अपनों को छोटी दिवाली की बधाई दे सकते हैं. साथ ही उनके जीवन में सुख, शांति, खुशहाली और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहने की कामना भी कर सकते हैं. आइए एक नजर डालते हैं इनपर-
Ajit Pawar जीवित होते तो फरवरी में ही NCP का विलय हो जाता, Sunil Tatkare का बड़ा दावा
सुनेत्रा पवार गुट के नेता सुनील तटकरे ने खुलासा किया है कि अगर अजित पवार जीवित होते, तो नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुट इस साल फरवरी में आपस में विलय कर लेते। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें प्रफुल्ल पटेल को अस्पताल में NCP(SP) प्रमुख शरद पवार से मिलते हुए देखा गया है। इस वीडियो ने दोनों गुटों के फिर से विलय होने की अटकलों को हवा दे दी है। NCP की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख तटकरे ने शुक्रवार को मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही। तटकरे ने बताया कि अजित दादा ने मुझे विलय को लेकर हो रही बातचीत और इसे अंतिम रूप देने के तरीके के बारे में बताया था। इसे भी पढ़ें: '6 महीने में मेरी जान लेने की 7वीं कोशिश', Abhishek Banerjee के आवास पर हमले का दावा, बीजेपी पर साधा तीखा निशाना पूर्व उपमुख्यमंत्री और NCP अध्यक्ष रहे अजित पवार की 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती में एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी। उनके दुखद निधन के बाद, सुनेत्रा पवार को NCP का प्रमुख बनाया गया और उन्हें उपमुख्यमंत्री के पद पर नियुक्त किया गया। NCP के दो गुटों के संभावित विलय को लेकर काफी समय से चर्चा चल रही है। शुक्रवार को इन अटकलों को और हवा मिल गई, जब गुरुवार देर रात मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में पटेल ने पवार से मुलाकात की। एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें दोनों को 10 नवंबर के बाद एक संभावित बैठक के बारे में चर्चा करते हुए सुना जा सकता है। इसे भी पढ़ें: Indira Gandhi ने संसद के बाहर साधुओं पर गोली चलवाई थी, BJP MP Nishikant Dubey का Congress पर वार 85 वर्षीय पवार को सीने में संक्रमण (चेस्ट इन्फेक्शन) के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में, पटेल ने बताया कि वे पवार का हाल-चाल जानने गए थे और उन्होंने केवल राज्य की राजनीति पर चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि विलय को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई। जब पत्रकारों ने उनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पवार को फोन किए जाने के बारे में पूछा, तो पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने निश्चित रूप से इस वरिष्ठ नेता के स्वास्थ्य के बारे में ही पूछा होगा।
आसमान में कैसे बन गया GTA 6 का LOGO ? मैप देखकर चौंके लोग
अमेरिकी पायलट बेंजामिन मैकडैनियल ने GTA 6 गेम के लिए अनोखा कारनामा किया है. उन्होंने करीब 8 घंटे 8 मिनट तक विमान उड़ाकर फ्लाइट ट्रैकिंग मैप पर GTA 6 का विशाल लोगो और गेम से जुड़ी कई आकृतियां बनाईं.
छठ पर छाया टुनटुन यादव का 'बम फोड़तिया' गाना, हाथ में लेकर गोला बम फोड़ती प्रभा राज ने लूट ली महफिल
Tuntun Yadav Bam Fodatiya Song: भोजपुरी छठ सॉन्ग 'बम फोड़तीया' को टुनटुन यादव और प्रभा राज ने गाया है. छठ महापर्व पर धमाल मचा रहा गाना.
नरक चतुर्दशी का क्या है महत्व, जानिए यम दीपदान और हनुमान जी की पूजा विधि
आज यानी 7 नवंबर को छोटी दिवाली है. जिसे नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है. इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध किया था. 'भाग्य चक्र' में पंडित शैलेंद्र पांडेय बता रहे हैं नरक चतुर्दशी का पर्व क्या है और इसकी पूजा विधि के बारे में. साथ ही बताएंगे छोटी दिवाली के दिन हनुमान जी की कैसे करें पूजा, और सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल भी.
नरक चतुर्दशी पर न करें ये 5 गलतियां, परिवार पर आ जाएगा संकट!
