IIT बॉम्बे ने 30 एड-हॉक काउंसलर्स के पदों पर निकाली भर्ती
बीटेक छात्र की दर्दनाक मौत और छात्रों के भारी आक्रोश के बाद IIT बॉम्बे प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. संस्थान के स्टूडेंट वैलनेस सेंटर में 30 नए काउंसलर्स (26 स्टूडेंट और 4 सीनियर काउंसलर) की तत्काल भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसके साथ ही कैंपस में मेंटल हेल्थ सपोर्ट और छात्र कल्याण से जुड़े कई नए ढांचागत बदलाव किए जा रहे हैं.जानिए वो क्या हैं?
दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री पर सस्पेंस, जानें..
पूर्व IAS दिव्या मित्तल इस्तीफे के बाद मिर्जापुर में लोगों से मुलाकात कर रही हैं. उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपनी प्राथमिकता बताते हुए किसी राजनीतिक दल में शामिल होने से इनकार किया है. दिव्या मित्तल ने कहा कि वह इसी नवरात्र में अपने अगले कदम की आधिकारिक जानकारी देंगी. वीडियो में जानें मामला.
ज्ञानेश कुमार को हटाने और एसआईआर पर रोक की मांग, इंडिया गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट तक निकाला मार्च
राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता हुए शामिल; मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने सोमवार को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश […] The post ज्ञानेश कुमार को हटाने और एसआईआर पर रोक की मांग, इंडिया गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट तक निकाला मार्च appeared first on Sabguru News .
22 साल से हिट कॉफी विद करण शो, विवाद ही नहीं, ये वजह भी हैं खास
करण जौहर का चैट शो 'कॉफी विद करण' काफी चर्चा में रहता है. इसके जरिए दर्शकों को सेलिब्रिटीज के बारे में बहुत कुछ जानने का मौका मिलता है. अब जब ये शो आपके स्क्रीन्स पर वापस लौटने जा रहा है तो आइए जानते हैं कि यह शो दर्शकों को इतने सालों में क्यों लुभाता आया है.
'डियर सूर्यकांत... अभी रिजाइन दीजिए', अब केरल कांग्रेस ने मांगा CJI का इस्तीफा
केरल कांग्रेस ने CJI जस्टिस सूर्यकांत को लेकर X पर पोस्ट किया है. पार्टी ने उनसे कानून-व्यवस्था संभालने में सक्षम नहीं होने पर इस्तीफा देने को कहा है.
ट्रेन की पटरी से कितने दूर नहीं बनवा सकते घर? वरना प्रॉपर्टी होगी गैर कानूनी
ट्रेन से सफर करते वक्त खिड़की से बाहर खेत, बाजार, लोगों के घर दिखाई देते है. कई बार घरों की कतार रेलवे ट्रैक के काफी नजदीक दिखाई देती है तो कई बार घर काफी दूर बने होते हैं. ऐसे में जानते हैं कि ट्रेन की पटरी से कितनी दूर घर बनवा सकते हैं. क्या इसको लेकर रेलवे का कोई नियम- कानून भी है.
श्री श्याम सेवा संस्था ने राजकीय सेटेलाइट चिकित्सालय कोटड़ा में भेंट की 10 बेंच
अजमेर। सामाजिक संस्था श्री श्याम सेवा संस्था की सेवा कार्य के रूप में राजकीय सेटेलाइट चिकित्सालय कोटडा में दस बेंच भेंट की गई। उल्लेखनीय है कि जरुरतमंदों की चिकित्सा, घरेलू आवश्यकता के साथ ही अन्य सामाजिक सरोकार से जुड़े सेवाकार्य करने के उद्देश्य से लगभग 6 माह पहले संस्था का गठन किया गया था। अभी […] The post श्री श्याम सेवा संस्था ने राजकीय सेटेलाइट चिकित्सालय कोटड़ा में भेंट की 10 बेंच appeared first on Sabguru News .
सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग के खिलाफ याचिका दायर, शिवराज ने राहुल गांधी पर कसा तंज; टॉप-5
राहुल गांधी समेत 11 विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ याचिका दाखिल की, SIR पर रोक और इस्तीफे की मांग की। इसी बीच शिवराज सिंह चौहान ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च को नौटंकी और हुड़दंगियों की जमात बताया।
सऊदी में इंटरसेप्टर मिसाइल की कमी, क्राउन प्रिंस बंकरों में छिप रहे
सऊदी अरब इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी से जूझ रहा है. हूती हमले तेज हुए हैं. एयर डिफेंस बैटरियां ट्रांसफर की गई हैं. क्राउन प्रिंस की सुरक्षा बढ़ाई गई है.
Study Abroad Exams List : विदेश में पढ़ाई के लिए कौन-सा एग्जाम देना है, यह आपके कोर्स और देश पर निर्भर करता है. आवेदन से पहले संबंधित विश्वविद्यालय की योग्यता को अच्छे से पढ़ लीजिए.
जंतर-मंतर से 8 राज्यों तक, क्यों सुलग रहा युवाओं का गुस्सा?
दिल्ली की सड़कों से उठी बगावत की गूंज नई नहीं है. इस साल उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड समेत देश के आठ राज्यों में छात्रों की नाराजगी साफ दिखी है. पुलिस और शिक्षक भर्ती से लेकर पेपर लीक, हाईटेक नकल और भर्ती परीक्षाओं में अंतहीन देरी से त्रस्त युवाओं का सब्र अब जवाब दे चुका है. पढ़ें विशेष रिपोर्ट.
'अपनों को सिर्फ कमाई नहीं, उन्हें आपकी भी जरूरत होती है', गौर गोपाल दास के अनमोल विचार
मोटिवेशनल स्पीकर गौर गोपाल दास का कहना है कि अपनों की जरूरतों को पूरा करना अच्छी बात है, लेकिन इस भागदौड़ के चलते हम अपने आप को ही भुल जाते हैं. हम ये भूल जाते हैं कि हमारी भी कुछ जरूरतें हैं और हमारी अपनी भी एक जिंदगी है, जिसे जीना जरूरी है.
केरल कांग्रेस ने मांग लिया चीफ जस्टिस सूर्यकांत का ही इस्तीफा, लिखा- किसी और को ले आएंगे
कांग्रेस की केरल यूनिट ने लिखा, 'यदि कानून और व्यवस्था आपका मसला नहीं है तो फिर इस्तीफा ही दे दीजिए. हम आपकी जगह किसी और को ले आएंगे, जो इन चीजों को हैंडल कर सके.'
निर्दलीय MLC चुनाव लड़ रहे प्रदेश महासचिव सस्पेंड, MLA पर एक्शन लेंगे कुशवाह?
बिहार MLC चुनाव से पहले RLM ने अपने एक नेता के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है. इस कार्रवाई के बाद पार्टी के तीन विधायकों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं.
चुनाव आयोग के खिलाफ यह पहला मार्च नहीं, नरेंद्र मोदी की रैली रोकने पर भी हुआ था प्रदर्शन
चुनाव आयोग और जंतर मंतर सुर्खियों में हैं. मगर ये पहली बार नहीं हुआ है. चुनाव आयोग के खिलाफ सभी राजनीतिक दलों ने कभी ना कभी मोर्चा खोला है. इसी तरह जंतर मंतर पर प्रदर्शनों का सिलसिला भी बहुत पुराना है. यहां दोनों के बारे में विस्तार से बताया गया है.
दक्षिण भारत में अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम? इन राज्यों में बारिश का अलर्ट
दक्षिण भारत में अगले 2-3 दिनों में पूर्वोत्तर मानसून की शुरुआत होने वाली है. इससे 15 से 18 अक्टूबर के बीच केरलम, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी जारी है, लेकिन इस साल बारिश सामान्य से 12.6% कम रही है, जिसका कारण अल नीनो है.
दिल्ली बनी रहेगी छावनी, अभी वापस नहीं जाएंगे सुरक्षाकर्मी; 20000 जवानों पर बड़ा फैसला
नए प्रदर्शन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जांच कर ली गई है। इन जगहों पर भीड़ को नियंत्रित करने और किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं। अब विरोध प्रदर्शन के लिए 3 जगहों का इस्तेमाल होगा।
सुरक्षा की मांग पर SRFTI छात्रों का बहिष्कार 15वें दिन जारी
कोलकाता के सत्यजीत रे फिल्म और टेलीविजन संस्थान में छात्र 27 सितंबर और 4 अक्टूबर की कथित घटनाओं के विरोध में 15वें दिन भी शैक्षणिक बहिष्कार पर रहे. छात्र संघ ने कहा है कि सुरक्षा का भरोसा और प्रशासनिक कार्रवाई शुरू होने तक कक्षाओं में वापसी नहीं होगी, जबकि संस्थान ने सुरक्षा का आश्वासन दोहराया है.
'सूर्यकांत इस्तीफा दो, आपका विकल्प ढूंढ़ लेंगे'; अब कांग्रेस ने CJI के खिलाफ खोल दिया मोर्चा?
कांग्रेस ने CJI सूर्यकांत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी कह रही है कि अगर कानून और व्यवस्था संभालना उनका काम नहीं है, तो वे इस्तीफा दे दें।
नवरात्रि का त्योहार आते ही माता रानी के भजनों की गूंज हर तरफ सुनाई देने लगती है. मंदिरों से लेकर घरों और पूजा पंडालों तक, देवी मां के गीत भक्तों में एक अलग ही उत्साह भर देते हैं.
महंगे इलाज पर सरकार सख्त! अब अस्पतालों में साफ-साफ दिखानी होगी हर ट्रीटमेंट की फीस
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे पत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने अधिकारियों से कहा है कि वे जांच करें कि अस्पताल और क्लीनिक मौजूदा नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि जहां जरूरत हो, वहां नियमों को सही तरीके से लागू कराने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं
Gen Z Career: इन्फ्लुएंसर से आगे निकला हेल्थकेयर करियर
अमेरिका में हुए एक सर्वे के मुताबिक, युवाओं की ड्रीम जॉब की पसंद में बदलाव दिख रहा है. 2026 में 19% युवाओं ने हेल्थकेयर करियर को पसंद किया, जबकि 18.8% ने इन्फ्लुएंसर बनने में रुचि दिखाई. हालांकि, दोनों के बीच अंतर बेहद कम है. वीडियो में जानें भारत को लेकर क्या बोले एक्सपर्ट्स.
आज हम आपको एक भोजपुरी सोहर गीत के बारे में बताने जा रहे हैं. ये गीत सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और इसकी वजह है इसके मजाकिया बोल. गाने में बुआ के पति यानी कि फूफा को काला रसगुल्ला बताया गया है.
सीजेआई ने कहा- शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होना वकीलों का अधिकार, इसका सम्मान हो
एम. रियाज़ हाशमी। नई दिल्लीमुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार और भारतीय निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान वकीलों को हिरासत में लेने तथा पुलिस की कथित ज्यादती का मामला सोमवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि प्रत्येक वकील और बार के सदस्य को […]
बढ़ेगा माइलेज... लेकिन महंगी होंगी कारें! सरकार के इस नियम से बदलेगा गेम
CAFE III Rules 2027: इस नियम का मकसद देश में बिकने वाली कारों की एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी को बेहतर बनाना है. ये नियम कार कंपनियों को ऐसी कारों के निर्माण के लिए प्रोत्साहित करेगा जो ज्यादा बेहतर माइलेज दें. इसके लिए आने वाले समय में कारों की इंजीनियरिंग में भी बदलाव करना होगा.
राहुल द्रविड़ के बेटे का धमाका, 41 गेंदों में कूट डाले 85 रन
राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय ने सोमवार को वीनू मांकड़ ट्रॉफी में दिल्ली अंडर-19 के खिलाफ तूफानी पारी खेलकर फैन्स का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है. उन्होंने महज 41 गेंदों में 85 रन जड़कर टीम को एक मजबूत स्थिति में पहुंचाने का काम किया.
