डायबिटीज के इलाज पर AIIMS में होगा मंथन, जुटेंगे देशभर के डॉक्टर
देश में मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में 20 से 22 नवंबर तक METSACON 2026 का आयोजन किया जाएगा. इस सम्मेलन में मोटापे के मैनेजमेंट, मेटाबॉलिक सर्जरी और डायबिटीज के इलाज पर विशेषज्ञ डॉक्टर चर्चा करेंगे.
तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली स्थित 1,300 साल पुराने पुंडरीकाक्ष पेरुमल मंदिर में 125 फुट ऊंचा राजगोपुरम पारंपरिक तकनीकों से बनाया जा रहा है।
अमित शाह का विपक्ष पर हमला, बोले- अगले 30 साल तक सरकार बनाने का मौका नहीं मिलेगा
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने विपक्षी दलों की चुनावी रणनीति और ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नकारात्मक राजनीति के चलते विपक्ष को अगले 30 साल तक सत्ता में आने का अवसर नहीं मिलेगा। गुरुवार को दिल्ली में यमुना पुनरुद्धार और जल-सीवरेज व्यवस्था से जुड़ी […] The post अमित शाह का विपक्ष पर हमला, बोले- अगले 30 साल तक सरकार बनाने का मौका नहीं मिलेगा appeared first on Sabguru News .
सायोनी घोष पर ट्रोलिंग का खौफ भारी, पांच महीने से बंद पड़ा है एक्स और इंस्टा कमेंट
TMC से बगावत कर NCPI सांसद के तौर पर एनडीए के साथ हुईं सांसद सायोनी घोष पर सोशल मीडिया की गंदी ट्रोलिंग का खौफ अब तक हावी है। जाधवपुर की सांसद ने पांच महीने से ऊपर से एक्स और इंस्टाग्राम पर कमेंट बंद कर रखा है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने अपनी भारत यात्रा के समापन पर कहा कि आर्थिक साझेदारी और ऊर्जा सुरक्षा में सहयोग से भारत-अमेरिका संबंध मजबूत हुए हैं।
अखिलेश-आजम खान की मुलाकात के पीछे मुस्लिम वोटबैंक वजह? देखें विशेष
उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 चुनावों से पहले सरगर्मी बढ़ गई है. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने रामपुर जिला जेल पहुंचकर पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात की. जेल के भीतर दोनों नेताओं के बीच करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई. इस मुलाकात के दौरान आगामी उप-चुनावों और 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर अहम रणनीतियों पर चर्चा की गई. देखें विशेष.
जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में CJP नेताओं ने मांगी मोहलत, क्राइम ब्रांच नए नोटिस जारी करेगी
तिहाड़ जेल से रिहाई के अगले दिन पूछताछ के लिए होना था पेश नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे ने दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) के सामने पेश होने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। […] The post जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में CJP नेताओं ने मांगी मोहलत, क्राइम ब्रांच नए नोटिस जारी करेगी appeared first on Sabguru News .
महंगी फीस बनी रुकावट, तमिलनाडु-पुडुचेरी में नहीं भर पाईं 800 से ज्यादा MBBS सीटें
तमिलनाडु और पुडुचेरी के डीम्ड विश्वविद्यालयों में 800 से अधिक एमबीबीएस सीटें महंगी फीस के कारण खाली रह गईं।
क्या IAS अफसर ही होता है मुख्य चुनाव आयुक्त? कैसे होती है नियुक्ति, कौन हटाएगा; पूरी डिटेल समझिए
Gyanesh Kumar News: देश की सियासत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने को लेकर माहौल गर्माया हुआ है। इस पद पर कैसे नियुक्ति होती है और कैसे हटाया जा सकता है। आइए जानते हैं।
केरलम में SMA दवाओं को लेकर विवाद के बीच मंत्री K Muraleedharan की बैठक पर सफाई
‘स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी ’(एसएमए) से पीड़ित बच्चों के लिए किफायती भारतीय दवाओं के वितरण को लेकर जारी विवाद के बीच केरलम के स्वास्थ्य मंत्री के मुरलीधरन की एक घरेलू दवा कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात की तस्वीरें बृहस्पतिवार को सामने आईं। मुरलीधरन के कार्यालय में हुई इस हालिया मुलाकात की तस्वीरें कुछ टीवी चैनल द्वारा दिखाए जाने के बाद मंत्री ने पहले तो कंपनी के किसी भी प्रतिनिधि से मिलने की बात से इनकार किया, लेकिन बाद में कहा कि हो सकता है कि उन्होंने अपने कार्यालय में कई लोगों से मुलाकात की हो। मुरलीधरन ने कोझिकोड में संवाददाताओं के एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘इसका सरकार के (भारत में बनी एसएमए दवाएं उपलब्ध कराने के) फैसले से कोई लेना-देना नहीं है।’’तस्वीरों में उन्हें कुछ दस्तावेज सौंपे जाते दिखने के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि लोग अक्सर उन्हें तरह-तरह के दस्तावेज और रिपोर्ट देते रहते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन सरकार विशेषज्ञों से चर्चा किए बिना कोई फैसला नहीं करेगी। विशेषज्ञों ने एसएमए दवाओं को लेकर सरकार के फैसले का समर्थन किया है।’’मुरलीधरन ने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी इस तरह की बीमारियों के इलाज के लिए दवाएं उपलब्ध नहीं होना शर्म की बात है। मंत्री ने बुधवार को कहा था कि किफायती भारतीय दवाएं एसएमए से पीड़ित बच्चों को एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर दी जा रही हैं। उन्होंने बताया था कि इस समिति ने दवाओं की गुणवत्ता का आकलन किया था। मुरलीधरन ने कहा था कि यह प्रक्रिया पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई थी। उन्होंने कहा था कि सरकार ने एसएमए के लिए नयी दवा कम कीमत पर अधिक से अधिक लोगों को उपलब्ध कराने का फैसला किया है। एसएमए के मरीजों को ‘डॉक्टर के लिए नमूने’ और ‘क्लीनिकल परीक्षण के लिए’ लेबल वाली दवाएं दिए जाने के मुद्दे पर मुरलीधरन ने कहा था कि इस संबंध में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने हाल में एक फेसबुक पोस्ट में इस खबर पर हैरानी जताई थी कि एसएमए से पीड़ित बच्चों को उनके माता-पिता की सहमति के बिना ‘क्लीनिकल परीक्षण’ वाली प्रायोगिक दवाएं दी गईं। उन्होंने इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। एसएमए एक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी है, जिसके कारण मांसपेशियों का लगातार क्षय होने लगता है। इस बीच, यहां सरकारी एसएटी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. रियास ने अस्पताल के बाल वार्ड की खराब हालत को सुधारने के लिए एक दवा कंपनी की ओर से दी गई मदद को नकारात्मक रूप में पेश करने की कोशिशों की आलोचना की। श्री अवित्तम तिरुनल अस्पताल (जो आमतौर पर एसएटी अस्पताल के नाम से जाना जाता है) में राज्य का पहला सरकारी ‘स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी’ क्लीनिक है। एक बयान में डॉ. रियास ने कहा कि ‘चैरिटेबल सोसाइटीज एक्ट’ के तहत अस्पताल के एक हिस्से के रूप में काम कर रही सोसाइटी ‘एसएटीएचएचईएस’ मरीजों की देखभाल सुविधाओं को बेहतर बनाने और स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम आयोजित करने के लिए विभिन्न एजेंसियों, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के संस्थानों तथा व्यक्तियों से कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व फंड प्राप्त करती है। उन्होंने कहा कि इस कोष का इस्तेमाल अस्पताल में मरीजों की देखभाल से संबंधित विकास गतिविधियों के लिए किया जाता है। बयान में कहा गया है कि स्थिति का जायजा लेने के लिए कंपनी प्रतिनिधियों के प्रत्यक्ष दौरे के बाद, दवा कंपनी ने 25 लाख रुपये की पहली किस्त ‘एसएटीएचएचईएस’ के खाते में डाली थी। डॉ. रियास ने बताया कि इसके बाद अगस्त के पहले हफ्ते में कंपनी के प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की और इस संबंध में उन्हें एक प्रमाण पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि इस दौरे के दौरान भीड़ के बीच ली गई एक तस्वीर को अब इस तरह पेश किया जा रहा है, मानो एसएमए दवाओं को लेकर हुए विवाद के बाद मंत्री ने कंपनी के प्रतिनिधियों से मुलाकात की हो। डॉ. रियास ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए संबंधित लोगों से इस तरह के दुष्प्रचार अभियान बंद करने की अपील की।
तिब्बत में जोरदार भूकंप से हिली धरती, रिक्टर स्केल पर 7 रही तीव्रता
भारत के नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, भूकंप भारतीय समयानुसार रात करीब 8:03 बजे आया. इसका केंद्र जमीन से 173 किलोमीटर की गहराई पर था. फिलहाल भूकंप से जान-माल के नुकसान को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है.
घरेलू विवाद में पिता को डंडे-पत्थर से पीटकर मार डाला, बेटा गिरफ्तार
झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में पिता अशोक नायक की हत्या के आरोप में 25 वर्षीय बेटे अर्जुन नायक को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, 20 अक्टूबर को मामूली घरेलू विवाद के दौरान उसने पिता पर डंडे और पत्थर से हमला किया था. वारदात के बाद फरार आरोपी को गम्हरिया थाना क्षेत्र से पकड़ा गया. पुलिस ने खून से सना चाकू, पत्थर और कपड़ा भी बरामद किया है.
नॉर्थ-साउथ कोरिया के बॉर्डर पर लगे लाउडस्पीकर... इसमें क्या बजाती है आर्मी?
साउथ कोरिया और नॉर्थ कोरिया के बीच दुश्मनी दशकों से है. इनके बीच हमेशा तनातनी के हालात बने रहते हैं. लेकिन, इन दोनों देशों का दुश्मनी निभाने और जंग लड़ने का एक तरीका काफी अजीबोगरीब है. दोनों देश बॉर्डर पर भारी- भरकम लाउडस्पीकर लगाकर एक दूसरे को परेशान करते हैं.
चांद की सतह के नीचे 50 KM की सुरंग?
चांद के मारियस हिल्स इलाके में वैज्ञानिकों को जमीन के नीचे करीब 50 किलोमीटर लंबी लावा ट्यूब होने के संकेत मिले हैं. जापान के कागुया ऑर्बिटर के रडार आंकड़ों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह सुरंग अंतरिक्ष की हानिकारक किरणों और तापमान में बड़े बदलाव से बचाव का संभावित ठिकाना बन सकती है.
'बेटे को लॉन्च करने की तैयारी', रेहान वाड्रा के प्रदर्शनी विवाद पर भाजपा ने प्रियंका पर साधा निशाना
बीकानेर हाउस में रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाने पर विवाद गहरा गया है। भाजपा ने प्रियंका गांधी पर बेटे को राजनीति में लाने का आरोप लगाया।
सैमसन-श्रेयस के बाद नमन धीर का तूफान, भारत ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराया
क्राइस्टचर्च। भारत ने पांच मैचों की टी-20 सीरीज के पहले मुकाबले में न्यूजीलैंड को उसी के घर में चार विकेट से हराकर शानदार आगाज किया। मेजबान टीम के 225 रन के विशाल स्कोर के जवाब में भारत ने 19.4 ओवर में छह विकेट खोकर 230 रन बनाते हुए लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के […] The post सैमसन-श्रेयस के बाद नमन धीर का तूफान, भारत ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराया appeared first on Sabguru News .
CEC पर हमलावर विपक्ष को घेरने अमित शाह ने चल दिया कौनसा दांव? देखें हल्ला बोल
अमित शाह ने सीधी चुनौती देते हुए कहा कि राहुल गांधी 30 साल तक सत्ता में वापस नहीं आने वाले. अपने इस भरोसे की वजह अमित शाह ने जनता के बीच बीजेपी सरकारों के काम को गिनाया. केंद्रीय गृहमंत्री ने ना सिर्फ राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों को घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कहकर पलटवार किया, बल्कि उनके निशाने पर अरविंद केजरीवाल भी आए. सवाल ये है कि क्या अमित शाह ने राहुल के प्रदर्शनों को काउंटर करने के लिए बीजेपी की खास रणनीति बना ली है? देखें हल्ला बोल.
