जमुई एनकाउंटर: अनंत सिंह का गजब बयान, सम्राट चौधरी को सुनना चाहिए
जमुई में छात्रा से छेड़खानी मामले पर MLA अनंत सिंह का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि जो ऐसा करता है उसे एक दिन में मार देना चाहिए।
कांग्रेस और सपा की सीट शेयरिंग पर शिवपाल का बयान, सस्पेंस खत्म!
2027 के यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस और सपा के बीच सीट बंटवारे को लेकर बयानबाजी तेज है. इमरान मसूद के बाद इकरा हसन ने पलटवार किया तो कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम उनके समर्थन में उतर आए. अब शिवपाल यादव ने साफ किया कि सीटों पर फैसला दोनों पार्टियों के राष्ट्रीय अध्यक्ष करेंगे.
'मेरे फ्रेंड से पंगा मत लेना...', ट्रंप ने किसे दोस्त बताकर गल्फ नेताओं को चेताया?
गल्फ बैठक में डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन को अपना दोस्त बताते हुए उनकी खुलकर तारीफ की. बाद में एर्दोआन ने कहा कि तुर्किये और दूसरे देश गल्फ की मुश्किलें दूर करने पर काम कर रहे हैं, और जल्द नतीजे दिख सकते हैं.
संत कबीर नगर में पहलवान की हत्या, आंखों में मिर्च झोंक कुल्हाड़ी से काटा
संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद क्षेत्र अंतर्गत भगठान गांव में चुनावी रंजिश के चलते 35 वर्षीय पहलवान ब्रह्मानंद यादव की बेरहमी से हत्या कर दी गई. दबंगों ने आंखों में मिर्च डालकर टांगी और गोलियों से हमला किया. पुलिस ने कुछ आरोपियों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है.
चीनी हैकर ने AI को बनाया हथियार, 6 लाख क्रेडिट कार्ड की डिटेल्स चोरी
चाइनीज हैकर ने एक बड़े साइबर अटैक को अंजाम दिया है और वह भी बड़े ही सस्ते टूल्स का इस्तेमाल करके. दरअसल, रिपोर्ट में बताया है कि चाइनीज हैकर ने 100 से ज्यादा कंपनियों पर हमला किया और 6 लाख से अधिक क्रेडिट कार्ड की डिटेल्स को चोरी किया है.
करनाल में मजार को लेकर बवाल, तंत्र-मंत्र का आरोप, लोगों ने तोड़ा ढांचा
एक मजार को लेकर हरियाणा के करनाल में विवाद खड़ा हो गया है. स्थानीय लोगों ने तंत्र-मंत्र से जुड़ी गतिविधियों का आरोप लगाया है. विरोध के बाद मजार का ढांचा तोड़ दिया गया. पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है.
खजाने की तलाश में घर के अंदर खोद डाला कई फीट गड्ढा, पुलिस भी रह गई हैरान
हमीरपुर के मुस्करा कस्बे में जमीन में दबे कथित खजाने की तलाश में घर के अंदर करीब पांच फीट गहरा गड्ढा खोदने का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि मेटल डिटेक्टर से संकेत मिलने के बाद कुछ लोगों ने खुदाई शुरू की थी. आवाज सुनकर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी. मौके पर पुलिस पहुंची तो वह भी हैरान रह गई.
समान नागरिक संहिता कोई कानूनी सुधार नहीं बल्कि समाज में ध्रुवीकरण का हथियार: Congress
कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कोई कानूनी सुधार नहीं है, बल्कि ‘‘विभाजन, व्यवधान और ध्यान भटकाने का एक हथियार’’ तथा समाज को स्थायी ध्रुवीकरण की स्थिति में बनाए रखने का एक साधन है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करने के लिए गठित राज्य सरकार की समिति से बंबई उच्च न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश के इस्तीफे और समिति के कामकाज को लेकर उठाए गए सवालों का हवाला देते हुए कहा कि इससे कई ‘‘बड़े सवाल’’ खड़े होते हैं। उन्होंने एक बयान में सवाल किया कि क्या संविधान सभा ने कभी ऐसी स्थिति की कल्पना की थी, जिसमें हर राज्य अपनी अलग समान नागरिक संहिता बनाए? रमेश ने कहा, ‘‘इसका जवाब है: बिल्कुल नहीं।’’कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘क्या बाबासाहेब आंबेडकर के नेतृत्व में संविधान निर्माताओं ने कभी ऐसी स्थिति की कल्पना की थी, जिसमें एक राजनीतिक दल की राजनीतिक चालों और हिसाब-किताब के मुताबिक अलग-अलग समान नागरिक संहिता बनाने के लिए राज्य एक-दूसरे से होड़ करें। इसका जवाब है: बिल्कुल नहीं।’’रमेश ने इस बात का उल्लेख किया कि 17 जून 2016 को मोदी सरकार ने समान नागरिक संहिता के मुद्दे को विस्तृत अध्ययन के लिए भारत के 21वें विधि आयोग के पास भेजा था। उन्होंने कहा कि व्यापक अध्ययन के बाद आयोग ने 31 अगस्त 2018 को ‘पारिवारिक कानून में सुधार’ पर अपना परामर्श पत्र जारी किया था। उन्होंने कहा कि परामर्श पत्र के पृष्ठ सात के अनुच्छेद 1.15 में आयोग का निष्कर्ष स्पष्ट था कि ‘‘इस स्तर पर समान नागरिक संहिता बनाना न तो आवश्यक है और न ही वांछनीय।’’रमेश ने कहा कि इसके बजाय विधि आयोग ने भारत की कानूनी और सांस्कृतिक विविधता को बनाए रखते हुए अलग-अलग पारिवारिक कानूनों में मौजूद भेदभाव को दूर करने की सिफारिश की थी। कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने उसी विधि आयोग के निष्कर्षों को नजरअंदाज कर दिया, जिसे उसने इस मुद्दे की जांच का जिम्मा सौंपा था। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में भारतीय जनता पार्टी शासित कई राज्यों ने अपनी-अपनी समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में कदम उठाए हैं। रमेश के मुताबिक, उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता 27 जनवरी 2025 से लागू हुई, जबकि गुजरात विधानसभा ने 24 मार्च 2026, असम विधानसभा ने 27 मई 2026 और मध्यप्रदेश विधानसभा ने 21 जुलाई 2026 को समान नागरिक संहिता विधेयक पारित किया। कांग्रेस महासचिव ने दावा किया कि राज्य स्तर पर बनायी जा रही ये समान नागरिक संहिता एक जैसे नहीं हैं और इनमें ‘‘अलग-अलग प्रावधान, अलग-अलग दंड, अलग-अलग प्रक्रियाएं और कई महत्वपूर्ण छूट’’ हैं। उन्होंने उत्तराखंड की समान नागरिक संहिता को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह ‘‘कई पितृसत्तात्मक परंपराओं को अब भी जारी रखता है’’ और राज्य में कानून का पालन करने वाले निवासियों के लिए भी ‘‘कई तरह की समस्याएं’’ पैदा कर रहा है। रमेश ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने घोषणा की है कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन शासित सभी राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू कर दी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘‘राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के बाकी दलों की आवाज दबा दी गई है’’ और भाजपा उन्हें ‘‘चुप करा रही है।’’कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के लिए समान नागरिक संहिता ‘‘कोई ऐसा कानूनी सुधार नहीं है, जिसे पूरी तरह सोच-विचार के बाद, ज्यादा से ज्यादा व्यापक विचार-विमर्श और सार्वजनिक बहस के जरिए और अधिकतम संभव सहमति के साथ लागू किया जाए।’’उन्होंने कहा, ‘‘असल में यह विभाजन, व्यवधान और ध्यान भटकाने का एक हथियार है, लोगों को परेशान करने और डराने का एक माध्यम है, पूर्वाग्रहों को भड़काने और समाज को स्थायी ध्रुवीकरण की स्थिति में बनाए रखने का एक साधन है।
पिता की उम्र 80 हुई तो बेटा बना हमसफर, VIDEO लोगों को कर रहा है इमोशनल
80 साल के पिता के अधूरे सपने पूरे करने निकला एक बेटा इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में है. मां के निधन के बाद उसने नौकरी छोड़कर पिता के साथ वक्त बिताने और उनकी उन ख्वाहिशों को पूरा करने का फैसला किया, जो जिंदगी और जिम्मेदारियों के बीच कहीं पीछे छूट गई थीं.
कम बात क्यों करता है Gen Z? सर्वे ने बता दी असली वजह
Gen Z को अक्सर बातचीत से बचने वाली जेनरेशन माना जाता है, लेकिन Preply के सर्वे में तस्वीर कुछ अलग दिखती है. Gen Z रोजाना Small Talk करती है, ऑनलाइन भी एक्टिव रहती है और पांच साल पहले के मुकाबले ज्यादा बातचीत कर रही है. हालांकि, वो बातचीत का तरीका अपनी सुविधा के हिसाब से चुनती है. क्या यही बदलती बातचीत का स्टाइल है?
कब है करवा चौथ? जानें तारीख, पूजा मुहूर्त, चंद्रोदय समय और व्रत विधि
Karwa Chauth 2026: करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर को रखा जाएगा. जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय का समय, सरगी, पूजा सामग्री और व्रत की पूरी विधि.
बॉम्बे हाईकोर्ट: अदालत का आदेश- सड़कों पर पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध, उत्सवों में डीजे-लेजर लाइट अनुचित
पढ़ें 23 सितंबर 2026 की सुबह की बड़ी खबरें और अन्य समाचार
सुप्रीम कोर्ट ने कैंसर की दवाओं की कीमतों में भारी अंतर और अस्पतालों की इन-हाउस फार्मेसी के जरिए मरीजों से अधिक कीमत वसूलने पर कड़ी नाराजगी जताई है.
29 दवाओं के सैंपल क्वालिटी टेस्ट में फेल, एक दवा नकली भी मिली
दवाओं की गुणवत्ता को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. अगस्त की जांच में सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरीज ने 29 दवाओं के सैंपल को तय मानकों पर खरा नहीं पाया. वहीं राज्य की ड्रग टेस्टिंग लैब्स में 191 सैंपल NSQ निकले. दिल्ली में एक दवा नकली भी पाई गई, जिसे किसी दूसरी कंपनी के ब्रांड नाम से बनाया गया था.
रेलवे लाई नई स्कीम! डेथ, डिसएबिलिटी से फैमिली पेंशन तक जानें नए नियम
Rail Service Extraordinary Pension Rules, 2026: रेलवे बोर्ड ने 1993 के नियमों की जगह नए एक्स्ट्राऑर्डिनरी पेंशन रूल्स लागू किए हैं. अब मौत और डिसएबिलिटी के मामलों को अलग-अलग कैटेगरी में रखा जाएगा और इसी आधार पर पेंशन तय होगी. नई व्यवस्था में फैमिली पेंशन, डिसएबिलिटी और भुगतान में देरी को लेकर भी कई प्रावधान किए गए हैं.
कालकाजी इलाके में हुई घटना के बाद लेडी श्रीराम ने शुरू की ऑनलाइन क्लासेज
दिल्ली के कालकाजी इलाके से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. मंदिर के पास स्थित एक पार्क में 17 साल की नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप किया गया. वारदात वाली जगह श्रीराम कॉलेज से कुछ दूरी पर थी, जिसके बाद से कॉलेज ने रेगुलर क्लास को कैंसिल कर ऑनलाइन क्लासेज शुरू करने का फैसला किया है.
देश की राजधानी दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) की कवायद को लेकर उपजा विवाद अब देश की सर्वोच्च अदालत की दहलीज पर पहुंच चुका है। दिल्ली के कुल लगभग 97.53 लाख मतदाताओं में से एक-तिहाई से अधिक यानी 33.12 लाख से ज्यादा वोटरों को संदिग्ध मानकर नोटिस थमाए जाने के तौर-तरीकों पर सुप्रीम कोर्ट ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को कड़ी फटकार लगाई है।चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन सदस्यीय विशेष पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि बिना पर्याप्त जमीनी जांच और मानवीय सोच के लाखों नागरिकों को जिस तरह नोटिस जारी किए गए हैं, उससे प्रथम दृष्टया यही प्रतीत होता है कि ये नोटिस पूरी तरह 'मैकेनिकल' (यांत्रिक) और 'मशीन-जनरेटेड' (एल्गोरिदम से स्वतः तैयार) हैं।'Logical Discrepancy' पर कोर्ट के तीखे सवाल: क्या आम नागरिक को पता भी है उसकी गलती?सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज और अमृता जौहरी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि चुनाव आयोग ने यह स्पष्ट ही नहीं किया कि किन पैमानों और एल्गोरिदम के आधार पर किसी मतदाता को 'लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी' (तार्किक विसंगति) या 'अनमैप्ड' (2002 के पुराने रिकॉर्ड से मेल न खाना) की श्रेणी में डाला गया है।सुनवाई के दौरान अदालत ने आयोग से सीधे सवाल किए:अस्पष्ट नोटिस का आधार: जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने चुनाव आयोग के वकील से पूछा कि क्या नोटिस पाने वाले सामान्य नागरिक को यह स्पष्ट बताया गया है कि उसके रिकॉर्ड में वास्तव में किस प्रकार की त्रुटि है? महज 'लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी' लिख देने से कोई व्यक्ति यह कैसे साबित करेगा कि वह सही है?फिल्टर और मानवीय जांच की कमी: पीठ ने पूछा कि क्या लाखों लोगों को नोटिस भेजने से पहले कोई अतिरिक्त जांच या सत्यापन फिल्टर नहीं लगाया जा सकता था? इस तरह थोक के भाव नोटिस भेजने से आम जनता में अनावश्यक दहशत और परेशानी फैल रही है।91% मामलों में नाम फिर जुड़ा: याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि जिन मतदाताओं ने आपत्तियां दर्ज कराईं, उनमें से लगभग 91% के नाम दोबारा सही पाए गए और जोड़े गए। इससे साबित होता है कि नोटिस जारी करने का प्राथमिक आधार ही बेहद लचर था।दिग्गजों को भी थमा दिए गए नोटिस: आडवाणी, केजरीवाल से लेकर सीएम और विदेश मंत्री तक शामिलइस प्रक्रिया की विसंगतियों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नोटिस पाने वालों की सूची में देश के शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे और रह चुके अति-विशिष्ट लोग भी शामिल हैं:विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और उनकी पत्नी को सुनहरी बाग पते पर 'अनमैप्ड' श्रेणी के तहत नोटिस मिला।दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को उनके और माता-पिता के बीच उम्र के अंतर की विसंगति का हवाला देकर नोटिस थमाया गया।पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार का नाम पुराने 2002 रिकॉर्ड से मेल न खाने (Unmapped) के चलते फ्लैग किया गया।पूर्व उप-प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद जैसे नाम भी इस सूची में दर्ज पाए गए।अदालत में यह दलील दी गई कि जब तीन बार के मुख्यमंत्री, मौजूदा मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों तक को ऐसे नोटिस मिल रहे हैं, तो झुग्गी-झोपड़ियों, किराएदारों और सामान्य नागरिकों के लिए दस्तावेज जुटाकर सत्यापन केंद्रों के चक्कर काटना कितना कष्टकारी होगा।Election Commission Defense: 'नोटिस का मतलब नाम कटना नहीं'सुप्रीम कोर्ट के सवालों पर चुनाव आयोग की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा:मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाना उद्देश्य: मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के अनुसार, दिल्ली में 13.79 लाख वोटर ऐसे हैं जिनका डेटा 2002 की पिछली एसआईआर से मैप नहीं हो रहा है, जबकि 19.33 लाख वोटरों के नाम, उम्र या पते में लिपिकीय विसंगतियां पाई गई हैं।सीधे नाम नहीं कटेगा: आयोग ने पीठ को आश्वस्त किया कि सिर्फ नोटिस जारी होने का अर्थ यह कतई नहीं है कि संबंधित मतदाता का नाम काट दिया जाएगा। जब तक मतदाता को अपनी बात रखने और दस्तावेज प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलता, किसी का नाम नहीं हटाया जाएगा।तारीख आगे बढ़ाने को तैयार: नोटिस निस्तारण की अंतिम समय-सीमा 29 अक्टूबर 2026 तय है। आयोग ने अदालत में कहा कि चूंकि दिल्ली में तुरंत चुनाव नहीं हैं, इसलिए जरूरत पड़ने पर सत्यापन की समय-सीमा आगे बढ़ाई जा सकती है।Supreme Court Directions: ऑनलाइन वेरिफिकेशन और 2 हफ्ते में जवाब तलबचीफ जस्टिस सूर्यकांत ने चुनाव आयोग को प्रक्रिया को नागरिक-हितैषी बनाने का सुझाव दिया:डिजिटल और ऑनलाइन सत्यापन: कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग को वॉट्सऐप, ईमेल या डेडिकेटेड ऑनलाइन पोर्टल के जरिए दस्तावेज मंगाने की व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे बुजुर्गों, नौकरीपेशा और गरीब तबके को ईआरओ (ERO) दफ्तरों की लंबी कतारों में न लगना पड़े।बीएलओ (BLO) करें मदद: बूथ लेवल अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं कि वे मतदाताओं के घर जाकर फॉर्म भरने और आपत्तियां दूर कराने में सक्रिय सहयोग दें।सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को औपचारिक नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह के भीतर विस्तृत स्थिति रिपोर्ट (Status Report) और 'लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी' के स्पष्ट मापदंडों का हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई अब दो हफ्ते बाद की जाएगी।
मणिपुर के Imphal West में 2.1 किलोग्राम Yaba टैबलेट जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार
इंफाल, 23 सितंबर सुरक्षा बलों के एक संयुक्त अभियान में मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिले से 2.1 किलोग्राम कृत्रिम मादक पदार्थ ‘याबा’ जब्त किया और दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि राज्य पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की एक संयुक्त टीम ने मंगलवार को मंत्रीपुखरी में बस के एक यात्री को रोका और 20,000 ‘याबा’ गोलियां जब्त कीं जिनका कुल वजन लगभग 2.1 किलोग्राम है। अधिकारी ने बताया कि मोहम्मद अनीश खान (37) और के. नूरुल हक (36) नाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। थाई में ‘याबा’ का अर्थ ‘उन्मादी प्रदान करने वाली दवा है। इसमें कैफीन और मेथामफेटामीन होता है, जो ‘नियंत्रित पदार्थ अधिनियम’ के तहत ‘अनुसूची दो’ का पदार्थ है। एक अन्य अभियान में, राज्य पुलिस और असम राइफल्स की संयुक्त टीम ने काकचिंग जिले के वाइखोंग पुलिस थाने के अंतर्गत लमजाओ मयाई लीकाई इलाके से प्रतिबंधित ‘पीपल्स लिबरेशन आर्मी’ के एक सक्रिय सदस्य को पकड़ा। अधिकारी ने बताया कि उसकी पहचान मैबम गुनामणि के तौर पर हुई है।
मस्जिद गिराने और धार्मिक आजादी के मुद्दे पर जमीयत की दिल्ली में बड़ी बैठक
देश में धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों के कथित उल्लंघन को लेकर आज जमीयत उलमा-ए-हिंद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की आपात बैठक आयोजित की जा रही है. मौलाना महमूद असद मदनी की अध्यक्षता में यह बैठक बुलाई गई है.
