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हनुमान जी को पान चढ़ाने से टल जाते हैं सारे संकट! जानें मंगलवार को बजरंगबली को बीड़ा अर्पित करने का असली नियम और धार्मिक महत्व

सनातन धर्म में संकटमोचन हनुमान जी की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। माना जाता है कि कलयुग में हनुमान जी ही एक ऐसे देवता हैं जो अपने भक्तों की थोड़ी सी भक्ति से प्रसन्न होकर उनके जीवन के सभी दुखों और संकटों को तुरंत दूर कर देते हैं। बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए भक्त कई तरह के उपाय और प्रसाद अर्पित करते हैं, जिनमें से एक बेहद लोकप्रिय और चमत्कारी उपाय है—हनुमान जी को पान का बीड़ा चढ़ाना। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि कोई भक्त हनुमान जी को विशेष रूप से तैयार किया गया पान अर्पित करता है, तो उसके जीवन की सभी बड़ी से बड़ी परेशानियां और बिगड़े काम तुरंत बनने लगते हैं। आइए जानते हैं इसके पीछे का गहरा धार्मिक रहस्य और पूजा के कड़े नियम।हनुमान जी को पान अर्पित करने का पावन धार्मिक महत्व धार्मिक कथाओं और शास्त्रों के अनुसार, पान चढ़ाने का संबंध भक्त द्वारा भगवान को अपनी जिम्मेदारियां सौंपने से है। जब आप हनुमान जी को 'पान का बीड़ा' उठाते या चढ़ाते हैं, तो इसका आध्यात्मिक अर्थ होता है कि अब आपने अपने जीवन का 'बीड़ा' यानी अपने सभी संकटों और दायित्वों का भार पवनपुत्र के चरणों में सौंप दिया है। इसके अलावा, त्रेतायुग की एक कथा के अनुसार, जब हनुमान जी माता सीता की खोज करके लंका से वापस लौटे और उन्हें प्रभु श्री राम का संदेश दिया, तो माता सीता ने अत्यंत प्रसन्न होकर हनुमान जी को सम्मान और आशीर्वाद स्वरूप अपने पास से पान की माला पहनाई थी। तभी से बजरंगबली को पान चढ़ाना बेहद शुभ और फलदायी माना जाने लगा।पूजा के दौरान कैसा होना चाहिए हनुमान जी का विशेष पान? बजरंगबली को साधारण पान नहीं चढ़ाया जाता है, बल्कि पूजा के लिए विशेष रूप से 'कौतुकी पान' या मीठा पान तैयार किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, हनुमान जी को चढ़ाए जाने वाले पान में केवल कत्था, गुलकंद, सौंफ, खोपरा (नारियल का बूरा) और इलायची जैसी सात्विक और मीठी चीजें ही शामिल होनी चाहिए। इस बात का विशेष और कड़ा ध्यान रखें कि इस पान में भूलकर भी चूना, तंबाकू या सुपारी का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए, क्योंकि हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी हैं और उनकी पूजा में तामसिक या नशीली चीजों का निषेध है। पान हमेशा ताजा और बिल्कुल साफ-सुथरा होना चाहिए, जिसका पत्ता कहीं से भी कटा-फटा न हो।सफलता और सुख-समृद्धि पाने के लिए क्या है सही नियम? हनुमान जी को पान का बीड़ा अर्पित करने के लिए मंगलवार या शनिवार का दिन सबसे उत्तम माना गया है। इस दिन सुबह या शाम के समय हनुमान जी के मंदिर जाएं या घर के मंदिर में ही चमेली के तेल का दीपक जलाएं। इसके बाद हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें और फिर पूरी श्रद्धा के साथ भगवान के चरणों में या उनके मुख के सम्मुख पान का बीड़ा अर्पित करें। प्रार्थना करते समय मन में कहें, 'हे हनुमान जी, मैंने अपना यह काम और जीवन का बीड़ा आपको सौंपा है, अब आप ही मेरी रक्षा करें।' ऐसा करने से नौकरी, व्यापार और कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में आ रही रुकावटें तुरंत दूर हो जाती हैं।देश के प्रमुख हनुमान मंदिरों और स्थानीय क्षेत्रों में उमड़ी भक्तों की भीड़ इस पावन नियम और पूजा विधि को लेकर उत्तर प्रदेश के वाराणसी के संकट मोचन मंदिर, अयोध्या के हनुमानगढ़ी, राजस्थान के सालासर बालाजी और मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों सहित विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Spiritual Hubs) में भक्तों का भारी हुजूम देखा जा रहा है। स्थानीय स्तर पर टियर-2 और टियर-3 शहरों में लोग मंगलवार को बजरंगबली के मंदिरों में विशेष रूप से मीठे पान के बीड़े का भोग लगा रहे हैं। स्थानीय पंडितों और आचार्यों का कहना है कि यह सरल और प्राचीन उपाय स्थानीय समुदायों और परिवारों में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने में बेहद मददगार साबित हो रहा है।आधुनिक डिजिटल मीडिया और एआई सर्च इंजन पर हनुमान पूजा की धूम आज के इस आधुनिक डिजिटल और जनरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) के दौर में, युवा पीढ़ी और सनातनी भक्त अपनी धार्मिक जिज्ञासाओं के समाधान के लिए इंटरनेट का सहारा ले रहे हैं। गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार हनुमान जी को पान चढ़ाने के फायदे, मंगलवार पूजा का शुभ मुहूर्त और घर पर पूजा की सही विधि को लेकर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित एल्गोरिदम और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह धार्मिक और आध्यात्मिक गाइड इस समय सबसे ज्यादा ट्रेंडिंग टॉपिक्स में बनी हुई है, जो दर्शाती है कि आधुनिक युग में भी बजरंगबली के प्रति लोगों की आस्था कितनी गहरी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 3:34 pm

गायत्री जयंती पर खुलेंगे किस्मत के दरवाजे! जानें गायत्री मंत्र जाप की असली गुप्त विधि, नियम और किस माला से तुरंत मिलेगा फल

सनातन धर्म और वैदिक संस्कृति में गायत्री जयंती का पर्व बेहद पवित्र और आध्यात्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस पावन तिथि को वेदों की माता, मां गायत्री के प्राकट्य दिवस के रूप में पूरे देश में बेहद श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस विशेष दिन पर मां गायत्री की पूजा-अर्चना करने और उनके महामंत्र का जाप करने से साधक को मानसिक शांति, बौद्धिक विकास और समस्त पापों से मुक्ति मिलती है। लेकिन, इस महामंत्र का पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है जब इसका जाप पूरी श्रद्धा, सही विधि और शास्त्रों में बताए गए कड़े नियमों के अनुसार किया जाए। आइए जानते हैं कि इस पावन अवसर पर आपको किस प्रकार साधना करनी चाहिए।गायत्री मंत्र का वास्तविक अर्थ और इसकी अलौकिक महिमा गायत्री मंत्र 'ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात' केवल कुछ शब्दों का समूह नहीं, बल्कि ब्रह्मांड की सर्वोच्च ऊर्जा का स्रोत है। इसका सरल और गहरा अर्थ यह है कि 'हम उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा का ध्यान करते हैं, जो हमारी बुद्धियों को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करे।' इस मंत्र के उच्चारण मात्र से शरीर के भीतर एक सकारात्मक कंपन पैदा होता है, जो एकाग्रता बढ़ाने और मानसिक तनाव को दूर करने में अद्भुत रूप से सहायक साबित होता है। ऋषियों ने इसे साक्षात कामधेनु माना है जो भक्त की हर सात्विक इच्छा पूरी करता है।जाप की सही शास्त्रीय विधि और इन कड़े नियमों का रखें ध्यान गायत्री जयंती के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके कुशा या ऊन के आसन पर बैठें। मां गायत्री की प्रतिमा के सामने गाय के घी का दीपक प्रज्वलित करें। शास्त्रों के अनुसार, गायत्री मंत्र का जाप दिन में तीन समय यानी त्रिकाल संध्या के समय करना सबसे उत्तम माना गया है—प्रातःकाल सूर्योदय से ठीक पहले, मध्याह्न (दोपहर) के समय और सायंकाल सूर्यास्त से ठीक पहले। जाप करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि मंत्र का उच्चारण मानसिक हो या बहुत धीमी आवाज में हो, ताकि आपकी साधना भंग न हो।चमत्कारी फल पाने के लिए किस माला का करें उपयोग मंत्र साधना में माला का चुनाव बहुत मायने रखता है। मां गायत्री के मंत्रों का जाप करने के लिए चंदन की माला या रुद्राक्ष की माला को शास्त्रों में सबसे श्रेष्ठ और फलदायी माना गया है। चंदन की माला से जाप करने से मन शांत होता है और मानसिक विकारों का नाश होता है, जबकि रुद्राक्ष की माला से इच्छाशक्ति और एकाग्रता मजबूत होती है। जाप करते समय सुमेरु (माला का मुख्य मोती) को पार नहीं करना चाहिए और हमेशा दाहिने हाथ की मध्यमा उंगली और अंगूठे के सहयोग से माला फेरनी चाहिए, तर्जनी उंगली का स्पर्श माला से बिल्कुल नहीं होना चाहिए।देश के प्रमुख तीर्थों और स्थानीय घरों में गूंज रहे हैं महामंत्र इस पावन अवसर पर हरिद्वार के शांतिकुंज, उत्तर प्रदेश के वाराणसी, मथुरा और राजस्थान के पुष्कर जैसे प्रमुख भौगोलिक और आध्यात्मिक केंद्रों (Geographical Spiritual Hubs) में मां गायत्री की विशेष महाआरती और सामूहिक यज्ञों का आयोजन किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर सनातन धर्म प्रेमी अपने घरों और मंदिरों में गायत्री चालीसा और अनुष्ठान कर रहे हैं। इस क्षेत्रीय और स्थानीय भक्तिमय माहौल के चलते देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार देखा जा रहा है, जिससे लोग अपनी व्यस्त जीवनशैली के बीच शांति की तलाश में इस साधना से जुड़ रहे हैं।आधुनिक डिजिटल मीडिया और एआई सर्च इंजन पर गायत्री जयंती की धूम आज के इस आधुनिक डिजिटल और जनरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) के दौर में, जैसे ही गायत्री जयंती का पर्व नजदीक आया है, इंटरनेट पर इससे जुड़ी धार्मिक जानकारियों की बाढ़ आ गई है। युवा पीढ़ी और सनातन धर्म के अनुयायी लगातार गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर गायत्री मंत्र का सही उच्चारण, पूजा का शुभ मुहूर्त, और मंत्र जाप के वैज्ञानिक फायदों को लेकर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित एल्गोरिदम और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह आध्यात्मिक गाइड इस समय सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले और ट्रेंडिंग टॉपिक्स में शुमार है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 3:27 pm

