न्यूज अपडेट्स: कर्नाटक में महिला पर मगरमच्छ केहमले से बचाई गई महिला; तमिलनाडु में सीएम, जगन के पोस्टर हटाए गए
मुंबई एयरपोर्ट पर बड़ा बदलाव: 12 विदेशी एयरलाइनों की उड़ानें होंगी शिफ्ट, क्या यात्रियों पर भी पड़ेगा असर?- Major change at Mumbai Airport Flights of 12 foreign airlines to be shifted will passengers be affected too
'नौकरी में कन्नड़ युवाओं को प्राथमिकता दें', कर्नाटक सीएम शिवकुमार ने कंपनियों से की अपील
'कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी' से जुड़े एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशल युवाओं को भर्ती करने की इच्छुक कंपनियां सरकार से संपर्क कर सकती हैं। सरकार उन्हें सुविधा मुहैया कराएगी।
हादसे से पांच सेकेंड पहले 162 किमी प्रति घंटा थी मिनी कूपर की रफ्तार, रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
पुलिस ने बताया कि बीएमडब्ल्यू के क्रैश डाटा विश्लेषण में यह भी सामने आया कि चालक और मामले के मुख्य आरोपित सुहैल ने दोपहिया वाहन से टकराने से करीब एक सेकंड पहले ब्रेक लगाए थे। उस समय कार की रफ्तार 144 किमी प्रति घंटा थी।
सालगांवकर परिवार ने आयोग द्वारा एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से अपने नाम हटाए जाने को चुनौती दी थी। यह तब हुआ जब पता बदलने के लिए उनके द्वारा भरे गए 'फार्म 8' आवेदन को खारिज कर दिया गया था।
गोली नहीं, शांति चाहिए: मणिपुर में हिंसा के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग, निकाली महारैली
मणिपुर के उखरुल जिले में में गुरुवार को सैकड़ों लोगों ने रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने राज्य में हिंसा समाप्त करने, उग्रवादी संगठनों के साथ हुए सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (एसओओ) समझौते को रद करने और उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन को पद से हटाने की मांग की।
मुंबई में ईडी की बड़ी कार्रवाई: दाऊद इब्राहिम के करीबियों पर कसा शिकंजा, 4 करोड़ की संपत्ति जब्त
जांच के आधार पर ईडी ने डोंगरी की 'लम्बाट बिल्डिंग' को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। यह बिल्डिंग फिलहाल सलीम फ्रूट की पत्नी शाजिया सलीम इकबाल कुरैशी के नाम पर है।
मध्य प्रदेश धनतेरस पर सीएम रजिस्ट्री योजना के तहत ग्रामीण संपत्ति पंजीकृत करने और स्वामित्व दस्तावेज जारी करने क
सुप्रीम कोर्ट ने किसे बताया सबसे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन, कहा- इसे लेकर चिंतित हैं
सुप्रीम कोर्ट ने हिरासत में होने वाली हिंसा को सबसे बड़ा मानवाधिकार उल्लंघन करार दिया है। कोर्ट ने कहा कि इसे रोकने की लगातार कोशिश करते रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी देश में यह दुर्भाग्यपूर्ण सच्चाई है।
यूथ ओलंपिक में बैडमिंटन सिल्वर जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं तान्वी
15 साल की तान्वी पत्री ने यूथ ओलंपिक में बैडमिंटन में सिल्वर जीतकर इतिहास रच दिया. वह इस टूर्नामेंट में सिल्वर जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं. फाइनल में उन्होंने चीन की खिलाड़ी को कड़ी टक्कर दी, लेकिन गोल्ड से चूक गईं.
मध्य प्रदेश में ₹63,296 करोड़ की लागत से बनेंगे 5 ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, 1,398 किमी लंबा होगा नेटवर्क
मध्य प्रदेश में ग्रीनफील्ड कॉरिडोर डीपीआर को आगे बढ़ा रहे हैं, 1,398 किमी में फैले पांच एक्सेस-नियंत्रित चार-लेन से आठ
'घुसपैठियों को वोटर बनाना चाहते हैं राहुल': कांग्रेस पर बरसे सीएम फडणवीस, बांग्लादेशी घुसपैठ पर विपक्ष को घेरा- Rahul Gandhi wants to turn infiltrators into voters CM Devendra Fadnavis targets opposition over Bangladeshi
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'बिहार के लाल से AI के उस्ताद तक...' भारतीयों के नाम डायना अवॉर्ड
ब्रिटेन की दिवंगत राजकुमारी डायना की याद में दिए जाने वाले प्रतिष्ठित 'डायना अवॉर्ड्स 2026' की रोल ऑफ ऑनर लिस्ट जारी हो चुकी है. इस बार कुल 198 विजेताओं में से 49 भारतीय युवा हैं. यानी हर चौथा अवॉर्ड विजेता भारतीय है. बिहार के आदर्श कुमार से लेकर दिल्ली के एआई चैंपियंस तक, जानिए कैसे इन युवाओं ने दुनिया भर में देश का मान बढ़ाया है.
चीन में एक दिन में दूसरी बार भूकंप के झटके, 5 की तीव्रता से हिली धरती
चीन में गुरुवार को दो बार भूकंप के झटके दर्ज किए गए. रात में आए भूकंप की तीव्रता सुबह के मुकाबले ज्यादा थी.
'रिजीम चेंज के लिए हिंसा और अशांति फैलाना गलत', बोले RSS) के सरकार्यवाह
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने इंदौर में आयोजित संघ के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की तीन दिवसीय बैठक के समापन अवसर पर देश के मौजूदा हालात और राजनीति को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने राजनीतिक स्वार्थ के लिए समाज में वैमनस्य और अशांति फैलाने की कोशिशों पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है.
दिवाली की मिठास में कैसे घोला जा रहा मिलावट का जहर, देखें 10 तक
दिल्ली से यूपी तक मिलावट का ज़हर दिवाली की मिठास में घोला जा रहा है. दिवाली पर लोगों की ज़िंदगी से बड़ा खिलवाड़ करने का खुलेआम गोरखधंधा चल रहा है. इससे सावधान करना बेहद ज़रूरी है. दिवाली की मिठास पर मिलावटखोरों की कैसे पड़ रही है मार? देखें 10 तक.
झुग्गी वालों की चमकी किस्मत: नई पुनर्वास नीति लागू, 4 लाख परिवारों को पक्का घर
देश की राजधानी दिल्ली में वर्षों से टीन की चादरों, तिरपाल और कच्ची दीवारों के सहारे जीवन बसर कर रहे लाखों गरीब परिवारों के लिए सरकार ने ऐतिहासिक सौगात का ऐलान किया है। दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की 675 झुग्गी-झोपड़ी (JJ Clusters) बस्तियों के पुनर्विकास के लिए 'झुग्गी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति 2026' को आधिकारिक रूप से अधिसूचित (Notified) कर दिया है। इस महत्वाकांक्षी लोक-कल्याणकारी योजना का सीधा लक्ष्य झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लगभग 4 से 5 लाख परिवारों (करीब 20 लाख की आबादी) को आधुनिक सुविधाओं से युक्त पक्के फ्लैट्स में सम्मानजनक जीवन देना है। वर्षों से चुनाव-दर-चुनाव पुनर्वास के वादों के बीच जी रहे इन परिवारों के लिए यह फैसला किसी जीवन-बदलने वाले मोड़ से कम नहीं है, जहां अब झुग्गियों की तंग और अस्वास्थ्यकर गलियों की जगह सुव्यवस्थित बहुमंजिला आवासीय सोसायटियां खड़ी की जाएंगी।कट-ऑफ डेट में सबसे बड़ी राहत: 1 जनवरी 2025 तक की झुग्गियों को मिलेगा लाभइस नई पुनर्वास नीति का सबसे क्रांतिकारी और मानवीय पहलू इसकी संशोधित कट-ऑफ डेट (Cut-off Date) है। इससे पहले वर्ष 2015 की पुरानी नीति के तहत केवल 1 जनवरी 2015 से पूर्व बनी झुग्गियों को ही पुनर्वास के लिए पात्र माना जाता था, जिसके कारण बीते एक दशक में बसी लाखों झुग्गियों के परिवार किसी भी सरकारी राहत से पूरी तरह वंचित हो रहे थे। सरकार ने जनहित में बड़ा कदम उठाते हुए इस कट-ऑफ सीमा को सीधे 10 साल आगे बढ़ाकर 1 जनवरी 2025 निर्धारित कर दिया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि 1 जनवरी 2025 से पहले अस्तित्व में आई सभी जेजे बस्तियों में रहने वाले पात्र परिवारों को पक्के मकान की गारंटी मिलेगी। नीति में यह कानूनी सुरक्षा भी तय की गई है कि जब तक किसी पात्र परिवार को वैकल्पिक पक्का आवास आवंटित नहीं किया जाता, तब तक उसकी मौजूदा झुग्गी को किसी भी हाल में हटाया या तोड़ा नहीं जाएगा।'इन-सीटू' पुनर्वास मॉडल: रोजगार और बच्चों के स्कूल से नहीं छूटेंगे दूरपहले के दौर में झुग्गी पुनर्वास के नाम पर गरीब परिवारों को शहर के सुदूर बाहरी किनारों (जैसे बवाना या नरेला) पर भेज दिया जाता था, जिससे उनके रोजगार, दिहाड़ी मजदूरी और बच्चों की पढ़ाई पर गंभीर संकट खड़ा हो जाता था। नई नीति में इस खामी को पूरी तरह दूर करते हुए 'इन-सीटू रिहैबिलिटेशन' (In-situ Rehabilitation) यानी 'जहां झुग्गी, वहीं मकान' को कानूनी प्राथमिकता दी गई है। योजना के अनुसार, फ्लैट्स का निर्माण उसी झुग्गी क्लस्टर की जमीन पर या उसके अधिकतम 3 किलोमीटर के दायरे में ही किया जाएगा। इससे कामगारों की रोजी-रोटी, घरेलू कामकाज और बच्चों के स्कूल यथावत बने रहेंगे। जब तक बहुमंजिला इमारतों का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक विकासकर्ता (डेवलपर्स) को इन परिवारों के लिए ट्रांजिट कैंप या मकान का किराया (Rental Assistance) उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।25 वर्गमीटर का 1-BHK फ्लैट, संयुक्त मालिकाना हक और भूतल पर प्राथमिकतायोजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को कम से कम 25 वर्गमीटर कारपेट एरिया का सर्वसुविधायुक्त पक्का 1-BHK फ्लैट दिया जाएगा। इन फ्लैट्स में एक कमरा, अलग किचन, मॉडर्न बाथरूम, टॉयलेट और बालकनी की सुविधा होगी। महिलाओं के सशक्तिकरण और पारिवारिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मकान का मालिकाना हक पति और पत्नी के संयुक्त नाम (Joint Ownership) पर आवंटित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त यदि परिवार में कोई दिव्यांग सदस्य है, तो उस परिवार को प्राथमिकता के आधार पर ग्राउंड फ्लोर (भूतल) पर फ्लैट आवंटित किया जाएगा ताकि सीढ़ियों या लिफ्ट की निर्भरता न रहे। एक ही झुग्गी संरचना की अलग-अलग मंजिलों पर स्वतंत्र रूप से रह रहे अलग-अलग परिवारों के दावों की भी निष्पक्ष जांच कर उन्हें स्वतंत्र आवासीय इकाई देने पर विचार का प्रावधान रखा गया है।पहले चरण में सीलमपुर, सुल्तानपुरी और लाजपत नगर से होगी शुरुआतदिल्ली सरकार, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) मिलकर इस वृहद परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर जमीन पर उतार रहे हैं। नीति के पहले चरण के तहत राजधानी के तीन प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रों—सीलमपुर (उत्तर-पूर्वी दिल्ली), सुल्तानपुरी (उत्तर-पश्चिमी दिल्ली) और लाजपत नगर (दक्षिण दिल्ली) की 17 झुग्गी बस्तियों को चिन्हित किया गया है। इन 17 क्लस्टरों में मौजूद 4,870 झुग्गियों को हटाकर उनकी जगह अत्याधुनिक लिफ्ट, सीवरेज नेटवर्क, चौड़ी सड़कें, सामुदायिक भवन और पार्कों से युक्त बहुमंजिला टावर्स का निर्माण शुरू किया जा रहा है। निर्माण लागत की भरपाई के लिए बिल्डरों को जमीन के एक छोटे हिस्से पर व्यावसायिक निर्माण की अनुमति दी जाएगी, जिससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़े बिना गरीबों को मुफ्त व बेहद रियायती दरों पर विश्वस्तरीय आवासीय सुविधाएं मिल सकेंगी।GIS मैपिंग, बायोमेट्रिक सर्वे और पारदर्शी कंप्यूटरीकृत लॉटरीपुनर्वास प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार, फर्जीवाड़े या अपात्र बिचौलियों को बाहर रखने के लिए संपूर्ण प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है। ड्रोन सर्वे और जीआईएस (GIS) मैपिंग के जरिए हर झुग्गी की जियो-टैगिंग की जा रही है। इसके बाद लाभार्थियों का आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन और घर-घर जाकर पात्रता दस्तावेजों (वोटर आईडी, बिजली बिल या राशन कार्ड) की जांच होगी। फ्लैट्स का आवंटन किसी मानवीय सिफारिश के बजाय कंप्यूटरीकृत डिजिटल लॉटरी प्रणाली के माध्यम से सीधे सार्वजनिक मंच पर किया जाएगा। आवासीय परिसरों के निर्माण के बाद अगले 5 वर्षों तक पानी, बिजली, लिफ्ट और सफाई जैसी बुनियादी सेवाओं के रख-रखाव (Maintenance) की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की होगी, जिसके बाद इसे रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को सौंपा जाएगा। यह नई नीति दिल्ली के शहरी परिदृश्य से झुग्गी-झोपड़ी के कलंक को मिटाकर गरीब कामगारों को गरिमापूर्ण जीवन की मुख्यधारा में जोड़ने का ठोस मार्ग प्रशस्त करती है।
Rahul Gandhi पर Devendra Fadnavis का तीखा हमला, लगाया विदेशी साजिश का आरोप
