गोबरधन योजना में 100 प्रतिशत उत्पादों की खरीद करेगी सरकार, मिलेगा निश्चित मूल्य
सरकार ने 23,731 करोड़ रुपये की गोबरधन योजना लागू की है, जिसके तहत कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) के 100% उत्पादन की खरीद सुनिश्चित की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अदालत में रकम जमा करना भुगतान नहीं माना जा सकता, जब तक वह संबंधित पक्ष को बिना शर्त उपलब्ध न हो।
'माफी मांगता हूं...' राहुल गांधी के मंच से PM मोदी की नकल उतारने वाले कॉमेडियन का शो कैंसिल
इंदौर में राहुल गांधी के कार्यक्रम में पीएम मोदी की मिमिक्री करने वाले स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि ने विवादों के बाद अपने आगामी शो रद्द कर दिए हैं। भाजपा ने इस कृत्य को प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां का अपमान बताया है।
चीनी वाइस प्रीमियर से मिले स्कॉट बेसेंट, ट्रंप-शी मीट से पहले ट्रेड डील पर मंथन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बैठक से पहले, दोनों देशों के प्रतिनिधि आर्थिक और व्यापारिक मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं. वॉशिंगटन में अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और चीन के उप-प्रधानमंत्री हे लिफेंग के बीच बातचीत हुई, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर संभावित समझौतों पर चर्चा हुई.
केरल में भारी बारिश का कहर: इडुक्की में भूस्खलन से दो की मौत, पांच लोगों के बहने की सूचना
केरल में भारी बारिश का कहर: इडुक्की में भूस्खलन से दो की मौत, पांच लोगों के बहने की सूचनाKerala Heavy Rain Idukki Landslide Two Dead Nilambur Five Missing
'सऊदी अरब का साथ दिया तो...', दूसरे देशों को हूतियों ने धमकाया
हूतियों ने दूसरे देशों को सऊदी अरब का समर्थन न करने की सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने अमेरिकी जहाजों पर हमला न करने का भरोसा दिया है और कहा है कि उनका लक्ष्य बाब अल-मंदेब स्ट्रेट को बंद करना नहीं बल्कि सुरक्षित नौवहन तय करना है. हूती नेता मोहम्मद अल-बुखैती ने बताया कि अमेरिका से अप्रत्यक्ष संपर्क हुआ था और दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है
Gemini Aaj Ka Rashifal: सहयोग से बन सकता है रास्ता, अधूरी जानकारी पर प्रतिक्रिया से बचें
Gemini Horoscope Today 21 September 2026, Mithun Rashifal:
Taurus Aaj Ka Rashifal: खर्चों को संभालने की जरूरत, भविष्य की योजना पर रहेगा ध्यान
Taurus Horoscope Today 21 September 2026, Vrishabh Rashifal: अचानक खर्च की स्थिति बन सकती है. भुगतान या दस्तावेज से जुड़ी बात फिर सामने आ सकती है.
बेंगलुरु में लग्जरी कार के अंदर मिला 46 साल के व्यक्ति का शव, पुलिस जांच में जुटी
बेंगलुरु के कोरमंगला में एक लग्जरी कार के अंदर 46 वर्षीय व्यक्ति का शव मिला, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Aries Aaj Ka Rashifal: काम में बदलाव के संकेत, फैसलों में जल्दबाजी से बचें
Aries Horoscope Today 21 September 2026, Mesh Rashifal: किसी धार्मिक या आध्यात्मिक विषय में रुचि जाग सकती है. आर्थिक मामले में बड़ा जोखिम उठाने से बचें.
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लालबाग में गणपति दर्शन के बीच हादसा: करंट लगने से बच्ची-महिला की मौत; चार घायल, स्टॉल संचालक पर केस
लालबाग में गणपति दर्शन के बीच हादसा: करंट लगने से बच्ची-महिला की मौत; चार घायल, स्टॉल संचालक पर केसMumbai Ganpati Pandal Electric Shock Two Dead Four Injured Lalbaug
रूस संसदीय चुनाव: 56% से ज्यादा मतदान, पुतिन की 'यूनाइटेड रशिया' आगे!
रूस में संसदीय चुनावों के लिए मतदान खत्म हो गया है. शुरुआती नतीजों में सत्ताधारी यूनाइटेड रशिया पार्टी 57.54 प्रतिशत वोटों के साथ सबसे आगे चल रही है. एग्जिट पोल में भी यूनाइटेड रशिया को सबसे ज्यादा वोट मिलने का अनुमान है. वहीं कम्युनिस्ट पार्टी और लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ रूस दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं.
कर्नाटक: नकली दवा रैकेट का भंडाफोड़... 16 ड्रग लाइसेंस रद्द, 8 सस्पेंड
कर्नाटक में FDA ने बिदादी स्थित फार्महाउस में नकली दवाओं के काले कारोबार का भंडाफोड़ किया है. इस कार्रवाई में 16 ड्रग लाइसेंस रद्द और 8 सस्पेंड किए गए हैं. 5.05 करोड़ रुपये की नकली दवाएं, पैकेजिंग मशीनें और फर्जी प्रिंटिंग सामग्री जब्त की गई हैं. जांच में पाया गया कि सस्ती दवाओं को महंगी विदेशी दवाओं के फर्जी लेबल के साथ बेचा जा रहा था.
बड़गाईं जमीन मामले में CM हेमंत सोरेन पर आज तय हो सकते हैं आरोप, PMLA कोर्ट में अहम सुनवाई
रांची की विशेष PMLA अदालत में बड़गाईं की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय करने पर 21 सितंबर को सुनवाई होगी.
1965 युद्ध के हीरो लेफ्टिनेंट कुक का निधन, IAF ने दी श्रद्धांजलि
भारतीय वायु सेना (IAF) ने बताया कि 1965 के भारत-पाक युद्ध के हीरो रिटायर्ड फ्लाइट लेफ्टिनेंट अल्फ्रेड टाइरोन कुक का निधन हो गया है. IAF ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. कुक का शुक्रवार को दिल्ली में निधन हो गया था.
केरलम में भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से 6 लोगों की मौत, कई पर्यटक लापता
केरलम के इडुक्की जिले में भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से छह लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई पर्यटक और स्थानीय लोग लापता बताए जा रहे हैं।
UNGA के 81वें सत्र को संबोधित करेंगे विदेश मंत्री जयशंकर, वैश्विक सहयोग और चुनौतियों पर रहेगा फोकस
विदेश मंत्री एस. जयशंकर न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के 'हाई-लेवल वीक' में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। वे 26 सितंबर को संबोधित करेंगे और वैश्विक सहयोग, आर्थिक चुनौतियों व सतत विकास लक्ष्यों पर चर्चा करेंगे।
IIT बॉम्बे ने दिए UPSC टॉपर, IAS कनिष्क कटारिया-शुभम कुमार के AIR-1 बनने की कहानी
IIT बॉम्बे एक तरफ छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं से गमगीन है, वहीं इसी संस्थान ने देश को कनिष्क कटारिया और शुभम कुमार जैसे यूपीएससी टॉपर भी दिए हैं. जानिए 1 करोड़ का पैकेज छोड़ आईएएस बनने वाले कनिष्क और सिविल इंजीनियरिंग के छात्र शुभम की सक्सेस स्टोरी.
टाटा ग्रुप की जंग में दो बड़े Legal Eagles: सिंघवी और साल्वे के तर्कों से समझिए आगे क्या होगा
टाटा ट्रस्ट के वकील अभिषेक मनु सिंघवी और टाटा संस के वकील हरीश साल्वे ने NDTV को दिए इंटरव्यू में टाटा के विवाद के बारे में विस्तार से बात की है.
उत्तराखंड में 160 किमी लंबे 51 Ropeway प्रोजेक्ट प्रस्तावित, 9 नवंबर से शुरू होगा काम
उत्तराखंड को देश का प्रमुख ‘रोपवे हब’ बनाने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए राज्य सरकार और केंद्र की साझेदारी में करीब 160 किलोमीटर लंबाई की 51 रोपवे परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को नौ नवंबर तक परियोजनाओं का काम धरातल पर शुरू करने के निर्देश दिए हैं। नौ नवंबर को राज्य का स्थापना दिवस है। अधिकारियों ने कहा कि राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में रोपवे सड़क परिवहन का बेहतर विकल्प बन सकते हैं और इससे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने के साथ ही सड़कों पर यातायात का दबाव और वाहनों से होने वाला प्रदूषण कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही इसके जरिए पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रोपवे संपर्क पर जोर दिया जा रहा है। वर्ष 2025 में 6.03 करोड़ से अधिक पर्यटक और तीर्थयात्री उत्तराखंड पहुंचे थे। अधिकारियों के मुताबिक, देहरादून-मसूरी रोपवे का निर्माण कार्य प्रगति पर है। करीब 5.2 किलोमीटर लंबे इस रोपवे के बनने के बाद देहरादून से मसूरी का सफर करीब 15 से 20 मिनट में पूरा हो जाएगा जबकि वर्तमान में इसमें लगभग एक-डेढ़ घंटे लगता हैं। इसी प्रकार, उत्तरकाशी जिले में जानकी चट्टी (खरसाली)-यमुनोत्री रोपवे से श्रद्धालुओं को करीब पांच किलोमीटर की खड़ी पैदल चढ़ाई से राहत मिलेगी, वहीं चंपावत जिले के ठुलीगाड़-पूर्णागिरि रोपवे से पूर्णागिरि धाम की यात्रा आसान होने की उम्मीद है। प्रदेश के आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि फिलहाल ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट से नीलकंठ महादेव मंदिर और हरिद्वार की एकीकृत रोपवे परियोजना पर प्राथमिकता से काम किया जा रहा है। नीलकंठ रोपवे की कुल प्रस्तावित लंबाई छह किलोमीटर है लेकिन पहले चरण में त्रिवेणी घाट से नीलकंठ महादेव मंदिर तक 4.1 किलोमीटर का रोपवे बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस रोपवे के बनने से ऋषिकेश में यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रोपवे संपर्क से धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने के साथ सड़कों पर यातायात का दबाव घटेगा और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने निजी जासूसों द्वारा जुटाए गए सबूतों और उनकी निगरानी की वैधता पर चिंता जताई है, क्योंकि भारत में इन्हें नियंत्रित करने वाला कोई कानून नहीं है।
'यूपी के होंगे 4 टुकड़े, राजभर का बेटा बनेगा पूर्वांचल का CM', योगी के मंत्री का बड़ा बयान
सुभासपा प्रमुख और यूपी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया कि भविष्य में उत्तर प्रदेश का चार हिस्सों में बंटवारा होगा और अलग पूर्वांचल राज्य बनने पर उसका पहला मुख्यमंत्री उनका बेटा बनेगा.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी पर भारत की छवि धूमिल करने का प्रयास करने का आरोप लगाया और कहा कि उनके बयान ‘‘भारत की सनातन परंपरा को अपमानित करने वाले एवं हिंदू परंपरा का अनादर करने वाले’’ हैं। ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित ‘प्रेरणा विमर्श’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपराओं को खतरे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने एक दिन पहले अंसारी द्वारा दिए गए ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण बयान’’ का जिक्र किया। पूर्व उपराष्ट्रपति ने शनिवार को नयी दिल्ली में संविधान विशेषज्ञ और लेखक ए जी नूरानी की स्मृति में आयोजित एक कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के उस विचार का उल्लेख किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘‘भारत के लिए वास्तविक खतरा साम्यवाद नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता है।’’अंसारी ने इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में नूरानी की 2019 में प्रकाशित पुस्तक ‘द आरएसएस : ए मेनेस टू इंडिया’ का भी उल्लेख किया था। आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘...भारत की परंपराओं और संस्कृति को लेकर उनके बयान वास्तव में चिंताजनक हैं। भारत की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया। उन्होंने सनातन परंपरा को अपमानित करने वाले और हिंदू परंपरा का अनादर करने वाले बयान दिए तथा इसे आतंकवाद से जोड़ने का दुर्भावनापूर्ण प्रयास किया।’’उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक संदर्भ में भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है, क्योंकि यह सनातन धर्म की भूमि है और यहां के अधिकतर लोग अपनी परंपराओं, ऋषि-मुनियों की परंपरा, पूर्वजों, देवी-देवताओं और सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करते हैं।’’मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और उनके कथित ‘‘झूठ की गूंज’’ कार्यक्रम को महिलाओं का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय सामाजिक परंपराएं लोगों को महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों का सम्मान करना सिखाती हैं। आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘मान लीजिए हम किसी संकरे रास्ते से जा रहे हैं और सामने कोई बुजुर्ग, महिला, दिव्यांग व्यक्ति या हमसे वरिष्ठ व्यक्ति आ जाए तो हमारी परंपरा है कि हम रास्ते से हटकर कहते हैं- पहले आप।’’उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन ये वो लोग हैं जो सही रास्ते से भटक गए हैं। इनका एकमात्र उद्देश्य समाज में भ्रम फैलाकर अराजकता पैदा करना रह गया है।’’मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए अपनी सरकार की पहलों का भी जिक्र किया और कहा कि तीन पीएसी बटालियनों के नाम महान महिला स्वतंत्रता सेनानियों झलकारी बाई, रानी अवंतीबाई लोधी और ऊदा देवी के नाम पर रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश पुलिस में महिलाओं के लिए अवसर बढ़ाए हैं। उन्होंने बैंकिंग सखी तथा दुग्ध उत्पादन से जुड़ी महिलाओं के योगदान को भी रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अनुसार भारत में चार ‘‘जातियां’’ गरीब, किसान, महिला और युवा हैं तथा केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार दोनों इनके कल्याण के लिए काम कर रही हैं।
दिल्ली हाई कोर्ट को मिलेंगे 7 नए जज, सोमवार को लेंगे शपथ
दिल्ली हाई कोर्ट में सोमवार को सात नए जजों की नियुक्ति हुई है, जिनमें निवेदिता अनिल शर्मा, निशा सहाय सक्सेना, संजय शर्मा, भारत पाराशर, अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट और अरुण भारद्वाज शामिल हैं.
वीकेंड का वार में रोहिद खान हुए घर से बेघर, नियम तोड़ना पड़ा भारी
रोहिद खान बिग बॉस 20 से बाहर हो गए हैं और इस सीजन में सलमान खान के रियलिटी शो से बाहर होने वाले पहले कंटेस्टेंट बन गए हैं. खबरों के मुताबिक, तीनों में से रोहेड को सबसे कम वोट मिले.
