किलर लुक... धांसू माइलेज! Harley की सबसे सस्ती क्रूजर लॉन्च, कीमत है इतनी
Harley-Davidson Sprint 440 को कंपनी ने हीरोमोटो कॉर्प के साथ मिलकर डेवलप किया है. ये बाइक कंपनी के पोर्टफोलियो की सबसे किफायती क्रूजर बाइक होगी. इस बाइक में 440cc का सिंगल-सिलेंडर इंजन दिया गया है. तो आइये देखें कैसी है ये मोटरसाइकिल.
24 की एक्ट्रेस ने पहनी बिकिनी, समंदर किनारे दिखाई बोल्डनेस
अनुष्का सेन ने कभी जुल्फें लहराते हुए तो कभी रेत पर लेटकर पोज दिए. उनकी बोल्ड अदाओं पर फैंस मर मिट रहे हैं.
नेपाल में हवा में टकराए 2 हेलिकॉप्टर, कैमरे में कैद हुआ खौफनाक मंजर, भारतीय नागरिक की मौत
Nepal Helicopter Crash:
ब्रेकअप की अफवाहों पर जिया शंकर ने लगाया विराम, मंगेतर करण के लिए लिखा इमोशनल नोट
अभिनेत्री जिया शंकर ने अपने मंगेतर करण धनक के साथ ब्रेकअप की अफवाहों पर आधिकारिक तौर विराम लगा दिया।
दीपिंदर गोयल ने 52 करोड़ में खरीदा था घर, 3 साल में कीमत 140 करोड़
इस प्रोजेक्ट में प्राइवेट सिनेमा, स्पा, वेलनेस सेंटर, स्विमिंग पूल, जिम और कई अन्य लग्जरी सुविधाएं उपलब्ध हैं, यहां बड़े कारोबारी और स्टार्टअप जगत की कई जानी-मानी हस्तियों ने भी घर खरीदे हैं.
लर्निंग लाइसेंस पर गाड़ी चलाने वाले को भी मिलेगा बीमा क्लेम? हिमाचल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
ड्राइविंग सीखने के दौरान अगर किसी व्यक्ति की गाड़ी से दुर्घटना हो जाए, तो क्या बीमा कंपनी मुआवजा देने से इनकार कर सकती है? क्या लर्निंग लाइसेंस रखने वाले व्यक्ति को कानून की नजर में बिना लाइसेंस वाला चालक माना जाएगा? हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में इन सवालों पर स्थिति स्पष्ट […] यह लेख लर्निंग लाइसेंस पर गाड़ी चलाने वाले को भी मिलेगा बीमा क्लेम? हिमाचल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
आगा रुहुल्लाह मेहदी आज NC से देंगे इस्तीफा? बडगाम रैली में करेंगे ऐलान
जम्मू-कश्मीर में NC सांसद आगा रुहुल्लाह मेहदी आज बडगाम रैली में पार्टी और लोकसभा से इस्तीफे का ऐलान कर सकते हैं. प्रशासन ने रैली के लिए 10 शर्तें रखी हैं. जानें क्या है पूरा मामला.
बर्फ, बैंडेज, पैड, पेन किलर... एयर होस्टेस ने बताया फ्लाइट में क्या मांग सकते हैं?
फ्लाइट में कई बार हमें कुछ ऐसी चीजों की जरूरत पड़ जाती है, जो हमारे पास नहीं होती है. लेकिन, एयर होस्टेस से भी मांगने में झिझक होती है. क्योंकि, हमें नहीं पता होता है कि फ्लाइट में ऐसी सर्विस मिलती है या नहीं. कुछ ऐसी ही चीजों के बारे में एक एयर होस्टेस ने जरूरी जानकारी शेयर की है.
पार्थ का बढ़ता दबदबा या मर्जर प्लान... भुजबल-पटेल जैसे दिग्गज क्यों बेचैन?
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भीतर सांसद पार्थ पवार के बढ़ते राजनीतिक दखल और सांगठनिक नियुक्तियों को लेकर वरिष्ठ नेताओं का असंतोष सतह पर आ गया है. पार्टी के दिग्गज नेताओं की दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात ने महाराष्ट्र की सियासत में हलचल तेज कर दी है.
केवल चुनाव आयोग नहीं करेगा मतदाता को जागरूक, सुप्रीम कोर्ट ने कह दी बड़ी बात
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मतदाता जागरूकता कार्यक्रम चलाने का अधिकार केवल निर्वाचन आयोग के पास नहीं है बल्कि अन्य संगठन भी लोगों को जागरूक कर सकते हैं। कोर्ट ने राजस्थान निर्वाचन को निर्देश जारी किए हैं।
मुरासु को लेकर CM नायडू ने अधिकारियों को किया अलर्ट
गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासु ने बुधवार तड़के आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले में ओंगोल के पास लैंडफॉल शुरू कर दिया.आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और जान का नुकसान न होने देने के निर्देश दिए हैं.
'महिलाएं-बच्चे सुरक्षित नहीं', बांग्लादेश के हालात पर बोलीं शेख हसीना
शेख हसीना ने देश में राजनीतिक उत्पीड़न, महिलाओं की सुरक्षा और कट्टरपंथ के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंता जताई है. हेलसिंकी की आल्टो यूनिवर्सिटी में ऑनलाइन ऑडियो संबोधन के दौरान उन्होंने दावा किया कि अवामी लीग के हजारों नेता और कार्यकर्ता गिरफ्तार किए गए हैं या छिपने को मजबूर हैं.
राहुल गांधी से मिले सिद्धारमैया, स्टिंग वीडियो मामले पर जताई नाराजगी
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राहुल गांधी से मुलाकात की है. उन्होंने कथित स्टिंग वीडियो केस में जारी जांच को लेकर अपनी नाराजगी जताई है. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के नेता फेक वीडियो बनाने में शामिल हैं.
‘ब्राह्मण महिलाएं असुरक्षित, उनका दुष्कर्म होता है'; नेहा बोरा के बयान पर बवाल
AISA यानी ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन की अध्यक्ष नेहा बोरा के कथित वीडियो को लेकर बड़ा बवाल शुरू हो गया है। इस वीडियो में वह दावा कर रही हैं कि ब्राह्मण महिलाएं असुरक्षित हैं और उनके साथ दुष्कर्म होता है।
Gen Z बना F1 चैम्पियन, 5 साल की उम्र में करता था गो-कार्ट
जेन जी अब खेलों की दुनिया में भी अपनी अलग पहचान बना रही है. इटली के किमी एंटोनेली ने महज 20 साल की उम्र में F1 वर्ल्ड चैंपियन बनकर इतिहास रच दिया है. बचपन में गो-कार्ट से शुरू हुआ उनका सफर आज उन्हें दुनिया का सबसे युवा F1 चैंपियन बना चुका है.
वर्ल्ड कप विजेता ग्लेन मैक्सवेल का क्रिकेट से संन्यास
ऑस्ट्रेलिया के विस्फोटक ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है. 2 नवंबर की देर रात उन्होंने अपने फैसले की जानकारी दी. मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 286 इंटरनेशनल मुकाबले खेले हैं.
केशम द्वीप ईरान के लिए कितना अहम? अमेरिका बार-बार क्यों कर रहा हमला, समझें ट्रंप की राजनीतिक मजबूरी
ईरान के केशम द्वीप पर अमेरिकी हमला केवल एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने की कार्रवाई नहीं है। इसके पीछे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण, ईरान की समुद्री युद्ध क्षमता को कमजोर करने और वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव बनाने की रणनीति जुड़ी है। लेकिन इस हमले का एक दूसरा पहलू भी है। अमेरिका में […] यह लेख केशम द्वीप ईरान के लिए कितना अहम? अमेरिका बार-बार क्यों कर रहा हमला, समझें ट्रंप की राजनीतिक मजबूरी सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
IAF को मिलेगा रेस कोर्स एयरफोर्स स्टेशन? राजनाथ से मिले पूर्व IAF चीफ
दिल्ली के रेस कोर्स एयरफोर्स स्टेशन की 40 एकड़ जमीन को लेकर विवाद बढ़ गया है. पूर्व वायु सेना प्रमुख एपी सिंह ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिलकर जमीन पर वायु सेना का नियंत्रण बनाए रखने की मांग की.
इंस्टाग्राम की वजह से हार गया चुनाव, MLC इलेक्शन हारने वाले नेता ने क्यों कहा ऐसा?
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनावों में एमवीए को पांच में से तीन सीट पर जीत मिली। वहीं सत्तारूढ़ महायुति को दो सीटों पर जीत मिली। अब एनसीपी के एक नेता का बयान चर्चा में आ गया है।
टेरर फंडिंग केस में ED का एक्शन, श्रीनगर में 4 ठिकानों पर छापेमारी
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में ED ने टेरर फंडिंग केस में चार ठिकानों पर छापेमारी की है. जांच उमर आदिल डार और उसके सहयोगियों से जुड़े कथित आतंकी फंडिंग नेटवर्क पर केंद्रित है. जानें क्या है पूरा मामला.
बम-बम रहा बाजार, कारों की बिक्री 5 लाख पार! जमकर बिकीं ये कारें
Car Sales October 2026: अक्टूबर में देशभर में कुल 5,00,001 पैसेंजर व्हीकल का रजिस्ट्रेशन हुआ. इसके मुकाबले अक्टूबर 2025 में 5,85,721 गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन दर्ज किया गया था. लेकिन पिछले साल GST छूट ने सेल्स बढ़ने में अहम भूमिका निभाई थी.
होटल ताज का एक मामला काफी चर्चा में है, जहां एक मेहमान ने वेटर को थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद उनसे इस बदतमीजी का बदला लिया गया है।
नहीं पूरी हो पाई है डिग्री? IPU छात्रों को दे रहा आखिरी मौका, शर्तें लागू
गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी ने उन छात्रों को आखिरी मौका देने का ऐलान किया है जो तय समय के अंदर अपनी अंडरग्रेजुएट या पोस्ट ग्रेजुएट पीजी डिग्री पूरी नहीं कर पाए हैं. ऐसे में चलिए जान लेते हैं कि आखिर इस नोटिस में किन-किन बातों का जिक्र है.
चांदी में बड़ी गिरावट, आज झटके में ₹4000 सस्ती, सोना भी बिखरा
Gold-Silver Rate Fall Today: सोना-चांदी फिर से सस्ता हो गया है. सोमवार को आए उछाल के बाद मंगलवार को जैसे ही MCX पर वायदा कारोबार की शुरुआत हुई, 1 किलो चांदी की कीमत टूटकर 1.80 लाख रुपये से नीचे आ गई. सोना का दाम भी धड़ाम हो गया.
रो पड़े हनी सिंह, भतीजे की मौत से टूटे, रोते-बिलखते परिवार से मिले
रैपर हनी सिंह ने अपने भतीजे विदित की मौत पर शोक जताया है. वो जालंधर जाकर विदित के पिता से मिले. दुख की घड़ी में परिवार को हिम्मत और सांत्वना दी.
भारत के झंडे वाले जहाज पर बीच समुद्र में हमला, एक नाविक की मौत; 13 बचाए गए
ओमान के तट के पास भारतीय झंडे वाले मालवाहक जहाज पर हमला हुआ है। इस घटना में गुजरात के एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि 13 अन्य नाविकों को ओमान के तटरक्षक बल ने सुरक्षित बचा लिया।
झीलों के बीच महल और शाही ठाठ, राजस्थान की ये 4 जगहें हैं बेहद खूबसूरत
Royal Palaces of Rajasthan: राजस्थान की शाही विरासत को करीब से देखना चाहते हैं तो जोधपुर और उदयपुर के इन 4 खूबसूरत महलों की सैर कर सकते हैं. यहां की शानदार वास्तुकला, शाही कमरे और ऐतिहासिक चीजें आपको पुराने राजसी दौर की झलक दिखाएंगी.
Harvard और Cambridge में पढ़ाने वाले Amartya Sen का 93वां जन्मदिन, गरीबी पर किया काम
नोबेल पुरस्कार विजेता और भारत के मशहूर अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन का 03 नवंबर को अपना 93वां जन्मदिन मना रहे हैं। साल 1998 में उनको अर्थशास्त्र में योगदान के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। उनका काम हमेशा से भारत और अन्य विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की गरीबी और इस गरीबी को दूर करने के तरीके पर केंद्रित रहा। हालांकि उन्होंने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा भारत के बाहर बिताया है। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर अमर्त्य सेन के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार पश्चिम बंगाल के शांति निकेतन में 03 नवंबर 1933 को अमर्त्य सेन का जन्म हुआ था। उनके पिता का नाम आशुतोष से था। नउन्होंने अपनी शुरूआती शिक्षा कोलकाता के प्रेसीडेंसी कॉलेज से पूरी की। इसके बाद उन्होंने कैम्ब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज में पढ़ाई की। वहीं साल 1959 में पीएचडी की। कई यूनिवर्सिटीज में पढ़ाया अर्थशास्त्र इसके अलावा उन्होंने भारत और इंग्लैंड के कई यूनिवर्सिटीज में अर्थशास्त्र पढ़ाया। इसके बाद वह साल 1988-98 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी चले गए। फिर साल 1998 में अमर्त्य सेन को कैम्ब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज का मास्टर नियुक्त किया गया। इस पद पर वह साल 2004 तक रहे। फिर वह लामोंट विश्वविद्यालय के प्रोफेसर के रूप में हार्वर्ड वापस आ गए। भूख पर लिखी कहानी अमर्त्य सेन को अकाल की वजह पर काम करने के लिए भी जाना जाता है। जिसकी वजह से भोजन की वास्तविक या अनुमानित कमी के असर को रोकने या फिर सीमित करने के लिए प्रैक्टिकल सॉल्यूशन विकसित करने में मदद मिली। दरअसल, साल 1943 में अमर्त्य सेन ने बंगाल के अकाल को बेहद करीब से देखा है। इस अकाल के दौरान लाखों लोगों की मौत हो गई थी। अमर्त्य सेन का बंगाल में पड़े अकाल पर मानना था कि उस दौरान भारत में खाने-पीने की चीजों की पर्याप्त सप्लाई थी। लेकिन डिस्ट्रीब्यूशन की समस्या थी, जोकि सिर्फ कुछ लोगों के साथ में थी। पुरस्कार गरीबी और भूख जैसे विषयों पर काम करने के लिए अमर्त्य सेन को साल 1998 में अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। दरअस, जब उनको नोबेल पुरस्कार दिया गया था, तो वह यह प्रतिष्ठित पुरस्कार जीतने वाले पहले एशियाई नागरिक थे। फिर साल 1999 में अमर्त्य सेन को भारत रत्न से सम्मानित किया गया। इसके बाद साल 2011 में उनको यूएस नेशनल ह्यूमेनिटिज मैडल के लिए चुना गया।
कर्नाटक: बंगलूरू में नूडल्स तीखे होने पर बवाल, नशे में धुत लोगों ने असम के तीन कर्मचारियों को पीटा; मामला दर्ज bengaluru-four-men-held-assault-assamese-workers-spicy-noodles-dispute
राजस्थान में पंचायत चुनाव के तीसरे चरण की वोटिंग शुरू
राजस्थान पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में आज 1.07 करोड़ मतदाता वोट डालेंगे. 116 पंचायत समितियों के 11,869 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 से शाम 6 बजे तक मतदान होगा. जानें चुनाव का पूरा कार्यक्रम.