नागपुर, पांच नवंबर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता उस ‘अंतरराष्ट्रीय साजिश’ का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसके जरिये भारत पर पाकिस्तान और बांग्लादेश की तरह एक ‘घोर-वामपंथी’ शासन व्यवस्था थोपने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि गांधी और कांग्रेस बांग्लादेशी घुसपैठियों को वोट देने का अधिकार देना चाहते हैं, ताकि वे संविधान, जनादेश और लोकतंत्र पर कब्जा कर सकें। फडणवीस ने यहां सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ विरोध मार्च में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आज हम यहां लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए एकत्र हुए हैं, जिन्हें कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनके समर्थक निशाना बना रहे हैं। गांधी का कहना है कि अब यह लड़ाई संसद में नहीं, बल्कि सड़कों पर लड़ी जाएगी, लेकिन जब तक संविधान मौजूद है, तब तक यह लड़ाई केवल संसद में ही लड़ी जाएगी। हालांकि, भाजपा भी पूरी ताकत के साथ सड़कों पर लड़ने के लिए तैयार है।’’उन्होंने कहा कि यह लड़ाई भाजपा, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए नहीं, बल्कि देश के संविधान के लिए है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आज, राहुल गांधी के नेतृत्व में किसी तरह की अंतरराष्ट्रीय साजिश चल रही है, और यह कोई मामूली साजिश नहीं है। उन्होंने क्या कहा-‘हम व्यवस्था परिवर्तन चाहते हैं’। व्यवस्था परितवर्तन यानी सिर्फ सरकार बदलना या सत्ता का हस्तांतरण नहीं, बल्कि हम पूरी व्यवस्था को ही बदलना चाहते हैं’।’’फडणवीस ने आरोप लगाया, ‘‘व्यवस्था का क्या अभिप्राय है? इसका अभिप्राय है लोकतंत्र, भारत का संविधान और उस संविधान द्वारा बनाई गई संस्थाएं। वे इन संस्थाओं और खुद संविधान को ही बदलना चाहते हैं।’’महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा कि वे केवल एक सरकार को दूसरी सरकार से बदलना नहीं चाहते हैं। उन्होंने दावा किया, ‘‘वे एक घोर-वामपंथी व्यवस्था लाना चाहते हैं, जैसी कि नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान और श्रीलंका में स्थापित की गई है। आरोप है कि वे इस साजिश के जरिये इसे भारत में थोपना चाहते हैं, और भारत में इस साजिश के मुखिया राहुल गांधी हैं।’’फडणवीस ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका में सत्ता परिवर्तन कराए थे, वे ही लोग राहुल गांधी की मदद कर रहे हैं। उनके सहयोगी राहुल गांधी के आसपास देखे जा सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम नहीं जागे, तो इस साजिश से भारत में लोकतंत्र पूरी तरह से कमजोर हो जाएगा... इसीलिए हम सड़कों पर उतरे हैं। यह तो बस शुरुआत है। हमें यह लड़ाई तब तक जारी रखनी होगी, जब तक कि राहुल गांधी के संविधान-विरोधी और लोकतंत्र-विरोधी इरादों को नाकाम नहीं कर दिया जाता।’’मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लंबे समय से संविधान-विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रही है और जो लोग ‘वोट चोरी’ की बात कर रहे हैं, वास्तव में वे ही संविधान की चोरी कर रहे हैं। फडणवीस ने कहा कि वे वोट की चोरी का दावा करते हैं और उनका कहना है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 13 करोड़ मतदाताओं को हटा दिया गया। उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी से मेरा सवाल यह है कि जिन तीन करोड़ लोगों के नाम हटाए गए हैं, क्या उनकी मृत्यु नहीं हुई है? वे अब जीवित नहीं हैं। और अब राहुल गांधी कह रहे हैं कि शायद उनके वोट भी वापस लाए जाने चाहिए। उन्हें लगता है कि जीवित लोग वोट नहीं देते और केवल मरे हुए लोग ही उन्हें वोट देंगे।’’फडणवीस ने कहा कि संविधान द्वारा बनाई गई संस्थाओं के खिलाफ एक गलत विमर्श गढ़ा जा रहा है।
दिवाली पर गोल्ड लोन का महा-ऑफर: घर में रखे सोने से पूरा करें हर वित्तीय सपना
त्योहारी सीजन में जहां चारों ओर रोशनी और खुशियों का माहौल है, वहीं घरों में रिनोवेशन, नए कारोबार के विस्तार, शादी-ब्याह की अग्रिम खरीदारी या पुराने महंगे कर्जों को चुकाने के लिए अक्सर एकमुश्त नकदी की तत्काल जरूरत पड़ जाती है। ऐसे समय में पर्सनल लोन की सख्त औपचारिकताओं और कागजी पचड़ों में उलझने के बजाय देश के प्रमुख बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) ने ग्राहकों के लिए विशेष फेस्टिव गोल्ड लोन ऑफर्स का पिटारा खोल दिया है। सोना रखिए और तुरंत पैसा पाइए के तहत पेश किए गए इन नए अभियानों में ग्राहक अपनी घरेलू ज्वेलरी या स्वीकृत सोने के सिक्कों के बदले 60 लाख रुपये तक की भारी-भरकम ऋण राशि तुरंत हासिल कर सकते हैं। त्योहारी मौसम में प्रोसेसिंग फीस में भारी छूट, ब्याज दरों में रियायत और 30 से 60 मिनट के भीतर खाते में सीधे पैसे ट्रांसफर होने की सुविधा ने इसे इस फेस्टिव सीजन का सबसे लोकप्रिय वित्तीय साधन बना दिया है।खराब सिबिल स्कोर वालों के लिए संजीवनी: क्रेडिट हिस्ट्री की नो-टेंशनआमतौर पर जब कोई व्यक्ति किसी बैंक में अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करता है, तो बैंक सबसे पहले उसका क्रेडिट स्कोर (CIBIL Score) खंगालता है। यदि सिबिल स्कोर 700 या 750 से कम हो, तो या तो आवेदन खारिज कर दिया जाता है या फिर बेहद ऊंची ब्याज दरों की शर्त थोप दी जाती है। लेकिन गोल्ड लोन की दुनिया में यह नियम पूरी तरह बदल जाता है। गोल्ड लोन एक सुरक्षित ऋण (Secured Loan) होता है, जहां आपका शुद्ध सोना बैंक की सुरक्षित तिजोरी में कानूनी रूप से बंधक (Colateral) रहता है। चूंकि कर्ज देने वाले वित्तीय संस्थान के पास सोने के रूप में शत-प्रतिशत सुरक्षा मौजूद रहती है, इसलिए ऋण की स्वीकृति में सिबिल स्कोर प्राथमिक शर्त नहीं बनता। यदि किसी व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर किसी पुराने विवाद या चूक के कारण खराब हो चुका है, तब भी उसे सोने की शुद्धता और वजन के आधार पर बिना किसी रुकावट के तुरंत लोन मिल जाता है। उल्टे, गोल्ड लोन की किस्तों का समय पर भुगतान करके आप अपने बिगड़े हुए सिबिल स्कोर को तेजी से सुधार भी सकते हैं।आरबीआई का एलटीवी फॉर्मूला: 60 लाख रुपये पाने के लिए कितना सोना जरूरी?गोल्ड लोन में मिलने वाली कुल रकम का निर्धारण भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के लोन-टू-वैल्यू (LTV) दिशानिर्देशों के तहत होता है। वर्तमान बैंकिंग नियमों के अनुसार, बैंक और एनबीएफसी सोने के बाजार मूल्य का 75% तक हिस्सा लोन के रूप में वितरित कर सकते हैं। यानी यदि आपके द्वारा गिरवी रखे गए 18 से 22 कैरेट सोने का शुद्ध बाजार मूल्यांकन 1 करोड़ रुपये बैठता है, तो बैंक आपको अधिकतम 75 लाख रुपये तक का लोन दे सकता है। ऐसे में 60 लाख रुपये का अधिकतम लोन हासिल करने के लिए आपके पास लगभग 80 लाख रुपये मूल्य का शुद्ध सोना होना आवश्यक है। मूल्यांकन के दौरान सोने में जड़े हुए पत्थरों (Gems/Stones), मोतियों और अशुद्धियों का वजन पूरी तरह घटाकर केवल शुद्ध 22K या 18K सोने के वजन पर ही लोन वैल्यू की गणना की जाती है। रिकॉर्ड स्तर पर चल रहे सोने के भावों ने ग्राहकों को कम वजन के गहनों पर भी पहले के मुकाबले कहीं अधिक लोन राशि उठाने का सुनहरा अवसर दिया है।रीपेमेंट के लचीले विकल्प: सिर्फ ब्याज चुकाएं, मूलधन बाद में देंगोल्ड लोन की सबसे बड़ी खासियत इसके भुगतान के अनूठे और लचीले विकल्प हैं, जो पर्सनल लोन की पारंपरिक मासिक ईएमआई से काफी अलग और तनावमुक्त होते हैं। ग्राहक अपनी सुविधा और कैश-फ्लो के अनुसार रीपेमेंट मोड चुन सकते हैं। पहला विकल्प है 'बुलेट रीपेमेंट' (Bullet Repayment), जिसमें लोन अवधि (जैसे 6 या 12 महीने) के दौरान आपको हर महीने कोई ईएमआई नहीं देनी होती; अवधि पूरी होने पर मूलधन और ब्याज का एकमुश्त भुगतान करके अपने गहने वापस छुड़ाए जा सकते हैं। दूसरा विकल्प है 'मंथली इंटरेस्ट ओनली', जहां आप हर महीने केवल मामूली ब्याज की रकम चुकाते हैं और लोन के अंत में मूलधन वापस कर देते हैं, जिससे मासिक बजट पर कोई दबाव नहीं पड़ता। तीसरा विकल्प नियमित ईएमआई का होता है, और चौथा विकल्प 'गोल्ड ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी' का है, जिसमें स्वीकृत 60 लाख रुपये की लिमिट में से आप जितनी राशि जितने दिनों के लिए निकालते हैं, केवल उतने पर ही ब्याज लगता है।सुरक्षित लॉकर स्टोरेज, न्यूनतम दस्तावेज और सावधानी के नियमअक्सर लोगों के मन में यह आशंका होती है कि बैंक में रखा उनका पुश्तैनी सोना सुरक्षित रहेगा या नहीं। स्पष्ट कर दें कि सभी अधिकृत बैंक और प्रतिष्ठित एनबीएफसी गिरवी रखे गए सोने को अपने हाई-सिक्योरिटी फायर-प्रूफ स्ट्रॉन्ग रूम में सीलबंद पैकेट में रखते हैं और इसका 100% बीमा होता है। आवेदन के लिए केवल न्यूनतम केवाईसी दस्तावेज—जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो की आवश्यकता होती है। किसी सैलरी स्लिप, इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) या बैलेंस शीट की बाध्यता नहीं होती। हालांकि, गोल्ड लोन लेते समय यह ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है कि यदि आप निर्धारित समय सीमा में ब्याज या मूलधन नहीं चुका पाते हैं, तो बैंक नोटिस जारी करने के बाद सोने की नीलामी (Auction) करके अपना बकाया वसूल कर सकते हैं। इसलिए अपनी वास्तविक पुनर्भुगतान क्षमता का सटीक आकलन करके ही लोन राशि उठाएं ताकि त्योहारी सीजन में आर्थिक जरूरतों को पूरा करते हुए पारिवारिक संपत्ति भी पूरी तरह सुरक्षित रहे।
UP Government ने कर्मचारियों को दिया दिवाली तोहफा, 30 दिन के बोनस का ऐलान
लखनऊ, पांच नवंबर उत्तर प्रदेश सरकार ने दीपावली से पहले राज्य कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 30 दिन के बोनस को मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार द्वारा बृहस्पतिवार को जारी एक बयान के मुताबिक इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है। बयान के मुताबिक शासनादेश के तहत गैर राजपत्रित राज्य कर्मचारियों के अलावा शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के पात्र कर्मचारियों को भी बोनस का लाभ मिलेगा। शासनादेश के मुताबिक बोनस की कुल राशि का 25 प्रतिशत नकद भुगतान किया जाएगा जबकि शेष 75 प्रतिशत राशि संबंधित कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते में जमा की जाएगी। बयान के मुताबिक सेवानिवृत्त हो चुके और जल्द सेवानिवृत्त होने वाले पात्र कर्मचारियों को बोनस की पूरी राशि नकद दी जाएगी। बयान के अनुसार सरकार ने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी बोनस के दायरे में शामिल किया है और उनके लिए अधिकतम 1,184 रुपये बोनस देने का प्रावधान किया गया है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के बड़ी संख्या में कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
इस्तीफा देने के बाद नहीं मिलेंगे भत्ते और सुविधाएं? सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने संवैधानिक पदों से इस्तीफा देने वालों को मिलने वाले भत्तों और सुविधाओं को रोकने की याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।
PF निकासी, ब्याज और ट्रांसफर में उलझन? EPFO के 12 बड़े सवालों के आसान जवाब
