95 साल की उम्र में भारतीय नागरिक बनकर अंतिम सांस लेना चाहती हैं आंध्र प्रदेश की महिला
94 वर्षीय के महालक्ष्मम्मा की जिंदगी की अब केवल एक ही अंतिम इच्छा है कि वह भारतीय नागरिक के रूप में अपनी अंतिम सांस लेना चाहती हैं
यूसीसी पर भाजपा का दो टूक रुख, संजय उपाध्याय बोले-पूरे देश में होना चाहिए लागू
भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने कहा कि पार्टी यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने का समर्थन करती है। उन्होंने टीएमसी के शासनकाल में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का वादा किया
राम मंदिर चंदा घोटाला, आस्था पर महाघात – प्रियंका का हमला
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और हेराफेरी के मामले को करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर आघात बताते हुए इसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने तथा दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है
CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान, हॉकी में गोल्ड जीतने वालों को ₹3 लाख, ब्रॉन्ज विजेताओं को ₹1 लाख मिलेगा
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 26 जून को पदक विजेता हॉकी खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय हॉकी टीम में मध्यप्रदेश बढ़ता प्रतिनिधित्व एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आने वाले समय में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी अन्य ...
Ayodhya Ram Temple donation scam case: सभी 8 आरोपी 29 जून तक पुलिस रिमांड पर, 79.85 लाख रुपए बरामद
अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान के कथित गबन मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को अदालत ने 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इस दौरान जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ जारी रखेंगी। शुक्रवार को अभियोजन पक्ष के एक ...
टेक की दुनिया में अपने अनोखे और ट्रांसपेरेंट डिज़ाइन के लिए मशहूर लंदन की स्मार्टफोन निर्माता कंपनी 'नथिंग' (Nothing) एक बार फिर बाजार में तहलका मचाने के लिए तैयार है। कल ही सोशल मीडिया पर अपकमिंग 'Nothing Phone 4b' का आधिकारिक डिज़ाइन सामने आने के बाद, अब इस डिवाइस के लगभग सभी मुख्य स्पेसिफिकेशन्स ऑनलाइन लीक हो गए हैं। यह नया स्मार्टफोन कंपनी की बिल्कुल नई b सीरीज़ का पहला हैंडसेट होगा, जिसे मौजूदा Nothing Phone 4a सीरीज़ से नीचे यानी अधिक किफायती बजट सेगमेंट में प्लेस किया जाएगा।हालांकि कंपनी के सीईओ कार्ल पेई (Carl Pei) पहले ही इस फोन के रियर लुक और डिज़ाइन से जुड़ी कई दिलचस्प जानकारियों पर मुहर लगा चुके हैं, लेकिन अब मशहूर टेक टिप्स्टर योगेश बरार ने फोन के अंदरूनी हार्डवेयर और संभावित फीचर्स का पूरा कच्चा चिट्ठा खोल दिया है। आइए जानते हैं आगामी 7 जुलाई को आधिकारिक रूप से पर्दा उठाने जा रहे Nothing Phone 4b में हमें क्या कुछ खास देखने को मिल सकता है।120Hz AMOLED डिस्प्ले और स्नैपड्रैगन प्रोसेसर से लैस होगा फोनलीक हुई रिपोर्ट के अनुसार, Nothing Phone 4b में कंटेंट देखने और गेमिंग के शानदार अनुभव के लिए 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करने वाला 6.7-इंच का बड़ा AMOLED डिस्प्ले दिया जा सकता है। बेहतरीन परफॉर्मेंस और स्मूद मल्टीटास्किंग के लिए कंपनी इस फोन में Qualcomm का लेटेस्ट Snapdragon 6 Gen 4 प्रोसेसर दे सकती है।यह लीक हाल ही में सामने आई गीकबेंच (Geekbench) लिस्टिंग से भी पूरी तरह मेल खाता है, जिसमें इस बात का संकेत मिला था कि यह फोन 8GB रैम और भविष्य के सबसे आधुनिक ऑपरेटिंग सिस्टम Android 16 पर आधारित Nothing OS के साथ मार्केट में एंट्री लेगा।50MP डुअल कैमरा और 5400mAh की दमदार बैटरी का कॉम्बोफोटोग्राफी के शौकीनों की बात करें तो लीक दावों के मुताबिक, इस डिवाइस के बैक पैनल पर 50 मेगापिक्सल का मुख्य (Primary) रियर कैमरा देखने को मिलेगा। हालांकि इसके सेकेंडरी कैमरे के सेंसर के बारे में अभी सटीक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन नथिंग ने अपने आधिकारिक टीज़र में पहले ही साफ कर दिया है कि फोन के पीछे वर्टिकल स्टाइल में डुअल-कैमरा सेटअप ही मौजूद रहेगा।स्मार्टफोन को दिनभर बिना किसी रुकावट के चालू रखने के लिए Nothing Phone 4b में 5400mAh की एक बेहद पावरफुल बैटरी दी जा सकती है, जो फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आएगी।बदल जाएगा सिग्नेचर ग्लिफ़ इंटरफ़ेस, मिलेगा नया हॉरिजॉन्टल बारनथिंग के पुराने स्मार्टफोन्स की तुलना में इस बार डिज़ाइन के स्तर पर एक बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव देखने को मिलेगा। Phone 4b में ब्रांड का पुराना और पारंपरिक सेगमेंटेड ग्लिफ़ इंटरफ़ेस (Glyph Interface) नहीं दिया जाएगा। इसकी जगह कंपनी ने लागत को कम रखने के लिए कैमरा मॉड्यूल के ठीक नीचे एक छोटा, हॉरिजॉन्टल ग्लिफ़ बार (Glyph Bar) फिट किया है।कंपनी के मुताबिक, यह छोटी सी लाइटिंग स्ट्रिप भी पहले की तरह ही आपके फोन के नोटिफिकेशन, चार्जिंग स्टेटस की लाइव ट्रैकिंग और ऐप-स्पेसिफिक अलर्ट को बखूबी संभालेगी। इसके साथ ही बैक पैनल पर नथिंग का वह खास ट्रांसपेरेंट (पारदर्शी) लुक भी बरकरार रहेगा, जिसके लिए यह ब्रांड वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान रखता है।वेरिएंट्स, संभावित कलर्स और भारतीय बाजार में अनुमानित कीमतलीक रिपोर्ट्स की मानें तो Nothing Phone 4b को बाजार में दो मुख्य स्टोरेज वेरिएंट्स—8GB RAM + 128GB स्टोरेज और 8GB RAM + 256GB स्टोरेज में उतारा जा सकता है। कलर ऑप्शंस की बात करें तो यह फोन कुल तीन आकर्षक रंगों में आने की उम्मीद है। हालांकि कंपनी ने अभी सभी कलर्स के नाम गोपनीय रखे हैं, लेकिन ब्रांड ने अपने ऑफिशियल टीज़र में एक खूबसूरत 'लाइट ब्लू' (हल्के नीले) कलर की पहली झलक फैंस को दिखा दी है।कीमत के मोर्चे पर नथिंग ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन टेक पंडितों और लीक्स का अनुमान है कि भारत में Nothing Phone 4b की कीमत ₹25,000 से लेकर ₹30,000 के बीच तय की जा सकती है। यह प्राइस रेंज इसे सीधे तौर पर मध्यम बजट वाले ग्राहकों की पहुंच में ला देगी। कंपनी आगामी 7 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाले अपने भव्य वैश्विक लॉन्च इवेंट में इस फोन की असल कीमत, ऑफर्स और सेल की तारीखों से पूरी तरह पर्दा उठाएगी।
देश के 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख से ज्यादा पेंशनभोगियों के लिए एक बहुत बड़ी और बेहद उत्साहजनक खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार द्वारा गठित किया गया 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ चुका है। हर 10 साल के अंतराल पर बनने वाला यह हाई-प्रोफाइल आयोग इस बार सरकारी कर्मचारियों की किस्मत बदलने और उनकी झोली में बंपर सैलरी हाइक (Salary Hike) डालने की पुरजोर तैयारी कर रहा है।सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अगुवाई में काम कर रहा यह आयोग इस समय देशव्यापी दौरों पर है और 30 जून 2026 तक ऑनलाइन डेटा जुटाने की अंतिम प्रक्रिया में व्यस्त है। इस बीच, विभिन्न केंद्रीय कर्मचारी संगठनों ने आयोग के समक्ष अपनी ऐतिहासिक मांगें रख दी हैं, जिसमें न्यूनतम बेसिक सैलरी को मौजूदा ₹18,000 से सीधे बढ़ाकर ₹69,000 करने और फिटमेंट फैक्टर को 3.80 गुना तक ले जाने का पुरजोर समर्थन किया गया है। रेलवे, डिफेंस (रक्षा) समेत तमाम सरकारी विभागों के लगभग 1 करोड़ से अधिक परिवारों की जेब और भविष्य पर सीधा असर डालने वाले इस महा-बदलाव को लेकर 10 सबसे बड़े और महत्वपूर्ण अपडेट्स सामने आए हैं, जिन्हें हर नौकरीपेशा और रिटायर्ड कर्मचारी के लिए जानना बेहद जरूरी है।1. न्यूनतम बेसिक पे सीधे ₹69,000 करने की हुंकारसैलरी स्ट्रक्चर में आमूलचूल बदलाव को लेकर देश के सबसे बड़े कर्मचारी संगठनों ने आयोग को अपना आधिकारिक मांग पत्र सौंप दिया है। नेशनल काउंसिल (NC-JCM) और ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) ने संयुक्त रूप से मांग की है कि महंगाई के मौजूदा दौर को देखते हुए न्यूनतम बेसिक पे को बढ़ाकर सीधे ₹69,000 किया जाना चाहिए। दूसरी तरफ, महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गेनाइजेशन ने इसे ₹65,000 निर्धारित करने की वकालत की है।2. रेलवे यूनियनों ने रखा अपना अलग और तार्किक पक्षकर्मचारियों की संख्या के लिहाज से सबसे बड़े विभाग भारतीय रेलवे की यूनियनों ने भी अपनी आवाज बुलंद की है। इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने आज के आधुनिक आर्थिक कारकों और बाजार भाव के आधार पर न्यूनतम वेतन ₹52,600 करने का प्रस्ताव दिया है। इसके साथ ही, रेलवे सीनियर सिटीजन्स वेलफेयर सोसाइटी (RSCWS) का तर्क है कि इस नए न्यूनतम वेतन की सटीक गणना 1 जनवरी 2026 के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Price Index) को आधार बनाकर ही की जानी चाहिए ताकि कर्मचारियों को वास्तविक लाभ मिल सके।3. फिटमेंट फैक्टर पर आया यह बड़ा गुणा-भागकेंद्रीय कर्मचारियों की अंतिम सैलरी तय करने में 'फिटमेंट फैक्टर' (Fitment Factor) की भूमिका सबसे ज्यादा निर्णायक होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे यूनियन (IRTSA) ने विशेष मांग की है कि रेलवे के सेफ्टी कैटेगरी से जुड़े पदों (विशेषकर लेवल 6) के लिए उच्च इंडेक्सिंग का फॉर्मूला अपनाया जाए। उन्होंने आयोग को सुझाव दिया है कि इस बार कर्मचारियों की जिम्मेदारी और कार्यकुशलता के आधार पर 2.92, 3.50 और अधिकतम 3.80 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाना चाहिए।4. महंगाई भत्ते (DA) को लेकर तैयार हो रहा है नया फॉर्मूलाकर्मचारियों को मिलने वाले महंगाई भत्ते (DA) को लेकर भी संगठनों ने आयोग के सामने बिल्कुल नए और व्यावहारिक सुझाव रखे हैं:NC-JCM का सुझाव: कर्मचारियों के लिए एक 'इन्फ्लेशन-लिंक्ड' यानी सीधे महंगाई की दर से जुड़ा हुआ वेज मॉडल तैयार होना चाहिए, जिससे जैसे-जैसे बाजार में महंगाई बढ़े, सैलरी में स्वतः ही आनुपातिक बढ़ोतरी हो जाए।महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गेनाइजेशन: इन्होंने मांग की है कि साल में न्यूनतम 4% डीए बढ़ोतरी सुनिश्चित की जाए। साथ ही, जैसे ही महंगाई भत्ता 50% के आंकड़े को छुए, उसे तुरंत बेसिक सैलरी में मर्ज (विलय) कर दिया जाना चाहिए।5. डेटा सबमिशन की अंतिम तारीख 30 जून 2026 तय8वें वेतन आयोग ने विभिन्न संगठनों और हितधारकों द्वारा फिजिकल ज्ञापन सौंपने की खिड़की को बीते 15 जून को बंद कर दिया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि जो भी संगठन या व्यक्तिगत स्टेकहोल्डर्स अपना ऑनलाइन डेटा या सुझाव सबमिट करना चाहते हैं, उनके लिए आयोग का आधिकारिक डिजिटल पोर्टल 30 जून 2026 तक पूरी तरह खुला रहेगा। इसके बाद डेटा कलेक्शन का काम बंद कर दिया जाएगा।6. जानिए कौन-कौन हैं इस रसूखदार पैनल के सदस्यइस समय 8वें वेतन आयोग की पूरी कमान देश की जानी-मानी कानूनी विशेषज्ञ और सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई के हाथों में है, जो इसकी अध्यक्ष हैं। उनके इस सफर में देश के दो और दिग्गज नाम पैनल में शामिल हैं—पहले हैं प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के सम्मानित सदस्य प्रोफेसर पुलक घोष और दूसरे हैं पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज जैन, जो इस पूरे आयोग में बतौर सदस्य-सचिव (Member-Secretary) अपनी सेवाएं दे रहे हैं।7. ओडिशा और पश्चिम बंगाल के मैदान पर उतरेगा आयोगविभिन्न राज्यों के जमीनी हालात और वहां के स्थानीय कर्मचारी संगठनों की नब्ज टटोलने के लिए आयोग की टीम लगातार राज्यों के दौरे कर रही है। इसी देशव्यापी अभियान के अगले चरण के तहत आयोग की पूरी टीम 6 और 7 जुलाई को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर का दौरा करेगी, जबकि इसके तुरंत बाद 9 और 10 जुलाई को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में कर्मचारियों और यूनियनों के साथ आमने-सामने की मैराथन बैठकें की जाएंगी।8. देश के 1 करोड़ से अधिक परिवारों को मिलेगा सीधा लाभइस नए वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होते ही इसका सीधा और सकारात्मक असर देश के आर्थिक ढांचे पर दिखेगा। इससे केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाले 50 लाख से अधिक एक्टिव कर्मचारियों और देश की सेवा कर चुके लगभग 65 लाख से अधिक पेंशनभोगियों के जीवन स्तर में बड़ा सुधार होगा। इस विशाल लाभार्थी वर्ग में भारतीय सेना (रक्षा विभाग) और लाइफलाइन कहे जाने वाले रेलवे के लाखों कर्मचारी और उनके रिटायरीज भी शामिल हैं।9. कब तक आएगी वेतन आयोग की फाइनल रिपोर्ट?सरकारी प्रक्रियाओं और पिछले इतिहास को देखें तो किसी भी वेतन आयोग को देश भर से मिले लाखों ज्ञापनों का अध्ययन करने और अपनी अंतिम सिफारिशें सरकार को सौंपने में कम से कम 18 महीने का समय लग जाता है। इस गणित के हिसाब से फरवरी 2027 से पहले आयोग की आधिकारिक रिपोर्ट आना काफी मुश्किल नजर आ रहा है। हालांकि, ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लॉयीज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मनजीत सिंह पटेल का मानना है कि नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत यानी अप्रैल 2027 के बजट सत्र के आसपास केंद्र सरकार इस संबंध में कोई बहुत बड़ा और ऐतिहासिक ऐलान कर सकती है।10. कर्मचारियों की जेब में वास्तव में कब तक आएगा बढ़ा हुआ पैसा?सरकारी कर्मचारियों के लिए यह जानना भी बेहद जरूरी है कि घोषणा होने और खाते में पैसा आने के बीच कितना समय लगता है। अगर पुराने वेतन आयोगों के ट्रेंड्स और उनके क्रियान्वयन की रफ्तार को देखें, तो सिफारिशें टेबल पर आने के बाद उन्हें देश के हर विभाग में पूरी तरह लागू करने और एरियर आदि की गणना करने में 2 से 3 साल का लंबा वक्त लग जाता है। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि यदि साल 2027 में सरकार नए वेतनमान और सैलरी बढ़ोतरी की घोषणा कर भी देती है, तो उसका वास्तविक और पूरा नकद लाभ कर्मचारियों को अपनी मंथली सैलरी स्लिप में साल 2029 या 2030 तक ही दिखाई देगा।
देशभर में भीषण गर्मी से बेहाल लोगों के लिए एक तरफ राहत तो दूसरी तरफ आफत की खबर है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की रफ्तार अब लगातार रफ्तार पकड़ रही है। इसी बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 27 जून के लिए एक बड़ा अपडेट जारी करते हुए देश के 20 से ज्यादा राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में मॉनसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। राहत की बात यह है कि अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मॉनसून के गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और नए इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल बन चुकी हैं।बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट: बंगाल और सिक्किम में आफत की आशंकामौसम विभाग ने 27 जून को कुछ राज्यों में मूसलाधार और अत्यधिक भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर रिकॉर्डतोड़ बारिश होने की प्रबल आशंका जताई गई है। इन इलाकों में पहाड़ों पर भूस्खलन (Landslide) का खतरा भी बढ़ गया है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। इसके अलावा पूर्वोत्तर के प्रमुख राज्यों असम और मेघालय में भी अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है, जिससे नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं।बिहार, झारखंड समेत दक्षिण भारत के इन राज्यों में बरसेंगे बदराआईएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, देश के एक बड़े हिस्से में 27 जून को व्यापक रूप से वर्षा दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग ने क्षेत्रवार राज्यों की सूची जारी की है:पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बिहार और ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर के राज्यों में भी झमाझम बारिश का दौर देखने को मिलेगा।मध्य और पश्चिमी भारत: छत्तीसगढ़ के साथ-साथ कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं, मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में भी व्यापक रूप से पानी बरसने की उम्मीद है।दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, केरल, माहे, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।दिल्ली-NCR से राजस्थान तक आंधी-तूफान, बिजली और थंडरस्कॉल की चेतावनीमौसम विभाग ने सिर्फ बारिश ही नहीं, बल्कि जानलेवा आकाशीय बिजली और विनाशकारी हवाओं को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। झारखंड में 27 जून को सबसे ज्यादा खतरा है, जहां 50-60 किमी प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ थंडरस्कॉल (तीव्र आंधी) और बिजली गिरने की आशंका है।इसके अलावा दिल्ली-NCR (हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली), पंजाब, पश्चिमी राजस्थान, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गांगेय पश्चिम बंगाल, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, माहे और लक्षद्वीप में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का अलर्ट है। वहीं, पूर्वी राजस्थान, तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।यूपी में अभी नहीं थमेगा गर्मी का सितम, लू का प्रकोप रहेगा जारीजहां एक तरफ देश का आधा हिस्सा मॉनसूनी बारिश से सराबोर होने जा रहा है, वहीं उत्तर प्रदेश के बाशिंदों को फिलहाल गर्मी से कोई खास राहत मिलती नहीं दिख रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में 27 जून को लू (Heatwave) से लेकर भीषण लू की स्थिति बनी रहने की आशंका है। पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में भी गर्म हवाएं लोगों को परेशान करेंगी। इसी तरह, ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में भी बारिश से पहले मौसम बेहद गर्म, उमस भरा और बेचैन करने वाला रहने का अनुमान लगाया गया है।
सीएम योगी के नोएडा दौरे पर 2478 करोड़ की 70 परियोजनाओं की सौगात, नए प्रशासनिक भवन का करेंगे लोकार्पण
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह नोएडा में कुल 2,478 करोड़ रुपये की 70 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इनमें 1,045 करोड़ रुपये की 5 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 1,434 करोड़ रुपये की 65 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। मुख्यमंत्री का यह दौरा नोएडा और आसपास के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सावन 2026 की शुरुआत कब से? जानें इस बार कितने सोमवार और मंगला गौरी व्रत का बन रहा है अद्भुत संयोग