डूसू में NSUI के सूपड़ा साफ से राहुल गांधी नाराज, केसी वेणुगोपाल से मांगी रिपोर्ट; इनसाइड स्टोरी
DUSU चुनाव में एनएसयूआई का सूपड़ा साफ होने से कांग्रेस नेता राहुल गांधी बेहद नाराज हैं. इस हार का सीधा असर 'छात्रों की गूंज' और पार्टी की रणनीति पर पड़ा है. ऐसे में राहुल गांधी ने संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से हार के कारणों पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
K Annamalai ने पेरियार के सुधारों को सराहा, नास्तिकता और ब्राह्मण विरोधी विचारों को नकारा
(फोटो सहित)मदुरै (तमिलनाडु), 20 सितंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तमिलनाडु इकाई के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने द्रविड़ नेता ई.वी. रामासामी पेरियार के इतिहास में ‘‘कई विरोधाभास’’ का रविवार को उल्लेख करते हुए सशक्तीकरण और जाति-प्रथा खत्म करने में उनके योगदान को तो माना, लेकिन उनकी नास्तिक और ब्राह्मण-विरोधी विचारधारा को पूरी तरह से खारिज किया। अन्नामलाई ने वैगई नदी से जुड़े सफाई अभियान में शामिल स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए पेरियार के सामाजिक सुधारों और उनके मुख्य वैचारिक सिद्धांतों के बीच एक स्पष्ट अंतर बताया। उन्होंने कहा, ‘‘हम स्वीकार करते हैं कि उन्होंने महिलाओं की मुक्ति के लिए आवाज उठाई। हम यह भी स्वीकार करते हैं कि उन्होंने जाति उन्मूलन की बात की।’’उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, मैं पेरियार की नास्तिक विचारधारा को बिल्कुल स्वीकार नहीं करता और न ही उनकी ब्राह्मण-विरोधी विचारधारा को स्वीकार करता हूं।’’द्रविड़ नेता के रुख में कथित ऐतिहासिक विरोधाभासों को रेखांकित करते हुए अन्नामलाई ने कहा, ‘‘पेरियार ने 1935 में हिंदी का विरोध किया था, लेकिन 1965 में उन्होंने हिंदी का विरोध करने वालों को गोली मारने की बात कही थी।’’उन्होंने यह भी दावा किया कि पेरियार ने हमेशा द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) का समर्थन नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘‘1961 में उन्होंने लोगों से ‘पच्चै तमिझन’ कामराज को वोट देने की अपील की थी।’’ (पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज को पेरियार ने ‘पच्चै तमिझन’ कहकर संबोधित किया था, जिसका अर्थ है ‘सच्चा तमिल’।)अपनी पार्टी के राजनीतिक एजेंडे के बारे में अन्नामलाई ने दोहराया कि अगर तमिलनाडु में उनकी पार्टी सत्ता में आती है, मंदिरों में लगी ऐसी प्रतिमाओं को दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाएगा, जिनपर नास्तिकता से जुड़ी बातें उत्कीर्ण की गई हैं। अन्नामलाई ने कहा कि मंदिर के ठीक बाहर यह लिखा जाना कि ‘कोई भगवान नहीं है’, हमारे लिए ठीक नहीं होगा।’’उन्होंने तर्क दिया कि मंदिर आने वाले श्रद्धालु आस्थावान होते हैं और उन्हें प्रवेश द्वार पर इस तरह के संदेश देखने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। अन्नामलाई ने कहा, ‘‘हम इसे सम्मानपूर्वक वहां से हटाकर किसी नए स्थान पर स्थापित करेंगे।’’ अन्नामलाई ने यह भी कहा कि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए इन मूर्तियों को किसी अन्य सार्वजनिक स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने अपने ‘वी द लीडर्स’ अभियान के स्वयंसेवकों की सराहना करते हुए कहा कि तीन अगस्त से शुरू हुए सात सप्ताह के सफाई अभियान के दौरान मदुरै में वैगई नदी के 33 एकड़ क्षेत्र से 163 टन कचरा हटाया गया। अन्नामलाई ने अपनी मुहिम के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि पांच जून से अब तक 20 लाख से अधिक सत्यापित सदस्य बनाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सदस्यों का सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए आठ मिनट की ओटीपी आधारित पंजीकरण प्रक्रिया अपनाई जाती है। उन्होंने अन्य राजनीतिक दलों पर सदस्य संख्या को बढ़ा-चढ़ाकर बताने का आरोप लगाया।
चीन के आगे क्यों झुका अमेरिका? बदल गए ट्रंप के सुर!
डोनाल्ड ट्रंप के चीन को लेकर रुख में बदलाव की चर्चा तेज है. कभी अमेरिकी नौकरियों और कारखानों पर असर के लिए बीजिंग को जिम्मेदार ठहराने वाले ट्रंप अब शी जिनपिंग की वॉशिंगटन यात्रा के दौरान राजकीय रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे. दोनों नेताओं की बातचीत में व्यापार, टैरिफ, दुर्लभ खनिज और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे मुद्दे शामिल होंगे. विश्लेषकों के मुताबिक, चीन पर शुरुआती दबाव की रणनीति के बाद ट्रंप का रुख बदला है.
लव-कुश सम्मान समारोह में CM सम्राट ने दिया 'पांच पांडव' का मंत्र
पटना के लव-कुश सम्मान समारोह में बिहार के सामाजिक समीकरण और गठबंधन की राजनीति दोनों की झलक दिखी. उपेंद्र कुशवाहा ने एकता का संदेश दिया, जबकि सीएम सम्राट चौधरी ने पांच दलों की एकजुटता को चुनावी आंकड़ों से जोड़कर समझाया.
पत्नी को पैतृक गांव ले जाने निकला पति, रास्ते में चाकू से गोदकर मार डाला
बांका में पारिवारिक विवाद के बाद पति पर अपनी पत्नी की चाकू से हत्या करने का आरोप लगा है. दोनों विवाद सुलझाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन सुनसान जगह पर फिर कहासुनी हो गई. आरोप है कि पति ने गले और पेट पर कई वार कर दिए. चीख सुनकर पहुंचे राहगीरों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया.
केमिकल वाले शैंपू छोड़ें, घर पर रीठा-आंवला से बनाएं नेचुरल शैंपू
Homemade Reetha Amla Shampoo: अगर आपके बाल भी बाजार के महंगे और केमिकल वाले शैंपू की वजह से खराब हो रहे हैं तो अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. यहां हम आपको घर पर ही रीठा-आंवला से नेचुरल शैंपू बनाने का तरीका बता रहे हैं.
बकरियों के लिए घास काटने गए, अचानक हुआ धमाका... दो सगे भाई झुलसे
Bijnor Sherkot Blast News: बिजनौर के शेरकोट में पटाखा फैक्ट्री के कचरे में धमाका होने से घास काटने गए दो सगे भाई गंभीर रूप से झुलस गए. पुलिस मामले की जांच में जुटी. पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
केरलम के इडुक्की में हादसा, लैंडस्लाइड से दो लोगों की मौत, एक घायल
अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की पहचान वट्टावडा के पास कोट्टाकम्बूर निवासी बालकृष्णन और उनकी बहन चिन्नू के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि बालकृष्णन की पत्नी मरियम्मा भी इस घटना में घायल हो गईं और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
Bibek Debroy: दिल्ली मतदाता सूची पुनरीक्षण में दिवंगत अर्थशास्त्री का नाम, चुनाव आयोग हटाएगा
दिल्ली में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत दिए गए विवरणों में ‘‘विसंगतियों’’ के लिए मतदाताओं को नोटिस जारी करने की सूची में दिवंगत अर्थशास्त्री और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के पूर्व अध्यक्ष विवेक देबरॉय का नाम भी शामिल है। देबरॉय नयी दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के मतदाता थे और नवंबर 2024 में उनका निधन हो गया था। देबरॉय का नाम 33 लाख मतदाताओं की उस सूची में शामिल है, जिन्हें गणना प्रपत्रों के माध्यम से दिए गए विवरणों में ‘‘विसंगतियों’’ के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। एक वरिष्ठ चुनाव अधिकारी ने कहा, ‘‘हमें देबरॉय के निधन की जानकारी है और अब उनका नाम अंतिम सूची से हटा दिया जाएगा।’’दिल्ली के चुनाव अधिकारियों ने कहा कि देबरॉय का नाम नोटिस पाने वाले मतदाताओं की सूची में निर्वाचन आयोग के निर्देश के कारण शामिल था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार, चुनावी डेटाबेस में पहले से चिह्नित न्यायपालिका के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों, विशेष पदों पर आसीन व्यक्तियों तथा कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल व सार्वजनिक सेवाओं के क्षेत्र की हस्तियों के नाम मसौदा मतदाता सूची में शामिल किए जाने हैं। कार्यालय ने कहा कि यह निर्देश इसलिए जारी किया गया था ताकि दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि के दौरान आवश्यक दस्तावेज भी एकत्र किए जा सकें। एक चुनाव अधिकारी ने कहा कि बीएलओ ने देबरॉय के निधन की जानकारी दर्ज की थी, लेकिन निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार उनका नाम हटाया नहीं जा सका और वह मसौदा मतदाता सूची का हिस्सा है।
आडवाणी से जयशंकर तक, चुनाव आयुक्त भी लिस्ट में... दिल्ली SIR में कई दिग्गजों को नोटिस
दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत कई दिग्गजों के नाम गड़बड़ी के कारण नोटिस जारी किए गए हैं. इसमें पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री एस जयशंकर, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, चुनाव आयुक्त एसएस संधू सहित कई अन्य शामिल हैं.
महाभारत के 'भीम' सौरव गुर्जर पर शादी का झांसा देकर धोखाधड़ी का आरोप, मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार
टीवी सीरियल महाभारत में भीम का किरदार निभाने वाले अभिनेता सौरव गुर्जर को शादी का झांसा देकर धोखाधड़ी और मानसिक प्रताड़ना के आरोप में मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया है।
ओडिशा में भारी बारिश की चेतावनी, IMD के अलर्ट के बाद 20 जिलों में प्रशासन मुस्तैद
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे दबाव के क्षेत्र के दक्षिण ओडिशा-उत्तर आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने और भारी बारिश तथा तेज हवाएं चलने के भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान के बाद ओडिशा सरकार ने रविवार को तैयारियां तेज कर दीं। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने दक्षिणी और तटीय ओडिशा के 20 जिलों के जिलाधिकारियों को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने को कहा है, जबकि 10 अन्य जिलों के जिलाधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। आईएमडी के अनुसार, गहरा दबाव, कम दबाव वाली प्रणाली का अधिक तीव्र चरण होता है और यह आगे चलकर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा, ‘‘आईएमडी ने हमें बताया है कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव वाला क्षेत्र धीरे-धीरे तीव्र हो रहा है और 23 सितंबर को गहरे दबाव के रूप में दक्षिण ओडिशा-उत्तर आंध्र प्रदेश तट पर पहुंचने का अनुमान है। हम इसके अनुसार तैयारियां कर रहे हैं।’’विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रवाकर पाटिल ने कहा कि जिलों और अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे सतर्क रहें और बदलते मौसम पर नजर रखें। आईएमडी ने शाम के बुलेटिन में बताया कि रविवार शाम 5.30 बजे कम दबाव वाला क्षेत्र पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हुआ था और इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने तथा सोमवार को दबाव वाले क्षेत्र में और 22 सितंबर को पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर गहरे दबाव में बदलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने बताया कि यह प्रणाली 23 सितंबर की सुबह उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट के पास पश्चिम-मध्य और उससे सटी उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक पहुंच सकती है। आईएमडी ने इस प्रणाली के प्रभाव से राज्य में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है और 23 तथा 24 सितंबर के लिए दक्षिणी जिलों में कई स्थानों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। भुवनेश्वर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती ने कहा, ओडिशा में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि सोमवार तक गरज के साथ बूंदाबांदी और मध्यम बारिश जारी रहेगी, जबकि 22 सितंबर से बारिश की तीव्रता बढ़ने का अनुमान है। दक्षिणी ओडिशा के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ‘ऑरेंज अलर्ट’ भी जारी किया गया है। आईएमडी ने 27 सितंबर तक अलग-अलग जिलों के लिए रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए हैं।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बद्रीनाथ के पास बमनी का दौरा किया, स्थानीय महिलाओं के साथ चाश्हणि नृत
बुजुर्ग किसान की ट्रक से कुचलकर मौत, ग्रामीण बोले- इस जगह 5 जानें गईं
बांदा के माटा गांव में तेज रफ्तार ट्रक ने खेत जा रहे 70 वर्षीय किसान को कुचल दिया. हादसे के बाद शव ट्रक में फंस गया और चालक उसे काफी दूर तक घसीटता चला गया. ग्रामीणों ने हाईवे जाम कर स्पीड ब्रेकर की मांग की. उनका दावा है कि इस जगह अब तक पांच लोगों की सड़क हादसों में मौत हो चुकी है.
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अब यह डोर-टू-डोर चुनाव अभियान पूरे पंजाब में आगे बढ़ाया जाएगा और पार्टी कार्यकर्ता और उम्मीदवार सरकार का रिपोर्ट कार्ड सीधे लोगों के घरों तक ले जाएंगे.
क्रांति या उथल-पुथल नहीं, बुद्ध के मध्यम-मार्ग और स्थिरता के उपासक हैं नरेंद्र मोदी
नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में 25 साल का कार्यकाल पूरा करने वाले हैं. उनकी अब तक की यात्रा का विश्लेषण कर रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल.
महुआ मोइत्रा से हुमायूं कबीर तक... रेजीनगर में ये होंगे ममता के स्टार प्रचार
रेजीनगर उपचुनाव के लिए ममता तृणमूल ने अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है. इस चुनाव में प्रचार की जिम्मेदारी खुद ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी संभालेंगे. इस सूची में कल्याण बनर्जी, सोवनदेब चट्टोपाध्याय, सौगत रॉय भी शामिल हैं.
पाकिस्तान में शांति पर होनी थी चर्चा, 2 भारतीयों को था न्योता; क्यों रद्द करना पड़ा कार्यक्रम?
संस्थान के मुताबिक, बाद में एक व्यक्ति ने खुद को पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय का अधिकारी बताते हुए भारतीय नाम कार्यक्रम से हटाने को कहा। इसके बाद भारतीय प्रतिभागी का नाम कार्यक्रम से हटा दिया गया था।
समर्पण और सत्य के मार्ग पर चलना ही सच्ची भक्ति : संत एसएस चांवला
अजमेर। संत निरंकारी मिशन के केंद्रीय प्रचारक एवं प्रचारक विभाग के वाइस चेयरमैन संत एसएस चांवला ने कहा कि समर्पण, प्रेम और निराकार प्रभु के प्रति अटूट विश्वास ही वास्तविक भक्ति का आधार है। ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति के बाद जब भक्त का हृदय परमात्मा से जुड़ता है, तभी सच्ची भक्ति का आरंभ होता है। भक्ति […] The post समर्पण और सत्य के मार्ग पर चलना ही सच्ची भक्ति : संत एसएस चांवला appeared first on Sabguru News .
यूपी में 10 सीनियर IAS के तबादले, कहां किसे मिली नई तैनाती, देखें लिस्ट
यूपी में 10 सीनियर IAS अफसरों के तबादले किए गए हैं. आशीष गोयल और अनिल कुमार को हटाया गया. जानिए किस अधिकारी को कौन-सी नई जिम्मेदारी मिली...
अजमेर रेल मंडल में 141 बच्चों ने रंगों से सजाए सपने, ड्राइंग-पेंटिंग प्रतियोगिता में दिखी प्रतिभा
अजमेर। रेल कर्मचारियों के बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने के उद्देश्य से उत्तर पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन, अजमेर मंडल की ओर से रविवार को ऑन-द-स्पॉट ड्राइंग एवं पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में अजमेर मंडल के विभिन्न केंद्रों पर कुल 141 बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी कल्पनाओं […] The post अजमेर रेल मंडल में 141 बच्चों ने रंगों से सजाए सपने, ड्राइंग-पेंटिंग प्रतियोगिता में दिखी प्रतिभा appeared first on Sabguru News .
फ़्लाइट लेफ्टिनेंट अल्फ्रेड टायरोन कुक ने कम से कम एक सेबर विमान को मार गिराया और आधिकारिक तौर पर उन्हें दूसरे विमान को गिराने का श्रेय भी दिया गया. उनके बयान के अनुसार, गोला-बारूद खत्म होने से पहले उन्होंने एक तीसरे विमान का भी मुकाबला किया था.
रोहतास में करंट का कहर, बर्थडे पार्टी से खेत तक 3 लोगों की मौत
रोहतास जिले में अलग-अलग जगहों पर करंट लगने से तीन लोगों की मौत हो गई. दिनारा में बर्थडे पार्टी का खाना बनाने गए हलवाई ने जान गंवाई, जबकि नटवार में मोटर ठीक करते समय और संझौली में पंपिंग सेट के तार की चपेट में आने से किसान की मौत हो गई. तीनों शव पोस्टमार्टम के लिए सासाराम सदर अस्पताल भेजे गए.