धनतेरस पर क्या खरीदें और क्या नहीं? देखें शुभ-अशुभ चीजों की लिस्ट
Dhanteras 2026: धनतेरस पर खरीदारी करते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है. जानिए इस दिन कौन-सी 5 चीजें खरीदने से बचना चाहिए और किन चीजों को घर लाना शुभ माना जाता है.
4 एंबुलेंस बिना चले पी गईं 50 लाख का डीजल, हरियाणा में गजब खेल!
फरीदाबाद के बीके सिविल अस्पताल में महीनों से खड़ी चार एंबुलेंसों के नाम पर करीब 50 लाख रुपये का डीजल खरीदे जाने का मामला सामने आया है. जांच में खुलासा हुआ कि एंबुलेंस अपनी जगह से हिली तक नहीं, लेकिन उनके फ्यूल कार्ड से डीजल भरवाने की एंट्री होती रही. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मामले का खुद संज्ञान लिया है.
बिश्नोई गैंग में महिलाओं की भर्ती?: नागपुर पुलिस का खुलासा, महिला ने 10 रुपये लेकर थमाए रंगदारी वाले पत्र Lawrence Bishnoi Gang Recruit women Nagpur police reveal extortion letters to jewellers anil pandit sunaina
बुलेट ट्रेन का निर्माण शुरू, बॉडी से सीट तक... देखें पहली झलक
India Building Bullet Train : भारत अब अपनी पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन के साथ हाई-स्पीड रेल के नए दौर में कदम रखने जा रहा है. मुंबई और अहमदाबाद के बीच चलने वाली इस ट्रेन को भारत में ही डिजाइन और तैयार किया जा रहा है. इसका निर्माण बेंगलुरु स्थित भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) की फैक्ट्री में हो रहा है.
नेपाल में दो हेलिकॉप्टर्स की भयंकर टक्कर, उड़े परखच्चे, Video
नेपाल के सोलुखुम्बु जिले में फेरीचे हेलिपैड पर उतरते समय दो हेलिकॉप्टर आपस में टकरा गए. नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने बताया कि दोनों हेलिकॉप्टरों के पंखे टकराए. हादसे में एक विदेशी नागरिक की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हुआ है. घटना का वीडियो भी सामने आया है.
दिल्ली के रेलवे स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट बंद, दिवाली-छठ से पहले क्या तैयारी? जरूरी अपडेट
दिवाली और छठ पर यात्रियों की भीड़ देखते हुए रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। दिल्ली के 6 रेलवे स्टेशनों पर 3 से 14 नवंबर तक प्लेटफॉर्म टिकट नहीं मिलेंगे। नई दिल्ली स्टेशन पर स्थायी होल्डिंग एरिया बनाया गया है। जानें रेलवे के नए नियम और जरूरी बदलाव।
अरशद उर्फ जोजो गिरफ्तार: पुलिस की हथकड़ी निकालकर भागा था वारंटी
मेरठ के नौचंदी थाने की कस्टडी से हथकड़ी सरकाकर फरार हुआ वारंटी अभियुक्त अरशद उर्फ जोजो पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है. नौचंदी ग्राउंड के पास हुई घेराबंदी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई और भागने में गिरने से वह घायल हो गया.
केवल सरकारी नहीं, अब प्राइवेट स्कूलों के टीचर भी करेंगे जनगणना ड्यूटी
देश में चुनाव हो या जनगणना जैसी बड़ी जिम्मेदारी, सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को ड्यूटी पर लगाया जाता है. इससे कई बार स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होती है और शिक्षकों पर अतिरिक्त काम का बोझ बढ़ जाता है. लेकिन अब इसे लेकर केंद्र सरकार ने इसमें बदलाव का ऐलान किया है.
हिंदी भारत की आत्मा और राष्ट्रीय अस्मिता की पहचान है। हिंदी हमारी सांस्कृतिक चेतना की उन्नायक है। हिन्दी की बात बहुत होती है किन्तु हिंदी में बात कम होती है। यदि हिन्दी में बात होने लगे तो हिंदी की समस्या ही हल हो जाए।
Tiger Shroff फायरिंग केस: Haryana के करनाल से महिला आरोपी गिरफ्तार
मुंबई, दो नवंबर अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी के मामले में मुंबई अपराध शाखा द्वारा हरियाणा से एक आरोपी महिला को गिरफ्तार किए जाने से अब तक गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि आरोपी महिला को रविवार को करनाल से पकड़ा गया। हालांकि, उन्होंने अपराध में उसकी विशिष्ट भूमिका या उसकी पहचान का खुलासा नहीं किया। अपराध शाखा के अधिकारी के अनुसार, आरोपी (22) को करनाल पुलिस की मदद से पकड़ा गया और उसे मुंबई लाने के लिए कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही, मुंबई के जुहू इलाके में 18 अक्टूबर को श्रॉफ की गाड़ी पर हुई गोलीबारी के सिलसिले में कथित तौर पर गोली चलाने वाले लोगों सहित अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह घटना तब हुई थी जब अभिनेता एक फुटबॉल मैदान से बाहर निकल रहे थे। घटना में 36 वर्षीय अभिनेता बाल-बाल बच गए थे, जबकि उनके कार चालक और पास खड़े एक व्लॉगर घायल हो गए थे। मामले में गिरफ्तार किए गए कुल आरोपियों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं।
सोमाली समुद्री लुटेरों ने जहाज को अपने कब्जे में ले लिया था। इसके बाद भारतीय नौसेना ने करीब 48 घंटे तक अभियान चलाकर जहाज और उसके चालक दल को सुरक्षित निकालने में सफलता हासिल की। यह ऑपरेशन मुंबई से लगभग 3,000 किलोमीटर दूर अरब सागर में चलाया गया।
भोपाल: रिटायर्ड IAS के हत्यारे का शॉर्ट एनकाउंटर, एक महीने से था फरार
भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपी केयरटेकर वरुण कुमार को पुलिस ने आगरा से गिरफ्तार किया है. मंगलवार सुबह भोपाल लाते समय मुगलिया छाप के पास आरोपी ने पुलिस टीम से झूमाझटकी कर भागने की कोशिश की. पुलिस ने उसे रोकने के लिए गोली चलाई, जो उसके पैर में लगी. घायल आरोपी को हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
प्रोटेस्ट कर रहे ACP सस्पेंड, अपने महकमे के खिलाफ आवाज उठाना पड़ा भारी!
दिल्ली पुलिस ने असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (एसीपी) मनस्वी वशिष्ठ को सस्पेंड कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई पुलिस हेडक्वार्टर्स के बाहर पुलिसकर्मियों के प्रोटेस्ट के बाद की गई है.
Pune Metro Pink Line: पुणे मेट्रो की पिंक लाइन की आज से शुरुआत होने वाली है. इस लाइन के शुरू होने से पुणे शहर में ट्रैफिक की समस्या दूर होगी. 23 किलोमीटर की यह लाइन शिवाजीनगर से हिंजवड़ी तक की कनेक्टिविटी देगी.
भारतीय नौसेना ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में अपनी अदम्य परिचालन क्षमता (Operational Capability) और त्वरित कार्रवाई का लोहा मनवाया है। नौसेना ने अरब सागर में भारी हथियारों से लैस समुद्री लुटेरों द्वारा अपहृत एक ईरानी मछली पकड़ने वाले जहाज के सभी 20 चालक दल के सदस्यों को 48 घंटे चले एक कठिन और बेहद चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन के बाद सफलतापूर्वक बचा लिया है। मुंबई तट से 3,000 किलोमीटर से भी अधिक दूरी पर चलाए गए इस बचाव अभियान को 2 नवंबर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। इस ऑपरेशन में नौसेना ने अपहृत जहाज का पता लगाने, उसे समुद्र के बीच रोकने और चालक दल को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित छुड़ाने के लिए एक बेहद सटीक और समन्वित रणनीति अपनाई। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल ऑपरेशन की जानकारी दी और भारतीय नौसेना को उनकी त्वरित और समन्वित कार्रवाई के लिए बधाई दी। उन्होंने इस मिशन के बड़े पैमाने पर प्रकाश डाला, विशेष रूप से भारत के पश्चिमी तट से इसकी दूरी और भारी हथियारों से लैस समुद्री लुटेरों से जुड़े खतरे का जिक्र किया। 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में सिंह ने कहा, मैं भारतीय नौसेना को बधाई देता हूँ। उन्होंने 2 नवंबर को अरब सागर में मुंबई से 3,000 किलोमीटर से अधिक दूर, 'अज़िनी' (Azini) नामक मछली पकड़ने वाले जहाज को समुद्री लुटेरों के कब्जे से छुड़ाने के लिए 48 घंटे का एक बेहद सुनियोजित और समन्वित ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा किया, जिसमें चालक दल के सभी 20 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। भारतीय वायु सेना (IAF) के सहयोग से भारतीय नौसेना ने 48 घंटे का बचाव अभियान चलाया इसे भी पढ़ें: Maharashtra की 5 अदालतों को मिला बम धमाके का ईमेल, तलाशी के बाद निकली झूठी धमकी रक्षा मंत्री के अनुसार, इस ऑपरेशन के कई चरण थे। सबसे पहले अपहृत मछली पकड़ने वाले जहाज 'अज़िनी' की पहचान की गई और उसका पता लगाया गया। इसके बाद नौसेना ने जहाज को रोका और समुद्री लुटेरों के चंगुल से चालक दल के सभी 20 सदस्यों को सुरक्षित छुड़ा लिया। इस ऑपरेशन में भारतीय वायु सेना (IAF) से भी समय पर मदद मिली, जो समुद्री सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में भारत की रक्षा सेवाओं के बीच बेहतरीन तालमेल को दर्शाता है। इसमें शामिल कर्मियों की सराहना करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, भारतीय वायु सेना के समय पर सहयोग से, भारी हथियारों से लैस समुद्री लुटेरों के चंगुल से जहाज और चालक दल को इतनी जल्दी ढूंढना, रोकना और सुरक्षित बचाना, भारतीय नौसेना की उच्च परिचालन तत्परता (operational readiness) और पूरे क्षेत्र में समुद्री खतरों का निर्णायक रूप से सामना करने की उनकी क्षमता को दर्शाता है। इसे भी पढ़ें: सुबह थकान और पेट फूलना Fatty Liver Disease का शुरुआती संकेत, न करें नजरअंदाज राजनाथ सिंह ने सुरक्षित समुद्र के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई रक्षा मंत्री ने कहा कि यह सफल मिशन, हिंद महासागर क्षेत्र में लोगों की जान बचाने और सुरक्षा बनाए रखने के प्रति भारत के दृढ़ संकल्प और परिचालन क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने समुद्री मार्गों को समुद्री डकैती जैसे खतरों से सुरक्षित रखने के महत्व पर भी जोर दिया और एक स्वतंत्र, खुले और सुरक्षित समुद्री माहौल को बनाए रखने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। अपनी बात समाप्त करते हुए, सिंह ने कहा, भारत 'सुरक्षित समुद्र' (SAFE SEAS) सुनिश्चित करने और हिंद महासागर क्षेत्र को स्वतंत्र, खुला और सुरक्षित बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह बचाव अभियान दिखाता है कि भारतीय नौसेना भारत के तटीय इलाकों से दूर, हिंद महासागर के व्यापक क्षेत्र में समुद्री आपात स्थितियों से निपटने और नाविकों को सुरक्षा खतरों से बचाने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसे भी पढ़ें: Koffee With Karan 9 में करीना-सैफ का धमाल, Episode 4 का ट्रेलर देखकर फैंस हुए उत्साहित यहाँ यह ध्यान देने वाली बात है कि पुंटलैंड मैरीटाइम पुलिस फोर्स के एक समुद्री सुरक्षा अधिकारी ने 'द एसोसिएटेड प्रेस' को बताया कि गुरुवार (29 अक्टूबर) को उत्तर-पूर्वी सोमालिया में बंदर बायला और हाफुन के तटीय शहरों के बीच 'अज़िनी' (Azini) जहाज को अगवा कर लिया गया था। Stay updated with International News in Hindi on Prabhasakshi My congratulations to #Indian Navy for successfully executing a meticulously coordinated 48-hour operation to rescue all 20 crew members of the pirated fishing vessel, Azini, more than 3000 km from Mumbai in the Arabian Sea, on 02 Nov 26. The swift localisation, interception and safe release of the crew and vessel from significantly-armed pirates, with timely support from the Indian Air Force, speak well of the Indian Navy’s high operational readiness and ability to respond decisively to maritime threats across the region. Our brave personnel have once again demonstrated India’s ability, intent and resolve to safeguard lives, uphold maritime security and ensure stability across the Indian Ocean Region. India continues to stand resolute in ensuring SAFE SEAS and a free, open and secure Indian Ocean Region. #IndianNavy #IndianAirForce #SafeSeas — Rajnath Singh (@rajnathsingh) November 2, 2026
चक्रवात Cyclone Murasu के असर से Odisha में बारिश, 1.60 लाख लोग सुरक्षित निकाले गए
भुवनेश्वर, तीन नवंबर आंध्र प्रदेश के तट पर गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के टकराने के बाद ओडिशा के दक्षिणी जिलों में हल्की बारिश हुई और राज्य सरकार ने क्षेत्र के सभी जिलाधिकारियों को किसी भी प्रतिकूल मौसम स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। ओडिशा के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कोरापुट, मलकानगिरि, कंधमाल, कालाहांडी और कई अन्य जिलों के जिलाधिकारियों ने हल्की बारिश की सूचना दी है। उन्होंने कहा, ‘‘हम आशा करते हैं स्थिति प्रतिकूल नहीं होगी।’’मंत्री ने कहा कि राज्य लगातार हाई अलर्ट पर है क्योंकि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन ओडिशा के लिए एक बड़ी चुनौती बन रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम हाई अलर्ट पर हैं और मौसम की स्थिति को देखते हुए पहाड़ी इलाकों के लोग कुछ समय तक आश्रय स्थलों में ही रहेंगे।’’भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा भारी बारिश और तेज हवाओं के पूर्वानुमान को देखते हुए राज्य सरकार ने दक्षिण क्षेत्र के पांच जिलों में 1.60 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है और आपदा प्रतिक्रिया टीम को तैनात किया है। चक्रवात ‘अर्नब’ के बाद, गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के कारण मंगलवार को आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में काफी नुकसान हुआ है, जहां हजारों पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए और मछुआरों की नौकाओं को नुकसान पहुंचा।
नोएडा में इमरान हत्याकांड के दो आरोपी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार
नोएडा के जेवर में इमरान हत्याकांड के फरार दो आरोपी एक पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिए गए. दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी है. पुलिस ने उनके कब्जे से दो अवैध पिस्टल और सात कारतूस बरामद किए हैं. पढ़ें पूरी कहानी.