रिमझिम फुहारें, चारों तरफ फैली हरियाली और हवाओं में गूंजते 'बोले बम-बम' के जयकारे... जी हां, शिव भक्तों के सबसे पसंदीदा और पावन महीने सावन की दस्तक अब बहुत दूर नहीं है। हिंदू कैलेंडर का पांचवा महीना यानी श्रावण मास आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टिकोण से सनातन धर्म में सबसे उत्तम माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह पूरा महीना देवाधिदेव महादेव को अत्यंत प्रिय है। इस विशेष कालखंड में माता पार्वती और भगवान शिव की संयुक्त रूप से की गई आराधना भक्तों के जीवन के सभी कष्टों को हर लेती है।सावन के महीने में सोमवार के दिन का एक अलग ही और अनूठा महत्व होता है। वैसे तो पूरा महीना ही शिवजी की भक्ति के रंग में रंगा रहता है, लेकिन सोमवार के दिन शिवालयों में उमड़ने वाला जनसैलाब देखते ही बनता है। भोलेनाथ के दीवाने पूरे महीने व्रत, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और कांवड़ यात्रा जैसी कठिन और पवित्र धार्मिक गतिविधियों में लीन रहते हैं। ऐसे में अगर आप भी सावन 2026 का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, तो आपके लिए बेहद अच्छी खबर है। आइए जानते हैं कि इस साल सावन का महीना कब से शुरू हो रहा है और इसमें व्रत रखने के कितने विशेष मौके मिल रहे हैं।सावन 2026: जानिए कब से शुरू और कब समाप्त होगा यह पवित्र महीनापंचांग और तिथियों की गणना को लेकर लोकल 18 से खास बातचीत में पुजारी शुभम तिवारी ने बताया कि उत्तर भारतीय पंचांग (पूर्णिमांत कैलेंडर) के अनुसार, साल 2026 में सावन महीने की शुरुआत 30 जुलाई 2026, दिन गुरुवार से होने जा रही है। वहीं, इस पवित्र महीने का समापन 28 अगस्त 2026, दिन शुक्रवार को होगा। शास्त्रों में वर्णित है कि सावन के पूरे 30 दिनों तक जो भी श्रद्धालु सच्चे मन और पूरी निष्ठा से महादेव की शरण में रहता है, उसकी हर अधूरी मनोकामना पूरी होती है और घर में सुख, शांति तथा अटूट समृद्धि का वास होता है।इस बार मिलेंगे भक्ति के विशेष अवसर: 4 सोमवार और 4 मंगला गौरी व्रत का संयोगसावन 2026 की सबसे खास बात यह है कि इस बार भक्तों को शिव और शक्ति दोनों की कृपा पाने के बराबर और बेहद दुर्लभ अवसर मिल रहे हैं। इस साल के सावन में कुल चार सोमवार और चार ही मंगला गौरी व्रत पड़ रहे हैं। इसका मतलब है कि यदि आप सावन के सोमवार व्रत रखने या कांवड़ लाकर जलाभिषेक करने का संकल्प ले रहे हैं, तो आपके पास तैयारी करने के लिए अभी से पर्याप्त समय है।सावन 2026 के 4 सोमवार की सटीक तारीखेंसनातन परंपरा में सोमवार का दिन साक्षात भगवान शिव का दिन माना जाता है। सावन के सोमवार को सुबह उठकर पवित्र स्नान के बाद शिवलिंग पर शुद्ध जल, गाय का कच्चा दूध, बेलपत्र, शमी पत्र, धतूरा और अक्षत अर्पित करने से भोलेनाथ बहुत जल्द प्रसन्न होते हैं। साल 2026 में पड़ने वाले चारों सोमवार की तारीखें इस प्रकार हैं:पहला सावन सोमवार: 3 अगस्त 2026दूसरा सावन सोमवार: 10 अगस्त 2026तीसरा सावन सोमवार: 17 अगस्त 2026चौथा सावन सोमवार: 24 अगस्त 2026अखंड सौभाग्य के लिए 4 मंगला गौरी व्रतजिस तरह सावन का सोमवार पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए शिव भक्ति का पर्व है, उसी तरह सावन का हर मंगलवार विशेष रूप से महिलाओं के लिए 'मंगला गौरी व्रत' के रूप में आरक्षित रहता है। यह व्रत साक्षात माता पार्वती को समर्पित है। सुहागिन महिलाएं अपने वैवाहिक जीवन की खुशहाली, दांपत्य सुख और पति की दीर्घायु के लिए यह व्रत बहुत नियम-धर्म से रखती हैं। वहीं, घर की अविवाहित कन्याएं सुयोग्य और मनचाहा वर पाने की इच्छा से इस दिन माता गौरी का श्रृंगार और पूजन करती हैं।साल 2026 में मंगला गौरी व्रत की तिथियां 4 अगस्त, 11 अगस्त, 18 अगस्त और 25 अगस्त को आ रही हैं। इन विशेष दिनों पर माता पार्वती के मंगला गौरी स्वरूप की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।
महाराष्ट्र के पुणे से सामने आए चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड ने इस समय पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। लोहागढ़ किले में हुई इस खौफनाक वारदात में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस बीच, अब मृतक केतन के पिता विशाल अग्रवाल का एक बेहद महत्वपूर्ण बयान सामने आया है, जिसने पुलिस की शुरुआती थ्योरी को पूरी तरह पलट कर रख दिया है। विशाल अग्रवाल ने उन मीडिया रिपोर्टों और पुलिस कयासों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा जा रहा था कि केतन के लुक और उनके 'हेयर विग' की वजह से उनकी मंगेतर सिया गोयल इस शादी से खुश नहीं थी और इसी नफरत के कारण उसने केतन को मौत के घाट उतरवा दिया।'सगाई से पहले ही सिया के परिवार को पता था सच' - पिता का दावालोहागढ़ किले में 18 जून को मार दिए गए 25 वर्षीय युवा कारोबारी केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल बेहद भावुक और आक्रोशित हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनके बेटे के लुक को लेकर जो बातें फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह झूठी, भ्रामक और मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाने वाली हैं। विशाल अग्रवाल ने बताया कि केतन को एक मेडिकल समस्या (Alopecia या बाल झड़ने की बीमारी) थी, जिसके कारण उनके सिर के एक हिस्से के बाल गिर गए थे। इसी वजह से वह हेयर विग पैच का इस्तेमाल करता था।केतन के पिता ने खुलासा किया कि इस मेडिकल कंडीशन की पूरी जानकारी सगाई की बात पक्की होने से काफी समय पहले ही मंगेतर सिया गोयल और उसके पूरे परिवार को दे दी गई थी। उन्होंने कहा, हमने कुछ भी नहीं छुपाया था। अगर सिया या उसके परिवार को केतन के लुक या विग से कोई भी दिक्कत होती, तो वे उसी समय शादी के रिश्ते से इनकार कर सकते थे। इसलिए अब हत्या की वजह विग को बताना पूरी तरह गलत है।हादसा नहीं सोची-समझी साजिश, मंगेतर और उसके प्रेमी ने मिलकर रची मौत की पटकथाविशाल अग्रवाल के इस बयान के बाद अब पुलिस की सुई पूरी तरह से एक सुनियोजित और ठंडे दिमाग से की गई हत्या की साजिश (Premeditated Murder) पर टिक गई है। इस हत्याकांड में केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी की मुख्य भूमिका सामने आई है। शुरुआती दौर में जब केतन का शव खाई से मिला था, तो इसे पैर फिसलने की वजह से हुआ एक हादसा माना जा रहा था। लेकिन जैसे ही पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस और फॉरेंसिक सबूतों को खंगाला, यह मामला एक खौफनाक कत्ल की साजिश में बदल गया।पहली बार झाड़ियों ने बचाई जान, दूसरी बार खाई में धक्का देकर ले ली जानपुलिस जांच में जो टाइमलाइन और सबूत सामने आए हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। तफ्तीश के मुताबिक, मंगेतर सिया गोयल साजिश के तहत केतन को बार-बार पुणे के पास स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किले के सुनसान इलाकों में ले जा रही थी। वारदात से ठीक चार दिन पहले, यानी 14 जून को भी सिया केतन को किले के एक ऊंचे पॉइंट पर लेकर गई थी। वहां उसने केतन को पहाड़ी की चट्टान से नीचे धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन किस्मत अच्छी थी कि केतन ने गिरते समय वहां उगी एक मजबूत झाड़ी को पकड़ लिया और उसकी जान बच गई।इस नाकाम कोशिश से सबक न लेते हुए, सिया गोयल 18 जून को दोबारा केतन को उसी लोहागढ़ किले के सुसाइड पॉइंटनुमा इलाके में ले गई। इस बार बैकअप के तौर पर उसका प्रेमी चेतन चौधरी भी गुपचुप तरीके से उनके पीछे-पीछे किले पर पहुंच गया। पुलिस का आरोप है कि जैसे ही केतन का ध्यान भटका, सिया और चेतन ने मिलकर उसे गहरी खाई में धक्का दे दिया। इतनी ऊंचाई से गिरने के कारण केतन की मौके पर ही मौत हो गई।बदनामी के डर से नहीं तोड़ी सगाई, कॉल डिटेल्स ने खोले राजइस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस को सुलझाने में पुलिस के हाथ दोनों आरोपियों के मोबाइल सीडीआर (Call Detail Records) लगे हैं, जो उनके गुनाह की गवाही दे रहे हैं। रिकॉर्ड के मुताबिक, सगाई होने के बाद भी सिया और चेतन चौधरी के बीच हजारों बार फोन पर बातचीत हुई थी, जिनमें से कई कॉल कई-कई घंटों लंबी थीं।कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी चेतन ने पुलिस के सामने कुबूल किया है कि सिया केतन से शादी नहीं करना चाहती थी, लेकिन वह खुद सगाई भी नहीं तोड़ पा रही थी क्योंकि उसे समाज और परिवार में होने वाली बदनामी का डर था। इसी बदनामी से बचने के लिए उसने केतन को ही रास्ते से हटाने का खौफनाक फैसला कर लिया। फिलहाल पुलिस ने मुख्य आरोपी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दोनों के खिलाफ हत्या (IPC 302) और आपराधिक साजिश (IPC 120B) के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
हिंदू धर्म में ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा का विवाहित महिलाओं के लिए एक बेहद खास और पवित्र स्थान है। देश के कई हिस्सों में इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन के लिए वट पूर्णिमा का व्रत रखती हैं। इसे कई जगहों पर वट सावित्री व्रत के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं वट वृक्ष यानी बरगद के पेड़ की पूरे विधि-विधान से पूजा करती हैं। धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, बरगद के पेड़ की शाखाओं में सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा, इसके मजबूत तने में भगवान विष्णु और इसकी गहरी जड़ों में देवों के देव महादेव का वास होता है। यही वजह है कि इस पेड़ की पूजा करने से त्रिमूर्ति का आशीर्वाद एक साथ मिल जाता है।ज्येष्ठ पूर्णिमा 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त का सटीक समयसाल 2026 में ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 29 जून को तड़के सुबह 03:06 बजे से हो रही है, जो अगले दिन यानी 30 जून 2026 को सुबह 05:26 बजे समाप्त होगी। हिंदू धर्म में उदयातिथि के महत्व को सर्वोपरि माना जाता है, इसलिए पूर्णिमा का व्रत, पवित्र नदियों में स्नान-दान और मुख्य पूजा 29 जून 2026 को ही संपन्न की जाएगी।इस पावन दिन पर स्नान और दान के लिए सबसे उत्तम समय यानी ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:06 बजे से सुबह 04:46 बजे तक रहेगा। इस दौरान किसी पवित्र नदी में डुबकी लगाना या घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना और उसके बाद गरीबों को दान देना बेहद कल्याणकारी और पुण्य फलदायी माना जाता है। इसके अलावा सुबह की पूजा का सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त 06:00 बजे से 08:30 बजे तक है। दोपहर के समय पूजा के लिए अभिजित मुहूर्त 11:57 बजे से 12:52 बजे तक रहेगा, जबकि शाम को गोधूलि मुहूर्त 07:22 बजे से 07:42 बजे तक रहेगा।इस बार बन रहा है 2 शुभ योगों का अद्भुत संयोगइस साल वट पूर्णिमा का महत्व और ज्यादा बढ़ गया है क्योंकि इस दिन शुक्ल योग और ब्रह्म योग का एक बहुत ही दुर्लभ और पावन संयोग बन रहा है। 29 जून को सुबह से लेकर दोपहर 02:36 बजे तक शुक्ल योग रहेगा और इसके तुरंत बाद ब्रह्म योग की शुरुआत हो जाएगी। ज्योतिष शास्त्र में इन दोनों ही योगों को बेहद शुभ और मंगलकारी माना गया है। इन विशेष योगों में की गई पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्य कभी निष्फल नहीं होते। महिलाएं अपनी सुविधा के अनुसार सुबह या दोपहर के किसी भी शुभ मुहूर्त में बरगद के पेड़ की परिक्रमा कर सकती हैं और सावित्री-सत्यवान की पौराणिक व्रत कथा का श्रवण कर पुण्य की भागीदार बन सकती हैं।क्या है जून की पूर्णिमा और 'स्ट्रॉबेरी मून' का अनोखा कनेक्शन?दिलचस्प बात यह है कि ज्येष्ठ माह की यह पूर्णिमा सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि सात समंदर पार उत्तरी अमेरिका और कई पश्चिमी देशों में भी बड़े चाव से देखी जाती है। जून महीने में दिखने वाले इस पूरे चांद को दुनिया भर में 'स्ट्रॉबेरी मून' (Strawberry Moon) के नाम से जाना जाता है। हालांकि, नाम को सुनकर अगर आप यह सोच रहे हैं कि इस रात चांद का रंग गुलाबी या लाल हो जाता है, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। दरअसल, इस समय उत्तरी अमेरिका में स्ट्रॉबेरी की फसल पूरी तरह पककर तैयार हो जाती है और वहां के स्थानीय लोग इस बेहद कम समय के सीजन में स्ट्रॉबेरी की कटाई करते हैं। इसी वजह से सदियों से जून की पूर्णिमा के चांद को यह खूबसूरत नाम दिया गया है।29 जून की रात आसमान में दिखेगा अनोखा नजारानॉटिंघम यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, 'स्ट्रॉबेरी मून' शब्द की उत्पत्ति उत्तर-पूर्वी उत्तरी अमेरिका के मूल निवासी 'एल्गोंक्वियन' लोगों से जुड़ी है। उनके लिए यह नाम किसी रंग का प्रतीक नहीं, बल्कि एक मौसमी इंडिकेटर की तरह काम करता था, जिससे उन्हें पता चलता था कि अब जंगली स्ट्रॉबेरी को इकट्ठा करने का समय आ गया है। वहीं दूसरी तरफ, पूरे यूरोप में जून के इस पूरे चांद को 'हनी मून', 'मीड मून' या 'रोज मून' भी कहा जाता है, जो वहां की पारंपरिक खेती और लोक संस्कृति के चक्र को दर्शाता है।इस बार स्ट्रॉबेरी मून के साथ दिखेगा 'माइक्रो मून' का दुर्लभ रूपभारत में इस अद्भुत खगोलीय घटना यानी स्ट्रॉबेरी मून का सबसे खूबसूरत और साफ़ नजारा 29 जून की सुबह 05:26 बजे के आसपास देखा जा सकेगा। खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार का यह पूरा चांद एक 'माइक्रो मून' (Micro Moon) भी होगा। माइक्रो मून का सीधा मतलब यह होता है कि इस समय चंद्रमा अपनी कक्षा (Orbit) में चक्कर काटते हुए पृथ्वी से अपनी सबसे अधिकतम दूरी पर स्थित होगा। दूरी बहुत ज्यादा होने के कारण यह चांद आम पूर्णिमा के चंद्रमा के मुकाबले आकार में थोड़ा छोटा और रोशनी में थोड़ा धुंधला दिखाई देगा। इसे देखने के लिए 28 और 29 जून की पूरी रात आसमान में एक बेहद खूबसूरत नजारा बना रहेगा।
दिल्ली वालों को अभी और तरसाएगा मानसून, मौसम विभाग ने बताया राष्ट्रीय राजधानी में कब होगी एंट्री
दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर-पश्चिम भारत में भीषण गर्मी का प्रकोप झेल रहे लोगों के लिए एक बड़ी और थोड़ी मायूस करने वाली खबर है। देशभर में सुस्त रफ्तार से आगे बढ़ रहा दक्षिण-पश्चिम मानसून अब दिल्ली में भी अपने तय समय पर दस्तक नहीं दे पाएगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अनुमान के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी में मानसून की एंट्री अगले हफ्ते होने की उम्मीद है। आमतौर पर दिल्ली में मानसून पहुंचने की तारीख 27 जून के आसपास मानी जाती है, लेकिन इस बार हवाओं का रुख और मौसमी सिस्टम इसका साथ नहीं दे रहे हैं।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हालांकि मानसून केरल में अपने सही समय पर पहुंच गया था, लेकिन पिछले कुछ सालों का ट्रेंड देखें तो इसे उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों तक पहुंचने में पहले के मुकाबले अधिक समय लग रहा है। आईएमडी ने 1961 से 2019 के बीच के आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद मानसून के पहुंचने की सामान्य तारीखों में कुछ बदलाव भी किए हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि मानसून का मिजाज बदल रहा है।इन राज्यों में भी बढ़ा इंतजार, सामान्य से 41 फीसदी कम बरसे बदरामानसून की धीमी चाल का असर सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य राज्यों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सामान्य तौर पर मानसून को 26 जून तक चंडीगढ़, 27 जून तक दिल्ली, 28 जून तक जम्मू, 1 जुलाई तक जयपुर और 8 जुलाई तक पूरे देश को कवर कर लेना चाहिए। मगर इस साल जमीनी हकीकत काफी अलग है। यह प्रायद्वीपीय और मध्य भारत के कई हिस्सों में अपने सामान्य समय से काफी पीछे चल रहा है।हालिया रिपोर्ट के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा अभी सूरत, इंदौर, डाल्टनगंज और मोतिहारी तक ही पहुंच पाई है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में अभी भी इसकी एंट्री नहीं हुई है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारी में जुटे किसान बेहद चिंतित हैं। मानसून की इस बेरुखी की वजह से जून महीने में देशभर में सामान्य से करीब 41 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 2 जुलाई तक भी स्थिति में बहुत बड़ा सुधार होने की उम्मीद नहीं है और बारिश सामान्य से कम ही रहेगी।मौसम विभाग का नया अपडेट: अगले 3-4 दिनों में यहां बदल सकता है मौसमराहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में मानसून के दोबारा एक्टिव होने की उम्मीद जताई है। आईएमडी के नए बुलेटिन के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून के उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं। इसके बाद, यानी 2 जुलाई से मानसून धीरे-धीरे मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बचे भागों के साथ-साथ उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान के कुछ और इलाकों की तरफ कदम बढ़ाएगा।मानसून के आने में हो रही इस देरी ने उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मी और उमस को चरम पर पहुंचा दिया है। उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में इस समय भीषण लू (Heatwave) चल रही है। प्रयागराज में पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है, जो सामान्य से 4 से 5 डिग्री ज्यादा है। दिल्ली की बात करें तो यहां दिन और रात दोनों ही समय लोग उमस भरी गर्मी से बेहाल हैं। दिन का अधिकतम तापमान 37 से 40 डिग्री और रात का न्यूनतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। हालांकि, बीच-बीच में चलने वाली तेज धूलभरी हवाओं और हल्की आंधी से तापमान में मामूली गिरावट आती है, लेकिन वह फौरी राहत ही साबित हो रही है। आने वाले दिनों में भी दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।अल नीनो ने बिगाड़ा खेल, जून से सितंबर तक दिख सकता है बड़ा असरइस साल मानसून की इस सुस्ती के पीछे मौसम वैज्ञानिक 'अल नीनो' (El Nino) के बढ़ते प्रभाव को मुख्य वजह मान रहे हैं। एक्सपर्ट्स ने पुष्टि की है कि प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में अल नीनो की स्थिति पूरी तरह सक्रिय हो चुकी है। समुद्र की सतह का तापमान (SST) बढ़ने के कारण वैश्विक हवाओं के पैटर्न में बड़ा बदलाव आया है, जिसका सीधा असर भारत के दक्षिण-पश्चिम मानसून पर पड़ रहा है।मौसम विभाग के मुताबिक, जून से सितंबर तक चलने वाले इस मानसूनी सीजन के दौरान अल नीनो का यह प्रभाव और ज्यादा मजबूत हो सकता है। आईएमडी ने अपने शुरुआती लॉन्ग रेंज फोरकास्ट में भी इस बात का अंदेशा जताया था कि इस साल देश के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश देखने को मिल सकती है। ऐसे में कई राज्यों में मानसून का सीजन कमजोर रहने की आशंका अब सच साबित होती दिख रही है, जो कृषि और जल संकट के लिहाज से एक बड़ी चुनौती बन सकता है।
भारतीय सेना प्रमुख और यूएई के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी की अहम बैठक, रक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की थल सेना के डिप्टी कमांडर, ब्रिगेडियर जनरल स्टाफ मोहम्मद खमीस मोहम्मद अल-हसानी ने शुक्रवार को भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच भारत और यूएई के बीच सैन्य सहयोग को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।
बाराबंकी में मौलवी तांत्रिक ने युवक की जीभ काटी, मौत
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश में बाराबंकी जिले के टिकैतनगर क्षेत्र में गुरुवार और शुक्रवार की मध्यरात्रि काे एक मौलवी तांत्रिक ने एक व्यक्ति की जीभ काटकर हत्या कर दी। परिवारजन ने तंत्र-मंत्र करने वाले मौलवी पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर […] The post बाराबंकी में मौलवी तांत्रिक ने युवक की जीभ काटी, मौत appeared first on Sabguru News .
