योगी सरकार ने दिया उज्जवला योजना के तहत दिवाली गिफ्ट, फ्री मिलेगा गैस सिलेंडर!
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यूपी में नितिन नवीन की हुंकार, गोरखपुर में करेंगे 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन 4 नवंबर से गोरखपुर के दो दिवसीय संगठनात्मक दौरे पर रहेंगे, जहां वे 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत एक मार्च की अगुवाई करेंगे. यह मार्च महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज से शुरू होकर काली मंदिर पर समाप्त होगा.
खातेगांव कांड: एसआईटी पर फायरिंग कर भाग रहे आरोपित ड्राइवर गजेंद्र का एनकाउंटर, पैर में लगी गोली
खातेगांव टीआई दिलीप पुरी को ट्रक से कुचलने के मामले में जांच कर रही एसआइटी की गिरफ्त में आए मुख्य आरोपित ड्राइवर गजेंद्र रावत उर्फ अक्कू का पुलिस ने शार्ट एनकाउंटर कर दिया।
बंगाल: कोलकाता के कॉलेज स्ट्रीट से चाइना टाउन तक बदलेगी सूरत, नौ परियोजनाओं के लिए एनबीसीसी से करार
शहरी विकास एवं नगरपालिका मामलों के विभाग तथा विभिन्न शहरी निकायों और संबंधित संस्थाओं के बीच नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन (एनबीसीसी) के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
'हम ट्रंप को मार डालेंगे', तेहरान में लगे होर्डिंग से ईरान की खुली धमकी!
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के दौरान ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ होर्डिंग लगाए हैं. तेहरान की सड़कों पर ट्रंप के खिलाफ होर्डिंग्स और पेंटिंग्स लगाई गई हैं, जिनमें उन्हें निशाना बनाया गया है.
सुप्रीम कोर्ट की बड़ी चेतावनी, कहा- आधिकारिक वेबसाइट की नकल करने वाली फर्जी साइट से रहें सावधान
सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने मंगलवार को उसकी आधिकारिक वेबसाइट की नकल करने वाले फर्जी डोमेन के निर्माण को लेकर सार्वजनिक सूचना जारी की और सभी हितधारकों को निजी या वित्तीय जानकारी साझा नहीं करने की चेतावनी दी।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने दवा निर्माताओं के लिए यह अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा है कि वे प्रत्येक खेप (बैच) को जारी करने के लिए योग्य और अनुभवी व्यक्ति को नियुक्त करें और निर्मित प्रत्येक बैच का निर्धारित रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से रखें।
आंध्र प्रदेश के तट से टकराया मुरासू, दो की मौत; कई इलाकों में भारी वर्षा
ओडिशा के दक्षिणी जिलों में बारिश के साथ भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन अलर्ट है। आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि 1.60 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
'पहले सिर्फ नारे लगते थे लेकिन हमने तेजी से कम की गरीबी', विश्व बैंक की रिपोर्ट पर बोले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को विश्व बैंक की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पिछले 10 से 12 वर्षों में भारत में लगभग 50 करोड़ लोगों को अत्यधिक गरीबी से बाहर निकाला गया है।
'सोशल मीडिया पर नहीं, संसद में आइए': एसआईर और ईवीएम पर हो जाए आर-पार की बहस, राहुल गांधी को सीतारमण की दो-टूक- Come to Parliament not social media Sitharaman blunt challenge to Rahul Gandhi for debate on ECI and EVM
TI दिलीप पुरी हत्याकांड के मुख्य आरोपी का हुआ शॉर्ट एनकाउंटर,आरोपी के पैर में लगी
TI दिलीप पुरी हत्याकांड के मुख्य आरोपी का हुआ शॉर्ट एनकाउंटर,आरोपी के पैर में लगी
'धरना-प्रदर्शन की लोकतंत्र में कोई जगह नहीं...' किस मामले में केरल हाई कोर्ट ने कही ये बात?
केरल हाई कोर्ट ने साफ कहा है कि धरना, भूख हड़ताल जैसी राजनीतिक गतिविधियां और सत्याग्रह का संवैधानिक लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं है। कोर्ट ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में ऐसी गतिविधियों में शामिल होने वाले छात्रों को निकाला जा सकता है।
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ट्रंप के प्लान को ग्रीनलैंड की हरी झंडी, 16-0 से पास हुआ सुरक्षा समझौता
ग्रीनलैंड की संसद ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुए सुरक्षा समझौते को मंजूरी दी है, जो द्वीप में अमेरिकी सैन्य अड्डों के विस्तार और मिसाइल रक्षा प्रणाली की स्थापना की अनुमति देगा.
सुरक्षित निवेश और नियमित छमाही आय चाहने वाले निवेशकों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा संचालित फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स (FRSB - Floating Rate Savings Bonds) एक बेहद लोकप्रिय साधन बनकर उभरे हैं। बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट में जहां ब्याज दरें स्थिर रहती हैं या घटती-बढ़ती रहती हैं, वहीं आरबीआई के इस बॉन्ड में सरकारी सुरक्षा (सॉवरेन गारंटी) के साथ नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) से 0.35% अधिक ब्याज की गारंटी मिलती है। वर्तमान में इस बॉन्ड पर 8.05% वार्षिक ब्याज मिल रहा है। यदि कोई निवेशक इसमें ₹5 लाख की एकमुश्त पूंजी लगाता है, तो उसे हर 6 महीने में सीधे बैंक खाते में ₹20,125 की ब्याज राशि प्राप्त होती है।ब्याज का निर्धारण और 6 महीने में ₹20,125 का पूरा कैलकुलेशनआरबीआई के फ्लोटिंग रेट बॉन्ड की ब्याज दर सीधे डाकघर की राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC) योजना से जुड़ी होती है। इसका फॉर्मूला NSC दर + 0.35% तय है। चूंकि एनएससी पर वर्तमान ब्याज दर 7.70% है, इसलिए एफआरएसबी बॉन्ड पर लागू दर 8.05% प्रति वर्ष बैठती है।निवेश विवरणआंकड़े / शर्तेंएकमुश्त कुल निवेश (Principal)₹5,00,000 (5 लाख रुपये)वार्षिक ब्याज दर (Annual Interest Rate)8.05% प्रति वर्षवार्षिक कुल ब्याज आय₹40,250 प्रति वर्षहर 6 महीने पर मिलने वाला ब्याज (Semi-Annual Payout)₹20,125 (सीधे बैंक खाते में)निवेश की कुल अवधि (Tenure)7 वर्ष (7 Years)7 वर्षों में कुल अर्जित ब्याज (8.05% स्थिर रहने पर)₹2,81,750मैच्योरिटी पर मूलधन की वापसी₹5,00,000(नोट: इस बॉन्ड में संचयी यानी क्युमुलेटिव विकल्प नहीं होता; ब्याज का भुगतान अनिवार्य रूप से हर 6 महीने पर यानी 1 जनवरी और 1 जुलाई को सीधे निवेशक के बचत बैंक खाते में एनईएफटी/ईसीएस के माध्यम से भेजा जाता है)।फ्लोटिंग रेट का क्या अर्थ है और दरें कब बदलती हैं?'फ्लोटिंग रेट' का अर्थ है कि इस बॉन्ड पर ब्याज दर पूरे 7 साल तक एक जैसी नहीं रहती। भारत सरकार हर 6 महीने (1 जनवरी और 1 जुलाई) को एनएससी की ब्याज दरों की समीक्षा करती है। यदि सरकार एनएससी की ब्याज दर बढ़ाती है, तो इस बॉन्ड का ब्याज अपने आप बढ़ जाएगा। वहीं, यदि एनएससी की दरों में कटौती होती है, तो बॉन्ड का ब्याज भी उसी अनुपात में समायोजित होगा, लेकिन यह हमेशा एनएससी की प्रचलित दर से 0.35% अधिक ही रहेगा।निवेश की सीमाएं और मुख्य विशेषताएंआरबीआई फ्लोटिंग रेट बॉन्ड्स की शर्तें इसे आम और बड़े दोनों प्रकार के निवेशकों के लिए सुविधाजनक बनाती हैं:न्यूनतम निवेश: मात्र ₹1,000 (और 1,000 के गुणकों में) से निवेश शुरू किया जा सकता है।अधिकतम निवेश: निवेश की कोई अधिकतम सीमा (No Upper Limit) नहीं है; आप अपनी क्षमतानुसार ₹10 लाख, ₹50 लाख या इससे अधिक भी निवेश कर सकते हैं।डीमैट और बॉन्ड लेजर अकाउंट: ये बॉन्ड भौतिक प्रमाणपत्र के रूप में जारी नहीं होते, बल्कि आरबीआई के 'बॉन्ड लेजर अकाउंट' (BLA) में डिजिटल रूप में सुरक्षित रखे जाते हैं।स्थानांतरण और गिरवी पर रोक: ये बॉन्ड सेकेंडरी मार्केट में बेचे या किसी अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर नहीं किए जा सकते। इसके अलावा, इन बॉन्ड्स को गिरवी रखकर बैंक से लोन भी नहीं लिया जा सकता।समय से पहले निकासी (Premature Withdrawal) के नियमइस बॉन्ड की मूल लॉक-इन अवधि 7 वर्ष है। आम निवेशकों के लिए 7 साल से पहले निकासी की अनुमति नहीं होती, लेकिन वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) को आयु के आधार पर प्री-मैच्योर विड्रॉल की विशेष छूट दी गई है:60 से 70 वर्ष के निवेशक: 6 वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद किसी भी समय निकासी कर सकते हैं।70 से 80 वर्ष के निवेशक: 5 वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद मूलधन निकाल सकते हैं।80 वर्ष से अधिक आयु के निवेशक: 4 वर्ष पूरे होने पर बिना किसी अड़चन के समय से पहले खाता बंद कर सकते हैं।