बेसन की जगह सूजी-आलू से बनाएं चटपटा चीला, नाश्ते के लिए है बेस्ट ऑप्शन
Suji Aloo Chilla Recipe: अगर आप रोजाना एक जैसा नाश्ता खाकर बोर हो गए हैं और कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं तो सूजी, दही और आलू से बना टेस्टी चीला बना सकते हैं. यह बनाने में आसान होने के साथ-साथ खाने में भी टेस्टी होता है. आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान रेसिपी.
Rama Ekadashi 2026: चिंतामणि और कामधेनु के समान फलदायी है रमा एकादशी, जानें गोवत्स द्वादशी का महत्व
Rama Ekadashi Kab Hai: रमा एकादशी 5 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा से पुण्य मिलता है. अगले दिन 6 नवंबर को गोवत्स द्वादशी पर गाय और बछड़े की पूजा की जाएगी.
डोनाल्ड ट्रंप को भारत के सामने झुकना होगा, पूर्व राजनयिक ने मिडटर्म इलेक्शन को बताया ‘वाटरलू’
पूर्व राजनयिक ने दावा किया है कि अगर डोनाल्ड ट्रंप की मध्यावधि चुनावों में हार होती है तो उन्हें भारत समेत कई देशों के प्रति अपनी नीतियों में बदलाव करना होगा। उन्होंने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय समुदाय में बेहद महत्वपूर्ण है।
दिवाली शॉपिंग के लिए निकल रहे हैं? बढ़ते प्रदूषण के बीच इन बातों का रखें ध्यान, नहीं पड़ेंगे बीमार
दिवाली की शॉपिंग के लिए क्या आप घर से बाहर निकल रहे हैं? अगर हां, तो डॉक्टर की बताई गई बातों का ध्यान रखें, ताकि बीमार होने से बचा जा सके. यहां जानते हैं इस बारे में-
वर्ल्ड कप टिकटों पर टूटे फैन्स, IND vs PAK मैच की डिमांड ने चौंकाया
ICC वनडे वर्ल्ड कप 2027 के टिकटों को लेकर दुनियाभर में जबरदस्त क्रेज है. अब तक 193 देशों के 28 लाख से ज्यादा फैन्स ने टिकट बैलेट के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है. टूर्नामेंट के लिए 12 करोड़ से ज्यादा टिकट रिक्वेस्ट मिली हैं. भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर सबसे ज्यादा उत्साह है, जिसके लिए 83 लाख से अधिक आवेदन आए हैं.
सिर्फ 1 गलती से जल्दी खराब हो जाती है मटर, जान लें स्टोर करने का सही तरीका, महीनों तक रहेगी फ्रेश
मटर स्टोर करते समय अगर आप कुछ गलतियां कर देते हैं, तो इससे मटर जल्दी खराब हो सकते हैं. यहां जानते हैं मटर को सही तरीके से स्टोर कैसे करें और किन गलतियों को करने से बचना चाहिए?
'बेतुकी बकवास मत करो', अमेरिका पर भड़क उठीं किम जोंग उन की बहन
नॉर्थ कोरिया के लीडर किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले साइबर क्राइम मामलों में सीधे नॉर्थ कोरिया का नाम घसीट रहा है. इस घटना से हमने एक बार फिर वाशिंगटन का हमारे प्रति दुश्मनी भरा रवैया देख लिया है.
'सुबह उठते ही पहले चेक करता हूं कहीं लेऑफ का मेल तो नहीं आ गया', माइक्रोसॉफ्ट एम्प्लॉई का छलका दर्द
डिजिटल कंटेंट क्रिएडटर सिड का यह वीडियो ऐसे समय पर सामने आया है जब माइक्रोसॉफ्ट ने अपने 60 हजार कर्मचारियों को वोलंटरी एग्जिट ऑफर दिया हुआ है.
दिल्ली की भागदौड़ से तंग आकर ट्रैवल इन्फ्लुएंसर श्वेता ने मनाली में घर तो बसा लिया, लेकिन वहां की जमीनी हकीकत ने उनका यह सपना तोड़ दिया. बिजली कटौती, कमजोर इंटरनेट और खराब कनेक्टिविटी के कारण काम प्रभावित होने पर उन्हें भारी मन से वापस दिल्ली लौटना पड़ा.
MLP शीट्स क्या है? फाइबर और प्लाईवुड से ज्यादा डिमांड में क्यों है
घर में छोटे- मोटे काम जैसे पार्टिशन वॉल, कैबिनेट, सेल्फ, वार्ड रोब के लिए प्लाईवुड और फाइबर बोर्ड जैसे मटेरियल का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन, अब इन चीजों के लिए लोग एमएलपी शीट्स यूज करने लगे हैं. इसकी डिमांड तेजी से बढ़ी है. ऐसे में जानते हैं कि आखिर इसकी वजह क्या है?
रणनीति: आस्था के मैदान में कांग्रेस वापस, शिव के सहारे भाजपा को जवाब! शिव बरात से तांडव तक राहुल का नया दांव
BJP और ABVP का विपक्ष के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन, कई राज्यों में रैलियां
नयी दिल्ली, तीन नवंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) मंगलवार को कई राज्यों में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत रैलियां, जनसभाएं और विरोध मार्च आयोजित करेंगे जिसके तहत विपक्ष को निशाना बनाया जाएगा। भाजपा का आरोप है कि विपक्ष लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर लखनऊ स्थित लोक भवन में जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद अपराह्न एक बजकर 30 मिनट पर लोक भवन से परिवर्तन चौक तक मार्च आयोजित किया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा नेता जे.पी. नड्डा बरेली में पार्टी की रैली में शामिल होंगे। इसके अलावा उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में भी एक रैली आयोजित की जाएगी। भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी पश्चिम बंगाल के अपने दौरे के तहत कोलकाता में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करेंगी। भाजपा की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) रांची में ‘लोकतंत्र बचाओ’ विरोध मार्च आयोजित करेगी। यह मार्च बापू वाटिका से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक पर समाप्त होगा। यह अभियान ऐसे समय में आयोजित किए जा रहे हैं जब कथित चुनावी अनियमितताओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं के कामकाज को लेकर भाजपा तथा विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक टकराव जारी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि भविष्य में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाया जाएगा और ‘देशद्रोह’ के लिए जेल भेजा जाएगा। साथ ही, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को भी कानून से बचने नहीं दिया जाएगा। विपक्षी गठबंधन के प्रमुख नेताओं ने अपनी ताकत दिखाने के लिए रामलीला मैदान में रैली की थी जिसमें उन्होंने कथित चुनावी अनियमितताओं और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ आवाज उठाई थी। उन्होंने दावा किया था कि भाजपा ने केंद्र और राज्यों में ‘चुराए हुए जनादेश’ के जरिए सरकारें बनाई हैं।
120 किमी रफ्तार की हवाएं, भारी बारिश और जलभराव; चक्रवात मुरासु के टकराने के बाद ऐसे हैं हालात
बंगाल की खाड़ी से उठा भीषण चक्रवात 'मुरासु' अब आंध्र प्रदेश के तट से टकरा चुका है. 120 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से चली हवाओं और भारी बारिश ने कई जिलों में चिंता बढ़ा दी है. मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव और समुद्र में 1.5 मीटर तक ऊंची लहरों की चेतावनी जारी की है, जबकि प्रशासन राहत और बचाव कार्यों के लिए हाई अलर्ट पर है.
दुनिया के तेल कारोबार की अहम कड़ी, क्या है केशम द्वीप की पूरी कहानी?
अमेरिका ने 2 नवंबर को ईरान के केशम द्वीप पर हमला किया. केशम ईरान का सबसे बड़ा द्वीप है और इसकी लोकेशन बेहद अहम है. यहां से दुनिया के बड़े तेल समुद्री रास्तों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नजर रखी जा सकती है. जानिए, यह द्वीप अमेरिका और ईरान के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है.
पढ़ें 3 नवंबर 2026 की सुबह की बड़ी खबरें और अन्य समाचार
भारतीय नौसेना ने अरब सागर में समुद्री लुटेरों के कब्जे में फंसी मछली पकड़ने वाली नाव 'अज़िनी' के 20 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचाया है. इस अभियान को पूरा करने में नौसेना को 48 घंटे लगे.
बंगाल की खाड़ी से उठा तूफान मुरासु आंध्र तट से टकराया
गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासु ने बुधवार तड़के आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले में ओंगोल के पास लैंडफॉल शुरू कर दिया. इस दौरान 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं.
श्रीनिवास और सरिता के लिए ये पल बहुत ही भावुक कर देने वाला था, जब उनका जिगर का टुकड़ा तीन साल का रुद्र महेश उसकी गोद में फिर से वापस लौट आया, जिसके लिए वह लगातार गुहार लगा रहा था.
कपड़े उतरवाकर शिवा को श्रद्धा करती थी टॉर्चर, शरीर पर पोतती थी लिपस्टिक
लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड में गिरफ्तार मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. पुलिस के मुताबिक वारदात से पहले शिवा को प्रताड़ित कर उसके कपड़े उतरवाए गए और शरीर पर लिपस्टिक पोती गई.
गंभीर चक्रवाती तूफान 'मुरासु' आंध्र प्रदेश के तट से टकराया, जिसके बाद मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और अन्य राज्यों में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी किया है।
पिछले महीने सोमालिया के उत्तर-पूर्वी तट के पास, सशस्त्र समुद्री लुटेरों के एक समूह ने मछली पकड़ने वाले जहाज 'अजिनी' को हाईजैक कर लिया था. इसके बाद भारतीय नौसेना ने मिशन पर तैनात अपने एक युद्धपोत को कार्रवाई के लिए भेजा. इस अभियान में समुद्र की निगरानी करने वाले एक विमान ने भी मदद की.
Amit Shah मंगलवार को Chhattisgarh राज्योत्सव के समापन समारोह में होंगे शामिल
(फाइल फोटो के साथ)नयी दिल्ली, तीन नवंबर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस समारोह के समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अनुसार, राज्य के दौरे के दौरान वह रायपुर में ‘आर्टेमिस शांति अस्पताल’ का उद्घाटन भी करेंगे। इसके बाद वह नवा रायपुर अटल नगर में विकसित भारत संकल्प पार्क का उद्घाटन करेंगे। छत्तीसगढ़ एक नवंबर 2000 को मध्यप्रदेश से अलग होकर नया राज्य बना था। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक नवंबर को कहा था कि राज्य के 26वें स्थापना दिवस के अवसर पर इस साल आयोजित राजोत्सव ऐतिहासिक और विशेष है क्योंकि माओवाद के खतरे से मुक्त होने के बाद राज्य का यह पहला स्थापना दिवस है। राज्य को 31 मार्च 2026 को नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया गया था। इसके साथ ही क्षेत्र में चार दशक से जारी माओवादी विद्रोह का अंत हो गया। साय ने शनिवार देर रात जारी एक वीडियो संदेश में राज्य के लोगों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि एक नवंबर 2000 को राज्य के गठन के 26 साल पूरे होना सभी के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा, ‘‘इस साल का राजोत्सव कई मायनों में ऐतिहासिक और विशेष है। यह पहला स्थापना दिवस है जब छत्तीसगढ़ लाल आतंक से मुक्त होकर शांति, विश्वास और विकास के नए युग की ओर बढ़ रहा है।’’उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ संकल्प के कारण ही छत्तीसगढ़ का गठन संभव हो पाया था।
43 की सिंगर चर्च में कर रही दूसरी शादी, बोली- दूल्हा करोड़पति नहीं
मशहूर प्लेबैक सिंगर और टीवी होस्ट रिमी टॉमी तलाक के 6 साल बाद दोबारा दुल्हन बनने जा रही हैं. उन्होंने मुंबई के फिटनेस कोच लिबिन मैथ्यू के साथ अपनी दूसरी शादी का ऐलान कर फैंस को चौंका दिया है.
LIVE: चक्रवाती तूफान मुरासु की आंध्र प्रदेश में दस्तक, भारी बारिश से तबाही, कई पेड़ उखड़े
Latest News Today Live Updates in Hindi : गंभीर चक्रवाती तूफान 'मुरासु' ने 3 नवंबर 2026 की तड़के आंध्र प्रदेश के तट पर दस्तक दे दी है। आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु के कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है। पल पल की जानकारी...
