UP में अब कालीन नहीं बिछाएगा ‘अब्दुल’, नेता बनेगा: AIMIM प्रमुख Asaduddin Owaisi
हैदराबाद, चार नवंबर ‘ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन’ (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में मिशिगन की सीनेट सीट पर अब्दुल अल-सैयद की जीत का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का ‘‘अब्दुल’’ अब किसी के आगे नहीं झुकेगा, बल्कि नेता बनेगा। ओवैसी ने हाल के सप्ताहों में उत्तर प्रदेश में कई जनसभाओं को संबोधित किया है। उन्होंने कहा कि अब अब्दुल को दूसरों के लिए कालीन नहीं बिछाना चाहिए। उनका इशारा इस ओर था कि मुसलमानों को अपनी राजनीतिक पहचान मजबूत करनी होगी। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ओवैसी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘अब्दुल मिशिगन में सीनेटर बन गए। मेरे बोलने के बाद अब्दुल मुद्दा बना या नहीं? भाजपा कहती थी कि अब्दुल (टायर का) पंक्चर सही करता है। लोकतंत्र में अब्दुल सीनेटर बन गया। अब उत्तर प्रदेश का अब्दुल किसी के आगे नहीं झुकेगा, बल्कि विधायक बनेगा।’’ओवैसी ने केंद्र सरकार के उस रुख की आलोचना की, जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी के कृषि भवन परिसर में स्थित करीब एक सदी पुरानी मस्जिद को हटाया जाना जरूरी है। केंद्र सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा है कि सरकार के कार्यालय परिसर में स्थायी धार्मिक ढांचे का निर्माण करना या उसे बनाए रखना स्वीकार्य नहीं है और यह सरकारी संपत्ति के ‘‘धर्मनिरपेक्ष’’ स्वरूप के अनुरूप भी नहीं है। ओवैसी ने कहा कि मस्जिद का निर्माण दिल्ली के राजधानी बनने से पहले हुआ था और लुटियंस दिल्ली का विकास इसके आसपास हुआ। उन्होंने मस्जिद को देश की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा बताते हुए कहा कि यह वक्फ की पंजीकृत संपत्ति है और इसका मालिकाना हक वक्फ के पास है। इस मुद्दे पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि सरकार ने सेंट्रल विस्टा परियोजना का उद्घाटन भूमि पूजन के साथ किया था। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि सार्वजनिक परियोजना के लिए एक धर्म की परंपराओं और अनुष्ठानों का इस्तेमाल करने से धर्मनिरपेक्षता आहत नहीं होती, लेकिन उस मस्जिद से परेशानी है जो 1912 से भी पहले से वहां मौजूद है, जबकि उस समय कृषि भवन का निर्माण भी नहीं हुआ था।’’मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शनों और इनमें एआईएमआईएम की भागीदारी के बारे में पूछे जाने पर ओवैसी ने कहा कि वह एसआईआर के विरोध में रहे हैं और उनकी पार्टी ने यह सुनिश्चित करने के लिए एक ऐप तैयार किया है कि सभी वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में बने रहें। उन्होंने सवाल किया कि दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) की रैली में शामिल नहीं होने को लेकर तमिलनाडु की तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) से सवाल क्यों नहीं पूछे गए, जबकि उनसे उनकी मौजूदगी के बारे में सवाल किया गया। हैदराबाद में मतदाता सूचियों के एसआईआर के दौरान एक भी अवैध प्रवासी नहीं मिलने संबंधी मीडिया की खबरों के बारे में पूछे जाने पर ओवैसी ने सवाल किया कि अब भाजपा के उन आरोपों का क्या होगा, जिनमें कहा गया था कि वहां की मतदाता सूचियों में अवैध प्रवासियों के नाम शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अब अमित शाह क्या कहेंगे? भाजपा के नेता क्या कहेंगे? आपको याद होगा कि उन्होंने हैदराबाद में (मतदाता सूचियों में शामिल अवैध प्रवासियों के खिलाफ) ‘सर्जिकल’ स्ट्राइक करने का वादा किया था। उन्होंने पहाड़ खोदा, लेकिन उसमें से एक चूहा भी नहीं निकला।’’ओवैसी ने कहा कि यदि मीडिया की खबरें सही हैं तो ‘‘संघ के लोगों’’ को इसका जवाब देना होगा।
ओडिशा के Koraput में दिखा Royal Bengal Tiger, वन विभाग ने ग्रामीणों को किया अलर्ट
कोरापुट (ओडिशा), चार नवंबर ओडिशा के कोरापुट वन प्रभाग के अंतर्गत सेमिलीगुडा वन क्षेत्र में एक रॉयल बंगाल टाइगर (आरबीटी) देखा गया है। इसके बाद वन विभाग ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है और आसपास के ग्रामीण इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। कोरापुट के प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) सिद्धार्थ जैन ने कहा कि जिले में बाघ नहीं हैं और यह बाघ कहां से आया, इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि बाघ के शरीर पर रेडियो कॉलर नहीं लगा है, इसलिए यह पता लगाना मुश्किल है कि वह कहां से आया है। जैन ने कहा, कोरापुट में बाघ नहीं हैं। यह कहां से आया, इसकी जांच की जा रही है... बाघ को देखा गया है और उसके पंजों के निशान भी मिले हैं। हम लोगों के साथ-साथ उस बाघ की भी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियाती कदम उठा रहे हैं। वन विभाग ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। आसपास के गांवों में लाउडस्पीकर के जरिए मुनादी कराकर जागरूकता संदेश दिए जा रहे हैं, जिनमें स्थानीय निवासियों से सतर्क रहने, संवेदनशील क्षेत्रों में नहीं जाने और बाघ के पास नहीं जाने का आग्रह किया गया है।
पुलिस सब-इंस्पेक्टर का ड्रामा, रिश्वत लेते पकड़ा गया तो तालाब में जा कूदा
ओडिशा के संबलपुर में 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते सब-इंस्पेक्टर सुजीत कुमार मोहंता को विजिलेंस ने पकड़ा. गिरफ्तारी से बचने वह तालाब में कूद गया. कमरे से 1.55 लाख रुपये नकद भी मिले.
पूर्व सांसद Prem Singh Chandumajra ने शिअद पुनर सुरजीत से दिया इस्तीफा
चंडीगढ़, चार नवंबर अकाली नेता और पूर्व सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने बुधवार को शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) से इस्तीफा देने की घोषणा की। पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले उनका यह कदम ज्ञानी हरप्रीत सिंह के नेतृत्व वाले अलग हुए धड़े के लिए झटका माना जा रहा है। चंदूमाजरा के सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व वाले शिरोमणि अकाली दल (शिअद) में लौटने की संभावना है। इस्तीफे में चंदूमाजरा ने कहा कि पंजाब और ‘पंथ’ के हितों की रक्षा के लिए सभी अकाली और पंथक समूहों का एक साझा मंच पर एकजुट होना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि पंथक एकता की उनकी अपील पर शिअद (पुनर सुरजीत) के अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह की सार्वजनिक प्रतिक्रिया से उन्हें एहसास हुआ है कि ‘‘हमारी सोच, विचारधारा और काम करने का तरीका एक-दूसरे से मेल नहीं खाते।’’उन्होंने आगे कहा, ‘‘इसी को देखते हुए मैंने अकाली दल (पुनर सुरजीत) से अलग होने का फैसला किया है। पंथ, पंजाब, पंजाबी और पंजाब के अधिकारों के हितों की रक्षा के प्रति मेरी प्रतिबद्धता पहले की तरह अटूट है।’’शिअद (पुनर सुरजीत) का गठन पिछले साल उन असंतुष्ट अकाली नेताओं ने किया था, जो शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व के खिलाफ थे। शिअद ने बुधवार को चंदूमाजरा के शिअद (पुनर सुरजीत) से इस्तीफा देने और पंथक एकता का आह्वान करने के फैसले का स्वागत किया। पार्टी की चुनावी घोषणापत्र समिति की बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए शिअद नेता बलविंदर सिंह भुंदर ने कहा कि चंदूमाजरा ने पंजाब, पंजाबियों और पंजाबी संस्कृति की बेहतरी के लिए काम करने का फैसला किया है।
ट्रंप की सरकार रहेगी, लेकिन पावर चली जाएगी? मिडटर्म में हार के होंगे साइड इफेक्ट!
अमेरिका के मिडटर्म चुनावों के नतीजों ने डोनाल्ड ट्रंप की सियासी मुश्किलें बढ़ा दी हैं. जिन चुनावों को ट्रंप के लिए जनता के मूड का इम्तिहान माना जा रहा था, उनमें डेमोक्रेट्स ने कई अहम मोर्चों पर बढ़त बनाई है. अब इन नतीजों का असर ट्रंप की बची हुई सत्ता और 2028 की सियासत पर पड़ना तय है.
पहचान और पते के सबसे प्रमुख प्रमाण के रूप में आधार कार्ड की जरूरत हर सरकारी और गैर-सरकारी काम में पड़ती है। कई बार यात्रा के दौरान, बैंक में खाता खोलते समय या किसी जरूरी काम के वक्त मूल भौतिक कार्ड घर पर छूट जाता है। ऐसे में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा जारी इलेक्ट्रॉनिक आधार यानी 'ई-आधार' (e-Aadhaar) पूरी तरह से वैध और मान्य विकल्प है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और आधार नियमों के तहत डिजिटल रूप से डाउनलोड किया गया ई-आधार मूल प्रिंटेड कार्ड के समान ही कानूनी मान्यता रखता है।यदि आपका मोबाइल नंबर आधार के साथ पंजीकृत (Link) है, तो आप अपने स्मार्टफोन से मात्र 5 मिनट के भीतर आधिकारिक पोर्टल से पीडीएफ फॉर्मेट में डिजिटल आधार डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए किसी साइबर कैफे जाने की जरूरत नहीं होती। आप सीधे यूआईडीएआई की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए यह काम घर बैठे सुरक्षित रूप से पूरा कर सकते हैं।myAadhaar पोर्टल से आधार कार्ड डाउनलोड करने का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेसस्मार्टफोन के किसी भी वेब ब्राउज़र (जैसे क्रोम या सफारी) के जरिए आधार डाउनलोड करने की सबसे तेज और सुरक्षित विधि इस प्रकार है:सबसे पहले अपने मोबाइल ब्राउज़र में UIDAI का आधिकारिक पोर्टल myaadhaar.uidai.gov.in खोलें।होमपेज पर नीचे स्क्रॉल करें और क्विक सर्विसेज सेक्शन में दिए गए 'Download Aadhaar' विकल्प पर टैप करें।अब आपके सामने पहचान दर्ज करने के तीन विकल्प दिखाई देंगे:Aadhaar Number (आधार संख्या)Enrolment ID / EID (नामांकन पर्ची संख्या - 28 अंक)Virtual ID / VID (16 अंकों की वर्चुअल आईडी)अपनी सुविधानुसार किसी एक विकल्प को चुनें और निर्धारित बॉक्स में अपना विवरण दर्ज करें।स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड (Captcha Code) सही-सही भरें और 'Send OTP' बटन पर क्लिक करें।आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर 6 अंकों का एक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) प्राप्त होगा।अब ओटीपी दर्ज करने से पहले स्क्रीन पर एक चेकबॉक्स दिखेगा: Do you want a masked Aadhaar?। यदि आप सुरक्षा कारणों से केवल अंतिम चार अंक ही दिखाना चाहते हैं, तो इस पर टिक करें; यदि पूरा पहचान नंबर चाहिए, तो इसे अनटिक (खाली) रहने दें।मोबाइल पर आया 6 अंकों का ओटीपी दर्ज करें और 'Verify & Download' बटन पर टैप करें।सत्यापन सफल होते ही आपके फोन में ई-आधार की पासवर्ड-प्रोटेक्टेड पीडीएफ (PDF) फाइल तुरंत डाउनलोड हो जाएगी।आधार कार्ड पीडीएफ का पासवर्ड क्या होता है? खोलने का सही तरीकाई-आधार डाउनलोड होने के बाद जब आप उस पीडीएफ फाइल को खोलने का प्रयास करते हैं, तो सुरक्षा कारणों से वह एक पासवर्ड मांगता है। लाखों उपयोगकर्ता यहीं पर भ्रमित हो जाते हैं कि पासवर्ड में क्या दर्ज करना है।यूआईडीएआई के आधिकारिक नियमों के अनुसार, ई-आधार फाइल का पासवर्ड कुल 8 अक्षरों (8 Characters) का एक निश्चित संयोजन होता है:आपके नाम के पहले चार अक्षर (अंग्रेजी के कैपिटल लेटर्स में)आपके जन्म का वर्ष (YYYY फॉर्मेट में)उदाहरण के जरिए समझें:यदि किसी व्यक्ति का नाम SURESH KUMAR है और उनका जन्म वर्ष 1990 है, तो उनका पीडीएफ पासवर्ड SURE1990 होगा।यदि किसी का नाम ANITA SHARMA है और जन्म का वर्ष 1985 है, तो पासवर्ड ANIT1985 दर्ज करना होगा।यदि किसी के नाम में केवल तीन अक्षर हैं, जैसे RIA SINGH और जन्म वर्ष 2002 है, तो नाम के तीन अक्षर और सरनेम का पहला अक्षर मिलकर चार अक्षर बनेंगे, यानी पासवर्ड RIAS2002 होगा।mAadhaar ऐप और डिजिलॉकर से आधार कार्ड कैसे निकालें?यदि आप बार-बार वेबसाइट पर जाकर ओटीपी दर्ज करने के झंझट से बचना चाहते हैं, तो सरकारी मोबाइल ऐप्स का उपयोग एक बेहद सुगम और स्थायी विकल्प है:1. mAadhaar मोबाइल ऐप के जरिए: गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से आधिकारिक 'mAadhaar' ऐप डाउनलोड करें। ऐप में अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करें। 'Download Aadhaar' विकल्प पर जाकर नियमित (Regular) या नकाबपोश (Masked) आधार चुनकर ओटीपी के जरिए पीडीएफ सेव कर सकते हैं। इसके अलावा ऐप में 'My Aadhaar Profile' सेट करने के बाद बिना डाउनलोड किए भी स्क्रीन पर हमेशा डिजिटल कार्ड प्रदर्शित किया जा सकता है।2. डिजिलॉकर (DigiLocker) के माध्यम से: भारत सरकार के आधिकारिक 'DigiLocker' ऐप या पोर्टल (digilocker.gov.in) पर अकाउंट बनाएं। 'Issued Documents' सेक्शन में जाकर 'UIDAI' सर्च करें और अपना आधार विवरण सत्यापित करें। इसके बाद डिजिलॉकर आपके डिजिटल आधार को सीधे क्लाउड में सुरक्षित कर देता है। इसे ऑफलाइन भी कभी भी देखा और कानूनी सत्यापन के लिए प्रस्तुत किया जा सकता है।यदि रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बंद या खो गया है तो क्या करें?यदि आपका मोबाइल नंबर बंद हो चुका है, खो गया है या आधार से लिंक नहीं है, तो ऑनलाइन ओटीपी आधारित ई-आधार डाउनलोड नहीं किया जा सकता। ऐसी स्थिति में आपके पास दो विकल्प होते हैं:पहला विकल्प 'Order Aadhaar PVC Card' का है। यूआईडीएआई की वेबसाइट पर 'गैर-पंजीकृत मोबाइल नंबर' (Non-registered Mobile Number) दर्ज करके भी पीवीसी कार्ड ऑर्डर करने की सुविधा मिलती है। इसके लिए ₹50 का सरकारी शुल्क ऑनलाइन जमा करना होता है, जिसके बाद स्पीड पोस्ट के जरिए वॉटरप्रूफ प्लास्टिक पीवीसी कार्ड सीधे आपके पते पर भेज दिया जाता है।दूसरा विकल्प अपने नजदीकी अधिकृत आधार सेवा केंद्र (Aadhaar Seva Kendra) या बैंक/डाकघर केंद्र पर जाना है। वहां ऑपरेटर आपके बायोमेट्रिक्स (अंगूठे का निशान या आइरिस स्कैन) के जरिए पहचान सत्यापित करके नया मोबाइल नंबर अपडेट कर देगा या मौके पर ही आधार का प्रिंटआउट निकाल कर दे देगा।
नेशनल कॉन्फ्रेंस में नहीं थम रही कलह, 10 नाराज विधायकों की तीसरी बैठक
जम्मू-कश्मीर की नेशनल कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के हालिया कैबिनेट फेरबदल के बाद पार्टी में कलह खुलकर सामने आई हैं. नाराज विधायकों की लगातार बैठकें हो रही हैं, जिनमें उनकी मांगों और रणनीति पर चर्चा हो रही है. बुधवार को एक बार फिर नाराज विधायकों ने बंद कमरे में अहम मीटिंग की.