नौकरीपेशा कर्मचारियों के मासिक वेतन से हर महीने कटने वाला प्रोविडेंट फंड (PF) केवल एक अनिवार्य कटौती नहीं, बल्कि भविष्य की सबसे बड़ी वित्तीय सुरक्षा है। लेकिन जब बात पीएफ पासबुक में जमा बैलेंस को समझने, सालाना ब्याज क्रेडिट होने के समय, नौकरी बदलने पर फंड ट्रांसफर करने या आपात स्थिति में निकासी की आती है, तो अधिकांश कर्मचारी नियमों की जटिलता में उलझ जाते हैं। किस फॉर्म को कब भरना है, क्या नौकरी छोड़ने के बाद पीएफ पर ब्याज मिलता रहता है, और कितने दिन की बेरोजगारी के बाद पूरा पैसा निकाला जा सकता है—जैसे सवाल अक्सर कर्मचारियों को परेशान करते हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के आधिकारिक दिशा-निर्देशों और ईपीएफ नियमों के आधार पर तैयार किए गए इन 12 प्रमुख सवालों और उनके विस्तृत उत्तरों के जरिए आप अपने पीएफ खाते से जुड़े हर भ्रम को आसानी से दूर कर सकते हैं।सवाल 1 से 4: वेतन कटौती, पेंशन शेयर और ब्याज का पूरा हिसाबसवाल 1: वेतन से कटने वाले 12% पीएफ का विभाजन ईपीएफ और ईपीएस में कैसे होता है?कर्मचारी के मूल वेतन (Basic Salary) और महंगाई भत्ते (DA) का 12% सीधे कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में जमा होता है। नियोक्ता (कंपनी) भी 12% का बराबर योगदान देती है, लेकिन नियोक्ता के इस 12% हिस्से को दो भागों में बांटा जाता है: 8.33% हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जाता है (अधिकतम 15,000 रुपये की वैधानिक वेतन सीमा पर 1,250 रुपये प्रतिमाह) और शेष 3.67% हिस्सा सीधे ईपीएफ खाते में जमा होता है। इसके अलावा कंपनी 0.50% ईडीएलआई (बीमा) और 0.50% प्रशासनिक शुल्क का अलग से वहन करती है।सवाल 2: ईपीएफ खाते में ब्याज की गणना कैसे होती है और यह खाते में कब जुड़ता है?ईपीएफओ ब्याज की गणना मासिक रनिंग बैलेंस (Monthly Running Balance) के आधार पर करता है। यानी हर महीने के अंत में आपके खाते में जो शुद्ध बैलेंस होता है, उस पर महीने का आनुपातिक ब्याज कैलकुलेट किया जाता है। हालांकि, यह ब्याज हर महीने पासबुक में नहीं दिखता। पूरे वित्तीय वर्ष का संचित ब्याज वित्त वर्ष समाप्त होने के बाद (आमतौर पर वित्त मंत्रालय की अंतिम अधिसूचना के बाद) वित्तीय वर्ष के अंत में 31 मार्च की प्रभावी तिथि से आपके पीएफ खाते में एकमुश्त क्रेडिट किया जाता है।सवाल 3: नौकरी छोड़ने या लंबे समय तक बेरोजगार रहने पर क्या पीएफ पर ब्याज मिलता रहेगा?यदि कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ देता है और किसी नई कंपनी में योगदान शुरू नहीं होता है, तब भी 58 वर्ष की आयु (सेवानिवृत्ति) तक उसके पीएफ खाते में जमा शेष राशि पर नियमित वार्षिक ब्याज मिलता रहता है। ईपीएफ नियमों के तहत कोई खाता केवल तब इनऑपरेटिव (Inoperative) माना जाता है जब कर्मचारी 58 वर्ष की आयु पूरी कर ले और उसके बाद 36 महीने (3 साल) तक निकासी के लिए कोई आवेदन न करे। 58 वर्ष की आयु से पहले खाता कभी निष्क्रिय नहीं होता और ब्याज क्रेडिट होता रहता है।सवाल 4: क्या पीएफ पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है?आयकर नियमों के अनुसार, यदि किसी वित्तीय वर्ष में कर्मचारी का स्वयं का ईपीएफ और वीपीएफ (VPF) योगदान 2.50 लाख रुपये से अधिक हो जाता है, तो 2.50 लाख रुपये से अतिरिक्त जमा राशि पर अर्जित ब्याज कर योग्य (Taxable) हो जाता है। जिन मामलों में नियोक्ता का कोई योगदान नहीं होता, वहां यह सीमा 5 लाख रुपये है। कर योग्य ब्याज को आपकी 'अन्य स्रोतों से आय' में जोड़कर आपके आयकर स्लैब के अनुसार टैक्स काटा जाता है।सवाल 5 से 8: नौकरी बदलने पर ट्रांसफर और केवाईसी प्रक्रियासवाल 5: नौकरी बदलने पर क्या नया यूएएन (UAN) बनवाना पड़ता है या पुराना ही चलता है?एक व्यक्ति के पूरे कामकाजी जीवन में केवल एक ही यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) होता है। नौकरी बदलते समय आपको अपनी नई कंपनी को अपना मौजूदा यूएएन और आधार विवरण देना होता है। नई कंपनी उसी यूएएन के तहत एक नई मेंबर आईडी (Member ID) जनरेट करती है। यदि किसी कारणवश दो अलग-अलग यूएएन बन गए हैं, तो तुरंत ईपीएफओ पोर्टल पर पुराने यूएएन को नए यूएएन में मर्ज करने की ऑनलाइन रिक्वेस्ट दर्ज करनी चाहिए, क्योंकि दो सक्रिय यूएएन रखना नियमों के विरुद्ध है।सवाल 6: पुरानी कंपनी का पीएफ बैलेंस नई कंपनी के खाते में ऑनलाइन कैसे ट्रांसफर करें?नौकरी बदलने के बाद पुराने पीएफ फंड को नई मेंबर आईडी में ट्रांसफर करना बेहद आसान है। इसके लिए मेंबर सेवा पोर्टल पर लॉगिन करें और 'Online Services' मेन्यू में जाकर 'One Member - One EPF Account (Transfer Request)' पर क्लिक करें। यहां अपनी पिछली मेंबर आईडी चुनें और सत्यापन के लिए वर्तमान या पिछले नियोक्ता में से किसी एक का चयन करें। इसके बाद आधार रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आने वाले ओटीपी के जरिए फॉर्म सबमिट करें। नियोक्ता के डिजिटल सत्यापन के कुछ दिनों बाद पुराना पैसा नए खाते में ट्रांसफर हो जाता है।सवाल 7: पीएफ खाते में बैंक खाता, पैन और आधार लिंक (KYC) होना क्यों जरूरी है?ईपीएफओ ने सभी ऑनलाइन सेवाओं के लिए 100% डिजिटल केवाईसी अनिवार्य कर दी है। यदि आपका आधार यूएएन से लिंक और वेरिफाइड नहीं है, तो कंपनी आपके खाते में मासिक अंशदान जमा नहीं कर पाएगी। पैन कार्ड लिंक न होने पर निकासी के समय 10% के सामान्य टीडीएस की जगह 34.6% तक की अधिकतम दर पर टीडीएस कट सकता है। बैंक खाता संख्या और आईएफएससी कोड सही न होने पर ऑनलाइन क्लेम का पैसा बैंक द्वारा रिजेक्ट होकर वापस ईपीएफओ को लौट जाता है।सवाल 8: क्या नौकरी में रहते हुए वॉलंटरी प्रोविडेंट फंड (VPF) के जरिए 12% से ज्यादा कटौती कराई जा सकती है?हां, कोई भी कर्मचारी अपने अनिवार्य 12% ईपीएफ के अलावा अपनी बेसिक सैलरी और डीए का 88% तक अतिरिक्त हिस्सा वीपीएफ के रूप में कटवा सकता है (यानी कुल 100% तक बेसिक+डीए)। वीपीएफ पर भी सामान्य ईपीएफ के बराबर ही सुरक्षित सरकारी ब्याज मिलता है और इसमें 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है। इसके लिए कर्मचारी को अपने संस्थान के एचआर/पेरोल विभाग में वीपीएफ फॉर्म भरकर देना होता है।सवाल 9 से 12: एडवांस, फुल विड्रॉल और पेंशन के नियमसवाल 9: नौकरी में रहते हुए किन जरूरतों के लिए पीएफ से एडवांस निकाला जा सकता है?ईपीएफओ फॉर्म 31 के तहत कई आपातकालीन और सामाजिक दायित्वों के लिए नॉन-रिफंडेबल एडवांस की सुविधा देता है। इसमें स्वयं या आश्रितों की गंभीर बीमारी के इलाज के लिए, घर खरीदने या निर्माण के लिए (न्यूनतम 5 वर्ष की सेवा), स्वयं या बच्चों की उच्च शिक्षा व शादी के लिए (न्यूनतम 7 वर्ष की सेवा), और प्राकृतिक आपदा या महामारी के दौरान तत्काल आर्थिक सहायता शामिल है। बीमारी और महामारी के लिए दिए जाने वाले एडवांस पर कोई लॉक-इन या न्यूनतम सेवा अवधि की शर्त लागू नहीं होती।सवाल 10: पूरा पीएफ और पेंशन का पैसा कब निकाला जा सकता है?नौकरी छोड़ने के बाद पूरे पीएफ फंड की अंतिम निकासी (Final Settlement) के लिए फॉर्म 19 और फॉर्म 10C भरा जाता है। ईपीएफओ के नियमों के मुताबिक, नौकरी छोड़ने के 1 महीने बाद आप अपने कुल पीएफ बैलेंस का 75% तक एडवांस के रूप में निकाल सकते हैं, और यदि 2 महीने (60 दिन) तक लगातार बेरोजगार रहते हैं, तो शेष 25% बैलेंस और पेंशन (EPS) का पूरा पैसा एक साथ निकाला जा सकता है। सेवानिवृत्ति की स्थिति में 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर बिना किसी प्रतीक्षा अवधि के पूरा पैसा निकाला जा सकता है।सवाल 11: 5 साल से कम की नौकरी में पीएफ निकालने पर क्या टैक्स कटता है?यदि किसी कर्मचारी की कुल निरंतर सेवा (Continuous Service) 5 वर्ष से कम है और वह अपना पीएफ निकालता है, तो निकाली गई राशि कर योग्य होती है। यदि कुल निकासी राशि 50,000 रुपये या उससे अधिक है, तो पैन कार्ड जमा होने पर 10% टीडीएस काटा जाता है। यदि पैन लिंक नहीं है, तो अधिकतम दर (34.6%) से टीडीएस कटता है। हालांकि, गंभीर बीमारी, कंपनी बंद होने या कर्मचारी के नियंत्रण से बाहर के कारणों से नौकरी छूटने पर 5 साल से पहले भी कोई टीडीएस नहीं कटता। 5 साल की निरंतर सेवा पूरी होने के बाद पीएफ निकासी पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है।सवाल 12: ईपीएस (EPS) पेंशन कब शुरू होती है और इसके लिए न्यूनतम सेवा अवधि क्या है?कर्मचारी पेंशन योजना के तहत मासिक पेंशन पाने के लिए कर्मचारी की कुल ईपीएस सेवा न्यूनतम 10 वर्ष (120 महीने) होनी चाहिए। 10 वर्ष की पात्र सेवा पूरी करने के बाद 58 वर्ष की आयु से नियमित मासिक पेंशन शुरू हो जाती है। यदि कोई चाहे तो 50 वर्ष की आयु के बाद अर्ली पेंशन (कम दर पर) भी ले सकता है। यदि कुल सेवा अवधि 10 वर्ष से कम है, तो कर्मचारी पेंशन का पैसा फॉर्म 10C के जरिए एकमुश्त विड्रॉ कर सकता है या नई नौकरी मिलने तक स्कीम सर्टिफिकेट (Scheme Certificate) लेकर अपनी सेवा अवधि को सुरक्षित रख सकता है।
Earthquake in Jammu and Kashmir : जम्मू-कश्मीर में भूकंप के झटके, दहशत में घर से निकले लोग
जम्मू-कश्मीर की कश्मीर घाटी में गुरुवार देर रात भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। अचानक धरती हिलने से लोगों में कुछ देर के लिए दहशत फैल गई। एहतियात के तौर पर कई इलाकों में लोग अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। हालांकि, शुरुआती जानकारी के ...
मिडटर्म चुनावों में ट्रंप की हार से कैसे झूमे दुनियाभर के शेयर बाजार, देखें ब्लैक & व्हाइट
अमेरिका के मिडटर्म चुनावों ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी ने संसद के दोनों सदनों में बहुमत खो दिया. ट्रंप की इस सियासी बर्बादी ने दुनियाभर के शेयर बाजारों के लिए एक ऐतिहासिक 'दिवाली' ला दी. नतीजों के तुरंत बाद अकेले भारतीय निवेशकों की झोली में 6 लाख करोड़ रुपये की बरसात हुई, तो वहीं ग्लोबल मार्केट में 165 लाख करोड़ रुपये का बंपर इजाफा दर्ज किया गया. देखें ब्लैक एंड व्हाइट.
पीएम आवास के पास कीमती जमीन की वापसी, वायु सेना ने L&DO को सौंपा 39.5 एकड़ का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
भारतीय वायु सेना ने नई दिल्ली के रेस कोर्स एयर फोर्स स्टेशन स्थित 39.5 एकड़ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की जमीन L&DO को सौंप दी है।
मधुबनी में ASI फायरिंग कांड पर भड़के तेजस्वी, बोले- रक्षक ही भक्षक बन गए
मधुबनी के बलिराजगढ़ में ASI की फायरिंग से हुई मौत का मामला अब सियासी रंग लेता दिख रहा है. पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को घेरा. उन्होंने पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार में रक्षक ही भक्षक बन गए हैं. साथ ही आरोपी ASI की गिरफ्तारी और एनकाउंटर की मांग भी की.
PM Modi का 21 नवंबर को Vaishali दौरा, औद्योगिक गलियारा परियोजनाओं की देंगे सौगात
पटना, पांच नवंबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 नवंबर को बिहार के वैशाली जिले का दौरा करेंगे। इस दौरान वह औद्योगिक गलियारे से जुड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन करने के साथ ही एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। सरावगी ने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेताओं की बैठक में प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों की समीक्षा की गई। राज्य में राजग सरकार के एक साल पूरे होने के अगले दिन प्रधानमंत्री का यह दौरा प्रस्तावित है। उन्होंने कहा, 20 नवंबर को राज्य की मौजूदा राजग सरकार का एक साल पूरा हो जाएगा। यह एक ऐतिहासिक अवसर होगा और प्रधानमंत्री के 21 नवंबर को बिहार आने से यह और खास बन जाएगा। उनका कार्यक्रम वैशाली जिले के जफरपट्टी में प्रस्तावित है, जहां 1,650 एकड़ क्षेत्र में औद्योगिक गलियारा विकसित किया जा रहा है। सरावगी ने कहा कि प्रधानमंत्री इस अवसर पर बिहार को कई सौगात दे सकते हैं और विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन करने की भी संभावना है। सरावगी ने दो निर्दलीय विधान परिषद सदस्यों के भाजपा में शामिल होने के दावे के बाद जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में कथित नाराजगी से जुड़े सवाल को टाल दिया। जदयू के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने इस साल अप्रैल में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। निर्दलीय विधान परिषद सदस्य ब्रजभूषण ब्रजवासी और राहुल राज ने भाजपा में शामिल होने का दावा किया है। दोनों हाल ही में तिरहुत स्नातक और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से विधान परिषद के लिए निर्वाचित हुए हैं। इन दोनों सीटों पर जदयू ने अपने उम्मीदवार उतारे थे। बैठक में मौजूद जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने संवाददाताओं से कहा, कृपया किसी तरह की नकारात्मकता न पालें। राजग पूरी तरह एकजुट है। जैसा कि बताया गया है, मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक प्रधानमंत्री के दौरे की तैयारियों को लेकर केंद्रित थी। उन्होंने कहा, मेरे लिए विशेष रूप से यह गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री मेरे जिले का दौरा कर रहे हैं। कुशवाहा महनार विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। विधान परिषद चुनावों में जदयू के प्रदर्शन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि इस संबंध में पार्टी कार्यालय में दिन में पहले ही समीक्षा बैठक की जा चुकी है। कुशवाहा ने कहा, हमने चार सीट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन केवल एक सीट पर जीत हासिल कर सके। सभी उम्मीदवार पार्टी की बैठक में शामिल हुए थे। उनसे चुनाव के संबंध में प्रतिक्रिया ली गई है और उसी के आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
रूस ने अपने नागरिकों को ईरान की यात्रा नहीं करने की सलाह दी
जखारोवा ने महत्वपूर्ण परिवहन, ऊर्जा या सैन्य बुनियादी ढांचे की वीडियो रिकॉर्डिंग करने के खिलाफ भी चेतावनी दी. इंटरफैक्स ने ब्रीफिंग से उनके ये बयान जारी किए.
