संभल: जामा मस्जिद के पास RSS का पथ संचलन, भारी फोर्स तैनात
संभल में विजयदशमी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस के अवसर पर भारी पुलिस बल और आरपीएफ की तैनाती के बीच आरएसएस का पथ संचलन निकाला गया. यह संचलन शहर की जामा मस्जिद के मुख्य द्वार के पास से होकर गुजरा, जिसे लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे.
शार्ट सर्किट होने के बाद युद्धस्तर पर तैयारियां करते हुए उसी स्थान पर नया रावण पुतला स्थापित किया गया. कुछ ही समय में व्यवस्था सामान्य कर दी गई और उत्सव का माहौल फिर से लौट आया. नए पुतले के स्थापित होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली.
टाइगर श्रॉफ नहीं, पहले किसी और सेलिब्रिटी को मारने की थी प्लानिंग, पूछताछ में हुआ सनसनीखेज खुलासा
Tiger Shroff Firing Case: शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों का मकसद सिर्फ अभिनेता पर हमला करना नहीं, बल्कि बॉलीवुड में दहशत फैलाना था. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हमले की साजिश कैसे रची गई.
लखनऊ के शिवा शर्मा केस की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे को गिरफ्तार कर लिया गया है. उसके साथ उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश भी गिरफ्तार हो गए हैं.
'बूथ पर पैसे देने की बारी आती है, तो हार्ट अटैक आ जाता है', नीरज पर बरसे अनंत सिंह
बिहार विधान परिषद के पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव से पहले जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार की तबीयत खराब होने की खबरें सामने आईं. जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने नीरज की तबीयत को ड्रामा करार दिया है. उन्होंने कहा कि ये नीरज की पुरानी आदत है. अनंत सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अस्पताल जाकर नीरज का हाल जानने की खबरों को भी खारिज किया.
बिहार की एक ग्रामीण महिला उद्यमी मशरूम स्पॉन उगाने और स्थानीय रोजगार पैदा करने के लिए ATMA प्रशिक्षण और 5 लाख रुपये के
दुआ की छोटी बहन को मिला खास नाम, दीपिका-रणवीर ने दशहरे पर किया खुलासा, मां शक्ति से है कनेक्शन
दशहरे के खास मौके पर दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ने अपनी दूसरी बेटी के नाम से पर्दा उठा दिया. दुआ की छोटी बहन के नाम का मां शक्ति से खास कनेक्शन है, जिसका मतलब भी बेहद खूबसूरत है.
पार्टी लवर्स की मौज! Blaupunkt का 'Rock & Roll' स्पीकर लॉन्च, बेस जबरदस्त, जानें कीमत
Blaupunkt ने भारत में Rock & Roll Rhythm 100W पोर्टेबल पार्टी स्पीकर लॉन्च किया है. जानिए कीमत और फीचर्स.
मुंबई से बेंगलुरु के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 1 नवंबर से शुरू हो सकती है. इस बारे में सांसद पीसी मोहन ने जानकारी दी है. यह ट्रेन मुंबई से बेंगलुरु 16 घंटे में पहुंचेगी.
निषाद कुमार का डबल गोल्ड, डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप
एशियन पैरा गेम्स 2026 में निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.04 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता और गेम्स रिकॉर्ड बनाया. यह उनका दूसरा गोल्ड है. वह एक ही संस्करण में दो स्वर्ण पदक जीतने वाले तीसरे भारतीय बन गए. वहीं, पुरुषों की डिस्कस थ्रो F44/64 स्पर्धा में देवेंद्र कुमार ने गोल्ड, राकेश ने सिल्वर और प्रदीप कुमार ने ब्रॉन्ज जीतकर भारत को क्लीन स्वीप दिलाया.
दुबई में नहीं है नदी, फिर भी लाखों लोगों को मिलता है पीने का पानी
दुबई में न कोई बड़ी नदी है और न ही मीठे पानी का कोई बड़ा प्राकृतिक स्रोत, फिर भी यहां लाखों लोगों के घरों तक हर दिन पीने का पानी पहुंचता है. आखिर ये पानी आता कहां से है?
नशे से जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वालों के घर पहुंचे अमित शाह, इंसाफ दिलाने का दिया भरोसा
अमित शाह सबसे पहले बटाला पहुंचे और वहां से मारी पनवां गांव जाकर विक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात की। विक्रमजीत की 15 अक्टूबर को हत्या कर दी गई थी। शाह ने उनकी मां के पैर छुए और परिवार के प्रति संवेदना जताई।
'झूठ फैलाते-फैलाते थक गया' राहुल गांधी चले वियतनाम! BJP का दावा, कांग्रेस का पलटवार
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोशल मीडिया पर फ्लाइट का एक कथित वीडियो शेयर करते हुए राहुल गांधी पर हमला बोला है। वहीं कांग्रेस ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे नेता प्रतिपक्ष का व्यक्तिगत दौरा बताया है
Punjab में नशा पीड़ितों के परिजनों से मिले Amit Shah, CBI जांच की मांग पर न्याय का भरोसा दिया
(फोटो के साथ)चंडीगढ़, 20 अक्टूबर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब के संगरूर में मादक पदार्थ की समस्या का मुद्दा उठाने के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात की। शाह पंजाब के एक-दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान वह राज्य में नशे की समस्या से जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों से मुलाकात कर रहे हैं। उनके दौरे में गुरदासपुर, संगरूर और मानसा शामिल हैं। संगरूर जिले की दिरबा तहसील के तुरबंजारा गांव के निवासी गुलजार ने कथित तौर पर सात सितंबर को आत्महत्या कर ली थी। गुलजार के परिवार का आरोप है कि पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से अपने इलाके में मादक पदार्थों की आपूर्ति के बारे में सवाल पूछने के कारण उन्हें परेशान किया गया और जातिसूचक अपशब्द कहे गये, जिसके बाद उन्होंने कथित तौर पर जहर खा लिया। इस घटना के बाद आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार को विपक्ष की ओर से कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा। विपक्ष ने गुलजार की मौत की सीबीआई जांच की मांग भी की थी। शाह ने दिन में सबसे पहले गुरदासपुर पहुंचकर नशे की समस्या से कथित तौर पर जुड़ी एक घटना में जान गंवाने वाले 40-वर्षीय व्यक्ति के परिवार से मुलाकात की। इसके बाद वह गुलजार के परिवार से मिलने संगरूर पहुंचे। मुलाकात के बाद गुलजार के बेटे शहबाज सिंह ने मीडिया को बताया कि शाह ने परिवार को भरोसा दिलाया कि उन्हें न्याय मिलेगा। शहबाज ने कहा, ‘‘केंद्रीय मंत्री ने हमें भरोसा दिलाया कि न्याय मिलेगा। उन्होंने बताया कि मंत्री ने कहा कि इस मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, हमने मामले की सीबीआई जांच की मांग की। मुलाकात के दौरान शहबाज अपने पिता की तस्वीर के पास बैठे थे। संगरूर के शेरों गांव के निवासी मोहनजीत सिंह ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने उनकी बात धैर्यपूर्वक सुनी। मोहनजीत ने कहा, उन्होंने चिट्टा (सिंथेटिक मादक पदार्थों) पर भी चर्चा की और कहा कि इसे खत्म किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शाह का उनसे मिलना महत्वपूर्ण है, जबकि मुख्यमंत्री ने उनसे मुलाकात नहीं की। मोहनजीत ने यह दावा भी किया कि दो सितंबर को मुख्यमंत्री भगवंत मान के लोक मिलनी कार्यक्रम के आयोजन स्थल के पास एक घर की छत से काला झंडा दिखाने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और प्रताड़ित किया। शाह ने दिन में पहले बटाला पहुंचने के बाद मारी पनवां गांव का दौरा किया। वहां उन्होंने बिक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात की, जिनकी 15 अक्टूबर को हत्या कर दी गई थी। ग्रामीणों का दावा है कि बिक्रमजीत को अपने इलाके में नशीले पदार्थों की बिक्री का विरोध करने के कारण निशाना बनाया गया था। हालांकि, पुलिस ने कहा कि उनकी हत्या मोबाइल फोन को लेकर दो समूहों के बीच हुए झगड़े के कारण की गई। मुलाकात के एक वीडियो में शाह बिक्रमजीत की मां के पास बैठे दिखाई दिए। बिक्रमजीत के परिवार के एक सदस्य ने कहा कि शाह ने उन्हें भरोसा दिलाया कि मामले में न्याय सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा, हमने न्याय की मांग की और उन्होंने हमारी मांगों से जुड़े ज्ञापन को पढ़कर अपने साथ ले गए। परिवार ने उम्मीद जताई कि पंजाब नशामुक्त राज्य बनेगा। पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने न्याय सुनिश्चित करने का भरोसा दिया। उन्होंने यह भी दोहराया कि दिसंबर 2029 तक नशे की समस्या को खत्म कर दिया जाएगा। शर्मा ने कहा कि बिक्रमजीत के परिवार ने ‘आप’ सरकार से निष्पक्ष जांच और न्याय मिलने को लेकर संदेह जताया। परिवार ने घटना की सीबीआई जांच की मांग भी की। बटाला में शाह के साथ पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों भी मौजूद थे। इसके बाद मानसा में शाह ने नशे के खिलाफ काम करने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात की। झोटा की पिछले सप्ताह एक मेडिकल स्टोर के मालिक ने हत्या कर दी थी। शाह के दौरे से कुछ घंटे पहले मुख्यमंत्री मान ने घोषणा की थी कि सरकार ने हत्या मामले की जांच का जिम्मा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का फैसला किया है। झोटा मेडिकल स्टोरों पर नशे की लत लगाने वाले पदार्थों की अवैध बिक्री का विरोध करने के लिए जाने जाते थे। 13 अक्टूबर को मानसा में एक व्यस्त मेडिकल स्टोर के अंदर उन्हें गोली मार दी गई थी। इससे पहले उन्होंने एक बुजुर्ग व्यक्ति को मादक पदार्थ बेचने को लेकर दुकानदार से सवाल किया था। इस घटना के बाद दुकान के मालिक अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया गया था। यह घटना उस समय हुई थी, जब झोटा फेसबुक लाइव कर रहे थे। इस घटना के बाद पंजाब में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। राज्य में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। शाह ने 20 दिन में दूसरी बार पंजाब का दौरा किया। इससे पहले उन्होंने 30 सितंबर को जालंधर का दौरा किया था, जहां उन्होंने भाजपा की नशा मुक्त पंजाब यात्रा के समापन पर एक रैली को संबोधित किया था। शाह दशहरा समारोह के तहत लुधियाना के दरेसी मैदान में रावण दहन कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले भाजपा समेत विपक्षी दल राज्य में नशे की समस्या को लेकर आप सरकार को निशाना बना रहे हैं। इससे पहले पंजाब में सत्तारूढ़ ‘आप’ ने केंद्रीय गृह मंत्री की आलोचना की। पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने उनसे राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय पाकिस्तान से पंजाब में नशीले पदार्थों की तस्करी और गुजरात के एक बंदरगाह से नशीले पदार्थों की आपूर्ति के बारे में जवाब देने को कहा। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से गैंगस्टरवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी और जबरन वसूली के मुद्दों पर जवाब मांगा।
टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले को लेकर नया अपडेट सामने आया है. जानकारी मिली है कि शूटर्स पहले टाइगर को निशाना नहीं बनाना चाहते थे. उनकी रडार में बॉलीवुड का दूसरा बड़ा सितारा था.
पंजाब में नशे पर अमित शाह का बड़ा वार, कहा- बेटा, भाई और पति खोने वालों को क्या जवाब देगी AAP?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब दौरे के दौरान नशे के मुद्दे पर AAP सरकार को घेरा. उन्होंने गुरदासपुर, संगरूर और मानसा में नशे के खिलाफ लड़ाई से जुड़े तीन पीड़ित परिवारों से मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि जमीनी हालात कागजी रिपोर्टों से कहीं ज्यादा झकझोरने वाले हैं.
2 लाख रुपये के लालच में चलाई टाइगर श्रॉफ पर गोली! आरोपी रेहान की मां ने बताई चौंकाने वाली बातें
टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग मामले में आरोपी की मां का बयान सामने आया है. महिला ने बताया कि उनका बेटा पिछले 20-22 दिन से घर से गायब था.
आलू-गोभी के पराठे भूल जाएंगे, जब खाएंगे मक्का-मेथी का कुरकुरा पराठा
Makka Methi Paratha Recipe: गरमागरम पराठे खाने का मजा ही अलग होता है. सुबह के नाश्ते में अगर कुछ टेस्टी और अलग खाने का मन है तो मक्का-मेथी का पराठा ट्राई कर सकते हैं. मक्के के आटे और ताजी मेथी से बना यह पराठा स्वाद में लाजवाब लगता है.
दिन की शुरुआत दूसरों की बातों और दुनिया की खबरों से करने पर मन में अनावश्यक विचार, चिंता और तनाव बढ़ सकता है. बीके शिवानी ने बताया दिन की सही शुरुआत कैसे करें.
35 लाख में तैयार हुआ 221 फुट का रावण, इको-फ्रेंडली पटाखों से होगा दहन
दशहरा महोत्सव पर पंचकूला के सेक्टर-5 में 221 फुट के ऊंचे विशालकाय रावण का दहन किया जाएगा. इस रावण को बनाने में करीब 34 से 35 लाख रुपए खर्च हुए हैं. रावण के इस पुतले का दहन इको-फ्रेंडली पटाखों से किया जाएगा.
