'सौरव-आशुतोष किडनैप, वकील से भी मिलने नहीं दे रहे...', दिपके का आरोप
दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी के लीड मेंबर्स सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिया है. दोनों जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए.
शुक्र कल होंगे अस्त, इन 4 राशियों पर आ सकता है धन संकट
शुक्र 14 अक्टूबर को तुला राशि में अस्त होने वाला है. ज्योतिषविदों का कहना है कि शुक्र 14 से 30 अक्टूबर तक अस्त रहेंगे और इस अवधि में चार राशियों को आर्थिक मोर्चे नुकसान देंगे. इसलिए इन राशियों को महीने के अंत तक बहुत संभलकर रहने की सलाह दी जा रही है.
उत्तराखंड में गुटखा-पान मसाला पर एक साल तक बैन
उत्तराखंड सरकार ने एक साल के लिए राज्य में गुटखा, पान मसाला और तंबाकू बैन कर दिया है. सरकार के फैसले के तहत राज्य में निकोटिन युक्त खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर भी पूरी तरह रोक रहेगी. ये पाबंदियां एक साल तक लागू रहेंगी.
दर्द में जन्नत जुबैर, Ex फैजू के निकाह से टूटीं! कहां हैं गायब?
मक्का-मदीना में हुई फैजू की इंटीमेट वेडिंग फैंस के बीच ट्रेंड हो रही है. इस बीच सबके जहन में बस यही सवाल है कि जन्नत कहां हैं, वो किस हाल में हैं?
रेलवे की ज़मीन के पास घर बनाने से पहले लें NOC? जानें..
रेलवे लाइन के पास मकान बनाने की योजना है, तो निर्माण से पहले नियम जान लें. रेलवे वर्क्स मैनुअल में रेलवे की जमीन की सीमा से भवन के बीच करीब 30 मीटर की खुली जगह का प्रावधान बताया गया है. कुछ मामलों में निर्माण के लिए NOC की जरूरत हो सकती है.
शिवराज के बाद उनके बेटे भी भड़के, MP सरकार के अफसरों को चेतावनी
Kartikey Singh Chauhan Sehore News: सीहोर के कोसमी में आदिवासियों के समर्थन में धरने पर बैठे कार्तिकेय चौहान. अधिकारियों को दी चेतावनी. शिवराज सिंह चौहान के बाद अब बेटे ने उठाया मोर्चा. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
AAP लड़ेगी Himachal Pradesh विधानसभा चुनाव, Arvind Kejriwal नवंबर में करेंगे दौरा
आम आदमी पार्टी (AAP) 2027 के हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। पार्टी का फ़ोकस अपने ज़मीनी संगठन को मज़बूत करने पर है ताकि वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के विकल्प के तौर पर खुद को पेश कर सके। यह जानकारी AAP के हिमाचल प्रदेश प्रभारी ऋतुराज झा ने दी। झा ने यह बात 13 अक्टूबर को शिमला में लोअर मॉल पर 7/11 कॉम्प्लेक्स के पास बावा कॉम्प्लेक्स में पार्टी के नए राज्य कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद कही। उन्होंने बताया कि AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के 15 नवंबर के आसपास शिमला आने की उम्मीद है, जहाँ वे पार्टी की भविष्य की रणनीति तय करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इस दौरे के दौरान सात से आठ नेताओं के पार्टी में शामिल होने की संभावना है। इसे भी पढ़ें: Gandhinagar Civic Polls में BJP का दबदबा बरकरार, Amit Shah के गढ़ की 44 में से 38 सीटों पर कब्जा झा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोग बीजेपी और कांग्रेस, दोनों से तंग आ चुके हैं। वे कभी एक पार्टी को वोट देते हैं तो कभी दूसरी को, लेकिन हमारी नज़र में दोनों पार्टियां लूट-खसोट वाली राजनीति करती हैं। वे अपने वादे पूरे करने में नाकाम रही हैं, चाहे वह अच्छे स्कूल बनाना हो, महिलाओं को 1,500 रुपये देना हो, 300 यूनिट मुफ्त बिजली देना हो या युवाओं के लिए रोज़गार पैदा करना हो। उन्होंने दावा किया कि AAP ने पंजाब में अपने वादे पूरे किए हैं और हिमाचल प्रदेश में भी अपने गवर्नेंस मॉडल को लागू करने की पार्टी की मंशा ज़ाहिर की। उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी काम की राजनीति में यकीन रखती है, जबकि बीजेपी और कांग्रेस लूट-खसोट की राजनीति में लगी हैं। हिमाचल प्रदेश के लोग एक विकल्प चाहते हैं और हम उन्हें वह विकल्प देने की तैयारी कर रहे हैं। झा ने कहा कि पार्टी पिछले एक साल से संगठन के विस्तार पर काम कर रही है, जिसमें संभावित नेताओं की पहचान करना और ज़मीनी स्तर पर अपने नेटवर्क को मज़बूत करना शामिल है। उन्होंने कहा कि अगले तीन से चार महीनों में हमारा संगठन बूथ स्तर से लेकर राज्य स्तर तक तैयार हो जाएगा। हम लगभग एक साल बाद होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: CM Rekha Gupta का AAP और Congress पर निशाना, कहा- राजधानी को बंधक नहीं बनने देंगे झा के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में 20,000 से ज़्यादा नए सदस्य AAP से जुड़े हैं और 50 से ज़्यादा विधानसभा क्षेत्रों में सदस्यता अभियान चल रहे हैं। पार्टी ने कम से कम पाँच लाख नए सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है। केजरीवाल का शिमला दौरा अभी के लिए 15 नवंबर के आसपास तय है, हालांकि तारीख में कुछ दिनों का बदलाव हो सकता है। झा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल जी शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और सात-आठ नेता पार्टी में शामिल होंगे। यह आपके लिए एक सरप्राइज़ है और आपको उस दिन पता चल जाएगा।
ट्रिपल मर्डर से दहल उठा पीलीभीत: क्यों आपस में भिड़े व्यापारी?
पीलीभीत जिले के अमरिया कस्बे में सोमवार देर रात रामलीला कमेटी की बैठक के दौरान पुराने हिसाब-किताब को लेकर हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया. ताबड़तोड़ फायरिंग में दो सगे भाइयों और एक 15 साल के बच्चे की मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है.
लहरों ने छीन लिया घर, कैलिफोर्निया में समुद्र का तूफानी कहर
ऊंची लहरें, बहती रेत और डगमगाते मकान. कैलिफोर्निया में ट्रॉपिकल स्टॉर्म रैचेल ने तटीय इलाकों की मुश्किलें बढ़ा दीं. समुद्र का पानी घरों और सड़कों तक पहुंचा, जबकि कई इमारतों को असुरक्षित घोषित करना पड़ा.
Kochi Mini Cooper हादसे में जांच निष्पक्ष रहेगी, Ramesh Chennithala ने दी सख्त कार्रवाई की गारंटी
केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने मंगलवार को आश्वासन दिया कि कोच्चि के पास मिनी कूपर कार से हुए उस हादसे की जांच में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा, जिसमें तीन युवाओं की मौत हो गई थी। इस बीच, पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत कई अतिरिक्त धाराएं जोड़ी हैं। चेन्निथला ने कहा कि सरकार, पुलिस और अभियोजन पक्ष यह सुनिश्चित करेंगे कि आरोपी को कानून के तहत निर्धारित अधिकतम सजा मिले। उन्होंने नयी दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, ‘‘नेदुंबस्सेरी में जो हुआ, वह बेहद दुखद है। इस घटना ने पूरे केरलम को झकझोर दिया है।’’उन्होंने कहा, ‘‘आरोपी को बचाने की कोशिश करने वाला कोई भी व्यक्ति सफल नहीं होगा। हम सुनिश्चित करेंगे कि आरोपी को कानून के तहत निर्धारित सजा मिले।’’उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। रविवार तड़के कोच्चि के पास नेदुंबस्सेरी में तेज रफ्तार मिनी कूपर कार ने एक स्कूटर को टक्कर मार दी थी। आरोप है कि कार चला रहा युवक शराब के नशे में था। इस हादसे में करीब 21 वर्ष की उम्र के तीन युवाओं की मौत हो गई। आरोपी 19 वर्षीय सुहैल कोच्चि का रहने वाला है। हादसे के तुरंत बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था और उसके खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया था। अदालत में दाखिल रिमांड रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की तीन और धाराएं जोड़ी हैं। शुरुआत में मामला बीएनएस की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत दर्ज किया गया था। आगे की जांच और गवाहों के बयान दर्ज किए जाने के बाद इसमें धारा 281, 49 और 3(5) भी जोड़ दी गई हैं। चेन्निथला ने स्पष्ट किया कि आरोपी को बोर्स्टल स्कूल (युवा सुधार गृह) भेजने का फैसला पुलिस ने नहीं, बल्कि अदालत ने लिया था। उन्होंने कहा कि संबंधित नियमों के तहत 21 वर्ष से कम उम्र के लोगों को ऐसे संस्थानों में भेजा जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका यह मतलब नहीं है कि आरोपी सजा से बच गया है। मंत्री ने इस आशंका को भी खारिज किया कि आरोपी के अलप्पुझा जिले का निवासी होने के कारण मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप हो सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘इससे क्या फर्क पड़ता है कि वह किस जिले का रहने वाला है? कोई मंत्री हस्तक्षेप नहीं करेगा।’’उन्होंने बताया कि आरोपी उनके जिले का रहने वाला है, लेकिन उनके विधानसभा क्षेत्र का नहीं है। प्राथमिकी में आरोपी के शराब के नशे में होने का उल्लेख कथित तौर पर नहीं किए जाने के बारे में पूछे जाने पर चेन्निथला ने कहा कि नशे की पुष्टि के लिए चिकित्सकीय जांच और प्रमाणपत्र जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘‘जब कोई दुर्घटना होती है, तो यह पता लगाने के लिए व्यक्ति के खून की तुरंत जांच जरूरी है कि वह शराब के नशे में था या नहीं। चिकित्सकीय प्रमाणपत्र लेना होता है और उसके बाद ही इस तथ्य को दर्ज किया जा सकता है।’’इस बीच, हादसे में जान गंवाने वाली गोपिका के परिवार ने जांच को लेकर चिंता जताई है और न्याय की मांग की है। गोपिका के पिता ऑटो रिक्शा चालक हैं। गोपिका के पिता ने कहा कि उन्होंने वर्षों की कड़ी मेहनत से अपने बच्चों का पालन-पोषण किया था। गोपिका अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद विदेश जाने की तैयारी कर रही थी। गोपिका के पिता ने कहा, ‘‘हम न्याय चाहते हैं। हमें और कुछ नहीं चाहिए।’’परिवार ने पीड़ितों के बारे में सोशल मीडिया पर की जा रही टिप्पणियों, खासकर कुछ दक्षिणपंथी समूहों की टिप्पणियों पर भी दुख जताया है। पुलिस ने बताया कि सुहैल की मां ने उसे जन्मदिन पर महंगी कार उपहार में दी थी। पुलिस को कथित तौर पर ऐसे वीडियो भी मिले हैं, जिनमें वह 200 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से कार चलाता दिखाई देता है। हादसे के समय कार में मौजूद उसके दोस्त निनव, अमीर और जोएल को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
LTCG-STT पर मिलेगी राहत? वित्त मंत्री ने दिए बड़े संकेत, बाजार झूमा
Nirmala Sitharaman ने एक ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में शेयर बाजार निवेशकों के लिए जरूरी LTCG और STT चार्ज को लेकर बात की और इस पर चर्चा को जरूरी बताया है.
गोलगप्पे और झालमुड़ी से सजेगा दुर्गा पूजा पंडाल, ऐसी थीम पहले नहीं देखी
रांची में इस बार दुर्गा पूजा पर गोलगप्पे और झालमुड़ी की थीम पर बना पंडाल आकर्षण का केंद्र होगा. शुक्ला कॉलोनी, हिनू में तैयार हो रहे इस पंडाल को खास अंदाज में सजाया जा रहा है. आयोजकों को उम्मीद है कि अनोखी थीम बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को अपनी ओर खींचेगी. बंगाल की खाद्य संस्कृति और दुर्गा पूजा की परंपरा भी इसमें नजर आएगी.
भारत की बढ़ती ताकत, ब्रिटेन-EU-कनाडा के साथ व्यापार समझौते से खुलेंगे नए रास्ते
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच व्यापार समझौते को 27 जनवरी 2026 को अंतिम रूप दिया गया था। यह तीनों समझौतों में सबसे बड़ा माना जा रहा है। इसके तहत भारत को यूरोपीय संघ में करीब 97 प्रतिशत टैरिफ श्रेणियों में विशेष व्यापारिक सुविधा मिलने का प्रावधान है। इससे भारत के कुल निर्यात मूल्य […] यह लेख भारत की बढ़ती ताकत, ब्रिटेन-EU-कनाडा के साथ व्यापार समझौते से खुलेंगे नए रास्ते सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
मशहूर एक्टर के सुसाइड से सदमे में फैंस, आखिरी दिनों का वीडियो वायरल
ब्रेकिंग बैड स्टार आरजे मिट्टे ने सुसाइड कर ली है. वह ब्रेकिंग बैड में वॉल्टर व्हाइट के बेटे का किरदार निभाकर दुनियाभर में मशहूर हो गए थे.