त्योहारी सीजन में भारतीय उपभोक्ताओं ने खरीदारी और लेन-देन के पारंपरिक तरीकों को पीछे छोड़ते हुए डिजिटल भुगतान में एक नया ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा जारी ताजा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर के महीने में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई (UPI) के जरिए कुल ₹31.53 लाख करोड़ का भारी-भरकम लेन-देन दर्ज किया गया। भारत के डिजिटल भुगतान इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी एक महीने में यूपीआई के जरिए होने वाला लेन-देन ₹31 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है। पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में ट्रांजैक्शन वैल्यू में 16 प्रतिशत की ठोस सालाना वृद्धि (YoY) देखी गई है। इस उछाल का सबसे अहम पहलू यह रहा कि पूरे महीने के दौरान प्रतिदिन औसतन ₹1 लाख करोड़ से अधिक की धनराशि यूपीआई के जरिए ट्रांसफर की गई, जिसने कैशलेस इकोनॉमी की ताकत को पूरी दुनिया के सामने साबित कर दिया है।25.47 अरब ट्रांजैक्शन: रोजाना औसतन 82 करोड़ से अधिक भुगतानअक्टूबर माह में केवल ट्रांजैक्शन की रकम ही नहीं बढ़ी, बल्कि लेन-देन की कुल संख्या (Volume) में भी अभूतपूर्व तेजी दर्ज की गई। पूरे महीने के दौरान यूपीआई नेटवर्क पर रिकॉर्ड 25.47 अरब (25.47 Billion) सफल ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए गए, जो पिछले साल के मुकाबले 23 प्रतिशत की जोरदार बढ़त को दर्शाता है। दैनिक स्तर पर विश्लेषण करें तो भारत में प्रतिदिन औसतन 82.2 करोड़ (822 Million) ट्रांजैक्शन किए गए। इसका मतलब यह हुआ कि देश में हर एक सेकंड में 9,500 से अधिक भुगतानों का सुचारू निपटान हुआ। स्थानीय किराना दुकानों, बड़े शॉपिंग मॉल्स से लेकर ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स तक पर यूपीआई ही भुगतान का सबसे पसंदीदा और त्वरित माध्यम बना रहा।त्योहारी खरीदारी, ई-कॉमर्स सेल और गोल्ड बुकिंग ने भरी रफ्तारइस रिकॉर्डतोड़ उछाल के पीछे प्रमुख कारण शारदीय नवरात्रि, दशहरा और दिवाली-धनतेरस की पूर्व तैयारियों के दौरान बाजारों में उमड़ी भारी भीड़ रही। आमतौर पर यूपीआई का उपयोग छोटे भुगतानों (Micro-transactions) के लिए अधिक किया जाता था, लेकिन इस त्योहारी सीजन में बड़े टिकट साइज (Higher Value Transactions) के लेन-देन में भारी वृद्धि देखी गई। प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियों की फेस्टिव सेल, इलेक्ट्रॉनिक्स, होम अप्लायंसेज, कपड़े, होटल बुकिंग और ट्रैवल टिकटिंग के लिए उपभोक्ताओं ने यूपीआई को प्राथमिकता दी। इसके साथ ही सर्राफा बाजार में धनतेरस के लिए सोने-चांदी के सिक्कों और आभूषणों की अग्रिम बुकिंग के लिए भी ग्राहकों ने सीधे बैंक खातों से यूपीआई भुगतान का सहारा लिया, जिससे प्रति ट्रांजैक्शन औसत मूल्य में बड़ा इजाफा हुआ।मर्चेंट पेमेंट्स में जबरदस्त पैठ: छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े शोरूम तक क्यूआर कोडअक्टूबर के आंकड़ों से यह भी स्पष्ट होता है कि पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M यानी ग्राहक से दुकानदार को भुगतान) की हिस्सेदारी में लगातार विस्तार हो रहा है। देश के टियर-2, टियर-3 शहरों और ग्रामीण कस्बों तक साउंडबॉक्स और क्यूआर कोड (QR Code) की पहुंच ने फुटकर विक्रेताओं के बीच नकदी की निर्भरता को लगभग समाप्त कर दिया है। 95 प्रतिशत से अधिक पी2एम लेन-देन पूरी तरह मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) से मुक्त रहने के कारण छोटे व्यापारियों ने बिना किसी अतिरिक्त लागत के खुले दिल से डिजिटल पेमेंट स्वीकार किया। इसके अलावा क्रेडिट कार्ड को यूपीआई से लिंक करने की सुविधा (RuPay Credit Card on UPI) ने भी ग्राहकों की क्रय शक्ति को बढ़ाया, जिससे त्योहारी खरीदारी में अतिरिक्त बूस्ट देखने को मिला।मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक पटल पर धाक25 अरब से अधिक मासिक ट्रांजैक्शन के भारी ट्रैफिक के बावजूद भारतीय बैंकिंग और यूपीआई का तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह स्थिर और लचीला बना रहा। सर्वर डाउनटाइम या ट्रांजैक्शन फेलियर की दर नगण्य स्तर पर रही, जिससे उपभोक्ताओं का भरोसा और मजबूत हुआ। घरेलू बाजार में नए कीर्तिमान स्थापित करने के साथ-साथ यूपीआई अब अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को भी तेजी से पार कर रहा है और 11 से अधिक देशों में भारतीय यात्रियों के लिए स्वीकार्य हो चुका है। आर्थिक विशेषज्ञों का अनुमान है कि दिवाली, भाईदूज और आने वाले वेडिंग सीजन के चलते नवंबर में भी डिजिटल भुगतानों की यह आंधी इसी रफ्तार से जारी रहेगी, जो चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत खपत और उपभोग क्षमता का स्पष्ट संकेत देती है।
दिल्ली-एनसीआर की लाइफलाइन मानी जाने वाली दिल्ली मेट्रो में रोजाना लाखों यात्री सफर करते हैं। मेट्रो में क्या ले जाना अनुमत है और क्या प्रतिबंधित, इसे लेकर अक्सर यात्रियों के मन में भ्रम रहता है। विशेष रूप से शराब (Liquor) को लेकर कई सवाल पूछे जाते हैं। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) और सुरक्षा एजेंसी सीआईएसएफ (CISF) के आधिकारिक नियमों के अनुसार, दिल्ली मेट्रो ट्रेनों में शराब की बोतल ले जाना पूरी तरह से कानूनी है। हालांकि, यह अनुमति बिना किसी शर्त के नहीं है; इसके लिए डीएमआरसी और संबंधित राज्यों के आबकारी विभागों ने बेहद सख्त नियम तय कर रखे हैं, जिनकी अनदेखी करने पर कानूनी पचड़े या जेल की नौबत आ सकती है।प्रति यात्री अधिकतम 2 सीलबंद बोतलों की छूटडीएमआरसी के दिशा-निर्देशों के तहत एक वयस्क यात्री अपने साथ अधिकतम 2 बोतलें शराब ले जा सकता है:बोतल पूरी तरह सीलबंद (Sealed) होनी चाहिए: यात्रा के दौरान शराब की बोतल का ढक्कन या सील खुली (Unsealed) नहीं होनी चाहिए। यदि सुरक्षा जांच (एक्स-रे मशीन या सीआईएसएफ तलाशी) के दौरान बोतल खुली पाई जाती है, तो उसे मेट्रो परिसर के भीतर ले जाने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी।निजी उपयोग के लिए: यह अनुमति केवल निजी उपभोग के लिए ले जाने वाले यात्रियों पर लागू होती है। भारी मात्रा में या व्यावसायिक ढुलाई के उद्देश्य से शराब ले जाना गैर-कानूनी है।मेट्रो परिसर या ट्रेन के अंदर शराब पीने पर पूर्ण प्रतिबंधशराब की बोतल साथ ले जाने की छूट का अर्थ किसी भी सूरत में शराब पीने की आजादी नहीं है।पीने पर भारी जुर्माना और सजा: मेट्रो ट्रेन के कोच, प्लेटफॉर्म, कॉनकोर्स, सीढ़ियों या मेट्रो स्टेशन परिसर के किसी भी हिस्से में शराब खोलना या पीना पूर्णतः प्रतिबंधित है।अनुचित व्यवहार पर कानूनी कार्रवाई: यदि कोई यात्री शराब के नशे में धुत पाया जाता है या सह-यात्रियों के साथ अशोभनीय व्यवहार, हुड़दंग या अभद्रता करता है, तो मेट्रो संचालन एवं प्रबंधन अधिनियम के तहत उस पर तत्काल आर्थिक जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा सीआईएसएफ और दिल्ली मेट्रो पुलिस उसे हिरासत में लेकर आपराधिक धाराओं में चालान कर सकती है।नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम जाने वाले यात्री रखें खास ध्यानयद्यपि डीएमआरसी का नियम पूरे मेट्रो नेटवर्क (एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन समेत) पर 2 सीलबंद बोतलों की अनुमति देता है, लेकिन राज्य सीमाओं को पार करते समय संबंधित राज्य का 'आबकारी कानून' (Excise Law) प्रभावी हो जाता है:उत्तर प्रदेश (नोएडा/गाजियाबाद): उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम के अनुसार, किसी अन्य राज्य (दिल्ली या हरियाणा) से यूपी की सीमा में शराब लाना प्रतिबंधित श्रेणी में आता है। दिल्ली से शराब खरीदकर नोएडा या गाजियाबाद के मेट्रो स्टेशन पर उतरने पर यूपी आबकारी विभाग की चेकिंग में पकड़े जाने पर बोतल जब्त हो सकती है और तस्करी के आरोप में जुर्माना या कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।हरियाणा (गुरुग्राम/फरीदाबाद): इसी तरह हरियाणा आबकारी नियमों के तहत भी अंतरराज्यीय शराब परिवहन पर अपनी बंदिशें हैं।यदि आप दिल्ली के भीतर ही सफर कर रहे हैं, तो 2 सीलबंद बोतलों के साथ बेफिक्र होकर सफर कर सकते हैं। लेकिन यदि आप दिल्ली से यूपी की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं, तो स्थानीय आबकारी नियमों की जटिलताओं से बचने के लिए शराब कैरी करने से बचना ही समझदारी है।
गांव से IIT और फिर ₹80 करोड़ की फंडिंग! अब सीखा रहे हैं मैथ्स
कभी जिन बच्चों को गणित के सवाल मुश्किल लगते हैं, वही गणित अगर मोबाइल गेम की तरह मजेदार हो जाए तो? IIT गुवाहाटी के तीन दोस्तों ने इसी सोच को बिजनेस आइडिया में बदल दिया. उन्होंने पढ़ाई और नौकरी के पारंपरिक रास्ते से हटकर Matiks नाम का स्टार्टअप शुरू किया, जहां मैथ्स, पजल और लॉजिक के जरिए लोग खेलते-खेलते अपना दिमाग आजमा सकते हैं.
त्रिपुरा में तस्करों का बीएसएफ जवानों पर हमला: तीन गंभीर रूप से घायल, हथियार छीनने की भी कोशिश; इलाके में तनाव tripura-boxanagar-smugglers-attack-bsf-jawans-three-injured-ashabari-border
सनातन परंपरा में धनतेरस के पावन पर्व पर सोना, चांदी और धातुओं की खरीदारी को अत्यंत मंगलकारी और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन खरीदी गई धातु घर में अक्षय लक्ष्मी और वैभव लेकर आती है। हालांकि, बदलते आर्थिक दौर में सोने की खरीदारी को केवल एक भावनात्मक या पारंपरिक रस्म तक सीमित रखने के बजाय एक रणनीतिक वित्तीय निवेश (Wealth Asset) के रूप में देखा जाना चाहिए।वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और मुद्रास्फीति (महंगाई) के खिलाफ सोना हमेशा से सबसे भरोसेमंद सुरक्षा कवच साबित हुआ है। यदि इस धनतेरस आप भी पीली धातु में पूंजी लगाने की योजना बना रहे हैं, तो आधुनिक वित्तीय साधनों को अपनाकर अपनी 'शुभ' खरीदारी को वास्तविक 'लाभ' के सौदे में बदल सकते हैं। आइए जानते हैं सोने में निवेश के वे 5 बेहतरीन तरीके जो आपके पोर्टफोलियो को सुरक्षित और मुनाफेदार बनाएंगे।1. गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF): बिना मेकिंग चार्ज के शुद्ध सोने में हिस्सेदारीयदि आपका उद्देश्य आभूषण पहनना नहीं बल्कि विशुद्ध रूप से पूंजी की वृद्धि है, तो स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड होने वाले 'गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स' (Gold ETFs) सबसे बेहतरीन विकल्प हैं:शून्य मेकिंग और वेस्टेज चार्ज: पारंपरिक ज्वैलरी की खरीदारी में 10% से 25% तक की रकम केवल मेकिंग चार्ज और वेस्टेज में कट जाती है, जो बेचते समय कभी वापस नहीं मिलती। गोल्ड ईटीएफ में यह फालतू खर्च पूरी तरह शून्य होता है।99.5% शुद्धता और लिक्विडिटी: यह सीधे 24 कैरेट भौतिक सोने के भावों को ट्रैक करता है। इसे आप डीमैट खाते के जरिए शेयर की तरह एक क्लिक में खरीद या बेच सकते हैं।सुरक्षा और लॉकर खर्च से मुक्ति: इसमें चोरी का कोई डर नहीं होता और न ही बैंक लॉकर के भारी किराए का भुगतान करना पड़ता है।2. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB - सेकेंडरी मार्केट): अतिरिक्त 2.5% सालाना ब्याज का दोहरा लाभभारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी किए जाने वाले सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) सोने में निवेश का सबसे प्रीमियम साधन माने जाते हैं। यद्यपि सरकार ने नई प्राथमिक श्रृंखलाओं को सीमित किया है, फिर भी स्टॉक एक्सचेंजों (NSE/BSE) के सेकेंडरी मार्केट में विभिन्न मैच्योरिटी वाले पुराने एसजीबी ट्रेड होते हैं:निश्चित ब्याज आय: सोने के मूल्य में होने वाली संभावित पूंजीगत वृद्धि के साथ-साथ इसमें निवेशक को फेस वैल्यू पर 2.5% प्रति वर्ष का निश्चित ब्याज सीधे बैंक खाते में मिलता है।टैक्स फ्री मैच्योरिटी: आरबीआई के नियमों के अनुसार 8 साल की पूर्ण मैच्योरिटी तक बॉन्ड रखने पर मिलने वाला पूरा कैपिटल गेन टैक्स-फ्री (Tax-Exempt) होता है।सॉवरेन सुरक्षा: केंद्र सरकार की प्रत्यक्ष गारंटी होने के कारण इसमें डिफ़ॉल्ट का जोखिम शून्य होता है।3. गोल्ड म्यूचुअल फंड (Gold FoF): एसआईपी के जरिए हर महीने छोटी बचतयदि आपके पास धनतेरस पर एकमुश्त मोटी रकम लगाने का बजट नहीं है, तो गोल्ड म्यूचुअल फंड्स (Gold Fund of Funds) सबसे सुलभ रास्ता प्रदान करते हैं:बिना डीमैट खाते के निवेश: इसके लिए किसी डीमैट या ट्रेडिंग खाते की आवश्यकता नहीं होती; सामान्य म्यूचुअल फंड ऐप के जरिए सीधे निवेश किया जा सकता है।एसआईपी (SIP) की सुविधा: निवेशक मात्र ₹500 या ₹1,000 की मासिक एसआईपी शुरू कर सकते हैं। इससे सोने के भाव में आने वाले उतार-चढ़ाव का 'रुपी कॉस्ट एवरेजिंग' (Rupee Cost Averaging) का लाभ मिलता है।दीर्घकालिक लक्ष्य: बच्चों की भविष्य की शादी या उच्च शिक्षा के लिए सोने का फंड जमा करने का यह सबसे अनुशासित और तनावमुक्त तरीका है।4. डिजिटल गोल्ड (Digital Gold): ₹100 से शुरुआत और घर पर डिलीवरी का विकल्पआज के दौर में फिनटेक प्लेटफॉर्म्स (Google Pay, Paytm, PhonePe) और मान्यता प्राप्त रिफाइनरीज (MMTC-PAMP, SafeGold, Augmont) के सहयोग से डिजिटल गोल्ड बेहद लोकप्रिय हो चुका है:माइक्रो-इन्वेस्टमेंट: धनतेरस के दिन आप अपनी सुविधा अनुसार ₹100 या ₹500 से भी 24 कैरेट शुद्ध (999.9 Purity) सोना खरीद सकते हैं।