Strict Action की चेतावनी: Chitta सिंडिकेट पर गरजे Amit Shah, बोले Punjab को नशा मुक्त बनाएंगे
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार (20 अक्टूबर) को पंजाब के मानसा जिले में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात की। पिछले हफ्ते एक मेडिकल स्टोर मालिक ने परविंदर सिंह झोटा की हत्या कर दी थी। शाह ने झोटा के पिता भीम सिंह और परिवार के अन्य सदस्यों से मिलकर उनके प्रति संवेदना जताई और दुख की इस घड़ी में उनके साथ एकजुटता व्यक्त की। इसके बाद उन्होंने कहा कि पंजाब की इस पवित्र भूमि से, मैं पंजाब और पूरे देश के लोगों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। मैं अपने जीवन में इस विजयादशमी को कभी नहीं भूल पाऊंगा। इसे भी पढ़ें: Punjab Drug Crisis: बिक्रमजीत के परिजनों से मिले Amit Shah, 2029 तक नशा खात्मे का दोहराया संकल्प उन्होंने कहा कि आज, मैंने पंजाब में तीन जगहों — गुरदासपुर, संगरूर और मानसा — का दौरा किया। गुरदासपुर के विक्रमजीत सिंह (40), संगरूर के गुलज़ार सिंह और मानसा जिले के परविंदर सिंह झोटा की हत्या कर दी गई या उन्होंने आत्महत्या कर ली, क्योंकि वे नशीले पदार्थों (ड्रग्स) के खिलाफ लड़ रहे थे... आज, मैं देश के लोगों — और खासकर पंजाब के लोगों — से यह कहना चाहता हूं कि मुझे आज जितना गहरा दुख हो रहा है, उतना पहले कभी नहीं हुआ। जब मैं इन परिवारों से मिला — और साथ ही आसपास के उन अन्य लोगों से भी, जो 'चिट्टा' (ड्रग्स) के कारोबार की वजह से बर्बाद और प्रताड़ित हो चुके हैं — तो उन्होंने जो सच्चाई बताई, वह दिल्ली में सरकारी रिपोर्टों में पढ़ी गई किसी भी बात से कहीं ज्यादा भयानक और चौंकाने वाली थी। इसके बाद उन्होंने कहा कि आज मैं यहाँ 'आप' (AAP) सरकार से पूछना चाहता हूँ: किसी ने अपना बेटा खोया है, किसी ने भाई, तो किसी ने अपना पति—आपकी सरकार के पास इसका क्या जवाब है? बहानेबाज़ी के अलावा, मुझे अभी तक कोई ठोस जवाब नहीं मिला है। पिछली बार जब मैं पंजाब आया था, तो मैंने बीजेपी द्वारा आयोजित 'नशा-मुक्त पंजाब' रैली में हिस्सा लिया था; मेरा मकसद नशे के कारोबार को खत्म करने की आवाज़ उठाना था। लेकिन इसके बजाय, मुझ पर ही आरोप लगाए गए। आज भी, मैं यहाँ सिर्फ पीड़ितों को सांत्वना देने आया हूँ—मेरा कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं था। इसके बदले मुझे अपशब्द सुनने पड़े और अपमानजनक भाषा का सामना करना पड़ा। मैं ज़िम्मेदार लोगों से बस इतना कहूँगा: मुझे गाली देने से कुछ हासिल नहीं होगा। इसे भी पढ़ें: Chitta रूपी राक्षस का रावण जैसा होगा अंत, Ravneet Bittu ने Amit Shah के दौरे पर कहा शाह ने कहा कि अगर आपको इससे तसल्ली मिलती है, तो बेशक ऐसा करते रहें—लेकिन नशे के कारोबार को तो खत्म करें। सिंथेटिक ड्रग्स (चिट्टा) के कारोबार पर रोक लगाएँ। आज मैं पंजाब सरकार और उसके नेतृत्व को याद दिलाने आया हूँ कि आपने पंजाब में सत्ता में आते समय वादा किया था कि तीन महीने के भीतर नशे के कारोबार को जड़ से खत्म कर देंगे। पाँच साल बीत चुके हैं, लेकिन यह कारोबार दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। यहाँ तक कि आपके अपने पुलिसकर्मी भी पकड़े जा रहे हैं—जिनके पास से 10 से 12 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई है। जो लोग नशे के कारोबार का विरोध करते हैं, उन्हें या तो आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया जाता है या फिर उनकी हत्या कर दी जाती है।
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले की शुरुआती पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है. जांच में सामने आया है कि हमलावरों का मूल निशाना कोई और बड़ी हस्ती थी, लेकिन वहां तक पहुंचने में नाकाम रहने के बाद उन्होंने टाइगर श्रॉफ को टारगेट बनाया.
असुर था तो क्यों रावण की राख घर लाते हैं लोग? जानें ये शुभ है या अशुभ
रावण दहन के बाद अक्सर आपने लोगों को उसकी राख घर लाते हुए देखा होगा. कई जगहों पर ऐसी लोक मान्यताएं हैं कि रावण दहन की राख घर की चौखट से बांधने से नकारात्मक ऊर्जा का घर में प्रवेश नहीं होता है. आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.
मोरिंगा का काढ़ा कैसे बनाएं? यूनानी डॉक्टर ने बताया सहजन का काढ़ा पीने से क्या होता है
सहजन के पत्ते का काढ़ा पीने से क्या होता है? यूनानी डॉ. सैयद अहमद से जानें फायदे और बनाने का सही तरीका.
कौन है ये हसीना, जिसने रजनीकांत की जेलर 2 में मचाई तबाही?
फिल्म जेलर 2 के क्लाइमैक्स में ऋतिक रोशन ने तो अपने एक्शन से लाइमलाइट लूटी ही थी. लेकिन उनके साथ-साथ चार लड़कियां और थीं, जिनके एक्शन पर कई लोगों की नजरें पड़ीं. इसमें से एक अपेक्षा पोरवाल भी हैं, जिन्होंने रजनीकांत की फिल्म में कुछ देर के रोल से तबाही मचाई है.
गोरखपुर के दुर्गा पंडाल में लटके मुस्कान-साहिल के पुतले, नीला ड्रम कांड पर अनोखी झांकी
गोरखपुर के सिंघड़िया में राक्षसों के बीच लटकाए गए मुस्कान और साहिल के पुतलों को देखने के लिए भी लोगों की भीड़ जुट रही है.
मुझे खुद निकाल दे कंपनी... इस्तीफा देने से क्यों इनकार कर रहा कर्मचारी?
नौकरी में तनाव बढ़ जाए, बॉस की उम्मीदें पूरी करना मुश्किल हो और हर मीटिंग से पहले टेंशन होने लगे, तो ज्यादातर लोग दूसरी नौकरी की खोज में लग जाते हैं. लेकिन एक कर्मचारी की कहानी थोड़ी अलग है. वह अपनी नौकरी से परेशान है फिर भी इस्तीफा नहीं देना चाहता. उसकी इच्छा है कि कंपनी खुद उसे नौकरी से निकाल दे, ताकि उसे सेवरेंस पैकेज मिल सके. कर्मचारी ने इसे लेकर रेडिट पर अपनी परेशानी शेयर की है, जिसके बाद इस पर चर्चा शुरू हो गई.
फेमस वरकला बीच पर ब्रिटिश महिला के साथ जबरदस्ती, कपड़े खींचे और फाड़ दिए गए
फेमस वरकला बीच पर ब्रिटिश महिला के साथ जबरदस्ती, कपड़े खींचे और फाड़ दिए गए
Flipkart से ऑर्डर होगा खाना, जानिए कब शुरू होगी नई सर्विस!
Flipkart Food Delivery: फ्लिपकार्ट जल्द ही फूड डिलीवरी सर्विस शुरू कर सकती है. कंपनी इसकी टेस्टिंग कर रही है, जिसमें हजारों कर्मचारी शामिल हैं. इस सर्विस के जरिए यूजर्स एक ही ऐप से खाना ऑर्डर कर सकेंगे. इससे Zomato और Swiggy को टक्कर मिल सकती है.
SBSP चीफ Om Prakash Rajbhar को झटका, चंदौली में दर्जनों पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा
उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से एक बड़ी राजनीतिक घटना सामने आई है, जहां 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले ओम प्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के दर्जनों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा देने की घोषणा की है। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ती नाराजगी के चलते ये इस्तीफे दिए गए हैं। कार्यकर्ताओं ने राजभर पर आरोप लगाया है कि वे पार्टी के मूल सिद्धांतों से भटक गए हैं और उन लोगों को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिन्होंने वर्षों तक संगठन को मजबूत करने के लिए काम किया है। इसे भी पढ़ें: क्या सपा संग गठबंधन पर फंसा पेंच? कांग्रेस ने यूपी के लिए 150 सीटों की योजना तैयार की, प्रियंका गांधी ने संभाली कमान पार्टी की युवा शाखा के वाराणसी संभाग के मुख्य महासचिव, दीपक राजभर ने आरोप लगाया है कि नेतृत्व का अब उन मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं है, जिन्हें वे कभी प्रमुखता से उठाते थे। इस्तीफा देने वाले नेताओं ने 2027 के चुनावों के लिए पार्टी द्वारा संभावित उम्मीदवारों के चयन को लेकर भी चिंता जताई है। दीपक राजभर ने आरोप लगाया कि जिन कार्यकर्ताओं ने पार्टी को खड़ा करने में 20 से 24 साल लगा दिए, उन्हें दरकिनार किया जा रहा है। वहीं, नेतृत्व समुदाय के विकास के बजाय अपने खुद के विस्तार पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। इस्तीफा देने वालों ने 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए टिकट बंटवारे को लेकर भी पार्टी के तौर-तरीकों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजभर समुदाय के वोटों का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया जा रहा है। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि बाहुबली पृष्ठभूमि वाले लोगों को टिकट दिया जा सकता है। नेताओं ने कहा कि अब राजभर समुदाय अपने अधिकारों, प्रतिनिधित्व और सम्मान को ध्यान में रखकर अपने राजनीतिक फैसले लेगा। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि आने वाले दिनों में और भी कार्यकर्ता पार्टी छोड़ सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Akhilesh Yadav का BJP पर हमला, कहा- BLO मतदाता सूची से तुरंत हटाए डुप्लीकेट वोट पार्टी छोड़ने की घोषणा करने वालों में युवा शाखा के अध्यक्ष और मंत्री के प्रतिनिधि बबलू राजभर, युवा शाखा के वाराणसी संभाग के मुख्य महासचिव दीपक राजभर और कई अन्य पदाधिकारी शामिल हैं। बबलू राजभर ने आरोप लगाया कि समाज के जिन लोगों के समर्थन से ओम प्रकाश राजभर को राजनीतिक रूप से आगे बढ़ने में मदद मिली, वे आज भी आवास, नालियों, पक्की गलियों और सड़कों जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
प्रोड्यूसर ने रणबीर को बुलाया 'रणवीर', एक्टर का रिएक्शन Viral
रामायण के प्रमोशन इवेंट में प्रोड्यूसर दिल राजू ने रणबीर कपूर की तारीफ करते हुए गलती से उनका नाम रणवीर कह दिया, जो वायरल हो गया. इस गूफ अप पर रणबीर कपूर का रिएक्शन वायरल हो रहा है.
Dussehra पर Delhi Police ने जारी की Traffic Advisory, कई मार्गों पर रहेगा डायवर्जन
राष्ट्रीय राजधानी में दशहरा समारोह और आधिकारिक आवश्यकता के मद्देनजर मंगलवार शाम से देर रात तक अलग-अलग इलाकों में यातायात प्रतिबंध लागू रहेंगे एवं मार्गों में परिवर्तन किया जाएगा। यातायात पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि लाल किला, रामलीला मैदान एवं द्वारका में रावण दहन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने और वीवीआईपी की आवाजाही की संभावना है। दिल्ली यातायात पुलिस ने एक परामर्श में कहा कि लाल किले पर दशहरा समारोह के मद्देनजर, मंगलवार दोपहर से रात 11 बजे तक विशेष यातायात व्यवस्था लागू रहेगी। इसने लोगों को सलाह दी है कि वे लाल किले वाले जाने वाले रास्ते से बचें, तय की गई पार्किंग जगहों का ही इस्तेमाल करें, सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें और यातायात पुलिस कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। पुलिस ने बताया कि इस अवधि के दौरान नेताजी सुभाष मार्ग और निषाद राज मार्ग पर गाड़ियों की आवाजाही यातायात की स्थिति और सुरक्षा जरूरतों के मद्देनजर प्रतिबंधित या नियंत्रित की जा सकती है। परामर्श के मुताबिक, छत्ता रेल चौक, सुभाष मार्ग पर टी प्वाइंट, दिल्ली गेट, शांति वन चौक और जीपीओ चौक पर यातायात मार्ग परिवर्तन लागू किए जा सकते हैं। इस दौरान छत्ता रेल चौक और दिल्ली गेट से आगे किसी भी ई-रिक्शा, ऑटो रिक्शा व साइकिल को जाने की इजाजत नहीं होगी। इसमें यह भी कहा गया है कि दोपहर बाद से रात 11 बजे तक दिल्ली गेट या दरिया गंज से लाल किले की ओर जाने वाली बसों को राजघाट की ओर मोड़ दिया जाएगा। पुलिस ने एक अलग परामर्श में कहा कि आधिकारिक आवश्यकताओं को देखते हुए, शाम चार बजे से रात 10 बजे तक ए पॉइंट और आईपी मार्ग के दोनों तरफ के रास्तों पर यातायात प्रतिबंध लागू रहेंगे। इस दौरान भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी। दिल्ली यातायात पुलिस ने परामर्श में कहा कि द्वारका में ये प्रतिबंध यूईआर-दो, द्वारका एक्सप्रेसवे और सड़क संख्या 224, 226, 203 तथा 205 पर शाम 4.50 बजे से रात आठ बजे तक लागू रहेंगे। विजयादशमी के अवसर पर द्वारका के सेक्टर 10 में रावण का 221 फुट ऊंचा पुतला दहन किया जाएगा। द्वारका श्री रामलीला सोसाइटी ने इस पुतले को 2026 के दशहरा में देश में दहन किए जाने वाले सबसे ऊंचे पुतलों में से एक बताया है। परामर्शों में लोगों से प्रभावित सड़कों से बचने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने को कहा गया है। साथ में लोगों से घर से अतिरिक्त समय लेकर निकलने को कहा गया है।
सिर्फ 5 साल, फिर किसी काम का नहीं रहेगा होर्मुज! इस CEO का दावा
Hormuz Could Become Redundant: अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट से तेल आयात पर निर्भर दुनिया के तमाम देशों में संकट सभी ने देखा है. अब एक सीईओ ने कहा है कि ये जरूरी समुद्री रूट अगले 5 साल में किसी काम का नहीं रहेगा.
