Bihar MLC Chunav: आठ सीटों पर मतदान संपन्न, शिक्षक क्षेत्रों में 74.55% वोट पड़े
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए शुक्रवार को हुए द्विवार्षिक चुनाव में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 74.55 प्रतिशत जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में 43.87 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान के शुरुआती आठ घंटों के आंकड़ों के अनुसार, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में सबसे अधिक 87.16 प्रतिशत मतदान सारण में हुआ, जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कोसी 52.51 प्रतिशत मतदान के साथ सबसे आगे रहा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के अनुसार, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में सारण के बाद दरभंगा में 79 प्रतिशत, तिरहुत में 78.1 प्रतिशत और पटना में 56.89 प्रतिशत मतदान हुआ। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कोसी में 52.51 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसके बाद तिरहुत में 42.15 प्रतिशत, दरभंगा में 42 प्रतिशत और पटना में 36.19 प्रतिशत मतदान हुआ। मतदान सुबह आठ बजे शुरू हुआ और शाम चार बजे तक चला। हालांकि, निर्वाचन आयोग के अधिकारी खबर लिखे जाने तक अंतिम मतदान प्रतिशत जारी नहीं कर सके थे। मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। आठ निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 5,32,847 मतदाता हैं, जिनमें 1,46,611 महिलाएं और 37 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं। चुनाव में 150 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है। मतदान के लिए 933 केंद्र बनाए गए थे। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘अब तक मतदान शांतिपूर्ण रहा है।’’पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव जनता दल (यूनाइटेड) (जदयू) में गुटबाजी के कारण विशेष रूप से चर्चा में है। मोकामा के विधायक अनंत सिंह अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार के बजाय जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन कर रहे हैं। पूर्व मंत्री और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले नीरज कुमार इस सीट से लगातार चौथी बार जीत हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। अनंत सिंह ने आरोप लगाया है कि नीरज कुमार ने पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव के दौरान उनके खिलाफ काम किया था। इसी कारण वह जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन कर रहे हैं। अनंत सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘जनता ही असली मालिक है। उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला उसे ही करना है। मुझे विश्वास है कि अनुज सिंह भारी जनादेश के साथ चुनाव जीतेंगे।’’नीतीश कुमार और नीरज कुमार की बृहस्पतिवार को हुई संक्षिप्त मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर अनंत सिंह ने कहा कि जदयू प्रमुख को वे ‘‘जहां ले जाते हैं, वह वहां चले जाते हैं।’’अनंत सिंह और जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर लगातार दावा करते रहे हैं कि जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार को पार्टी प्रमुख का समर्थन हासिल नहीं है। इस बीच, सत्तारूढ़ गठबंधन के प्रमुख घटक दल जदयू के नेता श्याम रजक ने कहा कि मतदान सुचारू रूप से जारी है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के पक्ष में लहर है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के अलावा दरभंगा स्नातक, तिरहुत स्नातक, कोसी स्नातक, पटना शिक्षक, दरभंगा शिक्षक, तिरहुत शिक्षक और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भी मतदान हुआ। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में शुरुआती मतदाताओं में शामिल मुरली मनोहर श्रीवास्तव ने पीटीआई-वीडियो से कहा कि इस बार वित्त रहित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों का मुद्दा प्रमुख है, जिन्हें सरकार से पर्याप्त वित्तीय सहायता नहीं मिलती। उन्होंने कहा, ‘‘हम लंबे समय से नियमित वेतनमान, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। इन मांगों को पूरा कराने के लिए हम लगातार अपनी आवाज उठाते रहे हैं।’’नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने 1981 की वित्त रहित शिक्षा नीति में 2008 में बदलाव किया था। इसके तहत शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर अनुदान देने की व्यवस्था शुरू की गई थी। इस व्यवस्था के तहत बिहार सरकार निजी या सामुदायिक स्तर पर संचालित शिक्षण संस्थानों को परीक्षा परिणामों के आधार पर अनुदान देती है। ये संस्थान मुख्य रूप से छात्रों से मिलने वाली फीस पर निर्भर हैं। इनमें कार्यरत कर्मचारियों को नियमित वेतनमान नहीं मिलता, जिससे उनकी आय स्थिर नहीं रहती। श्रीवास्तव ने कहा कि नवल किशोर यादव इस मुद्दे पर लगातार काम करते रहे हैं और उनके प्रयासों से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार ने इस संबंध में घोषणा भी की है। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार नवल किशोर यादव पिछले 30 वर्षों से लगातार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। मौजूदा विधान परिषद सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त हो रहा है। भाजपा ने चार निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारे हैं। इनमें विधान परिषद के तीन मौजूदा सदस्य भी शामिल हैं, जो दोबारा चुनाव जीतने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, जदयू ने शेष चार सीट पर उम्मीदवार उतारे हैं। नवल किशोर यादव के अलावा भाजपा के अन्य उम्मीदवारों में एन. के. यादव और सर्वेश कुमार शामिल हैं, जो क्रमशः कोसी स्नातक और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं। पार्टी ने तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नरेंद्र कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया है। इस सीट पर फिलहाल विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) के घटक दल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के संजय कुमार सिंह विधान परिषद सदस्य हैं। प्रशांत किशोर के नेतृत्व वाली जन सुराज पार्टी सभी आठ सीट पर चुनाव लड़ रही है। पार्टी ने उम्मीदवारों की पहली सूची में बदलाव करते हुए तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भूषण झा की जगह श्याम नंदन यादव और दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से रविंद्र यादव की जगह मोहम्मद इम्तियाज (नूरानी) को उम्मीदवार बनाया है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में वे लोग मतदान कर सकते हैं, जिन्होंने भारत के किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कम से कम तीन वर्ष पहले स्नातक की डिग्री हासिल की हो और संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के निवासी हों। इसी तरह, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में माध्यमिक विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में कम से कम तीन वर्ष का अध्यापन अनुभव रखने वाले लोग मतदान कर सकते हैं। दोनों ही श्रेणियों में मतदाता का नाम संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के लिए तैयार मतदाता सूची में दर्ज होना अनिवार्य है।
DK Shivakumar बोले Congress ने लोकतंत्र दिया तभी PM Modi आज शीर्ष पद पर हैं
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शुक्रवार को कहा कि भारत में लोकतंत्र स्थापित करने में कांग्रेस ने अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जिस पद पर हैं, वह देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में कांग्रेस के योगदान की ही देन है। शिवकुमार की यह टिप्पणी मोदी के उस आरोप के जवाब में आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस ने राहुल गांधी को अपना प्रमुख राष्ट्रीय नेता बनाने के लिए सालों तक लगातार कोशिशें कीं। इसे भी पढ़ें: Asaduddin Owaisi पर Congress का वार, यूपी में जो फार्मूला बताया वह Telangana में क्यों नहीं लागू किया शिवकुमार ने पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस का एक लंबा इतिहास रहा है। प्रधानमंत्री भी जानते हैं कि कांग्रेस के बिना यह देश लोकतंत्र नहीं देख पाता। यह वह पार्टी है जिसने लोकतंत्र दिया है। अगर आज वे (मोदी) प्रधानमंत्री हैं, तो यह भारत के नेतृत्व और लोकतंत्र में कांग्रेस पार्टी के योगदान की वजह से ही है। उन्होंने कहा कि किसी को अपनी जड़ें नहीं भूलनी चाहिए। अगर आप जड़ें भूल जाएंगे, तो आपको फल नहीं मिलेगा। गुरुवार को मोदी ने विपक्षी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया एक नई व्यवस्था की तलाश कर रही है, तब कुछ लोग भारत में अव्यवस्था का सपना देख रहे हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला करते हुए मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने नेता को लॉन्च करने की इतनी बार असफल कोशिशें की हैं, जितनी बार भारत ने एक साल में श्रीहरिकोटा से रॉकेट लॉन्च नहीं किए होंगे। इसे भी पढ़ें: सलमान खुर्शीद ने Rahul Gandhi के बयान का किया समर्थन, Foreign Policy पर उठाए सवाल राहुल गांधी के बार-बार विदेश दौरों पर भाजपा की आलोचना और इस आरोप का जवाब देते हुए कि वे विदेश से लौटकर सरकार को अस्थिर करने की कोशिश करते हैं, शिवकुमार ने कहा कि कांग्रेस नेता को विदेशों में राजनीतिक नेताओं, व्यापारिक दिग्गजों और विश्वविद्यालयों द्वारा आमंत्रित किया गया था। उन्होंने कहा कि वे एक नेता हैं। कई विदेशी राजनीतिक नेता, कारोबारी नेता और विश्वविद्यालय उनसे अनुरोध करते हैं। वे एक ऐसे नेता हैं, जिनकी ओर पूरी दुनिया देख रही है।
सतना। पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास द्वारा आयोजित सतना हाफ मैराथन: 2026 के सातवें संस्करण की तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुँच गई हैं। भारत सरकार के फिट इंडिया अभियान की भावना के अनुरूप आयोजित होने वाली यह मैराथन खेल, स्वास्थ्य, सामाजिक समरसता और क्षेत्रीय गौरव का एक महत्त्वपूर्ण आयोजन है। इसमें देश के 22 राज्यों से 5,000 से अधिक महिला एवं पुरुष धावकों के भाग लेने की अपेक्षा है। आयोजन का उद्देश्य नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ सतना की पहचान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना है। मैराथन में पाँच किलोमीटर, दस किलोमीटर और 21 किलोमीटर की दौड़ आयोजित की जाएगी। रविवार प्रातः छह बजे वरिष्ठ अतिथियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा हरी झंडी दिखाकर धावकों को रवाना किया जाएगा। आयोजन को सफल बनाने के लिए खेल प्रबंधन, प्रतिभागियों की सुविधाओं, तकनीकी व्यवस्था, चिकित्सा सहायता और मीडिया कवरेज सहित सभी प्रमुख पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। देश के प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों के शुभकामना संदेश सतना हाफ मैराथन को देश के अनेक प्रतिष्ठित जनप्रतिनिधियों, मंत्रियों, खिलाड़ियों और अन्य विशिष्ट व्यक्तित्वों के शुभकामना संदेश प्राप्त हुए हैं। इनमें डॉ. मोहन यादव जी (मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश), केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव जी, राजेन्द्र शुक्ल जी (उप मुख्यमंत्री), ब्रजेश पाठक (उप मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश), मध्य प्रदेश शासन के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग जी, मध्य प्रदेश शासन के मंत्री लखन पटेल जी तथा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री जयप्रकाश (जेपी) जी, नई दिल्ली, सुप्रसिद्ध कथावाचक श्रद्धेय अजय भाई जी, संजय वर्मा (फिल्म अभिनेता), अभय महाजन (संगठन सचिव) दीनदयाल शोध संस्थान, प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त सतना हाफ मैराथन की ब्रांड एंबेसडर एवं तीन बार की एशियाई चैंपियनशिप विजेता डॉ. सुनीता गोदारा जी, फिल्म अभिनेता श्री युवराज कुमार जी, इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन के उपाध्यक्ष श्री संजीव कुमार जी तथा उरई के विधायक श्री गौरीशंकर वर्मा जी सहित जिले के समस्त जनप्रतिनिधियों व अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने आयोजन के प्रति शुभकामनाएँ व्यक्त की हैं। मध्य प्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं सतना जिले के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय जी ने भी अपना शुभकामना संदेश भेजा है। आयोजन में मध्य प्रदेश शासन की मंत्री प्रतिमा बागरी जी, सतना के लोकप्रिय सांसद गणेश सिंह जी तथा सतना के महापौर श्री योगेश कुमार ताम्रकार जी की विशेष उपस्थिति रहेगी। सभी अतिथियों द्वारा मैराथन धावकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। जिले के अन्य सम्माननीय जनप्रतिनिधियों व शुभचिंतकों, खिलाड़ियों की सहभागिता भी रहेगी। 21 किलोमीटर के मार्ग पर पेयजल, एनर्जी ड्रिंक और चिकित्सा सहायता धावकों की सुविधा, स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 21 किलोमीटर के मार्ग पर दोनों ओर पीने के पानी तथा एनर्जी ड्रिंक की व्यवस्था की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए मेडिकल वाहन तैनात रहेंगे। आयोजन स्थल पर फिजियोथेरेपिस्ट भी उपस्थित रहेंगे, जो खिलाड़ियों को आवश्यक सहायता प्रदान करेंगे। आयोजकों का प्रयास है कि प्रतिभागियों को दौड़ के दौरान आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध हों और संपूर्ण आयोजन सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो। प्रतिभागियों से भी अनुरोध किया गया है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें, अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार दौड़ें तथा किसी प्रकार की अनावश्यक जल्दबाजी न करें। आधुनिक तकनीक से होगी समय की गणना: इस मैराथन में सभी प्रतिभागियों के लिए टी-शर्ट, एनर्जी ड्रिंक और आरएफआईडी आधारित टाइमिंग टैग की व्यवस्था की जा रही है। एडिफाई स्पोर्ट्स कंपनी द्वारा आयोजन की तकनीकी एवं खेल प्रबंधन संबंधी व्यवस्थाएँ संभाली जाएँगी। आरएफआईडी टाइमिंग टैग और निर्धारित डिजिटल रीडिंग पॉइंट्स की सहायता से धावकों के समय का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। प्रत्येक प्रतिभागी का आधिकारिक समय निर्धारित टाइमिंग प्रणाली के अनुसार दर्ज होगा, जिससे परिणामों को व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से तैयार करने में सहायता मिलेगी। महिला धावकों के लिए पाँच किलोमीटर दौड़ में निःशुल्क पंजीयन: महिलाओं की खेलों में भागीदारी और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पाँच किलोमीटर की दौड़ में सभी महिला धावकों के लिए निःशुल्क पंजीयन की व्यवस्था की गई है। यह विशेष पहल स्वर्गीय श्रीमती शांति मिश्रा जी की जन्म शताब्दी के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के उद्देश्य से की गई है। इस पहल के माध्यम से अधिक से अधिक महिलाओं को फिटनेस, नियमित व्यायाम और खेल गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। बाहर से आने वाले खिलाड़ियों के आवास एवं भोजन की व्यवस्था: देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले प्रतिभागियों की सुविधा के लिए आवास और भोजन की व्यवस्था की गई है। बाहर से आने वाले पुरुष धावकों के ठहरने की व्यवस्था बूटीबाई अग्रवाल हायर सेकेंडरी स्कूल एवं बूटीबाई अग्रवाल सभागार, जवाहर नगर में की जाएगी। महिला धावकों के लिए शासकीय वेंकट उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्र. -1 के छात्रावास में आवास की व्यवस्था रहेगी। आयोजकों द्वारा प्रतिभागियों के ठहरने और भोजन की आवश्यक व्यवस्थाएँ की जा रही हैं, ताकि दूर-दराज से आने वाले खिलाड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। व्यंकट मैदान में तैयारियाँ तेज, दिल्ली से पहुँचेगी एडिफाई स्पोर्ट्स की टीम: मैराथन के संयोजक श्री रविशंकर द्विवेदी ने बताया कि शासकीय वेंकट उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-1 के मैदान में पंडाल की व्यवस्था कर दी गई है। मंच सहित अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। आयोजन स्थल को प्रतिभागियों और अतिथियों की सुविधा के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार प्रातः दिल्ली से एडिफाई स्पोर्ट्स कंपनी की टीम सतना पहुँचेगी। टीम द्वारा प्रतिभागियों के पंजीयन, किट एवं टी-शर्ट वितरण सहित संबंधित व्यवस्थाएँ की जाएँगी। सभी संबंधित व्यक्तियों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने निर्धारित सिस्टम एवं आवश्यक उपकरणों के साथ समय पर उपस्थित रहें। अनेक टीवी चैनलों पर होगा सीधा प्रसारण: सतना हाफ मैराथन को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से इसका सीधा प्रसारण विभिन्न टीवी चैनलों और मीडिया प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा। इनमें विशेष रूप से एसडी संगम चैनल, नई दिल्ली; सुदर्शन चैनल, नई दिल्ली; डिजियाना चैनल, भोपाल; तथा नेशनल दर्पण, नई दिल्ली सहित अनेक चैनलों के नाम शामिल हैं। आयोजन के विभिन्न स्थलों से लाइव कवरेज की जिम्मेदारी अलग-अलग व्यक्तियों को सौंपी गई है। दिल्ली, मुंबई और भोपाल सहित विभिन्न शहरों से मीडिया प्रतिनिधियों एवं अन्य विशिष्ट व्यक्तियों के आने की संभावना है। इसके माध्यम से सतना की खेल गतिविधियों, स्थानीय संस्कृति और आयोजन की विशेषताओं को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा। मैराथन मार्ग पर ड्रोन के माध्यम से पुष्पवर्षा की भी योजना है। सतना नगर के नागरिक धावकों के स्वागत एवं उत्साहवर्धन के लिए तैयार हैं। आयोजन को यादगार बनाने के लिए स्वागत, मंच संचालन और अन्य गतिविधियों की तैयारियाँ भी की जा रही हैं। प्रसिद्ध एंकर द्वारा जुम्बा एवं वार्म-अप गतिविधियाँ होंगी: दौड़ प्रारंभ होने से पहले प्रसिद्ध एंकर एवं विजेता श्रीमती अनुप्रिया सिन्हा जी द्वारा जुम्बा और अन्य मनोरंजक फिटनेस गतिविधियाँ कराई जाएँगी। इन गतिविधियों का उद्देश्य धावकों में उत्साह बढ़ाना और उन्हें दौड़ के लिए शारीरिक रूप से तैयार होने में सहायता करना है। विजेताओं को चार लाख रुपये से अधिक के नकद पुरस्कार: मैराथन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को चार लाख रुपये से अधिक की कुल नकद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ विजेताओं को मेडल, स्मृति चिह्न और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। तीन अलग-अलग दूरी की दौड़ के माध्यम से विभिन्न स्तरों के धावकों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। बुंदेलखंड और विंध्य की संस्कृति को जोड़ने का प्रयास: सतना हाफ मैराथन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बुंदेलखंड एवं विंध्य क्षेत्र की संस्कृति, सभ्यता और परंपराओं को जोड़ने का भी एक महत्त्वपूर्ण प्रयास है। इस आयोजन के माध्यम से खेल भावना, सामाजिक एकता, महिला सशक्तीकरण, स्वास्थ्य जागरूकता और युवाओं की सकारात्मक भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सतना हाफ मैराथन का सातवाँ संस्करण इस क्षेत्र में निरंतर बढ़ती खेल गतिविधियों का प्रतीक है। आयोजन से संबंधित जानकारी के अनुसार, सतना हाफ मैराथन के कॉपीराइट का पंजीकरण पं. गणेश प्रसाद मिश्रा सेवा न्यास के नाम पर कराया गया है। लगातार आयोजन के माध्यम से सतना को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने तथा इसे व्यापक खेल मंच पर स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। ए.के.एस. यूनिवर्सिटी, सतना के श्री अनंत कुमार सोनी जी की विशिष्ट उपस्थिति रहेगी। इसके अतिरिक्त पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास से जुड़े देश-विदेश में रहने वाले अनेक सहयोगी आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दे रहे हैं। स्वस्थ सतना, सशक्त युवा और खेलों के प्रति जागरूक समाज का संकल्प: पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास का उद्देश्य इस आयोजन के माध्यम से लोगों को नियमित व्यायाम के लिए प्रेरित करना, युवाओं को खेलों से जोड़ना, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और सतना की सांस्कृतिक एवं सामाजिक पहचान को व्यापक बनाना है। आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, खेल प्रेमियों और नागरिकों से अपील की है कि वे उत्साहपूर्वक आयोजन में सहभागी बनें और देशभर से आने वाले धावकों का स्वागत करें। सतना हाफ मैराथन: 2026 को फिटनेस, खेल भावना, सामाजिक सहभागिता और क्षेत्रीय गौरव के एक यादगार उत्सव के रूप में आयोजित करने की तैयारियाँ की जा रही हैं।
Manoj Sinha ने Srinagar में 2011 बैच के IFS अधिकारियों से की मुलाकात
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को यहां लोक भवन में भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के 2011 बैच के अधिकारियों के एक समूह से बातचीत की। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। प्रवक्ता ने बताया कि ये अधिकारी अपनी सेवा के मध्य काल में मिलने वाले विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम (मिड-करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम) के सिलसिले में फिलहाल जम्मू-कश्मीर के एक हफ्ते के आधिकारिक दौरे पर हैं। उन्होंने बताया कि इस बातचीत के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने अपनी पेशेवर जिंदगी से जुड़े अनुभव साझा किए तथा व्यापार, पर्यटन और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों जम्मू-कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। प्रवक्ता के अनुसार, इस विचार-विमर्श के दौरान जम्मू-कश्मीर में जारी विकास कार्यों पर भी चर्चा हुई, जिसमें युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने, खेलों को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों के आयोजन पर विशेष जोर दिया गया।
होटल CCTV फुटेज और हथियारों की जांच, Tiger Shroff केस में 3 आरोपी 28 अक्टूबर तक रिमांड पर
मुंबई की एस्प्लेनेड कोर्ट ने शुक्रवार को 'टाइगर श्रॉफ हत्या के प्रयास' मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। इन तीनों आरोपियों—जिनकी पहचान अंकित खट्टर, समीर खत्री और जतिन पांचाल के रूप में हुई है—को पुलिस ने हरियाणा के सोनीपत से पकड़ा था और रिमांड के लिए कोर्ट के सामने पेश किया। सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने पूछा कि क्या आरोपियों को पुलिस से कोई शिकायत है, जिस पर तीनों ने 'नहीं' में जवाब दिया। जांच अधिकारी (IO) ने अदालत में इन तीनों की कस्टडी की मांग करते हुए कहा कि अपराध में इनकी अहम भूमिका थी। IO ने बताया कि आरोपी अंकित रेकी (जांच-पड़ताल) करने के लिए मुंबई गया था, आरोपी समीर सीधे तौर पर अनिल पंडित के संपर्क में था, और जतिन पांचाल ने कथित तौर पर वे हथियार उपलब्ध कराए थे जिनका इस्तेमाल अंकित और समीर ने किया था। साजिश को अंजाम देने में इनकी सीधी संलिप्तता का हवाला देते हुए, पुलिस ने इनसे पूछताछ के लिए कस्टडी की मांग की। सरकारी वकील क्रांति कुंभार ने राज्य की ओर से दलील दी कि रिमांड को 31 अक्टूबर तक बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि इस मामले से जुड़े कई वांछित (wanted) लोग अभी महाराष्ट्र के बाहर हैं, जिसके लिए अलग-अलग राज्यों में जांच करने की जरूरत है। सरकारी वकील ने कहा इस मामले से जुड़े ज्यादातर वांछित आरोपी राज्य के बाहर हैं। इसके लिए गहन जांच की जरूरत है, जिसमें समय लगेगा। कम समय की रिमांड से काम नहीं चलेगा, इसलिए इन्हें 31 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा जाना चाहिए। इसे भी पढ़ें: Madras High Court का फैसला, तमिल की मांग पर आपराधिक केस चलाना कानून का दुरुपयोग अभियोजन पक्ष ने अदालत को यह भी बताया कि जांचकर्ताओं को काफी तकनीकी सबूत मिले हैं। इनमें घटना स्थल के कई CCTV फुटेज शामिल हैं, साथ ही उस होटल के फुटेज भी हैं जहां आरोपियों ने कथित तौर पर फायरिंग की प्रैक्टिस की थी। सरकारी वकील ने तर्क दिया, हमें होटल से CCTV फुटेज मिले हैं, जिनमें घटना से पहले और बाद की गतिविधियां कैद हैं। होटल का रजिस्टर भी जब्त कर लिया गया है, लेकिन इन सभी पहलुओं पर अभी और जांच होनी बाकी है। जैसा कि हम सभी जानते हैं, यह एक साजिश का मामला है और साजिशें हमेशा गुप्त रूप से रची जाती हैं, इसलिए इसकी विस्तृत जांच जरूरी है। इसलिए, इस मामले में ज्यादा समय की आवश्यकता है। बचाव पक्ष के वकील अजिंक्य मिरगल ने पुलिस रिमांड का विरोध किया और न्यायिक हिरासत (जुडिशियल कस्टडी) की मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि पुलिस पहले ही सारी बरामदगी कर चुकी है और उनके पास कस्टडी बढ़ाने की कोई ठोस वजह नहीं है। सुनवाई के बाद मीडिया से बात करते हुए वकील मिरगल ने कहा, पुलिस के अपने ही बयानों के अनुसार, वे होटल के रजिस्टर, घटना स्थल के फुटेज और CCTV रिकॉर्डिंग पहले ही जब्त कर चुके हैं। इन फुटेज से साफ है कि हमारे मुवक्किल घटना स्थल पर मौजूद नहीं थे। पुलिस का यह भी दावा है कि उन्होंने होटल में प्रैक्टिस के दौरान हुई फायरिंग के खाली कारतूस बरामद कर लिए हैं। अगर सारी बरामदगी पहले ही हो चुकी है, तो फिर उन्हीं आधारों पर पुलिस कस्टडी की क्या जरूरत है? इसे भी पढ़ें: स्वास्थ्य का अधिकार, जीवन के अधिकार का अभिन्न अंग है, BJP सांसद अरुण गोविल ने UN में भारत के सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का जिक्र किया बचाव पक्ष के वकील ने कथित हथियार के दावों पर भी सवाल उठाए। मिरगल ने कहा, हमारी जानकारी के मुताबिक, अब तक कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है। लगभग दस गिरफ्तारियां होने के बावजूद, अगर वे अभी भी हथियार बरामद नहीं कर पाए हैं, तो इस बात पर गंभीर संदेह पैदा होता है कि क्या ऐसा कोई हथियार वास्तव में मौजूद भी है। पुलिस के इस दावे पर कि दो आरोपी फोन के जरिए वांटेड आरोपी अनिल पंडित के संपर्क में थे, मिरगल ने तर्क दिया कि चूंकि आरोपियों के मोबाइल फोन पहले ही जब्त किए जा चुके हैं, इसलिए फोरेंसिक विशेषज्ञ कस्टडी में पूछताछ की जरूरत के बिना ही कॉल डिटेल रिकॉर्ड की स्वतंत्र रूप से जांच कर सकते हैं। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि जब आरोपियों को 48 घंटे के भीतर ही सोनीपत से मुंबई लाया गया था, तो उन्हें 31 अक्टूबर तक वापस सोनीपत ले जाना अनुचित है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद, एस्प्लेनेड कोर्ट ने अंकित खट्टर, समीर खत्री और जतिन पांचाल को 28 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया।
युवक को मर्सिडीज ने कुचला, कार पर विधानसभा सदस्य का स्टिकर
कल्याण में तेज रफ्तार मर्सिडीज की टक्कर से मॉर्निंग वॉक पर निकले 25 वर्षीय सुनील कोली की मौत हो गई. हादसा 21 अक्टूबर की सुबह हुआ. आरोप है कि टक्कर के बाद चालक मौके से फरार हो गया. CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने कार जब्त कर चालक कोमिल अनिल गायकर को हिरासत में लिया. कार पर विधानसभा सदस्य का स्टिकर भी लगा था.
दिवाली पर घूमने का बना रहे हैं प्लान? भारत की ये 4 जगहे रहेंगी बेस्ट, मिलेगा त्योहार का खास अनुभव
अगर आप दीपावली पर घूमने की प्लानिंग कर रहे हैं तो भारत की ये 4 जगहें आपके लिए बेस्ट हो सकती हैं. यहां आपको त्योहार का खास अनुभव देखने को मिलेगा.
Rajasthan पंचायत चुनाव में आमने-सामने आईं दो सगी बहनें
राजस्थान के नागौर जिले के बरणगांव में सरपंच चुनाव दिलचस्प हो गया है. सांसद हनुमान बेनीवाल के पैतृक गांव में इस पद के लिए सात महिला प्रत्याशी मैदान में हैं. इनमें बेनीवाल परिवार की दो सगी बहनें मीरा बेनीवाल और राजबाला बेनीवाल भी शामिल हैं. दोनों रिश्ते में सांसद की भाभियां हैं और एक ही कुर्सी के लिए दावेदारी पेश कर रही हैं. अब 2,970 मतदाताओं के फैसले पर सबकी नजरें टिकी हैं.
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: 3 आरोपियों को 28 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में सोनीपत से गिरफ्तार तीन आरोपियों को 28 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है. पुलिस आरे कॉलोनी में कथित फायरिंग प्रैक्टिस, CCTV फुटेज और साजिश के एंगल से जांच कर रही है. पढ़ें पूरी कहानी.
2028 तक चिप बनाने तक हम सेमीकंडक्टर रेस में पिछड़ जाएंगे? मंत्री वैष्णव ने बताया भारत का प्लान
NDTV World Summit 2026 में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत 2028 तक अपनी पहली एडवांस 'मेक इन इंडिया' सेमीकंडक्टर चिप तैयार कर लेगा. उन्होंने बुलेट ट्रेन को लेकर भी बात रखी.
बाइक पर पिस्टल और कारतूस लेकर निकले दो युवक, पुलिस ने बीच सड़क दबोचा
बिहार के गोपालगंज में हथुआ थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर दो युवकों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, दोनों स्प्लेंडर बाइक से अवैध हथियार लेकर जा रहे थे. तलाशी में एक देसी पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं. गिरफ्तार आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है. पुलिस हथियारों के स्रोत और नेटवर्क की जांच कर रही है.
IFS साकेत बडोला VRS के ऐलान पर हुए भावुक, बताया- रिटायरमेंट से 11 साल पहले क्यों छोड़ रहे नौकरी?
2008 बैच के IFS अधिकारी और कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक साकेत बडोला ने VRS लेने का ऐलान किया है. 2037 में रिटायर होने वाले बडोला ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट शेयर की.
ट्रंप के दामाद को UAE और सऊदी से मिला अरबों डॉलर का गुप्त फंड; नेतन्याहू ने मदद की: रिपोर्ट
रिपोर्ट में एक तीसरे खाते को लेकर हुई बातचीत का भी जिक्र है. माना जाता है कि यह खाता UAE के लिए एक तरह के आपातकालीन रक्षा कोष के तौर पर सोचा गया था. यह कुशनर की मध्यस्थता वाली उस गुप्त कूटनीति का हिस्सा था, जिसमें इजरायल ने ईरान के हमले की स्थिति में खाड़ी देश की रक्षा करने पर सहमति जताई थी.
1-1 रुपए के सिक्कों से भरा थैला लेकर नॉमिनेशन भरने पहुंचा शख्स, VIDEO
आंध्र प्रदेश के तिरुपति में एक आम नागरिक ने निर्दलीय उम्मीदवार बनने के लिए गांव-गांव जाकर लोगों से एक-एक रुपये के सिक्के जुटाए. इस तरह उम्मीदवार ने कुल 6 हजार रुपये जमा कर लिए और चुनाव कार्यालय पहुंचकर अपना नामांकन भरा. निर्दलीय उम्मीदवार का ये तरीका चर्चा में आ गया है.
पत्नी गुस्से में है तो भूलकर भी नहीं कहें ये 3 बातें, रिश्ते में आ सकती है दरार
अगर, आपकी पत्नी गुस्सा या किसी बात को लेकर नाराज है, तो ऐसे में समझदारी और धैर्य से काम लेना चाहिए, क्योंकि गुस्से में सही की जगह गलत हो सकता है.