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2027 में सम्मिलित होने वाले छात्र-छात्राओं के लिए डमी एडमिट कार्ड जारी करने का मुख्य उद्देश्य परीक्षा फॉर्म और रजिस्ट्रेशन में दर्ज विवरणों की जांच करना होता है। बोर्ड की आधिकारिक गाइडलाइंस के अनुसार, डमी एडमिट कार्ड कोई अंतिम प्रवेश पत्र नहीं होता, बल्कि यह परीक्षार्थियों को अपनी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारियों—विशेष रूप से नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, लिंग, जाति, फोटो, हस्ताक्षर और विषयों की जांच करने का एक अवसर प्रदान करता है।इंटरमीडिएट परीक्षा में सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा विद्यार्थी के चयनित विषय होते हैं। कई बार फॉर्म भरते समय ऑनलाइन ऑपरेटर या विद्यालय स्तर पर मानवीय भूल के कारण आर्ट्स, साइंस या कॉमर्स संकाय (Faculty) के अनिवार्य (Compulsory), ऐच्छिक (Elective) अथवा अतिरिक्त/ऐच्छिक 6ठे विषय (Additional Subject) में गलती दर्ज हो जाती है। यदि समय रहते डमी एडमिट कार्ड में इस गलती को ठीक नहीं कराया गया, तो मुख्य एडमिट कार्ड और मार्कशीट में वही गलत विषय मुद्रित हो जाएंगे, जिससे परीक्षा के दिन केंद्र पर प्रश्नपत्र मिलने में गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है।Arts, Science और Commerce: संकाय के अनुसार किन विषयों में हो सकती है गलती?इंटर परीक्षा प्रणाली में तीनों संकायों के लिए कुल 500 अंकों के मुख्य विषय और 100 अंकों का एक अतिरिक्त विषय निर्धारित होता है। डमी एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद छात्रों को अपने संकाय के अनुसार निम्नलिखित विषयों का मिलान अवश्य करना चाहिए:अनिवार्य भाषा विषय (Compulsory Language Subjects - कुल 200 अंक):भाषा 1 (Language 1 - 100 अंक): सामान्यतः हिंदी या अंग्रेजी।भाषा 2 (Language 2 - 100 अंक): पहली भाषा से भिन्न कोई अन्य भाषा (जैसे इंग्लिश, हिंदी, उर्दू, मैथिली, संस्कृत आदि)।अक्सर होने वाली गलती: छात्र ने पहली भाषा के रूप में हिंदी और दूसरी भाषा अंग्रेजी चुनी थी, लेकिन डमी कार्ड में दोनों जगह एक ही भाषा या कोई अन्य क्षेत्रीय भाषा दर्ज हो जाती है।ऐच्छिक विषय (Elective Subjects - कुल 300 अंक):Science (विज्ञान संकाय): फिजिक्स (Physics) और केमिस्ट्री (Chemistry) अनिवार्य होते हैं, जबकि तीसरे विषय में मैथमेटिक्स (Mathematics) या बायोलॉजी (Biology) का चयन होता है। कई बार छात्र बायोलॉजी मुख्य रखना चाहते हैं, लेकिन उनका गणित मुख्य विषय बन जाता है।Commerce (वाणिज्य संकाय): बिजनेस स्टडीज (Business Studies) और अकाउंटेंसी (Accountancy) मुख्य होते हैं, जबकि तीसरे विषय में इकोनॉमिक्स (Economics) या एंटरप्रेन्योरशिप (Entrepreneurship) में बदलाव की आवश्यकता हो सकती है।Arts (कला संकाय): इतिहास (History), राजनीति विज्ञान (Political Science), भूगोल (Geography), अर्थशास्त्र (Economics), मनोविज्ञान (Psychology), समाजशास्त्र (Sociology) या गृह विज्ञान (Home Science) जैसे विषयों में से किन्हीं तीन का चयन होता है। यहां गलत विषय कोड डलने की संभावना सबसे अधिक रहती है।अतिरिक्त विषय (Additional / 6th Subject - 100 अंक):यदि किसी छात्र ने अतिरिक्त विषय (जैसे साइंस में मैथ्स के साथ बायो या कंप्यूटर साइंस) नहीं चुना था, फिर भी कार्ड में शो हो रहा है, या चुना था और कार्ड से गायब है, तो इसमें तत्काल सुधार आवश्यक होता है।डमी एडमिट कार्ड में विषय सुधार की पूरी ऑफलाइन व ऑनलाइन प्रक्रियाबिहार बोर्ड के नियमों के मुताबिक, डमी एडमिट कार्ड केवल छात्र स्वयं डाउनलोड कर सकते हैं, लेकिन उसमें सुधार करने का सीधा ऑनलाइन अधिकार केवल संबंधित विद्यालय या इंटर कॉलेज के प्रधान (Principal) के पास होता है। छात्र व्यक्तिगत स्तर पर पोर्टल पर लॉगिन करके सीधे डेटा एडिट नहीं कर सकते। सुधार कराने की चरणबद्ध प्रक्रिया इस प्रकार है:डमी एडमिट कार्ड का प्रिंटआउट निकालें: सबसे पहले बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट (seniorsecondary.biharboardonline.com) से अपना डमी एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और उसकी दो साफ फोटोकॉपी (प्रिंटआउट) कराएं।गलत विषय को पेन से चिह्नित करें: डमी एडमिट कार्ड पर जहां विषय की सूची छपी है, वहां गलत विषय के नाम को लाल या काले पेन से काटें (स्ट्राइक करें) और उसके ठीक सामने या ऊपर सही विषय का नाम और उसका आधिकारिक सब्जेक्ट कोड (Subject Code) साफ अक्षरों में लिखें।प्रधानाचार्य के नाम औपचारिक आवेदन लिखें: अपने स्कूल या कॉलेज के प्रधान के नाम एक सादे कागज पर औपचारिक प्रार्थना पत्र लिखें। इसमें अपना नाम, रोल कोड, रजिस्ट्रेशन नंबर, संकाय (Arts/Science/Commerce) और किस विषय के स्थान पर कौन सा विषय बदलना है, इसका स्पष्ट उल्लेख करें।हस्ताक्षर कर कार्यालय में जमा करें: आवेदन पत्र के साथ मार्क की गई डमी एडमिट कार्ड की प्रति संलग्न करें। उस पर अपने और अपने अभिभावक के हस्ताक्षर करवाएं। विद्यालय कार्यालय या परीक्षा प्रभारी के पास यह दस्तावेज जमा करें और दूसरी प्रति पर रिसीविंग (पावती मुहर व हस्ताक्षर) अवश्य ले लें।स्कूल स्तर से बोर्ड पोर्टल पर ऑनलाइन अपडेशन: विद्यालय प्रधान अपने आधिकारिक यूजर आईडी और पासवर्ड के जरिए बिहार बोर्ड के सेकेंडरी/सीनियर सेकेंडरी पोर्टल पर लॉगिन करेंगे। वहां 'Student Correction' सेक्शन में जाकर छात्र का रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर त्रुटिपूर्ण विषय को हटाकर सही विषय कोड को ऑनलाइन अपडेट कर देंगे।सुधार करते समय इन महत्वपूर्ण नियमों और सीमाओं का रखें ध्यानसंकाय (Stream/Faculty) परिवर्तन की अनुमति नहीं: डमी एडमिट कार्ड चरण में केवल संकाय के भीतर के विषयों में संशोधन संभव होता है। यदि कोई छात्र साइंस से आर्ट्स या कॉमर्स में पूरी स्ट्रीम बदलना चाहता है, तो बोर्ड के नियमों के तहत रजिस्ट्रेशन अवधि समाप्त होने के बाद स्ट्रीम परिवर्तन की अनुमति सामान्यतः नहीं दी जाती।समय-सीमा (Correction Window): बोर्ड द्वारा डमी एडमिट कार्ड सुधार के लिए एक सीमित समय सीमा (आमतौर पर 7 से 10 दिन) तय की जाती है। निर्धारित अंतिम तिथि के बाद पोर्टल बंद हो जाता है और विद्यालय प्रधान भी कोई बदलाव नहीं कर पाते।2nd और 3rd डमी एडमिट कार्ड: पहले चरण में सुधार दर्ज होने के बाद बोर्ड संशोधित डेटा के साथ 'द्वितीय डमी एडमिट कार्ड' (2nd Dummy Admit Card) जारी करता है। छात्रों को उसे दोबारा डाउनलोड करके यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके द्वारा दिया गया विषय सुधार पोर्टल पर सफलतापूर्वक दर्ज हो चुका है।यदि किसी छात्र के विषय में त्रुटि रह जाती है और वह सुधार नहीं करवाता, तो उसे परीक्षा में उसी गलत विषय की परीक्षा देनी पड़ सकती है, जिससे उसका पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित होने का खतरा रहता है। इसलिए डमी एडमिट कार्ड आते ही बिना देरी किए अपने स्कूल या कॉलेज से संपर्क करके सुधार की प्रक्रिया पूरी कर लें।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के दुरुपयोग को रोकने, फर्जी अथवा दोहरे गैस कनेक्शनों को छांटने और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के तहत मिलने वाली गैस सब्सिडी को सीधे वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए आधार बायोमेट्रिक e-KYC को अनिवार्य किया है। यदि किसी उपभोक्ता की e-KYC अधूरी रहती है, तो सब्सिडी ट्रांसफर में रुकावट आने या गैर-सब्सिडी दरों पर बुकिंग होने का जोखिम रहता है।इंडेन (इंडियन ऑयल) के लाखों उपभोक्ताओं को अब गैस एजेंसी के दफ्तरों में घंटों लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं है। उपभोक्ता अपने स्मार्टफोन के फ्रंट कैमरे और आधार फेस रिकॉग्निशन तकनीक की मदद से कुछ ही मिनटों में घर बैठे यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।ऑनलाइन e-KYC के लिए आवश्यक टूल्स और जरूरी दस्तावेजप्रक्रिया शुरू करने से पहले सुनिश्चित करें कि आपके पास निम्नलिखित जरूरी चीजें तैयार हों:दो मोबाइल ऐप्स: गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से आधिकारिक IndianOil ONE ऐप और यूआईडीएआई (UIDAI) का आधिकारिक Aadhaar FaceRD (Early Access) ऐप इंस्टॉल होना चाहिए।कनेक्शन धारक की उपस्थिति: फेस स्कैनिंग केवल उसी व्यक्ति की होगी जिसके नाम पर इंडेन गैस कनेक्शन पंजीकृत है। किसी अन्य परिजन के चेहरे से यह सत्यापन नहीं हो सकता।पहचान विवरण: गैस कनेक्शन से जुड़ा आधार कार्ड और 16 अंकों की कंज्यूमर एलपीजी आईडी (जो गैस पासबुक या कैश मेमो पर्ची पर अंकित होती है)।सक्रिय मोबाइल नंबर: एलपीजी कनेक्शन से जुड़ा मोबाइल नंबर सक्रिय होना चाहिए ताकि लॉगिन और ओटीपी सत्यापन निर्बाध हो सके।कैमरा व इंटरनेट: फ्रंट कैमरे वाला स्मार्टफोन, स्थिर इंटरनेट कनेक्शन और चेहरे पर पर्याप्त रोशनी।स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: IndianOil ONE ऐप से घर बैठे e-KYC कैसे करें?स्मार्टफोन के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन आधारित ई-केवाईसी पूरी करने का क्रमबद्ध तरीका इस प्रकार है:सबसे पहले अपने मोबाइल में IndianOil ONE ऐप और Aadhaar FaceRD ऐप डाउनलोड व इंस्टॉल करें (ध्यान दें: FaceRD ऐप बैकग्राउंड सर्विस की तरह काम करता है, इसका अलग आइकन होम स्क्रीन पर नहीं खुलता)।IndianOil ONE ऐप खोलें। यदि आप पहली बार उपयोग कर रहे हैं, तो 'New User? Sign Up' पर क्लिक करके अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल से रजिस्ट्रेशन पूरा करें; यदि पहले से अकाउंट है तो लॉगिन करें।लॉगिन के बाद होम स्क्रीन पर बाईं तरफ ऊपर दिए गए हैमबर्गर मेनू (तीन लाइन) पर टैप करें और 'My Profile' सेक्शन में जाएं।प्रोफाइल पेज में 'LPG Details' या 'Indane Details' विकल्प को चुनें।स्क्रीन पर आपकी कंज्यूमर आईडी और वितरण एजेंसी का नाम दिखेगा। यहां आपको 'Re-KYC' या 'e-KYC' का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।स्क्रीन पर नियम व शर्तों का सहमति पत्र (Consent Box) दिखेगा, चेकबॉक्स पर टिक करें और 'Face Auth' बटन पर टैप करें।ऐप आपसे कैमरा एक्सेस की अनुमति मांगेगा, उसे 'Allow' करें। इसके बाद स्वचालित रूप से आधार FaceRD कैमरा इंटरफेस चालू हो जाएगा।अपने चेहरे को मोबाइल स्क्रीन के फ्रेम में सीधा रखें। जब सर्कल हरा हो जाए, तो निर्देशानुसार एक बार अपनी पलकें झपकाएं (Blink eyes)।चेहरा सफलतापूर्वक स्कैन होते ही डेटा यूआईडीएआई सर्वर से मैच हो जाएगा और स्क्रीन पर e-KYC Completed Successfully या रेफरेंस नंबर का मैसेज आ जाएगा।e-KYC का स्टेटस कैसे चेक करें और समस्या आने पर क्या करें?सत्यापन के बाद यदि आप यह देखना चाहते हैं कि आपकी प्रक्रिया स्वीकृत हुई है या नहीं:IndianOil ONE ऐप खोलकर दोबारा 'My Profile' में जाएं।'KYC Status' के सामने यदि 'Confirmed' या हरा टिक मार्क दिख रहा है, तो आपकी ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है।चेहरा स्कैन न होने की स्थिति में: यदि FaceRD ऐप में एरर आता है, तो पर्याप्त रोशनी वाली जगह पर बैठें, चेहरे पर परछाई न पड़ने दें और चश्मा उतारकर दोबारा प्रयास करें। सुनिश्चित करें कि mAadhaar ऐप में आपकी बायोमेट्रिक्स पहले से 'Locked' न हों; यदि लॉक हैं तो पहले उन्हें अनलॉक करें।ऑफलाइन विकल्प: जिन बुजुर्गों के चेहरे की पहचान कैमरे में बार-बार फेल हो रही हो या जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है, वे अपनी गैस एजेंसी जाकर बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैनर से ई-केवाईसी करवा सकते हैं, या सिलेंडर की होम डिलीवरी के समय डिलीवरी एजेंट के पास मौजूद पीओएस (POS) मशीन से भी यह सत्यापन करा सकते हैं। किसी भी अज्ञात व्यक्ति या फर्जी कॉल/लिंक के साथ अपना ओटीपी कभी साझा न करें।
गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला: वीजा की मुख्य श्रेणियां 13 से घटकर होंगी 9, आवेदन फॉर्म 70% होगा छोटा
केंद्रीय गृह मंत्रालय भारत की वीजा व्यवस्था में बड़ा बदलाव कर रहा है, जिसमें मुख्य वीजा श्रेणियों को 13 से घटाकर 9 किया जाएगा।
'बच्चों को रातोंरात स्कूलों से नहीं निकाल सकते', बॉम्बे हाई कोर्ट ने 14 स्कूलों को दी राहत
बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई के मलाड इलाके में संचालित 14 गैरमान्यता प्राप्त स्कूलों को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के अंत तक पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी है. अदालत ने कहा कि वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को रातोंरात स्कूलों से नहीं हटाया जा सकता.
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा नागरिकों की निजता (Privacy) और डेटा सुरक्षा को पुख्ता करने के उद्देश्य से 'Aadhaar Paperless Offline e-KYC' की व्यवस्था लागू की गई है। सामान्य ऑनलाइन ई-केवाईसी में सेवा प्रदाता (जैसे टेलीकॉम कंपनी, बैंक या होटल) सीधे यूआईडीएआई के केंद्रीय सर्वर से जुड़कर ओटीपी या फिंगरप्रिंट/आइरिस बायोमेट्रिक्स के जरिए व्यक्ति की पहचान सत्यापित करते हैं। इस प्रक्रिया में एजेंसी के पास सत्यापन के समय की ऑनलाइन निर्भरता रहती है।इसके विपरीत, आधार ऑफलाइन वेरिफिकेशन एक पूरी तरह संपर्क-रहित और सुरक्षित डिजिटल तकनीक है। इसमें नागरिक को अपने मुख्य पहचान अंक सार्वजनिक रूप से साझा करने की आवश्यकता नहीं होती। इसके तहत यूआईडीएआई द्वारा डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित (Digitally Signed) डेटा पैकेट—जैसे पासवर्ड-प्रोटेक्टेड XML फाइल या सुरक्षित QR कोड—का उपयोग किया जाता है। सत्यापन करने वाली संस्था यूआईडीएआई के सर्वर से सीधे जुड़े बिना (बिना किसी लाइव इंटरनेट डेटाबेस क्वेरी के) अपने स्थानीय सिस्टम पर ही पहचान, नाम, पता, फोटो और जन्मतिथि को सत्यापित कर सकती है।1. ऑफलाइन e-KYC (XML फाइल) कैसे डाउनलोड करें?यूआईडीएआई पोर्टल से पासवर्ड-प्रोटेक्टेड जिप (ZIP) फाइल डाउनलोड करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया इस प्रकार है:यूआईडीएआई के आधिकारिक पोर्टल myaadhaar.uidai.gov.in पर जाएं।'Login' बटन पर क्लिक करें, अपना पहचान विवरण और कैप्चा कोड दर्ज करें।आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को दर्ज कर लॉगिन पूरा करें।डैशबोर्ड में नीचे स्क्रॉल करें और 'Offline e-KYC' सेवा के विकल्प पर क्लिक करें।शेयर कोड (Share Code) बनाएं: स्क्रीन पर 4 अंकों का एक सीक्रेट कोड (जैसे 1234 या 4589) दर्ज करने को कहा जाएगा। यह कोड डाउनलोड होने वाली जिप फाइल का पासवर्ड होगा।'Download' बटन पर क्लिक करें। आपके डिवाइस में एक सुरक्षित .zip फाइल डाउनलोड हो जाएगी।उपयोग का तरीका: जब भी किसी सेवा प्रदाता (एजेंसी) को पहचान पत्र देना हो, तो आप यह जिप फाइल और अपना 4 अंकों का शेयर कोड उन्हें प्रदान कर सकते हैं। एजेंसी का अधिकृत सॉफ्टवेयर इस कोड के जरिए फाइल को अनजिप कर डेटा को ऑफलाइन सत्यापित कर लेता है।2. सुरक्षित QR कोड के जरिए तुरंत सत्यापन कैसे करें?आधार कार्ड (प्रिंटेड लेटर, पीवीसी कार्ड या ई-आधार डाउनलोड) पर एक बड़ा चौकोर Secure QR Code मुद्रित होता है। यह साधारण टेक्स्ट बारकोड नहीं है, बल्कि इसमें यूआईडीएआई द्वारा डिजिटल रूप से साइन किया गया एन्क्रिप्टेड डेटा और 2048-बिट डिजिटल सिग्नेचर शामिल होता है।किस ऐप से करें स्कैन: यूआईडीएआई ने इसके सत्यापन के लिए आधिकारिक विंडोज ऐप (Aadhaar QR Code Reader) और मोबाइल यूजर्स के लिए mAadhaar App व Aadhaar QR Scanner उपलब्ध कराया है।सत्यापन की विधि:स्कैनर डिवाइस या ऐप में कैमरा खोलकर आधार पर मुद्रित क्यूआर कोड को स्कैन किया जाता है।ऐप स्थानीय रूप से यूआईडीएआई की डिजिटल कुंजी (Public Key) से सिग्नेचर की वैधता जांचता है।यदि क्यूआर कोड वास्तविक है, तो स्क्रीन पर नागरिक का नाम, लिंग, जन्मतिथि, पता और फोटो प्रदर्शित हो जाती है।इस प्रक्रिया के लिए किसी ओटीपी या फिंगरप्रिंट की आवश्यकता नहीं पड़ती और यह कुछ ही सेकंड में ऑफलाइन पूरा हो जाता है।3. बिना OTP या नेटवर्क के ऑफलाइन पहचान सत्यापन कैसे संभव है?कई नागरिकों के मन में यह सवाल उठता है कि बिना लाइव ओटीपी या सर्वर कनेक्टिविटी के पहचान की प्रामाणिकता कैसे साबित होती है। इसका तकनीकी आधार क्रिप्टोग्राफिक डिजिटल सिग्नेचर (PKI - Public Key Infrastructure) है:डेटा की अखंडता: जब यूआईडीएआई XML फाइल या QR कोड जनरेट करता है, तो वह उस डेटा पर अपने प्राइवेट क्रिप्टोग्राफिक की (Private Key) से डिजिटल मुहर लगाता है।टेम्पर-प्रूफ (छेड़छाड़ असंभव): यदि कोई व्यक्ति XML फाइल या क्यूआर कोड के भीतर नाम या जन्मतिथि बदलने की कोशिश करता है, तो डिजिटल हस्ताक्षर टूट जाता है और ऑफलाइन रीडर सॉफ्टवेयर तुरंत Invalid Signature / Tampered Data का अलर्ट जारी कर देता है।गोपनीयता की सुरक्षा: इस फाइल में पहचान अंकों को सीधे प्रदर्शित करने के बजाय उनके बदले एक सुरक्षित रेफरेंस आईडी या मास्क्ड रूप का उपयोग किया जाता है, जिससे पहचान विवरण के दुरुपयोग का जोखिम पूरी तरह समाप्त हो जाता है।ऑफलाइन वेरिफिकेशन के मुख्य लाभ और कानूनी वैधताबायोमेट्रिक डेटा साझा करने की जरूरत नहीं: फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन लीक होने का कोई डर नहीं रहता।सर्वर डाउन होने की समस्या से मुक्ति: कई बार नेटवर्क धीमा होने या ओटीपी न आने के कारण काम रुक जाता है; ऑफलाइन मोड में स्थानीय स्तर पर तुरंत काम हो जाता है।पूर्ण कानूनी मान्यता: आधार (वित्तीय और अन्य सब्सिडी, लाभ और सेवाओं का लक्षित वितरण) अधिनियम और संबंधित नियमों के तहत ऑफलाइन ई-केवाईसी को बैंकों, एनबीएफसी, टेलीकॉम कंपनियों, पासपोर्ट सेवा केंद्रों और निजी संस्थानों द्वारा पहचान के प्रमाण (PoI) और पते के प्रमाण (PoA) के रूप में पूर्ण कानूनी मान्यता प्राप्त है।नागरिक का नियंत्रण: यूजर स्वयं यह तय करता है कि वह किसे अपना शेयर कोड और डेटा साझा करना चाहता है, जिससे डेटा पर उपभोक्ता की स्वायत्तता बनी रहती है।
Salman Khan के घर पर फायरिंग के आरोपी विक्की गुप्ता को शादी के लिए बेल नहीं, VC की मिली छूट
मुंबई, चार नवंबर मुंबई की एक विशेष अदालत ने अभिनेता सलमान खान के आवास के बाहर 2024 में हुई गोलीबारी के मामले में गिरफ्तार कथित हमलावर विक्की कुमार गुप्ता को बिहार में अपने भाई की शादी में शामिल होने के लिए बुधवार को अस्थायी जमानत देने से इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने उसे जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शादी समारोह में शामिल होने की अनुमति दे दी। गुप्ता ने सह-आरोपी सागर पाल के साथ 14 अप्रैल, 2024 की सुबह सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर गोलीबारी की थी। विशेष मकोका अदालत के न्यायाधीश एस. नवंदर के समक्ष दायर याचिका में गुप्ता ने बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में अपने सगे भाई की शादी में शामिल होने के लिए एक और दो दिसंबर, 2026 को अस्थायी रिहाई का अनुरोध किया था। अदालत ने उसकी रिहाई की याचिका खारिज कर दी। हालांकि, अदालत ने जेल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे तकनीकी व्यवहार्यता और जेल की सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर गुप्ता के वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शादी समारोह में शामिल होने के लिए जरूरी व्यवस्था करें।
महादेव बेटिंग ऐप मामले में जांच एजेंसियों को एक और बड़ी कामयाबी मिलने की खबर है। ऐप के सह-संस्थापक रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। यह घटनाक्रम सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाए जाने के कुछ दिन बाद हुआ है। रवि उप्पल की ...
जब नितिन गडकरी ने स्विगी से मंगाया सामान, कीमत देखकर दिया ऐसा रिएक्शन
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्होंने एक बार स्विगी से घर के लिए सामान मंगाया था और उसकी कीमत उन्हें थोड़ी ज्यादा लगी थी।
27 साल पुराने मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला: राज्यों का अतिरिक्त बिक्री कर लगाने का अधिकार सही
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों द्वारा अतिरिक्त बिक्री कर या सरचार्ज लगाने के अधिकार को बरकरार रखा है।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को बाल श्रम (निषेध और विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ गठित करने का निर्देश दिया है।
'मां, मुझे गोली मार दी...' घायल मनोज ने किया फोन, अस्पताल में तोड़ा दम
बाइक ठीक कराने निकला मनोज शायद घर लौटने की उम्मीद लेकर गया था, लेकिन रिपेयरिंग सेंटर पर हमलावरों ने उसे घेर लिया. पेट में गोली लगने के बाद भी उसने मां और दोस्त को फोन किया. अस्पताल में उसकी मौत हो गई. डेढ़ महीने पहले जेल से छूटे मनोज की हत्या के पीछे पुरानी रंजिश और गैंगवार का शक है.
अनुराग से पहले IPS अभिषेक तिवारी का भी इस्तीफा, दोनों रहे सागर एसपी
मध्य प्रदेश में सागर जिले के SP रहे IPS अफसर अनुराग सुजानिया ने पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया है. जहरीली शराब कांड के बाद SP पद से हटाए जाने के सात दिन बाद उन्होंने यह फैसला लिया. इस्तीफा अभी मंजूर नहीं हुआ है. इससे पहले सागर के ही पुलिस कप्तान रहे आईपीएस अभिषेक तिवारी ने भी नौकरी छोड़ दी थी. पढ़ें शराब और सागर से जुड़े दो रोचक संयोग...