10 हजार बकाया वेतन का बदला:जला डाला 24 करोड़ का कपड़ा, 150 के पेट्रोल, दो तिल्लियों से फूंका सूरत कपड़ा बाजार
हॉरर और साइकोलॉजिकल थ्रिलर सिनेमा की दुनिया में जब कोई कहानी दर्शकों की रीढ़ की हड्डी में सिहरन पैदा कर देती है, तो बॉक्स ऑफिस पर केवल रिकॉर्ड नहीं बनते, बल्कि नया इतिहास दर्ज होता है। सिनेमाघरों में हाल ही में रिलीज हुई महज 1 घंटा 34 मिनट (94 मिनट) के क्रिस्प रनटाइम वाली इस हॉरर-सस्पेंस फिल्म ने कुछ ऐसा ही करिश्मा कर दिखाया है।फिल्म ने अपने शुरुआती 5 दिनों के भीतर ही दुनिया भर के टिकट काउंटरों पर तूफानी कारोबार करते हुए खुद को सुपरहिट और ब्लॉकबस्टर की कतार में खड़ा कर दिया है। लगभग 690 करोड़ रुपये ($80 मिलियन से $85 मिलियन) के भव्य और भारी-भरकम बजट पर तैयार हुई इस फिल्म ने महज कुछ ही दिनों के अंतराल में 1030 करोड़ रुपये ($120 मिलियन से अधिक) का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन पार कर ट्रेड पंडितों को हैरान कर दिया है।Short Runtime, Maximum Impact: 94 मिनट का कसा हुआ स्क्रीनप्ले बना सफलता की असली चाबीआज के दौर में जहां अधिकांश एक्शन या ड्रामा फिल्में 2 घंटे 45 मिनट से लेकर 3 घंटे तक का समय लेती हैं, वहीं इस हॉरर फिल्म के मेकर्स ने दर्शकों को बांधने के लिए 'नो-नॉनसेंस' अप्रोच अपनाई।1 घंटा 34 मिनट का सटीक और कसा हुआ स्क्रीनप्ले दर्शकों को एक पल के लिए भी सांस लेने की फुर्सत नहीं देता। फिल्म के पहले 10 मिनट में ही मुख्य कथानक का रहस्य खुलता है और उसके बाद शुरू होता है मनोवैज्ञानिक खौफ, बैकग्राउंड स्कोर का भयावह जाल और रोंगटे खड़े कर देने वाले जंपस्केयर्स (Jumpscares) का सिलसिला। फिल्म में किसी भी तरह के फिजूल मेलोड्रामा या खिंचे हुए दृश्यों को जगह नहीं दी गई, जिसने दर्शकों के बीच जबरदस्त माउथ-पब्लिसिटी (Word of Mouth) को जन्म दिया।Box Office Numbers: सिर्फ 5 दिनों में 1030 करोड़ का आंकड़ा पारट्रेड एनालिस्ट्स और ग्लोबल बॉक्स ऑफिस ट्रैकर्स के मुताबिक, फिल्म ने ओपनिंग डे से ही नॉर्थ अमेरिकी डोमेस्टिक मार्केट के साथ-साथ यूके, लैटिन अमेरिका, भारत और दक्षिण-पूर्व एशियाई बाजारों में अभूतपूर्व ओपनिंग दर्ज की:शुरुआती वीकेंड का धमाका: फिल्म ने पहले वीकेंड में ही अपने निर्माण बजट का बड़ा हिस्सा रिकवर कर लिया।5 दिनों का ऐतिहासिक सफर: पांचवें दिन के अंत तक आते-आते फिल्म का कुल वैश्विक बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 1030 करोड़ रुपये (लगभग $124 मिलियन) के आंकड़े को पार कर गया।आईमैक्स और 4DX में बंपर ऑक्यूपेंसी: डरावने साउंड डिजाइन और सीट्स के वाइब्रेशन इफेक्ट्स के चलते दर्शकों ने आईमैक्स (IMAX) और 4DX स्क्रीन्स को पहली प्राथमिकता दी, जहां लगभग 85% से 90% की रिकॉर्ड ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई।Psychological Fear vs Visual Effects: 690 करोड़ का भारी बजट कहां हुआ खर्च?आमतौर पर हॉरर फिल्में 10 से 30 मिलियन डॉलर के छोटे बजट में बनाई जाती हैं, लेकिन इस फिल्म के लिए मेकर्स ने लगभग 690 करोड़ रुपये का विशाल जोखिम उठाया। फिल्म देखने के बाद साफ समझ आता है कि यह पैसा फिजूलखर्ची में नहीं, बल्कि तकनीकी उत्कृष्टता में झोंका गया है:प्रैक्टिकल इफेक्ट्स और प्रोस्थेटिक्स: सीजीआई (CGI) पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय फिल्म के डायरेक्टर ने सजीव प्रोस्थेटिक्स और प्रैक्टिकल सेट्स का इस्तेमाल किया, जिससे खौफ का स्तर बेहद वास्तविक और रोंगटे खड़े करने वाला लगता है।साउंडस्केप और डॉल्बी एटमॉस मिक्सिंग: फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर और साइलेंस-टू-ब्लास्ट साउंड मिक्सिंग हॉल में बैठे दर्शक को सीधे उस डरावने माहौल के बीच धकेल देता है।ए-लिस्ट स्टारकास्ट और लोकेशन: शीर्ष हॉलीवुड कलाकारों की दमदार अदाकारी ने केवल डर नहीं दिखाया, बल्कि भावनात्मक बेबसी को भी पर्दे पर बखूबी जिया है।Social Media Sensation: टिकट खिड़की पर दर्शकों का तांतारिलीज के साथ ही टिकट बुकिंग ऐप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स—रेडिट (Reddit), टिकटॉक और एक्स (ट्विटर)—पर फिल्म के खौफनाक क्लाइमेक्स को लेकर चर्चाएं वायरल हो गईं। कई सिनेमाघरों में दर्शकों के चीखने और डर से आंखें बंद कर लेने के वीडियो ट्रेंड कर रहे हैं।समीक्षकों का मानना है कि ओटीटी के दौर में किसी फिल्म के लिए दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचना तभी संभव है जब वह एक ऐसा थियेट्रिकल एक्सपीरियंस दे जो घर के टीवी या मोबाइल पर कभी महसूस न किया जा सके। 94 मिनट का यह मास्टरक्लास हॉरर अनुभव इस कसौटी पर 100 फीसदी खरा उतरा है।Lifetime Projection: 1500 करोड़ क्लब में एंट्री की तैयारीबॉक्स ऑफिस जानकारों के अनुसार, दूसरे हफ्ते में भी फिल्म के शो लगातार हाउसफुल जा रहे हैं और किसी बड़ी हॉलीवुड रिलीज की गैर-मौजूदगी का सीधा फायदा इसे आने वाले दिनों में मिलेगा। यदि मौजूदा ट्रेंड जारी रहा, तो यह फिल्म अपने लाइफटाइम रन में 1500 करोड़ रुपये ($180 मिलियन+) का जादुई आंकड़ा आसानी से पार कर साल की सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली हॉरर फ्रैंचाइजी बन सकती है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के उच्च-स्तरीय सत्र में दुनिया की दो सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी ताकतों—अमेरिका और ईरान—के बीच का टकराव अपने चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा संयुक्त राष्ट्र के ऐतिहासिक मंच से ईरान को सीधी और खुली सैन्य धमकियां दिए जाने के बाद अब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान (Masoud Pezeshkian) न्यूयॉर्क पहुंच चुके हैं।वैश्विक कूटनीति के गलियारों में इस समय सबसे बड़ा सवाल यही गूंज रहा है कि क्या मसूद पेजेशकियान संयुक्त राष्ट्र के पोडियम से डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक भाषा का करारा पलटवार करेंगे? मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव, समुद्री मार्गों की नाकेबंदी और परमाणु कार्यक्रम को लेकर जारी तनातनी के बीच पेजेशकियान का यह संबोधन अंतरराष्ट्रीय राजनीति की भविष्य की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।Trump's 'Deal or Annihilate' Ultimatum: ट्रंप ने दिया था तबाही का अल्टीमेटमईरानी राष्ट्रपति के संबोधन से ठीक पहले डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से अपने भाषण में बेहद सख्त और धमकी भरा रुख अपनाया था। ट्रंप ने विश्व नेताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि उनके सामने ईरान को लेकर एक बहुत बड़ा फैसला लेने की घड़ी आ गई है:ट्रंप ने कहा, या तो ईरान के साथ ऐसा समझौता (Deal) हो जो उसे फिर से संभलने का मौका दे, या फिर मैं इस्लामिक गणराज्य को पूरी तरह 'नेस्तनाबूद' (Annihilate) कर दूं और ऐसा तेजी से करूं ताकि उन्हें कभी दोबारा उठने का मौका न मिले।उन्होंने दुनिया के देशों से ईरान का पूर्ण आर्थिक बहिष्कार करने और उसके नागरिक विमानों की लैंडिंग तक रोकने की अपील की।ट्रंप के भाषण के दौरान हॉल में मौजूद ईरानी राजनयिकों के दल ने कड़ा विरोध जताते हुए महज 10 मिनट के भीतर सदन से वॉकआउट कर दिया था।ट्रंप के इस कड़े भाषण के बाद से ही वैश्विक मीडिया और कूटनीतिक विश्लेषकों की निगाहें ईरानी राष्ट्रपति के पलटवार पर जम गई हैं।Pezeshkian's Agenda at UNGA: तेहरान से क्या संदेश लेकर आए हैं पेजेशकियान?ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान विदेश मंत्री अब्बास अराघची और शीर्ष राजनयिकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ न्यूयॉर्क पहुंचे हैं। तेहरान के मेहराबाद हवाई अड्डे से रवाना होने से ठीक पहले पेजेशकियान ने अपने इरादे साफ कर दिए थे।पेजेशकियान ने कहा था, ईरानी जनता सिर उठाकर जीती है। तमाम प्रतिबंधों, युद्ध और गैर-बराबरी के बावजूद हमारे लोगों ने अपनी जमीन पर डटकर मुकाबला किया है। हम अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने देश के हितों और संप्रभुता का दृढ़ता से बचाव करेंगे और दुनिया के सामने पश्चिमी पाखंड का पर्दाफाश करेंगे।माना जा रहा है कि पेजेशकियान अपने भाषण में निम्नलिखित 4 प्रमुख मुद्दों पर तीखा हमला बोलेंगे:अमेरिकी आक्रामकता और धमकियों का विरोध: ट्रंप की 'तबाही' वाली भाषा को अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताते हुए वैश्विक समुदाय से अमेरिका की दादागीरी का संज्ञान लेने की मांग।गाजा और पश्चिम एशिया में मानवीय संकट: इजरायल के सैन्य अभियानों और पश्चिमी देशों द्वारा दी जा रही सैन्य सहायता को अंतरराष्ट्रीय युद्ध अपराध करार देना।आर्थिक प्रतिबंधों को वित्तीय आतंकवाद बताना: अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण आम नागरिकों पर पड़ने वाले असर और दवाओं-खाद्य पदार्थों की किल्लत को मानवाधिकार उल्लंघन के तौर पर पेश करना।परमाणु और रक्षा संप्रभुता: यह स्पष्ट करना कि ईरान किसी भी सैन्य हमले या दबाव के आगे नहीं झुकेगा और अपनी रक्षा तकनीक को विकसित करने का उसका संप्रभु अधिकार है।Diplomatic Drama: क्या पर्दे के पीछे बातचीत की भी कोई गुंजाइश है?संयुक्त राष्ट्र में एक तरफ जहां मंच से तीखी बयानबाजी और धमकियों का दौर जारी है, वहीं दूसरी तरफ बैकचैनल कूटनीति के संकेत भी मिल रहे हैं।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वयं खुलासा किया था कि उनके विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने न्यूयॉर्क में ईरानी अधिकारियों के साथ लगभग तीन घंटे की लंबी बातचीत की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत ने भी संकेत दिए हैं कि यदि माहौल अनुकूल रहता है, तो वाशिंगटन कूटनीतिक समाधान और प्रत्यक्ष वार्ताओं के लिए हमेशा तैयार है। हालांकि, ईरान के भीतर सर्वोच्च नेता के अंतिम रुख और आंतरिक खींचतान के चलते यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मंच का टकराव द्विपक्षीय वार्ताओं का रास्ता खोलेगा या खाई को और गहरा कर देगा।Global Implications: तेल बाजार और वैश्विक सुरक्षा पर सबकी निगाहेंईरान और अमेरिका के बीच संयुक्त राष्ट्र में होने वाला यह वाकयुद्ध केवल बयानों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के शिपिंग रूट पर पड़ता है।यदि पेजेशकियान अपने संबोधन में टकराव का रुख जारी रखते हैं और दोनों पक्षों में समझौते की कोई गुंजाइश नहीं दिखती, तो वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नया उछाल देखने को मिल सकता है। यही कारण है कि आज जब पेजेशकियान संयुक्त राष्ट्र के मंच पर खड़े होंगे, तो दुनिया की नजरें उनके हर एक शब्द और बॉडी लैंग्वेज पर टिकी रहेंगी।
भारत की प्रमुख टेलीकॉम ऑपरेटर भारती एयरटेल (Bharti Airtel) ने त्योहारी सीजन से ठीक पहले अपने प्रीमियम पोस्टपेड ग्राहकों के लिए एक बड़ा और आकर्षक तोहफा पेश किया है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह अपने चुनिंदा पोस्टपेड प्लान्स के साथ टेक दिग्गज Apple की प्रीमियम क्लाउड और डिजिटल एंटरटेनमेंट सर्विसेज को पूरी तरह मुफ्त बंडल कर रही है। इस नए ऑफर के तहत पात्र ग्राहकों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के Apple iCloud+ का कॉम्प्लिमेंट्री सब्सक्रिप्शन दिया जा रहा है।देश भर में आईफोन (iPhone) और आईपैड (iPad) इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को अक्सर 5GB की बेसिक फ्री स्टोरेज भरने के बाद क्लाउड बैकअप के लिए अतिरिक्त मासिक भुगतान करना पड़ता था। एयरटेल का यह कदम न केवल ग्राहकों की जेब पर पड़ने वाले अतिरिक्त खर्च को बचाएगा, बल्कि पोस्टपेड सेगमेंट में कंपनी के एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) और प्रीमियम सब्सक्राइबर बेस को भी मजबूत करेगा।Who is Eligible for the Free Offer: किन यूजर्स को मिलेगा इसका फायदा?एयरटेल ने स्पष्ट किया है कि यह मुफ्त ऑफर सभी ग्राहकों के लिए नहीं है, बल्कि यह केवल चुनिंदा पोस्टपेड ग्राहकों के लिए पेश किया गया है:प्रीपेड यूजर्स को नहीं मिलेगा लाभ: यदि आप एयरटेल का प्रीपेड सिम इस्तेमाल करते हैं, तो यह ऑफर आपके लिए उपलब्ध नहीं होगा।₹999 और उससे अधिक के पोस्टपेड प्लान्स: यह सुविधा केवल उन ग्राहकों को मिलेगी जो ₹999 या उससे अधिक कीमत वाले फैमिली पोस्टपेड प्लान्स का उपयोग कर रहे हैं।प्लान्स की सूची: इनमें ₹999, ₹1,199, ₹1,399 और ₹1,749 वाले पोस्टपेड प्लान्स शामिल हैं।अपग्रेड का विकल्प: यदि कोई यूजर ₹399, ₹499 या ₹599 जैसे कम कीमत वाले बेस पोस्टपेड प्लान पर है, तो वह एयरटेल थैंक्स ऐप (Airtel Thanks App) या नजदीकी एयरटेल स्टोर पर जाकर ₹999 वाले फैमिली प्लान में अपग्रेड करके इस ऑफर का तुरंत लाभ उठा सकता है।What is Included in the Apple Bundle: सिर्फ iCloud+ ही नहीं, ये सर्विस भी होंगी फ्रीभारत में 50GB स्टोरेज वाले बेसिक iCloud+ प्लान की स्टैंडअलोन कीमत ₹75 प्रति माह होती है। हाल ही में ऐपल ने अपने सर्विस आर्किटेक्चर को अपडेट करते हुए इसमें अतिरिक्त मनोरंजन सेवाएं भी जोड़ी हैं। एयरटेल के इस नए बंडल में ग्राहकों को एक साथ तीन प्रीमियम सर्विसेज का लाभ मिल रहा है:50GB iCloud+ क्लाउड स्टोरेज: आईफोन, आईपैड और मैक यूजर्स अपने फोटोज, 4K वीडियो, डॉक्यूमेंट्स, पासवर्ड्स और डिवाइस बैकअप को सुरक्षित रूप से क्लाउड पर सिंक कर सकते हैं। इसमें 'Hide My Email' और 'iCloud Private Relay' जैसी प्राइवेसी सुविधाएं भी शामिल हैं।Apple TV एक्सेस: ऐपल का लोकप्रिय ओटीटी स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म, जिस पर 'टेड लासो', 'द मॉर्निंग शो' और ऑस्कर विजेता फिल्में बिना किसी विज्ञापन के एचडी/4K क्वालिटी में देखी जा सकती हैं।Apple Arcade गेमिंग कैटलॉग: ऐपल आर्केड पर उपलब्ध 200 से अधिक प्रीमियम और एक्सक्लूसिव मोबाइल गेम्स को बिना किसी इन-ऐप परचेज (In-App Purchases) और बिना विज्ञापनों के खेलने की पूरी आजादी।Airtel ₹999 Postpaid Family Plan: क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं इस प्लान में?एयरटेल का ₹999 वाला फैमिली प्लान छोटे परिवारों के लिए सबसे लोकप्रिय प्लान्स में से एक है। नए ऐपल बेनेफिट्स जुड़ने के बाद इसमें मिलने वाली सुविधाओं का पूरा पैकेज इस प्रकार है:3 सिम कनेक्शन: एक प्राइमरी कनेक्शन और दो अतिरिक्त फैमिली ऐड-ऑन कनेक्शन।डेटा और कॉलिंग: अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग, प्रतिदिन 100 एसएमएस और कुल 100GB+ डेटा रोलओवर सुविधा।फास्टलेन नेटवर्क एक्सेस: एयरटेल की 5G प्रायोरिटी नेटवर्क (Fastlane) कनेक्टिविटी।अन्य ओटीटी और क्लाउड बेनिफिट्स: ऐपल बंडल (iCloud+, Apple TV, Apple Arcade) के साथ-साथ इसमें Amazon Prime, Google One, JioHotstar और Adobe Express Premium जैसी सुविधाओं का भी कॉम्प्लिमेंट्री एक्सेस मिलता है।How to Claim and Activate iCloud+: एयरटेल थैंक्स ऐप से ऐसे करें एक्टिवेटयदि आप पहले से ₹999 या उससे ऊपर के प्लान पर हैं, तो इन आसान स्टेप्स से अपने आईफोन पर इस ऑफर को एक्टिवेट कर सकते हैं:अपने स्मार्टफोन में Airtel Thanks App खोलें और अपने पोस्टपेड नंबर से लॉगिन करें।होम स्क्रीन पर नीचे दिए गए 'Rewards & Benefits' या 'Shop' सेक्शन में जाएं।वहां आपको 'Apple Bundle / Free iCloud+' का एक्टिवेशन बैनर दिखाई देगा।'Claim Now' पर टैप करें। यह आपको सीधे आपकी Apple ID वेरिफिकेशन पेज पर रीडायरेक्ट करेगा।अपनी मौजूदा Apple ID दर्ज करें या ऑथेंटिकेट करें। वेरिफिकेशन पूरा होते ही आपके आईक्लाउड अकाउंट में 50GB अतिरिक्त स्टोरेज और ऐपल सर्विसेज तुरंत एक्टिवेट हो जाएंगी।
नेपाल बॉर्डर पर यूपी पुलिस ने डाला घेरा, गाड़ी चोरों के लिए चला सर्च ऑपरेशन
बहराइच में पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ सर्च ऑपरेशन चलाया. पुलिस को सूचना मिली थी कि चोरी की बाइक नेपाल ले जाई जा रही हैं. नेपाल जाने वाले रास्तों पर घेराबंदी कर दो मोटरसाइकिलों पर सवार तीन संदिग्धों को रोका गया. फायरिंग के बाद एक आरोपी घायल हुआ जिसे अस्पताल पहुंचाया गया. आरोपी ने चोरी की बाइकें नेपाल में बेचने की योजना बनाई थी.
‘दुखी कैसे दिखें’: केतन की हत्या के बाद सिया ने चैटजीपीटी पर किया था सर्च; चार्जशीट में और क्या-क्या खुलासे?
नेपाल में तबाही के बाद बड़ा ऑपरेशन, DNA से खोजे जा रहे लापता भारतीय
नेपाल में बाढ़ की तबाही के बाद कई परिवार अभी भी अपने प्रियजनों की तलाश में है. अब लापता लोगों की पहचान के लिए DNA जांच बड़ा सहारा लिया जा रहा है. काठमांडू में भारतीय फॉरेंसिक टीमें लगातार सक्रीय हैं.
खालिस्तानी अमृतपाल सिंह की पार्टी में शामिल होने जा रहे ED के पूर्व अफसर, मजीठिया से की थी पूछताछ
निरंजन सिंह दिसंबर 2014 में चर्चा में आए थे। तब उन्होंने चर्चित ड्रग मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दौरान पंजाब के तत्कालीन राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया से पूछताछ की थी। अब वे खालिस्तानी पार्टी ज्वॉइन करने जा रहे हैं।
बीते कुछ वर्षों से राजनयिक तल्खी और कड़वाहट के दौर से गुजर रहे भारत और कनाडा के द्विपक्षीय संबंधों में एक बार फिर सकारात्मक बदलाव के मजबूत संकेत मिलने लगे हैं। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठकों के इतर आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल दिसंबर में कनाडा का दौरा कर सकते हैं।यह संभावित दौरा न केवल दोनों देशों के बीच हाई-कमीशनरों की बहाली और कूटनीतिक संवाद की पुनर्स्थापना का प्रतीक माना जा रहा है, बल्कि इसके जरिए दोनों देशों के बीच लंबित ऐतिहासिक व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA - Comprehensive Economic Partnership Agreement) पर अंतिम मुहर लगने की पूरी संभावना जताई जा रही है। पूर्व कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल के दौरान उपजे गंभीर विवादों और आरोपों के बाद दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच यह पहली पूर्ण द्विपक्षीय शिखर वार्ता होगी, जिसे भू-राजनीतिक और आर्थिक दृष्टि से एक बड़ा टर्निंग पॉइंट देखा जा रहा है।Mark Carney UNGA Statement: कनाडाई प्रधानमंत्री ने द्विपक्षीय संबंधों को बताया बेहद अहमन्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा, हम भारत के साथ अपनी व्यापार वार्ताओं में शानदार प्रगति कर रहे हैं। यह कई स्तरों पर एक असाधारण रूप से महत्वपूर्ण रिश्ता है—जन-जन के जुड़ाव (People-to-people ties), सुरक्षा और रक्षा सहयोग तथा व्यापार एवं आर्थिक मोर्चे पर। प्रधानमंत्री मोदी दिसंबर के आसपास कनाडा का दौरा करेंगे और मैं उनकी मेजबानी के लिए उत्सुक हूं।'कार्नी प्रशासन द्वारा भारत के साथ संबंधों को सुधारने की इस आक्रामक पहल के पीछे उनकी आर्थिक विविधीकरण (Trade Diversification) नीति है। अमेरिका में बदलते व्यापारिक माहौल और टैरिफ नीतियों के बीच कनाडा अपनी अर्थव्यवस्था की भारी अमेरिकी निर्भरता को कम करने के लिए भारत जैसे सबसे तेजी से बढ़ते बाजार के साथ व्यापारिक साझेदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।Historic CEPA Trade Deal: $70 बिलियन तक द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्यभारत और कनाडा के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA/CEPA) को लेकर बातचीत का इतिहास एक दशक से भी अधिक पुराना है। अगस्त 2023 में राजनीतिक विवादों के चलते इस वार्ता को बीच में ही रोक दिया गया था। हालांकि, 2025 में जी20 बैठकों के दौरान बनी सहमति के बाद मार्च 2026 में प्रधानमंत्री कार्नी की भारत यात्रा के दौरान नए सिरे से टर्म्स ऑफ रेफरेंस तय किए गए।हाल ही में भारतीय केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और उनके कनाडाई समकक्ष मनिंदर सिद्धू के बीच मुंबई में चौथे दौर की वार्ता संपन्न हुई है। दोनों देशों ने निर्णय लिया है कि वार्ताओं को 'फास्ट-ट्रैक' किया जाएगा और इसका 5वां दौर 5 अक्टूबर 2026 से शुरू होने जा रहा है।इस समझौते के प्रमुख आर्थिक आयाम:व्यापार का आकार दोगुना करना: वर्तमान में दोनों देशों के बीच वस्तु एवं सेवा व्यापार लगभग 11 से 15 अरब डॉलर के दायरे में है। समझौते के तहत 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर $70 बिलियन (लगभग ₹5.8 लाख करोड़) तक पहुंचाने का साझा लक्ष्य तय किया गया है।प्राथमिक क्षेत्र: इस समझौते में डिजिटल ट्रेड, कृषि एवं खाद्य उत्पाद, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, केमिकल, टेक्सटाइल्स, क्लीन टेक्नोलॉजी, क्रिटिकल मिनरल्स (लिथियम, पोटाश) और सर्विसेज सेक्टर को शुल्क-मुक्त पहुंच दी जाएगी।भारतीय पेशेवरों की मोबिलिटी: भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स, छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए वर्क वीजा व मूवमेंट के नियमों को सुगम बनाने पर सहमति बनने के आसार हैं।People-to-People & Security Ties: 18 लाख भारतीय मूल के नागरिक और सुरक्षा का संतुलनकनाडा में लगभग 18 लाख भारतीय मूल के लोग निवास करते हैं, जो वहां की कुल आबादी का करीब 4% से अधिक हैं। इसके अलावा 4 लाख के करीब भारतीय छात्र कनाडाई विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा हासिल कर रहे हैं। शिक्षा, वीजा और वाणिज्यिक उड़ानों के सामान्य होने से लाखों प्रवासी परिवारों को सीधी राहत मिलेगी।राजनयिक रिश्तों के सामान्य होने के साथ-साथ दोनों देशों ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSA) और कानूनी एजेंसियों के स्तर पर सुरक्षा सहयोग और खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए नया संस्थागत ढांचा भी स्थापित किया है। भारत का रुख हमेशा से अपनी संप्रभुता, अलगाववादी तत्वों पर सख्त निगरानी और दूतावासों की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट रहा है, जिस पर कनाडाई पक्ष ने कानून के दायरे में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया है।Geopolitical Impact: एशिया-प्रशांत और पश्चिमी जगत में भारत का बढ़ता प्रभावयदि दिसंबर में पीएम मोदी की यह कनाडा यात्रा संपन्न होती है और बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौता सील हो जाता है, तो यह भारतीय विदेश नीति की एक बड़ी रणनीतिक और कूटनीतिक जीत मानी जाएगी। इससे यह संदेश जाएगा कि मतभेदों के बावजूद भारत अपनी संप्रभु चिंताओं से समझौता किए बिना आर्थिक हितों को साधने में सक्षम है।आगामी 90 दिनों की वार्ताएं दोनों देशों के आधुनिक इतिहास में एक नए और मजबूत अध्याय की नींव रखने जा रही हैं।
कैंसर के इलाज के लिए बोन मैरो टेस्ट: 2020 में हुए दुष्कर्म का राज भी खुला, क्या और कहां का है चौंकाने वाला मामला?