हुबली में पतंग के मांझे से कटी गर्दन, स्कूटी सवार महिला की मौके पर मौत
कर्नाटक के हुबली में पतंग का मांझा गर्दन में उलझने से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई. महिला की पहचान लैब टेक्नीशियन विद्या गौड़र की मौत हो गई. हादसा कारवार रोड पर सिद्धारूढ़ मठ के पास हुआ. पढ़ें पूरी कहानी.
विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया इस वक्त कूटनीति पर कौन सी वेब सीरीज देख रहे
एनडीटीवी के सीईओ, एडिटर इन चीफ राहुल कंवल ने एस.जयशंकर से पूछा कि इन दिनों कूटनीति के लिए वह सिनेमा के तौर पर क्या देख रहे हैं? इस सवाल पर विदेश मंत्री ने कहा है कि वह इन दिनों वेब सीरीज 'द डिप्लोमैट' देख रहे हैं.
रील देखने की लत से बचाएगी ये माइक्रो साधना, NDTV World Summit में स्वामी सर्वप्रियानंद ने बताया
वेदांत सोसाइटी ऑफ न्यूयॉर्क के रेजिडेंट मिनिस्टर स्वामी सर्वप्रियानंद ने NDTV World Summit 2026 में बताया कि रील देखने की लत से कैसे छुटकारा पाएं.
विधानसभा चुनाव से पहले Uttarakhand Congress ने 70 क्षेत्रों के लिए शुरू की न्याय यात्रा
अगले साल प्रस्तावित विधानसभा चुनाव की तैयारियों के दृष्टिगत उत्तराखंड कांग्रेस ने भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों और प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों को लेकर बृहस्पतिवार से न्याय यात्रा की शुरुआत की। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल समेत पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में अलग-अलग जगहों से विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना के बाद उत्तराखंड न्याय यात्रा शुरू की गयी जो प्रदेश के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। इस यात्रा में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। देहरादून में इस यात्रा का आगाज प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष और चकराता विधायक प्रीतम सिंह एवं पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला के नेतृत्व में प्रसिद्ध टपकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा—अर्चना के साथ किया गया। देहरादून में राजपुर रोड पर पार्टी मुख्यालय से गांधी पार्क होते हुए राजीव गांधी काम्प्लेक्स तक तथा मसूरी में इन्दर बाबा मार्ग कैनाल रोड़ से वैली गैस तक पद यात्रा आयोजित की गई। दूसरे दल का नेतृत्व गोदियाल, विधायक विक्रम सिंह नेगी एवं लखपत बुटोला कर रहे हैं जिसने अपनी यात्रा की शुरुआत चमोली जिले में बदरीनाथ मंदिर में पूजा करने के बाद की। यात्रा के तहत बदरीनाथ, जोशीमठ, पीपलकोटी एवं चमोली में पदयात्राएं निकाली गयीं। राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा तथा विधायक भुवन कापड़ी और तिलकराज बेहड़ की अगुवाई में तीसरे दल ने अल्मोड़ा के प्रसिद्ध गोलज्यूं मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ यात्रा की शुरुआत की। इसके तहत रानीखेत, खैरना, भवाली, भीमताल एवं हल्द्वानी में पदयात्रा रैलियों का आयोजन किया गया। बदरीनाथ धाम में यात्रा की शुरुआत करते हुए गोदियाल ने आरोप लगाया कि स्वयं को सनातन धर्म और धार्मिक आस्थाओं की सबसे बड़ी हितैषी होने का दावा करने वाली भाजपा के शासन में बदरीनाथ मंदिर और अयोध्या के राम मन्दिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित चढ़ावा भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘यह केवल धन की चोरी का मामला नहीं, बल्कि देश एवं विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की श्रद्धा, विश्वास और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा संवेदनशील विषय है।’’गोदियाल ने उत्तराखंड में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और रोजगार की बदहाल स्थिति के साथ ही जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों से लोगों के जीवन के संकट में होने, भ्रष्टाचार चरम पर होने और प्रदेश के संसाधनों पर बाहरी और प्रभावशाली लोगों पर कब्जे जैसे मुद्दों पर भी राज्य सरकार को घेरा और कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता के हितों के लिए संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड न्याय यात्रा कांग्रेस का केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश की पीड़ित, उपेक्षित और अधिकारों से वंचित जनता को न्याय दिलाने का जन आंदोलन है। गोदियाल ने कहा, ‘‘इस यात्रा के माध्यम से कांग्रेस गांव-गांव, शहर-शहर और घर-घर जाकर भाजपा सरकार की विफलताओं को उजागर करेगी तथा जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाएगी।’’
'मेरे पैर नहीं छुए', सलमान ने शाहिद कपूर से बनाई दूरी
IIFA इवेंट में सलमान खान, वरुण धवन, करीना कपूर खान, शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना जैसे तमाम सितारों ने शिरकत की.
आध्यात्मिक दुनिया की मशहूर शख्सियत स्वामी सर्वप्रियानंद भी बॉलीवुड से अछूते नहीं हैं. आमिर खान और अमिताभ बच्चन की फिल्मों का जिक्र करने के साथ उन्होंने हालिया फिल्म ‘हनुमान अंश’ देखने की इच्छा जताई है.
INDIA ब्लॉक की 1 नवंबर की रैली पर घमासान, BJP ने उठाए सवाल, देखें बुलेटिन.
1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन द्वारा बुलाई गई मेगा रैली को लेकर देश की राजनीति में भूचाल आ गया है. बीजेपी ने इस रैली की तारीख को 1984 के सिख विरोधी दंगों से जोड़ते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. बीजेपी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस सिख समुदाय के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रही है. दूसरी ओर, राहुल गांधी के हालिया विदेश दौरे को लेकर भी बीजेपी ने हमला तेज कर दिया है और आरोप लगाया है कि विरोध प्रदर्शनों के पीछे विदेशी फंडिंग का हाथ है. देखें बुलेटिन.
Exclusive: 'पाकिस्तान से संबंध भारत की कीमत पर नहीं...', जानें ऑपरेशन सिंदूर पर क्या बोले रुबियो
भारत आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और भारत में अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने आजतक को खास इंटरव्यू दिया है. रुबियो ने कहा कि पाकिस्तान के साथ अमेरिका के रिश्ते भारत के साथ उसकी साझेदारी की कीमत पर नहीं हैं. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने में अमेरिका की भूमिका पर भी बात की.
जानवरों में पाया जाने वाला वायरस इंसान में मिला, इस देश में पहली मौत
फ्रांस में पशुओं से फैलने वाले शामोंडा वायरस का पहला मानव संक्रमण सामने आया है, जिसमें एक मरीज की मौत हो गई. स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि फिलहाल आम जनता के लिए कोई खतरा नहीं है. आमतौर पर ये वायरस जानवरों के बीच मिज के काटने से फैलता है, जो एक छोटा मक्खी जैसा कीट होता है.
दिलजीत दोसांझ के दिल्ली कॉन्सर्ट पर ब्रेक, पुलिस ने सुरक्षा कारणों से नहीं दी मंजूरी
30 अक्टूबर को JLN स्टेडियम में होना था ‘ऑरा इंडिया टूर’ का शो नई दिल्ली। पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ के दिल्ली कॉन्सर्ट को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने 30 अक्टूबर को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में प्रस्तावित उनके ‘ऑरा इंडिया टूर’ के कार्यक्रम को सुरक्षा मंजूरी देने से इनकार कर […] The post दिलजीत दोसांझ के दिल्ली कॉन्सर्ट पर ब्रेक, पुलिस ने सुरक्षा कारणों से नहीं दी मंजूरी appeared first on Sabguru News .
'सऊदी दुश्मन...', हूतियों का दावा भारतीयों से भरी नाव पर किया अटैक
हूतियों के दावे के अनुसार सऊदी अरब ने लाल सागर में युकार आईलैंड के पास जिस नाव पर हमला किया है उस पर 14 भारतीय सवार थे. ईरान समर्थित हूतियों ने दावा किया कि सऊदी के हमले के बाद उसकी सेना ने नाव पर सवार लोगों को बचाया.
गंदे-चिपचिपे हो गए हैं स्विचबोर्ड? इन चीजों से मिनटों में करें साफ
How To Clean Yellow-Greasy Switchboards: दीवारों पर लगे स्विचबोर्ड पर धीरे-धीरे धूल, तेल और उंगलियों के निशान जमा होने लगते हैं, जिससे वे गंदे और पुराने दिखने लगते हैं. खासकर किचन के आसपास लगे स्विचबोर्ड पर चिकनाई जमने से उनकी सफाई करना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में घर में मौजूद कुछ आम चीजें सफाई में मदद कर सकती हैं. हालांकि, स्विचबोर्ड साफ करते समय बिजली से जुड़ी सुरक्षा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.
New Bhojpuri Song: फेस्टिवल सीजन में माही श्रीवास्तव और सृष्टि भारती का नया भोजपुरी सॉन्ग ‘दिलवे में रही के’ रिलीज हो गया है. इस भोजपुरी गाने में माही श्रीवास्तव पति की अकल ठिकाने लगाती नजर आ रही हैं.
सूरत में 8 साल की बच्ची से हैवानियत, आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने अब तक क्या बताया है?
सूरत के सचिन GIDC क्षेत्र में 8 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है. बच्ची खुले में शौच के लिए गई थी, तभी 35 वर्षीय आरोपी सर्वेश रामलखन निषाद उसे झाड़ियों में ले गया और वारदात को अंजाम दिया. विरोध करने पर उसने बच्ची को धमकी भी दी.
फैक्ट चेक: टाइगर, संजय दत्त ने बिश्नोई गैंग को दी धमकी?
टाइगर श्रॉफ और संजय दत्त के लॉरेंस बिश्नोई गैंग को खुली धमकी देने का दावा करने वाले वायरल वीडियो नकली हैं. दोनों ने ही इस मामले को लेकर कोई वीडियो या बयान जारी नहीं किया है.
NDTV World Summit: रुबियो से मुंबई में वार्ता की विपक्षी आलोचना पर जयशंकर- छोड़िए बच्चों सी बातें
NDTV World Summit: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर पूछे गए सवाल पर भी जयशंकर ने साफ शब्दों में कहा कि बातचीत तब तक पूरी नहीं मानी जा सकती, जब तक अंतिम सहमति न बन जाए.
राहुल गांधी पर भाजपा का बड़ा आरोप, विदेशी संगठनों से संबंध और सत्ता परिवर्तन की साजिश का दावा
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को गंभीर आरोप लगाए। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने दावा किया कि राहुल गांधी विदेशी संगठनों के संपर्क में हैं और देश में अराजकता पैदा कर सत्ता परिवर्तन की साजिश में उनकी भूमिका है। […] The post राहुल गांधी पर भाजपा का बड़ा आरोप, विदेशी संगठनों से संबंध और सत्ता परिवर्तन की साजिश का दावा appeared first on Sabguru News .
बेटी की शादी से नाराज पिता ने कराया शांति पाठ, समाज के सामने बतया दर्द
उत्तर प्रदेश के कासगंज के सिढ़पुरा कस्बे में बेटी के अपनी मर्जी से शादी करने पर परिवार की नाराजगी सामने आई है. पिता ने जीवित बेटी को मृत मानकर शांति पाठ कराया और समाज के सामने अपना दर्द बयां किया. पिता का आरोप है कि 11 अक्टूबर की रात बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाया गया था. बेटी का पक्ष सामने आना अभी बाकी है.
फोन से सिम निकाला तो हमेशा के लिए WhatsApp बंद! जान लें नया नियम
1 जनवरी 2027 से WhatsApp यूजर्स के लिए SIM से जुड़ा नया नियम लागू हो सकता है. इसके तहत फोन में रजिस्टर्ड SIM रखना जरूरी हो सकता है. जानिए इस नियम का क्या मकसद है, किन यूजर्स पर असर पड़ सकता है और WhatsApp चलाने के लिए क्या करना होगा.
NDTV World Summit 2026 में VFS Global के फाउंडर और सीईओ जुबिन करकारिया ने बताया कि दुनिया में ट्रैवल और टूरिज्म तेजी से बढ़ रहा है.
बिहार की 8 MLC सीटों पर कल वोटिंग... NDA और INDIA में बिखराव! PK का लिटमस टेस्ट
बिहार में विधान परिषद की 8 सीटों पर शुक्रवार को वोटिंग होगी, जिसके नतीजे 27 अक्टूबर को आएंगे. इन सीटों पर 150 उम्मीदवार मैदान में हैं.