रिटायरमेंट के बाद नियमित आय और जमा पूंजी की पूर्ण सुरक्षा के लिए बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) आज भी देश के बुजुर्गों की पहली पसंद बना हुआ है। हाल के दिनों में सरकारी और वाणिज्यिक बैंकों के बीच रिटेल डिपॉजिट आकर्षित करने के लिए विशेष अवधि वाली एफडी योजनाओं की होड़ मची हुई है। इसी कड़ी में 500 दिन की विशेष मैच्योरिटी अवधि वाली फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम वरिष्ठ नागरिकों के बीच खासी लोकप्रिय हो रही है। इस विशेष बकेट में वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष और उससे अधिक आयु) को 7.35 प्रतिशत का आकर्षक वार्षिक ब्याज दर ऑफर किया जा रहा है, जबकि 80 वर्ष से अधिक आयु के सुपर सीनियर सिटीजन्स के लिए यह दर 7.50 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई और बैंक ऑफ इंडिया (BOI) जैसे प्रमुख ऋणदाता विशेष अवधि वाली एफडी में सामान्य दरों के मुकाबले 50 बेसिस प्वाइंट से लेकर 65 बेसिस प्वाइंट तक का अतिरिक्त प्रीमियम दे रहे हैं।आमतौर पर बैंक 1 वर्ष से 2 वर्ष के सामान्य टेन्योर पर 6.50% से 6.80% के आसपास ब्याज देते हैं, लेकिन 500 दिन जैसी कस्टमाइज्ड योजनाओं में फंड्स को एक निश्चित समय के लिए लॉक करने के एवज में उच्च दरें तय की जाती हैं। बैंक ऑफ इंडिया द्वारा हाल ही में शुरू की गई 'बीओआई अक्षय डिपॉजिट' (BOI Akshay Deposit) 500 दिन की ऐसी ही चुनिंदा स्कीम है, जिसमें आम जनता को 6.85% और वरिष्ठ नागरिकों को 7.35% का रिटर्न मिल रहा है। वहीं, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में 444 दिन की 'अमृत वृष्टि' (Amrit Vrishti) और 400 से 500 दिन के बकेट में वरिष्ठ नागरिकों को 6.95% से 7.05% तक का सुरक्षित रिटर्न उपलब्ध कराया जा रहा है। यदि कोई वरिष्ठ नागरिक 500 दिन की इस 7.35% वाली योजना में ₹1 लाख का एकमुश्त निवेश करता है, तो कंपाउंडिंग के प्रभाव से उसकी मैच्योरिटी राशि काफी आकर्षक स्तर पर पहुंच जाती है।₹1 लाख के निवेश पर कितना बनेगा पैसा? समझें कंपाउंडिंग का पूरा गणितफिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाला रिटर्न केवल साधारण ब्याज (Simple Interest) नहीं होता, बल्कि बैंकों में नियमतः ब्याज की गणना तिमाही चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) आधार पर की जाती है। 500 दिन की समय अवधि लगभग 1 वर्ष, 4 महीने और 15 दिन (लगभग 1.37 वर्ष) के बराबर होती है। 7.35% की वार्षिक ब्याज दर पर तिमाही कंपाउंडिंग के साथ ₹1,00,000 के मूलधन पर मिलने वाले रिटर्न का विश्लेषण नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट किया गया है:विवरणनिवेश और रिटर्न का ब्योराप्रारंभिक जमा पूंजी (मूलधन)₹1,00,000निवेश की समय-सीमा (Tenure)500 दिन (~1.37 वर्ष)वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दर7.35% वार्षिकब्याज गणना का तरीकातिमाही चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding)अर्जित कुल अनुमानित ब्याज₹10,480500 दिन बाद कुल मैच्योरिटी राशि₹1,10,480यदि यही निवेश ₹5 लाख का किया जाए, तो 500 दिनों के भीतर वरिष्ठ नागरिक को लगभग ₹52,400 का शुद्ध ब्याज प्राप्त होगा और कुल फंड ₹5,52,400 हो जाएगा। वहीं, ₹10 लाख की एफडी पर कुल संचित ब्याज लगभग ₹1,04,800 बनेगा और मैच्योरिटी पर कुल ₹11,04,800 की पूंजी वापस मिलेगी। यह रिटर्न पूरी तरह से बाजार के उतार-चढ़ाव और जोखिम से मुक्त रहता है, जिससे सेवानिवृत्त व्यक्तियों के लिए अपनी संचित पूंजी को सुरक्षित रखते हुए महंगाई को मात देने का यह एक शानदार अवसर बनता है।मासिक व तिमाही पेआउट या मैच्योरिटी पर एकमुश्त: कौन सा विकल्प है बेहतर?वरिष्ठ नागरिकों के लिए इन स्पेशल एफडी योजनाओं में ब्याज भुगतान के कई लचीले विकल्प दिए जाते हैं। निवेशक अपनी वित्तीय जरूरतों के आधार पर दो मुख्य विकल्पों में से किसी एक का चयन कर सकते हैं:पहला विकल्प 'री-इन्वेस्टमेंट / क्युमुलेटिव' (Cumulative FD) का होता है, जिसमें हर तिमाही का ब्याज मूलधन में जुड़ता रहता है और 500 दिन पूरे होने पर मूलधन और ब्याज दोनों एक साथ निवेशक के बचत खाते में ट्रांसफर कर दिए जाते हैं। जो वरिष्ठ नागरिक तुरंत पैसे का उपयोग नहीं करना चाहते और अपनी पूंजी पर अधिकतम चक्रवृद्धि रिटर्न चाहते हैं, उनके लिए क्युमुलेटिव प्लान सबसे उत्तम है।दूसरा विकल्प 'नॉन-क्युमुलेटिव / रेगुलर पेआउट' (Non-Cumulative FD) का है, जिसके तहत बैंक निवेशक को मासिक, त्रैमासिक या छमाही आधार पर ब्याज की रकम सीधे पेंशन खाते में ट्रांसफर करता है। यदि किसी बुजुर्ग को दवाइयों, घर के खर्च या दैनिक गुजारे के लिए नियमित नकदी प्रवाह (Cash Flow) की आवश्यकता है, तो वे तिमाही पेआउट का विकल्प चुन सकते हैं। ध्यान देने योग्य बात यह है कि मासिक पेआउट चुनने पर ब्याज दर को रियायती दर (Discounted Value) पर समायोजित किया जाता है, जिससे कुल मिलने वाला रिटर्न क्युमुलेटिव के मुकाबले मामूली सा कम रहता है।टैक्स डिडक्शन (TDS) और धारा 80TTB का कानूनी सुरक्षा कवचवरिष्ठ नागरिकों को एफडी पर मिलने वाले ब्याज को लेकर आयकर विभाग के विशेष नियमों को समझना बेहद जरूरी है। आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80TTB के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को सभी बैंकों, को-ऑपरेटिव बैंकों और पोस्ट ऑफिस की जमा योजनाओं से मिलने वाले कुल वार्षिक ब्याज पर ₹50,000 तक की सीधी टैक्स छूट प्राप्त होती है। इसका अर्थ यह है कि यदि वित्तीय वर्ष में आपका कुल एफडी ब्याज ₹50,000 या उससे कम है, तो आपको उस पर कोई टैक्स नहीं देना होता और बैंक किसी भी प्रकार का टीडीएस (TDS) नहीं काटता।यदि 500 दिन की एफडी या अन्य जमाओं से कुल वार्षिक ब्याज ₹50,000 की वैधानिक सीमा को पार कर जाता है, तो बैंक 10% की दर से टीडीएस काटने के लिए बाध्य होता है। हालांकि, यदि किसी वरिष्ठ नागरिक की कुल वार्षिक कर-योग्य आय मूल छूट सीमा से कम है और उनकी टैक्स देनदारी शून्य बनती है, तो वे बैंक शाखा में या नेट बैंकिंग के जरिए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में फॉर्म 15H (Form 15H) जमा कर सकते हैं। फॉर्म 15H जमा करने के बाद बैंक खाते से टीडीएस की कटौती नहीं करता और पूरा ब्याज बिना किसी कटौती के खाते में जमा हो जाता है।समय पूर्व निकासी और लोन सुविधा: आपात स्थिति में क्या हैं नियम?500 दिन की इस विशेष एफडी में निवेश करने से पहले लिक्विडिटी से जुड़े नियमों को जानना भी आवश्यक है। यदि किसी मेडिकल इमरजेंसी या अचानक जरूरत के समय आपको एफडी समय से पहले (Prematurely) तुड़वानी पड़ती है, तो बैंक आम तौर पर लागू ब्याज दर पर 0.50% से 1% तक की पेनाल्टी काटते हैं। साथ ही, ब्याज उसी अवधि का मिलता है जितने समय तक पैसा बैंक में जमा रहा हो, न कि पूरे 500 दिनों का।इस नुकसान से बचने के लिए अधिकांश बैंक एफडी के बदले लोन (Loan Against FD) या ओवरड्राफ्ट सुविधा प्रदान करते हैं। निवेशक अपनी कुल एफडी राशि का 85% से 90% तक का लोन तत्काल प्राप्त कर सकते हैं, जिसकी ब्याज दर एफडी की तय दर से केवल 1% से 1.5% अधिक होती है। इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि आपकी 500 दिन की एफडी टूटती नहीं है, उस पर 7.35% का पूरा ब्याज निरंतर मिलता रहता है और केवल ली गई लोन राशि पर ही ब्याज चुकाना होता है। सुरक्षित निवेश, गारंटीड रिटर्न और सरकारी बैंक के विश्वास के साथ यह स्कीम वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक संतुलित और लाभकारी वित्तीय कदम है।
चोरी-छिपे मिलते थे प्रेमी-प्रेमिका, परिवार ने कराई शादी
UP के प्रयागराज से प्रेमिका से मिलने कौशांबी पहुंचे युवक को युवती के परिजनों ने रेस्टोरेंट में पकड़ लिया. चार साल से चल रहे प्रेम प्रसंग पर दोनों परिवारों के बीच बातचीत हुई और सहमति बनने के बाद रामजानकी मंदिर में वैदिक रीति-रिवाज से दोनों की शादी करा दी गई.
देशभर के करीब 1.17 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए नया साल 2027 एक बड़ी खुशखबरी और आर्थिक राहत लेकर आने वाला है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन काम करने वाले लेबर ब्यूरो द्वारा जारी किए जा रहे अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के ताजा रुझान इस बात की ओर साफ इशारा कर रहे हैं कि 1 जनवरी 2027 से लागू होने वाले महंगाई भत्ते (Dearness Allowance - DA) और महंगाई राहत (Dearness Relief - DR) में 4 से 5 फीसदी तक का जबर्दस्त उछाल आ सकता है। यदि यह अनुमान हकीकत में बदलता है, तो केंद्र सरकार के कर्मचारियों का कुल महंगाई भत्ता वर्तमान 63 फीसदी से छलांग लगाकर सीधे 67 या 68 फीसदी के ऐतिहासिक स्तर को छू लेगा। त्योहारों के मौसम में 63% डीए की आधिकारिक घोषणा के बाद अब कर्मचारी संगठनों की नजरें नए साल के तोहफे पर टिक गई हैं। खुदरा महंगाई के दबाव के बीच यह संभावित बढ़ोतरी कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी और पेंशनर्स की मासिक आय में एक मजबूत वित्तीय कवच का काम करेगी।आमतौर पर केंद्र सरकार साल में दो बार—पहली जनवरी से और दूसरी जुलाई से—महंगाई भत्ते की दरों की समीक्षा करती है। दोनों ही बार गणना के लिए पिछले 12 महीनों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के औसत का इस्तेमाल 7वें वेतन आयोग द्वारा निर्धारित फॉर्मूले के आधार पर किया जाता है। हालिया महीनों में खाद्य वस्तुओं, दैनिक उपभोग की चीजों और ईंधन की कीमतों में आए उतार-चढ़ाव ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक को लगातार ऊपर की ओर धकेला है। सितंबर 2026 के ताजा जारी सूचकांक में 1.1 अंकों की बढ़त दर्ज होकर यह 155.5 के स्तर पर पहुंच चुका है। जानकारों का आकलन है कि यदि अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर 2026 के सूचकांक में भी यही तेजी बनी रही, तो 5 फीसदी की भारी वृद्धि की पूरी संभावना बन रही है, जो पिछले कई वर्षों में जनवरी की किसी एक छमाही में मिलने वाली सबसे बड़ी बढ़ोतरी में से एक होगी।क्या है डीए गणना का आधिकारिक फॉर्मूला और AICPI-IW का गणित?केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते का निर्धारण 7वें केंद्रीय वेतन आयोग (7th CPC) द्वारा अनुशंसित स्वीकृत गणितीय फॉर्मूले के आधार पर किया जाता है। यह गणना श्रम ब्यूरो द्वारा औद्योगिक श्रमिकों के लिए संकलित 12 महीनों के अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW Base Year 2016=100) के औसत पर आधारित होती है। 7वें वेतन आयोग के अंतर्गत प्रयुक्त फॉर्मूला कुछ इस प्रकार है:DA प्रतिशत = [{(पिछले 12 महीनों के AICPI-IW का औसत 2.88) − 261.41} 261.41] 100। इस फॉर्मूले में 261.41 सातवें वेतन आयोग का आधारभूत स्थिरांक है, और गणना के बाद आने वाले दशमलव मान को निचले पूर्णांक (Floor to nearest whole number) पर रोककर वैधानिक दर तय की जाती है। 1 जुलाई 2026 से लागू 63% डीए की गणना जुलाई 2025 से जून 2026 के आंकड़ों के आधार पर की गई थी। अब जनवरी 2027 के डीए निर्धारण के लिए कैलेंडर वर्ष 2026 के पूरे 12 महीनों (जनवरी से दिसंबर 2026) के आंकड़ों को आधार बनाया जा रहा है। अब तक जारी 9 महीनों के आंकड़ों का औसत पहले ही 66% के पार जा चुका है। यदि शेष तीन महीनों में इंडेक्स में मामूली बढ़ोतरी भी जारी रहती है, तो 67.8% से 68.2% का आंकड़ा छूना तय माना जा रहा है, जिसका सीधा अर्थ है कि कर्मचारियों को 4 से 5 प्रतिशत का शुद्ध लाभ प्राप्त होगा।पे-मैट्रिक्स लेवल 1 से लेवल 14: कितनी बढ़ेगी सैलरी? देखें पूरा कैलकुलेशन टेबलयदि केंद्र सरकार 1 जनवरी 2027 से महंगाई भत्ते में 5 फीसदी की वृद्धि करती है और कुल डीए 63% से बढ़कर 68% हो जाता है, तो कर्मचारियों की बेसिक पे के अनुसार मासिक और वार्षिक वेतन में उल्लेखनीय इजाफा देखने को मिलेगा। नीचे दी गई तालिका में 7वें वेतन आयोग के विभिन्न पे-लेवल के आधार पर वेतन बढ़ोतरी का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है:पे-लेवल और पद श्रेणीन्यूनतम बेसिक पे (₹)वर्तमान DA @ 63% (₹)संभावित DA @ 68% (₹)मासिक शुद्ध बढ़ोतरी (₹)सालाना कुल फायदा (₹)लेवल 1 (एमटीएस/ग्रुप डी एंट्री)₹18,000₹11,340₹12,240₹900₹10,800लेवल 2 (एलडीसी/जूनियर क्लर्क)₹19,900₹12,537₹13,532₹995₹11,940लेवल 3 (यूडीसी/हेड कांस्टेबल)₹21,700₹13,671₹14,756₹1,085₹13,020लेवल 4 (असिस्टेंट/सीनियर क्लर्क)₹25,500₹16,065₹17,340₹1,275₹15,300लेवल 5 (वरिष्ठ सहायक/स्टेनो)₹29,200₹18,396₹19,856₹1,460₹17,520लेवल 6 (इंस्पेक्टर/सब-इंस्पेक्टर)₹35,400₹22,302₹24,072₹1,770₹21,240लेवल 7 (सेक्शन ऑफिसर/ग्रुप बी)₹44,900₹28,287₹30,532₹2,245₹26,940लेवल 8 (असिस्टेंट डायरेक्टर)₹47,600₹29,988₹32,368₹2,380₹28,560लेवल 9 (सीनियर एकाउंट्स ऑफिसर)₹53,100₹33,453₹36,108₹2,655₹31,860लेवल 10 (ग्रुप ए/सिविल सेवा एंट्री)₹56,100₹35,343₹38,148₹2,805₹33,660लेवल 12 (डिप्टी सेक्रेटरी/डायरेक्टर)₹78,800₹49,644₹53,584₹3,940₹47,280लेवल 14 (ज्वाइंट सेक्रेटरी/वरिष्ठ)₹1,44,200₹90,846₹98,056₹7,210₹86,520इस तालिका से स्पष्ट है कि न्यूनतम एंट्री लेवल (लेवल 1) के कर्मचारी की सैलरी में सालाना कम से कम ₹10,800 की शुद्ध वृद्धि होगी, जबकि ग्रुप 'ए' के सिविल सेवा अधिकारियों (लेवल 10) को सालाना ₹33,660 से अधिक का सीधा लाभ मिलेगा। वरिष्ठ स्तर के अधिकारियों (लेवल 14) के लिए यह वार्षिक वृद्धि ₹86,500 से भी अधिक होगी।पेंशनर्स को मिलने वाली डियरनेस रिलीफ (DR) और एरियर का भुगतान गणितयह बढ़ोतरी केवल कार्यरत सिविलियन कर्मचारियों या रक्षा कर्मियों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के 68 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। पेंशनर्स के मामले में इस भत्ते को डियरनेस रिलीफ (DR) कहा जाता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी सेवानिवृत्त कर्मचारी की मूल पेंशन ₹25,000 प्रति माह है, तो 5 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद उनकी मासिक पेंशन में ₹1,250 की सीधी वृद्धि दर्ज होगी, यानी सालाना आधार पर ₹15,000 की अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। अधिक पेंशन पाने वाले वरिष्ठ पेंशनभोगियों के खाते में यह वृद्धि और भी बड़ी राशि के रूप में दिखाई देगी।आमतौर पर जनवरी से प्रभावी होने वाले डीए और डीआर के फैसलों को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल के पहले पखवाड़े में औपचारिक मंजूरी दी जाती है। ऐसे में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जनवरी, फरवरी और मार्च महीने का पूरा बकाया (एरियर) अप्रैल के वेतन के साथ एकमुश्त क्रेडिट किया जाता है। होली के आसपास होने वाली इस घोषणा से न केवल वित्तीय वर्ष की शुरुआत में कर्मचारियों की लिक्विडिटी मजबूत होती है, बल्कि घरेलू मांग और उपभोक्ता बाजार को भी बड़ा आर्थिक सहारा मिलता है।8वें वेतन आयोग की चर्चाओं के बीच डीए बढ़ोतरी का रणनीतिक महत्ववर्तमान में केंद्रीय कर्मचारी संगठनों और पेंशनर एसोसिएशनों द्वारा 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) के गठन की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। नियमत: हर 10 साल में नए वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की जाती हैं और इस क्रम में अगला वेतन आयोग जनवरी 2026 से ही प्रतीक्षित है। ऐसे में जब तक 8वें वेतन आयोग का गठन और उसकी अंतिम रिपोर्ट पर कैबिनेट की मुहर नहीं लग जाती, तब तक महंगाई भत्ता ही कर्मचारियों के लिए बढ़ती महंगाई से निपटने का एकमात्र कानूनी और सुरक्षित संबल है। जब 7वें वेतन आयोग के तहत डीए 50 फीसदी के पार पहुंचा था, तो उसके साथ मकान किराया भत्ता (HRA), बच्चों का शिक्षा भत्ता (CEA), हॉस्टल सब्सिडी और ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा जैसी कई परिलब्धियों में स्वतः बढ़ोतरी हुई थी। अब जब डीए 65% और 68% के करीब पहुंच रहा है, तो कर्मचारियों की कुल आय का अनुपात लगातार सुधर रहा है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि आगामी जनवरी 2027 का 5% संभावित उछाल कर्मचारियों को न केवल मुद्रास्फीति के दबाव से बचाएगा, बल्कि भविष्य में बनने वाले 8वें वेतन आयोग के नए फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम मूल वेतन (Basic Pay) के निर्धारण में भी एक मजबूत आधारशिला साबित होगा। कुल मिलाकर, 2027 का नया साल केंद्रीय कर्मचारियों के बैंक खातों में जबर्दस्त आर्थिक मजबूती लेकर आने की पूरी तैयारी में है।
