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महाराष्ट्र: संजय राउत ने स्कूल किट खरीद में करोड़ों के घोटाले का किया दावा, सीएम को पत्र लिख जांच की मांग

शिवसेना (यूबीटी) नेता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने शुक्रवार को पिंपरी-चिंचवड नगर निगम (पीसीएमसी) में करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया।

देशबन्धु 10 Jul 2026 4:57 pm

PM Kisan Samman Nidhi की 24वीं किस्त कब आएगी खाते में, पूरा करें यह काम नहीं तो अटक जाएगा आपका पैसा

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) के तहत केंद्र सरकार हर वर्ष 6000 रुपए प्रति किसान को मदद करती है। इस योजना की अभी तक 23 किस्त जारी हो चुकी हैं। हालांकि पिछले महीने जारी हुई पीएम किसान की 23वीं किस्त के पैसे कुछ किसानों के बैंक ...

वेब दुनिया 10 Jul 2026 4:35 pm

12 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल वाली दवाएं अब बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं मिलेंगी

नई दिल्ली। सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया है कि अब 12 प्रतिशत से अधिक इथाइल अल्कोहल युक्त दवाओं की बिक्री बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं की जा सकेगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने आज बताया कि सरकार ने अधिक मात्रा में इथाइल अल्कोहल युक्त औषधीय उत्पादों के दुरुपयोग पर रोक […] The post 12 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल वाली दवाएं अब बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं मिलेंगी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 4:18 pm

हिम शिवलिंग के अंतर्धान के बाद भी कायम है श्रद्धा, अमरनाथ यात्रा को लेकर उत्साह बरकरार

हिम शिवलिंग के अंतर्धान होने के बाद भी अमरनाथ यात्रा के प्रति श्रद्धालुओं का उत्साह बरकरार है। शिवभक्त गुफा दर्शन और अमरगंगा के जल को ही अपने लिए सौभाग्य मान रहे हैं।

देशबन्धु 10 Jul 2026 4:15 pm

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को मिली मंजूरी, 17 जुलाई को हो सकता है शुभारंभ

भारतीय रेलवे की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जल्द जींद-सोनीपत रेलखंड पर दौड़ेगी। स्वदेशी तकनीक से बनी यह ट्रेन स्वच्छ ऊर्जा और हरित परिवहन की दिशा में बड़ा कदम है।

देशबन्धु 10 Jul 2026 4:02 pm

हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप करने वाले क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा करा पाएंगे : योगी

अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर सीधा प्रहार करते हुये कहा कि आस्था का दिखावा करने वाले लोगों ने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप किया था, लेकिन क्या वे जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ करवा सकते हैं। यदि […] The post हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप करने वाले क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा करा पाएंगे : योगी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 3:41 pm

अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण की मांग पर विचार के लिए CM डॉ. मोहन यादव ने कमेटी बनाने का किया एलान, कहा जो हो सकेगा वो करेगी सरकार

'हमने भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले समिति गठित की है। अटकाने-लटकाने-भटकाने का समय गया। अंग्रेज गए और कांग्रेस छोड़ गए। कांग्रेस केवल काम अटकाती थी। आज समय आगे बढ़ने का है। अतिथि विद्वान समिति के माध्यम से जिस भी राज्य का मॉडल लागू करवाना चाहें, उसका ...

वेब दुनिया 10 Jul 2026 3:21 pm

रोक के बावजूद 'सतलुज' की स्क्रीनिंग: पंजाब के गुरुद्वारों में दिखाई जा रही फिल्म, लोग बोले-वापस न आए ऐसा दौर

सेंसर बोर्ड और आधिकारिक पाबंदियों के बावजूद विवादों में घिरी फिल्म 'सतलुज' को लेकर पंजाब की सियासत और सामाजिक गलियारों में एक नया मोड़ आ गया है। कड़े विरोध और सरकारी रोक के बाद भी पंजाब के कई ग्रामीण और शहरी इलाकों के गुरुद्वारों में इस फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग की जा रही है। फिल्म को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और सिख श्रद्धालु जुट रहे हैं, जिसके बाद प्रशासन और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं।प्रतिबंध के बाद भी गुरुद्वारों के परिसरों में उमड़ी भारी भीड़सेंसर बोर्ड द्वारा फिल्म की रिलीज और प्रदर्शन पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों को दरकिनार करते हुए कुछ स्थानीय कमेटियों और धार्मिक संगठनों ने इसे सीधे जनता के बीच ले जाने का फैसला किया है। पंजाब के विभिन्न जिलों के गुरुद्वारों के सामुदायिक हॉलों और खुले परिसरों में प्रोजेक्टर लगाकर फिल्म 'सतलुज' को दिखाया जा रहा है। आयोजकों का तर्क है कि यह फिल्म पंजाब के इतिहास, पानी के संकट और सामाजिक सच्चाई को बयां करती है, इसलिए इसे लोगों तक पहुंचाना बेहद जरूरी है।फिल्म देखकर रो पड़े दर्शक, पंजाब के पुराने जख्म हुए हरेइस फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान बेहद भावुक कर देने वाले दृश्य सामने आ रहे हैं। पंजाब के काले दौर और सामाजिक त्रासदियों पर आधारित दृश्यों को देखकर हॉल में मौजूद बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं की आंखें नम हो गईं। फिल्म देखकर बाहर निकले दर्शकों ने अपनी प्रतिक्रिया में बेहद संजीदगी से कहा कि पंजाब ने अतीत में जो संताप और दर्द झेला है, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। लोगों ने हाथ जोड़कर दुआ की कि भगवान करे पंजाब की धरती पर वो खौफनाक और काला दौर कभी दोबारा वापस न आए।कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन मुस्तैद, शांति बनाए रखने की अपीलबिना अनुमति के हो रही इस स्क्रीनिंग ने स्थानीय प्रशासन और पंजाब पुलिस की चिंताएं बढ़ा दी हैं। संवेदनशील इलाकों और धार्मिक स्थलों के आस-पास सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और किसी भी कीमत पर राज्य का माहौल या सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। खुफिया तंत्र भी इस बात की जांच कर रहा है कि फिल्म के प्रदर्शन के पीछे किन संगठनों का हाथ है, वहीं दूसरी तरफ दर्शकों से भी शांति और कानून का पालन करने की लगातार अपील की जा रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 3:17 pm

पंजाब कांग्रेस में फिर मची बड़ी रार! हाईकमान से टकराव के मूड में नहीं बागी, चन्नी गुट ने दी 'एक्सपेरिमेंट' न करने की नसीहत

पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान एक बार फिर चरम पर पहुंच गई है। चुनावी तैयारियों और संगठन के पुनर्गठन के बीच पार्टी के भीतर एक बड़े गुट ने अपनी ही लीडरशिप के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हालांकि, इस सियासी घमासान के बीच राहत की बात यह है कि बगावत का झंडा बुलंद करने वाले बागी नेता फिलहाल कांग्रेस आलाकमान से सीधा टकराव मोल लेने के मूड में नहीं दिख रहे हैं। वे अपनी बात को लोकतांत्रिक तरीके से दिल्ली दरबार के सामने रखने की कोशिश में जुटे हैं।हाईकमान से टकराव से बच रहे बागी नेता, बदलाव की मांग पर अड़ेपार्टी के भीतर उभरे असंतुष्ट और बागी धड़े के नेताओं की ओर से आ रहे बयानों से साफ है कि उनका विरोध प्रदेश स्तर की कार्यप्रणाली को लेकर है, न कि केंद्रीय नेतृत्व के खिलाफ। बागी गुट के एक वरिष्ठ नेता ने गोपनीय बैठक के बाद संकेत दिए कि वे सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के फैसलों का पूरा सम्मान करते हैं और हाईकमान से किसी भी तरह का टकराव नहीं चाहते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य केवल पंजाब संगठन में जमीनी हकीकत के हिसाब से जरूरी सुधार और बदलाव करवाना है ताकि आने वाले चुनावों में पार्टी को मजबूत किया जा सके।चन्नी गुट की दोटूक: यह वक्त नए एक्सपेरिमेंट करने का बिल्कुल नहीं हैदूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के वफादार और उनके गुट के नेताओं ने इस अंदरूनी कलह पर बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। चन्नी गुट के दिग्गज नेताओं ने बागी धड़े को नसीहत देते हुए साफ कहा कि पंजाब की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए यह समय पार्टी के भीतर किसी भी तरह के नए एक्सपेरिमेंट (प्रयोग) करने का बिल्कुल नहीं है। चन्नी समर्थकों का मानना है कि इस नाजुक मोड़ पर नेतृत्व या रणनीति में किसी भी तरह का बदलाव करने से विपक्षी दलों को फायदा पहुंच सकता है और पार्टी का ग्राफ नीचे गिर सकता है।पंजाब कांग्रेस के इस अंदरूनी दंगल पर दिल्ली की पैनी नजरविपक्ष को घेरने के बजाय आपस में ही उलझ रहे पंजाब कांग्रेस के इस नए घटनाक्रम ने दिल्ली में बैठे आलाकमान की चिंताएं काफी बढ़ा दी हैं। सूत्रों के मुताबिक, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के पंजाब प्रभारी लगातार दोनों गुटों के नेताओं से संपर्क साध रहे हैं ताकि इस विवाद को सार्वजनिक होने से रोका जा सके। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर इस अंदरूनी कलह और 'चन्नी बनाम बागी गुट' की इस जंग को समय रहते शांत नहीं किया गया, तो पंजाब में कांग्रेस की अंदरूनी बगावत एक बार फिर पार्टी के चुनावी समीकरणों को पूरी तरह बिगाड़ सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 3:15 pm

अमृतसर में लाइव एनकाउंटर: पुलिस पर गोलियां बरसाकर भाग रहा मुख्य आरोपी ढेर! जवाबी कार्रवाई में पैर पर लगी गोली

पंजाब के अमृतसर जिले से इस वक्त एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों के खिलाफ अमृतसर पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। हाल ही में एक घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग करने के मामले में नामजद मुख्य आरोपी और पुलिस के बीच आमने-सामने की भीषण मुठभेड़ (Encounter) हो गई है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे कड़े पहरे के बीच अस्पताल में भर्ती कराया गया है।पुलिस टीम को देखते ही आरोपी ने झोंक दी गोलियांघटनाक्रम के मुताबिक, अमृतसर पुलिस की स्पेशल टीम को इनपुट मिला था कि घर पर फायरिंग करने की वारदात को अंजाम देने वाला मुख्य आरोपी किसी गुप्त ठिकाने पर छिपा हुआ है। इस सूचना के आधार पर जब पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर आरोपी को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, तो उसने खुद को घिरा देख पुलिस टीम पर ही सीधे गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। आरोपी द्वारा अचानक की गई इस फायरिंग से मौके पर हड़कंप मच गया और पुलिस जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया।पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में लगी गोलीआरोपी की तरफ से लगातार हो रही फायरिंग के जवाब में अमृतसर पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ और उसे काबू करने के लिए जवाबी गोलियां चलाईं। दोनों तरफ से हुई कई राउंड की इस क्रॉस-फायरिंग के दौरान पुलिस की एक गोली सीधे आरोपी के पैर में जा लगी, जिसके बाद वह वहीं गिर पड़ा और पुलिस ने उसे तुरंत दबोच लिया। आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल अवैध हथियार और जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। घायल आरोपी को इलाज के लिए नजदीकी नागरिक अस्पताल ले जाया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है।अमृतसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, गैंगस्टरों को पुलिस की सख्त चेतावनीइस लाइव एनकाउंटर के बाद पूरे अमृतसर और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि पंजाब में किसी भी तरह के गैंगवार, जबरन वसूली या डराने-धमकाने की गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। घर पर हुई फायरिंग की घटना ने स्थानीय लोगों में डर का माहौल पैदा कर दिया था, लेकिन पुलिस की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से आम जनता ने राहत की सांस ली है। पुलिस अब आरोपी के अन्य साथियों और हथियारों के बैकवर्ड लिंकेज का पता लगाने में जुट गई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 3:14 pm

बस एक 'File Share' और बैंक खाता साफ! झारखंड में साइबर अपराधियों का नया खेल, जाल में फंसी बेकसूर युवती

साइबर क्राइम के गढ़ के रूप में बदनाम हो रहे झारखंड में ऑनलाइन ठगों ने मासूम लोगों की गाढ़ी कमाई लूटने के लिए एक बेहद शातिर और नया पैंतरा अपनाया है। अब तक आपने ओटीपी (OTP) या बैंक फ्रॉड के मामले सुने होंगे, लेकिन इस बार साइबर अपराधियों ने सिर्फ एक साधारण सी फाइल शेयरिंग के जरिए एक युवती को अपना शिकार बना लिया। इस नए और आधुनिक तरीके के डिजिटल फ्रॉड ने पुलिस प्रशासन और साइबर सेल के भी कान खड़े कर दिए हैं।सिर्फ एक अनजान फाइल डाउनलोड करते ही हैक हुआ फोनजानकारी के मुताबिक, पीड़ित युवती के सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप पर साइबर अपराधियों ने एक लुभावनी या जरूरी दिखने वाली फाइल भेजी थी। जैसे ही युवती ने उस अज्ञात फाइल पर क्लिक करके उसे अपने स्मार्टफोन में डाउनलोड और शेयर किया, वैसे ही उसके फोन का पूरा कंट्रोल रिमोटली हैकर्स के पास चला गया। साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह फाइल कोई साधारण डॉक्यूमेंट नहीं, बल्कि एक खतरनाक मैलवेयर (Malware) या स्पाईवेयर एपीके (APK) फाइल थी, जिसने बैकग्राउंड में बिना पता चले युवती के फोन का सारा सेंसिटिव डेटा चोरी कर लिया।पलक झपकते ही युवती का बैंक अकाउंट हुआ खालीफोन का एक्सेस मिलते ही साइबर अपराधियों ने युवती के बैंकिंग ऐप्स, पासवर्ड और मैसेजिंग सिस्टम को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद युवती के बैंक खाते से जुड़े सारे पैसे पलक झपकते ही दूसरे फर्जी खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। चौंकाने वाली बात यह है कि इस दौरान युवती को कोई अलर्ट या ओटीपी तक नहीं मिल सका, क्योंकि हैकर्स ने मैसेज फॉरवर्डिंग सिस्टम के जरिए ओटीपी को पहले ही अपने पास डाइवर्ट कर दिया था। जब तक युवती को कुछ समझ आता, उसका खाता पूरी तरह साफ हो चुका था।साइबर सेल की चेतावनी: भूलकर भी न करें ये गलतीइस अनोखे मामले के सामने आने के बाद झारखंड पुलिस की साइबर क्राइम सेल ने राज्य भर के स्मार्टफोन यूजर्स के लिए एक गंभीर एडवाइजरी जारी की है। पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि किसी भी अनजान नंबर या सोशल मीडिया हैंडल से आई पीडीएफ, एपीके या किसी भी अन्य संदिग्ध फाइल को बिना जांचे-परखे बिल्कुल भी डाउनलोड या आगे शेयर न करें। इसके साथ ही, अपने फोन में हमेशा आधिकारिक गूगल प्ले स्टोर से ही ऐप्स इंस्टॉल करें और अज्ञात स्रोतों (Unknown Sources) से डाउनलोडिंग को हमेशा बंद रखें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 3:12 pm

झारखंड में मानसून का तांडव: रांची और धनबाद समेत कई जिलों में आज भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी

झारखंड के लोगों को चिलचिलाती गर्मी से बड़ी राहत मिलने जा रही है। राज्य में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से एक्टिव हो गया है, जिसके कारण मौसम विभाग ने आज प्रदेश के एक बड़े हिस्से में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई है। मौसम केंद्र रांची के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आज राजधानी रांची और कोयलांचल धनबाद समेत कई प्रमुख जिलों में आसमान में काले बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू होगा।रांची और धनबाद में सुबह से ही छाए बादल, दोपहर बाद भारी बारिश की उम्मीदराजधानी रांची और आसपास के इलाकों में सुबह से ही ठंडी हवाएं चल रही हैं और बादलों की आवाजाही जारी है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और साइक्लोनिक सर्कुलेशन का सीधा असर झारखंड के मौसम पर पड़ रहा है। इसके प्रभाव से धनबाद, बोकारो, रामगढ़ और जमशेदपुर में दोपहर के बाद तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। इस मानसूनी बारिश से तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से पूरी तरह निजात मिलेगी।कई जिलों में वज्रपात और तेज आंधी-तूफान की चेतावनीमौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ राज्य के कई संवेदनशील जिलों के लिए आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली (वज्रपात) का विशेष अलर्ट जारी किया है। संथाल परगना और उत्तरी झारखंड के कुछ हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। मौसम केंद्र ने आम जनता से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और कच्चे मकानों से दूर रहें। विशेष रूप से किसानों को हिदायत दी गई है कि जब बादल गरज रहे हों, तो वे खेतों में जाने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।खेती-किसानी के लिए संजीवनी बनेगी यह मानसूनी बारिशझारखंड में मानसून की इस रफ्तार से सबसे ज्यादा खुशी किसानों के चेहरे पर देखने को मिल रही है। जून और जुलाई के शुरुआती दिनों में कम बारिश होने की वजह से धान की रोपनी प्रभावित हो रही थी, लेकिन आज होने वाली इस व्यापक बारिश से खेतों को भरपूर पानी मिलेगा। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आगामी कुछ दिनों तक राज्य में इसी तरह झमाझम बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो इस सीजन में फसलों की पैदावार काफी बेहतर हो सकती है। ग्रामीण और शहरी इलाकों के जलस्तर में भी इससे बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 3:09 pm

झारखंड में बरसेगा पैसा! सीएम हेमंत सोरेन के 'ग्लोबल मिशन' से खुली किस्मत, सिंगापुर और MakeMyTrip करेंगे बड़ा निवेश

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड को एक ग्लोबल औद्योगिक हब बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री के विशेष 'ग्लोबल निवेश मिशन' (Global Investment Mission) के सकारात्मक नतीजे सामने आने लगे हैं। देश-विदेश के बड़े कॉर्पोरेट घराने और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल अब झारखंड का रुख कर रहे हैं। इस अभियान के तहत सिंगापुर से आए उच्चस्तरीय निवेशकों से लेकर देश की दिग्गज ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी मेकमायट्रिप (MakeMyTrip) तक ने झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों में भारी निवेश करने की गहरी दिलचस्पी दिखाई है।सिंगापुर के निवेशकों के साथ हुई हाई-लेवल मीटिंगझारखंड में औद्योगिक विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सिंगापुर के एक बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ अहम बैठक की। इस बैठक के दौरान राज्य की नई उद्योग नीति और निवेशकों को दी जाने वाली सहूलियतों पर विस्तार से चर्चा हुई। सिंगापुर के निवेशकों ने मुख्य रूप से झारखंड के सस्टेनेबल डेवलपमेंट, अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में काम करने की इच्छा जताई है। यह निवेश न केवल राज्य के बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर पर लाएगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खोलेगा।मेकमायट्रिप (MakeMyTrip) के साथ पर्यटन क्षेत्र का होगा कायाकल्पऔद्योगिक निवेश के साथ-साथ झारखंड के पर्यटन (Tourism) क्षेत्र को भी एक नया पंख लगने वाला है। देश की अग्रणी ट्रैवल टेक कंपनी मेकमायट्रिप ने झारखंड सरकार के साथ मिलकर काम करने का प्रस्ताव दिया है। कंपनी राज्य के खूबसूरत जलप्रपातों, धार्मिक स्थलों और प्राकृतिक जंगलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करेगी। इसके तहत राज्य में इको-टूरिज्म, होमस्टे नेटवर्क और डिजिटल ट्रैवल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे सुदूर ग्रामीण इलाकों में भी लोगों को सीधे तौर पर आजीविका मिल सकेगी।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विजन: झारखंड बनेगा औद्योगिक लीडरइस बड़ी कामयाबी पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड सिर्फ खनिज संपदा का राज्य नहीं है, बल्कि यहां हर उस सेक्टर के लिए अपार संभावनाएं हैं जो एक आधुनिक और प्रगतिशील राज्य के लिए जरूरी हैं। सरकार की नीतियां उद्योगों के अनुकूल हैं और सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए निवेशकों को हर संभव मदद दी जा रही है। सिंगापुर और मेकमायट्रिप जैसे बड़े ब्रांड्स का झारखंड पर भरोसा जताना इस बात का सबूत है कि आने वाले समय में राज्य की अर्थव्यवस्था में एक ऐतिहासिक उछाल आने वाला है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 3:07 pm

जयपुर पुलिस का खौफनाक एक्शन: 'एरिया डॉमिनेशन' अभियान में 313 अपराधी गिरफ्तार, अवैध शराब का जखीरा बरामद

गुलाबी नगरी में अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए जयपुर पुलिस ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए 'एरिया डॉमिनेशन' (Area Domination) अभियान की शुरुआत की है। इस विशेष ऑपरेशन के तहत पुलिस ने पूरी रात शहर के अलग-अलग इलाकों में ताबड़तोड़ दबिश दी। इस बड़े एक्शन के नतीजे चौंकाने वाले रहे, जहां पुलिस ने एक साथ 313 संदिग्धों और अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।अपराधियों की धरपकड़ के लिए चला सघन ऑपरेशनपुलिस कमिश्नरेट के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में सैकड़ों जवानों और अधिकारियों ने एक साथ मिलकर काम किया। शहर के हॉटस्पॉट्स, आपराधिक गतिविधियों वाले इलाकों और संदिग्ध ठिकानों को टारगेट किया गया। पकड़े गए 313 लोगों में से कई ऐसे अपराधी हैं जो लंबे समय से फरार चल रहे थे या विभिन्न मामलों में वांछित थे। पुलिस का यह कदम न केवल अपराधियों में डर पैदा करने के लिए है, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा बहाल करने के उद्देश्य से भी उठाया गया है।गैंग के सदस्य दबोचे, भारी मात्रा में अवैध शराब जब्तइस ऑपरेशन के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। अभियान के दौरान कई सक्रिय गैंग के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जो शहर में शांति व्यवस्था बिगाड़ने की फिराक में थे। साथ ही, अलग-अलग थाना क्षेत्रों से भारी मात्रा में अवैध शराब का जखीरा भी बरामद किया गया है, जिसे पुलिस ने मौके पर ही जब्त कर लिया है। शराब के अवैध कारोबारियों के खिलाफ की गई यह कार्रवाई जयपुर में अवैध नशा तस्करी पर करारा प्रहार मानी जा रही है।क्या है पुलिस का अगला कदम?एरिया डॉमिनेशन अभियान की सफलता के बाद जयपुर पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि यह एक सतत प्रक्रिया है जो आने वाले दिनों में और तेज की जाएगी। शहर के हर कोने पर कड़ी नजर रखने के लिए पुलिस ने पेट्रोलिंग का दायरा बढ़ा दिया है। गिरफ्तार किए गए अपराधियों से पूछताछ की जा रही है ताकि उनके नेटवर्क और अन्य साथियों तक पहुंचा जा सके। पुलिस ने साफ कर दिया है कि जयपुर में किसी भी तरह की गुंडागर्दी या गैर-कानूनी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 3:06 pm

राजस्थान में आंधी-बारिश का डबल अटैक! हनुमानगढ़ में ऑरेंज अलर्ट, जयपुर सहित कई जिलों में आफत वाली हवाएं

राजस्थान में मानसून की सक्रियता के चलते मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। भीषण गर्मी झेलने के बाद अब प्रदेशवासियों को झमाझम बारिश की राहत तो मिल रही है, लेकिन इसके साथ ही मौसम विभाग ने कई इलाकों में भारी आफत की चेतावनी भी जारी कर दी है। बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं के बीच मौसम केंद्र जयपुर ने राज्य के कई जिलों के लिए तेज आंधी और मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है।हनुमानगढ़ में ऑरेंज अलर्ट: प्रशासन और आम जनता सतर्कमौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, राजस्थान के उत्तरी हिस्से में स्थित हनुमानगढ़ जिले के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। इसका मतलब है कि इस क्षेत्र में अत्यंत भारी बारिश होने और आकाशीय बिजली चमकने की प्रबल संभावना है। बदलते मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है। अचानक होने वाली इस तेज बारिश से जलभराव और सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।जयपुर सहित कई जिलों में येलो अलर्ट, धूलभरी आंधी का सायाराजधानी जयपुर समेत प्रदेश के एक बड़े हिस्से में 'येलो अलर्ट' प्रभावी किया गया है। इसका असर जयपुर, जोधपुर, अजमेर, बीकानेर और शेखावाटी क्षेत्र के जिलों में देखने को मिलेगा। इन इलाकों में मध्यम से तेज दर्जे की बारिश दर्ज की जा सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बादलों के गरजने के साथ ही कुछ स्थानों पर वज्रपात (बिजली गिरने) की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं, इसलिए खराब मौसम के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों या पक्के मकानों में शरण लेने की सलाह दी गई है।50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएंमौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, इस मानसूनी सिस्टम के असर से प्रदेश में केवल बारिश ही नहीं बल्कि तेज रफ्तार हवाओं का तांडव भी देखने को मिलेगा। कुछ संवेदनशील इलाकों में हवाओं की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (KMPH) तक पहुंच सकती है। इतनी तेज रफ्तार हवाओं के कारण कच्चे मकानों, टिन शेड, पेड़ के पत्तों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंच सकता है। वाहन चालकों को भी सलाह दी गई है कि वे तेज हवा और आंधी के दौरान सफर करने से बचें और अपने वाहनों को सुरक्षित स्थान पर पार्क करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 3:03 pm

बिहार सरकार का बड़ा तोहफा! 97.84 लाख लोगों के खाते में पहुंचे ₹1100, क्या आपको मिली पेंशन

बिहार सरकार ने राज्य के लाखों पेंशनधारियों को बड़ी राहत देते हुए उनके बैंक खातों में पेंशन की राशि भेज दी है। सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत बिहार के करीब 97.84 लाख लोगों के खातों में ₹1100 की एकमुश्त राशि सफलतापूर्वक ट्रांसफर कर दी गई है। अगर आप या आपके परिवार का कोई भी सदस्य सरकार की किसी पेंशन योजना का लाभार्थी है, तो अब अपना बैंक खाता चेक करने का समय आ गया है।डीबीटी (DBT) के जरिए सीधे बैंक खातों में पहुंचा पैसाराज्य सरकार ने सरकारी योजनाओं में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) तकनीक का इस्तेमाल किया है। इस तकनीक के माध्यम से ₹1100 की राशि सीधे लाभार्थियों के आधार-लिंक्ड बैंक खातों में भेजी गई है। सरकार की इस डिजिटल पहल से 97 लाख से अधिक जरूरतमंदों को बिना किसी बिचौलिए के सीधा आर्थिक संबल मिला है। महीनों से अपनी पेंशन का इंतजार कर रहे लोगों के लिए यह एक बड़ी खुशखबरी है, क्योंकि पैसा अब सुरक्षित तरीके से उनके खाते में क्रेडिट हो चुका है।किन-किन योजनाओं के लाभार्थियों को मिला लाभ?समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी किए गए इस भारी-भरकम फंड में मुख्य रूप से मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना, विधवा (निराश्रित महिला) पेंशन योजना और दिव्यांग पेंशन योजना के लाभार्थी शामिल हैं। विभाग की ओर से जिलों के अनुसार पूरी लिस्ट तैयार करने और वेरिफिकेशन के बाद ही यह ₹1100 की राशि एक साथ जारी की गई है। सरकार का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े हर योग्य व्यक्ति को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।आपके खाते में पैसे आए या नहीं? ऐसे करें तुरंत चेकअगर आप यह जानना चाहते हैं कि आपके बैंक खाते में पेंशन की यह राशि आई है या नहीं, तो इसे चेक करने के कई आसान तरीके हैं। सबसे पहले आप अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए बैंक के एसएमएस (SMS) को चेक करें। अगर मैसेज नहीं आया है, तो आप अपने नजदीकी एटीएम, ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) या अपनी बैंक शाखा में जाकर पासबुक अपडेट करा सकते हैं। इसके अलावा, जो लोग स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं, वे इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग ऐप या यूपीआई (UPI) के जरिए तुरंत अपना बैलेंस देख सकते हैं। यदि फिर भी पैसा नहीं दिखा रहा है, तो लाभार्थी अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर बिहार सरकार के ई-लाभार्थी (e-Labharthi) पोर्टल पर अपना स्टेटस चेक करवा सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 3:01 pm

राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका, चेक बाउंस मामले में जाना होगा जेल

फिल्म अभिनेता राजपाल यादव को शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने चेक बाउंड के कई मामलों में उनकी सजा बरकरार रखी है। अदालत के इस फैसले के बाद उन्हें फिर जेल जाना होगा।

वेब दुनिया 10 Jul 2026 2:51 pm

कपल के साथ भारत के इन 5 हिल स्टेशन पर भूलकर भी न करें घूमने की प्लानिंग, हो सकता है जान को खतरा

पहाड़ों की वादियों में पार्टनर के साथ रोमांटिक पल बिताने का सपना हर किसी का होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में कुछ ऐसे हिल स्टेशन हैं जो अपनी खूबसूरती के बावजूद पर्यटकों के लिए 'डेथ ट्रैप' साबित हो रहे हैं? सोशल मीडिया पर भले ही ये जगहें अपनी तस्वीरों के लिए मशहूर हों, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। हाल के दिनों में कई घटनाओं के बाद सुरक्षा विशेषज्ञों ने कपल्स को इन खास 5 जगहों पर जाने से बचने की सलाह दी है। अगर आप भी किसी ट्रिप की योजना बना रहे हैं, तो इन जगहों के बारे में जान लेना आपकी सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।1. रोहतांग पास, हिमाचल प्रदेशरोहतांग पास की बर्फ से ढकी चोटियां देखने में जितनी आकर्षक लगती हैं, वहां की सड़क और मौसम उतना ही घातक है। यहाँ का अचानक बदलने वाला मौसम और भारी बर्फबारी के कारण होने वाले भूस्खलन (Landslides) अक्सर पर्यटकों को घंटों तक फंसा देते हैं। कपल्स अक्सर रोमांच के चक्कर में यहां जोखिम उठा लेते हैं, लेकिन ऑक्सीजन की कमी और खराब रास्ते किसी भी आपातकालीन स्थिति में जान पर भारी पड़ सकते हैं।2. नुब्रा वैली, लद्दाखलद्दाख की नुब्रा वैली अपनी अद्वितीय सुंदरता के लिए जानी जाती है, लेकिन यहां का दुर्गम रास्ता और ऊंचाई कपल्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। बहुत अधिक ऊंचाई (High Altitude) होने के कारण यहाँ 'एक्यूट माउंटेन सिकनेस' का खतरा रहता है, जो अचानक तबीयत बिगाड़ सकता है। साथ ही, सुनसान रास्ते और संचार साधनों की कमी के कारण यदि बीच रास्ते में गाड़ी खराब होती है, तो वहां मदद मिलना लगभग नामुमकिन हो जाता है।3. तवांग, अरुणाचल प्रदेशपूर्वोत्तर भारत का तवांग अपनी सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन चीन सीमा के करीब होने और बहुत ऊंचे पहाड़ी दर्रों (जैसे सेला पास) के कारण यह बेहद संवेदनशील है। यहां के रास्ते बेहद संकरे और खतरनाक हैं, जहां एक छोटी सी गलती जानलेवा साबित हो सकती है। कपल्स अक्सर ऑफबीट जगहों की तलाश में यहां भटक जाते हैं, जो सुरक्षा की दृष्टि से बेहद जोखिम भरा है।4. गंगोत्री और उत्तरकाशी के ऊंचे इलाके, उत्तराखंडउत्तराखंड के इन इलाकों में ट्रैकिंग के दौरान कई कपल्स सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज कर देते हैं। बरसात के मौसम में यहां भूस्खलन का खतरा सबसे अधिक रहता है। कई बार अनट्रेंड कपल्स बिना गाइड के दुर्गम रास्तों पर निकल जाते हैं, जो रास्तों के कटने या अचानक आई बाढ़ (Flash Floods) की स्थिति में फंसा सकते हैं। यह इलाका केवल अनुभवी ट्रैकर्स के लिए ही सुरक्षित माना जाता है।5. मुन्नार के कुछ दुर्गम ऑफबीट इलाके, केरलकेरल का मुन्नार अपनी हरियाली के लिए मशहूर है, लेकिन यहां के कुछ ऑफबीट और घने जंगल वाले इलाके वन्यजीवों के हमले और फिसलन भरी चट्टानों के कारण खतरनाक हैं। कपल्स अक्सर प्राइवेसी की तलाश में उन रास्तों पर चले जाते हैं जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं होता और जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है। ऐसी जगहों पर अकेले जाना किसी बड़े खतरे को न्योता देने जैसा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 2:36 pm