रावण की ये 3 गलतियां ले डूबीं पूरी लंका, मिट गया नामोनिशान
Dussehra 2026: रावण के पास ज्ञान, धन और शक्ति सब कुछ था, लेकिन उसकी कुछ गलतियां उस पर भारी पड़ गईं. उसकी कहानी आज भी बताती है कि इंसान चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, अहंकार और गलत फैसले उसे बर्बाद कर सकते हैं.
'सरकार को बदनाम करने की साजिश...', गृह मंत्री के बयान पर CM मान का पलटवार
पंजाब में नशे के मुद्दे पर अमित शाह ने भगवंत मान सरकार को घेरा, तो मान ने पलटवार करते हुए बीजेपी पर पंजाब सरकार को बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगाया.
फैन्स पैसा खर्च किए बिना स्टेडियम में देख सकेंगे मैच, ये है तरीका
पंजाब के जालंधर और मोहाली में मेन्स एशियन चैम्पियंस ट्रॉफी का आयोजन किया जाना है. भारत इस टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है, जिसमें 6 टीमें हिस्सा ले रही हैं. फैन्स स्टेडियम में जाकर इन मुकाबलों का मजा बिल्कुल फ्री में उठा सकते हैं.
करोड़ों की गाड़ियां, हर वीडियो से लाखों की कमाई, हिट है ये Gen Z यूट्यूबर!
जेन जी अपने करियर को लेकर हर दिशा में काम करके आगे बढ़ रहा है. वो ट्रडिशनल वे में काम करने में यकीन रखता है. जेन जी ने नए-नए तरीके खोज मिलाके है पैसे कमाने के. उनमें से एक है रील्स बनाकर और व्लॉगिंग करके. यहीं करके इंडिया के नंबर-1 जेन जी व्लॉगर सौरव जोशी ने भी खूब नाम और पैसे कमाए हैं. जानें कैसे बने सौरव जोशी इतने बड़े सुपर स्टार?
ग्लोइंग स्किन के लिए घर पर बनाएं नीम का फेस वॉश, तरीका है बेहद आसान
Homemade Neem Face Wash: नीम सेहत के साथ-साथ स्किन की देखभाल के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है. अगर आप चेहरे पर पिंपल्स और दाग-धब्बों से परेशान हैं तो नीम की मदद से घर पर क्लीनिंग पेस्ट तैयार कर सकते हैं. आज हम आपको नीम से फेस वॉश बनाने का आसान तरीका बताएंगे.
'अराजकता की ओर ले जाने की कोशिश', संजय राउत के अल्बानिया वाले वीडियो पर हंगामा
संजय राउत ने एक्स पर मराठी भाषा में एक पोस्ट शेयर की थी। इसमें उन्होंने अल्बानिया में आगजनी की घटना का 13 सेकंड का वीडियो भी लगाया था। राउत ने अपने संदेश में कहा कि सभी देशों को इन घटनाओं से सबक लेना चाहिए।
'जानकारी देने का मतलब परमिशन लेना नहीं', RSS से बोले प्रियांक खड़गे
कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने आरएसएस से रूट मार्च के लिए तय प्रक्रिया के तहत आवेदन करने और सक्षम अधिकारियों की औपचारिक मंजूरी का इंतजार करने को कहा. उन्होंने साफ किया कि लाखों स्वयंसेवकों के एक साथ मार्च के लिए पुलिस तैनाती, यातायात, भोजन, सुरक्षा और दूसरे इंतजामों में बड़े सार्वजनिक संसाधन लगते हैं.
PM Kisan 24th Installment: उम्मीद जताई जा रही है कि त्योहारों के इस सीजन में दशहरा बीतने के बाद और दीपावली से ठीक पहले किसानों के बैंक खातों में 2,000 रुपये की धनराशि हस्तांतरित की जा सकती है।
CJP नेताओं की बढ़ गई टेंशन! तिहाड़ जेल में ही काटने होंगे अगले दो दिन
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं की न्यायिक हिरासत को दिल्ली की एक अदालत (स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट) ने दो दिनों के लिए और बढ़ा दिया है. जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रदर्शन करने के आरोप में जेल में बंद CJP नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को फिलहाल 21 अक्टूबर 2026 तक तिहाड़ जेल में ही रहना होगा.
अमेरिका और भारत के विदेश मंत्रियों की मुंबई में हुई मुलाकात, ट्रेड डील पर आया बड़ा अपडेट
इस महत्वपूर्ण वार्ता के दौरान भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी मौजूद रहे। द्विपक्षीय बैठक से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मीडिया से भी बातचीत की।
'प्रोफेशनल भगोड़े' जैसी हरकतें! गिरफ्तार श्रद्धा के कारनामों से STF भी हैरान
Shraddha Dubey Arrested: लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में 50 हजार की इनामी मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर तनवीर को यूपी एसटीएफ और लखनऊ पुलिस ने नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है. मृतक की मां ने हत्या का आरोप लगाया था, जबकि श्रद्धा इसे सुसाइड बता रही थी. तीनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार लोकेशन बदलकर फरार चल रहे थे.
पंजाब में अमित शाह का दौरा, नागपुर में RSS का विजयादशमी उत्सव, देखें नॉनस्टॉप-100
गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाई और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की. नागपुर में आरएसएस के विजयादशमी उत्सव में मोहन भागवत ने देश की एकता और सामाजिक सौहार्द पर जोर दिया. एससीओ बैठक में राजनाथ सिंह ने आतंकवाद पर कड़ा संदेश दिया. वहीं देशभर में विजयदशमी का त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है.
दुशांबे में एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक
दुशांबे (ताजिकिस्तान)। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों से आतंकवाद के पूरे तंत्
अपने पहले गुरु के साथ वायु सेना चीफ ने भरी आखिरी उड़ान
वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने 20 अक्टूबर को HJT-16 किरण मार्क-1 में अपनी अंतिम उड़ान भरी. उन्होंने अपने पहले प्रशिक्षक विंग कमांडर वीएस कोचर (रिटायर्ड) के साथ 55 मिनट की सॉर्टी पूरी की, जो उनके उड़ान सफर का यादगार समापन बनी.
'भारत को अस्थिर करने की हो रही कोशिश', विजयदशमी पर बोले मोहन भागवत
नागपुर में आरएसएस के विजयदशमी उत्सव के दौरान सरसंघचालक मोहन भागवत ने देश को संबोधित किया. उन्होंने फ्रांस और अल्बेनिया की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि विदेशी ताकतें भारत को अस्थिर करने का प्रयास कर रही हैं. भागवत ने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति और एकता का प्रतीक है. मजबूत नेतृत्व और देश के युवाओं में जाग रहे राष्ट्रीय स्वाभिमान के कारण ऐसी साजिशें नाकाम हो रही हैं.
मोहन भागवत के संबोधन की पीएम मोदी ने की तारीफ, बताया अत्यंत प्रेरणादायी
पीएम नरेंद्र मोदी ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के विजयदशमी संबोधन की सराहना की है. पीएम मोदी ने इसे प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि इसमें सामाजिक एकता, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण पर महत्वपूर्ण संदेश दिए गए हैं. मोहन भागवत ने हिंदू-मुस्लिम एकता और देश के विकास में हर नागरिक के योगदान पर जोर दिया.
पंजाब में नशे के खिलाफ अमित शाह का दौरा, BJP अभियान को मिलेगी धार
पंजाब में नशे की समस्या को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दौरा काफी अहम माना जा रहा है. लुधियाना में वे नशे के प्रतीक रावण का दहन करेंगे और मानसा, संगरूर तथा गुरदासपुर में पीड़ित परिवारों से मिलेंगे. इस दौरान बीजेपी राज्य में नशे और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है. AAP और बीजेपी के बीच इस मुद्दे पर तीखी सियासत जारी है.
टाइगर श्रॉफ हमले के आरोपियों को कोटा से मुंबई ला रही पुलिस, भारी सुरक्षा बल तैनात
टाइगर श्रॉफ मामले में कोटा से गिरफ्तार आरोपियों को मुंबई पुलिस भारी सुरक्षा के बीच मुंबई ला रही है. पुलिस सड़क के रास्ते एक्सप्रेसवे से होकर मुंबई पहुंचेगी. कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद एंटी एक्सटॉर्शन सेल आरोपियों से पूछताछ करेगी. शुरुआती जांच में लॉरेंस बिश्नोई गैंग और 35,000 रुपये में सुपारी लेने का एंगल सामने आया है. मुंबई पहुंचने पर मेडिकल के बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा.
यूपी में BJP ने तेज की तैयारियां, 30 अक्टूबर को लखनऊ जा सकते हैं शाह
उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 30 और 31 अक्टूबर को लखनऊ में आयोजित प्रदेश कार्य समिति की बैठक में शामिल हो सकते हैं. इस बैठक में 2027 के चुनावों की रणनीति पर मंथन होगा और अमित शाह पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे.
'पेरिस एक मुस्लिम शहर बन जाएगा', फ्रांस में भड़की हिंसा बोले ट्रंप
फ्रांस के पेरिस और अन्य शहरों में हुए दंगों के बाद से कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लगा दिया गया है. सोमवार को कर्फ्यू लगाने का फैसला किया गया. देशव्यापी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के कारण वीकेंड पर हुए दंगों और लूटपाट के बाद सुरक्षा में चूक को लेकर लगातार दबाव था. पुलिस ने कहा है कि इन उपायों को सख्ती से लागू करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बलों को तैनात किया गया है.
68KM का माइलेज, इस स्कूटर की बंपर डिमांड... 90% बढ़ी बिक्री
यामाहा के लिए सितंबर का महीना का अच्छा रहा है. कंपनी ने मंथ-ऑन-मंथ और ईयर-ऑन-ईयर सेल्स दोनों ही मामले में ग्रोथ हासिल की है. वैसे इस आर्टिकल में हम कंपनी के एक खास स्कूटर की बात कर रहे हैं, जिसकी बिक्री में इस सितंबर 90 परसेंट से ज्यादा का इजाफा हुआ है. आइए जानते हैं यामाहा के इस स्कूटर में क्या कुछ खास है.
घराली के किस्सों से आज ठहाकों से गुदगुदाएगा आबू पर्वत
सबगुरु न्यूज-सिरोही। घराली के किस्सों से माहौल को खुशनुमा बना देने वाले सुरेन्द्र शर्मा आज माउण्ट आबू (आबूराज) में लोगों को गुदगुदाएंगे। चार दशकों से हरियाणवी शैली में पति-पत्नि के खूबसूरत रिश्तों पनपने वाले व्यंग्य से पुरूषों और महिलाओं को गुदगुदाने वाले 81 वर्षीय हास्य कवि सुरेन्द्र शर्मा सालों बाद सिरोही जिले में आएंगे। पति […] The post घराली के किस्सों से आज ठहाकों से गुदगुदाएगा आबू पर्वत appeared first on Sabguru News .
रूस के मिसाइल हमलों के बाद आधे यूक्रेन की बिजली गुल!
रूस ने ल्वीव समेत कई यूक्रेनी क्षेत्रों के ऊर्जा केंद्रों पर रात और सुबह हमले किए, जिसके बाद 12 क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई. क्षतिग्रस्त उपकरणों पर दबाव रोकने के लिए पूरे देश में उद्योगों की बिजली सीमित होगी और कुछ क्षेत्रों में हर घंटे कटौती की जाएगी.
4 साल बीत गए, लेकिन खेसारी लाल यादव के इस गाने का खुमार अब भी कम नहीं हुआ. आम्रपाली दुबे संग उनकी रोमांटिक केमिस्ट्री वाले वीडियो को 662 मिलियन व्यूज मिल चुके हैं.
'हम जितने करीब हो सकते हैं, उतने करीब हैं', भारत पहुंचे मार्को रुबियो ने क्या-क्या कहा?
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत पहुंच गए हैं. उन्होंने भारत को अहम साझेदार बताया. भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर रुबियो ने कहा कि दोनों बहुत करीब हैं.
मेडिकल की पढ़ाई में कौन सी होती है सबसे महंगी ब्रांच? डिग्री लेने के बाद करोड़ों में होती है कमाई
Most Expensive Medical Branch: डॉक्टर बनने का सपना हर साल लाखों लोग देखते हैं, लेकिन इसमें कई तरह की ब्रांच शामिल होती हैं. कुछ ब्रांच ऐसी हैं, जो काफी ज्यादा डिमांड में होती हैं.
उमेश चौहान ने एनडीटीवी को बताया कि जब टाइगर श्राफ पर हमला हुआ तो वो उनकी कार के पास ही खड़े थे. उन्होंने बताया कि हमले के बाद उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी है. अस्पताल जाने के बाद उन्हें पता चला कि उनके सीने में गोली लगी है.
प्रोफेसर ने छात्रा को भेजे गंदे मैसेज, धर्म पर भी कमेंट... पिता ने पीटा, फिर...
नागपुर के वाठोडा स्थित सिम्बायोसिस लॉ यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर पर छात्रा को कथित तौर पर अश्लील और धार्मिक रीति-रिवाजों से जुड़े आपत्तिजनक मैसेज भेजने का आरोप लगा है. छात्रा के पिता और प्रोफेसर के बीच विवाद की भी जानकारी सामने आई है. विश्व हिंदू परिषद और अन्य संगठनों ने प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की. फिलहाल पुलिस शिकायत दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है.