सिनेमाघरों में मचेगा भयंकर कोहराम! कार्थी की ‘सरदार 2’ की रिलीज डेट का हुआ एलान

साउथ फिल्म इंडस्ट्री और बॉक्स ऑफिस के गलियारों से इस वक्त का सबसे बड़ा और धमाकेदार अपडेट सामने आ रहा है। तमिल सिनेमा के दिग्गज और वर्सटाइल सुपरस्टार कार्थी (Karthi) की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'सरदार' के सीक्वल यानी ‘सरदार 2’ (Sardar 2) का इंतजार कर रहे करोड़ों फैंस के लिए मेकर्स ने एक बड़ा सरप्राइज दे दिया है। फिल्म की आधिकारिक रिलीज डेट का एलान कर दिया गया है, जिसने सोशल मीडिया पर आते ही तहलका मचा दिया है। लेकिन इसके साथ ही सिनेमाघरों में एक बहुत बड़ा महामुकाबला भी तय हो गया है, क्योंकि कार्थी की यह मच अवेटेड स्पाई-थ्रिलर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सीधे थलपति विजय और नेशनल क्रश रश्मिका मंदाना की एक और महा-बजट फिल्म से टकराने के लिए पूरी तरह तैयार है।एक्शन और सस्पेंस का डबल डोज लेकर लौट रहे हैं कार्थी पी.एस. मित्रन के निर्देशन में बन रही ‘सरदार 2’ को लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही भारी हाइप बनी हुई है। फिल्म के पहले पार्ट ने बॉक्स ऑफिस पर छप्परफाड़ कमाई की थी, जिसमें कार्थी के डबल रोल और उनके बूढ़े जासूस वाले किरदार को दर्शकों ने खूब सराहा था। सूत्रों के मुताबिक, सीक्वल में एक्शन कोरियोग्राफी, इंटरनेशनल लोकेशन्स और सस्पेंस के लेवल को दोगुना कर दिया गया है। मेकर्स इस बार फिल्म को केवल तमिल ही नहीं, बल्कि तेलुगु, हिंदी, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में भी बड़े पैमाने पर एक साथ रिलीज करने की पूरी प्लानिंग कर चुके हैं।बॉक्स ऑफिस पर थलपति विजय और रश्मिका की फिल्म से महाटक्कर साउथ के ट्रेड एनालिस्ट्स के मुताबिक, ‘सरदार 2’ की रिलीज डेट के सामने आते ही सिनेमाघरों में स्क्रीन काउंट को लेकर बड़ी जंग छिड़ गई है। बॉक्स ऑफिस पर इसकी टक्कर थलपति विजय और रश्मिका मंदाना की आने वाली महा-अपेक्षित फिल्म से होने जा रही है। विजय और रश्मिका की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री और उनकी फिल्मों का क्रेज न केवल तमिलनाडु, बल्कि पूरे भारत में सिर चढ़कर बोलता है। दो बड़े सुपरस्टार्स की फिल्मों का एक ही समय पर थिएटर्स में आना सिनेमा प्रेमियों के लिए किसी बड़े त्योहार से कम नहीं है, लेकिन इसका सीधा असर ओपनिंग डे के कलेक्शन पर पड़ना तय माना जा रहा है।चेन्नई से लेकर हैदराबाद और पूरे देश के सिनेमाघरों में अभी से हलचल इस महा-क्लैश की घोषणा के बाद दक्षिण भारत के प्रमुख सिनेमा हब्स जैसे चेन्नई (Tamil Nadu) और हैदराबाद (Telangana/Andhra Pradesh) के थिएटर मालिकों और लोकल डिस्ट्रीब्यूटर्स के बीच एडवांस बुकिंग और स्क्रीन्स के बंटवारे को लेकर रणनीतियां बननी शुरू हो गई हैं। क्षेत्रीय और स्थानीय स्तर पर (Geographical Mass Markets) दोनों ही स्टार्स की तगड़ी फैन फॉलोइंग है, जिसके चलते टियर-2 और टियर-3 शहरों के सिंगल स्क्रीन थिएटर्स से लेकर बड़े शहरों के मल्टीप्लेक्स तक में इस क्लैश को लेकर भारी सुगबुगाहट देखी जा रही है।डिजिटल मीडिया और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर ट्रेंड हुई रिलीज डेट आज के इस आधुनिक डिजिटल युग और जनरेटिव एआई (AI Search Engine Optimization) के दौर में, साउथ फिल्मों के क्लैश को लेकर इंटरनेट पर हमेशा से ही भारी दीवानगी देखी जाती है। जैसे ही 'सरदार 2' की रिलीज डेट का पोस्टर सोशल मीडिया पर स्ट्रीम हुआ, वैसे ही गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार दोनों फिल्मों का बजट, स्टार कास्ट और ट्रेलर रिलीज की तारीखों को लेकर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित एल्गोरिदम और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह क्लैश इस समय पूरे भारत के मनोरंजन जगत का सबसे बड़ा हॉट टॉपिक बना हुआ है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 3:25 pm

21 साल की हुईं अर्जुन रामपाल की लाडली मायरा! पापा ने पुरानी तस्वीरें शेयर कर लिखा ऐसा इमोशनल नोट

बॉलीवुड के मशहूर और हैंडसम अभिनेता अर्जुन रामपाल के घर में इस समय जश्न का माहौल है। मौका है उनकी छोटी बेटी मायरा रामपाल (Myra Rampal) के जन्मदिन का, जो आज आधिकारिक तौर पर 21 साल की हो गई हैं। अपनी लाडली के इस खास और बड़े पड़ाव पर पापा अर्जुन रामपाल खुद को बेहद भावुक होने से नहीं रोक पाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर मायरा के बचपन से लेकर अब तक की कई अनदेखी और बेहद खूबसूरत तस्वीरें साझा की हैं। इन तस्वीरों के साथ एक्टर ने अपनी बेटी के लिए एक ऐसा दिल छू लेने वाला संदेश लिखा है, जिसने सोशल मीडिया पर हर किसी को इमोशनल कर दिया है।हमेशा मेरी नन्ही सी गुड़िया रहोगी- अर्जुन रामपाल का इमोशनल मैसेज अर्जुन रामपाल ने अपनी पोस्ट के जरिए बेटी मायरा के प्रति अपने असीम प्यार को बयां किया है। एक्टर ने लिखा कि समय कितनी तेजी से बीत जाता है, पता ही नहीं चला; कल तक जो गोद में खेलती थी, वह आज 21 साल की एक खूबसूरत और समझदार युवती बन गई है। उन्होंने आगे लिखा कि दुनिया के लिए तुम भले ही कितनी भी बड़ी क्यों न हो जाओ, लेकिन मेरे लिए तुम हमेशा मेरी वही नन्ही सी गुड़िया रहोगी, जिसकी मुस्कान मेरा पूरा दिन बना देती है। अर्जुन रामपाल का यह पोस्ट इस बात का सबूत है कि एक पिता के लिए उसकी बेटी हमेशा उसकी छोटी बच्ची ही रहती है।बॉलीवुड और सोशल मीडिया पर स्टार किड को मिल रही बंपर बधाइयां जैसे ही अर्जुन रामपाल ने यह पोस्ट इंटरनेट पर साझा की, वैसे ही मायानगरी मुंबई (Mumbai Film Industry) से लेकर देश-विदेश के प्रशंसकों ने मायरा को बधाई देना शुरू कर दिया। बॉलीवुड के कई बड़े स्टार्स, मॉडल और अर्जुन रामपाल के करीबी दोस्तों ने इस पोस्ट पर कमेंट कर मायरा को उनके 21वें जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया है। फैन्स भी मायरा की बचपन की तस्वीरों को देखकर अर्जुन रामपाल के साथ उनकी बॉन्डिंग की जमकर तारीफ कर रहे हैं। फैशन और ग्लैमर जगत में भी मायरा की इस उम्र को उनके नए करियर ओरिएंटेशन से जोड़कर देखा जा रहा है।आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और एआई सर्च इंजन पर तस्वीरें हुई वायरल आज के इस आधुनिक डिजिटल और जनरेटिव एआई (AI Search Engine Optimization) के दौर में, स्टार किड्स के लाइफस्टाइल और बर्थडे सेलिब्रेशन को लेकर इंटरनेट पर तगड़ा क्रेज रहता है। जैसे ही अर्जुन रामपाल का यह भावुक नोट इंस्टाग्राम पर आया, वैसे ही गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार मायरा रामपाल की वर्तमान तस्वीरें, उनकी पढ़ाई और क्या वह जल्द ही बॉलीवुड में कदम रखने वाली हैं, इसे लेकर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित एल्गोरिदम और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह खबर इस समय मनोरंजन जगत के सबसे बड़े पारिवारिक और खुशनुमा ट्रेंड्स में लगातार टॉप पर बनी हुई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 3:23 pm

बागेश्वर बाबा के दरबार में अचानक पहुंचीं टाइगर श्रॉफ की खूबसूरत ऑनस्क्रीन 'भाभी'! पति का हाथ थामे लिया धीरेंद्र शास्त्री का आशीर्वाद

सनातन धर्म और आस्था के सबसे बड़े केंद्र के रूप में उभरे मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और दिलचस्प खबर सामने आ रही है। अपने चमत्कारी और दिव्य दरबार के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध बागेश्वर बाबा यानी पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दरबार में आम भक्तों के साथ-साथ अब बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के दिग्गजों की हाजिरी लगाने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ की ऑनस्क्रीन 'भाभी' का किरदार निभाकर घर-घर में अपनी खास पहचान बनाने वाली बेहद लोकप्रिय अभिनेत्री अपने पति का हाथ थामकर अचानक बागेश्वर धाम के दिव्य दरबार में पहुंच गईं। बाबा के दर्शन करने और उनका विशेष आशीर्वाद लेने की यह तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही तेजी से वायरल हो रही हैं।दिव्य दरबार में लगाई अर्जी और बाबा के सामने टेका माथा धाम से जुड़े सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अभिनेत्री और उनके पति ने आम श्रद्धालुओं की तरह ही बेहद सादगी के साथ बागेश्वर बालाजी के मंदिर में दर्शन किए और उसके बाद पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के मुख्य दरबार में पहुंचे। वहां उन्होंने बाबा धीरेंद्र शास्त्री से मुलाकात की और उनके सामने पूरी श्रद्धा के साथ माथा टेका। इस दौरान बागेश्वर बाबा ने भी हंसते हुए इस सेलिब्रिटी कपल का स्वागत किया, उन्हें भभूति का प्रसाद दिया और उनके सुखी वैवाहिक जीवन और उज्ज्वल भविष्य के लिए विशेष आशीर्वाद प्रदान किया। दरबार में मौजूद लाखों श्रद्धालु फिल्मी दुनिया के इस बड़े चेहरे को अपने बीच पाकर बेहद उत्साहित नजर आए।बुंदेलखंड और छतरपुर के स्थानीय लोगों में बढ़ा भारी उत्साह बागेश्वर धाम के चलते मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र और छतरपुर जिले जैसे भौगोलिक इलाकों (Geographical Hubs) में धार्मिक पर्यटन को एक अभूतपूर्व बढ़ावा मिला है। स्थानीय स्तर पर जैसे ही यह खबर फैली कि टाइगर श्रॉफ की ऑनस्क्रीन 'भाभी' अपने पति के साथ छतरपुर पहुंची हैं, वहां के स्थानीय निवासियों और धाम के आसपास के दुकानदारों में भारी हलचल मच गई। इस तरह के बड़े सेलिब्रिटी इनपुट्स और लोकल ऑप्टिमाइजेशन के चलते बागेश्वर धाम का यह पूरा क्षेत्र वैश्विक स्तर पर लगातार सुर्खियों में बना रहता है, जिससे स्थानीय रोजगार और धार्मिक आस्था का यह केंद्र और अधिक मजबूत हो रहा है।डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और आधुनिक एआई सर्च इंजन पर तस्वीरें हुई ट्रेंड आज के इस आधुनिक डिजिटल युग और जनरेटिव एआई (AI Search Engine Optimization) के दौर में, सेलिब्रिटीज के धार्मिक दौरों को लेकर इंटरनेट पर जबरदस्त दीवानगी देखी जाती है। जैसे ही इस स्टार कपल की बागेश्वर धाम से तस्वीरें और वीडियो क्लिप्स इंटरनेट पर पोस्ट की गईं, वैसे ही गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार अभिनेत्री का असली नाम, उनके पति का बैकग्राउंड और टाइगर श्रॉफ की किस फिल्म में उन्होंने भाभी का रोल किया था, इसे लेकर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित एल्गोरिदम और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह खबर इस समय आस्था और मनोरंजन जगत का सबसे बड़ा महासंगम बनकर टॉप ट्रेंड्स में बनी हुई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 3:22 pm