फ्रांस में छात्रों के विरोध प्रदर्शन से लेकर अमेरिका, ब्रिटेन, ब्राजील, ग्रीस और भारत तक—क्या स्थानीय असंतोष को अंतरराष्ट्रीय वैचारिक लड़ाई का हथियार बनाया जा रहा है? क्या छात्र आंदोलन, मजदूर संगठनों और मीडिया मंचों के पीछे ऐसा नेटवर्क काम कर सकता है, जिसका एजेंडा उन देशों के राजनीतिक हितों से अलग हो जहां प्रदर्शन […] यह लेख फ्रांस से भारत तक वामपंथी नेटवर्क पर सवाल: कौन है नेविल रॉय सिंघम, जिस पर लगे हैं चीन समर्थक प्रचार तंत्र के आरोप? सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
सीएम योगी की सौगात, ग्राम प्रहरियों का बढ़ाया मानदेय, अब मिलेंगे 3500 रुपये
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, दिनांक 13 अक्टूबर 2026 को जनपद बरेली में प्रदेश के 68,000 ग्राम प्रहरियों का सम्मान समारोह को सम्बोधित करते हुये। बरेली, 13 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रदेश के करीब 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय एक हजार रुपये बढ़ाने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि […]
वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस के हालिया विरोध प्रदर्शनों, चुनाव आयोग पर उठाए गए सवालों और न्यायपालिका को लेकर दिए गए बयानों को लेकर विपक्ष पर गंभीर आरोप ...
मध्यप्रदेश में शहरी विकास को नई दिशा देने और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नई पहल करने जा रहे हैं। उनके नेतृत्व में 28 अक्टूबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में अर्बन कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन किया ...
मिला 1.44 करोड़ का पैकेज, इस इंस्टीट्यूट ने सेट कर दिया रिकॉर्ड
जब भी बीटेक में प्लेसमेंट की बात होती है, तो लोगों को लगता है कि केवल IIT की इतनी हाई पैकेज दे सकती है लेकिन इसके अलावा भी कई कॉलेज हैं, जो अच्छा पैकेज देते हैं. अब इस लिस्ट में एनआईटी जमशेदपुर के प्लेसमेंट आंकड़ों ने एक नया रिकॉर्ड सेट कर लोगों को हैरान कर दिया है.
US छोड़ो अपने वतन लौट आओ, यहां बहुत काम है! वेंबू ने फिर की अपील
जोहो के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने अमेरिका में अनिश्चितता झेल रहे भारतीयों से भारत लौटने की अपील फिर दोहराई, उसी दिन उन्होंने जोहो में इस साल अप्रेजल और वेतन वृद्धि नहीं होने का ऐलान किया. इस रुख पर सवाल उठे, क्योंकि आलोचकों ने कहा कि लौटने वालों के लिए मजबूत मौके और टिकाऊ माहौल भी जरूरी हैं.
Tarn Taran में शहीद ASI Iqbal Singh के परिवार को मिलेंगे 2 करोड़ रुपये
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तरनतारन जिले में हमलावरों की गोलीबारी में मारे गए एक सहायक उपनिरीक्षक के परिवार को मंगलवार को एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। तरनतारन जिले में रविवार शाम को लौहका रोड पर घर लौटते समय सहायक उपनिरीक्षक इकबाल सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मान ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘ ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सहायक उपनिरीक्षक इकबाल सिंह जी की बहादुरी और जज्बे को दिल से सलाम... दुख की इस घड़ी में पंजाब सरकार उनके परिवार के साथ खड़ी है।’’पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने कहा कि एचडीएफसी बैंक की ओर से सिंह के परिवार को एक करोड़ रुपये का अतिरिक्त बीमा भुगतान किया जाएगा। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘हमारे बहादुर सहायक उपनिरीक्षक इकबाल सिंह ने ड्यूटी के दौरान अपनी जान कुर्बान कर दी। पंजाब पुलिस दुख की इस घड़ी में उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। माननीय मुख्यमंत्री ने उनके परिवार के लिए एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है, जबकि एचडीएफसी बैंक की ओर से उनके परिवार को एक करोड़ रुपये का अतिरिक्त बीमा भुगतान किया जाएगा। शहीद को पूरे पुलिस सम्मान के साथ विदाई दी जाएगी।
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने आखिरी बार उड़ाया तेजस, लेकिन Mk1A की उड़ान का इंतजार अधूरा रह गया
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने अपने कार्यकाल के आखिरी दिनों में एक बार फिर स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस में उड़ान भरी। वायुसेना के मुताबिक, यह उड़ान राजस्थान के जोधपुर में आयोजित अभ्यास ‘तरंग शक्ति’ के दौरान हुई। इस उड़ान में उन्होंने मित्र देशों की वायुसेनाओं के लड़ाकू विमानों और सूर्यकिरण एरोबेटिक […] यह लेख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने आखिरी बार उड़ाया तेजस, लेकिन Mk1A की उड़ान का इंतजार अधूरा रह गया सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
कोच को हटाने पर बखेड़ा, खेल मंत्रालय तक पहुंचा मामला, रो पड़ी ये शूटर
एशियन पैरा गेम्स की शुरुआत 18 अक्टूबर से होनी है, लेकिन उससे पहले शूटिंग से जुड़े कुछ खिलाड़ी द्रोणाचार्य अवार्डी पैरा शूटिंग कोच जय प्रकाश नौटियाल के दल में ना जाने से परेशान हो गए हैं. उन्होंने खेल मंत्रालय और SAI (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) से कोच नौटियाल को साथ ले जाने की मांग की है. खिलाड़ियों ने इसे लेकर एक ईमेल भी लिखा है.
ECI के वोटर रोल नोट पर Jairam Ramesh का हमला, CEC Gyanesh Kumar पर लगाए आरोप
मंगलवार को कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला किया। उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा वोटर एनरोलमेंट (मतदाता पंजीकरण) के बारे में जारी प्रेस नोट के बाद भारत निर्वाचन आयोग (ECI) पर 'बेशर्मी' का आरोप लगाया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में, रमेश ने कथित आधिकारिक दस्तावेज़ शेयर किया और आरोप लगाया कि ECI की हालिया हरकतें राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान हुई अनियमितताओं का ही सिलसिला हैं। इसे भी पढ़ें: पटना के Gandhi Maidan में AISA और RYA का प्रदर्शन, CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग रमेश ने लिखा कि विधानसभा चुनाव को बेशर्मी से धोखाधड़ी करके BJP की झोली में डालने के बाद, CEC ने यह प्रेस नोट जारी करवाया है। उन्होंने आगे कहा कि ज्ञानेश कुमार की बेशर्मी की कोई हद नहीं है। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने 12 अक्टूबर को एक प्रेस नोट जारी किया। इसमें कहा गया है, भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, पश्चिम बंगाल राज्य के 24 ज़िला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs) ने एक सक्रिय अभियान शुरू किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से न छूटे। नोट में आगे कहा गया है कि पूरे राज्य में विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं और गर किसी व्यक्ति को कोई शिकायत है, तो वे संबंधित BLO, AERO, ERO या DEO से बेझिझक संपर्क कर सकते हैं। कांग्रेस नेता की टिप्पणियां विपक्षी 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन और ECI के बीच बढ़ती दरार का संकेत देती हैं; पार्टी अक्सर हाल के चुनावों के संचालन में पक्षपात और प्रशासनिक विफलताओं का आरोप लगाती रही है। इसे भी पढ़ें: 'फ़ोन ज़ब्त, वकील से मिलने की इजाज़त नहीं': दास और रांका को हिरासत में लिए जाने के बाद दिल्ली पुलिस पर CJP के आरोप इस बीच, सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने मंगलवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और 'इंडिया' गठबंधन के नौ अन्य नेताओं द्वारा दायर रिट याचिका में 14 कमियां बताईं। यह याचिका भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा मतदाता सूची के चल रहे 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) के कुछ पहलुओं को चुनौती देने के लिए दायर की गई थी। खास बात यह है कि रजिस्ट्री ने याचिकाकर्ताओं से इस बारे में भी स्पष्टीकरण मांगा है कि रिट याचिका में निजी व्यक्तियों - CEC ज्ञानेश कुमार और दो EC, SS संधू और विवेक जोशी - को प्रतिवादी के तौर पर क्यों शामिल किया गया है।
ब्रिक्स और भारत की रणनीतिक स्वायत्तता: बदलती दुनिया में अधिक विकल्प
नीलेश माथुरभारत की ब्रिक्स के साथ अधिक सक्रिय भागीदारी ऐसे समय में हो रही है जब वह अमेरिका, यूरोप, रूस, चीन और अन्य शक्ति केंद्रों के साथ अपने संबंध भी बनाए हुए है। विशेषज्ञों का कहना है कि उद्देश्य किसी एक खेमे को चुनना नहीं, बल्कि अधिक विकल्प उपलब्ध रखते हुएरणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखना है।जवाहरलाल […]
मध्यप्रदेश में OBC के 27 प्रतिशत आरक्षण पर जबलपुर हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ मोहन सरकार सुप्रीम कोर्ट का रूख करने जा रही है। मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और प्रदेश के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह के साथ ...
80 हजार ने खरीदी ये कार... नए अवतार में हुई लॉन्च, इतनी है कीमत
एमजी मोटर ने अपनी नई विंडसर ईवी को लॉन्च कर दिया है. ये कंपनी की पॉपुलर कार का इंडल्ज एडिशन है, जिसमें कई फीचर्स को जोड़ा गया है. एमजी की इस कार को 80 हजार से ज्यादा लोग खरीद चुके हैं. अब कंपनी इसका स्पेशल अवतार लेकर आई है. इसमें 332 किलोमीटर की रेंज मिलती है. आइए जानते हैं इस कार की कीमत और दूसरी खास बातें.
GST काउंसिल के इस फैसले से AiMeD खुश, कहा- बढ़ेगा कारोबार, सरकार को धन्यवाद
मेडिकल इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनियों के संगठन 'एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री' (AiMeD) ने GST काउंसिल के इस फैसले पर खुशी जाहिर की है.
आईएनएस मंगरोल नौसेना में शामिल हुआ
मुंबई। भारतीय नौसेना ने मुंबई नौसेना गोदी में स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस मंगरोल (पी82) को समारोहपूर्वक कमीशन किया। यह
पंजाब में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर की हत्या के बाद सामने आया पिता का बयान
पंजाब के मनसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की मंगलवार को गोली मार कर हत्या कर दी गई. अब परविंदर झोटा के पिता भीम झोटा का एक बयान सामने आया है. भीम झोटा ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे की हत्या पंजाब सरकार और मनसा के एमएलए विजय सिंगला के समर्थन प्राप्त ड्रग पेडलर्स ने की है. परविंदर की उम्र करीब 40 साल बताई जा रही है. उनके परिवार में पत्नी, 9 और 6 साल के दो मासूम बेटे और उनके माता-पिता हैं. परविंदर झोटा पंजाब में नशीले पदार्थों की खुलेआम बिक्री का मुद्दा उठाते थे.
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने देशभर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस पर निशाना साधा है. उन्होंने कांग्रेस पर बचकाना व्यवहार करने का आरोप लगाया.
महंगी डेट के बाद कर दिया घोस्ट! Gen Z की जेब पर भारी पड़ रही लवलाइफ!
महंगाई के दौर में जेन जी के लिए डेटिंग करना भी महंगा होता जा रहा है. कैफे और रेस्टोरेंट में बढ़ते खर्च के साथ इंस्टाग्राम पर डेट को खास दिखाने का प्रेशर भी जेन जी की परेशानी बढ़ा रहा है. ऐसे में कुछ लोग डेटिंग पर खर्च करने के लिए कर्ज तक ले रहे हैं. जानिए, पैसों का प्रेशर रिश्तों और डेटिंग के तरीके को कैसे बदल रहा है.
बंगाल में अब क्या करने जा रहा चुनाव आयोग? कांग्रेस बोली- ज्ञानेश कुमार की बेशर्मी की कोई सीमा नहीं
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान जिन पात्र मतदाताओं के नाम हटा दिए गए थे, उनकी पहचान करने और उन्हें मतदाता सूची में शामिल करने के लिए अभियान शुरू किया गया है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर मंगलवार, 13 अक्टूबर को तिरंगा लेकर पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पार्टी की ओर से सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों में आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे समेत अन्य सदस्य शामिल हैं। […] यह लेख दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया, अभिजीत दिपके बोले- प्रतिरोध खत्म नहीं कर सकते सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
कश्मीर के गुलमर्ग में फिर हुई बर्फबारी, पहाड़ों ने ओढ़ी बर्फ की चादर
कश्मीर की खूबसूरत वादियों में मौसम ने फिर करवट ली है. गुलमर्ग के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी से पहाड़ों का नजारा और भी दिलकश हो गया है. बुटापथरी और अफरवात के कई हिस्से बर्फ की मोटी चादरों से ढकी हुई हैं.
