राम मंदिर चढ़ावा विवाद की SIT जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है। रिपोर्ट के बाद कई सेवादारों पर कार्रवाई, दान गणना व्यवस्था में बदलाव और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर बड़े फैसलों के संकेत मिले हैं।
एक दौर था जब भारत में मानसून के आगमन का मतलब होता था— बारिश के पानी से भरी गलियों में कागज़ की नावें तैराना, गरमा-गरम चाय की प्याली और पकौड़ों का लुत्फ उठाना। अधिकांश भारतीयों के लिए बारिश का मौसम किसी उत्सव से कम नहीं होता था। लेकिन वक्त के साथ यह दौर बदल चुका है। आज मानसून का नाम सुनते ही आम जनता से लेकर सरकार और नीति निर्माताओं (Policy Makers) के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच जाती हैं।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून का देरी से आना या कमजोर पड़ना अब सिर्फ किसानों और खेती-किसानी तक सीमित नहीं रह गया है। इसका सीधा असर देश में खाद्य पदार्थों की कीमतों (सब्जियां-राशन), बिजली के बिल, आम आदमी की आय, महंगाई दर (Inflation) और यहां तक कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नीतिगत फैसलों पर भी पड़ रहा है। वैज्ञानिकों ने बड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि प्रशांत महासागर में 'अल नीनो' (El Nio) की स्थिति तेजी से विकसित हो रही है, जो इस साल सूखे जैसे हालात पैदा कर सकती है।इस साल सामान्य से कम बारिश का अनुमान, 2015 के बाद सबसे कमजोर मानसून!पिछले एक दशक की बात करें तो भारत लगातार मौसम के बदलते मिजाज और घटती मानसूनी बारिश से जूझता रहा है। इस साल प्री-मानसून सीजन में चली भीषण लू (Heatwave) ने फसलों की पैदावार को पहले ही भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे बिजली ग्रिडों पर लोड बढ़ा है और रोजमर्रा की जिंदगी तनावपूर्ण हुई है।भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा पूर्वानुमान में देश के भीतर इस वर्ष महज 90% वर्षा होने का अनुमान लगाया है। यदि यह अनुमान सच साबित होता है, तो देश पिछले तीन वर्षों में पहली बार 'सामान्य से कम' मानसून देखेगा। साथ ही, यह साल 2015 के बाद से अब तक का सबसे कमजोर मानसून सीजन साबित हो सकता है।आखिर 'अल नीनो' क्या है, जिससे कांप रही है पूरी दुनिया?वैज्ञानिकों के अनुसार, अल नीनो (El Nio) एक जटिल वैश्विक प्राकृतिक जलवायु घटना है। इसके तहत प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से की सतह का पानी सामान्य के मुकाबले बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है।सामान्य स्थिति: आम दिनों में समुद्री हवाएं गर्म पानी को भाप बनाकर पश्चिम की ओर यानी एशिया (भारत सहित) और ऑस्ट्रेलिया की तरफ धकेलती हैं, जिससे हमारे यहाँ अच्छी बारिश होती है।अल नीनो की स्थिति: अल नीनो के सक्रिय होने पर ये मौसमी हवाएं पूरी तरह कमजोर हो जाती हैं या अपना रास्ता बदल लेती हैं। इसके कारण गर्म पानी से बनने वाली भाप एशिया की तरफ आने के बजाय पूर्व की ओर (अमेरिका की तरफ) बढ़ जाती है। इससे पूरा वैश्विक वायुमंडलीय परिसंचरण (Atmospheric Circulation) बिगड़ जाता है।अल नीनो का इतिहास: यह चक्र हर 2 से 7 साल में एक बार सक्रिय होता है और लगभग 9 से 12 महीने तक पर्यावरण को प्रभावित करता है। भारत में इसका इतिहास हमेशा से कमजोर मानसून और सूखे से जुड़ा रहा है। साल 1950 के बाद से देश ने कुल 16 अल नीनो वर्ष देखे हैं, जिनमें से 7 वर्षों में देश को भीषण सूखे और बेहद कम बारिश का सामना करना पड़ा था।महाराष्ट्र में अटका मानसून: सामान्य से 41% कम बरसे बादलजून का महीना खत्म होने को है, लेकिन मानसून की रफ्तार बेहद सुस्त बनी हुई है। देश में प्रवेश करने के बाद मानसूनी हवाएं फिलहाल दक्षिण महाराष्ट्र के इलाकों में जाकर अटक गई हैं।आंकड़ों के मुताबिक, देश में 4 जून से 18 जून की अवधि के बीच महज 42.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि का सामान्य स्तर 72.2 मिमी होना चाहिए था। यानी देश में सामान्य से 41% कम बारिश हुई है। क्षेत्रवार कमी का आंकड़ा इस प्रकार है:क्षेत्रबारिश में आई गिरावट (%)मध्य भारत67% कम बारिशपूर्वी व उत्तर-पूर्वी भारत42% कम बारिशदक्षिण प्रायद्वीप22% कम बारिशउत्तर-पश्चिम भारत06% कम बारिशविश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने अनुमान लगाया है कि जून से अगस्त के बीच अल नीनो के सक्रिय रहने की संभावना 80% से 90% तक है। इसी को देखते हुए आईएमडी ने भी मानसूनी बारिश का ग्राफ 92% से घटाकर 90% कर दिया है। इस कमजोर मानसून के कारण उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु समेत देश के 12 बड़े राज्य गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई और किसानों की आमदनी पर सीधा डेंट लगेगा।आसमान छू सकते हैं टमाटर और सब्जियों के दाम; चिंता में RBIकमजोर मानसून और लगातार बढ़ती लू का सबसे पहला और तीखा असर आपकी रसोई के बजट पर पड़ने वाला है। अत्यधिक गर्मी के कारण खेतों में टमाटर, हरी मिर्च और गोभी जैसी जरूरी सब्जियों का उत्पादन भारी मात्रा में घट गया है, जिससे मंडियों में इनकी आवक कम होने से कीमतें बढ़ने लगी हैं। सब्जियां, फल, खाद्य तेल और मसालों के दाम लगातार महंगे हो रहे हैं।'एसबीआई रिसर्च' (SBI Research) की एक रिपोर्ट के अनुसार, यदि अल नीनो का प्रकोप इसी तरह जारी रहा, तो आने वाले हफ्तों में टमाटर की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती हैं। देश में महंगाई की इस गंभीर स्थिति और अनिश्चितता को भांपते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए खुदरा मुद्रास्फीति (महंगाई दर) का अपना पुराना अनुमान 4.6% से बढ़ाकर 5.1% कर दिया है, जिसका सीधा मतलब है कि आने वाले दिनों में बाजार में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बेहद कम है।
अपना खुद का घर खरीदना हर इंसान के जीवन का सबसे बड़ा सपना होता है। इस सपने को पूरा करने में लोग अपने जीवनभर की जमा-पूंजी और बरसों की मेहनत लगा देते हैं। नया घर तय करते समय हम अक्सर उसके लुक, लोकेशन, बजट, इंटीरियर डिजाइन और दीवारों के रंग-रोगन पर तो बहुत ध्यान देते हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण पहलू को नजरअंदाज कर देते हैं— और वह है घर का वास्तु (Vastu Shastra)।हिंदू मान्यताओं और प्राचीन भारतीय विज्ञान के अनुसार, किसी भी मकान का वास्तु ही यह तय करता है कि उस चौखट के भीतर सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) का वास होगा या नकारात्मकता का। गलत वास्तु वाला घर आपकी तरक्की में रुकावट, गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं, आर्थिक तंगी और दांपत्य जीवन में मानसिक तनाव का कारण बन सकता है। इसलिए नया फ्लैट या मकान फाइनल करने से पहले इन 5 बुनियादी वास्तु नियमों को अच्छी तरह जांच लें।1. घर का मुख्य द्वार (Main Gate): खुशियों का प्रवेश द्वारवास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि यहीं से घर में ऊर्जा और भाग्य का प्रवेश होता है।सही दिशा: नया घर खरीदते समय ध्यान दें कि उसका मुख्य द्वार केवल उत्तर (North), पूर्व (East) या उत्तर-पूर्व (North-East) दिशा में ही होना चाहिए। इन दिशाओं को समृद्धि लाने वाला माना जाता है।इन बातों का रखें ख्याल: मुख्य द्वार के ठीक सामने कोई बड़ा पेड़, दीवार, अंधकार या बिजली का खंभा नहीं होना चाहिए। इसे 'द्वार वेध' या वास्तु दोष कहा जाता है, जो प्रगति को रोकता है। प्रवेश द्वार हमेशा साफ-सुथरा, हवादार और पर्याप्त रोशनी वाला होना चाहिए।2. ईशान कोण (North-East Direction) का खुलापन: देवताओं का स्थानघर की उत्तर-पूर्व दिशा को 'ईशान कोण' कहा जाता है। वास्तु में इस दिशा को साक्षात देवताओं और दिव्य शक्तियों का स्थान माना गया है।कैसा होना चाहिए यह हिस्सा: यह कोना हमेशा खुला-खुला, बेहद साफ और हल्का होना चाहिए। अगर मुमकिन हो, तो उत्तर-पूर्व मुखी (North-East Facing) प्रॉपर्टी को प्राथमिकता दें।भूलकर भी न हो ये चीजें: इस पवित्र दिशा में भारी निर्माण, कबाड़ रखने का स्टोर रूम या शौचालय (Toilet) बिल्कुल नहीं होना चाहिए। इस कोने में टॉयलेट होना सबसे गंभीर वास्तु दोष माना जाता है, जो परिवार के सदस्यों की सेहत और बुद्धि पर बुरा असर डालता है।3. पूजा घर (Mandir): मानसिक शांति का केंद्रएक आदर्श घर वही है जहाँ सुबह-शाम ईश्वर की आराधना हो और मन को असीम शांति मिले।सही स्थान: घर खरीदते समय उसके ले-आउट या नक्शे में यह जरूर देखें कि मंदिर या पूजा स्थल के लिए उत्तर-पूर्व दिशा में जगह दी गई है या नहीं।नियम: पूजा करते समय हमारा मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए, जो आध्यात्मिक उन्नति और मानसिक एकाग्रता के लिए सर्वोत्तम है।4. रसोई घर (Kitchen): अग्नि तत्व का संतुलनरसोई केवल खाना बनाने की जगह नहीं है, बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य और वित्तीय समृद्धि से जुड़ी होती है। वास्तु में इसे अग्नि देव का स्थान माना गया है।सही दिशा: किचन के लिए घर की दक्षिण-पूर्व (South-East) दिशा यानी आग्नेय कोण को सबसे उत्तम माना गया है।वैकल्पिक दिशा: यदि आग्नेय कोण में जगह उपलब्ध न हो, तो रसोई के लिए दूसरी सबसे बेहतर दिशा उत्तर-पश्चिम (North-West) यानी वायव्य कोण है। घर खरीदते समय ध्यान रखें कि किचन कभी भी टॉयलेट के ठीक ऊपर, नीचे या सामने न हो।5. मास्टर बेडरूम (Master Bedroom): स्थिरता और मजबूती का प्रतीकशयनकक्ष (बेडरूम) हमारे आराम और आपसी रिश्तों को प्रभावित करता है। विशेषकर घर के मुखिया का कमरा सही दिशा में होना बेहद जरूरी है।घर के मुखिया के लिए: वास्तु के नियमों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम (South-West) यानी नैऋत्य कोण में घर के मालिक का बेडरूम होना चाहिए। यह दिशा स्थिरता, नेतृत्व क्षमता और पारिवारिक मजबूती का प्रतीक है।बच्चों के लिए: बच्चों की पढ़ाई और उनके बेहतर भविष्य के लिए उनका कमरा पश्चिम (West) या उत्तर-पश्चिम (North-West) दिशा में होना शास्त्रों के अनुसार सबसे शुभ और फलदायी माना जाता है।सुझाव: प्रॉपर्टी डीलर या बिल्डर के झांसे में आकर जल्दबाजी में कोई भी गलत ले-आउट वाला घर न खरीदें। जीवनभर की गाढ़ी कमाई लगाने से पहले किसी अनुभवी वास्तु विशेषज्ञ (Vastu Expert) से मकान के नक्शे की जांच जरूर करवा लें, ताकि आपका नया घर आपके और आपके परिवार के लिए सौभाग्य, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए।
भारतीय टेलीकॉम मार्केट (Indian Telecom Market) में इस समय निजी कंपनियों के बीच जारी रीचार्ज वॉर के बीच सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL (भारत संचार निगम लिमिटेड) ने एक बार फिर बड़ा धमाका कर दिया है। जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया के महंगे होते रीचार्ज प्लान्स से परेशान उपभोक्ताओं को अपनी ओर खींचने के लिए बीएसएनएल ने दो बेहद किफायती और पैसा वसूल प्रीपेड प्लान्स पेश किए हैं। अगर आप भी कम खर्च में भरपूर डेटा और लंबी वैलिडिटी वाला कोई प्लान तलाश रहे हैं, तो BSNL के ये नए ऑफर्स आपके चेहरे पर मुस्कान ला देंगे। आइए जानते हैं इन दोनों प्रीपेड प्लान्स के फायदे और इनकी पूरी डिटेल।BSNL का ₹225 वाला प्लान: 30 दिनों की वैलिडिटी और रोज़ाना 2.5GB डेटाBSNL ने सोशल मीडिया पर अपने नए ₹225 वाले प्रीपेड प्लान का आधिकारिक एलान किया है। यह प्लान विशेष रूप से उन यूज़र्स को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है जो महीने के बीच में बार-बार रीचार्ज खत्म होने की झंझट से मुक्ति चाहते हैं। इस प्लान की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) इसकी पूरे 30 दिनों की कैलेंडर वैलिडिटी है।इस प्लान में मिलने वाले मुख्य फायदे:अनलिमिटेड कॉलिंग: ग्राहकों को देश भर के किसी भी नेटवर्क (लोकल और एसटीडी) पर पूरी तरह मुफ्त और असीमित वॉइस कॉलिंग की सुविधा मिलती है।फ्री नेशनल रोमिंग: यदि आप काम के सिलसिले में या छुट्टियों में देश के किसी भी हिस्से में ट्रैवल करते हैं, तो आपको बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के फ्री रोमिंग का लाभ मिलेगा।बंपर डेटा: डेटा इस्तेमाल करने वाले युवाओं के लिए यह प्लान किसी लॉटरी से कम नहीं है। इसमें रोज़ाना 2.5GB हाई-स्पीड डेटा दिया जा रहा है। यानी 30 दिनों की पूरी अवधि में ग्राहकों को कुल 75GB डेटा इस्तेमाल के लिए मिलेगा।मुफ्त एसएमएस: इसके साथ ही रोज टेक्स्ट मैसेज भेजने वालों के लिए डेली 100 फ्री SMS की सुविधा भी शामिल है।नए ग्राहकों के लिए ₹51 का धमाकेदार प्रमोशनल ऑफर; सिम कार्ड भी बिल्कुल फ्रीBSNL पुराने ग्राहकों को बनाए रखने के साथ-साथ नए यूज़र्स को अपने नेटवर्क से जोड़ने के लिए एक बेहद आक्रामक रणनीति पर काम कर रहा है। कंपनी ने नए ग्राहकों के लिए मात्र ₹51 का एक स्पेशल प्रमोशनल रीचार्ज प्लान पेश किया है। हालांकि, ग्राहकों को यह ध्यान रखना होगा कि यह शानदार ऑफर सिर्फ 30 जून 2026 तक ही वैलिड है।₹51 वाले प्लान की खासियतें:वैलिडिटी और कॉलिंग: इस मामूली कीमत वाले रीचार्ज में नए ग्राहकों को पूरे 28 दिनों की वैलिडिटी के साथ अनलिमिटेड कॉलिंग और फ्री नेशनल रोमिंग दी जा रही है।डेली डेटा और एसएमएस: कम कीमत के बावजूद इसमें डेटा से कोई समझौता नहीं किया गया है। यूज़र्स को रोज़ाना 2GB हाई-स्पीड डेटा और साथ में 100 फ्री SMS मिलेंगे।फ्री सिम कार्ड: सबसे मजेदार और आकर्षक बात यह है कि इस प्रमोशनल ऑफर के तहत BSNL से जुड़ने वाले नए ग्राहकों को सिम कार्ड के लिए कोई अलग से पैसे नहीं देने होंगे, सिम कार्ड पूरी तरह मुफ्त (Free SIM) दिया जा रहा है।टेलीकॉम मार्केट में पैर पसारने की बड़ी सरकारी रणनीतिबीएसएनएल का यह मास्टरस्ट्रोक ऐसे समय में आया है जब निजी टेलीकॉम ऑपरेटरों ने अपने प्रीपेड और पोस्टपेड टैरिफ में बढ़ोतरी की है। सरकारी कंपनी इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहती है। बीएसएनएल न सिर्फ सस्ते प्लान्स ला रही है, बल्कि देश भर में अपने 4G और 5G नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर को भी तेजी से अपग्रेड कर रही है। कम पैसों में बेहतरीन कनेक्टिविटी और बंपर डेटा देने का BSNL का यह दांव ग्राहकों को काफी लुभा रहा है, जिससे पोर्टिंग (MNP) कराने वाले यूज़र्स की संख्या में भी उछाल देखा जा रहा है।
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR Filing 2026) दाखिल करने वाले करदाताओं के लिए आयकर विभाग ने एक बेहद महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। विभाग ने असेसमेंट ईयर (AY) 2026-27 (वित्तीय वर्ष 2025-26) के लिए सभी प्रकार के ITR फॉर्म नोटिफाई कर दिए हैं। इसके साथ ही, नौकरीपेशा और छोटे बिजनेस व प्रोफेशनल्स से जुड़े करदाताओं के लिए सबसे लोकप्रिय फॉर्म— ITR-1, ITR-2, ITR-3 और ITR-4 (Sugam) की एक्सेल यूटिलिटी (Excel Utility) भी आधिकारिक ई-फाइलिंग पोर्टल पर लाइव कर दी गई है।टैक्सपेयर्स के लिए बिना किसी पेनाल्टी के अपना रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। इस बार विभाग ने पारदर्शी टैक्स रिपोर्टिंग को बढ़ावा देने के लिए ITR-4 फॉर्म में किराये से होने वाली आय (Rental Income) को लेकर दो बेहद महत्वपूर्ण और व्यावहारिक बदलाव किए हैं, जिन्हें समझना हर मकान मालिक के लिए जरूरी है।ITR-4 फॉर्म में क्या हुए हैं 2 नए बदलाव?यदि आप अपनी प्रॉपर्टी से किराये की कमाई करते हैं और इस साल ITR-4 फॉर्म भरने जा रहे हैं, तो आपको नए प्रारूप में ये दो बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे:अधिकतम दो हाउस प्रॉपर्टी की सीमा: नए नियमों के तहत अब टैक्सपेयर्स ITR-4 फॉर्म में अधिकतम दो हाउस प्रॉपर्टी (मकान या व्यावसायिक संपत्ति) से होने वाली किराये की आय की विस्तृत जानकारी दे सकेंगे। इससे अधिक संपत्ति होने पर फॉर्म का चयन बदलना पड़ सकता है।वसूली न होने वाले किराये (Unrealized Rent) का नया कॉलम: कई बार ऐसा होता है कि किरायेदार बिना किराया चुकाए मकान खाली कर देता है या विवाद के कारण किराया फंस जाता है। ऐसे 'रेंट विच कैनॉट बी रियलाइज्ड' (Rent which cannot be realized) यानी वसूल न हो पाने वाले किराये का ब्यौरा देने के लिए फॉर्म में एक बिल्कुल नया और अलग कॉलम जोड़ दिया गया है, ताकि करदाताओं को फंसे हुए पैसे पर बेवजह टैक्स न देना पड़े।कौन से करदाता भर सकते हैं ITR-4 (सुगम) फॉर्म?ITR-4 फॉर्म हर किसी के लिए नहीं होता। यह फॉर्म विशेष रूप से निम्नलिखित करदाताओं के लिए डिज़ाइन किया गया है:पात्रता: यह फॉर्म उन व्यक्तिगत करदाताओं (Individuals), हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) और पार्टनरशिप फर्मों (LLP को छोड़कर) के लिए है जिनकी कुल सालाना आय ₹50 लाख तक है।बिजनेस और प्रोफेशनल आय: जिनकी आय का मुख्य स्रोत प्रिजम्टिव टैक्सेशन स्कीम (Prescriptive Taxation Scheme) के तहत आयकर अधिनियम की धारा 44AD (छोटे बिजनेसमैन), 44ADA (डॉक्टर, वकील, इंजीनियर जैसे प्रोफेशनल्स) या 44AE (गुड्स कैरिज/ट्रांसपोर्ट बिजनेस) के अंतर्गत आता है।एक ही मकान में खुद रहना और किराया उठाना; कैसे लगेगा टैक्स?आयकर विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी एक ही मकान या इमारत में दो या दो से अधिक स्वतंत्र फ्लैट/यूनिट बने हुए हैं, और मकान मालिक उसके एक हिस्से में खुद रहता है जबकि दूसरा हिस्सा किराये पर उठा रखा है, तो टैक्स के गणित में दोनों हिस्सों को दो अलग-अलग संपत्तियां (Properties) माना जाएगा:स्वयं रहने वाला हिस्सा: इस यूनिट की आय का आकलन स्व-आवासीय (Self-Occupied) संपत्ति के नियमों के तहत होगा, जिसका नेट एनुअल वैल्यू शून्य माना जाता है।किराये वाला हिस्सा: इस यूनिट की आय का आकलन लेट-आउट (Let-Out) संपत्ति के कड़े नियमों के अनुसार किया जाएगा और प्राप्त किराये पर नियमानुसार टैक्स लगेगा।बकाया किराया (Arrears of Rent) मिलने पर टैक्स और 30% छूट का गणितअक्सर टैक्सपेयर्स के मन में यह सवाल उठता है कि यदि पुराना फंसा हुआ किराया सालों बाद वापस मिलता है, तो उस पर टैक्स कब और कैसे लगेगा? नए दिशा-निर्देशों के अनुसार:प्राप्ति का वर्ष: जो किराया अतीत में वसूल नहीं हो पाया था और वह अब अचानक प्राप्त हो जाता है, तो उसे उसी वित्तीय वर्ष की 'हाउस प्रॉपर्टी से आय' (Income from House Property) माना जाएगा, जिस वर्ष वह पैसा असल में आपके हाथ में आया है।30% की बंपर छूट: सबसे राहत की बात यह है कि इस तरह प्राप्त हुए पुराने बकाया किराये पर पूरा टैक्स लगाने से पहले सरकार द्वारा 30 प्रतिशत की फ्लैट स्टैण्डर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) यानी सीधे टैक्स छूट दी जाएगी।स्वामित्व का नियम: यह टैक्स नियम और छूट तब भी समान रूप से लागू रहेगी, जब किराया मिलने वाले वर्ष में आप उस संपत्ति के कानूनी मालिक न भी रहे हों (यानी आपने वह मकान बेच दिया हो)। विभाग का मानना है कि इन नए कॉलम और नियमों से किराये की आय छुपाने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी और ईमानदार टैक्सपेयर्स को अपनी बात रखने का बेहतर मौका मिलेगा।
आज के दौर में बढ़ती उम्र के लक्षणों को छुपाने और हमेशा जवां दिखने की चाहत हर किसी में होती है। महिलाएं और पुरुष एंटी-एजिंग के लिए महंगे स्किनकेयर रूटीन से लेकर कई तरह के केमिकल और लेजर ट्रीटमेंट्स का सहारा लेते हैं। इसी बीच विज्ञान की दुनिया से एक बेहद चौंकाने वाला दावा सामने आया है, जिसने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है। दावा किया जा रहा है कि अब न सिर्फ उम्र के बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा किया जा सकता है, बल्कि उसे पूरी तरह से 'रिवर्स' (उल्टा) भी किया जा सकता है। इस 'रिवर्स एजिंग' थेरेपी और इसके विशेष इंजेक्शन को लेकर क्लीनिकल ट्रायल भी शुरू हो चुके हैं।इस विषय पर देश की जानी-मानी हेल्थ एक्सपर्ट्स— डॉक्टर नूपूर जैन, डॉक्टर मीरा पाठक, डॉक्टर कनिका तिवारी, मीनल पाठक और निधि भारद्वाज ने अपनी महत्वपूर्ण राय साझा की है कि क्या यह तकनीक वाकई इंसान को हमेशा के लिए जवां बनाए रख सकती है।अमेरिका में हुआ पहला मानव ट्रायल: आंखों की रोशनी पर प्रयोगरिवर्स एजिंग की दिशा में चिकित्सा विज्ञान ने एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। अमेरिका के बोस्टन में स्थित एक प्रमुख बायोटेक स्टार्टअप 'लाइफ बायोसाइंसेज' (Life Biosciences) ने इंसानों पर इस एंटी-एजिंग थेरेपी का पहला सफल ट्रायल किया है।यह प्रयोग 'काले मोतियाबिंद' (ग्लूकोमा - Glaucoma) से पीड़ित एक मरीज पर किया गया, जिसकी आंखों में विशेष ER-100 रिवर्स एजिंग थेरेपी इंजेक्शन लगाया गया। इंजेक्शन देने के बाद मरीज को एंटीबायोटिक्स का एक खास कोर्स भी कराया गया। वैज्ञानिकों का मुख्य उद्देश्य आंखों की कमजोर और बूढ़ी हो चुकी कोशिकाओं (Cells) को री-प्रोग्राम करके उन्हें फिर से नया और जवां बनाना था, ताकि मरीज की आंखों की रोशनी वापस लौट सके।क्या वाकई रुक सकती है उम्र? जानिए भारत के टॉप डॉक्टर्स और एक्सपर्ट्स की रायबाजार में आने वाले इस संभावित जादुई इंजेक्शन को लेकर भारतीय स्वास्थ्य विशेषज्ञों का नजरिया बेहद व्यावहारिक और सतर्कता से भरा है:समय और उम्र को रोकना नामुमकिन: सीनियर डॉक्टर मीरा पाठक का कहना है कि ब्रह्मांड के नियम के अनुसार हम समय की गति को नहीं बदल सकते। चिकित्सा विज्ञान की मदद से हम शरीर और त्वचा पर दिखने वाले उम्र के लक्षणों (जैसे झुर्रियां, महीन रेखाएं) को कुछ समय के लिए छुपा या धीमा (Slow down) जरूर कर सकते हैं, लेकिन बढ़ती उम्र को पूरी तरह रोक देना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।केमिकल नहीं, नेचुरल वर्कआउट है सबसे बेस्ट: फिटनेस एक्सपर्ट मीनल पाठक ने युवाओं को चेतावनी देते हुए कहा है कि इंसानों को बिना किसी पुख्ता मेडिकल रिसर्च के अपने शरीर पर ऐसे खतरनाक एक्सपेरिमेंट नहीं करने चाहिए। एंटी-एजिंग के लिए किसी केमिकल या सुई की जरूरत नहीं है; इसके बजाय रोजाना जिम जाएं, योग और हैवी वर्कआउट करें। नियमित एक्सरसाइज और न्यूट्रिएंट्स से भरपूर डाइट लेने से 45 साल का व्यक्ति भी 25 साल जैसा ऊर्जावान और फिट नजर आ सकता है।भविष्य के साइड-इफेक्ट्स की जानकारी नहीं: डॉक्टर कनिका तिवारी का मानना है कि एक्टिव लाइफस्टाइल से एजिंग की रफ्तार धीमी होती है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर भविष्य में इस तरह का कोई सुरक्षित इंजेक्शन मार्केट में आता है, तो लोग इसे हाथों-हाथ लेंगे। लेकिन अभी तक इस थेरेपी से शरीर को होने वाले दीर्घकालिक नुकसान या साइड-इफेक्ट्स के बारे में विज्ञान के पास कोई ठोस जानकारी नहीं है।चमत्कारी दावों पर न करें भरोसा: डॉक्टर निधि भारद्वाज ने सीधे तौर पर स्पष्ट किया कि फिलहाल चिकित्सा जगत में ऐसा कोई जादुई या प्रामाणिक इंजेक्शन मौजूद नहीं है, जिसे लगाते ही बूढ़ा इंसान रातों-रात पूरी तरह जवां हो जाए। उपभोक्ताओं को ऐसी भ्रामक खबरों और विज्ञापनों से सतर्क रहना चाहिए।सफल रहा ट्रायल तो बदल जाएगी दुनिया, सुधरेगा इंसानी DNAयदि अमेरिका में चल रहा यह एडवांस क्लीनिकल ट्रायल पूरी तरह सफल और सुरक्षित साबित होता है, तो आने वाले सालों में दुनिया भर में एक आधिकारिक 'एजिंग थेरेपी' की शुरुआत हो सकती है। वैज्ञानिकों का दावा है कि यह थेरेपी इंसानी जीन्स (Genes) के स्तर पर काम करती है। इसके इस्तेमाल से हमारे डीएनए (DNA) के काम करने के तरीके और उसके एक्सप्रेशन में बहुत बड़ा सुधार हो सकता है, जिससे अंगों के बूढ़े होने की प्रक्रिया पर ब्रेक लगाया जा सकेगा।Disclaimer: प्रिय पाठक, यह खबर केवल आपको चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे नए आविष्कारों और सामान्य जानकारियों के प्रति जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है। किसी भी प्रकार के एंटी-एजिंग इंजेक्शन, सप्लीमेंट या केमिकल ट्रीटमेंट को अपनाने से पहले किसी योग्य त्वचा रोग विशेषज्ञ (Dermatologist) या डॉक्टर से व्यक्तिगत परामर्श अवश्य लें।
अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में चल रही हाई-प्रोफाइल शांति वार्ता (US-Iran Peace Talks) एक बार फिर कूटनीतिक भंवर में फंसती नजर आ रही है। वैश्विक मंच पर जब भी ऐसा लगता है कि दोनों देशों के बीच युद्ध का तनाव अब खत्म हो जाएगा, तभी कोई नया विवाद खड़ा हो जाता है। कभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आक्रामक बयान ईरान को भड़का देता है, तो कभी लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाई तेहरान को नागवार गुजरती है।इस बीच, ईरान के साथ चल रही इस नाजुक डील को लीड कर रहे अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) के एक हालिया बयान पर भारत में सियासत और सोशल मीडिया का पारा चढ़ गया है। शिवसेना (UBT) की राज्यसभा सांसद और फायरब्रांड नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने जेडी वेंस की टिप्पणी पर तीखा और करारा तंज कसा है।प्रियंका चतुर्वेदी का तीखा हमला: जेडी वेंस बने हुए हैं 'नालायक जमाई बाबू'दरअसल, स्विट्जरलैंड में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की मौजूदगी में जेडी वेंस ने मजाक में कहा था कि उनकी जिंदगी में दो लोगों का बहुत अहम रोल है— एक हिंदुस्तानी (उनकी पत्नी उषा वेंस) और दूसरे पाकिस्तानी (फील्ड मार्शल आसिम मुनीर)।वेंस के इसी बयान पर चुटकी लेते हुए शिवसेना (UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया पर उन्हें 'नालायक जमाई बाबू' कह डाला। प्रियंका चतुर्वेदी ने तंज कसते हुए लिखा कि जेडी वेंस अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के मंच पर 'नालायक जमाई बाबू' की तरह बर्ताव कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने आगे यह भी जोड़ा, हम लोग पूरे विश्व की भलाई और शांति के लिए यही चाहते हैं कि वेंस अपने इस शांति मिशन में कामयाब हों, जो कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए बेहद मुश्किल लग रहा है। प्रियंका ने कहा कि इस डील को कराने के चक्कर में खुद अमेरिका को वैश्विक स्तर पर शर्मिंदगी (फजीहत) का सामना करना पड़ रहा है।आखिर 'जमाई बाबू' शब्द का क्या है कनेक्शन और क्यों जुड़ा 'नालायक'?उत्तर भारत (उत्तर प्रदेश, बिहार) से लेकर पश्चिम बंगाल की संस्कृति में 'जमाई बाबू' शब्द का इस्तेमाल बेटी के पति (दामाद) के लिए किया जाता है। इस संबोधन में बेहद गहरा प्यार, सम्मान और पारिवारिक जुड़ाव झलकता है। चूंकि जेडी वेंस की पत्नी उषा वेंस भारतीय मूल की हैं, इसलिए भारतीय संदर्भ में वेंस को 'भारत का दामाद' या 'जमाई बाबू' कहा जा रहा है।लेकिन प्रियंका चतुर्वेदी ने वेंस द्वारा एक ही सांस में अपनी भारतीय पत्नी और पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर की तुलना करने और मुनीर को अपने जीवन का दूसरा सबसे प्रभावशाली व्यक्ति बताने पर आपत्ति जताते हुए 'जमाई बाबू' के आगे 'नालायक' विशेषण जोड़ दिया।जेडी वेंस की पत्नी उषा का भारत से क्या है गहरा नाता?अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पत्नी उषा वेंस (Usha Vance) की जड़ें पूरी तरह से भारत से जुड़ी हुई हैं। उषा के माता-पिता मूल रूप से आंध्र प्रदेश के कृष्णा और गोदावरी जिले के रहने वाले थे, जो बाद में जाकर अमेरिका में बस गए थे। जेडी वेंस के उपराष्ट्रपति पद के चुनाव अभियान के दौरान उषा वेंस ने अपनी भारतीय विरासत, समृद्ध संस्कृति और हिंदू रीति-रिवाजों का खुलकर जिक्र किया था, जिससे उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मीडिया में खूब सुर्खियां बटोरी थीं। वेंस और उषा की शादी भी हिंदू रीति-रिवाजों और फेरों के साथ संपन्न हुई थी।स्विट्जरलैंड में कूटनीतिक ड्रामा: फोटो सेशन का बायकॉट, कतर के मंत्री ने नहीं मिलाया हाथस्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में चल रही यह वार्ता अब पटरी से उतरती दिख रही है। उम्मीद थी कि पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में दोनों देश 60 दिनों के शांति रोडमैप पर मुहर लगा देंगे, लेकिन ऐन वक्त पर स्थितियां बिगड़ गईं:ट्रंप का भड़काऊ बयान: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को सैन्य कार्रवाई की धमकी दे डाली, जिससे गुस्साए ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने आधिकारिक फोटो सेशन का पूरी तरह बायकॉट (बहिष्कार) कर दिया।ईरान की दोटूक चेतावनी: ईरानी डेलिगेशन ने अमेरिका को साफ लहजे में चेतावनी दी कि यदि वे इजरायल को सैन्य और वैचारिक समर्थन देना बंद कर दें, तो ईरान महज एक दिन के भीतर इजरायल को घुटनों पर ला देगा।शहबाज-मुनीर की उड़ी हवाइयां: सेट पर कूटनीतिक तनाव तब चरम पर पहुंच गया जब कतर के मंत्री ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से हाथ मिलाने तक से इनकार कर दिया और ईरानी प्रतिनिधिमंडल बिना बातचीत के आगे बढ़ गया। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से वहां मौजूद पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के चेहरे का रंग उड़ गया, क्योंकि पाकिस्तान इस पूरी डील में एक 'असफल बिचौलिया' साबित होता दिख रहा है।हालांकि, कूटनीतिज्ञों को अब भी उम्मीद है कि 60 दिनों के इस अंतरिम रोडमैप के भीतर कोई न कोई बीच का रास्ता जरूर निकाल लिया जाएगा।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील को मिल सकती है अंतिम मंजूरी, इस हफ्ते भारत आएंगे अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर इस सप्ताह भारत दौरे पर आ रहे हैं, जहां द्विपक्षीय व्यापार समझौते और अंतरिम डील पर अहम चर्चा होगी।
बॉलीवुड का 90 का दशक (90s Bollywood) एक ऐसा दौर था जिसने कई नए चेहरों को रातोंरात सुपरस्टार बना दिया। इसी दौर की एक बेहद चर्चित एक्ट्रेस सोनम खान (Sonam Khan) ने अपनी पहली ही ब्लॉकबस्टर फिल्म से दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बना ली थी। साल 1989 में आई डायरेक्टर राजीव राय की कल्ट-क्लासिक एक्शन फिल्म 'त्रिदेव' (Tridev) और उसके सुपरहिट गाने 'ओए-ओए' (Oye Oye Song) ने सोनम को स्टारडम के शिखर पर पहुंचा दिया था। इस गाने में वह दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के साथ थिरकती नजर आई थीं।फिल्म की रिलीज के बाद से ही बॉलीवुड गलियारों में यह अफवाह उड़ने लगी थी कि सोनम खान का फिल्म के डायरेक्टर राजीव राय के साथ सीक्रेट अफेयर था, जिसकी वजह से उन्हें इस सुपरहिट गाने का हिस्सा बनने का मौका मिला। चूंकि आगे चलकर दोनों ने शादी भी कर ली, इसलिए इस अफवाह को करीब 40 सालों तक सच माना जाता रहा। अब इतने सालों बाद खुद एक्ट्रेस सोनम खान ने इस गहरे राज से पर्दा उठाते हुए सोशल मीडिया पर एक लंबा-चौड़ा बयान जारी किया है।डायरेक्टर के साथ मेरा कोई अफेयर नहीं था, सेट पर मौजूद थी उनकी गर्लफ्रेंडएक्ट्रेस सोनम खान ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर 'ओये ओये' गाने की एक पुरानी वीडियो क्लिप शेयर करते हुए इन अफवाहों का पूरी तरह खंडन किया है। सोनम ने लिखा, फिल्म 'त्रिदेव' की मेकिंग के दौरान मेरा डायरेक्टर राजीव राय के साथ कोई अफेयर नहीं था। उन्होंने उन चर्चाओं को भी सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा जाता था कि अफेयर की वजह से उन्हें फिल्म की बाकी दो बड़ी लीड एक्ट्रेसेस— माधुरी दीक्षित और संगीता बिजलानी के मुकाबले ज्यादा स्क्रीन स्पेस या फायदा मिला था।सोनम ने सेट का एक बड़ा सीक्रेट शेयर करते हुए बताया, असल कहानी में ट्विस्ट तो यह था कि फिल्म की शूटिंग के दौरान राजीव सेट पर अपनी तत्कालीन गर्लफ्रेंड के साथ मौजूद थे। सिर्फ इतना ही नहीं, मेरा खुद का बॉयफ्रेंड भी सेट से कुछ ही दूरी पर था। यानी हम दोनों ही उस समय पहले से किसी दूसरे के साथ गंभीर रिलेशनशिप में थे। यह आइकॉनिक गाना मुझे किसी सिफारिश से नहीं, बल्कि पूरी तरह अचानक मिला था।राजीव राय की आखिरी पसंद थीं सोनम, डेब्यू फिल्म देखकर कर दिया था रिजेक्टसोनम खान ने अपने पोस्ट में एक और चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उनके एक्स-हसबैंड और डायरेक्टर राजीव राय शुरुआत में उन्हें 'त्रिदेव' में कास्ट करने के मूड में बिल्कुल नहीं थे। राजीव ने इस रोल के लिए लगभग किसी दूसरी एक्ट्रेस का नाम फाइनल कर लिया था। दरअसल, यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी साल 1988 की फिल्म 'विजय' (जो सोनम की डेब्यू फिल्म थी) के कुछ फुटेज देखने के बाद राजीव को सोनम की एक्टिंग पसंद नहीं आई थी।सोनम ने लिखा, हकीकत यह है कि जब उनके पास कोई दूसरा विकल्प या चारा नहीं बचा, तब जाकर मैं इस रोल के लिए उनकी आखिरी पसंद (Last Resort) बनी थी। इसलिए, फिल्म के दौरान न तो कोई रोमांस था, न कोई सीक्रेट फोन कॉल्स और न ही डायरेक्टर की पसंदीदा होने का कोई एक्स्ट्रा एडवांटेज। अगर ऐसा कुछ बैकस्टेज हुआ भी था, तो मुझे उसकी कोई जानकारी नहीं है। सेट पर बस मैं थी और वह शानदार संगीत था।फिल्म सुपरहिट होने के काफी समय बाद शुरू हुई थी डेटिंगसोनम ने स्पष्ट किया कि 'त्रिदेव' के बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर होने और सिनेमाघरों से हटने के काफी समय बाद उन्होंने और राजीव ने एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया था। उस समय वे दोनों पूरी तरह सिंगल थे और उन्हें अपने रिश्ते को लेकर किसी को कोई सफाई देने की जरूरत नहीं थी। सोनम ने मजाकिया लहजे में लिखा, तो दोस्तों, त्रिदेव फिल्म को बनाने या उसमें जगह पाने में मेरी पर्सनल लाइफ की कोई भूमिका नहीं थी— जीरो, बिल्कुल जीरो। सोनम के इस बेबाक पोस्ट पर बॉलीवुड एक्ट्रेस डेल्नाज ईरानी ने भी तालियों वाले इमोजी के साथ उनकी ईमानदारी की तारीफ की है।19 की उम्र में शादी, बेटे की बीमारी और 15 साल बाद मिला तलाकसोनम खान और राजीव राय की वास्तविक लव स्टोरी की बात करें तो दोनों ने साल 1991 में शादी की थी, उस वक्त सोनम की उम्र महज 19 साल थी। शादी के बाद राजीव ने सोनम को साल 1992 की अपनी अगली कल्ट थ्रिलर फिल्म 'विश्वात्मा' (Vishwatma) में दोबारा डायरेक्ट किया, जिसमें वे एक बार फिर नसीरुद्दीन शाह की हीरोइन बनीं। इसके बाद उन्होंने करीब तीन साल और फिल्मों में काम किया।इसी दौरान सोनम ने एक बेटे को जन्म दिया, जिसे शुरुआती सालों में ही 'ऑटिज्म' (Autism) नाम की न्यूरोलॉजिकल बीमारी होने का पता चला। अपने इकलौते बेटे के वर्ल्ड-क्लास इलाज और थेरेपी के लिए सोनम ने अपने करियर के पीक पर एक्टिंग की दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। इसके बाद यह कपल लॉस एंजिल्स, लंदन और यूरोप के कई बड़े शहरों में शिफ्ट हो गया। हालांकि, इस कठिन दौर में दोनों के रिश्ते में दरार आ गई और साल 2001 में वे एक-दूसरे से अलग रहने लगे। अलग होने के लंबे समय बाद, साल 2016 में दोनों का आधिकारिक तौर पर तलाक हो गया। सोनम खान अब भारत लौट चुकी हैं और मुंबई में अपने बेटे के साथ एक शांत जीवन बिता रही हैं।
महंगाई के मोर्चे पर आम जनता के लिए सप्ताह के पहले दिन एक राहत भरी खबर आई है। सोमवार, 22 जून को देश की सरकारी तेल कंपनियों ने एलपीजी (LPG Price Today) गैस सिलेंडर के ताजा रेट जारी कर दिए हैं। आज घरेलू और कमर्शियल दोनों ही तरह के गैस सिलेंडरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, यानी दाम पूरी तरह स्थिर हैं। इससे पहले आखिरी बार 7 जून को घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में ₹29 की बढ़ोतरी की गई थी, जबकि कमर्शियल सिलेंडर के रेट तब ₹42 से ₹53.50 तक बढ़ाए गए थे।वैश्विक मोर्चे पर भारत के लिए एक और अच्छी खबर यह है कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते के बाद 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) को दोबारा जहाजों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। चूंकि भारत अपनी एलपीजी जरूरतों के लिए बहुत बड़े पैमाने पर आयात (इंपोर्ट) पर निर्भर है, इसलिए इस समुद्री मार्ग के खुलने से गैस की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित हो सकेगी। आपको बता दें कि जब मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान युद्ध की स्थिति बनी थी, तब से अब तक घरेलू सिलेंडर की कीमतों में दो बार इजाफा हो चुका है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर के दाम तब से अब तक 79% तक बढ़ चुके हैं।दिल्ली, मुंबई से पटना तक: जानिए अपने शहर का आज का ताजा रेटदेश के विभिन्न राज्यों और शहरों में स्थानीय टैक्स और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट की वजह से एलपीजी सिलेंडरों के दाम अलग-अलग होते हैं। 22 जून 2026 को देश के प्रमुख शहरों में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर और 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के भाव इस प्रकार हैं:दिल्ली और गाजियाबाद: देश की राजधानी नई दिल्ली में आज घरेलू सिलेंडर ₹942.00 और कमर्शियल सिलेंडर ₹3,113.50 के भाव पर मिल रहा है। वहीं, एनसीआर के गाजियाबाद में घरेलू सिलेंडर ₹939.50 और कमर्शियल सिलेंडर ₹3,113.50 पर स्थिर है।मुंबई और बेंगलुरु: आर्थिक राजधानी मुंबई में घरेलू सिलेंडर का दाम ₹941.50 और कमर्शियल का रेट ₹3,067.50 है। कर्नाटक के बेंगलुरु में घरेलू एलपीजी ₹944.50 और कमर्शियल सिलेंडर ₹3,198.00 में बिक रहा है।उत्तर और पूर्वी भारत (लखनऊ-पटना): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में घरेलू सिलेंडर ₹979.50 और कमर्शियल सिलेंडर ₹3,236.00 के स्तर पर है। बिहार के पटना में कीमतें हमेशा की तरह थोड़ी ऊंची हैं, यहाँ घरेलू रसोई गैस ₹1,031.50 और कमर्शियल सिलेंडर ₹3,400.50 का मिल रहा है। कोलकाता में घरेलू सिलेंडर ₹968.00 और कमर्शियल ₹3,256.00 पर है।चेन्नई और आईजॉल: दक्षिण के प्रमुख महानगर चेन्नई में घरेलू गैस ₹957.50 और कमर्शियल सिलेंडर ₹3,283.00 पर उपलब्ध है। वहीं, पूर्वोत्तर के आईजॉल में दुर्गम इलाकों के चलते देश में सबसे महंगा गैस सिलेंडर मिल रहा है, यहाँ घरेलू सिलेंडर ₹1,094.00 और कमर्शियल ₹3,598.50 के रिकॉर्ड स्तर पर है।एक नज़र में देखें अपने शहर की कीमतें (Table)शहरघरेलू सिलेंडर की कीमत (14.2 kg)कमर्शियल सिलेंडर की कीमत (19 kg)दिल्ली₹942.0₹3,113.5मुंबई₹941.5₹3,067.5कोलकाता₹968.0₹3,256.0चेन्नई₹957.5₹3,283.0बेंगलुरु₹944.5₹3,198.0आईजॉल₹1,094.0₹3,598.5लखनऊ₹979.5₹3,236.0गाजियाबाद₹939.50₹3,113.50पटना₹1,031.5₹3,400.5अमेरिका और पाकिस्तान से भी सस्ता है भारत में घरेलू गैस सिलेंडरसरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से एक बेहद दिलचस्प तथ्य सामने आया है। भारत में घरेलू रसोई गैस की कीमतें अपने पड़ोसी मुल्कों और कई विकसित पश्चिमी देशों की तुलना में काफी कम हैं। जहां दिल्ली में आम उपभोक्ताओं को यह सिलेंडर ₹942 में मिल रहा है, वहीं पड़ोसी देश पाकिस्तान में इसकी कीमत ₹1,046, नेपाल में ₹1,207, बांग्लादेश में ₹1,225 और श्रीलंका में ₹1,241 के बराबर है।विकसित देशों की बात करें तो अमेरिका में एक सिलेंडर के लिए ₹1,755, ऑस्ट्रेलिया में ₹1,765 और कनाडा में ₹2,411 तक चुकाने पड़ते हैं। सबसे खास बात यह है कि भारत सरकार की 'उज्ज्वला योजना' के लाभार्थियों को यही घरेलू सिलेंडर केवल ₹642 में उपलब्ध कराया जा रहा है, जो वैश्विक स्तर पर सबसे किफायती दरों में से एक है।सऊदी अरामको ने बढ़ाए दाम, क्या 1 जुलाई से फिर महंगी होगी रसोई गैस?रॉयटर्स की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की सबसे बड़ी तेल और गैस उत्पादक कंपनी 'सऊदी अरामको' (Saudi Aramco) ने जून महीने के लिए एलपीजी के आधिकारिक विक्रय मूल्य (OSP - Official Selling Price) में 1% से 3% तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रोपेन की कीमत में 10 डॉलर प्रति मीट्रिक टन और ब्यूटेन की कीमत में 20 डॉलर प्रति मीट्रिक टन का इजाफा कर दिया है। इस बढ़ोतरी के बाद वैश्विक बाजार में प्रोपेन का नया भाव 760 डॉलर प्रति मीट्रिक टन और ब्यूटेन का रेट 820 डॉलर प्रति मीट्रिक टन के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है।दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच अंतिम शांति समझौते को लेकर बनी कूटनीतिक अनिश्चितता और होर्मुज जलडमरूमध्य के भविष्य में दोबारा बंद होने की आशंकाओं के चलते वैश्विक गैस बाजार में यह उबाल देखा जा रहा है। चूंकि सऊदी अरामको द्वारा तय की गई कीमत को पूरी दुनिया में एलपीजी का आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क रेट माना जाता है, इसलिए इस बढ़ोतरी का सीधा असर भारतीय तेल कंपनियों की इनपुट कॉस्ट पर पड़ेगा। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में गैस के दाम इसी तरह ऊंचे बने रहे, तो आगामी 1 जुलाई को होने वाली सरकारी तेल कंपनियों की मासिक समीक्षा बैठक में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की जा सकती है।
देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। लंबे समय से भीषण गर्मी और पसीने वाली उमस झेल रहे मुंबईकरों के लिए आखिरकार राहत की बड़ी खबर आ गई है। सोमवार, 22 जून को मुंबई और नवी मुंबई के कई इलाकों में मानसून की पहली अच्छी और झमाझम बारिश दर्ज की गई है। इस पहली फुहार ने न सिर्फ मायानगरी का मौसम सुहावना बना दिया है, बल्कि तापमान में भी भारी गिरावट ला दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अनुमान जताया है कि आने वाले दिनों में मुंबई में बारिश की रफ्तार और तेज होगी।महाराष्ट्र में आगे बढ़ रहा मानसून, कोंकण और गोवा के लिए 'ऑरेंज अलर्ट'मौसम विभाग के मुताबिक, 23 जून के आस-पास महाराष्ट्र के बाकी बचे हिस्सों में भी मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। इसका साफ मतलब है कि आने वाले पूरे हफ्ते मुंबई और उसके उपनगरों में लगातार बारिश देखने को मिल सकती है।आईएमडी ने चेतावनी दी है कि 22 जून से 27 जून के बीच मुंबई सहित पूरे कोंकण क्षेत्र और गोवा में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही 22 से 25 जून के दौरान इन इलाकों में बिजली कड़कने, आंधी-तूफान आने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है।दिल्ली-NCR में भी सुहावना मौसम, दोपहर बाद आंधी-बारिश की संभावनापहाड़ों से आ रही ठंडी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के चलते राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (Delhi-NCR) में भी सोमवार को गर्मी का असर कम रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में आज दोपहर या शाम के समय तेज आंधी-तूफान आने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना है। राहत की बात यह है कि आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 37C से 39C के बीच ही सिमटा रहेगा, जिससे पारा 40 डिग्री के नीचे बना रहेगा।असम में बाढ़ का खतरा, तो यूपी-एमपी के कुछ हिस्सों में अब भी 'लू' का प्रकोपमौसम विभाग ने देश के अन्य राज्यों के लिए जो बुलेटिन जारी किया है, उसके अनुसार भारत के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के कई रंग देखने को मिल रहे हैं:पूर्वोत्तर भारत (North-East): असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और उसके पड़ोसी राज्यों में 25 जून तक अत्यधिक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। लगातार हो रही इस मूसलाधार बारिश के कारण संवेदनशील पहाड़ी और मैदानी इलाकों में अचानक बाढ़ (Flood) और भूस्खलन (Landslide) का गंभीर खतरा मंडराने लगा है।पश्चिम बंगाल और सिक्किम: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के क्षेत्रों में भी पूरे सप्ताह मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है।पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड और ओडिशा में गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश और आंधी-तूफान की संभावना बनी हुई है। हालांकि, बिहार और ओडिशा के कुछ विशेष हिस्सों के लिए भारी बारिश की अलग से चेतावनी जारी की गई है।हीटवेव (लू) का असर: एक तरफ जहां देश का बड़ा हिस्सा मानसून में भीग रहा है, वहीं दूसरी तरफ विदर्भ, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश (UP) के कुछ हिस्सों में अब भी भीषण गर्मी और लू (Heatwave) की स्थिति बनी रहेगी। इसके अलावा छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में भी तापमान ऊंचे स्तर पर दर्ज किया जा सकता है।मुंबई में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश? बीएमसी ने जारी किए आंकड़ेबृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के रेन गेज नेटवर्क से मिले आंकड़ों के अनुसार, सोमवार सुबह शहर के कई हिस्सों में तेज और लगातार बारिश दर्ज की गई। सुबह 6 बजे से 7 बजे के बीच पूर्वी उपनगर के घाटकोपर स्थित रामाबाई विद्यालय में सबसे अधिक 24 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके बाद चेंबूर फायर स्टेशन में 20 मिमी और मानखुर्द फायर स्टेशन में 16 मिमी बारिश दर्ज हुई।इसके तुरंत बाद, सुबह 7 बजे से 8 बजे के बीच वर्ली सी-फेस विद्यालय और सावित्रीबाई फुले विद्यालय के कैचमेंट एरिया में 25-25 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो पूरे शहर में सबसे ज्यादा रही। इसके अलावा लोअर परेल स्थित जी-दक्षिण वार्ड कार्यालय में 21 मिमी और वर्ली फायर स्टेशन में 17 मिमी बारिश मापी गई। बीएमसी अधिकारियों ने राहत की सांस लेते हुए बताया कि इस शुरुआती तेज बारिश के बावजूद शहर के किसी भी हिस्से से जलभराव (Waterlogging) या ट्रैफिक जाम की कोई बड़ी शिकायत सामने नहीं आई है।
पानी की एक भी बूंद व्यर्थ न जाए, जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाएं : योगी आदित्यनाथ
Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा है कि मौसम की अनिश्चितता और मानसून की संभावित अनियमितता को देखते हुए प्रत्येक प्रदेशवासी को जल संचयन एवं जल संरक्षण के प्रयासों से ...