भारी बारिश के बीच केरलम के इडुक्की में लैंडस्लाइड, भाई-बहन की मौत
केरल के इडुक्की में भारी बारिश के बीच लैंडस्लाइड से एक परिवार पर मुसीबत टूट पड़ी. वट्टावडा में सगे भाई-बहन की मौत हुई है, जबकि एक महिला घायल है. सरकार ने इलाज और पीड़ित परिवारों की मदद का भरोसा दिया है.
'अनसेफ PGs में रहने को क्यों मजबूर हैं छात्र?', राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर हमला
राहुल गांधी ने सवाल किया है कि नए और सुरक्षित हॉस्टल क्यों नहीं बनाए जा रहे, छात्रों को असुरक्षित PG में रहने के लिए मजबूर क्यों होना पड़ रहा है. इसके साथ ही उन्होंने पूछा है कि सत्य निकेतन हादसे की जांच कहां तक पहुंची.
West Bengal: पुलिस पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में AJUP नेता नसीम शेख गिरफ्तार
हुमायूं कबीर के नेतृत्व वाली ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ (एजेयूपी) के एक प्रखंड स्तरीय नेता को मई में पुलिस के खिलाफ भड़काऊ टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। इसके साथ ही इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संख्या चार हो गई है। अधिकारी ने बताया कि नसीम शेख को शनिवार रात रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र के मियांग्राम से गिरफ्तार किया गया। रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव छह अक्टूबर को होना है। यह सीट एजेयूपी प्रमुख हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, क्योंकि उन्होंने नवादा सीट अपने पास रखने का फैसला किया था। पार्टी ने उपचुनाव के लिए कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाया है। पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘यह मामला सात मई को शक्तिपुर में एजेयूपी की ओर से आयोजित कार्यकर्ता बैठक से जुड़ा है। पार्टी प्रमुख हुमायूं कबीर समेत कई नेताओं पर मंच से पुलिस के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है, जिसके बाद शक्तिपुर थाने में मामला दर्ज किया गया था।’’एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘जांच के दौरान इस मामले में नसीम शेख की संलिप्तता सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। हम बयानों की जांच कर रहे हैं और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।’’ उन्होंने कहा कि जांच अभी शुरुआती चरण में है। हालांकि, कबीर ने दावा किया कि शेख को फंसाया गया है। एजेयूपी प्रमुख ने कहा, ‘‘वह मेरा दूर का रिश्तेदार है, पूर्व सैन्यकर्मी और एक कारोबारी है। उसे फंसाया जा रहा है।’’पश्चिम बंगाल के रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव के एक निर्दलीय उम्मीदवार को शनिवार को 2021 के राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान दो समूहों के बीच हुई झड़प के पांच साल पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार उम्मीदवार सैफुल इस्लाम एजेयूपी जुड़े हुए हैं।
गुरुग्राम के PG में कथित सेक्स रैकेट का खुलासा, विदेशी महिलाओं समेत 21 अरेस्ट
गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम में पीजी (पेइंग गेस्ट) की आड़ में कथित रूप से संचालित देह व्यापार के नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है। सेक्टर-38 स्थित गांव झाड़सा के एक पीजी में शनिवार रात पुलिस और हरियाणा राज्य महिला आयोग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर 21 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें 13 पुरुष […] The post गुरुग्राम के PG में कथित सेक्स रैकेट का खुलासा, विदेशी महिलाओं समेत 21 अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन 21-22 सितंबर को पश्चिमी यूपी के मेरठ और सहारनपुर जिले के दौरे पर रहेंगे. इस दौरान वे युवा सम्मेलन और बैठकों में शामिल होंगे. साथ ही, पार्टी के नेताओं के साथ मुलाकात कर यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की रणनीति धार देंगे.
महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार पर दीपके के तेवर तल्ख, MPSC आयोग का मांगा इस्तीफा; फडणवीस पर भी आरोप
कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके ने एमपीएससी परीक्षाओं में कथित धांधली और प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं का मुद्दा उठाते हुए आयोग के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग की।
Manoj Sinha ने SMVDSB बैठक में कटरा के International Museum of Goddess की समीक्षा की
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (एसएमवीडीएसबी) की एक विशेष बैठक की अध्यक्षता की और रियासी जिले के कटरा (श्रद्धालुओं के आधार शिविर का स्थल) में बनने वाले ‘इंटरनेशनल म्यूजियम ऑफ गॉडेस’ की प्रगति की समीक्षा की। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। यहां लोक भवन में हुई इस बैठक में एसएमवीडीएसबी के सदस्यों ने हिस्सा लिया। बैठक में परियोजना के विभिन्न पहलुओं, जिसमें कार्य का दायरा और अनुमानित लागत शामिल है, पर चर्चा की गई। प्रवक्ता ने कहा कि बैठक में मुख्य रूप से संग्रहालय के निर्माण की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की गई। यह एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसकी परिकल्पना मंदिर से जुड़ी समृद्ध आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, कलात्मक और सभ्यतागत विरासत को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से की गई है। एसएमवीडीएसबी ने आठ फरवरी, 2026 को हुई अपनी 76वीं बैठक में इस परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। इसके बाद परियोजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के लिए भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा करने के वास्ते 21 मई को जम्मू स्थित लोक भवन में एक बैठक आयोजित की गई थी। उपराज्यपाल श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं। रविवार को उपराज्यपाल की अध्यक्षता में हुई बोर्ड की बैठक में संग्रहालय परियोजना के लिए एक सलाहकार की नियुक्ति को मंजूरी दी गई। साथ ही बोर्ड ने प्रस्तावित संग्रहालय के प्रारंभिक अवधारणा डिजाइन पर भी चर्चा की, जिसे मेसर्स बातुल राज मेहता एंड एसोसिएट्स (बीआरएमए) और मेसर्स टाटा इकोफर्स्ट सर्विसेज लिमिटेड ने प्रस्तुत किया था। प्रवक्ता ने कहा कि बोर्ड ने कटरा स्थित खेल स्टेडियम के पास बने नौ प्रीमियम अतिथि गृहों के लाइसेंस, संचालन, रखरखाव और प्रबंधन की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। प्रवक्ता ने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से लैस इन अतिथि गृहों में पूरी तरह सुसज्जित दो-बेडरूम वाले आवास हैं और इनका उद्देश्य बेहतर आतिथ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
काजल राघवानी की कार पर पथराव, बेकाबू भीड़ के बीच शोरूम से सुरक्षित निकाली गईं भोजपुरी अभिनेत्री
बिहार शरीफ/नई दिल्ली। भोजपुरी अभिनेत्री काजल राघवानी के बिहार शरीफ दौरे के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक ज्वेलरी शोरूम के उद्घाटन कार्यक्रम में जुटी भीड़ बेकाबू हो गई। अभिनेत्री की एक झलक पाने के लिए जमा लोगों के बीच हालात ऐसे बिगड़े कि उनकी कार को निशाना बनाया गया और शीशे क्षतिग्रस्त […] The post काजल राघवानी की कार पर पथराव, बेकाबू भीड़ के बीच शोरूम से सुरक्षित निकाली गईं भोजपुरी अभिनेत्री appeared first on Sabguru News .
4 टुकड़ों में बंटेगा उत्तर प्रदेश! OP राजभर का बड़ा दावा!
देवरिया की सामाजिक समरसता महारैली में ओम प्रकाश राजभर ने उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बांटने की बात कही. उन्होंने दावा किया कि अलग पूर्वांचल राज्य बनने पर राजभर का बेटा मुख्यमंत्री बनेगा. राजभर ने पिछड़ों के 27 प्रतिशत आरक्षण में आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी की मांग भी उठाई. उन्होंने सपा, बसपा और कांग्रेस पर निशाना साधा. फिलहाल प्रदेश विभाजन को लेकर कोई नया सरकारी फैसला नहीं हुआ है.
ChatGPT ने गुमशुदा को अपनों से मिलाया... बुजुर्ग की हैरान करने वाली कहानी
अमृतसर से गलती से बिहार पहुंच गए बुजुर्ग चमन लाल को एक स्थानीय निवासी नीरज ने अपने घर में रखा और उनकी मदद के लिए ChatGPT के जरिये उनके गांव का पता लगाया.
चीन पर तीखे हमले करने वाले ट्रंप के सुर क्यों बदले? शी जिनपिंग बने खास दोस्त
डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में शी जिनपिंग की मेजबानी करेंगे और उनसे व्यापार, टेक्नोलॉजी, रेयर अर्थ और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बातचीत करेंगे. यह उस ट्रंप से बिल्कुल अलग है, जिन्होंने कभी चीन को अमेरिका की आर्थिक गिरावट के लिए मुख्य विलेन बताया था.
Mahabharat Bheem Saurav Gurjar Arrested:
'2027 में सरकार बनी तो मंत्री बनने से कोई नहीं रोक पाएगा', बोले SP नेता
कौशांबी के सिराथू में समाजवादी पार्टी के बूथ स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. वीडियो में सपा के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज 2027 में पार्टी की सरकार बनने पर मंत्री बनने की बात कहते सुनाई दे रहे हैं. इसी दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं, जिले के विकास और जेसीबी-डंपर से बालू निकालने को लेकर भी टिप्पणी की.
तेलंगाना में डिवाइडर से टकराकर आग का गोला बनी वोल्वो, मशहूर न्यूरोसर्जन की जिंदा जलकर मौत
हैदराबाद। तेलंगाना के सूर्यापेट जिले में रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में हैदराबाद के प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. कासकुर्ती जगदीश की मौत हो गई। खम्मम-हैदराबाद हाईवे पर उनकी वोल्वो कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर के बाद कार में भीषण आग लग गई और देखते ही देखते पूरी गाड़ी आग की लपटों में […] The post तेलंगाना में डिवाइडर से टकराकर आग का गोला बनी वोल्वो, मशहूर न्यूरोसर्जन की जिंदा जलकर मौत appeared first on Sabguru News .
यूपी में आंबेडकर की 151 मूर्तियां क्षतिग्रस्त, केवल 14 गिरफ्तारियां: Akhilesh Yadav
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शासनकाल में उत्तर प्रदेश के 72 जिलों में बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की 151 मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया गया लेकिन अब तक इन मामलों में केवल 14 गिरफ्तारियां ही हुई हैं। सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि यह तोड़फोड़ जानबूझकर की गई क्योंकि भाजपा संविधान बदलना चाहती थी लेकिन ऐसा कर नहीं सकी। भाजपा ने इस पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। यादव ने लखनऊ में पार्टी मुख्यालय पर संवाददाताओं से कहा, भाजपा राज में बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर की मूर्तियों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया गया है। भाजपा सरकार के तहत 72 जिलों में 151 से ज्यादा मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया गया या तोड़ा-फोड़ा गया है। उन्होंने कहा, ‘‘ यह जानबूझकर किया गया क्योंकि वे (भाजपा) संविधान बदलना चाहते थे लेकिन ऐसा नहीं कर पाए। इसीलिए जब भी भाजपा और उसकी विचारधारा वाले लोग हमला करते हैं, तो वे सबसे पहले संविधान की प्रति को निशाना बनाते हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘ कुल मिलाकर, हम 151 मामलों का रिकॉर्ड जुटा पाए हैं। अगर हम औसत निकालें, तो इस सरकार के शासनकाल में हर साल 15 से ज्यादा मूर्तियां क्षतिग्रस्त की गयी हैं। हो सकता है कि कुछ मामले ऐसे भी हों जिनका रिकॉर्ड न हो और जिनकी गिनती न की गई हो।’’यादव ने सरकारी आंकड़ों को आधार बताते हुए दावा किया कि आंबेडकर प्रतिमाओं को खंडित किये जाने के केवल 14 मामलों में ही गिरफ्तारियां हुई हैं और 45 मामलों में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किये गये, आठ मामलों में नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई और 84 मामलों में कोई कार्रवाई नहीं हुई। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार न तो आंबेडकर का सम्मान करती है न ही उनकी मूर्तियों का और न ही उनके लोगों का। बाद में, सपा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जिलेवार ब्योरा पोस्ट किया और कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार के पहले कार्यकाल में आंबेडकर की 46 मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया गया था जबकि दूसरे कार्यकाल में 105 मूर्तियों को क्षतिग्रस्त किया गया। सपा प्रमुख ने भाजपा की सनातन धर्म की विचारधारा का जिक्र करते हुए कहा, सच्चाई का रास्ता सनातन है, प्यार का रास्ता सनातन है, भाईचारे का रास्ता सनातन है और ईमानदारी का रास्ता सनातन है। भगवान श्री राम को चढ़ाए गए चढ़ावे की चोरी न होने देना... यही सनातन का रास्ता है। भगवान श्री राम को दिए गए दान की चोरी रोकना सनातन का रास्ता है। हत्या की साजिश रचना सनातन का रास्ता नहीं हो सकता। झूठे आरोप गढ़ना सनातन का रास्ता नहीं हो सकता। यादव ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में परीक्षा के सबसे ज्यादा संख्या में पेपर लीक हुए। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि सरकारी नौकरी देने की जरूरत से बचने के लिए ऐसा किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने बार-बार न सिर्फ लोगों को दुख पहुंचाया है बल्कि उत्तर प्रदेश का माहौल खराब करने के लिये भी सक्रिय रूप से काम किया है। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया, यह सरकार न्याय दिलाने में नाकाम रही है, एक ऐसी सरकार जिसके अपने मंत्रियों को धरने पर बैठना पड़ रहा है। जरा सोचिए, इलाज और न्याय पाने के लिए या यहां तक कि पोस्टमार्टम करवाने के लिए भी विरोध प्रदर्शन करना पड़ रहा है। यह इस सरकार की हालत है। यादव ने यह भी कहा कि भाजपा सिर्फ ‘कंटेंट क्रिएटर्स’ को नौकरियां दे रही है।
