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Google Pixel 11 Pro Teaser: मेड बाय गूगल इवेंट से पहले पिक्सल 11 प्रो की पहली झलक आई सामने, 'Pixel Glow' और एडवांस्ड एआई फीचर्स उड़ाएंगे होश

टेक दिग्गज गूगल (Google) ने अपने आगामी स्मार्टफोन लवर्स के लिए उत्साह को दोगुना कर दिया है। 12 अगस्त को आयोजित होने वाले अपने बहुप्रतीक्षित 'मेड बाय गूगल' (Made by Google) इवेंट से ठीक पहले कंपनी ने अपनी नेक्स्ट जेनरेशन स्मार्टफोन सीरीज का पहला ऑफिशियल टीज़र वीडियो जारी कर दिया है।इस शॉर्ट टीज़र में गूगल पिक्सल 11 प्रो (Google Pixel 11 Pro) की शुरुआती झलक दिखाई गई है, जो एक बेहद खूबसूरत और नए गोल्ड फिनिश (Gold Finish) कलर में नजर आ रहा है। इसके साथ ही गूगल स्टोर पर एक डेडिकेटेड लैंडिंग पेज लाइव करके लॉन्चिंग डेट पर भी मुहर लगा दी गई है। इस बार कंपनी का मुख्य फोकस हार्डवेयर अपग्रेड के साथ-साथ Gemini Intelligence पर रहने वाला है, यानी AI एक बार फिर पिक्सल इकोसिस्टम के केंद्र में होगा।क्या है 'Pixel Glow' तकनीक जो LED फ्लैश की लेगी जगह?इस बार पिक्सल 11 सीरीज के डिजाइन में सबसे बड़ा और अनोखा बदलाव इसके रियर कैमरा बार में देखने को मिला है, जिसने पूरी टेक इंडस्ट्री का ध्यान अपनी ओर खींचा है:सर्कुलर लाइट रिंग: टीज़र के मुताबिक, कैमरा सेंसर्स के ठीक बगल में एक चमकदार गोल लाइट रिंग (Circular Light Ring) को इंटीग्रेटेड किया गया है, जिसे कंपनी ने 'Pixel Glow' नाम दिया है।मल्टी-पर्पज फीचर: टेक एक्सपर्ट्स और रिपोर्ट्स का मानना है कि यह नया हार्डवेयर एलिमेंट स्मार्टफोन में मिलने वाले पारंपरिक LED फ्लैश को पूरी तरह रिप्लेस कर सकता है।विजुअल नोटिफिकेशन: फ्लैश के अलावा यह एक एडवांस विजुअल नोटिफिकेशन सिस्टम की तरह भी काम करेगा। दिलचस्प बात यह है कि इस रिंग का कलरफुल लाइटिंग इफेक्ट हूबहू Google के Gemini AI इंटरफ़ेस में इस्तेमाल होने वाले एनिमेटेड रंगों से मेल खाता है, जो फोन को एक बेहद प्रीमियम और फ्यूचरिस्टिक लुक देता है।पिक्सल 11 सीरीज में शामिल हो सकते हैं ये 4 धांसू मॉडल्सलीक्स और रिपोर्ट्स की मानें तो इस बार गूगल अपनी फ्लैगशिप सीरीज के तहत एक साथ चार अलग-अलग वेरिएंट्स बाजार में उतारने की तैयारी कर रहा है:Google Pixel 11 (वैनिला मॉडल)Google Pixel 11 Pro (प्रो फीचर्स के साथ)Google Pixel 11 Pro XL (बड़ी स्क्रीन के साथ)Google Pixel 11 Pro Fold (नेक्स्ट जेनरेशन फोल्डेबल फोन)पहली बार दिखेगा 2nm चिपसेट का दम (संभावित स्पेसिफिकेशन)गूगल पिक्सल 11 सीरीज सिर्फ लुक के मामले में ही नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस के मामले में भी एक बड़ा गेम-चेंजर साबित होने वाली है।हार्डवेयर / फीचर्ससंभावित डिटेल्स और अपग्रेडप्रोसेसर / चिपसेटइन सभी स्मार्टफोन्स में गूगल का नेक्स्ट-जेन Tensor G6 चिपसेट देखने को मिलेगा, जो अत्याधुनिक 2nm फैब्रिकेशन प्रोसेस पर तैयार किया गया है। यह फोन की स्पीड और बैटरी एफिशिएंसी को बेमिसाल बनाएगा।नेटवर्क मॉडेमबेहतर कनेक्टिविटी, फास्ट इंटरनेट स्पीड और कॉलिंग के लिए इसमें MediaTek M90 5G मॉडेम दिए जाने की पूरी उम्मीद है।एआई (AI) क्षमताएंGemini Intelligence के जरिए फोन में कई ऐसे ऑन-डिवाइस एआई फीचर्स मिलेंगे जो फोटोग्राफी, वॉयस असिस्टेंस और रोजमर्रा के टास्क को बेहद आसान बना देंगे।भारतीय समय के अनुसार कब और कहां देखें लाइव इवेंट?गूगल ने वैश्विक मीडिया को Gemini Intelligence की ब्रांडिंग के साथ इनविटेशन भेजना शुरू कर दिया है। इस बड़े कीनोट इवेंट की ग्लोबल लाइव स्ट्रीमिंग की जाएगी।भारतीय दर्शकों (Indian Audience) के लिए यह इवेंट 13 अगस्त 2026 को सुबह 3:30 बजे लाइव देखा जा सकेगा। यदि आप भी एआई और प्रीमियम स्मार्टफोन के शौकीन हैं, तो इस तारीख को अपने कैलेंडर में जरूर मार्क कर लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 10:36 pm

Airtel Postpaid Plan Discontinued: एयरटेल ने अचानक बंद किया ₹549 वाला पोस्टपेड प्लान, अब ग्राहकों को मजबूरी में खर्च करने होंगे ज्यादा पैसे; जानें नया पोर्टफोलियो

देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल (Bharti Airtel) के पोस्टपेड ग्राहकों के लिए एक बड़ा झटका देने वाली खबर सामने आ रही है। एयरटेल ने अपने रीटेल पोर्टफोलियो से ₹549 वाला लोकप्रिय इंडिविजुअल पोस्टपेड प्लान (Individual Postpaid Plan) पूरी तरह से डिस्कंटीन्यू (बंद) कर दिया है।कंपनी की तरफ से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा (Official Announcement) नहीं की गई है, लेकिन एयरटेल की आधिकारिक वेबसाइट और 'एयरटेल थैंक्स ऐप' (Airtel Thanks App) से इस प्लान को चुपचाप हटा दिया गया है। कंपनी के इस कदम को सीधे तौर पर एक 'हिडन टैरिफ हाइक' (Tariff Hike) यानी कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे उन मध्यम वर्गीय ग्राहकों का बजट बिगड़ना तय है जिनका काम एंट्री-लेवल प्लान से नहीं चल पाता था।अब ग्राहकों के पास बचे केवल ये 2 मुख्य विकल्प (Airtel New Postpaid Portfolio)₹549 वाले प्लान के बंद होने के बाद, अब एयरटेल के पोस्टपेड पोर्टफोलियो में ग्राहकों के लिए विकल्प काफी सीमित हो गए हैं:₹449 का प्लान (अब एकमात्र इंडिविजुअल एंट्री-लेवल ऑप्शन): जो ग्राहक केवल अपने अकेले के लिए नया एयरटेल पोस्टपेड कनेक्शन लेना चाहते हैं, उनके लिए अब सबसे सस्ता विकल्प ₹449 प्रति महीना (प्लस जीएसटी) का रह गया है।₹699 का प्लान (अगला सीधा विकल्प): जिन ग्राहकों की डेटा जरूरतें ₹449 वाले प्लान से पूरी नहीं हो पाती थीं और वे ₹549 वाला प्लान चुनते थे, उन्हें अब मजबूरी में सीधे ₹699 प्रति महीना (प्लस जीएसटी) वाले प्लान पर शिफ्ट होना पड़ेगा।जानिए अब पोर्टफोलियो में बचे इन दोनों प्लान्स के फायदे (Benefits Comparison)यदि आप एयरटेल का नया पोस्टपेड कनेक्शन लेने की सोच रहे हैं, तो वर्तमान में उपलब्ध दोनों प्लान्स के बेनेफिट्स की तुलना नीचे दी गई तालिका में देख सकते हैं:फीचर्स और बेनिफिट्सएयरटेल ₹449 प्लान (इंडिविजुअल)एयरटेल ₹699 प्लान (फैमिली प्लान)मासिक शुल्क (Rent)₹449/महीना (+ GST)₹699/महीना (+ GST)कनेक्शन / SIM संख्याकेवल 1 (प्राइमरी यूजर)2 SIM (1 प्राइमरी + 1 फ्री ऐड-ऑन)कॉलिंग और SMSअनलिमिटेड (लोकल, STD, रोमिंग) + 100 SMS/दिनअनलिमिटेड (दोनों मेंबर्स के लिए) + 100 SMS/दिनडेटा बेनिफिट्सअनलिमिटेड 4G और 5G डेटाअनलिमिटेड 4G और 5G डेटा (सभी मेंबर्स के लिए)नेटवर्क टेक्नोलॉजी5G स्लाइसिंग के साथ फास्ट लेन एक्सेस5G स्लाइसिंग के साथ फास्ट लेन एक्सेसक्लाउड व डिजिटल ऐप्सGoogle One (100GB) - 6 महीने, Airtel Xstream Play Premium - 3 महीनेGoogle One (100GB) - 6 महीने, Airtel Xstream Play Premium - 3 महीनेक्रिएटिव बेनिफिट्सAdobe Express Premium - 12 महीनेAdobe Express Premium - 12 महीनेअतिरिक्त OTT ऐप्सउपलब्ध नहींAmazon Prime Mobile (6 महीने) + JioHotstar Mobile (1 साल)सुरक्षा और अन्य फीचर्सफ्रॉड लिंक ब्लॉकिंग, स्पैम प्रोटेक्शन, OTP अलर्ट, हेलो ट्यून्स, ब्लू रिबन बैग ट्रैकिंगफ्रॉड लिंक ब्लॉकिंग, स्पैम प्रोटेक्शन, OTP अलर्ट, हेलो ट्यून्स, ब्लू रिबन बैग ट्रैकिंग₹699 वाला फैमिली प्लान क्यों साबित हो सकता है फायदे का सौदा?भले ही ₹549 वाला इंडिविजुअल प्लान बंद होने से सिंगल यूजर्स को झटका लगा हो, लेकिन दो लोगों के इस्तेमाल के लिए ₹699 वाला फैमिली प्लान काफी किफायती बैठता है।प्रति मेंबर खर्च: चूंकि इस प्लान में 2 सिम कार्ड (1 प्राइमरी और 1 ऐड-ऑन) मिलते हैं, इसलिए प्रति व्यक्ति का मासिक खर्च लगभग ₹350 के करीब आता है, जो एंट्री-लेवल इंडिविजुअल प्लान से भी सस्ता है।अतिरिक्त प्राइम सब्सक्रिप्शन: इस प्लान में ₹449 वाले प्लान के मुकाबले अमेजन प्राइम वीडियो (Amazon Prime) और जियोहॉटस्टार (JioHotstar) का बंडल सब्सक्रिप्शन अतिरिक्त मिलता है, जो मनोरंजन के शौकीनों के लिए एक बेहतरीन वैल्यू-फॉर-मनी डील साबित हो सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 10:35 pm

NEET UG 2026 Result : 11.21 लाख अभ्यर्थी सफल, 58% से ज्यादा बेटियां पास, NTA ने जारी किया रिजल्ट

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (स्नातक) यानी NEET UG 2026 का परिणाम घोषित कर दिया है। एजेंसी ने तय समय के भीतर रिजल्ट जारी किया है, ताकि मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश और काउंसलिंग की प्रक्रिया निर्धारित शेड्यूल के ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 10:34 pm

RBI Financial Stability Report 2026: भारतीय बीमा सेक्टर में बड़ा संकट! मैच्योरिटी से ज्यादा लोग बीच में ही सरेंडर कर रहे हैं लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी; जानें चौंकाने वाली वजहें

भारत में लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) को हमेशा से भविष्य की वित्तीय सुरक्षा का सबसे भरोसेमंद और सुरक्षित साधन माना जाता रहा है। लेकिन हाल के दिनों में देश के इंश्योरेंस सेक्टर में एक बेहद हैरान करने वाला और चिंताजनक ट्रेंड सामने आया है। बड़ी संख्या में लोग अपनी बीमा पॉलिसी को उसकी मैच्योरिटी (अवधि पूरी होने) से पहले ही बंद यानी सरेंडर कर रहे हैं।भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ताजा फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट 2026 (FSR 2026) के आंकड़े बताते हैं कि वित्त वर्ष 2025-26 में बीमा कंपनियों ने मैच्योरिटी पर जितना कुल भुगतान किया, उससे कहीं अधिक रकम लोगों ने पॉलिसी को बीच में ही सरेंडर करके और आंशिक निकासी (Withdrawal) के रूप में कंपनियों से वापस निकाल ली। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति ग्राहकों के असंतोष, गलत तरीके से पॉलिसी बेचने (Mis-selling) और अवास्तविक उम्मीदों का सीधा परिणाम है।RBI की रिपोर्ट के चौंकाने वाले आंकड़े (FY 2025-26)केंद्रीय बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा किए गए कुल क्लेम सेटलमेंट और भुगतानों का गणित पूरी तरह बदल गया है:भुगतान का प्रकार (Payout Type)कुल भुगतान में हिस्सेदारी (Share %)पॉलिसी सरेंडर और निकासी (Surrender & Withdrawal)38.3%मैच्योरिटी बेनिफिट (Maturity Benefit)36.9%आरबीआई ने इस ट्रेंड पर गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि लगातार बढ़ती सरेंडर दर (Surrender Rate) इस बात का साफ इशारा है कि या तो ग्राहक अपने इंश्योरेंस प्रॉडक्ट से संतुष्ट नहीं हैं, या उन्हें पॉलिसी बेचते समय सही और पारदर्शी जानकारी नहीं दी गई, अथवा वे बाजार में मौजूद अन्य आकर्षक निवेश विकल्पों (जैसे म्यूचुअल फंड या इक्विटी) की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं।हर दो में से एक ग्राहक 5 साल से पहले तोड़ देता है दम; IRDAI की रिपोर्टबीमा नियामक आईआरडीएआई (IRDAI) के आंकड़े इस संकट की गंभीरता को और बढ़ा देते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में केवल करीब आधी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियां ही अपने 5 साल (60 महीने) का सफर पूरा कर पाती हैं। इसका मतलब है कि देश का हर दूसरा पॉलिसीधारक अपनी पॉलिसी की पांचवीं वर्षगांठ आने से पहले ही या तो प्रीमियम भरना बंद कर देता है या भारी नुकसान उठाकर पॉलिसी सरेंडर कर देता है।वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में देश की प्रमुख निजी बीमा कंपनियों के 61वें महीने के पर्सिस्टेंसी रेशियो (Persistency Ratio - ग्राहकों के टिके रहने की दर) के आंकड़े कुछ इस प्रकार रहे:ICICI Prudential Life: 58.8% (बाजार में सबसे आगे)Bandhan Life: 57.6%Canara HSBC Life: 57.1%Tata AIA Life: 56.7%Kotak Mahindra Life: 55.3%आखिर मैच्योरिटी से पहले क्यों दम तोड़ रही हैं पॉलिसियां? (मुख्य कारण)सुरक्षा के बदले 'रिटर्न' का लालच (Mis-selling): 'इंश्योरेंस समाधान' की सीओओ शिल्पा अरोड़ा के अनुसार, लाइफ इंश्योरेंस को अक्सर सुरक्षा (Protection) के बजाय एक शुद्ध निवेश उत्पाद (Investment Product) की तरह आक्रामक रूप से बेचा जाता है। ग्राहकों को मैच्योरिटी पर मिलने वाले भारी रिटर्न का सपना दिखाया जाता है, जबकि उन्हें यह नहीं समझाया जाता कि यह मूल रूप से लंबी अवधि की वित्तीय सुरक्षा के लिए बनाया गया साधन है।ग्राहकों के भरोसे में भारी कमी: '1 फाइनेंस' की पार्टनर मंजू ढाके का मानना है कि इतनी ऊंची सरेंडर दर सीधे तौर पर ग्राहकों के भरोसे में कमी को दर्शाती है। जब लोग शुरुआती 2-3 वर्षों में ही पॉलिसी छोड़ते हैं, तो साफ है कि उन्हें वह उत्पाद नहीं मिला जिसकी एजेंट द्वारा उम्मीद जगाई गई थी।बदलती आर्थिक प्राथमिकताएं और इमरजेंसी: कोटक लाइफ इंश्योरेंस के चीफ डिस्ट्रीब्यूशन ऑफिसर पीयूष त्रिवेदी के मुताबिक, हर मामले में मिस-सेलिंग ही जिम्मेदार नहीं होती। कई बार जीवन में अचानक आई मेडिकल इमरजेंसी, नौकरी छूटना, बच्चों की उच्च शिक्षा, अचानक नकदी की जरूरत या भारी कर्ज चुकाने जैसी बदलती परिस्थितियों के कारण भी लोग विवश होकर पॉलिसी बंद कर देते हैं।कंपनियों को भी दोहरा झटका: जल्दी पॉलिसी बंद होने से सिर्फ ग्राहकों का ही पैसा नहीं डूबता, बल्कि बीमा कंपनियों को भी भारी वित्तीय नुकसान होता है। नए नियामक नियमों के तहत कंपनियों को एजेंटों और बैंकों को शुरुआती कमीशन ज्यादा देना पड़ता है। ऐसे में अगर ग्राहक कुछ ही वर्षों में पॉलिसी छोड़ देता है, तो कंपनियों की ऑपरेशनल लागत (Cost) बहुत ज्यादा बढ़ जाती है।नई पॉलिसी खरीदने से पहले इन 4 बातों का रखें विशेष ध्यानयदि आप भी अपने या परिवार के लिए नई लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी लेने का विचार कर रहे हैं, तो विशेषज्ञों द्वारा सुझाई गई इन बातों को गांठ बांध लें:उद्देश्य साफ रखें: सबसे पहले यह समझें कि इंश्योरेंस निवेश नहीं, बल्कि जोखिम से सुरक्षा का माध्यम है। निवेश के लिए म्यूचुअल फंड या पीपीएफ (PPF) जैसे विकल्प बेहतर हैं।पर्सिस्टेंसी रेशियो जरूर जांचें: पॉलिसी लेने से पहले उस कंपनी का पर्सिस्टेंसी रेशियो जरूर देखें। यह रेशियो जितना अधिक होगा, इसका मतलब है कि उस कंपनी के ग्राहक उतने ही लंबे समय तक जुड़े रहते हैं और संतुष्ट हैं।नियम और शर्तें पढ़ें: प्रीमियम भरने की कुल अवधि, लॉक-इन पीरियड और बीच में पॉलिसी छोड़ने पर मिलने वाली 'सरेंडर वैल्यू' के नियमों को एजेंट के भरोसे छोड़ने के बजाय खुद दस्तावेज में अच्छी तरह पढ़ें।अवास्तविक रिटर्न से बचें: यदि कोई एजेंट आपको 3 से 4 साल में पैसा दोगुना करने या गारंटीड असाधारण रिटर्न का दावा करता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।बीमा उद्योग के जानकारों का मानना है कि अब समय आ गया है जब इंश्योरेंस कंपनियों को सिर्फ नए टारगेट और पॉलिसियां बेचने के पीछे भागने के बजाय, ग्राहकों को उनकी वास्तविक जरूरत के हिसाब से सही सलाह देने और पूरी पारदर्शिता बरतने पर ध्यान केंद्रित करना होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 10:33 pm

8th Pay Commission HRA Calculation: 8वें वेतन आयोग में केंद्रीय कर्मचारियों की लगेगी लॉटरी! 2.0 फिटमेंट फैक्टर लागू हुआ तो ₹17,520 तक पहुंचेगा HRA; जानें पूरा गणित

केंद्र सरकार के 50 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और 69 लाख से अधिक पेंशनर्स के लिए आने वाला समय बड़ी आर्थिक सौगात लेकर आ सकता है। आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन के बाद से ही सरकारी गलियारों में सैलरी (Salary) और भत्तों में होने वाले इजाफे को लेकर चर्चाएं बेहद तेज हैं।इस बीच, सबसे ज्यादा उत्सुकता हाउस रेंट अलाउंस (HRA - मकान किराया भत्ता) को लेकर देखी जा रही है। ताजा वित्तीय अनुमानों और रिपोर्ट्स के मुताबिक, यदि सरकार नए वेतन आयोग में 2.0 का फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) लागू करने के फॉर्मूले को हरी झंडी दे देती है, तो पे-मैट्रिक्स के लेवल-1 से लेकर लेवल-5 तक के कर्मचारियों के HRA में बंपर उछाल देखने को मिल सकता है। अलग-अलग शहरों के आधार पर यह भत्ता अधिकतम ₹10,800 से लेकर ₹17,520 प्रति माह तक पहुंच सकता है।आखिर कैसे तय होता है केंद्रीय कर्मचारियों का HRA?हाउस रेंट अलाउंस (HRA) केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी (मूल वेतन) का वह महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जो उन्हें किराए के मकान का खर्च उठाने के लिए सरकार द्वारा दिया जाता है। इसका एक बड़ा फायदा यह भी है कि किराए के घर में रहने वाले कर्मचारी इनकम टैक्स एक्ट के नियमों के तहत इस भत्ते पर टैक्स छूट (Tax Exemption) का दावा भी कर सकते हैं।सरकार ने देश के सभी शहरों को वहां की जनसंख्या (Population) के आधार पर तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया है, जिसके आधार पर HRA की दरें तय होती हैं:X श्रेणी (Metros): दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु जैसे 50 लाख से अधिक की आबादी वाले बड़े महानगर।Y श्रेणी (Tier-2 Cities): 5 लाख से लेकर 50 लाख तक की आबादी वाले बड़े और विकसित शहर।Z श्रेणी (Tier-3/Rural): 5 लाख से कम आबादी वाले छोटे शहर, कस्बे या ग्रामीण इलाके।लेवल 1 से 5 के कर्मचारियों को कितना मिलेगा HRA? (संभावित कैलकुलेशन)यदि आगामी 8वें वेतन आयोग में 2.0 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो निचले और मध्यम स्तर (लेवल 1 से 5) के कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी। संभावित सरकारी आंकड़ों के अनुसार, शहरों की श्रेणी के मुताबिक मिलने वाला मासिक HRA इस प्रकार हो सकता है:पे-मैट्रिक्स लेवल (Pay Level)X श्रेणी के महानगर (अधिकतम)Y श्रेणी के शहर (मध्यम)Z श्रेणी के छोटे शहर (न्यूनतम)लेवल-1 (शुरुआती स्तर)₹10,800 / महीना₹7,200 / महीना₹3,600 / महीनालेवल-5 (मध्यम स्तर)₹17,520 / महीना₹11,680 / महीना₹5,840 / महीनानोट: यह इजाफा फिटमेंट फैक्टर 2.0 के आधार पर अनुमानित है, जो कर्मचारियों के मासिक बजट को बड़ी राहत देगा।कर्मचारी संगठनों की क्या हैं सरकार से बड़ी मांगें?देश के विभिन्न शहरों में लगातार बढ़ती कमरतोड़ महंगाई को देखते हुए केंद्रीय कर्मचारी संगठन सरकार पर अपनी मांगों को लेकर लगातार दबाव बना रहे हैं। ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लाइज फेडरेशन (AINPSEF) ने सरकार को सौंपे अपने सुझावों में कहा है कि वर्तमान में मिलने वाले भत्ते बढ़ती महंगाई के सामने नाकाफी हैं।संगठन की मुख्य मांगें:HRA की प्रतिशत दर में वृद्धि: संगठन की सीधी मांग है कि HRA की दरों को संशोधित कर X श्रेणी के शहरों में 36 प्रतिशत, Y श्रेणी में 24 प्रतिशत और Z श्रेणी में 12 प्रतिशत कर दिया जाए।महंगाई भत्ते (DA) से जुड़ाव: संगठनों की यह भी मजबूत दलील है कि जैसे ही सरकार द्वारा महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी की जाए, ठीक उसी अनुपात और समय पर HRA भी अपने आप (Automatically) रिवाइज हो जाना चाहिए, ताकि कर्मचारियों की जेब पर महंगाई का कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े।कब तक धरातल पर लागू होंगी 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें?आपको बता दें कि 8वें वेतन आयोग ने अपनी आधिकारिक कार्यप्रणाली और समीक्षा का काम 3 नवंबर 2025 से शुरू कर दिया है। हालांकि, पिछले वेतन आयोगों के इतिहास और काम करने के जटिल तरीके को देखें तो सभी विभागों से डेटा जुटाने और अंतिम मसौदा (Draft Report) तैयार करने में काफी लंबा वक्त लगता है।आर्थिक और बाजार के जानकारों का मानना है कि आठवां वेतन आयोग अपनी अंतिम और विस्तृत रिपोर्ट फरवरी से अप्रैल 2027 के बीच केंद्र सरकार को सौंप सकता है। इसके बाद इस रिपोर्ट को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद ही नई बढ़ी हुई दरें और एरियर कर्मचारियों के खातों में आना शुरू होंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 10:32 pm

Bihar Tax and Circle Rate Hike 2026: बिहार में जमीन रजिस्ट्री से लेकर गाड़ी खरीदना और स्टेट हाईवे पर चलना हुआ महंगा; सरकार के इन 5 फैसलों से आम आदमी की जेब पर बढ़ा भारी बोझ