अलवर के टहला में बालिका से रेप करने का आरोपी टैक्सी चालक अरेस्ट
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के टहला थाना क्षेत्र में एक बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने 25 हजार रुपए के इनामी मुख्य आरोपी को गिरफ्तार लिया है। पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने शुक्रवार को अलवर में पत्रकार वार्ता में बताया कि 24 जून को बालिका के अपहरण और दुष्कर्म […] The post अलवर के टहला में बालिका से रेप करने का आरोपी टैक्सी चालक अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
झुंझुनूं : खेतड़ी में बेटे ने ट्रैक्टर से कुचलकर पिता की हत्या कर दी
झुंझुनूं। खेतड़ी में एक युवक ने जमीन विवाद को लेकर अपने पिता की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि महावीर प्रसाद (65) की हत्या की गई है। उसके पुत्र शमशेर सिंह (38) को पकड़ लिया गया है। उन्होंने बताया कि रात करीब साढ़े दस 10 बजे महावीर प्रसाद […] The post झुंझुनूं : खेतड़ी में बेटे ने ट्रैक्टर से कुचलकर पिता की हत्या कर दी appeared first on Sabguru News .
राम मंदिर चढ़ावा मामले में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का ट्रस्ट से इस्तीफा
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। विश्व हिंदू परिषद के सूत्रों के अनुसार राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। दोनों ने अपना इस्तीफा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को सौंप दिया है। […] The post राम मंदिर चढ़ावा मामले में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का ट्रस्ट से इस्तीफा appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ : पिकअप सहित 36 लाख की अवैध अंग्रेजी शराब जप्त
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के संगरिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने गुरुवार देर रात एक पिकअप वाहन से चंडीगढ़ निर्मित करीब 36 लाख रुपए मूल्य की अंग्रेजी शराब बरामद की। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीणा ने शुक्रवार को बताया कि भारतमाला मार्ग पर नगराना टोल नाका के नजदीक पुलिस दल ने पिकअप वाहन को […] The post हनुमानगढ़ : पिकअप सहित 36 लाख की अवैध अंग्रेजी शराब जप्त appeared first on Sabguru News .
झुंझुनूं के उरीका गांव में शराब की दुकान पर युवक की संदिग्ध मौत से बवाल
झुंझुनूं। राजस्थान में झुंझुनूं जिले के उरीका गांव में संचालित अवैध शराब की दुकान पर युवक की संदिग्ध मौत के बाद शुक्रवार को पूरे क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने उरीका से हरियाणा के सतनाली जाने वाले मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी […] The post झुंझुनूं के उरीका गांव में शराब की दुकान पर युवक की संदिग्ध मौत से बवाल appeared first on Sabguru News .
कांग्रेस ने हरियाणा, ओडिशा उत्तर प्रदेश के लिए नियुक्त किए नए प्रभारी
नई दिल्ली। कांग्रेस ने पार्टी पदाधिकारियों की नियुक्ति में बड़े फेरबदल करते हुए हरियाणा, ओडिशा और उत्तर प्रदेश के लिए नए प्रभारी नियुक्ति किए है। पार्टी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इन नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि […] The post कांग्रेस ने हरियाणा, ओडिशा उत्तर प्रदेश के लिए नियुक्त किए नए प्रभारी appeared first on Sabguru News .
अजमेर मंडल में आरपीएफ के जवानों के लिए नवनिर्मित मैस एवं ओपन जिम का शुभारंभ
अजमेर। उत्तर पश्चिम रेलवे अजमेर मंडल में रेलवे सुरक्षा बल के जवानों के कल्याण और उनकी कार्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बुधवार को रेलवे सुरक्षा बल लाइन रामगंज में रेल सुरक्षा बल के सदस्यों के लिए नवनिर्मित मैस एवं नवनिर्मित ओपन जिम का मंडल रेल प्रबंधक […] The post अजमेर मंडल में आरपीएफ के जवानों के लिए नवनिर्मित मैस एवं ओपन जिम का शुभारंभ appeared first on Sabguru News .
भारत विकास परिषद राजस्थान मध्य प्रांत की पर्यावरण कार्यशाला ‘पुनर्नवा’ 28 जून को
राजस्थान में पर्यावरण का महाअभियान अजमेर। पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा जल संकट, प्लास्टिक प्रदूषण एवं घटते हरित क्षेत्र जैसी गंभीर चुनौतियों के प्रभावी समाधान के उद्देश्य से भारत विकास परिषद, राजस्थान मध्य प्रांत द्वारा एक व्यापक पर्यावरण कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसके अंतर्गत वर्ष 2026-27 में प्रदेशभर में 1 लाख […] The post भारत विकास परिषद राजस्थान मध्य प्रांत की पर्यावरण कार्यशाला ‘पुनर्नवा’ 28 जून को appeared first on Sabguru News .
सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी ने ने पीएम सूर्य घर योजना में बनाया नया कीर्तिमान
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना (पीएमएसजीवाई) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश ने सोलर रूफटॉप स्थापना में नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए देश में अग्रणी राज्य के रूप में अपनी पहचान मजबूत की ...
MDSU में रोजगारोन्मुख डिजिटल मार्केटिंग प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम आरंभ
उद्योगों की मांग के अनुरूप मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण अजमेर। डिजिटल अर्थव्यवस्था के तेजी से विस्तार और उद्योग जगत में बढ़ती डिजिटल विशेषज्ञों की मांग को ध्यान में रखते हुए महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय प्रबंधन केंद्र (CESBM) द्वारा युवाओं, विद्यार्थियों, उद्यमियों एवं कार्यरत पेशेवरों के लिए अल्पकालीन, रोजगारोन्मुख डिजिटल मार्केटिंग प्रमाणपत्र […] The post MDSU में रोजगारोन्मुख डिजिटल मार्केटिंग प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम आरंभ appeared first on Sabguru News .
आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं : CM योगी
श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र दान प्रकरण में पहली एफआईआर दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। एसआईटी की रिपोर्ट आते ही तत्काल कार्रवाई प्रारंभ हो गई। मैं आश्वस्त करता हूं और मैंने कहा भी था कि हम दूध ...
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकास की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री 27 जून (शनिवार) को गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) और गाजियाबाद के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई महत्वपूर्ण ...
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में उत्सव के माहौल में कोई उपद्रव नहीं कर सकता। अगर कोई ऐसा करेगा तो सात पीढ़ियों तक भुगतेगा। आज मुहर्रम पर शांति है। कोई खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन या सड़क पर गुंडागर्दी नहीं कर सकता। 2017 में सरकार बनने ...
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का प्राथमिक विद्यालयों के साथ ...
पटना का चर्चित 10 सर्कुलर रोड बंगला जल्द होगा खाली, राबड़ी देवी ने शुरू की शिफ्टिंग
बिहार की राजनीति का एक अहम अध्याय अब समाप्ति की ओर बढ़ता दिख रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के परिवार से लंबे समय तक जुड़ा रहा पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड का सरकारी आवास खाली कराने की प्रक्रिया तेज हो गई है। शुक्रवार को आवास के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे हटाए गए, जबकि घर का सामान भी धीरे-धीरे दूसरी जगह शिफ्ट किया जाता रहा।
केतन से क्यों नफरत करती थी सिया? पुलिस के सामने किया बड़ा खुलासा
Ketan Agrawal Murder Case: जिस मंगेतर के साथ सात फेरे लेने के लिए 17 करोड़ रुपए का आलीशान महल बुक हो चुका था, जिसके रसूख और दौलत की चर्चा पूरे पुणे में थी... उसी रईस बिजनेसमैन के बेटे को उसकी मंगेतर ने सिर्फ इसलिए मौत के घाट उतार दिया क्योंकि वह ...
महाराज जी! चंदा चोर आपके खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं...
Arvind Kejriwal Ayodhya: अयोध्या का 'राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद' अब देश की राजनीति का सबसे बड़ा अखाड़ा बन चुका है। शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने जब अयोध्या पहुंचकर रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई, तो लखनऊ से लेकर ...
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan Samman Nidhi Yojana) की 23वीं किस्त का इंतजार देश के 9.3 करोड़ से अधिक किसानों को है। मीडिया रिपोर्ट्स और पिछले भुगतान चक्र को देखते हुए संभावना है कि सरकार जून के आखिरी सप्ताह से लेकर जुलाई 2026 के मध्य के ...
Sant Kabir Jayanti 2026: हर साल ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तिथि को महान संत, समाज सुधारक और कवि संत कबीर दास जी की जयंती मनाई जाती है। कबीर दास जी ने अपनी साखियों और दोहों के जरिए समाज में फैली कुरीतियों, आडंबरों और अंधविश्वास पर करारा प्रहार किया था।
गुजरात: जेल में बंद विधायक के समर्थन में आप का राज्यव्यापी प्रदर्शन, कानूनी लड़ाई लड़ने का संकल्प
आम आदमी पार्टी (आप) ने शुक्रवार को पूरे गुजरात में डेडियापाडा के विधायक चैतर वसावा के समर्थन में मार्च निकाले। वसावा को नर्मदा जिले की एक सेशंस कोर्ट ने 2023 के एक मामले में सात साल की कठोर कैद की सजा सुनाई थी। यह मामला वन विभाग के अधिकारियों के साथ कथित मारपीट, सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने और जबरन वसूली से जुड़ा था।
BSNL का ₹259 ब्रॉडबैंड प्लान लॉन्च, 25Mbps अनलिमिटेड डेटा, कॉलिंग और OTT का मिलेगा फायदा
सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL ने ग्रामीण भारत के ग्राहकों के लिए मात्र 259 रुपये का नया किफायती ब्रॉडबैंड प्लान लॉन्च किया है। इस प्लान में 25Mbps स्पीड के साथ अनलिमिटेड डेटा, पूरे देश में अनलिमिटेड कॉलिंग और मनोरंजन के लिए Waves OTT का सब्सक्रिप्शन ...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने पॉक्सो मामले में वचनानंद स्वामी की अग्रिम जमानत रद्द की
बेंगलूरु। कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार को वचनानंद स्वामी को सत्र अदालत से मिली अग्रिम ज़मानत रद्द कर दी। स्वामी के खिलाफ पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था। न्यायालय ने कहा कि जिस तरह से गिरफ्तारी से पहले ज़मानत दी गई, वह परेशान करने वाली कार्रवाई है। यह सुनवाई शिकायतकर्ता की उस याचिका […] The post कर्नाटक हाईकोर्ट ने पॉक्सो मामले में वचनानंद स्वामी की अग्रिम जमानत रद्द की appeared first on Sabguru News .
होर्मुज जलडमरूमध्य में हमला : ईरान ने जहाज पर दागी मिसाइल, संयुक्त राष्ट्र का निकासी अभियान निलंबित
वॉशिंगटन/तेहरान। संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) ने होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे 11,000 से अधिक नाविकों के लिए तत्काल निकासी अभियान रोक दिया है। यह फैसला ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के सिंगापुर ध्वज वाले मालवाहक पोत एवर लवली पर किए गए हमले के बाद लिया गया है। यह घटना इस महत्वपूर्ण […] The post होर्मुज जलडमरूमध्य में हमला : ईरान ने जहाज पर दागी मिसाइल, संयुक्त राष्ट्र का निकासी अभियान निलंबित appeared first on Sabguru News .
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज पारंपरिक मुहर्रम का जुलूस निकाला जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन में उमड़ने वाली भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए रायपुर ट्रैफिक पुलिस ने एक व्यापक रूट डायवर्जन प्लान लागू किया है। आज दोपहर 2:00 बजे से लेकर रात 10:00 बजे तक शहर के कई प्रमुख रास्तों पर आम वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। अगर आप आज किसी जरूरी काम से घर से बाहर निकल रहे हैं, तो जाम से बचने के लिए इस नए ट्रैफिक रूट को जरूर जान लें।शहर के इन प्रमुख मार्गों पर रहेगा भारी डायवर्जनयातायात पुलिस द्वारा जारी की गई आधिकारिक गाइडलाइन के मुताबिक, मुहर्रम के मुख्य जुलूस के मार्ग पर पड़ने वाले सभी चौराहों पर बैरिकेडिंग की गई है। जयस्तंभ चौक, मालवीय रोड, शारदा चौक, मौदहापारा, आमापारा और कोतवाली चौक की तरफ जाने वाले रास्तों पर दोपहर के बाद से सामान्य यातायात पूरी तरह से बंद रहेगा। इन रास्तों से गुजरने वाले चौपहिया और दुपहिया वाहनों को शहर के बाहरी लिंक रोड और रिंग रोड की तरफ डायवर्ट किया जा रहा है, ताकि मुख्य बाजारों में जाम की स्थिति पैदा न हो।रेलवे स्टेशन और अस्पताल जाने वाले यात्री ध्यान देंइस रूट डायवर्जन का सबसे ज्यादा असर रायपुर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और मेकाहारा (Mekahara) अस्पताल जाने वाले मरीजों व यात्रियों पर पड़ सकता है। प्रशासन ने इन जरूरी सेवाओं के लिए कुछ वैकल्पिक मार्ग तय किए हैं। स्टेशन जाने वाले लोग आज वीआईपी रोड या विधानसभा रोड के बाहरी रास्तों का उपयोग कर सकते हैं। ट्रैफिक पुलिस ने अपील की है कि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए लोग मुख्य डायवर्जन पॉइंट जैसे फाफाडीह चौक और मरीन ड्राइव (तेलीबांधा) की तरफ से ही वैकल्पिक मार्गों का चुनाव करें।चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे पुलिसकर्मी और सीसीटीवी कैमरेत्योहार के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए रायपुर जिला प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद है। जुलूस के पूरे रूट पर सैकड़ों की संख्या में यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है जो वाहन चालकों को सही रास्ता दिखाने में मदद करेंगे। इसके साथ ही पूरे मार्ग की निगरानी स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर और सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जा रही है। वाहन चालकों से अनुरोध किया गया है कि वे किसी भी तरह की जल्दबाजी न करें और सड़कों पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें।
छत्तीसगढ़ के सबसे संवेदनशील और नक्सल प्रभावित मोर्चे यानी बस्तर रेंज में पुलिस नेतृत्व को लेकर एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव किया गया है। राज्य सरकार और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के आदेशों के तहत सीनियर आईपीएस अधिकारी बीएन मीणा को बस्तर रेंज का नया आईजी (इंसपेक्टर जनरल) नियुक्त किया गया है। वहीं बस्तर में लंबे समय तक अपनी बेहतरीन सेवाएं देने वाले और नक्सलियों के खिलाफ कई बड़े ऑपरेशनों को लीड करने वाले आईपीएस सुंदरराज पी. को अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में आईजी के पद पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।बस्तर के मोर्चे पर अब बीएन मीणा की होगी कमाननवनियुक्त आईजी बीएन मीणा छत्तीसगढ़ कैडर के एक बेहद कड़क और अनुभवी पुलिस अधिकारी माने जाते हैं। बस्तर रेंज के आईजी के रूप में उनकी यह तैनाती ऐसे समय में हुई है जब इलाके में नक्सल विरोधी अभियान काफी तेज गति से चल रहे हैं। जगदलपुर मुख्यालय से संचालित होने वाली इस पूरी रेंज की सुरक्षा व्यवस्था, अंदरूनी इलाकों में नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना और स्थानीय आदिवासियों के बीच विश्वास बहाली को आगे बढ़ाना अब नए आईजी बीएन मीणा के लिए सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण चुनौती होगी।सुंदरराज पी. को केंद्र में मिली बड़ी जिम्मेदारीबस्तर के निवर्तमान आईजी सुंदरराज पी. ने अपने कार्यकाल के दौरान इस दुर्गम क्षेत्र में कानून व्यवस्था और एंटी-नक्सल ऑपरेशंस में कई अभूतपूर्व सफलताएं हासिल की हैं। बस्तर में उनके लंबे और सफल ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए अब उन्हें केंद्र सरकार द्वारा नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी एनआईए (NIA) में आईजी पद पर प्रतिनियुक्ति दी गई है। उनकी इस नई भूमिका से देश की सबसे बड़ी आतंकवाद और देश-विरोधी गतिविधियों की जांच करने वाली एजेंसी को छत्तीसगढ़ और उसके आसपास के राज्यों के जमीनी नेटवर्क को समझने में काफी मदद मिलेगी।जगदलपुर और पूरे बस्तर संभाग में सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूतइस बड़े फेरबदल का सीधा असर जगदलपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव और कांकेड़ जैसे जिलों की सुरक्षा रणनीति पर पड़ेगा। प्रशासनिक गलियारों में इस बदलाव को एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है। नए आईजी बीएन मीणा जल्द ही जगदलपुर पहुंचकर अपना पदभार ग्रहण करेंगे, जिसके बाद बस्तर संभाग के सभी पुलिस अधीक्षकों (SPs) के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था की एक नई और व्यापक समीक्षा बैठक की जाएगी।
छत्तीसगढ़ में बस से सफर करने वाले यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार और परिवहन विभाग ने एक बेहद सख्त रुख अपना लिया है। राज्य में अब ऐसी सभी यात्री बसों के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है, जिनमें लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम और पैनिक बटन चालू हालत में नहीं लगे हैं। विभाग ने बिना व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) वाली बसों को सड़कों से हटाने और उनके परमिट रद्द करने के लिए एक मजबूत रोडमैप तैयार कर लिया है।यात्रियों की सुरक्षा के लिए कमांड सेंटर से होगी रियल-टाइम निगरानीपरिवहन विभाग के इस नए रोडमैप के तहत छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में चलने वाली निजी और सरकारी यात्री बसों की निगरानी सीधे केंद्रीय कमांड सेंटर से की जाएगी। बसों में जीपीएस (GPS) और लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य होने से परिवहन विभाग और पुलिस को यह सटीक जानकारी रहेगी कि कौन सी बस इस वक्त कहां पर मौजूद है। अगर कोई बस अपने निर्धारित रूट से भटकती है या उसकी स्पीड तय सीमा से अधिक होती है, तो कमांड सेंटर में तुरंत इसका अलर्ट जेनरेट हो जाएगा।इमरजेंसी में काम आएगा पैनिक बटन, तुरंत पहुंचेगी मददइस नए सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन लगाए जा रहे हैं। सफर के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी, छेड़खानी, दुर्घटना या मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में जैसे ही कोई यात्री इस पैनिक बटन को दबाएगा, उसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन और परिवहन विभाग के कंट्रोल रूम को मिल जाएगी। इससे आपातकालीन स्थिति में तुरंत राहत और बचाव दल को मौके पर भेजा जा सकेगा।नियम तोड़ने वाली बसों के परमिट और फिटनेस होंगे रद्दरायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई, जगदलपुर, अंबिकापुर और कोरबा समेत पूरे छत्तीसगढ़ के बस ऑपरेटरों के लिए विभाग ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है। तैयार किए गए रोडमैप के अनुसार, चेकिंग के दौरान जिस भी बस में लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम बंद या गायब पाया जाएगा, उस पर न सिर्फ भारी जुर्माना लगाया जाएगा बल्कि उसका फिटनेस सर्टिफिकेट और रूट परमिट भी तुरंत प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा। विभाग का साफ कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