हर मिनट 4 महिलाओं को शिकार बना रहा ब्रेस्ट कैंसर, इन आसान आदतों से टल सकता है बड़ा खतरा
हर मिनट 4 महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का पता चल रहा है. जानिए ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षण, जोखिम कारक, बचाव के तरीके और WHO की चेतावनी.
Punjab Final Voter List जारी: 2 करोड़ पार पहुंचे Voters, CEO Anindita Mitra ने पेश किए आंकड़े
पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय ने राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों के लिए अंतिम मतदाता सूची जारी करते हुए 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) 2026 के पूरा होने की घोषणा की। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य भर में 7,97,263 नए मतदाता पंजीकृत किए गए हैं, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 2,01,00,727 हो गई है; यह अगस्त में प्रकाशित ड्राफ्ट सूची की तुलना में 3.64 प्रतिशत की वृद्धि है। अंतिम सूची में 1,03,76,026 पुरुष मतदाता, 97,24,195 महिला मतदाता और 506 थर्ड-जेंडर (अन्य लिंग) मतदाता शामिल हैं। 1 अक्टूबर, 2026 को अर्हता तिथि (qualifying date) मानते हुए सर्विस वोटर्स (सेवा मतदाताओं) के लिए भी अंतिम सूची जारी की गई। इसे भी पढ़ें: मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व DIG Harcharan Singh Bhullar गिरफ्तार, ED को मिली रिमांड पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने बताया कि अंतिम मतदाता सूची की फिजिकल और डिजिटल प्रतियां मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बांटी गईं। मतदाता CEO पंजाब पोर्टल ( www.ceopunjab.gov.in ) या नागरिक सेवा पोर्टल ( www.voters.eci.gov.in ) से इन सूचियों को देख और डाउनलोड कर सकते हैं, या फिर ज़िला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs), निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (EROs) और बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) के कार्यालयों में इनकी जांच कर सकते हैं। मित्रा ने पंजाब के मतदाताओं, BLOs और राजनीतिक दलों का आभार व्यक्त किया और विशेष रूप से 89,395 बूथ लेवल एजेंटों (BLAs) की सराहना की, जिन्होंने इस संशोधन प्रक्रिया के दौरान सहयोग दिया। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर तीसरे चरण के दौरान पंजाब में विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया 25 जून, 2026 को शुरू हुई थी। घर-घर जाकर गिनती करने के बाद, 13 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई, जिसमें 1,93,94,435 मतदाताओं के नाम शामिल थे। इसे भी पढ़ें: अमरिंदर सिंह राजा वडिंग बोले- Sachin Pilot टिकट न भी दें, Rahul Gandhi का सिपाही रहूंगा दावों और आपत्तियों के चरण के दौरान, 19 रोल ऑब्ज़र्वर, DEO और CEO ने बड़े पैमाने पर फ़ील्ड निरीक्षण और सुपर-चेकिंग की। बिना मैप किए गए रिकॉर्ड या गड़बड़ियों के संबंध में 3,549,036 मतदाताओं को नोटिस भेजे गए। गाँव के स्तर पर सुनवाई और सत्यापन के बाद, स्पष्ट आदेशों (speaking orders) के ज़रिए 86,038 मतदाताओं को अयोग्य घोषित किया गया। पहुँच को बेहतर बनाने के लिए सभी ज़िलों में मतदान केंद्रों को तर्कसंगत (rationalisation) बनाने का काम भी किया गया, जिससे मतदान केंद्रों की संख्या 24,453 से बढ़कर 25,332 हो गई।
राहुल गांधी की याचिका पर मंगलवार हो सकती है सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
हजारों कार्यकर्ताओं के साथ 'चलो दिल्ली' मार्च निकालते हुए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़े थे। पहले चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत को ज्ञापन सौंपने की योजना थी।
बंगला साहिब में पुलिस की एंट्री को लेकर आम आदमी पार्टी के सांसद जत्थेदार से मिले; अरविंद केजरीवाल के खिलाफ FIR दर्ज हो
दुर्गा पूजा से पहले ऐसी सजीं कोलकाता की सड़कें... VIDEO वायरल
दुर्गा पूजा से पहले कोलकाता के फ्लाईओवर रंग-बिरंगे नजर आ रहे हैं. गड़ियाहाट और चिंघरीघाटा फ्लाईओवर पर चमकीले रंगों के साथ पारंपरिक अल्पना बनाई जा रही है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है.
जयपुर: बेटी से गैंगरेप केस में समझौते का दबाव, नहीं माने तो पिता को मारकर फंदे के लटकाया
इस मामले में मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया है कि केस वापस लेने से इनकार करने पर आरोपियों ने उनके पति की हत्या कर शव को फांसी लगाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई.
भारत के 5 सबसे खूबसूरत झरने, अक्टूबर के मौसम में जरूर देखें
भारत में कई ऐसे खूबसूरत झरने हैं, जहां ऊंचे पहाड़ों से गिरता पानी और चारों तरफ फैली हरियाली मन मोह लेती है. गोवा के दूधसागर से मेघालय के नोहकलिकाई तक, जानिए भारत के 5 शानदार झरनों के बारे में, जहां घूमने का अनुभव आपकी ट्रैवल लिस्ट को खास बना सकता है.
सैन्य एथलीटों ने एशियाई खेलों में बनाए रिकॉर्ड
नई दिल्ली। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने जापान में हालही में संपन्न एशियाई खेलों में 27 पदक (6 स्वर्ण, 11 रजत और 10 कांस्य) ज
खेत और डेयरी से ऐसा प्रेम की 'शादी' करना भूल गई करमजीत, कनाडा की नागरिकता छोड़ भाई आया हाथ बंटाने
पंजाब के लुधियाना के एक गांव की रहने वाली करमजीत कौर की कहानी कई लोगों के लिए प्रेरणा का काम कर सकती है. वो 110 गाय-भैंसों को संभालती हैं और 30 एकड़ खेत पर खेती करती हैं. ग्राहकों तक दूध पहुंचाने वो खुद जाती हैं.
देश में अस्थिरता और अराजकता फैला रहे हैं Rahul Gandhi, Anurag Thakur का तीखा हमला
बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर देश में अस्थिरता और अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गांधी की हरकतें संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने और वैश्विक स्तर पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने के मकसद से की जा रही हैं। बीजेपी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ठाकुर ने कहा कि देश ने विपक्ष के किसी नेता की ओर से कभी भी इस तरह की नौटंकी और बचकानी हरकतें नहीं देखीं। उन्होंने गांधी को अस्थिरता फैलाने वाला, अराजकतावादी और गैर-गंभीर करार दिया। वोट चोरी के बार-बार लगाए जा रहे आरोपों को लेकर गांधी पर निशाना साधते हुए ठाकुर ने दावा किया कि कांग्रेस नेता जनता के जनादेश को चुनौती दे रहे हैं। इसे भी पढ़ें: जगह बदलने से सरकार नहीं बचेगी, जंतर-मंतर को धरना स्थल के रूप में डिनोटिफाई करने पर बोले अखिलेश यादव अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी एक ‘हवा-हवाई’ नेता हैं। उनकी राजनीति का पूरा तरीका ही ‘हवा-हवाई’ है — खोखले बयान, बेबुनियाद आरोप, खोखले काम, खोखले विरोध और खोखले तथ्य। ठाकुर ने आरोप लगाया कि गांधी बार-बार चुनाव आयोग, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) और मुख्य चुनाव आयुक्त समेत अलग-अलग संस्थाओं पर दोष मढ़ते रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हालात अब इतने खराब हो गए हैं कि राहुल गांधी सड़क छाप भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं और बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Democracy बचाने की लड़ाई: Rahul Gandhi के साथ DK Shivakumar ने उठाई मजबूत आवाज़ ठाकुर ने कहा कि राहुल जी, देश को सच की ज़रूरत है, शोर-शराबे की नहीं। उसे सबूत चाहिए, आरोप नहीं। उसे साफ़ जवाब चाहिए, राजनीतिक बयान नहीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि जब गांधी राष्ट्रपति से मिलने गए थे, तो उनसे अपनी शिकायत के साथ सबूत देने को कहा गया था, लेकिन वे चुप रहे। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आगे आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट ने गांधी को साफ़ कर दिया था कि वे कोर्ट को अपनी राजनीति का अखाड़ा नहीं बना सकते। ठाकुर ने उन मामलों में न्यायपालिका के पास जाने के गांधी के तरीके पर भी सवाल उठाए, जो अभी लंबित हैं।
Anurag Thakur on Rahul Gandhi: 'देश को शोर नहीं सच चाहिए', नेता प्रतिपक्ष पर BJP ने क्या लगाए आरोप
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीति पर सवाल उठाते हुए उन्हें ‘हवा-हवाई नेता’ बताया। अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी तथ्यों और तर्कों के बजाय निराधार आरोप ...