Manoj Joshi ने Sardar Patel बनने के लिए 7 साल किया शोध, पढ़ीं 260 से ज्यादा किताबें
(जितेंद्र गुप्ता)नयी दिल्ली, 20 अक्टूबर अभिनेता मनोज जोशी ने नाटक ‘एक अखंड भारत का निर्माण: सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत’ में पटेल की भूमिका निभाने को बड़ा चुनौतीपूर्ण और जिम्मेदारी भरा बताने के साथ ही कहा कि इस नाटक के लिए सात साल तक गहन शोध और 260 से ज्यादा किताबों का अध्ययन किया गया। मनोज जोशी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिये साक्षात्कार में यह बात कही। उन्होंने कहा, “किसी ऐतिहासिक व्यक्तित्व को मंच पर जीवंत करने के लिए उसके विचारों, व्यक्तित्व, कार्यशैली और जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं को गहराई से समझना जरूरी होता है। इसी दृष्टिकोण के साथ मैंने नाटक ‘एक अखंड भारत का निर्माण: सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत’ में सरदार पटेल की भूमिका निभाने की तैयारी की।”जोशी ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारतीय रियासतों के एकीकरण में सरदार पटेल की भूमिका देश के इतिहास का अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है जिसे नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की जरूरत है। सरदार पटेल के किरदार को निभाने में सबसे बड़ी चुनौती को याद करते हुए उन्होंने कहा कि केवल संवाद याद करना पर्याप्त नहीं था बल्कि उनके व्यक्तित्व, स्पष्टवादिता, निर्णय लेने की क्षमता, बोलने के अंदाज और शारीरिक हाव-भाव को समझना भी जरूरी था। इसके लिए ऐतिहासिक पुस्तकों, दस्तावेजों और उपलब्ध दृश्य सामग्री का सहारा लिया गया। एक ऐतिहासिक किरदार को विश्वसनीय बनाने वाले तत्वों के बारे में मनोज जोशी का कहना था कि कलाकार को उसके व्यक्तित्व में उतरना पड़ता है और इस भूमिका के लिए सिर्फ मेकअप में ही उन्हें लगभग पौने दो घंटे लगते हैं। ‘एक अखंड भारत का निर्माण: सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत’ का मंचन दिल्ली के कमानी ऑडिटोरियम में आगामी शनिवार और रविवार को होगा। पांच भाषाओं में करीब 180 फिल्मों में काम कर चुके मनोज जोशी रंगमंच पर ‘चाणक्य’ की भूमिका के लिए भी जाने जाते हैं और इस नाटक का देशभर में 1800 से ज्यादा बार मंचन हो चुका है। नाटक के निर्देशक विरल रच्छ ने कहा कि ‘एक अखंड भारत का निर्माण’ का उद्देश्य केवल इतिहास को मंच पर दोहराना नहीं, बल्कि दर्शकों को उस दौर की परिस्थितियों, फैसलों और राष्ट्रीय एकता के महत्व से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि इस नाटक की परिकल्पना पर लगभग एक दशक पहले चर्चा शुरू हुई थी और लेखिका गीता माणिक ने विषय पर लंबे समय तक शोध किया तथा करीब सात वर्षों तक अध्ययन करते हुए 260 से अधिक पुस्तकों का संदर्भ लिया। नाटक के निर्देशक ने कहा कि इस विषय में नाटक, फिल्म या वेब सीरीज के लिए भी काफी संभावनाएं हैं, लेकिन मंच पर इसे प्रस्तुत करने की अपनी अलग चुनौती है और सीमित समय में इतने व्यापक ऐतिहासिक घटनाक्रम को प्रभावी ढंग से दर्शकों तक पहुंचाना आसान नहीं था। मनोज जोशी की सरदार पटेल की भूमिका को लेकर पूछे गये एक सवाल पर विरल ने बताया कि जोशी और लेखिका गीता माणिक के बीच इस विषय पर लंबे समय तक चर्चा होती रही और बाद में निर्देशक के रूप में वह इस प्रयास से जुड़े और नाटक ने आकार लिया। निर्देशक ने बताया कि नाटक में करीब 26 कलाकार शामिल हैं और अलग-अलग पृष्ठभूमि से आए कलाकारों के सामूहिक प्रयास और तकनीकी सहयोग से प्रस्तुति को व्यापक रूप दिया गया है। देश के मौजूदा हालात में सरदार पटेल के विचार कितने प्रासंगिक हैं, यह पूछने पर मनोज जोशी ने कहा कि सरदार पटेल की विरासत केवल भारत के एकीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके जीवन से सार्वजनिक जिम्मेदारी, ईमानदारी और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता जैसे महत्वपूर्ण मूल्य भी सामने आते हैं। जोशी ने बताया कि नाटक के प्रसंगों के माध्यम से यह बताने की कोशिश की गई है कि सार्वजनिक जीवन में नैतिकता और जवाबदेही कितनी महत्वपूर्ण है।
शाम को होना था रावण दहन, लेकिन समय से पहले ही जल गया पुतला, जानें वजह
इंदौर के इंद्रपुरी में दशहरे पर रावण दहन की तैयारियों के बीच रावण के पुतले में अचानक आग लग गई. बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी, जिसके बाद पुतले में लगे पटाखे भी फूटने लगे. घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई. पुतला जलकर खाक होने के बाद आयोजकों ने नया पुतला बनाने का काम शुरू कर दिया.
मुंबई में जयशंकर से मिले रुबियो, ट्रेड डील पर बोले- बहुत उम्मीद है
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मुंबई में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की. इस दौरान दोनों के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील पर चर्चा की. जयशंकर से मुलाकात से पहले ही रुबियो ने पत्रकारों को बताया कि ट्रेड डील जल्द फाइनल होने वाली है.
राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू का अनूठा आकर्षण
रेगिस्तानी संस्कृति और ऐतिहासिक रजवाड़ों की धरती राजस्थान का नाम आते ही अक्सर धौरां री धरती और चिलचिलाती धूप का अहसास होता है, लेकिन इसी राज्य की अरावली पहाड़ियों की गोद में एक ऐसा हरा-भरा और खूबसूरत हिल स्टेशन बसा है जो पर्यटकों को पूरी तरह से हैरान कर देता है। माउंट आबू (Mount Abu) राजस्थान का इकलौता ऐसा पर्वतीय पर्यटन स्थल है जहां सालभर सुहाना मौसम, ठंडी हवाएं और ऊंचे पहाड़ पर्यटकों को अपनी ओर खींचते हैं। गर्मियों की छुट्टियों से लेकर सर्दियों के लॉन्ग वीकेंड तक, देश के कोने-कोने से सैलानी यहां सुकून के पल बिताने के लिए पहुंचते हैं। अगर आप भी आने वाले दिनों में माउंट आबू जाने का प्लान बना रहे हैं, तो वहां की प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ एक और रोमांचक गतिविधि आपका इंतजार कर रही है, जिसके बारे में जानकर आपका उत्साह दोगुना हो जाएगा।सिर्फ 150 रुपये में घुड़सवारी का शानदार और रोमांचक अनुभवमाउंट आबू आने वाले पर्यटकों के लिए स्थानीय प्रशासन और पर्यटन प्रेमियों द्वारा कई तरह की एडवेंचर और फन एक्टिविटीज की व्यवस्था की जाती है। इसी कड़ी में अब पर्यटकों के लिए बेहद किफायती दाम पर घुड़सवारी (Horse Riding) की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जो सैलानियों के बीच खासा आकर्षण का केंद्र बन गई है। हैरान करने वाली बात यह है कि आप मात्र 150 रुपये के मामूली शुल्क में माउंट आबू की खूबसूरत वादियों के बीच घोड़े की सवारी का लुत्फ उठा सकते हैं। बच्चों से लेकर बड़े तक, हर कोई इस राइड का आनंद बहुत कम खर्च में ले सकता है। परिवार के साथ घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए यह बच्चों का सबसे पसंदीदा और मनोरंजक खेल बन चुका है, जहां वे सुरक्षित माहौल में घुड़सवारी का अनुभव प्राप्त करते हैं।कहां और कैसे मिलेगी माउंट आबू में घुड़सवारी की यह सुविधा?अब सवाल यह उठता है कि माउंट आबू में यह घुड़सवारी की सुविधा पर्यटकों को मुख्य रूप से कहां और किस जगह पर मिलेगी? पर्यटन जानकारों और स्थानीय गाइडों के अनुसार, माउंट आबू की प्रसिद्ध निक्की झील (Nakki Lake) के आसपास, सनसेट पॉइंट जाने वाले मार्ग और हॉर्टिकल्चर फार्म के नजदीक के इलाकों में ये प्रशिक्षित घोड़े और उनके संचालक आसानी से मिल जाते हैं। जैसे ही आप इन प्रमुख पर्यटन स्थलों के पास पहुंचेंगे, आपको सजे-धजे घोड़े और उनके मालिक मिल जाएंगे जो बहुत ही सहज तरीके से तयशुदा 150 रुपये के शुल्क पर आपको राइड ऑफर करते हैं। सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हुए संचालकों द्वारा पर्यटकों को तय ट्रैक पर ही घुमाया जाता है, जिससे किसी भी प्रकार की असुविधा या जोखिम की संभावना नहीं रहती है।निक्की झील और सनसेट पॉइंट के रास्ते का खूबसूरत नजाराजब आप माउंट आबू में इन प्रशिक्षित घोड़ों की पीठ पर बैठकर सैर करते हैं, तो आसपास के नज़ारे और भी ज्यादा मनमोहक लगने लगते हैं। निक्की झील के शांत और नीले पानी के किनारे जब आप घुड़सवारी करते हैं, तो ठंडी हवा के झोंके आपके सफर को यादगार बना देते हैं। इसके अलावा, सनसेट पॉइंट और हनीमून पॉइंट जाने वाले रास्तों पर दोनों तरफ फैले विशाल पेड़ों और पहाड़ियों के बीच से गुजरना अपने आप में एक अलग ही रोमांच पैदा करता है। पैदल चलने से थक जाने वाले पर्यटकों और बुजुर्गों या बच्चों के लिए यह सवारी एक बेहतरीन विकल्प साबित होती है, जिससे वे बिना थके माउंट आबू के खूबसूरत कोनों का दीदार कर लेते हैं।माउंट आबू ट्रिप के दौरान सुरक्षा और अन्य जरूरी सावधानियांकिसी भी हिल स्टेशन पर इस तरह की एडवेंचर या फन एक्टिविटी करते वक्त कुछ बुनियादी सावधानियां बरतना बहुत जरूरी होता है। माउंट आबू में घुड़सवारी का आनंद लेते समय हमेशा अधिकृत और प्रशिक्षित संचालकों के साथ ही जाएं, जो पशुओं की देखभाल और सुरक्षा के मानकों का पालन करते हैं। बच्चों को घोड़े पर बैठाते वक्त उनके माता-पिता या संचालक का साथ होना आवश्यक है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। इसके अलावा, तय किए गए मार्ग पर ही सवारी करें और वन्यजीव क्षेत्रों या प्रतिबंधित जंगलों की ओर जाने से बचें। स्थानीय प्रशासन भी इस बात की लगातार निगरानी रखता है कि पर्यटकों से तय शुल्क से ज्यादा पैसे न वसूले जाएं और सुरक्षा के सभी नियमों का कड़ाई से पालन हो।पॉकेट-फ्रेंडली बजट में यादगार बनाएं अपनी छुट्टियांआज के समय में जब परिवार के साथ किसी हिल स्टेशन पर घूमना काफी महंगा सौदा साबित होता है, ऐसे में मात्र 150 रुपये में मिलने वाली यह घुड़सवारी की सुविधा आपके बजट को बिल्कुल भी प्रभावित नहीं करती है। माउंट आबू की इस यात्रा में बोटिंग, ट्रैकिंग और स्ट्रीट शॉपिंग के साथ-साथ यह छोटी सी हॉर्स राइड आपके सफर में चार चांद लगा देती है। खूबसूरत वादियां, सुहाना मौसम और पॉकेट-फ्रेंडली एक्टिविटीज का यह मेल माउंट आबू को हर वर्ग के सैलानियों के लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन बनाता है। अपनी अगली छुट्टियों का बैग पैक करें और माउंट आबू पहुंचकर इस रोमांचक घुड़सवारी का अनुभव अपने परिवार और दोस्तों के साथ जरूर साझा करें।
यूपी में कांग्रेस-सपा के बीच सीट बंटवारे पर मंथन तेज, प्रियंका गांधी ने बुलाई बैठक
उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों के लिए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर मंथन तेज हो गया है. दिल्ली में प्रियंका गांधी की मौजूदगी में हुई बैठक में 125 से 140 सीटों का दावा पेश करने की रणनीति बनी है. दोनों पार्टियां गठबंधन के तहत चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में हैं.
