जज की कुर्सी पर काला जादू और टोटका करते पकड़ी गई 65 साल की महिला, सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा
न्यायालयों को न्याय का मंदिर माना जाता है जहाँ केवल कानूनी दलीलें और साक्ष्य ही किसी मामले का फैसला तय करते हैं, लेकिन कर्नाटक के चिकबल्लापुर से एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है जिसने सबको सकते में डाल दिया है। अदालत के फैसलों को अपने पक्ष में मोड़ने के लिए लोग तमाम हथकंडे अपनाते हैं, पर यहाँ एक बुजुर्ग महिला ने सारी हदें पार करते हुए सीधे जज की कुर्सी पर ही काला जादू और टोटका करने की कोशिश की। अदालत के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी की शिकायत और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने 65 वर्षीय महिला मंजुला को गिरफ्तार कर लिया है और उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।सीसीटीवी फुटेज से खुला अंधविश्वास का खेलयह पूरा मामला दक्षिण भारतीय राज्य कर्नाटक के चिकबल्लापुर जिले का है, जहाँ अतिरिक्त वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश की अदालत में यह अजीबोगरीब घटना घटी। दो दिन पहले जब अदालत के परिसरों के सुरक्षा कैमरों की फुटेज की जाँच की गई, तो उसमें एक महिला कोर्टरूम के अंदर संदिग्ध हरकतें करते हुए नजर आई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा गया कि महिला ने न्यायाधीश की कुर्सी और मेज पर सफेद सरसों के दाने फेंके थे, जो किसी गुप्त अनुष्ठान या टोटके का हिस्सा प्रतीत होता था।कोर्ट की शिकायत पर त्वरित कार्रवाईन्यायालय की गरिमा और सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले में कोर्ट की मुख्य प्रशासनिक अधिकारी नेत्रा ने तुरंत स्थानीय थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और तत्परता दिखाते हुए आरोपी महिला मंजुला को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कड़े कदम उठाते हुए कर्नाटक अंधविश्वास निवारण कानून यानी कर्नाटक प्रिवेंशन एंड इरेडिकेशन ऑफ इनह्यूमन एविल प्रैक्टिसेज एंड ब्लैक मैजिक एक्ट 2017 के तहत मामला दर्ज किया है। अदालत में पेश किए जाने के बाद महिला को चौदह दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।क्या था महिला का असली मकसद?प्रारंभिक मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस जाँच के अनुसार, यह अंदेशा जताया जा रहा है कि महिला किसी लंबित दीवानी मामले में चल रही सुनवाई का रुख अपने पक्ष में बदलने की नीयत से यह अनुष्ठान कर रही थी। हालाँकि, पुलिस अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि नहीं की है कि वह किस विशिष्ट कानूनी मुकदमे से जुड़ी हुई थी और उसने यह अंधविश्वास भरा कदम क्यों उठाया। इस घटना ने एक बार फिर अदालतों की सुरक्षा और मुकदमों के दौरान बरती जाने वाली सतर्कता पर नए सिरे से सवाल खड़े कर दिए हैं, जबकि पुलिस इस मामले की गहराई से आगे की छानबीन कर रही है।
LIVE: उत्तर भारत में फिर कमजोर पड़ा दक्षिण-पश्चिम मानसून
Latest News Today Live Updates in Hindi : उत्तर भारत में एक बार फिर दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर पड़ गया है। हरियाणा, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में उमस भरी गर्मी से लोग परेशान दिखे। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह ...
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज, 14 जुलाई 2026 को देश के मौसम को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और चिंताजनक बुलेटिन जारी किया है. इस समय भारत के भौगोलिक क्षेत्रों में मौसम का एक अजीब और अभूतपूर्व विरोधाभास (Contradiction) देखने को मिल रहा है. जहां एक तरफ देश का एक बड़ा हिस्सा मूसलाधार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की विभीषिका झेल रहा है, वहीं दूसरी तरफ कुछ राज्य इस जुलाई के महीने में भी भीषण गर्मी और लू (Heatwave) से तप रहे हैं.मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत के ऊपर एक अत्यंत मजबूत चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र (Cyclonic Circulation) सक्रिय हुआ है और साथ ही एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) भी दस्तक दे रहा है. इन दोनों प्रणालियों के आपस में टकराने के कारण 20 जुलाई 2026 से मानसून पूरे देश में एक बार फिर अपना भयानक और रौद्र रूप दिखाने वाला है.उत्तर प्रदेश और बिहार में मूसलाधार आफत; ऑरेंज अलर्ट जारीपूर्वांचल और गंगा के मैदानी इलाकों में मानसून की सक्रियता अचानक बढ़ गई है:उत्तर प्रदेश का हाल: यूपी के 22 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. इनमें से 8 जिलों में अत्यधिक भारी और 5 जिलों में भारी बारिश का अनुमान है. हाल ही में गोरखपुर में रिकॉर्ड 168 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जिससे शहर के कई इलाके जलमग्न हो चुके हैं. हालांकि, विरोधाभास यह है कि राज्य में 1 जून से अब तक औसत से 17% कम बारिश दर्ज की गई है.बिहार में अलर्ट: बिहार के 27 जिलों के लिए मौसम विभाग ने 'ऑरेंज अलर्ट' (Orange Alert) जारी किया है. मानसून के बादल अब धीरे-धीरे पूर्वोत्तर की तरफ बढ़ रहे हैं, लेकिन बिहार में अगले चार दिनों तक मध्यम बारिश जारी रहेगी. बिहार में भी इस बार सामान्य से 47% कम वर्षा हुई है.पहाड़ों में मची तबाही: उत्तराखंड में केदारनाथ यात्रा रुकीपहाड़ी राज्यों में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश अब जानलेवा साबित हो रही है:बंद हुए हाईवे: उत्तराखंड के देहरादून, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के लिए येलो अलर्ट है. लगातार हो रहे भूस्खलन (Landslides) के कारण ऋषिकेश-यमुनोत्री हाईवे सहित दो बड़े नेशनल हाईवे और 126 संपर्क मार्ग मलबे के कारण पूरी तरह ठप हैं. विकासनगर के लखवाड़ प्रोजेक्ट साइट पर भारी मलबा गिरने से निर्माण कार्य में लगी क्रेन और मशीनें दब गई हैं.यात्रा पर रोक: पहाड़ों में लगातार गिरते मलबे और खराब रास्ते को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर केदारनाथ यात्रा को अस्थाई रूप से रोक दिया है, ताकि तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका जा सके.मैदानी इलाकों में बाढ़ का खतरा: यमुना नदी खतरे के निशान के पारजैसे किसी अनियंत्रित वित्तीय बाजार में अचानक जोखिम बढ़ जाता है, वैसे ही पहाड़ों की बारिश से मैदानी राज्यों की नदियों का जलस्तर अनियंत्रित हो गया है:दिल्ली-हरियाणा हाई अलर्ट: हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही बारिश के कारण हरियाणा की यमुना और मारकंडा नदियां पूरे उफान पर हैं, जिससे तटवर्ती दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है. इसका सीधा असर देश की राजधानी दिल्ली पर पड़ा है, जहां यमुना नदी खतरे के निशान (Danger Mark) को पार कर चुकी है. दिल्ली में नदी के तेज बहाव की चपेट में आने से चार बच्चों के बहने की बेहद दर्दनाक घटना भी सामने आई है.पंजाब का पूर्वानुमान: पंजाब के गुरदासपुर और पठानकोट सहित करीब 13 जिलों में आज भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है.राजस्थान और गुजरात में मानसून सुस्त; चलेगी भीषण लूएक तरफ जहां देश का आधा हिस्सा पानी-पानी है, वहीं पश्चिमी भारत में सूखे जैसे हालात हैं:धूल भरी आंधियां: राजस्थान और गुजरात में मानसून की गति पूरी तरह से धीमी पड़ चुकी है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले एक सप्ताह तक राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभाग में बारिश की कोई उम्मीद नहीं है. यहां 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से शुष्क और धूल भरी आंधियां चलेंगी.जुलाई में लू का सितम: राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश और भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे गुजरात के इलाकों में मानसून न पहुंचने के कारण तापमान में भारी बढ़ोतरी होगी और लोगों को इस उमस भरे महीने में भी भीषण लू (Heatwave) का सामना करना पड़ेगा.छत्तीसगढ़ में राहत: इसके विपरीत मध्य भारत के छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह मेहरबान है. राजधानी रायपुर सहित उत्तरी छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिनों तक लगातार झमाझम बारिश का दौर जारी रहने वाला है.
अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ा सैन्य महासंग्राम (US-Iran War 2026) अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच चुका है जहां समाधान की कोई गुंजाइश नजर नहीं आ रही है. दोनों देशों के बीच मिसाइल और ड्रोन हमलों का सिलसिला तो जारी है ही, लेकिन अब असली लड़ाई दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री जलमार्ग 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' (Strait of Hormuz) का रखवाला (गार्डियन) बनने को लेकर शुरू हो गई है.जिस रास्ते से पूरी दुनिया के 20 फीसदी कच्चे तेल और नेचुरल गैस का आयात-निर्यात होता है, अब अमेरिका और ईरान दोनों ही उस पर अपना एकाधिकार जताकर व्यावसायिक जहाजों से टोल टैक्स वसूलने की होड़ में लग गए हैं. इस डेडलॉक (Deadlock) ने वैश्विक ऊर्जा बाजार सहित भारत की भी चिंताएं बढ़ा दी हैं.डोनाल्ड ट्रंप का 20% टैक्स का दावा और ईरान का करारा तंजहॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच जुबानी जंग बेहद तीखी हो गई है:ट्रंप की दलील: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलान किया है कि अमेरिकी नौसेना हॉर्मुज से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों को सुरक्षा (Safe Pass) मुहैया करा रही है, इसलिए अमेरिका को वहां से गुजरने वाले कार्गो से 20 फीसदी टोल टैक्स वसूलने का पूरा अधिकार है.ईरान ने उड़ाया मजाक: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची (Abbas Araghchi) ने सोशल मीडिया पर ट्रंप के इस दावे का मखौल उड़ाया. उन्होंने लिखा, अमेरिकी राष्ट्रपति बिल्कुल सही कह रहे हैं कि जो सुरक्षा देगा, टोल उसी को मिलना चाहिए. ईरान सदियों से इस समुद्री रास्ते का असली गार्डियन रहा है और हमेशा रहेगा. हालांकि, ट्रंप का 20% टैक्स बहुत ज्यादा है, हम इस मामले में पूरी तरह निष्पक्ष टैक्स रखेंगे. ईरान ने दावे को मजबूत करने के लिए हॉर्मुज में अपनी नौसेना की भारी तैनाती भी कर दी है.ईरान की नाकेबंदी (Naval Blockade) का क्या होगा असर?राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर ईरान पर पूर्ण नौसैनिक नाकेबंदी (Naval Blockade) लागू करने की चेतावनी दी है.क्या है ब्लॉकेड: इसका सीधा मतलब यह है कि अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत हॉर्मुज स्ट्रेट को घेर लेंगे और किसी भी ईरानी जहाज को वहां से गुजरने नहीं दिया जाएगा.आर्थिक चोट: इस नाकेबंदी से ईरान का आयात-निर्यात पूरी तरह ठप हो जाएगा. कोई भी विदेशी मर्चेंट शिप न तो ईरान के बंदरगाहों (जैसे बंदर अब्बास) तक पहुंच पाएगा और न ही वहां से कच्चा तेल लादकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में जा सकेगा.क्रूड ऑयल 85 डॉलर पार; भारत के लिए क्यों बढ़ा खतरा?जैसे म्यूचुअल फंड में अनिश्चित बाजार के दौरान पोर्टफोलियो बिखर जाता है, ठीक वैसे ही हॉर्मुज के इस संकट ने वैश्विक अर्थव्यवस्था का गणित बिगाड़ दिया है:कच्चे तेल में भारी उबाल: हॉर्मुज में बढ़े तनाव के कारण तेल के बाजारों में तगड़ा बुलिश ट्रेंड (Bullish Trend) देखा जा रहा है. जो कच्चा तेल महज एक हफ्ते पहले तक 69 डॉलर प्रति बैरल पर शांति से ट्रेड कर रहा था, वह आज 85 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर चुका है.भारत पर सीधा असर: भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है. क्रूड महंगा होने से भारत का आयात बिल (Import Bill) बेतहाशा बढ़ेगा, जिससे देश का राजकोषीय घाटा बढ़ सकता है.महंगे पेट्रोल-डीजल से राहत की उम्मीद खत्म: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों और हॉर्मुज संकट के कारण बढ़े शिपिंग इंश्योरेंस व मालभाड़े (Shipping Costs) की वजह से भारत में फिलहाल पेट्रोल और डीजल के दाम कम होने की कोई संभावना नहीं बची है.चीन ने भांपी स्थिति: ईरानी तेल के सबसे बड़े खरीदार चीन ने समझ लिया है कि यह युद्ध लंबा खिंचेगा. इसलिए उसने घरेलू ऊर्जा संकट से बचने के लिए अपनी रिफाइनरियों को तेल का उत्पादन तुरंत बढ़ाने का आदेश दे दिया है. भारत सरकार ने भी किसी भी संभावित ऊर्जा संकट (Energy Crisis) से निपटने के लिए रणनीतिक तेल भंडारों (Strategic Petroleum Reserves) को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं.
भोजपुरी सिनेमा जगत (Bhojpuri Industry) से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है. भोजपुरी फिल्मों की दो सबसे बड़ी और टॉप अभिनेत्रियां— काजल राघवानी (Kajal Raghwani) और आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) के बीच का पुराना शीतयुद्ध (Cold War) अब पूरी तरह से खुलकर सामने आ गया है.हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में काजल राघवानी ने आम्रपाली दुबे पर सीधे तौर पर एक बेहद गंभीर और बड़ा आरोप लगाया है. काजल ने साफ शब्दों में कहा है कि आम्रपाली के प्रभाव और दखलअंदाजी की वजह से ही भोजपुरी जुबली स्टार दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' (Nirahua) ने उनके साथ काम करना पूरी तरह बंद कर दिया. इस बयान के बाद भोजपुरी गलियारों में हड़कंप मच गया है.निरहुआ मेरे अच्छे दोस्त थे, पर आपने दूरी बनवा दी – काजल राघवानीइंटरव्यू के दौरान जब काजल राघवानी से निरहुआ के साथ दोबारा फिल्में न करने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बिना किसी झिझक के सीधे आम्रपाली दुबे का नाम लिया:काम छीनने का आरोप: काजल ने आरोप लगाया कि एक समय था जब निरहुआ और उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शक बेहद पसंद करते थे और वे दोनों अच्छे दोस्त भी थे. लेकिन जैसे ही आम्रपाली दुबे की निरहुआ की प्रोफेशनल लाइफ में एंट्री हुई, चीजें बदलने लगीं.कास्टिंग पर प्रभाव: काजल ने दावा किया, आम्रपाली जी, आपकी वजह से ही निरहुआ जी अब हमारे साथ काम नहीं करते हैं. इंडस्ट्री में हर कोई जानता है कि कौन किसके साथ काम करेगा और कौन सी फिल्म में कौन सी एक्ट्रेस होगी, यह सब अब एक ही जगह से तय होने लगा है.भोजपुरी इंडस्ट्री का सबसे बड़ा 'लव ट्रायंगल' और गुटबाजीभोजपुरी सिनेमा में गुटबाजी (Groupism) का आरोप नया नहीं है, लेकिन काजल राघवानी के इस सीधे हमले ने विवाद को नया मोड़ दे दिया है:खेसारी लाल के बाद अब निरहुआ ग्रुप से विवाद: इससे पहले काजल राघवानी का सुपरस्टार खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) के साथ भी तगड़ा विवाद हो चुका है, जिसके बाद दोनों ने साथ काम करना छोड़ दिया था. अब निरहुआ कैंप को लेकर उनका यह बयान दिखाता है कि वे इंडस्ट्री की अंदरूनी राजनीति से काफी परेशान हैं.आम्रपाली-निरहुआ की सुपरहिट जोड़ी: दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' और आम्रपाली दुबे ने एक साथ 30 से अधिक फिल्मों में काम किया है. दर्शकों के बीच इन दोनों की जोड़ी को भोजपुरी की सबसे सफल जोड़ी माना जाता है. काजल का मानना है कि इसी एकाधिकार (Monopoly) के कारण दूसरी अभिनेत्रियों को बड़े प्रोजेक्ट्स से हाथ धोना पड़ रहा है.सोशल मीडिया पर फैंस के बीच छिड़ी जंग; आम्रपाली के जवाब का इंतजारकाजल राघवानी के इस तीखे इंटरव्यू की वीडियो क्लिप्स इंस्टाग्राम रील्स (Instagram Reels) और यूट्यूब पर तेजी से वायरल हो रही हैं.जैसे वित्तीय बाजार में किसी एक गलत फैसले से पूरा पोर्टफोलियो हिल जाता है, वैसे ही काजल के इस एक बयान ने भोजपुरी सिनेमा के समीकरणों को हिला कर रख दिया है. सोशल मीडिया पर आम्रपाली दुबे और निरहुआ के फैंस काजल को ट्रोल कर रहे हैं और उनके आरोपों को पब्लिसिटी स्टंट बता रहे हैं. वहीं, काजल के फैंस उनकी इस बेबाकी और सच बोलने की हिम्मत की तारीफ कर रहे हैं.अब पूरी इंडस्ट्री और फैंस की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस गंभीर आरोप पर खुद आम्रपाली दुबे या दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' की तरफ से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है.
इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने हाल ही में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में 2-1 से मिली हार के बाद एक बड़ा फैसला लेते हुए ब्रेंडन मैकुलम (Brendon McCullum) को टेस्ट टीम के मुख्य कोच के पद से हटा दिया है. हालांकि, मैकुलम टी-20 और वनडे टीमों के हेड कोच बने रहेंगे, लेकिन रेड-बॉल क्रिकेट (Test Cricket) में इंग्लैंड के खराब प्रदर्शन को देखते हुए ईसीबी अब 'बैजबॉल' (Bazball) के दौर से आगे बढ़कर एक नई शुरुआत करने की तैयारी में है.अगले साल होने वाली एशेज सीरीज (Ashes 2027) और आगामी पाकिस्तान दौरे को देखते हुए इंग्लैंड के नए टेस्ट कोच की तलाश युद्धस्तर पर शुरू हो गई है. ब्रिटिश मीडिया और क्रिकेट गलियारों में 5 सबसे बड़े दावेदारों (Top 5 Candidates) के नाम रेस में सबसे आगे चल रहे हैं. वहीं, भारतीय फैंस के लिए सबसे बड़ा 'सरप्राइज' यह है कि इस लिस्ट में भारत के पूर्व महान कोच राहुल द्रविड़ और दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के नामों की भी भारी चर्चा हो रही है.आइए जानते हैं कौन हैं वो 5 बड़े दावेदार जो मैकुलम की जगह ले सकते हैं और द्रविड़-अश्विन के नामों के पीछे का क्या सच है.कोच की रेस में सबसे आगे चल रहे ये 5 दावेदार (Top 5 Candidates)1. एंडी फ्लावर (Andy Flower) - सबसे बड़े दावेदारजिम्बाब्वे के पूर्व महान कप्तान एंडी फ्लावर फिलहाल इंग्लैंड के अगले टेस्ट कोच बनने की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं.रिकॉर्ड: फ्लावर साल 2009 से 2014 के बीच इंग्लैंड के बेहद सफल कोच रह चुके हैं, जिनके कार्यकाल में इंग्लैंड नंबर-1 टेस्ट टीम बनी थी और तीन बार एशेज जीती थी.पेच: वर्तमान में फ्लावर आईपीएल (IPL) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के हेड कोच हैं, जहां उन्होंने लगातार दो बार (2025 और 2026 में) टीम को खिताब जिताया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे इंग्लैंड का कोच तभी बनेंगे जब उन्हें आईपीएल में काम जारी रखने की छूट मिलेगी.2. एंड्रयू फ्लिंटॉफ (Andrew Flintoff) - ईसीबी की पहली पसंदइंग्लैंड के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ पिछले कुछ समय से इंग्लैंड लायंस (युवा टीम) के साथ कोचिंग की बारीकियां सीख रहे हैं. ईसीबी के डॉमेस्टिक स्ट्रक्चर में उनका कद बहुत बड़ा है और वे आक्रामक क्रिकेट के लिए जाने जाते हैं.3. जोनाथन ट्रॉट (Jonathan Trott) - उभरता हुआ नामइंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज जोनाथन ट्रॉट ने अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के हेड कोच के रूप में शानदार काम किया था, जिसके बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से इंग्लैंड टीम को कोचिंग देने की इच्छा जाहिर की है.4. रिचर्ड डॉसन (Richard Dawson) - रणनीतिक रूप से मजबूतग्लैमरगन के मौजूदा हेड कोच और इंग्लैंड लायंस के पूर्व कोच रिचर्ड डॉसन भी इस शॉर्टलिस्ट का हिस्सा हैं. वे अपनी शानदार रणनीतिक सूझबूझ (Tactical Acumen) के लिए इंग्लिश काउंटी सर्किट में काफी लोकप्रिय हैं.5. जस्टिन लैंगर (Justin Langer) / कुमार संगकारा (Kumar Sangakkara)ऑस्ट्रेलिया को टी-20 वर्ल्ड कप और एशेज जिताने वाले पूर्व कंगारू कोच जस्टिन लैंगर और श्रीलंका के दिग्गज कुमार संगकारा के नामों पर भी ईसीबी के भीतर विचार किया जा रहा है.क्या राहुल द्रविड़ या रविचंद्रन अश्विन बनेंगे 'सरप्राइज'?राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) पर क्या है अपडेट?दिलीप ट्रॉफी और भारतीय घरेलू सत्र के बीच ब्रिटिश अखबार द डेली टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट ने सनसनी मचा दी, जिसके मुताबिक राहुल द्रविड़ का नाम इंग्लैंड के टेस्ट कोच की शॉर्टलिस्ट में शामिल है.क्यों है दिलचस्पी: द्रविड़ ने भारतीय टीम को 2024 में टी-20 वर्ल्ड कप जिताया और 2023 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल तक पहुंचाया था. उनकी 'मेटीकुलस' (बेहद बारीक और अनुशासित) कोचिंग शैली की दुनिया कायल है.क्या है हकीकत: रिपोर्ट के अनुसार, द्रविड़ फुल-टाइम (तीनों फॉर्मेट) कोचिंग नहीं करना चाहते, लेकिन इंग्लैंड का यह पद सिर्फ 'टेस्ट टीम' के लिए है. टेस्ट क्रिकेट द्रविड़ का पसंदीदा फॉर्मेट रहा है और इसमें उन्हें साल में काफी समय घर पर बिताने का मौका भी मिलेगा. हालांकि, अभी तक द्रविड़ की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) के नाम की चर्चा क्यों?मैकुलम के हटने के बाद सोशल मीडिया (विशेषकर एक्स और रेडिट) पर रविचंद्रन अश्विन को इंग्लैंड का टेस्ट कोच बनाने की मांग और मीम्स तेजी से वायरल हो रहे हैं.क्या है हकीकत: क्रिकेट पंडितों का मानना है कि अश्विन का क्रिकेटिंग दिमाग बेहद शातिर और रणनीतिक है. हालांकि, अश्विन अभी सक्रिय रूप से भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं, इसलिए उनका कोच बनना व्यावहारिक रूप से नामुमकिन है. उनके नाम की चर्चा विशुद्ध रूप से सोशल मीडिया पर उनके फैंस और क्रिकेट प्रेमियों द्वारा की जा रही एक काल्पनिक और दिलचस्प बहस का हिस्सा है.इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड 19 अगस्त से शुरू होने वाले पाकिस्तान दौरे से पहले नए टेस्ट कोच के नाम का एलान कर सकता है. देखना दिलचस्प होगा कि क्या ईसीबी एंडी फ्लावर जैसे पुराने अनुभवी चेहरे पर दांव लगाता है या राहुल द्रविड़ के रूप में कोई बड़ा धमाका करता है.