West Bengal में Suvendu Adhikari ने 11,000 पुलिसकर्मियों को बांटे नियुक्ति पत्र
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के तहत पुलिस में भर्ती अभियान के पहले बड़े चरण में 11 हजार अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। उन्होंने कहा कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के कारण यह संभव हो सका। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अगले दो साल में पश्चिम बंगाल पुलिसकर्मियों की संख्या के मामले में उत्तर प्रदेश से आगे निकल जाएगा। शुभेंदु ने यहां नेताजी इंडोर स्टेडियम में नियुक्ति पत्र सौंपने के बाद कहा, ‘‘मैं न तो तालियां चाहता हूं और न ही श्रेय लेना चाहता हूं। मैं सिर्फ यह कहना चाहता हूं कि अगर सरकार नहीं बदली होती, तो यह भर्ती नहीं हो पाती।’’राज्य पुलिस बल में भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से रुकी हुई थी। मई में राज्य में भाजपा के सत्ता में आने के बाद सरकार ने पुलिस भर्ती प्रक्रिया को मंजूरी दी। इसे सरकारी विभागों में खाली पदों को भरने के लिए व्यापक अभियान की शुरुआत के रूप में पेश किया गया। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नवनियुक्त पुलिसकर्मियों से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय भ्रष्टाचार से दूर रहने और ईमानदारी बनाए रखने का आग्रह किया।
नई दिल्ली | तहलका न्यूज | स्नेहलतादिल्ली में सोमवार को इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शन के दौरान ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारों से माहौल गूंज उठा। कांस्टीट्यूशन क्लब के अंदर विपक्षी दलों की बैठक चलती रही, वहीं बाहर प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का […]
महिला सुरक्षा पर CM Rekha Gupta का एक्शन, छात्राओं के लिए बनेगा डेडिकेटेड WhatsApp Group
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 12 अक्टूबर को राजधानी के अलग-अलग कॉलेजों की महिला छात्र प्रतिनिधियों के साथ महिलाओं की सुरक्षा, कैंपस की सुरक्षा और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री जन सेवा सदन में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि उनकी चिंताओं और सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि दिल्ली की बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसे भी पढ़ें: जगह बदलने से सरकार नहीं बचेगी, जंतर-मंतर को धरना स्थल के रूप में डिनोटिफाई करने पर बोले अखिलेश यादव एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन के आस-पास कम रोशनी वाली जगहों को लेकर जताई गई चिंताओं पर प्रतिक्रिया देते हुए, CM गुप्ता ने दिल्ली भर में लगभग एक लाख स्मार्ट स्ट्रीटलाइट लगाने की घोषणा की। इन्हें इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से जोड़ा जाएगा और इनका रखरखाव एक सालाना मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट के तहत किया जाएगा, जिसमें खराब लाइटों की तुरंत मरम्मत की शर्त होगी। उन्होंने कहा कि कॉलेज परिसर के आस-पास जहां भी स्ट्रीटलाइट की ज़रूरत होगी, वहां स्थानीय एजेंसियों और कॉलेज प्रशासन के साथ मिलकर ज़रूरी कदम उठाए जाएंगे। शिकायतों के तुरंत समाधान के लिए, उन्होंने एक एक्टिव कम्युनिकेशन चैनल बनाने का आदेश दिया, जिसमें एक डेडिकेटेड WhatsApp ग्रुप भी शामिल होगा जो स्टूडेंट प्रतिनिधियों को सीधे एडमिनिस्ट्रेटिव और पुलिस अधिकारियों से जोड़ेगा। उन्होंने छात्रों को मुश्किल हालात में इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 112 का इस्तेमाल करने की सलाह भी दी। इस मीटिंग में लेडी श्रीराम (LSR) कॉलेज, गार्गी कॉलेज, दौलत राम कॉलेज, जीसस एंड मैरी कॉलेज (JMC), मैत्रेयी कॉलेज, अदिति महाविद्यालय, भारती कॉलेज और जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज जैसे इंस्टीट्यूशन के स्टूडेंट प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसे भी पढ़ें: अपनी ही पार्टी की मध्य प्रदेश सरकार के खिलाफ Shivraj Singh Chouhan ने क्यों खोला मोर्चा? Madhya Pradesh BJP में सब ठीक है? छात्रों ने कई सुझाव दिए, जिनमें संवेदनशील जगहों का पूरी तरह से सुरक्षा ऑडिट करना, महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ाना, मुखर्जी नगर और सिरी फोर्ट रोड जैसे छात्र केंद्रों पर नियमित गश्त करना और आसानी से उपलब्ध 'पिंक बूथ' खोलना शामिल था। उन्होंने पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सुधार की भी मांग की, खासकर ऑफ-कैंपस कॉलेजों के लिए बेहतर दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (DTC) और 'यूनिवर्सिटी स्पेशल' बस कनेक्टिविटी, तय जगहों पर नियमित स्टॉप, रेगुलेटेड ई-रिक्शा सर्विस और पेइंग गेस्ट आवासों के आसपास बेहतर सुरक्षा की मांग की। छात्रों ने ऐसे सुरक्षा उपायों के महत्व पर ज़ोर दिया जिनसे छात्राएं बिना किसी पाबंदी वाले कर्फ्यू के आज़ादी से घूम सकें और गतिविधियों में हिस्सा ले सकें।
आइजॉल/गुवाहाटी/नई दिल्ली। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सोमवार को अपने दो दिवसीय दौरे पर मिजोरम की राजधानी आइजॉल पहुंचे। इस दौरे के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा के साथ राज्य में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। सिंधिया के दौरे के दौरान मिजोरम को लगभग₹320 करोड़ की लागत वाली 10 विकास परियोजनाओंकी सौगात मिलेगी। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय मंत्रीनॉर्थ ईस्ट बैंकर्स कॉन्क्लेव 3.0का उद्घाटन भी करेंगे। इस आयोजन का उद्देश्य पूर्वोत्तर क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना, उद्यमियों के लिए ऋण की उपलब्धता को सुदृढ़ करना तथा क्षेत्र की आर्थिक संभावनाओं को साकार करना है। PM मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर के विकास को मिलेगी नई गति आइजॉल पहुंचने पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मिजोरम के साथ उनका व्यक्तिगत रूप से बहुत पुराना संबंध रहा है और यहां दोबारा आना उनके लिए सुखद है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार पूर्वोत्तर को देश की ‘अष्टलक्ष्मी’ के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। पूर्वोत्तर के आठों राज्य विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सिंधिया ने कहा कि उनके इस दौरे का स्पष्ट उद्देश्य विकास परियोजनाओं को गति देना, आधारभूत संरचना का विस्तार करना और क्षेत्र की आर्थिक क्षमता को मजबूत करना है। राज्य में विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ₹4.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने पर जोर केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि वर्ष 2025 में आयोजितराइजिंग नॉर्थ ईस्ट इन्वेस्टर्स कॉन्फ्रेंसके दौरान पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए लगभग ₹4.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इन प्रस्तावों में मिजोरम के लिए भी महत्वपूर्ण निवेश प्रतिबद्धताएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने के लिए उद्यमियों को वित्तीय सहायता और किफायती दरों पर ऋण उपलब्ध कराना आवश्यक है। बैंकिंग क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी से निवेश की संभावनाओं को साकार करने और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति देने में मदद मिलेगी। स्थानीय उद्यमियों को मिलेगा प्रोत्साहन केंद्रीय मंत्री ने कहा किनॉर्थ ईस्ट बैंकर्स कॉन्क्लेव 3.0के माध्यम से वित्तीय सेवा विभाग और बैंकिंग क्षेत्र के सहयोग से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) तथा स्थानीय उद्यमियों के लिए ऋण की उपलब्धता को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य उद्यमियों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करना, नए व्यवसायों को प्रोत्साहित करना और क्षेत्र में निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करना है। ऋण सुविधाओं की बेहतर उपलब्धता से स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार सृजन और आर्थिक विकास के नए अवसर विकसित होंगे। विकास और प्रगति के स्पष्ट एजेंडे के साथ मिजोरम पहुंचे सिंधिया ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दोहराया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में विकास और प्रगति के स्पष्ट एजेंडे के साथ मिजोरम पहुंचे हैं। इस दौरे के माध्यम से राज्य में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, विकास परियोजनाओं को गति देने और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए जाएंगे। यह दौरा मिजोरम की विकास यात्रा को गति देने के साथ-साथ पूर्वोत्तर क्षेत्र की आर्थिक क्षमता को मजबूत करने और विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय संकल्प में क्षेत्र की भागीदारी को और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
निवेशकों को मिलेंगे ₹1,950 करोड़, ED को संपत्तियां बेचने की मंजूरी
NSEL केस में मुंबई की PMLA कोर्ट ने ED की ₹3,464 करोड़ की अटैच संपत्तियों को बेचने की अनुमति दी. पहले चरण में 5,682 निवेशकों के लिए ₹1,950 करोड़ के सेटलमेंट का रास्ता साफ हुआ. पढ़ें पूरी कहानी.
अस्पताल में इलाज से पहले ही पता चलेगा पूरा खर्च, केंद्र सरकार ने राज्यों को जारी किए सख्त निर्देश
केंद्र सरकार ने अस्पतालों और क्लीनिकों को सभी सेवाओं की रेट लिस्ट सार्वजनिक करने के निर्देश दिए हैं. जानिए मरीजों को इससे क्या फायदा होगा और इलाज का खर्च कैसे पहले से पता चल सकेगा.
'ये मेरे लिए मेडल है', FIR दर्ज होने पर बोले विधायक जिग्नेश मेवाणी
गांधीनगर में पुलिस स्टेशन में हंगामे और चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में कांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवाणी पर दो मामले दर्ज हुए हैं, जिसके बाद उन्होंने कहा है कि वह पुलिस और सरकार से नहीं डरते और यह FIR उनके लिए मेडल के समान है.
उत्तर रेलवे ने ट्रेन नंबर 04129/04130 मिर्जापुर-उतरेटिया मेला स्पेशल ट्रेन शुरू करने का फैसला किया है. यह ट्रेन दोनों दिशाओं के बीच रोजाना चलाई जाएगी और यह 9 स्टेशनों पर रुकने वाली है.
चुनाव आयोग के मामले विचाराधीन इसलिए सीजेआई ने विपक्ष से मुलाकात टाली
एम. रियाज़ हाशमी। नई दिल्लीभारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के नेताओं को मुलाकात का समय देने से इनकार कर दिया है। विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), कथित चुनावी अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी शिकायतें रखने के लिए सीजेआई से […]
Alirajpur में रेत के अवैध गड्ढे में भरे पानी में डूबने से 3 बच्चों की मौत, आरोपी गिरफ्तार
मध्यप्रदेश के आलीराजपुर कस्बे में अवैध रूप से रेत निकालने के लिए कथित तौर पर खोदे गए गड्ढे में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गैर इरादतन हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारी के मुताबिक हादसा रविवार दोपहर कस्बे के तीखी इमली क्षेत्र में हुआ, जब सात से 10 वर्ष की उम्र के लवकुश, यशराज और राजवीर साइकिल लेकर घूमने निकले थे। अधिकारी ने बताया कि खेलते-खेलते तीनों बच्चे कथित रूप से अवैध उत्खनन के जरिये रेत निकालने के लिए खोदे गए गड्ढे में चले गए जिसमें बारिश का पानी भरा था। उन्होंने बताया कि गड्ढे की गहराई का अंदाजा नहीं होने के कारण तीनों बच्चे डूब गए जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक रघुवंश कुमार सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि पिंटू जमरा नामक व्यक्ति ने सरकारी जमीन पर गड्ढा खोदा था। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में जमरा की लापरवाही सामने आई है क्योंकि गड्ढा खोदने के बाद उसे ढका नहीं गया था और न ही उसके आसपास सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज करके उसे गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस घटना की विस्तृत जांच कर रही है। इस बीच, बच्चों की मौत से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़क पर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान सरकारी अधिकारियों के साथ उनकी तीखी बहस भी हुई। जिलाधिकारी नीतू माथुर और पुलिस अधीक्षक घटनास्थल पर पहुंचे तथा प्रदर्शनकारियों को समझाते हुए जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद चक्काजाम समाप्त हुआ और सड़क पर यातायात बहाल हो सका।
पत्नी दूसरे युवक संग भागकर हरिद्वार पहुंची, पीछे आया पति टावर पर चढ़ा
हरिद्वार के शिवालिक नगर में पत्नी के दूसरे युवक के साथ भागने से आहत एक व्यक्ति टावर पर चढ़ गया. सूचना मिलने पर रानीपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और उसे नीचे उतारने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली. युवक की मांग है कि उसकी पत्नी मौके पर आए, तभी वह टावर से नीचे उतरेगा. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी उसे समझाने में जुटे हैं.