गंगा आरती, झूला पुल और सुकून के पल: ऋषिकेश की वो जगहें जहां मिलता है रूह को असली आराम

अगर आप भीड़-भाड़ भरी जिंदगी से दूर कहीं सुकून की तलाश में हैं, तो ऋषिकेश से बेहतर जगह और कोई नहीं हो सकती। उत्तराखंड के पहाड़ों की गोद में बसा यह शहर न केवल 'योग की राजधानी' के रूप में विश्व प्रसिद्ध है, बल्कि यहाँ का आध्यात्मिक माहौल और प्राकृतिक सुंदरता सैलानियों को एक अलग ही शांति का एहसास कराती है। ऋषिकेश की गलियों में कदम रखते ही आपको ऐसा लगेगा जैसे आप दुनिया की भागदौड़ से बहुत दूर आ गए हों। यहाँ के शांत आश्रमों से लेकर गंगा की लहरों तक, हर कोना एक अनोखा सुकून देता है। चलिए जानते हैं ऋषिकेश की उन खासियतों के बारे में जो इसे हर पर्यटक का पसंदीदा डेस्टिनेशन बनाती हैं।माँ गंगा की अलौकिक आरतीऋषिकेश में होने वाली गंगा आरती इस शहर की आत्मा है। परमार्थ निकेतन या त्रिवेणी घाट पर जब शाम ढलती है और गंगा आरती शुरू होती है, तो पूरा माहौल मंत्रमुग्ध कर देने वाला होता है। हाथ में जलती हुई दीपों की थालियां, गूंजते हुए मंत्र और गंगा नदी में बहती हुई रोशनी की लकीरें—यह अनुभव आपकी आंखों को नमी और मन को अद्भुत शांति दे जाता है। यहाँ बैठकर आपको ऐसा महसूस होगा जैसे आप ब्रह्मांड की किसी दूसरी दुनिया में आ गए हों। अगर आप ऋषिकेश जा रहे हैं, तो गंगा आरती को मिस करना एक बड़ी भूल हो सकती है।झूला पुलों का रोमांच और खूबसूरतीऋषिकेश की पहचान यहाँ के प्रसिद्ध झूला पुल—लक्ष्मण झूला और राम झूला हैं। गंगा नदी के आर-पार बने ये पुल न केवल कनेक्टिविटी का जरिया हैं, बल्कि यहाँ से दिखने वाला नजारा भी लाजवाब है। पुल पर खड़े होकर बहती हुई गंगा और ऊंचे पहाड़ों को निहारना एक अलग ही अनुभव है। शाम के वक्त जब पुलों पर रोशनी होती है, तो यह इलाका बेहद खूबसूरत और फोटोजेनिक हो जाता है। यहाँ पैदल चलना और नीचे बहती गंगा की गर्जना सुनना आपको प्रकृति के बेहद करीब महसूस कराता है।आश्रमों में ठहरने का सुकूनऋषिकेश को दुनिया भर में अपने शांत आश्रमों के लिए जाना जाता है। यहाँ के आश्रम सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि आत्म-खोज और शांति के केंद्र हैं। बीटल्स आश्रम से लेकर विभिन्न योग केंद्रों तक, यहाँ आपको ध्यान लगाने और खुद से जुड़ने का भरपूर मौका मिलता है। अगर आप शहर के शोर-शराबे से दूर कुछ दिन सादगी से बिताना चाहते हैं, तो इन आश्रमों की शांति आपको गहराई तक सुकून देगी। यहाँ का खान-पान भी पूरी तरह शुद्ध और सात्विक होता है, जो आपके शरीर और मन को एक नई ताजगी देता है। ऋषिकेश सिर्फ एक टूरिस्ट स्पॉट नहीं, बल्कि एक ऐसा एहसास है जिसे आपको अपनी जिंदगी में कम से कम एक बार जरूर जीना चाहिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 2:34 pm

मानसून में चाय की चुस्की के साथ लें सेहत का वरदान: साधारण चाय छोड़ अपनाएं तुलसी की चाय, मिलेंगे ये 7 बेमिसाल फायदे

बरसात का मौसम आते ही एक कप गर्मागर्म चाय की तलब हर किसी को होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मानसून में आपकी साधारण दूध वाली चाय सेहत के लिए भारी पड़ सकती है? उमस और नमी के इस मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कमजोर हो जाती है, जिससे सर्दी-जुकाम और इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ और आयुर्वेद चिकित्सक इस मौसम में 'तुलसी की चाय' पीने की सलाह देते हैं। तुलसी को 'जड़ी-बूटियों की रानी' कहा जाता है, और मानसून में इसका सेवन आपको बीमारियों से कोसों दूर रख सकता है। आइए जानते हैं तुलसी की चाय के वो 7 जादुई फायदे, जो आपको हर हाल में जानने चाहिए।1. इम्यूनिटी का पावरहाउस है तुलसीमानसून में बैक्टीरिया और वायरस का प्रकोप सबसे अधिक होता है। तुलसी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइटोन्यूट्रिएंट्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को जबरदस्त तरीके से बढ़ाते हैं। रोजाना एक कप तुलसी की चाय पीने से आपका शरीर बाहरी संक्रमणों से लड़ने के लिए तैयार रहता है, जिससे आपको बार-बार बीमार पड़ने की चिंता नहीं सताती।2. सर्दी, खांसी और जुकाम से तुरंत राहतबारिश के मौसम में बदलते तापमान के कारण सबसे पहले गले में खराश और जुकाम की शिकायत होती है। तुलसी की चाय में एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो गले के संक्रमण को कम करने और बंद नाक को खोलने में बेहद प्रभावी हैं। यह प्राकृतिक तरीके से कफ को बाहर निकालती है और फेफड़ों को राहत पहुंचाती है।3. तनाव मुक्त और शांत दिमागआज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव आम है। तुलसी एक 'एडाप्टोजेन' (Adaptogen) के रूप में काम करती है, जो शरीर के स्ट्रेस लेवल को नियंत्रित करने में मदद करती है। तुलसी की चाय पीने से न केवल दिमाग शांत होता है, बल्कि कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) का स्तर कम होता है, जिससे आप बेहतर नींद ले पाते हैं और दिनभर ऊर्जावान महसूस करते हैं।4. पाचन तंत्र में सुधारबारिश के दौरान अक्सर पाचन संबंधी समस्याएं जैसे अपच, गैस और पेट फूलने की शिकायतें बढ़ जाती हैं। तुलसी की चाय पेट में मौजूद एंजाइम्स को सक्रिय करती है, जिससे भोजन का पाचन बेहतर होता है। मानसून में चटपटी चीजों के सेवन के बाद अगर आप तुलसी की चाय पीते हैं, तो यह एसिडिटी को कम करने और पेट को हल्का रखने में मदद करती है।5. ब्लड शुगर और मेटाबॉलिज्म का नियंत्रणतुलसी के पत्ते मेटाबॉलिज्म को तेज करने के लिए जाने जाते हैं। यह न केवल शरीर के वजन को नियंत्रित रखने में सहायक है, बल्कि रक्त में शर्करा (Blood Sugar) के स्तर को भी स्थिर रखने में मदद कर सकती है। डायबिटीज के मरीजों के लिए मानसून में साधारण चाय के बजाय तुलसी की चाय एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प है।6. हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारीतुलसी में यूजेनॉल (Eugenol) नामक तत्व पाया जाता है, जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है। यह धमनियों में होने वाली रुकावट को रोकने और हृदय संबंधी बीमारियों के जोखिम को घटाने में प्रभावी है। नियमित रूप से तुलसी की चाय का सेवन आपके दिल को स्वस्थ रखने में एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।7. प्राकृतिक डिटॉक्स और चमकती त्वचातुलसी शरीर से टॉक्सिन्स (विषैले पदार्थ) को बाहर निकालने का काम करती है। जब आपका शरीर अंदर से डिटॉक्स होता है, तो इसका असर सीधे आपकी त्वचा पर दिखता है। कील-मुंहासों और अन्य स्किन समस्याओं को कम करने में तुलसी का एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण बेहद कारगर है। बारिश के चिपचिपे मौसम में भी आपकी त्वचा को प्राकृतिक चमक देने के लिए तुलसी की चाय से बेहतर कुछ नहीं हो सकता।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 2:18 pm

बारिश में पैरों से आ रही है बदबू? डर्मेटोलॉजिस्ट ने बताए ये जादुई उपाय, रहेंगे फ्रेश और इंफेक्शन-फ्री

बरसात का मौसम अपने साथ नमी और ढेर सारी परेशानियां लेकर आता है। इस उमस भरे मौसम में सबसे ज्यादा दिक्कत पैरों की होती है—कभी पसीने के कारण बदबू तो कभी इंफेक्शन का डर। क्या आपके पैरों से भी बारिश में बदबू आती है? अगर हाँ, तो आप अकेले नहीं हैं। डर्मेटोलॉजिस्ट का मानना है कि इस मौसम में पैरों में पसीना अधिक आता है और जूते-मोजों में नमी रहने के कारण बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, जो बदबू और फंगल इंफेक्शन की मुख्य वजह बनते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे एक्सपर्ट टिप्स बता रहे हैं जो आपके पैरों को रखेंगे पूरी तरह फ्रेश और सुरक्षित।क्यों आती है पैरों से बदबू? डर्मेटोलॉजिस्ट का नजरियाएक्सपर्ट्स के अनुसार, हमारे पैरों के तलवों में शरीर के अन्य हिस्सों की तुलना में पसीने की ग्रंथियां बहुत अधिक होती हैं। बारिश के दौरान हवा में नमी (Humidity) अधिक होने के कारण पसीना सूखता नहीं है, जिससे बैक्टीरिया को पनपने का मौका मिलता है। ये बैक्टीरिया जब पसीने के साथ मिलते हैं, तो एक अजीब सी दुर्गंध पैदा करते हैं। यदि आप लंबे समय तक गीले जूते या मोजे पहनते हैं, तो यह न केवल बदबू का कारण बनता है, बल्कि एथलीट फुट जैसे फंगल इंफेक्शन को भी न्योता देता है।कैसे रखें पैरों को फ्रेश और इंफेक्शन-फ्री?पैरों की दुर्गंध से बचने के लिए स्वच्छता ही एकमात्र उपाय है। सबसे पहले, अपने पैरों को दिन में कम से कम दो बार एंटी-बैक्टीरियल साबुन से अच्छी तरह धोएं और उंगलियों के बीच की जगह को मुलायम तौलिये से सुखाएं। बारिश के मौसम में कोशिश करें कि जूते पहनते समय सूती (Cotton) मोजे ही पहनें, क्योंकि ये पसीना सोखने में सहायक होते हैं। एक महत्वपूर्ण टिप्स यह भी है कि अपने जूतों को रोजाना बदलें, ताकि उन्हें पूरी तरह सूखने का समय मिल सके। घर में आते ही जूतों को उतारें और पैरों को हवा लगने दें।अपनाएं ये आसान घरेलू उपायअगर बदबू ज्यादा है, तो डर्मेटोलॉजिस्ट फिटकरी (Alum) या टी-ट्री ऑयल (Tea Tree Oil) का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। रात को सोने से पहले गुनगुने पानी में थोड़ा सा नमक और टी-ट्री ऑयल की कुछ बूंदें मिलाकर उसमें पैर 10-15 मिनट तक डुबोकर रखें। यह न केवल बैक्टीरिया का सफाया करेगा बल्कि आपको राहत भी देगा। इसके अलावा, जूतों के अंदर थोड़ा सा एंटी-फंगल पाउडर या बेकिंग सोडा छिड़कने से नमी कम होती है और दुर्गंध पैदा करने वाले कीटाणु मर जाते हैं। याद रखें, पैरों को सूखा रखना ही आपको इंफेक्शन से बचाने की सबसे बड़ी चाबी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 2:17 pm

'गिरफ्तार करें या मार दें, फिर भी बांग्लादेश लौटूंगी'— शेख हसीना का बड़ा ऐलान

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दिसंबर में भारत से बांग्लादेश लौटने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अब अपने देश लौटने का समय आ गया है। वे मुझे गिरफ्तार कर सकते हैं, मुझे मार भी सकते हैं। लेकिन फिर भी मैं लौटूंगी।

वेब दुनिया 10 Jul 2026 2:17 pm

घर के मुख्य द्वार पर लगा लें ये 4 जादुई पौधे, वास्तु दोष होगा छूमंतर और बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा

वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार यानी मेन गेट को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि यहीं से सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। यदि आप घर में सुख-शांति और आर्थिक समृद्धि चाहते हैं, तो मुख्य द्वार पर कुछ खास पौधों का होना सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। वास्तु के अनुसार, इन पौधों में इतनी सकारात्मक शक्ति होती है कि ये न केवल वास्तु दोषों को दूर करते हैं, बल्कि मां लक्ष्मी के आगमन का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं। आज हम आपको उन 4 विशेष पौधों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें घर के प्रवेश द्वार पर लगाते ही आपको सकारात्मक बदलाव महसूस होने लगेंगे।तुलसी का पौधा: साक्षात लक्ष्मी का वासमुख्य द्वार पर तुलसी का पौधा लगाना सबसे उत्तम माना गया है। धार्मिक और वास्तु मान्यताओं के अनुसार, जिस घर के मुख्य द्वार के पास तुलसी का पौधा होता है, वहां नकारात्मक ऊर्जा टिक ही नहीं सकती। यह न केवल घर की शुद्धता बनाए रखती है, बल्कि मां लक्ष्मी को भी अत्यंत प्रिय है। कोशिश करें कि मुख्य द्वार के दाहिनी ओर तुलसी का पौधा रखें। यह परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने के साथ ही मानसिक शांति प्रदान करता है और घर में सुख-समृद्धि का संचार करता है।मनी प्लांट: धन और तरक्की का प्रतीकमनी प्लांट को लेकर अक्सर भ्रम रहता है कि इसे कहां रखें, लेकिन मुख्य द्वार के पास मनी प्लांट लगाना धन वृद्धि के लिए बहुत शुभ होता है। वास्तु के अनुसार, यह पौधा घर में तेजी से तरक्की और धन के नए स्रोत खोलता है। हालांकि ध्यान रखें कि मनी प्लांट की बेल नीचे की ओर न लटके, बल्कि इसे किसी धागे या डंडे के सहारे ऊपर की ओर चढ़ाएं। मुख्य द्वार पर इसकी हरी-भरी पत्तियां न केवल घर की सुंदरता बढ़ाती हैं, बल्कि सकारात्मकता के प्रवाह को भी सुगम बनाती हैं।शमी का पौधा: शनि दोष और वास्तु दोष का नाशकअगर आपके घर में बार-बार आर्थिक तंगी या क्लेश की स्थिति बनी रहती है, तो मुख्य द्वार के बाहर बाईं ओर शमी का पौधा लगाना अत्यंत लाभकारी होता है। शमी के पौधे को शनि देव का प्रिय माना जाता है, जिससे यह शनि दोष के साथ-साथ वास्तु दोषों को भी खत्म करने की क्षमता रखता है। यह पौधा न केवल घर की सुरक्षा करता है, बल्कि घर के सदस्यों की प्रगति में आने वाली बाधाओं को भी दूर करता है। वास्तु जानकारों का मानना है कि घर से निकलते समय शमी के पौधे के दर्शन करने से हर कार्य में सफलता मिलती है।क्रासुला (Crassula): धन को चुंबक की तरह खींचने वाला पौधाक्रासुला को 'मनी ट्री' के नाम से भी जाना जाता है और वास्तु में इसे धन को अपनी ओर खींचने वाला पौधा माना गया है। अगर आप अपने करियर या व्यापार में नई ऊंचाइयां पाना चाहते हैं, तो इसे मुख्य द्वार के पास सही दिशा में रखें। इसकी पत्तियां चौड़ी और चमकदार होती हैं, जो देखने में बेहद आकर्षक लगती हैं। वास्तु के अनुसार, इसे घर के प्रवेश द्वार पर लगाने से घर में धन का ठहराव होता है और फिजूलखर्ची पर लगाम लगती है। यह पौधा कम रखरखाव में भी फलता-फूलता है, जो इसे घर के लिए एक आदर्श विकल्प बनाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 2:14 pm

Sawan 2026: कब से शुरू हो रहा है पवित्र सावन? जानें इस बार कितनी हैं सोमवारी और क्या है खास तारीखें

शिवभक्तों के लिए साल का सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र महीना 'सावन' आने वाला है। 2026 में सावन की शुरुआत को लेकर भक्तों में भारी उत्साह है। भगवान शिव की भक्ति में लीन रहने के लिए यह महीना सबसे उत्तम माना जाता है। इस बार सावन में कितनी सोमवारी पड़ रही हैं और इसकी सही तिथियां क्या हैं, इसे लेकर हर कोई उत्सुक है। अगर आप भी महादेव की आराधना की तैयारी कर रहे हैं, तो इस बार के सावन के कैलेंडर पर एक नजर डालना बेहद जरूरी है।सावन 2026 की महत्वपूर्ण तिथियांइस वर्ष सावन का महीना शिवभक्तों के लिए विशेष रहने वाला है। हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन 2026 का शुभारंभ जुलाई के अंत में होने की संभावना है। महादेव का प्रिय महीना होने के कारण, इस दौरान मंदिरों में भारी भीड़ उमड़ती है और कांवर यात्रा का भी विशेष महत्व होता है। भक्त पूरे महीने भगवान शिव के जलाभिषेक के साथ-साथ व्रत रखते हैं और उनकी कृपा पाने के लिए रुद्राभिषेक जैसे अनुष्ठान करते हैं।इस बार कितनी हैं सोमवारी?सावन की सोमवारी का अपना एक अलग ही महत्व है। 2026 के सावन में सोमवारी की संख्या को लेकर पंचांग गणना के अनुसार विशेष योग बन रहे हैं। इस बार सावन के दौरान कुल सोमवारी की संख्या भक्तों के लिए महादेव की भक्ति के अधिक अवसर लेकर आएगी। भक्त अक्सर पहली सोमवारी से लेकर सावन की अंतिम सोमवारी तक व्रत का संकल्प लेते हैं। सोमवारी व्रत का पालन करने से न केवल मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है, बल्कि पूरे परिवार पर शिव की विशेष कृपा बनी रहती है।सावन की पूजा और महत्वसावन के दौरान पूरे भारत में 'ओम नमः शिवाय' के मंत्रों से गूंजते मंदिर एक अलग ही ऊर्जा का संचार करते हैं। सावन 2026 के इस दौरान, मौसम और नक्षत्रों का विशेष संयोग बन रहा है, जो पूजा-पाठ के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है। कांवरियों की यात्रा और शिव मंदिरों में आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रमों के कारण पूरे देश में एक धार्मिक माहौल देखने को मिलता है। इस बार सावन में अपनी भक्ति को और अधिक सार्थक बनाने के लिए शुभ मुहूर्तों का ध्यान रखना भी जरूरी है, ताकि पूजा का पूरा लाभ प्राप्त हो सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 2:13 pm

स्टार्टअप शुरू करने के लिए आचार्य चाणक्य के 5 कड़वे सबक, हर एंटरप्रेन्योर के लिए मस्ट-फॉलो बिजनेस मंत्र

आज के दौर में स्टार्टअप की दुनिया किसी युद्ध क्षेत्र से कम नहीं है, जहां हर कदम पर अनिश्चितता और चुनौती है। ऐसे में भारतीय इतिहास के महान अर्थशास्त्री और रणनीतिकार आचार्य चाणक्य के विचार आज के आधुनिक बिजनेस वर्ल्ड में भी उतने ही सटीक बैठते हैं। यदि आप एक नया स्टार्टअप शुरू करने जा रहे हैं या अपने बिजनेस को नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं, तो चाणक्य की नीतियां आपके लिए एक मार्गदर्शक का काम कर सकती हैं। इन 5 कड़वे लेकिन जरूरी सबकों को अपनाकर कोई भी एंटरप्रेन्योर अपनी सफलता की नींव मजबूत कर सकता है।चाणक्य का पहला मंत्र: सही टीम का चुनावचाणक्य के अनुसार, कोई भी साम्राज्य तब तक सफल नहीं हो सकता जब तक उसके सेनापति और सैनिक वफादार न हों। एक स्टार्टअप के लिए भी आपकी टीम ही आपकी सबसे बड़ी संपत्ति है। चाणक्य कहते हैं कि किसी को भी अपनी टीम में शामिल करने से पहले उसकी नैतिकता और कार्यक्षमता की परख जरूर करें। केवल योग्यता के आधार पर नहीं, बल्कि कंपनी के विजन के साथ जुड़ने की क्षमता के आधार पर लोगों को चुनें। एक गलत व्यक्ति पूरी मेहनत पर पानी फेर सकता है, इसलिए 'सही व्यक्ति को सही काम' पर लगाना ही सफलता की कुंजी है।दूसरा सबक: गुप्त रखें अपनी रणनीतिएक बिजनेस मंत्र जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है, वह है—अपने अगले कदम को तब तक उजागर न करें जब तक वह पूरा न हो जाए। चाणक्य नीति कहती है कि आपकी योजनाओं का शोर तब होना चाहिए जब काम सफल हो जाए। स्टार्टअप की दुनिया में अत्यधिक पारदर्शिता कभी-कभी आपकी कमजोरी बन सकती है। अपने कंपटीटर्स को अपनी रणनीति का पता न चलने दें और काम को पूरी गोपनीयता के साथ अंजाम दें। यह आपको बाजार में एक बढ़त (Competitive Advantage) प्रदान करता है।तीसरा सबक: संसाधनों का सही प्रबंधनचाणक्य का स्पष्ट मानना था कि धन का प्रबंधन ही राज्य का आधार है। एक एंटरप्रेन्योर के लिए पूंजी (Capital) को बचाना और उसे सही जगह निवेश करना सबसे जरूरी है। स्टार्टअप्स अक्सर दिखावे में अपना बजट खत्म कर देते हैं। चाणक्य के अनुसार, फिजूलखर्ची से बचें और हर पैसे का हिसाब रखें। संसाधनों की कमी को अपनी बाधा न बनने दें, बल्कि अपने सीमित संसाधनों का अधिकतम उपयोग (Optimization) करना ही एक सच्चे उद्यमी की पहचान है।चौथा सबक: असफलता से न डरें, रणनीति बदलेंआचार्य चाणक्य कहते हैं कि यदि एक रास्ता बंद हो जाए, तो दूसरे रास्ते की तलाश में समय बर्बाद न करें, बल्कि अपनी रणनीति में बदलाव करें। बिजनेस में कभी-कभी 'पिवट' (Pivot) करना जरूरी होता है। यदि आपका प्रोडक्ट मार्केट में नहीं चल रहा है, तो अहंकार में आकर उसी पर अड़े रहने के बजाय ग्राहक की जरूरत के हिसाब से खुद को ढालें। जो उद्यमी परिस्थितियों के अनुसार अपनी योजनाएं बदल लेते हैं, वही लंबे समय तक टिक पाते हैं।पांचवां सबक: लक्ष्य पर अर्जुन जैसी नजरअंत में, चाणक्य का सबसे बड़ा सबक है—लक्ष्य प्राप्ति तक न रुकना। स्टार्टअप शुरू करना आसान है, लेकिन उसे टिकाए रखना तपस्या के समान है। कई एंटरप्रेन्योर शुरुआती सफलता के बाद सुस्त पड़ जाते हैं। चाणक्य सिखाते हैं कि जब तक लक्ष्य हासिल न हो जाए, तब तक अपना ध्यान पूरी तरह उसी पर केंद्रित रखें। विपरीत परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखना और अपने उद्देश्य के प्रति अडिग रहना ही एक सफल स्टार्टअप को यूनिकॉर्न बनाने का एकमात्र रास्ता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 2:12 pm

गुरुग्राम में पुलिस-गैंगस्टर मुठभेड़, दीपक नांदल गैंग के 4 शूटर ढेर, 3 पुलिसकर्मी घायल

गुरुग्राम। हरियाणा में गुरुग्राम के सुशांत लोक इलाके में पुलिस और गैंगस्टर दीपक नांदल गिरोह के बदमाशों के बीच हुई गुरुवार रात भीषण मुठभेड़ में चार शार्प शूटर मारे गए, जबकि एक बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गया। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की गोली लगने से एक सहायक उप निरीक्षक सहित तीन पुलिसकर्मी भी […] The post गुरुग्राम में पुलिस-गैंगस्टर मुठभेड़, दीपक नांदल गैंग के 4 शूटर ढेर, 3 पुलिसकर्मी घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 2:11 pm

कुशल टंडन के साथ क्या हुआ था? श्रेया ने शिवांगी जोशी का वो राज किया बेपर्दा जिसे छिपाना चाहती थीं एक्ट्रेस

रियलिटी शो 'Lock Upp' के घर में ड्रामा और खुलासों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालिया एपिसोड में उस समय हड़कंप मच गया जब श्रेया ने शिवांगी जोशी से जुड़ा एक ऐसा राज खोल दिया, जिसके बारे में एक्ट्रेस काफी समय से खामोश थीं। इतना ही नहीं, इस विवाद में टीवी के हैंडसम हंक कुशल टंडन का नाम भी घसीटा गया, जिसने दर्शकों की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है। आखिर कुशल टंडन के साथ ऐसा क्या हुआ था और शिवांगी जोशी क्यों इस बात को पूरी दुनिया से छिपाकर रखना चाहती थीं? आइए जानते हैं इस गरमा-गरम विवाद की पूरी इनसाइड स्टोरी।क्या है कुशल टंडन और शिवांगी के बीच का कनेक्शन?श्रेया के इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर कयासों का बाजार गर्म है। सूत्रों के मुताबिक, श्रेया ने संकेत दिए कि कुशल टंडन और शिवांगी जोशी के बीच एक ऐसी घटना घटी थी जिसे एक्ट्रेस ने अपनी निजी जिंदगी का सबसे बड़ा राज मानकर दबा रखा था। हालांकि इस पर अभी तक शिवांगी ने खुलकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन उनके चेहरे के हाव-भाव और घबराहट यह साफ बता रहे थे कि श्रेया ने किसी ऐसी नब्ज को छेड़ दिया है जो काफी दर्दनाक है। कुशल टंडन का इस पूरे मामले में नाम आना न केवल फैंस के लिए चौंकाने वाला है, बल्कि शो के अंदर भी समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है।क्यों छिपाना चाहती थीं एक्ट्रेस ये राज?शिवांगी जोशी ने अपनी इमेज को हमेशा एक 'बबली' और सुलझी हुई एक्ट्रेस के तौर पर रखा है। ऐसे में श्रेया का यह दावा कि उन्होंने अपनी पिछली जिंदगी के एक अध्याय को पूरी तरह से दुनिया की नजरों से छिपा लिया है, एक्ट्रेस के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गया है। जानकारों का कहना है कि यह कोई छोटा-मोटा झगड़ा नहीं, बल्कि करियर और निजी रिश्तों से जुड़ी कोई पुरानी कड़वी सच्चाई है। शो में श्रेया का इस तरह से राज खोलना जहां उनकी रणनीति को दर्शाता है, वहीं शिवांगी के लिए यह किसी 'अग्निपरीक्षा' से कम नहीं है। अब देखना यह है कि क्या आने वाले एपिसोड्स में शिवांगी अपनी चुप्पी तोड़ती हैं या फिर यह राज शो का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 2:11 pm

काजोल-शाहरुख की ब्लॉकबस्टर केमिस्ट्री: 6 यादगार फिल्में और OTT पर मौजूद रोमांस का खजाना

बॉलीवुड में शाहरुख खान और काजोल की जोड़ी को 'आइकॉनिक' माना जाता है। इनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचा है, बल्कि दर्शकों के दिलों में भी एक खास जगह बनाई है। क्या आपको याद है 2015 की वो फिल्म जिसमें उनकी रोमांटिक छवि के उलट एक दमदार रिवेंज स्टोरी (प्रतिशोध की कहानी) देखने को मिली थी? शाहरुख और काजोल ने अपनी हर फिल्म में अभिनय के नए मानक स्थापित किए हैं। अगर आप भी वीकेंड पर इस जोड़ी की बेहतरीन फिल्में देखने का मन बना रहे हैं, तो OTT प्लेटफॉर्म्स पर उनकी चुनिंदा रोमांटिक और ड्रामा फिल्मों का पूरा कलेक्शन मौजूद है।2015 की वो फिल्म और रिवेंज का नया रंगशाहरुख-काजोल की 2015 वाली फिल्म ने तब सबको चौंका दिया था जब फैंस को उनकी चिर-परिचित रोमांटिक कहानी के बजाय एक गहरे बदले (रिवेंज) की पटकथा देखने को मिली। इस फिल्म में दोनों ने अपने अभिनय की गहराई को साबित किया और बताया कि वे सिर्फ रोमांस ही नहीं, बल्कि किसी भी गंभीर विषय को पर्दे पर जीवंत कर सकते हैं। यह फिल्म उनकी बाकी रोमांटिक ड्रामा से काफी अलग और तीव्र थी, जिसने बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों को बांधे रखा। आज भी यह फिल्म ओटीटी पर खूब सर्च की जाती है और नई पीढ़ी इसे उनके करियर के एक साहसी प्रयोग के रूप में देखती है।OTT पर देखें सदाबहार रोमांटिक सफरआज के दौर में जब सब कुछ ऑनलाइन है, तो इस जोड़ी की बेहतरीन फिल्में भी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर आसानी से उपलब्ध हैं। 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' से लेकर 'कुछ कुछ होता है' और 'कभी खुशी कभी गम' जैसी उनकी कालजयी रोमांटिक फिल्में आज भी हर किसी की पसंदीदा लिस्ट में शुमार हैं। अगर आप उनके काम को फिर से जीना चाहते हैं, तो नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम और अन्य ओटीटी ऐप्स पर जाकर आप उनकी बेहतरीन फिल्मों को एक साथ देख सकते हैं। ये फिल्में न केवल आपको पुरानी यादों में ले जाएंगी, बल्कि यह भी दिखाएंगी कि क्यों शाहरुख और काजोल की जोड़ी आज भी भारतीय सिनेमा की सबसे सफल और लोकप्रिय जोड़ी बनी हुई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 2:09 pm

69 साल का 'चार्ल्स शोभराज' जैसा शातिर मेहमान, जिसने लक्जरी होटलों को 30 साल में लाखों-करोड़ों रुपए का चूना लगाया

मिलिए 69 वर्षीय विंसेंट जॉन से, जिसने सिर्फ अखबार से भरे दो बैगों के दम पर देश के सैकड़ों आलीशान लक्जरी होटलों को 30 साल तक चकमा दिया। जानिए इसकी दिलचस्प इनसाइड स्टोरी।

वेब दुनिया 10 Jul 2026 2:08 pm

अल्कोहल वाली दवाओं को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, दुकानों को भी रखना होगा रिकॉर्ड, जानिए क्‍या है नया नियम?

