कुपवाड़ा में सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को मार गिराया
जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर स्थित जुमगुंड इलाके में 17 अक्टूबर को नियंत्रण रेखा (LoC) के पास सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। अधिकारियों के मुताबिक, इस कार्रवाई में दो आतंकवादी मारे गए हैं।
सूरत में दर्दनाक हादसा, लिफ्ट के गड्ढे में डूबने से भाई-बहन की मौत
बताया जा रहा है कि लिफ्ट के इस गड्ढे में करीब पांच फीट तक पानी भरा हुआ था. पानी में गिरने के कारण दोनों बच्चे डूब गए और उनकी मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई.
अगरकर की जगह लेने वालों से रोहित-वैभव-गिल पर पूछे गए ये सवाल, जानें वजह
बीसीसीआई की सेलेक्शन कमेटी में अजीत अगरकर की जगह लेने वाले पांचवें सेलेक्टर के लिए इंटरव्यू पूरा हो गया है. इस दौरान रोहित शर्मा के 2027 वनडे वर्ल्ड कप खेलने की संभावनाओं और वैभव सूर्यवंशी को T20I प्लेइंग 11 में मौका नहीं मिलने पर सवाल पूछे गए. शुभमन गिल के चोटिल होने की स्थिति में वैकल्पिक कप्तान को लेकर भी उम्मीदवारों की राय जानी गई.
घर में लगे Wi-Fi राउटर पर इतनी सारी लाइटें क्यों जलती हैं?
घर में लगे Wi-Fi राउटर पर पावर, इंटरनेट, Wi-Fi और LAN समेत कई लाइटें जलती हैं. हर लाइट का अलग मतलब होता है. जानिए कौन सी लाइट इंटरनेट कनेक्शन की जानकारी देती है, कौन सी डेटा ट्रांसफर होने का संकेत देती है और लाल लाइट जलने पर क्या करना चाहिए.
दशहरे से पहले HERO का धमाका, लॉन्च की दो धांसू बाइक, इतनी है कीमत
हीरो मोटोकॉर्प ने एक्सट्रीम 160आर 4वी और एक्सट्रीम 250आर के अपडेटेड वर्जन को पेश कर दिया है. ये बाइक्स नए फीचर्स के साथ आती हैं. एक्सट्रीम 160आर 4वी में तीन राइडिंग मोड्स और क्रूज कंट्रोल जैसे फीचर्स दिए गए हैं. वहीं अपडेटेड एक्सट्रीम 250आर में क्विक शिफ्टर, टीपीएम और एफएसडी रियर सस्पेंशन जैसे फीचर्स मिलते हैं. आइए जानते हैं डिटेल्स.
CRPF में फिर लौटेंगे 'लांस नायक' और 'नायक' के पद, जवानों के प्रमोशन और अग्निवीरों के लिए बना प्लान
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) 30 साल पहले खत्म किए गए 'लांस नायक' और 'नायक' जैसे सैन्य रैंकों को फिर से लागू करने पर विचार कर रहा है।
मर्डर केस में 158 साल जेल की सजा, तीन दोस्तों की हत्या का मामला
मैक्सिको की अदालत ने दो ऑस्ट्रेलियाई भाइयों और उनके अमेरिकी दोस्त की हत्या के तीन दोषियों को 158 साल और नौ महीने की जेल सुनाई. इस फैसले से लंबी कानूनी प्रक्रिया पूरी हुई, जबकि वारदात के बाद इलाके में पर्यटकों, खासकर सर्फिंग करने वालों की संख्या में बड़ी गिरावट आई.
दिल्ली में 6,000 जवान, मणिपुर में इतने क्यों नहीं? ममता-TMC का केंद्र से सवाल
दिल्ली में SIR विवाद और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शुक्रवार को 'लहरा दो तिरंगा' मार्च का आह्वान किया था।
दीपके की CJP को DMK का समर्थन, स्टालिन राष्ट्रपति से करेंगे ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग
डीएमके की बैठक में SIR को पूरी तरह से रद्द करने, EVM की जगह फिर से बैलेट पेपर से मतदान की व्यवस्था बहाल करने और भारत के राष्ट्रपति को एक याचिका सौंपने को लेकर आम सहमति बनी।
20 बैकलॉग, नौकरी, पिता का निधन और पायलट बनने का सपना, हैजिल जेबी की स्टोरी
हर किसी का कोई न कोई सपना होता है, लेकिन उसे पूरा करने का रास्ता हमेशा आसान नहीं होता. कभी पढ़ाई में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, तो कभी परिवार की जिम्मेदारियां पीछा नहीं छोड़ती हैं और पैसों की कमी कदम रोकने लगती है. ऐसे में कुछ लोग हालात के आगे हार मान लेते हैं, तो कुछ मुश्किलों के बावजूद अपने सपने को जिंदा रखते हैं. केरल के हैजिल जेबी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिन्होंने कई चुनौतियों का सामना करने के बाद भी पायलट बनने की उम्मीद नहीं छोड़ी.
'UP के आर्थिक विकास को गति दे रही है नारी शक्ति, नाइट शिफ्ट में भी निडर महिलाएं', बोले CM योगी
CM योगी ने कहा कि कहा कि सुरक्षा के विश्वास से प्रेरित होकर आज महिलाएं नाइट शिफ्ट में भी निडर होकर काम कर रही हैं. महिला श्रम बल भागीदारी का 12 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक होना इस बात का प्रमाण है कि यूपी की नारी शक्ति, अर्थशक्ति बनकर आर्थिक विकास को नई गति दे रही है.
त्योहारों में चौखट पर लगाएं इन पत्तों का तोरण, खिंची आएंगी मां लक्ष्मी
हिंदू धर्म में घर के मुख्य द्वार पर तोरण लगाने की खास परंपरा है. जानिए आम और अशोक के पत्तों के साथ गेंदे के फूलों से तोरण बनाने का धार्मिक महत्व और इससे जुड़ी मान्यताएं.
सऊदी अरब जाने वाली उड़ानों पर ब्रेक! एअर इंडिया ने जेद्दा-रियाद व दम्मम की फ्लाइट्स रद्द की
एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने जेद्दा, रियाद और दम्माम के लिए 24 अक्टूबर 2026 तक अपनी सभी उड़ानें अस्थायी रूप से रद्द कर दी हैं. एयरलाइंस ने 15 अक्टूबर या उससे पहले की बुकिंग वाले यात्रियों को विकल्प दिया है कि वे 9 से 25 अक्टूबर के बीच की यात्रा की तारीख 10 नवंबर तक एक बार बदल सकते हैं.
सऊदी अरब जाने वाली उड़ानों पर ब्रेक! एयर इंडिया ने 24 अक्टूबर तक जेद्दा, रियाद और दम्मम की फ्लाइट्स रद्द की
12 साल पहले आबिद की हत्या, बरी हो गए बीजेपी-RSS के 21 कार्यकर्ता
केरल के कासरगोड में एसडीपीआई के एक कार्यकर्ता की हत्या के आरोप में बीजेपी और आरएसएस के 21 कार्यकर्ता केस का सामना कर रहे थे। कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
राधिका अंबानी ने स्टाफ संग काटा बर्थडे केक, पोलका डॉट ड्रेस में लगीं खूबसूरत
राधिका मर्चेंट ने 16 अक्टूबर को अपना जन्मदिन एक विशेष उत्सव के साथ मनाया और उनकी खूबसूरत पोल्का-डॉट ड्रेस ने सुर्खियां बटोरीं. जानिए उनके लुक के बारे में सबकुछ. राधिका मर्चेंट की ₹29,700 की बर्थडे ड्रेस में पोल्का डॉट्स और नाजुक लेस का बेहतरीन मेल हैजो उनके जन्मदिन के जश्न को और भी शानदार बनाता है.
बच्चों का भी मौलिक अधिकार है इंटरनेट, बैन नहीं लगा सकते; SC का ऐतिहासिक फैसला
बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाने के नाम पर इंटरनेट से पूरी तरह दूर नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इससे उनकी स्वतंत्रता, निजता और ऑनलाइन उत्पीड़न की शिकायत करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
लाखों मौतें, भुखमरी-तबाही... अल-नीनो का 150 साल पुराना डरावना इतिहास
1870 के दशक में सूखे और फसलें बर्बाद होने से दुनिया के कई हिस्सों में ऐसा अकाल पड़ा कि लाखों लोगों की जान चली गई. इस तबाही में अल-नीनो की भी बड़ी भूमिका थी. क्या आज दुनिया ऐसे संकट से बच सकती है?
अल नीनो की गर्मी से निपटने के लिए तेलंगाना सरकार की पहल, तालाब के डूब क्षेत्र में उगेगी फसल
तेलंगाना सरकार अल नीनो के 2027 में संभावित चरम प्रभाव से निपटने की तैयारी में जुट गई है। इसके तहत तालाबों के डूब क्षेत्र में चारा उगाया जाएगा, पेयजल सुनिश्चित होगा और जलस्तर की निगरानी की जाएगी।
Haryana Weather Update 17 October 2026: हरियाणा में लगातार बारिश के बाद शनिवार सुबह कई जिलों में कोहरा और हल्की धुंध छाई रही। हिसार, भिवानी, फरीदाबाद और गुरुग्राम में दृश्यता प्रभावित होने की खबर है। यमुनानगर में न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री दर्ज हुआ। मौसम विशेषज्ञों ने 24–25 अक्टूबर को कमजोर और 27 अक्टूबर से दूसरे पश्चिमी विक्षोभ की संभावना जताई है।
मंदिर में भंडारे के लिए ले जा रहे थे खीर, रास्ते में पलटा ई-रिक्शा, 10 लोग झुलसे
फिरोजाबाद में नवरात्रि के दौरान मंदिर में भंडारा करने जा रहा एक परिवार हादसे का शिकार हो गया. बसई मोहम्मदपुर क्षेत्र के मडुआ गांव से बेहड़ माता मंदिर जा रहे परिवार का ई-रिक्शा रास्ते में पलट गया. जिससे 10 लोग झुलस गए.
क्या हाथ में दो विवाह रेखा होने पर होती हैं दो शादियां? जानें हस्तरेखा शास्त्र की मान्यता
Do Vivah Rekha Ka Matlab Kya Hota Hai: हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, हथेली में दो विवाह रेखाएं होने के अलग-अलग संकेत माने जाते हैं. हालांकि, इसका मतलब दो शादियां होना निश्चित नहीं है. रेखाओं की बनावट से जुड़े ये निष्कर्ष पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं.
डेंगू की अब तक नहीं है दवा, क्या शरीर का RNA बनेगा हथियार? AIIMS की नई रिसर्च
AIIMS की नई रिसर्च में कुछ RNA अणु डेंगू वायरस की वृद्धि को बढ़ाने या सीमित करने से जुड़े मिले हैं. जानिए Dengue Treatment के लिए यह खोज क्यों अहम हो सकती है.