इधर INDIA गठबंधन के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए राष्ट्रीय राजधानी में ‘चलो दिल्ली’ मार्च निकाला और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। उधर, मद्रास हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के. चंद्रू का वह बयान अचानक चर्चा में आ गया जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि जजों की नियुक्ति प्रधानमंत्री मोदी खुद करते हैं। जहां तक विपक्ष के दिल्ली चलो मार्च की बात है तो आपको बता दें कि बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक निकले मार्च में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, RJD नेता तेजस्वी यादव और अन्य विपक्षी नेता शामिल हुए। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की मौजूदगी ने इस विरोध को व्यापक राजनीतिक समर्थन दिया। हजारों प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई और उनके इस्तीफे की मांग की। राहुल गांधी की कानूनी टीम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की, जिसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय, अखिलेश यादव और तेजस्वी प्रसाद यादव याचिकाकर्ता हैं। राहुल ने इसे अलग-अलग आंदोलनों की बजाय ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक साझा विरोध बताया। इसे भी पढ़ें: Jantar Mantar हो गया छू मंतर, प्रदर्शन करना है तो Ramlila Maidan, Burari Ground या CBD Ground जाना पड़ेगा इसी बीच, चेन्नई में आयोजित ‘Who Will Judge the Judges’ परिचर्चा में मद्रास हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के. चंद्रू की ओर से न्यायिक नियुक्तियों की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाने वाला बयान चर्चा में आ गया। उन्होंने कॉलेजियम प्रणाली को अपारदर्शी बताते हुए कहा कि देश में न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया आम लोगों की जानकारी से बाहर रहती है। उनका सवाल था कि आखिर न्यायाधीशों की नियुक्ति करने वाली व्यवस्था को जवाबदेह कौन बनाएगा? मद्रास हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के. चंद्रू ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों की नियुक्तियां कॉलेजियम नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने जजों की नियुक्ति के लिए राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) बनाने की कोशिश की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे रद्द कर दिया। चंद्रू के मुताबिक, इसके बाद सरकार ने इस आयोग को दोबारा बनाने की जरूरत ही नहीं समझी, क्योंकि उसे जजों की नियुक्तियों को प्रभावित करने के इससे भी ज्यादा कारगर रास्ते मिल गए थे। दूसरी ओर, विपक्ष के आज के आंदोलन पर भाजपा ने पलटवार करते हुए इसे ड्रामा बताया है। केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पिछले कई वर्षों से कांग्रेस लगातार संवैधानिक संस्थाओं पर हमले कर रही है। हद तो ये हो गई कि पार्टी चुनाव की हार का दोष भी संवैधानिक संस्थानों पर मढ़ती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हार का सिलसिला लगातार जारी है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अभी उपचुनाव में क्या हुआ? असम में कांग्रेस की स्थिति क्या है? स्थानीय निकाय चुनाव में त्रिपुरा में क्या हुआ, राजस्थान में क्या हुआ, उससे पहले हिमाचल में क्या हुआ? एक के बाद एक चुनाव में हारना और उसकी खीज आंदोलन कर सड़कों पर निकालना, ये कांग्रेस की नियति बन गई है। उन्होंने कहा कि लेकिन आज मैं कांग्रेस के मित्रों से कहना चाहता हूं कि कांग्रेस की हार का कारण चुनाव आयोग नहीं है, कांग्रेस की हार का कारण कांग्रेस का विचार शून्य नेतृत्व है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अगुवाई में INDIA गठबंधन के नेताओं ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के खिलाफ याचिका दायर की। इसमें आरोप लगाया गया है कि वोटर लिस्ट में बदलाव के दौरान बड़े पैमाने पर वोटरों के नाम हटाए गए और गड़बड़ियां हुईं। याचिका में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर भी चिंता जताई गई है। यह याचिका तब दायर की गई जब INDIA गठबंधन के सांसदों और समर्थकों ने 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) में कथित चुनावी गड़बड़ियों के विरोध में सुप्रीम कोर्ट तक 'मार्च फॉर डेमोक्रेसी' निकाला। इसके बाद गांधी की कानूनी टीम ने कांग्रेस नेता और विपक्ष के अन्य नेताओं की ओर से यह याचिका दायर की। इसे भी पढ़ें: Kiren Rijiju ने Congress को बताया दिशाहीन, Supreme Court मार्च और CEC के विरोध पर घेरा पुलिस ने रोका मार्च बाराखंभा से सुप्रीम कोर्ट तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रियंका गांधी के साथ मार्च कर रहे राहुल गांधी को भगवान दास रोड पर रोक दिया गया है। वहां पर दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी है और आगे नहीं बढ़ने दिया जा रहा है। भगवान दास रोड पर पुलिस बलों को काफी संख्या में तैनात किया गया है। इसमें पैरामिलिट्री फोर्स के साथ यूपी पुलिस भी शामिल है। इस मामले में दूसरे याचिकाकर्ता कौन हैं? दिल्ली में CEC के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन LIVE: चुनाव आयोग के खिलाफ़ दायर याचिका में राहुल गांधी मुख्य याचिकाकर्ता हैं। अन्य याचिकाकर्ताओं में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, RJD के तेजस्वी यादव, TMC के सौगत रॉय, शिवसेना (UBT) के संजय राउत, JMM की महुआ माजी, CPM के MA बेबी, NCP (SP) की सुप्रिया सुले, CPI के D राजा और IUML के ET मोहम्मद बशीर शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Jantar Mantar हो गया छू मंतर, प्रदर्शन करना है तो Ramlila Maidan, Burari Ground या CBD Ground जाना पड़ेगा राहुल ने ज्ञानेश कुमार से कहा - सरकारी गवाह बन जाएं इससे पहले, जब भारत के मुख्य न्यायाधीश ने लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेताओं के साथ बैठक के अनुरोध को ठुकरा दिया था, तो गांधी ने सुप्रीम कोर्ट जाने का अपना फ़ैसला घोषित किया था। कांग्रेस मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफ़ा देने और सरकारी गवाह बनने को कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि ECI प्रमुख उस कथित गड़बड़ी के मुख्य सूत्रधार नहीं थे। गांधी ने कहा इस्तीफ़ा दें, सरकारी गवाह बनें; आपने (कुमार) ग़लती की है, लेकिन आप उस ग़लती के पीछे का असली दिमाग नहीं हैं। गांधी ने ज़ोर देकर कहा कि विपक्ष का अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक ज़रूरी होगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि लगभग 200 सरकारी अधिकारी विपक्ष के संपर्क में हैं और उन्हें जानकारी दे रहे हैं।
दिल्ली: कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ता आपस में भिड़े, गाली-गलौच का आरोप
दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर बीजेपी महिला मोर्चा ने यौन उत्पीड़न के आरोपों के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया. इस दौरान कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट और अभद्रता का आरोप लगाया.
INDIA ब्लॉक के मार्च में 'बैटमैन' की एंट्री, राहुल ने खड़गे को पहनाया मास्क
दिल्ली में कांग्रेस के 'चलो दिल्ली' मार्च के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैटमैन के मास्क बांटे. राहुल गांधी ने भी बैटमैन का मास्क लेकर फोटो खिंचवाई, जबकि उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे को भी मास्क पहनने में मदद की.
हरिद्वार कुंभ मेला-2027 की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कुंभ के आधिकारिक लोगो, वेबसाइट और गीत का लोकार्पण किया। इन तीनों माध्यमों के जरिए कुंभ की विशिष्ट ...
Srinagar में आतंकियों को शरण देने वाली संपत्ति NIA ने UAPA के तहत की कुर्क
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में पाकिस्तानी आतंकवादियों को पनाह देने और आतंकी नेटवर्क से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री छिपाने के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल की गई एक इमारत को कुर्क किया है। एनआईए के एक बयान के मुताबिक, हजरतबल के दनिहामा गांव में खसरा नंबर 315 पर स्थित इमारत को कुर्क कर लिया गया है। यह इमारत आरोपी गुलाम मोहम्मद मीर (उर्फ मामा गैस) की है और यह कार्रवाई प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ी सीमा-पार से होने वाली आतंकी साजिश के मामले में की गई है। एनआईए के महानिदेशक से जरूरी पूर्व मंजूरी लेने के बाद, गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 25 के तहत संपत्ति को कुर्क किया गया। बयान में कहा गया है कि जांच से इमारत और आतंकी साजिश के बीच सीधा संबंध स्थापित हुआ है, क्योंकि कथित तौर पर इस जगह का इस्तेमाल पाकिस्तानी आतंकवादियों को पनाह देने और आतंकी नेटवर्क से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री को छिपाने के लिए किया गया था। यह मामला 31 मार्च को जकूरा पुलिस थाने में दर्ज किया गया था, और बाद में एनआईए ने फिर से इसे दर्ज किया।
वोटर लिस्ट विवाद पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे राहुल गांधी! चुनाव आयोग के खिलाफ दाखिल की जनहित याचिका
Rahul Gandhi:
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राहुल का 'परसेप्शन वॉर', संसद से सुप्रीम कोर्ट तक कैसे बिछाई बिसात?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोलते हुए आंदोलन को '3 स्टेप्स' में सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे तक पहुंचा दिया है. राहुल गांधी द्वारा संविधान की प्रति लेकर निकाले गए इस 'सुप्रीम कोर्ट मार्च' ने 2027 के चुनावों से पहले निष्पक्षता और 'परसेप्शन' की लड़ाई को बेहद तेज कर दिया है.
एक झपट्टा और बंदर गायब! 7 फीट पंखों वाला ईगल पेड़ों से उठाता है शिकार
घने रेनफॉरेस्ट में रहने वाला हार्पी ईगल अपनी ताकतवर टांगों, बड़े पंजों और तेज नजर के लिए जाना जाता है. यह पेड़ों पर रहने वाले बंदर और स्लॉथ जैसे जानवरों का शिकार करता है. इसका आकार और शिकार करने का तरीका इसे खास बनाता है.
मेरे हीरो शरजील इमाम या… इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन के बीच इस नेता ने छोड़ी उद्धव ठाकरे की पार्टी
महाराष्ट्र की सियासत में उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना को झटका लगा है, जब पार्टी के सबसे तेज-तर्रार और मुखर राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद दुबे ने प्राथमिक सदस्यता और प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया है।
मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व DIG Harcharan Singh Bhullar गिरफ्तार, ED को मिली रिमांड
एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने पंजाब के रोपड़ रेंज के तत्कालीन डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) हरचरण सिंह भुल्लर को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत गिरफ़्तार किया है। चंडीगढ़ की एक स्पेशल PMLA कोर्ट ने पूछताछ के लिए उन्हें आठ दिन की कस्टडी में भेज दिया है। ED के चंडीगढ़ ज़ोनल ऑफिस-I की प्रेस रिलीज़ के अनुसार, पंजाब पुलिस के रोपड़ रेंज के तत्कालीन DIG हरचरण सिंह भुल्लर को 9 अक्टूबर को PMLA, 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ़्तार किया गया। यह गिरफ़्तारी भ्रष्टाचार और आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में की गई है। इससे पहले, इसी मामले में ED ने 18 सितंबर 2026 को PMLA के प्रावधानों के तहत कृशानू शारदा को गिरफ़्तार किया था, जो हरचरण सिंह भुल्लर के लिए बिचौलिए/ज़रिया के तौर पर काम करते थे। इसे भी पढ़ें: Supreme Court मार्च पर Devendra Fadnavis का Rahul Gandhi पर हमला, 1975 Emergency का दिया हवाला प्रेस रिलीज़ के अनुसार, CBI, ACB, चंडीगढ़ द्वारा हरचरण सिंह भुल्लर, कृशानू शारदा और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं के तहत दर्ज 2 FIR के आधार पर ED की जांच शुरू की गई थी। जांच में पता चला कि हरचरण सिंह भुल्लर ने कथित तौर पर कृशानू शारदा के ज़रिए गैर-कानूनी रिश्वत की मांग की थी। यह मांग एक आपराधिक मामले में अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए की गई थी, जिसमें ₹8 लाख मांगे गए थे। इसमें से ₹5 लाख कृशानू शारदा के ज़रिए लिए गए, ताकि आपराधिक मामले को निपटाया जा सके और शिकायतकर्ता को बिना पुलिस के दखल के अपना कारोबार जारी रखने दिया जाए। CBI द्वारा हरचरण सिंह भुल्लर के घर पर की गई तलाशी के दौरान ₹7.37 करोड़ नकद और ₹2.32 करोड़ कीमत के गहने बरामद किए गए। इसके अलावा, महंगी घड़ियां, महंगी गाड़ियां, बैंक डिपॉजिट और बड़ी अचल संपत्ति से जुड़े दस्तावेज़ भी मिले। इसके बाद, PMLA की धारा 17 के तहत की गई तलाशी में ₹8.35 लाख नकद ज़ब्त किए गए और लगभग ₹1.42 करोड़ बैलेंस वाले बैंक अकाउंट फ्रीज़ किए गए।