चाचा बोले- भतीजा अलीगढ़ में था ही नहीं, पुलिस ने ऑडी से उतरने का दिखाया वीडियो
अलीगढ़ के चर्चित ऑडी हत्याकांड में पुलिस ने भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी देवराज सिंह के भतीजे विक्रांत को गिरफ्तार किया है. पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से विक्रांत की पहचान ऑडी कार चालक के रूप में हुई. वहीं, देवराज सिंह ने भतीजे को बेगुनाह बताते हुए कहा कि घटना के समय वह अलीगढ़ में मौजूद नहीं था.
EWS छात्रों को यूनिफॉर्म के बदले मिलती रहेगी नकद राशि, Delhi High Court ने नीति को ठहराया सही
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) और वंचित समूहों के छात्रों को स्कूल यूनिफॉर्म देने के बजाय नकद सहायता देने का सरकार का फैसला पूरी तरह से मनमाना, सनकी या स्वेच्छाचारी नहीं कहा जा सकता। कोर्ट ने इस नीति को सही ठहराने वाले अपने पहले के फैसले को चुनौती देने वाली एक पुनर्विचार याचिका (रिव्यू पिटिशन) को खारिज कर दिया। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद और जस्टिस रेनू भटनागर की बेंच ने कहा कि अदालतें आमतौर पर नीतिगत फैसलों में दखल नहीं देतीं, जब तक कि वे इतने मनमाने, सनकी या स्वेच्छाचारी न हों कि अदालत की अंतरात्मा को ही झकझोर दें। बेंच ने कहा कि यह पुनर्विचार याचिका असल में पूरे मामले पर फिर से बहस करने की एक कोशिश थी, जो कि पुनर्विचार अधिकार क्षेत्र (रिव्यू ज्यूरिसडिक्शन) के सीमित दायरे से बाहर है। इसे भी पढ़ें: Madras High Court का फैसला, तमिल की मांग पर आपराधिक केस चलाना कानून का दुरुपयोग अदालत को अपने पिछले फैसले में कोई स्पष्ट गलती नहीं मिली, और न ही उसे ऐसा कोई तथ्य मिला जिस पर उसने दिल्ली सरकार की उस नीति को स्वीकार करने से पहले विचार न किया हो, जिसके तहत पात्र छात्रों को यूनिफॉर्म खरीदने के लिए पर्याप्त राशि दी जानी है। यह फैसला 12 अक्टूबर को 'जस्टिस फॉर ऑल' नामक संगठन द्वारा दायर एक पुनर्विचार याचिका (रिव्यू पिटीशन) पर सुनाया गया। इस संगठन ने अदालत के 23 जनवरी, 2026 के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें 'बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009' को लागू करने के संबंध में अदालत के पहले के निर्देशों में बदलाव किया गया था। मूल याचिका में उन कानूनी प्रावधानों को लागू करने की मांग की गई थी, जिनके तहत दिल्ली के मान्यता प्राप्त (सहायता प्राप्त और बिना सहायता प्राप्त) निजी स्कूलों में EWS और वंचित समूहों के तहत दाखिला लेने वाले छात्रों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें, यूनिफॉर्म और अन्य अध्ययन सामग्री मिलनी चाहिए। यह विवाद तब शुरू हुआ जब दिल्ली सरकार ने 10 जून, 2025 को एक नीति बनाई, जिसके तहत यूनिफॉर्म सीधे उपलब्ध कराने के बजाय उनके लिए आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया गया। इस नीति के पीछे का तर्क देते हुए सरकार ने कहा था कि यूनिफॉर्म खरीदना और बांटना एक जटिल प्रक्रिया है, जिससे शिक्षा विभाग और स्कूलों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसे भी पढ़ें: Aamir Shaukeen को त्रिपुरा के युवक से नस्लीय दुर्व्यवहार मामले में एक दिन की न्यायिक हिरासत सरकार ने यह भी बताया कि 'गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस' (GeM) के जरिए टेंडर प्रक्रिया पूरी करने में आमतौर पर लगभग छह महीने लग जाते हैं, और अलग-अलग स्कूलों की यूनिफॉर्म के डिजाइन, रंग और विनिर्देश (स्पेसिफिकेशन) भी अलग-अलग होते हैं। इस नीति को स्वीकार करते हुए, उच्च न्यायालय ने इस साल जनवरी में अपने 13 अप्रैल, 2023 के आदेश में बदलाव किया और सरकार को निर्देश दिया कि वह यह सुनिश्चित करे कि छात्रों को नीति के अनुसार यूनिफॉर्म के लिए पर्याप्त राशि मिले। इस फैसले को चुनौती देते हुए 'जस्टिस फॉर ऑल' ने तर्क दिया कि उन्हें जवाब दाखिल करने का मौका नहीं दिया गया और यह नीति RTE अधिनियम के प्रावधानों के खिलाफ है। प्रक्रिया संबंधी इस आपत्ति को खारिज करते हुए, पीठ ने कहा कि पुनर्विचार याचिका दायर होने के बाद याचिकाकर्ता को पर्याप्त समय दिया गया था। उनके वकील अदालत में पेश हुए थे, उन्होंने पूरे मामले पर बहस की थी और जवाब दाखिल करने के लिए कोई अतिरिक्त समय नहीं मांगा था। इसलिए, अदालत ने इस दावे को खारिज कर दिया कि पिछली पुनर्विचार कार्यवाही की ठीक से सुनवाई नहीं हुई थी।
नरेंद्र मोदी डरपोक हैं... चीन को लेकर कांग्रेस ने उठाए सरकार पर कई सवाल
Congress Attack PM Modi: भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर देश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। आईटीबीपी के डीजी शत्रुजीत कपूर के खुलासे के बाद कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए देश की सीमाओं की सुरक्षा और राष्ट्रीय ...
Madras High Court का फैसला, तमिल की मांग पर आपराधिक केस चलाना कानून का दुरुपयोग
मद्रास हाई कोर्ट ने फरवरी 2024 में थेनी में विरोध प्रदर्शन करने वाले लोगों के एक समूह के खिलाफ ट्रायल कोर्ट में चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया है। इन लोगों ने मांग की थी कि तमिल को हाई कोर्ट की आधिकारिक भाषा बनाया जाए। जस्टिस आर. विजयकुमार ने एस. विनोद राजा की याचिका को स्वीकार करते हुए यह आदेश दिया। विनोद राजा ने थेनी ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट में अपने और अन्य लोगों के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने की मांग की थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 11 फरवरी 2024 को याचिकाकर्ता और अन्य लोग थेनी जिले में गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा हुए थे और उन्होंने एक फ्लेक्स बैनर लगाया था, जिसमें हाई कोर्ट की आधिकारिक भाषा के रूप में तमिल को शामिल करने की मांग की गई थी। उन पर पुलिसकर्मियों को धमकाने, उनके काम में बाधा डालने और विरोध प्रदर्शन की अनुमति न मिलने पर वाहनों में आग लगाने की धमकी देने का भी आरोप था। इस शिकायत के आधार पर, थेनी पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसे भी पढ़ें: Aamir Shaukeen को त्रिपुरा के युवक से नस्लीय दुर्व्यवहार मामले में एक दिन की न्यायिक हिरासत याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन लोकतांत्रिक था और उन्होंने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता और अन्य लोगों के खिलाफ एक झूठी शिकायत दर्ज की गई थी। जज ने गौर किया कि चार्जशीट के अनुसार, याचिकाकर्ता और अन्य लोग हाई कोर्ट की आधिकारिक भाषा के रूप में तमिल को शामिल न किए जाने के विरोध में इकट्ठा हुए थे और प्रदर्शन किया था। अन्य आरोपों के संबंध में, जज ने ध्यान दिया कि सूची में शामिल सभी गवाह पुलिसकर्मी थे। इन परिस्थितियों को देखते हुए, जज ने माना कि याचिकाकर्ता के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही जारी रखना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। यह देखते हुए कि अन्य आरोपी भी इसी तरह की स्थिति में थे, कोर्ट ने याचिकाकर्ता और सह-आरोपियों के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया।
NDTV World Summit 2026: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार AI को लेकर एक कानून पर काम कर रही है. उन्होंने बताया कि चंद हफ्तों में कंसल्टेशन पेपर आएगा.
UP में एमएलसी चुनाव के लिए वोटिंग, सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
आज उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न क्षेत्रों में एमएलसी (विधान परिषद) चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इस चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक और कड़े इंतजाम किए गए हैं. मतदान सुबह 8 बजे से शुरू होकर शाम 4 बजे तक चलेगा. मतदाताओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न इलाकों में अलग-अलग बूथ और केंद्र बनाए गए हैं.
Coimbatore में छात्र की मौत के बाद एक्शन, KK Naidu School के Teacher और HM निलंबित
जाति-आधारित भेदभाव और मानसिक प्रताड़ना के कारण आत्महत्या करने वाले 16 वर्षीय छात्र के परिजनों ने शुक्रवार को कोयंबटूर जिला कलेक्ट्रेट के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने संबंधित शिक्षक और प्रधानाध्यापक की गिरफ्तारी तथा स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग की। मृतक, अकिलन, कोयंबटूर के अविनाशी रोड स्थित सरकारी सहायता प्राप्त 'केके नायडू हायर सेकेंडरी स्कूल' में 11वीं कक्षा का छात्र था। वह पीलामेडु इलाके का रहने वाला था। आरोपों के अनुसार, स्कूल में अन्य छात्र अकिलन से दूरी बनाए रखते थे, जबकि एक शिक्षक ने उससे बीफ खाने के बारे में सवाल पूछकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। बताया गया है कि इस संबंध में स्कूल के प्रधानाध्यापक से शिकायत की गई थी, लेकिन कथित तौर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसे भी पढ़ें: Kerala की 6000 नर्सों ने बढ़ाया India-Germany का भरोसा, बोले Piyush Goyal अकिलन ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। डीएमके, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) और '17 मई मूवमेंट' सहित विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के 100 से अधिक सदस्य, अकिलन के माता-पिता और रिश्तेदारों के साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने छात्र के लिए न्याय की मांग करते हुए नारे लगाए। उन्होंने शिक्षक और प्रधानाध्यापक की तुरंत गिरफ्तारी, और साथ ही स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग की। बाद में, प्रदर्शनकारी जिला कलेक्ट्रेट के दूसरे गेट से मुख्य प्रवेश द्वार तक गए और जिला कलेक्टर पवन कुमार गिरियापनवर को सीधे एक ज्ञापन सौंपने का इंतजार किया। इस प्रदर्शन के कारण कलेक्ट्रेट परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया। इस बीच, स्कूल प्रबंधन ने घटना के सिलसिले में क्लास टीचर विजयकुमार और प्रधानाध्यापक अरुणकुमार को निलंबित कर दिया है। पीलामेडु पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और छात्र की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रही है। तमिलनाडु राज्य अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग ने कोयंबटूर शहर के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया है कि वे एक सप्ताह के भीतर इस मामले में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट सौंपें। मामले की आगे की जांच अभी जारी है।
Arunachal Pradesh में PLA से Face-Off पर खड़गे का वार, PM Modi देश को बताएं सीमा का सच
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भारत की चीन नीति पर स्पष्टता देने की मांग की है। उन्होंने सीमा सुरक्षा, आर्थिक संबंधों और राजनयिक मामलों को संभालने के सरकार के तरीके की आलोचना की है। 'X' (ट्विटर) पर एक पोस्ट में, खड़गे ने प्रधानमंत्री से तीन खास सवाल पूछे हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक निर्भरता और राजनयिक जवाबदेही से जुड़े हैं। उन्होंने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक के उस बयान का जिक्र किया, जिससे पुष्टि होती है कि अरुणाचल प्रदेश में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के साथ आमना-सामना चल रहा है। इसे भी पढ़ें: अरुणाचल सीमा तनाव पर PM Narendra Modi संसद को विश्वास में लें: Congress खरगे ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में PLA के साथ लगातार हो रहे टकराव की ITBP के DG द्वारा पुष्टि, बेहद चिंताजनक है। डोकलाम और गलवान के बाद, क्या एक और गंभीर टकराव की स्थिति बन रही है? अगस्त में तक्सिंग के पास चीनी घुसपैठ की खबरें सामने आई थीं। फिर भी, वाचा-दमाई में कोर कमांडर स्तर की बातचीत के 47 दिन बाद भी - जो कि कथित तौर पर यहाँ से केवल 180 किमी दूर है - टकराव जारी है। क्या भारत की पेट्रोलिंग (गश्त) की पहुँच प्रभावित हुई है? अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है। देश को अंधेरे में क्यों रखा जा रहा है? उन्होंने 2020 की गलवान घाटी झड़प के बाद से चीन के साथ भारत के बढ़ते व्यापार घाटे पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गलवान में भारतीय सेना के 20 बहादुर जवानों की शहादत (FY2020-21) के बाद से, चीन से आयात में 102% की भारी वृद्धि हुई है, जबकि चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा 155% बढ़कर 112.16 अरब डॉलर हो गया है। यहाँ तक कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी मानती हैं कि चीन भारतीय निर्यात में बाधा डालता है। इसके बावजूद, सरकार चीनी निवेश पर लगी पाबंदियों में ढील दे रही है और चीन से जुड़ी पात्र कंपनियों को 'प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव' (PLI) देने पर विचार कर रही है। क्या 'मेक इन इंडिया' अब 'इंपोर्ट फ्रॉम चाइना' (चीन से आयात) बन गया है? इसे भी पढ़ें: India China LAC Tension | अरुणाचल सीमा पर चीन के साथ टकराव जारी: ITBP प्रमुख के खुलासे के बाद कांग्रेस ने PM मोदी पर बोला हमला राजनयिक प्रयासों के संबंध में, खड़गे ने कहा कि मोदी और शी के बीच कम से कम 23 मुलाकातें और बातचीत हुईं, NSA अजीत डोभाल के साथ विशेष प्रतिनिधियों के 25 दौर की वार्ताएं हुईं, 'परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र' (WMCC) की 36 बैठकें हुईं, और इसके अलावा SCO तथा BRICS के लगातार शिखर सम्मेलन हुए। इन मुलाकातों और वार्ताओं का क्या ठोस नतीजा निकला? क्या मई 2020 से पहले भारत को हासिल गश्त (पेट्रोलिंग) करने के अधिकार पूरी तरह से बहाल हो गए हैं? उन्होंने सशस्त्र बलों पर भरोसा जताते हुए सरकार की राजनयिक कार्यशैली की आलोचना की: हमें अपने सशस्त्र बलों पर पूरा भरोसा है। लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जवाबदेही जरूरी है, न कि राजनयिक फोटो-अवसर या गले मिलने वाली कूटनीति (हगप्लोमेसी)! विपक्ष पर हमला करने के बजाय, प्रधानमंत्री मोदी को संसद और पूरे देश को विश्वास में लेना चाहिए।
Udta Teer Review: फिल्म को मिले कितने स्टार? जानें...
आयुष्मान खुराना और सारा अली खान की फिल्म ‘उड़ता तीर’ को दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं. किसी ने इसे मजेदार फैमिली एंटरटेनर बताया, तो किसी ने वन-टाइम वॉच कहा. वीडियो में जानें फिल्म को आजतक ने कितने स्टार दिए और दर्शकों को क्या चीज़ फिल्म में ज़्यादा पसंद आई.
ज्ञानेश कुमार के भाई ने लिया बदला, दिल्ली एयरपोर्ट पर रोके जाने पर CM भगवंत मान का दावा
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पेरिस यात्रा से लौटते समय दिल्ली एयरपोर्ट पर रोके जाने की घटना में सीईसी ज्ञानेश कुमार का नाम लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारी ज्ञानेश कुमार के भाई हैं, उन्होंने बदला लेने के लिए उन्हें रोके रखा।
किस विटामिन की कमी से झाइयां होती है, कौन से फूड्स खाने से दूर होगी ये कमी
झाइयों से परेशान हैं? जानिए किस विटामिन की कमी से होता है पिगमेंटेशन, जानिए कौन-से फूड्स हैं फायदेमंद.
