लोगों को किताबें पढ़ने का पैसा दे रहा ये देश, क्यों पड़ी इसकी जरूरत?
ट्रेन का इंतजार कर रहे हों या किसी कैफे में अकेले बैठे हों, हर किसी में जो चीज सबसे कॉमन दिखेगी वह है फोन स्क्रॉल करना. दक्षिण-पूर्व एशिया का एक छोटा सा देश अपने लोगों को तेजी से कम होती जा रही पढ़ने की आदत को दोबारा से शुरू करने के लिए एक अभियान चला रहा है. इसे लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया आ रही है.
'दुश्मन मारे जा रहे', बॉर्डर पर हूती-सऊदी सेना में ताबड़तोड़ गोलीबारी- VIDEO
हूती समर्थित मीडिया ने एक वीडियो जारी कर अल-जौफ के पूर्व में सऊदी समर्थित बलों के साथ सीधी भिड़ंत और सैन्य जमावड़ों पर हमले का दावा किया है. यह वीडियो ऐसे समय आया है, जब यमन में पश्चिमी तट से लेकर सऊदी सीमा तक जमीनी लड़ाई, हवाई हमले, ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ संघर्ष तेजी से फैल रहा है.
UPI पेमेंट पर MDR... इससे मिले पैसों का सरकार कहां करेगी इस्तेमाल?
UPI Payment MDR: 2000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर लगने वाले कुल एमडीआर के 5 फीसदी का इस्तेमाल एक फंड द्वारा UPI इकोसिस्टम को सिर्फ सरकारी सब्सिडी पर निर्भर रखने के बजाय आत्मनिर्भर बनाने के लिए होगा.
घर में पुराने कपड़ों से पोछा लगाना शुभ या अशुभ, जान लें वास्तु नियम
Vastu Tips: अक्सर लोग घर में रखे पुराने, फटे या बेकार हो चुके कपड़ों (जैसे पुरानी टी-शर्ट, तौलिया आदि) को पोछा बनाकर फर्श साफ करने लगते हैं. लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसा करना बेहद अशुभ माना जाता है. आइए जानते हैं क्यों.
होर्मुज में तेल टैंकर हादसे का शिकार, ईरान-अमेरिका के अलग-अलग दावे
होर्मुज में प्रतिबंधित क्षेत्र से गुजरते हुए तेल टैंकर 'एल गैया' हादसे का शिकार हो गया है. इस हादसे में दो नाविकों के लापता होने की भी खबर है. ईरान ने दावा किया है कि टैंकर समुद्री बारूदी सुरंगों का शिकार हो गया है. हालांकि अमेरिकी सेना ने बताया कि ये पुराना मामला है. अमेरिका के मुताबिक ये टैंकर पिछले महीने हुए मिसाइल हमले की चपेट में आया था.
'फार्म हाउस में मेरी हत्या करने का षड्यंत्र रचा गया'- चंद्रशेखर का आरोप
नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने अपनी हत्या की साजिश का बड़ा आरोप लगाते हुए दावा किया है कि एक फार्म हाउस में उन्हें जान से मारने का षड्यंत्र रचा गया. उन्होंने हाल ही में अपने ऊपर हुए हमले और इस पूरी साजिश की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की.
सपा नेता पवन यादव हत्याकांड: प्रयागराज पुलिस के हत्थे चढ़े तीन आरोपी
प्रयागराज पुलिस ने सपा नेता व पूर्व प्रधान पवन यादव हत्याकांड का खुलासा करते हुए लल्ला यादव, बृजेश यादव और निहाल अली को गिरफ्तार कर लिया है. 20 हजार में खरीदे गए दो तमंचों से व्यक्तिगत रंजिश में इस वारदात को अंजाम दिया गया था. पुलिस ने प्रयुक्त बाइक व असलहा बरामद कर लिया है.
रोडवेज बस के कंडक्टर ने 29 रुपये ज्यादा ले लिया किराया, अब 50000 रुपये देगी सरकार
हिमाचल प्रदेश में बस किराए में 29 रुपये ज्यादा वसूलने का मामला उपभोक्ता आयोग पहुंचा। ऊना आयोग ने HRTC को यात्री को 50,029 रुपये देने का आदेश दिया। जानिए पूरा मामला और आयोग ने अतिरिक्त किराए पर क्या फैसला सुनाया।
PhonePe, PayTM... किन-किन UPI ऐप्स पर कटेगा MDR चार्ज?
UPI पेमेंट को लेकर नया नियम आया है, जिसके बाद कई मर्चेंट अकाउंट होल्डर्स को MDR चार्ज देना होगा. 2 हजार रुपये से अधिक की पेमेंट पर चार्ज वसूला जाएगा, जिसके बाद कई लोगों के बीच में कंफ्यूजन हो गई है. बहुत से लोग जानना चाहते हैं कि किन-किन UPI मोबाइल ऐप्स पर कटेगा MDR चार्ज?
कल क्रैश... आज बमबम हुआ शेयर बाजार, खुलते ही इन स्टॉक्स ने मचाया गदर
Stock Market Crash पर बुधवार को ब्रेक लग गया और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ ओपन हुए. BSE Sensex ने तो खुलते ही 500 अंक से ज्यादा की छलांग लगा दी.
ग्रेजुएशन के बाद सीधा PHd में एडमिशन, कब है आवेदन की लास्ट डेट?
हजारों युवा का सपना होता है दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ने का, जिसके लिए वह बहुत मेहनत भी करते हैं. डीयू के कई कॉलेजों में एडमिशन के लिए 12वीं के नंबरों के आधार पर एडमिशन देने की बात सामने आई थी, इसके बाद डीयू ने 4 साल का ग्रेजुएशन पूरा करने वाले छात्रों को सीधा पीएचडी में एडमिशन देने की बात कही थी, जिसकी लास्ट डेट बढ़ा दी गई है.
जादरान ने हार का ठीकरा किस पर फोड़ा? श्रेयस ने दिए बदलाव के संकेत
टीम इंडिया के खिलाफ दूसरे टी20 में अफगानिस्तान को 7 विकेट से हार मिली. कप्तान इब्राहिम जादरान ने लगातार दूसरी हार के बाद पावरप्ले बल्लेबाजी को बड़ी कमी बताया. उन्होंने कहा कि टीम ने सही इंटेंट नहीं दिखाया और 150-160 के बजाय 200+ का स्कोर बनाने की सोच होनी चाहिए थी. जादरान ने भारतीय गेंदबाजों को भी क्रेडिट दिया.
27000 Cr का इंवेस्टमेंट, 90000 जॉब्स! इस राज्य को मिला तगड़ा प्रोजेक्ट
भारत में शिपबिल्डिंग सेक्टर को बड़ा बढ़ावा मिलने जा रहा है. ₹27,000 करोड़ के निवेश से ग्रीनफील्ड शिपबिल्डिंग क्लस्टर तैयार किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट से करीब 90,000 रोजगार के मौके बन सकते हैं.
दो वीडियो, बाइकर गर्ल का बयान... रोडरेज के आरोपी बैंसला के खिलाफ कई सबूत
गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड पर हुए हिट एंड रन मामले की पीड़िता शिवानी चौहान ने आरोपी के खिलाफ कई अहम सबूत होने का दावा किया है. इसमें वीडियो बाइक पर लगे एक्शन कैमरे का वीडियो और उसकी बाइक पर आए निशान शामिल हैं. बता दें कि आरोपी कल्याण बैंसला ने दावा किया है कि उसने जानबूझकर बाइकर को टक्कर नहीं मारी थी.
मक्का के पास इंटरसेप्ट हुआ हूती का ड्रोन, सऊदी के कई शहरों में अलर्ट... बड़ी जंग की आहट
Houthi Attack Saudi Arabia:सऊदी अरब और हूतियों के बीच जंग फिर तेज हो गई है. दक्षिणी सऊदी के शहरों पर मिसाइल और ड्रोन हमले हुए हैं, मक्का की तरफ भेजे गए ड्रोन को मार गिराने का सऊदी ने दावा किया है. यानबू में तेल लोडिंग रोक दी गई है और यमन में सऊदी गठबंधन के हवाई हमले जारी हैं. इस लाइव ब्लॉग में पढ़िए सऊदी-हूती जंग से जुड़े हर बड़े अपडेट.
कॉकरोच प्रदर्शन की खुलेगी हर परत! सुप्रीम कोर्ट ने जांच कमेटी को दिए ये 4 बड़े टास्क
CJP प्रदर्शन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पेललेट गन के इस्तेमाल, महिला प्रदर्शनकारियों से कथित बदसलूकी, पुलिसकर्मियों की चोट और हिंसा-संपत्ति नुकसान की जांच के निर्देश दिए हैं। पांच सदस्यीय कमेटी इन आरोपों की पड़ताल करेगी।
ओवैसी ने कहा, ‘पाकिस्तान से जंग हुई, तो ट्रम्प फोन करके बोल दिया तुम्हारे पप्पा को, वो रूक गए। अरे 8-10 ब्रह्मोस और लॉन्च करना था, तुम यहां पर लॉन्च करोगे, तुम एक ही लॉन्च कर सकते, खाना खाकर बस, दूसरा लॉन्च तुमसे नहीं हो सकता है।’
बीजेपी MLA ने छोड़ा कब्जा, PM से मिलते ही सुलझा 'दोस्त' का मैटर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्कूली दोस्त असगर अली वोरा को बड़ी राहत मिली है. भायंदर में उनकी 2,810 स्क्वायर मीटर जमीन पर कब्जा करने के आरोपों के बाद, बीजेपी विधायक नरेंद्र मेहता की कंपनी ने जमीन से कब्जा छोड़ने और वोरा के खिलाफ दर्ज शिकायत वापस लेने का फैसला किया है.
मथुरा: गोवर्धन परिक्रमा के दौरान महिला पर हमला, भिखारी ने काट दी नाक
मथुरा के गोवर्धन में परिक्रमा कर रही करीब 30 वर्षीय महिला पर एक अज्ञात व्यक्ति ने कथित तौर पर हमला कर उसकी नाक काट दी. महिला मोनिका परिक्रमा के दौरान गोवर्धन पहाड़ी की तलहटी में थी, तभी आरोपी ने उससे भीख मांगी. महिला के नजरअंदाज करने पर उसने हमला कर दिया.
मुंबई में 10 करोड़ का फ्लैट… पोलैंड में 15 करोड़ में महल जैसा घर?
मुंबई में 10 करोड़ का फ्लैट, तो 15 करोड़ में पोलैंड में कैसा घर? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिखा आलीशान आशियाना, जिसे देखकर लोग मुंबई और गुरुग्राम की प्रॉपर्टी कीमतों से तुलना करने लगे.
दिल्ली में माचिस को लेकर खूनी झड़प, चाकूबाजी में एक की मौत- हिरासत में तीन आरोपी
दिल्ली के केशवपुरम में माचिस की डिब्बी को लेकर विवाद खूनी झड़प में बदल गया. चाकूबाजी में 30 साल के भवानी की मौत हो गई और 32 साल के आशा राम घायल हो गए.
मेरठ सीवेज प्लांट में जहरीली गैस फैलने से मचा हड़कंप
मेरठ में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से क्लोरीन गैस रिसाव के बाद मंगलवार शाम अफरातफरी मच गई. गैस की चपेट में आने से कई लोगों ने आंखों में जलन, खांसी और सांस लेने में परेशानी की शिकायत की. करीब 8 से 10 लोगों की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया. एहतियातन आसपास की कॉलोनी खाली कराई गई. प्रशासन के मुताबिक सिलेंडर के वाल्व में रिसाव से गैस निकली थी.
IRCTC Tatkal Ticket: तत्काल टिकट बुक करना है? ये ट्रिक्स अपनाएं
IRCTC Tatkal ticket: तत्काल टिकट बुक करते समय कुछ सेकंड की देरी भी भारी पड़ सकती है. पहले से लॉगिन, पैसेंजर डिटेल सेव रखने और सही पेमेंट विकल्प चुनने जैसी छोटी-छोटी तैयारियां बुकिंग को आसान बना सकती हैं.
घंटों सफाई की जरूरत नहीं! जापान की ये 8 आदतें अपनाएं, चमकेगा घर
Japanese Cleaning Tips: जापानी लोग अपने छोटे घरों को भी बेहद साफ और ऑर्गनाइज्ड रखते हैं. बिना घंटों मेहनत किए घर को हमेशा साफ-सुथरा रखने के लिए आप भी जापानी संस्कृति की इन 8 आसान और कारगर आदतों को अपने रोजमर्रा के जीवन में अपना सकते हैं.
Noida में फिनटेक कंपनी का Server हैक, 58 बैंक खातों में ट्रांसफर किए ₹2.42 करोड़
नोएडा में साइबर जालसाजों ने एक वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी (फिनटेक) का सर्वर और एपीआई पोर्टल हैक कर दो करोड़ रुपये से अधिक की रकम निकाल ली। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस की एक अधिकारी ने बताया कि ‘रिनोवा पेटेक प्राइवेट लिमिटेड’ के प्रतिनिधि राजकुमार की ओर से मंगलवार को दी गई शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। ‘रिनोवा पेटेक प्राइवेट लिमिटेड’ मोबाइल फोन रिचार्ज, बिल भुगतान, आधार के जरिए नकद निकासी और घरेलू धन हस्तांतरण जैसी सेवाएं उपलब्ध कराती है। पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) शैव्या गोयल ने शिकायत का हवाला देते हुए बताया कि 13 सितंबर को दोपहर बाद से रात करीब आठ बजे के बीच साइबर जालसाजों ने कंपनी का सर्वर हैक कर लिया और एपीआई पोर्टल के जरिए कंपनी के खाते से 2,42,65,576 रुपये निकाल लिये। उन्होंने बताया कि यह रकम 497 लेनदेन के जरिए 28 बैंक के 58 खातों में अंतरित की गई। गोयल ने कहा, “साइबर अपराध शाखा की टीम इसकी जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किन-किन बैंक खातों में कितनी-कितनी रकम अंतरित की गई।
मासूम छात्रा की फरियाद पर मऊ डीएम ने बदल दी मोहल्ले की तस्वीर
मऊ के वार्ड संख्या 17 में सात साल की मासूम समरा नाज की शिकायत पर जिलाधिकारी आनंद वर्धन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जर्जर सड़क का पक्का निर्माण कराया. कार्य पूरा होने पर डीएम ने खुद बच्ची के घर पहुंचकर सड़क का निरीक्षण किया और उसे गिफ्ट में साइकिल व चॉकलेट देकर प्रोत्साहित किया.
रीवा की राजकुमारी है ये एक्ट्रेस, नेता घराने की बहू बन छोड़ा शोबिज
पूर्व टेलीविजन एक्ट्रेस और डांसर मोहिना कुमारी रियल लाइफ की राजकुमारी हैं. वो मध्य प्रदेश के रीवा के महाराज पुष्पराज सिंह की बेटी है. इस हिसाब से मोहिना असल जिंदगी में रीवा की राजकुमारी हैं.
'Love U Mummy Papa...' 15वीं मंजिल से गिरकर 16 साल की लड़की की मौत
गाजियाबाद के गौर सिद्धार्थम सोसाइटी में 16 वर्षीय लड़की 15वीं मंजिल से गिर गई. गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. विजयनगर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की. पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान मिले एक नोट में उसने पढ़ाई से जुड़े दबाव का जिक्र किया है. पुलिस घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है.
तिब्बत की गर्मी से कैलिफोर्निया में क्यों तूफान आता है?
तिब्बत के ऊंचे पहाड़ी इलाके पर सर्दी की शुरुआत में ज्यादा गर्मी पड़ने से हवा में लहरें बनती हैं. ये लहरें बहुत दूर जाकर कैलिफोर्निया में तेज बारिश और बाढ़ वाले तूफान लाती हैं. ला-नीना होने पर भी ये तूफान आ सकते हैं.
UP में निर्णायक होता महिला वोट बैंक, योगी का लखटकिया दांव बनाम डिंपल फैक्टर
यूपी में कानून-व्यवस्था के दम पर महिला वोटरों का भरोसा जीत चुके योगी आदित्यनाथ अब 'महिला उद्यमी क्रेडिट योजना' के जरिए आर्थिक स्वावलंबन का बड़ा दांव चल रहे हैं. बिहार चुनाव में महिला रोजगार योजना के मास्टरस्ट्रोक से सबक लेते हुए, भाजपा 2027 चुनाव से ठीक पहले 1 करोड़ महिलाओं को एक लाख रुपए का ब्याजमुक्त क्रेडिट देकर अखिलेश-डिंपल यादव की घेराबंदी को बेअसर करने में जुटी है.
UPI से शेयर, IPO, MF में लगाते हैं पैसे? जानें MDR का कितना असर
UPI MDR Rules: यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) से पेमेंट को लेकर सरकार ने नया मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) फ्रेमवर्क जारी किया है, जो 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा. आम यूजर के लिए UPI पेमेंट पहले की तरह फ्री रहेगा, लेकिन ₹2,000 से ज्यादा के कुछ मर्चेंट पेमेंट पर MDR लगेगा. शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और दूसरे कैपिटल मार्केट पेमेंट के लिए भी MDR रेट तय हुआ है.
तेंदुलकर फैमिली का गणपति उत्सव, सानिया-सारा के लुक ने लूटी महफिल
तेंदुलकर परिवार ने गणपति की स्थापना की. सानिया और सारा तेंदुलकर ट्रेडिशनल साड़ी में नजर आईं. सानिया ने गणपति रेडी पोस्ट किया तो सारा ने 'Ganpu season' कैप्शन के साथ फोटो शेयर की. सचिन तेंदुलकर ने घर पर ही छोटे गणेश की विसर्जन की वीडियो पोस्ट की.
दस जनपथ पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ इंटरव्यू के बाद एक सचिव ने बताया कि प्रियंका गांधी काफी दिलचस्पी से सवाल कर रही थीं. उन्होंने महिला नेताओं से ख़ास तौर पर पूछा कि बतौर महिला उन्हें फील्ड में क्या दिक्कतें आती हैं?
Reliance Jio ने Canva के साथ पार्टनरशिप की है. अब Jio के 399 और 349 रुपये के सेलेक्टेड रिचार्ज प्लान्स पर ग्राहकों को 4,000 की कीमत वाला Canva Pro और Pro Lite सब्सक्रिप्शन 1 साल के लिए बिल्कुल मुफ्त मिलेगा.
सेकंड हैंड फोन खरीदने से पहले करें ये टेस्ट, नहीं लगेगा चूना!
सेकंड हैंड फोन खरीदते समय सिर्फ उसकी बॉडी और कैमरा चेक करना काफी नहीं है. फोन की स्क्रीन में भी ऐसी खराबी हो सकती है, जो पहली नजर में दिखाई नहीं देती. स्क्रीन बर्न और खराब पिक्सेल जैसी दिक्कतें बाद में परेशान कर सकती हैं. अच्छी बात ये है कि फोन खरीदने से पहले एक आसान स्क्रीन टेस्ट करके आप इन खराबियों को आसानी से पकड़ सकते हैं.
अमेरिका: लॉस एंजेलिस में हेलीकॉप्टर क्रैश, मौके पर तीन की मौत
लॉस एंजेलिस के सैन फर्नांडो वैली में एक न्यूज हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया. फायर डिपार्टमेंट के मुताबिक मौके पर तीन लोगों की मौत हो गई. हादसा चैट्सवर्थ में उसी जगह के पास हुआ जहां पहले मेट्रो बस हादसा हुआ था.
दिल्ली में आशा वर्करों का भत्ता हुआ दोगुना, अब हर महीने मिलेंगे इतने हजार रुपये
Delhi Asha Worker Salary: दिल्ली में रेखा गुप्ता सरकार ने आशा वर्कर्स को बड़ी राहत दी है. अब इनका वेतन सीधे दोगुना कर दिया गया है. सरकार का कहना है कि इस पर पिछले कई दिनों से काम चल रहा था.
कलयुग के अंत में कैसा होगा इंसान? शिव पुराण की डरावनी भविष्यवाणियां
Hindu Dharam: हिंदू धर्म ग्रंथों में समय चक्र को चार युगों में बांटा गया है, जिसमें वर्तमान समय को कलयुग माना जाता है. शिव पुराण में घोर कलयुग आने पर मनुष्य के स्वभाव, समाज और धर्म के स्वरूप में होने वाले बदलावों का विस्तार से वर्णन मिलता है. ग्रंथ के अनुसार, कलयुग में लोग सत्य और पुण्य कर्मों से दूर होकर छल, स्वार्थ और निंदा में लिप्त हो जाएंगे.