New Drug Rules News : नशे के दुरुपयोग को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। खबरों के अनुसार, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने आज ड्रग्स रूल्स (दसवां संशोधन) नियम, 2026 में बदलाव कर 12 प्रतिशत से ज्यादा इथाइल अल्कोहल वाली और 30 ...

वेब दुनिया 10 Jul 2026 2:01 pm

यूक्रेन के लिए ₹7.6 लाख करोड़ का मास्टरस्ट्रोक, NATO ने क्यों लगाया इतना बड़ा दांव

रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच NATO ने यूक्रेन की मदद के लिए अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय और सैन्य पैकेज जारी कर दिया है। ₹7.6 लाख करोड़ (लगभग 90 बिलियन डॉलर) का यह भारी-भरकम पैकेज न केवल यूक्रेन की युद्ध क्षमता को मजबूती देगा, बल्कि वैश्विक भू-राजनीति में भी एक बड़ा बदलाव लेकर आया है। दुनिया भर के विशेषज्ञ यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर NATO ने इस स्तर का बड़ा दांव क्यों खेला है और क्या यह युद्ध का रुख मोड़ने के लिए पर्याप्त होगा? इस निवेश के पीछे छिपा है NATO का एक बड़ा सुरक्षा एजेंडा, जो आने वाले समय में यूरोप की सुरक्षा के नए आयाम तय करने वाला है।क्यों महत्वपूर्ण है यह ₹7.6 लाख करोड़ का पैकेज?यह कोई सामान्य आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि यूक्रेन को 'लॉन्ग-टर्म डिफेंस' देने की तैयारी है। इस पैकेज में अत्याधुनिक हथियार, एयर डिफेंस सिस्टम और सैन्य प्रशिक्षण के साथ-साथ बुनियादी ढांचे की मरम्मत को भी प्राथमिकता दी गई है। NATO का यह कदम सीधे तौर पर रूसी प्रभाव को कम करने और यूक्रेन को एक आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति बनाने की दिशा में है। सैन्य जानकारों का मानना है कि इस फंडिंग के जरिए यूक्रेन न केवल अपनी सीमाओं की रक्षा कर पाएगा, बल्कि लंबी अवधि तक चलने वाले इस संघर्ष में अपनी पोजीशन को और अधिक मजबूत कर लेगा।NATO का गेम प्लान: सिर्फ युद्ध नहीं, सुरक्षा घेराइस बड़े निवेश के पीछे NATO का मुख्य उद्देश्य अपनी एकता का प्रदर्शन करना और रूस को यह संदेश देना है कि वह यूक्रेन के साथ लंबी रेस के लिए तैयार है। यह पैकेज न केवल गोला-बारूद के लिए है, बल्कि यूक्रेन के मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक (Modernization) बनाने में भी मदद करेगा। NATO का यह मानना है कि यूक्रेन की मजबूती ही पूरे यूरोप की स्थिरता की गारंटी है। हालांकि, इतने बड़े दांव के बाद रूस की प्रतिक्रिया क्या होगी और क्या यह युद्ध को और अधिक भड़काएगा, यह अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है। आने वाले समय में, यह पैकेज युद्ध के मैदान में पलड़ा भारी करने का निर्णायक कारक साबित हो सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 1:37 pm

यूरोप की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी, ट्रेड बैन की धमकी से मचा हड़कंप; क्या अब और गहराएगा आर्थिक संकट

पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसकी गिरती साख के बीच यूरोप ने एक बड़ा और सख्त रुख अपना लिया है। हालिया घटनाक्रम में यूरोपीय देशों ने पाकिस्तान को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि मानकों का पालन नहीं हुआ, तो व्यापारिक रियायतें खत्म कर दी जाएंगी। जहाँ एक तरफ अमेरिका के साथ पाकिस्तान के राजनयिक संबंध फिर से गर्माते दिख रहे हैं, वहीं यूरोप की इस 'धमकी' ने इस्लामाबाद की चिंताएं बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यूरोप ने व्यापारिक प्रतिबंध लगाए, तो पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए खुद को संभालना लगभग नामुमकिन होगा।GSP+ स्टेटस पर मंडरा रहा खतरायूरोप ने मुख्य रूप से पाकिस्तान को मिलने वाले 'जीएसपी प्लस' (GSP+) स्टेटस को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। मानवाधिकारों के उल्लंघन, श्रम कानूनों की अनदेखी और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा न उतरने के कारण यूरोपीय संघ ने पाकिस्तान को कड़े सुधार करने का अल्टीमेटम दिया है। यदि पाकिस्तान तय समय सीमा में अपनी नीतियों में सुधार नहीं करता है, तो उसे यूरोप में अपने उत्पाद निर्यात करने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। यह स्थिति सीधे तौर पर पाकिस्तान के टेक्सटाइल और एक्सपोर्ट सेक्टर को तबाह करने के लिए काफी है, जो पहले ही विदेशी मुद्रा की कमी से जूझ रहा है।अमेरिका की दोस्ती बनाम यूरोप की सख्तीदिलचस्प बात यह है कि एक ओर अमेरिका के साथ पाकिस्तान के बढ़ते रक्षा और कूटनीतिक संबंध चर्चा में हैं, वहीं यूरोप का यह रुख पाकिस्तान के लिए 'दोहरी मुसीबत' बन गया है। विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका भले ही सामरिक हितों के लिए पाकिस्तान को समर्थन दे रहा हो, लेकिन आर्थिक स्तर पर यूरोप की नाराजगी उसे और कंगाल बना सकती है। पाकिस्तान का एक बड़ा निर्यात बाजार यूरोप में है, और वहां से व्यापारिक मदद बंद होने का मतलब होगा देश की पूरी अर्थव्यवस्था का डगमगा जाना। अब देखना यह है कि क्या पाकिस्तान अपनी नीतियों में सुधार करेगा या फिर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के जाल में और अधिक फंस जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 1:36 pm

एर्दोगन का अनोखा गिफ्ट! NATO समिट में नेताओं को बांटी 6 गोलियां और 'सिक्सर' बंदूक, ट्रंप के साथ क्या हुआ

हाल ही में हुए NATO शिखर सम्मेलन के दौरान तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन का एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाला अंदाज देखने को मिला। एर्दोगन ने वहां मौजूद शीर्ष वैश्विक नेताओं को जो उपहार भेंट किए, उन्होंने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उन्होंने नेताओं को विशेष रूप से तैयार की गई एक 'सिक्सर' रिवॉल्वर और उसके साथ 6 गोलियां तोहफे में दीं। एर्दोगन के इस कदम ने न केवल प्रोटोकॉल की सुर्खियों को हवा दी, बल्कि इसके पीछे के कूटनीतिक संदेश और उपहार की खासियत को लेकर भी चर्चा तेज कर दी है।क्या है एर्दोगन की इस 'सिक्सर' की खासियत?तुर्की के राष्ट्रपति द्वारा दी गई यह रिवॉल्वर सामान्य नहीं है। इसे तुर्की की रक्षा तकनीक और निर्माण कौशल का प्रतीक माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह रिवॉल्वर तुर्की की स्वदेशी शस्त्र निर्माण क्षमता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसे बेहद बारीकी से डिजाइन किया गया है। एर्दोगन का यह कदम तुर्की के डिफेंस सेक्टर को वैश्विक मंच पर प्रमोट करने की एक सोची-समझी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। 6 गोलियों का सेट भी इसी रिवॉल्वर का हिस्सा था, जो इस उपहार की पूरी किट को एक 'कलेक्टर आइटम' के रूप में पेश करता है।क्या डोनाल्ड ट्रंप ने यह बंदूक ली?इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस उपहार को स्वीकार किया? कूटनीतिक हलकों में यह चर्चा आम है कि एर्दोगन के इस सख्त और पावरफुल गिफ्ट को लेकर नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं थीं। सुरक्षा प्रोटोकॉल और कूटनीतिक नियमों के कारण ऐसे उपहारों को लेकर काफी सतर्कता बरती जाती है। हालांकि, यह स्पष्ट है कि एर्दोगन ने इस मंच का उपयोग न केवल दोस्ती जताने के लिए किया, बल्कि दुनिया को तुर्की की 'पावर' और उसकी रक्षा तैयारियों से अवगत कराने का भी कोई मौका नहीं छोड़ा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 1:35 pm

158 वर्ष बाद अरुणाचल प्रदेश में फिर दिखा दुर्लभ हिमालयी पुष्प सियानैंथस हूकेरी

अरुणाचल प्रदेश के तवांग में वैज्ञानिकों ने 158 वर्ष बाद दुर्लभ हिमालयी पुष्प सियानैंथस हूकेरी को पुनः खोजा है। विशेषज्ञों ने इसे भारत में संकटग्रस्त घोषित करने की सिफारिश की है।

देशबन्धु 10 Jul 2026 1:34 pm

सेंसेक्स-निफ्टी में जबरदस्त बहार, 700 अंक उछला बाजार; Vedanta Aluminium के शेयरों ने पकड़ी रफ्तार

भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त जोश देखने को मिल रहा है। हफ्ते के कारोबारी सत्र के दौरान प्रमुख सूचकांकों ने जोरदार छलांग लगाई है, जिससे निवेशकों के चेहरे खिल उठे हैं। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 700 अंकों से अधिक की तूफानी तेजी के साथ कारोबार कर रहा है, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 24,150 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। बाजार में आई इस खरीदारी के पीछे ग्लोबल संकेतों और घरेलू बाजार के मजबूत प्रदर्शन को बड़ी वजह माना जा रहा है।Vedanta Aluminium का दिखा कमालबाजार की इस तेजी में मेटल सेक्टर के दिग्गज शेयरों का खास योगदान रहा है। आज के सत्र में Vedanta Aluminium के शेयरों ने निवेशकों का दिल जीत लिया है। कंपनी के शेयर 3% से ज्यादा की उछाल के साथ ट्रेड कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि एल्युमीनियम की बढ़ती वैश्विक मांग और कंपनी के बेहतर परिचालन प्रदर्शन के कारण निवेशकों का भरोसा इस शेयर पर फिर से बढ़ा है। मेटल और कमोडिटी सेक्टर में आई इस हलचल ने आज निफ्टी को नई ऊंचाई पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।क्यों चढ़ रहा है बाजार?बाजार के जानकारों के अनुसार, निफ्टी का 24,150 के पार निकलना तकनीकी रूप से बेहद मजबूत संकेत है। आज के कारोबार में बैंकिंग, आईटी और मेटल सेक्टर में हुई चौतरफा खरीदारी ने इंडेक्स को सहारा दिया है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की सक्रियता और सकारात्मक घरेलू आर्थिक आंकड़ों ने बाजार में जोश भर दिया है। यदि निफ्टी इस स्तर पर खुद को टिकाए रखने में सफल रहता है, तो आने वाले दिनों में और भी नई रिकॉर्ड ऊंचाई देखने को मिल सकती है। हालांकि, एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि बाजार में किसी भी निवेश से पहले स्टॉप लॉस का ध्यान जरूर रखें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 1:33 pm

ब्रिटेन से लग्जरी कारें मंगाना हुआ सस्ता, नई ट्रेड डील से भारतीय खरीदारों की मौज

भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से चर्चा में रही भारत-यूके (UK) ट्रेड डील की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए नए नियमों का ऐलान कर दिया है। इस बदलाव के बाद अब ब्रिटेन से आयात होने वाली लग्जरी कारों पर लगने वाले टैक्स और शुल्क में कटौती की गई है, जिससे प्रीमियम वाहनों के शौकीनों के लिए अब इनका सपना पूरा करना आसान हो गया है। जानकारों का मानना है कि यह फैसला न केवल लग्जरी कारों की कीमतों को कम करेगा, बल्कि भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ाएगा।क्या बदलेंगे लग्जरी कारों के दाम?सरकार द्वारा जारी किए गए नए नियमों के अनुसार, ट्रेड डील के तहत आयातित लग्जरी वाहनों पर लगने वाले कस्टम ड्यूटी और अन्य शुल्कों को तर्कसंगत बनाया गया है। अब तक भारी टैक्स के कारण जो कारें भारत में काफी महंगी मिलती थीं, उनकी कीमतों में अब उल्लेखनीय कमी देखने को मिल सकती है। लग्जरी कार निर्माताओं के लिए भारत एक बड़ा मार्केट रहा है, और इस डील के बाद प्रीमियम सेगमेंट की कारों की बिक्री में उछाल आने की पूरी संभावना है। ऑटो विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल कीमतों में गिरावट आएगी, बल्कि लेटेस्ट मॉडल्स की उपलब्धता भी पहले से बेहतर होगी।डील का भारत पर क्या होगा असर?यह ट्रेड डील केवल कीमतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को भी नई ऊंचाई पर ले जाएगी। भारत में 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देने के साथ-साथ विदेशी तकनीक और लग्जरी ब्रांड्स के लिए आसान पहुंच से भारतीय ऑटो सेक्टर को आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी। हालांकि, इससे घरेलू निर्माताओं के बीच भी मुकाबला बढ़ सकता है, लेकिन अंततः इसका सीधा लाभ भारतीय ग्राहकों को मिलेगा, जो अब प्रतिस्पर्धी कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर की लग्जरी कारें खरीदने में सक्षम होंगे। फिलहाल, बाजार के जानकारों ने नई दरों के आने के बाद कारों के वेटिंग पीरियड में कमी आने की भी उम्मीद जताई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 1:32 pm

क्या है मुनाफे का गणित? AI बिजनेस की रफ्तार और ₹3000 के टारगेट पर दिग्गज ब्रोकरेजों की क्या है राय

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के पहली तिमाही (Q1) के नतीजों के बाद से ही शेयर बाजार में हलचल तेज है। आईटी सेक्टर की इस दिग्गज कंपनी ने अपने प्रदर्शन से निवेशकों का ध्यान खींचा है, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड सेवाओं में कंपनी की बढ़ती पकड़ ने बाजार का भरोसा मजबूत किया है। ग्लोबल मार्केट में छाई अनिश्चितता के बावजूद, TCS ने जिस तरह से अपने मार्जिन और डील विन-रेशियो को मैनेज किया है, वह भविष्य के लिए अच्छे संकेत दे रहा है। एक्सपर्ट्स अब इस शेयर को लॉन्ग टर्म के लिए एक मजबूत विकल्प के तौर पर देख रहे हैं।AI का दम और नई डील से कंपनी को फायदाTCS के तिमाही नतीजों में सबसे अधिक चर्चा AI-संचालित समाधानों की है। कंपनी ने अपनी ऑर्डर बुक में जो बढ़ोतरी दिखाई है, उसमें जेनरेटिव एआई (GenAI) प्रोजेक्ट्स का बड़ा योगदान है। ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि कंपनी जिस तरह से अपने ग्राहकों को एआई के जरिए डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में मदद कर रही है, उससे आने वाले समय में रेवेन्यू ग्रोथ को और मजबूती मिलेगी। क्लाउड एडॉप्शन और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में भी कंपनी की स्थिति काफी बेहतर बनी हुई है, जो इसे प्रतिस्पर्धियों से आगे खड़ा करती है।क्या ₹3000 का लक्ष्य हासिल करना मुमकिन है?ब्रोकरेज हाउस इस शेयर को लेकर काफी आशावादी नजर आ रहे हैं। कई बड़ी वित्तीय संस्थाओं ने TCS के लिए ₹3000 के आसपास का टारगेट रखा है। हालांकि, बाजार की मौजूदा चाल को देखते हुए निवेशकों के मन में यह सवाल है कि क्या अभी खरीदारी का सही मौका है? एक्सपर्ट्स की सलाह है कि बाजार के उतार-चढ़ाव को देखते हुए इसमें 'बाय ऑन डिप्स' (गिरावट पर खरीदारी) की रणनीति अपनानी चाहिए। TCS का मजबूत बैलेंस शीट और डिविडेंड देने का रिकॉर्ड इसे एक 'डिफेंसिव' स्टॉक के रूप में पेश करता है, जो पोर्टफोलियो को स्थिरता प्रदान करता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 1:31 pm

केतन हत्याकांडः पिता विशाल अग्रवाल की राष्ट्रपति से गुहार, त्वरित न्याय की मांग

केतन अग्रवाल हत्याकांड में उनके पिता ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को पत्र लिखकर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और शीघ्र न्याय की मांग की है।

देशबन्धु 10 Jul 2026 1:19 pm

चंपत राय समेत 3 दिग्गजों की डिजिटल ID ब्लॉक, आखिर क्यों लिया गया यह फैसला?

Champat Rai digital ID blocked: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा और दान चोरी प्रकरण के बाद अब एक और बड़ा भूचाल आ गया है। राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक बेहद कड़ा और अप्रत्याशित कदम उठाते हुए ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, सदस्य डॉ. अनिल ...

वेब दुनिया 10 Jul 2026 1:07 pm

पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता सुष्मिता देव और दो अन्य राज्यसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार घोषित

कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार रात पूर्व तृणमूल कांग्रेस राज्यसभा सदस्यों सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बारिक को आगामी 24 जुलाई को होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की मंज़ूरी के बाद पार्टी के केंद्रीय कार्यालय से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में […] The post पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता सुष्मिता देव और दो अन्य राज्यसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार घोषित appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 12:57 pm

दतिया उपचुनाव: कांग्रेस में टिकट को लेकर सिरफुटौव्वल, अवधेश नायक और घनश्याम सिंह की बयानबाजी से बढ़ी तकरार

दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भले ही अब तक बीजेपी और कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों के नामों का एलान नहीं किया हो लेकिन कांग्रेस के अंदर टिकट को लेकर दावेदारों के बीच सिरफुटौव्वल सामने आ गया है। कांग्रेस की चुनाव तैयारियों से जुड़ी बैठक मं संभावित ...

वेब दुनिया 10 Jul 2026 12:45 pm

गर्भावस्था के आधार पर टीसीएस की पूर्व कर्मचारी निदा खान को जमानत, कोर्ट ने भगवान कृष्ण के जन्म का दिया संदर्भ

नासिक की एक विशेष अदालत ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की पूर्व कर्मचारी निदा खान को गर्भावस्था के आधार पर जमानत दे दी है।

देशबन्धु 10 Jul 2026 12:41 pm

अयोध्या में सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, कहा- 'जो आस्था की बात कर रहे, उन्होंने हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़वाई थी'

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में अयोध्या के विकास की उपेक्षा की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अतीत में ऐसे कदम उठाए गए, जिन्हें वे धार्मिक भावनाओं के प्रतिकूल मानते हैं।

देशबन्धु 10 Jul 2026 12:38 pm

अलवर : विवाहिता का घर से अपहरण कर जंगल में गैंगरेप के बाद कुएं में फेंका

अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र में एक महिला से दुष्कर्म करके उसे कुंए में फेंकने का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना गत तीन जुलाई की रात करीब 11 बजे की है जब महिला अपने पीहर में थी और घर में उसके पिता भी मौजूद थे। देर रात […] The post अलवर : विवाहिता का घर से अपहरण कर जंगल में गैंगरेप के बाद कुएं में फेंका appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 12:38 pm

अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक

मशहद। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई और उनके परिवार के अन्य सदस्यों को गुरुवार देर रात को मशहद शहर के इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। ईरान की समाचार एजेंसी इरना के अनुसार देर रात खामेनेई के बड़े बेटे हुज्जतुलइस्लाम सैय्यद मुस्तफा हुसैनी खामेनेई की अगुवाई में लाखों लोगों ने […] The post अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 Jul 2026 12:26 pm

सीएम योगी का सपा और कांग्रेस से सवाल, क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीस कराएंगे?

राम मंदिर दान चोरी विवाद के बीच अयोध्या पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और सपा पर हमला करते हुए कहा कि इन्होंने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप किया था। क्या ये जामा मस्जिद में हनुमान चालीस कराएंगे?

वेब दुनिया 10 Jul 2026 12:16 pm

World Population Day 2026: विश्व जनसंख्या दिवस क्यों मनाया जाता है, जानें इतिहास, महत्व और इस साल की थीम

World Population Day History: बढ़ती आबादी, सीमित संसाधन और वैश्विक संतुलन को लेकर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से हर साल की तरह इस साल भी 11 जुलाई 2026 को दुनिया भर में 'विश्व जनसंख्या दिवस' मना जा रहा है। यहां जानें वर्ल्ड पॉप्युलेशन डे की तारीख, ...

वेब दुनिया 10 Jul 2026 11:50 am

कोचिंग विवाद मामले में खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर पटना अदालत में सुनवाई

पटना की एक सिविल अदालत शुक्रवार को चर्चित कोचिंग शिक्षक फैसल खान उर्फ खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुनाएगी। यह मामला कोचिंग संचालक रोशन आनंद से जुड़े विवाद से संबंधित है।

देशबन्धु 10 Jul 2026 11:49 am

राजभर का अखिलेश पर हमला, बोले गेट पर रेट का काउंटर बंद कीजिए कार्यकर्ताओं से मुलाकात के नाम पर हो रही वसूली

उत्तर प्रदेश की सियासत में बयानबाजी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। सुभासपा प्रमुख और योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के करीबी लोग उनसे मिलने और फोटो खिंचवाने के नाम पर कार्यकर्ताओं से पैसे वसूल रहे हैं।

देशबन्धु 10 Jul 2026 11:34 am

शरद पवार की शिंदे के कक्ष में बैठक से महाराष्ट्र की राजनीति गरमाई, संजय राउत ने उठाए सवाल

Maharashtra Politics : विधान भवन में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कक्ष में शरद पवार द्वारा ली गई बैठक के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस मुलाकात को लेकर संजय राउत ने निशाना साधा, जबकि एकनाथ शिंदे और जितेंद्र आव्हाड ने सफाई दी।

वेब दुनिया 10 Jul 2026 11:10 am

डायबिटीज मरीजों के लिए नई उम्मीद: भारत में लॉन्च हुआ सप्ताह में एक बार लगने वाला इंसुलिन, सालभर में सिर्फ 52 इंजेक्शन

नई साप्ताहिक इंसुलिन थेरेपी का सबसे बड़ा लाभ यह है कि मरीजों को पूरे वर्ष में रोजाना 365 इंजेक्शन लगाने के बजाय केवल 52 इंजेक्शन लगाने होंगे। इससे उपचार की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनने की संभावना है।

देशबन्धु 10 Jul 2026 10:59 am

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: रकम को शेयर, सूदखोरी और कारोबार में खपाते थे आरोपित, लेनदेन की कड़ियां खंगाल रही पुलिस

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस को रकम को शेयर, सूदखोरी और अन्य कारोबारों में लगाने के संकेत मिले हैं। जांच अब पूरे वित्तीय नेटवर्क और संभावित मास्टरमाइंड तक पहुंचने पर केंद्रित है।

देशबन्धु 10 Jul 2026 10:47 am

देशभर में सक्रिय हुआ मानसून, दिल्ली-एनसीआर समेत 18 राज्यों में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट

देशभर में मानसून सक्रिय होने के साथ दिल्ली-एनसीआर समेत 18 राज्यों में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट जारी, कई क्षेत्रों में जलभराव और जनजीवन प्रभावित।

देशबन्धु 10 Jul 2026 10:28 am

क्या ईरान रच रहा है ट्रंप की हत्या की साजिश? इजराइली खुफिया रिपोर्ट का दावा

अमेरिका और ईरान के बीच भीषण जंग थमने का नाम ही नहीं ले रही है। अमेरिका ईरानी शहरों को निशाना बना रहा है तो ईरान खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमले कर रहा है। इस बीच इजराइल के हवाले से एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान अमेरिकी ...

वेब दुनिया 10 Jul 2026 9:46 am

8th Pay Commission Update: 8वें वेतन आयोग की बैठकों के बीच केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में 70% तक उछाल की उम्मीद; जानें यूनियनों के बड़े प्रस्ताव

देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। लंबे समय से देश भर में चर्चा का विषय बने 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर प्रशासनिक गलियारों में हलचल अचानक बहुत तेज हो गई है। कर्मचारी संगठनों, विभिन्न यूनियनों और आयोग के सदस्यों के बीच लगातार बैठकों का दौर जारी है, जिसके बाद कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और भत्तों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की उम्मीदें काफी प्रबल हो गई हैं।वर्तमान में हर केंद्रीय कर्मचारी के मन में बस यही एक उत्सुकता और सवाल है कि इस बार उनके वेतन में कितना उछाल आएगा? हालांकि, इस पर केंद्र सरकार की आधिकारिक और अंतिम घोषणा होना अभी बाकी है, लेकिन कर्मचारी संगठनों द्वारा सरकार को सौंपे गए नए प्रस्तावों ने बाजार में खलबली मचा दी है।फिटमेंट फैक्टर के साथ इन 3 बड़े भत्तों का भी मिलेगा बंपर लाभजानकारों और वित्तीय विशेषज्ञों की मानें तो नए वेतनमान में कर्मचारियों की कुल इन-हैंड सैलरी में केवल फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) की ही बढ़ोतरी नहीं होगी, बल्कि तीन अन्य महत्वपूर्ण भत्ते भी बड़ी भूमिका निभाएंगे:महंगाई भत्ता (DA): यूनियनों की सबसे प्रमुख मांग है कि नया वेतनमान (Pay Scale) लागू करने से ठीक पहले मौजूदा महंगाई भत्ते को बेसिक सैलरी (मूल वेतन) में पूरी तरह मर्ज (जोड़ा) कर दिया जाए।हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में संशोधन: बढ़ते शहरीकरण और महंगे किरायों को देखते हुए HRA की मौजूदा दरों (30%, 20% और 10%) को बढ़ाकर क्रमशः 36%, 24% और 12% करने का कड़ा प्रस्ताव रखा गया है।ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA): पेट्रोल-डीजल की कीमतों और परिवहन खर्चों को देखते हुए यात्रा भत्ते में भी सम्मानजनक वृद्धि की मांग की गई है।70 फीसदी से ज्यादा का उछाल: कर्मचारी संगठनों का दावा है कि यदि सरकार उनके द्वारा प्रस्तुत इन सभी तार्किक मांगों को स्वीकार कर लेती है, तो कर्मचारियों की कुल ग्रॉस सैलरी में 70 प्रतिशत से भी ज्यादा की भारी वृद्धि देखने को मिल सकती है।लेवल-1 कर्मचारियों की सैलरी का नया गणित: ₹37,080 से सीधे ₹63,500?ऑल इंडिया नेशनल पब्लिक सेक्टर एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) और अन्य प्रमुख यूनियनों ने आयोग के सामने जो सैलरी स्ट्रक्चर का खाका पेश किया है, वह निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकता है।नोट: यहाँ यह स्पष्ट करना अत्यंत आवश्यक है कि यह वर्तमान में केवल कर्मचारी यूनियनों द्वारा दिया गया एक आधिकारिक सुझाव है। अंतिम निर्णय और वास्तविक सैलरी टेबल 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशों और केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही तय होगी।बैठकों का दौर जारी: भुवनेश्वर के बाद आज कोलकाता में महा-मंथन8वां वेतन आयोग देशभर के अलग-अलग हिस्सों में जाकर कर्मचारी संगठनों से सीधे संवाद स्थापित कर रहा है और उनके जमीनी सुझावों को अपनी रिपोर्ट में शामिल कर रहा है।1.दिल्ली और लखनऊ में चर्चा:शुरुआती चरण.आयोग ने सबसे पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लखनऊ में केंद्रीय कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की।2.भुवनेश्वर में 6-7 जुलाई को बैठक:मध्य चरण.हाल ही में ओडिशा के भुवनेश्वर में दो दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जहां पूर्वी क्षेत्र के कर्मचारी संगठनों ने अपने मांग पत्र सौंपे।3.9-10 जुलाई को कोलकाता में मंथन:ताजा अपडेट.आज (10 जुलाई 2026) पश्चिम बंगाल के कोलकाता में आयोग की बैठक का अगला दौर चल रहा है। इन सभी दौरों के सुझावों के व्यापक मंथन के बाद अंतिम ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा।जब यह अंतिम सिफारिश रिपोर्ट केंद्र सरकार के पास वित्त मंत्रालय को भेजी जाएगी, तब जाकर देश के लाखों कर्मचारियों की सैलरी में होने वाले वास्तविक बदलाव की तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी।डिजिटल सुरक्षा अपडेट (Quick Technical Note)इसी बीच रेलवे यात्रा और अन्य केंद्रीय सेवाओं के डिजिटल अपग्रेडेशन के तहत आईआरसीटीसी ($IRCTC$) ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रणालियों में सुरक्षा और पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए नई तकनीकों और आवश्यक सत्यापन प्रक्रियाओं पर भी तेजी से काम कर रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 8:49 am

गुरुग्राम में देर रात पुलिस एनकाउंटर, रंगदारी वसूलने पहुंचे दीपक नांगल गैंग के 4 शूटर ढेर

गुरुग्राम के सुशांत लोक 2 में गुरुवार रात करीब साढ़े 11 बजे पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ में गैंगस्टर दीपक नांगल गैंग के 4 बदमाश ढेर हो गए। गोलीबारी में 3 पुलिसकर्मी और 1 बदमाश घायल। बदमाश रंगदारी मांगने के लिए सुशांत लोक पहुंचे थे।

वेब दुनिया 10 Jul 2026 8:49 am

महिलाएं क्या चाहती हैं? वो 5 बेहद जरूरी बातें जो ज्यादातर पुरुष आज भी नहीं समझ पाते