इंडिगो की फ्लाइट्स 17 अक्टूबर तक कैंसिल, किन देशों की उड़ान पर लगी रोक; वजह क्या
सऊदी अरब में बिगड़ते हालात को लेकर इंडिगो एयरलाइंस ने बेहद अहम फैसला लिया है। इसके तहत, जेद्दा, दमम और मदीना की उड़ानों पर 17 अक्टूबर तक रोक जारी रहेगी। इंडिगो ने मंगलवार को इस बाबत एक एडवाइजरी जारी की।
Indian Railways का Freight Revenue 1266 करोड़ रुपये बढ़ा, कोयला सप्लाई में भी उछाल
इंडियन रेलवे ने सितंबर 2026 में माल ढुलाई (फ्रेट लोडिंग) में 6.14 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की, जो मुख्य कमोडिटी कैटेगरी में लगातार हो रही बढ़त को दिखाता है। सितंबर 2026 में, इंडियन रेलवे ने 135.35 मिलियन टन माल की ढुलाई की, जबकि सितंबर 2025 में यह आंकड़ा 127.52 मिलियन टन था। इस बढ़ोतरी में कई प्रमुख कमोडिटीज़ का अहम योगदान रहा, जिनमें अनाज की ढुलाई में 25 प्रतिशत, क्लिंकर में 20 प्रतिशत, घरेलू कंटेनरों में 10 प्रतिशत, कोयले में 9 प्रतिशत, अन्य सामान में 8.2 प्रतिशत, मिनरल ऑयल में 6 प्रतिशत, तैयार स्टील में 5.5 प्रतिशत और आयरन ओर (लौह अयस्क) में 5.2 प्रतिशत की वृद्धि शामिल है। इसे भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश में 2 लाख Motor Accident दावे लंबित, बीमा अफसरों को दी जा रही Mediation ट्रेनिंग रेलवे ने पावर हाउसों को घरेलू कोयले की सप्लाई भी बढ़ाई है। सितंबर 2026 में हर दिन औसतन 443 कोयला रैक सप्लाई किए गए, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह संख्या 397 रैक प्रति दिन थी; यानी इसमें 11.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। सितंबर 2025 की तुलना में सितंबर 2026 में माल ढुलाई से होने वाली कमाई (फ्रेट रेवेन्यू) में ₹1,266 करोड़ की बढ़ोतरी हुई, जो 9.3 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। इसे भी पढ़ें: Delhi Police Security | जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन से पहले बढ़ाई गई सुरक्षा, कनॉट प्लेस से मेट्रो तक कई पाबंदियां लागू, इन रास्तों से बचें कुल मिलाकर, अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान भारतीय रेलवे ने 833.7 मिलियन टन माल की ढुलाई की, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 4.1 प्रतिशत अधिक है। इस अवधि में माल ढुलाई से होने वाली कमाई में 3.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसके अलावा, रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड द्वारा जारी सेंट्रलाइज्ड एम्प्लॉयमेंट नोटिफिकेशन नंबर 06/2026 के तहत, भारतीय रेलवे ने नॉन-टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरीज़ (NTPC–ग्रेजुएट) भर्ती के लिए ग्रेजुएट-लेवल की 3,548 वैकेंसी की घोषणा की है। यह भर्ती योग्य ग्रेजुएट लोगों को देश के सबसे बड़े पब्लिक सर्विस संगठनों में से एक में करियर बनाने का मौका देती है।
लद्दाख पर चीन का भारत को उकसाने वाला बयान, लगा अवैध कब्जे का राग अलापने
चीन के विदेश मंत्रालय ने लद्दाख को लेकर जो बयान दिया है वो काफी आपत्तिजनक है. चीन ने कहा कि लद्दाख पर भारत ने 'एकतरफा' और 'अवैध' रूप से कब्जा किया है. हाल ही में भारत ने लद्दाख में 28 स्थानों का नाम बदलने का फैसला किया था. चीन इससे चिढ़ गया है.
Shiv Sena UBT प्रवक्ता Anand Dubey ने दिया इस्तीफा, हिंदुत्व की विचारधारा से भटकाव का लगाया आरोप
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने पार्टी की मौजूदा राजनीतिक दिशा से मतभेदों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया है और पार्टी के हिंदुत्व की मूल विचारधारा से ‘‘दूर जाने’’ को लेकर भी चिंता जताई है। दुबे को शिवसेना (उबाठा) के विधायक आदित्य ठाकरे का करीबी सहयोगी और पार्टी के प्रमुख उत्तर भारतीय चेहरों में से एक माना जाता रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय और महाराष्ट्र से जुड़े कई मुद्दों पर संगठन के रुख की भी आलोचना की। दुबे ने कहा कि वह उन वैचारिक सिद्धांतों से समझौता करने के इच्छुक नहीं हैं, जिन्होंने उनकी राजनीतिक यात्रा को दिशा दी है। सोमवार को इस्तीफा देने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए दुबे ने कहा कि बाल ठाकरे की शिवसेना का निर्माण हिंदुत्व के आधार पर हुआ था जिसने पार्टी को एक अलग राजनीतिक पहचान दी। उन्होंने कहा, ‘‘शिवसेना की ऐतिहासिक पहचान हिंदुत्व, मराठी अस्मिता और बालासाहेब ठाकरे की वैचारिक विरासत से जुड़ी रही है। पार्टी की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और मेरी अपनी वैचारिक प्रतिबद्धताओं के बीच बढ़ते मतभेदों के कारण मेरे लिए पार्टी के आधिकारिक रुख को व्यक्त करना मुश्किल हो गया है।’’दुबे ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) की कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी के साथ बढ़ती राजनीतिक नजदीकी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक गठबंधन किसी पार्टी की बुनियादी विचारधारा और स्वतंत्र पहचान की कीमत पर नहीं होने चाहिए। कुछ उद्योगपतियों के सत्तारूढ़ व्यवस्था के करीब होने के आरोपों को लेकर भी उन्होंने शिवसेना (उबाठा) की आलोचना की। दुबे ने कहा कि मुकेश अंबानी और गौतम अडाणी से जुड़े कारोबार सहित भारतीय कंपनियों के निवेश, आर्थिक योगदान और रोजगार सृजन संबंधी गतिविधियों का आकलन तथ्यों और एकसमान मानकों के आधार पर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की आलोचना तथ्यों तथा नीतिगत मतभेदों पर आधारित होनी चाहिए।
राहुल गांधी ने अपने घर चाय पर बुलाया, आज शाम क्या करने वाला है INDIA गठबंधन
राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘आज मैंने INDIA गठबंधन के नेताओं, विपक्षी सांसदों, छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों के साथियों को अपने घर चाय पर बुलाया है। लोकतंत्र की रक्षा के इस जनांदोलन में हम सब एक साथ हैं।’
S Jaishankar 4F crisis warning: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक मंच पर 4F संकट (फ्यूल, फूड, फर्टिलाइजर, फाइनेंस) की चेतावनी दी है। जानिए 1965 के 'शिप-टू-माउथ' दौर से लेकर आज की स्थिति और भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके असर का पूरा विश्लेषण।
ED ने Jauhar Trust केस में रामपुर जेल जाकर Azam Khan से Money Laundering पर पूछताछ की
एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने 13 अक्टूबर को रामपुर ज़िला जेल में समाजवादी पार्टी के नेता आज़म खान से पूछताछ की। यह पूछताछ मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की चल रही जांच के सिलसिले में की गई। ED के लखनऊ ज़ोनल ऑफ़िस की एक टीम दिन में रामपुर जेल पहुँची और एजेंसी की जांच के दौरान इकट्ठा किए गए सबूतों के आधार पर पूछताछ की। यह पूछताछ उस बैरक में हुई जहाँ आज़म खान अभी बंद हैं, और यह प्रक्रिया जारी रही। इसे भी पढ़ें: UP में 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय बढ़कर हुआ 3,500 रुपये, CM Yogi ने दी मंजूरी सरकारी कॉन्ट्रैक्ट के फंड को प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर्स के ज़रिए दूसरी जगह लगाने और बाद में उनके इस्तेमाल के आरोपों की जांच के तहत फ़ेडरल एजेंसी ने उनका बयान दर्ज किया। इसमें मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी संपत्तियां बनाना भी शामिल है। यह घटनाक्रम करीब ढाई महीने पहले उत्तर प्रदेश और दिल्ली में आज़म खान से जुड़ी दस जगहों पर ED की छापेमारी के बाद हुआ है। ये ऑपरेशन 19 अगस्त को शुरू हुए थे और इनमें उत्तर प्रदेश के रामपुर और सहारनपुर के साथ-साथ दिल्ली की जगहें भी शामिल थीं। जिन जगहों पर तलाशी ली गई, उनमें मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी भी शामिल थीं; इस यूनिवर्सिटी की स्थापना आज़म खान ने 2006 में की थी और यह रामपुर में स्थित एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी है। ED ने कहा कि अब तक की जांच से पता चला है कि कुछ कॉन्ट्रैक्टर्स और ट्रस्ट के बीच पैसों का लेन-देन हुआ है और सरकारी कॉन्ट्रैक्ट से फ़ायदा उठाने वाले कॉन्ट्रैक्टर्स ने फंड को मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की तरफ़ मोड़ दिया, जिसमें भारी डोनेशन और कंस्ट्रक्शन का काम शामिल है। एजेंसी सरकारी फंड के कथित गलत इस्तेमाल और हेरफेर से जुड़ी आपराधिक कमाई, फाइनेंशियल रिकॉर्ड, डॉक्यूमेंट और डिजिटल सबूतों का पता लगाने के लिए काम कर रही है। इसे भी पढ़ें: Ballia murder case: रोहित पांडेय हत्याकांड में चार दोषियों को उम्रकैद, 1.85 लाख जुर्माना आज़म खान 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान सरकारी अधिकारियों (जिनमें तत्कालीन कलेक्टर-सह-ज़िला मजिस्ट्रेट भी शामिल थे) के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए दो साल की सज़ा काट रहे हैं। रामपुर सदर से दस बार विधायक रहे और पूर्व कैबिनेट मंत्री आज़म खान समाजवादी पार्टी के एक प्रमुख मुस्लिम नेता रहे हैं। धोखाधड़ी के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से वे पिछले साल नवंबर से रामपुर ज़िला जेल में बंद हैं।
120 की रफ्तार, 3 मौतें... हिरासत में ड्राइवर, फिर भी FIR से नाम गायब!
केरल के एर्नाकुलम जिले के नेदुम्बस्सेरी में तेज रफ्तार Mini Cooper कार की टक्कर से स्कूटर सवार तीन छात्रों की मौत हो गई थी. हादसा 11 अक्टूबर 2026 की देर रात हुआ था. पुलिस ने कार चला रहे सुहैल सजीव को हिरासत में लिया है. पुलिस के मुताबिक उसने हादसे के वक्त शराब पीने की बात कबूली है.
UP में 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय बढ़कर हुआ 3,500 रुपये, CM Yogi ने दी मंजूरी
उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय 2,500 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये प्रतिमाह करने को मंगलवार को मंजूरी दी दे दी। इसके अलावा उनके परिवारों के लिए सालाना पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा भी शुरू हो गई। यहां जारी एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रहरियों (गांव के चौकीदारों) के मानदेय में एक हजार रुपये की बढ़ोतरी की मंजूरी दी है। आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 में ग्राम प्रहरियों को महज 1,500 रुपये मानदेय मिलता था, जिसे वर्ष 2019 में बढ़ाकर 2,500 रुपये किया गया था। उन्होंने कहा कि अब ग्राम प्रहरियों की जिम्मेदारियों के साथ सुविधाएं भी बढ़ाई जा रही हैं। बरेली की रिजर्व पुलिस लाइन में ग्राम प्रहरी सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में पर्व-त्योहार आते ही उपद्रव शुरू हो जाते थे। कुछ अराजक तत्वों की हरकतों का खामियाजा 25 करोड़ प्रदेशवासियों को भुगतना पड़ता था।’’उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में ‘डबल इंजन’ सरकार ने प्रदेश के प्रति देश और दुनिया की धारणा बदल दी है। आदित्यनाथ ने कहा कि शहरों में सीसीटीवी कैमरे जिस तरह अपराधियों पर नजर रखते हैं, उसी तरह गांवों में ग्राम प्रहरियों को भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों ने अपील की कि वे संदिग्ध गतिविधियों, अपराध और जमीन पर कब्जा करने वालों की सूचना तत्काल पुलिस तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि थानाध्यक्ष या संबंधित क्षेत्र के उपनिरीक्षक सप्ताह में कम से कम एक दिन ग्राम प्रहरियों के साथ बैठक करें, जिससे सूचना तंत्र मजबूत होगा और छोटी घटनाओं को बड़ा विवाद बनने से रोका जा सकेगा। आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में अब दंगे और उपद्रव नहीं होते और कानून-व्यवस्था बेहतर होने से निवेश, व्यापार व रोजगार बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि पहले नवरात्र और अन्य पर्वों पर उपद्रव की आशंका रहती थी, लेकिन अब नवरात्र के पहले दिन से ही गांव-गांव में दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विंध्यवासिनी धाम में पिछले दिन में सवा दो लाख से ढाई लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए और मंगलवार सुबह छह बजे तक डेढ़ लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। उन्होंने कहा कि देवीपाटन धाम में भी डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे और सीतापुर के ललिता देवी मंदिर व सहारनपुर की शाकंभरी पीठ में भी श्रद्धालुओं की भीड़ है। आदित्यनाथ ने कहा कि यह भयमुक्त वातावरण का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों से वन्यजीवों के खतरे, अफवाहों और भू-माफिया की गतिविधियों की सूचना भी प्रशासन को देने को कहा। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 ग्राम प्रहरियों को सम्मानित किया।
Rahul Gandhi ने INDIA Bloc को चाय पर बुलाया; कहा- Save Democracy आंदोलन रहेगा जारी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि लोकतंत्र की सुरक्षा को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच, वे अपने आवास पर INDIA ब्लॉक के नेताओं, विपक्षी सांसदों, छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी के सदस्यों को चाय पर बुलाने के बाद मीडिया को संबोधित करेंगे। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने X पर एक पोस्ट में कहा कि अलग-अलग ग्रुप के प्रतिनिधि मीडिया के सामने अपनी बात रखने के लिए एक साथ आएंगे और इस बात पर ज़ोर दिया कि ये प्रदर्शन एक साझा आंदोलन का हिस्सा हैं। इसे भी पढ़ें: पटना के Gandhi Maidan में AISA और RYA का प्रदर्शन, CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग गांधी ने लिखा कि आज मैंने INDIA गठबंधन के नेताओं, विपक्षी सांसदों, छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी के साथियों को चाय पर अपने घर बुलाया है। उन्होंने इस अभियान को लोकतंत्र की रक्षा के लिए एक सामूहिक प्रयास बताया और कहा कि यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए चल रहे इस जन-आंदोलन में हम सब एकजुट हैं - और यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा। गांधी ने कहा कि बैठक के बाद सभी प्रतिभागी एक साथ मीडिया से बात करेंगे। उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि इन प्रदर्शनों को अलग-अलग कोशिशों के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने लिखा कि चाय के बाद, हम सब एक साथ आएंगे और मीडिया के सामने अपनी बात रखेंगे। सभी विरोध-प्रदर्शन एक ही हैं। वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के छात्र और युवा संगठनों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को पटना में प्रदर्शन किया और एक रैली निकाली। प्रदर्शन के दौरान रैली गांधी मैदान से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई और बिहार लोक भवन की ओर बढ़ रही थी। हालांकि, पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसे भी पढ़ें: सबका ध्यान CEC के खिलाफ प्रोटेस्ट पर था इधर UPI पर सरकार ने ले लिया बड़ा निर्णय, MDR चार्ज लगाने का फैसला दिवाली तक टला अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) और इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) के सदस्यों ने मार्च के दौरान ‘ज्ञानेश कुमार, इस्तीफा दो’ के नारे लगाए। इस बीच, गांधी मैदान के निकट जेपी गोलंबर पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और डाकबंगला चौराहे की ओर आगे बढ़ गए। पटना जिला प्रशासन ने इससे पहले एक आधिकारिक बयान जारी कर सभी संगठनों और व्यक्तियों को निर्देश दिया था कि वे अपना प्रदर्शन केवल गर्दनीबाग स्थित निर्धारित धरना स्थल पर ही करें।
पूड़ी, चना और ग्रेनेड... कश्मीर में आतंकी अड्डे से क्या-क्या मिला
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के सजवान सेक्टर के सथरबन इलाके में सुरक्षाबलों ने आतंकियों के ठिकाने से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है. बरामद सामान में AK-47 राइफल भी शामिल है. बम निरोधक दस्ते ने मिले ग्रेनेड को नष्ट कर दिया है.