सेवानिवृत्ति के बाद अपनी जमा पूंजी को पूरी तरह सुरक्षित रखते हुए हर महीने या मैच्योरिटी पर गारंटीड रिटर्न पाना प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक की पहली प्राथमिकता होती है। शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड के उतार-चढ़ाव से दूर रहकर जो लोग एक निश्चित अवधि में अधिकतम ब्याज कमाना चाहते हैं, उनके लिए सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक इंडियन बैंक (Indian Bank) की विशेष सावधि जमा (Special Retail Term Deposit) योजना एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरी है।बैंक ने अपनी 555 दिनों की स्पेशल एफडी (Ind Grow / Ind Green 555 Days) पर ब्याज दरों को बाजार के अन्य प्रतिस्पर्धियों की तुलना में काफी प्रतिस्पर्धी बनाए रखा है। इस योजना का सबसे बड़ा लाभ 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) और 80 वर्ष से अधिक आयु के अति-वरिष्ठ नागरिकों (Super Senior Citizens) को मिल रहा है, जिन्हें सामान्य निवेशकों की तुलना में 0.50% से लेकर 0.75% तक का अतिरिक्त ब्याज दिया जा रहा है।Category-Wise Interest Rates: सामान्य, सीनियर और सुपर सीनियर नागरिकों के लिए दरेंइंडियन बैंक की 555 दिनों की स्पेशल फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम में ₹3 करोड़ से कम की खुदरा जमा (Retail Deposits below ₹3 Crore) पर श्रेणीवार ब्याज दरें इस प्रकार लागू हैं:जमाकर्ता की श्रेणीआयु सीमावार्षिक ब्याज दर (% p.a.)सामान्य नागरिक (General Public)60 वर्ष से कम6.65%सीनियर सिटीजन (Senior Citizens)60 वर्ष से 80 वर्ष तक7.15%सुपर सीनियर सिटीजन (Super Senior Citizens)80 वर्ष और उससे अधिक7.40%(नोट: बैंक में एफडी का ब्याज तिमाही आधार पर कंपाउंड (Quarterly Compounding) होता है, जिसके चलते 555 दिनों की पूरी अवधि के बाद मिलने वाली प्रभावी वार्षिक यील्ड मूल ब्याज दर से भी अधिक निकलती है।)Returns Calculation on ₹1 Lakh and ₹5 Lakh: जानिए 555 दिनों में कितनी होगी शुद्ध कमाई555 दिन यानी लगभग 1 वर्ष, 6 महीने और 8 दिन (1.52 वर्ष) की यह अवधि मध्यम अवधि के लिए पूंजी पार्क करने का सबसे उपयुक्त समय मानी जाती है। यदि आप क्युमुलेटिव (Re-investment) विकल्प चुनते हैं, तो अलग-अलग निवेश राशियों पर मिलने वाला अनुमानित रिटर्न नीचे दिए अनुसार होगा:1. ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) के निवेश पर रिटर्नसामान्य नागरिक (@ 6.65% p.a.):कुल अर्जित ब्याज: लगभग ₹10,550मैच्योरिटी राशि: ₹1,10,550सीनियर सिटीजन (@ 7.15% p.a.):कुल अर्जित ब्याज: लगभग ₹11,380मैच्योरिटी राशि: ₹1,11,380सुपर सीनियर सिटीजन (@ 7.40% p.a.):कुल अर्जित ब्याज: लगभग ₹11,800मैच्योरिटी राशि: ₹1,11,8002. ₹5,00,000 (पांच लाख रुपये) के निवेश पर रिटर्नसामान्य नागरिक (@ 6.65% p.a.):कुल अर्जित ब्याज: लगभग ₹52,750मैच्योरिटी राशि: ₹5,52,750सीनियर सिटीजन (@ 7.15% p.a.):कुल अर्जित ब्याज: लगभग ₹56,900मैच्योरिटी राशि: ₹5,56,900सुपर सीनियर सिटीजन (@ 7.40% p.a.):कुल अर्जित ब्याज: लगभग ₹59,000मैच्योरिटी राशि: ₹5,59,000वरिष्ठ नागरिकों को ₹5 लाख की जमा पर सामान्य नागरिकों के मुकाबले लगभग ₹4,150 से ₹6,250 तक का अतिरिक्त सीधा मुनाफा प्राप्त होता है।Flexible Payout Options: मासिक, तिमाही या मैच्योरिटी पर ब्याज का विकल्पइंडियन बैंक अपने जमाकर्ताओं को उनकी वित्तीय प्राथमिकताओं के अनुसार ब्याज निकासी के लचीले विकल्प देता है:क्युमुलेटिव प्लान (Cumulative FD): इसमें मिलने वाला ब्याज तिमाही चक्रवृद्धि के साथ मूलधन में जुड़ता रहता है और 555 दिन पूरे होने पर पूरा पैसा एकमुश्त मिलता है। यह वेल्थ ग्रोथ के लिए सबसे उपयुक्त है।नॉन-क्युमुलेटिव प्लान (मासिक या तिमाही पेआउट): यदि किसी पेंशनभोगी या वरिष्ठ नागरिक को घरेलू खर्च, दवाओं या बिजली बिल के लिए नियमित नकदी प्रवाह चाहिए, तो वे मासिक या तिमाही ब्याज निकासी का विकल्प चुन सकते हैं। 7.15% की दर पर ₹5 लाख के निवेश से हर महीने लगभग ₹2,980 की नियमित आय सीधे बचत खाते में हासिल की जा सकती है।DICGC Sovereign Safety and Liquidity: सुरक्षा की 100% गारंटी और लोन की सुविधासरकारी बैंक का भरोसा और DICGC इंश्योरेंस: इंडियन बैंक भारत सरकार के स्वामित्व वाला प्रमुख शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक है। आरबीआई की सहायक संस्था DICGC (डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन) के नियमों के तहत बैंक में प्रत्येक ग्राहक का ₹5 लाख तक का मूलधन और ब्याज 100% बीमित और पूर्णतः सुरक्षित होता है।लोन और ओवरड्राफ्ट सुविधा: आपात स्थिति में एफडी तोड़ने की आवश्यकता नहीं पड़ती। ग्राहक अपनी 555 दिनों की एफडी पर जमा राशि के 90% तक का तत्काल लोन या ओवरड्राफ्ट ले सकते हैं।प्री-मैच्योर विड्रॉल (समय से पहले निकासी): जरूरत पड़ने पर बैंक के सामान्य पेनल्टी नियमों (लागू दर से 0.50% से 1% कटौती) के साथ समय से पहले भी राशि निकाली जा सकती है।Tax Rules and Form 15H/15G: टीडीएस से कैसे बचाएं अपना गाढ़ा पैसा?बैंक एफडी पर अर्जित ब्याज कर-योग्य (Taxable) होता है और यह जमाकर्ता की वार्षिक आय में जोड़कर उनके इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स किया जाता है:वरिष्ठ नागरिकों के लिए छूट (Section 80TTB): 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिकों को आयकर अधिनियम की धारा 80TTB के तहत एक वित्तीय वर्ष में बैंक ब्याज आय पर ₹50,000 तक की सीधी टैक्स छूट मिलती है।TDS सीमा: एक वित्तीय वर्ष में ब्याज वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹1,00,000 से अधिक और सामान्य नागरिकों के लिए ₹50,000 से अधिक होने पर ही बैंक 10% टीडीएस काटते हैं।फॉर्म 15H जमा करें: यदि किसी वरिष्ठ नागरिक की कुल वार्षिक कर-योग्य आय मूल छूट सीमा से कम है और कोई टैक्स देनदारी नहीं बनती, तो वे वित्तीय वर्ष की शुरुआत में बैंक में फॉर्म 15H (सामान्य नागरिक फॉर्म 15G) जमा करके टीडीएस कटौती को पूरी तरह शून्य करा सकते हैं।How to Invest in 555 Days FD: घर बैठे ऑनलाइन और ऑफलाइन निवेश का तरीकाइंडियन बैंक की इस स्पेशल 555 डेज स्कीम में खाता खोलना बेहद आसान है:नेट बैंकिंग / IndOASIS मोबाइल ऐप: यदि आपका इंडियन बैंक में पहले से बचत खाता है, तो आप 'IndOASIS' मोबाइल ऐप में लॉगिन करके 'Open Term Deposit' सेक्शन में जाएं। वहां 'Special 555 Days Scheme' चुनें और 2 मिनट में बिना किसी कागजी औपचारिकता के एफडी बुक कर लें।बैंक शाखा जाकर: नए ग्राहक अपनी नजदीकी इंडियन बैंक शाखा में आधार कार्ड, पैन कार्ड, दो पासपोर्ट साइज फोटो और चेकबुक लेकर सीधे काउंटर पर जाकर 555 दिनों की एफडी खाता खुलवा सकते हैं।सीमित अवधि वाली यह स्पेशल स्कीम उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक शानदार अवसर है जो बिना किसी जोखिम के सरकारी बैंक में अपनी बचत पर अधिकतम यील्ड पाना चाहते हैं।
कौन हैं जयतीर्थ जोशी? ब्रह्मोस के नए बॉस पर HC का बड़ा फैसला, खत्म हुआ पुराना विवाद
ब्रह्मोस चीफ जयतीर्थ जोशी की नियुक्ति पर तेलंगाना हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने CAT के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें जोशी की नियुक्ति रद्द की गई थी। इसके साथ ही BrahMos नेतृत्व विवाद खत्म हो गया है।
भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने लेन-देन के तौर-तरीकों को पूरी तरह बदलकर रख दिया है। सब्जी मंडी से लेकर बड़े शॉपिंग मॉल्स तक आज क्यूआर कोड स्कैन करके भुगतान करना आम बात हो चुकी है। लेकिन यूपीआई की सबसे बड़ी सीमा यह है कि इसके सुचारू संचालन के लिए एक्टिव इंटरनेट कनेक्शन, मोबाइल नेटवर्क और दोनों पक्षों के बैंक सर्वरों का ऑनलाइन होना अनिवार्य होता है। कई बार नेटवर्क न मिलने, बेसमेंट में सिग्नल गायब होने या बैंक सर्वर डाउन होने पर यूपीआई ट्रांजेक्शन अटक जाते हैं।भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अब इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए यूपीआई से भी एक कदम आगे की तकनीक पर काम कर रहा है। केंद्रीय बैंक अपने प्रमुख ग्लोबल हैकथॉन 'हार्बिंगर' (HaRBInger - Innovation for Transformation) के माध्यम से डिजिटल रुपये (e₹ / CBDC) के लिए पूरी तरह ऑफलाइन पीयर-टू-पीयर (P2P) पेमेंट आर्किटेक्चर तैयार कर रहा है। इसके लागू होने के बाद बिना किसी इंटरनेट डेटा या वाई-फाई के केवल दो फोन को पास लाकर (NFC) या ब्लूटूथ (Bluetooth) के जरिए सीधे डिजिटल कैश ट्रांसफर किया जा सकेगा।What is RBI HaRBInger: क्या है आरबीआई का हार्बिंगर और इसका मकसद?'हार्बिंगर' भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा आयोजित किया जाने वाला एक अंतरराष्ट्रीय ग्लोबल इनोवेशन हैकथॉन है। इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया भर के फिनटेक स्टार्टअप्स, डेवलपर्स, तकनीकी संस्थानों और वैज्ञानिकों को भारत के वित्तीय ढांचे की सबसे जटिल समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजने के लिए एक मंच पर लाना है।आरबीआई ने हार्बिंगर के तहत ऑफलाइन सीबीडीसी (Offline CBDC - e₹) को एक प्राथमिक प्रॉब्लम स्टेटमेंट के रूप में रखा था। इसमें दुनिया भर के टेक इनोवेटर्स से पूछा गया था कि दूरदराज के ग्रामीण इलाकों, जहाजों, उड़ानों, बेसमेंट या प्राकृतिक आपदा के दौरान जब सेल्युलर नेटवर्क पूरी तरह ठप हो जाए, तब भी नागरिक अपनी डिजिटल करेंसी (e-Rupee) को सुरक्षित रूप से कैसे खर्च कर सकते हैं।How Offline e₹ Works: ब्लूटूथ और NFC से कैसे होगा कैश की तरह ट्रांसफर?ऑफलाइन डिजिटल रुपये का लेन-देन ठीक उसी तरह काम करेगा जैसे जेब से 100 या 500 रुपये का कागजी नोट निकालकर किसी दूसरे व्यक्ति के हाथ में थमा दिया जाता है। इसके काम करने का तकनीकी तंत्र बेहद सुरक्षित और तेज है:सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर सिक्योर एलिमेंट (Secure Element): आरबीआई के हैकथॉन में पुणे के इनोवेटर्स (Team A-SPARSH) और प्रमुख बैंकों द्वारा विकसित प्रोटोटाइप में फोन के इन-बिल्ट चिपसेट या ऐप के अंदर एक सुरक्षित एन्क्रिप्टेड तिजोरी (Secure Enclave) बनाई जाती है।नियर फील्ड कम्युनिकेशन (NFC Tap-and-Pay): जिस तरह मेट्रो कार्ड या कॉन्टैक्टलेस क्रेडिट कार्ड को पीओएस मशीन पर सिर्फ सटाने (Tap) से टिकट कट जाता है, उसी तरह खरीदार और दुकानदार के स्मार्टफोन को आपस में सटाते ही नैनो-सेकंड में e₹ टोकन एक वॉलेट से दूसरे वॉलेट में ट्रांसफर हो जाते हैं।ब्लूटूथ लो एनर्जी (BLE Proximity Transfer): 1 से 5 मीटर के दायरे में दो डिवाइस ब्लूटूथ के जरिए सुरक्षित रूप से पेयर होकर क्रिप्टोग्राफिकली साइन किए गए डिजिटल टोकन का आदान-प्रदान कर सकते हैं।नो इंटरनेट, नो सर्वर डिपेंडेंसी: इस लेन-देन के समय न तो भेजने वाले के फोन में इंटरनेट की जरूरत होती है और न ही पाने वाले के पास। बैंक का कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) इस समय पिक्चर में नहीं होता, जिससे सर्वर फेलियर की गुंजाइश शून्य हो जाती है।Preventing Double Spending: बिना इंटरनेट दो बार खर्च (धोखाधड़ी) से कैसे बचेगा सिस्टम?ऑफलाइन डिजिटल करेंसी के सामने सबसे बड़ा तकनीकी खतरा डबल स्पेंडिंग (Double Spending) का होता है—यानी यदि इंटरनेट नहीं है, तो कोई व्यक्ति अपने फोन के ₹500 के डिजिटल टोकन को ऑफलाइन तरीके से दो अलग-अलग लोगों को कैसे नहीं दे सकता?आरबीआई के हार्बिंगर हैकथॉन में चुने गए समाधानों ने इसके लिए क्रिप्टोग्राफिक लेजर और सिक्योर एलिमेंट ऑथेंटिकेशन का उपयोग किया है। जब भी कोई ऑफलाइन टोकन ट्रांसफर होता है, तो भेजने वाले के सिक्योर वॉल्ट से वह यूनिक टोकन तुरंत 'बर्न' (स्थायी रूप से नष्ट/लॉक) हो जाता है और रिसीवर के सिक्योर एलिमेंट में क्रिप्टोग्राफिक सिग्नेचर के साथ रजिस्टर हो जाता है। जब भी दोनों में से कोई एक डिवाइस भविष्य में कभी भी नेटवर्क के संपर्क में आएगा, बैकग्राउंड में सेंट्रल बैंक के लेजर के साथ यह डेटा स्वतः सिंक हो जाएगा।UPI vs e₹ (CBDC): यूपीआई और डिजिटल रुपये में क्या है बुनियादी फर्क?कई लोग यूपीआई और डिजिटल रुपये (e₹) को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन दोनों की वित्तीय और कानूनी प्रकृति पूरी तरह अलग है:पैमानायूपीआई (UPI)डिजिटल रुपया (e-Rupee / CBDC)वास्तविक प्रकृतिकेवल एक पेमेंट चैनल / माध्यम (Payment Rail)स्वयं एक संप्रभु मुद्रा (Sovereign Legal Tender)पैसे की देनदारीसंबंधित वाणिज्यिक बैंक की देनदारी (Commercial Bank Liability)सीधे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की कानूनी देनदारीबैंक खाते की जरूरतबैंक खाता और डेबिट कार्ड अनिवार्यसीधे डिजिटल वॉलेट में टोकन, बैंक अकाउंट की अनिवार्यता नहींइंटरनेट निर्भरतासामान्यतः 100% एक्टिव इंटरनेट व सर्वर आवश्यकब्लूटूथ व NFC से पूर्णतः ऑफलाइन संभवलेन-देन सेटलमेंटइंटर-बैंक सेटलमेंट (पैसा एक बैंक से दूसरे बैंक में जाता है)फाइनल इंस्टेंट सेटलमेंट (जैसे हाथ से हाथ कैश देना)बैंक विफलता का जोखिमबैंक डूबने पर ₹5 लाख तक का ही बीमा सुरक्षाआरबीआई समर्थित, इसलिए विफलता का शून्य जोखिमReal-World Impact: आम जनता, सुदूर इलाकों और भारतीय अर्थव्यवस्था को क्या फायदा होगा?ऑफलाइन सीबीडीसी का सफल क्रियान्वयन भारत के वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) को एक नए मुकाम पर ले जाएगा:पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्र: लद्दाख, पूर्वोत्तर राज्यों, जंगलों या ग्रामीण इलाकों में जहां मोबाइल टावर नहीं हैं, वहां भी डिजिटल लेन-देन बिना रुकावट संभव हो सकेगा।फ्लाइट्स और समुद्री यात्राएं: हवाई जहाज में उड़ान के दौरान या समुद्री जहाजों पर बिना सैटेलाइट इंटरनेट के खरीदारी की जा सकेगी।भीड़भाड़ और मेले: कुंभ मेले, बड़े कॉन्सर्ट्स या स्टेडियम में जहां लाखों लोगों की मौजूदगी से मोबाइल नेटवर्क जाम हो जाते हैं, वहां ऑफलाइन एनएफसी टैप-टू-पे से खरीदारी तुरंत हो सकेगी।नोट छापने और परिवहन का खर्च खत्म: भौतिक नोटों की छपाई, एटीएम में कैश भरने और फटे-पुराने नोटों को बदलने में जो हजारों करोड़ रुपये खर्च होते हैं, उसमें भारी बचत होगी।फीचर फोन के लिए समाधान: स्मार्टफोन्स के अलावा सामान्य कीपैड वाले फीचर फोन में भी एनएफसी कार्ड या स्पेशल सिम ओवरले के जरिए इस तकनीक को जोड़ने पर काम चल रहा है।आरबीआई के हार्बिंगर द्वारा तैयार किया गया यह नया मॉडल दिखाता है कि भारत अब केवल दुनिया के डिजिटल पेमेंट ट्रेंड्स को फॉलो नहीं कर रहा, बल्कि डिजिटल कैश और सॉवरेन करेंसी का भविष्य खुद लिख रहा है।
एकतरफा प्यार और धमकी... 22 साल की युवती पर किया चाकू से हमला
ये कहानी बिहार के मुजफ्फरपुर की है. यहां 22 साल की युवती सिपाही भर्ती की तैयारी कर रही थी. एक सिरफिरा युवक एकतरफा प्यार में उसके पीछे पड़ा था. युवती रोज की तरह दौड़कर वापस लौट रही थी. उसी दौरान युवक ने उसे रोक लिया और घर तक पीछा कर चाकू से वार कर दिया.
आजमगढ़ कांड की इनसाइड स्टोरी: 'कातिल' अरविंद की मां का बड़ा खुलासा
आजमगढ़ के अहरौला क्षेत्र के शंभूपुर गांव में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. यहां आरोपी अरविंद सिंह ने पूजा के दौरान अपनी पत्नी बबीता और दो पुरोहितों की गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद पुलिस मुठभेड़ में आरोपी अरविंद और उसके 8 साल के बेटे की भी जान चली गई.
38 साल बाद कहां हैं 'महाभारत के सुदामा'? बदल गया कान्हा का दोस्त
सुदामा बनकर टीवी स्क्रीन पर छाने वाले एक्टर का नाम है सुमित राघवन. 'महाभारत' शो में सुमित राघवन ने श्रीकृष्ण के दोस्त सुदामा का रोल निभाया था. उस समय सुमित सिर्फ 16 साल के थे. उनकी मासूमियत ने हर किसी का दिल जीत लिया था.
खारे पानी के दाग से परेशान? इस 1 चीज से चमक उठेंगे नल और टॉयलेट
Bathroom Cleaning Hacks: टॉयलेट, नल और शॉवर पर खारे पानी की वजह से जमी सफेद या पीली परत साफ करना मुश्किल हो जाता है. आज हम आपको इन्हें साफ करने के आसान तरीके बताने वाले हैं, जिनके लिए आपको किसी महंगे क्लीनर की जरूरत नहीं पड़ेगी. सिट्रिक एसिड, नींबू और कुछ आसान घरेलू तरीकों से लाइमस्केल और हार्ड वाटर के दाग आसानी से हटा सकते हैं.