महिलाएं आखिर चाहती क्या हैं?- यह एक ऐसा शाश्वत सवाल है जिस पर सदियों से बहस होती रही है, अनगिनत किताबें लिखी जा चुकी हैं और सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आई रहती है। अक्सर पुरुष यह शिकायत करते हैं कि महिलाओं के मन को समझना दुनिया का सबसे मुश्किल काम है। लेकिन वास्तव में, महिलाओं की इच्छाएं उतनी जटिल नहीं होतीं जितना उन्हें पेश किया जाता है।ज्यादातर महिलाएं अपने पार्टनर से बहुत बड़ी या महंगी चीजों की उम्मीद नहीं करतीं, बल्कि वे कुछ बहुत ही बुनियादी और भावनात्मक रूप से गहरी बातों की चाह रखती हैं। आइए जानते हैं वो 5 मुख्य बातें जिन्हें आज के समय में भी ज्यादातर पुरुष अक्सर समझ नहीं पाते या नजरअंदाज कर देते हैं।1. फिक्सर नहीं, सिर्फ एक लिस्नर (सुनने वाला) चाहिएपुरुषों की एक स्वाभाविक आदत होती है कि जब भी उनके सामने कोई समस्या आती है, वे तुरंत उसका व्यावहारिक समाधान (Solution) ढूंढने में लग जाते हैं।महिला का नजरअंदाज पहलू: जब एक महिला अपने पूरे दिन की थकान, तनाव या किसी बात की परेशानी अपने पार्टनर से साझा करती है, तो वह हमेशा यह नहीं चाहती कि आप उसकी समस्या को ठीक करें (Fix करें)।वास्तविक चाहत: वह सिर्फ यह चाहती है कि आप उसकी बात को पूरी एकाग्रता से सुनें, समझें और उसकी भावनाओं को महसूस करें। उसे यह आश्वासन चाहिए होता है कि कोई उसके साथ खड़ा है। समाधान से ज्यादा उसे उस वक्त आपके मानसिक साथ की जरूरत होती है।2. मानसिक श्रम और घरेलू जिम्मेदारियों में बराबर की साझेदारी (Mental Load)आज के समय में महिलाएं काम काज के मोर्चे पर पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं, लेकिन घर और परिवार को संभालने का 'मेंटल लोड' आज भी काफी हद तक महिलाओं पर ही रहता है।मेंटल लोड क्या है? घर में राशन कब खत्म हो रहा है, बच्चों की पैरेंट-टीचर मीटिंग कब है, किस रिश्तेदार के घर कब जाना है— इन सब बातों की प्लानिंग करना और याद रखना ही मेंटल लोड है।पुरुष अक्सर कहते हैं, तुमने मुझे काम बताया क्यों नहीं, बता देती तो मैं कर देता। लेकिन महिलाएं चाहती हैं कि पुरुषों को काम बताने की जरूरत न पड़े; वे खुद घर की व्यवस्था को अपनी जिम्मेदारी समझें और उसमें बराबर के भागीदार बनें।3. सुरक्षा की भावना (Emotional & Financial Security)महिलाओं के लिए 'सुरक्षा' का मतलब सिर्फ शारीरिक सुरक्षा या किसी खतरे से बचाना नहीं होता। उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण होती है भावनात्मक सुरक्षा (Emotional Security)।इसका मतलब क्या है? एक महिला यह जानना चाहती है कि वह अपने पार्टनर के सामने अपनी कमजोरियों, अपने डरों और अपने सपनों को बिना किसी झिझक या जज होने के डर के रख सकती है।वह एक ऐसा सुरक्षित दायरा चाहती है जहां उसका पार्टनर उसके प्रति वफादार हो और हर परिस्थिति में उसका साथ निभाने का भरोसा दे।4. प्रयासों की सराहना (Appreciation for Small Efforts)रिश्ते में जब समय बीत जाता है, तो अक्सर चीजें 'टेकन फॉर ग्रांटेड' (Taken for Granted) होने लगती हैं। पुरुष अक्सर सोचते हैं कि यदि वे परिवार के लिए कमा रहे हैं, तो उनका कर्तव्य पूरा हो गया।महिलाएं चाहती हैं कि उनके द्वारा किए जाने वाले छोटे-छोटे प्रयासों की भी सराहना की जाए। चाहे वह घर को खूबसूरती से सजाना हो, आपके लिए पसंदीदा खाना बनाना हो, या बच्चों की अच्छी परवरिश करना हो— जब उनका पार्टनर उनके इन कामों को देखता है और एक छोटा-सा 'थैंक यू' या तारीफ करता है, तो उनका आत्मविश्वास और पार्टनर के प्रति प्यार कई गुना बढ़ जाता है।5. पर्सनल स्पेस और उनकी व्यक्तिगत पहचान का सम्मानशादी या रिलेशनशिप में आने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि एक महिला की अपनी व्यक्तिगत पहचान खत्म हो गई है।स्पेस की जरूरत: पुरुषों की तरह ही महिलाओं को भी अपने दोस्तों से मिलने, अपने शौक (Hobbies) को पूरा करने या सिर्फ अकेले कुछ वक्त बिताने के लिए पर्सनल स्पेस (Personal Space) की आवश्यकता होती है।सपनों का सम्मान: वे चाहती हैं कि उनके करियर के फैसलों, उनके विचारों और उनकी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को गंभीरता से लिया जाए और उनका उतना ही सम्मान किया जाए जितना एक पुरुष के फैसलों का किया जाता है।रिश्तों को मजबूत बनाने का मूल मंत्र

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 8:44 am

Bank Holidays July 2026: कल देशभर के सभी बैंकों में रहेगा अवकाश; काम निपटाने से पहले नोट कर लें जुलाई महीने की पूरी लिस्ट

यदि आपको इस हफ्ते या जुलाई के महीने में बैंक ब्रांच जाकर पैसों के लेन-देन, डीडी (DD) बनवाने या लॉकर से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। आगामी 11 जुलाई को देशभर के सभी पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर के बैंक पूरी तरह बंद रहेंगे।इसका कारण यह है कि इस दिन जुलाई महीने का दूसरा शनिवार (Second Saturday) पड़ रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के मुताबिक, देश के सभी कमर्शियल बैंक हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को आधिकारिक तौर पर बंद रहते हैं। लगातार छुट्टियां होने से आपके कई महत्वपूर्ण व्यावसायिक और व्यक्तिगत काम अटक सकते हैं, इसलिए घर से बाहर निकलने से पहले बैंकों की इस छुट्टियों की पूरी लिस्ट को ध्यान से जरूर नोट कर लें।जुलाई 2026 में बैंक छुट्टियों की पूरी लिस्ट (Bank Holidays List)जुलाई के इस महीने में दूसरे व चौथे शनिवार और रविवार के साप्ताहिक अवकाश के अलावा कुछ प्रमुख धार्मिक और क्षेत्रीय त्योहारों के कारण भी अलग-अलग राज्यों में बैंक बंद रहने वाले हैं। नीचे दी गई सूची से अपने काम की प्लानिंग कर लें:महत्वपूर्ण नोट: भारत के विभिन्न राज्यों में स्थानीय संस्कृति और राजकीय त्योहारों के हिसाब से आरबीआई (RBI) की आधिकारिक हॉलिडे लिस्ट में कुछ मामूली बदलाव हो सकते हैं। इसलिए किसी विशेष क्षेत्रीय छुट्टी वाले दिन बैंक जाने से पहले अपनी स्थानीय बैंक शाखा या उनकी आधिकारिक वेबसाइट से पुष्टि जरूर कर लें।बैंक बंद होने पर भी 24 घंटे काम करेंगी ये 4 डिजिटल सेवाएंयदि बैंक की शाखाएं बंद भी हैं, तो भी आपको घबराने की जरूरत नहीं है। ग्राहकों की सुविधा के लिए सभी प्रकार की ऑनलाइन और डिजिटल बैंकिंग सेवाएं बिना किसी रुकावट के चौबीसों घंटे चालू रहेंगी:इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग: आप घर बैठे अपने कंप्यूटर या मोबाइल ऐप के जरिए फंड ट्रांसफर (NEFT/IMPS/RTGS) कर सकते हैं और अकाउंट स्टेटमेंट चेक कर सकते हैं।UPI सेवाएं: Google Pay, PhonePe, Paytm या अन्य भीम यूपीआई ऐप्स के जरिए पैसों का लेन-देन और मर्चेंट पेमेंट्स हमेशा की तरह चलते रहेंगे।एटीएम (ATM): नकदी (Cash) निकालने या जमा करने के लिए आपके नजदीकी एटीएम और कैश डिपॉजिट मशीनें सुचारू रूप से कार्य करेंगी।डिजिटल पासबुक: पासबुक प्रिंटिंग मशीनों और ऑनलाइन पासबुक के जरिए आप अपने बैलेंस की जानकारी ले सकते हैं।असेसमेंट और वित्तीय सलाह (Quick Financial Tip)चूंकि 11 और 12 जुलाई को लगातार दो दिन बैंक बंद हैं, इसलिए यदि आपको चेक क्लियरिंग या कोई बड़ा पेमेंट करना है, तो उसे आज ही प्रोसेस कर लें, अन्यथा आपका ट्रांजैक्शन सोमवार (13 जुलाई) से पहले पूरा नहीं हो पाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 8:41 am

Indian Railway Ticket Rule: WhatsApp स्क्रीनशॉट या PDF पर जनरल टिकट दिखाना पड़ेगा भारी; टीटीई तुरंत काटेगा रसीद, रेलवे ने कड़े किए नियम

यदि आप भी रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर पर लगने वाली लंबी-लंबी लाइनों और भीड़भाड़ से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन से डिजिटल अनरिजर्व्ड (सामान्य/अनारक्षित) टिकट बुक करके सफर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए एक जरूरी चेतावनी है। भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने डिजिटल अनारक्षित टिकटों के दुरुपयोग को रोकने के लिए अपने नियमों को बेहद कड़ा कर दिया है और यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है।रेलवे ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि यात्रा के दौरान टिकट चेकिंग (Ticket Checking) के समय केवल रजिस्टर्ड मोबाइल फोन पर रेल वन (Rail One) ऐप के भीतर मौजूद मूल (Original) डिजिटल टिकट ही मान्य माना जाएगा। यदि कोई यात्री टीटीई (TTE) को टिकट का स्क्रीनशॉट, वॉट्सऐप कॉपी या पीडीएफ (PDF) दिखाता है, तो उसे पूरी तरह अमान्य (Invalid) घोषित कर बिना टिकट यात्रा माना जाएगा और रेलवे नियमों के तहत भारी जुर्माना वसूला जाएगा।स्क्रीनशॉट दिखाना महिला यात्री को पड़ा भारी: जानें कोरबा-रायपुर एक्सप्रेस का वाकयारेलवे की यह सख्त एडवाइजरी कोरबा-विशाखापट्टनम लिंक एक्सप्रेस में घटी एक वास्तविक घटना के बाद आई है। एक महिला यात्री कोरबा से रायपुर के बीच यात्रा कर रही थीं। टिकट चेकिंग के दौरान जब टीटीई उनके पास पहुंचा, तो उन्होंने अपने भाई द्वारा वॉट्सऐप पर भेजे गए टिकट का स्क्रीनशॉट दिखाया।जब रेलवे अधिकारियों ने उस टिकट की गहराई से जांच की, तो एक बड़ी धोखाधड़ी और गड़बड़ी सामने आई:ट्रेन छूटने के बाद बुकिंग: वह ट्रेन कोरबा स्टेशन से दोपहर 4:10 बजे ही रवाना हो चुकी थी, जबकि स्क्रीनशॉट में दिख रहा टिकट शाम को 4:45 बजे (ट्रेन खुलने के 35 मिनट बाद) जनरेट किया गया था।रजिस्टर्ड डिवाइस की कमी: वह डिजिटल टिकट यात्रा कर रही महिला के अपने मोबाइल या रजिस्टर्ड नंबर पर भी उपलब्ध नहीं था।इन सभी गंभीर तकनीकी खामियों और नियमों के उल्लंघन के चलते टीटीई ने उस स्क्रीनशॉट को अवैध करार दिया और महिला यात्री से बिना टिकट यात्रा करने की पूरी पेनल्टी (जुर्माना) मौके पर ही वसूल कर ली।डिजिटल अनरिजर्व्ड टिकट के 4 सबसे महत्वपूर्ण नियमयदि आप रेल वन ($Rail One$) ऐप से जनरल टिकट बुक करते हैं, तो इन 4 नियमों को कभी न भूलें:1.ऐप के भीतर ही दिखाएं ओरिजिनल टिकट:नियम 1.टिकट चेकिंग के समय आपको अपने फोन में 'रेल वन' ऐप को लाइव खोलकर उसके भीतर ही टिकट दिखाना होगा। किसी भी प्रकार की फोटो, स्क्रीनशॉट या वॉट्सऐप पर फॉरवर्ड की गई कॉपी को पूरी तरह अमान्य माना जाएगा।2.उसी फोन और रजिस्टर्ड नंबर का होना अनिवार्य:नियम 2.डिजिटल अनरिजर्व्ड टिकट केवल उसी मोबाइल हैंडसेट और रजिस्टर्ड सिम/नंबर पर वैध माना जाएगा, जिसका इस्तेमाल बुकिंग के समय किया गया था। आप इसे किसी दूसरे के फोन में ट्रांसफर करके सफर नहीं कर सकते।3.ट्रेन खुलने से पहले बुक होना जरूरी:नियम 3.टिकट हमेशा ट्रेन के बोर्डिंग स्टेशन से रवाना होने की समय-सीमा से पहले ही बुक हो जाना चाहिए। यदि ट्रेन स्टेशन छोड़ चुकी है और आप चलती ट्रेन या बाद में टिकट जनरेट करते हैं, तो ऐप में दिखने के बावजूद उसे अवैध (Illegal) माना जाएगा।4.फोन चार्ज रखना यात्री की जिम्मेदारी:नियम 4.सफर के दौरान फोन चालू और पर्याप्त रूप से चार्ज रखना पूरी तरह यात्री की जिम्मेदारी है। 'बैटरी डेड' होने या फोन स्विच ऑफ होने का बहाना टीटीई के सामने मान्य नहीं होगा और आपको जुर्माना देना पड़ सकता है।क्या रिजर्व्ड (आरक्षित/स्लीपर/AC) टिकटों पर भी लागू है यह नियम?इस नए नियम को लेकर यात्रियों में किसी तरह का भ्रम न फैले, इसके लिए रायपुर डिवीजन के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर (DCM) अवधेश कुमार त्रिवेदी ने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है।उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सख्त नियम केवल 'रेल वन' ऐप के माध्यम से बुक किए जाने वाले डिजिटल अनरिजर्व्ड (अनारक्षित/जनरल) टिकटों पर ही लागू होता है। इस नियम का असर स्लीपर या एसी क्लास के रिजर्व्ड टिकटों पर नहीं पड़ेगा। इसका कारण यह है कि रिजर्व्ड टिकटों के चार्ट में यात्रियों के नाम पहले से दर्ज होते हैं और उनकी पहचान का वेरिफिकेशन टीटीई द्वारा सरकार द्वारा जारी वैध आईडी प्रूफ (जैसे पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस आदि) के माध्यम से आसानी से कर लिया जाता है, जिससे धोखाधड़ी की गुंजाइश नहीं रहती।अमान्य टिकट और जुर्माने की स्थिति (Quick Info)यदि आपके पास वैध डिवाइस पर ओरिजिनल ऐप टिकट नहीं है, तो रेलवे एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत न्यूनतम ₹250 से लेकर दूरी के अनुसार उचित किराया और जुर्माना वसूला जा सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 8:37 am

New EPF Rules 2026: पीएफ निकासी के नियमों में ऐतिहासिक सुधार; 3 दिन में खाते में आएगा पैसा, 25% बैलेंस हमेशा के लिए रहेगा लॉक

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने देश के करोड़ों नौकरीपेशा और वेतनभोगी कर्मचारियों की सहूलियत के लिए अपने नियमों में अब तक के सबसे क्रांतिकारी सुधार किए हैं। इन नए नियमों का मुख्य मकसद पीएफ से जुड़े कागजी झंझटों को हमेशा के लिए खत्म करना और कर्मचारियों के भविष्य (रिटायरमेंट फंड) को अधिक सुरक्षित व मजबूत बनाना है।हाल ही में CNBC-TV18 के एक विशेष शो में देश के जाने-माने वित्तीय मामलों के जानकारों ने ईपीएफओ द्वारा किए गए इन बड़े बदलावों को बेहद आसान शब्दों में समझाया है। आइए जानते हैं कि इन नए नियमों से आपकी जेब और बचत पर क्या असर पड़ने वाला है।EPF और EPS के 5 सबसे बड़े और महत्वपूर्ण बदलाव1. 13 तरह के जटिल झंझट खत्म, अब सिर्फ 3 सरल कैटेगरीपुराने नियमों के तहत पीएफ से एडवांस का पैसा निकालने के लिए 13 अलग-अलग वजहें, फॉर्म और शर्तें हुआ करती थीं, जिससे आम कर्मचारी उलझ जाता था। अब ईपीएफओ ने इन सबको समाप्त करके केवल 3 मुख्य श्रेणियां (Categories) बना दी हैं:पहली: गंभीर बीमारी या मेडिकल इमरजेंसी।दूसरी: बच्चों की पढ़ाई (उच्च शिक्षा) और शादी।तीसरी: घर का निर्माण/खरीद या अन्य विशेष जरूरतें।अब किसी भी एडवांस के लिए करदाताओं को दफ्तरों या अलग-अलग नियमों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।2. सिर्फ 1 साल की नौकरी पर भी मिलेगा एडवांसपहले पीएफ से एडवांस निकालने के लिए कई सालों तक लगातार नौकरी करने की सख्त शर्त हुआ करती थी। नए नियमों में इसे बेहद उदार बना दिया गया है।12 महीने का नियम: यदि आपकी नौकरी को केवल 12 महीने (1 साल) भी पूरे हुए हैं, तो आप किसी भी आपात स्थिति में अपने पीएफ फंड से एडवांस पैसा निकाल सकते हैं।लिमिट में छूट: इसके अलावा, कर्मचारियों को बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए अधिकतम 10 बार और परिवार में शादी-ब्याह के लिए 5 बार तक एडवांस लेने की खुली छूट दे दी गई है।3. रिटायरमेंट के लिए 25% बैलेंस हमेशा रहेगा लॉक (Lock-in)अक्सर देखा गया है कि लोग नौकरी बदलते ही या वित्तीय संकट आने पर अपना पूरा पीएफ फंड खाली कर लेते थे, जिससे बुढ़ापे में वे असुरक्षित हो जाते थे। नए नियम में इस पर कड़ा ब्रेक लगाया गया है।फाइनेंशियल एक्सपर्ट कार्तिक झावेरी के मुताबिक: अब आपके कुल पीएफ बैलेंस का 25% हिस्सा हमेशा सुरक्षित (लॉक) रहेगा। आप चाहकर भी एडवांस के तौर पर अपनी पूरी जमा राशि नहीं निकाल सकेंगे। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि जब कोई कर्मचारी 55-60 साल की उम्र में रिटायर हो, तो उसके हाथ में एक सम्मानजनक और बड़ी रकम बची रहे।4. नौकरी छूटने पर पैसे की निकासी का नया फॉर्मूलायदि किसी कारणवश आपकी नौकरी छूट जाती है, तो ईपीएफओ ने पैसे निकालने की व्यवस्था को इस प्रकार निर्धारित किया है:5. पेंशन (EPS) निकासी पर नया पेंच; 36 महीने का इंतजारपर्सनल फाइनेंस एक्सपर्ट हर्ष रोहड़ा ने बताया कि एम्प्लॉई पेंशन स्कीम (EPS) के नियमों में भी सरकार ने एक बड़ा बदलाव किया है। पहले नियम था कि नौकरी छोड़ने के 2 महीने बाद ही पेंशन का पैसा निकाला जा सकता था। लेकिन अब पेंशन फंड से निकासी के लिए कर्मचारियों को कम से कम 36 महीने (3 साल) का अनिवार्य इंतजार करना होगा। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि लोग अपने पेंशन फंड को बीच में न तोड़ें और बुढ़ापे में मासिक पेंशन का वास्तविक लाभ उठा सकें।सुपरफास्ट डिजिटल अपग्रेड: 3 दिन में बैंक खाते में आएगा पैसातकनीकी मोर्चे पर ईपीएफओ ने अपने सिस्टम को पूरी तरह ऑटोमैटिक कर दिया है:3 दिन में सेटलमेंट: बीमारी, पढ़ाई या शादी के लिए क्लेम करने पर बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के 3 दिनों के भीतर पैसा सीधे आपके बैंक खाते में क्रेडिट हो जाएगा।₹5 लाख की लिमिट: ₹5 लाख तक के सभी क्लेम अब सॉफ्टवेयर द्वारा 'ऑटो-सेटल' किए जाएंगे।कैंसिल चेक से मुक्ति: सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि अब ऑनलाइन क्लेम फॉर्म भरते समय कैंसिल चेक (Cancelled Cheque) या बैंक पासबुक की स्कैन कॉपी अपलोड करने की अनिवार्य मजबूरी को हमेशा के लिए खत्म कर दिया गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 8:35 am

Yogini Ekadashi 2026 Vrat Katha: क्यों राजा कुबेर ने अपने ही सेवक को दिया था कुष्ठ रोगी होने का श्राप? पढ़ें योगिनी एकादशी की संपूर्ण प्रामाणिक कथा

सनातन धर्म में एकादशी तिथि को आध्यात्मिक रूप से सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी (Yogini Ekadashi) का व्रत इस साल दो दिन यानी 10 जुलाई और 11 जुलाई 2026 को रखा जा रहा है। 10 जुलाई को गृहस्थ जन यह व्रत रख रहे हैं, जबकि 11 जुलाई को वैष्णव संप्रदाय के लोग उपवास रखेंगे।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी के दिन केवल उपवास रखना ही काफी नहीं है, बल्कि पूजा के समय इसकी पौराणिक व्रत कथा सुनना या पढ़ना अनिवार्य माना गया है। शास्त्रों में उल्लेख है कि योगिनी एकादशी की कथा सुनने मात्र से मनुष्य को अपने अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है, मृत्यु के बाद स्वर्ग लोक की प्राप्ति होती है और 88 हजार ब्राह्मणों को सामूहिक भोज कराने के बराबर महापुण्य प्राप्त होता है। आइए जानते हैं भगवान श्रीकृष्ण के मुख से सुनी गई यह अमर कथा।अलकापुरी नगरी और कुबेर के सेवक हेममाली की कथाइस पावन व्रत की कथा का वर्णन स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत काल में धर्मराज युधिष्ठिर के संशय को दूर करने के लिए किया था।पौराणिक कथा के अनुसार, धन के देवता राजा कुबेर की भव्य और स्वर्णमयी नगरी अलकापुरी थी। राजा कुबेर भगवान भोलेनाथ (शिव जी) के अनन्य और परम भक्त थे। वे रोज नियमपूर्वक महादेव की विशेष आराधना करते थे। राजा कुबेर की पूजा के लिए पवित्र मानसरोवर से रोज ताजे और अत्यंत सुंदर पुष्प (फूल) लाने की जिम्मेदारी हेममाली नाम के एक यक्ष की थी।प्रेमपाश में कर्तव्य की अनदेखीहेममाली की पत्नी का नाम विशालाक्षी था, जो अप्सराओं के समान रूपवान और दिव्य सुंदरी थी। हेममाली अपनी पत्नी से अगाध और अत्यधिक प्रेम करता था। एक दिन हमेशा की तरह हेममाली सुबह-सुबह मानसरोवर से पूजा के सुंदर पुष्प तोड़कर लाया, लेकिन वह राजा के राजमहल जाने के बजाय अपनी रूपवती पत्नी के मोह में आकर सीधे अपने घर रुक गया। पत्नी के साथ आमोद-प्रमोद और हास-परिहास में व्यस्त हेममाली को समय बीतने का भान ही नहीं रहा।उधर राजमहल में राजा कुबेर भगवान शिव के सिंहासन के सामने बैठे रहे और दोपहर हो गई, लेकिन फूल नहीं पहुंचे। महादेव की पूजा का समय बीत जाने पर राजा कुबेर का क्रोध सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने तुरंत अपने गुप्तचरों और सेवकों को हेममाली का पता लगाने के लिए भेजा।राजा कुबेर का भयानक श्राप: सेवकों ने महल लौटकर राजा से कहा, हे राजन! हेममाली अपनी पत्नी के प्रेमपाश में पूरी तरह अंधा हो चुका है। वह कर्तव्य को भूलकर अपने घर पर पत्नी के साथ रमण कर रहा है। यह सुनते ही कुबेर क्रोध से लाल-पीले हो गए और उन्होंने हेममाली को जंजीरों में जकड़कर दरबार में पेश करने का हुक्म दिया। कांपता हुआ हेममाली जैसे ही हाजिर हुआ, कुबेर ने दहाड़ते हुए कहा, अरे पापी! तूने मेरे आराध्य देवों के देव महादेव की पूजा का घोर अनादर किया है। तू काम के वश में होकर अपने कर्तव्य से च्युत हुआ है, इसलिए मैं तुझे श्राप देता हूं कि तू इसी क्षण अपनी प्रिय स्त्री के वियोग को भोगेगा और मृत्युलोक (पृथ्वी) पर जाकर एक भयानक कोढ़ी (कुष्ठ रोगी) बन जाएगा।श्राप का प्रभाव और जंगलों में भटकावराजा कुबेर के मुख से श्राप निकलते ही एक जोरदार बिजली चमकी और हेममाली उसी पल स्वर्गलोक से सीधे पृथ्वी पर आ गिरा। श्राप के भयानक प्रभाव से उसका दिव्य और सुंदर शरीर गलने लगा, उसकी त्वचा कुष्ठ रोग से ग्रसित हो गई और उससे दुर्गंध आने लगी। उसकी पत्नी विशालाक्षी भी उससे हमेशा के लिए बिछड़ गई।वह भूख, प्यास और भयंकर शारीरिक वेदना से तड़पता हुआ पृथ्वी के घने जंगलों और पहाड़ों में भटकने लगा। हालांकि, पूर्व में की गई शिव पूजा के पुण्य के कारण उसकी याददाश्त (स्मृति) नष्ट नहीं हुई थी, इसलिए वह दिन-रात अपने किए गए अपराध पर पश्चाताप के आंसू रोता रहता था।ऋषि मार्कण्डेय के आश्रम में मिला मुक्ति का मार्ग1.हिमालय की गोद में पहुंचे हेममाली:आश्रम आगमन.कई वर्षों तक नरक जैसी यातना भोगते हुए भटकते-भटकते एक दिन हेममाली का भाग्य जागा और वह हिमालय पर्वत पर स्थित त्रिकालदर्शी मार्कण्डेय ऋषि के पावन आश्रम में जा पहुंचा।2.ऋषि के सामने खोला अपना दिल:सत्य की स्वीकारोक्ति.हेममाली की त्वचा को गलते हुए और उसकी दयनीय स्थिति देखकर ऋषि मार्कण्डेय का हृदय द्रवित हो गया। उन्होंने दयापूर्वक पूछा कि तुमने ऐसा कौन सा घोर पाप किया है जो यह दशा हुई? हेममाली ने बिना कुछ छुपाए राजा कुबेर के श्राप और अपनी कामुक भूल की पूरी कहानी सच-सच बता दी।3.ऋषि ने बताया योगिनी एकादशी का महत्व:मुक्ति का महाउपाय.ऋषि मार्कण्डेय हेममाली की सत्यवादिता से अत्यंत प्रसन्न हुए। उन्होंने कहा, चूंकि तुमने मेरे सामने बिना किसी कपट के सत्य स्वीकार किया है, इसलिए मैं तुम्हें इस कष्ट से मुक्ति का अचूक मार्ग बताता हूँ। तुम आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की 'योगिनी एकादशी' का पूर्ण निष्ठा से व्रत करो।व्रत का चमत्कारी परिणाम और सुखद अंतऋषि की आज्ञा पाकर हेममाली ने आषाढ़ एकादशी के दिन पूरे विधि-विधान, श्रद्धा और उपवास के साथ योगिनी एकादशी का व्रत रखा और भगवान नारायण की प्रसन्नता के लिए रात्रि में संकीर्तन और जागरण किया।इस महाव्रत के पुण्य प्रताप से हेममाली के शरीर का सारा कुष्ठ रोग जड़ से समाप्त हो गया और उसकी त्वचा दोबारा सोने जैसी चमकीली और दिव्य हो गई। वह अपने पुराने सुंदर यक्ष स्वरूप को प्राप्त कर वापस अलकापुरी नगरी लौट गया, जहाँ राजा कुबेर ने भी उसे क्षमा कर दिया और वह अपनी पत्नी विशालाक्षी के साथ पुनः आनंदपूर्वक रहने लगा।महा मुहूर्त और संयोग (Quick Info)इस वर्ष योगिनी एकादशी पर त्रिपुष्कर योग के साथ भरणी नक्षत्र का एक अत्यंत दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिससे आज के दिन किया गया दान और सुनी गई यह कथा हजार गुना अधिक फल प्रदान करेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 8:31 am

NHSRCL Recruitment 2026: भारत के पहले बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में काम करने का मौका; ₹1.10 लाख प्रति माह तक सैलरी, 5 अगस्त तक करें ऑनलाइन अप्लाई