बिहार में रहने वाले आम नागरिकों, नौकरीपेशा परिवारों और छोटे व्यापारियों के लिए बीता एक महीना भारी-भरकम आर्थिक बदलावों वाला रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) की अगुवाई में बिहार कैबिनेट ने एक के बाद एक ऐसे कई बड़े और कड़े फैसले लिए हैं, जिनका सीधा असर राज्य की जनता की जेब और उनके मासिक बजट पर पड़ने जा रहा है।सरकार ने जमीन के सर्किल रेट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी करने से लेकर होल्डिंग टैक्स, मोटर वाहन टैक्स, स्टेट हाईवे टोल और यहाँ तक कि ग्रामीण इलाकों के लिए 'पंचायत टैक्स' को भी मंजूरी दे दी है। इसका मतलब साफ है कि यदि आप बिहार में जमीन खरीदने की सोच रहे हैं, नया वाहन (बाइक या ऑटो) लेने वाले हैं, पटना में अपना मकान रखते हैं या गांवों में रहते हैं—तो सरकार का कोई न कोई नया नियम आपको आर्थिक रूप से प्रभावित जरूर करेगा। आइए इन 5 बड़े फैसलों को विस्तार से समझते हैं:1. जमीन खरीदना हुआ दोगुना महंगा, सर्किल रेट (MVR) में भारी उछालबिहार सरकार ने मिनिमम वैल्यू रजिस्टर (MVR) यानी जमीन के सरकारी सर्किल रेट में बड़ा संशोधन लागू कर दिया है। चूंकि किसी भी जमीन की रजिस्ट्री की फीस और स्टांप ड्यूटी उसके सर्किल रेट के आधार पर ही तय होती है, इसलिए इस फैसले से जमीन खरीदना अब बहुत महंगा हो गया है:शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ोतरी: नई व्यवस्था के तहत शहरी इलाकों में जमीन की न्यूनतम सरकारी कीमतों में सीधे 100 प्रतिशत (दोगुनी) तक की बढ़ोतरी कर दी गई है। वहीं, ग्रामीण और पेरिफेरल (शहर से सटे) क्षेत्रों में सर्किल रेट को 1.6 गुना तक बढ़ा दिया गया है।इन शहरों पर सबसे ज्यादा असर: पटना और रक्सौल जैसे प्रमुख शहरों के कई प्राइम लोकेशंस पर जमीन की सरकारी कीमतें रातों-रात दोगुनी हो चुकी हैं, जिससे आम आदमी के लिए घर बनाने का सपना और महंगा हो गया है।2. पटना में 30 साल बाद बढ़ा होल्डिंग टैक्स (Holding Tax)राजधानी पटना के मकान मालिकों पर भी सरकार ने अतिरिक्त टैक्स का बोझ डाल दिया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने होल्डिंग टैक्स की गणना के लिए उत्तरदायी वार्षिक किराया मूल्य (Annual Rental Value - ARV) में करीब 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी को हरी झंडी दे दी है।1995 के बाद पहला बड़ा बदलाव: पटना में होल्डिंग टैक्स के ढांचे में वर्ष 1995 के बाद यानी पूरे 30 साल बाद इतना बड़ा संशोधन किया गया है।दायरा: मुख्य सड़क, प्रधान मुख्य सड़क और अन्य लिंक रोड पर स्थित सभी आवासीय (Residential), व्यावसायिक (Commercial) और अन्य संपत्तियां इसके दायरे में आएंगी। टैक्स का यह नियम पक्के मकानों के साथ-साथ एस्बेस्टस और कच्चे मकानों पर भी प्रभावी होगा।3. बिहार के स्टेट हाईवे (SH) और बड़े पुलों पर भी देना होगा टोल टैक्सअब तक बिहार के लोगों को मुख्य रूप से केवल नेशनल हाईवे (NH) पर ही टोल टैक्स देना पड़ता था, लेकिन अब राज्य सरकार अपनी सड़कों से भी राजस्व वसूलने की तैयारी में है। कैबिनेट ने ‘पथ उपयोगकर्ता शुल्क (दरों का निर्धारण एवं संग्रहण) नियमावली-2026’ को मंजूरी दे दी है।इसके तहत बिहार के स्टेट हाईवे, बड़े पुलों और नए बायपास पर सफर करने के लिए वाहन श्रेणी के अनुसार प्रति किलोमीटर की दर से नीचे दिए गए चार्ट के मुताबिक टोल देना होगा:वाहन की श्रेणी (Vehicle Type)प्रस्तावित टोल दर (प्रति किलोमीटर)कार, जीप और हल्के वाहन₹1.25 / किमीछोटे कमर्शियल वाहन (Mini Trucks)₹2.00 / किमीबस और दो एक्सल वाले ट्रक₹4.25 / किमीभारी व्यावसायिक वाहन (Heavy Trucks)₹6.65 / किमीसात एक्सल वाले विशाल वाहन₹8.10 / किमीनोट: फिलहाल इस नियमावली को केवल कैबिनेट की मंजूरी मिली है और इसे धरातल पर लागू किया जाना बाकी है। लागू होने के बाद माल ढुलाई (Freight) महंगी होगी, जिससे रोजमर्रा की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं।4. नई बाइक, स्कूटर और ऑटो रिक्शा खरीदना भी हुआ महंगायदि आप अपने लिए नई मोटरसाइकिल या ऑटो खरीदने की सोच रहे हैं, तो इसके लिए भी आपको पहले से अधिक पैसे चुकाने होंगे। सरकार ने मोटर वाहन कर (Motor Vehicle Tax) में निम्नलिखित संशोधन किए हैं:दोपहिया वाहन: नया बाइक या स्कूटर खरीदने पर अब 1 प्रतिशत अतिरिक्त मोटर वाहन टैक्स देना होगा, जिससे गाड़ियों की ऑन-रोड कीमत बढ़ जाएगी।तिपहिया वाहन: ऑटो रिक्शा या अन्य तीनपहिया व्यावसायिक वाहन खरीदने वालों पर सीधा ₹1,000 का अतिरिक्त टैक्स फिक्स कर दिया गया है।सरकार का तर्क: इस अतिरिक्त टैक्स से मिलने वाले राजस्व का इस्तेमाल राज्य के सड़क बुनियादी ढांचे (Road Infrastructure) को दुरुस्त करने और विकास कार्यों में किया जाएगा।5. अब गांवों में भी लगेगा 'पंचायत टैक्स'; हर घर से होगी वसूलीबिहार सरकार ने ग्रामीण विकास के ढांचे को बदलने के लिए 'ग्राम पंचायत कर, दर और शुल्क नियमावली-2026' को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अब ग्राम पंचायतों को अपने स्तर पर ₹50 से लेकर ₹5,000 तक के विभिन्न टैक्स और यूजर चार्ज वसूलने की कानूनी शक्ति मिल गई है।किस पर कितना लगेगा सालाना टैक्स:पक्के मकान पर: ₹100 वार्षिक टैक्स।अर्ध-पक्के मकान पर: ₹50 वार्षिक टैक्स।प्रधानमंत्री आवास योजना के घर: ₹25 वार्षिक टैक्स।सफाई और जलापूर्ति शुल्क: हर घर से ₹30 सफाई शुल्क और ₹30 जलापूर्ति (Water Supply) शुल्क मासिक/वार्षिक आधार पर तय किया गया है।कमर्शियल यूनिट्स पर भी शिकंजा:गांवों में स्थित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों जैसे पेट्रोल पंप, रसोई गैस एजेंसी (LPG Agency), ईंट भट्ठा (Brick Kiln) और सिनेमा हॉल पर प्रतिवर्ष ₹5,000 तक का भारी व्यावसायिक शुल्क लगाया जाएगा। इसके अलावा, पंचायत क्षेत्रों में लगने वाले होर्डिंग्स और विज्ञापनों पर भी पंचायतें टैक्स वसूल सकेंगी।आखिर क्यों टैक्स बढ़ा रही है बिहार सरकार?इन सभी ताबड़तोड़ फैसलों पर सरकार का कहना है कि राज्य के विकास की गति को तेज करने के लिए राजस्व (Revenue) बढ़ाना बेहद अनिवार्य हो गया है। पंचायत टैक्स जैसे नियमों से स्थानीय ग्रामीण निकाय (Local Bodies) आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगे और उन्हें छोटी-छोटी विकास योजनाओं के लिए सीधे राज्य या केंद्र सरकार के फंड पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।हालांकि, ग्राउंड रियलिटी और आम आदमी के नजरिए से देखें तो पिछले एक महीने के भीतर बैक-टू-बैक लिए गए इन फैसलों ने आम जनता, मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों के घरेलू बजट को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 10:31 pm

Metros Rental Market Shocking Report: महानगरों में घर किराए पर लेना हुआ आफत, मकान मालिकों के पास फंसे किरायेदारों के ₹1.26 लाख करोड़; बेंगलुरु-मुंबई में हालात सबसे खराब

देश के बड़े और प्रमुख महानगरों में रहने वाले नौकरीपेशा लोगों और छात्रों के लिए किराए पर मकान ढूंढना अब जेब पर भारी पड़ने लगा है। शहरों में न केवल मासिक किराया (Monthly Rent) आसमान छू रहा है, बल्कि मकान मालिकों द्वारा मांगा जाने वाला भारी-भरकम सिक्योरिटी डिपॉजिट (Security Deposit) भी किरायेदारों के बजट को पूरी तरह बिगाड़ रहा है।प्रॉपटेक यूनिकॉर्न कंपनी नोब्रोकर (NoBroker) की एक ताजा और बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 6 सबसे बड़े महानगरों—मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR), बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर, चेन्नई, हैदराबाद और पुणे में रहने वाले किरायेदारों की कुल ₹1.26 लाख करोड़ की विशाल राशि मकान मालिकों के पास सिर्फ सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में फंसी हुई है। यह भारी-भरकम रकम शहरी भारत के हाउसिंग मार्केट में आ रहे बड़े संकट की ओर इशारा करती है।बेंगलुरु और मुंबई में डिपॉजिट का सबसे तगड़ा झटकानोब्रोकर की रिपोर्ट के अनुसार, सिक्योरिटी डिपॉजिट के मामले में देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और आईटी हब बेंगलुरु सबसे आगे हैं। इन शहरों में घर किराए पर लेने के लिए किरायेदारों को अपनी जमा-पूंजी का एक बड़ा हिस्सा एडवांस के तौर पर देना पड़ रहा है:महानगर / शहर (Metros)मकान मालिकों के पास फंसा कुल सिक्योरिटी डिपॉजिटमुंबई महानगर क्षेत्र (MMR)₹41,156 करोड़बेंगलुरु (Bengaluru)₹31,628 करोड़पसंदीदा घर चुनने में किराया नहीं, डिपॉजिट बन रहा सबसे बड़ी बाधाबेंगलुरु शहर में हालात इस कदर चुनौतीपूर्ण हो चुके हैं कि वहां के 75% किरायेदारों ने यह स्वीकार किया कि अत्यधिक सिक्योरिटी डिपॉजिट मांगे जाने के कारण वे कई बार अपनी पसंद का घर चाहकर भी किराए पर नहीं ले पाए। यानी अब मिडिल क्लास परिवारों के लिए घर का चुनाव करते समय मासिक किराया उतना बड़ा मुद्दा नहीं रहा, जितना कि शुरुआत में एकमुश्त जमा की जाने वाली एडवांस रकम बन गई है।दूसरी तरफ, देश की राजधानी दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में किरायेदारों के लिए स्थिति थोड़ी राहत जनक रही। यहां 58% किरायेदारों को उनकी लीज अवधि (Lease Period) खत्म होने के बाद पूरा डिपॉजिट सुरक्षित वापस मिल गया। हालांकि, करीब 30% लोगों के डिपॉजिट से मेंटेनेंस या टूट-फूट के नाम पर कुछ राशि काटी गई, जबकि 12% किरायेदारों को मकान मालिकों के साथ डिपॉजिट वापसी को लेकर गंभीर कानूनी व आपसी विवादों का सामना करना पड़ा।कमाई का 30 से 50 फीसदी हिस्सा सिर्फ किराए में हो रहा स्वाहाशहरी भारत में रहने वाले अधिकांश परिवारों के मासिक बजट का सबसे बड़ा हिस्सा अब सिर्फ मकान किराया चुकाने में खर्च हो रहा है। रिपोर्ट के आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं:आय का 30% हिस्सा: मेट्रो शहरों में रहने वाले लगभग आधे (50%) किरायेदार अपनी कुल मासिक इनकम का 30% से अधिक हिस्सा सिर्फ किराए के रूप में दे रहे हैं।मुंबई के बदतर हालात: मुंबई में महंगाई और किराए का स्तर सबसे डरावना है। यहां 25% किरायेदार अपनी कुल सैलरी का 50% से ज्यादा हिस्सा सीधे मकान मालिक की जेब में डाल रहे हैं। वहीं, 15% लोग अपनी आय का 41% से 50% तक हिस्सा किराए में गंवा रहे हैं। आसान शब्दों में कहें तो मुंबई में हर 10 में से लगभग 4 किरायेदार अपनी कमाई का 40% से अधिक हिस्सा सिर्फ रहने पर खर्च करने को मजबूर हैं।'फोर्स्ड टेनेंसी' (Forced Tenancy): होम लोन की ईएमआई से सस्ता है किराया!रिपोर्ट में एक बेहद दिलचस्प ट्रेंड सामने आया है कि आज के समय में बड़े शहरों में अपना खुद का घर खरीदना पहले से कहीं ज्यादा नामुमकिन हो गया है। लगभग सभी टियर-1 शहरों में यदि कोई व्यक्ति 30 साल की अवधि के लिए होम लोन (Home Loan) लेता है, तो उसकी मासिक ईएमआई (EMI) उसी घर के वर्तमान मासिक किराए से काफी ज्यादा बैठती है।रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि प्रॉपर्टी की तेजी से बढ़ती कीमतों और महंगे होम लोन की ब्याज दरों के कारण शहरी भारत में फोर्स्ड टेनेंसी (मजबूरी में किराए पर रहना) की प्रवृत्ति बहुत तेजी से बढ़ रही है। लोग चाहकर भी भारी ईएमआई के डर से अपना आशियाना नहीं खरीद पा रहे हैं और ताउम्र किराएदार बने रहने को मजबूर हैं।छोटे फ्लैट और स्टूडियो अपार्टमेंट्स दे रहे हैं सबसे तगड़ा रिटर्न (Investors Guide)यदि आप रियल एस्टेट में निवेश (Investment) करने की सोच रहे हैं, तो बड़े फ्लैटों की तुलना में छोटे फ्लैट मकान मालिकों के लिए ज्यादा मुनाफे का सौदा साबित हो रहे हैं:1BHK और स्टूडियो अपार्टमेंट का जलवा: नोब्रोकर की रिपोर्ट के अनुसार, निवेश के लिहाज से 1BHK और कॉम्पैक्ट स्टूडियो अपार्टमेंट्स सबसे बेहतरीन विकल्प बनकर उभरे हैं, क्योंकि इनसे मिलने वाली रेंटल यील्ड (Rental Yield) बड़े फ्लैटों के मुकाबले काफी ज्यादा है।बेंगलुरु-हैदराबाद नंबर 1: देश के प्रमुख शहरों में सबसे ज्यादा रेंटल यील्ड बेंगलुरु में 4.8% और हैदराबाद में 4.6% दर्ज की गई है। इसके विपरीत, 4BHK जैसे बड़े और आलीशान फ्लैटों में सालाना रेंटल यील्ड सिमटकर 3% से भी कम रह जाती है।बढ़ते किराए, सुरक्षा जमा की ऊंची दरों और महंगी संपत्तियों के कारण शहरी भारत का रियल एस्टेट मार्केट एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में किरायेदारों और निवेशकों, दोनों के लिए कोई भी नया एग्रीमेंट करने से पहले गहन रिसर्च करना बेहद जरूरी हो गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 10:27 pm

Railway HBA Interest Rate Cut: रेलवे कर्मचारियों को बड़ी सौगात, घर बनाने के लिए 7.1% की बेहद सस्ती दर पर मिलेगा एडवांस; जानिए किसे मिलेगा फायदा

रेलवे में नौकरी करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी आर्थिक राहत देने वाली खबर सामने आई है। रेलवे बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ‘हाउस बिल्डिंग एडवांस’ (House Building Advance - HBA) की नई ब्याज दरों की आधिकारिक घोषणा कर दी है।हाल ही में जारी किए गए नए सरकारी आदेश के तहत रेलवे कर्मियों को अब अपना आशियाना बनाने के लिए महज 7.1 प्रतिशत की सालाना ब्याज दर पर एडवांस पैसा मिल जाएगा। बाजार में मौजूद अन्य कमर्शियल बैंकों के होम लोन की तुलना में यह दर बेहद कम है, जिससे सीधे तौर पर कर्मचारियों की हर महीने जाने वाली ईएमआई (EMI) का बोझ काफी घट जाएगा।1 अप्रैल 2026 से लागू हुईं नई दरें; पिछली बार से इतनी आई कमीरेलवे बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन के मुताबिक, यह नई ब्याज दर 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी और 31 मार्च 2027 तक मंजूर होने वाले सभी HBA लोन पर लागू रहेगी।ब्याज दरों में कटौती: इससे पिछले वित्तीय वर्ष (FY 2025-26) में हाउस बिल्डिंग एडवांस पर ब्याज दर 7.44% वार्षिक थी, जिसमें अब 0.34% की बड़ी कटौती कर इसे 7.1% कर दिया गया है।मंत्रालय का आदेश: दरअसल, केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) ने 13 मई 2026 को इस संबंध में एक ऑफिस मेमोरेंडम जारी किया था। रेलवे बोर्ड ने उसी सरकारी गाइडलाइन को अपनाते हुए इसे अपने रेल कर्मचारियों के लिए भी तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया है।आखिर क्या है ‘हाउस बिल्डिंग एडवांस’ (HBA) योजना?सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के लिए 'हाउस बिल्डिंग एडवांस' (HBA) केंद्र सरकार और रेलवे द्वारा दी जाने वाली एक विशेष कल्याणकारी वित्तीय सुविधा है।आज के दौर में जहां प्राइवेट और सरकारी बैंक होम लोन (Home Loan) पर 8.5% से लेकर 9.5% तक का भारी-भरकम ब्याज वसूल रहे हैं, वहीं सरकार अपने स्टाफ को बाजार से कहीं ज्यादा रियायती और सस्ती दर पर यह एडवांस उपलब्ध कराती है। इसका मुख्य उद्देश्य यही है कि रेल कर्मचारी बिना किसी बड़े मानसिक और आर्थिक तनाव के पूरी सुरक्षा के साथ अपने और अपने परिवार के लिए एक पक्के मकान का सपना पूरा कर सकें।इन 4 प्रमुख कामों के लिए निकाल सकते हैं एडवांस का पैसारेलवे कर्मचारी अपनी आवश्यकता के अनुसार इस एडवांस राशि का उपयोग केवल एक जगह नहीं, बल्कि कई अलग-अलग विकल्पों के लिए कर सकते हैं:प्लॉट और कंस्ट्रक्शन: यदि आप कोई खाली प्लॉट (जमीन) खरीदकर उस पर अपनी मर्जी से नया मकान बनवाना चाहते हैं।रेडी-टू-मूव फ्लैट: किसी प्राइवेट बिल्डर या डेवलपर से सीधे तैयार फ्लैट या घर खरीदने के लिए।सरकारी योजनाएं: केंद्र सरकार, राज्य सरकार या किसी भी रजिस्टर्ड कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी की आवासीय योजनाओं में घर आवंटित होने पर।मकान का विस्तार (Extension): यदि आपके पास पहले से ही अपना एक मकान है और परिवार बड़ा होने पर आप उसमें नए कमरे, एक और मंजिल या घर का कोई अन्य हिस्सा जुड़वाना (Extending Space) चाहते हैं।बाकी नियमों और पात्रता में क्या हुआ बदलाव?रेलवे बोर्ड ने अपने इस नए सर्कुलर में स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि बदलाव केवल और केवल सालाना ब्याज दर (7.1%) में किया गया है। इसके अलावा योजना से जुड़े अन्य किसी भी पुराने नियम, कानून या शर्तों से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है।शर्तें यथावत: लोन के लिए जरूरी न्यूनतम सर्विस पीरियड (नौकरी का समय), रीपेमेंट की अवधि (पैसा चुकाने का समय) और पात्रता की सभी शर्तें पहले की तरह ही लागू रहेंगी।कितना मिलेगा लोन: किसी भी रेल कर्मचारी को अधिकतम कितना एडवांस पैसा स्वीकृत किया जाएगा, यह पूरी तरह से उसकी वर्तमान बेसिक सैलरी, उसके सर्विस रिकॉर्ड और खरीदी या बनाई जा रही प्रॉपर्टी की कुल वैल्यू के आधार पर तय किया जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 10:25 pm

Global Energy Market Crisis: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच हूती विद्रोहियों की बड़ी चेतावनी, लाल सागर का तेल रूट बंद करने की तैयारी; वैश्विक तेल बाजार में मचेगा हड़कंप

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता हुआ भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) अब दुनिया भर की अर्थव्यवस्था और तेल सप्लाई के लिए एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है। समाचार एजेंसी 'रॉयटर्स' की एक बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने यमन के हूती विद्रोहियों (Houthi Rebels) को एक बेहद आक्रामक और गुप्त संदेश भेजा है।ईरान ने कहा है कि यदि अमेरिका ने उसके बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर (Power Infrastructure) या तेल ठिकानों पर किसी भी तरह का सैन्य हमला किया, तो हूती विद्रोही अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले लाल सागर (Red Sea) के समुद्री रास्ते को पूरी तरह से ब्लॉक करने के लिए तैयार रहें। यदि ऐसा होता है, तो इतिहास में पहली बार दुनिया के दो सबसे बड़े तेल रूट एक साथ बंद हो जाएंगे, जिससे वैश्विक स्तर पर ऊर्जा का बहुत बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।तेहरान में बनी खुफिया रणनीति, बाब-अल-मंदेब पर मिसाइलें तैनातरॉयटर्स ने ईरान और मध्य-पूर्व (Middle East) के तीन उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से बताया है कि इस खतरनाक योजना पर तेहरान में एक उच्च स्तरीय बैठक में चर्चा हो चुकी है और इसका अंतिम संदेश हूती नेतृत्व तक सुरक्षित पहुंचा दिया गया है।अंतिम आदेश का इंतजार: इस संदेश के मिलते ही हूती विद्रोहियों ने बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य (Bab-al-Mandeb Strait) के पास अपने सबसे आधुनिक ड्रोन और घातक एंटी-शिप मिसाइलें तैनात कर दी हैं। यह वही संकरा समुद्री रास्ता है जो लाल सागर को अरब सागर और स्वेज नहर से जोड़ता है। विद्रोही अब केवल ईरान के अंतिम सिग्नल का इंतजार कर रहे हैं।सन्नाटे में अधिकारी: हालांकि, इस संवेदनशील रिपोर्ट के सामने आने के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय और हूती प्रवक्ताओं ने अभी तक कोई भी आधिकारिक (Official) प्रतिक्रिया देने से साफ इनकार कर दिया है।दो सबसे बड़े लाइफलाइन रूट एक साथ होंगे ठप (The Supply Chain Threat)अगर लाल सागर में हूती विद्रोही जहाजों को निशाना बनाते हैं या रास्ता रोकते हैं, तो दुनिया के दो सबसे प्रमुख मैरीटाइम चेकपॉइंट्स (Maritime Checkpoints) एक साथ ब्लॉक हो जाएंगे:समुद्री रास्ता (Strait)इसका महत्व और प्रभावहोर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)यह पहले से ही ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव का मुख्य केंद्र बना हुआ है। दुनिया का 20% से अधिक कच्चा तेल (Crude Oil) इसी संकरे रास्ते से गुजरता है।बाब-अल-मंदेब (Red Sea Route)यह यूरोप, एशिया और अमेरिका को जोड़ने वाला सबसे छोटा समुद्री व्यापार मार्ग है। इसके बंद होने से जहाजों को अफ्रीका का चक्कर लगाकर जाना होगा, जिससे किराया और समय दोगुना हो जाएगा।यमन में मौजूद IRGC के प्रतिनिधि लेंगे अंतिम फैसलारिपोर्ट के अनुसार, बाब-अल-मंदेब को किस दिन और किस समय पूरी तरह बंद करना है, इसका रिमोट कंट्रोल यमन में मौजूद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडरों और प्रतिनिधियों के हाथ में होगा।इसी बीच, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब (Saudi Arabia) पर भी ताबड़तोड़ मिसाइल हमले शुरू कर दिए हैं। हूतियों का आरोप है कि सऊदी सेना ने उनके नियंत्रण वाले एयरपोर्ट पर बमबारी की है। इस ताजा गोलाबारी के कारण दोनों पक्षों के बीच पिछले चार साल से चला आ रहा शांतिपूर्ण युद्धविराम (Ceasefire) भी पूरी तरह टूट गया है, जिसने मिडिल ईस्ट को एक भीषण युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।अमेरिका पर आर्थिक दबाव बनाने की नीति; भारत समेत दुनिया पर क्या होगा असर?अंतरराष्ट्रीय मामलों के एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान इस आत्मघाती रणनीति के जरिए सीधे तौर पर अमेरिका और उसके मित्र देशों पर चौतरफा आर्थिक दबाव (Economic Pressure) बनाना चाहता है।सऊदी अरब का तेल ब्लॉक होगा: सऊदी अरब अपने कच्चे तेल के एक्सपोर्ट का एक बहुत बड़ा हिस्सा रेड सी में स्थित यानबू बंदरगाह (Yanbu Port) के जरिए करता है। इस रास्ते में बाधा आने का मतलब है कि कच्चे तेल की कीमतें रातों-रात $100 प्रति बैरल के पार जा सकती हैं, जिससे भारत सहित दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी।अमेरिका का पुराना आरोप: अमेरिका हमेशा से यह दावा करता रहा है कि ईरान हूतियों को घातक हथियार, भारी-भरकम फंड और मिलिट्री ट्रेनिंग प्रदान करता है। हालांकि, तेहरान इन आरोपों को सिरे से खारिज करता रहा है। आने वाले दिन दुनिया के समुद्री व्यापार और ग्लोबल एनर्जी मार्केट के लिए बेहद संवेदनशील होने वाले हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 10:23 pm

Netflix Reality Show Lock Upp 2: पति राम कपूर के प्लेबॉय इमेज वाले खुलासे पर पत्नी गौतमी कपूर का आया बड़ा रिएक्शन, शो में वाइल्ड कार्ड एंट्री को लेकर कही यह बात

नेटफ्लिक्स (Netflix) पर प्रसारित हो रहा रियलिटी शो ‘लॉकअप सीजन 2’ (Lock Upp Season 2) इन दिनों ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जबरदस्त तहलका मचा रहा है। 27 जून से शुरू हुए इस शो को फराह खान और रितेश देशमुख होस्ट कर रहे हैं। शो में शामिल कई नामी हस्तियों में से सबसे ज्यादा सुर्खियां टीवी के दिग्गज अभिनेता राम कपूर (Ram Kapoor) बटोर रहे हैं।शो के भीतर राम कपूर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर लगातार कई हैरान करने वाले खुलासे कर रहे हैं। इसी बीच, उनकी पत्नी और मशहूर एक्ट्रेस गौतमी कपूर (Gautami Kapoor) ने राम कपूर के बयानों और शो में अपनी वाइल्ड कार्ड एंट्री की खबरों पर पहली बार खुलकर बात की है।क्या 'लॉकअप 2' में एंट्री करेंगी गौतमी कपूर? (वाइल्ड कार्ड पर बड़ा बयान)हाल ही में मुंबई में एक रेस्टोरेंट के बाहर पैपराजी (Paparazzi) ने गौतमी कपूर को स्पॉट किया। जब मीडिया ने उनसे पूछा कि क्या वे शो में राम कपूर को जॉइन करेंगी या वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट के तौर पर एंट्री लेंगी, तो उन्होंने हंसते हुए कहा:नहीं, नहीं... वाइल्ड कार्ड एंट्री बिल्कुल नहीं! अगर मैं भी शो के अंदर चली जाऊंगी, तो बाहर मेरे बच्चों की देखभाल कौन करेगा? वैसे मैं राम को पूरा सपोर्ट कर रही हूं। वह शो के अंदर बहुत मजे कर रहे हैं और उन्हें इस अंदाज में देखना बेहद मजेदार है।जब पैपराजी ने उनसे दोबारा पूछा कि क्या वे भविष्य में कभी इस शो का हिस्सा बनेंगी, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए सारा फैसला पति पर छोड़ते हुए कहा— राम की मर्जी।राम कपूर का चौंकाने वाला खुलासा: 'शादी से पहले प्लेबॉय था मैं'दरअसल, ‘लॉकअप 2’ के हालिया एपिसोड में राम कपूर ने अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर एक बड़ा कबूलनामा किया था, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। शो की को-कंटेस्टेंट श्रेया कालरा ने जब राम कपूर से उनकी पुरानी लव-लाइफ और अफेयर्स को लेकर सवाल पूछा, तो राम ने बेहद बेबाकी से जवाब दिया:प्लेबॉय इमेज: राम कपूर ने स्वीकार किया कि गौतमी से शादी करने से पहले इंडस्ट्री और समाज में उनकी छवि एक 'प्लेबॉय' (Playboy) की तरह थी।एकता कपूर की वो चेतावनी: राम ने आगे बताया कि जब उन्होंने और गौतमी ने साल 2003 में शादी करने का फैसला किया, तो उनकी इस इमेज की वजह से करीबी लोग काफी चिंतित थे। यहां तक कि मशहूर प्रोड्यूसर एकता कपूर (Ekta Kapoor) ने खुद गौतमी को फोन किया था और पूछा था कि वह राम से शादी क्यों कर रही हैं? एकता ने गौतमी को सलाह दी थी कि शादी का कदम उठाने से पहले कम से कम दो बार जरूर सोच लें। हालांकि, गौतमी ने राम पर भरोसा किया और आज दोनों एक खुशहाल शादीशुदा जिंदगी बिता रहे हैं।लॉकअप सीजन 2 का पूरा समीकरण (Host & Show Details)शो का नामरिलीज प्लेटफॉर्म और डेटशो के होस्ट (Hosts)मुख्य चर्चित कंटेस्टेंटलॉकअप सीजन 2नेटफ्लिक्स (Netflix) - 27 जून से जारीफराह खान और रितेश देशमुखराम कपूर, श्रेया कालरा व अन्य

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 10:22 pm

कारसेवा के ऐलान के बीच स्वामी सच्चिदानंद नजरबंद, 9 अगस्त का कार्यक्रम स्थगित

मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद के बीच 9 अगस्त को प्रस्तावित कारसेवा के ऐलान के बाद मथुरा पुलिस-प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए चित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज को गुरुवार को उनके आश्रम में नजरबंद कर दिया। पुलिस ने उन्हें नोटिस भी सौंपा है। इस बीच स्वामी सच्चिदानंद ने 9 अगस्त को प्रस्तावित […] The post कारसेवा के ऐलान के बीच स्वामी सच्चिदानंद नजरबंद, 9 अगस्त का कार्यक्रम स्थगित appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 10:20 pm

गुरु पूर्णिमा महोत्सव की तैयारियां तेज, राजगढ़ धाम पर प्रशासनिक बैठक आयोजित

50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना नसीराबाद। राजगढ़ स्थित श्री मसाणिया भैरव धाम में आगामी 29 जुलाई को आयोजित होने वाले गुरु पूर्णिमा महोत्सव की तैयारियों को लेकर गुरुवार को प्रशासनिक बैठक आयोजित की गई। बैठक चम्पालाल महाराज (मुख्य उपासक, भैरव धाम) के सान्निध्य तथा उपखंड अधिकारी नसीराबाद कल्पित शिवरान की अध्यक्षता […] The post गुरु पूर्णिमा महोत्सव की तैयारियां तेज, राजगढ़ धाम पर प्रशासनिक बैठक आयोजित appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 10:14 pm

धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर सोनम वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाया जाए : केजरीवाल

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को जंतर-मंतर पहुंचकर शिक्षाविद् सोनम वांगचुक के अनशन का समर्थन किया और केंद्र सरकार से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाने की मांग की। केजरीवाल ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे कथित […] The post धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर सोनम वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाया जाए : केजरीवाल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 10:04 pm

कोटपुतली : बालिका से रेप करने के दोषी को मृत्यु होने तक का कारावास

अलवर। राजस्थान में कोटपुतली के जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत बालिका से दुष्कर्म करने के दोषी को मृत्यु होने तक के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने अभियुक्त सुमित (18) को बालिका से दुष्कर्म करने का दोषी मानते हुए उस पर एक लाख रुपए […] The post कोटपुतली : बालिका से रेप करने के दोषी को मृत्यु होने तक का कारावास appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 10:00 pm

MP बनेगा निवेश का नया हब, भारत टेक्स-2026 में मिले 20,193 रुपए करोड़ के प्रस्ताव, 27 हजार नौकरियों का रास्ता साफ

'हमारे मध्यप्रदेश में लेबर की कोई प्रॉब्लम नहीं होती। अगर कोई उद्योगपति यहां उद्योग लगाकर 10-20 साल कहीं और कुछ करना चाहे तो उसके उद्योग को कुछ नहीं होगा। प्रदेश की जनता अपने काम को अच्छे से करना और निभाना जानती है।' यह बात मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 9:54 pm