होर्मुज में तेल सप्लाई रोके जाने का दावा! जहाजों पर हमले के बाद तनाव
ईरान की आईआरजीसी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में कथित तेल तस्करी कर रहे 4 टैंकरों पर कार्रवाई की. इसके बाद नियम नहीं मानने वाले जहाजों की आवाजाही रुक गई, जबकि तस्करी दोबारा शुरू होने पर ज्यादा सख्त जवाब की चेतावनी दी गई.
Indian Army की ट्रेनिंग से तैयार होंगे 60,000 Civil Defence स्वयंसेवक, Drone खतरों पर रहेगा फोकस
भारत, भारतीय सेना के साथ मिलकर एक विशेष संयुक्त प्रशिक्षण पहल के ज़रिए एक मज़बूत 'नागरिक सुरक्षा' (Civil Defence) नेटवर्क तैयार करने जा रहा है। इसका उद्देश्य उभरते खतरों के लिए तैयारी बढ़ाना, आपातकालीन स्थितियों में बेहतर तालमेल के साथ प्रतिक्रिया देना और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा करना है। इस पहल के तहत, गृह मंत्रालय (MHA) ने शुक्रवार को बताया कि पहले चरण में 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 'नागरिक सुरक्षा मास्टर ट्रेनर्स' के लिए तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इस पहले चरण में, कुल 600 'नागरिक सुरक्षा मास्टर ट्रेनर्स' को प्रशिक्षित करने की योजना है। इसमें प्रत्येक भाग लेने वाले राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से 50 लोग शामिल होंगे। यह प्रशिक्षण नवंबर 2026 के दूसरे सप्ताह तक, भारतीय सेना के निर्धारित प्रशिक्षण केंद्रों पर तीन दिवसीय विशेष कार्यक्रम के ज़रिए पूरा किया जाएगा। इसे भी पढ़ें: पंजाब में Parwinder Singh Jhota की हत्या पर MHA सख्त, AAP सरकार से मांगी रिपोर्ट इसमें शामिल होने वाले राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं - जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, मेघालय, सिक्किम, असम, उत्तर प्रदेश, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु। इस प्रशिक्षण में तीन मुख्य क्षेत्र शामिल होंगे - खतरों के प्रति जागरूकता, सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया, तथा संचार और समन्वय। 'खतरों के प्रति जागरूकता' मॉड्यूल के तहत आधुनिक और हाइब्रिड युद्ध, ड्रोन से जुड़े खतरों और हवाई हमलों के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। दूसरे मॉड्यूल में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा, रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु (CBRN) खतरों के प्रति जागरूकता, हताहतों का प्रबंधन, और खोज एवं बचाव (सर्च एंड रेस्क्यू) का प्रशिक्षण शामिल होगा। इसके अलावा, तीसरे मॉड्यूल (संचार और समन्वय) में आपातकालीन संचार, साइबर सुरक्षा (साइबर हाइजीन), डिजिटल लचीलापन, नागरिक-सैन्य समन्वय और घटना कमान (इंसिडेंट कमांड) से जुड़े विषय शामिल होंगे। गृह मंत्रालय (MHA) ने बताया कि इस विशेष प्रशिक्षण के बाद, प्रत्येक मास्टर ट्रेनर अपने-अपने राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में 100 सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों को आगे का प्रशिक्षण देगा। इसे भी पढ़ें: MP के CM Mohan Yadav ने दिए निर्देश, Simhastha 2028 के सभी कार्य समय पर हों गृह मंत्रालय ने कहा इस प्रक्रिया के जरिए 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 60,000 सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों तक विशेष तैयारी कौशल पहुंचाए जा सकते हैं, जिससे इस पहल की पहुंच और प्रभाव काफी बढ़ जाएगा। मंत्रालय ने कहा कि यह पहल भारतीय सेना की परिचालन विशेषज्ञता को सिविल डिफेंस स्वयंसेवक नेटवर्क के साथ जोड़कर, नागरिक-सैन्य समन्वय और संस्थागत तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। गृह मंत्रालय ने कहा, इससे उभरते खतरों, आपातकालीन स्थितियों में समन्वित प्रतिक्रिया और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए तैयारी बेहतर होगी। पायलट चरण के नतीजों के आधार पर, इस पहल को चरणबद्ध तरीके से बाकी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तक भी बढ़ाया जाएगा। इससे प्रधानमंत्री मोदी के उस विजन को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिसमें एक मजबूत, त्वरित प्रतिक्रिया देने वाले और भविष्य के लिए तैयार 'वाइब्रेंट सिविल डिफेंस नेटवर्क' की परिकल्पना की गई है।
लोक भवन में मांस-मछली पकाने पर रोक, राज्यपाल के फैसले को लेकर भड़की कांग्रेस
वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि राज्यपाल ने यह तय करके हद पार कर दी है कि रसोई में केवल शाकाहारी भोजन तैयार किया जाए। केरलम में खान-पान की मिलीजुली संस्कृति है। तटीय राज्य होने के कारण यहां मछलियों की प्रचुरता है।
PNB कंसोर्टियम से 326 करोड़ की धोखाधड़ी, Hyderabad और सिकंदराबाद में ED की रेड
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को तेलंगाना में सात जगहों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई 'कनकधरा वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड' (KVPL) और उसके निदेशकों से जुड़े एक मामले में की गई, जिसमें 326.49 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधाओं को कथित तौर पर दूसरी जगह डायवर्ट करने का आरोप है। ED के अनुसार, यह रकम पंजाब नेशनल बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के एक समूह (कंसोर्टियम) द्वारा कंपनी को दी गई थी। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी ने 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) के तहत तेलंगाना के हैदराबाद, सिकंदराबाद और मेडचल-मलकाजगिरी में ये तलाशी अभियान चलाए। ईडी के हैदराबाद ज़ोन ने अपनी जांच के आधार पर तलाशी अभियान चलाया। इसमें पता चला है कि KVPL को दी गई बैंक गारंटी और लेटर ऑफ क्रेडिट सुविधाओं का गलत इस्तेमाल किया गया। साथ ही, फंड को संबंधित और अन्य माध्यम वाली कंपनियों के ज़रिए दूसरी जगह भेज दिया गया, जिसमें स्टील की खरीद के फर्जी इनवॉइस और ट्रांसपोर्ट दस्तावेज़ों का इस्तेमाल किया गया। इसे भी पढ़ें: Balochistan में BLF के हमलों से Pakistan Army को बड़ा नुकसान, पीछे हटने का किया दावा अधिकारियों ने बताया कि KVPL ने लोन देने वाले बैंकों की जानकारी के बिना, कंसोर्टियम (बैंकों के समूह) के दायरे से बाहर भी बैंक खाते चलाए थे। 326.49 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधाओं के कथित तौर पर इधर-उधर किए जाने (डायवर्जन) को लेकर, ED इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के संदेह की जांच कर रही है। बैंक गारंटी और लेटर ऑफ क्रेडिट ऐसे वित्तीय साधन हैं, जिनका इस्तेमाल अक्सर व्यापारिक लेन-देन को आसान बनाने और भुगतान सुरक्षित करने के लिए किया जाता है। एजेंसी इन साधनों के कथित दुरुपयोग और बीच की कंपनियों के ज़रिए फंड को दूसरी जगह भेजने के मामलों की जांच कर रही है। एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत चल रही इस जांच का मकसद कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े सबूत जुटाना और फंड के लेन-देन (आवाजाही) का पता लगाना है।
कंटेंट क्रिएटर ने त्रिपुरा के शख्स पर की नस्लीय टिप्पणी, अब पुलिस से भागता फिर रहा
दिल्ली में आमिर शौकीन नाम के एक कंटेंट क्रिएटर ने त्रिपुरा के लोगों का मजाक उड़ाया तो अब दिल्ली पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. उसका वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आमिर शोकीन त्रिपुरा के एक शख्स के साथ नस्लीय भेदभाव करते दिखा. मामले में जब पुलिस ने एक्शन शुरू किया तो आरोपी अपना फोन बंद करके फरार हो गया. विवाद बढ़ने के बाद आरोपी ने दावा किया कि उसका वायरल वीडियो स्क्रिप्टेड था.
पति-पत्नी की खौफनाक करतूत का खुलासा, प्रेमी की गला दबाकर हत्या की
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में प्रेम प्रसंग के चलते एक युवक की हत्या का मामला सामने आया है. पुलिस के मुताबिक, पत्नी प्रीति और उसके पति कमलेश ने मिलकर कयूम की गला दबाकर हत्या कर दी थी. 16 अक्टूबर को झाड़ियों में मिले शव की जांच के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग और घरेलू विवाद की बात सामने आई है.
ओलंपिक क्रिकेट क्वालिफायर शेड्यूल जारी, इन टीमों की एंट्री पक्की
लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 में क्रिकेट के क्वालिफायर जनवरी-फरवरी में आयोजित किए जाएंगे. रिपोर्ट के मुताबिक, पुरुष और महिला वर्ग में आठ-आठ टीमें हिस्सा लेंगी. महिला वर्ग में भारत, ऑस्ट्रेलिया, साक्षिण अफ्रीका और ग्रेट ब्रिटेन पहले ही क्वालिफाई कर चुके हैं.
छह दशक में कैसे बदली है बंगाल में दुर्गा पूजा, इस साल क्या नया नजर आया
दुर्गा पूजा पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी हुई है. पत्रकार जयंत घोषाल बता रहे हैं कि उन्होंने पिछले छह दशक में बंगाल की दुर्गा पूजा में क्या क्या बदलाव देखेैं. और कैसे रही इस साल की दुर्गा पूजा.
इंस्टाग्राम से दूरी, 10 घंटे की पढ़ाई... ऐसे बने CA इंटर के टॉपर
चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) इंटरमीडिएट परीक्षा में सूरत के प्रेम अग्रवाल ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 3 हासिल कर अपने परिवार और शहर का नाम रोशन किया है. उन्होंने 600 में से 490 अंक (81.67%) प्राप्त किए हैं. सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाकर और रोजाना 8 से 10 घंटे की कड़ी मेहनत करके उन्होंने यह शानदार सफलता हासिल की है.
Asian Para Games: सुमित अंतिल का गोल्डन थ्रो, भारत ने किया मेडल स्वीप
सुमित अंतिल ने एशियन पैरा गेम्स में पुरुषों की भाला फेंक संयुक्त स्पर्धा में 72.46 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीतकर अपने खिताब का बचाव किया. महेंद्र गुर्जर ने सिल्वर और संदीप संजय सरगर ने ब्रॉन्ज मेडल जीता. इस तरह भारत ने स्पर्धा के तीनों पदक अपने नाम किए.
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय में स्नातक MLC चुनाव के लिए अपना वोट डाला। बाद में, यादव ने जनता से अपील की कि वे देश के लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए इस चुनाव में अपना वोट जरूर डालें। यादव ने पत्रकारों से कहा मैं सभी मतदाताओं से आखिरी बार अपील करता हूँ। आपका एक वोट लोकतंत्र को बचाएगा; यह संविधान को बचाएगा। समाजवादी पार्टी प्रमुख ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में चुनाव की जिम्मेदारी भ्रष्ट अधिकारियों को सौंपी है। उन्होंने दावा किया कि भविष्य में होने वाले अन्य चुनावों में भी बीजेपी ऐसा ही बर्ताव कर सकती है। यादव ने आगे कहा हमें आगरा, फतेहपुर, मुख्यमंत्री के गृह जिले गोरखपुर और जौनपुर समेत कई जिलों से ऐसी खबरें मिल रही हैं कि अगर कोई मतदाता समाजवादी पार्टी को वोट देने जाता है, तो वहां बीजेपी के गुंडे या भ्रष्ट अधिकारी तैनात मिलते हैं... वे अन्य चुनावों में भी ऐसा ही बर्ताव कर सकते हैं। लेकिन जनता उनके खिलाफ है, और वे अपने एक-एक वोट से उनसे छुटकारा पा लेगी। इसके अलावा, समाजवादी पार्टी (सपा) नेता राम गोपाल यादव ने भी चुनाव में अपना वोट डाला। इसे भी पढ़ें: UP MLC Election: फतेहपुर में बूथ कैप्चरिंग का प्रयास, Akhilesh Yadav ने BJP पर साधा निशाना पत्रकारों से बात करते हुए यादव ने कहा इटावा में माहौल समाजवादी पार्टी के पक्ष में है। फिरोजाबाद और आगरा में भी यही स्थिति है, और अलीगढ़ में तो समर्थन सबसे ज्यादा है। इसलिए हमारे दोनों उम्मीदवार जीतेंगे—शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से आकाश अग्रवाल और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भी हमारे उम्मीदवार की जीत होगी। इस बीच, बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव के लिए मतदान चल रहा है। संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने के कारण ये चुनाव हो रहे हैं। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के अनुसार, बिहार में आठ, कर्नाटक में चार, महाराष्ट्र में पांच और उत्तर प्रदेश में 11 सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिससे ये सीटें खाली हो गई हैं। इसे भी पढ़ें: यूपी में अखिलेश यादव और सपा नेताओं के खिलाफ विवादित Hoardings पर बवाल उत्तर प्रदेश में पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों (लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी) और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों (लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद) में मतदान हो रहा है। इन 11 निर्वाचन क्षेत्रों के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर को समाप्त हो जाएगा। मतदान सुबह 8 बजे शुरू हुआ और शुक्रवार को शाम 4 बजे तक चलेगा। वोटों की गिनती 27 अक्टूबर को होगी, जबकि पूरी चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी।
'ज्ञानेश कुमार के भाई हैं एयरपोर्ट के कस्टम चीफ', दिल्ली में रोके जाने पर बोले CM मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पेरिस से लौटने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर रोके जाने को बदले की भावना बताया है. उन्होंने दावा किया कि एयरपोर्ट के कस्टम हेड मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के भाई हैं. सीएम मान ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की है.
दर्शन भी, कला भी, विजयवाड़ा को टूरिज्म हब बनाने की तैयारी
दस दिवसीय विजयवाड़ा उत्सव में कनक दुर्गा पूजा, लोक प्रस्तुतियां और देशभर के शिल्प एक मंच पर आए. आयोजन ने सांस्कृतिक मेलजोल और रोजगार के मौकों के साथ शहर को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में पेश किया.
भोपाल में एक कुत्ते ने बुजुर्ग और 8 साल के बच्चे पर हमला कर दिया. हमले में बच्चे के होंठ फट गए, गाल कट गए. 15 टांके आए हैं.
ब्रेकअप से नाराज होकर युवक ने किया गर्लफ्रेंड की मां का कत्ल
तमिलनाडु के थूथुकुडी में 23 वर्षीय युवक पर नाबालिग गर्लफ्रेंड की मां को मौत के घाट उतार दिए जाने का संगीन इल्जाम लगा है. उस पर लड़की के पिता को घायल करने और दो बहनों को अगवा करने का आरोप है. पुलिस अब आरोपी की तलाश कर रही है. पढ़ें पूरी कहानी.
ठाणे: चॉल में हादसा, दीवार गिरने से किरायेदार घायल
ठाणे के कलवा पूर्व में चॉल की बालकनी की दीवार गिरने से 50 साल के किरायेदार घनश्याम राव घायल हो गए. प्रतिक्रिया दल ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जबकि क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ ने सुरक्षा के लिए घटनास्थल की घेराबंदी कर दी.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को भोपाल मेंकुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में आय़ोजित नेशनल फिशरीज़ इन्वेस्टर्स एंड एक्सपोर्टर्स कान्क्लेव-2026 का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि नई एकीकृत ...