ओटीटी (OTT) की दुनिया में इन दिनों सनसनी मचा रहे रियलिटी शो 'लॉक अप 2' (Lock Upp 2) के जेल के भीतर का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है. रितेश देशमुख और फराह खान के इस शो में आए दिन नए और हैरान कर देने वाले मोड़ देखने को मिल रहे हैं.शो के हालिया एपिसोड में एक ऐसा हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जिसने कैदियों (कंटेस्टेंट्स) के साथ-साथ दर्शकों को भी सन्न कर दिया है. टीवी की जानी-मानी एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे (Shilpa Shinde) ने जेल के भीतर अपनी धाक जमाते हुए न सिर्फ शिवांगी और हर्षद के बीच की बातचीत पर पूरी तरह से पूर्णविराम लगा दिया, बल्कि आकांक्षा चौधरी को भी सबके सामने जमकर खरी-खोटी सुना दी.माइंड गेम्स के चक्कर में भिड़े शिवांगी और हर्षद, शिल्पा ने किया हस्तक्षेपजैसा कि 'लॉक अप 2' के इस सीजन में फालतू के झगड़ों से ज्यादा मनोवैज्ञानिक खेल (Psychological Mind Games) और रणनीतियों पर जोर दिया जा रहा है, उसी रणनीति के तहत जेल के भीतर गुटबाजी तेज हो गई है.सीक्रेट अलायंस पर पानी फेरा: शिवांगी और हर्षद कोने में बैठकर अपनी अगली चाल और वोटिंग को लेकर एक गुप्त गठबंधन (Secret Alliance) बनाने की कोशिश कर रहे थे.शिल्पा शिंदे का सख्त एक्शन: शिल्पा शिंदे ने अपनी तेज नजरों से उनके इस खेल को भांप लिया. उन्होंने बिना समय गंवाए दोनों के बीच जाकर ऐसी तगड़ी दलीलें पेश कीं कि शिवांगी और हर्षद के पास कोई जवाब नहीं था. शिल्पा ने जेल के नियमों और अपनी सीनियरिटी का हवाला देते हुए दोनों की बातचीत को वहीं रुकवा दिया और साफ शब्दों में कहा कि पीठ पीछे की गपशप इस जेल में नहीं चलेगी.आकांक्षा चौधरी को याद दिलाई उनकी हद; रो पड़ीं कंटेस्टेंटबातचीत सिर्फ शिवांगी और हर्षद तक ही सीमित नहीं रही. शो की एक और मजबूत दावेदार आकांक्षा चौधरी ने जब इस पूरे मामले में दखल देने और हर्षद का बचाव करने की कोशिश की, तो शिल्पा शिंदे का गुस्सा उन पर फूट पड़ा.खरी-खोटी सुनाई: शिल्पा ने आकांक्षा चौधरी की क्लास लगाते हुए कहा कि वे दूसरों के मुद्दों में फुटेज बटोरने के लिए बिना वजह टांग न अड़ाएं. शिल्पा ने उनके पुराने टास्क परफॉर्मेंस को लेकर भी तीखे तंज कसे.जेल का बदला समीकरण: सबके सामने मिली इस डांट और खरी-खोटी के बाद आकांक्षा चौधरी काफी भावुक नजर आईं और कोने में जाकर रोती हुई दिखीं. इस ड्रामे के बाद जेल का समीकरण पूरी तरह बदल गया है और कंटेस्टेंट्स अब शिल्पा से सीधे पंगा लेने से बचते दिख रहे हैं.सोशल मीडिया पर वायरल हुई वीडियो क्लिप; मीम पेजेस पर मचे मीम्सइस हाई-वोल्टेज ड्रामे के चंद मिनटों बाद ही शो की यह क्लिप इंस्टाग्राम रील्स (Instagram Reels) और एक्स (X) पर तेजी से वायरल हो गई है.जैसे वित्तीय दुनिया में एक सही म्यूचुअल फंड आपके पोर्टफोलियो को मजबूती देता है, वैसे ही शिल्पा शिंदे ने इस अकेले एपिसोड में अपनी जबरदस्त रणनीति और बेबाकी से खुद को शो के केंद्र में स्थापित कर लिया है. सोशल मीडिया पर फैंस शिल्पा के इस 'बॉस लेडी' अवतार की जमकर तारीफ कर रहे हैं, वहीं कुछ यूजर्स का मानना है कि शिल्पा का यह व्यवहार आकांक्षा के प्रति जरूरत से ज्यादा सख्त था.अब देखना दिलचस्प होगा कि वीकेंड के एपिसोड में होस्ट रितेश देशमुख और फराह खान शिल्पा शिंदे के इस कड़े कदम पर क्या फैसला सुनाते हैं.
पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी ने एक बार कहा था— जो सड़कें हम बना रहे हैं, वो हमारी लिखी हुई किस्मत हैं. यानी बुनियादी ढांचा (Infrastructure) ही किसी भी राज्य या देश की तरक्की की असली लकीर खींचता है. उत्तर प्रदेश ने 13 जुलाई 2026, सोमवार को अपने इंफ्रास्ट्रक्चर के इतिहास में एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है, जिसने यूपी को वैश्विक स्तर पर लाकर खड़ा कर दिया है.केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संयुक्त रूप से बहुप्रतीक्षित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (Lucknow-Kanpur Expressway) का भव्य उद्घाटन किया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल का यह छठा एक्सप्रेसवे है, जो आज यानी 14 जुलाई 2026 से आम जनता के सफर के लिए पूरी तरह खोल दिया गया है.देश का पहला 'मशीन गाइडेड हाईवे'; जानिए क्या है यह सैटेलाइट तकनीकयह एक्सप्रेसवे भारत के अन्य सभी एक्सप्रेसवे की तुलना में बेहद अनूठा और हाई-टेक है. यह देश का पहला मशीन गाइडेड हाईवे (Machine Guided Highway) है.कैसे हुआ निर्माण: इस तकनीक के तहत सड़क बनाने वाली भारी मशीनों (जैसे ग्रेडर और बुलडोजर) को सीधे सैटेलाइट, 3D कंप्यूटर मॉडल और जीपीएस (GPS) सिस्टम से लिंक कर दिया गया था.क्या है फायदा: मशीनों में लगे स्मार्ट सेंसर्स ने खुद तय किया कि मिट्टी को कितना काटना है और सड़क की ढलान (Slope) कितनी रखनी है. इंसानी चूक (Human Error) की गुंजाइश शून्य होने की वजह से यह सड़क शीशे जैसी चिकनी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनी है. अभी तक इस एडवांस तकनीक का इस्तेमाल केवल अमेरिका और जर्मनी जैसे देशों में ही किया जाता था.AI कैमरों का जाल और बैरियर-लेस सफर (No Toll Barriers)लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे देश का पहला बैरियर-लेस एक्सप्रेसवे बन गया है. अब आपको टोल टैक्स का भुगतान करने के लिए अपनी गाड़ी को किसी बैरियर या टोल प्लाजा पर रोकने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इस हाईवे पर प्रवेश करते ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस हाई-टेक कैमरे आपकी गाड़ी की नंबर प्लेट को ऑटोमैटिक स्कैन कर लेंगे और आपके अकाउंट से टोल की राशि खुद-ब-खुद कट जाएगी. इस तकनीक से गाड़ियों की रफ्तार में कोई रुकावट नहीं आएगी और ईंधन की बर्बादी भी नहीं होगी.समय, पैसा और पेट्रोल की बंपर बचत: आंकड़ों की जुबानीजैसे म्यूचुअल फंड में सही समय पर किया गया निवेश आपके पैसे और समय की वैल्यू बढ़ाता है, ठीक वैसे ही यह एक्सप्रेसवे हर रोज जनता की जेब और देश के पर्यावरण को बड़ा फायदा पहुंचाएगा:मानकपुराना रूट (NH-27)नया एक्सप्रेसवेकुल दैनिक बचत/लाभकुल दूरी90 किलोमीटर63 किलोमीटर27 किमी की कमीसफर का समय2 से 3 घंटे (ट्रैफिक सहित)30 से 45 मिनटकरीब 2 घंटे की बचतअधिकतम स्पीड—120 किमी/घंटातेज और सुरक्षित सफरईंधन की बचत——1.20 लाख लीटर पेट्रोल/डीजल रोजआर्थिक लाभ——सालाना सवा सौ करोड़ रुपयेपर्यावरण सुरक्षा——300 मीट्रिक टन कम कार्बन उत्सर्जनएक्सप्रेसवे प्रदेश यूपी: ब्रिटेन, जापान और फ्रांस भी छूटे पीछेउत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे का जाल जिस आक्रामक रफ्तार से बिछ रहा है, उसकी तुलना अगर दुनिया के विकसित देशों से करें, तो आंकड़े हैरान करने वाले हैं:सालाना निर्माण: उत्तर प्रदेश में इस समय औसतन 500 किलोमीटर एक्सप्रेसवे हर साल बनकर तैयार हो रहा है. इसके विपरीत, ब्रिटेन में सालाना सिर्फ 90 किमी, जापान में 160 किमी और फ्रांस में 168 किमी ही एक्सप्रेसवे बन पाते हैं.पड़ोसी देशों से मीलों आगे: पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देश अपनी आजादी से लेकर आज तक कुल मिलाकर उतना एक्सप्रेसवे नेटवर्क तैयार नहीं कर पाए हैं, जितना अकेले उत्तर प्रदेश में बनकर तैयार हो चुका है.2026 का महा-लक्ष्य: साल 2017 से पहले यूपी में केवल 3 एक्सप्रेसवे चालू हालत में थे. पिछले नौ वर्षों में 6 नए एक्सप्रेसवे जनता को समर्पित किए जा चुके हैं और 7 अन्य पर युद्धस्तर पर काम चल रहा है. साल 2026 के अंत तक यूपी 2700 किलोमीटर के नेटवर्क के साथ भारत का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे हब बन जाएगा.
एक जमाना था जब भारत में रियलिटी शोज़ (Reality Shows) का मतलब सिर्फ टेलीविजन और उसका फिक्स वीकेंड फॉर्मेट होता था. लेकिन डिजिटल क्रांति के इस दौर में अब रियलिटी मनोरंजन की पूरी तस्वीर तेजी से बदल चुकी है. ओटीटी प्लेटफॉर्म्स (OTT Platforms) ने इस जॉनर में एक नया अध्याय लिख दिया है.भारतीय टीवी जगत का सबसे बड़ा सर्वाइवल शो 'बिग बॉस' (Bigg Boss) पिछले 19 सालों से बिना किसी स्क्रिप्ट के एक ही ढर्रे पर राज कर रहा है. लेकिन अब समय के साथ न बदलने वाले इस पारंपरिक फॉर्मेट को सीधी टक्कर देने के लिए ओटीटी पर 'लॉक अप 2' (Lock Upp 2) और 'एलायंस' (Alliance) जैसे दो बड़े और आधुनिक शोज़ आ चुके हैं, जिन्होंने सोशल मीडिया से लेकर व्यूअरशिप तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं.रितेश-फराह का 'लॉक अप 2' और कुणाल खेमू का 'एलायंस' बटोर रहा सुर्खियांओटीटी की दुनिया में इन दोनों नए शोज़ ने आते ही दर्शकों को अपने नए और अनोखे प्रयोगों से बांध लिया है:एकता कपूर का 'लॉक अप 2': चार साल के लंबे इंतजार के बाद यह शो बिल्कुल नए अवतार में लौटा है. इस बार इसकी कमान बॉलीवुड एक्टर रितेश देशमुख और मशहूर फिल्ममेकर-यूट्यूबर फराह खान के हाथों में है.'एलायंस' में कंप्यूटर सिस्टम का जलवा: इस शो के जरिए एक्टर कुणाल खेमू ने बतौर होस्ट अपना ओटीटी डेब्यू किया है. इस शो की सबसे खास बात यह है कि 'बिग बॉस' की भारी-भरकम आवाज की तरह नहीं, बल्कि यहां एक कंप्यूटर स्क्रीन (सिस्टम) कंटेस्टेंट्स को टास्क और निर्देश देती है. इन दोनों शोज़ के नए एपिसोड रोजाना (Daily Drops) रिलीज किए जाते हैं, जिससे दर्शकों का सस्पेंस बना रहता है.कम पाबंदियां और बोल्ड कंटेंट (No Censor Restrictions)टेलीविजन ब्रॉडकास्टिंग के कड़े नियमों के विपरीत, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर भाषा, थीम और संवेदनशील विषयों को लेकर काफी ज्यादा रचनात्मक आजादी (Creative Freedom) मिलती है.संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा: 'लॉक अप 2' में इस बार LGBTQIA+ समुदाय जैसे विषयों पर खुलकर बात की जा रही है, वहीं टीवी एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे ने प्रोड्यूसर संजय कोहली पर लगाए गए अपने पुराने विवादित आरोपों पर दोबारा बात कर सनसनी फैला दी है.पर्सनल लाइफ के खुलासे: दूसरी तरफ, 'एलायंस' शो में पूर्व शादीशुदा जोड़े सोहेल खान और सीमा सजदेह को एक साथ एक ही छत के नीचे लाया गया है, जहां वे अपने अलग होने और निजी जिंदगी के अंतर्विरोधों पर खुलकर चर्चा कर रहे हैं.फालतू के झगड़े बंद, अब माइंड गेम्स और रणनीति का दौरपारंपरिक रियलिटी शोज़ में जहां सिर्फ चीखने-चिल्लाने और शारीरिक झगड़ों के दम पर फुटेज बटोरी जाती थी, वहीं 'लॉक अप' और 'एलायंस' में गेम पूरी तरह बदल चुका है:रणनीति से मिलेगा सर्वाइवल: इन शोज़ में टिके रहना सिर्फ जनता की वोटिंग पर निर्भर नहीं करता. यहां कंटेस्टेंट्स को माइंड गेम्स (Psychological Games), आपसी गठबंधन और सोच-समझकर रणनीतिक फैसले लेने पड़ते हैं.नयापन पसंद कर रहे दर्शक: जो दर्शक टीवी पर रोज-रोज के वही घिसे-पिटे झगड़े देखकर ऊब चुके थे, उनके लिए इन शोज़ का यह नया साइकोलॉजिकल फॉर्मेट काफी दिलचस्प और फ्रेश साबित हो रहा है.सोशल मीडिया रील्स और क्लिप्स बने सफलता की असली चाबीइन डिजिटल शोज़ की सफलता का सबसे बड़ा श्रेय इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब शॉट्स और एक्स (X) पर वायरल होने वाले वीडियो क्लिप्स को जाता है. आज के समय में किसी शो की सफलता का पैमाना सिर्फ टीआरपी नहीं, बल्कि उसकी सोशल मीडिया पर होने वाली चर्चा है.जैसे म्यूचुअल फंड में सही समय पर किया गया स्मार्ट निवेश भविष्य में बड़ा फायदा देता है, ठीक वैसे ही इन शोज़ के मेकर्स ने सोशल मीडिया और मीम पेजेस पर सही क्लिप्स प्रमोट करके करोड़ों नए और युवा (Gen Z) दर्शकों को अपने प्लेटफॉर्म तक खींच लिया है.
बॉलीवुड एक्ट्रेस जरीन खान (Zareen Khan) भले ही पिछले 5 सालों से रुपहले पर्दे और फिल्मों से दूर हैं, लेकिन वह अपने बेबाक अंदाज और सोशल मीडिया पोस्ट्स के कारण अक्सर सुर्खियों में बनी रहती हैं. हाल ही में सोशल मीडिया पर एक्ट्रेस का एक वीडियो तेजी से वायरल (Zareen Khan Schools Paparazzi) हो रहा है, जिसमें वह मुंबई में एक प्रमोशनल इवेंट के दौरान एक शख्स द्वारा की गई भद्दी टिप्पणी पर सरेआम उसकी क्लास लगाती और मर्यादा याद दिलाती नजर आ रही हैं.गलत बात कहने पर एक्ट्रेस ने बेहद सख्त लहजे में पैपराजी (Paparazzi) को चेतावनी दी कि वे अपनी भाषा और हद में रहें, क्योंकि वह इस तरह का बर्ताव बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगी.स्टोर में पैपराजी ने जरीन से की अजीबोगरीब मांगयह पूरा वाकया मशहूर सेलिब्रिटी फोटोग्राफर विरल भयानी द्वारा साझा किए गए वीडियो के बाद सामने आया है, जो अब एक्स (X) और इंस्टाग्राम पर हर जगह ट्रेंड कर रहा है.वीडियो में जरीन खान एक नए स्टोर के लॉन्च इवेंट में नजर आ रही हैं और वहां टंगे कुछ आउटफिट्स (ड्रेसेस) को देख रही हैं. इसी बीच वहां मौजूद एक शख्स उनसे पूछता है, ये चाहिए क्या? जरीन खान बहुत ही शालीनता और मुस्कुराहट के साथ जवाब देती हैं, मुझे जो चाहिए होगा, मैं ले लूंगी. आपको फिक्र करने की जरूरत नहीं है.लेकिन इसके तुरंत बाद एक अन्य शख्स ने कथित तौर पर मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए सबके सामने यह कह दिया कि वे वही आउटफिट उन्हें वहीं पर पहनकर (Try on) दिखाएं.'हद में रहकर बात करना, मैं ऐसी-वैसी नहीं हूं' – भड़कीं जरीनइस भद्दे कमेंट को सुनते ही एक्ट्रेस का पारा चढ़ गया और उन्होंने पलक झपकते ही उस शख्स को करारा जवाब दिया. जरीन ने पैपराजी की तरफ उंगली दिखाते हुए बेहद गुस्से में कहा:यहीं? तुम लोगों के सामने? मेरे साथ फालतूगिरी बिल्कुल मत करना. हद में रहकर बात करना, सबके सब, ओके! मैं ऐसी-वैसी नहीं हूं, जो यह सब बर्दाश्त करूंगी. अपनी हद में रहो.इस पूरी घटना के दौरान जरीन के चेहरे पर पैपराजी की इस हरकत के खिलाफ साफ तौर पर नाराजगी और आक्रोश दिखाई दे रहा था. उन्होंने बिना किसी संकोच के मौके पर ही इस आपत्तिजनक व्यवहार का मुंहतोड़ जवाब देकर यह साबित कर दिया कि वे किसी भी तरह के दुर्व्यवहार के खिलाफ चुप बैठने वालों में से नहीं हैं.सोशल मीडिया पर लोग कर रहे हैं तारीफ; पैपराजी पर फूटा गुस्साइस वीडियो के इंटरनेट पर आते ही नेटिजन्स (Social Media Users) ने उस शख्स की जमकर खिंचाई शुरू कर दी है और मौके पर ही करारा जवाब देने के लिए जरीन खान की जमकर तारीफ कर रहे हैं:यूजर्स के कमेंट्स: एक यूजर ने लिखा, बहुत खूब, ऐसे बदतमीज लोगों को इसी भाषा में जवाब देने की जरूरत थी. वहीं दूसरे यूजर ने जरीन का समर्थन करते हुए लिखा, बिल्कुल सही किया आपने. इन लोगों को बहुत दिनों बाद सही खुराक मिली है, इन्हें अपनी हद पता होनी चाहिए.अक्सर सेलिब्रिटीज को अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी दबाव झेलना पड़ता है और इसी मानसिक शांति को बनाए रखने के लिए सही वक्त पर सही निवेश (जैसे लाइफ में मेंटल हेल्थ और खुद के लिए बाउंड्री सेट करना) बेहद जरूरी होता है, जिसे जरीन ने बखूबी करके दिखाया.
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य हमलों और गंभीर भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) का सीधा असर भारतीय सर्राफा बाजार पर देखने को मिल रहा है. खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की चिंगारी भड़कने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में जहां कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी उबाल आया है, वहीं इसने सोने पर चौतरफा दबाव बना दिया है.नतीजतन, घरेलू बाजार में लगातार दूसरे दिन सोने और चांदी की चमक फीकी पड़ी है. राजधानी दिल्ली में पिछले दो दिनों के भीतर 24 कैरेट वाला 10 ग्राम सोना ₹1,430 और 22 कैरेट वाला सोना ₹1,310 तक सस्ता हो चुका है. आइए जानते हैं आज 14 जुलाई 2026 को देश के 10 बड़े शहरों में 18K, 22K और 24K शुद्धता वाले सोने और चांदी का ताजा भाव क्या है.देश के 10 बड़े शहरों में आज का गोल्ड रेट (Gold Rate Today)भारतीय सर्राफा बाजार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, आज 10 ग्राम सोने की कीमतें ऊपरी स्तरों से फिसलकर नीचे आई हैं. देश के प्रमुख शहरों में प्रति 10 ग्राम का ताजा भाव निम्नलिखित है:शहर24 कैरेट (₹/10 ग्राम)22 कैरेट (₹/10 ग्राम)18 कैरेट (₹/10 ग्राम)दिल्ली (Delhi)₹1,43,050₹1,31,140₹1,07,320मुंबई (Mumbai)₹1,42,900₹1,30,990₹1,07,170कोलकाता (Kolkata)₹1,42,900₹1,30,990₹1,07,170चेन्नई (Chennai)₹1,43,990₹1,31,990₹1,10,190बेंगलुरू (Bengaluru)₹1,42,900₹1,30,990₹1,07,170हैदराबाद (Hyderabad)₹1,42,900₹1,30,990₹1,07,170लखनऊ (Lucknow)₹1,43,050₹1,31,140₹1,07,320जयपुर (Jaipur)₹1,43,050₹1,31,140₹1,07,320पटना (Patna)₹1,42,950₹1,31,040₹1,07,220अहमदाबाद (Ahmedabad)₹1,42,950₹1,31,040₹1,07,220चांदी की चमक भी पड़ी फीकी; चेन्नई में सबसे महंगी (Silver Price Today)भू-राजनीतिक तनाव के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्रों (Industries) की तरफ से मांग में आई सुस्ती ने चांदी की कीमतों को भी प्रभावित किया है. दो दिनों की स्थिरता के बाद आज चांदी के भाव नीचे आ गए हैं और इसमें प्रति किलोग्राम ₹100 की गिरावट दर्ज की गई है.दिल्ली, मुंबई और कोलकाता: इन तीनों महानगरों में आज एक किलो चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,34,900 के भाव पर बिक रही है.चेन्नई में सबसे महंगी चांदी: दक्षिण भारत के प्रमुख महानगर चेन्नई में आज एक किलो चांदी का भाव ₹2,39,900 है, जो देश के चारों बड़े महानगरों में सबसे अधिक है.कच्चे तेल में उबाल से क्यों सस्ता हो रहा है सोना?वैश्विक स्तर पर जब भी युद्ध जैसे हालात बनते हैं, तब तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका में कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़ते हैं. क्रूड महंगा होने से दुनिया भर में केंद्रीय बैंकों (जैसे अमेरिकी फेड) द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो जाती है क्योंकि महंगाई बढ़ने का खतरा होता है. जब ब्याज दरें ऊंची रहने की उम्मीद होती है, तो बड़े निवेशक सोने जैसी गैर-ब्याज वाली सुरक्षित संपत्तियों से मुनाफावसूली (Profit Booking) करके डॉलर या सरकारी बॉन्ड की तरफ रुख करते हैं. यही कारण है कि कच्चे तेल की तेजी के बीच सोने-चांदी के भाव में लगातार सुधार (Correction) देखने को मिल रहा है.
सनातन धर्म में आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि (Ashadh Gupt Navratri) और सूर्य का राशि परिवर्तन दोनों ही आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं. इस साल 14 जुलाई 2026 को आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के पावन पर्व के बीच एक बहुत बड़ा ज्योतिषीय उलटफेर होने जा रहा है.ग्रहों के राजा सूर्य देव मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जिसे कर्क संक्रांति (Karka Sankranti) कहा जाता है. मां दुर्गा की गुप्त शक्तियों के आशीर्वाद और सूर्य के इस महागोचर के दुर्लभ संयोग से जहां 5 भाग्यशाली राशियों के जीवन में तरक्की का नया सवेरा होने वाला है, वहीं 3 विशेष राशियों को आने वाले समय में काफी फूंक-फूंक कर कदम रखने की जरूरत होगी.सूर्य गोचर और गुप्त नवरात्रि का अद्भुत संयोगआषाढ़ गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की साधना की जाती है, जो साधक को आंतरिक शक्ति और विघ्न-बाधाओं से लड़ने की क्षमता देती हैं. वहीं, सूर्य का कर्क राशि में जाना सभी चराचर जगत के ऊर्जा स्तर को प्रभावित करता है. ज्योतिषविदों के अनुसार, यह दोहरा संयोग कुछ राशियों के लिए किसी बड़े जैकपॉट या म्यूचुअल फंड के शानदार रिटर्न की तरह साबित होने वाला है, तो कुछ के लिए परीक्षा की घड़ी लेकर आएगा.इन 5 भाग्यशाली राशियों के जीवन में होगा उजाला (Lucky Zodiac Signs)1. मेष राशि (Aries)सूर्य का गोचर आपके सुख स्थान में होने से भूमि, भवन और वाहन सुख में वृद्धि होगी. मां दुर्गा की कृपा से अटके हुए सरकारी काम पूरे होंगे और समाज में आपका पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी.2. मिथुन राशि (Gemini)आर्थिक मोर्चे पर आपको जबरदस्त सफलता मिलने वाली है. आकस्मिक धन लाभ के प्रबल योग हैं. अगर आप नया बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं, तो यह समय आपके लिए सबसे उत्तम है.3. सिंह राशि (Leo)चूंकि सूर्य आपकी ही राशि के स्वामी हैं, इसलिए इस गोचर से आपके आत्मविश्वास में भारी बढ़ोतरी होगी. कार्यक्षेत्र में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है. शत्रु परास्त होंगे और सेहत में बड़ा सुधार दिखेगा.4. तुला राशि (Libra)करियर और व्यावसायिक दृष्टिकोण से यह समय किसी वरदान से कम नहीं है. नौकरीपेशा जातकों का प्रमोशन (Promotion) हो सकता है. अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलेगा.5. मीन राशि (Pisces)विद्यार्थियों और प्रेम-संबंधों के लिए यह गोचर बेहद शुभ है. संतान पक्ष से कोई सुखद समाचार मिल सकता है. मां दुर्गा के आशीर्वाद से आपकी बौद्धिक क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति मजबूत होगी.इन 3 राशियों को रहना होगा विशेष सतर्क (Caution Required)1. वृषभ राशि (Taurus)सूर्य का गोचर आपके भाई-बहनों के साथ वैचारिक मतभेद पैदा कर सकता है. इस अवधि में किसी भी प्रकार का बड़ा वित्तीय निवेश (Financial Investment) करने से बचें. वाणी पर संयम रखें, अन्यथा करीबी रिश्ते बिगड़ सकते हैं.2. कन्या राशि (Virgo)स्वास्थ्य के मोर्चे पर आपको सावधान रहना होगा. काम के अत्यधिक दबाव के कारण मानसिक तनाव और थकान का सामना करना पड़ सकता है. इस दौरान किसी को भी पैसा उधार देने की गलती न करें.3. मकर राशि (Capricorn)सूर्य देव आपकी राशि से सातवें भाव यानी वैवाहिक जीवन के स्थान पर गोचर करेंगे. इसके प्रभाव से जीवनसाथी के साथ छोटी-छोटी बातों पर तकरार हो सकती है. व्यापार में नए पार्टनर्स के साथ लेन-देन करते समय पूरी पारदर्शिता बरतें.शुभ फलों के लिए आज ही करें ये सरल उपाय (Astrology Remedies)सूर्य देव को अर्घ्य: रोजाना सुबह तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन और कुमकुम मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दें.दुर्गा चालीसा का पाठ: गुप्त नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन शाम को मां दुर्गा के सामने घी का दीपक जलाकर दुर्गा चालीसा या 'ॐ दुं दुर्गायै नमः' मंत्र का जाप करें.लाल वस्तुओं का दान: मंगलवार और रविवार के दिन जरूरतमंदों को मसूर की दाल, गुड़ या लाल कपड़े का दान करें.
रानी की वाव ने बढ़ाया भारत का गौरव, WOW Awards Asia 2026 में 3D प्रोजेक्शन शो को मिला गोल्ड अवार्ड
पाटन स्थित यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल 'रानी की वाव' (राशकी वाव) के 3D प्रोजेक्शन मैपिंग शो और हेरिटेज लाइटिंग प्रोजेक्ट ने वैश्विक स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। इस प्रोजेक्ट को प्रतिष्ठित 17वें WOW अवार्ड्स एशिया 2026 में गोल्ड अवार्ड से ...