Narak Chaturdashi 2026: नरक चतुर्दशी यानी छोटी दिवाली पर अभ्यंग स्नान और दीपदान का विशेष महत्व होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन कुछ कामों को करने से बचना चाहिए. आइए जानते हैं ऐसी कौन सी 5 गलतियां हैं, जिन्हें छोटी दिवाली पर भूलकर भी नहीं करना चाहिए.
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर भारी उबाल आ गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और डायमंड हार्बर से लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने खुद पर एक बार फिर जानलेवा हमला होने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका दावा है कि उनके जन्मदिन के जश्न के ठीक बीच, बीती रात कोलकाता स्थित उनके आवास को निशाना बनाया गया। इस पूरी घटना के लिए उन्होंने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को जिम्मेदार ठहराया है और सनसनीखेज बयान देते हुए कहा है कि पिछले 6 महीनों में उनकी जान लेने की यह 7वीं कोशिश है। शनिवार सुबह 'X' (पहले ट्विटर) पर कई वीडियो शेयर करते हुए, अभिषेक ने आरोप लगाया कि BJP कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने रात करीब 2 बजे उनके कालीघाट स्थित आवास पर हमला किया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में कोई कार्रवाई करने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने न्यायपालिका पर भी मूक दर्शक बने रहने का आरोप लगाया। तृणमूल सांसद ने कहा, अगर एक चुने हुए सांसद के साथ ऐसा हो सकता है, तो पश्चिम बंगाल में आम आदमी की हालत क्या होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। पिछले 6 महीनों में यह मेरी जान लेने की 7वीं कोशिश है। फिर भी, न तो पुलिस ने कोई कार्रवाई की और न ही न्यायपालिका ने कोई दखल दिया। राज्य भर में गुंडे उपद्रव मचा रहे हैं क्योंकि न्यायपालिका ने इस पर आंखें मूंद रखी हैं। 'BJP कार्यकर्ताओं ने 'चोर-चोर' के नारे लगाए' तृणमूल कार्यकर्ताओं का आरोप है कि रात करीब 2:30 बजे BJP समर्थकों ने 'चोर-चोर' के नारे लगाए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई और अभिषेक के कटआउट और बैनरों को तोड़-फोड़ दिया गया। इस झड़प में तृणमूल के कई समर्थक घायल हो गए। झड़प के बाद, अभिषेक रात 2:45 बजे से सुबह 6 बजे तक घर से बाहर नीचे आ गए थे। बाद में पुलिस के अनुरोध पर और एक हिरासत में लिए गए तृणमूल कार्यकर्ता की रिहाई के बाद, वे वापस घर के अंदर चले गए। पुलिस का कहना है कि अब स्थिति नियंत्रण में है। अभिषेक ने पुलिस पर जासूसी करने का आरोप लगाया मई में सोनारपुर के दौरे के दौरान भी अभिषेक पर हमला हुआ था। तब उन पर अंडे और पत्थर फेंके गए थे। तृणमूल ने इसे उनकी जान लेने के लिए किया गया पहले से तय हमला बताया था। तब से, अभिषेक लगातार BJP के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर निशाना साध रहे हैं और इन हमलों के पीछे BJP की साजिश होने का आरोप लगा रहे हैं। शुक्रवार को, अभिषेक ने पश्चिम बंगाल पुलिस पर भी उनके कार्यालय और आवास की जासूसी करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कुछ अज्ञात लोग पिछले कुछ दिनों से उनके कार्यालय और आवास की रेकी (निगरानी) कर रहे थे, और जब उनसे पूछताछ की गई, तो उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय गृह मंत्रालय से इस मामले का संज्ञान लेने का आग्रह किया और इन लोगों की पहचान करने के लिए तत्काल और गहन जांच की मांग की। अभिषेक ने कहा, आज सुबह मेरे द्वारा रेकी का वीडियो जारी किए जाने के बाद, अभी रात 2 बजे मेरे घर पर बीजेपी के गुंडों ने हमला कर दिया, और यह सब कोलकाता पुलिस की मौजूदगी में हुआ। कलकत्ता हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद, जो यह सब होते हुए भी मूकदर्शक बने रहे। गौरतलब है कि इसी साल मई महीने में सोनारपुर दौरे के दौरान भी अभिषेक बनर्जी के काफिले पर अंडे और पत्थर फेंके गए थे। टीएमसी ने उसे भी उनकी हत्या की एक सुनियोजित साजिश करार दिया था। तब से लेकर अब तक अभिषेक लगातार बीजेपी और केंद्रीय तंत्र पर निशाना साधते आए हैं। इस ताज़ा हमले के दावों के बाद पश्चिम बंगाल की सियासत एक बार फिर गरमा गई है और दोनों प्रमुख दलों के बीच तीखे बयानों का दौर शुरू हो गया है। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