देश के करोड़ों मध्यमवर्गीय परिवारों और वेतनभोगी नागरिकों के लिए अपने आशियाने, कार या बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए लिया गया बैंक लोन मासिक घरेलू बजट का सबसे बड़ा हिस्सा होता है। ऐसे में केंद्रीय बैंक यानी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की आगामी समीक्षा बैठकों को लेकर वित्तीय गलियारों से जो संकेत छनकर आ रहे हैं, वे आम कर्जदारों (Borrowers) के माथे पर चिंता की लकीरें खींचने वाले हैं। देश-विदेश की अग्रणी वित्तीय रेटिंग एजेंसियों, निवेश बैंकों और प्रमुख अर्थशास्त्रियों (Economists) का मानना है कि महंगाई (Inflation) की लगातार बनी हुई तपिश, खाद्य वस्तुओं के दामों में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनावों के बीच रिजर्व बैंक अपनी उदारवादी या तटस्थ नीति को कड़ा कर सकता है। यदि केंद्रीय बैंक अपनी प्रमुख नीतिगत दर 'रेपो रेट' (Repo Rate) में बढ़ोतरी का फैसला करता है, तो वाणिज्यिक बैंकों द्वारा तुरंत अपने फ्लोटिंग लोन की ब्याज दरों को बढ़ा दिया जाएगा, जिसका सीधा और तात्कालिक असर आपकी जेब से हर महीने कटने वाली लोन ईएमआई (EMI) पर पड़ेगा।अर्थशास्त्रियों की चेतावनी: आखिर किन कारणों से रेपो रेट बढ़ाने के दबाव में है रिजर्व बैंक?वैश्विक और घरेलू वित्तीय बाजारों का बारीकी से विश्लेषण करने वाले शीर्ष अर्थशास्त्रियों का मानना है कि पिछले कुछ तिमाहियों से ब्याज दरों में जो स्थिरता बनी हुई थी, उस पर अब ब्रेक लगने का जोखिम बढ़ रहा है।आरबीआई पर ब्याज दरें बढ़ाने के लिए बन रहे मुख्य आर्थिक दबाव:खाद्य और कोर महंगाई का दबाव: मानसून के अंतिम दौर में मौसम के अप्रत्याशित बदलाव और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के कारण फल, सब्जियों, दालों और खाद्य तेलों की कीमतों में लगातार अस्थिरता बनी हुई है। जब खाद्य महंगाई लंबे समय तक ऊंची बनी रहती है, तो यह 'कोर इन्फ्लेशन' (Core Inflation) को भी भड़काती है, जिसे थामने के लिए केंद्रीय बैंकों के पास ब्याज दरें बढ़ाने के अलावा कोई सीधा हथियार नहीं होता।कच्चे तेल की कीमतें और रुपया-डॉलर समीकरण: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) की कीमतों में तेजी से भारत के आयात बिल पर दबाव बढ़ता है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये (INR) को अनावश्यक गिरावट से बचाने और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) के पलायन को रोकने के लिए ब्याज दरों में प्रतिस्पर्धी संतुलन बनाना जरूरी हो जाता है।ग्लोबल सेंट्रल बैंकों की नीतियां: अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) और यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) की ब्याज दरों को लेकर आक्रामक रणनीति के चलते वैश्विक तरलता (Global Liquidity) सख्त बनी हुई है। भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए ब्याज दरों का अंतर कम होने से पूंजी निकासी का खतरा रहता है।बैंकिंग सिस्टम में क्रेडिट ग्रोथ बनाम डिपॉजिट ग्रोथ: वर्तमान में भारतीय बैंकों की लोन देने की रफ्तार (Credit Growth) उनके पास जमा होने वाले पैसों (Deposit Growth) से कहीं अधिक तेज है। बैंकों को फंड जुटाने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट की दरें बढ़ानी पड़ रही हैं, जिससे उनकी 'फंड की लागत' (Cost of Funds) बढ़ रही है और वे इसका भार अंततः कर्जदारों पर डालने के लिए विवश हैं।EBLR और RLLR का खेल: समझिए रेपो रेट बढ़ते ही आपकी ईएमआई पर क्यों गिरती है सीधी गाज?अक्टूबर 2019 से पहले जब भी आरबीआई रेपो रेट बढ़ाता था, तो बैंक अपनी ब्याज दरें बढ़ाने में कई महीने का समय लगाते थे। लेकिन अक्टूबर 2019 में रिजर्व बैंक ने सभी वाणिज्यिक बैंकों (जैसे SBI, HDFC, ICICI, PNB, BoB) के लिए 'एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट' (EBLR) की व्यवस्था अनिवार्य कर दी। अधिकांश बैंकों ने अपने फ्लोटिंग रेट लोन्स (विशेष रूप से होम लोन, कार लोन और एमएसएमई लोन) को सीधे आरबीआई के रेपो रेट से जोड़ दिया, जिसे 'रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट' (RLLR) कहा जाता है।इस व्यवस्था का नियम बेहद स्पष्ट और क्रूर है:जैसे ही आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट्स (0.25%) या 50 बेसिस प्वाइंट्स (0.50%) की वृद्धि की घोषणा करती है, बैंकों का कंप्यूटर सिस्टम स्वचालित रूप से आपके लोन की ब्याज दर में ठीक उतनी ही बढ़ोतरी कर देता है।अधिकांश बैंकों में यह संशोधन घोषणा के अगले ही महीने की पहली तारीख से प्रभावी हो जाता है। इसका मतलब यह है कि नीतिगत दर बढ़ते ही कर्जदार को बिना किसी देरी के बढ़ी हुई दर पर भुगतान करना पड़ता है।आपकी जेब पर कितना पड़ेगा बोझ? 30 लाख, 50 लाख और 75 लाख के होम लोन का गणितयदि अर्थशास्त्रियों के अनुमान के अनुसार आरबीआई अपनी ब्याज दरों में 25 से 50 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी करता है, तो 20 वर्ष (240 महीने) की अवधि के विभिन्न लोन स्लैब पर आपकी मासिक ईएमआई और कुल ब्याज पर कितना असर पड़ेगा, इसे नीचे दी गई तालिका से समझा जा सकता है:लोन की मूल राशि (20 वर्ष की अवधि)वर्तमान ब्याज दर (8.50% p.a.) पर EMI0.25% बढ़ोतरी (8.75% p.a.) पर नई EMI0.50% बढ़ोतरी (9.00% p.a.) पर नई EMI0.50% वृद्धि पर कुल अतिरिक्त ब्याज (20 वर्ष में)₹30 लाख (₹30,00,000)₹26,035 / माह₹26,511 / माह (+₹476)₹26,992 / माह (+₹957)₹2,29,680 अतिरिक्त₹50 लाख (₹50,00,000)₹43,391 / माह₹44,186 / माह (+₹795)₹44,986 / माह (+₹1,595)₹3,82,800 अतिरिक्त₹75 लाख (₹75,00,000)₹65,087 / माह₹66,278 / माह (+₹1,191)₹67,480 / माह (+₹2,393)₹5,74,320 अतिरिक्त₹1 करोड़ (₹1,00,00,000)₹86,782 / माह₹88,371 / माह (+₹1,589)₹89,973 / माह (+₹3,191)₹7,65,840 अतिरिक्तनोट: यह गणना 240 महीनों के मानक परिशोधन (Standard Amortization) फॉर्मूले पर आधारित है। विभिन्न बैंकों के स्प्रेड और क्रेडिट स्कोर के आधार पर वास्तविक दरों में आंशिक भिन्नता हो सकती है।EMI नहीं बढ़ी तो भी सावधान: बैंक चुपचाप बढ़ा देते हैं लोन की अवधि (Tenure Trap)जब भी ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो अधिकांश बैंक ग्राहकों की ईएमआई की राशि तुरंत नहीं बढ़ाते, बल्कि वे ग्राहक की सहमति या स्वचालित क्लॉज के तहत लोन की भुगतान अवधि (Tenure) को 1 से 3 साल तक आगे खिसका देते हैं। पहली नजर में ग्राहक को लगता है कि उसकी ईएमआई ₹43,391 ही कट रही है और उस पर कोई फर्क नहीं पड़ा, लेकिन यह एक बहुत बड़ा वित्तीय भ्रम (Tenure Trap) होता है।लोन की अवधि बढ़ने का खौफनाक पहलू:यदि 20 साल के लोन की अवधि बढ़कर 23 या 24 साल हो जाती है, तो आप अपने मूलधन से कहीं अधिक केवल 'ब्याज' बैंक को चुका रहे होते हैं।कई बार ब्याज दरें इतनी बढ़ जाती हैं कि मासिक ईएमआई उस महीने के ब्याज को भी कवर नहीं कर पाती, जिसे बैंकिंग की भाषा में 'नेगेटिव अमॉर्टाइजेशन' (Negative Amortization) कहा जाता है। इसमें हर महीने किस्त भरने के बावजूद आपका लोन कम होने के बजाय बढ़ने लगता है। इसलिए बैंक से आने वाले हर रीसेट लेटर को ध्यान से पढ़ें और जांचें कि आपकी अवधि कितनी बढ़ाई गई है।ऑटो लोन, पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड पर क्या होगा असर?होम लोन के अलावा अन्य खुदरा ऋणों पर भी इस बढ़ोतरी का बहुआयामी प्रभाव पड़ता है:कार और ऑटो लोन (Auto Loans): अधिकांश ऑटो लोन 'फिक्स्ड रेट' पर होते हैं, इसलिए जिन लोगों ने पहले से कार लोन ले रखा है, उनकी पुरानी ईएमआई पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। हालांकि, जो लोग आगामी त्योहारी सीजन (नवरात्र और दीपावली) में नई कार या बाइक खरीदने की योजना बना रहे हैं, उन्हें अब 0.50% तक महंगी ब्याज दरों पर नया लोन मिलेगा।पर्सनल लोन और कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन: चूंकि पर्सनल लोन असुरक्षित (Unsecured) होते हैं, इसलिए बैंक जोखिम प्रीमियम जोड़कर इनकी ब्याज दरें तुरंत 11-12% से बढ़ाकर 12.5-13.5% तक कर देते हैं, जिससे शादी, इलाज या यात्रा के लिए लिया जाने वाला लोन महंगा हो जाएगा।क्रेडिट कार्ड और रिवॉल्विंग क्रेडिट: क्रेडिट कार्ड के रोलओवर इंटरेस्ट रेट्स पहले से ही 36% से 42% प्रति वर्ष के ऊंचे स्तर पर हैं। वित्तीय सख्ती के माहौल में बैंक ओवरड्यू चार्जेस और फाइनेंस चार्ज में और इजाफा कर सकते हैं।सीनियर सिटीजन्स और एफडी निवेशकों के लिए राहत: फिक्स्ड डिपॉजिट पर बढ़ेंगे रिटर्नरेपो रेट में बढ़ोतरी जहां कर्जदारों के लिए बुरी खबर होती है, वहीं देश के करोड़ों वरिष्ठ नागरिकों, पेंशनभोगियों और रूढ़िवादी निवेशकों के लिए यह एक चांदी की चमक लेकर आती है। जब बैंकों को फंड जुटाने की जरूरत होती है और आरबीआई अपनी नीतिगत दरें बढ़ाता है, तो बैंक अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और आवर्ती जमा (RD) की ब्याज दरों में तुरंत बढ़ोतरी करते हैं।वरिष्ठ नागरिकों को बैंकों द्वारा सामान्य ग्राहकों से 0.50% अधिक ब्याज दिया जाता है। ऐसे में 1 से 3 साल की एफडी पर ब्याज दरें 7.75% से लेकर 8.25% प्रति वर्ष तक पहुंच सकती हैं। जो बुजुर्ग केवल बैंक ब्याज पर अपने घर का खर्च चलाते हैं, उन्हें अपनी मासिक ब्याज आय में स्पष्ट बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।बढ़ती ब्याज दरों के झटके से कैसे बचें? कर्जदारों के लिए 5 स्मार्ट 'ईएमआई शील्ड' उपाययदि आपके ऊपर होम लोन या कोई अन्य फ्लोटिंग लोन चल रहा है और आप बढ़ती ब्याज दरों के चक्रव्यूह से अपने पारिवारिक बजट को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो इन 5 व्यावहारिक रणनीतियों को तत्काल लागू करें:आंशिक प्री-पेमेंट (Partial Prepayment) करें: साल में मिलने वाले किसी भी बोनस, इंसेंटिव, टैक्स रिफंड या मैच्योरिटी फंड से हर साल अपने मूलधन (Principal) का कम से कम 5% एकमुश्त जमा करें। 20 साल के लोन में यदि आप शुरुआत में ₹2 लाख का भी प्री-पेमेंट कर देते हैं, तो आपके लोन की अवधि सीधे 2 से 3 साल कम हो जाती है और लाखों रुपये का ब्याज बच जाता है।अवधि बढ़ाने के बजाय ईएमआई बढ़ाने का विकल्प चुनें: जब बैंक आपकी ब्याज दर बढ़ाए, तो बैंक को लिखित आवेदन देकर कहें कि वे आपके लोन की अवधि (Tenure) न बढ़ाएं, बल्कि आपकी मासिक ईएमआई में ₹1,000 या ₹1,500 का इजाफा कर दें। छोटी सी अतिरिक्त ईएमआई आपको लाखों रुपये के अतिरिक्त ब्याज के चक्रव्यूह से बचा लेगी।होम लोन बैलेंस ट्रांसफर (Balance Transfer) की संभावना तलाशें: अपने मौजूदा बैंक की तुलना अन्य सार्वजनिक व निजी बैंकों की चालू दरों से करें। यदि कोई अन्य बैंक आपको 0.40% से 0.60% तक सस्ती ब्याज दर की पेशकश कर रहा है, तो मामूली प्रोसेसिंग फीस चुकाकर अपने लोन को दूसरे बैंक में ट्रांसफर कराने पर विचार करें।क्रेडिट स्कोर (CIBIL Score) को 750+ बनाए रखें: आज के दौर में बैंक जोखिम-आधारित मूल्य निर्धारण (Risk-Based Pricing) अपनाते हैं। जिन ग्राहकों का सिबिल स्कोर 800 से ऊपर होता है, उन्हें बैंक सामान्य दरों से 0.25% से 0.35% तक कम ब्याज दर (कन्सेशन) पर लोन ऑफर करते हैं। अपने क्रेडिट कार्ड के बिल और अन्य देनदारियों को समय पर चुकाकर अपना स्कोर मजबूत रखें।होम लोन ओवरड्राफ्ट (Maxgain / Advantage) खाता लें: यदि आपका बैंक सुविधा देता है, तो अपने सामान्य होम लोन को 'ओवरड्राफ्ट लिंक्ड होम लोन' में बदलवा लें। इसमें आप अपनी बचत खाते की अतिरिक्त नकदी होम लोन खाते में पार्क कर सकते हैं। जितने दिन वह अतिरिक्त पैसा उस खाते में रहेगा, उतने हिस्से पर बैंक ब्याज नहीं लेगा, और जरूरत पड़ने पर आप उस पैसे को कभी भी वापस निकाल सकते हैं।आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक का अंतिम परिणाम चाहे जो भी हो, अर्थशास्त्रियों के इन स्पष्ट आकलनों ने यह साफ कर दिया है कि सस्ते कर्ज का दौर अब ढलान पर है। वित्तीय रूप से सतर्क रहकर, समय पर प्री-पेमेंट की रणनीति अपनाकर और अपने लोन रीसेट पर पैनी नजर रखकर आप इस संभावित ब्याज वृद्धि के झटके से अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रख सकते हैं।
दिल्ली में युवक की हत्या, माचिस को लेकर विवाद में चाकुओं से गोद डाला
दिल्ली के केशव पुरम थाना क्षेत्र के कन्हैया नगर में 15 सितंबर को माचिस को लेकर हुए विवाद के बाद चाकूबाजी हो गई. घटना में भवानी (30) की मौत हो गई, जबकि आशा राम (32) घायल हो गया. भवानी को अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.
बंगाल: रेजीनगर उपचुनाव से पहले धमाका, नौपुकुरिया में कंटेनर से मिले बम
पश्चिम बंगाल में रेजीनगर और नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को उपचुनाव होने हैं. इससे पहले मुर्शिदाबाद के नौपुकुरिया में जोरदार धमाका हुआ है. स्थानीय लोगों का दावा है कि जलाशय के पास बम छुपाए गए थे, जो गर्मी के कारण फट गए. पुलिस ने मौके से बम बरामद किए हैं और अब मामले की जांच कर रही है
ऑनलाइन शॉपिंग के शौकीनों और त्योहारी सीजन में सस्ते गैजेट्स व घरेलू सामान खरीदने की योजना बना रहे करोड़ों भारतीय उपभोक्ताओं का बहुप्रतीक्षित इंतजार अब खत्म हो गया है। देश की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट (Flipkart) ने साल 2026 के अपने सबसे बड़े फ्लैगशिप शॉपिंग फेस्टिवल 'द बिग बिलियन डेज' (The Big Billion Days - BBD 2026) की तारीखों की घोषणा कर दी है। फ्लिपकार्ट मोबाइल ऐप और आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर लाइव हुए टीजर व आधिकारिक घोषणा के अनुसार, यह मेगा सेल 9 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि से सभी आम यूजर्स के लिए शुरू होगी। वहीं, लॉयलटी प्रोग्राम से जुड़े फ्लिपकार्ट प्लस (Flipkart Plus), वीआईपी और ब्लैक मेंबर्स को 24 घंटे पहले, यानी 8 अक्टूबर 2026 की रात 12 बजे से ही सेल का 'अर्ली एक्सेस' (Early Access) दे दिया जाएगा। शारदीय नवरात्र और आगामी दीपावली के त्योहारों को देखते हुए आयोजित की जा रही इस सेल में स्मार्टफोन, स्मार्ट टीवी, लैपटॉप, फ्रिज, वॉशिंग मशीन से लेकर फैशन और होम फर्निशिंग तक लाखों उत्पादों पर अब तक के सबसे बड़े डिस्काउंट और एक्सचेंज ऑफर्स मिलने जा रहे हैं।स्मार्टफोन, गैजेट्स और प्रीमियम इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए फ्लिपकार्ट बिग बिलियन डेज सेल को साल का सबसे किफायती मौका माना जाता है।बैंक ऑफर्स और पार्टनरशिप: Axis और ICICI बैंक कार्डधारकों को मिलेगा 10% इंस्टेंट डिस्काउंटहर साल की तरह इस बार भी फ्लिपकार्ट ने उपभोक्ताओं को अतिरिक्त बचत का तोहफा देने के लिए देश के दो बड़े निजी बैंकों—एक्सिस बैंक (Axis Bank) और आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank)—के साथ आधिकारिक साझेदारी की है। सेल के दौरान इन दोनों बैंकों के क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और ईएमआई (EMI) ट्रांजैक्शन पर ग्राहकों को 10 प्रतिशत का फ्लैट 'इंस्टेंट डिस्काउंट' दिया जाएगा। इसके अलावा, फ्लिपकार्ट एक्सिस बैंक को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड यूजर्स को 5% का अनलिमिटेड कैशबैक मिलता रहेगा। जो ग्राहक एकमुश्त भुगतान करने में असमर्थ हैं, उनके लिए विभिन्न प्रमुख बैंकों के कार्ड्स पर 24 महीने तक की नो-कॉस्ट ईएमआई (No-Cost EMI) और 'फ्लिपकार्ट पे लेटर' (Flipkart Pay Later) के जरिए ₹1 लाख तक की तुरंत क्रेडिट लिमिट की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।BBD 2026 का पूरा शेड्यूल: तिथियां, अर्ली एक्सेस और बैंक डिस्काउंटसेल के पूरे कार्यक्रम और प्रमुख शर्तों का संक्षिप्त विवरण इस तालिका में देखा जा सकता है:सेल का चरण / विवरणनिर्धारित तारीख एवं समयपात्रता एवं मुख्य ऑफर्सप्लस एवं वीआईपी अर्ली एक्सेस8 अक्टूबर 2026 (रात 12:00 AM)प्लस, ब्लैक और वीआईपी मेंबर्स के लिए 24 घंटे पहले सेल लाइवसभी यूजर्स के लिए मुख्य सेल9 अक्टूबर 2026 (रात 12:00 AM)भारत के सभी ऑनलाइन ग्राहकों के लिए सभी डील्स ओपनसेल की अनुमानित अवधि9 अक्टूबर से 18 अक्टूबर 2026 तकस्टॉक रहने तक विभिन्न कैटेगरी में फेज-वाइज डील्सपार्टनर बैंक डिस्काउंट10% इंस्टेंट डिस्काउंटएक्सिस बैंक एवं आईसीआईसीआई बैंक कार्ड्स/ईएमआईअतिरिक्त बचत के साधनसुपरकॉइन्स (SuperCoins)एक्सचेंज बोनस, कॉम्बो डील्स और कूपन डिस्काउंटआईफोन से लेकर सैमसंग तक: स्मार्टफोन्स पर गिरेंगे दाम, फ्लैगशिप मॉडल्स पर भारी छूटफ्लिपकार्ट बिग बिलियन डेज सेल की सबसे बड़ी यूएसपी हमेशा से आईफोन (Apple iPhone) और फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स की कीमतें रही हैं। इस बार की सेल में टेक जगत की नजरें मुख्य रूप से निम्नलिखित स्मार्टफोन्स पर टिकी हैं:एप्पल आईफोन (Apple iPhone): नई आईफोन सीरीज के लॉन्च के बाद बिग बिलियन डेज में आईफोन 16 और आईफोन 15 के बेस और प्रो मॉडल्स की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट देखने को मिलेगी। बैंक डिस्काउंट और पुराने फोन के एक्सचेंज बोनस को मिलाकर आईफोन 16 को बेहद आक्रामक कीमत पर पेश किए जाने के संकेत हैं।सैमसंग गैलेक्सी (Samsung Galaxy): सैमसंग के प्रीमियम फ्लैगशिप जैसे Galaxy S24, Galaxy S24 FE और फोल्डेबल डिवाइसेज (Z Fold व Z Flip सीरीज) पर भारी प्राइस कट देखने को मिलेगा। इसके अलावा बजट सेगमेंट में Galaxy M और F सीरीज के 5G फोन रिकॉर्ड कम कीमतों में उपलब्ध होंगे।मोटोरोला, रियलमी और पोको: कम बजट में 5G फोन तलाशने वाले उपभोक्ताओं के लिए Motorola Edge 50/60 सीरीज, Realme 14/15 सीरीज और POCO X7 Pro जैसे मिड-रेंज गेमिंग स्मार्टफोन्स पर 30 से 40% तक की भारी छूट दी जाएगी।इलेक्ट्रॉनिक्स, होम अप्लायंसेज और फैशन: 80% तक की छूट और बंपर एक्सचेंज बोनसकेवल स्मार्टफोन्स ही नहीं, बल्कि घर के बड़े अप्लायंसेज और वर्क-फ्रॉम-होम से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक सामानों पर भी बंपर डिस्काउंट्स की रूपरेखा तैयार की गई है:स्मार्ट टीवी और ऑडियो सिस्टम्स: 4K UHD गूगल टीवी (Sony, Samsung, LG, Mi, TCL) पर 65% तक की छूट मिलेगी। डॉल्बी एटमॉस वाले साउंडबार और वायरलेस ईयरबड्स मात्र ₹999 की शुरुआती कीमत से मिलने शुरू होंगे।लैपटॉप्स और टैबलेट्स: छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए इंटेल कोर i5 व AMD राइजन पावर्ड लैपटॉप्स पर बैंक ऑफर के साथ भारी छूट और पुराने लैपटॉप के बदले ₹15,000 तक का अतिरिक्त एक्सचेंज बोनस मिलेगा।किचन व होम अप्लायंसेज: डबल डोर रेफ्रिजरेटर, फ्रंट-लोड वॉशिंग मशीन और बीएलडीसी (BLDC) इनवर्टर एयर कंडीशनर पर 55% तक की सीधी बचत और फ्री इंस्टॉलेशन जैसे ऑफर्स मिलेंगे।फैशन और लाइफस्टाइल: जूते, कपड़े, घड़ियां और लगेज बैग्स पर 60 से 80 प्रतिशत तक का डिस्काउंट रहेगा, जहां लिवाइस, प्यूमा, नाइकी, वुडलैंड और रेड टेप जैसे ब्रांड्स पर 'बाय 1 गेट 1' और कॉम्बो ऑफर्स लाइव किए जाएंगे।Amazon Great Indian Festival से सीधी टक्कर: ग्राहकों को मिलेगा तगड़ा फायदाहर साल की तरह इस बार भी ई-कॉमर्स के मैदान में फ्लिपकार्ट की बिग बिलियन डेज का सीधा मुकाबला अमेजन की 'ग्रेट इंडियन फेस्टिवल' (Amazon Great Indian Festival 2026) सेल से होगा। दोनों दिग्गज प्लेटफॉर्म्स एक ही समय के आसपास अपनी सेल लाइव कर रहे हैं। इस कड़े प्राइस-वॉर का सबसे सीधा और बड़ा फायदा आम भारतीय उपभोक्ताओं को मिलेगा। जब दोनों कंपनियां ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए एक-दूसरे से कम दाम पर प्रोडक्ट लिस्ट करेंगी, तो कीमतों में अप्रत्याशित कटौती देखने को मिलेगी। ऐसे में स्मार्ट खरीदारों को सलाह दी जाती है कि वे दोनों प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों, बैंक कार्ड ऑफर्स और डिलीवरी चार्ज की तुलना करने के बाद ही अपना ऑर्डर फाइनल करें।बिग बिलियन डेज में बेस्ट डील पाने के लिए 5 जरूरी 'स्मार्ट शॉपिंग टिप्स'सेल शुरू होते ही कुछ ही मिनटों में सबसे बेहतरीन डील्स का स्टॉक आउट हो जाता है। यदि आप भी अपनी पसंद का गैजेट सबसे कम दाम में सुरक्षित करना चाहते हैं, तो इन 5 बातों की तैयारी आज से ही कर लें:विशलिस्ट (Wishlist) पहले से तैयार रखें: सेल शुरू होने का इंतजार न करें; जो भी फोन, लैपटॉप या टीवी आपको खरीदना है, उसे अभी से फ्लिपकार्ट ऐप में अपनी 'Wishlist' या कार्ट में जोड़ लें ताकि 8-9 अक्टूबर को बिना समय गंवाए आप सीधे चेकआउट कर सकें।पेमेंट कार्ड्स और एड्रेस सेव करें: सेल के दौरान ट्रैफिक अधिक होने से पेमेंट पेज पर सर्वर स्लो हो सकता है। इसलिए अपने एक्सिस या आईसीआईसीआई बैंक के कार्ड विवरण और डिलीवरी का सटीक पता पहले से ऐप में सेव (Save) करके रखें।पुराने फोन का IMEI नंबर निकालें: यदि आप नया फोन खरीदते समय पुराना स्मार्टफोन एक्सचेंज करना चाहते हैं, तो अपने फोन का IMEI नंबर (*#06# डायल करके) पहले से नोट रखें और फोन का बैकअप ले लें।सुपरकॉइन्स (SuperCoins) का इस्तेमाल: यदि आपके फ्लिपकार्ट अकाउंट में सुपरकॉइन्स जमा हैं, तो उनका उपयोग अतिरिक्त डिस्काउंट कूपन क्लेम करने में करें।क्रेजी डील्स और रश आवर्स पर नजर रखें: फ्लिपकार्ट पर रात 12 बजे, सुबह 8 बजे और शाम 4 बजे 'क्रेजी डील्स' (Crazy Deals) और 'टिक-टॉक डील्स' लाइव होती हैं, जहां सीमित समय के लिए चुनिंदा प्रोडक्ट्स पर अतिरिक्त छूट मिलती है।9 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाला यह मेगा शॉपिंग इवेंट इस त्योहारी सीजन में ग्राहकों को महंगाई से बड़ी राहत दिलाते हुए घर की जरूरतों और सपनों के गैजेट्स को बजट में पूरा करने का सुनहरा अवसर साबित होगा।
ग्राहम स्टेन्स हत्याकांड: आरोपी दारा सिंह को नहीं मिलेगी रिहाई, अर्जी खारिज
ओडिशा सरकार ने 1999 के बहुचर्चित ग्राहम स्टेन्स और उनके दो मासूम बेटों की हत्या के दोषी दारा सिंह की समय पूर्व रिहाई की अर्जी खारिज कर दी है. स्टेट सेंटेंस रिव्यू बोर्ड ने सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका के चलते यह फैसला लिया.