9 एयरबैग, ADAS और हाइब्रिड इंजन... धांसू लुक वाली SUV लॉन्च
हुंडई ट्यूसॉन को कंपनी ने ग्लोबल मार्केट में लॉन्च कर दिया है. कुछ वक्त पहले ही कोरियन कंपनी ने इस कार को अनवील किया था और अब इसे ब्रांड ने अपने घरेलू मार्केट में लॉन्च कर दिया है. ये एसयूवी चार वेरिएंट्स- एच-पिक, एक्सक्लूसिव, एक्सआरटी और इंस्पिरेशन में आती है.
राजनांदगांव की एसपी और छत्तीसगढ़ की पहली महिला IPS अंकिता शर्मा द्वारा विजयदशमी पर AK-47 से किए गए हर्ष फायर का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस मुख्यालय ने स्पष्टीकरण मांगा है. सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर मामले की जांच शुरू हुई है.
टेस्ट में 300, वनडे में 200... गेल- सहवाग के क्लब में शामिल हैरी ब्रूक
हैरी ब्रूक ने श्रीलंका के खिलाफ रावलपिंडी में इतिहास रचते हुए महज 114 गेंदों में वनडे क्रिकेट का सबसे तेज दोहरा शतक जड़ दिया है. वह वनडे में 200 रन बनाने वाले इंग्लैंड के पहले बल्लेबाज बन गए हैं. ब्रूक ने शुभमन गिल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए इंग्लैंड के लिए सर्वोच्च व्यक्तिगत वनडे स्कोर भी अपने नाम कर लिया है.
दिल्ली-NCR में प्रदूषण को लेकर एक्शन में सरकार, NHAI ने 157 किमी हाईवे पर 900 कर्मचारी किए तैनात
दिल्ली-NCR में प्रदूषण बढ़ने के बाद NHAI ने धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव, स्मोक गन और पौधारोपण जैसे उपाय किए हैं.
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में बायोप्लास्टिक प्लांट के लिए बेल्जियम से आया विशाल रिएक्टर पहुंचा. प्लांट में गन्ने से सालाना 80 हजार टन बायोप्लास्टिक बनाने का लक्ष्य है. बाहुबली ट्रक लेकर आया रिएक्टर. पूरी डिटेल यहां.
ब्रह्मोस मिसाइल को पूरी तरह स्वदेशी बनाने की तैयारी तेज, CEO ने बताईं बड़ी बातें
भारत की शक्तिशाली सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है. ब्रह्मोस एयरोस्पेस के सीईओ डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी ने बताया कि इस मिसाइल को अब पूरी तरह से स्वदेशी बनाने के मिशन पर तेजी से काम किया जा रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ब्रह्मोस ने अपनी अचूक मारक क्षमता का प्रदर्शन करते हुए दुश्मन के अहम ठिकानों को तबाह कर दिया था. इस सफल प्रदर्शन के बाद वैश्विक स्तर पर ब्रह्मोस की मांग और प्रतिष्ठा में काफी इजाफा हुआ है. ब्रह्मोस मिसाइल की रेंज, सटीकता और ताकत इसे दुनिया के सबसे घातक हथियारों में शामिल करती है. यह मिसाइल थल सेना, नौसेना और वायुसेना तीनों में सफलतापूर्वक एकीकृत की जा चुकी है. अब ब्रह्मोस के नए और हल्के एयर-लॉन्च वर्जनों के विकास पर काम चल रहा है.
नाना बनेंगे गोविंदा! मां बनने को तैयार आरती, देंगी गुडन्यूज
गोविंदा की भांजी आरती सिंह ने 2024 में बिजनेसमैन दीपक चौहान संग शादी की थी. अब वो मां बनने के सपने देख रही हैं.
सम्राट चौधरी ने IPRD समीक्षा में कहा, Social Media शिकायतों का त्वरित समाधान करें अधिकारी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में सूचना एवं जन-संपर्क विभाग की समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी पहलों की जानकारी आम लोगों तक पहुँचाने तथा जनहित से जुड़े मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग के सचिव श्री नवीन कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभाग के कार्यों की अद्यतन जानकारी दी। उन्होंने विभाग की प्राथमिकतायें, सरकारी की कल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुँचाने के लिए किये जा रहे कार्य तथा माध्यमों एवं व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। इसे भी पढ़ें: Bihar में जब्त मादक पदार्थों का Liquor Ban से कोई संबंध नहीं, मदन सहनी ने दावों को किया खारिज मुख्यमंत्री ने कहा कि सूचना एवं जन-संपर्क विभाग सरकार और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है। विभाग यह सुनिश्चित करे कि जनहित से जुड़ी सूचनायें समय पर लोगों तक पहुँचें और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी पहल की जाए। उन्होंने कहा कि सूचना सूचना एवं जन-संपर्क विभाग सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और विकास कार्यों की जानकारी सरल एवं प्रभावी तरीके से आम जनता तक पहुँचाये, ताकि लोग योजनाओं के प्रति जागरूक हों और उनका लाभ शीघ्र उठा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों, विधि-व्यवस्था तथा अन्य महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों की निगरानी तथा नकारात्मक एवं भ्रामक खबरों पर त्वरित कार्रवाई के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम को सक्रिय करने को लेकर कार्य किया जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारों की पेंशन योजना से संबंधित नियमों और प्रावधानों की जानकारी सभी को प्राप्त हो ताकि पत्रकारों को इसकी जानकारी मिल सकें और वे लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि लोगों की जो समस्यायें या सुझाव सोशल मीडिया साइट्स पर आते हैं उसका प्रभावी विश्लेषण करें। सरकार के स्तर पर उसको लेकर जो कार्रवाई की जाती है, उसके संबंध में जानकारी लोगों को दें। विभागीय स्तर, जिला स्तर एवं पंचायत स्तर पर लोगों के फीडबैक, सुझाव एवं शिकायतों को लेकर बेहतर प्रबंधन एवं निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें। इसे भी पढ़ें: पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार को 1976 में अधिग्रहित जमीन का मुआवजा मिलेगा, Patna High Court का फैसला मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की सभ्यता एवं संस्कृति का वैश्विक स्तर पर प्रचार प्रसार हो। बिहार के लोग जो अन्य राज्यों में या विदेश में रहते है उनसे जुड़ें, बिहार के संबंध में फीडबैक लें तथा बिहार की खासियत एवं बढ़ते बिहार की उपलब्धियों से अवगत करायें। बिहार के गौरवशाली अतीत को फिर से वापस लाना है बिहार को समृद्ध प्रदेश बनाना है इसके लिए सबका सहयोग आवश्यक है। बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग के के सचिव नवीन कुमार, निदेशक, सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग गुंजन सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
US के मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका-इजरायल?
अमेरिका और इजरायल ने मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य हमले की रणनीति तैयार की है. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, दोनों देशों ने साझा युद्धाभ्यास भी तेज कर दिया है ताकि ईरान पर संभावित कार्रवाई का पूर्वाभ्यास किया जा सके. इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को फिर से शुरू करने जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय तनाव काफी बढ़ गया है. दूसरी तरफ, भारत की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस को पूरी तरह से स्वदेशी बनाने का काम तेजी से शुरू हो चुका है.
पश्चिम रेलवे ने गुजरात के उधना और महाराष्ट्र के अमरावती के बीच स्पेशल सुपरफास्ट ट्रेन का ऐलान किया है. यह ट्रेन 8 स्टेशनों पर रुकेगी और 10 घंटे का सफर होगा.
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार (22 अक्टूबर 2026) को इंस्टाग्राम पर अपना आधिकारिक डेब्यू किया। अपने पहले पोस्ट में उन्होंने आगामी संस्मरण (मेमॉयर) 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' का एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने इस पुस्तक को ...
रूस ने यूक्रेन पर दागीं 21 मिसाइलें, कीव में दो लोगों की मौत, दर्जनों घायल
यूक्रेन में रूसी मिसाइल हमलों के कारण अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. वहीं, 35 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. कीव के अलावा अन्य कई क्षेत्रों से भी जान-माल के भारी नुकसान की रिपोर्ट आ रही है. राहत और बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों को निकालने और स्थिति को नियंत्रित करने के कार्य में जुटे हुए हैं.
SCL Recruitment 2026: सेमी-कंडक्टर लेबोरेटरी (SCL) ने तकनीशियन, तकनीकी सहायक और प्रशासनिक अधिकारियों सहित कुल 83 नियमित पदों पर भर्ती निकाली है. आवेदन प्रक्रिया 1 नवंबर से शुरू होगी, जिसमें चयनित उम्मीदवारों को 1,06,740 तक मासिक वेतन मिलेगा.
शादी-विवाह के सीजन में नोटों की मालाएं बनाने वालों की चांदी, SBI की भूमिका पर उठे सवाल
अजमेर में 10-20 रुपए के नए नोटों को लेकर सवाल, आम ग्राहक परेशान अजमेर। शादी-विवाह का सीजन शुरू होते ही 10 और 20 रुपये के नए नोटों की मांग अचानक बढ़ गई है। खासकर नोटों की मालाएं तैयार करने वाले कारोबारियों और विवाह समारोहों में छोटे नोटों का इस्तेमाल करने वालों के बीच इन नोटों […] The post शादी-विवाह के सीजन में नोटों की मालाएं बनाने वालों की चांदी, SBI की भूमिका पर उठे सवाल appeared first on Sabguru News .
भारत और फ्रांस में प्रदर्शनों पर UN का दोहरा रवैया, आंदोलनों के पीछे अक्सर बाहरी ताकतें- एस जयशंकर
एस जयशंकर ने कहा कि प्रदर्शन तो फ्रांस में भी हो रहे हैं, लेकिन और भारत और यूरोपीय देश के मामले में यूएन का दोहरा रवैया देखने को मिला है.
जिस उम्र में स्कूल जाना चाहिए, उस उम्र में ड्रग्स, कपूरथला के वीडियो ने चौंकाया
कपूरथला में करीब 12 से 13 साल के बच्चे के कथित तौर पर नशा करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है. प्रशासन के मुताबिक, संबंधित बच्चों को नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल करवाया गया है. प्राथमिक उपचार के बाद उनके जरूरी टेस्ट होंगे, ताकि नशे के सेवन और स्वास्थ्य पर उसके असर की जानकारी मिल सके.