100 करोड़ की मालकिन तमन्ना भाटिया का बड़ा धमाका! बोलीं- एक लिमिट के बाद इतने सारे पैसे का कोई अकेले आखिर क्या करेगा

भारतीय सिनेमा जगत यानी बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री की बेहद खूबसूरत और दिग्गज अभिनेत्री तमन्ना भाटिया इस समय अपनी फिल्मों से ज्यादा अपने एक बेहद दार्शनिक और बेबाक बयान को लेकर सुर्खियों में आ गई हैं। अपनी कड़ी मेहनत और बेहतरीन अभिनय के दम पर आज करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति (Net Worth) की मालकिन बन चुकीं तमन्ना भाटिया ने पैसे, अमीरी और जीवन की खुशियों को लेकर एक ऐसा बयान दिया है जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। एक हालिया इंटरव्यू में जब एक्ट्रेस से उनकी शानदार लाइफस्टाइल और भारी-भरकम नेटवर्थ को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने बहुत ही संजीदगी से जवाब देते हुए कहा कि एक निश्चित सीमा या लिमिट के बाद इतने सारे पैसों का कोई भी इंसान अकेले आखिर क्या ही करेगा?अकूत धन-दौलत और पैसे की सीमा पर तमन्ना का बेबाक नज़रिया चकाचौंध भरी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में जहां अक्सर स्टार्स अपनी महंगी गाड़ियों और लग्जरी लाइफ का दिखावा करते हैं, वहीं तमन्ना भाटिया का यह नज़रिया बिल्कुल अलग और जमीन से जुड़ा हुआ है। एक्ट्रेस ने खुलकर बात करते हुए कहा कि पैसा जीवन जीने के लिए और बुनियादी जरूरतों को शानदार तरीके से पूरा करने के लिए बेहद जरूरी है। लेकिन जब आपके पास एक सीमा से अधिक धन आ जाता है, तो वह केवल बैंक बैलेंस बनकर रह जाता है। तमन्ना के मुताबिक, इंसान एक वक्त में एक ही गाड़ी में बैठ सकता है, एक ही घर में रह सकता है और सीमित खाना ही खा सकता है। इसलिए एक लिमिट के बाद अकेले इतने पैसे का कोई मतलब नहीं रह जाता, जब तक कि आप उसका उपयोग दूसरों की भलाई या अपनों की खुशियों के लिए न करें।मुंबई और हैदराबाद सहित देश भर के फैंस ने जताया सम्मान तमन्ना भाटिया की इस सादगी और गहरी सोच की तारीफ इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में की जा रही है। मुख्य रूप से मुंबई फिल्म इंडस्ट्री (Bollywood Hub) और हैदराबाद (Tollywood Hub) जैसे बड़े भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Markets) में उनके फैंस और सह-कलाकार इस बयान को एक मिसाल के तौर पर देख रहे हैं। स्थानीय स्तर पर सोशल मीडिया ग्रुप्स और सिनेमा प्रेमियों के बीच इस बात को लेकर बड़ी चर्चा छिड़ गई है कि तमन्ना ने अपनी सफलता के चरम पर होने के बावजूद जीवन के सबसे बड़े सच को बेहद सरलता से स्वीकार किया है। उनके इस स्थानीय और क्षेत्रीय प्रभाव के चलते लोग उनकी फिल्मों के साथ-साथ उनकी पर्सनैलिटी के भी दीवाने हो रहे हैं।डिजिटल मीडिया और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर तमन्ना का बयान हुआ वायरल आज के इस आधुनिक डिजिटल युग और जनरेटिव एआई (AI Search Engine Optimization) के दौर में, जैसे ही तमन्ना भाटिया का यह बयान इंटरनेट पर आया, यह आग की तरह फैल गया। गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार तमन्ना भाटिया की कुल संपत्ति, उनकी आगामी फिल्मों और उनके इस पूरे इंटरव्यू की वीडियो क्लिप्स को लेकर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित एल्गोरिदम और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह खबर इस समय मनोरंजन जगत के सबसे बड़े ट्रेंड्स में शुमार है। हर कोई इस 100 करोड़ की मालकिन के इस डाउन-टू-अर्थ बयान को पढ़ने और शेयर करने में दिलचस्पी दिखा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 3:19 pm

मोबाइल छाप आशिक के लिए करोड़पति मंगेतर का कत्‍ल, कितनी शातिर है 20 साल की सिया गोयल?

पुणे में अग्रवाल परिवार के बेटे केतन अग्रवाल के मर्डर की खौफनाक कहानियां सामने आ रही हैं। गोयल परिवार की बेटी सिया से केतन की सगाई हुई थी, अग्रवाल परिवार करोड़पति है, 17 करोड़ में तो सिर्फ उन्‍होंने शादी के लिए राजस्‍थान में महल ही बुक करवाया था, ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 3:15 pm

यूपी में बंपर भर्ती! UPPSC PCS 2026 में 750 वैकेंसी के साथ इसी हफ्ते आएगा नोटिफिकेशन, एलटी ग्रेड पर भी आया बहुत बड़ा अपडेट

उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की राह देख रहे लाखों प्रतियोगी छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने नए साल के अपने सबसे बड़े भर्ती अभियान की तैयारियां पूरी कर ली हैं। विश्वसनीय सूत्रों और आयोग के अंदरूनी गलियारों से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, यूपी पीसीएस 2026 (UPPSC PCS 2026) का बहुप्रतीक्षित आधिकारिक नोटिफिकेशन इसी हफ्ते जारी होने जा रहा है। सबसे खास बात यह है कि इस बार आयोग को विभिन्न प्रशासनिक विभागों से करीब 750 पदों का अधियाचन (वैकेंसी) मिल चुका है, जो पिछले कुछ वर्षों की तुलना में एक बेहद बड़ा और शानदार आंकड़ा माना जा रहा है।प्रशासनिक पदों की बंपर संख्या से अभ्यर्थियों में भारी उत्साह यूपी पीसीएस 2026 के तहत आने वाले इन 750 पदों में डिप्टी कलेक्टर (SDM), पुलिस उपाधीक्षक (DYSP), खंड विकास अधिकारी (BDO), सहायक आयुक्त (Assistant Commissioner) और बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) जैसे कई बेहद प्रतिष्ठित और मलाईदार पद शामिल हैं। आयोग के अधिकारियों का कहना है कि नोटिफिकेशन जारी होने के बाद भी प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम आने तक पदों की संख्या में और अधिक बढ़ोतरी हो सकती है। इतनी बड़ी संख्या में वैकेंसी आने की खबर से प्रयागराज, लखनऊ और दिल्ली में रहकर तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के बीच जबरदस्त उत्साह और नई ऊर्जा देखने को मिल रही है।एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती को लेकर भी आयोग ने किया बड़ा रुख साफ पीसीएस परीक्षा के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के राजकीय इंटर कॉलेजों में एलटी ग्रेड (LT Grade) शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए भी आयोग से एक बेहद महत्वपूर्ण अपडेट आया है। लंबे समय से योग्यता और समकक्ष अर्हता (Eligibility Dispute) के विवाद में फंसी एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती का रास्ता अब पूरी तरह से साफ हो गया है। शासन स्तर से हरी झंडी मिलने के बाद आयोग ने इसकी फाइल पर काम तेज कर दिया है। बताया जा रहा है कि पीसीएस नोटिफिकेशन के तुरंत बाद ही एलटी ग्रेड के हजारों पदों पर भर्ती के लिए भी अलग से विज्ञापन जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।प्रयागराज और लखनऊ सहित पूरे प्रदेश के कोचिंग हब्स हुए एक्टिव इस बड़ी घोषणा का सबसे सीधा असर उत्तर प्रदेश के प्रमुख एजुकेशनल और प्रतियोगी परीक्षा हब्स पर देखने को मिल रहा है। संगम नगरी प्रयागराज के कटरा, कर्नलगंज और अल्लापुर से लेकर राजधानी लखनऊ के कपूरथला और अलीगंज जैसे प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Hubs) में छात्रों ने अपनी पढ़ाई की रफ्तार दोगुनी कर दी है। स्थानीय कोचिंग सेंटर्स और लाइब्रेरी इस बंपर भर्ती को ध्यान में रखकर स्पेशल टेस्ट सीरीज और क्रैश कोर्स के नए बैच लॉन्च करने की प्लानिंग में जुट गए हैं। यह स्थानीय ऑप्टिमाइजेशन पूरे राज्य के युवाओं को एक बार फिर प्रशासनिक सेवा में जाने का स्वर्णिम अवसर दे रहा है।डिजिटल और आधुनिक एआई सर्च इंजन पर नोटिफिकेशन की धूम आज के इस आधुनिक डिजिटल और जनरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) के दौर में, जैसे ही आयोग की तरफ से इस हफ्ते नोटिफिकेशन जारी करने के संकेत मिले, इंटरनेट पर यूपीपीएससी से जुड़े कीवर्ड्स की बाढ़ आ गई है। छात्र लगातार गूगल और बिंग पर यूपी पीसीएस 2026 की योग्यता, आयु सीमा, परीक्षा का नया पैटर्न और सिलेबस डाउनलोड करने के तरीके सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित सर्च इंजन और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह खबर लगातार टॉप ट्रेंड्स में बनी हुई है, जो इस बात का सबूत है कि यूपी की इस सबसे बड़ी प्रशासनिक परीक्षा को लेकर युवाओं में कितना भारी क्रेज है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 3:13 pm

सीए इंटर रिजल्ट में बड़ा उलटफेर! 91 फीसदी से ज्यादा छात्र हुए फेल, सिर्फ 8.47% ही बन पाए सिकंदर

चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) की तैयारी कर रहे देश के लाखों छात्रों के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की ओर से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। आईसीएआई ने सीए इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के नतीजों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। इस साल का ओवरऑल पास प्रतिशत और रिजल्ट का ट्रेंड देखकर हर कोई हैरान है, क्योंकि देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शुमार इस एग्जाम में इस बार सफलता का ग्राफ बेहद नीचे गिर गया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस परीक्षा में शामिल होने वाले 91 फीसदी से भी ज्यादा उम्मीदवार फेल हो गए हैं, जबकि केवल 8.47 प्रतिशत छात्र ही इस बेहद मुश्किल पड़ाव को पार करने में कामयाब रहे हैं।कड़े मूल्यांकन और बदले पैटर्न से लगा छात्रों को झटका सीए इंटरमीडिएट के इस बार के नतीजों ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल आईसीएआई द्वारा मार्किंग स्कीम और प्रश्नपत्रों के स्तर में किए गए आधुनिक बदलावों के कारण पास प्रतिशत में इतनी भारी गिरावट देखने को मिली है। सीए की परीक्षा में दोनों ग्रुप को एक साथ क्लियर करना हमेशा से ही छात्रों के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है, और इस बार का कड़ा मूल्यांकन उन छात्रों पर भारी पड़ गया जो आंशिक तैयारी के भरोसे परीक्षा हॉल में पहुंचे थे। जो छात्र सफल हुए हैं, उनके घरों में जहां जश्न का माहौल है, वहीं असफल रहने वाले लाखों उम्मीदवार अब अपनी कॉपियों की री-वेरिफिकेशन और अगले अटेंप्ट की रणनीतियों में जुट गए हैं।देश के प्रमुख शहरों और लोकल कोचिंग हब्स में सन्नाटा इस रिजल्ट का सबसे सीधा और बड़ा असर भारत के प्रमुख एजुकेशनल और सीए कोचिंग हब्स पर देखने को मिल रहा है। दिल्ली के लक्ष्मी नगर, राजस्थान के कोटा, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, महाराष्ट्र के मुंबई और पुणे जैसे प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Hubs) में, जहां हजारों की संख्या में छात्र दिन-रात सीए की तैयारी करते हैं, वहां इस कम पास प्रतिशत के बाद हड़कंप मच गया है। स्थानीय कोचिंग सेंटर्स और शिक्षाविदों ने इस रिजल्ट पर मंथन शुरू कर दिया है ताकि आने वाले टर्म में छात्रों की कमजोरियों को दूर किया जा सके और स्थानीय स्तर पर सफलता के इस आंकड़े को दोबारा सुधारा जा सके।डिजिटल ट्रेंड्स और एआई सर्च इंजन पर रिजल्ट की भारी गूंज आज के आधुनिक डिजिटल और जनरेटिव एआई (AI Search Engine Optimization) के इस दौर में, जैसे ही आईसीएआई ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर लिंक एक्टिवेट किया, वैसे ही इंटरनेट पर ट्रैफिक का सैलाब आ गया। गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर छात्र लगातार टॉपर्स की लिस्ट, पासिंग क्राइटेरिया, मिनिमम कट-ऑफ और स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के तरीकों को लेकर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-पावर्ड न्यूज फीड्स और गूगल डिस्कवर पर यह खबर इस समय टॉप ट्रेंड्स में बनी हुई है, जो यह दर्शाती है कि देश के युवाओं और प्रोफेशनल सेक्टर के बीच सीए के नतीजों को लेकर कितना बड़ा क्रेज रहता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 3:12 pm

एयर इंडिया का विमान पाकिस्तानी एयरस्पेस में घुसा, पाक ने चेतावनी देकर लौटाया, दिल्ली से अमृतसर जा रहा था विमान

Air India Flight Pakistan Airspace: भारतीय विमानन क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली और संवेदनशील खबर सामने आई है। दिल्ली से अमृतसर के लिए उड़ान भरने वाला एयर इंडिया का एक यात्री विमान एयरबस ए-321 तकनीकी खराबी के चलते अपना रास्ता भटक गया और अचानक ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 2:52 pm

कर्णप्रयाग-नगरासू घटनाओं पर CM धामी हुए सख्‍त, बोले- दोषी के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई...

Chief Minister Pushkar Singh Dhami : उत्‍तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कर्णप्रयाग और नगरासू में सामने आई घटनाओं को लेकर सरकार की ओर से सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रशासन और पुलिस पूरी ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 2:09 pm

काश बाली ट्रिप के पीछे छिपा सिया का खूनी खेल समझ जाता केतन! हनीमून प्लानिंग की आड़ में रची गई मौत की खौफनाक साजिश

क्राइम और सस्पेंस की दुनिया से एक बेहद दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते को पूरी तरह से शर्मसार कर दिया है। केतन नाम के एक बेगुनाह युवक की मौत की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने जो सनसनीखेज खुलासा किया है, उसने हर किसी के होश उड़ा दिए हैं। जांच अधिकारियों के मुताबिक, केतन की मौत कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि उसकी अपनी ही पत्नी सिया द्वारा रची गई एक बेहद ठंडे दिमाग की सोची-समझी मर्डर प्लानिंग थी। पुलिस का कहना है कि काश केतन समय रहते बाली ट्रिप (Bali Trip) के पीछे छिपी सिया की उस खतरनाक चाल और खौफनाक इरादों को समझ जाता, तो आज वह हमारे बीच जिंदा होता।बाली ट्रिप की आड़ में तैयार हुआ मौत का ब्लूप्रिंट पुलिस की गिरफ्त में आई आरोपी पत्नी सिया से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो इस मर्डर मिस्ट्री की एक-एक परतें हैरान करने वाले तरीके से खुलने लगीं। सिया ने कबूल किया कि उसने केतन को रास्ते से हटाने के लिए काफी पहले ही स्क्रिप्ट तैयार कर ली थी। उसने केतन के सामने एक बेहद रोमांटिक और लग्जरी बाली वेकेशन का आइडिया रखा, जिसे सुनकर केतन बेहद खुश हो गया था। केतन जिसे अपनी जिंदगी का सबसे खूबसूरत हनीमून या वेकेशन समझकर पूरी शिद्दत से होटल और फ्लाइट्स की बुकिंग और प्लानिंग कर रहा था, वह असल में उसकी पत्नी द्वारा उसकी ही कब्र खोदने का एक जरिया मात्र था।लोकल इनपुट्स और पुलिस की पैनी नजर से पकड़ा गया झूठ वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी सिया ने पुलिस और कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए इसे एक सामान्य दुर्घटना या सुसाइड का रूप देने की पूरी कोशिश की थी। लेकिन देश के विभिन्न स्थानीय और क्षेत्रीय खुफिया नेटवर्क (Geographical Intelligence) और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम ने जब घटनास्थल से सबूत जुटाए, तो सिया की थ्योरी पूरी तरह से फेल हो गई। पुलिस ने जब केतन और सिया के स्थानीय ठिकानों, मोबाइल लोकेशन्स और बैंक ट्रांजैक्शन्स को खंगाला, तो पता चला कि ट्रिप की प्लानिंग के दौरान ही सिया किसी अन्य संदिग्ध व्यक्ति के साथ लगातार संपर्क में थी।आधुनिक डिजिटल फॉरेंसिक और एआई जांच से खुली पोल आज के इस आधुनिक दौर में जहां क्रिमिनल खुद को बचाने के लिए नए पैंतरे अपनाते हैं, वहीं हमारी जांच एजेंसियां भी जनरेटिव एआई (AI Tools) और एडवांस डिजिटल फॉरेंसिक का इस्तेमाल कर रही हैं। पुलिस ने सिया के सोशल मीडिया अकाउंट्स, डिलीट किए गए चैट्स और इंटरनेट सर्च हिस्ट्री को री-स्टोर किया, जिससे यह साफ हो गया कि वह पिछले कई महीनों से 'परफेक्ट मर्डर' और 'हादसे में मौत दिखाने के तरीके' गूगल पर सर्च कर रही थी। इस डिजिटल और मॉडर्न इनपुट ने पुलिस को पुख्ता सबूत दिए, जिसके बाद सिया का खेल पूरी तरह ओवर हो गया और वह सलाखों के पीछे पहुंच गई।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 1:55 pm

बबीता से खदीजा बनने का खौफनाक सच! फेसबुक वाला प्यार, धर्म परिवर्तन और अब जांच एजेंसियों के सामने खुला बड़ा राज

सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जाल में फंसाने और उनका धर्म परिवर्तन कराने का एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है। बबीता नाम की एक युवती का फेसबुक से शुरू हुआ सफर अब देश की बड़ी केंद्रीय जांच एजेंसियों के दफ्तर तक पहुंच चुका है। प्यार के झूठे वादों, भावनाओं के खेल और फिर बबीता से 'खदीजा' बनने की यह पूरी कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी लगती है, लेकिन इसका सच बेहद डरावना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जब सुरक्षा और जांच एजेंसियों ने इस पर अपनी पैनी नजर डाली और तफ्तीश शुरू की, तो इसके पीछे किसी बड़े और सुनियोजित नेटवर्क का हाथ होने के संकेत मिले हैं, जिसकी परतें अब एक-एक कर खुलने लगी हैं।फेसबुक की डिजिटल दोस्ती और प्यार का वो जाल इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत बेहद सामान्य तरीके से फेसबुक पर एक फ्रेंड रिक्वेस्ट के साथ हुई थी। बबीता नाम की इस लड़की से फेसबुक के जरिए एक युवक ने संपर्क साधा और धीरे-धीरे बातों का सिलसिला गहरी दोस्ती में तब्दील हो गया। आरोपी ने बबीता का भरोसा जीतने के लिए खुद को बेहद शरीफ और मददगार साबित करने की कोशिश की। प्यार के बड़े-बड़े वादे किए गए और भविष्य के हसीन सपने दिखाए गए। बबीता इस बात से बिल्कुल अनजान थी कि डिजिटल स्क्रीन के पीछे बैठा शख्स कोई प्रेमी नहीं, बल्कि एक बेहद शातिर ऑपरेटर है जो उसे एक सोची-समझी साजिश के तहत अपने जाल में फंसा रहा था।दबाव का खेल और बबीता का खदीजा में रूपांतरण जैसे ही बबीता पूरी तरह से प्यार के झांसे में आ गई, वैसे ही असली खेल शुरू हो गया। भावनात्मक ब्लैकमेलिंग और मानसिक दबाव का सहारा लेकर धीरे-धीरे बबीता पर धर्म बदलने का दबाव बनाया जाने लगा। सूत्रों के मुताबिक, बबीता को उसके परिवार और पुराने समाज से पूरी तरह अलग-थलग कर दिया गया, जिससे वह पूरी तरह सामने वाले पर निर्भर हो गई। आखिरकार, शादी और सुरक्षा का झांसा देकर बबीता का धर्म परिवर्तन करा दिया गया और उसका नाम बदलकर खदीजा रख दिया गया। इसके बाद लड़की को किसी संदिग्ध गतिविधियों में शामिल करने की भी कोशिश की जा रही थी, जिसकी भनक सुरक्षा एजेंसियों को लग गई।स्थानीय इनपुट और जांच एजेंसियों की ताबड़तोड़ कार्रवाई इस मामले का खुलासा तब हुआ जब देश के अलग-अलग राज्यों और स्थानीय खुफिया तंत्र (Geographical Security Network) को इस संदिग्ध नेटवर्क के बारे में इनपुट मिले। जांच एजेंसियों ने स्थानीय स्तर पर छापेमारी कर जब कड़ियां जोड़ीं, तो पता चला कि यह कोई अकेला मामला नहीं है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में इस तरह के सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए लड़कियों को टारगेट किया जा रहा है। जांच एजेंसियां अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही हैं कि इस धर्म परिवर्तन के खेल के पीछे कोई विदेशी फंडिंग या टेरर लिंक तो नहीं है।डिजिटल सुरक्षा और आधुनिक एआई सर्च पर बड़ी चेतावनी आज के आधुनिक दौर में जहां जनरेटिव एआई और सोशल मीडिया एल्गोरिदम लोगों के बिहेवियर को ट्रैक कर रहे हैं, ऐसे में यह मामला डिजिटल सुरक्षा को लेकर एक बड़ा अलार्म है। इंटरनेट पर इस तरह की खबरों को लेकर इस वक्त जबरदस्त सर्च की जा रही है। सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि एआई बेस्ड मॉनिटरिंग के जरिए अब सोशल मीडिया के ऐसे संदिग्ध और फर्जी प्रोफाइल्स पर नकेल कसना बेहद जरूरी हो गया है, ताकि बबीता जैसी अन्य मासूम लड़कियों को शिकार बनने से बचाया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 1:54 pm

टाटा ग्रुप में भारी खलबली! बोर्ड बैठक में घाटे पर मचे बवाल के बाद बड़े दिग्गज की विदाई, अब अमेजन से आएगा नया बॉस