उत्तर प्रदेश के दो बड़े शहरों में विजयादशमी का भव्य उल्लास
असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक पावन पर्व विजयादशमी यानी दशहरा देश भर में बेहद धूमधाम के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगरी कानपुर में दशहरे के मेलों और रावण दहन की रौनक हमेशा से ही अनूठी और ऐतिहासिक रही है। जैसे-जैसे दशमी का दिन नजदीक आता है, लोगों के मन में उत्साह और मेलों को घूमने की उत्सुकता चरम पर पहुंच जाती है। यदि आप भी इस बार लखनऊ या कानपुर में परिवार के साथ रावण दहन और भव्य आतिशबाजी का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो घर से निकलने से पहले शहर के प्रमुख मेलों, मैदानों और पुतला दहन के सही समय की जानकारी होना बेहद जरूरी है ताकि आपको अंतिम समय में ट्रैफिक या भीड़भाड़ के कारण किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।नवाबों के शहर लखनऊ में रावण दहन के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलसांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के शहर लखनऊ में दशहरे के पावन अवसर पर कई स्थानों पर विशालकाय पुतले जलाए जाते हैं, जिन्हें देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं। इनमें सबसे पहला और ऐतिहासिक नाम ऐशबाग रामलीला मैदान का आता है, जहां सदियों पुरानी परंपरा के तहत देश के सबसे बड़े और भव्य पुतलों का दहन किया जाता है। ऐशबाग की रामलीला और रावण दहन की धूम देखने लायक होती है, जहां शाम को लगभग 5:30 बजे से 6:30 बजे के बीच रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले धू-धू कर जल उठते हैं। इसके अलावा लखनऊ के मानसरोवर पार्क (इको गार्डन के पास), महानगर रामलीला मैदान, निराला नगर, और आशियाना स्थित एलडीए स्टेडियम में भी बड़े स्तर पर मेलों और पुतला दहन के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।कानपुर के परेड ग्राउंड और रामलीला मैदानों में उमड़ता है भारी जनसैलाबदूसरी ओर, उत्तर प्रदेश के मैनचेस्टर कहे जाने वाले कानपुर महानगर में भी दशहरे का पर्व पूरे जोश और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। कानपुर में रावण दहन के मुख्य आकर्षणों में परेड ग्राउंड का ऐतिहासिक मेला सबसे ऊपर आता है, जहां हज़ारों की संख्या में लोग परिवार सहित पहुंचते हैं। परेड ग्राउंड के अलावा किदवई नगर, शास्त्री नगर, बर्रा, और पनकी क्षेत्र के बड़े मैदानों में भी रावण दहन के भव्य कार्यक्रम तय किए गए हैं। कानपुर में रावण दहन का मुख्य समय शाम को सूर्यास्त के ठीक बाद यानी लगभग 6:00 बजे से 7:00 बजे के बीच का होता है, जब पारंपरिक मंत्रोच्चार और आतिशबाजी के बीच रावण के पुतले का अंत किया जाता है। स्थानीय समितियों द्वारा इन मैदानों में सुरक्षा और प्रकाश व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जाते हैं।ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा के कड़े इंतजामों का रखना होगा ध्यानलखनऊ और कानपुर जैसे महानगरों में दशहरे के दिन उमड़ने वाली भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहता है। दशहरा मेलों के आसपास के मुख्य मार्गों को शाम के वक्त नो-विकल जोन घोषित कर दिया जाता है और वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की जाती है। प्रशासन की ओर से आम जनता से बार-बार अपील की जाती है कि वे अपने निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें या फिर तय की गई पार्किंग में ही वाहन खड़ा करें। इसके अलावा, छोटे बच्चों के साथ मेला देखने आने वाले अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों में उनका विशेष ध्यान रखें ताकि किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।मेलों की अनूठी संस्कृति और खान-पान का चस्कादशहरे के मेलों की बात हो और वहां मिलने वाली पारंपरिक चीजों और खान-पान का जिक्र न हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। लखनऊ के ऐशबाग मैदान के बाहर मिलने वाली चाट-पकौड़ी, गुझिया, और कानपुर के मेलों की खास ठिठोली और रौनक बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के चेहरों पर मुस्कान ले आती है। मेलों में सजी सजी-धजी दुकानें, बच्चों के खिलौने, और रावण दहन से पहले होने वाली आतिशबाजी का नजारा इस त्योहार को और अधिक यादगार बना देता है। लोग आपस में गले मिलकर विजयादशमी की बधाइयां देते हैं और बुराई पर अच्छाई की इस जीत के पर्व को मिलकर सेलिब्रेट करते हैं।समय से पहुंचें और सपरिवार लें इस भव्य उत्सव का आनंदयदि आपने अभी तक यह तय नहीं किया है कि इस बार रावण दहन देखने के लिए किस मैदान पर जाना है, तो अपनी सुविधानुसार नजदीकी स्थल का चुनाव कर लें। लखनऊ के ऐशबाग या कानपुर के परेड ग्राउंड जैसे मुख्य आकर्षणों पर शाम ढलते ही पैर रखने की जगह नहीं बचती है, इसलिए बेहतर यही होगा कि आप तय समय से थोड़ा पहले ही अपने घर से निकलें। प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें, ट्रैफिक नियमों का सम्मान करें और अपने परिवार व दोस्तों के साथ इस ऐतिहासिक पर्व का भरपूर आनंद उठाएं। रावण दहन का यह पावन उत्सव हमारे जीवन से अहंकार और बुराइयों को मिटाने का संदेश देता है, आइए इस विजयादशमी पर हम सब मिलकर एक सकारात्मक समाज के निर्माण का संकल्प लें।
गंदगी और चिकनाई भरा पोछा कैसे साफ करें? पोछे साफ करने के लिए अपनाएं ये आसान घरेलू तरीके
घर में सफाई के लिए पोछा रोज लगाते हैं, लेकिन पोछा में चिकनाई और गंदगी जमा हो जाती है. यहां जानिए गंदा और चिकनाई भरा पोछा कैसे साफ करें.
'तो क्या यहां भी कोर्ट में आग लगा देनी चाहिए...', संजय राउत को केंद्रीय मंत्री ने फटकारा
संजय राउत अल्बानिया की सुप्रीम कोर्ट लेकर दिए गए अपने पुराने बयान पर कायम दिख रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत का प्रदर्शन देश हित में है. संजय राउत ने कहा था कि लोगों ने अल्बानिया में सुप्रीम कोर्ट को जला दिया क्योंकि वहां कोर्ट करप्ट पीएम की मदद कर रहा था. भारत को इस पर ध्यान देना चाहिए.
केरल की हरी-भरी वादियों में बसा खूबसूरत हिल स्टेशन मुन्नार
भागदौड़ भरी जिंदगी, ट्रैफिक का शोर और काम का अंतहीन दबाव जब इंसान को मानसिक रूप से थका देता है, तब किसी ऐसी शांत और हसीन जगह की तलाश शुरू होती है जो रूह को सुकून दे सके। दक्षिण भारत के खूबसूरत राज्य केरल में स्थित मुन्नार (Munnar) एक ऐसा ही जादुई हिल स्टेशन है, जहां पहुंचते ही शहर की सारी भागदौड़ और चिंताएं पीछे छूट जाती हैं। पश्चिमी घाट की पहाड़ियों के बीच बादलों की चादर ओढ़े चाय के विशाल बागान, कल-कल बहते झरने, ठंडी हवाएं और चारों तरफ फैली हरियाली पर्यटकों का मन मोह लेती है। यदि आप भी आने वाले दिनों में किसी बेहतरीन ट्रिप की योजना बना रहे हैं, तो मुन्नार की यह वादियां आपके लिए किसी जन्नत से कम साबित नहीं होंगी।मुन्नार घूमने का सबसे सही समय कौन सा है?किसी भी ट्रिप को यादगार बनाने के लिए सही समय का चुनाव करना बहुत जरूरी होता है। मुन्नार एक ऐसा पर्यटन स्थल है जहां सालभर मौसम सुहाना रहता है, लेकिन अक्टूबर से मार्च के महीनों के बीच यहां का सफर सबसे शानदार माना जाता है। इस दौरान मानसून की ठंडक के बाद प्रकृति अपने सबसे खूबसूरत और निखरे हुए रूप में नजर आती है। सर्दियों के मौसम में यहां का तापमान काफी सुहाना होता है और सुबह के वक्त कोहरे व बादलों के बीच चाय के बागानों का नजारा देखने लायक होता है। गर्मियों के दिनों में भी देश के मैदानी इलाकों की चिलचिलाती धूप से राहत पाने के लिए पर्यटक बड़ी संख्या में यहां का रुख करते हैं।चाय के अनंत बागान और एराविकुलम नेशनल पार्क के मुख्य आकर्षणमुन्नार की पहचान ही वहां दूर-दूर तक फैले हरे-भरे टी-गार्डन (Tea Gardens) से है। शहर की सीमा में प्रवेश करते ही ऐसा महसूस होता है कि प्रकृति ने धरती पर हरी मखमली चादर बिछा दी है। यहां टाटा टी म्यूजियम में जाकर आप चाय की पत्तियों के इतिहास और उनके बनने की पूरी प्रक्रिया को बेहद करीब से देख और समझ सकते हैं। इसके अलावा, मुन्नार का प्रसिद्ध 'एराविकुलम नेशनल पार्क' (Eravikulam National Park) वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक मुख्य आकर्षण का केंद्र है। यहां दुर्लभ प्रजाति के नीलगिरी तहर (Nilgiri Tahr) और अनगिनत रंग-बिरंगे पक्षी देखने को मिलते हैं। पार्क के ऊंचे शिखरों से चारों तरफ फैली पहाड़ियों का पैनोरमिक व्यू सैलानियों का दिल जीत लेता है।मट्टुपेट्टी बांध और अनामुडी चोटी की रोमांचक सैरमुन्नार से कुछ ही दूरी पर स्थित मट्टुपेट्टी बांध (Mattupetty Dam) एक लोकप्रिय पिकनिक स्पॉट है। शांत और नीले पानी के जलाशय के चारों तरफ घने जंगल और चाय के बागान इस जगह की खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं। यहां पर्यटक बोटिंग का आनंद ले सकते हैं और शांत वातावरण में कुछ बेहतरीन पल बिता सकते हैं। अगर आपको ट्रैकिंग और एडवेंचर का शौक है, तो दक्षिण भारत की सबसे ऊंची चोटी 'अनामुडी पीक' (Anamudi Peak) की ट्रैकिंग आपके लिए एक रोमांचक अनुभव साबित होगी। बादलों को छूती इस चोटी से आसपास की घाटियों का नजारा बेहद अद्भुत और अविस्मरणीय होता है।अनाईमुडी शोला और अट्टुकल वॉटरफॉल का जादुई सौंदर्यप्रकृति प्रेमियों के लिए मुन्नार के झरने और शोला वन किसी खजाने से कम नहीं हैं। मुन्नार के रास्ते में पड़ने वाला अट्टुकल वॉटरफॉल (Attukal Waterfalls) ऊंची चट्टानों से गिरते पानी के साथ अपनी खूबसूरती बिखेरता है, जहां पर्यटक तसल्ली से बैठकर प्रकृति के संगीत का आनंद लेते हैं। इसके साथ ही, स्थानीय मसालों के बागानों (Spice Plantations) का दौरा करना भी इस यात्रा का एक अहम हिस्सा है। यहां आप इलायची, काली मिर्च, लौंग और विभिन्न औषधीय पौधों की महक के बीच घूम सकते हैं और स्थानीय मसालों की खरीदारी भी कर सकते हैं। केरल के पारंपरिक व्यंजनों और मुन्नार की खास फिल्टर कॉफी का स्वाद इस ट्रिप को और भी जायकेदार बना देता है।मुन्नार ट्रिप के लिए परफेक्ट 3 दिन का ट्रैवल प्लानयदि आप मुन्नार घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो कम से कम 3 से 4 दिनों का समय निकालकर आएं। पहले दिन आप मुन्नार पहुंचकर स्थानीय चाय बागानों, टी म्यूजियम और शहर के पास के बाजारों में घूम सकते हैं। दूसरे दिन सुबह जल्दी उठकर एराविकुलम नेशनल पार्क और मट्टुपेट्टी डैम की सैर करें, और शाम को इको पॉइंट पर सनसेट का लुत्फ उठाएं। तीसरे दिन आप अनामुडी चोटी या पास के खूबसूरत अट्टुकल और लककम झरनों की ट्रैकिंग के लिए जा सकते हैं। कोच्चि या मदुरै एयरपोर्ट से टैक्सी या बस के जरिए आसानी से इस खूबसूरत हिल स्टेशन तक पहुंचा जा सकता है। अपनी अगली छुट्टियों में मुन्नार की इन हसीन वादियों का प्लान बनाएं और शहरी जीवन की थकान को अलविदा कहकर प्रकृति के आंचल में सुकून के कुछ पल बिताएं।
क्या आज रात 12 बजे के बाद होगा रावण दहन? मंगलवार को दहन करना शुभ या अशुभ, पंडित से जानिए सही समय
Ravan Dahan 2026 Timing: आचार्य मदनमोहन ने बताया कि मंगलवार को रावण दहन करना उचित नहीं माना जाता है. उन्होंने 20 अक्टूबर की रात 12 बजे के बाद यानी 21 अक्टूबर की शुरुआत में दहन करने की सलाह दी है.
फ्रेशर्स इन पदों से शुरू कर सकते हैं करियर, जानें कितनी मिलेगी सैलरी?
जॉब मार्केट की हालात दिन पर दिन खराब होती जा रही है. एआई में बढ़ते निवेश की वजह से फ्रेशर्स को भी नौकरी मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है. हालांकि, कई कंपनियां कुछ ऐसे पदों पर हायरिंग करती हैं, जिससे करियर शुरू करने वाले युवा को कुछ स्किस सिखा सकती है.
लखनऊ शिवा शर्मा मौत मामला: आरोपी श्रद्धा दुबे गिरफ्तार, नागपुर से यूपी STF ने पकड़ा
लखनऊ के चर्चित शिवा शर्मा मौत मामले में फरार चल रही मॉडल श्रद्धा दुबे को यूपी एसटीएफ ने नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था.
छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम का अनूठा और भक्तिमय अंदाज
भारतीय राजनीतिक गलियारों में जब भी कोई बड़ा राजनेता या मंत्री किसी सार्वजनिक समारोह या धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होता है, तो अक्सर भारी-भरकम सुरक्षा और प्रोटोकॉल का माहौल देखने को मिलता है। लेकिन छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक अलग ही प्रशासनिक और सांस्कृतिक शैली देखने को मिलती है, जब राज्य के उप मुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) विजय शर्मा ने आम जनता के बीच पहुंचकर एक साधारण श्रद्धालु की तरह दुर्गा पंडाल में शिरकत की। शारदीय नवरात्रि के इस पावन पर्व पर जब वे अचानक एक ग्रामीण इलाके के दुर्गा पंडाल में पहुंचे, तो उन्होंने किसी वीवीआईपी की तरह मंच पर बैठने के बजाय सीधे आम जनता और भजन मंडली के बीच जमीन पर बैठकर माहौल को पूरी तरह से भक्तिमय बना दिया।पंडाल में पहुंचते ही थामा मंजीरा और शुरू कर दिया भजन गायनमिली जानकारी के अनुसार, डिप्टी सीएम विजय शर्मा अपने तयशुदा कार्यक्रमों के दौरान एक स्थानीय दुर्गा पंडाल में माता के दर्शन करने के लिए पहुंचे थे। पंडाल में प्रवेश करते ही उन्होंने सबसे पहले माता रानी के चरणों में शीश झुकाकर प्रदेश की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। इसके बाद जब उनकी नजर वहां बैठी स्थानीय भजन मंडली और कलाकारों पर पड़ी, तो वे खुद को रोक नहीं पाए। प्रोटोकॉल और सुरक्षा के घेरे को पीछे छोड़कर वे सीधे कलाकारों के पास जा बैठे और उनके हाथ से मंजीरा लेकर खुद ताल से ताल मिलाकर भजन गाने लगे। उनकी इस सहजता और सरल स्वभाव को देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें खुली की खुली रह गईं।झूम उठे ग्रामीण और गूंजने लगे माता के जयकारेडिप्टी सीएम विजय शर्मा के हाथ में मंजीरा लेकर ठेठ छत्तीसगढ़ी और पारंपरिक अंदाज में भजन गाने की शैली ने वहां मौजूद भीड़ का दिल जीत लिया। पंडाल में मौजूद महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी उनके इस अनूठे रूप को देखकर मंत्रमुग्ध हो गए। देखते ही देखते पूरा पंडाल माता के जयकारों और भजनों की गूंज से सराबोर हो गया। ग्रामीण जनता के बीच जोश भरते हुए कई लोग अपनी जगह पर खड़े होकर झूमने लगे। राजनेता और जनता के बीच की इस पारदर्शी दूरी को मिटाते हुए जब एक प्रदेश का उप मुख्यमंत्री आम लोगों के साथ इस तरह घुल-मिलकर नाचने और गाने लगा, तो वहां का माहौल किसी बड़े पारिवारिक उत्सव जैसा हो गया।सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है यह वीडियोआज के डिजिटल और सोशल मीडिया के दौर में कोई भी अनूठी घटना पलभर में देश-दुनिया तक पहुंच जाती है। विजय शर्मा के इस भजन गाते हुए और मंजीरा बजाते हुए वीडियो को किसी ने अपने कैमरे में कैद कर लिया और सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। देखते ही देखते यह वीडियो इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर आग की तरह फैल गया। लोग इस वीडियो पर जमकर लाइक और कमेंट कर रहे हैं। अधिकांश यूजर्स का कहना है कि राजनेताओं को अपनी संस्कृति और जमीन से जुड़े रहने का ऐसा ही उदाहरण पेश करना चाहिए, जिससे आम जनता के साथ उनका सीधा जुड़ाव महसूस हो सके।संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव का संदेश देता है यह आयोजनछत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति में पर्व और त्यौहारों का विशेष महत्व रहा है। नवरात्रि के इन नौ दिनों में गांवों से लेकर शहरों तक माता के पंडाल सजते हैं, जहां रातभर जागरण और भजनों का दौर चलता है। ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सत्ता के शीर्ष पर बैठे किसी जनप्रतिनिधि का इस रूप में शामिल होना इस बात का प्रतीक है कि वे अपनी जड़ों और परंपराओं को भूले नहीं हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का भी मानना है कि इस तरह की सहज गतिविधियां नेताओं और जनता के बीच के फासले को कम करती हैं और समाज में एक सकारात्मक संदेश प्रसारित करती हैं।जनता के बीच से निकले नेता की अनूठी शैली बनी चर्चा का विषयविजय शर्मा अपने जन-सरोकार और जमीनी मुलाकातों के लिए पहले से ही जाने जाते रहे हैं। उनका यह अंदाज कोई नया नहीं है, बल्कि वे अक्सर आम जनता के सुख-दुख में इसी तरह बिना किसी तामझाम के शामिल होते हैं। दुर्गा पंडाल में उनका यह भक्तिमय रूप न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इस बात की सराहना कर रहे हैं कि व्यस्त राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच भी कैसे एक नेता अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आस्था के लिए समय निकाल लेता है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सादगी और अपनापन ही किसी जननेता की सबसे बड़ी पूंजी होती है।
ओवैसी ने बढ़ाई सपा की मुश्किल? अखिलेश का आजम दांव!
ओवैसी की रामपुर रैली के बाद अब अखिलेश यादव आजम खान से मिलने जेल पहुंच रहे हैं। क्या AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की यूपी में बढ़ती सक्रियता ने समाजवादी पार्टी की चिंता बढ़ा दी है? या अखिलेश यादव की यह मुलाकात पार्टी के पुराने सियासी रिश्तों को मजबूत करने की कोशिश है?
भारत में रावण के नाम पर बसे हैं दर्जनों गांव, चौंकाने वाले हैं आंकड़े
विजयादशमी के पावन अवसर पर जहां एक तरफ पूरे देश में रावण के पुतले दहन करने की परंपरा निभाई जाती है, वहीं दूसरी तरफ हमारे देश में कुछ ऐसे भी स्थान और गांव मौजूद हैं जिनके नाम सुनकर हर कोई हैरान रह जाता है। हाल ही में जनगणना और भौगोलिक आंकड़ों (vlist.in) के आधार पर सामने आए तथ्यों के अनुसार, पूरे भारत में 'रावण' नाम या उससे मिलते-जुलते नामों वाले कुल 34 गांव और बस्तियां दर्ज हैं। आमतौर पर लोग यही सोचते हैं कि रावण का नाम सुनते ही बुराई का अहसास होता है, लेकिन हमारे देश के कई राज्यों में ऐसे गांव हैं जिनके नाम के साथ गर्व से 'रावण' जुड़ा हुआ है। इन गांवों के नाम और वहां की स्थानीय मान्यताएं इस बात का प्रमाण हैं कि भारत की विविधता कितनी अनूठी और दिलचस्प है।राजस्थान में सबसे ज्यादा, छत्तीसगढ़ और यूपी भी हैं सूची में आगेआंकड़ों के मुताबिक, रावण नाम से जुड़े सबसे ज्यादा गांव और स्थान पश्चिमी राज्य राजस्थान में स्थित हैं। राजस्थान में ऐसे लगभग 10 गांव या क्षेत्र दर्ज हैं, जिनमें रावण गुरारी, केरियां रावण, इसरवास (रावण), बरबरी रावण, बगरू रावण, महेशपुरा रावण, खेरली रावण और देओली रावण जैसे अजीबोगरीब और रोचक नाम शामिल हैं। इस मामले में छत्तीसगढ़ राज्य दूसरे नंबर पर आता है, जहां रावण नाम से जुड़े 7 गांव या स्थान आधिकारिक तौर पर सूचीबद्ध हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश का स्थान आता है, जहां खीरी और ग्रेटर नोएडा के बिसरख जैसे इलाकों समेत कुल 6 ऐसे स्थान दर्ज हैं जिनका संबंध किसी न किसी रूप में लंकापति रावण के इतिहास या कथाओं से जोड़ा जाता है।छत्तीसगढ़ का अनोखा अंदाज: जहां नहीं जलता रावण, बल्कि होती है पूजाछत्तीसगढ़ राज्य में रावण के प्रति लोगों की एक अलग ही सामाजिक और सांस्कृतिक मान्यता देखने को मिलती है। छत्तीसगढ़ के कई गांवों और बस्तियों के बाहरी हिस्से में रावण की पक्की पत्थर या सीमेंट की मूर्तियां बनी हुई हैं, जिन्हें स्थानीय भाषा में 'रावण भाठा' कहा जाता है। दिलचस्प बात यह है कि यहां कई जगहों पर रावण के पुतले को जलाने के बजाय उसकी प्रतिमा के सामने नारियल फोड़ने और उसकी विद्वत्ता की पूजा करने की परंपरा है। जानकारों का मानना है कि दंडकारण्य का क्षेत्र होने के कारण इस इलाके में प्राचीनकाल से ही आदिवासी संस्कृति और रावण के ऐतिहासिक जुड़ाव को अलग नजरिए से देखा जाता है, जहाँ कई लोग उन्हें एक प्रकांड पंडित और शिव भक्त के रूप में सम्मान देते हैं।उत्तर प्रदेश के बिसरख गांव का रहस्य और रावण का ननिहालउत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के पास स्थित बिसरख गांव को लंकापति रावण का जन्मस्थान यानी पैतृक गांव माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार रावण के पिता विश्रवा ऋषि ने इसी भूमि पर तपस्या की थी और यहीं रावण का बचपन बीता था। यही वजह है कि बिसरख गांव के लोग विजयादशमी के पावन पर्व पर उत्सव मनाने या पुतला दहन करने के बजाय शोक व्यक्त करते हैं और भगवान शिव की आराधना करते हैं। इस गांव के लोगों की गहरी मान्यता है कि उनके क्षेत्र के प्रकांड विद्वान पूर्वज का अपमान करना या उनका पुतला जलाना शुभ नहीं होता है, इसलिए यहां दशकों से रावण दहन की परंपरा नहीं निभाई जाती है।देश के अन्य राज्यों में भी बिखरे हैं रावण नाम से जुड़े ठिकानेकेवल राजस्थान, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि भारत के कई अन्य राज्यों के दूरदराज इलाकों में भी इस तरह के नाम वाले गांव मौजूद हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पंजाब में रावण नाम से जुड़े 3 स्थान दर्ज हैं, जबकि बिहार, मध्य प्रदेश (जैसे विदिशा का रावण गांव) और हरियाणा में दो-दो ऐसे स्थान सूची में शामिल हैं। इसके अलावा पहाड़ी राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में भी रावण नाम से जुड़ा एक-एक स्थान प्रशासनिक दस्तावेजों में दर्ज पाया गया है। यह तमाम आंकड़े इस बात को साबित करते हैं कि भारतीय उपमहाद्वीप की लोककथाओं, भूगोल और संस्कृति में पौराणिक पात्रों के नाम किस तरह रचे-बसे हैं।विविधता में एकता और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासतभारत जैसे विशाल देश में गांवों के नाम, भाषा, खानपान और परंपराओं में गजब की विविधता देखने को मिलती है। रावण के नाम पर बसे इन 34 गांवों का वजूद इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है कि हमारी भौगोलिक और ऐतिहासिक पहचान कितनी गहरी और विस्तृत है। चाहे कहीं पर रावण को बुराई का प्रतीक मानकर पुतला फूंका जाता हो या फिर कहीं उन्हें एक ज्ञानी ऋषि के रूप में याद किया जाता हो, यह सभी प्रथाएं हमारी उस साझा संस्कृति का हिस्सा हैं जो सदियों से चली आ रही हैं। इन अनोखे गांवों की कहानी देश-विदेश के लोगों के लिए हमेशा से एक बड़ा आकर्षण और शोध का विषय बनी रही है।
CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने मंगलवार को अपने समर्थकों के लिए एक वीडियो मैसेज जारी किया. इसमें दीपके ने कहा कि दिवाली तक कोई प्रोटेस्ट नहीं होगा.