सनातन परंपरा में घर की साफ-सफाई केवल स्वच्छता का विषय नहीं है, बल्कि इसे सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह से सीधे जोड़कर देखा जाता है। हमारे बड़े-बुजुर्ग अक्सर सूर्यास्त के बाद या रात के समय घर में झाड़ू लगाने से सख्त मना करते हैं। हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। ऐसी मान्यता है कि अनुचित समय पर झाड़ू लगाने या उसका अनादर करने से धन की देवी मां लक्ष्मी अप्रसन्न हो जाती हैं और घर में दरिद्रता का वास होने लगता है। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर रात में झाड़ू लगाने की मनाही के पीछे कौन-से धार्मिक कारण, वास्तु सिद्धांत और प्राचीन वैज्ञानिक तर्क छिपे हुए हैं।धार्मिक मान्यता और मां लक्ष्मी के आगमन का कालधार्मिक मान्यताओं के अनुसार झाड़ू को केवल धूल-मिट्टी हटाने का उपकरण नहीं, बल्कि अलक्ष्मी (दरिद्रता) को बाहर निकालकर मां लक्ष्मी को घर में आमंत्रित करने का माध्यम माना जाता है। शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि संध्या काल यानी गोधूलि वेला और रात्रि का समय मां लक्ष्मी के गृह प्रवेश का समय होता है।संध्या आरती के समय जब घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाया जाता है, उस समय घर के भीतर की सकारात्मक ऊर्जा अपने चरम पर होनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति उसी समय या उसके बाद झाड़ू लगाता है, तो माना जाता है कि वह घर में आ रही लक्ष्मी और शुभ ऊर्जा को बाहर की तरफ धकेल रहा है। मान्यता यह भी है कि झाड़ू से उड़ने वाली धूल और कचरा घर की शांति को भंग करता है, जिससे रुष्ट होकर धन और वैभव की देवी उस चौखट से लौट जाती हैं और घर में आर्थिक तंगी, बेवजह के खर्च व कलह बढ़ने लगती है।वास्तु शास्त्र के नियम और ऊर्जा का चक्रवास्तु शास्त्र के अनुसार घर के हर कोने में ऊर्जा की अलग-अलग तरंगे सक्रिय रहती हैं। झाड़ू को वास्तु में नकारात्मक ऊर्जा को बाहर करने वाला औजार माना गया है।ऊर्जा का असंतुलन: सूर्यास्त के बाद प्राकृतिक रूप से वातावरण में तमस (अंधकार और सुस्ती) की मात्रा बढ़ जाती है। इस समय झाड़ू लगाने से घर में मौजूद सकारात्मक ऊर्जा का चक्र टूटता है और नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय हो जाती है।अलक्ष्मी का वास: माना जाता है कि जो व्यक्ति रात के समय घर की देहरी पर झाड़ू लगाता है, उसके घर में देवी लक्ष्मी की बड़ी बहन 'अलक्ष्मी' का प्रवेश होता है, जो अपने साथ कर्ज, बीमारी और अशांति लेकर आती हैं।झाड़ू रखने की दिशा: वास्तु नियमों के अनुसार झाड़ू को हमेशा ऐसे स्थान पर छिपाकर रखना चाहिए जहां किसी बाहरी व्यक्ति की सीधी नजर न पड़े। रात के समय झाड़ू को हिलाने-डुलाने से घर के वित्तीय संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।प्राचीन वैज्ञानिक और व्यावहारिक दृष्टिकोणयदि धार्मिक मान्यताओं से हटकर प्राचीन काल के जीवन और जीवनशैली का विश्लेषण करें, तो इस परंपरा के पीछे बेहद ठोस व्यावहारिक और वैज्ञानिक कारण नजर आते हैं:प्राचीन काल में आधुनिक युग की तरह हर घर में बिजली और तेज रोशनी की व्यवस्था नहीं होती थी। लोग रात के समय दीयों या लालटेन की हल्की रोशनी में रहते थे। उस दौर में आज की तरह बहुमूल्य वस्तुएं, सोने-चांदी के सिक्के, आभूषण या जरूरत के छोटे कीमती सामान फर्श या बिस्तरों के आसपास गिर जाते थे। मंद रोशनी में झाड़ू लगाने से इस बात की प्रबल संभावना रहती थी कि कोई कीमती चीज कचरे के साथ अनजाने में बाहर फिंक जाए। इसी नुकसान से बचने के लिए पूर्वजों ने रात में झाड़ू न लगाने का कड़ा नियम बनाया, जो आगे चलकर परंपरा और धार्मिक विश्वास का हिस्सा बन गया।इसके अलावा, दिनभर की भागदौड़ के बाद रात का समय विश्राम और शांति के लिए होता है। रात में झाड़ू लगाने से कमरे में बारीक धूल के कण हवा में तैरने लगते हैं, जो सोते समय सांस के जरिए फेफड़ों में पहुंचकर एलर्जी या श्वसन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं।अगर रात में झाड़ू लगाना बेहद जरूरी हो तो क्या करें?कई बार ऐसी स्थिति बन जाती है कि घर में कांच टूट जाता है, भोजन गिर जाता है या गंदगी के कारण रात में सफाई करना अपरिहार्य हो जाता है। ऐसी मजबूरी के लिए शास्त्रों और बुजुर्गों ने कुछ सरल उपाय बताए हैं:यदि रात में झाड़ू लगाना ही पड़े, तो कचरे को कभी भी घर के मुख्य द्वार से बाहर सड़क पर न फेंकें।झाड़ू लगाकर कचरे को एक कोने में डस्टपैन या कूड़ेदान में इकट्ठा करके रख दें।अगली सुबह सूर्योदय के बाद ही उस कचरे को घर से बाहर फेंकना चाहिए। ऐसा करने से घर की लक्ष्मी बाहर जाने का दोष नहीं लगता।
भारतीय रेलवे के वातानुकूलित यानी एसी कोच (AC Coaches) में सफर करते समय कई यात्रियों के साथ यह समस्या अक्सर देखने को मिलती है कि रात के वक्त बोगी का तापमान जरूरत से ज्यादा ठंडा हो जाता है। खासकर 3rd AC और 2nd AC में खिड़की या एसी वेंट के पास वाली बर्थ पर सोने वाले यात्रियों, बच्चों और बुजुर्गों को दिए गए एक कंबल में भी कंपकंपी महसूस होने लगती है। ऐसे में अधिकांश मुसाफिरों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या कोच अटेंडेंट से दूसरा कंबल मांगा जा सकता है और क्या इसके लिए कोई अतिरिक्त पैसा या चार्ज चुकाना पड़ता है।क्या एक्स्ट्रा कंबल के लिए देना होगा कोई अतिरिक्त पैसा?इसका सीधा और स्पष्ट उत्तर है: नहीं, आपको एक्स्ट्रा कंबल के लिए एक भी रुपया अतिरिक्त नहीं देना होता है।भारतीय रेलवे के आधिकारिक नियमों के मुताबिक, जब आप एसी कोच (1st AC, 2nd AC, 3rd AC और 3E) का कन्फर्म टिकट बुक करते हैं, तो उस किराए में बेडरोल (बिस्तर, चादर, तकिया और कंबल) का शुल्क पहले से ही शामिल होता है। यदि यात्रा के दौरान आपको ज्यादा ठंड लग रही है, आपकी तबीयत खराब लग रही है या आपको दिए गए कंबल की मोटाई पर्याप्त नहीं लग रही है, तो आप अपने कोच अटेंडेंट से अतिरिक्त कंबल की मांग कर सकते हैं।यह सुविधा पूरी तरह से मुफ्त होती है। रेलवे का कोई भी कोच अटेंडेंट या स्टाफ अतिरिक्त कंबल या चादर देने के एवज में आपसे टिप या अतिरिक्त चार्ज की मांग कानूनी रूप से नहीं कर सकता।अतिरिक्त कंबल मिलने की शर्तें और रेलवे का प्रोटोकॉलमुफ्त सुविधा होने के बावजूद एक्स्ट्रा कंबल मिलना पूरी तरह से ट्रेन में कंबल की उपलब्धता (Availability) पर निर्भर करता है। रेलवे का लिनेन प्रबंधन निम्नलिखित व्यवस्था के तहत काम करता है:बेडरोल का कोटा: प्रत्येक एसी कोच में यात्रियों की कुल संख्या के हिसाब से बेडरोल के पैकेट लोड किए जाते हैं। इसके साथ ही आपातकालीन या अतिरिक्त जरूरत के लिए कुछ एक्स्ट्रा सेट (बफर स्टॉक) भी कोच में रखे जाते हैं।उपलब्धता के आधार पर वितरण: यदि बोगी में अतिरिक्त कंबल उपलब्ध हैं, तो अटेंडेंट बिना किसी हिचकिचाहट के आपको दूसरा कंबल दे देता है। हालांकि, यदि ट्रेन पूरी तरह पैक है और अतिरिक्त कंबल सीमित हैं, तो अटेंडेंट पहले बीमार व्यक्तियों, छोटे बच्चों या बुजुर्ग यात्रियों को प्राथमिकता देते हैं।अतिरिक्त चादर का विकल्प: कई बार जब अतिरिक्त कंबल उपलब्ध नहीं होते, तो कोच अटेंडेंट यात्री को एक अतिरिक्त सूती चादर (Bedsheet) उपलब्ध करा देते हैं, जिसे कंबल के ऊपर डालकर ठंड के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।कोच का तापमान बहुत कम हो तो क्या करें?सिर्फ कंबल मांगना ही समाधान नहीं है; रेलवे नियमों के अनुसार एसी कोच का तापमान भी तय मानकों के भीतर होना चाहिए।भारतीय रेलवे के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, एसी कोच के भीतर का तापमान सामान्यतः 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच नियंत्रित रखा जाना चाहिए। यदि कोच में बहुत ज्यादा ठंड लग रही है और तापमान इस सीमा से काफी नीचे चला गया है, तो आप कोच अटेंडेंट या ऑन-ड्यूटी एसी तकनीशियन (AC Mechanic/Escorting Staff) से तापमान को री-एडजस्ट (बढ़ाने) का अनुरोध कर सकते हैं। तकनीशियन कंट्रोल पैनल से तापमान को सामान्य स्तर पर सेट कर देते हैं जिससे बोगी में सभी यात्रियों को राहत मिलती है।अटेंडेंट मना करे या पैसे मांगे तो कहां करें शिकायत?यदि कोच अटेंडेंट आपके पास अतिरिक्त कंबल होने के बावजूद देने से मना करता है, बदतमीजी करता है या एक्स्ट्रा कंबल के बदले पैसों की मांग करता है, तो आप तुरंत इन आधिकारिक माध्यमों से शिकायत दर्ज करवा सकते हैं:रेल मदद हेल्पलाइन (RailMadad 139): अपने मोबाइल से 139 डायल करें और अपनी सीट, कोच नंबर व पीएनआर साझा करते हुए शिकायत दर्ज कराएं। यह 24x7 सक्रिय सेवा है जिस पर तुरंत एक्शन लिया जाता है।रेल मदद ऐप या वेबसाइट: 'RailMadad' ऐप या पोर्टल (railmadad.indianrailways.gov.in) पर जाकर 'Coax Linen/Bedroll' श्रेणी में शिकायत दर्ज करें।सोशल मीडिया (X / ट्विटर): अपने पीएनआर नंबर, ट्रेन नंबर और कोच नंबर के साथ @RailMinIndia और संबंधित जोनल रेलवे को टैग करते हुए पोस्ट करें। रेलवे की सोशल मीडिया विंग चलती ट्रेन में ही अटेंडेंट तक समस्या पहुंचाकर उसका समाधान करवाती है।
मां बगलामुखी मंदिर में रात 8 बजे के बाद हवन पर रोक, आदेश जारी
Agar Malwa Baglamukhi Temple Hawan Ban: आगर मालवा में कार बहने से 8 श्रद्धालुओं की मौत के बाद शासन का बड़ा फैसला. प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में रात 8 बजे के बाद हवन पर लगा पूर्ण प्रतिबंध. पढ़ें पूरी खबर...
364 दिनों की FD पर तगड़ा रिटर्न: आम नागरिक, सीनियर और सुपर सीनियर सिटीजन का पूरा गणित
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में पैसे निवेश करने वाले अधिकांश लोग आमतौर पर 1 वर्ष, 3 वर्ष या 5 वर्ष की पारंपरिक मैच्योरिटी अवधि चुनते हैं। बहुत कम निवेशकों को यह जानकारी होती है कि बैंक अक्सर 'स्पेशल टेन्योर' यानी विशेष अवधियों पर सामान्य से कहीं बेहतर ब्याज की पेशकश करते हैं। ऐसा ही एक बेहद लोकप्रिय और रणनीतिक टेन्योर है 364 दिन की एफडी (यानी ठीक 1 साल से 1 दिन कम)।शॉर्ट-टर्म से मीडियम-टर्म के लिए सुरक्षित निवेश की तलाश कर रहे लोगों के लिए यह बकेट बेहद आकर्षक बन चुका है। आइए समझते हैं कि इस टेन्योर पर सबसे तगड़ा रिटर्न कहां मिल रहा है और अलग-अलग उम्र के निवेशकों के लिए इसका गणित कैसे काम करता है।364 दिनों की FD पर कहां मिल रहा है सबसे अधिक रिटर्न?364 दिन की मैच्योरिटी पर ब्याज दरें बैंक की श्रेणी के आधार पर तय होती हैं। आमतौर पर स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFBs) और कुछ चुनिंदा प्राइवेट बैंक बड़े सरकारी बैंकों की तुलना में इस अवधि पर 0.50% से लेकर 1.25% तक ज्यादा ब्याज ऑफर करते हैं।स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFBs): सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक, यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक, उत्कर्ष और उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक इस श्रेणी में सबसे आगे रहते हैं। यहां आम ग्राहकों को 7.75% से 8.25% तक, जबकि वरिष्ठ नागरिकों को 8.25% से 8.75% तक वार्षिक ब्याज मिल रहा है।प्रमुख प्राइवेट बैंक: एचडीएफसी बैंक (HDFC), आईसीआईसीआई (ICICI) और एक्सिस बैंक इस अवधि (1 वर्ष से ठीक पहले के ब्रैकेट) के लिए आम जनता को 6.70% से 7.10% और सीनियर सिटीजंस को 7.20% से 7.60% तक का ब्याज दे रहे हैं।सरकारी बैंक: भारतीय स्टेट बैंक (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा और पीएनबी जैसे सरकारी बैंक 364 दिनों के ब्रैकेट में सामान्य ग्राहकों को लगभग 6.50% से 6.80% और सीनियर सिटीजंस को 7.00% से 7.30% के आसपास रिटर्न देते हैं।आम ग्राहक, सीनियर और सुपर सीनियर सिटीजन का पूरा गणितभारतीय बैंकिंग प्रणाली में निवेशकों को उनकी उम्र के हिसाब से तीन अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है, जहां ब्याज दरों में सीधा अंतर देखने को मिलता है:आम नागरिक (60 वर्ष से कम): इन्हें बैंक की बेस यानी मानक ब्याज दर मिलती है। स्मॉल फाइनेंस बैंकों में 364 दिनों के लिए यह दर औसतन 7.75% से 8.00% बैठती है।सीनियर सिटीजन (60 से 80 वर्ष): अधिकांश बैंक वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य दर से 0.50% (50 बेसिस प्वाइंट्स) का अतिरिक्त प्रीमियम देते हैं। इससे उनका रिटर्न बढ़कर 8.25% से 8.50% तक हो जाता है।सुपर सीनियर सिटीजन (80 वर्ष से अधिक): कई बैंक (जैसे पीएनबी, आरबीएल और कुछ स्मॉल फाइनेंस बैंक) 80 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों के लिए 'सुपर सीनियर सिटीजन' स्कीम चलाते हैं, जिसमें सीनियर सिटीजन दर से भी 0.20% से 0.25% अतिरिक्त ब्याज मिलता है (यानी सामान्य दर से कुल 0.75% से 0.80% अधिक)।₹5 लाख के निवेश पर 364 दिनों में संभावित कमाई का उदाहरण:श्रेणीअनुमानित ब्याज दर (SFBs में)364 दिन बाद कुल ब्याजमैच्योरिटी पर मिलने वाली कुल रकमआम नागरिक8.00%~ ₹40,000₹5,40,000सीनियर सिटीजन8.50%~ ₹42,500₹5,42,500सुपर सीनियर सिटीजन8.75%~ ₹43,750₹5,43,750(नोट: वास्तविक रिटर्न बैंक के तिमाही/मासिक कंपाउंडिंग चक्र और दिन-आधारित ब्याज गणना के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है।)क्यों खास होती है 364 दिन की एफडी?बैंक 364 दिन की अवधि को अपने लिक्विडिटी मैनेजमेंट और एसेट-लायबिलिटी मिसमैच को संतुलित करने के लिए इस्तेमाल करते हैं। 365 दिन (पूरा 1 साल) होते ही कई नियामक और तकनीकी मानक बदल जाते हैं, इसलिए बैंक 1 दिन कम (364 दिन) की अवधि पर अक्सर आक्रामक ब्याज दरें तय करते हैं ताकि वे एक साल के भीतर अल्पकालिक पूंजी जुटा सकें।निवेशकों के लिए इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि उनका पैसा लंबे समय के लिए लॉक नहीं होता। एक साल से भी कम समय में पूंजी ब्याज सहित वापस मिल जाती है, जिसे बाजार के रुख के हिसाब से दोबारा री-इन्वेस्ट किया जा सकता है।निवेश से पहले सुरक्षा और टैक्स के नियम जरूर जान लेंज्यादा ब्याज के चक्कर में किसी भी बैंक में पैसा लगाने से पहले सुरक्षा और टैक्स के नियमों को समझना बेहद जरूरी है:₹5 लाख तक की सरकारी गारंटी: चाहे सरकारी बैंक हो, प्राइवेट बैंक या फिर स्मॉल फाइनेंस बैंक, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की सहायक संस्था DICGC के तहत हर बैंक के प्रत्येक जमाकर्ता का ₹5 लाख तक का मूलधन और ब्याज पूरी तरह बीमित (सुरक्षित) होता है। इसलिए किसी एक स्मॉल फाइनेंस बैंक में ₹5 लाख तक का निवेश पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है।TDS और टैक्स नियम: एफडी से होने वाली ब्याज आय निवेशक के टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्सेबल होती है।आम नागरिकों के लिए एक वित्तीय वर्ष में सभी एफडी से मिलने वाला ब्याज ₹40,000 से अधिक होने पर बैंक TDS काटते हैं।सीनियर और सुपर सीनियर सिटीजंस के लिए आयकर कानून के सेक्शन 80TTB के तहत ₹50,000 तक की ब्याज आय पर पूरी कर-छूट मिलती है, और TDS भी ₹50,000 से अधिक ब्याज पर ही कटता है।यदि आपकी कुल आय टैक्स के दायरे में नहीं आती, तो TDS से बचने के लिए आम नागरिक फॉर्म 15G और वरिष्ठ नागरिक फॉर्म 15H जमा कर सकते हैं।
शादी का झांसा देकर यौन शोषण के आरोप में Sourav Gurjar गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजा
अभिनेता एवं पहलवान सौरव गुर्जर को कथित तौर पर विवाह का झांसा देकर 29 वर्षीय महिला का यौन शोषण करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। महिला ने अगस्त में गाचीबोवली थाने में दर्ज कराई गई एक शिकायत में आरोप लगाया था कि वह पांच साल से अधिक समय से सौरव के साथ रिश्ते में थी। महिला ने अपनी शिकायत में दावा किया था कि सौरव ने उससे विवाह करने का वादा किया था, लेकिन बाद में ‘‘धोखा दिया और शारीरिक एवं यौन उत्पीड़न किया।’’पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर सौरव के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया और उसे 18 सितंबर को मुंबई हवाई अड्डे पर हिरासत में लेकर हैदराबाद लाया गया। अधिकारी ने कहा, ‘‘उसे गिरफ्तार करके यहां एक अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।’’अधिकारी ने बताया कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि आरोपी उसके साथ अमेरिका और भारत में अलग-अलग स्थानों पर रहा और इस दौरान उसके भविष्य एवं विवाह को लेकर उसे आश्वासन देता रहा। अधिकारी के अनुसार महिला ने बताया कि जब आरोपी अमेरिका में था, तब उसने उससे कहा था कि दोनों को भारत में बसकर अपने कारोबार में साथ काम करना चाहिए। अधिकारी के अनुसार महिला ने बताया कि उस पर भरोसा करते हुए उसने अमेरिका में अपनी नौकरी छोड़ दी और उसके साथ रहने के इरादे से अलग-अलग स्थानों पर गई। अधिकारी के अनुसार महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी के व्यवहार के कारण उसे मानसिक उत्पीड़न, भावनात्मक परेशानी और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। अधिकारी के अनुसार महिला ने बताया कि आरोपी अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 तक फिर उसके साथ रहा, जिसके बाद आरोपी ने उससे संपर्क करना बंद कर दिया। अधिकारी के अनुसार महिला ने बताया कि बाद में सौरव ने उसे हैदराबाद जाने में मदद की, लेकिन फिर अपने वादे पूरे नहीं किए, जिसके बाद उसने पुलिस से संपर्क किया।
काशी का पिशाच मोचन कुंड, जहां श्राद्ध व तर्पण से पितरों को मिलता है मोक्ष
पितृपक्ष के समय पिशाच मोचन कुंड पर श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान का विशेष महत्व है. कहा जाता है कि पिशाच मोचन कुंड में किए गए श्राद्ध से पितरों को प्रेत योनि से मुक्ति मिलती है और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है.