दिल्ली-एनसीआर की जहरीली हवा, कंक्रीट के जंगलों और रोजमर्रा के ट्रैफिक जाम से तंग आकर हर दूसरा व्यक्ति वीकेंड पर पहाड़ों की गोद में एक शांत आशियाने का सपना देखता है। इसी चाहत को भुनाने के लिए सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों एक बेहद लुभावना रियल एस्टेट ऑफर तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि दिल्ली-एनसीआर से महज साढ़े तीन घंटे की ड्राइव पर शिवालिक की पहाड़ियों या अरावली की शांत वादियों के करीब मात्र ₹13.76 लाख की शुरुआती कीमत में रेडी या सेमी-फिनिश्ड घर और विला प्लॉट्स उपलब्ध हैं।इस विज्ञापन की सबसे बड़ी यूएसपी इसकी आसान पेमेंट स्कीम बताई जा रही है, जिसके तहत महज ₹68,000 की टोकन राशि देकर बुकिंग कराई जा सकती है और बाकी बची रकम को 15 साल की लंबी होम लोन ईएमआई में चुकाने की सहूलियत दी जा रही है। पहली नजर में यह सौदा किसी किराए के मकान से भी सस्ता और आकर्षक लगता है, लेकिन क्या वाकई इतनी कम कीमत में पहाड़ों के खूबसूरत नजारे वाला वैध घर मिल सकता है या इसके पीछे कुछ तकनीकी और कानूनी पेंच छिपे हैं? आइए समझते हैं इस पूरे प्रोजेक्ट का वित्तीय और जमीनी गणित।₹68 हजार की बुकिंग और 15 साल की EMI का वास्तविक वित्तीय गणितरियल एस्टेट डेवलपर्स अक्सर ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कम डाउन पेमेंट और लंबी अवधि की आसान किस्तों का फॉर्मूला पेश करते हैं। यदि हम ₹13.76 लाख की कुल मूल संपत्ति लागत का विश्लेषण करें, तो ₹68,000 की शुरुआती बुकिंग राशि कुल कीमत का लगभग 5 प्रतिशत बैठती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और राष्ट्रीय आवास बैंक (NHB) के नियमों के अनुसार कोई भी अधिकृत बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (HFC) अधिकतम 80 से 85 प्रतिशत तक ही लोन स्वीकृत करती है, यानी खरीदार को कम से कम 15 से 20 प्रतिशत (करीब ₹2.5 लाख से ₹2.75 लाख) का मार्जिन मनी (डाउन पेमेंट) खुद वहन करना होता है।यदि डेवलपर किसी गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्था (NBFC) के साथ टाई-अप करके शेष ₹11 लाख से ₹12 लाख की राशि पर 15 साल (180 महीने) की अवधि के लिए होम लोन की व्यवस्था कराता है, तो वर्तमान 8.5% से 9.25% की औसत ब्याज दर पर मासिक ईएमआई लगभग ₹10,800 से ₹12,300 प्रति माह के बीच आएगी। यह मासिक किस्त शहरी मध्यम वर्ग के बजट में पूरी तरह फिट बैठती है, लेकिन खरीदारों को यह समझना चाहिए कि 15 वर्षों में 9% की दर से ₹11 लाख के कर्ज पर लगभग ₹9.15 लाख का अतिरिक्त ब्याज देना होगा, जिससे मूल संपत्ति की लागत बढ़कर ₹23 लाख के पार पहुंच जाएगी।₹13.76 लाख की बेस प्राइस के पीछे छिपे हुए हिडन चार्जेसप्रॉपर्टी विज्ञापनों में दिखने वाला ₹13.76 लाख का आंकड़ा अमूमन 'बेस सेलिंग प्राइस' (BSP) होता है। जब कोई खरीदार अंतिम एग्रीमेंट टू सेल और पजेशन की ओर बढ़ता है, तो इसमें कई अनिवार्य अतिरिक्त शुल्क जुड़ जाते हैं, जो अंतिम बजट को 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ा देते हैं:स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्री खर्च: संबंधित राज्य (हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान या उत्तर प्रदेश) के राजस्व विभाग द्वारा लागू स्टाम्प शुल्क (5% से 7%) और कोर्ट रजिस्ट्रेशन फीस मिलकर तुरंत ₹70,000 से ₹1,00,000 का अतिरिक्त बोझ डालते हैं।इंटरनल और एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज (IDC/EDC): सोसाइटी के भीतर सड़कें, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट और पानी की पाइपलाइन बिछाने के नाम पर प्रति वर्ग गज या प्रति वर्ग फुट अतिरिक्त शुल्क वसूला जाता है।बिजली-पानी कनेक्शन और क्लब मेंबरशिप: बिजली का अलग ट्रांसफार्मर, पानी का मीटर, सुरक्षा गेट और क्लब हाउस का आजीवन शुल्क ₹1.5 लाख से ₹2.5 लाख तक पहुंच जाता है।वस्तु एवं सेवा कर (GST): यदि प्रोजेक्ट अंडर-कंस्ट्रक्शन है, तो बिना इनपुट टैक्स क्रेडिट के 5% का जीएसटी अलग से देय होता है। इन सभी खर्चों को जोड़ने के बाद ₹13.76 लाख का घर चाबी मिलने तक आसानी से ₹17 से ₹18 लाख की लागत छू लेता है।लोकेशन की हकीकत: कहां हैं एनसीआर से 3.5 घंटे दूर पहाड़ों की तलहटी?दिल्ली बॉर्डर से साढ़े तीन घंटे की यात्रा सीमा को अगर गूगल मैप्स के जरिए नापा जाए, तो मुख्य रूप से तीन प्रमुख रूट उभरकर सामने आते हैं:पहला रूट दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और नए दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के जरिए सहारनपुर और रुड़की से आगे उत्तराखंड के हरिद्वार, ऋषिकेश या देहरादून के बाहरी ग्रामीण इलाकों (जैसे रायवाला, भगवानपुर या शिवालिक की तलहटी) तक पहुंचता है। दूसरा रूट दिल्ली-पानीपत-अंबाला नेशनल हाईवे के जरिए पंचकूला, मोरनी हिल्स के तलहटी क्षेत्र या नारायणगढ़ के बॉर्डर एरिया को छूता है। तीसरा रूट दिल्ली-जयपुर हाईवे या दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के जरिए राजस्थान के अलवर, नीमराना या कोटपूतली के आसपास अरावली पहाड़ियों से सटे शांत ग्रामीण इलाकों तक जाता है।यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि इस बजट में मिलने वाले विला या घर किसी मुख्य हिल स्टेशन (जैसे मसूरी, नैनीताल, शिमला या कसौली) के मुख्य शहर में नहीं होते, बल्कि वे पहाड़ों के आधार क्षेत्र यानी तलहटी (Foothills) या हाईवे से 5 से 10 किलोमीटर अंदर स्थित अर्ध-शहरी या ग्रामीण इलाकों में विकसित किए जा रहे होते हैं।निवेश करने से पहले इन 5 कानूनी और तकनीकी मानकों की करें जांचयदि आप ऐसे किसी प्रोजेक्ट में निवेश का मन बना रहे हैं, तो केवल आकर्षक ब्रोशर और लुभावने रेंडर्स देखकर पैसे ट्रांसफर करने की गलती बिल्कुल न करें। मौके पर जाने से पहले और टोकन मनी देने से पूर्व निम्नलिखित जांच अवश्य करें:RERA रजिस्ट्रेशन नंबर की पुष्टि: सबसे पहले संबंधित राज्य के रेरा पोर्टल (जैसे HRERA, UKRERA या RajRERA) पर जाकर प्रोजेक्ट का वैध रजिस्ट्रेशन नंबर चेक करें। बिना रेरा अप्रूवल वाले प्रोजेक्ट में पैसा लगाना कानूनी जोखिम से भरा हो सकता है।जमीन का लैंड यूज (CLU): यह सुनिश्चित करें कि जिस जमीन पर कॉलोनी कट रही है, उसका भूमि उपयोग कृषि (Agriculture) से बदलकर आवासीय (Residential/Commercial) कराया जा चुका है। गैर-कृषि रूपांतरण के बिना भविष्य में निर्माण को अवैध घोषित किया जा सकता है।पहाड़ी राज्यों के भू-कानून: उत्तराखंड जैसे राज्यों में बाहरी नागरिकों के लिए जमीन खरीदने की सीमाएं (अधिकतम 250 वर्ग मीटर या नगर निकाय सीमा के बाहर विशिष्ट पाबंदियां) लागू होती हैं। सुनिश्चित करें कि प्रोजेक्ट पूरी तरह कानूनी सीमाओं के भीतर है।बैंक लोन की अप्रूवल लिस्ट (APF): यदि एसबीआई, पीएनबी, एचडीएफसी या आईसीआईसीआई जैसे स्थापित राष्ट्रीयकृत और प्रमुख प्राइवेट बैंकों ने उस प्रोजेक्ट को होम लोन के लिए प्री-अप्रूव (APF Code जारी) कर रखा है, तो इसका मतलब है कि प्रोजेक्ट के कानूनी दस्तावेज काफी हद तक जांचे जा चुके हैं।मूलभूत नागरिक सुविधाएं: वीकेंड होम का आनंद तभी है जब वहां 24 घंटे बिजली, पीने योग्य मीठा पानी, मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी और नजदीकी आपातकालीन स्वास्थ्य केंद्र उपलब्ध हों। अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से पहले इन सुविधाओं की जमीनी पड़ताल जरूर कर लें।
UP में Election Commission ने घटाए 3,786 पोलिंग स्टेशन, अब 1.73 लाख केंद्र
लखनऊ, चार नवंबर भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर मतदान केंद्रों को युक्तिसंगत बनाने को मंजूरी दे दी है, जिससे राज्य में मतदान केंद्रों की संख्या 3,786 कम हो गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के बाद राज्य में मतदान केंद्रों की संख्या 1,77,516 से घटकर 1,73,730 रह गई है। सभी 75 जिलों में प्रत्येक मतदान केंद्र पर 1,200 मतदाताओं के निर्धारित मानक के आधार पर यह बदलाव किया गया है। यह प्रक्रिया 16 अक्टूबर को शुरू हुई थी और जिलों से मिले प्रस्ताव मंजूरी के लिए निर्वाचन आयोग को भेजे गए थे। रिणवा ने बताया कि एक जनवरी, 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर जारी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 के तहत मतदाता सूची का मसौदा अब मंजूर किए गए 1,73,730 मतदान केंद्रों पर प्रकाशित किया जाएगा। उन्होंने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को संशोधित मतदान केंद्रों पर बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। जिन मतदाताओं के मतदान केंद्र बदले गए हैं, उन्हें संबंधित बीएलओ के माध्यम से लिखित सूचना दी जाएगी। बीएलओ के पर्यवेक्षक इस प्रक्रिया की नियमित निगरानी करेंगे। वहीं, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) भी व्यवस्थाओं की जांच करेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बीएलओ को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है कि एक परिवार के सभी सदस्यों के नाम मतदाता सूची के एक ही भाग में दर्ज हों। यदि मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों पर दर्ज पाए जाते हैं, तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फॉर्म-8 के माध्यम से जरूरी सुधार किए जाने चाहिए। जिला निर्वाचन अधिकारियों और ईआरओ को सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मंजूर किए गए मतदान केंद्रों की सूची उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया है। निर्वाचन अधिकारियों को इन बदलावों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया है, ताकि मतदाताओं को उनके नए या बदले गए मतदान केंद्रों की जानकारी पहले से मिल जाए और मतदान के दौरान उन्हें किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
मेट्रो में कितना सामान ले जा सकते हैं? वजन, बैग साइज और गठरी-बोरी ले जाने के कड़े नियम जान लें
शहरी जीवन में मेट्रो रेल आवागमन का सबसे सुविधाजनक, तेज और किफायती साधन बन चुकी है। दिल्ली-एनसीआर, लखनऊ, कानपुर, नोएडा, बेंगलुरु या मुंबई जैसे प्रमुख शहरों में प्रतिदिन लाखों यात्री अपने दैनिक सफर के लिए मेट्रो पर निर्भर हैं। कई बार रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों या एयरपोर्ट जाने वाले मुसाफिर अपने साथ भारी बैग, सूटकेस या ट्रॉली लेकर मेट्रो में सवार होते हैं। हालांकि, मेट्रो केवल एक परिवहन सेवा नहीं बल्कि एक उच्च सुरक्षा वाली रैपिड ट्रांजिट प्रणाली है। यात्रियों की सहूलियत, कोच के अंदर की जगह और सुरक्षा जांच को ध्यान में रखते हुए मेट्रो प्रशासन ने सामान के वजन और आकार को लेकर स्पष्ट और सख्त दिशा-निर्देश तय कर रखे हैं। अगर आपका बैग इन मानकों से बड़ा या भारी निकलता है, तो सुरक्षा जांच (CISF या मेट्रो सुरक्षा गार्ड) के दौरान आपको स्टेशन के अंदर प्रवेश करने से रोका जा सकता है।मेट्रो नियमों के अनुसार, प्रत्येक यात्री को केवल एक मानक आकार का व्यक्तिगत बैग या सूटकेस ले जाने की अनुमति होती है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) समेत देश के अधिकांश मेट्रो नेटवर्क्स में सामान्य लाइनों पर प्रति यात्री सामान का अधिकतम वजन 25 किलोग्राम तय किया गया है। वजन के साथ-साथ बैग के बाहरी आकार (डायमेंशन) की सीमा भी निर्धारित है, ताकि सामान आसानी से स्कैनर मशीन से पार हो सके और कोच में अन्य सह-यात्रियों के बैठने या खड़े होने में बाधा न बने। मानक नियमों के मुताबिक, बैग की अधिकतम लंबाई 80 सेंटीमीटर, चौड़ाई 50 सेंटीमीटर और ऊंचाई 30 सेंटीमीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए।एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर सामान के विशेष नियम और चेक-इन सुविधासामान्य मेट्रो लाइनों की तुलना में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों को जोड़ने वाली एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइनों पर सामान के नियम थोड़े अधिक उदार रखे गए हैं। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 3 और यशोभूमि द्वारका तक चलने वाली एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर यात्रियों को अधिकतम 32 किलोग्राम तक का सामान ले जाने की कानूनी छूट दी जाती है। इस लाइन पर बैग के आकार की सीमा भी थोड़ी बड़ी है, जिसके तहत लंबाई 90 सेंटीमीटर, चौड़ाई 75 सेंटीमीटर और ऊंचाई 45 सेंटीमीटर तक मान्य की गई है।एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के चुनिंदा स्टेशनों जैसे नई दिल्ली और शिवाजी स्टेडियम पर प्रमुख एयरलाइंस के यात्रियों के लिए सिटी चेक-इन और लगेज ड्रॉप की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। यहां यात्री अपनी फ्लाइट का बोर्डिंग पास लेने के साथ ही अपना भारी सामान जमा कर सकते हैं, जिसे सुरक्षित रूप से सीधे एयरपोर्ट भेज दिया जाता है। लेकिन ध्यान रहे, यह 32 किलो की छूट केवल एयरपोर्ट एक्सप्रेस कॉरिडोर तक ही सीमित है; यदि आप वहां से सामान्य लाइन (येलो, ब्लू या रेड लाइन) पर ट्रांसफर होते हैं, तो आपको फिर से 25 किलो वाले सामान्य नियम का पालन करना होगा।गठरी, बोरी, खुले बंडल और कार्टन ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंधमेट्रो स्टेशनों पर अक्सर देखा जाता है कि कुछ यात्री गांवों या कस्बों से आते समय कपड़े की बड़ी गठरी, प्लास्टिक की बोरियां, रस्सियों से बंधे खुले कार्टन या धातु की बड़ी पेटियां साथ ले आते हैं। मेट्रो संचालन और सुरक्षा नियमों के तहत इस प्रकार के सामान को ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, कपड़े की गठरी या सिली हुई बोरियों को एक्स-रे बैगेज स्कैनर में जांचना तकनीकी रूप से मुश्किल होता है और भीड़भाड़ वाले कोच में इनसे गंदगी फैलने या फर्श पर फिसलने का खतरा रहता है।यदि कोई यात्री बैग या सूटकेस के स्थान पर ऐसी अनगढ़ गठरी या बोरी लेकर सुरक्षा जांच केंद्र पर पहुंचता है, तो सुरक्षा बल उसे प्रवेश देने से तुरंत मना कर सकते हैं। इसके अलावा, किसी भी प्रकार का ऐसा सामान जिससे अन्य यात्रियों के कपड़े खराब होने, चोट लगने या कोच की फर्श गंदी होने की आशंका हो, उसे प्लेटफॉर्म पर ले जाने की अनुमति नहीं दी जाती। यदि सामान किसी व्यापारिक उद्देश्य से थोक माल (Commercial Goods) के रूप में ले जाया जा रहा है, तो उस पर भी सख्त रोक है क्योंकि मेट्रो का उपयोग माल ढुलाई के लिए नहीं किया जा सकता।एक्स-रे स्कैनर और मेटल डिटेक्टर: जांच के समय इन बातों का रखें ध्यानमेट्रो स्टेशन के कॉनकोर्स लेवल पर प्रवेश करते ही सबसे पहला पड़ाव बैगेज स्कैनर का होता है। यात्रियों को अपना हर छोटा-बड़ा बैग कन्वेयर बेल्ट पर रखना अनिवार्य होता है। यदि आपके बैग का साइज तय मानकों से बड़ा है, तो वह स्कैनर टनल के मुंह में फंस सकता है, जिसके चलते सुरक्षाकर्मी भारी ट्रॉली बैग्स का भौतिक निरीक्षण करते हैं और नियम उल्लंघन पर यात्रा टोकन या स्मार्ट कार्ड होने के बावजूद प्रवेश अस्वीकार कर देते हैं।सुरक्षा नियमों के तहत कुछ वस्तुओं को बैग में ले जाना कानूनन जुर्म है। इनमें सभी प्रकार के आग्नेयास्त्र, ज्वलनशील पदार्थ (जैसे पेट्रोल, डीजल, मिट्टी का तेल, थिनर, पेंट), पटाखे, गैस सिलेंडर, खुले चाकू, कैंची, तलवार जैसी नुकीली वस्तुएं और जहरीले रसायन शामिल हैं। शराब की बोतलों के संदर्भ में दिल्ली मेट्रो में सीलबंद शराब की अधिकतम दो बोतलें ले जाने की अनुमति दी गई है, लेकिन कोच या स्टेशन परिसर के अंदर शराब पीना या बोतल खोलना गैर-कानूनी है और ऐसा करने पर भारी जुर्माना व कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना और सुरक्षा कर्मियों के कानूनी अधिकारमेट्रो रेलवे (परिचालन एवं अनुरक्षण) अधिनियम के तहत अधिकृत सुरक्षाकर्मियों और स्टेशन प्रबंधकों को यह अधिकार प्राप्त है कि वे नियमों की अवहेलना करने वाले किसी भी व्यक्ति पर दंडात्मक कार्रवाई कर सकें। यदि कोई यात्री तय सीमा से अधिक भारी सामान के साथ पकड़ा जाता है या स्टेशन स्टाफ से बहस करता है, तो उस पर निर्धारित जुर्माना लगाया जा सकता है और उसे अगले स्टेशन पर ही ट्रेन से उतारा जा सकता है।सुगम और तनावमुक्त यात्रा के लिए सलाह दी जाती है कि मेट्रो से सफर करने से पहले अपने सामान का वजन घर पर ही जांच लें। हमेशा जिप वाले मजबूत और कॉम्पैक्ट ट्रॉली बैग या सूटकेस का उपयोग करें ताकि बैगेज स्कैनर से निकलने में कोई रुकावट न हो। यदि आपके पास तय सीमा 25 किलोग्राम से अधिक वजन या कई सारे बड़े कार्टन हैं, तो मेट्रो के बजाय कैब या अन्य सतही सड़क परिवहन का विकल्प चुनना ही समझदारी भरा कदम होगा।
जेडी वेंस ने ईरान जंग को बताया मिडटर्म चुनाव में हार की वजह, कहा- ट्रंप से छिटके वोटर्स
अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने हार की मुख्य वजह ईरान युद्ध और बढ़ती महंगाई को बताया है, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हार को व्यक्तिगत झटका नहीं माना.
हरियाणा में नई लैंड पूलिंग पॉलिसी 2026 मंजूर: जमीन देने पर 50% विकसित एरिया और ₹1 लाख सालाना मदद
हरियाणा सरकार ने राज्य में शहरीकरण, आधुनिक टाउनशिप और औद्योगिक गलियारों के निर्माण के लिए जमीन देने वाले किसानों और भू-मालिकों के हितों की रक्षा हेतु एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में बहुप्रतीक्षित 'लैंड पूलिंग पॉलिसी-2026' (Land Pooling Policy-2026) को औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी गई है। यह नीति पुरानी 2022 की पॉलिसी का स्थान लेगी, जिसमें बाजार मूल्य और मुआवजे की जटिल गणना के कारण किसानों के बीच असंतोष बना रहता था। नई नीति का मुख्य उद्देश्य जबरन भूमि अधिग्रहण के दौर को पूरी तरह समाप्त कर किसानों को विकास की प्रक्रिया में सीधा शेयरधारक और बराबर का साझीदार बनाना है।सरकार की इस नीति से गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, सोनीपत और रोहतक समेत पूरे प्रदेश में बुनियादी ढांचे का विस्तार बिना किसी गतिरोध के तेजी से हो सकेगा। कृषि प्रधान राज्य होने के नाते हरियाणा में किसानों की जमीन को उनकी सबसे बड़ी पूंजी और विरासत माना जाता है। सरकार के अनुसार, यह नया कानूनी ढांचा सुनिश्चित करता है कि किसान केवल अपनी पैतृक जमीन गंवाने वाले लाचार पक्षकार न रहें, बल्कि आधुनिक शहरों के निर्माण से सृजित होने वाली रियल एस्टेट संपत्ति के सीधे हकदार बनें।50 फीसदी विकसित जमीन की गारंटी: जानिए प्लॉट आवंटन का नया गणितनई लैंड पूलिंग नीति का सबसे आकर्षक पहलू विकसित भूमि के बंटवारे का स्पष्ट और पारदर्शी फॉर्मूला है। स्वीकृत लेआउट प्लान के अनुसार परियोजना के कुल बिक्री योग्य (Saleable) क्षेत्र का सीधा 50 प्रतिशत हिस्सा भू-मालिकों को वापस दिया जाएगा। बाकी बचा 50 प्रतिशत क्षेत्र विकास एजेंसी—जैसे हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) या HSIIDC—के पास रहेगा, जिसका उपयोग चौड़ी सड़कें, सीवरेज, हरित पार्क, जल निकासी जैसी नागरिक सुविधाएं तैयार करने और प्रशासनिक लागत निकालने के लिए किया जाएगा।किसानों को उनके दिए गए रकबे के अनुपात में आवासीय, वाणिज्यिक, संस्थागत या औद्योगिक भूखंड दिए जाएंगे। नीति में यह भी तय किया गया है कि बड़े रकबे वाले भू-मालिकों को अनिवार्य रूप से कॉमर्शियल कियोस्क या बूथ आवंटित किए जाएंगे, जिससे उन्हें भविष्य में नियमित किराए की आय प्राप्त हो सके। इसके अलावा भूखंडों के विखंडन को रोकने के लिए न्यूनतम साइज भी तय किए गए हैं, जिसके तहत आवासीय भूखंड न्यूनतम 100 वर्ग मीटर, औद्योगिक 250 वर्ग मीटर और संस्थागत 500 वर्ग मीटर के आकार के होंगे। जिन छोटे भू-मालिकों का योगदान 999 वर्ग मीटर से कम का होगा, उन्हें नए भूमि अधिग्रहण कानून (LARR Act 2013) के तय मुआवजे या आरक्षित दर, जो भी अधिक हो, के अनुसार नकद भुगतान किया जाएगा।चार साल तक ₹1 लाख प्रति एकड़ अंतरिम सहायता और 9% ब्याज का कड़ा नियमअक्सर देखा जाता है कि जब किसान अपनी खेती योग्य जमीन विकास परियोजना को सौंपते हैं, तो इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने में लंबा वक्त लग जाता है और उस दौरान उनकी नियमित फसल की आमदनी बंद हो जाती है। इस आर्थिक संकट को दूर करने के लिए हरियाणा सरकार ने प्रति एकड़ ₹1 लाख की वार्षिक अंतरिम वित्तीय सहायता का प्रावधान किया है। यह राशि सेल डीड पंजीकरण की तिथि से लगातार चार वर्षों तक किसानों के खातों में सीधे भेजी जाएगी।नीति में नौकरशाही की हीला-हवाली पर रोक लगाने के लिए जवाबदेही भी तय की गई है। यदि विकास एजेंसी सेल डीड होने के 15 दिनों के भीतर इस वित्तीय सहायता का भुगतान करने में विफल रहती है, तो संबंधित भू-मालिक को देरी की अवधि के लिए 9 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज सहित भुगतान करना अनिवार्य होगा। यह प्रावधान किसानों को एक तरह से सामाजिक और वित्तीय सुरक्षा कवच प्रदान करता है, ताकि विकास की अवधि के दौरान उनके परिवार की आजीविका पर कोई आंच न आए।4 साल में प्रोजेक्ट पूरा करने की डेडलाइन, काम न होने पर जमीन होगी वापसपुरानी लैंड पूलिंग व्यवस्था में परियोजनाओं के पूरा होने की कोई ठोस समय-सीमा न होने के कारण योजनाएं वर्षों तक लटकी रहती थीं। नई लैंड पूलिंग पॉलिसी-2026 में प्रोजेक्ट पूर्णता की समय-सीमा को 5 वर्ष से घटाकर कड़ाई से 4 वर्ष कर दिया गया है। यदि विकास एजेंसी अंतिम योजना मंजूरी के बाद 4 वर्ष की तय अवधि के भीतर बुनियादी ढांचे का निर्माण पूरा नहीं कर पाती है, तो जमीन स्वतः भू-मालिकों को वापस लौटा दी जाएगी।इसके साथ ही भू-मालिकों की सुविधा के लिए लैंड एंटाइटेलमेंट सर्टिफिकेट्स (LEC) को आपस में क्लब करने की छूट दी गई है, जिससे एक ही परिवार या गांव के लोग मिलकर बड़ा संयुक्त भूखंड हासिल कर सकें। वहीं, विकास एजेंसी द्वारा भूखंडों की बायबैक अवधि को 1 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष कर दिया गया है, ताकि जो किसान विकसित जमीन अपने पास न रखकर तुरंत नकदी चाहते हैं, वे सरकार को तय दरों पर अपनी जमीन वापस बेच सकें।बिचौलियों पर लगाम और अवैध कॉलोनियों के मकड़जाल पर प्रहारराज्य में जमीन अधिग्रहण के नाम पर सक्रिय अवैध दलालों और बेतरतीब कटने वाली अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए नीति में 'लैंड एग्रीगेटर' की भूमिका को कानूनी रूप दिया गया है। पंजीकृत संपत्ति एजेंटों को एग्रीगेटर बनने की अनुमति दी गई है, जिन्हें संबंधित राजस्व संपदा के कलेक्टर रेट का अधिकतम 0.5 प्रतिशत पारिश्रमिक दिया जाएगा। यह भुगतान किसान की जेब से नहीं कटेगा, बल्कि विकास एजेंसी द्वारा सीधे किया जाएगा।सरकार का मानना है कि यह नीति किसानों को जबरन विस्थापन के डर से मुक्त करेगी और उन्हें आधुनिक औद्योगिक व आवासीय विकास का बराबर का साझेदार बनाएगी। हरियाणा का यह 50-50 विकास मॉडल न केवल किसानों को समृद्ध करेगा बल्कि राज्य के नियोजित और आधुनिक विकास को भी नई रफ्तार देगा।