बेंगलुरु में मैच पर बारिश का साया, 70% तक आसार, जानिए किसे मिलेगी ट्रॉफी
क्रिकेट प्रेमियों के लिए इस वक्त कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है, जहां मौसम के बदले मिजाज ने खेल प्रेमियों की धड़कनों को तेज कर दिया है। बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले जाने वाले महत्वपूर्ण मैच से ठीक पहले आसमान में काले बादलों ने डेरा डाल दिया है, जिससे एक रोमांचक मुकाबले के मजे पर पानी फिरने का पूरा खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मैच के दौरान बारिश होने की संभावना करीब 70 प्रतिशत तक जताई गई है, जिसने организаटर्स से लेकर फैंस तक की टेंशन बढ़ा दी है। इस स्थिति को देखते हुए क्रिकेट गलियारों में एक ही सवाल सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है कि अगर बारिश के कारण यह मुकाबला रद्द होता है, तो आखिरकार किस टीम के सिर पर जीत का सेहरा बंधेगा और ट्रॉफी किसके हाथ लगेगी?बेंगलुरु के मौसम का ताजा हाल और आसमान में मंडराते काले बादलबेंगलुरु का मौसम पिछले कुछ दिनों से लगातार करवट ले रहा है और शाम ढलते ही यहाँ ठंडी हवाओं के साथ बादलों की आवाजाही बढ़ जाती है। मैच से एक दिन पहले भी यहाँ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई थी, जिसकी वजह से दोनों टीमों को अपनी प्रैक्टिस रद्द करनी पड़ी और वे मैदान पर अभ्यास के लिए उतर नहीं सकीं। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि शाम को जब मैच शुरू होने का समय होगा, ठीक उसी दौरान बादलों की गडग़ड़ाहट और भारी बारिश की आशंका 60 से 80 प्रतिशत के बीच बनी हुई है। लगातार हो रही मानसूनी या स्थानीय मौसमी गतिविधियों के कारण पिच को पूरी तरह से कवर्स से ढंक कर रखा गया है। टॉस के समय से लेकर मैच के शुरुआती ओवरों तक खलल पड़ने की पूरी संभावना है, जिससे मैदान पर मौजूद ग्राउंड्समैन की परीक्षा भी कड़े रूप में होगी।एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच और तेज गेंदबाजों को मिलने वाली मददजब भी बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में मैच होता है, यहाँ की पिच और बाउंड्री का छोटा आकार हमेशा से बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग माना जाता रहा है। हालांकि, पिछले कुछ समय से इस मैदान की पिच का मिजाज थोड़ा बदला है और नई गेंद के साथ तेज गेंदबाजों को यहाँ काफी स्विंग और बाउंस मिलने लगा है। यदि मौसम सुहाना रहता है और आसमान में घने बादल छाए रहते हैं, तो सीमर्स हवा में गेंद को दोनों तरफ लहराकर शुरुआती ओवरों में कहर बरपा सकते हैं। ऐसे में दोनों टीमों के कप्तानों के लिए पावरप्ले के दौरान संभलकर खेलना और विकेट बचाना सबसे बड़ी चुनौती होगी। हालांकि, जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ेगा और गेंद पुरानी होगी, वैसे-वैसे बल्लेबाजी करना काफी आसान हो जाता है। आंकड़ों पर नजर डालें तो इस मैदान पर बाद के ओवरों में चेज करने वाली टीमों का पलड़ा अक्सर भारी रहता है, लेकिन बारिश के खलल के कारण डकवर्थ लुईस नियम (DLS) की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाएगी।अगर बारिश के कारण मैच रद्द हुआ, तो किस टीम को मिलेगी ट्रॉफी?सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि बेंगलुरु में झमाझम बारिश के कारण खेल एक भी गेंद फेंके बिना या बीच में ही पूरी तरह से रद्द करना पड़ जाता है, तो विजेता का फैसला कैसे होगा? जानकारों के मुताबिक, यदि इस विशेष मुकाबले के लिए कोई रिजर्व डे (Reserve Day) नहीं रखा गया है और मुकाबले का परिणाम निकालने के लिए न्यूनतम ओवरों का खेल भी संभव नहीं हो पाता है, तो नियमों के तहत दोनों फाइनलिस्ट या आमने-सामने की दोनों टीमों को संयुक्त रूप से विजेता घोषित करते हुए ट्रॉफी शेयर (Share Trophy) करनी पड़ सकती है। सीरीज या टूर्नामेंट के नियमों के अनुसार यदि मुकाबले का कोई वैकल्पिक दिन तय नहीं होता है, तो बारिश की भेंट चढ़ने की स्थिति में दोनों टीमों को बराबरी पर रखते हुए ट्रॉफी साझा करने का प्रावधान लागू होता है। हालांकि, फैंस और खिलाड़ी कभी नहीं चाहेंगे कि ऐसा रोमांचक मुकाबला बिना किसी नतीजे के समाप्त हो, क्योंकि हर कोई मैदान पर चौकों-छक्कों की बारिश देखना चाहता है, न कि बादलों की बारिश से मैच का फैसला होते देखना चाहता है।फैंस और टीमों की उम्मीदें, क्या सुधरेगा मौसम का मिजाज?क्रिकेट प्रेमी और दोनों टीमों के समर्थक इस वक्त लगातार भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं कि बारिश के बादल जल्द से जल्द छँट जाएं और बेंगलुरु के इस प्रतिष्ठित मैदान पर एक फुल-लेंथ मुकाबला देखने को मिले। स्थानीय प्रशासन और क्यूरेटर भी जल निकासी की आधुनिक व्यवस्था के साथ पूरी तरह मुस्तैद हैं ताकि जैसे ही बारिश थमे, कम से कम समय में मैदान को सुखाकर खेल दोबारा शुरू किया जा सके। अगर बारिश रुकती है और ओवर्स में थोड़ी कटौती भी करनी पड़ती है, तो भी सुपर ओवर या संक्षिप्त फॉर्मेट में मैच का रोमांच दोगुना हो जाएगा। अब देखना यह होगा कि बेंगलुरु का यह मौसम खेल प्रेमियों को मायूस करता है या फिर बादलों के बीच से निकलकर कोई सुखद परिणाम सामने आता है, जिसकी हर किसी को बेसब्री से तलाश है।
अचानक 110 डॉलर पर पहुंचा तेल... मचा हड़कंप, भारत पर भी छाया ये संकट!
शुक्रवार को कच्चे तेल के दाम में तेज उछाल देखने को मिला. मई के बाद पहली बार कच्चा तेल 110 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जिसने दुनिया भर में महंगाई का रिस्क बढ़ा दिया है.
IPL 2027: 10 साल का साथ खत्म... मुंबई इंडियंस से अलग हुए महेला जयवर्धने
आईपीएल (IPL) की दुनिया से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। पांच बार की चैंपियन टीम मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) के साथ पिछले एक दशक से जुड़े दिग्गज क्रिकेटर और मुख्य कोच महेला जयवर्धने (Mahela Jayawardene) ने अपना पद छोड़ दिया है। इस बड़े फैसले के साथ ही महेला जयवर्धने और मुंबई इंडियंस के बीच 10 साल पुराना अटूट रिश्ता और शानदार सफर आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गया है। फ्रेंचाइजी और जयवर्धने दोनों के लिए यह एक बेहद भावुक और रणनीतिक मोड़ है, जिसने क्रिकेट गलियारों में हलचल मचा दी है।महेला जयवर्धने और मुंबई इंडियंस: एक दशक का स्वर्णिम इतिहासश्रीलंका के महान बल्लेबाज और पूर्व कप्तान महेला जयवर्धने साल 2017 में मुंबई इंडियंस के हेड कोच के रूप में जुड़े थे। उनके मार्गदर्शन में टीम ने साल 2017, 2019 और 2020 में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी कप्तानी और कोचिंग कॉम्बिनेशन के दम पर आईपीएल का खिताब अपने नाम किया था। जयवर्धने की शांत और पैनी रणनीतिक सोच ने मुंबई इंडियंस को दुनिया की सबसे खतरनाक फ्रेंचाइजी में से एक बना दिया था। मैदान पर खिलाड़ियों का सही उपयोग करना और दबाव की स्थिति में बेहतरीन फैसले लेना उनकी सबसे बड़ी खूबी रही है। पिछले 10 सालों में उन्होंने खिलाड़ी, ग्लोबल हेड ऑफ क्रिकेट और हेड कोच के रूप में फ्रेंचाइजी को सफलता की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।हेड कोच पद छोड़ने के पीछे की मुख्य वजह और रणनीतिक बदलावमहेला जयवर्धने के इस फैसले के पीछे मुंबई इंडियंस मैनेजमेंट का भविष्य का विजन और आगामी मेगा ऑक्शन व रणनीतिक बदलाव बताए जा रहे हैं। फ्रेंचाइजी आने वाले सालों में अपनी कोचिंग सेटअप में कुछ नए और आधुनिक बदलाव करना चाहती है ताकि टीम का प्रदर्शन और अधिक आक्रामक और संतुलित हो सके। हालांकि जयवर्धने का फ्रेंचाइजी के साथ रिश्ता सिर्फ एक कोच तक सीमित नहीं था, बल्कि वह मुंबई इंडियंस की ग्लोबल फ्रेंचाइजी (जैसे ILT20 और MLC) के साथ भी गहराई से जुड़े रहे हैं। इस अचानक हुए बदलाव से फैंस के मन में कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं कि अब आईपीएल 2027 और उससे पहले आने वाले सीजन में मुंबई इंडियंस की बागडोर कौन संभालेगा।मुंबई इंडियंस के लिए नया दौर और अब आगे क्या?महेला जयवर्धने के जाने से मुंबई इंडियंस के ड्रेसिंग रूम में एक बड़ा खालीपन आ गया है जिसे भरना किसी भी नए कोच के लिए आसान नहीं होगा। रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या जैसे दिग्गजों के साथ जयवर्धने का तालमेल हमेशा से चर्चा का विषय रहा है। अब जब महेला जयवर्धने ने हेड कोच का पद छोड़ दिया है, तो क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि फ्रेंचाइजी किसी अन्य दिग्गज या नए मॉडर्न एज कोच को यह जिम्मेदारी सौंप सकती है। मुंबई इंडियंस हमेशा से अपने बोल्ड फैसलों और चैंपियन मानसिकता के लिए जानी जाती है, ऐसे में इस कदम के बाद टीम का अगला मास्टरस्ट्रोक क्या होगा, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
लालकृष्ण आडवाणी कराची के जिस स्कूल से निकले, वहीं से मुशर्रफ भी पढ़े थे; लंबी है हस्तियों की लिस्ट
लालकृष्ण आडवाणी का जन्म पाकिस्तान के कराची में हुआ था और उन्होंने सेंट पैट्रिक्स स्कूल से पढ़ाई की थी. इसी स्कूल से पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ, मौजूदा राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, दो प्रधानमंत्री और कई प्रमुख नेता भी निकले हैं.
पुतिन से ट्रंप नहीं लेंगे पंगा! नए प्रतिबंधों को रोका... रूसी दूत ने फैसले को सराहा
डोनाल्ड ट्रंप ने कार्यकारी आदेश से रूस के खिलाफ नए प्रतिबंधों और शुल्क के बड़े पैकेज को लागू होने से दो दिन पहले रोक दिया. व्लादिमीर पुतिन के विशेष दूत किरिल दिमित्रिएव ने इसे अहम और ऐतिहासिक पल बताया, जबकि अमेरिकी संसद के कई सांसदों ने फैसले और डीजल समझौते का विरोध किया.
गुजरात की फार्मा कंपनी के रिएक्टर में जोरदार ब्लास्ट, कई मजदूर झुलसे
गुजरात के भरूच जिले में स्थित एक फार्मास्यूटिकल कंपनी में देर रात अचानक भीषण धमाका हो गया. यह दर्दनाक हादसा वाघरा तालुका के सायका जीआईडीसी इलाके में स्थित एक कंपनी में हुआ. धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज दूर-दूर तक सुनी गई. इस हादसे में अब तक पांच मजदूरों की जान जा चुकी है, जबकि छह से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. इंडस्ट्रियल सेफ्टी एंड हेल्थ विभाग के अधिकारी दिनेश गमित ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि फार्मा कंपनी के 15 किलोग्राम क्षमता वाले रिएक्टर में हाइड्रोजेनिक प्रक्रिया के दौरान यह ब्लास्ट हुआ. धमाका इतना भीषण था कि वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए और बुरी तरह झुलस गए.
'इंटरनेट एक मौलिक अधिकार', सोशल मीडिया अकाउंट्स के लिए सुप्रीम कोर्ट ने चाइल्ड मोड का दिया सुझाव
सुप्रीम कोर्ट ने इंटरनेट तक पहुंच को बच्चों सहित हर व्यक्ति का मौलिक अधिकार बताया है। कोर्ट ने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए सोशल मीडिया पर चाइल्ड मोड जैसे उपायों का सुझाव दिया है।
अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश नाकाम, FBI से कार्रवाई की मांग
अमेरिका के इलिनॉय में एक हिंदू मंदिर पर हमले की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया गया है. इसके बाद यह मामला अमेरिकी संसद तक पहुँच गया है. इस मामले में 19 साल के एक युवक को गिरफ्तार किया गया है, जिसने भारतीय और हिंदू समुदाय के लोगों को निशाना बनाने का एक घोषणापत्र भी तैयार किया था. पुलिस और एफबीआई की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी घटना टल गई. इस घटना के सामने आने के बाद भारतीय-अमेरिकी सांसद रो खन्ना और रिच मैकमिक सहित 80 से अधिक अमेरिकी सांसदों ने इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है. सांसदों ने अटॉर्नी जनरल और एफबीआई निदेशक को पत्र लिखकर मांग की है कि इस मामले की जाँच संघीय हेट क्राइम के तहत की जाए. साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि इस साजिश के पीछे कोई बड़ा संगठन या अन्य लोग शामिल हैं या नहीं.
iPhone Duo का अगर टूट गया डिस्प्ले, इतने लाख आएगा खर्चा
Apple iPhone Duo की रिपेयरिंग कॉस्ट का खुलासा हो गया है. ऑफिशियल पोर्टल पर बताया है कि शुरुआती रिपेयरिंग कॉस्ट 5,900 रुपये है, जबकि डिस्प्ले डैमेज पर 1.49 लाख रुपये का खर्चा आएगा.