Sonia Gandhi ने Instagram पर किया डेब्यू, अपनी किताब की पहली झलक की साझा
कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया में दस्तक देते हुए अपने ‘इंस्टाग्राम’ पेज की शरुआत की और अपनी पुस्तक की पहली झलक साझा की। उन्होंने पहली बार किसी सोशल मीडिया मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। वह अब तक सोशल मीडिया से दूरी बनाए हुए थीं। उनके वीडियो संदेश या बयान पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से जारी किए जाते रहे हैं। इंस्टाग्राम पर आने के तुरंत बाद सोनिया गांधी ने अपने बेटे राहुल गांधी, बेटी प्रियंका गांधी वाद्रा और कांग्रेस के आधिकारिक अकाउंट को ‘फॉलो’ किया। उनके अकाउंट पर फॉलोअर की संख्या तेजी से बढ़ी और कुछ ही घंटों में यह एक लाख को पार कर गई। राहुल गांधी समेत इंस्टाग्राम पर मौजूद कांग्रेस के कई शीर्ष नेताओं ने भी पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष के अकाउंट को ‘फॉलो’ किया। कांग्रेस के कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर सोनिया गांधी का स्वागत किया और उनकी आगामी पुस्तक को लेकर उत्सुकता जाहिर की। सोनिया गांधी ने इंस्टाग्राम पर अपनी पहली पोस्ट में आगामी पुस्तक ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ की प्रतियां प्राप्त करते हुए अपना एक वीडियो साझा किया। उन्होंने पोस्ट में कहा, ‘‘सभी को नमस्कार। इस पल को आप सभी के साथ साझा करते हुए मैं वास्तव में बहुत आभारी हूं। यह ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ की पहली झलक है।’’सोनिया गांधी ने कहा, ‘‘यह प्रेम, कर्तव्य, अपनों को खोने और अपनेपन की जगह तलाशने की कहानी है। मैं इसे आप सभी के साथ साझा करने को लेकर उत्सुक हूं।’’वीडियो में सोनिया गांधी अपनी पुस्तक की पहली प्रति लेते हुए दिखाई देती हैं और इस अवसर पर अपनी बेटी प्रियंका गांधी वाद्रा के साथ मिठाई बांटती नजर आ रही हैं। वह यह भी बताती हैं कि पुस्तक में बहुत सारी तस्वीरें हैं। इंस्टाग्राम पर उनके दस्तक देने के कुछ घंटे के भीतर ही उनके पहले वीडियो को 1.80 लाख लोगों ने लाइक किया। अपनी दूसरी इंस्टाग्राम पोस्ट में सोनिया गांधी ने पुस्तक के पन्ने पलटते हुए अपनी एक तस्वीर साझा की। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने उस वीडियो को पोस्ट करते हुए कहा, ‘‘कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी का बहुप्रतीक्षित संस्मरण 10 नवंबर को प्रकाशित होगा।’’‘हार्पर कॉलिन्स इंडिया’ ने पिछले महीने घोषणा की थी कि वह सोनिया गांधी का संस्मरण ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ भारत में 10 नवंबर को प्रकाशित करेगा। इस घोषणा के साथ पुस्तक के भारत में प्रकाशन को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त हो गई थी। इससे पहले लेखिका के प्रतिनिधियों और ‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया’ के बीच ‘‘गतिरोध’’ की बात सामने आई थी। ‘हार्पर कॉलिन्स इंडिया’ ने एक बयान में कहा था, ‘‘हमारे समय के सबसे बहुप्रतीक्षित राजनीतिक संस्मरणों में से एक ‘बिलॉन्गिंग’ प्रेम, पहचान, कर्तव्य और अपनेपन की एक नाटकीय एवं बेहद निजी कहानी है। यह भारत की यात्रा को भीतर से देखने का एक दुर्लभ अवसर भी प्रदान करती है।’’‘हार्पर कॉलिन्स इंडिया’ की यह घोषणा ‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया’ (पीआरएचआई) से जुड़े विवाद के बाद हुई थी। पीआरएचआई शुरुआत में इस संस्मरण को प्रकाशित करने का इच्छुक था, लेकिन बाद में उसने कहा कि वह भारत में इसका प्रकाशक नहीं होगा। पुस्तक की पांडुलिपि में संपादकीय बदलावों को लेकर प्रकाशक और लेखिका के प्रतिनिधियों के बीच मतभेद की खबरों के बाद विवाद शुरू हुआ था। कांग्रेस के कई नेताओं ने इस दौरान सरकारी दबाव और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े सवाल उठाए थे। कुछ नेताओं ने आरोप लगाया था कि ‘पेंगुइन इंडिया’ पर पुस्तक से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और मोदी सरकार के दौरान भारतीय क्षेत्र पर चीन के कब्जे से संबंधित अंश हटाने का दबाव था। हालांकि, पीआरएचआई ने ‘पीटीआई’ को दिए एक बयान में कहा था कि वह पुस्तक प्रकाशित करने को लेकर ‘‘वास्तव में उत्सुक’’ था और इसे हासिल करना काफी प्रयास से संभव हुआ था, लेकिन एक विशेष मुद्दे पर गतिरोध के कारण अंततः उसने इससे अलग होने का फैसला किया। पीआरएचआई ने इस बात पर जोर दिया था कि उस पर किसी तरह का बाहरी दबाव नहीं था। हालांकि, उसने गोपनीयता संबंधी प्रावधानों और लेखिका के साथ हुए समझौते का हवाला देते हुए गतिरोध की वास्तविक वजह बताने से इनकार कर दिया था। ‘बिलॉन्गिंग’ की शुरुआत इटली में सोनिया गांधी के बचपन से होती है और फिर उनकी कैम्ब्रिज तक की यात्रा का जिक्र करती है, जहां 1965 में उनकी मुलाकात राजीव गांधी से हुई थी। संस्मरण में राजीव गांधी से उनके विवाह, अपनी सास एवं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से परिचय तथा भारत में जीवन के साथ तालमेल बैठाने के उनके प्रयासों का भी उल्लेख है। इनमें हिंदी सीखना, साड़ी पहनना और भारतीय खानपान एवं संस्कृति को अपनाना शामिल है। पुस्तक में गांधी परिवार को झकझोर देने वाली प्रमुख त्रासदियों का भी जिक्र है। इनमें विमान दुर्घटना में संजय गांधी की मृत्यु, 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या और 1991 में राजीव गांधी की हत्या शामिल हैं। संस्मरण में 2004 के लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन की जीत से जुड़ी राजनीतिक घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है। उस समय सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री पद स्वीकार करने से इनकार कर दिया था और इसके बजाय कांग्रेस तथा उसके गठबंधन का नेतृत्व किया था। इस गठबंधन ने अगले एक दशक तक केंद्र में सरकार चलाई।
ब्रिटिश सांसद ने संसद में प्रस्ताव पेश कर जम्मू-कश्मीर पर भारत की संप्रभुता को फिर से दोहराया
इस प्रस्ताव में जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं में मारे गए और घायल हुए सभी नागरिकों के प्रति संवेदना जताई गई है, जिनमें “पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों” के नागरिक भी शामिल हैं. इसमें जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं के लगातार जारी असर पर भी चिंता जताई गई है.
भोजपुरी स्टार प्रदीप पांडे चिंटू और सहर अफशा का रोमांटिक अंदाज फैंस को खूब भा रहा है. ‘कत्थइया रंग टिकुलिया’ यूट्यूब पर 2 साल बाद फिर ट्रेंड कर रहा है.
गुरुग्राम के कई इलाकों में 'ब्लैक आउट', बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का असर
गुरुग्राम में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कई रिहायशी और औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई है. इससे फैक्ट्रियों का कामकाज ठप हो गया है और शहर में अंधेरा छा गया है. बिजली न आने से लोग परेशान होकर सड़कों पर उतर आए हैं.
'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के बारे में सबसे अहम बात सिर्फ यह नहीं है कि उन्होंने मई में एक मीम बनाया, जून में एक आंदोलन का नेतृत्व किया और जुलाई में एक मंत्री को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया। अहम बात यह है कि वे एक दलित नेता हैं, जिन्हें एक ऐसे आंदोलन के चेहरे के रूप में स्वीकार किया गया है, जो युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हुआ है। ये वे युवा हैं जो भारत में 12 साल पहले शुरू हुए भाजपा के वर्चस्व के दौर में बड़े हुए हैं। CJP कोई ऐसी राजनीतिक पार्टी नहीं है जो चुनाव लड़ेगी, लेकिन इसे आज का सबसे प्रभावशाली राजनीतिक इन्फ्लुएंसर कहा जा सकता है। दिपके की पृष्ठभूमि CJP को ऐसे सामाजिक आधार तक पहुँचने में मदद करती है, जो पारंपरिक रूप से उन लोगों की पहुँच से बाहर रहा है जिन्हें ऐतिहासिक रूप से विशेषाधिकार प्राप्त थे। आसान शब्दों में कहें तो, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर बड़े पैमाने पर लोगों को मताधिकार से वंचित करने की साजिश रचने का आरोप है। भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के भीतर के सूत्रों पर आधारित खबरों के सामने आने और मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के मामलों के बढ़ने के बाद, यह मुद्दा एक बड़ा विवाद बन गया है। यूपी चुनाव पर असर उत्तर प्रदेश के राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर के विरोध-प्रदर्शनों के अक्सर राजनीतिक परिणाम होते हैं, खासकर तब जब इनमें युवा मतदाता शामिल हों। राष्ट्रीय स्तर के विरोध-प्रदर्शनों से व्यापक चर्चा छिड़ती है और अक्सर इनका असर भी पड़ता है। इस आंदोलन को युवा चला रहे हैं, जिनमें से कई पहली या दूसरी बार वोट देने वाले मतदाता हैं। उनके लिए मुद्दा सबसे अहम है और वे उसी पर केंद्रित हैं। यह मौजूदा सरकारों के लिए एक चुनौती है, खासकर उन पांच राज्यों में जहां आने वाले महीनों में चुनाव होने हैं। इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि यह आंदोलन उत्तर प्रदेश की राजनीति पर भी असर डाल सकता है। हालांकि कुछ जानकार ये भी कहते हैं कि चुनावी असर के बारे में कुछ भी कहना अभी जल्दबाजी होगी, क्योंकि राजनीतिक नैरेटिव (विमर्श) अक्सर चुनाव के करीब आने पर ही आकार लेते हैं। 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान पेपर लीक भी एक मुद्दा था, लेकिन 'संविधान बचाओ' के नैरेटिव ने इसे पीछे छोड़ दिया। 2027 के विधानसभा चुनाव करीब आने पर ही यह साफ हो पाएगा कि कौन सा नैरेटिव मतदाताओं के बीच ज्यादा असर डालता है। राष्ट्रीय राजनीति पर प्रभाव इंडिया गठबंधन ने CJP द्वारा बनाई गई जगह को भरते हुए, छात्रों के बिखरे हुए विरोध-प्रदर्शनों को दिल्ली और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में एक संगठित और संस्थागत आंदोलन में बदल दिया है। इसने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को एक स्पष्ट और राजनीतिक रूप से विभाजित लक्ष्य बना दिया है, जो कि केंद्रीय जांच एजेंसियों को लेकर चल रही बहसों जैसा ही है। 'जेन-Z' (Gen-Z) राजनीति की सीमाएं: 'जंतर-मंतर 2.0' की विफलता यह दिखाती है कि डिजिटल माध्यम से लोगों को एकजुट करने की भी एक सीमा होती है। जब तक कोई सीधा और बुनियादी मुद्दा (जैसे पेपर लीक, रेलवे की नौकरियां, या अग्निपथ) सामने न हो, तब तक मध्यम वर्ग के युवा और विश्वविद्यालय के छात्र केवल प्रक्रियागत या संस्थागत शिकायतों को लेकर लंबे समय तक संघर्ष जारी नहीं रखते। सीजेपी असल में क्या चाहते हैं? मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा। इस पूरे आंदोलन की सबसे प्रमुख सार्वजनिक मांग मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाना है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि मौजूदा नेतृत्व में मतदाता सूचियों से नाम हटाने की प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण और अपारदर्शी तरीके से चलाई जा रही है। SIR प्रक्रिया को रद्द करना या उसमें पारदर्शी बदलाव पहचान और दस्तावेजों के पूर्वव्यापी (पुराने रिकॉर्ड्स के आधार पर) सत्यापन के नियमों पर तत्काल रोक लगाना, क्योंकि इसका सबसे ज्यादा खामियाजा प्रवासी मजदूरों, गरीबों और वंचित तबके के मतदाताओं को भुगतना पड़ रहा है। हटाए गए मतदाताओं की सूची का सार्वजनिक ऑडिट ड्राफ्ट मतदाता सूची को अंतिम रूप देने से पहले, बूथ स्तर पर काटे गए नामों की सूची को ठोस और सत्यापन योग्य कारणों के साथ सार्वजनिक रूप से प्रकाशित करना अनिवार्य किया जाए। राजनीतिक जमीन और पहचान सीजेपी (CJP) के संस्थापकों के लिए यह समकालीन युवा राजनीति में अपनी एक अलग और आक्रामक पहचान बनाने की कोशिश है। वहीं 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के लिए यह आगामी चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठाने का एक ऐसा नागरिक मंच तैयार करता है, जिससे वे खुद सीधे तौर पर चुनावी स्वार्थ से प्रेरित नजर न आएं। इसे भी पढ़ें: How was CJP Born |कॉकरोच जनता पार्टी वाले अभिजीत दीपके की पूरी कुंडली | Teh Tak Part 1
एयर प्यूरिफायर कबाड़ हो जाएगा, 99% लोग फिल्टर गलत साफ करते हैं
HEPA फिल्टर की सफाई कैसे करें? दरअसल एयर प्यूरिफायर का मेन फिल्टर यही होता है. अगर गलती से इस फिल्टर को आपने धो दिया तो पैसा बर्बाद हो जाएगा. लेकिन फिर क्या करें? सफाई कैसे करें? आइए जानते हैं.
भूल जाएंगे पकौड़े! बेसन और अजवायन से बनाएं काठियावाड़ी मेथी गोटा
Kathiyawadi Methi Gota: अगर आपको भी शाम की चाय के साथ कुछ क्रिस्पी और टेस्टी खाने का मन करता है तो फिर समोसे-पकौड़े छोड़ें और काठियावाड़ी बेसन गोटा ट्राई कीजिए.
पति से अलग होने के बाद भी नहीं लिया एक रुपये का गुजारा भत्ता, रोते हुए माही विज ने बताई वजह
माही विज ने खुलासा किया कि पति जय भानुशाली से अलग होने के बाद उन्होंने अलीमनी क्यों नहीं ली. भावुक बातचीत में एक्ट्रेस ने अपनी जिंदगी के इस फैसले की वजह बताई.