जिन राज्यों में एसआईआर चल रहा है, वहां भी अब फॉर्म-6 से घोषणा पत्र को किया गया अलग
चुनाव आयोग ने अब उन सभी राज्यों में फॉर्म-6 से घोषणा पत्र को अलग कर दिया है, जहां मतदाता सूची का विशेष सघन पुनरीक्षण चल रहा है या हो चुका है।
TRAI ने लॉन्च किया Network Anubhav पोर्टल: अब मैप पर दिखेगा इंटरनेट स्पीड और कॉल ड्रॉप का असली सच
देशभर में मोबाइल इंटरनेट और ब्रॉडबैंड की सुस्त रफ्तार, आए दिन होने वाले कॉल ड्रॉप्स और नेटवर्क कवरेज को लेकर टेलीकॉम ऑपरेटरों के दावों पर अब सीधा जनता का पहरा होगा। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने उपभोक्ताओं के डिजिटल अनुभव को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से अपना एकीकृत जियोस्पेशियल और एनालिटिकल डैशबोर्ड 'नेटवर्क अनुभव' (Network Anubhav Platform) आधिकारिक रूप से पेश कर दिया है। अक्सर देखा गया है कि टेलीकॉम कंपनियां 5G और हाई-स्पीड 4G के नाम पर 100 एमबीपीएस से अधिक स्पीड का प्रचार करती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में उपभोक्ताओं को बफरिंग और नेटवर्क ग्लिच का सामना करना पड़ता है। ट्राई का यह नया प्लेटफॉर्म सेवा प्रदाताओं के दावों और उपभोक्ताओं को मिलने वाली वास्तविक सर्विस क्वालिटी के बीच के अंतर को सार्वजनिक करेगा।ट्राई के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनकी कनेक्टिविटी का वास्तविक अधिकार देना और टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स (TSPs) को यह स्पष्ट रूप से दिखाना है कि किस इलाके में उनके नेटवर्क को तत्काल सुधार की जरूरत है। यह पहल डिजिटल इंडिया मिशन के तहत उपभोक्ताओं के क्वालिटी ऑफ एक्सपीरियंस (QoE) को मापने का सबसे बड़ा क्राउड-सोर्स्ड प्रयास बनकर उभरी है।MySpeed, MyCall और DND का एकीकृत संगम: कैसे काम करेगा यह नया डैशबोर्ड?'नेटवर्क अनुभव' कोई अलग-थलग काम करने वाला पोर्टल नहीं है, बल्कि यह ट्राई के पहले से संचालित प्रमुख उपभोक्ता टूल्स को एक ही छत के नीचे लाकर एक शक्तिशाली जियोस्पेशियल मैप तैयार करता है। इसमें मुख्य रूप से तीन स्रोतों से प्राप्त रियल-टाइम डेटा का विश्लेषण किया जाता है:पहला घटक ट्राई MySpeed है, जिसके जरिए उपयोगकर्ता अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर पर डाउनलोड स्पीड, अपलोड स्पीड, लेटेंसी, पैकेट लॉस और जिटर की लाइव टेस्टिंग करते हैं। दूसरा घटक ट्राई MyCall है, जो कॉल खत्म होने के बाद उपभोक्ताओं से 1 से 5 स्टार की रेटिंग और कॉल ड्रॉप, आवाज टूटने या ऑडियो डिले जैसी समस्याओं का सीधा फीडबैक जुटाता है। तीसरा स्रोत ट्राई द्वारा देश के विभिन्न शहरों, राजमार्गों और ग्रामीण इलाकों में कराए जाने वाले इंडिपेंडेंट ड्राइव टेस्ट्स (IDT) का आधिकारिक तकनीकी डेटा है।इन तीनों डेटा सेट्स को जब भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) मैप पर प्लॉट किया जाता है, तो देश के किसी भी शहर, जिले, कस्बे या पिनकोड का वास्तविक नेटवर्क परफॉर्मेंस मैप उभरकर सामने आ जाता है। इस तरह किसी भी ऑपरेटर द्वारा किए गए तकनीकी दावे को स्थानीय स्तर पर उपभोक्ता तुरंत सत्यापित कर सकते हैं।पिनकोड और जीपीएस के जरिए खुलेगी कंपनियों की पोल: उपभोक्ता को क्या होगा सीधा फायदा?इस प्लेटफॉर्म से देश के 120 करोड़ से अधिक टेलीकॉम उपभोक्ताओं को अपनी उंगलियों पर सटीक जानकारी मिलेगी। आम उपभोक्ता अक्सर नया सिम कार्ड खरीदते समय या घर में फिक्स्ड ब्रॉडबैंड कनेक्शन लगवाते समय विज्ञापनों पर निर्भर रहते थे, लेकिन अब वे 'नेटवर्क अनुभव' पोर्टल पर जाकर अपने इलाके का पिनकोड या जीपीएस लोकेशन दर्ज करके यह देख सकते हैं कि उनकी गली या मोहल्ले में जियो, एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया या बीएसएनएल में से किसका सिग्नल सबसे मजबूत है और किसकी औसत डाउनलोड स्पीड बेहतर है।डैशबोर्ड पर मोबाइल नेटवर्क के साथ-साथ फिक्स्ड लाइन ब्रॉडबैंड की स्पीड और स्थिरता का भी अलग-अलग विश्लेषण उपलब्ध कराया गया है। उपभोक्ता न केवल 4G और 5G टेक्नोलॉजी के आधार पर तुलना कर सकते हैं, बल्कि यह भी देख सकते हैं कि इनडोर यानी घर के अंदर नेटवर्क रिसेप्शन कैसा है और आउटडोर में कैसा। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म में DND (डू नॉट डिस्टर्ब) व्यवस्था को भी जोड़ा गया है, जिससे अनचाही कमर्शियल कॉल्स और स्पैम एसएमएस की रोकथाम के साथ-साथ 'नो योर सेंडर' सुविधा के जरिए संदिग्ध कॉलर्स की पहचान की जा सकेगी।टेलीकॉम कंपनियों की जवाबदेही तय: अब आंकड़ों की बाजीगरी पर लगेगी लगामट्राई का यह कदम सेवा प्रदाताओं के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। अब तक टेलीकॉम कंपनियां औसत सर्किल-स्तरीय आंकड़ों के आधार पर अपने नेटवर्क को बेहतर साबित करती रही हैं, जिससे किसी एक शहर या ग्रामीण पॉकेट में नेटवर्क की नाकामी छिप जाती थी। लेकिन 'नेटवर्क अनुभव' के पूरी तरह पारदर्शी होने के बाद कंपनियां खराब सर्विस वाले क्षेत्रों को नजरअंदाज नहीं कर पाएंगी।नियामक का कहना है कि यह डेटा पूरी तरह से अनामीकृत (Anonymized) रहता है, यानी यूजर की कोई भी निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं होती, केवल नेटवर्क का तकनीकी डेटा ही साझा किया जाता है। टेलीकॉम कंपनियां इस डेटा का उपयोग अपने सेल टावरों के ऑप्टिमाइजेशन, अतिरिक्त स्पेक्ट्रम आवंटन और ब्लैकस्पॉट्स को भरने के लिए करेंगी। यदि कोई ऑपरेटर लगातार कई हफ्तों तक किसी क्षेत्र में तय मानकों से नीचे की सर्विस देता पाया जाता है, तो नियामक के नए क्वालिटी ऑफ सर्विस (QoS) नियमों के तहत भारी जुर्माने और सुधारात्मक कदमों का सामना करना पड़ सकता है।कैसे करें इस्तेमाल? जानिए पोर्टल और ऐप्स से जुड़ने का पूरा तरीकाउपभोक्ता इस पारदर्शी व्यवस्था का हिस्सा बनने के लिए सीधे आधिकारिक वेबसाइट anubhav.trai.gov.in पर जा सकते हैं। वेब पोर्टल पर होमपेज पर ही इंटरैक्टिव मैप प्रदर्शित होता है, जहां ऑपरेटर, तकनीक (4G/5G/ब्रॉडबैंड) और राज्य या शहर का चयन करके लाइव आंकड़े देखे जा सकते हैं।इसके साथ ही, एंड्रॉयड और आईओएस यूजर्स गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से TRAI MySpeed, TRAI MyCall और TRAI DND ऐप्स को मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं। जब भी कोई उपभोक्ता इन ऐप्स पर अपनी स्पीड टेस्ट करता है या कॉल की गुणवत्ता पर रेटिंग देता है, तो वह डेटा तुरंत क्राउड-सोर्स्ड नेटवर्क का हिस्सा बन जाता है। ट्राई ने देश के सभी स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे इन टूल्स का सक्रिय उपयोग करें, ताकि सामूहिक डेटा के दम पर टेलीकॉम कंपनियों को बेहतर और निर्बाध डिजिटल सेवाएं देने के लिए बाध्य किया जा सके।
एनर्जी स्टोरेज के लिए ₹14,500 करोड़ की VGF स्कीम मंजूर; मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला
केंद्रीय कैबिनेट ने नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण के लिए ₹14,500 करोड़ की VGF स्कीम को मंजूरी दी, जिससे 92 गीगावाट घंटा ग्रिड-स्केल एनर्जी स्टोरेज क्षमता विकसित होगी।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री ने कहा कि उनके गठबंधन में शामिल होने का स्वागत किया जाएगा और दावा किया कि मंत्रिमंडल के अगले विस्तार में उन्हें जगह देने पर विचार किया जा सकता है।
Nagpur से तीन लोग शेयर ट्रेडिंग धोखाधड़ी में पकड़े गए
मुंबई, चार नवंबर महाराष्ट्र के नागपुर के तीन लोगों को पुलिस ने शेयर कारोबार में निवेश से जुड़े घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। जांच में साइबर धोखाधड़ी के कम से कम 73 मामलों में उनकी संलिप्तता सामने आई है, जिनमें मुंबई के छह मामले भी शामिल हैं। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि मुंबई अपराध शाखा के दक्षिण साइबर पुलिस थाने ने तीनों आरोपियों से ठगी की रकम को इधर-उधर भेजने के लिए बनाई गई 11 मुखौटा कंपनियों की चेकबुक और पासबुक, 25 सिम कार्ड, डेबिट कार्ड, क्यूआर कोड और रबर की मुहरें जब्त की हैं। पुलिस के अनुसार, 10 जून से आठ सितंबर के बीच 58.72 लाख रुपये की कथित ठगी का शिकार हुए एक व्यक्ति की शिकायत पर नौ सितंबर को मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने बताया कि मीरा अय्यर नाम की एक महिला और उसके साथियों ने शेयर कारोबार में निवेश पर ऊंचा मुनाफा दिलाने का लालच देकर पीड़ित को अपने जाल में फंसाया और उससे विभिन्न खातों में 58,72,410 रुपये जमा करवाए। शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। तकनीकी विश्लेषण और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल से मिले आंकड़ों से पता चला कि ठगी की रकम में से 24.75 लाख रुपये नागपुर की जरिपटका शाखा स्थित भारतीय स्टेट बैंक के एक चालू खाते में भेजे गए थे। यह खाता ‘ग्रेन गार्डन डिलाइट्स प्राइवेट लिमिटेड’ नामक एक मुखौटा कंपनी के नाम पर पंजीकृत था। जांच के सिलसिले में मुंबई साइबर पुलिस नागपुर पहुंची, जहां उसने सोमवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नागपुर निवासी अमित दिलीपराव काले (34), रितिक शैलेश धारगावे (25) और अनिरुद्ध सतीश उके (30) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, काले इस धोखाधड़ी का कथित मुख्य साजिशकर्ता है। जांचकर्ताओं ने पाया कि काले और उके ने धारगावे के दस्तावेजों और किराये के फर्जी समझौते का इस्तेमाल कर ‘ग्रेन गार्डन डिलाइट्स प्राइवेट लिमिटेड’ नाम से कंपनी बनाई और बैंक में चालू खाता खुलवाया।
9 साल की बच्ची की मौत से उठे सवाल, कैसे आया हार्ट अटैक?
दिल्ली के मयूर विहार में 9 साल की बच्ची की स्कूल में अचानक मौत के बाद कम उम्र में हार्ट अटैक को लेकर सवाल उठ रहे हैं. डॉक्टर के मुताबिक, बच्चों में कार्डियोमायोपैथी और दिल की धड़कनों में गड़बड़ी अचानक मौत की वजह बन सकती हैं. वीडियो में जानें डिटेल्स.
अब मछलियां भी मिलेंगी आर्गेनिक, केंद्र सरकार ने तय किए कड़े मानक
केंद्रीय सरकार ने सिक्किम के सोरेंग में देश के पहले जैविक मत्स्य पालन क्लस्टर के लिए एसओपी जारी की है।
दिल्ली रैली में नहीं जाने की सजा; गुजरात युवा कांग्रेस के 49 पदाधिकारी सस्पेंड
भारतीय युवा कांग्रेस ने दिल्ली के रामलीला मैदान में 'इंडिया' गठबंधन की रैली में अनुपस्थित रहने पर गुजरात के 49 पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इस रिपोर्ट में विस्तृत जानकारी…
गुजरात में पशुपालकों को बड़ी राहत: अब मवेशियों को मिलेगा भारी सब्सिडी वाला बीमा कवच
गुजरात सरकार ने राज्य के लाखों पशुपालकों और किसानों की आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक पशुधन बीमा योजना को धरातल पर उतार दिया है। अक्सर देखा जाता है कि किसी गंभीर बीमारी, महामारी या अचानक दुर्घटना के कारण दुधारू और भारवाहक पशुओं की असामयिक मृत्यु हो जाती है, जिससे छोटे और सीमांत पशुपालक भारी वित्तीय संकट में घिर जाते हैं। इस जोखिम को समाप्त करने के लिए राज्य सरकार ने राष्ट्रीय पशुधन मिशन के सहयोग से एक सुदृढ़ व्यवस्था तैयार की है, जिसके तहत गाय, भैंस और कच्छ-सौराष्ट्र के प्रसिद्ध ऊंटों का व्यापक बीमा किया जा रहा है। इस योजना का सीधा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पशु की असमय मृत्यु की स्थिति में पशुपालक की नियमित आजीविका प्रभावित न हो और उसे नया पशु खरीदने के लिए किसी साहूकार या कर्ज के जाल में न फंसना पड़े।राज्य के पशुपालन विभाग ने इस योजना के क्रियान्वयन को बेहद पारदर्शी और किसान-हितैषी बनाया है, ताकि गांव-देहात के अंतिम छोर पर बैठे चरवाहे और दुग्ध उत्पादक भी बिना किसी जटिल कागजी कार्रवाई के इसका लाभ उठा सकें। आधुनिक डिजिटल तकनीकों और स्थानीय पशु चिकित्सा केंद्रों के नेटवर्क के जरिए गांव-गांव कैंप आयोजित करने की रूपरेखा तैयार की गई है, जिससे राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।प्रीमियम का 85 प्रतिशत खर्च उठाएगी सरकार, पशुपालकों की जेब पर नहीं पड़ेगा बोझइस नई पशुधन बीमा योजना की सबसे प्रमुख विशेषता इसमें मिलने वाली वित्तीय छूट है। आमतौर पर वाणिज्यिक बीमा कंपनियों के महंगे प्रीमियम के कारण ग्रामीण पशुपालक अपने मवेशियों का बीमा कराने से कतराते थे, लेकिन सरकार ने इस बाधा को पूरी तरह खत्म कर दिया है। योजना के नियमों के अनुसार, कुल निर्धारित वार्षिक बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत हिस्सा सरकार वहन करेगी, जबकि लाभार्थी पशुपालक को अपनी जेब से केवल 15 प्रतिशत का मामूली प्रीमियम ही जमा करना होगा। उदाहरण के तौर पर, एक वर्ष के लिए लगभग ₹40,000 के बीमित मूल्य वाले मवेशी के लिए पशुपालक को औसतन मात्र ₹229 से ₹250 के आसपास का खर्च देना पड़ता है, जबकि शेष पूरी धनराशि सब्सिडी के रूप में सीधे बीमा कंपनी को हस्तांतरित कर दी जाती है।यह व्यवस्था न केवल बड़े डेयरी फार्म मालिकों बल्कि उन भूमिहीन खेतिहर मजदूरों और घुमंतू पशुपालकों के लिए भी वरदान साबित होगी, जिनकी पूरी पारिवारिक आय एक या दो दुधारू मवेशियों अथवा ऊंटों के दूध और ढुलाई पर निर्भर करती है। सरकार द्वारा उठाया गया यह वित्तीय कदम पशुपालकों के जोखिम को न्यूनतम स्तर पर ले आता है, जिससे राज्य में श्वेत क्रांति और डेयरी क्षेत्र के निवेश को भी नई रफ्तार मिलेगी।गाय, भैंस और रेगिस्तान के जहाज 'ऊंट' को भी पहली बार मिला व्यापक सुरक्षा कवचगुजरात के भौगोलिक परिदृश्य में जहां उत्तर गुजरात, मध्य गुजरात और सौराष्ट्र के इलाकों में गिर गाय और जाफराबादी/महेसाणी भैंसें डेयरी सेक्टर की रीढ़ मानी जाती हैं, वहीं कच्छ के विशाल रण और सीमावर्ती इलाकों में खराई और कच्ची ऊंट प्रजाति स्थानीय मालधारी समुदाय के जीवन का मुख्य आधार हैं। इस योजना के तहत पहली बार गाय और भैंसों के साथ-साथ ऊंटों को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है, जिससे शुष्क क्षेत्रों के ऊंट पालकों में भारी उत्साह है। योजना के प्रावधानों के मुताबिक, पशुओं की नस्ल, उम्र और दुग्ध उत्पादन क्षमता अथवा कार्यक्षमता के आधार पर उनकी बीमित राशि तय की जाती है, जो सामान्यतः ₹40,000 से लेकर ₹60,000 प्रति पशु तक बैठती है।यदि किसी बीमित पशु की आकाशीय बिजली गिरने, सड़क दुर्घटना, सांप के काटने, आग लगने या किसी संक्रामक बीमारी से मृत्यु हो जाती है, तो निर्धारित क्लेम प्रक्रिया के तहत पूरी बीमित राशि सीधे पशुपालक के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। इसके अलावा, कई परिस्थितियों में स्थायी दिव्यांगता के मामलों में भी नियमानुसार 75 प्रतिशत तक की आर्थिक क्षतिपूर्ति का प्रावधान रखा गया है, ताकि पशु के अनुपयोगी होने पर भी परिवार की आर्थिक स्थिति न बिगड़े।ईयर टैगिंग और आवेदन प्रक्रिया: जानिए कैसे उठाएं योजना का पूरा लाभयोजना का लाभ लेने के लिए पशु की प्रामाणिक पहचान होना सबसे अनिवार्य शर्त है। इसके लिए पशुपालन विभाग के पंजीकृत पशु चिकित्सकों और प्रसार कार्यकर्ताओं द्वारा पशु के कान में एक विशेष 12 अंकों वाला माइक्रोचिपयुक्त ईयर-टैग (Ear Tag) लगाया जाता है, जिसे राष्ट्रीय 'भारत पशुधन' पोर्टल पर डिजिटल रूप से पंजीकृत किया जाता है। यह टैग पशु के पहचान पत्र की तरह कार्य करता है, जिसमें पशु की नस्ल, उम्र, स्वास्थ्य इतिहास और मालिक का पूरा ब्योरा दर्ज होता है। किसी भी अप्रिय घटना या मृत्यु के समय यही टैग क्लेम पास कराने का मुख्य आधार बनता है, इसलिए पशुपालकों को टैग को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।आवेदन करने के लिए पशुपालक अपने नजदीकी सरकारी पशु चिकित्सालय, प्रथम उपचार केंद्र, ग्राम पंचायत के ई-ग्राम केंद्र अथवा स्थानीय दुग्ध सहकारी मंडली (डेयरी समिति) से सीधा संपर्क कर सकते हैं। आवेदन के लिए पशुपालक का आधार कार्ड, बैंक पासबुक की प्रतिलिपि, राशन कार्ड और पशु का स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र आवश्यक होता है। अधिकारियों का कहना है कि औपचारिकताएं पूरी होते ही पॉलिसी दस्तावेज और बीमा संदर्भ संख्या सीधे पशुपालक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर डिजिटल लिंक के जरिए भेज दी जाती है, जिससे दलालों और बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो जाती है।
राज्यों का ईज ऑफ कंस्ट्रक्शन इंडेक्स बनाएगा NHAI, हाईवे में देरी से हर साल 3000 करोड़ का नुकसान
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) राज्यों के लिए 'ईज ऑफ कंस्ट्रक्शन इंडेक्स' बना रहा है ताकि सरकारी औपचारिकताओं के कारण होने वाली परियोजनाओं में देरी को उजागर किया जा सके।
त्योहारों पर बनाकर खाएं मूली की चटनी, पूड़ी-पराठे संग लगेगी टेस्टी
Mooli Ki Chutny: अगर आप भी चटनी के शौकीन हैं और दिवाली पर खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए चटनी बनाने का सोच रहे हैं तो धनिया-पूदीना छोड़िए और इस बार मूली की चटपटी चटनी ट्राई कीजिए. ये बहुत जल्दी बनती है और खाने में बहुत ही स्वादिष्ट होती है.
वोटर लिस्ट से छूटे लोगों के जुड़ेंगे नाम, घर-घर जाकर महिलाओं की पहचान करेंगी आशा
उत्तर प्रदेश में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची से छूटे पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा. इस अभियान में खासतौर पर युवा और महिला मतदाताओं पर ध्यान दिया जाएगा.