प्रोटेस्ट मार्च पर भड़के नंदकिशोर गुर्जर, बोले- राहुल गांधी को जेल में डाल देना चाहिए
देश की राजनीति में विरोध प्रदर्शनों और प्रोटेस्ट मार्च को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है, लेकिन इस बार भारतीय जनता पार्टी के एक फायरब्रांड विधायक के बयान ने राजनीतिक तापमान को और ज्यादा बढ़ा दिया है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले की लोनी विधानसभा सीट से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर (Nandkishor Gurjar) अपने तीखे और बेबाक बयानों के लिए हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। हाल ही में विपक्षी दलों और कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा निकाले गए प्रोटेस्ट मार्च को लेकर विधायक का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल गांधी और विपक्षी नेतृत्व पर बेहद आक्रामक और तीखा हमला बोलते हुए सीधे तौर पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग कर दी है।विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने गाजियाबाद के एक कॉलेज परिसर में मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के नाम पर देश की सुरक्षा और न्यायपालिका को दबाव में लाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने विपक्षी दलों द्वारा हाल ही में किए गए प्रदर्शनों और मार्च का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह के कृत्यों से देश की छवि धूमिल होती है और आम जनजीवन प्रभावित होता है। उनके इस आक्रामक बयान के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है और विपक्षी दलों की ओर से भी इस पर कड़ी प्रतिक्रियाएं आने की संभावना जताई जा रही है।#1 राहुल गांधी को जेल में डाल देना चाहिए, फांसी की सजा होनी चाहिए- विधायक का विवादित बयानअपने आक्रामक तेवर के लिए पहचाने जाने वाले विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि जिस प्रकार से देश विरोधी या संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाने वाले प्रोटेस्ट आयोजित किए जा रहे हैं, उससे साफ जाहिर होता है कि इसके पीछे एक सोची-समझी साजिश है। उन्होंने मीडिया के सामने कड़े शब्दों में मांग करते हुए कहा कि राहुल गांधी को जेल में डाल देना चाहिए और उनके इस प्रकार के बयानों व गतिविधियों के लिए उन्हें फांसी की सजा तक की मांग होनी चाहिए।विधायक का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल होने लगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चल रही तनातनी में इस तरह के बयान राजनीतिक सरगर्मी को और अधिक भड़काते हैं। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब नंदकिशोर गुर्जर ने अपने बयानों से राजनीतिक हलकों में हलचल मचाई हो, वे इससे पहले भी कई बार अपने कड़े तेवरों के चलते चर्चा में रह चुके हैं।#1 विपक्षी दलों की कार्यप्रणाली और विरोध प्रदर्शनों पर खड़े किए गंभीर सवालविपक्ष द्वारा निकाले जा रहे मार्च और विरोध प्रदर्शनों की आलोचना करते हुए भाजपा विधायक ने कहा कि विपक्ष के पास अब जनता से जुड़ा कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे केवल अराजकता फैलाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों और संस्थाओं के खिलाफ इस तरह की बयानबाजी करना और सड़कों पर उतरकर दबाव की राजनीति करना लोकतंत्र के स्वस्थ विकास के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है।उन्होंने कहा कि देश की जनता सब कुछ देख रही है और आने वाले समय में जनता ऐसे लोगों को पूरी तरह से नकार चुकी है। विधायक ने जोर देकर कहा कि देश में कानून का राज है और जो कोई भी कानून व्यवस्था को अपने हाथ में लेने की कोशिश करेगा, उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए। उनके इस बयान के बाद से स्थानीय स्तर पर भी राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।#1 राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू, क्या आगे तूल पकड़ेगा यह विवाद?नंदकिशोर गुर्जर के इस तीखे बयान के बाद विपक्षी दलों के नेताओं ने भी पलटवार करना शुरू कर दिया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के पास अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए इस तरह के अनर्गल बयान देने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है। जनता के अधिकारों और लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी बात रखने के लिए विरोध प्रदर्शन करना हर राजनीतिक दल और नागरिक का मौलिक अधिकार है, जिसे दबाने के लिए इस प्रकार की भाषा का उपयोग किया जा रहा है।आने वाले दिनों में इस बयान को लेकर राजनीतिक मंचों पर और अधिक घमासान देखने को मिल सकता है। जहाँ एक तरफ बीजेपी के समर्थक विधायक के इस रुख को राष्ट्रहित और अनुशासन से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दल इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दे रहे हैं।
एक दौर था जब किसी भी गानों की कॉपी दर्शकों को पहचानने में समय लगता था. लेकिन अब इंटरनेट की फास्ट स्पीड की दुनिया में यूजर्स कौनसा गाना या फिल्म किससे कॉपी की गई है. इसे पता चंद सेकंड में लगा लेते हैं.
षडयंत्र के तहत करा रहे फेक सर्वे', मायावती ने लगाए गंभीर आरोप
उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक सरगर्मी के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और सूबे की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने राज्य के राजनीतिक माहौल को लेकर एक बड़ा बयान जारी किया है। मायावती ने आरोप लगाया है कि कुछ खास राजनीतिक दलों और मीडिया के एक वर्ग द्वारा जानबूझकर ऐसे मनगढ़ंत और फर्जी सर्वे (Fake Surveys) प्रसारित किए जा रहे हैं, जिनका जमीनी हकीकत से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। उनका कहना है कि इन सर्वे का मुख्य उद्देश्य बहुजन समाज पार्टी के जनाधार को कम करके आंकना और पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराना है।लखनऊ में पार्टी पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक के दौरान मायावती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विरोधी दल बीएसपी के बढ़ते प्रभाव से घबरा चुके हैं। यही वजह है कि वे चुनावों से काफी पहले ही हथकंडे अपनाकर दलितों, पिछड़ों और सर्वसमाज के वोटों को भ्रमित करने का कुचक्र रच रहे हैं। बसपा प्रमुख के इस आक्रामक रुख के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर से डिबेट और बयानों का दौर तेज हो गया है।#1 2007 में भी होते थे ऐसे ही षड्यंत्र: मायावती ने याद दिलाया पुराना इतिहासअपने तीखे तेवरों के लिए जानी जाने वाली बसपा सुप्रीमो मायावती ने अतीत के उदाहरणों का हवाला देते हुए कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि वे इस तरह के छद्म प्रचार से बिल्कुल भी विचलित न हों। उन्होंने याद दिलाया कि साल 2007 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भी इसी तरह के तमाम फर्जी सर्वे और रिपोर्ट्स चलाई गई थीं, जिनमें बीएसपी को हाशिए पर दिखाया जा रहा था। लेकिन जनता ने उन तमाम षड्यंत्रों को खारिज करते हुए राज्य में पूर्ण बहुमत की ऐतिहासिक सरकार बनाई थी।मायावती ने कहा कि इतिहास खुद को दोहराएगा और बहुजन समाज पार्टी पूरी ताकत के साथ मैदान में डटी हुई है। उन्होंने कहा कि विरोधी पार्टियां धनबल और मीडिया प्रबंधन के जरिए भले ही हवा बनाने की कोशिश कर रही हों, लेकिन जमीनी स्तर पर गरीब, मजदूर, शोषित और वंचित समाज पूरी तरह से बीएसपी की नीतियों के साथ खड़ा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर चल रहे ऐसे भ्रामक आंकड़ों पर ध्यान न देकर सीधे जनता के बीच जाएं।#1 जातिवादी ताकतों और धनबल का हो रहा है इस्तेमाल: बसपा प्रमुख का कड़ा प्रहारमायावती ने अपने आधिकारिक बयानों और सोशल मीडिया के माध्यम से यह भी आरोप लगाया कि जातिवादी और पूंजीवादी ताकतें कभी नहीं चाहतीं कि उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज के पैरों पर खड़ी कोई स्वतंत्र राजनीतिक ताकत मजबूत हो। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि समय-समय पर प्रायोजित तरीके से ऐसे फर्जी सर्वे गढ़े जाते हैं, जिनका एकमात्र मकसद बीएसपी को निशाना बनाना और पार्टी की छवि को धूमिल करना होता है।उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो पार्टियां खुद अंदरखाने भारी आंतरिक कलह और जनता के आक्रोश से जूझ रही हैं, वे ही इस तरह के प्रोपेगेंडा का सहारा ले रही हैं। मायावती ने पार्टी के सभी जिला इकाइयों और सेक्टर प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वे घर-घर जाकर पार्टी की नीतियों का प्रचार करें और विरोधी दलों द्वारा फैलाए जा रहे झूठ का मुंहतोड़ जवाब दें।#1 राजनीतिक गलियारों में शुरू हुई चर्चा: क्या इन बयानों से बदलेगा चुनावी समीकरण?मायावती के इस ताजा हमले के बाद राज्य के अन्य राजनीतिक दलों की तरफ से भी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से पहले इस प्रकार के मुद्दों को उठाकर बसपा सुप्रीमो अपने कैडर को सक्रिय करने और पार्टी के भीतर एक नया जोश भरने की कोशिश कर रही हैं। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में जहां हर दल अपनी सियासी जमीन मजबूत करने में जुटा है, वहां इस तरह के बयानों से चुनावी पारा और अधिक चढ़ने की पूरी संभावना है।
CEC Gyanesh Kumar को तुरंत पद से हटाए सरकार: DMK ने पारित किया कड़ा Resolution
द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) संसदीय दल ने एक प्रस्ताव पारित कर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को तुरंत पद से हटाने और उनके आचरण की जांच कराने की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार ने 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) प्रक्रिया के जरिए वैध मतदाताओं को सुनियोजित तरीके से मताधिकार से वंचित करने का काम किया है। यह प्रस्ताव DMK के अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व में, पार्टी मुख्यालय 'अन्ना अरिवलयम' स्थित 'मुरासोली मारन मीटिंग हॉल' में DMK सांसदों की एक बैठक के दौरान पारित किया गया। इस बैठक में कुल चार प्रस्ताव अपनाए गए। इसे भी पढ़ें: Har Ghar Tiranga पर रुख साफ करे केंद्र सरकार, अजिंक्य शिंदे ने CJP कार्यकर्ताओं की हिरासत पर उठाए सवाल यह प्रस्ताव SIR (एसआईआर) के प्रति स्टालिन के शुरुआती विरोध को रेखांकित करता है। यह विरोध तब शुरू हुआ जब बिहार—जो इस प्रक्रिया को लागू करने वाला पहला राज्य था—में मतदाता सूची से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने की खबरें सामने आईं। जुलाई 2025 में, विधानसभा चुनावों से पहले, स्टालिन ने इसका विरोध किया और DMK की उप-महासचिव तथा संसदीय दल की नेता कनिमोझी करुणानिधि के साथ बिहार में 'मतदाता अधिकार यात्रा' में हिस्सा लिया। जब 27 अक्टूबर 2025 को चुनाव आयोग ने घोषणा की कि तमिलनाडु सहित 12 राज्यों में SIR लागू किया जाएगा, तो स्टालिन ने चेतावनी दी कि BJP इस कथित साजिश को तमिलनाडु तक फैलाने की तैयारी कर रही है। DMK ने कहा कि वह SIR का विरोध करने वाले सबसे मुखर राजनीतिक दलों में से एक रही है। पार्टी का तर्क था कि नवंबर और दिसंबर के महीनों में—जब मानसून और त्योहारों का मौसम होता है—इस प्रक्रिया को चलाना अव्यावहारिक है। राज्य सरकार का नेतृत्व करते हुए स्टालिन ने चुनाव आयोग के कदमों पर सवाल उठाए, और संसद में भी DMK सांसदों ने लगातार इस बात पर चिंता जताई कि SIR के कारण लोगों को उनके मताधिकार से वंचित किया जा रहा है। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद, 15 नवंबर को स्टालिन ने कहा कि गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे को लेकर हुए विवाद और झारखंड मुक्ति मोर्चा के अकेले चुनाव लड़ने का असर नतीजों पर पड़ा है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी को इन मुद्दों को सुलझाने की सलाह दी, लेकिन साथ ही चुनाव आयोग की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि गठबंधन की समस्याओं का मतलब यह नहीं है कि चुनाव आयोग की गलतियों को सही ठहराया जाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पर जनता का भरोसा अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गया है। बैठक में यह तय किया गया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाया जाना चाहिए और उनके खिलाफ उचित जांच होनी चाहिए। आरोप है कि अन्य दो चुनाव आयुक्तों के विरोध के बावजूद, उन्होंने ही इन गलत फैसलों को अंजाम दिया था। इसे भी पढ़ें: 'हम बांग्लादेश या नेपाल नहीं हैं, सत्ता परिवर्तन लोकतांत्रिक तरीके से होगा', तिरंगा मार्च रोकने पर केंद्र पर भड़के अभिनेता प्रकाश राज एक दूसरे प्रस्ताव में, DMK ने छात्र संगठनों द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शनों को अपना पूरा समर्थन दिया। प्रस्ताव में याद दिलाया गया कि तमिलनाडु में स्टालिन सबसे पहले व्यक्ति थे जिन्होंने सार्वजनिक रूप से इस कदम की निंदा की और कुमार को हटाए जाने की मांग की; उन्होंने कुमार पर संविधान की अनदेखी करने और मनमाने ढंग से काम करने का आरोप लगाया। स्टालिन ने धरापुरम और मदुरंतकम में उपचुनाव प्रचार के दौरान भी इस निंदा को दोहराया। DMK का रुख यही है कि SIR को खत्म किया जाना चाहिए और कुमार को उनके पद से हटाया जाना चाहिए। पार्टी ने इन उद्देश्यों को हासिल करने के लिए लोकतांत्रिक ताकतों द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शनों को पूरा समर्थन देने का भी वादा किया है।
कौन है यूट्यूबर शिवांगी यादव? टोनू यादव से मांगी 5 करोड़ की रंगदारी