इजरायल को ट्रंप से मिलेंगे 40 हजार 'तबाही वाले बम', अमेरिकी जनता के टैक्स से गाजा में बहेगा खून?
MK-84 पश्चिमी देशों के सैन्य हथियारों में सबसे ज्यादा तबाही मचाने वाले हथियारों में से एक है. इसके धमाके मेटल और मोटे कंक्रीट को भी चीर सकते हैं, तो इंसान क्या है. अमेरिका पहले से ऐसे बम इजरायल को देता आया है लेकिन इस बार एक बार में इतने बड़े पैमाने पर बम दिए जाएंगे.
ममता बनर्जी को छोड़ने वाले मुश्किल में, खतरे में विधायकी? बड़े नेताओं को नोटिस
नंदीग्राम और रेजिनगर सीट पर उपचुनाव से पहले ऋताब्रत बनर्जी की अगुवाई वाले गुट को पश्चिम बंगाल विधानसभा सचिवालय ने नोटिस भेजा है। साथ ही एक सप्ताह में जवाब भी मांगा है। टीएमसी ने 10 विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
लखनऊ-उन्नाव और रायबरेली में बसेगा नया शहर, भूमि अधिग्रहण की तैयारी, योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव में नई सिटी बसाने के लिए फंड जारी किया है. विकास प्राधिकरणों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है.
छुट्टियों में विदेश घूमने की बात आते ही अधिकांश भारतीय पर्यटकों के जेहन में सबसे पहले थाईलैंड, वियतनाम या बाली का नाम कौंधता है। पिछले कुछ वर्षों में इन देशों में भारतीय सैलानियों की भारी आमद के कारण फुकेत, पटाया, हनोई और दा नांग जैसे लोकप्रिय शहरों में भारी भीड़भाड़ (Over-tourism), महंगे होटल और व्यावसायिकता बहुत बढ़ चुकी है। यदि आप अपनी अगली अंतरराष्ट्रीय यात्रा में नीले-हरे पानी के जादुई झरने, घने उष्णकटिबंधीय वर्षावन, यूनेस्को विश्व धरोहर शहर, सदियों पुरानी बौद्ध मठ संस्कृति और सुकून भरी शांति चाहते हैं, तो दक्षिण-पूर्व एशिया का छुपा हुआ रत्न 'लाओस' (Laos) आपके लिए सबसे मुफीद विकल्प है। थाईलैंड और वियतनाम के ठीक बीच बसा यह लैंडलॉक्ड (चारों तरफ जमीन से घिरा) देश अब वैश्विक यात्रियों के बीच सबसे ट्रेंडी और बजट-फ्रेंडली डेस्टिनेशन बनकर उभर रहा है। यहां की धीमी और शांत जीवनशैली, मेकॉन्ग नदी की गोद में बसे गांव और फ्रेंच औपनिवेशिक वास्तुकला हर किसी का मन मोह लेती है।भारतीय रुपये की जबर्दस्त ताकत: यहां ₹10,000 में बन जाएंगे लाखों के मालिकलाओस की यात्रा का सबसे आकर्षक पहलू इसका अविश्वसनीय रूप से सस्ता होना है। लाओस की आधिकारिक मुद्रा 'लाओ किप' (Lao Kip - LAK) है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में भारतीय रुपये की कीमत लाओ किप के मुकाबले इतनी मजबूत है कि 1 भारतीय रुपया लगभग 250 से 260 लाओ किप के बराबर बैठता है। इसका सीधा मतलब यह है कि यदि आप भारत से मात्र ₹10,000 की नकदी एक्सचेंज कराते हैं, तो आपको वहां 25 लाख से अधिक लाओ किप मिलते हैं। मुद्रा के इस बड़े अंतर के चलते लाओस में एक लक्जरी या बुटीक होटल का कमरा भारतीय मुद्रा में ₹1,500 से ₹2,500 प्रति रात में आसानी से मिल जाता है। सड़क किनारे मिलने वाले स्वादिष्ट स्थानीय नूडल्स या सूप की कीमत ₹100 से ₹150 के आसपास होती है, जबकि ₹500 से ₹800 में दो लोग किसी शानदार रिवरफ्रंट कैफे में पेट भरकर लजीज भोजन कर सकते हैं। बजट बैकपैकर्स से लेकर कपल्स और फैमिली ट्रिप तक, लाओस में प्रति व्यक्ति 5 से 7 दिनों का पूरा खर्च मात्र ₹45,000 से ₹60,000 (उड़ान टिकटों सहित) के भीतर सिमट जाता है।भारतीयों के लिए वीजा प्रक्रिया: ई-वीजा और वीजा ऑन अराइवल दोनों की सुविधाभारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए लाओस की यात्रा बेहद सरल और परेशानी-मुक्त है। लाओस सरकार भारतीय नागरिकों को पर्यटन के लिए दोनों तरह की सुविधाएं प्रदान करती है:ई-वीजा (eVisa): आप यात्रा से पहले लाओस के आधिकारिक पोर्टल (laoevisa.gov.in) पर जाकर ऑनलाइन ई-वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए 6 महीने वैध पासपोर्ट, रिटर्न फ्लाइट टिकट और पासपोर्ट साइज फोटो की आवश्यकता होती है। आवेदन के 3 कार्यदिवसों के भीतर इलेक्ट्रॉनिक वीजा अप्रूवल लेटर ईमेल पर आ जाता है।वीजा ऑन अराइवल (Visa on Arrival): यदि आपने पहले से वीजा नहीं लिया है, तो लाओस के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों—जैसे विएंतियाने (Vientiane) के वत्ताय इंटरनेशनल एयरपोर्ट और लुआंग प्रबांग (Luang Prabang) एयरपोर्ट—पर उतरते ही आपको 30 दिनों का वैध 'वीजा ऑन अराइवल' मिल जाता है। इसके लिए लगभग 40 अमेरिकी डॉलर की वीजा फीस और 2 हालिया तस्वीरें देनी होती हैं।लाओस की 4 सबसे जादुई जगहें: जहां हर कोना किसी वॉलपेपर जैसा लगता हैलाओस की यात्रा केवल एक शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्से प्रकृति और इतिहास के विविध रंगों से सजे हैं:1. लुआंग प्रबांग (Luang Prabang): यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल यह शहर लाओस का सांस्कृतिक दिल है। यहां सुबह 5 बजे होने वाली बौद्ध भिक्षुओं की 'भिक्षाटन रस्म' (Tak Bat Ceremony), प्राचीन स्वर्ण मंदिर (Wat Xieng Thong) और नाम खान व मेकॉन्ग नदी के संगम पर बने फ्रेंच कैफे अद्भुत सुकून देते हैं।2. कुआंग सी वॉटरफॉल (Kuang Si Falls): लुआंग प्रबांग से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित यह झरना दुनिया के सबसे खूबसूरत प्राकृतिक चमत्कारों में गिना जाता है। सीढ़ीदार चूना पत्थर की चट्टानों से गिरता दूधिया और फिरोजी (Turquoise) नीला पानी इतना साफ होता है कि आप इसमें तैरते हुए अपनी थकान पूरी तरह भूल जाएंगे।3. वांग विएंग (Vang Vieng): प्रकृति और रोमांच प्रेमियों के लिए वांग विएंग स्वर्ग समान है। चारों तरफ ऊंची-ऊंची हरी-भरी कार्स्ट (चूना पत्थर) पहाड़ियों के बीच हॉट एयर बैलून की सवारी, नाम सोंग नदी में कयाकिंग, ट्यूबिंग और 'ब्लू लैगून' में डाइविंग का अनुभव किसी हॉलीवुड फिल्म के दृश्य जैसा लगता है।4. विएंतियाने (Vientiane - राजधानी): लाओस की राजधानी विएंतियाने दुनिया की सबसे शांत राजधानियों में से एक है। यहां पेरिस के आर्क डी ट्रायम्फ की तर्ज पर बना 'पातुक्साई' (Patuxai) स्मारक, स्वर्ण पगोडा 'फा थात लुआंग' और सैकड़ों विशाल बौद्ध व हिंदू देवी-देवताओं की प्रतिमाओं से सजा 'बुद्ध पार्क' (Xieng Khuan) देखने लायक मुख्य आकर्षण हैं।थाईलैंड, वियतनाम और लाओस: त्वरित तुलनात्मक विश्लेषणअपनी यात्रा का सही फैसला लेने के लिए तीनों लोकप्रिय दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों की सीधी तुलना इस प्रकार समझी जा सकती है:पैमाना / फीचरलाओस (Laos)थाईलैंड (Thailand)वियतनाम (Vietnam)पर्यटकों की भीड़बेहद कम, शांत और प्रदूषण-मुक्तअत्यधिक भीड़ (फुकेत/पटाया में जाम)प्रमुख शहरों में मध्यम से तेज भीड़प्राकृतिक छटासीढ़ीदार झरने, नदियां और कार्स्ट पहाड़ियांद्वीप, रेतीले समुद्र तट और नाइटलाइफखाड़ियां (हा लोंग बे) और तटीय शहरकरेंसी वैल्यू (INR तुलना)₹1 = ~255 LAK (अत्यधिक किफायती)₹1 = ~0.40 THB (मध्यम महंगा)₹1 = ~300 VND (किफायती)आंतरिक परिवहनविश्वस्तरीय हाई-स्पीड बुलेट ट्रेनडोमेस्टिक फ्लाइट्स और मिनीबसट्रेन, बस और घरेलू उड़ानेंमुख्य वाइबआध्यात्मिक, एडवेंचर, शांति और नेचरपार्टी, शॉपिंग, नाइटलाइफ और बीचेजइतिहास, स्ट्रीट फूड और हाइकिंगचीन-लाओस हाई-स्पीड रेलवे: पूरे देश का सफर अब कुछ ही घंटों में आसानलाओस की यात्रा अब पहले जैसी थकाऊ और दुर्गम नहीं रही। अत्याधुनिक 'लाओस-चीन हाई-स्पीड रेलवे' (LCR) के शुरू होने से देश के भीतर एक शहर से दूसरे शहर जाना बेहद तेज और आरामदायक हो गया है। पहले जहां राजधानी विएंतियाने से वांग विएंग और लुआंग प्रबांग जाने में टेढ़ी-मेढ़ी पहाड़ी सड़कों पर 8 से 10 घंटे की कठिन बस यात्रा करनी पड़ती थी, वहीं अब आधुनिक वातानुकूलित बुलेट ट्रेन से यह दूरी मात्र 1 से 2 घंटे में तय हो जाती है। ट्रेन के शीशे वाली बड़ी खिड़कियों से बाहर दिखने वाले हरे-भरे पहाड़ों, सुरंगों और नदियों के दृश्य इस सफर को किसी यूरोपीय रेल यात्रा जैसा अनुभव बना देते हैं।खान-पान, शाकाहारी भोजन और स्थानीय कल्चर: क्या खाएं और क्या पिएं?लाओस का पारंपरिक भोजन ताजगी और जड़ी-बूटियों पर आधारित होता है। यहां का राष्ट्रीय व्यंजन 'लाब' (Laap - मिंस्ड मीट/टोफू सलाद) और स्टिकी राइस (चिपचिपे चावल) बेहद लोकप्रिय हैं। यदि आप विशुद्ध शाकाहारी हैं, तो भी घबराने की कोई बात नहीं है। बौद्ध बहुल देश होने के कारण यहां हर स्थानीय रेस्टोरेंट में टोफू, ताजी हरी सब्जियां, मशरूम नूडल्स और वेज स्प्रिंग रोल्स आसानी से मिल जाते हैं। इसके अतिरिक्त, विएंतियाने और लुआंग प्रबांग जैसे शहरों में कई प्रामाणिक भारतीय रेस्टोरेंट संचालित हैं, जहां दाल-रोटी, पनीर और दक्षिण भारतीय डोसा-सांभर आराम से उपलब्ध है। शाम के समय मेकॉन्ग नदी के किनारे बैठकर लाओस की मशहूर हर्बल टी या ताजा फ्रूट स्मूदी का आनंद लेना अपने आप में अनूठा अनुभव है।लाओस घूमने का सबसे बेहतरीन मौसम और भारत से कैसे पहुंचे?लाओस की यात्रा की योजना बनाते समय मौसम का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:घूमने का सर्वश्रेष्ठ समय: अक्टूबर से मार्च के महीने लाओस घूमने के लिए सबसे मुफीद होते हैं। इस दौरान मौसम सुहावना, शुष्क और ठंडा रहता है। दिन में हल्की गुनगुनी धूप और रात में हल्की ठंडक के चलते झरनों और ट्रेकिंग का आनंद दोगुना हो जाता है।फ्लाइट्स और कनेक्टिविटी: भारत (नई दिल्ली, मुंबई, कोलकाता या चेन्नई) से लाओस के लिए बैंकॉक (थाईलैंड), कुआलालंपुर (मलेशिया) या हनोई (वियतनाम) होकर सुविधाजनक कनेक्टिंग उड़ानें उपलब्ध हैं। दिल्ली से बैंकॉक होते हुए विएंतियाने या लुआंग प्रबांग का कुल हवाई सफर लगभग 6 से 7 घंटे का होता है।यदि आप सोशल मीडिया की घिसी-पिटी रील लोकेशनों से ऊब चुके हैं और अपनी छुट्टियों में असली प्रकृति, सुकून और बजट-फ्रेंडली लग्जरी का संगम चाहते हैं, तो अपना बैग पैक कीजिए और थाईलैंड व वियतनाम के इस जादुई पड़ोसी देश 'लाओस' की अविस्मरणीय सैर पर निकल पड़िए।
क्या है मजबूरी... हूतियों पर सऊदी अरब पूरा हमला क्यों नहीं कर रहा?
सऊदी अरब हूतियों को कमजोर रखना चाहता है ताकि वे बड़े हमले न कर सकें, लेकिन इतना मजबूत भी नहीं छोड़ना चाहता कि वे पूरी तरह खत्म हो जाएं और ईरान सीधे मैदान में उतरे. साथ ही, यमन के दलदल में नहीं फंसना चाहता. बड़े आर्थिक नुकसान से बचना भी है.
भोपाल में आयोजित जनसभा में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने UCC का विरोध करते हुए कहा कि यह कानून मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए लाया गया है. इसके साथ ही उन्होंने RSS पर निशाना साधा और बीजेपी विधायक के खिलाफ विवादित बयान दे दिया.
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी (14 सितंबर 2026) को ढोल-नगाड़ों और अपार श्रद्धा के साथ घरों और भव्य पंडालों में विराजित हुए विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश के 10 दिवसीय महापर्व के विसर्जन की घड़ी निकट आ गई है। सनातन पंचांग के अनुसार, गणेशोत्सव का सबसे बड़ा और प्रमुख समापन 'अनंत चतुर्दशी' (Anant Chaturdashi) के पावन दिन पर होता है। इस दिन श्रद्धालु नम आंखों से अपने आराध्य को भावभीनी विदाई देते हुए 'गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ' के जयकारों के साथ जल में विसर्जित करते हैं।जल में विसर्जित होकर बप्पा अपने माता-पिता—भगवान शिव और माता पार्वती—के पास कैलाश पर्वत लौटते हैं और अपने भक्तों के सारे कष्ट और विघ्न अपने साथ ले जाते हैं।साल 2026 में अनंत चतुर्दशी का यह पावन दिन शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को पड़ रहा है। यह दिन न केवल भगवान गणेश के विसर्जन के लिए जाना जाता है, बल्कि इस दिन क्षीरसागर में शेषनाग की शैय्या पर विश्राम करने वाले जगत के पालनहार भगवान सत्यनारायण (श्री हरि विष्णु के अनंत स्वरूप) की विधिवत पूजा और कलाई पर चौदह गांठों वाले रक्षासूत्र (अनंत सूत्र) बांधने की भी पुरातन परंपरा है।अनंत चतुर्दशी 2026 तिथि और समय: जानिए उदयातिथि का पूरा गणितहिंदू धर्म में तिथियों का निर्णय सूर्योदय व्यापिनी 'उदयातिथि' (Udaya Tithi) के सिद्धांत से किया जाता है। वर्ष 2026 में भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी तिथि की शुरुआत और समाप्ति का खगोलीय विवरण इस प्रकार है:पंचांग विवरण (Panchang Details)समय एवं तारीख (IST)शास्त्रीय व्यवस्था व नियमचतुर्दशी तिथि प्रारंभ24 सितंबर 2026, रात्रि 07:48 बजे सेतिथि का प्रवेश कालचतुर्दशी तिथि समाप्त25 सितंबर 2026, सायं 07:36 बजे तकप्रदोष काल से पूर्व समाप्तिउदयातिथि मान्यता25 सितंबर 2026 (शुक्रवार)सूर्योदय के समय चतुर्दशी होने से पूरे दिन मान्यसूर्योदय एवं सूर्यास्त (दिल्ली/NCR)प्रातः 06:10 AM / सायं 06:14 PMस्थानीय समय अनुसार 5-10 मिनट का अंतरअभिजीत मुहूर्तसुबह 11:50 AM से दोपहर 12:38 PM तकदिन का सबसे बलवान विजय मुहूर्तराहुकाल (त्याज्य समय)सुबह 10:43 AM से दोपहर 12:14 PM तकइस दौरान विसर्जन यात्रा शुरू न करेंचूंकि 25 सितंबर को सूर्योदय के समय चतुर्दशी तिथि विद्यमान है और लगभग पूरे दिन (शाम 07:36 बजे तक) प्रभावी रहेगी, इसलिए अनंत चतुर्दशी का व्रत, श्री विष्णु पूजन और गणेश विसर्जन पूरे देश में 25 सितंबर को ही एकमत से संपन्न किया जाएगा।गणेश विसर्जन 2026 के 4 शुभ चौघड़िया मुहूर्त: किस समय बप्पा को दें विदाई?शास्त्रों के अनुसार, भगवान गणेश की विदाई और शोभायात्रा शुभ, लाभ, अमृत या चर चौघड़िया मुहूर्तों में ही निकालनी चाहिए। राहुकाल के 1 घंटे 31 मिनट (सुबह 10:43 AM से दोपहर 12:14 PM) को छोड़कर आप दिन या रात्रि के किसी भी शुभ मुहूर्त में विसर्जन कर सकते हैं:प्रातःकाल मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत): सुबह 06:11 AM से 10:42 AM तक (यह सुबह की विसर्जन शोभायात्रा के लिए सबसे श्रेष्ठ और लोकप्रिय समय है)।दोपहर का मुहूर्त (शुभ चौघड़िया): दोपहर 12:14 PM से 01:44 PM तक (राहुकाल समाप्त होते ही इस शुभ चौघड़िया में विसर्जन किया जा सकता है)।अपराह्न एवं सांध्य मुहूर्त (चर व लाभ): सायं 04:44 PM से रात्रि 07:44 PM तक (शाम के समय विसर्जन करने वाले श्रद्धालुओं और सार्वजनिक पंडालों के लिए अति उत्तम)।रात्रि मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर): रात्रि 09:14 PM से मध्यरात्रि 12:15 AM (26 सितंबर) तक।विसर्जन से पहले 'उत्तरपूजा' क्यों है अनिवार्य? जानिए 5 जरूरी चरणगणेश जी की प्रतिमा को सीधे जल में विसर्जित नहीं किया जाता, बल्कि विसर्जन से ठीक पहले उनकी 'उत्तरपूजा' (Uttarpūjā) की जाती है। मान्यता है कि उत्तरपूजा के माध्यम से हम बप्पा को 10 दिनों के आतिथ्य के लिए धन्यवाद देते हैं और उनसे जाने की प्रार्थना करते हैं:अंतिम महाआरती और भोग: विसर्जन वाले दिन प्रातः स्नान के बाद बप्पा को गंगाजल से आचमन कराएं, ताजे दूर्वा दल, लाल गुड़हल के फूल, सिंदूर, मोदक, बेसन के लड्डू और नारियल अर्पित करें और सपरिवार अंतिम आरती गाएं।क्षमा याचना (Kshama Prarthana): हाथ जोड़कर भगवान से प्रार्थना करें: हे विघ्नहर्ता, इन 10 दिनों में जाने-अनजाने हमारी सेवा या पूजन में जो भी त्रुटि हुई हो, उसे अपनी कृपा से क्षमा करें और हमारे घर-परिवार में सुख-समृद्धि का वास बनाए रखें।पाथेय (यात्रा सामग्री) बांधना: विदाई के समय एक साफ लाल या पीले कपड़े में थोड़े अक्षत, दूर्वा, हल्दी की गांठ, पंचमेवा और सिक्के बांधकर बप्पा की प्रतिमा के हाथ में या पास रखें। इसे देव यात्रा का पाथेय (रास्ते का भोग) माना जाता है।प्रतिमा को उत्तर दिशा की ओर खिसकाना: उत्तरपूजा पूर्ण होने के बाद प्रतिमा को उसके मूल स्थान से कुछ इंच आगे की ओर या उत्तर दिशा की तरफ हल्के हाथों से सरकाएं। प्रतिमा का हिलना इस बात का संकेत है कि अब विसर्जन की अनुमति मिल चुकी है।मुख घर की ओर रखें: विसर्जन के लिए घर से निकलते समय बप्पा का मुख घर के मुख्य द्वार की ओर (घर के भीतर देखते हुए) रखें, ताकि उनकी कृपा दृष्टि आपके घर पर सदा बनी रहे।14 गांठों वाला 'अनंत सूत्र': जानिए भगवान विष्णु की पूजा और 14 लोकों का रहस्यअनंत चतुर्दशी के दिन एक ओर जहां गणेश जी की विदाई होती है, वहीं दूसरी ओर सनातन धर्म में यह दिन भगवान विष्णु के 'अनंत स्वरूप' को समर्पित होता है। महाभारत काल में जब पांडव द्यूतक्रीड़ा में अपना सब कुछ हारकर 12 वर्षों के वनवास और 1 वर्ष के अज्ञातवास में भटक रहे थे, तब भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को अपनी खोई हुई राजलक्ष्मी और सम्मान पुनः प्राप्त करने के लिए भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी को 'अनंत चतुर्दशी व्रत' करने का उपदेश दिया था।14 गांठों का महत्व: इस दिन सूत या रेशम के धागे को कुमकुम और हल्दी के जल में रंगकर उसमें 14 गांठें (Fourteen Knots) लगाई जाती हैं। ये 14 गांठें ब्रह्मांड के 14 लोकों का प्रतिनिधित्व करती हैं—भूः, भुवः, स्वः, महः, जनः, तपः, सत्यम (7 उच्च लोक) और अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल, पाताल (7 अधोलोक)।धारण करने के नियम: भगवान विष्णु के चरणों में इस सूत्र को रखकर 'ॐ अनंताय नमः' मंत्र से अभिमंत्रित किया जाता है। इसके पश्चात पुरुष इसे अपने दाएं हाथ की कलाई में और महिलाएं इसे अपने बाएं हाथ की कलाई में बांधती हैं।संकटों से 14 वर्ष की मुक्ति: मान्यता है कि जो व्यक्ति इस सूत्र को धारण करता है और सत्यवादी कौंडिन्य ऋषि व उनकी धर्मपरायण पत्नी सुशीला की व्रत कथा का श्रवण करता है, उसके जीवन से दरिद्रता, रोग और 14 वर्षों के प्रारब्ध जनित पाप समाप्त हो जाते हैं।पर्यावरण संरक्षण: घर पर 'इको-फ्रेंडली विसर्जन' और निर्माल्य प्रबंधन के 4 नियमप्राकृतिक जलस्रोतों (गंगा, यमुना, गोमती जैसी पवित्र नदियों, तालाबों और समुद्र) की स्वच्छता को बनाए रखने के लिए अब देश भर में पर्यावरण के अनुकूल विसर्जन पर बल दिया जा रहा है:घर पर बाल्टी या टब में विसर्जन: यदि आपकी गणेश प्रतिमा शुद्ध मिट्टी (शाडू माटी) की बनी है, तो अपने घर की बालकनी या आंगन में एक साफ बाल्टी, टब या गमले में गंगाजल मिश्रित शुद्ध पानी भरकर बप्पा को धीरे से विसर्जित करें। कुछ ही घंटों में मिट्टी घुल जाएगी। उस पवित्र मिट्टी को किसी तुलसी के पौधे, गमले या बगीचे में विसर्जित कर दें।स्थानीय कृत्रिम कुंडों का उपयोग: नगर निगम और विकास प्राधिकरणों द्वारा प्रमुख चौराहों और घाटों के पास बनाए गए कृत्रिम विसर्जन कुंडों (Artificial Water Tanks) में ही प्रतिमाओं को प्रवाहित करें।निर्माल्य को जल में न बहाएं: पूजा में उपयोग किए गए फूल, मालाएं, वस्त्र, कलावा और नारियल के छिलकों (निर्माल्य) को प्लास्टिक की थैलियों समेत सीधे जल में न फेंकें। फूलों को अलग से एकत्र कर जैविक खाद (कंपोस्ट) के रूप में इस्तेमाल करें।स्थायी धातु की मूर्तियों का विसर्जन न करें: ध्यान रखें कि केवल मिट्टी की प्रतिमा का ही विसर्जन किया जाता है। यदि आपके पूजा घर में पीतल, चांदी, अष्टधातु या संगमरमर के गणपति हैं, तो उनका विसर्जन नहीं किया जाता; उन्हें केवल प्रतीकात्मक रूप से गंगाजल से स्नान कराकर पुनः स्थापित किया जाता है।25 सितंबर के बाद पंचांग में बड़ा बदलाव: 26 सितंबर से शुरू होगा पितृ पक्षअनंत चतुर्दशी का यह दिन सनातन पंचांग के दृष्टिकोण से एक बड़ा विभाजक बिंदु भी होता है। भाद्रपद मास के इस शुक्ल पक्ष के समापन के साथ ही हिंदू कैलेंडर का उत्सवधर्मी माहौल पूर्वजों की स्मृति और कृतज्ञता के काल में बदल जाता है। 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी संपन्न होने के ठीक अगले दिन, यानी 26 सितंबर 2026 (भाद्रपद पूर्णिमा) से महालया व 16 दिवसीय 'पितृ पक्ष' (श्राद्ध पक्ष) की शुरुआत हो जाएगी। इस दौरान 10 अक्टूबर तक सभी मांगलिक कार्यों पर विराम रहेगा और तर्पण-पिंडदान के जरिए पूर्वजों को स्मरण किया जाएगा।25 सितंबर 2026 को पूरे श्रद्धाभाव, पवित्रता और शुभ मुहूर्तों का ध्यान रखते हुए बप्पा को विदाई दें और भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की कृपा प्राप्त कर अपने परिवार के लिए अक्षय सुख और सौभाग्य की कामना करें।
हूती विद्रोहियों के हमले तेज, मक्का-जेद्दा समेत सऊदी के इन 7 शहरों पर खतरा
हूती विद्रोहियों के हमले के बीच सऊदी अरब में तनाव फिर बढ़ गया है. इससे मक्का, जेद्दा, यानबू समेत सात शहरों में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है. यानबू हूती हमलों के लिए संवेदनशील क्षेत्र माना जा रहा है. वहीं मक्का के पास भी ड्रोन हमले की कोशिश हुई.