Delhi Police ने बदला नियम, Jantar Mantar की जगह अब 3 नए मैदानों में होंगे धरने
(शीर्षक में बदलाव के साथ)नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर दिल्ली पुलिस ने विरोध प्रदर्शनों के लिए जंतर-मंतर को निर्धारित स्थलों की सूची से हटा दिया है और उसकी जगह तीन नए स्थान इसके लिए निर्धारित किए हैं। पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने इस संबंध में 11 अक्टूबर को स्थायी आदेश जारी किया। यह कदम ऐसे वक्त उठाया गया, जब राष्ट्रीय राजधानी के लुटियंस इलाके में हाल के महीनों में कई प्रदर्शन देखे गए हैं, जिससे देश की सरकार के सत्ता के केंद्र में कई सड़कों व मेट्रो स्टेशनों को बंद करना पड़ा और बड़े पैमाने पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती देखी गई। पुलिस के आदेश के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन और धरने आयोजित करने के लिए तीन नए स्थान निर्धारित किए गए हैं। इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी मैदान शामिल हैं। आदेश के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मौजूदा निर्धारित स्थल के विकल्प के तौर पर विरोध प्रदर्शन और धरने आयोजित करने के लिए उपयुक्त स्थानों की समीक्षा करने के वास्ते एक समिति गठित की थी। आदेश में कहा गया है कि समिति की सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल के रूप में गैर अधिसूचित किया गया है। इसके अलावा रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को प्रदर्शन आयोजित करने के लिए तीन नए स्थानों के तौर पर तय किया गया है। पुलिस के अनुसार, इन तीनों स्थानों पर विरोध प्रदर्शन और धरने आयोजित करने के लिए विस्तृत एवं संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अलग से जारी की जाएगी। यह आदेश 28 अप्रैल 2022 को जारी पिछले स्थायी आदेश में आंशिक संशोधन के तौर पर जारी किया गया है। रामलीला मैदान मध्य जिले में स्थित है और यह जंतर मंतर से चार किलोमीटर दूर है, जबकि पूर्वी जिले का सीबीडी मैदान 12 से 13 किलोमीटर दूर है और उत्तरी जिले में बुराड़ी मैदान लगभग 21 किलोमीटर दूर है। कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) और विपक्षी नेताओं द्वारा जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के आह्वान के बाद राष्ट्रीय राजधानी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह कदम उठाया गया है। कॉजपा नेता आशुतोष रांका और सौरव दास ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए सोमवार को नई तारीख की मांग करने को लेकर संसद मार्ग थाने का रुख किया। अधिकारियों द्वारा विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार करने के बाद हाल के दिनों में नयी दिल्ली जिले में लगभग लॉकडाउन जैसी स्थिति थी, जिससे कार्यालय जाने वालों, यात्रियों और अन्य लोगों को खासी परेशानी हुई। नयी दिल्ली जिले को संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, क्योंकि इसमें संसद और कई महत्वपूर्ण सरकारी और निजी कार्यालयों के साथ-साथ राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्रियों और अन्य प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों के आवास भी हैं। महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और प्रतिबंधित क्षेत्रों को देखते हुए, जिले में कोई भी बड़ा विरोध प्रदर्शन पुलिस के लिए चुनौती पैदा करने वाला होता है। बड़ी संख्या में लोग रोजाना मेट्रो का उपयोग करके मध्य और नयी दिल्ली स्थित कार्यालयों तक यात्रा करते हैं। विरोध प्रदर्शन के दौरान मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास पर प्रतिबंध के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जनपथ मेट्रो स्टेशन गेट नंबर-2 जंतर-मंतर के सबसे नजदीक है। पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और राजीव चौक मेट्रो स्टेशन भी इसके पास में हैं। जब भी किसी बड़े विरोध प्रदर्शन की आशंका होती है, तो दिल्ली पुलिस को अतिरिक्त कर्मियों को तैनात करना पड़ता है, बैरिकेड लगाने पड़ते हैं, वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करना पड़ता है और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा घेरे स्थापित करने पड़ते हैं। प्रदर्शनकारियों को प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करने से रोकने, लोक व्यवस्था बनाए रखने और सरकारी भवनों और अन्य संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस कर्मियों को भी तैनात किया जाता है। नयी दिल्ली जिले में बीती 20 जुलाई को कॉजपा के संसद मार्च के दौरान हुई झड़प ने प्रदर्शनों से उत्पन्न होने वाली संभावित सुरक्षा चुनौतियों को उजागर किया था। कॉजपा ने एक छोटे धरने के लिए अनुमति ली थी, लेकिन यह कानून-व्यवस्था की बड़ी स्थिति में बदल गया।
राहुल गांधी और INDI ब्लॉक के नेताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
Supreme Court मार्च पर Devendra Fadnavis का Rahul Gandhi पर हमला, 1975 Emergency का दिया हवाला
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को राहुल गांधी और INDIA गठबंधन पर कड़ा हमला करते हुए विपक्ष के उस कदम पर सवाल उठाए, जिसके तहत वे भारत के मुख्य न्यायाधीश से मिलने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि देश ऐसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा जो संवैधानिक ढांचे को कमजोर करती हैं। नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए फडणवीस ने सुप्रीम कोर्ट के रुख का समर्थन किया और जोर देकर कहा कि शिकायतों का समाधान सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन के बजाय कानूनी प्रक्रियाओं के जरिए ही किया जाना चाहिए। इतिहास का हवाला देते हुए, बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा 1975 में लगाए गए आपातकाल का जिक्र किया और कांग्रेस पार्टी पर संवैधानिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाया। इसे भी पढ़ें: न्यायिक संस्थाओं को बदनाम करने की साजिश, विपक्ष के Supreme Court मार्च पर बरसे Fadnavis फडणवीस ने कहा कि राहुल गांधी जी, यह संविधान भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ने लिखा था। आपकी दादी ने भी इसे खत्म करने की कोशिश की थी। 1975 में आपकी दादी ने संसद के ज़रिए एक संशोधन किया था, जिससे नागरिक अपने मौलिक अधिकारों को लागू करवाने के लिए कोर्ट नहीं जा सकते थे। ये अधिकार डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा लाए गए सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान थे। हालांकि, उस समय पूरे विपक्ष ने इसका विरोध किया और बाबासाहेब के संविधान को बहाल करने में सफल रहे। इसलिए, आप संविधान के खिलाफ़ चाहे कितने भी विरोध प्रदर्शन करें, हम बाबासाहेब के संविधान को कोई नुकसान नहीं होने देंगे; हम आपको इसे इस तरह से कमज़ोर नहीं करने देंगे। देश संविधान के खिलाफ़ होने वाली ऐसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा। चाहे कुछ भी हो जाए, हम इस संविधान और इस लोकतंत्र को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे—यह चेतावनी मैं राहुल गांधी को देना चाहता हूं। इसे भी पढ़ें: MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार का पेपर लीक से संबंध नहीं, BJP ने किया बचाव मार्च पर सवाल उठाते हुए फडणवीस ने कहा कि उस घटना पर गौर करें जब वे सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने और मुख्य न्यायाधीश से मिलने की मांग करने की बात करते हैं। किस संवैधानिक प्रावधान के तहत मुख्य न्यायाधीश से यह उम्मीद की जाती है कि वे बाहर आकर विरोध मार्च करने वालों से बातचीत करें? सुप्रीम कोर्ट का जवाब बिल्कुल सही था: अगर किसी को कोई शिकायत है, तो उसे सही कानूनी तरीकों से कोर्ट के पास जाना चाहिए। फडणवीस ने विपक्षी गठबंधन की भी निंदा की जो लगातार प्रमुख संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाता रहता है। उन्होंने कांग्रेस से कहा कि वे इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVMs) को दोष देने के बजाय अपने नेतृत्व पर आत्म-मंथन करें। उन्होंने कहा हम उस तरीके की निंदा करते हैं जिससे कांग्रेस पार्टी और उसका तथाकथित 'INDI अलायंस' भारत की संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कर रहे हैं और न्यायपालिका पर शक पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस को आत्म-मंथन करने की ज़रूरत है, क्योंकि देश भर के बड़े राज्यों ने सालों से पार्टी को नकार दिया है... ज़रूरत अपनी हार के लिए EVMs को दोष देने की नहीं, बल्कि अपने ही नेतृत्व में कारण खोजने की है। ऐसा नेतृत्व जिसे बार-बार नकारा गया है।
क्या दिल्ली से शिफ्ट हो गया भारत-श्रीलंका का पहला वनडे मैच, बीसीसीआई ने दिया स्पष्ट जवाब
क्रिकेट प्रेमियों के लिए दिसंबर 2026 का महीना बेहद रोमांचक होने वाला है, क्योंकि इस साल के आखिरी में श्रीलंका क्रिकेट टीम भारत दौरे पर आ रही है। इस दौरे के तहत भारतीय टीम को श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की रोमांचक वनडे सीरीज और इतने ही मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है। इस बीच, खेल गलियारों में इस तरह की खबरें तेजी से फैलने लगी थीं कि 13 दिसंबर को दिल्ली में होने वाले भारत-श्रीलंका के पहले वनडे मुकाबले को किसी अन्य शहर में शिफ्ट कर दिया गया है। इन तमाम अटकलों पर अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अपना आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है।बीसीसीआई ने खारिज की मैच शिफ्ट होने की सभी खबरेंसोमवार को मीडिया में चल रही उन खबरों पर विराम लगाते हुए बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने स्पष्ट किया कि दिल्ली में खेले जाने वाले भारत-श्रीलंका वनडे मैच को शिफ्ट किए जाने की खबरें पूरी तरह से महज एक अफवाह हैं। बीसीसीआई ने ऐसा कोई भी फैसला नहीं लिया है। सैकिया ने एक आधिकारिक बयान में दो टूक कहा कि 13 दिसंबर को होने वाले इस पहले वनडे मुकाबले की मेजबानी पहले की तरह राजधानी दिल्ली को ही सौंपी गई है और इसके निर्धारित वेन्यू में कोई बदलाव नहीं किया गया है।क्यों उड़ी थी मैच बदलने की अफवाहेंमीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा था कि दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में चल रहे कुछ निर्माण कार्यों के चलते इस मुकाबले को दिल्ली से हटाकर अहमदाबाद स्थानांतरित किया जा सकता है। चूंकि 19 दिसंबर को सीरीज का तीसरा और अंतिम वनडे मुकाबला पहले से ही अहमदाबाद में तय है, इसलिए इस प्रकार की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, बीसीसीआई सचिव ने इन सभी दावों को खारिज करते हुए दोहराया कि द्विपक्षीय मुकाबलों के आयोजन स्थलों का आवंटन हमेशा एक तय मानक नीति के तहत किया जाता है और इस शेड्यूल में कोई फेरबदल नहीं किया गया है।भारत-श्रीलंका सीरीज का पूरा शेड्यूलबीसीसीआई के इस स्पष्टीकरण के बाद अब क्रिकेट फैंस बिना किसी संशय के मुकाबलों का लुत्फ उठा सकेंगे। श्रीलंका के इस भारत दौरे का पूरा आधिकारिक शेड्यूल इस प्रकार है:पहला वनडे मुकाबला: 13 दिसंबर (दिल्ली)दूसरा वनडे मुकाबला: 16 दिसंबर (बेंगलुरु)तीसरा वनडे मुकाबला: 19 दिसंबर (अहमदाबाद)पहला टी20 मुकाबला: 22 दिसंबर (राजकोट)दूसरा टी20 मुकाबला: 24 दिसंबर (कटक)तीसरा टी20 मुकाबला: 27 दिसंबर (पुणे)
जंतर-मंतर बैन, पर सड़कों पर उबाल! छात्रों का सुप्रीम कोर्ट कूच
दिल्ली में प्रशासन द्वारा जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाने के बाद विरोध प्रदर्शन और उग्र हो गया है. सोमवार को वामपंथी छात्र संगठनों और विपक्षी सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और 'वोट चोरी' के आरोपों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला. राजधानी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और राजनीतिक सरगर्मी तेज है. पढ़ें ताजा रिपोर्ट.
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की जगह बदली, सरकार का सख्त संदेश: विरोध के नाम पर मनमानी नहीं चलेगी!