NEET परीक्षा को लेकर देश भर में जारी सियासी घमासान और कानूनी लड़ाई के बीच एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है जिसने पूरे प्रशासनिक अमले को हिलाकर रख दिया है। नीट पेपर लीक और री-एग्जाम की जांच कर रही एजेंसियों के हाथ एक ऐसी एफआईआर (FIR) लगी है, जिसे कथित तौर पर पांच दिनों तक बेहद गोपनीय रखा गया और मीडिया की नजरों से छिपाकर रखा गया था। अब इस एफआईआर के पन्ने जैसे ही सामने आए हैं, देश के सबसे बड़े सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड का काला चिट्ठा और उसकी पूरी कार्यप्रणाली (मोडस ऑपेरंडी) बेनकाब हो गई है।आखिर उस एफआईआर में क्या छिपा थाजांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, इस गोपनीय एफआईआर में परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले के उन महत्वपूर्ण घंटों का पूरा ब्योरा दर्ज है, जब नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक किए गए थे। इसमें स्पष्ट रूप से दर्ज है कि किस तरह सॉल्वर गैंग ने अत्याधुनिक गैजेट्स और कोडवर्ड का इस्तेमाल कर चुनिंदा सेंटर्स पर प्रश्नपत्र और उनके उत्तर पहुंचाने की पूरी प्लानिंग तैयार की थी। पांच दिनों तक इस दस्तावेज को सार्वजनिक न करने के पीछे की मुख्य वजह इस रैकेट से जुड़े बड़े चेहरों और रसूखदार लोगों को बचाने की कोशिश बताई जा रही है।सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड का नेटवर्क देखकर उड़े होशइस एफआईआर से जो सबसे बड़ा पर्दाफाश हुआ है, वह है सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड का देशव्यापी नेटवर्क। यह मास्टरमाइंड कोई आम अपराधी नहीं, बल्कि देश के कई राज्यों में फैले कोचिंग सेंटर्स, परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों और टेक एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर एक समानांतर सिस्टम चला रहा था। आरोपी मास्टरमाइंड मोटी रकम लेकर कमजोर छात्रों की जगह 'स्कॉलर्स' यानी सॉल्वर बैठाने और परीक्षा से पहले लीक पेपर रटवाने के लिए सेफ हाउस का इंतजाम करता था।री-एग्जाम और जांच एजेंसियों का अगला कदमएफआईआर के सार्वजनिक होने और मास्टरमाइंड के इस बड़े खुलासे के बाद अब नीट री-एग्जाम (NEET Re-Exam) को लेकर छात्रों का आक्रोश और ज्यादा बढ़ गया है। केंद्रीय जांच एजेंसियां अब इस एफआईआर में दर्ज कड़ियों को जोड़कर मास्टरमाइंड के बैंक खातों, बेनामी संपत्तियों और उसके राजनीतिक संपर्कों की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में देश के कई अन्य राज्यों से भी इस सॉल्वर गैंग से जुड़े मददगारों की बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
बिहार में मौसम का मिजाज तेजी से बदल गया है और चिलचिलाती गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिलने के साथ ही अब आफत की भी आशंका गहरा गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के बड़े हिस्से में मानसून की सक्रियता को देखते हुए पटना सहित करीब 20 जिलों के लिए भारी बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली (वज्रपात) का हाई-अलर्ट जारी किया है। विभाग ने इस स्थिति को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित कर लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।पटना समेत इन जिलों में दिखेगा आंधी-पानी का तांडवमौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस समय एक मजबूत मौसमी सिस्टम बिहार के ऊपर से गुजर रहा है। इसके प्रभाव से राजधानी पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, दरभंगा, आरा, बिहारशरीफ, मोतिहारी और बेतिया जैसे प्रमुख शहरों और उनके आसपास के इलाकों में अगले 24 से 48 घंटों के भीतर गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने की पूरी संभावना है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे कच्चे मकानों और पेड़ों को नुकसान होने का अंदेशा है।मौसम विभाग ने जारी की बेहद जरूरी गाइडलाइनबिहार में आकाशीय बिजली (वज्रपात) के कारण हर साल होने वाले जान-माल के नुकसान को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम विभाग ने लोगों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। किसानों और आम लोगों को सलाह दी गई है कि जब आसमान में बादल कड़क रहे हों, तो भूलकर भी खेतों में न जाएं, बड़े पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली के खंभों व ऊंचे ढांचों से दूरी बनाए रखें। मौसम खराब होने की स्थिति में पक्के मकानों के अंदर रहना ही सबसे सुरक्षित उपाय बताया गया है।उत्तर और दक्षिण बिहार में मानसून की रफ्तार तेजइस समय बिहार के सीमावर्ती इलाकों के साथ-साथ उत्तर और दक्षिण बिहार के जिलों में मानसूनी हवाएं काफी सक्रिय हो चुकी हैं। स्थानीय प्रशासन को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि जलजमाव या आंधी से होने वाले किसी भी व्यवधान से तुरंत निपटा जा सके। नेपाल के तराई क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण उत्तर बिहार की नदियों के जलस्तर पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।
पहले बच्चे का था इंतजार, पति ने गर्भवती पत्नी को उतारा मौत के घाट, मर्डर के बाद इस शख्स को किया फोन
बिहार से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है जिसने मानवीय रिश्तों को तार-तार कर दिया है। एक घर में जहां जल्द ही नन्हे कदम पड़ने वाले थे और हर कोई पहले बच्चे के जन्म की खुशियां मनाने का इंतजार कर रहा था, वहां अचानक चीख-पुकार मच गई। एक सनकी पति ने अपनी ही गर्भवती पत्नी की बेरहमी से गला दबाकर हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है और हर कोई इस क्रूरता को देखकर स्तब्ध है।खुशियों वाले घर में पसरा मातमस्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला कई महीनों की गर्भवती थी और परिवार में पहले बच्चे के आगमन को लेकर तैयारियां चल रही थीं। दंपती के बीच किसी बात को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था, लेकिन यह विवाद इस हद तक बढ़ जाएगा किसी ने नहीं सोचा था। वारदात वाले दिन दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद गुस्से में आकर पति ने अपनी ही जीवनसंगिनी और अपने होने वाले बच्चे की जिंदगी हमेशा के लिए खत्म कर दी।हत्या के तुरंत बाद पुलिस को खुद लगाया फोनइस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाला मोड़ तब आया जब हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति मौके से भागा नहीं। उसने तुरंत अपने मोबाइल से स्थानीय पुलिस स्टेशन के प्रभारी को फोन लगाया। फोन कॉल पर उसने बेहद ठंडे दिमाग से पुलिस को बताया कि उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है और वह घर पर ही मौजूद है। इस सूचना के मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस टीम घटनास्थल पर रवाना हुई।पुलिस जांच में जुटे हैरान करने वाले सुरागमौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी पति को तुरंत हिरासत में ले लिया और मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। शुरुआती जांच और स्थानीय लोगों से पूछताछ में यह बात सामने आ रही है कि पारिवारिक कलह और आपसी अनबन इस खौफनाक कदम की मुख्य वजह हो सकती है। पुलिस अब मृतका के मायके वालों से संपर्क कर रही है ताकि इस मामले के हर पहलू को खंगाला जा सके।
पंजाब में सरकारी दफ्तरों का समय बदला: 1 जुलाई से लागू होगा नया टाइम-टेबल, जानें पूरी डिटेल
पंजाब सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और आम जनता को प्रभावित करने वाला एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। सरकार ने राज्य के सभी सरकारी दफ्तरों के कामकाजी समय (वर्किंग ऑवर्स) में बदलाव करने का नया आदेश जारी किया है। यह नया नियम आने वाली 1 जुलाई से पूरे राज्य में पूरी तरह लागू हो जाएगा।सुबह 9 से शाम 5 बजे तक खुलेंगे दफ्तरनए आधिकारिक आदेश के मुताबिक, 1 जुलाई से पंजाब के सभी सरकारी कार्यालय सुबह 9:00 बजे खुलेंगे और शाम 5:00 बजे बंद होंगे। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से सरकारी कामकाज को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलेगी और आम जनता को भी अपने प्रशासनिक कामों के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।भीषण गर्मी और बिजली की बचत के लिए लिया फैसलागौरतलब है कि पंजाब सरकार ने इससे पहले गर्मियों के सीजन को देखते हुए दफ्तरों का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक कर दिया था। इस पुराने फैसले के पीछे का मुख्य उद्देश्य दोपहर की भीषण गर्मी के दौरान बिजली की खपत को कम करना और ग्रिड पर पड़ने वाले लोड को नियंत्रित करना था। अब मौसम के बदलते मिजाज और प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए सरकार दोबारा अपने नियमित समय यानी सुबह 9 से शाम 5 बजे वाले शेड्यूल पर लौट रही है।स्थानीय जनता और कर्मचारियों पर क्या होगा असरसमय में इस बदलाव से चंडीगढ़, लुधियाना, अमृतसर, जालंधर और पटियाला सहित पंजाब के सभी जिलों के स्थानीय नागरिकों को अब दोपहर के बाद भी सरकारी काम कराने की सुविधा मिलेगी। कर्मचारियों को भी अब नए शेड्यूल के हिसाब से दफ्तर पहुंचना होगा। सभी विभागों को निर्देश दे दिए गए हैं कि वे 1 जुलाई से पहले इस बदलाव की तैयारियां पूरी कर लें ताकि आम जनता को दफ्तर पहुंचने पर किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
पंजाब को नशे और आतंक के काले साए से मुक्त कराने के अभियान में जालंधर पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर जालंधर और उसके आस-पास के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय कुख्यात आतंकी शहजाद भट्टी गैंग के तीन खूंखार गुर्गों को धर दबोचा है। देश विरोधी ताकतों और सीमा पार से संचालित होने वाले इस नेटवर्क के खिलाफ इसे पंजाब पुलिस की एक बेहद अहम और निर्णायक कामयाबी माना जा रहा है। पकड़े गए आरोपी न केवल पंजाब के युवाओं की नसों में नशे का जहर घोल रहे थे, बल्कि इस काली कमाई का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों की फंडिंग के लिए करने की फिराक में भी थे।जालंधर पुलिस की स्पेशल टीम ने बिछाया जालइस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए जालंधर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की देखरेख में एक विशेष काउंटर-इंटेलिजेंस और एंटी-नार्कोटिक्स टीम का गठन किया गया था। पुलिस को सटीक इनपुट मिला था कि शहजाद भट्टी गैंग के ये गुर्गे भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीले पदार्थों और अवैध हथियारों की खेप लेकर जालंधर के शहरी इलाके में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने या डील करने के लिए पहुंचने वाले हैं। पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए संदिग्ध ठिकानों पर नाकाबंदी की और घेराबंदी करके तीनों आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया। तलाशी के दौरान इनके पास से भारी मात्रा में हेरोइन, आधुनिक हथियार और भारी नकदी बरामद हुई है।सीमा पार से जुड़े हैं आतंकी शहजाद भट्टी गैंग के तारशुरुआती पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों के भी कान खड़े कर दिए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जेल में बंद और विदेश से नेटवर्क चला रहे आतंकी शहजाद भट्टी के तार सीधे तौर पर सीमा पार बैठे बड़े तस्करों और देश विरोधी तत्वों से जुड़े हुए हैं। यह गैंग ड्रोन के जरिए पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में हेरोइन और अवैध हथियारों की डिलीवरी करवाता था। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी इसी डिलीवरी को आगे ठिकाने लगाने और पंजाब के अलग-अलग जिलों में सप्लाई करने का मुख्य काम संभालते थे। इस गिरफ्तारी से इस पूरे रूट और सिंडिकेट का भंडाफोड़ हो गया है।कड़ाई से पूछताछ जारी, खुल सकते हैं कई बड़े राजजालंधर पुलिस अब इन आरोपियों को माननीय अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पकड़े गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट में पंजाब और देश के अन्य हिस्सों के कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं। इसके साथ ही इनके बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन की भी गहनता से जांच की जा रही है ताकि टेरर फंडिंग के पूरे नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त किया जा सके। इस बड़ी कार्रवाई के बाद जालंधर सहित पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
राजस्थान में भीषण गर्मी और उमस के बीच मौसम विभाग की भविष्यवाणी बिल्कुल सटीक साबित हुई है। सूबे के कई हिस्सों में अचानक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। विशेषकर टोंक और नागौर जिलों में दोपहर बाद आसमान में घने काले बादल छा गए और देखते ही देखते तेज रफ्तार हवाओं के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। इस अचानक हुए मौसम परिवर्तन से पिछले कई दिनों से रिकॉर्ड तोड़ गर्मी झेल रहे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली है। ठंडी हवाओं के चलने से वातावरण में घुली तपिश कम हो गई है और तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।टोंक में अंधड़ के बाद बरसे बदरा, सड़कों पर बहा पानीटोंक जिले और उसके आस-पास के कस्बों में आज दोपहर की शुरुआत तेज धूप के साथ हुई थी, लेकिन देखते ही देखते हवा की दिशा बदली और धूलभरी आंधी चलने लगी। अंधड़ की वजह से विजिबिलिटी काफी कम हो गई और वाहन चालकों को लाइटें जलानी पड़ीं। इसके तुरंत बाद शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर को सराबोर कर दिया। करीब आधे घंटे तक चली इस तेज बारिश के कारण निचले इलाकों और मुख्य सड़कों पर पानी जमा हो गया। मौसम विभाग के अनुसार, स्थानीय स्तर पर बने कम दबाव के क्षेत्र और चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र (Cyclonic Circulation) के सक्रिय होने की वजह से टोंक में यह प्री-मानसून एक्टिविटी देखने को मिली है।नागौर में तेज हवाओं के साथ बारिश, किसानों के चेहरे खिलेदूसरी ओर नागौर जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में भी मौसम का ऐसा ही दिलचस्प रूप देखने को मिला। नागौर में तेज गर्जना के साथ शुरू हुई बारिश ने मौसम को बेहद सुहावना बना दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों से मिल रही रिपोर्ट के अनुसार, इस बारिश से जहां आम जनता को पसीने वाली गर्मी से निजात मिली है, वहीं दूसरी ओर आगामी खरीफ की फसलों की तैयारी में जुटे किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश खेतों की जुताई और बुवाई के काम को गति देने में बेहद मददगार साबित होगी।मौसम विभाग का अलर्ट: आगामी 24 घंटों में इन जिलों में अलर्ट जारीजयपुर मौसम केंद्र (IMD Jaipur) के अनुसार, राज्य में पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी सिस्टम के प्रभाव से अगले 24 से 48 घंटों तक ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना है। टोंक और नागौर के अलावा जयपुर, अजमेर, दौसा, और जोधपुर के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों ने आम जनता को सलाह दी है कि वे आकाशीय बिजली चमकने या अंधड़ आने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहें और बड़े पेड़ों या ढीले बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचें।
प्रवर्तन निदेशालय ने कर्नाटक में बेनामी शराब लाइसेंस रैकेट का भंडाफोड़ किया
बेंगलूरु। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कर्नाटक के आबकारी विभाग के भीतर चल रहे एक व्यापक और कथित बेनामी शराब लाइसेंस रैकेट का पर्दाफाश करने का दावा किया है। एजेंसी ने अधिकारियों, बिचौलियों और उनके सहयोगियों के एक ऐसे संगठित नेटवर्क की ओर इशारा किया है जो कथित तौर पर अवैध लाइसेंसिंग और रिश्वतखोरी की गतिविधियों […] The post प्रवर्तन निदेशालय ने कर्नाटक में बेनामी शराब लाइसेंस रैकेट का भंडाफोड़ किया appeared first on Sabguru News .
राजस्थान में प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण और स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक ऐतिहासिक और बेहद महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्य सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में कुल 76 नई नगरपालिकाओं के गठन के प्रस्ताव को आधिकारिक स्वीकृति दे दी है। सरकार का यह कदम ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों को तेजी से विकसित करने और वहां के नागरिकों को बेहतर नागरिक सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस बड़े फैसले के बाद अब इन क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, जैसे- सड़क, बिजली, पानी, और साफ-सफाई की व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।प्रशासनिक व्यवस्था सुधारने के लिए 684 नए पदों का सृजननई नगरपालिकाओं के सुचारू संचालन और प्रशासनिक कामकाज को बिना किसी बाधा के आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने वित्तीय और संगठनात्मक मंजूरी भी जारी कर दी है। इसके तहत विभिन्न स्तरों पर कुल 684 नए सरकारी पदों को मंजूरी दी गई है। इन नए सृजित पदों में अधिशासी अधिकारी (EO), राजस्व निरीक्षक (RI), सहायक राजस्व निरीक्षक, कनिष्ठ अभियंता (JEN), वरिष्ठ लिपिक, कनिष्ठ लिपिक और सफाई निरीक्षकों जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। सरकार के इस कदम से न केवल स्थानीय स्तर पर फाइलों का निपटारा तेजी से होगा, बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी के नए और सुनहरे अवसर भी पैदा होंगे।स्थानीय स्तर पर विकास को मिलेगी नई रफ्तारविशेषज्ञों का मानना है कि ग्राम पंचायतों से नगरपालिकाओं में अपग्रेड होने वाले इन 76 क्षेत्रों में अब सीधे राज्य और केंद्र सरकार की शहरी विकास योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। पहले जिन विकास कार्यों के लिए बजट की कमी आड़े आती थी, अब स्वायत्त शासन विभाग (DLB) के माध्यम से वहां सीधे फंड अलॉट हो सकेगा। स्थानीय स्तर पर जमीनों के नियमन, पट्टा वितरण, और कमर्शियल एक्टिविटीज को बढ़ावा मिलने से इन नए शहरों की आर्थिक स्थिति में भी बड़ा सुधार आएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने के लिए संबंधित जिला कलेक्टरों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि सीमांकन और कार्यालयों की स्थापना का काम समय पर पूरा किया जा सके।
22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; जयपुर-कोलकाता में बाढ़ जैसे हालात
Weather Update 26 June : मानसून की इंट्री के बाद मध्य प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी है। बारिश की वजह से इंदौर के 15 पर्यटन स्थल बंद कर दिए गए हैं। कोलकाता-जयपुर में तेज बारिश से सड़कें पानी में डूब गई। अस्पताल और दुकानों में पानी घुस गया। मानसून ...