बर्थडे में सारा तेंदुलकर ने पहनी इतनी सस्ती ड्रेस, भाभी भी लगीं कमाल
सचिन तेंदुलकर की बेटी सारा तेंदुलकर ने अपना 29वां जन्मदिन खास अंदाज में मनाया. बर्थडे सेलिब्रेशन की तस्वीरों में वह जेब्रा प्रिंट मिनी ड्रेस में बेहद खूबसूरत दिखीं. भाभी सानिया चंदोक के साथ उनकी बॉन्डिंग और दोनों के स्टाइलिश लुक ने भी फैंस का ध्यान खींचा. आइए सारा की ड्रेस की कीमत और उनके बर्थडे की इनसाइड तस्वीरें देखते हैं.
पटना के Gandhi Maidan में AISA और RYA का प्रदर्शन, CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (RYA) ने मंगलवार को पटना के गांधी मैदान में प्रदर्शन किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग की। यह विरोध प्रदर्शन विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग की वोटर लिस्ट की 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) प्रक्रिया की आलोचना और इस प्रक्रिया में जवाबदेही की मांग के बाद हुआ है। सोमवार को राहुल गांधी की अगुवाई में INDIA गठबंधन के नेताओं और समर्थकों ने बाराखंबा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया। बाद में, विपक्ष के 11 नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर करके चुनाव आयोग के वोटर लिस्ट के SIR (विशेष सारांश संशोधन) से जुड़े फैसलों को चुनौती दी। इसे भी पढ़ें: 'फ़ोन ज़ब्त, वकील से मिलने की इजाज़त नहीं': दास और रांका को हिरासत में लिए जाने के बाद दिल्ली पुलिस पर CJP के आरोप हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और INDIA गठबंधन के नौ अन्य नेताओं द्वारा दायर रिट याचिका में 14 कमियां पाईं। इन नेताओं ने भारत के चुनाव आयोग द्वारा चल रही SIR प्रक्रिया के कुछ पहलुओं को चुनौती दी थी। इसके अलावा, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने दिल्ली में अपनी टीम के कुछ सदस्यों को हिरासत में लिए जाने के बाद सरकार की आलोचना की। उन्होंने उन लोगों को देशद्रोही कहा जो जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने को कानून का उल्लंघन मानते हैं। दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को CJP कार्यकर्ताओं आशुतोष रंका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे को हिरासत में ले लिया। बताया गया कि उन्होंने जंतर-मंतर में घुसने के लिए पुलिस की घेराबंदी तोड़ने की कोशिश की थी, जबकि जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की जगह के तौर पर डी-नोटिफाई (मान्यता खत्म) कर दिया गया था। इसे भी पढ़ें: CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगा, पटना में AISA और RYA कार्यकर्ताओं ने तोड़े बैरिकेड यह ग्रुप सुबह-सुबह ही उस जगह पर इकट्ठा हो गया था। खबरों के मुताबिक, प्रदर्शन शुरू होने के कुछ ही देर बाद सुरक्षाकर्मी वहाँ पहुँचे और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर वहाँ से हटा दिया। इससे पहले शनिवार को, AISA और वामपंथी पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी माँग की।
Rahul Gandhi Defamation Case: सुल्तानपुर की MP-MLA Court 26 अक्टूबर को सुनाएगी फैसला
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले की सांसद/विधायक अदालत ने मंगलवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले में फैसला सुनाने के लिए 26 अक्टूबर की तिथि तय की। इस दिन राहुल गांधी को अदालत में आना पड़ेगा। वादी भाजपा नेता विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि आज अदालत ने फैसले की तिथि 26 अक्टूबर तय की क्योंकि दोनों पक्षों की तरफ से बहस हो चुकी है। पांडेय ने बताया कि प्रतिवादी (राहुल गांधी) पक्ष द्वारा लिखित बहस दाखिल की जा चुकी है, जिसमें अनुच्छेद 17 और 18 (मुख्यतः 18) में उन्होंने घटना और भाषण को स्वीकार किया है। बचाव पक्ष ने धारा 499 (अपमानलेख/मानहानि) के अपवाद उपबंध नौ का सहारा लेते हुए कहा है कि यह बयान सद्भावना की दृष्टि से दिया गया था और उनका मकसद किसी की मानहानि करना नहीं था। पांडेय ने अदालत में कहा कि घटना स्वीकार किए जाने के बाद अब साबित करने का भार आरोपी पक्ष पर है। उन्होंने आरोप लगाया था कि बयान दूषित मानसिकता के साथ दिया गया था। उन्होंने अदालत से आरोपी को दोषी ठहराने की मांग की। राहुल गांधी पर 2018 में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मौजूदा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ बेंगलुरू चुनाव के दौरान आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। राहुल गांधी के खिलाफ चार अगस्त 2018 को जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष एवं भाजपा नेता विजय मिश्र ने मानहानि का परिवाद अदालत में दायर किया था। अदालत ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को विचारण के लिए तलब किया था। इसके बाद राहुल गांधी ने अदालत में हाजिर होकर जमानत कराई थी। इसके बाद परिवादी विजय मिश्र ने राहुल गांधी की आवाज के नमूने का मिलान कराने के लिए अर्जी दी थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था।
कुंभ राशि वालों को तरक्की का मौका, जानें आपके लिए कल कैसा रहेगा दिन
Kal Ka Rashifal 14 October 2026: कुंभ राशि के जातकों के लिए करियर और कारोबार में बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर मिल सकता है. प्रशासनिक और प्रबंधन से जुड़े कामों में सक्रियता बढ़ेगी. पद और प्रतिष्ठा से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं. आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने वाली योजनाओं पर काम आगे बढ़ सकता है.
मंगलवार सुबह 'कॉकरोच जनता पार्टी' के सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे समेत कई लोगों को हिरासत में लिए जाने के कुछ घंटों बाद, इस प्रेशर ग्रुप ने दावा किया है कि नेताओं को वकीलों से मिलने की इजाज़त नहीं दी गई है। CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने X पर आरोप लगाया कि दास, रांका और अन्य नेताओं को, जिन्हें जाफरपुर कलां पुलिस स्टेशन में हिरासत में रखा गया है, कानूनी प्रतिनिधियों से मिलने की इजाज़त नहीं दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके फ़ोन ले लिए गए हैं। इसे भी पढ़ें: तिरंगा फहराना कब से कानून का उल्लंघन हो गया? रांका-सौरव दास की हिरासत पर बोले अभिजीत दिपके सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जाफ़रपुर कलां पुलिस स्टेशन के SHO ने वकील को उनसे मिलने नहीं दिया और उनके फ़ोन भी ज़ब्त कर लिए गए हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्हें किस कानूनी अधिकार के तहत हिरासत में रखा गया है और उनके वकील को उनसे मिलने क्यों नहीं दिया जा रहा है? मंगलवार सुबह, CJP के को-कन्वीनर सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर के बंद गेट फांदकर अंदर घुसने के बाद हिरासत में ले लिया। यह घटना उस जगह का 'विरोध प्रदर्शन स्थल' का दर्जा खत्म होने के एक दिन बाद हुई। रांका ने अपने X हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वे और दास, शिंदे के साथ जंतर-मंतर के बंद गेट फांदकर अंदर घुसते हुए दिख रहे हैं। इसके बाद वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोका और हिरासत में ले लिया। पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि दास और रांका कम से कम 10 और लोगों के साथ आए थे और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए राष्ट्रीय ध्वज लेकर जंतर-मंतर में घुसने में कामयाब रहे। इसे भी पढ़ें: Jantar Mantar Protest | सुरक्षा घेरा तोड़कर JDU दफ्तर के रास्ते जंतर-मंतर में कूदे CJP नेता Sourav Das और Ashutosh Ranka, पुलिस ने हिरासत में लिया इस घटना का एक वीडियो शेयर करते हुए सौरव दास ने कहा कि CJP ने उस जगह को वापस हासिल कर लिया है। दास ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगह की सूची से हटाने के 24 घंटे से भी कम समय में, हमने उसे वापस हासिल कर लिया। यह सरकार के लिए एक संदेश है - लोगों के जंतर-मंतर से दूर रहो! ज्ञानू का समय खत्म हो गया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने जंतर-मंतर में किए गए इस कदम की तारीफ़ करते हुए कहा कि विरोध-प्रदर्शन को सूची से हटाया नहीं जा सकता।
कर्नाटक में MSP और गन्ने के दाम पर बवाल, National Highway पर किसानों का चक्का जाम
कर्नाटक में गन्ना किसानों ने अपनी उपज की अधिक कीमत और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग को लेकर मंगलवार को कई स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्गों पर जाम लगाया जिससे यातायात बाधित हुआ। बेलगावी, बागलकोट, विजयपुरा और धारवाड़ जिलों में विरोध प्रदर्शन हुए। इस दौरान पुणे-बेंगलुरु मार्ग और निदागुंडी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-50 सहित कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। बेलगावी जिले के हुक्केरी तालुक में हट्टार्गी टोल प्लाजा के पास किसानों ने पुणे-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर जाम लगाया। जिले में कुगनोली जांच चौकी और हिरेबागेवाड़ी टोल प्लाजा के पास भी प्रदर्शन हुए। किसानों ने कहा कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। सोमवार को दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों के साथ हुई उनकी बैठक में गन्ने की कीमतों पर तत्काल कोई निर्णय नहीं हो सका। किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने, उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) निर्धारित करने और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की, लेकिन किसानों ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक नाकेबंदी जारी रहेगी। धारवाड़ में किसान संगठनों ने पल्लीकोप्पा के पास राजमार्ग पर जाम लगाने का आह्वान किया। इसके मद्देनजर पुलिस ने एहतियात के तौर पर कर्नाटक राज्य रिजर्व पुलिस सहित अतिरिक्त बल तैनात किया। केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोमवार को किसानों से आंदोलन वापस लेने की अपील करते हुए आश्वासन दिया था कि केंद्र सरकार उनकी चिंताओं का समाधान करेगी। किसान नेताओं के साथ बैठक के बाद जोशी ने कहा, भारत सरकार, मोदी सरकार आपके साथ है। यह काम केवल एक या दो मंत्रालयों के स्तर पर नहीं हो सकता, इसमें कई मंत्रालय शामिल हैं। राज्य सरकारों की भी भूमिका है और सभी राज्य सरकारों को इसमें शामिल होना होगा। जोशी ने कहा कि उन्होंने और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की शिकायतें सुनी हैं और इन मुद्दों की जांच के लिए एक समिति गठित की जाएगी।। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने भी सोमवार रात जोशी के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस मामले में दूसरे राज्यों के साथ विचार-विमर्श करना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा, यह केवल हमारे राज्य तक सीमित मुद्दा नहीं है। उन्हें दूसरे राज्यों से भी चर्चा करनी होगी। उन्होंने कहा है कि वे सभी से बात करेंगे और फिर कोई निर्णय लेंगे। वर्ष 2004 में गठित स्वामीनाथन आयोग ने भारतीय कृषि में संरचनात्मक सुधारों के लिए व्यापक रूपरेखा तैयार की थी, जिसे स्वामीनाथन रिपोर्ट के नाम से जाना जाता है।
भुवनेश्वर के बाद अब शमी की होगी टीम में एंट्री? रणजी में बरपाया कहर
भुवनेश्वर के बाद अब मोहम्मद शमी की भी टीम इंडिया में एंट्री हो सकती है. मोहम्मद शमी ने रणजी ट्रॉफी का आगाज शानदार अंदाज में किया है. एमएसके प्रसाद ने शमी को टीम में लेने की वकालत करते हुए कुछ जरूरी बातों का जिक्र किया है.