यूट्यूब और सोशल मीडिया की चकाचौंध भरी दुनिया से एक बेहद खौफनाक और चौंकाने वाला आपराधिक मामला सामने आया है। अपने व्लॉग्स और रील्स के जरिए लाखों दिलों पर राज करने वाली चर्चित महिला यूट्यूबर शिवांगी यादव (Shivangi Yadav) पर एक अन्य जाने-माने यूट्यूबर टोनू यादव (Tonu Yadav) से 5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रंगदारी मांगने और उन्हें ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन जैसे ही कानूनी शिकंजा कसने लगा, आरोपी यूट्यूबर शिवांगी यादव अपने ठिकानों से फरार हो गई हैं।इस घटना के सामने आते ही सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स और यूट्यूब कम्युनिटी के बीच सनसनी फैल गई है। जो चेहरा कल तक इंटरनेट पर हंसी-खुशी और एंटरटेनमेंट परोसता नजर आता था, आज वही चेहरा पुलिस की फाइलों में एक फरार आरोपी के तौर पर दर्ज हो चुका है। पुलिस की कई टीमें अब आरोपी महिला यूट्यूबर और उसके सहयोगियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं।#1 कौन हैं यूट्यूबर शिवांगी यादव? सोशल मीडिया स्टार बनने से लेकर विवादों के घेरे तक का सफरसोशल मीडिया की दुनिया में शिवांगी यादव एक जाना-पहचाना नाम बन चुकी थीं। यूट्यूब (YouTube), इंस्टाग्राम (Instagram) और फेसबुक जैसे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उनके लाखों फॉलोअर्स और सब्सक्राइबर्स हैं। वे मुख्य रूप से लाइफस्टाइल व्लॉगिंग, कॉमेडी शॉर्ट्स और हरियाणवी व भोजपुरी गानों पर रील्स बनाकर इंटरनेट पर लोकप्रिय हुई थीं। देखते ही देखते उनकी फैन फॉलोइंग तेजी से बढ़ी और वे सोशल मीडिया से लाखों रुपये की कमाई करने लगीं।हालांकि, उनके कंटेंट के पीछे की हकीकत और उनके निजी जीवन से जुड़े विवाद अक्सर सोशल मीडिया पर सुगबुगाते रहते थे, लेकिन किसी ने यह कल्पना नहीं की थी कि एक पॉपुलर इंफ्लुएंसर पर करोड़ों रुपये की आपराधिक रंगदारी का केस दर्ज हो जाएगा। जांच में यह भी सामने आ रहा है कि शिवांगी यादव के संपर्क कुछ संदिग्ध पृष्ठभूमि वाले लोगों से भी थे, जिनके दम पर वे साथी कंटेंट क्रिएटर्स पर अपना दबदबा बनाने और उन्हें धमकाने का प्रयास करती थीं।#1 कैसे शुरू हुआ विवाद? 5 करोड़ की रंगदारी और झूठे मुकदमे में फंसाने की खौफनाक साजिशपीड़ित यूट्यूबर टोनू यादव द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत और एफआईआर (FIR) की कॉपी के अनुसार, यह पूरा विवाद पिछले कुछ समय से व्यक्तिगत और व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता को लेकर चल रहा था। आरोप है कि शिवांगी यादव ने टोनू यादव से निजी बातचीत और कॉल रिकॉर्डिंग्स को ढाल बनाकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था। शिवांगी ने साफ शब्दों में टोनू यादव को धमकी दी थी कि यदि उन्होंने तुरंत 5 करोड़ रुपये नकद नहीं दिए, तो वे उन पर गंभीर और संगीन आरोपों के तहत एफआईआर दर्ज करवाकर उनका पूरा करियर और जीवन बर्बाद कर देंगी।जब पीड़ित टोनू यादव ने इतनी बड़ी रकम देने से साफ इनकार कर दिया, तो धमकी देने का सिलिसिला और तेज हो गया। आरोप है कि शिवांगी और उनके कुछ असामाजिक तत्वों ने टोनू यादव को फोन पर जान से मारने, उनके घर पर हमला करवाने और उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकियां दीं। लगातार मिल रही मानसिक प्रताड़ना और धमकियों से तंग आकर पीड़ित यूट्यूबर ने आखिरकार पुलिस का दरवाजा खटखटाया और सभी ऑडियो सबूत व दस्तावेज पुलिस के हवाले कर दिए।#1 पुलिस की सख्त कार्रवाई: एफआईआर दर्ज होते ही अंडरग्राउंड हुई शिवांगी यादवपीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आईपीसी की रंगदारी, आपराधिक साजिश, ब्लैकमेलिंग और जान से मारने की धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने जब प्राथमिक साक्ष्यों और कॉल रिकॉर्ड्स की जांच की, तो प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए।जैसे ही शिवांगी यादव को इस बात की भनक लगी कि पुलिस उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी की तैयारी कर चुकी है, वे अपने मोबाइल फोन बंद करके रातों-रात फरार हो गईं। पुलिस की टेक्निकल सर्विलांस टीम उनके अंतिम लोकेशन और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर पैनी नजर रख रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी चाहे कितनी भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।#1 डिजिटल वर्ल्ड की डार्क साइड: इंफ्लुएंसर्स के बीच बढ़ता क्राइम और ब्लैकमेलिंग कल्चरयह घटना केवल दो यूट्यूबर्स के बीच की आपसी लड़ाई भर नहीं है, बल्कि यह सोशल मीडिया की उस काली सच्चाई ('Dark Side of Social Media') को भी बेनकाब करती है, जहाँ रातों-रात शोहरत और पैसा कमाने की होड़ में लोग अपराध के रास्ते पर चल पड़ते हैं। पिछले कुछ समय में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहाँ लोकप्रिय इंफ्लुएंसर्स और यूट्यूबर्स का नाम रंगदारी, साइबर बुलिंग, धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग जैसी वारदातों में सामने आया है।इस सनसनीखेज मामले ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि इंटरनेट की दुनिया जितनी आकर्षक दिखती है, उसके पीछे का सच उतना ही पेचीदा हो सकता है। फिलहाल पूरे सोशल मीडिया स्पेस पर इसी बात की चर्चा है कि पुलिस कब तक फरार यूट्यूबर शिवांगी यादव को कानून के शिकंजे में ला पाती है और इस 5 करोड़ रुपये की रंगदारी केस का अंतिम अंजाम क्या होता है।
ट्रंप का बड़ा ऐळान, रूस से तेल-गैस खरीदने पर भारत पर नहीं लगेगा टैरिफ
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के भारत दौरे से ठीक पहले भारत के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने के फैसले के तहत भारत को छूट दी जाएगी. इससे पहले ट्रंप प्रशासन ने रूस से ऊर्जा उत्पाद खरीदने वाले मुल्कों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का ऐलान किया था, जिससे भारतीय बाजारों और वैश्विक व्यापार में चिंता का माहौल बन गया था. हालांकि अब व्हाइट हाउस और अमेरिकी कांग्रेस को भेजे गए आधिकारिक प्रमाण पत्र के जरिए यह स्पष्ट कर दिया गया है कि भारत पर यह टैरिफ लागू नहीं होगा.
नागापट्टिनम में TVK पदाधिकारी अरेस्ट, 135 किलो मेथामफेटामाइन जब्त
तमिलनाडु के नागपट्टिनम में TVK के जिला पदाधिकारी भूपालन और उनके सहयोगी सुगन को ड्रग्स तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया है. DRI ने सुगन के घर से 135 किलो मेथामफेटामाइन जब्त किया. मामले पर BJP, AIADMK और DMK ने TVK को घेरा है.
'दृश्यम 3' की सफलता के बीच अजय देवगन के बंगले पर चला BMC का हथौड़ा
मुंबई नगर निगम (BMC) ने एक्टर अजय देवगन के जुहू स्थित बंगले में कथित तौर पर बिना अनुमति किए गए निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की है. नोटिस देने के बावजूद काम न रोकने पर पिछले दिनों यानी 12 अक्टूबर को इस बंगले के कुछ हिस्सों को तोड़कर ध्वस्त कर दिया.
रूपी सोरेन के श्राद्ध-कर्म में 14 IPS, 42 डीएसपी समेत 2,300 जवान तैनात
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी दिवंगत रूपी सोरेन के श्राद्ध-कर्म और संस्कार भोज को लेकर रामगढ़ जिले के उनके पैतृक गांव नेमरा में प्रशासनिक और राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। झारखंड सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले वीवीआईपी मेहमानों, राजनीतिक दिग्गजों और आम जनता की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए राज्य प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। नेमरा से लेकर रामगढ़ तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सके।इस पूरे अनुष्ठान को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए शासन स्तर पर एक मजबूत कमांड स्ट्रक्चर तैयार किया गया है। दुर्गा पूजा के इस त्योहारी सीजन और श्राद्ध कार्यक्रम की दोहरी जिम्मेदारी को संभालते हुए पुलिस महकमे ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। स्थानीय प्रशासन और खुफिया इकाइयां लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं ताकि हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके।सुरक्षा का कड़ा पहरा: 14 आईपीएस, 42 डीएसपी और 2300 अतिरिक्त जवान तैनातशांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए रामगढ़ और नेमरा क्षेत्र को विशेष सुपर जोनों में बांटा गया है। सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालने के लिए कुल 14 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों और 42 डीएसपी स्तर के तेज-तर्रार अफसरों को मौके पर तैनात किया गया है। इसके अलावा कानून व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए झारखंड सशस्त्र पुलिस (जैप), आईआरबी, झारखंड जगुआर और एटीएस की टीमों समेत 2,300 से अधिक अतिरिक्त जवानों को फील्ड में उतारा गया है।यह तैनाती संस्कार भोज के संपन्न होने तक पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी सेवाएं देगी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यातायात मार्गों में भी बदलाव किया गया है और गाड़ियों की पार्किंग के लिए विशेष रूप से लुकैया टांड़ जैसे खुले स्थलों को चिन्हित किया गया है, जहाँ से लोगों को गांव तक लाने के लिए 500 से अधिक ऑटो और शिलान्यास वाहन लगाए गए हैं।संथाल संस्कृति की अनूठी परंपरा: मुख्यमंत्री के ननिहाल से पहुंचा खस्सी और हड़ियाइस दुखद और संवेदनशील घड़ी में आदिवासी और संथाल संस्कृति की गहरी परंपराएं देखने को मिल रही हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के ननिहाल पक्ष और रिश्तेदारों की ओर से पारंपरिक रीति-रिवाजों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन किया गया है। परंपरा के अनुसार, मुख्यमंत्री के ननिहाल पक्ष से खस्सी, पारंपरिक पेय हड़िया, माचिस और साल के पत्तों की थालियां (खाला पत्ता) भेंट स्वरूप नेमरा लाई गईं।झामुमो के वरिष्ठ नेताओं और स्थानीय जानकारों के अनुसार, संथाल समाज में मातृ पक्ष और रिश्तेदारों द्वारा शोक या उत्सव के अवसरों पर इस प्रकार की पारंपरिक वस्तुएं अर्पित करने की पुरानी परंपरा रही है, जिसे आज भी पूरी श्रद्धा के साथ निभाया जाता है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद पिछले कई दिनों से पैतृक गांव में रहकर अपनी माता की स्मृति में सुबह-शाम दातून, पानी और भोजन परोसने जैसी सभी पारंपरिक रस्मों को व्यक्तिगत रूप से पूरा कर रहे हैं।विशाल स्तर पर संस्कार भोज की तैयारी, हजारों लोगों के बैठने के लिए बने भव्य पंडालश्राद्ध-कर्म के दौरान आयोजित होने वाले संस्कार भोज में शामिल होने वाले मेहमानों के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां की गई हैं। नेमरा गांव में विशालकाय टेंट और तीन बड़े पंडाल बनाए गए हैं, जिनमें एक साथ हजारों लोग बैठकर भोजन कर सकें। दूर-दूर से आए कारीगर और मिस्त्री पारंपरिक और स्वादिष्ट व्यंजनों के निर्माण में जुटे हुए हैं। भोजन की गुणवत्ता, पेयजल की निरंतर आपूर्ति, साफ-सफाई और सुचारू वितरण के लिए अलग-अलग काउंटरों की व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी आगंतुक को असुविधा न हो।राजनीतिक दलों के कई बड़े नेता, केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और झारखंड के कोने-कोने से आ रहे आम लोग दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित करने लगातार नेमरा पहुंच रहे हैं। इस आयोजन के माध्यम से एक बार फिर झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य में एकजुटता और पारंपरिक संस्कारों का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।
झारखंड की राजधानी रांची में सजा अद्भुत धार्मिक और सांस्कृतिक मेला
झारखंड की राजधानी रांची में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर इस बार आस्था, कला और आधुनिक इंजीनियरिंग का एक ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है, जो हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। रांची के विभिन्न पूजा पंडालों में इस बार देश ही नहीं बल्कि विदेशों के प्रसिद्ध मंदिरों और ऐतिहासिक धरोहरों की हूबहू प्रतिकृतियां (Replica) तैयार की गई हैं। शहर की सड़कों पर उमड़ती भीड़ और चारों तरफ गूंजते मां दुर्गा के जयकारों के बीच लोग इन भव्य पंडालों को देखने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। यदि आप भी अपने परिवार के साथ इन अलौकिक रूपों के दर्शन करने की योजना बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले शहर के बदले हुए ट्रैफिक रूट और प्रमुख पंडालों की खासियत के बारे में जरूर जान लें।रातू रोड में अमेरिका के 'टेंपल ऑफ टुगेदर' की अनूठी झलकइस बार रांची के रातू रोड इलाके में अमेरिका के नेवादा में स्थित प्रसिद्ध 'टेंपल ऑफ टुगेदर' की थीम पर एक बेहद भव्य और आकर्षक पंडाल का निर्माण किया गया है। इस पंडाल की सबसे बड़ी खासियत इसकी पारंपरिक लेबनानी बुनाई शैली और बारीक नक्काशी का अनूठा संयोजन है। कारीगरों ने लकड़ी, प्लाई और पूरी तरह से पर्यावरण-अनुकूल (Eco-friendly) सामग्रियों का उपयोग करके इसे बिल्कुल अमेरिका की मूल संरचना जैसा स्वरूप दिया है। इसे देखने के बाद ऐसा प्रतीत होता है मानो दर्शक देश की सीमा लांघकर सीधे अमेरिका के किसी भव्य मंदिर परिसर में पहुंच गए हों।शहीद चौक के पास वाराणसी के स्वर्वेद महामंदिर का भव्य दीदारजो श्रद्धालु किन्हीं कारणों से उत्तर प्रदेश के वाराणसी जाकर वहां के प्रसिद्ध स्वर्वेद महामंदिर के दर्शन नहीं कर पाए थे, वे इस बार रांची में ही इस आध्यात्मिक स्थल की भव्यता का अनुभव कर सकते हैं। शहीद चौक के समीप बनाए गए इस पूजा पंडाल को वाराणसी के उसी प्रसिद्ध मंदिर के प्रारूप में ढाला गया है, जो अपनी वास्तुकला और दिव्यता के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। इसकी अलौकिक सजावट और मंदिर की दीवारों पर की गई नक्काशी हर आने जाने वाले को मंत्रमुग्ध कर रही है।द्वारका नगरी और दक्षिण भारतीय स्थापत्य कला के भी हो रहे दर्शनशहर के मेन रोड स्थित समितियों द्वारा गुजरात के प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर की प्रतिकृति तैयार की गई है, जहाँ भगवान श्रीकृष्ण की नगरी का अहसास होता है। इस पंडाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समुद्र के भीतर प्राचीन जलमग्न द्वारका के दर्शन और पूजा-अर्चना से जुड़ी तस्वीरों को भी विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है, जो लोगों के बीच मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इसके अलावा, बकरी बाजार में दक्षिण भारत के प्रसिद्ध तंजावुर के वृहदेश्वर मंदिर की तर्ज पर विशाल पंडाल सजाया गया है, जिसके प्रवेश द्वार पर ध्यानमग्न भगवान भोलेनाथ और नंदी महाराज की प्रतिमाएं भक्तों का मन मोह रही हैं। हरमू कॉलोनी में राजस्थानी संस्कृति और कलाकृति की झलक तथा रातू रोड के गाड़ीखाना में हरिद्वार के शिव शक्ति गंगा स्वर्ण मंदिर के रूप ने रांची की दुर्गा पूजा को ऐतिहासिक बना दिया है।ट्रैफिक जाम से बचने के लिए प्रशासन द्वारा जारी किया गया नया रूट-चार्टपंडालों में उमड़ने वाली भारी भीड़ और वाहनों के दबाव को देखते हुए रांची जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस ने शहर में सुरक्षा तथा यातायात नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम किए हैं। शहर के मुख्य मार्गों पर महासप्तमी से लेकर विजयादशमी तक शाम के समय भारी वाहनों और चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा या उनके मार्ग में बदलाव किया गया है। लालपुर, कचहरी चौक, अलबर्ट एक्का चौक, डंगराटोली और हरमू रोड के आसपास विशेष ट्रैफिक डायवर्जन लागू किए गए हैं ताकि आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।श्रद्धालुओं के लिए विशेष पार्किंग और सुरक्षा के कड़े इंतजामपूजा समितियों ने भी प्रशासन के साथ मिलकर बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था की है। इसके साथ ही हरमू मैदान, बरियातू और अन्य प्रमुख पंडालों के पास निर्धारित पार्किंग स्थल बनाए गए हैं जहाँ वाहन खड़े करने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा के लिहाज से च चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती के साथ ही सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। ऐसे में यदि आप भी इन भव्य पंडालों का आनंद लेना चाहते हैं, तो ट्रैफिक नियमों का पालन करें और सार्वजनिक परिवहन या तय रूट का ही उपयोग करें।