बिहार की सियासत में गूंजा पुराना फॉर्मूला, प्रशांत किशोर की नई रणनीति
बिहार की राजनीति में रणनीतिकारों और नेताओं के दांव-पेंच हमेशा से चर्चा का विषय रहे हैं। राज्य में इन दिनों चल रहे विधान परिषद (MLC) चुनावों के बीच एक बार फिर से सियासत का पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। जन सुराज के सूत्रधार और राजनीतिक रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर (PK) ने इस चुनाव में एक ऐसा दांव चला है जिसने पुराने राजनीतिक दिग्गजों को भी चौंका दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रशांत किशोर ने आज से करीब 21 साल पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा दिए गए एक मशहूर बयान और राजनीतिक फॉर्मूले को वर्तमान चुनाव में हूबहू उतार दिया है। इस अनोखी रणनीति के तहत मैदान में उतारे गए मजबूत प्रत्याशियों ने पारंपरिक दलों की नींद उड़ा दी है और मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया है।क्या था नीतीश कुमार का वह 21 साल पुराना 'बाघ और बकरी' फॉर्मूला?बात साल 2005 के आसपास की है जब बिहार की राजनीतिक जमीन तेजी से बदल रही थी और सुशासन बाबू के नाम से मशहूर नीतीश कुमार राज्य की सत्ता संभालने की पुरजोर तैयारी कर रहे थे। उस दौर में चुनावी टिकट बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन को लेकर जब यह सवाल उठा कि छोटी या कमजोर पार्टियों और समीकरणों के सामने पार्टी किसे उतारेगी, तब नीतीश कुमार ने एक बेहद चर्चित और तार्किक बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि 'हम बाघ के सामने बकरी नहीं लड़ाएंगे', जिसका सीधा और स्पष्ट मतलब यह था कि किसी भी मजबूत और धुरंधर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी का मुकाबला करने के लिए कमजोर या हल्के उम्मीदवार को मैदान में उतारकर खानापूर्ति नहीं की जाएगी, बल्कि उसके मुकाबले उससे भी अधिक दमदार, सक्षम और जनाधार वाला चेहरा ही उतारा जाएगा ताकि सीधी और कांटे की टक्कर हो सके।MLC चुनाव में जन सुराज ने उतारे एक से बढ़कर एक दिग्गज चेहरेप्रशांत किशोर ने अपनी पार्टी जन सुराज के जरिए बिहार विधान परिषद के इस चुनाव में इसी पुराने और अचूक फॉर्मूले को आधुनिक कलेवर में आजमाया है। हाल ही में संपन्न हुए उपचुनावों और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को साधते हुए पीके ने सभी सीटों पर बेहद सोच-समझकर मजबूत उम्मीदवारों का चयन किया है। टिकट बंटवारे में सामाजिक न्याय और सोशल इंजीनियरिंग का पूरा ध्यान रखते हुए विभिन्न जातियों और समुदायों के प्रभावशाली चेहरों को टिकट दिया गया है। जानकारों का कहना है कि जन सुराज ने किसी भी सीट पर कमजोर खिलाड़ी उतारने के बजाय सीधे मुख्य दलों (जैसे एनडीए और महागठबंधन) के स्थापित और मजबूत क्षत्रपों के सामने अपने तगड़े प्रत्याशियों को खड़ा कर दिया है, जिससे चुनावी मैदान में त्रिकोणीय या आमने-सामने की कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है।पारंपरिक दलों की बढ़ी मुश्किलें, दिग्गजों को झोंकनी पड़ रही ताकतप्रशांत किशोर की इस आक्रामक और नपे-तुले फॉर्मूले वाली रणनीति का असर अब मैदानी स्तर पर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। पहले जिन सीटों को पारंपरिक दल बहुत ही आसान या अपनी सेफ सीट मानकर चल रहे थे, वहां अब उन्हें कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। यही वजह है कि सत्ताधारी दल और विपक्ष दोनों के ही बड़े-बड़े मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को इन चुनावों में अपनी पूरी ताकत झोंकनी पड़ रही है। घर-घर जनसंपर्क और नुक्कड़ सभाओं के जरिए जन सुराज के उम्मीदवार सीधे मतदाताओं के बीच अपनी पैفठ बना रहे हैं। इस स्थिति ने पारंपरिक राजनीतिक दलों की पेशानी पर बल ला दिया है क्योंकि उन्हें अब यह अहसास हो गया है कि इस बार मैदान में कमजोर प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि पूरी तैयारी के साथ उतरी नई ताकत है।सोशल इंजीनियरिंग और मजबूत चेहरों के दम पर मिल रही नई ऊर्जाइस पूरी चुनावी प्रक्रिया में एक और खास बात यह देखने को मिल रही है कि समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े प्रतिष्ठित और पेशेवर लोग भी अब राजनीति की इस नई धारा से जुड़ रहे हैं। बांकीपुर और अन्य जगहों पर मिले अनुभवों के बाद जन सुराज का सांगठनिक ढांचा और अधिक मजबूत होता नजर आ रहा है। पार्टी ने जिस तरह से जातीय समीकरणों को संतुलित करते हुए हर क्षेत्र में दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि प्रशांत किशोर सिर्फ कागजी दावे नहीं कर रहे, बल्कि जमीन पर बहुत ही सोची-समझी चाल चल रहे हैं। 'बाघ के सामने मजबूत प्रतिद्वंद्वी' उतारने की यह नीति आने वाले समय में बिहार की राजनीति के बड़े समीकरणों को किस तरह प्रभावित करेगी, इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।क्या चुनावी नतीजों में बदलेगा बिहार का राजनीतिक समीकरण?बिहार विधान परिषद के इन चुनावों के नतीजे चाहे जो भी हों, लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं है कि प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार के पुराने और आजमाए हुए फॉर्मूले को नए सिरे से जीवंत करके मुख्यधारा की राजनीति में खलबली जरूर मचा दी है। जनता के बीच जाकर पारंपरिक दलों की कमियों को उजागर करना और मजबूत विकल्पों के साथ जनता के सामने खड़ा होना, इस बात का संकेत देता है कि आने वाले दिनों में बिहार की राजनीतिक लड़ाई अब उतनी आसान नहीं रहने वाली जितनी पहले हुआ करती थी। फिलहाल सभी की नजरें मतदान और आने वाले परिणामों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि क्या यह नया प्रयोग वाकई में पारंपरिक क्षत्रपों के किले को ढहाने में कामयाब हो पाता है या नहीं।
बिहार विधान परिषद चुनाव के बीच जेडीयू में सियासी घमासान और तीखी बयानबाजी
बिहार की राजनीति में इन दिनों बयानों के तीर और सियासी हलचल चरम पर है। राज्य के बहुचर्चित विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर राजनीतिक पारा पहले से ही हाई था, लेकिन अब इस गर्माहट में एक और नया और तीखा अध्याय जुड़ गया है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वरिष्ठ नेता और पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी के उम्मीदवार सह मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार की अचानक तबीयत खराब हो जाने के बाद उन्हें राजधानी पटना के एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है। लेकिन उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर सामने आते ही पार्टी के भीतर और बाहर जुबानी जंग तेज हो गई है, खासकर मोकामा के बागी विधायक अनंत सिंह के एक तंज ने इस पूरे घटनाक्रम को और अधिक हवा दे दी है।अचानक बिगड़ी नीरज कुमार की सेहत, मेदांता अस्पताल में चल रहा इलाजमिली जानकारी के मुताबिक, एमएलसी नीरज कुमार को दिल से जुड़ी परेशानी (हार्ट इश्यू) के चलते अचानक सोमवार देर रात अस्पताल ले जाया गया। चूंकि राज्य में आगामी 23 अक्टूबर को विधान परिषद की सीटों के लिए मतदान होना है, ऐसे महत्वपूर्ण और नाजुक वक्त पर उम्मीदवार की तबीयत बिगड़ने से उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं की चिंता काफी बढ़ गई है। चिकित्सकीय सूत्रों के अनुसार, वे पहले से ही हृदय संबंधी समस्याओं से जूझते रहे हैं। डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज किया जा रहा है, और राजनीतिक हलकों में हर कोई उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है। हालांकि, इस स्वास्थ्य संकट के बीच उनके राजनीतिक विरोधियों, विशेषकर पार्टी के भीतर से ही उठ रहे बागी तेवरों ने इस मामले को तूल दे दिया है।बागी विधायक अनंत सिंह का तीखा तंज, कहा- पुरानी है आदतजेडीयू एमएलसी के अस्पताल में भर्ती होने की खबर जैसे ही सार्वजनिक हुई, वैसे ही अपने बेबाक और कड़े बयानों के लिए जाने जाने वाले मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने एक तीखा और सियासी तंज कस दिया। मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान अनंत सिंह ने बिना किसी लाग-लपेट के कहा कि यह कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह उनकी पुरानी आदत है। अनंत सिंह ने तंज कसते हुए यह तक कह दिया कि जब-जब चुनाव के दौरान बूथ पर पैसे भेजने या खर्च उठाने की बारी आती है, तब-तब इस तरह की तबीयत खराब होने का नाटक शुरू हो जाता है और वे अस्पताल पहुंच जाते हैं। उनके इस बयान ने बिहार के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है और जेडीयू के भीतर चल रही अंदरूनी कलह एक बार फिर खुलकर सड़क पर आ गई है।दोनों नेताओं के बीच क्यों छिड़ी है लंबी राजनीतिक जंग?अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच का यह छत्तीस का आंकड़ा कोई नया नहीं है। पिछले कुछ समय से दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग लगातार तीखी होती जा रही है। आगामी एमएलसी चुनाव में भी यह आपसी कलह खुलकर सामने आ चुकी है, जहां मोकामा विधायक अनंत सिंह पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी नीरज कुमार के समर्थन के बजाय जन सुराज समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार करते नजर आए हैं। हाल ही में चुनाव प्रचार के दौरान दोनों तरफ से एक-दूसरे पर तीखे हमले बोले गए थे। नीरज कुमार ने जहां खुले मंच से अनुशासनहीनता और विरोधियों को आड़े हाथों लिया था, वहीं अनंत सिंह ने भी साफ कर दिया था कि वे अपनी शर्तों पर राजनीति करते हैं और पार्टी के भीतर हर फैसले से इत्तेफाक नहीं रखते।चुनाव से ठीक पहले जेडीयू की बढ़ी मुश्किलें और प्रशासनिक सख्तीएक तरफ जहां पार्टी के अपने ही विधायक और बागी तेवर चुनाव के वक्त मुश्किलें खड़े कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है। आचार संहिता के उल्लंघन और विधि-व्यवस्था से जुड़े मामलों को लेकर हाल ही में पुलिस प्रशासन ने कुछ सख्त कदम भी उठाए हैं। ऐसे माहौल में पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार का अस्पताल के आईसीयू में भर्ती होना और उस पर विरोधी खेमे के नेता का इस तरह का तंज कसना जेडीयू के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस अंदरूनी कलह और बयानबाजी का असर आने वाले मतदान पर कितना पड़ेगा, यह तो चुनाव के नतीजे ही तय करेंगे, फिलहाल यह घटना पूरे राज्य में चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बन गई है।
कांग्रेस ने कथित तौर पर उत्तर प्रदेश विधानसभा की उन सीटों की एक सूची तैयार की है, जिन पर वह आगामी चुनावों में चुनाव लड़ना चाहती है। पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा खुद इस पूरी प्रक्रिया पर नज़र रख रही हैं। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच गठबंधन की संभावनाओं पर चर्चा चल रही है। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या दोनों पार्टियां सीटों के बंटवारे पर सहमत हो पाएंगी। दोनों ही दल साथ आने के इच्छुक हैं, फिर भी बातचीत का दौर चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कांग्रेस काफी बड़ी संख्या में सीटों पर अपना दावा पेश करने की तैयारी कर रही है, जबकि SP प्रमुख अखिलेश यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि गठबंधन में सीटों का बंटवारा इस आधार पर होना चाहिए कि चुनाव जीतने की संभावना सबसे ज़्यादा कहाँ है। इसे भी पढ़ें: Party Workers की गिरफ्तारी पर भड़के Akhilesh Yadav, BJP पर लगाया प्रशासन के Misuse का बड़ा आरोप कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, प्रियंका ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के लिए कांग्रेस प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष और कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष इमरान मसूद के साथ एक बैठक की। उन्होंने बताया कि इस बैठक में उन विधानसभा क्षेत्रों की पहचान करने पर चर्चा हुई, जहां कांग्रेस को लगता है कि उसकी स्थिति मजबूत है। सूत्रों ने बताया कि पार्टी ने उन सीटों की सूची को अंतिम रूप दे दिया है, जिन पर वह चुनाव लड़ना चाहती है। प्रियंका पूरे राज्य में कांग्रेस की चुनावी संभावनाओं का आकलन करने के लिए पार्टी नेताओं के साथ लगातार बातचीत भी कर रही हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस 150 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है, हालांकि सीटों की अंतिम संख्या समाजवादी पार्टी के साथ होने वाली बातचीत पर निर्भर करेगी। आने वाले दिनों में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी के साथ सीट-बंटवारे पर बातचीत करने के लिए एक टीम गठित कर सकती है। प्रस्तावित योजना के अनुसार, दोनों पार्टियां सबसे पहले उन निर्वाचन क्षेत्रों की सूची तैयार करेंगी और एक-दूसरे के साथ साझा करेंगी, जहां से वे चुनाव लड़ना चाहती हैं। इसके बाद, वे आमने-सामने बैठकर अपने-अपने दावों पर चर्चा करेंगी और एक ऐसी व्यवस्था बनाने की कोशिश करेंगी जो दोनों को मंजूर हो। यह बातचीत विपक्षी गठबंधन के लिए एक बड़ी परीक्षा साबित हो सकती है, क्योंकि कांग्रेस ज्यादा सीटें चाहती है, जबकि समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में अपना दबदबा बनाए रखना चाहती है। इसे भी पढ़ें: Albania Violence पर Sanjay Raut का विवादित बयान, BJP बोली- लोकतंत्र को खतरे में डाल रहा विपक्ष हालाँकि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी मिलकर चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं, लेकिन सीटों का बंटवारा एक पेचीदा मुद्दा बना हुआ है। कांग्रेस राज्य में अपनी मौजूदगी को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाना चाहती है, जबकि अखिलेश यादव ने प्रस्ताव दिया है कि गठबंधन में सीटों का बंटवारा चुनावी ताकत के आधार पर होना चाहिए। सपा प्रमुख ने हाल ही में कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन तो होगा, लेकिन सीटों का बंटवारा जीत की संभावनाओं के आधार पर तय किया जाना चाहिए। उनके सुझाए गए फॉर्मूले के अनुसार, जिस पार्टी या उम्मीदवार के जीतने की संभावना ज्यादा हो, उस सीट पर पहला दावा उसी का होना चाहिए।
Siddharth Khera भगोड़ा घोषित, 400 करोड़ के Maritime फ्रॉड में दिल्ली कोर्ट का बड़ा आदेश