मोबाइल रिपेयरिंग शॉप पर ऐसे लगता है चूना, बचने का तरीका जान लें!
मोबाइल खराब होने पर लोकल रिपेयरिंग शॉप पर जाना कई बार महंगा पड़ सकता है. कम कीमत के चक्कर में गलत पार्ट लगने या ज्यादा पैसे वसूलने जैसी परेशानी हो सकती है. ऐसे में फोन ठीक कराने से पहले कुछ जरूरी बातें जानना जरूरी है, ताकि आपका पैसा और स्मार्टफोन दोनों सुरक्षित रहें.
21वीं मंजिल से कूदकर नाबालिग ने दी जान, एक दिन पहले मां ने डांटा था
ग्रेटर नोएडा स्थित महागुन मायवुड्स सोसायटी में 13 वर्षीय किशोरी ने 21वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली. आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली बच्ची को परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. पुलिस के मुताबिक, एक दिन पहले मां ने उसे डांटा था, लेकिन घटना की वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. मामले की जांच जारी है.
SBI Data Leak: डार्क वेब पर डेटा लीक के बाद ग्राहकों का पैसा कितना सुरक्षित? SBI ने दिया बड़ा बयान
SBI Bank Data Leak : डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा लीक होने के बाद SBI का बड़ा बयान. जानिए क्या आपका पैसा सुरक्षित है और बैंक ने क्या सलाह दी है.
शनि-चंद्रमा का अशुभ संयोग! अगले 3 दिन इन राशियों को रहना होगा संभलकर
Vish Yog 2026: 23 अक्टूबर 2026 को शनि और चंद्रमा की युति से विष योग बन रहा है. जानें अगले 3 दिन मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के करियर, धन, कारोबार, प्रेम और पारिवारिक जीवन पर क्या असर पड़ सकता है.
HERC के निजीकरण आदेश के खिलाफ Haryana में बड़ा आंदोलन, कई शहरों में बत्ती गुल
हरियाणा में बिजली वितरण के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल चल रही है। गुरुग्राम, नूंह और फरीदाबाद सहित कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कुछ इलाकों में 24 घंटे से भी ज़्यादा समय तक बिजली गुल रही, जबकि अन्य जगहों पर पीने के पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। अनिल विज का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत चल रही है इस बीच, हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने दावा किया है कि हड़ताल खत्म करने की दिशा में बातचीत आगे बढ़ी है। शुक्रवार दोपहर 3 बजे पंचकूला में कर्मचारी यूनियन के नेताओं के साथ एक बैठक शुरू हो गई है। सरकार को उम्मीद है कि जल्द ही कोई समाधान निकल आएगा। राज्य के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि सरकार यूनियन के साथ बातचीत करेगी और उन्हें उम्मीद है कि यह आंदोलन कुछ ही घंटों में खत्म हो जाएगा। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने तीन दिन की हड़ताल का आह्वान किया है। यह कदम तब उठाया गया जब राज्य के बिजली क्षेत्र के नियामक, HERC ने 19 अक्टूबर को 'इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड' को दो जिलों में बिजली आपूर्ति करने का लाइसेंस दे दिया, जबकि वहां पहले से ही सरकारी बिजली कंपनियां (डिस्कॉम) काम कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: Haryana में 40000 बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से गहराया संकट, Anil Vij ने दिए बातचीत के संकेत बिजली विभाग के करीब 40,000 कर्मचारी हड़ताल पर बिजली विभाग के लगभग 40,000 कर्मचारियों ने गुरुवार को हड़ताल शुरू कर दी। इसका असर पूरे राज्य में देखने को मिला, जिसमें गुरुग्राम और चंडीगढ़ जैसे शहर भी शामिल हैं। हड़ताल के कारण बिजली आपूर्ति, पानी की सेवाएं, औद्योगिक उत्पादन और कई जरूरी कामकाज बाधित हुए हैं। शुक्रवार को अनिल विज ने कहा कि सरकार ने हड़ताल कर रहे कर्मचारियों को बातचीत के लिए बुलाया है और उन्हें उम्मीद है कि यह आंदोलन कुछ ही घंटों में खत्म हो जाएगा। निजी कंपनियों को बिजली वितरण सौंपने के मुद्दे पर प्रदर्शनकारियों का क्या कहना है? बिजली कर्मचारियों के यूनियन ने चेतावनी दी है कि बिजली वितरण का काम निजी कंपनियों को सौंपने से, ग्रामीण और शहरी दोनों ही इलाकों में किसानों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए बिजली का खर्च उठाना और भी मुश्किल हो सकता है। जब उनसे पूछा गया कि इस समस्या का समाधान कब तक निकल सकता है, तो पंचकूला में विज ने पत्रकारों से कहा यह मुद्दा लगभग सुलझ चुका है। मैं पहले दिन से ही कर्मचारी यूनियन के नेताओं से कह रहा हूँ कि हड़ताल इस समस्या का हल नहीं है। आज भी मैंने कर्मचारी यूनियन के नेताओं से बात की है। मैंने उनसे कहा है कि वे आगे आएं और सरकार के साथ बैठकर बातचीत करें। इस बीच, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और विज ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह से बिजली कर्मचारियों के साथ खड़ी है। वे HERC के आदेश के खिलाफ 'अपिलेट ट्रिब्यूनल फॉर इलेक्ट्रिसिटी' (APTEL) के सामने कर्मचारियों का पक्ष मजबूती से रखेंगे।
Revanth Reddy ने अंतरराज्यीय अपराधों पर लगाम के लिए पुलिस समन्वय पर दिया जोर
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने सीमा पार होने वाले अपराधों से निपटने के लिए शुक्रवार को विभिन्न राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर समन्वय का आह्वान किया। यहां दक्षिण क्षेत्रीय पुलिस समन्वय समिति (एसआरपीसीसी) के सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों, साइबर अपराध और अन्य अपराधों से निपटने के लिए तेलंगाना सरकार द्वारा शुरू किए गए सुधारों के अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। उन्होंने कहा, “आज कोई भी राज्य केवल अपने प्रयासों से अपराधों से मुक्त नहीं हो सकता। हमें सभी राज्यों के पुलिस विभागों के बीच समन्वय की जरूरत है।”सम्मेलन में दक्षिणी राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा एक ठोस कार्ययोजना तैयार किए जाने का विश्वास जताते हुए उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत को सुरक्षित बनाना और अपराध कम करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। पुलिस मुख्यालयों के बीच सीमा पार समन्वय के लिए मजबूत तंत्र स्थापित करने का अधिकारियों से आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि तेलंगाना पड़ोसी राज्यों के साथ अपना तकनीकी बुनियादी ढांचा और एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र (आईसीसीसी) की व्यवस्था साझा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अपराधों के बदलते स्वरूप के मद्देनजर एसआरपीसीसी जैसे मंचों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पुलिसिंग के तरीकों में बदलाव जरूरी है और सुधारों की प्रक्रिया लगातार जारी रहनी चाहिए। राज्य सरकार द्वारा किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए हैदराबाद कोर शहरी क्षेत्र में तीन पुलिस आयुक्तालय-हैदराबाद, साइबराबाद और मल्काजगिरि बनाए गए हैं। रेड्डी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तेलंगाना को नक्सलवाद से मुक्त करने के लिए राज्य के पुलिस अधिकारियों को बधाई दी थी। उन्होंने कहा कि हैदराबाद यातायात पुलिस में ट्रैफिक सहायक के रूप में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की भर्ती करने वाला तेलंगाना देश का पहला राज्य है।
Haryana Power Crisis : हरियाणा के गुरुग्राम में बिजली संकट ने एक बड़े सवाल को जन्म दिया है कि क्या एक ही इलाके में सरकारी और निजी कंपनियां सही तरीके बिजली सप्लाई कर सकती हैं? हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) की ओर से गुरुग्राम और नूंह के लिए निजी कंपनी Eleven Power Private Limited को […] यह लेख Haryana Power Crisis : क्या है पैरेलल डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल, गुरुग्राम में क्यों हुआ बवाल? सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
90 के दशक में ममता कुलकर्णी पर फिल्माए गए कई गाने सुपरहिट रहे. गोविंदा, सलमान खान, आमिर खान और अक्षय कुमार के साथ उनकी फिल्मों के ये 6 गाने आज भी पुराने संगीत प्रेमियों की प्लेलिस्ट का हिस्सा हैं.
Meta Smart Glasses से Sting Operation की कोशिश, DK Shivakumar ने कराई जांच
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने आरोप लगाया है कि उन्हें और केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन को मेटा स्मार्ट ग्लास के ज़रिए एक स्टिंग ऑपरेशन के ज़रिए निशाना बनाने की कोशिश की गई। इस दावे ने कर्नाटक में कथित गुप्त रिकॉर्डिंग से जुड़े राजनीतिक विवाद को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। कन्नड़ ब्रॉडकास्टर 'एशियानेट सुवर्णा न्यूज़' को दिए एक इंटरव्यू में शिवकुमार ने आरोप लगाया कि एक उद्योगपति के अजीब बर्ताव से उन्हें शक हुआ कि शायद कोई गुप्त रिकॉर्डिंग की जा रही है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि यही उद्योगपति कांग्रेस के एक अन्य नेता, वी.डी. सतीसन से मिलते समय भी वही स्मार्ट ग्लास पहने हुए था। कर्नाटक के मुख्यमंत्री के इस दावे ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जुड़े कथित स्टिंग ऑपरेशन वीडियो के विवाद में एक नया मोड़ ला दिया है। हालाँकि, शिवकुमार ने अभी तक सार्वजनिक रूप से उस उद्योगपति की पहचान नहीं बताई है और न ही ऐसा कोई सबूत पेश किया है जिससे यह साबित हो सके कि कोई रिकॉर्डिंग की गई थी। इसे भी पढ़ें: DK Shivakumar का एलान: कर्नाटक में नई नियुक्तियों के लिए भंग होंगी मौजूदा समितियां डीके शिवकुमार ने क्या कहा? शिवकुमार के अनुसार, एक उद्योगपति ने सरकारी अधिकारियों के ज़रिए उनसे मुलाक़ात का इंतज़ाम किया था। शुरुआत में तो बातचीत व्यापार से जुड़े मामलों पर हुई, लेकिन धीरे-धीरे यह राजनीतिक मुद्दों की तरफ़ मुड़ गई, जिसमें बूथ-स्तर की रणनीतियाँ और राजनीतिक घटनाक्रम शामिल थे। कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि उस व्यक्ति की अचानक राजनीतिक चर्चाओं में दिलचस्पी और उसके द्वारा पहने गए 'मेटा ग्लास' (स्मार्ट चश्मे) को देखकर, उन्हें इस मुलाक़ात के असली मक़सद पर शक होने लगा। इसे भी पढ़ें: Karnataka MLC Election: चार विधान परिषद सीटों पर वोटिंग, BJP-JDS और कांग्रेस में टक्कर इसके बाद, शिवकुमार ने अधिकारियों से उस उद्योगपति की पृष्ठभूमि और उसकी गतिविधियों की जाँच करने को कहा। शिवकुमार ने 'एशियानेट सुवर्णा न्यूज़' को बताया मैंने अपने अधिकारियों से उस उद्योगपति की पृष्ठभूमि के बारे में एक छोटी सी जाँच करने को कहा था। जाँच के दौरान मिली जानकारी से कुछ ऐसी बातें सामने आईं, जिससे उनका शक और गहरा गया। शिवकुमार का दावा है कि उस व्यक्ति ने केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीसन के साथ मुलाक़ात के दौरान भी ये स्मार्ट चश्मे पहने थे, लेकिन आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और एक केंद्रीय मंत्री के साथ हुई मुलाक़ातों में उसने ऐसा नहीं किया। शिवकुमार ने दावा किया, उसने ये 'मेटा ग्लास' सिर्फ़ वीडी सतीसन और मुझसे मिलने के दौरान ही पहने थे। कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने यह नहीं बताया कि जाँच में उन चश्मों के बारे में क्या पता चला या अधिकारियों को कोई रिकॉर्डिंग मिली या नहीं। उस उद्योगपति की पहचान और इस कथित घटना से जुड़ी परिस्थितियाँ अभी भी सामने नहीं आई हैं।
बेंगलुरु: आवारा कु्त्ते को पेड़ से लटकाया, फिर पीट-पीटकर मार डाला; 3 आरोपी हिरासत में
बेंगलुरु में एक आवारा कुत्ते को पेड़ से लटकाकर बेरहमी से पीटने और मारने के आरोप में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है।
संकष्टी चतुर्थी पर गणेश जी की पूजा करने और व्रत रखने का विधान है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गणपति बप्पा की पूजा करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और विघ्न से छुटकारा मिलता है
बोल्ड अंदाज़, लग्ज़री लाइफस्टाइल... महल जैसे घर में रहती है Gen Z हसीना
काइली जेनर अपनी खूबसूरती, बिजनेस और लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए दुनियाभर में मशहूर हैं. उनके घर भी किसी महल से कम नहीं हैं. कैलिफोर्निया में मौजूद उनके आलीशान घरों से लेकर नए इटैलियन स्टाइल वाले ड्रीम हाउस तक, हर प्रॉपर्टी में उनका खास अंदाज देखने को मिलता है. देखिए काइली के इन शानदार घरों की तस्वीरें.
अमेरिकी यूट्यूबर कपल ने 26 लाख रुपये का टिकट खरीदकर भारत की सबसे महंगी ट्रेन 'महाराजा एक्सप्रेस' में 7 दिन का सफर किया. ट्रेन के अंदर आलीशान बाथटब, फाइव-स्टार खाना और शाही मेहमाननवाजी देखकर विदेशी कपल भी दंग रह गया.
गुरुग्राम में 40 घंटे के ब्लैकआउट से मचा हाहाकार
हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से गुरुग्राम में बड़ा संकट खड़ा हो गया है. शहर के कई इलाकों में 36 से 40 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से उद्योगों और आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. सेक्टर-37, दौलताबाद और कादीपुर की 1,500 से अधिक औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन प्रभावित हुआ है. त्योहारी सीजन से पहले फैक्ट्रियों के ऑर्डर अटकने और करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है.