कॉर्पोरेट जगत और भारतीय बिजनेस सेक्टर से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। देश के सबसे प्रतिष्ठित और भरोसेमंद कारोबारी समूह टाटा ग्रुप (Tata Group) की एक बड़ी कंपनी में शीर्ष स्तर पर बहुत बड़ा उलटफेर हो गया है। कंपनी के प्रदर्शन और लगातार हो रहे वित्तीय नुकसान को लेकर हुई एक हाई-लेवल बोर्ड बैठक के बाद कंपनी के एक बेहद सीनियर और दिग्गज अधिकारी की विदाई हो गई है। बोर्ड के इस कड़े और औचक फैसले ने पूरे भारतीय टेक और रिटेल बाजार को चौंका दिया है। सूत्रों के मुताबिक, कंपनी को इस घाटे के दलदल से बाहर निकालने और नए जमाने के हिसाब से री-स्ट्रक्चर करने के लिए वैश्विक ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन (Amazon) से एक शीर्ष अधिकारी को लाने का फैसला किया गया है।बोर्ड मीटिंग में घाटे पर हुआ था भारी हंगामा इस बड़े इस्तीफे और विदाई की पटकथा पिछले दिनों हुई कंपनी की एक महत्वपूर्ण बोर्ड बैठक में ही लिख दी गई थी। बैठक के दौरान कंपनी की पिछली कुछ तिमाहियों के वित्तीय नतीजों और बढ़ते घाटे को लेकर बोर्ड मेंबर्स ने गंभीर चिंता जताई थी। रणनीतिक बदलावों और भारी निवेश के बावजूद कंपनी का परफॉर्मेंस उम्मीद के मुताबिक नहीं रह पा रहा था, जिसके चलते निवेशकों और बोर्ड का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था। इसी वित्तीय घाटे और ऑपरेशनल विफलता का मुद्दा गरमाने के बाद आखिरकार शीर्ष स्तर पर इस विदाई का रास्ता साफ हो गया, जिसे टाटा ग्रुप के अब तक के सबसे कड़े फैसलों में से एक माना जा रहा है।अमेजन के दिग्गज अधिकारी को कमान सौंपने की बड़ी तैयारी घाटे के इस चक्रव्यूह को तोड़ने और डिजिटल मार्केट में अपनी बादशाहत दोबारा कायम करने के लिए टाटा ग्रुप ने अब एक वैश्विक रणनीति अपनाई है। कंपनी के नए मुखिया के तौर पर दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स और टेक कंपनियों में से एक, अमेजन (Amazon) के एक बेहद अनुभवी और कद्दावर अधिकारी को नियुक्त करने का मन बना लिया गया है। अमेजन से आने वाले इन नए अधिकारी के पास ग्लोबल सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स, एआई-बेस्ड ऑपरेशन्स और बड़े पैमाने पर बिजनेस को मुनाफे में लाने का एक शानदार ट्रैक रिकॉर्ड है। टाटा को उम्मीद है कि यह नया नेतृत्व कंपनी के पूरे वर्क कल्चर और बिजनेस मॉडल को बदलकर रख देगा।लोकल और डिजिटल मार्केट पर टाटा का नया फोकस टाटा की यह बड़ी कंपनी भारत के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Markets) और स्थानीय शहरों में फैले अपने बड़े उपभोक्ता आधार को मजबूत करने के लिए नए सिरे से काम करेगी। टियर-2 और टियर-3 शहरों में ई-कॉमर्स और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती स्थानीय मांग को ध्यान में रखकर अब नई रणनीतियां तैयार की जा रही हैं। मॉडर्न जनरेटिव एआई (AI Search) और डेटा-संचालित ऑपरेशन्स का सहारा लेकर कंपनी अपने डिलीवरी नेटवर्क और इन्वेंट्री मैनेजमेंट को बेहद स्मार्ट बनाएगी ताकि स्थानीय ग्राहकों को अमेज़न जैसा ही विश्वस्तरीय और तेज अनुभव टाटा के भरोसे के साथ मिल सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 1:38 pm

शहबाज शरीफ का गेम ओवर! पूर्व मंत्री के इस बड़े खुलासे से पाकिस्तान में मचा हड़कंप, कहा- आसिम मुनीर के आगे टिकना नामुमकिन

पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में इस समय एक बहुत बड़ा भूचाल आ गया है। देश के एक पूर्व कैबिनेट मंत्री ने वर्तमान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार और उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर एक ऐसा विस्फोटक बयान दिया है जिसने पूरी हुकूमत को हिला कर रख दिया है। पूर्व मंत्री ने सीधे तौर पर दावा किया है कि पाकिस्तान के वज़ीर-ए-आज़म शहबाज शरीफ का अब 'गेम ओवर' हो चुका है। उन्होंने सरकार की पोल खोलते हुए कहा कि शक्तिशाली सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के आगे मौजूदा नागरिक सरकार की कोई औकात या हैसियत नहीं है। इस बड़े खुलासे के बाद से ही इस्लामाबाद से लेकर रावलपिंडी तक कूटनीतिक और राजनीतिक हलचल चरम पर पहुंच गई है।सेना प्रमुख के सामने पूरी तरह बेबस हुई नागरिक सरकार इस सनसनीखेज खुलासे में यह साफ तौर पर कहा गया है कि पाकिस्तान में हमेशा की तरह इस बार भी पर्दे के पीछे से असली कमान सेना के हाथों में ही है। पूर्व मंत्री के मुताबिक, शहबाज शरीफ सिर्फ नाम के प्रधानमंत्री हैं, जबकि देश के तमाम बड़े और रणनीतिक फैसले सीधे तौर पर जनरल आसिम मुनीर के इशारे पर लिए जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नागरिक सरकार और सैन्य नेतृत्व के बीच अंदरूनी खींचतान अब उस मुकाम पर पहुंच चुकी है, जहां शहबाज शरीफ के लिए अपनी कुर्सी बचाए रखना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है। सरकार के भीतर का यह असंतोष कभी भी देश में एक नए राजनीतिक तख्तापलट या बड़े बदलाव का रूप ले सकता है।गंभीर आर्थिक संकट और क्षेत्रीय मोर्चे पर घिरी सरकार पाकिस्तान इस समय अपने इतिहास के सबसे बुरे आर्थिक दौर से गुजर रहा है। देश के विभिन्न प्रांतों जैसे पंजाब, सिंध, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में स्थानीय स्तर पर महंगाई और बेरोजगारी को लेकर जनता में भारी आक्रोश है। इस भौगोलिक और क्षेत्रीय संकट (Geographical Crisis) को संभाल पाने में शहबाज सरकार पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। आंतरिक सुरक्षा और स्थानीय विद्रोह की स्थिति से निपटने के लिए भी सरकार को पूरी तरह से सेना प्रमुख आसिम मुनीर की रणनीतियों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ऐसे में जनता के बीच यह संदेश जा चुका है कि संकट की इस घड़ी में मौजूदा सरकार के पास कोई ठोस विजन नहीं है।एआई और डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग आज के आधुनिक डिजिटल और जनरेटिव एआई (AI) के दौर में पाकिस्तान की इस राजनीतिक उठापटक की गूंज पूरी दुनिया के सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रही है। आधुनिक सर्च इंजनों और जेनरेटिव एआई ट्रेंड्स के मुताबिक, पाकिस्तान की जनता और वैश्विक पर्यवेक्षक इस समय वहां के सैन्य और नागरिक संतुलन को लेकर लगातार सर्च कर रहे हैं। पूर्व मंत्री का यह ताजा बयान एआई जनरेटेड न्यूज फीड्स और गूगल डिस्कवर पर सबसे ऊपर ट्रेंड कर रहा है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पाकिस्तान की राजनीतिक स्थिरता पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 1:33 pm

अमेरिका-ईरान समझौते पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के बयान से मच गई हलचल, भारत के लिए आई बेहद बड़ी खुशखबरी

वैश्विक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मोर्चे पर एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव को कम करने के लिए चल रही समझौता वार्ता पर भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने एक बेहद बड़ा और दूरगामी बयान दिया है। डोभाल ने इस संभावित अंतरराष्ट्रीय समझौते का विश्लेषण करते हुए संकेत दिए हैं कि दोनों देशों के बीच बढ़ती नजदीकियां और पाबंदियों में ढील भारत के लिए हर मोर्चे पर गेम-चेंजर साबित हो सकती हैं। इस बयान के बाद वैश्विक राजनीति के गलियारों में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि भारत इस क्षेत्र में एक प्रमुख रणनीतिक और आर्थिक हिस्सेदार है।क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट और एनर्जी सिक्योरिटी को मिलेगी मजबूती भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों और कच्चे तेल (Crude Oil) की आपूर्ति के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर रहता है। अजीत डोभाल के इस बयान के बाद आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता अंतिम रूप लेता है, तो वैश्विक बाजार में ईरानी तेल की वापसी का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा। बाजार में कच्चे तेल की उपलब्धता बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में भारी गिरावट आ सकती है। यह स्थिति भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था, महंगाई पर नियंत्रण और देश की समग्र ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) को एक बहुत बड़ी और सीधी राहत प्रदान करेगी।चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट और लोकल कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार इस समझौते का सबसे बड़ा और सकारात्मक असर क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे और भारत के महत्वाकांक्षी चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट (Chabahar Port Project) पर पड़ने वाला है। भारत के पश्चिमी राज्यों जैसे गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों से सीधे ईरान के चाबहार तक होने वाले व्यापारिक रूट को इस डील के बाद एक नया बूस्ट मिलेगा। भौगोलिक और क्षेत्रीय ऑप्टिमाइजेशन (Geographical Optimization) के लिहाज से यह भारत को पाकिस्तान को बाईपास करते हुए सीधे मध्य एशिया और यूरोप से जोड़ने का सबसे सुगम रास्ता देगा। डोभाल के इस रुख से साफ है कि पाबंदियां हटने के बाद भारत चाबहार में अपने निवेश और स्थानीय कनेक्टिविटी नेटवर्क को रिकॉर्ड गति से आगे बढ़ाएगा।एआई युग और बदलते जियोपॉलिटिकल समीकरणों में भारत की रणनीतिक बढ़त आज के आधुनिक दौर में जहां जनरेटिव एआई और डिजिटल इंटेलिजेंस के जरिए देश अपनी रणनीतिक नीतियां तैयार कर रहे हैं, भारत का यह रुख बेहद सधा हुआ है। अमेरिका-ईरान के बीच संतुलन बनाने की भारत की यह कूटनीति आने वाले समय में वैश्विक सप्लाई चेन और डिजिटल ट्रेड रूट्स को भी सुरक्षित करेगी। सुरक्षा और विदेश नीति के जानकारों का कहना है कि अजीत डोभाल का यह बयान भारत की उस मजबूत और स्वतंत्र विदेश नीति का प्रतीक है, जो बिना किसी वैश्विक दबाव के देश के आर्थिक हितों और तकनीकी सुरक्षा को सबसे ऊपर रखती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 1:30 pm

अमेरिका को लगा भयंकर झटका! चीन के 'लाइनशाइन' ने रचा इतिहास, बना दुनिया का सबसे खतरनाक और तेज सुपरकंप्यूटर