अमेरिका और ईरान के बीच भड़की युद्ध (US-Iran War 2026) की चिंगारी अब एक बेहद खतरनाक अंतरराष्ट्रीय संकट में बदल चुकी है. दोनों देशों के बीच लगातार दूसरे दिन भी विनाशकारी मिसाइल और ड्रोन हमले जारी हैं. इस भीषण सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक ऐसा चौंकाने वाला बयान दिया है जिसने पूरी दुनिया के भू-राजनीतिक (Geopolitical) और ऊर्जा बाजार के समीकरणों को हिलाकर रख दिया है.राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ एलान कर दिया है कि अमेरिकी सेना दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' (Strait of Hormuz) का पूरा नियंत्रण अपने हाथों में लेने जा रही है.फॉक्स न्यूज पर ट्रंप की कड़क चेतावनी: जहाजों से लेंगे सुरक्षा शुल्कअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'फॉक्स न्यूज' (Fox News) को दिए एक विशेष इंटरव्यू में ईरान को सीधी चुनौती देते हुए कहा:जलडमरूमध्य पर होगा अमेरिकी नियंत्रण: हम हॉर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा की जिम्मेदारी और इसका पूरा नियंत्रण अपने हाथों में ले रहे हैं. हम हर हाल में इस अंतरराष्ट्रीय मार्ग की रक्षा करेंगे.सुरक्षा टैक्स वसूलने की तैयारी: ट्रंप ने खाड़ी देशों और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की तरफ इशारा करते हुए एक और बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि भविष्य में इस जलमार्ग से सुरक्षित गुजरने वाले जहाजों और तेल के सुपरटैंकरों से सुरक्षा के बदले विशेष शुल्क (Protection Fee) भी वसूला जा सकता है.ईरान ने पीठ में घोंपा छुरा: ट्रंप ने ईरान पर आरोप लगाया कि दोनों देशों के बीच युद्ध खत्म करने के लिए एक अंतरिम समझौता लगभग तय हो चुका था, लेकिन ईरान ने अचानक ड्रोन हमला करके उस समझौते की मर्यादा को पूरी तरह तोड़ दिया.ईरान का खाड़ी देशों पर हमला; अमेरिका ने तबाह किए तटीय ठिकानेदोनों महाशक्तियों के बीच छिड़ी इस जंग में खाड़ी के अन्य देश भी अनजाने में लपेटे में आ रहे हैं:ईरान का दावा: ईरान की 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) ने दावा किया है कि उसने बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. इसके साथ ही ओमान के रडार सिस्टम और जॉर्डन के 'प्रिंस हसन एयर बेस' के गोला-बारूद डिपो पर भी मिसाइलें दागी गई हैं. हालांकि, बहरीन, कुवैत और जॉर्डन ने कहा है कि उनके अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान के अधिकांश खतरों को हवा में ही नेस्तनाबूद कर दिया.अमेरिका का महा-पलटवार: अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने घातक लड़ाकू विमानों, नौसैनिक युद्धपोतों और ड्रोनों के जरिए ईरान के भीतर घुसकर बमबारी की है. इस जवाबी कार्रवाई में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय रडार, मिसाइल लॉन्च पैड और उनकी लड़ाकू छोटी नौकाओं को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है.वैश्विक ऊर्जा बाजार में हाहाकार; कच्चे तेल की कीमतों में 5% की उछालदुनिया भर के कुल कच्चे तेल (Crude Oil) की सप्लाई का लगभग 20% हिस्सा अकेले हॉर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरता है.तेल संकट का डर: ईरान के सरकारी मीडिया का दावा है कि उनकी नौसेना ने इस रूट से गुजर रहे दो जहाजों पर चेतावनी के तौर पर फायरिंग की और उन्हें जबरन रोक दिया. वहीं अमेरिका ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि उसकी नौसैनिक सुरक्षा के साए में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही अभी भी चालू है.बाजार में तेजी: इस सैन्य गतिरोध के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेशकों के बीच हड़कंप मच गया है, जिससे ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) के दाम एक समय में 5% तक उछल गए और बाद में यह 3.5% की बढ़त पर टिका रहा. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड के दामों में भी भारी तेजी देखी जा रही है.बैकचैनल कूटनीति सक्रिय; क्या टल जाएगा महायुद्ध?जमीन और समंदर पर बरसती मिसाइलों के बीच कूटनीतिक गलियारों से एक राहत भरी खबर भी आ रही है. ईरान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि वे युद्ध को और अधिक भड़कने से रोकने के लिए कतर, पाकिस्तान और ओमान के मध्यस्थों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हालांकि, ईरान ने अमेरिका पर ही शांति के प्रयासों को कमजोर करने का ठीकरा फोड़ा है. अब देखना यह होगा कि कतर और ओमान की यह बैकचैनल कूटनीति इस नाजुक मोड़ पर युद्ध को रोक पाती है या नहीं.
पश्चिम एशिया के तनाव के बीच पूर्वी एशिया से भी एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. वियतनाम के समुद्र तट के पास पिछले दिनों हुए एक भीषण नाव हादसे (Vietnam Boat Tragedy 2026) में अपनी जान गंवाने वाले 15 भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर आज स्वदेश लौट आए हैं.वियतनाम सरकार और भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के संयुक्त प्रयासों के बाद, मृतकों के शवों को लेकर भारतीय वायुसेना का एक विशेष विमान मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंड हुआ है. इस हादसे ने पूरे देश को गमगीन कर दिया है और एयरपोर्ट पर सुरक्षा व प्रशासनिक अमले के साथ मृतकों के परिजन मौजूद हैं.कैसे हुआ था यह दर्दनाक नाव हादसा?विमानन और विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, यह भीषण हादसा वियतनाम के दक्षिणी तटीय प्रांत के पास समुद्र में हुआ था.खराब मौसम बना काल: ये सभी भारतीय नागरिक एक वाणिज्यिक क्रू और कुछ पर्यटक समूह का हिस्सा थे, जो एक स्थानीय नाव पर सवार थे. अचानक आए तीव्र समुद्री तूफान और ऊंची लहरों के कारण नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह समुद्र में पलट गई.बचाव अभियान: वियतनाम की नौसेना और कोस्ट गार्ड ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया था, जिसमें 15 भारतीयों के शव बरामद किए गए, जबकि कुछ अन्य विदेशी नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया था.मुंबई एयरपोर्ट पर भावुक कर देने वाले दृश्य; शव गृह भेजे गए पार्थिव शरीरमुंबई एयरपोर्ट पर विमान के लैंड होते ही माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया. केंद्रीय मंत्रियों और महाराष्ट्र सरकार के प्रतिनिधियों ने हवाई अड्डे पर पहुंचकर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की.कड़े सुरक्षा इंतजाम: सीमा शुल्क (Customs) और इमिग्रेशन की कागजी प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत पूरा किया गया.गृह राज्यों में भेजने की तैयारी: अधिकारियों ने बताया कि 15 मृतकों में से अधिकांश नाविक और टूरिस्ट महाराष्ट्र, गुजरात और केरल के रहने वाले थे. मुंबई एयरपोर्ट से एम्बुलेंस के जरिए शवों को उनके पैतृक गांवों और शहरों में भेजने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि परिजन उनका अंतिम संस्कार कर सकें.विदेश मंत्रालय ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर; मुआवजे का एलानभारत सरकार ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है. विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि हनोई (वियतनाम) में स्थित भारतीय दूतावास लगातार वहां के स्थानीय प्रशासन के संपर्क में था ताकि शवों की पहचान और कागजी कार्रवाई को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके. सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता और शवों को घर तक पहुंचाने का पूरा खर्च उठाने का एलान किया है.जैसे म्यूचुअल फंड में अनिश्चितताओं से बचने के लिए बीमा जरूरी है, वैसे ही विदेश यात्रा पर जाने वाले भारतीयों के लिए विदेश मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी की है कि वे हमेशा अपना पंजीकरण 'मदद' (MADAD) पोर्टल पर जरूर कराएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में सरकार उन तक तुरंत पहुंच सके.
आज 14 जुलाई 2026, मंगलवार का दिन है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज आषाढ़ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है, जिसे भौमवती अमावस्या (Bhhaumvati Amavasya) कहा जाता है. आज के दिन आकाश मंडल में 'शश महालक्ष्मी योग' का विशेष प्रभाव बना हुआ है, वहीं मंगल और चंद्रमा की स्थिति के कारण सभी 12 राशियों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे.चूंकि आज अमावस्या तिथि है, इसलिए मन थोड़ा विचलित रह सकता है. ज्योतिषियों की सलाह है कि आज किसी भी प्रकार का बड़ा वित्तीय निवेश (Investment) या करियर से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय बहुत सोच-समझकर ही लें. आइए जानते हैं कि आज आपका भाग्यफल (Horoscope) क्या कहता है.मेष से कर्क राशि (Aries to Cancer)मेष राशि (Aries)आज का दिन आपके लिए ऊर्जा से भरपूर रहेगा, लेकिन क्रोध पर नियंत्रण रखना होगा. कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों से विवाद हो सकता है.उपाय: हनुमान जी को बूंदी का प्रसाद चढ़ाएं.वृषभ राशि (Taurus)आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन मिलाजुला रहेगा. म्यूचुअल फंड या शेयर बाजार में आज जल्दबाजी में बड़ा पैसा लगाने से बचें. परिवार का सहयोग मिलेगा.उपाय: किसी जरूरतमंद को सफेद अन्न का दान करें.मिथुन राशि (Gemini)बिजनेस करने वाले जातकों के लिए आज कोई नई डील फाइनल हो सकती है. नौकरीपेशा लोगों को आज काम का अतिरिक्त बोझ संभालना पड़ सकता है. वाणी पर संयम रखें.उपाय: पक्षियों को दाना डालें.कर्क राशि (Cancer)आज मानसिक तनाव थोड़ा बढ़ सकता है. नकारात्मक विचारों से दूर रहें. जीवनसाथी के साथ किसी बात को लेकर अनबन हो सकती है, बातचीत से मसला सुलझाएं.उपाय: शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करें.सिंह से वृश्चिक राशि (Leo to Scorpio)सिंह राशि (Leo)सरकारी कार्यों में आ रही बाधाएं आज दूर होंगी. समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा. सेहत में थोड़ा उतार-चढ़ाव आ सकता है, खान-पान का विशेष ध्यान रखें.उपाय: सूर्य देव को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें.कन्या राशि (Virgo)आज आपको अपनी पुरानी मेहनत का फल मिल सकता है. कार्यक्षेत्र में अधिकारी वर्ग आपके काम की सराहना करेंगे. लंबी दूरी की यात्रा के योग बन रहे हैं.उपाय: गरीब बच्चों को मौसमी फल दान करें.तुला राशि (Libra)आज आर्थिक लेन-देन में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. किसी को उधार देने से बचें, वरना पैसा फंस सकता है. पार्टनर के साथ अच्छा समय बीतेगा.उपाय: मंदिर में कपूर जलाएं.वृश्चिक राशि (Scorpio)भौमवती अमावस्या का सबसे ज्यादा प्रभाव आपकी राशि पर देखने को मिलेगा. आज आपको पैतृक संपत्ति से लाभ हो सकता है. जमीन-जायदाद के मामलों में सफलता मिलेगी.उपाय: हनुमान चालीसा का तीन बार पाठ करें.धनु से मीन राशि (Sagittarius to Pisces)धनु राशि (Sagittarius)आज आपका झुकाव धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों की तरफ ज्यादा रहेगा. परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थल की यात्रा पर जा सकते हैं. खर्चों में बढ़ोतरी होगी.उपाय: पीले रंग के वस्त्र का दान करें.मकर राशि (Capricorn)शनि की स्वराशि में मौजूदगी से आज आपको करियर में कोई बड़ा ब्रेक मिल सकता है. लंबे समय से अटका हुआ कोई सरकारी काम आज पूरा होने की प्रबल संभावना है.उपाय: सरसों के तेल का दीपक पीपल के पेड़ के नीचे जलाएं.कुंभ राशि (Aquarius)आज का दिन आपके लिए थोड़ा भागदौड़ वाला रहेगा. कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. व्यापार में नए पार्टनर्स से जुड़ने का मौका मिलेगा.उपाय: चींटियों को आटा डालें.मीन राशि (Pisces)विद्यार्थियों के लिए आज का दिन बेहद अनुकूल है, पढ़ाई में मन लगेगा. स्वास्थ्य में सुधार होगा. शाम के समय परिवार के साथ बैठकर कोई महत्वपूर्ण निर्णय ले सकते हैं.उपाय: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें.
सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व माना गया है, और जब यह अमावस्या मंगलवार के दिन पड़ती है, तो इसे भौमवती अमावस्या (Bhhaumvati Amavasya) कहा जाता है. इस साल आषाढ़ मास की अमावस्या आज 14 जुलाई 2026, मंगलवार को पड़ रही है.धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से मंगल ग्रह को 'भौम' भी कहा जाता है, इसलिए मंगलवार को आने वाली इस अमावस्या पर पितरों की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पवित्र नदियों में स्नान-दान करने से जीवन के सभी कष्टों, कर्ज (Debt) और मंगल दोष से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है. आइए जानते हैं आज स्नान-दान का सबसे उत्तम मुहूर्त क्या है और किन चीजों का दान करने से आपको अक्षय पुण्य की प्राप्ति होगी.आषाढ़ भौमवती अमावस्या 2026: स्नान और दान का शुभ मुहूर्तहिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि आज दिन भर प्रभावी रहेगी. यदि आप किसी पवित्र नदी (जैसे गंगा, यमुना या सरयू) में स्नान करने जा रहे हैं, या घर पर ही गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहते हैं, तो आज के सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त निम्नलिखित हैं:अमृत सर्वोत्तम मुहूर्त (प्रातः काल): सुबह 05:33 बजे से सुबह 07:18 बजे तक (यह समय सूर्योदय के ठीक बाद पवित्र स्नान और सूर्य देव को अर्घ्य देने के लिए सबसे उत्तम है).शुभ चौघड़िया मुहूर्त: सुबह 09:02 बजे से दोपहर 10:47 बजे तक (इस अवधि में किया गया दान-पुण्य और पितरों के निमित्त तर्पण बेहद फलदायी माना जाता है).अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:59 बजे से दोपहर 12:54 बजे तक (यह समय किसी भी प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान, ब्राह्मण भोज या जरूरतमंदों को अन्न-वस्त्र दान करने के लिए सर्वदोषनाशक माना गया है).भौमवती अमावस्या पर इन चीजों का दान लाता है सुख-समृद्धिशास्त्रों के अनुसार, भौमवती अमावस्या पर किए गए दान से न केवल पितृ प्रसन्न होते हैं, बल्कि कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति भी मजबूत होती है. आज के दिन आपको अपनी क्षमता के अनुसार इन चीजों का दान अवश्य करना चाहिए:लाल रंग की वस्तुएं (मंगल ग्रह की शांति): चूंकि आज मंगलवार है, इसलिए हनुमान जी और मंगल देव को प्रसन्न करने के लिए लाल चंदन, लाल कपड़ा, मसूर की दाल, केसर या तांबे के बर्तनों का दान किसी मंदिर में या योग्य ब्राह्मण को करें.गुड़ और तिल का दान: पितरों की तृप्ति के लिए आज के दिन काले तिल, गुड़ और शुद्ध घी का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है. इससे घर की दरिद्रता दूर होती है और सुख-शांति का वास होता है.अन्न और जल का दान (महादान): आषाढ़ के महीने में गर्मी और उमस का प्रकोप रहता है. ऐसे में किसी प्यासे को पानी पिलाना, राहगीरों के लिए प्याऊ लगवाना या भूखे को गेहूं, चावल और मौसमी फलों का दान करने से कई यज्ञों के समान पुण्य मिलता है.भूमिपुत्रों (किसानों) को दान: मंगल को भूमिपुत्र भी कहा जाता है. आज के दिन यदि आप किसी गरीब किसान या जरूरतमंद मजदूर को खेती के उपकरण, अन्न या वस्त्र दान करते हैं, तो आपकी संपत्ति और कार्यक्षेत्र में तेजी से वृद्धि होती है.कर्ज मुक्ति के लिए आज जरूर करें ये छोटा सा उपाययदि आप लंबे समय से भारी कर्ज की समस्या से परेशान हैं या आपका पैसा कहीं फंसा हुआ है, तो आज शाम के समय हनुमान जी के मंदिर जाकर चमेली के तेल का दीपक जलाएं और ऋणमोचक मंगल स्तोत्र या हनुमान चालीसा का पाठ करें. इसके बाद बंदरों को गुड़ और चना खिलाएं. भौमवती अमावस्या के प्रभाव से कर्ज का बोझ धीरे-धीरे कम होने लगेगा और धन आगमन के नए मार्ग खुलेंगे.
झमाझम बरसती बारिश की बूंदें, पहाड़ों पर तैरते सफेद बादलों के टुकड़े, मिट्टी की सोंधी खुशबू और पहाड़ों से दूध की तरह नीचे गिरते झरनों (Waterfalls) का शोर— मानसून का मौसम भारत के प्राकृतिक सौंदर्य में चार चांद लगा देता है. यदि आप भी कंक्रीट के जंगलों और शहरों की उमस भरी गर्मी से तंग आ चुके हैं, तो भारत में कुछ ऐसी जादुई जगहें हैं जो बारिश के दिनों में किसी धरती के स्वर्ग जैसी दिखाई देने लगती हैं.पार्टनर के साथ रोमांटिक ट्रिप प्लान करनी हो या अकेले ही प्रकृति की गोद में खो जाना हो, मानसून के इस सुहाने मौसम में भारत के ये 5 सबसे खूबसूरत और बेस्ट टूरिस्ट डेस्टिनेशंस (Best Monsoon Travel Places in India) आपकी यात्रा को हमेशा के लिए यादगार बना देंगे.1. चेरापूंजी और मावलिननोंग (मेघालय) – बादलों का घरदुनिया में सबसे ज्यादा बारिश के लिए मशहूर मेघालय (Meghalaya) का यह हिस्सा मानसून प्रेमियों के लिए मक्का माना जाता है.नजारों की खूबी: बारिश के दिनों में यहाँ के 'नोहकलीकई' (Nohkalikai) जैसे विशाल झरने अपने पूरे शबाब पर होते हैं. बादलों के बीच से होकर गुजरती घुमावदार सड़कें और 'लिविंग रूट ब्रिज' (Living Root Bridges - पेड़ों की जड़ों से बने प्राकृतिक पुल) देखना एक अलग ही दुनिया का अहसास कराता है. इसके साथ ही एशिया का सबसे साफ गांव 'मावलिननोंग' भी इसी रूट पर है, जिसकी हरियाली देखने लायक होती है.2. वायनाड (केरल) – पश्चिमी घाट की मखमली चादरकेरल का यह खूबसूरत हिल स्टेशन (Wayanad Hill Station) मानसून के दौरान एक गहरे हरे रंग की मखमली चादर ओढ़ लेता है.नजारों की खूबी: चाय और कॉफी के बागानों के बीच बने ट्री-हाउस (Tree Houses) में रुककर बारिश की बूंदों को गिरते देखना बेहद रोमांटिक होता है. यहां का 'बाणासुर सागर बांध' और 'मीनमुट्टी वॉटरफॉल्स' मानसून के पानी से पूरी तरह लबालब हो जाते हैं. कोहरे से ढकी पहाड़ियों के बीच ट्रैकिंग करने का रोमांच यहां सबसे अलग होता है.3. लोनावला और महाबलेश्वर (महाराष्ट्र) – पश्चिमी घाट का जादूमुंबई और पुणे के निवासियों के लिए वीकेंड बिताने का यह सबसे पसंदीदा और प्राकृतिक रूप से समृद्ध गंतव्य है.नजारों की खूबी: मानसून शुरू होते ही लोनावला (Lonavala) और खंडाला की खाइयों से अनगिनत छोटे-बड़े झरने बहने लगते हैं. महाबलेश्वर (Mahabaleshwar) के 'विल्सन पॉइंट' या 'आर्थर सीट' से जब आप नीचे की घाटियों को देखते हैं, तो वे पूरी तरह बादलों और कोहरे से ढकी नजर आती हैं. भुट्टा (कॉर्न) खाते हुए यहां के घाटों पर लॉन्ग ड्राइव का मजा बेजोड़ है.4. कुर्ग (कर्नाटक) – भारत का स्कॉटलैंडकॉफ़ी के बागानों और मसालों की खुशबू से महकता कुर्ग (Coorg) बारिश के दिनों में प्रकृति प्रेमियों के लिए एक आदर्श आश्रय स्थल बन जाता है.नजारों की खूबी: मानसून में यहाँ का 'एब्बे फॉल्स' (Abbey Falls) और 'इरुप्पु फॉल्स' बहुत शक्तिशाली और खूबसूरत हो जाते हैं. कावेरी नदी के उद्गम स्थल 'तलकावेरी' की पहाड़ियों पर जब कोहरे की सफेद चादर बिछती है, तो वहां का नजारा देखते ही बनता है.5. लोध जलप्रपात और नेतरहाट (झारखंड) – छोटानागपुर की रानीअगर आप भीड़भाड़ से दूर किसी अनछुए और शांत हिल स्टेशन की तलाश में हैं, तो झारखंड का नेतरहाट (Netarhat) और लातेहार का इलाका आपको मंत्रमुग्ध कर देगा.नजारों की खूबी: झारखंड का सबसे ऊंचा झरना 'लोध फॉल्स' (Lodh Waterfalls) मानसून में जब 469 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है, तो उसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई देती है. चीड़ (Pine) के घने जंगलों के बीच पहाड़ों पर गिरती बारिश और नेतरहाट का सनसेट व्यू (सूर्यास्त) पर्यटकों के दिल में उतर जाता है.यात्रियों के लिए जरूरी सेफ्टी एडवाइजरी (Monsoon Travel Safety Tips)जिस तरह म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले मार्केट के जोखिमों को जानना जरूरी है, ठीक उसी तरह मानसून में पहाड़ों पर यात्रा करने से पहले कुछ सावधानियां बरतना अनिवार्य है:वेदर अपडेट: लैंडस्लाइड (भूस्खलन) या भारी बारिश वाले संवेदनशील पहाड़ी इलाकों (जैसे हिमाचल या उत्तराखंड के कुछ हिस्से) में जाने से पहले मौसम विभाग (IMD) का ताजा अलर्ट जरूर चेक करें.झरनों के करीब न जाएं: उफनते हुए नदी-नालों या झरनों के तेज बहाव में उतरकर रील्स बनाने या सेल्फी लेने की गलती बिल्कुल न करें, पानी का स्तर अचानक बढ़ सकता है.ग्रिप वाले जूते: पहाड़ों पर और चट्टानों पर काई जमने से फिसलन बढ़ जाती है, इसलिए यात्रा के दौरान अच्छी ग्रिप वाले ट्रैकिंग शूज ही पहनें.
वैश्विक ऊर्जा बाजार (Global Energy Market) में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के एक चौंकाने वाले बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 10% का जोरदार उछाल दर्ज किया गया है.ब्रेंट क्रूड के भाव कल के अपने निचले स्तर से रिकवर होकर अब $85 प्रति बैरल के बेहद करीब पहुंच गए हैं, जो पिछले चार हफ्तों का सबसे उच्चतम स्तर है. पिछले कारोबारी सत्र में ब्रेंट क्रूड में 9.6% की तेजी देखी गई थी, जो मई 2020 के बाद से एक दिन में सबसे बड़ी उछाल है.डोनाल्ड ट्रंप का '20% फीस' वाला बयान और अमेरिकी नाकेबंदीकच्चे तेल की कीमतों में आई इस अचानक तेजी की सबसे मुख्य वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान है, जो उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट किया है. ट्रंप ने मांग की है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले तेल के जहाजों पर 20% कार्गो फीस लगाई जानी चाहिए या फिर तेल ले जाने वाले पूरे सुपरटैंकरों से $30 मिलियन (3 करोड़ डॉलर) से अधिक का भुगतान लिया जाना चाहिए.ट्रंप ने सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन और कुवैत जैसे खाड़ी देशों का हवाला देते हुए कहा कि जो देश इस रणनीतिक जलमार्ग की सुरक्षा चाहते हैं, उन्हें अमेरिका को यह भुगतान करना होगा. इसके साथ ही अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान पर लगातार तीसरी रात हवाई हमले किए हैं और ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी (Naval Blockade) दोबारा शुरू कर दी है.नाजुक सीजफायर टूटा; होर्मुज स्ट्रेट में मिसाइल और ड्रोन हमले तेजकुछ समय पहले अमेरिका और ईरान के बीच हुए चार महीने लंबे युद्ध को खत्म करने के लिए एक समझौता (MoU) हुआ था, लेकिन यह नाजुक सीजफायर ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सका.यूएई के टैंकरों पर हमला: ईरान की सेमी-ऑफिशियल न्यूज एजेंसी 'फार्स' के मुताबिक, ईरानी सेना ने कुवैत में अमेरिकी ठिकानों को ड्रोन से निशाना बनाया है. वहीं संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने आधिकारिक पुष्टि की है कि हॉर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी नौवहन मार्ग में उसके दो बड़े तेल टैंकरों पर क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया है.ईरान का पलटवार: अमेरिकी नाकेबंदी के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर ट्रंप की 20% फीस की मांग का मजाक उड़ाया है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि ईरान इस जलडमरूमध्य का अकेला रखवाला बना रहेगा और किसी भी बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकेगा.मार्केट एक्सपर्ट्स की राय: कहां तक जाएंगे कच्चे तेल के दाम?इंफ्रास्ट्रक्चर कैपिटल मैनेजमेंट के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) जे हैटफील्ड के अनुसार, जब तक हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य हलचल जारी रहेगी, तब तक कच्चे तेल के भाव $80 से $85 के दायरे में बने रह सकते हैं. हालांकि, उनका मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में भी कीमतें $90 या $100 के पार जाने की उम्मीद बेहद कम है. विशेषज्ञ यह भी मान रहे हैं कि यदि कूटनीतिक बातचीत के जरिए यह स्ट्रेट दोबारा पूरी तरह सुरक्षित खुल जाता है, तो क्रूड की कीमतें तेजी से गिरकर वापस $60 प्रति बैरल तक आ सकती हैं.