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को द्विपक्षीय यात्रा और बिम्सटेक अध्यक्ष के तौर पर ब्रिक्स शिखर सम्मेलन दोनों के लिए आमंत्रित किया गया था।
CNG के साथ CRETA वाला मजा, Hyundai ला रही दमदार SUV
Hyundai Bayon Launch: हुंडई अपनी नई एसयूवी बेयॉन को लेकर आ रही है. ये कार वेन्यू और क्रेटा के बीच वाले बजट में लॉन्च होगी. इस कार का मार्केट में सीधा मुकाबला मारुति सुजुकी विक्टोरिस से होगा. कार में मल्टीपल इंजन ऑप्शन मिलेंगे. इसके साथ कंपनी सीएनजी का विकल्प दे सकती है. आइए जानते हैं बेयॉन की खास बातें.
भारतीय रेलवे में पैरामेडिकल स्टाफ की बंपर भर्ती, 590 पदों पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू
मेडिकल, नर्सिंग, फार्मेसी और लैब टेक्नोलॉजी की पढ़ाई पूरी कर चुके युवाओं के लिए भारतीय रेलवे में सरकारी नौकरी पाने का शानदार अवसर सामने आया है। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने देश भर के विभिन्न रेलवे जोनल अस्पतालों, सब-डिविजनल हेल्थ यूनिट्स और चिकित्सा संवर्ग में पैरामेडिकल स्टाफ की सीधी भर्ती के लिए विस्तृत आधिकारिक विज्ञापन जारी कर दिया है। इस भर्ती अभियान के जरिए कुल 590 रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसमें सबसे अधिक 365 पद नर्सिंग सुपरिटेंडेंट (Nursing Superintendent) के शामिल हैं, जबकि फार्मासिस्ट (एंट्री ग्रेड) के 118 पदों सहित विभिन्न तकनीकी और नैदानिक श्रेणियों के पदों को भरा जाएगा। रेलवे भर्ती बोर्ड के केंद्रीयकृत ऑनलाइन पोर्टल rrbapply.gov.in पर 15-16 सितंबर 2026 से आवेदन की खिड़की सक्रिय कर दी गई है। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी 14 अक्टूबर 2026 तक अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकते हैं। 7वें केंद्रीय वेतन आयोग (7th CPC) के तहत मिलने वाले आकर्षक वेतनमान, भत्तों और रेलवे की सामाजिक सुरक्षा के चलते इस भर्ती को मेडिकल प्रोफेशनल्स के लिए वर्ष 2026 का सबसे बड़ा अवसर माना जा रहा है।पदवार रिक्तियां और 7वें वेतन आयोग के तहत सैलरी: लेवल 3 से लेवल 7 तक का पे-मैट्रिक्सरेलवे भर्ती बोर्ड ने सभी 590 पदों का पदवार वर्गीकरण, पे-लेवल और शुरुआती बेसिक पे का स्पष्ट ब्योरा जारी किया है। चयनित उम्मीदवारों को बेसिक पे के अलावा केंद्र सरकार के नियमानुसार लागू महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), परिवहन भत्ता (Transport Allowance), ड्रेस अलाउंस और रेलवे पास जैसी सुविधाएं मिलेंगी।क्रमपद का नाम (Post Name)कुल रिक्तियां (Vacancies)7वां वेतन आयोग पे-लेवलशुरुआती बेसिक पे (Basic Pay)1.नर्सिंग सुपरिटेंडेंट (Nursing Superintendent)365लेवल-7 (Level-7)₹44,900/- प्रति माह2.फार्मासिस्ट - एंट्री ग्रेड (Pharmacist)118लेवल-5 (Level-5)₹29,200/- प्रति माह3.हेल्थ एवं मलेरिया इंस्पेक्टर ग्रेड-II43लेवल-6 (Level-6)₹35,400/- प्रति माह4.लैब असिस्टेंट ग्रेड-II (Lab Assistant Gr-II)31लेवल-3 (Level-3)₹21,700/- प्रति माह5.रेडियोग्राफर / एक्स-रे टेक्नीशियन25लेवल-5 (Level-5)₹29,200/- प्रति माह6.ईसीजी टेक्नीशियन (ECG Technician)04लेवल-4 (Level-4)₹25,500/- प्रति माह7.ऑप्टोमेट्रिस्ट (Optometrist)02लेवल-4 (Level-4)₹25,500/- प्रति माह8.डायलिसिस टेक्नीशियन (Dialysis Tech)01लेवल-6 (Level-6)₹35,400/- प्रति माह9.ऑडियोलॉजिस्ट एवं स्पीच थेरेपिस्ट01लेवल-6 (Level-6)₹35,400/- प्रति माहकुलसमस्त पैरामेडिकल संवर्ग पद590 पदलेवल 3 से लेवल 7—पदवार शैक्षणिक योग्यता और कार्य-अनुभव: जीएनएम, बी.एससी और बी.फार्मा की शर्तेंरेलवे ने प्रत्येक पद के लिए न्यूनतम शैक्षणिक और तकनीकी योग्यताओं के कड़े मानक तय किए हैं। केवल वही उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिनका अंतिम परिणाम आवेदन की अंतिम तिथि तक घोषित हो चुका हो; अपीयरिंग उम्मीदवार पात्र नहीं हैं।नर्सिंग सुपरिटेंडेंट: भारतीय नर्सिंग परिषद (INC) द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (GNM) में 3 वर्ष का डिप्लोमा या किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बी.एससी नर्सिंग (B.Sc Nursing)। अभ्यर्थी का राज्य नर्सिंग परिषद या भारतीय नर्सिंग परिषद में बतौर रजिस्टर्ड नर्स एवं मिडवाइफ पंजीकृत होना अनिवार्य है।फार्मासिस्ट (एंट्री ग्रेड): विज्ञान विषय के साथ 10+2 और फार्मेसी में 2 वर्षीय डिप्लोमा (D.Pharm) अथवा बैचलर इन फार्मेसी (B.Pharm)। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया या संबंधित राज्य फार्मेसी काउंसिल में रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट होना आवश्यक है।हेल्थ एंड मलेरिया इंस्पेक्टर ग्रेड-II: रसायन विज्ञान (Chemistry) मुख्य या वैकल्पिक विषय के साथ बी.एससी (B.Sc) डिग्री। इसके साथ ही हेल्थ/सैनिटरी इंस्पेक्टर में 1 वर्ष का डिप्लोमा या राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (NCVT) का नेशनल ट्रेड सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है।लैब असिस्टेंट ग्रेड-II: विज्ञान संकाय से 12वीं (10+2) उत्तीर्ण और मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा (DMLT) या मेडिकल लैब में वैध सर्टिफिकेट कोर्स।रेडियोग्राफर / एक्स-रे टेक्नीशियन: भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान (Physics & Chemistry) के साथ 12वीं उत्तीर्ण और रेडियोग्राफी/एक्स-रे टेक्नीशियन/रेडियोडायग्नोसिस टेक्नोलॉजी में 2 साल का डिप्लोमा। साइंस ग्रेजुएट्स को वरीयता दी जाएगी।ईसीजी टेक्नीशियन: 10+2 साइंस या साइंस में ग्रेजुएशन के साथ ईसीजी/कार्डियोलॉजी टेक्नीशियन में न्यूनतम 1 वर्ष का डिप्लोमा या डिग्री।डायलिसिस टेक्नीशियन: बी.एससी के साथ हेमोडायलिसिस में डिप्लोमा या हेमोडायलिसिस यूनिट में 2 वर्ष का कार्य अनुभव, अथवा बी.एससी (रीनल डायलिसिस टेक्नोलॉजी)।ऑप्टोमेट्रिस्ट: ऑप्थेल्मिक तकनीक में 3 से 4 वर्षीय डिप्लोमा या ऑप्टोमेट्री में बी.एससी (B.Sc Optometry) डिग्री और संबंधित काउंसिल में वैध रजिस्ट्रेशन।आयु सीमा और छूट का गणित: 1 जनवरी 2027 के आधार पर होगी गणनाइस भर्ती में उम्मीदवारों की आयु सीमा की गणना 1 जनवरी 2027 के आधार पर की जाएगी। विभिन्न पदों के लिए आयु का वर्गीकरण इस प्रकार है:नर्सिंग सुपरिटेंडेंट: न्यूनतम आयु 20 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष।फार्मासिस्ट (एंट्री ग्रेड): न्यूनतम आयु 20 वर्ष और अधिकतम आयु 35 वर्ष।हेल्थ एवं मलेरिया इंस्पेक्टर: न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 33 वर्ष।लैब असिस्टेंट एवं अन्य तकनीकी पद: न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 33 वर्ष।आरक्षित वर्गों को छूट: केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC-NCL) को 3 वर्ष, अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) को 5 वर्ष और दिव्यांगजन (PwBD) श्रेणी के अभ्यर्थियों को 10 वर्ष की छूट देय होगी।महत्वपूर्ण तिथियां और आवेदन शुल्क: रिफंड पॉलिसी का पूरा नियमउम्मीदवारों की सुविधा के लिए आवेदन और शुल्क भुगतान का टाइमलाइन शेड्यूल इस प्रकार है:भर्ती कार्यक्रम / चरणआधिकारिक तिथि / समय सीमाऑनलाइन आवेदन प्रारंभ होने की तिथि15-16 सितंबर 2026ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि14 अक्टूबर 2026 (रात्रि 11:59 बजे तक)आवेदन शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि16 अक्टूबर 2026 (रात्रि 11:59 बजे तक)आवेदन फॉर्म में त्रुटि सुधार (Correction Window)17 अक्टूबर से 26 अक्टूबर 2026 तककंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) की संभावित तिथिनवंबर-दिसंबर 2026 (घोषणा जल्द होगी)आवेदन शुल्क और रिफंड नियम:अनारक्षित (General) एवं ओबीसी पुरुष अभ्यर्थी: ₹500 का परीक्षा शुल्क देय होगा। जब अभ्यर्थी पहले चरण की सीबीटी (CBT) परीक्षा में शामिल होंगे, तो ₹400 की राशि बैंक चार्ज काटकर उनके बैंक खाते में वापस (Refund) कर दी जाएगी।एससी, एसटी, महिला, पूर्व सैनिक, अल्पसंख्यक एवं दिव्यांग अभ्यर्थी: ₹250 का शुल्क लगेगा। सीबीटी परीक्षा में उपस्थित होने पर यह पूरी ₹250 की राशि बैंक शुल्क काटकर वापस कर दी जाएगी। जो अभ्यर्थी परीक्षा में अनुपस्थित रहेंगे, उनका कोई शुल्क वापस नहीं होगा।चयन प्रक्रिया और CBT परीक्षा पैटर्न: 100 प्रश्न, 90 मिनट और 1/3 निगेटिव मार्किंगरेलवे पैरामेडिकल भर्ती की चयन प्रक्रिया तीन प्रमुख चरणों पर आधारित है:एकल चरण कंप्यूटर आधारित परीक्षा (Single Stage CBT)दस्तावेज सत्यापन (Document Verification - DV)विस्तृत चिकित्सा परीक्षण (Medical Fitness Examination)सीबीटी परीक्षा वस्तुनिष्ठ प्रकार (Objective Multiple Choice Questions) की होगी, जिसमें कुल 100 प्रश्न पूछे जाएंगे और 90 मिनट का समय मिलेगा (दिव्यांग अभ्यर्थियों को 120 मिनट)।विषयवार अंक विभाजन:प्रोफेशनल एबिलिटी (Professional Subject Domain): 70 प्रश्न (70 अंक) — यह खंड संबंधित ट्रेड जैसे नर्सिंग, फार्मेसी, लैब टेक्नोलॉजी से जुड़ा होगा।जनरल अवेयरनेस (General Awareness): 10 प्रश्न (10 अंक)।जनरल अर्थमेटिक, इंटेलिजेंस एवं रीजनिंग (Maths & Reasoning): 10 प्रश्न (10 अंक)।जनरल साइंस (General Science): 10 प्रश्न (10 अंक)।निगेटिव मार्किंग: परीक्षा में प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1/3 (एक-तिहाई) अंक का नकारात्मक अंकन किया जाएगा।क्वालिफाइंग मार्क्स: सीबीटी पास करने के लिए सामान्य व ईडब्ल्यूएस वर्ग को न्यूनतम 40%, ओबीसी (नॉन-क्रीमी लेयर) को 30%, एससी वर्ग को 30% और एसटी वर्ग को न्यूनतम 25% अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा।rrbapply.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रियाउम्मीदवार नीचे दिए गए आधिकारिक चरणों का पालन करके अपना फॉर्म भर सकते हैं:आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले रेलवे भर्ती बोर्ड के आधिकारिक आवेदन पोर्टल rrbapply.gov.in पर जाएं।क्रिएट एन अकाउंट (Create an Account): यदि आप नए यूजर हैं, तो 'Apply' बटन पर क्लिक करके अपना नाम, पिता का नाम, आधार नंबर, सक्रिय मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी डालकर वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) पूरा करें।पद और आरआरबी का चयन: अपनी शैक्षणिक और तकनीकी योग्यता के अनुसार उपयुक्त पद (जैसे नर्सिंग सुपरिटेंडेंट या फार्मासिस्ट) और संबंधित रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB Zone) का चयन करें। ध्यान रहे, एक अभ्यर्थी केवल एक ही आरआरबी जोन से आवेदन कर सकता है।शैक्षणिक व तकनीकी ब्योरा भरें: 10वीं, 12वीं, डिग्री/डिप्लोमा और संबंधित काउंसिल रजिस्ट्रेशन नंबर की सही जानकारी प्रविष्ट करें।फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें: हालिया रंगीन पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ (सफेद बैकग्राउंड) और स्पष्ट हस्ताक्षर निर्धारित साइज में अपलोड करें।शुल्क भुगतान व फाइनल सबमिशन: अपनी श्रेणी के अनुसार नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड या यूपीआई के माध्यम से शुल्क का भुगतान करें। सबमिट करने के बाद भरे हुए फॉर्म का पीडीएफ डाउनलोड कर प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।पैरामेडिकल क्षेत्र में रेलवे की नौकरी प्रतिष्ठा, उच्च वेतन और सेवा का एक अनूठा संगम है। 14 अक्टूबर 2026 की अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना समय पर अपना ऑनलाइन आवेदन पूरा करें ताकि तकनीकी समस्याओं से बचा जा सके।
खेत में फूल तोड़ने गए चाचा-भतीजे की मौत, नदी किनारे मिले शव
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में खेत पर फूल तोड़ने गए चाचा-भतीजे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. दोनों के देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई. पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रेस की तो नदी किनारे एक खेत में दोनों के शव मिले. परिजनों ने खेत में जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए लगाए गए तारों में करंट होने की आशंका जताई है.