केंद्र सरकार ने 33.9 लाख पेंशनभोगियों को राहत देने के लिए नए नियम जारी किए हैं। अब रिटायरमेंट से चार साल पहले कर्मचारियों के सर्विस रिकॉर्ड और पेंशन विवरण की जांच अनिवार्य होगी।
PM Narendra Modi 25 अक्टूबर को ओडिशा में RBI डाटा सेंटर का करेंगे उद्घाटन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस महीने के अंतिम सप्ताह में ओडिशा का दौरा कर सकते हैं। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी 25 अक्टूबर को खुर्दा जिले में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नए डेटा सेंटर और प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन करने के लिए ओडिशा जाएंगे। वहीं, राष्ट्रपति मुर्मू 28 अक्टूबर से राज्य के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगी। दोनों के दौरे और कार्यक्रमों की तैयारियों की योजना बनाने के लिए यहां मुख्य सचिव अनु गर्ग की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय बैठक की जा रही है। राष्ट्रपति मुर्मू के संभावित कार्यक्रम के अनुसार, वह 28 अक्टूबर को ओडिशा पहुंचेंगी। मुर्मू इसके बाद रायरंगपुर से बहलदा स्थित मां कीचकश्वरी मंदिर जाएंगी। उनके महुलडीहा स्थित लक्ष्मी मंडप और रायरंगपुर में अपने आवास पर भी जाने की संभावना है। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति, दोनों के दौरों के दौरान कई आधिकारिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है।
पंचकूला : जानिए देश के सबसे ऊंचे 221 फीट के रावण की पूरी कहानी
हरियाणा का हाई-टेक शहर पंचकूला इस बार विजयादशमी (दशहरा) के पावन अवसर पर एक नया और ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है। पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित विशाल शालिमार ग्राउंड में इस वर्ष देश का सबसे ऊंचा और विशालकाय रावण का पुतला खड़ा किया गया है, जिसकी कुल ऊंचाई 221 फीट मापी गई है। इस भव्य और अलौकिक रावण के पुतले को तैयार करने में आयोजकों ने करीब 34 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की है। दशहरा उत्सव समिति और मुस्लिम कारीगरों के एक बड़े समूह ने मिलकर इसे रात-दिन एक करके तैयार किया है।इस रावण को देखने के लिए न केवल पंचकूला, चंडीगढ़ और मोहाली (ट्राइसिटी) से, बल्कि पूरे हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के जुटने की संभावना है। आयोजकों का दावा है कि ऊंचाई और भव्यता के मामले में यह पुतला लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और अन्य विश्व रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराने के लिए तैयार है। पूरे शालिमार ग्राउंड को एक भव्य मेले का रूप दिया गया है, जहाँ सुरक्षा से लेकर लाइटिंग और पार्किंग के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।#1 साढ़े तीन महीने की अटूट मेहनत और मुस्लिम कारीगरों की मिसाल: कैसे बना यह 221 फीट ऊंचा रावण?इस विशालकाय रावण के पुतले के निर्माण की कहानी बेहद रोचक और प्रेरणादायी है। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और आगरा के रहने वाले प्रसिद्ध कारीगर तजिंदर चौहान और उनकी 40 सदस्यीय कुशल टीम ने पिछले साढ़े तीन महीने से पंचकूला में डेरा डाल रखा था। भारी बारिश और बदलते मौसम की चुनौतियों का सामना करते हुए इस टीम ने दिन-रात एक करके बांस, लोहे के पाइप, मखमली कपड़ों और पर्यावरण-अनुकूल पन्नों से इसे आकार दिया है।इस पुतले के निर्माण में लगभग 3000 मीटर से अधिक मजबूत कपड़ा, 25 क्विंटल से ज्यादा बांस, सैकड़ों किलो लोहा और फाइबरग्लास का इस्तेमाल किया गया है। पुतले का चेहरा और मुकुट ही करीब 25 फीट ऊंचा बनाया गया है, जिसे क्रेन की मदद से धड़ के ऊपर स्थापित किया गया। मुस्लिम कारीगरों द्वारा हिंदू आस्था के इस प्रतीक को इतनी श्रद्धा और मेहनत से तैयार करना कौमी एकता और सामाजिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल पेश करता है।#1 इको-फ्रेंडली ग्रीन आतिशबाजी और रिमोट कंट्रोल से होगा डिजिटल रावण दहनपर्यावरण और वायु प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए इस बार पंचकूला के इस सबसे ऊंचे रावण में सामान्य पटाखों की जगह केवल तमिलनाडु के शिवकाशी से मंगाए गए विशेष ग्रीन क्रैकर्स (Green Crackers) और इको-फ्रेंडली आतिशबाजी का इस्तेमाल किया गया है। पुतले के भीतर करीब 1.5 लाख रुपये मूल्य की ऐसी आतिशबाजी फिट की गई है जो धुएं के बिना केवल रंग-बिरंगी रोशनी और लेजर शो जैसी अनुभूति प्रदान करेगी।सुरक्षा के कड़े मानकों का पालन करते हुए इस 221 फीट ऊंचे रावण के दहन के लिए पारंपरिक मशाले का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इसके बजाय एक अत्याधुनिक रिमोट कंट्रोल डिजिटल सिस्टम तैयार किया गया है। जैसे ही मुख्य अतिथि बटन दबाएंगे, रावण के नाभिकमल, मुकुट, आंखों और अंत में पूरे शरीर में एक साथ आतिशबाजी शुरू हो जाएगी। रावण की आंखों से अंगारे और मुंह से धुआं निकलने का विशेष हाइड्रोलिक मैकेनिज्म भी इस बार आकर्षण का मुख्य केंद्र रहने वाला है।#1 सुरक्षा के कड़े इंतजाम: सीसीटीवी, ड्रोन कैमरे और भारी पुलिस बल तैनात221 फीट ऊंचे रावण के पुतले की विशालता और विशाल जनसमूह की सुरक्षा को देखते हुए पंचकूला पुलिस और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं। शालिमार ग्राउंड के चारों ओर 500 मीटर के दायरे में लोहे की मजबूत बैरिकेडिंग की गई है ताकि दहन के समय कोई भी दर्शक पुतले के करीब न जा सके।सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाने के लिए पूरे मैदान में 50 से अधिक हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जा रही है। इसके अलावा, आसमान से नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का सहारा लिया जा रहा है। एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और बम निरोधक दस्ते को ग्राउंड के पास ही स्टैंडबाय पर रखा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।#1 ट्राइसिटी में उत्सव का माहौल: स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावापंचकूला में हर साल दशहरे पर बनने वाला यह विशालकाय रावण अब केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रह गया है, बल्कि यह क्षेत्र के पर्यटन और स्थानीय व्यापार के लिए एक बड़ा अवसर बन चुका है। दशहरा मेले के कारण आसपास के होटल, रेस्तरां और छोटे व्यापारियों के कारोबार में भारी उछाल देखने को मिल रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह आयोजन पंचकूला की पहचान बन चुका है और बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में इस विशाल रावण दहन को देखने का भारी उत्साह है।
बच्चों के इंटरनेट इस्तेमाल पर पूरी पाबंदी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट, कहा- ये मौलिक अधिकार
सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि इंटरनेट का इस्तेमाल करना मौलिक अधिकारों का हिस्सा है, जिसमें बच्चों के अधिकार भी शामिल हैं. कोर्ट ने सख्त पैरेंटल कंट्रोल, यौन शोषण से जुड़े कंटेंट की रिपोर्टिंग और उसे हटाने, और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन एक्सेस और कॉन्टैक्ट के लिए 'चाइल्ड मोड' कंट्रोल की मांग की.
ईरान की 30 हजार निंजा महिला वॉरियर्स, क्या ये लेंगी अमेरिका से पंगा?
ईरान के तेहरान में कुनोइची निंजा स्कूल की महिलाएं लगातार मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग ली रही हैं. 1989 में स्थापित इस स्कूल में करीब 30 हजार महिलाओं ने प्रशिक्षण लिया है. यह आत्मविश्वास और फिटनेस बढ़ाता है.
बच्चों के लिए Internet मौलिक अधिकार, उम्र आधारित बैन Supreme Court ने किया खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने इंटरनेट के इस्तेमाल पर उम्र के आधार पर लगाई जाने वाली पूरी तरह से पाबंदियों को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि बच्चों को इंटरनेट तक पहुँचने और उसका इस्तेमाल करने का मौलिक अधिकार प्राप्त है। हालाँकि, कोर्ट ने बच्चों को ऑनलाइन यौन शोषण से बचाने के लिए एक सख्त व्यवस्था बनाने की बात कही है। इसमें विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री का जल्द पता लगाना और उसे हटाना शामिल है। कोर्ट ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और उनकी आज़ादी एक-दूसरे के खिलाफ नहीं हैं। कोर्ट ने माना कि बच्चों को इंटरनेट के इस्तेमाल से पूरी तरह रोकना अनुचित होगा। साथ ही, इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा के ऐसे उपाय होने चाहिए जो बच्चों के अधिकारों को छीने बिना उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें। अदालत ने यह भी चेतावनी दी कि उम्र के आधार पर लगाई गई पाबंदियां बच्चों को ऐसी वेबसाइटों की ओर धकेल सकती हैं, जो किसी के नियंत्रण में नहीं हैं और कहीं अधिक खतरनाक हो सकती हैं। अदालत ने कहा कि जो बच्चे ऑनलाइन बहकावे में आते हैं या जिन्हें डराया-धमकाया जाता है, वे इन पाबंदियों के उल्लंघन के लिए सजा मिलने के डर से अपने माता-पिता या किसी भरोसेमंद वयस्क को ऐसी घटनाओं के बारे में बताने से हिचकिचा सकते हैं। इसे भी पढ़ें: भारत पर 100% टैरिफ लागू होने से ठीक एक दिन पहले Donald Trump का बड़ा यू-टर्न! रूस से तेल पर लगे प्रतिबंध और शुल्क हटाए सुप्रीम कोर्ट ने आपत्तिजनक सामग्री न हटा पाने पर जताई चिंता अदालत ने इस बात पर चिंता जताई कि मौजूदा दिशानिर्देशों के बावजूद, बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री ऑनलाइन लगातार फैल रही है। अदालत ने पीड़ितों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम न उठाने पर नियामक प्राधिकरणों और सोशल मीडिया कंपनियों की आलोचना की। यह कार्यवाही आंशिक रूप से उन रिपोर्टों के आधार पर शुरू हुई, जो अदालत के सामने पेश की गई थीं। इन रिपोर्टों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौजूद रीडायरेक्ट लिंक और वेबसाइटों के ज़रिए, बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री के कथित 'पेड प्रमोशन' (पैसे देकर प्रचार करने) की ओर इशारा किया गया था। अदालत ने कहा कि ऐसी सामग्री की रिपोर्ट करने और उसे हटाने की मौजूदा व्यवस्था काफी हद तक व्यक्तिगत शिकायतों पर निर्भर है। जब कोई एक प्लेटफॉर्म ऐसी सामग्री का पता लगाकर उसे हटाता है, तो वही सामग्री अन्य प्लेटफॉर्मों पर अपने आप चिह्नित (फ्लैग) नहीं होती है। इससे उसे हटाने में देरी हो सकती है और वह ऑनलाइन फैलती रह सकती है। इसे भी पढ़ें: बैंकिंग सिस्टम पर Akhilesh Yadav का केंद्र पर वार, KYC और CIBIL को लेकर दागे 12 सवाल राष्ट्रीय डेटाबेस, क्रॉस-प्लेटफ़ॉर्म पहचान सर्वोच्च न्यायालय ने बाल यौन शोषण सामग्री की पहचान और उसे हटाने की प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार और इंटरनेट एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। न्यायालय ने केंद्र सरकार को अवधारणात्मक हैश और यूआरएल के राष्ट्रीय डेटाबेस के लिए दिशानिर्देश तैयार करने का निर्देश दिया है। इससे प्लेटफॉर्मों को विभिन्न सेवाओं में समान सामग्री की पहचान करने और समन्वित पहचान एवं हटाने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। हालांकि, न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी प्रणालियों में गलत तरीके से सामग्री हटाने से बचाव के उपाय शामिल होने चाहिए। किसी एक शिकायत के आधार पर सामग्री को स्वचालित रूप से डेटाबेस से हटाया या जोड़ा नहीं जाना चाहिए। इस तरह की कार्रवाई से पहले कई सुरक्षा उपाय और सत्यापन आवश्यक हैं।
'ईरान पर परमाणु बम नहीं गिराऊंगा', बोले ट्रंप... इस पहाड़ पर हमले की तैयारी
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ परमाणु हथियार और अमेरिकी जमीनी सेना के इस्तेमाल से इनकार किया, जबकि सेना पिकैक्स माउंटेन और ऊर्जा ढांचे पर हमले के नए विकल्प तैयार कर रही है. मोआब के संभावित इस्तेमाल ने भूमिगत परमाणु ठिकानों पर इसकी सीमित क्षमता को लेकर सैन्य योजना से जुड़े अधिकारियों के बीच सवाल खड़े किए हैं.