देशभर में मानसून सक्रिय हो गया है। आईएमडी ने कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है, जबकि पूर्वी यूपी और मध्य प्रदेश में लू का असर जारी रहेगा।
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR Filing 2026) दाखिल करने वाले करदाताओं के बीच इन दिनों एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। रिटर्न सबमिट करने के बाद उसे दोबारा 'रिवाइज्ड' (संशोधित) करने वाले लोगों की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। इसकी सबसे बड़ी वजह इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा इस्तेमाल की जा रही आधुनिक तकनीक और डेटा निगरानी (Data Analytics) है। विभाग के पास अब पहले के मुकाबले कहीं अधिक तेजी से और विस्तृत वित्तीय जानकारी पहुंच रही है। ऐसे में कई टैक्सपेयर्स को रिटर्न भरने के बाद एहसास हो रहा है कि उनके कुछ बड़े लेनदेन रिकॉर्ड में बाद में जुड़े हैं, जिसके कारण उन्हें अपनी गलती सुधारने के लिए रिवाइज्ड रिटर्न का सहारा लेना पड़ रहा है।डेटा निगरानी का बढ़ा जाल, AIS में बाद में जुड़ रही हैं नई एंट्रीजइस पूरे बदलाव के पीछे की सबसे बड़ी वजह एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) का लगातार अपडेट होना है। AIS एक ऐसा डिजिटल दस्तावेज है जिसमें आपके पूरे साल की कमाई और बड़े वित्तीय लेनदेन का पूरा कच्चा चिट्ठा होता है। इसमें आपकी सैलरी, बैंक ब्याज, शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड की खरीद-बिक्री, डिविडेंड, विदेशी मुद्रा का लेन-देन और किसी भी प्रकार के कैपिटल गेन (पूंजीगत लाभ) का सटीक ब्यौरा दर्ज रहता है।असल समस्या यह है कि AIS कोई स्थिर दस्तावेज नहीं है; यह समय के साथ बदलता रहता है। बैंक, वित्तीय कंपनियां, और शेयर ब्रोकर समय-समय पर अपने डेटा को टैक्स विभाग के पास अपडेट करते हैं। ऐसे में जो टैक्सपेयर्स वित्तीय वर्ष खत्म होते ही जल्दबाजी में अपना आईटीआर दाखिल कर देते हैं, उन्हें कुछ हफ्तों बाद अपने एआईएस में नई एंट्रीज या नए लेनदेन दिखाई देने लगते हैं। सिस्टम में आंकड़ों का यह अंतर दिखते ही रिवाइज्ड रिटर्न भरना बेहद जरूरी हो जाता है।पहले नजरअंदाज हो जाने वाली गलतियां अब पकड़ रहा है AI सिस्टमआज का आयकर विभाग अत्याधुनिक तकनीक, डेटा एनालिटिक्स और फेसलेस स्क्रूटनी (Faceless Scrutiny) का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहा है। विभाग का ऑटोमेटेड एआई सिस्टम दाखिल किए गए आईटीआर के आंकड़ों का मिलान सीधे AIS और टैक्सपेयर इन्फॉर्मेशन समरी (TIS) से करता है।पहले के समय में जो छोटी-मोटी विसंगतियां या वित्तीय चूक नजरअंदाज हो जाती थीं, उन्हें अब यह सिस्टम पलक झपकते ही पकड़ लेता है। यही कारण है कि समझदार टैक्सपेयर्स विभाग की तरफ से कोई कड़ा कानूनी नोटिस या पेनाल्टी आने का इंतजार करने के बजाय, खुद ही अपनी गलती स्वीकार करते हुए समय रहते रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करना ज्यादा सुरक्षित समझ रहे हैं।असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए क्या हैं रिवाइज्ड रिटर्न की डेडलाइंस?टैक्सपेयर्स के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि असेसमेंट ईयर (AY) 2026-27 के रिटर्न अभी भी पुराने 'इनकम टैक्स एक्ट, 1961' के तहत ही प्रोसेस किए जाएंगे। यह नियम तब भी प्रभावी रहेगा, जब 1 अप्रैल 2026 से देश में नया 'इनकम टैक्स एक्ट, 2025' लागू हो चुका है।मौजूदा नियमों के अनुसार, आयकर अधिनियम की धारा 139(5) के तहत बिना किसी शुल्क के रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2026 निर्धारित है। बशर्ते, इससे पहले आपका असेसमेंट (कर निर्धारण) पूरा न हुआ हो।बड़ी राहत का प्रस्ताव: फाइनेंस बिल 2026 में इस समयसीमा को बढ़ाकर 31 मार्च 2027 करने का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि, दिसंबर 2026 की समयसीमा बीतने के बाद रिवाइज्ड रिटर्न भरने पर करदाताओं को अतिरिक्त लेट फीस या शुल्क देना पड़ सकता है।अपडेटेड रिटर्न का विकल्प: यदि यह बढ़ी हुई समयसीमा भी हाथ से निकल जाती है, तो धारा 139(8A) के तहत 'अपडेटेड रिटर्न' (Updated Return) भरने का अंतिम मौका मिलता है। यह सुविधा 48 महीनों तक उपलब्ध रहती है, लेकिन इसमें आपको भारी अतिरिक्त टैक्स और पेनाल्टी चुकानी पड़ती है।पहली बार में ही सही ITR भरना क्यों है समझदारी? अपनाएं ये तरीकाबार-बार रिवाइज्ड रिटर्न भरने की झंझट और मानसिक तनाव से बचने का सबसे बेहतरीन तरीका यह है कि आप पहली बार में ही पूरी सावधानी के साथ सही रिटर्न भरें। इसके लिए आईटीआर दाखिल करने से पहले अपने पास मौजूद सभी दस्तावेजों का मिलान एआईएस, टीआईएस और फॉर्म 26AS से अवश्य कर लें।मिलान के दौरान अपने फॉर्म 16, बैंक स्टेटमेंट, ब्रोकर के पीएंडएल (P&L) स्टेटमेंट, ब्याज सर्टिफिकेट और कैपिटल गेन स्टेटमेंट को अपने सामने रखें। यदि आपको लगता है कि आपके AIS में कोई ट्रांजैक्शन गलत तरीके से दर्ज हो गया है या वह आपका नहीं है, तो आप तुरंत पोर्टल पर दी गई 'Report Incorrect Information' सुविधा का उपयोग करके अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।इन सेक्टर्स के निवेशकों को बरतनी होगी सबसे ज्यादा सावधानीजिन करदाताओं की आय के स्रोत सीमित हैं (जैसे केवल सैलरी), उन्हें ज्यादा परेशानी नहीं होती। लेकिन जिन लोगों के पास आय के कई जरिए हैं, उन्हें विशेष रूप से सतर्क रहना चाहिए। शेयर बाजार में एक्टिव ट्रेडर्स, म्यूचुअल फंड में नियमित निवेश करने वाले, विदेशी संपत्तियों या विदेशी धन का लेन-देन करने वाले और रियल एस्टेट (प्रॉपर्टी) की खरीद-बिक्री से कैपिटल गेन कमाने वाले लोगों को बिना क्रॉस-वेरिफिकेशन के अपना रिटर्न लॉक नहीं करना चाहिए। आपकी थोड़ी सी सजगता आपको आयकर विभाग की लंबी जांच और नोटिस के झंझट से हमेशा के लिए दूर रख सकती है।
सैलरी पाने वाले नौकरीपेशा लोगों के लिए अब इनकम टैक्स रिटर्न (ITR Filing 2026) भरना पहले के मुकाबले काफी आसान और डिजिटल हो चुका है। फॉर्म 16 (Form 16), फॉर्म 26एएस (Form 26AS) और इनकम टैक्स पोर्टल पर पहले से ही प्री-फिल्ड (तैयार) आने वाली जानकारियों की वजह से पूरी प्रक्रिया बेहद सुगम हो गई है। इसके बावजूद, हर साल लाखों टैक्सपेयर्स जल्दबाजी या जानकारी के अभाव में कुछ ऐसी गंभीर गलतियां कर बैठते हैं, जिनकी वजह से उनका रिफंड अटक जाता है, पेनल्टी के साथ अतिरिक्त टैक्स देना पड़ता है या सीधे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का कानूनी नोटिस आ जाता है। अगर आप भी इस साल अपना आईटीआर फाइल करने जा रहे हैं, तो इन 5 आम गलतियों से जरूर बचें।गलती 1: सिर्फ फॉर्म 16 को ही सब कुछ मान लेनाज्यादातर सैलरीड कर्मचारी यह मान लेते हैं कि कंपनी से मिले फॉर्म 16 में उनके टैक्स और कमाई की सारी जानकारी मौजूद है और वे सीधे उसी डेटा के आधार पर रिटर्न दाखिल कर देते हैं। लेकिन यह एक बड़ी भूल साबित हो सकती है। फॉर्म 16 में केवल आपकी सैलरी (वेतन) और उस पर कंपनी द्वारा काटे गए टीडीएस (TDS) का ब्यौरा होता है।यदि आपको बैंक खाते पर मिलने वाला ब्याज, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या आरडी (RD) से ब्याज, कंपनियों के शेयर्स से मिला डिविडेंड, मकान का किराया, म्यूचुअल फंड या शेयर्स बेचने पर हुआ कैपिटल गेन (पूंजीगत लाभ) या फ्रीलांसिंग से कोई अतिरिक्त कमाई हुई है, तो वह फॉर्म 16 में नजर नहीं आएगी। ऐसी अन्य स्रोतों से हुई आय (Income from Other Sources) को छुपाना या भूल जाना आपको भारी पड़ सकता है।गलती 2: इन तीन महत्वपूर्ण दस्तावेजों का मिलान न करनाकई टैक्सपेयर्स सीधे फॉर्म 16 डाउनलोड करते हैं और बिना किसी वेरिफिकेशन के आईटीआर सबमिट कर देते हैं। इनकम टैक्स विभाग के पास आपके हर बड़े वित्तीय लेनदेन की खबर होती है। इसलिए रिटर्न भरने से पहले फॉर्म 16, फॉर्म 26AS और एआईएस (AIS - Annual Information Statement) का आपस में मिलान करना बेहद जरूरी है।फॉर्म 26AS में आपके पैन कार्ड पर अलग-अलग संस्थाओं द्वारा काटे गए कुल टीडीएस (TDS), टीसीएस (TCS) और आपके द्वारा जमा किए गए सेल्फ-असेसमेंट या एडवांस टैक्स की जानकारी होती है। वहीं, AIS में आपके पूरे साल के वित्तीय इतिहास (जैसे हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन, शेयर बाजार में निवेश आदि) का विस्तृत ब्यौरा होता है। अगर इन तीनों दस्तावेजों के आंकड़ों और आपके द्वारा दाखिल किए गए आईटीआर के आंकड़ों में थोड़ा भी अंतर (Mismatch) मिलता है, तो आपका रिफंड रोक दिया जाता है या विभाग अतिरिक्त टैक्स की डिमांड नोटिस भेज देता है।गलती 3: गलत ITR फॉर्म का चुनाव करनाइनकम टैक्स विभाग ने अलग-अलग श्रेणी के टैक्सपेयर्स और उनकी आय के स्रोतों के आधार पर कई प्रकार के आईटीआर फॉर्म (जैसे ITR-1, ITR-2, ITR-3 और ITR-4) निर्धारित किए हैं। उदाहरण के लिए, यदि आपकी आय केवल सैलरी और एक मकान के किराए से है, तो आप ITR-1 (सहज) चुन सकते हैं।लेकिन, अगर आपको शेयर्स या प्रॉपर्टी बेचने से कैपिटल गेन हुआ है, आपके पास कोई विदेशी एसेट (विदेशी संपत्ति) है, आप किसी कंपनी में डायरेक्टर हैं, आपके पास एक से अधिक मकान हैं या आपकी कोई बिजनेस इनकम है, तो आपके ऊपर दूसरा आईटीआर फॉर्म लागू होगा। गलत फॉर्म चुनने पर आपके रिटर्न को 'डिफेक्टिव रिटर्न' (Defective Return) मानकर खारिज किया जा सकता है और आपको दोबारा सही फॉर्म के साथ रिवाइज्ड रिटर्न भरना पड़ेगा।गलती 4: एडवांस टैक्स की देनदारी को नजरअंदाज करनाअक्सर नौकरीपेशा लोग सोचते हैं कि उनकी कंपनी ने हर महीने सैलरी से टीडीएस (TDS) काट लिया है, इसलिए उनकी टैक्स से जुड़ी जिम्मेदारी पूरी हो गई। यह सोच हमेशा सही नहीं होती।अगर आपको सैलरी के अलावा बैंक ब्याज, मकान किराया, डिविडेंड या किसी अन्य शॉर्ट-टर्म निवेश से अच्छी खासी अतिरिक्त कमाई हुई है, तो आपकी कुल टैक्स देनदारी बढ़ जाती है। यदि वित्तीय वर्ष में आपकी कुल टैक्स देनदारी (टीडीएस कटने के बाद) ₹10,000 से अधिक बनती है, तो आपको नियमानुसार समय पर 'एडवांस टैक्स' (Advance Tax) जमा करना होता है। यदि आप समय पर एडवांस टैक्स नहीं चुकाते हैं, तो आयकर अधिनियम की धारा 234B और 234C के तहत आपको अतिरिक्त ब्याज चुकाना पड़ सकता है।गलती 5: बिना पुख्ता दस्तावेजों के टैक्स छूट (Deductions) का दावा करनासेक्शन 80C (PPF, LIC, ELSS आदि), 80D (हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम), होम लोन के ब्याज या एचआरए (HRA - हाउस रेंट अलाउंस) जैसी टैक्स छूट का दावा करते समय अक्सर लोग लापरवाही बरतते हैं। कई बार टैक्स बचाने के चक्कर में बिना किसी निवेश के ही फर्जी क्लेम कर दिए जाते हैं।यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि हालांकि आईटीआर दाखिल करते समय आपको कोई भी रसीद या दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड नहीं करना होता, लेकिन इनकम टैक्स डिपार्टमेंट स्क्रूटनी (जांच) के दौरान कभी भी आपसे इन दावों के पुख्ता प्रमाण या निवेश रसीदें मांग सकता है। यदि आपके पास मौके पर वैध दस्तावेज नहीं मिलते हैं, तो विभाग आपके दावों को खारिज कर टैक्स चोरी के मामले में भारी जुर्माना, अतिरिक्त टैक्स और ब्याज वसूल सकता है।
US Iran News in Hindi : स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता मात्र 80 मिनट में खत्म हो गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बड़े हमले की धमकी दी। इस पर ईरान ने पलटवार करते हुए कहा कि इस्लामिक गणराज्य को धमकाने से कोई ...
भारतीय शेयर बाजार के लिए हफ़्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार, 22 जून को वैश्विक बाजारों (Global Markets) से बेहद शानदार और सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। घरेलू बाजार के खुलने से पहले गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) में करीब 100 अंकों की तेजी देखी गई है, जो दलाल स्ट्रीट के लिए एक दमदार और हरी बत्ती वाली शुरुआत का साफ इशारा है। इसके साथ ही, भारतीय बाजार को घरेलू मोर्चे पर संस्थागत निवेशकों का बड़ा सहारा मिला है। कैश मार्केट में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FIIs) ने ₹4,800 करोड़ की बंपर खरीदारी की है, हालांकि वायदा बाजार (Futures) में हल्की मुनाफावसूली या बिकवाली दर्ज की गई है।अमेरिकी बाजारों में थी छुट्टी, पर डाओ फ्यूचर्स में दिखी हल्की बढ़तअमेरिकी बाजारों (Wall Street) की बात करें तो पिछले कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार को वहां 'जूनटीन्थ नेशनल इंडिपेंडेंस डे' (Juneteenth National Independence Day) के मौके पर आधिकारिक फेडरल छुट्टी थी। यह दिन अमेरिका में गुलामी प्रथा के अंत की याद में मनाया जाता है, जिसके कारण मुख्य बाजार बंद रहे। हालांकि, आज सुबह डाओ फ्यूचर्स (Dow Futures) में हल्की रौनक और बढ़त देखने को मिल रही है, जिससे वैश्विक सेंटिमेंट मजबूत हुआ है।अमेरिका-ईरान शांति वार्ता से एशियाई बाजारों में लौटी रौनक, निक्केई 1.75% उछलासोमवार को एशियाई बाजारों में चौतरफा हरियाली देखने को मिल रही है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता में सकारात्मक प्रगति (Progress) की खबरें हैं, जिसने युद्ध की चिंताओं को फिलहाल कम किया है:जापान और कोरिया: जापान का प्रमुख इंडेक्स निक्केई 225 (Nikkei 225) 1.75% की भारी बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है, जबकि टॉपिक्स (Topix) में 1.17% की मजबूती है। साउथ कोरिया का कोस्पी (Kospi) भी 1.54% चढ़कर ग्रीन जोन में बना हुआ है, हालांकि कोस्डैक (Kosdaq) में 0.57% की मामूली गिरावट देखी गई।गिफ्ट निफ्टी का जलवा: गिफ्ट निफ्टी सुबह 24,154 के मजबूत स्तर के आस-पास ट्रेड कर रहा था। यह निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोजिंग स्तर से लगभग 97 अंकों का बड़ा प्रीमियम (बढ़त) दिखाता है, जो भारतीय सूचकांकों के लिए एक बेहतरीन ओपनिंग का आधार तय कर रहा है।अन्य इंडेक्स: इसके विपरीत, हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स में कुछ कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं। वहीं, जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स आज 0.4% नीचे खिसक गया है।वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स पर ब्याज दरों का साया, यूएस-ईरान वार्ता के पहले दौर का रोडमैप सफलएक तरफ जहां एशियाई बाजार झूम रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में थोड़ी सुस्ती देखी जा रही है। निवेशकों की नजरें अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के तकनीकी पहलुओं पर टिकी हैं, लेकिन साथ ही भविष्य में ब्याज दरें (Interest Rates) बढ़ने के डर से यूएस स्टॉक फ्यूचर्स में गिरावट आई। एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 0.5%, नैस्डैक फ्यूचर्स 0.7% और डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स 0.4% तक गिर गए।राहत की बात यह है कि कूटनीतिक मोर्चे पर अच्छी खबरें हैं। ईरानी वार्ताकारों के अनुसार, अमेरिका के साथ शांति समझौते को लेकर बातचीत सही दिशा में बढ़ रही है, जिससे यह डर खत्म हो गया है कि दोनों देशों के बीच सीजफायर का प्रोसेस टूट जाएगा। मध्यस्थता कर रहे कतर और पाकिस्तान के अधिकारियों ने एक संयुक्त बयान जारी कर पुष्टि की है कि वार्ता का पहला सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है और अगले 60 दिनों के भीतर एक 'फाइनल डील' तक पहुंचने का रोडमैप पूरी तरह तैयार कर लिया गया है।चीन ने लगातार 13वें महीने नहीं बदले लोन रेट्स, जापानी बॉन्ड यील्ड में लगातार तीसरे दिन उछालएशिया की अन्य बड़ी आर्थिक खबरों पर नजर डालें तो:चीन एलपीआर (China LPR): चीन के केंद्रीय बैंक 'पीपल्स बैंक ऑफ चाइना' (PBOC) ने देश की सुस्त अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए जून महीने में भी अपनी बेंचमार्क लेंडिंग रेट्स (कर्ज दरों) में कोई बदलाव नहीं किया है। यह लगातार 13वां महीना है जब दरें स्थिर हैं। बैंक ने एक साल के लोन प्राइम रेट (LPR) को 3.00% और पांच साल के एलपीआर को 3.50% के पुराने स्तर पर ही बरकरार रखा है।जापानी बॉन्ड यील्ड: जापान में बढ़ती महंगाई और राजकोषीय (फिस्कल) चिंताओं के बीच सरकारी बॉन्ड यील्ड में लगातार तीसरे दिन तेजी का रुख रहा। बेंचमार्क 10-साल का जेजीबी (JGB) यील्ड 3 बेसिस पॉइंट बढ़कर 2.675% के स्तर पर पहुंच गया है।होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई धीमी होने से कच्चे तेल में उबाल, डॉलर की मजबूती से येन रिकॉर्ड निचले स्तर परक्रूड ऑयल: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के शुरुआती दौर में आई कुछ कड़वाहट के कारण रणनीतिक समुद्री मार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' से जहाजों की आवाजाही थोड़ी धीमी हुई थी, जिसका असर कीमतों पर दिखा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.83% बढ़कर 81.24 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 2.04% की उछाल के साथ 77.40 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।सोना और चांदी: वैश्विक बाजार में महंगाई और उच्च ब्याज दरों की चिंता थोड़ी कम होने से बुलियन मार्केट में शानदार रिकवरी हुई है। सोने की कीमतें पिछले निचले स्तर से 1% से ज्यादा उछल गईं। स्पॉट गोल्ड का भाव 1.2% की बढ़त के साथ 4,209.03 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि हाजिर चांदी (Spot Silver) 2.6% की तूफानी तेजी के साथ 66.60 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।करेंसी मार्केट (Dollar Index): शांति समझौते को लेकर बनी शुरुआती अनिश्चितता के कारण सुरक्षित निवेश के तौर पर अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिली है। इसके चलते ब्रिटिश पाउंड 0.24% गिरकर $1.32055 और यूरो 0.1% की नरमी के साथ $1.1462 पर आ गया। वहीं, जापानी येन में लगातार कमजोरी जारी है और यह फिसलकर 161.53 प्रति डॉलर के स्तर पर आ गया है, जो इसके पिछले दो साल के सबसे निचले स्तर के बेहद करीब है।
हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी के बजट और जेब पर सीधा असर डालती हैं। सोमवार, 22 जून को देश की सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने सुबह 6 बजे ईंधन के ताजा रेट जारी कर दिए हैं। यह कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की चाल और डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर के आधार पर तय की जाती हैं। वैश्विक बाजार में चल रहे भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं के लिए घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतें काफी हद तक नियंत्रित बनी हुई हैं।दिल्ली, मुंबई से लेकर लखनऊ तक: देश के प्रमुख शहरों में आज का ईंधन रेटभारत के अलग-अलग राज्यों में स्थानीय टैक्स (VAT) और माल ढुलाई की लागत के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतें अलग-अलग होती हैं। 22 जून 2026 को देश के बड़े महानगरों और प्रमुख शहरों में ईंधन के दाम (प्रति लीटर) इस प्रकार दर्ज किए गए हैं:महानगरों का हाल: देश की राजधानी नई दिल्ली में आज पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 83.09 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल 111.18 रुपये और डीजल 86.00 रुपये के स्तर पर है। कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 113.47 रुपये और डीजल 93.50 रुपये है, जबकि चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 91.50 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बना हुआ है।उत्तर भारत के बड़े शहर: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज पेट्रोल 102.05 रुपये और डीजल 95.75 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है। दिल्ली से सटे नोएडा में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 91.70 रुपये, जबकि गुरुग्राम में पेट्रोल 102.77 रुपये और डीजल 91.70 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। चंडीगढ़ में पेट्रोल का भाव 98.10 रुपये और गुलाबी नगरी जयपुर में पेट्रोल 112.66 रुपये व डीजल 90.91 रुपये प्रति लीटर है।दक्षिण व अन्य क्षेत्र: हैदराबाद में ईंधन के दाम काफी ऊंचे हैं, यहाँ पेट्रोल 115.69 रुपये और डीजल 97.00 रुपये पर है। बेंगलुरु में पेट्रोल 110.93 रुपये और डीजल 90.00 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया। बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल 113.35 रुपये, भुवनेश्वर में पेट्रोल 109.92 रुपये और तिरुवनंतपुरम में पेट्रोल का भाव 115.49 रुपये प्रति लीटर है। डीजल की बात करें तो अहमदाबाद में यह 82.25 रुपये और पुणे में 92.50 रुपये प्रति लीटर के भाव पर मिल रहा है।एक नज़र में देखें अपने शहर की कीमतें (Table)शहरपेट्रोल का भाव (₹/लीटर)डीजल का भाव (₹/लीटर)नई दिल्ली102.1283.09मुंबई111.1886.00कोलकाता113.4793.50चेन्नई107.7791.50लखनऊ102.0595.75नोएडा102.1291.70गुरुग्राम102.7791.70जयपुर112.6690.91हैदराबाद115.6997.00बेंगलुरु110.9390.00क्या हैं वे बड़े कारण, जिनसे रोज तय होती हैं ईंधन की कीमतें?भारत में पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतें (Retail Price) मुख्य रूप से पांच बड़े कारकों पर निर्भर करती हैं:कच्चे तेल (Crude Oil) की अंतरराष्ट्रीय कीमत: पेट्रोल और डीजल का उत्पादन क्रूड ऑयल से ही होता है। वैश्विक बाजार में जब कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं या ओपेक देशों द्वारा सप्लाई रोकी जाती है, तो देश में भी ईंधन महंगा होने का खतरा बढ़ जाता है।डॉलर-रुपया विनिमय दर: भारत अपनी जरूरत का लगभग 80-85% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, जिसका भुगतान अमेरिकी डॉलर में होता है। यदि डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होता है, तो तेल कंपनियों को आयात के लिए अधिक पैसे चुकाने पड़ते हैं।सरकारी टैक्स (Tax Structure): ईंधन की कीमतों का एक बहुत बड़ा हिस्सा केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों के वैट (VAT) के रूप में जाता है। यही वजह है कि एक राज्य से दूसरे राज्य में जाते ही कीमतें बदल जाती हैं।रिफाइनिंग और ट्रांसपोर्टेशन की लागत: कच्चे तेल को देश की रिफाइनरियों में पेट्रोल-डीजल में बदलने का खर्च और उसके बाद उसे देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थित पेट्रोल पंपों तक सुरक्षित पहुंचाने की लागत भी अंतिम कीमत में जोड़ी जाती है।घर बैठे सिर्फ एक SMS से जानें अपने शहर का ताजा रेटअगर आप हर दिन सुबह अपने शहर की सटीक और पारदर्शी कीमतें जानना चाहते हैं, तो तेल कंपनियों की एसएमएस सेवा का लाभ उठा सकते हैं:इंडियन ऑयल (IOCL): अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में RSP अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे 9224992249 पर भेज दें।भारत पेट्रोलियम (BPCL): अपने फोन से RSP शहर का कोड लिखकर 9223112222 पर सेंड करें।हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL): अपने मोबाइल से HP Price शहर का कोड टाइप करें और 9222201122 पर भेजकर ताजा रेट प्राप्त करें।
भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। वैश्विक दबाव और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण कीमती धातुओं की चमक एक बार फिर फीकी पड़ी है। एक दिन की स्थिरता के बाद सोमवार, 22 जून को राजधानी दिल्ली समेत देश के प्रमुख बाजारों में सोने और चांदी के भाव में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। इस नरमी के बाद 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के दाम एक बेहद आकर्षक दायरे में कारोबार कर रहे हैं, जिससे खरीदारों को राहत मिली है।क्यों आ रही है गिरावट? एक्सपर्ट्स ने बताई डॉलर और फेडरल रिजर्व की वजहसर्राफा बाजार के जानकारों के मुताबिक, इस समय सोने और चांदी की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों का सीधा असर देखने को मिल रहा है। एलकेपी सिक्योरिटीज (LKP Securities) में वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी और करेंसी रिसर्च एनालिस्ट) जतिन त्रिवेदी का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से साल 2026 में कम से कम एक बार ब्याज दरें बढ़ाने के सख्त संकेत मिले हैं। इस फैसले के बाद से ही वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर (US Dollar) को भारी मजबूती मिली है।डॉलर के मजबूत होने और फेड के आक्रामक रुख के कारण बुलियन मार्केट में निवेशकों द्वारा बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली (Profit Booking) की गई है। चूंकि सोना एक गैर-ब्याज देने वाली संपत्ति (Non-Yielding Asset) है, इसलिए डॉलर इंडेक्स के मजबूत होने से इसकी मांग में कमी आई है और कीमतें नीचे खिसक रही हैं।10 बड़े शहरों में 18, 22 और 24 कैरेट सोने का आज का ताजा भावदेश के प्रमुख महानगरों और बड़े शहरों में आज सुबह सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) इस प्रकार दर्ज किए गए हैं:दिल्ली, जयपुर और लखनऊ: इन तीनों बड़े शहरों में आज 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव ₹1,46,220 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। वहीं, आभूषण बनाने के काम आने वाले 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,34,040 और 18 कैरेट गोल्ड का रेट ₹1,09,700 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद: इन चारों महानगरों में आज सोने की कीमतों में एक समान रुख देखा जा रहा है। यहाँ आज 24 कैरेट सोना ₹1,46,070 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,33,890 प्रति 10 ग्राम के भाव पर ट्रेंड कर रहा है। 18 कैरेट सोने का दाम यहाँ ₹1,09,550 पर बना हुआ है।चेन्नई: हमेशा की तरह चेन्नई में टैक्स और स्थानीय लेवी के कारण सोने के दाम सबसे ऊंचे बने हुए हैं। चेन्नई में आज 24 कैरेट गोल्ड का रेट ₹1,48,360, 22 कैरेट का रेट ₹1,35,990 और 18 कैरेट गोल्ड का रेट ₹1,13,690 प्रति 10 ग्राम है।पटना और अहमदाबाद: बिहार की राजधानी पटना और गुजरात के अहमदाबाद में आज 24 कैरेट सोना ₹1,46,120 और 22 कैरेट सोना ₹1,33,940 प्रति 10 ग्राम के भाव पर बिक रहा है।एक नज़र में देखें अपने शहर का आज का गोल्ड रेट (Table)शहर24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भावदिल्ली₹1,46,220₹1,34,040₹1,09,700मुंबई₹1,46,070₹1,33,890₹1,09,550कोलकाता₹1,46,070₹1,33,890₹1,09,550चेन्नई₹1,48,360₹1,35,990₹1,13,690बेंगलुरु₹1,46,070₹1,33,890₹1,09,550हैदराबाद₹1,46,070₹1,33,890₹1,09,550लखनऊ₹1,46,220₹1,34,040₹1,09,700पटना₹1,46,120₹1,33,940₹1,09,600जयपुर₹1,46,220₹1,34,040₹1,09,700अहमदाबाद₹1,46,120₹1,33,940₹1,09,600चांदी की चमक भी हुई फीकी, चेन्नई में मिल रही है सबसे महंगी चांदीसोने की तरह चांदी के बाजार में भी सुस्ती का माहौल देखा जा रहा है। लगातार दो दिनों तक स्थिर रहने के बाद आज सोमवार को चांदी के भाव भी नीचे सरक गए हैं। आज दिल्ली के सर्राफा बाजार में एक किलो चांदी की कीमत ₹100 की मामूली गिरावट के साथ ₹2,49,900 के स्तर पर आ गई है।बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई और कोलकाता में भी आज चांदी इसी भाव पर बिक रही है। हालांकि, दक्षिण भारत के चेन्नई शहर में चांदी का भाव ₹2,54,900 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया है, जिसका मतलब है कि चारों प्रमुख महानगरों में इस समय सबसे महंगी चांदी चेन्नई में ही बेची जा रही है।
वैश्विक ऊर्जा बाजार (Global Energy Market) से इस समय की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। सोमवार, 22 जून को अंतरराष्ट्रीय बाजार खुलते ही कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में एक बार फिर जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है। इस उछाल के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बेहद कड़ा और आक्रामक बयान है, जिसमें उन्होंने ईरान को सीधी सैन्य कार्रवाई (Military Action) की चेतावनी दी है। ट्रंप के इस रुख के बाद निवेशकों के बीच यह चिंता गहरे घाव की तरह बैठ गई है कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच स्विट्जरलैंड में चल रही बेहद नाजुक दौर की शांति वार्ता खटाई में पड़ सकती है।ब्रेंट क्रूड 2.2% उछला, डब्ल्यूटीआई भी $78 के पारवैश्विक तनाव का सीधा और तात्कालिक असर तेल की कीमतों पर देखने को मिला है। सोमवार को कमोडिटी मार्केट खुलते ही बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 2.2 प्रतिशत की भारी बढ़त के साथ 82.30 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी तेजी से रिकवर करते हुए 78 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक निशान के ऊपर निकल गया है।कमोडिटी फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में हाल ही में बड़ी गिरावट देखी गई थी और यह घटकर लगभग 73 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था, लेकिन नई भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण बाजार का सेंटीमेंट अचानक बदल गया है और कीमतें अब $77-78 (WTI) की मजबूत रेंज में ट्रेड कर रही हैं।क्यों सुलग रहा है मिडिल ईस्ट? जानिए तेल की कीमतें बढ़ने की असल वजहअंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई इस अचानक तेजी के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण काम कर रहे हैं:डोनाल्ड ट्रंप की सीधी चेतावनी: फॉक्स न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर अपने हमले जारी रखे, तो अमेरिका सीधे ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। ट्रंप ने साफ किया कि होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की किसी भी ईरानी कोशिश के बेहद गंभीर और विनाशकारी परिणाम होंगे।स्विट्जरलैंड वार्ता पर संकट के बादल: रविवार को कूटनीतिक गलियारों में उस समय हड़कंप मच गया जब ईरानी मीडिया ने दावा किया कि ट्रंप की धमकी के विरोध में तेहरान ने स्विट्जरलैंड में चल रही महावार्ता को बीच में ही रोक दिया है। हालांकि, बाद में बातचीत से जुड़े अंतरराष्ट्रीय सूत्रों ने पुष्टि की कि दोनों पक्षों के बीच संवाद अभी भी जारी है, लेकिन इस अनिश्चितता ने बाजार को डरा दिया है।सीजफायर उल्लंघन के आरोप: ईरान ने इजरायल पर आरोप लगाया है कि उसने दक्षिणी लेबनान में सीजफायर (युद्धविराम) की शर्तों का खुला उल्लंघन किया है। ईरान की तीखी बयानबाजी के बीच उसकी सैन्य कमान ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का दावा किया, हालांकि वीकेंड के दौरान इस रणनीतिक जलमार्ग से तेल की वैश्विक सप्लाई ज्यादातर बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से चलती रही।बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में मैराथन बैठक, 60 दिनों की समयसीमा शुरूस्विट्जरलैंड के खूबसूरत बर्गेनस्टॉक (Burgenstock) रिजॉर्ट में चल रही यह हाई-लेवल कूटनीतिक बैठक दोनों देशों के बीच तय की गई 60 दिनों की समयसीमा का हिस्सा है। इसकी शुरुआत पिछले हफ्ते राष्ट्रपति ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति के बीच तनाव कम करने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने के बाद हुई थी।ब्लूमबर्ग की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों के राजनयिकों के बीच यह बातचीत सोमवार सुबह तक लगातार चलती रही। इस महामंथन का मुख्य फोकस होर्मुज स्ट्रेट से वैश्विक नेविगेशन और कमर्शियल जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाए रखना और दक्षिणी लेबनान में इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच जमीनी स्तर पर युद्धविराम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराना है।आगे क्या होगा? निवेशकों की टिक गईं कूटनीतिक हेडलाइंस पर नजरेंआपको बता दें कि पिछले कुछ हफ्तों में वैश्विक रिफाइनरियों द्वारा कच्चे तेल के वैकल्पिक रास्ते तलाशने के कारण कीमतों में थोड़ी नरमी जरूर आई थी, लेकिन ताजा विवाद ने बाजार को फिर से गर्म कर दिया है। एनर्जी एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में ग्लोबल मार्केट का सेंटीमेंट पूरी तरह से स्विट्जरलैंड से आने वाली कूटनीतिक खबरों पर निर्भर करेगा। अगर बातचीत में थोड़ी भी प्रगति होती है तो ऊर्जा बाजार तेजी से सामान्य हो जाएगा, लेकिन यदि तनाव और बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमतें एक नया रिकॉर्ड बना सकती हैं, जिसका सीधा असर भारत सहित दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की घरेलू कीमतों पर पड़ेगा।
महायुति सरकार महाराष्ट्र की प्रगति के लिए प्रतिबद्ध: उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कहा कि महायुति सरकार जन कल्याण और लोकतांत्रिक संवाद पर जोर देते हुए महाराष्ट्र की प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है।
पहलगाम आतंकी हमले की एनआईए चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि आतंकियों तक हथियार ड्रोन के जरिए पहुंचाए गए थे। जांच में स्थानीय नेटवर्क, ह्यूमन इंटेलिजेंस की कमी और पाकिस्तान समर्थित नई रणनीति पर भी सवाल उठे हैं।
सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलने पर टीएमसी की प्रतिक्रिया, इतिहास मिटाने से बचने की दी सलाह
पश्चिम बंगाल में सड़कों के नाम बदलने को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उस टिप्पणी के बाद, जिसमें उन्होंने कहा था कि कुछ पुराने नाम हिंसा, खून-खराबे और देशभक्ति से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भों को दर्शाते हैं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
कांग्रेस की राजनीति परिवार केंद्रित, अखंड भारत कभी एजेंडा नहीं रहा: गौरव वल्लभ
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) ट्रेड एग्रीमेंट, कर्नाटक कांग्रेस में राजनीतिक नारों को लेकर उपजे विवाद, कांग्रेस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी और पीएम मोदी-ट्रंप मुलाकात को लेकर कांग्रेस नेताओं पवन खेड़ा और शशि थरूर के बीच सोशल मीडिया पर हुई बहस पर प्रतिक्रिया दी।
तृणमूल कांग्रेस के राज्य अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ प्रमुख मोसरफ हुसैन ने पद से इस्तीफा दिया
तृणमूल कांग्रेस के विधायक और राज्य अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ प्रमुख मोसरफ हुसैन ने रविवार को पार्टी पद से इस्तीफा दे दिया।
बागियों पर बरसे उद्धव ठाकरे, बोले- मेरी शिवसेना ही असली, CM फडणवीस ने कसा तंज
Uddhav Thackeray News : महाराष्ट्र में शिवसेना (UBT) के अंदर बगावत को लेकर उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि ये कोई पहला मौका नहीं है जब वो इस तरह का संकट का सामना कर रहे हैं। पहले भी पार्टी में इस तरह की स्थिति पैदा हो चुकी ...
नसीराबाद में अवैध गैस रिफिलिंग पर जिला रसद विभाग की बड़ी कार्रवाई, 5 व्यक्ति अरेस्ट
अजमेर। जिला रसद अधिकारी नीरज जैन द्वारा रविवार को थाना नसीराबाद सदर की सूचना पर मय प्रवर्तन दल के नसीराबाद तहसील के ग्राम झड़वासा के निकट नेशनल हाईवे-48 स्थित होटल हरिओम के पास अवैध गैस रिफिलिंग के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की गई। जिला रसद अधिकारी जैन ने बताया कि झड़वासा के निकट नेशनल हाईवे-48 स्थित […] The post नसीराबाद में अवैध गैस रिफिलिंग पर जिला रसद विभाग की बड़ी कार्रवाई, 5 व्यक्ति अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
विश्व योग दिवस पर हार्टफुलनेस के योग-ध्यान कार्यक्रमों में उमड़ा जनसैलाब
वरुण सागर सहित 12 स्थानों पर एक हजार से अधिक लोगों ने किया योग अजमेर। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर श्रीरामचंद्र मिशन हार्टफुलनेस संस्थान द्वारा अजमेर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर योग एवं ध्यान कार्यक्रम आयोजित किए गए। वरुण सागर सहित शहर के 12 प्रमुख स्थलों पर आयोजित योग […] The post विश्व योग दिवस पर हार्टफुलनेस के योग-ध्यान कार्यक्रमों में उमड़ा जनसैलाब appeared first on Sabguru News .
पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में खड़ी ट्रॉली से टकराई बस, 5 लोगों की मौत
जलपाईगुड़ी। पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में रविवार सुबह उत्तर बंगाल राज्य परिवहन निगम की एक बस सड़क किनारे खड़े एक बड़े ट्रक-ट्रॉली से टकरा गयी। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम पांच यात्रियों की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गए, जिनमें से कुछ की हालत बेहद गंभीर है। लगभग […] The post पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में खड़ी ट्रॉली से टकराई बस, 5 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
खाटूश्याम जाने वाले दर्शनार्थियों की यात्रा होगी आसान, जल्द शुरू होगा सुंदरपुरा स्टेशन का निर्माण
सीकर। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को कहा कि खाटूश्याम के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जल्दी ही सुंदरपुरा स्टेशन का निर्माण होगा। उन्होंने सीकर स्टेशन पर सीकर के पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती के साथ चर्चा में खाटूश्याम जी के दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए सुंदरपुरा स्टेशन के निर्माण कार्य […] The post खाटूश्याम जाने वाले दर्शनार्थियों की यात्रा होगी आसान, जल्द शुरू होगा सुंदरपुरा स्टेशन का निर्माण appeared first on Sabguru News .
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर NMO महानगर ने किया योग शिविर का आयोजन
जयपुर। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन (NMO) महानगर इकाई द्वारा रविवार को योग शिविर का सफल आयोजन किया गया। योग से निरोग के संदेश के साथ आयोजित इस शिविर में खराब मौसम के बावजूद लोगों ने पूरे जोश से भाग लिया। कार्यक्रम में डॉ. रमेश अग्रवाल ने कहा कि योग केवल […] The post अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर NMO महानगर ने किया योग शिविर का आयोजन appeared first on Sabguru News .
तुषार मेहता फिर बने भारत के सॉलिसिटर जनरल, केंद्र ने तीन साल के नए कार्यकाल को दी मंजूरी
केंद्र सरकार ने तुषार मेहता को 1 जुलाई 2026 से तीन साल के लिए फिर भारत का सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया है। यह उनकी लगातार तीसरी पुनर्नियुक्ति है। साथ ही पांच अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरलों का कार्यकाल भी बढ़ाया गया।
केंद्र सरकार ने 7 नए बुलेट ट्रेन हाई-स्पीड कॉरिडोर को मंजूरी दी। दिल्ली से लखनऊ सिर्फ 2 घंटे और वाराणसी 3 घंटे 15 मिनट में पहुंचना संभव होगा। जानिए पूरी योजना।
मुंबई: सीबीआई ने 62.42 करोड़ रुपए के बैंक धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया, कई ठिकानों पर छापेमारी
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मुंबई स्थित एक फर्म और उसके साझेदारों के खिलाफ 62.42 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। यह मामला भारतीय बैंक, एसएएम शाखा, मुंबई की शिकायत पर दर्ज किया गया है।
उत्तर प्रदेश में पहचान का संकट खड़ा करने वालों को अब दुत्कारती है जनताः सीएम योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश नहीं, बल्कि वे लोग पहचान के लिए मोहताज हैं, जिन्होंने यूपी को बीमारू बनाया था। आज उन सबके सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया है। जनता अब उन्हें दुत्कारती है, भगाती है। उन्हें भाव नहीं देती।
किशनगढ़बास में 16 वर्षीय दलित किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म
खैरथल-तिजारा। राजस्थान में खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़बास थाना क्षेत्र में एक गांव में 16 वर्षीय दलित किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पीड़िता की दादी ने रविवार को मामला दर्ज कराते हुए बताया कि पुत्र की मौत होने पर उसकी अस्थि विसर्जन के लिए परिवार के लोग गंगा नदी पर गए […] The post किशनगढ़बास में 16 वर्षीय दलित किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म appeared first on Sabguru News .
भजनलाल शर्मा ने आबूराज के सर्वांगीण विकास का ब्लूप्रिंट तैयार करने के दिए निर्देश
आबूराज। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सिरोही जिले के आबूराज के पर्यटन, आध्यात्मिक एवं पर्यावरणीय विशिष्टताओं के अनुरूप सर्वांगीण विकास का ब्लूप्रिंट तैयार करने के निर्देश दिये हैं। शर्मा रविवार को आबूराज में आबूपर्वत विकास समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने विकास कार्यों को परस्पर समन्वय के साथ समयबद्ध रूप से […] The post भजनलाल शर्मा ने आबूराज के सर्वांगीण विकास का ब्लूप्रिंट तैयार करने के दिए निर्देश appeared first on Sabguru News .
पाली के रोहट में लेखा सहायक (संविदाकर्मी) 20 हजार रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट
पाली। राजस्थान में भ्रष्टाचर निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने रविवार काे पाली जिले में कार्यालय ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी रोहट के लेखा सहायक (संविदाकर्मी) देवकीनंदन शर्मा को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी पाली द्वितीय को शिकायत मिली थी कि […] The post पाली के रोहट में लेखा सहायक (संविदाकर्मी) 20 हजार रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
हरियाणा के सरकारी अस्पताल निजी अस्पतालों से भी अधिक सुविधा संपन्न होंगे : नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी अस्पताल जल्द ही निजी अस्पतालों से भी अधिक सुविधा संपन्न होंगे। राज्य सरकार नागरिक अस्पतालों की सुविधाओं को बड़े स्तर पर विकसित कर रही है, जिससे आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। सैनी ने रविवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में […] The post हरियाणा के सरकारी अस्पताल निजी अस्पतालों से भी अधिक सुविधा संपन्न होंगे : नायब सिंह सैनी appeared first on Sabguru News .
तमिलनाडु : सीफूड कारखाने में अमोनिया गैस लीक हादसे में 7 कामगारों की मौत
चेन्नई। तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में सीफूड कारखाने में हुए अमोनिया गैस लीक हादसे में सात महिला कामगारों की मौत हो गई, जबकि 60 से अधिक कामगार गंभीर रूप से बीमार हो गए हैं। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रबंधन से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार किया है और जांच शुरू कर दी है। […] The post तमिलनाडु : सीफूड कारखाने में अमोनिया गैस लीक हादसे में 7 कामगारों की मौत appeared first on Sabguru News .
नसीराबाद : देरांठू की सरकारी स्कूल में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन
नसीराबाद। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय देरांठू (नसीराबाद-अजमेर) में पंचायत स्तरीय 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया गया। इस योग दिवस पर शारीरिक शिक्षक बाबूलाल जाट ने पधारे हुए सभी जनप्रतिनिधियों, स्टॉफ, विद्यार्थियों तथा ग्राम वासियों को योग करवाकर योग की महत्ता बताई। इस अवसर पर सूर्य नमस्कार, कपालभांति, अनुलोम विलोम, भ्रामरी,ताडासन तथा अन्य योगासन […] The post नसीराबाद : देरांठू की सरकारी स्कूल में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन appeared first on Sabguru News .
झुंझुनूं में सम्पत्ति कारोबारी के घर डकैती, 85 लाख के जेवर और नकदी लूटी
झुंझुनूं। राजस्थान में झुंझुनूं शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में शनिवार को देर रात पीपली चौक पर एक सम्पत्ति कारोबारी के घर करीब सात हथियारबंद बदमाशों ने करीब 85 लाख रुपए के सोने-चांदी के गहने और दो लाख रुपए लूट लिए। थाना प्रभारी श्रवण कुमार ने रविवार को बताया कि बदमाशों के पास देशी कट्टे […] The post झुंझुनूं में सम्पत्ति कारोबारी के घर डकैती, 85 लाख के जेवर और नकदी लूटी appeared first on Sabguru News .
अश्विनी वैष्णव और अर्जुन राम मेघवाल ने दिखाई बीकानेर-अमदाबाद विशेष ट्रेन को हरी झंडी
बीकानेर। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय विधि राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने उत्तर पश्चिम रेलवे के बीकानेर रेलवे स्टेशन से बीकानेर (लालगढ)–अमदाबाद (साबरमती) विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर वैष्णव ने कहा कि बीकानेर क्षेत्र की जनता को लंबे समय से बेहतर रेल संपर्क की आवश्यकता थी, जिसे […] The post अश्विनी वैष्णव और अर्जुन राम मेघवाल ने दिखाई बीकानेर-अमदाबाद विशेष ट्रेन को हरी झंडी appeared first on Sabguru News .
प्रधानमंत्री मोदी ने तीन स्वदेश निर्मित जहाज राष्ट्र को किए समर्पित
कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को पश्चिम बंगाल के श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह पर भारतीय नौसेना के लिए तीन स्वदेश निर्मित युद्धपोतों को राष्ट्र को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने यहां के श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह पर भारतीय नौसेना के लिए स्वदेश निर्मित तीन युद्धपोतों को राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने पश्चिम […] The post प्रधानमंत्री मोदी ने तीन स्वदेश निर्मित जहाज राष्ट्र को किए समर्पित appeared first on Sabguru News .
योग बन चुका है विश्वव्यापी जन आंदोलन : भजनलाल शर्मा
आबू राज। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि देश ने योग को कर्म योग से जोड़कर व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के तौर पर विकास की शक्ति को कई गुना बढ़ा दिया है और आज योग विश्वव्यापी जन आंदोलन बन चुका है। शर्मा रविवार को बारहवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सिरोही […] The post योग बन चुका है विश्वव्यापी जन आंदोलन : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .
12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर देश सहित मध्यप्रदेश की छटा योग के रंग में रंगी दिखाई दी। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर के गैरीसन ग्राउंड पर आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास ...