जेप्टो और ब्लिंकइट से लेकर ‘बिरयानी बाय किलो’ तक, तुकाराम के FDA ने सस्पेंड किए 105 लाइसेंस
दिवाली से पहले महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा एक्शन। बिरयानी बाय किलो, डी-मार्ट, ब्लिंकिट और जेप्टो समेत 105 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड। 69 से ज्यादा प्रतिष्ठानों से 1.35 करोड़ रुपये का संदिग्ध खाद्य स्टॉक जब्त, जानें पूरी खबर।
Indira Gandhi ने संसद के बाहर साधुओं पर गोली चलवाई थी, BJP MP Nishikant Dubey का Congress पर वार
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे ने शनिवार को कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि नेहरू-गांधी परिवार ने हमेशा हिंदुओं को दूसरे दर्जे का नागरिक माना है। उनका मुख्य इशारा 1966 में संसद के बाहर हुए 'गो-हत्या विरोधी आंदोलन' की ओर था।'कांग्रेस का काला अध्याय' (Congress's Dark Chapter) नाम से चल रही अपनी सीरीज के तहत, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में दुबे ने आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने गो-हत्या पर देशव्यापी प्रतिबंध की मांग कर रहे शांतिपूर्ण साधुओं को दबाने के लिए सरकारी ताकत का क्रूरता से इस्तेमाल किया था। इसे भी पढ़ें: Abhishek Banerjee के Kolkata आवास पर हमला! TMC सांसद ने BJP पर लगाया आरोप उन्होंने बताया कि 1966 में संत करपात्री महाराज ने भारतीय जनसंघ के सांसद रामेश्वरानंद के साथ मिलकर इंदिरा गांधी से मुलाकात की थी और गो-हत्या पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री ने इसे लागू करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, '7 नवंबर 1966 को, डॉ. अंबेडकर के नेतृत्व में संविधान के अनुच्छेद 48 के तहत गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा गया था। इसी सिलसिले में, फरवरी 1966 में भारत के महान संत करपात्री जी महाराज ने भारतीय जनसंघ के सांसद रामेश्वरानंद जी के साथ मिलकर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से मुलाकात की। मार्च 1966 में, इन दोनों ने तत्कालीन गृह मंत्री गुलजारीलाल नंदा से भी बात की, लेकिन उस समय 1967 के चुनाव नजदीक आ रहे थे। कांग्रेस को 'माता गाय' के मुद्दे में हिंदू-मुस्लिम विभाजन दिखाई दिया, इसलिए इंदिरा जी ने इस प्रतिबंध को लागू करने से इनकार कर दिया।' बीजेपी सांसद के अनुसार, 6-7 नवंबर 1966 को जब स्वामी करपात्री जी महाराज के नेतृत्व में हजारों साधु दिल्ली की संसद मार्ग (पार्लियामेंट स्ट्रीट) पर इकट्ठा हुए, तो प्रशासन ने बल प्रयोग किया। उन्होंने कहा, 6-7 नवंबर को स्वामी करपात्री जी महाराज ने हजारों साधुओं के साथ संसद मार्ग पर विरोध प्रदर्शन शुरू किया। इसका नतीजा यह हुआ कि इंदिरा जी ने निहत्थे साधुओं पर बेरहमी से गोली चलाने का आदेश दे दिया। सैकड़ों साधु मारे गए और उनके शवों को गायब कर दिया गया। इसे भी पढ़ें: BJP और Election Commission पर बरसे Rahul Gandhi बोले, Voter ID से छीने जा रहे जनता के अधिकार दुबे ने आगे बताया कि इस घटना के कारण पूरे देश में भारी आक्रोश फैल गया और विरोध प्रदर्शन हुए। उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन को शांत करने के लिए इंदिरा गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से समर्थन मांगा। राजनीतिक नुकसान से बचने के लिए, प्रशासन ने तत्कालीन गृह मंत्री गुलजारीलाल नंदा को हटा दिया और तत्कालीन RSS प्रमुख एमएस गोलवलकर के साथ मिलकर एक न्यायिक समिति का गठन किया। उन्होंने आगे बताया कि इस समिति के सदस्यों में गोलवलकर, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश अमल सरकार (जिन्हें समिति का नेतृत्व सौंपा गया था), पुरी के शंकराचार्य और अमूल डेयरी के वर्गीज कुरियन शामिल थे।
यूपी पुलिस को आया धमकी भरा कॉल, खुद को बताया लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य, गोरखपुर में पुलिस अलर्ट
गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर को लेकर एक सनसनीखेज धमकी भरा कॉल सामने आया था. धमकी देने वाले ने खुद को लारेंस विश्नोई गैंग का सदस्य बताया था. उसने 112 पर कॉल करके धमकी दी थी, जो बर्खास्त फायरमैन निकाल है.