कानून के क्षेत्र में सरकारी नौकरी (Sarkari Naukri) की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और शानदार अवसर सामने आया है. मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने गृह विभाग के अंतर्गत सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी (Assistant District Prosecution Officer - ADPO) के पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया को एक बार फिर से खोल (Reopen) दिया है.म्यूचुअल फंड की तरह ही सही समय पर लिया गया एक सही फैसला आपके करियर को एक नई और सुरक्षित ऊंचाई दे सकता है. योग्य और इच्छुक लॉ ग्रेजुएट्स (Law Graduates) अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर 24 जुलाई 2026 तक अपना ऑनलाइन फॉर्म जमा कर सकते हैं.पदों की संख्या में बंपर बढ़ोतरी; अब 107 पदों पर होगी भर्तीइस भर्ती प्रक्रिया की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि गृह विभाग से नए निर्देश मिलने के बाद एमपीपीएससी ने रिक्तियों की संख्या में भारी इजाफा किया है.संशोधित वैकेंसी: पहले जहां यह अधिसूचना केवल 17 पदों के लिए जारी की गई थी, वहीं अब पदों की संख्या को बढ़ाकर 107 कर दिया गया है.पुराने आवेदकों को राहत: जिन अभ्यर्थियों ने मार्च-अप्रैल के दौरान पहले ही इस पद के लिए सफलतापूर्वक आवेदन कर दिया था, उन्हें दोबारा फॉर्म भरने की कोई आवश्यकता नहीं है. यह नया री-ओपन विंडो केवल नए उम्मीदवारों के लिए खोला गया है.शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा के कड़े नियमइस राजपत्रित द्वितीय श्रेणी (Gazetted Class II) पद के लिए आयोग ने कुछ अनिवार्य मापदंड तय किए हैं:योग्यता: आवेदक के पास भारत के किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से लॉ में स्नातक (LLB) की डिग्री होनी अनिवार्य है.आयु सीमा: उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष (01 जनवरी 2027 के अनुसार) होनी चाहिए. मध्य प्रदेश के मूल निवासियों और आरक्षित वर्ग को सरकारी नियमों के तहत आयु सीमा में विशेष छूट दी जाएगी.आवेदन शुल्क: सामान्य और अन्य राज्यों के आवेदकों के लिए शुल्क ₹500 है, जबकि एमपी के आरक्षित वर्ग के लिए यह ₹250 तय किया गया है.18 अक्टूबर को होगी परीक्षा; जानिए चयन प्रक्रियाएमपीपीएससी (MPPSC) के संशोधित कैलेंडर के अनुसार, असिस्टेंट जिला अभियोजन अधिकारी पद के लिए लिखित परीक्षा (CBT) का आयोजन 18 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा. इस परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड 08 अक्टूबर 2026 को आयोग के पोर्टल पर लाइव कर दिए जाएंगे. चयन प्रक्रिया पूरी तरह से दो चरणों पर आधारित होगी— जिसमें पहले चरण में वस्तुनिष्ठ (Objective) लिखित परीक्षा होगी और इसे पास करने वाले उम्मीदवारों को अंतिम चरण यानी पर्सनल इंटरव्यू (Interview) के लिए बुलाया जाएगा.
दतिया का उपचुनाव राजा और रंक के बीच: सीएम मोहन यादव
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि दतिया का उपचुनाव एक सामान्य चुनाव नहीं रह गया है। दतिया का उपचुनाव राजा और रंक के बीच का चुनाव है।
अमेरिका में जन्म के आधार पर नागरिकता के पक्ष में फैसले से क्यों खुश हैं भारतीय
जन्म के आधार पर नागरिकता के मामले में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले ने अमेरिका में रह रहे भारतीय परिवारों की चिंताएं घटाई हैं
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य दिनांक 14 जुलाई, 2026 (मंगलवार) को राजधानी लखनऊ में आयोजित विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे। इन कार्यक्रमों में लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श के साथ-साथ समाज सेवा एवं जनकल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों के सम्मान समारोह में भी सहभागिता करेंगे।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रातः 11:30 बजेश्री केशव प्रसाद मौर्यहोटल ताज, गोमती नगर, लखनऊ में एक राष्ट्र, एक चुनाव विषय के संबंध में गठित संयुक्त संसदीय समिति के साथ आयोजित विचार-विमर्श कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस अवसर पर समिति के माननीय सदस्यों एवं विभिन्न क्षेत्रों के आमंत्रित प्रतिनिधियों के साथ इस महत्वपूर्ण विषय पर व्यापक चर्चा होगी तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जनहितकारी बनाने के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।इसके उपरांत उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य जी सहकारिता भवन, लखनऊ में भारतीय तैलिक साहू राठौर युवा महासभा, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित वरिष्ठ सेवा सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे। कार्यक्रम के दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय एवं प्रेरणादायी योगदान देने वाले वरिष्ठजनों का सम्मान किया जाएगा। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जी उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सामाजिक समरसता, सेवा, राष्ट्र निर्माण तथा युवा शक्ति की सकारात्मक भूमिका पर अपने विचार भी व्यक्त करेंगे।मा० उप मुख्यमंत्री का यह कार्यक्रम लोकतांत्रिक विमर्श, सामाजिक समरसता तथा समाज के वरिष्ठजनों के सम्मान के प्रति प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ करेगा।
झारखंड के वित्त, योजना एवं विकास, वाणिज्य-कर तथा संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने राज्य की पुलिस व्यवस्था और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल उठाए हैं
आरएसएस मुस्लिम समुदाय की कुर्बानियों को नजरअंदाज कर रही है: सैयद आगा रूहुल्लाह
नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद सैयद आगा रूहुल्लाह ने देश की आजादी में मुस्लिम समुदाय के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) पर मुस्लिम समुदाय के योगदान को नजरअंदाज करने का भी आरोप लगाया।
केशव प्रसाद मौर्य उप मुख्यमंत्री ने राजनाथ सिंह एवं नितिन गडकरी ने लखनऊ के सरोजनी नगर स्थित सैनिक स्कूल मेंलगभग ₹4,200 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाला 63 किलोमीटर लंबा कानपुर–लखनऊ छह लेन एक्सप्रेस-वे प्रमुख परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है, जो प्रदेश का नया विकास कॉरिडोर बनेगा। इसके अतिरिक्त लगभग ₹541 करोड़ की लागत से हरदोई–लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग के 32 किलोमीटर लंबे चार लेन निर्माण कार्य से सुरक्षित एवं तीव्र आवागमन सुनिश्चित होगा। वहीं लगभग ₹109 करोड़ की लागत से निर्मित इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहा फ्लाईओवर राजधानी लखनऊ की यातायात व्यवस्था को और अधिक सुगम एवं व्यवस्थित बनाएगा।उन्होंने कहा कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर ही विकसित भारत की मजबूत नींव है। उत्तर प्रदेश अब पिछड़ेपन की पहचान से निकलकर एक्सप्रेस-वे, आधुनिक हाईवे और तेज विकास वाले प्रदेश के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित कर चुका है। विकसित भारत का सपना विकसित उत्तर प्रदेश के माध्यम से ही साकार होगा, उत्तर प्रदेश की नई पहचान एक्सप्रेस-वे से एक्सप्रेस ग्रोथ बन चुकी है। प्रत्येक नई सड़क अनगिनत नए अवसरों का द्वार खोलती है। बेहतर सड़कें उद्योग, निवेश, पर्यटन और रोजगार को नई गति प्रदान करती हैं तथा किसान को बाजार, युवा को रोजगार और प्रदेश को निवेश से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनती हैं।उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने कहा कि पहले केवल परियोजनाओं की घोषणाएं होती थीं, लेकिन आज डबल इंजन सरकार समयबद्ध ढंग से परियोजनाओं का निर्माण कर उनका लोकार्पण एवं संचालन सुनिश्चित कर रही है। यही सुशासन की पहचान है, उत्तर प्रदेश अब संभावनाओं का नहीं, बल्कि उपलब्धियों का प्रदेश बन चुका है और आने वाले समय में देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों में अग्रणी भूमिका निभाएगा। इन परियोजनाओं से प्रदेश में कनेक्टिविटी मजबूत होगी, निवेश आकर्षित होगा तथा रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। विशेष रूप से नवाबों की नगरी लखनऊ और औद्योगिक नगरी कानपुर के बीच विकास की नई रफ्तार स्थापित होगी, जिससे उद्योग, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को अभूतपूर्व गति मिलेगी।कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मा० मंत्रीगण, मा० संसदगण, मा० विधायकगण, महापौर लखनऊ, पार्टी पदाधिकारिगण, वरिष्ठ अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता कर प्रदेश के विकास के इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने।
केशव प्रसाद मौर्य ने आज अपने सरकारी आवास 7, कालिदास मार्ग, लखनऊ पर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। जनता दर्शन में बड़ी संख्या में विभिन्न जिलों से आए फरियादियों ने अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक एवं जनहित से जुड़ी समस्याओं को उप मुख्यमंत्री के समक्ष रखा, स्वयं प्रत्येक शिकायतकर्ता के पास पहुंचे, उनकी पूरी बात धैर्यपूर्वक सुनी तथा संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए लिखित निर्देश जारी किए। कई मामलों में उन्होंने संबंधित जिलाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता कर समस्याओं के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए। जनता दर्शन में सड़क, नाली, पेयजल व्यवस्था, चकमार्गों पर अतिक्रमण, राजस्व भूमि से जुड़े विवाद, विद्युत आपूर्ति की समस्याएं, विद्युत भार वृद्धि के लिए नए ट्रांसफार्मर की स्थापना, आवास, चिकित्सा सहायता तथा अन्य जनसमस्याओं से संबंधित अनेक प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध एवं पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।जनता दर्शन के दौरान श्रीमती सरोज कुमार, पत्नी श्री राजेन्द्र कश्यप, निवासी मोहनलालगंज, लखनऊ ने आयुष्मान भारत कार्ड उपलब्ध कराए जाने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाए जाने का अनुरोध किया। उप मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को पात्रता के अनुसार तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए, हरदोई निवासी श्री नीरज मौर्य ने अपनी बहन ऊर्षा मौर्य के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह/कन्या विवाह सहायता योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए जाने का अनुरोध किया। इस संबंध में भी संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया गया।आजमगढ़ जनपद के ग्राम लेडूपार की ग्राम प्रधान श्रीमती विभावती सिंह ने गांव में विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु 25 केवीए का ट्रांसफार्मर स्थापित कराने का अनुरोध किया। उप मुख्यमंत्री ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, आगरा जनपद के विकास खंड सैंया के ग्राम डुडीपुर की निवासी श्रीमती गुड्डी, पत्नी श्री कालीचरण ने मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाए जाने का अनुरोध किया। उप मुख्यमंत्री ने पात्रता के आधार पर शीघ्र परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए, कानपुर देहात की आरती देवी ने पुलिस भर्ती परीक्षा में स्वास्थ्यगत आवश्यकता को देखते हुए नेबुलाइज़र ले जाने एवं उपयोग की अनुमति प्रदान किए जाने का अनुरोध किया।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान की नौसैनिक नाकाबंदी (Naval Blockade) दोबारा शुरू करेगा और अब से खुद को 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का संरक्षक' के रूप में ...
लॉन्ग ड्राइव और हिल स्टेशन की ट्रिप अपनी जगह है, लेकिन ट्रेन की खिड़की से बाहर देखते हुए पार्टनर का हाथ थामकर खूबसूरत नजारों को निहारने का मजा ही कुछ और है. भारतीय रेलवे की हाई-स्पीड और अत्याधुनिक वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) ने न सिर्फ सफर के समय को कम किया है, बल्कि देश के कुछ सबसे खूबसूरत रेल मार्गों पर यात्रा को बेहद आरामदायक और रोमांटिक भी बना दिया है.अगर आप भी अपनी व्यस्त जिंदगी से ब्रेक लेकर किसी ऐसी रोमांटिक ट्रिप की प्लानिंग कर रहे हैं जहां आरामदायक सफर के साथ-साथ प्रकृति के जादुई नजारे भी देखने को मिलें, तो आपको वंदे भारत एक्सप्रेस के इन 5 सबसे शानदार रूट्स (Scenic Vande Bharat Routes) पर एक बार जरूर सफर करना चाहिए.1. मुंबई से मडगाँव (गोआ) वंदे भारत: कोंकण की हसीन वादियांअगर आपको हरियाली, ऊंचे पुल, गहरी खाइयां और पहाड़ों को चीरती हुई सुरंगे पसंद हैं, तो कोंकण रेलवे (Konkan Railway) के ट्रैक पर दौड़ने वाली यह ट्रेन आपके लिए सबसे बेस्ट है.नजारों की खूबी: यह रूट खासकर मानसून और उसके ठीक बाद के महीनों में किसी जन्नत जैसा दिखाई देता है. ट्रेन जब पश्चिमी घाट की पहाड़ियों के बीच से गुजरती है, तो खिड़की के बाहर अनगिनत झरने, नदियां और घने जंगल दिखाई देते हैं. पार्टनर के साथ एग्जीक्यूटिव क्लास की रिवॉल्विंग चेयर (घूमने वाली सीट) पर बैठकर कॉफी की चुस्कियों के साथ इन नजारों को देखना लाइफटाइम एक्सपीरियंस बन जाता है.2. नई दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी कटरा वंदे भारत: हिमालय की तलहटीधार्मिक यात्रा के साथ-साथ अगर आप पहाड़ों की ठंडी हवाओं और खूबसूरत वादियों का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो दिल्ली-कटरा रूट की वंदे भारत एक बेहतरीन विकल्प है.नजारों की खूबी: पंजाब के मैदानी इलाकों को पार करने के बाद जैसे ही यह ट्रेन जम्मू में प्रवेश करती है, वैसे ही शिवालिक पहाड़ियों का खूबसूरत सिलसिला शुरू हो जाता है. रास्ते में आने वाले ऊंचे रेलवे ब्रिज और घुमावदार ट्रैक से दिखने वाले पहाड़ों के नजारे बेहद सुकून देने वाले होते हैं.3. आनंद विहार (दिल्ली) से देहरादून वंदे भारत: शिवालिक के घने जंगलदिल्ली की भागदौड़ और प्रदूषण से दूर उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों में वीकेंड बिताने के लिए यह सबसे पसंदीदा रूट है.नजारों की खूबी: यह ट्रेन उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों से होते हुए जैसे ही उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश करती है, राजाजी नेशनल पार्क के घने जंगल और शिवालिक रेंज के पहाड़ आपका स्वागत करते हैं. ट्रेन की बड़ी-बड़ी शीशे वाली खिड़कियों से जंगल और प्राकृतिक नजारों को देखना आंखों को बेहद सुकून देता है.4. कासरगोड से तिरुवनंतपुरम वंदे भारत: केरल के खूबसूरत बैकवॉटर्स'गॉड्स ओन कंट्री' कहे जाने वाले केरल के तटीय इलाकों की खूबसूरती को अगर करीब से देखना है, तो इस रूट की वंदे भारत ट्रेन सबसे मुफीद है.नजारों की खूबी: केरल को उत्तर से दक्षिण तक जोड़ने वाला यह रूट बेहद लाजवाब है. सफर के दौरान आपको खिड़की के बाहर नारियल के ऊंचे-ऊंचे पेड़, पारंपरिक केरल के घर, धान के हरे-भरे खेत और बीच-बीच में केरल के मशहूर बैकवॉटर्स (नदियों और झीलों का जाल) के अद्भुत विजुअल्स देखने को मिलते हैं.5. हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी वंदे भारत: उत्तर बंगाल के चाय के बागानकोलकाता से दार्जिलिंग या सिक्किम की वादियों की तरफ रोमांटिक ट्रिप प्लान करने वाले कपल्स के लिए यह रूट पहली पसंद बन चुका है.नजारों की खूबी: जैसे-जैसे यह ट्रेन मालदा को पार करके उत्तर बंगाल की तरफ बढ़ती है, मैदानी इलाकों की जगह दूर-दूर तक फैले हरे-भरे चाय के बागान (Tea Gardens) दिखाई देने लगते हैं. धुंध और बादलों के बीच से गुजरती हुई यह ट्रेन आपको पहाड़ों के बेहद करीब होने का अहसास कराती है.स्मार्ट ट्रैवल टिप (Travel Tip)इन सभी रूट्स पर सफर का असली मजा लेने के लिए कोशिश करें कि आप एग्जीक्यूटिव चेयर कार (EC) की टिकट बुक करें. इसकी सीटें 180 डिग्री तक घूम जाती हैं, जिससे आप सीधे खिड़की की तरफ मुंह करके बिना अपनी गर्दन को तकलीफ दिए बाहर के मनमोहक दृश्यों का पूरा आनंद ले सकते हैं.
शादी के बाद हनीमून (Honeymoon) पर जाना हो या पार्टनर के साथ किसी रोमांटिक ट्रिप (Romantic Trip) की प्लानिंग करनी हो, पहाड़ों की हसीन वादियां हमेशा कपल्स की पहली पसंद होती हैं. भारत में कई खूबसूरत हिल स्टेशन्स (Hill Stations) हैं जहां की प्राकृतिक सुंदरता और सुहाना मौसम रोमांस को दोगुना कर देता है. लेकिन कई बार जानकारी के अभाव में कपल्स कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे उनकी खूबसूरत ट्रिप एक बुरे सपने या आफत में बदल जाती है.म्यूचुअल फंड की तरह ही ट्रिप की प्लानिंग में भी अनुशासन और सावधानी जरूरी है. आज हम आपको देश के 5 सबसे चुनिंदा और लोकप्रिय हिल स्टेशनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां जाने से पहले कपल्स को विशेष तौर पर सावधान रहना चाहिए और वहां कुछ गलतियां करने से बिल्कुल बचना चाहिए.1. मनाली (हिमाचल प्रदेश) – एडवेंचर के चक्कर में न लें बड़ा रिस्कमनाली (Manali) कपल्स का ऑल-टाइम फेवरेट डेस्टिनेशन है. यहां आकर कपल्स अक्सर जोश में आकर बिना किसी सर्टिफाइड गाइड के ऊंचे ट्रैकिंग रूट्स पर निकल जाते हैं या बर्फबारी के दौरान प्रतिबंधित क्षेत्रों में चले जाते हैं.क्या न करें गलती: मनाली या सोलांग वैली में पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स करते समय केवल सरकारी मान्यता प्राप्त (Government Approved) ऑपरेटरों को ही चुनें. सस्ते के चक्कर में लोकल अनट्रेंड वेंडर्स के झांसे में न आएं, क्योंकि यहां सुरक्षा मानकों की अनदेखी भारी पड़ सकती है. साथ ही, रोहतांग पास जाते समय वेदर फोरकास्ट और परमिट का पहले से ध्यान रखें.2. लेह-लद्दाख – एक्यूट माउंटेन सिकनेस (AMS) को हल्के में न लेंलद्दाख की खूबसूरत पैंगोंग झील और बर्फीले पहाड़ हर रोमांटिक कपल को आकर्षित करते हैं. लेकिन यहां की सबसे बड़ी भौगोलिक चुनौती है— कम ऑक्सीजन का स्तर.क्या न करें गलती: लद्दाख पहुंचते ही पहले ही दिन घूमने निकल जाना सबसे बड़ी बेवकूफी साबित हो सकती है. आपकी बॉडी को वहां के ऊंचे वातावरण के अनुकूल (Acclimatize) होने के लिए कम से कम 24 से 48 घंटे के पूरे आराम की जरूरत होती है. बिना आराम किए ऊंचाई पर जाने से 'एक्यूट माउंटेन सिकनेस' (AMS) हो सकती है, जिससे तेज सिरदर्द, उल्टी और चक्कर आने लगते हैं और पूरी ट्रिप खराब हो जाती है.3. ऊटी (तमिलनाडु) – स्थानीय संस्कृति और ड्रेस कोड का रखें ध्यानदक्षिण भारत का यह बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन अपनी हरियाली और चाय के बागानों के लिए जाना जाता है. यहां बड़ी संख्या में नवविवाहित जोड़े आते हैं.क्या न करें गलती: ऊटी (Ooty) और उसके आसपास के कई प्राचीन मंदिरों या पवित्र धार्मिक स्थलों पर जाते समय कपड़ों के चयन में विशेष सावधानी बरतें. सार्वजनिक स्थानों पर अत्यधिक इंटिमेसी (PDA) या अभद्र व्यवहार से बचें, क्योंकि यहां की स्थानीय संस्कृति काफी पारंपरिक है. इसके अलावा, नीलगिरी टॉय ट्रेन (Toy Train) की बुकिंग हफ्तों पहले हो जाती है, इसलिए ऐन वक्त पर टिकट काउंटर पर जाकर समय बर्बाद न करें.4. शिमला (हिमाचल प्रदेश) – पानी का संकट और नो-पार्किंग जोन का नियमशिमला का मॉल रोड और रिज मैदान कपल्स को शाम के वक्त एक बेहतरीन रोमांटिक वॉक का अहसास कराते हैं. लेकिन पीक सीजन में यहां कुछ व्यावहारिक दिक्कतें खड़ी हो जाती हैं.क्या न करें गलती: गर्मियों और शादियों के सीजन में शिमला में अक्सर पानी की किल्लत हो जाती है. होटल बुक करते समय हमेशा रिव्यूज पढ़ें कि वहां 24 घंटे पानी की सुविधा है या नहीं. इसके अलावा, यदि आप अपनी पर्सनल कार से जा रहे हैं, तो शिमला के नो-पार्किंग जोन में गाड़ी खड़ी करने की गलती बिल्कुल न करें. यहां का ट्रैफिक प्रशासन बेहद सख्त है और आपकी गाड़ी तुरंत क्रेन से उठा ली जाएगी, जिससे आपकी रोमांटिक शाम पुलिस स्टेशन के चक्कर काटने में बीत सकती है.5. मुन्नार (केरल) – ऑफ-रोडिंग और जंगली रास्तों से रहें दूरकेरल का मुन्नार (Munnar) अपने घुमावदार रास्तों, घने कोहरे और खूबसूरत वाटरफॉल्स के लिए कपल्स के बीच बेहद लोकप्रिय है.क्या न करें गलती: मुन्नार के जंगलों और चाय के बागानों के बीच शाम 6 बजे के बाद कोहरा बहुत तेजी से गहरा जाता है. ऐसे में अनजान या सुनसान रास्तों पर पार्टनर के साथ लॉन्ग ड्राइव पर निकलने की गलती न करें. कई इलाकों में जंगली हाथियों का मूवमेंट होता है. सेल्फी लेने के चक्कर में प्रतिबंधित जंगली क्षेत्रों या गहरी खाइयों के करीब जाना जानलेवा साबित हो सकता है.कपल्स के लिए 3 गोल्डन टिप्स (Smart Travel Tips)मेडिकल किट हमेशा रखें साथ: पहाड़ों पर ऊंचाई, ठंड और घुमावदार रास्तों के कारण मोशन सिकनेस (उल्टी आना), सिरदर्द और सर्दी-खांसी होना आम बात है. अपनी जरूरी दवाइयां हमेशा बैग में रखें.होटल बुकिंग में एडवांस रहें: पीक सीजन में सीधे हिल स्टेशन जाकर कमरा ढूंढने की गलती न करें. इससे आपको या तो बहुत महंगे दाम पर खराब कमरे मिलेंगे या भटकना पड़ेगा, जिससे ट्रिप का मूड खराब होगा.मौसम का अपडेट: पहाड़ों का मौसम पल भर में बदलता है. लैंडस्लाइड (भूस्खलन) या भारी बारिश के अलर्ट को हमेशा चेक करते रहें.
दिल्ली में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सामने आया है. दिल्ली सरकार ने महिलाओं को हर महीने आर्थिक मदद देने वाली अपनी बेहद महत्वाकांक्षी 'महिला समृद्धि योजना' (Mahila Samridhi Yojna) को लेकर दो बड़े और महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं.पहला बदलाव यह कि इस सरकारी योजना का नाम अब बदलकर 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' (Delhi Lakshmi Yojna) कर दिया गया है. दूसरा यह कि इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को मिलने वाली वित्तीय सहायता को बढ़ाकर अब ₹2,500 प्रति माह करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे दिल्ली की करीब 17 लाख महिलाओं के जीवन स्तर में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा.कब शुरू होगी 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' और किसे मिलेगा लाभ?शुरुआती दौर में इस कल्याणकारी योजना की घोषणा आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार द्वारा की गई थी, लेकिन किन्हीं कारणों से उस समय इसे जमीन पर नहीं उतारा जा सका. इसके बाद, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी साल 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान अपने 'संकल्प पत्र' (घोषणा पत्र) में महिलाओं को प्रति माह वित्तीय सहायता देने का प्रमुख वादा किया था. वर्तमान में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार अब इस योजना को धरातल पर उतारने की अंतिम तैयारियों में जुट गई है.संभावित शुरुआत: मीडिया रिपोर्ट्स और प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली सरकार इस योजना को अगस्त 2026 में रक्षाबंधन के पावन पर्व के आसपास लागू करने का बड़ा लक्ष्य लेकर चल रही है, ताकि त्योहार के मौके पर महिलाओं को यह विशेष उपहार दिया जा सके. हालांकि, अभी तक इसकी सटीक लॉन्चिंग डेट की आधिकारिक घोषणा होना बाकी है.योग्यता और पात्रता के नियम: इस योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित बुनियादी शर्तें तय की जा सकती हैं:महिला आवेदक की उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए.महिला कम से कम पिछले 10 वर्षों से दिल्ली की स्थायी निवासी होनी चाहिए और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) से ताल्लुक रखती हो.महिला के परिवार की कुल सालाना आय ₹2.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए.जरूरी दस्तावेजों को लेकर क्या है सरकार का रुख?कई महिलाएं इस उलझन में हैं कि इस योजना के ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन के लिए कौन-कौन से कागजात तैयार रखने होंगे. दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग ने अभी तक आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों (Documents List) की कोई भी आधिकारिक या फाइनल सूची जारी नहीं की है. प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि रक्षाबंधन से ठीक पहले जब योजना की लॉन्चिंग डेट का एलान होगा, उसी समय विस्तृत गाइडलाइन और आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्ट भी पोर्टल पर लाइव कर दी जाएगी.1 अगस्त से अनिवार्य होगा 'पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड'; बंद हो जाएंगे पुराने पेपर टिकटदिल्ली में रोजाना सफर करने वाली महिला यात्रियों के लिए डीटीसी (DTC) बसों से जुड़ी एक बेहद जरूरी और कड़क चेतावनी सामने आई है. दिल्ली सरकार ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना के नियमों में बड़ा फेरबदल करते हुए 1 अगस्त 2026 से 'पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड' (Pink Saheli Smart Card) को पूरी तरह अनिवार्य करने का फैसला किया है.31 जुलाई है आखिरी तारीख: वर्तमान में जो कागज वाले (Paper) पिंक टिकट महिलाओं को मुफ्त यात्रा के लिए कंडक्टर द्वारा दिए जाते हैं, वे केवल 31 जुलाई 2026 तक ही मान्य रहेंगे. 1 अगस्त के बाद यदि किसी महिला के पास डिजिटल पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड नहीं होगा, तो वे बसों में मुफ्त सफर का लाभ नहीं ले पाएंगी और उन्हें सामान्य टिकट खरीदना होगा.वन नेशन, वन कार्ड से लिंकेज: यह नया डिजिटल कार्ड केंद्र सरकार की महा-योजना 'वन नेशन, वन कार्ड' (One Nation, One Card) के अंतर्गत तैयार किया जा रहा है. इस कार्ड की सबसे बड़ी खूबी यह होगी कि इसके जरिए केवल और केवल दिल्ली की वैध महिला निवासी ही डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा का लाभ उठा सकेंगी, जिससे फर्जीवाड़े और राजस्व के नुकसान पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सकेगी.