भारत-फिलीपींस के बीच 800 मिलियन डॉलर की बड़ी डिफेंस डील, मनीला फिर खरीदेगा 60 ब्रह्मोस मिसाइलें
भारत और फिलीपींस के बीच एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौता अंतिम चरण में है, जिसके तहत फिलीपींस लगभग 60 ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें खरीदेगा, जिसकी अनुमानित कीमत 700-800 मिलियन डॉलर है।
FD में ब्याज का चुनाव: मासिक पेआउट बनाम कम्युलेटिव विकल्प
बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में जब भी कोई व्यक्ति अपनी गाढ़ी कमाई जमा करता है, तो बैंक फॉर्म भरते समय सबसे पहला विकल्प यही पूछता है कि ब्याज का भुगतान कैसे चाहिए—हर महीने (Non-Cumulative/Monthly Payout) या फिर एफडी की अवधि पूरी होने पर एकमुश्त (Cumulative/At Maturity)। पहली नजर में यह केवल भुगतान के समय का चुनाव लगता है, लेकिन वित्तीय रूप से यह फैसला आपके कुल मुनाफे पर गहरा असर डालता है। दोनों विकल्पों का अपना अलग महत्व और गणित है। एक तरफ जहां मासिक ब्याज नियमित घरेलू खर्चों, पेंशनरों और मेडिकल बिलों के लिए लिक्विडिटी का सहारा बनता है, वहीं दूसरी तरफ मैच्योरिटी पर ब्याज लेने से अल्बर्ट आइंस्टीन के 'आठवें अजूबे' यानी चक्रवृद्धि ब्याज (Power of Compounding) का पूरा फायदा मिलता है। 5 लाख रुपये जैसी एकमुश्त राशि पर यह अंतर हजारों रुपये के मुनाफे में तब्दील हो जाता है, जिसे समझने के बाद ही सही विकल्प का चयन करना चाहिए।मंथली पेआउट और कम्युलेटिव के बुनियादी नियम कैसे काम करते हैं?बैंकों में ब्याज की गणना की प्रणाली को समझना आवश्यक है। जब आप कम्युलेटिव (Cumulative) विकल्प चुनते हैं, तो बैंक आपकी जमा राशि पर हर तिमाही (Quarterly) आधार पर ब्याज की गणना करता है। पहली तिमाही का ब्याज आपके मूलधन में जुड़ जाता है, और अगली तिमाही में आपको मूलधन के साथ-साथ पिछले ब्याज पर भी ब्याज मिलता है। इसे तिमाही चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) कहा जाता है। इसके विपरीत, जब आप नॉन-कम्युलेटिव या मासिक पेआउट (Monthly Payout) चुनते हैं, तो बैंक हर महीने आपका अर्जित ब्याज आपके सेविंग्स अकाउंट में ट्रांसफर कर देता है। चूंकि बैंक आपको तिमाही खत्म होने से पहले ही हर महीने पैसा दे रहा होता है, इसलिए आरबीआई के नियमों के अनुसार बैंक मासिक ब्याज की गणना डिस्काउंटेड दर (Discounted Rate) पर करता है ताकि प्रभावी दर तिमाही के बराबर रहे। इसका नतीजा यह होता है कि आपका मूलधन हमेशा 5 लाख रुपये ही बना रहता है और उस पर कोई चक्रवृद्धि ब्याज नहीं जुड़ पाता।5 लाख की FD पर सटीक कैलकुलेशन: किसमें कितना मिलेगा रिटर्न?आइए 5 लाख रुपये की एफडी पर 5 साल की अवधि और 7.00% वार्षिक ब्याज दर का वास्तविक उदाहरण लेकर दोनों विकल्पों की सीधी तुलना करते हैं। यदि आप 5 लाख रुपये कम्युलेटिव एफडी में 5 साल के लिए 7.00% की दर से जमा करते हैं, तो तिमाही चक्रवृद्धि के आधार पर मैच्योरिटी पर आपको कुल लगभग 7,07,389 रुपये मिलेंगे। यानी आपको 5 साल में कुल 2,07,389 रुपये का शुद्ध ब्याज मिलेगा। वहीं यदि आप इसी 5 लाख रुपये पर मासिक पेआउट का विकल्प चुनते हैं, तो डिस्काउंटेड मासिक फॉर्मूले के तहत आपको हर महीने लगभग 2,897 रुपये का ब्याज आपके बचत खाते में भेजा जाएगा। 5 साल (60 महीने) में आपको कुल लगभग 1,73,820 रुपये का ब्याज मिलेगा और अंत में आपका 5 लाख रुपये का मूलधन वापस मिल जाएगा। इस तरह समान 5 लाख रुपये और समान ब्याज दर पर कम्युलेटिव विकल्प में आपको लगभग 33,569 रुपये का सीधा अतिरिक्त मुनाफा होता है।मासिक पेआउट किसके लिए सबसे बेहतर और व्यावहारिक है?भले ही कम्युलेटिव एफडी में कुल रिटर्न अधिक दिखता हो, लेकिन मासिक पेआउट उन लोगों के लिए वरदान साबित होता है जिन्हें नियमित कैश-फ्लो की आवश्यकता होती है। सेवानिवृत्त कर्मचारी, वरिष्ठ नागरिक या ऐसे परिवार जिनकी कोई निश्चित मासिक आय नहीं है, उनके लिए हर महीने मिलने वाला 2,800 से 3,000 रुपये का ब्याज दवाइयों, बिजली-पानी के बिल या दैनिक राशन के खर्च को पूरा करने में आत्मनिर्भर बनाता है। यदि आप ब्याज मैच्योरिटी के लिए छोड़ देंगे, तो 5 साल तक आपको अपने दैनिक खर्चों के लिए किसी अन्य पर निर्भर रहना पड़ेगा या बचत खाते से पैसे निकालने पड़ेंगे। इसके अलावा यदि कोई व्यक्ति मासिक ब्याज को सीधे बचत खाते में न रखकर किसी अच्छे म्यूचुअल फंड में हर महीने एसआईपी (SIP) के रूप में ट्रांसफर कर देता है, तो वह लंबी अवधि में बैंक के कम्युलेटिव रिटर्न से भी कहीं अधिक वेल्थ क्रिएट कर सकता है।टैक्स देनदारी (TDS) और अंतिम फैसला: आपके लिए क्या है सही?एफडी पर मिलने वाले ब्याज को लेकर आयकर नियमों को जानना भी बेहद महत्वपूर्ण है। बहुत से लोग यह सोचते हैं कि कम्युलेटिव एफडी में चूंकि पैसा मैच्योरिटी पर 5 साल बाद मिलता है, इसलिए टैक्स भी अंत में लगेगा, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। आयकर नियमों के अनुसार, बैंक हर वित्तीय वर्ष में आपके खाते में अर्जित (accrued) ब्याज पर टीडीएस (TDS) काटते हैं, चाहे ब्याज आपके खाते में भेजा गया हो या मूलधन में जोड़ा गया हो। सामान्य नागरिकों के लिए एक वित्त वर्ष में 40,000 रुपये और वरिष्ठ नागरिकों के लिए धारा 80TTB के तहत 50,000 रुपये से अधिक का ब्याज होने पर 10% टीडीएस कटता है। इसलिए यदि आपको अगले 3 से 5 साल तक पैसों की कोई तत्काल आवश्यकता नहीं है और आपका मुख्य लक्ष्य पूंजी को अधिकतम बढ़ाना है, तो हमेशा 'मैच्योरिटी पर ब्याज' (Cumulative) का विकल्प चुनें। वहीं यदि आपको घर चलाने के लिए नियमित पेंशन जैसी आय चाहिए, तो बिना झिझक 'मासिक पेआउट' का चयन करें।
कन्नौज पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया यह घटना जगतपुर गांव, थाना छिबरामऊ क्षेत्र की है. सुखबीर सिंह नामक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करने के कारण उसे कमरे में बंद करके आग लगा दी, जिससे उसकी जलकर मृत्यु हो गई.
कटिहार पुलिस लाइन में घुसा नकली पुलिसकर्मी, 12 दिन बाद शक हुआ तो खुल गई बड़ी पोल
सदर डीएसपी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस इस बात की गंभीरता से जांच कर रही है.
PNB 5 Lakh FD: सुरक्षित रिटर्न चाहने वाले बुजुर्गों के लिए भरोसेमंद विकल्प
सेवानिवृत्ति के बाद अधिकांश वरिष्ठ नागरिकों की पहली प्राथमिकता अपनी जमा पूंजी को पूरी तरह सुरक्षित रखना और उस पर नियमित व निश्चित आय अर्जित करना होता है। शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड के उतार-चढ़ाव भरे जोखिम से दूर रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) हमेशा से एक पसंदीदा संस्थान रहा है। हालिया ब्याज दरों की समीक्षा के बाद पीएनबी ने अपनी सावधि जमा (Fixed Deposit) योजनाओं पर आकर्षक रिटर्न की पेशकश की है। यदि कोई वरिष्ठ नागरिक बैंक में 5 लाख रुपये की एकमुश्त राशि 5 साल की अवधि के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करता है, तो उसे आम ग्राहकों की तुलना में सीधे 50 बेसिस प्वाइंट्स (0.50%) का अतिरिक्त ब्याज लाभ दिया जाता है। यह अतिरिक्त ब्याज दर 5 साल की लंबी अवधि में चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) होकर हजारों रुपये का बड़ा वित्तीय अंतर पैदा कर देती है, जिससे बुजुर्गों को मैच्योरिटी पर बंपर रिटर्न हासिल होता है।ब्याज दरों का पूरा गणित: सामान्य ग्राहक बनाम सीनियर सिटीजनपंजाब नेशनल बैंक की आधिकारिक ब्याज दरों के अनुसार, 5 साल (और 1205 दिन से 5 वर्ष तक) की अवधि वाली एफडी पर आम नागरिकों (General Public) को 6.10% प्रति वर्ष की दर से ब्याज दिया जाता है। वहीं 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) को इसी अवधि के लिए 6.60% प्रति वर्ष का विशेष ब्याज ऑफर किया जा रहा है। इसके अलावा 80 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के सुपर सीनियर सिटीजन्स (Super Senior Citizens) के लिए बैंक 6.90% से 7.15% तक का और अधिक ब्याज प्रदान करता है। सरकारी बैंकों में मिलने वाली यह अतिरिक्त दर वरिष्ठ नागरिकों को महंगाई से निपटने और जीवनयापन के खर्चों को सुचारू रूप से चलाने में बड़ी मदद करती है। बैंकों में एफडी पर ब्याज की गणना हर तिमाही आधार पर कम्पाउंड होकर मूलधन में जुड़ती है, जिसके कारण वास्तविक प्रभावी यील्ड (Effective Annual Yield) सामान्य ब्याज दर से भी अधिक निकलकर आती है।5 लाख के निवेश पर सटीक कैलकुलेशन: कितने हजार रुपये अधिक होगी कमाई?आइए इसे सटीक आंकड़ों के साथ समझें कि 5 लाख रुपये के एकमुश्त निवेश पर 5 साल बाद किसे कितना लाभ मिलेगा। यदि कोई सामान्य नागरिक (60 वर्ष से कम आयु) पीएनबी में 5 लाख रुपये की 5 वर्षीय एफडी करवाता है, तो 6.10% वार्षिक ब्याज दर (तिमाही चक्रवृद्धि) के हिसाब से 5 साल में उसे कुल लगभग 1,76,966 रुपये का ब्याज प्राप्त होगा, और मैच्योरिटी पर कुल राशि 6,76,966 रुपये बनेगी। इसके विपरीत, जब कोई सीनियर सिटीजन यही 5 लाख रुपये 5 साल के लिए 6.60% ब्याज दर पर जमा करता है, तो उसे मिलने वाला कुल ब्याज बढ़कर लगभग 1,93,656 रुपये हो जाता है, और मैच्योरिटी राशि 6,93,656 रुपये तक पहुंच जाती है। इसका सीधा अर्थ यह है कि समान 5 लाख रुपये के निवेश पर सीनियर सिटीजन्स को आम ग्राहकों की तुलना में लगभग 16,690 रुपये की सीधी अतिरिक्त कमाई होती है। यदि कोई सुपर सीनियर सिटीजन 6.90% या 7.15% के स्लैब में निवेश करता है, तो यह अतिरिक्त मुनाफे का अंतर 25,000 से 28,000 रुपये के पार पहुंच जाता है।टैक्स सेविंग और धारा 80TTB का दोहरा फायदा5 साल की इस फिक्स्ड डिपॉजिट योजना का एक बड़ा आकर्षण टैक्स छूट भी है। यदि निवेशक इसे पीएनबी टैक्स सेवर स्कीम (PNB Tax Saver FD) के तहत 5 साल के लॉक-इन पीरियड के साथ खोलते हैं, तो उन्हें आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत वित्तीय वर्ष में 1.50 लाख रुपये तक की टैक्स कटौती का लाभ मिलता है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए सबसे बड़ी राहत आयकर की धारा 80TTB के तहत मिलती है। इस नियम के मुताबिक, 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को बैंक एफडी और बचत खातों से मिलने वाले ब्याज पर एक वित्तीय वर्ष में 50,000 रुपये तक की आय पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है। यानी बैंक 50,000 रुपये तक के ब्याज पर टीडीएस (TDS) की कटौती नहीं करते। यदि कुल वार्षिक आय कर योग्य सीमा से कम है, तो फॉर्म 15H जमा करके टीडीएस कटौती से पूरी तरह बचा जा सकता है।मासिक व तिमाही पेंशन का विकल्प और आसान आवेदन प्रक्रियापीएनबी वरिष्ठ नागरिकों को अपनी आवश्यकतानुसार ब्याज भुगतान (Interest Payout) चुनने की पूरी आजादी देता है। जो बुजुर्ग हर महीने अपने घरेलू खर्च या दवाओं के लिए नियमित आय चाहते हैं, वे नॉन-कम्युलेटिव (Non-Cumulative) विकल्प चुन सकते हैं, जिसमें ब्याज का पैसा सीधे उनके बचत खाते में हर महीने या तिमाही आधार पर ट्रांसफर होता रहता है। वहीं जो लोग 5 साल बाद एकमुश्त बड़ा फंड बनाना चाहते हैं, वे कम्युलेटिव (Cumulative) विकल्प चुनकर कम्पाउंडिंग का अधिकतम लाभ उठा सकते हैं। इस योजना में खाता खुलवाना बेहद आसान है। खाताधारक पीएनबी वन (PNB ONE) मोबाइल ऐप या इंटरनेट बैंकिंग के जरिए घर बैठे कुछ ही मिनटों में ई-एफडी बना सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी पीएनबी शाखा में जाकर आधार कार्ड, पैन कार्ड, आयु प्रमाण पत्र और 2 पासपोर्ट साइज फोटो के साथ भी यह खाता शुरू किया जा सकता है। सरकारी सुरक्षा, डीआईसीजीसी (DICGC) का 5 लाख रुपये तक का कानूनी बीमा और तयशुदा रिटर्न के चलते यह योजना वरिष्ठ नागरिकों के सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव साबित होती है।
EPF रिकॉर्ड में गलत विवरण बना सिरदर्द: क्लेम अटकने से पहले करें सुधार
नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में जमा होने वाला प्रोविडेंट फंड (PF) जीवनभर की सबसे सुरक्षित बचत होती है। लेकिन जब इमरजेंसी में पीएफ से पैसा निकालने, एडवांस क्लेम करने या नौकरी बदलने पर पीएफ ट्रांसफर करने की बारी आती है, तो लाखों कर्मचारियों का क्लेम सिर्फ इसलिए रिजेक्ट हो जाता है क्योंकि उनके ईपीएफ रिकॉर्ड और आधार कार्ड के विवरण में बेमेल (mismatch) होता है। नाम की स्पेलिंग में एक अक्षर की गलती, जन्मतिथि में अंतर, पिता के नाम में विसंगति या नौकरी जॉइन करने और छोड़ने की तारीख का गलत दर्ज होना वर्षों तक क्लेम सेटलमेंट को अटकाए रखता था। पहले इस समस्या को ठीक कराने के लिए कर्मचारी को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे और कंपनी के एचआर से फिजिकल फॉर्म पर साइन-मुहर कराकर ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय में जमा करना होता था। लेकिन अब ईपीएफओ ने अपने मेंबर सेवा पोर्टल पर डिजिटल 'जॉइंट डिक्लेरेशन' (Joint Declaration) मॉड्यूल को पूरी तरह लाइव कर दिया है, जिससे खाताधारक अपने मोबाइल या लैपटॉप से बिना किसी दफ्तर जाए 5 सीधे स्टेप्स में अपना रिकॉर्ड दुरुस्त करा सकते हैं।ईपीएफओ का नया जॉइंट डिक्लेरेशन मॉड्यूल: क्या-क्या विवरण कर सकते हैं ठीक?कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने खाताधारकों की सुविधा के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी कर ऑनलाइन सुधार की सीमा को काफी विस्तृत किया है। अब सदस्य अपने यूएएन (UAN) प्रोफाइल में 11 प्रमुख विवरणों को ऑनलाइन ठीक कर सकते हैं। इनमें कर्मचारी का नाम, लिंग (Gender), जन्मतिथि (Date of Birth), पिता/माता का नाम, वैवाहिक स्थिति (Marital Status), राष्ट्रीयता, आधार नंबर, पैन कार्ड विवरण, बैंक खाता संख्या, नौकरी शुरू करने की तारीख (Date of Joining) और नौकरी छोड़ने की तारीख (Date of Exit) शामिल हैं। ईपीएफओ ने इन सुधारों को दो श्रेणियों में बांटा है—'माइनर चेंज' (मामूली सुधार) और 'मेजर चेंज' (बड़ा बदलाव)। माइनर चेंज में नाम में एक-दो अक्षरों का फेरबदल या जन्मतिथि में 3 साल से कम का अंतर शामिल होता है, जिसे केवल आधार ओटीपी और बेसिक आईडी प्रूफ से चंद दिनों में प्रोसेस कर दिया जाता है। वहीं बड़े बदलावों के लिए सहायक कानूनी दस्तावेजों जैसे पासपोर्ट, पैन या गजट नोटिफिकेशन की आवश्यकता होती है।5 आसान स्टेप्स में घर बैठे ठीक करें ईपीएफ रिकॉर्ड: पूरा ऑनलाइन प्रोसेसईपीएफओ द्वारा निर्धारित आधिकारिक डिजिटल प्रक्रिया के तहत आप अपने प्रोफाइल की गलतियों को इन पांच चरणों में सुधार सकते हैं।स्टेप 1: सबसे पहले ईपीएफओ के आधिकारिक एकीकृत सदस्य पोर्टल (Unified Member Portal - unifiedportal-mem.epfindia.gov.in) पर जाएं। यहां अपना 12 अंकों का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN), पासवर्ड और स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड दर्ज करके लॉगिन करें। इसके बाद आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर 6 अंकों का ओटीपी आएगा, जिसे सबमिट करके डैशबोर्ड खोलें।स्टेप 2: पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद ऊपर दिए गए मुख्य मेन्यू बार में 'Manage' टैब पर क्लिक करें। ड्रॉप-डाउन लिस्ट में आपको 'Joint Declaration' का विकल्प दिखाई देगा, इस पर क्लिक करें। इसके बाद अपनी उस कंपनी या मेंबर आईडी का चयन करें जिसके रिकॉर्ड में आप सुधार करना चाहते हैं।स्टेप 3: स्क्रीन पर आपके खाते का पूरा विवरण खुलकर आ जाएगा। यहां एक तरफ 'मौजूदा विवरण' (Present Details) दिखेगा और दूसरी तरफ खाली बॉक्स के साथ 'वांछित विवरण' (Corrected Details) भरने का कॉलम होगा। आपको जिस भी फील्ड (जैसे नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि आदि) में सुधार करना है, उसके आगे बने चेकबॉक्स पर टिक करें और आधार कार्ड के अनुसार सही विवरण टाइप करें।स्टेप 4: विवरण दर्ज करने के बाद ईपीएफओ के नए नियमों के तहत संबंधित सहायक दस्तावेज (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, 10वीं की मार्कशीट या जन्म प्रमाण पत्र) की सेल्फ-अटेस्टेड पीडीएफ फाइल (100 से 500 KB के बीच) अपलोड करें। इसके बाद नीचे दिए गए सहमति घोषणा पत्र (Declaration) पर टिक करके 'Get OTP' पर क्लिक करें। आधार से लिंक मोबाइल पर आए ओटीपी को भरकर फॉर्म फाइनल सबमिट करें।स्टेप 5: सबमिट करते ही एक रेफरेंस ट्रैकिंग आईडी जनरेट हो जाएगी। आपका आवेदन सीधे आपकी मौजूदा या पिछली कंपनी (Employer) के डिजिटल पोर्टल पर चला जाएगा। नियोक्ता द्वारा डिजिटल सिग्नेचर (DSC) से अप्रूव होते ही यह ईपीएफओ के फील्ड ऑफिसर के पास पहुंच जाएगा। फील्ड ऑफिसर की जांच के बाद रिकॉर्ड अपने आप अपडेट हो जाएगा।आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज: पहले से रखें तैयारऑनलाइन जॉइंट डिक्लेरेशन सबमिट करने से पहले जरूरी दस्तावेजों को स्कैन करके रखना बेहद जरूरी है ताकि आवेदन में कोई त्रुटि न रहे। यदि आप नाम या उपनाम में मामूली बदलाव कर रहे हैं, तो आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी कार्ड पर्याप्त होता है। यदि जन्मतिथि में सुधार कराना है, तो जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से जारी 10वीं की मार्कशीट या स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट मान्य है। पिता या माता के नाम में सुधार के लिए राशन कार्ड, पासपोर्ट या सर्विस रिकॉर्ड की कॉपी लगाई जा सकती है। सभी दस्तावेज स्पष्ट, पढ़ने योग्य और पीडीएफ फॉर्मेट में होने चाहिए। धुंधले या अस्पष्ट दस्तावेज अपलोड करने पर ईपीएफओ अधिकारी आवेदन को खारिज कर सकते हैं।आवेदन का स्टेटस कैसे ट्रैक करें और कितने दिन में होगा समाधान?फॉर्म जमा करने के बाद कर्मचारी 'Track Joint Declaration Request' विकल्प पर जाकर अपने आवेदन की रियल-टाइम स्थिति देख सकते हैं। सामान्य परिस्थितियों में माइनर चेंज के मामलों में नियोक्ता द्वारा अप्रूव किए जाने के 7 से 15 कार्य दिवसों (Working Days) के भीतर ईपीएफओ रिकॉर्ड अपडेट कर देता है। वहीं बड़े बदलावों (Major Changes) के सत्यापन में 20 से 30 दिनों का समय लग सकता है। एक बार रिकॉर्ड सही हो जाने के बाद सदस्य बिना किसी रुकावट के ऑनलाइन पीएफ विड्रॉल, एडवांस क्लेम, पेंशन ट्रांसफर और ई-पासबुक डाउनलोड की सुविधाओं का निर्बाध लाभ उठा सकते हैं। क्लेम रिजेक्शन के झंझट से बचने के लिए हर पीएफ खाताधारक को समय रहते अपने प्रोफाइल का मिलान आधार से कर लेना चाहिए।
इलेक्ट्रिक वाहन क्रांति में बड़ा कदम: देशभर में 1,000 नए अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग हब्स का ऐलान
भारत में स्वच्छ ऊर्जा और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अपनाने की रफ्तार हर महीने नए कीर्तिमान बना रही है। इसी कड़ी में देश के इलेक्ट्रिक वाहन (EV) इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती देने के लिए प्रमुख ईवी चार्जिंग सॉल्यूशन कंपनी ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़े निवेश और विस्तार योजना का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। कंपनी के नवीनतम रोडमैप के मुताबिक, आने वाले वित्तीय वर्ष में देशभर के प्रमुख शहरों, नेशनल एक्सप्रेसवे और अंतरराज्यीय हाईवे कॉरिडोर पर 1,000 नए पब्लिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी अत्याधुनिक चार्जिंग क्षमता है, जिसमें 480 किलोवाट (kW) तक के सुपर-फास्ट और अल्ट्रा-फास्ट डायरेक्ट करंट (DC) फास्ट चार्जर्स शामिल होंगे। अब तक भारत में अधिकांश चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर 30 किलोवाट से लेकर 120 किलोवाट तक की सीमित क्षमता पर टिका था, जिसके चलते गाड़ियों को फुल चार्ज होने में एक से डेढ़ घंटे का लंबा इंतजार करना पड़ता था। कंपनी का यह नया बुनियादी ढांचा हाईवे पर लंबी दूरी तय करने वाले पैसेंजर कार मालिकों और भारी कमर्शियल फ्लीट ऑपरेटर्स की सबसे बड़ी चिंता यानी 'रेंज एंग्जायटी' और 'चार्जिंग डाउन-टाइम' को जड़ से खत्म करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।480 kW अल्ट्रा-फास्ट टेक्नोलॉजी: 10 से 15 मिनट में फुल बैटरी चार्ज का वादाआधुनिक इलेक्ट्रिक कारों में प्रयुक्त होने वाले 800-वोल्ट आर्किटेक्चर को पूरी तरह सपोर्ट करने के लिए 480 kW क्षमता के चार्जर्स गेम-चेंजर साबित होंगे। इस अल्ट्रा-फास्ट क्षमता का सीधा व्यावहारिक लाभ यह होगा कि अनुकूल कंपैटिबिलिटी वाली प्रीमियम और आधुनिक जनरेशन की इलेक्ट्रिक कारें महज 10 से 15 मिनट के संक्षिप्त टी-ब्रेक के दौरान 10% से 80% तक चार्ज हो सकेंगी। यह चार्जिंग अनुभव पारंपरिक पेट्रोल या डीजल पंप पर ईंधन भरवाने में लगने वाले समय के काफी करीब पहुंच जाएगा। इन स्टेशनों पर लिक्विड-कूल्ड चार्जिंग केबल्स और डायनेमिक पावर-शेयरिंग आर्किटेक्चर का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे जब एक से ज्यादा गाड़ियां एक साथ प्लग-इन होंगी, तो सिस्टम ग्रिड लोड को बुद्धिमानी से संतुलित करते हुए हर गाड़ी को उसकी अधिकतम स्वीकृत गति से बिजली आपूर्ति करेगा। इसके साथ ही इन चार्जर्स में यूनिवर्सल कम्पैटिबिलिटी का पूरा ख्याल रखा गया है, जिसके तहत CCS2 (कंबाइंड चार्जिंग सिस्टम) मानकों के साथ-साथ दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए जरूरी चार्जिंग पोर्ट्स भी उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि हर वर्ग का ईवी यूजर बिना किसी तकनीकी रुकावट के चार्जिंग सुविधा का निर्बाध लाभ उठा सके।नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर विशेष फोकस: इंटरसिटी सफर होगा बेहद आसानभारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने वाले ग्राहकों का सबसे बड़ा संकोच शहर से बाहर निकलने पर हाईवे पर चार्जिंग प्वाइंट न मिलने का रहा है। कंपनी ने अपनी लोकेशन स्ट्रैटेजी को पूरी तरह डेटा और ट्रैफिक डेंसिटी पर आधारित किया है। 1,000 नए चार्जिंग स्टेशनों में से 60 प्रतिशत से अधिक स्टेशन प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और औद्योगिक लॉजिस्टिक्स गलियारों पर स्थापित किए जाएंगे। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, दिल्ली-आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, बेंगलुरु-चेन्नई हाईवे, हैदराबाद-विजयवाड़ा कॉरिडोर और स्वर्णिम चतुर्भुज के व्यस्ततम हिस्सों पर हर 40 से 50 किलोमीटर की दूरी पर ये चार्जिंग हब तैयार होंगे। इन हाईवे हब्स को सिर्फ एक साधारण प्लग-इन प्वाइंट नहीं बनाया जा रहा है, बल्कि इन्हें व्यापक एमिनिटी जोन के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां रेस्टोरेंट्स, साफ-सुथरे वॉशरूम, 24 घंटे सुरक्षा निगरानी, वाई-फाई और बच्चों के प्ले एरिया जैसी सुविधाएं मौजूद रहेंगी, ताकि गाड़ी चार्ज होने के 15-20 मिनट के समय में यात्री आराम से रिफ्रेश हो सकें।मेट्रो और टियर-2 शहरों में स्थानीय कनेक्टिविटी का जाल: आसान एक्सेसराजमार्गों के अलावा दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद, चेन्नई, कोलकाता, पुणे, लखनऊ, जयपुर, इंदौर और कोच्चि जैसे बड़े महानगरीय व टीयर-1 शहरों में शहरी चार्जिंग ग्रिड का विस्तार किया जाएगा। इसके समानांतर टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी कम से कम 300 स्टेशनों की योजना बनाई गई है, ताकि छोटे शहरों के स्थानीय ग्राहक और इंटरसिटी कैब सेवाएं आसानी से ईवी पर स्विच कर सकें। शहरों के भीतर ये स्टेशन प्रमुख मॉल, टेक-पार्क, मेट्रो स्टेशनों की पार्किंग, मल्टी-लेवल कार पार्किंग, प्रमुख अस्पताल परिसरों और बड़े पेट्रोल रिटेल आउटलेट्स के साथ साझेदारी में लगाए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर इन स्टेशनों की जियो-टैगिंग और रियल-टाइम स्लॉट बुकिंग की सुविधा कंपनी के मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए मिलेगी, जिससे यूजर घर से निकलने से पहले ही अपने नजदीकी स्टेशन पर खाली चार्जर की स्थिति जांच सकेंगे और अपना चार्जिंग स्लॉट प्री-बुक कर सकेंगे।डिजिटल इंटीग्रेशन और ऑटोमेटेड पेमेंट: प्लग एंड चार्ज का अनुभवचार्जिंग प्रक्रिया को मानवीय हस्तक्षेप से मुक्त और सुगम बनाने के लिए सभी 1,000 स्टेशनों को ओपन चार्ज प्वाइंट प्रोटोकॉल (OCPP) के नवीनतम वर्जन पर संचालित किया जाएगा। कंपनी अपनी मोबाइल ऐप के साथ-साथ भारत सरकार के गति शक्ति पोर्टल और नेशनल ईवी चार्जिंग डैशबोर्ड के साथ भी डेटा सिंक कर रही है। इन स्टेशनों पर अत्याधुनिक 'प्लग एंड चार्ज' (Plug & Charge) तकनीक उपलब्ध होगी। इस तकनीक में जैसे ही यूजर अपनी कंपैटिबल गाड़ी का केबल पोर्ट में लगाएगा, स्टेशन गाड़ी के चेसिस और ओनर आईडी को अपने आप पहचान लेगा और बिना किसी क्यूआर कोड स्कैनिंग या ओटीपी के तुरंत चार्जिंग शुरू हो जाएगी। चार्जिंग पूरी होने पर तय राशि यूजर के लिंक्ड वॉलेट, यूपीआई ऑटो-पे या क्रेडिट कार्ड से अपने आप कट जाएगी और इनवॉइस तुरंत व्हाट्सएप व ईमेल पर आ जाएगा। इसके अलावा बिजली कटौती से निपटने के लिए इन स्टेशन्स को डेडिकेटेड हाई-टेंशन ग्रिड ट्रांसफार्मर और सोलर-रूफटॉप हाइब्रिड बैकअप से जोड़ा जा रहा है, ताकि ग्रिड फेल होने की स्थिति में भी चार्जिंग सर्विस 24x7 बिना किसी रुकावट के चालू रहे।कमर्शियल फ्लीट्स, लॉजिस्टिक्स और पर्यावरण के लिए ऐतिहासिक मोड़यह व्यापक विस्तार न केवल व्यक्तिगत कार मालिकों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि भारत के तेजी से बढ़ते ई-कॉमर्स डिलीवरी नेटवर्क, कमर्शियल टैक्सी फ्लीट्स और अंतरराज्यीय इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को भी अभूतपूर्व गति देगा। भारी वाणिज्यिक वाहन और इलेक्ट्रिक बसें जो 300 से 400 किलोमीटर की इंटरसिटी रूट पर चलती हैं, उन्हें 480 किलोवाट के चार्जर से सिर्फ 30 से 40 मिनट में जरूरी बैटरी बैकअप मिल सकेगा, जिससे ऑपरेटरों की फ्लीट यूटिलाइजेशन और कमाई दोनों में सीधा इजाफा होगा। देश के नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य और पेरिस क्लाइमेट एग्रीमेंट की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में यह निजी पहल मील का पत्थर बनेगी। अनुमान है कि इन 1,000 नए अल्ट्रा-फास्ट स्टेशनों के चालू होने के पहले ही साल में लाखों लीटर जीवाश्म ईंधन (पेट्रोल-डीजल) की खपत बचेगी और सालाना हजारों टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन सीधे तौर पर कम होगा, जो भारतीय परिवहन के भविष्य को हरित, स्वच्छ और आर्थिक रूप से अधिक टिकाऊ बनाने का स्पष्ट मार्ग प्रशस्त करेगा।
SIP Rule-40 क्या है और युवाओं के लिए क्यों बना गेम-चेंजर?