Rahul Gandhi ने INDIA गठबंधन के नेताओं को चाय पर बुलाया, आंदोलन जारी रखने का ऐलान
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दल ‘‘लोकतंत्र की रक्षा के जनांदोलन’’ में एकजुट हैं और यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मंगलवार शाम ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं, विपक्षी सांसदों, छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों के कई प्रतिनिधियों को अपने आवास ‘5 सुनहरी बाग रोड’ पर चाय पर आमंत्रित किया है। चाय के बाद ‘इंडिया’ गठबंधन के नेता मीडिया से बातचीत करेंगे। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘आज मैंने इंडिया गठबंधन के नेताओं, विपक्षी सांसदों, छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों के साथियों को अपने घर चाय पर बुलाया है। लोकतंत्र की रक्षा के इस जनांदोलन में हम सब एक साथ हैं और यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा। चाय के बाद हम सभी मिलकर मीडिया के सामने अपनी बात रखेंगे।’’ गांधी द्वारा सोमवार को भेजे गए निमंत्रण में कहा गया है, ‘‘आज लोकतंत्र के लिए मार्च और उच्चतम न्यायालय में याचिका दाखिल किए जाने के बाद... ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं का मंगलवार दोपहर संयुक्त संवाददाता सम्मेलन होगा, चाय का कार्यक्रम भी होगा। मैं आपको मंगलवार, 13 अक्टूबर को शाम चार बजे 5, सुनहरी बाग रोड, नयी दिल्ली स्थित अपने आवास पर आमंत्रित करता हूं।’’ सूत्रों ने बताया कि गांधी के आवास पर होने वाली बैठक के दौरान कथित ‘‘वोट चोरी’’ के खिलाफ संयुक्त विरोध-प्रदर्शनों की रणनीति पर विचार-विमर्श होने की संभावना है। विपक्षी दलों ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उच्चतम न्यायालय की ओर मार्च निकाला था। विपक्षी नेताओं ने इस मामले में उच्चतम न्यायालय में एक याचिका भी दायर की है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल पिछले कुछ समय से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर सरकार तथा निर्वाचन आयोग को घेर रहे हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची की शुचिता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी है। वे ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं।
पंजाब चुनाव 2027 के लिए Congress ने बनाया Gen Z प्लान, Sunil Kanugolu संभालेंगे कमान
2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों में चार महीने से भी कम समय बचा है, ऐसे में कांग्रेस आलाकमान 'जेन-ज़ी' (Gen Z) पर केंद्रित एक कैंपेन की योजना बना रहा है। इसका मकसद बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और AAP के नेतृत्व वाली राज्य सरकार से लोगों की नाराज़गी का फ़ायदा उठाना है। पार्टी पंजाब को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानती है। इसे भी पढ़ें: Amritsar Police ने पकड़े पांच हथियार और नशा तस्कर गिरोह, 10 आरोपी अरेस्ट पार्टी सूत्रों का कहना है कि आलाकमान उम्मीदवारों के चयन और कैंपेन की रणनीति पर बारीकी से नज़र रखेगा, ताकि वरिष्ठ नेताओं के बीच बेहतर तालमेल बिठाया जा सके और राज्य इकाई के भीतर नेताओं की आपसी होड़ या महत्वाकांक्षाओं को नियंत्रित किया जा सके। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी युवाओं से जुड़े मुद्दों को लगातार उठा रहे हैं, ऐसे में कांग्रेस ड्रग्स की समस्या, बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बेरोज़गारी और राज्य के वित्तीय संकट पर ध्यान केंद्रित करते हुए 'जेन-ज़ी' को केंद्र में रखकर अपना कैंपेन चलाने की योजना बना रही है। पार्टी ने चुनाव रणनीतिकार सुनील कानूगोलू की टीम को कैंपेन की योजना बनाने का काम सौंपा है। पार्टी के एक नेता ने बताया कि टीम पहले ही पंजाब में तैनात हो चुकी है और उसने काम शुरू कर दिया है। पिछली बार के चुनावों के उलट, इस बार पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों और कैंपेन की रणनीति में तालमेल बिठाने में हाईकमान और टॉप लीडरशिप की अहम भूमिका होने की उम्मीद है। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) कैंपेन की रूपरेखा तैयार करेगी और राज्य के नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपेगी। इसे भी पढ़ें: Pakistan के पंजाब में Rehman Baba Express बेपटरी, 5 यात्रियों की मौत और 30 घायल इस मामले की जानकारी रखने वाले पार्टी के एक नेता ने कहा कि हाईकमान उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करने और फाइनल करने के लिए अपने सर्वे भी कराएगा। पार्टी हाईकमान यह रणनीति इसलिए अपना रहा है क्योंकि राज्य इकाई में गुटीय खींचतान बनी हुई है। इसी वजह से ओलंपियन परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया है, जिन्होंने लुधियाना के सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग की जगह ली है। राजा वडिंग उन पार्टी नेताओं के खिलाफ राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं जिन्हें वे अपने पद से हटाए जाने के लिए जिम्मेदार मानते हैं। पार्टी झगड़ालू नेताओं को एक मंच पर लाना चाहती है क्योंकि वह 2012 के विधानसभा चुनावों में हुई गलतियों को दोहराना नहीं चाहती, जब राज्य के नेतृत्व पर भरोसा करने के कारण उसे हार का सामना करना पड़ा था; इसलिए वह सावधानी से आगे बढ़ना चाहती है।
अजय राय से पंगा लेना ममता चौधरी को पड़ न जाए महंगा, दिल्ली तलब
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में अजय राय और महिला कांग्रेस नेता ममता चौधरी के बीच हुए विवाद के बाद पार्टी ने कड़ा रुख अपना लिया है. अनुशासनहीनता और घमासान के इस मामले में हाईकमान ने ममता चौधरी को दिल्ली तलब करने के साथ ही जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया है.
9,041 फीट पर स्थित है सुरकंडा देवी! 2.5 किमी का ट्रेक है बेहद खूबसूरत
Surkanda Devi Trek: उत्तराखंड का सुरकंडा देवी मंदिर धार्मिक आस्था के साथ अपनी खूबसूरत वादियों और हिमालय के शानदार नजारों के लिए भी जाना जाता है. लगभग 9,041 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस मंदिर तक पहुंचने का रास्ता बेहद ही खुबसूरत है.
पहाड़ पर ग्लेशियर, बेकाबू नदियां... नेपाल में क्यों आ रही है तबाही?
नेपाल में तबाही की वजह सिर्फ भारी बारिश नहीं है. तेजी से पिघलते ग्लेशियर, खतरनाक झीलें, खिसकते पहाड़ और उफनती नदियां मिलकर खतरा बढ़ा रहे हैं. आखिर कैसे पहाड़ों पर जमा बर्फ नीचे रहने वालों के लिए मुसीबत बन रही है?
दिल्ली में प्रदर्शन के बाद भी सुरक्षा सख्त, सड़कों पर पुलिस-जवान और हिरासत वाली गाड़ियां तैनात
नई दिल्ली | तहलका न्यूज | स्नेहलता इंडिया ब्लॉक के सुप्रीम कोर्ट मार्च के अगले दिन, 13 अक्टूबर को भी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बनी हुई है। तहलका की ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान पुलिसकर्मी, सुरक्षा बलों के जवान और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के लिए इस्तेमाल होने वाली गाड़ियां मौके पर […]
एक पत्रकार, ऋचा पाराशर ने आरोप लगाया है कि 13 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट के पास एक विरोध मार्च के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और उनके सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की और उन्हें ज़ोर से धक्का दिया। इस घटना में पाराशर को चोटें आईं और उन्हें मेडिकल इमरजेंसी का सामना करना पड़ा; वह गर्भावस्था के शुरुआती दौर (पहली तिमाही) में हैं। पाराशर ने बताया कि यह घटना एक सामान्य रिपोर्टिंग असाइनमेंट के तौर पर शुरू हुई थी, लेकिन जल्द ही स्थिति बिगड़ गई। इसे भी पढ़ें: न्यायपालिका पर दबाव बना रहे Rahul Gandhi, Eknath Shinde ने Supreme Court मार्च की निंदा की उन्होंने कहा कि मैंने अपना माइक्रोफ़ोन सेट किया और अचानक, सिर्फ़ दो सेकंड में सब कुछ हो गया। मेरे वीडियो में यह साफ़ दिख रहा है: राहुल गांधी आगे बढ़े और उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा—और उसे खींचा। उन्होंने उसे खींचा और मुझे उनकी ताकत का एहसास हुआ। उन्होंने खींचा और उसी पल उनके गार्ड्स ने मुझे धक्का दिया। इंटरनेट पर मौजूद वीडियो में यह साफ़ दिख रहा है... मेरा फ़ोन देखिए, वह टूट गया है। मैं चिल्ला रही थी, 'सर, मुझे धक्का दिया जा रहा है। सर, हम जा रहे हैं। प्लीज़ धक्का मत दीजिए।' मैं उनसे गुज़ारिश कर रही थी, 'प्लीज़ धक्का मत दीजिए, सर।' और दो सेकंड में ही मुझे धक्का दे दिया गया। सुप्रीम कोर्ट में सीढ़ियाँ थीं; मैं सीढ़ियों पर गिर गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा की गुहार लगाने के बावजूद, पार्टी कार्यकर्ताओं के राहुल गांधी ज़िंदाबाद के नारों ने उनकी आवाज़ को दबा दिया। उन्होंने दावा किया कि मैं गिर गई, फ़ोन भी गिर गया, लेकिन माइक्रोफ़ोन मेरे कॉलर पर लगा था, इसलिए सब रिकॉर्ड हो गया। मैं उठी और चिल्लाने लगी, 'मेरा माइक्रोफ़ोन गिर गया है,' और उनके लोग मुझसे कह रहे थे, 'अरे, तुम कहाँ गिरीं?' मैंने कहा, 'यह मेरे कैमरे में रिकॉर्ड हो गया है। आप एक पत्रकार को दबा नहीं सकते। मैं बहुत बड़ी भीड़ में खड़ी थी और मुझे साँस लेने में तकलीफ़ हो रही थी। उसके बाद, मैं वहाँ कह रही थी कि राहुल गांधी ने मुझे धक्का दिया। राहुल गांधी ने मुझे धक्का दिया, वह ठीक मेरे पीछे थे। और उनके लोग मेरी आवाज़ दबाने के लिए 'राहुल गांधी ज़िंदाबाद, राहुल गांधी ज़िंदाबाद' के नारे लगा रहे थे। इसे भी पढ़ें: CJI Surya Kant से इस्तीफे की मांग पर भड़की BJP, कांग्रेस पर लगाया संस्थाओं को ध्वस्त करने का आरोप पराशर ने कहा कि मदद न मिलने से उन्हें हैरानी हुई। उन्होंने आगे कहा कि और मुझे हैरानी इसलिए हुई क्योंकि मुझे लगा कि एक इंसान के तौर पर, वहाँ कोई तो होगा जो पूछेगा, 'क्या आप ठीक हैं? थोड़ा पानी पी लीजिए, एक तरफ़ हो जाइए।' किसी को तो पूछना चाहिए था, 'क्या आप ठीक हैं?' लेकिन किसी ने कुछ नहीं कहा। मैं समझ नहीं पा रही थी कि क्या हो रहा है; मैं बैठकर रोने लगी। मैंने कैमरे पर चिल्लाया, और फिर मैं बैठकर रोने लगी क्योंकि प्रेगनेंसी के शुरुआती महीनों में होने के कारण, मुझे पता नहीं था कि स्थिति क्या होगी। मैं पेट के बल गिरी थी।
न्यूजीलैंड दौरे से पहले पंत चोटिल, खेलने पर संशय बरकरार
न्यूजीलैंड दौरे से पहले ऋषभ पंत चोट के कारण शुरुआती दो मैचों से बाहर हो गए हैं। सितंबर में ईरानी कप के दौरान उनके बाएं हिस्से में खिंचाव आया था। BCCI ने उनकी जगह विकेटकीपर-बल्लेबाज कुमार कुशाग्र को इंडिया ए की टीम में शामिल किया है।
'प्यार था तो मारा क्यों', 10वीं मंजिल से गिरी समरीन की मौत पर सस्पेंस!
सुशांत गोल्फ सिटी के ओमेक्स न्यू हजरतगंज स्थित होटल सेलेस्टियल की 10वीं मंजिल से गिरकर 24 वर्षीय समरीन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. घटना के बाद आरोपी युवक अवनीश फरार हो गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है, और परिजनों ने हत्या का गंभीर आरोप लगाया है.
सुल्तानपुर में राहुल के मानहानि केस में सुनवाई पूरी, इस दिन आएगा फैसला
सुल्तानपुर में MP-MLA कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में सुनवाई पूरी हो गई है. कोर्ट इस मामले में 26 अक्टूबर को अपना फैसला सुनाएगा. यह मामला 2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार से जुड़ा है.
Kerala में 23 साल से कम उम्र के युवाओं को शराब दी तो नपेंगे Bar, मंत्री एम लीजू की चेतावनी
केरलम के आबकारी मंत्री एम. लीजू ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार 23 वर्ष से कम उम्र के लोगों को शराब परोसने वाले बार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। लीजू ने रविवार को कोच्चि के पास मिनी कूपर कार दुर्घटना में तीन युवाओं की मौत के संबंध में एर्नाकुलम के विधायक टी. जे. विनोद द्वारा उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि आबकारी विभाग ने नियम के तहत निर्धारित उम्र से कम आयु के इन आरोपियों को शराब परोसने के आरोप में तीन बार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। लीजू ने कहा, ‘‘राज्य सरकार किसी भी स्थिति में इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगी।’’उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही आबकारी विभाग ने तुरंत कार्रवाई की। लीजू के अनुसार उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को त्वरित कदम उठाने के निर्देश दिए थे। मंत्री ने यह भी कहा कि 23 वर्ष से कम उम्र के लोगों को शराब परोसने से रोकने के लिए सरकार बार के लिए अधिक सख्त दिशा-निर्देश लागू करने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में 23 वर्ष से कम उम्र के लोगों को शराब परोसने वाले बार के खिलाफ सरकार कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेगी।’’लीजू ने कहा कि राज्य में कई सड़क हादसे शराब और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन के बाद वाहन चलाने के कारण हुए हैं। मंत्री ने कहा कि मौजूदा आबकारी अधिनियम में कानून के तहत निर्धारित उम्र से कम के लोगों को शराब परोसने वाले बार के खिलाफ कार्रवाई करने के प्रावधान शामिल हैं तथा सरकार इसे लागू करने की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त उपायों पर विचार कर रही है। रविवार तड़के कोच्चि के पास नेदुंबस्सेरी में 19 वर्षीय युवक द्वारा चलाई जा रही एक तेज रफ्तार मिनी कूपर कार ने एक स्कूटर को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में स्कूटर सवार तीन लोगों की मौत हो गई। जांच में सामने आया है कोच्चि निवासी चालक सुहेल कथित तौर पर शराब के नशे में धुत था। दुर्घटना के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया और उस पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया।
Manipur bandh Kangpokpi violence: उत्तर-पूर्व के राज्य मणिपुर में तनाव और हिंसा की नई लहर के बीच स्थिति एक बार फिर बेहद संवेदनशील हो गई है। एक ओर जहां इम्फाल घाटी के मैतेई समुदाय से जुड़े सात प्रतिबंधित सशस्त्र उग्रवादी संगठनों ने 1949 में भारतीय ...