देश के अधिकांश हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून (Monsoon 2026) पूरी तरह रफ्तार पकड़ चुका है, जिसके चलते आगामी 24 घंटे कई राज्यों के लिए बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 14 जुलाई के लिए ताजा वेदर बुलेटिन जारी करते हुए बिहार और ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश का रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत (North-East), झारखंड, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ समेत देश के 10 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश, वज्रपात (Lightning) और 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी दी गई है.बिहार और ओडिशा के लिए बड़ी चेतावनी: बाढ़ जैसे हालात की आशंकामौसम विभाग के मुताबिक, 14 जुलाई को बिहार और ओडिशा के अलग-अलग जिलों में मूसलाधार से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है.शहरी और ग्रामीण इलाकों में संकट: लगातार हो रही इस भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में गंभीर जलजमाव (Waterlogging), प्रमुख सड़कें डूबने और स्थानीय स्तर पर अचानक बाढ़ (Flash Floods) जैसी स्थिति बन सकती है.प्रशासन की सलाह: मौसम वैज्ञानिकों ने इन दोनों राज्यों के नागरिकों को बेहद जरूरी काम न होने पर घरों से बाहर न निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सख्त हिदायत दी है.इन 10 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्टआईएमडी (IMD) ने 14 जुलाई को देश के जिन 10 राज्यों में भारी बारिश का अनुमान जताते हुए लोगों को सतर्क रहने को कहा है, वे निम्नलिखित हैं:पूर्वी और मध्य भारत: झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और सिक्किम.पूर्वोत्तर भारत (North-East): अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा.वज्रपात का खतरा: इन सभी राज्यों में तेज बौछारों के साथ बड़े पैमाने पर आकाशीय बिजली चमकने और बादलों की भीषण गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है.50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, गिरेगी बिजलीमौसम विभाग के अनुसार, कई राज्यों में बारिश के साथ-साथ तेज अंधड़ चलने की भी आशंका है:बिहार, झारखंड, ओडिशा, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल: इन राज्यों के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.अंडमान-निकोबार, आंध्र प्रदेश और जम्मू-कश्मीर: इन क्षेत्रों में हवा की रफ्तार और अधिक खतरनाक रुख अपनाते हुए 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. इन इलाकों में आंधी के साथ बिजली गिरने की भी गंभीर आशंका है.उत्तर भारत के मौसम का हाल: यूपी में 17 जुलाई से बदलेगा मिजाजपहाड़ी राज्य: उत्तराखंड में अगले कई दिनों तक लगातार बारिश का दौर जारी रहेगा. वहीं हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ चुनिंदा स्थानों पर भारी भूस्खलन (Landslides) की चेतावनी दी गई है.मैदानी राज्य (दिल्ली-एनसीआर): हरियाणा, पंजाब और देश की राजधानी दिल्ली में फिलहाल छिटपुट या हल्की बूंदाबांदी का अनुमान है.उत्तर प्रदेश: यूपी में इस समय हल्की से मध्यम बारिश का दौर बना रहेगा, लेकिन मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि 17 से 19 जुलाई के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) में मानसून दोबारा विकराल रूप ले सकता है, जिससे वहां भारी बारिश होगी.मध्य, दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत की स्थितिलगातार आफत: पूर्वोत्तर के राज्यों (असम-मेघालय) में कई दिनों से जारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा चरम पर है. मेघालय के कुछ हिस्सों में अत्यधिक वर्षा का अनुमान है.मध्य भारत: छत्तीसगढ़ में 14 और 15 जुलाई को भारी बारिश होगी, जबकि मध्य प्रदेश और विदर्भ में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी.दक्षिण भारत: आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में हल्की से मध्यम बारिश होगी. हालांकि, तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ स्थानों पर स्थानीय कूटनीतिक कारणों से लू (Heatwave) चलने की भी विसंगतिपूर्ण चेतावनी दी गई है, जबकि ओडिशा और तमिलनाडु में उमस (Humidity) का प्रकोप बना रहेगा.मछुआरों के लिए समंदर में जाने पर पाबंदीआईएमडी ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में मौसम के बेहद खराब रहने की चेतावनी दी है. समुद्र के ऊपर हवा की रफ्तार 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों के साथ 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. समंदर में उठने वाली ऊंची लहरों को देखते हुए मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक गहरे पानी में न जाने की सख्त सलाह दी गई है.
जब बात बेटियों के सुरक्षित और सुनहरे भविष्य के लिए निवेश करने की आती है, तो आज के समय में दो विकल्प सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं— पहला, सरकार की भरोसेमंद सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana - SSY) और दूसरा, म्यूचुअल फंड की सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP).दोनों ही निवेश के माध्यमों की अपनी-अपनी खूबियां और सुरक्षा के मापदंड हैं. अक्सर माता-पिता इस उलझन में रहते हैं कि अपनी लाडली के लिए हर महीने ₹2,000 की बचत कहां लगाएं, ताकि भविष्य में उसकी पढ़ाई या शादी के समय सबसे बड़ा फंड तैयार हो सके. आज हम इन दोनों विकल्पों का ए टू जेड (A to Z) कैलकुलेशन समझने वाले हैं, जिससे आपके लिए सही फैसला लेना पानी की तरह साफ हो जाएगा.1. सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) का पूरा गणितसुकन्या समृद्धि योजना केंद्र सरकार द्वारा संचालित एक स्मॉल सेविंग्स स्कीम है, जो पूरी तरह सुरक्षित और टैक्स-फ्री (EEE कैटगरी) है.वर्तमान ब्याज दर: वर्तमान में सरकार इस योजना पर 8.2% की सालाना चक्रवृद्धि (Compounding) ब्याज दे रही है.निवेश के नियम: इस स्कीम में बेटी की उम्र 10 वर्ष होने से पहले खाता खुलवाना होता है. आपको खाता खोलने के दिन से लगातार 15 वर्षों तक हर महीने ₹2,000 का निवेश करना होगा. इसके बाद अगले 6 साल (जब तक खाता 21 साल का न हो जाए) आपको कोई पैसा नहीं जमा करना होता, लेकिन उस पर ब्याज जुड़ता रहता है.कुल निवेश (15 साल में): $2,000 imes 12 imes 15 = ₹3,60,000$ (3.60 लाख रुपए)21 साल बाद मिलने वाला कुल फंड (SSY Maturity): 8.2% की मौजूदा ब्याज दर के हिसाब से 21 साल पूरे होने पर आपकी बेटी को लगभग ₹11,32,000 (11.32 लाख रुपए) प्राप्त होंगे.2. म्यूचुअल फंड SIP का पूरा गणितSIP बाजार के जोखिमों के अधीन है, लेकिन लंबी अवधि (Long Term) में यह किसी भी सरकारी स्कीम की तुलना में दोगुना-तिगुना रिटर्न देने का दम रखती है.अनुमानित सालाना रिटर्न: अगर आप किसी अच्छे डायवर्सिफाइड या लार्ज-कैप म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं, तो पिछले 15-20 सालों के ट्रैक रिकॉर्ड के अनुसार औसतन 12% से 15% तक का सालाना रिटर्न आसानी से मिल जाता है. हम यहां एक व्यावहारिक 12% का रिटर्न मानकर चलते हैं.निवेश के नियम: एसआईपी में आप 21 सालों तक लगातार हर महीने ₹2,000 का निवेश जारी रख सकते हैं (SSY की तरह इसमें 15 साल बाद निवेश रोकने की कोई पाबंदी नहीं है).कुल निवेश (21 साल में): $2,000 imes 12 imes 21 = ₹5,04,000$ (5.04 लाख रुपए)21 साल बाद मिलने वाला कुल फंड (SIP Wealth Generation): 12% के अनुमानित औसत रिटर्न के आधार पर 21 वर्षों के बाद आपके पास लगभग ₹22,78,000 (22.78 लाख रुपए) का विशाल फंड तैयार हो सकता है.(नोट: यदि यही रिटर्न 15% बैठता है, तो यह फंड ₹41 लाख के पार भी जा सकता है).तुलनात्मक चार्ट: दोनों में मुख्य अंतर क्या है?फीचर्स / लाभसुकन्या समृद्धि योजना (SSY)म्यूचुअल फंड एसआईपी (SIP)निवेश का प्रकारसरकारी योजना (100% सुरक्षित)मार्केट लिंक्ड (व्यावहारिक जोखिम)वर्तमान/अनुमानित रिटर्न8.2% (फिक्स्ड, सरकार द्वारा तय)12% से 15% (अनुमानित लॉन्ग टर्म)हर महीने निवेश₹2,000₹2,000पैसा जमा करने की अवधि15 वर्ष21 वर्षमैच्योरिटी की अवधि21 वर्ष21 वर्ष21 साल बाद कुल फंड~ ₹11.32 लाख~ ₹22.78 लाख (12% रिटर्न पर)टैक्स में छूटपूरी तरह टैक्स फ्री (80C के तहत)लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स देयआपके लिए कौन सा विकल्प है सबसे बेहतर?SSY किनके लिए बेस्ट है: यदि आप बिल्कुल भी रिस्क (Risk) नहीं लेना चाहते, मार्केट के उतार-चढ़ाव से दूर रहना पसंद करते हैं, और आपका एकमात्र लक्ष्य गारंटीड रिटर्न के साथ 100% सरकारी सुरक्षा है, तो सुकन्या समृद्धि योजना आपकी बेटी के लिए सर्वोत्तम है.SIP किनके लिए बेस्ट है: यदि आप महंगाई (Inflation) को मात देकर अपनी बेटी की उच्च शिक्षा के लिए एक बहुत बड़ा कॉर्पस तैयार करना चाहते हैं और 20-21 साल की लंबी अवधि के लिए बाजार के आंशिक जोखिम को उठाने के लिए तैयार हैं, तो एसआईपी (SIP) में निवेश करना आपके पैसे को तेजी से बढ़ाने का सबसे स्मार्ट जरिया है.एक्सपर्ट टिप: यदि आपका बजट अनुमति देता है, तो सबसे बेहतर रणनीति यह होगी कि आप ₹2,000 के बजट को दो हिस्सों में बांट दें— ₹1,000 सुकन्या योजना में (सुरक्षा के लिए) और ₹1,000 किसी अच्छे म्यूचुअल फंड की एसआईपी में (हाई रिटर्न के लिए) लगाएं.
सनातन धर्म में साल में चार बार नवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाता है. इनमें से दो चैत्र और शारदीय नवरात्रि को प्रत्यक्ष रूप से बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है, जबकि दो नवरात्रि गुप्त होती हैं— माघ और आषाढ़ माह की नवरात्रि. तांत्रिक साधना, तंत्र-मंत्र की सिद्धि और मां दुर्गा के 10 दिव्य स्वरूपों (10 महाविद्याओं) की गुप्त रूप से आराधना करने के लिए आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का विशेष आध्यात्मिक महत्व है.इस साल आषाढ़ गुप्त नवरात्रि (Ashadha Gupt Navratri 2026) का त्योहार एक बेहद दुर्लभ और चमत्कारी संयोग लेकर आ रहा है. इस बार नवरात्रि के प्रारंभ पर 'शश महालक्ष्मी योग' (Shash Mahalakshmi Yoga) का निर्माण हो रहा है, जो कि ज्योतिषीय दृष्टि से कई राशियों की किस्मत बदलने और साधकों को अथाह सुख-समृद्धि देने वाला माना जा रहा है. आइए जानते हैं कि इस साल गुप्त नवरात्रि कब से शुरू हो रही है और कलश (घट) स्थापना का सबसे उत्तम और फलदायी मुहूर्त क्या है.कब से शुरू हो रही है आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026?हिंदू पंचांग की गणना के अनुसार, आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ होता है.प्रतिपदा तिथि का प्रारंभ: इस साल आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 15 जुलाई 2026 को हो रही है.उदया तिथि और व्रत: उदया तिथि के नियमों के अनुसार, गुप्त नवरात्रि का व्रत और कलश स्थापना 15 जुलाई 2026, बुधवार को की जाएगी.नवरात्रि का समापन: इस बार गुप्त नवरात्रि की नवमी तिथि 23 जुलाई 2026 को पड़ेगी, जिसके बाद दशमी तिथि को व्रत का पारण किया जाएगा.कलश स्थापना (घटस्थापना) का सबसे शुभ मुहूर्त (Kalash Sthapana Shubh Muhurat)गुप्त नवरात्रि में कलश स्थापना हमेशा प्रतिपदा तिथि के दिन सूर्योदय के बाद शुभ चौघड़िया या अभिजीत मुहूर्त में की जाती है. 15 जुलाई 2026 को घटस्थापना के दो सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त निम्नलिखित हैं:प्रथम मुहूर्त (प्रातः काल): सुबह 05:35 बजे से लेकर सुबह 07:22 बजे तक (यह समय देवी आराधना के संकल्प और कलश स्थापना के लिए सर्वोत्तम है).द्वितीय मुहूर्त (अभिजीत मुहूर्त): दोपहर 11:59 बजे से दोपहर 12:54 बजे तक (यदि आप सुबह किसी कारणवश कलश स्थापित नहीं कर पाते हैं, तो इस सर्वदोषनाशक अभिजीत मुहूर्त में स्थापना कर सकते हैं).क्या है 'शश महालक्ष्मी योग' का खास महत्व?इस साल आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत के समय आकाश मंडल में ग्रहों का एक अद्भुत राजा-योग बन रहा है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब शनि देव अपनी स्वराशि (कुंभ) में गोचर करते हैं, तो 'शश पंचमहापुरुष योग' बनता है. वहीं, इस समय चंद्रमा और गुरु की अनुकूल स्थिति के कारण इसके साथ 'महालक्ष्मी योग' की जुगलबंदी हो रही है.साधना का मिलेगा हजार गुना फल: इस महासंयोग में मां दुर्गा की गुप्त रूप से की गई पूजा और 10 महाविद्याओं (जैसे मां काली, तारा, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला) की साधना का फल कई गुना बढ़कर मिलता है.आर्थिक तंगी से मुक्ति: 'शश महालक्ष्मी योग' के प्रभाव से जो साधक इन 9 दिनों में मां लक्ष्मी के 'कमला' स्वरूप की पूजा करते हैं, उनके जीवन से दरिद्रता और पुराने कर्ज का हमेशा के लिए नाश हो जाता है.मनोकामना पूर्ति: इस शुभ योग में घर में कलश स्थापित करने से सुख-शांति का वास होता है, नकारात्मक शक्तियां दूर भागती हैं और साधक को हर कार्य में सफलता मिलती है.गुप्त नवरात्रि की पूजा के 3 जरूरी नियम (Puja Niyam)गोपनीयता सबसे बड़ी शर्त: जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, गुप्त नवरात्रि की पूजा पूरी तरह गुप्त होनी चाहिए. आपके मंत्र, आपकी साधना और मनोकामना की जानकारी आपके अलावा किसी दूसरे व्यक्ति को नहीं होनी चाहिए. यहां तक कि पूजा का प्रसाद भी परिवार के सदस्यों में ही वितरित किया जाता है.सात्विकता का पालन: इन 9 दिनों के दौरान साधक को पूरी तरह ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए. घर में तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा) का प्रवेश पूरी तरह वर्जित होना चाहिए.मंत्र जाप की प्रधानता: गुप्त नवरात्रि में शारीरिक पूजा (आरती, भोग) से कहीं ज्यादा मानसिक पूजा और मंत्र जाप को अधिक शक्तिशाली माना गया है.डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह सामग्री पारंपरिक धार्मिक पंचांगों, ज्योतिषीय मान्यताओं एवं प्रचलित लोक परंपराओं पर आधारित है. स्थानीय पंचांगों, भौगोलिक स्थिति और विद्वानों के मत के अनुसार कलश स्थापना के समय में कुछ मिनटों का अंतर संभव है. पाठक इसे केवल एक सामान्य आध्यात्मिक जानकारी के रूप में स्वीकार करें.
आज के दौर में पेट्रोल की बढ़ती कीमतें हर आम आदमी की जेब पर सीधा असर डाल रही हैं. चाहे आपके पास मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) की सबसे ज्यादा माइलेज देने वाली कार हो, या फिर हुंडई (Hyundai), टाटा (Tata) और किया (Kia) जैसी कंपनियों की दमदार पेट्रोल गाड़ियां— एक समय के बाद अक्सर ड्राइवरों को शिकायत होने लगती है कि उनकी कार का माइलेज अचानक कम (Car Mileage Dropping) हो गया है.कई बार हम बड़ी समस्याओं को ढूंढते रहते हैं, जबकि माइलेज कम होने के पीछे हमारी रोज़मर्रा की छोटी-छोटी ड्राइविंग आदतें और लापरवाही जिम्मेदार होती हैं. अगर आप भी अपनी कार के घटते माइलेज से परेशान हैं और पेट्रोल का खर्च आधा करना चाहते हैं, तो आज हम आपको ईंधन बचाने के सबसे आसान और वैज्ञानिक तरीके (Fuel Saving Tips) बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपनी कार का माइलेज 20 से 30% तक तुरंत बढ़ा सकते हैं.1. टायर प्रेशर (Tyre Pressure) को हमेशा रखें सहीम्यूचुअल फंड की तरह ही गाड़ियों में टायर प्रेशर का गणित काम करता है— थोड़ी सी लापरवाही और बड़ा नुकसान. जब कार के टायरों में हवा कम होती है, तो सड़क और टायर के बीच घर्षण (Friction) बढ़ जाता है. इसके कारण इंजन को गाड़ी आगे खींचने के लिए दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है, जिससे पेट्रोल की खपत सीधे तौर पर बढ़ जाती है.क्या करें: हर हफ्ते या लंबी यात्रा पर निकलने से पहले टायरों में कंपनी द्वारा बताए गए सटीक PSI के अनुसार हवा या नाइट्रोजन चेक कराएं. सही टायर प्रेशर से माइलेज में तुरंत सुधार होता है.2. सही समय पर गियर बदलना (Right Gear Shifting)मैनुअल कार चलाने वाले अधिकांश लोग अक्सर गलत गियरिंग का शिकार होते हैं. कम स्पीड में बड़ा गियर डालना (Lugged Engine) या फिर ऊंचे आरपीएम (RPM) पर भी छोटा गियर खींचते रहना, दोनों ही स्थितियां पेट्रोल को पानी की तरह बहाती हैं.क्या करें: मारुति और हुंडई जैसी आधुनिक कारों में 'गियर शिफ्ट इंडिकेटर' दिया होता है, उसे फॉलो करें. सामान्य तौर पर 2000 RPM के आसपास पहुंचते ही गियर बदल लेना चाहिए.3. 'स्टॉप-एंड-गो' ट्रैफिक में इंजन बंद करने का नियमअगर आप दिल्ली, मुंबई या लखनऊ जैसे शहरों के भारी ट्रैफिक और लंबे रेड लाइट सिग्नलों में फंसते हैं, तो गाड़ी स्टार्ट रखना आपके माइलेज का सबसे बड़ा दुश्मन है.क्या करें: यदि किसी ट्रैफिक सिग्नल पर रुकने का समय 30 सेकंड से अधिक है, तो तुरंत इंजन बंद कर दें. आजकल टाटा और किया की कई कारों में 'आइडल स्टार्ट-स्टॉप' (Idle Start-Stop) फीचर आता है, जो रुकते ही इंजन बंद कर देता है और क्लच दबाते ही स्टार्ट. इस फीचर को हमेशा ऑन रखें.4. क्लच पैडल पर पैर रखकर गाड़ी चलाना (Clutch Riding)कई ड्राइवरों की आदत होती है कि वे गाड़ी चलाते समय अपना बायां पैर हमेशा क्लच पैडल पर हल्का सा दबाकर रखते हैं. इसे ऑटोमोबाइल की भाषा में 'क्लच राइडिंग' कहते हैं.क्या करें: ऐसा करने से क्लच प्लेट पूरी तरह एंगेज नहीं हो पाती और इंजन की पावर पूरी तरह पहियों तक पहुंचने के बजाय बर्बाद होती रहती है. गियर बदलने के तुरंत बाद पैर को क्लच से हटाकर बगल में दिए गए 'डेड पैडल' पर रखें.5. कार से फालतू का वजन (Dead Weight) हटाएंक्या आपकी कार की डिग्गी (Boot Space) में सालों पुराना फालतू का सामान, भारी टूलबॉक्स या गैर-जरूरी कबाड़ भरा रहता है? अगर हां, तो आप अनजाने में अपने माइलेज को कम कर रहे हैं.क्या करें: कार में जितना अधिक वजन होगा, इंजन पर उतना ही लोड बढ़ेगा. गाड़ी की डिग्गी को हमेशा साफ रखें और केवल जरूरी सामान ही साथ लेकर चलें.6. एसी (Air Conditioner) का सही और स्मार्ट इस्तेमालचिलचिलाती गर्मी में एसी चलाना मजबूरी है, लेकिन इसका सही तरीका मालूम होना जरूरी है. जब आप 80-100 किमी/घंटा की हाई-स्पीड पर हाईवे पर चल रहे हों, तो शीशे डाउन करने के बजाय एसी चलाना ज्यादा फायदेमंद होता है, क्योंकि खुले शीशों से हवा का दबाव (Aerodynamic Drag) बनता है जो कार की रफ्तार रोकता है. वहीं, शहर के धीमे ट्रैफिक में जरूरत के अनुसार एसी को कम पॉइंट पर रखें.नियमित सर्विसिंग है सबसे बड़ा सीक्रेट (Car Maintenance)इन सब आदतों के अलावा, समय पर कार की सर्विस कराना सबसे महत्वपूर्ण है. गंदा एयर फिल्टर (Air Filter), खराब स्पार्क प्लग (Spark Plug) और पुराना इंजन ऑयल कार के माइलेज को 10-15% तक गिरा देते हैं. मारुति, टाटा, हुंडई या किया के अधिकृत सर्विस सेंटर पर जाकर तय समय सीमा में इंजन ट्यूनिंग और ऑयल चेंज जरूर करवाएं.