टैक्स से जुड़े नियम और टीडीएस (TDS)आरबीआई फ्लोटिंग रेट बॉन्ड्स से मिलने वाला छमाही ब्याज निवेशक की कुल वार्षिक आय में जोड़ा जाता है और उस पर निवेशक के संबंधित इनकम टैक्स स्लैब (जैसे 5%, 10%, 20% या 30%) के अनुसार टैक्स देय होता है।इस योजना में आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत कोई छूट नहीं मिलती।यदि एक वित्तीय वर्ष में कुल ब्याज ₹10,000 से अधिक होता है, तो बैंक भुगतान करते समय 10% की दर से टीडीएस (TDS) काटते हैं।जिन निवेशकों की कुल आय कर-योग्य सीमा से कम है, वे टीडीएस से बचने के लिए वित्त वर्ष की शुरुआत में बैंक में फॉर्म 15G (सामान्य नागरिकों के लिए) या फॉर्म 15H (वरिष्ठ नागरिकों के लिए) जमा कर सकते हैं।कहां और कैसे करें निवेश?आरबीआई फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड में निवेश करने के दो प्रमुख माध्यम उपलब्ध हैं:अधिकृत बैंक शाखाएं: देश के सभी प्रमुख सरकारी बैंक (जैसे SBI, PNB, बैंक ऑफ बड़ौदा) और 4 चुनिंदा निजी बैंक (HDFC Bank, ICICI Bank, Axis Bank और IDBI Bank) की अधिकृत शाखाओं में जाकर फॉर्म भरकर चेक के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।आरबीआई रिटेल डायरेक्ट (RBI Retail Direct): यदि आपके पास इंटरनेट बैंकिंग है, तो आप आरबीआई के ऑनलाइन पोर्टल (rbiretaildirect.org.in) पर सीधे अपना रिटेल डायरेक्ट गिल्ट (RDG) खाता खोलकर घर बैठे डिजिटल तरीके से इन बॉन्ड्स को खरीद सकते हैं। इसके लिए पैन कार्ड, आधार कार्ड और बैंक खाते का कैंसल्ड चेक आवश्यक होता है।
अक्सर नौकरीपेशा लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि अगर वे नौकरी छोड़ देते हैं, करियर से ब्रेक लेते हैं या किसी नई कंपनी में जॉइन नहीं करते, तो पुराने कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) खाते में जमा रकम का क्या होगा। कई लोगों को लगता है कि योगदान बंद होते ही पीएफ पर मिलने वाला ब्याज तुरंत रुक जाता है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के मौजूदा नियमों के अनुसार, नौकरी छोड़ने के बाद भी आपके पीएफ बैलेंस पर वार्षिक दर से चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) मिलता रहता है। हालांकि, यह ब्याज आजीवन नहीं मिलता; इसके लिए ईपीएफओ ने उम्र और खाते की स्थिति के आधार पर स्पष्ट सीमाएं तय कर रखी हैं।कब तक मिलता रहेगा ब्याज? 58 वर्ष की आयु का मुख्य नियमईपीएफओ के नियमों के तहत, यदि कोई कर्मचारी 55 वर्ष की आयु से पहले नौकरी छोड़ देता है (चाहे वह 30, 40 या 45 वर्ष की उम्र में ही क्यों न हो), तो उसके पीएफ खाते में जमा राशि पर 58 वर्ष की उम्र पूरी होने तक निरंतर ब्याज मिलता रहता है।55 वर्ष से पहले नौकरी छोड़ना: यदि आप समय से पहले नौकरी छोड़ते हैं और पीएफ से पैसा नहीं निकालते हैं, तो आपका खाता तब तक सक्रिय माना जाता है और ब्याज जोड़ता रहता है जब तक आप 58 वर्ष (सुपरएनुएशन आयु) के नहीं हो जाते।58 वर्ष के बाद ब्याज बंद: जैसे ही सदस्य की आयु 58 वर्ष पूरी होती है और पिछले 36 महीनों (3 साल) से खाते में कोई नया योगदान नहीं आया होता, तो उस खाते को 'निष्क्रिय' यानी इनऑपरेटिव अकाउंट (Inoperative Account) घोषित कर दिया जाता है। इनऑपरेटिव होने के बाद उस पर आगे का ब्याज मिलना पूरी तरह बंद हो जाता है।55 वर्ष या उसके बाद रिटायरमेंट: यदि कोई कर्मचारी 55 वर्ष या उसके बाद रिटायर होता है और अगले 36 महीनों तक पीएफ की निकासी नहीं करता, तो 36 महीने बीतने के बाद खाता इनऑपरेटिव हो जाता है और उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है।इनऑपरेटिव अकाउंट (Inoperative Account) क्या है?ईपीएफ स्कीम 1952 के पैरा 72(6) के तहत किसी खाते को तब 'इनऑपरेटिव' माना जाता है जब:सदस्य 55 वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद सेवा से सेवानिवृत्त हो चुका हो और 36 महीने तक कोई क्लेम न किया गया हो।सदस्य विदेश में स्थायी रूप से बस गया हो।सदस्य का निधन हो गया हो और आश्रितों ने निकासी के लिए आवेदन न किया हो।सदस्य की आयु 58 वर्ष पूरी हो चुकी हो और कोई नया अंशदान न आया हो।स्थितिब्याज मिलने की अवधिखाता कब होगा इनऑपरेटिव?55 वर्ष से पहले नौकरी छोड़ी (उदा. 35 या 42 वर्ष)58 वर्ष की आयु पूरी होने तक ब्याज मिलेगा58 वर्ष की आयु पूरी होने पर55 वर्ष की आयु पर या बाद में रिटायरमेंटरिटायरमेंट के बाद 36 महीने (3 साल) तकरिटायरमेंट की तारीख से 36 महीने बाद60 वर्ष पर रिटायरमेंट (विशेष मामलों में)63 वर्ष की आयु तक (3 साल का ग्रेस)63 वर्ष की आयु पूरी होने परसबसे बड़ा पेंच: नौकरी छोड़ने के बाद अर्जित ब्याज पर इनकम टैक्सभले ही ईपीएफओ 58 साल की उम्र तक ब्याज का भुगतान करता है, लेकिन आयकर (Income Tax) के नियम यहां काफी सख्त हैं:सक्रिय सेवा के दौरान: यदि कर्मचारी लगातार 5 वर्ष या उससे अधिक समय तक ईपीएफ में योगदान करता है, तो उसके योगदान और उस पर मिलने वाले सामान्य ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लगता (वार्षिक ₹2.5 लाख तक के कर्मचारी अंशदान की सीमा के भीतर)।नौकरी छोड़ने के बाद: जिस दिन आप आधिकारिक रूप से नौकरी छोड़ देते हैं, उसके बाद के वर्षों में पीएफ बैलेंस पर जो भी नया ब्याज बनता है, वह पूरी तरह से कर-योग्य (Taxable) होता है।टैक्स स्लैब के अनुसार देनदारी: आयकर विभाग के नियमों के मुताबिक, सेवा समाप्ति के बाद अर्जित ब्याज को 'अन्य स्रोतों से आय' (Income from Other Sources) माना जाता है और निकासी के समय इस पर निवेशक के लागू टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स चुकाना होता है।नौकरी बदलने पर क्या करना सबसे बेहतर है?यदि आपने एक कंपनी छोड़कर दूसरी कंपनी जॉइन की है, तो पुराने पीएफ का पैसा निकालने के बजाय उसे तुरंत नए एम्प्लॉयर के पीएफ खाते में ट्रांसफर (Universal Account Number - UAN के जरिए) कर लेना चाहिए। इससे आपकी कुल सेवा अवधि (Continuous Service) जुड़ती रहती है। यदि सेवा 5 साल से अधिक हो जाती है, तो भविष्य में पैसे की पूर्ण निकासी पर टैक्स छूट का लाभ मिलता है। वहीं, अगर आप हमेशा के लिए नौकरी छोड़ रहे हैं, तो 58 साल की उम्र से पहले अपना पूरा फंड निकाल लेना समझदारी है ताकि खाते के इनऑपरेटिव होने और ब्याज बंद होने का नुकसान न उठाना पड़े।
सेवानिवृत्ति (Retirement) के बाद वरिष्ठ नागरिकों की सबसे बड़ी प्राथमिकता नियमित आय और जमा पूंजी की 100% सुरक्षा होती है। शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर रहने वाले बुजुर्गों के लिए देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर आकर्षक ब्याज दरों की पेशकश करता है। एसबीआई में 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों की तुलना में 0.50% से लेकर 1.00% तक अतिरिक्त ब्याज दिया जाता है। विशेष रूप से लंबी अवधि की जमा पर एसबीआई की 'वीकेयर' (WeCare) और 5 से 10 वर्ष की एफडी पर अतिरिक्त प्रीमियम ब्याज दरें बुजुर्गों को अपनी रिटायरमेंट निधि पर बेहतर रिटर्न पाने में मदद करती हैं।एसबीआई में सीनियर सिटीजन एफडी की मौजूदा ब्याज दरेंएसबीआई में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विभिन्न अवधियों (Tenures) पर ब्याज दरें 3.55% से शुरू होकर 7.05% वार्षिक तक जाती हैं:1 वर्ष से 2 वर्ष से कम: 6.75% प्रति वर्ष2 वर्ष से 3 वर्ष से कम: 6.95% प्रति वर्ष3 वर्ष से 5 वर्ष से कम: 6.80% प्रति वर्ष5 वर्ष से 10 वर्ष तक (दीर्घकालिक): 7.05% प्रति वर्ष(नोट: बैंक में ब्याज की गणना त्रैमासिक चक्रवृद्धिकरण यानी Quarterly Compounding आधार पर की जाती है, जिससे संचयी आधार पर प्रभावी वार्षिक रिटर्न बढ़ जाता है)।₹10 लाख के एकमुश्त निवेश पर कितना मिलेगा रिटर्न? (कैलकुलेटर चार्ट)यदि कोई वरिष्ठ नागरिक एसबीआई की संचयी (Cumulative/Re-investment) फिक्स्ड डिपॉजिट में ₹10 लाख की एकमुश्त राशि जमा करता है, तो विभिन्न अवधियों में मिलने वाला अनुमानित ब्याज और कुल मैच्योरिटी राशि इस प्रकार होगी:निवेश अवधि (Tenure)सीनियर सिटीजन ब्याज दरकुल अर्जित ब्याज (लगभग)कुल मैच्योरिटी राशि (Principal + Interest)1 वर्ष (1 Year)6.75%₹69,230₹10,69,2302 वर्ष (2 Years)6.95%₹1,47,700₹11,47,7003 वर्ष (3 Years)6.80%₹2,23,500₹12,23,5005 वर्ष (5 Years)7.05%₹4,17,450₹14,17,45010 वर्ष (10 Years)7.05%₹10,09,160₹20,09,160 (पैसा दोगुने से ज्यादा)(5 से 10 वर्ष की अवधि में चक्रवृद्धिकरण के प्रभाव से 10 साल में ₹10 लाख की मूल पूंजी पर ₹10 लाख से अधिक का शुद्ध ब्याज अर्जित होता है, जिससे कुल फंड ₹20 लाख के पार पहुंच जाता है)।