जो लोग पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे 21 जुलाई से पहले छोड़ दें : ममता बनर्जी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने गुरुवार को उन नेताओं को कड़ा संदेश दिया जो पार्टी छोड़ने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर वे पार्टी छोड़ना चाहते हैं, तो 21 जुलाई को होने वाली शहीद दिवस रैली से पहले ही ऐसा कर […] The post जो लोग पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे 21 जुलाई से पहले छोड़ दें : ममता बनर्जी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 9:49 pm

नई मंडी घड़साना में स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक रिश्वत लेते पकड़ा गया

श्रीगंगानगर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने श्रीगंगानगर जिले में नई मंडी घड़साना के सरकारी अस्पताल में गुरुवार को एक स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक को 3500 रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। ब्यूरो के सूत्रों ने बताया कि परिवादी ने ब्यूरो की गंगानगर इकाई में शिकायत की थी कि उसकी गर्भवती पत्नी को पेट […] The post नई मंडी घड़साना में स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक रिश्वत लेते पकड़ा गया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 9:43 pm

Medanta Doctor Negligence Case: मेदंता अस्पताल में बड़ी लापरवाही, डॉक्टर ने टाल दिया मवाद का चीरा; रास्ते में ही फटा महिला का सर्जिकल घाव, हालत अत्यंत गंभीर

Medanta Doctor Negligence Case: चिकित्सा जगत को शर्मसार करने वाली एक बेहद सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां मेदंता अस्पताल के डॉक्टरों की घोर लापरवाही के कारण एक महिला मरीज की जान आफत में पड़ गई है। डॉक्टरों द्वारा समय पर सही निर्णय न लिए जाने के कारण अस्पताल से लौटते वक्त रास्ते में ही महिला का सर्जिकल घाव अचानक जोर से फट गया। इस खौफनाक मंजर के बाद पीड़ित परिवार ने मेदंता अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कानूनी मोर्चा खोल दिया है और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (Medical Superintendent) से लिखित में जवाब तलब करते हुए दोषी मेडिकल टीम पर तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।जानिए कैसे शुरू हुआ यह पूरा मामला और लापरवाही का सफरयह दर्दनाक मामला पीड़ित महिला मरीज (UHID: ML10526989) से जुड़ा है, जो पिछले एक महीने से अधिक समय से मेदंता के सर्जन डॉ. रोमा प्रधान और डॉ. अमित अग्रवाल की देखरेख में अपना इलाज करवा रही थीं। हाल ही में हुए एक बड़े ऑपरेशन के बाद मरीज को हैवी एंटीबायोटिक्स पर रखा गया था और संक्रमण से बचाव के लिए नियमित रूप से ड्रेसिंग की जा रही थी। शनिवार, 11 जुलाई 2026 को शाम लगभग 6:00 बजे जब मरीज अपनी तय ड्रेसिंग के लिए मेदंता अस्पताल पहुंची, तो डॉक्टरों ने उनके घाव की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान डॉक्टरों ने खुद यह नोट किया कि घाव के अंदर भारी मात्रा में तरल पदार्थ और मवाद (Pus) जमा हो रहा है, जिसे बिना वक्त गंवाए तुरंत चीरा (Incision) लगाकर बाहर निकालना बेहद जरूरी था।इमरजेंसी को किया नजरअंदाज, रास्ते में लहूलुहान हुई मरीजघाव में तेजी से बढ़ रहे एक्टिव इन्फेक्शन और गंभीर आपातकालीन स्थिति को पूरी तरह समझने में डॉक्टरों की सूझबूझ फेल साबित हुई। मेदंता की मेडिकल टीम ने इस अत्यंत संवेदनशील और तत्काल किए जाने वाले प्रोसीजर को उसी वक्त करने के बजाय बेहद गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए दो दिन बाद यानी सोमवार, 13 जुलाई 2026 तक के लिए टाल दिया। डॉक्टरों के इस लापरवाह फैसले का खामियाजा मरीज को कुछ ही मिनटों में भुगतना पड़ा। अस्पताल परिसर से निकलकर घर वापस लौटते समय रास्ते में ही महिला का सर्जिकल घाव अचानक फट गया। देखते ही देखते पूरी गॉज ड्रेसिंग खून और मवाद से लथपथ हो गई। अगले दिन रविवार होने की वजह से पीड़ित को समय पर इमरजेंसी ट्रीटमेंट मिलना दूभर हो गया, जिससे अब मरीज के पूरे शरीर में जानलेवा सिस्टेमिक इन्फेक्शन फैलने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है।नौकरी छूटी और पैसा भी डूबा, परिजनों ने मांगा जवाबदेही का हिसाबपीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्होंने अस्पताल के सभी प्रोटोकॉल का पूरी ईमानदारी से पालन किया और महंगे इलाज के लिए मेदंता द्वारा मांगे गए एक-एक पैसे का समय पर भुगतान किया। इसके बावजूद डॉक्टरों की संवेदनहीनता ने मरीज को शारीरिक और मानसिक रूप से अपंगता की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। लगातार बिगड़ती तबीयत के कारण महिला को अपनी नौकरी से भी हाथ धोना पड़ा है। पीड़ित परिवार ने मेदंता अस्पताल प्रशासन को एक कड़ा औपचारिक शिकायत पत्र भेजकर सीधे सवाल किया है कि इस गंभीर शारीरिक शोषण, समय की बर्बादी, भारी-भरकम आर्थिक नुकसान और मानसिक आघात की जिम्मेदारी कौन उठाएगा? परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि अस्पताल ने तत्काल सुधारात्मक कदम नहीं उठाए और दोषी डॉक्टरों पर एक्शन नहीं लिया, तो वे इस मामले को उपभोक्ता अदालत और मेडिकल काउंसिल तक लेकर जाएंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 9:31 pm

पंच पंचायत में 'वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025' के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु ग्राम पंचायतों की भूमिका पर केशव मौर्य ने किया व्यापक मंथन

वाराणसी मेंइस सम्मेलन का उद्देश्य 'वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025' के प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायतों की संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ करना तथा जमीनी स्तर पर विकास योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित एवं जागरूक करना था। सम्मेलन में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड एवं उत्तराखंड के लगभग 500 ग्राम पंचायत प्रधानों ने भाग लिया। इनमें उत्तर प्रदेश से 350, बिहार से 75, झारखंड से 50 तथा उत्तराखंड से 25 ग्राम पंचायत प्रधान सम्मिलित हुए।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की पुस्तक का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि यह प्रकाशन ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और स्वयं सहायता समूहों की सफलताओं को समाज तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। पीएम गति शक्ति पोर्टल पर गांवों की सड़कें, तालाब, सार्वजनिक परिसंपत्तियां और विकास कार्यों का पूरा विवरण उपलब्ध रहेगा। इससे किसी भी विकास कार्य में दोबारा भुगतान या अनियमितता की संभावना समाप्त होगी और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगेगा।महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से समूह की दीदियों को सीधे 20 हजार रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे अपने स्वरोजगार और लघु उद्योगों का विस्तार कर सकेंगी। डबल इंजन सरकार प्रत्येक गांव में उपलब्ध सरकारी भूमि पर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए लघु उत्पादन इकाइयों एवं फैक्टरियों की स्थापना का प्रस्ताव भी ला रही है,उन्होंने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना गरीब, मजदूर एवं ग्रामीण परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। इस योजना के माध्यम से श्रमिकों की मजदूरी पूर्ण पारदर्शिता के साथ डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए सीधे उनके बैंक खातों में समयबद्ध रूप से पहुंचेगी, जिससे किसी भी प्रकार की बिचौलिया व्यवस्था अथवा भ्रष्टाचार की संभावना समाप्त होगी। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीबों के सम्मान, आत्मनिर्भरता एवं आर्थिक सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान करेगी। ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों के वैतनिक रोजगार की गारंटी प्रदान की जाएगी, जिससे उनकी आय एवं आजीविका सुरक्षा को और अधिक मजबूती मिलेगी। रोजगार की मांग के लिए आवेदन करने के 15 दिनों के भीतर कार्य उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा यदि निर्धारित अवधि में रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो संबंधित पात्र व्यक्ति को बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने का कानूनी अधिकार होगा। मजदूरी का भुगतान निर्धारित समयसीमा में न होने की स्थिति में श्रमिकों को विलंबित भुगतान पर 0.05 प्रतिशत की दर से मुआवजा प्रदान किया जाएगा, जिससे समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित हो सके। यदि श्रमिकों को अपने गांव से 5 किलोमीटर से अधिक दूरी पर कार्य करना पड़ता है, तो उन्हें निर्धारित मजदूरी के अतिरिक्त 10 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा। योजना के अंतर्गत जल सुरक्षा एवं जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि जल संसाधनों का संरक्षण एवं सतत उपयोग सुनिश्चित हो सके। ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास से संबंधित कार्यों, जैसे ग्रामीण सड़कें, सार्वजनिक परिसंपत्तियां एवं सामुदायिक सुविधाओं का पक्‍के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। आजीविका संबंधी बुनियादी ढांचे के निर्माण पर विशेष बल दिया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, कृषि एवं स्वरोजगार गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके। चरम मौसम एवं जलवायु परिवर्तन से बचाव के लिए आवश्यक संरचनाओं एवं संरक्षण कार्यों को भी योजना में शामिल किया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की आपदा सहनशीलता एवं पर्यावरणीय सुरक्षा को सुदृढ़ बनाया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 9:26 pm

प्रधानमंत्री को 35 देशों सर्वोच्च सम्मान दिया यह 140 करोड भारतीयों का सम्‍मान है, केशव मौर्य

वाराणसी में उप मुख्‍यमंत्री श्री मौर्य ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी देश के विकास के लिए बिना अवकाश लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं, आज विश्व के लगभग 35 देशों ने उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया है। यह सम्मान केवल प्रधानमंत्री का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का स्पष्ट संदेश है— न खाऊँगा, न खाने दूँगा। भ्रष्टाचारियों को उल्टा लटका देंगे, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकारें गांव, गरीब, किसान, महिला एवं युवा को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। आज ग्राम पंचायतों को केवल प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास के सबसे मजबूत स्तंभ के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने ग्राम प्रधानों का आह्वान किया कि वे नई व्यवस्था को पूरी पारदर्शिता, ईमानदारी एवं जनभागीदारी के साथ लागू करें तथा प्रत्येक पात्र परिवार तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करें।अपने अध्यक्षीय संबोधन में उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ग्रामीण भारत के विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक गरीबों की मेहनत की कमाई पर सेंध लगाने वाली व्यवस्थाओं को समाप्त कर गरीबों के हितों की रक्षा करने का ऐतिहासिक कार्य किया गया है।सम्मेलन में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान श्री हंसराज विश्‍वकर्मा राज्‍य मंत्री स्‍वतंत्र प्रभार उ0प्र0, सदस्‍य विधान परिषद श्री धर्मेन्‍द्र सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्‍तव, श्री त्रिभुवन राम, डा सुनील पटेल, ग्राम्‍य विकास आयुक्‍त श्री जीएस प्रियदर्शी तथा ग्रामीण विकास विभाग की संयुक्त सचिव सुश्री रोहिणी आर. भाजीभाकरे सहित पार्टी पदाधिकारी, भारी संख्‍या ग्राम प्रधान एवं अधिकारीगण सम्मिलित हुए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 9:18 pm

पाली : नगरपालिका सोजत रोड में दलाल 25000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट

पाली। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को पाली जिले में नगरपालिका सोजत रोड में दलाल परमानन्द शर्मा को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि एसीबी चौकी पाली द्वितीय को शिकायत मिली कि परिवादी के बडे पिताजी के नाम का […] The post पाली : नगरपालिका सोजत रोड में दलाल 25000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 9:18 pm

World Plastic Surgery Day 2026 : कॉस्मेटिक सर्जरी कराने का है मन? तो डॉक्टर से जरूर पूछें ये 10 सवाल; लापरवाही पड़ सकती है भारी!

World Plastic Surgery Day 2026:खूबसूरत दिखना, आत्मविश्वास (Confidence) बढ़ाना और बढ़ती उम्र के असर को कम करना आज के दौर में बेहद आम हो चुका है। यही वजह है कि कॉस्मेटिक और प्लास्टिक सर्जरी अब सिर्फ फिल्मी सितारों या सेलिब्रिटीज तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि आम लोग भी धड़ल्ले से इन प्रोसीजर्स की मदद ले रहे हैं।हालांकि, चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के चकाचौंध भरे विज्ञापनों, सेलिब्रिटी ट्रेंड्स या सिर्फ कम कीमत के लालच में आकर किसी भी सर्जरी का फैसला लेना सेहत के लिए बेहद जोखिम भरा हो सकता है। हर साल 15 जुलाई को वर्ल्ड प्लास्टिक सर्जरी डे (World Plastic Surgery Day) मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को इन सर्जरी से जुड़ी सही जानकारियों के प्रति जागरूक करना है।शारदाकेयर हेल्थसिटी के प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी विभाग के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. तन्मय रॉय के अनुसार, कॉस्मेटिक सर्जरी एक गंभीर मेडिकल प्रक्रिया है, इसे कोई आसान ब्यूटी ट्रीटमेंट समझने की भूल न करें। सेफ और बेहतरीन रिजल्ट्स पाने के लिए सर्जरी टेबल पर लेटने से पहले आपको अपने सर्जन से ये 10 महत्वपूर्ण सवाल जरूर पूछने चाहिए:सर्जरी से पहले डॉक्टर से जरूर पूछें ये 10 जरूरी सवालक्या आप इस विशिष्ट प्रक्रिया के लिए प्रशिक्षित और बोर्ड-सर्टिफाइड प्लास्टिक सर्जन हैं?सबसे पहले डॉक्टर की मेडिकल डिग्री, उनके अनुभव और उस पर्टिकुलर सर्जरी में उनकी विशेषज्ञता (Specialization) की पुष्टि करें।मेरे शारीरिक ढांचे और स्किन टाइप के अनुसार यह प्रोसीजर क्यों उपयुक्त है?अपनी त्वचा की बनावट, उम्र और वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर समझें कि क्या वाकई आपको इस सर्जरी की जरूरत है या कोई अन्य नॉन-सर्जिकल विकल्प भी मौजूद है।इस सर्जरी के साथ क्या जोखिम (Risks) और संभावित साइड-इफेक्ट्स जुड़े हैं?हर सर्जिकल प्रक्रिया के अपने कुछ खतरे या कॉप्लिकेशंस होते हैं। इनके बारे में पहले से मानसिक रूप से तैयार रहना बेहद जरूरी है।रिकवरी (ठीक होने) में कितना समय लगेगा?यह स्पष्ट कर लें कि सर्जरी के बाद आप कब से अपने काम पर लौट सकते हैं, वर्कआउट शुरू कर सकते हैं और अपनी नॉर्मल रूटीन लाइफ में आ सकते हैं।क्या इस सर्जरी के परिणाम (Results) परमानेंट यानी स्थायी होंगे?कुछ कॉस्मेटिक प्रोसीजर्स का असर सीमित समय (जैसे कुछ साल) के लिए ही होता है, जिसके बाद टच-अप की जरूरत पड़ती है। इसकी जानकारी पहले ही लें।क्या मैं आपके पिछले मरीजों की 'बिफोर एंड आफ्टर' (पहले और बाद की) तस्वीरें देख सकता हूँ?इससे आपको सर्जन के काम की क्वालिटी, उनकी कलात्मकता और संभावित परिणामों का एक वास्तविक अंदाजा मिल सकेगा।अगर सर्जरी का रिजल्ट मेरी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, तो मेरे पास क्या विकल्प होंगे?भविष्य में रिवीजन सर्जरी (संशोधन प्रक्रिया) या किसी अन्य सुधारात्मक उपचार की संभावना और उसके खर्चों के बारे में पहले ही बात कर लें।यह सर्जरी किस अस्पताल या सर्जिकल सेंटर में परफॉर्म की जाएगी?सुनिश्चित करें कि जहां आपकी सर्जरी हो रही है, वह एक मान्यता प्राप्त (Accredited) अस्पताल हो, जहां आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए आईसीयू और एडवांस लाइफ सपोर्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हों।इस पूरी प्रक्रिया का कुल खर्च (Total Cost) कितना होगा?सिर्फ ऑपरेशन की फीस ही नहीं, बल्कि दवाइयों, प्री-सर्जरी टेस्ट, एनेस्थीसिया, अस्पताल के रूम रेंट और फॉलो-अप विजिट्स सहित छिपे हुए सभी खर्चों की लिखित जानकारी लें।सर्जरी से पहले और बाद में मुझे किन सावधानियों का पालन करना होगा?अपनी डाइट, लाइफस्टाइल, स्मोकिंग (धूम्रपान), अल्कोहल (शराब) के सेवन और वर्तमान में चल रही दवाइयों को लेकर डॉक्टर के निर्देशों को विस्तार से समझें।सेफ सर्जरी के लिए डॉ. तन्मय रॉय की 2 सबसे जरूरी सलाह:अपनी मेडिकल हिस्ट्री कभी न छुपाएं: यदि आपको डायबिटीज (मधुमेह), हाई बीपी (उच्च रक्तचाप), दिल की कोई बीमारी है, या आपको किसी विशिष्ट दवा या एनेस्थीसिया से एलर्जी है, तो इसके बारे में सर्जन को पहली ही कंसल्टेशन में स्पष्ट बता दें। इससे डॉक्टर आपके लिए एक सुरक्षित और कस्टमाइज्ड सर्जिकल प्लान तैयार कर सकेंगे।सेकंड ओपिनियन (Second Opinion) जरूर लें: यदि प्रोसीजर बहुत बड़ा, खर्चीला या जटिल है, तो किसी दूसरे अनुभवी प्लास्टिक सर्जन से भी राय लेने में बिल्कुल न हिचकिचाएं। यह आपके फैसले को अधिक सुरक्षित बनाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 9:14 pm

जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचीं डॉ. तजीन फातिमा, 38 इमारतों के ध्वस्तीकरण आदेश के बीच तेज हुई हलचल

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आज़म खान के ड्रीम प्रोजेक्ट मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। जिला प्रशासन द्वारा विश्वविद्यालय की 40 में से 38 इमारतों को अवैध घोषित कर इन्हें ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 9:13 pm

Lemon Storage Tips: फ्रिज में रखने के बाद भी सूख और सिकुड़ जाते हैं नींबू? लंबे समय तक ताजा रखने के लिए अपनाएं ये 5 आसान घरेलू उपाय

भारतीय रसोई में नींबू का एक बेहद महत्वपूर्ण स्थान है। दाल-सब्जी का स्वाद बढ़ाना हो, सलाद को चटपटा बनाना हो या गर्मियों में ताज़ा शिकंजी तैयार करनी हो—नींबू हमेशा काम आता है। विटामिन सी, साइट्रिक एसिड, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर नींबू हमारी इम्यूनिटी को भी मजबूत बनाता है। यही वजह है कि अधिकांश घरों में नींबू को थोक में खरीदकर स्टॉक कर लिया जाता है।लेकिन, कई बार देखने में आता है कि फ्रिज में रखने के बावजूद नींबू बहुत जल्दी सूखने, सिकुड़ने या पत्थर जैसे सख्त होने लगते हैं। ऐसा फ्रिज के अत्यधिक ठंडे तापमान, हवा में नमी की कमी, या उन्हें गलत तरीके से स्टोर करने की वजह से होता है। सूखे हुए नींबू में रस बेहद कम निकलता है और उनका स्वाद भी कड़वा हो जाता है। आइए जानते हैं नींबू को 3 से 4 हफ़्तों तक बिल्कुल रसीला और ताजा रखने के कुछ जादुई स्टोरेज टिप्स:नींबू को फ्रेश रखने के 5 सबसे असरदार तरीके (Lemon Storage Hacks)पूरी तरह सुखाकर ही करें स्टोर: बाजार से नींबू लाने के बाद यदि आप उन्हें धोते हैं, तो स्टोर करने से पहले किसी सूती कपड़े से पोंछकर उन्हें अच्छी तरह सुखा लें। यदि नींबू की सतह पर थोड़ी भी नमी (Moisture) रह गई, तो फ्रिज में उन पर फफूंदी (Fungus) लग सकती है और वे सड़ सकते हैं।जिप-लॉक बैग या एयरटाइट कंटेनर का जादू: नींबू को कभी भी फ्रिज की शेल्फ पर खुला न छोड़ें। इन्हें किसी एयरटाइट डिब्बे (Air-tight Container) या जिप-लॉक पॉलीबैग में बंद करके रखें। ऐसा करने से नींबू के अंदर की प्राकृतिक नमी बरकरार रहती है, जिससे वे सिकुड़ते नहीं हैं। साथ ही फ्रिज में रखी अन्य चीजों की महक भी नींबू में नहीं जाती।सब्जी वाले ड्रॉअर (Crisper Drawer) का करें इस्तेमाल: नींबू को हमेशा फ्रिज के सबसे ठंडे हिस्से में रखने के बजाय नीचे दिए गए 'क्रिस्पर ड्रॉअर' (सब्जी रखने वाले कंपार्टमेंट) में रखें। इस हिस्से का तापमान और मॉइस्चर लेवल खट्टे फलों की ताजगी बनाए रखने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।कटे हुए नींबू को स्टोर करने का सही नियम: यदि आपने आधा नींबू इस्तेमाल कर लिया है और आधा बच गया है, तो उसे खुला छोड़ने की गलती कतई न करें। कटे हुए हिस्से को एल्युमिनियम फॉयल या प्लास्टिक रैप से अच्छी तरह लपेटकर (Wrap) या किसी छोटे एयरटाइट डिब्बे में बंद करके रखें, जिससे उसका रस सूखेगा नहीं।अतिरिक्त नमी को साफ करते रहें: यदि आपने नींबू को जिप-लॉक बैग में रखा है, तो 3-4 दिनों में एक बार खोलकर जांच लें। अगर बैग के अंदर पानी की बूंदें (इवेपोरेशन के कारण) जमी दिखें, तो उन्हें साफ कपड़े से पोंछ दें। जरूरत से ज्यादा नमी भी नींबू को समय से पहले खराब कर देती है।कितने दिनों तक सुरक्षित रहते हैं नींबू?अगर आप सही स्टोरेज तकनीकों का पालन करते हैं, तो नींबू की शेल्फ-लाइफ काफी बढ़ जाती है:साबुत नींबू (Whole Lemons): फ्रिज में सही तरीके से पैक करके रखने पर ये 3 से 4 सप्ताह (लगभग एक महीना) तक पूरी तरह ताजे और रसीले बने रह सकते हैं।कटे हुए नींबू (Cut Lemons): कटे हुए नींबू को रैप करके रखने पर भी उसका इस्तेमाल 3 से 4 दिनों के भीतर ही कर लेना सेहत और स्वाद दोनों के लिहाज से बेहतर होता है।भूलकर भी न करें ये 4 गलतियां (Common Mistakes to Avoid)गीले नींबू फ्रिज में रखना: ऐसा करने से फंगस बहुत तेजी से पनपती है।खराब और अच्छे नींबू एक साथ रखना: यदि स्टॉक में कोई एक नींबू भी सड़ने लगा है या उस पर दाग आ गया है, तो उसे तुरंत बाकी नींबुओं से अलग कर दें। वरना, उसका संक्रमण दूसरे अच्छे नींबुओं को भी एक-दो दिन में खराब कर देगा।कटे नींबू को खुला छोड़ना: फ्रिज की ठंडी हवा कटे हुए नींबू के सारे रस को सोख लेती है और वह काला पड़ने लगता है।बिना छँटाई के लंबे समय तक छोड़ना: हर 4-5 दिन में अपने नींबू के स्टॉक को एक बार पलटकर जरूर देखें ताकि खराब हो रहे पीस को समय रहते निकाला जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 9:12 pm

Ragi Apple Muffin Recipe: बच्चों के लिए घर पर बनाएं रागी और सेब का सुपर-हेल्दी मफिन केक; स्वाद के साथ मिलेगा भरपूर कैल्शियम और आयरन

बच्चों को मफिन, कपकेक और पेस्ट्री जैसी बेक्ड चीजें बेहद पसंद आती हैं। लेकिन बाजार में मिलने वाले ज्यादातर मफिन में रिफाइंड मैदा, प्रिजर्वेटिव्स और चीनी (Sugar) की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जो बच्चों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसे में अगर आप बच्चों को कुछ टेस्टी और हेल्दी खिलाना चाहते हैं, तो रागी और सेब से बना मफिन केक (Ragi Apple Muffin) एक बेहतरीन विकल्प है।रागी को पोषण का पावरहाउस माना जाता है, जिसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम, आयरन, फाइबर और प्रोटीन पाया जाता है। वहीं सेब विटामिन सी, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा सोर्स है। इन दोनों का कॉम्बिनेशन बच्चों की हड्डियों को मजबूत बनाने, पाचन तंत्र (Digestion) को दुरुस्त रखने और उन्हें दिनभर एनर्जेटिक बनाए रखने में मदद करता है। आइए जानते हैं इसे घर पर बनाने की आसान विधि और कुछ जरूरी टिप्स:रागी और सेब का मफिन केक बनाने की सामग्री (Ingredients)रागी का आटागेहूं का आटा (थोड़ी मात्रा में)बेकिंग पाउडरदालचीनी पाउडर (एक चुटकी)कद्दूकस किया हुआ ताजा सेबमैश किया हुआ पका केला या शहद (प्राकृतिक मिठास के लिए)दूधघी या रिफाइंड तेलबारीक कटे बादाम और अखरोट (वैकल्पिक)बनाने की आसान विधि (Step-by-Step Recipe)सूखी सामग्री को मिलाएं: सबसे पहले एक साफ बाउल में रागी का आटा, थोड़ा सा गेहूं का आटा, बेकिंग पाउडर और एक चुटकी दालचीनी पाउडर डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें।गीली सामग्री तैयार करें: अब एक दूसरे बाउल में मैश किया हुआ पका केला या शहद, कद्दूकस किया हुआ सेब, दूध और आवश्यकतानुसार थोड़ा सा घी या तेल डालकर अच्छी तरह फेंट लें।घोल (Batter) बनाएं: इसके बाद सूखी सामग्री वाले बाउल में गीली सामग्री का मिश्रण धीरे-धीरे डालें और दोनों को कट-एंड-फोल्ड मेथड से मिलाकर एक गाढ़ा घोल तैयार कर लें। अगर आप चाहें तो इसी स्टेज पर बारीक कटे बादाम या अखरोट भी मिला सकते हैं।बेकिंग प्रक्रिया: ओवन को पहले से प्री-हीट (Pre-heat) कर लें। अब तैयार गाढ़े घोल को मफिन मोल्ड्स (Muffin Moulds) में डालें। इसे ओवन में लगभग 20 से 25 मिनट तक बेक करें।चेक और सर्व करें: एक टूथपिक डालकर चेक करें, अगर टूथपिक साफ बाहर आती है तो मफिन तैयार है। इसे ओवन से निकालकर पूरी तरह ठंडा होने दें। तैयार मफिन बेहद नरम, स्वादिष्ट और पौष्टिक होता है।बच्चों के लिए मफिन बनाते समय ध्यान रखने योग्य 5 जरूरी बातें (Expert Tips)प्राकृतिक मिठास को दें प्राथमिकता: बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मफिन में रिफाइंड सफेद चीनी डालने से बचें। इसकी जगह सेब की अपनी मिठास, मैश किए हुए पके केले या ऑर्गेनिक शहद का इस्तेमाल करना सबसे बेस्ट रहता है।सामग्री की गुणवत्ता: बच्चों के लिए बेकिंग करते समय हमेशा ताजी और अच्छी क्वालिटी की रागी और सेब का ही चुनाव करें।उम्र के हिसाब से नट्स का इस्तेमाल: यदि बच्चे बहुत छोटे हैं, तो मफिन में ड्राई फ्रूट्स के बड़े टुकड़े डालने की बजाय उन्हें मिक्सी में पीसकर पाउडर के रूप में मिलाएं, ताकि गले में फंसने (Choking Hazard) का खतरा न रहे। बड़े बच्चों के लिए इन्हें बारीक काटकर डाला जा सकता है।ओवर-बेकिंग से बचें: मफिन को ओवन में सिर्फ तब तक ही पकाएं जब तक वह अंदर से अच्छी तरह पक न जाए। जरूरत से ज्यादा बेक करने (Over-bake) से मफिन सख्त और सूखा हो सकता है, जिससे बच्चे इसे खाना पसंद नहीं करेंगे।स्टोरेज का सही तरीका: तैयार मफिन को पूरी तरह से ठंडा होने के बाद ही बच्चों को खाने के लिए दें। अगर मफिन बच जाते हैं, तो उन्हें किसी साफ एयरटाइट कंटेनर (Air-tight Box) में बंद करके रखें और 1 से 2 दिन के भीतर ही इस्तेमाल कर लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 9:11 pm

Monsoon Car Driving Tips: बारिश के मौसम में वरदान साबित होते हैं कार के ये 6 एडवांस फीचर्स, सुरक्षित सफर के लिए ऐसे करें सही इस्तेमाल!