भारत और इंग्लैंड के बीच 14 जुलाई से शुरू हो रही 3 मैचों की वनडे इंटरनेशनल सीरीज केवल एक द्विपक्षीय सीरीज नहीं है, बल्कि यह टीम इंडिया के मिशन 'वनडे विश्व कप 2027' (ODI World Cup 2027) की तैयारियों का शंखनाद भी है. इस हाई-प्रोफाइल सीरीज में भारतीय टीम के दो सबसे अनुभवी महायोद्धा— रोहित शर्मा और विराट कोहली की मैदान पर वापसी हो रही है.बर्मिंघम में होने वाले पहले वनडे मुकाबले से ठीक पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय वनडे टीम के युवा कप्तान शुभमन गिल (Shubman Gill) ने एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा किया है. गिल ने साफ किया कि भारतीय टीम ने अगले साल होने वाले मेगा आईसीसी इवेंट (ICC Event) के लिए अभी से ब्लूप्रिंट तैयार करना शुरू कर दिया है, और इस पूरे मिशन के केंद्र में कोई और नहीं बल्कि किंग विराट कोहली हैं.प्रेस कॉन्फ्रेंस में कप्तान गिल का एलान: विराट के साथ चल रही है गुप्त रणनीतिकप्तान शुभमन गिल ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वह और विराट कोहली (Virat Kohli) मिलकर भविष्य की टीम इंडिया की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं:भविष्य के खिलाड़ियों पर नजर: गिल ने कहा, महज दो दिन पहले ही मेरी और विराट भाई की 2027 विश्व कप के रोडमैप को लेकर लंबी और गंभीर बातचीत हुई थी. हमने विस्तार से चर्चा की कि टीम का परफेक्ट कॉम्बिनेशन क्या होना चाहिए. हम उन खिलाड़ियों को भी चिन्हित कर रहे हैं जो आने वाले समय में भारत के लिए मैच-विनर बन सकते हैं, भले ही वे खिलाड़ी मौजूदा समय में मुख्य टीम का हिस्सा न हों.भूमिकाओं का निर्धारण: कप्तान ने स्पष्ट किया कि वे अभी से यह तय कर रहे हैं कि किस खिलाड़ी को किस नंबर और किस रोल में आजमाया जाए, ताकि विश्व कप के आते-आते टीम का हर विभाग पूरी तरह सेट हो सके.उम्र के सवाल पर दिया करारा जवाब: रोहित-विराट आज भी हैं सबसे मजबूत कड़ीपिछले कुछ समय से सोशल मीडिया और खेल गलियारों में रोहित शर्मा (Rohit Sharma) और विराट कोहली की बढ़ती उम्र को लेकर उठ रहे सवालों पर शुभमन गिल ने बेहद परिपक्वता से जवाब दिया. उन्होंने दोनों दिग्गजों का बचाव करते हुए कहा:10 साल का दबदबा: रोहित भाई और विराट भाई पिछले एक दशक से अधिक समय से भारतीय क्रिकेट और हमारी बल्लेबाजी की सबसे मजबूत रीढ़ रहे हैं. आज भी टीम में उनका स्थान और महत्व रत्ती भर कम नहीं हुआ है.अनुभव की कोई कीमत नहीं: गिल ने आगे कहा कि इन दोनों खिलाड़ियों के पास मुश्किल परिस्थितियों से मैच निकालने का जो बेजोड़ अनुभव और खेल की गहरी समझ है, वह टीम के युवा खिलाड़ियों के लिए किसी मार्गदर्शक से कम नहीं है.हाल ही में विराट कोहली ने एक बयान में कहा था कि वे करियर के इस पड़ाव पर ऐसी टीम का हिस्सा नहीं बनना चाहते जहां उन्हें हर मैच में खुद को बार-बार साबित करना पड़े. ऐसे में कप्तान गिल द्वारा उनके अनुभव को इतनी तवज्जो देना और टीम की कोर रणनीतियों में उन्हें शामिल करना यह साफ दिखाता है कि टीम मैनेजमेंट और सिलेक्टर्स विराट को भविष्य की योजनाओं का सबसे अहम स्तंभ मान रहे हैं.म्यूज़ियम ऑफ रिकॉर्ड्स: बतौर कप्तान किंग कोहली का बेमिसाल रिकॉर्डभले ही विराट कोहली ने भारतीय टीम की कप्तानी छोड़ दी हो, लेकिन मैदान पर उनकी लीडरशिप क्वालिटी आज भी कूट-कूट कर भरी है. वनडे क्रिकेट में बतौर कप्तान उनका ट्रैक रिकॉर्ड बेहद शानदार और ऐतिहासिक रहा है:कुल मैच (बतौर कप्तान): 95 मुकाबलेजीत: 65 मैचों में भारत को विजयी बनायाजीत का प्रतिशत (Winning Percentage): 68.42%ऐतिहासिक फैक्ट:कम से कम एक या उससे अधिक वनडे मैचों में भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी करने वाले सभी कप्तानों की सूची में विराट कोहली का यह 68.42% का जीत प्रतिशत सबसे सर्वश्रेष्ठ और टॉप पर है.विराट कोहली का यह विशाल अनुभव अब कप्तान शुभमन गिल के लिए मैदान पर सही फैसले लेने और 2027 की चैंपियन टीम तैयार करने में सबसे बड़ा हथियार साबित होने वाला है.
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के करोड़ों खाताधारकों के लिए एक बेहद जरूरी और काम की खबर है. ईपीएफओ ने अपने सभी सदस्यों को एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी करते हुए सलाह दी है कि वे बिना किसी देरी के यूनिफाइड मेंबर पोर्टल (Unified Member Portal) पर जाकर अपनी प्रोफाइल फोटो (Profile Photo) को तुरंत अपडेट कर लें.यह फोटो ऑनलाइन पीएफ फंड क्लेम (Online PF Claim) के निपटारे और ई-नॉमिनेशन (e-Nomination) की महत्वपूर्ण प्रक्रिया को पूरा करने के दौरान पहचान सत्यापित (Identity Verification) करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाती है. ईपीएफओ का स्पष्ट कहना है कि यदि आपकी प्रोफाइल फोटो अपडेटेड नहीं है, तो आपको कई ऑनलाइन डिजिटल सेवाओं का लाभ लेने में भारी देरी या परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.ई-नॉमिनेशन (e-Nomination) के लिए क्यों सबसे जरूरी है फोटो?ईपीएफओ के नियमों के मुताबिक, सभी पीएफ खाताधारकों की प्रोफाइल में हाल ही की खींची गई पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड होना अनिवार्य है, विशेष रूप से ई-नॉमिनेशन की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए.परिवार की सुरक्षा: ई-नॉमिनेशन के जरिए सदस्य अपने परिवार के किसी भी सदस्य या पात्र व्यक्ति को आधिकारिक रूप से नामांकित (Nominee) कर सकते हैं.आसानी से मिलेंगे 3 बड़े लाभ: यदि किसी खाताधारक के साथ कोई अनहोनी या मृत्यु हो जाती है, तो वैध ई-नॉमिनेशन होने की स्थिति में नामित व्यक्ति को ईपीएफ (EPF), कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) और कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना (EDLI) का पैसा बिना किसी कानूनी या कागजी बाधा के बेहद आसानी से मिल जाता है.पीएफ क्लेम के निपटारे में मिलेगी रॉकेट जैसी रफ्तारजब किसी सदस्य की प्रोफाइल फोटो और पूरा डेटा पोर्टल पर शत-प्रतिशत अपडेट रहता है, तो ईपीएफओ के एडवांस सेंट्रलाइज्ड सिस्टम को ऑनलाइन विजुअल पहचान सत्यापित करने में आसानी होती है. इससे पीएफ निकासी (PF Withdrawal) या एडवांस क्लेम के निपटारे में लगने वाला समय काफी कम हो जाता है और मैन्युअल कागजी प्रक्रिया भी पूरी तरह घट जाती है.फोटो के अलावा इन 5 जानकारियों को भी रखें पूरी तरह अपडेटईपीएफओ ने सदस्यों को आगाह किया है कि केवल फोटो ही नहीं, बल्कि एक निर्बाध डिजिटल अनुभव के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों और जानकारियों को भी पोर्टल पर सही तरीके से लिंक और वैरीफाई (Verify) करके रखें:आधार कार्ड (Aadhar Card)पैन कार्ड (PAN Card)बैंक खाता विवरण (Bank Account Details - IFSC Code के साथ)सक्रिय मोबाइल नंबर (Active Mobile Number - आधार लिंक्ड)ईमेल आईडी (Email ID)इन सभी पहचान प्रमाण दस्तावेजों और वित्तीय जानकारियों को पूरी तरह सही रखने से ऑनलाइन पीएफ निकासी, पेंशन संबंधी दावों और अन्य सभी ई-सेवाओं का लाभ बिना किसी रुकावट के सबसे तेज गति से मिलता है.EPFO पोर्टल पर प्रोफाइल फोटो अपडेट करने का आसान स्टेप-बाय-स्टेप तरीकाआप घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर से इन 5 आसान स्टेप्स को फॉलो करके अपनी प्रोफाइल फोटो बदल या अपलोड कर सकते हैं:स्टेप 1 (लॉगिन करें): सबसे पहले ईपीएफओ के यूनिफाइड मेंबर पोर्टल (unifiedportal-mem.epfindia.gov.in) पर जाएं. यहां अपना 12 अंकों का यूएएन (UAN), पासवर्ड और कैप्चा कोड दर्ज करके सफलता पूर्वक लॉग इन करें.स्टेप 2 (प्रोफाइल सेक्शन): मुख्य डैशबोर्ड ओपन होने के बाद ऊपर दिए गए मेनू बार में 'View' सेक्शन पर जाएं और वहां 'Profile' के विकल्प को चुनें.स्टेप 3 (फोटो का चयन): यहां आपको प्रोफाइल फोटो अपलोड/चेंज करने का ऑप्शन दिखाई देगा. अपनी एक हालिया पासपोर्ट साइज साफ फोटो (जिसका बैकग्राउंड हल्का या सफेद हो) का चयन करें. ध्यान रखें कि फोटो पोर्टल द्वारा तय किए गए फाइल साइज और फॉर्मेट (JPEG/JPG) के नियमों के अनुकूल हो.स्टेप 4 (अपलोड और सेव): चुनी गई फोटो को प्रीव्यू करने के बाद 'Upload' बटन पर क्लिक करें और बदलावों को सुरक्षित (Save) कर दें.स्टेप 5 (वेरीफाई करें): प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोबारा लॉग इन करके या पेज रिफ्रेश करके यह सुनिश्चित कर लें कि आपकी नई फोटो प्रोफाइल पर सही तरीके से दिखाई दे रही है या नहीं. इसके बाद ही ई-नॉमिनेशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं.
EPFO का बड़ा अपडेट, नौकरी बदलने पर अब 2 तरीकों से करें PF ट्रांसफर, मिनटों में होगा पूरा प्रोसेस
अगर आपने हाल ही में नौकरी बदली है, तो अब आपका Employees' Provident Fund Organisation (EPFO) में जमा Provident Fund (PF) बैलेंस ट्रांसफर करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। EPFO के नए सदस्य पोर्टल पर कर्मचारियों को अपने पुराने नियोक्ता ...
जैसलमेर में पशुधन चिकित्सक एवं पशुधन निरीक्षक 3000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट
जैसलमेर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को जैसलमेर जिले में राजकीय प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय मोहनगढ़ के पशुधन चिकित्सक डॉ राघव डोई एवं पशुधन निरीक्षक सोनू रैगर को तीन हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि इन दोनों ने […] The post जैसलमेर में पशुधन चिकित्सक एवं पशुधन निरीक्षक 3000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
मेरठ ललिता गौतम हत्याकांड: पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने रोका
ललिता गौतम हत्याकांड की पीड़िता के परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को काशी टोल प्लाजा पर रोक दिया गया। इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद भी शामिल थे। इस बारे में एसपी सिटी विनायक भोसले ने पत्रकारों से बातचीत में पूरी जानकारी दी।
prashant kishor net worth: बिहार की राजनीति में इस समय पटना की हाईप्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट का उपचुनाव सबसे बड़ा हॉट टॉपिक बना हुआ है। वजह हैं चुनावी रणनीतिकार से नेता बने जन सुराज पार्टी (JSP) के प्रमुख प्रशांत किशोर यानी पीके।
भरतपुर में सेवर की खुली जेल से फरार तीन कैदियों ने जयपुर में की अपने ही दोस्त की हत्या
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के सेवर की खुली जेल से फरार होकर तीन कुख्यात कैदियों द्वारा रविवार देर रात जयपुर में मानसरोवर मेट्रो स्टेशन के पास आतिश मार्केट के एक क्लब में बर्थ-डे पार्टी के दौरान चाकू घोंपकर अपने ही दोस्त की हत्या कर देने के बाद भरतपुर जेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। […] The post भरतपुर में सेवर की खुली जेल से फरार तीन कैदियों ने जयपुर में की अपने ही दोस्त की हत्या appeared first on Sabguru News .
गिरिडीह: सदर अस्पताल के पूर्व उपाधीक्षक का शव कुएं से बरामद, जांच में जुटी पुलिस
झारखंड के गिरिडीह से सोमवार सुबह एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सदर अस्पताल के पूर्व उपाधीक्षक (डीएस) डॉ. बीएन झा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में शहर के पाचम्बा थाना लखारी क्षेत्र स्थित एक कुएं से बरामद किया गया। स्थानीय लोगों ने कुएं में शव उतराता देख इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची।
अभिनेता शाहरुख, अजय देवगन, टाइगर श्रॉफ की ओर से जवाब प्रस्तुत
बारां। राजस्थान में विमल पान मसाला विज्ञापन से जुड़े मामले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण्यो ग (उपभोक्ता न्यायालय) बारां में वीरेंद्र सिंह बनाम विमल अग्रवाल परिवाद पर सोमवार को सुनवाई हुई। मामले में अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन एवं टाइगर श्रॉफ की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने न्यायालय में लिखित जवाब प्रस्तुत किया। अभिनेताओं की […] The post अभिनेता शाहरुख, अजय देवगन, टाइगर श्रॉफ की ओर से जवाब प्रस्तुत appeared first on Sabguru News .
झुंझुनूं : चलती ट्रेन से तीन करोड़ रुपए का गोल्ड चोरी प्रकरण का खुलासा
झुंझुनूं/जयपुर/जींद। राजस्थान की झुंझुनूं जिला पुलिस और हरियाणा पुलिस की विशेष अनुसंधान टीम (एसआईटी) ने चलती ट्रेन से तीन करोड़ रुपए के सोने के जेवरात चोरी होने की सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए नवलगढ़ इलाके से तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर जमीन […] The post झुंझुनूं : चलती ट्रेन से तीन करोड़ रुपए का गोल्ड चोरी प्रकरण का खुलासा appeared first on Sabguru News .
योगी सरकार का बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर गिफ्ट, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे शुरू, 45 मिनट में होगा सफर
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तेजी से विकसित हो रहे आधुनिक बुनियादी ढांचे की दिशा में 13 जुलाई सोमवार को एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। प्रदेश की राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगरी कानपुर को जोड़ने वाला 63 किलोमीटर लंबा ...
सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण (POCSO) अधिनियम के कथित दुरुपयोग पर गंभीर चिंता जताई है। अदालत ने कहा कि कई मामलों में जब किशोर-किशोरियां आपसी सहमति से घर छोड़कर चले जाते हैं, तो माता-पिता अपने तथाकथित 'सम्मान' की रक्षा ...
अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के राजस्थान क्षेत्र की दो दिवसीय बैठक संपन्न
जयपुर। अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद (ABAP) के राजस्थान क्षेत्र की दो दिवसीय बैठक रविवार को अधिवक्ता भवन में संपन्न हुई। बैठक में संगठन के विभिन्न पदाधिकारियों ने भाग लिया तथा आगामी वर्ष की कार्ययोजना पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। बैठक में संगठन के उत्तर क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्रीहरि बोरिकर एवं संयुक्त महामंत्री रणबीर सिंह […] The post अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के राजस्थान क्षेत्र की दो दिवसीय बैठक संपन्न appeared first on Sabguru News .
भदरसा अब 'भरत नगर', मुख्यमंत्री योगी के फैसले से भरत जी की तपोभूमि को मिला सम्मान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को सहेजने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने अयोध्या जिले के भदरसा कस्बे का नाम बदलकर 'भरत नगर' कर दिया है। सरकार के इस निर्णय के बाद से ...
अमरनाथ यात्रा पर जा रहे गुजरात के सैनी समाज प्रतिनिधिमंडल से मिले राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीतम सिंह सैनी
जम्मू। गणमान्य समाज संगठन (सैनी समाज) के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीतम सिंह सैनी ने अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू पहुंचे गुजरात के सैनी समाज के प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया। गुजरात से आए प्रतिनिधिमंडल ने सैनी से मुलाकात कर सामाजिक, सांस्कृतिक और समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। मुलाकात के दौरान सैनी समाज […] The post अमरनाथ यात्रा पर जा रहे गुजरात के सैनी समाज प्रतिनिधिमंडल से मिले राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीतम सिंह सैनी appeared first on Sabguru News .
यूपी में विश्वस्तरीय सड़क संपर्क विकसित करना हमारी प्राथमिकता : गडकरी
up national highway projects: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों एवं सड़क अवसंरचना से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा की। बैठक में ...
tu-214pu tehran deployment: क्या ईरान और अमेरिका के युद्ध में रूस की भी एंट्री हो गई है? दरअसल, पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी भीषण सैन्य टकराव के बीच एक बेहद ही चौंकाने वाली खबर सामने आई है। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा और हालिया मीडिया रिपोर्ट्स के ...
सावन मास पर हिन्दी में बेहतरीन कविता
सावन के पावन महीने, शिव भक्ति और प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य को समेटती एक विशेष कविता जो सावन के दोनों रूपों को दर्शाती है-पहला, जब बारिश की बूंदें सूखी धरती को हरा-भरा कर देती हैं और चारों तरफ लोकगीतों की गूंज होती है; और दूसरा, जब कांवड़िए और ...
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 13 जुलाई को दतिया में उप-चुनाव के मद्देनजर हुंकार भरी। उन्होंने पहले वहां से बीजेपी के प्रत्याशी आशुतोष तिवारी का नामांकन भरवाया, उसके बाद जनसभा और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा आज का यह अभियान ...
पश्चिम बंगाल: सुंदरबन तट के पास डूबी नाव में नौ मछुआरे मृत पाए गए, छह अभी भी लापता
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में सुंदरबन के पास बंगाल की खाड़ी से बड़ी घटना सामने आई है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि इस महीने की शुरुआत में एक मछली पकड़ने वाली लापता हुई नाव में नौ मछुआरे मृत पाए गए हैं, जबकि छह मछुआरे लापता हो गए हैं।
दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा उम्म्मीदवार आशुतोष तिवारी की नामांकन सभा में पूर्व गृहमंत्री और दतिया से 15 साल विधायक रहे नरोत्तम मिश्रा रो दिए। टिकट कटने के बाद पहली बार दतिया में चुनावी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पहले नरोत्तम मिश्रा ने दतिया ...
अयोध्या राम मंदिर में सीईओ पद के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। 18 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता और कॉर्पोरेट शैली की कार्यप्रणाली लागू की जाएगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इन दिनों चलती ट्रेन में पूजा का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक पुजारी ट्रेन के अंदर भगवान की मूर्ति के सामने अभिषेक और पूजा करते नजर आ रहे हैं। इसे देखकर कई लोगों ने सवाल उठाए कि क्या ट्रेन में इस तरह पूजा करना ...
Shravan Essay: आस्था, प्रकृति और पवित्रता का उत्सव श्रावण मास, पढ़ें रोचक निबंध
Shravan Month Essay in Hindi: भारतीय संस्कृति में श्रावण मास का विशेष महत्व है। सावन आते ही चारों ओर हरियाली छा जाती है, नदियां और तालाब भरने लगते हैं तथा वातावरण में नई ऊर्जा का संचार होता है। यही कारण है कि श्रावण मास को भगवान शिव की आराधना का ...
दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल ने पत्नी की गोली मारकर की हत्या
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल ने रविवार देर रात पूर्वी दिल्ली के विनोद नगर इलाके में पत्नी की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना पत्नी के जन्मदिन पर दोनों के बीच हुए विवाद के बाद हुई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस के अनुसार […] The post दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल ने पत्नी की गोली मारकर की हत्या appeared first on Sabguru News .
रांची। झारखंड के पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के रबदा गांव में सोमवार सुबह चाचा ने अपने ही 12 वर्षीय भतीजे की चाकू मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक की पहचान रबदा गांव निवासी साधु बैठा के 12 वर्षीय पुत्र रोशन बैठा के […] The post झारखंड के पलामू जिले में अंधविश्वास की भेंट चढ़ा 12 वर्षीय मासूम, चाचा ने चाकू मारकर की भतीजे की हत्या appeared first on Sabguru News .
सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल मदरसा स्टाफ की नियमतीकरण की याचिका खारिज की
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के मदरसों में अपनी नियुक्ति के लिए मान्यता की मांग करने वाले 350 शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ की याचिका सोमवार को खारिज कर दी। पश्चिम बंगाल मदरसा सेवा आयोग अधिनियम 2008 को कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल न्यायाधीश पीठ ने असंवैधानिक करार दिया था, जिसके बाद इन सभी […] The post सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल मदरसा स्टाफ की नियमतीकरण की याचिका खारिज की appeared first on Sabguru News .
SEBI का सख्त फरमान: नौकरी छोड़ने के बाद 2 साल तक नहीं कर सकेंगे यह काम, कर्मचारियों के लिए बदले नियम
पूंजी बाजार नियामक संस्था सेबी (SEBI) ने अपने कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब सेबी के कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने के बाद एक 'कूलिंग-ऑफ पीरियड' (Cooling-off Period) से गुजरना होगा। नई गाइडलाइन के तहत, कोई भी कर्मचारी इस्तीफा देने या सेवा निवृत्त होने के अगले 2 वर्षों तक बाजार से जुड़ी किसी भी ऐसी निजी संस्था या फर्म में काम नहीं कर पाएगा, जिसे सेबी ने विनियमित (Regulate) किया हो। यह कदम संस्था की पारदर्शिता बनाए रखने और हितों के टकराव (Conflict of Interest) को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?सेबी का मानना है कि कर्मचारियों के पास बाजार की काफी संवेदनशील और गोपनीय जानकारी होती है। अक्सर यह देखा गया है कि नियामक संस्था में काम करने वाले अधिकारी नौकरी छोड़ने के बाद तुरंत उन कंपनियों में उच्च पदों पर जुड़ जाते हैं, जिनकी वे पहले निगरानी कर रहे थे। इससे बाजार की निष्पक्षता प्रभावित होने का खतरा रहता है। अब इन दो वर्षों की अवधि के दौरान पूर्व कर्मचारी किसी भी लिस्टेड कंपनी, ब्रोकरेज हाउस, या सेबी द्वारा रेगुलेट की जाने वाली वित्तीय संस्था में किसी भी सलाहकार या कर्मचारी के रूप में कार्य नहीं कर पाएंगे।कर्मचारियों पर क्या होगा असर?इस नए नियम से सेबी के मौजूदा और भविष्य के कर्मचारियों की करियर रणनीति पर गहरा असर पड़ने वाला है। हालांकि बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह नियम संस्था की विश्वसनीयता को बढ़ाने वाला है। 'कूलिंग-ऑफ' के इन दो सालों में पूर्व कर्मचारी बाजार से जुड़े उन मामलों पर न तो कोई सलाह दे सकेंगे और न ही उन कंपनियों के साथ किसी तरह का व्यावसायिक संबंध रख सकेंगे, जो सेबी के दायरे में आती हैं। इस सख्त नियम से यह भी सुनिश्चित होगा कि संस्था के अंदर की कोई भी गोपनीय जानकारी बाजार की चाल बदलने में इस्तेमाल न हो।क्या हैं सेबी के अन्य निर्देश?सेबी ने केवल कूलिंग-ऑफ पीरियड ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों के निजी निवेश और स्टॉक ट्रेडिंग को लेकर भी पहले से सख्त नियम बना रखे हैं। हर कर्मचारी को समय-समय पर अपने और परिवार के नाम पर मौजूद संपत्तियों और शेयरों का ब्यौरा देना अनिवार्य है। नई गाइडलाइन के बाद, सेबी ने अपने आंतरिक निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत कर दिया है। संस्था का स्पष्ट संदेश है कि बाजार की ईमानदारी से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। जो भी कर्मचारी इन नियमों का उल्लंघन करेगा, उस पर न केवल कानूनी कार्रवाई होगी, बल्कि उनके सेवानिवृत्ति लाभों (Retirement Benefits) पर भी गाज गिर सकती है।
अमरीकी हमलों के जवाब में ईरान ने तीन देशों में सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
तेहरान। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने दक्षिणी ईरान पर रविवार रात हुए अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में सोमवार तड़के जॉर्डन, बहरीन और कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा कि अमरीका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर कथित हमलों को आधार बनाकर दक्षिणी […] The post अमरीकी हमलों के जवाब में ईरान ने तीन देशों में सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना appeared first on Sabguru News .