VIDEO: भाई ने छीना फोन तो 60 फीट ऊंची टंकी पर चढ़ा 12 साल का बच्चा
मध्य प्रदेश के श्योपुर में मोबाइल गेम खेलने से रोकने पर 12 साल का बच्चा नाराज होकर 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गया. बड़े भाई ने मोबाइल छीनकर उसे स्कूल जाने को कहा था. बच्चा करीब डेढ़ घंटे तक टंकी की मुंडेर पर बैठा रहा, जिससे परिजनों की सांसें अटकी रहीं.
विश्वास का दरकना और भारतीय सड़कों का सच
अरविंद चतुर्वेदीजर्मन दार्शनिक फ्रेडरिक नित्शे ने कहा था ‘मुझे इस बात का दुख नहीं है कि तुमने मुझसे झूठ बोला, मुझे दुख इस बात का है कि अब से मैं तुम पर विश्वास नहीं कर पाऊंगा।’विश्वास किसी भी रिश्ते या व्यवस्था की सबसे मजबूत नींव है। लिहाजा जबदेश के बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) में यह विश्वास […]
नौकरी बची रहे इसलिए नहीं करेंगे अप्रेजल! ZOHO फाउंडर ने कह दी बड़ी बात
जोहो के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने इस बात को मान लिया है कि एआई के बढ़ते कीमत की वजह से कंपनी अपने सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही है. इसकी वजह से उन्होंने कर्मचारियों का अप्रेजल भी रद्द कर दिया जिसके पीछे श्रीधर ने बड़ी वजह बताई है.
दिल्ली प्रदर्शन के बीच अचानक एक्टिव हुआ पाकिस्तानी टूलकिट,राहुल गांधी को लेकर फैलाया सनसनीखेज झूठ!
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों
Amritsar Police ने पकड़े पांच हथियार और नशा तस्कर गिरोह, 10 आरोपी अरेस्ट
अमृतसर आयुक्त कार्यालय पुलिस ने मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी करने वाले पांच गिरोहों का पर्दाफाश करते हुए 10 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है तथा भारी मात्रा में अवैध हथियार एवं नशीले पदार्थ बरामद किए हैं। एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘एक बड़ी कामयाबी के तहत अमृतसर आयुक्त कार्यालय पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी और अवैध हथियार आपूर्ति करने वाले पांच गिरोहों का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनसे छह पिस्तौल, 4.409 किलोग्राम हेरोइन, 500 ग्राम अफीम, नशीली चीजों से कमाए गए 12.90 लाख रुपये, 12 कारतूस और एक ड्रोन बरामद किया है।’’उन्होंने कहा कि प्राथमिक जांच से खुलासा हुआ है कि जो लोग गिरफ्तार किये गये हैं, वे हथियारों एवं मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त थे। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि इन छापों के सिलसिले में पांच अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और उसके नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस मादक पदार्थ की तस्करी और अवैध हथियारों के गिरोह को खत्म करने तथा एक सुरक्षित एवं नशा मुक्त पंजाब सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
तिरंगा लेकर जंतर-मंतर पहुंचे सीजेपी कार्यकर्ता, पुलिस ने हिरासत में लिया
कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के कार्यकर्ता मंगलवार, 13 अक्टूबर की सुबह पुलिस को चकमा देते हुए जंतर-मंतर तक पहुंच गए.
नेहा बोरा की टीशर्ट पर 'खोपड़ी' ... नेपाल प्रोटेस्ट में भी दिखे थे इसके झंडे
नेहा बोरा की ‘वन पीस’ वाली टी-शर्ट ने एक ऐसे प्रतीक की ओर ध्यान खींचा है, जो समुद्री लुटेरों के झंडे से निकलकर आज Gen-Z के प्रोटेस्ट तक पहुंच चुका है. इंडोनेशिया से नेपाल और फिलीपींस तक युवाओं ने इसे अलग-अलग आंदोलनों में क्यों अपनाया, समझिए पूरी कहानी.
छोटी SUV लाने की तैयारी में विदेश कंपनी... टाटा से मिलाया हाथ
स्टेलेंटिस ग्रुप ने टाटा मोटर्स के साथ एक बड़ा समझौता किया गया है. इस समझौते के तहत स्टेलेंटिस ग्रुप टाटा मोटर्स के प्रोडक्ट आर्किटेक्चर का इस्तेमाल अपना प्रोडक्ट डेवलप करने में करेगी. कयास हैं कि टाटा सिएरा वाले प्लेटफॉर्म पर बेस्ड एक मिड साइज एसयूवी कंपनी ला सकती है. ये कार जीप की ब्रांडिंग के तहत आएगी. आइए जानते हैं क्या है कंपनी की प्लानिंग.
राहुल गांधी के एक तीर से दो निशाने, CJP को झटका नेहा बोरा के बहाने?
सोशल मीडिया पर यह तस्वीर वायरल है, लेकिन अब चर्चा यह है कि क्या यह सिर्फ एक इत्तेफाक था या फिर राहुल गांधी का वो 'मास्टरस्ट्रोक', जिसने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन की पूरी जमीन खिसका दी?
ना कोई अधिकार, गलती पर कटेंगे पैसे! डिलीवरी पार्टनर बनने के ये नुकसान
डिलीवरी पार्टनर या गिग वर्कर की जॉब इतनी आसान भी नहीं हैं. भले ही ऐसी कहानियां मिलती हैं कि कोई व्यक्ति सिर्फ ये काम करके हज़ारों कमा रहा है, लेकिन कंपनी की नियम और शर्तों को ध्यान से पड़ने पर कई तरह की चीज़ें सामने आती हैं.
अगर बार-बार भूल रहे हैं चीजें, तो इसे सामान्य न समझें, हो सकता है Brain Fog
बार-बार भूलना, ध्यान न लगना और मानसिक थकान जैसी समस्याएं Brain Fog के संकेत हो सकती हैं. जानिए इसके 7 सामान्य लक्षण, कारण और कब डॉक्टर से मिलना चाहिए.
Bhojpur में दो Durga Puja पंडालों में आग से तनाव, पुलिस जांच में जुटी
बिहार के भोजपुर में सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात दुर्गा पूजा के दो पंडालों में आग लगने के बाद इलाके में तनाव उत्पन्न हो गया। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अवधेश कुमार दीक्षित ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि घटना नगर थाना क्षेत्र के भुलहीपुर मोहल्ले में हुई। उन्होंने कहा, “दुर्गा पूजा के दो पंडालों में आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि इस घटना के पीछे कुछ असामाजिक तत्वों का हाथ है।”दीक्षित ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में घटना का कोई सांप्रदायिक पहलू सामने नहीं आया है। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। एसपी ने कहा, “हम सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं और पूजा आयोजकों से भी स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और इलाके में पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।
चिराग पासवान के बयानों पर राहुल गांधी का तीखा पलटवार
भारतीय राजनीति के गलियारे में एक बार फिर दो प्रमुख और हाई-प्रोफाइल युवा नेताओं के बीच तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान (Chirag Paswan) द्वारा पिछले कुछ दिनों से विपक्ष और उनके नेतृत्व पर लगातार किए जा रहे राजनीतिक हमलों का जवाब देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने जोरदार पलटवार किया है। राहुल गांधी ने चिराग पासवान की टिप्पणियों का करारा जवाब देते हुए न केवल अपनी प्रतिबद्धता जताई, बल्कि राजनीतिक और संवैधानिक लड़ाई को एक कदम आगे ले जाने की सीधी चेतावनी भी दे डाली। राहुल गांधी ने स्पष्ट लहजे में कहा है कि देश के संविधान, जनता के अधिकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए यदि उन्हें सड़क पर उतरकर देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) तक मार्च करना पड़ा और वहां जाकर अपनी याचिका दाखिल करनी पड़ी, तो वे इससे भी जरा सा भी पीछे नहीं हटेंगे।सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने का ऐलान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का संकल्पराहुल गांधी द्वारा सुप्रीम कोर्ट तक पैदल मार्च करने और संवैधानिक अधिकारों को लेकर याचिका दाखिल करने के इस बड़े बयान ने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के खेमों में हलचल तेज कर दी है। राहुल गांधी ने कहा कि सत्ता में बैठे कई नेता और मंत्री केवल सरकार की विफलताओं पर पर्दा डालने और जनता का ध्यान भटकाने के लिए अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने चिराग पासवान का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधते हुए कहा कि युवा नेताओं को सत्ता की राजनीति में अपने मूल विचारों और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के संविधान के मूल्यों से समझौता नहीं करना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब-जब देश की जनता के अधिकारों का हनन होगा, वे किसी भी दबाव या जुबानी हमलों की परवाह किए बिना सड़क से लेकर संसद और अदालत के दरवाजे तक जनता की न्यायसंगत आवाज़ को प्रमुखता से पहुंचाते रहेंगे।चिराग पासवान के पुराने राजनीतिक रुख और राहुल गांधी के पलटवार के पीछे के असल मायनेदरअसल, इस पूरी जुबानी जंग के पीछे कई हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और नीतियां शामिल हैं। चिराग पासवान लगातार एनडीए (NDA) गठबंधन के एक मजबूत घटक दल के रूप में केंद्र सरकार के फैसलों का समर्थन कर रहे हैं और विपक्षी गठबंधनों की रणनीतियों पर सवाल उठा रहे थे। चिराग ने राहुल गांधी के नेतृत्व और विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे कई मुद्दों को राजनीतिक पैंतरेबाज़ी करार दिया था। इसी बात का जवाब देते हुए राहुल गांधी ने चिराग को राजनीतिक परिपक्वता की याद दिलाई और यह संकेत दिया कि वे किसी भी तरह के हमलों से डरने या झुकने वाले नहीं हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दोनों नेताओं के बीच छिड़ा यह तकरार केवल दो व्यक्तियों की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह आगामी विधानसभा चुनावों और देश के सामाजिक-राजनीतिक एजेंडे को प्रभावित करने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है।दिल्ली की सियासत में हलचल तेज, आने वाले दिनों में और गरमा सकता है सियासी पाराराहुल गांधी के इस आक्रामक रुख और सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की चेतावनी के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सियासत का पारा अचानक काफी बढ़ गया है। कांग्रेस पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी राहुल गांधी के इस बयान का समर्थन करते हुए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी और लोजपा (रामविलास) के नेता भी राहुल गांधी के बयानों पर पलटवार करने में जुट गए हैं। सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष के पास कोई ठोस नीति या मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे अदालतों और संवैधानिक संस्थाओं के नाम पर नाटक रच रहे हैं। आने वाले दिनों में इन दोनों बड़े नेताओं के बीच यह तकरार और किस मोड़ पर जाती है, इस पर पूरे देश की राजनीतिक बिरादरी और आम जनता की निगाहें टिकी हुई हैं।
संघर्षों के आगोश से निकलकर आसमान छूने वाले किसान के बेटे की अनकही कहानी
कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों और सीने में कुछ कर गुजरने की आग हो, तो रास्ते के बड़े से बड़े कांटे भी फूलों में बदल जाते हैं। इस बात को सच साबित कर दिखाया है एक साधारण से किसान परिवार में जन्मे युवा दिलखुश ने, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत, अटूट लगन और संघर्षों के बल पर वह मुकाम हासिल कर लिया है, जिस पर आज पूरे देश को गर्व महसूस हो रहा है। बचपन में जिस लड़के को अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी करने और स्कूल तक पहुंचने के लिए हर रोज धधकती धूप, बारिश और ठंड की परवाह किए बिना कच्चे रास्तों पर ढाई किलोमीटर (2.5 km) पैदल चलना पड़ता था, आज उसी होनहार युवा ने चीन के अंतरराष्ट्रीय शहर शंघाई (Shanghai) तक में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा लिया है। यह कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की सफलता की नहीं है, बल्कि यह उन तमाम युवाओं के लिए एक मजबूत प्रेरणा है जो संसाधनों की कमी का रोना रोकर अपने सपनों का गला घोंट देते हैं।बुनियादी सुविधाओं के आभाव में बीता बचपन, लेकिन इरादों में थी चट्टानी मजबूतीदिलखुश का शुरुआती जीवन किसी भव्यता या आसानी के साथ नहीं बीता था। उनके पिता एक साधारण किसान थे जो दिन-रात खेतों में पसीना बहाकर अपने परिवार का पेट पालते थे। घर की आर्थिक स्थिति इतनी सुदृढ़ नहीं थी कि बच्चों की हर जिद पूरी की जा सके। गांवों में अक्सर उच्च शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं की भारी कमी होती है, और दिलखुश के हिस्से में भी यही संघर्ष आया। स्कूल जाने के लिए कोई वाहन या पक्की सड़क नहीं थी, बल्कि रोज सुबह बस्ता कंधे पर लादकर नंगे पांव या साधारण जूतों में ढाई किलोमीटर की लंबी पैदल यात्रा करना उनकी दैनिकचर्या का हिस्सा था। लेकिन इन तमाम विसंगतियों और आर्थिक तंगी के बीच दिलखुश ने कभी अपनी पढ़ाई से समझौता नहीं किया। उनके मन में हमेशा यह बात स्पष्ट थी कि शिक्षा ही एकमात्र ऐसा हथियार है जो उनके परिवार की गरीबी के इस पहिए को हमेशा के लिए बदल सकता है।कैसे बदली तकदीर और शंघाई तक का सफर हुआ तय?कड़ी मेहनत कभी भी बेकार नहीं जाती, और दिलखुश के मामले में यह बात शत-प्रतिशत सच साबित हुई। अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा और तकनीकी दक्षता के बल पर धीरे-धीरे नए आयाम गढ़ने शुरू किए। अपनी प्रतिभा और समर्पण के दम पर उन्हें एक ऐसा बड़ा वैश्विक अवसर मिला, जिसने उनके जीवन की पूरी दिशा ही बदल दी। चीन के महानगर शंघाई में आयोजित हुए प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर जब दिलखुश ने अपनी काबिलियत, हुनर और प्रोजेक्ट का प्रदर्शन किया, तो वहां मौजूद दुनिया भर के दिग्गजों ने उनकी प्रतिभा को सलाम किया। एक छोटे से गांव की मिट्टी से निकलकर सीधे अंतरराष्ट्रीय पटल पर अपनी छाप छोड़ना यह साबित करता है कि सपनों का आकार आपके बैंक बैलेंस या पारिवारिक पृष्ठभूमि पर निर्भर नहीं करता, बल्कि आपकी मेहनत और दृढ़ संकल्प पर टिका होता है।ग्रामीण भारत के युवाओं के लिए एक जीती-जागती मिसाल बने दिलखुशआज जब दिलखुश इस मुकाम पर पहुंच चुके हैं, तो उनके पैतृक गांव और परिवार में जश्न का माहौल है। जो लोग कभी उनके संघर्षों को देखकर यह सोचते थे कि उनका भविष्य सीमित दायरे में बंधा होगा, वे आज उनकी इस अभूतपूर्व सफलता को देखकर हैरान हैं। दिलखुश की यह सफलता यह सिखाती है कि असुविधाएं इंसान की सफलता में रुकावट नहीं बन सकतीं, बशर्ते वह हार न माने। उनकी यह कहानी देश के हर उस कोने में बैठे विद्यार्थी और किसान के बेटे के लिए एक उम्मीद की किरण है जो अंधेरे में भी रोशनी तलाशने का जज्बा रखता है। शंघाई में भारत का परचम लहराने वाले दिलखुश ने यह साबित कर दिया है कि अगर लगन सच्ची हो, तो खेत की मिट्टी से उठकर आसमान के तारों को छुआ जा सकता है।
बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर जन सुराज का बड़ा दांव
बिहार की सियासत में 'व्यवस्था परिवर्तन' का नारा लेकर उभरी प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) की अगुवाई वाली जन सुराज पार्टी (Jan Suraaj Party) ने राज्य विधान परिषद (MLC Elections) की आठ सीटों पर होने जा रहे चुनावों के लिए अपने सभी उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करके मुकाबले को बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय बना दिया है। पारंपरिक तौर पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के बीच सिमटने वाले इस चुनाव में जन सुराज के उतरने से पुराने समीकरण ध्वस्त होते नजर आ रहे हैं। प्रशांत किशोर ने जिस तरह से स्नातक और शिक्षक क्षेत्रों की इन आठों सीटों पर समाज के प्रबुद्ध और पेशेवर चेहरों को मौका दिया है, उससे पारंपरिक राजनीतिक दलों के स्थापित दिग्गजों की सांसें अटकी हुई हैं। इस चुनाव को राज्य के आगामी बड़े राजनीतिक परिदृश्य के ट्रेलर के रूप में देखा जा रहा है।स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों का गणित, इन 8 सीटों पर हो रहा है कड़ा मुकाबलाविधान परिषद की जिन आठ सीटों के लिए यह चुनावी घमासान जारी है, उनमें से चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र (Patna, Tirhut, Darbhanga और Kosi) और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र (Patna, Saran, Tirhut और Darbhanga) शामिल हैं। इन सीटों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ आम चुनाव की तरह जातिगत या बाहुबल का असर सीधे काम नहीं करता, बल्कि यहाँ मुख्य रूप से शिक्षित मतदाता, स्नातक डिग्रीधारक और शिक्षक ही वोट डालते हैं। जन सुराज ने पटना स्नातक से डॉ. अनुज सिंह, तिरहुत स्नातक से डॉ. विमोहन कुमार, पटना शिक्षक से डॉ. दिव्या ज्योति और तिरहुत शिक्षक क्षेत्र से भूषण झा जैसे उच्च शिक्षित और समाज में पकड़ रखने वाले प्रत्याशियों पर भरोसा जताया है। यही वजह है कि पारंपरिक दलों को अपनी पुरानी जमीन खिसकने का डर सताने लगा है।किन मुद्दों पर टिकी हैं बिहार के मतदाताओं की नजरें? शिक्षा, रोजगार और शिक्षकों का सम्मान बना मुख्य एजेंडाजन सुराज और प्रशांत किशोर ने इस बार के एमएलसी चुनाव में किसी भी तरह के पुराने और घिसे-पिटे राजनीतिक दांव-पेचों के बजाय सीधे तौर पर जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों को केंद्र में रखा है। पार्टी का पूरा प्रचार अभियान तीन प्रमुख स्तंभों पर टिका है—गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, युवाओं के लिए रोजगार और शिक्षकों की समस्याओं का स्थायी समाधान। बिहार में लंबे समय से लंबित शिक्षकों के वेतनमान, मानदेय, नियमितीकरण और शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार के मुद्दों को जन सुराज के उम्मीदवारों ने जोर-शोर से उठाया है। इसके साथ ही बिहार से युवाओं का पलायन रोकना और स्नातक पास युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना भी प्रशांत किशोर की मुख्य चुनावी घोषणाओं में शामिल है।दिग्गजों की साख दांव पर, आगामी सियासी भविष्य का लिटमस टेस्ट बने यह चुनावइस चुनाव के नतीजे न केवल जन सुराज के राजनीतिक सफर का भविष्य तय करेंगे, बल्कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बड़े नेताओं की साख की भी कड़ी परीक्षा लेंगे। जिस तरह से सत्ताधारी जेडीयू-बीजेपी गठबंधन और विपक्षी राजद ने अपनी पूरी ताकत इन सीटों को बचाने में झोंक दी है, उससे साफ है कि वे जन सुराज के बढ़ते प्रभाव को कतई हल्के में नहीं ले रहे हैं। मतदाता भी इस बार पारंपरिक दलीय वफादारी से ऊपर उठकर उम्मीदवार की योग्यता और मुद्दों को देखकर फैसला लेने के मूड में नजर आ रहे हैं। अब यह तो चुनाव परिणामों के दिन ही स्पष्ट हो पाएगा कि बिहार का प्रबुद्ध वर्ग प्रशांत किशोर के 'जन सुराज' मॉडल पर मुहर लगाता है या पारंपरिक राजनीति पर ही अपना भरोसा कायम रखता है।
आपका स्मार्ट TV-फ्रिज बन सकता है AI का अगला अड्डा, खुद ही बनाएगा अपनी कॉपी, आई बड़ी चेतावनी
Anthropic ने चेतावनी दी है कि छोटे AI मॉडल जल्द स्मार्ट टीवी, फ्रिज और दूसरे IoT डिवाइस पर खुद की कॉपी बनाने में सक्षम हो सकते हैं. इससे बड़ा खतरा आने वाले समय में देखने को मिल सकता है.
Tamil Nadu politics CM Vijay: राहुल गांधी से लंच मीटिंग और पीएम मोदी के साथ मेट्रो राइड—तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय अचानक राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गए हैं। जानिए कांग्रेस और बीजेपी की इस मेहरबानी के पीछे क्या है बड़ा सियासी खेल।
कांग्रेस से सियासी सफर की शुरुआत करने वाली रमा चोपड़ा का बीजेपी में बड़ा कदम
भारतीय राजनीति में दल-बदल और चुनावी समीकरणों का खेल हमेशा से बेहद दिलचस्प रहा है। समय और परिस्थितियों के हिसाब से राजनेता पाला बदलते हैं और अपने राजनीतिक भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नए मोर्चे तलाशते हैं। ऐसा ही एक बड़ा और चर्चित नाम इन दिनों राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है, और वह नाम है रमा चोपड़ा (Rama Chopra) का। एक समय था जब रमा चोपड़ा ने कांग्रेस पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़कर शानदार जीत हासिल की थी और स्थानीय निकाय में जिला प्रमुख जैसे प्रतिष्ठित पद पर बैठकर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ का लोहा मनवाया था। लेकिन अब वक्त के साथ राजनीतिक हवा बदली और उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। पार्टी बदलते ही उन्हें मिला नया और अहम चुनावी टिकट उनके बढ़ते सियासी कद की गवाही दे रहा है, जिससे विरोधी खेमों में हलचल तेज हो गई है।कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल होने की क्या रही असली वजह और सियासी मायने?किसी भी स्थापित नेता का एक पार्टी से दूसरी पार्टी में जाना अचानक नहीं होता, इसके पीछे लंबी राजनीतिक रणनीति और जमीनी समीकरण काम करते हैं। जानकारों का मानना है कि रमा चोपड़ा का कांग्रेस से मोहभंग होने और बीजेपी ज्वाइन करने के पीछे स्थानीय स्तर पर सांगठनिक सहयोग और भविष्य की चुनावी संभावनाओं की बड़ी भूमिका रही है। जब उन्होंने कांग्रेस के पाले से निकलकर केसरिया रंग अपनाया, तो राजनीतिक पंडितों ने तभी अंदाजा लगा लिया था कि पार्टी उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी जरूर सौंपेगी। जिला प्रमुख के रूप में उनके पास प्रशासनिक कामकाज का लंबा अनुभव है और जनता के बीच उनकी सक्रियता भी हमेशा से मजबूत रही है। इसी अनुभव और जनधार को देखते हुए पार्टी ने उन पर दांव खेला है, जिससे स्थानीय स्तर पर बीजेपी की स्थिति और अधिक मजबूत होती नजर आ रही है।नया टिकट मिलने के बाद क्षेत्र में बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी, समर्थकों में जश्न का माहौलजैसे ही बीजेपी द्वारा रमा चोपड़ा को नया चुनावी टिकट दिए जाने की आधिकारिक घोषणा हुई, उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। समर्थकों ने मिठाइयां बांटकर और आतिशबाजी कर अपनी नेता का स्वागत किया। हालांकि, टिकट मिलने के साथ ही उनके सामने राजनीतिक चुनौतियां भी कम नहीं हैं। विरोधी दलों के नेता अब उन पर 'दलबदल' और अवसरवादी राजनीति करने का आरोप लगाकर हमलावर हो रहे हैं। लेकिन रमा चोपड़ा के करीबी लोगों का कहना है कि वे जनता के बीच अपने विकास कार्यों और पुराने रिकॉर्ड के दम पर मैदान में उतरेंगी और विरोधियों के हर वार का करारा जवाब देंगी। चुनाव के इस माहौल में उनका यह राजनीतिक पाला बदलना इलाके के चुनावी समीकरणों को पूरी तरह से प्रभावित करने की ताकत रखता है।आने वाले चुनावों पर कितना असर डालेगा रमा चोपड़ा का यह दांव?आगामी चुनावों और राजनीतिक भविष्य के लिहाज से रमा चोपड़ा की यह छलांग बेहद अहम मानी जा रही है। एक तरफ जहां बीजेपी इस हाई-प्रोफाइल चेहरे को अपने पाले में लाकर अपनी जीत की संभावनाओं को पुख्ता कर रही है, वहीं कांग्रेस पार्टी के लिए यह किसी झटके से कम नहीं है कि उनका एक पुराना और दिग्गज नेता अब विरोधी खेमे से ताल ठोक रहा है। अब यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि जनता रमा चोपड़ा के इस राजनीतिक बदलाव को कितना स्वीकार करती है और उन्हें चुनावों में इसका कितना फायदा मिलता है, लेकिन फिलहाल उनकी चर्चा हर जुबान पर है।
18 या 19 अक्टूबर, महाष्टमी कब है? पंडित ने पंचांग देखकर बताई सही तारीख
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर को सुबह 8 बजकर 27 मिनट से लेकर 19 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 51 मिनट तक रहेगा. उदया तिथि के आधार पर महाअष्टमी का कन्या पूजन 19 अक्टूबर दिन सोमवार को किया जाएगा. शास्त्रों में इस दिन मां दुर्गा के स्वरूप महागौरी की पूजा की विधान बताया गया है.