Aamir Shaukeen को त्रिपुरा के युवक से नस्लीय दुर्व्यवहार मामले में एक दिन की न्यायिक हिरासत
दिल्ली की एक अदालत ने त्रिपुरा के एक युवक के साथ कथित तौर पर नस्ली दुर्व्यवहार और अपमान करने के मामले में कंटेंट क्रिएटर आमिर शौकीन को शुक्रवार को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद बृहस्पतिवार को शौकीन को गिरफ्तार किया था। वीडियो में कथित तौर पर वह त्रिपुरा के एक युवक के साथ नस्ली दुर्व्यवहार और अपमान करते हुए दिखाई दे रहा है। पुलिस ने इस वीडियो का स्वत: संज्ञान लिया था। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) इकाई कथित नस्ली दुर्व्यवहार के वायरल वीडियो की जांच कर रही है। ‘पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए विशेष पुलिस इकाई’ (एसपीयूएनईआर) ने आईएफएसओ इकाई को औपचारिक रूप से पत्र लिखकर वीडियो की जांच करने के लिए कहा है। यह घटनाक्रम सोशल मीडिया पर वीडियो की व्यापक निंदा के बीच सामने आया। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने इस घटना के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह वीडियो कथित तौर पर करीब एक महीने पहले अहमदाबाद में रिकॉर्ड किया गया था और मामले में सात से आठ लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
Delhi Police के बाद Tripura Police भी कसेगी Aamir Shokeen पर शिकंजा, दर्ज की FIR
दिल्ली की एक अदालत ने सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर आमिर शोकीन को त्रिपुरा के एक युवक के साथ कथित तौर पर नस्लीय दुर्व्यवहार करने के मामले में एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दिल्ली पुलिस ने उससे पूछताछ के लिए छह दिन की हिरासत मांगी थी, जिसके बाद अदालत ने यह आदेश दिया। शुक्रवार को, सदर बाजार पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के सिलसिले में शोकीन को तीस हजारी अदालत में पेश किया गया। त्रिपुरा पुलिस ने भी इस कथित घटना को लेकर एक FIR दर्ज की है। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के जरिए सामने आई थी। त्रिपुरा के एक युवक के साथ नस्लीय दुर्व्यवहार और अपमान करने के आरोपों के चलते, अदालत में पेश किए जाने से एक दिन पहले दिल्ली पुलिस ने शोकीन को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने छह दिन की हिरासत मांगी थी, क्योंकि वे जांच के सिलसिले में उससे पूछताछ करना चाहते थे। हालांकि, अदालत ने उसे एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। दिल्ली पुलिस द्वारा इस कथित वीडियो का स्वतः संज्ञान (suo motu cognisance) लेने के बाद, सदर बाजार पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। 'इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटेजिक ऑपरेशंस' (IFSO) यूनिट इस फुटेज की जांच कर रही है। आरोप एक ऐसे वीडियो से जुड़े हैं, जिसमें शोकीन पर त्रिपुरा के युवक के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी करने और उसे अपमानित करने का आरोप है। यह घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसमें कथित तौर पर शामिल अन्य लोगों की क्या भूमिका थी, यह अभी भी जांच का विषय है। इसे भी पढ़ें: CJP नेता Sourav Das और आशुतोष रांका SEM Court में हुए पेश, अगली सुनवाई 17 नवंबर को त्रिपुरा पुलिस ने अलग FIR दर्ज की, आरोपी की कस्टडी मांगी इस मामले को लेकर त्रिपुरा में भी कार्रवाई शुरू हो गई है, जहां पुलिस ने कथित नस्लीय दुर्व्यवहार के संबंध में एक अलग FIR दर्ज की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, त्रिपुरा पुलिस की एक टीम दिल्ली पहुंचने वाली है और शोकीन को अपनी कस्टडी में लेने के लिए सदर बाजार पुलिस स्टेशन से संपर्क करेगी। टीम उसे दिल्ली की एक अदालत में पेश करके 'ट्रांजिट रिमांड' की मांग करेगी, ताकि उसे आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए त्रिपुरा ले जाया जा सके। पुलिस सूत्रों ने यह भी संकेत दिया है कि इस मामले में सात से आठ लोग आरोपी हो सकते हैं। उनकी अलग-अलग भूमिकाओं का अभी पता लगाया जाना बाकी है। जैसे कि क्या वे इस घटना में शामिल थे या उन्होंने वीडियो रिकॉर्ड किया था। वायरल वीडियो से राजनीतिक आक्रोश इस कथित घटना की राजनीतिक नेताओं ने कड़ी निंदा की है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। रिजिजू ने कहा कि आरोपी को अपने किए का अंजाम भुगतना होगा। उन्होंने आधिकारिक शिकायत दर्ज कराने में हुई देरी का जिक्र करते हुए दिल्ली और त्रिपुरा पुलिस से तुरंत कार्रवाई करने को कहा। मंत्री ने कहा कि इस बुरे इंसान को सजा जरूर मिलेगी। आधिकारिक शिकायत दर्ज कराने में देरी हुई, लेकिन दिल्ली पुलिस और त्रिपुरा पुलिस उसे कड़ा सबक सिखाएंगी। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी इस व्यवहार की निंदा की है और जवाबदेही तय करने की मांग की है। लोगों की प्रतिक्रियाओं के बाद, पूर्वोत्तर (नॉर्थईस्ट) के लोगों के खिलाफ होने वाले नस्लीय उत्पीड़न के मामलों पर अब और भी बारीकी से ध्यान दिया जा रहा है।
अंबाला-चंडीगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा दिसंबर में खोल दिया जाएगा. अंबाला-मोहाली तक रूट खुलने से दिल्ली से चंडीगढ़, शिमला, मनाली तक रूट खुल जाएगा और पांच राज्यों के बीच हाईस्पीड कनेक्टिविटी का नया विकल्प मिलेगा.
पेरिस के पास हुई गोलीबारी में एक की मौत, चार घायल, पुलिस कर रही है टेरर एंगल की जांच
फ्रांस की राजधानी पेरिस के नजदीक एक उपनगर में हुई गोलीबारी से दहशत फैल गई. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और घटना के कारणों की जांच कर रही है.
कांग्रेस की तेलंगाना इकाई के नेता मोहम्मद वलीउल्लाह समीर ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी उत्तर प्रदेश में जिस राजनीतिक फार्मूले का प्रचार कर रहे हैं, उसे उन्होंने अपने गृह राज्य तेलंगाना में कभी लागू नहीं किया। ओवैसी ने हाल में अपने भाषणों में उत्तर प्रदेश के मुसलमानों से नेहरू-गांधी या यादव नेतृत्व पर निर्भर रहना छोड़कर समुदाय के भीतर से नेता तैयार करने की अपील की थी। ओवैसी की इन टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए समीर ने कहा कि हैदराबाद के सांसद को पहले यह बताना चाहिए कि तेलंगाना में दशकों तक राजनीतिक वर्चस्व के दौरान एआईएमआईएम ने अपने पारंपरिक प्रभाव वाले क्षेत्रों से बाहर कितने स्वतंत्र मुस्लिम नेता तैयार किए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ओवैसी उत्तर प्रदेश के मुसलमानों से कह रहे हैं कि ‘अब्दुल’ दूसरों के लिए कालीन बिछाना बंद करे और खुद नेता बने। ठीक है। लेकिन आजमगढ़ या रामपुर में यह सलाह देने से पहले उन्हें बताना चाहिए कि तेलंगाना में ‘अब्दुल’ का क्या हुआ। उसे कुछ चुनिंदा निर्वाचन क्षेत्रों से आगे बढ़ने की अनुमति क्यों नहीं दी गई?’’उन्होंने कहा कि इस बहस को इस सवाल तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए कि मुसलमानों को अधिक राजनीतिक प्रतिनिधित्व की जरूरत है या नहीं, क्योंकि इस मुद्दे पर कोई असहमति नहीं है। समीर ने एक बयान में कहा, ‘‘मुसलमानों को निश्चित रूप से अधिक प्रतिनिधित्व की जरूरत है। उन्हें अधिक विधायक, सांसद, मंत्री, महापौर, पार्षद और पार्टी पदाधिकारी चाहिए। लेकिन असल सवाल यह है कि क्या ओवैसी ने इस प्रतिनिधित्व का विस्तार किया है या इसे केवल एक सीमित भौगोलिक क्षेत्र तक सीमित रखते हुए इस पर अपना एकाधिकार कायम रखा है।’’समीर ने कहा कि ओवैसी उत्तर प्रदेश के मुसलमानों से दूसरों पर निर्भर रहना छोड़ने को कह रहे हैं जबकि तेलंगाना में उन्होंने खुद ही स्वेच्छा से दूसरे दल के लिए राजनीतिक अवसर छोड़ दिये थे। उन्होंने कहा कि ओवैसी ने उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में मुस्लिम सशक्तीकरण का नारा दिया, लेकिन तेलंगाना में मुस्लिम नेतृत्व तैयार करने के लिए कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया।
Ladakh में Leh और Kargil निकाय चुनाव 21 नवंबर को, अधिसूचना 29 अक्टूबर को आएगी
लद्दाख के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने लेह और कारगिल की नगर निकाय समितियों के 38 वार्ड के लिए 21 नवंबर को चुनाव कराने की शुक्रवार को घोषणा की। इस केंद्रशासित प्रदेश में पिछला पंचायत और नगर निकाय चुनाव 2018 में हुआ था, जब यह पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर राज्य का हिस्सा था। दोनों निकायों का कार्यकाल पूरा हो चुका है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) राहुल शर्मा द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, लेह (21 वार्ड) और कारगिल (17 वार्ड) की नगर निकाय समितियों की मतदाता सूची बृहस्पतिवार को प्रकाशित की गई तथा इसके लिए अर्हता तिथि एक अक्टूबर निर्धारित की गई थी। प्रस्तावित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, नगर निकाय चुनावों की अधिसूचना 29 अक्टूबर को जारी की जाएगी और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख पांच नवंबर होगी। इसके मुताबिक, नामांकन पत्रों की जांच छह नवंबर को होगी और उम्मीदवार नौ नवंबर तक अपने नामांकन वापस ले सकेंगे। चुनाव चिह्नों का आवंटन और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची का प्रकाशन भी नौ नवंबर को होगा। इसके बाद 21 नवंबर को मतदान होगा। पूरी चुनाव प्रक्रिया 30 नवंबर तक संपन्न कर ली जाएगी। ये चुनाव जम्मू-कश्मीर नगरपालिका अधिनियम, 2000 और जम्मू-कश्मीर नगर समिति (निर्वाचन) नियम, 2003 के प्रावधानों के अनुसार कराए जा रहे हैं। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी और चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेगी।
केरलम में LDF छात्र संगठनों का विरोध, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग
केरलम के नए राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर के पदभार ग्रहण करने के दिन शुक्रवार को वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) से संबद्ध छात्र संगठनों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े विवाद के बीच मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर यहां लोक भवन तक विरोध मार्च निकाला। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। केरलम विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन ने मार्च की शुरुआत की। दोपहर में लोक भवन में माथुर के शपथ ग्रहण समारोह में वामपंथी दलों के नेता शामिल नहीं हुए। पुलिस ने बताया कि विरोध मार्च अपराह्न तीन बजे शुरू हुआ। इसमें एसएफआई, एआईएसएफ, केएससी (एम), एसएसएआई और एआईडीएसओ के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। अधिकारियों के अनुसार, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता और विधायक के राजन ने मार्च का नेतृत्व किया। पुलिस ने मार्च को लोक भवन पहुंचने से पहले ही रोक दिया। बाद में सभा को संबोधित करते हुए विजयन ने युवाओं से भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के चंगुल से लोकतंत्र की रक्षा के लिए आगे आने का आग्रह किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में अनियमितताओं के आरोपों के बावजूद केंद्र सरकार ज्ञानेश कुमार को बचा रही है। विजयन ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाए जाने तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। राजन और छात्र संगठनों के अन्य नेताओं ने भी सभा को संबोधित किया।
MCD दिल्ली में भूजल सुधारने के लिए पुनर्जीवित करेगा 314 साल पुराना मुगलकालीन तालाब
(मानसी जगनी)नयी दिल्ली, 23 अक्टूबर सदियों पुराना वह तालाब, जहां 1712 में मुगल सम्राट बहादुर शाह के बेटे जहांदार शाह ने गद्दी के लिए लड़ाई के दौरान अपना डेरा डाला था, दिल्ली में जल संरक्षण के लिए एक अहम मौका प्रदान कर सकता है। एमसीडी अब इस तालाब के पुनरुद्धार की योजना बना रहा है, ताकि बारिश के पानी को इकट्ठा किया जा सके और भूजल स्तर बढ़ाया जा सके। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के धरोहर प्रकोष्ठ के सदस्य सचिव डॉ. अकील अहमद के एक शोध पत्र के अनुसार, ऐतिहासिक दिल्ली-आगरा मार्ग पर स्थित किशन दास तालाब कभी केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) परिसर के पीछे के निचले इलाके में फैला हुआ था और ओखला के कचरे से बिजली बनाने वाले संयंत्र तक जाता था। एमसीडी तीन सरकारी एजेंसियों - दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी), सीआरआरआई और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) से संपर्क करने की योजना बना रहा है। इस इलाके में डीडीए की जमीन है। एमसीडी इन एजेंसियों के साथ इस खोए हुए जल स्रोत के बारे में अपने सर्वे के नतीजे साझा करेगी और उनसे इसे बहाल करने पर विचार करने का आग्रह करेगी। यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब दिल्ली के भूजल संसाधनों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि केवल इस तालाब को बहाल करने से शहर का जल संकट पूरी तरह खत्म नहीं होगा, लेकिन अगर इसे वैज्ञानिक तरीके से पुनर्जीवित किया जाए, तो यह बारिश के पानी को रोकने और भूजल स्तर बढ़ाने में मदद कर सकता है। अधिकारियों के मुताबिक यह इस बात पर निर्भर करेगा कि उस जगह की हाइड्रोलॉजी (जल विज्ञान) कैसी है और वहां आने वाले पानी की गुणवत्ता क्या है। इस तालाब का इतिहास कम से कम 314 साल पुराना है। शोध के अनुसार, 9 दिसंबर 1712 को मुगल गद्दी के लिए संघर्ष में उलझे जहांदार शाह ने दिल्ली छोड़ी और शहर से लगभग 11 किमी दक्षिण में, खिज्राबाद के पास किशन दास तालाब पर अपना डेरा डाल दिया। डॉ. अहमद ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘यह जगह सिर्फ एक सुविधाजनक खुली जमीन नहीं थी। एक बड़े शाही डेरे के लिए पानी, चारे, सैनिकों और जानवरों के लिए जगह, और एक मुख्य सड़क तक पहुंच की जरूरत होती थी। यह तालाब घने शहर के बाहर था, लेकिन शहर के इतना करीब था कि वहां तक आसानी से पहुंचा जा सके। इसी वजह से आसपास का इलाका ऐसे डेरे के लिए बिल्कुल उपयुक्त था।’’लगभग तीन दशक बाद, एक और बड़े सैन्य घटनाक्रम के विवरण में इस जल स्रोत का जिक्र मिलता है। 1739 में फारसी शासक नादिर शाह के दिल्ली पर आक्रमण के दौरान, इस तालाब का जिक्र एक भौगोलिक निशान के रूप में किया गया था, जिसके आगे सेना की गश्त नहीं होती थी। बाद के वर्षों में भी, राजधानी के आसपास सैन्य गतिविधियों के विवरण में इसका जिक्र आता रहा। 19वीं सदी तक यह इतना जाना-पहचाना हो गया था कि 1842 के दिल्ली-आगरा मार्ग के यात्रा विवरण में इसे ‘किस्सन दास का तालाब’ के रूप में दर्ज किया गया। अहमद का शोध ऐतिहासिक दस्तावेजों, पुराने नक्शों और आज की जमीन की ऊंचाई (ग्राउंड एलिवेशन) के आधार पर इसकी संभावित जगह का पता लगाने की कोशिश करता है। एमसीडी के प्रस्ताव के तहत, संबंधित एजेंसियों को सबसे पहले यह पता लगाना होगा कि यह जल निकाय कितनी जगह में फैला था और क्या इसके मूल तल का कोई हिस्सा अभी भी बचा हुआ है। शोध में सुझाव दिया गया है कि ऐतिहासिक नक्शों की तुलना राजस्व रिकॉर्ड, गांवों के नक्शों, पुरानी जल निकासी योजनाओं और पहले की हवाई तस्वीरों से की जानी चाहिए। इसके बाद, ज़मीन पर जाकर सर्वेक्षण करना चाहिए ताकि वहां बचे हुए गड्ढों, तटबंधों या अन्य भौतिक निशानों की पहचान की जा सके। अहमद ने कहा, ‘‘अगर मूल बेसिन या उसके किसी हिस्से का पता चल जाता है, तो उसे बहाल करने के लिए वहां जमा मलबा हटाया जा सकता है, गड्ढे के प्राकृतिक आकार को वापस लाया जा सकता है, और बारिश के पानी को इकट्ठा करके रखने के लिए एक तंत्र बनाया जा सकता है।’’अप्रैल 2024 में, दिल्ली उच्च न्यायालय ने जलभराव, जल निकासी और जल संरक्षण से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान यह गौर किया कि शहर के कई सूचीबद्ध जलाशय अब जमीन पर अस्तित्व में ही नहीं हैं। अदालत को बताया गया कि दिल्ली में कुल 1,367 जल निकाय थे, जिनमें से 322 की पहचान उपग्रह तस्वीरों के ज़रिए की गई थी, लेकिन उस समय तक केवल 344 जल निकायों का ही जमीनी सत्यापन पूरा हो पाया था। दिल्ली में आधुनिक जल-आपूर्ति और जल निकासी नेटवर्क आने से पहले, यहां मौजूद तालाब और जलाशयों में बारिश के मौसमी पानी को जमा करके रखा जाता था। ये जल स्रोत बस्तियों, यात्रियों और सेना की आवाजाही के लिए बहुत मददगार होते थे। इनमें से कई जल निकाय सार्वजनिक स्मृति से ओझल हो चुके हैं, लेकिन इनके पुराने जल-क्षेत्र आज भी इस बात के संकेत दे सकते हैं कि कभी इस परिदृश्य में पानी किस तरह बहता था।