क्या मासिक पेंशन की तरह ब्याज ले सकते हैं? (नॉन-क्युमुलेटिव विकल्प)यदि वरिष्ठ नागरिक मैच्योरिटी तक इंतजार करने के बजाय अपने मासिक खर्चों या दवाओं के लिए नियमित आय चाहते हैं, तो वे नॉन-क्युमुलेटिव एफडी (Non-Cumulative / Monthly Interest Payout) चुन सकते हैं:5 वर्ष की एफडी (7.05% ब्याज दर) पर ₹10 लाख जमा करने पर लगभग ₹5,800 से ₹5,875 प्रति माह की निश्चित नियमित आय प्राप्त की जा सकती है।यदि तिमाही भुगतान (Quarterly Payout) चुना जाता है, तो हर तीन महीने में सीधे बैंक खाते में लगभग ₹17,625 का ब्याज क्रेडिट होता है।टैक्स के नियम और सीनियर सिटीजन्स को मिलने वाली छूटवरिष्ठ नागरिकों को एफडी पर आयकर अधिनियम के तहत विशेष वित्तीय सुरक्षा प्राप्त होती है:धारा 80TTB के तहत ₹50,000 तक टैक्स छूट: आयकर कानून की धारा 80TTB के अनुसार, वरिष्ठ नागरिकों को एक वित्तीय वर्ष में एफडी और बचत खातों से अर्जित कुल ₹50,000 तक के ब्याज पर कोई टैक्स नहीं देना होता।टीडीएस (TDS) की सीमा: यदि किसी वित्तीय वर्ष में कुल ब्याज ₹50,000 से अधिक होता है, तभी बैंक 10% की दर से टीडीएस काटता है।फॉर्म 15H जमा कर टीडीएस से बचें: यदि वरिष्ठ नागरिक की कुल वार्षिक आय कर-योग्य सीमा (Taxable Slab) से कम है, तो वे वित्त वर्ष की शुरुआत में बैंक शाखा में 'फॉर्म 15H' (Form 15H) जमा कर सकते हैं, जिसके बाद बैंक शून्य टीडीएस काटता है।खाता खोलने की सरल प्रक्रियाएसबीआई में वरिष्ठ नागरिक अपनी नजदीकी बैंक शाखा में जाकर आधार कार्ड, पैन कार्ड, दो पासपोर्ट साइज फोटो और आयु प्रमाण पत्र देकर एफडी खाता खुलवा सकते हैं। यदि आपके पास पहले से एसबीआई का सेविंग्स अकाउंट और इंटरनेट बैंकिंग या SBI YONO ऐप है, तो आप 'e-TDR / e-STDR' विकल्प में जाकर घर बैठे मात्र दो मिनट में बिना किसी कागजी कार्रवाई के ऑनलाइन एफडी बुक कर सकते हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की 'रिटेल डायरेक्ट स्कीम' (RBI Retail Direct Scheme) ने भारत के डेट और बॉन्ड मार्केट में आम नागरिकों की पहुंच को पूरी तरह बदल दिया है। पहले सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities / G-Secs) में निवेश केवल बड़े वित्तीय संस्थानों, बैंकों, बीमा कंपनियों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) तक सीमित रहता था। खुदरा निवेशकों को इन सिक्योरिटीज तक पहुंचने के लिए गिल्ट म्यूचुअल फंड का सहारा लेना पड़ता था, जहां फंड मैनेजमेंट चार्ज (एक्सपेंस रेशियो) चुकाना होता था। अब इस योजना के माध्यम से कोई भी साधारण नागरिक बिना किसी ब्रोकर, बिचौलिए या एएमसी के सीधे भारतीय रिजर्व बैंक के साथ अपना गिल्ट खाता खोलकर 100% सॉवरेन गारंटी वाले सरकारी बॉन्ड्स में अपनी पूंजी सुरक्षित लगा सकता है।सरकारी बॉन्ड्स पर कितना मिल रहा है ब्याज (रिटर्न दरें)?सरकारी बॉन्ड्स पर मिलने वाला ब्याज (Coupon Rate/Yield) इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस प्रकार की सिक्योरिटी और कितनी परिपक्वता (Tenure) चुन रहे हैं:सिक्योरिटी का प्रकारनिवेश की अवधि (Tenure)वर्तमान अनुमानित ब्याज / यील्डब्याज भुगतान का तरीकाट्रेजरी बिल्स (T-Bills)91 दिन, 182 दिन, 364 दिनलगभग 6.25% से 6.55%डिस्काउंट पर जारी, मैच्योरिटी पर पूरा फेस वैल्यूकेंद्र सरकार के बॉन्ड्स (G-Secs)5 वर्ष से 40 वर्षलगभग 6.80% से 7.30%हर 6 महीने में सीधे बैंक खाते में (अर्धवार्षिक)राज्य विकास ऋण (SDLs)10 वर्ष से 20 वर्षलगभग 7.40% से 8.05%हर 6 महीने में सीधे बैंक खाते मेंफ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स (FRSB)7 वर्षलगभग 8.05% (NSC + 0.35%)अर्धवार्षिक (हर 6 महीने में रीसेट)(नोट: ट्रेजरी बिल्स ब्याज नहीं देते, बल्कि वे डिस्काउंट पर खरीदे जाते हैं और मैच्योरिटी पर ₹100 की फेस वैल्यू मिलती है। वहीं लंबी अवधि के जी-सेक और स्टेट डेवलपमेंट लोन्स (SDLs) पर ब्याज का भुगतान साल में दो बार यानी हर छह महीने में सीधे निवेशक के लिंक बैंक खाते में जमा किया जाता है)।रिटेल डायरेक्ट पोर्टल पर क्या-क्या खरीदने की सुविधा है?आरबीआई के रिटेल डायरेक्ट गिल्ट (RDG) खाते के माध्यम से निवेशक निम्नलिखित वित्तीय साधनों में भाग ले सकते हैं:गवर्नमेंट डेटेड सिक्योरिटीज (G-Secs): केंद्र सरकार द्वारा जारी 5 से 40 साल तक के दीर्घावधि बॉन्ड्स।ट्रेजरी बिल्स (T-Bills): 1 वर्ष से कम की अल्पकालिक पूंजी पार्क करने के लिए केंद्र सरकार के सुरक्षित उपकरण।स्टेट डेवलपमेंट लोन्स (SDLs): विभिन्न राज्य सरकारों (जैसे महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश) द्वारा बुनियादी ढांचे के लिए जारी बॉन्ड्स, जिन पर केंद्र के मुकाबले अक्सर 0.30% से 0.75% तक अधिक रिटर्न मिलता है।सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB): सरकार द्वारा जारी गोल्ड बॉन्ड्स की प्राथमिक नीलामी और सेकेंडरी मार्केट ट्रेडिंग।बैंक एफडी (FD) के मुकाबले यह स्कीम क्यों सुरक्षित और आकर्षक है?शून्य डिफ़ॉल्ट जोखिम (100% संप्रभु सुरक्षा): बैंक एफडी में डीआईसीजीसी (DICGC) के तहत केवल ₹5 लाख तक की जमा राशि ही बीमित होती है। इसके विपरीत, सरकारी प्रतिभूतियों पर भारत सरकार की प्रत्यक्ष सॉवरेन गारंटी होती है, जिससे चाहे आप ₹10,000 लगाएं या ₹50 लाख, आपकी पूरी मूल पूंजी और ब्याज 100% सुरक्षित रहता है।लंबी अवधि के लिए ब्याज दर लॉक करने की सुविधा: बैंक सामान्य तौर पर अधिकतम 5 या 10 साल की एफडी की पेशकश करते हैं। आरबीआई रिटेल डायरेक्ट में आप 20, 30 या 40 वर्षों के लिए 7% से अधिक की ब्याज दर को हमेशा के लिए लॉक कर सकते हैं, जो रिटायरमेंट के बाद जीवनभर की नियमित पेंशन तैयार करने का सबसे सुरक्षित तरीका है।शून्य ब्रोकरेज और शून्य मेंटेनेंस चार्ज: आरबीआई इस खाते को खोलने, संचालित करने या बिडिंग के लिए कोई भी खाता रखरखाव शुल्क (AMC) या ब्रोकरेज नहीं लेता।सेकेंडरी मार्केट में लिक्विडिटी: यदि आपको मैच्योरिटी से पहले पैसों की जरूरत पड़ती है, तो आप एनडीएस-ओएम (NDS-OM) प्लेटफॉर्म के जरिए अपने बॉन्ड्स को सेकेंडरी मार्केट में बेचकर नकदी निकाल सकते हैं।कौन खाता खोल सकता है और क्या हैं जरूरी दस्तावेज?आरबीआई रिटेल डायरेक्ट गिल्ट (RDG) खाता कोई भी भारतीय निवासी व्यक्तिगत रूप से या संयुक्त (Joint) नाम पर खोल सकता है। अनिवासी भारतीय (NRIs) भी फेमा (FEMA) नियमों के दायरे में रहकर इसमें भाग ले सकते हैं।खाता खोलने के लिए आवश्यक दस्तावेज:भारत में संचालित चालू या बचत बैंक खाता (Rupee Savings Bank Account)।स्थायी खाता संख्या (PAN Card)।केवाईसी के लिए आधार कार्ड या आधिकारिक वैध दस्तावेज (OVD)।आधार से लिंक वैध मोबाइल नंबर और सक्रिय ईमेल आईडी।हस्ताक्षर (Signature) की स्कैन की गई कॉपी।घर बैठे ऑनलाइन खाता खोलने की 5 आसान स्टेप्सआरबीआई रिटेल डायरेक्ट में खाता खोलना पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस है:आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले आरबीआई के आधिकारिक पोर्टल rbiretaildirect.org.in पर जाएं।पंजीकरण शुरू करें: 'Open RDG Account' विकल्प पर क्लिक करें और अपना पैन नंबर, नाम, ईमेल और मोबाइल नंबर दर्ज करें।ऑनलाइन ई-केवाईसी: आधार ओटीपी के जरिए त्वरित ई-केवाईसी या वीडियो केवाईसी (Video KYC) की प्रक्रिया पूरी करें।बैंक खाता लिंक करें: अपने बैंक खाते का विवरण भरें और निरस्त चेक (Cancelled Cheque) की प्रति अपलोड करें।लॉगिन क्रेडेंशियल प्राप्त करें: सत्यापन पूरा होते ही आपके ईमेल पर लॉगिन आईडी और पासवर्ड भेज दिया जाता है। इसके बाद आप प्राथमिक नीलामी (Primary Auction) में नॉन-कंपीटिटिव बिडिंग के जरिए न्यूनतम ₹10,000 से सरकारी बॉन्ड खरीद सकते हैं।टैक्स से जुड़े नियम भी जान लेंसरकारी बॉन्ड्स से मिलने वाला छमाही कूपन ब्याज निवेशक की कुल वार्षिक आय में जोड़ा जाता है और उस पर निवेशक के लागू इनकम टैक्स स्लैब (जैसे 10%, 20% या 30%) के अनुसार सामान्य आयकर लगता है। हालांकि, बैंक एफडी की तरह सरकारी बॉन्ड के कूपन भुगतान पर स्रोत पर कर कटौती (TDS) नहीं काटी जाती, जिससे निवेशक को पूरा ब्याज प्राप्त होता है और वह बाद में अपना अग्रिम कर या आईटीआर दाखिल करते समय टैक्स समायोजित कर सकता है।
दो बेटियों की मां का मर्डर, 1.5 एकड़ जमीन को लेकर था विवाद, 4 पर FIR
तेलंगाना के महबूबनगर में 1.5 एकड़ कृषि भूमि के विवाद में 26 वर्षीय सुनीता की हत्या का मामला सामने आया है. पुलिस ने पिता की शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की है.
धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी... सनातन पर शुरू हुई सियासत, देखें दस्तक
आज दस्तक में सबसे पहले बात, बागेश्वर बाबा पंडित धीरेंद्र शास्त्री की. जी हां बाबा ने कृष्ण और राम की तुलना की, तो सियासी संग्राम छिड़ गया है. अखिलेश यादव ने सीधे बाबा के प्रवचन पर सनातन वाली सियासत छेड़ दी है, तो तेजस्वी यादव ने बाबा पर निशाना साधा है, तो पप्पू यादव, बाबा पर एफआईआर दर्ज कराने थाने पहुंच गए. धीरेन्द्र शास्त्री सफाई पर सफाई दे रहे हैं, लेकिन चुनावी मौसम में बयान पर सियासी तूफान उठ खड़ा हुआ है. देखें...
न्याय व्यवस्था में एकरूपता की उम्मीद, सुप्रीम कोर्ट ने ई-कमेटी को ज्ञापन देने की दी अनुमति
सुप्रीम कोर्ट ने न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता और एकरूपता लाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
देवास TI को कुचलने वाले ट्रक ड्राइवर का हुआ शॉर्ट एनकाउंटर, लगी गोली
देवास में टीआई दिलीप पुरी को ट्रक से कुचलने के मामले में फरार ड्राइवर गजेंद्र उर्फ अक्कू गिरफ्तार हो गया है. भागने और हथियार छीनकर हमला करने की कोशिश के दौरान शॉर्ट एनकाउंटर में उसके पैर में गोली लगी.
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव: कांग्रेस में बहुमत गंवाने के बावजूद तुरंत नहीं घटेगी ट्रंप की ताकत
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के कांग्रेस का नियंत्रण खोने के बावजूद राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की नीतियां तय करने की ताकत पर तुरंत असर नहीं पड़ेगा।
अतिक्रमण मामले में BMC चीफ को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने रोकी नवंबर की तनख्वाह, जानें पूरा मामला
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बृहन्मुंबई नगर निगम के कमिश्नर अश्विनी भिड़े और कुछ अन्य अधिकारियों की नवंबर की सैलरी तुरंत रोकने का आदेश दिया। कोर्ट ने सरकारी जमीन से अतिक्रमण न हटाने पर उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई भी शुरू कर दी।
कोहली पर किया था 5 करोड़ का दावा, अब संत ने धीरेंद्र शास्त्री को घेरा
धीरेंद्र शास्त्री की भगवान कृष्ण पर टिप्पणी को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. प्रेमानंद महाराज के आश्रम आने के लिए विराट कोहली पर 5 करोड़ रुपए लेने का दावा करने वाले फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा ने भी उनकी आलोचना की है.
तुर्किए में होने वाले COP-31 सम्मेलन में 2035 तक कुल ऊर्जा खपत में बिजली की हिस्सेदारी 35% तक बढ़ाने पर चर्चा होगी, जो वर्तमान में 20% है।
UP RERA ने 8 जिलों में 17 नई Real Estate परियोजनाओं को दी हरी झंडी
लखनऊ, तीन नवंबर उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (उप्र रेरा) ने प्रदेश के आठ जिलों में 17 नयी रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी दी है। मंगलवार को जारी एक सरकारी बयान में यह जानकारी दी गई। बयान में बताया गया कि इन परियोजनाओं में लगभग 4,844.43 करोड़ रुपये का निवेश होगा। बयान के अनुसार, उत्तर प्रदेश रेरा मुख्यालय में आयोजित प्राधिकरण की 217वीं, 218वीं और 219वीं बैठकों में इन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। बैठकों की अध्यक्षता रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने की। प्राधिकरण ने कहा कि सभी परियोजनाओं का विकास रेरा अधिनियम के तहत पारदर्शी तरीके से और तय समय में सुनिश्चित किया जाएगा। स्वीकृत परियोजनाओं में निवेश और बनने वाली इकाइयों की संख्या के लिहाज से लखनऊ सबसे आगे है। यहां छह आवासीय, एक मिश्रित उपयोग और दो व्यावसायिक सहित कुल नौ परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें 2,203.27 करोड़ रुपये के निवेश से 3,031 इकाइयां बनाई जाएंगी। बयान के अनुसार, गाजियाबाद में दो आवासीय परियोजनाओं में 943.28 करोड़ रुपये के निवेश से 1,016 इकाइयां, गौतमबुद्ध नगर में एक मिश्रित उपयोग वाली परियोजना में 940.43 करोड़ रुपये के निवेश से 456 इकाइयां, कानपुर में एक परियोजना में 524.66 करोड़ रुपये के निवेश से 597 इकाइयां और मेरठ में 194.28 करोड़ रुपये के निवेश से 313 इकाइयां बनाई जाएंगी। इसी तरह अयोध्या में 26.61 करोड़ रुपये के निवेश से 159 इकाइयां, फिरोजाबाद में 10.87 करोड़ रुपये के निवेश से 48 इकाइयां और मुरादाबाद में 1.03 करोड़ रुपये के निवेश से 12 आवासीय इकाइयां बनेंगी। अध्यक्ष भूसरेड्डी ने कहा कि प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र को व्यवस्थित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए रियोजनाओं के प्रस्तावों का तय समय में निस्तारण किया जा रहा है और उनकी नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि घर खरीदारों को सुरक्षित माहौल और परियोजना विकसित करने वालों को स्पष्ट नियमों के तहत काम करने की सुविधा मिल सके।
NASA के अनिल मेनन समेत 3 एस्ट्रोनॉट्स ने स्पेस से डाला वोट
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के दौरान NASA के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन और उनके दो साथी अंतरिक्ष यात्रियों ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग की. ये तीनों पृथ्वी से 400 किलोमीटर से अधिक ऊंचाई पर हैं, फिर भी उन्होंने सुरक्षित तरीके से अपना वोट चुनाव अधिकारियों तक पहुंचाया.
बेकार पड़ी सरकारी जमीनों से भरेगा खजाना, दिल्ली-मुंबई समेत कई शहरों में फ्लैट बेचेगी सरकार
राष्ट्रीय भूमि मौद्रीकरण निगम (एनएलएमसी) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 में सरकारी उपक्रमों की जमीन बेचकर अब तक 9000 करोड़ रुपये जुटाए हैं।
योगी सरकार का बड़ा फैसला, यूपी के 12 जिलों में लगेंगी भव्य प्रतिमाएं
उत्तर प्रदेश सरकार 12 जिलों में महाराणा प्रताप, गुरु गोरखनाथ, सरदार वल्लभभाई पटेल और पृथ्वीराज चौहान समेत प्रमुख ऐतिहासिक हस्तियों की प्रतिमाएं स्थापित करेगी. पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने योजना की जानकारी दी.
कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री का बयान टेढ़ा या जबरन बखेड़ा? देखें B&W
आज सबसे पहले ये जानने की कोशिश करेंगे कि क्या कथावाचक धीरेन्द्र शास्त्री ने अपनी कथा में भगवान श्रीकृष्ण का अपमान किया? क्या भगवान श्री राम और श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए धीरेन्द्र शास्त्री टेढ़ा बोल गए... या जबरन बखेड़ा खड़ा किया जा रहा है? सवाल ये है कि बार-बार धार्मिक प्रतीकों... देवी-देवताओं को लेकर मर्यादा लांघने की क्या जरूरत है? आज समझने की कोशिश करेंगे कि आखिर हिन्दू प्रतीक कब तक लोगों के बड़बोलेपन का आसान शिकार बनते रहेंगे? देखें...