देश की राजधानी दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में मंगलवार देर रात सिविक अथॉरिटी (नागरिक निकाय) द्वारा चलाए गए अतिक्रमण-विरोधी अभियान के बाद भारी तनाव और हंगामे की स्थिति पैदा हो गई। मैक्स हॉस्पिटल रोड को चौड़ा करने के प्रोजेक्ट के तहत देर रात बुलडोजर से अवैध अतिक्रमण हटाया गया, जिसमें स्थानीय मदीना मस्जिद का ढांचा और आसपास के कुछ घर शामिल थे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। मदीना मस्जिद को तोड़े जाने से स्थानीय लोगों में विरोध और हंगामा मच गया। तोड़फोड़ की जानकारी मिलने के बाद AIMIM दिल्ली के अध्यक्ष शोएब जमाई देर रात शालीमार बाग पहुंचे, जिससे मौके पर काफी हंगामा हुआ। मस्जिद खाली करने के लिए तीन नोटिस जारी किए गए थे यह बताना ज़रूरी है कि शालीमार बाग स्थित मदीना मस्जिद के इमाम को जगह खाली करने के लिए 15 दिनों के भीतर तीन बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन मस्जिद खाली नहीं की गई। इसके बाद हाई कोर्ट के आदेश पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब इलाके में सड़क चौड़ी करने का काम चल रहा है और सड़क को 30 मीटर तक चौड़ा करने की योजना है। अथॉरिटी सड़क के किनारे कथित अवैध ढांचों को हटाने के लिए लगभग तीन महीने से नोटिस जारी कर रही थी, और मदीना मस्जिद भी उन ढांचों में शामिल थी जिन्हें तोड़ा जाना था। इसी इलाके में मई और जून के दौरान भी ऐसी ही तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई थी, जिसमें लगभग 150 घर तोड़े गए थे। AIMIM नेता ने कार्रवाई को 'असंवैधानिक' बताया बुलडोजर कार्रवाई के दौरान आस-पास भारी भीड़ जमा हो गई। मौके पर मौजूद AIMIM नेता शोएब जमाई ने कहा कि आधी रात को मस्जिद को तोड़ना 'असंवैधानिक' है। उन्होंने दावा किया कि मस्जिद के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई सुबह 3 बजे हुई। उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में भी इसी तरह एक मस्जिद को तोड़ा गया था। हालांकि, हम शालीमार बाग को सहारनपुर पार्ट-2 नहीं बनने देंगे। इसे भी पढ़ें: अचानक आ रहा US का F-35, France का Rafale और UAE का F-16 Fighter Jet, India में दुनिया की ताकतवर Air Forces का महाजमावड़ा देख दुश्मन काँपे X पर एक पोस्ट में जमाई ने कहा, पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के निर्देशों पर अमल करते हुए, AIMIM दिल्ली की टीम देर रात शालीमार बाग इलाके में पहुंची, जब उन्हें जानकारी मिली कि मस्जिद के खिलाफ बुलडोजर का इस्तेमाल किया जा रहा है। किसके कहने पर पुलिस प्रशासन हमें मस्जिद के इमाम से मिलने से रोक रहा है? इस पोस्ट के साथ शोएब जमाई ने एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि बिना किसी मोहलत के रातों-रात एक मस्जिद को गिरा दिया गया। उन्होंने इस घटना को 'सहारनपुर पार्ट-2' बताया और कहा कि मस्जिद कमेटी के सदस्यों को डर है कि पूरी मस्जिद ही गिरा दी जा सकती है। जमाई ने आगे आरोप लगाया कि लोगों को उस जगह के 100-200 मीटर के दायरे में आने से रोका जा रहा है और मस्जिद के इमाम को भी अंदर जाने की इजाज़त नहीं दी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे कम से कम इमाम या मस्जिद कमेटी के सदस्यों को मस्जिद के अंदर से कुरान की प्रतियां निकालने की इजाज़त दें। शोएब जमाई ने यह भी सवाल उठाया कि ऐसा ज़ुल्म कैसे किया जा सकता है। अधिकारी संविधान को बनाए रखने की शपथ लेकर यहां आते हैं, फिर भी लगता है कि वे उस शपथ को भूल गए हैं। इसे भी पढ़ें: न्यूयॉर्क में ईरान के राष्ट्रपति को ट्रंप गिरफ्तार कर लेंगे? खेल चौंका देगा! जमीयत उलेमा-ए-हिंद की बैठक जमीयत उलेमा-ए-हिंद आज (23 सितंबर) दिल्ली में एक बड़ी बैठक कर रही है, जिसमें देश के अलग-अलग हिस्सों में मस्जिदों और मदरसों के खिलाफ बुलडोज़र की कार्रवाई पर चर्चा की जाएगी। मौलाना महमूद मदनी ने यह बैठक बुलाई है। मुस्लिम संगठनों ने मस्जिदों और मदरसों को गिराने और हटाने की कार्रवाई पर चिंता जताई है। बैठक में किसी बड़े फैसले पर चर्चा होने की उम्मीद है और कानूनी कार्रवाई के अलावा दूसरे विकल्पों पर भी एक रोडमैप पेश किए जाने की संभावना है। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi पार्टी अध्यक्ष बैरिस्टर @asadowaisi साहब के निर्देश पर आज देर रात सूचना मिलते ही AIMIM दिल्ली की टीम शालीमार बाग़ इलाके में पहुंच चुकी है जहां एक मस्जिद पर बुलडोजर चलाया जा रहा था. पुलिस प्रशासन हमें किसके इशारे पर मस्जिद के इमाम से मिलने नहीं दे रही है. pic.twitter.com/3AeXMGGiec — Dr. Shoaib Jamai (@shoaibJamei) September 22, 2026
एनआरआई ने बताया कि वो 2029 तक अमेरिकन सिटीजनशिप छोड़ने की प्लानिंग कर रहे हैं, ताकि वो अपने टैक्स और फाइनेंशियल मामलों को सुलझा सकें.
IIT बॉम्बे ने प्रोफेसर को छुट्टी पर भेजा, कैंपस सुसाइड केस में जांच तेज
IIT बॉम्बे कैंपस सुसाइड केस में विवाद थम नहीं रहा है. हर दिन नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं. एक दिन पहले साहिल के पिता ने दोनों प्रोफेसरों के इस्तीफे की मांग उठाई थी.उनके इस बयान के बाद यह मामला और गंभीर होते दिख रहा है. हालांकि, इस मामले की जांच तेजी से चल रही है और एक हफ्ते के अंदर रिपोर्ट देने की बात कही गई है.
हलफनामे में झोल! नंदीग्राम की बीजेपी उम्मीदवार की उम्र-डिग्री को लेकर उठे सवाल
नंदीग्राम उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार हसीरानी रथ के हलफनामे में उम्र और शिक्षा को लेकर बड़ा विरोधाभास सामने आया है. उन्होंने अपनी उम्र 60 साल से ऊपर बताई, लेकिन दसवीं पास करने का साल 1965 लिखा, जो हिसाब से मेल नहीं खाता. अगर उम्र 60 साल मानें तो वे 1965 में पैदा भी नहीं हुई थीं.
आगामी त्योहारी सीजन (Navratri, Dussehra और Diwali) की भारी खरीदारी को भुनाने के लिए होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (HMSI) ने टू-व्हीलर मार्केट में एक साथ बड़ा दांव खेल दिया है। जापानी ऑटोमोबाइल कंपनी ने अपनी बहु-प्रतीक्षित 'मल्टी-पाथवे' स्ट्रैटेजी के तहत इलेक्ट्रिक और मॉडर्न-क्लासिक दोनों सेगमेंट में नए उत्पाद आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिए हैं।कंपनी ने एक तरफ अपना सबसे लंबी रेंज वाला फैमिली इलेक्ट्रिक स्कूटर Honda QC3 पेश किया है, वहीं दूसरी तरफ भारतीय रेट्रो मोटरसाइकिल बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए 'H'ness' नाम हटाकर पूरी तरह रिफ्रेश्ड Honda CB350 रेंज (CB350, CB350RS और CB350C) को नए कलर्स और नए बेस वैरिएंट के साथ बाजार में उतार दिया है। इन दोनों बड़े लॉन्च से फेस्टिव सीजन में दोपहिया वाहन खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को बेहतरीन नए विकल्प मिल गए हैं।Honda QC3 Electric Scooter: 145 किमी रेंज, 32L बूट स्पेस और आधुनिक फीचर्सहोंडा के इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो में QC1 और Activa e: के बाद Honda QC3 तीसरा और सबसे व्यावहारिक इलेक्ट्रिक स्कूटर बनकर सामने आया है। इसे खास तौर पर रोजमर्रा के पारिवारिक इस्तेमाल और शहरी सफर को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।कीमत और बुकिंग: Honda QC3 की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹1,35,000 (नई दिल्ली) तय की गई है। ग्राहक इसे होंडा की अधिकृत रेडविंग (RedWing) डीलरशिप्स और ऑफिशियल वेबसाइट से ₹5,000 की टोकन राशि में बुक कर सकते हैं।बैटरी और रेंज: इसमें 3.0 kWh क्षमता वाला फिक्स्ड लिथियम-आयन बैटरी पैक दिया गया है, जो इंडियन ड्राइविंग कंडीशन (IDC) के अनुसार सिंगल फुल चार्ज में 145 किलोमीटर की प्रमाणित रेंज देता है।चार्जिंग टाइम: यह स्कूटर स्टैंडर्ड फास्ट चार्जर से मात्र 2 घंटे 40 मिनट में 0 से 80 प्रतिशत तक चार्ज हो जाता है, जबकि 100% चार्जिंग में लगभग 4 घंटे का समय लगता है।32 लीटर का बड़ा स्टोरेज: इसमें 32-लीटर का विशाल अंडरसीट बूट स्पेस मिलता है, जिसमें फुल-फेस हेलमेट और सामान आसानी से आ जाता है।स्मार्ट कनेक्टिविटी: 5-इंच की डिजिटल टीएफटी स्क्रीन, होंडा रोडसिंक ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन, कॉल/एसएमएस अलर्ट और की-लेस इग्निशन (स्मार्ट की) जैसी सुविधाएं दी गई हैं।शुरुआती शहर: पहले चरण में इसे दिल्ली, आगरा, सूरत, कटक और कोल्लम में उपलब्ध कराया गया है, जिसे जल्द ही अन्य राज्यों में विस्तारित किया जाएगा।Refreshed Honda CB350 Bike Series: ₹1.95 लाख से शुरू हुई नई रेंज, 'H'ness' नाम खत्मपेट्रोल और रेट्रो-क्रूजर सेगमेंट में होंडा ने अपने 350cc लाइनअप को पूरी तरह नया रूप दिया है। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि कंपनी ने 'H'ness' बैज को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया है और अब यह केवल Honda CB350 के नाम से बेची जाएगी।किफायती शुरुआती कीमत: नया स्टैंडर्ड (STD) बेस वैरिएंट जोड़े जाने के बाद पूरी CB350 सीरीज अब ₹1,95,200 (एक्स-शोरूम) की आकर्षक शुरुआती कीमत से उपलब्ध है।3 मॉडल्स और 8 वैरिएंट्स: नई रेंज को तीन अलग-अलग राइडिंग शैलियों में पेश किया गया है—Honda CB350: क्लासिक रोडस्टर डिजाइन, राउंड हेडलैंप और रिलैक्स्ड क्रूजर पॉस्चर।Honda CB350RS: युवाओं के लिए स्पोर्टी अर्बन रोडस्टर, डार्क थीम और अपस्वेप्ट एग्जॉस्ट।Honda CB350C: विंटेज हेरिटेज लुक, बड़े फेंडर और स्प्लिट रेट्रो सीट्स।इंजन और माइलेज: इसमें वही भरोसेमंद और वाइब्रेशन-मुक्त 348.6cc, एयर-कूल्ड इंजन दिया गया है, जो 21.07 PS की पावर और 30 Nm का मजबूत टॉर्क जनरेट करता है। साथ में 5-स्पीड गियरबॉक्स और असिस्ट एंड स्लिपर क्लच मिलता है।सेफ्टी फीचर्स: डुअल-चैनल ABS, होंडा सेलेक्टेबल टॉर्क कंट्रोल (ट्रैक्शन कंट्रोल) और ब्लूटूथ कनेक्टिविटी को बरकरार रखा गया है।उपलब्धता: सभी 8 वैरिएंट्स देश भर की होंडा बिगविंग (BigWing) डीलरशिप्स पर उपलब्ध हैं।Festive Season Competitive Impact: बाजार में किससे होगा सीधा मुकाबला?फेस्टिव सीजन के दौरान दोपहिया बाजार में बंपर बिक्री होती है। होंडा के इस डबल अटैक ने प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के सामने कड़ी चुनौती खड़ी कर दी है:इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट में: Honda QC3 का सीधा मुकाबला इस सेगमेंट में पहले से स्थापित TVS iQube (3.1 kWh), Ather Rizta, Bajaj Chetak और Vida VX2 Plus से होगा। जापानी ब्रांड की विश्वसनीयता और 145 किमी की रेंज इसे फैमिली खरीदारों के बीच मजबूत बढ़त दिलाती है।350cc बाइक सेगमेंट में: ₹1.95 लाख की नई आक्रामक शुरुआती कीमत के दम पर Honda CB350 सीधे Royal Enfield Classic 350, Hunter 350, Jawa 350 और Triumph Speed T4 के मार्केट शेयर में सेंध लगाने को तैयार है।फेस्टिव सीजन में नई गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए होंडा के ये दोनों नए विकल्प बेहतरीन परफॉर्मेंस, आधुनिक तकनीक और वैल्यू फॉर मनी साबित होंगे।
जांच अधिकारी डिवाइस से डेटा निकालने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें साहिल की ChatGPT हिस्ट्री भी शामिल है, जिससे सामने आए आरोपों की पुष्टि की जा सके.
मध्यमवर्गीय परिवारों, वरिष्ठ नागरिकों और जोखिम से दूर रहने वाले रूढ़िवादी निवेशकों के लिए अपनी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखना पहली प्राथमिकता होती है। जब एकमुश्त ₹5,00,000 (₹5 लाख) के निवेश की बात आती है, तो भारतीय बाजार में दो सबसे भरोसेमंद सरकारी/संस्थागत विकल्प सामने आते हैं—बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (Bank FD) और डाकघर मासिक आय योजना (Post Office Monthly Income Scheme - POMIS)।दोनों ही योजनाएं पूरी तरह पूंजी सुरक्षा और निश्चित रिटर्न प्रदान करती हैं, लेकिन दोनों के काम करने का तरीका, ब्याज भुगतान का चक्र (Payout Frequency) और कुल रिटर्न का गणित बिल्कुल अलग है। जहां बैंक एफडी आपको एकमुश्त वेल्थ क्रिएशन का विकल्प देती है, वहीं पोस्ट ऑफिस एमआईएस हर महीने बंधी-बंधाई गारंटीड पेंशन जैसी आय उपलब्ध कराती है।POMIS vs Bank FD: दोनों योजनाओं की प्रमुख विशेषताओं की तुलनानिवेश का फैसला लेने से पहले दोनों योजनाओं के मुख्य अंतरों को समझना जरूरी है:पैमानापोस्ट ऑफिस MIS (POMIS)बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (Cumulative FD)सरकारी गारंटीभारत सरकार द्वारा 100% सॉवरेन गारंटीRBI के DICGC के तहत ₹5 लाख तक पूर्ण बीमाअवधि (Tenure)अनिवार्य रूप से 5 वर्ष7 दिन से लेकर 10 वर्ष तक (लचीला)ब्याज दर (वार्षिक)7.40% प्रति वर्ष (साधारण ब्याज)6.50% – 7.25% (क्वार्टरली कंपाउंडिंग)ब्याज भुगतान चक्रहर महीने सीधे बचत खाते में (Monthly)मैच्योरिटी पर एकमुश्त या मासिक/तिमाहीअधिकतम निवेश सीमा₹9 लाख (सिंगल) / ₹15 लाख (जॉइंट)कोई अधिकतम सीमा नहींप्री-मैच्योर विड्रॉल1 साल बाद पेनाल्टी के साथ अनुमतिपेनाल्टी (0.50% - 1%) काटकर कभी भी संभवPost Office MIS Calculation: ₹5 लाख पर हर महीने और 5 साल में कितनी होगी कमाई?डाकघर मासिक आय योजना (POMIS) पर सरकार द्वारा निर्धारित ब्याज दर 7.40% प्रति वर्ष है। इसमें मिलने वाला ब्याज कम्पाउंड नहीं होता, बल्कि हर महीने साधारण ब्याज के रूप में निवेशक के डाकघर बचत खाते या बैंक खाते में क्रेडिट कर दिया जाता है।5 साल का विस्तृत कैलकुलेशन:कुल निवेश राशि (Principal): ₹5,00,000लागू ब्याज दर: 7.40% प्रति वर्षवार्षिक ब्याज (Annual Interest): ₹5,00,000 7.40% = ₹37,000मासिक ब्याज आय (Monthly Pension/Income): ₹37,000 12 = ₹3,083.33 (लगभग ₹3,083 प्रति माह)5 साल (60 महीने) में कुल ब्याज कमाई: ₹3,083.33 60 = ₹1,85,0005 साल बाद वापस मिलने वाला मूलधन: ₹5,00,000अर्थात, 5 साल की अवधि पूरी होने पर आपको अपना पूरा ₹5 लाख का मूलधन सुरक्षित वापस मिल जाता है और आप इन 5 वर्षों के दौरान कुल ₹1,85,000 की नियमित मासिक आय ले चुके होते हैं।Bank FD Calculation: ₹5 लाख पर 5 साल में कितना मिलेगा रिटर्न?बैंक एफडी में ब्याज की गणना तिमाही आधार पर कंपाउंड (Quarterly Compounding) होती है। यदि आप क्युमुलेटिव एफडी (Cumulative FD) चुनते हैं, तो ब्याज मूलधन में जुड़ता जाता है और 5 साल बाद एकमुश्त बड़ी रकम मिलती है।वर्तमान में प्रमुख बैंक 5 साल की अवधि पर सामान्य नागरिकों को लगभग 6.50% से 7.10% और वरिष्ठ नागरिकों को 7.00% से 7.60% तक का ब्याज दे रहे हैं।1. सामान्य नागरिक (औसत दर 7.00% p.a. - तिमाही कंपाउंडिंग)कुल निवेश राशि: ₹5,00,0005 साल में कुल अर्जित ब्याज: ₹2,07,3905 साल बाद मैच्योरिटी राशि (Maturity Value): ₹7,07,3902. वरिष्ठ नागरिक (Senior Citizen दर 7.50% p.a. - तिमाही कंपाउंडिंग)कुल निवेश राशि: ₹5,00,0005 साल में कुल अर्जित ब्याज: ₹2,24,9745 साल बाद मैच्योरिटी राशि (Maturity Value): ₹7,24,974(नोट: यदि आप बैंक में नॉन-क्युमुलेटिव यानी मंथली पेआउट एफडी लेते हैं, तो मासिक ब्याज दर डिस्काउंटेड फैक्टर पर कैलकुलेट होती है और 7.00% की दर पर हर महीने लगभग ₹2,880 से ₹2,900 ही मिलते हैं।)Direct Comparison: कहां बनेगा ज्यादा पैसा?संख्याओं की तुलना करने पर यह निष्कर्ष सामने आता है:योजना का प्रकारब्याज दर5 साल में कुल ब्याज लाभमैच्योरिटी पर कुल मूल्यPost Office MIS (मंथली आय)7.40%₹1,85,000₹5,00,000 (मूलधन वापसी)Bank Cumulative FD (सामान्य)7.00%₹2,07,390₹7,07,390Bank Cumulative FD (वरिष्ठ नागरिक)7.50%₹2,24,974₹7,24,974मुख्य अंतर: यदि आप कुल ब्याज कमाई को देखें, तो बैंक क्युमुलेटिव एफडी में चक्रवृद्धि ब्याज (कंपाउंडिंग इफेक्ट) के कारण आपको ₹22,390 से लेकर ₹39,974 तक ज्यादा मुनाफा मिलता है। लेकिन यदि आपको हर महीने घर खर्च या दवाइयों के लिए निश्चित नकदी (Cashflow) की आवश्यकता है, तो पोस्ट ऑफिस एमआईएस हर महीने ₹3,083 की उच्चतम लिक्विडिटी उपलब्ध कराती है।Tax Rules and TDS: टैक्स के नियम किसमें अधिक अनुकूल?पोस्ट ऑफिस MIS: इसमें टीडीएस (TDS) नहीं काटा जाता है। हालांकि, मिलने वाला मासिक ब्याज निवेशक की वार्षिक आय में जोड़कर उसके इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार कर-योग्य (Taxable) होता है।बैंक एफडी: बैंक एफडी पर टीडीएस कटता है। एक वित्तीय वर्ष में ब्याज ₹50,000 (सामान्य नागरिक) या ₹1,00,000 (वरिष्ठ नागरिक) से अधिक होने पर बैंक 10% टीडीएस काटते हैं। इसे रोकने के लिए शून्य कर देयता वाले पात्र व्यक्ति फॉर्म 15G या 15H जमा कर सकते हैं।धारा 80C छूट: सामान्य 5 साल की बैंक एफडी या पोस्ट ऑफिस एमआईएस में धारा 80C के तहत टैक्स छूट नहीं मिलती। 80C की ₹1.5 लाख की छूट केवल 'टैक्स सेवर बैंक एफडी' या 'पोस्ट ऑफिस 5-ईयर टाइम डिपॉजिट (TD)' में मिलती है।Final Verdict: आपके लिए कौन-सा विकल्प है सबसे बेहतर?पोस्ट ऑफिस MIS चुनें यदि: आप रिटायर हो चुके हैं या आपको हर महीने खर्च चलाने के लिए गारंटीड आय चाहिए। डाकघर से मिलने वाले ₹3,083 मासिक ब्याज को आप चाहें तो पोस्ट ऑफिस की आरडी (RD) में ऑटो-क्रेडिट कराकर डबल कंपाउंडिंग का लाभ भी ले सकते हैं।बैंक क्युमुलेटिव FD चुनें यदि: आपको अगले 5 वर्षों तक इस पैसे या ब्याज की तुरंत कोई जरूरत नहीं है और आपका मुख्य उद्देश्य ₹5 लाख की पूंजी को बढ़ाकर ₹7 लाख से अधिक का कॉर्पस तैयार करना है।
'भारत को सजा...', रूसी तेल पर जेपी मॉर्गन के CEO ने US को चेताया
जेपी मॉर्गन के सीईओ जेमी डाइमन ने अमेरिका से कहा है कि रूसी तेल खरीद पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने से पहले भारत की रिफाइनरियों और सप्लाई चेन पर असर समझना जरूरी है. उनका कहना है कि गलत तरीके से लगाई गई पाबंदी भारत के साथ-साथ वैश्विक तेल बाजार, कीमतों और भारत अमेरिका आर्थिक रिश्तों पर भी असर डाल सकती है.