स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) पॉलिसी का नवीनीकरण (रिन्यूअल) कराते समय अधिकांश पॉलिसीधारकों के सामने सबसे बड़ा असमंजस यह होता है कि क्या वे अपनी मौजूदा पॉलिसी का बेस कवर (Base Sum Insured) बढ़ाएं या फिर गंभीर बीमारियों और कंज्यूमेबल्स जैसे राइडर्स (Add-on Riders) जोड़ें।अस्पतालों में इलाज के खर्च में सालाना 12 से 14 प्रतिशत की मेडिकल इन्फ्लेशन (चिकित्सा महंगाई) दर्ज की जा रही है। ऐसे में 5 लाख या 10 लाख का पुराना बेस कवर किसी बड़ी बीमारी या सर्जरी की स्थिति में नाकाफी साबित हो सकता है। पॉलिसी रिन्यूअल की तारीख आने से पहले दोनों विकल्पों के वित्तीय और व्यावहारिक पहलुओं का विश्लेषण आवश्यक है।बेस कवर और राइडर्स में क्या है बुनियादी अंतरफैसला लेने से पहले यह समझना जरूरी है कि दोनों विकल्प पॉलिसी को किस प्रकार मजबूत करते हैं:बेस सम इंश्योर्ड (Base Cover): यह आपकी मुख्य पॉलिसी की कुल कवरेज सीमा है। अस्पताल में भर्ती होने पर रूम रेंट, डॉक्टर फीस, आईसीयू, सर्जरी, दवाओं और प्री-पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन के सभी खर्च इसी लिमिट से चुकाए जाते हैं। यह बिना किसी अतिरिक्त शर्त के सभी इन-पेशेंट दावों पर लागू होता है।राइडर्स / एड-ऑन (Riders): ये मुख्य पॉलिसी के साथ जोड़े जाने वाले पूरक सुरक्षा कवर हैं। जैसे—क्रिटिकल इलनेस राइडर (कैंसर, हार्ट अटैक पर एकमुश्त राशि), कंज्यूमेबल्स कवर (दस्ताने, पीपीई किट, सिरिंज के बिल), रूम रेंट वेवर (कमरे के किराए पर लगी कैपिंग हटाना) और नो-क्लेम बोनस प्रोटेक्टर।वित्तीय तुलना: बेस कवर बढ़ाना बनाम राइडर्स जोड़ना35 वर्षीय व्यक्ति के ₹5 लाख के मौजूदा बेस प्लान के आधार पर दोनों विकल्पों के प्रीमियम और सुरक्षा का तुलनात्मक ढांचा:पैरामीटरविकल्प A: बेस कवर ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹15 लाख करनाविकल्प B: ₹5 लाख बेस + कंज्यूमेबल्स + क्रिटिकल इलनेस राइडरविकल्प C: ₹5 लाख बेस + ₹20 लाख का सुपर टॉप-अप (Deductible ₹5 लाख)अनुमानित वार्षिक प्रीमियम₹14,000 – ₹16,500₹12,000 – ₹13,500₹10,500 – ₹12,000कुल उपलब्ध कवरेज₹15 लाख (व्यापक)₹5 लाख बेस + ₹10 लाख क्रिटिकल इलनेस₹25 लाख (₹5 लाख बेस + ₹20 लाख टॉप-अप)कंज्यूमेबल्स का क्लेमअगर इन-बिल्ट नहीं है तो जेब से कटेगा100% भुगतान (राइडर के तहत)अगर बेस में नहीं है तो डिडक्टिबल में कटेगागंभीर बीमारी पर कवरेजवास्तविक अस्पताल बिल के अनुसारअस्पताल बिल + एकमुश्त नकद पेआउटवास्तविक बिल के अनुसार ₹25 लाख तकअस्पताल में क्लेम का वास्तविक गणित: कहां काम आते हैं राइडर्सअस्पताल में भर्ती होने पर सबसे ज्यादा जेब पर भार गैर-चिकित्सीय खर्चों (Non-Medical Expenses / Consumables) का पड़ता है:मान लीजिए किसी प्रमुख अस्पताल में 7 दिन के इलाज का कुल बिल ₹4,50,000 आता है। इस बिल में लगभग ₹45,000 से ₹60,000 (कुल बिल का 10% से 15%) ग्लव्स, मास्क, सर्जिकल टेप, डिस्पोजेबल किट और प्रशासनिक शुल्क का होता है।बिना राइडर के: यदि आपके पास ₹15 लाख का बड़ा बेस कवर भी है, लेकिन कंज्यूमेबल्स कवर नहीं है, तो बीमा कंपनी ₹3,90,000 पास करेगी और ₹60,000 आपको अपनी जेब से भरने होंगे।कंज्यूमेबल्स राइडर होने पर: यदि आपके पास ₹5 लाख का बेस कवर है और साथ में मात्र ₹600 से ₹800 सालाना का 'कंज्यूमेबल्स राइडर' जुड़ा है, तो कंपनी पूरे ₹4,50,000 का भुगतान करेगी।सुपर टॉप-अप (Super Top-Up): कम प्रीमियम में बड़े बेस कवर का स्मार्ट विकल्पयदि आपका उद्देश्य ₹20 लाख से ₹50 लाख तक का बड़ा फंड सुरक्षित करना है, तो बेस कवर सीधे बढ़ाने के बजाय सुपर टॉप-अप पॉलिसी लेना सबसे किफायती तरीका साबित होता है।सुपर टॉप-अप में एक 'डिडक्टिबल' (Deductible) सीमा होती है। उदाहरण के लिए, यदि आपकी मुख्य पॉलिसी ₹5 लाख की है, तो आप ₹5 लाख के डिडक्टिबल के साथ ₹20 लाख का सुपर टॉप-अप ले सकते हैं। सालभर में जब भी कुल मेडिकल बिल ₹5 लाख को पार करेंगे, सुपर टॉप-अप तुरंत सक्रिय होकर शेष ₹20 लाख तक का क्लेम चुका देगा। इसका वार्षिक प्रीमियम सीधे बेस कवर बढ़ाने की तुलना में 50% से 60% तक कम होता है।रिन्यूअल के समय क्या चुनना चाहिए: चेकलिस्टअपनी उम्र, पारिवारिक इतिहास और बजट के अनुसार यह रणनीति अपनाएं:कम से कम ₹10 लाख का बेस कवर बनाएं: आज के समय में महानगरों और बड़े निजी अस्पतालों में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए ₹5 लाख का बेस कवर अपर्याप्त है। प्राथमिक रूप से बेस कवर को कम से कम ₹10 लाख तक ले जाएं।कंज्यूमेबल्स राइडर जरूर शामिल करें: यह सबसे सस्ता (₹500-₹1,000) एड-ऑन है, लेकिन क्लेम के समय अस्पताल के बिल से होने वाली 10-15% की अनचाही कटौती को पूरी तरह खत्म कर देता है।पारिवारिक इतिहास में गंभीर बीमारी हो तो क्रिटिकल इलनेस लें: यदि परिवार में कैंसर, किडनी या दिल की बीमारी का इतिहास रहा है, तो एक निश्चित पेआउट वाला क्रिटिकल इलनेस राइडर या स्टैंडअलोन पॉलिसी जोड़ना समझदारी है।रूम रेंट कैपिंग की जांच करें: सुनिश्चित करें कि आपकी पॉलिसी में 'नो रूम रेंट कैपिंग' की सुविधा हो। यदि पुराने बेस प्लान में 1% की सीमा लगी है, तो राइडर लेकर या बेस अपग्रेड करके इसे तुरंत हटाएं, ताकि आनुपातिक कटौती (Proportionate Deduction) से बचा जा सके।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में जीतने वाले DUSU के अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव ने अपनी प्लानिंग को लेकर NDTV से बात की. उपाध्यक्ष दीपांशु शौकीन ने NSUI की कमी बता दी.