वॉल्ट में सुरक्षित भंडारण: आपके द्वारा खरीदा गया सोना अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रमाणित और बीमित वॉल्ट्स (Insured Vaults) में सुरक्षित रखा जाता है।सिक्कों में कन्वर्जन: यदि आप भविष्य में इसे भौतिक रूप में लेना चाहते हैं, तो निर्धारित डिलीवरी शुल्क देकर इसे 1 ग्राम, 2 ग्राम या 5 ग्राम के हॉलमार्क वाले सोने के सिक्कों के रूप में सीधे अपने घर पर मंगवा सकते हैं।5. हॉलमार्क वाले सिक्के या बार (BIS Hallmarked Coins): आभूषणों से बेहतर भौतिक विकल्पयदि आप धनतेरस की पूजा के लिए भौतिक (फिजिकल) सोना ही घर लाना चाहते हैं, तो भारी-भरकम आभूषणों के बजाय 24 कैरेट (999 शुद्धता) के सोने के सिक्के या बार (Bullion Bar) खरीदना ही बुद्धिमानी है:कम मेकिंग चार्ज: ज्वैलरी की तुलना में सिक्कों और बार पर मेकिंग चार्ज महज 1% से 3% के बीच रहता है, जिससे आपकी वास्तविक पूंजी सुरक्षित रहती है।आसान री-सेल: भविष्य में किसी भी पंजीकृत ज्वैलर के पास ले जाने पर आपको सोने के मौजूदा बाजार भाव का पूरा मूल्य मिलता है, क्योंकि इसमें टांके (Soldering) या पत्थरों की कोई मिलावट नहीं होती।बीआईएस 6-डिजिट HUID अनिवार्य: खरीदारी करते समय यह सुनिश्चित करें कि सिक्के पर 6 अंकों वाला बीआईएस अल्फान्यूमेरिक HUID (Hallmark Unique Identification) कोड स्पष्ट रूप से अंकित हो और ज्वैलर से पक्का जीएसटी बिल अवश्य लें।गोल्ड निवेश के विभिन्न विकल्पों की सीधी तुलनानिवेश का विकल्पशुद्धतामेकिंग/अतिरिक्त चार्जलॉकर/चोरी का जोखिमलिक्विडिटी (बिक्री की सुगमता)गोल्ड ईटीएफ (ETF)99.5%शून्य (केवल मामूली ब्रोकरेज)कोई जोखिम नहींअत्यधिक उच्च (मार्केट आवर्स में)सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB)99.9% (24K भाव)शून्य (+2.5% ब्याज बोनस)कोई जोखिम नहींमध्यम (एक्सचेंज वॉल्यूम पर निर्भर)गोल्ड म्यूचुअल फंड99.5% (अप्रत्यक्ष)शून्य (0.1%-0.5% एक्सपेंस रेशियो)कोई जोखिम नहीं1-2 दिन (NAV आधारित)डिजिटल गोल्ड99.99% (24K)2-3% स्प्रेड (खरीद-बिक्री अंतर)वॉल्ट द्वारा बीमितउच्च (ऐप के जरिए 24x7)फिजिकल सिक्के/बार99.9%1% से 3%लॉकर की जरूरतउच्च (स्थानीय सर्राफा बाजार)पारंपरिक आभूषण22K या 18K10% से 25% (मेकिंग चार्ज)लॉकर की जरूरतमध्यम (मेकिंग चार्ज कट जाता है)धनतेरस पर खरीदारी करते समय इन 4 बातों का रखें विशेष ध्यानपोर्टफोलियो आवंटन: व्यक्तिगत वित्तीय योजनाकारों के अनुसार, कुल निवेश पोर्टफोलियो का 10% से 15% हिस्सा ही सोने में आवंटित किया जाना चाहिए ताकि पोर्टफोलियो संतुलित रहे।कैश के बजाय डिजिटल पेमेंट: ₹50,000 या उससे अधिक के भौतिक सोने की नकद खरीदारी पर पैन कार्ड देना अनिवार्य होता है; इसलिए यूपीआई, नेट बैंकिंग या डेबिट कार्ड से भुगतान कर पक्का बिल प्राप्त करें।मेकिंग चार्ज पर मोलभाव: यदि आप आभूषण खरीद ही रहे हैं, तो धनतेरस के ऑफर्स के तहत ज्वैलर्स द्वारा दिए जाने वाले मेकिंग चार्ज डिस्काउंट की तुलना 2-3 दुकानों पर अवश्य करें।बीआईएस केयर ऐप से जांच: भारतीय मानक ब्यूरो के 'BIS Care App' पर ज्वैलरी या सिक्के पर छपे 6-अंकीय HUID नंबर को डालकर उसकी शुद्धता, वजन और ज्वैलर के लाइसेंस की प्रामाणिकता खुद जांचें।
दिवाली से ठीक पहले दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों के उपयोग पर एक अहम और संतुलित फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने पटाखों पर पूरी तरह से 'ब्लैंकेट बैन' (पूर्ण प्रतिबंध) लगाने की मांग वाली याचिकाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि अदालत न तो पटाखों पर पूर्ण पाबंदी लगाएगी और न ही 24 घंटे लगातार आतिशबाजी की बेलगाम छूट देगी। जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने कहा कि त्योहारों की धार्मिक परंपराओं, जनभावनाओं और नागरिकों के स्वच्छ हवा व स्वास्थ्य के मौलिक अधिकार के बीच एक व्यावहारिक संतुलन बनाना बेहद आवश्यक है। अदालत ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में केवल वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित 'ग्रीन क्रैकर्स' (हरित पटाखे) को निर्धारित समय-सीमा के भीतर जलाने की सशर्त अनुमति दी है।पटाखे जलाने की तय टाइमिंग: सुबह और शाम केवल निर्धारित घंटेसर्वोच्च न्यायालय ने प्रदूषण नियंत्रण और सार्वजनिक शांति को ध्यान में रखते हुए आतिशबाजी के लिए कड़े समय स्लॉट निर्धारित किए हैं। आदेश के अनुसार, लोग मनमाने समय पर पटाखे नहीं जला सकेंगे। अनुमत दिनों में केवल निम्नलिखित तय समय पर ही ग्रीन पटाखे जलाए जा सकेंगे:सुबह का समय: प्रातः 06:00 बजे से सुबह 07:00 बजे तक (कुल 1 घंटा)शाम और रात का समय: रात 08:00 बजे से रात 10:00 बजे तक (कुल 2 घंटे)(नोट: अदालत ने साफ निर्देश दिया है कि रात 10:00 बजे के बाद और सुबह 6:00 बजे से पहले किसी भी तरह की आतिशबाजी पर पूर्ण रोक रहेगी। तय समय-सीमा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ स्थानीय पुलिस को तुरंत एफआईआर और जब्ती की कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है)।केवल 'प्रमाणित ग्रीन क्रैकर्स' को ही अनुमति, बेरियम वाले पटाखों पर प्रतिबंध जारीअदालत के निर्देशानुसार, सामान्य या पारंपरिक पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर पाबंदी पूरी तरह बरकरार रहेगी। केवल वही पटाखे वैध माने जाएंगे जो वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR-NEERI) और पेट्रोलियम तथा विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) द्वारा अधिकृत फॉर्मूले से तैयार किए गए हैं।हानिकारक रसायनों पर रोक: पटाखों में बेरियम नाइट्रेट, लिथियम, आर्सेनिक, लेड और मरकरी जैसे अत्यधिक विषैले भारी रसायनों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध जारी रहेगा।कम धुआं और कम शोर: ग्रीन क्रैकर्स सामान्य पटाखों की तुलना में 30% से 35% कम पर्टिकुलेट मैटर (PM 2.5 और PM 10) उत्सर्जित करते हैं और इनमें धूल व धुएं को दबाने वाले विशेष एडिटिव्स मौजूद होते हैं।क्यूआर कोड अनिवार्य: प्रत्येक वैध ग्रीन पटाखे के डिब्बे पर नीरी (NEERI) का आधिकारिक हरा लोगो और एक स्कैन करने योग्य 'क्यूआर कोड' (QR Code) होना अनिवार्य है, जिसे स्कैन करके कोई भी ग्राहक उसकी प्रामाणिकता जांच सकता है।'साइलेंट जोन' में पटाखों पर पूर्ण रोक और ऑनलाइन बिक्री पर पाबंदीसुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आवासीय व वाणिज्यिक क्षेत्रों के अलावा कुछ संवेदनशील इलाकों को पूरी तरह 'नो-क्रैकर जोन' (No-Cracker Zones) घोषित किया गया है।संवेदनशील क्षेत्र: अस्पतालों, नर्सिंग होम, स्वास्थ्य केंद्रों, शैक्षणिक संस्थानों (स्कूल-कॉलेज), अदालतों और धार्मिक स्थलों के 100 मीटर के दायरे में किसी भी समय पटाखा जलाने की सख्त मनाही रहेगी।ऑनलाइन ई-कॉमर्स पर प्रतिबंध: अमेज़न, फ्लिपकार्ट या अन्य किसी भी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म या सोशल मीडिया के जरिए पटाखों की ऑनलाइन बिक्री और डिलीवरी पर सख्त कानूनी रोक रहेगी।लाइसेंसी दुकानें: पटाखों की बिक्री केवल स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा आवंटित अस्थायी खुले मैदानों और अधिकृत लाइसेंसी दुकानों से ही की जा सकेगी। अनधिकृत फेरीवालों या अवैध भंडारण पर पुलिस छापेमारी कर माल तुरंत जब्त करेगी।निर्देशों का उल्लंघन हुआ तो अधिकारियों पर होगी अवमानना की कार्रवाईअदालत ने पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB/DPCC) को चेतावनी दी है कि वे अपने पिछले आदेशों का मजाक न बनने दें। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि संबंधित थाना क्षेत्रों के एसएचओ (SHO) अपने-अपने इलाकों में पटाखों के नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। यदि किसी क्षेत्र में प्रतिबंधित पटाखों की खुली बिक्री या निर्धारित समय के बाद बड़े पैमाने पर आतिशबाजी पाई जाती है, तो अदालत संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के खिलाफ न्यायालय की अवमानना (Contempt of Court) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।
वैश्विक क्रिप्टोकरेंसी बाजार में सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। अंतरराष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसियों और ब्लॉकचेन एनालिटिक्स फर्म्स ने क्रिप्टो निवेशकों के लिए आपातकालीन 'रेड अलर्ट' जारी किया है। एक बड़े विकेंद्रीकृत वित्त (DeFi) प्रोटोकॉल और मल्टी-सिग लिक्विडिटी ब्रिज पर हुए अत्याधुनिक साइबर हमले में शातिर हैकर्स ने मात्र 20 मिनट के भीतर लगभग 6 अरब डॉलर (भारतीय मुद्रा में करीब 52,000 करोड़ रुपये) के डिजिटल टोकन उड़ा लिए। ब्लॉकचेन के इतिहास में यह अब तक के सबसे तेज और सबसे बड़े साइबर हमलों में से एक माना जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि डिसेंट्रलाइज्ड लेजर पर काम करने वाला क्रिप्टो बाजार तकनीक की चकाचौंध के बीच कितना संवेदनशील और असुरक्षित हो सकता है।हैकर्स ने कैसे रचा पूरा चक्रव्यूह?ब्लॉकचेन फॉरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा जारी प्राथमिक तकनीकी रिपोर्ट के अनुसार, हैकर्स ने किसी सीधे पासवर्ड या यूजर अकाउंट में सेंध लगाने के बजाय कोर इंफ्रास्ट्रक्चर के सुरक्षा छेद को निशाना बनाया:स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट में फ्लैश लोन एक्सप्लॉइट: हमलावरों ने स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट के कोड में मौजूद एक सूक्ष्म लॉजिक लूपहोल का फायदा उठाया। उन्होंने फ्लैश लोन के जरिए कुछ ही सेकंड में भारी लिक्विडिटी हासिल की और प्रोटोकॉल के मूल्य निर्धारण तंत्र (Oracle Price Feed) में हेरफेर कर दिया।मल्टी-सिग वैलिडेटर की प्राइवेट कीज में सेंध: प्रोटोकॉल के बड़े लेन-देन को अधिकृत करने वाली मुख्य वैलिडेटर नोड्स (Validator Nodes) में से 5 महत्वपूर्ण प्राइवेट कीज (Private Keys) को मालवेयर और एडवांस्ड फिशिंग अटैक के जरिए हैकर्स ने गुप्त रूप से हासिल कर लिया था।टोकन मिक्सर से मनी लॉन्ड्रिंग: फंड्स की निकासी होते ही हैकर्स ने ब्लॉकचेन पर ट्रैकिंग से बचने के लिए तुरंत विभिन्न गोपनीयता टूल्स (Privacy Protocols / Mixers) और क्रॉस-चेन ब्रिजों के जरिए फंड को छोटे-छोटे हिस्सों में स्थानांतरित कर दिया, जिससे रिकवरी की संभावना बेहद जटिल हो गई है।क्या आपका क्रिप्टो वॉलेट सुरक्षित है? समझें हॉट बनाम कोल्ड वॉलेटइस बड़ी चोरी के बाद भारत समेत दुनियाभर के खुदरा निवेशकों के बीच यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या उनका व्यक्तिगत वॉलेट और जमा पूंजी सुरक्षित है। सुरक्षा का स्तर पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस प्रकार के वॉलेट का उपयोग कर रहे हैं:वॉलेट का प्रकारसुरक्षा स्तरजोखिम की संभावनाकिसके लिए उपयुक्त?सेंट्रलाइज्ड एक्सचेंज (CEX)मध्यम से निम्नएक्सचेंज हैक, दिवालियापन या सरकारी जब्ती का सीधा खतरादैनिक ट्रेडिंग और तत्काल खरीद-बिक्रीसॉफ्टवेयर / हॉट वॉलेट (Hot Wallet)मध्यममोबाइल या लैपटॉप में मालवेयर, दुर्भावनापूर्ण लिंक व ड्रेनर्स का खतराWeb3, DeFi और छोटी मात्रा में लेन-देनहार्डवेयर / कोल्ड वॉलेट (Cold Wallet)सर्वोच्च (High)इंटरनेट से पूरी तरह डिस्कनेक्ट होने के कारण रिमोट हैकिंग लगभग असंभवदीर्घकालिक निवेश और बड़ी होल्डिंग्सयदि आपके टोकन किसी सेंट्रलाइज्ड क्रिप्टो एक्सचेंज या लगातार इंटरनेट से जुड़े हॉट वॉलेट में पड़े हैं, तो वे साइबर हमलों, फिशिंग ड्रेनर्स और प्लेटफॉर्म जोखिम के सीधे दायरे में आते हैं।क्रिप्टो निवेशकों को तुरंत उठाने होंगे ये 5 जरूरी कदमक्रिप्टो परिसंपत्तियों को डिजिटल चोरों से बचाने के लिए विशेषज्ञों ने सभी निवेशकों को तुरंत निम्नलिखित सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी है:फंड्स को कोल्ड स्टोरेज में ट्रांसफर करें: अपनी 80% से अधिक दीर्घकालिक होल्डिंग्स को इंटरनेट से कटे हार्डवेयर वॉलेट (जैसे लेजर या ट्रेजर) में सुरक्षित रखें।स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट अप्रूवल तुरंत निरस्त करें: अक्सर निवेशक विभिन्न डिसेंट्रलाइज्ड एप्स (dApps) को 'अनलिमिटेड टोकन अप्रूवल' दे देते हैं। रिवोक टूल्स (जैसे Revoke.cash) पर जाकर सभी पुराने, अप्रयुक्त और संदिग्ध कॉन्ट्रैक्ट अप्रूवल्स को तत्काल कैंसिल करें।सीड फ्रेज (Seed Phrase) को ऑफलाइन रखें: अपने 12 या 24 शब्दों के सीक्रेट रिकवरी फ्रेज को कभी भी फोन के स्क्रीनशॉट, ईमेल, गूगल ड्राइव या क्लाउड नोट्स में सेव न करें। इसे केवल डायरी में लिखकर सुरक्षित लॉकर में रखें।हार्डवेयर-बेस्ड 2FA सक्रिय करें: एक्सचेंज खातों पर एसएमएस आधारित ओटीपी के बजाय गूगल ऑथेंटिकेटर या हार्डवेयर सिक्योरिटी की (YubiKey) का ही इस्तेमाल करें, ताकि सिम-स्वैप फ्रॉड से बचा जा सके।अज्ञात एयरड्रॉप्स और लिंक्स से दूरी बनाएं: वॉलेट में अचानक दिखे किसी मुफ्त एयरड्रॉप या अज्ञात टोकन को कभी स्वैप या अप्रूव न करें; ये आधुनिक 'वॉलेट ड्रेनर' (Wallet Drainer) कॉन्ट्रैक्ट हो सकते हैं जो एक क्लिक में पूरा बैलेंस खाली कर देते हैं।
एक दिन में बदला गेम, अंबानी फिर एशिया के सबसे अमीर, चीनी अरबपति पीछे
Mukesh Ambani Asia's Richest: मुकेश अंबानी ने दुनिया के टॉप अरबपतियों की लिस्ट में लंबी छलांग लगाई है और सोमवार को रिलायंस शेयर में आई रैली के चलते वे चीनी अरबपति को पीछे छोड़ते हुए फिर से एशिया के सबसे अमीर इंसान बन गए हैं.