Sukhbir Singh Badal का बयान, शिअद की विचारधारा मानने वाले दलों से गठबंधन को तैयार
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच संभावित गठबंधन की चर्चाओं के बीच शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी उन दलों के साथ गठबंधन को तैयार है, जो उसकी विचारधारा और कार्यक्रमों से सहमत हैं। बादल ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस पंजाब के ‘‘सबसे बड़े दुश्मन’’ हैं। बादल ने जोर देकर कहा कि जब शिअद-भाजपा गठबंधन की सरकार थी, तब पंजाब में शांति कायम थी। पंजाब में विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने हैं। बादल ने यहां संवाददाताओं से कहा कि शिरोमणि अकाली दल के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर इस बात पर चर्चा की कि कैसे एक ‘‘अक्षम मुख्यमंत्री’’ ने राज्य को बर्बाद कर दिया है और कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह चरमरा गई है। बादल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले को लेकर राज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। इसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान को पद से हटाने समेत कई मांगें शामिल थीं। बादल ने कहा, ‘‘शिअद-भाजपा शासन के दौरान पंजाब में शांति कायम थी और राज्य में बुनियादी ढांचे, उद्योग तथा बिजली अधिशेष राज्य बनने समेत विभिन्न क्षेत्रों में विकास हुआ था।’’उन्होंने कहा कि कांग्रेस और आप सरकारों के गलत फैसलों के कारण पंजाब की स्थिति खराब हो गई। बादल ने कहा, ‘‘हम सरकार बनाएं या नहीं, पंजाब के लोगों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। हमारी नजर में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पंजाब की दो सबसे बड़ी दुश्मन हैं और हम इन पार्टियों के साथ कभी कोई समझौता नहीं कर सकते। इनके अलावा कई अन्य पार्टियां हैं और जो भी अकाली दल की विचारधारा तथा कार्यक्रमों से सहमत हैं, उनके साथ गठबंधन के लिए हम तैयार हैं।’’बृहस्पतिवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2027 में पंजाब में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार बनेगी। इस बयान के बाद पूर्व सहयोगियों शिअद और भाजपा के फिर से साथ आने की अटकलें तेज हो गई हैं। इससे पहले, अगस्त में संसद भवन स्थित अपने कार्यालय में बादल की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के बाद भी क्षेत्रीय पार्टी के भाजपा के साथ फिर से गठबंधन करने की संभावना को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं। शिअद ने तीन कृषि कानूनों के विरोध में सितंबर 2020 में भाजपा के साथ अपना 24 साल पुराना गठबंधन तोड़ दिया था। इन तीनों कानूनों को बाद में निरस्त कर दिया गया था। इससे पहले, लोकसभा सदस्य हरसिमरत कौर बादल भी मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल थीं। हाल के महीनों में पंजाब भाजपा के कई नेता कहते रहे हैं कि वे विधानसभा चुनाव में सभी 117 सीट पर लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने दो सीट जीती थीं, जबकि 117 सदस्यीय विधानसभा में शिअद केवल तीन सीट पर जीत दर्ज कर सका था। गठबंधन टूटने से पहले अकाली दल और भाजपा साथ मिलकर चुनाव लड़ते थे। झोटा की हत्या के मामले का जिक्र करते हुए बादल ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल को चार प्रमुख मांगों वाला ज्ञापन सौंपा, जिनमें मुख्यमंत्री को पद से हटाने की मांग भी शामिल है। बादल ने आरोप लगाया कि ड्रग माफिया को सत्ताधारी आप का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि उन्होंने मानवीय आधार पर झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर को प्रथम श्रेणी की नौकरी और दो करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग भी की है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा विरोधी कार्यकर्ता के परिवार और मानसा की संयुक्त कार्रवाई समिति ने ये मांगें नहीं की हैं। नशे के दुरुपयोग और दवा की दुकानों पर नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने के लिए पहचाने जाने वाले झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा के एक व्यस्त बाजार में स्थित मेडिकल स्टोर के भीतर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। झोटा से एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशीली दवाएं बेचने के बारे में सवाल किए जाने पर गोली चलाने वाले मेडिकल स्टोर के मालिक अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिया गया था। बादल ने तूर बनजारा (दिरबा) के गुलजार सिंह और बटाला के बिक्रमजीत सिंह के मामलों को भी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच के दायरे में शामिल करने की मांग की। संगरूर जिले के दिरबा स्थित तूर बनजारा गांव के निवासी गुलजार ने सात सितंबर को आत्महत्या कर ली थी। उनके परिवार ने आरोप लगाया कि अपने इलाके में नशीले पदार्थों की आपूर्ति के बारे में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से सवाल करने पर उन्हें प्रताड़ित किया गया और जातिसूचक गालियां दी गईं, जिसके बाद उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया। ग्रामीणों ने दावा किया है कि बिक्रमजीत सिंह को उनके इलाके में नशीले पदार्थों की तस्करी का विरोध करने के कारण निशाना बनाया गया था। हालांकि, पुलिस ने कहा कि उनकी हत्या मोबाइल फोन को लेकर दो समूहों के बीच हुई झड़प का नतीजा थी।
CJP नेता Sourav Das और आशुतोष रांका SEM Court में हुए पेश, अगली सुनवाई 17 नवंबर को
शुक्रवार दोपहर को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका दिल्ली के मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन स्थित स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट में पेश हुए। पिछली सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने उन्हें जमानतदारों के साथ व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था। दिल्ली पुलिस ने अपनी ज़मानत सत्यापन रिपोर्ट में बताया है कि दास ने दिल्ली में अपने वर्तमान आवासीय पते की पुष्टि या सत्यापन के लिए कोई दस्तावेज़ नहीं दिया है। इसलिए, अदालत ने उनसे कहा है कि वे सुनवाई की अगली तारीख, यानी 17 नवंबर को, अपने पते की पुष्टि के लिए कोई दस्तावेज़ पेश करें। इसे भी पढ़ें: UP MLC Election: फतेहपुर में बूथ कैप्चरिंग का प्रयास, Akhilesh Yadav ने BJP पर साधा निशाना कार्रवाई में शामिल होने से पहले, दास मीडिया के सवालों का जवाब देने के लिए कुछ देर पुलिस स्टेशन के बाहर रुके। उन्होंने कहा कि आगे क्या कदम उठाना है, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि पुलिस स्टेशन में क्या होता है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे, तो दास ने कहा, देखते हैं, यहाँ क्या होता है। उनके साथ CJP की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह भी थीं। दास और रंका अपने खिलाफ दर्ज दो मामलों की जांच में शामिल होने के लिए पुलिस के समन पर पेश नहीं हुए, और इस मामले में उन्हें एक और नोटिस जारी किया जाना था। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दास, रंका और CJP सदस्य अजिंक्य शिंदे को गुरुवार को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा था। एक अधिकारी ने कहा कि पहले उन्होंने और समय मांगा था, लेकिन बाद में वे नहीं आए। उन्होंने आगे बताया कि इन तीनों को जांच में शामिल होने के लिए एक और नोटिस भेजा जाएगा। सूत्रों ने बताया कि गुरुवार को दोनों नेताओं ने जांच में शामिल होने के लिए कुछ और समय मांगा था, जिसके बाद वे SEM के सामने पेश हुए। इसे भी पढ़ें: China का नाम लेकर Sonam Wangchuk ने मोदी सरकार पर लगाया बड़ा आरोप, Delhi से लेकर Leh तक मची खलबली! क्राइम ब्रांच ने गुरुवार को पूछताछ के लिए तीन कार्यकर्ताओं को बुलाया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए। हालांकि शुक्रवार के लिए कोई नया नोटिस जारी नहीं किया गया है, फिर भी उनसे कहा गया है कि वे सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच जांच एजेंसी के सामने पेश हों। अगर ये कार्यकर्ता शुक्रवार को क्राइम ब्रांच के सामने पेश होने का फैसला करते हैं, तो उम्मीद है कि वे दोपहर 3 बजे होने वाली SEM कोर्ट की सुनवाई से पहले वहां पहुंच जाएंगे। हालांकि, जांच एजेंसी के सामने उनका पेश होना पूरी तरह से उनके अपने फैसले पर निर्भर करेगा।
'फ्री कश्मीर, फ्री शरजील इमाम', जामिया की दीवारों पर विवादित नारे
जामिया मिल्लिया इस्लामिया की दीवारों पर लिखे फ्री कश्मीर और फ्री शरजील इमाम के नारे हटा दिए गए. इस घटना के बीच छात्र संघ की बहाली, अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेने और अधिकारियों के इस्तीफे की मांग पर आंदोलन जारी है.
बॉलीवुड अभिनेत्री मल्लिका शेरावत का नाम हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की उन अभिनेत्रियों में शामिल है
IIM की डिग्री छोड़ 5000 से शुरू की बेकरी, शार्क टैंक से जीते 1 करोड़
देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIM कोझिकोड में MBA की सीट मिलना किसी भी छात्र का सपना होता है, लेकिन मेघा सरायन ने इस बड़े मौके को ठुकराकर अपने सपनों की बेकरी को चुना. महज 5,000 रुपये से घर के किचन से शुरू हुआ उनका यह सफर आज एक बड़ा ब्रांड बन चुका है, जिसने शार्क टैंक इंडिया सीजन 5 में अनुपम मित्तल से 1 करोड़ रुपये की फंडिंग हासिल की है.
'बीफ खाते हो?' पूछकर दलित छात्र को किया परेशान, 16 साल के अकिलन ने दे दी जान
तमिलनाडु के कोयंबटूर में 16 वर्षीय दलित छात्र अकिलन की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. उसे बीफ खाने को लेकर प्रताड़ित किया गया और उसके साथ जातिगत भेदभाव किए जाने के आरोप भी लगे हैं. इस मामले में हेडमास्टर और शिक्षक को सस्पेंड किया गया है. पढ़ें पूरी कहानी.
Thane Coastal Road 2 के मूल मार्ग को MCZMA से हरी झंडी, 680 मैंग्रोव होंगे खत्म
महाराष्ट्र तटीय क्षेत्र प्रबंधन प्राधिकरण (एमसीजेडएमए) ने 7.12 किलोमीटर लंबी ‘ठाणे तटीय सड़क-2’ परियोजना के मूल मार्ग को बिना किसी बदलाव के मंजूरी दे दी है। यह सड़क ‘ठाणे क्रीक फ्लेमिंगो अभयारण्य’ के पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील क्षेत्र (ईएसए) से होकर गुजरेगी, जिसके चलते 680 मैंग्रोव (तटीय दलदली वन) नष्ट हो जाएंगे। ‘मैंग्रोव’ ऐसे सदाबहार तटीय दलदली वन होते हैं जो खारे पानी में उगते हैं और समुद्र या खाड़ी के किनारे की ज़मीन को बहने से रोकते हैं। एमसीजेडएमए की 24 सितंबर को आयोजित 202वीं बैठक के विवरण के अनुसार, प्राधिकरण ने इस प्रस्ताव की सिफारिश केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को भेज दी है। प्राधिकरण ने मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) की उस बात को स्वीकार कर लिया है, जिसमें कहा गया था कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त इस ‘रामसर स्थल’ को बचाते हुए कोई दूसरा वैकल्पिक मार्ग बनाना संभव नहीं है।एमएमआरडीए द्वारा बनाई जा रही ठाणे तटीय सड़क-2 परियोजना के पूरे क्षेत्र में कुल 3,754 मैंग्रोव प्रभावित होंगे। ‘पीटीआई-भाषा’ के पास मौजूद बैठक के आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, लगभग 1.7 हेक्टेयर में फैले 680 मैंग्रोव हमेशा के लिए नष्ट हो जाएंगे, क्योंकि ये उस जगह पर आ रहे हैं जहां सेतु (एलिवेटेड) मार्ग के खंभे बनाए जाने प्रस्तावित हैं। दस्तावेज में कहा गया है कि निर्माण कार्य के दौरान 1,053 अन्य मैंग्रोव क्षतिग्रस्त होंगे जिन्हें बाद में पुनर्स्थापित किया जाएगा, जबकि शेष 2,021 मैंग्रोव को काफी हद तक अछूते रहेंगे। इससे पहले अगस्त में, एमसीजेडएमए ने अपने फैसले को टाल दिया था और एमएमआरडीए से मैंग्रोव तथा पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील क्षेत्र को कम से कम नुकसान पहुंचाने के लिए वैकल्पिक मार्गों की तलाश करने को कहा था। हालांकि, एमएमआरडीए ने प्राधिकरण को सूचित किया कि ‘‘ऐसा कोई दूसरा मार्ग नहीं है जिससे मैंग्रोव को बड़े पैमाने पर बचाया जा सके’’, क्योंकि प्रस्तावित मार्ग पश्चिम की तरफ बने मौजूदा ढांचों और पूर्व की तरफ ठाणे खाड़ी के बीच में स्थित है। विकास प्राधिकरण ने मैंग्रोव को नुकसान से बचाने और खंभों की संख्या कम करने के लिए सड़क को ‘एलिवेटेड वायाडक्ट’ (जमीन से ऊपर उठे सेतु मार्ग) के रूप में बनाने तथा दो खंभों के बीच की दूरी 30 मीटर से बढ़ाकर 50 मीटर करने का प्रस्ताव दिया है। यह 7.129 किलोमीटर लंबा नया गलियारा मुलुंड पूर्वी के आनंद नगर से ठाणे के बालकुम तक ठाणे क्रीक के किनारे बनेगा।
दोबारा इस्तेमाल नहीं होंगे सिंगल-यूज मेडिकल डिवाइस, केंद्र का आदेश
स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने देश भर के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को सिंगल यूज मेडिकल डिवाइस के दोबारा इस्तेमाल पर बैन लगाने का आदेश दिया है. आदेश के अनुसार, सिंगल यूज डिवाइस को स्टेरलाइज करके दोबारा यूज नहीं किया जा सकता क्योंकि इससे मरीजों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है.
LAC पर बढ़ा तनाव, चीन बॉर्डर पर ITBP का बड़ा अलर्ट!!
अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन के सैनिकों के बीच जारी आमने-सामने की स्थिति को लेकर आईटीबीपी महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने अहम जानकारी दी है. उनके मुताबिक, असफिला जैसे इलाकों में चीनी सैनिक भारतीय समझ वाली वास्तविक नियंत्रण रेखा से छह-सात किलोमीटर दूर तंबू लगाए हुए हैं. इस बीच आईटीबीपी ड्रोन, ड्रोन रोधी तकनीक, विशेष कमांडो और आधुनिक प्रशिक्षण के जरिए सीमा पर अपनी तैयारियां मजबूत कर रही है.