वैभव को है विश्वास, बेंगलुरु में मिलेगा मौका? इस पोस्ट से मिले संकेत
भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का पांचवां मुकाबला शनिवार (17 अक्टूबर) को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में है, सवाल यह है कि अब तक इस सीरीज के चारों मैच नहीं खेले वैभव सूर्यवंशी इस मुकाबले में खेलेंगे, क्योंकि उनकी इंस्टाग्राम स्टोरी से इस बात की चर्चा है.
पाकिस्तान की सरपरस्ती में पलने वाले आतंकवादियों के लिए भारतीय सेना ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाने और भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की किसी भी कोशिश का मुंहतोड़ जवाब मिलेगा। हम आपको बता दें कि कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में आज तड़के सुरक्षा बलों ने दो आतंकवादियों को मार गिराया। नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास हुई इस मुठभेड़ ने उन आतंकियों के मंसूबों को करारा झटका दिया है, जो चोरी-छिपे भारतीय सीमा में दाखिल होकर हिंसा फैलाने का सपना देखते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार तड़के करीब 3:30 बजे जुमागुंड इलाके में एलओसी के पास सुरक्षा बलों ने कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखीं। जवानों ने संदिग्धों को चुनौती दी और उन्हें रोकने की कोशिश की। इसके बाद दोनों तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई। मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए। फिलहाल सुरक्षा बल इलाके में व्यापक तलाशी अभियान चला रहे हैं, ताकि किसी अन्य आतंकवादी की मौजूदगी या छिपे हुए खतरे को ध्वस्त किया जा सके। इसे भी पढ़ें: JKAS अफसर से बदसलूकी पर IAS अधिकारी के खिलाफ जांच शुरू, Omar Abdullah ने की निंदा देखा जाये तो कश्मीर में आतंकवाद फैलाने का सपना देखने वालों को समझना होगा कि भारतीय सुरक्षा बल हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं। जंगलों, पहाड़ी रास्तों और दुर्गम इलाकों का फायदा उठाकर बच निकलने की उम्मीद पालने वाले आतंकवादियों के लिए भी रास्ता आसान नहीं है। भारतीय सेना की ताकत केवल उसके हथियारों में नहीं, बल्कि जवानों की सतर्कता, प्रशिक्षण, रणनीतिक क्षमता और देश की सुरक्षा के प्रति अटूट संकल्प में है। आतंकवादियों को यह संदेश साफ है कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और देश की संप्रभुता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हथियार उठाकर निर्दोष लोगों को निशाना बनाने वालों के खिलाफ कानून और सुरक्षा बलों की कार्रवाई जारी रहेगी। हम आपको यह भी बता दें कि सेना की पश्चिमी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर को योल में राइजिंग स्टार कोर का दौरा किया। इस दौरान कोर के कमांडरों के साथ बदलते सुरक्षा परिदृश्य, उभरते खतरों और भविष्य की आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों पर चर्चा की गई। रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी के मुताबिक, बैठक में प्रौद्योगिकी आधारित युद्ध प्रणालियों के इस्तेमाल, क्षमताओं में वृद्धि और एकीकृत युद्धक क्षमता को मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही संभावित चुनौतियों का पहले से आकलन करने और अभियानों में निर्णायक परिणाम हासिल करने की तैयारी पर भी चर्चा हुई। बहरहाल, कुपवाड़ा में हुई मुठभेड़ और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की तैयारियों से जुड़ी समीक्षा, दोनों ही सीमावर्ती सुरक्षा के प्रति सतर्कता के महत्व को रेखांकित करती हैं। इनसे यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षा बल जमीनी चुनौतियों और भविष्य के खतरों से निपटने के लिए लगातार अपनी क्षमताएं मजबूत कर रहे हैं। आतंकवादियों और उनके मददगारों के लिए संदेश दोटूक है कि भारत की सुरक्षा को चुनौती देने की हर कोशिश का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
दिल्ली में तिरंगा यात्रा के दौरान अभिजीत दिपके डिटेन
दिल्ली में तिरंगा अभियान को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. CKP के संस्थापक अभिजीत दिपके को कनॉट प्लेस में तिरंगा मार्च निकालने की कोशिश के बाद दिल्ली पुलिस ने डिटेन कर लिया. देर रात हिरासत में लेने के बाद पुलिस आज उन्हें एसीएमएम कोर्ट में पेश करेगी. इस पेशी को ध्यान में रखते हुए मंदिर मार्ग थाने के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग लगाई गई है.
रूस से ऊर्जा खरीद पर भारत को राहत, ट्रंप का बड़ा ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 16 अक्टूबर को जारी कार्यकारी आदेश के जरिए रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले ग्राहम एक्ट के तहत कई टैरिफ और प्रतिबंधों से छूट देने का फैसला किया।
अब कैसी है लालकृष्ण आडवाणी की तबीयत? अस्पताल ने बताया
शुक्रवार शाम लगभग 7:30 बजे सीने में संक्रमण और सांस लेने में हल्की तकलीफ के बाद उन्हें जसौला विहार स्थित अपोलो अस्पताल लाया गया था।
दिल्ली में राजनीतिक प्रदर्शनों से करोड़ों का नुकसान; त्योहारी सीजन में व्यापारी परेशान
राजधानी दिल्ली में लगातार होने वाले राजनीतिक प्रदर्शनों, चक्का जाम और यातायात प्रतिबंधों से परेशान होकर व्यापारी संगठन भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, विपक्ष के नेता राहुल गांधी और आम आदमी ...
गरबा उत्सव की शहर-शहर कैसे बिखरी है रौनक, देखें गुजरात आजतक
गुजरात में सदियों पुरानी ऐसी अनूठी लोक परंपराएं जीवंत हैं, जिनमें आस्था, साहस और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. यहां नवरात्रि के मौके पर चारों ओर पारंपरिक परिधानों के साथ लोक गरबा कर रहे हैं. गरबा की ये परंपराएं ना केवल मां दुर्गा के प्रति अटूट श्रद्धा को अभिव्यक्त करती हैं, बल्कि प्रदेश की समृद्ध लोकसंस्कृति और सांस्कृतिक विरासत को भी जीवंत बनाए हुए हैं. देखें गुजरात आजतक.
मानहानि केस: YouTuber Dhruv Rathee के खिलाफ Delhi Court ने जारी किया जमानती वारंट
दिल्ली की एक अदालत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आईटी प्रकोष्ठ के एक सदस्य द्वारा 2018 में दायर मानहानि मामले में शनिवार को यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल जैन ने विकास पांडे की ओर से दायर मामले में यह वारंट जारी किया जिन्होंने राठी के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए एक वीडियो को लेकर उन पर मानहानि का आरोप लगाया है। अदालत के विस्तृत आदेश की प्रतीक्षा है। अदालत ने मामले में आगे की सुनवाई के लिए 31 अक्टूबर की तारीख तय की है। यह घटनाक्रम अदालत द्वारा 12 अक्टूबर को राठी को नया समन जारी किए जाने के कुछ दिन बाद सामने आया है। उस समय अदालत ने कहा था कि शिकायतकर्ता पिछले कई वर्षों से राठी को समन तामील कराने का प्रयास कर रहा है। अदालत ने अपने आदेश में निर्देश दिया कि राठी के हरियाणा के गुरुग्राम स्थित आवास पर नया समन भेजा जाए। पांडे की ओर से पेश अधिवक्ता समक्ष शर्मा ने दलील दी कि राठी आम तौर पर ऑस्ट्रिया में रहते हैं और दिल्ली में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए भारत आए थे। अदालत ने उल्लेख किया कि राठी के खिलाफ पहली बार जुलाई 2019 में समन जारी किया गया था।
ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत,आखिरी बार खाए थे नूडल्स
ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा क्षेत्र के नगला श्री पदम गांव में शनिवार को एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत से हड़कंप मच गया।
नाना पाटेकर या स्मित मच्छार?: मुंबई में रेलवे पुल का नाम रखने को लेकर छिड़ा विवाद, भाजपा-शिवसेना नेता भिड़े vidyavihar bridge naming controversy nana patekar vs captain smit machhar
आरजी कर केस: 'जमानत मिलने से बेगुनाही साबित नहीं होती', संदीप घोष को राहत मिलने पर समिक भट्टाचार्य क्या बोले?--RG Kar Case: Bail Does Not Prove Sandip Ghosh Innocent, Says Bengal BJP Chief Samik Bhattacharya
डिग्री के साथ जिम्मेदारी भी, लॉ यूनिवर्सिटी के छात्रों से CM योगी ने क्या कहा?
लखनऊ में डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकसित भारत, कानून के शासन, न्यायपालिका की स्वतंत्रता और उत्तर प्रदेश में निवेश के मुद्दे पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों के विकसित भारत के सपने को पूरा करने के लिए हर दावे के पीछे तथ्य, साक्ष्य और तर्क होना जरूरी है.
शुक्र की चाल हुई वक्री, आज से 29 दिन तक मुसीबत में 5 राशियां!
Shukra Vakri 2026: शुक्र की वक्री चाल 17 अक्टूबर से 14 नवंबर 2026 तक रहेगी. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान 5 राशियों को आर्थिक मामलों, बढ़ते खर्च और रिश्तों में सावधानी बरतने की जरूरत हो सकती है.
'बैड नहीं, ब्रेकिंग बैड पार्टी है TVK', स्टालिन का तीखा हमला
तमिलनाडु की राजनीति में ड्रग्स की बरामदगी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. TVK के एक पदाधिकारी की गिरफ्तारी के बाद DMK प्रमुख एमके स्टालिन ने TVK पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कथित ड्रग्स नेटवर्क की जांच की मांग की है.
मानहानि मामले में Delhi Court ने YouTuber Dhruv Rathee के खिलाफ Bailable Warrant जारी किया
दिल्ली की एक अदालत ने यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। यह मामला विकास सांकृत्यायन (जिन्हें विकास पांडे के नाम से भी जाना जाता है) द्वारा 2018 में दायर किए गए मानहानि के मुकदमे से जुड़ा है। यह वारंट तब जारी किया गया जब समन तामील कराने गए अधिकारी ने रिपोर्ट दी कि ध्रुव राठी के घर पर ताला लगा हुआ था। अदालत ने इस रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए जमानती वारंट जारी किया और मामले की अगली सुनवाई 31 अक्टूबर के लिए तय की। इसे भी पढ़ें: Dhruv Rathee ने 'वोट चोरी' के खिलाफ लंदन में विरोध प्रदर्शन की घोषणा की; कहा- अब 'अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आवाज उठाने' का समय आ गया है इससे कुछ समय पहले ही, शिकायतकर्ता के अनुरोध पर अदालत ने ध्रुव राठी के गुरुग्राम वाले पते पर नए समन भेजे थे, ताकि अदालती प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जा सके। शिकायतकर्ता के वकील ने बताया कि पिछले कई सालों में ध्रुव राठी को समन तामील कराने की कई कोशिशें नाकाम रहीं, क्योंकि वे मुख्य रूप से विदेश में रहते हैं। अदालत ने शुरुआत में जुलाई 2019 में राठी को समन जारी किया था और समन तामील कराने में मदद के लिए पांडे को समन तामील करने वाले अधिकारी के साथ जाने की अनुमति दी थी। यह मानहानि का मामला मई 2018 में राठी द्वारा अपलोड किए गए एक वीडियो से जुड़ा है। इस वीडियो में उन्होंने कथित तौर पर दावा किया था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सेल ने उन्हें बदनाम करने के लिए पांडे को रिश्वत देने की कोशिश की थी। राठी के सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किए गए इस वीडियो को अरविंद केजरीवाल ने रीट्वीट किया था, जो उस समय दिल्ली के मुख्यमंत्री थे। इसे भी पढ़ें: Dhruv Rathee को क्या गिरफ्तार कर लिया गया? नोएडा पुलिस ने Tweet कर क्या बड़ा बताया इसके बाद, पांडे ने वीडियो और उसके प्रसार को लेकर राठी और केजरीवाल, दोनों के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया। अदालत का यह ताजा आदेश कई साल पुराने इस मामले में एक अहम मोड़ है; समन तामील कराने की कोशिश नाकाम रहने के बाद, अदालत ने अब राठी के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है।
20W की जगह 67W का चार्जर लगा दें तो क्या होगा? फोन चार्ज करने से पहले जान लें
मोबाइल चार्जर पर लिखे 20W, 33W और 67W का क्या मतलब होता है? जानिए वॉट का फोन की चार्जिंग स्पीड से क्या संबंध है, क्या ज्यादा वॉट वाला चार्जर फोन को जल्दी चार्ज करता है और नया चार्जर खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
'दुनिया छोड़ रहे हैं', पत्नी के जन्मदिन पर भेजा ईमेल... मृत मिले टेक दंपति
गुरुग्राम में एक टेक दंपति मोहम्मद असलम और उनकी पत्नी फरहाना संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए. असलम ने अपने एंप्लॉयर को ईमेल भेजकर लिखा था कि हम दुनिया छोड़ रहे हैं' और उसमें परिजनों और मकान मालिक के फोन नंबर शेयर किए थे.