आदित्य बिड़ला कैपिटल की सहायक कंपनी आदित्य बिड़ला सन लाइफ इंश्योरेंस (ABSLI) ने देश के कामकाजी लोगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक नया रिटायरमेंट प्रोडक्ट 'एबीएसएलआई स्मार्ट वेल्थ पेंशन प्लान' (ABSLI Smart Wealth Pension Plan) आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया है। यह एक नॉन-लिंक्ड, नॉन-पार्टिसिपेटिंग, इंडिविजुअल पेंशन प्लान है, जिसे खासतौर पर उन लोगों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है जो बिना किसी बाजार जोखिम (Market Risk) के अपने रिटायरमेंट के लिए एक सुरक्षित फंड तैयार करना चाहते हैं और सेवानिवृत्ति के बाद आजीवन नियमित आय (Regular Income) सुनिश्चित करना चाहते हैं।जीवन प्रत्याशा में वृद्धि और बढ़ती महंगाई के बीच रिटायरमेंट प्लानिंग आज हर व्यक्ति की बुनियादी जरूरत बन चुकी है। नौकरी या व्यवसाय से रिटायर होने के बाद भी जीवन स्तर में कोई गिरावट न आए, इसके लिए यह योजना अनुशासित बचत, वेल्थ बूस्टर्स और कस्टमाइज्ड पेंशन विकल्पों का एक मजबूत संयोजन प्रदान करती है।Key Benefits and Features: स्मार्ट वेल्थ पेंशन प्लान की प्रमुख विशेषताएंयह नया पेंशन प्लान पॉलिसीधारकों को वित्तीय सुरक्षा और लचीलापन देने के लिए कई अनूठे लाभ प्रदान करता है:गारंटीड एडिशन्स (Guaranteed Additions): पॉलिसी की अवधि के दौरान फंड में नियमित गारंटीड एडिशन्स जोड़े जाते हैं। पॉलिसी जितने लंबे समय तक चलेगी, फंड वैल्यू पर मिलने वाला यह अतिरिक्त फायदा उतना ही बड़ा होगा, जिससे मैच्योरिटी पर एक बड़ा कॉर्पस तैयार होता है।गारंटीड एन्युइटी (आजीवन पेंशन का विकल्प): वेस्टिंग आयु (Vesting Age / रिटायरमेंट की उम्र) पूरी होने पर पॉलिसीधारक अपने संचित फंड से आजीवन गारंटीड पेंशन प्राप्त करने के लिए एन्युइटी प्लान चुन सकते हैं। इसमें सिंगल लाइफ और जॉइंट लाइफ (पति-पत्नी दोनों के लिए पेंशन) जैसे विकल्प मिलते हैं।प्रीमियम भुगतान में लचीलापन (Flexibility): ग्राहक अपनी सुविधा और आय के अनुसार प्रीमियम भुगतान की अवधि चुन सकते हैं। इसमें सिंगल पे (एकमुश्त भुगतान), लिमिटेड पे (5, 7, 10 या 12 साल तक भुगतान) और रेगुलर पे के विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं।वेस्टिंग आयु चुनने की आजादी: पॉलिसीधारक 40 वर्ष की आयु से लेकर अधिकतम 80 वर्ष की आयु के बीच कभी भी अपनी पेंशन शुरू कराने (Vesting Age) का चुनाव कर सकते हैं।Special Benefits for Women: महिला निवेशकों के लिए खास रियायतें और फायदेमहिलाओं के वित्तीय सशक्तिकरण और उनकी रिटायरमेंट सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए ABSLI ने इस प्लान में विशेष प्रावधान किए हैं। आंकड़ों के अनुसार, महिलाएं पुरुषों की तुलना में लंबी आयु जीती हैं और करियर ब्रेक के कारण उनका रिटायरमेंट फंड अक्सर सीमित रह जाता है।इस योजना के तहत महिला पॉलिसीधारकों को निम्नलिखित विशेष लाभ दिए जा रहे हैं:प्रीमियम पर अतिरिक्त छूट: महिलाओं को बेस प्रीमियम दरों में विशेष छूट (Discounts) दी जाएगी, जिससे समान निवेश पर उनका कॉर्पस अधिक तेजी से बढ़ेगा।हायर गारंटीड एडिशन्स: महिला ग्राहकों के खातों में जुड़ने वाले गारंटीड एडिशन्स की दर को आकर्षक बनाया गया है ताकि वे आत्मनिर्भर और वित्तीय रूप से स्वतंत्र रिटायरमेंट जीवन बिता सकें।गृहणियों और कामकाजी महिलाओं के लिए आसान ऑनबोर्डिंग: हाउसवाइफ और सेल्फ-एम्प्लॉयड महिलाओं के लिए केवाईसी और मेडिकल औपचारिकताओं को काफी सरल रखा गया है।Life Cover & Financial Security: जीवन सुरक्षा और डेथ बेनिफिटयह योजना केवल बचत और पेंशन तक सीमित नहीं है, बल्कि अनहोनी की स्थिति में परिवार को आर्थिक ढाल भी प्रदान करती है। पॉलिसी अवधि (Deferment Period) के दौरान यदि दुर्भाग्यवश पॉलिसीधारक की मृत्यु हो जाती है, तो नॉमिनी को डेथ बेनिफिट (Death Benefit) का भुगतान किया जाता है।नॉमिनी को मिलने वाली राशि कुल जमा प्रीमियम पर तय ब्याज या मृत्यु की तारीख तक संचित फंड वैल्यू में से जो भी अधिक हो, उसके रूप में दी जाती है। नॉमिनी चाहे तो इस पूरी रकम को एकमुश्त प्राप्त कर सकता है या इसे एन्युइटी में बदलकर अपने लिए नियमित आय का साधन बना सकता है।Tax Benefits and Commutation: टैक्स में छूट और टैक्स-फ्री निकासी नियमइस पेंशन योजना में निवेश करने पर आयकर नियमों के तहत कर बचत का दोहरा लाभ मिलता है:निवेश पर छूट: आयकर अधिनियम के तहत पॉलिसी के लिए चुकाए गए प्रीमियम पर कानूनी प्रावधानों के अनुसार कर छूट का लाभ लिया जा सकता है।एकमुश्त टैक्स-फ्री फंड (Commutation): वेस्टिंग आयु पूरी होने पर पॉलिसीधारक अपने कुल संचित फंड का अधिकतम एक-तिहाई हिस्सा (33.33% या नियमों के तहत 60% तक) एकमुश्त टैक्स-फ्री निकाल सकते हैं, जिसे अन्य जरूरी खर्चों में इस्तेमाल किया जा सकता है।बचे हुए फंड से पेंशन: शेष राशि का उपयोग अनिवार्य रूप से एन्युइटी खरीदने में किया जाता है, जिससे पॉलिसीधारक को जीवन भर मासिक, तिमाही, छमाही या वार्षिक आधार पर तय पेंशन मिलती रहती है।Expert View: किसके लिए सबसे उपयुक्त है यह पेंशन प्लान?वित्तीय योजनाकारों (Financial Planners) के मुताबिक, ABSLI स्मार्ट वेल्थ पेंशन प्लान उन लोगों के लिए एक ठोस विकल्प है जो शेयर बाजार के जोखिम और उतार-चढ़ाव से दूर रहकर रिटायरमेंट के लिए निश्चित और गारंटीड रिटर्न चाहते हैं।विशेष रूप से 30 से 45 वर्ष के वेतनभोगी कर्मचारी, प्राइवेट सेक्टर प्रोफेशनल्स, महिलाएं और व्यापारी जो भविष्य में बिना किसी वित्तीय निर्भरता के सम्मानजनक जीवन जीना चाहते हैं, वे इस योजना को अपने लॉन्ग-टर्म पोर्टफोलियो का हिस्सा बना सकते हैं।
दतिया उपचुनाव जीतने के कुछ ही समय बाद कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह कानूनी विवाद में घिर गए हैं. हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने चुनावी शपथपत्र में एक पुराने आपराधिक मामले की जानकारी नहीं दी. निर्वाचन रद्द कर दोबारा उपचुनाव कराने की मांग की गई है.
भारतीय रेट्रो-क्लासिक मोटरसाइकिल बाजार की सबसे लोकप्रिय कंपनी रॉयल एनफील्ड (Royal Enfield) ने बाइक के दीवानों के लिए बड़ा सरप्राइज पेश किया है। कंपनी ने अपने सबसे ज्यादा बिकने वाले और आइकॉनिक मॉडल Royal Enfield Classic 350 का नया स्पेशल एडिशन आधिकारिक रूप से भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिया है। रेट्रो अपील और विंटेज चार्म के साथ उतारे गए इस नए एडिशन को आधुनिक राइडर्स की जरूरतों के अनुसार कई तकनीकी और मैकेनिकल अपग्रेड्स से लैस किया गया है।क्लासिक 350 लंबे समय से देश के 350cc सेगमेंट में एकतरफा राज कर रही है। नए एडिशन के आने से उन राइडर्स को नया विकल्प मिला है जो क्लासिक लुक के साथ मॉडर्न फीचर्स, बेहतर क्लच कंट्रोल और लंबी यात्राओं में स्मार्टफोन चार्जिंग जैसी सुविधाएं चाहते हैं।Special Features & Modern Upgrades: नए एडिशन में जोड़े गए ये खास फीचर्सरॉयल एनफील्ड ने इस नए एडिशन में राइडिंग कम्फर्ट और आधुनिक उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए कई प्रमुख बदलाव किए हैं:असिस्ट एंड स्लिपर क्लच (Assist & Slipper Clutch): नए एडिशन का सबसे बड़ा आकर्षण इसका स्लिपर क्लच मैकेनिज्म है। इसके आने से क्लच लीवर बेहद हल्का हो गया है, जिससे भारी ट्रैफिक और शहर के सफर में क्लच दबाने पर कलाई में थकान नहीं होती। साथ ही हाई-स्पीड डाउनशिफ्टिंग के दौरान पिछला पहिया लॉक होने या स्किड होने का जोखिम खत्म हो जाता है।फास्ट यूएसबी टाइप-सी चार्जर (USB Type-C Charging Port): हैंडलबार के पास नया वाटरप्रूफ टाइप-सी फास्ट चार्जिंग पोर्ट दिया गया है। लंबी दूरी की राइड और टूरिंग के दौरान राइडर अपने स्मार्टफोन या जीपीएस डिवाइस को आसानी से चार्ज रख सकते हैं।ट्रिपर नेविगेशन पॉड (Tripper Navigation): गूगल पावर्ड ब्लूटूथ टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन स्क्रीन को अब नए एडिशन में बेहतर सॉफ्टवेयर सपोर्ट के साथ इंटीग्रेट किया गया है। स्मार्टफोन कनेक्ट करके स्क्रीन पर दिशा-निर्देश देखे जा सकते हैं।ऑल-एलईडी लाइटिंग सेटअप: क्लासिक के रेट्रो डिजाइन को छुए बिना इसके मुख्य हेडलैंप, पायलट लैंप्स और टेललैंप में क्लियर-लेंस एलईडी यूनिट्स का इस्तेमाल किया गया है, जो रात में हाईवे पर बेहतर रोशनी और विजिबिलिटी प्रदान करते हैं।एडजस्टेबल लीवर्स: राइडर अपनी सुविधा और हाथ के साइज के अनुसार ब्रेक और क्लच लीवर को एडजस्ट कर सकते हैं।Design and Styling: नया प्रीमियम कलर और क्रोम फिनिशिंगडिजाइन के मामले में नए एडिशन की विंटेज रोड प्रजेंस को और अधिक आकर्षक बनाया गया है। इसमें सिग्नेचर टियर-ड्रॉप फ्यूल टैंक पर स्पेशल हैंड-पेंटेड पिन-स्ट्राइप्स और खास 3D मेटैलिक एम्बलम दिए गए हैं।इसके साथ ही प्रीमियम ड्यूल-टोन फिनिश, क्रोम एग्जॉस्ट मफलर और हाई-डेंसिटी फोम से तैयार की गई नई स्प्लिट रेट्रो सीट्स दी गई हैं। सीट की नई कुशनिंग लंबी दूरी की टूरिंग और राइडर व पिलियन दोनों के लिए बैठने के अनुभव को आरामदायक बनाती है।Engine and Performance: भरोसेमंद 349cc J-सीरीज इंजनमैकेनिकल तौर पर रॉयल एनफील्ड ने अपने सफल और रिफाइंड जे-प्लेटफॉर्म (J-Series Engine) पर ही भरोसा जताया है।इंजन क्षमता: 349cc, सिंगल-सिलेंडर, एयर-ऑयल कूल्ड इंजनअधिकतम पावर: 20.2 bhp @ 6,100 rpmपीक टॉर्क: 27 Nm @ 4,000 rpmगियरबॉक्स: 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स (स्लिपर क्लच के साथ)कम आरपीएम पर मिलने वाले 27 Nm टॉर्क की बदौलत यह बाइक अपनी ट्रेडमार्क 'थंप' आवाज और बिना किसी वाइब्रेशन के स्मूथ क्रूजिंग अनुभव देती है। माइलेज के मोर्चे पर यह 32 से 37 किमी प्रति लीटर का माइलेज आसानी से निकाल लेती है।Braking, Safety and Suspension: कम्फर्ट और कंट्रोल का सटीक तालमेलसुरक्षा के लिए नए एडिशन में आगे 300mm और पीछे 270mm के डिस्क ब्रेक्स के साथ डुअल-चैनल एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) को स्टैंडर्ड रखा गया है।ट्विन डाउनट्यूब स्पाइन फ्रेम पर आधारित इस बाइक के फ्रंट में 41mm टेलिस्कोपिक फोर्क्स और रियर में 6-स्टेप प्रीलोड एडजस्टेबल ट्विन इमल्शन शॉक एब्जॉर्बर दिए गए हैं। यह सस्पेंशन सेटअप भारतीय सड़कों के गड्ढों और उबड़-खाबड़ रास्तों पर बाइक को स्थिर बनाए रखता है।Price, Booking and Market Rivalry: जानिए कीमत और मुकाबलारॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 के इस नए एडिशन की एक्स-शोरूम कीमत वैरिएंट्स और रंगों के आधार पर लगभग ₹1.95 लाख से ₹2.23 लाख (एक्स-शोरूम) के दायरे में तय की गई है। रॉयल एनफील्ड के सभी आधिकारिक डीलरशिप्स और ऑफिशियल 'Make It Yours' (MiY) ऐप पर इसकी बुकिंग शुरू कर दी गई है।भारतीय बाजार में इसका सीधा मुकाबला हाल ही में रीब्रांड होकर आई Honda CB350, Jawa 42 FJ और Triumph Speed T4 जैसी रेट्रो-क्रूजर मोटरसाइकिलों से रहेगा।
धमकी और भविष्यवाणी एक साथ, ट्रंप के इशारे से सस्ता होने लगा कच्चा तेल
Donald Trump ने कच्चे तेल की कीमतों को लेकर फिर से भविष्यवाणी कर दी है और जल्द Crude Price Crash होने का दावा किया है. उनके इस सिग्नल के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम धड़ाम नजर आ रहे हैं.
भारत में कॉर्पोरेट दिवालियापन और फंसे हुए कर्जों (NPA) के समाधान के लिए मई 2016 में लागू किए गए ऐतिहासिक कानून इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) ने अपने सफल 10 वर्ष पूरे कर लिए हैं। आजादी के बाद भारतीय बैंकिंग और कॉर्पोरेट जगत के सबसे बड़े आर्थिक सुधारों में गिने जाने वाले इस कानून ने दशकों पुरानी प्रमोटर-नियंत्रित व्यवस्था को बदलकर क्रेडिटर-नियंत्रित (Creditor-in-Control) मॉडल में तब्दील कर दिया।इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी बोर्ड ऑफ इंडिया (IBBI) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के मुताबिक, इस एक दशक में शेड्यूल कमर्शियल बैंकों और वित्तीय लेनदारों ने अनुमोदित समाधान योजनाओं (Resolution Plans) के जरिए ₹4.32 लाख करोड़ (₹4.32 Trillion) से अधिक की प्रत्यक्ष वसूली दर्ज की है। जहां पहले सिक इंडस्ट्रियल कंपनीज एक्ट (SICA/BIFR) और डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल (DRT) में मामलों को सुलझने में 6 से 8 साल लग जाते थे और वसूली मात्र 15% से 20% तक सिमट जाती थी, वहीं आईबीसी ने समाधान की रफ्तार और संस्कृति दोनों को पूरी तरह बदल कर रख दिया।10 Saal Ki Badi Uplabdhiyan: ₹4 लाख करोड़ की रिकवरी और NPA में भारी गिरावटआईबीसी के 10 वर्षों के आधिकारिक आंकड़े भारतीय वित्तीय तंत्र में एक अभूतपूर्व परिवर्तन की गवाही देते हैं:प्रमुख पैमाना (Metric)10 वर्षों का कुल आंकड़ा (2016 - 2026)वास्तविक संदर्भ व प्रभावकुल स्वीकृत मामले (Admitted Cases)8,987 मामलेएनसीएलटी द्वारा कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी (CIRP) में दर्जनिस्तारित मामले (Closed Cases)7,102 मामलेकुल दर्ज मामलों का लगभग 79% सफलतापूर्वक क्लोजसफल समाधान योजनाएं (Resolution Plans)1,419 कंपनियांदिवालिया होने से बचाई गईं और दोबारा चालू की गईंलिक्विडेशन (परिसमापन) में गई कंपनियां3,003 कंपनियांजहां कोई खरीदार नहीं मिला और संपत्तियां बेची गईंकुल प्रत्यक्ष वसूली (Realised by Creditors)₹4.32 लाख करोड़फेयर वैल्यू का 95% और लिक्विडेशन वैल्यू का 167%प्री-एडमिशन सेटलमेंट (Fear of IBC)30,000+ मामले₹14 लाख करोड़ के बकाये का अदालत के बाहर समझौताइस सख्त कानून का सबसे बड़ा परिणाम यह रहा कि भारतीय बैंकों का सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति अनुपात (Gross NPA Ratio), जो वर्ष 2017 में 11.8% के चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया था, वह घटकर ऐतिहासिक निचले स्तर 2.1% पर आ गया है।The Deterrent Effect: 'कंपनी गंवाने का डर' और ₹14 लाख करोड़ का प्री-एडमिशन सेटलमेंटआईबीसी की सबसे बड़ी उपलब्धि केवल अदालत के भीतर हुई वसूली नहीं है, बल्कि डिफाल्टर प्रमोटरों के व्यवहार में आया मनोवैज्ञानिक बदलाव है। 2016 से पहले डिफॉल्ट करने वाले प्रमोटर सालों तक अदालतों में मामले लटकाए रखते थे और कंपनी पर उनका नियंत्रण बना रहता था। आईबीसी ने धारा 29A लागू करके डिफॉल्टर प्रमोटरों को अपनी ही कंपनी की नीलामी में बोली लगाने से प्रतिबंधित कर दिया।इसका परिणाम यह हुआ कि कंपनी का मालिकाना हक छिन जाने के डर से देनदार दिवालिया प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही बैंकों की देय रकम चुकाने के लिए मजबूर हुए। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में अर्जी स्वीकार (Admission) होने से पहले ही 30,000 से अधिक मामलों में लगभग ₹14 लाख करोड़ के दावों का निपटारा हो गया। आईआईएम बैंगलोर के एक अध्ययन के अनुसार, डिफॉल्ट खातों के बकाया रहने का औसत समय 344 दिनों से घटकर मात्र 30 से 87 दिन रह गया है।NCLT Delays & Timeline Breach: 330 दिनों की कानूनी समय-सीमा बनाम 744 दिनों की हकीकतशानदार सफलताओं के बावजूद आईबीसी की रीढ़ मानी जाने वाली समय-सीमा (Time-Bound Resolution) आज इस कानून की सबसे कमजोर कड़ी बन चुकी है। कानून के मुताबिक किसी भी कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) को अधिकतम 330 दिनों (मुकदमेबाजी की अवधि सहित) के भीतर पूरा होना चाहिए।रेटिंग एजेंसी आईसीआरए (ICRA) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2026 तक आते-आते एनसीएलटी में औसतन रेजोल्यूशन टाइम बढ़कर 744 दिन हो चुका है, जो तय कानूनी सीमा से दोगुने से भी अधिक है। एनसीएलटी में वर्तमान में विचाराधीन 78% से अधिक मामले 270 दिनों की समय-सीमा पार कर चुके हैं।इस अत्यधिक देरी के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:जजों और न्यायिक क्षमता की भारी कमी: देश भर में एनसीएलटी की 16 बेंचों में जजों और तकनीकी सदस्यों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। केसलोड की तुलना में जजों की सीमित संख्या के कारण मामलों की पहली सुनवाई (Admission) में ही महीनों लग जाते हैं।लगातार मुकदमेबाजी (Litigation Bottlenecks): अनसक्सेसफुल बिडर्स, ऑपरेशनल क्रेडिटर्स और प्रमोटर रेजोल्यूशन प्लान को रोकने के लिए एनसीएलटी, एनसीएलएटी (NCLAT) और सुप्रीम कोर्ट तक याचिकाओं की बाढ़ ला देते हैं।संपत्ति मूल्य में गिरावट (Asset Value Erosion): अदालती देरी जितनी लंबी खिंचती है, प्लांट, मशीनरी और चालू कारोबार का मूल्य उतना ही गिरता जाता है, जिससे अंततः बैंकों को भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ता है।Ballooning Haircuts and Falling Recovery Rates: क्यों 80% तक बढ़ा बैंकों का नुकसान?लंबे समय तक चलने वाली कानूनी खींचतान का सीधा असर बैंकों की रिकवरी दरों पर पड़ा है। वित्त वर्ष 2024-25 में जहां बैंकों की रिकवरी दर 46% थी, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह गिरकर मात्र 23% रह गई, यानी वसूली दर एक ही साल में लगभग आधी हो गई।इसका मतलब यह है कि बैंकों को स्वीकृत दावों पर औसतन 68% से 77% तक का हेयरकट (घाटा) सहना पड़ रहा है, और कुछ तिमाहियों में यह हेयरकट 80% के उच्चतम स्तर को छू गया। विशेष रूप से ₹1,000 करोड़ से बड़े मेगा डिफॉल्ट मामलों में देरी के कारण रिकवरी दर केवल 24% के आसपास सिमट कर रह गई है।इसके अलावा, बंद हुए कुल 7,102 मामलों में से 3,003 कंपनियां (लगभग 42%) परिसमापन (Liquidation) में चली गईं। लिक्विडेशन में बैंकों की रिकवरी मात्र 4% रह जाती है, जो यह साबित करता है कि यदि प्रक्रिया में देरी हुई तो कंपनी को जिंदा बचाना असंभव हो जाता है।Seventh IBC Amendment Bill: सरकार के नए सुधार और भविष्य का रोडमैपएनसीएलटी के गतिरोध और घटती रिकवरी दरों को दूर करने के लिए संसद द्वारा पारित सातवां आईबीसी संशोधन (Seventh IBC Amendment) लागू किया गया है। इस संशोधन के तहत निम्नलिखित बड़े बदलाव किए जा रहे हैं:तय समय में अनिवार्य एडमिशन: एनसीएलटी को डिफॉल्ट साबित होने पर 14 दिनों के भीतर केस एडमिट करने के नियमों को और अधिक बाध्यकारी बनाया गया है।डिजिटल बेंच और स्पेशल ट्रिब्यूनल: रियल एस्टेट और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए विशेष बेंचों का गठन, ताकि आम होमबॉयर्स और जटिल प्रोजेक्ट्स सामान्य मुकदमों में न उलझें।प्री-पैकेज्ड इंसॉल्वेंसी (PPIRP) का सरलीकरण: एमएसएमई और छोटे उद्योगों के लिए समय बचाने वाले प्री-पैक सिस्टम को और अधिक लचीला बनाया जा रहा है।अनावश्यक अपीलों पर रोक: समाधान योजना स्वीकृत होने के बाद प्रमोटरों द्वारा बेवजह की जाने वाली अपीलों को सीमित करने के कड़े प्रावधान जोड़े गए हैं।आईबीसी के 10 सालों ने यह साबित कर दिया है कि यह कानून भारत के डिफॉल्ट कल्चर को खत्म करने में बेहद सफल रहा है। हालांकि, इसके अगले दशक की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार एनसीएलटी में जजों की पर्याप्त नियुक्ति करके 330 दिनों की समय-सीमा की गरिमा को कैसे दोबारा बहाल करती है।
UAE में भारतीय का मर्डर, शव 9 टुकड़ों में काटा... पत्नी कहां गायब?