जयपुर से तीर्थ नगरी हरिद्वार के लिए रवाना हुई राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) की एक चलती बस में अचानक लगी भीषण आग ने सवारियों के होश उड़ा दिए। सफर के दौरान जैसे ही बस से धुएं का गुब्बार उठने लगा, पूरी गाड़ी के भीतर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को तुरंत हाईवे के किनारे रोका, जिसके बाद यात्रियों ने अपनी जान बचाने के लिए दरवाजे और खिड़कियों से कूदना शुरू कर दिया। देखते ही देखते पूरी सरकारी बस आग के शोलों में तब्दील हो गई।चलती बस के इंजन से अचानक उठा धुआं और भड़क उठी लपटेंप्रत्यक्षदर्शियों और बस में सवार यात्रियों से मिली जानकारी के अनुसार, जयपुर डिपो की यह रोडवेज बस अपने निर्धारित समय पर हरिद्वार के लिए निकली थी। रास्ते में नेशनल हाईवे पर अचानक बस के बोनट और इंजन वाले हिस्से से तेज काला धुआं निकलने लगा। यात्रियों ने जब इसकी शिकायत की, तब तक आग की लपटें केबिन के भीतर तक पहुंच चुकी थीं। बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से यह हादसा हुआ, जिसने कुछ ही पलों में विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।यात्रियों ने सूझबूझ से बचाई जान, सारा सामान जलकर कबाड़ हुआहादसे के वक्त बस में काफी संख्या में यात्री सवार थे, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे। जैसे ही बस रुकी, यात्रियों में पहले बाहर निकलने की होड़ मच गई। गनीमत रही कि सभी यात्री समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे, जिससे एक बहुत बड़ा बड़ा हादसा होने से टल गया और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि, अचानक मची इस भगदड़ के कारण यात्री अपना कीमती सामान, बैग और दस्तावेज़ बस के अंदर से बाहर नहीं निकाल पाए, जो आग में पूरी तरह जलकर खाक हो गए।स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर संभाला मोर्चाघटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने काफी मशक्कत के बाद बस में लगी इस भीषण आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक राजस्थान रोडवेज की यह बस पूरी तरह लोहे के ढांचे में बदल चुकी थी। इस हादसे की वजह से हाईवे पर कुछ समय के लिए वाहनों का लंबा जाम भी लग गया, जिसे पुलिस ने क्रेन की मदद से जली हुई बस को एक तरफ हटाकर सुचारू रूप से चालू करवाया। प्रशासन अब इस तकनीकी खराबी के कारणों की विस्तृत जांच कर रहा है।
मानसून में जन्नत बन जाते हैं पश्चिमी घाट के ये 5 सीक्रेट ठिकाने, खूबसूरती देखकर भूल जाएंगे सब कुछ
भारत में मानसून की दस्तक के साथ ही प्रकृति प्रेमियों और घुमक्कड़ों के पैर घरों में नहीं टिकते। अगर आप इस रिमझिम फुहारों के मौसम में किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं जहां बादलों और पहाड़ों का अनोखा मिलन देखने को मिले, तो पश्चिमी घाट (Western Ghats) से बेहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल पश्चिमी घाट मानसून के दिनों में रहस्यमयी कोहरे, मखमली हरियाली और कलकल बहते दूधिया झरनों की जादुई दुनिया में तब्दील हो जाता है। आइए जानते हैं पश्चिमी घाट के उन 5 चुनिंदा और बेहतरीन डेस्टिनेशन्स के बारे में, जिनकी सुंदरता इस मौसम में आपका दिल जीत लेगी।1. महाबलेश्वर और पंचगनी (महाराष्ट्र): बादलों के ऊपर तैरने का अहसासमुंबई और पुणे के करीब स्थित महाबलेश्वर और पंचगनी मानसून के दौरान महाराष्ट्र के सबसे खूबसूरत ठिकाने बन जाते हैं। यहां के प्रसिद्ध विल्सन पॉइंट और आर्थर सीट जैसे सनसेट पॉइंट्स पर जब मानसूनी धुंध और कोहरा छा जाता है, तो ऐसा लगता है मानो आप बादलों के ऊपर चल रहे हैं। बारिश के दिनों में यहां की घाटियों से नीचे गिरते अनगिनत मौसमी झरने और चारों तरफ फैली स्ट्रॉबेरी के खेतों की हरियाली इस जगह के पूरे माहौल को बेहद रोमांटिक और जादुई बना देती है।2. कूर्ग (कर्नाटक): भारत का स्कॉटलैंड और महकते कॉफी के बागानकर्नाटक का कूर्ग (कोडागु) अपनी असीम शांति और प्राकृतिक सुंदरता के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है, लेकिन मानसून के दौरान इसकी रंगत दोगुनी हो जाती है। जब बारिश की बूंदें कॉफी के बागानों और घने जंगलों पर गिरती हैं, तो पूरी वादी एक भीनी-भीनी खुशबू से महक उठती है। इस मौसम में कूर्ग का एबी फॉल्स (Abbey Falls) और इरुप्पु फॉल्स अपने पूरे उफान पर होते हैं। यहां की धुंध से ढकी पहाड़ियों के बीच एक कप गरमा-गरम कड़क कॉफी पीना अपने आप में जीवन का एक अविस्मरणीय अनुभव है।3. वायनाड (केरल): झरनों, गुफाओं और मिस्टी पहाड़ों का गढ़केरल का वायनाड पश्चिमी घाट का एक ऐसा रत्न है जो मानसून लवर्स के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। बारिश के मौसम में यहां के बाणासुर सागर बांध का नजारा और एडक्कल गुफाओं के आसपास का ट्रेक बेहद रोमांचक हो जाता है। वायनाड के ऊंचे पहाड़ों पर तैरते सफेद बादल और नीचे फैली हरी-भरी चाय की पत्तियां आंखों को सुकून देती हैं। अगर आप शहर की भागदौड़ से दूर प्रकृति की गोद में कुछ दिन बिताना चाहते हैं, तो वायनाड के ट्री-हाउस रिसॉर्ट्स आपके लिए परफेक्ट चॉइस हो सकते हैं।
भीषण गर्मी के थपेड़ों के बाद आखिरकार मानसूनी बादलों ने देश के बड़े हिस्से को अपनी आगोश में ले लिया है। बारिश की पहली फुहार पड़ते ही प्रकृति ने भी हरी-भरी चादर ओढ़ ली है। ऐसे सुहावने मौसम में भला किसका मन घर में बैठने का करेगा? अगर आप भी रोजमर्रा की व्यस्त जिंदगी और दफ्तर के काम से ब्रेक लेकर किसी बेहद शांत और जादुई जगह पर जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह मानसून आपके लिए परफेक्ट मौका है। देश में कुछ ऐसे छिपे हुए टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स हैं जो बारिश के दिनों में किसी जन्नत से कम नहीं लगते, जहां कलकल बहते झरने और पहाड़ों पर तैरते सफेद बादल आपका दिल जीत लेंगे।पहाड़ों की रानी और बादलों का घर: बादलों के बीच खो जाने का अहसासमानसून के दौरान वेस्टर्न घाट (पश्चिमी घाट) और उत्तर-पूर्वी भारत के पहाड़ी इलाके पूरी तरह से जीवंत हो उठते हैं। महाराष्ट्र के लोनावला, महाबलेश्वर और भंडारदरा से लेकर कर्नाटक के कूर्ग और चिकमगलूर जैसे खूबसूरत ठिकाने इस मौसम में पर्यटकों की पहली पसंद बन जाते हैं। वहीं अगर बात उत्तर भारत की करें, तो हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ ऑफबीट गांव जैसे जीभी, तीर्थन वैली और लैंसडाउन में इस समय एक अलग ही शांति और असीम सुकून का अहसास होता है। यहां की घाटियों में जब सुबह-सुबह कोहरा और मानसूनी धुंध छाती है, तो ऐसा लगता है मानो आप बादलों के ऊपर सैर कर रहे हों।दूधिया झरने और मखमली वादियां: फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए स्वर्गबारिश के मौसम में जो चीज सबसे ज्यादा आकर्षित करती है, वो हैं पहाड़ों से पूरी रफ्तार में गिरते हुए रहस्यमयी झरने। गोवा का दूधसागर फॉल्स, मेघालय के नोहकलिकाई झरने और मध्य प्रदेश के भेड़ाघाट में धुंआधार जलप्रपात इस समय अपने पूरे शबाब पर होते हैं। इन झरनों के आसपास फैली मखमली हरी घास और सोंधी मिट्टी की खुशबू आपके दिमाग को पूरी तरह से रीफ्रेश कर देती है। सोशल मीडिया लवर्स और ट्रैवल इन्फ्लुएंसर्स के लिए यह समय इंस्टाग्राम रील्स और बेहतरीन लैंडस्केप फोटोग्राफी के लिए सबसे बेहतरीन माना जाता है।रोड ट्रिप और मानसून ट्रेकिंग का अनोखा रोमांचएडवेंचर के शौकीनों के लिए मानसून का समय ट्रेकिंग का सबसे बेहतरीन मौका लेकर आता है। इस मौसम में पहाड़ों पर ट्रेकिंग करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण जरूर होता है, लेकिन जब आप चढ़ाई पूरी कर टॉप पर पहुंचते हैं, तो वहां से दिखने वाला नजारा आपकी सारी थकान पल भर में गायब कर देता है। इसके अलावा, अपने दोस्तों या पार्टनर के साथ मानसूनी बौछारों के बीच घुमावदार रास्तों पर लॉन्ग ड्राइव या रोड ट्रिप का मजा ही कुछ और है। बस जरूरत है तो एक सही प्लानिंग की और मानसून के अनुकूल जरूरी सामान साथ रखने की।मानसून ट्रिप पर जाने से पहले इन जरूरी बातों का रखें खास ख्यालप्रकृति की इस असीम खूबसूरती का आनंद लेने के साथ-साथ सुरक्षा का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। मानसून के दौरान भारी बारिश की वजह से कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में लैंडस्लाइड (भूस्खलन) और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए किसी भी जगह की यात्रा पर निकलने से पहले वहां के स्थानीय मौसम का हाल और प्रशासन द्वारा जारी की गई गाइडलाइंस को अच्छी तरह से चेक कर लें। अपने साथ वाटरप्रूफ बैग, रेनकोट, अच्छी ग्रिप वाले ट्रैकिंग शूज और जरूरी दवाइयां रखना बिल्कुल न भूलें ताकि आपकी यह जादुई ट्रिप पूरी तरह से सुरक्षित और आरामदायक बनी रहे।
योग नगरी और एडवेंचर के गढ़ ऋषिकेश में एक ऐसी जादुई जगह सामने आई है, जिसने देश-दुनिया के पर्यटकों और खासकर हैरी पॉटर के दीवानों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। पहाड़ों और घने जंगलों के बीच बसी यह अनोखी कुटिया हूबहू हॉलीवुड फिल्म 'हैरी पॉटर' के जादुई स्कूल 'हॉगवर्ट्स' (Hogwarts) के गुप्त ठिकानों की याद दिलाती है। दिन के समय बेहद शांत और रहस्यमयी दिखने वाली यह कुटिया सोशल मीडिया पर तेजी से ट्रेंड कर रही है। इंटरनेट पर इसकी खूबसूरत तस्वीरें और रील्स देखकर लोग यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि उत्तराखंड के ऋषिकेश में भी ऐसी कोई अद्भुत जगह मौजूद हो सकती है।रात के सन्नाटे में बिखरती है जादुई रोशनी और बदल जाता है पूरा माहौलइस कुटिया की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सूरज ढलते ही और रात का अंधेरा घिरते ही यहां का नजारा पूरी तरह से बदल जाता है। कुटिया के चारों तरफ की गई अनोखी और विंटेज स्टाइल की लाइटिंग इसे एक काल्पनिक और जादुई दुनिया का रूप दे देती है। घने पेड़ों के बीच से छनकर आती रोशनी और रात के सन्नाटे में बहती गंगा नदी की आवाज मिलकर एक ऐसा माहौल तैयार करती हैं, मानो आप किसी दूसरी ही दुनिया में कदम रख चुके हों। यहां आने वाले सैलानियों का कहना है कि रात में यहां बैठकर ऐसा महसूस होता है जैसे कोई जादूगर अभी अपनी छड़ी लेकर आपके सामने आ जाएगा।प्रकृति की गोद में बना वास्तुकला का एक बेहतरीन और अनोखा नमूनाइस कुटिया का निर्माण बेहद ही कलात्मक और पारंपरिक पत्थरों व लकड़ियों के फ्यूजन से किया गया है। इसकी नुकीली छतें, रहस्यमयी खिड़कियां और पुरानी शैली के दरवाजे इसे आम पहाड़ों के रिसॉर्ट्स या आश्रमों से बिल्कुल अलग बनाते हैं। ज्योग्राफिकल और लोकल टूरिज्म के लिहाज से यह जगह फोटोग्राफर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक नया हॉटस्पॉट बन चुकी है। एकांत और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह कुटिया किसी जन्नत से कम नहीं है, जहां वे शहरों की भागदौड़ से दूर कुछ पल शांति के बिता सकते हैं।ऋषिकेश आने वाले पर्यटकों के लिए नई एडवेंचर डेस्टिनेशनऋषिकेश अब सिर्फ राफ्टिंग, कैंपिंग और गंगा आरती तक ही सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इस तरह के ऑफबीट और यूनिक लोकेशंस अब नए जमाने के यात्रियों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। एआई सर्च (GEO) और आधुनिक ट्रैवलिंग ट्रेंड्स में इस सीक्रेट डेस्टिनेशन को लेकर लोग लगातार सर्च कर रहे हैं। अगर आप भी इस वीकेंड या छुट्टियों में ऋषिकेश जाने का प्लान बना रहे हैं, तो इस जादुई और हॉगवर्ट्स वाइब वाली कुटिया का दीदार करना बिल्कुल न भूलें, क्योंकि यहां की तस्वीरें आपके सोशल मीडिया हैंडल पर धूम मचाने के लिए काफी हैं।
झारखंड की वादियों और जंगलों के बीच कई ऐसे रहस्य छिपे हैं जो आज भी लोगों को हैरान कर देते हैं। राजधानी रांची के पास एक ऐसा ही अनोखा मंदिर स्थित है, जिसकी ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई है। भूत-प्रेत के साये, अनहोनी की डरावनी कहानियों और सड़क हादसों के खौफ के बीच बसे इस मंदिर को लेकर लोगों में गहरी आस्था है। स्थानीय निवासियों और यहां से गुजरने वाले मुसाफिरों का दृढ़ विश्वास है कि इस मंदिर के चौखट पर आकर केवल एक नारियल चढ़ाने से ही हर तरह की अदृश्य बाधा दूर हो जाती है और यात्रा के दौरान सुरक्षा का अचूक कवच मिल जाता है।हाईवे के जानलेवा हादसों और अनहोनी से बचाता है यह दरबारयह रहस्यमयी मंदिर एक ऐसे ब्लैक स्पॉट या हाईवे के पास स्थित है जहां पहले आए दिन बेहद दर्दनाक सड़क हादसे होते रहते थे। स्थानीय लोग बताते हैं कि इस इलाके में कुछ ऐसी अजीबोगरीब ताकतें या अदृश्य ऊर्जा महसूस की जाती थी जिसके कारण चालकों का नियंत्रण गाड़ियों से छूट जाता था। इन डरावने हादसों और भूत-प्रेत की कहानियों के खौफ को खत्म करने के लिए इस मंदिर की स्थापना की गई। तब से लेकर आज तक यह परंपरा बन चुकी है कि यहां से गुजरने वाली हर छोटी-बड़ी गाड़ी का ड्राइवर कुछ पल के लिए रुकता है और भगवान के चरणों में नारियल अर्पित कर अपनी सुरक्षित यात्रा की मन्नत मांगता है।केवल एक नारियल चढ़ाने से दूर होती हैं ऊपरी बाधाएंइस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां किसी तामझाम या भारी-भरकम पूजा-पाठ की आवश्यकता नहीं होती। मान्यता है कि अगर किसी व्यक्ति पर कोई ऊपरी हवा, भूत-प्रेत का साया या नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव हो, तो उसे इस मंदिर परिसर में लाकर मात्र एक श्रीफल (नारियल) भगवान को अर्पित कर दिया जाए, तो वह संकट तुरंत टल जाता है। यही वजह है कि केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों से आने वाले लोग भी मानसिक शांति और सुरक्षा के भरोसे के लिए इस रहस्यमयी तीर्थ स्थल पर खिंचे चले आते हैं।विज्ञान और आस्था के बीच उलझा है इस मंदिर का रहस्यवैज्ञानिक दृष्टिकोण रखने वाले लोग भले ही इसे महज एक अंधविश्वास या संयोग का नाम दें, लेकिन सालों से यहां मिल रहे चमत्कारी अनुभवों को झुठलाया नहीं जा सकता। मंदिर के मुख्य पुजारी और यहां आने वाले नियमित श्रद्धालुओं का कहना है कि यह स्थान सकारात्मक ऊर्जा का एक बहुत बड़ा केंद्र है। जब कोई भक्त पूरी श्रद्धा के साथ यहां मन्नत मांगता है, तो उसके चारों ओर एक सुरक्षा घेरा बन जाता है। रात के सन्नाटे में आज भी इस मंदिर के आसपास कई तरह की अलौकिक कहानियां सुनने को मिलती हैं, जो इसके रहस्य को और ज्यादा गहरा कर देती हैं।
कृषि मंत्री शिवराज चौहान और सीएम धामी ने 'पूर्व छात्र सम्मेलन' में की शिरकत, किया पौधरोपण
देश के पहले कृषि विश्वविद्यालय— गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में शुक्रवार को 'पूर्व छात्र सम्मेलन' (Alumni Meet) का भव्य आयोजन किया गया। इस गौरवमयी समागम में देश के केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह ...
महिला की पिटाई का वीडियो वायरल होने पर नूराबाद थाने प्रधान आरक्षक निलंबित
मुरैना। मध्यप्रदेश में मुरैना जिले के नूराबाद थाना में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक द्वारा महिला की कथित पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने संबंधित प्रधान आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार नूराबाद थाना क्षेत्र के खरगपुर गांव निवासी उषा […] The post महिला की पिटाई का वीडियो वायरल होने पर नूराबाद थाने प्रधान आरक्षक निलंबित appeared first on Sabguru News .
लखनऊ। अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले में गठित एसआईटी की रिपोर्ट सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि जनआस्था से जुड़े इस प्रकरण में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है और […] The post राम मंदिर चढ़ावा मामले में दोषियों को नहीं मिलेगी राहत, दूध का दूध, पानी का पानी होगा : योगी आदित्यनाथ appeared first on Sabguru News .
उत्तर प्रदेश में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अभी से अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में यूपी बीजेपी के नए सांगठनिक ढांचे और टीम का ऐलान कर दिया गया है। इस नई टीम की बनावट को देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की चुनावी रणनीति और दूरदर्शी सोच की गहरी छाप है। बीजेपी ने अपनी इस नई कार्यकारिणी में सोशल इंजीनियरिंग का एक नया प्रयोग किया है, जिसने उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल तेज कर दी है।नई टीम से यादव और जाटव चेहरों की दूरी के क्या हैं सियासी मायने?इस नई सांगठनिक टीम में जो बात सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है, वह है कोर सांगठनिक पदों से यादव और जाटव बिरादरी के बड़े चेहरों की कम होती मौजूदगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के पारंपरिक वोट बैंक समीकरणों को देखते हुए यह कदम उठाया है। चूंकि यादव मतदाता पारंपरिक रूप से समाजवादी पार्टी (सपा) और जाटव मतदाता बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के मजबूत गढ़ माने जाते हैं, इसलिए बीजेपी ने इस बार अपनी रणनीति में थोड़ा बदलाव किया है।गैर-यादव ओबीसी और गैर-जाटव दलितों पर बीजेपी का बड़ा दांवयूपी की सत्ता पर दोबारा पूर्ण बहुमत से काबिज होने के लिए बीजेपी ने अपनी इस नई टीम में गैर-यादव अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और गैर-जाटव अनुसूचित जातियों (SC) को भारी तरजीह दी है। अमित शाह के इस फॉर्मूले के तहत कुर्मी, मौर्य, शाक्य, सैनी, लोध और निषाद समाज के साथ-साथ दलितों में पासी, कोरी और वाल्मीकि समाज के नेताओं को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। बीजेपी का मुख्य फोकस उन जातियों को अपने पाले में पूरी तरह से लामबंद करना है, जो किसी एक क्षेत्रीय दल से मजबूती से नहीं बंधी हैं।लखनऊ से लेकर दिल्ली तक 2027 फतह करने की अचूक रणनीतिबीजेपी के इस नए भौगोलिक और जातीय ऑप्टिमाइजेशन का असर सीधे तौर पर जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल और बुंदेलखंड तक, हर क्षेत्र के क्षेत्रीय संतुलन को इस टीम में बेहद बारीकी से साधा गया है। पार्टी के शीर्ष सूत्रों का कहना है कि अमित शाह की यह रणनीति केवल चुनावों के लिए नहीं है, बल्कि यह भविष्य के लिए एक नया और मजबूत काडर तैयार करने की कोशिश है, जो विपक्ष के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वाले नैरेटिव को जमीनी स्तर पर कड़ा जवाब दे सके।
अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण और इसके दान को लेकर छिड़े सियासी संग्राम के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर अब तक का सबसे बड़ा और तीखा हमला बोला है। राम मंदिर ट्रस्ट पर लग रहे दान चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सीएम योगी ने विरोधियों को उनकी पुरानी बातें याद दिलाई हैं। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि जिन राजनीतिक दलों ने हमेशा भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए और उन्हें काल्पनिक बताया, वे आज अचानक राम भक्तों की आस्था के पैरोकार बनने का ढोंग कर रहे हैं।चुनावी फायदे के लिए पवित्र मंदिर को निशाना बना रहा विपक्षमुख्यमंत्री ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ ताकतें राम मंदिर निर्माण की वैश्विक सफलता और देश-दुनिया में उमड़ रहे जनसैलाब को पचा नहीं पा रही हैं। यही वजह है कि वे हर दिन नए और मनगढ़ंत आरोप लगाकर इस पवित्र स्थल की छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रही हैं। सीएम योगी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जनता सब जानती है कि कौन राम का भक्त है और कौन सिर्फ चुनावी फायदे के लिए आस्था का राजनीतिकरण कर रहा है।राम मंदिर ट्रस्ट के काम में पूरी पारदर्शिता और शुचिताविपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पूरी पारदर्शिता, आधुनिक तकनीक और देश के शीर्ष विशेषज्ञों की देखरेख में काम कर रहा है। यहां आने वाले एक-एक पैसे का पूरा हिसाब-किताब डिजिटल और ऑडिटेड फॉर्म में मौजूद है। उन्होंने लोकल और ग्लोबल मीडिया के सामने यह भरोसा दिलाया कि अयोध्या के विकास और मंदिर निर्माण के कार्य में किसी भी तरह की बाधा या अफवाह फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।अयोध्या में सनातन संस्कृति को बदनाम करने की साजिश फेलसीएम योगी ने कहा कि अयोध्या आज सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर सांस्कृतिक राजधानी के रूप में उभर रही है। ऐसे समय में जब पूरी दुनिया अयोध्या की भव्यता को देख रही है, विपक्ष के ये बेबुनियाद आरोप उनकी हताशा को दर्शाते हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे ऐसी किसी भी भ्रामक खबर और अफवाह पर ध्यान न दें, क्योंकि राम का काज बिना रुके और पूरी प्रामाणिकता के साथ निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।
सड़क हादसे पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की शोक संवेदनाएं
झारखंड के रामगढ़ जिले में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात (आधी रात को) एक अत्यंत दर्दनाक और भीषण सड़क हादसा हुआ। रामगढ़-बोकारो मुख्य मार्ग (NH-23) पर लारी-बरलौंग (बुधबाजार) के समीप एक तेज रफ्तार कोयला लदे ट्रक ने सवारी गाड़ी (वैन) को सामने से ...
भुवनेश्वर। ओडिशा में कटक जिले की एक फास्ट ट्रैक विशेष अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसले में एक शिक्षक को नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न करने का दोषी करार देते हुए यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनायी है। कटक की अपर जिला एवं सत्र […] The post नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न करने के दोषी मदरसा सुल्तानिया के उर्दू शिक्षक को 20 साल का सश्रम कारावास appeared first on Sabguru News .
कौशांबी में गैस टैंकर में लगी आग, टोल प्लाजा के 7 कर्मी झुलसे
कौशाम्बी। कौशांबी जिले के कोखराज बाईपास स्थित टोल प्लाजा पर शुक्रवार सुबह एलपीजी गैस से भरा टैंकर डिवाइडर से टकरा गया और उसमें आग लग गई। इस हादसे में टोल प्लाजा पर तैनात सात कर्मचारी झुलस गए जबकि टोल के तीन बूथ पूरी तरह जलकर राख हो गए। सूत्रों के अनुसार कानपुर की ओर से […] The post कौशांबी में गैस टैंकर में लगी आग, टोल प्लाजा के 7 कर्मी झुलसे appeared first on Sabguru News .
झारखंड के रामगढ़ में भीषण सड़क हादसा, ताशा पार्टी के 7 सदस्यों की मौत, ग्रामीणों का प्रदर्शन
रामगढ़। झारखंड के रामगढ़-बोकारो मुख्य मार्ग पर रजरप्पा थाना क्षेत्र के लारी गांव स्थित बुध बाजार के समीप कल देर रात करीब साढ़े 11 बजे ट्रक और पिकअप वाहन की आमने-सामने की भीषण टक्कर में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को पहले रामगढ़ सदर […] The post झारखंड के रामगढ़ में भीषण सड़क हादसा, ताशा पार्टी के 7 सदस्यों की मौत, ग्रामीणों का प्रदर्शन appeared first on Sabguru News .