अपनी आपातकालीन पूंजी (इमरजेंसी फंड) या दैनिक खर्चों की बचत को सुरक्षित रखने के लिए भारतीय निवेशक मुख्य रूप से दो विकल्पों पर भरोसा करते हैं—वाणिज्यिक बैंक (कमर्शियल बैंक) का सेविंग्स अकाउंट और इंडिया पोस्ट (India Post) का पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट (POSA)। जब बात ब्याज दर की आती है, तो डाकघर बचत खाते पर केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित स्थिर 4.0% वार्षिक ब्याज दिया जाता है। दूसरी तरफ, अधिकांश प्रमुख सरकारी और बड़े निजी बैंक (जैसे SBI, HDFC, ICICI, PNB) सामान्य बचत खातों पर ₹1 लाख से ₹10 लाख तक के बैलेंस पर 2.70% से 3.00% वार्षिक ब्याज ही देते हैं। हालांकि, कुछ चुनिंदा निजी बैंक या स्मॉल फाइनेंस बैंक बड़े बैलेंस पर 4% से 6% तक का स्लैब-आधारित ब्याज देते हैं, लेकिन पारंपरिक और सुरक्षित बड़े बैंकों की तुलना में डाकघर का 4.0% ब्याज दर आज भी लगभग 1% से 1.30% तक अधिक रिटर्न सुनिश्चित करता है।₹5 लाख जमा करने पर 1 साल में कहां कितनी होगी कमाई?यदि आप ₹5,00,000 (पांच लाख रुपये) की राशि को पूरे एक वर्ष के लिए बिना निकाले बचत खाते में बनाए रखते हैं, तो ब्याज की गणना इस प्रकार रहेगी:खाता प्रकार (Account Type)लागू वार्षिक ब्याज दर1 वर्ष में मिलने वाला ब्याज (लगभग)1 साल बाद कुल बैलेंस (₹)बड़े बैंक (SBI, PNB, HDFC आदि)~2.70% - 3.00%₹13,500 - ₹15,000₹5,13,500 - ₹5,15,000पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट4.00%₹20,000₹5,20,000कमाई का अंतर (Difference)+1.00% से +1.30%₹5,000 से ₹6,500 ज्यादाडाकघर में अधिक लाभडाकघर के बचत खाते में ₹5 लाख रखने पर आपको बड़े पारंपरिक बैंकों के मुकाबले सालभर में लगभग ₹5,000 से ₹6,500 तक का अतिरिक्त शुद्ध ब्याज मुनाफा मिलता है।ब्याज गणना और क्रेडिट होने का तरीका: दैनिक बैलेंस बनाम न्यूनतम बैलेंसब्याज की गणना के मामले में बैंक और डाकघर के फॉर्मूले में एक बड़ा तकनीकी अंतर है जिसे समझना आवश्यक है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार सभी बैंक बचत खाते पर ब्याज की गणना दैनिक क्लोजिंग बैलेंस (Daily Product Basis) पर करते हैं और यह ब्याज हर तीन महीने (त्रैमासिक) में सीधे आपके खाते में क्रेडिट कर दिया जाता है। दूसरी ओर, पोस्ट ऑफिस बचत खाते में ब्याज की गणना महीने की 10वीं तारीख और महीने के अंतिम दिन के बीच के सबसे न्यूनतम बैलेंस पर की जाती है। यदि आपने महीने की 10 तारीख के बाद कोई बड़ी रकम खाते में डाली, तो उस पूरे महीने उस अतिरिक्त रकम पर ब्याज नहीं मिलेगा। इसके अलावा, डाकघर में यह ब्याज तिमाही आधार पर खाते में नहीं जुड़ता, बल्कि पूरे वित्तीय वर्ष के अंत में (31 मार्च को) एकमुश्त क्रेडिट किया जाता है।टैक्स के नियम: धारा 80TTA और 10(15) के तहत डाकघर को मिलने वाली विशेष छूटटैक्स के मोर्चे पर पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट बैंक खातों की तुलना में दोहरे कर लाभ प्रदान करता है। आयकर कानून की धारा 80TTA के तहत सामान्य नागरिकों को किसी भी बैंक या डाकघर बचत खाते से मिलने वाले ब्याज पर एक वित्तीय वर्ष में ₹10,000 तक की छूट मिलती है (वरिष्ठ नागरिकों को धारा 80TTB के तहत ₹50,000 तक की छूट मिलती है)। लेकिन डाकघर बचत खाते के साथ आयकर अधिनियम की धारा 10(15)(i) के तहत एक अतिरिक्त विशेष छूट मिलती है। इसके अनुसार सिंगल पोस्ट ऑफिस बचत खाते के ब्याज पर ₹3,500 और जॉइंट खाते के ब्याज पर ₹7,000 तक की राशि पहले से ही पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है। इसके बाद बची हुई ब्याज आय पर धारा 80TTA के तहत ₹10,000 की सामान्य छूट का दावा किया जा सकता है।सुरक्षा, लिक्विडिटी और डिजिटल सुविधाएं: आपके लिए कौन-सा विकल्प बेहतर?यदि आपका प्राथमिक लक्ष्य बिना किसी जोखिम के केवल ब्याज दर को अधिकतम करना और टैक्स छूट का लाभ उठाना है, तो पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट एक बेहतर विकल्प है। डाकघर में जमा पूरा पैसा सीधे केंद्र सरकार (सॉवरेन गारंटी) के अधीन होता है, जबकि बैंकों में ₹5 लाख तक की पूंजी ही डीआईसीजीसी (DICGC) द्वारा सुरक्षित होती है। हालांकि, यदि आपको लगातार ऑनलाइन ट्रांजैक्शन, त्वरित यूपीआई (UPI), नेट बैंकिंग, मर्चेंट पेमेंट्स और किसी भी वक्त पैसे निकालने की सुविधा चाहिए, तो आधुनिक तकनीक और मजबूत सर्वर के मामले में कमर्शियल बैंक अधिक सुविधाजनक साबित होते हैं। अधिकांश वित्तीय विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रोजमर्रा के खर्चों और लिक्विडिटी के लिए बैंक खाता रखें, जबकि अपनी इमरजेंसी बचत का एक हिस्सा अधिक ब्याज कमाने के लिए डाकघर खाते में रखें।
Tvisha Sharma death case: MP High Court ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत अर्जी ठुकराई
जबलपुर, चार नवंबर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने अपनी पुत्रवधू त्विषा शर्मा की कथित आत्महत्या के मामले में गिरफ्तार पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा है कि मामले की जांच जारी है और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकल पीठ ने बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद 26 अक्टूबर को जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। त्विषा के परिवार की ओर से पेश अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि उच्च न्यायालय ने बुधवार देर शाम सिंह की जमानत याचिका पर 23 पृष्ठ का अपना आदेश अपलोड किया। आदेश में न्यायमूर्ति निरंकारी ने कहा कि मामले के सभी तथ्यों और परिस्थितियों, आरोपों की प्रकृति और गंभीरता, जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों, मृतका की मौत से ठीक पहले की परिस्थितियों, सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को देखते हुए अदालत इस स्तर पर आरोपी को जमानत देने के पक्ष में नहीं है। अदालत ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 193(9) के तहत आगे की जांच जारी है और महत्वपूर्ण फोरेंसिक एवं डिजिटल साक्ष्यों की जांच रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी। मामले की जांच कर रहे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के वकील सुयश मोहन गुरु ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा कि उच्च न्यायालय ने सभी तथ्यों का विस्तार से विश्लेषण करने के बाद गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका खारिज की है। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने जमानत याचिका में दिए गए सभी तर्कों का जवाब दिया। गुरु ने बताया कि सीबीआई ने अदालत को अवगत कराया कि त्विषा शर्मा के मुख्य मोबाइल फोन और घर में लगे डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) की जांच अभी जारी है। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने मामले के पूरे घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए फैसला सुनाया। उन्होंने कहा, ‘‘मामले के पूरे घटनाक्रम से पता चलता है कि शुरुआत से ही सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की गई थी। अदालत ने इस संभावना से इनकार नहीं किया है। हमने भी यही दलील दी थी।’’गिरिबाला सिंह की पुत्रवधू और पूर्व मॉडल त्विषा शर्मा ने 12 मई को अपने ससुराल में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने उनकी सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया था। गिरिबाला सिंह को भोपाल की जिला अदालत से 14 मई को जमानत मिली थी, जिसे उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए उनकी अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी। इसके बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। सीबीआई ने गिरिबाला सिंह और उनके बेटे को गिरफ्तार किया था। जिला अदालत से जमानत याचिका खारिज होने पर गिरिबाला सिंह ने उच्च न्यायालय का रुख किया था। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी थी कि गिरिबाला सिंह सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हैं। उनकी उम्र और बीमारियों का हवाला देते हुए यह भी कहा गया था कि वह पिछले पांच महीने से न्यायिक हिरासत में हैं। अदालत ने कहा कि आरोपों की गंभीरता, उपलब्ध साक्ष्यों और जांच जारी होने के मद्देनजर इस स्तर पर जमानत नहीं दी जा सकती।
रामायण देखकर इमोशनल बादशाह, अल्लू अर्जुन बोले - ये फिल्म से बढ़कर
अल्लू अर्जुन, ऋषभ शेट्टी और अन्य कलाकारों ने 'रामायण: पार्ट 1' की टीम को फिल्म की थिएटर रिलीज से पहले शुभकामनाएं दीं. उन्होंने इस फिल्म को भारतीय संस्कृति का एक ऐसा उत्सव बताया, जो सिनेमा के स्तर को ऊंचा उठा सकता है.
PNB 365 दिन की FD: त्योहारी सीजन में सुरक्षित निवेश और तयशुदा रिटर्न
त्योहारी सीजन और वित्तीय वर्ष के दूसरे हिस्से में सुरक्षित रिटर्न की तलाश कर रहे निवेशकों के लिए देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक, पंजाब नेशनल बैंक (PNB), 1 साल यानी 365 दिन की अवधि वाली फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर आकर्षक ब्याज ऑफर कर रहा है। शेयर बाजार की अस्थिरता से दूर अपनी गाढ़ी कमाई को बिना किसी रिस्क के बढ़ाने के लिए सरकारी बैंक की सावधि जमा योजनाएं सबसे भरोसेमंद माध्यम मानी जाती हैं। पीएनबी की 365 दिन की स्पेशल एफडी में सामान्य नागरिकों के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) और अति वरिष्ठ नागरिकों (Super Senior Citizens) को अतिरिक्त ब्याज का फायदा दिया जा रहा है, जिससे कम समय में बंधी-बंधाई गारंटीड कमाई संभव होती है।सामान्य, सीनियर और सुपर सीनियर नागरिकों के लिए ब्याज दरेंपंजाब नेशनल बैंक 365 दिन (1 वर्ष) की अवधि के लिए जमाकर्ताओं की आयु वर्ग के आधार पर अलग-अलग ब्याज दरें प्रदान करता है। सामान्य नागरिकों (60 वर्ष से कम आयु) के लिए यह दर 6.25% से 6.55% के दायरे में रहती है। वहीं 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य दर से 0.50% (50 बेसिस प्वाइंट) अतिरिक्त ब्याज मिलता है, जिससे उनकी ब्याज दर 7.05% तक पहुंच जाती है। 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के सुपर सीनियर नागरिकों को बैंक 0.80% तक का अतिरिक्त ब्याज लाभ देता है, जिससे उनकी प्रभावी ब्याज दर और अधिक आकर्षक हो जाती है। चूंकि पीएनबी तिमाही आधार पर ब्याज की चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) गणना करता है, इसलिए 1 साल की मैच्योरिटी पर वास्तविक यील्ड (वार्षिक रिटर्न) साधारण ब्याज से भी ज्यादा निकलकर आती है।₹5 लाख जमा करने पर 1 साल में कितनी होगी कमाई? समझें पूरा गणितयदि आप पीएनबी की 365 दिन वाली एफडी में ₹5,00,000 (पाँच लाख रुपये) की एकमुश्त राशि जमा करते हैं, तो 1 साल पूरा होने पर आपको मिलने वाला रिटर्न इस प्रकार रहेगा:जमाकर्ता श्रेणी (Category)लागू ब्याज दर (वार्षिक)1 साल में अर्जित ब्याज (लगभग)मैच्योरिटी पर कुल राशि (₹)सामान्य नागरिक (General)6.55%₹33,565₹5,33,565वरिष्ठ नागरिक (Senior Citizen)7.05%₹36,200₹5,36,200सुपर सीनियर सिटीजन (80+ वर्ष)7.35%₹37,790₹5,37,790वरिष्ठ नागरिकों को ₹5 लाख के मूलधन पर 1 साल में लगभग ₹36,200 का शुद्ध ब्याज मुनाफा मिलेगा, जबकि सामान्य नागरिकों को लगभग ₹33,565 का तय रिटर्न प्राप्त होगा।टीडीएस और टैक्स नियम: ब्याज पर कटौती से कैसे बचें?बैंक एफडी से होने वाली ब्याज आय पर आयकर नियमों के तहत स्रोत पर कर कटौती (TDS) लागू होती है। एक वित्तीय वर्ष में सामान्य नागरिकों के लिए सभी शाखाओं को मिलाकर कुल ब्याज ₹40,000 से अधिक होने पर और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹50,000 से अधिक होने पर 10% टीडीएस काटा जाता है। यदि आपका पैन कार्ड बैंक खाते से लिंक नहीं है, तो यह कटौती 20% तक हो सकती है। ₹5 लाख की इस 1 साल की एफडी में सामान्य नागरिक की ब्याज आय ₹33,565 रहने के कारण यह ₹40,000 की टीडीएस सीमा के भीतर ही रहती है, जिससे बैंक द्वारा कोई टीडीएस नहीं काटा जाएगा। वहीं यदि वरिष्ठ नागरिकों की कुल आय कर योग्य सीमा से कम है, तो वे वित्तीय वर्ष की शुरुआत में बैंक में फॉर्म 15H जमा कर सकते हैं, जबकि सामान्य नागरिक फॉर्म 15G जमा करके टीडीएस कटौती से पूरी तरह छूट पा सकते हैं।पीएनबी में घर बैठे ऑनलाइन एफडी कैसे बुक करें?पीएनबी में 365 दिन की एफडी खोलने के लिए बैंक शाखा जाने की अनिवार्यता नहीं है। यदि आपके पास पीएनबी का बचत खाता और नेट बैंकिंग या PNB ONE मोबाइल बैंकिंग ऐप है, तो आप इसे मिनटों में एक्टिवेट कर सकते हैं। इसके लिए PNB ONE ऐप में लॉगिन करें, 'Services' सेक्शन में जाकर 'Open Fixed Deposit (FD)' चुनें। इसके बाद डिपॉजिट राशि में ₹5,00,000 दर्ज करें और टेन्योर में 365 दिन (1 वर्ष) का विकल्प चुनें। ब्याज भुगतान का प्रकार (मैच्योरिटी पर री-इन्वेस्टमेंट या तिमाही भुगतान) चुनकर और नॉमिनी की पुष्टि कर ट्रांजैक्शन पासवर्ड दर्ज करते ही आपकी एफडी तुरंत जनरेट हो जाएगी और उसकी डिजिटल रसीद ईमेल व फोन पर प्राप्त हो जाएगी।
नवंबर में बैंकों की FD दरें: कहां मिल रहा है सबसे ज्यादा मुनाफा?
त्योहारी और वित्तीय वर्ष की दूसरी छमाही में सुरक्षित निवेश और बंधी-बंधाई कमाई की तलाश कर रहे निवेशकों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) एक बार फिर आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हालिया मौद्रिक नीति और लिक्विडिटी समीक्षा के बाद सरकारी, निजी और स्मॉल फाइनेंस बैंकों (SFBs) ने अपनी ब्याज दरों को नए सिरे से अपडेट किया है। जहां भारतीय स्टेट बैंक (SBI), एचडीएफसी (HDFC) और आईसीआईसीआई (ICICI) जैसे बड़े वाणिज्यिक बैंक 6.40% से 7.20% तक की सुरक्षित और स्थिर ब्याज दरें दे रहे हैं, वहीं स्मॉल फाइनेंस बैंक जमाकर्ताओं को आकर्षित करने के लिए 8.25% से लेकर 8.60% तक का रिकॉर्ड रिटर्न ऑफर कर रहे हैं। यदि आप नवंबर में नई एफडी कराने या अपनी पुरानी जमा पूंजी को रिन्यू करने की योजना बना रहे हैं, तो बड़े बैंकों और स्मॉल फाइनेंस बैंकों की तुलना करके सही अवधि चुनना सबसे जरूरी कदम है।प्रमुख सरकारी और प्राइवेट बैंकों की ब्याज दरें: SBI, HDFC, ICICI और BOIदेश के दिग्गज लेंडर्स में लंबी और मध्यम अवधि के लिए अलग-अलग स्पेशल टेन्योर पर अतिरिक्त ब्याज का लाभ दिया जा रहा है।बैंक का नाम (Bank Name)सामान्य नागरिकों के लिए उच्चतम दरवरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के लिए दरसबसे आकर्षक अवधि (Tenure)भारतीय स्टेट बैंक (SBI)6.45%7.05%444 दिन (अमृत वृष्टि) / 5 से 10 वर्षHDFC बैंक6.60%7.10%2 वर्ष 11 महीने से 3 वर्षICICI बैंक6.60%7.10%2 वर्ष से अधिक की विशेष अवधिबैंक ऑफ इंडिया (BOI)6.70%7.20%3 वर्ष की मानक अवधिकोटक महिंद्रा बैंक6.80%7.55%2 वर्ष से कम 3 वर्ष तककेनरा बैंक6.75%7.25%555 दिन की स्पेशल स्कीमबड़े कमर्शियल बैंकों में बैंक ऑफ इंडिया (BOI) और कोटक महिंद्रा बैंक क्रमशः 6.70% और 6.80% की आकर्षक दरें दे रहे हैं। वहीं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अपनी विशेष 'अमृत वृष्टि' (444 दिन) योजना पर सामान्य ग्राहकों को 6.45% और वरिष्ठ नागरिकों को 6.95% तक ब्याज उपलब्ध करा रहा है।स्मॉल फाइनेंस बैंकों में तगड़ा रिटर्न: 8.60% तक की छप्परफाड़ कमाईयदि आपका प्राथमिक लक्ष्य पूंजी पर अधिकतम ब्याज हासिल करना है, तो स्मॉल फाइनेंस बैंक पारंपरिक बैंकों से 1.5% से 2% तक अधिक ब्याज दे रहे हैं।स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB)सामान्य नागरिकों को ब्याज दरवरिष्ठ नागरिकों को ब्याज दरमुख्य आकर्षक अवधिसूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक8.25%8.60%5 वर्ष की अवधिउत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक8.10%8.50%666 दिन की विशेष अवधिशिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक7.75%8.25%24 से 36 महीनेस्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक7.25%7.75%12 से 24 महीनेसूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक में 5 वर्ष की एफडी पर वरिष्ठ नागरिकों को 8.60% और सामान्य नागरिकों को 8.25% की सर्वाधिक दर मिल रही है। वहीं उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक 666 दिन की विशेष स्कीम पर वरिष्ठ नागरिकों को 8.50% का शानदार मुनाफा दे रहा है।क्या स्मॉल फाइनेंस बैंकों में जमा पूंजी सुरक्षित है? DICGC नियमकई जमाकर्ताओं के मन में यह आशंका रहती है कि क्या छोटे या स्मॉल फाइनेंस बैंकों में पैसा जमा करना सुरक्षित है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियमानुसार सभी स्मॉल फाइनेंस बैंक भारतीय बैंकिंग विनियमन कानून के तहत शेड्यूल्ड बैंकों की तरह ही संचालित होते हैं। इसके तहत प्रत्येक बैंक में जमाकर्ता की ₹5,00,000 (मूलधन + ब्याज) तक की राशि 'डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन' (DICGC) द्वारा 100% बीमित (Insured) होती है। इसका अर्थ यह है कि यदि किसी भी परिस्थिति में बैंक पर कोई वित्तीय संकट आता है, तो केंद्र सरकार और आरबीआई की गारंटी के तहत ₹5 लाख तक का भुगतान पूरी तरह सुरक्षित रहता है। समझदारी इसी में है कि स्मॉल फाइनेंस बैंकों में एक ही बैंक में बड़ी पूंजी लगाने के बजाय ₹4.5 लाख से ₹5 लाख तक के अलग-अलग बैंकों में खाते खोलकर जोखिम को शून्य करते हुए ऊंचे ब्याज का पूरा फायदा उठाया जाए।टैक्स और मैच्योरिटी प्लानिंग: अपनी एफडी से कैसे निकालें अधिकतम लाभ?फिक्स्ड डिपॉजिट चुनते समय केवल ब्याज दर ही नहीं, बल्कि उस पर लगने वाले टैक्स (TDS) और लिक्विडिटी का ध्यान रखना भी जरूरी है। एक वित्तीय वर्ष में सामान्य नागरिकों के लिए ₹40,000 से अधिक और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹50,000 से अधिक के एफडी ब्याज पर बैंक 10% टीडीएस काटते हैं। यदि आपकी कुल वार्षिक आय टैक्स स्लैब में नहीं आती, तो समय रहते बैंक में फॉर्म 15G या 15H जमा कर टीडीएस कटौती रोकी जा सकती है। इसके अलावा पूरी राशि को एक ही लंबी अवधि की एफडी में ब्लॉक करने के बजाय 'एफडी लैडरिंग' (FD Laddering) तकनीक अपनाएं, यानी अपनी पूंजी को 1 वर्ष, 2 वर्ष और 3 वर्ष की अलग-अलग किस्तों में बांटकर जमा करें। इससे हर साल कुछ पैसा मैच्योर होकर आपके हाथ में आएगा, जिससे जरूरत पड़ने पर लिक्विडिटी भी बनी रहेगी और यदि ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो पैसे को फिर से ऊंचे रेट पर री-इन्वेस्ट करने का अवसर भी मिलेगा।
तमिलनाडु में टॉपर पर CM विजय ने लुटाया प्यार, सोने का हार देकर किया सम्मानित
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने बुधवार को चेन्नई में एक कार्यक्रम में 12वीं कक्षा में राज्य स्तर पर प्रथम स्थान पाने वाली छात्रा को सोने का हार दिया। यह कार्यक्रम 10वीं और 12वीं कक्षा के होनहार छात्रों को सम्मानित करने के लिए आयोजित किया गया था।
डाकघर बचत योजनाएं: सरकारी सुरक्षा के साथ 4% से 8.2% तक ब्याज