बेहतर जिंदगी की तलाश में UAE पहुंचे कर्नाटक के एल्विन प्रकाश कुंदर की जुलाई में बेरहमी से हत्या कर दी गई. शव के 9 टुकड़े कर दो बैग में भर दिए गए. लेकिन इस खौफनाक हत्याकांड की सबसे बड़ी गुत्थी अब भी अनसुलझी है. प्रकाश की पत्नी और 10वीं में पढ़ने वाला बेटा कहां हैं? क्या उनके साथ भी कोई अनहोनी हुई या मामला कुछ और है?
बेटी रीति के गेम से नाराज मनोज तिवारी? पैप्स से बोले- बस...
मनोज तिवारी ने मुंबई में पैप्स से बातचीत में बेटी रीति तिवारी पर रिएक्ट किया है. उन्होंने कहा कि वो डर डरकर बिग बॉस देख रहे हैं. यूजर्स ने उनके जवाब पर मजे लिए हैं.
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्ते और पेंशन में संशोधन के लिए केंद्र सरकार द्वारा आमतौर पर प्रत्येक 10 वर्ष में नए वेतन आयोग (Central Pay Commission) का गठन किया जाता है। 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू हुई थीं, जिसके बाद अब 8वें वेतन आयोग (8th CPC) के गठन और फिटमेंट फैक्टर को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।वेतन आयोग के तहत सैलरी और पेंशन संशोधन का सबसे बुनियादी और निर्णायक पैमाना फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) होता है। यह एक गुणक (Multiplier) है, जिससे यह तय होता है कि नए वेतन आयोग के लागू होते ही किसी भी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक पे (मूल वेतन) में सीधे कितने प्रतिशत या कितने गुना का इजाफा होगा।What is Fitment Factor: फिटमेंट फैक्टर क्या है और इसे कैसे निकाला जाता है?आसान शब्दों में कहें तो फिटमेंट फैक्टर वह फॉर्मूला है जो पुराने पे कमीशन के बेसिक पे को नए पे कमीशन के बेसिक पे में बदलता है। इसे निर्धारित करने के पीछे मुख्य आधार उस समय तक जुड़ चुका महंगाई भत्ता (DA), मुद्रास्फीति (CPI-IW) और कर्मचारियों के जीवन स्तर में सुधार के लिए दिया जाने वाला वास्तविक वेतन वृद्धि (Real Wage Increase) होता है।फिटमेंट फैक्टर तय करने का मूल सिद्धांत:$$ ext{संभावित फिटमेंट फैक्टर} approx 1 + left(frac{ ext{उस समय का DA \%}}{100} ight) + ext{रियल वेज हाइक (अतिरिक्त वास्तविक वृद्धि \%)}$$उदाहरण के लिए:7वें वेतन आयोग में क्या हुआ था: 6वें वेतन आयोग के अंत तक कर्मचारियों का डीए (DA) लगभग 125% हो चुका था। 7वें वेतन आयोग ने इसे शून्य (0%) पर रीसेट करने के लिए 100% बेसिक + 125% डीए यानी 2.25 के बेस में लगभग 14.2% की वास्तविक वेतन वृद्धि जोड़कर 2.57 का फिटमेंट फैक्टर तय किया था।8वें वेतन आयोग में आधार: जब नया वेतन आयोग प्रभावी होता है, तो मौजूदा डीए (जो 50% को पार कर चुका है) को मूल वेतन में समाहित (मर्ज) मान लिया जाता है और उसके ऊपर अतिरिक्त वृद्धि जोड़कर 2.86 से 3.68 के बीच फिटमेंट फैक्टर की मांग कर्मचारी यूनियनों द्वारा की जाती है।Salary Hike Calculation Formula: फिटमेंट फैक्टर से नई बेसिक सैलरी निकालने का तरीकानए वेतन आयोग के तहत नई बेसिक सैलरी की गणना करने का गणितीय फॉर्मूला बेहद सीधा है:$$ ext{नई बेसिक सैलरी (New Basic Pay)} = ext{मौजूदा बेसिक सैलरी (7th CPC Basic Pay)} imes ext{फिटमेंट फैक्टर}$$जैसे ही नई बेसिक सैलरी तय होती है, उसके आधार पर अन्य सभी प्रमुख भत्तों की दोबारा गणना की जाती है:महंगाई भत्ता (Dearness Allowance - DA): नए वेतन आयोग के पहले दिन से डीए दोबारा 0% से शुरू होता है और फिर हर 6 महीने पर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) के आधार पर बढ़ता है।मकान किराया भत्ता (House Rent Allowance - HRA): शहर की श्रेणी (X, Y, Z क्लास) के आधार पर नई बेसिक पे के 30%, 20% या 10% के तय स्लैब पर कैलकुलेट होता है।परिवहन भत्ता (Transport Allowance - TA): नई बेसिक पे और संबंधित पे-लेवल के अनुसार निर्धारित होता है।Potential Fitment Factor Scenarios: 2.57, 2.86 और 3.68 पर कितना होगा इजाफा?वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम मूल वेतन (पे मैट्रिक्स लेवल-1) ₹18,000 प्रति माह है। यदि 8वें वेतन आयोग में अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर लागू किए जाते हैं, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी में होने वाला बदलाव नीचे दिए अनुसार होगा:संभावित फिटमेंट फैक्टरगणना फॉर्मूला (₹18,000 Factor)नई न्यूनतम बेसिक सैलरीकुल बेसिक पे में बढ़ोतरी2.57 (7th CPC जैसा समान फैक्टर)₹18,000 2.57₹46,260+₹28,2602.86 (मध्यम अनुमानित प्रस्ताव)₹18,000 2.86₹51,480+₹33,4803.00 (राउंडेड फिटमेंट फैक्टर)₹18,000 3.00₹54,000+₹36,0003.68 (कर्मचारी यूनियनों की प्रमुख मांग)₹18,000 3.68₹66,240+₹48,240कर्मचारी यूनियनों की ओर से तर्क दिया जा रहा है कि बढ़ती महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य लागत को देखते हुए फिटमेंट फैक्टर कम से कम 2.86 से 3.68 के बीच रखा जाना चाहिए, जिससे न्यूनतम वेतन ₹51,000 से ₹66,000 के दायरे में आ सके।Impact on Pensioners: पेंशनभोगियों की मासिक पेंशन पर क्या होगा असर?फिटमेंट फैक्टर का सीधा लाभ देश के लगभग 65 लाख से अधिक केंद्रीय पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनभोगियों को भी मिलता है:न्यूनतम पेंशन में उछाल: 7वें वेतन आयोग में न्यूनतम पेंशन ₹9,000 प्रति माह तय की गई थी। यदि 2.86 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो न्यूनतम पेंशन बढ़कर लगभग ₹25,740 प्रति माह हो जाएगी (3.68 होने पर यह ₹33,120 तक जा सकती है)।फुल पेंशन की गणना: अंतिम आहरित मूल वेतन (Last Drawn Basic Pay) का 50% पेंशन के रूप में तय होता है। जैसे ही बेसिक पे संशोधित होता है, पेंशनर्स की मूल पेंशन में भी उसी गुणक से सीधी वृद्धि दर्ज हो जाती है।Previous Pay Commissions Comparison: 5वें, 6वें और 7वें वेतन आयोग का इतिहासऐतिहासिक रूप से हर वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन की यात्रा इस प्रकार रही है:5वां वेतन आयोग (1996): न्यूनतम मूल वेतन ₹750 से बढ़कर ₹2,550 तय किया गया था।6वां वेतन आयोग (2006): पे-बैंड और ग्रेड पे सिस्टम लाया गया। फिटमेंट फैक्टर लगभग 1.86 तय हुआ और न्यूनतम मूल वेतन ₹2,550 से बढ़कर ₹7,000 किया गया।7वां वेतन आयोग (2016): ग्रेड पे सिस्टम को समाप्त कर नया 'पे मैट्रिक्स' (Pay Matrix) पेश किया गया। इसमें 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया, जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹7,000 से बढ़कर सीधे ₹18,000 हो गई।Current Status and Expectations: कब तक आ सकती है आधिकारिक घोषणा?परंपरागत रूप से वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने में आयोग के गठन से लेकर अंतिम रिपोर्ट सौंपने तक लगभग 18 से 24 महीने का समय लगता है। हालांकि कर्मचारी संगठनों द्वारा मेमोरेंडम सौंपे जाने के बाद सरकार के स्तर पर इस विषय पर आंतरिक समीक्षा जारी है।अंतिम रूप से फिटमेंट फैक्टर कितना रहेगा, यह तत्कालीन आर्थिक स्थिति, टैक्स रेवेन्यू, राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) और जीडीपी ग्रोथ के आधार पर कैबिनेट द्वारा ही तय किया जाएगा।
पटना में सिपाही ने पहले बहन को मारी गोली, फिर खुद को भी किया शूट
पटना के दानापुर स्थित नासरीगंज की मिथिला कॉलोनी में एक पुलिसकर्मी ने अपनी बहन को गोली मारने के बाद खुद भी जान दे दी. मृतक पुलिसकर्मी की पहचान ओम चंद्र के रूप में हुई है, जो मोतिहारी में तैनात थे. वहीं उनकी बहन पार्वती कुमारी की मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने घटनास्थल से सर्विस रिवॉल्वर और दो खोखे बरामद किए हैं.
सुहागरात पर अंदर से बंद नहीं था दरवाजा, सुबह कमरे का सीन देख दंग हुए सभी
सिद्धार्थनगर में शादी के बाद पहली ही रात दूल्हा और दुल्हन की मौत कई सवाल खड़े कर रही है . सुबह दूल्हे की मौसी दोनों को जगाने पहुंचीं तो कोई जवाब नहीं मिला. दरवाजे को हल्का धक्का देते ही वह खुल गया. मौसी ने बताया कि कमरे में अंदर से कुंडी नहीं लगी थी. दूल्हा फंदे से लटका मिला, जबकि दुल्हन बिस्तर पर मृत पड़ी थी. दुल्हन की बहन ने भी कमरे का दरवाजा अंदर से बंद न होने पर सवाल उठाए हैं. अब पुलिस पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के जरिए यह पता लगाने में जुटी है कि शादी की रात कमरे के अंदर आखिर क्या हुआ था.
अहमदाबाद में कॉलेज जा रही 19 साल की छात्रा को क्रेन ने कुचला
अहमदाबाद के गोता इलाके में सिल्वर ओक कॉलेज जा रही 19 साल की छात्रा की क्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई. छात्रा कॉलेज से करीब 200 मीटर दूर पैदल जा रही थी, तभी पीछे से आई क्रेन ने उसे टक्कर मार दी. हादसे में छात्रा की मौके पर ही मौत हो गई. पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हुई है. हादसे के बाद फरार हुए क्रेन ड्राइवर को ए डिवीजन ट्रैफिक पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.
Bhuvaneshwari Puja Vidhi: भुवनेश्वरी जयंती 23 सितंबर 2026 को मनाई जा रही है. मां भुवनेश्वरी की पूजा से घर-परिवार की शांति, संतान सुख और सकारात्मकता की कामना की जाती है. आचार्य मदन मोहन ने बताया कि पूजा विधि, मंत्र, नियम और धार्मिक मान्यताएं.
चिंतन शिविर आज से: मोदी सर की क्लास में मंत्री सीखेंगे प्रभावी संवाद के गुर, चार दिन तक चलेगा कार्यक्रम
Govinda Wife Sunita Ahuja:
साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट, कॉस्मेटिक्स की पैकेजिंग के बदले नियम, दिखेंगे ये निशान
केंद्र सरकार ने पैकेजिंग नियमों में बदलाव करते हुए साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट और कॉस्मेटिक्स जैसे गैर-खाद्य उत्पादों पर भी वेज या नॉनवेज की पहचान वाला निशान अनिवार्य किया है।
राशिफल: तुला-वृश्चिक की परेशानियां होंगी दूर, मकर को तरक्की तो मिथुन को कारोबार में लाभ के संकेत
दिन कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव और अच्छे अवसर लेकर आ सकता है। कहीं करियर में नई जिम्मेदारी मिलेगी तो कहीं कारोबार और आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं।....
10.32 लाख में आई नई Mahindra Thar OG, पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक लुक, जानें सभी फीचर्स
Mahindra ने भारत में नई Thar OG 3-डोर SUV को 10.32 लाख की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया है. आइए आपको इसके फीचर्स और बाकी डिटेल्स बताते हैं.
ट्रंप ने क्यों कहा ईरान को पूरी तरह तबाह कर दूं?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने UN महासभा में ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ईरान कभी परमाणु बम नहीं बना पाएगा और समस्याओं को बढ़ने से पहले सुलझाना जरूरी है। ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते की संभावना के साथ कड़े कदमों की चेतावनी भी दी।
'मिर्जापुर' के ये 5 स्ट्रीट फूड्स खाकर हो जाएंगे फैन, कहेंगे- वाह!
Mirzapur Famous Street Foods: 'मिर्जापुर' फिल्म के चलते एक बार फिर सुर्खियों में आए इस शहर की पहचान सिर्फ फिल्मी दुनिया तक सीमित नहीं है. यहां का देसी स्ट्रीट फूड भी अपने अलग स्वाद के लिए मशहूर हैं. जानिए हींग वाले छोले, फुल्की, चाट, कुरकुरे समोसे और कचौड़ी-जलेबी समेत मिर्जापुर के 5 फेमस स्ट्रीट फूड, जिन्हें चखकर आप वाह-वाह करते नहीं थकेंगे.
भारत-कनाडा के रिश्तों में बड़ा मोड़! दिसंबर में जाएंगे PM मोदी, मार्क कार्नी ने क्या कहा?
PM Modi Canada Visit: कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने कहा है कि नरेंद्र मोदी दिसंबर में कनाडा का दौरा कर सकते हैं। दोनों देशों के बीच ट्रेड डील पर बातचीत तेज है और साल के अंत तक समझौते को अंतिम रूप देने की उम्मीद है।
ईरान का खात्मा, ग्रीनलैंड, 8 युद्ध... UNGA स्पीच में क्या-क्या बोले ट्रंप?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का UN के मंच से ईरान को लेकर बेहद सख्त रुख दिखा. 37 मिनट के UN भाषण में डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान, गाजा, यूक्रेन, ग्रीनलैंड, वेनेजुएला, क्यूबा, भारत-पाकिस्तान, UN सुधार और AI समेत कई मुद्दों पर अमेरिका का रुख सामने रखा.
इम्तियाज अली को बेटी की विदाई से पहले ही सताने लगी उसकी याद! सगाई के ढाई महीने बाद शेयर की ये फोटो
इम्तियाज अली की बेटी इदा अली ने 12 जुलाई को अपने लॉन्ग टर्म बॉयफ्रेंड से सगाई की. इस सगाई को करीब ढाई महीने हो चुके हैं लेकिन 22 सितंबर को फिल्म मेकर ने सगाई की एक तस्वीर पोस्ट की.
घर पर भूत का साया, महामृत्युंजय जाप, पंडितों से आधार की मांग... आजमगढ़ कत्लेआम की इनसाइड स्टोरी
आजमगढ़ में घर में पूजा कर रहे पंडितों से आधार कार्ड की मांग से शुरू हुआ विवाद 5 लोगों की मौत के बाद थमा. इस दौरान 8 घंटे तक शंभूपुर गांव छावनी बनी रही. आलम यह था कि ATS कमांडो की मदद तक लेनी पड़ी.
604 दिन तक सिनेमाघर में किसी फिल्म का टिका रहना आसान बात नहीं. लेकिन माला सिन्हा और राजेंद्र कुमार की इस फिल्म ने ये कारनामा कर दिखाया था. फिल्म एक गाना तो इतना हिट हुआ कि गारंटी है GEN-Z के दादा-दादी का फेवरिट तो जरूर होगा.
हड़ताल पर बैंक का अलर्ट, क्या UPI और फोन बैंकिंग काम करेंगे?
बैंक ने अपने कस्टमर को मैसेज करके आने वाली हड़ताल की जानकारी दी है और बैंक संबंधित काम को वक्त रहते कराने की सलाह दी है. PNB ने बताया है कि 28 सितंबर से तीन दिनों की हड़ताल होने जा रही है.
राज्यसभा की 12 सीटों पर चुनाव का एलान। जानिए यूपी, उत्तराखंड और बंगाल में विधायकों का संख्याबल, प्रथम वरीयता वोट का फॉर्मूला और कौन सी पार्टी कितनी सीटें जीतेगी।
बर्फ वाले ग्रीनलैंड में दो मिलिट्री बेस बनाएगा US... ट्रंप ने डेनमार्क से की डील
अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड ने एक ऐसे समझौते पर हस्ताक्षर किया है, जिसके तहत ग्रीनलैंड के नरसारसुआक में पुराना यूएस बेस फिर शुरू होगा और मेस्टर्सविग में नया ठिकाना बनेगा. यह कदम ट्रंप के महीनों के दबाव के बाद सामने आया है, जबकि ग्रीनलैंड के ज्यादातर लोग अमेरिकी नियंत्रण के विचार को खारिज कर चुके हैं.
पत्नी से विवाद हो गया... युवक ने पुलिस पर लगाए आरोप, SP ने दिए जांच के आदेश
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पति-पत्नी के विवाद के बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर एक युवक ने गंभीर आरोप लगाए हैं. नगीना देहात थाना क्षेत्र से जुड़े इस मामले में युवक ने आरोप लगाया है कि उसे पुलिस ने करीब 18 घंटे तक थाने में रखा. इसके बाद धारा 151 के तहत उसका चालान किया गया. वायरल वीडियो में युवक ने आरोप लगाए हैं कि उससे पैसों की मांग की गई और केस में फंसाने की धमकी भी दी गई.