चेत जाएं भारत के दुश्मन! समंदर में कोई भी गलती पड़ेगी भारी, भारतीय नौसेना को मिलेंगे 8 नए युद्धपोत
कॉर्वेट युद्धपोत अत्याधुनिक क्षमताओं से लैस होंगे। इसमें उन्नत मिसाइलें, हथियार और सेंसर सूट शामिल हैं, जो उन्हें वायु, सतह और जलमग्न क्षेत्रों में मिशन को अंजाम देने में सक्षम बनाएंगे।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति और भू-राजनीतिक गलियारों से इस वक्त दुनिया को हिला देने वाली एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। अमेरिका के जाने-माने और प्रभावशाली मीडिया पर्सनालिटी, फॉक्स न्यूज के पूर्व होस्ट और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी रहे टकर कार्लसन (Tucker Carlson) ने एक बार फिर परमाणु युद्ध की आसन्न तबाही को लेकर बेहद डरावनी चेतावनी जारी की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किए गए अपने एक लंबे और विमर्श पैदा करने वाले बयान में कार्लसन ने दावा किया है कि वॉशिंगटन डीसी में कहीं एक गुप्त 'न्यूक्लियर क्लॉक' टिक-टिक कर रही है। उनके अनुसार, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) के बढ़ते राजनीतिक दबाव के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान के परमाणु ठिकानों पर परमाणु हमला करने का आदेश देने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। इस सनसनीखेज दावे के बाद से वैश्विक कूटनीति में खलबली मच गई है और तीसरे विश्व युद्ध की आशंकाओं पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। आइए विस्तार से जानते हैं कि टकर कार्लसन के इन दावों के पीछे की पूरी सच्चाई क्या है और अमेरिकी राजनीति में इसे लेकर क्या प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।नेतन्याहू की हताशा और ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले की आशंकाटकर कार्लसन ने अपने इस सनसनीखेज दावे में कहा है कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस समय राजनीतिक रूप से चारों तरफ से घिर चुके हैं और बेहद हताश स्थिति में हैं। कार्लसन के मुताबिक, जब तक अमेरिका उनकी मदद नहीं करता, तब तक इजरायल में उनके लिए राजनीतिक अस्तित्व बचाना मुश्किल हो रहा है।यही वजह है कि नेतन्याहू लगातार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन करके दबाव बना रहे हैं। कार्लसन का दावा है कि इस दबाव के चलते अमेरिका ईरान की बेहद सुरक्षित और भूमिगत मानी जाने वाली नतान्ज परमाणु सुविधा के पास स्थित 'पिकएक्स माउंटेन' जैसे ठिकानों पर हमला करने के विकल्प तलाश रहा है। कार्लसन ने यहां तक कह दिया कि मौजूदा हालात में युद्ध के मैदान में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को आसान बनाने के लिए अमेरिकी परमाणु नीति में चुपचाप बदलाव किए गए हैं, हालांकि व्हाइट हाउस या पेंटागन की तरफ से इसकी कभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।क्या मंडरा रहा है तीसरे विश्व युद्ध का खतरा? भारत और पाकिस्तान का भी जिक्रअपनी इस चेतावनी को और अधिक भयावह बनाते हुए टकर कार्लसन ने दावा किया है कि यदि अमेरिका द्वारा ईरान पर पहला परमाणु हमला किया जाता है, तो इसके परिणाम पूरी मानवता के लिए विनाशकारी साबित होंगे। फारस की खाड़ी (Persian Gulf) क्षेत्र में रेडियोधर्मी प्रदूषण फैलने के साथ ही इस संघर्ष की आग बहुत दूर तक फैल सकती है।कार्लसन ने अपनी बात रखते हुए भारत, पाकिस्तान, रूस और उत्तर कोरिया जैसे देशों का भी हवाला दिया और आशंका जताई कि यह टकराव अंततः एक भयानक तीसरे विश्व युद्ध (World War III) का रूप ले सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह संभावित युद्ध भले ही छोटा हो, लेकिन बेहद निर्णायक और सर्वनाश करने वाला होगा। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों और गंभीर नीति-निर्माताओं ने कार्लसन के इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि इन बड़े और डरावने दावों के समर्थन में उनके पास कोई पुख्ता दस्तावेज या ठोस सबूत नहीं है, और वे केवल गुमनाम सूत्रों के बयानों पर निर्भर हैं।दावों की सच्चाई पर सवाल और ट्रंप का पुराना रुखटकर कार्लसन द्वारा उठाए गए इन गंभीर मुद्दों के बीच राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा है कि उनके इन दावों और वास्तविक जमीनी हकीकत के बीच बहुत बड़ा अंतर है। स्वयं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ समय पहले एक मीडिया इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा था कि वे परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने के पक्ष में नहीं हैं और अमेरिका को ऐसी किसी कार्रवाई की कोई आवश्यकता नहीं है।इसके अलावा, आतंकवाद काउंटर और खुफिया एजेंसियों के पूर्व अधिकारियों का भी यह मानना रहा है कि ईरान द्वारा परमाणु हथियार विकसित करने के मामले में खुफिया रिपोर्टें उतनी आसन्न नहीं हैं जितनी कि आशंका जताई जा रही है। सोशल मीडिया पर तो इस बहस को लेकर कई तरह के मीम्स भी वायरल हो रहे हैं, जिसमें यह तंज कसा जा रहा है कि वर्षों से यह दावा किया जा रहा है कि ईरान परमाणु बम बनाने से कुछ ही हफ्ते दूर है, लेकिन हकीकत में ऐसा कुछ सामने नहीं आया है।MAGA आंदोलन के भीतर वैचारिक मतभेद और टकर कार्लसन की भूमिकायह पूरा घटनाक्रम इस बात को भी उजागर करता है कि किस प्रकार अमेरिका के 'MAGA' (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) आंदोलन के भीतर ही विदेश नीति को लेकर गंभीर वैचारिक मतभेद पैदा हो गए हैं। कभी डोनाल्ड ट्रंप के सबसे बड़े समर्थक माने जाने वाले टकर कार्लसन अब अमेरिका फर्स्ट की उस विचारधारा के समर्थक बन गए हैं जो यह मानती है कि अमेरिका को मध्य-पूर्व के अंतहीन युद्धों और विदेशी लड़واियों में खुद को नहीं झोंकना चाहिए।कार्लसन का तर्क है कि अमेरिकी विदेश नीति को पूरी तरह से इजरायली हितों के अधीन नहीं किया जाना चाहिए। वॉशिंगटन में नेतन्याहू के बढ़ते प्रभाव और लॉबीइंग पर खुलकर सवाल उठाने वाले कार्लसन रूढ़िवादी राजनीति की उस स्थापित परंपरा को चुनौती दे रहे हैं जो इजरायल को बिना शर्त समर्थन देने की वकालत करती है। एक तरफ जहां आलोचकों का मानना है कि कार्लसन अनावश्यक रूप से साजिशी थ्योरी और तनाव को हवा दे रहे हैं, वहीं उनके समर्थकों का एक बड़ा वर्ग उन्हें अमेरिका की स्थापित व्यवस्था के खिलाफ बोलने वाली एक साहसी और स्वतंत्र आवाज मानता है।
Cyclone Murasu: आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में 120 किमी की रफ्तार से टकराया चक्रवात
अमरावती, तीन नवंबर गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ ने मंगलवार तड़के आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र में भारी तबाही मचाई जहां हजारों पेड़ उखड़ गए, बिजली के सैकड़ों खंभे और मछुआरों की नौकाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। बापटला और प्रकाशम सहित कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है और कई इलाके पानी में डूब गए हैं। प्रकाशम जिले के कोठापतनम के एक मछुआरे कृष्णम्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘पिछले 14 वर्षों में हमने इतना खतरनाक चक्रवात नहीं देखा। सरकार ने हमारी काफी मदद की और गांव के करीब 400 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम ने भी हमें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में मदद की।’’उन्होंने कहा कि अब उन्हें जाकर देखना होगा कि उनकी नावों की क्या स्थिति है। एक अन्य स्थानीय निवासी मंगम्मा ने बताया कि पिछले चक्रवात के दौरान उनका घर तबाह हो गया था, लेकिन इस बार सरकार ने चक्रवात के तट से टकराने से पहले ही उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले चक्रवात में मैंने अपना घर खो दिया था और मेरा परिवार सड़क पर आ गया था। इस बार सरकार ने चक्रवात के तट से टकराने से पहले ही हमें सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। हालांकि, मेरी तीन नौकाओं में से एक पूरी तरह नष्ट हो गई है। मछली पकड़ना ही हमारी आजीविका का साधन है।’’चक्रवात के प्रभाव से हजारों पेड़ उखड़ गए और बिजली के सैकड़ों खंभे टूट गए। इसके अलावा कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण सड़कों पर दूर तक देख पाना मुश्किल हो गया जिससे राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहन फंस गए और चालकों को काफी परेशानी हुई। खराब मौसम के कारण यातायात बाधित हुआ और कई स्थानों पर यात्री फंसे रहे। मौसम विभाग के अनुसार, गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ मंगलवार तड़के सुबह साढ़े तीन बजे से साढ़े पांच बजे के बीच ओंगोल के पास नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार कर गया। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे रही। मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवात के मंगलवार दोपहर तक धीरे-धीरे कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में बदलने और आधी रात तक अवदाब के क्षेत्र में तब्दील होने के आसार हैं। मंगलवार को तटीय आंध्र प्रदेश के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश और छिटपुट स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं।
अक्सर लोगों का मानना होता है कि यदि उनका क्रेडिट स्कोर (CIBIL Score) 750 या 800 से ऊपर है, तो बैंक आंख मूंदकर उनका लोन पास कर देगा। हालांकि, कई बार उत्कृष्ट क्रेडिट हिस्ट्री होने के बावजूद लोन एप्लीकेशन सीधे रिजेक्ट हो जाती है या अंडरराइटिंग स्टेज पर अटक जाती है। क्रेडिट स्कोर केवल यह दर्शाता है कि आपने अतीत में लिए गए कर्जों का भुगतान कितनी ईमानदारी से किया है, लेकिन यह इस बात की गारंटी नहीं देता कि आप भविष्य में एक नया कर्ज चुकाने में पूरी तरह सक्षम हैं या नहीं। बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFCs) लोन स्वीकृत करने से पहले आवेदक की वर्तमान आय, बचत, मौजूदा देनदारियों और रोजगार की स्थिरता जैसे कई अन्य कड़े पैमानों की गहन जांच करते हैं।हाई सिबिल स्कोर के बाद भी लोन रिजेक्ट होने के 7 प्रमुख कारणप्रमुख कारणबैंक के रिजेक्शन का आधारप्रभाव1. अधिक FOIR (ऋण-आय अनुपात)मौजूदा ईएमआई कुल मासिक आय का 50% से अधिक होनानई ईएमआई चुकाने के लिए बचत न बचना2. जॉब और आय में अस्थिरताबार-बार कंपनी बदलना या न्यूनतम कार्य अनुभव न होनावित्तीय अनिश्चितता का जोखिम3. क्रेडिट रिपोर्ट में 'Settled' फ्लैगपुराने किसी लोन या कार्ड का डिस्काउंट पर सेटलमेंटसिबिल सुधरने के बाद भी विश्वसनीयता पर दाग4. कम समय में बार-बार हार्ड इन्क्वायरीएक साथ कई बैंकों में एक ही समय लोन के लिए अप्लाई करना'क्रेडिट हंग्री' (कर्ज का भूखा) व्यवहार दिखना5. प्रॉपर्टी या कानूनी अड़चनें (होम लोन)संपत्ति का अप्रूव्ड नक्शा या मालिकाना हक स्पष्ट न होनाकोलेटरल सुरक्षा में कमी6. बैंक स्टेटमेंट में रेड फ्लैग्सचेक बाउंस, ईसीएस बाउंस या सैलरी नकद में आनानकदी प्रवाह की कमजोर स्थिति7. गारंटर या को-बॉरोअर का खराब रिकॉर्डदूसरे के लोन में गारंटर बनना जहां डिफ़ॉल्ट हुआ होसंयुक्त वित्तीय जिम्मेदारी में चूक1. उच्च एफओआईआर (Fixed Obligation to Income Ratio)लोन रिजेक्शन का सबसे बड़ा कारण आवेदक का 'ऋण-आय अनुपात' (FOIR) होता है। यदि आपकी मासिक आय ₹1,00,000 है और आप पहले से चल रहे होम लोन, ऑटो लोन या पर्सनल लोन के लिए हर महीने ₹55,000 ईएमआई भर रहे हैं, तो आपका एफओआईआर 55% है। अधिकांश बैंक 40% से 50% से अधिक के एफओआईआर पर नए लोन की अनुमति नहीं देते। भले ही आपका सिबिल स्कोर 800 हो, बैंक यह देखता है कि घर का खर्च निकालने के बाद आपके पास नई ईएमआई भरने के लिए पर्याप्त नकदी नहीं बचेगी।