दिल्ली के जंतर-मंतर पर अब प्रदर्शन नहीं हो सकेंगे। दिल्ली पुलिस ने इसे निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने का फैसला किया है। गृह मंत्रालय की समिति की सिफारिश के बाद 11 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के तहत अब रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड को प्रदर्शन के लिए […] यह लेख जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की जगह बदली, सरकार का सख्त संदेश: विरोध के नाम पर मनमानी नहीं चलेगी! सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
क्रिकेट के मैदान पर इन दिनों भारतीय युवा खिलाड़ियों का जलवा चारों तरफ देखने को मिल रहा है। वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली जा रही पांच मैचों की रोमांचक टी20 सीरीज के तीसरे मुकाबले में टीम इंडिया के युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) ने अपने तूफानी प्रदर्शन से इतिहास रच दिया है। रांची और लखनऊ के बाद इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेले गए इस तीसरे मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने केवल बल्ले से कोहराम नहीं मचाया, बल्कि टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई बड़े और ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए।महज 18 गेंदों में फिफ्टी जड़कर तोड़ा विराट और संजू का रिकॉर्डभारत और वेस्टइंडीज के बीच इंदौर में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम के लिए ओपनिंग करने उतरे अभिषेक शर्मा ने मैदान पर कदम रखते ही कैरेबियाई गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं। अभिषेक ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का मुजायरा पेश करते हुए महज 18 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। इस शानदार पारी के दौरान उन्होंने सिर्फ 30 गेंदों का सामना किया और 69 रनों की धमाकेदार पारी खेली, जिसमें कई लंबे छक्के और चौके शामिल थे।इस तूफानी अर्धशतक के साथ ही अभिषेक शर्मा वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस मामले में दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली और हाल ही में शानदार फॉर्म में चल रहे संजू सैमसन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इससे पहले विराट कोहली ने साल 2019 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 21 गेंदों में अर्धशतक जड़ा था, और हाल ही में संजू सैमसन ने भी इसी सीरीज के पिछले मुकाबले में 21 गेंदों में फिफ्टी पूरी की थी।टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज 2 हजार रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्डअभिषेक शर्मा ने इस मुकाबले में केवल अर्धशतक ही नहीं जड़ा, बल्कि टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक ऐतिहासिक वर्ल्ड रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कर लिया है। अभिषेक ने इस फॉर्मेट में सबसे कम गेंदों का सामना करते हुए अपने 2,000 रन पूरे कर लिए हैं। उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में महज 1,024 गेंदें खेलकर 2,000 रनों का आंकड़ा छुआ है, जो गेंदों के लिहाज से इस फॉर्मेट में किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाए गए सबसे तेज दो हजार रन हैं। उनकी इस अविश्वसनीय उपलब्धि से पूरी दुनिया के क्रिकेट विशेषज्ञ हैरान हैं।भारत ने जीता रोमांचक मुकाबला, सीरीज में बनाई 2-1 की बढ़तअभिषेक शर्मा की इस रिकॉर्डतोड़ और विस्फोटक पारी के दम पर टीम इंडिया ने निर्धारित 20 ओवरों में 209 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। इस मैच में अभिषेक के अलावा और कोई अन्य बल्लेबाज अर्धशतक नहीं जड़ सका, जिससे उनकी इस पारी का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने भी कड़ा संघर्ष किया और 20 ओवरों में 209 रन बनाए, हालांकि कैरेबियाई टीम का कोई भी खिलाड़ी पचास का आंकड़ा पार नहीं कर सका। इस रोमांचक मुकाबले को भारत ने अपने नाम कर लिया और पांच मैचों की इस सीरीज में 2-1 की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली है।
पत्रकारिता के लिए PIB एक्रेडिटेशन अनिवार्य शर्त नहीं, CPI सांसद ने Amit Shah से की दखल की मांग
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (CPI) के राज्यसभा सांसद पी. संतोष कुमार ने सोमवार को केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह स्वतंत्र रिपोर्टिंग में बाधा डालकर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ पुलिस की ज्यादतियों को छिपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ हो रहे विरोध प्रदर्शनों की कवरेज कर रहे पत्रकारों को परेशान करने और हिरासत में लेने की कथित कार्रवाई को रोकने की अपील की है। गृह मंत्री शाह को लिखे पत्र में CPI सांसद ने कहा, मैं दिल्ली भर में CEC ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शनों को कवर करने वाले पत्रकारों को बड़े पैमाने पर परेशान किए जाने, हिरासत में लिए जाने और नज़रबंद किए जाने के ख़िलाफ़ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराने के लिए यह पत्र लिख रहा हूँ। राजधानी के कई हिस्सों से मिली रिपोर्टों से साफ़ पता चलता है कि पत्रकारों को बल प्रयोग करके उनके पेशेवर कर्तव्यों का पालन करने से रोका जा रहा है। इसे भी पढ़ें: बेकाबू होती जा रही है महंगाई, CPI बढ़कर 5.54% हुई, प्याज हुआ 108% महंगा! यह आरोप लगाते हुए कि स्वतंत्र पत्रकारों को अपना काम करने से रोका गया, उन्होंने कहा स्वतंत्र रिपोर्टिंग में बाधा डालकर, अधिकारी जनता की इस सोच को और मज़बूत करते हैं कि सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ पुलिस की ज्यादतियों को छिपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मीडिया हाउस के पत्रकारों को रिपोर्टिंग करने से रोका गया। उन्होंने दावा किया कि एक न्यूज़ पोर्टल की महिला संवाददाता को बेरहमी से घसीटा गया और हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा, प्रदर्शनों को कवर करने के लिए पत्रकारों के पास PIB एक्रेडिटेशन (मान्यता) होना ज़रूरी है। पुलिस की यह बार-बार की ज़िद बेतुकी और तर्कहीन है। मौजूदा एक्रेडिटेशन गाइडलाइंस बदलते मीडिया परिदृश्य के साथ तालमेल बिठाने में नाकाम रही हैं। 15-20 साल के अनुभव की ज़रूरतें भरोसेमंद डिजिटल न्यूज़ संगठनों के उदय को जगह नहीं दे सकतीं। उन्होंने लिखा PIB एक्रेडिटेशन को पत्रकारिता के लिए ज़रूरी शर्त या सार्वजनिक जगहों से रिपोर्ट करने का लाइसेंस नहीं माना जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि ऐसी पाबंदियां प्रेस की आज़ादी और जनता के सूचना के अधिकार को कमज़ोर करती हैं। इसे भी पढ़ें: खाने-पीने की चीज़ें महंगी होने से सितंबर में भारत की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 5.54% हुई उन्होंने कहा कि इस मामले में कल सुप्रीम कोर्ट के दखल और संयुक्त राष्ट्र में जताई गई चिंताओं से इन तौर-तरीकों को खत्म करने की ज़रूरत और भी साफ़ हो गई है। लोकतंत्र में ऐसी मनमानी के लिए कोई जगह नहीं है। संतोष कुमार ने मांग की कि शाह तुरंत दिल्ली पुलिस को पत्रकारों को परेशान करने, मनमाने ढंग से हिरासत में लेने और उनके काम में रुकावट डालने से रोकने का निर्देश दें। साथ ही, यह सुनिश्चित करें कि वे उन इलाकों में जा सकें जहां वे कानूनी तौर पर अपनी ड्यूटी कर रहे हैं, और सिर्फ़ PIB एक्रेडिटेशन न होने के आधार पर उनके साथ भेदभाव न किया जाए।
भिक्षा वृत्ति मुक्त भारत: 45 हजार लोगों की हुई पहचान, 100 शहरों को भीख-मुक्त करने का लक्ष्य
केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बुधवार को 'भिक्षा वृत्ति मुक्त भारत' कार्यक्रम में शामिल होंगे।
श्रीलंका: पूर्व राष्ट्रपति की पत्नी की जमानत याचिका खारिज, महिंदा राजपक्षे ICU में भर्ती
श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे का परिवार मुश्किलों में घिरा है. उनकी पत्नी शिरांतिकी जमानत याचिका खारिजो हो गई है. वहीं, महिंदा की तबीयत बिगड़ गई है जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
दुनिया के 5 सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड: जानिए बीसीसीआई से लेकर अन्य बोर्ड्स की कुल नेटवर्थ
क्रिकेट आज के समय में दुनिया भर में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले खेलों में से एक है। खिलाड़ियों की भारी-भरकम कमाई और आईपीएल (IPL) जैसी लीगों की अरबों की नीलामी के बारे में तो आपने अक्सर सुना होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि क्रिकेट बोर्ड भी इस खेल के जरिए करोड़ों-अरबों की संपत्ति के मालिक होते हैं? दुनिया भर में कई ऐसे क्रिकेट बोर्ड हैं, जिनकी वित्तीय स्थिति बेहद मजबूत है, लेकिन कमाई और संपत्ति के मामले में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) का कोई मुकाबला नहीं है। आइए जानते हैं दुनिया के 5 सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड और उनकी अनुमानित नेटवर्थ के बारे में।1. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) - दुनिया में सबसे आगेकमाई और संपत्ति के मामले में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड है। इसकी अनुमानित नेटवर्थ लगभग 2.2 अरब डॉलर यानी करीब 18,760 करोड़ रुपये आंकी जाती है। भारत में क्रिकेट के प्रति दीवानगी और इसकी जबरदस्त लोकप्रियता इसका मुख्य कारण है। इसके अलावा इंडियन प्रीमियर लीग (IPL), अंतरराष्ट्रीय मैचों के प्रसारण अधिकार (Broadcasting Rights), विज्ञापनों और बड़ी स्पॉन्सरशिप डील्स से बीसीसीआई को सालाना भारी-भरकम कमाई होती है, जो इसे दुनिया के बाकी सभी बोर्डों से मीलों आगे रखती है।2. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (Cricket Australia) - दूसरे स्थान पर मजबूत स्थितिइस सूची में दूसरे पायदान पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का नाम आता है। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड की अनुमानित नेटवर्थ करीब 79 मिलियन डॉलर यानी लगभग 674 करोड़ रुपये बताई जाती है। ऑस्ट्रेलिया में पारंपरिक अंतरराष्ट्रीय मैचों के अलावा घरेलू टी20 लीग 'बिग बैश लीग' (BBL) से बोर्ड को अच्छी खासी आमदनी होती है। इसके अलावा मीडिया राइट्स और ग्लोबल स्पॉन्सरशिप भी उनकी आय के मुख्य स्रोत हैं।3. इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) - तीसरे स्थान पर काबिजक्रिकेट के जन्मदाता देश का बोर्ड यानी इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर है। इस बोर्ड की अनुमानित नेटवर्थ करीब 59 मिलियन डॉलर यानी लगभग 503 करोड़ रुपये है। इंग्लैंड में पारंपरिक टेस्ट क्रिकेट और घरेलू प्रतियोगिताओं के प्रति दर्शकों का भारी उत्साह रहता है। मैचों के प्रसारण अधिकार और प्रतिष्ठित स्पॉन्सरशिप डील्स के जरिए यह बोर्ड अपनी मजबूत आर्थिक स्थिति बनाए रखता है।4. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) - चौथे नंबर पर है मौजूदपड़ोसी देश का पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) इस सूची में चौथे स्थान पर आता है। इसकी अनुमानित नेटवर्थ लगभग 55 मिलियन डॉलर यानी करीब 469 करोड़ रुपये बताई जाती है। पाकिस्तान सुपर लीग (PSL), घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मैच तथा विभिन्न ब्रांड स्पॉन्सरशिप बोर्ड की कमाई के अहम स्रोत हैं। पाकिस्तान में क्रिकेट के प्रति दीवानगी से बोर्ड को व्यावसायिक रूप से काफी फायदा मिलता है।5. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) - पांचवें स्थान पर शामिलदुनिया के पांच सबसे अमीर क्रिकेट बोर्डों की इस सूची में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) पांचवें स्थान पर है। इसकी अनुमानित नेटवर्थ लगभग 51 मिलियन डॉलर यानी करीब 435 करोड़ रुपये आंकी गई है। बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL), अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों और मीडिया राइट्स से बोर्ड को अच्छी आय प्राप्त होती है। बांग्लादेश में भी क्रिकेट को चाहने वालों की संख्या बहुत बड़ी है, जो इसकी वित्तीय मजबूती में योगदान देती है।