पंजाब के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ी पहल हुई है। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) ने राज्य में 'प्रोजेक्ट उड़ान' का आधिकारिक आगाज कर दिया है। इस महत्वाकांक्षी कौशल विकास केंद्र का उद्घाटन पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने किया। इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि आधुनिक समय में शिक्षा के साथ-साथ तकनीकी कौशल की नितांत आवश्यकता है, और 'प्रोजेक्ट उड़ान' युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने का काम करेगा।युवाओं को मिलेगा इंडस्ट्री-रेडी ट्रेनिंग का मौका'प्रोजेक्ट उड़ान' का मुख्य उद्देश्य पंजाब के युवाओं को नई तकनीक और इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षित करना है। इस केंद्र के माध्यम से युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में शॉर्ट-टर्म सर्टिफिकेट कोर्स और हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी जाएगी। पीएचडीसीसीआई की यह पहल न केवल युवाओं के कौशल को निखारेगी, बल्कि उन्हें कॉर्पोरेट जगत और स्थानीय उद्योगों के लिए तैयार करेगी। राज्यपाल ने कहा कि यह केंद्र युवाओं के लिए रोजगार का एक सशक्त माध्यम बनेगा, जिससे पंजाब की आर्थिक उन्नति में भी मदद मिलेगी।पंजाब में रोजगार सृजन पर जोरउद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने उद्योग जगत और शैक्षणिक संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 'प्रोजेक्ट उड़ान' का मॉडल ऐसा है जो इंडस्ट्री की मांग और युवाओं की प्रतिभा के बीच के अंतर को कम करेगा। यह केंद्र विशेष रूप से उन युवाओं के लिए वरदान साबित होगा जो कम समय में कुशल बनकर अपने करियर की शुरुआत करना चाहते हैं। राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि पंजाब के अन्य जिलों में भी इसी तरह के कौशल केंद्र खोले जाएंगे ताकि राज्य का कोई भी युवा पीछे न छूटे।कौशल विकास से आत्मनिर्भर बनेगा पंजाबपीएचडीसीसीआई के प्रतिनिधियों ने बताया कि 'प्रोजेक्ट उड़ान' के तहत न केवल ट्रेनिंग दी जाएगी, बल्कि युवाओं को प्लेसमेंट में भी सहयोग प्रदान किया जाएगा। इस केंद्र में अत्याधुनिक उपकरण और अनुभवी प्रशिक्षक उपलब्ध कराए गए हैं ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो। इस पहल ने पंजाब में स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में एक नई प्रतिस्पर्धा और ऊर्जा पैदा कर दी है। राज्यपाल ने सभी युवाओं से आह्वान किया कि वे इस अवसर का भरपूर लाभ उठाएं और अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नए कौशल जरूर सीखें।
पंजाब की राजनीति में फिल्म 'सतलुज' को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने फिल्म में दिखाए गए दावों पर सवाल उठाते हुए फिल्म निर्माताओं को सीधे चुनौती दी है। फिल्म में 25 हजार लोगों के लापता होने का जो दावा किया गया है, उस पर कड़ा रुख अपनाते हुए बिट्टू ने मेकर्स से इसके पुख्ता सबूत और आधिकारिक रिकॉर्ड की मांग की है। इस बयान के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छिड़ गई है कि क्या फिल्म में दिखाई गई सामग्री ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित है या इसे जानबूझकर सनसनीखेज बनाया गया है।फिल्म के दावों पर उठे गंभीर सवालरवनीत बिट्टू का कहना है कि फिल्म में जिस तरह से 25 हजार लोगों के लापता होने का आंकड़ा पेश किया गया है, वह न केवल बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया है, बल्कि इससे समाज में गलत संदेश भी जा रहा है। बिट्टू ने तर्क दिया कि यदि इतने बड़े पैमाने पर लोग लापता हुए हैं, तो उनका रिकॉर्ड कहां है? उन्होंने फिल्म निर्माताओं से सवाल किया कि वे अपनी फिल्म के दावों को साबित करने के लिए दस्तावेज पेश करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब की छवि को किसी भी फिल्म में गलत ढंग से पेश करने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।'सतलुज' बनाम राजनीतिइस विवाद ने अब एक राजनीतिक रंग ले लिया है। एक तरफ जहाँ फिल्म मेकर्स अपनी रचनात्मक स्वतंत्रता (Creative Freedom) की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ रवनीत बिट्टू जैसे नेताओं का कहना है कि अभिव्यक्ति की आज़ादी का मतलब यह नहीं है कि आप इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करें। बिट्टू ने चेतावनी दी है कि अगर फिल्म निर्माताओं के पास इन आंकड़ों का कोई आधार नहीं है, तो उन्हें फिल्म से ये विवादास्पद अंश हटाने चाहिए। यह टकराव अब सेंसर बोर्ड और कानूनी विशेषज्ञों की राय के बीच फंसता नजर आ रहा है, जिससे फिल्म की रिलीज को लेकर भी अनिश्चितता बढ़ गई है।क्या अब सेंसर बोर्ड करेगा हस्तक्षेप?इस चुनौती के बाद अब सबकी नजरें सेंसर बोर्ड (CBFC) पर टिकी हैं कि क्या वह इस फिल्म की दोबारा समीक्षा करेगा। स्थानीय लोग भी इस बात को लेकर दो हिस्सों में बंट गए हैं। जहाँ कुछ लोग इसे पंजाब के एक दर्दनाक अतीत की सच्चाई बता रहे हैं, वहीं कुछ इसे राज्य को बदनाम करने का जरिया मान रहे हैं। रवनीत बिट्टू की इस 'डेटा चुनौती' ने फिल्म के कंटेंट पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म के निर्माता इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या वे वास्तव में इन लापता लोगों का कोई ठोस सबूत सार्वजनिक कर पाते हैं।
लुधियाना के निजी स्कूलों में दहशत: ई-मेल से बम से उड़ाने की धमकी, आनन-फानन में बच्चों को भेजा गया घर
लुधियाना के शिक्षा जगत में आज सुबह से ही हड़कंप मचा हुआ है। शहर के कई प्रतिष्ठित निजी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन में दहशत का माहौल है। आज तड़के स्कूलों के आधिकारिक ई-मेल आईडी पर यह धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें स्कूल परिसर में बम रखे जाने का दावा किया गया। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा के मद्देनजर स्कूलों ने तुरंत एहतियाती कदम उठाते हुए कक्षाएं बंद कर दीं और बच्चों को सुरक्षित उनके घर भेज दिया गया है।पुलिस और बम निरोधक दस्ते की छापेमारीधमकी मिलने के बाद लुधियाना पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया है। शहर के संदिग्ध स्कूलों के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। बम डिस्पोजल स्क्वाड (Bomb Disposal Squad) और डॉग स्क्वायड की मदद से स्कूलों के चप्पे-चप्पे की गहन तलाशी ली जा रही है। एहतियात के तौर पर उन सभी इलाकों में नाकाबंदी बढ़ा दी गई है जहां ये निजी स्कूल स्थित हैं। पुलिस कमिश्नर ने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है।अभिभावकों में चिंता का माहौलसोशल मीडिया और व्हाट्सएप के जरिए धमकी की खबर फैलते ही स्कूलों के बाहर अभिभावकों की भारी भीड़ जमा हो गई। अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित माता-पिता स्कूलों के बाहर परेशान दिखे। हालांकि, स्कूल प्रशासन द्वारा समय रहते बच्चों को घर भेजने के फैसले पर अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और न ही इसे सोशल मीडिया पर फैलाएं, ताकि पैनिक की स्थिति पैदा न हो।ई-मेल के पीछे साइबर अपराधियों का हाथ?पुलिस की साइबर सेल (Cyber Cell) ने प्राथमिक जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ई-मेल किस आईपी (IP) एड्रेस से भेजा गया है और इसके पीछे किन लोगों का हाथ हो सकता है। फिलहाल, यह धमकी किसी शरारती तत्व की हरकत है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही होगा। लुधियाना प्रशासन ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे आने वाले दिनों में अपनी सुरक्षा प्रणालियों को और अधिक सख्त करें और बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाएं।
झारखंड की सड़कों पर बेलगाम रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़ों ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। साल 2025 के दौरान सड़क हादसों में 527 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। सबसे अधिक चिंताजनक बात यह है कि इन मृतकों में सबसे बड़ी संख्या 18 से 30 वर्ष के युवाओं की है। प्रशासन की ओर से जारी रिपोर्ट बताती है कि लापरवाही और तेज रफ्तार के कारण हर दिन राज्य के किसी न किसी कोने में कोई परिवार अपना चिराग खो रहा है।युवाओं पर टूटा दुखों का पहाड़सड़क सुरक्षा ऑडिट की रिपोर्ट के अनुसार, कुल मौतों में से करीब 60 प्रतिशत हिस्सा युवाओं का है। करियर की शुरुआत करने वाले या अपने सुनहरे भविष्य के सपने देख रहे 18 से 30 साल के युवा सड़क हादसों का मुख्य शिकार बन रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दोपहिया वाहनों पर बिना हेलमेट के स्टंट करना, नशे में गाड़ी चलाना और सड़क नियमों की अनदेखी करना इस आयु वर्ग में मौतों का सबसे बड़ा कारण है। यह आंकड़ा न केवल प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है, बल्कि परिवार के पालन-पोषण में लगे युवाओं की कमी से एक बड़ा सामाजिक संकट भी पैदा हो गया है।क्यों जानलेवा साबित हो रहे हैं झारखंड के हाईवे?झारखंड के प्रमुख राजमार्गों पर ब्लैक स्पॉट्स (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) की पहचान के बावजूद हादसों में कमी नहीं आ रही है। तेज रफ्तार के अलावा, सड़कों पर आवारा पशुओं का घूमना, गड्ढे और रात के समय खराब स्ट्रीट लाइटें भी हादसों को न्योता देती हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण और उपनगरीय सड़कों पर मौत का आंकड़ा अधिक है, क्योंकि वहां चिकित्सा सुविधाएं तुरंत उपलब्ध नहीं हो पातीं। 'गोल्डन आवर' यानी हादसे के एक घंटे के भीतर इलाज न मिल पाने के कारण भी कई घायलों की जान सड़क पर ही चली जाती है।अब प्रशासन की 'जीरो टॉलरेंस' नीतिमौतों का यह भयावह ग्राफ देखकर अब परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस ने कमर कस ली है। आगामी दिनों में राज्यभर में विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें ओवरस्पीडिंग पर भारी जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने सभी जिला मुख्यालयों को निर्देश दिए हैं कि वे ब्लैक स्पॉट्स पर तत्काल प्रभाव से साइन बोर्ड लगाएं और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी बढ़ाएं। इसके साथ ही, युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए शिक्षण संस्थानों में विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। सड़क पर अपनी जान बचाने के लिए अब नियमों का पालन करना विकल्प नहीं, बल्कि मजबूरी बन चुका है।
झारखंड में चल रहे मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान (Special Intensive Revision - SIR 2026) के बीच राज्य में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर अभियान की समय-सीमा को 15 अगस्त तक बढ़ाने की मांग जोर पकड़ रही है। इस प्रक्रिया को लेकर मतदाताओं में चल रहे संशय को दूर करते हुए झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के. रवि कुमार ने स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा।नाम कटने के डर पर CEO का बड़ा बयानमतदाता सूची में नाम जुड़ने या कटने की खबरों के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आश्वस्त किया है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य त्रुटिहीन और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करना है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, यदि कोई मतदाता 'अनमैप्ड' (Unmapped) भी रह जाता है, तो भी उसका नाम मतदाता सूची से नहीं काटा जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा कि ऐसे मतदाताओं को बाद में निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) के नोटिस पर अपने दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।क्या है SIR 2026 अभियान?झारखंड में 30 जून 2026 से शुरू हुआ 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) अभियान 29 जुलाई तक चलेगा। इस अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं। इस प्रक्रिया की खास बात यह है कि 1.63 करोड़ से अधिक मौजूदा मतदाताओं को किसी भी प्रकार का नया दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं है। उन्हें केवल BLO द्वारा उपलब्ध कराए गए प्री-फिल्ड फॉर्म पर हस्ताक्षर कर उसे जमा करना है।समय-सीमा बढ़ाने पर मंथनराज्य में विभिन्न राजनीतिक दलों और नागरिक संगठनों ने अभियान की गति और पहुँच को देखते हुए इसकी अवधि को 15 अगस्त तक विस्तारित करने की मांग की है। उनका तर्क है कि मानसून और दूरदराज के क्षेत्रों में आवागमन की कठिनाइयों के कारण कई मतदाता अब तक फॉर्म जमा नहीं कर पाए हैं। फिलहाल, चुनाव आयोग ने इस पर आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं की है, लेकिन BLOs को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर एक मतदाता तक पहुँच सुनिश्चित करें ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सूची से वंचित न रहे।मतदाताओं के लिए जरूरी टिप्सदस्तावेज की चिंता न करें: यदि आपका नाम पहले से सूची में है, तो आपको किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं है।BLO से संपर्क: अपने क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी से मिलकर फॉर्म जमा करें और रसीद लें।फॉर्म 6 का उपयोग: जो नागरिक 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, वे फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं।पारदर्शिता: यह प्रक्रिया पूरी तरह से सहभागी है और इसकी हर स्तर पर ऑडिटिंग की जा रही है, इसलिए किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
झारखंड के मौसम में आज बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के 14 जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आसमान में घने काले बादल छाए रहने और गर्जना के साथ तेज बारिश की संभावना जताई गई है। राजधानी रांची से लेकर देवघर तक मौसम विभाग ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। सिर्फ बारिश ही नहीं, बल्कि इस दौरान वज्रपात (ठनका) गिरने का खतरा भी बना हुआ है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने आपदा प्रबंधन के तहत अलर्ट जारी किया है।इन जिलों में सबसे ज्यादा खतरामौसम विभाग के अनुसार, आज रांची, देवघर, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, हजारीबाग, रामगढ़, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम में भारी बारिश के आसार हैं। इन क्षेत्रों में दोपहर बाद से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल सकता है। कहीं-कहीं पर तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि की भी आशंका है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खुले खेतों में जाने से बचें और अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर रखें।वज्रपात से कैसे बचें?बारिश के साथ-साथ बादलों की गर्जना और बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें। यदि आप बाहर हैं, तो किसी भी बड़े पेड़ या बिजली के खंभे के नीचे शरण न लें। घर के भीतर रहें और बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल कम से कम करें। वज्रपात के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग करना भी खतरनाक हो सकता है, इसलिए सतर्क रहें। स्थानीय प्रशासन ने सभी जिला मुख्यालयों को निर्देश दिए हैं कि वे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पर नजर रखें।क्या है मौसम विभाग का ताजा अपडेट?मॉनसून की सक्रियता के कारण राज्य के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है, लेकिन आज की बारिश पहले से अधिक प्रभावी हो सकती है। यह बारिश का दौर अगले 24 से 48 घंटों तक जारी रहने का अनुमान है। तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। यदि आप आज बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो अपने साथ रेनकोट या छाता जरूर रखें और मौसम के अपडेट्स पर नजर बनाए रखें।
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में गड़बड़ी और धन के दुरुपयोग के आरोपों की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग वाली याचिकाओं पर सोमवार को केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया। न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष […] The post राम मंदिर चढ़ावा गड़बड़ी मामले में सीबीआई जांच की मांग पर केंद्र, उप्र सरकार, ट्रस्ट को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस appeared first on Sabguru News .
चंडीगढ़ की सड़कों पर रईसी और नशे में चूर एक युवा का घिनौना चेहरा सामने आया है। शहर के एक पॉश इलाके में स्थित क्लब के बाहर हुए इस हादसे ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। महज 21 साल के एक रईसजादे ने अपनी महंगी मर्सिडीज कार से दो युवकों को न केवल जोरदार टक्कर मारी, बल्कि क्रूरता की हदें पार करते हुए बैक गियर डालकर घायल युवकों के ऊपर से दोबारा गाड़ी चढ़ा दी। इस दर्दनाक घटना में दोनों पीड़ित गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस ने आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।कैसे हुई यह दर्दनाक घटना?प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, क्लब से बाहर निकलते समय किसी बात को लेकर बहस हुई, जिसके बाद आरोपी युवक अपनी मर्सिडीज कार में सवार होकर तेजी से आया और वहां खड़े दो युवकों को निशाना बनाया। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक उछलकर दूर जा गिरे। लेकिन आरोपी यहीं नहीं रुका; उसने गाड़ी को बैक किया और घायल युवकों के ऊपर से दोबारा पहिए चढ़ा दिए। मौके पर मौजूद लोगों ने चिल्लाकर उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने किसी की परवाह नहीं की। घायलों को इलाज के लिए आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।आरोपी रईसजादे की पहचान और पुलिस का एक्शनगिरफ्तार आरोपी की उम्र 21 साल बताई जा रही है, जो शहर के एक प्रभावशाली परिवार से ताल्लुक रखता है। शुरुआती जांच में आरोपी के नशे में होने के संकेत मिले हैं, जिसके लिए ब्लड सैंपल्स जांच हेतु लैब भेजे गए हैं। पुलिस ने आरोपी की मर्सिडीज कार को कब्जे में ले लिया है और आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत हत्या के प्रयास और लापरवाही से गाड़ी चलाने का मामला दर्ज किया है। चंडीगढ़ पुलिस ने साफ किया है कि किसी भी रसूखदार व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं रहने दिया जाएगा और मामले की फास्ट-ट्रैक जांच की जाएगी।प्रशासन और शहरवासियों में गहरा रोषचंडीगढ़ के क्लब कल्चर और देर रात तक खुले रहने वाले इलाकों में बढ़ती ऐसी घटनाओं को लेकर शहरवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि महंगी गाड़ियों में सवार युवा अब कानून को खिलौना समझने लगे हैं। प्रशासन अब क्लबों के बाहर सुरक्षा कड़ी करने और नशे में गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाने पर विचार कर रहा है। घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे देखकर हर कोई आरोपी की इस बर्बरता पर स्तब्ध है। अब देखना यह है कि कानून इस रईसजादे को क्या सजा देता है।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में मंदिर के पुजारी पर हुए दिल दहला देने वाले जानलेवा हमले के मुख्य आरोपी पंकज के खिलाफ प्रशासन ने अब सख्त एक्शन लिया है। कानून को हाथ में लेने और पुजारी को बेरहमी से प्रताड़ित करने के आरोप में आरोपी के अवैध निर्माण को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया गया है। इस कार्रवाई ने इलाके में साफ संदेश दे दिया है कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने आरोपी की अवैध संपत्ति को चिह्नित कर आज सुबह भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्यवाही को अंजाम दिया।क्या थी वह खौफनाक वारदात?बता दें कि कुछ दिन पहले कुरुक्षेत्र में एक मंदिर के पुजारी पर जानलेवा हमला हुआ था। आरोपी पंकज और उसके साथियों ने न केवल पुजारी की टांगें तोड़ दी थीं, बल्कि उन्हें मफलर डालकर जमीन पर बेरहमी से घसीटा था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया था। पुजारी को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। इस अमानवीय घटना के बाद से ही स्थानीय लोग लगातार आरोपी की गिरफ्तारी और उसकी संपत्ति पर बुलडोजर चलाने की मांग कर रहे थे।प्रशासन का सख्त रुख: अपराध पर 'बुलडोजर मॉडल'कुरुक्षेत्र प्रशासन ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए कहा कि किसी भी अपराधी को सभ्य समाज में आतंक फैलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। बुलडोजर की कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई थी, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से नियमानुसार और अवैध अतिक्रमण के खिलाफ की गई है। आरोपी पंकज पर पहले भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद से इलाके के अपराधियों में दहशत का माहौल है और लोग पुलिस के इस त्वरित एक्शन की सराहना कर रहे हैं।कुरुक्षेत्र पुलिस की आगे की रणनीतिफिलहाल आरोपी पंकज न्यायिक हिरासत में है और पुलिस उसके अन्य साथियों की तलाश में जुटी है जो इस घटना में शामिल थे। पुलिस ने दावा किया है कि इस केस में आरोपियों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट में पैरवी की जाएगी ताकि पुजारी को जल्द से जल्द न्याय मिल सके। इलाके में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस पिकेट बढ़ा दी गई है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। कुरुक्षेत्र की इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अपराध और अपराधियों के लिए हरियाणा में कोई जगह नहीं है।
अब इस तरह होगी अयोध्या राम मंदिर में CEO की नियुक्ति, कौन कर सकता है इस पद के लिए आवेदन
ayodhya ram mandir ceo: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के लिए जल्द ही एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति होने जा रही है। शनिवार को दिल्ली में संपन्न हुई चयन समिति (Search Committee) की ...
कर्नाटक लोक सेवा आयोग अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस साहूकार को राज्यपाल ने किया निलंबित
बेंगलूरु। कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस साहूकार को अपने संवैधानिक पद का दुरुपयोग करने के आरोप में सोमवार को निलंबित कर दिया। आयोग के अध्यक्ष पर अपनी दो बेटियों को आरक्षण का गलत लाभ लेकर सरकारी नौकरी देने का आरोप है। राज्यपाल ने आयोग अध्यक्ष पर […] The post कर्नाटक लोक सेवा आयोग अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस साहूकार को राज्यपाल ने किया निलंबित appeared first on Sabguru News .
‘जुरासिक पार्क’अभिनेता सैम नील का 78 वर्ष की उम्र में निधन
वेलिंगटन। हॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता और जुरासिक पार्क तथा द पियानो जैसी चर्चित फिल्मों में अपनी दमदार अभिनय क्षमता के लिए चर्चित सैम नील का निधन हो गया। वह 78 वर्ष के थे। नील का सोमवार को ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में निधन हो गया। उनके आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर जारी बयान में कहा गया […] The post ‘जुरासिक पार्क’ अभिनेता सैम नील का 78 वर्ष की उम्र में निधन appeared first on Sabguru News .
Male Fertility Crisis Facts: क्या दुनिया सच में एक ऐसे दौर में प्रवेश कर रही है, जहां पुरुषों की प्रजनन क्षमता (Fertility) हमेशा के लिए गंभीर संकट में पड़ जाएगी? हाल के वर्षों में सामने आए कई वैज्ञानिक अध्ययनों ने इस सवाल को दुनिया भर में बहस का ...