2. रोजगार और आय की स्थिरता की कमीबैंक नियमित और विश्वसनीय आय प्रवाह को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। यदि कोई वेतनभोगी कर्मचारी पिछले एक साल में 2 या 3 बार नौकरियां बदल चुका है, या प्रोबेशन पीरियड पर है, तो बैंक उसे जोखिम भरा मान सकते हैं। स्व-रोजगार (Self-employed) और व्यवसायियों के मामले में पिछले 2 से 3 वर्षों के आयकर रिटर्न (ITR), बैलेंस शीट और प्रॉफिट-मार्जिन में निरंतर वृद्धि दिखना जरूरी होता है। यदि बिजनेस में घाटा या टर्नओवर में भारी गिरावट दर्ज है, तो सिबिल स्कोर मददगार नहीं बनता।3. क्रेडिट रिपोर्ट में 'Written Off' या 'Settled' का दागकई बार लोग किसी पुराने क्रेडिट कार्ड या पर्सनल लोन का पूरा भुगतान न करके बैंक से वन-टाइम सेटलमेंट (OTS) करा लेते हैं। इसके बाद समय बीतने पर सिबिल स्कोर 750 तक सुधर जाता है, लेकिन क्रेडिट ब्यूरो की विस्तृत रिपोर्ट (CIR) में वह खाता हमेशा के लिए 'Settled' या 'Written-Off' के रूप में दर्ज रहता है। क्रेडिट मैनेजर इस विवरण को देखते ही एप्लीकेशन को असुरक्षित मानकर खारिज कर देते हैं।4. 'क्रेडिट हंग्री' बर्ताव और बार-बार हार्ड इन्क्वायरीजब कोई व्यक्ति एक ही महीने में 4-5 अलग-अलग बैंकों या लोन ऐप्स में पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करता है, तो हर बैंक उसकी सिबिल रिपोर्ट खींचता है। इसे 'हार्ड इन्क्वायरी' कहा जाता है। कम अंतराल में दर्जनों हार्ड इन्क्वायरी दिखने पर एल्गोरिदम आवेदक को वित्तीय संकट में फंसा या 'क्रेडिट हंग्री' मान लेता है, जिससे लोन प्रोसेसिंग सिस्टम अपने आप आवेदन को रिजेक्ट कर देता है।5. बैंक स्टेटमेंट में बाउंस और कैश सैलरी की समस्याअंडरराइटिंग टीम आवेदक के पिछले 6 महीने के बैंक स्टेटमेंट की बारीकी से जांच करती है। यदि खाते में न्यूनतम बैलेंस (MAB) न रहने पर पेनल्टी लगी हो, खाते से कटी कोई ईएमआई या चेक बाउंस हुआ हो, या वेतन खाते में सीधे एनईएफटी/आरटीजीएस के बजाय नकद (Cash) जमा होता हो, तो बैंक इसे आय का वैध और पारदर्शी प्रमाण नहीं मानते।6. प्रॉपर्टी के दस्तावेजों और लीगल वेरिफिकेशन में कमीविशेष रूप से होम लोन या लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी (LAP) के मामलों में आवेदक की वित्तीय क्षमता के साथ-साथ गिरवी रखी जाने वाली संपत्ति की वैधता मुख्य आधार होती है। यदि संपत्ति का लेआउट स्थानीय विकास प्राधिकरण (जैसे DDA, LDA, NOIDA) से स्वीकृत नहीं है, जमीन फ्रीहोल्ड नहीं है, या 30 साल की टाइटल सर्च रिपोर्ट में किसी पिछले वारिस का विवाद सामने आता है, तो बैंक लोन देने से तुरंत इनकार कर देता है।7. सह-आवेदक या गारंटर की पुरानी चूकयदि आपने किसी रिश्तेदार या मित्र के लोन में 'गारंटर' (Guarantor) के रूप में हस्ताक्षर किए थे और उस मुख्य कर्जदार ने किस्तें चुकाने में देरी की है, तो उसका सीधा नकारात्मक प्रभाव आपकी प्रोफाइल पर भी पड़ता है। इसी तरह, यदि आप पति-पत्नी मिलकर जॉइंट होम लोन के लिए आवेदन कर रहे हैं और को-एप्लिकेंट का वित्तीय रिकॉर्ड कमजोर है, तो संयुक्त पात्रता प्रभावित हो जाती है।लोन रिजेक्शन से बचने के लिए क्या सावधानियां बरतें?नया लोन अप्लाई करने से पहले इन व्यावहारिक कदमों पर ध्यान दें:एफओआईआर को 40% से नीचे लाएं: यदि पहले से छोटे पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड ईएमआई चल रही हैं, तो नए बड़े लोन (जैसे होम लोन) से पहले उन छोटे कर्जों का प्री-पेमेंट कर दें।मल्टीपल एप्लीकेशन से बचें: एक साथ कई बैंकों में अप्लाई करने के बजाय पहले किसी एक बैंक से अपनी पात्रता (Eligibility) की सैद्धांतिक जांच करवाएं।क्रेडिट रिपोर्ट का पूरा ऑडिट करें: अपनी विस्तृत सिबिल रिपोर्ट निकालें और देखें कि कहीं किसी बंद हो चुके खाते की गलत एंट्री तो नहीं दर्ज है। यदि कोई तकनीकी त्रुटि है, तो सिबिल के ऑनलाइन डिस्प्यूट पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।आय का पक्का डिजिटल रिकॉर्ड रखें: सैलरी हमेशा अधिकृत बैंकिंग चैनल से लें और व्यवसाय के मामले में समय पर सही टैक्स ऑडिट व आईटीआर दाखिल करें।
मध्य पूर्व की राजनीति और भू-राजनीतिक उथल-पुथल के केंद्र इजरायल से इस वक्त एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज राजनीतिक खबर सामने आ रही है। लंबे समय से देश की सत्ता पर काबिज प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के राजनीतिक वर्चस्व के खिलाफ इजरायली संसद में समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। देश में नई सरकार के गठन और राजनीतिक स्थिरता बहाल करने के लिए अब प्रमुख राजनीतिक दल मध्यमार्गी गठबंधन के कद्दावर नेता और पूर्व सेना प्रमुख गादी आइसेनकोट (Gadi Eisenkot) के पक्ष में एकजुट होने लगे हैं। इजरायली राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोर पकड़ चुकी है कि देश के मतदाताओं ने बदलाव के लिए मतदान किया है, और अब समय आ गया है कि राष्ट्रपति आइजक हरजोग सरकार बनाने के लिए आइसेनकोट को औपचारिक रूप से आमंत्रित करें। पूर्व प्रधानमंत्री नाफ्ताली बेनेट और विपक्षी नेता याइर लैपिड समेत कई बड़े नेताओं के खुलकर समर्थन में आने के बाद नेतन्याहू की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि इजरायल की राजनीति में चल रहे इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के पीछे की पूरी कहानी क्या है।नाफ्ताली बेनेट और एविग्डोर लिबरमैन ने की आइसेनकोट को पीएम बनाने की जोरदार मांगइजरायल के राजनीतिक पटल पर नेतन्याहू विरोधी दलों ने अपनी ताकत दिखानी शुरू कर दी है। समाचार एजेंसी एएनआई और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बियाहाड पार्टी के नेता और देश के पूर्व प्रधानमंत्री नाफ्ताली बेनेट (Naftali Bennett) ने खुलकर ऐलान किया है कि वे राष्ट्रपति से यह मांग करेंगे कि याशर पार्टी के प्रमुख गादी आइसेनकोट को तुरंत प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई जानी चाहिए। बेनेट का कहना है कि चुनावी जनादेश का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए और देश को सही रास्ते पर वापस लाने के लिए आइसेनकोट का नेतृत्व इस समय सबसे जरूरी है।इसी कड़ी में, इजरायल बेतेनु पार्टी के प्रमुख एविग्डोर लिबरमैन ने भी बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में किसी भी मिली-जुली या दक्षिणपंथी सरकार के गठन की संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया है। लिबरमैन का तर्क है कि इजरायल की जनता ने जो मतदान किया है, उसका मुख्य उद्देश्य नेतन्याहू को सत्ता से बाहर करना था, क्योंकि संसद में नेतन्याहू विरोधी दलों के पास स्पष्ट बहुमत मौजूद है। लिबरमैन ने यह भी साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी गादी आइसेनकोट को प्रधानमंत्री और याइर लैपिड को देश की संसद 'नीसेट' का स्पीकर बनाए जाने के प्रस्ताव का पूरी तरह समर्थन करती है।गादी आइसेनकोट के आवास के बाहर हंगामा, दक्षिणपंथी समर्थकों ने किया प्रदर्शनएक तरफ जहां राजनीतिक गलियारों में आइसेनकोट के समर्थन में माहौल बन रहा है, वहीं दूसरी तरफ देश में तनाव का माहौल भी गहराता जा रहा है। हाल ही में रविवार रात को गादी आइसेनकोट के निजी आवास के बाहर भारी संख्या में दक्षिणपंथी दलों के समर्थक पहुंच गए और वहां जोरदार नारेबाजी तथा तोड़फोड़ का प्रयास किया।प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि गाजा युद्ध के दौरान पूर्व सेना प्रमुख रहे आइसेनकोट की नीतियों के कारण ही उनके बेटों और सैनिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इस घटना की इजरायल के कई नेताओं ने कड़ी निंदा की है। डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता याइर गोलान ने आइसेनकोट के घर के बाहर हुए इस हंगामे के लिए सीधे तौर पर नेतन्याहू समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया है। गोलान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि दक्षिणपंथी दल और नेतन्याहू समर्थक यह बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं कि देश की सत्ता पर उनकी विचारधारा से अलग कोई दूसरा योग्य व्यक्ति बैठे। उन्होंने राजनेताओं को राजनीति में मर्यादा और नैतिक सीमाओं का पालन करने की सख्त सलाह दी है।राष्ट्रपति आइजक हरजोग के पाले में गेंद, क्या नेतन्याहू का युग होगा समाप्तअंतरराष्ट्रीय मीडिया एजेंसी रायटर के अनुसार, इजरायल में नई सरकार के गठन को लेकर अब पूरी राजनीतिक गेंद राष्ट्रपति आइजक हरजोग (Isaac Herzog) के पाले में चली गई है। हालांकि राष्ट्रपति हरजोग ने अपने संतुलित और विनम्र स्वभाव के तहत सभी दलों को खुले मन और खुले दिल से संसद में आकर बातचीत करने का आह्वान किया है, जिससे तकनीकी रूप से बेंजामिन नेतन्याहू के लिए भी थोड़ी बहुत गुंजाइश बची हुई है।लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि हवा का रुख मौजूदा प्रधानमंत्री नेतन्याहू के पक्ष में बिल्कुल नजर नहीं आ रहा है। नेतन्याहू के मौजूदा दक्षिणपंथी गठबंधन के दायरे से बाहर के किसी भी अन्य प्रमुख दल या नेता ने उनके समर्थन में अब तक एक भी बयान नहीं दिया है। जानकारों का मानना है कि यदि राष्ट्रपति हरजोग मध्यमार्गी दलों की मांग का सम्मान करते हुए गादी आइसेनकोट को सरकार बनाने का न्योता देते हैं, तो इजरायल की राजनीति में दशकों पुराना एक बड़ा दौर समाप्त हो सकता है और देश को एक नया नेतृत्व मिल सकता है।
धनतेरस पर खाली बर्तन लाएं या भरकर? जानें क्या है शुभ
Dhanteras 2026: धनतेरस पर सोना-चांदी और बर्तनों की खरीदारी करना शुभ माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन खाली बर्तन घर नहीं लाना चाहिए? जानिए इसके पीछे की धार्मिक मान्यता.
पुरानी चूड़ियों से बनाएं डिजाइनर जेली बैंगल्स, बिना खर्च होंगी तैयार
How To Make Jelly Bangles: जेली बैंगल्स इन दिनों महिलाओं के बीच काफी ट्रेंड में हैं, लेकिन बाजार में इनकी कीमत भी ज्यादा है. ऐसे में पुरानी प्लास्टिक की चूड़ियों से घर पर ही खूबसूरत और रंग-बिरंगी जेली बैंगल्स तैयार कर सकती हैं. जानिए इन्हें बनाने का आसान तरीका और जरूरी सामान.