UP विधान परिषद चुनाव से पहले सपा ने लगाया मतदाताओं को धमकाने का आरोप
समाजवादी पार्टी (सपा) ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीट पर 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान से पहले अपने समर्थक मतदाताओं को धमकाने और मतदान से रोकने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन देकर मामले में तत्काल कार्रवाई करने और मतदान स्वतंत्र, निष्पक्ष तथा भयमुक्त माहौल में कराने की मांग की है। पार्टी की ओर से जारी बयान के अनुसार, सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर यह ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है प्रदेश के कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव समेत 72 जिलों में मतदान के दौरान सपा समर्थक मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है। ज्ञापन में यह भी इल्जाम लगाया गया है कि प्रदेश सरकार के मंत्रियों और भाजपा पदाधिकारियों के इशारे पर पुलिसकर्मी सपा समर्थकों को चिह्नित कर उन्हें मतदान के दिन घर से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दे रहे हैं। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि समर्थकों को फर्जी मुकदमों में फंसाने और गिरफ्तार कर जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। सपा ने प्रयागराज जिले में मऊआइमा थाना क्षेत्र के मलखानपुर गांव की अंजू यादव और जंघई पुलिस चौकी क्षेत्र के शोरो गांव निवासी रामजी यादव को कथित तौर पर मतदान करने से रोकने के लिए धमकाये जाने का आरोप लगाया है। ज्ञापन में कहा गया है कि वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के तहत जौनपुर में जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा विद्यालयों के प्रबंधकों पर मतदान के दिन घर पर रहने और वोट नहीं डालने का दबाव बनाया जा रहा है। पार्टी ने ज्ञापन में संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षक को तत्काल हटाने की मांग भी की है। आगरा खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में बड़ी संख्या में दोहरे नाम दर्ज होने और नामों में त्रुटियों का आरोप लगाते हुए सपा ने कहा कि इससे मतदाताओं को परेशानी हो सकती है। पार्टी ने निर्वाचन अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने की मांग की कि किसी भी मतदाता को वोट डालने से न रोका जाए। साथ ही, सपा ने मतदान समाप्त होने के बाद प्रत्येक बूथ पर पड़े मतों का विवरण देने वाला फॉर्म-17सी मतदान एजेंटों को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह यादव और राधेश्याम सिंह शामिल थे।
How was CJP Born |कॉकरोच जनता पार्टी वाले अभिजीत दीपके की पूरी कुंडली | Teh Tak Part 1
इस धरती पर एक जीव ऐसा भी है, जिसके बारे में यह माना जाता है कि परमाणु युद्ध होने पर भी इन पर असर नहीं होगा। हालांकि इसमें कितनी सच्चाई है, ये तो नहीं पता लेकिन हां ये जरूर है कि जब व्यवस्था की सफाई करने के बजाय सिस्टम खुद सड़ने लगता है, तब अंधेरी रातों में, सुनसान राहों पर एक 'मसीहा' निकलता है। जिसे लोग शहंशाह नहीं, बल्कि 'कॉकरोच' कहते हैं! यह एक ऐसा सर्वव्यापी मसीहा है जो कहीं भी प्रकट हो सकता है। आपके चमचमाते किचन में, भारतीय रेल के डिब्बों में, या फिर सरकारी दफ्तर के उस सीलन भरे कमरे में जहां धूल खाती फाइलें सदियों से सो रही हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि अचानक इस महान जीव का जिक्र क्यों? तो जनाब, राजनीति के गलियारे से एक ब्रेकिंग न्यूज़ आई। देश की राजनीति में इस वक्त एक ऐसी पार्टी की एंट्री हुई जिसने बिना चुनाव लड़े, बिना रैलियां निकाले और बिना पोस्टर्स लगाए सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। नाम है कॉकरोच जनता पार्टी यानी कि सीजेपी। सीजेपी का नाम इस समय इंटरनेट पर टॉक ऑफ द टाउन बना हुआ है। सुनने में यह किसी मीम या मजाक जैसा आपको लग सकता है लेकिन इंटरनेट पर इसकी लोकप्रियता मजाक से आगे निकलती दिखाई दी। लॉन्च होने के महज कुछ दिनों के भीतर इस पार्टी से हजारों लोग जुड़ गए। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि इसके सदस्य खुद को सेकुलर, सोशलिस्ट, डेमोक्रेटिक और लेजी बताते हैं और यही लाइन अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। शुरुआती दिनों में कोई इसे युवाओं की हताशा का नया प्रतीक बता रहा था तो कोई इसे मौजूदा राजनीति पर सबसे बड़ा व्यंग मान रहा। लेकिन सवाल सबसे बड़ा यहां पर यह है कि क्या कॉकरोच जनता पार्टी सिर्फ इंटरनेट का मजाक है या फिर सिस्टम से नाराज युवाओं की नई डिजिटल आवाज। दरअसल इस पूरी कहानी की शुरुआत एक विवादित टिप्पणी से हुई जिसमें बेरोजगार युवाओं और एक्टिविस्ट को लेकर कॉकरोच शब्द का इस्तेमाल किए जाने पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। पार्टी के नाम कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर भी चर्चा है। यह नाम हाल ही में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की कथित टिप्पणी पर आधारित है। जिसमें उन्होंने यह कहा था कि कुछ युवा कॉकरोच जैसे होते हैं जिन्हें रोजगार नहीं मिलता और वह सोशल मीडिया, मीडिया या आरटीआई एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करने लगते हैं। हालांकि बाद में सीजीआई ने सफाई भी दी थी और कहा था कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। जिस दिन सीजीआई सूर्यकांत ने कॉकरोच वाली टिप्पणी की उसी दिन यानी 16 मई को अभिजीत डिपके ने सोशल मीडिया एक्स पर लोगों से कॉकरोच जनता पार्टी में रजिस्टर करने की अपील की। साफ कर दें कि इस पार्टी का मकसद चुनाव लड़ना नहीं है। यह व्यंग करने वाला एक पॉलिटिकल आउटफिट है। पार्टी में शामिल होने की दिलचस्प शर्तें बताएं। उससे पहले बता दें कि कॉकरोच वाली जो टिप्पणी सीजीआई सूर्यकांत ने की थी, उस पर बाद में उन्होंने साफ किया कि उनकी मौखिक टिप्पणी फर्जी डिग्रियों का इस्तेमाल करके कानून और मीडिया जैसे पेशों में एंट्री करने वाले लोगों के लिए थी ना कि बेरोजगार युवाओं के लिए। क्या थी सीजेआई की कॉकरोच वाली टिप्पणी भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने कीड़ों और परजीवियों का उदाहरण देते हुए कहा कि बेरोजगार युवा सोशल मीडिया और सूचना के अधिकार (आरटीआई) का इस्तेमाल करके हर किसी पर हमला करते हैं। ये टिप्पणियां तब आईं जब मुख्य न्यायाधीश कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ एक ऐसे वकील को फटकार लगा रही थी जो वरिष्ठ अधिवक्ता का पदनाम मांग रहा था। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, पीठ ने याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील संजय दुबे से कहा कि पूरी दुनिया वरिष्ठ अधिवक्ता बनने के योग्य हो सकती है, लेकिन कम से कम आप तो इसके हकदार नहीं हैं। मुख्य न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता के वकील द्वारा फेसबुक पर इस्तेमाल की गई भाषा का भी उल्लेख किया। तभी मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने समाज के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि समाज में पहले से ही ऐसे परजीवी मौजूद हैं जो व्यवस्था पर हमला करते हैं और आप उनके साथ हाथ मिलाना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे कई युवा हैं, जो तिलचट्टों की तरह हैं, जिन्हें न तो रोजगार मिलता है और न ही पेशे में कोई स्थान। उनमें से कुछ मीडिया में चले जाते हैं, कुछ सोशल मीडिया कार्यकर्ता बन जाते हैं, कुछ आरटीआई कार्यकर्ता और अन्य कार्यकर्ता बन जाते हैं, और वे हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं। बाद में अपने बयान पर दी सफाई हालांकि बाद में भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने अपने विवादास्पद तिलचट्टे वाले बयान पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि मीडिया के एक वर्ग ने उनके मौखिक कथनों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया और उन्हें देश के युवाओं की आलोचना के रूप में पेश किया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि मुझे यह पढ़कर बहुत दुख हुआ कि मीडिया के एक वर्ग ने कल एक तुच्छ मामले की सुनवाई के दौरान मेरे मौखिक कथनों को गलत तरीके से उद्धृत किया है। मैंने विशेष रूप से उन लोगों की आलोचना की थी जिन्होंने फर्जी और फर्जी डिग्रियों की मदद से वकालत जैसे पेशे में प्रवेश किया है। ऐसे ही लोग मीडिया, सोशल मीडिया और अन्य प्रतिष्ठित पेशों में भी घुसपैठ कर चुके हैं, इसलिए वे परजीवी की तरह हैं। यह कहना पूरी तरह निराधार है कि मैंने हमारे देश के युवाओं की आलोचना की है। किसने बनाई सीजेपी कॉकरोच जनता पार्टी बनाने वाले अभिजीत अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन की मास्टर डिग्री कर रहे हैं। वह 2020 से 2023 तक आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम में भी वालंटियर रह चुके हैं। द हिंदू अखबार से बात करते हुए अभिजीत ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी माननीय मुख्य न्यायाधीश के उस बयान के खिलाफ युवाओं की असहमति है जिसमें उन्होंने युवाओं को कॉकरोच और परजीवी करार दिया था। भारत जैसे लोकतंत्र में इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। जहां संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संरक्षक माने जाने वाले सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई युवाओं की आलोचना कर उनका अपमान करते हैं। वो आगे कहते हैं कि अगर युवाओं को अपनी आवाज पहुंचाने के लिए कॉकरोच बनना पड़े तो हम इस पहचान को अपनाते हैं। इसीलिए हमने अपना नाम रखा है कॉकरोच जनता पार्टी। हमने आपको पहले ही बताया कि एक सिटेरिकल पॉलिटिकल पार्टी है। व्यंग्य के पीछे छिपा ठोस नीतिगत घोषणापत्र मजाकिया अंदाज और व्यंग्य के पीछे इस आंदोलन ने शासन से जुड़ी वास्तविक समस्याओं को एक औपचारिक मांग-पत्र (चार्टर) में तब्दील कर दिया: पेपर लीक और परीक्षाओं की विश्वसनीयता: NEET जैसी केंद्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही धांधलियों और गड़बड़ियों के खिलाफ सीधा विरोध प्रदर्शन। न्यायपालिका व लोकतंत्र में हितों का टकराव: सेवानिवृत्त जजों को रिटायरमेंट के तुरंत बाद मिलने वाले राजनीतिक पदों (जैसे मनोनीत राज्यसभा सीट) पर रोक लगाने की मांग। दलबदल पर कड़ा प्रहार: अपनी पार्टी बदलकर दूसरी पार्टी में जाने वाले जन-प्रतिनिधियों (सांसदों/विधायकों) पर लंबे समय तक किसी भी सार्वजनिक पद पर रहने पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव। चुनावी पारदर्शिता और मीडिया सुधार: मतदाता सूचियों के प्रबंधन में कड़ी जवाबदेही तय करने और कॉरपोरेट मीडिया के पक्षपातपूर्ण रवैये पर सवाल उठाना।
CJP Protests Timeline | NEET से लेकर जंतर-मंतर तक: CJP के आंदोलन की इनसाइड स्टोरी | Teh Tak Part 2