Supreme Court की ओर बढ़ रहे INDIA गठबंधन नेताओं को दिल्ली पुलिस ने रोका
‘वोट चोरी’ रोकने, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर रोक लगाने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर उच्चतम न्यायालय की ओर मार्च कर रहे विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के नेताओं को सोमवार को पुलिस ने भगवान दास रोड पर रोक दिया। पुलिस ने भगवान दास रोड पर दो जगह अवरोधक लगा रखे थे। पहले अवरोधक को कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों के कार्यकर्ताओं ने हटा दिया। इसके बाद उच्चतम न्यायालय के निकट लगाए गए दूसरे अवरोधक पर नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोक दिया गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और ‘इंडिया’ गठबंधन के विभिन्न घटक दलों के नेता एक एक ट्रक पर सवार होकर बाराखंबा रोड से उच्चतम न्यायालय के लिए रवाना हुए थे। कई नेता और कार्यकर्ता पैदल ही उच्चतम न्यायालय की तरफ रवाना हुए। कई नेता बसों में सवार थे। इससे पहले विपक्षी दलों के नेता कॉन्स्टिट्यूशन क्लब से बसों में सवार होकर बाराखंबा रोड पहुंचे थे और वहां एकत्र होने के बाद उन्होंने उच्चतम न्यायालय की ओर मार्च शुरू किया। ‘इंडिया’ गठबंधन के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था। कांग्रेस ने इस विरोध प्रदर्शन को ‘‘चलो दिल्ली—लोकतंत्र के लिए मार्च’’ नाम दिया है। इस मार्च में शामिल कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, ज्ञानेश कुमार और भाजपा के खिलाफ पुरजोर नारेबाजी की। राहुल गांधी ने इससे पहले संवाददाताओं से कहा था कि वह और ‘इंडिया’ गठबंधन के अन्य नेता उच्चतम न्यायालय जाएंगे तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका दायर करेंगे। उन्होंने कहा था, ‘‘आज हम और इंडिया गठबंधन के नेता उच्चतम न्यायालय जाएंगे और याचिका दायर करेंगे। जो प्रतिरोध चल रहा है, वह एक दिन की बात नहीं है। हम लगातार यह कर रहे हैं।’’गांधी ने केंद्र सरकार पर लोगों को दिल्ली पहुंचने से रोकने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि राष्ट्रीय राजधानी को ‘‘पूरी तरह से किले में तब्दील’’ कर दिया गया है और बड़ी संख्या में पुलिस तथा सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। विपक्ष की मांग है कि ‘‘वोट चोरी’’ पर रोक लगाई जाए, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और मतदाता सूची के एसआईआर की प्रक्रिया रोकी जाए। इससे पहले, खरगे और गांधी ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात का समय मांगा था, ताकि उनके समक्ष कथित ‘‘वोट चोरी’’ का मुद्दा उठाया जा सके और एक ज्ञापन सौंपा जा सके। प्रधान न्यायाधीश ने मुलाकात से इनकार करते हुए कहा था कि इससे जुड़े मुद्दे पहले से उच्चतम न्यायालय के समक्ष विचाराधीन हैं। इसके बाद विपक्षी दलों ने उच्चतम न्यायालय का रुख कर याचिका दायर करने और अपना प्रस्तावित मार्च जारी रखने का फैसला किया। विपक्षी दल पिछले मंगलवार से चुनावों में ‘‘धांधली’’ और ‘‘वोट चोरी’’ को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं।
कल का मौसम: दिल्ली, यूपी, बिहार समेत 23 राज्यों में बारिश, ठंड भी बढ़ेगी, IMD का अलर्ट
कल का मौसम, 13 अक्टूबर 2026: दिल्ली-एनसीआर में तेज बारिश और आंधी के बाद मौसम पूरी तरह बदल गया है. IMD ने कल दिल्ली, यूपी, राजस्थान समेत 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. जानिए आपके यहां कैसा मौसम रहेगा.
Photos: अन्ना से कॉकरोचों तक... 33 साल में इन प्रदर्शनों को गवाह बना जंतर मंतर!
1990 के दशक के शुरुआती वर्षों 1993 के बाद से प्रदर्शनकारियों को संसद और सत्ता के गलियारों के पास अपनी बात रखने के लिए अनौपचारिक रूप से जंतर-मंतर रोड पर शिफ्ट कर दिया गया. तब से यह जगह देशभर के आंदोलनों, धरना-प्रदर्शनों और सामाजिक मुद्दों की आवाज बन गई थी.
UP RERA: घर खरीदार ऐसे करें बिल्डर को सुरक्षित भुगतान
घर की बुकिंग या किस्त का भुगतान करने से पहले बैंक खाते की जानकारी जरूर जांचें. UP RERA ने खरीदारों को प्रोजेक्ट के निर्धारित कलेक्शन अकाउंट में ही पैसे जमा करने की सलाह दी है. दूसरे खाते में भुगतान मांगे जाने पर प्राधिकरण को इसकी सूचना दें. वीडियो में जानें क्या रखें ध्यान.
राठी नहीं, स्मित मच्छर मेरे आदर्श है, Shiv Sena UBT प्रवक्ता Anand Dubey ने छोड़ी पार्टी
यूबीटी शिवसेना के प्रवक्ता आनंद दुबे ने चुनाव आयोग को लेकर पार्टी के रुख के कारण पार्टी छोड़ दी है। इस्तीफ़े की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि उनके आदर्श स्मिता मच्छर, शिवाजी महाराज और वीर सावरकर हैं, न कि शरजील इमाम, उमर खालिद और ध्रुव राठी। दुबे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के आंदोलन का समर्थन करने के पार्टी के रुख पर अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मेरा देश पहले आता है, पार्टी और आनंद दुबे बाद में। इससे पहले रविवार को, शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) नेता अमित ठाकरे ने मुंबई के शिवाजी पार्क इलाके में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। मुंबई पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। इसे भी पढ़ें: Mumbai Police का बड़ा एक्शन: Aaditya Thackeray और अमित ठाकरे समेत 25 पर FIR दर्ज, जानें पूरा मामला आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि पुलिस ने महिलाओं समेत शिवसेना (UBT) कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी की। आदित्य ने दावा किया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्टी की एक महिला कार्यकर्ता की साड़ी फाड़ दी गई। उन्होंने कहा कि मैं पूरे मुंबई के लोगों से शिवाजी पार्क आने की अपील कर रहा हूं। यह विरोध प्रदर्शन अब नहीं रुकेगा। अगर आप प्रदर्शनकारियों को छूते हैं, तो यह आंदोलन तब तक और तेज़ होगा जब तक गद्दार (मुख्य चुनाव आयुक्त) ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते। इसे भी पढ़ें: Shiv Sena UBT नेता प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड के दो आरोपी Prayagraj से ठाणे लाए गए वोट चोरी के मामले में INDIA गठबंधन के नेता सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे INDIA गठबंधन के नेता 'वोट चोरी' के आरोपों और वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) को रोकने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को ज्ञापन सौंपने के लिए मार्च कर रहे हैं। इस मार्च की अगुवाई लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि वे कभी भी भारत की आवाज़ को दबा नहीं पाएंगे। गांधी ने दिल्ली पुलिस द्वारा CJP प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई को लेकर भी केंद्र सरकार पर तंज कसा और कहा कि विपक्षी नेता प्यार, भाईचारे और देशभक्ति के साथ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे। सरकार ने जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की जगह के तौर पर डी-नोटिफाई किया इस बीच, सरकार ने जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की जगह के तौर पर डी-नोटिफाई कर दिया है और तीन अन्य जगहों की घोषणा की है जहां अब विरोध-प्रदर्शन किए जा सकेंगे। 11 अक्टूबर, 2026 के इस आदेश पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने हस्ताक्षर किए। आदेश में कहा गया है कि पूर्वी दिल्ली में रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और CBD मैदान को अब विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने के लिए नई जगहों के तौर पर तय किया गया है। आदेश में कहा गया भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने मौजूदा 'तय जगह' के बजाय नागरिकों के विरोध-प्रदर्शन के अधिकार के लिए वैकल्पिक और उपयुक्त जगहों की जांच करने के लिए एक समिति बनाई थी। इसमें आगे कहा गया इन तीन जगहों पर विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने के लिए विस्तृत और संशोधित SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) अलग से जारी की जाएगी। यह पहले के स्टैंडिंग ऑर्डर नंबर L&O/48/22 (दिनांक 28.04.2022) में आंशिक बदलाव है।
तटीय और कम गहराई वाले समुद्री क्षेत्रों में पानी के भीतर मौजूद खतरों का पता लगाने और उनसे निपटने के लिए तैयार ‘मांग्रोल’ आधुनिक हथियारों और सेंसरों से लैस है
'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' नारे का क्या हुआ? BJP का कांग्रेस खिलाफ प्रदर्शन
भाजपा ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया और कांग्रेस दफ्तर की ओर मार्च किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सांसद और JNU से निष्कासित प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
Weight Loss Drugs के एड पर सरकार की नजर, GLP-1 दवाओं के लिए ला सकती है नए नियम
GLP-1 और Weight Loss Drugs के विज्ञापनों पर सरकार सख्ती की तैयारी में है. जानिए क्या हैं नए प्रस्तावित नियम, CCTV निगरानी और बिना पर्चे बिक्री पर क्या असर पड़ेगा.
IIIT जबलपुर से बीटेक, गूगल में इंटर्नशिप फिर नौकरी, युवाओं को दी ये सलाह
इंजीनियर समृद्धि शर्मा ने गूगल में काम के कल्चर को लेकर एक वीडियो शेयर किया है. उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए युवा ग्रेजुएट्स को सलाह दी है कि वे करियर की बहुत ज्यादा प्लानिंग करने के बजाय अपने सामने आने वाले मौकों का फायदा उठाएं. आईआईटीडीएम जबलपुर से गूगल और इंट्यूट में अलग-अलग पदों तक का उनका सफर बताता है कि लगातार सीखते रहना करियर को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है.
सितंबर 2026 में कार मार्केट में बड़ा उलट-फेर देखने को मिला है. इस बार Maruti Suzuki Baleno देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार बन गई है. Nexon, Punch, Fronx की भी डिमांड रही.