रानी चटर्जी और काजल राघवानी भोजपुरी सिनेमा की टॉप एक्ट्रेसेस में गिनी जाती हैं, जिन्होंने कई फिल्मों में काम किया, जिनमें से एक पॉपुलर फिल्म बड़की बहू और छोटकी बहू भी है. इसमें दोनों की बड़ी बहू और छोटी बहू के रोल में नोकझोंक को काफी पसंद किया गया था.
पंजाब में पराली जलाने पर बड़ा एक्शन... 795 किसानों पर FIR, 54 लाख का जुर्माना
पंजाब में पराली जलाने की 31 हजार से ज्यादा घटनाएं दर्ज की गई हैं. प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 1077 किसानों पर पर्यावरण मुआवजा लगाया है और 795 मामलों में FIR दर्ज की गई है. पटियाला, तरनतारन, फिरोजपुर, अमृतसर और संगरूर जिलों में सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं.
अभिषेक बनर्जी का आरोप है कि बीजेपी कार्यकर्ता रिवॉल्वर लेकर उनको जान से मारने के मकसद से आए थे.उन्होंने ईंट और पत्थर भी फंकें, ये सब पुलिस के सामने हुआ. उन लोगों ने पुलिस से भी मारपीट की.
भारत के घरेलू मामलों में दखल की साजिश का शक, 10 लाख डॉलर के संदिग्ध लेन-देन की जांच में जुटी ED
ईडी ने भारत के घरेलू मामलों में कथित हस्तक्षेप और 10 लाख डॉलर के संदिग्ध लेन-देन की जांच शुरू की है। यह रकम कई देशों से घूमकर ब्रिटेन की एक कंपनी के जरिए भारत पहुंची।
महाराष्ट्र: 2.06 करोड़ मतदाताओं के कटे थे नाम, मतदाता सूची में फिर से जुड़वाने का मौका; जानें पूरी प्रक्रिया maharashtra-sir-asdd-voters-another-chance-inclusion-draft-electoral-rolls-election-commission
उत्तर-पश्चिम दिल्ली के वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र से एक बेहद दहला देने वाली और दुखद घटना सामने आई है। यहाँ एक बर्तन कारखाने के अंदर शुक्रवार को 47 वर्षीय एक शादीशुदा व्यक्ति ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। प्रारंभिक जांच और पुलिस खुलासे के अनुसार, इस खौफनाक कदम के पीछे एकतरफा लगाव और कथित तौर पर रिश्ता खत्म हो जाना मुख्य वजह बताई जा रही है। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर के रहने वाले 47 वर्षीय संदीप के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, संदीप अपने गृह जनपद में ही अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रहता था। इसे भी पढ़ें: Delhi में प्रदूषण से राहत नहीं, 22 स्टेशनों पर AQI 400 पार और औसत 366 दर्ज पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान संदीप के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर का रहने वाला था। वह वहां अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रहता था। पुलिस के मुताबिक, वह अक्सर अपने एक दोस्त के घर जाता था, इस दौरान उसे दोस्त की 20-वर्षीय बेटी से लगाव हो गया। पुलिस ने बताया कि वह युवती वजीरपुर के एक बर्तन कारखाने में काम करती है और दिल्ली में अकेली रहती है। पुलिस के मुताबिक, संदीप अक्सर युवती को फोन करता था, लेकिन युवती ने कुछ समय पहले उससे बातचीत बंद कर दी थी, जिससे परेशान होकर वह बृहस्पतिवार को दिल्ली आया। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को वह पेट्रोल की दो बोतलें लेकर कारखाने पहुंचा और युवती पर शादी का दबाव बनाने लगा, लेकिन जब युवती ने इनकार कर दिया, तो उसने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। कारखाने के कर्मचारियों ने व्यक्ति को बचाने की कोशिश करते हुए आग बुझाई और उसे दीप चंद बंधु अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सुसाइड नोट में संदीप ने दावा किया कि युवती ने व्यक्ति से दोस्ती खत्म कर दी थी, जिसकी वजह से उसने आत्महत्या की। पुलिस ने बताया कि युवती ने उसके साथ किसी भी तरह के संबंध में होने से इनकार किया है। पुलिस के अनुसार, संदीप का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और उसके परिजन को सूचित कर दिया गया है। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi की दिल्ली रैली में न पहुंचने पर MP Youth Congress के 60 पदाधिकारी निलंबित शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया पुलिस ने मृतक संदीप के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखवा दिया है। साथ ही, उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर में रह रहे उसके परिजनों को इस अनहोनी की आधिकारिक सूचना दे दी गई है। परिजनों के दिल्ली पहुँचने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं औद्योगिक क्षेत्र के लोग भी इस सनसनीखेज हादसे से सकते में हैं। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
दिवाली पर पटाखों से जल जाएं तो क्या करें? डॉक्टर से जानें तुरंत फर्स्ट एड और जरूरी किट
पटाखों से जलने के बाद अगर आप सही कदम उठाते हैं, तो स्थिति की गंभीरता से बचा जा सकता है. यहां जानते हैं बर्न इंजरी की सही फर्स्ट एड क्या है और जरूरी किट में क्य-क्या सामान रखना चाहिए?
डूबा देश का सबसे बड़ा बैंक और चली गई राष्ट्रपति की कुर्सी! पैराग्वे के राजनीतिक संकट की पूरी कहानी
पैराग्वे की राजनीति में एक ऐतिहासिक और नाटकीय घटनाक्रम के तहत राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को उनके पद से हटा दिया गया है। एक बड़े बैंक घोटाले और देशव्यापी आर्थिक संकट के बीच सीनेट के सभी 44 सदस्यों ने सर्वसम्मति से उनके खिलाफ महाभियोग के पक्ष में वोट ...
दिवाली पर घूमने के लिए खास है रतलाम का यह मंदिर, जहां प्रसाद में मिलते हैं रुपये-पैसे
यहां की सबसे दिलचस्प परंपरा यह है कि भक्तों को प्रसाद के रूप में मिठाई या लड्डू नहीं, बल्कि रुपये-पैसे दिए जाते हैं। करीब 300 साल पुरानी इस परंपरा को....
रामयंत्र की धुन पर ठहरते कदम, सरयू घाट पर आस्था से संवर रही आजीविका
तहलका ब्यूरोअयोध्या, 06 नवंबर। मां सरयू के घाटों पर दीपों की रोशनी, रामनाम की गूंज और श्रद्धालुओं की आस्था के बीच रामयंत्र की धुन भी पर्यटकों के कदम रोक रही है। गले में रामयंत्र टांगे और दोनों हाथों से उसकी ताल बजाते विक्रेता घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। […]
लापता युवक का झाड़ियों में मिला अधजला शव, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
यूपी में चित्रकूट के अर्की गांव में तीन दिन से लापता युवक शिव नरेश प्रजापति का शव झाड़ियों में अधजली हालत में मिला है. परिवार का आरोप है कि युवक को पहले पीटा गया और फिर जलाकर मार दिया गया. शव मिलने के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया.
बाजार से क्यों खरीदना, 1 कप बेसन से बनाएं रसीली मीठी बूंदी
अगर आप भी दिवाली पर बाजार से चाशनी वाली बूंदी खरीदने का सोच रहे हैं तो रुक जाएं. इस बार क्यों न आप घर पर ही आसानी से कुरकुरी और रसीली बूंदी तैयार कर लें. यहां हम आपको इसकी आसान रेसिपी बता रहे हैं.