Monsoon Car Driving Tips: मानसून का मौसम जहां एक तरफ तपती गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं दूसरी तरफ कार चालकों के लिए कई बड़ी चुनौतियां भी खड़ी कर देता है। मूसलाधार बारिश, सड़कों पर पानी का जमाव, कीचड़ की वजह से होने वाली फिसलन और विंडशील्ड पर धुंध जमने के कारण विजिबिलिटी (दृश्यता) का कम होना—ये सभी कारक सड़क दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ा देते हैं।ऐसी कठिन परिस्थितियों में आपकी कार में दिए गए कुछ आधुनिक और सेफ्टी फीचर्स आपके सफर को न सिर्फ सुगम बनाते हैं, बल्कि आपकी और आपके परिवार की जान की रक्षा भी करते हैं। हालांकि, जागरूकता की कमी के कारण कई लोग इन फीचर्स के सही उपयोग से अनजान रहते हैं। आइए जानते हैं कार के उन 6 सबसे जरूरी फीचर्स के बारे में, जो बारिश के दिनों में आपके बेहद काम आ सकते हैं:1. ABS (एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम) - फिसलन में गाड़ी को रखे कंट्रोलबारिश के दौरान सड़कों पर पानी की एक पतली परत बन जाती है, जिसे हाइड्रोप्लेनिंग (Hydroplaning) कहते हैं। इस स्थिति में यदि आप अचानक तेज ब्रेक लगाते हैं, तो गाड़ी के पहिए जाम (Lock) हो जाते हैं और कार बेकाबू होकर फिसलने लगती है।कैसे करता है काम: एबीएस (ABS) अचानक ब्रेक लगने पर पहियों को लॉक होने से रोकता है और उन्हें रुक-रुक कर ब्रेक लगाता है।सही इस्तेमाल: बारिश में पैनिक ब्रेकिंग (घबराकर जोर से ब्रेक दबाना) के समय पैडल से पैर न हटाएं। एबीएस को अपना काम करने दें और इस दौरान केवल गाड़ी के स्टीयरिंग व्हील को सही दिशा में मोड़कर कंट्रोल बनाए रखने पर ध्यान दें।2. ESC या ESP (इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल) - मोड़ों पर पलटने से बचाएगीली सड़कों पर जब आप किसी तीखे मोड़ (Sharp Turn) पर गाड़ी को घुमाते हैं, तो कार के ओवरस्टीयर या अंडरस्टीयर होने यानी संतुलन खोकर पलटने का खतरा सबसे ज्यादा होता है।कैसे करता है काम: ईएससी (ESC) कंप्यूटर सेंसर की मदद से यह भांप लेता है कि गाड़ी आपकी तय दिशा से भटक रही है। यह तुरंत एक्टिव होकर व्यक्तिगत रूप से किसी एक या दो पहियों पर अपने आप ब्रेक लगा देता है, जिससे कार वापस सही ट्रैक पर आ जाती है।महत्व: यह फीचर विशेष रूप से एक्सप्रेसवे या हाईवे पर तेज रफ्तार में गाड़ी चलाते समय जानलेवा हादसों को टालने में मदद करता है।3. रेन-सेंसिंग वाइपर्स (Rain-Sensing Wipers) - सड़क से नहीं भटकेगा ध्यानतेज बारिश में बार-बार वाइपर की स्पीड को मैनुअली (हाथ से) कम या ज्यादा करना ड्राइवर का ध्यान भटका सकता है, जो कि हाईवे पर खतरनाक हो सकता है।कैसे करता है काम: विंडशील्ड पर लगे सेंसर बारिश की बूंदों की तीव्रता को भांप लेते हैं। जैसे ही बारिश शुरू होती है, वाइपर अपने आप ऑन हो जाते हैं और बारिश तेज या धीमी होने पर अपनी गति को स्वतः एडजस्ट कर लेते हैं। इससे ड्राइवर का पूरा ध्यान केवल ड्राइविंग पर केंद्रित रहता है।4. रियर डिफॉगर और ORVM डिफॉगर - धुंध को मिनटों में करे साफबारिश के मौसम में कार के अंदर और बाहर के तापमान में अंतर होने के कारण अंदरूनी शीशों और बाहर के साइड मिरर्स (ORVM) पर नमी यानी धुंध जम जाती है।सही इस्तेमाल: डैशबोर्ड पर दिए गए 'डिफॉगर' बटन को दबाएं। रियर डिफॉगर पीछे के शीशे पर लगी पतली तारों को गर्म करके धुंध हटाता है, जबकि ओआरवीएम डिफॉगर साइड मिरर्स को साफ रखता है, ताकि आपको पीछे से आ रहे वाहन साफ दिखाई दे सकें।5. ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम (TCS) - कीचड़ और पानी में पहियों को घूमने से रोकेजब आप कार को किसी कीचड़ वाले रास्ते, चढ़ाई या अत्यधिक पानी से भरी सड़क पर आगे बढ़ाने की कोशिश करते हैं, तो इंजन की ज्यादा पावर के कारण पहिए एक ही जगह पर तेजी से गोल-गोल घूमने (Wheel Spin) लगते हैं, जिससे गाड़ी फंस जाती है।कैसे करता है काम: टीसीएस (TCS) पहियों के अत्यधिक स्पिन को पहचानकर उस विशेष पहिये को मिलने वाली इंजन पावर को कम कर देता है या वहां आंशिक ब्रेक लगाता है। इससे टायर को सड़क पर बेहतर ग्रिप मिलती है और कार आसानी से आगे बढ़ जाती है।6. रियर पार्किंग कैमरा और 360-डिग्री कैमरा - संकरी जगहों में मददगारभारी बारिश और धुंध के चलते जब पीछे का शीशा पूरी तरह ब्लॉक हो जाता है, तब कार को पार्क करना या किसी तंग गली से रिवर्स करना नामुमकिन हो जाता है।जरूरी सलाह: ऐसे समय में इंफोटेनमेंट स्क्रीन पर दिखने वाला 360-डिग्री व्यू या रियर कैमरा आपका सबसे बड़ा मददगार बनता है। हालांकि, यात्रा शुरू करने से पहले एक बार बाहर निकलकर कैमरे के लेंस को साफ कपड़े से जरूर पोंछ लें, क्योंकि उस पर जमा कीचड़ या पानी की बूंदें आपको स्क्रीन पर गलत या धुंधली तस्वीर दिखा सकती हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 9:10 pm

Income Tax Return (ITR) Filing Tips: 10 लाख से महंगी कार खरीदने वालों के लिए खुशखबरी! ITR में ऐसे क्लेम करें 1% TCS और पाएं ₹10,000 से ज्यादा का टैक्स रिफंड

Income Tax Return (ITR) Filing Tips: यदि आपने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के दौरान 10 लाख रुपये या उससे अधिक कीमत की कोई नई कार (Car) खरीदी है, तो टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय आपके पास मोटी बचत करने का एक शानदार मौका है। इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते समय आप कम से कम ₹10,000 या अपनी कार की कीमत के अनुसार उससे भी ज्यादा का टैक्स रिफंड (Tax Refund) हासिल कर सकते हैं।अक्सर जानकारी के अभाव में कई लोग कार खरीदते समय कटे 1% TCS (Tax Collected at Source) का दावा करना भूल जाते हैं, जिससे उनका यह पैसा सरकार के पास ही ब्लॉक रह जाता है। आइए जानते हैं कि यह 1% TCS क्या होता है और आईटीआर भरते समय आप इसे कैसे वापस पा सकते हैं।क्या होता है गाड़ियों पर कटने वाला 1% TCS?आयकर अधिनियम (Income Tax Act) के नियमों के अनुसार, जब भी कोई ग्राहक ₹10 लाख से अधिक मूल्य की नई पैसेंजर कार खरीदता है, तो कार डीलर (Automobile Dealer) के लिए वाहन की कुल एक्स-शोरूम कीमत का 1% TCS वसूलना कानूनी रूप से अनिवार्य होता है।यह कोई एक्स्ट्रा टैक्स नहीं है: ध्यान रहे कि यह कोई अतिरिक्त जेबखर्च या जुर्माना नहीं है। यह अग्रिम टैक्स (Advance Tax) की तरह ही होता है, जिसे डीलर आपके पैन कार्ड (PAN Card) के अगेंस्ट सरकार के खाते में जमा करता है।गणित समझिए: यदि आपने ₹10 लाख की कार खरीदी है, तो आपका ₹10,000 का TCS कटेगा। ठीक इसी तरह, यदि कार की कीमत ₹20 लाख है, तो ₹20,000 और ₹50 लाख की लक्जरी कार होने पर ₹50,000 का TCS जमा होगा। इस पूरी रकम को आप ITR दाखिल करते समय अपनी अंतिम टैक्स देनदारी (Tax Liability) के साथ एडजस्ट या रिफंड करा सकते हैं।ITR दाखिल करते समय कैसे करें TCS का दावा? (Step-by-Step Claim Process)अपने इस पैसे को वापस पाने या टैक्स में छूट लेने के लिए आपको नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन करना होगा:Form 26AS और AIS की जांच: ITR फॉर्म भरने से पहले अपने इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें। वहाँ अपने Form 26AS और Annual Information Statement (AIS) को डाउनलोड करके चेक करें कि कार डीलर ने आपके PAN पर वह 1% TCS रिफ्लेक्ट (अपडेट) किया है या नहीं। यदि एंट्री नहीं दिख रही है, तो तुरंत कार डीलर से संपर्क कर इसे अपडेट करवाएं।ITR में सही सेक्शन चुनें: जब आप अपना इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म भर रहे हों, तब ‘Taxes Paid’ या ‘TCS Credit’ वाले कॉलम में जाएं। वहां कार खरीद पर कटे इस टैक्स क्रेडिट की सटीक जानकारी दर्ज करें।रिफंड या एडजस्टमेंट: यदि वित्त वर्ष के अंत में आपकी कुल टैक्स देनदारी आपके कटे हुए कुल टीडीएस/टीसीएस से कम बनती है, तो यह ₹10,000 या इससे अधिक की अतिरिक्त राशि सीधे रिफंड के रूप में आपके बैंक खाते में क्रेडिट कर दी जाएगी। यदि आपकी टैक्स देनदारी बनती है, तो यह राशि उतने रुपये से आपका टैक्स कम (Adjust) कर देगी।क्लेम करते समय अपने पास रखें ये 4 जरूरी दस्तावेजआयकर विभाग (Income Tax Department) से रिफंड क्लेम करते समय किसी भी प्रकार के नोटिस या अड़चन से बचने के लिए आपके पास निम्नलिखित दस्तावेज होने चाहिए:कार खरीद का इनवॉइस (Purchase Invoice): जिसमें कार की मूल कीमत और कटे हुए 1% TCS का स्पष्ट जिक्र हो।Form 27D (TCS Certificate): यह सर्टिफिकेट कार डीलर द्वारा ग्राहक को जारी किया जाता है, जो टैक्स जमा होने का पुख्ता प्रमाण है।Form 26AS और AIS कॉपी: ऑनलाइन मिलान और रिकॉर्ड के लिए।टैक्स एक्सपर्ट्स की सलाह:रिटर्न फाइल करने की जल्दबाजी में कभी भी अपने टैक्स क्रेडिट (TDS/TCS) को नजरअंदाज न करें। फॉर्म सबमिट करने से पहले हमेशा AIS और Form 26AS का डेटा अपने इनवॉइस से मैच कर लें। एक छोटी सी चूक के कारण आपकी मेहनत की कमाई का रिफंड रुक सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 9:08 pm

तृणमूल कांग्रेस की रुक्मिणी मल्लिक का राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा

नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस से नेताओं का मोह भंग होने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा और इनमें नया नाम बंगला फिल्मों की अभिनेत्री और सांसद रुक्मिणी मल्लिक का जुड़ गया है जिन्होंने गुरुवार को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। तृणमूल कांग्रेस ने मल्लिक को करीब तीन महीने पहले ही सांसद […] The post तृणमूल कांग्रेस की रुक्मिणी मल्लिक का राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 9:08 pm

राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत और निकाय चुनाव में देरी पर जताई नाराजगी

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव कराने में हो रही देरी पर गुरुवार को कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने राज्य निर्वाचन आयोग से पांच दिन के भीतर चुनाव कार्यक्रम और संभावित तिथि बताने के निर्देश दिये। साथ ही राज्य चुनाव आयुक्त से पूछा कि आखिर वह क्यों चाहते हैं कि […] The post राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत और निकाय चुनाव में देरी पर जताई नाराजगी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 9:04 pm

केशव प्रसाद मौर्य ने काशी प्रेरणा कैण्टीन का किया अवलोकन, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं का बढ़ाया उत्साह

केशव प्रसाद मौर्य ने वाराणसी में आयोजित पंच सम्मेलन के दौरान विभिन्न स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों एवं प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की सराहना की। उन्होंने काशी प्रेरणा कैण्टीन का निरीक्षण करते हुए वहां उपलब्ध कराए जा रहे खाद्य पदार्थों एवं संचालन व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। इसके उपरांत उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा रबर की चप्पलें तैयार करने की पूरी निर्माण प्रक्रिया को विस्तार से देखा और महिलाओं से उत्पादन, विपणन तथा आय के संबंध में जानकारी प्राप्त की।उप मुख्यमंत्री स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित महिला सूट स्टॉल पर भी पहुंचे, जहां उन्होंने महिलाओं द्वारा तैयार किए गए परिधानों की गुणवत्ता की सराहना करते हुए उनके आत्मनिर्भरता के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने वाराणसी लाल भरवा मिर्च के स्टॉल का भी निरीक्षण किया तथा उत्पादों की बिक्री, बाजार की मांग और समूह की महिलाओं की बढ़ती आय के विषय में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बन रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 9:00 pm

रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप टेक का अग्रणी केंद्र बनेगा यूपी : योगी

Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर तथा अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों का राष्ट्रीय नेतृत्वकर्ता बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

वेब दुनिया 16 Jul 2026 8:53 pm

वाराणसी को मिली ₹25,445.96 करोड़ की ऐतिहासिक मेगा कनेक्टिविटी परियोजनाओं के लिए प्रधानमंत्री का जताया आभार, श्री केशव प्रसाद मौर्य

वाराणसी प्रवास पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में वाराणसी के लिए कुल ₹25,445.96 करोड़ की लागत वाली दो महत्त्वपूर्ण मेगा हाईवे एवं एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान किए जाने पर हृदय से आभार एवं अभिनंदन व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने काशी के सर्वांगीण विकास को सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उनके नेतृत्व में वाराणसी विश्वस्तरीय धार्मिक, सांस्कृतिक, पर्यटन एवं आर्थिक केंद्र के रूप में निरंतर विकसित हो रही है। अब इन दोनों महत्त्वपूर्ण एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं के निर्माण से वाराणसी की यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा तथा शहर को जाम की गंभीर समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।उन्होंने बताया कि स्वीकृत परियोजनाओं में पहली परियोजना ₹10,998.32 करोड़ की लागत से वरुणा नदी कॉरिडोर का निर्माण है, जिसके अंतर्गत वरुणा नदी के किनारे-किनारे राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (NH-31) को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ने वाला आधुनिक एलिवेटेड कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। यह कॉरिडोर शहर के भीतर यातायात के दबाव को कम करेगा तथा तेज, सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करेगा। दूसरी महत्त्वपूर्ण परियोजना ₹14,447.64 करोड़ की लागत से गंगा नदी कॉरिडोर के रूप में विकसित की जाएगी। इसके अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (NH-19) तथा वाराणसी रिंग रोड के मध्य गंगा नदी के किनारे छह लेन का आधुनिक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिसमें एक अत्याधुनिक केबल-स्टे ब्रिज का भी निर्माण शामिल है। यह परियोजना आधुनिक इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण होगी तथा वाराणसी की परिवहन क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 8:47 pm

गुरु पूर्णिमा से पहले यूपी में तैयार होंगे 4 खास वन, किसानों से लेकर मानव-वानर संघर्ष तक का होगा समाधान

पौधरोपण महायज्ञ-2026 के अंतर्गत वन विभाग कई विशिष्ट वन स्थापित कर रहा है। इसी क्रम में आषाढ़ मास यानी गुरुपूर्णिमा (29 जुलाई) से पहले कई विशिष्ट वन स्थापित करेगा। 18 जुलाई से 27 जुलाई के मध्य पूरे प्रदेश में कई विशिष्ट वन स्थापित किए जाएंगे। 18 ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 8:41 pm

नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलॉईज यूनियन के 22वें रक्तदान शिविर में 1192 यूनिट रक्तदान

अजमेर। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलॉईज यूनियन के 22वें रक्तदान शिविर में 1192 यूनिट रक्तदान का नया रिकार्ड बन गया। गत वर्ष 1068 यूनिट रक्तदान हुआ था। यूनियन के जोनल कार्यकारी अध्यक्ष मोहन चेलानी ने बताया कि लायन्स क्लब अजमेर प्रिमियम एवं सतगुरु स्कूल के सहयोग से रेलवे ऑफिसर्स क्लब में आयोजित रक्तदान शिविर का उद्घाटन […] The post नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलॉईज यूनियन के 22वें रक्तदान शिविर में 1192 यूनिट रक्तदान appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 8:40 pm

काशी विश्वनाथ, बनकटी हनुमान सहित काल भैरव का किये दर्शन प्रदेशवासियों की मॉगी सुख-समृद्धि एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना, केशव प्रसाद मौर्य

उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने कहा कि देवाधिदेव महादेव की नगरी वाराणसी में बनकटी हनुमान मंदिर में प्रभु हनुमंत लाल जी महाराज के दिव्य दर्शन व पूजन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। संकटमोचन प्रभु श्री हनुमान जी के श्रीचरणों में प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य और मंगलमयता की प्रार्थना करता हूं।दर्शन-पूजन के उपरांत उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने कहा कि आज वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ धाम में देवाधिदेव महादेव भगवान शिव के पावन ज्योतिर्लिंग के दर्शन व पूजन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। काशीपति बाबा विश्वनाथ जी से प्रदेशवासियों के सर्वकल्याण की प्रार्थना करता हूं।उन्होंने कहा कि भगवान शिव एवं प्रभु श्री हनुमान की असीम कृपा से उत्तर प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर रहे, समाज में सद्भाव, समरसता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो तथा प्रत्येक परिवार सुख, शांति और समृद्धि के साथ जीवनयापन करे, यही उनकी हार्दिक कामना है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 8:35 pm

साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी, अधिवक्ताओं को दिए सुरक्षा के टिप्स

जयपुर। अधिवक्ता परिषद राजस्थान जयपुर प्रांत एवं आर्म्ड फोर्स ट्रिब्यूनल (एएफटी) जयपुर बैंच इकाई के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को ‘साइबर अपराध एवं जागरूकता’ विषय पर विशेष स्टडी सर्किल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिवक्ताओं और विधि विद्यार्थियों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना तथा उनसे बचाव के व्यावहारिक उपायों की […] The post साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी, अधिवक्ताओं को दिए सुरक्षा के टिप्स appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 8:32 pm

योगी सरकार की OBC छात्रावास योजना बनी वरदान, 102 हॉस्टल से हजारों पिछड़े वर्ग के छात्रों को मिल रहा शिक्षा का सहारा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र-छात्राओं को उच्च ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 8:30 pm

मिलिट्री इंटेलिजेंस और GRP की संयुक्त कार्रवाई में अयोध्या में सेना का फर्जी हवलदार गिरफ्तार

Fake Army Soldier Arrested from Ayodhya: अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन से सेना की वर्दी पहनकर घूम रहे एक शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया गया है। मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की इस संयुक्त कार्रवाई में आरोपी के पास से सेना की वर्दी, ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 8:17 pm

मेरठ साइबर सेल को मिली बड़ी सफलता, 2026 में 365 पीड़ितों को लौटाए 1.90 करोड़, 40 अभियोग दर्ज, 40 अपराधी कानून के शिकंजे में

Meerut Cyber ​​Cell : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ के निर्देशन एवं पुलिस अधीक्षक अपराध के कुशल नेतृत्व में जनपदीय साइबर सेल तथा सभी थाना स्तर पर संचालित साइबर हेल्प डेस्क ने वर्ष 2026 में साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने, पीड़ितों की धनराशि वापस ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 7:04 pm

क्या E20 पेट्रोल से इंजन को नुकसान हो सकता है, आयोग के फैसले से शुरू हुई नई बहस

देशभर में E20 पेट्रोल को बढ़ावा दिए जाने के बीच छत्तीसगढ़ के रायपुर से एक बड़ा मामला सामने आया है। इसने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के दावे, कार कंपनियों की प्रेस कॉन्फ्रेंस E20 पेट्रोल को लेकर वायरल हो रहे वीडियो के बीच नई बहस शुरू कर दी है।

वेब दुनिया 16 Jul 2026 6:45 pm

दतिया उपचुनाव में समर्थकों से बोले नरोत्तम मिश्रा, किसी की हिम्मत नहीं मेरे कार्यकर्ता का नुकसान करें दें?

दतिया विधाानसभा उपचुनाव में पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं के जबरदस्त बवाल और उसके बाद पुलिस की कार्रवाई का मामला गुरुवार को फिर गर्मा गया। दतिया भाजपा कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नरोत्तम ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 6:44 pm

TRAI का Data Service से जुड़ा नया अलर्ट, कीपैड फोन यूजर्स को भेजा नया मैसेज

टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) की ओर से देशभर के कई कीपैड (Feature Phone) मोबाइल यूजर्स को एक नया संदेश भेजा गया है। इस संदेश में बताया गया है कि अब ग्राहक 1925 नंबर पर कॉल करके या SMS भेजकर अपनी मोबाइल डेटा सेवा (Data Services) को ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 6:20 pm

सीएम डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को किया निवेश के लिए आमंत्रित, कहा- हमारे राज्य में आपके लिए सबकुछ उपलब्ध

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित भारत टेक्स-2026 में सम्मिलित हुए। उन्होंने यहां देश-विदेश के प्रमुख टेक्सटाइल निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और वैश्विक ब्रांड्स के साथ राउंड टेबल बैठक की। ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 6:19 pm

TTD : राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच तिरुपति में दान का नया रिकॉर्ड, 1 दिन में आए 96.98 करोड़ रुपए, आखिर क्यों उमड़े लाखों श्रद्धालु

अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान (चढ़ावे और चंदे) में हेराफेरी का मामले में गिरफ्तारी और जांच का मामला अभी गर्माया हुआ है। इस बीच तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को नई डोनर (दाता) नीति लागू होने से ठीक एक दिन ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 5:44 pm

MoU मानो तभी खुलेगा Hormuz Strait, दुनिया के सबसे बड़े समुद्री रास्ते के लिए ईरान की नई शर्त

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को लेकर ईरान ने नया रुख अपनाया है। ईरान ने साफ कहा है कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग को दोबारा पूरी तरह खोलने के लिए अमेरिका को पहले समझौता ज्ञापन ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 5:15 pm

Sanwaliya Seth Temple: सांवलिया सेठ के दरबार में जयपुर के भक्त ने चढ़ाई 20 लाख की सोने की बांसुरी

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित भगवान श्रीकृष्ण के विग्रह रूप श्री सांवलिया सेठ मंदिर (Sanwaliya Seth Temple) में आस्था और समर्पण का एक और अद्भुत उदाहरण सामने आया है। देश के सबसे अमीर और चमत्कारी मंदिरों में शुमार सांवलिया जी के दरबार में आए दिन करोड़ों रुपये का गुप्त दान और सोने-चांदी के आभूषण चढ़ना आम बात है, लेकिन गुरुवार 16 जुलाई 2026 को जयपुर से आए एक श्रद्धालु परिवार ने ठाकुर जी को एक ऐसी अनोखी और भव्य भेंट अर्पित की है, जिसकी चर्चा पूरे राजस्थान और सोशल मीडिया पर तेजी से हो रही है। इस श्रद्धालु ने भगवान सांवलिया सेठ को शुद्ध सोने से निर्मित एक बेहद खूबसूरत बांसुरी भेंट की है।137 ग्राम सोने से बनी है दिव्य बांसुरी: मौजूदा बाजार भाव के अनुसार 20 लाख रुपये है कीमतमंदिर प्रशासन से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जयपुर के इस बिजनेसमैन श्रद्धालु परिवार ने अपनी एक विशेष मन्नत पूरी होने के बाद ठाकुर जी के प्रति आभार प्रकट करने के लिए इस दिव्य बांसुरी का निर्माण करवाया था। इस बांसुरी को बनाने में लगभग 137 ग्राम शुद्ध सोने (Pure Gold) का इस्तेमाल किया गया है। वर्तमान समय में सोने के रिकॉर्ड तोड़ बाजार भाव को ध्यान में रखते हुए इस सोने की बांसुरी की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये आंकी जा रही है। इस कलात्मक बांसुरी को जयपुर के कुशल कारीगरों ने बेहद बारीकी से तैयार किया है, जिसे देखने के लिए मंदिर परिसर में मौजूद अन्य श्रद्धालु भी लालायित नजर आए।भगवान कृष्ण और बांसुरी का पावन नाता: सिर्फ कीमती धातु नहीं, अटूट श्रद्धा का है प्रतीकसनातन धर्म और पौराणिक मान्यताओं में भगवान श्रीकृष्ण और उनकी बांसुरी का रिश्ता अत्यंत गहरा और अलौकिक माना गया है। बांसुरी को केवल एक वाद्य यंत्र नहीं, बल्कि निष्काम प्रेम, निश्छल भक्ति और परम शांति के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। जयपुर के भक्त परिवार का कहना है कि जब उनकी बरसों पुरानी मनोकामना सांवलिया सेठ की कृपा से पूरी हुई, तो उन्होंने भगवान के सबसे प्रिय आभूषण को ही स्वर्ण रूप में अर्पित करने का संकल्प लिया। धार्मिक जानकारों के मुताबिक, इस प्रकार के बड़े दान को सिर्फ एक कीमती उपहार के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह भक्त और भगवान के बीच के अटूट विश्वास और समर्पण की पराकाष्ठा को दर्शाता है।मंदिर की रसीद प्रक्रिया और सम्मान परंपरा: ऊपरना पहनाकर भक्त परिवार का हुआ स्वागतइस नायाब स्वर्ण बांसुरी को अर्पित करने के लिए भक्त परिवार ने पूरी धार्मिक और प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन किया। सबसे पहले उन्होंने मुख्य गर्भगृह में सांवलिया सेठ के दर्शन किए और विशेष पूजा-अर्चना संपन्न की। इसके बाद, वे मंदिर के आधिकारिक भेंट कक्ष (Donation Room) पहुंचे, जहां मंदिर मंडल के प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष इस 137 ग्राम वजनी बांसुरी को कानूनी प्रक्रिया के तहत सुपुर्द किया गया। मंदिर ट्रस्ट ने नियमों के अनुसार सोने की शुद्धता की जांच कर श्रद्धालु को इसकी आधिकारिक रसीद (Donation Receipt) सौंपी। सांवलिया जी मंदिर की प्राचीन परंपरा के अनुसार, इतनी बड़ी भेंट चढ़ाने के बाद मंदिर के मुख्य पुजारी और पदाधिकारियों ने जयपुर के श्रद्धालु को भगवान का पवित्र ऊपरना (दुपट्टा) पहनाकर सम्मानित किया, साथ ही उन्हें ठाकुर जी का विशेष महाप्रसाद और सांवलिया सेठ की एक सुंदर तस्वीर स्मृति चिह्न के रूप में भेंट की।देश-विदेश में प्रसिद्ध है सांवलिया सेठ का दरबार: हर महीने निकलता है करोड़ों का चढ़ावाराजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र में स्थित सांवलिया सेठ मंदिर की ख्याति केवल भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी फैली हुई है। ऐसी दृढ़ मान्यता है कि इस मंदिर में जो भी भक्त सच्चे और साफ मन से आकर झोली फैलाता है, सांवलिया सेठ उसकी हर मुराद निश्चित रूप से पूरी करते हैं। यही कारण है कि इस मंदिर को 'व्यापार का साझीदार' (Business Partner) भी कहा जाता है और कई बड़े कारोबारी अपने मुनाफे का एक निश्चित हिस्सा यहां आकर चढ़ाते हैं। हर महीने जब मंदिर का दानपात्र खोला जाता है, तो उसमें से 10 से 15 करोड़ रुपये की नकदी के साथ-साथ भारी मात्रा में सोने के मुकुट, छत्र, बांसुरी और हीरे-जवाहरात निकलते हैं, जो इस मंदिर के प्रति जन-जन की अगाध श्रद्धा को प्रमाणित करता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 5:09 pm

FIFA 2026 Controversy: इंग्लैंड को हराने के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने मैदान पर किया ऐसा काम