क्रेडिट कार्ड का 30% वाला नियम: समय पर बिल भरने के बाद भी क्यों गिरता है CIBIL? समझें पूरा गणित
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते समय अधिकांश लोग केवल एक ही बात पर ध्यान देते हैं—बिल की आखिरी तारीख (Due Date) से पहले पूरा भुगतान करना। बहुत से कार्डधारक यह मानकर चलते हैं कि यदि वे हर महीने अपने क्रेडिट कार्ड का 100% बिल समय पर भर रहे हैं, तो उनका सिबिल (CIBIL) स्कोर हमेशा मजबूत रहेगा। लेकिन जब अचानक लोन या नए कार्ड के लिए आवेदन करते समय उनका क्रेडिट स्कोर गिरा हुआ दिखता है, तो वे हैरान रह जाते हैं।इस अनचाही गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण होता है क्रेडिट कार्ड का 30% वाला नियम, जिसे वित्तीय भाषा में क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो (Credit Utilization Ratio - CUR) कहा जाता है। क्रेडिट ब्यूरो और बैंकों के मूल्यांकन मॉडल में यह नियम सीधे तौर पर दर्शाता है कि आप कर्ज पर कितने निर्भर हैं।क्या है क्रेडिट कार्ड का 30% वाला नियम (Credit Utilization Ratio)?क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो का सीधा अर्थ है कि आपको बैंकों द्वारा मिली कुल क्रेडिट लिमिट में से आप हर महीने कितने प्रतिशत सीमा का उपयोग कर रहे हैं। क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां (जैसे TransUnion CIBIL, Experian, CRIF High Mark) इसे आपके वित्तीय स्वास्थ्य का प्रमुख पैमाना मानती हैं।फाइनेंशियल प्लानिंग का स्वर्णिम नियम कहता है कि किसी भी स्थिति में आपके कार्ड का मासिक खर्च आपकी कुल क्रेडिट लिमिट के 30 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए।यदि आपकी क्रेडिट लिमिट ₹1,00,000 है और आप हर महीने ₹70,000 से ₹80,000 खर्च कर रहे हैं, तो भले ही आप बिल आने पर पूरा भुगतान कर दें, क्रेडिट ब्यूरो की नजर में आपका CUR 70% से 80% दर्ज होगा। अत्यधिक लिमिट का इस्तेमाल करना बैंकिंग सिस्टम में 'क्रेडिट हंग्री' (Credit Hungry) यानी पैसे की तंगी और कर्ज पर अत्यधिक निर्भरता का संकेत माना जाता है, जिससे स्कोर 20 से 50 अंक तक नीचे खिसक सकता है।सटीक कैलकुलेशन: सिंगल कार्ड और मल्टीपल कार्ड का गणितक्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो की गणना दो स्तरों पर की जाती है—प्रति कार्ड (Per-Card CUR) और कुल लिमिट (Aggregate CUR)। इसे दो व्यावहारिक उदाहरणों से समझें:उदाहरण 1: सिंगल क्रेडिट कार्डकार्ड की कुल क्रेडिट लिमिट: ₹1,00,00030% की सुरक्षित सीमा: ₹30,000यदि मासिक खर्च ₹25,000 रहा:$$ ext{CUR} = left(frac{25,000}{1,00,000} ight) imes 100 = 25\% quad ext{(सुरक्षित - CIBIL बढ़ेगा)}$$यदि मासिक खर्च ₹75,000 रहा:$$ ext{CUR} = left(frac{75,000}{1,00,000} ight) imes 100 = 75\% quad ext{(खतरनाक - CIBIL गिरेगा)}$$उदाहरण 2: यदि आपके पास 3 अलग-अलग क्रेडिट कार्ड हैंक्रेडिट ब्यूरो आपके सभी सक्रिय कार्डों की संयुक्त सीमा को जोड़कर भी समग्र अनुपात देखता है:कार्डबैंकस्वीकृत लिमिटमासिक उपयोग (खर्च)यूटिलाइजेशन (%)स्थितिकार्ड AHDFC Bank₹1,50,000₹30,00020%सुरक्षितकार्ड BICICI Bank₹1,00,000₹25,00025%सुरक्षितकार्ड CSBI Card₹50,000₹40,00080%अत्यधिक (रेड फ्लैग)कुल योग—₹3,00,000₹95,00031.6%सीमा के करीबयहाँ ध्यान देने योग्य बात यह है कि भले ही कुल मिलाकर खर्च लगभग 31% है, लेकिन अकेले 'कार्ड C' पर 80% का यूटिलाइजेशन उस व्यक्तिगत खाते के लिए नकारात्मक संकेत पैदा कर देता है। इसलिए प्रत्येक कार्ड पर अलग-अलग 30% की सीमा का पालन करना सबसे सुरक्षित रहता है।लोग कहां फंसते हैं: बिल जनरेशन डेट बनाम पेमेंट डेट का खेलअधिकांश उपभोक्ता इसी तकनीकी बिंदु पर मात खाते हैं। आमतौर पर लोगों को लगता है कि पेमेंट ड्यू डेट पर पूरा पैसा चुका दिया, तो CIBIL में बैलेंस शून्य रिपोर्ट होगा। वास्तविकता इसके विपरीत है:बैंक डेटा कब भेजते हैं? बैंक आपका बकाया बैलेंस पेमेंट की आखिरी तारीख पर नहीं, बल्कि बिलिंग साइकिल (Statement Generation Date) के दिन रिकॉर्ड करते हैं और उसे सिबिल को रिपोर्ट करते हैं।गलती का उदाहरण: मान लीजिए आपकी लिमिट ₹1,00,000 है। आपका बिल हर महीने की 20 तारीख को बनता है और ड्यू डेट अगले महीने की 8 तारीख है। यदि 19 तारीख तक आपने कार्ड से ₹85,000 खर्च कर लिए, तो 20 तारीख को बना स्टेटमेंट ₹85,000 का दिखेगा। बैंक तुरंत CIBIL को रिपोर्ट भेज देगा कि इस ग्राहक का यूटिलाइजेशन 85% है। भले ही आप 25 तारीख को पूरा ₹85,000 भर दें, उस महीने के आधिकारिक रिकॉर्ड में आपका CUR 85% दर्ज हो चुका होगा।CIBIL स्कोर को 750+ बनाए रखने के 4 कारगर उपाययदि आपके खर्चे अधिक हैं और लिमिट कम है, तो इन रणनीतियों को अपनाकर आप अपने सिबिल स्कोर को सुरक्षित रख सकते हैं:बिल बनने से पहले करें आंशिक भुगतान (Pre-Payment Technique): यदि किसी महीने बड़ा घरेलू सामान, यात्रा या गैजेट खरीदने के कारण आपका खर्च 30% की सीमा पार कर रहा है, तो बिलिंग स्टेटमेंट की तारीख से 2-3 दिन पहले ही 50% से 60% राशि का भुगतान अपने नेट बैंकिंग या यूपीआई से कर दें। इससे स्टेटमेंट केवल बची हुई कम राशि का बनेगा और ब्यूरो को 30% से कम का CUR ही रिपोर्ट होगा।क्रेडिट लिमिट बढ़ाने का अनुरोध करें: अपने मौजूदा बैंक से क्रेडिट लिमिट बढ़ाने (Limit Enhancement) की मांग करें। यदि आपकी लिमिट ₹1,00,000 से बढ़कर ₹2,00,000 हो जाती है, तो ₹40,000 का खर्च पहले के 40% के मुकाबले घटकर स्वतः मात्र 20% रह जाएगा, जिससे आपका स्कोर मजबूत बना रहेगा।खर्चों को एकाधिक कार्डों में बांटें: यदि आपके पास दो या तीन कार्ड हैं, तो सारा खर्च एक ही कार्ड पर लोड करने के बजाय अलग-अलग कार्डों पर 15-20% के अनुपात में विभाजित करें।पुराने क्रेडिट कार्ड को कभी बंद न करें: कई लोग नया कार्ड मिलने पर पुराना कार्ड बंद करा देते हैं। ऐसा करने से आपकी कुल उपलब्ध क्रेडिट लिमिट घट जाती है, जिससे शेष खर्चों का समग्र अनुपात (CUR) अचानक बढ़ जाता है। पुराने कार्ड को सक्रिय रखकर केवल छोटे-मोटे सब्सक्रिप्शन या बिल भुगतान के लिए इस्तेमाल करें।यदि बड़ा खर्च अनिवार्य हो तो क्या करें?मेडिकल इमरजेंसी या शादी-विवाह जैसे अवसरों पर कार्ड की 80% से 90% लिमिट इस्तेमाल करना मजबूरी हो सकता है। ऐसी स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है। जैसे ही संकट टले, अगले 1 से 2 महीनों के भीतर बड़े हिस्से का प्री-पेमेंट करके यूटिलाइजेशन को वापस 20-30% के दायरे में ले आएं।क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो का प्रभाव गतिशील (Dynamic) होता है—जैसे ही अगले बिलिंग चक्र में आपका उपयोग कम रिपोर्ट होगा, आपका CIBIL स्कोर अगले 30 से 60 दिनों में दोबारा तेजी से रिकवर कर जाएगा।
इमरान खान के इलाज पर बवाल, PTI करेगी 27 सितंबर को प्रदर्शन
पाकिस्तान की अदियाला जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का मेडिकल चेकअप किया गया है. पीआईएमएस की विशेष टीम ने जेल पहुंचकर उनका रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और आंखों की जांच की. इसी बीच उनकी बहन अलीमा खान को लाहौर में हिरासत में लिया गया है. यह कार्रवाई 27 सितंबर को प्रस्तावित पीटीआई प्रदर्शन से पहले हुई है. पार्टी इमरान खान की सेहत और इलाज को लेकर लगातार चिंता जता रही है.
हर माता-पिता का सबसे बड़ा सपना होता है कि उनके बच्चों का भविष्य आर्थिक रूप से पूरी तरह सुरक्षित, आत्मनिर्भर और स्थिर रहे। आमतौर पर लोग बच्चों के नाम पर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), सुकन्या समृद्धि योजना (बालिकाओं के लिए) या म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं, लेकिन पेंशन और दीर्घकालिक वेल्थ क्रिएशन का कोई संगठित ढांचा नाबालिग बच्चों के लिए पहले उपलब्ध नहीं था।इसी कमी को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई 'एनपीएस वात्सल्य' (NPS Vatsalya Scheme) योजना देश के अभिभावकों के बीच बेहद लोकप्रिय विकल्प बनकर उभरी है। पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) द्वारा संचालित यह योजना माता-पिता को अपने बच्चों के नाम पर शुरुआती उम्र से ही पेंशन और निवेश का मजबूत आधार तैयार करने की सुविधा देती है। संशोधित नियमों के बाद अब मात्र ₹250 के न्यूनतम वार्षिक अंशदान से इस खाते को शुरू किया जा सकता है।क्या है एनपीएस वात्सल्य योजना और कौन कर सकता है निवेश?एनपीएस वात्सल्य वास्तव में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) का ही बच्चों के लिए तैयार किया गया विशेष विस्तार है। इसके मुख्य पात्रता मानदंड और विशेषताएं इस प्रकार हैं:पात्रता (Eligibility): भारत का कोई भी नागरिक, अनिवासी भारतीय (NRI) या ओसीआई (OCI) कार्डधारक जिसकी उम्र 18 वर्ष से कम है, उसके नाम पर यह खाता खोला जा सकता है।खाता संचालक: माता-पिता या कानूनी अभिभावक नाबालिग बच्चे की ओर से खाता खोलते और संचालित करते हैं।एकमात्र लाभार्थी (Sole Beneficiary): खाते का एकमात्र लाभार्थी और मालिक बच्चा ही होता है।न्यूनतम अंशदान: खाता खोलने और उसे सक्रिय रखने के लिए न्यूनतम योगदान मात्र ₹250 प्रति वर्ष तय किया गया है। अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है।गिफ्ट कंट्रीब्यूशन: परिवार के रिश्तेदार या शुभचिंतक भी बच्चे के विशेष मौकों (जैसे जन्मदिन या त्योहार) पर उसके एनपीएस वात्सल्य खाते में गिफ्ट के रूप में अंशदान दे सकते हैं।कम्पाउंडिंग का जादू: ₹250 या ₹1,000 महीने की बचत कैसे बनेगी करोड़ों का फंडएनपीएस वात्सल्य की सबसे बड़ी ताकत है इसका लंबा निवेश क्षितिज (Investment Horizon) और चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding) की शक्ति। जब बच्चा 0 से 5 साल की उम्र में होता है, तब से लेकर उसके 60 वर्ष के होने तक लगभग 50 से 60 साल का लंबा समय मिलता है।एनपीएस के तहत फंड्स को इक्विटी (शेयर बाजार), सरकारी प्रतिभूतियों (G-Sec) और कॉर्पोरेट बॉन्ड्स में निवेश किया जाता है। ऐतिहासिक रूप से एनपीएस ने दीर्घकाल में 9.5% से 12% तक का औसत वार्षिक रिटर्न प्रदान किया है।उदाहरण के तौर पर:यदि कोई अभिभावक बच्चे के जन्म से हर महीने मात्र ₹1,000 (सालाना ₹12,000) इस खाते में जमा करता है, और इस पर औसतन 10% से 11% का सालाना रिटर्न मिलता है, तो जब बच्चा 18 वर्ष का वयस्क होगा, तब तक उसके पास ₹6.5 लाख से ₹7 लाख से अधिक का फंड तैयार हो जाएगा।यदि 18 वर्ष के बाद वह बच्चा नौकरी की शुरुआत में इसी खाते में योगदान जारी रखता है, तो रिटायरमेंट की उम्र तक यही छोटा सा मासिक अंशदान कई करोड़ रुपये के विशाल पेंशन फंड में तब्दील हो जाता है।बच्चे के 18 वर्ष का होने पर क्या होगा?जब बच्चा 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेता है, तो खाता स्वतः बंद नहीं होता, बल्कि उसे कई बेहतरीन विकल्प मिलते हैं:रेगुलर NPS में कन्वर्जन: 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर आवश्यक ई-केवाईसी (KYC) प्रक्रिया पूरी करके यह खाता सामान्य 'NPS टियर-1 (All Citizen Model)' खाते में बदल जाता है। इसके बाद बच्चा खुद अपने खाते का संचालन करता है।21 वर्ष तक जारी रखने की छूट: बच्चा चाहे तो 18 से 21 वर्ष की आयु तक वात्सल्य प्रारूप में ही इसे जारी रख सकता है।एग्जिट और विड्रॉल नियम: यदि 18 वर्ष की आयु पर कोई खाताधारक योजना से बाहर निकलना (Exit) चाहता है:यदि कुल जमा कॉर्पस ₹8 लाख से कम है, तो पूरी राशि एकमुश्त (100% Lumpsum) नकद निकाली जा सकती है।यदि कुल फंड ₹8 लाख या उससे अधिक है, तो कम से कम 20% राशि से अनिवार्य रूप से एन्युइटी (पेंशन प्लान) खरीदनी होगी और शेष 80% राशि एकमुश्त निकाली जा सकती है।पढ़ाई या बीमारी के समय आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) के नियमबच्चों की अनिवार्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पीएफआरडीए ने इस योजना में आंशिक निकासी की सुविधा भी दी है:खाता खुलने के 3 वर्ष पूरे होने के बाद ही आंशिक निकासी की अनुमति मिलती है।बच्चे की उच्च शिक्षा (Higher Education), गंभीर बीमारी के इलाज या 75% से अधिक दिव्यांगता की स्थिति में फंड निकाला जा सकता है।कुल निकासी केवल अभिभावक द्वारा जमा किए गए मूल योगदान (बिना रिटर्न जोड़े) के अधिकतम 25% तक ही सीमित होती है।18 वर्ष की आयु तक कुल 2 बार आंशिक निकासी की अनुमति है, जबकि 21 वर्ष तक जारी रखने पर कुल 4 बार निकासी की जा सकती है।लखनऊ, दिल्ली, कानपुर समेत देश भर में कैसे खोलें खाता?एनपीएस वात्सल्य खाता खोलना बेहद आसान है और इसे ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पूरा किया जा सकता है:ऑनलाइन तरीका:एनएसडीएल (Protean CRA) या केफिनटेक (KFintech) के आधिकारिक ई-एनपीएस पोर्टल पर जाएं।'NPS Vatsalya' विकल्प चुनें।अभिभावक और बच्चे का विवरण दर्ज करें।आवश्यक पहचान दस्तावेज (अभिभावक का पैन, आधार व बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र/पासपोर्ट) अपलोड करें।₹250 का न्यूनतम प्रारंभिक भुगतान करें। सत्यापन पूरा होते ही बच्चे का विशिष्ट 'PRAN' (Permanent Retirement Account Number) जारी कर दिया जाएगा।ऑफलाइन तरीका:अपने नजदीकी सरकारी या निजी बैंक (जैसे SBI, PNB, HDFC, ICICI, Bank of Baroda) या डाकघर के पॉइंट ऑफ प्रेजेंस (POP) केंद्र पर जाएं।एनपीएस वात्सल्य आवेदन फॉर्म भरकर केवाईसी दस्तावेजों के साथ जमा करें।अन्य बाल योजनाओं की तुलना में क्यों बेहतर है NPS वात्सल्य?पारंपरिक बाल बीमा योजनाओं या बैंक आरडी/एफडी में जहां रिटर्न 6% से 7% के आसपास सीमित रहता है, वहीं एनपीएस वात्सल्य में बाजार-आधारित इक्विटी आवंटन का लाभ मिलता है। सबसे खास बात यह है कि यह योजना बच्चों को कम उम्र से ही वित्तीय अनुशासन, निवेश और बचत की अहमियत सिखाती है। माता-पिता द्वारा लगाया गया यह छोटा सा पौधा बड़े होकर उनके बच्चे के लिए एक विशाल और सुरक्षित वित्तीय वटवृक्ष बन सकता है।