बालों की स्वच्छता और स्कैल्प से अतिरिक्त सीबम, धूल-मिट्टी और पसीने को हटाने के लिए शैंपू करना हमारी दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा है। लेकिन अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि बालों की देखभाल शैंपू से झाग बनाकर धो लेने के साथ ही खत्म हो जाती है। त्वचा विशेषज्ञों (Dermatologists) और ट्राइकोलॉजिस्ट्स (Trichologists) के अनुसार, शैंपू के ठीक बाद का समय बालों के स्वास्थ्य के लिए सबसे नाजुक और संवेदनशील चरण होता है। जब बाल गीले होते हैं, तो पानी के संपर्क में आने से बालों की बाहरी सुरक्षात्मक परत, जिसे 'क्यूटिकल' (Cuticle) कहा जाता है, फूल जाती है और खुल जाती है। इस अवस्था में बालों के भीतर मौजूद केराटिन प्रोटीन और हाइड्रोजन बॉन्ड्स अस्थायी रूप से कमजोर हो जाते हैं, जिससे बाल सामान्य से 30 प्रतिशत अधिक खिंच सकते हैं और हल्के से खिंचाव पर भी बीच से टूट जाते हैं। अधिकांश लोग महंगे से महंगे शैंपू और सीरम का उपयोग करने के बावजूद लगातार हेयरफॉल, दोमुंहे बालों (Split Ends), रूखेपन और फ्रिजीनेस की शिकायत करते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह गलत शैंपू नहीं, बल्कि बाल धोने के बाद की जाने वाली 5 अनजानी और गंभीर गलतियां हैं।गलती 1: साधारण सूती तौलिये से बालों को जोर-जोर से रगड़कर सुखानाबाल धोने के बाद बाथरूम से निकलते ही अधिकांश लोगों की पहली आदत होती है कि वे मोटे सूती (Cotton) तौलिये से अपने बालों को तेजी से रगड़-रगड़ कर सुखाने लगते हैं। यह आदत बालों के रेशों (Hair Fibers) के लिए किसी आरी की तरह काम करती है। साधारण तौलिये के रेशे मोटे और खुरदरे होते हैं। जब आप गीले बालों पर तौलिये को तेजी से रगड़ते हैं, तो यह घर्षण (Friction) बालों की संवेदनशील क्यूटिकल्स को उखाड़ देता है और उन्हें खुरदुरा बना देता है। इसका सीधा परिणाम यह होता है कि सूखने के बाद बाल अत्यधिक उलझे हुए, बेजान और रूखे नजर आते हैं।इसके विकल्प के रूप में हमेशा 'माइक्रोफाइबर टॉवल' (Microfiber Towel) या किसी पुरानी मुलायम कॉटन टी-शर्ट का उपयोग करना चाहिए। माइक्रोफाइबर कपड़ा बालों के क्यूटिकल्स को बिना नुकसान पहुंचाए पानी को 3 गुना तेजी से सोख लेता है। बालों को सुखाने का सही तरीका यह है कि तौलिये से हल्के हाथों से बालों को दबाएं (Dabbing / Pat Drying) ताकि अतिरिक्त पानी निकल जाए, कभी भी बालों को आपस में मरोड़ें या रगड़ें नहीं।गलती 2: गीले बालों में तुरंत बारीक दांतों वाली कंघी चलानागीले बालों में कंघी फेरना बाल झड़ने की सबसे प्रमुख वजहों में से एक है। शैंपू के बाद जब बाल पानी से लथपथ होते हैं, तो बालों की जड़ें (Hair Follicles) पानी के भार और गर्म पानी के वाष्प के कारण शिथिल पड़ जाती हैं। इस नाजुक स्थिति में यदि प्लास्टिक की बारीक दांतों वाली कंघी से बालों को सुलझाने की कोशिश की जाए, तो कंघी के खिंचाव से बाल सीधे जड़ों से खिंचकर बाहर आ जाते हैं। इसके अलावा, बालों के तने (Hair Shaft) के बीच से टूटने (Breakage) की संभावना भी कई गुना बढ़ जाती है।बालों को सुलझाने का वैज्ञानिक नियम यह है कि उन्हें पहले कम से कम 70 से 80 प्रतिशत तक प्राकृतिक हवा में सूखने दें। यदि बाल बहुत अधिक घुंघराले या घने हैं और उन्हें गीले में ही सुलझाना जरूरी है, तो हमेशा चौड़े दांतों वाली लकड़ी की कंघी (Wide-Tooth Wooden Comb) का इस्तेमाल करें। कंघी करते समय हमेशा नीचे के सिरों (Ends) से शुरुआत करते हुए धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ें।गलती 3: कंडीशनर को नजरअंदाज करना या सीधे स्कैल्प पर थोप देनाकंडीशनर के उपयोग को लेकर लोगों में दो तरह की विपरीत गलतियां देखने को मिलती हैं। पहली गलती यह है कि कई लोग समय की कमी या आलस में कंडीशनर लगाना पूरी तरह छोड़ देते हैं। शैंपू का काम बालों और स्कैल्प को साफ करने के लिए क्यूटिकल्स को खोलना होता है, जबकि कंडीशनर का काम उन खुले हुए क्यूटिकल्स को वापस सील करना, बालों की नमी को लॉक करना और बाहरी प्रदूषण से सुरक्षा कवच बनाना होता है। बिना कंडीशनर के बाल हमेशा रूखे और दोमुंहे होने के खतरे में रहते हैं।दूसरी बड़ी गलती यह है कि कई लोग कंडीशनर को तेल की तरह अपनी खोपड़ी (Scalp) और जड़ों में मल लेते हैं। कंडीशनर में भारी इमोलिएंट्स, सिलिकॉन और फैटी अल्कोहल होते हैं, जो बालों की लंबाई के लिए बने होते हैं। यदि इन्हें स्कैल्प की त्वचा पर लगाया जाए, तो यह रोमछिद्रों (Pores) को ब्लॉक कर देते हैं, जिससे स्कैल्प पर अत्यधिक तेल जमा होता है, डैंड्रफ (Dandruff) पनपता है और फॉलिक्युलाइटिस जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कंडीशनर हमेशा कान के निचले हिस्से से शुरू करते हुए बालों की लंबाई (Mid-lengths to ends) पर ही लगाएं और 2 से 3 मिनट बाद सामान्य या ठंडे पानी से अच्छी तरह धो लें।पोस्ट-वॉश हेयर केयर: सही आदतें बनाम नुकसानदेह गलतियांआदत का प्रकारक्या नहीं करना चाहिए (नुकसानदेह गलतियां)क्या करना चाहिए (डर्मेटोलॉजिस्ट प्रमाणित तरीका)सुखाने की तकनीकसूती तौलिये से बालों को जोर से रगड़ना और मरोड़नामाइक्रोफाइबर टॉवल या टी-शर्ट से हल्के से थपथपाकर पानी सोखनासुलझाने का तरीकागीले बालों में तुरंत पतले दांतों वाली कंघी फेरना80% सूखने के बाद चौड़े दांतों वाली नीम या लकड़ी की कंघी से संवारनाकंडीशनर का प्रयोगकंडीशनर छोड़ देना या सीधे सिर की त्वचा (स्कैल्प) पर लगानाकेवल बालों के मध्य भाग से अंतिम छोर तक लगाना, स्कैल्प से दूर रखनाहीट का इस्तेमालटपकते गीले बालों पर तुरंत तेज गर्म ब्लो ड्रायर या स्ट्रेटनर चलानापहले हीट प्रोटेक्टेंट सीरम लगाना, फिर ड्रायर के 'कूल मोड' का उपयोगबाल बांधने की आदतगीले बालों को कसकर रबरबैंड से बांधना या गीले सिर सो जानाबालों को खुला रखकर हवा में सुखाना, सोते समय साटन पिलो कवर चुननागलती 4: गीले बालों पर तुरंत तेज आंच वाला ब्लो-ड्रायर या हीटिंग टूल्स चलानाव्यस्त दिनचर्या में ऑफिस या कॉलेज जाने की जल्दी में लोग बाल धोते ही सीधे ब्लो-ड्रायर (Blow Dryer) ऑन कर लेते हैं और उसे उच्चतम तापमान (High Heat) पर सेट करके बालों पर चिपका देते हैं। जब बालों के रेशों के अंदर मौजूद पानी अचानक तेज गर्मी के संपर्क में आता है, तो वह बाल के भीतर ही भाप (Steam) बनकर उबलने लगता है। मेडिकल भाषा में इस स्थिति को 'बबल हेयर सिंड्रोम' (Bubble Hair Syndrome) कहा जाता है। इसमें बाल के भीतर छोटे-छोटे हवा के बुलबुले बन जाते हैं, जिससे बाल बीच से चटककर टूटने लगते हैं और उनकी प्राकृतिक लोच (Elasticity) स्थायी रूप से नष्ट हो जाती है।यदि ब्लो ड्रायर का इस्तेमाल करना अपरिहार्य हो, तो सबसे पहले बालों पर एक अच्छा लीव-इन कंडीशनर या 'हीट प्रोटेक्टेंट सीरम' (Heat Protectant Serum) लगाएं। यह सीरम बालों के चारों तरफ एक अदृश्य सुरक्षात्मक परत चढ़ा देता है जो सीधी गर्मी को बाल के रेशों तक पहुंचने से रोकती है। ड्रायर को हमेशा बालों से कम से कम 6 से 8 इंच की दूरी पर रखें और हमेशा 'कूल शॉट' (Cool Shot) या मध्यम तापमान वाली सेटिंग्स का ही चुनाव करें।गलती 5: गीले बालों को कसकर बांध लेना या गीले सिर बिस्तर पर सो जानाकई महिलाएं और युवतियां बाल धोने के तुरंत बाद समय बचाने के लिए गीले बालों का ही टाइट जूड़ा (Bun) बना लेती हैं या कसकर पोनीटेल बांध लेती हैं। जब बाल गीले होते हैं, तो वे खिंचाव को झेलने की स्थिति में नहीं होते। कसकर बांधने से बालों की जड़ों पर अत्यधिक खिंचाव पड़ता है, जिसे 'ट्रैक्शन एलोपेसिया' (Traction Alopecia) कहा जाता है, जिसके कारण माथे के किनारे से बाल पीछे हटने लगते हैं।इससे भी अधिक हानिकारक आदत है गीले बालों के साथ सो जाना। रात भर तकिए और नम बालों के बीच जो गर्म और सीलन भरा वातावरण बनता है, वह फंगस और बैक्टीरिया (जैसे Malassezia) के पनपने के लिए सबसे आदर्श जगह होती है। इससे स्कैल्प में तीव्र खुजली, दुर्गंध, जिद्दी डैंड्रफ और फंगल इंफेक्शन का खतरा पैदा हो जाता है। इसके अलावा, रात भर करवटें बदलते समय तकिए के सूती कवर के साथ गीले बालों का घर्षण बालों को बुरी तरह उलझाकर तोड़ देता है। सोने से पहले यह सुनिश्चित करें कि आपके बाल पूरी तरह सूख चुके हों और तकिए के लिए हमेशा 'सिल्क या सैटिन' (Silk/Satin) के कवर का उपयोग करें जो घर्षण को न्यूनतम रखता है।बालों की वास्तविक सुंदरता किसी जादुई उत्पाद में नहीं, बल्कि धोने के बाद अपनाए जाने वाले इन छोटे और वैज्ञानिक अनुशासन में निहित है। सही तौलिये का चुनाव, कंडीशनर का सटीक उपयोग और धैर्यपूर्वक बालों को हवा में सूखने देना आपके बालों को बिना किसी महंगे सैलून ट्रीटमेंट के भी प्राकृतिक रूप से घना, चमकदार और मजबूत बनाए रख सकता है।
देश की सबसे बड़ी और भरोसेमंद जीवन बीमा कंपनी 'भारतीय जीवन बीमा निगम' (LIC) के नाम पर जाली और क्लोन चेक बनाकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने वाले बहुचर्चित सिंडिकेट के सरगना समीर जोशी के खिलाफ कानून का शिकंजा पूरी तरह कस गया है। मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) की विशेष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पेश किए गए पुख्ता डिजिटल साक्ष्यों, बैंक ट्रेल और फॉरेंसिक रिपोर्टों के आधार पर मुख्य अभियुक्त समीर जोशी को दोषी करार देते हुए 3 साल 6 महीने (साढ़े 3 साल) के कठोर कारावास और भारी जुर्माने की सजा सुनाई है। सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों (PSUs) के साथ धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में यह फैसला एक बड़ा नजीर माना जा रहा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, समीर जोशी केवल एक साधारण जालसाज नहीं था, बल्कि वह संगठित चेक-क्लोनिंग और बैंकिंग क्लियरिंग फ्रॉड चलाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का प्रमुख सूत्रधार था, जिसने एलआईसी के आधिकारिक खातों से जारी होने वाले चेकों का डुप्लीकेट बनाकर भारी वित्तीय चपत लगाई थी।कौन है समीर जोशी? बैंकिंग और क्लियरिंग सिस्टम की खामियों का फायदा उठाने वाला शातिर दिमागसमीर जोशी वित्तीय धोखाधड़ी, बैंकिंग दस्तावेजों की जालसाजी और शेल कंपनियों के नेटवर्क का पुराना खिलाड़ी रहा है। उसके पास बैंकिंग क्लियरिंग हाउस, चेक ट्रंकेशन सिस्टम (CTS) और बीमा कंपनियों के क्लेम सेटलमेंट की आंतरिक कार्यप्रणाली की गहरी तकनीकी समझ थी। जोशी ने कोई अकेला अपराध नहीं किया, बल्कि उसने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले प्रिंटर्स और बैंक खातों के दलालों को मिलाकर एक सुनियोजित नेक्सस तैयार किया था।समीर जोशी का आपराधिक प्रोफाइल और नेटवर्क:पहचान छुपाने में माहिर: जोशी अपने नाम से कभी भी सीधे लेन-देन नहीं करता था। उसने दिहाड़ी मजदूरों, आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों और फर्जी आईडी पर दर्जनों डमी बैंक खाते खुलवा रखे थे।संगठित गिरोह का संचालक: वह चेक छापने, बैंक में डिपॉजिट करने और तुरंत नकद निकासी (Cash Withdrawal) के लिए अलग-अलग गुर्गों का इस्तेमाल करता था ताकि पकड़े जाने पर मुख्य सरगना तक जांच एजेंसियां न पहुंच सकें।पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड: इस मामले से पहले भी जोशी के खिलाफ विभिन्न राज्यों की पुलिस और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में जाली ड्राफ्ट, बैंक गारंटी और फर्जीवाड़े की कई शिकायतें दर्ज थीं।कैसे किया फर्जीवाड़े का खेल? जानिए LIC के जाली चेक भुनाने का पूरा मॉडस ऑपरेंडीजांच में यह बात सामने आई कि समीर जोशी और उसके साथियों ने देश के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले पेमेंट सिस्टम को भेदने के लिए बेहद शातिर तरीका (Modus Operandi) अख्तियार किया था। यह पूरा गोरखधंधा कई चरणों में अंजाम दिया जाता था:1. चेक नंबर और लीगल डिटेल्स की रेकी: गिरोह सबसे पहले एलआईसी के विभिन्न मंडलों और शाखाओं द्वारा पॉलिसीधारकों को सरेंडर वैल्यू, मैच्योरिटी राशि या डेथ क्लेम के भुगतान के लिए जारी किए जाने वाले वास्तविक चेकों की गोपनीय जानकारी जुटाता था।2. हूबहू क्लोनिंग और जाली चेक निर्माण: उच्च गुणवत्ता वाले स्कैनर, मैग्नेटिक इंक (MICR) प्रिंटर्स और विशेष सुरक्षा कागज का उपयोग करके एलआईसी के आधिकारिक बैंक खातों के हूबहू जाली चेक तैयार किए जाते थे। इन चेकों पर वॉटरमार्क, बैंक का लोगो, खाता संख्या और चेक नंबर इतनी सफाई से छापे जाते थे कि पहली नजर में बैंक कर्मी भी असली और नकली का फर्क नहीं पकड़ पाते थे।3. फर्जी फर्मों के नाम पर बैंक खाते: गिरोह ने फर्जी पैन कार्ड, आधार कार्ड और बोगस रेंट एग्रीमेंट के आधार पर विभिन्न राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों में फर्जी करंट व सेविंग्स अकाउंट्स खोल रखे थे। इन खातों के नाम एलआईसी के असली लाभार्थियों के नामों से मिलते-जुलते रखे जाते थे।4. क्लियरिंग में चेक लगाना और त्वरित निकासी: तैयार किए गए फर्जी चेकों को क्लियरिंग हाउस (CTS) में जमा किया जाता था। जैसे ही एलआईसी के मूल खाते से क्लियरिंग पास होकर रकम इन बोगस खातों में क्रेडिट होती थी, जोशी की टीम सक्रिय हो जाती थी। वे आरटीजीएस (RTGS), एटीएम और चेक के जरिए उसी दिन पूरी रकम कई छोटे-छोटे खातों में ट्रांसफर (Layering) कर देते थे और अंततः नकद निकाल लेते थे।ईडी की पड़ताल: सीबीआई की एफआईआर से लेकर मनी लॉन्ड्रिंग के अभेद्य केस तकइस पूरे मामले की शुरुआत केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और राज्य पुलिस द्वारा दर्ज की गई भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467, 468 (जालसाजी) और 120B (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत दर्ज प्राथमिकियों (FIRs) से हुई थी। चूंकि मामला सरकारी बीमा कंपनी के धन के गबन और संगठित अपराध से जुड़ा था, इसलिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (PMLA) के तहत प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIR) दर्ज कर वित्तीय जांच अपने हाथ में ली।ईडी की जांच में हुए बड़े खुलासे:अपराध की आय (Proceeds of Crime): समीर जोशी ने फर्जी चेकों के जरिए एलआईसी से लूटे गए धन को सीधे अपने पास न रखकर हवाला नेटवर्क, सोने की खरीद और बेनामी अचल संपत्तियों में निवेश किया था।संपत्तियों की जब्ती: ईडी ने जांच के दौरान जोशी और उसके सहयोगियों से जुड़े कई बैंक खातों को फ्रीज किया और अपराध की कमाई से अर्जित संपत्तियों को पीएमएलए की धारा 5 के तहत अस्थायी रूप से कुर्क (Attach) किया।डिजिटल और फॉरेंसिक सबूत: अदालत में ईडी के विशेष अभियोजकों ने सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (CFSL) की लिखावट जांच रिपोर्ट, जब्त किए गए प्रिंटर, चेक पेपर और बैंक ट्रांजैक्शन की विस्तृत मनी ट्रेल पेश की, जिसके आगे बचाव पक्ष की दलीलें टिक नहीं सकीं।अदालत का अंतिम फैसला: साक्ष्य इतने पुख्ता कि नहीं बच सका जालसाजविशेष पीएमएलए अदालत ने दोनों पक्षों की लंबी बहस और गवाहों के बयानों का संज्ञान लेने के बाद समीर जोशी को मनी लॉन्ड्रिंग का प्रत्यक्ष दोषी पाया। अदालत ने टिप्पणी की कि सार्वजनिक वित्तीय संस्थाओं, खासकर एलआईसी जैसी संस्था जहां देश के करोड़ों आम नागरिकों की गाढ़ी कमाई जमा होती है, उसके साथ धोखाधड़ी करना एक गंभीर आर्थिक अपराध है जो देश की अर्थव्यवस्था की साख को नुकसान पहुंचाता है।अदालत ने समीर जोशी को साढ़े 3 साल के कठोर कारावास के साथ आर्थिक दंड की सजा सुनाई और यह भी आदेश दिया कि कुर्क की गई संपत्तियों से अपराध की आय की भरपाई की जाए। जुर्माना न भरने की स्थिति में अभियुक्त को अतिरिक्त अवधि के लिए जेल में रहना होगा।एलआईसी और बैंकों के लिए कड़ा सबक: अब ऐसे फ्रॉड रोकना क्यों हुआ आसान?समीर जोशी कांड के सामने आने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और एलआईसी ने अपनी भुगतान सुरक्षा प्रणाली में बड़े संरचनात्मक बदलाव किए हैं:पॉजिटिव पे सिस्टम (Positive Pay System - PPS): ₹50,000 और उससे अधिक के सभी बड़े चेकों के लिए अब 'पॉजिटिव पे' अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत चेक जारीकर्ता (जैसे एलआईसी) को बैंक को पहले ही चेक नंबर, तारीख, लाभार्थी का नाम और सटीक रकम की इलेक्ट्रॉनिक जानकारी देनी होती है। जब तक यह जानकारी बैंक के सिस्टम से मैच नहीं होती, चेक क्लियर नहीं होता।शत-प्रतिशत प्रत्यक्ष बैंक ट्रांसफर (NEFT/RTGS): एलआईसी ने अब क्लेम, मैच्योरिटी और लोन के भुगतान के लिए चेक जारी करने की पारंपरिक प्रथा को 99% बंद कर दिया है। अब सभी भुगतान सीधे पॉलिसीधारक के सत्यापित बैंक खाते में एनईएफटी के जरिए इलेक्ट्रॉनिक रूप से ट्रांसफर किए जाते हैं।उन्नत सीटीएस (CTS) 3-वेरिफिकेशन: क्लियरिंग के दौरान अब चेक की डिजिटल इमेज को मैग्नेटिक इंक और पराबैंगनी (UV) सुरक्षा मानकों पर स्वचालित रूप से परखा जाता है, जिससे समीर जोशी जैसे शातिरों द्वारा बनाए गए डुप्लीकेट चेक अब पहले ही चरण में पकड़ में आ जाते हैं।समीर जोशी को मिली यह सजा यह साफ संदेश देती है कि वित्तीय अपराधों में चाहे कितनी भी सफाई से कागजात क्यों न गढ़े जाएं, डिजिटल युग में पैसे के निशान (Money Trail) कभी नहीं मिटते और कानून के हाथ देर से ही सही, अपराधियों की गिरेबान तक पहुंच ही जाते हैं।
75KM का माइलेज और शानदार डिजाइन, लगभग 60 हजार में आती हैं ये बाइक
अगर आप अपने लिए एक शानदार बाइक लेना चाहते हैं लेकिन बजट 60 हजार रुपये से कम है तो भी आपके पास कई ऑप्शन्स हैं. TVS Sport से लेकर Hero HF 100 तक के साथ जा सकते हैं.
Hanuman Ansh Box Office Collection Day 40: शोभिनव सत्या का लीड रोल और विशाल चतुर्वेदी के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया है. 40वें दिन की कमाई से हनुमान अंश ने बड़े बड़ों को पछाड़ दिया.