लोकतंत्र में प्रतिरोध का मतलब है अपने हक की लड़ाई के लिए आवाज उठाना। गलत के खिलाफ बोलना और देश चलाने का जिम्मा लेने वालों से जवाबदेही तलब करना। भारत का इतिहास ऐसे ही सफल जन आंदोलनों से लिखा गया है। आजादी की लड़ाई से लेकर 70 के दशक के जेपी मूवमेंट और फिर निर्भया आंदोलन तक हर बड़े बदलाव की नींव सड़क पर ही रखी गई है। जब देश का नौजवान सड़क पर उतरता है तो उसके सीने में सिस्टम के खिलाफ एक जायज आग होती है। सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया कॉकरोच शब्द देते हैं। एक आदमी कॉकरोच के नाम से मीम पेज बनाता है। फॉर्म भरवाता है। इंडिया आता है। 4 500 700 लोग नजर आते हैं। आठ दिन बाद सोनम वांगचुक जैसा चेहरा आता है। एक मीम पेज Instagram पेज सडनली एक बड़ा आंदोलन बन जाता है। देश दुनिया में सबकी निगाहें जाती हैं। भीड़ बढ़ने जा लगती है। हालत यह होती है कि जनता सड़क से संसद जाने को तैयार हो जाती है। नीट परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के सताए लाखों स्टूडेंट्स ने जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर डेरा डाला तो भारत के मुख्य न्यायाधीश के व्यंग से उपजी कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी ने इस आंदोलन का नेतृत्व संभालने का जिम्मा लिया था। लोग समर्थन भी कर रहे थे और 20 जुलाई को जब चलो संसद का नारा सीजेपी लीडरशिप ने दिया तो देश भर से छात्र दिल्ली पहुंचे। तब तक भी आंदोलन में एक गजब की मासूमियत थी। बच्चे फूल बांट रहे थे। नीट पेपर लीक से सताए छात्रों को मिला आंदोलन का चेहरा अपनी मांगों को लेकर साफ शब्दों में गुजारिश कर रहे थे। यह सोचकर कि सरकार उनकी सुनेगी। लेकिन जुलाई के आखिरी हफ्ते तक आते-आते इस शांतिपूर्ण प्रतिरोध की तस्वीर अचानक बदल गई। पुलिस और छात्रों के बीच खूनी झड़पें हुई। मीडिया के कैमरे तोड़े गए और पुलिस की गाड़ियों पर तलवारें लहराई गई। सीजेपी का आंदोलन 6 जून को शुरू हुआ था। 28 जून को सोनम वांगचुक के अनशन पर बैठने के साथ ही इसे एक मजबूत नैतिक केंद्र मिल गया। लेकिन सरकार ने हफ्तों तक इन छात्रों की कोई सुध नहीं ली। कोई बातचीत का दरवाजा नहीं खोला गया। इसके उलट 18 जुलाई को पुलिस ने वाकचुक को जबरदस्ती उठाकर अस्पताल पहुंचा दिया। जब आप एक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक मांग को पुलिस के बूटों तले कुचलने की कोशिश करते हैं तो सड़क पर गुस्सा फटना तय हो जाता है। 20 जुलाई को चलो संसद मार्च के दिन हालात बेकाबू हो गए। 1400 पुलिसकर्मियों की घेराबंदी, बैरिकेड्स और आंसू गैस के गोलों ने दिल्ली को छावनी में तब्दील कर दिया। दर्जनों छात्रों के सर फूटे। जब सत्ता संवाद के बजाय डंडे की भाषा बोलती है तो भीड़ का सब्र भी जवाब दे देता है। आधी रात सरकार से क्या हुई बात इस प्रोटेस्ट को और ज्यादा मजबूती तब मिली जब सोनम वांगचुक इस प्रोटेस्ट में शामिल हुए और उन्होंने भूख हड़ताल शुरू कर दी। एक तरह से कहें तो उस दिन के बाद सोनम वांगचुक इस प्रोटेस्ट की रीड बन गए थे। क्योंकि सोनम वांगचुक के जुड़ने के बाद वो लोग भी इस प्रोटेस्ट में आए जो दरअसल पर्यावरण को बचाने की देख रखते हैं। एक गंभीरता उन्होंने गंभीरता उन्होंने दे दी इस प्रोटेस्ट को। मगर लंबे वक्त के बाद अब लगभग 26 दिन के अनशन के बाद भूख हड़ताल के बाद। अब उन्होंने मतलब जूस पिया वो भी जेपी नड्डा के हाथ से। पिछली बार विरोध प्रदर्शन कैसे खत्म हुआ? सड़कों से उठकर इंटरनेट के सर्वर को हिला देने वाला एक नया युवा विद्रोह भारत की सबसे पुरानी और संवेदनशील व्यवस्था को चुनौती दे रहा है? सोशल मीडिया का 'रील' वाला ज़माना अब सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, यह देश का नया डिजिटल आंदोलन केंद्र बन चुका है। जिस तरह 'कॉकरोच जनता पार्टी' ने इंस्टाग्राम के ज़रिए ज़मीनी आक्रोश खड़ा किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कुर्सी छोड़ने पर मजबूर कर दिया, उसने विरोध के एक नए दौर की शुरुआत कर दी है। जुलाई 2026 में सड़कों पर हो रहे विरोध प्रदर्शन का अंत अचानक हुआ। यह पुलिस के साथ टकराव और उसके बाद एक बड़ी राजनीतिक रियायत मिलने के कारण खत्म हुआ। जब हज़ारों लोग कड़ी सुरक्षा वाले संसद क्षेत्र की ओर बढ़े, तो दिल्ली पुलिस ने कई परतों वाली भारी बैरिकेडिंग लगा दी। आमना-सामना हाथापाई में बदल गया, जिसके बाद पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल करना पड़ा। कई प्रदर्शनकारी और पुलिस अधिकारी घायल हो गए, और कई छात्र नेताओं को कुछ समय के लिए हिरासत में ले लिया गया। सुरक्षा के लिए मार्च रोकना: झड़पों के तुरंत बाद, दिपके और CJP के प्रवक्ता समूह ने सड़कों पर होने वाले सभी मार्च को रोकने की घोषणा की। दिपके ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण और संवैधानिक विरोध के लिए प्रतिबद्ध रहेगा और छात्रों के गंभीर रूप से घायल होने या उन्हें हिंसक दंगाई करार दिए जाने का जोखिम नहीं उठा सकता। आंदोलन को सीमित धरने में बदल दिया गया। मंत्री का इस्तीफा (25 जुलाई 2026) संसद मार्च के दौरान हुई झड़प के पांच दिन बाद, जनता के लगातार ध्यान और विपक्ष द्वारा संसद में किए जा रहे हंगामे के बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा दे दिया। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के साथ जो उनकी मुख्य मांग थी, CJP नेतृत्व ने एक बड़ी प्रतीकात्मक जीत की घोषणा की। कड़ी सुरक्षा निगरानी में जंतर-मंतर पर लगे टेंट धीरे-धीरे हटा दिए गए, और आंदोलन सड़कों पर सक्रिय टकराव से हटकर एक डिजिटल निगरानी और नीति वकालत नेटवर्क में बदल गया।
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का मौजूदा आंदोलन एक राष्ट्रीय राजनीतिक आंदोलन में बदलने की कोशिशों की ओर इशारा करता है। यह घटनाक्रम NEET पेपर लीक को लेकर CJP के नेतृत्व में छात्रों और युवाओं के महीने भर चले विरोध प्रदर्शनों के बाद सामने आया है, जिसके परिणामस्वरूप जुलाई में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था। CJP नेताओं ने प्रधान के इस्तीफे को इस बात के सबूत के तौर पर पेश किया कि सड़कों पर लगातार दबाव बनाकर सरकार को जवाबदेही के लिए मजबूर किया जा सकता है। हालाँकि, आज़ादी के बाद से देश में हुए बड़े जन-आंदोलनों का इतिहास मिला-जुला रहा है। कुछ आंदोलनों ने सरकारों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया; कुछ अपने तय लक्ष्यों को तो हासिल नहीं कर पाए, लेकिन उन्होंने राजनीति की दिशा बदल दी और कुछ ऐसे भी रहे जो महीनों तक चलने के बावजूद सरकारों से अपनी मुख्य मांगें मनवाने में विफल रहे। सीजेपी के प्रोटेस्ट 1.0 के बाद 10 अक्तूबर को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर आयोजित किया गया आंदोंलन 2.0 फ्लॉप शो साबित हुआ। पुलिस की तैयारी होम सेक्रेटरी के साथ मीटिंग के बाद दिल्ली पुलिस मेगा प्लान के साथ काम करती रही और 9 अक्टूबर को उसका 37 पॉइंट का एक ड्रैग्नेट चेक रिव्यू प्रस्तुत किया गया। सेंट्रल दिल्ली में 26,000 पुलिस जवान और अर्धसैनिक बल तैनात। जिला स्तर पर एक दर्जन से ज्यादा डिटेंशन सेंटर। दिल्ली आने जाने वाली 245 ट्रेन रद्द, 50 से ज्यादा मेट्रो स्टेशन बंद। दिल्ली के पीजी और हॉस्टल वालों से कहा गया कि लोगों और छात्रों को प्रदर्शन में ना जाने दें। 9 अक्टूबर को रात 10:00 बजे से जंतर-मंतर की 4 किमी की रेडियस में मोबाइल इंटरनेट भी बंद कर दिया गया। फिर आया डी डे 10 अक्टूबर और सुबह से खबरें आने लगी कि दिल्ली पुलिस अपने इस प्लान पर किस तरह से काम कर रही है। जो प्रदर्शनकारी रात में दिल्ली पहुंचे जिन्होंने बंगला साहिब गुरुद्वारे में शरण ली पुलिस ने तड़के वहां दबिश दी। सेंट्रल दिल्ली में कुछ और जगहों पर भी प्रदर्शनकारियों के ग्रुप नजर आए लेकिन पुलिस की संख्या हमेशा उनसे कई गुना ज्यादा रही। नतीजा बसें भरकर प्रदर्शनकारियों को सुबह 8:00 बजे से ही डिटेंशन सेंटर भेजा जाने लगा। पुलिस को 7000 प्रदर्शनकारियों के दिल्ली पहुंचने का इनपुट मिला था। बीती बार के मुकाबले इस बार पहरा बहुत ज्यादा कड़ा था। सुबह के वक्त सेंट्रल दिल्ली की तमाम सड़कें पूरी तरह से बैरिकेडिंग की वजह से खाली नजर आई। आखिरी बार यह नजारा कोविड लॉकडाउन के दौरान देखा था। जहां जो कोई दिखता पुलिस फौरन हिरासत में लेती। ध्रुव राठी ने 9 अक्टूबर की रात इंडिया गेट से दिल्ली में अपनी मौजूदगी का वीडियो डाला था। राठी को गुरुग्राम के सेक्टर 56 स्थित उनके घर से डिटेन किया गया। पुलिस सीजेपी की लीडरशिप की भी क्लोज मॉनिटरिंग कर रही थी। उनके लीगल अफेयर्स की हेड रत्ना सिंह को जंगपुरा स्थित उनके घर से बाहर निकलते ही कार में डिटेन कर लिया गया। 9 अक्टूबर को यह तीनों ही मुंबई में मौजूद थे। अलग-अलग मीडिया ग्रुप्स के कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे थे और लगातार वीडियो पोस्ट कर रहे थे कि आंदोलन तो होकर रहेगा। तब उनके हिरासत का अनुमान भी लगाया जा रहा था। दीपके दास और रांका मुंबई एयरपोर्ट से सुबह 10 अक्टूबर के रोज करीब 8:00 बजे फ्लाइट पर सवार होने के लिए पहुंचे और 10:30 बजे फ्लाइट दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर लैंड हुई। लैंडिंग होते ही दिल्ली पुलिस के जवान फ्लाइट के अंदर पहुंचे। तीनों को हिरासत में लिया गया। अलग-अलग अज्ञात जगहों पर ले जाया गया। इन सबके बीच खबर आई कि अभिजीत दीपके की दादी का देहांत हो गया है। जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें मानवीय आधार पर पैत्री गांव जाने की मंजूरी दी। इस तरह की खबरें भी आई। क्या सच में जेनजी ने बनाई दूरी? देश में जेन-ज़ी के दम पर बदलाव का दावा करने वाले सीजेपी (CJP) के दूसरे बड़े शक्ति प्रदर्शन में ही युवाओं की दूरी साफ़ नज़र आई। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े को लेकर जंतर-मंतर पर बुलाई गई दूसरी मुहिम उस तरह परवान नहीं चढ़ सकी। इसकी एक वजह जहां पुलिस-प्रशासन का कड़ा पहरा रहा, वहीं युवाओं और छात्रों का इस आंदोलन से घटता जुड़ाव भी अहम कारण बना। हालांकि जेएनयू छात्र संघ (JNUSU) के कुछ चेहरे प्रदर्शन में ज़रूर पहुंचे, मगर अलग-अलग विश्वविद्यालयों और परिसरों से छात्रों की वह ऐतिहासिक भीड़ नदारद रही जिसकी उम्मीद की जा रही थी। साफ है कि सीजेपी के शुरुआती आंदोलन के मुकाबले इस बार न तो ज़मीनी स्तर पर छात्रों का वैसा उत्साह दिखा, और न ही विपक्षी दलों का वह एकजुट राजनीतिक समर्थन जुटाया जा सका। सोशल मीडिया पर भी सुस्त पड़ा समर्थन ज़मीनी स्तर के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी इस बार सीजेपी के पक्ष में छात्रों की वह मुखर मौजूदगी नहीं दिखी, जो पहले नज़र आई थी। हालांकि एनएसयूआई (NSUI) ने कार्यक्रम में भागीदारी दर्ज कराई, लेकिन डीयू, जेएनयू, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, डीटीयू, आईआईटी दिल्ली और आंबेडकर विश्वविद्यालय जैसे प्रमुख संस्थानों से छात्रों की भारी लामबंदी नहीं हो सकी। दरअसल, इससे पहले पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की खामियों से जुड़े मसले सीधे छात्रों के भविष्य से जुड़े थे, जिसने उन्हें स्वतः ही एकजुट कर दिया था। इसके उलट, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग एक विशुद्ध राजनीतिक मुद्दा बन गई, जिसके चलते आम छात्र वर्ग इससे उस तरह भावनात्मक रूप से नहीं जुड़ पाया। सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी 10 अक्टूबर 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली में मोबाइल इंटरनेट, कई मेट्रो स्टेशनों के गेट और दर्जनों ट्रेनें बंद कर दी गई थीं, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 9 अक्टूबर को आदेश दिया था कि 10 अक्टूबर को बिना नियम के पाबंदियां ना लगाई जाए। खासकर मेट्रो ट्रेनों पर पूरी तरह से रोक ना हो। लेकिन 10 अक्टूबर को दिल्ली के कुछ इलाकों में मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया गया। साथ ही दिल्ली पुलिस ने मेट्रो के कई स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद करने की मांग की। इसके बाद आरोप लगा कि अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया है। 11 अक्टूबर को कोर्ट ने इस मामले में दायर याचिकाओं पर ध्यान दिया। उसी दिन कोर्ट ने यह भी कहा कि इंटरनेट सेवाओं में कोई रुकावट ना हो। गृह सचिव, पुलिस कमिश्नर और डीएमआरसी की चेयरमैन को अवमानना का नोटिस जारी किया गया। अवमानना का मतलब यह होता है कि कोर्ट के आदेश का पालन ना करना या उसका उल्लंघन करना। गृह सचिव गोविंद मोहन ने अपने हलफनामे में कहा है कि दिल्ली के कुछ हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट बंद करने का फैसला शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया था। उनका कहना है कि सीजेपी ने प्रदर्शन का ऐलान किया था। लेकिन उसके पास जरूरी अनुमति यानी कि इजाजत नहीं थी। पुलिस ने प्रदर्शन की इजाजत भी नहीं दी थी। ऐसे में प्रशासन को डर था कि प्रदर्शन के दौरान हिंसा हो सकती है और लोगों के बीच अफवाहएं फैल सकती हैं। गृह सचिव ने कहा कि इंटरनेट बंद करने का फैसला किसी आदेश को जानबूझकर ना मानने के लिए नहीं लिया गया था। उन्होंने कोर्ट से इस मामले में उन्हें अवमानना की कारवाई से राहत देने की भी मांग की है। होम सेक्रेटरी गोविंद मोहन और पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार दोनों ने कहा है कि उन्होंने कोर्ट के आदेश को जानबूझकर नहीं तोड़ा। यह लगातार बार-बार कहें। गृह सचिव ने इंटरनेट बंद करने को जरूरी बताया है। वहीं पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने सीजेपी के पुराने प्रदर्शनों और हिंसा का हवाला देते हुए पुलिस की कारवाई का बचाव किया है।