ग्लोबल टेक्नोलॉजी और सुपरकंप्यूटिंग की महाजंग में चीन ने सुपरपावर अमेरिका को एक बहुत बड़ा और करारा झटका दिया है। टेक जगत से आ रही इस समय की सबसे बड़ी खबर के मुताबिक, चीन द्वारा विकसित किया गया नया सुपरकंप्यूटर 'लाइनशाइन' (LineShine) आधिकारिक तौर पर दुनिया का सबसे तेज और सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर घोषित कर दिया गया है। इस ऐतिहासिक कामयाबी के साथ ही चीन ने अमेरिका के सबसे एडवांस सुपरकंप्यूटर्स को प्रोसेसिंग स्पीड और परफॉर्मेंस के मामले में काफी पीछे छोड़ दिया है। वैश्विक स्तर पर तकनीक के इस बड़े उलटफेर ने दोनों देशों के बीच जारी टेक-वॉर (Tech War) को एक बिल्कुल नए और बेहद आक्रामक मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है।अभूतपूर्व स्पीड और गणना क्षमता से दुनिया दंग चीन का यह नया सुपरकंप्यूटर 'लाइनशाइन' आधुनिक विज्ञान और इंजीनियरिंग का एक बेजोड़ नमूना है। इसकी कम्प्यूटेशनल क्षमता और डेटा प्रोसेसिंग स्पीड इतनी अविश्वसनीय है कि यह महज कुछ ही सेकेंड्स में उन बेहद जटिल गणितीय गणनाओं और वैज्ञानिक रिसर्च से जुड़े डेटा को प्रोसेस कर सकता है, जिन्हें करने में सामान्य कंप्यूटरों को हजारों साल लग जाएंगे। वैज्ञानिकों का कहना है कि 'लाइनशाइन' की इस तूफानी रफ्तार की बदौलत मौसम का सटीक पूर्वानुमान लगाने, अंतरिक्ष विज्ञान की खोजों, गहरे समुद्र के रहस्यों को सुलझाने और बेहद जटिल बायो-मेडिकल रिसर्च के काम में क्रांतिकारी तेजी देखने को मिलेगी।जेनरेटिव एआई और आधुनिक टेक के नए युग की शुरुआत इस सुपरकंप्यूटर को पूरी तरह से भविष्य की आधुनिक जरूरतों जैसे कि जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Generative AI), डीप लर्निंग और न्यूरल नेटवर्क्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। 'लाइनशाइन' की मदद से चीन अब और अधिक एडवांस एआई मॉडल्स, स्वायत्त प्रणालियों (Autonomous Systems) और अगली पीढ़ी की अत्याधुनिक मिलिट्री टेक्नोलॉजी को तेजी से विकसित कर सकेगा। जानकारों का मानना है कि यह सुपरकंप्यूटर वैश्विक एआई रेस (AI Race) और एआई सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के दौर में चीन को बाकी सभी देशों की तुलना में एक बेहद मजबूत और रणनीतिक बढ़त दिलाने में गेम-चेंजर साबित होने वाला है।वैश्विक टेक समीकरणों और क्षेत्रीय धाक पर बड़ा असर चीन की इस तकनीकी छलांग का सीधा असर एशिया-प्रशांत क्षेत्र (Asia-Pacific Region) सहित पूरी दुनिया के भू-राजनीतिक और तकनीकी समीकरणों पर पड़ने वाला है। इस लोकल और ग्लोबल ऑप्टिमाइजेशन के जरिए चीन ने यह साबित कर दिया है कि वह हार्डवेयर और चिप डिजाइनिंग के क्षेत्र में भी पूरी तरह से आत्मनिर्भर होने की दिशा में बढ़ चुका है। अमेरिका लंबे समय से सुपरकंप्यूटिंग की टॉप लिस्ट में पहले पायदान पर काबिज था, लेकिन चीन के 'लाइनशाइन' के इस जोरदार धमाके ने अमेरिकी टेक कंपनियों और वाशिंगटन के नीति निर्माताओं को अपनी तकनीकी रणनीतियों पर दोबारा गहराई से विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 1:27 pm

यूरोप में किलर हीट वेव से 58 लोगों की मौत, ग्रीस में तापमान 45 पार, कई देशों में रेड अलर्ट और इमरजेंसी मीटिंग्स

Europe killer heat wave: यूरोप इस समय कुदरत के सबसे भयानक प्रकोप का सामना कर रहा है। पूरे महाद्वीप में जारी भीषण 'किलर हीट वेव' (Heatwave) ने अब तक 58 लोगों की जान ले ली है। ग्रीस में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिसने पिछले कई ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 1:27 pm

24 जुलाई से पहले महाडील! भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर लगी मुहर, होने वाला है बड़ा धमाका

ग्लोबल इकॉनमी और वैश्विक कूटनीति के मोर्चे पर एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से लंबित द्विपक्षीय व्यापार समझौता (ट्रेड डील) अब अपने बिल्कुल आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है। दोनों देशों के शीर्ष नीति निर्माताओं और अधिकारियों के बीच कई दौर की उच्चस्तरीय बैठकों के बाद ड्राफ्ट को अंतिम रूप दे दिया गया है। नई दिल्ली और वाशिंगटन के विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आगामी 24 जुलाई से पहले इस ऐतिहासिक व्यापार समझौते का औपचारिक ऐलान किया जा सकता है। यह महाडील न केवल दोनों महाशक्तियों के बीच रणनीतिक रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन के समीकरणों को भी पूरी तरह से री-शेप करने की क्षमता रखती है।प्रमुख भारतीय सेक्टर्स और निर्यात को मिलेगा जबरदस्त बूस्ट इस व्यापक व्यापार समझौते के लागू होने से भारतीय निर्यातकों और घरेलू उद्योगों को अमेरिकी बाजार में बहुत बड़ी और आसान पहुंच मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से भारत के कपड़ा (टेक्सटाइल), फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग सामान और कृषि उत्पादों से जुड़े क्षेत्रों को इस डील से सीधा और सबसे बड़ा फायदा पहुंचेगा। अमेरिकी बाजार में भारतीय सामानों पर लगने वाली कुछ प्रमुख ड्यूटियों और टैरिफ में कटौती की संभावना है, जिससे भारतीय उत्पाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' और आत्मनिर्भर भारत अभियान को वैश्विक मंच पर एक नई रफ्तार देने वाला साबित होगा।लोकल मैन्युफैक्चरिंग हब्स और क्षेत्रीय रोजगार में आएगी भारी तेजी इस मेगा ट्रेड डील का सबसे सकारात्मक असर भारत के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Hubs) और स्थानीय विनिर्माण केंद्रों पर देखने को मिलेगा। तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र, और उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्लस्टर्स में अमेरिकी डिमांड को पूरा करने के लिए उत्पादन गतिविधियों में भारी तेजी आने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने से देश के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों से जुड़े युवाओं के लिए लाखों की संख्या में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह भौगोलिक ऑप्टिमाइजेशन भारत के हर राज्य को सीधे अमेरिकी अर्थव्यवस्था और ग्लोबल ट्रेड रूट से जोड़ने का काम करेगा।एआई और डिजिटल ट्रेड के नए दौर में दोनों देश बढ़ाएंगे कदम आधुनिक दौर की तकनीकी जरूरतों और जेनरेटिव एआई (AI) के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए इस समझौते में डिजिटल ट्रेड, डेटा सिक्योरिटी और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को लेकर भी बेहद खास प्रावधान किए गए हैं। भारत और अमेरिका तकनीकी ट्रांसफर और रिसर्च के क्षेत्र में आपसी सहयोग को नए स्तर पर ले जाने के लिए सहमत हुए हैं। दोनों देशों का यह आधुनिक कदम भविष्य की जनरेटिव इंजन प्रौद्योगिकियों और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग को ध्यान में रखकर उठाया गया है, जिससे दोनों देश मिलकर चीन जैसी वैश्विक आर्थिक शक्तियों के एकाधिकार को चुनौती दे सकें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 1:26 pm

शेयर बाजार में तगड़ा ब्लास्ट! सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा उछला, निफ्टी 23,950 के पार निकलते ही IT शेयर्स चमके

दलाल स्ट्रीट पर आज सुबह से ही बुल्स का पूरा कब्जा देखने को मिल रहा है। हफ्ते के कारोबारी सत्र में घरेलू शेयर बाजार ने एक बार फिर शानदार वापसी की है। चौतरफा खरीदारी के दम पर बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स करीब 600 अंकों की छलांग लगाकर मजबूत स्थिति में कारोबार कर रहा है। वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 इंडेक्स भी तेजी का नया रिकॉर्ड बनाते हुए 23,950 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। बाजार में आई इस अचानक तेजी से निवेशकों की संपत्ति में भारी इजाफा हुआ है और पिछले कुछ दिनों से जारी सुस्ती पूरी तरह गायब हो चुकी है।ग्लोबल मार्केट के मजबूत संकेतों ने भरा बाजार में दम इस बड़ी तेजी के पीछे सबसे मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिलने वाले सकारात्मक संकेत हैं। अमेरिकी बाजारों में आई मजबूती और एशियाई बाजारों में लौटी हरियाली ने भारतीय निवेशकों के सेंटिमेंट को बूस्ट करने का काम किया है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से बिकवाली का दबाव कम होने और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की लगातार खरीदारी ने बाजार के निचले स्तरों पर मजबूत सपोर्ट दिया है। क्रूड ऑयल यानी कच्चे तेल की कीमतों में आई स्थिरता भी भारतीय अर्थव्यवस्था और घरेलू इक्विटी मार्केट के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट साबित हुई है।आईटी सेक्टर के शेयरों में लौटी भारी रौनक आज के इस तेजी के चक्रव्यूह में सबसे आगे देश का आईटी (Information Technology) इंडेक्स दौड़ रहा है। पिछले कुछ सत्रों से दबाव झेल रहे आईटी शेयरों में आज जबरदस्त शॉर्ट कवरिंग और नई खरीदारी देखी जा रही है। टीसीएस (TCS), इंफोसिस (Infosys), टेक महिंद्रा, विप्रो और एचसीएल टेक जैसे दिग्गज आईटी स्टॉक्स में भारी वॉल्यूम के साथ बढ़त दर्ज की गई है। जानकारों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर तकनीकी खर्च में सुधार की उम्मीदों और बड़े डील्स की घोषणाओं के चलते निवेशकों ने एक बार फिर आईटी सेक्टर पर अपना भरोसा जताया है, जिससे पूरा इंडेक्स चमक उठा है।लोकल और क्षेत्रीय बाजारों में बढ़ा रिटेल निवेशकों का भरोसा डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स और एआई (AI) आधारित मॉडर्न इन्वेस्टमेंट टूल्स के आ जाने से भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक के लोकल निवेशक भी इस रैली का पूरा फायदा उठा रहे हैं। देश के अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Regions) से रिटेल निवेशकों की भागीदारी शेयर बाजार में लगातार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है। यह स्थानीय निवेश भारतीय शेयर बाजार को एक नया और मजबूत आधार प्रदान कर रहा है, जिससे वैश्विक उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय बाजार लगातार रिकवरी मोड में बने हुए हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 1:24 pm

बैंकों में मची होड़! ब्याज दरें गिरते ही जून में जुटा डाले ₹1 लाख करोड़, जानिए क्या है नया गणित