राम मंदिर चढ़ावा विवाद, चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा, क्या है इन दोनों का इतिहास
Champat Rai Anil Mishra Resignation: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के चलते चंपत राय ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव (General Secretary) पद से इस्तीफा दे दिया है। राय के साथ ही ट्रस्ट के एक प्रमुख और प्रभावशाली सदस्य डॉ. ...
पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट का मूल उद्देश्य किसी व्यक्ति की अंतरराष्ट्रीय यात्रा को आसान बनाना है। मंत्रालय ने कहा कि यह कोई नया कानूनी दृष्टिकोण नहीं है, बल्कि भारतीय कानून में लंबे समय से यही व्यवस्था लागू है।
Ketan Agrawal Murder Case : केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी से पूछताछ कर रही है। इस मामले में आरोपी सिया के माता-पिता ने कहा है कि दोष साबित होने पर बेटी को सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उसे भी किले से नीचे ...
मध्य प्रदेश: रतलाम में ताजिया हाई-टेंशन बिजली लाइन से टकराया, तीन लोगों की मौत
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में मुहर्रम जुलूस के दौरान एक ताजिया के हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आने से तीन लोगों की मौत हो गई और कम से कम सात अन्य घायल हो गए।
LIVE: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सभी 8 आरोपी गिरफ्तार
Latest News Today Live Updates in Hindi : श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करते हुए पुलिस ने चढ़ावा चोरी मामले में सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पल पल की जानकारी...
वेनेजुएला में भूकंप से 235 मौतें; भारत ने भेजी मदद, Starlink ने फ्री इंटरनेट का किया ऐलान
Venezuela Earthquake : दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 235 हो गई। इस दर्दनाक हादसे में 1500 से ज्यादा लोग घायल हैं जबकि सैकड़ों लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है। राहत और बचाव कार्य जोरों से जारी है।
NCERT की कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान पुस्तक में चुनाव आयोग, Special Intensive Revision (SIR), EVM, VVPAT और भारतीय चुनाव प्रक्रिया पर नया अध्याय शामिल किया गया है। छात्रों को लोकतांत्रिक व्यवस्था और गठबंधन राजनीति की भी जानकारी दी जाएगी।
फाइनेंशियल रूल्स चेंज (1 जुलाई): नया महीना शुरू होने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं। 1 जुलाई 2026 से देश के वित्तीय क्षेत्र (Financial Sector) में कई बड़े और महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहे हैं। इन नए नियमों का सीधा और व्यापक असर नौकरीपेशा लोगों, टैक्सपेयर्स, सरकारी पेंशनभोगियों और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों की जेब पर पड़ने वाला है।इन बदलावों में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग की समयसीमा, ईपीएफओ (EPFO) की नई डिजिटल सेवाएं, केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) और प्रमुख बैंकों के क्रेडिट कार्ड नियम शामिल हैं। अगर आपने समय रहते इन नियमों को नहीं समझा, तो आपको टैक्स फाइलिंग, बैंकिंग और अन्य वित्तीय कामों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है और भारी जुर्माना भी देना पड़ सकता है।1. ITR फाइलिंग की डेडलाइन: समय पर नहीं भरा टैक्स तो लगेगा भारी जुर्मानाजुलाई का महीना आते ही टैक्सपेयर्स की धड़कनें बढ़ जाती हैं। वित्त वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।ITR-1 और ITR-2: वेतनभोगी (Salaried) कर्मचारियों और व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स के लिए बिना लेट फीस के रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई है।ITR-3 और ITR-4: ऐसे टैक्सपेयर्स जिनका टैक्स ऑडिट होना अनिवार्य नहीं है, वे अपना रिटर्न 31 अगस्त 2026 तक फाइल कर सकते हैं।लापरवाही पर नुकसान: अगर आप तय समयसीमा (Deadline) चूक जाते हैं, तो आपको न सिर्फ लेट फीस या जुर्माना देना होगा, बल्कि पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत मिलने वाले कई टैक्स बेनिफिट्स से भी हाथ धोना पड़ेगा। इसके साथ ही आप चालू वर्ष के बिजनेस या कैपिटल लॉस (नुकसान) को अगले वित्तीय वर्ष के लिए कैरी फॉरवर्ड (आगे ट्रांसफर) नहीं कर पाएंगे।2. UPI से PF निकालना होगा बेहद आसान: लॉन्च होने जा रहा है EPFO 3.0कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों खाताधारकों को जुलाई महीने में एक बड़ा डिजिटल तोहफा दे सकता है। विभाग द्वारा बहुप्रतीक्षित EPFO 3.0 प्लेटफॉर्म को लॉन्च किए जाने की पूरी उम्मीद है। इस नए और आधुनिक सिस्टम का मुख्य उद्देश्य पीएफ से जुड़ी डिजिटल सेवाओं को बेहद सरल और सुरक्षित बनाना है।इस अपग्रेडेशन के बाद सबसे बड़ा फायदा यह हो सकता है कि नौकरीपेशा कर्मचारी जरूरत पड़ने पर UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) के जरिए तुरंत अपने PF का पैसा निकाल सकेंगे। यदि यह सुविधा शुरू होती है, तो दावों के निपटारे (Claim Settlement) में लगने वाला कई दिनों का समय घटकर कुछ ही घंटों या मिनटों का रह जाएगा।3. केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को DA बढ़ोतरी का इंतजारदेश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए जुलाई का महीना खुशियों की सौगात ला सकता है। केंद्र सरकार अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) के आंकड़ों के आधार पर हर साल जनवरी और जुलाई में महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) की समीक्षा करती है।साल 2026 की दूसरी छमाही के लिए जुलाई में डीए बढ़ोतरी की आधिकारिक घोषणा होने की प्रबल संभावना है। इस फैसले से न केवल केंद्रीय कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी (सैलरी में बढ़ोतरी) बढ़ेगी, बल्कि पेंशनर्स की मासिक पेंशन और सार्वजनिक क्षेत्र (PSU) के कर्मचारियों की आय में भी सम्मानजनक इजाफा देखने को मिलेगा।4. HDFC Bank क्रेडिट कार्ड के नियम बदले: लाउंज एक्सेस के लिए खर्च करने होंगे इतने रुपयेयदि आपके पास एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) का लोकप्रिय Regalia Gold या Diners Club Privilege क्रेडिट कार्ड है, तो 1 जुलाई 2026 से आपके लिए एयरपोर्ट लाउंज के नियम पूरी तरह बदलने वाले हैं। रिवॉर्ड पॉइंट्स से जुड़े कुछ प्रतिबंध बैंक ने पहले ही लागू कर दिए थे, लेकिन अब मुफ्त सुविधाओं पर कैपिंग लगाई जा रही है।नए नियम के अनुसार, Regalia Gold कार्डधारकों को देश के एयरपोर्ट्स पर मुफ्त घरेलू लाउंज एक्सेस (Complimentary Domestic Lounge Access) की सुविधा का लाभ उठाने के लिए पिछली कैलेंडर तिमाही में कम से कम ₹60,000 खर्च करना अनिवार्य होगा। यदि आप यह खर्च सीमा पूरी नहीं करते हैं, तो आपको लाउंज में मुफ्त एंट्री नहीं मिलेगी।5. SBI Card के रिवॉर्ड पॉइंट्स पर लगी लिमिट: इन दो कार्ड यूजर्स को झटकास्टेट बैंक ऑफ इंडिया की क्रेडिट कार्ड शाखा (SBI Card) ने भी अपने दो प्रीमियम को-ब्रांडेड कार्ड्स के नियमों में बड़ा बदलाव करने का एलान किया है। यह नया नियम PhonePe SBI Card Purple और PhonePe SBI Card Select Black पर 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो जाएगा।नए अपडेट के तहत बैंक ने हर महीने मिलने वाले अधिकतम रिवॉर्ड पॉइंट्स (Reward Points) की एक ऊपरी सीमा (Max Cap) तय कर दी है:इंश्योरेंस प्रीमियम (बीमा किस्त) के भुगतान और अन्य विशिष्ट कैटेगरी के खर्चों पर मिलने वाले पॉइंट्स की लिमिट अब अलग-अलग होगी।इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन (Online Shopping) करने पर मिलने वाले बोनस या अधिकतम रिवॉर्ड पॉइंट्स को भी पहले के मुकाबले काफी कम कर दिया गया है, जिससे कार्डधारकों का मंथली बेनिफिट कम हो जाएगा।
राजस्थान बिजली विभाग भर्ती 2026: राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राजस्थान सरकार के उपक्रम राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RVUNL) ने राज्य की पांच प्रमुख सरकारी बिजली कंपनियों में 2,005 खाली पदों को भरने के लिए शॉर्ट नोटिफिकेशन (लघु अधिसूचना) जारी कर दिया है।यह भर्ती विज्ञापन संख्या RVUN/Rectt.-2026-27/01 के तहत निकाली गई है। इस बड़ी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से जूनियर इंजीनियर-I, जूनियर अकाउंटेंट और जूनियर असिस्टेंट/कमर्शियल असिस्टेंट-II के पदों पर योग्य उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं।जुलाई के दूसरे हफ्ते में आएगा विस्तृत नोटिफिकेशन, जानें कब से शुरू होंगे आवेदनआरवीयूएनएल द्वारा जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, इस भर्ती से जुड़ी सभी विस्तृत गाइडलाइंस जैसे - शैक्षणिक योग्यता की बारीक शर्तें, ऑनलाइन आवेदन का पूरा शेड्यूल, परीक्षा का सिलेबस और चयन प्रक्रिया का पूरा ब्योरा जुलाई 2026 के दूसरे पखवाड़े (Second Half of July) में आधिकारिक रूप से जारी कर दिया जाएगा। डिटेल्ड नोटिफिकेशन आते ही आवेदन की लिंक एक्टिव हो जाएगी। उम्मीदवार केवल हिस्सा लेने वाली बिजली कंपनियों की ऑफिशियल वेबसाइट्स पर जाकर ही ऑनलाइन मोड में अप्लाई कर सकेंगे।राजस्थान की इन 5 पावर कंपनियों में भरे जाएंगे 2,005 पद; देखें वैकेंसी डिटेल्सइस संयुक्त भर्ती परीक्षा के जरिए राजस्थान की पांच बड़ी बिजली वितरण, उत्पादन और प्रसारण कंपनियों में नियुक्तियां की जाएंगी:राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RVUN)राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (RVPN)जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVN)अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (AVVN)जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JdVVN)पदवार रिक्तियों का पूरा विवरण (Post-wise Vacancy):कुल 2,005 पदों को अलग-अलग श्रेणियों में इस प्रकार बांटा गया है:जूनियर इंजीनियर-I (कुल 869 पद): इसमें सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिकल ब्रांच के लिए 727 पद तय किए गए हैं। इसके अलावा मैकेनिकल ब्रांच के लिए 110 पद और सिविल ब्रांच के लिए 32 पदों पर भर्ती होगी।जूनियर असिस्टेंट / कमर्शियल असिस्टेंट-II: इसके लिए सबसे अधिक 765 पद घोषित किए गए हैं।जूनियर अकाउंटेंट: कॉमर्स बैकग्राउंड के युवाओं के लिए इस विभाग में 371 पद सुरक्षित रखे गए हैं।नोट: सभी पदों पर राज्य सरकार के नियमानुसार वर्गवार (Category-wise) आरक्षण का लाभ मिलेगा।आवेदन के लिए क्या है जरूरी योग्यता और आयु सीमा?अगर आप इन पदों के लिए आवेदन करने की सोच रहे हैं, तो आपके पास निम्नलिखित योग्यताएं होना अनिवार्य है:आयु सीमा: इस भर्ती के लिए आवेदकों की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और अधिकतम उम्र 28 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को सरकारी नियमों के मुताबिक अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी।जूनियर इंजीनियर (JE): उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या यूनिवर्सिटी से संबंधित इंजीनियरिंग स्ट्रीम (इलेक्ट्रिकल/मैकेनिकल/सिविल) में कम से कम 3 साल का डिप्लोमा या बीई/बीटेक की डिग्री होनी चाहिए।जूनियर अकाउंटेंट: आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के पास कॉमर्स (B.Com) या उससे संबंधित विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री होना जरूरी है।जूनियर असिस्टेंट / कमर्शियल असिस्टेंट-II: उम्मीदवार का किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएट होने के साथ-साथ कंप्यूटर की अच्छी जानकारी (कंप्यूटर प्रोफिशिएंसी) और टाइपिंग स्किल्स होना आवश्यक है।कितना लगेगा आवेदन शुल्क?ऑनलाइन फॉर्म भरते समय उम्मीदवारों को श्रेणी के अनुसार परीक्षा शुल्क का भुगतान करना होगा, जो इस प्रकार है:सामान्य/अनारक्षित श्रेणी (UR): ₹1,000SC, ST, BC, EWS, PWBD और सहरिया श्रेणी: ₹500पेमेंट मोड: परीक्षा फीस का भुगतान ऑनलाइन माध्यमों जैसे भीम यूपीआई (BHIM UPI), नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड या स्वीकृत डेबिट कार्ड के जरिए आसानी से किया जा सकता है।चयन प्रक्रिया और सैलरी: पे-लेवल 10 के तहत मिलेगी शानदार सैलरीइन पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन तीन चरणों के आधार पर किया जाएगा:लिखित परीक्षा (Written Exam)दस्तावेज सत्यापन (Document Verification)मेडिकल परीक्षण (Medical Examination)जूनियर इंजीनियर (JE) के पद के लिए उम्मीदवारों का मूल्यांकन 200 अंकों की लिखित परीक्षा के माध्यम से होगा। अंतिम रूप से चयनित होने वाले जूनियर इंजीनियरों को पे-लेवल 10 (Pay Level 10) के तहत ₹33,800 प्रति माह का मूल वेतन मिलेगा, जिसके साथ राज्य सरकार द्वारा देय अन्य भत्ते और सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी।
गोल्ड सिल्वर रेट्स टुडे (26 जून): भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर लगातार दबाव देखने को मिल रहा है। वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों और मजबूत होते अमेरिकी डॉलर के कारण घरेलू बाजार में कीमती धातुओं की कीमतें तेजी से नीचे आ रही हैं। शुक्रवार (26 जून) की सुबह देश के अधिकांश बड़े शहरों में सोने के दाम काफी सस्ते हो गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अब 24 कैरेट सोने की कीमत घटकर ₹1,41,470 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गई है। कीमती धातुओं में आई इस भारी गिरावट से निवेशकों का सेंटिमेंट प्रभावित हुआ है।अंतरराष्ट्रीय बाजार में $4,000 के नीचे फिसला सोना, डॉलर की मजबूती ने बिगाड़ा खेलविदेशी बाजारों में सोने की कीमतों में आई कमजोरी का सीधा असर भारतीय सर्राफा बाजार पर दिख रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना (Spot Gold) $4,000 प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे लुढ़ककर 3,978.06 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका में महंगाई बढ़ने की आशंका के चलते अमेरिकी केंद्रीय बैंक 'फेडरल रिजर्व' द्वारा आने वाले समय में ब्याज दरें बढ़ाए जाने का डर बना हुआ है। इस वजह से अमेरिकी डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है, जिससे निवेशकों का आकर्षण सोने से घटकर डॉलर की तरफ बढ़ गया है और सोने की कीमतों में चौतरफा बिकवाली देखी जा रही है। इससे एक दिन पहले भी दिल्ली सर्राफा बाजार में 99.9% शुद्धता वाले सोने की कीमत में ₹2,800 प्रति 10 ग्राम की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी।दिल्ली, मुंबई और चेन्नई समेत देश के बड़े शहरों में आज क्या हैं गोल्ड रेट्स?26 जून की सुबह देश के प्रमुख महानगरों और शहरों में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के रिटेल भाव (प्रति 10 ग्राम) इस प्रकार दर्ज किए गए हैं:दिल्ली: 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,41,470 और 22 कैरेट का भाव ₹1,29,690 है।मुंबई व कोलकाता: इन दोनों महानगरों में 24 कैरेट सोना ₹1,41,320 और 22 कैरेट सोना ₹1,29,540 पर ट्रेंड कर रहा है।चेन्नई: यहां सोने की कीमतें बाकी शहरों से थोड़ी ऊपर हैं। 24 कैरेट का भाव ₹1,43,340 और 22 कैरेट का भाव ₹1,31,390 है।पुणे व बेंगलुरु: इन शहरों में भी 24 कैरेट गोल्ड ₹1,41,320 और 22 कैरेट गोल्ड ₹1,29,540 के स्तर पर है।देश के 10 बड़े शहरों की प्राइस लिस्ट (Table)शहर22 कैरेट सोने का भाव (₹/10 ग्राम)24 कैरेट सोने का भाव (₹/10 ग्राम)दिल्ली₹1,29,690₹1,41,470मुंबई₹1,29,540₹1,41,320लखनऊ₹1,29,690₹1,41,470अहमदाबाद₹1,29,590₹1,41,330चेन्नई₹1,31,390₹1,43,340कोलकाता₹1,29,540₹1,41,320हैदराबाद₹1,29,540₹1,41,320जयपुर₹1,29,690₹1,41,470भोपाल₹1,29,590₹1,41,370चंडीगढ़₹1,29,690₹1,41,470चांदी की चमक भी पड़ी फीकी, ₹2.35 लाख के करीब पहुंचे दामसोने की राह पर चलते हुए चमकीली धातु चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट का दौर जारी है। 26 जून की सुबह भारतीय बाजारों में चांदी की कीमत घटकर ₹2,34,900 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। वहीं, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो वहां हाजिर चांदी (Spot Silver) की कीमत इस समय 57.10 डॉलर प्रति औंस पर बनी हुई है। औद्योगिक मांग में सुस्ती और ग्लोबल वेल्थ सेंटिमेंट कमजोर होने से चांदी पर भी दबाव साफ दिख रहा है।
दिल्ली एनसीआर मौसम अपडेट (26 जून): दिल्ली-एनसीआर में उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को राजधानी और आसपास के इलाकों में धूल भरी आंधी, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है। हालांकि दिन के समय तेज धूप और उमस के कारण गर्मी का असर बना रहेगा, लेकिन दोपहर बाद या शाम तक मौसम करवट लेगा, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। इससे पहले गुरुवार को भी दिल्ली के कई इलाकों में बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई थी।दोपहर बाद आंधी-तूफान के साथ बरसेंगे बदरा, 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएंमौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आज दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम के समय तेज आंधी-तूफान के साथ बिजली कड़कने और बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है।इस दौरान मौसम में आने वाले बड़े बदलाव कुछ इस तरह होंगे:हवा की रफ्तार: आंधी के दौरान जमीनी हवाएं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।अधिकतम गति: तूफान के वक्त हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की भी उम्मीद है।गुरुवार का हाल: कल दिल्ली का अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.6 डिग्री ज्यादा था। हवा में भारी उमस (Humidity) के कारण लोगों को वास्तविक तापमान 44.1 डिग्री सेल्सियस जैसा महसूस (Real Feel) हो रहा था।आज कितना रहेगा दिल्ली का तापमान?आईएमडी के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वहीं, रात और सुबह के समय न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है। दिन की गर्मी के बाद शाम की बारिश दिल्लीवालों को बड़ी राहत देगी।अगले 3 दिनों तक ऐसा ही रहेगा मौसम, 29 जून से गिरेगा पारादिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए अच्छी बात यह है कि राहत का यह सिलसिला केवल आज तक सीमित नहीं है। आने वाले दिनों का वेदर ट्रेंड कुछ इस प्रकार रहने वाला है:27 जून: शनिवार को भी मौसम का मिजाज ऐसा ही रहेगा। 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है, जबकि तापमान 39 से 41 डिग्री के बीच बना रहेगा।29 जून से बड़ी राहत: सोमवार से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिलेगी। पारा लुढ़ककर 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच आ सकता है। बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा।1 जुलाई का पूर्वानुमान: अगले महीने की शुरुआत यानी 1 जुलाई तक दिल्ली का अधिकतम तापमान घटकर 35 से 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह लगातार हो रही प्री-मानसून (Pre-Monsoon) गतिविधियां हैं, जो इस बात का संकेत हैं कि दिल्ली में मानसून की एंट्री के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं।मौसम विभाग की जरूरी सलाह: आंधी के समय बरतें ये सावधानियांतेज हवाओं और आंधी-तूफान के अलर्ट को देखते हुए मौसम विभाग ने आम जनता के लिए एडवाइजरी जारी की है:आंधी-तूफान के दौरान घरों के अंदर ही रहें और खिड़कियां बंद रखें।बाहर होने की स्थिति में बड़े पेड़ों, बिजली के खंभों, कमजोर दीवारों या जर्जर इमारतों के नीचे आश्रय लेने से बिल्कुल बचें।यात्रा पर निकलने से पहले मौसम विभाग की ताजा सैटेलाइट तस्वीरों और लाइव वेदर अपडेट्स को जरूर चेक कर लें।