केरलम में Waqf Board का पुनर्गठन, IUML नेता मायिन हाजी बने नए अध्यक्ष
केरलम सरकार ने राज्य वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करते हुए इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के नेता एम. सी. मायिन हाजी को संस्था का अध्यक्ष नियुक्त किया। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। सरकार ने पिछले बोर्ड को गठन के सात महीने से भी कम समय में भंग कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, सरकार ने के. एस. हम्सा की अध्यक्षता वाले पिछले बोर्ड को भंग करने का आदेश शुक्रवार को जारी किया। इस बोर्ड का गठन इसी साल मार्च में पूर्ववर्ती वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार ने किया था। सरकार ने इसके स्थान पर नौ सदस्यीय नयी समिति गठित की है जबकि पिछले बोर्ड का कार्यकाल अभी चार साल से अधिक शेष था। केरल राज्य वक्फ बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, आईयूएमएल के प्रदेश उपाध्यक्ष मायिन हाजी पहले भी बोर्ड के सदस्य रह चुके हैं। नियुक्त किए गए अन्य सदस्यों में आईयूएमएल नेता कुरुक्कोली मोईदीन, मुस्तफाल फैजी, सिरास डी. कैप्सी, तोडियूर मोहम्मद कुंजु मौलवी, सजना फिरोज, जसीम सबाहा, डॉ. अब्दुल मजीद और सलाही मदीना बेगम शामिल हैं। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन को चुनौती देने वाली पूर्व अध्यक्ष के. एस. हम्सा की याचिका केरल उच्च न्यायालय में लंबित है। अधिकारियों ने बताया कि नए वक्फ बोर्ड की पहली बैठक जल्द ही होगी।
SIR में वोटर लिस्ट से नाम कटा तो क्या करें? दिल्ली हाईकोर्ट ने बताया रास्ता
वोटर लिस्ट से नाम हटने के बाद दोबारा जुड़वाने में कई मतदाताओं को समस्या आ रही थी. वोटर्स को डर था कि कहीं दोबारा नाम जुड़वाने पर उन पर गलत जानकारी देने का आरोप ना लगे. अब दिल्ली हाईकोर्ट ने फॉर्म 6 को लेकर मतदाताओं का डर दूर किया है.
मुंबई लियरजेट हादसा: अस्थिर लैंडिंग और खराब मौसम दुर्घटना की संभावित वजह, एएआईबी ने बताईं खामियां
मुंबई लियरजेट हादसा: अस्थिर लैंडिंग और खराब मौसम दुर्घटना की संभावित वजह, एएआईबी ने बताईं खामियां mumbai-learjet-crash-aaib-report-unstabilised-approach-poor-weather-dgca-recommendations
मनाली में मॉल रोड छोड़ इन 5 जगहों पर लें होटल, ट्रिप बन जाएगी यादगार
मनाली घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो होटल बुक करने से पहले सही लोकेशन चुनना जरूरी है. मॉल रोड, ओल्ड मनाली, वशिष्ठ, प्रीणी, नग्गर और बुरवा गांव में ठहरने के फायदे जानें, समझें कि आपकी ट्रिप, बजट और घूमने के प्लान के हिसाब से कौन सी जगह बेहतर रहेगी.
भारत की सबसे ज्यादा माइलेज वाली SUV लॉन्च, इतने रुपये है कीमत
रेनो डस्टर हाइब्रिड भारत में लॉन्च हो गई है. ये कंपनी की पहली स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कार है, जो भारतीय बाजार में लॉन्च हुई है. इस कार में 29 किलोमीटर प्रति लीटर का क्लेम्ड माइलेज मिलेगा. कंपनी का दावा है कि ये कार शहरों में 80 परसेंट ईवी मोड में चलेगी. इसमें 1.8 लीटर का पेट्रोल इंजन दिया गया है. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स.
सिर्फ तेज नजर वाले ही खोज पाएंगे तस्वीर की 3 गलतियां, क्या आप लेंगे चैलेंज
Optical Illusion: आपके सामने एक तस्वीर दी गई है, जिसमें आपको 3 अंतर को खोजना है. इसके लिए आपको 10 सेकंड का समय दिया जाएगा.
आश्रम का गेट, दो कुत्ते और तेंदुआ... जूनागढ़ से मुरादाबाद तक क्या हो रहा है?
गुजरात के जूनागढ़ में गिरनार जंगल के पास एक तेंदुआ प्रेरणाधाम आश्रम के गेट से कुत्ते को उठाकर ले गया. वहीं, मुरादाबाद के भगतपुर इलाके का CCTV फुटेज सामने आया है, यहां भी तेंदुआ एक कुत्ते का शिकार करते दिखा है. दोनों घटनाओं के वीडियो सामने आए हैं, जो दहला देने वाले हैं.
केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने कहा कि देश में वामपंथी उग्रवाद और पूर्वोत्तर विद्रोह में कमी आई है। उन्होंने IPS अधिकारियों के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में बताया।
दिल्ली के आनंद पर्वत में DTC Bus की टक्कर से 1 की मौत, कई घायल
शनिवार को दिल्ली के आनंद पर्वत इलाके में DBG रोड पर दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की एक बस ने पैदल चलने वालों को टक्कर मार दी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। बस की ड्राइवर, जो कि एक महिला बताई जा रही है, की तलाश की जा रही है। पुलिस के पहुंचने से पहले बस पर पत्थर फेंके गए, जिससे उसकी खिड़कियों के शीशे टूट गए। एक प्रत्यक्षदर्शी ने ANI को बताया कि बस एक महिला चला रही थी। 2-3 लोग इसकी चपेट में आकर घायल हो गए; एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। एक स्कूटी अभी भी बस के नीचे फंसी हुई है। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि बस एक महिला चला रही थी। डेढ़ महीने पहले भी एक घटना हुई थी, लेकिन तब भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके अलावा, उसी दिन पहले राजस्थान के कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक बस के पलट जाने से आठ यात्रियों की मौत हो गई और छह से अधिक लोग घायल हो गए। जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया ने बताया कि अब तक आठ लोगों को मृत अवस्था में लाया गया है। सभी गंभीर मरीजों को ICU में शिफ्ट कर दिया गया है और उनका इलाज शुरू हो गया है। स्टेशन हाउस ऑफिसर नंद सिंह ने बताया कि घायल यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज चल रहा है। राजस्थान में हुए इस हादसे के समय, बस मध्य प्रदेश से यात्रियों को लेकर खाटू श्याम जा रही थी।
RMLNLU के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए सीएम योगी, देखें क्या कहा
डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के 5वें दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए. अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी ने देश में हुए महत्वपूर्ण कानूनी और आर्थिक सुधारों पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि सच्चे सुधार की शुरुआत केवल नए कानून बनाने से नहीं होती, बल्कि उन पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त करने से भी होती है जिनकी सार्थकता अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए सीएम योगी ने कहा कि जनविश्वास अधिनियम के तहत 42 कानूनों के 183 प्रावधानों में बदलाव कर छोटी-छोटी गलतियों को अपराध की श्रेणी से बाहर निकाला गया है.
मध्य प्रदेश में शहरी विकास मॉडल, निवेश, डिजिटल गवर्नेंस, जल पुनर्चक्रण और TOD का पता लगाने के लिए इंदौर अर्बन कॉन्क्ले
Delimitation पर सर्वदलीय बैठक की मांग, Shaina NC बोलीं संसद में रचनात्मक हो विपक्ष
शिवसेना नेता शायना एनसी ने शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे गए उस पत्र का स्वागत किया, जिसमें परिसीमन प्रस्तावों पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की गई है। साथ ही, उन्होंने विपक्ष से संसदीय कार्यवाही में रचनात्मक रूप से भाग लेने का आग्रह किया। खड़गे की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए शायना एनसी ने कहा कि यह अच्छी बात है कि विपक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ उनसे मिलने की इच्छा जताई है। लेकिन सच तो यह है कि जब संसद सत्र चल रहा होता है और मल्लिकार्जुन खड़गे को संसद के भीतर बैठकर चर्चा और बहस करनी चाहिए, तब वे वहां मौजूद नहीं होते, बल्कि संसद के बाहर विरोध-प्रदर्शन कर रहे होते हैं। उन्होंने विपक्ष के नेताओं से संसदीय कार्यवाही में सकारात्मक रूप से हिस्सा लेने और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा व बहस में शामिल होने का आग्रह किया। इसे भी पढ़ें: MPSC चेयरमैन के इस्तीफे पर Rohit Pawar ने महाराष्ट्र सरकार को दिया रविवार तक का अल्टीमेटम उन्होंने कहा उन्हें संसद सत्र में भी सकारात्मक रूप से भाग लेना चाहिए। खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी को चौथा पत्र लिखकर परिसीमन (डिलिमिटेशन) के प्रस्तावों पर चर्चा के लिए तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है, ताकि संसद में पेश किए जाने और अंतिम रूप दिए जाने से पहले इन पर बात हो सके। शुक्रवार को भेजे गए अपने पत्र में, खड़गे ने इस बात पर चिंता जताई कि 13 अगस्त, 2026 को मानसून सत्र के अनिश्चितकाल के लिए स्थगित (एडजॉर्न साइन डाई) होने के बाद से 64 दिन बीत चुके हैं, जो कि एक अभूतपूर्व स्थिति है, क्योंकि सत्र का औपचारिक सत्रावसान (प्रोरोग) भी नहीं हुआ है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि राजनीतिक दलों के बीच आम सहमति बनाए बिना कोई भी बड़ा संवैधानिक संशोधन न लाया जाए। खड़गे ने लिखा, 13 अगस्त, 2026 को संसद का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुए 64 दिन हो चुके हैं और संसद के दोनों सदनों का अभी तक सत्रावसान नहीं हुआ है। यह स्थिति अभूतपूर्व है। कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी याद दिलाया कि उन्होंने इससे पहले 11 अप्रैल, 16 जुलाई और 27 अगस्त को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर परिसीमन पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की थी। खड़गे ने अप्रैल में पेश किए गए 'परिसीमन संवैधानिक संशोधन विधेयक' का जिक्र किया, जो 17 अप्रैल को लोकसभा में जरूरी दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में विफल रहा था। सरकार से नए प्रस्तावों पर आगे बढ़ने से पहले राजनीतिक दलों से सलाह लेने का आग्रह करते हुए खड़गे ने कहा, कृपया अपने नए प्रस्तावों को संसद में विचार के लिए अंतिम रूप देने से पहले उन पर विस्तृत चर्चा के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाएं। इसे भी पढ़ें: MPSC अभ्यर्थियों की मांगें सुलझाने के लिए Sharad Pawar ने सरकार से संवाद की अपील की सभी राजनीतिक दलों को आपस में, एक-दूसरे के साथ और अन्य सभी हितधारकों के साथ विचार-विमर्श करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। उन्होंने बिना उचित परामर्श के संसद में संवैधानिक संशोधनों को जबरन पारित कराने के खिलाफ भी चेतावनी दी और कहा, कृपया एक बार फिर किसी बड़े संवैधानिक संशोधन विधेयक को संसद में जबरन पारित कराने की कोशिश न करें, जैसा कि आपने पहले भी किया था और जिसका वही हश्र हुआ, जिसका वह हकदार था। कांग्रेस ने मानसून सत्र की स्थिति पर स्पष्टता मांगी है और मांग की है कि संसद में कोई भी नया कानून लाने से पहले राजनीतिक दलों और क्षेत्रीय हितधारकों को प्रस्तावित बदलावों की जांच करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। ( खड़गे के पत्र पर शायना एनसी ने कहा कि विपक्ष को संसद में सकारात्मक रूप से भाग लेना चाहिए।
AI से बदली आवाज, साइबर ठग ऐसे बना रहे शिकार, सरकार ने दी वॉर्निंग
भारत सरकार से संचार विभाग ने सेफ्टी अलर्ट जारी किया है और बताया है कि AI Voice Scam से दूर रहें. बताया है कि साइबर अपराधी AI से आवाज बदलकर लोगों को कॉल करते हैं और फिर उनसे रुपये मांगते हैं. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
Emergency ने देश को Rule of Law का फर्क सिखाया, लखनऊ में बोले योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ में डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के पांचवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए भारत के राजनीतिक और संवैधानिक इतिहास के कुछ अहम पलों को याद किया। इनमें 1975 में आपातकाल (इमरजेंसी) लागू होना और अनुच्छेद 370 को हटाना शामिल है। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने 1975 के आपातकाल का जिक्र किया और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस हंसराज खन्ना द्वारा जताई गई असहमति को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि उस दौर ने देश को 'कानून के शासन' (rule of law) और 'कानून के जरिए शासन' के बीच का अंतर सिखाया। मुख्यमंत्री ने कहा यह वही उत्तर प्रदेश है, जिसके हाई कोर्ट ने 12 जून को भारत के सबसे शक्तिशाली पद पर बैठे व्यक्ति का चुनाव रद्द कर दिया था। ठीक 13 दिन बाद, इसके बदले में देश में आपातकाल लगा दिया गया... उस समय सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस हंसराज खन्ना ने अकेले असहमति जताई थी, और उन्हें इसकी कीमत भी चुकानी पड़ी। लेकिन इतिहास कभी बेकार नहीं जाता। हाल ही में आपने देखा होगा कि 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने उसी अकेली असहमति को सही माना। 1975 ने देश को 'कानून के शासन' और 'कानून के जरिए शासन' के बीच का फर्क सिखाया। देश के लिए 1975 का यही सबक है। इसे भी पढ़ें: Delhi के Jantar Mantar प्रदर्शन से दूर रहें मुस्लिम युवा, Maulana Shahabuddin Razvi की अपील जब हम दीक्षांत समारोहों में जाते हैं, तो वहां दिए जाने वाले भाषण अक्सर काफी लंबे और विस्तृत होते हैं। इसलिए, उस परंपरा से हटकर, मैं आपसे कुछ अलग तरह से बात करना चाहता हूँ। आपके कार्यक्षेत्र और आपके करियर के रास्ते को ध्यान में रखते हुए। पिछले कुछ वर्षों में, आपने शायद यहाँ इन्हीं विषयों पर चर्चा सुनी और देखी होगी। केशवानंद भारती और पुट्टास्वामी जैसे महत्वपूर्ण कानूनी मामलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये मुद्दे अक्सर कानूनी चर्चाओं में आते हैं और अदालतों में इन पर बहस होती है। कानूनी चर्चाओं में हमें अक्सर इन मामलों का जिक्र मिलता है—केशवानंद भारती मामले से लेकर पुट्टास्वामी मामले तक। ये ऐसे विषय हैं जिन पर हम अक्सर अदालतों में चर्चा और बहस करते हैं। इसीलिए आज आपके दीक्षांत समारोह के अवसर पर, जब आप अपनी डिग्रियां प्राप्त कर रहे हैं, मैं यहाँ आया हूँ ताकि हम इन्हीं मुद्दों पर फिर से बात कर सकें। मुख्यमंत्री ने 16 मई 2014 का भी जिक्र किया, जब 30 वर्षों के बाद देश में किसी एक पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला और नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने।
10 साल, 3 IPL खिताब और भावुक विदाई... MI संग जयवर्धने का सफर खत्म
महेला जयवर्धने के जाने के बाद अब मुंबई इंडियंस को अपने कोचिंग सेटअप में आगे की रणनीति तय करनी होगी. अपनी कोचिंग में तीन आईपीएल खिताब दिलाने वाले कोच के रूप में उनका योगदान फ्रेंचाइजी के इतिहास में याद रखा जाएगा.