भारतीय बैंकिंग सेक्टर में इस समय फंड जुटाने की जबरदस्त हलचल देखी जा रही है। बाजार में ब्याज दरों में आई हालिया गिरावट का फायदा उठाने के लिए देश के वाणिज्यिक बैंकों ने शॉर्ट-टर्म रिसोर्सेज यानी अल्पकालिक फंड जुटाने की रफ्तार को काफी तेज कर दिया है। इसके लिए बैंक बड़े पैमाने पर सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (CD) जारी कर रहे हैं। बैंकिंग सूत्रों और ताजा वित्तीय आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष के जून महीने में ही बैंकों ने सीडी (CD) के जरिए बाजार से करीब 1 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जुटा ली है। बाजार के जानकारों का कहना है कि लिक्विडिटी की स्थिति को बेहतर बनाए रखने और क्रेडिट ग्रोथ यानी लोन की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बैंकों ने यह आक्रामक रुख अपनाया है।ब्याज दरों में कटौती का बैंकों ने उठाया पूरा फायदा पिछले कुछ समय से बाजार में ब्याज दरों का रुख नीचे की ओर बना हुआ है। दरों में आई इस नरमी ने बैंकों के लिए फंड जुटाने की लागत को काफी कम कर दिया है। जब ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो बैंकों को फंड जुटाने के लिए ज्यादा ब्याज देना पड़ता है, जिससे उनका कॉस्ट ऑफ फंड बढ़ जाता है। लेकिन जैसे ही ब्याज दरों में गिरावट का दौर शुरू हुआ, बैंकों ने बिना वक्त गंवाए कम लागत पर मोटी रकम जुटाने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया। यही वजह है कि जून के महीने में सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट जारी करने की गतिविधि में अचानक एक बड़ा उछाल दर्ज किया गया है।लोन की बढ़ती मांग को पूरा करने की बड़ी तैयारी इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों और स्थानीय बाजारों में रिटेल से लेकर कॉर्पोरेट लोन की मांग में लगातार तेजी देखी जा रही है। विशेष रूप से महानगरीय और औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी लोन की आवश्यकता बढ़ी है। इस स्थानीय और क्षेत्रीय ऋण मांग (Geographical Credit Demand) को समय पर पूरा करने के लिए बैंकों को अपने पास पर्याप्त नकदी बनाए रखनी होगी। जून में जुटाए गए इस 1 लाख करोड़ रुपये के फंड का एक बड़ा हिस्सा इसी लोन ग्रोथ को सपोर्ट करने और देश के विभिन्न क्षेत्रों में क्रेडिट फ्लो को सुचारू बनाए रखने में इस्तेमाल किया जाएगा।आधुनिक बैंकिंग और लिक्विडिटी मैनेजमेंट का नया दौर आज के दौर में जब एआई और आधुनिक जनरेटिव तकनीक वित्तीय बाजारों की चाल को तेजी से प्रभावित कर रही हैं, बैंक भी अपने लिक्विडिटी मैनेजमेंट को बेहद स्मार्ट और डायनेमिक बना रहे हैं। बैंक अब पारंपरिक तरीकों के बजाय रीयल-टाइम डेटा और एल्गोरिदम का उपयोग करके यह तय कर रहे हैं कि उन्हें कब और किस दर पर बाजार से पैसा उठाना है। जून महीने में रिकॉर्ड मात्रा में सीडी जारी करना इसी आधुनिक वित्तीय रणनीति का हिस्सा है, जिससे बैंकों को कम समय में और कम लागत पर अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में बड़ी सफलता मिली है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 1:22 pm

2030 के भारत पर अदाणी की नज़र! नया मास्टरप्लान देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी सेक्टर में लाएगा बड़ा तूफान

अदाणी ग्रुप ने आने वाले दशक यानी साल 2030 के भारत की बढ़ती और आधुनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी और दूरदर्शी मास्टरप्लान तैयार किया है। देश की आर्थिक रफ्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग को देखते हुए ग्रुप ने अपनी रणनीतियों में बड़े और बुनियादी बदलाव किए हैं। यह नया रोडमैप न केवल अदाणी ग्रुप के भविष्य के विस्तार को नई दिशा देगा, बल्कि भारत के लॉजिस्टिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी और पोर्ट्स सेक्टर की पूरी तस्वीर को भी बदलकर रख देगा। इस रणनीतिक बदलाव के जरिए ग्रुप खुद को वैश्विक मंच पर और अधिक मजबूत स्थिति में स्थापित करने की तैयारी कर रहा है।ग्रीन एनर्जी और रिन्यूएबल सेक्टर पर सबसे बड़ा दांव इस नए मास्टरप्लान के केंद्र में भारत का बदलता हुआ एनर्जी लैंडस्केप है। अदाणी ग्रुप ने 2030 तक देश की क्लीन एनर्जी की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने निवेश का एक बड़ा हिस्सा रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की तरफ मोड़ दिया है। ग्रुप का लक्ष्य न केवल दुनिया का सबसे बड़ा ग्रीन एनर्जी उत्पादक बनना है, बल्कि भारत के कार्बन उत्सर्जन को कम करने के राष्ट्रीय संकल्प में भी अग्रणी भूमिका निभाना है। इसके लिए सौर और पवन ऊर्जा के साथ-साथ ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट्स पर काम तेजी से बढ़ा दिया गया है, जो आने वाले समय में देश के औद्योगिक विकास की रीढ़ बनेंगे।लोकल इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक लॉजिस्टिक्स का कायाकल्प भौगोलिक और क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए अदाणी ग्रुप ने देश के कोने-कोने में अपने लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन नेटवर्क को मजबूत करने की योजना बनाई है। भारत के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों को मुख्य आर्थिक केंद्रों से जोड़ने के लिए नए मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और अत्याधुनिक पोर्ट्स का विकास किया जा रहा है। लोकल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने वाले इस कदम से न केवल व्यापार सुगम होगा, बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। ग्रुप का यह घरेलू ऑप्टिमाइजेशन भारत के हर हिस्से को वैश्विक व्यापार मार्ग से जोड़ने का काम करेगा।तकनीक और एआई आधारित ऑपरेशन्स पर फोकस 2030 के डिजिटल और आधुनिक भारत की रेस में आगे रहने के लिए अदाणी ग्रुप अपने मौजूदा कोर ऑपरेशन्स में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और अगली पीढ़ी की तकनीकों का समावेश कर रहा है। डेटा सेंटर्स के निर्माण से लेकर पोर्ट्स और एयरपोर्ट्स के डिजिटल मैनेजमेंट तक, हर स्तर पर स्मार्ट और ऑटोमेटेड सिस्टम लागू किए जा रहे हैं। इससे ऑपरेशन्स की कार्यकुशलता में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा। ग्रुप का यह तकनीकी बदलाव भविष्य की चुनौतियों से निपटने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारतीय उद्योगों को सबसे आगे रखने की दूरगामी सोच का नतीजा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 1:20 pm

हत्या के पहले किसने गायब किया केतन का पासपोर्ट, 17 करोड़ में बुक किया था महल, पिता बोले सिया से क्यों मारा बेटे को?

पुणे में केतन अग्रवाल की उन्हीं की मंगेतर सिया गोयल ने हत्या कर दी। हालांकि पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है, लेकिन फिलहाल अब तक की जांच में सिया और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को आरोपी बनाया गया है। यह खबर फैलते ही एक बार फिर से पूरे देश में सनसनी ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 12:24 pm

अल-नीनो और कमजोर मानसून से देश के 315 जिलों में सूखे की आहट, कम बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता

अल नीनो और देश के बड़े हिस्से में मानसून की धीमी रफ्तार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मानसून जो इस बार 4 दिन की देरी से केरल पहुंचा था, उसकी रफ्तार काफी धीमी है। मध्यप्रदेश जहां सामान्य तौर पर मानसून 15-16 जून को दस्तक दे देता है वहां पर 10 दिन के ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 12:20 pm

अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की खुलती जा रहीं परतें, SIT ने सौंपी 15 पन्नों की रिपोर्ट, चंपत की भूमिका संदिग्ध

अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में जैसे जैसे जांच आगे बढ रही है, यह मामला और ज्यादा दिलचस्प होता जा रहा है। पूरे देश की नजर इस मामले पर है। बता दें कि इस मामले में एसआईटी ने 15 पन्नों की रिपोर्ट पीएमओ को सौंप दी है। इसमें चंपत राय की ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 12:03 pm

राष्ट्रपति ने 65 हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से किया सम्मानित, रोहित शर्मा, आर माधवन, अलका याग्निक और ममूटी तक शामिल

राष्ट्रपति ने इस समारोह में कुल 65 पद्म पुरस्कार प्रदान किए। इनमें दो पद्म विभूषण, सात पद्म भूषण और 56 पद्मश्री पुरस्कार शामिल हैं। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित कर उनकी उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी गई।

देशबन्धु 24 Jun 2026 12:01 pm

मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में आएगा UCC विधेयक, 90% लोगों ने किया समर्थन

मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) का अहम विधेयक लाने जा रही है। समान नागरिक संहिता पर अब तक 9 लाख से अधिक सुझाव दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें लगभग 90 प्रतिशत सुझावों में यूसीसी के प्रति समर्थन ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 11:50 am

'आपके अंकल प्रेसिडेंट भी हों तब भी चालान कटेगा', कौन हैं ये कहने वाली IPS अनु बेनीवाल?

हाल ही में मप्र की एक आईपीएस अफसर यह कहकर चर्चा में आई थी कि 'आपके अंकल प्रेसिडेंट भी हों तब भी चालान कटेगा', उनका यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। जानते हैं कौन हैं ये आईपीएस अफसर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में गाड़ियों की रूटीन चेकिंग के ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 11:12 am

बालोतरा जिले में भू-अभिलेख निरीक्षक 20500 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट

बालोतरा। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को बालाेतरा जिले की गुड़ामालानी तहसील में सर्किल नगर भू-अभिलेख निरीक्षक (आरआई) नारायण लाल को 20 हजार 500 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी बाड़मेर को शिकायत मिली कि परिवादी के पिता […] The post बालोतरा जिले में भू-अभिलेख निरीक्षक 20500 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Jun 2026 10:19 am

Commodore Callback 8020: डूमस्क्रोलिंग से दिलाएगा आजादी! आ गया 'सोशल मीडिया ब्लॉक' करने वाला अनोखा फ्लिप फोन