करियर की शुरुआत में अक्सर युवा अपनी पहली सैलरी को लाइफस्टाइल, गैजेट्स और आउटिंग पर खर्च करने को प्राथमिकता देते हैं। लेकिन वित्तीय दुनिया का एक स्वर्णिम नियम है कि आप जितनी जल्दी निवेश शुरू करते हैं, आपका पैसा आपके लिए उतनी ही तेजी से काम करता है। इसी सोच से निकला है 'SIP Rule-40'—एक ऐसा वित्तीय अनुशासन जो 21 से 25 वर्ष की उम्र में व्यवस्थित निवेश योजना (Systematic Investment Plan) शुरू करने और 40 वर्ष की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते न्यूनतम 2 करोड़ रुपये का मजबूत वेल्थ फंड तैयार करने पर केंद्रित है। इस नियम का मूल आधार किसी रातों-रात अमीर बनने की स्कीम पर नहीं, बल्कि अल्बर्ट आइंस्टीन द्वारा दुनिया का आठवां अजूबा कहे गए 'कंपाउंडिंग की ताकत' (Power of Compounding) पर टिका है। यदि आप 40 की उम्र में ईएमआई के तनाव से मुक्त होकर आर्थिक आजादी (Financial Freedom) का स्वाद चखना चाहते हैं, तो यह फॉर्मूला आपकी जिंदगी की सबसे बड़ी वित्तीय ढाल बन सकता है।21 से 25 की उम्र में निवेश शुरू करने का अनूठा 'टाइम एडवांटेज'शेयर बाजार और इक्विटी म्यूचुअल फंड में रिटर्न से भी ज्यादा अहमियत 'समय' की होती है। 21 से 25 साल की उम्र में आपके पास रिटायरमेंट या जिम्मेदारियों का बोझ नहीं होता, और आपके पास 15 से 19 साल का एक लंबा समय क्षितिज (Time Horizon) होता है। जब आप 21 साल की उम्र में निवेश शुरू करते हैं, तो आपका पैसा कई मार्केट साइकिल्स (उतार-चढ़ाव) से गुजरते हुए लंबी अवधि में स्थिरता और घातीय वृद्धि (Exponential Growth) हासिल करता है। वहीं अगर कोई व्यक्ति 35 साल की उम्र में यही लक्ष्य लेकर चलता है, तो उसे 40 की उम्र तक 2 करोड़ बनाने के लिए हर महीने लाखों रुपये की एसआईपी करनी पड़ेगी, जो अधिकांश वेतनभोगी लोगों के लिए असंभव हो जाता है। इसलिए कम उम्र में छोटी बचत भी लंबे समय में बड़े निवेश से कहीं अधिक ताकतवर साबित होती है।2 करोड़ का फंड बनाने का पूरा गणित: फ्लैट SIP बनाम स्टेप-अप रणनीतिइक्विटी म्यूचुअल फंड्स (जैसे निफ्टी 50 इंडेक्स फंड, फ्लेक्सी कैप फंड या लार्ज एंड मिडकैप फंड) ने ऐतिहासिक रूप से 15 से 20 साल की अवधि में औसतन 12% से 14% तक का वार्षिक चक्रवृद्धि रिटर्न (CAGR) दिया है। यदि हम रूढ़िवादी अनुमान के रूप में 12% का वार्षिक रिटर्न मानकर चलें, तो 21 की उम्र से 40 की उम्र (यानी 19 साल) तक 2 करोड़ रुपये का फंड हासिल करने के दो प्रमुख तरीके हैं। पहला तरीका है एक निश्चित राशि की फ्लैट एसआईपी, जहां आपको हर महीने लगभग 25,000 रुपये का निवेश लगातार 19 साल तक करना होगा। 19 साल में आपकी कुल जमा पूंजी लगभग 57 लाख रुपये होगी, जबकि कंपाउंडिंग के जरिए मिलने वाला अनुमानित रिटर्न लगभग 1.45 करोड़ रुपये होगा, जिससे कुल फंड 2.02 करोड़ रुपये के पार पहुंच जाएगा।दूसरा और सबसे व्यावहारिक तरीका है 'स्टेप-अप एसआईपी' (Step-up SIP), जो हर युवा की सैलरी में होने वाली सालाना बढ़ोतरी के बिल्कुल अनुकूल है। शुरुआत में 25,000 रुपये प्रति माह निकालना किसी फ्रेशर के लिए कठिन हो सकता है। ऐसे में आप 21 से 22 साल की उम्र में केवल 10,000 से 12,000 रुपये प्रति माह की एसआईपी से शुरुआत कर सकते हैं। इसके बाद हर साल अपनी एसआईपी राशि में 10% का टॉप-अप या स्टेप-अप जोड़ते जाएं। उदाहरण के लिए, पहले साल 12,000 रुपये प्रति माह, दूसरे साल 13,200 रुपये, तीसरे साल 14,520 रुपये। इस अनुशासित 10% सालाना बढ़ोतरी के साथ आप 40 वर्ष की उम्र तक बिना किसी भारी वित्तीय दबाव के आसानी से 2.10 करोड़ से 2.25 करोड़ रुपये का कॉर्पस बना सकते हैं।म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो का सही चयन और जोखिम प्रबंधन2 करोड़ का लक्ष्य हासिल करने के लिए केवल पैसे लगाना काफी नहीं है, बल्कि सही एसेट एलोकेशन होना भी जरूरी है। चूंकि आपकी उम्र 20 के दशक में है, इसलिए आपकी रिस्क उठाने की क्षमता अधिकतम होती है। 15 से 19 साल के नजरिए के साथ एक संतुलित पोर्टफोलियो में 40% हिस्सा लार्ज कैप या निफ्टी इंडेक्स फंड में, 35% हिस्सा फ्लेक्सी कैप या मल्टी कैप फंड में, और 25% हिस्सा मिड कैप या स्मॉल कैप फंड में आवंटित किया जा सकता है। लंबी अवधि में मिड और स्मॉल कैप फंड्स पोर्टफोलियो को एक्स्ट्रा अल्फा (अतिरिक्त रिटर्न) प्रदान करते हैं, जबकि लार्ज कैप फंड्स बाजार की गिरावट में स्थिरता देते हैं। किसी एक फंड में सारा पैसा लगाने के बजाय 3 से 4 अच्छी तरह से डायवर्सिफाइड फंड्स का चुनाव करना सबसे सुरक्षित तरीका है।वित्तीय अनुशासन: बाजार के उतार-चढ़ाव में SIP कभी न रोकेंइस पूरे सफर में सबसे बड़ी चुनौती बाजार का उतार-चढ़ाव (Volatility) होती है। जब शेयर बाजार में 10% या 20% का करेक्शन आता है, तो नौसिखिए निवेशक घबराकर अपनी एसआईपी रोक देते हैं या पैसा निकाल लेते हैं। यही वह जगह है जहां सबसे बड़ी भूल होती है। बाजार में गिरावट के समय आपको समान एसआईपी राशि पर ज्यादा म्यूचुअल फंड यूनिट्स (Rupee Cost Averaging) मिलती हैं, जो बाजार के दोबारा संभलने पर आपके मुनाफे को रॉकेट की तरह बढ़ा देती हैं। इसके अलावा निवेश शुरू करने के साथ-साथ अपने लिए 6 महीने के खर्च का इमरजेंसी फंड और एक पर्याप्त टर्म व हेल्थ इंश्योरेंस जरूर रखें, ताकि किसी आपात स्थिति में आपको अपने एसआईपी के पैसे को हाथ न लगाना पड़े।
बाजार से क्यों खरीदना, 2 लीटर दूध से घर पर बनाएं फूले-फूले सफेद छेना
Tips to Make Safed Chhena: दिवाली पर उत्तर भारत में हर घर में सफेद और रंग-बिरंगे छेना जरूर लाए जाते हैं लेकिन इस बार क्यों न आप घर पर ही इन्हें तैयार कर लें. यहां हम आपको इसकी आसान रेसिपी बता रहे हैं.
पेंट की कीमतों में फिर उछाल की आहट: आम आदमी और रियल एस्टेट पर असर
घर की मरम्मत या नया मकान बनवाने की योजना बना रहे आम उपभोक्ताओं की जेब पर आने वाले दिनों में अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। देश के पेंट उद्योग में एक बार फिर तैयार उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी के साफ संकेत मिल रहे हैं। त्योहारी और शादियों के सीजन के बाद बाजार में रंगों की मांग बनी हुई है, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग लागत में आए अचानक उछाल ने पेंट कंपनियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। भारत की सबसे बड़ी पेंट निर्माता कंपनी एशियन पेंट्स (Asian Paints) समेत कई अग्रणी कंपनियों के शीर्ष प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि यदि कच्चे माल की लागत का दबाव इसी तरह बना रहा, तो कीमतों में क्रमिक बढ़ोतरी करना अपरिहार्य हो जाएगा। यह खबर सीधे तौर पर उन लाखों परिवारों को प्रभावित करेगी जो अपने घरों के रंग-रोगन की तैयारी में जुटे हैं, साथ ही रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी फिनिशिंग लागत बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।दिग्गज कंपनी के MD & CEO ने क्यों दिए संकेत: मार्जिन बचाने की रणनीतिएशियन पेंट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) अमित सिंगले ने हालिया पोस्ट-अर्निंग्स और इंडस्ट्री बातचीत में संकेत दिया है कि कंपनी अपने ऑपरेटिंग मार्जिन और वित्तीय स्थिरता की रक्षा के लिए कीमतों में कैलिब्रेटेड यानी चरणबद्ध बढ़ोतरी कर सकती है। सिंगले के अनुसार, वैश्विक स्तर पर जियोपॉलिटिकल तनाव और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के कारण इनपुट लागत पर असर 15 से 20 प्रतिशत तक देखा गया है। हालांकि कंपनियों ने इस बढ़ी हुई लागत का पूरा भार अभी तक आम ग्राहकों पर नहीं डाला है और लागत को आंतरिक दक्षताओं के जरिए अवशोषित (absorb) करने की कोशिश की है। लेकिन ग्रॉस मार्जिन पर बढ़ते दबाव को देखते हुए आगामी महीनों में 3 से 5 प्रतिशत तक की नई मूल्य वृद्धि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। बर्जर पेंट्स (Berger Paints) और कंसाई नेरोलैक जैसी अन्य बड़ी कंपनियों के प्रबंधन ने भी इस बात की पुष्टि की है कि कच्चे माल के मौजूदा ट्रेंड को देखते हुए उद्योग जगत को संतुलित मूल्य संशोधन का रास्ता चुनना पड़ सकता है।क्या है पेंट इंडस्ट्री का क्रूड कनेक्शन: 40-50% निर्भरता कच्चे तेल परआम उपभोक्ताओं के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल के उतार-चढ़ाव का दीवार पर लगने वाले पेंट से क्या सीधा संबंध है? असल में पेंट उद्योग सीधे तौर पर पेट्रोकेमिकल और क्रूड डेरिवेटिव्स पर टिका हुआ है। किसी भी सजावटी या इंडस्ट्रियल पेंट के निर्माण में लगने वाले कुल कच्चे माल का लगभग 35 से 45 प्रतिशत हिस्सा क्रूड ऑयल डेरिवेटिव्स और पेट्रोकेमिकल सॉल्वेंट्स से आता है। पेंट बनाने में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख रासायनिक घटक जैसे थैलिक एनहाइड्राइड, मिनरल टर्पेन्टाइन ऑयल (MTO), विनाइल एसीटेट मोनोमर (VAM), ब्यूटाइल एक्रिलेट और विभिन्न प्रकार के रेजिन सीधे तौर पर पेट्रोलियम रिफाइनिंग के सह-उत्पाद हैं। जब भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के भाव चढ़ते हैं, इन सभी सॉल्वेंट्स और केमिकल्स के भाव वैश्विक स्तर पर बढ़ जाते हैं, जिससे पेंट तैयार करने की बुनियादी लागत सीधे बढ़ जाती है।पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और रुपये की कमजोरी का दोहरा मारकच्चे तेल की तेजी केवल पेंट के रासायनिक फॉर्मूलेशन तक ही सीमित नहीं रहती, बल्कि यह पैकेजिंग और ढुलाई लागत को भी सीधे तौर पर प्रभावित करती है। पेंट जिन प्लास्टिक बाल्टियों (Pails) या टिन कंटेनरों में पैक होकर दुकानों तक पहुंचता है, वे पॉलीप्रोपाइलीन (PP) और हाई-डेंसिटी पॉलीइथाइलीन (HDPE) जैसे पॉलिमर से बनते हैं, जो स्वयं पेट्रोलियम आधारित उत्पाद हैं। क्रूड में तेजी आते ही पैकेजिंग मैटेरियल महंगा हो जाता है। इसके अलावा डीजल की कीमतों में इजाफे से देशव्यापी ट्रांसपोर्टेशन और वेयरहाउसिंग का खर्च बढ़ता है। साथ ही, पेंट निर्माण के सबसे अहम पिगमेंट टाइटेनियम डाइऑक्साइड (TiO2) और कई प्रमुख सॉल्वेंट्स का भारत में बड़े पैमाने पर आयात किया जाता है। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में उतार-चढ़ाव से आयात बिल और भी बढ़ जाता है, जिससे घरेलू पेंट कंपनियों की इनपुट कॉस्ट पर बहुस्तरीय दबाव बन जाता है।उपभोक्ताओं और रिटेल डीलरों पर क्या होगा संभावित प्रभावयदि दिग्गज कंपनियां अपने उत्पादों के दाम 3 से 5 प्रतिशत तक बढ़ाती हैं, तो इसका सीधा असर बाजार के विभिन्न सेगमेंट्स पर अलग-अलग दिखेगा। प्रीमियम इमल्शन, वेदर-प्रूफ एक्सटीरियर पेंट और वाटरप्रूफिंग सॉल्यूशंस के दामों में प्रति लीटर उल्लेखनीय अंतर आ सकता है। हालांकि एनालिस्ट्स का मानना है कि कंपनियां डिस्ट्रीब्यूटर्स और डीलर्स को आकर्षित करने के लिए कुछ प्रमोशनल स्कीम्स और कैश डिस्काउंट जारी रख सकती हैं ताकि ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में वॉल्यूम ग्रोथ प्रभावित न हो। आदित्य बिड़ला समूह के बिड़ला ओपस जैसे नए बड़े खिलाड़ियों के आने से बाजार में प्रतिस्पर्धा पहले से अधिक तेज है, जिससे कंपनियां एक साथ भारी इजाफा करने के बजाय बेहद नपे-तुले और चरणबद्ध तरीके से ही कीमतें बढ़ाएंगी। फिर भी, यदि क्रूड में नरमी नहीं आई, तो आने वाले महीनों में घरों की रंगाई-पुताई का कुल बजट 5 से 8 प्रतिशत तक महंगा पड़ना तय माना जा रहा है।
मासूम को क्लासरूम में पीटने वाले 8 साल के बच्चे को कोर्ट ने क्यों दी जमानत?
बच्चों के अपराध की सुनवाई करने वाली जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड का काम यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे को काउंसलिंग मिले, उसके बैकग्राउंड का आकलन हो, और उसे सजा देने के बजाय उसके पुनर्वास पर ध्यान दिया जाए.