फ्रांस में विरोध प्रदर्शन पर ट्रंप ने दिया ऐसा बयान कि भड़क गए मैक्रों
फ्रांस में हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहा है. महंगाई को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन आगजनी और लूटपाट में बदल चुका है जिससे लोगों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. फ्रांस के इस हाल पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कमेंट किया था. उन्होंने कहा था कि ''पेरिस बहुत जल्द एक मुस्लिम शहर बन जाएगा.'' जिसे सुनने के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों भड़क गए हैं.
CM Pushkar Singh Dhami ने Daler Mehndi से की बात, बोले- उत्तराखंड में कलाकारों का सम्मान
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गायक दलेर मेहंदी से फोन पर बात की और उनका हाल-चाल जाना। बातचीत के दौरान, मुख्यमंत्री ने पिछले कुछ दिनों की घटनाओं पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड 'अतिथि देवो भव:' की समृद्ध परंपरा का पालन करती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोक संस्कृति, गर्मजोशी से भरा आतिथ्य और आपसी सद्भाव की भावना देवभूमि की एक खास पहचान है, जहाँ कला, संस्कृति और कलाकारों का हमेशा स्वागत और सम्मान किया जाता रहा है। इसे भी पढ़ें: Pushkar Singh Dhami ने Rekha Arya विवाद पर कहा शादी के 22 साल बाद आरोप क्यों निष्पक्ष जांच जरूरी इससे पहले पुष्कर सिंह धामी ने उस विवाद को खत्म करने की कोशिश की, जो राज्य के मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा एक परफॉरमेंस के दौरान गायक दलेर मेहंदी को फटकार लगाने से शुरू हुआ था। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सभी कलाकारों का सम्मान करता है। उन्होंने बताया कि वह दलेर मेहंदी और उनके भाई मीका सिंह से बात करेंगे, जिन्हें उन्होंने अपना अच्छा दोस्त बताया। इससे पहले, मीका ने उनियाल से माफी की मांग की थी और धामी से इस मामले को देखने का आग्रह किया था। अपने बर्ताव को लेकर आलोचना झेल रहे उनियाल ने बुधवार को कहा था कि गायक को आयोजकों को पहले ही बता देना चाहिए था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है, और उन्हें परफॉरमेंस के लिए नहीं आना चाहिए था। रविवार रात को नई टिहरी इलाके के नरेंद्र नगर में उत्तराखंड सरकार द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम 'सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले' में, जब मेहंदी अपनी प्रस्तुति दे रहे थे, तब उनियाल मंच पर पहुंचे और अपनी नाराजगी जताई। इसे भी पढ़ें: दलेर मेंहदी विवाद पर बोले CM पुष्कर सिंह धामी, दोनों भाइयों से करेंगे बात सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस घटना के एक वीडियो में, उनियाल को मेहंदी से यह पूछते हुए सुना जा सकता है कि क्या उन्होंने शराब पी रखी है, क्योंकि वह ठीक से बोल नहीं पा रहे थे। 'तुनक तुनक तुन', 'बोलो ता रा' और 'हो जाएगी बल्ले बल्ले' जैसे हिट गानों के लिए मशहूर 59 वर्षीय गायक को 'सॉरी' कहते हुए सुना गया। इस घटना के बाद, बॉलीवुड के कई कलाकारों ने मेहंदी के समर्थन में अपनी बात रखी।
केरलम: यहूदी प्रार्थना स्थल के पास आगजनी केस में बड़ा एक्शन, आरोपी पर लगा UAPA
केरल के एर्नाकुलम मार्केट में एक सिनेगाग के पास आगजनी के मामले में गिरफ्तार एबिन पाल पर एसआईटी ने आतंकवाद-रोधी कानून यूएपीए लगाया है।
'यह लोकतंत्र की हत्या..', 500 करोड़ के पेमेंट वाले ऑडियो क्लिप पर राज ठाकरे ने BJP को घेरा
राज ठाकरे ने BJP पर मीडिया को प्रभावित करने और धार्मिक ध्रुवीकरण का आरोप लगाया है, यह एक वायरल ऑडियो क्लिप के संदर्भ में आया है।
'सपा एजेंट बनकर काम मत करिए...', मतदान केंद्र पर दारोगा से भिड़े BJP नेता
कौशांबी के नेवादा ब्लॉक स्थित मतदान केंद्र पर इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक चुनाव के दौरान सपा की गाड़ियों को लेकर विवाद हो गया. बीजेपी जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य ने दारोगा पर पक्षपात का आरोप लगाया और SP से शिकायत करने का दावा किया. वहीं, सपा एजेंट जितेंद्र सरोज ने उन पर जातिसूचक शब्द बोलने का आरोप लगाया. घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.
रजनीकांत और सिर्फ रजनीकांत! जेलर 2 के सामने बेदम हुईं फिल्में
जिस तरह रजनीकांत की फिल्म जेलर 2 इस समय बॉक्स ऑफिस पर दौड़ रही है, वो देखकर लग रहा है कि रामायण से पहले इसकी रफ्तार नहीं थमने वाली. अब सवाल ये है कि क्या आयुष्मान खुराना का 'उड़ता तीर' कोई कमाल करेगा या नहीं?
सलमान खुर्शीद ने Rahul Gandhi के बयान का किया समर्थन, Foreign Policy पर उठाए सवाल
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने शुक्रवार को भारत की विदेश नीति पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयानों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कूटनीतिक मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत किसी भी देश का अधीनस्थ अनुयायी नहीं बन सकता—चाहे वह देश कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो या भारत की जरूरतें कुछ भी क्यों न हों। इसे भी पढ़ें: Udta Teer Movie Review: आयुष्मान खुराना और राहुल बोस की यह स्पाई कॉमेडी हंसा-हंसा कर कर देगी लोटपोट ANI से बात करते हुए, खुर्शीद ने कहा कि राहुल गांधी ने राजनयिक प्रतीकों के महत्व, अन्य देशों के साथ भारत के जुड़ाव, और देश की गरिमा व आत्म-सम्मान की रक्षा करने की आवश्यकता जैसे महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार की विदेश नीति के नतीजों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने व्यापार समझौते के न होने, H-1B वीजा को लेकर चिंताओं और भारतीयों को हथकड़ी लगाकर वापस भेजे जाने (निर्वासन) का जिक्र किया। खुर्शीद ने कहा कि विदेश नीति के मामले गंभीर होते हैं। इन्हें कॉलेज की किसी डिबेट प्रतियोगिता की तरह नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी की बातों को पलटकर सवाल पूछने के बजाय, उनके सही संदर्भ में समझा जाना चाहिए। राजनयिक संबंधों में किसी देश की राजधानी के महत्व को समझाते हुए, खुर्शीद ने कहा कि राजधानी उस देश की व्यापक राजनीतिक और संस्थागत व्यवस्था का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने कहा कि अगर आप सच में किसी देश को गंभीरता से लेते हैं, तो आपको यह समझना होगा कि उसकी राजधानी उसकी पूरी व्यवस्था का प्रतीक होती है। उन्होंने आगे कहा कि भले ही किसी देश में आने वाले लोगों की रुचियां और गंतव्य अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन व्यापक संदर्भ को समझने के लिए उन्हें अंततः उस देश के राजनीतिक केंद्र से जुड़ना ही होगा। इसे भी पढ़ें: India A vs New Zealand A: पहले चार दिवसीय मैच में खेलेंगे KL Rahul और जायसवाल दिल्ली को छोड़कर जामनगर या मुंबई जाने का उदाहरण देते हुए, खुर्शीद ने कहा कि इस तरह के रवैये से यह धारणा बन सकती है कि देश की राजधानी और राष्ट्रीय व्यवस्था को वह गंभीरता नहीं दी जा रही है, जिसकी वे हकदार हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि यह जुड़ाव केवल कुछ खास और सीमित हितों से प्रेरित है। राहुल गांधी जी ने बहुत गंभीरता से विचार करने के बाद ही यह बात उठाई है। खुर्शीद ने लोगों से आग्रह किया कि वे राहुल गांधी की बातों के पीछे के इरादे को समझें और उठाए गए मुद्दों पर ध्यान दें, न कि पलटकर सवाल पूछकर चर्चा का रुख ही बदल दें।
मर्यादा बनाकर रखो, हम भी ऐक्शन ले सकते हैं; तिहाड़ से छूटते ही गरजे सौरभ दास, किसे दे डाली चेतावनी?
मंदिर मार्ग थाने के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए सौरभ दास ने कहा कि मैं सभी से अनुरोध करूंगा कि एग्जीक्यूटिव कोर्ट में चल रही कार्यवाही का सम्मान करें।
अमित शाह के बाद सुखबीर बादल ने भी दिए भाजपा-अकाली दल गठबंधन के संकेत
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस बयान के बाद कि पंजाब में इस बार एनडीए की सरकार बनने जा रही है, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के बीच फिर से गठबंधन की अटकलें तेज हो गई हैं। इस बीच, अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भी संकेत दिया […]
EC के कामकाज पर Punjab Assembly में प्रस्ताव पास, गड़बड़ी मिलने पर आपराधिक कार्रवाई की मांग
पंजाब विधानसभा ने शुक्रवार को एक आधिकारिक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल के दौरान चुनावी प्रक्रियाओं और चुनाव आयोग (EC) के कामकाज में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। पंजाब विधानसभा सत्र के दूसरे दिन, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सदन में यह प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कथित 'वोट लूट' को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला और इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया। इसे भी पढ़ें: Delhi में SIR के खिलाफ सड़क पर उतरे वाम दल, CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग, कई हिरासत में उन्होंने दावा किया कि 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) की आड़ में देशभर में मतदाता सूचियों से 14 करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। पंजाब विधानसभा ने इन दावों पर चिंता जताई है कि नागरिकों को उनके वोट देने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। साथ ही, सदन ने सभी पात्र नागरिकों के मतदान के अधिकारों की रक्षा करने की मांग की है। प्रस्ताव में कहा गया है कि यह सदन दृढ़ता से दोहराता है कि लोकतंत्र में हर पात्र नागरिक का वोट कीमती है। किसी भी नागरिक को अवैध रूप से वोट देने के अधिकार से वंचित करना, संवैधानिक लोकतंत्र के मूल मूल्यों के खिलाफ है। इसमें आगे कहा गया है कि देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए लोगों के मतदान अधिकारों की रक्षा करना और चुनाव संस्थाओं की जवाबदेही तय करना बहुत जरूरी है। प्रस्ताव में कहा गया है कि यह सदन मांग करता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञान कुमार के नेतृत्व में एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच तंत्र बनाया जाए। यह तंत्र चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूचियों में हुई कथित अनियमितताओं की जांच करे, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जवाबदेही तय की जा सके। इसे भी पढ़ें: Gyanesh Kumar के खिलाफ विपक्ष के दबाव पर लोकसभा अध्यक्ष Om Birla का बड़ा बयान: 'नियमों के अनुसार होगी नए नोटिस की जांच' इसमें यह भी कहा गया है कि यदि जांच के दौरान किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक उल्लंघन के ठोस सबूत मिलते हैं, तो कानून के अनुसार उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए। प्रस्ताव पेश करते हुए चीमा ने भाजपा पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि वह गरीबों से उनके वोट देने का अधिकार छीन रही है। उन्होंने पिछले साल हुए दिल्ली विधानसभा चुनावों का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि भाजपा 'वोट चोरी' करके सत्ता में आई है। प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए, आम आदमी पार्टी (AAP) की विधायक इंद्रजीत कौर मान ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा और मांग की कि मतदान केवल बैलेट पेपर के जरिए ही कराया जाए।
दशहरे पर 22 माह के मासूम की नरबलि की साजिश, ऐसे बची मासूम की जान
नीमराना में दशहरे के दिन 22 माह के बच्चे का अपहरण कर नरबलि देने की कोशिश का मामला सामने आया है. आरोपी बच्चे को बाइक से मथुरा ले गया था. वहां एक महंत को उसकी गतिविधियों पर शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने 50 घंटे की जांच के बाद बच्चे को सकुशल बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
Starlink को भारत में न मिले ब्रॉडबैंड लाइसेंस, Swadeshi Jagran Manch ने की केंद्र से मांग
स्वदेशी जागरण मंच ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए शुक्रवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को भारत में वाणिज्यिक उपग्रह ब्रॉडबैंड सेवाएं शुरू करने की अनुमति न दे। मंच ने आरोप लगाया कि कंपनी की प्रौद्योगिकी भारत की विनियामक जरूरतों को पूरा करने के मामले में चुनौतियां पैदा करती है। यहां तीन मूर्ति चौक पर स्टारलिंक के खिलाफ प्रदर्शन के बाद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सौंपे गए एक ज्ञापन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े संगठन ने कहा कि स्टारलिंक द्वारा उपग्रहों के बीच सीधे डेटा भेजने के लिए लेजर-आधारित सैटेलाइट लिंक का इस्तेमाल, सुरक्षा से जुड़ी आपातकालीन स्थितियों में भारतीय इंटरनेट ट्रैफिक के दायरे में न हो होने को लेकर चिंता पैदा करता है। मंच के राष्ट्रीय सह-संयोजक अश्विनी महाजन ने ज्ञापन में लिखा, ‘‘सरकार इस प्रणाली की जांच कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सुरक्षा से जुड़ी आपातकालीन स्थितियों में डेटा भारतीय गेटवे को ‘बायपास’ न करे।’’स्वदेशी जागरण मंच ने दावा किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर केंद्र सरकार द्वारा मांगे गए स्पष्टीकरण का जवाब देने के बजाय, मस्क ने भारतीय व्यवसायों और सरकार पर परोक्ष रूप से आरोप लगाए हैं। महाजन ने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि स्टारलिंक शायद उन खास जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार नहीं है। नतीजतन, ऐसा लगता है कि एलन मस्क या तो सरकार के खिलाफ जन दबाव बनाकर लाइसेंस हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं, या फिर हताशा में ऐसे बयान दे रहे हैं।’’मंच ने यह भी दावा किया कि स्टारलिंक के अंतर-उपग्रह लेजर लिंक के जरिए डेटा भारतीय गेटवे से गुजरे बिना विदेशी अवसंरचना से होकर जा सकता है, जिससे कानूनी निगरानी और प्रवर्तन का काम और मुश्किल हो सकता है। महाजन ने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अक्सर इंटरनेट सेवाओं को बंद करना जरूरी हो जाता है।
रात में कौन सी दाल नहीं खानी चाहिए?
क्या आप भी डिनर में खाते हैं दाल, तो जान लें कौन सी दाल रात में खाना सेहत के लिए है हानिकारक.
घर में रखे थे पुराने पॉकिमॉन के कार्ड्स, नीलामी में मिले 20 करोड़ रुपये!
एक शख्स के पास कुछ साल पुराने पॉकिमॉन कार्ड्स रखे थे, जब उनकी नीलामी हुई तो पता चला कि उनकी कीमत 20 करोड़ रुपये हैं.
पंजाब में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर रवनीत बिट्टू ने उठाए सवाल
रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब की बिगड़ती कानून व्यवस्था और लगातार बढ़ते अपराधों पर गहरी चिंता व्यक्त की है. उन्होंने हाल ही में लुधियाना में एक जन्मदिन की पार्टी के दौरान हुई दुखद गोलीबारी की घटना पर कड़े सवाल उठाए हैं, जिसमें एक होनहार युवक की जान चली गई. घटना के बाद यह दावा किया जा रहा था कि गोली दुर्घटनावश यानी एक्सीडेंटल फायर से चली थी, जिसे बिट्टू ने पूरी तरह से खारिज कर दिया. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कोई भी हथियार अपने आप नहीं चलता, जब तक कि ट्रिगर न दबाया जाए. उन्होंने पुलिस प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है.
दिल्ली पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है. IPS और DANIPS अधिकारियों के तबादले व नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं. गौरव शर्मा और राहुल मलिक को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (सुरक्षा) बनाया गया है. देखें पूरी सूची

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