यदि आप भी भारत की पहली और महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना (Bullet Train Project) का हिस्सा बनकर देश की तरक्की में अपना योगदान देना चाहते हैं, तो आपके लिए एक बेहद शानदार करियर का मौका सामने आया है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने विभिन्न तकनीकी (Technical) ट्रेड में टेक्नीशियन के पदों पर सीधी भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है।एनएचएसआरसीएल इस स्पेशल रिक्रूटमेंट ड्राइव के जरिए कुल 237 टेक्नीशियन पदों पर योग्य उम्मीदवारों की भर्ती कर रहा है। इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी 5 अगस्त 2026 तक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट nhsrcl.in पर जाकर ऑनलाइन मोड में आवेदन फॉर्म भर सकते हैं। इस भर्ती की सबसे खास बात यह है कि चयनित होने वाले उम्मीदवारों को ₹1,10,000 (1.10 लाख रुपये) प्रति माह तक का बेहतरीन वेतन (Salary Package) दिया जाएगा।एनएचएसआरसीएल भर्ती 2026: पदों का विस्तृत विवरण (Vacancy Details)इस भर्ती अभियान का मुख्य उद्देश्य मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (MAHSR) प्रोजेक्ट के संचालन के लिए सिविल, इलेक्ट्रिकल, रोलिंग स्टॉक और सिग्नलिंग जैसे महत्वपूर्ण विभागों में रिक्त पदों को भरना है। पदों का विवरण इस प्रकार है:इलेक्ट्रिकल टेक्नीशियन: 77 पदसिग्नलिंग और टेलीकॉम टेक्नीशियन: 63 पदसिविल / ट्रैक फिटर: 18 पदसिविल / ट्रैक मैकेनिक: 16 पदरोलिंग स्टॉक इलेक्ट्रीशियन: 13 पदरोलिंग स्टॉक फिटर: 10 पदअन्य पद: शेष वैकेंसियां सिविल/ट्रैक ड्राफ्ट्समैन, सर्वेयर, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर, प्लंबर, पेंटर, मशीनिस्ट, रोलिंग स्टॉक वेल्डर, और आरएसी (RAC) टेक्नीशियन के पदों के लिए आरक्षित हैं।कौन कर सकता है आवेदन? जानिए शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमाइस तकनीकी भर्ती में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों के पास विशिष्ट योग्यता और कार्य अनुभव होना अनिवार्य है:1. शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification)आवेदक के पास नीचे दी गई तीन योग्यताओं में से कोई एक होनी चाहिए:किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से मैट्रिकुलेशन/SSLC (10वीं) के साथ संबंधित टेक्निकल ट्रेड में ITI सर्टिफिकेट।संबंधित ट्रेड में नेशनल अप्रेंटिसशिप सर्टिफिकेट (NAC) के साथ मैट्रिकुलेशन/SSLC।संबंधित इंजीनियरिंग विषय (Discipline) में 3 साल का डिप्लोमा।2. अनिवार्य कार्य अनुभव (Work Experience)उम्मीदवारों के पास इंडियन रेलवे (Indian Railways), सरकारी रेलवे, विभिन्न मेट्रो रेल (जैसे DMRC, NMRC आदि) या रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के ऑपरेशन्स और मेंटेनेंस (O&M) डिपार्टमेंट में कम से कम 2 साल का कार्य अनुभव होना अनिवार्य है। वेरिफिकेशन के समय एक वैध एक्सपीरियंस या कॉम्पिटेंसी सर्टिफिकेट पेश करना होगा।महत्वपूर्ण तिथि: पात्रता (Eligibility) और अनुभव की गणना के लिए कट-ऑफ डेट 30 जून 2026 तय की गई है।3. आयु सीमा (Age Limit)इस भर्ती के लिए आवेदकों की अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित श्रेणियों के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी।चयन प्रक्रिया: इन 3 चरणों को करना होगा पारएनएचएसआरसीएल में टेक्नीशियन के पद पर अंतिम रूप से चयनित होने के लिए उम्मीदवारों को एक पारदर्शी त्रिस्तरीय चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा:1.कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT):चरण 1.सभी वैध आवेदकों को सबसे पहले एक ऑनलाइन कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) देना होगा। इसमें ट्रेड और तकनीकी ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे।2.दस्तावेज सत्यापन (Document Verification):चरण 2.सीबीटी परीक्षा को पास करने वाले शॉर्टलिस्टेड उम्मीदवारों को अपने मूल शैक्षणिक और 2 साल के रेलवे/मेट्रो कार्य अनुभव के प्रमाणपत्रों की जांच करानी होगी।3.चिकित्सा परीक्षण (Medical Examination):चरण 3.हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट की सुरक्षा मानकों को देखते हुए अंत में एक कड़ा मेडिकल टेस्ट होगा, जिसे पास करना अनिवार्य है।सैलरी, पोस्टिंग और आवेदन शुल्क का गणितसैलरी पैकेज: चयनित उम्मीदवारों को NE-2 पे लेवल के अंतर्गत नियुक्त किया जाएगा, जिसमें मूल वेतन के साथ अन्य भत्ते मिलाकर ₹35,000 से ₹1,10,000 रुपये प्रति माह तक का शानदार स्केल मिलेगा।नियुक्ति का प्रकार व स्थान: यह नियुक्तियां 'एब्जॉर्प्शन बेसिस' (स्थायी समावेशन) पर की जाएंगी। चयनित टेक्नीशियनों को एनएचएसआरसीएल के किसी भी कार्यालय या मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट रूट पर कहीं भी तैनात किया जा सकता है।आवेदन शुल्क (Application Fee)टैक्स और विशेषज्ञों की सलाह: अंतिम तारीख (5 अगस्त) के दौरान वेबसाइट पर अत्यधिक ट्रैफिक लोड होने के कारण सर्वर डाउन होने की समस्या आ सकती है। अतः योग्य उम्मीदवार समय रहते आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना फॉर्म सबमिट कर दें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 8:30 am

Shani Gochar 2026: शनि देव का रेवती नक्षत्र में महागोचर; 9 अक्टूबर तक इन 6 राशियों पर बरसेगी अपार कृपा, खुलेगा धन का भंडार

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का राशि परिवर्तन जितना महत्वपूर्ण और दूरगामी माना जाता है, उतनी ही ज्यादा अहमियत उनके नक्षत्र परिवर्तन (Nakhshatra Transit) की भी होती है। ग्रहों के राजाओं में शुमार और न्याय के देवता शनि देव का नक्षत्र गोचर सभी 12 राशियों के जीवन की दिशा और दशा बदलने की ताकत रखता है।हाल ही में शनि देव ने बुध देव के स्वामित्व वाले रेवती नक्षत्र के द्वितीय पद में प्रवेश कर लिया है। 2 जुलाई 2026 को हुए इस नक्षत्र परिवर्तन के बाद शनि देव अब 9 अक्टूबर 2026 तक (लगभग 97 दिनों तक) इसी नक्षत्र में विराजमान रहकर सभी चराचर जगत को प्रभावित करेंगे। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बुध और शनि आपस में परम मित्र ग्रह माने जाते हैं, इसलिए मित्र बुध के नक्षत्र में शनि का यह संचरण बेहद शुभ और कल्याणकारी माना जा रहा है।वैश्विक और आध्यात्मिक स्तर पर क्या होगा बदलाव?कार्मिक चक्र की पूर्णता: भचक्र (Zodiac Belt) में रेवती को 27वां यानी सबसे आखिरी नक्षत्र माना जाता है। कर्म के कारक शनि देव का इस अंतिम नक्षत्र में आना वैश्विक स्तर पर पुराने अधूरे कर्मों, सालों से लटके कानूनी फैसलों और बड़े बदलावों के चक्र को समाप्त करने में मदद करेगा।आध्यात्मिक झुकाव: यह समय आम जनमानस को भौतिक सुखों की अंधी दौड़ से थोड़ा दूर ले जाकर आत्म-निरीक्षण, योग, ध्यान और मानसिक शांति की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।इन 6 भाग्यशाली राशियों की चमकेगी किस्मतबुध के नक्षत्र में शनि का यह गोचर वैसे तो सभी राशियों के लिए मिश्रित परिणाम लेकर आया है, लेकिन 6 राशियां ऐसी हैं जिनके लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं साबित होने वाला है:शनि देव के अशुभ प्रभावों से बचने के 2 अचूक उपाययदि आपकी राशि ऊपर दी गई सूची में नहीं है या आप शनि की ढैय्या/साढ़ेसाती से पीड़ित हैं, तो इस गोचर के दौरान शुभ फल प्राप्त करने और मानसिक शांति के लिए ये उपाय जरूर करें:शनिवार का विशेष नियम: प्रत्येक शनिवार के दिन शाम को पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएं, शनि चालीसा का पाठ करें और जरूरतमंदों को काले तिल व काली उड़द की दाल का दान करें।वाणी और व्यवहार पर नियंत्रण: चूंकि यह बुध (वाणी के कारक) का नक्षत्र है, इसलिए अपनी भाषा और व्यवहार को संयमित रखें। किसी को अपशब्द न कहें और जल्दबाजी या अहंकार में आकर कोई भी बड़ा आर्थिक या पारिवारिक फैसला लेने से बचें।मून साइन और दैनिक राशिफल (Quick Connect)ज्योतिषविदों के अनुसार, सिंह राशि में शुक्र-केतु के जारी गोचर के बीच शनि का यह नक्षत्र परिवर्तन शेयर बाजार, व्यापारिक घरानों और नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़े दूरगामी बदलाव लेकर आने वाला है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 8:27 am

Box Office Clash: सिनेमाघरों में रिलीज हुई अजय देवगन की ‘धमाल 4’, लेकिन राह नहीं है आसान; हॉरर, स्पाई थ्रिलर और साउथ की फिल्मों से मिल रही है कड़ी टक्कर

अजय देवगन की मोस्ट अवेटेड मल्टीस्टारर कॉमेडी फिल्म ‘धमाल 4’ (Dhamaal 4) इस हफ्ते आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। 19 साल पहले शुरू हुआ कॉमेडी का यह सफर आज भी दर्शकों के दिलों में एक खास जगह रखता है। हालांकि, इस बार बॉक्स ऑफिस (Box Office) पर फिल्म का सफर उतना आसान नजर नहीं आ रहा है, जितना मेकर्स ने उम्मीद की थी।भले ही इस कल्ट कॉमेडी फ्रेंचाइजी की पुरानी पहचान, हल्का-फुल्का मजाक, मजेदार गलतफहमियां और अजय देवगन की मजबूत स्टार पावर इसकी सबसे बड़ी ताकत हैं, लेकिन रिलीज होते ही फिल्म को अलग-अलग जॉनर (Genre) की कई नई और बड़ी फिल्मों से जबरदस्त चुनौती मिल रही है। यही वजह है कि फिल्म की ओपनिंग और लाइफटाइम कमाई पर पूरी फिल्म इंडस्ट्री और ट्रेड एनालिस्ट्स की नजरें टिकी हुई हैं। आपको बता दें कि इस फिल्म का निर्देशन अनुभवी डायरेक्टर इंद्र कुमार ने किया है, जो इसके पिछले तीनों सुपरहिट पार्ट्स बना चुके हैं।एडवांस बुकिंग में दिखा दम, पर तीन तरफ से घिरा खजानाफिल्म की कहानी इस बार भी एक नए छिपे हुए खजाने की खोज और उससे पैदा होने वाले मजेदार व कन्फ्यूजन से भरे हालातों के इर्द-गिर्द बुनी गई है। इसी पारिवारिक मनोरंजन के भरोसे रिलीज से महज 41 घंटे पहले ही फिल्म की 43,907 से ज्यादा टिकटें बिक चुकी थीं, जिससे एडवांस बुकिंग में इसे शानदार रिस्पॉन्स मिला। लेकिन थिएटर्स में कदम रखते ही 'धमाल 4' के सामने 3 बड़ी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं:1. हॉरर फिल्म ‘ईविल डेड बर्न’ से रोंगटे खड़े करने वाली चुनौतीकॉमेडी के दीवानों को सबसे बड़ा झटका हॉरर (डरावनी) फिल्मों के लवर्स की तरफ से लग रहा है। दुनिया भर में मशहूर हॉरर फ्रेंचाइजी की नई फिल्म ‘ईविल डेड बर्न’ (Evil Dead Burn) भी इसी समय सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। सस्पेंस, खौफ और रोंगटे खड़े कर देने वाले दृश्यों से भरपूर इस हॉलीवुड फिल्म का अपना एक पक्का और वफादार ऑडियंस बेस है। ऐसे में थिएटर्स जाने वाले दर्शक पूरी तरह दो धड़ों में बंट गए हैं।2. साउथ की तेलुगु फिल्म ‘लेनिन’ का दमदार एक्शनदूसरी तरफ, दक्षिण भारतीय सिनेमा का क्रेज हिंदी बेल्ट में भी सिर चढ़कर बोल रहा है। तेलुगु एक्शन-ड्रामा फिल्म ‘लेनिन’ (Lenin) बॉक्स ऑफिस पर ‘धमाल 4’ के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। अखिल अक्किनेनी और भाग्यश्री बोर्से की मुख्य भूमिका वाली यह फिल्म दमदार एक्शन, पारिवारिक रिश्तों और सत्ता की जंग जैसे गंभीर विषयों पर आधारित है। यदि इस फिल्म को क्रिटिक्स से अच्छे रिव्यू मिलते हैं, तो यह सीधे तौर पर 'धमाल 4' के कलेक्शन में सेंध लगाएगी।3. डिज्नी की ‘मोआना’ से बच्चों और फैमिली का मुकाबलातीसरी बड़ी चुनौती हॉलीवुड की दिग्गज कंपनी डिज्नी की तरफ से आ रही है। साल 2016 की बेहद पॉपुलर एनिमेटेड फिल्म ‘मोआना’ (Moana) का लाइव-एक्शन वर्जन भी थिएटर्स में आ चुका है। परियों जैसी जादुई दुनिया और एडवेंचर का एक्सपीरियंस देने वाली यह फिल्म छोटे बच्चों और फैमिली ऑडियंस को अपनी ओर खींचने की पूरी ताकत रखती है।पुरानी फिल्मों का दबाव: 'वेलकम 3' और 'अल्फा' का जलवा कायम'धमाल 4' के लिए मुश्किल सिर्फ नई रिलीज ही नहीं हैं, बल्कि थिएटर्स में पहले से जमी हुई बड़ी फिल्में भी हैं।वेलकम टू द जंगल: अक्षय कुमार की यह बड़ी कॉमेडी फिल्म पहले से ही सिनेमाघरों में राज कर रही है और दर्शकों को हंसा रही है।अल्फा (Alpha): आलिया भट्ट और शार्वरी वाघ की मुख्य भूमिका वाली वाईआरएफ (YRF) की यह धमाकेदार स्पाई-एक्शन थ्रिलर फिल्म काफी समय से चर्चा में है और बड़े पैमाने पर दर्शकों की पसंद बनी हुई है।बॉक्स ऑफिस विश्लेषण: 'वर्ड ऑफ माउथ' ही बचाएगा नैया

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 8:22 am

जर्मनी में गर्मी की वजह से इस साल 5,100 लोगों की मौत

जून के महीने में जर्मनी में पड़ी भारी गर्मी की वजह से करीब 5,100 लोगों की मौत हो गई। आखिर गर्मी का मौसम यूरोपीय देशों को इतना परेशान क्यों कर जाता है?

वेब दुनिया 10 Jul 2026 8:22 am

IMD Weather Live: देश के 18 राज्यों में 85 KM की रफ्तार से आंधी और भारी बारिश का अलर्ट; पहाड़ों पर बढ़ा भूस्खलन का खतरा

देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून ($South-West Monsoon$) अब पूरी तरह आक्रामक और सक्रिय हो चुका है, जिसके कारण कई राज्यों में तबाही और आफत का सिलसिला लगातार तेज होता जा रहा है। इसी बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज (10 जुलाई 2026) के लिए दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश (UP) सहित देश के 18 राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि को लेकर एक बेहद गंभीर चेतावनी (रेड और ऑरेंज अलर्ट) जारी की है।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दौरान कुछ प्रभावित स्थानों पर हवा की रफ्तार 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे के विनाशकारी स्तर तक पहुंच सकती है। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और आईएमडी ने आम जनता से गैर-जरूरी और अनावश्यक यात्राओं से पूरी तरह बचने तथा मौसम से जुड़ी आधिकारिक गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करने की भावुक अपील की है।अगले 48 घंटे उत्तर भारत के लिए भारी; जलभराव और पेड़ गिरने की आशंकामौसम विभाग का कहना है कि उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी हिस्सों में अगले 48 घंटे के दौरान मानसूनी बारिश का दौर और ज्यादा हिंसक व तेज हो सकता है।प्रभावित क्षेत्र: दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में बिजली कड़कने के साथ मूसलाधार बारिश और अंधड़ चलने की संभावना है।शहरी इलाकों में आफत: तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर बड़े-बड़े पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं सामने आ सकती हैं। इसके साथ ही प्रमुख शहरों में भारी जलभराव (Waterlogging) के कारण यातायात (Traffic) पूरी तरह बाधित हो सकता है।इन 18 राज्यों में जारी हुआ भारी बारिश और आंधी का अलर्टआईएमडी ने जिन 18 राज्यों को विशेष निगरानी और सतर्कता सूची में रखा है, वे निम्नलिखित हैं:ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली का कहर: मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, बंगाल) के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने का गंभीर खतरा बना हुआ है। खराब मौसम के दौरान लोगों को खुले मैदानों, जलस्रोतों, ऊंचे पेड़ों और ट्रांसफार्मर से दूर रहने को कहा गया है। इसके अलावा कुछ राज्यों में बड़े आकार के ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है।पर्वतीय राज्यों में 'ऑरेंज अलर्ट' और मछुआरों के लिए सख्त मनाहीताश के पत्तों की तरह ढह रहे पहाड़: हिमालयी राज्यों (विशेषकर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश) में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन (Landslide), चट्टानें गिरने और नदियों-नालों के जलस्तर में अचानक अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पर्वतीय क्षेत्रों में घूमने गए पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को पहाड़ों की तरफ न जाने की सख्त सलाह दी गई है।समुद्र में जाने पर पाबंदी: तटीय क्षेत्रों और समुद्र के किनारे रहने वाले लोगों के साथ-साथ मछुआरों के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी की गई है। खराब मौसम और समुद्र में उठने वाली ऊंची तूफानी लहरों को देखते हुए मछुआरों को अगले आदेश तक गहरे समुद्र में नहीं जाने की हिदायत दी गई है।क्यों अचानक इतना आक्रामक हुआ मानसून? समझिए तकनीकी कारणमौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, वर्तमान में उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के वायुमंडल के ऊपर एक बेहद मजबूत कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बना हुआ है। इसके साथ ही, मानसून की मुख्य ट्रफ लाइन (Monsoon Trough) उत्तर-पश्चिम राजस्थान से लेकर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इन दोनों शक्तिशाली मौसम प्रणालियों की जुगलबंदी के कारण ही अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से भारी मात्रा में नमी भारत के मैदानी भागों में पहुंच रही है, जो इस महा-बारिश और तेज चक्रवाती हवाओं की मुख्य वजह है।आईएमडी की राज्यवार जिला स्तर पर विशेष नजर10 जुलाई को दिल्ली की सभी सीमाओं और उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों (विशेषकर पश्चिमी और मध्य यूपी) में चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 8:20 am

Crude Oil Price: अमेरिका-ईरान जंग के बीच कच्चे तेल के दामों में भारी उतार-चढ़ाव; $100 की आशंका के बीच गिरकर $76 पर आया ब्रेंट क्रूड

अमेरिका और ईरान के बीच मध्य पूर्व (Middle East) में भड़का सैन्य गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 24 घंटों के भीतर दोनों तरफ से हुए भीषण हवाई हमलों और मिसाइल दागे जाने के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में बारूदी तनाव चरम पर है। ताजा ग्राउंड इनपुट्स के अनुसार, ईरान के बुशहर (जहां परमाणु संयंत्र है) और ईरानशहर एयरपोर्ट समेत कई तटीय शहरों में एक के बाद एक कई जोरदार धमाके सुने गए हैं।हालांकि, इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किसी नए अटैक से साफ इनकार किया है। वहीं, ईरान की आक्रामक सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि वैश्विक तेल व्यापार की लाइफलाइन कहे जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में दखलंदाजी जारी रही, तो इस जलमार्ग को सामान्य नहीं होने दिया जाएगा, जिससे दुनिया के कई मुल्कों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। इस भयंकर भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों ने हर किसी को हैरान कर दिया है।$100 का डर और $76 पर क्रूड की नरमी: समझिए कीमतों का उतार-चढ़ावजब पिछले दिनों दोनों देशों के बीच प्रारंभिक सीजफायर (संघर्ष विराम) पर सहमति बनी थी, तब कच्चा तेल रिकॉर्ड गिरावट के साथ 65 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया था। लेकिन होर्मुज स्ट्रेट में दो कमर्शियल तेल टैंकरों पर मिसाइल हमले के बाद जैसे ही अमेरिकी सेना ने ईरान के 90 सैन्य ठिकानों पर जवाबी एयरस्ट्राइक की, बाजार में हड़कंप मच गया।विशेषज्ञों का डर: कमोडिटी एक्सपर्ट्स ने आशंका जताई थी कि यदि दोनों देशों के बीच यह सीधा युद्ध नहीं रुका, तो क्रूड की कीमतें रॉकेट बनकर दोबारा 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली जाएंगी। इस डर से एक दिन पहले ब्रेंट क्रूड उछलकर 79 डॉलर पर पहुंच भी गया था।ताजा राहत (शुक्रवार सुबह का ट्रेंड): अंतरराष्ट्रीय बाजार से आज (10 जुलाई 2026) सुबह राहत की खबर आई। राष्ट्रपति ट्रंप के संयमित बयान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में नरमी देखी जा रही है।वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) ऊपरी स्तरों से गिरकर 76 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है।वहीं, अमेरिकी मानक WTI क्रूड में भी गिरावट दर्ज की गई है और यह 72 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है।स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद हुआ, तो क्यों मचेगी दुनिया में तबाही?ईरान की न्यूज एजेंसी 'इरना' ($IRNA$) के अनुसार, आईआरजीसी की धमकी को वैश्विक बाजार हल्के में नहीं ले सकता। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से लेकर ओमान की खाड़ी तक फैले बुशहर, सीरिक, अबू मूसा द्वीप, जास्क और चाबहार जैसे तटीय क्षेत्र सीधे वैश्विक शिपिंग रूट को नियंत्रित करते हैं। दुनिया का लगभग 20% कच्चे तेल का परिवहन इसी संकरे जलमार्ग से होता है। यदि ईरान यहां जहाजों की आवाजाही पूरी तरह ठप करता है, तो कच्चे तेल की ग्लोबल सप्लाई चेन टूट जाएगी और कीमतों में ऐसा उछाल आएगा जिसे संभालना मुश्किल होगा।देश में क्या सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल? जानिए दिल्ली के ताजा रेटअंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भले ही आज सुबह 3 डॉलर की नरमी देखी गई हो, लेकिन पिछले कुछ दिनों की अनिश्चितता और सप्लाई चेन पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए भारतीय बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की उम्मीदें लगभग खत्म हो गई हैं। सरकारी तेल कंपनियां (IOCL, BPCL, HPCL) वैश्विक जोखिमों को देखते हुए फिलहाल खुदरा कीमतों में कोई बदलाव करने के मूड में नहीं हैं।शुक्रवार सुबह तेल कंपनियों द्वारा जारी किए गए आधिकारिक रेट के अनुसार, देश के प्रमुख महानगरों में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं:

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 8:19 am

Top News 10 July : ईरान का दावा- अमेरिकी MQ-9 ड्रोन मार गिराया, खामेनेई को मशहद में दफनाया गया

Top News 10 July 2026: अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच ईरान ने अमेरिकी MQ-9 ड्रोन मार गिराने का दावा किया। अयातुल्ला अली खामेनेई को मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। गुरुग्राम में दीपक नांगल गैंग के 4 शूटर मारे गए। फ्रांस फीफा वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में ...

वेब दुनिया 10 Jul 2026 7:51 am

बिहार में पेंशन क्रांति: 97.84 लाख लोगों को हर महीने ₹1,100 सीधे खाते में!

बिहार सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रत्येक माह की 10 तारीख को पेंशन राशि का भुगतान सुनिश्चित किया है।

देशबन्धु 10 Jul 2026 7:50 am

योगिनी एकादशी 2026: समस्त पापों को मिटाने वाला भगवान विष्णु का पावन व्रत; जानें शुभ मुहूर्त, पारण समय और संपूर्ण पौराणिक कथा

Yogini Ekadashi Vrat Katha: सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है। यह पवित्र दिन सृष्टि के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु की आराधना के लिए सर्वोत्तम माना गया है। आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी (Yogini Ekadashi) कहा जाता है। मान्यता है कि जो भी भक्त इस दिन पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से व्रत रखता है, उसके जीवन के सभी संचित पाप नष्ट हो जाते हैं। इसके साथ ही घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और धन की देवी मां लक्ष्मी की असीम कृपा बनी रहती है। आज देश भर में श्रद्धालुओं ने पवित्र नदियों में स्नान कर इस पावन व्रत का संकल्प लिया है।योगिनी एकादशी 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त और पारण का समयपंचांग के अनुसार, इस वर्ष पूजा और व्रत के लिए महत्वपूर्ण समय निम्नलिखित हैं:एकादशी तिथि का प्रारंभ: 10 जुलाई को सुबह 08 बजकर 16 मिनट से।एकादशी तिथि का समापन: 11 जुलाई को सुबह 05 बजकर 22 मिनट पर।सर्वोत्तम पूजा मुहूर्त (चौघड़िया): 10 जुलाई को सुबह 08 बजकर 59 मिनट से लेकर 10 बजकर 42 मिनट तक। यह समय भगवान विष्णु की विशेष आराधना के लिए सर्वश्रेष्ठ है।व्रत पारण का समय: 11 जुलाई को दोपहर 01 बजकर 50 मिनट से शाम 04 बजकर 36 मिनट तक।हरि वासर समाप्ति का समय: 11 जुलाई को सुबह 10 बजकर 32 मिनट पर।विशेष नियम: शास्त्रों के अनुसार, एकादशी का व्रत तब तक पूर्ण नहीं माना जाता जब तक कि व्रत धारक योगिनी एकादशी की पौराणिक कथा का श्रवण या पठन नहीं कर लेता।योगिनी एकादशी व्रत कथा: जब यक्ष को मिला कोढ़ी होने का श्रापमहाभारत काल में जब धर्मराज युधिष्ठिर और अर्जुन ने भगवान श्रीकृष्ण से आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी के महात्म्य के बारे में पूछा, तब लीलाधर श्रीकृष्ण ने उन्हें पुराणों में वर्णित यह कथा सुनाई:अलकापुरी नगरी और राजा कुबेर की शिव-भक्तिपौराणिक काल में अलकापुरी नाम की एक अत्यंत सुंदर और वैभवशाली नगरी थी, जहां राजा कुबेर राज करते थे। राजा कुबेर भगवान शिव के परम भक्त थे और नियमित रूप से महादेव की पूजा-अर्चना किया करते थे। राजा की सेवा में हेममाली नाम का एक यक्ष सेवक नियुक्त था, जिसका मुख्य कार्य प्रतिदिन मानसरोवर से भगवान शिव की पूजा के लिए ताजे पुष्प (फूल) लाना था।कर्तव्य से भटका हेममालीहेममाली की पत्नी का नाम विशालाक्षी था, जो अप्सरा के समान बेहद सुंदर थी। एक दिन हेममाली रोज की तरह मानसरोवर से सुंदर पुष्प तोड़कर लाया, लेकिन घर लौटते ही वह अपनी पत्नी के सौंदर्य पर मोहित हो गया और अपनी कर्तव्य-भावना को भूलकर उसके साथ विलासिता में रम गया। उधर, राजा कुबेर महल में भगवान शिव की पूजा की थाली सजाए दोपहर (मध्याह्न) तक हेममाली की प्रतीक्षा करते रहे।राजा कुबेर का भयंकर क्रोध और श्रापजब पूजा का समय बीत गया, तो राजा कुबेर ने क्रोध में आकर अपने सेवकों को हेममाली का पता लगाने भेजा। सेवकों ने वापस आकर राजा को सच बता दिया कि हेममाली इस समय पूजा की परवाह किए बिना अपनी पत्नी के साथ आमोद-प्रमोद में व्यस्त है। यह सुनकर कुबेर के क्रोध की सीमा न रही। उन्होंने तुरंत हेममाली को दरबार में हाजिर करने का हुक्म दिया।भय से कांपता हुआ हेममाली जैसे ही राजा के सामने उपस्थित हुआ, कुबेर ने गरजते हुए कहा—अरे अधम! तूने कामवासना के वश में होकर मेरे परम पूजनीय देवों के देव महादेव का अपमान किया है। मैं तुझे श्राप देता हूँ कि तू इसी क्षण स्वर्ग लोक से पृथ्वी पर गिर जाएगा, अपनी प्रिय स्त्री के वियोग में तड़पेगा और मृत्युलोक में एक कोढ़ी (कुष्ठ रोगी) का दर्दनाक जीवन व्यतीत करेगा।पृथ्वी लोक पर भयंकर कष्ट और मार्कण्डेय ऋषि से भेंटकुबेर के श्राप के प्रभाव से हेममाली उसी समय स्वर्ग से पृथ्वी पर आ गिरा और उसका पूरा शरीर भयंकर कुष्ठ रोग से ग्रसित हो गया। उसकी सुंदर पत्नी भी उससे बिछड़ गई। पृथ्वी पर आकर उसने कई वर्षों तक भूख, प्यास और बीमारी के असहनीय कष्ट झेले। हालांकि, महादेव की गुप्त कृपा के कारण उसकी बुद्धि मलिन नहीं हुई और उसे अपने पूर्व जन्म के कुकर्मों का पूरा स्मरण रहा।कष्ट भोगते-भोगते एक दिन वह भटकते हुए हिमालय पर्वत पर स्थित महर्षि मार्कण्डेय के आश्रम में जा पहुँचा। ऋषि मार्कण्डेय दूसरे ब्रह्मा के समान तेजस्वी प्रतीत हो रहे थे। हेममाली ने बिना देर किए ऋषि के चरणों में साष्टांग प्रणाम किया।महर्षि ने बताया उद्धार का मार्गहेममाली की दयनीय स्थिति देखकर मार्कण्डेय ऋषि ने पूछा, पुत्र! तूने ऐसा कौन सा निकृष्ट या पाप कर्म किया है, जिसके कारण तेरी यह दशा हुई है? हेममाली ने बड़ी ईमानदारी से अपनी पूरी भूल और राजा कुबेर के श्राप की कहानी ऋषि के सामने कह सुनाई और रोते हुए अपने उद्धार की भीख मांगी।हेममाली की सत्यवादिता से प्रसन्न होकर महर्षि मार्कण्डेय ने मुस्कुराते हुए कहा—हेममाली! तूने मेरे सामने सत्य वचन कहे हैं, इसलिए मैं तुझे इस कष्ट से मुक्ति का मार्ग बताता हूँ। तू आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी का पूरे विधि-विधान और निष्ठा के साथ व्रत कर। इस व्रत के प्रभाव से तेरे सभी पाप भस्म हो जाएंगे।व्रत का प्रभाव और पुनर्मिलनमहर्षि के वचनों को सुनकर हेममाली के हर्ष का ठिकाना न रहा। उसने आषाढ़ एकादशी के दिन पूरी श्रद्धा के साथ योगिनी एकादशी का उपवास रखा और भगवान विष्णु की पूजा की। इस महाव्रत के दिव्य प्रभाव से उसका कुष्ठ रोग पूरी तरह ठीक हो गया, वह पुनः अपने दिव्य यक्ष स्वरूप में लौट आया और स्वर्ग लोक जाकर अपनी पत्नी विशालाक्षी के साथ सुखपूर्वक रहने लगा।योगिनी एकादशी व्रत का फल और महत्वभगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कथा के अंत में बताया कि इस योगिनी एकादशी के व्रत का फल 88 हजार (अट्ठ्यासी सहस्र) ब्राह्मणों को श्रद्धापूर्वक भोजन कराने के समान पुण्य प्रदान करता है। जो भी मनुष्य इस पावन कथा को सुनता है या पढ़ता है, वह इस लोक में सभी सुखों को भोगकर अंत में मोक्ष प्राप्त करता है और स्वर्ग का अधिकारी बनता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 7:37 am

Iran: इमाम रज़ा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक हुए अयातुल्ला अली खामेनेई; अंतिम यात्रा के बीच अमेरिका और ईरान में भड़की भीषण जंग