वैदिक ज्योतिष में ग्रहों के राजा, आत्मा, मान-सम्मान, नेतृत्व और पिता के स्थायी कारक भगवान सूर्य देव का राशि परिवर्तन ज्योतिषीय गणनाओं में अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। सूर्य देव लगभग 30 दिनों में एक राशि से दूसरी राशि में संचरण करते हैं, जिसे 'संक्रांति' (Sankranti) कहा जाता है। 16-17 सितंबर 2026 की मध्यरात्रि में सूर्य देव अपनी स्वराशि सिंह (Leo) की यात्रा समाप्त करके अपने परम मित्र ग्रह बुध के आधिपत्य वाली द्विस्वभाव पृथ्वी तत्व की राशि कन्या (Virgo) में विधिवत प्रवेश कर रहे हैं। इस खगोलीय घटना को सनातन पंचांग में 'कन्या संक्रांति' (Kanya Sankranti) के नाम से जाना जाता है। सूर्य देव कन्या राशि में 17 अक्टूबर 2026 तक संचरण करेंगे, जहां वे व्यापार और बुद्धि के कारक बुध के साथ युति बनाकर राजयोग 'बुधादित्य' का निर्माण भी करेंगे।हालांकि सूर्य और बुध के बीच परस्पर नैसर्गिक मित्रता का संबंध है, लेकिन कालपुरुष की कुंडली में कन्या राशि को छठे भाव (रोग, ऋण और शत्रु के स्थान) का प्रतिनिधित्व प्राप्त है। जब अग्नि तत्व के अधिपति सूर्य कन्या की व्यावहारिक और विश्लेषणात्मक भूमि पर कदम रखते हैं, तो इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर भिन्न-भिन्न पड़ता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, जहां कुछ राशियों के लिए यह गोचर पद-प्रतिष्ठा और तरक्की लेकर आएगा, वहीं 5 प्रमुख राशियों के जातकों के लिए अगले 30 दिन कड़े इम्तिहान, मानसिक तनाव, अनावश्यक खर्च और पारिवारिक उलझनों से भरे रह सकते हैं।गोचर का सटीक समय और कन्या संक्रांति का महापुण्य कालसूर्य के कन्या राशि में प्रवेश के साथ ही कन्या संक्रांति का महापर्व मनाया जा रहा है। हिंदू धर्मग्रंथों में संक्रांति के पुण्य काल और महापुण्य काल में तीर्थ स्नान, सूर्य अर्घ्य और दान का विशेष महत्व बताया गया है:सूर्य का कन्या राशि में गोचर: 16 सितंबर 2026 की देर रात (17 सितंबर तड़के) 01:14 AM पर।कन्या संक्रांति पुण्य काल: 17 सितंबर 2026 को प्रातः 06:07 AM से दोपहर 12:22 PM तक।महापुण्य काल की अवधि: प्रातः 06:07 AM से सुबह 08:12 AM तक (यह समय तांबे के पात्र से सूर्य को जल देने और तिल, वस्त्र व अन्न दान के लिए सर्वोत्तम माना गया है)।गोचर की कुल अवधि: 16 सितंबर 2026 से 17 अक्टूबर 2026 तक (जब तक सूर्य अपनी नीच राशि तुला में प्रवेश नहीं कर जाते)।इन 5 राशियों पर मंडराएंगे संकट के बादल: अगले 30 दिन बरतें विशेष सावधानीसूर्य के कन्या राशि में गोचर काल के दौरान जिन 5 राशियों को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता है, उनका विस्तृत ज्योतिषीय विश्लेषण इस प्रकार है:1. वृषभ राशि (Taurus): संतान की चिंता और सट्टेबाजी में आर्थिक नुकसान का जोखिमवृषभ राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर कुंडली के पंचम भाव (विद्या, बुद्धि, संतान और प्रेम संबंध) में हो रहा है। पंचम भाव में सूर्य का अत्यधिक तेज बौद्धिक भ्रम और अहंकार को जन्म देता है। इस अवधि में विद्यार्थियों की एकाग्रता भंग हो सकती है और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में बाधाएं आ सकती हैं। संतान पक्ष की सेहत या उनकी संगति को लेकर मानसिक तनाव बढ़ सकता है। आर्थिक दृष्टि से शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, क्रिप्टोकरेंसी या सट्टेबाजी में किसी भी तरह का जोखिम भरा निवेश करने से बचें; भारी नुकसान की प्रबल आशंका है। प्रेम संबंधों में अहम (Ego Clash) के टकराव के चलते दूरियां बढ़ सकती हैं, इसलिए अपनी वाणी में विनम्रता बनाए रखें।2. सिंह राशि (Leo): धन भाव में सूर्य का असर, कुटुंब में क्लेश और कटु वाणी से बचेंसिंह राशि के स्वामी स्वयं सूर्य देव हैं और वे आपकी राशि से निकलकर कुंडली के दूसरे भाव (धन, वाणी और कुटुंब) में प्रवेश कर रहे हैं। दूसरे भाव में उग्र ग्रह सूर्य का बैठना आपकी वाणी में कठोरता और कटुता पैदा करेगा। आपके सीधे और तल्ख शब्दों से कार्यस्थल पर सहकर्मी और घर में परिजन आहत हो सकते हैं, जिससे पारिवारिक संपत्ति या संयुक्त परिवार में कलह हो सकती है। संचित धन के अनावश्यक कार्यों में खर्च होने के योग बन रहे हैं। नेत्र विकार (आंखों में जलन या दर्द) और मुख से संबंधित स्वास्थ्य समस्याएं परेशान कर सकती हैं। इस दौरान किसी को भी बड़ा कर्ज देने की भूल न करें, धन फंसने के आसार हैं।3. तुला राशि (Libra): बारहवें भाव में सूर्य लाएगा अस्पताल का खर्च और कानूनी अड़चनेंतुला राशि वालों के लिए सूर्य का गोचर कुंडली के बारहवें भाव (व्यय, हानि, अस्पताल और विदेश यात्रा) में हो रहा है। बारहवें भाव में सूर्य की उपस्थिति से जातक के बजट का संतुलन बिगड़ सकता है। अचानक कोई बड़ा चिकित्सा खर्च सामने आ सकता है या अनचाही लंबी यात्राओं पर धन की बर्बादी हो सकती है। सरकारी तंत्र, आयकर, जीएसटी या किसी कानूनी मामले में उलझन पैदा हो सकती है; किसी भी सरकारी दस्तावेज पर बिना पढ़े हस्ताक्षर न करें। इस दौरान गुप्त शत्रुओं से विशेष सावधान रहें जो आपकी पीठ पीछे आपकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास कर सकते हैं। नींद की कमी (अनिद्रा) और सिरदर्द की समस्या से बचने के लिए योग और प्राणायाम का सहारा लें।4. कुंभ राशि (Aquarius): आठवें भाव में सूर्य का गोचर, अचानक चोट और पैतृक विवाद से रहें चौकन्नेकुंभ राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर सबसे संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि सूर्य आपकी कुंडली के अष्टम भाव (आयु, संकट, अचानक परिवर्तन और गुप्त रोग) में संचरण करेंगे। अष्टम भाव का सूर्य जीवन में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव लेकर आता है। इस अवधि में वाहन चलाते समय अत्यधिक गति से बचें, क्योंकि सड़क दुर्घटना या चोट-चपेट लगने का खतरा बना रहेगा। ससुराल पक्ष से संबंधों में खटास आ सकती है या पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद गहरा सकता है। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों (Boss) के साथ किसी भी बहस में न उलझें, अन्यथा नौकरी पर संकट आ सकता है। पेट से संबंधित संक्रमण, एसिडिटी और यकृत (Liver) संबंधी समस्याओं के प्रति सतर्क रहें।5. मीन राशि (Pisces): सातवें भाव में सूर्य लाएगा वैवाहिक मतभेद और पार्टनरशिप में दरारमीन राशि वालों के लिए सूर्य आपकी राशि से सातवें भाव (दांपत्य जीवन और व्यापारिक साझेदारी) में गोचर कर रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र में सप्तम भाव में सूर्य का गोचर दांपत्य सुख के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। सूर्य का उग्र स्वभाव जीवनसाथी के साथ बेवजह के मतभेद, शक और तनाव को जन्म दे सकता है। पार्टनर के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। यदि आप किसी के साथ साझेदारी (Partnership Business) में व्यापार कर रहे हैं, तो लेन-देन में पूर्ण पारदर्शिता रखें; साझेदार के साथ अविश्वास की स्थिति पैदा हो सकती है जो व्यापारिक अलगाव तक पहुंच सकती है। कोई भी नया व्यापारिक अनुबंध या एग्रीमेंट करने से पहले कानूनी सलाह अवश्य लें।5 राशियों के लिए सूर्य गोचर का त्वरित तुलनात्मक चार्टप्रभावित जातकों की त्वरित समझ के लिए संभावित जोखिमों और आवश्यक सावधानियों का संक्षिप्त विवरण:प्रभावित राशिगोचर का भावप्रमुख खतरे एवं चुनौतियांबचाव हेतु क्या न करें?वृषभ (Taurus)5वां भाव (संतान व बुद्धि)सट्टेबाजी में हानि, प्रेम संबंधों में अहंकार, संतान की चिंताशेयर बाजार में त्वरित लाभ के लालच से बचेंसिंह (Leo)दूसरा भाव (वाणी व धन)कटु भाषा से परिवार में विवाद, अनचाहे खर्चे, नेत्र विकाररिश्तेदारों या कलीग्स से तीखी बहस न करेंतुला (Libra)12वां भाव (व्यय व नुकसान)अत्यधिक अस्पताल खर्च, कानूनी नोटिस, गुप्त शत्रुसरकारी नियमों की अनदेखी और टैक्स में लापरवाही न करेंकुंभ (Aquarius)8वां भाव (संकट व स्वास्थ्य)दुर्घटना का जोखिम, कार्यस्थल पर विवाद, ससुराल से तनावतेज गति से वाहन न चलाएं, बॉस से पंगा न लेंमीन (Pisces)7वां भाव (दांपत्य व साझेदारी)जीवनसाथी से विवाद, बिजनेस पार्टनर से धोखा या अलगाववैवाहिक जीवन में पुराने विवादों को हवा न देंसूर्य देव के अशुभ प्रभाव को शांत करने के 5 अचूक वैदिक उपाययदि आपकी राशि उपरोक्त 5 प्रभावित राशियों में शामिल है या आपकी कुंडली में सूर्य कमजोर अवस्था में है, तो 17 अक्टूबर तक प्रतिदिन इन 5 शास्त्रीय उपायों को करने से सूर्य देव की कृपा मिलती है और नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है:सूर्य को रोली और लाल फूल से अर्घ्य: प्रतिदिन प्रातःकाल सूर्योदय के 1 घंटे के भीतर तांबे के लोटे में शुद्ध जल भरें। उसमें चुटकी भर कुमकुम (रोली), अक्षत (चावल) और लाल कनेर या गुड़हल का फूल डालें। दोनों हाथों को सिर से ऊपर उठाकर ॐ घृणिः सूर्याय नमः अथवा ॐ सूर्याय नमः मंत्र का 11 बार उच्चारण करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य समर्पित करें। गिरते हुए जल की धार के बीच से सूर्य देव के दर्शन करें।आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ: यदि कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों से तनाव है या कानूनी विवाद चल रहा है, तो वाल्मीकि रामायण में वर्णित 'आदित्य हृदय स्तोत्र' (Aditya Hridaya Stotra) का पाठ प्रतिदिन सुबह अवश्य करें। यह स्तोत्र आत्मविश्वास और विजय का अचूक अस्त्र है।तांबे और गुड़ का दान: रविवार या संक्रांति के दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति या मंदिर में सवा किलो गुड़, लाल मसूर की दाल, तांबे का बर्तन या लाल वस्त्र का दान करें।पिता और गुरु का सम्मान: सूर्य देव पिता के कारक ग्रह हैं। प्रतिदिन प्रातः उठकर अपने पिता, ससुर या पिता तुल्य बुजुर्गों के चरण स्पर्श करके उनका आशीर्वाद लें। किसी भी बुजुर्ग का अनादर करने से सूर्य अत्यंत कुपित होते हैं।गायत्री मंत्र का 108 बार जप: मानसिक शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा के संचार के लिए रुद्राक्ष की माला से प्रतिदिन पूर्व दिशा की ओर मुख करके गायत्री मंत्र ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् की कम से कम 1 माला (108 बार) का जप करें।कन्या संक्रांति का यह गोचर संयम, विवेक और अनुशासन से आगे बढ़ने का संदेश देता है। अपनी वाणी पर नियंत्रण रखकर, स्वास्थ्य के प्रति सजग रहकर और नियमित सूर्य आराधना करके इन पांचों राशियों के जातक इस संक्रमण काल की चुनौतियों को भी अपने आत्मबल से परास्त कर सकते हैं।
झूले पर बप्पा और फूलों की सजावट, गणपति में दुल्हन-सा सजा एंटीलिया
मुकेश और नीता अंबानी के घर 'एंटीलिया' में गणेश उत्सव पर अलौकिक सजावट देखने को मिली. 'व्हाइट एंड ऑरेंज' थीम, संतरे, जगमगाते कमल के तालाब और विशाल कंदीलों से सजे एंटीलिया की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं.
ईरान जंग में ट्रंप ने फूंक डाले 38 अरब डॉलर, अब अमेरिका पर पड़ेगी महंगाई की मार
अमेरिका और ईरान की 6 महीने पुरानी जंग पर 38 अरब डॉलर खर्च हो चुके हैं, और सीबीओ के मुताबिक यह रकम हर महीने 3 अरब डॉलर और बढ़ सकती है. रिपोर्ट कहती है कि 2027 की शुरुआत तक अमेरिका में महंगाई 0.5% बढ़ सकती है, साथ ही हथियार भंडार और बजट पर दबाव बढ़ा है.
देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक रवानगी का वक्त करीब आते ही मौसम ने अचानक करवट ले ली है। आमतौर पर सितंबर के दूसरे पखवाड़े में मानसूनी बादल उत्तर भारत से सिमटने लगते हैं, लेकिन इस बार बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और मध्य भारत से गुजर रही मानसूनी ट्रफ रेखा ने लौटते हुए मानसून को दोबारा ऊर्जावान बना दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के अनुसार, उत्तर प्रदेश के वायुमंडल में पुरवैया और नम हवाओं की जबर्दस्त आमद दर्ज की जा रही है। इसके चलते पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, बागपत, शामली और सहारनपुर से लेकर अवध और पूर्वांचल के वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर और गाजीपुर तक 35 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का नया दौर शुरू हो गया है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि यह बारिश का दौर इस मानसूनी सीजन का 'आखिरी बड़ा स्पेल' (Last Active Monsoon Spell) है। इस मौसमी बदलाव से जहां पिछले एक हफ्ते से 85 प्रतिशत से अधिक की चिपचिपी उमस से बेहाल लोगों को तेज गर्मी से राहत मिली है और दिन के पारे में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है, वहीं कई तराई क्षेत्रों में जलभराव और आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम भी पैदा हो गया है।पश्चिमी यूपी में झमाझम: मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और ब्रज में बादलों का डेरापश्चिमी उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में मानसूनी हवाओं का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, बागपत, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) और बुलंदशहर में आसमान में काले कपासी बादलों का पहरा है और रुक-रुक कर रिमझिम से मध्यम बारिश दर्ज की जा रही है। वहीं रुहेलखंड और ब्रज क्षेत्र के मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, संभल, अमरोहा, बरेली, बदायूं, अलीगढ़, मथुरा और आगरा में भी ठंडी हवाओं के साथ बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने पश्चिमी यूपी के तराई और दिल्ली-एनसीआर से सटे इलाकों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। यहां 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है। इस बारिश ने पश्चिमी यूपी के शहरों की वायु गुणवत्ता (AQI) को 'अच्छा' (Good) श्रेणी में ला दिया है, जिससे प्रदूषण से जूझ रहे शहरी निवासियों को ताजी हवा में सांस लेने का मौका मिला है।पूर्वांचल में जोरदार बारिश और वज्रपात: वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर और लखनऊ का हालपूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) और अवध के जिलों में बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं का सीधा असर पड़ रहा है। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी, संगम नगरी प्रयागराज, गोरक्षपीठ की भूमि गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, आजमगढ़, मऊ, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, मिर्जापुर और सोनभद्र में कई स्थानों पर मेघगर्जन के साथ मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। राजधानी लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी, अयोध्या, रायबरेली, अमेठी और सुल्तानपुर में भी दोपहर और शाम के वक्त घने बादलों की आवाजाही के बीच तेज बौछारों के आसार हैं। मौसम केंद्र लखनऊ के वैज्ञानिकों ने विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में आकाशीय बिजली (Lightning Strike / वज्रपात) को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है। वातावरण में अत्यधिक नमी और दोपहर की धूप के संयोजन से 'कन्वेक्टिव क्लाउड्स' (Convective Clouds) बहुत तेजी से बन रहे हैं, जो अचानक 15 से 20 मिनट के भीतर बिजली की भीषण गड़गड़ाहट और भारी बारिश पैदा करते हैं।पश्चिमी यूपी बनाम पूर्वी यूपी: जानिए किस जिले में कब तक होगी बारिश?राज्य के विभिन्न भौगोलिक अंचलों में मानसूनी बादलों की सक्रियता और वर्षा की तीव्रता को इस तालिका के माध्यम से आसानी से समझा जा सकता है:यूपी का संभाग / क्षेत्रप्रमुख प्रभावित जिलेबारिश का पूर्वानुमान एवं तीव्रतामौसम विभाग की चेतावनी / अलर्टपश्चिमी उत्तर प्रदेशमेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, बागपत, मुरादाबादमध्यम से तेज बौछारें, 18 सितंबर तक असरबादलों की गरज और 35 km/h की रफ्तार से तेज हवाएंएनसीआर एवं ब्रज क्षेत्रनोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, बुलंदशहरहल्की से मध्यम बारिश, आंशिक रूप से बादलउमस से राहत, कहीं-कहीं जलभराव की स्थितिमध्य यूपी (अवध क्षेत्र)लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी, अयोध्या, रायबरेलीरुक-रुक कर बौछारें, शाम को बादलों का डेरादिन के तापमान में 3 से 4C की गिरावटपूर्वांचल (वाराणसी व गोरखपुर)वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़मध्यम से भारी बारिश, 20 सितंबर तक सक्रिययेलो अलर्ट, आकाशीय बिजली गिरने का गंभीर जोखिमदक्षिणी यूपी व बुंदेलखंडप्रयागराज, मिर्जापुर, सोनभद्र, झांसी, ललितपुर, बांदागरज-चमक के साथ बौछारें, उमस भरा मौसमनदियों और जलस्रोतों के समीप सतर्क रहने की सलाहकब मिलेगी बारिश से राहत? IMD ने बताया मानसून की विदाई और धूप खिलने का सटीक समयउत्तर प्रदेश के लाखों नागरिक, विशेष रूप से नवरात्र और त्योहारी खरीदारी की तैयारी कर रहे व्यापारी और आम जनता यह जानने को उत्सुक हैं कि यह बदरा कब थमेंगे और आसमान कब साफ होगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक वापसी (Monsoon Withdrawal) की शुरुआत पश्चिमी राजस्थान के हिस्सों से 19 सितंबर 2026 से होने जा रही है। राजस्थान के बाद मानसूनी हवाएं पूर्व की ओर खिसकते हुए दिल्ली और उत्तर प्रदेश से विदा होना शुरू होंगी।आईएमडी के चरणबद्ध विदाई कार्यक्रम के अनुसार:पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राहत: मेरठ, सहारनपुर, नोएडा, गाजियाबाद और मुरादाबाद में बारिश की गतिविधियां 18 सितंबर की शाम से काफी कमजोर पड़ जाएंगी। 19 सितंबर से पश्चिमी जिलों में आसमान साफ होने लगेगा और चटख धूप खिलने लगेगी।पूर्वी उत्तर प्रदेश में राहत: लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज में 20 सितंबर तक छिटपुट बौछारें और बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। 21 सितंबर 2026 से समूचे उत्तर प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क (Dry Weather) हो जाएगा।तापमान और गुलाबी ठंड: 21 सितंबर के बाद जैसे ही उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाएं चलना शुरू होंगी, हवा में नमी (Humidity) का स्तर तेजी से घटेगा। इससे दिन के समय तेज धूप के कारण हल्की गर्मी महसूस होगी, लेकिन रात और तड़के के न्यूनतम तापमान में गिरावट आने लगेगी, जो अक्टूबर के पहले पखवाड़े में उत्तर प्रदेश में हल्की 'गुलाबी ठंड' की आहट लेकर आएगी।किसानों के लिए वरदान या आफत? खरीफ धान, दलहन और सब्जी उत्पादकों के लिए जरूरी एडवाइजरीमानसून के इस अंतिम चरण की बारिश को लेकर उत्तर प्रदेश के किसान दोहरे असमंजस में हैं। कृषि वैज्ञानिकों और राज्य कृषि विभाग ने किसानों की फसलों की स्थिति के आधार पर विस्तृत परामर्श जारी किया है:धान की पिछेती फसलों के लिए अमृत: जिन किसानों ने बासमती या सामान्य धान की देर से रोपाई की थी और फसल अभी गभोट या दूध भरने की अवस्था में है, उनके लिए यह बारिश मिट्टी में जरूरी नमी बनाए रखने और बालियों के दाने पुष्ट करने के लिए बेहद फायदेमंद है। इससे किसानों के डीजल और ट्यूबवेल के सिंचाई खर्च की बड़ी बचत होगी।पक चुकी अगैती फसलों के लिए चेतावनी: जिन क्षेत्रों में मक्का, बाजरा, उड़द, मूंग और तिल की फसलें पककर कटने के लिए तैयार हैं, वहां किसान तुरंत कटाई रोक दें। यदि फसल खलिहान या खेत में कटी पड़ी है, तो उसे तिरपाल या प्लास्टिक शीट से अच्छी तरह ढककर ऊंचे स्थानों पर पहुंचाएं, अन्यथा पानी लगने से दानों में चमक कम होने और अंकुरण (Sprouting) का खतरा हो सकता है।सब्जी उत्पादकों के लिए जल-निकासी: गोभी, मिर्च, टमाटर और अगेती तोरिया/सरसों की बुवाई कर रहे किसान खेतों में पानी ठहरने न दें। खेतों की मेड़ काटकर जल-निकासी के तुरंत प्रबंध करें, क्योंकि अत्यधिक नमी से नर्सरी में गलन (Damping off) रोग लग सकता है।आकाशीय बिजली से सुरक्षा: आपदा प्रबंधन विभाग ने किसानों से अपील की है कि बारिश या बादलों की गड़गड़ाहट के समय खेतों में लोहे के खुरपे, हंसिया या ट्रैक्टर लेकर खुले में न घूमें। किसी भी सूरत में अकेले ऊंचे शीशम, बरगद या नीम के पेड़ के नीचे खड़े न हों। अपने मोबाइल में भारत सरकार का 'दामिनी' (Damini) ऐप रखें और मौसम बिगड़ने पर तुरंत पक्के मकान में शरण लें।उत्तर प्रदेश में मानसून का यह आखिरी दांव जाते-जाते प्रकृति को हरा-भरा करने और भूजल स्तर को रिचार्ज करने का काम कर रहा है। अगले 48 से 72 घंटों की इस मानसूनी बारिश के बाद प्रदेश वासियों को न केवल जलभराव और उमस से निजात मिलेगी, बल्कि 21 सितंबर से प्रदेश भर में खिली हुई धूप और साफ नीले आसमान का स्वागत करने का मौका मिलेगा।