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को 2-1 से पटखनी देकर अर्जेंटीना ने लगातार दूसरी बार फाइनल में प्रवेश कर इतिहास तो रच दिया, लेकिन इस महाजीत के ठीक बाद मैदान पर एक ऐसा हाई-प्रोफाइल राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया जिसने खेल जगत को हिलाकर रख दिया है। मैच खत्म होने के तुरंत बाद जब पूरी टीम जीत के जश्न में डूबी थी, तभी अर्जेंटीना के दो स्टार खिलाड़ी जियोवानी लो सेल्सो और निकोलस ओटामेंडी मैदान के बीचों-बीच एक बेहद संवेदनशील और विवादित बैनर लहराते नजर आए। इस बैनर पर बड़े अक्षरों में लिखा था— 'लास माल्विनास सोन अर्जेंटीनास' (Las Malvinas son Argentinas), जिसका सीधा राजनीतिक अर्थ है कि 'फॉकलैंड द्वीप समूह अर्जेंटीना का है।' इस खुले प्रदर्शन के बाद अब अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन (AFA) पर फीफा के कड़े प्रतिबंधों का खतरा मंडराने लगा है।क्या है 44 साल पुराना फॉकलैंड युद्ध विवाद? जिसने खेल के मैदान को बनाया जंग का अखाड़ामर्सिडीज बेंज एरिना के आलीशान मैदान पर मैच खत्म होने के बाद जो बैनर लहराया गया, उसका इतिहास 44 साल पुराने एक भीषण और खूनी सैन्य संघर्ष से जुड़ा हुआ है। दक्षिण अटलांटिक महासागर में स्थित फॉकलैंड द्वीप समूह को अर्जेंटीना में आधिकारिक तौर पर 'इस्लास माल्विनास' कहा जाता है। इस द्वीप के संप्रभुता अधिकार को लेकर साल 1982 में अर्जेंटीना और ब्रिटेन (इंग्लैंड) के बीच 74 दिनों तक एक भीषण युद्ध लड़ा गया था। इस युद्ध में 649 अर्जेंटीना के सैनिकों और 255 ब्रिटिश नागरिकों सहित 900 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। युद्ध की समाप्ति के बाद ब्रिटेन ने इस द्वीप पर अपना पूर्ण प्रशासनिक नियंत्रण दोबारा स्थापित कर लिया था, लेकिन अर्जेंटीना आज भी इसे अपनी राष्ट्रीय अस्मिता और संप्रभुता का एक अभिन्न हिस्सा मानता है, जिसकी गूंज अक्सर दोनों देशों के बीच होने वाले फुटबॉल मैचों में सुनाई देती है।फीफा नियमों की सरेआम धज्जियां: ड्रेसिंग रूम से लेकर मैदान तक चल रहा था प्रोपेगैंडाइंटरनेशनल फुटबॉल फेडरेशन (FIFA) के सख्त अनुशासन नियमों के मुताबिक, फुटबॉल के मैदान या स्टेडियम परिसर के भीतर किसी भी प्रकार के राजनीतिक, धार्मिक या व्यक्तिगत संदेश, बैनर और प्रचार की पूरी तरह से मनाही है। 'द एसोसिएटेड प्रेस' की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस हाई-रिस्क मैच की संवेदनशीलता को देखते हुए सेमीफाइनल की शुरुआत से पहले ही अर्जेंटीना के प्रशंसकों को स्टेडियम के भीतर फॉकलैंड के झंडे या कोई भी विवादित सामग्री ले जाने से पूरी तरह रोक दिया गया था, जिसकी पुष्टि खुद अर्जेंटीना की सुरक्षा मंत्री एलेजांद्रा मोंटेओलिवा ने की थी। इसके बावजूद सुरक्षा घेरे को तोड़कर मैदान के भीतर खिलाड़ियों तक यह बैनर कैसे पहुंचा, यह एक गंभीर सुरक्षा चूक है। 'द गार्जियन' की रिपोर्ट के मुताबिक, क्वार्टर फाइनल में स्विट्जरलैंड को हराने के बाद भी अर्जेंटीना के खिलाड़ियों को ड्रेसिंग रूम में 'माल्विनास' की आजादी और डिएगो माराडोना की याद में राजनीतिक नारे गाते हुए सुना गया था।आखिरी पलों में मेसी का जादुई पलटवार: इंग्लैंड की मजबूत दीवार को ढहाकर फाइनल में पहुंचे चैंपियनअगर मैच के रोमांच की बात करें, तो अर्जेंटीना एक समय पूरी तरह बैकफुट पर था और इंग्लैंड ने मैच पर अपनी मजबूत पकड़ बना रखी थी। खेल के 55वें मिनट में इंग्लैंड के आक्रामक फारवर्ड एंथनी गॉर्डन ने एक शानदार मैदानी गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी थी। जब ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड फाइनल का टिकट पक्का कर लेगा, तभी 85वें मिनट में स्टार मिडफील्डर एन्जो फर्नांडीज ने कप्तान लियोनेल मेसी के सटीक पास पर एक अविश्वसनीय लॉन्ग-रेंज स्ट्राइक की और गेंद को सीधे नेट में डालकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद मैच के एक्स्ट्रा टाइम (92वें मिनट) में लौटारो मार्टिनेज ने मेसी के एक और जादुई क्रॉस को शानदार हेडर के जरिए गोल में तब्दील कर अर्जेंटीना को 2-1 से एक ऐतिहासिक और चमत्कारी जीत दिला दी।रविवार को स्पेन से महामुकाबला: क्या मेसी दोबारा उठाएंगे विश्व कप की ट्रॉफी?इस यादगार सेमीफाइनल मैच की सबसे खास बात यह रही कि अर्जेंटीना की तरफ से दागे गए दोनों ही शानदार गोलों में महान कप्तान लियोनेल मेसी का जादुई असिस्ट शामिल रहा, जिसने साबित कर दिया कि 2026 में भी मेसी का जादू पूरी दुनिया पर सर चढ़कर बोल रहा है। इस शानदार जीत के बाद अब अर्जेंटीना की टीम रविवार 20 जुलाई 2026 को होने वाले फीफा वर्ल्ड कप के ग्रैंड फिनाले में 2010 की चैंपियन स्पेन की युवा और आक्रामक टीम से लोहा लेगी। पूरी दुनिया के फुटबॉल प्रेमियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या लियोनेल मेसी लगातार दूसरा फीफा विश्व कप खिताब जीतकर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का सबसे शानदार अंत कर पाएंगे, या फिर मैदान पर हुआ यह फॉकलैंड विवाद टीम के मनोबल को प्रभावित करेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 5:05 pm

MLC 2026 World Record Run Chase: स्मिथ और गौस ने वाशिंगटन फ्रीडम को जीत दिलाई, वर्ल्ड रिकॉर्ड रन चेज़ पूरा किया

मेजर लीग क्रिकेट (MLC 2026) के एलिमिनेटर मुकाबले में क्रिकेट जगत ने एक ऐसा ऐतिहासिक और रोंगटे खड़े कर देने वाला मंजर देखा, जिसने T20 क्रिकेट के इतिहास की सभी पुरानी किताबों को पलट कर रख दिया है। ओकलैंड कोलिज़ीयम के मैदान पर खेले गए इस महामुकाबले में वॉशिंगटन फ्रीडम और एमआई न्यूयॉर्क (MI New York) की टीमें आमने-सामने थीं। इस मैच को दुनिया के सबसे छोटे फॉर्मेट के सबसे रोमांचक और रिकॉर्ड-तोड़ मुकाबलों में से एक मान लिया गया है, जहां रनों की ऐसी सुनामी आई जिसने हर किसी को हैरान कर दिया।ओकलैंड का रनबाजार: निकोलस पूरन और कीरोन पोलार्ड की आक्रामक बैटिंग से MI न्यूयॉर्क का विशाल स्कोरमैच की शुरुआत में एमआई न्यूयॉर्क ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मैदान के चारों ओर चौकों और छक्कों की बरसात कर दी। सलामी बल्लेबाज मोनंक पटेल और क्विंटन डी कॉक भले ही बड़ी पारी खेलने से चूक गए हों, लेकिन इसके बाद क्रीज पर आए विस्फोटक बल्लेबाज निकोलस पूरन ने मैदान पर तबाही मचा दी। पूरन ने महज 33 गेंदों का सामना करते हुए ताबड़तोड़ 106* रनों की नाबाद शतकीय पारी खेली, जिसके दम पर टीम ने स्कोरबोर्ड पर रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया। उनका साथ देते हुए अनुभवी कीरोन पोलार्ड ने भी महज़ 25 गेंदों में 64 रनों की तेजतर्रार पारी खेली। एमआई न्यूयॉर्क ने पहली पारी में कुल 266 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो टी20 इतिहास के सबसे बड़े स्कोर में शुमार हो गया। इस पारी के दौरान एमआई न्यूयॉर्क के बल्लेबाजों ने कुल 29 छक्के जड़े, जो किसी भी टी20 पारी में किसी टीम द्वारा लगाए गए सबसे ज्यादा छक्कों का नया रिकॉर्ड है। पहली पारी के बाद हर किसी को यह लग रहा था कि वॉशिंगटन फ्रीडम के लिए इस लक्ष्य को छूना नामुमकिन होगा, लेकिन उन्हें इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि आगे क्या होने वाला है।स्टीव स्मिथ और एंड्रीज़ गौस का चमत्कारी तूफान: जब रनों के पहाड़ के सामने बौने पड़ गए गेंदबाज267 रनों के असंभव से दिखने वाले लक्ष्य का पीछा करने उतरी वॉशिंगटन फ्रीडम की शुरुआत बेहद खराब रही और पारी के शुरुआती ओवर में ही मिचेल ओवेन मात्र 1 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद क्रीज पर आए पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ और एंड्रीज़ गौस ने मोर्चा संभाला और मैच का नक्शा ही बदल दिया। अनुभवी स्टीव स्मिथ ने कप्तानी पारी खेलते हुए न्यूयॉर्क के गेंदबाजों के होश उड़ा दिए और 48 गेंदों में नाबाद 110* रनों की शानदार शतकीय पारी खेली, जिसमें 7 चौके और 9 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। उनका साथ निभाया एंड्रीज़ गौस ने, जिन्होंने मैदान के हर कोने में शॉट लगाते हुए मात्र 51 गेंदों में 132 रनों की ऐतिहासिक पारी खेल डाली। इन दोनों बल्लेबाजों की आंधी के आगे दुनिया का कोई भी गेंदबाज टिक नहीं सका।T20 क्रिकेट के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त: 51 छक्कों वाला मुकाबला और सबसे बड़ा सफल रन चेज़जब क्रिकेट पंडितों ने मान लिया था कि मैच पूरी तरह से हाथ से निकल चुका है, तब वॉशिंगटन फ्रीडम के बल्लेबाजों ने करिश्मा कर दिखाया। टीम ने नामुमकिन दिख रहे 267 रनों के इस पहाड़ जैसे लक्ष्य को मात्र 18.4 ओवर में ही हासिल कर लिया और 6 विकेट शेष रहते ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली। इस मैच में कुल 51 छक्के लगे, जो किसी भी टी20 मुकाबले में 50 से अधिक छक्के लगने का पहला और एकमात्र वर्ल्ड रिकॉर्ड है। यह T20 क्रिकेट के संपूर्ण इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन चेज़ भी बन गया है, जिससे वॉशिंगटन फ्रीडम का खिताब जीतने का सपना अभी भी जिंदा है। इस सनसनीखेज जीत के बाद अब वॉशिंगटन फ्रीडम का मुकाबला दूसरे एलिमिनेटर मैच में 17 जुलाई को सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स के खिलाफ होगा, जहां फैंस एक बार फिर रोमांचक मुकाबले की उम्मीद कर रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 5:03 pm

Shubman Gill Fitness Update: इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे ODI में कप्तान शुभमन गिल के खेलने पर सस्पेंस खत्म

भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही तीन मैचों की हाई-प्रोफाइल वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला वेल्स के कार्डिफ स्थित ऐतिहासिक सोफिया गार्डन्स (Sophia Gardens, Cardiff) मैदान पर खेला जाना है। लगातार सात मैचों की करारी हार के सिलसिले को तोड़ते हुए टीम इंडिया ने कप्तान शुभमन गिल (Shubman Gill) की अगुवाई में पहले वनडे में इंग्लैंड पर एक शानदार और धमाकेदार जीत दर्ज की थी। इस दूसरे मैच में मेहमान भारतीय टीम के पास सीरीज को अपने नाम कर इतिहास रचने का एक सुनहरा मौका होगा। लेकिन इस महामुकाबले से ठीक पहले करोड़ों क्रिकेट फैंस की नजरें कप्तान शुभमन गिल की फिटनेस और उनकी चोट की चिंताओं पर टिकी हुई थीं, जिस पर अब एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत देने वाला आधिकारिक अपडेट सामने आया है।बर्मिंघम थ्रिलर का फ्लैशबैक: जब 80 रनों की तूफानी पारी के बाद रिटायर्ड हर्ट हुए गिलबर्मिंघम में खेले गए सीरीज के पहले एकदिवसीय मैच में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर शानदार रणनीति के तहत इंग्लैंड को 6 विकेट से करारी शिकस्त दी थी। मेजबान इंग्लैंड के 258 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए कप्तान शुभमन गिल ने सामने से टीम का नेतृत्व किया और महज 26वें ओवर तक 80 रनों की आक्रामक पारी खेल डाली। हालांकि, इसी ओवर के दौरान गिल अचानक गंभीर शारीरिक ऐंठन (Cramps) से जूझते नजर आए और उन्हें मजबूरन 'रिटायर्ड हर्ट' होकर मैदान से बाहर जाना पड़ा। गिल के जाने के बाद ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल ने मोर्चा संभाला, दोनों ने बेहतरीन अर्धशतक जमाते हुए 109 रनों की अटूट साझेदारी की और भारत को 4 ओवर शेष रहते ही एक ऐतिहासिक जीत दिला दी।चोटों का पुराना इतिहास: जब-जब क्रैम्प और गर्दन की समस्या ने बढ़ाई भारतीय खेमे की धड़कनेंदाएं हाथ के इस होनहार ओपनिंग बल्लेबाज के लिए चोट और क्रैम्प्स की समस्या कोई नई बात नहीं है। इससे पहले साल 2023 के वनडे वर्ल्ड कप के हाई-वोल्टेज सेमीफाइनल मुकाबले में भी शुभमन गिल 79 रन के स्कोर पर गंभीर क्रैम्प्स के कारण रिटायर्ड हर्ट हो गए थे। इसके अलावा, गिल को करियर में लगातार गर्दन की चोट (Neck Injury) से भी जूझना पड़ा है। साल 2024 में इसी गर्दन की समस्या के कारण वह श्रीलंका के खिलाफ एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच और न्यूजीलैंड के खिलाफ एक महत्वपूर्ण टेस्ट मैच से बाहर हो गए थे। इसके बाद साल 2025 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान भी उनकी गर्दन की तकलीफ दोबारा उभर आई थी, जहां उन्हें फिर से रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा था। यही वजह थी कि पहले वनडे में उनके मैदान छोड़ने के बाद दूसरे वनडे में उनकी उपलब्धता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे।सोफिया गार्डन्स से राहत की खबर: दूसरे वनडे की प्लेइंग इलेवन में कप्तानी संभालेंगे शुभमन गिलभारतीय क्रिकेट प्रशंसकों और टीम प्रबंधन के लिए सोफिया गार्डन्स के खेल गलियारों से बेहद सकारात्मक रिपोर्ट आ रही है। सूत्रों और मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, शुभमन गिल की मांसपेशियों का खिंचाव अब पूरी तरह ठीक हो चुका है और वह पूरी तरह से फिट घोषित कर दिए गए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि वह न केवल प्लेइंग इलेवन (Playing XI) का हिस्सा होंगे, बल्कि इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज पर कब्जा करने के इरादे से मैदान पर भारतीय टीम की कप्तानी भी संभालेंगे। उनके फिट होने से भारतीय बल्लेबाजी क्रम की रीढ़ एक बार फिर बेहद मजबूत नजर आ रही है।अभिषेक नायर ने की विराट कोहली से तुलना: 'जुनूनी खिलाड़ी की तरह रन बना रहे हैं गिल'दूसरे वनडे मैच की पूर्व संध्या पर भारतीय टीम के पूर्व ऑलराउंडर और मौजूदा सपोर्ट स्टाफ के सदस्य अभिषेक नायर (Abhishek Nayar) ने कप्तान शुभमन गिल के मौजूदा शानदार फॉर्म पर खुलकर बात की। नायर ने गिल की तकनीकी श्रेष्ठता की जमकर तारीफ करते हुए उनके इस सुनहरे दौर (Purple Patch) की तुलना दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली (Virat Kohli) के शुरुआती अंतरराष्ट्रीय करियर के सालों से कर दी। नायर ने कहा, शुभमन गिल को क्रीज पर बल्लेबाजी करते देखकर मुझे विराट कोहली का वह शुरुआती दौर याद आ गया जब वे अपनी मर्जी से हर मैच में रन बनाते थे। गिल इस वक्त बिल्कुल परफेक्ट दिख रहे हैं। चाहे इंग्लैंड की तेज गेंदबाजी हो या सोफिया गार्डन्स की सीम लेती पिच, ऐसा बिल्कुल नहीं लगता कि वे किसी भी मोड़ पर संघर्ष कर रहे हैं। वे एक जुनूनी क्रिकेटर की तरह खेल रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 5:00 pm

Messi Magic in FIFA 2026: लियोनेल मेसी ने रचा इतिहास, इंग्लैंड को हराकर लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचा अर्जेंटीना

फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के दूसरे हाई-वोल्टेज सेमीफाइनल मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को एक बेहद रोमांचक और सांसें रोक देने वाले मैच में 1-2 से शिकस्त दे दी है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही तीन बार की विश्व चैंपियन अर्जेंटीना अब अपने चौथे सुनहरे खिताब से महज एक कदम दूर है। मैच के असली हीरो एक बार फिर सर्वकालिक महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी (Lionel Messi) साबित हुए, जिन्होंने अपने जादुई खेल की बदौलत मैच में दो टर्निंग असिस्ट देकर पासा पलट दिया। फाइनल का टिकट पक्का करने के तुरंत बाद, भावुक मेसी ने दुनिया भर में फैले अर्जेंटीना के करोड़ों फैंस के नाम एक बेहद दिल छू लेने वाला संदेश जारी किया है।यह टीम कभी निराश नहीं करेगी: मेसी ने कतर की यादें ताजा करते हुए फैंस को दिया खास संदेशइंग्लैंड पर मिली इस जादुई जीत के बाद पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन और मीडिया से बात करते हुए कप्तान लियोनेल मेसी काफी भावुक नजर आए। उन्होंने फैंस के अटूट विश्वास की सराहना करते हुए कहा, मैं अपने देश के हर एक प्रशंसक से आज ठीक वही बात कहना चाहता हूं जो मैंने 2022 में कतर वर्ल्ड कप के दौरान कही थी—इस ऐतिहासिक पल का पूरा आनंद लें (Enjoy it)। यह टीम आपके भरोसे को कभी टूटने नहीं देगी और आपको कभी निराश नहीं करेगी। यह पूरा वर्ल्ड कप अभियान हमारे लिए बेहद क्रेज़ी और भावनाओं से भरा रहा है। लगातार दूसरी बार विश्व कप के फाइनल में पहुंचना किसी अविश्वसनीय सपने जैसा है। भले ही यह मैदान पर खेला जाने वाला एक फुटबॉल मैच था, लेकिन जैसे ही राष्ट्रगान की धुन बजी, हम सभी खिलाड़ियों ने अपने भीतर एक अद्भुत और खास ऊर्जा महसूस की। यह सिर्फ एक और जीत नहीं है; अर्जेंटीना का हर नागरिक इसे पूरे दिल से चाहता था।अटलांटा स्टेडियम में थ्रिलर ड्रामा: इंग्लैंड की एक रणनीतिक चूक और अर्जेंटीना का ऐतिहासिक पलटवार16 जुलाई 2026 को अटलांटा के खचाखच भरे स्टेडियम में खेले गए इस दूसरे सेमीफाइनल मैच के पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली और कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं हो सकी। दूसरे हाफ में खेल ने करवट ली जब 55वें मिनट में इंग्लैंड के स्टार फारवर्ड एंथनी गॉर्डन ने एक शानदार फील्ड गोल दागकर अपनी टीम को 0-1 की बढ़त दिला दी। इस शुरुआती झटके के बाद इंग्लैंड की टीम ने आक्रामक खेल जारी रखने के बजाय पीछे हटकर रक्षात्मक (Defensive Mode) रणनीति अपनाई, जो अंततः उन पर भारी पड़ गई। मेसी की अगुवाई में अर्जेंटीना ने दबाव का फायदा उठाया और खेल के 85वें मिनट में एंजो फर्नांडीज ने मेसी के बेहतरीन पास पर गोल कर स्कोर 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया।92वें मिनट में लुटारो मार्टिनेज का विनिंग गोल: एक्स्ट्रा टाइम में टूटा इंग्लैंड का दिलमैच जब पेनल्टी शूटआउट की तरफ बढ़ता हुआ दिख रहा था, तभी इंजरी टाइम (92वें मिनट) में अर्जेंटीना के स्ट्राइकर लुटारो मार्टिनेज ने लियोनेल मेसी के एक और जादुई असिस्ट को गोल पोस्ट के भीतर भेजकर इतिहास रच दिया। इस विनिंग गोल के साथ ही अर्जेंटीना ने मुकाबला 1-2 से अपने नाम कर लिया। अब अर्जेंटीना की टीम 20 जुलाई 2026 को न्यूयॉर्क न्यू जर्सी के भव्य स्टेडियम में होने वाले महा-मुकाबले में 2010 की विश्व चैंपियन स्पेन (Spain) से भिड़ेगी। स्पेन इस वक्त अपने सबसे खतरनाक फॉर्म में चल रही है और उसने हाल ही में पुर्तगाल और फ्रांस जैसी दिग्गज टीमों को हराकर फाइनल में जगह बनाई है, जिससे फुटबॉल प्रेमियों को एक ऐतिहासिक फाइनल देखने को मिलने वाला है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 4:58 pm

ISRO में 100 से ज्यादा वैज्ञानिकों के इस्तीफों से हलचल, सरकार ने सख्त किए नियम, Gaganyaan Mission से जुड़े कर्मियों पर विशेष फोकस

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में हाल के महीनों में 100 से अधिक वैज्ञानिकों के इस्तीफा देने की खबरों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विशेष रूप से गगनयान (Gaganyaan) और अन्य महत्वपूर्ण अंतरिक्ष मिशनों से ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 4:48 pm

बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लगेगा ताला! बिना माता-पिता की इजाजत नहीं खुलेगा खाता

डिजिटल युग में बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर सोशल मीडिया के बढ़ते दुष्प्रभावों को देखते हुए भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में एक बड़ा और सख्त कदम उठाया जा रहा है। पाकिस्तान के सबसे बड़े और प्रभावशली पंजाब प्रांत की विधानसभा में एक ऐसा अभूतपूर्व प्रस्ताव पेश किया गया है, जो अगर कानून में बदलता है तो 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चे अपने माता-पिता या कानूनी अभिभावकों की लिखित अनुमति के बिना किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपना अकाउंट नहीं खोल पाएंगे। इस कदम के बाद अब पड़ोसी देश में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और डिजिटल लत को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।इस्तेहकाम-ए-पाकिस्तान पार्टी (IPP) की विधायक का मास्टरस्ट्रोक: सारा अहमद ने पेश किया देश का पहला अनोखा प्रस्तावपंजाब विधानसभा में यह ऐतिहासिक और अपनी तरह का पहला अनूठा प्रस्ताव सत्तारूढ़ गठबंधन की प्रमुख सहयोगी पार्टी 'इस्तेहकाम-ए-पाकिस्तान पार्टी' (IPP) की विधायक सारा अहमद द्वारा मंगलवार 14 जुलाई 2026 को पेश किया गया। सारा अहमद, जो पंजाब बाल संरक्षण ब्यूरो (Punjab Child Protection Bureau) की अध्यक्ष भी हैं, उन्होंने बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा का हवाला देते हुए इस प्रस्ताव को पटल पर रखा। सारा अहमद ने प्रांतीय सरकार से न केवल अपने राज्य में इसे लागू करने की मांग की है, बल्कि प्रांतीय प्रशासन के जरिए देश की संघीय (केंद्र) सरकार से भी पूरे पाकिस्तान में बच्चों के लिए समान रूप से डिजिटल सुरक्षा कानून बनाने की पुरजोर सिफारिश की है।क्यों पड़ी इस कड़े कानून की जरूरत? साइबर उत्पीड़न और डिजिटल एडिक्शन से बचाने की राज्य की नैतिक जिम्मेदारीप्रस्ताव के मसौदे में इस बात को बेहद गंभीरता से रेखांकित किया गया है कि देश के बच्चों का शारीरिक, मानसिक, मनोवैज्ञानिक और नैतिक विकास सुनिश्चित करना किसी भी कल्याणकारी राज्य की संवैधानिक और नैतिक जिम्मेदारी है। आधुनिक समय में सोशल मीडिया तक बच्चों की अनियंत्रित और अनियंत्रित पहुंच के कारण वे लगातार साइबर बुलिंग (Cyber Bullying), ऑनलाइन यौन शोषण, अनुचित एवं अश्लील सामग्री, भारी मानसिक तनाव, गंभीर अवसाद और खतरनाक डिजिटल एडिक्शन (Digital Addiction) का शिकार हो रहे हैं। इन बढ़ते खतरों को रोकने के लिए सिर्फ पारिवारिक समझ नहीं, बल्कि एक मजबूत और प्रभावी कानूनी संरक्षण चक्र की तत्काल आवश्यकता है।पीटीए (PTA) से सख्त ऐज वेरिफिकेशन की मांग: सोशल मीडिया कंपनियों को लागू करना होगा कड़ा सुरक्षा तंत्रइस नए कानून के प्रस्ताव में सिर्फ प्रतिबंध लगाने की बात नहीं की गई है, बल्कि इसे धरातल पर कड़ाई से लागू करने के लिए एक तकनीकी ढांचा तैयार करने की भी मांग की गई है। प्रस्ताव के अनुसार, पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण (PTA - Pakistan Telecommunication Authority) को देश में संचालित होने वाले सभी वैश्विक सोशल मीडिया दिग्गजों (जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक और एक्स) के लिए एक बेहद प्रभावी और अनिवार्य ऐज वेरिफिकेशन सिस्टम (Age Verification System) लागू करना होगा। इस मजबूत तकनीकी फिल्टर के लागू होने के बाद ही यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि कोई भी कम उम्र का बच्चा अपनी सही उम्र छुपाकर या फर्जी प्रोफाइल बनाकर इन प्लेटफॉर्म्स का गलत इस्तेमाल न कर सके।वैश्विक स्तर पर बढ़ रहा है बच्चों पर पहरा: ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ की तर्ज पर तैयारीपाकिस्तान के पंजाब प्रांत में आया यह प्रस्ताव किसी एक देश की सोच नहीं है, बल्कि वर्तमान में पूरी दुनिया की सरकारें बच्चों के ऑनलाइन व्यवहार को लेकर बेहद गंभीर हो चुकी हैं। चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक शोधों में लगातार यह साबित हो रहा है कि अत्यधिक सोशल मीडिया का उपयोग बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह बर्बाद कर रहा है। इसी के मद्देनजर हाल ही में ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ (EU) के कई सदस्य देशों ने अपने यहां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स तक बच्चों की पहुंच को सीमित करने के लिए सख्त आयु-आधारित प्रतिबंध और कानून लागू किए हैं। इसी राह पर चलते हुए अब पड़ोसी देश भी बच्चों के सुनहरे और सुरक्षित भविष्य के लिए इस कड़े नियमन की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 4:37 pm

Nepal Political Crisis: जेन-जी आइकॉन से 'नेपाली हिटलर' बनने का सफर? नेपाल के पीएम बालेन शाह पर संसद में बरसे महंथ ठाकुर