मणिपुर यौन हिंसा मामले में पीड़िता की गवाही सुनिश्चित करे सीबीआई, सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को मणिपुर यौन हिंसा मामले की तीसरी पीड़िता की गवाही गुवाहाटी की विशेष ट्रायल कोर्ट में सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
Kangana Ranaut की टिप्पणी पर दायर याचिका आगरा District Court ने खारिज की
आगरा (उप्र), तीन नवंबर आगरा की एक जिला अदालत ने अभिनेत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद कंगना रनौत की ‘गटर जनरेशन’ संबंधी कथित टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ दायर शिकायत खारिज किए जाने के आदेश को चुनौती देने वाली पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी है। मामले में शिकायत दर्ज कराने वाले एक अधिवक्ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी। रनौत के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाले अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने बताया कि जिला न्यायाधीश संजय कुमार मलिक ने पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी। इससे पहले, सोमवार को सांसद-विधायक अदालत के न्यायाधीश अनुज कुमार ने शिकायत खारिज कर दी थी, जिसके बाद शर्मा ने इस आदेश को चुनौती देते हुए जिला न्यायाधीश के समक्ष पुनरीक्षण याचिका दायर की थी। शर्मा ने कहा कि अब वह इस मामले को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय जाएंगे। हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से सांसद रनौत ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कथित तौर पर ‘गटर जनरेशन’ शब्द का इस्तेमाल किया था। इस टिप्पणी के बाद आगरा की सांसद-विधायक अदालत में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी।
पानीपत में तब्लीगी इज्तिमा का आगाज, यमुना नदी पार कर पहुंचे लाखों अकीदतमंद
हरियाणा के पानीपत स्थित राणा माजरा गांव में तीन दिवसीय तब्लीगी इज्तिमा का आगाज हो गया है, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए हैं. यमुना नदी पार कर उत्तर प्रदेश से आए लोग जोखिम भरे रास्ते के बावजूद मौलाना साद का संबोधन सुनने और इज्तिमा में भाग लेने पहुंचे.
कौशल विकास मंत्रालय ने 19 संस्थानों को कौशल उत्कृष्टता केंद्रों के रूप में औपचारिक मान्यता दी है। यह मान्यता 2029 तक वैध रहेगी, जिसका लक्ष्य उद्योग-अनुरूप कौशल विकास संस्थानों का विश्वसनीय राष्ट्रीय नेटवर्क तैयार करना है।
केंद्र सरकार वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं के बीच निरंतर जुड़ाव को बढ़ावा देने के लिए 'वयो सम्मान राष्ट्रीय अभियान' शुरू करेगी।
चुनाव के बाद फ्री सब्सिडी पर क्यों बदले CM सम्राट के सुर? देखें खबरदार
2025 के विधानसभा चुनाव से पहले बिहार के लोगों को 125 यूनिट फ्री बिजली देनी शुरू कर दी. इसके तहत सभी लोगों को 125 यूनिट फ्री बिजली मिलने लगी जो अब भी मिल रही है. लेकिन चुनाव जीतने के 11 महीने बाद अचानक सम्राट चौधरी का एक बयान आया, जिसमें उन्होंने बिहार के समृद्ध लोगों से बिजली की सब्सिडी छोड़ने की अपील की...कहा- आप समृद्ध हैं. सब्सिडी छोड़िए, अगर आप ऐसा करेंगे तो आपकी दान की गई सब्सिडी का पैसा गरीबों की पढ़ाई में जाएगा. देखें...
पेंशनभोगियों से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अपनाने की अपील, घर बैठे जमा करें DLC
पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग की सचिव ने पेंशनभोगियों से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) चुनकर डिजिटल सशक्तिकरण का दूत बनने का आग्रह किया है।
प्लेटफॉर्म छोड़ लूप लाइन में चली गई ट्रेन, स्टेशन पर यात्रियों में हड़कंप
धनबाद रेलवे स्टेशन पर गोमो-आसनसोल पैसेंजर ईएमयू ट्रेन निर्धारित प्लेटफॉर्म के बजाय लूप लाइन में पहुंच गई. घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन रेलवे परिचालन और यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठे.
क्या ईरान के खिलाफ युद्ध का ट्रंप को मिलेगा फायदा, किन मुद्दों पर वोट डाल रहे हैं अमेरिकी
अमेरिका में लोग मिडटर्म इलेक्शन के लिए वोट डाल रहे हैं. अमेरिका-ईरान युद्ध, अमेरिकी अर्थव्यवस्था और महंगाई की वजह से यह चुनाव काफी महत्वपूर्ण हो गया है. इसके नतीजे अमेरिकी संसद में सत्ता के संतुलन का नया समीकरण बनाएंगे. इस चुनाव पर और विस्तार से जानकारी दे रहे हैं डॉक्टर मनन द्विवेदी.
अमेरिका में ट्रंप का मिड-टर्म टेस्ट, गिरती रेटिंग के बीच तीन मुद्दों पर घिरे हैं राष्ट्रपति!
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए बड़ा टेस्ट माना जा रहा है. गिरती अप्रूवल रेटिंग के बीच ईरान युद्ध, इमिग्रेशन और टैरिफ जैसे मुद्दे ट्रंप के लिए चुनौती बने हुए हैं. चुनाव में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों, सीनेट की 35 सीटों और 36 राज्यों में गवर्नर पद के लिए वोटिंग हो रही है.
BJP का अभियान SIR की गड़बड़ियों से ध्यान भटकाने की साजिश, बोलीं Kota Neelima
नयी दिल्ली, तीन नवंबर तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस की उपाध्यक्ष कोटा नीलिमा ने मंगलवार को कहा कि भाजपा का नया अभियान मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में गंभीर अनियमितताओं से ध्यान भटकाने और इस प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाले नागरिकों को राष्ट्रविरोधी बताने की कोशिश है। नीलिमा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा सोमवार को हैदराबाद में शुरू किए गए लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा एसआईआर से जुड़ी वास्तविक चिंताओं का जवाब देने के बजाय सवाल उठाने वाले नागरिकों को निशाना बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने खिलाफ आवाज उठाने वाले नागरिकों, राजनीतिक दलों और नेताओं को डराने का प्रयास कर रही है। नीलिमा ने दावा किया कि एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित वोट बचाओ, देश बचाओ रैली में लाखों लोगों की भागीदारी से भाजपा चिंतित है। उन्होंने कहा कि 20 से अधिक विपक्षी दलों ने रैली में हिस्सा लेकर कथित वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठाई थी। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाना लोकतंत्र और नागरिकों के मतदान के अधिकार पर सीधा हमला है।
बिहार में टिकट की दावेदारी लेकर पहुंचे थे भाजपा नेता, संजीव बालियान के घर हार्ट अटैक से हुई मौत
मुजफ्फरनगर में भाजपा नेता राजवीर कश्यप की उस समय बाथरूम में थे, जब अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया.
भारत को लगातार तीसरी बार अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) का अध्यक्ष चुना गया है, जिसकी घोषणा केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने की।
SIR में नाम कटने वाले मतदाता भी भर सकेंगे फार्म-6, क्या है पूरा प्रोसेस?
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची से नाम हटने वाले मतदाता भी फॉर्म-6 भरकर अपना नाम दोबारा जुड़वा सकते हैं।
क्यूएस एशिया रैंकिंग: भारतीय आईआईटी और आईआईएससी शीर्ष 100 में बरकरार, फिर भी गिरी रैंकिंग
नवीनतम क्यूएस एशिया रैंकिंग में भारतीय संस्थान शीर्ष 100 में अपनी जगह बनाए रखने में सफल रहे हैं, हालांकि उनकी रैंकिंग में पिछले साल की तुलना में गिरावट दर्ज की गई है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव, दीपावली, छठ और देव दीपावली के मद्देनजर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को सतर्कता बरतने, अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने और सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए.
फॉर्म-6 पर Election Commission का स्पष्टीकरण महज शब्दों का खेल: Congress नेता Jairam Ramesh
नयी दिल्ली, तीन नवंबर कांग्रेस ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग की ओर से फॉर्म-6 को लेकर दी गई ताजा सफाई को शब्दों की बाजीगरी करार देते हुए कहा कि इससे कुछ भी स्पष्ट नहीं होता है। मुख्य विपक्षी दल ने यह दावा भी किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की खामियां किसी भी तरह की कवायद से दूर नहीं की जा सकतीं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि निर्वाचन आयोग की हर सफाई से यह साबित हो रहा है कि एसआईआर प्रक्रिया को कितनी खराब तरीके से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि फॉर्म-6 में स्पष्ट रूप से पूछा जाता है कि क्या आवेदक पहली बार मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर रहा है। आयोग का यह कहना कि एसआईआर के दौरान दोबारा नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करने वाले मतदाताओं को भी पहली बार आवेदन करने वाला माना जा सकता है, केवल शब्दों का भ्रामक खेल है। रमेश ने आरोप लगाया कि आयोग पहले मतदाताओं से गलत घोषणा पर हस्ताक्षर करा रहा है और अब उन्हें इसके कानूनी परिणामों से बचाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया ही मतदाताओं को सूची से बाहर करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। कांग्रेस नेता ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने भी आयोग को पत्र लिखकर इस तरह फॉर्म-6 के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी। उनका यह भी कहना है कि इस मुद्दे पर मामला लंबित है और बंबई उच्च न्यायालय की गोवा पीठ ने आयोग के तर्क पर सवाल उठाए हैं। रमेश ने कहा कि एसआईआर में पहले मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं और फिर उन्हें नए मतदाता के रूप में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करने को कहा जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस प्रक्रिया को रोका जाना चाहिए। दरअसल, निर्वाचन आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि मसौदा मतदाता सूची में नाम नहीं होने पर पहले से पंजीकृत मतदाता भी फॉर्म-6 भरकर अपना नाम दोबारा शामिल कराने का अनुरोध कर सकते हैं। आयोग के अनुसार, ऐसा आवेदन अपने आप में गलत घोषणा नहीं माना जाएगा और इसके आधार पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कार्रवाई नहीं होगी।
INDIA ब्लॉक मार्च मामले में सुनवाई, CJI सूर्यकांत ने वकीलों की भूमिका पर उठाए सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों के INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान कुछ वकीलों की भूमिका पर सवाल उठाए। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ...
लेडी टीचर का कार की सीट पर दबाया गला, डिग्गी में लाश रख घूमता रहा
यूपी के देवरिया में महिला टीचर रानी विश्वकर्मा की हत्या के मामले में स्कूल प्रबंधक विजय निषाद गिरफ्तार हुआ है. पुलिस के मुताबिक, शादी के दबाव पर गला दबाकर हत्या की गई और शव कार में रखकर दिनभर घुमाया गया.