सुरक्षित निवेश और तयशुदा रिटर्न की तलाश करने वाले मध्यमवर्गीय व रूढ़िवादी निवेशकों के लिए इंडिया पोस्ट (India Post) की 'स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स' आज भी देश का सबसे लोकप्रिय जरिया हैं। केंद्र सरकार द्वारा समर्थित होने के कारण इनमें शून्य जोखिम (Sovereign Guarantee) होता है, यानी जमा की गई पूंजी और ब्याज का एक-एक रुपया पूरी तरह सुरक्षित रहता है। वित्त मंत्रालय द्वारा इन योजनाओं की ब्याज दरों की हर तिमाही समीक्षा की जाती है। वर्तमान में डाकघर बचत योजनाओं में 4.0% से लेकर अधिकतम 8.2% वार्षिक तक का आकर्षक ब्याज मिल रहा है। चाहे आपको रोजाना के खर्चों के लिए लिक्विड फंड चाहिए, रिटायरमेंट के बाद हर महीने बंधी-बंधाई पेंशन जैसी आय चाहिए, बेटी की उच्च शिक्षा की योजना बनानी हो या फिर आयकर में 80C की छूट लेनी हो, पोस्ट ऑफिस के पोर्टफोलियो में हर आयु वर्ग और वित्तीय लक्ष्य के लिए समर्पित योजनाएं मौजूद हैं।किस योजना पर कितना ब्याज? देखें डाकघर की सभी प्रमुख योजनाओं की सूचीडाकघर की बचत योजनाओं को मुख्यतः तीन श्रेणियों में बांटा जाता है: अल्पकालिक लिक्विड विकल्प, मासिक/नियमित आय योजनाएं और लंबी अवधि के टैक्स-सेविंग फंड।योजना का नाम (Scheme Name)वर्तमान ब्याज दर (Interest Rate)निवेश अवधि (Tenure)ब्याज भुगतान का तरीकापोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट4.0% वार्षिककोई तय सीमा नहींसालाना क्रेडिट1-वर्षीय टाइम डिपॉजिट (TD/FD)6.9% वार्षिक1 वर्षतिमाही चक्रवृद्धि, सालाना भुगतान2-वर्षीय टाइम डिपॉजिट (TD/FD)7.0% वार्षिक2 वर्षतिमाही चक्रवृद्धि, सालाना भुगतान3-वर्षीय टाइम डिपॉजिट (TD/FD)7.1% वार्षिक3 वर्षतिमाही चक्रवृद्धि, सालाना भुगतान5-वर्षीय टाइम डिपॉजिट (TD/FD)7.5% वार्षिक5 वर्षतिमाही चक्रवृद्धि, सालाना भुगतान5-वर्षीय रेकरिंग डिपॉजिट (RD)6.7% वार्षिक5 वर्ष (60 माह)तिमाही चक्रवृद्धिमंथली इनकम स्कीम (POMIS)7.4% वार्षिक5 वर्षहर महीने सीधे खाते मेंसीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)8.2% वार्षिक5 वर्ष (3 साल बढ़ाई जा सकती है)हर तिमाही भुगतानपब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF)7.1% वार्षिक15 वर्षसालाना चक्रवृद्धि, पूरी तरह टैक्स-फ्री (EEE)सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)8.2% वार्षिक21 वर्ष (15 साल जमा)सालाना चक्रवृद्धि, पूरी तरह टैक्स-फ्री (EEE)नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)7.7% वार्षिक5 वर्षमैच्योरिटी पर एकमुश्तकिसान विकास पत्र (KVP)7.5% वार्षिक115 महीने (9 साल 7 माह)पैसा दोगुना होने पर भुगतानबुजुर्गों और बेटियों के लिए सबसे अधिक 8.2% ब्याज: SCSS और SSYडाकघर की पूरी सूची में सबसे ज्यादा 8.2% का वार्षिक ब्याज दो विशिष्ट सामाजिक योजनाओं पर दिया जाता है। पहली योजना है सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS), जो 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए तैयार की गई है (वीआरएस लेने वालों को 55 वर्ष से छूट मिलती है)। इसमें अधिकतम ₹30 लाख तक की एकमुश्त राशि 5 वर्षों के लिए जमा की जा सकती है। इसका 8.2% ब्याज हर तीन महीने (त्रैमासिक) में सीधे बुजुर्गों के बैंक/डाकघर खाते में भेजा जाता है, जिससे उन्हें रिटायरमेंट के बाद नियमित आय का मजबूत सहारा मिलता है। दूसरी योजना है सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), जो 10 वर्ष तक की बेटियों के भविष्य को संवारने के लिए माता-पिता को 8.2% का रिकॉर्ड ब्याज देती है। यह योजना पूरी तरह EEE (Exempt-Exempt-Exempt) श्रेणी में आती है, यानी इसमें किया गया ₹1.5 लाख तक का सालाना निवेश, उस पर बनने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाला पूरा फंड शत-प्रतिशत टैक्स-फ्री होता है।नियमित मासिक आय और सुरक्षित बचत: MIS, PPF और RD के फायदेयदि आप एकमुश्त पूंजी लगाकर बैंक ब्याज की तरह हर महीने निश्चित आय कमाना चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) सबसे सटीक विकल्प है। इसमें सिंगल खाते में अधिकतम ₹9 लाख और जॉइंट खाते में अधिकतम ₹15 लाख तक जमा किए जा सकते हैं। 7.4% ब्याज दर के अनुसार जॉइंट खाते में जमा ₹15 लाख पर हर महीने ₹9,250 की निश्चित आमदनी 5 साल तक लगातार मिलती रहती है। वहीं, वेतनभोगी और छोटे बचतकर्ताओं के लिए पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) 15 साल के दीर्घकालिक नजरिए से धन निर्माण का सबसे भरोसेमंद जरिया है। 7.1% टैक्स-फ्री ब्याज के साथ पीपीएफ कंपाउंडिंग का जबरदस्त लाभ देता है। जो लोग एक साथ बड़ी रकम नहीं लगा सकते, उनके लिए ₹100 प्रति माह से शुरू होने वाली 5-वर्षीय आरडी (6.7%) हर महीने अनुशासित बचत सिखाती है।फिक्स्ड डिपॉजिट और गारंटीड रिटर्न: TD, NSC और किसान विकास पत्रजो निवेशक बैंक एफडी के विकल्प तलाश रहे हैं, उनके लिए डाकघर की टाइम डिपॉजिट (TD) 1 से 5 साल की अवधि के लिए 6.9% से 7.5% तक का तय ब्याज देती है। खास बात यह है कि 5-वर्षीय टाइम डिपॉजिट में निवेश करने पर आयकर कानून की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है। मध्यम अवधि में सरकारी गारंटी के साथ पैसा बढ़ाने के लिए नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) 7.7% ब्याज दर के साथ 5 साल का लॉक-इन प्रदान करता है, जिसमें ब्याज स्वतः री-इन्वेस्ट होकर मैच्योरिटी पर एक साथ मिलता है। वहीं, पारंपरिक निवेशकों की पहली पसंद रहा किसान विकास पत्र (KVP) 7.5% की दर से काम करता है, जिसमें आज निवेश किया गया पैसा 115 महीनों (9 वर्ष 7 माह) में कानूनी गारंटी के साथ सीधा दोगुना होकर वापस मिलता है।आपके वित्तीय लक्ष्य के हिसाब से कौन-सी स्कीम है सबसे मुफीद?सही योजना का चुनाव पूरी तरह आपकी उम्र, आय, रिस्क क्षमता और समय सीमा पर निर्भर करता है। यदि घर में 10 साल से छोटी बेटी है, तो सुकन्या समृद्धि योजना से बेहतर कोई दूसरा डेट विकल्प नहीं है। रिटायर हो चुके बुजुर्गों के लिए पूंजी की सुरक्षा और तिमाही पेंशन के रूप में सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि आप प्राइवेट नौकरी या स्वरोजगार में हैं और 15 साल बाद बच्चों की उच्च शिक्षा या अपने रिटायरमेंट के लिए टैक्स-फ्री फंड बनाना चाहते हैं, तो हर वित्तीय वर्ष पीपीएफ में निवेश करना सबसे समझदारी भरा कदम है। इसके विपरीत यदि आपके पास कोई एकमुश्त फंड (जैसे जमीन की बिक्री या ग्रेच्युटी) आया है और आप उस पर जोखिम लिए बिना हर महीने घर खर्च चलाना चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस एमआईएस खाता चुनना सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित होगा।
कर्नाटक के दामाद हैं अमेरिका में जीते अब्दुल, अब बनेंगे पहले मुस्लिम सीनेटर
अमेरिका के पहले मुस्लिम सीनेटर बनकर इतिहास रचने वाले अब्दुल अल-सैयद का कर्नाटक से नाता है. उनकी डॉक्टर पत्नी सारा जुकाकू का कर्नाटक के भटकल से संबंध रहा है. सारा के दादा जेएच शम्सुद्दीन जुकाकू मैसूर रियासत की सरकार में डिप्टी फाइनेंस मिनिस्टर रहे थे.
गौर से लेकर गिद्धों बढ़ी मौजूदगी, बांधवगढ़ के वन्यप्राणी भी मना रहे उत्सव
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में गौर, हाथियों और गिद्धों की मौजूदगी से जैव विविधता समृद्ध हो रही है. कान्हा से लाए गए बारहसिंगा को नए आवास के अनुकूल बनाने की तैयारी जारी है.
दिल्ली में दिवाली से पहले ट्रैफिक चरमराया, जानें कारण
दिवाली और धनतेरस से पहले दिल्ली के बाजारों में खरीदारी के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है. साउथ एक्स के पास रिंग रोड और मोदी मिल फ्लाईओवर पर भीषण जाम लगा. अवैध पार्किंग के चलते एम्बुलेंस और इमरजेंसी सेवाएं भी प्रभावित हुईं. त्योहारों के इस सीजन में ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रखना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बन गया है.
3-4 चम्मच घी, नींबू का रस और इलायची पाउडर... विदेशी मांग रहे ये मिठाई
त्योहार के मौके पर वैसे तो सभी मिठाइयों की भारी डिमांड रहती है. लेकिन इनमें अलवर का कलाकंद बेहद खास रहता है. अलवर का कलाकंद देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेश में भी सप्लाई होता है. यह बाहर से हल्का भूरा और अंदर से मलाईदार और मीठा होता है.
यौन शोषण मामलों की सुनवाई के लिए बढ़ेंगी फास्ट ट्रैक कोर्ट, कैबिनेट की मंजूरी
केंद्र सरकार ने रेप और बाल यौन शोषण मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट योजना को मार्च 2031 तक बढ़ाने की मंजूरी दी है. योजना के तहत विशेष अदालतों की संख्या 779 से बढ़ाकर 850 की जाएगी और 3,788 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
CJP अब खत्म है, रीढ़ की हड्डी टूट गई: बोले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज काटजू ने कहा कि सीजेपी अब खत्म हो गई। रीढ़ की हड्डी टूट गई। पीस बॉन्ड साइन करने से अब ये खत्म हो गए। कुछ नहीं रहा इनमें। बता दें कि पिछले महीने भी काटजू ने सीजेपी नेताओं पर हमला बोला था और कहा था कि चारों का करियर खत्म हो गया है।
आजम खान ने ईडी की गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती, गुरुवार को होगी सुनवाई
समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान ने रामपुर जेल से रिहाई के तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए जाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को सुनवाई करेगा।
हैदराबाद में दो महिलाओं की चाकू घोंपकर हत्या, रिश्तेदार पर शक
हैदराबाद के मीरपेट की जयश्री कॉलोनी में पारिवारिक विवाद के बाद दो महिलाओं की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई. पुलिस को रिश्तेदार सिद्दीकी पर शक है, जो वारदात के बाद फरार है.
दीपावली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सेंट्रल रेलवे ने अपने मंडल के पांच प्रमुख स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है। यह प्रतिबंध 5 नवंबर 2026 से 15 नवंबर 2026 तक लागू रहेगा।
सिक्किम में कड़ाके की ठंड: छांगू में माइनस दो तो नाथुला में माइनस पांच डिग्री तक पहुंचा पारा
सिक्किम में सर्दी का असर लगातार बढ़ रहा है, जहां छांगू झील और नाथुला में तापमान तेजी से गिर रहा है।
कारगिल में बेकाबू होकर खाई में गिरा सैन्य वाहन, दो जवान शहीद
लद्दाख के कारगिल में नेशनल हाईवे-01 पर नामिका ला पास के पास भारतीय सेना का एक भारी वाहन गहरी खाई में गिर गया. इस हादसे में वाहन के चालक और सह-चालक दोनों जवान मौके पर ही शहीद हो गए. पुलिस ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और शवों को निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा.
देश के नंबर-1 CM बने योगी आदित्यनाथ, 897 अंकों के साथ 'बेस्ट सीएम सर्वे 2026' में किया टॉप
देशभर के मुख्यमंत्रियों को लेकर आए एक ताजा राष्ट्रीय सर्वे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर देश में पहला स्थान हासिल कर बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है। 'फेम इंडिया पत्रिका' और 'एशिया पोस्ट' द्वारा किए गए संयुक्त 'बेस्ट ...
US चुनाव में डेमोक्रेट्स की बढ़त के बाद चीन का आया बयान
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की बढ़त के बाद चीन ने इसे अमेरिका का आंतरिक मामला बताया है. बीजिंग ने दोनों देशों के बीच संवाद, सहयोग और शीर्ष नेताओं के बीच बनी सहमति को लागू करने की इच्छा जताई है. ये बैठक 18-19 नवंबर को चीन के शेनझेन में होने वाले APEC सम्मेलन के दौरान हो सकती है. हालांकि, चीन ने इसकी औपचारिक पुष्टि नहीं की है.
'सुप्रिया अब तैयार हैं', PM मोदी ने शरद पवार को किया फोन; सियासी अटकलें तेज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शरद पवार को फोन कर उनका हालचाल पूछा, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में नई अटकलें तेज हो गईं।
तमिलनाडु सीएम थलपति विजय ने चेन्नई के लिए मांगा 'सुप्रीम कोर्ट', पीएम मोदी को लिखा खत
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय ने चेन्नई में सुप्रीम कोर्ट की एक स्थायी ब्रांच स्थापित करने की मांग की है। उन्होंने पीएम मोदी को पत्र लिखकर इस मुद्दे को उच्चतम न्यायलय के सामने उठाने की अपील की है।
2 करोड़ मुआवजा और नौकरी... झोटा के अंतिम संस्कार को राजी हुआ परिवार
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर पंजाब सरकार और इंसाफ कमेटी के बीच महत्वपूर्ण समझौता हुआ है. 6 नवंबर को झोटा का पोस्टमार्टम होगा और उसके बाद अंतिम संस्कार.
Agniveer योजना में विस्तार, मोदी की VISTAR योजना समेत देश-विदेश की प्रमुख खबरें
नयी दिल्ली, चार नवंबर बुधवार को रात साढ़े नौ बजे तक ‘भाषा’ की विभिन्न फाइल से जारी मुख्य समाचार इस प्रकार हैं : दि98मंत्रिमंडल दूसरी लीड अग्निवीरसरकार ने अग्निवीरों को दो साल का सेवा विस्तार देने की घोषणा की, स्थायी भर्ती का मार्ग प्रशस्त हुआनयी दिल्ली, ‘अग्निपथ’ योजना में बड़े बदलाव के तहत सरकार ने बुधवार को घोषणा की कि उन ‘अग्निवीरों’ को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार दिया जाएगा जिनका चार साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इसके बाद निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करने और व्यक्तिगत सहमति देने वाले अग्निवीरों को स्थायी भर्ती की पेशकश की जाएगी। दि91मोदी विस्तार योजनामोदी ने सांख्यिकी प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए ‘विस्तार’ योजना को मंजूरी दिए जाने की सराहना कीनयी दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ‘विस्तार’ योजना को बुधवार को मंजूरी दिए जाने की सराहना करते हुए कहा कि बेहतर आंकड़ों से बेहतर फैसले लेने, नीतियां बनाने और लोगों तक अधिक प्रभावी ढंग से सेवाएं पहुंचाने में मदद मिलेगी। प्रादे156पंजाब राहुल लीड मोदीपांच मिनट में साबित कर दूंगा मोदी ‘राष्ट्र-विरोधी’ हैं: राहुल ने फिर दी खुली बहस की चुनौतीसंगरूर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके उस आरोप पर खुली बहस की फिर से चुनौती दी, जिसमें कांग्रेस को ‘देशद्रोही’ कहा गया था। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि वह पांच मिनट के भीतर यह साबित कर सकते हैं कि वास्तव में प्रधानमंत्री ही इस ‘टैग’ के लिए फिट बैठते हैं। वि32अमेरिका चुनाव चौथी लीड परिणामडेमोक्रेट्स ने ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को दी करारी शिकस्त, दोनों सदनों पर जमाया कब्जावाशिंगटन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका देते हुए देश के मतदाताओं ने मंगलवार को हुए बहुचर्चित मध्यावधि चुनावों में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी को अमेरिकी संसद का नियंत्रण सौंप दिया और कई अहम राज्यों में गवर्नर पदों पर भी पार्टी को जीत दिलाई। प्रादे191 महाराष्ट्र पवार लीड मोदीपुणे के अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद शरद पवार मुंबई में भर्तीमुंबई/पुणे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) के प्रमुख शरद पवार को बुधवार को पुणे के एक मल्टी-स्पेशियलिटी स्वास्थ्य केंद्र से छुट्टी मिलने के कुछ ही घंटे बाद मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। दि102संसद समिति एफसीआरए हितधारकएसीआरए विधेयक पर संयुक्त समिति 12 नवंबर को विभिन्न हितधारकों के साथ बैठक करेगीनयी दिल्ली, विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक पर संसद की संयुक्त समिति 12 नवंबर को बैठक करेगी और बैप्स, ऑक्सफैम, गिरजाघर के पदाधिकारियों और वकीलों समेत विभिन्न हितधारकों के साथ एक-एक करके विचार-विमर्श करेगी। दि99भाजपा राहुल मोदी बहससंसद में बहस से भागना और बाहर बहस की मांग करना संविधान का अपमान: भाजपा का राहुल गांधी पर निशानानयी दिल्ली, भाजपा ने बुधवार को राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह एक तरफ तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ खुली बहस की मांग कर रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ संसद में चर्चा से ‘‘भाग रहे’’ हैं। पार्टी ने कहा कि उनका यह रुख संविधान की मूल भावना का अपमान होने के साथ ही देश के मतदाताओं के साथ मजाक है। दि95न्यायालय सीईसी कार्रवाई छूटन्यायालय सीईसी, निर्वाचन आयुक्तों को कानूनी कार्रवाई से मिली छूट के खिलाफ याचिकाओं पर करेगा सुनवाईनयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय बुधवार को राजद सांसद मनोज झा और सामाजिक कार्यकर्ता अरुण अग्रवाल की उन याचिकाओं पर सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया, जिनमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) और निर्वाचन आयुक्तों पर मुकदमा चलाये जाने से छूट देने वाले कानून के एक प्रावधान की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है। दि15 : कांग्रेस अमेरिका मध्यावधिअमेरिका के मध्यावधि चुनावों ने संस्थागत संतुलन बहाल किया, भारत में 2014 से यह बिगड़ा है: कांग्रेसनयी दिल्ली, कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि अमेरिका के मध्यावधि चुनावों ने उस संस्थागत संतुलन को बहाल किया है, जो गणतांत्रिक लोकतंत्र के मूल में है और भारत में 2014 से यह खतरनाक ढंग से बिगड़ा हुआ है। प्रादे176लोकसभा अध्यक्ष एनसीपीआईअयोग्यता संबंधी नोटिस पर और समय मांगने वाले बागी तृणमूल सांसदों के आवेदनों पर विचार करूंगा : बिरलातिरुवनंतपुरम, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को कहा कि वह तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी सांसदों की उन अर्जियों पर बारीकी से विचार करेंगे, जिनमें उन्होंने अयोग्यता नोटिस का जवाब देने के लिए और समय मांगा है। प्रा157महाराष्ट्र कांग्रेस लीड बर्वेवीडियो में कांग्रेस सांसद पार्टी की महिला सांसद को थप्पड़ मारते दिखे, दोनों ने घटना को तूल नहीं दियानागपुर, दिल्ली में एक विरोध रैली के दौरान कांग्रेस के रामटेक से सांसद श्यामकुमार बर्वे द्वारा पार्टी की ही सांसद प्रतिभा धानोरकर को हल्के से थप्पड़ मारे जाने का एक वीडियो बुधवार को विवाद का विषय बन गया, हालांकि दोनों नेताओं ने इस घटना को महज एक मजाक बताकर टाल दिया। प्रादे135मप्र संघ लीड होसबालेमहासचिव होसबाले ने एसआईआर को सही ठहराया, ‘अराजक शक्तियों’ के प्रति आगाह कियाइंदौर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह (महासचिव) दत्तात्रेय होसबाले ने निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को बुधवार को उचित ठहराते हुए कहा कि इस प्रक्रिया का मकसद इन सूचियों को त्रुटिहीन बनाना है। वि33इजराइल तीसरीलीड चुनावधोखाधड़ी के दावों के बीच इजराइल ने चुनाव परिणामों को मंजूरी दीयरुशलम,वोट चोरी और धांधली के आरोपों के बीच, इजराइल की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) के अध्यक्ष नोम सोहलबर्ग ने चुनाव के नतीजे बुधवार को राष्ट्रपति इसाक हर्जोग को सौंप दिए, जिससे नयी सरकार के गठन को लेकर विचार-विमर्श की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अर्थ78अमेरिका चुनाव व्यापार विशेषज्ञचुनाव में हार के बाद ट्रंप भारत के साथ जल्द व्यापार समझौता करने की कर सकते कोशिश: विशेषज्ञनयी दिल्ली, अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में हार के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के साथ जल्द व्यापार समझौता करने की कोशिश कर सकते हैं। विशेषज्ञों ने यह राय जताई है। अर्थ85लीड ट्राई नेटवर्क अनुभव मंचट्राई का नेटवर्क अनुभव प्लेटफॉर्म शुरू, ग्राहक कंपनियों के इंटरनेट नेटवर्क की कर सकेंगे तुलनानयी दिल्ली, मोबाइल कनेक्शन लेने या दूरसंचार कंपनी बदलने से पहले अब उपभोक्ता अपने इलाके में अलग-अलग कंपनियों के इंटरनेट नेटवर्क की स्थिति की तुलना कर सकेंगे। इसके लिए दूरसंचार नियामक ट्राई ने बुधवार को ‘नेटवर्क अनुभव प्लेटफॉर्म’ शुरू किया। इस पर मोबाइल इंटरनेट की डाउनलोड और अपलोड की गति के परीक्षण नतीजे उपलब्ध होंगे। खेल20खेल लीड भारततेज गेंदबाजों और कोहली के कमाल से भारत ने जीता पहला वनडेऑकलैंड, तेज गेंदबाजों के कमाल और विराट कोहली की धमाकेदार अर्धशतकीय पारी की मदद से भारत ने बुधवार को यहां बारिश से प्रभावित पहले एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में न्यूजीलैंड को डकवर्थ लुईस पद्वति से पांच विकेट से हराकर पांच मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त हासिल की। खेल39खेल रणजी ग्रुप एरणजी ट्रॉफी: विदर्भ ने मध्य प्रदेश को पारी और 20 रन से रौंदानागपुर, हर्ष दुबे और पार्थ रेखाड़े के पांच-पांच विकेट की बदौलत विदर्भ ने बुधवार को यहां रणजी ट्रॉफी के ग्रुप ए मुकाबले में मध्य प्रदेश पर पारी और 20 रन से शानदार जीत दर्ज की।
जयपुर में EPFO का प्रवर्तन अधिकारी एक लाख रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट, ACB ने रंगे हाथों दबोचा
जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बुधवार को जयपुर में कार्रवाई करते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के प्रवर्तन अधिकारी सोनू मौर्य को एक लाख रुपए की कथित रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोप है कि अधिकारी ने एक निजी फर्म के कर्मचारियों का भविष्य निधि (PF) जमा नहीं कराने से […] The post जयपुर में EPFO का प्रवर्तन अधिकारी एक लाख रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट, ACB ने रंगे हाथों दबोचा appeared first on Sabguru News .
धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी पर संतों ने क्या कहा?
धीरेंद्र शास्त्री ने कथा के दौरान भगवान राम को सीधा और श्रीकृष्ण को टेढ़ा बताया था. उनके इस बयान पर संत समाज के कई लोगों ने नाराजगी जताई और राम-कृष्ण में भेद को सनातन परंपरा के विरुद्ध बताया. हालांकि, कुछ संतों ने उनका समर्थन भी किया. वीडियो में जानें मामला.