नेपाल के राजनीतिक गलियारों में इस वक्त एक नया और बेहद आक्रामक वैचारिक मोड़ देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया और युवा पीढ़ी (Gen-Z) के अभूतपूर्व समर्थन के दम पर पारंपरिक राजनीतिक दलों को पछाड़कर सत्ता के केंद्र में स्थापित हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह (Balen Shah) की शासन शैली अब गंभीर विवादों के घेरे में आ गई है। नेपाल की संसद की उच्च सदन यानी नेशनल असेंबली (National Assembly) में बुधवार 15 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री के खिलाफ विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल दिया। जनता समाजवादी पार्टी (JSP) के कद्दावर नेता और वरिष्ठ सांसद महंथ ठाकुर ने सदन के भीतर प्रधानमंत्री बालेन शाह की तुलना सीधे दुनिया के सबसे क्रूर तानाशाह एडॉल्फ हिटलर से करते हुए देश में तानाशाही शासन व्यवस्था थोपने का गंभीर आरोप मढ़ दिया है।नेपाली हिटलर बन चुके हैं पीएम: महंथ ठाकुर ने संसद में दागे तीखे सियासी बाणसंसद की रणनीतिक बैठक के दौरान महंथ ठाकुर ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए बालेन शाह के नेतृत्व वाले पूरे प्रशासनिक तंत्र को अक्षम, दिशाहीन और पूरी तरह विफल करार दिया। उन्होंने स्पीकर के सामने जोर देते हुए कहा, आज हम देश के मुखिया को किस नाम से पुकारें? क्या उन्हें नेपाली तानाशाह कहा जाए या फिर नेपाली हिटलर? वे वास्तव में नेपाल के हिटलर बन चुके हैं। उनके मुंह से निकला हर शब्द परम सत्य मान लिया जाता है और उनका हर मनमाना आदेश देश का कानून बन जाता है। इस निरंकुश रवैये के कारण आज पूरा नेपाल तबाही और प्रशासनिक अराजकता के मुहाने पर जाकर खड़ा हो गया है। ठाकुर ने आरोप लगाया कि यह सरकार पूरी तरह निष्क्रिय हो चुकी है और इसमें जनता को दिए गए लोक-लुभावन आश्वासनों को धरातल पर उतारने की कोई राजनीतिक प्रतिबद्धता नहीं बची है, जिससे देश के युवाओं में हताशा बढ़ रही है।प्रशासनिक तंत्र और संस्थाओं पर हमला: राजनीतिक दलों के दफ्तरों में तोड़फोड़ का आरोपविपक्षी नेताओं ने सरकार पर लोकतांत्रिक ढांचे को जानबूझकर ध्वस्त करने का एक बड़ा और संगठित आरोप लगाया है। संसद में दी गई दलीलों के अनुसार, बालेन शाह के प्रशासन ने स्थापित कर्मचारी तंत्र को डराने के लिए अधिकारियों को उनके संवैधानिक पदों से बिना किसी ठोस कानूनी आधार के मनमाने ढंग से हटाना शुरू कर दिया है, जिसके कारण काठमांडू सहित कई हिस्सों में प्रशासनिक स्तर पर भारी विरोध-प्रदर्शन भड़क उठे हैं। यही नहीं, महंथ ठाकुर ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा सत्ता के इशारे पर स्थापित राजनीतिक दलों के प्रांतीय कार्यालयों में जबरन हस्तक्षेप किया जा रहा है, वहां के फर्नीचर सरेआम जलाए जा रहे हैं और लोकतांत्रिक संगठनों को पूरी तरह प्रतिबंधित करने का प्रयास किया जा रहा है क्योंकि यह सरकार संगठित ट्रेड यूनियनों और छात्र संगठनों की वैचारिक ताकत का सामना करने की हिम्मत नहीं रखती।शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में हाहाकार: कठोर नीतियों से निजी क्षेत्र में भारी असंतोषनेपाल के बुनियादी सामाजिक ढांचे का विशेष उल्लेख करते हुए वरिष्ठ सांसद ने चेतावनी दी कि बोर्डिंग स्कूलों (निजी शिक्षण संस्थानों) और नर्सिंग होम के प्रति सरकार का अत्यधिक आक्रामक और कठोर दृष्टिकोण देश के विकास चक्र को पूरी तरह रोक देगा। उन्होंने तार्किक रूप से स्पष्ट किया कि नेपाल जैसा विकासशील देश अपनी पूरी आबादी को केवल सरकारी सहायता और सीमित बजट के भरोसे विश्वस्तरीय शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं नहीं दे सकता; इसके लिए निजी निवेश और कॉर्पोरेट क्षेत्र का सक्रिय सहयोग अनिवार्य है। सरकार की दमनकारी नीतियों के कारण लाखों होनहार छात्रों, पेशेवर शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों का भविष्य पूरी तरह से अंधकार में डूबता नजर आ रहा है, जो अंततः देश की आर्थिक रीढ़ को और कमजोर कर देगा।लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की मांग: गलत दिशा में जा रहा है हिमालयी राष्ट्रअपने संसदीय संबोधन के समापन सत्र में महंथ ठाकुर ने वैश्विक बिरादरी और देश की न्यायपालिका का ध्यान आकर्षित करते हुए चेतावनी दी कि बालेन शाह की यह स्वेच्छाचारी शासन शैली नेपाल को एक बेहद खतरनाक और आत्मघाती रास्ते पर ले जा रही है। उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को दरकिनार करने और देश की पुरानी सार्वजनिक संस्थाओं को लगातार कमजोर करने की सरकारी नीतियों की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा की। इस बड़े संसदीय टकराव के बाद अब काठमांडू की सड़कों पर बालेन शाह के समर्थक युवाओं और पारंपरिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच वैचारिक जंग और तेज होने की संभावना है, जिस पर भारत सहित पूरे दक्षिण एशिया के राजनयिकों की पैनी नजर बनी हुई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 4:36 pm

US-Iran War: तेहरान के बीचों-बीच लगा ट्रंप की मौत वाला खौफनाक बिलबोर्ड; काले ताबूत में मृत दिखाकर ईरान ने दी खुली धमकी

मध्य पूर्व (Middle East) में जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच अमेरिका और ईरान के संबंध अब तक के सबसे खतरनाक और हिंसक दौर में पहुंच चुके हैं। युद्ध की विभीषिका के बीच ईरान की राजधानी तेहरान से एक ऐसी सनसनीखेज तस्वीर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया के नीति-नियंताओं और खुफिया एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया है। तेहरान के सबसे व्यस्त और मशहूर एंगेलाब चौराहे (Enghelab Square) पर एक विशालकाय आधिकारिक बिलबोर्ड लगाया गया है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक काले रंग के ताबूत में मृत अवस्था में लेटे हुए दिखाया गया है। इस विवादित होर्डिंग के जरिए ईरान ने सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति को जान से मारने की खौफनाक धमकी दी है, जिससे दोनों परमाणु-सम्पन्न और सैन्य महाशक्तियों के बीच जारी जंग के और ज्यादा भड़कने के आसार पैदा हो गए हैं।बिलबोर्ड की इनसाइड स्टोरी: बंद आंखें, लाल टाई और 'मिनाब स्कूल' के नरसंहार का बदलाईरान की अर्ध-सरकारी मीडिया द्वारा जारी की गई ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, इस विशालकाय प्रोपेगैंडा बिलबोर्ड में डोनाल्ड ट्रंप की आंखें और मुंह पूरी तरह बंद दिखाए गए हैं। ताबूत के भीतर उनकी पहचान बन चुकी प्रसिद्ध लाल टाई के ऊपर उनके दोनों हाथ मुड़े हुए हैं और पैर हवा में लटके नजर आ रहे हैं। इस ग्राफिक तस्वीर के ठीक नीचे अंग्रेजी और फारसी (Persian) भाषाओं में साफ शब्दों में लिखा गया है— 'हम ट्रंप को मारेंगे'। इसके साथ ही होर्डिंग पर 'मिनाब की याद में' (In memory of Minab) अंकित है। रणनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सीधा संकेत हाल ही में अमेरिकी और इजरायली संयुक्त हवाई हमलों में तबाह हुए 'मिनाब स्कूल' की ओर है, जिसमें कई बेकसूर ईरानी बच्चों की मौत हो गई थी, और ईरान अब इसे एक व्यक्तिगत मोर्चे के रूप में देख रहा है।युद्ध का दैनिक चक्र: रात में अमेरिका की बमबारी, सुबह ईरान का बारूदी पलटवारयह खौफनाक बिलबोर्ड ऐसे नाजुक समय में सामने आया है जब दोनों देशों के बीच पूर्णकालिक युद्ध (US-Iran War 2026) छिड़ चुका है। इस इलाके में जंग का एक बेहद खतरनाक दैनिक चक्र स्थापित हो चुका है; अमेरिकी वायुसेना हर रात ईरान के रणनीतिक और सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी करती है, तो सुबह होते-होते ईरान और उसके समर्थित लड़ाके पलटवार करते हुए खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइलें दाग देते हैं। इस बारूदी संघर्ष के कारण दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक जलमार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) एक बार फिर पूरी तरह से ठप और धुआं-धुआं हो चुका है। ईरान ने इस समुद्री रास्ते की सख्त नाकेबंदी कर दी है, जिसके जवाब में अमेरिकी नौसेना ने भी जवाबी घेराबंदी कर दी है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पूरी तरह चरमरा गया है।'डेथ टू ट्रंप' के नारों से गूंजा तेहरान: खामेनेई के अंतिम संस्कार में भड़की थी आगईरान में अमेरिकी नेतृत्व के खिलाफ नफरत की यह आग हाल ही में और ज्यादा भड़क गई थी। इसी साल 28 फरवरी को दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद, भीषण युद्ध के चलते उनके अंतिम संस्कार को टाल दिया गया था। जुलाई 2026 के पहले हफ्ते में जब कड़ी सुरक्षा के बीच उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ, तो वहां उमड़े लाखों लोगों के सैलाब ने 'डेथ टू अमेरिका' (Death to America) और 'डेथ टू ट्रंप' के गगनभेदी नारे लगाए थे। ईरान का कट्टरपंथी धड़ा और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) अपने शीर्ष नेताओं और बच्चों की मौत का सीधा जिम्मेदार सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक नीतियों को मान रहे हैं।डोनाल्ड ट्रंप की दोटूक चेतावनी: अगर मुझे कुछ हुआ, तो हजारों मिसाइलें ईरान को दुनिया के नक्शे से मिटा देंगीईरान की तरफ से लगातार मिल रही इन हत्या की धमकियों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बेहद सख्त और आक्रामक रुख अख्तियार किया है। व्हाइट हाउस से जारी एक बयान में ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वह ईरान के किसी भी आत्मघाती या खुफिया प्रयास से डरने वाले नहीं हैं और अमेरिकी सेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए चौबीसों घंटे तैयार है। ट्रंप ने सुरक्षा कैबिनेट की बैठक का हवाला देते हुए कहा, मैंने अपनी सैन्य कमान और शीर्ष नेतृत्व को पहले ही स्पष्ट लिखित आदेश दे दिए हैं कि अगर किसी भी ईरानी हमले में मेरी जान जाती है, तो उसके तुरंत बाद क्या कार्रवाई करनी है। हमारी हजारों अत्याधुनिक मिसाइलें पहले से ही ईरान के ठिकानों पर लॉक हैं; अगर अमेरिका के राष्ट्रपति को खरोंच भी आई, तो ईरान को पूरी तरह तबाह कर दुनिया के नक्शे से मिटा दिया जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 4:34 pm

राजस्थान के स्कूल में शर्मनाक वाकया: शिक्षिका के पैसे चोरी होने के शक में उतरवाए छात्राओं के कपड़े, विभाग का कड़ा एक्शन

राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में स्कूल के अंदर छात्राओं के कपड़े उतरवाने के आरोप लगे हैं। बताया गया कि स्कूल में एक शिक्षिका के रुपए गुम होने पर कथित रूप से छात्राओं के कपड़े उतराए गए। इस घटना से ग्रामीण और अभिभावक आक्रोशित हैं। हालांकि, मामला सामने आने के बाद भरतपुर मंडल के संयुक्त निदेशक ने शिक्षिका को निलंबित कर दिया, जबकि एक शिक्षिका को कार्यमुक्त किया गया है।

देशबन्धु 16 Jul 2026 4:31 pm

बेंगलुरु में डिलीवरी बॉयज को चालान से मिली मुक्ति, लेकिन ट्रैफिक नियम तोड़ा तो भुगतनी होगी 4 घंटे की यह अनोखी सजा

भारत की सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले बेंगलुरु शहर से एक बेहद चौंकाने वाला और क्रांतिकारी प्रशासनिक फैसला सामने आया है। विभिन्न फूड और क्विक-कॉमर्स डिलीवरी ऐप्स (Delivery Apps) के लिए काम करने वाले हजारों गिग वर्कर्स (Gig Workers) को बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने एक बड़ी राहत देते हुए चालान (Fine) की पारंपरिक व्यवस्था से मुक्त कर दिया है। हालांकि, इसे किसी भी तरह की खुली छूट नहीं समझा जाना चाहिए; बल्कि पुलिस ने इसकी जगह एक ऐसा अनोखा मनोवैज्ञानिक और व्यावहारिक तरीका अपनाया है, जो इन डिलीवरी पार्टनर्स को सड़कों पर लापरवाही बरतने से पूरी तरह रोक देगा।4 घंटे का अनिवार्य लेक्चर: चालान के पैसों से ज्यादा कीमती समय की होगी सजाबेंगलुरु के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर एमएन कार्तिक रेड्डी (MN Anucheth / Kartik Reddy) द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, शहर के सभी 53 ट्रैफिक पुलिस थानों में इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। अब से यदि कोई भी डिलीवरी बॉय सिग्नल जंप करता है, रॉन्ग साइड गाड़ी चलाता है या रैश ड्राइविंग करता पकड़ा जाता है, तो पुलिस उस पर कोई नकद जुर्माना नहीं ठोकेगी। इसके बजाय, पकड़े गए राइडर को सीधे थाने ले जाया जाएगा, जहां उसे पूरे 4 घंटे की एक अनिवार्य क्लास (Traffic Rules Lecture) अटेंड करनी होगी। इस विशेष सत्र में उन्हें सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों और मानवीय जीवन के महत्व के बारे में विस्तार से शिक्षित किया जाएगा। पुलिस का मानना है कि जल्दी डिलीवरी करने के चक्कर में समय बचाने वाले इन राइडर्स के लिए 4 घंटे का नुकसान किसी भी आर्थिक जुर्माने से कहीं ज्यादा बड़ा सबक साबित होगा, क्योंकि इस दौरान वे एक भी ऑर्डर डिलीवर नहीं कर पाएंगे।3 दिन में 4,000 मामले दर्ज: छोटे शहरों से आए युवाओं पर भारी पड़ता था भारी-भरकम फाइनट्रैफिक पुलिस के शीर्ष अधिकारियों ने इस कड़े फैसले के पीछे के सामाजिक और आर्थिक पहलुओं को भी उजागर किया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो बेंगलुरु की व्यस्त सड़कों पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने में डिलीवरी ऐप्स से जुड़े राइडर्स सबसे आगे पाए गए हैं, जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले महज तीन दिनों के भीतर शहर में ऐसे करीब 4,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, इन ऐप्स में काम करने वाले अधिकांश युवा देश के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों से आकर सिर्फ आजीविका कमाने के लिए दिन-रात एक करते हैं। ऐसे में उन पर बार-बार भारी-भरकम आर्थिक जुर्माना लगाना उनकी रीढ़ तोड़ने जैसा था और इससे समस्या का कोई स्थायी समाधान भी नहीं निकल रहा था। इस नई व्यवस्था से उन पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव नहीं पड़ेगा, लेकिन समय गंवाने का डर उन्हें नियमों का पालन करने के लिए मजबूर करेगा।यूलू (Yulu) बाइक का लूपहोल: बिना लाइसेंस और नंबर प्लेट वाले राइडर्स पर पुलिस का नया शिकंजाइस विशेष नीति को तैयार करने के पीछे एक बहुत बड़ा तकनीकी कारण भी छिपा है। इन दिनों बेंगलुरु में अधिकांश डिलीवरी बॉयज किराए पर मिलने वाली बेहद लोकप्रिय इलेक्ट्रिक 'यूलू बाइक' (Yulu Electric Bikes) का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं। इन कम गति वाले दोपहिया वाहनों को चलाने के लिए किसी भी प्रकार के वैध ड्राइविंग लाइसेंस (DL) की आवश्यकता नहीं होती और न ही इन पर पारंपरिक कमर्शियल नंबर प्लेट लगी होती है। समय सीमा के भीतर पार्सल पहुंचाने के दबाव में यूलू राइडर्स अक्सर फुटपाथ पर गाड़ी चढ़ा देते हैं या ट्रैफिक सिग्नल की परवाह नहीं करते। नंबर प्लेट और लाइसेंस न होने की वजह से डिजिटल कैमरों के जरिए इन पर ऑनलाइन ई-चालान (E-Challan) जारी करना तकनीकी रूप से असंभव हो जाता था। इसी कानूनी लूपहोल को बंद करने के लिए अब पुलिस इन्हें ऑन-स्पॉट पकड़कर सीधे 4 घंटे के लेक्चर रूम में बिठाने जा रही है, जिससे बेंगलुरु की सड़कों पर चलने वाले आम राहगीरों की सुरक्षा काफी हद तक सुनिश्चित हो सकेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 4:27 pm

भारत में दौड़ेगी 100% प्रदूषण-मुक्त 'पानी वाली ट्रेन'; पीएम मोदी हरियाणा में देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन को दिखाएंगे हरी झंडी

भारतीय रेलवे के गौरवशाली इतिहास में 17 जुलाई 2026 का दिन एक बड़े और क्रांतिकारी युग की शुरुआत करने जा रहा है। देश की पहली 100 प्रतिशत स्वदेशी तकनीक से निर्मित हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन (Hydrogen-Powered Train) हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच पटरियों पर दौड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बहुप्रतीक्षित और ऐतिहासिक ट्रेन को वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह अभूतपूर्व कदम न केवल भारतीय रेल का कायाकल्प करेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर शून्य-कार्बन उत्सर्जन (Net-Zero Carbon Emission) के क्षेत्र में भारत को सबसे अगली कतार में लाकर खड़ा कर देगा।ट्रेन की मुख्य विशेषताएं और बेजोड़ क्षमता: ICF चेन्नई का एक और नायाब शाहकारपूरी तरह से 'मेक इन इंडिया' (Make in India) मिशन के तहत तैयार की गई इस ग्रीन ट्रेन को चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) के इंजीनियरों ने विकसित किया है। यह ब्रॉड गेज प्लेटफॉर्म पर संचालित होने वाली दुनिया की सबसे लंबी और सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन है। इस आधुनिक ट्रेन की तकनीकी क्षमताएं इस प्रकार हैं:विशाल यात्री क्षमता: यह 10 कोच वाली एक डेमू (DEMU) स्टाइल ट्रेन है, जिसमें 682 बैठने की सीटों सहित एक बार में लगभग 2,600 यात्री आसानी से सफर कर सकेंगे।पावरफुल इंजन ग्रिड: इस ट्रेन में 1200 kW की दो ड्राइविंग पावर कार (DPC) लगाई गई हैं, जो संयुक्त रूप से इसे 2400 kW की बेजोड़ शक्ति प्रदान करती हैं।रफ्तार की सीमा: हालांकि बेहद जटिल और सफल सुरक्षा ट्रायल्स के दौरान इस ट्रेन ने 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार दर्ज की थी, लेकिन नियमित वाणिज्यिक संचालन के दौरान यात्रियों की सुरक्षा हेतु इसे 75 किमी प्रति घंटा की नियंत्रित गति से ट्रैक पर दौड़ाया जाएगा।जींद-सोनीपत रूट और टाइम टेबल: मात्र 5 रुपये में शुरू होगा देश का सबसे हाई-टेक सफरउत्तर रेलवे के दिल्ली डिवीजन के अंतर्गत आने वाले 89 किलोमीटर लंबे जींद-सोनीपत रेलवे सेक्शन को इस ऐतिहासिक पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है। स्थानीय यात्रियों को ध्यान में रखते हुए इसका किराया और समय सारणी बेहद आकर्षक रखी गई है:यात्रा का विवरणआधिकारिक जानकारी एवं शेड्यूलट्रेन नंबर (अप / डाउन)74010 (जींद से सोनीपत) / 74009 (सोनीपत से जींद)प्रस्थान का समयप्रतिदिन सुबह 07:40 बजे (जींद रेलवे स्टेशन से)आगमन का समयप्रतिदिन सुबह 09:40 बजे (सोनीपत रेलवे स्टेशन)प्रमुख ठहराव (स्टॉपेज)रास्ते में पांडू पिंडारा और गोहाना सहित 12-13 छोटे स्टेशनों पर हॉल्टटिकट की दरें (किराया)आम पैसेंजर ट्रेनों के बराबर (न्यूनतम ₹5 से अधिकतम ₹25 के बीच)कैसे काम करती है हाइड्रोजन ट्रेन? प्रदूषण की जगह साइलेंसर से निकलेगा शुद्ध पानी और भापपारंपरिक डीजल इंजन जहां भारी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर और पीएम 2.5 जैसे जहरीले कण वातावरण में छोड़ते हैं, वहीं यह नई ट्रेन 'हाइड्रोजन फ्यूल सेल' (Hydrogen Fuel Cell Technology) नामक अत्याधुनिक तकनीक पर काम करती है। ट्रेन की छत पर लगे विशेष फ्यूल सेल के भीतर स्टोर की गई हाइड्रोजन गैस और वायुमंडल की ऑक्सीजन के बीच एक नियंत्रित रासायनिक अभिक्रिया (Chemical Reaction) कराई जाती है। इस प्रक्रिया से सीधे हाई-वोल्टेज बिजली (Electricity) पैदा होती है, जिससे ट्रेन की हैवी-ड्यूटी इलेक्ट्रिक मोटरें काम करती हैं। इस पूरी वैज्ञानिक प्रक्रिया का सबसे जादुई और शानदार पहलू यह है कि इसमें प्रदूषण के नाम पर धुआं नहीं, बल्कि केवल शुद्ध जल वाष्प (Water Vapor) और हल्की गर्मी ही बाहर निकलती है, जिसे आम भाषा में 'पानी से चलने वाली ट्रेन' कहा जा रहा है। ईंधन की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए जींद स्टेशन पर एक स्वदेशी हाइड्रोजन स्टोरेज और हाई-प्रेशर रिफ्यूलिंग प्लांट स्थापित किया गया है, जिसे भारत सरकार के पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) से सुरक्षा अनापत्ति और संचालन की मंजूरी मिल चुकी है।वैश्विक एलीट क्लब में भारत की एंट्री: जर्मनी, जापान और चीन को मिलेगी सीधी टक्करइस बेहद जटिल, महंगी और संवेदनशील तकनीक को सफलतापूर्वक ट्रैक पर उतारते ही भारत ने वैश्विक पटल पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। अब भारत दुनिया के उन गिने-चुने देशों के सबसे एलीट क्लब में शामिल हो गया है जिनके पास अपनी सक्रिय हाइड्रोजन रेल तकनीक है:जर्मनी: दुनिया की पहली वाणिज्यिक और कमर्शियल हाइड्रोजन पैसेंजर ट्रेन लॉन्च करने का गौरव इसके नाम है।चीन: एशिया महाद्वीप की पहली शहरी हाइड्रोजन ट्रेन विकसित करने का दावा कर चुका है।भारत: ब्रॉड गेज (Broad Gauge) रेल लाइनों के लिए दुनिया की सबसे शक्तिशाली 2400 kW क्षमता की स्वदेशी ट्रेन बनाकर भारत ने अपनी तकनीकी श्रेष्ठता साबित की है।भविष्य का मेगा प्लान: 2030 तक सभी गैर-विद्युतीकृत रूट्स से हटेंगे पुराने डीजल इंजनभारतीय रेलवे ने साल 2030 तक खुद को पूर्ण रूप से 'नेट-जीरो कार्बन एमीटर' (Net-Zero Carbon Emitter) बनाने का एक बड़ा राष्ट्रीय संकल्प लिया है। जींद-सोनीपत रूट पर शुरू हो रहा यह ऑपरेशन एक शुरुआती टेस्ट बेड है। रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस पायलट प्रोजेक्ट के सफल होते ही देश के उन सभी ऐतिहासिक, पहाड़ी और दूरदराज के गैर-विद्युतीकृत रेलवे रूट्स (जैसे दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे, कालका-शिमला टॉय ट्रेन, नीलगिरि माउंटेन रेलवे) पर चल रहे पुराने डीजल इंजनों को हमेशा के लिए सेवा से हटा दिया जाएगा। इस मास्टर प्लान से न केवल विदेशों से आने वाले महंगे कच्चे तेल के आयात पर भारत की निर्भरता कम होगी, बल्कि दुर्गम पहाड़ी रास्तों पर पटरियों के ऊपर लाखों-करोड़ों की लागत से बिछने वाले बिजली के भारी-भरकम तारों (OHE Lines) का खर्च भी पूरी तरह बच जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 4:24 pm

क्या राहुल गांधी को बड़ा झटका देंगे CM विजय? राजीव गांधी के ड्रीम प्रोजेक्ट पर सुप्रीम कोर्ट की तमिलनाडु सरकार को सख्त हिदाय

देश की सर्वोच्च अदालत में आज शिक्षा नीति और भाषाई विवाद को लेकर एक बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल मामले पर तीखी कानूनी तकरार देखने को मिली। सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार 16 जुलाई 2026 को तमिलनाडु सरकार की उस विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई हो रही थी, जिसमें उसने मद्रास उच्च न्यायालय के हर जिले में नवोदय विद्यालय (Navodaya Vidyalaya) स्थापित करने के ऐतिहासिक आदेश को चुनौती दी थी। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ के सामने जैसे ही यह मामला आया, कोर्ट रूम का माहौल पूरी तरह गरमा गया। अदालत ने सख्त लहजे में कहा कि जब सारा खर्च केंद्र सरकार उठाने को तैयार है, तो तमिलनाडु के मेधावी ग्रामीण छात्रों को इस अधिकार से क्यों वंचित रखा जा रहा है।तमिलनाडु को क्यों रख रहे हैं वंचित? सुप्रीम कोर्ट ने लगाई सख्त फटकारसुनवाई की शुरुआत होते ही तमिलनाडु सरकार की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) ने मामले को फिलहाल टालने का अनुरोध किया और कोर्ट को एक आधिकारिक पत्र सौंपा। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए जस्टिस नागरत्ना ने मौखिक टिप्पणी की, आपके राज्य में नवोदय विद्यालय होने ही चाहिए। जब पूरा वित्तीय भार केंद्र सरकार वहन कर रही है और आपको सिर्फ आवश्यक जमीन उपलब्ध करानी है, तो आप अड़ंगा क्यों लगा रहे हैं? भारत के बाकी सभी राज्यों में ये स्कूल सफलतापूर्वक चल रहे हैं, फिर तमिलनाडु को इससे दूर क्यों रखा जा रहा है? इस पर एएसजी ने दलील दी कि इस विषय पर उच्च स्तरीय बातचीत चल रही है, इसलिए सरकार अभी अंतिम बयान देने से बच रही है।कोर्ट की नई TVK सरकार को दोटूक: केंद्र सरकार के स्कूलों को मत रोकेंनवोदय विद्यालय समिति के कानूनी प्रतिनिधि ने पीठ को बताया कि पिछले न्यायिक आदेश के तहत राज्य को 6 हफ्ते में जमीन आवंटित करनी थी, लेकिन अब वे 12 हफ्ते का अतिरिक्त समय मांग रहे हैं। इस पर अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त 2026 तय करते हुए तमिलनाडु सरकार को निर्देश प्राप्त करने के लिए 3 सप्ताह की मोहलत दी। पीठ का नेतृत्व कर रही जस्टिस नागरत्ना ने तमिलनाडु के नए राजनीतिक समीकरणों का जिक्र करते हुए कहा, हमें निर्देश लेने की अनुमति देनी होगी। अब वहां एक नई सरकार (तमिलगा वेत्री कड़गम - TVK) सत्ता में है। हमें अभी उनकी आधिकारिक शिक्षा नीति के बारे में जानकारी नहीं है। हो सकता है कि आपकी अपनी स्थानीय शिक्षा प्रणाली हो, लेकिन तमिलनाडु में केंद्र सरकार के उत्कृष्ट स्कूलों के प्रवेश को पूरी तरह न रोकें।40 साल पुराना विवाद: राजीव गांधी का ड्रीम प्रोजेक्ट और त्रि-भाषा नीति का विरोधनवोदय विद्यालयों का इतिहास सीधे तौर पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 1986 की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NPE) से जुड़ा हुआ है। यह उनकी एक अति-महत्वाकांक्षी योजना थी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण भारत की छिपी हुई प्रतिभाओं को मुफ्त और उच्च स्तरीय आवासीय शिक्षा प्रदान करना था। पूरे देश ने इसे अपनाया, लेकिन तमिलनाडु पिछले 40 वर्षों से एकमात्र ऐसा राज्य बना हुआ है जहां एक भी नवोदय विद्यालय नहीं है। इसके पीछे का मुख्य कारण राज्य की पारंपरिक दो-भाषा नीति (तमिल और अंग्रेजी) है, जबकि नवोदय विद्यालय हिंदी सहित त्रि-भाषा प्रणाली (Three-Language Formula) को लागू करते हैं। सालों तक सूबे की सत्ता पर काबिज रहीं द्रमुक (DMK) और अन्नाद्रमुक (AIADMK) सरकारों ने हिंदी विरोध के चलते इन स्कूलों को राज्य की सीमाओं में घुसने नहीं दिया।राहुल गांधी की साख दांव पर: मुख्यमंत्री थलपति विजय का क्या होगा अगला कदम?वर्तमान में तमिलनाडु की राजनीतिक स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। थलपति विजय के नेतृत्व वाली नई टीवीके (TVK) सरकार सत्ता में है, जिसे कांग्रेस पार्टी का सीधा और मजबूत समर्थन हासिल है, और कांग्रेस भी सरकार का हिस्सा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि मुख्यमंत्री विजय पुरानी लीक से हटकर हर जिले में नवोदय विद्यालय खोलने की अनुमति देते हैं, तो यह गांधी परिवार, विशेष रूप से राहुल गांधी के लिए एक बड़ी वैचारिक और भावनात्मक जीत होगी, क्योंकि तमिलनाडु की धरती पर उनके पिता का सपना सच हो जाएगा। इसके विपरीत, यदि मुख्यमंत्री विजय भी क्षेत्रीय दलों के पुराने रुख पर अड़े रहते हैं, तो यह गठबंधन में शामिल कांग्रेस और राहुल गांधी के लिए एक बहुत बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा। अब 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 4:21 pm

Bengal Politics: ममता बनर्जी को लगा अब तक का सबसे बड़ा झटका, राज्यसभा सांसद कोयल मलिक का आधिकारिक इस्तीफा

पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में मिली करारी और अप्रत्याशित हार के बाद, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) ताश के पत्तों की तरह बिखर गई है। पार्टी के भीतर मचे इस अभूतपूर्व आंतरिक घमासान के बीच, गुरुवार 16 जुलाई 2026 को ममता बनर्जी को एक और तगड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी की नवनियुक्त राज्यसभा सांसद और मशहूर अभिनेत्री कोयल मलिक ने अपने पद से आधिकारिक रूप से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, कोयल मलिक ने करीब एक महीने पहले ही इस बात के संकेत दे दिए थे, लेकिन आज उन्होंने अपना त्यागपत्र औपचारिक रूप से भेजकर टीएमसी खेमे में खलबली मचा दी है।महज चंद महीनों में कोयल मलिक का मोहभंग: अप्रैल में ही भेजी गई थीं संसदराजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि ममता बनर्जी ने कोयल मलिक पर बड़ा भरोसा जताते हुए इसी साल अप्रैल 2026 के महीने में उन्हें राज्यसभा का प्रतिनिधित्व सौंपकर संसद भेजा था। लेकिन महज कुछ ही महीनों के भीतर उनका पार्टी से पूरी तरह मोहभंग हो गया। कोयल मलिक का यह कदम तृणमूल कांग्रेस के डूबते जहाज की कहानी बयां कर रहा है। कोयल से पहले सुष्मिता देव और सुखेंदु शेखर जैसे कद्दावर राज्यसभा सांसद भी पार्टी आलाकमान से तंग आकर इस्तीफा दे चुके हैं और दिलचस्प बात यह है कि ये सभी नेता बाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामकर दोबारा राज्यसभा के उम्मीदवार बन गए। इस सिलसिले से यह साफ है कि ममता बनर्जी के सबसे करीबी और भरोसेमंद सिपहसालार एक-एक कर उनका साथ छोड़ रहे हैं।लोकसभा से विधानसभा तक ऐतिहासिक टूट: 20 सांसद और 60 से ज्यादा विधायक बागीइस चुनावी शिकस्त के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर जो बगावत शुरू हुई, उसने अब एक ऐतिहासिक विभाजन का रूप ले लिया है। पार्टी के अधिकांश निर्वाचित प्रतिनिधि अब ममता बनर्जी के नेतृत्व से दूरी बना चुके हैं। लोकसभा में स्थिति यह है कि 20 से अधिक सांसदों ने काकोली के नेतृत्व वाले धड़े के साथ मिलकर खुद को राष्ट्रीय राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCPI) में विलय कर लिया है। वहीं, राज्य विधानसभा के भीतर भी ममता बनर्जी की जमीन पूरी तरह खिसक चुकी है, जहां 60 से अधिक विधायकों ने आधिकारिक तौर पर बागी रुख अख्तियार कर लिया है। नेता अपनी सहूलियत के हिसाब से या तो नया गुट बना रहे हैं या फिर दूसरे बड़े राजनीतिक दलों के साथ विलय की राह तलाश रहे हैं।मदन मित्रा ने भी बदला पाला: ममता बनर्जी के सबसे करीबी ने थामा ऋतब्रत का हाथकोयल मलिक के इस्तीफे से ठीक एक दिन पहले, बुधवार को ममता बनर्जी के बेहद वफादार और पूर्व कैबिनेट मंत्री मदन मित्रा ने भी टीएमसी के आधिकारिक धड़े को तगड़ा झटका दे दिया। कामरहाटी से मौजूदा विधायक मदन मित्रा ने नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई वाले शक्तिशाली बागी गुट से हाथ मिला लिया है। मित्रा ने मीडिया के सामने आकर घोषणा की कि वह ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस की सभी राष्ट्रीय और संगठनात्मक समितियों से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक (Chief Whip) के गरिमामयी पद को भी त्याग दिया है, जो ममता बनर्जी के लिए एक बहुत बड़ा रणनीतिक नुकसान है।मैंने अपना कमरा बदला है, मकान नहीं: बागी तेवरों के साथ चारपाई को चुनाइस बड़े राजनीतिक उलटफेर के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मदन मित्रा ने बेहद शायराना और राजनीतिक रूप से चतुर बयान दिया। उन्होंने ऋतब्रत बनर्जी से मुलाकात के बाद कहा, मैंने सिर्फ अपना कमरा बदला है, अपना मकान नहीं बदला। मैं तकनीकी रूप से आज भी तृणमूल कांग्रेस का ही हिस्सा हूं। अपनी बात को आगे समझाते हुए उन्होंने कहा कि शायद ममता बनर्जी वाले कमरे में बेहद आरामदायक और आलीशान बिस्तर था, जबकि ऋतब्रत बनर्जी वाले बागी कमरे में सिर्फ एक साधारण चारपाई है, और उन्होंने जनता की आवाज के रूप में इस चारपाई को चुनना बेहतर समझा। मित्रा ने साफ कर दिया कि वह ममता गुट में कोई संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं लेंगे, लेकिन वह सदन में विधायक बने रहेंगे। इस सिलसिलेवार बगावत ने ममता बनर्जी के राजनीतिक भविष्य पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 4:19 pm

Royal Enfield Classic 350 का 2026 अपडेट लॉन्च, अब मिलेगा Slipper Clutch और Fast USB Type-C Charger; जानें नई कीमतें

रॉयल एनफील्ड (Royal Enfield) ने अपनी लोकप्रिय Classic 350 मोटरसाइकिल को 2026 मॉडल ईयर के लिए अपडेट कर दिया है। कंपनी ने इस बार बाइक में दो उपयोगी फीचर्स जोड़े हैं, जिनमें Assist & Slipper Clutch और फास्ट USB Type-C चार्जिंग पोर्ट शामिल हैं। हालांकि, ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 4:17 pm

महाराष्ट्र के धुले में डीज़ल टैंकर में भीषण आग; सूरत-नागपुर हाईवे पर जाम

धुले। महाराष्ट्र में सूरत-नागपुर हाईवे पर नेर गांव के पास गुरुवार सुबह एक डीज़ल टैंकर में भीषण आग लग गई। अचानक लगी इस आग से राजमार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। घटना की जानकारी मिलने पर धुले नगर निगम के अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने आग बुझाने के लिए कड़ी मशक्कत की। लेकिन आग […] The post महाराष्ट्र के धुले में डीज़ल टैंकर में भीषण आग; सूरत-नागपुर हाईवे पर जाम appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 4:03 pm

हनुमानगढ़ में बीएससी नर्सिंग छात्रा ने छत से कूद कर आत्महत्या की

हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जंक्शन में परीक्षा परिणाम से निराशा और अवसाद में डूबी बीएससी नर्सिंग की 22 वर्षीय छात्रा ने छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। यह घटना बुधवार शाम करीब साढ़े बजे हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में हुई, जहां वह अन्य छात्राओं के साथ पूजा जाट (22) किराए के मकान में रह रही थी। […] The post हनुमानगढ़ में बीएससी नर्सिंग छात्रा ने छत से कूद कर आत्महत्या की appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 3:55 pm

सुरक्षा बलों ने मणिपुर में भारी मात्रा में हथियार बरामद किए, 9 अरेस्ट

इंफाल। मणिपुर में पुलिस और सुरक्षा बलों ने प्रदेश भर में कई अभियान चलाकर भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद करने के साथ ही आपराधिक, उग्रवाद से जुड़े और अन्य मामलों में नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा बलों ने बुधवार को इंफाल पश्चिम जिले में वांगोई थाना क्षेत्र […] The post सुरक्षा बलों ने मणिपुर में भारी मात्रा में हथियार बरामद किए, 9 अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 3:30 pm

बीकानेर के छत्तरगढ़ में परस्पर झगड़े में 3 लोगों की मौत, एक घायल

बीकानेर। राजस्थान में बीकानेर जिले के छत्तरगढ़ थाना क्षेत्र में गुरुवार को परस्पर झगड़े में तीन लोगों की मौत हाे गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि ग्राम पंचायत खारवाली के सुरजनवाली गांव में किसी लड़की के रिश्ते को लेकर हो रही पंचायत में दो पक्षों में कहासुनी हो गई, […] The post बीकानेर के छत्तरगढ़ में परस्पर झगड़े में 3 लोगों की मौत, एक घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 3:22 pm

रथयात्रा विशेष : जब नरेन्द्र मोदी ने बदल दिया था अहमदाबाद रथयात्रा का इतिहास, आज भी निभाते हैं यह नियम

Narendra Modi Ahmedabad Rathyatra: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूं ही सबसे अलग नहीं हैं। 12 साल से अधिक समय तक वे गुजरात के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। पीएम मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद भी भगवान जगन्नाथ के लिए शुरू की गई परंपरा को निभा रहे हैं। उन्होंने ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 3:20 pm

नालंदा दौरे पर अचानक लगा 'ब्रेक', सुधा डेयरी के दही प्लांट का शिलान्यास कार्यक्रम स्थगित

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आज प्रस्तावित नालंदा दौरा आखिरी समय में स्थगित कर दिया गया है। उनके इस दौरे में नालंदा स्थित सुधा डेयरी परिसर में अत्याधुनिक 'दही प्लांट' का शिलान्यास कार्यक्रम मुख्य रूप से शामिल था। इस खबर के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया है। प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, अपरिहार्य कारणों से उप मुख्यमंत्री का कार्यक्रम फिलहाल के लिए टाल दिया गया है और अब नई तारीखों का ऐलान जल्द ही किया जाएगा।क्यों टला महत्वपूर्ण शिलान्यास कार्यक्रम?सम्राट चौधरी के नालंदा आगमन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर थीं। सुधा डेयरी के इस दही प्लांट को लेकर स्थानीय दुग्ध उत्पादकों और पशुपालकों में भारी उत्साह था। हालांकि, अचानक आए इस बदलाव ने पूरे कार्यक्रम पर विराम लगा दिया है। सूत्रों की मानें तो कुछ व्यस्तताओं और अन्य प्रशासनिक कार्यों के चलते दौरे को आगे खिसकाया गया है। सुरक्षा और प्रोटोकॉल के लिहाज से भी प्रशासन इस बदलाव को सामान्य मान रहा है, लेकिन क्षेत्र के लोगों में इस देरी को लेकर चर्चाओं का बाजार जरूर गर्म है।सुधा डेयरी और नालंदा के लिए क्या हैं मायने?यह दही प्लांट परियोजना नालंदा के दुग्ध उद्योग के लिए एक बड़ा कदम मानी जा रही थी। इस प्लांट के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होने थे और दुग्ध उत्पादकों को अपनी उपज का और बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद थी। उप मुख्यमंत्री के दौरे का मुख्य एजेंडा भी इसी क्षेत्र को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था। अब जब कार्यक्रम टल गया है, तो स्थानीय जनता और डेयरी से जुड़े लोगों को अपनी नई उम्मीदों को साकार करने के लिए कुछ और समय तक इंतजार करना होगा।प्रशासन ने दी कार्यक्रम स्थगित होने की जानकारीनालंदा जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को कार्यक्रम के स्थगित होने की आधिकारिक सूचना दे दी है। आयोजन स्थल पर की गई सजावट और सुरक्षा व्यवस्थाओं को फिलहाल हटा लिया गया है। वहीं, पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं का कहना है कि यह एक अस्थायी बदलाव है और उप मुख्यमंत्री जल्द ही नालंदा आकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना की नींव रखेंगे। नई तारीख के संबंध में जैसे ही प्रोटोकॉल से दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, उसे सार्वजनिक कर दिया जाएगा। तब तक के लिए डेयरी प्लांट का काम अभी कागजों में ही आगे बढ़ेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 3:13 pm

ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका! राज्यसभा सांसद कोएल मल्लिक ने दिया इस्तीफा

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को गुरुवार को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। TMC की राज्यसभा सांसद कोएल मल्लिक ने उपराष्ट्रपति और राज्यसभा चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की और अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

वेब दुनिया 16 Jul 2026 3:13 pm

समस्तीपुर में 'पानी के लिए जंग' खत्म! नई जलापूर्ति परियोजना को मिली मंजूरी, घर-घर पहुँचेगा शुद्ध जल

समस्तीपुर के निवासियों के लिए एक अत्यंत सुखद खबर सामने आई है। लंबे समय से पीने के पानी की किल्लत से जूझ रहे इस क्षेत्र के लिए सरकार ने एक बड़ी और महत्वाकांक्षी जलापूर्ति परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के साथ ही शहर और ग्रामीण इलाकों में पानी के लिए होने वाली स्थानीय जंग पर पूर्ण विराम लगने की उम्मीद जग गई है। इस परियोजना के धरातल पर उतरते ही समस्तीपुर की न केवल बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के स्तर में भी व्यापक बदलाव आएगा।क्या है समस्तीपुर का वाटर मास्टर प्लान?प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत समस्तीपुर के विभिन्न वार्डों और आसपास के इलाकों में पाइपलाइन का जाल बिछाया जाएगा। परियोजना का मुख्य उद्देश्य हर घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है, ताकि लोगों को जल स्रोतों के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े। अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) भी स्थापित किए जाएंगे, ताकि पानी की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित की जा सके। यह परियोजना न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ी की जल सुरक्षा को भी ध्यान में रखकर तैयार की गई है।कैसे बदलेगी समस्तीपुर की तस्वीर?समस्तीपुर में जलापूर्ति की समस्या एक गंभीर मुद्दा बनी हुई थी, जिसके कारण स्थानीय निवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इस परियोजना के कार्यान्वयन से न केवल पानी की बर्बादी कम होगी, बल्कि भूजल स्तर को बचाने में भी मदद मिलेगी। बेहतर जल बुनियादी ढांचे के साथ, शहर के विकास की गति भी तेज होगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि यह परियोजना निर्धारित समय के भीतर पूरी होती है, तो यह समस्तीपुर के इतिहास में विकास का एक मील का पत्थर साबित होगी।जल्द शुरू होगा काम, प्रशासन की है पैनी नजरपरियोजना को मंजूरी मिलने के बाद अब टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्य को लेकर प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री और संबंधित विभागीय मंत्री ने स्थानीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी तरह का समझौता न हो। अगले कुछ महीनों में निर्माण कार्य का भूमि पूजन होने की संभावना है। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे इस कार्य में सहयोग करें। अब देखना यह है कि यह 'समस्तीपुर जलापूर्ति मिशन' जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 3:10 pm

जन सुराज को बड़ा झटका! केसी सिन्हा के बाद इन दिग्गज नेताओं ने भी छोड़ा साथ, BJP में हुए शामिल

बिहार की सियासत में 'जन सुराज' अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। केसी सिन्हा के पार्टी छोड़ने के बाद अब जन सुराज के कई और बड़े चेहरों ने प्रशांत किशोर का साथ छोड़ दिया है। इन नेताओं ने आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। एक के बाद एक वरिष्ठ नेताओं के पार्टी छोड़ने से न केवल जन सुराज के कैडर में हड़कंप मचा है, बल्कि प्रशांत किशोर की चुनावी रणनीति और पार्टी गठन की कवायद पर भी कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।केसी सिन्हा के बाद 'एग्जिट' का सिलसिला जारीजन सुराज की स्थापना और उसे जमीनी स्तर पर मजबूत करने में जिन नेताओं की भूमिका अहम थी, अब वही नेता प्रशांत किशोर के विजन से किनारा कर रहे हैं। केसी सिन्हा का जाना पार्टी के लिए एक बड़ा नुकसान माना जा रहा था, लेकिन अब अन्य दिग्गज नेताओं के बीजेपी में शामिल होने ने इस झटके को और गहरा कर दिया है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह केवल नेताओं का पलायन नहीं है, बल्कि बिहार में बदल रहे राजनीतिक समीकरणों का संकेत है, जहाँ नेता अब अपनी भविष्य की राजनीति को सुरक्षित करने के लिए राष्ट्रीय पार्टियों की ओर रुख कर रहे हैं।बीजेपी ने किया 'डिजिटल' और 'जमीनी' वारबीजेपी में शामिल होने वाले इन नेताओं का स्वागत करते हुए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया है। इन नेताओं के बीजेपी में आने से पार्टी को न केवल जन सुराज की अंदरूनी रणनीति समझने में मदद मिलेगी, बल्कि उन इलाकों में भी पकड़ मजबूत होगी जहां प्रशांत किशोर बीते काफी समय से मेहनत कर रहे थे। जन सुराज के इन नेताओं ने बीजेपी ज्वाइन करते समय वर्तमान नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाए और प्रधानमंत्री के विजन को बिहार के विकास के लिए बेहतर बताया।प्रशांत किशोर की चुनावी चुनौती और आगे की राहइन इस्तीफों के बाद प्रशांत किशोर के सामने अब अपनी टीम को एकजुट रखने की सबसे बड़ी चुनौती है। हालांकि, प्रशांत किशोर हमेशा से कहते आए हैं कि जन सुराज कोई पारंपरिक पार्टी नहीं बल्कि एक 'आंदोलन' है और इसमें आने-जाने वालों से संगठन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। लेकिन धरातल की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। जिन नेताओं ने पार्टी छोड़ी है, वे जन सुराज के उन क्षेत्रों में प्रभावशाली थे जहाँ पीके अपनी सबसे मजबूत नींव तैयार करना चाहते थे। क्या जन सुराज इस बिखराव से उबर पाएगा, या आने वाले दिनों में और भी बड़े नेता किनारा करेंगे? यह आने वाला समय ही बताएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 3:07 pm

सियासत में 'स्लिप ऑफ टंग' का खेल! फिसली जुबान तो सत्ता के गलियारों में खड़े हुए सौ सवाल

राजस्थान की राजनीति इन दिनों बयानों के तीर और 'स्लिप ऑफ टंग' के इर्द-गिर्द घूम रही है। सियासत के मैदान में कब क्या बोल दिया जाए, इसका असर सीधे सत्ता के समीकरणों पर पड़ता है। पिछले कुछ समय में प्रदेश के बड़े नेताओं की जुबान तीन बार ऐसी फिसली कि विपक्ष को बैठे-बिठाए मुद्दा मिल गया और सत्ता पक्ष के लिए बचाव करना मुश्किल हो गया। जुबान से निकले ये शब्द महज गलतफहमी हैं या फिर सोची-समझी सियासी चाल, यह सवाल आज राजस्थान की हर राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है।जुबान का खेल और सियासी बवंडरराजनीति में शब्द ही हथियार होते हैं और जब वही शब्द गलत तरीके से बाहर आते हैं, तो वे विवाद का रूप ले लेते हैं। हाल ही में हुए तीन अलग-अलग बयानों ने राजस्थान की राजनीति को गरमा दिया है। कभी किसी ने विकास के दावों को गलत शब्दों में पेश किया, तो कभी किसी ने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए मर्यादा की सीमा लांघ दी। इन 'स्लिप ऑफ टंग' के बाद नेताओं के खेमों में खलबली मची है और हर बयान का अलग-अलग अर्थ निकालकर उसे जनता के बीच पेश किया जा रहा है। सत्ता के गलियारों में अब इन बयानों के पीछे के असली मकसद पर सौ सवाल खड़े हो रहे हैं।सत्ता के गलियारों में बढ़ी बेचैनीजब भी कोई बड़ा नेता बयान देता है, तो उसकी 'बॉडी लैंग्वेज' और 'टाइमिंग' को बहुत बारीकी से परखा जाता है। इन तीन चर्चित मामलों ने पार्टी की छवि को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। जानकार मानते हैं कि ये बयान भले ही 'फिसलन' लग रहे हों, लेकिन इनके जरिए किसी न किसी गुट को संदेश देने की कोशिश जरूर होती है। क्या ये गलतियां चुनावी साल में भारी पड़ेंगी? या फिर जनता इन बयानों को नजरअंदाज कर देगी? नेताओं की ये फिसलती जुबान अब सीधे तौर पर वोट बैंक के आंकड़ों को प्रभावित करने की क्षमता रखती है।क्या ये वाकई 'स्लिप ऑफ टंग' है?सियासी गलियारों में एक पुरानी कहावत है कि राजनेता कभी अनजाने में कुछ नहीं बोलते। विश्लेषकों का मानना है कि जुबान का फिसलना अक्सर दबी हुई भावनाओं को बाहर लाता है। इन बयानों के बाद विरोधियों ने न केवल आक्रामक रुख अपनाया है, बल्कि सोशल मीडिया पर मीम्स और वीडियो के जरिए इन बयानों को बार-बार वायरल किया जा रहा है। दूसरी तरफ, संबंधित पार्टी के समर्थक इसे महज एक मानवीय गलती बताकर बचाव कर रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या यह जुबानी खेल आगामी राजनीति में कोई नया मोड़ लाएगा या फिर वक्त के साथ इन विवादों की धूल जम जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 3:05 pm

अब और भी आसान होगा टिकट बुकिंग! MNIT छात्रों के सुझावों से तैयार हुआ नया 'स्मार्ट' पोर्टल, जल्द होगा फाइनल लॉन्च

भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) अपने यात्रियों को एक बेहतर और निर्बाध अनुभव देने के लिए कमर कस चुका है। हाल ही में IRCTC की नई वेबसाइट का खाका तैयार किया गया है, जिसे और भी अधिक यूजर-फ्रेंडली बनाने के लिए जयपुर स्थित MNIT (मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) के छात्रों की मदद ली गई है। इन छात्रों के नवीन तकनीकी सुझावों और रिसर्च को नए पोर्टल में शामिल किया गया है। बड़ी बात यह है कि इस नई वेबसाइट को आम यूजर्स से मिले फीडबैक के आधार पर डिजाइन किया गया है, जिससे टिकट बुकिंग से लेकर कैंसिलेशन तक की प्रक्रिया अब चुटकियों में पूरी हो सकेगी।MNIT छात्रों की रिसर्च से बदली वेबसाइट की तस्वीरइस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें एकेडमिक इनोवेशन का तड़का लगाया गया है। MNIT के छात्रों ने एक विस्तृत अध्ययन किया था कि एक आम यात्री को टिकट बुक करते समय किन-किन तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। छात्रों ने न केवल इन समस्याओं को चिन्हित किया, बल्कि उनके प्रभावी समाधान भी सुझाए। IRCTC के अधिकारियों ने इन सुझावों को सराहा और उन्हें नए पोर्टल के 'यूजर इंटरफेस' (UI) और 'यूजर एक्सपीरियंस' (UX) में पूरी तरह से ढाल दिया है। अब वेबसाइट का नेविगेशन पहले की तुलना में कहीं ज्यादा सरल और तेज होगा।यूजर्स के फीडबैक का रखा गया खास ध्यानकिसी भी बड़े प्लेटफॉर्म के लिए यूजर्स का फीडबैक सबसे महत्वपूर्ण होता है। नया पोर्टल तैयार करने से पहले लाखों यात्रियों से मिले सुझावों का बारीकी से विश्लेषण किया गया। अक्सर शिकायत रहती थी कि पीक ऑवर में वेबसाइट स्लो हो जाती है या पेमेंट गेटवे पर अटक जाती है। इन तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए नए पोर्टल को अधिक 'स्केलेबल' बनाया गया है। अब बुकिंग के दौरान लोड पड़ने पर भी वेबसाइट क्रैश नहीं होगी, जिससे टिकट बुकिंग का अनुभव और भी सहज और भरोसेमंद हो जाएगा।कब से मिलेगी आम यात्रियों को नई सुविधा?सूत्रों के अनुसार, वेबसाइट का बीटा टेस्टिंग चरण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। अंतिम रूप देने से पहले सुरक्षा मानकों और सर्वर स्टेबिलिटी की जांच की जा रही है। जल्द ही इसे आम जनता के लिए पूरी तरह से लॉन्च कर दिया जाएगा। IRCTC का यह आधुनिक 'जेनरेटिव' और 'आंसर इंजन' फ्रेंडली पोर्टल न केवल टिकट बुकिंग में मदद करेगा, बल्कि यात्रा से जुड़ी अन्य जानकारी भी एक क्लिक पर उपलब्ध कराएगा। रेल यात्रियों के लिए यह किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है, जो डिजिटल इंडिया के सफर को एक नई रफ्तार देगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 3:02 pm

कुत्तों के 'खूनी आतंक' से सहमा पब्बियां! खेत में पूर्व सरपंच को नोचकर मार डाला, 15 दिन में दूसरी मौत ने जगाया गुस्सा

पंजाब के पब्बियां इलाके में आवारा कुत्तों का खौफ इस कदर बढ़ गया है कि अब लोगों का अपने घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है। हाल ही में हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक पूर्व सरपंच को उनके ही खेत में कुत्तों के झुंड ने घेर लिया और बेरहमी से नोच-नोच कर उनकी जान ले ली। हैरत की बात यह है कि कुत्तों ने उनके शरीर के अंगों, विशेषकर बाजू और टांग को बुरी तरह खा लिया। पब्बियां में पिछले महज 15 दिनों के भीतर यह दूसरी मौत है, जिसने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।खेत में काम करते समय हुआ 'मौत' का सामनामिली जानकारी के अनुसार, पूर्व सरपंच रोजाना की तरह अपने खेत में काम करने गए थे। तभी अचानक आक्रामक कुत्तों के एक झुंड ने उन पर हमला बोल दिया। बुजुर्ग होने के कारण वे खुद को बचा नहीं पाए और कुत्तों ने उन पर टूट पड़ते हुए शरीर को क्षत-विक्षत कर दिया। जब काफी देर तक वे घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने तलाश शुरू की, जहाँ उनका शव बेहद दयनीय स्थिति में मिला। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में गहरा रोष है और लोग अब सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं।15 दिनों में दो मौतें: क्या पब्बियां में प्रशासन सो रहा है?पब्बियां इलाके में कुत्तों के हमले का यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मात्र दो सप्ताह के भीतर यह दूसरी जान गई है। पहली घटना के बाद ग्रामीणों ने स्थानीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन समय रहते कार्रवाई न होने का नतीजा एक और निर्दोष की मौत के रूप में सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद और प्रशासन की लापरवाही के कारण ये आवारा कुत्ते अब आदमखोर होते जा रहे हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।ग्रामीणों का आक्रोश और प्रशासन पर दबावइस खूनी वारदात के बाद गांव के लोगों में दहशत का माहौल है। बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं और किसान खेतों में जाने से कतरा रहे हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन आवारा कुत्तों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर नहीं भेजा गया, तो वे बड़े आंदोलन की राह अपनाएंगे। वहीं, प्रशासन का कहना है कि वे इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और डॉग कैचर टीम को मौके पर तैनात किया जा रहा है। सवाल यह है कि क्या यह महज एक खानापूर्ति होगी या इस खूनी आतंक से लोगों को वाकई आजादी मिलेगी?