डीजीपी की नियुक्ति पर राज्यों के नियमों का ब्योरा दे केंद्र, सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से सभी राज्यों में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति के लिए अपनाई गई मौजूदा विधायी या कार्यकारी व्यवस्था का सार प्रस्तुत करने को कहा है।
भाजपा ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर मतदाता सूची पुनरीक्षण और 'अराजकता का मॉडल' जारी रखने पर हमला बोला है।
हरदीप पुरी के खिलाफ खड़े 2 निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे खारिज, राज्यसभा उपचुनाव में जीत तय
कांग्रेस ने हरदीप पुरी के नामांकन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि पुरी के चुनावी हलफनामे में कई कानूनी खामियां हैं। कांग्रेस नेताओं ने रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को अदालत में चुनौती देने की बात कही है।
'जेलों में जातिगत भेदभाव पर राज्यों की चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण', सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी
सुप्रीम कोर्ट ने जेलों में जातिगत भेदभाव और अमानवीय प्रथाओं पर 23 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों की प्रतिक्रिया न देने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है।
PM मोदी को राहुल गांधी की खुली चुनौती; राजनाथ से योगी तक…, जनता से पूछे 2 सवाल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमने-सामने खुली बहस के लिए चुनौती दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पब्लिक पोल शेयर कर लोगों से पूछा कि क्या वे राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी के बीच खुली बहस देखना चाहते हैं। पोल में दो विकल्प रखे गए हैं।
यह पहल बिहार को बाढ़ से मुक्ति दिलाने, नदियों की जलधारण क्षमता बढ़ाने और राज्य के विकास को गति देने में सहायक होगी, जिसमें बिहार सरकार का कोई खर्च नहीं होगा।
मरीज को ‘ब्रेन डेड’ घोषित करने की प्रक्रिया क्या, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उस याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें किसी मरीज को ब्रेन डेड (मस्तिष्क मृत) घोषित करने की प्रक्रिया से जुड़ा मुद्दा उठाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि विवाह के अपूरणीय रूप से टूटने के आधार पर विदेशी अदालत द्वारा दिया गया तलाक भारत में वैध नहीं है।
संसद सत्र के सत्रावसान का अंतराल रिकॉर्ड की दहलीज पर, कांग्रेस ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
संसद के मानसून सत्र का सत्रावसान 82 दिन बाद भी न होने का मामला अब रिकॉर्ड की दहलीज पर है। कांग्रेस ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए परिसीमन बिल लाने की तैयारी का आरोप लगाया है।
काशी रोपवे में 16 मिनट में पहुंचेंगे कैंट से गोदौलिया, जानिए किराया
वाराणसी के काशी रोपवे का 96 फीसदी काम पूरा हो चुका है. दिसंबर से संचालन शुरू होने की संभावना है. कैंट से गोदौलिया का 3.85 किमी सफर 16 मिनट में और किराया 50 रुपये होगा.
दिवाली पर गणपति के आगे क्यों जलाते हैं सरसों के तेल का दीपक? जानिए
इस साल दिवाली का पर्व 8 नवंबर को मनाया जाएगा. दिवाली के दिन भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा की जाती है. उन्हें खील का भोग लगाया जाता है. जबकि भगवान गणेश के सामने सरसों के तेल का दीपक भी विशेष रूप से जलाया जाता है.
Smriti Irani का राहुल गांधी पर तंज, 56 चुनाव हारने के बाद भी नहीं स्वीकारी विफलता
कोलकाता, तीन नवंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता स्मृति ईरानी ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए उन्हें ‘निरंतर इंतजार में बैठे युवराज’ करार दिया और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष पर चुनावी हार को स्वीकार नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ प्रदर्शनों को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दावा किया कि कांग्रेस ने मौजूदा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से पहले 2014 से 2025 के बीच 56 चुनावों में हार का सामना किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने नेतृत्व की नाकामियों पर आत्ममंथन करने के बजाय अपनी चुनावी हार के लिए निर्वाचन आयोग को जिम्मेदार ठहरा रही है। भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव ने कहा, “कांग्रेस 2014 से चुनाव हार रही है। उस समय ज्ञानेश कुमार मुख्य निर्वाचन आयुक्त भी नहीं थे। मौजूदा एसआईआर से पहले 2014 से 2025 के बीच कांग्रेस 56 विधानसभा चुनाव हार चुकी है।”ईरानी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जनता के चुनावी जनादेश को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं और इसके बजाय चुनावों की वैधता व संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, “निरंतर इंतजार में रहने वाला युवराज अपनी हार स्वीकार करने को तैयार नहीं है। कांग्रेस बार-बार चुनाव क्यों हार रही है, इस पर आत्ममंथन करने के बजाय वह निर्वाचन आयोग पर हमला कर रही है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है।”ईरानी ने कांग्रेस की आपत्तियों पर सवाल उठाते हुए कहा, “अगर मतदाता सूचियों में दोहरे नाम या मृत व्यक्तियों के नाम दर्ज हैं, तो कांग्रेस मृत लोगों के नाम फिर से शामिल कराने की मांग क्यों कर रही है? वह दोहरी प्रविष्टियों को बरकरार क्यों रखना चाहती है?”ईरानी ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने चुनावी लाभ के लिए पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों को जगह दी। उन्होंने आरोप लगाया, “तृणमूल कांग्रेस मतदाता सूची में दोहरे और फर्जी मतदाताओं के नाम क्यों चाहती है? पार्टी ने अपने फायदे के लिए घुसपैठियों को जगह दी।”ईरानी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक टकराव तेज हो रहा है। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने निर्वाचन आयोग पर ‘‘वोट चोरी’’ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की। ईरानी ने कहा कि एसआईआर एक व्यवस्थित और पारदर्शी प्रक्रिया है। उन्होंने दावा किया कि निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) कई बार मतदाताओं के घर गये। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विपक्षी दलों के करीब 20 लाख बूथ स्तर के एजेंट (बीएलए) भी इस प्रक्रिया से जुड़े थे। उन्होंने सवाल किया कि अब ये दल इसकी पारदर्शिता पर सवाल क्यों उठा रहे हैं। भाजपा नेता ने दावा किया कि मसौदा मतदाता सूचियों से हटाए गए करीब 13 करोड़ नामों में से लगभग तीन करोड़ मृत मतदाताओं के थे, एक करोड़ नाम दोहरे थे, करीब तीन करोड़ मतदाता बार-बार दौरे के बावजूद अपने पंजीकृत पते पर नहीं मिले और लगभग छह करोड़ मतदाताओं ने अपना पता बदल लिया था। उन्होंने कहा कि करीब 90 करोड़ मतदाताओं में से 90 प्रतिशत का सत्यापन पूरा कर लिया गया है। ईरानी ने कहा कि 1952 से देश में 12 एसआईआर कराए गए और इनमें से 10 कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में हुए थे। उन्होंने विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं की राजनीतिक गतिविधियों के दौरान 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए। भाजपा नेता ने कहा, “उन लोगों की मंशा पर सवाल उठना स्वाभाविक है, जो लोकतांत्रिक तरीकों से सरकार बदलने की मांग करने के बजाय अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। लोग चुनाव के जरिए अपनी राय व्यक्त करते हैं और सरकार बदलते हैं। भारत एक लोकतांत्रिक देश है, कोई ‘शासन व्यवस्था’ नहीं।’’ईरानी ने राहुल पर विदेश में भारत के खिलाफ बयान देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष देश को बदनाम करने और भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए विदेशी मदद मांग रहा है। राष्ट्रीय महाचिव ने सवाल किया, “राहुल गांधी लंदन जाते हैं और कहते हैं कि वह मोदी को हराना चाहते हैं। क्या विपक्ष के नेता के लिए विदेशी धरती पर इस तरह की टिप्पणी करना उचित है?”उन्होंने सवाल उठाया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष किसी दूसरे देश में जाकर वहां के संगठनों, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) और राजनीतिक हलकों से भारत में निर्वाचित सरकार को हटाने के लिए समर्थन कैसे मांग सकते हैं। ईरानी ने विपक्ष पर राजनीतिक दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वामपंथी दल पश्चिम बंगाल में आपसी मतभेदों के बावजूद दिल्ली में एक साथ आ रहे हैं। उन्होंने सवाल किया, “दिल्ली में अधीर दा (कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी) और ममता दीदी हाथ मिला रहे हैं।
PAK: गैंगरेप केस में पुलिस ने डिप्टी PM के पोते को बरी किया, नौकरों को फंसाया!
पाकिस्तान के डिप्टी पीएम इशाक डार के पोते मुहम्मद रजा डार पर दो विदेशी महिलाओं से गैंगरेप का आरोप लगा था. मेडिकल जांच में रेप की पुष्टि हुई, लेकिन पुलिस ने पांच आरोपियों को यौन उत्पीड़न के आरोप से क्लीन चिट दे दी. इनमें डार का पोता भी शामिल है. लेकिन पुलिस ने डिप्टी पीएम के तीन नौकरों को रेप का आरोपी बनाया है.
फॉर्म 6 पर चुनाव आयोग की एक और सफाई, कानूनी कार्रवाई पर कह दी बड़ी बात
यह स्पष्टीकरण उन लोगों की चिंताओं के बीच आया है, जिनके नाम मसौदा एसआईआर सूची से हटा दिए गए हैं। उन्हें डर है कि फॉर्म छह जमा कराने पर की जाने वाली यह घोषणा झूठी घोषणा मानी जा सकती है कि आवेदक पहली बार मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाना चाहता है।
मुत्तुस्वामी दीक्षितर की 250वीं जयंती, निर्मला सीतारमण ने जारी किया 250 रुपये का सिक्का
मुत्तुस्वामी दीक्षितर की 250वीं जयंती के मौके पर वाराणसी के आईआईटी बीएचयू में समारोह आयोजित किया गया. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उनके सम्मान में जारी 250 रुपये के स्मारक सिक्के का लोकार्पण किया.
3 हाथी और 3 JCB, ऐसे बचाई गई 'डुआर्स क्वीन' बाघिन
पश्चिम बंगाल की मशहूर 'डुआर्स क्वीन' बाघिन को असम के कोकराझार जिले में सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया. डोटमा के गिलागुरी में पश्चिम बंगाल और असम वन विभाग की टीमों ने तीन हाथियों और तीन जेसीबी की मदद से बाघिन को ट्रैंकुलाइज किया. वीडियो में जानें क्या है पूरा मामला.