पूर्वी उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और सांस्कृतिक राजधानी बन चुके गोरखपुर में आम नागरिकों के 'ईज ऑफ लिविंग' (जीवन सुगमता) को बेहतर बनाने की दिशा में एक और बड़ा अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी विधायक निधि से गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) द्वारा बनवाए गए एक और अत्याधुनिक कल्याण मंडपम का विधिवत लोकार्पण कर जनता को समर्पित किया है। यह नया कल्याण मंडपम शहर के वार्ड नंबर 54, उर्वरक नगर के अंतर्गत आने वाले जंगल नकहा नंबर 2 में बनकर पूरी तरह तैयार हुआ है। लगभग 3.09 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह सामुदायिक केंद्र समाज के आर्थिक रूप से कमजोर, वंचित और मध्यम आय वर्ग के परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।शहर में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और निजी बैंक्वेट हॉलों की बेलगाम होती महंगाई के दौर में एक गरीब पिता के लिए अपनी बेटी की शादी या पारिवारिक मांगलिक कार्य सम्मानजनक तरीके से आयोजित करना एक भारी वित्तीय चुनौती बन चुका था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस जमीनी पीड़ा को समझते हुए गोरखपुर नगर निगम और जीडीए को वार्ड स्तर पर सर्वसुविधायुक्त कल्याण मंडपम की एक पूरी श्रृंखला स्थापित करने का निर्देश दिया था। इसी विजन के तहत जंगल नकहा में निर्मित यह केंद्र अब क्षेत्रवासियों को किसी महंगे थ्री-स्टार होटल या लग्जरी मैरिज लॉन जैसी तमाम सुविधाएं बेहद रियायती और नाममात्र की दरों पर उपलब्ध कराएगा।2461 वर्गमीटर में फैली भव्य इमारत: 300 लोगों की क्षमता, आधुनिक वास्तुकला और ग्रीन लॉनजीडीए के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल के अनुसार, उर्वरक नगर के जंगल नकहा नंबर 2 में बने इस कल्याण मंडपम को आधुनिक वास्तुकला और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यह पूरा परिसर कुल 2,461 वर्गमीटर भूमि पर विस्तृत है और इसका मुख्य भवन दो मंजिला (G+1) बनाया गया है। इस भवन में एक साथ 300 लोगों के भोजन, विश्राम और वैवाहिक रस्मों के संपादन की पूर्ण व्यवस्था की गई है।कल्याण मंडपम की मुख्य स्थापत्य विशेषताएं और सुविधाएं:विशाल केंद्रीय हॉल: भूतल और प्रथम तल दोनों पर बड़े वातानुकूलित हॉल बनाए गए हैं, जहां स्टेज, वर-माला और सांस्कृतिक मंच की भव्य सजावट की जा सकती है।किचन और पैंट्री: बड़े आयोजनों में 300 से अधिक लोगों का खाना तैयार करने के लिए आधुनिक चिमनी, धुआं-निकासी प्रणाली, स्वच्छ स्लैब और विशाल स्टोर रूम से सुसज्जित कमर्शियल किचन तैयार किया गया है।चेंजिंग रूम और सुइट्स: वर और वधू पक्ष के लिए अलग-अलग अटैच्ड टॉयलेट और ड्रेसिंग एरिया वाले सुरक्षित चेंज रूम और सुइट्स बनाए गए हैं।शौचालय ब्लॉक: दोनों तलों पर स्वच्छता के उच्च मानकों का पालन करते हुए महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग आधुनिक टॉयलेट ब्लॉक का निर्माण किया गया है।पर्याप्त पार्किंग स्पेस: शादी-विवाह के दौरान सड़क पर लगने वाले जाम से बचने के लिए परिसर के भीतर ही उच्च गुणवत्ता वाली इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाकर 50 से अधिक चौपहिया और सैकड़ों दोपहिया वाहनों की समर्पित पार्किंग बनाई गई है।लैंडस्केप लॉन और फव्वारा: मंडपम के बाहरी हिस्से में हरियाली से युक्त सुंदर घास का लॉन विकसित किया गया है, जिसके बीच में फव्वारा (Fountain) और डिजाइनर स्ट्रीट लाइट्स लगाई गई हैं, जो रात के समय कार्यक्रम को मनमोहक परिवेश प्रदान करती हैं।निजी मैरिज लॉन की मनमानी पर नकेल: मध्यम और गरीब वर्ग को कैसे मिलेगी सीधी राहत?गोरखपुर महानगर और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों में निजी मैरिज हॉल और बैंक्वेट लॉनों का किराया आसमान छूने लगा है। आज की तारीख में किसी सामान्य मैरिज हॉल की एक रात की बुकिंग 1.5 लाख रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक पहुंच जाती है। इसके अलावा बिजली, डेकोरेशन और सफाई के नाम पर अलग से भारी भरकम बिल थमा दिया जाता है। आर्थिक रूप से कमजोर मजदूर, रेहड़ी-पटरी संचालक, किसान या निम्न-मध्यमवर्गीय कर्मचारी परिवारों को बेटी की शादी या बेटे के तिलक के लिए अपनी जमीन गिरवी रखनी पड़ती थी या भारी ब्याज पर कर्ज लेना पड़ता था।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कल्याण मंडपम योजना ने निजी संचालकों के इस एकाधिकार को सीधे तौर पर तोड़ा है। जीडीए द्वारा संचालित इन कल्याण मंडपमों का एक दिन का किराया निजी हॉलों की तुलना में 70 से 80 प्रतिशत तक कम रखा जाता है। इसमें गरीब परिवारों को बिना किसी बिचौलिए के केवल सरकारी तय शुल्क पर पूरा हॉल, कमरा, किचन, पानी, बिजली का बैकअप और पार्किंग उपलब्ध कराई जाती है। इससे न केवल परिवारों के लाखों रुपये बच रहे हैं, बल्कि वे कर्ज के जाल में फंसने से भी सुरक्षित हो रहे हैं।गोरखपुर में अब तक 8 कल्याण मंडपम का लोकार्पण, 2 नए प्रोजेक्ट्स पर तेजी से कामजंगल नकहा नंबर 2 में उद्घाटित यह कल्याण मंडपम गोरखपुर का आठवां सक्रिय केंद्र बन गया है। इससे ठीक पहले 29 अगस्त को मुख्यमंत्री ने बशारतपुर में 3.10 करोड़ रुपये की लागत से बने सातवें कल्याण मंडपम का लोकार्पण किया था।गोरखपुर शहर में अब तक लोकार्पित और निर्माणाधीन कल्याण मंडपमों की पूरी सूची:कल्याण मंडपम का स्थान / वार्डस्थिति / लोकार्पणनिर्माण एजेंसी एवं लागतमुख्य लाभार्थी क्षेत्र1. खोराबारपूर्व में लोकार्पितनगर निगम / जीडीएदक्षिणी गोरखपुर व देवरिया रोड क्षेत्र2. सूरजकुंडपूर्व में लोकार्पितनगर निगम / जीडीएपुराना शहर व पश्चिमी गोरखपुर3. मानबेलापूर्व में लोकार्पितजीडीएराप्तीनगर व मेडिकल कॉलेज रोड4. टोला पीरू शहीद (राप्तीनगर विस्तार)पूर्व में लोकार्पितजीडीएराप्तीनगर विस्तार व आसपास की कॉलोनियां5. बिछिया जंगल तुलसीरामपूर्व में लोकार्पितनगर निगम / जीडीएरेलवे कॉलोनी व पूर्वी गोरखपुर6. जंगल बेनी माधवपूर्व में लोकार्पितजीडीएउत्तरी गोरखपुर के ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्र7. बशारतपुर29 अगस्त 2026 (लोकार्पित)जीडीए (₹3.10 करोड़)बशारतपुर, पादरी बाजार, शाहपुर क्षेत्र8. जंगल नकहा नंबर 2 (उर्वरक नगर)16 सितंबर 2026 (नया)जीडीए (₹3.09 करोड़)फर्टिलाइजर, नकहा, बरगदवा व गोरखनाथ क्षेत्र9. महादेव झारखंडी (वार्ड नंबर 7)निर्माणाधीन (प्रगति पर)जीडीए (₹2.50 करोड़)कूड़ाघाट व एम्स क्षेत्र10. सेमरा (वार्ड नंबर 2, बीआरडी नगर)निर्माणाधीन (प्रगति पर)जीडीए (₹2.50 करोड़)मेडिकल कॉलेज व सेमरा क्षेत्रजीडीए अधिकारियों के अनुसार, महादेव झारखंडी और सेमरा में बन रहे दोनों मंडपमों पर ढाई-ढाई करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और इन्हें भी इसी वित्तीय वर्ष के अंत तक जनता के लिए खोल दिया जाएगा।आईएमए के चैरिटेबल ब्लड सेंटर का भी हुआ उद्घाटन: तारामंडल क्षेत्र में स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूतीकल्याण मंडपम के लोकार्पण के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गोरखपुर दौरे के दौरान तारामंडल क्षेत्र स्थित इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के नवनिर्मित चैरिटेबल ब्लड सेंटर का भी औपचारिक उद्घाटन किया। आईएमए भवन में स्थापित यह ब्लड बैंक अत्याधुनिक रक्त पृथक्करण तकनीकों (Blood Component Separation Units), प्लेटलेट्स एफरेसिस मशीनों और सुरक्षित कोल्ड-चेन स्टोरेज से लैस है।पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी बिहार और पड़ोसी देश नेपाल की सीमा से सटे लाखों मरीजों के लिए गोरखपुर हमेशा से चिकित्सा का सबसे बड़ा केंद्र रहा है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज और एम्स गोरखपुर में भर्ती होने वाले थैलेसीमिया, हीमोफीलिया, गंभीर सड़क दुर्घटनाओं और कैंसर के मरीजों को अक्सर रक्त और प्लेटलेट्स के लिए भटकना पड़ता था। आईएमए के इस चैरिटेबल ब्लड सेंटर के शुरू होने से जरूरतमंद गरीब मरीजों को 'नो-प्रॉफिट, नो-लॉस' के सिद्धांत पर चौबीसों घंटे सुरक्षित और जांचा हुआ रक्त उपलब्ध हो सकेगा।आम जनता कैसे करा सकती है बुकिंग? जीडीए के नियम और दिशा-निर्देशगोरखपुर विकास प्राधिकरण ने कल्याण मंडपम की बुकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल बनाया है, ताकि आम नागरिक किसी बिचौलिए के चक्कर में न पड़ें:आधिकारिक पोर्टल से बुकिंग: नागरिक जीडीए की आधिकारिक वेबसाइट (gdagorakhpur.in) के 'कल्याण मंडपम बुकिंग' सेक्शन पर जाकर अपने पसंदीदा मंडपम और तारीख की उपलब्धता की ऑनलाइन जांच कर सकते हैं।आवश्यक दस्तावेज: बुकिंग के लिए आवेदक का आधार कार्ड, वर-वधू का आयु प्रमाण पत्र या मांगलिक कार्य का निमंत्रण पत्र और निवास प्रमाण पत्र अपलोड करना अनिवार्य है।स्थानीय वार्ड निवासियों को प्राथमिकता: जिस वार्ड में कल्याण मंडपम स्थित है (जैसे उर्वरक नगर वार्ड 54), उस क्षेत्र के मूल निवासियों को तारीखों के आवंटन में पहली प्राथमिकता दी जाती है।सुरक्षा निधि और रिफंड: बुकिंग शुल्क के साथ एक न्यूनतम प्रतिभूति राशि (Security Deposit) जमा कराई जाती है, जो कार्यक्रम के शांतिपूर्ण समापन और परिसर की सफाई के उपरांत सीधे आवेदक के बैंक खाते में वापस ट्रांसफर कर दी जाती है।सफाई और अनुशासन के नियम: परिसर के भीतर सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों के तहत तय समयसीमा के भीतर ही लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति होगी।गोरखपुर में चौड़ी सड़कों, रामगढ़ ताल के कायाकल्प, एम्स, खाद कारखाने की पुनर्स्थापना और अब वार्ड स्तर पर कल्याण मंडपमों के इस जाल ने यह साबित कर दिया है कि योगी सरकार का विकास मॉडल केवल बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं है, बल्कि वह समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति की बुनियादी खुशियों और सामाजिक सम्मान का भी पूरा ध्यान रख रहा है।
उत्तर प्रदेश में संवेदनशील और त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई की एक अत्यंत भावुक और मानवीय तस्वीर बस्ती जिले से सामने आई है। बस्ती के भैरोपुर क्षेत्र में रहने वाले रामकिशन पांडे का परिवार पिछले कई वर्षों से ऐसी भयानक गरीबी और बेबसी से जूझ रहा था, जिसे देखकर किसी भी संवेदनशील इंसान की आंखें भर आएं। परिवार में एक या दो नहीं, बल्कि चार मासूम बच्चे गंभीर रूप से दिव्यांग हैं, जो न तो अपने पैरों पर खड़े हो सकते थे और न ही सामान्य बच्चों की तरह चल-फिर सकते थे। रहने के लिए सिर पर पक्की छत तक नहीं थी; बारिश और आंधी के बीच टपकती झोपड़ी और प्लास्टिक की पन्नी के सहारे पूरा परिवार रातें काटने को मजबूर था। मेहनत-मजदूरी करके जमीन के लिए जुटाए गए डेढ़ लाख रुपये डूब जाने के बाद लाचार मां के सामने बच्चों का पेट पालने के लिए भीख मांगने तक की नौबत आ गई थी। लेकिन जैसे ही इस बेबस परिवार की व्यथा की खबर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंची, सरकार ने पूरी संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़कर इस परिवार की बदहाली को हमेशा के लिए दूर कर दिया।सीएम योगी का त्वरित संज्ञान: डीएम को तत्काल मौके पर पहुंचकर समाधान के कड़े निर्देशमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जब बस्ती के इस परिवार की दयनीय स्थिति, आवासहीनता और चार दिव्यांग बच्चों की पीड़ा की जानकारी मिली, तो उन्होंने बिना एक पल गंवाए जिला प्रशासन को व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने का कड़ा निर्देश दिया। सीएम के स्पष्ट निर्देश थे कि सरकारी फाइलों और दफ्तरों के चक्कर कटवाने के बजाय अधिकारी स्वयं पीड़ित के दरवाजे पर जाएं और परिवार को सभी जरूरी सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही दिन में ऑन-द-स्पॉट उपलब्ध कराएं।मुख्यमंत्री के आदेश के बाद बस्ती की जिलाधिकारी (DM) कृतिका ज्योत्स्ना और जिला समाज कल्याण विभाग की टीम तुरंत सक्रिय हुई। प्रशासनिक अमले ने तत्काल मौके पर पहुंचकर परिवार की वास्तविक जरूरतों का आकलन किया और 24 घंटे के भीतर वह सब कुछ मुहैया करा दिया, जिसके लिए यह परिवार बरसों से तरस रहा था।पक्के घर से लेकर व्हीलचेयर तक: परिवार को एक साथ मिले इन 6 बड़ी योजनाओं के लाभप्रशासन ने केवल आश्वासन नहीं दिया, बल्कि परिवार के जीवन स्तर को बुनियादी रूप से बदलने के लिए एक मुकम्मल कार्ययोजना लागू की:सरकारी सहायता / योजनाउपलब्ध कराई गई सुविधापरिवार पर प्रभाव व राहतकांशीराम आवास योजनापक्का और सुरक्षित फ्लैट आवंटितबारिश में टपकती छत और पन्नी से मुक्ति, स्थायी सुरक्षित आश्रयसहायक उपकरण (Wheelchairs)सभी दिव्यांग बच्चों के लिए व्हीलचेयरजमीन पर घिसटने से मुक्ति, सुगम आवाजाही और गतिशीलतादिव्यांगजन पेंशन योजनाबड़े बेटे अंकुर को नियमित मासिक पेंशनपरिवार को दवाओं और जरूरी खर्चों के लिए नियमित वित्तीय सहारादिव्यांग प्रमाण पत्रदो बच्चों के जारी, दो की प्रक्रिया पूरीभविष्य की सभी राज्य व केंद्र सरकार की दिव्यांग योजनाओं की गारंटीअंत्योदय राशन कार्ड35 किलो मुफ्त राशन की व्यवस्थाभूख और भुखमरी का डर खत्म, पौष्टिक अनाज की नियमित आपूर्तिप्रधानमंत्री उज्ज्वला योजनागैस चूल्हा और भरा हुआ एलपीजी सिलेंडरगीली लकड़ियों और धुएं से मुक्ति, स्वच्छ रसोई ईंधनबच्चों की शिक्षा और भविष्य की सुरक्षा: स्कूल में दाखिला और नियमित मॉनिटरिंगदिव्यांग बच्चों के पालन-पोषण में सबसे बड़ी चुनौती उनकी शिक्षा और मानसिक विकास को लेकर होती है। गरीबी और चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण ये बच्चे कभी स्कूल की चौखट तक नहीं पहुंच पाए थे।सीएम योगी के विशेष निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने इन बच्चों की पढ़ाई का पूरा जिम्मा उठाया है:बच्चों के स्तर और दिव्यांगता के प्रकार को ध्यान में रखते हुए उनका नजदीकी प्राथमिक विद्यालय और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) के एकीकृत शिक्षा केंद्र में दाखिला कराया गया है।बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को निर्देश दिए गए हैं कि स्पेशल एजुकेटर के माध्यम से बच्चों को उपचारात्मक और समावेशी शिक्षा दी जाए।बच्चों के लिए मुफ्त यूनिफॉर्म, किताबें, स्टेशनरी और बैग की व्यवस्था प्रशासन द्वारा सुनिश्चित कर दी गई है।'अब नहीं मांगनी पड़ेगी भीख': परिवार ने नम आंखों से सीएम योगी का जताया आभारवर्षों तक उपेक्षा और गरीबी का दंश झेलने वाले रामकिशन पांडे और उनकी पत्नी के चेहरे पर अब आंसुओं की जगह सुकून और कृतज्ञता के भाव हैं। पक्के मकान की चाबी और व्हीलचेयर हाथ में लेते हुए माता-पिता भावुक हो गए। उन्होंने कहा, हम तो यह मान चुके थे कि हमारे बच्चों की जिंदगी इसी कीचड़ और पन्नी के नीचे घिसटते हुए बीत जाएगी। गरीबी ने ऐसा तोड़ा था कि हाथ फैलाने की नौबत आ चुकी थी। लेकिन महाराज जी (सीएम योगी) हमारे लिए भगवान बनकर आए हैं। उन्होंने एक झटके में हमें सिर पर छत दे दी, बच्चों को व्हीलचेयर और पेंशन दिला दी। अब हमारे बच्चे सम्मान के साथ जी सकेंगे और पढ़ सकेंगे। हम जीवन भर सरकार के इस उपकार को नहीं भूल सकते।दिव्यांगजनों और गरीबों के लिए संवेदनशील प्रशासन की नई मिसालबस्ती का यह मामला इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि जब शासन की नीयत साफ और नेतृत्व संवेदनशील हो, तो व्यवस्था की लालफीताशाही टूट जाती है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दिव्यांग पेंशन को बढ़ाकर ₹1,000 प्रति माह करना, कृत्रिम अंग और मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल का मुफ्त वितरण और आवास योजनाओं में दिव्यांगों को प्राथमिकता देना जैसे कदम धरातल पर बदलाव ला रहे हैं। बस्ती के इस परिवार को मिला यह बहुआयामी संबल यह स्पष्ट संदेश देता है कि अंतिम पायदान पर खड़े सबसे लाचार व्यक्ति की पुकार भी आज सरकार के कानों तक सीधे पहुंच रही है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की ब्रिटेन यात्रा के दौरान लंदन की मशहूर 'द शार्ड' (The Shard) इमारत के पास सुरक्षा कारणों से एक बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। मंगलवार को यूके की सबसे ऊंची इमारत के बाहर अभिनेता से नेता बने विजय की एक झलक पाने के लिए सैकड़ों प्रशंसक और समर्थक घंटों इंतज़ार करते रहे, लेकिन पुलिस और स्थानीय अधिकारियों की ओर से सुरक्षा मंज़ूरी न मिलने के कारण आयोजकों को अंतिम समय में कार्यक्रम रद्द करने की घोषणा करनी पड़ी। पुलिस ने भीड़ की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी, जिससे सैकड़ों समर्थक निराश हो गए। यूके की सबसे ऊंची इमारत 'द शार्ड' के बाहर प्रशंसक इस उम्मीद में जमा हुए थे कि वे इस यूरोपीय देश की यात्रा के दौरान अभिनेता-राजनेता की एक झलक पा सकेंगे। कई लोग घंटों से इंतज़ार कर रहे थे, तभी आयोजकों ने घोषणा की कि कार्यक्रम नहीं होगा। लाउडस्पीकर के ज़रिए भीड़ को संबोधित करते हुए विजय की टीम के एक सदस्य ने कहा कि सुरक्षा कारणों से ज़रूरी मंज़ूरी न मिल पाने के कारण कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। इस घोषणा से समर्थकों में निराशा फैल गई; इनमें से कुछ लोग लंबी दूरी तय करके आए थे और दिन का ज़्यादातर समय कार्यक्रम स्थल के बाहर बिताया था। कार्यक्रम रद्द होने के बाद PTI ने एक प्रशंसक के हवाले से कहा, मुझे लगता है कि यह सही है, लेकिन ये सभी लोग इंतज़ार कर रहे थे। तमिलनाडु में जैसी भीड़ दिखती है, यह वैसी भीड़ नहीं है। यह प्रशंसक अभिनेता-राजनेता के होटल के बाहर घंटों से इंतज़ार कर रहा था। विजय अभी यूके में हैं और तमिलनाडु सरकार के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। यह प्रतिनिधिमंडल निवेश आकर्षित करने के मिशन पर है, जिसका मकसद राज्य में वैश्विक निवेशकों को लाना है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने यात्रा के दौरान कई समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए, जिससे लगभग 12,300 करोड़ रुपये का प्रस्तावित निवेश आएगा। अधिकारियों ने कहा कि इन समझौतों से तमिलनाडु को एशिया में एक प्रमुख एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी हब बनने में मदद मिलने की उम्मीद है और इससे 9,400 से ज़्यादा हाई-वैल्यू वाली नौकरियां पैदा हो सकती हैं। उम्मीद है कि विजय अपनी यूके यात्रा पूरी करके बुधवार को भारत लौट आएंगे। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
यूपीआई करने पर आपको चार्ज देना होगा या नहीं? समझिए MDR का पूरा सिस्टम
15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ यूपीआई P2M पेमेंट पर MDR लागू होगा। जानिए MDR क्या है, 0.4 फीसदी शुल्क कौन देगा और क्या ग्राहक को यूपीआई पेमेंट पर चार्ज देना होगा।
दुकान पर लगे QR से मिला ₹1 लाख UPI पेमेंट, तो मर्चेंट पर लगेगा MDR?
Zero MDR On These Merchants: सरकार ने 2000 रुपये से ज्यादा के UPI लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर को लेकर तस्वीर साफ कर दी गई है, लेकिन कुछ व्यापारियों को जीरो एमडीआर की राहत भी दी है.
थाईलैंड में गणेश जी को मोदक नहीं, चढ़ता है बोबा टी, जानें अनोखी परंपरा
थाईलैंड में भगवान गणेश को मोदक या लड्डू की जगह बोबा टी चढ़ाने का अनोखा चलन सामने आया है. बैंकॉक के एक गणेश मंदिर में भक्त मनोकामना पूरी होने पर बोबा टी चढ़ाते हैं. सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें और वीडियो खूब चर्चा में हैं.
पटना में श्राद्ध का भोज खाने के बाद 20 से ज्यादा लोग बीमार
पटना के बिहटा में एक श्राद्ध भोज के बाद कुछ ऐसा हुआ कि गांव में अचानक अफरा-तफरी मच गई. लोग खाना खाकर घर पहुंचे ही थे कि किसी को दस्त की शिकायत होने लगी, तो किसी की तबीयत फूड पॉइजनिंग जैसे लक्षणों के साथ बिगड़ गई. देखते ही देखते 20 से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए. इनमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे.