देश के राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) और एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले करोड़ों वाहन चालकों के लिए टोल कलेक्शन सिस्टम एक नए और बड़े तकनीकी बदलाव की दहलीज पर खड़ा है। हाल ही में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) और नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की पहलों के बीच 'OneTag' (वनटैग) की चर्चा तेजी से शुरू हुई है।इस नई व्यवस्था की घोषणा के बाद से आम वाहन चालकों के मन में कई सवाल और भ्रम हैं—क्या मौजूदा फास्टैग पूरी तरह बेकार हो जाएगा? पुराने बैंक वॉलेट में पड़े पैसों का क्या होगा? क्या नई चिप या स्टीकर खरीदना पड़ेगा? यदि आप भी इसी पशोपेश में हैं, तो यहां आसान और सीधी भाषा में समझिए OneTag का पूरा गणित और इसका जमीनी असर।आखिर क्या है OneTag और क्यों पड़ी इसकी जरूरत?वर्तमान में देश में फास्टैग (FASTag) व्यवस्था लागू है, जिसे विभिन्न बैंक (जैसे SBI, ICICI, HDFC, Paytm Bank आदि) जारी करते हैं। इस व्यवस्था में सबसे बड़ी समस्या यह देखने को मिली कि कई लोग एक ही फास्टैग को कई गाड़ियों में इस्तेमाल करने की कोशिश करते थे, या फिर एक ही गाड़ी पर कई बैंकों के अलग-अलग फास्टैग जारी करवा लेते थे। इससे टोल प्लाजा पर रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) रीडर्स में एरर आते थे और गाड़ियों की लंबी कतारें लग जाती थीं।इसे पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने 'वन व्हीकल, वन फास्टैग' (One Vehicle, One FASTag) नियम को अपग्रेड करते हुए OneTag का एकीकृत ढांचा तैयार किया है।सरल शब्दों में कहें तो, OneTag कोई अलग से रॉकेट साइंस नहीं है, बल्कि यह एक केंद्रीकृत (Centralized) और सुव्यवस्थित पहचान प्रणाली है। इसमें प्रत्येक वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर (RC), चेसिस नंबर, वाहन मालिक का आधार/पहचान और बैंक खाता सीधे एक ही केंद्रीय राष्ट्रीय डेटाबेस से स्थायी रूप से मैप (लिंक) रहेगा। यानी एक गाड़ी पर सिर्फ एक ही एक्टिव टैग काम करेगा और उसमें दोहराव की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।सबसे बड़ा सवाल: पुराने FASTag वॉलेट में बचे पैसों का क्या होगा?अधिकांश वाहन चालकों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि उनके मौजूदा फास्टैग वॉलेट में जमा ₹500, ₹1000 या सिक्योरिटी डिपॉजिट का क्या होगा।इसको लेकर भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) और बैंकों के दिशा-निर्देश पूरी तरह स्पष्ट हैं:पैसा कहीं नहीं डूबेगा: आपके पुराने FASTag वॉलेट या लिंक्ड बैंक अकाउंट में मौजूद बैलेंस 100% सुरक्षित है।ऑटोमैटिक माइग्रेशन / लिंकेज: नए OneTag आर्किटेक्चर के तहत यदि आपका मौजूदा फास्टैग पूरी तरह अपडेटेड और सिंगल बैंक से लिंक्ड है, तो आपका वही बैलेंस नए सिस्टम में स्वतः दिखने लगेगा।वॉलेट क्लोजर और रिफंड: यदि किसी तकनीकी बदलाव के कारण आपको अपना पुराना फास्टैग निष्क्रिय (Deactivate) करके नया OneTag लेना पड़ता है, तो पुराने जारीकर्ता बैंक के ऐप या पोर्टल पर जाकर 'Close Fastag' का विकल्प चुनते ही वॉलेट का शेष बैलेंस और सिक्योरिटी डिपॉजिट आपके प्राथमिक बैंक खाते (Savings Account) में 3 से 7 कार्यदिवसों के भीतर वापस क्रेडिट कर दिया जाएगा।OneTag की पूरी प्रक्रिया: वाहन चालकों को क्या करना होगा?OneTag सिस्टम में स्विच करने या नए वाहन के लिए इसे एक्टिवेट करने की प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी और डिजिटल बनाया गया है:स्टेप 1: सिंगल टैग वेरिफिकेशन: सबसे पहले यह जांच लें कि आपकी गाड़ी की विंडशील्ड पर सिर्फ एक ही बैंक का एक्टिव फास्टैग लगा हो। यदि पुराने किसी बैंक का अमान्य या ब्लैकलिस्टेड टैग चिपका है, तो उसे तुरंत हटा दें।स्टेप 2: सेंट्रल व्हीकल मैपिंग: वाहन स्वामी का रजिस्ट्रेशन नंबर सीधे 'वाहन' (VAHAN) पोर्टल के डेटाबेस से OneTag आईडी के साथ लिंक हो जाएगा।स्टेप 3: बैंक अकाउंट से सीधा लिंकेज: OneTag में अलग से बार-बार वॉलेट रिचार्ज करने के झंझट को खत्म करने के लिए इसे सीधे आपके मुख्य बैंक खाते या यूपीआई (UPI) ऑटो-पे से जोड़ने का विकल्प मिलेगा। जैसे ही आप टोल पार करेंगे, निर्धारित राशि सीधे खाते से कट जाएगी।स्टेप 4: जीपीएस/सैटेलाइट टोलिंग के लिए रेडी: यह नया वनटैग ढांचा भविष्य में लागू होने वाले 'ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम' (GNSS) आधारित बैरियर-लेस टोल कलेक्शन के लिए भी बेस प्लेटफॉर्म का काम करेगा।लखनऊ, नोएडा, दिल्ली-एनसीआर और एक्सप्रेसवे पर क्या बदलेगा?उत्तर प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेसवे—जैसे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे—और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तथा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले लाखों वाहन चालकों को OneTag से बड़ा फायदा मिलेगा।अक्सर देखा जाता है कि लखनऊ के चिनहट या इटौंजा टोल प्लाजा, या फिर नोएडा-गाजियाबाद के बॉर्डर टोल बूथों पर स्कैनर द्वारा टैग रीड न किए जाने के कारण विवाद की स्थिति बनती है और दोगुना टोल कटने का डर रहता है। OneTag के हाई-स्पीड डेटा सिंकिंग के जरिए टोल बूथ पर वाहन के रुकने का समय घटकर शून्य से 2 सेकंड तक रह जाएगा, जिससे त्योहारों और पीक ऑवर्स में जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।अभी आपको क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?यदि आप किसी भी प्रकार के असमंजस या टोल प्लाजा पर जुर्माने से बचना चाहते हैं, तो इन 3 बातों की जांच आज ही कर लें:केवाईसी (KYC) स्टेटस चेक करें: नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के पोर्टल या अपने संबंधित बैंक के ऐप पर जाकर देखें कि आपके मौजूदा टैग का 'Fastag KYC' पूरा है या नहीं। अधूरा केवाईसी होने पर टैग तुरंत इनएक्टिव हो सकता है।मल्टीपल टैग हटाएं: यदि आपने पुरानी कार खरीदी है या पहले किसी अन्य बैंक का टैग लिया था, तो सुनिश्चित करें कि पुराना टैग बैंक स्तर पर स्थायी रूप से बंद (Surrendered) हो चुका हो।विंडशील्ड पर सही प्लेसमेंट: टैग हमेशा रियर-व्यू मिरर के ठीक पीछे शीशे के बीचों-बीच अंदर की तरफ लगाएं, जिससे टोल प्लाजा के नए सेंसर्स उसे पहली बार में ही स्कैन कर सकें।
यमन के हूती विद्रोहियों की ताकत का राज हथियार और पैसा ही नहीं है, बल्कि एक ऐसी पत्ती है जिसे चबाने से उनकी ताकत बढ़ जाती है.
यहां कदम रखते ही हो जाती है मौत, ये है धरती की सबसे खतरनाक जगह
धरती पर एक ऐसी भी जगह है, जहां कदम रखते ही मौत हो जाती है. यह स्थान कहीं और नहीं हमारे भारत में ही है. चलिए जानते हैं भारत में कहां ऐसी खतरनाक जगह है और वहां जाते ही लोगों की मौत क्यों हो जाती है?
तमन्ना भाटिया के बाद अब शरवरी वाघ ने की छठी मैया की पूजा, Photos
बॉलीवुड सिनेमा में अक्सर त्योहारों के बड़े-बड़े सीक्वेंस देखने को मिलते हैं, लेकिन लोक आस्था का महापर्व 'छठ' हिंदी फिल्मों की मुख्यधारा में बेहद कम देखने को मिला है. हालांकि, अब हिंदी सिनेमा का रुख बदलता नजर आ रहा है.
सलमान खान ने वीकएंड का वार में खोली काजी तौकीर की पोल, घरवालों ने भर भरके दी गालियां
Bigg Boss Weekend Ka Vaar Updates: बिग बॉस के वीकएंड का वार का एपिसोड में सलमान खान ने काजी का अब तक का सबसे बड़ा झूठ सबके सामने खोलकर रख दिया. इसके बाद सभी ने काजी की खूब क्लास लगाई.
किन्नरों के दो गुटों के बीच हिंसक झड़प... चलीं चाकू-लाठियां-VIDEO
पश्चिम बंगाल के आसनसोल में इलाके में कलेक्शन के अधिकार को लेकर दो किन्नर गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई. पांडवेश्वर में हुई घटना में करीब 8 लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिनमें दो की हालत गंभीर है. एक पक्ष ने चाकू-लाठी से हमला, नकदी और आभूषण छीनने का आरोप लगाया है. पुलिस ने 4 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है.
देश के सबसे प्रतिष्ठित और 150 साल से अधिक पुराने औद्योगिक घराने टाटा समूह (Tata Group) की मुख्य होल्डिंग कंपनी टाटा संस (Tata Sons) के शीर्ष नेतृत्व को लेकर एक बार फिर बड़ा कानूनी और प्रशासनिक टकराव सामने आ गया है। 17 सितंबर 2026 को हुई बोर्ड बैठक में एन. चंद्रशेखरन को अगले 5 साल के लिए दोबारा चेयरमैन पद पर नियुक्त करने का प्रस्ताव पारित किया गया था, लेकिन टाटा संस में लगभग 66 प्रतिशत की निर्णायक हिस्सेदारी रखने वाले टाटा ट्रस्ट्स (Tata Trusts) ने इस फैसले को सिरे से खारिज करते हुए पूरी तरह 'अवैध' और 'कानूनी रूप से शून्य' (Legal Nullity) करार दिया है।टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने इस पुनर्नियुक्ति का कड़ा विरोध करते हुए स्पष्ट किया है कि यह फैसला कंपनी के आंतरिक संविधान यानी आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (AoA) के अनिवार्य प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है। इस घटनाक्रम ने कॉर्पोरेट जगत को वर्ष 2016 के साइरस मिस्त्री विवाद की याद दिला दी है।17 सितंबर की बोर्ड बैठक में क्या हुआ: 4-1 की वोटिंग का पूरा गणितटाटा संस के चेयरमैन के रूप में एन. चंद्रशेखरन का मौजूदा दूसरा कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त होने वाला है। इससे पहले अगस्त महीने में उन्होंने संकेत दिया था कि वे अगला कार्यकाल नहीं लेना चाहते। हालांकि, बाद में नॉमिनेशन एवं रेम्यूनरेशन कमेटी के आग्रह पर वे पद पर बने रहने के लिए सहमत हुए और 17 सितंबर की बोर्ड बैठक में उनके कार्यकाल को 2032 तक यानी 5 साल बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया।बोर्ड बैठक में मतदान के दौरान कुल 5 निदेशकों ने हिस्सा लिया। प्रस्ताव के पक्ष में 4 वोट पड़े, जबकि टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन और नॉमिनी डायरेक्टर नोएल टाटा ने इसके विरोध में वोट डाला। इसके बाद बोर्ड ने सामान्य बहुमत के आधार पर चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दे दी, जिसे अब टाटा ट्रस्ट्स ने नियमों के खिलाफ बताकर चुनौती दी है।आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (AoA) का नियम: क्यों अमान्य बता रहा है टाटा ट्रस्ट्सटाटा ट्रस्ट्स का कहना है कि टाटा संस कोई सामान्य सूचीबद्ध कंपनी नहीं है, बल्कि इसके गवर्नेंस नियम इसके विशेष 'आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन' (AoA) से बंधे हैं।ट्रस्ट्स की ओर से पेश किए गए कानूनी तर्कों के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:नॉमिनी डायरेक्टर्स का बहुमत अनिवार्य: एओए के नियमों (विशेष रूप से आर्टिकल 104B और 121) के तहत, टाटा संस के चेयरमैन की नियुक्ति या पुनर्नियुक्ति जैसे बड़े नीतिगत फैसले के लिए बोर्ड में मौजूद टाटा ट्रस्ट्स के नामित निदेशकों (Nominee Directors) के बहुमत का सकारात्मक समर्थन (Affirmative Vote) होना अनिवार्य है।दो में से बहुमत यानी दोनों के वोट: वर्तमान में टाटा संस के बोर्ड में टाटा ट्रस्ट्स के दो नॉमिनी डायरेक्टर हैं—नोएल टाटा और वेणु श्रीनिवासन। ट्रस्ट्स का तर्क है कि जब केवल दो प्रतिनिधि हैं, तो बहुमत का मतलब दोनों का सहमत होना है। चूंकि नोएल टाटा ने प्रस्ताव के खिलाफ वोट दिया, इसलिए अनिवार्य शर्त पूरी नहीं हुई।कास्टिंग वोट से नियम को बाईपास नहीं किया जा सकता: ट्रस्ट्स ने साफ किया कि चेयरमैन या चेयरिंग डायरेक्टर के स्पेशल/कास्टिंग वोट का इस्तेमाल केवल तब होता है जब सामान्य वोटों में बराबरी (टाई) हो, इसका इस्तेमाल ट्रस्ट के विशेष वीटो या सहमति के नियम को पलटने के लिए नहीं किया जा सकता।पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की कानूनी राय का लिया सहाराइस मामले में अपने रुख को पुख्ता करने के लिए टाटा ट्रस्ट्स ने देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ से कानूनी सलाह ली है।रिपोर्ट्स के अनुसार, प्राप्त कानूनी राय में यह स्पष्ट किया गया है कि टाटा ट्रस्ट्स के नामित निदेशकों की सहमति एक स्वतंत्र और पूर्व-शर्त (Independent Condition) है। यदि यह शर्त पूरी नहीं होती है, तो सामान्य बोर्ड का कोई भी बहुमत या कास्टिंग वोट इस प्रस्ताव को वैध नहीं बना सकता। टाटा ट्रस्ट्स ने यह भी याद दिलाया कि साइरस मिस्त्री केस के समय सुप्रीम कोर्ट में खुद टाटा संस ने ट्रस्ट्स के इन विशेष वोटिंग अधिकारों का जोरदार बचाव किया था, ऐसे में कंपनी अब अपने ही पुराने विधिक रुख से पीछे नहीं हट सकती।विवाद की अन्य अंतर्निहित वजहें: एयर इंडिया घाटा और बाजार लिस्टिंगसूत्रों और उद्योग जानकारों के मुताबिक, यह टकराव केवल चेयरमैन के पद तक सीमित नहीं है, बल्कि समूह के संचालन को लेकर गहरे नीतिगत मतभेद भी इसकी जड़ में हैं:टाटा संस की शेयर बाजार लिस्टिंग: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 'अपर-लेयर NBFC' नियमों के तहत टाटा संस पर लिस्टिंग का दबाव रहा है। टाटा ट्रस्ट्स का मानना है कि पब्लिक लिस्टिंग से टाटा समूह के धर्मार्थ (Charitable) चरित्र और स्वायत्तता को नुकसान पहुंचेगा।एयर इंडिया का वित्तीय प्रदर्शन: जनवरी 2022 में सरकार से एयर इंडिया के अधिग्रहण के बाद से एयरलाइन विस्तार में हो रहे भारी खर्च और संचित वित्तीय घाटे को लेकर भी ट्रस्ट्स और बोर्ड के बीच असंतोष की खबरें रही हैं।सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स में भारी निवेश: समूह के नए पूंजी-गहन प्रोजेक्ट्स और रिटर्न ऑन इनवेस्टमेंट को लेकर शेयरधारकों के स्तर पर अलग-अलग राय सामने आई है।आगामी एजीएम (AGM) पर टिकी निगाहें: क्या होगा अगला कदम?बोर्ड द्वारा पारित इस प्रस्ताव को अंतिम रूप से प्रभावी होने के लिए आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों की औपचारिक मंजूरी मिलना आवश्यक है।चूंकि टाटा ट्रस्ट्स के पास कंपनी के 66% शेयर हैं, इसलिए एजीएम के मंच पर यह शक्ति-संतुलन बेहद निर्णायक मोड़ पर पहुंच सकता है। यदि दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए कोई सर्वसम्मत समाधान नहीं निकलता है, तो यह मामला नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) या अदालती चौखट तक भी पहुंच सकता है।
21 या 22 सितंबर, परिवर्तिनी एकादशी कब है? जानें सही तिथि और मुहूर्त
Parivartini Ekadashi 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 21 सितंबर की रात 8:01 बजे शुरू होगी और 22 सितंबर की रात 9:43 बजे तक रहेगी. उदया तिथि के आधार पर परिवर्तिनी एकादशी का व्रत 22 सितंबर 2026, मंगलवार को रखा जाएगा.
कभी पैसे को तरसा, अब USA में PhD के लिए मिले 2.6 करोड़, बिहार के नीरज की सफलता की कहानी
बिहार के सारण जिले में पान विक्रेता के बेटे नीरज कुमार सिंह ने अमेरिका में 2.6 करोड़ रुपये की पूर्ण वित्तपोषित पीएचडी छात्रवृत्ति हासिल की है. नेहरू युवा केंद्र से शुरू हुए सफर से लेकर 'यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स' तक, जानिए उनकी संघर्ष और सफलता की पूरी कहानी.