नेशनल हेराल्ड से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपना आधिकारिक जवाब दाखिल कर दिया है। दोनों नेताओं ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका (Revision Petition) को सिरे से खारिज करने की मांग करते हुए इसे कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग (Abuse of the Process of Law) करार दिया है।यह पूरा विवाद ट्रायल कोर्ट के उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें विशेष अदालत ने ईडी की चार्जशीट (Prosecution Complaint) पर संज्ञान लेने से साफ इनकार कर दिया था। ट्रायल कोर्ट के इस फैसले को चुनौती देते हुए ईडी ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अब गांधी परिवार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता के माध्यम से जवाब दाखिल कर जांच एजेंसी की पूरी कार्रवाई की वैधानिकता पर ही गंभीर कानूनी सवाल खड़े कर दिए गए हैं।Private Complaint vs FIR: क्या निजी शिकायत के आधार पर दर्ज हो सकता है PMLA केस?सोनिया और राहुल गांधी द्वारा दाखिल जवाब में सबसे बड़ा कानूनी तर्क यह दिया गया है कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के पूरे वैधानिक ढांचे में 'निजी शिकायत' (Private Complaint) के आधार पर मुकदमा चलाने का कोई प्रावधान ही नहीं है।जवाब के अनुसार, PMLA की धारा 5(1) के तहत वित्तीय अपराध की जांच शुरू करने के लिए दो ही पूर्व-शर्तें हो सकती हैं—या तो पुलिस द्वारा धारा 173 CrPC के तहत दाखिल अंतिम रिपोर्ट (चार्जशीट/एफआईआर) हो, या फिर किसी जांच के लिए अधिकृत अधिकारी द्वारा दर्ज कराई गई औपचारिक शिकायत। चूंकि नेशनल हेराल्ड का मामला भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा 2013-14 में दाखिल की गई एक निजी शिकायत पर आधारित है और इसमें किसी जांच एजेंसी द्वारा कोई मूल एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी, इसलिए ईडी द्वारा सीधे ECIR दर्ज करना और अभियोजन शुरू करना वैधानिक रूप से पूरी तरह अवैध और आधारहीन है।7 Saal Ki Deri Aur ED Ki Jaldbaji: 7 साल की चुप्पी और अचानक 'लाइटनिंग स्पीड' पर सवालकांग्रेस नेताओं ने अपने हलफनामे में जांच एजेंसी के तौर-तरीकों और समय-सीमा पर भी सवाल उठाए हैं। जवाब में कहा गया है कि सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत 2014 की थी, लेकिन ईडी ने उस समय कोई मामला दर्ज नहीं किया और करीब सात साल तक इस पर सोची-समझी चुप्पी साधे रखी। इसके बाद 30 जून 2021 को जाकर अचानक ECIR दर्ज की गई।जवाब में आगे कहा गया कि जब 16 दिसंबर 2025 को ट्रायल कोर्ट ने कानूनी आधार न होने के कारण चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार किया, तो ईडी ने अगले ही दिन 17 दिसंबर को असाधारण जल्दबाजी यानी लाइटनिंग स्पीड दिखाते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी। गांधी परिवार के अनुसार, देश भर में यह अकेला ऐसा मामला है जहां ईडी किसी निजी शिकायत को आधार बनाकर मनी लॉन्ड्रिंग का केस चला रही है, जो एजेंसी के अपने पिछले सर्कुलर्स और तय कानूनी मानकों (Predicative Offence में FIR की अनिवार्यता) के बिल्कुल विपरीत है।Supreme Court Judgments and Precedents: विजय मदनलाल चौधरी फैसले का दिया गया हवालाजवाब में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले विजय मदनलाल चौधरी बनाम भारत संघ (2022/2023) का विस्तार से उल्लेख किया गया है। इस फैसले के अनुसार, PMLA के तहत मनी लॉन्ड्रिंग एक स्वतंत्र अपराध नहीं है, बल्कि यह किसी 'अनुसूचित अपराध' (Scheduled Offence) पर निर्भर होता है। यदि मूल अनुसूचित अपराध के लिए कोई वैध एफआईआर या कानूनी जांच नहीं है, तो पीएमएलए की कार्रवाई खुद-ब-खुद शून्य हो जाती है।गांधी परिवार ने तर्क दिया कि ईडी मजिस्ट्रेट द्वारा जारी समन आदेश को एफआईआर से बड़ा दिखाने का मनगढ़ंत तर्क दे रही है, जो केवल सुविधा की दलील है। ट्रायल कोर्ट का 16 दिसंबर का फैसला कानूनी रूप से पूरी तरह त्रुटिहीन है और उसमें कोई भी क्षेत्राधिकार या प्रक्रियात्मक खामी नहीं है।What Is National Herald Controversy: क्या है पूरा मामला और क्या हैं आरोप?यह पूरा मामला एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की संपत्तियों के अधिग्रहण से जुड़ा हुआ है।एजेएल 'नेशनल हेराल्ड' अखबार का प्रकाशन करती थी।आरोप है कि कांग्रेस पार्टी ने पहले एजेएल को ₹90 करोड़ का ब्याज-मुक्त ऋण दिया।बाद में 2010 में 'यंग इंडियन' (Young Indian) नामक एक नई गैर-लाभकारी कंपनी बनाई गई, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी की 76% हिस्सेदारी थी।यंग इंडियन ने महज ₹50 लाख देकर कांग्रेस पार्टी से ₹90 करोड़ का कर्ज अपने नाम ट्रांसफर करा लिया और इसके बदले एजेएल के बहुसंख्यक शेयर हासिल कर लिए।शिकायतकर्ता और ईडी का आरोप है कि इसके जरिए देश भर में फैली एजेएल की लगभग ₹2,000 करोड़ की अचल संपत्तियों पर गलत तरीके से नियंत्रण हासिल करने की आपराधिक साजिश रची गई। वहीं कांग्रेस का हमेशा से कहना रहा है कि यंग इंडियन एक नॉट-फॉर-प्रॉफिट कंपनी (Section 25 Company) है, जिससे कोई भी शेयरधारक एक रुपये का भी व्यक्तिगत वित्तीय लाभ नहीं ले सकता।High Court Listing: जस्टिस सचिन दत्ता की अदालत में 12 अक्टूबर को अगली सुनवाईदिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस सचिन दत्ता की एकल पीठ के समक्ष गांधी परिवार के वकीलों ने मंगलवार को जानकारी दी कि उनका लिखित जवाब दाखिल हो चुका है। अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें दर्ज करते हुए मामले की अगली विस्तृत सुनवाई 12 अक्टूबर 2026 के लिए सूचीबद्ध कर दी है। आगामी सुनवाई में तय होगा कि क्या ईडी की पुनर्विचार याचिका सुनवाई योग्य है या ट्रायल कोर्ट का संज्ञान न लेने का फैसला बरकरार रहेगा।
भारत में बचत खाता (Savings Bank Account) रखने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के सामने अक्सर यह समस्या आती है कि तय सीमा से कम बैलेंस होते ही बैंक 'नॉन-मेंटेनेंस ऑफ मिनिमम बैलेंस' (Non-Maintenance of Minimum Average Balance - MAB) के नाम पर पेनाल्टी काट लेते हैं। कई बार जानकारी के अभाव में खाताधारक यह समझ ही नहीं पाते कि यह कटौती सही नियमों के तहत हुई है या बैंक ने मनमाने तरीके से चार्ज वसूला है।भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों के वित्तीय हितों की रक्षा के लिए बैंकों द्वारा मिनिमम बैलेंस पेनाल्टी लगाने के संबंध में बेहद कड़े और स्पष्ट दिशानिर्देश तय किए हैं। यदि किसी बैंक ने नियमों का उल्लंघन करके आपके खाते से पैसे काटे हैं, तो आपको न केवल विरोध करने का अधिकार है, बल्कि रिफंड पाने का भी पूरा कानूनी हक है।RBI Guidelines on Minimum Balance: क्या हैं रिजर्व बैंक के 4 सबसे बड़े नियमआरबीआई के मास्टर सर्कुलर के अनुसार, कोई भी बैंक अपनी मर्जी से किसी भी ग्राहक के खाते पर पेनाल्टी नहीं थोप सकता। इसके लिए निम्नलिखित अनिवार्य शर्तें लागू होती हैं:पहले एसएमएस या ईमेल से चेतावनी देना अनिवार्य: बैंक किसी भी ग्राहक पर सीधे चार्ज नहीं लगा सकता। यदि खाते में औसत न्यूनतम बैलेंस कम हो रहा है, तो बैंक का यह कानूनी दायित्व है कि वह ग्राहक को एसएमएस, ईमेल या पत्र के जरिए पूर्व सूचना (Prior Notice) दे। बैंक को ग्राहक को बैलेंस पूरा करने के लिए कम से कम 30 दिनों का समय (Grace Period) देना होता है। यदि इस अवधि में पैसा जमा कर दिया जाए, तो कोई चार्ज नहीं काटा जा सकता।खाता कभी निगेटिव (Negative) नहीं हो सकता: आरबीआई का सबसे सख्त नियम यह है कि मिनिमम बैलेंस पेनाल्टी के कारण किसी भी बचत खाते का बैलेंस शून्य से नीचे यानी माइनस/निगेटिव में नहीं जाना चाहिए। यदि आपके खाते में ₹100 बचे हैं और बैंक का जुर्माना ₹250 है, तो बैंक केवल ₹100 काटकर बैलेंस शून्य कर सकता है, उसे -₹150 नहीं दिखाया जा सकता।शॉर्टफॉल के अनुपात में ही लगेगा चार्ज: पेनाल्टी हमेशा न्यूनतम बैलेंस में आई कमी (Shortfall) के प्रतिशत के अनुपात में ही होनी चाहिए, न कि एकतरफा फ्लैट भारी रकम। उदाहरण के लिए, यदि ₹5,000 की सीमा में आपके खाते में ₹4,500 हैं, तो जुर्माना ₹500 की कमी के आधार पर तय होगा, न कि उस स्थिति के बराबर जब बैलेंस ₹500 ही बचा हो।अकाउंट ओपनिंग के समय स्पष्ट जानकारी: खाता खोलते समय बैंक को न्यूनतम औसत बैलेंस (MAB/QAB) की सीमा और उससे जुड़े शुल्कों के बारे में ग्राहक को स्पष्ट रूप से लिखित में सूचित करना अनिवार्य है।Major Banks Minimum Balance Rules: प्रमुख बैंकों में क्या हैं नियमविभिन्न बैंकों में इलाके (मेट्रो, शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण) के हिसाब से अलग-अलग मिनिमम बैलेंस सीमाएं तय होती हैं:बैंक का नाममेट्रो / शहरी शाखाअर्ध-शहरी शाखाग्रामीण शाखापेनल्टी का दायराState Bank of India (SBI)शून्य (Zero)शून्य (Zero)शून्य (Zero)कोई पेनल्टी नहीं (पूर्णतः मुफ्त)HDFC Bank₹10,000₹5,000₹2,500 (या FD)₹150 से ₹600 + GSTICICI Bank₹10,000₹5,000₹2,000₹100 से ₹500 तक (कमी का 6%)Punjab National Bank (PNB)₹2,000₹1,000₹500₹100 से ₹250 + GSTBank of Baroda (BoB)₹2,000₹1,000₹500₹100 से ₹200 + GSTदेश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI ने मार्च 2020 से ही अपने सभी सामान्य बचत खातों पर मिनिमम बैलेंस रखने की अनिवार्यता और पेनाल्टी को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।Consumer Rights and Legal Protections: खाताधारकों के पास क्या हैं कानूनी अधिकारयदि बैंक ने आपके खाते से मनमाने तरीके से मिनिमम बैलेंस शुल्क काट लिया है, तो उपभोक्ता के रूप में आपके पास निम्नलिखित अधिकार सुरक्षित हैं:रिफंड मांगने का अधिकार: यदि बैंक ने पेनल्टी लगाने से पहले आपको 30 दिन का नोटिस या चेतावनी संदेश नहीं भेजा था, तो आप सेवा में कमी (Deficiency of Service) का हवाला देकर पूरी पेनाल्टी का रिफंड मांग सकते हैं।खाता फ्रीज न होने देने का अधिकार: बैंक केवल मिनिमम बैलेंस पेनाल्टी की वजह से आपके खाते के संचालन या चेक/यूपीआई ट्रांजेक्शन को अवैध रूप से ब्लॉक नहीं कर सकता।अकाउंट कन्वर्जन का अधिकार: यदि आप मिनिमम बैलेंस बनाए रखने में असमर्थ हैं, तो आपको अपने खाते को BSBD (बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट) या जीरो बैलेंस खाते में बदलने का पूरा अधिकार है।Step-by-Step Grievance Redressal: कटे हुए पैसे वापस पाने के 3 चरणयदि आपके खाते से गलत तरीके से चार्ज काटा गया है, तो पैसे वापस पाने के लिए यह प्रक्रिया अपनाएं:1. शाखा प्रबंधक (Branch Manager) को लिखित शिकायतसबसे पहले अपनी होम ब्रांच में जाकर शाखा प्रबंधक को लिखित आवेदन दें या बैंक के आधिकारिक कस्टमर केयर पोर्टल पर ऑनलाइन टिकट दर्ज करें। इसमें स्पष्ट लिखें कि आरबीआई के नियमों के अनुसार आपको बैलेंस में कमी का कोई पूर्व एसएमएस/ईमेल अलर्ट नहीं मिला था, इसलिए काटी गई राशि तत्काल रिफंड की जाए। अधिकांश बैंक आंतरिक समीक्षा के बाद यह पैसा खाते में वापस क्रेडिट कर देते हैं।2. बैंक के प्रधान नोडल अधिकारी (Principal Nodal Officer) से संपर्कयदि शाखा स्तर पर 30 दिनों के भीतर संतोषजनक समाधान नहीं मिलता है या बैंक रिफंड से इनकार करता है, तो आप उस बैंक के नोडल अधिकारी / जोनल ग्रिवांस सेल में शिकायत आगे बढ़ा सकते हैं। प्रत्येक बैंक की वेबसाइट पर नोडल अधिकारियों के ईमेल और संपर्क पते सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होते हैं।3. आरबीआई बैंकिंग लोकपाल (RBI Banking Ombudsman)यदि बैंक 30 दिनों के भीतर कोई जवाब नहीं देता या शिकायत खारिज कर देता है, तो आप भारतीय रिजर्व बैंक के एकीकृत लोकपाल (Integrated Ombudsman Scheme) के पास ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं:आरबीआई के आधिकारिक सीएमएस पोर्टल cms.rbi.org.in पर जाएं।बैंक की डिटेल, अकाउंट नंबर और बैंक को भेजी गई शिकायत की कॉपी अपलोड करें।यदि बैंक की तरफ से लापरवाही पाई जाती है, तो लोकपाल न केवल काटा गया पैसा वापस दिलाता है, बल्कि मानसिक परेशानी के लिए हर्जाना भी दिलवा सकता है।Zero Balance Account Solution: पेनाल्टी से हमेशा के लिए बचने का सबसे सरल उपायबार-बार मिनिमम बैलेंस के झंझट और पेनाल्टी से बचने के लिए खाताधारक इन विकल्पों को अपना सकते हैं:BSBDA अकाउंट में बदलें: आरबीआई के नियमों के अनुसार प्रत्येक बैंक में 'बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट' खाता खोलने की सुविधा अनिवार्य है, जिसमें न्यूनतम बैलेंस की कोई आवश्यकता (Zero Balance) नहीं होती और एटीएम/चेकबुक जैसी बुनियादी सुविधाएं सामान्य रूप से मिलती हैं।सैलरी अकाउंट को ट्रैक करें: अगर आपकी नौकरी बदल गई है और पुराने सैलरी अकाउंट में 3 महीने तक वेतन नहीं आया, तो बैंक उसे सामान्य बचत खाते में बदल देते हैं। इससे बचने के लिए या तो उसे नए वेतन खाते में तब्दील कराएं या समय रहते उस खाते को बंद कर दें।SBI या स्मॉल फाइनेंस बैंकों का विकल्प: ऐसे बैंकों में खाता रखें जहां बचत खातों पर मिनिमम बैलेंस का कोई झंझट नहीं होता।
देश के करोड़ों घरेलू एलपीजी गैस उपभोक्ताओं के लिए एक जरूरी और बड़ा अपडेट सामने आया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने आधिकारिक निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि 1 अक्टूबर 2026 से केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी और नियंत्रित दर (Regulated Retail Selling Price) पर घरेलू गैस सिलेंडर दिया जाएगा, जिन्होंने अपना बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (BAA / e-KYC) पूरा कर लिया है।मंत्रालय के अनुसार, अगर किसी उपभोक्ता ने निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने एलपीजी कनेक्शन की आधार बायोमेट्रिक ई-केवाईसी नहीं कराई, तो उसका कनेक्शन बंद तो नहीं होगा, लेकिन उसे 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू सिलेंडर सीधे मार्केट रेट (बिना किसी सरकारी सब्सिडी के) पर खरीदना पड़ेगा। सरकार का यह सख्त कदम सब्सिडी के सही लाभार्थियों तक सीधे पहुंचने और घरेलू गैस के दुरुपयोग को पूरी तरह खत्म करने के उद्देश्य से उठाया गया है।89.9% उपभोक्ता करा चुके हैं e-KYC: जानें किन लोगों को नहीं है कोई फिक्रसरकारी आंकड़ों के अनुसार, 19 सितंबर 2026 तक देश के 27.43 करोड़ से अधिक सक्रिय घरेलू एलपीजी उपभोक्ता (कुल उपभोक्ता आधार का लगभग 89.9%) बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर चुके हैं।यदि आप उन उपभोक्ताओं में शामिल हैं जिन्होंने पहले ही अपनी गैस एजेंसी या डिलीवरीमैन के जरिए ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर ली है, तो आपको दोबारा कोई प्रक्रिया दोहराने की आवश्यकता नहीं है। आपकी रिफिल बुकिंग पहले की तरह सामान्य सब्सिडी दरों पर जारी रहेगी। यह नया आदेश मुख्य रूप से उन शेष 10% उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी है, जिन्होंने कई बार समय सीमा बढ़ाए जाने के बाद भी अब तक बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन नहीं कराया है।Biometric e-KYC Complete Karne Ke 3 Aasan Tarike: 3 तरीकों से पूरा करें अपना आधार वेरिफिकेशनपेट्रोलियम कंपनियों—इंडियन ऑयल (Indane), भारत पेट्रोलियम (Bharatgas) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HP Gas)—ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए बायोमेट्रिक ई-केवाईसी पूरी करने के तीन बेहद सरल और सुलभ माध्यम उपलब्ध कराए हैं:1. डिलीवरी के समय घर बैठे कराएं वेरिफिकेशन (During Cylinder Delivery)जब भी गैस सिलेंडर आपके घर डिलीवर होने आए, आप डिलीवरी पर्सन से सीधे बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करने को कह सकते हैं। डिलीवरी कर्मियों के पास ऑयल मार्केटिंग कंपनी का आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन और बायोमेट्रिक/फेस ऑथेंटिकेशन टूल मौजूद रहता है। वे मौके पर ही आपका आधार नंबर दर्ज कर और फिंगरप्रिंट या फेस स्कैन के जरिए 2 मिनट में ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर देंगे।2. अपनी गैस डिस्ट्रीब्यूटर एजेंसी के शोरूम पर जाकर (At Distributor Showroom)यदि डिलीवरी का इंतजार नहीं करना चाहते, तो आप सीधे अपने नजदीकी गैस डिस्ट्रीब्यूटर के कार्यालय या शोरूम पर जा सकते हैं। वहां अपने साथ गैस पासबुक/उपभोक्ता संख्या और आधार कार्ड ले जाएं। एजेंसी पर मौजूद काउंटर कर्मचारी बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से तुरंत आपकी ई-केवाईसी को वेरीफाई और अपडेट कर देंगे।3. स्मार्टफोन से घर बैठे खुद करें e-KYC (Self e-KYC via Mobile App)अगर आप कहीं बाहर नहीं जाना चाहते, तो अपने स्मार्टफोन से भी इसे पूरा कर सकते हैं:इंडेन (Indane) उपभोक्ता: गूगल प्ले स्टोर या ऐपल ऐप स्टोर से IndianOil ONE ऐप डाउनलोड करें।भारत गैस (Bharatgas) उपभोक्ता: अपने फोन में HelloBPCL ऐप इंस्टॉल करें।एचपी गैस (HP Gas) उपभोक्ता: HP PAY मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करें।इसके साथ ही अपने मोबाइल में यूआईडीएआई का Aadhaar FaceRD ऐप रखें। संबंधित गैस ऐप में लॉगिन करने के बाद प्रोफाइल/e-KYC सेक्शन में जाएं, अपना आधार नंबर डालें और कैमरे के सामने फेस स्कैन कराकर चंद मिनटों में सेल्फ ई-केवाईसी सबमिट कर दें।Why Government Made Aadhaar Biometric Mandatory: सरकार ने क्यों अनिवार्य किया यह नियम?घरेलू रसोई गैस सिलेंडर पर दी जाने वाली सब्सिडी का बोझ सरकारी खजाने और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) पर काफी भारी रहता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2026 में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर पर प्रति सिलेंडर लगभग ₹210 की अंतर्निहित सब्सिडी (Implicit Subsidy) मिल रही है, जो जून के महीने में ₹721 प्रति सिलेंडर तक पहुंच गई थी।सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों का घरेलू एलपीजी पर संचित घाटा (Under-recoveries) 31 अगस्त 2026 तक ₹62,000 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुका है। ऐसे में सरकार का मुख्य उद्देश्य है:एक ही व्यक्ति के नाम पर चल रहे फर्जी या डुप्लीकेट गैस कनेक्शनों को पहचान कर रद्द करना।सब्सिडी वाले सस्ते घरेलू सिलेंडरों को कमर्शियल उपयोग (होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट या वेल्डिंग) में डाइवर्ट होने से रोकना।वास्तविक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक सरकारी सब्सिडी का 100% सटीक लाभ पहुंचाना।What Happens If You Refuse e-KYC: वेरिफिकेशन न कराने वालों के लिए क्या हैं नियम?यदि कोई उपभोक्ता बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन कराने में असमर्थ है या इसे नहीं कराना चाहता, तो सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसका गैस कनेक्शन स्थायी रूप से काटा नहीं जाएगा। ऐसे उपभोक्ताओं को अपनी कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स (वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप, वॉट्सऐप चैटबॉट या आईवीआरएस) पर जाकर बिना सब्सिडी वाले विकल्प का चयन करना होगा।इसके बाद उन उपभोक्ताओं को बाजार मूल्य (Non-subsidised Market Price) पर स्थानीय उपलब्धता के आधार पर 5 किलोग्राम या 10 किलोग्राम (कंपोजिट) सिलेंडर की आपूर्ति की जाएगी, लेकिन उन्हें 14.2 किग्रा के घरेलू सिलेंडर पर मिलने वाली नियमित सब्सिडी का कोई लाभ नहीं मिलेगा।Last Date and Helpdesk: 30 सितंबर तक निपटाएं काम, सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबरपहले बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की अंतिम तारीख 30 जून तय की गई थी, जिसे बाद में जनसुविधा के लिए चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 14 सितंबर किया गया था। अब मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि 1 अक्टूबर 2026 से यह व्यवस्था पूर्ण रूप से प्रभावी हो जाएगी।एलपीजी ई-केवाईसी या सब्सिडी से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए उपभोक्ता टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 2333 555 पर कॉल कर सकते हैं या प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध वीडियो ट्यूटोरियल की सहायता ले सकते हैं। 1 अक्टूबर से महंगे सिलेंडर के झटके से बचने के लिए समय रहते अपना आधार ऑथेंटिकेशन अवश्य पूरा कर लें।