सीनियर सिटिजन सोसायटी की बैठक में हंसी-ठिठोली के बीच मनाए जन्मदिन
अजमेर। शास्त्री नगर स्थित जनक श्री गार्डन में सीनियर सिटिजन सोसायटी ग्रुप-4 की मासिक बैठक हंसी-खुशी और मनोरंजक माहौल के बीच आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता सुनील पारख ने की। कार्यक्रम की शुरुआत सचिव अशोक जोशी ने ईश्वर वंदना, ओम मंत्र, हास्य एवं ताली वादन के साथ कराई। सोसायटी के मीडिया प्रभारी डॉ. एसडी मिश्रा […] The post सीनियर सिटिजन सोसायटी की बैठक में हंसी-ठिठोली के बीच मनाए जन्मदिन appeared first on Sabguru News .
भारत की विमानन क्रांति का पहला दशक और
भारत की विमानन क्रांति The post भारत की विमानन क्रांति का पहला दशक और ‘आत्मनिर्भर’ भविष्य का रोडमैप appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
इजरायली फाइटर जेट्स ने ईरान सीमा के पास किया युद्धाभ्यास, बढ़ा तनाव
इजरायल और अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इजरायल की वायु सेना के दर्जनों लड़ाकू विमानों ने एक साथ उड़ान भरी और वे ईरान की सीमा के बेहद करीब पहुंच गए. उस समय ईरान में यह गहरा अंदेशा बन गया था कि किसी भी क्षण बमबारी शुरू हो सकती है। दरअसल, यह सैन्य अभ्यास बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह इजरायल की मुख्य सीमा से लगभग 800 मील से भी अधिक दूरी पर आयोजित किया गया था.
Dominos के आउटलेट समेत 11 दुकानों के लाइसेंस सस्पेंड, FDA का एक्शन
महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर FDA ने Domino's Pizza के दो आउटलेट समेत 11 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए हैं. 21 और 22 अक्टूबर को हुई जांच में गंदे किचन, जंग लगे बर्तन, खाद्य सामग्री के गलत रखरखाव और अन्य खामियां मिलीं.
'कैप्टन स्मित मछार के साथ मशाल जलाएं...' पीएम मोदी को नेतन्याहू का न्योता
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की. इस दौरान नेतन्याहू ने पीएम मोदी को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में कैप्टन स्मित मछार के साथ मशाल जलाने का निमंत्रण दिया. पीएम मोदी ने इस निमंत्रण के लिए इजरायली पीएम का धन्यवाद दिया.
करीना ने Ex बॉयफ्रेंड शाहिद को लगाया गले, भूलीं ब्रेकअप का दर्द
IIFA अवॉर्ड शुरू होने से पहले मुंबई में इसकी प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी गई, जिसमें बॉलीवुड, टीवी और साउथ सिनेमा के दिग्गज सितारे शामिल हुए.
सुप्रीम कोर्ट ने बहराइच में 2003 के चाकू-बंदूक हमले के दोषियों को प्रोबेशन पर रिहा करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट को कड़ी फटकार लगाई है।
हिसाब तो देना ही पड़ेगा! धन्नीपुर मस्जिद की फंडिंग पर उठे सवाल, वक्फ बोर्ड पर अनियमितता के आरोप
Dhannipur Mosque Ayodhya: अयोध्या के धन्नीपुर में प्रस्तावित मस्जिद निर्माण को लेकर विवाद एक बार फिर गरमा गया है। बाराबंकी की सामाजिक संस्था ‘दहेज पर प्रहार’ की टीम ने धन्नीपुर पहुंचकर सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ...
हर की पौड़ी सूखी, 18 दिन बंद रहेगी गंग नहर, जानिए कब लौटेगा गंगाजल
हरिद्वार में दशहरे की रात से गंग नहर की 18 दिन की बंदी शुरू हो गई है. इस दौरान नहर की वार्षिक मरम्मत, रखरखाव और कुंभ 2027 से जुड़े निर्माण कार्य किए जाएंगे. सात नवंबर की मध्यरात्रि में नहर दोबारा खोली जाएगी. बंदी के कारण हर की पैड़ी समेत कई घाटों पर गंगाजल कम हो गया है, जिससे स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालु निराश हैं.
कीव ब्लास्ट का भयानक मंजर, चश्मदीद ने किया कैमरे में कैद
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच कीव में हुए जोरदार धमाके का वीडियो सामने आया है, जिसमें रात के अंधेरे में अचानक आसमान रोशनी से भर जाता है. प्रत्यक्षदर्शी ने इस खौफनाक पल को कैमरे में कैद किया. कीव के दो जिलों पर हमले की जानकारी सामने आई है. वहीं, यूक्रेन की ओर से मॉस्को की दिशा में ड्रोन भेजे जाने की खबर भी तनाव बढ़ने का संकेत देती है.
अब आपके सेविंग अकाउंट पर बढ़ जाएगा चार्ज, इस बड़े बैंक का ऐलान
अगर आपके पास भी आईसीआईसीआई बैंक में खाता है तो अब आपको ज्यादा चार्ज और जुर्माना देना पड़ सकता है, क्योंकि बैंक ने कई तरह के नियमों में बदलाव किया है. यह बदलाव 1 दिसंबर 2026 से लागू होगा.
रेहान वाद्रा की Bikaner House प्रदर्शनी से 70 तस्वीरें हटाई गईं, Congress ने साधा निशाना
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा के बेटे और फोटोग्राफर रेहान वाद्रा की प्रदर्शनी से कई तस्वीरें हटाए जाने को लेकर बृहस्पतिवार को उस वक्त राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया जब मुख्य विपक्षी दल ने आरोप लगाया कि अंग्रेजों की तरह भाजपा और आरएसएस के लोग भी सच से डरते हैंवहीं, ‘बीकानेर हाउस सोसाइटी’ ने कहा कि कुछ तस्वीरें उसकी नीति के अनुरूप नहीं पाए जाने के कारण उन्हें हटाने को कहा गया था और शेष तस्वीरें प्रदर्शनी में लगी हुई हैं। विवाद के बीच, रेहान ने कहा कि अधिकांश कला राजनीतिक होती है और किसी कला संस्थान को राजनीतिक विषयवस्तु की अनुमति नहीं देने का फैसला नहीं करना चाहिए। रेहान ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा कि उनकी एकल प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ बुधवार शाम सात बजे शुरू होनी थी और इसके उद्घाटन से करीब 24 घंटे पहले बीकानेर हाउस प्रबंधन ने उन्हें बताया कि कुछ तस्वीरें आपत्तिजनक हो सकती हैं या संस्थान की नीति के खिलाफ हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रबंधन से आपत्तियां लिखित रूप में देने को कहा, लेकिन अगले दिन दोपहर करीब साढ़े 12 बजे उन्हें बताया गया कि प्रदर्शनी में शामिल 105 तस्वीरों में से करीब 70 को हटाना होगा। रेहान के अनुसार, उन्होंने पहले ही ऐसी कुछ तस्वीरें अलग कर दी थीं जिनमें स्पष्ट रूप से राजनीतिक नारे थे। कुछ अन्य तस्वीरों में झंडे और राजनीतिक नेता दिखाई दे रहे थे और वह उनके बारे में प्रबंधन से चर्चा करने के लिए तैयार थे। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों ने दिल्ली में हाल में हुए विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में कुछ तस्वीरों को ‘राजनीतिक’ बताते हुए उन्हें हटाने को कहा। रेहान ने कहा कि उनकी टीम ने कई तस्वीरें हटा दीं, लेकिन राष्ट्रीय ध्वज वाली दो तस्वीरों को हटाने की मांग पर उन्होंने आपत्ति जताई। उनका दावा है कि जब वह प्रदर्शनी के उद्घाटन के लिए तैयार होने घर गए थे, तब अधिकारियों ने भारतीय ध्वज वाली एक तस्वीर स्वयं हटा दी। उन्होंने कहा, ‘‘अधिकांश कला राजनीतिक होती है...आप एक कला संस्थान के रूप में काम करते हुए यह नहीं कह सकते कि राजनीतिक विषयवस्तु की अनुमति नहीं है।’’रेहान ने यह भी कहा कि प्रदर्शनी का प्रारूप करीब एक सप्ताह पहले ही बीकानेर हाउस प्रबंधन के साथ साझा किया गया था और यदि तस्वीरों को लेकर आपत्ति थी तो उस पर पहले ही चर्चा की जानी चाहिए थी। दूसरी ओर, बीकानेर हाउस सोसाइटी ने एक बयान में कहा कि वह कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए समर्पित सार्वजनिक सांस्कृतिक संस्थान है और वहां आयोजित प्रदर्शनियों तथा उनसे जुड़ी गतिविधियों को बीकानेर हाउस प्रबंधन सोसाइटी की नीति का पालन करना होता है। सोसाइटी ने कहा, ‘‘रेहान वाद्रा की प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ के तहत प्रदर्शित कुछ तस्वीरें बीकानेर हाउस प्रबंधन सोसाइटी की नीति के अनुरूप नहीं पाई गईं। इसलिए उन्हें हटाने का आग्रह किया गया।’’उसने कहा कि नीति के अनुरूप पाई गई अन्य तस्वीरें प्रदर्शनी में लगी हुई हैं। इस बीच, रेहान के पिता रॉबर्ट वाद्रा ने कहा कि उन्हें अपने बेटे और उसकी मेहनत पर गर्व है। उन्होंने कहा कि रेहान ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान तस्वीरें ली थीं और प्रदर्शनी के लिए करीब एक सप्ताह पहले ही संबंधित अधिकारियों को विस्तृत सामग्री भेज दी थी। प्रियंका गांधी वाद्रा ने अपने बेटे की प्रदर्शनी से कई तस्वीरें हटाए जाने को ‘‘हास्यास्पद’’ करार देते हुए आरोप लगाया कि देश के युवाओं की आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने ‘एक्स’ पर अपने बेटे के नाम संदेश में कहा कि जब सत्ता में बैठा कोई व्यक्ति किसी अन्य की अभिव्यक्ति से डरने लगता है तो वह उस ताकत को पहले ही खो चुका होता है, जिसे वह बचाने की कोशिश कर रहा होता है। कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा, ‘‘युवाओं की अभिव्यक्ति के खिलाफ संघ की मानसिकता पूरी तरह सामने आ रही है। जब युवा अपने मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरते हैं और अपनी बात रखते हैं, तो आपको परेशानी होती है। जब वे कला के माध्यम से अपनी बात कहते हैं, तब भी आपको परेशानी होती है। आखिर युवा अपनी बात कैसे रखें और उनकी अभिव्यक्ति से आपको क्या समस्या है?’’उन्होंने कहा, ‘‘भारत के युवाओं की अभिव्यक्ति को लेकर अंग्रेजों को भी यही समस्या थी। युवा अपनी बात रखेंगे। उनकी बात सुनिए और देखिए। यह कला है, आखिर इससे भी आपको क्या समस्या है?’’खेड़ा ने कहा कि असल बात है कि ये लोग सच से डरते हैं।
'हम काफी करीब...', देखें भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर क्या बोले मार्को रुबियो
भारत दौरे पर पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अब वापस अमेरिका के लिए रवाना हो चुके हैं. उससे पहले उन्होंने भारत से डील को लेकर कई अहम बातें कहीं. मार्को रुबियो ने इंडिया टुडे ग्रुप के एडिटोरियल डायरेक्टर (पब्लिशिंग) राज चेंगप्पा से खास बातचीत में कहा कि कुछ चीजों पर अभी चर्चा चल रही है. उन्होंने ये भी कहा कि डील दोनों देशों के लिए फायदेमंद होनी चाहिए. देखें वीडियो.