सनातन धर्म और हिंदू संस्कृति में शक्ति की आराधना के पर्व शारदीय नवरात्र (Shardiya Navratri 2026) का विशेष महत्व है। देश भर में मां दुर्गा के शक्तिपीठों और मंदिरों में इन दिनों भक्तों का तांता लगा हुआ है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसा अनोखा और इकलौता मंदिर मौजूद है, जहां मां दुर्गा की प्रतिमा पारंपरिक मूर्तियों से बिल्कुल अलग और बेहद खास है? ओडिशा के जाजपुर में स्थित मां बिरजा देवी का मंदिर (Biraja Temple) देश का इकलौता ऐसा शक्तिपीठ है, जहां मां दुर्गा 8 या 10 नहीं, बल्कि सिर्फ दो भुजाओं के साथ महिषासुर का वध करते हुए विराजमान हैं।18वां शक्तिपीठ और मां सती की नाभि का स्थानओडिशा के ऐतिहासिक शहर जाजपुर में पवित्र बैतरानी नदी के तट पर स्थित मां बिरजा देवी का यह पावन मंदिर देश के 51 शक्तिपीठों में से 18वां शक्तिपीठ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पवित्र स्थान पर माता सती की नाभि गिरी थी, जिसके कारण इस जगह का आध्यात्मिक और तांत्रिक महत्व बहुत अधिक है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, ब्रह्मा जी द्वारा किए गए एक विशाल यज्ञ की अग्नि से मां पार्वती का प्राकट्य हुआ था, जिन्हें ब्रह्मा जी ने 'बिरजा' नाम दिया था। यह पूरा क्षेत्र एक त्रिभुज के आकार में बसा हुआ है, जिसकी रक्षा भगवान शिव स्वयं तीनों दिशाओं से करते हैं, जबकि मां बिरजा इसके ठीक मध्य में विराजमान हैं।दो भुजाओं वाली मां दुर्गा की इकलौता स्वरूपइस मंदिर की सबसे बड़ी और अनोखी विशेषता यहां स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा है। आमतौर पर आपने देवी दुर्गा की ऐसी प्रतिमाएं देखी होंगी जिनमें उनके 8, 10 या उससे अधिक हाथ होते हैं और वे शस्त्रों से सुसज्जित होती हैं। लेकिन बिरजा मंदिर में स्थापित मां दुर्गा की खड़ी हुई प्रतिमा केवल दो हाथों वाली है। प्रतिमा में अद्भुत दृश्य देखने को मिलता है जहां मां दुर्गा ने अपने एक बाएं हाथ से महिषासुर राक्षस की पूंछ पकड़ रखी है और दूसरे दाएं हाथ में पकड़े त्रिशूल से उसकी छाती को भेदते हुए उसका वध कर रही हैं। इसके अलावा, मां बिरजा का मुकुट भी बेहद खास है, जिस पर गणेश जी, नागराज वासुकि, योनि समेत शिवलिंग और चंद्रमा की सूक्ष्म प्रतिमाएं उकेरी गई हैं। यह मुकुट हिंदू धर्म के विभिन्न पंथों के अद्भुत समन्वय का प्रतीक है।16 दिवसीय भव्य दुर्गा उत्सव और रथ यात्राशारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर इस मंदिर में आम दिनों की तुलना में विशेष रौनक देखने को मिलती है। यहां नवरात्र के दौरान पूरे 16 दिनों तक चलने वाला भव्य दुर्गा उत्सव मनाया जाता है। इस दौरान 'सिंह ध्वज' नामक एक बेहद आकर्षक और भव्य रथ पर मां बिरजा की रथ यात्रा निकाली जाती है, जो इस शक्तिपीठ की सबसे बड़ी खासियत है। इसके अलावा, यज्ञ कुंड से देवी के उद्भव की स्मृति में माघ मास की अमावस्या यानी त्रिवेणी अमावस्या के दिन भी विशेष उत्सव का आयोजन किया जाता है। मंदिर परिसर में एक शानदार संग्रहालय भी है, जिसमें देवी की कथा और महालक्ष्मी, महाकाली व महासरस्वती के प्रकट होने के दृश्यों को बहुत ही खूबसूरती से दर्शाया गया है।
जंतर-मंतर से अब आंदोलन छूमंतर, प्रोटेस्ट के लिए दिल्ली में तीन नये मैदान तय
एम. रियाज़ हाशमी। नई दिल्लीदिल्ली में दशकों से विरोध-प्रदर्शनों की पहचान रहे जंतर-मंतर का आधिकारिक प्रदर्शन स्थल के रूप में दर्जा खत्म कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार की ओर से 11 अक्टूबर को जारी स्थायी आदेश के तहत अब यहां निर्धारित प्रदर्शन स्थल के रूप में धरना-प्रदर्शन आयोजित नहीं किए जा […]
मराठी सिनेमा में पसरा मातम! मशहूर लावणी कलाकार मधु कांबीकर का निधन
मराठी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री और लावणी कलाकार मधु कांबीकर का 73 साल की उम्र में पुणे में निधन हो गया. जानिए उनके करियर, बीमारी और CM देवेंद्र फडणवीस की श्रद्धांजलि के बारे में.
पोहे से बनाएं कुरकुरे पकौड़े, स्वाद में लाजवाब और बनाना है आसान
Poha Pakoda Recipe: शाम की चाय के साथ कुछ कुरकुरा और चटपटा खाने का मन है तो इस बार पोहा पकौड़े ट्राई कर सकते हैं. पोहा, आलू, प्याज और मसालों से बनने वाले ये पकौड़े बाहर से कुरकुरे और अंदर से नरम होते हैं. आज हम आपको घर पर पोहा पकौड़े बनाने की आसान रेसिपी बताएंगे.
जब याचिका ही देनी थी तो CJI से मुलाकात के लिए क्यों लिखी चिट्ठी? अभिषेक मनु सिंघवी ने दिया जवाब
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में विपक्षी दलों की संयुक्त याचिका पर विस्तार से जानकारी दी है. याचिका में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों पर लगाई गई पाबंदियों को चुनौती दी गई है.
भारतीय शेयर बाजार में सोमवार (12 अक्टूबर 2026) के कारोबारी सत्र के दौरान हेल्थकेयर और अस्पताल कंपनियों के शेयरों में अचानक से बड़ी बिकوالी देखने को मिली। निवेशकों के बीच मची इस अफरातफरी के पीछे मुख्य कारण देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) में चल रही वह अहम सुनवाई है, जिसमें दवाओं की कीमतों और अस्पतालों में दवा बिक्री पर मिलने वाले भारी-भरकम मार्जिन को लेकर कड़े सवाल उठाए गए हैं। इस नियामक दबाव के चलते दिग्गज हेल्थकेयर कंपनियों के शेयरों में ताबड़तोड़ बिकवाली दर्ज की गई है।बाजार में क्यों मची बिकवाली और किन शेयरों में आई गिरावटसोमवार को कारोबार के दौरान देश की प्रमुख अस्पताल चेन और स्वास्थ्य सेवा कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट का रुख देखा गया। निवेशकों की बिकवाली के दबाव के चलते फोर्टिस हेल्थकेयर (Fortis Healthcare) के शेयरों में गिरावट बढ़कर करीब 3.5% तक पहुंच गई। इसके अलावा, अपोलो हॉस्पिटल्स (Apollo Hospitals), मैक्स हेल्थकेयर (Max Healthcare) और एस्टर डीएम क्वालिटी केयर (Aster DM Quality Care) के शेयर भी 2% से 3% की कमजोरी के साथ कारोबार करते नजर आए। वहीं, उत्तर भारत की दूसरी सबसे बड़ी निजी अस्पताल चेन 'पार्क मेडी वर्ल्ड' (Park Medi World) के शेयरों में तो 6% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की चिंताएं और अधिक बढ़ गई हैं।दवाओं की कीमतों और ट्रेड मार्जिन पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियांइस पूरे घटनाक्रम के पीछे सुप्रीम कोर्ट में चल रही वह कानूनी सुनवाई है, जिसमें अदालत ने अस्पतालों और दवा कंपनियों द्वारा वसूले जाने वाले ऊंचे मुनाफे पर गहरी नाराजगी जताई है। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि दवाओं की कीमतों और उनकी उपलब्धता के बीच एक संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। सरकार ने स्पष्ट किया कि उसका इरादा पूरे दवा बाजार को सीधे तौर पर नियंत्रित करने का नहीं है, क्योंकि भारत में दवाओं की कीमतें वैश्विक स्तर पर पहले से ही काफी कम हैं।हालांकि, इस दलील पर तीखा सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आखिर पूरे दवा बाजार को नियंत्रित क्यों नहीं किया जा सकता है, और अदालत सरकार के हाथ मजबूत करने का काम कर रही है। अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि दवा निर्माता कंपनियां रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) के खर्च का हवाला देकर कीमतें तय करती हैं, लेकिन असलियत में कई जीवन रक्षक दवाएं उनके अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से कई गुना अधिक कीमत पर आम जनता को बेची जाती हैं। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने अस्पतालों में कैंसर की दवाओं पर मिलने वाले भारी मार्जिन को 'कहर' करार देते हुए सभी दवाओं पर एक समान 16% ट्रेड मार्जिन लागू करने का सुझाव दिया था।निवेशकों की नजरें अब 27 अक्टूबर की अगली सुनवाई पर टिकींअदालत की इन सख्त टिप्पणियों और नीतिगत बदलावों की आशंका के कारण निवेशकों का भरोसा डगमगाया है, जिसके चलते हेल्थकेयर शेयरों में यह करेक्शन देखने को मिल रहा है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 27 अक्टूबर 2026 की तारीख मुकर्रर की है। अब बाजार के जानकारों और निवेशकों की निगाहें पूरी तरह से इस बात पर टिकी हैं कि आगामी सुनवाई में सरकार और अदालत की तरफ से दवा उद्योग और अस्पतालों के मुनाफे को लेकर क्या अंतिम दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं।
तांबे का लोटा कैसे चमकाएं? पीतल का लोटा कैसे साफ करें
तांबे का लोटा कैसे चमकाएं? आज हम आपको ताम्बे का कलश साफ करने का आसान तरीका बताने जा रहे हैं. इससे कलश पर नई जैसी चमक आ जाएगी. साथ ही इसके लिए आपको किसी तरह की महंगी चीजों की जरूरत नहीं होगी.
कब किसी को हिरासत में ले सकती है पुलिस? क्या कहता है कानून
जानते हैं उन नियमों के बारे में जिनके आधार पर पुलिस किसी को हिरासत में ले सकती है और उसके बाद उन पर कार्रवाई कर सकती है.
असम के सभी जिला मुख्यालयों में BJP निकालेगी शांतिपूर्ण रैलियां, Himanta Biswa Sarma का एलान
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्य में 13 से 31 अक्टूबर तक सभी जिला मुख्यालयों में शांतिपूर्ण रैलियां करेगी। उन्होंने कहा कि इसका मसकद कांग्रेस द्वारा संवैधानिक संस्थाओं को ब्लैकमेल करने, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध कर घुसपैठियों को बचाने और जनता के लोकतांत्रिक जनादेश को कमजोर करने की कोशिश को उजागर करना है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में शर्मा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा विपक्षी नेताओं से मिलने से इनकार करने के बावजूद वह न्यायालय तक मार्च करके उच्चतम न्यायालय पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस भारत के लोकतंत्र की नींव पर हमला कर रहे हैं। शर्मा ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, उनका दोहरा मापदंड साफ दिखाई देता है। जब नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री चुने जाते हैं, तो राहुल गांधी इसे हेरफेर बताते हैं, लेकिन खुद का संसद के लिए चुना जाना और उसके बाद नेता प्रतिपक्ष बनना उनके लिए सवालों से परे है। उन्होंने कहा, जब असम में मतदान होता है, तो नतीजे स्वीकार्य नहीं होते, लेकिन जब केरल में मतदान होता है, तो नतीजों का स्वागत किया जाता है। कांग्रेस के लिए लोकतंत्र तभी सही है, जब उसमें कांग्रेस को जीत मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा, अब भारत के प्रधान न्यायाधीश के मुलाकात से इनकार करने के बावजूद उच्चतम न्यायालय तक मार्च निकालकर राहुल गांधी देश की सर्वोच्च अदालत पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। संवैधानिक संस्थाओं को किसी पार्टी की चुनावी निराशा के आगे जवाबदेह नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कहा, असम के लोग चुप नहीं रहेंगे। कल से 31 अक्टूबर तक भाजपा की असम इकाई राज्य के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर शांतिपूर्ण जनसभाएं करेगी। शर्मा ने कहा कि इन रैलियों के माध्यम से लोगों को कांग्रेस की ओर से संवैधानिक संस्थाओं को ब्लैकमेल करने, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध कर घुसपैठियों को बचाने और जनता के लोकतांत्रिक जनादेश को कमजोर करने की कोशिशों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने निर्देशों में कहा है कि अस्पतालों के रिसेप्शन, बिलिंग काउंटर और एंट्री गेट पर एक बड़ा बोर्ड या डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाया जाना चाहिए, जिसमें विभिन्न सेवाओं और सर्जरी की रेट लिस्ट हों.

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