आज के दौर में बेदाग और चमकदार त्वचा पाने की होड़ में हम न जाने कितने महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स और केमिकल युक्त क्रीम्स पर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी खूबसूरती का असली राज आपके किचन में ही छिपा है? बाजार में मिलने वाले महंगे प्रोडक्ट्स अक्सर त्वचा को लंबे समय में नुकसान पहुंचाते हैं, जबकि प्राकृतिक और देसी नुस्खे आपकी स्किन को गहराई से पोषण देते हैं। अगर आप भी ग्लोइंग स्किन की तलाश में हैं, तो आज हम आपको एक ऐसे असरदार और बेहद सस्ते देसी नुस्खे के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपकी त्वचा में नई जान फूंक देगा।क्यों छोड़ें महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स?बाजार में बिकने वाले अधिकांश ब्यूटी प्रोडक्ट्स में पैराबेन, सल्फेट और अन्य आर्टिफिशियल केमिकल्स होते हैं, जो शुरुआत में तो त्वचा को निखारते हैं, लेकिन धीरे-धीरे स्किन का नेचुरल ऑयल छीन लेते हैं। इसके विपरीत, देसी नुस्खे पूरी तरह से नेचुरल होते हैं और इनका कोई साइड-इफेक्ट नहीं होता। आज हम बात कर रहे हैं 'बेसन और दही' के लेप की, जो सदियों से भारतीय सुंदरता का आधार रहा है। बेसन त्वचा की डेड स्किन सेल्स को साफ करता है और दही में मौजूद लैक्टिक एसिड स्किन को नेचुरली ब्लीच कर उसे एक खूबसूरत चमक प्रदान करता है।ऐसे तैयार करें अपना जादुई फेस पैकइस चमत्कारी फेस पैक को बनाना बेहद आसान है। एक कटोरी में दो चम्मच बेसन लें और उसमें एक चम्मच ताजा दही मिलाएं। अगर आपकी स्किन बहुत ज्यादा ड्राई है, तो आप इसमें आधा चम्मच शहद और एक चुटकी हल्दी भी डाल सकते हैं। इन सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें। चेहरे को साफ पानी से धोने के बाद इस लेप को अपने चेहरे और गर्दन पर लगाएं। इसे करीब 15 से 20 मिनट तक सूखने दें। जब यह हल्का सूख जाए, तो गुनगुने पानी से धीरे-धीरे मसाज करते हुए अपना चेहरा धो लें।त्वचा पर दिखेगा शानदार असरहफ्ते में मात्र दो बार इस नुस्खे को अपनाने से आपको फर्क साफ नजर आने लगेगा। बेसन जहां आपकी त्वचा के रोमछिद्रों (pores) में जमा गंदगी को खींचकर बाहर निकालता है, वहीं दही त्वचा को गहराई से मॉइस्चराइजर करता है। इससे न केवल पिंपल्स और दाग-धब्बे कम होते हैं, बल्कि चेहरे पर एक कुदरती चमक (Natural Glow) आ जाती है। यह नुस्खा सभी प्रकार की त्वचा (Skin Types) के लिए सुरक्षित है। तो देर किस बात की? आज ही महंगे ब्रांड्स को छोड़ें और अपनी रसोई से निकली इस प्राकृतिक खूबसूरती को अपनाएं, ताकि आपकी त्वचा दिखे हमेशा जवां और बेदाग।
कर्ज और बीमारी से हैं परेशान? ज्योतिष शास्त्र के इन अचूक उपायों से जीवन में आएगी खुशहाली और राहत
क्या आप भी कर्ज के बोझ तले दबे हैं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आपका पीछा नहीं छोड़ रही हैं? अक्सर जीवन में आर्थिक तंगी और बिगड़ती सेहत एक साथ दस्तक देती हैं, जो इंसान को मानसिक रूप से तोड़ देती हैं। कई लोग इसे केवल मेहनत की कमी मानते हैं, लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इसके पीछे ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति और नकारात्मक ऊर्जा का बड़ा हाथ हो सकता है। आज हम आपको उन सरल लेकिन प्रभावशाली ज्योतिषीय उपायों के बारे में बताएंगे, जिन्हें अपनाकर आप कर्ज के चक्रव्यूह और बीमारी के जाल से बाहर निकल सकते हैं।कर्ज मुक्ति के लिए अचूक ज्योतिषीय उपायज्योतिष के अनुसार, मंगलवार का दिन कर्ज मुक्ति के लिए सबसे शुभ माना जाता है। यदि आप भारी कर्ज से परेशान हैं, तो 'ऋणमोचक मंगल स्तोत्र' का पाठ करें। यह उपाय न केवल आर्थिक स्थिति को सुधारता है, बल्कि आत्मविश्वास में भी वृद्धि करता है। इसके अलावा, बुधवार के दिन गणेश जी को गुड़ और चने का भोग लगाने और उसे गाय को खिलाने से रुके हुए धन की प्राप्ति होती है और कर्ज का भार कम होने लगता है। याद रखें, हमेशा कर्ज की पहली किस्त मंगलवार को चुकाने का प्रयास करें, इससे कर्ज के दोबारा न चढ़ने की मान्यता है।स्वास्थ्य में सुधार के लिए ग्रहों का संतुलनबीमारी का कारण अक्सर कुंडली में राहु या शनि का कमजोर होना होता है। यदि आप लंबे समय से बीमार हैं, तो हर शनिवार को काले तिल का दान करें और जल में काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें। इससे स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सकारात्मक सुधार महसूस होने लगता है। साथ ही, सोमवार को भगवान शिव की उपासना करते हुए महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना अत्यंत लाभकारी है। स्वास्थ्य संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए अपने सोने की दिशा बदलें और हमेशा सिर उत्तर की ओर रखकर सोने से बचें, क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।मन की शांति और सकारात्मक ऊर्जा का महत्वज्योतिष केवल पूजा-पाठ नहीं, बल्कि सकारात्मक आदतों का भी विज्ञान है। कर्ज और बीमारी की स्थिति में मन का शांत रहना अनिवार्य है। घर के मुख्य द्वार पर नियमित रूप से शुद्ध जल में नमक मिलाकर पोंछा लगाने से घर की नकारात्मकता खत्म होती है, जिससे आर्थिक रास्ते खुलते हैं। अपनी दिनचर्या में थोड़ा समय ध्यान (Meditation) के लिए निकालें। ज्योतिष शास्त्र कहता है कि जब आपका मन शांत होता है, तो आपके निर्णय सटीक होते हैं, जो सीधे तौर पर आपके कर्ज कम करने और स्वास्थ्य सुधारने की दिशा में मददगार साबित होते हैं। इन उपायों को पूरी श्रद्धा के साथ करें, निश्चित ही आपको सुखद बदलाव देखने को मिलेंगे।
आषाढ़ अमावस्या पर अद्भुत महासंयोग: सोमवती-भौमवती का दुर्लभ संगम, क्या खाएं और किन चीजों से रहें दूर
ज्योतिष और धार्मिक दृष्टि से इस बार की आषाढ़ अमावस्या बेहद खास होने जा रही है। सोमवार और मंगलवार के बीच पड़ने वाली यह अमावस्या 'सोमवती' और 'भौमवती' का एक दुर्लभ महासंयोग लेकर आ रही है। शास्त्रों में इस विशेष तिथि को पितृ दोष मुक्ति और सुख-समृद्धि के लिए सबसे उत्तम माना गया है। ऐसे में इस दिन की शुद्धता और सात्विकता का पालन करना न केवल आध्यात्मिक शांति देता है, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है। आइए जानते हैं कि इस दुर्लभ दिन पर आपको किन चीजों से परहेज करना है और किन चीजों का सेवन करना फलदायी रहेगा।इन चीजों के सेवन से बनाएं दूरी (क्या न खाएं)आषाढ़ अमावस्या की इस विशेष तिथि पर तामसिक भोजन से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। मान्यता है कि इस दिन आलू, गाजर, मूली और शलजम जैसी जमीन के अंदर पैदा होने वाली (कंदमूल) चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए, क्योंकि इनमें अशुद्ध ऊर्जा का वास माना जाता है। इसके अलावा, प्याज और लहसुन का प्रयोग तो भूलकर भी न करें। मांस, मदिरा और किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन इस दिन पूर्णतः वर्जित है। यदि आप पितरों का आशीर्वाद चाहते हैं, तो दिन की सात्विकता को बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है।इन चीजों का सेवन है अमृत समान (क्या खाएं)इस दिन सात्विक आहार का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। आप अपने भोजन में ताजे मौसमी फल, दूध, दही, घी और सात्विक अनाजों को शामिल कर सकते हैं। विशेष रूप से गाय के दूध और उससे बनी खीर का सेवन करना इस दिन बहुत शुभ माना गया है। इसके अलावा, हरी सब्जियां (जो जमीन के ऊपर उगती हैं), जैसे लौकी, तरोई, और पालक का सेवन करना स्वास्थ्य और मन की शांति के लिए उत्तम है। इस दिन अन्न दान करना भी अत्यंत लाभकारी माना जाता है, इसलिए हो सके तो किसी जरूरतमंद को भोजन कराएं।कैसे उठाएं इस दुर्लभ महासंयोग का लाभसोमवती और भौमवती के इस संगम पर सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए। यदि नदी में स्नान संभव न हो, तो घर के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। इसके बाद पीपल के वृक्ष की पूजा करें और पितरों के नाम से तर्पण करें। यह समय आपके जीवन से आर्थिक संकटों और नकारात्मकता को दूर करने के लिए विशेष है। शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर सरसों के तेल का दीपक जलाएं, इससे पितृदेव प्रसन्न होते हैं। याद रखें, इस दुर्लभ अवसर पर आपकी एकाग्रता और श्रद्धा ही आपको इस महासंयोग का पूर्ण फल दिलाएगी।
गदर के बाद फिर 'बंटवारा': सनी देओल-राजकुमार संतोषी की नई फिल्म का पोस्टर आउट, मचाएगा ऐतिहासिक तहलका
बॉलीवुड के 'एक्शन किंग' सनी देओल और दिग्गज निर्देशक राजकुमार संतोषी की जोड़ी एक बार फिर बड़े पर्दे पर इतिहास दोहराने के लिए तैयार है। लंबे समय से चर्चाओं में बनी फिल्म 'बंटवारा 1947' का नया पोस्टर आज आउट हो गया है, जिसने फैंस के बीच खलबली मचा दी है। इस पोस्टर में सनी देओल का रौद्र अवतार एक बार फिर 'गदर' वाली यादों को ताजा कर रहा है। निर्देशक राजकुमार संतोषी की यह फिल्म न केवल एक भावनात्मक यात्रा होगी, बल्कि इसमें एक्शन और देशभक्ति का वह तड़का भी देखने को मिलेगा, जिसके लिए यह जोड़ी पूरे विश्व में मशहूर है।'बंटवारा 1947' का नया पोस्टर: क्या दिखा खास?फिल्म का नया पोस्टर काफी इंटेंस और रोंगटे खड़े करने वाला है। इसमें सनी देओल एक बेहद गंभीर मुद्रा में नजर आ रहे हैं, जो देश के विभाजन के दर्द और उससे उपजी आग को बखूबी दर्शाता है। पोस्टर में बैकग्राउंड का माहौल 1947 के उस दौर की याद दिलाता है, जो फिल्म की कहानी को और भी प्रभावशाली बनाता है। सोशल मीडिया पर आते ही यह पोस्टर ट्रेंड करने लगा है। फैंस का कहना है कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फिर से 'गदर' मचाने की पूरी तैयारी में है।कब रिलीज होगी 'बंटवारा 1947'?फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। मेकर्स ने फिल्म की रिलीज डेट का ऐलान भी कर दिया है। यह फिल्म आने वाले 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) के आसपास सिनेमाघरों में दस्तक देगी, जो देशभक्ति के माहौल में रिलीज के लिए सबसे उपयुक्त समय माना जा रहा है। राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी यह फिल्म 'घायल' और 'घातक' जैसी फिल्मों की तरह ही दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ने की पूरी क्षमता रखती है। सनी देओल का एग्रेसिव लुक और संतोषी की बेहतरीन डायरेक्शन का कॉम्बिनेशन इस साल की सबसे बड़ी हिट साबित हो सकता है।क्या इस बार भी बॉक्स ऑफिस टूटेगा?सनी देओल और राजकुमार संतोषी का इतिहास गवाह है कि जब भी ये साथ आए हैं, सिनेमाघरों में 'गदर' मचा है। 'बंटवारा 1947' केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि एक बड़े बजट का इमोशनल ड्रामा है। फिल्म से जुड़ी छोटी-छोटी डिटेल्स को बहुत गुप्त रखा गया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक फिल्म के एक्शन सीन्स को हॉलीवुड लेवल पर फिल्माया गया है। अगर आप सनी देओल के सच्चे प्रशंसक हैं, तो यह फिल्म आपके लिए साल का सबसे बड़ा सिनेमैटिक अनुभव होने वाली है। तो तैयार हो जाइए, क्योंकि सिनेमाघरों में अब फिर से उसी पुराने 'गदर' वाले शोर की गूंज सुनाई देने वाली है।
'लॉक अप 2' (Lock Upp 2) के घर में इस समय रिश्तों की गरमाहट के साथ-साथ तीखी नोकझोंक भी बढ़ गई है। खेल के सबसे चर्चित चेहरों में से एक, शिल्पा शिंदे ने हाल ही में शिवांगी जोशी को सरेआम फटकार लगाई है। शिल्पा के कड़े तेवर और सीधे सवाल सुनकर शिवांगी जोशी की आंखों में आंसू आ गए। शिल्पा ने न केवल शिवांगी की गेमिंग रणनीति पर सवाल उठाए, बल्कि उन्हें हर्षद चोपड़ा से अपनी बातचीत कम करने की सख्त हिदायत भी दे डाली। इस घटना ने शो के माहौल को पूरी तरह बदल दिया है और दर्शक भी हैरान हैं कि आखिर शिल्पा ने ऐसा कड़ा फैसला क्यों लिया।शिल्पा शिंदे का गुस्सा: क्या है असली वजह?शिल्पा शिंदे, जो अपने बेबाक अंदाज के लिए जानी जाती हैं, ने शिवांगी को उनके खेल पर फोकस करने की नसीहत दी। शिल्पा का मानना है कि शिवांगी का ध्यान खेल के बजाय निजी बातचीत और हर्षद के साथ बॉन्डिंग में ज्यादा लग रहा है, जो उनके गेम के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। शिल्पा ने जब उनसे कहा कि तुम यहां गेम खेलने आई हो या दोस्ती निभाने?, तो शिवांगी स्तब्ध रह गईं। शिल्पा की यह खरी-खोटी वहां मौजूद बाकी कंटेस्टेंट्स के लिए भी एक चेतावनी की तरह थी, जिससे घर में शिल्पा का दबदबा और भी बढ़ गया है।शिवांगी और हर्षद का रिश्ता और घर का दबावशिवांगी और हर्षद के बीच की बढ़ती नजदीकियों पर घर के कई सदस्य पहले भी दबी जुबान में चर्चा कर चुके थे, लेकिन शिल्पा ने पहली बार इस पर खुलकर निशाना साधा है। शिल्पा ने साफ शब्दों में शिवांगी से कहा कि हर्षद के साथ बातचीत कम करो, वरना यह तुम्हारे एलिमिनेशन का कारण बन सकता है। शिल्पा की इस 'परामर्श' या 'फटकार' के बाद शिवांगी काफी परेशान दिखीं और उन्हें इमोशनल होते देखा गया। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि शिल्पा की इस चेतावनी का शिवांगी के खेल पर क्या असर पड़ता है।क्या अब बदलेगा लॉक अप का समीकरण?इस पूरी घटना के बाद से ही फैन्स के बीच बहस छिड़ गई है। कुछ लोग शिल्पा के इस 'गुरु' जैसे व्यवहार की तारीफ कर रहे हैं, तो कुछ को लगता है कि शिल्पा दूसरों के निजी जीवन में ज्यादा दखल दे रही हैं। लॉक अप के इस सीजन में अब समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। हर्षद के साथ शिवांगी की दोस्ती अब शिल्पा के निशाने पर है, और यह देखने वाली बात होगी कि क्या शिवांगी शिल्पा की बात मानती हैं या फिर अपने स्टैंड पर कायम रहती हैं। शो में आने वाले एपिसोड्स में इस बात की पूरी संभावना है कि यह मुद्दा एक बड़े झगड़े का रूप ले ले।
कुकिंग हमारी ताकत है': कंगना रनौत ने अपने वायरल बयान पर तोड़ी चुप्पी, महिलाओं से की खास अपील
बॉलीवुड अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत इन दिनों अपने एक बयान को लेकर खासी चर्चा में हैं। 'कुकिंग' को लेकर की गई उनकी हालिया टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी थी, जिस पर अब खुद कंगना ने मोर्चा संभालते हुए सफाई दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं था, बल्कि वे भारतीय संस्कृति और घरेलू जीवन में भोजन पकाने के महत्व को रेखांकित कर रही थीं। उन्होंने न केवल अपने बयान को स्पष्ट किया, बल्कि सभी महिलाओं से आत्मनिर्भर बनने और परिवार के लिए खुद खाना बनाने की प्रेरणादायी अपील भी की है।आखिर क्या था विवाद और कंगना का पक्ष?सोशल मीडिया पर कंगना के बयान के बाद यह बहस छिड़ गई थी कि क्या कुकिंग को महिलाओं की 'ताकत' के रूप में देखना आज के दौर में सही है। इस पर सफाई देते हुए कंगना ने कहा कि रसोई घर केवल काम करने की जगह नहीं, बल्कि यह स्वास्थ्य और प्रेम का केंद्र है। उनका मानना है कि जब हम अपने परिवार के लिए अपने हाथों से भोजन बनाते हैं, तो उसमें एक अलग ऊर्जा होती है। उन्होंने कहा कि कुकिंग एक कला है जिसे हर महिला को अपनी शक्ति के रूप में अपनाना चाहिए, क्योंकि यह न केवल पोषण देती है बल्कि परिवार के बीच के बंधन को भी मजबूत करती है।महिलाओं से की आत्मनिर्भरता की अपीलअपने संदेश में कंगना ने आधुनिक युग की महिलाओं को आत्मनिर्भर (Self-reliant) बनने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि आज के व्यस्त जीवन में बाहर का खाना खाने के बजाय घर के बने शुद्ध और सात्विक भोजन को प्राथमिकता देना जरूरी है। अभिनेत्री ने अपील की कि महिलाएं कुकिंग को एक 'बोझ' के रूप में न देखकर, इसे अपने व्यक्तित्व के एक हिस्से के रूप में देखें। उनके मुताबिक, खुद खाना बनाना न केवल सेहत के लिए अच्छा है बल्कि यह आत्म-संतोष (Inner Satisfaction) का भी एक बेहतरीन जरिया है। कंगना का यह बयान उन महिलाओं के लिए एक संदेश है जो अपने करियर और परिवार के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं।क्या खाना बनाना वाकई महिलाओं की ताकत है?कंगना का यह रुख भले ही कुछ वर्गों को पुराना लगे, लेकिन बड़ी संख्या में उनके प्रशंसक इसे 'भारतीय मूल्यों' से जोड़कर देख रहे हैं। अभिनेत्री का मानना है कि कुकिंग का ज्ञान व्यक्ति को कहीं भी और किसी भी स्थिति में स्वतंत्र बनाता है। उनके इस नए बयान के बाद अब सोशल मीडिया पर लोग इसे 'हेल्थ कॉन्शियस' अप्रोच के रूप में भी देख रहे हैं। बहरहाल, कंगना ने अपने बयानों के जरिए यह साफ कर दिया है कि वे अपनी बातों पर कायम हैं और मानती हैं कि रसोई में खुद का समय बिताना एक सशक्त और स्वस्थ जीवनशैली की पहचान है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी में दयाल सिंह कॉलेज बना छात्रों की पहली पसंद, टॉपर लिस्ट में कैसे बनाई जगह
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में प्रवेश की प्रक्रिया हर साल छात्रों के बीच एक नई जंग की तरह होती है, लेकिन इस बार 'दयाल सिंह कॉलेज' ने सभी को चौंका दिया है। एक समय बैकअप के तौर पर देखे जाने वाले इस कॉलेज ने अब कैंपस का 'क्रेज' बदल दिया है। दिल्ली विश्वविद्यालय की टॉपर्स लिस्ट में दयाल सिंह कॉलेज के छात्रों का दबदबा बढ़ने के पीछे की कहानी बेहद दिलचस्प है। आखिर क्या वजह है कि अब छात्र नॉर्थ कैंपस के कुछ पुराने कॉलेजों को छोड़कर दयाल सिंह की ओर रुख कर रहे हैं?बढ़ती लोकप्रियता और एकेडमिक ग्राफदयाल सिंह कॉलेज की सफलता का सबसे बड़ा कारण उसका बदलता एकेडमिक ग्राफ और फैकल्टी की गुणवत्ता है। कॉलेज ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी इंफ्रास्ट्रक्चर और प्लेसमेंट सेल को इतना मजबूत किया है कि अब यह डीयू के टॉप संस्थानों की कतार में खड़ा हो गया है। विशेष रूप से आर्ट्स और कॉमर्स स्ट्रीम के छात्रों के लिए यहाँ का माहौल बेहद प्रतिस्पर्धी और सीखने योग्य बनाया गया है। कॉलेज की ओर से दी जा रही विशेष गाइडेंस और टॉपर्स के लिए चलाए जा रहे मेंटरशिप प्रोग्राम ने इसे मेरिट होल्डर्स की पहली पसंद बना दिया है।कैसे बनी टॉपर लिस्ट में जगह?दयाल सिंह कॉलेज के टॉपर लिस्ट में जगह बनाने का राज कॉलेज की 'स्मार्ट स्टडी' नीति में छिपा है। यहाँ की एडमिशन कमेटी और विभाग ने इस बार ऐसे कोर्स स्ट्रक्चर पर फोकस किया है जो इंडस्ट्री की डिमांड के हिसाब से हैं। इसके अलावा, कॉलेज की लाइब्रेरी और डिजिटल रिसोर्सेज ने छात्रों को घर बैठे बेहतर पढ़ाई करने का मौका दिया है। टॉपर्स का मानना है कि कॉलेज का सपोर्ट सिस्टम उन्हें न केवल डिग्री दिलाने में, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में भी मदद करता है, जो इसे अन्य कॉलेजों से अलग खड़ा करता है।क्या आपको यहाँ एडमिशन लेना चाहिए?अगर आप डीयू में एडमिशन का प्लान बना रहे हैं, तो दयाल सिंह कॉलेज निश्चित रूप से आपकी सूची में टॉप पर होना चाहिए। साउथ कैंपस की बेहतरीन कनेक्टिविटी और कॉलेज का बढ़ता एक्सपोजर इसे एक आदर्श संस्थान बनाता है। यदि आप चाहते हैं कि आपको एक ऐसा माहौल मिले जहाँ पढ़ाई के साथ-साथ प्लेसमेंट और ऑल-राउंड डेवलपमेंट पर ध्यान दिया जाए, तो दयाल सिंह कॉलेज आपके सपनों को उड़ान देने के लिए पूरी तरह तैयार है। छात्रों का बढ़ता भरोसा इस बात का सबूत है कि आने वाले दिनों में यह डीयू का नया 'पावरहाउस' बनने की राह पर है।
प्रमोशन ठुकराकर 'डिमोशन' ले रहे कर्मचारी: आखिर क्या है वर्क-लाइफ बैलेंस की यह नई कड़वी सच्चाई
कॉर्पोरेट जगत और सरकारी दफ्तरों में अक्सर प्रमोशन को कामयाबी की सीढ़ी माना जाता है। लेकिन इन दिनों एक नया ट्रेंड तेजी से सामने आ रहा है, जहाँ कर्मचारी प्रमोशन लेने के बजाय डिमोशन (पदोंन्नति के बजाय पदावनति) को चुन रहे हैं। यह कोई फैसला हार या असफलता का नहीं, बल्कि 'वर्क-लाइफ बैलेंस' के लिए उठाया गया एक सोची-समझी रणनीति वाला कदम है। बढ़ती जिम्मेदारियां, लगातार ट्रांसफर-पोस्टिंग का दबाव और परिवार के प्रति जवाबदेही ने पेशेवर लोगों को इस कदर मजबूर कर दिया है कि वे अपनी खुशी और मानसिक शांति के लिए बड़ी पोस्ट छोड़ने को तैयार हैं।क्यों प्रमोशन के बजाय डिमोशन बन रहा पहली पसंद?प्रमोशन के साथ बड़ी जिम्मेदारी और अक्सर अन्य शहरों में ट्रांसफर-पोस्टिंग का बोझ भी आता है। जो कर्मचारी अपने शहर या परिवार से जुड़े रहना चाहते हैं, उनके लिए प्रमोशन का मतलब अक्सर अपनों से दूर होना होता है। कई बार काम का इतना अधिक दबाव (Work Pressure) बढ़ जाता है कि व्यक्ति की व्यक्तिगत जिंदगी लगभग खत्म हो जाती है। ऐसे में, कर्मचारी कम जिम्मेदारी वाली लेकिन तनावमुक्त भूमिका (Stress-free Role) को चुनना बेहतर समझते हैं ताकि वे अपने बच्चों, बुजुर्ग माता-पिता और स्वास्थ्य को पर्याप्त समय दे सकें।ट्रांसफर-पोस्टिंग का मानसिक और सामाजिक बोझसरकारी और मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करने वाले लोगों के लिए ट्रांसफर-पोस्टिंग सबसे बड़ा सिरदर्द है। बच्चों की पढ़ाई में रुकावट और बार-बार घर बदलने का तनाव किसी भी परिवार के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। जब कोई कर्मचारी किसी ऊंचे पद पर होता है, तो उसे अक्सर अपनी मर्जी के खिलाफ दूरस्थ इलाकों में भेजा जाता है। ऐसे में, डिमोशन का रास्ता अपनाकर वे एक ही जगह टिके रहने का विकल्प चुन लेते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि 'तनाव-रहित जीवन' की चाहत ने इस 'रिवर्स प्रमोशन' ट्रेंड को जन्म दिया है, जो आने वाले समय में वर्क कल्चर में बड़ा बदलाव ला सकता है।क्या कॉर्पोरेट जगत को अब संभलने की जरूरत है?इस ट्रेंड ने कंपनियों के एचआर (HR) विभाग के लिए भी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। जब कोई काबिल कर्मचारी बड़ी जिम्मेदारी लेने से इनकार करता है, तो इसका सीधा असर कंपनी की उत्पादकता (Productivity) पर पड़ता है। कंपनियां अब महसूस कर रही हैं कि केवल ऊंचा वेतन या बड़ा पद ही पर्याप्त नहीं है; कर्मचारियों को लचीलापन (Flexibility) और 'स्थायित्व' की जरूरत है। यदि संगठन अपने कर्मचारियों को एक ही स्थान पर काम करने की सुविधा और बेहतर कार्य-जीवन संतुलन प्रदान करें, तो शायद उन्हें अपने सबसे होनहार टैलेंट को खोने या डिमोशन की अर्जी देखने की नौबत न आए।
विदेशी यूनिवर्सिटी के भारतीय कैंपस या विदेश की पढ़ाई? एडमिशन लेने से पहले इन 5 बड़े अंतरों को समझें
आज के समय में जब विदेशी शिक्षण संस्थान तेजी से अपने भारतीय कैंपस खोल रहे हैं, तो छात्रों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारत में रहकर विदेशी डिग्री लेना बेहतर है या विदेश जाकर वहां की संस्कृति और माहौल में पढ़ाई करना? दोनों ही विकल्पों के अपने फायदे और चुनौतियां हैं। यदि आप भी अपने भविष्य को लेकर उलझन में हैं और यह तय नहीं कर पा रहे कि अपना करियर कहां से संवारें, तो यह गाइड आपके लिए ही है।फीस और आर्थिक भार का गणितसबसे पहला और महत्वपूर्ण अंतर 'लागत' का है। विदेश में पढ़ाई करने का मतलब है न केवल भारी फीस, बल्कि रहने-सहने का खर्च और हवाई यात्रा का खर्च भी उठाना। इसके विपरीत, विदेशी यूनिवर्सिटी के भारतीय कैंपस में पढ़ाई करने पर आपको लगभग उसी स्तर की गुणवत्ता वाली शिक्षा बहुत कम खर्च में मिल जाती है। हॉस्टल और अन्य खर्चों में भी आप लाखों रुपये की बचत कर सकते हैं। अगर आपका बजट सीमित है, तो भारतीय कैंपस एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरता है।पढ़ाई का अनुभव और ग्लोबल एक्सपोजरविदेश जाने का मुख्य उद्देश्य केवल डिग्री लेना नहीं, बल्कि वहां के वैश्विक माहौल, विविधता और नई कार्य-संस्कृति को समझना है। वहां आप दुनिया भर के छात्रों के साथ रहते हैं, जिससे नेटवर्किंग और पर्सनल डेवलपमेंट की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। भारतीय कैंपस में भी शिक्षा का स्तर वैसा ही होता है, लेकिन आप वहां विदेशी माहौल का अनुभव (Global Exposure) मिस कर सकते हैं। हालांकि, भारतीय कैंपस अब इंटर-कैंपस एक्सचेंज प्रोग्राम के जरिए छात्रों को कुछ समय विदेश में बिताने का मौका भी दे रहे हैं।नौकरी और प्लेसमेंट के मौकेआजकल कंपनियां उन छात्रों को प्राथमिकता दे रही हैं जिनके पास व्यावहारिक ज्ञान (Practical Knowledge) है। विदेश में पढ़ाई करने से आपको वहां के स्थानीय जॉब मार्केट में काम करने का मौका मिल सकता है, जो भविष्य में आपके करियर के लिए एक बड़ा एसेट बनता है। भारतीय कैंपस में पढ़ाई के दौरान आप भारत के बड़े कॉर्पोरेट्स के साथ नेटवर्क बनाने में सक्षम होते हैं। अंत में, यह आपके करियर लक्ष्यों पर निर्भर करता है—अगर आप वैश्विक स्तर पर करियर बनाना चाहते हैं तो विदेश जाना बेहतर है, और यदि आप भारत में ही कॉर्पोरेट जगत में नाम कमाना चाहते हैं, तो भारतीय कैंपस एक स्मार्ट विकल्प है।एडमिशन से पहले खुद से पूछें ये सवालनिर्णय लेने से पहले खुद से पूछें कि क्या आप घर से दूर जाने के लिए तैयार हैं? क्या आप सांस्कृतिक बदलाव के लिए मानसिक रूप से तैयार हैं? और सबसे जरूरी, क्या आपकी वित्तीय स्थिति विदेश के भारी खर्चों को लंबे समय तक झेल सकती है? विदेशी डिग्री की मान्यता दोनों ही स्थितियों में समान होगी, इसलिए कैंपस का चयन करते समय अपनी प्राथमिकता और भविष्य की योजनाओं को सबसे ऊपर रखें। सही चुनाव ही आपके करियर को नई दिशा दे सकता है।
भारत में फिर बढ़ने लगे कोरोना के मामले: कुमार सानू के बेटे जान अस्पताल में भर्ती
महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश में एक बार फिर कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती नजर आ रही है। मशहूर सिंगर कुमार सानू के बेटे जान को कोरोना संक्रमण की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई राज्यों में कोरोना संक्रमित मिलने के बाद स्वास्थ्य ...
ग्रेटर नोएडा : डीएम कार्यालय को ई-मेल से बम की धमकी, घंटों चली सघन जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला
गौतमबुद्धनगर के जिला अधिकारी (डीएम) कार्यालय को सोमवार (13 जुलाई 2026) को ई-मेल के माध्यम से बम होने की धमकी मिलने से प्रशासनिक महकमे में कुछ समय के लिए सतर्कता बढ़ गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, बम निरोधक दस्ता (बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वाड), फायर ब्रिगेड, एंटी सबोटाज (ए.एस.) चेकिंग टीम तथा डॉग स्क्वाड मौके पर पहुंच गए और पूरे परिसर की गहन तलाशी शुरू कर दी गई।
अजमेर कलेक्ट्रेट पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका, नगर निगम में फहराता रहा
अजमेर। कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर केन्द्र सरकार द्वारा घोषित एक दिवसीय राष्ट्रीय शोक के तहत अजमेर कलेक्ट्रेट में सोमवार को राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहा। वहीं प्रशासनिक अनदेखी के चलते नगर निगम की भव्य इमारत पर ध्वज यथावत फहराता रहा। सामान्य प्रशासन (प्रोटोकॉल) विभाग द्वारा जारी आदेश […] The post अजमेर कलेक्ट्रेट पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका, नगर निगम में फहराता रहा appeared first on Sabguru News .
सारण : खेत में काम करने गई युवती से सामूहिक दुष्कर्म, 4 आरोपी अरेस्ट
छपरा। बिहार में सारण जिले के मांझी थाना क्षेत्र में खेत में अकेली काम करने गयी एक युवती से दुष्कर्म करने वाले चार युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों ने आज बताया कि डुमरी गांव की एक युवती अकेले अपने खेत में काम कर रही थी। इसी दौरान उसे खेत में […] The post सारण : खेत में काम करने गई युवती से सामूहिक दुष्कर्म, 4 आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

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