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 3:01 pm

पठानकोट-फिरोजपुर में ईडी का बड़ा धमाका! प्रॉपर्टी डीलर के बाद अब स्टोन क्रशरों पर कार्रवाई, सीमावर्ती इलाकों में मचा हड़कंप

पंजाब के सीमावर्ती जिलों पठानकोट और फिरोजपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज सुबह से ही बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। ईडी की टीमों ने एक साथ कई ठिकानों पर दबिश देकर हड़कंप मचा दिया है। शुरुआती कार्रवाई एक प्रमुख प्रॉपर्टी डीलर के घर से शुरू हुई, जिसके बाद जांच की आंच सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रहे अवैध खनन और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े स्टोन क्रशरों तक पहुंच गई है। इस कार्रवाई को लेकर इलाके के रसूखदार लोगों में भारी खलबली मची हुई है।प्रॉपर्टी डीलर के घर से शुरू हुई जांच की कड़ीईडी की टीम ने तड़के पठानकोट और फिरोजपुर में एक बड़े प्रॉपर्टी डीलर के आवास पर अचानक दस्तक दी। सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के एक पुराने मामले और बेनामी संपत्ति के निवेश से जुड़ी हुई है। प्रॉपर्टी डीलर के वित्तीय दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है, और माना जा रहा है कि इस रेड में कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद हुए हैं, जो सीधे तौर पर अन्य बड़े नामों से जुड़े हो सकते हैं। ईडी के अधिकारी पूरी रेड के दौरान काफी गोपनीय तरीके से काम कर रहे हैं।सीमावर्ती क्षेत्रों के स्टोन क्रशर पर ईडी की पैनी नजरप्रॉपर्टी डीलर के घर के बाद, ईडी की टीमों ने अपना रुख सीमावर्ती क्षेत्रों में संचालित स्टोन क्रशरों की ओर किया। पिछले काफी समय से इन क्रशरों के संचालन में वित्तीय धांधली और अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं। माना जा रहा है कि इन क्रशरों के जरिए भारी मात्रा में काला धन सफेद किया जा रहा था। ईडी की यह कार्रवाई अवैध खनन माफियाओं के नेटवर्क को तोड़ने के लिए एक बड़े 'स्ट्राइक' के रूप में देखी जा रही है। मौके पर सुरक्षा बल तैनात हैं और किसी को भी अंदर-बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।पंजाब की सियासत और प्रशासन पर असरपठानकोट और फिरोजपुर जैसे संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में ईडी की सक्रियता ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस छापेमारी से न केवल व्यापारिक गलियारों में हलचल है, बल्कि स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। जानकारों का कहना है कि अगर ईडी को इन स्टोन क्रशरों से जुड़े बेहिसाब नकदी और निवेश के दस्तावेज मिलते हैं, तो आने वाले दिनों में कई और बड़े लोगों पर कानूनी शिकंजा कस सकता है। ईडी इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इन पैसों का इस्तेमाल कहीं राष्ट्रविरोधी गतिविधियों या तस्करी के लिए तो नहीं किया जा रहा था। फिलहाल, पूरे पंजाब में ईडी की यह रेड चर्चा का विषय बनी हुई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 2:59 pm

केरल हाई कोर्ट ने केरल वक्फ बोर्ड के कामकाज को निलंबित किया

कोच्चि। केरल हाई कोर्ट ने केरल वक्फ बोर्ड के कामकाज को निलंबित करने का अंतरिम आदेश जारी किया है। भारतीय जनता पार्टी की केरल इकाई के उपाध्यक्ष एवं अधिवक्ता शॉन जॉर्ज द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया गया। अदालत ने प्रथम दृष्टया याचिकाकर्ता के इस तर्क को स्वीकार किया कि वर्तमान […] The post केरल हाई कोर्ट ने केरल वक्फ बोर्ड के कामकाज को निलंबित किया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 2:58 pm

जालंधर में सुरक्षा का 'कवच' तैयार! कैंट रेलवे स्टेशन पर हाई अलर्ट, डीजीपी गौरव यादव ने खुद संभाली कमान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी पंजाब दौरे को देखते हुए जालंधर पूरी तरह से सुरक्षा के घेरे में है। विशेष रूप से जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन और प्रधानमंत्री के संभावित रूट पर सुरक्षा की परतें इतनी सख्त कर दी गई हैं कि परिंदा भी पर न मार सके। राज्य के पुलिस प्रमुख, डीजीपी गौरव यादव ने खुद फील्ड में उतरकर सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली है। पूरे जालंधर जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और संदिग्धों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मुख्य फोकस रेलवे स्टेशन और आसपास के संवेदनशील इलाकों पर है।डीजीपी गौरव यादव की सीधी निगरानी में सुरक्षा का खाकाप्रधानमंत्री की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए डीजीपी गौरव यादव ने आला अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठकें कीं। जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद, उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे पूरी सतर्कता बरतें। स्टेशन के हर प्रवेश और निकास द्वार पर तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है। सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और डॉग स्क्वायड व बम निरोधक दस्ते को 24 घंटे अलर्ट पर रखा गया है।जालंधर में चप्पे-चप्पे पर अर्धसैनिक बलों का पहराप्रधानमंत्री के संभावित रूट और सभा स्थल के आसपास के क्षेत्रों में अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। जालंधर के हर बड़े चौक-चौराहे पर नाकाबंदी कर दी गई है और आने-जाने वाले हर वाहन की सघन चेकिंग की जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने होटल, सराय और गेस्ट हाउस मालिकों को निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को कमरा देने से पहले पुलिस को सूचना दें। इस दौरान किसी भी प्रकार की ड्रोन गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है और एंटी-ड्रोन सिस्टम को भी एक्टिव कर दिया गया है।सुरक्षा के साथ-साथ प्रोटोकॉल का विशेष ध्यानपीएम मोदी के दौरे को लेकर पंजाब पुलिस, रेलवे पुलिस (GRP) और खुफिया एजेंसियां आपसी तालमेल के साथ काम कर रही हैं। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए जारी 'ब्लू बुक' के सभी मानकों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को थोड़ी असुविधा हो सकती है, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से यह कदम अनिवार्य हैं। सुरक्षा के ये पुख्ता इंतजाम न केवल प्रधानमंत्री की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, बल्कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को भी मजबूती प्रदान करते हैं। जिला पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 2:57 pm

अब सड़क निर्माण में नहीं चलेगी सुस्ती! CM के 'एक्शन मोड' से मचा हड़कंप, प्रोजेक्ट्स के लिए तय की 2 महीने की डेडलाइन

झारखंड में लंबे समय से लंबित पड़ी सड़क परियोजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने अब सख्त तेवर अपना लिए हैं। राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आम जनता को गड्ढा मुक्त सड़कों की सौगात देने के लिए सीएम ने 'एक्शन मोड' में आते हुए सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि परियोजनाओं में देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधूरे कार्य हर हाल में अगले दो महीने की डेडलाइन के भीतर पूरे करने होंगे। इस निर्देश के बाद निर्माण एजेंसियों और विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।परियोजनाओं की समीक्षा और सीएम की दो टूक चेतावनीमुख्यमंत्री ने हाल ही में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्होंने राज्य भर में चल रहे रोड कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स की धीमी गति पर नाराजगी जताई। सीएम ने कहा कि बार-बार समय सीमा बढ़ाने के बावजूद अगर काम पूरा नहीं हो रहा है, तो यह सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही है। उन्होंने दो महीने का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि इस अवधि के दौरान कार्यों की मॉनिटरिंग खुद मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा की जाएगी। किसी भी स्तर पर अगर काम में देरी या क्वालिटी के साथ समझौता पाया गया, तो संबंधित ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।जवाबदेही तय करने का नया फॉर्मूलाइस बार सीएम ने सिर्फ डेडलाइन ही तय नहीं की है, बल्कि जवाबदेही (Accountability) भी फिक्स कर दी है। हर सड़क परियोजना के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो साप्ताहिक रिपोर्ट सीधे सीएमओ को भेजेगा। यदि किसी भी जिले में सड़क का काम निर्धारित समय पर पूरा नहीं होता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों की होगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि काम को केवल फाइलों तक सीमित न रखकर उसे धरातल पर समयबद्ध तरीके से उतारा जाए।आम जनता को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी की सौगातझारखंड में सड़कों की खराब हालत को लेकर लंबे समय से शिकायतें आ रही थीं, जिससे व्यापार और आवागमन प्रभावित हो रहा था। सीएम के इस कदम से राज्य के ग्रामीण और शहरी इलाकों की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है। दो महीने की इस डेडलाइन के बाद राज्य की प्रमुख सड़कों की तस्वीर बदलने की संभावना है, जिसका सीधा लाभ राज्य की जनता को मिलेगा। सीएम के इस कड़े रुख को देखते हुए अब निर्माण एजेंसियों ने भी काम की गति तेज कर दी है, जिससे आने वाले समय में झारखंड की सड़कों पर सफर आसान और सुरक्षित होने वाला है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 2:55 pm

E-20 ईंधन विवाद में मारुति सुजुकी एवं डीलर जिम्मेदार, नई कार देने या फिर 20.50 लाख रुपए लौटाने का आदेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण (E-20) से जुड़ी तकनीकी खराबी के मामले में मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड और उसके अधिकृत डीलर नवेरा मेंटेनो स्काई ऑटो मोबाईल्स को सेवा में कमी एवं अनुचित व्यापारिक व्यवहार का दोषी ठहराते हुए उपभोक्ता के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला […] The post E-20 ईंधन विवाद में मारुति सुजुकी एवं डीलर जिम्मेदार, नई कार देने या फिर 20.50 लाख रुपए लौटाने का आदेश appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 2:37 pm

बेमिसाल बच्‍चे अदृश्‍य शक्‍तियों से मचाएंगे धमाल, अभिषेक छजलानी की कॉमिक्‍स में खुलेंगे रहस्‍य, देश के दुश्‍मनों को देंगे पटखनी

अभिषेक खुद कॉमिक्‍स के इतने दीवाने रहे हैं कि घर से मिली अपनी पॉकेट मनी से कॉमिक्‍स खरीद लिया करते थे। उनकी इस दीवानगी खुद उन्‍हें कॉमिक्‍स राइटर बना दिया है। वे शुरू से चाहते थे कि बच्‍चों के लिए साहित्‍य, कविता और कहानियां लिखे, फिलहाल उन्‍होंने ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 2:34 pm

MP UCC: मोहन सरकार समान नागरिक संहिता के जरिए साध रही है हिंदुत्व का एजेंडा?

मध्यप्रदेश के मानसून सत्र में मोहन सरकार UCC से जुड़ा अहम विधयेक लाने जा रही है। 20 जुलाई से शुरु हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र के पहले 19 जलाई को कैबिनेट की बैठक में UCC कमेटी के प्रतिवेदन को कैबिनेट में रखा जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी के बाद मोहन ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 2:30 pm

पांच जिलों से शुरू होगा 'संगठन पर्व', प्रभारी संजय दत्त का दौरा तय करेगा सियासत की नई दिशा

हरियाणा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। आगामी चुनावों की तैयारियों को देखते हुए कांग्रेस ने अपने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए कमर कस ली है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी संजय दत्त अब संगठन विस्तार और मजबूती के लिए एक विशेष अभियान की शुरुआत करने जा रहे हैं। इस मिशन की शुरुआत राज्य के पांच प्रमुख जिलों से हो रही है, जहां संजय दत्त सीधे कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे और संगठन की नब्ज टटोलेंगे। यह दौरा कार्यकर्ताओं में जोश भरने और पार्टी की गुटबाजी को दरकिनार कर एक जुटता का संदेश देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।19 से 23 जुलाई: क्या है प्रभारी संजय दत्त का पूरा प्लान?पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह दौरा 19 जुलाई से शुरू होकर 23 जुलाई तक चलेगा। इन पांच दिनों में संजय दत्त न केवल स्थानीय नेताओं के साथ बैठकें करेंगे, बल्कि ब्लॉक और जिला स्तर के पदाधिकारियों की समस्याओं को भी सुनेंगे। इस दौरान वे कार्यकर्ताओं को सीधे निर्देश देंगे कि किस तरह जनता के बीच जाकर सरकार की नीतियों के खिलाफ लामबंद होना है। 19 जुलाई से शुरू हो रहा यह अभियान हरियाणा कांग्रेस के लिए एक 'संगठन पर्व' जैसा होगा, जिसमें हर जिले में अलग-अलग रणनीति पर चर्चा की जाएगी।पांच जिलों से फूंकेंगे बिगुल, बदलेगी संगठन की तस्वीरकांग्रेस की रणनीति इस बार स्थानीय मुद्दों को केंद्र में रखकर आगे बढ़ने की है। जिन पांच जिलों को इस पहले दौर के लिए चुना गया है, वहां पार्टी की पकड़ को और अधिक धारदार बनाने पर जोर दिया जाएगा। प्रभारी संजय दत्त का मुख्य उद्देश्य संगठन में रिक्त पड़े पदों को भरना और कार्यकर्ताओं को आगामी चुनावी संग्राम के लिए तैयार करना है। कांग्रेस हाईकमान का मानना है कि यदि इन पांच जिलों में संगठन का ढांचा दुरुस्त हो गया, तो इसका सकारात्मक असर पूरे प्रदेश की अन्य सीटों पर भी दिखाई देगा।चुनावी आहट के बीच कार्यकर्ताओं में उत्साहहरियाणा कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता प्रभारी के इस दौरे को लेकर बेहद उत्साहित हैं। पिछले काफी समय से जिस तरह से संगठन को लेकर कयास लगाए जा रहे थे, इस दौरे से उन सभी अटकलों पर विराम लगने की उम्मीद है। संजय दत्त के दौरे को लेकर जिलों में समन्वय समितियां बनाई गई हैं, जो प्रभारी के स्वागत और बैठकों के आयोजन को सफल बनाने में जुटी हैं। यह दौरा सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि 2026-27 के आगामी चुनावों के लिए कांग्रेस के 'ब्लूप्रिंट' को लागू करने की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 2:24 pm

टोटका और भुक्की' के शक में बुजुर्ग महिला की निर्मम हत्या! ईंट, रॉड और बरछी से किए गए वार से दहला इलाका

हरियाणा के कैथल से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। यहाँ आपसी रंजिश और अंधविश्वास के चलते एक बुजुर्ग महिला की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप है कि हत्यारों ने बुजुर्ग महिला पर टोटका करने और भुक्की (नशीला पदार्थ) रखने का शक जताया था, जिसके चलते उन्होंने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। हमलावरों ने बुजुर्ग महिला को मौत के घाट उतारने के लिए ईंटों, लोहे की रॉड और बरछी जैसे घातक हथियारों का इस्तेमाल किया, जिससे मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।क्या है पूरा मामला? रंजिश और अंधविश्वास की बलिमिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला अपने घर पर अकेली थी, तभी हमलावर वहां पहुंचे और अचानक उन पर हमला बोल दिया। परिजनों का आरोप है कि हमलावरों को लंबे समय से शक था कि बुजुर्ग महिला उनके परिवार पर कोई काला जादू या 'टोटका' कर रही है। साथ ही, उन पर अवैध रूप से भुक्की रखने का भी बेबुनियाद आरोप लगाया गया था। इन्हीं शक और पुरानी रंजिश के चलते आरोपी इतने हिंसक हो गए कि उन्होंने महिला के शरीर पर अनगिनत वार किए। आसपास के लोगों ने शोर मचाया, लेकिन जब तक वे मदद के लिए पहुंचे, हमलावर मौके से फरार हो चुके थे।ईंट, रॉड और बरछी से हुआ जानलेवा हमलावारदात की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हमलावरों ने महिला को तड़पा-तड़पा कर मारा। पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल पर खून के धब्बे और हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार ईंटें, रॉड और खून से सनी हुई बरछी बरामद की गई है। महिला के सिर और शरीर के नाजुक अंगों पर गहरे जख्मों के निशान साफ देखे जा सकते थे। इस निर्मम हत्या ने स्थानीय निवासियों में डर का माहौल पैदा कर दिया है और लोग आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी देने की मांग कर रहे हैं।पुलिस की कार्रवाई और जांच का दायराकैथल पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया है और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है और घटना के पीछे के हर एक पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। इलाके में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है और संदिग्धों से पूछताछ का दौर जारी है। ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 2:22 pm

भीलवाड़ा : रिश्वत लेने के दोषी तत्कालीन एएसआई को 4 वर्ष का कठोर कारावास

भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के विशेष न्यायालय ने रिश्वत लेने के आरोपी तत्कालीन सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) को गुरुवार को दोषी करार देते हुए चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशिष्ट न्यायाधीश पवन कुमार सिंघल ने अभियुक्त तत्कालीन सहायक उप निरीक्षक कालूराम कहार को रिश्वत लेने का दोषी […] The post भीलवाड़ा : रिश्वत लेने के दोषी तत्कालीन एएसआई को 4 वर्ष का कठोर कारावास appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 2:09 pm

अंबाला कैंट से चलेगी 'संत रविदास एक्सप्रेस', पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी! तैयारी पूरी, होगा भव्य स्वागत

हरियाणा के रेल यात्रियों के लिए एक बेहद सुखद और उत्साहजनक खबर सामने आई है। रेल कनेक्टिविटी को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही 'संत रविदास एक्सप्रेस' को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या सीधे अंबाला कैंट स्टेशन पहुंचकर हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस ट्रेन का परिचालन शुरू होने से अंबाला और आसपास के जिलों के यात्रियों के लिए तीर्थ स्थलों तक पहुंचना अब पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा। अंबाला कैंट स्टेशन पर पीएम के आगमन और ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।अंबाला कैंट स्टेशन पर ऐतिहासिक आयोजन की तैयारीपीएम मोदी के आगमन को देखते हुए अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन को दुल्हन की तरह सजाया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने पूरे स्टेशन को अपनी निगरानी में ले लिया है। इस भव्य कार्यक्रम में न केवल रेल मंत्री और स्थानीय सांसद शामिल होंगे, बल्कि बड़ी संख्या में संत समाज के लोग और स्थानीय जनता भी इस पल की गवाह बनेगी। स्टेशन परिसर में संत रविदास जी के जीवन और संदेशों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जा रही है, जो यात्रियों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र होगी।क्यों खास है 'संत रविदास एक्सप्रेस'?यह ट्रेन न केवल कनेक्टिविटी का माध्यम है, बल्कि यह क्षेत्र के लोगों के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी रखती है। संत रविदास एक्सप्रेस का रूट इस तरह से तैयार किया गया है कि यह प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ेगी। यात्रियों को इस ट्रेन में आधुनिक सुविधाएं जैसे आरामदायक सीटें, सुरक्षित कोच और समयबद्धता का विशेष लाभ मिलेगा। अंबाला से शुरू होने वाली यह सेवा न केवल व्यापारिक दृष्टि से बल्कि तीर्थयात्रियों के लिए भी वरदान साबित होगी।हरियाणा के विकास में रेल कनेक्टिविटी का बड़ा रोलहरियाणा में इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के तहत पिछले कुछ वर्षों में रेलवे ने कई नई लाइनें और ट्रेनों की सौगात दी है। संत रविदास एक्सप्रेस का संचालन शुरू होने के बाद अंबाला कैंट स्टेशन के महत्व में और भी इजाफा होगा। यह ट्रेन उन यात्रियों के लिए एक बड़ी सुविधा होगी जो लंबे समय से इस रूट पर नई सेवा की मांग कर रहे थे। पीएम मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के बाद यह ट्रेन अपने पहले सफर के लिए रवाना होगी, और इसे लेकर स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 2:02 pm

भरतपुर : शिक्षक के खिलाफ स्कूल में 8 साल की बालिका से छेडछाड़ करने का केस दर्ज

भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के एक सरकारी स्कूल में पदस्थ 58 वर्षीय एक अध्यापक पर कक्षा तीन में अध्ययनरत आठ वर्ष की छात्रा को सुनसान कमरे में ले जाकर छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है। पुलिस सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि आरोपी अध्यापक के खिलाफ मामला दर्ज करके बालिका के अदालत में बयान […] The post भरतपुर : शिक्षक के खिलाफ स्कूल में 8 साल की बालिका से छेडछाड़ करने का केस दर्ज appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 1:57 pm

राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर ओपन जेल में सजा काट रहे दो कैदियों की शादी को दी मंजूरी

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अनोखे आदेश में जोधपुर ओपन जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे दो कैदियों को शादी करने की इजाजत दे दी। कोर्ट ने कहा कि अपनी मर्जी से शादी करने वाले दो बालिग लोगों की शादी संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले जीवन और व्यक्तिगत आजादी के अधिकार के दायरे में आती है।

देशबन्धु 16 Jul 2026 1:55 pm

IIT कानपुर के इस लड़के ने 26 की उम्र में 1 दिन में कमाए 77 करोड़! कैसे AI ने बदली सिद्धार्थ सक्सेना की किस्मत

Siddhartha Saxena: IIT कानपुर के ग्रेजुएट सिद्धार्थ सक्सेना ने 26 साल की उम्र में एक ही दिन में 77 करोड़ रुपये कमाकर इतिहास रच दिया। जानिए उनके स्टार्टअप Merlin की कहानी।

वेब दुनिया 16 Jul 2026 1:54 pm

स्कूल में भारी बवाल: हिंदू छात्र से जबरन पढ़वाया 'कलमा' और 'फातिहा', उग्र विरोध के बाद आरोपी टीचर बर्खास्त!

हैदराबाद के एक स्कूल में कथित रूप से हिंदू छात्र पर 'कलमा' और 'फातिहा' पढ़ने का दबाव बनाने और होमवर्क देने का मामला तूल पकड़ रहा है। इस घटना से स्कूल प्रशासन के खिलाफ अभिभावकों, स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों में आक्रोश है। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद स्कूल प्रशासन ने एक टीचर को निलंबित कर दिया है।

देशबन्धु 16 Jul 2026 1:38 pm

री-सेल का झंझट खत्म! अब कोई भी खरीद सकेगा BH सीरीज की गाड़ी, जानिए सरकार के इस क्रांतिकारी फैसले का असर

अगर आप भी 'BH' यानी 'भारत' सीरीज की गाड़ी के मालिक हैं और उसे बेचने की सोच रहे थे, तो आपके लिए एक बड़ी राहत वाली खबर है। अब तक BH सीरीज की गाड़ियों की री-सेल करना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था, जिसके चलते कई कार मालिक अपनी गाड़ियां बेचने में कतराते थे। लेकिन अब सड़क परिवहन मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लेते हुए इन जटिलताओं को पूरी तरह खत्म कर दिया है। अब कोई भी आम नागरिक आसानी से BH सीरीज की गाड़ी खरीद और बेच सकेगा। यह फैसला न केवल उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो बार-बार शहर बदलते हैं, बल्कि उन लोगों के लिए भी है जो पुरानी BH सीरीज कार खरीदने का मन बना रहे थे।क्या थी अब तक की समस्या और क्यों थी री-सेल मुश्किल?पहले के नियमों के अनुसार, BH सीरीज के रजिस्ट्रेशन को केवल उन्हीं लोगों के लिए आरक्षित किया गया था जिनकी नौकरी में अक्सर ट्रांसफर होता रहता है, जैसे सरकारी कर्मचारी या कुछ चुनिंदा निजी कंपनियों के अधिकारी। इस कारण, जब कोई मालिक अपनी कार बेचना चाहता था, तो खरीदार को गाड़ी के रजिस्ट्रेशन को लेकर भारी कन्फ्यूजन होता था। कई बार खरीदार को स्थानीय आरटीओ में गाड़ी ट्रांसफर कराने में एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ता था। इसी वजह से पुरानी BH सीरीज की गाड़ियों को खरीदार आसानी से नहीं मिलते थे, जिससे इनकी री-सेल वैल्यू (Resale Value) पर भी असर पड़ता था।सरकार का नया फैसला: अब सबको मिलेगी आजादीमंत्रालय के ताजा आदेश के बाद, अब BH सीरीज की गाड़ियों का स्वामित्व हस्तांतरण (Ownership Transfer) बेहद सरल हो गया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब BH सीरीज की गाड़ियां उन लोगों को भी बेची जा सकती हैं जो खुद उस कैटेगरी (ट्रांसफर होने वाली जॉब) में नहीं आते, जिसके लिए यह सीरीज शुरू की गई थी। अब खरीदार को आरटीओ के चक्कर लगाने या तकनीकी उलझनों में फंसने की जरूरत नहीं होगी। गाड़ी का ट्रांसफर उसी तरह हो जाएगा जैसे सामान्य रजिस्ट्रेशन वाली कारों का होता है, जिससे खरीदार और विक्रेता दोनों का कीमती समय बचेगा।कैसे होगा गाड़ी का ट्रांसफर? जानिए पूरी प्रक्रियाइस नए फैसले के साथ प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटाइज कर दिया गया है। यदि आप अपनी BH सीरीज की कार बेचना चाहते हैं, तो आपको बस 'परिवहन सेवा' पोर्टल पर जाकर अपने वाहन के दस्तावेज़ अपडेट करने होंगे। नए खरीदार को अपना पता और पहचान प्रमाण देना होगा, जिसके बाद आरटीओ सिस्टम से ही ट्रांसफर प्रोसेस को मंजूरी मिल जाएगी। इस फैसले के पीछे का मुख्य उद्देश्य गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन को एकसमान बनाना और सेकंड-हैंड कार बाजार में पारदर्शिता लाना है। अब BH सीरीज की कारों की डिमांड मार्केट में बढ़ने की पूरी उम्मीद है क्योंकि अब इसे खरीदना-बेचना आम कार की तरह ही आसान हो गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 1:37 pm

अब 60 दिन में सुलझेंगे किरायेदारी विवाद! निजी यूनिवर्सिटी खोलना हुआ आसान, पास हुए ये 4 क्रांतिकारी विधेयक

उत्तर प्रदेश में आम आदमी से लेकर शिक्षा जगत तक के लिए राहत भरी खबर है। राज्य विधानसभा में हाल ही में 4 महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए हैं, जो आम नागरिकों के जीवन को सरल बनाने के साथ-साथ शिक्षा और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। इन विधेयकों में सबसे ज्यादा चर्चा मकान मालिक और किरायेदार के बीच के विवादों को तेजी से सुलझाने और राज्य में निजी शिक्षण संस्थानों की स्थापना को सुगम बनाने की है। सरकार के इस फैसले से अदालतों पर बोझ कम होगा और शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।मकान मालिक और किरायेदार विवाद का अब होगा 'फास्ट ट्रैक' समाधानअक्सर देखने में आता है कि मकान मालिक और किरायेदार के बीच विवाद सालों-साल अदालतों के चक्कर में फंसे रहते हैं। नए विधेयक के प्रावधानों के अनुसार, अब किरायेदारी से जुड़े मामलों का निपटारा मात्र 60 दिनों की समय सीमा के भीतर करने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए एक निश्चित ट्रिब्यूनल और प्रशासनिक प्रक्रिया तय की गई है, जो दोनों पक्षों को न्याय दिलाने का काम करेगी। सरकार का उद्देश्य किरायेदारी को पारदर्शी बनाना और विवादों को लंबा खिंचने से रोकना है, जिससे दोनों पक्षों को राहत मिल सके।निजी विश्वविद्यालय खोलना हुआ सरल, शिक्षा में बढ़ेगा निवेशदूसरे बड़े फैसले में निजी विश्वविद्यालयों (Private Universities) की स्थापना प्रक्रिया को काफी सरल बना दिया गया है। पहले एक यूनिवर्सिटी खोलने के लिए कई विभागों की जटिल मंजूरी और लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, लेकिन अब 'सिंगल विंडो' और आसान मानदंडों के जरिए निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में उच्च शिक्षा के स्तर में सुधार होगा और छात्रों को नए कोर्सेज व बेहतर सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। यह कदम रोजगार सृजन और राज्य के शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के लिए उठाया गया है।4 विधेयकों का आम जनता पर क्या होगा असर?इन विधेयकों के पास होने से न केवल प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ेगी, बल्कि विकास की गति भी तेज होगी। किरायेदारी कानून में बदलाव से मकान मालिकों और किरायेदारों के बीच भरोसे का रिश्ता कायम होगा, वहीं शिक्षा नीति में किए गए बदलाव प्रदेश को शिक्षा का केंद्र बनाने में मदद करेंगे। बाकी के अन्य विधेयकों में मुख्य रूप से प्रशासनिक जवाबदेही और सरकारी कार्यों में पारदर्शिता लाने पर जोर दिया गया है। सरकार की कोशिश है कि फाइलों का अंबार कम हो और आम जनता की समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से हो सके।सुधार की राह पर यूपी: आगे की राहविपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच इन विधेयकों पर सकारात्मक चर्चा के बाद ही इन्हें पारित किया गया है। अब इनकी अधिसूचना जारी होने के बाद से ही ये प्रभावी हो जाएंगे। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अगले कुछ महीनों में इसके सकारात्मक परिणाम दिखने शुरू हो जाएंगे। मकान मालिक-किरायेदार विवाद से जुड़ी कोर्ट की पेंडेंसी कम होना यूपी की न्याय व्यवस्था के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। वहीं, निजी यूनिवर्सिटी के नियमों में ढील से आने वाले शैक्षणिक सत्र में कई नए शिक्षण संस्थान खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 1:36 pm

बच्चों को ऑटो में 'ठूंसकर' स्कूल भेजना पड़ सकता है भारी! डॉक्टर के चक्कर से बचना है तो तुरंत बदलें ये आदत

सुबह की जल्दबाजी में अक्सर अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने के लिए सबसे आसान तरीका चुनते हैं—स्कूल ऑटो। लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि उस ऑटो में क्षमता से कितने ज्यादा बच्चे भरे होते हैं? एक छोटे से तीन पहिया वाहन में 8 से 10 बच्चों को 'ठूंसकर' बिठाना न केवल सड़क सुरक्षा के लिहाज से जानलेवा है, बल्कि यह बच्चों की शारीरिक सेहत पर भी बुरा असर डाल रहा है। अगर आप भी अपने बच्चे को ऐसे ही ऑटो में भेज रहे हैं, तो सावधान हो जाइए, क्योंकि यह छोटी सी लापरवाही आपके बच्चे को अस्पताल के चक्कर लगाने पर मजबूर कर सकती है।ओवरलोडिंग का बच्चों की रीढ़ और मांसपेशियों पर असरऑटो में जरूरत से ज्यादा बच्चों को बिठाने के कारण उन्हें न तो बैठने की सही जगह मिलती है और न ही पैर रखने की पर्याप्त जगह। लंबे समय तक गलत मुद्रा (Posture) में बैठने के कारण बच्चों की रीढ़ की हड्डी और गर्दन की मांसपेशियों में तनाव पैदा हो जाता है। डॉक्टरों का मानना है कि स्कूल जाने वाली उम्र में लगातार इस तरह बैठने से बच्चों में पीठ दर्द, गलत शारीरिक बनावट (Postural Deformity) और मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या तेजी से बढ़ रही है। क्या आप चाहते हैं कि आपका बच्चा किताबी बोझ से पहले शरीर के दर्द का बोझ उठाए?बैक्टीरिया और इंफेक्शन का बन जाते हैं हबभीड़भाड़ वाले ऑटो में हवा का आवागमन (Ventilation) बेहद कम होता है। एक दूसरे से सटकर बैठने के कारण, अगर किसी एक बच्चे को सर्दी, खांसी या कोई मौसमी वायरल इंफेक्शन है, तो वह पलक झपकते ही बाकी सभी बच्चों में फैल जाता है। इसके अलावा, ऑटो की गंदी सीटों और फर्श पर जमा धूल के कणों से अस्थमा और एलर्जी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। बंद और घुटन भरे वातावरण में घंटों सफर करना बच्चों की इम्यूनिटी को कमजोर करता है, जिससे वे बार-बार बीमार पड़ने लगते हैं।सड़क हादसों का बढ़ता खतरा और बच्चों की सुरक्षासड़क सुरक्षा के नियमों को ताक पर रखकर बच्चों को ओवरलोडेड ऑटो में भेजना सीधे तौर पर दुर्घटनाओं को बुलावा देना है। अचानक ब्रेक लगने या मुड़ने पर ऑटो के पलटने की संभावना सबसे अधिक होती है, क्योंकि वाहन का संतुलन (Balance) पूरी तरह बिगड़ जाता है। ऐसे में बच्चे असुरक्षित होते हैं क्योंकि ऑटो में न तो सीट बेल्ट होती है और न ही पर्याप्त स्पेस। एक जिम्मेदार अभिभावक के रूप में, क्या हम अपनी सुविधा के लिए बच्चों की जान जोखिम में डालना उचित समझते हैं?अभिभावकों के लिए जरूरी सुझाव: सुरक्षित स्कूल सफर कैसे सुनिश्चित करें?अपने बच्चे की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए कुछ ठोस कदम उठाना बहुत जरूरी है। सबसे पहले, स्कूल प्रशासन से बात करें और सुनिश्चित करें कि ऑटो संचालक तय नियमों का पालन करें। अगर संभव हो, तो अन्य अभिभावकों के साथ मिलकर बच्चों के लिए बेहतर वैन या स्कूल बस का विकल्प चुनें, जिसमें हर बच्चे के लिए पर्याप्त जगह हो। अपने बच्चे से भी बात करें और उन्हें भी बताएं कि सफर के दौरान सही तरीके से बैठना क्यों जरूरी है। याद रखें, बच्चों की पढ़ाई जितनी जरूरी है, उनकी सुरक्षित वापसी और अच्छा स्वास्थ्य उससे कहीं ज्यादा मायने रखता है। डॉक्टर के क्लिनिक के चक्कर काटने से बेहतर है कि आज ही इस असुरक्षित सफर को 'ना' कहें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 1:35 pm