मेंटल पीस की फिक्र या बेपरवाह? Gen Z क्यों रिश्तों को परख रहा है
क्या जेन जी सच में इमोशनली अनअवेलेबल है या अब वह रिश्तों में अपनी मेंटल पीस को ज्यादा अहमियत देती है? जानिए कैसे सेल्फ रिस्पेक्ट, पर्सनल बाउंड्री और सोशल मीडिया ने युवाओं के रिश्तों को देखने का नजरिया बदला है और क्यों अपनी शांति बचाने के नाम पर फीलिंग्स से दूरी बनाना भी एक नई चुनौती बन रहा है.
छोटी दिवाली क्यों मनाई जाती है? जानें पूजा का महत्व
छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी का पर्व आज 7 नवंबर को मनाया जा रहा है. इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा, अभ्यंग स्नान और यमराज के नाम दीपदान का विशेष महत्व है. धार्मिक मान्यता है कि यम दीपक जलाने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है. वहीं, नरकासुर वध की कथा बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देती है. जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और पूरी विधि.
छोटी दिवाली का नाम नरक चतुर्दशी क्यों पड़ा? जानें पौराणिक कथा
Choti Diwali 2026: छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध कर हजारों कन्याओं को उसकी कैद से मुक्त कराया था. जानें इस पर्व की पौराणिक कथा और मुहूर्त.
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'बीजेपी के गुंडों ने मेरे घर पर हमला किया', अभिषेक बनर्जी ने लगाए आरोप, भाजपा ने किया पलटवार
इस घटना के बाद बंगाल का सियासी माहौल पूरी तरह गर्मा गया है। एक तरफ जहां ममता तृणमूल कांग्रेस इसे बड़ी राजनीतिक साजिश और अपनी जान पर खतरा बता रही है, वहीं बीजेपी ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे नाटक करार दिया है।
दिवाली पर छुट्टी के बावजूद एक घंटे के लिए क्यों खुलता है शेयर बाज़ार? - BBC
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) में मची सियासी हलचल और इसके शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा-एसपी से विलय की अटकलों का पूरा सच। जानें 1 नवंबर को अमित शाह से मुलाकात, पार्थ पवार के दखल और नेताओं की नाराजगी का पूरा घटनाक्रम।
'आवाजें कह रही थीं ट्रंप को मार दो', व्हाइट हाउस के पास हथियारों के साथ शख्स गिरफ्तार
व्हाइट हाउस के पास हथियारों के साथ वेनेजुएला के 30 वर्षीय नागरिक को गिरफ्तार किया गया है. अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने एक संदिग्ध पिकअप ट्रक की तलाशी ली, जिसमें AR-15 राइफल, MAC-10 मशीन पिस्टल और ग्लॉक पिस्तौल मिली. अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ने कहा कि उसके दिमाग में आ रही आवाजें उसे वॉशिंगटन जाकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मारने के लिए कह रही थीं.
गाजियाबादः वसुंधरा पुलिस चौकी में जोरदार ब्लास्ट, खिड़की के शीशे टूटे, दीवार में भी दरार, VIDEO
गाजियाबाद के वसुंधरा पुलिस चौकी में धमाके का असली कारण और स्वरूप अभी पता नहीं चल पाया है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा. धमाके के कारण खिड़की के कांच टूट गए. दीवार में भी दरार आ गई.
Jio और Starlink कर रहे लॉन्चिंग की तैयारी, कितना महंगा है सैटेलाइट Net
Jio Vs Starlink : भारत में आने वाले दिनों के अंदर सैटेलाइट कम्युनिकेशन (SATCOM) की सर्विस मिलेगी, जिसकी मदद से लोगों को सीधा सैटेलाइट से घर में इंटरनेट मिलेगा. इसके लिए भारत में तीन कंपनियों का लाइसेंस दिया जा चुका है, जिसमें रिलायंस जियो, स्पेसएक्स का स्टारलिंक और वनवेब का नाम शामिल है. सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट क्या है, कैसे काम करेगा और सबसे जरूरी चीज कीमत में क्या होगी?
अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर आधी रात को बवाल: सांसद का दावा- छह महीने में 7वीं बार हमला, भाजपा ने बताया ड्रामा---Abhishek Banerjee Alleges Attack on Kolkata Home, Calls It Seventh Attempt on His Life

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