ईरान के सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) अयातुल्ला अली खामेनेई को गुरुवार (9 जुलाई) की देर शाम उनके जन्मस्थान मशहद स्थित पवित्र इमाम रज़ा दरगाह परिसर में पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इसके साथ ही ईरान के इतिहास के एक बड़े अध्याय का औपचारिक अंत हो गया है। 6 दिनों तक चले देशव्यापी राष्ट्रीय शोक और ईरान के अलग-अलग प्रमुख शहरों में आयोजित विशाल श्रद्धांजलि कार्यक्रमों के बाद यह अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। मशहद की सड़कों पर उमड़े लाखों काले लिबास पहने श्रद्धालुओं के सैलाब ने इस अंतिम विदाई को हाल के वर्षों की सबसे बड़ी सार्वजनिक अंत्येष्टि में बदल दिया।लाल झंडे और प्रतिशोध के नारे: गम और गुस्से में डूबा ईरानखामेनेई की अंतिम यात्रा के दौरान मशहद की सड़कें जनसैलाब से पटी नजर आईं। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के ऐसे कड़े इंतजाम थे कि पूरे शहर को एक अभेद्य सुरक्षा घेरे (Fortress) में तब्दील कर दिया गया था। अंतिम यात्रा में शामिल लाखों लोग न केवल गमगीन थे, बल्कि उनके हाथों में लहराते ईरानी झंडे और लाल रंग के बैनर साफ तौर पर उनके गुस्से को बयां कर रहे थे, जिन्हें शिया परंपरा में 'प्रतिशोध और न्याय' का प्रतीक माना जाता है। भीड़ में हर तरफ खामेनेई की तस्वीरें और अमेरिका विरोधी नारे गूंज रहे थे।28 फरवरी के तेहरान हमले में हुई थी मौत; मोजतबा खामेनेई बने नए सुप्रीम लीडरगौरतलब है कि अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत 28 फरवरी को तेहरान स्थित उनके आधिकारिक आवास पर हुए एक भीषण और आत्मघाती हमले में हुई थी। इस हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें खामेनेई के परिवार के कई अन्य सदस्य भी मारे गए थे।खामेनेई के निधन के बाद देश की कमान उनके बेटे मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) को सौंपी गई है और उन्हें ईरान का नया सर्वोच्च नेता घोषित किया गया है। हालांकि, अपनी नियुक्ति के बाद से मोजतबा अब तक एक बार भी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। कूटनीतिक गलियारों में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि 28 फरवरी के उस घातक हमले में मोजतबा को भी गंभीर चोटें आई थीं, जिसके कारण वे अभी स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।इराक के नजफ-करबला से होते हुए मशहद पहुंचा पार्थिव शरीरअंतिम संस्कार की रस्मों से पहले अयातुल्ला खामेनेई और उनके मारे गए परिजनों के पार्थिव शरीरों को विशेष विमान से पड़ोसी देश इराक ले जाया गया था। वहां शिया समुदाय के सबसे पवित्र स्थलों— नजफ और करबला में लाखों की भीड़ ने उन्हें अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद, शवों को वापस ईरान के मशहद लाया गया। गुरुवार की ढलती शाम के साथ उनका ताबूत ऐतिहासिक इमाम रज़ा दरगाह के गर्भगृह में पहुंचा, जहां सर्वोच्च धार्मिक विद्वानों की मौजूदगी में अंतिम रस्में पूरी कर उन्हें दफन किया गया।अंतिम संस्कार के बीच अमेरिका और ईरान में छिड़ा सीधा सैन्य युद्धखामेनेई को दी जा रही इस अंतिम विदाई के समानांतर, खाड़ी क्षेत्र में महाशक्तियों के बीच बारूद सुलग उठा है। ईरान की संभ्रांत सेना रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने अमेरिका पर एक बेहद गंभीर और सीधा आरोप लगाया है। ईरान का दावा है कि अमेरिकी वायुसेना ने तेहरान से मशहद जाने वाली मुख्य रेलवे लाइन के दो रणनीतिक पुलों पर बमबारी की, ताकि खामेनेई के अंतिम संस्कार में बाधा पहुंचाई जा सके और देश में अराजकता फैलाई जा सके।दूसरी तरफ, वाशिंगटन में अमेरिकी प्रशासन ने इन हवाई हमलों की पुष्टि करते हुए सफाई दी है। पेंटागन का कहना है कि उसकी इस सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य अंतिम संस्कार को रोकना नहीं, बल्कि क्षेत्र में लगातार बढ़ रही ईरान की आक्रामक सैन्य क्षमताओं और मिसाइल ठिकानों को कमजोर करना था।अमेरिकी ठिकानों पर ईरान का पलटवारअमेरिका के इस कदम के जवाब में ईरान ने भी आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने मध्य पूर्व (Middle East) के तीन देशों— कुवैत, बहरीन और कतर में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों (US Military Bases) पर ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इस सीधे टकराव ने पूरे खाड़ी क्षेत्र को एक बड़े युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। दिलचस्प बात यह है कि कुछ सप्ताह पहले ही दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम (Ceasefire) और परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के लिए एक प्रारंभिक सहमति बनी थी, लेकिन इस हालिया सैन्य गोलाबारी ने उस कूटनीतिक समझौते को पूरी तरह मटियामेट कर दिया है।डोनाल्ड ट्रंप की खुली धमकी: अब कोई समझौता मान्य नहींइस भीषण सैन्य तनाव के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी वैश्विक राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। ट्रंप ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए स्पष्ट संकेत दिए हैं कि दोनों देशों के बीच पहले हुआ कोई भी प्रारंभिक समझौता अब प्रभावी या मान्य नहीं माना जा सकता। ट्रंप के इस रुख से साफ है कि यदि दोनों देशों के बीच यह सैन्य टकराव तुरंत नहीं थमा, तो भविष्य में किसी भी कूटनीतिक या शांतिपूर्ण समाधान की संभावनाएं पूरी तरह खत्म हो जाएंगी।ईरान के लिए खामेनेई का यह अंतिम संस्कार केवल एक धार्मिक विदाई नहीं थी, बल्कि यह पूरी दुनिया के सामने देश की राजनीतिक एकजुटता और सैन्य शक्ति प्रदर्शन का मंच बन गया है। अब देखना यह होगा कि खामेनेई के बाद मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व में ईरान इस नए और आसन्न युद्ध संकट से खुद को कैसे बाहर निकालता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 7:31 am

IMF ने घटाई ग्लोबल इकोनॉमी की रफ्तार, पर भारत की साख बरकरार; दुनिया में मंदी के बीच क्यों तेज है हमारी चाल?

दुनिया की अर्थव्यवस्था एक बार फिर अनिश्चितताओं और गंभीर चुनौतियों के चक्रव्यूह में फंसी नजर आ रही है। इस वैश्विक उथल-पुथल के बीच, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund - IMF) ने बुधवार (8 जुलाई 2026) को अपनी ताजा रिपोर्ट में इस साल के लिए वैश्विक विकास दर (Global Growth Rate) के अनुमान को घटा दिया है।आईएमएफ ने इस साल की ग्लोबल ग्रोथ के अनुमान को 3.1 फीसदी से घटाकर अब 3 फीसदी कर दिया है। वहीं, साल 2027 के लिए यह अनुमान 3.4 फीसदी लगाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह रफ्तार साल 2024-25 में देखी गई 3.5% की औसत वृद्धि दर से काफी कम है।हालांकि, इस चौतरफा निराशा के बीच भारत के लिए एक बेहद सुकून देने वाली खबर है। वैश्विक दबावों के चलते आईएमएफ ने भारत के ग्रोथ रेट का अनुमान मामूली रूप से 6.5% से घटाकर 6.4% जरूर किया है, लेकिन इसके बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था (Fastest Growing Major Economy) का अपना तमगा बरकरार रखेगा। इतना ही नहीं, आईएमएफ ने भारत की आंतरिक मजबूती को देखते हुए साल 2027 के लिए देश की विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 6.5% कर दिया है।आइए आसान भाषा में समझते हैं आईएमएफ की इस रिपोर्ट के मायने और जानते हैं कि जब पूरी दुनिया की रफ्तार थम रही है, तो भारत कैसे दहाड़ रहा है।'युद्ध और टेक्नोलॉजी' के विरोधाभासी जाल में फंसी दुनिया: IMFआईएमएफ द्वारा जुलाई के लिए जारी की गई ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक अपडेट’ (World Economic Outlook Update) रिपोर्ट में वैश्विक अर्थव्यवस्था को ‘युद्ध और टेक्नोलॉजी के विरोधाभासी हालात’ में फंसा हुआ बताया गया है।एक तरफ युद्ध का साया: मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ता सैन्य संघर्ष और यूक्रेन युद्ध वैश्विक सप्लाई चेन को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। मिडिल ईस्ट दुनिया के एनर्जी मार्केट का केंद्र है, इसलिए वहां तनाव बढ़ने का सीधा असर कच्चे तेल (Crude Oil) और नेचुरल गैस की सप्लाई पर पड़ता है। तेल महंगा होने से माल ढुलाई और उत्पादन लागत बढ़ जाती है, जिससे महंगाई (Inflation) लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती है।दूसरी तरफ AI की उम्मीद: इस निराशाजनक माहौल के बीच राहत की एकमात्र बात यह है कि दुनिया भर के उद्योगों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बहुत तेजी से अपनाया जा रहा है। एआई में बढ़ते भारी निवेश ने वैश्विक उत्पादकता (Productivity) को बूस्ट किया है, जिससे मंदी का असर कुछ हद तक कम हुआ है। हालांकि, आईएमएफ ने यह चेतावनी भी दी है कि एआई सेक्टर में जरूरत से ज्यादा ओवर-वैल्यूएशन या सट्टा निवेश भविष्य में आर्थिक गुब्बारा (Bubble) फटने का कारण भी बन सकता है।जब दुनिया हो रही है धीमी, तो भारत की रफ्तार क्यों है तेज?आईएमएफ और आर्थिक विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत की इस मजबूत आर्थिक चाल के पीछे 5 मुख्य स्तंभ काम कर रहे हैं:1. मजबूत घरेलू मांग (Robust Domestic Demand)दुनिया की अधिकांश बड़ी अर्थव्यवस्थाएं (जैसे चीन, जर्मनी, जापान) मुख्य रूप से अपने निर्यात (Exports) पर निर्भर हैं, जिससे वैश्विक मंदी आते ही उनकी कमर टूट जाती है। इसके विपरीत, भारत की अर्थव्यवस्था का असली इंजन हमारी घरेलू मांग है। देश में बढ़ती प्रति व्यक्ति आय, तीव्र शहरीकरण, मध्यम वर्ग (Middle Class) का अभूतपूर्व विस्तार और लगातार बढ़ता उपभोग (Consumption) हमारे बाजारों को मंदी के झटकों से पूरी तरह सुरक्षित रखता है।2. इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का रिकॉर्ड निवेशभारत सरकार पिछले कुछ वर्षों से देश के बुनियादी ढांचे यानी सड़कों, नेशनल हाईवेज, रेलवे नेटवर्क, आधुनिक बंदरगाहों (Ports) और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर पर बड़े पैमाने पर पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) कर रही है। इस भारी-भरकम सार्वजनिक निवेश से न केवल देश में लाखों नए रोजगार पैदा हो रहे हैं, बल्कि निजी क्षेत्र (Private Investment) भी निवेश के लिए आकर्षित हो रहा है।3. मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 'मेक इन इंडिया' का दम'मेक इन इंडिया' अभियान और उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) जैसी रणनीतिक योजनाओं ने इलेक्ट्रॉनिक्स, स्मार्टफोन, सेमीकंडक्टर, ऑटोमोबाइल और डिफेंस प्रोडक्शन (रक्षा उत्पादन) जैसे कोर सेक्टर्स में घरेलू और विदेशी निवेश की बाढ़ ला दी है। वैश्विक कंपनियां इस समय 'चीन प्लस वन' ($China +1$) की रणनीति के तहत चीन के विकल्प के रूप में भारत को अपना नया मैन्युफैक्चरिंग हब बना रही हैं।4. डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) की क्रांतिभारत का डिजिटल इकोसिस्टम आज वैश्विक मंच पर एक मिसाल बन चुका है। यूपीआई (UPI), डिजिटल पहचान प्रणालियों, डिजिटल पेमेंट्स और सरकारी योजनाओं के सीधे डिजिटलाइजेशन (DBT) ने देश की अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व गति दी है। इसके कारण भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से फॉर्मल (औपचारिक) हुई है, जिससे सरकार का टैक्स कलेक्शन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है और व्यापार में पारदर्शिता बढ़ी है।5. सर्विस सेक्टर की अटूट बादशाहतआईटी सर्विसेज ($IT Services$), फिनटेक, फाइनेंशियल सर्विसेज और भारत में तेजी से खुल रहे विदेशी कंपनियों के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) देश की अर्थव्यवस्था को एक मजबूत रीढ़ प्रदान कर रहे हैं। दुनिया की शीर्ष फॉर्च्यून 500 कंपनियां भारत के टैलेंट पूल से अपनी कोर टेक्नोलॉजी और बैक-ऑफिस सेवाएं संचालित कर रही हैं, जिससे देश में लगातार विदेशी मुद्रा का प्रवाह बना हुआ है।भारत का अनुमान 0.1% क्यों घटा और 2027 के लिए उम्मीदें क्यों बढ़ीं?आईएमएफ ने भारत के चालू वित्त वर्ष के अनुमान में जो 0.1% की बहुत मामूली कटौती की है, उसका कारण भारत की कोई आंतरिक कमजोरी नहीं है। यह पूरी तरह से बाहरी वैश्विक कारकों (External Factors) की वजह से है। दुनिया की रफ्तार धीमी होने से भारतीय एक्सपोर्ट्स पर थोड़ा असर पड़ सकता है, और मिडिल ईस्ट के तनाव से भारत का तेल आयात बिल (Import Bill) बढ़ सकता है।लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आईएमएफ ने साल 2027 के लिए भारत की विकास दर को बढ़ाकर 6.5% कर दिया है। यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक संस्था को भारत के आर्थिक सुधारों, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और उत्पादन क्षमता पर पूरा भरोसा है। यदि आने वाले समय में वैश्विक भू-राजनीतिक हालात सामान्य होते हैं, तो भारत की विकास यात्रा नए आयाम स्थापित करेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 7:29 am

Weather Live Updates: पूरे देश में मानसून का तांडव; दिल्ली-एनसीआर में 'येलो अलर्ट', उत्तराखंड में 'रेड अलर्ट' के साथ भारी तबाही की आशंका

भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून ($South-West Monsoon$) पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और इसने पूरे देश को अपनी आगोश में ले लिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 जुलाई 2026 को उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का 'हाई अलर्ट' जारी किया है।आईएमडी के दीर्घकालिक पूर्वानुमान के मुताबिक, हालांकि जुलाई के पूरे महीने में कुल वर्षा दीर्घकालिक औसत (LPA) से थोड़ी कम यानी लगभग 94% रहने की उम्मीद है, लेकिन स्थानीय स्तर पर (Local Level) होने वाली मूसलाधार बारिश शहरों में जलभराव (Waterlogging), बाढ़ और खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। आइए जानते हैं देश भर का विस्तृत राज्यवार मौसम बुलेटिन।दिल्ली-एनसीआर: अगले 48 घंटे कैसा रहेगा मौसम?दिल्ली और इसके आस-पास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया है।क्या कहते हैं वैज्ञानिक: आईएमडी दिल्ली के सीनियर साइंटिस्ट डॉ. नरेश यादव के अनुसार, एक्टिव मानसून ट्रफ के चलते दिल्ली में आने वाले दिनों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहेगा।शुक्रवार का अलर्ट: शुक्रवार (10 जुलाई) को दिल्ली-एनसीआर के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के आसार हैं, जिसके लिए विभाग ने 'येलो अलर्ट' (Yellow Alert) जारी किया है। इस दौरान आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और अधिकतम तापमान 34C से 36C के बीच रहने का अनुमान है।शनिवार का पूर्वानुमान: शनिवार को भी हल्की बारिश जारी रह सकती है, हालांकि इसके लिए कोई विशेष चेतावनी या अलर्ट जारी नहीं किया गया है।उत्तराखंड में 'रेड' और 'ऑरेंज' अलर्ट; पहाड़ों पर सफर न करने की सलाहपहाड़ी राज्य उत्तराखंड में मौसम विभाग ने अगले 2 से 3 दिनों तक अत्यंत भीषण बारिश का दौर जारी रहने की चेतावनी दी है। कई संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में कम समय में अत्यधिक वर्षा (Cloud Burst जैसी स्थिति) होने की संभावना है।10 जुलाई का रेड अलर्ट: कुमाऊं के मैदानी क्षेत्रों समेत उधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों में आज 'रेड अलर्ट' (Red Alert) प्रभावी रहेगा। इन जिलों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।ऑरेंज अलर्ट: राज्य के बागेश्वर, पौड़ी गढ़वाल और राजधानी देहरादून समेत कई मध्य पर्वतीय जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' (Orange Alert) जारी किया गया है। भूस्खलन (Landslide) के खतरे को देखते हुए पर्यटकों को पहाड़ों की यात्रा टालने की हिदायत दी गई है।आगे का हाल: 10 से 13 जुलाई तक राज्य के शेष अन्य जिलों में 'येलो अलर्ट' रहेगा। अगले 5 से 6 दिनों तक पूरे सूबे में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है।राज्यवार देश के मौसम का विस्तृत हाल1. उत्तरी भारतउत्तराखंड के अलावा पड़ोसी राज्यों हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हरियाणा में भी मानसून पूरी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। 10 जुलाई को इन सभी राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश (UP) के इलाकों में मूसलाधार बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है।2. पूर्वी और पूर्वोत्तर भारतबिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में मानसून के पैर पूरी तरह जम चुके हैं।बिजली गिरने का खतरा: पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और बिहार के कई जिलों में शुक्रवार को बहुत भारी बारिश के साथ वज्रपात (आकाशीय बिजली) का तांडव देखने को मिल सकता है।तेज हवाएं: हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में मूसलाधार बारिश जारी रहेगी। इस दौरान 30 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से चक्रवाती हवाएं चल सकती हैं। पूर्वोत्तर के राज्यों (अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और नागालैंड) में भी भारी बारिश की चेतावनी है।3. पश्चिमी भारतराजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में मानसून की मिश्रित स्थिति बनी हुई है।भारी बारिश: पूर्वी राजस्थान, गुजरात के तटीय इलाकों और कोंकण-गोवा क्षेत्र में भारी बारिश (Heavy Rainfall) की संभावना है। मुंबई और मायानगरी के आसपास के इलाकों में भी मानसून सक्रिय है।सूखे जैसी स्थिति: पश्चिमी राजस्थान और गुजरात के कुछ आंतरिक हिस्सों में बारिश काफी कम देखी जा रही है, जिससे वहां तापमान सामान्य से ऊंचा बना रहेगा।4. मध्य भारतमध्य प्रदेश (MP) और छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में भारी बारिश का दौर जारी है। विशेषकर पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में अगले 24 घंटों के भीतर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे निचले इलाकों में पानी भर सकता है।5. दक्षिणी भारतदक्षिण के राज्यों केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में मानसून का प्रदर्शन शानदार बना हुआ है। कर्नाटक और केरल के तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ भारी बौछारें पड़ने की उम्मीद है। चेन्नई जैसे बड़े महानगरों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों को देखते हुए तटीय इलाकों के मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी गई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 7:28 am

दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए भारत का प्रवेशद्वार और नए निवेश का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा त्रिपुरा: सिंधिया

केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास एवं संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने वर्चुअल माध्यम से ‘डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव 2026’ को संबोधित करते हुए देश-विदेश के उद्योग जगत से त्रिपुरा की विकास यात्रा का सहभागी बनने और राज्य में निवेश करने का आह्वान किया।

देशबन्धु 10 Jul 2026 7:00 am

महाराष्ट्र में 1 से 8 जुलाई तक मानसून से संबंधित घटनाओं में 63 लोगों की मौत

महाराष्ट्र में 1 जून से 8 जुलाई के बीच भारी बारिश और मानसून से संबंधित विभिन्न घटनाओं में कम से कम 63 लोगों की जान चली गई और 78 अन्य घायल हो गए।

देशबन्धु 10 Jul 2026 6:00 am

यूपी में मानसून का तांडव! बदायूं समेत इन जिलों में 2 दिन के लिए बंद हुए सभी स्कूल, डीएम ने जारी किया सख्त आदेश

उत्तर प्रदेश में मानसून की आक्रामक एंट्री के साथ ही हाहाकार मचा हुआ है। पश्चिमी और मध्य यूपी में मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी किए गए भारी बारिश के अलर्ट के बीच बदायूं जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और भयंकर जलभराव को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बदायूं के जिलाधिकारी (DM) ने कक्षा 8वीं तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों को आगामी दो दिनों के लिए पूरी तरह से बंद रखने का आपातकालीन आदेश जारी कर दिया है। लगातार हो रही इस मानसूनी आफत ने पूरे जिले की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।10 और 11 जुलाई को स्कूलों में पूर्ण अवकाश: नियम तोड़ा तो स्कूल प्रबंधन पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाईबदायूं के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) नवीन कुमार ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि जिलाधिकारी के विशेष निर्देश पर मौसम की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए 10 जुलाई शुक्रवार और 11 जुलाई शनिवार को कक्षा एक से आठ तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। शिक्षा विभाग ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि सभी बोर्डों के विद्यालय इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें। यदि किसी भी शिक्षण संस्थान ने नियमों का उल्लंघन कर बच्चों को स्कूल बुलाया, तो उनके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत तुरंत कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।12 जुलाई को रविवार के बावजूद खुलेंगे स्कूल: 'हरितमा ऐप' पर जियोटैगिंग के साथ मनेगा पौधरोपण उत्सवहालांकि, इस मानसूनी छुट्टी के बीच एक विशेष प्रशासनिक व्यवस्था भी की गई है। बीएसए नवीन कुमार ने स्पष्ट किया कि 12 जुलाई रविवार को प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी 'वृहद पौधरोपण अभियान' को सफल बनाने के लिए सभी स्कूल अनिवार्य रूप से खोले जाएंगे। इस दिन सभी शिक्षक, छात्र और उनके अभिभावक एक साथ मिलकर विद्यालय परिसरों में सघन पौधरोपण करेंगे। रोपे गए इन पौधों की लाइव प्रगति और प्रामाणिकता दर्ज करने के लिए सरकार के आधिकारिक 'हरितमा ऐप' (Haritma App) पर जियोटैगिंग (Geotagging) कर उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया और विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप्स पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।बदायूं में 9 दिन में रिकॉर्ड 197.75 MM मूसलाधार बारिश: उफने नाले, 2 फीट तक डूबी शहर की गलियांमौसम के आंकड़ों की बात करें तो जुलाई के शुरुआती नौ दिनों के भीतर ही बदायूं में रिकॉर्ड 197.75 मिलीमीटर (MM) बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो कि इस महीने की औसत वर्षा (268.50 MM) के बेहद करीब है। गुरुवार सुबह तक ही जिले में 46.75 एमएम और बदायूं शहर में अकेले 57 एमएम झमाझम बारिश दर्ज की गई। इस मूसलाधार बरसात से जहां एक तरफ लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। चौक नाले उफनकर मुख्य मार्गों पर आ गए हैं, जिससे गांधी ग्राउंड समेत शहर की प्रमुख गलियों में दो-दो फीट तक पानी भर गया है और ग्रामीण इलाकों में लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं।वीआईपी कॉलोनियों और मुख्य बाजारों में घुसा पानी: फसलों को भारी नुकसान, सब्जियों के दाम आसमान परजल निकासी के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण यह मानसूनी बारिश आम जनता के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। शहर की पॉश कॉलोनियों से लेकर प्रमुख व्यावसायिक बाजारों तक में पानी जमा हो गया है, जिससे सैकड़ों दुकानों और घरों के अंदर पानी घुसने से व्यापारियों और आम लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। कृषि क्षेत्र की बात करें तो इस बारिश से धान की रोपाई के काम में तो तेजी आई है, लेकिन मक्के की खड़ी फसल, हरी सब्जियों और टमाटर के खेतों को भारी नुकसान पहुंचा है। इस बर्बादी का सीधा असर स्थानीय मंडियों पर पड़ा है, जिससे बाजार में हरी सब्जियों की कीमतों में अचानक भारी उछाल आ गया है।कानपुर देहात में भी आज कक्षा 8वीं तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित: बीएसए ने जारी किया आदेशबदायूं के साथ-साथ मध्य उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में भी मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी का बड़ा असर देखा जा रहा है। कानपुर देहात के बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पांडेय ने 10 जुलाई को मूसलाधार बारिश की प्रबल संभावना को देखते हुए छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर कक्षा 1 से 8वीं तक के सभी बोर्डों (UP Board, CBSE, ICSE) के स्कूलों में आज एक दिन का अवकाश घोषित कर दिया है। उन्होंने कहा कि मौसम की पल-पल की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और छात्रों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 5:58 am

भारी बारिश और जलभराव के चलते मेरठ-हापुड़ समेत 9 जिलों में आज स्कूल बंद, डीएम का सख्त एक्शन

उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता ने अब एक बेहद गंभीर और आक्रामक रूप ले लिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले 24 घंटों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' (Red Alert) जारी किए जाने के बाद, शासन और प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पश्चिमी यूपी के मेरठ, हापुड़ और बागपत समेत नौ प्रमुख जिलों के जिलाधिकारियों (DM) ने आज, 10 जुलाई 2026 शुक्रवार को कक्षा 12वीं तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों को पूरी तरह से बंद रखने का एक आपातकालीन आदेश जारी कर दिया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण इन क्षेत्रों के जनजीवन पर बहुत बुरा असर पड़ा है।इन 9 जिलों में कक्षा 12वीं तक पूर्ण अवकाश घोषित: आदेश का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर होगी एफआईआरप्रशासनिक सूत्रों से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, जिन नौ प्रमुख जिलों में आज स्कूल बंद रखने का सख्त फैसला लिया गया है, उनमें मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, सहारनपुर, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, हापुड़ और कासगंज शामिल हैं, जहां 12वीं तक के सभी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) ने सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रबंधकों को निर्देश जारी किया है कि वे जिलाधिकारी के इस आदेश का कड़ाई से और बिना किसी लापरवाही के अनुपालन सुनिश्चित करें। शिक्षा विभाग ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि कोई भी स्कूल या कॉलेज इस आपातकालीन आदेश का उल्लंघन करता हुआ पाया गया या बच्चों को स्कूल बुलाता है, तो उस शिक्षण संस्थान के खिलाफ महामारी और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत तत्काल कड़ी दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।बदायूं में 2 दिनों के लिए कक्षा 8 तक के स्कूल बंद: 12 जुलाई को हरितमा ऐप पर जियोटैगिंग के साथ खुलेंगे संस्थानइसी बीच, बदायूं जिले से एक और बड़ी प्रशासनिक अपडेट सामने आई है। बदायूं के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार ने सूचित किया है कि डीएम के विशेष आदेश पर मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए कक्षा 1 से लेकर कक्षा 8 तक के सभी विद्यालयों में शुक्रवार 10 जुलाई और शनिवार 11 जुलाई को दो दिनों का पूर्ण अवकाश घोषित किया गया है। हालांकि, रविवार 12 जुलाई को एक विशेष राजकीय व्यवस्था के तहत सभी स्कूल खोले जाएंगे। इस दिन प्रदेश सरकार के वृहद पौधरोपण अभियान को सफल बनाने के लिए सभी शिक्षक, छात्र और उनके अभिभावक मिलकर स्कूल परिसरों में पौधे लगाएंगे। इन पौधों की लाइव जियोटैगिंग (Geotagging) करने के लिए सरकार के आधिकारिक 'हरितमा ऐप' (Haritma App) पर तस्वीरें अपलोड की जाएंगी और उन्हें सोशल मीडिया व विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप्स पर अनिवार्य रूप से साझा करना होगा।मौसम विभाग की खौफनाक चेतावनी: 11 जुलाई तक पूरे यूपी में मूसलाधार आफत, गिरेगा पाराआईएमडी लखनऊ (IMD Lucknow) के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, संभल और बदायूं समेत कई जिलों में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है, जहां अत्यधिक भारी वर्षा की आशंका जताई गई है। मौसम कार्यालय ने पूरे प्रदेश के लिए बुलेटिन जारी करते हुए कहा है कि 11 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक और मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे अगले दो से तीन दिनों के भीतर तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है। राजधानी लखनऊ में भी बृहस्पतिवार को रिकॉर्ड 27.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे वहां की सापेक्ष आर्द्रता 94 प्रतिशत तक पहुंच गई है। लखनऊ और उसके आसपास के इलाकों में अगले 24 घंटों में कड़कड़ाती बिजली और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।बुलंदशहर में दीवार गिरने से बड़ा हादसा, गाजियाबाद-नोएडा में जलभराव से धंसी सड़केंइस मानसूनी बारिश ने उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तबाही की कहानियां भी लिखनी शुरू कर दी हैं। बुलंदशहर के पुलिस क्षेत्राधिकारी शोभित कुमार ने बताया कि जिले के मुंडाखेड़ा गांव में शाम करीब पांच बजे मूसलाधार बारिश के दबाव के कारण एक विशाल दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। इस मलबे के नीचे एक खाली भूखंड के बगल में अस्थायी तंबू लगाकर रह रहे छह मजदूर बुरी तरह दब गए। स्थानीय पुलिस और रेस्क्यू टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर सभी को बाहर निकाला, लेकिन दुर्भाग्यवश इस दर्दनाक हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। वहीं दूसरी तरफ, दिल्ली से सटे गाजियाबाद और नोएडा में भी भारी बारिश से सड़कें समंदर में तब्दील हो गई हैं, जिससे घंटों लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा। गाजियाबाद के वसुंधरा सेक्टर-13 इलाके में तो पानी के भारी दबाव के चलते एक मुख्य सड़क का बड़ा हिस्सा गहरे गड्ढे में तब्दील होकर धंस गया, जिससे प्रशासन ने उस रूट को तुरंत सील कर दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 5:57 am

IAS बनने से पहले 'एक्सपर्ट मां' बनें बेटियां! दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का छात्राओं को अनोखा और बड़ा संदेश