दिल्ली-एनसीआर में आसमान छूती जमीनों की कीमतें और फ्लैट्स के महंगे रखरखाव खर्च से परेशान मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए रियल एस्टेट मार्केट से एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से महज 2.5 से 3 घंटे की ड्राइव पर अब ₹30.53 लाख के बजट में बने-बनाए स्वतंत्र मकान (Ready-to-Move Independent Houses/Villas) उपलब्ध हो रहे हैं। इस बजट रेंज में घर मिलने से खरीदारों को न तो अलग से जमीन का प्लॉट खोजने की भागदौड़ करनी पड़ रही है और न ही महंगे ईंट, सीमेंट, सरिया और लेबर के साथ मकान निर्माण के तनाव से गुजरना पड़ रहा है। 'चाबी लो और शिफ्ट हो जाओ' के कॉन्सेप्ट पर तैयार ये टाउनशिप्स उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो रही हैं जो शांत वातावरण, प्रदूषण मुक्त हवा और अपने निजी आशियाने की तलाश में हैं।एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे से शानदार कनेक्टिविटीइन आवासीय प्रोजेक्ट्स की सबसे बड़ी यूएसपी इनकी रणनीतिक भौगोलिक स्थिति और सीधी कनेक्टिविटी है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून एक्सप्रेसवे और एनएच-9 (NH-9) के सुगम नेटवर्क के चलते गाजियाबाद, नोएडा और पूर्वी दिल्ली से इन लोकेशंस तक का सफर 2.5 से 3 घंटे में आसानी से पूरा हो जाता है। हापुड़, मुरादाबाद बाईपास, मेरठ आउटर, बुलंदशहर-अलीगढ़ कॉरिडोर और करनाल-पानीपत बेल्ट के निकटवर्ती विकसित इलाकों में ये टाउनशिप्स आकार ले रही हैं। चौड़े हाईवे, रैपिड रेल (RRTS) के विस्तार और एक्सप्रेसवे नेटवर्क के कारण वीकेंड पर आने-जाने या हाइब्रिड/रिमोट वर्क करने वाले प्रोफेशनल्स के लिए यह दूरी बेहद सुगम बन चुकी है।₹30.53 लाख में क्या-क्या मिल रहा है?इस किफायती बजट में डेवलपर्स गेटेड कम्युनिटी के भीतर आधुनिक जीवनशैली की तमाम बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं:मकान का प्रारूप: 50 से 75 वर्ग गज (Yard) के भूखंड पर निर्मित 1 BHK और कॉम्पैक्ट 2 BHK स्वतंत्र रो-हाउस या विला।इंटीरियर और फिटिंग्स: रेडी-टू-शिफ्ट स्थिति में फॉल सीलिंग, मॉड्यूलर किचन का बुनियादी ढांचा, टाइल्स फ्लोरिंग, ब्रांडेड सैनिटरी फिटिंग्स और आधुनिक इलेक्ट्रिकल वायरिंग।गेटेड सुरक्षा: 24x7 सीसीटीवी सर्विलांस, सुरक्षा गार्ड्स, बाउंड्री वॉल और मुख्य द्वार पर बूम बैरियर।टाउनशिप एमिनिटीज: चौड़ी पक्की सड़कें, अंडरग्राउंड सीवरेज लाइन, स्ट्रीट लाइट्स, बच्चों के खेलने के लिए पार्क और 24 घंटे जलापूर्ति।फ्लैट के मुकाबले स्वतंत्र घर क्यों बन रहा है पहली पसंद?एनसीआर में ₹30 से ₹35 लाख के बजट में आमतौर पर घनी आबादी वाले इलाकों में छोटे 1 BHK फ्लैट ही मिल पाते हैं, जहां हर महीने ₹2,000 से ₹4,000 तक का मेंटेनेंस चार्ज अलग से चुकाना पड़ता है और छत या जमीन पर कोई मालिकाना हक नहीं होता। इसके विपरीत, इन बने-बनाए घरों में खरीदार को 'जमीन से लेकर छत तक' (Freehold Property) का पूरा मालिकाना अधिकार मिलता है। भविष्य में परिवार की जरूरत के हिसाब से पहली या दूसरी मंजिल का निर्माण करने की पूरी आजादी रहती है। इसके अलावा, फ्लैटों की तुलना में स्वतंत्र मकानों में प्राइवेसी अधिक रहती है और गाड़ियों की पार्किंग का कोई झंझट नहीं होता।होम लोन और सब्सिडी की आसान सुविधाअधिकांश टाउनशिप्स रेरा (RERA) स्वीकृत और स्थानीय विकास प्राधिकरणों के नियमों के तहत विकसित की जा रही हैं। ₹30.53 लाख की लागत वाले इन घरों पर देश के प्रमुख सरकारी और निजी बैंकों से 80% से 85% तक का होम लोन आसानी से उपलब्ध हो रहा है।विवरणअनुमानित आंकड़ेमकान की कुल कीमत₹30,53,000डाउन पेमेंट (लगभग 15-20%)₹4,50,000 – ₹6,00,000अनुमानित लोन राशि (8.5% ब्याज पर)₹24,50,000 – ₹25,00,00020 साल के लिए मासिक ईएमआई (EMI)लगभग ₹21,200 – ₹21,700इसके अलावा, प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत पहली बार घर खरीदने वाले पात्र मध्यमवर्गीय परिवारों को ब्याज सब्सिडी और महिला के नाम पर रजिस्ट्री कराने पर स्टांप ड्यूटी में मिलने वाली राज्य-स्तरीय छूट का अतिरिक्त आर्थिक लाभ भी मिलता है।खरीदारी से पहले इन कानूनी पहलुओं की करें पड़तालकिफायती घर का सौदा करते समय खरीदारों को कुछ जरूरी कानूनी और तकनीकी पहलुओं की जांच अवश्य कर लेनी चाहिए। सबसे पहले प्रोजेक्ट का रेरा (RERA) रजिस्ट्रेशन नंबर और स्थानीय जिला पंचायत या नगर योजनाकार से पास हुआ नक्शा जांचें। जमीन की 'दाखिल खारिज' (म्यूटेशन) और 30 साल की सर्च रिपोर्ट वकील से सत्यापित करवाएं। इसके साथ ही नजदीकी स्कूल, अस्पताल, बैंक और सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता को मौके पर जाकर परखें ताकि परिवार के साथ रहने में किसी भी प्रकार की दैनिक असुविधा न हो।
अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा भीषण और खूनी संघर्ष हर दिन एक नया और दहला देने वाला मोड़ ले रहा है। पूर्वी यूरोप से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जहां रूस की सेना द्वारा यूक्रेन के जपोरीजिया (Zaporizhzhia) क्षेत्र में एक स्कूल पर किए गए भीषण हवाई हमले में कम से कम 24 निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई है। यह स्कूल केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं था, बल्कि युद्ध पीड़ितों के लिए राहत सामग्री वितरण केंद्र और बेघर हुए शरणार्थियों के ठहरने का मुख्य ठिकाना बना हुआ था। इस दर्दनाक हमले के बाद पूरे यूक्रेन में शोक की लहर दौड़ गई है, वहीं दूसरी ओर दोनों देशों के बीच डिजिटल और साइबर युद्ध भी अपने चरम पर पहुंच गया है, जहां मोबाइल एप्स को हैक करके फर्जी परमाणु हमलों के अलर्ट भेजे जाने से भारी अफरातफरी मच गई है। आइए विस्तार से जानते हैं कि जपोरीजिया में हुए इस खूनी हमले और साइबर आतंक के पीछे की पूरी सच्चाई क्या है।जपोरीजिया के राहत सामग्री वितरण केंद्र पर रूसी बमबारी, बचाव कर्मियों समेत 24 की मौतयूक्रेन के जपोरीजिया क्षेत्र के एक शांत ग्रामीण इलाके में स्थित स्कूल पर हुए इस हमले ने युद्ध की विभीषिका को एक बार फिर बेनकाब कर दिया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए बताया कि जिस स्कूल को निशाना बनाया गया, वहां युद्ध से पीड़ित आम नागरिकों को भोजन, दवाइयां और अन्य राहत सामग्री वितरित की जा रही थी। इसके अलावा, अपने घरों से बेघर हो चुके दर्जनों शरणार्थियों ने इस स्कूल भवन में शरण ले रखी थी।प्राप्त जानकारी के अनुसार, रूसी सेना ने पहले इस स्कूल भवन पर एक हवाई हमला किया, और जब वहां राहत और बचाव कार्य शुरू हुआ तथा स्थानीय लोग व राहत कर्मी पीड़ितों की मदद के लिए इकट्ठा हुए, तो चंद मिनटों बाद वहां एक और जोरदार मिसाइल दाग दी गई। इस दोहरे हमले (Double-tap strike) के कारण हताहतों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। जपोरीजिया सिटी काउंसिल की सचिव रेजीना खारचेंको ने मीडिया को जानकारी दी है कि इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से कम से कम 27 लोग अभी भी लापता हैं, जिसके चलते मरने वालों की संख्या आने वाले समय में और बढ़ सकती है। मारे गए लोगों में राहत दल के दो बहादुर सदस्य भी शामिल हैं, जो अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की मदद कर रहे थे।मोबाइल एप्स पर बड़ा साइबर हमला: रूस और यूक्रेन में फर्जी परमाणु अलर्ट से मची अफरातफरीएक तरफ जहां मैदान-ए-जंग में मिसाइलों और बमों से इंसानी जिंदगियां तबाह हो रही हैं, वहीं दूसरी तरफ इस युद्ध का एक नया और खतरनाक डिजिटल मोर्चा भी खुल गया है। हाल ही में दोनों देशों के नागरिकों के मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर रहस्यमयी और डरावने साइबर हमलों की खबरें सामने आई हैं।यूक्रेन ने रूस पर उसके अधिकारिक इमर्जेंसी अलर्ट सिस्टम और मोबाइल एप्स को बड़े पैमाने पर हैक करने का गंभीर आरोप लगाया है। यूक्रेनी नागरिकों के मोबाइल फोन पर अचानक परमाणु हमलों और रासायनिक हथियारों (Chemical Attacks) के खतरे से जुड़े आपातकालीन अलर्ट धड़ाधड़ आने लगे। इन फर्जी और डरावने संदेशों को देखकर लोग बुरी तरह सहम गए और अपनी जान बचाने के लिए भूमिगत ठिकानों या घरों के बेसमेंट की तरफ भागने लगे। यह अफरा-तफरी तब और बढ़ गई जब यह छह दिनों के युद्धविराम के ठीक बाद शुरू हुई।हाइपरसोनिक मिसाइल और परमाणु हमले के झूठे संदेशों से दहशत का माहौलयूक्रेन के लोगों के मोबाइल पर प्रसारित होने वाले एक सबसे डरावने अलर्ट में यह दावा किया गया था कि रूस ने अपनी घातक हाइपरसोनिक मिसाइल 'ओरेश्निक' (Oreshnik) में परमाणु बम फिट करके उसे यूक्रेन की तरफ दाग दिया है। इस एक संदेश ने पूरे देश में हाहाकार मचा दिया। लोग जहां थे, वहीं डर के मारे सुरक्षित ठिकानों की तलाश करने लगे।हालांकि, कुछ ही घंटों के भीतर यूक्रेनी वायुसेना और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों को यह अहसास हो गया कि देश का आपातकालीन अलर्ट सिस्टम हैक हो चुका है, क्योंकि ये सभी आपातकालीन संदेश और टेलीग्राम चैट्स रूसी भाषा में प्रसारित हो रहे थे। वायुसेना की त्वरित जांच से यह स्पष्ट हो गया कि यह कोई वास्तविक हमला नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साइबर प्रोपोगंडा और हैकिंग का नतीजा था जिसने आम नागरिकों के बीच जानबूझकर दहशत फैलाने का काम किया।रूस के भी मोबाइल एप्स हुए साइबर अटैक का शिकार, 'आतेश' ग्रुप पर उठी उंगलीदिलचस्प बात यह है कि केवल यूक्रेन ही नहीं, बल्कि रूस के भीतर भी इसी तरह के बड़े साइबर हमलों की पुष्टि हुई है। रूस की सरकारी समाचार एजेंसी 'तास' (TASS) ने देश के आपात मामलों के मंत्रालय के हवाले से यह जानकारी दी कि रूसी नागरिकों के मोबाइल एप्स और अलर्ट सिस्टम भी बड़े पैमाने पर साइबर अटैक की चपेट में आए हैं, जिसके कारण रूसी नागरिकों के पास भी भ्रामक और गलत सूचनाएं पहुंच रही हैं।प्रारंभिक जांच और रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल साइबर हमले की जिम्मेदारी यूक्रेन समर्थक एक प्रसिद्ध हैकिंग ग्रुप 'आतेश' (Atesh) ने ली है। इस डिजिटल घुसपैठ के बाद रूसी सरकार ने अपने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें, पूरी तरह शांत रहें और अपने सामान्य दैनिक कामकाज करते रहें। जपोरीजिया में हुए खूनी जमीनी हमले और दोनों तरफ से चलाए जा रहे इस हाई-टेक साइबर युद्ध ने यह साबित कर दिया है कि यह संघर्ष अब केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तकनीक और मानवीय संवेदनाओं के सबसे निचले स्तर तक पहुंच चुका है।
केशम द्वीप पर हमले का ईरान कैसे देगा जवाब... कौन से US Base पर खतरा?
केशम द्वीप पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई का खतरा बढ़ गया है. बहरीन, कुवैत, कतर, इराक और जॉर्डन जैसे देशों में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा सकती है.
लड़कियों को मुर्गे के खून से लिखता था लव लेटर, डॉ. रमीज के अजीब कारनामे
लखनऊ के डॉ. रमीज उर्फ रमीजुद्दीन से जुड़े मामले में पुलिस पूछताछ और पीड़िता के बयान से कई चौंकाने वाले आरोप सामने आए हैं. दावा है कि वह युवतियों को प्रभावित करने के लिए मुर्गे के खून से लव लेटर लिखता था और उसे अपना खून बताता था. पीड़िता ने यौन शोषण, प्राइवेट वीडियो से ब्लैकमेलिंग, शादी के रिश्ते तुड़वाने और धर्म परिवर्तन के दबाव जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं.

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