भारत सरकार के 'उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय' (Ministry of Consumer Affairs, Food and Public Distribution) के अंतर्गत आने वाले उपभोक्ता मामले विभाग (Department of Consumer Affairs - DoCA) ने योग्य, ऊर्जावान और प्रतिभाशाली युवाओं के लिए विभिन्न विशेषज्ञ पदों पर सीधी भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है। नई दिल्ली स्थित कृषि भवन और शास्त्री भवन में केंद्र सरकार के सर्वोच्च प्रशासनिक तंत्र के साथ काम करने की चाह रखने वाले प्रोफेशनल्स के लिए यह एक असाधारण अवसर है। मंत्रालय इस भर्ती अभियान के जरिए यंग प्रोफेशनल्स (Young Professionals) और लीगल/टेक्निकल कंसल्टेंट्स (Consultants) के पदों को भरने जा रहा है। चयनित उम्मीदवारों को 70,000 रुपये प्रति माह तक का समेकित मानदेय (Consolidated Monthly Remuneration) प्रदान किया जाएगा। इस भर्ती की सबसे खास बात यह है कि इसके लिए किसी कठिन लिखित परीक्षा से गुजरने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता, कार्यानुभव और व्यक्तिगत साक्षात्कार (Interview) के आधार पर मेरिट तैयार की जाएगी। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 25 सितंबर 2026 तय की गई है।पद, जिम्मेदारियां और वेतनमान: हर महीने ₹70,000 तक का आकर्षक पैकेजमंत्रालय द्वारा जारी विस्तृत विज्ञापन के अनुसार, इन पदों को संविदा (Contractual Basis) के आधार पर शुरुआती 1 वर्ष के लिए भरा जाएगा, जिसे उम्मीदवार के उत्कृष्ट प्रदर्शन और मंत्रालय की प्रशासनिक आवश्यकताओं के आधार पर आगे 3 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है।पदों का वर्गीकरण और देय वेतनमान इस प्रकार निर्धारित किया गया है:यंग प्रोफेशनल (Young Professional - General/Legal/IT): चयनित उम्मीदवारों को ₹60,000 से लेकर ₹70,000 प्रति माह का फिक्स्ड मानदेय दिया जाएगा।कंसल्टेंट (Consultant / Research Associate): अनुभव और विशेषज्ञता के आधार पर ₹70,000 या उससे अधिक का मासिक पारिश्रमिक निर्धारित किया जाएगा।अतिरिक्त सुविधाएं: संविदा पद होने के कारण इस पर नियमित सरकारी कर्मचारियों की तरह महंगाई भत्ता (DA) या मकान किराया भत्ता (HRA) अलग से देय नहीं होगा, लेकिन यह ₹70,000 का समेकित पैकेज टैक्स नियमों के तहत सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। इसके अलावा कर्मचारियों को वर्ष में नियमानुसार आकस्मिक अवकाश (Casual Leave) और सरकारी छुट्टियों का पूरा लाभ मिलेगा।कौन कर सकता है आवेदन? शैक्षणिक योग्यता और कार्यानुभव की अनिवार्य शर्तेंउपभोक्ता मंत्रालय में इन पदों पर नियुक्ति के लिए विभिन्न विषयों के स्नातकोत्तर (Post Graduate) और पेशेवर डिग्री धारकों को आमंत्रित किया गया है:विधि विशेषज्ञ (Legal Stream): किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम 60% अंकों के साथ एलएलबी (LL.B) या एलएलएम (LL.M) की डिग्री। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 (Consumer Protection Act, 2019), राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग (NCDRC) और राज्य आयोगों के विधिक मामलों की समझ रखने वाले वकीलों या रिसर्चर्स को प्राथमिकता मिलेगी। संबंधित क्षेत्र में कम से कम 1 से 2 वर्ष का वकालत या विधिक शोध का अनुभव होना चाहिए।पब्लिक पॉलिसी एवं अर्थशास्त्र (Economics/Policy Stream): अर्थशास्त्र (Economics), सांख्यिकी (Statistics), पब्लिक पॉलिसी, कॉमर्स, या बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) में परास्नातक डिग्री। कम से कम 1 वर्ष का रिसर्च या प्रोजेक्ट मैनेजमेंट का अनुभव अनिवार्य है।डेटा एनालिटिक्स एवं आईटी (IT / Data Analytics): बीई/बीटेक (कंप्यूटर साइंस/आईटी) या एमसीए (MCA) डिग्री धारक, जिन्हें बिग डेटा, ई-कॉमर्स एल्गोरिदम, नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) डेटाबेस और साइबर कम्प्लायंस की समझ हो।आयु सीमा और पात्रता की प्रमुख शर्तेंमंत्रालय ने इन पदों के लिए व्यावहारिक और पारदर्शी आयु सीमा तय की है:आयु सीमा: आवेदन करने वाले अभ्यर्थी की अधिकतम आयु सीमा आवेदन की अंतिम तिथि (25 सितंबर 2026) तक 32 वर्ष से 35 वर्ष (पद के वर्गीकरण के आधार पर) के बीच होनी चाहिए।नागरिकता: उम्मीदवार का भारत का नागरिक होना अनिवार्य है।भाषा ज्ञान: हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उत्कृष्ट लिखित और मौखिक संवाद क्षमता (Drafting and Communication Skills) होना आवश्यक है, क्योंकि कार्य के दौरान कैबिनेट नोट्स, संसद के प्रश्नों के उत्तर, प्रेस विज्ञप्तियां और विधिक याचिकाओं का ड्राफ्ट तैयार करना होगा।भर्ती से जुड़े मुख्य विवरण: एक नजर में त्वरित सारांशअभ्यर्थियों की त्वरित समझ के लिए भर्ती से जुड़ी सभी प्रमुख जानकारियों का सारणीबद्ध विवरण:भर्ती का मुख्य विवरणआधिकारिक दिशा-निर्देशभर्ती संस्थाउपभोक्ता मामले विभाग, भारत सरकारपद का नामयंग प्रोफेशनल / लीगल एवं पॉलिसी कंसल्टेंटपदों की प्रकृतिसंविदा आधारित (Contractual)मासिक मानदेय (Salary)₹60,000 से ₹70,000 प्रति माह (समेकित)शैक्षणिक योग्यताLL.B / LL.M / MA (Economics) / MBA / B.Tech / MCAवांछित अनुभवसंबंधित क्षेत्र में न्यूनतम 1 से 2 वर्ष का कार्यानुभवअधिकतम आयु सीमा32 से 35 वर्ष (25 सितंबर 2026 के आधार पर)आवेदन की अंतिम तिथि25 सितंबर 2026 (सायं 05:00 बजे तक)आवेदन का तरीकाआधिकारिक पोर्टल / निर्धारित ईमेल द्वारा ऑनलाइनचयन प्रक्रियाशॉर्टलिस्टिंग एवं व्यक्तिगत साक्षात्कार (No Written Exam)उपभोक्ता मंत्रालय में क्या होगा कार्य? 'डार्क पैटर्न्स' से लेकर CCPA के मामलों में होगी भागीदारीइस पद पर चयनित होने वाले युवाओं को देश की उपभोक्ता सुरक्षा नीति के केंद्र में काम करने का अवसर मिलेगा। वर्तमान में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर भ्रामक विज्ञापनों, कैब एग्रीगेटर्स की मनमानी, ऑनलाइन 'डार्क पैटर्न्स' (Dark Patterns), कोचिंग संस्थानों के झूठे दावों और नकली हॉलमार्किंग के खिलाफ बड़े पैमाने पर कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई कर रहा है।चयनित यंग प्रोफेशनल्स के मुख्य कार्यों में शामिल होंगे:शिकायतों का विश्लेषण: राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH 1915) पर आने वाली लाखों शिकायतों के डेटा का विश्लेषण करना और उपभोक्ता-विरोधी कंपनियों की पहचान करना।पॉलिसी ड्राफ्टिंग: उपभोक्ता संरक्षण के नए नियमों, ई-कॉमर्स गाइडलाइंस और ग्रीनवाशिंग (Greenwashing) से निपटने के लिए नई नियमावलियों का मसौदा तैयार करने में वरिष्ठ अधिकारियों की सहायता करना।विधिक मामलों का प्रबंधन: सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट्स और एनसीडीआरसी में मंत्रालय से जुड़े मुकदमों के लिए ब्रीफ और काउंटर-एफिडेविट तैयार करना।25 सितंबर तक कैसे करें आवेदन? जानिए स्टेप-बाय-स्टेप ऑनलाइन प्रक्रियाइच्छुक और योग्य उम्मीदवार 25 सितंबर 2026 तक नीचे दिए गए चरणों का पालन करके अपना आवेदन जमा कर सकते हैं:आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: उपभोक्ता मामले विभाग के अधिकृत वेब पोर्टल consumeraffairs.nic.in पर जाएं।नोटिफिकेशन डाउनलोड करें: वेबसाइट के 'Vacancies / Circulars' सेक्शन में जाएं और Engagement of Young Professionals / Consultants in Department of Consumer Affairs विज्ञापन को डाउनलोड करके ध्यानपूर्वक पढ़ें।आवेदन प्रपत्र (Application Format) भरें: विज्ञापन के साथ दिए गए निर्धारित प्रोफार्मा (Annexure) को डाउनलोड करें। उसमें अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता, अंकों का प्रतिशत और कार्यानुभव का संपूर्ण ब्योरा त्रुटिहीन भरें।जरूरी दस्तावेज संलग्न करें: अपने 10वीं, 12वीं, स्नातक, परास्नातक/लॉ डिग्री के प्रमाण पत्र, कार्यानुभव प्रमाण पत्र, अद्यतन बायोडाटा (Updated CV) और पहचान पत्र (आधार कार्ड) की स्व-प्रमाणित प्रतियों का एक सिंगल पीडीएफ (PDF) फाइल तैयार करें।ऑनलाइन सबमिशन / ईमेल प्रेषण: निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार पोर्टल के ऑनलाइन एप्लिकेशन लिंक के जरिए फॉर्म सबमिट करें या अधिसूचना में दिए गए अधिकृत ईमेल पते पर विषय (Subject) में Application for the Post of Young Professional - [Your Name] लिखकर 25 सितंबर 2026 की शाम 5:00 बजे से पहले भेज दें।शॉर्टलिस्टिंग और चयन की रणनीति: सीवी तैयार करते समय इन 3 बातों का रखें ध्यानचूंकि इस भर्ती में लिखित परीक्षा नहीं है, इसलिए पहले चरण में आपका बायोडाटा (CV) ही आपका सबसे बड़ा हथियार होगा। मंत्रालय की स्क्रीनिंग कमेटी प्राप्त आवेदनों में से उम्मीदवारों के शैक्षणिक रिकॉर्ड और प्रासंगिक अनुभव के आधार पर मेरिट लिस्ट बनाएगी।उपभोक्ता संरक्षण और रिसर्च पर फोकस: यदि आपने अपने कॉलेज या पिछले काम के दौरान उपभोक्ता अधिकारों, सीसीपीए मामलों, डेटा प्राइवेसी या विधिक ड्राफ्टिंग पर काम किया है, तो उसे अपने सीवी में बोल्ड अक्षरों में सबसे ऊपर हाइलाइट करें।स्पष्ट कार्यानुभव प्रमाण पत्र: केवल ऑफर लेटर लगाना पर्याप्त नहीं है; पूर्व नियोक्ता से प्राप्त कार्यमुक्ति (Relieving) या अनुभव प्रमाण पत्र संलग्न करें जिसमें आपकी कार्य अवधि साफ दर्ज हो।समयसीमा का पालन: 25 सितंबर 2026 के बाद प्राप्त होने वाले या अधूरे भरे गए आवेदनों को बिना किसी सूचना के सीधे निरस्त कर दिया जाएगा, इसलिए अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन प्रक्रिया संपन्न करें।
सनातन हिंदू धर्म में पितृ पक्ष यानी महालया का काल पूर्वजों, पितरों और दिवंगत आत्माओं के प्रति कृतज्ञता, श्रद्धा और तर्पण अर्पित करने का सबसे पवित्र और संवेदनशील समय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष के इन 16 दिनों के दौरान पितृलोक के द्वार खुलते हैं और हमारे पूर्वज सूक्ष्म रूप में अपने वंशजों के घर पधारते हैं ताकि वे अन्न, जल और श्राद्ध ग्रहण करके तृप्त हो सकें। साल 2026 में पितृ पक्ष का शुभारंभ शनिवार, 26 सितंबर 2026 को भाद्रपद पूर्णिमा के श्राद्ध से हो रहा है और इसका समापन शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को सर्वपितृ अमावस्या (महालया अमावस्या) के साथ होगा। उत्तर प्रदेश के तीर्थराज प्रयागराज, काशी (वाराणसी), गयाजी (बिहार), अयोध्या, नैमिषारण्य से लेकर दिल्ली, लखनऊ, कानपुर और देश भर के प्रमुख धार्मिक घाटों पर लाखों श्रद्धालु अपने पितरों के निमित्त पिंडदान और तर्पण करेंगे। गरुड़ पुराण और निर्णय सिंधु के अनुसार, जो व्यक्ति अपने पितरों के लिए विधिवत श्राद्ध और दान-पुण्य करता है, उसके कुल में दीर्घायु, स्वास्थ्य, संतान सुख और आर्थिक समृद्धि का वास होता है और कुंडली का गंभीर 'पितृ दोष' हमेशा के लिए शांत हो जाता है।पितृ पक्ष 2026 की संपूर्ण तिथि कैलेंडर: पूर्णिमा से सर्वपितृ अमावस्या तक श्राद्ध की तारीखेंहिंदू पंचांग की खगोलीय गणना के अनुसार, व्यक्ति की मृत्यु जिस तिथि (चाहे वह शुक्ल पक्ष की हो या कृष्ण पक्ष की) को हुई होती है, पितृ पक्ष के कृष्ण पक्ष की उसी संबंधित तिथि पर उसका वार्षिक पार्वण श्राद्ध किया जाता है।वर्ष 2026 के लिए द्रिक पंचांग के आधार पर सभी 16 श्राद्ध तिथियों का प्रामाणिक विवरण इस प्रकार है:श्राद्ध की तिथि (Tithi)निर्धारित दिनांक (2026)दिन (Day)किस निमित्त विशेष रूप से मान्यपूर्णिमा श्राद्ध26 सितंबर 2026शनिवारभाद्रपद पूर्णिमा को दिवंगत हुए पूर्वजों के लिएप्रतिपदा श्राद्ध27 सितंबर 2026रविवारप्रतिपदा तिथि वाले व नाना-नानी के श्राद्ध हेतुद्वितीया श्राद्ध28 सितंबर 2026सोमवारद्वितीया तिथि को देहावसान होने वाले पितरों के लिएतृतीया श्राद्ध / महा भरणी29 सितंबर 2026मंगलवारतृतीया तिथि एवं महा भरणी नक्षत्र का विशेष श्राद्धचतुर्थी श्राद्ध30 सितंबर 2026बुधवारचतुर्थी तिथि के पूर्वजों एवं पंचमी संयोगपंचमी / षष्ठी श्राद्ध01 अक्टूबर 2026गुरुवारपंचमी व षष्ठी तिथि पर शांत हुए परिजनों का श्राद्धसप्तमी श्राद्ध02 अक्टूबर 2026शुक्रवारसप्तमी तिथि को दिवंगत हुए पूर्वजों का तर्पणअष्टमी श्राद्ध03 अक्टूबर 2026शनिवारअष्टमी तिथि के पूर्वज एवं पिता पक्ष का श्राद्धनवमी श्राद्ध (मातृ नवमी)04 अक्टूबर 2026रविवारमाता, दादी, नानी व परिवार की सुहागिन महिलाओं हेतुदशमी श्राद्ध05 अक्टूबर 2026सोमवारदशमी तिथि को दिवंगत हुए पितरों के लिएएकादशी श्राद्ध06 अक्टूबर 2026मंगलवारइंदिरा एकादशी व्रत एवं एकादशी तिथि श्राद्धद्वादशी श्राद्ध (मघा श्राद्ध)07 अक्टूबर 2026बुधवारसंन्यासियों, यतियों, साधु-संतों व मघा नक्षत्र श्राद्धत्रयोदशी श्राद्ध08 अक्टूबर 2026गुरुवारत्रयोदशी तिथि के पूर्वजों व मृत बच्चों के निमित्तचतुर्दशी श्राद्ध (घायल श्राद्ध)09 अक्टूबर 2026शुक्रवारदुर्घटना, अस्त्र-शस्त्र, विष या अकाल मृत्यु वाले पितरों का श्राद्धसर्वपितृ अमावस्या (महालया)10 अक्टूबर 2026शनिवारसभी ज्ञात-अज्ञात पितरों, बिसरे पूर्वजों का सामूहिक श्राद्धमातृ नवमी से लेकर चतुर्दशी तक: जानिए किन तिथियों पर किन पूर्वजों का किया जाता है श्राद्धपितृ पक्ष के 16 दिनों में कुछ विशेष तिथियों का अत्यधिक आध्यात्मिक और शास्त्रीय महत्व होता है, जिन्हें हर परिवार को अवश्य ध्यान में रखना चाहिए:मातृ नवमी या अविधवा नवमी (4 अक्टूबर 2026): आश्विन कृष्ण नवमी को 'मातृ नवमी' कहा जाता है। यह दिन परिवार की उन दिवंगत माताओं, दादियों, नानियों और सुहागिन महिलाओं के श्राद्ध के लिए आरक्षित होता है, जिनकी मृत्यु उनके पति के जीवित रहते हुई थी। यदि किसी को अपनी माता की देहावसान तिथि ठीक से याद न हो, तो वे मातृ नवमी के दिन उनका श्राद्ध और ब्राह्मण-भोज कराकर उनका पूर्ण आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।द्वादशी श्राद्ध (7 अक्टूबर 2026): द्वादशी तिथि का श्राद्ध विशेष रूप से उन दिवंगत आत्माओं के लिए किया जाता है जिन्होंने अपने जीवनकाल में संन्यास ग्रहण कर लिया था, या जो साधु, तपस्वी या विरक्त थे।चतुर्दशी श्राद्ध (9 अक्टूबर 2026): इसे 'घायल चतुर्दशी' या 'शस्त्र हत श्राद्ध' भी कहते हैं। जिन परिजनों या पूर्वजों की मृत्यु किसी सड़क दुर्घटना, आगजनी, डूबने, विषपान, हथियार के प्रहार, युद्ध या किसी अप्रत्याशित अकाल त्रासदी में हुई हो, उनका श्राद्ध केवल और केवल चतुर्दशी तिथि को ही किया जाता है। सामान्य प्राकृतिक मृत्यु वाले पूर्वजों का श्राद्ध चतुर्दशी को करने का निषेध है।सर्वपितृ अमावस्या / महालया (10 अक्टूबर 2026): यह पितृ पक्ष का सबसे प्रमुख और अंतिम दिन होता है। यदि आप अपने किसी पूर्वज की मृत्यु तिथि भूल गए हैं, या पूरे पखवाड़े में किसी कारणवश श्राद्ध नहीं कर पाए हैं, तो सर्वपितृ अमावस्या के दिन तर्पण और पिंडदान करने से कुल के सभी ज्ञात और अज्ञात पितरों को मोक्ष मिल जाता है। इस दिन श्राद्ध करने के बाद पितर संतुष्ट होकर अपने लोक लौट जाते हैं और अगले ही दिन यानी 11 अक्टूबर 2026 से शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो जाता है।श्राद्ध और तर्पण का सर्वश्रेष्ठ समय: कुतुप, रौहिण और अपराह्न काल का क्या है महत्व?अक्सर लोग अनजाने में प्रातःकाल पूजा के समय ही श्राद्ध करने की भूल कर बैठते हैं, जबकि शास्त्रों में पितृ कर्म के लिए दोपहर का समय ही निर्धारित किया गया है। मत्स्य पुराण और मनुस्मृति के अनुसार, देवताओं की पूजा प्रातःकाल और पितरों का तर्पण दोपहर के समय फलदायी होता है।पितृ पक्ष में श्राद्ध कर्म संपन्न करने के लिए दिन को तीन प्रमुख मुहूर्तों में बांटा गया है:कुतुप मुहूर्त (Kutup Muhurat): दोपहर लगभग 11:45 AM से 12:35 PM तक। दिन का आठवां मुहूर्त कुतुप काल कहलाता है, जो पितरों को तर्पण देने के लिए सर्वोत्कृष्ट माना गया है।रौहिण मुहूर्त (Rohina Muhurat): दोपहर 12:35 PM से 01:25 PM तक। यह दिन का नौवां मुहूर्त है, जिसमें दिया गया जल पितरों को सीधे तृप्ति प्रदान करता है।अपराह्न काल (Aparahna Kaal): दोपहर 01:25 PM से 03:45 PM तक। शास्त्र सम्मत विधान के अनुसार अपराह्न काल के समाप्त होने से पहले श्राद्ध, पिंडदान और ब्राह्मण भोजन का कार्य संपन्न हो जाना चाहिए।याद रखें कि कभी भी सूर्यास्त के बाद, रात के समय या ब्रह्म मुहूर्त में श्राद्ध कर्म नहीं किया जाता; ऐसा करने से पितर अतृप्त रह जाते हैं।पंचबलि भोग और तर्पण विधि: गाय, कौए, कुत्ते और चींटियों को ग्रास देना क्यों है अनिवार्य?श्राद्ध के दिन केवल ब्राह्मण को भोजन कराना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि प्रकृति के विभिन्न जीवों के माध्यम से पितरों तक अन्न का अंश पहुंचाने के लिए 'पंचबलि' (Panchbali) का विधान सबसे अनिवार्य माना गया है। भोजन तैयार होने के बाद, पत्तल या केले के पत्ते पर 5 अलग-अलग ग्रास निकाले जाते हैं:गोबलि (गाय के लिए): पहली थाली गाय माता के लिए निकाली जाती है, क्योंकि गाय में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास होता है और वह समस्त पितृ ऋणों को हरने वाली मानी जाती है।काकबलि (कौए के लिए): दूसरा ग्रास कौए को दिया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कौआ यमराज का दूत माना जाता है; कौए द्वारा भोजन ग्रहण करने का अर्थ है कि पितरों तक आपका भोग सीधे पहुंच गया है।श्वानबलि (कुत्ते के लिए): तीसरा ग्रास कुत्ते को खिलाया जाता है, जो भैरव और यम के मार्ग का रक्षक माना जाता है।देवादिबलि (देवताओं के लिए): चौथा भाग जल या अग्नि में समर्पित किया जाता है, जो समस्त दिशाओं के देवताओं के सम्मान में होता है।पिपीलिकादिबलि (चींटियों के लिए): पांचवां ग्रास शक्कर और आटे के रूप में चींटियों व छोटे कीट-पतंगों को उनके बिलों के पास डाला जाता है।इन पांचों जीवों को भोग लगाने के बाद ही सात्विक भोजन से ब्राह्मण को भोजन कराया जाता है और सामर्थ्यानुसार वस्त्र, दक्षिणा व तिल-पात्र का दान देकर उनका चरण स्पर्श किया जाता है। तर्पण करते समय काले तिल (Black Sesame), जौ, कुश की पवित्री और गंगाजल का प्रयोग अनिवार्य होता है।पितृ पक्ष में क्या करें और क्या न करें: मांगलिक कार्यों पर रोक और सात्विक नियमों का पालनपितृ पक्ष पूर्वजों के स्मरण और वैराग्य का काल है, इसलिए इस 16 दिनों की अवधि में कुछ कड़े धार्मिक नियमों का पालन करना अनिवार्य बताया गया है:मांगलिक कार्यों पर पूर्ण विराम: पितृ पक्ष के दौरान विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन संस्कार, नए मकान की नींव डालना या नया वाहन खरीदना जैसे मांगलिक और उत्सवधर्मी कार्य पूरी तरह वर्जित माने जाते हैं।सात्विक खान-पान: इस अवधि में घर में प्याज, लहसुन, मांस, मछली, मदिरा और बासी भोजन का पूरी तरह त्याग करना चाहिए। चना, मसूर की दाल, सरसों का साग, बैंगन और जीरा का प्रयोग श्राद्ध के भोजन में वर्जित बताया गया है।बाल और दाढ़ी काटने से परहेज: श्राद्ध करने वाले मुख्य कर्ता (पुत्र या परिजन) को इन 16 दिनों तक दाढ़ी, बाल या नाखून काटने से बचना चाहिए और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।अतिथि और याचक का अनादर न करें: इन दिनों घर के दरवाजे पर आने वाले किसी भी साधु, भिक्षुक, निर्धन या पशु-पक्षी को खाली हाथ न लौटाएं; मान्यता है कि पितर किसी भी भेष में आपकी परीक्षा लेने आ सकते हैं।लोहे के बर्तनों से बचें: श्राद्ध का भोजन पकाने या परोसने के लिए लोहे या स्टील के बर्तनों के बजाय तांबे, पीतल, चांदी या पत्तलों का ही उपयोग करना शास्त्र सम्मत होता है।यदि आप इन 16 दिनों में सच्चे मन, पवित्रता और श्रद्धा से अपने दिवंगत माता-पिता और पूर्वजों का स्मरण करते हुए जल का एक अंजलि तर्पण भी अर्पित करते हैं, तो पितरों का आशीर्वाद पूरे परिवार को संकटों से बचाकर खुशहाली और वंश वृद्धि का वरदान देता है।
'AI किसी सुपरपावर की बपौती नहीं!', चीन की अमेरिका को खरी-खरी
चीन के सरकारी अखबार पीपुल्स डेली ने कहा कि एआई किसी बड़ी ताकत का एकाधिकार नहीं है और अमेरिका को चीन के साथ मिलकर एआई के खतरों से निपटना चाहिए. अमेरिका और चीन दोनों एआई के क्षेत्र में सबसे आगे हैं, लेकिन नीतियों को लेकर दोनों में टकराव चल रहा है.
सीआरपीएफ: ‘स्पंदन’ के जरिए करीब आ रहे कुकी-नगा युवा, कांगपोकपी में कबड्डी और मैराथन; एक मंच पर आए दोनों समुदाय
सलमान ने शो से निकाला था बाहर, 10 साल बाद कमबैक करेगी हसीना?
सलमान खान के गुस्से का शिकार होकर 'बिग बॉस 10' से बाहर हुईं प्रियंका जग्गा ने करीब 10 साल बाद अपने कमबैक को लेकर हिंट दिया है. क्या प्रियंका, वीरेंद्र सहवाग के रिएलिटी शो 'राइज एंड फॉल 2' में दिखेंगी?
कानपुर में सांड और आवारा कुत्तों के बाद पागल घोड़े का आतंक
कानपुर में सड़क पर घूम रहे घोड़े ने अचानक लोगों पर हमला कर दिया. घोड़े ने आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को काट लिया, जिनमें तीन का अस्पताल में इलाज चल रहा है. एक महिला की हालत गंभीर बताई गई है. पुलिस ने घोड़े को पकड़कर प्लांट में बंद कराया, लेकिन स्थानीय लोगों ने वहां पहुंचकर उसे पीट दिया. मौत की वजह पोस्टमार्टम से साफ होगी और मालिक की तलाश भी जारी है.
पेट्रोल, रेलवे टिकट और बिल पेमेंट करने वालों की बल्ले-बल्ले! UPI के नए MDR नियमों में मिली बड़ी राहत
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हूतियों ने मक्का में काबा को बनाया निशाना? सऊदी ने बताई 'रेड लाइन'
सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि हूतियों का एक ड्रोन मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में दाखिल होने से पहले ही मार गिराया गया. प्रवक्ता तुर्की अल मल्की ने इसे मक्का को निशाना बनाने की दूसरी कोशिश बताते हुए कहा कि हरमैन शरीफैन और जायरीन की सुरक्षा रेड line है.
प्यार, कनेक्शन या सिर्फ Grey Area? ऐसे पहचानें Situationship के साइन्स
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हाल की में हुई एक स्टडी में पाया गया है कि हाल के दशकों में हिमालय के ग्लेशियरों के पिघलने की रफ्तार में तेजी आई है. हिमालय भारत की GDP में 20% से ज्यादा का योगदान देता है.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्कूल के साथी असगर अली वोरा को भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता की कंस्ट्रक्शन कंपनी से उनकी जमीन वापस मिल गई है।
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हूती हमले के बीच साउथ यमन से भाग रहे लोग, 1 लाख लोगों के विस्थापित होने का खतरा
यमन में हूती विद्रोहियों के हमले तेज होने से 1 लाख से अधिक लोगों के विस्थापित होने का खतरी बढ़ गया है. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, सुरक्षित स्थान की तलाश में लोग जिबूती तक गए हैं. संयुक्त राष्ट्र ने 9 मिलियन डॉलर की राहत राशि जारी की है.
मिड-डे मील पर बंगाल सरकार का यू-टर्न, 4 जिलों में अक्षय पात्र की एंट्री पर लगाई रोक
बंगाल सरकार ने चार जिलों के स्कूलों में मिड-डे मील उपलब्ध कराने के लिए अक्षय पात्र फाउंडेशन को दी गई मंजूरी करीब तीन हफ्ते बाद वापस ले ली। हावड़ा, पुरुलिया, उत्तर 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर में इस फैसले का असर पड़ेगा।

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