DDA का त्योहारी धमाका: दिल्ली की प्राइम लोकेशन में 67.05 लाख में आशियाना
देश की राजधानी दिल्ली में अपना एक पक्का और सुरक्षित घर होना हर मध्यमवर्गीय परिवार का सबसे बड़ा सपना होता है। इस फेस्टिव सीजन में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने घर खरीदारों को शानदार तोहफा देते हुए प्राइम लोकेशन पर किफायती आवासीय योजना का ऐलान किया है। प्राधिकरण की इस खास योजना के तहत खरीदारों को महज 67.05 लाख रुपये की शुरुआती और बेहद प्रतिस्पर्धी कीमत पर आधुनिक फ्लैट्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर में जहां निजी बिल्डरों के प्रोजेक्ट्स आसमान छूती कीमतों पर बिक रहे हैं, वहीं डीडीए की यह पेशकश सीधे तौर पर उन परिवारों के लिए राहत बनकर आई है जो विश्वसनीय, फ्रीहोल्ड और सभी कानूनी औपचारिकताओं से मुक्त संपत्ति की तलाश में हैं। त्योहारों की शुरुआत के साथ ही इस हाउसिंग प्रोजेक्ट ने रियल एस्टेट सेक्टर और मिडिल क्लास होमबायर्स के बीच भारी हलचल पैदा कर दी है।धनतेरस के पावन पर्व से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन: घर खरीदारों में भारी उत्साहत्योहारी मौसम में रियल एस्टेट में निवेश करना और गृह प्रवेश की योजना बनाना भारतीय परंपरा में बेहद शुभ माना जाता है। इसी जनभावना का सम्मान करते हुए डीडीए ने इस प्रोजेक्ट के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की तारीख धनतेरस के शुभ अवसर से तय की है। इच्छुक आवेदक डीडीए के आधिकारिक ई-सर्विसेज पोर्टल (eservices.dda.org.in) पर जाकर अपना ऑनबोर्डिंग और रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकते हैं। पंजीकरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, डिजिटल और पेपरलेस बनाया गया है, ताकि दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर और देश के किसी भी कोने में बैठे नागरिक बिना किसी मध्यस्थ या एजेंट के आसानी से अप्लाई कर सकें। पोर्टल पर लॉगिन क्रेडेंशियल जनरेट करने के बाद आवेदक फ्लैट का लेआउट, फ्लोर प्लान, कारपेट एरिया और कुल लागत का विस्तृत ब्योरा देखकर अपनी बुकिंग प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकेंगे।DMRC मेट्रो स्टेशन की सौगात: आवागमन होगा बेहद आसान और समय की बचतकिसी भी रिहायशी इलाके में निवेश करने से पहले खरीदार सबसे पहले कनेक्टिविटी और पब्लिक ट्रांसपोर्ट की पड़ताल करते हैं। इस नए डीडीए प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी यूएसपी इसका दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के आगामी और विस्तारित मेट्रो नेटवर्क के ठीक पास होना है। योजना स्थल के बिल्कुल नजदीक नया मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित और तेजी से विकसित किया जा रहा है, जिससे यहां रहने वाले परिवारों को दैनिक आवागमन में भारी सहूलियत होगी। मध्य दिल्ली, कनॉट प्लेस, आईटी हब्स, प्रमुख रेलवे स्टेशनों और आईजीआई एयरपोर्ट तक पहुंचना कुछ ही मिनटों का सफर रह जाएगा। ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से जूझती दिल्ली में वॉक-टू-मेट्रो की सुविधा होना न केवल रोजमर्रा के जीवन को तनावमुक्त बनाता है, बल्कि इस प्रोजेक्ट की भावी रीसेल और रेंटल वैल्यू को भी कई गुना बढ़ा देता है।आधुनिक बुनियादी ढांचा, ग्रीनरी और सुरक्षित वातावरणडीडीए के इस आवासीय परिसर को आधुनिक अर्बन लिविंग के सभी जरूरी मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। चौड़ी आंतरिक सड़कें, पर्याप्त अंडरग्राउंड और कवर्ड पार्किंग स्पेस, वर्षा जल संचयन (रेनवाटर हार्वेस्टिंग), 24x7 बिजली और पानी का बुनियादी ढांचा इस प्रोजेक्ट का मुख्य हिस्सा हैं। बच्चों के खेलने के लिए सुरक्षित प्ले एरिया, वरिष्ठ नागरिकों के लिए लैंडस्केप्ड ग्रीन पार्क्स और वॉकिंग ट्रैक्स विकसित किए गए हैं। इसके अलावा कम्युनिटी हॉल, कमर्शियल मार्केट, नजदीकी सरकारी व निजी स्कूल और मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल भी परिसर से चंद कदमों की दूरी पर उपलब्ध हैं। सुरक्षा के लिहाज से परिसर में बाउंड्री वॉल, डेडिकेटेड एंट्री-एग्जिट गेट्स और सुरक्षा कर्मियों के लिए गार्ड रूम की व्यवस्था की गई है, जिससे परिवार एक सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण में जीवन बिता सकें।बुकिंग नियम और आवेदन का पूरा प्रोसेसइस आवासीय योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पहले आओ-पहले पाओ (FCFS) अथवा तय नियमों के अनुसार लॉटरी ड्रा का पारदर्शी फॉर्मूला लागू किया जाएगा। सामान्य वर्ग के साथ-साथ आरक्षित श्रेणियों के लिए सरकारी नियमों के तहत छूट व आरक्षण का लाभ भी मिलेगा। आवेदन करने के लिए होमबायर्स के पास वैध पैन कार्ड, आधार कार्ड, सक्रिय बैंक खाता और पते का प्रमाण होना आवश्यक है। ऑनलाइन पोर्टल पर नाममात्र पंजीकरण शुल्क जमा करके पसंदीदा यूनिट को ब्लॉक किया जा सकेगा, जिसके बाद डीडीए द्वारा तय समयसीमा के भीतर आवंटन पत्र (डिमांड-कम-अलॉटमेंट लेटर) जारी किया जाएगा। प्रमुख राष्ट्रीयकृत और निजी बैंक इस प्रोजेक्ट के लिए आकर्षक ब्याज दरों पर होम लोन की सुविधा भी मुहैया करा रहे हैं, जिससे खरीदार आसान किस्तों में अपने घर के सपने को सच कर सकें।
श्रीगंगानगर की Central Jail में तलाशी के दौरान कैदी का हमला, जेलर हेमराज वैष्णव घायल
जयपुर, पांच नवंबर राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में स्थित केंद्रीय कारागृह में बैरक की तलाशी के दौरान नशीली वस्तु मिलने पर विवाद हो गया। तलाशी का विरोध करते हुए एक कैदी ने कथित तौर पर चाय पीने वाले मग से जेलर पर हमला कर दिया, जिसकी वजह से उनके हाथ में चोट आईं। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, घायल जेलर हेमराज वैष्णव को जिला सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कोतवाली थाना पुलिस ने जेलर के पर्चा बयान के आधार पर कई कैदियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जेलर वैष्णव ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि चार नवंबर को वह जेल में गश्त कर रहे थे तथी अपराह्न करीब डेढ़ बजे जेल अधीक्षक महावीर प्रसाद मीणा सुरक्षा प्रहरियों के साथ वार्ड संख्या तीन में तलाशी लेने पहुंचे। बयान के अनुसार वैष्णव भी उनके साथ थे। बयान के अनुसार, बैरक संख्या आठ में तलाशी के दौरान कैदी पंकज के पास नशीली वस्तु मिली, इसके बाद जब कैदी हमजोत सिंह की तलाशी लेने लगे तो उसने विरोध शुरू कर दिया और चाय पीने वाले मग से जेलर पर हमला कर दिया। बयान में कहा गया है कि मौके पर मौजूद जेल कर्मचारियों दर्शना, प्रहरी प्रवीण कुमार और राकेश कुमार ने बीच-बचाव कर जेलर को बचाया। जेलर ने आरोप लगाया कि कैदी रविन्द्र चारण, पंकज और संदीप हुड्डा के उकसाने पर हमजोत सिंह ने उन पर हमला किया। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि रविन्द्र चारण ने करीब 15 दिन पहले उन्हें “देख लेने” की धमकी दी थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच एएसआई विजय सिंह को सौंपी है।
UGC रेगुलेशन क्या है? सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद एक्शन में सरकार, गठित होगी नई कमेटी
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने वाले यूजीसी समता नियम 2026 की समीक्षा के लिए एक विशेष समिति गठित कर रही है।
धनतेरस कल... भूलकर भी खरीदकर घर न लाएं ये 5 चीजें
धनतेरस के शुभ मुहूर्त में लोग जमकर खरीदारी करते हैं. इस दिन बहुत सारे लोग सोना-चांदी, बर्तन और इलेक्ट्रोनिक आइटम्स खरीदकर लाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन कुछ चीजों को खरीदकर घर लाना अच्छा नहीं माना जाता है. आइए जानते हैं उन चीजों के बारे में.
चुनावी हारों से बौखलायी कांग्रेस देश में अराजकता पैदा करने की चेष्टा कर रही है: गडकरी
उन्होंने कहा कि मैं राहुल गांधी से कहना चाहता हूं कि आप चाहे कितनी भी ताकत लगा लें, लोगों को कितना भी गुमराह करें या झूठ बोलें, या लोकतांत्रिक संस्थाओं पर कितना भी हमला करें, फिर भी इस देश की जनता आपको वोट नहीं देगी।
यूपी चुनाव से पहले BJP के लिए क्यों गले की फांस बना UGC? देखें खबरदार
BJP के गले की फांस बन चुके UGC विवाद में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान केंद्र सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में बताया गया कि इस पर पुनर्विचार के लिए कमेटी बनाने की तैयारी हो रही है. इसके साथ ही ये भी बताया गया कि नए नियमों के लागू होने पर किसी भी छात्र को इसे लेकर कोई आशंका नहीं होगी. UGC का असर आने वाले चुनावों पर पड़ सकता है, इस लिहाज से ये घटनाक्रम काफी अहम है. हाल ही में हुए MLC चुनाव में BJP को अपने ही गढ़ में मिली हार के पीछे एक वजह UGC को लेकर नाराजगी ही बताया गया. देखें खबरदार.
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। देश के सबसे बड़े अरब राजनीतिक गठबंधन ‘जॉइंट लिस्ट’ और रा’म पार्टी ने गुरुवार को पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजेनकोट को अगली सरकार बनाने के लिए समर्थन देने का ऐलान किया। ...
CJP ने फिर किया आंदोलन का ऐलान; दिल्ली छोड़ अब कहां बनाने जा रहे जंतर-मंतर? दीपके भी होंगे शामिल
CJP Protest at Kochi: 7 नवंबर को कोच्चि में होने वाले इस विरोध प्रदर्शन में CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके भी इस प्रदर्शन में शामिल होंगे। उनके अलावा समूह के दक्षिण क्षेत्र प्रमुख विजय मल्लंगी और राष्ट्रीय सचिव आफरीन नवाज़ भी मौजूद रहेंगे।
अजमेर में भाजपा ने निकाली लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ पदयात्रा
SIR के समर्थन में उतरे नेता और कार्यकर्ता; कांग्रेस पर साधा निशाना अजमेर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को अजमेर में शक्ति प्रदर्शन किया। भाजपा शहर एवं देहात जिला के संयुक्त तत्वावधान में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत […] The post अजमेर में भाजपा ने निकाली लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ पदयात्रा appeared first on Sabguru News .
थमा रूस-यूक्रेन युद्ध? मेलानिया ट्रंप ने किया सीजफायर का दावा
अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप ने यूक्रेन और रूस के सीजफायर कार्यक्रम में कहा कि उन्हें सितंबर में ओलेश्की के मानवीय संकट की जानकारी मिली. उन्होंने अपने प्रतिनिधि मार्क बेकमैन को दोनों देशों से बात करने भेजा. दोनों देशों ने उनकी भागीदारी का स्वागत किया और उन्हें एक्सक्लूसिव इंटरमीडियरी बनाने पर राजी हुए.
ब्राउन सूट में CM विजय, गुलाबी साड़ी में तृषा, रिसेप्शन में दिखे साथ
साउथ सिनेमा के सुपरस्टार थलापति विजय और एक्ट्रेस त्रिशा कृष्णन एक बार फिर एक सार्वजनिक कार्यक्रम में एक साथ नजर आए हैं, जिसके बाद दोनों के रिश्तों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.
DAVV में 75 दिन के भीतर कराएं छात्र संघ चुनाव, HC ने रजिस्ट्रार को दिया आदेश
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने DAVV को 75 दिनों के भीतर छात्र संघ चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं. राज्य में पिछली बार 2017 में चुनाव हुए थे.
सरकार ने भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों, जिनमें कुछ पाकिस्तानी नागरिक, अल्पसंख्यक शरणार्थी और भारतीय मूल के व्यक्ति शामिल हैं, के लिए पासपोर्ट और वीजा नियमों में ढील दी है।
भारत के प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. देवी शेट्टी को कोविड-19 महामारी के दौरान बेंगलुरु में फ्रांसीसी समुदाय की मदद करने के लिए फ्रांस सरकार द्वारा 'नाइट ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ मेरिट' से सम्मानित किया गया है।
एंटीलिया केस में सचिन वाझे को झटका, बॉम्बे HC ने रद्द की जमानत
बॉम्बे हाईकोर्ट ने NIA की अपील मंजूर करते हुए सचिन वाजे की जमानत रद्द कर दी. विशेष अदालत ने 29 सितंबर को वाजे को जमानत दी थी, लेकिन NIA ने उसी दिन हाईकोर्ट जाकर चुनौती दी और 30 सितंबर को रोक मिल गई.
यूक्रेनी अभिनेता Armen Atayan को Mumbai Sessions Court से मिली जमानत
मुंबई, पांच नवंबर मुंबई की एक अदालत ने पिछले साल की शुरुआत में भारतीय नागरिकता हासिल करने के लिए कथित तौर पर फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के आरोप में गिरफ्तार यूक्रेनी अभिनेता आर्मेन अतायन को बृहस्पतिवार को जमानत दे दी और कहा कि केवल विदेशी नागरिक होने के आधार पर किसी व्यक्ति को जमानत देने से इनकार नहीं किया जा सकता। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सत्यनारायण आर. नवनदर की अदालत ने कहा कि जन्म प्रमाणपत्र असली है या नहीं और अभिनेता का भारत में जन्म होने का दावा सही है या नहीं, इन सवालों की सुनवाई के दौरान ठीक से जांच की जानी जरूरी है। अदालत ने अतायन को 25 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक या दो जमानतदार की गारंटी पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि जांच के लिए उन्हें आगे हिरासत में रखने की जरूरत नहीं है। अदालत ने कहा, हालांकि, केवल इस आधार पर कि आवेदक विदेशी नागरिक है, उसे जमानत देने से इनकार नहीं किया जा सकता। साथ ही, अदालत की पूर्वानुमति लिये बिना उनके भारत छोड़ने पर रोक लगा दी।
जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में CJP नेताओं से 4 घंटे पूछताछ, क्राइम ब्रांच ने पूछे करीब 70 सवाल
जंतर-मंतर पर 13 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के मामले में क्राइम ब्रांच ने CJP नेताओं से करीब चार घंटे तक पूछताछ की। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, नेता सुबह करीब 11 बजे राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय पहुंचे थे। पूछताछ दोपहर करीब 3 बजे समाप्त ...
26 शहरों में 1200 किमी फैला मेट्रो नेटवर्क, पीएम मोदी बोले- इसका असर आंकड़ों से कहीं आगे
प्रधानमंत्री मोदी ने देश के मेट्रो रेल नेटवर्क के तेजी से विस्तार पर जोर दिया, जो 2014 में 5 शहरों में 248 किमी से बढ़कर अब 26 शहरों में लगभग 1,200 किमी हो गया है।
दरभंगा में खाकी पर हमला! ड्यूटी पर निकले ASI को मारी गोली
दरभंगा में पुलिस की गश्ती टीम सड़क पर उतरी ही थी कि अचानक गाछी की तरफ से गोली चल गई. निशाना बने सकतपुर थाना में तैनात ASI रणधीर कुमार. गोली उनके घुटने के नीचे लगी. पुलिस टीम को हमलावर की दिशा तक समझ नहीं आई. अब SSP खुद मौके पर पहुंचकर यह पता लगाने में जुटे हैं कि आखिर गोली किसने और क्यों चलाई.
'रामायण' में कैकेयी बनीं लारा दत्ता, पार्ट-2 के लुक से उठाया पर्दा
'रामायण' में लारा दत्ता ने कैकेयी का किरदार निभाया है, जो आज सिनेमाघरों में रिलीज हुई है. इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में और साई पल्लवी सीता के रूप में नजर आए हैं.
सरकारी योजनाओं के भुगतान में आधार नहीं, अब वोटर आईडी और बायोमेट्रिक से होगी लाभार्थियों की पहचान
नई दिल्ली। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले करोड़ों लोगों के लिए आने वाले समय में पहचान और भुगतान की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्र सरकार आधार कार्ड के स्थान पर वोटर आईडी कार्ड यानी ईपीआईसी (EPIC) नंबर और बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए लाभार्थियों की पहचान करने की व्यवस्था पर […] The post सरकारी योजनाओं के भुगतान में आधार नहीं, अब वोटर आईडी और बायोमेट्रिक से होगी लाभार्थियों की पहचान appeared first on Sabguru News .
पीएलआई योजना के कारण 2021-2025 के बीच संगठित मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में 30 प्रतिशत रोजगार बढ़ा है। तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और हरियाणा जैसे राज्यों ने इस वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
'आतंकियों को लाने के लिए पासपोर्ट की जरूरत नहीं', हसीना पर बांग्लादेश के मंत्री का बयान
बांग्लादेश के मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा कि बांग्लादेश और भारत के बीच प्रत्यर्पण संधि मौजूद है. इसी समझौते के तहत हसीना को वापस लाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी. उन्होंने कहा कि किसी आतंकवादी या अपराधी को वापस लाने के लिए पासपोर्ट की जरूरत नहीं होती.