भोपाल, दो नवंबर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार सहित दो निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन पत्र मंगलवार को खारिज होने के बाद केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का मध्यप्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव में निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है। एक अधिकारी ने बताया कि नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख पांच नवंबर को परिणाम घोषित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नामांकन पत्रों की जांच के अंतिम दिन निर्दलीय उम्मीदवार कांते सयन्ना और कांग्रेस समर्थित राजकुमार लोहानी के नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए। इस बीच, दोनों निर्दलीय उम्मीदवारों और कांग्रेस नेता हेमंत कटारे ने पुरी के नामांकन पत्रों पर आपत्ति जताते हुए दावा किया कि उनके द्वारा दाखिल किया गया फॉर्म-26 में दिया गया हलफनामा अमान्य और अधूरा है। निर्वाचन अधिकारी उमेश शर्मा ने आपत्तियों की जांच की और कहा कि पुरी ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन नहीं किया है। शर्मा ने अपने आदेश में कहा कि पुरी के नामांकन पत्रों में कोई खामी नहीं पाई गई। कटारे और कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने कहा कि वे इस आदेश के खिलाफ अदालत का रुख करेंगे। उन्होंने एक बयान में कहा, यह भारतीय लोकतंत्र पर हमला है। इतनी महत्वपूर्ण खामियों के बावजूद नामांकन पत्र खारिज नहीं किया गया। राज्यसभा की यह सीट केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी।
अजमेर/नसीराबाद। दीपावली के त्योहार के मद्देनजर उपभोक्ताओं को सही वजन और पूरी जानकारी वाले पैकेज्ड उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए विधिक माप विज्ञान विभाग ने मंगलवार को जिले में विभिन्न प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान पैकेटों पर अंकित वजन और आवश्यक जानकारियां सही पाई गईं, लेकिन कुछ प्रतिष्ठानों में तौल के बांटों […] The post अजमेर में दिवाली से पहले पैकेज्ड खाद्य उत्पादों की जांच, बांटों का सत्यापन नहीं मिलने पर 20 हजार का चालान appeared first on Sabguru News .
'पवन सिंह को 20 दिन अकेला छोड़ दो...फिर देखना', पत्नी का चैलेंज
पवन सिंह ने अक्षरा सिंह से माफी मांगकर फिर साथ काम करने के संकेत दिए हैं. वहीं, ज्योति सिंह के 20 दिन वाले बयान और तलाक केस की भी चर्चा तेज है. जानें, पवन की लव लाइफ का पूरा मामला.
पटना: बिहार सरकार राज्य में मिट्टी की उर्वरता और कृषि भूमि के संरक्षण के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा म
आ जाइए, डरिए मत…राहुल गांधी ने फिर दे डाली पीएम मोदी को चुनौती, इस बार क्या कहा
राहुल गांधी ने इस पोस्ट में लिखा, ‘24 घंटे हो गए मोदी जी। मैंने आपको चैलेंज दिया है। आप कहते हो कि विपक्ष देशद्रोही है। किसी भी स्टेज पे आप जगह चुनिए, डिबेट कीजिए मेरे साथ।’
PNB फ्रॉड केस में एक्शन, बैंक कर्मचारी समेत दो गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा की पंजाब नेशनल बैंक शाखा में 10.24 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. सीबीआई ने बैंक की महिला कर्मचारी दीपांशी और आशुतोष पाठक को गिरफ्तार किया है.
श्रीनगर सांसद Aga Ruhullah Mehdi ने लोकसभा और National Conference दोनों छोड़ी
बडगाम (जम्मू-कश्मीर), तीन नवंबर नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) नेतृत्व के साथ जारी गतिरोध के बीच श्रीनगर से लोकसभा सदस्य सैयद आगा रुहुल्ला मेहदी ने मंगलवार को अपनी सीट और पार्टी, दोनों से इस्तीफा दे दिया। यह कदम यहाँ आयोजित एक रैली के ठीक बाद उठाया गया, जिसके बारे में भाजपा का कहना है कि यह ‘‘हमारे लोगों के आशीर्वाद’’ से आयोजित की गई। बडगाम के ‘बहिश्त-ए-जहरा’ पार्क में अपने पिता आगा सैयद मेहदी की 26वीं पुण्यतिथि पर एक सभा को संबोधित करते हुए, शिया नेता ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेकां अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पार्टी छोड़ने के अपने फैसले को एक ‘‘धोखेबाज और भ्रष्ट संगठन’’ से ‘‘आजादी का फरमान’’ करार दिया। हालाँकि, राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने कहा कि पार्टी छोड़ने संबंधी उनकी योजना को लेकर मीडिया में काफी चर्चा होने के बावजूद, बडगाम पार्क में जुटने वाली भीड़ उनके पिछले बड़े राजनीतिक प्रदर्शनों की तुलना में काफी कम थी; और वहाँ मुख्य रूप से उनके वफादार, परिवार के समर्थक तथा उत्सुक दर्शक ही मौजूद थे। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव ने दावा किया कि सत्ताधारी पार्टी ‘‘साफ तौर पर बंटी हुई’’ है और रुहुल्ला ने विरोधियों के मौन समर्थन से यह रैली आयोजित की। माधव ने जम्मू के एक दिवसीय दौरे के दौरान पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा, लेकिन नेशनल कॉन्फ्रेंस आज साफ तौर पर बंटी हुई नजर आ रही है। रुहुल्ला आज हमारे लोगों के आशीर्वाद से रैली कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि नेकां की अंदरूनी कलह में भाजपा की कोई सीधी भूमिका नहीं है। माधव ने कहा, ‘‘हमारे विधायक जो भी बयान देते हैं, वह एक अलग बात है। यह पूरी तरह से नेकां का अंदरूनी मामला है और उनके नेता आपस में ही लड़ रहे हैं।’’रुहुल्ला पर तीखा पलटवार करते हुए, नेशनल कॉन्फ्रेंस ने उनकी आलोचना को ‘‘नैतिक दिवालियापन’’ का सबूत बताया और उन पर उस पार्टी के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया, जिसने उनका राजनीतिक करियर बनाया था। उनकी टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए, पार्टी ने कहा कि उनके भाषण में ‘‘नेकां नेतृत्व के खिलाफ अपमानजनक, अपशब्दों और असंसदीय भाषा’’ का इस्तेमाल किया गया। नेकां ने कहा, ‘‘आगा रुहुल्ला का सांसद पद से इस्तीफा देने का फैसला बहुत देर से आया है। उन्हें यह कदम एक साल पहले ही उठा लेना चाहिए था, जब उन्होंने उन ताकतों का साथ देने का फैसला किया था जो नेकां को मिले जनादेश से बौखला गई थीं।’’इसने आरोप लगाया कि उन्होंने नेकां में रहते हुए बडगाम विधानसभा उपचुनाव में पार्टी की हार के लिए काम किया। संसद में उनके रिकॉर्ड पर सवाल उठाते हुए, नेकां ने पूछा कि श्रीनगर के सांसद - जिन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कराने के लिए अलग-अलग दलों के 100 से ज्यादा सांसदों को सफलतापूर्वक एकजुट कर लिया था - वह जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा या राज्य का दर्जा बहाल कराने के लिए ऐसी ही कोशिश क्यों नहीं कर पाए? पार्टी ने सवाल किया, ‘‘क्या उन्होंने संसद में विशेष दर्जे को लेकर कोई प्रस्ताव या निजी सदस्य विधेयक पेश करने की कोशिश भी की? क्या उन्हें संसद में इसलिए नहीं भेजा गया था कि वह लोगों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करें और धर्मनिरपेक्ष दलों का समर्थन जुटाएं?’’नेकां ने आरक्षण के मुद्दे और 2010 के आंदोलन पर रुहुल्ला के रुख में विरोधाभास की ओर भी इशारा किया। इसने कहा कि रुहुल्ला कैबिनेट फेरबदल तक मंत्री बने रहे और 2014 का विधानसभा चुनाव भी पार्टी के टिकट पर लड़ा, जबकि उस समय उन्होंने कोई आपत्ति नहीं जताई थी। पार्टी ने अपने बयान में कहा, ‘‘उन्हें इस्तीफा देने का ध्यान तब आया, जब पार्टी अध्यक्ष ने ऐसा करने के लिए कहा। 16 साल बीत जाने तक वह 2010 की बात को बड़ी आसानी से भूल गए थे।’’ इसने कहा कि रुहुल्ला ने शुरू में छह नवंबर को पारित उस विधानसभा प्रस्ताव का स्वागत किया था, जिसमें विशेष दर्जे को बहाल करने की मांग की गई थी। पार्टी ने पूछा कि क्या रुहुल्ला ने संसद में यह मुद्दा उठाया और केंद्र से पूछा कि उसने नौकरी में आरक्षण को लेकर जम्मू कश्मीर कैबिनेट के फैसले को क्यों रोक दिया? इसने कहा, ‘‘क्या उन्होंने विधानसभा चुनाव से पहले, सांसद के तौर पर अपने छह महीने के कार्यकाल के दौरान, ‘ओपन मेरिट’ श्रेणी के लिए न्याय की मांग करते हुए उपराज्यपाल प्रशासन के खिलाफ कोई प्रदर्शन आयोजित किया?’’वहीं, भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई के पूर्व प्रमुख रवींदर रैना ने भी इस घटनाक्रम से अपनी पार्टी को अलग रखा, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि सत्ताधारी गठबंधन के लिए आगे चलकर भारी राजनीतिक उथल-पुथल हो सकती है। रैना ने कहा, “नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर जारी उथल-पुथल से हमारा कतई कोई लेना-देना नहीं है… चाहे उसके विधायक विद्रोह का झंडा उठा रहे हों या कोई सांसद इस्तीफा दे रहा हो, यह उनका आंतरिक मामला है।”उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस की ओर ‘‘मुसीबतों का पहाड़’’ बढ़ रहा है। इस बीच, गठबंधन सहयोगी कांग्रेस ने इस संकट को कमतर दिखाने की कोशिश की और रुहुल्ला के जाने का कारण सरकार की व्यापक अस्थिरता के बजाय निजी एवं वैचारिक मतभेदों को बताया। जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने कहा कि ‘‘उनका नजरिया अलग था, जबकि पार्टी दूसरी दिशा में आगे बढ़ रही थी। शायद वैचारिक तालमेल की भी कमी थी।’’