स्मार्ट ट्रैवल टेक्नोलॉजी अपडेट: आज के डिजिटल दौर में टेक्नोलॉजी ने हमारे घूमने-फिरने के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया है। अब किसी ट्रिप पर जाने के लिए न तो आपको एजेंटों के चक्कर काटने पड़ते हैं और न ही भारी-भरकम कैश लेकर चलने की मजबूरी होती है। ट्रिप की प्लानिंग से लेकर डेस्टिनेशन पर पहुंचने, रुकने और वापस आने तक का हर काम अब स्मार्टफोन के कुछ क्लिक्स पर सिमट गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक डिजिटल टूल्स की वजह से आज का सफर पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित, आसान और बजट-फ्रेंडली हो गया है।अगर आप भी आने वाले दिनों में किसी वेकेशन या बिजनेस ट्रिप की प्लानिंग कर रहे हैं, तो टेक्नोलॉजी से जुड़े इन 7 बड़े बदलावों को जरूर जान लें जो आपके ट्रैवलिंग एक्सपीरियंस को बिल्कुल बदल देंगे।1. एआई बेस्ड ट्रैवल प्लानिंग: आपका पर्सनल गाइड है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसअब आपको इंटरनेट पर घंटों बैठकर ट्रिप का शेड्यूल बनाने की जरूरत नहीं है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब आपकी पसंद, बजट, दिनों की संख्या और आपके इंटरेस्ट के हिसाब से पूरा कस्टमाइज्ड ट्रैवल प्लान (Itinerary) पलक झपकते ही तैयार कर देता है। एडवांस एआई चैटबॉट्स न सिर्फ आपको बेहतरीन होटल्स और फ्लाइट्स के विकल्प देते हैं, बल्कि वहां के मशहूर रेस्टोरेंट्स और घूमने लायक छिपी हुई खूबसूरत जगहों (Hidden Gems) की भी सटीक सिफारिश करते हैं। इससे समय की भारी बचत होती है और सबसे बेस्ट ऑप्शन मिलते हैं।2. डिजिटल बोर्डिंग पास और कॉन्टैक्टलेस ट्रैवल: लाइनों का झंझट खत्मएयरपोर्ट्स और अब प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी लंबी कतारों से मुक्ति दिलाने के लिए डिजिटल टिकटिंग और कॉन्टैक्टलेस ट्रैवल को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। ई-बोर्डिंग पास और फेस रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाली) जैसी आधुनिक बायोमेट्रिक तकनीकों की मदद से अब यात्री बिना किसी फिजिकल डॉक्यूमेंट या कागज के सीधे एंट्री पा सकते हैं। अपने मोबाइल से ही घर बैठे वेब चेक-इन करने की सुविधा ने यात्रियों का काफी कीमती समय बचा दिया है।3. रियल-टाइम नेविगेशन और स्मार्ट मैप्स: अनजान राहें भी हुईं आसानआज के दौर में अगर आप किसी अनजान शहर या सुदूर पहाड़ी इलाके में भी हैं, तो रास्ता भटकने का डर बिल्कुल खत्म हो चुका है। आधुनिक नेविगेशन ऐप्स सिर्फ रास्ता ही नहीं दिखाते, बल्कि आपको लाइव ट्रैफिक अपडेट, सड़क बंद होने की चेतावनी, दुर्घटनाओं की जानकारी और सबसे शॉर्टकट या वैकल्पिक रास्ते भी बताते हैं। इसके साथ ही आपके रूट पर पड़ने वाले पेट्रोल पंप, अस्पताल, एटीएम और अच्छे ढाबों या होटल्स की लोकेशन भी आपको स्क्रीन पर रियल-टाइम में दिखती रहती है।4. स्मार्ट लगेज और जीपीएस ट्रैकिंग: अब नहीं होगी सामान खोने की टेंशनअक्सर यात्रा के दौरान सबसे बड़ा डर सामान के खोने या चोरी होने का रहता है। इस समस्या का हल जीपीएस (GPS) और ब्लूटूथ आधारित स्मार्ट लगेज और ट्रैकिंग डिवाइस ने निकाल दिया है। इन बैग्स में इन-बिल्ट ट्रैकिंग सिस्टम होता है, जिससे आप अपने स्मार्टफोन पर लाइव देख सकते हैं कि आपका बैग इस वक्त कहां है। इसके अलावा, आजकल के स्मार्ट बैग्स डिजिटल लॉक, इन-बिल्ट यूएसबी चार्जिंग पोर्ट और बैग के आपसे दूर जाने पर मोबाइल पर एंटी-थेफ्ट अलर्ट भेजने जैसी सुविधाओं के साथ आते हैं।5. ऑनलाइन बुकिंग और डिजिटल पेमेंट: कैशलेस सफर का नया दौरफ्लाइट, सुपरफास्ट ट्रेन, लग्जरी बस, होटल या लोकल टैक्सी की बुकिंग अब चुटकियों में मोबाइल ऐप्स के जरिए हो जाती है। सबसे बड़ा बदलाव डिजिटल पेमेंट क्रांति से आया है। यूपीआई (UPI), डिजिटल वॉलेट, सुरक्षित इंटरनेट बैंकिंग और इंटरनेशनल फॉरेक्स कार्ड्स की मदद से अब जेब में नकदी (Cash) रखने की टेंशन खत्म हो गई है। डिजिटल लेन-देन करने पर यात्रियों को बंपर डिस्काउंट, कूपन कोड्स और कैशबैक का फायदा भी मिलता है, जिससे सफर काफी किफायती हो जाता है।6. वर्चुअल टूर और ऑगमेंटेड रियलिटी (AR): जाने से पहले देखें नजाराकई बड़ी ट्रैवल कंपनियां और टूरिस्ट स्पॉट्स अब वर्चुअल रियलिटी (VR) और ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसकी मदद से आप किसी भी होटल के कमरे या टूरिस्ट डेस्टिनेशन को बुक करने से पहले ही उसका 360-डिग्री व्यू देख सकते हैं। इससे आपको यह समझने में आसानी होती है कि असल में वह जगह कैसी दिखती है। यह तकनीक यात्रियों को गलत डेस्टिनेशन चुनने की गलती से बचाती है और बुकिंग को पारदर्शी बनाती है।7. ट्रैवल सेफ्टी और इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम: हर पल सुरक्षित रहेगा आपका सफरआधुनिक ट्रैवल ऐप्स में अब सुरक्षा को लेकर बेहद शानदार फीचर्स दिए जा रहे हैं। ये ऐप्स आपको खराब मौसम, फ्लाइट में देरी, प्राकृतिक आपदाओं या किसी क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी दिक्कतों का रियल-टाइम अलर्ट तुरंत भेज देते हैं। इसके साथ ही इन ऐप्स में मिलने वाले एसओएस (SOS) बटन, लाइव लोकेशन शेयरिंग और वन-टैप इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जैसी सुविधाएं किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाने का काम करती हैं, जिससे अकेले सफर करने वाले यात्रियों का भरोसा काफी बढ़ा है।
बुध वक्री गोचर 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राशि और नक्षत्र परिवर्तन के साथ-साथ उनकी सीधी (मार्गी) और उल्टी (वक्री) चाल को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। नवग्रहों में बुद्धि, वाणी, व्यापार, अर्थव्यवस्था और शिक्षा के कारक ग्रह 'बुध' जल्द ही अपनी चाल बदलने जा रहे हैं। ग्रहों के राजकुमार बुध इस समय चंद्र देव की राशि कर्क में गोचर कर रहे हैं, जहां वे वक्री होने वाले हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, बुध के वक्री होने पर व्यक्ति की निर्णय क्षमता प्रभावित होती है, लेकिन इस बार की उल्टी चाल 4 विशेष राशियों के लिए सुनहरे दिन लेकर आने वाली है।29 जून को रात 10:45 पर वक्री होंगे बुध, मिथुन राशि में भी करेंगे प्रवेशउज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, 29 जून 2026 की रात 10 बजकर 45 मिनट पर बुध ग्रह कर्क राशि में वक्री (Retrograde) हो जाएंगे। अपनी इस उल्टी चाल के दौरान ही बुध देव 7 जुलाई 2026 को मिथुन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इसके बाद 24 जुलाई 2026 तक वक्री अवस्था में रहने के बाद वे फिर से मार्गी यानी सीधी चाल चलना शुरू करेंगे। बुध का यह करीब 25 दिनों का वक्री काल देश-दुनिया समेत सभी 12 राशियों पर बड़ा असर डालेगा।इन 4 राशियों के खुलेंगे भाग्य के द्वार, मिलेगी बड़ी खुशखबरीवैसे तो बुध की चाल का असर सभी जातकों पर पड़ेगा, लेकिन ज्योतिषीय गणना के अनुसार करियर, बिजनेस, धन लाभ और सामाजिक मान-सम्मान के मामले में 4 राशियों को भाग्य का पूरा साथ मिलने वाला है। आइए जानते हैं वे भाग्यशाली राशियां कौन सी हैं:1. मेष राशि (Aries): रिश्तों में आएगी मिठास, बढ़ेगा मान-सम्मानमेष राशि के जातकों के लिए बुध की उल्टी चाल खुशियों और तरक्की की नई सौगात लेकर आएगी।परिवार में लंबे समय से चला आ रहा मनमुटाव या तनाव अब पूरी तरह खत्म होगा।समाज और कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा और मान-सम्मान में भारी बढ़ोतरी होगी।संतान पक्ष की ओर से किसी बड़ी सफलता या करियर से जुड़ी खुशखबरी मिल सकती है।2. मिथुन राशि (Gemini): विदेश यात्रा के योग और करियर में ऊंची उड़ानबुध आपकी ही राशि के स्वामी हैं, इसलिए इनका वक्री होना आपके लिए तरक्की के नए मार्ग प्रशस्त करेगा।जो लोग विदेश जाने या विदेश में पढ़ाई-नौकरी करने का सपना देख रहे हैं, उनकी इच्छा पूरी हो सकती है।वीजा या पासपोर्ट से जुड़े रुके हुए सरकारी दस्तावेज आसानी से बन जाएंगे।नई नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को बड़ी कंपनियों से आकर्षक ऑफर मिलने के मजबूत संकेत हैं।3. सिंह राशि (Leo): अड़चनें होंगी दूर, पैतृक संपत्ति से होगा लाभसिंह राशि के जातकों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं रहने वाला है।आपके काम में लंबे समय से जो भी विरोधी या अड़चनें रुकावट डाल रहे थे, वे अब समाप्त हो जाएंगे।यदि कोर्ट-कचहरी में पैतृक संपत्ति को लेकर कोई विवाद चल रहा है, तो फैसला आपके पक्ष में आ सकता है।परिवार में किसी मांगलिक या धार्मिक उत्सव का आयोजन होने की प्रबल संभावना बनेगी।4. कुंभ राशि (Aquarius): दूर होंगी परेशानियां, बढ़ेगी धार्मिक रुचिकुंभ राशि के लोगों के जीवन में यह गोचर सकारात्मक और बड़े बदलाव लेकर आ रहा है।आपका झुकाव धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों की ओर ज्यादा रहेगा, जिससे मानसिक शांति मिलेगी।जीवनसाथी के साथ किसी तीर्थ यात्रा या धार्मिक स्थल पर घूमने का प्लान बन सकता है।लंबे समय से चली आ रही मानसिक और आर्थिक परेशानियां दूर होंगी, साथ ही सूर्य देव के शुभ प्रभाव से सेहत में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।वक्री बुध के दौरान क्या रखें सावधानी?ज्योतिषियों के अनुसार, भले ही यह समय इन 4 राशियों के लिए शुभ है, लेकिन बुध वक्री होने के कारण किसी भी प्रकार के बड़े निवेश, कागजी कार्रवाई या नया व्यापारिक कॉन्ट्रैक्ट साइन करते समय डॉक्यूमेंट्स को अच्छी तरह पढ़ लेना चाहिए। जल्दबाजी में लिया गया कोई भी फैसला नुकसानदेह साबित हो सकता है।
एमक्योर फार्मा शेयर अपडेट: भारतीय फार्मा सेक्टर की जानी-मानी कंपनी एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड (Emcure Pharmaceuticals) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दिग्गज ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी फर्म बेन कैपिटल (Bain Capital) ने कंपनी में अपनी बची हुई पूरी हिस्सेदारी बेच दी है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर हुई एक ब्लॉक डील के जरिए बेन कैपिटल ने करीब 12 साल पुराने इस निवेश सफर को पूरी तरह खत्म करते हुए कंपनी से एग्जिट कर लिया है। बाजार के बड़े घरेलू और विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs/DIIs) ने इन शेयरों को हाथों-हाथ खरीदा है।₹352 करोड़ की ब्लॉक डील, इन दिग्गजों ने खरीदे एमक्योर के शेयरस्टॉक एक्सचेंज से मिले ब्लॉक डील डेटा के मुताबिक, बेन कैपिटल ने एमक्योर फार्मा में अपनी करीब 1 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर यानी 19.4 लाख शेयर खुले बाजार में बेचे हैं। यह पूरी डील औसतन ₹1,817 प्रति शेयर की कीमत पर हुई, जिसकी कुल वैल्यू 352 करोड़ रुपये है।इस हिस्सेदारी को खरीदने के लिए देश के बड़े म्यूचुअल फंड्स और इंश्योरेंस कंपनियों ने भरोसा जताया है:HDFC स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस: इसने सबसे बड़ा दांव लगाते हुए ₹130 करोड़ में 7.1 लाख शेयर खरीदे।एक्सिस म्यूचुअल फंड (Axis MF): फंड हाउस ने ₹50 करोड़ के शेयर पोर्टफोलियो में शामिल किए।आदित्य बिड़ला सन लाइफ MF: इन्होंने ₹47.5 करोड़ निवेश कर 2.6 लाख शेयर खरीदे।इसके अलावा ग्लोबल इनवेस्टर सेंटिमेंट को दर्शाते हुए HSBC म्यूचुअल फंड, गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली और बीएनपी पारिबा (BNP Paribas) जैसी दिग्गज संस्थाओं ने भी ₹25-25 करोड़ के शेयर खरीदे हैं।शार्क टैंक फेम नमिता थापर से है नाता, 2024 में आया था IPOएमक्योर फार्मा देश की उन चुनिंदा दवा कंपनियों में से है जिसकी पहचान घर-घर में है। बिजनेस रियलिटी शो 'शार्क टैंक इंडिया' (Shark Tank India) की लोकप्रिय जज नमिता थापर इस कंपनी में होल-टाइम डायरेक्टर हैं। उनके पिता सतीश रमनलाल मेहता इस कंपनी के फाउंडर, सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं।कंपनी के शेयर बाजार के सफर की बात करें तो:जुलाई 2024 में कंपनी का ₹1,952.03 करोड़ का आईपीओ (IPO) आया था।मौजूदा समय में कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Cap) ₹35,600 करोड़ के पार निकल चुका है।फिलहाल बीएसई (BSE) पर एमक्योर फार्मा के शेयर की कीमत ₹1,881.90 के स्तर पर टिकी हुई है।मार्च 2026 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक, कंपनी में प्रमोटर्स के पास अभी भी 77.87 फीसदी की मजबूत हिस्सेदारी बनी हुई है।निवेशकों की कराई तगड़ी कमाई, 1 साल में 40% का बंपर रिटर्नबाजार में लिस्ट होने के बाद से ही इस फार्मा स्टॉक ने निवेशकों को लगातार मालामाल किया है। पिछले कुछ समय में शेयर के प्रदर्शन पर नजर डालें तो इसमें शानदार तेजी देखने को मिली है:1 साल का रिटर्न: शेयर की कीमत में करीब 40 प्रतिशत की मजबूती आई है।6 महीने का रिटर्न: इस अवधि में स्टॉक ने 30 प्रतिशत से ज्यादा का मुनाफा दिया है।2 हफ्ते का रिटर्न: हालिया दो हफ्तों में भी यह शेयर करीब 12 प्रतिशत उछला है।₹10 की फेस वैल्यू वाले इस स्टॉक में आ रही लगातार तेजी कंपनी के मजबूत बिजनेस मॉडल को दर्शाती है।कैसी है एमक्योर फार्मा की वित्तीय सेहत? जानिए मुनाफे के आंकड़ेहिस्सेदारी की इस फेरबदल के बीच कंपनी के वित्तीय नतीजे भी काफी मजबूत नजर आ रहे हैं। जनवरी-मार्च 2026 (Q4FY26) की तिमाही में स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी का रेवेन्यू ₹1,467.70 करोड़ रहा, जबकि इस दौरान कंपनी ने ₹233.70 करोड़ का नेट प्रॉफिट (शुद्ध मुनाफा) दर्ज किया।अगर पूरे वित्त वर्ष 2026 (FY26) की बात करें, तो कंपनी ने स्टैंडअलोन बेसिस पर ₹5,243.19 करोड़ का कुल रेवेन्यू हासिल किया है और सालाना शुद्ध मुनाफा ₹732.96 करोड़ रहा है। वित्तीय मोर्चे पर इस मजबूती के कारण ही बेन कैपिटल के एग्जिट के बाद भी घरेलू फंड हाउसेज ने स्टॉक में खरीदारी करने में जरा भी देर नहीं लगाई।
अगर आप भी नया पासपोर्ट बनवाने या अपने पुराने पासपोर्ट को रिन्यू कराने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खबर है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने पासपोर्ट से जुड़ी तमाम सेवाओं की फीस में बढ़ोतरी का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। सरकार द्वारा जारी नए नोटिफिकेशन के मुताबिक, संशोधित दरें इसी साल 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो जाएंगी।खास बात यह है कि इस बार सामान्य और तत्काल श्रेणी के साथ-साथ पासपोर्ट खोने या खराब होने पर मिलने वाले रिप्लेसमेंट पासपोर्ट की फीस में सबसे ज्यादा इजाफा किया गया है।सामान्य और तत्काल पासपोर्ट: अब चुकाने होंगे इतने रुपयेवयस्कों (Adults) और 15-18 साल के नाबालिगों के लिए 36 पेज और 60 पेज के नए या री-इश्यू पासपोर्ट की नई दरें कुछ इस प्रकार तय की गई हैं:36 पेज पासपोर्ट (Normal): अब इसके लिए ₹1,500 की जगह ₹2,500 देने होंगे।36 पेज पासपोर्ट (Tatkal): तत्काल स्कीम के तहत यह फीस बढ़कर ₹5,000 हो गई है।60 पेज पासपोर्ट (Normal): बड़ी बुकलेट के लिए अब ₹3,500 की फीस लगेगी।60 पेज पासपोर्ट (Tatkal): इस कैटेगरी में आपको ₹6,000 चुकाने होंगे।पासपोर्ट खोने या खराब होने पर जेब होगी और ढीलीअगर आपका पासपोर्ट कहीं गुम हो गया है या डैमेज हो गया है, तो उसके बदले नया रिप्लेसमेंट पासपोर्ट लेना अब काफी महंगा पड़ेगा। सरकार ने इस सेक्शन में सबसे बड़ी बढ़ोतरी की है:36 पेज रिप्लेसमेंट (Normal): इसके लिए आपको ₹5,000 खर्च करने होंगे।36 पेज रिप्लेसमेंट (Tatkal): तत्काल में नया डॉक्यूमेंट लेने के लिए ₹7,500 देने होंगे।60 पेज रिप्लेसमेंट (Normal): इस कैटेगरी की फीस ₹6,000 निर्धारित की गई है।60 पेज रिप्लेसमेंट (Tatkal): इसके लिए सबसे ज्यादा ₹8,500 का भुगतान करना होगा।नाबालिगों के लिए (36 पेज रिप्लेसमेंट): बच्चों के गुमशुदा पासपोर्ट के बदले नया पासपोर्ट नॉर्मल में ₹4,250 और तत्काल में ₹6,750 में बनेगा।पीसीसी (PCC), सरेंडर और अन्य सर्टिफिकेट्स के भी बदले रेटपासपोर्ट के अलावा उससे जुड़ी अन्य जरूरी कागजी कार्यवाहियों के लिए भी नया सर्विस चार्ज तय किया गया है:PCC और सरेंडर सर्टिफिकेट: पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC), सरेंडर सर्टिफिकेट और ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम वेरिफिकेशन जैसी सेवाओं के लिए भारत में अब ₹750 की फीस तय की गई है।सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी: भारत में इसकी कीमत ₹1,000 होगी।विदेशी सेवाएं (Emergency/Identity): भारत से बाहर आपातकालीन सर्टिफिकेट (Emergency Certificate) के लिए 15 USD और पहचान प्रमाण-पत्र (Certificate of Identity) के लिए 50 USD देने होंगे। ध्यान रहे कि इन अंतरराष्ट्रीय सेवाओं के लिए कोई तत्काल सुविधा नहीं मिलेगी।वैलिडिटी के क्या हैं नियम?फीस बदलने के बावजूद पासपोर्ट की वैधता (Validity) के पुराने नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है:वयस्कों (Adults) के लिए जारी किया गया पासपोर्ट पूरे 10 साल के लिए मान्य रहेगा।नाबालिगों (Minors) के लिए जारी पासपोर्ट की वैलिडिटी 5 साल या उनके 18 वर्ष के होने तक (जो भी पहले पूरा हो) मान्य रहेगी।
पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में आरोपी सिया गोयल के माता-पिता का पहला बयान सामने आया है। पिता ने कहा कि दोष साबित होने पर कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलनी चाहिए, जबकि मां ने रिश्ते को लेकर कई अहम बातें कहीं।
पंजाब सीएम ने नाटकीय बहानों से जनता को गुमराह करने की कोशिश की: भाजपा
भारतीय जनता पार्टी की पंजाब इकाई के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने पंजाब के मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अपनी सरकार पर लगे गंभीर आरोपों का जवाब देने के बजाय भगवंत मान ने लोगों को गुमराह करने की कोशिश की और ध्यान भटकाने वाले बयान तथा नाटकीय बहाने पेश किए।
राम मंदिर चढ़ावा मामला: 8 आरोपियों पर FIR, चंपत राय का नाम नहीं; विपक्ष ने जांच पर उठाए सवाल
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में 8 लोगों के खिलाफ BNS की गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की गई है। चंपत राय का नाम शामिल न होने पर विपक्ष ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
Top News 26 June : वेनेजुएला में भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 235 हुई। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद में 8 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज। केंद्र सरकार ने कैंसर की नकली दवाओं पर शिकंजा कसा। भारत ने महिला विश्व कप में बांग्लादेश को हराया। ...