भीलवाड़ा के सांवरिया सेठ मंदिर में दिनदहाड़े चोरी, CCTV में कैद हुई पूरी वारदात
भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के मांडल कस्बे में एक अजीबोगरीब चोरी का मामला सामने आया है। यहां मोहन कॉलोनी स्थित सांवरिया सेठ मंदिर में एक अज्ञात व्यक्ति ने दिनदहाड़े भगवान की प्रतिमा पर चढ़े चांदी के आभूषण चोरी कर लिए। आरोपी ने वारदात से पहले मंदिर में भगवान की परिक्रमा की, हाथ जोड़कर प्रार्थना […] The post भीलवाड़ा के सांवरिया सेठ मंदिर में दिनदहाड़े चोरी, CCTV में कैद हुई पूरी वारदात appeared first on Sabguru News .
चोरी-छिपे मिलते थे प्रेमी-प्रेमिका, परिजनों ने पकड़ा तो करा दी शादी
कौशांबी में चार साल से चल रहे प्रेम प्रसंग का दिलचस्प अंत हुआ. दरअसल, प्रयागराज से प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक को युवती के परिजनों ने रेस्टोरेंट में पकड़ लिया. इस बीच दोनों परिवारों के बीच पहले शादी को लेकर असहमति रही, लेकिन समझाने-बुझाने के बाद सभी राजी हो गए. इसके बाद रामजानकी मंदिर में दोनों ने वैदिक रीति-रिवाज से सात फेरे लिए.
Delhi Air Pollution: 288 दिनों में सबसे खराब स्तर पर पहुंचा AQI, 22 केंद्रों पर हवा गंभीर
नयी दिल्ली, चार नवंबर दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में बुधवार को तेज गिरावट दर्ज की गई और वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 377 के साथ ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गया। यह ‘गंभीर’ श्रेणी के स्तर के करीब है। वहीं, 22 निगरानी केंद्रों पर प्रदूषण का स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता और बिगड़ने की आशंका के बीच दिवाली नजदीक आने के साथ राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण बढ़ने की स्थिति से निपटने की तैयारी की जा रही है। राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को एक्यूआई 377 रहा जो 20 जनवरी के बाद सबसे अधिक है, जब यह 378 दर्ज किया गया था। इस तरह बुधवार को एक्यूआई 288 दिनों में सबसे खराब स्तर पर रहा। दिल्ली स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में सबसे अधिक 458 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके बाद जहांगीरपुरी और पंजाबी बाग में 448-448, जबकि मुंडका में 439 एक्यूआई दर्ज किया गया। कुल 59 निगरानी केंद्रों में से 22 पर वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’, 32 पर ‘बहुत खराब’ और पांच पर ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 को ‘मध्यम’, 201 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 को ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच के एक्यूआई को ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा जाता है। वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के अनुसार, दिल्ली की वायु गुणवत्ता बृहस्पतिवार को ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रहने की आशंका है। छह से सात नवंबर तक इसके और बिगड़कर ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचने का अनुमान है। बुधवार को दिल्ली में पीएम10 प्रमुख प्रदूषक के रूप में उभरा। इससे पहले लगातार तीन दिनों तक पीएम 2.5 प्रमुख प्रदूषक रहा था। पीएम10 आमतौर पर मोटे कणों वाले प्रदूषण से जुड़ा होता है, जिसमें सड़क की धूल और निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल शामिल है। दिल्ली के प्रमुख मौसम केंद्र सफदरजंग में अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसम के सामान्य तापमान से 0.7 डिग्री कम है। पालम में अधिकतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.6 डिग्री कम है, जबकि लोधी रोड में यह 29.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.4 डिग्री कम है। रिज और आया नगर मौसम केंद्रों पर अधिकतम तापमान क्रमशः 28.6 डिग्री और 29.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से क्रमशः 1.3 डिग्री और 1.1 डिग्री कम है। सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.8 डिग्री अधिक है। पालम में न्यूनतम तापमान 16.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.7 डिग्री अधिक है, जबकि लोधी रोड में यह 16.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक है। रिज में न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम है, जबकि आया नगर में यह 16.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.4 डिग्री अधिक है। निर्णय सहायता प्रणाली (डीएसएस) के अनुसार, बुधवार को दिल्ली के प्रदूषण में परिवहन क्षेत्र का योगदान 15.5 प्रतिशत रहा, जबकि पराली जलाने से 20.2 प्रतिशत प्रदूषण हुआ। दिल्ली के प्रदूषण में अन्य क्षेत्रों का योगदान इस प्रकार रहा- उद्योगों का 2.9 प्रतिशत, कचरा जलाने का 1.3 प्रतिशत, निर्माण गतिविधियों का 2.2 प्रतिशत, सड़क की धूल का 1.1 प्रतिशत, आवासीय स्रोतों का 3.8 प्रतिशत और अन्य क्षेत्रों का एक प्रतिशत। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के जिलों में गाजियाबाद का योगदान सात प्रतिशत, रोहतक का 3.8 प्रतिशत, गुरुग्राम का 2.7 प्रतिशत, सोनीपत का 2.2 प्रतिशत, जींद का 1.8 प्रतिशत और भिवानी का 1.3 प्रतिशत रहा। प्रदूषण में अन्य स्रोतों का योगदान 28.5 प्रतिशत रहा। इस बीच, उपग्रहों ने चार नवंबर को अध्ययन के दायरे में शामिल छह राज्यों में पराली जलाने की 467 घटनाओं का पता लगाया। इनमें पंजाब में 151, हरियाणा में 10, उत्तर प्रदेश में 33, राजस्थान में 111, उत्तराखंड में पांच और मध्य प्रदेश में 157 घटनाएं शामिल हैं। दिल्ली में पराली जलाने की कोई घटना दर्ज नहीं की गई। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर) की अंतरिक्ष से कृषि पारिस्थितिकी तंत्र की निगरानी और मॉडलिंग के लिए अनुसंधान संघ (क्रीम्स) प्रयोगशाला के अनुसार, 15 सितंबर से चार नवंबर के बीच दिल्ली सहित सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पराली जलाने की कुल 4,800 घटनाओं का पता चला है। इनमें पंजाब में 2,347, हरियाणा में 62, उत्तर प्रदेश में 392, दिल्ली में दो, राजस्थान में 949, उत्तराखंड में 183 और मध्य प्रदेश में 865 घटनाएं शामिल हैं।
जेल में मनेगी गिरिबाला सिंह की दिवाली, हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज
ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी. अदालत ने डिजिटल सबूतों, CCTV फुटेज और लंबित CFSL रिपोर्ट को अहम माना.
बैलेट पेपर से वोटों की गिनती में अमेरिका इतना तेज कैसे?
अमेरिका में ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से मतदान होता है, फिर भी वोटों की गिनती तेजी से पूरी हो जाती है. वीडियो में जानिए स्कैनर, एडवांस वोटिंग और विकेंद्रीकृत चुनाव व्यवस्था की मदद से वहां कैसे होती है मतगणना. यानी अमेरिका में तेजी की वजह सिर्फ मशीनें नहीं, बल्कि पहले से तैयारी और विकेंद्रीकृत चुनावी व्यवस्था भी है.
Mahadev App के सह-प्रवर्तक रवि उप्पल UAE में हिरासत में, प्रत्यर्पण की तैयारी
नयी दिल्ली, चार नवंबर महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के सह-प्रवर्तक रवि उप्पल को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में गिरफ्तार कर लिया गया है और प्रत्यर्पित करा कर भारत लाया जाएगा। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एक टीम द्वारा ओमान से उप्पल के दोस्त और महादेव ऐप के एक अन्य प्रवर्तक, सौरभ चंद्राकर को वापस लाये जाने के बाद, यह घटनाक्रम हुआ है। ओमान की एक अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा धन शोधन के एक मामले में की जा रही जांच के सिलसिले में, चंद्राकर को प्रत्यर्पित करने की अनुमति दी थी। अधिकारियों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि दुबई के अधिकारियों ने उप्पल (46) को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ भारतीय जांच एजेंसियों ने इंटरपोल रेड नोटिस जारी किया था। उन्होंने बताया कि सीबीआई और ईडी उसे प्रत्यर्पित कराने की कोशिश कर रही है। जांच एजेंसियों ने दावा किया है कि चंद्राकर की तरह ही, उप्पल ने भी दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित द्वीपीय देश, वानुअतु से पासपोर्ट हासिल किया है। अक्टूबर 2023 में उप्पल के खिलाफ दाखिल किये गए आरोपपत्र में कहा गया था कि उसने ‘‘अपराध से कमाई की और उसका फायदा उठाया, तथा वह इस रकम को छिपाने और उसके हेरफेर में शामिल है।’’इसमें आरोप लगाया गया है कि उप्पल, ‘‘सहायक उप निरीक्षक चंद्रभूषण वर्मा और कुछ अन्य लोगों के जरिए, छत्तीसगढ़ के नौकरशाहों और राजनेताओं तक रकम पहुंचाने के काम की देखरेख कर रहा था।’’उप्पल और चंद्राकर, दोनों ही छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई शहर के रहने वाले हैं। एजेंसी ने बताया कि महादेव ऐप, जिसे महादेव ऑनलाइन बुक भी कहा जाता है, ने 2019-20 में अपना संचालन शुरू किया। 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान इसके उपयोगकर्ताओं की संख्या में ‘‘तेजी से’’ बढ़ोतरी हुई और यह लगातार बढ़ती गई। हजारों ‘पैनल’ के जरिए संचालित होने वाले इस ऐप के जरिये 2019 से अब कथित तौर पर 80,000 करोड़ रुपये अर्जित किये गए।
इजरायल से भारत तक हलचल; मिडटर्म में हार के बाद ट्रंप का अगला कदम क्या, बदलेगी विदेश नीति?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मिडटर्म चुनाव में बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने हाउस और सीनेट दोनों में जीत हासिल कर ली है। ऐसे में दुनिया भर की सरकारें अब यह देख रही हैं कि कांग्रेस में सत्ता बदलने से वाशिंगटन की विदेश नीति पर क्या असर पड़ेगा।
Ramayana देखकर रो पड़े बादशाह, जटायु का सीन देख उमड़े जज्बात!
रणबीर कपूर की रामायण देखकर बादशाह भावुक हो गए। सिंगर ने बताया कि बचपन से कहानी जानने के बावजूद फिल्म ने उन्हें रुला दिया. जानें फिल्म के रिव्यू और जटायु सीन की खासियत.
राहुल गांधी विदेशी नेताओं के साथ बातचीत के जरिए भारत को शर्मिंदा कर रहे हैं, भाजपा भड़की
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि गांधी को विदेशी प्रभाव के आरोपों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ बहस करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि मोदी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति लगातार मजबूत की है।
Pawan Singh First Song: पवन सिंह ने 11 साल की उम्र में 1997 में भोजपुरी गाना 'ओढ़निया वाली' गाया था. 'लॉलीपॉप लागेलू' से पहले का यह गाना आज भी यूट्यूब पर लोगों का ध्यान खींच रहा है.
10 हजार रुपए के लिए घर में घुसकर आतंक! सड़क पर हथियार भी लहराए
Bhopal criminal Arshad Babba: भोपाल के कांग्रेस नगर में 10 हजार रुपए मांगने और विरोध पर घर में घुसकर मारपीट व तोड़फोड़ करने का आरोप। निगरानीशुदा बदमाश अरशद बब्बा का वीडियो वायरल, पुलिस ने केस दर्ज किया.
छोटी और बड़ी दिवाली क्या एकसाथ मनेगी? 8 या 9 नवंबर का कन्फ्यूजन खत्म
इस साल छोटी और बड़ी दिवाली का त्योहार एकसाथ 8 नवंबर को मनाया जाएगा. दिवाली की पूजा प्रदोष काल में करना सबसे शुभ माना जाता है. इस साल 8 नवंबर को प्रदोष काल शाम 5 बजकर 54 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 50 मिनट तक रहने वाला है. यानी लक्ष्मी गणेश पूजन के लिए आपको करीब 1 घंटा 54 मिनट का समय मिलेगा.
Kotia सीमा विवाद पर Naveen Patnaik ने सीएम माझी को लिखा पत्र, केंद्र से दखल की मांग
भुवनेश्वर/कोरापुट, चार नवंबर बीजू जनता दल (बीजद) अध्यक्ष नवीन पटनायक ने बुधवार को ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखकर पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश द्वारा विवादित कोटिया क्षेत्र में ग्रामीण चुनाव कराने की कोशिशों से बढ़ते तनाव का मुद्दा केंद्र और आंध्र प्रदेश सरकार के समक्ष उठाने का आग्रह किया। पटनायक के पत्र लिखने से एक दिन पहले ओडिशा और आंध्र प्रदेश के अधिकारियों के बीच कथित तौर पर तनातनी हुई थी, जिससे अंतरराज्यीय सीमा पर स्थित गांवों के समूह में तनाव पैदा हो गया था। इस बीच, ओडिशा पुलिस ने आंध्र प्रदेश प्रशासन द्वारा स्थापित एक मतदान केंद्र को सील कर दिया। विवाद तब बढ़ा, जब पड़ोसी राज्य की सरकार ने ओडिशा के क्षेत्र में आने वाले कुछ गांवों में ग्रामीण चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू की। ये चुनाव पांच नवंबर को होने हैं। चुनाव से पहले ओडिशा सरकार ने सीमा पर तीन जांच चौकियां स्थापित की हैं, ताकि शांति बनाए रखी जा सके और पड़ोसी राज्य के अधिकारियों तथा पुलिसकर्मियों के अनधिकृत प्रवेश और कोटिया क्षेत्र में चुनाव संबंधी गतिविधियों को रोका जा सके। कोटिया से मिली एक रिपोर्ट के अनुसार, कोरापुट जिला पुलिस ने विवादित क्षेत्र के अपर सेम्बी गांव में आंध्र प्रदेश पुलिस की एक जांच चौकी का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। ओडिशा पुलिस के हस्तक्षेप के बाद आंध्र प्रदेश पुलिस के जवानों ने कथित तौर पर चौकी खाली कर दी। कोरापुट के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) टीपीएस मंडल ने कहा, ‘‘हमारे वहां पहुंचने पर आंध्र प्रदेश पुलिस ने जांच चौकी खाली कर दी और उस इलाके से चली गई।’’पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा और आंध्र प्रदेश, दोनों में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दलों की सरकारें हैं। उन्होंने कहा कि ओडिशा की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है, जैसा कि भाजपा ने अपने 2024 के चुनावी घोषणापत्र में वादा किया था।
'आपने रॉन्ग नंबर मिलाया, जाओ प्रोटेस्ट करो...', याचिकाकर्ता को CJI का जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों के रोटेशन की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है.
पटाखों पर भड़कीं आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान, बोलीं- दीपावली पर एक भी पटाखा फोड़ना देश विरोधी
दीपावली से पहले बढ़ते वायु प्रदूषण और बच्चों की सेहत पर पड़ने वाले बुरे असर को लेकर अभिनेत्री आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान ने पटाखे फोड़ने की कड़ी आलोचना की.
9 साल की बच्ची को भी आ सकता है हार्ट अटैक? दिल्ली की घटना से जानें
दिल्ली के मयूर विहार के एक स्कूल में 9 साल की बच्ची की क्लासरूम में अचानक गिरकर मौत हो गई. इस मामले में हार्ट अटैक की आशंका जताई गई है. क्या इतनी कम उम्र में हार्ट अटैक आ सकता है इस बारे में डॉक्टर ने बताया है.
विराट कोहली के 74 रन से भारत की शानदार जीत, न्यूजीलैंड को पांच विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त
ऑकलैंड। विराट कोहली की आक्रामक बल्लेबाजी और भारतीय तेज गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने न्यूजीलैंड को पहले एकदिवसीय मुकाबले में पांच विकेट से हरा दिया। बुधवार को ईडन पार्क में बारिश से बाधित मैच में भारत ने डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (डीएलएस) नियम के तहत मिले 143 रन के संशोधित लक्ष्य को 22.4 ओवर में […] The post विराट कोहली के 74 रन से भारत की शानदार जीत, न्यूजीलैंड को पांच विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त appeared first on Sabguru News .
SP भानु प्रताप सिंह पर गिरी गाज, पटना पुलिस मुख्यालय बुलाए गए
बिहार के खगड़िया में एसपी रहे IPS अधिकारी भानु प्रताप सिंह को सरकार ने पद से हटाकर पटना पुलिस मुख्यालय बुला लिया है. उनकी पत्नी पूजा सिंह ने प्रताड़ना और छह साल की बेटी से बात नहीं करने देने के आरोप लगाए थे. महिला थाने में शिकायत दी गई है, लेकिन अभी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है. पत्नी तलाक के बजाय परिवार बसाना चाहती हैं.
देहरादून में भारी वाहनों का कहर, आशारोड़ी इलाके का केस
देहरादून के मोहब्बेवाला में कंटेनर ट्रक कार पर पलट गया. इस हादसे ने आशारोड़ी क्षेत्र में सड़क सुरक्षा पर फिर सवाल खड़े किए हैं. जनवरी 2024 से अक्टूबर 2026 तक यहां कम से कम 17 हादसों में 10 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. वीडियो में जानें मामला.
INDIA ब्लॉक की रैली में कौन नहीं पहुंचा? यूथ कांग्रेस ने कई नेताओं को किया सस्पेंड
यूथ कांग्रेस ने रैली में अपने नेताओं की मौजूदगी दर्ज करने के लिए हाई-टेक तरीका अपनाया था, जिसने कई गैरहाजिर नेताओं की पोल खोल दी।
Ghaziabad Court ने बैंक धोखाधड़ी में बरी 2 आरोपियों को PMLA में दोषी ठहराया
नयी दिल्ली, चार नवंबर उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद की एक विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत ने धनशोधन रोकथाम कानून के तहत दो लोगों को दोषी ठहराया, जबकि बैंक ऋण धोखाधड़ी के उस मूल मामले में उन्हें पहले ही बरी किया जा चुका था, जिसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने की थी। अदालत ने तीन नवंबर को अपने आदेश में कहा, ‘‘शुरुआत में यह माना जाता था कि जब तक किसी व्यक्ति को मूल अपराध में दोषी नहीं ठहराया जाता, तब तक उसे धनशोधन के मामले में दोषी नहीं ठहराया जा सकता। लेकिन अब सोच बदल गई है।’’कानून के मुताबिक, धनशोधन का मामला तभी दर्ज किया जा सकता है, जब पुलिस, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या किसी निर्धारित जांच एजेंसी द्वारा कोई मूल अपराध (अनुसूचित अपराध) दर्ज किया गया हो। अदालतों ने पहले यह व्यवस्था दी थी कि मूल अपराध में बरी होने के बाद व्यक्ति धनशोधन के आरोपों से भी स्वत: मुक्त हो जाता है। ‘पीटीआई-भाषा’ के पास मौजूद अदालती आदेश के अनुसार, इस मामले में अदालत ने धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत पांच लोगों को दोषी ठहराया है। इनमें उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के गजरौला में तैनात सिंडिकेट बैंक का एक पूर्व शाखा प्रबंधक भी शामिल है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जांच किए गए इस मामले में विशेष न्यायाधीश भरत सिंह यादव ने सभी पांच दोषियों को तीन-तीन साल के सश्रम कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोषी ठहराए गए लोग सिंडिकेट बैंक के पूर्व प्रबंधक वी एन माथुर और निजी व्यक्ति राजीव कुमार, अरविंद चौधरी, अंकित चौधरी तथा प्रमोद कुमार हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा, ‘‘यह उल्लेखनीय है कि राजीव कुमार और प्रमोद कुमार को अनुसूचित अपराध (जिसकी जांच सीबीआई ने की थी) में बरी कर दिया गया था, लेकिन अब ईडी द्वारा अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों और सामग्री के मूल्यांकन के आधार पर उन्हें धनशोधन के अपराध में दोषी ठहराया गया है।’’अदालत ने अपने आदेश में कहा, ‘‘शुरुआत में यह माना जाता था कि जब तक किसी व्यक्ति को मूल अपराध में दोषी नहीं ठहराया जाता, तब तक उसे धनशोधन के मामले में दोषी नहीं ठहराया जा सकता। लेकिन अब यह सोच बदल गयी है।’’ईडी की जांच में पता चला कि माथुर ने 2006-07 के दौरान दिवंगत नरेंद्र सिंह, अरविंद चौधरी और अन्य लोगों के साथ आपराधिक साजिश रची थी। उसने अस्तित्वहीन संपत्तियों के जाली बिक्री विलेखों, फर्जी भारमुक्ति प्रमाणपत्रों और झूठी मूल्यांकन रिपोर्टों के आधार पर उन्हें, उनकी कंपनियों और सहयोगियों को ऋण तथा ‘ओवरड्राफ्ट’ की सीमाएं मंजूर की थीं।
दिवाली से पहले बाजारों में उमड़ी भीड़! दिल्ली के कई इलाकों में भीषण जाम
दिवाली और धनतेरस के त्योहारों से ठीक पहले दिल्ली के बाजारों में भारी भीड़ उमड़ी है, जिससे सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हुई है. खासकर साउथ एक्स मार्केट के आसपास रिंग रोड पर भीषण जाम लग गया है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
अनाया बांगड़ का देसी दिवाली अवतार, सिल्वर लहंगे में ढाया कहर
अनाया बांगड़ ने दिवाली के खास मौके पर अपना एक खूबसूरत वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. इस वीडियो में उन्होंने सिल्वर और ग्रे रंग का शिमरी लहंगा और खूबसूरत ब्लाउज पहना है. उनका यह ट्रेडिशनल और ग्लैमरस अंदाज फैन्स को खूब पसंद आ रहा है और यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
अमरीकी मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेट्स की ऐतिहासिक जीत, सीनेट और प्रतिनिधि सभा दोनों पर कब्जा
ट्रंप को बड़ा राजनीतिक झटका, रिपब्लिकन के गढ़ों में भी मिली शिकस्त महंगाई, महंगे जीवन और ईरान युद्ध के मुद्दे मतदाताओं पर रहे हावी वॉशिंगटन। अमरीका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी से कांग्रेस के दोनों सदनों का नियंत्रण छीन लिया है। मंगलवार को […] The post अमरीकी मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेट्स की ऐतिहासिक जीत, सीनेट और प्रतिनिधि सभा दोनों पर कब्जा appeared first on Sabguru News .
दिल्ली में प्रदूषण से हालात बेहद गंभीर, कई इलाकों में AQI 400 के पार
दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण के कारण हालात बेहद गंभीर हो गए हैं. कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 के पार पहुंच गया है. जहांगीरपुरी, रोहिणी, बवाना और नोएडा में हवा बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई है. प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए ग्रेप 2 लागू किया गया है, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है. इस बीच आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच प्रदूषण को लेकर जमकर राजनीति हो रही है.

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