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गुरुवार, 9 जुलाई 2026 को छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण और व्यावहारिक संदेश दिया है। कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के 41वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए राज्यपाल ने साफ कहा कि युवतियों को प्रशासनिक सेवा (IAS) या शिक्षक जैसे बड़े पदों पर जाने की इच्छा रखने से पहले एक 'विशेषज्ञ मां' (Expert Mom) बनने का गुण सीखना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि व्यावसायिक सफलता कभी भी पारिवारिक जिम्मेदारियों और संस्कारों की कीमत पर नहीं मिलनी चाहिए। बेटियों को आत्मनिर्भर और शिक्षित बनने के साथ-साथ अपनी मां से वे मूल्य भी सीखने चाहिए जिससे वे शादी के बाद अपने नए परिवार को सुचारू रूप से संभाल सकें।सास हलुआ बनाने को कहे तो मोबाइल न निकालें बेटियां: राज्यपाल ने दिया घरेलू कला का व्यावहारिक उदाहरणअपने संबोधन के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज की आधुनिक जीवनशैली पर चुटकी लेते हुए एक बेहद व्यावहारिक उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा कतई नहीं होना चाहिए कि शादी के बाद जब सास घर में हलुआ बनाने को बोले, तो बहू तुरंत अपना मोबाइल फोन निकालकर यूट्यूब पर रेसिपी देखने लगे और अधपका खाना तैयार कर दे। उन्होंने बेटियों को सीख दी कि घर के कामकाज और खाना बनाने की बुनियादी कला हर किसी को आनी चाहिए। राज्यपाल ने भारतीय पारिवारिक व्यवस्था की वकालत करते हुए कहा कि बहुएं अपनी सास की जितनी सेवा करेंगी, घर में उतनी ही सुख-शांति रहेगी। इससे नौकरी करने में आने वाली बाधाएं और छोटी-मोटी पारिवारिक समस्याएं अपने आप ही खत्म हो जाएंगी।सभी यूनिवर्सिटी तैयार करें 'गर्भसंस्कार' का सिलेबस: देश में बढ़ती दिव्यांगता पर जताई गहरी चिंतादीक्षांत समारोह के मंच से राज्यपाल ने समाज के स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ी के चरित्र निर्माण को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक निर्देश जारी किया। उन्होंने सीएसजेएमयू सहित उत्तर प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को अपने पाठ्यक्रम में 'गर्भसंस्कार' (Garbh Sanskar) से जुड़ा एक विशेष सिलेबस शामिल करने का कड़ा निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस पाठ्यक्रम में हर गर्भवती महिला को शामिल करने का प्रयास किया जाना चाहिए। देश में दिव्यांगता की दर 3 फीसदी से बढ़कर 4 फीसदी होने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने कहा कि शहरों से लेकर गांवों तक की हर गर्भवती महिला को समय पर अल्ट्रासाउंड कराना चाहिए और डॉक्टरों की सलाह लेनी चाहिए। कई बार गर्भ में शिशु के अंगों का विकास सही से नहीं हो पाता, ऐसे में चिकित्सकीय परामर्श पर सख्ती से अमल करना अनिवार्य है।शादी के बाद भी जारी रखें शिक्षा और करियर: मेडल जीतने में बेटियों ने रचा 82% का स्वर्णिम इतिहासछात्राओं का हौसला बढ़ाते हुए आनंदीबेन पटेल ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि युवतियों को शादी के बंधन में बंधने के बाद अपनी शिक्षा और करियर को बीच में बिल्कुल नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि शादी के बाद भी अपनी पढ़ाई जारी रखें और अपने अर्जित ज्ञान व कौशल का उपयोग राष्ट्र निर्माण (Nation Building) के लिए करें। इस भव्य दीक्षांत समारोह में कुल 1,07,713 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गईं, जिसमें सबसे गौरवशाली बात यह रही कि कुल पदकों (Medals) में से लगभग 82 प्रतिशत मेडल बेटियों ने अपने नाम किए। राज्यपाल ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर छात्राओं की जमकर सराहना की और उन्हें समाज का असली मार्गदर्शक बताया।माता-पिता की निगरानी में थोड़ी सी चूक भी बर्बाद कर सकती है भविष्य: गिरते नैतिक मूल्यों पर कड़ा प्रहारअभिभावकों को उनकी जिम्मेदारी का अहसास कराते हुए राज्यपाल ने आगाह किया कि बच्चों का स्कूल या कॉलेज में एडमिशन करवा देने मात्र से माता-पिता का कर्तव्य पूरा नहीं हो जाता। उन्होंने कहा, अभिभावकों को हर पल यह पता होना चाहिए कि उनके बच्चे शैक्षणिक संस्थानों में जाने के बाद क्या कर रहे हैं। आपकी निगरानी में हुई एक छोटी सी चूक भी उनके पूरे भविष्य को अंधकार में धकेल सकती है। समाज में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों और घरेलू हिंसा का जिक्र करते हुए उन्होंने एक बेहद दुखद घटना का भी संदर्भ दिया जहां एक बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी मृत्यु हो गई थी। उन्होंने कहा कि यदि देश में डिग्रियां बढ़ रही हैं लेकिन नैतिक मूल्य गिर रहे हैं और महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराध जारी हैं, तो यह हमारी शिक्षा प्रणाली की वास्तविक और चिंताजनक स्थिति को दर्शाता है। शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर चरित्र निर्माण का माध्यम बनाना होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 5:55 am

फ्रांस के खिलाफ महामुकाबले से पहले मोरक्को को लगा बड़ा झटका, स्टार फॉरवर्ड इस्माइल सैबारी हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण बाहर

फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के नॉकआउट चरण में इतिहास रचने की दहलीज पर खड़ी मोरक्कन फुटबॉल टीम को एक बहुत बड़ा और तगड़ा झटका लगा है। फ्रांस के खिलाफ होने वाले हाई-प्रोफाइल क्वार्टर फाइनल मुकाबले से ठीक पहले टीम के सबसे इन-फॉर्म और खतरनाक अटैकर इस्माइल सैबारी (Ismael Saibari) आधिकारिक तौर पर टीम से बाहर हो गए हैं। मैसाचुसेट्स के खेल मैदान पर होने वाले इस ऐतिहासिक मैच में मोरक्को को अपने इस स्टार खिलाड़ी की कमी बेहद खलने वाली है। चिकित्सा टीम और कोच द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सैबारी की हैमस्ट्रिंग इंजरी (Hamstring Injury) इतनी गंभीर है कि वे इस महत्वपूर्ण मैच के लिए मैदान पर उतरने की स्थिति में बिल्कुल नहीं हैं।कनाडा के खिलाफ मैच में लगी थी चोट: सिर्फ 22 मिनट में छोड़ना पड़ा था मैदानइस 25 वर्षीय होनहार फॉरवर्ड खिलाड़ी के चोटिल होने का यह पूरा वाकया कनाडा के खिलाफ राउंड ऑफ 16 के बेहद कड़े मुकाबले के दौरान हुआ था। मैच में अभी केवल 22 मिनट का ही खेल पूरा हुआ था कि एक तेज अटैकिंग रन लेते समय इस्माइल सैबारी अचानक मैदान पर ही रुक गए और उन्होंने दर्द से कराहते हुए अपने पैर को पकड़ लिया। उन्होंने तुरंत टीम के मेडिकल स्टाफ को इशारा किया कि वे अब आगे खेल जारी नहीं रख पाएंगे, जिसके बाद उन्हें मैदान से बाहर ले जाया गया। तभी से मोरक्को के फुटबॉल प्रेमियों और खेल विश्लेषकों के बीच इस बात की चिंता चरम पर थी कि क्या वे फ्रांस जैसी दिग्गज टीम के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मैच के लिए समय पर फिट हो पाएंगे या नहीं।मुख्य कोच मोहम्मद ओउआबी ने की पुष्टि: वर्ल्ड कप कैंपेन खत्म होने का मंडराया खतरामुकाबले से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मोरक्को के मुख्य कोच मोहम्मद ओउआबी (Mohamed Ouabi) ने खेल जगत की इन आशंकाओं पर अपनी आधिकारिक मुहर लगा दी। कोच ने बेहद निराश मन से पुष्टि की कि दो मैचों के बीच का समय बहुत कम होने के कारण सैबारी की रिकवरी समय पर पूरी नहीं हो सकी है, जिसके चलते 'लेस ब्लेस' (फ्रांसीसी टीम) के खिलाफ उनका खेलना पूरी तरह नामुमकिन हो चुका है। हालांकि, कोच ओउआबी ने एक उम्मीद की किरण जगाते हुए कहा कि वे प्रार्थना कर रहे हैं कि सैबारी की यह चोट उनके पूरे वर्ल्ड कप कैंपेन को यहीं खत्म न करे और यदि मोरक्को आगे क्वालीफाई करता है तो वे वापसी कर सकें। टूर्नामेंट के ग्रुप स्टेज में लगातार गोल दागकर मोरक्को को शीर्ष पर पहुंचाने वाले खिलाड़ी का बाहर होना एटलस लायंस के लिए एक अपूरणीय क्षति है।सौफियाने रहीमी संभालेंगे सैबारी का मोर्चा: कप्तान अचरफ हकीमी के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारीइस्माइल सैबारी की अनुपस्थिति ने मोरक्कन टीम के कॉम्बिनेशन और सिलेक्शन के सामने एक गंभीर संकट खड़ा कर दिया है, विशेष रूप से तब जब सामने डिफेंडिंग चैंपियन फ्रांस जैसी दुनिया की सबसे आक्रामक टीम खड़ी हो। इस शून्य को भरने के लिए मुख्य कोच ने स्टार खिलाड़ी सौफियान रहीमी (Soufiane Rahimi) को फ्रंटलाइन पर भेजने का फैसला किया है। रहीमी से अब अटैकिंग थर्ड में सबसे ज्यादा जिम्मेदारी संभालने की उम्मीद की जा रही है ताकि टीम अपनी उसी आक्रामक रफ्तार और सीधे अप्रोच को बरकरार रख सके जिसने उन्हें क्वार्टर फाइनल तक पहुंचाया है। 2022 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल के इस रीमैच में, जहां फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से हराया था, कप्तान अचरफ हकीमी (Achraf Hakimi) की लीडरशिप वाली इस टीम के पास खुद को साबित करने और पुरानी हार का बदला लेने की बहुत बड़ी चुनौती होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 5:52 am

फ्रांस ने 2-0 से जीतकर FIFA वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में किया क्वालीफाई, एमबाप्पे ने रचा इतिहास

मैसाचुसेट्स: फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के एक बेहद रोमांचक और हाई-वोल्टेज क्वार्टर फाइनल मुकाबले में गत चैंपियन फ्रांस ने मोरक्को की मजबूत चुनौती को 2-0 से ध्वस्त करते हुए सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया है। मैसाचुसेट्स के खचाखच भरे स्टेडियम में खेले गए इस नॉकआउट मैच में दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों को विश्व स्तरीय खेल देखने को मिला। डिडिएर डेसचैम्प्स की रणनीतिक कप्तानी वाली फ्रांसीसी टीम ने मैच की शुरुआत से ही मोरक्को पर अपना दबदबा बनाए रखा। हालांकि मोरक्को के अभेद्य डिफेंस और गोलकीपर यासीन बौनू ने एक घंटे तक फ्रांस को गोल करने से रोके रखा, लेकिन अंततः दूसरे हाफ में फ्रांस के आक्रामक हमलों के सामने मोरक्को की दीवार ढह गई।पहले हाफ में बौनू ने रोका एमबाप्पे का पेनल्टी शॉट, मोरक्को ने दिखाई गजब की हिम्मतमैच की पहली सीटी बजने के साथ ही फ्रांस ने गेंद पर अपना शत-प्रतिशत नियंत्रण (Possession) स्थापित कर लिया और पहले हाफ में लगातार कई खतरनाक मौके बनाए। रियल मैड्रिड के स्टार स्ट्राइकर किलियन एमबाप्पे ने शुरुआती मिनटों में ही मोरक्को के गोलकीपर यासीन बौनू की परीक्षा ली। इसके बाद डेयोट उपामेकानो और डिज़ायर डूए के शक्तिशाली शॉट्स को भी मोरक्को के डिफेंस ने बड़ी मुस्तैदी से नाकाम किया। मैच में असली ट्विस्ट तब आया जब आधे घंटे के खेल के बाद नौसेर मज़राउई द्वारा बॉक्स के अंदर फाउल किए जाने पर फ्रांस को एक महत्वपूर्ण पेनल्टी मिली। पेनल्टी लेने आए कप्तान एमबाप्पे ने एक हल्का स्पॉट किक लगाया, जिसका मोरक्को के गोलकीपर बौनू ने सही अंदाजा लगाकर शानदार बचाव कर लिया। इस पेनल्टी सेव ने मैच में डेडलॉक बनाए रखा और मोरक्को के खेमे में एक नया आत्मविश्वास भर दिया।छह मिनट का वो जादुई स्पेल: एमबाप्पे ने दागा 20वां वर्ल्ड कप गोल, डेम्बेले ने पक्की की जीतपेनल्टी मिस करने के बाद भी फ्रांस ने अपना आपा नहीं खोया और मोरक्को को उनके ही हाफ में डिफेंस करने पर मजबूर कर दिया। वालिद रेग्रागुई की मोरक्कन टीम कभी-कभार होने वाले काउंटरअटैक के अलावा कोई सार्थक हमला करने में पूरी तरह विफल रही। आखिरकार मैच के 60वें मिनट में फ्रांस का इंतजार खत्म हुआ। एमबाप्पे ने पेनल्टी एरिया के ठीक बाहर गेंद पर नियंत्रण पाया, उसे अपने पसंदीदा दाहिने पैर पर सेट किया और टॉप कॉर्नर में एक ऐसा रॉकेट शॉट दागा जिसे रोकने का दुनिया के किसी गोलकीपर के पास कोई मौका नहीं था। यह एमबाप्पे का ऐतिहासिक 20वां वर्ल्ड कप गोल था। इस झटके से अभी मोरक्को उबर भी नहीं पाया था कि ठीक 6 मिनट बाद ओसमान डेम्बेले ने बॉक्स के किनारे से एक बेहतरीन लो-शॉट मारकर स्कोर 2-0 कर दिया और मैच पूरी तरह फ्रांस की मुट्ठी में आ गया।एमबाप्पे की चोट ने बढ़ाई फ्रांस की टेंशन; अब स्पेन या बेल्जियम से होगा सेमीफाइनल का महा-मुकाबलामैच के आखिरी पलों में मोरक्को ने अपनी बेंच स्ट्रेंथ का इस्तेमाल कर नए खिलाड़ियों को मैदान पर उतारा, लेकिन वे फ्रांस के मजबूत डिफेंस को भेदने में नाकाम रहे। फ्रांस के गोलकीपर माइक मेगनन को पूरे मैच में सिर्फ एक बार अज़ेदीन ऊनाही के लॉन्ग-रेंज शॉट को रोकने के लिए गंभीर एक्शन में आना पड़ा। स्टॉपेज टाइम में यासीन बौनू ने एक बार फिर बेहतरीन खेल दिखाते हुए सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी जीन-फिलिप माटेटा के गोल को रोककर हार के अंतर को बढ़ने से रोका। हालांकि, जीत के जश्न के बीच फ्रांस के लिए थोड़ी चिंता की बात तब सामने आई जब मैच के अंतिम मिनटों में एमबाप्पे को मैदान से बाहर बुला लिया गया और उनके दाहिने पैर पर आइस पैक बंधा देखा गया। राहत की बात यह रही कि कप्तान बिना किसी सहारे के खुद चलकर डगआउट की तरफ गए। अब सेमीफाइनल में फ्रांस का सामना स्पेन बनाम बेल्जियम (Spain vs Belgium) के बीच होने वाले क्वार्टर फाइनल मैच के विजेता से होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 5:50 am

DA बढ़ोतरी के बाद अब मिलेगा 11 साल का बकाया DR एरियर, ममता सरकार ने जारी किया बंपर फंड

पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के लाखों बुजुर्ग सरकारी पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनर्स (Family Pensioners) को एक साथ दोहरा बड़ा तोहफा देते हुए वित्तीय गलियारों में हलचल मचा दी है। हाल ही में महंगाई भत्ते (DA) में शानदार बढ़ोतरी करने के बाद अब राज्य प्रशासन ने एक और ऐतिहासिक कल्याणकारी कदम उठाया है। सरकार ने आधिकारिक घोषणा की है कि कोलकाता नगर निगम (KMC) क्षेत्र में बैंकों के माध्यम से पेंशन प्राप्त करने वाले सभी पात्र लाभार्थियों को पिछले 11 वर्षों से अटके हुए डीयरनेस रिलीफ (DR) एरियर का 50 फीसदी हिस्सा अंतरिम राहत (Interim Relief) के रूप में तुरंत प्रदान किया जाएगा। सरकार के इस बड़े फैसले से उन वरिष्ठ नागरिकों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई है जो सालों से प्रशासनिक फाइलों में फंसी अपनी गाढ़ी कमाई का इंतजार कर रहे थे।रिकॉर्ड्स वेरिफिकेशन का झंझट खत्म, सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर होगी 50 फीसदी अंतरिम राशिराज्य सरकार के इस क्रांतिकारी फैसले के पीछे एक बेहद संवेदनशील और व्यावहारिक सोच काम कर रही है। दरअसल, कई संबंधित व्यावसायिक बैंकों के पास पुराने पेंशन भुगतान रिकॉर्ड पूरी तरह से प्रमाणित (Certified) नहीं हो पाए थे, जिसकी वजह से पिछले कई वर्षों से बुजुर्गों के एरियर का भुगतान तकनीकी तौर पर अटका हुआ था। सरकारी प्रबंधकों ने यह साफ कर दिया है कि केवल तकनीकी खामियों और रिकॉर्ड सत्यापन में लगने वाले लंबे समय की वजह से राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को उनकी वित्तीय राहत से वंचित नहीं रखा जा सकता। इसलिए राज्य के वित्त विभाग ने एक बीच का रास्ता निकालते हुए अंतरिम व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत कुल अनुमानित एरियर की आधी रकम बिना किसी देरी के सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में क्रेडिट कर दी जाएगी और बाकी की 50 फीसदी राशि का भुगतान रिकॉर्ड्स के पूर्ण सत्यापन के बाद चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।वर्ष 2008 से 2019 तक का मिलेगा मोटा पैसा, ROPA और AICPI फॉर्मूले से होगा सटीक कैलकुलेशनवित्त विभाग द्वारा आधिकारिक रूप से जारी की गई नवीनतम अधिसूचना के अनुसार, इस बंपर वित्तीय पैकेज का भुगतान 1 अप्रैल 2008 से लेकर 31 दिसंबर 2019 तक की एक लंबी अवधि के संचित बकाया (Estimated DR Arrears) के आधार पर किया जाएगा। इस भारी-भरकम एरियर राशि की सटीक गणना करने के लिए अकाउंटेंट जनरल (AG), पश्चिम बंगाल के पास उपलब्ध प्रामाणिक दस्तावेजों, तत्कालीन ROPA 2009 के तहत घोषित की गई आधिकारिक डीआर दरों और ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) से जुड़े स्थापित फॉर्मूले को आधार बनाया गया है। इस पारदर्शी वित्तीय गणना के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर एक पेंशनभोगी को उनकी पात्रता के अनुसार बिल्कुल सटीक और न्यायसंगत राशि का भुगतान मिल सके।WBiFMS के तहत लॉन्च हुआ बैंक पेंशन मैनेजमेंट पोर्टल, बैंकों को युद्धस्तर पर डेटा अपडेट करने के निर्देशइस पूरी जटिल भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने आधुनिक डिजिटल बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल किया है। सरकार ने 'वेस्ट बंगाल इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम' (WBiFMS) के अंतर्गत एक विशेष 'बैंक पेंशन मैनेजमेंट पोर्टल' (Bank Pension Management Portal) को लाइव कर दिया है। राज्य सरकार ने सभी संबंधित सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के बैंकों को सख्त कूटनीतिक निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने बैंक में पंजीकृत पेंशनर्स का संपूर्ण डेटा इस केंद्रीय पोर्टल पर तत्काल सत्यापित करें। बैंकों को पुरानी पेंशन भुगतानों की हिस्ट्री को युद्धस्तर पर अपडेट करने को कहा गया है ताकि जैसे ही डेटा वेरिफिकेशन का काम आगे बढ़े, बकाया वित्तीय राहत की शेष राशि की समयसीमा और भुगतान प्रक्रिया की अलग से घोषणा की जा सके।20% DA बढ़ोतरी के बाद पेंशनर्स के लिए दूसरी बड़ी राहत, छठे वेतन आयोग के बीच मिला सहारागौरतलब है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने हाल ही में अपने राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 1 अक्टूबर से महंगाई भत्ते (DA) में 20 प्रतिशत की एकमुश्त भारी बढ़ोतरी की घोषणा की थी, जिससे राज्य और केंद्र सरकार के कर्मचारियों के डीए का फासला काफी हद तक सिमट गया है। हालांकि, जहां एक तरफ केंद्र सरकार में आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लागू करने की सुगबुगाहट तेज हो चुकी है, वहीं पश्चिम बंगाल के कर्मचारी वर्तमान में 5वें और 6ठे वेतन आयोग के ढांचे के तहत वेतन और भत्ते प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में 11 साल की लंबी अवधि के डीआर एरियर के 50 प्रतिशत हिस्से का यह त्वरित भुगतान राज्य के बुजुर्ग पेंशनभोगियों के लिए इस महंगाई के दौर में एक बेहद संजीवनी और बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 5:42 am

धमाल 4 की रिलीज के बीच जानें पिछले तीन पार्ट्स का बजट और कमाई का पूरा लेखा-जोखा

बॉलीवुड के सबसे प्रतिष्ठित और लोकप्रिय कॉमेडी फ्रेंचाइजी में से एक 'धमाल' का चौथा इंस्टॉलमेंट यानी 'धमाल 4' (Dhamaal 4) आज 10 जुलाई 2026 को देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज हो चुका है। अजय देवगन और रितेश देशमुख की मुख्य भूमिकाओं से सजी इस एक्शन-एडवेंचर कॉमेडी फिल्म को लेकर दर्शकों और समीक्षकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। इस फ्रेंचाइजी की हर फिल्म ने दर्शकों को हंसने पर मजबूर किया है, जिसके कारण 'धमाल 4' से भी बॉक्स ऑफिस पर बंपर ओपनिंग की उम्मीदें लगाई जा रही हैं। फिल्म की ग्रैंड रिलीज के इस खास मौके पर आइए विस्तार से जानते हैं कि धमाल सीरीज के पिछले तीनों सीक्वल्स का बॉक्स ऑफिस पर कैसा प्रदर्शन रहा था और किस फिल्म ने कितने करोड़ का कारोबार किया था।साल 2007 में शुरू हुआ था सफर: जानें सिर्फ 19 करोड़ के बजट में बनी 'धमाल' की कुल कमाईइस सुपरहिट कॉमेडी फ्रेंचाइजी की शुरुआत साल 2007 में हुई थी, जब निर्देशक इंद्र कुमार के मार्गदर्शन में पहली फिल्म 'धमाल' (Dhamaal) 7 सितंबर 2007 को बड़े पर्दे पर उतारी गई थी। संजय दत्त, अरशद वारसी, रितेश देशमुख, आशीष चौधरी और जावेद जाफरी की प्रतिष्ठित चौकड़ी से सजी इस फिल्म का निर्माण महज 19 करोड़ रुपये के सीमित बजट में किया गया था। बॉक्स ऑफिस इंडिया के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, फिल्म ने भारतीय बाजार में शानदार प्रदर्शन करते हुए 45.63 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया था। अपने बेहतरीन वन-लाइनर्स और गुदगुदाने वाली कहानी के दम पर यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 'सेमी-हिट' प्रमाणित हुई थी और इसने कल्ट कॉमेडी फिल्मों की सूची में अपनी जगह बनाई।'डबल धमाल' का एवरेज प्रदर्शन: कंगना रनौत और मल्लिका शेरावत की एंट्री के बाद का कलेक्शनफ्रेंचाइजी की भारी सफलता को देखते हुए साल 2011 में इसका दूसरा पार्ट 'डबल धमाल' (Double Dhamaal) रिलीज किया गया। इस बार निर्देशक इंद्र कुमार ने फिल्म के बजट को बढ़ाकर 29 करोड़ रुपये कर दिया था और स्टार कास्ट में कंगना रनौत, मल्लिका शेरावत और सतीश कौशिक जैसे कलाकारों को भी शामिल किया गया। 'डबल धमाल' ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर कुल 61.23 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। हालांकि फिल्म अपनी लागत निकालने में पूरी तरह सफल रही, लेकिन समीक्षकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया और दर्शकों के औसत रुझान के चलते इसे बॉक्स ऑफिस पर केवल एक 'एवरेज' फिल्म का टैग मिल सका।180 करोड़ कमाकर 'टोटल धमाल' ने तोड़े थे रिकॉर्ड: अजय देवगन और माधुरी दीक्षित का धमाकाइसके बाद 22 फरवरी 2019 को इस फ्रेंचाइजी का तीसरा और सबसे भव्य सीक्वल 'टोटल धमाल' (Total Dhamaal) सिनेमाघरों में रिलीज हुआ। 113 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट के साथ तैयार की गई इस फिल्म में सुपरस्टार अजय देवगन, अनिल कपूर, माधुरी दीक्षित और बोमन ईरानी जैसे दिग्गज कलाकारों की एंट्री हुई। इस मल्टी-स्टारर फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाते हुए भारत में लगभग 180.68 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक कलेक्शन किया। दर्शकों द्वारा फिल्म के क्रेजी स्टंट्स और कॉमेडी टाइमिंग को बेहद पसंद किया गया, जिसके परिणामस्वरूप यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर एक ब्लॉकबस्टर 'हिट' साबित हुई।धुरंधर से क्लैश टलने के बाद आज रिलीज हुई 'धमाल 4': शूटिंग टाइमलाइन और सेंसर सर्टिफिकेटअब बात करते हैं आज रिलीज हुई 'धमाल 4' की, जिसके निर्देशन की कमान एक बार फिर अनुभवी डायरेक्टर इंद्र कुमार ने संभाली है। इस बार फिल्म में अजय देवगन, रितेश देशमुख, अरशद वारसी और जावेद जाफरी के साथ-साथ रवि किशन, संजय मिश्रा, संजीदा शेख, अंजलि आनंद और विजय पाटकर जैसे टैलेंटेड एक्टर्स स्क्रीन शेयर कर रहे हैं। इस फिल्म की घोषणा निर्देशक ने साल 2024 में की थी और इसका आखिरी शेड्यूल 6 सितंबर 2025 को पूरा हुआ था। यह फिल्म पहले मार्च 2026 में रिलीज होने वाली थी, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर बड़ी फिल्म 'धुरंधर' के साथ होने वाले महा-क्लैश से बचने के लिए मेकर्स ने इसकी रिलीज डेट को टालकर 10 जुलाई तय किया था। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने धमाल 4 को U/A 13+ सर्टिफिकेट के साथ पास किया है, जो इसे एक परफेक्ट फैमिली एंटरटेनर बनाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 5:37 am

पाकिस्तान के मददगार तुर्की पर मेहरबान हुए डोनाल्ड ट्रंप, साल 2020 से लगे कड़े प्रतिबंध हटाने का लिया बड़ा फैसला

वैश्विक कूटनीति और रक्षा समीकरणों को पूरी तरह से उलटते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बेहद चौंकाने वाला और ऐतिहासिक ऐलान किया है। अंकारा में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) साल 2020 में तुर्की के खिलाफ लगाए गए सभी सख्त आर्थिक और सैन्य प्रतिबंधों को पूरी तरह से हटाने जा रहा है। गौरतलब है कि यह वही तुर्की है, जिसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद की पनाहगाह माने जाने वाले पाकिस्तान (Pakistan) का सबसे करीबी रणनीतिक जोड़ीदार माना जाता है। भारत के खिलाफ हालिया 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान इसी तुर्की के घातक ड्रोनों की मदद से पाकिस्तान ने भारतीय सीमाओं पर नापाक हिमाकत की थी, जिसे भारतीय सेना ने बहादुरी से नाकाम कर दिया था। अब अमेरिका के इस फैसले से दक्षिण एशिया से लेकर पश्चिम एशिया तक खलबली मच गई है।नाटो समिट में एर्दोगन के साथ मंच साझा कर ट्रंप ने दिया बयान, F-35 फाइटर जेट डील पर सस्पेंस बरकरारतुर्की के ऐतिहासिक बेस्टेपे प्रेसिडेंशियल कंपाउंड (Bestepe Presidential Compound) में नाटो शिखर सम्मेलन (NATO Summit) के दौरान तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन (Recep Tayyip Erdogan) के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होकर डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया को यह बड़ा संदेश दिया। ट्रंप ने कहा, हम तुर्की पर लगे प्रतिबंधों को आधिकारिक रूप से खत्म करने जा रहे हैं। हालांकि, जब अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने ट्रंप से सवाल दागा कि क्या इस बैन के हटने के बाद तुर्की को अमेरिका के सबसे खतरनाक पांचवीं पीढ़ी के F-35 स्टील्थ फाइटर जेट बेचे जाएंगे, तो ट्रंप ने कोई सीधा वादा नहीं किया। उन्होंने चालाकी से जवाब देते हुए कहा कि यह फैसला हम आने वाले दिनों में सामूहिक रूप से करेंगे, लेकिन उन्होंने F-35 को दुनिया का अब तक का सबसे अचूक और शक्तिशाली लड़ाकू विमान जरूर स्वीकार किया।रूस से S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने पर लगा था CAATSA बैन, जानिए इतिहासआपको बता दें कि साल 2020 में तत्कालीन अमेरिकी प्रशासन ने काट्सा (CAATSA) कानून के तहत तुर्की पर यह कड़े प्रतिबंध थोपे थे। तुर्की ने वाशिंगटन की सख्त चेतावनियों को दरकिनार करते हुए रूस से अत्याधुनिक S-400 ट्रम्प मिसाइल डिफेंस सिस्टम (S-400 Missile System) की खरीद की थी। इस सौदे से नाराज होकर अमेरिका ने तुर्की को अपने महत्वाकांक्षी F-35 जॉइंट स्ट्राइक फाइटर प्रोग्राम से बाहर निकाल दिया था और उसके सैन्य अधिकारियों पर प्रतिबंध लगा दिए थे। अमेरिकी कांग्रेस द्वारा 2017 में पारित यह अधिनियम स्पष्ट रूप से किसी भी देश को रूस के साथ बड़े रक्षा या खुफिया लेनदेन करने से रोकता है।अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में ट्रंप के फैसले का तीखा विरोध संभव, सीनेटरों ने दी खुली चेतावनीभले ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तुर्की को इस सैन्य दलदल से बाहर निकालने के लिए आतुर दिख रहे हों, लेकिन वाशिंगटन की संसद में उनकी इस राह में बड़े रोड़े अटक सकते हैं। अमेरिकी कानून के मुताबिक, प्रतिबंध हटाने के किसी भी कार्यकारी फैसले को कांग्रेस की समीक्षा (Congressional Review) से गुजरना होगा, जहां रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों ही दलों के सांसद इस पर गंभीर आपत्ति जता सकते हैं। ट्रंप के बेहद करीबी माने जाने वाले सेनेटर लिंडसे ग्राहम (Lindsey Graham) ने पहले ही साफ कर दिया है कि संसद में इस कदम का तगड़ा विरोध होगा। ग्राहम ने 'टर्की टुडे' अखबार से बातचीत में स्पष्ट कहा, कांग्रेस में इस फैसले को लेकर भारी नाराजगी हो सकती है, क्योंकि वर्तमान में इजरायल के साथ तुर्की के तनावपूर्ण संबंध अमेरिकी सांसदों के लिए कतई स्वीकार्य नहीं हैं।पांच F-35 लड़ाकू विमानों की उम्मीद में एर्दोगन; जेडी वेंस और पेंटागन कर रहे हैं कानूनी समीक्षाइस बीच, तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने ट्रंप के इस दोस्ताना रुख पर भारी भरोसा जताते हुए उम्मीद जताई है कि वाशिंगटन जल्द ही उनके फाइटर जेट के ऑर्डर को हरी झंडी देगा। एर्दोगन ने मीडिया के सामने दावा किया कि पूर्व में तुर्की को पांच अत्याधुनिक F-35 एयरक्राफ्ट देने का वादा खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने किया था और वे हमेशा अपनी बात पर कायम रहते हैं। दूसरी ओर, हाल ही में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) और रक्षा सचिव पीट हेगसेथ (Pete Hegseth) के नेतृत्व में पेंटागन के शीर्ष अधिकारी इस बात की बारीकी से कानूनी समीक्षा कर रहे हैं कि क्या तुर्की ने F-35 तकनीक हासिल करने के लिए अमेरिका द्वारा निर्धारित सख्त सुरक्षा और कानूनी मानदंडों को पूरा कर लिया है या नहीं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 5:35 am