दिल्ली की साकेत कोर्ट ने 2018 के मानहानि मामले में यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। मामला ‘बीजेपी आईटी सेल पार्ट-2’ वीडियो से जुड़ा है। अगली सुनवाई 31 अक्टूबर को होगी।
'धुरंधर 2'में कैमियो के लिए फीस पर यामी ने क्या कहा?
यामी गौतम अपनी फिल्म 'नई नवेली' के प्रमोशन के लिए माधुरी दीक्षित के शो 'कौन होणार करोड़पति' में पहुंचीं। यहां उन्होंने पति आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' में अपने कैमियो और मोटी फीस मिलने की खबरों पर बात की।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के पांच दिन बाद, पार्टी के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने शनिवार को उनकी हिरासत पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दोनों को अपने ही देश में तिरंगा लहराने के लिए जेल में रखा गया है। एक्स पर एक पोस्ट में शिंदे ने कहा कि आशु और सौरभ की अवैध गिरफ्तारी का 5वां दिन। तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है! इससे पहले 12 अक्टूबर को, दिल्ली पुलिस ने दास, रंका और अन्य लोगों को जंतर-मंतर पर कथित रूप से अनधिकृत रूप से प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जंतर-मंतर को अब विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित जगह के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं है। पार्टी सदस्य अजिंक्य शिंदे ने बताया कि हिरासत में लिए जाने के बाद, दास और रंका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन कार्यकर्ताओं को इस कार्रवाई से डराया नहीं जा सकेगा। इसके अलावा, अभिनेता और कार्यकर्ता प्रकाश राज ने शनिवार को राष्ट्रीय ध्वज लहराने वाले युवा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने मोदी सरकार से देशभक्ति पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज लहराने वाले युवाओं के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और प्रधानमंत्री मोदी से देशभक्ति पर अपना रुख साफ करने को कहा, क्योंकि उनकी सरकार ने ही 'हर घर तिरंगा' पहल शुरू की थी। इसे भी पढ़ें: Abhijeet Dipke की हिरासत को CJP ने बताया गैरकानूनी, SEM Court से की रिहाई की मांग एक वीडियो संदेश साझा करते हुए उन्होंने कहा कि आपने ही तो देशभक्ति दिखाने और 'देशभक्त' बनने के लिए कहा था। अब जब युवा तिरंगा थामे हुए हैं, तो आप उन्हें गिरफ्तार कर रहे हैं, जेल में डाल रहे हैं, हिरासत में ले रहे हैं और उन पर मुकदमे दर्ज कर रहे हैं। यह कैसी उलझन है? कृपया स्थिति स्पष्ट करें, क्योंकि आपने ही 'हर घर तिरंगा' का नारा दिया था। अब आपकी पार्टी (बीजेपी) के लोग और बाकी सब कह रहे हैं कि ये लोग सत्ता परिवर्तन की मांग कर रहे हैं। अगर आप ऐसा बर्ताव करेंगे, तो वे सत्ता परिवर्तन की मांग तो करेंगे ही। अगर आप लाठीचार्ज करेंगे और बच्चों को बेवजह पीटेंगे, तो वे ऐसी सरकार क्यों चाहेंगे जो उन पर ही वार करे? प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, लेकिन इस देश में सत्ता परिवर्तन कैसे किया जाए? कृपया हमारा वोट हमें वापस दे दें, ताकि अगर आप हमें मारेंगे, तो हम आपको सत्ता से नीचे उतार सकें। आप और आपकी पार्टी के लोग डरे हुए हैं। मैं आपको एक सलाह देता हूँ: अगर आप अगली बार बच्चों को मारेंगे, तो वे आपको वोट नहीं देंगे। इसे भी पढ़ें: 'हम बांग्लादेश या नेपाल नहीं हैं, सत्ता परिवर्तन लोकतांत्रिक तरीके से होगा', तिरंगा मार्च रोकने पर केंद्र पर भड़के अभिनेता प्रकाश राज इस बीच, CJP कार्यकर्ता अभिजीत दिपके, जिन्हें राष्ट्रीय राजधानी में प्रस्तावित 'लहरा दो तिरंगा' रैली से पहले दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया था, उन्हें शनिवार दोपहर करीब 12 बजे मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने पेश किया जाएगा। उनके वकील ने यह जानकारी दी। वकील रत्ना सिंह ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उन्हें शनिवार दोपहर करीब 12 बजे मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में SEM के सामने पेश किया जाएगा। पुलिस ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित उनके आवास से दिपके को 'प्रिवेंटिव डिटेंशन' (एहतियाती हिरासत) में लिया। इसके लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा (prohibitory orders) लागू की गई थी। CJP के प्रतिनिधियों का आरोप है कि उन्हें किसी अज्ञात जगह पर ले जाया गया और वकीलों से मिलने की तुरंत अनुमति नहीं दी गई। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार को विरोध प्रदर्शनों के दौरान कनॉट प्लेस और नई दिल्ली के अन्य हिस्सों में लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने कई FIR दर्ज की हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लोगों से इकट्ठा न होने की बार-बार अपील करने के बावजूद, कनॉट प्लेस के आसपास भीड़ जमा हो गई थी। अधिकारियों ने कहा कि BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी और जो लोग बार-बार ऐसा करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।
गर्मी का ऐसा कहर, स्लोवेनिया का आखिरी ग्लेशियर भी पिघल गया
स्लोवेनिया में कभी दो ग्लेशियर थे, लेकिन अब एक पूरी तरह गायब हो चुका है. आखिरी ग्लेशियर को बचाने के लिए बर्फ पर कंकड़ तक बिछाया गया, फिर भी पिघलना नहीं रुका. इसका असर नदियों और पीने के पानी पर भी पड़ सकता है.
'ये कैसा राम राज्य है?' चीन का नाम लेकर केंद्र पर भड़के सोनम वांगचुक; दीपके पर कुछ नहीं बोले
लद्दाख के नेताओं और केंद्र सरकार के बीच बातचीत बेनतीजा रहने पर सोनम वांगचुक ने वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने पूछा, ‘कैसा रामराज्य है यह?’ उन्होंने अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी पर कुछ नहीं कहा।
धन हानि से बचने के लिए घर में जरूर करें ये 7 काम, बढ़ेगा बैंक-बैलेंस
Vastu Tips for Money: पैसा हमारे जीवन की अहम जरूरत है. हर कोई चाहता है कि घर में सुख-शांति बनी रहे और पैसों की कमी न हो. वास्तु शास्त्र में धन और खुशहाली के लिए कुछ आसान नियम बताए गए हैं. आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में जिन्हें अपनाकर आप घर में सुख-समृद्धि बनाए रख सकते हैं.
Delhi SIR 2026 में 2.3 लाख नए मतदाताओं के आवेदन, 18 और 25 अक्टूबर को विशेष शिविर
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) का कार्यालय 31 अगस्त से 30 अक्टूबर, 2026 तक मतदाता सूचियों का 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) कर रहा है। ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि राष्ट्रीय राजधानी के सभी 13 जिलों में इस प्रक्रिया में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। यह पुनरीक्षण इस सिद्धांत के तहत किया जा रहा है कि कोई भी पात्र नागरिक छूट न जाए और कोई भी अपात्र व्यक्ति इसमें शामिल न हो। इस पहल का उद्देश्य मतदाता सूचियों की सटीकता में सुधार करना और पात्र नागरिकों को अपना पंजीकरण कराने या अपने मतदाता विवरण को अपडेट करने का अवसर देना है। ताजा स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, 31 अगस्त से 15 अक्टूबर के बीच नए मतदाता पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 के 230,165 आवेदन प्राप्त हुए; इससे पहले 30 अगस्त तक 212,400 आवेदन दर्ज किए गए थे। ताजा रिपोर्टिंग अवधि के दौरान फॉर्म-6A के 406 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि इससे पहले 1,351 आवेदन जमा किए गए थे। इसे भी पढ़ें: SIR रद्द करने और CEC के इस्तीफे की मांग, महिला संगठनों का Delhi Police HQ तक मार्च इस दौरान, आपत्तियों और नाम हटाने से संबंधित फॉर्म-7 के 12,568 आवेदन प्राप्त हुए, इसके अलावा पहले से दर्ज 51,471 प्रविष्टियां भी थीं। हाल की अवधि में सुधार और पता बदलने के लिए फॉर्म-8 के कुल 87,173 आवेदन मिले, जबकि इससे पहले 260,768 आवेदन जमा किए जा चुके थे। 31 अगस्त को जारी की गई ड्राफ्ट मतदाता सूची, स्थानीय मतदान केंद्रों और CEO दिल्ली के मतदाता सूची पोर्टल पर देखी जा सकती है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अपना नाम जांच लें और जहां जरूरी हो, वहां उचित फॉर्म जमा करें। मतदाताओं को पंजीकरण और सुधार में मदद करने के लिए 18 अक्टूबर और 25 अक्टूबर को दिल्ली भर के मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। जो पात्र नागरिक 1 अक्टूबर 2026 को या उससे पहले 18 वर्ष के हो रहे हैं, वे फॉर्म-6 का उपयोग करके आवेदन कर सकते हैं, जबकि सुधार और पता बदलने के लिए फॉर्म-8 का उपयोग किया जा सकता है। दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि 30 अक्टूबर 2026 को समाप्त होगी। अधिकारियों द्वारा 30 नवंबर तक इन आवेदनों का निपटारा किया जाएगा, और अंतिम मतदाता सूची 4 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी। CEO दिल्ली ने पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे इसमें सक्रिय रूप से भाग लें और अंतिम सूची प्रकाशित होने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि उनके चुनावी विवरण सही हैं।
उत्तराखंड में महिलाओं को 5 लाख रुपए तक का ब्याजमुक्त लोन, सीएम धामी ने दी जानकारी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को कहा कि ‘मुख्यमंत्री स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना’ के अंतर्गत प्रदेश की महिलाओं को 5 लाख रुपए तक का ब्याजमुक्त ऋण प्रदान किया जा रहा है।

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