आज 23 सितंबर 2026 को देश की प्रमुख सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs)—जैसे इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL)—ने एलपीजी गैस सिलेंडर के ताजा दाम अपडेट कर दिए हैं। आम उपभोक्ताओं और गृहणियों के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दामों में आज कोई नया फेरबदल नहीं किया गया है और दरें स्थिर बनी हुई हैं।घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 14.2 किलो वाला बिना सब्सिडी का सिलेंडर ₹942 के स्तर पर ही स्थिर है। वहीं, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें भी महीने की शुरुआत में हुए समायोजन के बाद अपने तय स्तरों पर बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के उतार-चढ़ाव के बीच कंपनियों द्वारा घरेलू गैस की कीमतों को स्थिर रखना त्योहारों से पहले आम जनता के किचन बजट को संतुलन प्रदान कर रहा है।Metro City LPG Rates: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में आज 14.2 किलो सिलेंडर के भावदेश के चार प्रमुख महानगरों में राज्य-स्तरीय वैट (VAT) और स्थानीय परिवहन लागत के चलते कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है। आज महानगरों में 14.2 किग्रा घरेलू एलपीजी सिलेंडर के खुदरा दाम इस प्रकार हैं:नई दिल्ली: ₹942.00 प्रति सिलेंडरमुंबई: ₹941.50 प्रति सिलेंडरकोलकाता: ₹968.00 प्रति सिलेंडरचेन्नई: ₹957.50 प्रति सिलेंडरमुंबई में स्थानीय करों की भिन्नता के कारण यह चारों महानगरों में सबसे सस्ता बना हुआ है, जबकि कोलकाता और चेन्नई में ढुलाई भाड़े और राज्य वैट के चलते दरें ₹950 के पार दर्ज की जा रही हैं।Other Major Cities Gas Rates: लखनऊ, पटना, जयपुर और भोपाल में क्या है ताजा रेटउत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत देश के अन्य प्रमुख टियर-1 और टियर-2 शहरों में भी उपभोक्ताओं को स्थिर दरों का लाभ मिल रहा है:शहर का नाम14.2 किलो घरेलू सिलेंडर रेट (₹)लखनऊ (Lucknow)₹979.50पटना (Patna)₹1,031.50जयपुर (Jaipur)₹945.50भोपाल (Bhopal)₹947.50अहमदाबाद (Ahmedabad)₹949.00हैदराबाद (Hyderabad)₹994.00चंडीगढ़ (Chandigarh)₹922.50इंदौर (Indore)₹970.00बिहार के पटना में स्थानीय परिवहन दूरी अधिक होने की वजह से घरेलू सिलेंडर की कीमत ₹1,030 के पार बनी हुई है, जबकि चंडीगढ़ में स्थानीय टैक्स रियायतों के कारण दाम अन्य शहरों की अपेक्षा काफी कम हैं।Commercial LPG Cylinder Price: 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर का क्या है हालहोटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग कारोबार से जुड़े व्यापारियों के लिए 19 किलोग्राम वाले नीले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। सितंबर महीने की शुरुआत में कमर्शियल एलपीजी की दरों में प्रति सिलेंडर बदलाव किया गया था।आज 23 सितंबर को 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के महानगरों में भाव इस प्रकार हैं:दिल्ली में 19 किग्रा कमर्शियल सिलेंडर लगभग ₹2,747.50 के आसपास ट्रेड कर रहा है।मुंबई में इसका खुदरा भाव लगभग ₹2,701.00 प्रति सिलेंडर है।कोलकाता में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹2,884.00 पर दर्ज की जा रही है।चेन्नई में यह सिलेंडर लगभग ₹2,916.50 के भाव पर उपलब्ध है।कमर्शियल गैस के दाम सीधे तौर पर बाहर खाना खाने और रेस्टोरेंट की मेन्यू कीमतों को प्रभावित करते हैं।Pradhan Mantri Ujjwala Yojana Subsidy: उज्ज्वला लाभार्थियों को मिल रही विशेष छूटकेंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के अंतर्गत आने वाले गरीब और ग्रामीण परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधी सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है। सरकार उज्ज्वला लाभार्थियों को प्रति 14.2 किग्रा सिलेंडर पर ₹300 की लक्षित सब्सिडी (Targeted Subsidy) सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर करती है।इस व्यवस्था के तहत दिल्ली में यदि सामान्य उपभोक्ता के लिए सिलेंडर ₹942 का है, तो उज्ज्वला योजना के लाभार्थी को सब्सिडी कटने के बाद यह सिलेंडर प्रभावी रूप से केवल ₹642 में पड़ता है। यह सब्सिडी साल भर में अधिकतम 12 रिफिल सिलेंडरों पर मान्य होती है, जिससे ग्रामीण अंचलों में धुएं से मुक्ति और स्वच्छ ईंधन का उपयोग निरंतर बना रहे।Why LPG Prices Vary City to City: अलग-अलग शहरों में गैस के दामों में अंतर क्यों होता हैकई उपभोक्ताओं के मन में यह सवाल उठता है कि एक ही देश में अलग-अलग शहरों में गैस सिलेंडर के दाम अलग क्यों होते हैं। इसके मुख्य तीन कारण हैं:राज्य स्तरीय वैट (State VAT): प्रत्येक राज्य सरकार पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी पर अपने-अपने टैक्स स्लैब के अनुसार स्थानीय मूल्य वर्धित कर (वैट) लगाती है।ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट (ढुलाई खर्च): बॉटलिंग प्लांट और रिफाइनरी से गैस डिस्ट्रीब्यूटर के गोदाम तक की दूरी जितनी अधिक होती है, लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई का खर्च उतना ही बढ़ जाता है।लोकल बॉडी टैक्स और डीलर कमीशन: स्थानीय नगर निगमों के चुंगी शुल्क और इलाकेवार तय डीलर कमीशन के अंतर के कारण अंतिम बिलिंग राशि में कुछ रुपयों का अंतर आ जाता है।How to Check Latest LPG Rates Online: घर बैठे व्हाट्सएप और एसएमएस से जानें ताजा रेटउपभोक्ता अपने घर बैठे ही कुछ आसान तरीकों से अपने जिले और डिस्ट्रीब्यूटर के नवीनतम गैस रेट्स की पुष्टि कर सकते हैं:इंडियन ऑयल (Indane): ग्राहक अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से RSP डीलर कोड लिखकर 9224992249 पर एसएमएस भेजकर लाइव रेट प्राप्त कर सकते हैं।भारत गैस (Bharat Gas): भारत पेट्रोलियम के उपभोक्ता 1800 22 4344 टोल-फ्री नंबर पर कॉल कर सकते हैं या आधिकारिक भारत गैस पोर्टल पर जाकर अपने शहर का नाम डालकर रेट चेक कर सकते हैं।एचपी गैस (HP Gas): एचपी पे (HP Pay) मोबाइल ऐप या एचपी गैस की वेबसाइट पर जाकर क्विक रिफिल बुकिंग सेक्शन में वास्तविक डिलीवरी चार्ज सहित फाइनल बिल देखा जा सकता है।
वैश्विक सकारात्मक संकेतों और टेक शेयरों में आई जोरदार खरीदारी के दम पर एशियाई शेयर बाजारों में बुधवार को लगातार छठे कारोबारी सत्र में तेजी का माहौल देखा गया। अमेरिकी बाजार वॉल स्ट्रीट, विशेष रूप से टेक-प्रधान नैस्डैक (Nasdaq 100) के रिकॉर्ड स्तर छूने का सीधा फायदा एशियाई इक्विटी बेंचमार्क को मिला है।निवेशकों की धारणा को सबसे ज्यादा मजबूती वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई लगातार गिरावट और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से मिली है। ऊर्जा लागत कम होने से मुद्रास्फीति (महंगाई) के मोर्चे पर राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है, जिससे जोखिम वाली संपत्तियों (Risk-on Assets) में संस्थागत निवेशकों की लिवाली लौटती नजर आ रही है।Major Asian Indices Performance: निक्केई, कोस्पी और हैंग सेंग में जोरदार बढ़तएशिया-प्रशांत क्षेत्र के प्रमुख शेयर बाजारों ने सुबह के सत्र में मजबूत शुरुआत की और बढ़त को बनाए रखा:जापान (Nikkei 225): टोक्यो का प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स निक्केई 225 करीब 1.38% की शानदार छलांग लगाकर मजबूत स्तर पर कारोबार कर रहा है। ऑटोमोबाइल और सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में चौतरफा खरीदारी देखी गई।दक्षिण कोरिया (KOSPI): सियोल का कोस्पी इंडेक्स 1.15% उछल गया। चिपमेकर दिग्गज सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स के शेयरों में आई मजबूती ने इंडेक्स को रफ्तार दी।ऑस्ट्रेलिया (S&P/ASX 200): ऑस्ट्रेलियाई बाजार में भी 0.24% की सकारात्मक बढ़त दर्ज की गई, जहां माइनिंग और बैंकिंग शेयरों ने इंडेक्स को सहारा दिया।चीन और हांगकांग: हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स और शंघाई कंपोजिट इंडेक्स सीमित दायरे में हरे निशान के साथ स्थिर बने रहे।एशियाई इक्विटी बाजारों का यह संयुक्त प्रदर्शन बीते कई हफ्तों की सबसे लंबी विजयी रैली में से एक बन गया है।Tech & Semiconductor Rally: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और चिप शेयरों की नई उड़ानइस मौजूदा तेजी की धुरी टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर सेक्टर बना हुआ है। वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर पर तकनीकी कंपनियों द्वारा पूंजीगत व्यय (Capex) बढ़ाए जाने की खबरों ने टेक स्टॉक्स में दोबारा जान फूंक दी है।अमेरिकी शेयर बाजार में एएमडी (AMD), इंटेल, मेटा और आर्म होल्डिंग्स जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में आए दोहरे अंकों के उछाल ने दुनिया भर के तकनीकी शेयरों का माहौल बदल दिया है। इसका सीधा सकारात्मक असर ताइवान सेमीकंडक्टर (TSMC), सैमसंग और टोक्यो इलेक्ट्रॉन जैसी एशियाई चिप कंपनियों पर देखने को मिला है। इन कंपनियों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की आक्रामक खरीदारी ने पूरे एशियाई बेंचमार्क को ऊपर खींचने का काम किया है।Crude Oil Prices Soften: कच्चे तेल में गिरावट से एशियाई अर्थव्यवस्थाओं को बड़ी राहतएशियाई बाजारों के लिए दूसरा सबसे बड़ा गेमचेंजर कच्चा तेल साबित हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड लगातार छठे सत्र में फिसलकर $98 प्रति बैरल के स्तर के आसपास पहुंच गया है, जो इसकी लंबी गिरावट का दौर दर्शाता है। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी गिरकर $90 के दायरे में आ चुका है।कच्चे तेल में नरमी के दो मुख्य कारण सामने आए हैं:सप्लाई में सुधार की उम्मीद: प्रमुख तेल उत्पादक देशों द्वारा उत्पादन और पाइपलाइन नेटवर्क को फिर से सुचारू रूप से शुरू करने के संकेत मिले हैं।राजनयिक बातचीत में प्रगति: मध्य पूर्व में जारी तनाव को कम करने के लिए संयुक्त राष्ट्र (UN) स्तर पर कूटनीतिक वार्ताओं में प्रगति की खबरों से आपूर्ति बाधित होने का जोखिम कम हुआ है।चूंकि भारत, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे प्रमुख एशियाई देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करते हैं, इसलिए क्रूड का सस्ता होना चालू खाता घाटे (CAD) और मुद्रास्फीति के दबाव को कम करने में सीधा मददगार साबित होता है।Impact on Indian Market: सेंसेक्स और निफ्टी के लिए क्या हैं शुरुआती संकेतएशियाई बाजारों की लगातार छठे दिन की तेजी और कच्चे तेल की सुस्ती भारतीय घरेलू शेयर बाजार (Sensex और Nifty) के लिए भी काफी उत्साहजनक है। गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) के शुरुआती रुझान भारतीय बेंचमार्क सूचकांकों के लिए एक सकारात्मक और गैप-अप ओपनिंग का संकेत दे रहे हैं।भारतीय बाजारों के प्रमुख सेक्टर्स पर संभावित प्रभाव:पेंट, एविएशन और टायर कंपनियां: कच्चा तेल गिरने से इन कंपनियों की इनपुट लागत घटती है, जिससे एशियन पेंट्स, इंडिगो और एमआरएफ जैसे शेयरों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।आईटी सेक्टर (IT Stocks): अमेरिकी नैस्डैक की तेजी के बाद टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो और एचसीएल टेक जैसे घरेलू आईटी शेयरों में शॉर्ट कवरिंग देखने को मिल सकती है।ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs): इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल के रिफाइनिंग व मार्केटिंग मार्जिन में स्थिरता आने का अनुमान है।Market Outlook: आगे निवेशकों को किन प्रमुख कारकों पर रखनी होगी नजरभले ही बाजार में लगातार तेजी का रुझान बना हुआ है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि उच्च स्तरों पर मुनाफावसूली (Profit Booking) की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। आगे आने वाले दिनों में बाजारों की दिशा तय करने में ये कारक निर्णायक होंगे:अमेरिकी फेडरल रिजर्व का रुख: आने वाले दिनों में केंद्रीय बैंकों के नीति निर्माताओं के बयानों और ब्याज दरों में कटौती की गति पर नजरें टिकी रहेंगी।डॉलर इंडेक्स और यूएस 10-ईयर यील्ड: अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का 5% के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बना रहना उभरते बाजारों के लिए पूंजी प्रवाह बनाए रखने में मददगार साबित होगा।कंपनियों के आगामी तिमाही नतीजे: दूसरी तिमाही (Q2) के वित्तीय परिणाम आने वाले हफ्तों में सेक्टर-वार चाल तय करेंगे।
'सुरेंद्र कोली के नाक-मुंह से खून, लेकिन...', मौत पर परिवार ने उठाए सवाल
निठारी हत्याकांड के मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली की मौत को चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन वजह अब भी साफ नहीं है. हरिद्वार में चाय की दुकान के अंदर उसका शव पंखे से लटका मिला था. पुलिस इसे शुरुआती तौर पर आत्महत्या मान रही है, जबकि परिवार ने सवाल उठाते हुए साजिश की आशंका जताई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से तस्वीर साफ होने की उम्मीद है.
नंदीग्राम उपचुनाव से ठीक पहले बड़ा बवाल, HC में क्यों पहुंचे नौशाद?
कलकत्ता हाईकोर्ट बुधवार को आईएसएफ नेता नौशाद सिद्दीकी की याचिका पर सुनवाई करेगा. उन्होंने चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती दी है जिसमें पार्टी का लिफाफा चिन्ह बदलकर अलमारी कर दिया गया. आईएसएफ ने अप्रैल में हुए बंगाल चुनाव में लिफाफा चिन्ह पर ही चुनाव लड़ा था. यह चिन्ह अब तृणमूल कांग्रेस के एक धड़े, यानी ऋताब्रत बनर्जी की डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस को मिल गया है.
भारतीय सर्राफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कीमती धातुओं के रुख में आज स्पष्ट अलगाव देखने को मिला है। एक तरफ जहां चांदी की कीमतों में 1% से ज्यादा की तेज बढ़त दर्ज की गई, वहीं सोने के भाव सीमित दायरे में सपाट बने रहे। वैश्विक और घरेलू स्तर पर अलग-अलग आर्थिक संकेतकों के असर के कारण दोनों संपत्तियों का व्यवहार अलग-अलग नजर आ रहा है।घरेलू बाजार में चांदी का भाव मजबूत औद्योगिक मांग और वैश्विक शॉर्ट-कवरिंग के चलते जोरदार छलांग लगा चुका है, जबकि सोना नए आर्थिक आंकड़ों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर रुख को लेकर सतर्क कारोबार कर रहा है। निवेशकों और खरीदारों के लिए यह समझना जरूरी है कि बुलियन मार्केट में यह अस्थिरता किन व्यापक कारणों से पैदा हो रही है।MCX & Spot Market Rates: घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आज का भाववायदा बाजार में चांदी का अनुबंध 1% से अधिक उछलकर मजबूत स्तरों पर पहुंच गया है, जिससे खुदरा बाजार में प्रति किलोग्राम चांदी की कीमतें नई मजबूती की ओर अग्रसर हैं। इसके विपरीत, 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के भाव अपने पिछले बंद स्तरों के आसपास बेहद संकीर्ण दायरे में ट्रेड कर रहे हैं।अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स (COMEX) पर भी चांदी में खरीदारी का मजबूत समर्थन देखा गया है, जहां हाजिर चांदी ने ऊपरी प्रतिरोध स्तरों को छूने की कोशिश की है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर इंडेक्स के उतार-चढ़ाव और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड की हलचल का सीधा प्रभाव सोने की चाल को सीमित किए हुए है, जिसके चलते सोने में किसी बड़े ब्रेकआउट की जगह ठहराव की स्थिति बनी हुई है।Why Silver Is Rising: चांदी में 1% से ज्यादा उछाल के 4 प्रमुख कारणचांदी को न केवल एक सुरक्षित निवेश (Safe-Haven Asset) माना जाता है, बल्कि इसका आधा से अधिक उपभोग वैश्विक औद्योगिक विनिर्माण में होता है। चांदी में आई हालिया तेजी के पीछे मुख्य रूप से निम्नलिखित कारक सक्रिय हैं:ग्रीन एनर्जी और सोलर सेक्टर की बढ़ती मांग: विश्व स्तर पर सोलर पीवी पैनल्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) और सेमीकंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक्स में चांदी का भारी उपयोग हो रहा है। ग्रीन ट्रांजिशन से जुड़ी नई औद्योगिक परियोजनाओं के कारण चांदी की फिजिकल डिमांड लगातार मजबूत बनी हुई है।सप्लाई डेफिसिट (आपूर्ति संकट): प्रमुख उत्पादक देशों में माइनिंग उत्पादन खपत की तुलना में सीमित रहा है। लगातार तीसरे-चौथे साल बाजार में स्ट्रक्चरल सप्लाई डेफिसिट की रिपोर्टों ने सटोरियों और संस्थागत खरीदारों को आकर्षित किया है।गोल्ड-सिल्वर रेशियो में एडजस्टमेंट: सोने के मुकाबले चांदी ऐतिहासिक तौर पर लंबे समय से अंडरपरफॉर्म कर रही थी। जब भी यह अनुपात बहुत अधिक खिंच जाता है, तब चांदी में सोने की तुलना में तेजी से कैच-अप रैली देखने को मिलती है।घरेलू त्योहारी व शादी सीजन की अग्रिम खरीदारी: भारतीय बाजारों में आगामी शादियों और त्योहारी सीजन को देखते हुए आभूषण निर्माताओं और खुदरा कारोबारियों द्वारा समय से पहले स्टॉक जमा करने की होड़ ने भी कीमतों को सहारा दिया है।Why Gold Remains Range-Bound: सोने की सुस्त चाल के पीछे के समीकरणचांदी की तुलना में सोने की चाल थमी हुई दिखने के पीछे वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों की नीतियां और मैक्रो-इकोनॉमिक डेटा जिम्मेदार हैं:अमेरिकी फेडरल रिजर्व का सतर्क रुख: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा महंगाई और रोजगार के आंकड़ों के आधार पर ब्याज दरों में कटौती की गति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ब्याज दरें लंबे समय तक स्थिर रहने की आशंका सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्ति की तेजी को रोकती है।डॉलर इंडेक्स (DXY) का दबाव: जब अमेरिकी डॉलर इंडेक्स एक निश्चित दायरे में मजबूती बनाए रखता है, तो अन्य विदेशी मुद्राओं में सोने की खरीद महंगी हो जाती है, जिससे वैश्विक स्तर पर नई आक्रामक खरीदारी सीमित हो जाती है।प्रॉफिट बुकिंग का दबाव: सोने ने हाल के महीनों में रिकॉर्ड स्तरों को छुआ है, जिसके चलते उच्च स्तरों पर संस्थागत निवेशक और ट्रेडर्स मुनाफावसूली (Profit Booking) करते नजर आते हैं, जिससे कीमतें ऊपर जाने के बजाय स्थिर हो जाती हैं।Impact on Retail Buyers: जेवर खरीदारों और निवेशकों के लिए क्या हैं विकल्पसोने और चांदी के मौजूदा ट्रेंड का सीधा असर खुदरा ग्राहकों पर पड़ रहा है। सोने में स्थिरता उन खरीदारों के लिए राहत भरी खबर है जो आगामी शादियों या पारिवारिक आयोजनों के लिए गहनों की योजना बना रहे हैं, क्योंकि स्थिर भाव अचानक आने वाले भारी बजट उछाल से बचाते हैं।वहीं चांदी में निवेश करने वालों के लिए यह समय सतर्कता भरा है। जो निवेशक सिल्वर ईटीएफ (Silver ETF) या फिजिकल कॉइन्स के जरिए लंबी अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं, उन्हें औद्योगिक तेजी का लाभ मिल सकता है। हालांकि, तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि तेजी के बाद छोटी अवधि में करेक्शन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए एकमुश्त बड़ी खरीद के बजाय सिस्टमैटिक तरीके से डिप्स (गिरावट) पर खरीदारी की रणनीति अधिक सुरक्षित मानी जाती है।Expert Outlook: आगे कैसी रह सकती है बुलियन बाजार की दिशाकमोडिटी बाजार के जानकारों के मुताबिक, आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, यूएस बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों से तय होगी। यदि वैश्विक अर्थव्यवस्था में ब्याज दरों में नरमी का रुख स्पष्ट होता है, तो सोने में दोबारा खरीदारी लौट सकती है। दूसरी तरफ, वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई आंकड़े यदि मजबूत बने रहते हैं, तो चांदी की औद्योगिक मांग कीमतों को आगे भी सहारा देती रहेगी।घरेलू निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे वायदा बाजार में लिवरेज ट्रेड्स के दौरान सख्त स्टॉप-लॉस का पालन करें और खुदरा आभूषण खरीदते समय हॉलमार्किंग (BIS Hallmark) और मेकिंग चार्जेस की तुलना अवश्य करें।
लालबागचा राजा के दर पर गोविंदा, रूमर्ड गर्लफ्रेंड कोमल संग किए दर्शन
एक्टर गोविंदा भगवान गणेश का आशीर्वाद लेने के लिए मुंबई के मशहूर लालबागचा राजा पंडाल पहुंचे. हालांकि, एक्टर अपनी पत्नी नहीं, बल्कि एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ वहां पहुंचे.
2027 में खत्म होगी कुंभ राशि पर साढ़ेसाती! मिलेगी लाभ ही लाभ
Shani Gochar 2027: कुंभ राशि के जातकों के लिए वर्ष 2027 अत्यंत शुभ साबित होने वाला है. 3 जून 2027 को शनि देव मीन राशि की यात्रा समाप्त कर मेष राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे कुंभ राशि पर लंबे समय से चल रहा साढ़ेसाती का प्रभाव समाप्त हो जाएगा. जानें जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों पर पड़ने वाले बड़े बदलाव.
'दुखी कैसे दिखें?' सांप से डंसाने का प्लान... केतन मर्डर केस में बड़ा खुलासा
पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड की 5053 पन्नों की चार्जशीट में पुलिस ने कई चौंकाने वाले दावे किए हैं. जांच के मुताबिक, आरोपियों ने राजा रघुवंशी हत्याकांड और लोनावला में खाई से हुई मौतों की घटनाओं का अध्ययन किया था. पुलिस का दावा है कि केतन की मौत के बाद सिया ने ChatGPT और ऑनलाइन सोर्स पर दुखी दिखने की जानकारी सर्च की.
चीन कहां, भारत कहां... मैन्युफैक्चरिंग की दौड़ में हब बनेंगे कब? इनसाइड स्टोरी
India’s Manufacturing Dream: मैन्युफैक्चरिंग के बल पर ही भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का सपना देख रहा है. इसी कड़ी में भारत ने 'मेक इन इंडिया', 'आत्मनिर्भर भारत' और 'PLI स्कीम' जैसे नारों के साथ अपनी औद्योगिक रफ्तार तो बढ़ाई है.
933 स्कूलों में जीरो एनरोलमेंट, बंगाल सरकार ने बंद किए स्कूल
छात्रों के दाखिले न होने के कारण पश्चिम बंगाल में 933 स्कूल बंद कर दिए गए हैं. राज्य सरकार ने इन स्कूलों की स्थिति जांचने के लिए जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में कमेटी बनाई है. ये स्कूलों की इमारत, सुविधाएं और पुनः संचालन की संभावना का आकलन करेगी. सरकार ने कहा है कि स्कूलों की संपत्तियों का उपयोग प्रशिक्षण केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र या ग्रामीण विकास केंद्र के रूप में किया जा सकता है.
UP में एक और बड़ा चुनाव, 11 सीटों पर भाजपा बनाम सपा; कौन बनेगा MLC
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। हालांकि, तारीखों का ऐलान होने में अभी समय है, लेकिन राज्यसभा और विधान परिषद के चुनावों ने राज्य में सियासी तापमान बढ़ा दिया है। राज्यसभा की 10 और विधान परिषद की 11 सीटों पर चुनाव होने हैं।
घर पर उगाएं मोरिंगा, 5 महीने में आने लगेंगी फलियां! सेहत रहेगी फिट
How To Grow Moringa Plant At Home: सहजन यानी मोरिंगा का पौधा घर की बालकनी, छत या आंगन में गमले में आसानी से उगाया जा सकता है. आप इसे बीज या डंठल किसी से भी उगा सकते हैं. आज हम आपको मोरिंगा का पौधा लगाने, मिट्टी, धूप, पानी और खाद देने का आसान तरीका बताने वाले हैं.
अब ATM से कैश निकालना महंगा, 1 अक्टूबर से बदल रहा SBI का नियम!
अगर आप भी एसबीआई बैंक के कस्टमर्स हैं तो आपको कैश निकालने पर ज्यादा चार्ज देना पड़ सकता है. एसबीआई 1 अक्टूबर से एक नियम में बदलाव करने जा रहा है.
अडानी ग्रुप को SEBI ने दी बड़ी राहत! 1.50 करोड़ रुपये की पेनल्टी पर हुआ 5 कंपनियों का केस सेटल
Adani Group Investigation Case:
भारत से पंगा लेना चाहता है छोटा सा देश? अमेरिका को क्यों कहने लगा थैंक्यू
डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने संबंधी बिल पर हस्ताक्षर कर इसे कानून का रूप दे दिया है। इस कानून में रूस से बड़ी मात्रा में तेल खरीदने वाले चीन और भारत जैसे देशों पर भारी शुल्क लगाने का प्रावधान है।

31 C