चीन में हाहाकार! चीन के जिनजियांग में जूतों की फैक्ट्री में लगी भीषण आग

पूर्वी चीन के फुजियान प्रांत के जिनजियांग शहर से एक बेहद दर्दनाक और रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। गुरुवार, 9 जुलाई 2026 को दोपहर के समय यहां स्थित एक विशाल बहुमंजिला जूतों की फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। इस विनाशकारी अग्निकांड में कम से कम 28 लोगों की जिंदा झुलसने से दर्दनाक मौत हो गई। चीन के आपातकालीन प्रबंधन मंत्रालय ने हालात की गंभीरता को देखते हुए फौरन रेस्क्यू टीमों और एक उच्च स्तरीय संयुक्त कार्य दल को घटनास्थल के लिए रवाना किया है। फैक्ट्री से उठती आग की गगनचुंबी लपटों और घने काले धुएं के वीडियो ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है, जिसे देखकर हर कोई दहल उठा है।दोपहर 12 बजे फूटा मौत का तांडव: धुएं के गुबार के बीच छत पर जिंदगी की भीख मांगते रहे मजदूरसरकारी समाचार एजेंसी 'शिन्हुआ' (Xinhua) और स्टेट ब्रॉडकास्टर सीसीटीवी (CCTV) से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यह भीषण आग दोपहर करीब 12 बजे लगी, जब फैक्ट्री के भीतर सैकड़ों मजदूर काम कर रहे थे। आग जिनजियांग शहर में स्थित 'हुईटेंग शू कंपनी' (Huiteng Shoe Company) की एक बड़ी निर्माण इकाई में लगी। देखते ही देखते आग ने कई मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि मजदूरों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला और दर्जनों लोग जान बचाने के लिए इमारत की छत पर भाग खड़े हुए, जहां वे लंबे समय तक फंसे रहे। वीडियो फुटेज में पूरी इमारत जली हुई, काली और धुएं के विशाल गुबार से घिरी नजर आ रही है।राष्ट्रपति शी जिनपिंग का सख्त फरमान: तलाश अभियान में झोंकी ताकत, जवाबदेही तय करने के कड़े निर्देशइस जघन्य हादसे की खबर मिलते ही बीजिंग में हड़कंप मच गया। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) ने इस राष्ट्रीय त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को बेहद सख्त लहजे में निर्देश जारी किए हैं। जिनपिंग ने आदेश दिया है कि मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए तलाश और बचाव (Search and Rescue) अभियानों में पूरी ताकत झोंक दी जाए। इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि हादसे के असली कारणों का तुरंत पता लगाया जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व प्रबंधन की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ ऐसी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए जो मिसाल बने।फैक्ट्री मालिक और मैनेजर सलाखों के पीछे, कंपनी के सभी बैंक अकाउंट्स पर लगा तालाचीन के कड़े सुरक्षा कानूनों के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित एक्शन लिया है। शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, हुईटेंग शू कंपनी के मालिक और कारखाने के मुख्य प्रभारियों (Incharges) को पुलिस ने तुरंत हिरासत में ले लिया है। इसके साथ ही भविष्य में कानूनी मुआवजे और जांच को प्रभावित होने से रोकने के लिए कंपनी के सभी कॉर्पोरेट बैंक खातों (Bank Accounts) को तत्काल प्रभाव से सील यानी फ्रीज कर दिया गया है। शहर के फायर डिपार्टमेंट ने बताया कि जिनजियांग को चीन में 'जूतों की राजधानी' कहा जाता है, जहां सुरक्षा मानकों की अनदेखी की बातें सामने आती रही हैं। फिलहाल आग लगने के सटीक तकनीकी कारणों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है, और यह भी पता लगाया जा रहा है कि अस्पताल में भर्ती घायलों की वास्तविक स्थिति क्या है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 5:34 am

धर्मांतरण विवाद में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा एक्शन! जबरन इस्लाम कबूल कराने के आरोपी को मिली अंतरिम राहत

मध्य प्रदेश के एक बेहद संवेदनशील और पेचीदा जबरन धर्म परिवर्तन मामले में देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) ने गुरुवार, 9 जुलाई 2026 को एक बड़ा और महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने उस व्यक्ति के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को आगे बढ़ाने पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिस पर एक पूरे परिवार को डरा-धमकाकर इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर करने का गंभीर आरोप लगा है। इस पूरे कानूनी विवाद में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब मुख्य आरोपी ने खुद को कट्टर सनातनी और हिंदू धर्म का अनुयायी बताते हुए अदालत के सामने अपनी बेगुनाही के पुख्ता सबूत पेश किए।सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ का कड़ा रुख: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले को दी चुनौतीजस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस चंद्रशेखर की विशेष खंडपीठ ने इस मामले की गहन सुनवाई करने के बाद याचिकाकर्ता हरमन टेलर के पक्ष में यह अंतरिम आदेश जारी किया। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (MP High Court) के उस पुराने आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस भी जारी किया है, जिसमें हाई कोर्ट ने 'मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम' (MP Freedom of Religion Act) की धारा 3 और 5 के तहत दर्ज एफआईआर (FIR) को निरस्त करने से साफ इनकार कर दिया था। सर्वोच्च अदालत में आरोपी के वकील ने दलील दी कि यह पूरी कानूनी कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है क्योंकि यह एफआईआर शिकायतकर्ता के पति द्वारा इस्लाम अपनाने के करीब आठ साल के लंबे अंतराल के बाद दर्ज की गई है।खुद के हिंदू होने का दावा: क्या है 8 साल पुराने इस धर्मांतरण विवाद की इनसाइड स्टोरी?यह पूरा विवाद एक महिला द्वारा दर्ज कराई गई पुलिस शिकायत से शुरू हुआ था, जिसके पति ने कथित तौर पर हरमन टेलर के प्रभाव में आकर सालों पहले अपना मूल धर्म छोड़कर इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया था। आरोपी टेलर के कानूनी सलाहकारों ने अदालत के पटल पर आधिकारिक दस्तावेज रखते हुए स्पष्ट किया कि टेलर और उनका पूरा परिवार पीढ़ियों से हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करता आ रहा है, ऐसे में उनके द्वारा किसी को इस्लामिक धर्मांतरण के लिए उकसाने का आरोप पूरी तरह निराधार और तर्कहीन प्रतीत होता है। दूसरी ओर, अभियोजन पक्ष का दावा है कि आरोपी के प्रभाव में आने के बाद उस व्यक्ति ने अपनी पत्नी और नाबालिग बेटे पर भी मुस्लिम बनने का भारी दबाव बनाना शुरू कर दिया था, जिसके बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी।हाई कोर्ट ने ट्रायल को बताया था जरूरी, बयानों के आधार पर याचिका की थी खारिजसुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने से पहले याचिकाकर्ता हरमन टेलर ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में आपराधिक कार्यवाही को रद्द (Quash) करने की गुहार लगाई थी। उस समय टेलर ने दलील दी थी कि केस डायरी में ऐसा कोई भी प्रत्यक्ष या वैज्ञानिक सबूत मौजूद नहीं है जो यह साबित कर सके कि उन्होंने कभी भी शिकायतकर्ता महिला या उसके मासूम बेटे का जबरन मजहब बदलने का प्रयास किया था। हालांकि, तत्कालीन हाई कोर्ट बेंच ने इन तर्कों को खारिज करते हुए कहा था कि आरोपी पर लगे आरोप अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं और महिला व उसके नाबालिग बेटे के बयानों में याचिकाकर्ता की भूमिका का स्पष्ट उल्लेख है। हाई कोर्ट ने इसे ट्रायल कोर्ट का विषय बताते हुए राहत देने से मना कर दिया था, जिसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 5:32 am

'गोली कांड' पर कपिल देव का बड़ा धमाका! योगराज सिंह के पिस्तौल वाले विवाद पर पहली बार तोड़ी चुप्पी

भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे महान ऑलराउंडर और 1983 विश्व कप विजेता कप्तान कपिल देव ने आखिरकार युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह द्वारा दिए गए बेहद सनसनीखेज और विवादित 'गोली कांड' वाले बयान पर अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया दे दी है। लंबे समय से इस मामले पर मौन साधे रहे 'हरियाणा हरिकेन' ने साफ लफ्जों में कहा कि वे योगराज को आज भी अपना एक पुराना और अच्छा दोस्त मानते हैं, लेकिन वे अपनी खूबसूरत जिंदगी में कड़वाहट और नकारात्मकता को कोई जगह देने के बिल्कुल भी पक्ष में नहीं हैं। कपिल देव के इस परिपक्व और संतुलित बयान ने सोशल मीडिया से लेकर पूरे क्रिकेट गलियारे में एक नई बहस छेड़ दी है।क्या था योगराज सिंह का पिस्तौल वाला 'गोली कांड' विवाद, जिसने मचाया था तहलका?दरअसल, टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज योगराज सिंह हमेशा से ही अपने बेबाक और कई बार बेहद विवादित बयानों के लिए सुर्खियों में रहते हैं। कुछ समय पहले उन्होंने एक इंटरव्यू में बेहद चौंकाने वाला दावा किया था। योगराज का आरोप था कि कपिल देव के नॉर्थ जोन, हरियाणा और फिर भारतीय टीम का कप्तान बनने के बाद उन्हें बिना किसी ठोस वजह के जानबूझकर टीम से ड्रॉप कर दिया गया था। इसी खुन्नस और गुस्से में आकर योगराज ने दावा किया था कि वे एक बार पिस्तौल (पिस्तौल कांड) लेकर चंडीगढ़ के सेक्टर-9 स्थित कपिल देव के घर पहुंच गए थे और वहां उन्होंने जमकर गालियां दी थीं। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भारी बवाल मच गया था और उनके बेटे युवराज सिंह को इस पर बेहद शर्मिंदगी झेलनी पड़ी थी।'मुझे कड़वे लोगों से मिलना पसंद नहीं'—कपिल देव ने पॉडकास्ट में खोलकर रख दिया अपना दिलहाल ही में स्पोर्ट्स तक (Sports Tak) के एक विशेष पॉडकास्ट में जब शो के एंकर ने कपिल देव से योगराज के इस डरावने और विवादित दावे पर सवाल पूछा, तो दिग्गज क्रिकेटर ने बेहद सहजता से मुस्कुराते हुए जवाब दिया। कपिल देव ने कहा कि मुझे नहीं पता कि वह असल में क्या कहना चाह रहे हैं, लेकिन मेरी तरफ से आज भी दोस्ती का हाथ बढ़ा हुआ है। उन्होंने आगे एक बेहद गहरी बात कही कि मुझे अपनी जिंदगी में कड़वे और नकारात्मक सोच वाले लोगों के साथ वक्त बिताना कतई पसंद नहीं है। मैं हमेशा खुश रहने वाले और सकारात्मक लोगों के आसपास रहना चाहता हूं। जिंदगी में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन इंसान को पुरानी बातें भूलकर हमेशा आगे बढ़ना चाहिए।युवराज सिंह की सफलता का जिक्र कर दी खास सलाह: कड़वे इंसान के लिए दुनिया में जगह नहींकपिल देव ने बिना किसी लाग-लपेट के योगराज सिंह को अपने बेटे युवराज सिंह की महानता और सफलता की याद दिलाते हुए एक पितातुल्य सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि योगराज के बेटे (युवराज सिंह) ने भारतीय क्रिकेट के लिए जो किया है, वह बेहद अद्भुत है। योगराज को एक बेहद खुश और संतुष्ट इंसान होना चाहिए। इस दुनिया में किसी भी व्यक्ति को सबकुछ नहीं मिलता—कभी आपको सफलता मिलती है, तो कभी आपके परिवार या बच्चों को। आखिर में आपकी खुशी मायने रखती है, आपका कड़वापन नहीं। इस पूरी दुनिया में एक कड़वे और ईर्ष्यालु इंसान के लिए कोई अच्छी जगह नहीं है। किसी भी परिस्थिति पर आपका रिएक्शन ही यह तय करता है कि आप अंदर से कैसे इंसान हैं।बचपन की दोस्ती और तलाक का उदाहरण देकर पुरानी यादों को किया ताजाइंटरव्यू के आखिरी हिस्से में कपिल देव थोड़े भावुक भी नजर आए। उन्होंने अपने और योगराज के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि हम दोनों बचपन के दोस्त हैं, हम एक साथ चंडीगढ़ की गलियों में क्रिकेट खेलकर बड़े हुए और हमने एक साथ बेहद खूबसूरत वक्त बिताया है। बाद में हमारे रास्ते अलग हो गए। कपिल ने एक अनोखा उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे शादी के बाद अगर किसी का तलाक हो जाता है, तो भी इंसान को उस शादी के अच्छे और खूबसूरत पलों को नहीं भूलना चाहिए। ठीक उसी तरह, मैं भी योगराज के साथ बिताए सिर्फ अच्छे दिनों को याद रखना चाहता हूं। अगर योगराज कभी सामने आकर मुझे गले लगाना चाहेंगे, तो मुझे उसमें कोई आपत्ति नहीं होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 5:30 am

संसद में मचेगा तहलका! महिला आरक्षण विधेयक पर NDA का 'मिशन 360', विपक्ष को चारों खाने चित करने के लिए बनाए जादुई फॉर्मूले

केंद्र में सत्ता की बागडोर संभालने के बाद से ही देश की आधी आबादी को उनका हक दिलाने की दिशा में मोदी सरकार अपने सबसे महत्वाकांक्षी एजेंडे 'महिला आरक्षण विधेयक' (Women's Reservation Bill) को अमलीजामा पहनाने के लिए पूरी तरह कमर कस चुकी है। बीते संसदीय सत्र में इस ऐतिहासिक विधेयक के साथ-साथ परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) को लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत न मिल पाने के कारण सरकार को रणनीतिक रूप से कदम पीछे खींचने पड़े थे। इस विधायी झटके को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सिपहसालारों ने बेहद गंभीरता से लिया है। सूत्रों के मुताबिक, आगामी मॉनसून सत्र में इस बिल को हर हाल में पारित कराकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को पूरी तरह अलग-थलग करने के लिए एनडीए (NDA) के फ्लोर मैनेजरों ने पर्दे के पीछे से एक अभूतपूर्व और अचूक चक्रव्यूह तैयार कर लिया है।द्रमुक की कांग्रेस से टूटी कसम: तमिलनाडु का सियासी भूचाल अब दिल्ली में लाएगा बड़ा बदलावइस पूरे सियासी अंकगणित में सबसे दिलचस्प और गेम-चेंजर मोड़ दक्षिण भारत की राजनीति से आ रहा है। तमिलनाडु में कांग्रेस और द्रमुक (DMK) का पुराना गठबंधन आधिकारिक तौर पर टूटने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) लगातार द्रमुक नेतृत्व के साथ अनौपचारिक संवाद बनाए हुए है। लोकसभा में 22 सांसदों की भारी-भरकम ताकत रखने वाली द्रमुक ने बीते सत्र में इस विधेयक का पुरजोर विरोध किया था, लेकिन अब बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच द्रमुक कांग्रेस को कड़ा संदेश देने के लिए संसद के पटल पर सरकार की परोक्ष मदद कर सकती है। द्रमुक के रणनीतिकारों ने संकेत दिए हैं कि वे सत्र के दौरान अपनी अंतिम रणनीति का खुलासा करेंगे, जो विपक्षी खेमे की एकजुटता को बड़ा झटका दे सकता है।यूपी चुनाव 2027 पर टिकी सपा की नजर: 'आरक्षण के भीतर आरक्षण' की शर्तों से गरमाई सियासतदूसरी तरफ, उत्तर प्रदेश की राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले समाजवादी पार्टी (SP) के मुखिया भी इस बहती गंगा में हाथ धोने की फिराक में हैं। वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए सपा ने महिला वोट बैंक को साधने के लिए सरकार के सामने अपनी शर्तें रखनी शुरू कर दी हैं। सपा की मांग है कि इस आरक्षण को आगामी 2027 के यूपी चुनाव से ही लागू किया जाए, इसे राज्यसभा में भी विस्तार मिले और सबसे महत्वपूर्ण रूप से इसमें 'आरक्षण के भीतर आरक्षण' (कोटा भीतर कोटा) की व्यवस्था हो। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सपा का तात्कालिक लक्ष्य राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता को बचाना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में खुद की सरकार बनाने के लिए जमीन मजबूत करना है।शिंदे के कक्ष में शरद पवार की गुप्त दस्तक: महाराष्ट्र से दिल्ली तक नए गठबंधन की सुगबुगाहटसंसदीय अंकगणित को अपने पक्ष में मोड़ने के लिए एनडीए ने महाराष्ट्र के सबसे अनुभवी राजनेता और एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार को भी साधना शुरू कर दिया है। हाल ही में महाराष्ट्र विधानसभा के भीतर एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में शरद पवार का अपने विधायकों के साथ उप मुख्यमंत्री व शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे के आधिकारिक कक्ष में पहुंचना महज एक इत्तेफाक नहीं था। इस गुप्त बैठक के बाद दिल्ली के सियासी गलियारों में यह कयास तेज हो गए हैं कि शरद पवार के 8 सांसद लोकसभा में मतदान के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला रुख अख्तियार कर सकते हैं, जिससे सरकार का पलड़ा पूरी तरह भारी हो जाएगा।लोकसभा का जादुई आंकड़ा: वोटिंग से दूरी और पाला बदलने वाले सांसदों का पूरा गणित समझिए543 सदस्यों वाली लोकसभा में इस संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत यानी 360 के जादुई आंकड़े की आवश्यकता है। बीते सत्र में सरकार के पक्ष में 298 वोट पड़े थे, यानी बहुमत से 62 सीटें कम थीं। हालांकि, हाल ही में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 और शिवसेना यूबीटी (Shiv Sena UBT) के 6 सांसदों के पाला बदलकर सरकार के पाले में आ जाने से एनडीए का बेस आंकड़ा बढ़कर 324 तक पहुंच चुका है। यदि द्रमुक के 22 सांसद साथ आते हैं तो यह संख्या 346 हो जाएगी। इसके अलावा, केंद्रीय प्रबंधकों की नजर शरद पवार की एनसीपी (8 सांसद), झारखंड मुक्ति मोर्चा (3 सांसद) और आम आदमी पार्टी (3 सांसद) पर भी है। यदि इन 14 सांसदों का मौन या प्रत्यक्ष समर्थन मिल जाता है, तो समाजवादी पार्टी के बिना भी सरकार आसानी से 360 का आंकड़ा पार कर नया इतिहास रच देगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 5:29 am

आरोपी प्रभाष मंडल के फेफड़े-किडनी को चीरकर निकलीं दो गोलियां, अब CID करेगी दूध का दूध और पानी का पानी

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में हुए जघन्य स्कूली छात्रा बलात्कार और हत्याकांड के मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल के पुलिस एनकाउंटर मामले ने एक नया और बेहद संवेदनशील मोड़ ले लिया है। मंगलवार आधी रात को सुर्जापुर के दलदली इलाके में हुए इस कथित एनकाउंटर की कमान अब राज्य की शीर्ष जांच एजेंसी सीआईडी (CID) को सौंप दी गई है। मानवाधिकार गाइडलाइंस और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत इस मामले में न्यायिक जांच पहले ही शुरू की जा चुकी है। अब सीआईडी की टीम ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर फॉरेंसिक मैपिंग और बैलिस्टिक साक्ष्यों के जरिए इस पूरे एनकाउंटर की प्रामाणिकता की कड़ाई से पड़ताल करने में जुट गई है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सनसनीखेज खुलासा: पीठ की तरफ से बेहद करीब से मारी गईं दोनों गोलियांपुलिस और फॉरेंसिक सूत्रों से मिली प्रभाष मंडल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस मुठभेड़ की पूरी तस्वीर को साफ कर दिया है। डॉक्टरों के शुरुआती निष्कर्षों के अनुसार, भागने की कोशिश के दौरान प्रभाष को बहुत ही नजदीक से दो गोलियां मारी गई थीं। ये दोनों गोलियां उसकी पीठ की तरफ से शरीर के भीतर प्रवेश कर गईं और सामने के हिस्से से आर-पार निकल गईं। डॉक्टरों को आरोपी के शरीर के भीतर किसी भी गोली या धातु का टुकड़ा फंसा हुआ नहीं मिला है। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, एक गोली प्रभाष के दाहिने फेफड़े को पूरी तरह से चीरती हुई बाहर निकल गई, जबकि दूसरी गोली ने उसकी दाहिनी किडनी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त करते हुए शरीर को पार कर दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।आधी रात को क्यों हुआ क्राइम सीन रीक्रिएशन? पुलिस अधिकारियों ने सीआईडी के सामने दी ये दलीलविपक्ष और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं द्वारा रात के समय आरोपी को घटना स्थल पर ले जाने को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर बारुईपुर पुलिस प्रशासन ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे दिन के उजाले में प्रभाष को सुर्जापुर के उस संवेदनशील इलाके में ले जाने का जोखिम नहीं उठा सकते थे। वहां की स्थानीय जनता में 12 साल की मासूम बच्ची की हत्या को लेकर भारी आक्रोश था और कानून-व्यवस्था बिगड़ने या उग्र भीड़ द्वारा आरोपी की मॉब लिंचिंग (पीट-पीटकर हत्या) करने का भारी खतरा मंडरा रहा था। चूंकि यह जघन्य अपराध भी रात के घने अंधेरे में ही अंजाम दिया गया था, इसलिए जांच टीम आरोपी की वास्तविक गतिविधियों और भागने के रास्तों को बिल्कुल सटीक ढंग से समझने के लिए उसे रात करीब 12:45 बजे वहां लेकर गई थी।सर्विस रिवॉल्वर छीनकर चलाई थी गोली; आत्मरक्षा के दावों की कसौटी पर छह पुलिसकर्मियों के बयानघटनाक्रम के अनुसार, कैनिंग पुलिस सर्कल के प्रभारी रोनी सरकार जब वारदात वाली जगह पर आरोपी के बिल्कुल नजदीक खड़े थे, तभी प्रभाष ने बिजली की तेजी से उनकी कमर में लगी सर्विस रिवॉल्वर छीन ली और फायरिंग करते हुए दलदली रास्ते की तरफ भागने लगा। उसने पुलिस टीम पर एक राउंड फायर भी किया। इसके बाद अपनी और साथी पुलिसकर्मियों की जान बचाने के लिए बारुईपुर थाने के पीसी इनचार्ज सब-इंस्पेक्टर अर्घ्य मंडल ने अपनी रिवॉल्वर से जवाबी फायरिंग की। सीआईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य यह स्थापित करना है कि क्या पुलिस की यह जवाबी कार्रवाई वास्तव में आत्मरक्षा के दायरे में अनिवार्य थी। इस ऑपरेशन में शामिल सभी छह पुलिसकर्मियों को सीआईडी टीम के सामने पेश होकर अपना आधिकारिक बयान दर्ज कराना होगा, हालांकि अभी किसी भी पुलिसकर्मी को सस्पेंड नहीं किया गया है।बैलिस्टिक जांच शुरू और चौथा आरोपी कबीर मोल्ला 20 जुलाई तक पुलिस रिमांड परसीआईडी की फॉरेंसिक और डिटेक्टिव विंग ने गुरुवार सुबह ही सुर्जापुर में एनकाउंटर वाले दलदली मैदान का दौरा कर पूरे दृश्य की थ्री-डी मैपिंग पूरी कर ली है। घटनास्थल से बरामद किए गए खाली खोखे, पुलिसकर्मियों के सर्विस वेपन और बैलिस्टिक साक्ष्यों को जांच प्रयोगशाला में भेज दिया गया है। दूसरी ओर, इस जघन्य सामूहिक बलात्कार कांड के चौथे वांछित आरोपी कबीर मोल्ला को पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए बारुईपुर की स्थानीय अदालत में पेश किया। विशेष लोक अभियोजक बिभास चटर्जी ने कोर्ट में अकाट्य दलीलें पेश करते हुए साबित किया कि कबीर मोल्ला भी आनंद सरदार और दिवाकर सरदार की तरह ही इस घिनौने कृत्य में बराबर का भागीदार था। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए कबीर मोल्ला को 20 जुलाई 2026 तक के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 5:27 am

ड्रैगन की घेराबंदी! चीन से त्रस्त देशों के साथ भारत ने चली 'एक तीर से दो शिकार' की महासामरिक चाल, पीएम मोदी का मास्टरस्ट्रोक

हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific Region) में चीन की लगातार बढ़ती दादागीरी और आक्रामक विस्तारवादी नीतियों को नेस्तनाबूद करने के लिए भारत ने एक बेहद आक्रामक और अभूतपूर्व दोहरी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। नई दिल्ली में बैठे रणनीतिकारों ने साफ कर दिया है कि चीन को उसकी औकात दिखाने के लिए भारत अब सिर्फ बहुपक्षीय मंचों पर निर्भर नहीं रहेगा। भारत एक तरफ जहां क्वाड (Quad) और आसियान (ASEAN) जैसे शक्तिशाली वैश्विक समूहों के जरिए बीजिंग की अंतरराष्ट्रीय घेराबंदी कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ हिंद महासागर के प्रमुख द्वीपीय और तटीय देशों के साथ अपने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को इतनी तेजी से मजबूत कर रहा है कि ड्रैगन के लिए संभलना मुश्किल हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच विमानों की तैनाती, संयुक्त रक्षा अनुसंधान, नवाचार और अत्याधुनिक रक्षा उपक्रमों को लेकर हुए समझौतों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था का पूरा समीकरण ही बदल कर रख दिया है।अमेरिका के बदलते रुख के बीच सिर्फ क्वाड पर निर्भरता खत्म, भारत की नई स्वतंत्र नीतिअंतरराष्ट्रीय मामलों के सैन्य विशेषज्ञों और वरिष्ठ राजनयिकों का मानना है कि भारत का यह नया रुख भू-राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत दूरदर्शी है। हाल के दिनों में संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के आंतरिक राजनीतिक और रणनीतिक प्राथमिकताओं में आए बड़े बदलावों के कारण क्वाड संगठन जमीनी स्तर पर उतना आक्रामक या सक्रिय नजर नहीं आया है जितना उसे होना चाहिए था। ऐसे नाजुक मोड़ पर भारत ने साफ कर दिया कि वह चीन की चुनौती से निपटने के लिए किसी बाहरी महाशक्ति के भरोसे हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठेगा। भारत की 'एक तीर से दो शिकार' करने की यह नई नीति न केवल हिंद महासागर में अपनी संप्रभुता और सुरक्षा को अचूक बना रही है, बल्कि बीजिंग के कर्ज जाल और सैन्य धौंस से डरे हुए देशों को एक बेहद मजबूत और विश्वसनीय विकल्प भी प्रदान कर रही है।कर्ज जाल में फंसे देशों को भारत का सहारा, रक्षा सौदों से चीन के पाले में जाने का रास्ता बंदभारत इस नई रक्षा कूटनीति के तहत विशेष रूप से उन महासगरीय देशों पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहा है जो या तो चीनी घुसपैठ से बेहद परेशान हैं या फिर उसकी विस्तारवादी नीतियों का शिकार होकर भारी आर्थिक नुकसान उठा चुके हैं। इस कड़ी में सबसे बड़ा उदाहरण श्रीलंका का है, जहां भारत ने हाल ही में एक रणनीतिक रक्षा उत्पादन कारखाने का पूर्ण अधिग्रहण करके बीजिंग के सामरिक मंसूबों पर पानी फेर दिया है। इसके साथ ही, भारत ने इंडोनेशिया के साथ रक्षा सहयोग को एक नए शिखर पर पहुंचाते हुए वहां के रणनीतिक सबांग पोर्ट (Sabang Port) के विकास की कमान संभाल ली है, जिससे मलक्का जलडमरूमध्य पर भारत की सीधी नजर रहेगी। इसके अलावा, इंडोनेशिया को भारत की स्वदेशी ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और अस्त्र मिसाइल देने का सैद्धांतिक फैसला चीन के नौसैनिक आधिपत्य के दावों के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।सिंगापुर से सेशेल्स तक मजबूत हुआ भारत का सैन्य कवच, वैश्विक बाजार में बढ़ा स्वदेशी हथियारों का दबदबाभारत की यह आक्रामक रक्षा नीति केवल बड़े देशों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि हिंद महासागर के हर उस कोने तक पहुंच रही है जहां चीन अपनी नौसेना की मौजूदगी बढ़ाना चाहता था। सिंगापुर के साथ भारत ने न केवल सैन्य मोर्चे पर बल्कि रक्षा औद्योगिक क्षेत्र के बीच भी सहयोग को नए आयाम दिए हैं। वहीं रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण द्वीपीय देश सेशेल्स (Seychelles) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार भारतीय रक्षा सलाहकारों की तत्काल नियुक्ति का ऐलान कर चीन के समुद्री सिल्क रूट प्रोजेक्ट की रीढ़ तोड़ दी है। इस पूरी रणनीति के जरिए भारत न केवल अपनी समुद्री सीमाओं को अभेद्य बना रहा है, बल्कि इन सभी देशों को अपने अत्याधुनिक मेक-इन-इंडिया रक्षा साजो-सामान और हथियार बेचकर खुद को एक बड़े वैश्विक डिफेंस एक्सपोर्टर के रूप में भी स्थापित कर रहा है, जो चीन के व्यापारिक एकाधिकार को सीधी चुनौती है

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 5:26 am

विपक्ष का मकसद हर मुद्दे को नकारात्मक रूप में प्रस्तुत कर जनता के बीच असंतोष पैदा करना : भाजपा

समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव के हालिया बयानों को लेकर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी

देशबन्धु 10 Jul 2026 5:00 am