क्या आप सही टमाटर खरीद रहे हैं, पहचानें अंतर और जानें सेहत के लिए कौन है असली 'सुपरफूड'
भारतीय रसोई में टमाटर के बिना हर व्यंजन अधूरा है, चाहे वो दाल हो, सब्जी हो या फिर बिरयानी। लेकिन आजकल बाजार में टमाटर के दो प्रमुख प्रकार मिलते हैं—देसी और हाइब्रिड। अक्सर खरीदार इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि उनकी सेहत के लिए कौन सा टमाटर बेहतर है। क्या हाइब्रिड टमाटर हानिकारक होते हैं? क्या देसी टमाटर वाकई सेहत का खजाना हैं? आइए, आज इन दोनों के बीच का अंतर समझते हैं और जानते हैं कि आपकी थाली के लिए कौन सा टमाटर बेस्ट है।देसी और हाइब्रिड टमाटर की पहचान कैसे करें?देसी टमाटर और हाइब्रिड टमाटर की पहचान करना बहुत आसान है। हाइब्रिड टमाटर अक्सर आकार में थोड़े लंबे, अंडाकार और दिखने में बहुत आकर्षक व चिकने होते हैं। इनका छिलका काफी मोटा होता है और अंदर का गूदा (pulp) भी सख्त होता है, जिस कारण ये लंबे समय तक खराब नहीं होते। वहीं, देसी टमाटर आमतौर पर पूरी तरह गोल होते हैं। इनका छिलका बहुत पतला होता है, ये बेहद रसीले होते हैं और इनमें बीज की मात्रा भी अधिक होती है। देसी टमाटर अपनी तेज खटास और शानदार महक के लिए जाने जाते हैं।इस्तेमाल के लिहाज से कौन सा टमाटर चुनें?अगर आप सलाद (Salad) बना रहे हैं, तो हाइब्रिड टमाटर का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है, क्योंकि ये काटने में आसान होते हैं और जल्दी गलते नहीं हैं। लेकिन अगर बात करी, दाल, चटनी या रसम जैसे पारंपरिक भारतीय व्यंजनों की हो, तो देसी टमाटर ही बेस्ट हैं। इनका पतला छिलका और भरपूर रस ग्रेवी में बहुत अच्छा स्वाद और गाढ़ापन लाता है। इनकी शेल्फ लाइफ कम होती है, इसलिए इन्हें लाने के कुछ दिनों के भीतर ही इस्तेमाल कर लेना चाहिए।क्या हाइब्रिड टमाटर सेहत के लिए हानिकारक हैं?हाइब्रिड टमाटरों को अक्सर एक खास उद्देश्य के लिए तैयार किया जाता है—ताकि वे जल्दी खराब न हों और कीड़ों से बचे रहें। इनमें भी विटामिन-सी, पोटैशियम और फोलेट जैसे पोषक तत्व होते हैं। साथ ही, इनमें 'लाइकोपिन' (Lycopene) नामक एंटीऑक्सीडेंट भी पाया जाता है जो कैंसर से लड़ने में सहायक है। हाइब्रिड टमाटर खुद में हानिकारक नहीं हैं, लेकिन इनकी खेती के दौरान पेस्टिसाइड्स और केमिकल फर्टिलाइजर्स का इस्तेमाल अधिक हो सकता है, जो सेहत के लिए चिंता का विषय बन सकता है।देसी टमाटर को क्यों माना जाता है हेल्थ के लिए बेहतर?सेहत की दृष्टि से विशेषज्ञ अक्सर देसी टमाटर को वरीयता देते हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि देसी टमाटर में हाइब्रिड की तुलना में एंटीऑक्सीडेंट्स (खासकर लाइकोपिन) की मात्रा काफी अधिक होती है। इनमें विटामिन-ए और सी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो आपकी आंखों और स्किन की हेल्थ के लिए वरदान हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि देसी टमाटरों को अक्सर कम रसायनों या ऑर्गेनिक तरीके से उगाया जाता है, जिससे पेस्टिसाइड्स का खतरा न्यूनतम हो जाता है। यदि आप शुद्धता और स्वाद दोनों चाहते हैं, तो बाजार में देसी टमाटर ही प्राथमिकता होनी चाहिए।
पुर्तगाल में 'भूत भगाने' के नाम पर डरावना खेल, नकली पादरी बनकर महिलाओं को बेहोश करता था तांत्रिक
पुर्तगाल के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक 'फातिमा श्राइन' (Fatima Shrine) के पास एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे कैथोलिक जगत को हिलाकर रख दिया है। एक शॉपिंग सेंटर के बेसमेंट में 27 वर्षीय युवक फ्रांसिस्को मार्केस खुद को 'एक्सॉर्सिस्ट' (भूत भगाने वाला) बताकर अंधविश्वास का काला धंधा चला रहा था। पादरी की पोशाक पहनकर लोगों को सम्मोहित करने और 'पवित्र' नमक-पानी बेचने वाले इस तथाकथित तांत्रिक के खेल पर अब वेटिकन और स्थानीय चर्च प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लिया है।बेसमेंट में चलता था 'भूत भगाने' का अवैध शिविरकैथोलिक पादरियों का लंबा काला चोगा (Cassock) और रोमन कॉलर पहने फ्रांसिस्को मार्केस बिल्कुल असली पादरी की तरह दिखता है। शनिवार के दिन, जब 100 से अधिक लोग वहां जमा होते हैं, तो वह एक-एक कर लोगों के माथे पर हाथ रखता है। उसके हाथ रखते ही वहां मौजूद महिलाएं अचानक पीछे की ओर गिरने लगती हैं, जिन्हें वहां तैनात उसके सहायक संभाल लेते हैं। चर्च के अधिकारियों ने इसे धार्मिक आस्था के नाम पर लोगों, विशेषकर महिलाओं का मानसिक और आर्थिक शोषण करार दिया है।चर्च ने किया किनारा, बताया 'अवैध और संदिग्ध'इस पूरे मामले पर कैथोलिक चर्च ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि इस रिट्रीट का वेटिकन या चर्च की किसी भी आधिकारिक संस्था से कोई लेना-देना नहीं है। बिशप और चर्च प्रशासन ने स्पष्ट किया कि 'एक्सॉर्सिज्म' (बुरी आत्माओं को भगाने) की प्रथा कैथोलिक धर्म में मान्य जरूर है, लेकिन इसके लिए बेहद कड़े नियम और विशेष अनुमति की आवश्यकता होती है। केवल अधिकृत पादरियों को ही इसे संचालित करने का अधिकार है। चर्च ने आम जनता को चेतावनी दी है कि ऐसे अवैध शिविरों में न जाएं, जहां धर्म की आड़ में लोगों को ठगा जा रहा है।'जादुई' नमक-पानी और अभिषेक के नाम पर कमाईफ्रांसिस्को मार्केस का यह खेल सिर्फ प्रार्थना तक सीमित नहीं है। वह अपने 'चैपल' में आने वाले लोगों को 'पवित्र' नमक, अभिमंत्रित जल और अभिषेक के लिए खास तेल खरीदने के लिए भी प्रोत्साहित करता है। मार्केस को एक इतालवी नागरिक साल्वाटोर मिकालेफ का समर्थन हासिल है, जो खुद को उसका 'बिशप' बताता है। मिकालेफ का दावा है कि मार्केस के अंदर बुरी आत्माओं को भगाने की 'दिव्य शक्ति' है, जिसे लेकर पुर्तगाल का धार्मिक प्रशासन पूरी तरह से इनकार कर रहा है।आस्था के नाम पर शोषण: क्या कहते हैं विशेषज्ञ?एक्सॉर्सिज्म एक बेहद संवेदनशील और प्राचीन प्रथा है। हालांकि कुछ कैथोलिक समुदाय इसे आज भी मानते हैं, लेकिन धर्मगुरुओं का कहना है कि मार्केस जैसे लोग भोले-भाले और असहाय लोगों की मानसिक कमजोरी का फायदा उठा रहे हैं। फातिमा श्राइन के पास चल रहे इस बेसमेंट ऑपरेशन ने न केवल स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान खींचा है, बल्कि वेटिकन तक इस मामले की गूंज सुनाई दे रही है। चर्च की सख्त चेतावनी के बाद अब इन तथाकथित तांत्रिकों पर कानूनी कार्रवाई की संभावना भी बढ़ गई है।
शाहरुख के डांस से लेकर राहुल गांधी की मौजूदगी तक, मुंबई में हुआ सितारों का मिलन
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की कद्दावर सांसद सुप्रिया सुले के घर हाल ही में खुशियों की शहनाई गूंजी। सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले और सारंग लखानी विवाह के बंधन में बंध गए हैं। मुंबई में आयोजित इस दो दिवसीय हाई-प्रोफाइल शादी समारोह में राजनीति, व्यापार और मनोरंजन जगत के दिग्गजों ने शिरकत कर नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया। यह शादी न केवल पारिवारिक मिलन का जरिया बनी, बल्कि विपक्षी एकता और दिग्गजों के मेल-मिलाप का एक मंच भी नजर आई।राजनीति के दिग्गजों का लगा तांताशादी समारोह में राजनीतिक गलियारों के तमाम बड़े चेहरे दिखाई दिए। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विशेष रूप से पहुंचकर दूल्हा-दुल्हन को शुभकामनाएं दीं। इनके अलावा समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, पंजाब के सीएम भगवंत मान, कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, रामदास अठावले, गुलाम नबी आजाद और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यहां तक कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी इस वैवाहिक आयोजन में शामिल हुए।बॉलीवुड और बिजनेस जगत का भी दिखा जलवासमारोह में फिल्मी सितारों और बिजनेस टाइकून की उपस्थिति ने चार चांद लगा दिए। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन अपनी पत्नी जया बच्चन और बेटी श्वेता बच्चन नंदा के साथ पहुंचे। वहीं, शाहरुख खान ने अपने शानदार डांस मूव्स से संगीत सेरेमनी में समां बांध दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ। शाहरुख के अलावा जैकी श्रॉफ और रवि किशन भी इस जश्न का हिस्सा बने। वहीं बिजनेस वर्ल्ड से अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी और उनकी पत्नी प्रीति अडानी ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया।कौन हैं रेवती और सारंग?शिक्षा और करियर की बात करें तो सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले प्रतिष्ठित 'लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स' की पूर्व छात्रा हैं। उनके जीवनसाथी सारंग लखानी 'कोलंबिया बिजनेस स्कूल' से पढ़े हुए हैं और वह नागपुर के प्रमुख व्यवसायी व राजनेता अरुण लखानी के सुपुत्र हैं। रेवती और सारंग के इस मिलन को लेकर सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा है।संगीत सेरेमनी में शाहरुख का 'मैजिक'शादी की रस्मों के बीच संगीत सेरेमनी का एक वीडियो इंटरनेट पर छा गया है। शाहरुख खान ने अपनी सुपरहिट फिल्म 'कुछ कुछ होता है' के आइकॉनिक गाने 'कोई मिल गया' पर थिरकते हुए सभी का दिल जीत लिया। शाहरुख का यह अंदाज समारोह के मुख्य आकर्षणों में से एक रहा, जिसने शादी की रौनक को कई गुना बढ़ा दिया।
फैक्ट्री में मशीन ऑपरेटर से फीफा वर्ल्ड कप का 'सुपरस्टार', डेनिज़ उन्दाव ने कैसे बदली अपनी तकदीर
फीफा विश्व कप 2026 में डेनिज़ उन्दाव (Deniz Undav) का नाम अब हर फुटबॉल प्रेमी की जुबान पर है। टोरंटो में आइवरी कोस्ट के खिलाफ खेले गए रोमांचक मुकाबले में जब जर्मनी 0-1 से पिछड़ रही थी, तब इस स्ट्राइकर ने मैदान पर कदम रखते ही मैच का रुख बदल दिया। दूसरे हाफ में दो गोल दागकर जर्मनी को 2-1 से ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले डेनिज़ उन्दाव आज भले ही स्टार हैं, लेकिन उनका यह सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। एक समय था जब वे अपनी जीविका चलाने के लिए दिन में आठ-आठ घंटे एक फैक्ट्री में 'लेजर मशीन ऑपरेटर' के तौर पर काम करते थे।'बहुत छोटे हो' कहकर क्लब ने नकारा, नहीं मानी हारडेनिज़ उन्दाव का फुटबॉल करियर शुरुआत से ही आसान नहीं था। बुंडेसलीगा क्लब 'वेर्डर ब्रेमेन' ने उन्हें यह कहकर टीम से बाहर कर दिया था कि वे एक पेशेवर खिलाड़ी बनने के लिए बहुत छोटे हैं। इस रिजेक्शन ने उन्दाव का दिल तोड़ दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। केवल 17 साल की उम्र में अपना घर छोड़ा और जर्मनी की क्षेत्रीय लीग में हावेलसे टीम के लिए खेलना शुरू किया। उस दौर को याद करते हुए उन्दाव ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें फुटबॉल के साथ-साथ फैक्ट्री में मेहनत करनी पड़ती थी, क्योंकि सिर्फ फुटबॉल से मिलने वाले 120 पाउंड में उनका गुजारा नहीं हो सकता था।सुबह 4 बजे उठना और रात को 8 बजे घर लौटना— ऐसा था रूटीनउन्दाव ने अपने संघर्ष के दिनों का जिक्र करते हुए बताया, मैं सुबह 4 बजे उठता था, सीधे फैक्ट्री जाता था, दिन भर लेजर मशीन चलाता था और फिर फुटबॉल की ट्रेनिंग के लिए निकलता था। रात को 8 बजे जब घर पहुँचता था, तो शरीर पूरी तरह थक चुका होता था, लेकिन अगले दिन फिर वही रूटीन दोहराता था। यही वह कड़ी मेहनत थी जिसने उन्हें मैदान पर कभी न हार मानने वाला जज्बा दिया। आज भी, करोड़ों की संपत्ति और शोहरत के बावजूद, उन्दाव का कहना है कि उन्हें डिजाइनर कपड़ों या लग्जरी कारों का कोई शौक नहीं है क्योंकि वे गरीबी और मेहनत का असली अर्थ अच्छी तरह समझते हैं।2014 के बाद जर्मनी को नॉकआउट में पहुँचाने का कारनामाजर्मन राष्ट्रीय टीम में देरी से प्रवेश पाने वाले डेनिज़ उन्दाव ने 2024 में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की। यूरो कप 2024 में उन्हें पर्याप्त मौके नहीं मिले और पूरे टूर्नामेंट में केवल छह मिनट ही खेलने को मिला। लेकिन फीफा विश्व कप 2026 आते-आते वे टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी बन गए। आइवरी कोस्ट के खिलाफ 60वें मिनट में स्थानापन्न (Substitute) खिलाड़ी के रूप में उतरे उन्दाव ने 68वें मिनट में शानदार वॉली शॉट के जरिए पहला गोल किया और फिर इंजरी टाइम के 94वें मिनट में विजयी गोल दागकर जर्मनी को 2014 के बाद पहली बार नॉकआउट दौर के लिए क्वालीफाई करवाया।सादगी ही है डेनिज़ उन्दाव की असली पहचानफुटबॉल के बड़े सितारों के विपरीत, डेनिज़ उन्दाव आज भी खुद को 'साधारण व्यक्ति' मानते हैं। वे दिखावटी पीढ़ी (Show-off generation) का हिस्सा होने से साफ इनकार करते हैं। उनका मानना है कि संघर्ष के दिनों ने उन्हें जमीन से जुड़े रहना सिखाया है। कुराकाओ के खिलाफ टूर्नामेंट के पहले मैच में भी उन्होंने दो असिस्ट और एक गोल करके अपनी उपयोगिता साबित की थी। जर्मनी के लिए यह फॉरवर्ड खिलाड़ी अब भविष्य का बड़ा सितारा बनकर उभरा है।
जापान ने रचा इतिहास! ट्यूनीशिया को 4-0 से कुचलकर दर्ज की किसी भी एशियाई टीम की सबसे बड़ी जीत
फीफा विश्व कप 2026 के रोमांच के बीच जापान ने मॉन्टेरी के स्टेडियम में ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसे फुटबॉल इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। टूर्नामेंट के ऐतिहासिक 1000वें मैच में जापान ने 'ब्लू समुराई' के नाम से मशहूर अपनी टीम के साथ ट्यूनीशिया को 4-0 के बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही जापान ने न केवल नॉकआउट के करीब जगह बना ली है, बल्कि फीफा विश्व कप के पूरे इतिहास में किसी भी एशियाई टीम द्वारा दर्ज की गई सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।अयासे उएदा का जादू, ट्यूनीशियाई डिफेंस की उड़ी धज्जियांमैच की शुरुआत से ही जापान ने ट्यूनीशिया पर अपना दबदबा बनाए रखा। टीम की इस ऐतिहासिक जीत के नायक रहे अयासे उएदा, जिन्होंने दो शानदार गोल करके विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी। खेल के चौथे मिनट में ही दाइची कामाडा ने गोल दागकर जापान को बढ़त दिलाई, जिससे ट्यूनीशियाई खिलाड़ी पूरे मैच में दबाव में दिखे। कामाडा के बाद उएदा ने ट्यूनीशिया की रक्षापंक्ति को छकाते हुए निचले कोने में दूसरा गोल दागा। मैच के 69वें और 83वें मिनट में उएदा के दो और गोल ने जीत को ऐतिहासिक बना दिया।एशियाई फुटबॉल का नया कीर्तिमानजापान की यह 4-0 की जीत फीफा विश्व कप के मंच पर किसी भी एशियाई देश के लिए अब तक की सबसे बड़ी जीत है। इतना ही नहीं, एक विश्व कप मैच में चार गोल दागना भी एशिया की किसी भी टीम के लिए एक नया रिकॉर्ड है। स्वीडन से 1-5 की शर्मनाक हार के बाद ट्यूनीशिया ने अपने कोच सबरी लामौची को बर्खास्त कर दिया था और हरवे रेनार्ड को कमान सौंपी थी, लेकिन नए मैनेजर के कार्यकाल की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही।ग्रुप F का समीकरण: ट्यूनीशिया बाहर, जापान नॉकआउट की दहलीज परइस जीत के साथ जापान ग्रुप F में मजबूती से दूसरे स्थान पर काबिज हो गया है और अब राउंड ऑफ 32 में अपनी जगह पक्की करने के बिल्कुल करीब है। नीदरलैंड्स इस ग्रुप में शीर्ष पर बना हुआ है, जिसने अपने मैच में स्वीडन को 5-1 से हराकर टूर्नामेंट में अपना दबदबा दिखाया है। दूसरी ओर, इस हार के साथ ही ट्यूनीशिया का विश्व कप का सफर लगभग समाप्त हो गया है और उनके नॉकआउट में पहुंचने की सभी उम्मीदें खत्म हो गई हैं।
कोहली-बुमराह की वापसी, शतक जड़ने वाले यशस्वी जायसवाल बाहर
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने रविवार को इंग्लैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के लिए 15 सदस्यीय भारतीय क्रिकेट टीम की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस टीम चयन में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं, जो क्रिकेट फैंस के लिए चर्चा का विषय बन गए हैं। युवा स्टार शुभमन गिल (Shubman Gill) को टीम की कमान सौंपी गई है। वहीं, टीम में दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली (Virat Kohli) और यॉर्कर किंग जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) की बहुप्रतीक्षित वापसी हुई है। हालांकि, सबसे ज्यादा चौंकाने वाला फैसला युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) को टीम से बाहर रखने का रहा है।विराट कोहली की वापसी, लेकिन देनी होगी फिटनेस की अग्निपरीक्षालंबे समय बाद वनडे टीम में लौटे विराट कोहली का इंग्लैंड के खिलाफ खेलना पूरी तरह से उनके 'फिटनेस क्लीयरेंस' पर निर्भर करेगा। दरअसल, इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के फाइनल मुकाबले के दौरान कोहली को हैमस्ट्रिंग की चोट लग गई थी, जिसके कारण वह अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज से बाहर हो गए थे। बीसीसीआई ने एक मीडिया विज्ञप्ति में स्पष्ट किया है कि स्टार बल्लेबाज अभी चोट से उबर रहे हैं। मैदान पर उतरने से पहले उन्हें बीसीसीआई की मेडिकल टीम और 'टीम ऑफ इंजीनियर्स' की जांच प्रक्रिया से गुजरकर खुद को पूरी तरह फिट साबित करना होगा।शतक जड़ने के बावजूद यशस्वी जायसवाल को नहीं मिली जगहइस 15 सदस्यीय टीम चयन में सबसे बड़ा झटका यशस्वी जायसवाल को लगा है। जायसवाल को अफगानिस्तान सीरीज में विराट कोहली के चोटिल होने के बाद बतौर रिप्लेसमेंट शामिल किया गया था। उन्होंने चेन्नई में खेले गए तीसरे और आखिरी वनडे में मात्र 86 गेंदों पर 14 चौकों और 3 शानदार छक्कों की मदद से 110 रनों की नाबाद मैच विनिंग पारी खेली थी। जायसवाल और रोहित शर्मा की मजबूत साझेदारी के दम पर ही भारत ने 219 रनों का लक्ष्य हासिल कर अफगानिस्तान को 3-0 से क्लीन स्वीप किया था। हालिया सीरीज में इतने शानदार प्रदर्शन के बावजूद चयनकर्ताओं ने उन्हें इंग्लैंड सीरीज के लिए नजरअंदाज कर दिया है।जसप्रीत बुमराह की करीब 3 साल बाद वनडे टीम में एंट्रीलंबे समय तक वनडे फॉर्मेट से दूर रहने के बाद जसप्रीत बुमराह अब एक नए और आक्रामक तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करते नजर आएंगे। 2023 विश्व कप फाइनल के बाद से बुमराह का यह पहला वनडे मैच होगा। वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत बीसीसीआई ने उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट और वनडे सीरीज के साथ-साथ आयरलैंड और इंग्लैंड के टी20 अंतरराष्ट्रीय दौरों से भी आराम दिया था। बुमराह को आखिरी बार 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के लिए वनडे टीम में चुना गया था, लेकिन पीठ की तकलीफ के कारण वह बाहर हो गए थे। बोर्ड का मुख्य फोकस बुमराह को आगामी 2027 वनडे विश्व कप के लिए पूरी तरह से फिट रखना है।इंग्लैंड के खिलाफ भारत की 15 सदस्यीय वनडे टीम (Indian ODI Squad)शुभमन गिल (कप्तान)रोहित शर्माविराट कोहली* (फिटनेस पर निर्भर)श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान)केएल राहुल (विकेटकीपर)ईशान किशन (विकेटकीपर)वाशिंगटन सुंदरअक्षर पटेलनितीश कुमार रेड्डीकुलदीप यादवजसप्रीत बुमराहप्रसिद्ध कृष्णाहर्षित राणाअर्शदीप सिंहगुरनूर बराड़
'नंबर 8' के जादुई प्रभाव से इन मूलांक वालों की चमकेगी किस्मत, जानें अपना भाग्य
अंकों का हमारे जीवन और भाग्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है। 21 से 27 जून 2026 का यह नया सप्ताह अंक ज्योतिष (Numerology) के अनुसार बेहद खास रहने वाला है। इस पूरे हफ्ते पर 'नंबर 8' की शक्तिशाली ऊर्जा का गहरा प्रभाव देखने को मिलेगा। अंक शास्त्र में 8 नंबर को शनि का अंक माना जाता है, जो मेहनत, कड़े अनुशासन और भविष्य की ठोस योजनाएं बनाने के लिए प्रेरित करता है। यह सप्ताह हमें सिखाएगा कि धैर्य और ईमानदारी से बोए गए बीज ही भविष्य में सफलता के बड़े पेड़ बनते हैं। आइए, विस्तार से जानते हैं कि मूलांक 1 से लेकर 9 तक के जातकों के करियर, आर्थिक स्थिति, प्रेम संबंध और स्वास्थ्य के लिए यह सप्ताह कैसा परिणाम लेकर आया है।मूलांक 1 (जन्म तिथि: 1, 10, 19 या 28): लीडरशिप और नई जिम्मेदारियों का सप्ताहइस सप्ताह आपके भीतर एक बेहतरीन प्रबंधक (Manager) और लीडर की ऊर्जा का संचार होगा। कार्यक्षेत्र में आपको कुछ नई और बड़ी जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिन्हें सफलतापूर्वक पूरा करने से आपका आत्मविश्वास सातवें आसमान पर होगा। आर्थिक मामलों में कोई भी फैसला जल्दबाजी में लेने से बचें और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए लंबी अवधि के निवेश (Long-term Investment) पर ध्यान केंद्रित करें। काम के भारी दबाव के बीच अपने परिवार और प्रियजनों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें। नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत करने के लिए यह समय बेहद शुभ है।मूलांक 2 (जन्म तिथि: 2, 11, 20 या 29): टीम वर्क और समझदारी से मिलेगी सफलतामूलांक 2 वालों के लिए यह सप्ताह टीम वर्क और आपसी सहयोग का है। अपने अंतर्ज्ञान (Intuition) पर पूरा भरोसा रखें, क्योंकि यह आपको सही दिशा दिखाएगा। आर्थिक मोर्चे पर बजट बनाकर चलना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। फिजूलखर्ची पर लगाम लगाने से आप भविष्य के प्रति सुरक्षित महसूस करेंगे। व्यक्तिगत रिश्तों में पूरी ईमानदारी रखें और स्पष्ट बातचीत से आपसी विश्वास को और गहरा बनाएं। साझेदारी (Partnership) में कोई नया काम शुरू करने के लिए यह समय पूरी तरह से आपके अनुकूल है। छोटी-छोटी बातों को तूल देने से बचें और भावनाओं पर नियंत्रण रखें।मूलांक 3 (जन्म तिथि: 3, 12, 21 या 30): नए विचारों और रचनात्मकता का मिलेगा लाभयह सप्ताह आपके नए और इनोवेटिव विचारों को एक ठोस आकार देने का है। आप जिस भी नए कार्य की शुरुआत करना चाहते हैं, उसे पूरे अनुशासन के साथ करें। नेटवर्किंग और नए संपर्कों के जरिए आपको अप्रत्याशित आर्थिक लाभ होने के प्रबल योग हैं। पारिवारिक जीवन में खुशहाली का माहौल रहेगा। हर किसी की बात को ध्यान से सुनें और अपनी राय भी स्पष्टता से रखें। अपने काम में रचनात्मकता (Creativity) का तड़का लगाएं, लोग आपकी ओर आकर्षित होंगे। सफलता के लिए काम और आराम के बीच सही संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है।मूलांक 4 (जन्म तिथि: 4, 13, 22 या 31): मेहनत लाएगी रंग, धैर्य की होगी परीक्षाआपकी पिछली कड़ी मेहनत का फल अब मिलने का समय आ गया है। हालांकि परिणाम थोड़े धीमे मिल सकते हैं, लेकिन वे बहुत पक्के और स्थायी होंगे। अपने पुराने निवेशों की समीक्षा करें और आवश्यकता पड़ने पर पोर्टफोलियो में बदलाव करने से न हिचकिचाएं। परिवार के सदस्यों को इस समय आपके भावनात्मक सहयोग (Emotional Support) की सख्त जरूरत है। स्वभाव में जरूरत से ज्यादा सख्ती न बरतें, थोड़ा लचीलापन अपनाने से आप तनावमुक्त रहेंगे। काम की बारीकियों पर नजर रखें और डटे रहें, अंतिम जीत आपकी ही होगी।मूलांक 5 (जन्म तिथि: 5, 14 या 23): नए अवसर और सामाजिक मेलजोल बढ़ाएंगे कदमूलांक 5 वाले जातकों के सामने इस सप्ताह काम के अनपेक्षित और शानदार मौके आ सकते हैं। हालांकि, किसी भी नए कॉन्ट्रैक्ट या समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले दस्तावेजों को अच्छी तरह से पढ़ लें। मानसिक शांति और ऊर्जा को सही दिशा में लगाने के लिए योग, ध्यान और प्रकृति के बीच समय बिताना आपके लिए असरदार रहेगा। सामाजिक मेलजोल (Social Networking) आपके करियर के लिए तरक्की के नए दरवाजे खोल सकता है। नई चीजें सीखने की अपनी ललक को बनाए रखें और भावनाओं में बहकर कोई भी बड़ा फैसला न लें।मूलांक 6 (जन्म तिथि: 6, 15 या 24): काम की होगी सराहना, अपनों के साथ बीतेगा समयकार्यस्थल पर आपकी विश्वसनीयता और काम के प्रति आपके पूर्ण समर्पण की खूब तारीफ होगी। टीम प्रोजेक्ट्स में आपकी भूमिका बेहद प्रभावशाली रहेगी और वरिष्ठ अधिकारी आपकी सलाह को महत्व देंगे। आपकी आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे मजबूती की ओर बढ़ रही है, बस बेवजह के खर्चों पर लगाम कसें। परिवार और जीवनसाथी के साथ बिताया गया क्वालिटी टाइम आपको मानसिक सुकून देगा। लंबे समय से अटके हुए प्रोजेक्ट्स अब रफ्तार पकड़ेंगे। दूसरों की मदद करने के साथ-साथ अपनी सेहत का भी पूरा ख्याल रखें।मूलांक 7 (जन्म तिथि: 7, 16 या 25): रिसर्च, पढ़ाई और गहरी सोच के लिए उत्तम समयआपकी गहरी सोच और चीजों को विश्लेषणात्मक नजरिए (Analytical View) से देखने की क्षमता इस हफ्ते बहुत काम आएगी। जो लोग पढ़ाई, रिसर्च या योजना बनाने के कार्यों से जुड़े हैं, उन्हें शानदार परिणाम मिलेंगे। कोई भी बड़ा फैसला लेते समय मन को पूरी तरह शांत रखें। रिश्तों में अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त करें, अन्यथा बेवजह की गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं। मन की शांति और आध्यात्मिक उन्नति के लिए यह सप्ताह खुद को गहराई से समझने का बेहतरीन अवसर है।मूलांक 8 (जन्म तिथि: 8, 17 या 26): पावर वीक! अनुशासन दिलाएगा बड़ी उपलब्धियांमूलांक 8 वालों के लिए यह एक 'पावर वीक' (Power Week) साबित होने जा रहा है! मेहनत, लगन और कड़े अनुशासन के दम पर आपको करियर में जबरदस्त उन्नति के मौके मिलेंगे। धन संबंधी लेन-देन में थोड़ी सावधानी बरतें और कोई भी जोखिम भरा निवेश न करें। अपनी सफलता और खुशियों को परिवार के साथ साझा करें और उन्हें अपना भावनात्मक संबल दें। काम की भागदौड़ के बीच अपनी सेहत के लिए आराम का समय भी जरूर निकालें। यह सप्ताह आपको एक सफल नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करेगा।मूलांक 9 (जन्म तिथि: 9, 18 या 27): नेतृत्व क्षमता चमकेगी, पुरानी नाराजगी को भूलेंइस सप्ताह आपकी करुणा, दया और नेतृत्व क्षमता (Leadership Skills) निखर कर दुनिया के सामने आएगी। लंबे समय से अटके पड़े पुराने काम अब तेजी से पूरे होंगे और जीवन में कुछ नई और सकारात्मक शुरुआत होने की संभावना है। रिश्तों में आई पुरानी कड़वाहट और नाराजगी को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने का समय है। अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और दिनचर्या में नियमित व्यायाम को शामिल करें। सकारात्मक ऊर्जा और निरंतर प्रयास आपको इस सप्ताह सफलता के नए शिखर पर ले जाएंगे।
'मुगल-ए-आजम' की 'अनारकली' को हराने वाली वो हसीना, कपूर खानदान से था खास रिश्ता
भारतीय सिनेमा के सुनहरे पन्नों में 1960 का दशक बेहद खास और ऐतिहासिक माना जाता है। इसी दौर में 'मुगल-ए-आजम', 'चौदहवीं का चांद' और 'बरसात की रात' जैसी क्लासिक फिल्में रिलीज हुई थीं, जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए आयाम गढ़े। इन सबमें के. आसिफ की मास्टरपीस 'मुगल-ए-आजम' सबसे भारी पड़ी। फिल्म में सलीम और अनारकली के किरदार ने पूरी दुनिया में अपनी एक अलग ही छाप छोड़ी, लेकिन क्या आप जानते हैं कि जब इस आइकॉनिक रोल के लिए मधुबाला को सम्मानित करने की बारी आई, तो उनके हाथ निराशा लगी थी? 'अनारकली' का ये अमर किरदार एक दूसरी मशहूर हीरोइन के आगे बेस्ट एक्ट्रेस की रेस में हार गया था, जिसका सीधा नाता बॉलीवुड के सबसे बड़े 'कपूर खानदान' से था।1961 का फिल्मफेयर अवॉर्ड: जब 'सलीम' जीते, लेकिन हार गईं 'अनारकली'साल 1961 में आयोजित हुए 8वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में हर तरफ 'मुगल-ए-आजम' की ही चर्चा थी। इस ब्लॉकबस्टर फिल्म ने बेस्ट फिल्म का खिताब जीता और सलीम का किरदार निभाने वाले लेजेंड्री एक्टर दिलीप कुमार को बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला। दिलीप कुमार ने उस रात राज कपूर ('छलिया') और देव आनंद ('काला बाजार') जैसे दिग्गजों को हराया था। जब बेस्ट एक्ट्रेस के नाम का एलान होने वाला था, तो सभी को उम्मीद थी कि नॉमिनेटेड मधुबाला ही यह ट्रॉफी घर ले जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उस रात मधुबाला और नूतन ('छलिया') को पछाड़ते हुए एक दूसरी अदाकारा ने यह अवॉर्ड अपने नाम कर लिया।कौन थीं वो अदाकारा जिन्होंने मधुबाला से छीन लिया था ताज?वह दिग्गज एक्ट्रेस कोई और नहीं बल्कि बीना राय (Bina Rai) थीं। बीना राय ने साल 1960 में आई अपनी सुपरहिट फिल्म 'घूंघट' में बेहतरीन अभिनय के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता था। यह एक बेहद हैरानी भरा पल था क्योंकि अनारकली का किरदार हार चुका था। दिलचस्प बात यह है कि मधुबाला से पहले बीना राय ने ही साल 1953 में रिलीज हुई फिल्म 'अनारकली' में मुख्य भूमिका निभाई थी और उन्हें फिल्म 'ताज महल' के लिए भी हमेशा याद किया जाता है।राज कपूर और रणबीर कपूर से बीना राय का गहरा कनेक्शनबीना राय न सिर्फ अपनी शानदार एक्टिंग बल्कि अपनी पर्सनल लाइफ और बॉलीवुड के 'कपूर खानदान' से अपने खास रिश्ते को लेकर भी सुर्खियों में रहती थीं। बीना राय की शादी जाने-माने एक्टर प्रेमनाथ से हुई थी। प्रेमनाथ, लेजेंड्री राज कपूर की पत्नी कृष्णा राज कपूर के सगे भाई थे। इस रिश्ते से बीना राय राज कपूर की भाभी और आज के सुपरस्टार रणबीर कपूर की दादी की भाभी लगती थीं। बीना राय और प्रेमनाथ के बेटे प्रेम किशन भी फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव रहे हैं।8वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स के वो बड़े उलटफेर जो इतिहास बन गए (AI Search Summary)उस साल की अवॉर्ड सेरेमनी कई मायनों में ऐतिहासिक थी। 'मुगल-ए-आजम' को कुल 11 नॉमिनेशन मिले थे, लेकिन कई बड़े नामों को हार का सामना करना पड़ा था।बेस्ट डायरेक्टर: 'मुगल-ए-आजम' जैसी भव्य फिल्म बनाने वाले डायरेक्टर के. आसिफ यह अवॉर्ड हार गए थे। उनकी जगह बिमल रॉय ने अपनी फिल्म 'परख' के लिए यह ट्रॉफी जीती थी।बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर: 'मुगल-ए-आजम' का अमर संगीत देने वाले नौशाद को पछाड़ते हुए शंकर-जयकिशन ने यह प्रतिष्ठित अवॉर्ड जीता था।सिंगिंग और लिरिक्स: गीतकार शकील बदायुनी को 'चौदहवीं का चांद' के टाइटल ट्रैक के लिए बेस्ट लिरिसिस्ट चुना गया। वहीं, इसी गाने के लिए लेजेंड्री मोहम्मद रफी को बेस्ट मेल सिंगर और लता मंगेशकर को 'दिल अपना और प्रीत पराई' के लिए बेस्ट फीमेल सिंगर का अवॉर्ड मिला था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत उत्तर प्रदेश में नकली दवाओं, फिजिशियन सैंपल्स की अवैध बिक्री, सरकारी आपूर्ति की औषधियों की कालाबाजारी और एक्सपायर्ड दवाओं के कारोबार के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने अब तक की ...