IPS केके बिश्नोई की टीम ने पकड़ी हनीट्रैप गैंग, पुलिस के सामने फूट-फूटकर रोने लगी महिला
IPS केके विश्नोई की टीम ने बिजनौर में बब्बू लंगड़ा हनीट्रैप गैंग का भंडाफोड़ कर 4 महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक आरोपी महिला फूट-फूटकर रोने लगी और पुलिस से गुहार लगाने लगी. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
PM Modi के 25 साल के सार्वजनिक जीवन पर Vadnagar और Varanasi के बीच दो बाइक रैलियां
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 25 साल की जनसेवा के उपलक्ष्य में दो बाइक रैलियां (वडनगर से वाराणसी और वाराणसी से वडनगर) अलग-अलग ज़िलों, कस्बों और गांवों से गुजर रही हैं तथा सेवा की भावना को जमीनी स्तर तक पहुंचा रही हैं। दोनों रैलियों से जुड़े लोगों ने बताया कि यात्रा में शामिल लोग स्थानीय आवश्यकताओं को पूरा करने वाले कामों में शामिल होकर ‘सेवा’ भी कर रहे हैं। इन रैलियों का एक मुख्य उद्देश्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों, युवाओं और महिलाओं से बातचीत करके कल्याण एवं सशक्तीकरण की पहल से आए बदलावों को समझना है। आयोजकों ने कहा कि प्रतिभागी एक ऐसी यात्रा पर निकले हैं जिसका मोटरसाइकिल रैलियों से कहीं अधिक महत्व है। दोनों बाइक रैलियों के प्रतिभागी ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पेड़ लगाने के साथ-साथ तालाबों, मंदिरों, स्कूलों, पार्क, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक जगहों पर सफाई अभियानों में भी हिस्सा ले रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को जन-सेवा और समाज-सेवा तथा राष्ट्र-निर्माण से जोड़ना तथा सेवा एवं देशभक्ति की भावना को मज़बूत करना है। पीएम श्री स्कूलों में, दोनों रैलियों में शामिल लोग परिसरों की सफ़ाई कर रहे हैं, छात्रों से बातचीत कर रहे हैं और किताब-कॉपी बांट रहे हैं। मामले की जानकारी रखने वालों ने बताया कि अस्पतालों, अनाथालयों और वृद्धाश्रमों में वे जरूरतमंद लोगों की मदद कर रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि यह यात्रा ‘संपर्क’ और ‘संवाद’ दोनों के बारे में है। युवाओं से बातचीत, गांवों में बैठकें, ग्राम स्तर के नेताओं, महिलाओं और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से बातचीत की वजह से सीधे संवाद करने, लोगों की उम्मीदों को समझने और जमीनी स्तर पर जागरूकता फैलाने के अवसर बन रहे हैं। अंगदान का संकल्प त्याग की भावना को बढ़ावा देता है, जबकि शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को दी जाने वाली श्रद्धांजलि समुदायों को देश के इतिहास और नायकों से जोड़ रही है। दो बाइक रैलियों को प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिन पर 17 सितंबर को क्रमशः वडनगर और वाराणसी से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया तथा ये सात अक्टूबर को गंतव्य पर पहुंचेंगी। गुजरात का वडनगर मोदी का जन्मस्थान है, जबकि उत्तर प्रदेश का वाराणसी 2014 से उनका लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र है। मोदी 7 अक्टूबर 2001 से 22 मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। वह 26 मई 2014 को भारत के प्रधानमंत्री बने और तब से लगातार तीन लोकसभा चुनाव जीतकर इस पद पर बने हुए हैं। भाजपा ने मोदी की 25 साल की जन-सेवा को दर्शाने के लिए एक अभियान शुरू किया है, जिसमें पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर उनके सफ़र से लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री और बाद में प्रधानमंत्री बनने तक का सफर शामिल है। रैली के राष्ट्रीय प्रभारी वी.डी. शर्मा ने बताया कि वडनगर से वाराणसी तक की रैली लगभग 40,000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और 10 राज्यों के 193 ज़िलों तथा लगभग 1,159 गांवों से होकर गुज़रेगी। लगभग 1,000 युवा इस दोतरफ़ा यात्रा में भाग ले रहे हैं। बाइक रैलियां झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के उन इलाकों से गुजरेंगी जो पहले नक्सलवाद से प्रभावित थे।
'महाभारत' के 'भीम' सौरव को जेल, महिला को दिया शादी का झांसा
एक्टर और प्रोफेशनल रेसलर सौरव गुर्जर के खिलाफ एक महिला ने शादी का झूठा वादा कर धोखा देने और उत्पीड़न का आरोप लगाया है. महिला ने बताया कि गुर्जर ने इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क बनाया और शादी का वादा किया.
देशभर के कारोबारियों, प्रोफेशनल्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CAs) के लिए सितंबर का यह अंतिम पखवाड़ा अत्यंत व्यस्त और महत्वपूर्ण साबित होने वाला है। वित्तीय वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 44AB के तहत टैक्स ऑडिट रिपोर्ट (Form 10B/3CA/3CB के साथ Form 3CD) दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 तय है।इस बार टैक्स ऑडिट प्रक्रिया पिछले वर्षों की तरह सामान्य 'रोल-फॉरवर्ड' या कॉपी-पेस्ट आधारित नहीं रहने वाली है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) द्वारा अधिसूचित संशोधनों के तहत फॉर्म 3CD के विवरणों में 8 बड़े और कड़े बदलाव लागू किए जा चुके हैं। यदि करदाता या टैक्स ऑडिटर पुराने फॉर्मेट के आधार पर ऑडिट रिपोर्ट अपलोड करते हैं, तो पोर्टल पर त्रुटि (Defective Return) आ सकती है या आयकर विभाग की तरफ से भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।1. क्लॉज 12: प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन में सेक्शन 44BBC की नई एंट्रीफॉर्म 3CD के क्लॉज 12 में प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट (P&L) में शामिल उन लाभों की रिपोर्टिंग की जाती है जो अनुमानित कराधान (Presumptive Taxation) के आधार पर कर योग्य होते हैं।इस संशोधन के तहत क्लॉज 12 में अब सेक्शन 44BBC को अनिवार्य रूप से जोड़ दिया गया है। यह सेक्शन विशेष रूप से कुछ निर्दिष्ट क्रूज जहाजों के संचालन से होने वाले लाभ के विशेष कराधान से जुड़ा है। यदि किसी निर्धारिती के खाते में इस श्रेणी की आय शामिल है, तो उसे अब पुराने सेक्शन (44AD, 44ADA, 44AE) के साथ अलग से कोडिफाई करके दिखाना होगा।2. क्लॉज 19: चार पुराने डिडक्शन रो (Legacy Deductions) को हटाया गयाआयकर कानूनों के सरलीकरण और अप्रासंगिक हो चुके प्रावधानों को हटाने के क्रम में क्लॉज 19 से चार पुरानी कटौती पंक्तियों को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है:सेक्शन 32AC (मैन्युफैक्चरिंग में नए प्लांट व मशीनरी में निवेश पर कटौती)सेक्शन 32AD (अधिसूचित पिछड़े क्षेत्रों में निवेश पर कटौती)सेक्शन 35AC (सामाजिक व आर्थिक कल्याणकारी परियोजनाओं पर खर्च)सेक्शन 35CCB (पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रमों पर व्यय)कर सलाहकारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे ऑडिट वर्किंग पेपर्स में इन निरस्त वर्गों के कॉलम हटा दें ताकि ई-फाइलिंग यूटिलिटी में एक्सएमएल/जेसन (JSON) एरर न आए।3. क्लॉज 21: सेटलमेंट और कानूनी उल्लंघन खर्चों की अलग रिपोर्टिंगक्लॉज 21(a) के दायरे को अत्यधिक सख्त बनाया गया है। पहले केवल किसी कानून के उल्लंघन के लिए लगाए गए दंड या जुर्माने (Penalties) को डिसअलो (Disallow) श्रेणी में दिखाया जाता था।अब केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित किसी भी कानून के तहत शुरू की गई दंडात्मक या नियामक कार्यवाहियों को निपटाने (Settlement) के लिए किए गए खर्चों को अलग से रिपोर्ट करना अनिवार्य कर दिया गया है। यानी यदि किसी कंपनी ने सेबी (SEBI), फेमा (FEMA) या अन्य नियामक जांच से बचने के लिए कोई सेटलमेंट फीस या कंपाउंडिंग चार्ज चुकाया है, तो उसे अब व्यापारिक खर्च मानकर क्लेम नहीं किया जा सकेगा और ऑडिटर को इसकी स्पष्ट जानकारी देनी होगी।4. क्लॉज 22: MSME भुगतान और ब्याज का बदला हुआ ढांचायह बदलाव पूरे व्यापार जगत के लिए सबसे अधिक संवेदनशील है। संशोधित क्लॉज 22 के तहत अब एमएसएमई (सूक्ष्म और लघु उद्यम) अधिनियम के सेक्शन 15 और 23 के अंतर्गत लेन-देन की त्रिस्तरीय रिपोर्टिंग मांगी गई है:एमएसएमईडी एक्ट के सेक्शन 23 के तहत अमान्य घोषित ब्याज की राशि।वित्त वर्ष के दौरान सूक्ष्म या लघु उद्यमों को सेक्शन 15 के तहत देय कुल राशि।निर्धारित समय सीमा (15 या अधिकतम 45 दिन) के भीतर चुकाई गई कुल राशि।तय समयसीमा के भीतर न चुकाई गई और कर योग्य आय में जोड़ी जाने वाली (Inadmissible) बकाया राशि।5. क्लॉज 26: सेक्शन 43B(h) के लिए विशेष रिपोर्टिंग व्यवस्थासेक्शन 43B के अंतर्गत क्लॉज 26 को अद्यतन करते हुए 'Allowed' शब्द के स्थान पर 'Allowable' किया गया है और इसमें सेक्शन 43B(h) को स्पष्ट रूप से अलग किया गया है।साधारण सेक्शन 43B खर्चों (जैसे टैक्स, ड्यूटी, बैंक ब्याज) में छूट यह होती है कि यदि उनका भुगतान इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की नियत तारीख से पहले कर दिया जाए, तो कटौती मिल जाती है। लेकिन एमएसएमई के भुगतान यानी 43B(h) पर यह रिटर्न फाइलिंग तक की छूट लागू नहीं होती। 31 मार्च तक जो राशि बकाया रह गई और समय सीमा पार हो चुकी है, वह सीधे उसी वर्ष के मुनाफे में जुड़ जाएगी। फॉर्म 3CD में अब इसे अलग से उजागर करना अनिवार्य है।6. क्लॉज 28 और 29 को फॉर्म 3CD से किया गया बाहरऑडिट रिपोर्ट को आधुनिक कर प्रणाली के अनुरूप बनाने के लिए फॉर्म 3CD से क्लॉज 28 और क्लॉज 29 को पूरी तरह हटा (Omit) दिया गया है।क्लॉज 28 में बिना प्रतिफल या अपर्याप्त प्रतिफल पर प्राप्त शेयरों से संबंधित पुराने नियमों की रिपोर्टिंग होती थी, जबकि क्लॉज 29 में फेयर मार्केट वैल्यू से अधिक पर शेयर जारी करने पर विचार किया जाता था। इन दोनों क्लॉजों के हटने के बाद अब ऑडिटर्स को इस सेक्शन में कोई डेटा फीड नहीं करना है।7. क्लॉज 31: लोन, डिपॉजिट और रीपेमेंट के लिए नेचर कोड्स अनिवार्यकैश ट्रांजैक्शन और हवाला लेन-देन पर रोक लगाने के लिए क्लॉज 31 को अत्यधिक विस्तृत बना दिया गया है। सेक्शन 269SS और 269T के तहत 20,000 रुपये या उससे अधिक के लोन, डिपॉजिट और उनके पुनर्भुगतान की रिपोर्टिंग में अब केवल राशि और नाम देना पर्याप्त नहीं होगा।अब ऑडिटर को प्रत्येक लेन-देन के लिए निर्दिष्ट नेचर और मोड कोड (Nature and Mode Codes) दर्ज करने होंगे। इसमें स्पष्ट करना होगा कि लेन-देन:नकद में हुआ,गैर-अकाउंट पेयी चेक/ड्राफ्ट से हुआ,संपत्ति या देनदारी के ट्रांसफर/कन्वर्जन के जरिए हुआ,या केवल जर्नल एंट्री (खाता समायोजन) के जरिए डेबिट/क्रेडिट किया गया।8. नया क्लॉज 36B: शेयर बायबैक पर मिली राशि का खुलासाफॉर्म 3CD में जोड़ा गया सबसे नया क्लॉज Clause 36B है। यह क्लॉज शेयर बायबैक (Share Buyback) से जुड़ी प्राप्तियों पर नजर रखने के लिए लाया गया है।यदि करदाता को आयकर अधिनियम के सेक्शन 2(22)(f) के अंतर्गत कवर होने वाले शेयरों के बायबैक पर कोई राशि प्राप्त हुई है, तो ऑडिटर को इस नए क्लॉज में दो मुख्य जानकारियां दर्ज करनी होंगी:बायबैक पर कुल कितनी धनराशि प्राप्त हुई।उन बायबैक किए गए शेयरों की वास्तविक अधिग्रहण लागत (Cost of Acquisition) क्या थी।लखनऊ, दिल्ली, मुंबई समेत देश भर के व्यापारिक हब में हलचलउत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्रों—जैसे लखनऊ (अमीनाबाद, ट्रांसपोर्ट नगर, हजरतगंज), कानपुर (माल रोड, फजलगंज इंडस्ट्रियल एरिया), नोएडा, गाजियाबाद, वाराणसी और आगरा—से लेकर दिल्ली-एनसीआर और मुंबई तक चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के कार्यालयों में काम का भारी दबाव देखा जा रहा है।विशेष रूप से एमएसएमई क्लॉज (क्लॉज 22 और 26) के कारण छोटे विनिर्माताओं और थोक व्यापारियों को अपने सभी सप्लायर्स के उद्यम आधार (Udyam Aadhar) सर्टिफिकेट और 31 मार्च की इनवॉइस-वार पेंडेंसी का मिलान करना पड़ रहा है। जिन कारोबारियों ने एमएसएमई सप्लायर्स को समय पर भुगतान नहीं किया है, उन्हें भारी टैक्स असेसमेंट का सामना करना पड़ सकता है।30 सितंबर की समयसीमा चूके तो क्या होगा नुकसानटैक्स ऑडिट रिपोर्ट 30 सितंबर तक ऑनलाइन फाइल न करने की स्थिति में आयकर अधिनियम के सेक्शन 271B के तहत दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। इसके तहत:कुल कारोबार/टर्नओवर का 0.5%, याअधिकतम ₹1,50,000 (डेढ़ लाख रुपये)—जो भी कम हो, पेनल्टी के रूप में करदाता पर ठोका जा सकता है।इसके अतिरिक्त, ऑडिट रिपोर्ट समय पर न जाने से 31 अक्टूबर तक भरी जाने वाली अंतिम इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भी प्रभावित हो सकती है और करदाता को नुकसान (Losses) को आगे ले जाने (Carry Forward) की अनुमति नहीं मिलेगी। इसलिए कारोबारी तुरंत अपने सीए से संपर्क कर इन 8 नए क्लॉजों के अनुरूप अपने खाते फाइनल करें।
2027 वनडे वर्ल्ड कप में दिखेंगे रोहित-कोहली? दिग्गज ने बताई वजह
विराट कोहली और रोहित शर्मा के फैन्स उन्हें साल 2027 के वनडे वर्ल्ड कप में खेलते हुए देखना चाहते हैं. लेकिन कम क्रिकेट खेलने और उम्र बढ़ने की वजह से इन दोनों ही खिलाड़ियों के अगले साल वर्ल्ड कप खेलने को लेकर सस्पेंस बना हुआ है.

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