अग्निवीरों को छह साल बाद नियमित कैडर में मिलेगी जगह, रक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला
रक्षा अधिकारियों ने बताया कि इच्छुक, स्वस्थ और अनुशासित अग्निवीरों को छह साल की सेवा के बाद नियमित सैनिक के रूप में शामिल किया जाएगा।
दिवाली से पहले अजमेर में मिठाई और ड्राई फ्रूट्स प्रतिष्ठानों की जांच, दो दुकानों को सुधार नोटिस
अजमेर। दीपावली के त्योहार पर मिठाई, नमकीन और ड्राई फ्रूट्स की खरीदारी के दौरान उपभोक्ताओं को निर्धारित मात्रा में सामग्री मिले और पैकिंग से जुड़ी जानकारियों में कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए उपभोक्ता मामले विभाग ने बाजारों में निगरानी तेज कर दी है। इसी कड़ी में विभाग की टीम ने अजमेर शहर में विभिन्न […] The post दिवाली से पहले अजमेर में मिठाई और ड्राई फ्रूट्स प्रतिष्ठानों की जांच, दो दुकानों को सुधार नोटिस appeared first on Sabguru News .
फ्री नहीं रही ब्लिंकिट एंबुलेंस सर्विस, अब इन सेवाओं के लिए देनी होगी ₹2500 फीस
ब्लिंकइट एंबुलेंस अब गैर-आपातकालीन स्थितियों के लिए 2,500 रुपये का शुल्क लेगी।
कूनो से निकली मादा चीता फिर राजस्थान पहुंची, करौली में तीसरी बार दिखी
कूनो नेशनल पार्क की चीता निर्वा तीसरी बार राजस्थान के करौली जिले के जंगलों में पहुंची है. निगरानी कर रही कूनो की टीम के वन रक्षक ने 5-6 अज्ञात लोगों के खिलाफ छीना-झपटी और मारपीट का केस दर्ज कराया है.
'घर खरीदारों को मिलेगी कन्वेयंस डीड', सुप्रीम कोर्ट का पार्श्वनाथ डेवलपर्स को बड़ा निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने पार्श्वनाथ डेवलपर्स की पूरी हो चुकी परियोजनाओं के घर खरीदारों के पक्ष में कन्वेयंस डीड निष्पादित करने की अनुमति दी है।
जहानाबाद। बिहार के जहानाबाद में कथित देह व्यापार और नाबालिगों को होटल में कमरे उपलब्ध कराने की शिकायतों के बाद पुलिस ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। पुलिस की छह विशेष टीमों ने शहर के अलग-अलग इलाकों में स्थित चार होटल और एक गेस्ट हाउस पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान 25 युवक-युवतियों को […] The post जहानाबाद में देह व्यापार की आशंका पर 5 होटलों और गेस्ट हाउस में एक साथ छापेमारी; 25 युवक-युवतियां हिरासत में appeared first on Sabguru News .
दिल्ली की हवा हुई जहरीली, देखें किन इलाकों में सबसे खराब हालात
दिल्ली और आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानी सीपीसीबी के ताजा आंकड़ों के अनुसार दिल्ली के कम से कम 18 स्थानों पर हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई है, जहां AQI 400 के पार पहुंच चुका है. जहांगीरपुरी इलाका सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, जहां सूचकांक 450 को पार कर गया है. इसके अतिरिक्त बवाना, नरेला, विवेक विहार, अलीपुर और आरके पुरम जैसे इलाकों में भी हवा का स्तर काफी खराब है.
तिरुपति लड्डू मामले की आंध्र प्रदेश से बाहर नहीं होगी सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका
सुप्रीम कोर्ट ने तिरुपति लड्डू घी मिलावट मामले को आंध्र प्रदेश से बाहर स्थानांतरित करने से इनकार कर दिया। अदालत ने आरोपी की याचिका खारिज करते हुए कहा कि राज्य में गवाहों की बड़ी संख्या के कारण सुनवाई प्रभावित होगी।
धनतेरस पर सोना खरीदना होगा महंगा? जानें रेट लिस्ट
धनतेरस से ठीक पहले सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी आई है. IBJA के मुताबिक, 24 कैरेट सोना 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 1.87 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई. जानिए सोने-चांदी के ताजा भाव और तेजी की वजह.
अमेरिका में अब्दुल की जीत पर ओवैसी क्यों इतने खुश? देखें विशेष
अमेरिका में अब्दुल अल-सैयद की जीत पर असदुद्दीन ओवैसी बेहद खुश नजर आ रहे हैं. उन्हें लग रहा है कि अमेरिका के अब्दुल की जीत पर वो ऐसा नैरेटिव बुनेंगे कि यूपी का 'अब्दुल' यानी, मुस्लिम वोटर सेट हो जाएगा. ओवैसी कह रहे हैं कि अमेरिका में अब्दुल सीनेटर बन रहा है. यूपी में भी विधायक और नेता बनेगा. देखें विशेष.
IAS-IPS बनने की राह में अगला पड़ाव, UPSC Mains का रिजल्ट जारी
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है. मुख्य परीक्षा 21 से 30 अगस्त के बीच आयोजित की गई थी. इसमें सफल उम्मीदवार अब पर्सनैलिटी टेस्ट यानी इंटरव्यू में शामिल होंगे.
हरदीप पुरी MP से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए, नहीं होगी वोटिंग
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव में निर्विरोध निर्वाचित हुए. दो उम्मीदवारों के नामांकन खारिज होने के बाद वे अकेले प्रत्याशी बचे थे.
भाजपा ने केरलम और पंजाब लोकसेवा आयोग में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है।
सर्दियों में घी डालकर बनाएं राजस्थानी हल्दी की सब्जी, नोट करें रेसिपी
सर्दियों में कच्ची हल्दी से बनने वाली राजस्थानी सब्जी का स्वाद बेहद खास होता है. देशी घी, दही और पारंपरिक मसालों से तैयार यह डिश राजस्थान के घरों में खूब पसंद की जाती है. जानें कच्ची हल्दी की सब्जी बनाने की आसान रेसिपी और सामग्री.
आप 1000 लाएंगे तो हम 100000 जुटा लेंगे; रिजीम चेंज पर राहुल गांधी को CM फडणवीस का ओपेन चैलेंज
फडणवीस ने कोल्हापुर की गोकुल डेयरी को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद पर टिप्पणी करने के लिए भी राहुल गांधी की तीखी आलोचना की और कहा कि यह मुद्दा इतना छोटा है कि इस पर किसी राष्ट्रीय नेता के हस्तक्षेप की जरूरत ही नहीं थी।
हरदीप सिंह पुरी मध्यप्रदेश से निर्विरोध राज्यसभा सांसद निर्वाचित, कांग्रेस की आपत्तियां खारिज
भोपाल। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी मध्यप्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। गुरुवार को नाम वापसी की समय-सीमा समाप्त होने के बाद निर्वाचन अधिकारी उमेश कुमार शर्मा ने उनके निर्वाचन की औपचारिक घोषणा की। इस अवसर पर मध्यप्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने निर्वाचन अधिकारी से पुरी […] The post हरदीप सिंह पुरी मध्यप्रदेश से निर्विरोध राज्यसभा सांसद निर्वाचित, कांग्रेस की आपत्तियां खारिज appeared first on Sabguru News .
सिक्किम में पटाखों की बिक्री और आतिशबाजी पर बैन, पुलिस को सख्ती के निर्देश
सिक्किम में दीपावली सहित आगामी त्योहारों के दौरान पटाखों की बिक्री और आतिशबाजी पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है।
जापान को 4-1 से हराकर भारत बना चैम्पियन, एशियन हॉकी में रचा नया इतिहास
भारत ने जालंधर में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी का फाइनल जापान को 4-1 से हराकर जीत लिया. यह भारत का लगातार तीसरा और कुल छठा खिताब है. भारत पूरे टूर्नामेंट में अपराजित रहा और उसने लीग दौर में भी जापान को 4-1 से हराया था.
अब नहीं बढ़ेंगे दूध के दाम? 'जी-रामजी' योजना के तहत बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाएगी सरकार
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने पशुपालन विभाग के साथ मिलकर चारे के संकट से दूध की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने की पहल की है। 'विकसित भारत-जी रामजी' योजना के तहत 22 नए कार्य जोड़कर चारा बैंक, चारागाह और पशुधन विकास को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
आनासागर चौपाटी में पसरा अंधेरा, NSUI जिलाध्यक्ष अंकित घारू ने प्रशासन को घेरा
अजमेर। शहर के प्रमुख पर्यटन एवं मनोरंजन स्थलों में शामिल आनासागर चौपाटी पर स्ट्रीट लाइटें बंद होने से रात के समय अंधेरा छाया हुआ है। इस समस्या को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के जिलाध्यक्ष अंकित घारू ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए तत्काल सुधार की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी […] The post आनासागर चौपाटी में पसरा अंधेरा, NSUI जिलाध्यक्ष अंकित घारू ने प्रशासन को घेरा appeared first on Sabguru News .
गोकुल डेरी में निदेशक नियुक्ति पर Rahul Gandhi का वार, फडणवीस ने फैसले को बताया कानून सम्मत
मुंबई, पांच नवंबर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गोकुल डेरी विवाद में बृहस्पतिवार को कदम रखते हुए भाजपा-नीत महाराष्ट्र सरकार पर जनादेश चुराने तथा नामित निदेशकों के जरिये दुग्ध सहकारी संघों पर काबिज होने की कोशिश करने का आरोप लगाया। कांग्रेस के विधानपरिषद सदस्य सतेज पाटिल ने सरकार के फैसले के खिलाफ नौ नवंबर को कोल्हापुर में विरोध मार्च निकालने की घोषणा की है। उनके पैनल ने 18 अक्टूबर के गोकुल डेरी चुनाव में 25 में से 13 सीट जीतीं, जबकि महाराष्ट्र के सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति के पैनल को 12 सीट मिलीं। महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने सहकारी संस्था में सत्ता के संतुलन को पूरी तरह से बदलने में समर्थ एक प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत सरकार को बोर्ड में पांच निदेशक नियुक्त करने का अधिकार मिल जाएगा, जिनमें से चार के पास वोट देने का अधिकार भी होगा। राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव के बाद सरकार द्वारा निदेशक नामित करने का फैसला, दुग्ध उत्पादकों के वोटों की चोरी और ‘जनादेश में मिलावट’ के समान है। गांधी का मजाक उड़ाते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस नेता गोकुल के मामले को एक राष्ट्रीय मुद्दा मानते हैं, क्योंकि हाल में उनकी पार्टी को 3,000 से 4,000 मतों के अंतर से ही जीत मिल पाई है। उन्होंने कहा कि निदेशकों की नियुक्ति का फैसला कानून के अनुसार लिया गया था। पाटिल ने महाराष्ट्र सरकार पर गोकुल डेरी पर नियंत्रण की कोशिश कर कोल्हापुर के जनादेश का अपमान करने का आरोप लगाया। महाराष्ट्र के चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने गोकुल डेरी के नेतृत्व को लेकर उत्पन्न गतिरोध में राज्य सरकार के हस्तक्षेप का बृहस्पतिवार को यह कहते हुए बचाव किया कि लोकतांत्रिक कामकाज बहाल करने और प्रशासन निर्वाचित प्रतिनिधियों के हाथों में सौंपने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था। गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘(कोल्हापुर में) गोकुल डेरी के चुनाव में दूध उत्पादकों ने भाजपा को हरा दिया। इसलिए चुनाव के बाद भाजपा ने नियम बदल दिए, चार निदेशक घुसा दिए, संख्या 12 से बढ़ाकर 16 कर दी और बहुमत हथिया लिया। यह दूध उत्पादकों के वोटों की चोरी है, जनादेश में मिलावट है।’’उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा इतनी हताश हो गई है कि सत्ता बचाने के लिए हर जगह किसी भी हद तक जा रही है। जो लोग दूध उत्पादकों के वोट चुराते हैं, वे याद रखें - किसान कभी भूलते नहीं हैं।’’शिवसेना (उबाठा) के सांसद संजय राउत ने महा विकास आघाडी के घटकों --कांग्रेस, शिवसेना (उबाठा) एवं राकांपा (शप)-- से इस मुद्दे पर साथ आने का आह्वान किया। राकांपा (शप) के विधायक रोहित पवार ने ‘लोकतंत्र में यकीन करने वालों से अध्यक्ष चुनाव में गोकुल डेरी का घेराव करने की अपील की। सन् 1963 में स्थापित कोल्हापुर जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ का 2024-25 में वार्षिक कारोबार 3,966.28 करोड़ रुपये रहा। इस दुग्ध उत्पादक संघ को गोकुल डेरी के नाम से भी जाना जाता है।’’यह लगभग 4.41 लाख दुग्ध उत्पादकों के साथ काम करता है और कोल्हापुर जिले तथा इसके आसपास के लगभग 1,810 गांवों में मौजूद 8,009 ग्राम-स्तरीय समितियों से रोज़ाना दूध इकट्ठा करता है, जिससे यह इस क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण संस्था बन गई है। महायुति पैनल के 12 निदेशकों के अनुपस्थित रहने के कारण डेरी अध्यक्ष का चुनाव टाल दिया गया। कांग्रेस नेता पाटिल ने बताया कि मुंबई उच्च न्यायालय ने सभी 25 निदेशकों को नोटिस जारी करने और अध्यक्ष का चुनाव 10 नवंबर को कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अदालत के सामने 25 निदेशकों के बीच चुनाव कराने पर सहमति जताई थी, लेकिन बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल ने वोट देने के अधिकार के साथ चार और निदेशकों को नियुक्त करने का फैसला किया।
RBI के एंट्री गेट पर क्यों है कुबेर के परिवार के यक्ष-यक्षिणी के स्टेच्यू?
जल तत्व और उत्तर दिशा में कुबेर धन के देवता हैं. लेकिन यक्षों का क्षेत्र इससे कहीं व्यापक है. वे धरती में छिपी संपदा, मणि-माणिक्य, खनिज, जल और वन संपदा के रक्षक भी माने जाते थे. यही कारण है कि यक्षों की अवधारणा को केवल धन रखने वाले प्राणी के रूप में नहीं, बल्कि संपदा की सुरक्षा और समृद्धि के प्रतीक के रूप में देखा जाता है.
सरकारी कर्मचारियों को दिवाली गिफ्ट, UP सरकार देगी 30 दिन का बोनस
दिवाली से पहले उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी आई है. योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 30 दिन के तदर्थ बोनस को मंजूरी दे दी है. रकम का 25 फीसदी हिस्सा नकद मिलेगा, जबकि 75 फीसदी भविष्य निधि में जमा होगा. रिटायर कर्मचारियों को पूरी राशि नकद और दैनिक वेतनभोगियों को भी राहत मिलेगी.
उमर अब्दुल्ला सत्ता के साथ पार्टी भी गवाएंगे? नाराज विधायकों मनाने की कवायद तेज
जम्मू-कश्मीर की सत्ताधारी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस संकट से गुजर रही है। पार्टी के 20 विधायकों के नाराजगी की खबर है। फारुख और उमर अब्दुल्ला इन विधायकों को मनाने की कोशिशों में लगे हुए हैं।
बिहार में हर महीने उद्यमियों के साथ बैठक करेंगे उद्योग मंत्री और सचिव, CM सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान
बिहार उद्योग को बढ़ावा देने के लिए हर महीने हितधारकों की बैठकें, 30-दिवसीय NOC, और स्थानीय खरीद को प्राथमिकता देगा, लक्ष
दिल्ली में प्रदूषण और स्टेडियम के रिनोवेशन का असर, भारत-श्रीलंका वनडे विशाखापत्तनम शिफ्ट
नई दिल्ली। दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ते वायु प्रदूषण की आशंका और अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में चल रहे नवीनीकरण कार्य का असर अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबले पर भी पड़ा है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने भारत और श्रीलंका के बीच 13 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला […] The post दिल्ली में प्रदूषण और स्टेडियम के रिनोवेशन का असर, भारत-श्रीलंका वनडे विशाखापत्तनम शिफ्ट appeared first on Sabguru News .

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