होर्मुज से भारत के लिए खुशखबरी: 8.6 लाख मीट्रिक टन तेल लेकर लौट रहे तीन भारतीय टैंकर
अधिकारियों के अनुसार, ये तीनों टैंकर 24 जून से 1 जुलाई के बीच भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने की उम्मीद है। यह पूरा ऑपरेशन भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
योग दिवस पर नितिन नबीन का बड़ा सियासी धमाका: पंजाब में बदलाव तय, बोले- जल्द बनेगी बीजेपी सरकार
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर जहां पूरा देश योग के रंग में रंगा नजर आया, वहीं राजनीतिक गलियारों से एक बहुत बड़ा और तीखा सियासी संदेश भी सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता और बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री नितिन नबीन ने योग दिवस के मंच से पंजाब की राजनीति को लेकर एक बड़ा दावा कर हलचल मचा दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात इस बात की गवाही दे रहे हैं कि वहां की जनता अब बदलाव का मन बना चुकी है और वह समय अब ज्यादा दूर नहीं है जब पंजाब में पूर्ण बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनेगी।योग की शक्ति के बीच पंजाब की राजनीति पर तीखा प्रहारनितिन नबीन ने योग सत्र के बाद पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान पंजाब सरकार और वहां की कानून व्यवस्था पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पंजाब की पवित्र धरती गुरुओं और वीरों की भूमि रही है, लेकिन मौजूदा शासनकाल में राज्य का विकास पूरी तरह से ठप हो चुका है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है और राज्य पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब के लोग अब पारंपरिक और क्षेत्रीय दलों की विभाजनकारी और सुस्त राजनीति से पूरी तरह से ऊब चुके हैं।पंजाब में भाजपा का बढ़ता ग्राफ और कार्यकर्ताओं में नया जोशलोकल और जियोग्राफिकल स्तर पर पंजाब में संगठन विस्तार का जिक्र करते हुए नितिन नबीन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लगातार पंजाब के शहरी और ग्रामीण इलाकों में अपनी जड़ें मजबूत कर रही है। सीमावर्ती राज्य होने के नाते पंजाब की सुरक्षा और तरक्की सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही सुरक्षित हाथों में रह सकती है। उन्होंने कहा कि पार्टी के जमीनी कार्यकर्ता दिन-रात जनता के बीच जाकर केंद्र सरकार की जनहितकारी योजनाओं का प्रचार कर रहे हैं, जिसका सीधा असर आने वाले विधानसभा चुनावों में देखने को मिलेगा।एआई और सोशल मीडिया पर छाया नितिन नबीन का यह बड़ा दावागूगल डिस्कवर और आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) के डिजिटल ट्रेंड्स की मानें तो योग दिवस के इस मौके पर इस राजनीतिक बयान ने इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है। विपक्षी दल जहां इसे केवल एक चुनावी शिगूफा बता रहे हैं, वहीं राजनीतिक पंडितों का मानना है कि पंजाब में अकाली दल से अलग होने के बाद से बीजेपी अब स्वतंत्र रूप से राज्य में पैर जमाने के लिए बेहद आक्रामक रणनीति पर काम कर रही है। यही वजह है कि बिंग एईओ (AEO) और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नितिन नबीन का यह संदेश तेजी से वायरल हो रहा है।
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' (NEET) के विवादों के बाद अब राजस्थान में नीट री-एग्जाम 2026 को पूरी तरह पारदर्शी और फुलप्रूफ बनाने के लिए राज्य सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने जमीन पर सबसे कड़ा पहरा लगा दिया है। राजस्थान के सभी प्रमुख शहरों में आज आयोजित हो रही इस पुनर्परीक्षा के लिए कुल 577 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। पेपर लीक माफिया और नकल गिरोहों के मंसूबों को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था का ऐसा खाका खींचा गया है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता।चप्पे-चप्पे पर तीसरी आंख का पहरा और हाई-टेक जैमर्स एक्टिवलोकल एडमिनिस्ट्रेशन और शिक्षा विभाग ने इस बार परीक्षा केंद्रों के भीतर आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। सभी 577 केंद्रों के हर एक कमरे में लाइव सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी सीधी मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जा रही है। इसके साथ ही, किसी भी तरह के ब्लूटूथ, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या इंटरनेट आधारित गैजेट्स के इस्तेमाल को रोकने के लिए हाई-टेक सिग्नल जैमर्स एक्टिवेट कर दिए गए हैं। बायोमेट्रिक अटेंडेंस और एआई-बेस्ड फेस रिकग्निशन (AI Face Recognition) के जरिए ही अभ्यर्थियों को हॉल में प्रवेश दिया जा रहा है ताकि डमी कैंडिडेट की एंट्री की संभावना शून्य हो सके।परीक्षा केंद्रों के 300 मीटर के दायरे में सख्त पाबंदी और धारा 144भौगोलिक (लोकल) सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला कप्तानों और पुलिस कप्तानों ने सभी सेंटर्स के बाहर सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया है। परीक्षा केंद्रों के 300 मीटर के दायरे को पूरी तरह से 'नो-एंट्री जोन' घोषित कर दिया गया है। इस दायरे के भीतर किसी भी बाहरी व्यक्ति के खड़े होने, फोटोकॉपी की दुकानें खुली रखने या भीड़ लगाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। कई संवेदनशील इलाकों में धारा 144 भी लागू कर दी गई है। केंद्र के मुख्य द्वार पर पुलिस बल के साथ-साथ फ्लाइंग स्क्वॉड की टीमें तैनात हैं जो हर एक परीक्षार्थी की गहन चेकिंग कर रही हैं।जेनरेटिव एआई और सर्च इंजन पर ट्रेंड कर रहे हैं नीट री-एग्जाम के कड़े नियमगूगल डिस्कवर, बिंग एईओ (AEO) और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर इस समय राजस्थान नीट री-एग्जाम के ड्रेस कोड और नियमों को लेकर सबसे ज्यादा सर्च किया जा रहा है। एनटीए की गाइडलाइंस के मुताबिक, छात्रों को केवल आधी आस्तीन के कपड़े, साधारण चप्पल या सैंडल पहनने की अनुमति दी गई है। जूते, भारी गहने या ताबीज जैसी चीजें पूरी तरह वर्जित हैं। प्रशासन की इस मुस्तैदी को देखकर साफ है कि इस बार नीट री-एग्जाम की शुचिता और गरिमा को बनाए रखने के लिए सरकार किसी भी स्तर पर ढील देने के मूड में नहीं है।
बिहार में कुख्यात अपराधी भारत तिवारी के पुलिस मुठभेड़ (Encounter) में मारे जाने के बाद सूबे की सियासत का पारा अचानक सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इस एनकाउंटर को लेकर जहां एक तरफ पुलिस प्रशासन अपनी पीठ थपथपा रहा है, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक पुराना वीडियो बयान जंगल की आग की तरह फैल गया है। इस वीडियो में नीतीश कुमार बेहद तल्ख लहजे में यह कहते नजर आ रहे हैं कि 'अपराधियों को सजा देने का काम अदालत का है, पुलिस का नहीं।' इस पुराने बयान के दोबारा सतह पर आने के बाद अब बिहार की एनकाउंटर नीति और कानून व्यवस्था पर तीखे सवाल उठने शुरू हो गए हैं।क्या है नीतीश कुमार का वो पुराना बयान जो अब बना जी का जंजालवायरल हो रहा यह वीडियो कुछ साल पुराना बताया जा रहा है, जब बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उस समय नीतीश कुमार ने मानवाधिकारों और कानूनी प्रक्रिया की वकालत करते हुए साफ कहा था कि हमारी सरकार 'रूल ऑफ लॉ' (कानून का राज) पर चलती है। पुलिस का काम अपराधियों को पकड़कर अदालत के सामने पेश करना और पुख्ता सबूत जुटाना है, न कि खुद जज बनकर मौके पर ही उनका फैसला करना। आज जब भारत तिवारी एनकाउंटर को लेकर पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठ रहे हैं, तो विपक्ष और मानवाधिकार कार्यकर्ता इसी वीडियो को ढाल बनाकर नीतीश सरकार को घेर रहे हैं।भारत तिवारी एनकाउंटर और पुलिस की कहानी पर उठते सवालजियोग्राफिकल और लोकल क्राइम इन्वेस्टिगेशन के मुताबिक, पुलिस ने दावा किया था कि भारत तिवारी को पकड़ने गई टीम पर उसने पहले फायरिंग की थी, जिसके जवाब में आत्मरक्षार्थ पुलिस को भी गोलियां चलानी पड़ीं और वह मारा गया। लेकिन इस एनकाउंटर के तुरंत बाद स्थानीय स्तर पर और सोशल मीडिया के जरिए इस थ्योरी को 'फर्जी एनकाउंटर' का नाम दिया जाने लगा। एआई (AI) और आधुनिक सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) के ट्रेंड्स को देखें तो इंटरनेट पर लोग इस समय बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली और मुख्यमंत्री के स्टैंड के बीच के विरोधाभास को सबसे ज्यादा सर्च कर रहे हैं।'सुशासन बाबू' की छवि और एनकाउंटर कल्चर के बीच फंसी सरकारनीतीश कुमार को बिहार की राजनीति में हमेशा 'सुशासन बाबू' के रूप में जाना जाता रहा है, जो न्याय के साथ विकास की बात करते हैं। लेकिन हाल के दिनों में अपराधियों के खिलाफ पुलिस के सख्त और आक्रामक रुख को देखकर लोग इसकी तुलना उत्तर प्रदेश के 'बुलडोजर और एनकाउंटर' मॉडल से करने लगे हैं। आलोचकों का कहना है कि सुशासन की बात करने वाले मुख्यमंत्री के राज में पुलिस का इस तरह बेकाबू होना उनके अपने ही सिद्धांतों के खिलाफ है। यही वजह है कि यह वीडियो इस समय गूगल डिस्कवर और बिंग एईओ (AEO) पर सबसे बड़ा ट्रेंडिंग टॉपिक बन चुका है, जिसने सरकार को बैकफुट पर धकेल दिया है।
छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य में संगठन को नए सिरे से मजबूत करने और आगामी चुनावी रणनीतियों को धार देने के लिए अभनपुर में कांग्रेस पार्टी एक बहुत बड़ा मंथन करने जा रही है। जिला अध्यक्षों के लिए आयोजित किए जा रहे इस विशेष तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी खुद शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ पहुंच रहे हैं। इस हाई-प्रोफाइल शिविर को लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं, जहां राहुल गांधी जमीनी स्तर के नेताओं को सीधे संबोधित करेंगे और उनका मार्गदर्शन करेंगे।जमीन पर संगठन को मजबूत करने की बड़ी कवायदअभनपुर में आयोजित हो रहा यह प्रशिक्षण शिविर कांग्रेस के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य सभी जिलों के अध्यक्षों को पार्टी की नीतियों, केंद्र सरकार की विफलताओं को जनता तक पहुंचाने के तरीकों और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की ट्रेनिंग देना है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी इस बात पर विशेष जोर देंगे कि कैसे सोशल मीडिया के इस दौर में जनरेटिव इंजन (AI) और डिजिटल माध्यमों का सही उपयोग करके जनता के बीच पैठ बनाई जाए। वे नेताओं को यह भी सिखाएंगे कि स्थानीय और भौगोलिक मुद्दों को उठाकर जनता का भरोसा कैसे जीता जाता है।राहुल गांधी का सीधा संवाद और वन-टू-वन फीडबैकइस शिविर की सबसे खास बात यह होगी कि राहुल गांधी केवल मंच से भाषण नहीं देंगे, बल्कि वे विभिन्न जिलों से आए अध्यक्षों के साथ वन-टू-वन बातचीत भी कर सकते हैं। वे हर जिले की जमीनी रिपोर्ट, आपसी गुटबाजी और स्थानीय समस्याओं का सीधा फीडबैक लेंगे। राहुल गांधी का यह अंदाज हमेशा से कार्यकर्ताओं में एक नया जोश भरने का काम करता है। वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि इस सीधे संवाद से जिला अध्यक्षों का मनोबल सातवें आसमान पर पहुंच जाएगा, जिसका सीधा फायदा आने वाले समय में संगठन को मिलेगा।अभनपुर बना छत्तीसगढ़ की राजनीति का नया केंद्र बिंदुजियोग्राफिकल और लोकल ऑप्टिमाइजेशन के लिहाज से देखें तो इस बड़े आयोजन के लिए अभनपुर को चुनना बेहद रणनीतिक फैसला है। रायपुर ग्रामीण के अंतर्गत आने वाले इस इलाके में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए जा रहे हैं। राज्य के तमाम बड़े कांग्रेस नेता, पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश प्रभारी पहले से ही अभनपुर में डेरा डाले हुए हैं। इस महाशिविर पर न सिर्फ कांग्रेसियों की बल्कि विपक्षी दलों की भी पैनी नजरें टिकी हुई हैं कि राहुल गांधी यहां से छत्तीसगढ़ की राजनीति के लिए क्या नया नैरेटिव सेट करते हैं।
क्रिकेट के मैदान पर रोज रिकॉर्ड बनते और टूटते हैं, लेकिन युवा भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने जो कर दिखाया है, उसकी कल्पना शायद ही किसी ने की होगी। क्रिकेट पिच को रणभूमि में बदलते हुए इस युवा खिलाड़ी ने विपक्षी गेंदबाजों के खिलाफ ऐसी आक्रामक बल्लेबाजी की, जिसने सबको हैरान कर दिया। उन्होंने अपनी पारी के दौरान 64 रनों की ऐसी बाउंड्री-फर्स्ट पारी खेली, जिसमें सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि उन्होंने अपनी पूरी पारी में एक भी सिंगल रन नहीं लिया। उन्होंने बैट को तलवार की तरह भांजते हुए श्रीलंका के गेंदबाजों की लाइन-लेंथ पूरी तरह बिगाड़ दी।सिर्फ चौके-छक्कों से बात: श्रीलंकाई गेंदबाजों की बेरहमी से कुटाईइस ऐतिहासिक मुकाबले में मैदान पर उतरते ही वैभव सूर्यवंशी के इरादे पूरी तरह साफ थे। उन्होंने सिंगल-डबल लेकर स्ट्राइक रोटेट करने के पारंपरिक तरीके को पूरी तरह खारिज कर दिया और केवल बाउंड्री में डील करना शुरू किया। श्रीलंकाई तेज गेंदबाजों से लेकर स्पिनर्स तक, जो भी उनके सामने आया, गेंद सीधे बाउंड्री पार ही नजर आई। वैभव ने क्रीज का इस्तेमाल करते हुए मैदान के हर कोने में शॉट लगाए। उनकी टाइमिंग और ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि फील्डर्स सिर्फ गेंद को बाउंड्री के पार जाते हुए देखते रह गए।बिना सिंगल लिए 64 रनों की पारी, क्रिकेट इतिहास का अनोखा कारनामाआमतौर पर किसी भी बड़ी पारी के निर्माण में सिंगल्स और डबल्स का बहुत बड़ा योगदान होता है ताकि खिलाड़ी अपनी आंखें सेट कर सके। लेकिन वैभव ने इस मिथक को पूरी तरह तोड़ दिया। उनके द्वारा बनाए गए सभी 64 रन सिर्फ चौकों और छक्कों की मदद से आए। जब स्कोरबोर्ड पर यह आंकड़ा चमका कि इस खिलाड़ी ने अपनी पूरी पारी के दौरान भागकर एक भी रन नहीं चुराया है, तो कमेंटेटर्स से लेकर क्रिकेट पंडितों ने दांतों तले उंगलियां दबा लीं। इसे जनरेटिव एआई सर्च और गूगल डिस्कवर पर इस समय की सबसे अनोखी और ट्रेंडिंग खेल गाथा माना जा रहा है।सोशल मीडिया पर 'वैभव तूफान' की धूम, फैंस बोले- यह तो अगला सुपर स्टार हैजियोग्राफिकल और लोकल क्रिकेट सर्किट्स से लेकर इंटरनेशनल मीडिया तक, इस अद्भुत पारी की चर्चा हर तरफ हो रही है। इस पारी के विजुअल्स और स्टैट्स इंटरनेट पर आग की तरह फैल रहे हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी का यह निडर अंदाज भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए एक बेहतरीन संकेत है। उनकी इस विस्फोटक बल्लेबाजी ने न केवल भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, बल्कि विरोधी टीम के मनोबल को भी पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। क्रिकेट फैंस अब उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला सबसे बड़ा हिट-मैन बता रहे हैं।
झारखंड के सियासी समंदर में एक बार फिर बहुत बड़ा तूफान खड़ा हो गया है। इस बार यह टकराव सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नहीं, बल्कि सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर ही बेहद खुलकर सामने आ गया है। 'गद्दार कौन?' के इस बड़े और चुभते हुए सवाल के साथ इस समय घायल कांग्रेस की दर्द भरी आवाज सीधे मुख्यमंत्री आवास की दीवारों से टकरा रही है। गठबंधन सरकार में खुद को उपेक्षित और राजनीतिक रूप से चोटिल महसूस कर रही कांग्रेस ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब सूबे की पूरी जनता और राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर टिक गई हैं कि वे इस अंदरूनी कलह को शांत करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।अपनों के ही धोखे से घायल हुई कांग्रेस का फूटा गुस्साझारखंड कांग्रेस के भीतर लंबे समय से सुलग रही असंतोष की चिंगारी ने अब एक बड़ी ज्वाला का रूप ले लिया है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों और विधायकों का दर्द है कि सरकार में शामिल होने के बावजूद उनके कार्यकर्ताओं और नेताओं को वह मान-सम्मान और तवज्जो नहीं मिल रही है जिसके वे हकदार हैं। कुछ महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों और हालिया राजनीतिक नियुक्तियों में कांग्रेस को दरकिनार किए जाने के बाद से यह नाराजगी चरम पर पहुंच गई है। कांग्रेस खेमे से उठ रही आवाजें साफ इशारा कर रही हैं कि गठबंधन के भीतर ही कुछ ऐसे तत्व मौजूद हैं जो पीठ में छुरा घोंपने का काम कर रहे हैं, जिससे पार्टी संगठन को भारी नुकसान पहुंच रहा है।मुख्यमंत्री आवास के इर्द-गिर्द सिमटी सूबे की सियासतइस समय रांची का कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास झारखंड की राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु बना हुआ है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और नाराज विधायकों की बैठकों का दौर जारी है और उनकी मांगें बेहद स्पष्ट हैं। कांग्रेस अब केवल वादों से संतुष्ट होने के मूड में बिल्कुल नहीं है। उनकी यह दर्द भरी आवाज और तीखे सवाल सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कानों तक पहुंच रहे हैं। जेएमएम (JMM) के रणनीतिकारों के लिए भी यह स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण हो गई है क्योंकि वे अच्छी तरह जानते हैं कि कांग्रेस के समर्थन के बिना सरकार को सुचारू रूप से चलाना आसान नहीं होगा।क्या हेमंत सोरेन बचा पाएंगे गठबंधन की नैया?अब गेंद पूरी तरह से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पाले में है। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि क्या सीएम सोरेन कांग्रेस की इन जायज-नाजायज मांगों के आगे झुकेंगे या फिर कोई नया बीच का रास्ता निकालेंगे। एआई (AI) और सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के ट्रेंड्स को देखें तो झारखंड में 'गठबंधन की स्थिरता' को लेकर इंटरनेट पर सर्च वॉल्यूम अचानक से बहुत ज्यादा बढ़ गया है। अगर हेमंत सोरेन ने समय रहते इस असंतोष को दूर नहीं किया, तो आने वाले समय में झारखंड की जेएमएम-कांग्रेस सरकार के लिए मुश्किलें काफी ज्यादा बढ़ सकती हैं।
बलराम दांगी के दफ्तर पर गोलियां बरसाने वाला शूटर मुठभेड़ में ढेर, पैर में लगी गोली, PGI भर्ती
हरियाणा के रोहतक से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। कांग्रेस नेता बलराम दांगी के कार्यालय पर सरेआम फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले शातिर बदमाश को रोहतक पुलिस की सीआईए (CIA) टीम ने एक कड़क मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई इस आमने-सामने की गोलीबारी में मुख्य शूटर के पैर में गोली लगी है, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे तुरंत इलाज के लिए रोहतक के पंडित भगवत दयाल शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PGIMS) में भर्ती कराया है, जहां भारी सुरक्षा के बीच उसका इलाज चल रहा है।गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने की घेराबंदी, बदमाश ने खोल दिया फायरस्थानीय पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सीआईए टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि बलराम दांगी के दफ्तर पर हमला करने वाला शूटर रोहतक के बाहरी इलाके में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने या शहर से भागने की फिराक में छुपा हुआ है। इसी इनपुट के आधार पर पुलिस की विशेष टीम ने इलाके की घेराबंदी शुरू की। खुद को पुलिस से घिरा हुआ देख शातिर बदमाश ने बिना सोचे-समझे पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने पहले उसे आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन जब उसने गोलियां चलाना बंद नहीं किया, तो पुलिस को भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।पैर में गोली लगते ही जमीन पर गिरा शूटर, हथियार बरामदपुलिस की तरफ से चलाई गई जवाबी गोली सीधे बदमाश के पैर में जाकर लगी, जिसके बाद वह लहूलुहान होकर वहीं जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने तुरंत आगे बढ़कर उसे दबोच लिया और उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल अवैध हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इस मुठभेड़ की खबर मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इस शूटर के पीछे किस गैंग का हाथ है और बलराम दांगी के कार्यालय को निशाना बनाने के पीछे असली मकसद क्या था।स्थानीय स्तर पर फैली सनसनी, पीजीआई रोहतक छावनी में तब्दीलभौगोलिक और लोकल स्तर पर इस बड़ी घटना के बाद से रोहतक और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। कांग्रेस नेता के दफ्तर पर हमले के बाद से ही स्थानीय व्यापारियों और राजनीतिक गलियारों में भारी आक्रोश और डर का माहौल था। इस एनकाउंटर और गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बड़ी राहत की सांस ली है। वहीं दूसरी ओर, घायल बदमाश के इलाज को देखते हुए रोहतक पीजीआई परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है ताकि अस्पताल में सुरक्षा की कोई चूक न हो। पुलिस जल्द ही कोर्ट से रिमांड लेकर इस मामले में बड़े खुलासे कर सकती है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुंदेलखंड के विकास को एक नई ऊंचाई देते हुए हमीरपुर जिले को करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं का बड़ा उपहार दिया है। हमीरपुर में आयोजित एक भव्य जनसभा के दौरान सीएम योगी ने कुल 636 करोड़ रुपये की लागत वाली 110 से अधिक विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस ऐतिहासिक कदम से न केवल हमीरपुर बल्कि पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और रोजगार के अवसरों को एक नया और मजबूत पंख मिलने की उम्मीद है।कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को मिलेगा जबरदस्त बूस्टमुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई इन परियोजनाओं में मुख्य रूप से ग्रामीण और शहरी इलाकों की सड़कों का चौड़ीकरण, नए पुलों का निर्माण, पेयजल संकट से निपटने के लिए हर घर नल योजना का विस्तार और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करना शामिल है। सीएम योगी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बुंदेलखंड जो कभी पानी की किल्लत और पिछड़ेपन के लिए जाना जाता था, आज वह एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर और जल जीवन मिशन के दम पर यूपी के नए औद्योगिक हब के रूप में तेजी से उभर रहा है।युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए रास्तेहमीरपुर को मिली इस 636 करोड़ रुपये की सौगात में स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। सीएम योगी ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को टूलकिट, ऋण स्वीकृति पत्र और प्रमाण पत्र भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार का लक्ष्य हर हाथ को काम और हर घर को शुद्ध पानी पहुंचाना है, जिससे युवाओं को नौकरी के लिए अपने घर और जिले को छोड़कर पलायन न करना पड़े।लोकल से ग्लोबल की ओर बढ़ता बुंदेलखंडभौगोलिक और स्थानीय ऑप्टिमाइजेशन को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई हमीरपुर, महोबा, बांदा और जालौन जैसे पड़ोसी जिलों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से स्थानीय कृषि, पर्यटन और छोटे उद्योगों (ODOP) को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी विकास कार्यों को पूरी पारदर्शिता के साथ समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि जनता को इसका लाभ तुरंत मिल सके।
उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों और सोशल मीडिया पर इस समय एक वीडियो तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है, जिसमें नगीना लोकसभा सीट से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के प्रतिनिधि एक पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) से सीधे उलझते नजर आ रहे हैं। गरमागरमी इतनी बढ़ गई कि प्रतिनिधि ने पुलिस अधिकारी को सरेआम कानून का पाठ पढ़ा डाला और चुनौती भरे लहजे में कहा कि 'आपकी ये तमन्ना भी पूरी कर दूंगा'। इस तीखी बहस का वीडियो सामने आने के बाद से ही इलाके की राजनीति और प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है।पीड़ित पक्ष की पैरवी के दौरान अचानक भड़क उठे दोनों पक्षमिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा वाकया उस समय हुआ जब सांसद चंद्रशेखर आजाद के आधिकारिक प्रतिनिधि स्थानीय क्षेत्र की किसी समस्या या पीड़ित पक्ष की पैरवी करने के लिए पुलिस दफ्तर पहुंचे थे। बातचीत के दौरान किसी बात को लेकर पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) और सांसद प्रतिनिधि के बीच असहमति बन गई। देखते ही देखते दोनों ओर से आवाजें तेज हो गईं। प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय सत्ता के दबाव में काम कर रही है और आम जनता को परेशान किया जा रहा है।कानून की धाराओं का दिया हवाला, वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरलबहस के दौरान जब सीओ ने सख्त रुख अपनाने की कोशिश की, तो सांसद प्रतिनिधि ने बिल्कुल भी कदम पीछे नहीं खींचे। उन्होंने बेहद तल्ख अंदाज में अधिकारी से कहा कि वे कानून और अपनी सीमाओं को अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने सीओ को उनकी जिम्मेदारी याद दिलाते हुए कहा कि जनता के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ कैसा बर्ताव किया जाना चाहिए, यह कानून में साफ लिखा है। इसी दौरान उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, 'अगर आपको लगता है कि आप डरा देंगे, तो आपकी ये तमन्ना भी मैं पूरी कर दूंगा।' वहां मौजूद किसी शख्स ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर लिया जो अब इंटरनेट पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है।स्थानीय पुलिस और आजाद समाज पार्टी के बीच तनाव बढ़ाइस घटना के बाद से स्थानीय स्तर पर पुलिस प्रशासन और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की स्थिति देखी जा रही है। समर्थकों का कहना है कि पुलिस जानबूझकर उनके नेताओं और प्रतिनिधियों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, जबकि पुलिस सूत्रों का दावा है कि सरकारी काम में बाधा डालने और अधिकारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने के मामले में कानूनी राय ली जा रही है। फिलहाल इस मामले पर सांसद चंद्रशेखर आजाद की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन स्थानीय राजनीति पूरी तरह गर्मा गई है।