कर्रा ने भरोसा जताया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस का नेतृत्व बातचीत के जरिए अपने आंतरिक मतभेदों को सुलझा लेगा, साथ ही उन्होंने सत्ताधारी गठबंधन को समर्थन देने के प्रति कांग्रेस की प्रतिबद्धता भी दोहराई। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा हमेशा से यही मानना रहा है कि जब भी नेशनल कॉन्फ्रेंस को भाजपा से कोई खतरा होगा, तो कांग्रेस पार्टी मजबूती से नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ खड़ी रहेगी।’’अपने 80 मिनट के भाषण के दौरान, रुहुल्ला ने नेकां पर आरोप लगाया कि उसने अनुच्छेद 370, कैदियों की रिहाई और जनता को राहत देने के संबंध में किए गए चुनावी वादों को पीछे छोड़ दिया है। इस कार्यक्रम के तुरंत बाद, उन्होंने लोकसभा सदस्यता से अपना इस्तीफा सीधे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भेज दिया। रुहुल्ला ने पार्टी से अपना त्यागपत्र मोहम्मद अशरफ मट्टू को सौंपा, जो 2010 में जान गंवाने वाले किशोर तुफैल मट्टू के पिता हैं। तुफैल की मौत के बाद उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे। उस दौरान रुहुल्लाह कैबिनेट मंत्री थे। उन्होंने मोहम्मद अशरफ मट्टू से कहा कि वह इस्तीफे को फारूक अब्दुल्ला तक पहुंचा दें। रुहुल्ला ने अपने समर्थकों की ज़ोरदार तालियों के बीच कहा, ‘‘यह आज़ादी का फरमान है। मैं इसे (इस्तीफे को) फारूक अब्दुल्ला को नहीं भेजूंगा। उनकी इतनी हैसियत या अहमियत नहीं है कि मैं उन्हें यह भेजूं। यह इस धोखेबाज और भ्रष्ट संगठन से आजादी का संदेश है। मैं अपना यह इस्तीफा मोहम्मद अशरफ मट्टू साहब को सौंप रहा हूं। मैं उनसे गुजारिश करता हूं कि वह इसे अपने हाथों से आगे पहुंचा दें।’’रुहुल्ला ने तुरंत कोई नया राजनीतिक संगठन बनाने के बजाय, पूरे जम्मू-कश्मीर में एक व्यापक राजनीतिक आंदोलन शुरू करने का संकेत दिया। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष को लिखे अपने दो पन्नों के त्यागपत्र में, रुहुल्ला ने कहा कि 2019 में अनुच्छेद 370 को हटाना, एक तरह से, राजनीतिक जगह और अधिकारों को वापस पाने का “एक अवसर” था; लेकिन ऐसा करने के लिए संघर्ष, बलिदान और कीमत चुकाने के लिए तैयार रहने की जरूरत थी। उन्होंने कहा, ‘‘उस समय मेरी यह धारणा थी कि कश्मीर की सबसे पुरानी और प्रमुख पार्टी, ‘नेशनल कॉन्फ्रेंस’, उस संघर्ष के लिए सबसे उपयुक्त दावेदार थी, जिसकी उस स्थिति में ज़रूरत थी।’’रुहुल्ला ने कहा कि उन्होंने विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए जोर-शोर से प्रचार किया और लोगों ने भी अपना गुस्सा जाहिर करते हुए पार्टी को भारी जनादेश दिया। उन्होंने भविष्य की अपनी योजनाओं के बारे में कहा कि जहाँ कुछ लोग चाहते हैं कि वह एक नयी राजनीतिक पार्टी बनाएँ, वहीं उनकी ज्यदा दिलचस्पी जम्मू-कश्मीर के लोगों की गरिमा और सम्मान की बहाली के लिए एक आंदोलन शुरू करने में है।
दिवाली पर पटाखे नहीं जलाने की अपील, सुनीता आहूजा बोलीं-
दिवाली पर पटाखे न जलाने की अपील को लेकर अभिनेत्री सुनीता आहूजा और दिया मिर्जा चर्चा में हैं. सुनीता ने पटाखों से जानवरों और बुजुर्गों को होने वाली परेशानी का जिक्र किया, वहीं दिया मिर्जा के प्रदूषण मुक्त दिवाली अभियान पर विवाद के बाद मामला बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचा. वीडियो में जानें मामला.
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को विदेशी संबंधों और 'देशद्रोही' के आरोपों पर खुली बहस की चुनौती दोहराई है।
उमर सरकार की मुश्किलें बढ़ीं, बागी विधायक मुबारक गुल कर सकते हैं बड़ा ऐलान
नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता और ईदगाह से 6 बार के विधायक मुबारक गुल कैबिनेट में मंत्री पद नहीं मिलने से नाराज बताए जा रहे हैं. वह कल श्रीनगर में मीडिया को संबोधित कर अपने भविष्य की रणनीति का ऐलान कर सकते हैं.
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के एक कथित बयान को लेकर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि अगर किसी ने भगवान श्रीकृष्ण के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की है तो उसके कार्यक्रमों पर स्थायी रोक लगनी चाहिए.
'अभिषेक बनर्जी की याचिका पर विचार करे कलकत्ता हाई कोर्ट ', सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी को राहत देते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट को उनकी याचिका पर विचार करने का निर्देश दिया है।
OTT Release This Week: दिवाली के त्योहार पर घर बैठे मनोरंजन का भरपूर मजा लेने के लिए तैयार हो जाइए. इस हफ्ते ओटीटी पर एक्शन, रोमांस, कॉमेडी और सस्पेंस से भरपूर कई फिल्में ओटीटी पर रिलीज होने जा रही हैं.
बॉलीवुड में एक बार फिर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों पर हमले और धमकियों की घटनाओं के बाद अब फिल्म कर्मचारियों के संगठन ने केंद्र सरकार से मदद मांगी है.
बाबा बागेश्वर के बयान पर बवाल, बार-बार मांग रहे माफी?
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर विवादों में हैं. पहले भगवान श्रीकृष्ण को लेकर उनकी टिप्पणी पर बवाल हुआ और अब भगवान राम के पिता को लेकर वायरल वीडियो ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने दो बार हाथ जोड़कर माफी मांगी.
अभिनेत्री रीता भादुड़ी ने अपने अभिनय करियर में कई ऐसे किरदार निभाए, जिनकी कहानी में भले ही कम जगह थी, लेकिन पर्दे पर उनकी मौजूदगी को नजरअंदाज करना मुश्किल था.
पटाखों की खुली बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र से कहा- आदेश का पालन सुनिश्चित करे
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के बाजारों में पटाखों की खुली बिक्री की मीडिया रिपोर्टों पर संज्ञान लिया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को अपने आदेश का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
धनतेरस से इन 4 राशियों का गोल्डन टाइम शुरू! सोने की तरह चमकेगा भाग्य
Dhanteras 2026: ज्योतिषाचार्य अरुणेश कुमार शर्मा के अनुसार, धनतेरस के दिन मालव्य राजयोग, शुक्र प्रदोष योग, विष्कुंभ योग और हस्त नक्षत्र रहने वाला है. यह दुर्लभ संयोग चार राशियों के लिए शुभ संकेत दे रहा है.
बॉलीवुड में शाहरुख खान ने काजोल, रानी मुखर्जी और जूही चावला जैसी कई सफल अभिनेत्रियों के साथ काम किया, लेकिन एक एक्ट्रेस ऐसी भी हैं जिनके साथ आज तक उनकी कोई फिल्म फ्लॉप नहीं हुई.
घी में मिलावट का शक, फैक्ट्री से मिला संदिग्ध पदार्थ
जयपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट के शक में करीब 35 हजार लीटर घी जब्त कर हिमालय डेयरी प्रोडक्ट्स की फैक्ट्री सील कर दी. यहां सात ब्रांड के नाम से घी पैक किया जा रहा था. सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं. वी़डियो में जानें पूरा मामला.
Delhi Fire Service नियमों में होगा बदलाव, प्राइवेट ऑडिटर करेंगे सुरक्षा जांच: आशीष सूद
नयी दिल्ली, तीन नवंबर दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने मंगलवार को कहा कि सरकार अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के नियमों में बदलाव करेगी जिसके तहत योग्य निजी ऑडिटरों को आग से सुरक्षा के इंतजामों की जांच के लिए लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि साथ ही, एमसीडी के पैनल में शामिल ऑडिटरों और वास्तुकारों को भी सूचीबद्ध कर उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि आग से सुरक्षा के उपायों को बेहतर बनाया जा सके। सूद ने दिल्ली में आधुनिक सुविधाओं से लैस और आपात स्थिति में तेजी से कार्रवाई करने वाली अग्निशमन व्यवस्था तैयार करने के लिए दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) में व्यापक बदलाव करने की घोषणा की। मंत्री ने कहा कि हाल में उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में इन समस्याओं से निपटने के लिए कार्ययोजना पर सहमति बनी जिनमें संकरी गलियां, आबादी का घनत्व, यातायात जाम, बिजली के तारों पर जरूरत से ज्यादा भार और आधुनिक घरों में सिंथेटिक फर्नीचर व प्लास्टिक के बढ़ते इस्तेमाल से आग लगने का खतरा शामिल है। उन्होंने कहा, घरों में आग तेजी से फैलने के खतरे से निपटने से लेकर मौजूदा व्यावसायिक इमारतों में स्वचालित स्प्रिंकलर लगाना अनिवार्य करने, बिजली के नेटवर्क को बेहतर बनाने और घर-घर जाकर सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान चलाने तक, हम सुरक्षा को लेकर पहले से सतर्क रहने की संस्कृति विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि डीएफएस, नागरिक निकायों, बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के समन्वय में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शहर आग से जुड़ी आपात स्थितियों को रोकने और उनसे निपटने के लिए पूरी तरह से सुसज्जित हो।
2 विमान, 6 प्लॉट... अनिल अंबानी ग्रुप पर ईडी का शिकंजा, 510 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
ईडी ने अनिल अंबानी ग्रुप के दो हवाई जहाज और 510 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में की गई है।

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