हर सेकंड एक गाड़ी... नवरात्रि में बिके 11 लाख वाहन! इन गाड़ियों की डिमांड
Navratri Vehicle Sales 2026: पिछले साल नवरात्रि और जीएसटी 2.0 रिफॉर्म दोनों की शुरुआत एक ही दिन यानी 22 सितंबर 2025 हुई थी. जिसका सीधा असर वाहनों की बिक्री पर देखा गया था. लेकिन इस साल ऐसा नहीं है, लेकिन बावजूद इसके 10 दिनों के भीतर 11.23 लाख वाहन बिक गए.
गमले खरीदने की जरूरत नहीं! घर में पड़ी इन 6 चीजों में उगाएं पौधे
घर में हरे-भरे पौधे लगाने के लिए महंगे गमले खरीदने की जरूरत नहीं है. पुरानी प्लास्टिक की बोतल, कांच का जार, बाल्टी, खाली डिब्बे, पुराने टायर और नारियल के खोल जैसी चीजों में भी आसानी से पौधे उगा सकते हैं. इन बेकार पड़ी चीजों को प्लांटर में बदलकर आप अपनी बालकनी, छत या आंगन को हरा-भरा और खूबसूरत बना सकते हैं. जानिए गमलों के अलावा किन 6 चीजों में पौधे लगा सकते हैं और इन्हें इस्तेमाल करने का सही तरीका क्या है.
भाई दूज पर शनि मार्गी, इन 3 राशियों का आने वाला है 'स्वर्णिम काल'
शनि 11 दिसंबर को मीन राशि में मार्गी होने वाले हैं. यानी इस दिन शनि की सीधी चाल शुरू हो जाएगी. इसके बाद शनि की उल्टी चाल 9 अगस्त 2027 को ही शुरू होगी. इस दौरान करीब 8 महीने तक तीन राशियों पर शनि की विशेष कृपा रहेगी.
बेंगलुरु: पत्नी को बेवफा मानता था पति, हत्या कर नाले में फेंक दी लाश; पुलिस ने किया गिरफ्तार
बेंगलुरु पुलिस ने एक प्रवासी मजदूर मोहम्मद इरफाज को अपनी पत्नी रुखसाना की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है।
Diljit Dosanjh के JLN Stadium कॉन्सर्ट को Delhi Police ने नहीं दी अनुमति
दिल्ली पुलिस ने विशेष खतरे, सुरक्षा चिंताओं और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए 30 अक्टूबर को जेएलएन स्टेडियम में होने वाले पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ के संगीत कार्यक्रम को अनुमति देने से इनकार कर दिया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। दक्षिणी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अनंत मित्तल ने ‘बुकमाय शो लाइव’ प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अनिल मखीजा को 21 अक्टूबर को लिखे एक पत्र में बताया कि दिलजीत दोसांझ के ‘ऑरा इंडिया टूर दिल्ली’ संगीत कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति के अनुरोध पर गौर किया गया लेकिन इसे मंजूरी नहीं दी जा सकती। पत्र में कहा गया कि खतरे से जुड़ी विशेष जानकारी, त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की कई जिम्मेदारियों और कानून-व्यवस्था से जुड़ी अन्य चिंताओं को देखते हुए संगीत समारोह की अनुमति देना संभव नहीं है। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रशंसकों के जुटने की उम्मीद थी। आम आदमी पार्टी (आप) की दिल्ली इकाई के प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने सवाल किया कि सरकार गायक दिलजीत दोसांझ के संगीत कार्यक्रम को अनुमति देने से इनकार क्यों कर रही है? उन्होंने कहा, भारतीय युवा दोसांझ को पसंद करते हैं और पंजाब में भी वह लोगों के चहेते हैं। हालांकि इस फैसले के पीछे के कारणों के बारे में विस्तृत विवरण तुरंत उपलब्ध नहीं हो सका। दिल्ली में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम दिलजीत के ऑरा वर्ल्ड टूर के भारत चरण की शुरुआत करता। राष्ट्रीय राजधानी के बाद उन्हें छह शहरों - इंदौर, अहमदाबाद, मुंबई, बेंगलुरु, लखनऊ और चंडीगढ़ जाना था। ‘वर्ल्ड टूर’ के तहत, दिलजीत उत्तर अमेरिका व यूरोप के कई देशों और ऑस्ट्रेलिया में प्रस्तुति दे चुके हैं।
जम्मू-कश्मीर पर भारत की संप्रभुता, ब्रिटिश संसद में सांसदों का प्रस्ताव
ब्रिटेन की संसद में कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने जम्मू-कश्मीर पर भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की पुष्टि करने वाला प्रस्ताव पेश किया है. चार सांसदों के समर्थन वाले इस प्रस्ताव में आतंकवाद, कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा और भारत-ब्रिटेन के मजबूत संबंधों का भी जिक्र है.
जानिए कैसे AI से मदद लेकर साक्षी बनी CA इंटर में ऑल इंडिया टॉपर
महीनों की कड़ी मेहनत, सुबह 5 बजे से शुरू होने वाला दिन और लगातार 12-14 घंटे की पढ़ाई, इसी लगन के दम पर नासिक की साक्षी चांडक ने CA इंटरमीडिएट सितंबर 2026 परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 1 (AIR 1) हासिल की है. 600 में से 502 मार्क्स लाने वाली साक्षी ने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय अपनी फैमिली, कठिन परिश्रम और पढ़ाई में AI के सही इस्तेमाल को दिया है.
Mekedatu Project: 20 बोरहोल से सिर्फ जांच होगी, वन भूमि डायवर्जन नहीं, केंद्र से बोला कर्नाटक
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने केंद्र से आग्रह किया है कि वे प्रस्तावित मेकेदातु पेयजल परियोजना के लिए वन्यजीव मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य अभी केवल भू-तकनीकी जांच के लिए 20 बोरहोल खोदने की अनुमति मांग रहा है, न कि संरक्षित वन भूमि को अन्य कार्यों के लिए इस्तेमाल करने की। शिवकुमार ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ एक बैठक के दौरान यह अनुरोध किया। उन्होंने मंत्री से कहा कि वे 'नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्डलाइफ' की स्थायी समिति से इस प्रस्ताव पर विचार करने और जल्द ही अपनी सिफारिश देने के लिए कहें। शिवकुमार ने अपने प्रतिवेदन में कहा यह प्रस्ताव केवल सर्वेक्षण और जांच गतिविधियों से संबंधित है। इसमें फिलहाल परियोजना के लिए किसी संरक्षित क्षेत्र की भूमि को अन्य उपयोग में बदलने (डायवर्जन) की मांग नहीं की गई है। इसे भी पढ़ें: Dravidian Architecture का बेजोड़ नमूना है Chamundeshwari Temple, शिखर पर हैं 7 स्वर्ण कलश कर्नाटक ने 1 जुलाई को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को एक प्रस्ताव सौंपा, जिसमें कावेरी वन्यजीव अभयारण्य के भीतर 0.0000352 हेक्टेयर क्षेत्र में 20 बोरहोल (छेद) करने की अनुमति मांगी गई है। इन जांचों का उद्देश्य प्रस्तावित 'मेकेदातू बैलेंसिंग रिज़र्वोयर' (जलाशय) और पेयजल परियोजना के लिए भू-तकनीकी (जियोटेक्निकल) जानकारी जुटाना है। इसलिए, राज्य की यह मांग केवल प्रस्तावित स्थल पर जांच करने की अनुमति के लिए है, न कि जलाशय के निर्माण या परियोजना के लिए अभयारण्य की भूमि को अन्य उपयोग में बदलने की मंजूरी के लिए। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में लंबित मेकेदातु से जुड़ी याचिकाओं की स्थिति के बारे में कुछ और दस्तावेज मांगे हैं। शिवकुमार ने कहा पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने हाल ही में इस मामले से जुड़ी सुप्रीम कोर्ट में लंबित विभिन्न याचिकाओं की स्थिति के बारे में जरूरी दस्तावेज/जानकारी मांगी है, जो जल्द ही उपलब्ध करा दी जाएगी। इसे भी पढ़ें: मंत्रियों को रोकने वाले Police अधिकारियों पर होगी कार्रवाई, DK Shivakumar ने दिए जांच के आदेश मेकेदातु को कावेरी नदी पर एक बैलेंसिंग रिज़र्वोअर (संतुलन जलाशय) और पेयजल परियोजना के रूप में प्रस्तावित किया गया है। कर्नाटक इसका इस्तेमाल बेंगलुरु की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए करना चाहता है। तमिलनाडु ने इस परियोजना पर आपत्तियां जताई हैं, क्योंकि उसे डर है कि इससे नदी के निचले बहाव और कावेरी के पानी के बंटवारे पर असर पड़ सकता है। शिवकुमार ने यादव से आग्रह किया कि वे मेकेदातु प्रस्ताव के साथ-साथ शरावती पंप स्टोरेज परियोजना से जुड़ी राज्य की मांग पर भी विचार करें। उन्होंने कहा, इस संबंध में, NBWL की स्थायी समिति के अध्यक्ष के तौर पर, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया इन दोनों प्रस्तावों की जल्द से जल्द जांच करें और अपनी सिफारिश दें।
जर्मनी में आग ने छीनी थी 3 भारतीयों की जिंदगी, अब केरल लौटेंगे शव
जर्मनी के बोखुम में रिहायशी इमारत की आग में मारे गए केरल के सिविन जॉनी, अंजलि शीला जॉय और नोवा साबू के शव शुक्रवार को भारत पहुंचेंगे. तीनों परिवार जरूरी औपचारिकताओं के बाद अपने लोगों को आखिरी विदाई देने का इंतजार कर रहे हैं.
योगेंद्र यादव ने कहा है कि लोग अभी मोदी का इस्तीफा नहीं चाहते, सिर्फ निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं। दूसरी ओर नेहा बोरा ने CJP प्रोटेस्ट से खुद को अलग बताया है। वहीं टीम इंडिया ने T20 में सबसे बड़ा लक्ष्य चेज किया।

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