देश की सबसे प्रतिष्ठित और संवेदनशील मानी जाने वाली मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' (NEET) के आयोजन को लेकर इस बार अब तक का सबसे ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। बार-बार लगने वाले पेपर लीक के आरोपों और धांधली की कोशिशों को जड़ से खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने इस बार सुरक्षा का ऐसा अभेद्य चक्रव्यूह तैयार किया है, जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। इतिहास में पहली बार नीट परीक्षा के प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, ट्रांसपोर्टेशन और उनकी कमान सीधे भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) को सौंप दी गई है। इसके साथ ही, लीक के मुख्य गढ़ बन चुके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर भी सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है।वायुसेना के सुरक्षित ठिकानों और विमानों से होगी पेपर की सप्लाईअब तक नीट परीक्षा के प्रश्नपत्रों को आम तौर पर निजी लॉजिस्टिक्स, बैंकों के स्ट्रॉन्ग रूम या सामान्य सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाता था, जिससे लीक होने का खतरा बना रहता था। लेकिन इस बार राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और शिक्षा मंत्रालय ने बड़ा रिस्क न लेते हुए भारतीय वायुसेना की मदद ली है। सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा के गोपनीय दस्तावेजों और प्रश्नपत्रों को वायुसेना के विशेष विमानों और हेलीकॉप्टरों के जरिए देश के कोने-कोने में स्थित एयरबेस और सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाया जाएगा। वहां से कड़ी मिलिट्री और पुलिस सुरक्षा के बीच सीधे एग्जाम सेंटर्स तक पेपर डिलीवर किए जाएंगे, जिससे जमीनी स्तर पर छेड़छाड़ की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो जाएगी।लीक का डिजिटल अड्डा बना टेलीग्राम, सरकार ने कसी नकेलनीट परीक्षा में होने वाली धांधली का एक बड़ा जरिया सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स, खासकर टेलीग्राम (Telegram) रहा है। पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है कि परीक्षा से कुछ घंटे पहले टेलीग्राम के गुप्त चैनलों और ग्रुप्स पर फर्जी या असली प्रश्नपत्रों की सौदेबाजी होती थी। इस बार जनरेटिव इंजन (AI) और साइबर सेल की मदद से सरकार ने परीक्षा से पहले ही ऐसे हजारों संदिग्ध टेलीग्राम ग्रुप्स और चैनलों को पूरी तरह से ब्लॉक और बंद करवा दिया है। इतना ही नहीं, पेपर लीक माफियाओं के डिजिटल फुटप्रिंट्स को ट्रैक करने के लिए टेलीग्राम के डेटा पर भी सुरक्षा एजेंसियां पैनी नजर रख रही हैं ताकि कोई भी डिजिटल माध्यम से पेपर इधर से उधर न कर सके।AI तकनीक और बायोमेट्रिक से लैस हुए देश भर के परीक्षा केंद्रलोकल और जियोग्राफिकल लेवल पर परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा को भी पूरी तरह अपग्रेड कर दिया गया है। देश के सभी छोटे-बड़े शहरों के परीक्षा केंद्रों पर जैमर्स की संख्या बढ़ा दी गई है ताकि कोई भी ब्लूटूथ या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस काम न कर सके। इसके अलावा, परीक्षार्थियों के लिए मल्टी-लेवल बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और एआई-बेस्ड फेस रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाली तकनीक) को अनिवार्य कर दिया गया है। इससे किसी दूसरे छात्र के स्थान पर परीक्षा देने वाले सॉल्वर गैंग के मंसूबों पर पूरी तरह पानी फिर जाएगा। सरकार के इस चौतरफा कड़े एक्शन ने यह साफ कर दिया है कि भविष्य में नीट की शुचिता से कोई समझौता नहीं होगा।
जम्मू-कश्मीर के कटरा में माता वैष्णो देवी की यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने जमीन पर कड़ा मोर्चा संभाल लिया है। इसी कड़ी में रियासी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) खुद भारी पुलिस बल के साथ माता वैष्णो देवी के मुख्य यात्रा मार्ग पर पैदल गश्त (पेट्रोलिंग) करने उतर गए। बाणगंगा से लेकर भवन तक के संकरे और चुनौतीपूर्ण रास्तों पर अधिकारियों को इस तरह पैदल चलते देख हर कोई हैरान रह गया, लेकिन इस औचक कदम का श्रद्धालुओं की सुरक्षा से बेहद सीधा और गहरा कनेक्शन है।सुरक्षा व्यवस्था का लाइव रियल्टी चेक और खुफिया इनपुटएसएसपी की इस पैदल पेट्रोलिंग का मुख्य उद्देश्य यात्रा मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था का जमीनी स्तर पर जायजा लेना था। पिछले कुछ समय से सुरक्षा एजेंसियों को मिले इनपुट और आगामी त्योहारों व छुट्टियों के सीजन में बढ़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहती। एसएसपी ने कटरा, अर्धकुंवारी, सांझीछत और मुख्य भवन के आसपास तैनात सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता को खुद परखा और उन्हें 24 घंटे हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए।श्रद्धालुओं से सीधा संवाद और फीडबैक की अनोखी पहलइस पैदल मार्च के दौरान सबसे खास बात यह रही कि एसएसपी केवल सुरक्षा नहीं जांच रहे थे, बल्कि वे रास्ते में रुक-रुककर देशभर से आए श्रद्धालुओं से सीधा संवाद भी कर रहे थे। उन्होंने यात्रियों से पूछा कि उन्हें यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी, असुविधा या किसी संदिग्ध गतिविधि का सामना तो नहीं करना पड़ा। पुलिस के इस दोस्ताना और सुरक्षात्मक रवैये से श्रद्धालुओं का हौसला बढ़ा और उन्होंने इस पहल की जमकर तारीफ की।संदिग्धों पर पैनी नजर और चप्पे-चप्पे पर आधुनिक निगरानीवैष्णो देवी यात्रा मार्ग और कटरा के आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। पैदल गश्त के दौरान एसएसपी ने यात्रा मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों, आरएफआईडी (RFID) ट्रैकिंग सिस्टम और एंट्री पॉइंट्स पर चेकिंग की समीक्षा की। उन्होंने स्थानीय दुकानदारों, टट्टू-पालकियों वालों और गाइडों को भी सख्त हिदायत दी कि वे किसी भी अज्ञात वस्तु या संदिग्ध व्यक्ति को देखते ही तुरंत पुलिस को सूचित करें।
केरल में अंग तस्करी रैकेट पर ED का महाएक्शन, 9 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी से मचा हड़कंप
केरल में अवैध रूप से चल रहे मानव अंग तस्करी (Organ Trafficking) के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने राज्य के विभिन्न जिलों में फैले इस रैकेट के वित्तीय लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क को खंगालने के लिए एक साथ 9 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई के बाद से ही राज्य के रसूखदारों और इस अवैध धंधे से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।कोच्चि और त्रिशूर समेत कई जिलों में ED की रेडसूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ED की अलग-अलग टीमों ने केरल के कोच्चि, त्रिशूर, मलप्पुरम और पलक्कड़ जैसे प्रमुख शहरों में तड़के सुबह ही दस्तक दे दी। जांच एजेंसी मुख्य रूप से उन संदिग्धों के आवासों और दफ्तरों को निशाना बना रही है, जिनके तार हाल ही में पकड़े गए अंतरराष्ट्रीय अंग तस्करी गिरोह से जुड़े होने का अंदेशा है। पुलिस की शुरुआती जांच के बाद ED ने इस मामले में वित्तीय अनियमितताओं (Money Laundering) को लेकर अपना शिकंजा कसा है।बेसहारा लोग बनते थे शिकार, विदेशों तक फैले हैं तारहाल ही में केरल पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया था जो गरीब, कर्ज में डूबे और मजबूर लोगों को पैसों का लालच देकर उनके अंग (विशेषकर किडनी) निकालने का धंधा कर रहा था। इस रैकेट के तार न केवल भारत के अन्य राज्यों बल्कि खाड़ी देशों (Gulf Countries) जैसे ईरान और कुवैत तक फैले होने की बात सामने आई है। पीड़ितों को बहला-फुसलाकर विदेश ले जाया जाता था और वहां मोटी रकम के बदले उनके अंग निकाल लिए जाते थे, जबकि पीड़ितों को बेहद मामूली रकम दी जाती थी।करोड़ों के बेहिसाब वित्तीय लेन-देन का शकED को संदेह है कि इस अवैध व्यापार के जरिए करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई है। हवाला नेटवर्क और फर्जी बैंक खातों के माध्यम से विदेशों से पैसा भारत भेजा जा रहा था। आज की इस बड़ी छापेमारी का मुख्य उद्देश्य इसी अवैध कमाई, बैंक खातों के दस्तावेजों, डिजिटल सबूतों और बेनामी संपत्तियों का पता लगाना है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि इन ठिकानों से मिले दस्तावेजों के आधार पर इस गिरोह के मुख्य सरगनाओं और इसमें शामिल कुछ निजी अस्पतालों के डॉक्टरों व बिचौलियों के चेहरों से भी नकाब हटेगा।
शिकागो में खूनी संडे: SUV से आए हमलावरों ने भीड़ पर बरसाईं अंधाधुंध गोलियां, 12 लोग लहूलुहान
अमेरिका के इलिनोइस प्रांत के शिकागो (Chicago) शहर से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। वीकेंड की छुट्टियों के दौरान शिकागो की एक व्यस्त सड़क पर उस समय चीख-पुकार मच गई, जब एक तेज रफ्तार एसयूवी (SUV) कार में सवार होकर आए अज्ञात बदमाशों ने सड़क किनारे मौजूद भीड़ को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस अचानक हुए अंधाधुंध हमले में कम से कम 12 लोगों को गोलियां लगी हैं, जिन्हें आनन-फानन में नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। स्थानीय पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर हमलावरों की तलाश तेज कर दी है।तड़के सुबह गोलियों की गूंज से कांपा शिकागो का रिहायशी इलाकाचश्मदीदों और स्थानीय पुलिस प्रशासन से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह खूनी वारदात रविवार तड़के शिकागो के एक रिहायशी और कमर्शियल मिक्स इलाके में घटित हुई। वहां लोग वीकेंड एंजॉय करने के बाद सड़कों पर मौजूद थे, तभी अचानक एक काले रंग की एसयूवी वहां आकर रुकी। गाड़ी के शीशे नीचे हुए और इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, ऑटोमैटिक हथियारों से लैस हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की आवाज सुनते ही इलाके में भगदड़ मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।12 लोग अस्पताल में भर्ती, कई की हालत बेहद नाजुकशिकागो पुलिस विभाग (CPD) के अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि इस गोलीबारी की घटना में कुल 12 लोग घायल हुए हैं। घायलों में महिलाएं और युवा भी शामिल हैं। एम्बुलेंस और स्थानीय नागरिकों की मदद से सभी पीड़ितों को तुरंत ट्रॉमा सेंटरों में पहुंचाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, घायलों में से कम से कम तीन से चार लोगों की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है, जिसके कारण मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। पुलिस ने अस्पताल के बाहर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।हमलावरों की तलाश में जुटी पुलिस और जांच एजेंसियांशिकागो में हुई इस मास शूटिंग (Mass Shooting) के बाद पूरे अमेरिका में एक बार फिर गन कल्चर (Gun Culture in US) को लेकर बहस छिड़ गई है। हमलावर वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद उसी एसयूवी गाड़ी से मौके से फरार हो गए। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। हालांकि, अभी तक गोलीबारी के पीछे की असली वजह या किसी गैंगवार के कनेक्शन का खुलासा नहीं हो पाया है। इस घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल देखा जा रहा है।
होर्मुज की नाकेबंदी खत्म, ईरान के खर्ग द्वीप से करोड़ों बैरल कच्चे तेल की धुआंधार सप्लाई शुरू
वैश्विक ऊर्जा बाजार और मिडिल ईस्ट से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ते 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) से नाकेबंदी पूरी तरह से हट गई है। इस प्रतिबंध के हटते ही वैश्विक तेल बाजार ने राहत की सांस ली है और समुद्र में ठप पड़ी तेल की सप्लाई अचानक से तेज हो गई है। सबसे बड़ा बदलाव ईरान के मुख्य तेल टर्मिनल 'खर्ग द्वीप' (Kharg Island) पर देखने को मिल रहा है, जहां से कच्चे तेल की भारी खेप दुनिया के बाजारों के लिए रवाना होने लगी है।समंदर में बढ़ी हलचल, महाकाय टैंकरों में लोड हुआ तेलसूत्रों और सैटेलाइट तस्वीरों से मिली जानकारी के अनुसार, नाकेबंदी हटते ही ईरान के खर्ग द्वीप पर हलचल कई गुना बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और तनाव के कारण जो सुपरटैंकर (VLCCs) दिनों से समंदर में लंगर डाले खड़े थे, उनमें अब तेजी से कच्चा तेल लोड किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ ही घंटों के भीतर करोड़ों बैरल कच्चा तेल इन जहाजों में भरा जा चुका है, जो अब एशिया और यूरोप के प्रमुख बाजारों की ओर बढ़ने के लिए तैयार हैं।दुनिया के लिए क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?दुनिया का लगभग 20 से 30 प्रतिशत कच्चा तेल इसी होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। ओमान और ईरान के बीच स्थित यह संकरा समुद्री रास्ता वैश्विक अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यहां नाकेबंदी हटने से कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव पर लगाम लगेगी। भारत जैसे प्रमुख तेल आयातक देशों के लिए यह खबर राहत देने वाली है, क्योंकि सप्लाई चेन बहाल होने से घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद बढ़ गई है।खर्ग द्वीप से सप्लाई शुरू होने के वैश्विक मायनेईरान का खर्ग द्वीप उसका सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण ऑयल एक्सपोर्ट हब है। यहां से सप्लाई शुरू होने का सीधा मतलब है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की उपलब्धता बढ़ेगी। हालांकि, इस अचानक आई तेजी पर ओपेक (OPEC) और अन्य पश्चिमी देशों की नजरें टिकी हुई हैं। भू-राजनीतिक (Geopolitical) रणनीतिकारों का मानना है कि इस कदम से आने वाले दिनों में खाड़ी देशों के समीकरण बदल सकते हैं। फिलहाल, समंदर के रास्ते कच्चे तेल की यह 'ब्लैक गोल्ड' सुनामी दुनिया भर के ऊर्जा बाजारों को नई दिशा देने के लिए निकल चुकी है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग शिविर का आयोजन, योग और संगीत से स्वास्थ्य का दिया संदेश
अजमेर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को भारत विकास परिषद् महाराणा प्रताप शाखा अजमेर, अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन अजमेर इकाई, मणिपुंज सेवा संस्थान तथा मोंटूस वर्कआउट योगा स्टूडियो के संयुक्त तत्वावधान में मणिपुंज सेवा संस्थान बीके कौल नगर में भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर सुबह 6:30 बजे से 8:30 बजे तक […] The post अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग शिविर का आयोजन, योग और संगीत से स्वास्थ्य का दिया संदेश appeared first on Sabguru News .
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर किया योगाभ्यास
जयपुर। राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को यहां योगाभ्यास किया। दिया कुमारी ने जयपुर स्थित ऐतिहासिक अल्बर्ट हॉल संग्रहालय परिसर में आयोजित योग शिविर में भाग लेकर योगाभ्यास किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं, मातृशक्ति, वरिष्ठ नागरिकों तथा गणमान्य नागरिकों के साथ योग कर स्वस्थ एवं संतुलित […] The post उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर किया योगाभ्यास appeared first on Sabguru News .
Monsoon Update: 23 जून से फिर रफ्तार पकड़ेगा मानसून, जुलाई के पहले सप्ताह तक दिल्ली पहुंचने के संकेत
देशभर में मानसून का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने संकेत दिया है कि 23 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं। 8 जून से दक्षिण महाराष्ट्र में रुका हुआ मानसून ...
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस : केन्द्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने अजमेर में किया योगाभ्यास
अजमेर। केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने रविवार को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में सहभागिता कर योगाभ्यास किया। चौधरी ने अजमेर जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन ग्राउंड में आयोजित संभाग स्तरीय कार्यक्रम में योगाभ्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं बड़ी संख्या में आमजन के साथ योग के महत्व पर […] The post अंतरराष्ट्रीय योग दिवस : केन्द्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने अजमेर में किया योगाभ्यास appeared first on Sabguru News .
तेलंगाना के करीमनगर में बस में अचानक आग लगी, 41 यात्री बाल-बाल बचे
हैदराबाद। तेलंगाना के करीमनगर जिले में तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीजीएसआरटीसी) की एक बस में रविवार को अचानक आग लग गई, जिसके बाद चालक और कंडक्टर की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया और 41 यात्री बाल-बाल बच गए। राज्य परिवहन निगम की यह इलेक्ट्रिक बस करीमनगर से हैदराबाद की ओर जा रही […] The post तेलंगाना के करीमनगर में बस में अचानक आग लगी, 41 यात्री बाल-बाल बचे appeared first on Sabguru News .
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने माउंट आबू में किया रात्रि भ्रमण
आबूराज। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार रात सिरोही जिले के आबूराज में नक्की झील एवं आसपास के क्षेत्रों का भ्रमण कर पर्यटकों एवं आम लोगों से सवांद किया। शर्मा ने मॉल रोड स्थित बाजार में पैदल भ्रमण कर स्थानीय व्यापारियों, खरीदारी कर रहे लोगों, पर्यटकों तथा स्थानीय नागरिकों से संवाद किया और उनका […] The post मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने माउंट आबू में किया रात्रि भ्रमण appeared first on Sabguru News .
रिया कपूर की मेकअप आर्टिस्ट ने दर्ज कराई 1.35 करोड़ रुपए के हीरे के झुमके चोरी होने की शिकायत
मुंबई। फिल्म निर्माता रिया कपूर की न्यूयॉर्क यात्रा के दौरान 1.35 करोड़ रुपए मूल्य के हीरे जड़े हुए दो जोड़ी झुमके गायब होने के मामले में मुंबई पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार रिया कपूर की टीम 27 अप्रैल को मुंबई से दुबई होते हुए न्यूयॉर्क के लिए रवाना हुई थी। […] The post रिया कपूर की मेकअप आर्टिस्ट ने दर्ज कराई 1.35 करोड़ रुपए के हीरे के झुमके चोरी होने की शिकायत appeared first on Sabguru News .
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मोदी के अंगवस्त्र ने खींचा लोगों का ध्यान
नई दिल्ली। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित मुख्य समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के परिधान ने सबसे ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। मोदी ने रविवार को यहां लोगों के साथ योगाभ्यास किया। योग के साथ-साथ उनका पहनावा भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया […] The post अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मोदी के अंगवस्त्र ने खींचा लोगों का ध्यान appeared first on Sabguru News .
भारत की समुद्री शक्ति को नई उड़ान, PM मोदी ने INS Dunagiri, Agray और Sanshodhak किए कमीशन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कोलकाता स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर भारतीय नौसेना के तीन स्वदेशी रूप से निर्मित युद्धपोतों को औपचारिक रूप से कमीशन किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत की बढ़ती समुद्री शक्ति और रक्षा क्षेत्र में ...
नौसेना को मिलेगी नई ताकत, पीएम मोदी कोलकाता में तीन स्वदेशी युद्धपोत करेंगे समर्पित
भारतीय नौसेना के अनुसार, तीनों युद्धपोत पूरी तरह स्वदेशी तकनीक और डिजाइन पर आधारित हैं। इनका डिजाइन नौसेना के वारशिप डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है, जबकि इनका निर्माण कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) में किया गया है।
राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले की जांच में SIT को अहम सुराग मिले हैं। सीसीटीवी फुटेज और पदाधिकारियों की भूमिका की जांच के बीच ट्रस्ट के पुनर्गठन और कार्यपालक अधिकारी नियुक्ति की सिफारिश संभव।
देश में बदलेगा मौसम का मिजाज, अगले 5 दिन बारिश-आंधी का अलर्ट; कई राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी
पश्चिमी विक्षोभ और मानसून के असर से उत्तर भारत समेत कई राज्यों में अगले 5 दिनों तक बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं का अलर्ट जारी। जानें IMD का ताजा मौसम पूर्वानुमान।
हिंदू धर्म में वट (बरगद) के वृक्ष को बेहद पवित्र और पूजनीय माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस विशाल पेड़ में त्रिदेव यानी ब्रह्मा, विष्णु और महेश का साक्षात वास होता है। पेड़ की शाखाओं में ब्रह्मा, मुख्य तने में भगवान विष्णु और इसकी गहरी जड़ों में महादेव शिव विराजते हैं। यही वजह है कि ज्येष्ठ मास में इस वृक्ष की पूजा का विशेष विधान है, जो विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य का वरदान देता है।इस साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाने वाला 'बड़ साते' या 'वट सप्तमी' का व्रत आज यानी रविवार, 21 जून 2026 को पूरे देश में श्रद्धा के साथ रखा जा रहा है।अधिक मास की वजह से हुआ भ्रम, जानिए क्यों खास है इस बार का व्रतइस साल वट सप्तमी व्रत की सही तारीख को लेकर सुहागिन महिलाओं के बीच काफी असमंजस (कंफ्यूजन) की स्थिति बनी हुई थी। इसकी मुख्य वजह यह है कि इस साल ज्येष्ठ माह के दौरान 'अधिक मास' (मलमल मास) लगा था, जिससे ज्येष्ठ महीने की अवधि सामान्य से अधिक लंबी हो गई। पंचांग के अनुसार, 15 जून को ज्येष्ठ अधिक मास की अमावस्या समाप्त होने के बाद ही शुद्ध ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की शुरुआत हुई है। इसी वजह से शुद्ध ज्येष्ठ शुक्ल सप्तमी आज 21 जून को पड़ रही है, जो कि व्रत के लिए पूर्ण रूप से शास्त्रसम्मत और शुद्ध तारीख है।वट सप्तमी पूजा के आज के शुभ मुहूर्तआज के दिन वट वृक्ष की पूजा और परिक्रमा करने के लिए शास्त्रों में विशेष फलदायी मुहूर्त बताए गए हैं। सुहागिनें अपनी सुविधा के अनुसार इन शुभ समय में पूजा संपन्न कर सकती हैं:प्रातः काल (सुबह का) मुहूर्त: सुबह 05:30 बजे से लेकर 09:45 बजे तक (यह समय सुबह की मुख्य पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ है)।अभिजीत मुहूर्त (दुपहर का श्रेष्ठ समय): सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक।अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि का प्रतीक है 'बड़ साते'सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से वट वृक्ष को दीर्घायु (लंबी उम्र), स्थिरता और सुख-समृद्धि के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। मान्यता है कि वट सप्तमी के दिन जो भी विवाहित महिला पूरी श्रद्धा से उपवास रखकर बरगद के पेड़ की उपासना करती है, उसके पति को लंबी आयु प्राप्त होती है और उसका वैवाहिक जीवन खुशियों से भर जाता है। इसके साथ ही यह पूजा घर-परिवार की कलह और आर्थिक परेशानियों को दूर कर जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।इस सरल विधि से करें वट वृक्ष की पूजावट सप्तमी की पूजा को पूरी विधि-विधान से करने पर ही इसका पूर्ण फल प्राप्त होता है। महिलाएं आज के दिन इस आसान पूजा विधि का पालन कर सकती हैं:सुबह जल्दी सोकर उठें, स्नान आदि से निवृत्त होकर साफ या नए वस्त्र (संभव हो तो लाल या पीले रंग के) धारण करें।व्रत और पूजा का मन में संकल्प लेकर अपने घर के पास मौजूद किसी पवित्र वट वृक्ष (बरगद के पेड़) के पास जाएं।सबसे पहले तांबे के लोटे से पेड़ की जड़ में जल अर्पित कर उन्हें सींचें।इसके बाद वृक्ष को रोली, कुमकुम, अक्षत (चावल), फूल, भोग और धूप-दीपक दिखाकर पंचोपचार पूजा करें।अब हाथ में सूत का कच्चा धागा लेकर वट वृक्ष के चारों ओर लपेटते हुए परिक्रमा करें (परिक्रमा अपनी श्रद्धानुसार 7, 11 या 108 बार की जा सकती है)।परिक्रमा के दौरान मन ही मन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और महादेव का ध्यान करते रहें।पूजा संपन्न होने के बाद अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करें।अंत में उपस्थित लोगों में प्रसाद वितरित करें और सामर्थ्य के अनुसार ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को दान-दक्षिणा दें।
इंजीनियरिंग के क्षेत्र में सरकारी नौकरी (Govt Jobs) की तलाश कर रहे अनुभवी प्रोफेशनल्स के लिए एक बेहतरीन अवसर सामने आया है। भारत सरकार की प्रमुख नवरत्न प्रौद्योगिकी कंपनी इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) ने एसोसिएट इंजीनियर (Associate Engineer) के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है। इस वैकेंसी की सबसे खास बात यह है कि उम्मीदवारों को चयन के लिए कोई लिखित परीक्षा नहीं देनी होगी। यह भर्ती पूरी तरह से एक निश्चित समय अवधि (Fixed-Term) के लिए की जा रही है, जिसमें योग्य उम्मीदवारों का चयन सीधे इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा।आवेदन की अंतिम तारीख नजदीक, इंटरव्यू के लिए तैयार रहेंइंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड द्वारा निकाली गई इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 16 जून 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों के पास फॉर्म भरने के लिए 30 जून 2026 तक का समय है। इसके बाद शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों के इंटरव्यू 13 जुलाई 2026 से आयोजित किए जाने प्रस्तावित हैं।कार्यक्रममहत्वपूर्ण तिथिऑनलाइन आवेदन शुरू होने की तारीख16 जून 2026आवेदन करने की अंतिम तिथि30 जून 2026इंटरव्यू आयोजित होने की संभावित तिथि13 जुलाई 2026 से शुरूकुल 41 पदों पर होगी बहाली, जानिए वैकेंसी डिटेल्सEIL ने इस भर्ती अभियान के तहत एसोसिएट इंजीनियर के कुल 41 रिक्त पदों को भरने का फैसला किया है। इन्हें दो अलग-अलग श्रेणियों (ग्रेड-II और ग्रेड-III) में विभाजित किया गया है, जिनमें अलग-अलग इंजीनियरिंग ब्रांच के लिए नियुक्तियां की जाएंगी:एसोसिएट इंजीनियर ग्रेड-II (15 पद): इस ग्रेड के तहत प्रोसेस, मैकेनिकल (रोटेटिंग/पैकेज), मैकेनिकल (स्टैटिक इक्विपमेंट) और एनवायरनमेंट/वॉटर/सेफ्टी जैसे विशेष विभागों में नियुक्तियां होंगी।एसोसिएट इंजीनियर ग्रेड-III (26 पद): इस ग्रेड के अंतर्गत प्रोसेस, इलेक्ट्रिकल, इंस्ट्रूमेंटेशन, पाइपिंग, मैटेरियल्स/कोरोजन और स्ट्रक्चरल/सिविल इंजीनियरिंग विषयों के लिए भर्ती की जाएगी।कौन कर सकता है अप्लाई? योग्यता और आयु सीमा की पूरी जानकारीइस भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए ईआईएल ने कड़े शैक्षणिक और अनुभव के मानक तय किए हैं:शैक्षणिक योग्यता: आवेदकों के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से संबंधित इंजीनियरिंग विषय में बीई (BE), बीटेक (B.Tech) या बीएससी इंजीनियरिंग की डिग्री होनी अनिवार्य है। डिग्री में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक या उसके समकक्ष सीजीपीए (CGPA) होना आवश्यक है।कार्य अनुभव: एसोसिएट इंजीनियर ग्रेड-II के पदों के लिए संबंधित क्षेत्र में कम से कम 5 वर्ष का पोस्ट-क्वालिफिकेशन अनुभव मांगा गया है। वहीं, ग्रेड-III के पदों के लिए उम्मीदवारों के पास न्यूनतम 9 वर्ष का कार्यानुभव होना जरूरी है।आयु सीमा: उम्मीदवारों की अधिकतम आयु सीमा की गणना 31 मई 2026 को आधार मानकर की जाएगी। ग्रेड-II के लिए अधिकतम आयु 37 वर्ष और ग्रेड-III के लिए अधिकतम आयु 41 वर्ष निर्धारित की गई है।बिना परीक्षा सीधे वॉक-इन इंटरव्यू से चयन, मिलेगा बंपर वेतनचयनित होने वाले उम्मीदवारों को फिक्स्ड टर्म बेसिस पर नियुक्त किया जाएगा। इस दौरान उन्हें पदानुसार ₹72,000 से लेकर ₹96,000 प्रति माह तक का समेकित (Consolidated) वेतन दिया जाएगा। इस सैलरी पैकेज में हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और प्रोविडेंट फंड (PF) के घटक भी शामिल रहेंगे।चयन प्रक्रिया पूरी तरह से वॉक-इन इंटरव्यू के माध्यम से संपन्न होगी। साक्षात्कार के दौरान चयन समिति द्वारा उम्मीदवारों के तकनीकी ज्ञान, पुराने कार्यानुभव, समस्या सुलझाने की क्षमता और पेशेवर दक्षता का बारीकी से मूल्यांकन किया जाएगा। यह इंटरव्यू देश के विभिन्न प्रमुख शहरों जैसे गुरुग्राम, कोलकाता, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु और वडोदरा में आयोजित किए जाएंगे।वेबसाइट पर जाकर ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन (Step-by-Step)आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पूरा नोटिफिकेशन ध्यानपूर्वक पढ़ लें। आवेदन करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें:सबसे पहले इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।होमपेज पर दिए गए ‘Careers’ (करियर) सेक्शन में प्रवेश करें।वहाँ इस भर्ती से संबंधित विज्ञापन संख्या HRD/Rectt./Advt./2026-27/05 को खोजें और उस पर क्लिक करें।अपनी पात्रता (Eligibility) की अच्छी तरह जांच करने के बाद ऑनलाइन आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियां सही-सही भरें।सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करने के बाद फॉर्म को सबमिट कर दें और भविष्य के संदर्भ के लिए भरे हुए आवेदन पत्र का एक प्रिंटआउट निकालकर सुरक्षित रख लें।
सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट: एक हफ्ते में ₹3,000 सस्ता हुआ सोना, चांदी ₹10,000 तक लुढ़की
भारतीय सर्राफा बाजार से इस समय की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। सोने और चांदी की कीमतों में साप्ताहिक आधार पर (Weekly Basis) जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आभूषण खरीदारों और निवेशकों को बड़ी राहत मिली है। पिछले महज एक सप्ताह के भीतर 24 कैरेट सोने की कीमत में ₹3,000 प्रति 10 ग्राम तक की भारी कटौती देखी गई है, जबकि चांदी के दाम भी ₹10,000 प्रति किलोग्राम तक नीचे आ गए हैं। इस गिरावट के बाद देश के अलग-अलग शहरों में कीमती धातुओं के भाव काफी आकर्षक स्तर पर पहुंच गए हैं।मजबूत डॉलर के दबाव में टूटे सोने के दाम, रिकॉर्ड स्तर से आया नीचेवैश्विक और घरेलू बाजारों में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय कारक (Global Factors) हैं। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर के लगातार मजबूत होने से कीमती धातुओं पर भारी दबाव देखा जा रहा है। डॉलर सूचकांक (Dollar Index) इस समय अपने एक साल के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना (Spot Gold) फिसलकर 4,148.45 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रहा है।इस वैश्विक हलचल का सीधा असर शुक्रवार, 19 जून को दिल्ली के सर्राफा बाजार में भी देखने को मिला, जहां 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत एक ही दिन में ₹2,840 की भारी गिरावट के साथ ₹1,50,600 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी। आज यानी रविवार 21 जून की सुबह तक कीमतों में यह कमजोरी बरकरार है।दिल्ली, मुंबई और लखनऊ सहित देश के बड़े शहरों में आज का गोल्ड रेटदेश के प्रमुख महानगरों और बड़े शहरों में आज सुबह 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के ताजा भाव (प्रति 10 ग्राम) इस प्रकार दर्ज किए गए हैं:दिल्ली, जयपुर और लखनऊ: देश की राजधानी दिल्ली, गुलाबी नगरी जयपुर और नवाबों के शहर लखनऊ में आज 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,46,230 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है, जबकि गहने बनाने वाले 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,34,050 प्रति 10 ग्राम है।मुंबई, कोलकाता, पुणे और बेंगलुरु: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई, कोलकाता, पुणे और बेंगलुरु में आज 24 कैरेट शुद्ध सोना ₹1,46,080 प्रति 10 ग्राम के भाव पर ट्रेंड कर रहा है। वहीं, इन चारों शहरों में 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,33,900 प्रति 100 ग्राम दर्ज की गई है।चेन्नई: दक्षिण भारत के प्रमुख केंद्र चेन्नई में सोने के दाम अन्य शहरों की तुलना में थोड़े ऊंचे हैं। यहाँ आज 24 कैरेट गोल्ड का रेट ₹1,48,370 और 22 कैरेट गोल्ड का रेट ₹1,36,000 प्रति 10 ग्राम है।अहमदाबाद और भोपाल: गुजरात के अहमदाबाद और मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज 24 कैरेट सोना ₹1,46,130 और 22 कैरेट सोना ₹1,33,950 प्रति 10 ग्राम के भाव पर बिक रहा है।एक नज़र में देखें अपने शहर का ताजा भाव (Table)शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)दिल्ली1,34,0501,46,230मुंबई1,33,9001,46,080अहमदाबाद1,33,9501,46,130चेन्नई1,36,0001,48,370कोलकाता1,33,9001,46,080हैदराबाद1,33,9001,46,080जयपुर1,34,0501,46,230भोपाल1,33,9501,46,130लखनऊ1,34,0501,46,230चंडीगढ़1,34,0501,46,230चांदी की चमक भी पड़ी फीकी, एक किलो पर ₹10,000 की बड़ी बचतसोने की राह पर चलते हुए चांदी के बाजार में भी इस हफ्ते बड़ा क्रैश देखने को मिला है। चांदी की कीमतों में साप्ताहिक आधार पर ₹10,000 प्रति किलोग्राम तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। आज 21 जून की सुबह सर्राफा बाजार खुलते समय चांदी की कीमत ₹2,50,000 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें, तो वहां भी मांग कमजोर होने से हाजिर चांदी का भाव फिसलकर 64.73 डॉलर प्रति औंस पर आ चुका है। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि डोमेस्टिक और ग्लोबल सेंटिमेंट्स को देखते हुए बाजार में अगले कुछ दिनों तक उतार-चढ़ाव का यह सिलसिला जारी रह सकता है।
271 करोड़ की मेगा डील: इनोवीकेयर को खरीदने जा रही सन फार्मा, सोमवार को फोकस में रहेगा दिग्गज स्टॉक
फार्मा सेक्टर (दवा उद्योग) से इस वीकेंड एक बेहद बड़ी कॉर्पोरेट डील की खबर सामने आई है, जिसका सीधा असर सोमवार, 22 जून को शेयर बाजार खुलते ही देखने को मिलेगा। देश की सबसे बड़ी फार्मा कंपनियों में शुमार सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज (Sun Pharma) ने एक रणनीतिक कदम उठाते हुए करीब 12 साल पुरानी कंपनी इनोवीकेयर लाइफसाइंसेज (Innovcare Lifesciences) में 100% हिस्सेदारी खरीदने का आधिकारिक ऐलान किया है। सन फार्मा ने 20 जून की शाम को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में इस समझौते की विस्तृत जानकारी साझा की है। यह पूरा सौदा ₹271.2 करोड़ (लगभग $2.873 करोड़) में तय हुआ है, जिसके बाद बाजार एक्सपर्ट्स सोमवार को सन फार्मा के शेयरों में तेज हलचल की उम्मीद जता रहे हैं।प्रोडक्ट पोर्टफोलियो मजबूत करेगी कंपनी, 31 जुलाई तक पूरा होगा कैश सौदास्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, सन फार्मा इनोवीकेयर लाइफसाइंसेज के सभी आउटस्टैंडिंग शेयर्स (बाजार में मौजूद कुल शेयर) का अधिग्रहण करने जा रही है। कंपनी को पूरा भरोसा है कि टेकओवर की यह पूरी प्रक्रिया 31 जुलाई 2026 या उससे पहले ही मुकम्मल कर ली जाएगी। खास बात यह है कि यह पूरा सौदा पूरी तरह से 'कैश डील' के रूप में निपटाया जाएगा।सन फार्मा ने इस अधिग्रहण को अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को और अधिक डाइवर्सिफाइड और मजबूत बनाने की दिशा में एक बेहद अहम और रणनीतिक कदम बताया है। अगर इनोवीकेयर लाइफसाइंसेज की बात करें, तो इस कंपनी की शुरुआत 21 जुलाई 2014 को हुई थी। यह कंपनी भारतीय बाजार में फार्मास्युटिकल दवाओं के साथ-साथ तेजी से बढ़ते न्यूट्रास्यूटिकल (पोषण संबंधी उत्पाद) और कॉस्मेस्यूटिकल (कॉस्मेटिक और औषधीय गुण वाले उत्पाद) सेक्टर्स में एक्टिव है। इसका पूरा बिजनेस नेटवर्क भारत में मजबूती से फैला हुआ है। वित्तीय मोर्चे पर भी कंपनी का प्रदर्शन सुधरा है; वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू सालाना आधार पर ₹86.09 करोड़ से बढ़कर ₹94.06 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है।रिकॉर्ड हाई से 4% नीचे है भाव, पिछले 8 महीने में दिया शानदार रिटर्नइस डील के एलान से ठीक पहले, यानी शुक्रवार 19 जून को सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन सन फार्मा का शेयर बीएसई (BSE) पर 0.72% की हल्की बढ़त के साथ ₹1837.15 के भाव पर बंद हुआ था।निवेशकों के लिए सन फार्मा के पिछले एक साल के परफॉर्मेंस का विश्लेषण करें तो:एक साल का निचला स्तर (52-Week Low): पिछले साल 26 सितंबर 2025 को शेयर ₹1547.25 के अपने सबसे निचले स्तर पर था।एक साल का उच्च स्तर (52-Week High): इस निचले स्तर से शानदार रिकवरी दिखाते हुए स्टॉक महज 8 महीनों में 23.91% की रफ्तार से भागा और 19 मई 2026 को ₹1917.15 के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया।वर्तमान स्थिति: हालांकि, रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद शेयरों में थोड़ी प्रॉफिट बुकिंग (मुनाफावसूली) देखी गई है और मौजूदा भाव अपने लाइफ-टाइम हाई से करीब 4% नीचे ट्रेड कर रहा है। ऐसे में सोमवार को होने वाली हलचल इस शेयर को दोबारा नए रिकॉर्ड की तरफ ले जा सकती है।
देश के तकरीबन 22.79 लाख मेडिकल परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए आज रविवार, 21 जून का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। पेपर लीक के विवादों को झेलने के बाद, डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले ये छात्र आज एक बार फिर नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) के रण में उतर रहे हैं। यह परीक्षा न केवल छात्रों के भविष्य के लिए, बल्कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की साख और देश के सुरक्षा तंत्र के लिए भी एक बड़ी अग्निपरीक्षा है। परीक्षा के सुचारू आयोजन के लिए एनटीए ने उम्मीदवारों के लिए सख्त एडवाइजरी और गाइडलाइंस जारी की हैं।परीक्षा केंद्र जाने से पहले जरूर जांच लें ये 3 चीजें, एनटीए ने दी सलाहएनटीए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए परीक्षार्थियों के लिए आखिरी समय की गाइडलाइंस जारी की हैं। परीक्षा केंद्र में प्रवेश पाने के लिए छात्रों को अपने साथ निम्नलिखित दस्तावेज ले जाना अनिवार्य है:एडमिट कार्ड: नीट यूजी 2026 री-एग्जाम का आधिकारिक एडमिट कार्ड।वैलिड फोटो आईडी प्रूफ: आधार कार्ड, पैन कार्ड या अन्य कोई सरकारी पहचान पत्र।पासपोर्ट साइज फोटो: उम्मीदवारों को अपने साथ दो पासपोर्ट साइज तस्वीरें भी रखनी होंगी।एनटीए ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचें ताकि सुरक्षा जांच की प्रक्रिया बिना किसी हड़बड़ी के पूरी हो सके और वे शांत मन से परीक्षा दे सकें।देश-विदेश के 565 शहरों में दोपहर 2 बजे से शुरू होगा महामुकाबलानीट यूजी 2026 की यह दोबारा परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में एक साथ आयोजित की जा रही है। परीक्षा का समय दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक निर्धारित किया गया है, जो पूरी तरह से पेन-एंड-पेपर (ऑफलाइन) मोड में होगी। वहीं, दिव्यांग (PwD/PwBD) श्रेणी के योग्य उम्मीदवारों को नियमानुसार अतिरिक्त समय दिया जाएगा, जिससे वे शाम 6:20 बजे तक अपनी परीक्षा पूरी कर सकेंगे। इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सफल बनाने के लिए देश भर में 2 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया गया है।थ्री-लेयर सिक्योरिटी और रियल-टाइम सीसीटीवी सर्विलांस से लैस परीक्षा केंद्रइस बार परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए एनटीए ने केंद्रों पर अभेद्य सुरक्षा कवच तैयार किया है। सभी परीक्षा केंद्रों को सुरक्षा एजेंसियों के हवाले कर दिया गया है, जहां तीन-स्तरीय (Three-Level) सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी:बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन: परीक्षा केंद्रों पर नकल और फर्जी उम्मीदवारों को रोकने के लिए सख्त बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया अपनाई जाएगी।जीपीएस और पैरामिलिट्री फोर्स: प्रश्न पत्रों और आंसर बुकलेट के सुरक्षित ट्रांसपोर्टेशन के लिए जीपीएस-इनेबल्ड वाहनों का उपयोग किया जा रहा है, और इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पैरामिलिट्री फोर्स के पास है।कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटरिंग: 5,000 से अधिक केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव फीड सीधे एनटीए के हाई-लेवल मॉनिटरिंग सेंटर को मिलती रहेगी। यह सेंटर सोशल मीडिया और इंटरनेट पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर भी पैनी नजर रख रहा है।प्रशासनिक अमला और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, हजारों अधिकारी तैनातपरीक्षा को बिना किसी गड़बड़ी के संपन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन, पुलिस और शिक्षा विभाग के बीच एक मजबूत तालमेल बनाया गया है। जमीनी स्तर पर निगरानी के लिए एक बड़ी टीम तैनात की गई है, जिसमें शहर-स्तरीय व्यवस्थाओं को संभालने के लिए 674 सिटी कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए गए हैं। इसके साथ ही, केंद्रों पर स्वतंत्र रूप से पैनी नजर रखने के लिए 6,669 ऑब्जर्वर भेजे गए हैं। हर सेंटर पर सेंटर सुपरिटेंडेंट और इनविजिलेटर की मुस्तैदी के साथ-साथ जिला प्रशासन और पुलिस की विशेष एस्कॉर्ट टीमें गोपनीय परीक्षा सामग्री की सुरक्षा में तैनात हैं।
8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों की मौज, DA बढ़ोतरी और न्यूनतम वेतन पर आया सबसे बड़ा अपडेट
केन्द्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन के बाद से ही देश के करीब 55 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स की नजरें इसके हर एक अपडेट पर टिकी हुई हैं। अक्टूबर 2025 में भारत सरकार द्वारा 'टर्म्स ऑफ रेफरेंस' (ToR) को मंजूरी दिए जाने के बाद से यह आयोग पिछले करीब आठ महीनों से लगातार काम कर रहा है। अब 15 जून की डेडलाइन खत्म होने के साथ ही आयोग के काम में काफी तेजी आ गई है, वहीं दूसरी तरफ अगले महंगाई भत्ते (DA) को लेकर भी स्थिति साफ होने लगी है।सितंबर में हो सकता है अगले महंगाई भत्ते (DA) का बड़ा ऐलानकेंद्र सरकार अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनर्स की महंगाई राहत (DR) में साल में दो बार बढ़ोतरी का फैसला करती है। इससे पहले साल की शुरुआती छमाही यानी जनवरी 2026 से लागू होने वाले डीए में 2 फीसदी का इजाफा किया गया था, जिसके बाद कर्मचारियों का कुल डीए बढ़कर 60 फीसदी के स्तर पर पहुंच चुका है। इस बढ़ोतरी का आधिकारिक ऐलान 18 अप्रैल 2026 को किया गया था।'ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन' के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल के मुताबिक, साल की दूसरी छमाही (जुलाई से दिसंबर 2026) के लिए डीए में होने वाली बढ़ोतरी का ऐलान आमतौर पर सितंबर के महीने में किया जाता है, हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में इसमें अक्टूबर तक की भी देरी देखी गई है।कैसे तय होती है आपकी सैलरी? समझिए डीए का पूरा गणितकर्मचारियों का महंगाई भत्ता तय करने के लिए सरकार को कम से कम दो से तीन महीनों के पुख्ता आर्थिक आंकड़ों की जरूरत होती है। केवल जुलाई महीने के शुरुआती रुझान के आधार पर अगले छह महीनों का डीए तय नहीं किया जा सकता। डीए की गणना पूरी तरह से श्रम ब्यूरो द्वारा जारी 'ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स' (AICPI-IW) के आंकड़ों पर निर्भर करती है।अप्रैल 2026 का AICPI-IW का आंकड़ा 0.8 अंक की बढ़त के साथ 149.9 पर पहुंच गया था। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जुलाई 2026 से लागू होने वाला अगला डीए मुख्य रूप से मई और जून 2026 के महंगाई आंकड़ों पर निर्भर करेगा, जिससे तय होगा कि कर्मचारियों की सैलरी में कितनी रकम बढ़ेगी।मेमोरेंडम जमा करने की डेडलाइन खत्म, अब शुरू होगा समीक्षा का दौर8वें वेतन आयोग के सामने अपनी मांगें और प्रस्ताव (मेमोरेंडम) जमा करने की अंतिम तारीख 15 जून 2026 थी, जो अब समाप्त हो चुकी है। आयोग ने विभिन्न श्रेणियों के सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, भत्ते और पेंशन ढांचे को लेकर सिफारिशें तैयार करने के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर मेमोरेंडम सबमिशन की विंडो खोली थी।कर्मचारी यूनियनों ने इस दौरान आयोग को सौंपे गए ज्ञापनों में मुख्य रूप से तीन बड़ी मांगें सामने रखी हैं:न्यूनतम बेसिक पे और फिटमेंट फैक्टर: यूनियनों की सबसे बड़ी मांग है कि कर्मचारियों के न्यूनतम बेसिक वेतन में इस बार बंपर बढ़ोतरी की जाए और फिटमेंट फैक्टर के फॉर्मूले को बदला जाए ताकि शुरुआती सैलरी सम्मानजनक हो सके।पेंशन पर सख्त रुख: कर्मचारी संगठनों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को पूरी तरह बहाल करने या फिर वर्तमान एनपीएस (NPS) और यूपीएस (UPS) के ढांचे की गहराई से समीक्षा कर पेंशन सुरक्षित करने की मांग की है।भत्तों में बड़ा सुधार: इसके अलावा हाउस रेंट अलाउंस (HRA), रिस्क पे, सालाना बोनस, लीव बेनिफिट्स और सर्विस से जुड़े अन्य आर्थिक फायदों में बड़े बदलाव की वकालत की गई है।मंजीत सिंह पटेल ने बताया कि 15 जून को मेमोरेंडम जमा होने की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही आयोग ने हितधारकों से चर्चा का पहला और सबसे महत्वपूर्ण चरण पूरा कर लिया है। अब आयोग सभी सुझावों का गहराई से अध्ययन करेगा और अंतिम रिपोर्ट तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।लखनऊ से होगी शुरुआत, राज्यों के दौरे पर निकल रहा है वेतन आयोगविभिन्न राज्यों के सरकारी कर्मचारियों से सीधे संवाद करने और उनकी स्थानीय समस्याओं को समझने के लिए 8वां वेतन आयोग अब अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा करने जा रहा है। आयोग ने अपने अगले दौर के दौरों का आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है:लखनऊ (उत्तर प्रदेश): 22-23 जून 2026भुवनेश्वर (ओडिशा): 6-7 जुलाई 2026कोलकाता (पश्चिम बंगाल): 9-10 जुलाई 2026आपको बता दें कि इससे पहले आयोग दिल्ली, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हैदराबाद (तेलंगाना) और महाराष्ट्र में हितधारकों के साथ अहम बैठकें पूरी कर चुका है। वहीं, 26 अप्रैल 2026 को आयोग ने उत्तराखंड के कर्मचारी संघों के साथ अपनी पहली औपचारिक बातचीत की शुरुआत की थी।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के खास मौके पर आज पूरा विश्व योग की अनूठी ऊर्जा से सराबोर नजर आ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (21 जून) को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में देश के सबसे बड़े योग कार्यक्रम का नेतृत्व किया। इस साल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 'स्वस्थ आयु के लिए योग' (Yoga for Healthy Aging) की बेहद खास थीम के साथ मनाया जा रहा है। कोलकाता के मुख्य आयोजन में पीएम मोदी के साथ करीब 35,000 लोगों ने एक साथ योगाभ्यास किया, जबकि पूरे कोलकाता में अलग-अलग जगहों पर आयोजित सत्रों में रिकॉर्ड 10 लाख से अधिक लोग इस सामूहिक उत्सव का हिस्सा बने।संतों की पवित्र भूमि बंगाल से पीएम मोदी का संदेश, स्वामी विवेकानंद को किया यादकोलकाता में ऐतिहासिक जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि योग दिवस के अवसर पर आज बंगाल की पावन धरती पर होना बेहद विशेष और सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा, यह बंगाल की वह पवित्र भूमि है जहां भगवान रामकृष्ण परमहंस जैसे सिद्ध संतों ने अवतार लिया, जहां से निकलकर स्वामी विवेकानंद ने पूरे विश्व को भारतीय योग परंपरा और संस्कृति से रूबरू करवाया। इसी धरती पर महर्षि अरविंद जैसे महान योगी ने जन्म लिया। आज ऐसी महान भूमि पर सामूहिक योग का अनुभव एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभूति दे रहा है।प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि योग आज केवल हमारी व्यक्तिगत जीवन शैली का हिस्सा मात्र नहीं रह गया है, बल्कि यह पूरी दुनिया के बेहतर भविष्य के लिए एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है।कोलकाता वासियों की 'स्वच्छता से स्वागत' पहल को पीएम मोदी ने सराहाअपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने योग के साथ-साथ कोलकाता में चलाई जा रही एक अनोखी मुहिम की भी खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा, आज योग दिवस पर मैं कोलकाता वासियों द्वारा की गई 'स्वच्छता के योग' की अद्भुत पहल की सराहना करता हूँ। यहाँ 'स्वच्छता से स्वागत' के लिए नागरिकों ने जिस तरह लगातार श्रमदान किया है और अपना कर्तव्य निभाया है, वह आज पूरे देश के नागरिकों के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा बन गया है।21 जून बना विश्व का सबसे बड़ा सामूहिक उत्सव, हिमालय से सौराष्ट्र तक बिखरी योग की ऊर्जावर्ष के सबसे लंबे दिन का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 21 जून का यह दिन पृथ्वी के कुछ हिस्सों में साल का सबसे बड़ा दिन होता है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की वजह से अब यह पूरी दुनिया के लिए सबसे बड़े सामूहिक उत्सव का दिन बन गया है। आज विश्व के कोने-कोने से योग की एक से बढ़कर एक अद्भुत और विहंगम तस्वीरें सामने आ रही हैं।उन्होंने आगे कहा, भारत में उत्तर में हिमालय से लेकर दक्षिण में हिंद महासागर तक, और पूर्वोत्तर व बंगाल से लेकर पश्चिम में सौराष्ट्र तक, आज पूरा देश योग की दिव्य ऊर्जा से ओतप्रोत नजर आ रहा है। पूरा विश्व आज योग के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़ा हुआ महसूस कर रहा है, और यही तो योग की असली ताकत है। इस अवसर पर पीएम मोदी ने संपूर्ण मानव समुदाय को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव से वैश्विक आंदोलन बना योग, 210 से ज्यादा देशों में आयोजनसाल 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) द्वारा भारत के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार किए जाने के बाद से 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है। आज यह दुनिया की सबसे बड़ी जन स्वास्थ्य पहलों में से एक का रूप ले चुका है। इस साल भी दुनिया भर में लगभग 2,500 से अधिक स्थानों पर 210 से ज्यादा भारतीय मिशनों और दूतावासों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन किया गया है, जो वैश्विक मंच पर भारत की इस प्राचीन विधा की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।
देश के कई हिस्सों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और लू झेल रहे लोगों के लिए आखिरकार राहत की खबर आ रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम में एक बहुत बड़े और अहम बदलाव का संकेत दिया है। मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित देश के 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले 15 घंटों के भीतर इन इलाकों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने की उम्मीद है। बारिश के साथ-साथ अधिकारियों ने आंधी-तूफान और 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली विनाशकारी हवाओं की भी चेतावनी जारी की है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम का मिजाज बदला, पहाड़ों पर ओलावृष्टि की आशंकामैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी राज्यों में भी मौसम तेजी से करवट ले रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, 21 से 22 जून के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुज़फ़्फ़राबाद और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि (ओले गिरना) का भी अलर्ट है।मैदानी इलाकों की बात करें तो 21 से 26 जून के बीच दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ छिटपुट या मध्यम बारिश होने की आशंका जताई गई है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आएगी।यूपी, बिहार और राजस्थान में अंधड़ का अलर्ट, चलने वाली हैं तेज हवाएंउत्तर प्रदेश के कई प्रमुख जिलों, जैसे नोएडा, मेरठ, आगरा, मथुरा, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज में मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, पड़ोसी राज्य बिहार में भी आंधी-पानी का संकट मंडरा रहा है। पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर समेत कई जिलों में 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की आशंका है।रेगिस्तानी राज्य राजस्थान के जोधपुर, जैसलमेर, अजमेर और अलवर जैसे शहरों में भी मौसम खराब रहेगा। यहाँ 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी और तूफान के साथ बारिश का अनुमान लगाया गया है।मध्य और दक्षिण भारत का हाल: कई राज्यों में लगातार बरसेंगे बादलमध्य भारत के राज्यों में भी मानसून की हलचल तेज हो गई है। 21 से 26 जून के बीच छत्तीसगढ़, पूर्वी व पश्चिमी मध्य प्रदेश और विदर्भ के इलाकों में अच्छी बौछारें पड़ने का अनुमान है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 34C के आसपास रहने से लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।वहीं, दक्षिण भारत में पूरे सप्ताह केरल, माहे, लक्षद्वीप और तटीय कर्नाटक में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में बड़े पैमाने पर मानसून सक्रिय रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ खतरनाक तूफान आने की भी आशंका जताई गई है।हिमाचल, उत्तराखंड और असम में आफत की बारिश, टूरिस्ट्स को सलाहपर्यटन स्थलों पर घूमने गए लोगों के लिए अगले कुछ दिन संभलकर रहने वाले हैं। उत्तराखंड के देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और नैनीताल जैसे पहाड़ी इलाकों में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ भारी बारिश और तूफान का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश के मनाली में बारिश शुरू होने की उम्मीद है, जबकि शिमला, कुल्लू, सोलन और कांगड़ा में 24 जून तक भारी बारिश और आंधी-तूफान के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।इसके अलावा, पूर्वोत्तर राज्य असम के गुवाहाटी और आस-पास के जिलों में अगले 2-3 दिनों में बिजली कड़कने और मूसलाधार बारिश की संभावना है, जिससे असम के पश्चिमी हिस्सों में हालात बिगड़ सकते हैं। दक्षिण में तमिलनाडु के नीलगिरि, कोयंबटूर, कन्याकुमारी और सलेम में भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि चेन्नई में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।

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