जब लगातार फ्लॉप से टूट चुके थे अमिताभ बच्चन, अभिनेत्री बिंदू ने सुनाया शूटिंग का वो मजेदार किस्सा
बॉलीवुड के 'शहंशाह' अमिताभ बच्चन के करियर के शुरुआती दिन आज जितने शानदार लगते हैं, हकीकत में वे उतने ही संघर्षपूर्ण थे। हाल ही में दिग्गज अभिनेत्री बिंदू ने बिग बी के साथ जुड़ा एक ऐसा किस्सा साझा किया है, जो न केवल मजेदार है बल्कि उस दौर के तनाव को भी बयां करता है। बिंदू और अमिताभ ने 'जंजीर' और 'अभिमान' जैसी कई यादगार फिल्मों में साथ काम किया है, लेकिन शूटिंग के दौरान हुई एक घटना ने उन्हें हमेशा के लिए एक हसीन याद दे दी।जब हवा के झोंके ने बदल दी दिशाबिंदू ने एक इंटरव्यू में बताया कि फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में वे लोग ऋषिकेश गए थे। काम खत्म होने के बाद पूरी टीम देहरादून में डिनर के लिए निकली थी। लौटते समय बिंदू पान खा रही थीं। वे बताती हैं, हम खुली खिड़कियों वाली गाड़ी में थे और हवा सीधे मेरे चेहरे पर लग रही थी। मैंने पान थूकने के लिए जैसे ही खिड़की से सिर बाहर निकाला, हवा की दिशा ने सब कुछ बदल दिया। वह पान सीधे अमिताभ बच्चन की शर्ट पर जा गिरा। बिंदू के लिए यह पल बेहद शर्मिंदगी भरा था, लेकिन बिग बी ने जिस तरह इसे संभाला, वह उनकी दरियादिली दर्शाता है।अमिताभ का रिएक्शन और 'इलाहाबाद वाली' चिंताइस घटना के बाद अमिताभ बच्चन ने गुस्सा होने के बजाय बिंदू को माफ कर दिया, लेकिन इसे उन्होंने हमेशा के लिए मजाक का विषय बना लिया। वे अक्सर बिंदू की टांग खिंचाई करते थे। इसी दौरान बिंदू ने एक और गंभीर याद साझा की। उन्होंने बताया कि उन दिनों अमिताभ बच्चन लगातार फ्लॉप फिल्मों के कारण बहुत तनाव में थे। एक बार प्लेन के सफर में उन्होंने बिंदू और अपनी हेयर-ड्रेसर से कहा था, मेरी फिल्में बैक-टू-बैक फ्लॉप हो रही हैं, पता नहीं आगे क्या होगा, अब तो इलाहाबाद की टिकट ही कटवानी पड़ेगी। उस दौर में बिग बी हार मानने की कगार पर थे, लेकिन उसके ठीक बाद 'जंजीर' और 'दीवार' जैसी फिल्मों ने इतिहास बदल दिया और वे सदी के महानायक बन गए।
दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में अगले 6 दिनों तक बारिश के आसार हैं। IMD के अनुसार मानसून तेजी से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और पंजाब की ओर बढ़ रहा है। जानें ताजा मौसम अपडेट।
मानसून की बीमारियों को कहें अलविदा: बदलते मौसम में बार-बार बीमार पड़ने से बचाएंगे ये 5 सुपरफूड्स
भीषण गर्मी के बाद मानसून की फुहारें जहां राहत लेकर आती हैं, वहीं अपने साथ बीमारियों का अंबार भी लाती हैं। हवा में बढ़ी हुई नमी, उमस और दूषित पानी बैक्टीरिया और वायरस के पनपने के लिए अनुकूल माहौल तैयार करते हैं। इस दौरान सर्दी, खांसी, फ्लू और अन्य संक्रमण होना बेहद आम है। ऐसे में शरीर को इन बीमारियों से लड़ने के लिए मजबूत बनाना जरूरी है। आपको अपनी डाइट में बहुत बड़े बदलाव करने की जरूरत नहीं है, बस इन 5 सुपरफूड्स को शामिल कर आप अपनी इम्युनिटी को इतना शक्तिशाली बना सकते हैं कि संक्रमण आपके करीब भी नहीं फटकेंगे।इम्युनिटी को फौलाद बनाने वाले 5 'जादुई' खाद्य पदार्थ1. तुलसी (Basil)तुलसी को आयुर्वेद में औषधियों की रानी कहा गया है। इसमें एंटी-वायरल, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। तुलसी में मौजूद 'यूजेनॉल' नामक आवश्यक तेल मानसून के दौरान सांस संबंधी समस्याओं से सुरक्षा प्रदान करता है। कैसे इस्तेमाल करें: आप तुलसी की ताजी पत्तियों को सीधे चबा सकते हैं, इसे चाय में डालकर ले सकते हैं या फिर तुलसी का पानी पीना बेहद फायदेमंद साबित होता है।2. अदरक (Ginger)अदरक एक बेहतरीन नेचुरल पेनकिलर (दर्द निवारक) है, जो सर्दी-जुकाम के इलाज में रामबाण माना जाता है। यह शरीर की सूजन को कम करने और इम्यून सेल्स को सक्रिय करने में मदद करता है। कैसे इस्तेमाल करें: सब्जी या दाल में अदरक के छोटे टुकड़े डालें। अदरक वाली चाय या इसका काढ़ा पीना मानसून में इम्युनिटी बढ़ाने का सबसे पुराना और प्रभावी तरीका है।3. काली मिर्च (Black Pepper)काली मिर्च में 'पाइपरिन' नामक कंपाउंड पाया जाता है, जो एंटी-बैक्टीरियल होने के साथ-साथ एंटीऑक्सीडेंट्स से भी भरपूर होता है। यह न केवल शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण (absorption) में मदद करती है, बल्कि इम्युनिटी को भी बनाए रखती है। कैसे इस्तेमाल करें: मसालों के अलावा, सूप या सलाद के ऊपर काली मिर्च पाउडर छिड़ककर इसका सेवन करें। यह स्वाद के साथ सेहत का भी तड़का लगाती है।4. करी पत्ता (Curry Leaves)करी पत्ता सिर्फ खाने का स्वाद नहीं बढ़ाता, बल्कि यह एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन्स और मिनरल्स का भंडार है। इसमें मौजूद 'कैरोटीनॉयड्स' इम्युनिटी को बूस्ट करने का काम करते हैं। कैसे इस्तेमाल करें: दाल, सब्जी, रसम या सूप में तड़के के रूप में करी पत्ता शामिल करें। यह भोजन को न केवल स्वादिष्ट बनाता है, बल्कि उसे पोषण से भरपूर भी कर देता है।5. नींबू (Lemon)विटामिन-सी का पावरहाउस माना जाने वाला नींबू शरीर में व्हाइट ब्लड सेल्स की संख्या बढ़ाता है, जो संक्रमण से लड़ने के लिए अनिवार्य हैं। कैसे इस्तेमाल करें: चाय, सलाद, दाल, सब्जी या फिर गुनगुने पानी के साथ नींबू का रोजाना सेवन करें। यह शरीर को अंदर से साफ रखने और बीमारियों को दूर रखने में मदद करता है।
भारतीय क्रिकेट का नया सितारा, 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी, आज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने पदार्पण के लिए पूरी तरह तैयार है। बेलफास्ट में भारत और आयरलैंड के बीच दो मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 26 जून को खेला जाना है। श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में मैदान पर उतरने वाली भारतीय टीम में वैभव सूर्यवंशी के चयन ने हर किसी को हैरान और उत्साहित किया है। हालांकि, मेजबान आयरलैंड ने इस युवा सनसनी को रोकने के लिए अपनी रणनीति पहले ही स्पष्ट कर दी है।वैभव सूर्यवंशी को रोकने के लिए आयरलैंड की खास रणनीतिआयरलैंड के अनुभवी ऑलराउंडर जॉर्ज डॉकरेल ने मैच से पूर्व प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कर दिया कि उनकी टीम भारतीय टीम के साथ-साथ वैभव की आक्रामक बल्लेबाजी से निपटने के लिए तैयार है। डॉकरेल ने कहा, वैभव निश्चित रूप से एक बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना उनकी काबिलियत का प्रमाण है, लेकिन हम उनके लिए कोई विशेष अलग व्यवहार नहीं करेंगे। हमारी योजनाएं वही होंगी जो बाकी भारतीय बल्लेबाजों के लिए हैं। हमें उनकी ताकत का अंदाजा है और हम उन्हें दबाव में डालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत का 'नया दौर'यह सीरीज भारतीय टीम के लिए एक नए अध्याय की तरह है, जहां श्रेयस अय्यर टी20 कप्तान के रूप में टीम की बागडोर संभाल रहे हैं। भारतीय टीम में युवाओं और अनुभव का शानदार मिश्रण है। आयरलैंड के लिए भी यह दौरा खुद को विश्व स्तर पर परखने का एक बड़ा मौका है। डॉकरेल के अनुसार, आयरलैंड की टीम भी अब एक बदलाव के दौर से गुजर रही है, जिसमें कुछ नए चेहरों के साथ टीम की पहचान को नया रूप दिया जा रहा है। विश्व चैंपियन भारत के खिलाफ खेलना आयरलैंड के लिए अपनी तैयारियों को मापने का सबसे अच्छा तरीका है।लार्कन की कप्तानी पर आयरलैंड का भरोसाआयरलैंड की टीम में कप्तान के बदलाव को लेकर डॉकरेल ने खुलकर बात की। उन्होंने लार्कन की कप्तानी की सराहना करते हुए कहा, लार्कन बहुत स्पष्ट सोच रखने वाले और शांत स्वभाव के कप्तान हैं। वे क्रिकेट को गहराई से समझते हैं और टीम में हर खिलाड़ी को अपनी जिम्मेदारी खुद लेने के लिए प्रेरित करते हैं। उनकी कप्तानी में टीम का टी20 क्रिकेट और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है। बेलफास्ट में होने वाले इस मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर होने की पूरी संभावना है, जहाँ एक ओर भारत अपनी बादशाहत कायम रखना चाहेगा, तो दूसरी ओर आयरलैंड अपनी नई रणनीति से उलटफेर करने की कोशिश करेगा।
भारत की धमाकेदार जीत के साथ सेमीफाइनल की उम्मीदें हुई मजबूत, टी20 वर्ल्ड कप का 'हीरो' बना ये खिलाड़ी
महिला टी20 विश्व कप 2026 के 23वें मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने शानदार फॉर्म को जारी रखते हुए बांग्लादेश को एकतरफा अंदाज में 5 विकेट से शिकस्त दी है। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाने की संभावनाओं को और प्रबल कर लिया है। अब भारत के खाते में 6 अंक हो चुके हैं और फैंस की नजरें आगामी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले 'करो या मरो' के मुकाबले पर टिकी हैं।राधा यादव और श्री चरणी की घातक गेंदबाजीमैच में पहले बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेशी टीम भारतीय गेंदबाजों के जाल में बुरी तरह फंस गई। बांग्लादेश की सलामी बल्लेबाज जुएरिया फिरदौस (33) और कप्तान निगार सुल्ताना (32) ने कोशिश जरूर की, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन के आगे टीम 20 ओवर में 8 विकेट खोकर मात्र 136 रन ही बना सकी। भारत की ओर से राधा यादव ने सबसे घातक गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट झटके, वहीं श्री चरणी ने 2 सफलताएं हासिल कीं। श्री चरणी के लिए यह टूर्नामेंट यादगार साबित हो रहा है, जिन्होंने टी20 वर्ल्ड कप के एक एडिशन में सर्वाधिक 12 विकेट लेकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।शेफाली वर्मा की विस्फोटक शुरुआत और रिकॉर्डतोड़ पावरप्ले137 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को शेफाली वर्मा ने एक ऐसी शुरुआत दी, जिसकी कल्पना शायद बांग्लादेश ने नहीं की होगी। स्मृति मंधाना के जल्दी आउट होने के बावजूद शेफाली ने गेंदबाजों पर चौतरफा प्रहार किया। पावरप्ले में भारतीय टीम ने 1 विकेट के नुकसान पर 63 रन जड़ दिए, जो टी20 विश्व कप के इतिहास में भारतीय महिला टीम का पावरप्ले में अब तक का सर्वोच्च स्कोर है। शेफाली ने महज 29 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया और 34 गेंदों में 53 रनों की अपनी धमाकेदार पारी में 8 चौके और 1 छक्का जड़ा।सेमीफाइनल की राह और अब अगला पड़ावशेफाली के आउट होने के बाद यास्तिका भाटिया (23) और कप्तान हरमनप्रीत कौर (नाबाद 13) ने पारी को जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाया और भारत को 16.5 ओवर में ही जीत दिला दी। इस जीत ने न केवल भारतीय टीम का मनोबल बढ़ाया है, बल्कि प्वाइंट्स टेबल में भारत की स्थिति को भी सुरक्षित किया है। अब दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले अगले बड़े मुकाबले का बेसब्री से इंतजार है, जो तय करेगा कि कौन सी टीम सेमीफाइनल का टिकट पक्का करती है।
ट्रेंट ब्रिज में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे तीसरे और निर्णायक टेस्ट मैच के पहले दिन कीवी बल्लेबाजों ने जो धमाल मचाया है, उसने मेजबान टीम के गेंदबाजों के पसीने छुड़ा दिए हैं। सीरीज अभी 1-1 से बराबरी पर है, और इस करो या मरो के मुकाबले में न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाजों ने न केवल शानदार शुरुआत की, बल्कि इंग्लैंड के गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए पहले ही दिन 361 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया।लाथम-कॉन्वे की ऐतिहासिक 317 रनों की साझेदारीमैच की शुरुआत कप्तान टॉम लाथम के टॉस जीतने के साथ हुई। ट्रेंट ब्रिज की बल्लेबाजी के अनुकूल पिच का पूरा फायदा उठाते हुए लाथम और डेवोन कॉन्वे ने पहले विकेट के लिए 317 रनों की विशाल साझेदारी की। टॉम लाथम ने अपने टेस्ट करियर का 17वां शतक जड़ते हुए 151 रनों की शानदार पारी खेली, वहीं दूसरी ओर डेवोन कॉन्वे ने भी अपनी लय बरकरार रखी और 22 चौकों व 3 छक्कों की मदद से 157 रन बनाए। इस साझेदारी ने इंग्लैंड को खेल के पहले सत्र से ही बैकफुट पर धकेल दिया।बेन स्टोक्स की वापसी भी नहीं आई कामदूसरे टेस्ट में अनुशासनात्मक कारणों से बाहर रहने वाले इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन की टीम में वापसी हुई थी। उम्मीद थी कि स्टोक्स का आना इंग्लैंड की गेंदबाजी को धार देगा, लेकिन कीवी बल्लेबाजों के आगे कोई भी रणनीति काम नहीं आई। स्टोक्स ने 13 ओवर में 57 रन लुटाए और उन्हें केवल एक सफलता मिली। जो रूट को एक विकेट जरूर मिला, लेकिन दिन के अंत तक इंग्लैंड के बाकी गेंदबाज जैसे शोएब बशीर, जोफ्रा आर्चर और गस एटकिंसन विकेट के लिए तरसते नजर आए।दिन का खेल: न्यूजीलैंड का पलड़ा भारीहालांकि खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने कुछ वापसी की और हेनरी निकोल्स (36) तथा रचिन रविंद्र (7) के विकेट चटकाए, लेकिन तब तक न्यूजीलैंड की टीम एक मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी थी। दिन का खेल समाप्त होने तक न्यूजीलैंड का स्कोर 4 विकेट पर 361 रन रहा। कीवी टीम की मंशा अब इस मैच में इतना बड़ा स्कोर खड़ा करने की है कि इंग्लैंड को फिर से बल्लेबाजी करने का मौका ही न मिले। यह निर्णायक मुकाबला अब पूरी तरह से न्यूजीलैंड के नियंत्रण में दिख रहा है।
बॉलीवुड के मंझे हुए कलाकार संजय सूरी एक बार फिर पर्दे पर वापसी को तैयार हैं। कलर्स चैनल के नए शो 'जूही मुई' के जरिए संजय सूरी टीवी जगत में कदम रख रहे हैं। इस शो में वह एक ऐसे पिता की संवेदनशील भूमिका निभाते नजर आएंगे, जिसकी बेटी ऑटिस्टिक है। तीन दशक लंबे करियर और पहली फिल्म 'प्यार में कभी कभी' से अब तक के सफर पर चर्चा करते हुए संजय ने कई अनकहे किस्से साझा किए हैं। उनका मानना है कि एक कलाकार के लिए माध्यम से ज्यादा कहानी का महत्व होता है, और यही कारण है कि वे टीवी से लेकर फिल्मों और ओटीटी तक, हर जगह अपनी छाप छोड़ रहे हैं।'जूही मुई' क्यों है एक खास प्रोजेक्टसंजय सूरी के अनुसार, 'जूही मुई' एक सीमित एपिसोड वाला शो है, जिसे उन्होंने समाज में बदलाव लाने के उद्देश्य से चुना है। उनका कहना है कि ऑटिज्म जैसे गंभीर विषयों को मुख्यधारा की फिल्मों में ढालना कठिन होता है, लेकिन टेलीविजन हर घर तक पहुंचता है, इसलिए इस विषय को लोगों के बीच ले जाना जरूरी था। संजय खुद भी दो बेटों के पिता हैं, इसलिए शो में पिता का किरदार निभाते समय उनकी भावनाएं बेहद स्वाभाविक और सच्ची निकलकर सामने आई हैं।30 साल का सफर: 'इंडस्ट्री में मलाल नहीं, संतुष्टि है'जब संजय सूरी से पूछा गया कि उन्हें अन्य समकालीन अभिनेताओं की तुलना में कम काम क्यों मिला, तो उन्होंने बेहद परिपक्वता से जवाब दिया। उन्होंने कहा, यह मेरा चयन नहीं था, यह इंडस्ट्री के काम करने के नजरिए और बदलते दौर का हिस्सा है। संजय ने बताया कि जब उनकी 'झंकार बीट्स' जैसी फिल्में आईं, तो लोगों ने मान लिया था कि वे केवल इंडिपेंडेट सिनेमा के ही अभिनेता हैं। हालांकि, उन्होंने कभी हार नहीं मानी। इंतजार करने के बजाय उन्होंने खुद निर्माता बनने का फैसला किया और 'माइ ब्रदर निखिल' तथा 'चौरंगा' जैसी यादगार फिल्मों का निर्माण किया।'मैं सेट पर कभी नहीं पूछता पैकअप कब होगा'संजय सूरी का अभिनय के प्रति जुनून आज भी वैसा ही है जैसा 27 साल पहले था। उन्होंने कहा, जब भी मेरे पास कोई नया रोल आता है, मेरी आंखों में वही चमक आ जाती है जो पहली फिल्म के समय थी। अपनी कर्मठता का जिक्र करते हुए उन्होंने एक बड़ी बात कही, मैं सेट पर कभी नहीं पूछता कि पैकअप कब होगा। बहुत से लोग इस जगह पर आने के लिए तरस रहे हैं, जबकि यह तो मेरी कर्मभूमि है। संजय ने बताया कि वे जल्द ही बतौर निर्माता तीन नई फिल्मों की स्क्रिप्ट पर काम शुरू करने वाले हैं और अभिनय के मोर्चे पर भी उनके दो बड़े ओटीटी शो कतार में हैं। एक कलाकार के तौर पर वे आज भी प्रयोग करने के लिए उतने ही उत्साहित हैं जितने अपने करियर की शुरुआत में थे।

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