दिल्ली की एक अदालत ने कथित 400 करोड़ रुपये के सीगल मैरीटाइम एजेंसीज प्राइवेट लिमिटेड धोखाधड़ी मामले में सिद्धार्थ खेड़ा को भगोड़ा घोषित कर दिया है और पुलिस को उनके खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) दीपाक्षी राणा ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 82 के तहत 30 दिनों की कार्यवाही की अवधि बीत जाने के बाद भी सिद्धार्थ खेड़ा अदालत में पेश नहीं हुए। अदालत ने 30 सितंबर के अपने आदेश में कहा, ‘‘इन परिस्थितियों में आरोपी सिद्धार्थ खेड़ा को इस मामले में भगोड़ा घोषित किया जाता है। संबंधित थाने के थाना प्रभारी (एसएचओ) को आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया जाता है।’’यह घटनाक्रम उच्चतम न्यायालय द्वारा जांच एजेंसी को सिद्धार्थ खेड़ा के प्रत्यर्पण के अनुरोध के लिए कूटनीतिक माध्यमों का सहारा लेने की अनुमति दिए जाने के एक साल बाद सामने आया है। उच्चतम न्यायालय ने 18 सितंबर, 2025 के अपने आदेश में कहा था कि जांच एजेंसी ‘‘मुख्य आरोपी सिद्धार्थ खेड़ा के प्रत्यर्पण का अनुरोध करने के लिए कूटनीतिक माध्यमों का सहारा ले सकती है।’’उच्चतम न्यायालय ने जांचकर्ताओं को इस मामले के अन्य आरोपियों से अतिरिक्त दस्तावेज प्राप्त करने और जांच में उनका सहयोग लेने की अनुमति भी दी थी। आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने जनवरी 2022 में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। इनमें धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराएं शामिल थीं। आरोपों के अनुसार सिद्धार्थ खेड़ा और उनके पिता अजय खेड़ा ने सीगल की व्यावसायिक गतिविधियों और उससे होने वाले भुगतानों को एज्योर इंटरनेशनल एलएलसी तथा उससे जुड़ी एक अन्य कंपनी की ओर स्थानांतरित कर दिया था। सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के पूर्व कार्यकारी निदेशक अजय खेड़ा को 22 सितंबर, 2022 को गिरफ्तार किया गया था और उसी वर्ष दिसंबर में उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था। दिल्ली उच्च न्यायालय ने अप्रैल 2023 में उन्हें जमानत दे दी थी।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का धार्मिक दौरा और विकास कार्यों का निरीक्षण
बिहार की राजनीति और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपनी धार्मिक आस्था और प्रशासनिक प्रतिबद्धता का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए विभिन्न ऐतिहासिक दुर्गा मंदिरों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले प्रसिद्ध शक्तिपीठों में शुमार तेलडीहा और असरगंज के दुर्गा मंदिरों में पहुंचकर मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और राज्य की सुख-शांति तथा समृद्धि की कामना की। मंदिरों में दर्शन और पूजन के तुरंत बाद उन्होंने बांका और मुंगेर सीमा क्षेत्र से गुजरने वाली बदुआ नदी के तट पर चल रहे महत्वकांक्षी रिवर फ्रंट विकास परियोजना का भी स्थलीय निरीक्षण किया। उनके इस दौरे से स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला है।ऐतिहासिक तेलडीहा दुर्गा मंदिर में टेका मत्था, मांगी राज्य की खुशहालीमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सबसे पहले बांका जिले के ऐतिहासिक और बहुचर्चित तेलडीहा दुर्गा मंदिर पहुंचे। यह मंदिर न सिर्फ स्थानीय बल्कि दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी आस्था का केंद्र माना जाता है। मंदिर परिसर में पहुंचते ही पुजारियों और स्थानीय प्रबंधन समिति ने उनका भव्य स्वागत किया। पारंपरिक मंत्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री ने मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष शीश झुकाया और माल्यार्पण कर विशेष पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने माता से प्रार्थना की कि बिहार का हर नागरिक स्वस्थ रहे, राज्य में चहुंमुखी विकास हो और समाज में आपसी भाईचारा हमेशा बना रहे। पूजा के पश्चात उन्होंने मंदिर परिसर में मौजूद आम जनता और श्रद्धालुओं से भी मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।बदुआ नदी रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट का लिया जायजा, अधिकारियों को दिए निर्देशपूजा-पाठ के कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सीधे बदुआ नदी के तट पर पहुंचे, जहां बहुप्रतीक्षित 'बदुआ नदी रिवर फ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट' का कार्य चल रहा है। ज्ञात हो कि इस परियोजना का उद्देश्य न केवल नदी के तटों का सौंदर्यीकरण करना है, बल्कि ऐतिहासिक तेलडीहा मंदिर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद जल संसाधन विभाग और स्थानीय जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लंबी समीक्षा बैठक की। उन्होंने चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की बारीकी से जांच की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि तय समयसीमा के भीतर सभी कार्यों को पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए ताकि बाढ़ के समय तटवर्ती गांवों की सुरक्षा भी पुख्ता हो सके।असरगंज के दुर्गा मंदिर में भी की विशेष पूजा, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोरतेलडीहा के बाद मुख्यमंत्री ने असरगंज स्थित प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर का भी दौरा किया और वहां पहुंचकर मां भगवती की आराधना की। इस दौरान मीडिया और स्थानीय गणमान्य लोगों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार सरकार राज्य के सभी धार्मिक और पौराणिक स्थलों के विकास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। सरकार का मुख्य उद्देश्य धार्मिक पर्यटन (Religious Tourism) को बढ़ावा देना है ताकि अधिक से अधिक सैलानी बिहार की समृद्ध संस्कृति से रूबरू हो सकें और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें। उन्होंने कहा कि प्राचीन धरोहरों का संरक्षण करना हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी है और सरकार इसके लिए लगातार बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है।स्थानीय जनता और कार्यकर्ताओं में दिखा भारी उत्साहमुख्यमंत्री के इस औचक और महत्वपूर्ण दौरे की भनक लगते ही मंदिर परिसरों और सड़क मार्ग के दोनों ओर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय युवाओं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। लोगों ने बदुआ नदी रिवर फ्रंट के निर्माण कार्य को लेकर सरकार के इस कदम की भूरी-भूरी प्रशंसा की। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस रिवर फ्रंट के बन जाने से न केवल क्षेत्र का सौंदर्यीकरण होगा, बल्कि बाढ़ की विभीषिका से भी स्थाई राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को गति देने की दिशा में एक बड़ा और मील का पत्थर साबित होता नजर आ रहा है।
दिल्ली के नाले में उतरकर चलती दिखी विदेशी महिला, NH-48 पर रुके लोग, वीडियो हुआ वायरल
वायरल वीडियो में महिला नाले के भीतर काफी दूरी तक आगे बढ़ती नजर आती है. सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही के बीच उसका इस तरह नाले के अंदर चलना लोगों का ध्यान खींच रहा है.
राजस्थान में विजयादशमी पर रावण दहन का उल्लास और परंपरा
सनातन संस्कृति के सबसे बड़े और प्रमुख पर्वों में से एक विजयादशमी यानी दशहरा देश भर में बेहद धूमधाम के साथ मनाया जाता है। बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत के प्रतीक इस पावन पर्व पर हर साल की तरह इस बार भी राजस्थान के कोने-कोने में भव्य रावण दहन के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। रेगिस्तानी संस्कृति और ऐतिहासिक रजवाड़ों की धरती राजस्थान में दशहरे का उत्साह हमेशा से ही अनूठा और देखने लायक होता है। राज्य के प्रमुख शहरों जैसे जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर में विशालकाय पुतलों के निर्माण और उनके दहन को देखने के लिए लाखों की संख्या में आम लोग सड़कों और मेलों के मैदानों में जुटते हैं। हर कोई यह जानना चाहता है कि उनके शहर में रावण दहन का सही समय क्या रहेगा और किस स्थान पर सबसे भव्य आयोजन देखने को मिलेगा।राजधानी जयपुर में प्रमुख स्थानों पर रावण दहन का समयगुलाबी नगरी जयपुर में दशहरे के पर्व पर कई बड़े और ऐतिहासिक मैदानों में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के ऊंचे पुतले जलाए जाते हैं। जयपुर के आदर्श नगर स्थित दशहरा मैदान, विद्याधर नगर स्टेडियम, मानसरोवर और हवा सड़क मैदान पर हर साल की तरह इस बार भी विशाल मेलों का आयोजन किया गया है। पंचांग और स्थानीय आयोजन समितियों के अनुसार जयपुर में रावण दहन का मुख्य मुहूर्त शाम को लगभग 5:30 बजे से 7:30 बजे के बीच का तय किया गया है। शाम ढलते ही जैसे ही प्रदोष काल शुरू होता है, वैसे ही आतिशबाजी और जय श्रीराम के जयकारों के साथ रावण के पुतले को आग के हवाले किया जाता है। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जयपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा सभी प्रमुख स्थलों पर भारी पुलिस बल और ट्रैफिक डायवर्जन की पुख्ता व्यवस्था की गई है।कोटा का ऐतिहासिक राष्ट्रीय दशहरा मेला और 105 फीट ऊंचा रावणजब भी राजस्थान में दशहरे की बात आती है, तो कोटा के राष्ट्रीय दशहरा मेले का नाम सबसे पहले लिया जाता है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से सैलानी पहुंचते हैं। कोटा के प्रसिद्ध दशहरा मैदान में हर साल की तरह इस बार भी ऐतिहासिक आयोजन हो रहा है, जहां इस साल 105 फीट से अधिक ऊंचे और अत्याधुनिक विशेषताओं से लैस रावण के पुतले का निर्माण किया गया है। कोटा की परंपरा के अनुसार शाम 5 बजे गढ़ पैलेस से श्री लक्ष्मीनारायण जी की भव्य शाही सवारी निकलती है, जो शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए दशहरा मैदान पहुंचती है। शाही सवारी के मैदान में पहुंचने और पारंपरिक पूजन संपन्न होने के बाद ही मुख्य रावण दहन की प्रक्रिया शुरू होती है। यहां रात के वक्त होने वाली भव्य आतिशबाजी देखने लायक होती है, जिसे देखने के लिए लाखों की संख्या में भीड़ उमड़ती है।जोधपुर और उदयपुर में भी दिखती है शाही संस्कृति की झलकअपनी प्राचीन संस्कृति और किलों के लिए मशहूर जोधपुर शहर में भी रावण दहन के आयोजन बेहद भव्य रूप में होते हैं। जोधपुर के रावण चबूतरा मैदान और अन्य चुनिंदा स्थानों पर पुतला दहन देखने के लिए भारी जनसैलाब एकत्र होता है। जोधपुर में भी शाम को प्रदोष काल के दौरान लगभग 6:00 बजे के आसपास रावण दहन के कार्यक्रम शुरू हो जाते हैं। इसी तरह मेवाड़ की ऐतिहासिक नगरी उदयपुर में गांधी ग्राउंड और शहर के अन्य खेल मैदानों पर बुराई के प्रतीक रूप में पुतले फूंके जाते हैं। स्थानीय प्रशासन और नगर निगम द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाते हैं ताकि परिवार के साथ मेला देखने आने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।मेला स्थलों पर सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजामविजयादशमी के मौके पर जुटने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहता है। इसे ध्यान में रखते हुए राजस्थान के सभी प्रमुख जिलों में जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है। यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए मेला स्थलों के आसपास के मार्गों को नो-विकल जोन घोषित किया गया है और वाहनों के लिए की गई पार्किंग व्यवस्था को अलग से तय किया गया है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे समय से पहले पहुंचें, बच्चों का विशेष ध्यान रखें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें ताकि इस पावन पर्व का आनंद बिना किसी बाधा के उठाया जा सके।असत्य पर सत्य की जीत का शाश्वत संदेश देता है यह पर्वअंत में, रावण दहन का यह भव्य उत्सव केवल आतिशबाजी और मेलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमें यह सिखाता है कि अहंकार, बुराई और अधर्म का अंत निश्चित होता है। राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर और परंपराओं के बीच मनाया जाने वाला यह पर्व आपसी भाईचारे और उल्लास का संदेश देता है। चाहे आप जयपुर के मैदानों में हों या कोटा के ऐतिहासिक मेले का हिस्सा बन रहे हों, हर जगह का यह माहौल लोगों के दिलों में एक नया जोश भर देता है। समय पर अपने नजदीकी मैदान पहुंचकर इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनें और विजयादशमी के इस पवित्र पर्व को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाएं।
बांग्लादेशी कपल के 'मृत्युदंड' पर भड़का बांग्लादेश, सऊदी से मांगा जवाब
मक्का की मस्जिद में कथित अनैतिक काम के मामले में दो बांग्लादेशी नागरिकों को फांसी दिए जाने पर बांग्लादेश ने सऊदी अरब से जवाब मांगा है. ढाका ने कहा कि दोनों देशों के बीच सूचना साझा करने में कहीं चूक हुई है या नहीं, इसकी जानकारी ली जा रही है.
अल्बेनिया-फ्रांस में हिंसा पर सियासत तेज, किरीट सोमैया ने संजय राउत पर साधा निशाना
फ्रांस और अल्बेनिया में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों को लेकर भारत में राजनीति शुरू हो गई है. शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत और कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के बयानों पर बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने हमला बोला है. सोमैया ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता विदेशी हिंसा का उदाहरण देकर देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. विदेश में हो रहे इन घटनाक्रमों को लेकर शुरू हुई सियासत पर अब अन्य दलों के रुख का इंतजार है.
'भारत में न रिजीम चेंज हुआ और न कभी...', विजयदशमी पर बोले मोहन भागवत
विजयदशमी पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने फ्रांस और बांग्लादेश की हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में रिजीम चेंज का प्रयास कभी सफल नहीं होगा. उन्होंने कहा कि देश को तोड़ने की कोशिश करने वाली वैश्विक ताकतों का मुकाबला भारत का मजबूत नेतृत्व और युवाओं की देशभक्ति कर रही है. भागवत ने लोकतंत्र में समाधान के लिए आंदोलन करने की बात कही.
'ढोल बाजे' पर मोदी और राहुल समेत विपक्ष का गरबा डांस, देखें सो सॉरी
चुनाव हो या कोई भी सियासी मुद्दा, देश में ऐसे मौके आते ही रहते हैं जब सरकार और विपक्ष के बीच तनातनी देखी जाती है. लेकिन क्या हो जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और राहुल गांधी समेत विपक्षी नेता ढोल बाजे गाने पर सियासी गरबा डांस करते नजर आएं. देखें नवरात्र के मौके पर सो सॉरी की ये गुदगुदाने वाली खास पेशकश.
ट्रेन नंबर 04417 और 04418 हजरत निजामुद्दीन - पानीपत जंक्शन - हजरत निजामुद्दीन मेमू स्पेशल ट्रेनों को विशेष तारीखों के लिए चलाया जा रहा है. यह ट्रेन रोजाना संचालित होगी.
अब मणिपुर हिंसा पर सरकार को घेरने की तैयारी! इंडिया गुट ने की ऑल पार्टी मीटिंग की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री से तुरंत सर्वदलीय बैठक बुलाने और राज्य में शांति बहाली के लिए सामूहिक प्रयास करने का आग्रह किया है।

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