पूर्व सांसद रतन सिंह के बेटे की मौत पर एक महीने बाद आया बड़ा भूचाल
भारतीय राजनीतिक और सामाजिक गलियारों से अक्सर कई ऐसे सनसनीखेज और दिल दहला देने वाले पारिवारिक मामले सामने आते हैं जो हर किसी को अंदर तक झकझोर कर रख देते हैं। ऐसा ही एक बेहद खौफनाक और उच्च-स्तरीय मामला अब सामने आया है, जिसने पूरे प्रशासनिक और राजनीतिक तंत्र में भूचाल ला दिया है। देश के जाने-माने पूर्व सांसद रतन सिंह (Former MP Ratan Singh) के बेटे, जो कि सरकारी विभाग में एक्सईएन (XEN - Executive Engineer) के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे, उनकी रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई मौत के पूरे एक महीने बाद उनके पिता ने एक ऐसा विस्फोटक और सनसनीखेज खुलासा किया है, जिसने हर किसी के होश उड़ा दिए हैं। पूर्व सांसद रतन सिंह ने सीधे तौर पर अपनी ही पुत्रवधू यानी बहू और अपने पोते पर अपने 'एक्सईएन लाल' की हत्या (Murder Allegation) करने का बेहद गंभीर और खौफनाक आरोप लगाया है। इस खुलासे के बाद से पुलिस-प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और मामले की नए सिरे से जांच शुरू हो गई है।क्या था पूरा मामला और एक महीने पहले कैसे हुई थी एक्सईएन की रहस्यमयी मौत?लगभग एक महीने पहले एक्सईएन के पद पर तैनात पूर्व सांसद के बेटे की अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उस समय प्रारंभिक तौर पर इस घटना को या तो एक आकस्मिक दुर्घटना या फिर किसी गंभीर बीमारी व आत्महत्या के रूप में देखा जा रहा था, और परिवार के भीतर के सदमे के कारण उस वक्त खुलकर कोई बात सामने नहीं आई थी। स्थानीय पुलिस ने भी शुरुआती औपचारिकताएं पूरी करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया था और मामले को शांत करने की कोशिश की थी। लेकिन एक पिता का दिल और उनका शक लगातार इस बात की गवाही दे रहा था कि उनके बेटे की मौत कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरी और खूनी साजिश रची गई है। एक महीने तक अंदर ही अंदर सुबकने और पुख्ता सबूत जुटाने के बाद आखिरकार पूर्व सांसद रतन सिंह ने चुप्पी तोड़ते हुए कानूनी और सार्वजनिक रूप से यह गंभीर आरोप लगा दिया है।पिता का दावा: संपत्ति, आपसी विवाद और घरेलू कलह बनी बेटे की जान का दुश्मनपूर्व सांसद रतन सिंह द्वारा मीडिया और पुलिस के सामने दिए गए बयानों के अनुसार, उनके बेटे और बहू के बीच पिछले काफी समय से पारिवारिक कलह, आपसी मनमुटाव और संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। उनका आरोप है कि घर के भीतर ही सुनियोजित तरीके से उनके बेटे को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। पिता का दावा है कि उनकी बहू और पोते ने मिलकर इस पूरी घटना को अंजाम दिया है, जिसे बाद में एक रहस्यमयी मौत या दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई। एक एक्सईएन स्तर के सक्षम और पढ़े-लिखे अधिकारी की संदिग्ध मौत के मामले में जब उनके अपने पिता ही घर के सदस्यों पर उंगली उठाने लगे, तो समाज और रिश्तेदारों के बीच भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। यह मामला इस बात का प्रतीक बन गया है कि किस तरह कई बार चारदीवारी के भीतर चलने वाले पारिवारिक विवाद खूनी संघर्ष और साजिशों में बदल जाते हैं।पुलिस प्रशासन पर दबाव और अब नए सिरे से होगी इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री की जांचपूर्व सांसद द्वारा बहू और पोते पर सीधे तौर पर हत्या का आरोप लगाए जाने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन और उच्च अधिकारियों पर त्वरित कार्रवाई करने का भारी दबाव बन गया है। पुलिस अब एक महीने पहले हुई इस मौत के मामले में विसरा रिपोर्ट, मेडिकल बोर्ड की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और घर के आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगालने की तैयारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूर्व सांसद द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र और बयानों के आधार पर निष्पक्ष रूप से हर पहलू की गहराई से जांच की जाएगी, और यदि वाकई में यह हत्या का मामला साबित होता है, तो इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस सनसनीखेज खुलासे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि समय बीतने के बाद भी सच्चाई किसी न किसी रास्ते बाहर आ ही जाती है, और इस मामले का पर्दाफाश होना अभी बाकी है।
UPI पेमेंट में दिवाली तक कोई चार्ज नहीं, 2000 रुपये से अधिक के भुगतान पर MDR टला
NPCI ने फैसला किया कि त्योहारों के मौसम को ध्यान में रखते हुए, 2 हजार रुपये से ज्यादा के पर्सन-टू-मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) दिवाली के बाद लागू किया जाएगा.
दिवाली तक UPI लेनदेन पर नहीं लगेगा MDR चार्ज, सरकार ने टाला फैसला
UPI MDR Alert: 2000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई लेनदेन पर 15 अक्टूबर से एमडीआर चार्ज लागू होने वाला है, लेकिन फेस्टिव सीजन को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है और कुछ ट्रांजैक्शन पर एमडीआर को दिवाली तक टाल दिया है.
सुप्रीम कोर्ट ने 'CEC और अन्य चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023' की धारा 16 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली जनहित याचिकाओं (PILs) पर केंद्र सरकार और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को औपचारिक नोटिस जारी किए हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों को दीवानी और आपराधिक कार्यवाही से छूट देने वाला कानूनी प्रावधान दिसंबर 2023 में संसद द्वारा 'मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023' के तहत पारित किया गया था। इसमें यह प्रावधान है कि कोई भी अदालत किसी मौजूदा या पूर्व CEC या चुनाव आयुक्त के खिलाफ उनके आधिकारिक कर्तव्यों या कार्यों के निर्वहन (या निर्वहन के तौर पर किए गए काम) के दौरान किए गए किसी कार्य, बात या कहे गए शब्द के लिए कोई दीवानी या आपराधिक कार्यवाही नहीं करेगी। इसे भी पढ़ें: आन्दोलन वही, जो सार्थक मुद्दा, दिशा एवं भरोसे से जुड़ा हो याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि धारा 16 एक अभूतपूर्व सुरक्षा कवच बनाती है जो CEC और चुनाव आयुक्तों को आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में किए गए कार्यों के लिए आपराधिक कानून से ऊपर रखती है। भारतीय संविधान के तहत, आपराधिक अभियोजन से पूर्ण छूट स्पष्ट रूप से केवल राष्ट्रपति और राज्यों के राज्यपालों के लिए अनुच्छेद 361 के तहत सुरक्षित है। यहाँ तक कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के न्यायाधीशों को 'न्यायाधीश (संरक्षण) अधिनियम, 1985' के तहत सुरक्षा प्राप्त होने के बावजूद, के वीरस्वामी बनाम भारत संघ (1991)' मामले में स्थापित न्यायिक मंजूरी तंत्र के तहत आपराधिक जांच का सामना करना पड़ सकता है। अदालत को यह तय करना होगा कि क्या संसद ने एक प्रशासनिक निकाय के लिए लगभग राजशाही जैसी छूट बनाकर अपनी शक्तियों का उल्लंघन किया है। इसे भी पढ़ें: न्यायपालिका पर दबाव बना रहे Rahul Gandhi, Eknath Shinde ने Supreme Court मार्च की निंदा की कोर्ट के सामने याचिकाएं याचिकाओं में विरोध-प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली आने वाली ट्रेनों को रद्द करने और मेट्रो स्टेशनों को बंद करने के फैसले को चुनौती दी गई है। इसमें अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मांग वाली याचिका भी शामिल है; आरोप है कि उन्होंने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध-प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में मेट्रो और ट्रेन सेवाओं के संचालन पर 9 अक्टूबर के आदेश का उल्लंघन किया। याचिकाओं में प्रदर्शनकारियों को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लेने और उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। 'एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स' ने एक नई याचिका भी दायर की है जिसमें 'मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023' की धारा 16 की वैधता को चुनौती दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने 11 अक्टूबर को अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे यह पक्का करें कि किसी को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में न लिया जाए, लोगों की आवाजाही बिना रोक-टोक के हो, मेट्रो और ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से चलें और इंटरनेट सेवाएं बाधित न हों। ये सभी कानून-व्यवस्था की स्थिति के अधीन हैं। जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने उन प्रतिबंधों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के लिए एक विशेष बैठक की, जो कथित तौर पर कोर्ट के उन निर्देशों का उल्लंघन करते हुए लगाए गए थे जिनमें कहा गया था कि मेट्रो/ट्रेन की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक नहीं होनी चाहिए, और साथ ही राजनीतिक नेताओं सहित प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के मामले पर भी सुनवाई की। इसे भी पढ़ें: भारत-पाकिस्तान के मुस्लिमों को ट्रंप ने फंसा दिया, कर दी अजीब हरकत! अदालत की अवमानना का मामला बेंच ने केंद्र, दिल्ली पुलिस और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) को नोटिस जारी कर हलफनामा और अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा। बेंच ने अपने आदेश में कहा, पक्षों के वकीलों की दलीलों पर विचार करने और अवमानना याचिका में दिए गए बयानों को देखने के बाद, हमारी राय है कि याचिकाकर्ताओं ने प्रथम दृष्टया मामला बनाया है। इसलिए, हम कथित अवमानना करने वालों को नोटिस जारी करते हैं। उन्हें निर्देश दिया जाता है कि वे उक्त याचिका के जवाब में जवाबी हलफनामा दाखिल करें, जिसमें हमारे पहले के आदेश के अनुसार अनुपालन रिपोर्ट भी शामिल हो, और इसे 13.10.2026 तक जमा करें। कोर्ट ने नोटिस जारी किया सुप्रीम कोर्ट ने 'एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स' की उस याचिका पर नोटिस जारी किया है जिसमें 'चीफ इलेक्शन कमिश्नर और अन्य इलेक्शन कमिश्नर एक्ट 2023' की धारा 16 को चुनौती दी गई है। धारा 16, CEC और अन्य ECs को उनके आधिकारिक कर्तव्यों के पालन में किए गए कार्यों के लिए सुरक्षा (इम्युनिटी) देती है। धारा 16- फिलहाल लागू किसी अन्य कानून में कुछ भी लिखा होने के बावजूद, कोई भी अदालत किसी ऐसे व्यक्ति के खिलाफ़ कोई सिविल या क्रिमिनल कार्यवाही शुरू या जारी नहीं रखेगी जो चीफ इलेक्शन कमिश्नर या इलेक्शन कमिश्नर है या रहा है; यह कार्यवाही उसके द्वारा अपने आधिकारिक कर्तव्यों या कार्यों के पालन के दौरान या पालन करने के प्रयास में किए गए किसी कार्य, बात या कहे गए शब्द के संबंध में नहीं होगी।
बीजेपी जिलाध्यक्ष को कहा 'शराबी', फिर थाने के अंदर गूंजी हनुमान चालीसा
देश के राजनीतिक गलियारों और पुलिस-प्रशासनिक व्यवस्था के बीच अक्सर तनातनी की खबरें सामने आती रहती हैं, लेकिन राजस्थान के बारां (Baran) जिले के अटरू थाने (Atru Police Station) से जो सनसनीखेज मामला सामने आया है, उसने सबको हैरान कर दिया है। सत्ताधारी पार्टी के एक युवा पदाधिकारी और स्थानीय पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी (CI) के बीच उपजा विवाद इतना बढ़ गया कि देखते ही देखते पूरा थाना छावनी में तब्दील हो गया। आरोप है कि एक मामले की शिकायत को लेकर जब बातचीत चल रही थी, तब पुलिस अधिकारियों की तरफ से जिलाध्यक्ष के खिलाफ बेहद अमर्यादित और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद थाने के भीतर जो कुछ हुआ, उसने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया और आधी रात तक चले ड्रामे के बाद आखिरकार गाज थाना प्रभारी पर गिर ही गई।क्या थी पूरी घटना और कैसे शुरू हुआ थाने तक पहुंचा यह विवाद?इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत अटरू के वार्ड 24 निवासी अजय वैष्णव नामक एक स्थानीय व्यक्ति की शिकायत से हुई थी। पीड़ित अजय मारपीट की एक घटना के सिलसिले में न्याय की गुहार लगाने थाने पहुंचा था, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने उसकी रिपोर्ट लिखने और तुरंत कार्रवाई करने में टालमटोल शुरू कर दी। जब स्थानीय स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई, तो उसने भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के जिलाध्यक्ष रोहित नागर को फोन पर पूरी बात बताई। इसी बीच यह खबर मिली कि आरोपियों ने फिर से पीड़िता के घर पर जाकर हंगामा और दबंगई की है। इसके बाद भाजयुमो जिलाध्यक्ष रोहित नागर ने अटरू थाने के सीआई अशोक वर्मा को फोन करके तत्काल पुलिस जाब्ता मौके पर भेजने का गंभीर अनुरोध किया।पुलिसकर्मी और जिलाध्यक्ष के बीच तीखी बहस, सीआई द्वारा कथित अपमानजनक टिप्पणीफोन पर बातचीत के दौरान स्थिति तब और बिगड़ गई जब कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी और भाजयुमो जिलाध्यक्ष के बीच तीखी नोकझोक और बहस शुरू हो गई। जब जिलाध्यक्ष ने इस बदसलूकी की शिकायत सीधे थाना प्रभारी (CI) अशोक वर्मा से की, तो आरोप है कि सीआई ने अपने मातहत पुलिसकर्मी का बचाव किया और जिलाध्यक्ष के खिलाफ कथित तौर पर 'शराबी' जैसी बेहद अमर्यादित और अपमानजनक टिप्पणी कर डाली। जनप्रतिनिधि और युवा मोर्चे के जिलाध्यक्ष के साथ इस तरह की भाषा का प्रयोग किए जाने की खबर आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई। सत्ता पक्ष के नेताओं और कार्यकर्ताओं का मानना था कि एक जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा बर्ताव पुलिस की मनमानी और अहंकार को दर्शाता है।थाने के अंदर गूंजी हनुमान चालीसा, 4 घंटे तक चला हाई-वोल्टेज धरना-प्रदर्शनइस अपमानजनक टिप्पणी और पुलिस के रवैये के विरोध में स्थानीय बीजेपी नेता, पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता तुरंत अटरू थाने के बाहर और भीतर इकट्ठा हो गए। देखते ही देखते थाने परिसर में भाजपा दिग्गजों और कार्यकर्ताओं का भारी जमावड़ा लग गया। पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और आरोपी सीआई के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई गई। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों पर नैतिक दबाव बनाने के लिए भाजपाइयों ने थाने के भीतर ही बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। लगभग 4 घंटे तक थाने के अंदर चले इस नाटकीय और तनावपूर्ण माहौल ने पुलिस अधिकारियों के हाथ-पांव फुला दिए।आधी रात को आया बड़ा एक्शन, सीआई सस्पेंड और लाइन हाजिरमामले की गंभीरता को देखते हुए और उच्च स्तर पर राजनीतिक दबाव बढ़ने के बाद जिला पुलिस के बड़े अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया। स्थिति को बेकाबू होते देख और संगठन की नाराजगी भांपते हुए देर रात प्रशासनिक स्तर पर कड़ा कदम उठाया गया। अटरू थाने के तत्कालीन सीआई अशोक वर्मा को तत्काल प्रभाव से पद से हटाते हुए लाइन हाजिर कर दिया गया और सस्पेंड करने की कार्रवाई की गई। उच्च अधिकारियों द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच के आश्वासन और सीआई पर गाज गिरने के बाद धरना समाप्त हुआ। यह घटना इस बात का बड़ा उदाहरण है कि सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं और स्थानीय पुलिस के बीच टकराव होने पर किस तरह प्रशासनिक मशीनरी को तुरंत झुकना पड़ता है।

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