सुबह आंख खुलने से लेकर रात को सोने तक, क्या आप भी बिना किसी वजह के फोन की स्क्रीन पर रील्स और मीम्स स्क्रोल करते रहते हैं? अगर हां, तो परेशान मत होइए, आप अकेले नहीं हैं। आज की युवा पीढ़ी 'डूमस्क्रोलिंग' (Doomscrolling) यानी सोशल मीडिया की इस खतरनाक लत से बुरी तरह जूझ रही है। डिजिटल स्क्रीन की इस दुनिया में लोग अपना सुकून और कीमती समय खो रहे हैं।लेकिन जरा सोचिए, क्या कोई ऐसा फोन हो सकता है जो चाहकर भी आपको सोशल मीडिया की लत के जाल में न फंसने दे? 80 और 90 के दशक में कंप्यूटर की दुनिया पर एकछत्र राज करने वाला दिग्गज ब्रांड कमोडोर (Commodore) अब ठीक ऐसा ही एक क्रांतिकारी कदम उठाने जा रहा है। कंपनी एक अनोखा फ्लिप फोन पेश कर रही है, जो आपको रील्स और नोटिफिकेशन के डिस्ट्रैक्शन से जबरदस्ती आजाद करा देगा। आइए जानते हैं टेक वर्ल्ड में खलबली मचाने वाले इस अनूठे गैजेट के बारे में।Commodore 64 की विरासत अब स्मार्टफोन के रूप में80 और 90 के दशक में अपने आइकॉनिक 'Commodore 64' कंप्यूटर से दुनिया को दीवाना बनाने वाली कंपनी कमोडोर अब स्मार्टफोन मार्केट में एक नए विज़न के साथ वापसी कर रही है। कंपनी जो नया फ्लिप फोन ला रही है, उसका नाम Commodore Callback 8020 है। यह फोन विशेष रूप से उन लोगों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जो अपनी भागदौड़ भरी डिजिटल लाइफ को सिंपल (Minimalsit) बनाना चाहते हैं और बिना किसी फालतू डिस्ट्रेक्शन के शांति से जीना चाहते हैं। आजकल युवाओं के बीच 'डम्ब फोन्स' (Dumb Phones) का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है और यह डिवाइस इसी जरूरत को पूरा करेगी।चाहकर भी नहीं देख पाएंगे रील्स, सिस्टम लेवल पर ब्लॉक होंगे ऐप्सCommodore Callback 8020 की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह आपके चाहने पर भी आपको सोशल मीडिया नहीं चलाने देगा। कंपनी ने इसमें सुरक्षा और ब्लॉकिंग के कई कड़े इंतजाम किए हैं:सिस्टम लेवल ब्लॉकिंग: इस फोन में यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक जैसे तमाम सोशल मीडिया ऐप्स और ओपन वेब ब्राउजर्स को सिस्टम के स्तर पर पूरी तरह ब्लॉक किया गया है।सॉलिड सिक्योरिटी पेटेंट: कंपनी का दावा है कि उन्होंने एक विशेष पेटेंट टेक्नोलॉजी विकसित की है, जिसके कारण कोई भी यूजर चाहकर भी बाहर से (थर्ड पार्टी एपीके के जरिए) इन प्रतिबंधित ऐप्स को इंस्टॉल नहीं कर पाएगा।DNS लेवल ब्लॉकिंग: अगर कोई बहुत बड़ा टेक एक्सपर्ट किसी चालाकी से सोशल मीडिया ऐप इंस्टॉल कर भी लेता है, तो फोन का एडवांस 'डीएनएस ब्लॉकिंग' सिस्टम ऐप के सर्वर को काम ही नहीं करने देगा। यानी रील देखना पूरी तरह नामुमकिन होगा।डोम LED नोटिफिकेशन: फोन में एक अनोखा डोम एलईडी लाइट नोटिफिकेशन सिस्टम दिया गया है, जो बिना स्क्रीन ऑन किए आपको जरूरी अलर्ट्स देगा। यह फोन दुनिया भर के सभी सिम कार्ड्स को सपोर्ट करता है।लिनक्स पर आधारित ओएस, चलेंगे वॉट्सऐप और गूगल मैप्सयह कोई आम पुराना कीपैड फोन नहीं है, बल्कि इसमें आज के जमाने की जरूरत के सभी जरूरी और काम के फीचर्स दिए गए हैं।काम के ऐप्स रहेंगे चालू: इस फ्लिप फोन में 'Sailfish OS' दिया गया है, जो लिनक्स (Linux) पर काम करने वाला एक सुरक्षित ऑपरेटिंग सिस्टम है। कंपनी के मुताबिक, इस पर 99% जरूरी एंड्रॉयड ऐप्स जैसे कि वॉट्सऐप (WhatsApp), सिग्नल (Signal), स्पॉटिफाई (Spotify) और गूगल मैप्स (Google Maps) पूरी तरह स्मूथ चलेंगे, ताकि आपकी कनेक्टिविटी प्रभावित न हो।90s के गेम्स और प्रीमियम ऑडियो: गेमिंग लवर्स के लिए इसमें कमोडोर 64 के जमाने के विंटेज और रेट्रो गेम्स पहले से प्री-इंस्टॉल्ड मिलेंगे। म्यूजिक के शौकीनों के लिए इसमें 8-बिट SID म्यूजिक प्लेयर, एफएम रेडियो, 3.5mm का हेडफोन जैक और एक प्रीमियम डीएसी (DAC) दिया गया है, जो बेहतरीन साउंड क्वालिटी देगा। खास बात यह है कि बॉक्स के साथ प्रीमियम ईयरफोन भी मिलेंगे।कैल्कुलेटर जैसी रेट्रो स्क्रीन और दमदार स्पेसिफिकेशन्सलुक के मामले में यह फोन पुराने और नए जमाने का एक बेहतरीन फ्यूजन है।रेट्रो लुक डिस्प्ले: फोन के बाहरी हिस्से पर एक छोटी सेकेंडरी स्क्रीन दी गई है, जो 1970 के दशक के मशहूर कमोडोर कैल्कुलेटर की याद दिलाती है। इसके लुक्स को बदलने के लिए चेंजेबल कवर्स का ऑप्शन भी मिलेगा।डिस्प्ले और स्टोरेज: इस डिवाइस में अंदर की तरफ 3.25 इंच का मेन डिस्प्ले (480 x 640 पिक्सल) और बाहर की तरफ 1.77 इंच का एक्सटर्नल डिस्प्ले दिया गया है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें 4GB रैम और 64GB की इंटरनल स्टोरेज मिलेगी, जिसे माइक्रो एसडी कार्ड की मदद से और बढ़ाया जा सकता है।कीमत और कब होगा लॉन्च?साल 2025 में कमोडोर ब्रांड का अधिग्रहण करने वाले क्रिश्चियन पेरी फ्रैक्टिक सिम्पसन (Christian Perry Phraktic Simpson) के अनुसार, कमोडोर का यह अनोखा फ्लिप फोन इस साल 2026 की चौथी तिमाही (अक्टूबर से दिसंबर के बीच) में मार्केट में मिलना शुरू हो जाएगा। कीमत की बात करें तो इसके अलग-अलग वेरिएंट्स के आधार पर इसकी कीमत 500 डॉलर से 640 डॉलर के बीच होगी, जो भारतीय मुद्रा के अनुसार लगभग 47,460 रुपये के आसपास बैठती है। डिजिटल डिटॉक्स (Digital Detox) चाहने वालों के लिए यह एक बेहतरीन प्रीमियम विकल्प हो सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 10:04 am

मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स केस में ED की बड़ी कार्रवाई, दिल्ली में 5 ठिकानों पर छापेमारी; नाइट क्लब निवेश की जांच तेज

मुंद्रा पोर्ट पर 2,988 किलो हेरोइन बरामदगी मामले में ED ने दिल्ली के 5 ठिकानों पर छापेमारी की। जांच में ड्रग्स से कमाए गए धन को नाइट क्लबों में निवेश किए जाने के संकेत मिले हैं।

देशबन्धु 24 Jun 2026 10:01 am

कौन है सिया का प्रेमी चेतन चौधरी, 6 महीनों में 2004 कॉल, 238 घंटे बातचीत और मर्डर के 3 प्लान

महाराष्ट्र के पुणे जिले में रियल एस्टेट कंपनी के निदेशक केतन विशाल अग्रवाल की सुनियोजित तरीके से खाई में धक्का देकर हत्या की गई और फिर उसे हादसे का रूप देने की कोशिश की गई। पुलिस ने मंगलवार को यह सनसनीखेज खुलासा किया। हालांकि केतन की मौत पर उसकी ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 10:00 am

अलीगंज अग्निकांड के बाद एक्शन मोड में योगी सरकार: यूपी में 'खान सर' और 'फिजिक्स वाला' समेत 84 कोचिंग सेंटर सील; 'आकाश' पर अभी भी मेहरबानी?

राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए दर्दनाक कोचिंग सेंटर अग्निकांड (जिसमें बंद दरवाजों और खराब वेंटिलेशन के कारण 15 मासूम जिंदगियां खत्म हो गईं) के बाद उत्तर प्रदेश प्रशासन पूरी तरह हिल गया है। इस भयावह हादसे को बेहद गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश में अवैध और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले कोचिंग संस्थानों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीएम योगी के कड़े रुख के बाद हरकत में आए आला अधिकारियों और जिला प्रशासनों ने पूरे प्रदेश में एक बड़ा सर्च और सील अभियान (Crackdown) शुरू कर दिया है।इस औचक छापेमारी और जांच अभियान के तहत अब तक उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कुल 84 कोचिंग सेंटरों को नियमों का उल्लंघन करने और फायर सेफ्टी मानक न पूरे करने के आरोप में सील कर दिया गया है।सीएम योगी के निर्देश पर सड़कों पर उतरे अफसर, मंचा हड़कंपअलीगंज की घटना के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से स्पष्ट आदेश जारी किए गए थे कि छात्रों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। इसके बाद लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर समेत राज्य के तमाम बड़े शैक्षणिक हब वाले शहरों में जिलाधिकारियों (DM), पुलिस कप्तानों और फायर ब्रिगेड की संयुक्त टीमें सड़कों पर उतर आईं। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से कोचिंग संचालकों के बीच हड़कंप मच गया है। जांच के दौरान जिन भी सेंटरों में आपातकालीन निकास (Emergency Exit), वेंटिलेशन और अग्निशमन उपकरणों की कमी पाई गई, उन्हें बिना कोई मोहलत दिए तुरंत बंद करने की कार्रवाई की जा रही है।'फिजिक्स वाला' और 'खान सर' जैसी बड़ी कोचिंग्स पर चला प्रशासन का डंडाइस देशव्यापी अभियान के तहत प्रशासन ने किसी भी रसूखदार या बड़े नाम की परवाह न करते हुए सीधी कार्रवाई की है। सील किए गए 84 संस्थानों में देश के कई प्रतिष्ठित और नामी कोचिंग ब्रांड्स भी शामिल हैं। मिली जानकारी के अनुसार:एलेन कोचिंग (Allen Career Institute): मानकों की अनदेखी पाए जाने पर इसके सेंटरों पर ताला जड़ दिया गया है।फिजिक्स वाला (Physics Wallah): इस बड़े एडटेक प्लेटफॉर्म के विद्यापीठ सेंटरों में सुरक्षा कमियां मिलने पर इन्हें सील किया गया है।खान सर कोचिंग (Khan Sir Coaching): युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय खान सर के कोचिंग सेंटरों पर भी नियमों के उल्लंघन के चलते बड़ी कार्रवाई हुई है।कानपुर के काकादेव और वाराणसी के दुर्गाकुंड जैसे घने कोचिंग इलाकों में यह कार्रवाई सबसे ज्यादा देखने को मिली है, जहां संकरी गलियों में बिना बेसमेंट क्लीयरेंस और फायर एनओसी (NOC) के धड़ल्ले से कोचिंग्स चलाई जा रही थीं।'आकाश इंस्टीट्यूट' जैसे कुछ बड़े नाम अभी भी कार्रवाई के दायरे से बाहर?उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन की इस ताबड़तोड़ और निष्पक्ष दिखने वाली कार्रवाई के बीच एक बड़ा सवालिया निशान भी खड़ा हो गया है। जमीनी रिपोर्ट और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जहां एक तरफ 'एलेन' और 'फिजिक्स वाला' जैसे बड़े दिग्गजों पर ताला लटका दिया गया है, वहीं दूसरी तरफ 'आकाश इंस्टीट्यूट' (Aakash Institute) और आकाश कोचिंग जैसे कई अन्य बेहद बड़े और रसूखदार नाम अभी भी इस सीलिंग अभियान के दायरे से पूरी तरह बाहर बने हुए हैं।चर्चाएं गर्म हैं कि क्या इन सेंटरों के पास वाकई सभी मानक पूरे हैं या फिर रसूख के चलते इनके खिलाफ जांच की आंच धीमी पड़ गई है। छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि अगर सुरक्षा का अभियान चलाना है, तो इसमें किसी भी संस्थान को छोटा या बड़ा मानकर रियायत नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि बच्चों की जान की कीमत सबके लिए बराबर है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:59 am

शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर का निधन: सदमे में 'रावलपिंडी एक्सप्रेस', खेल जगत में शोक की लहर

क्रिकेट जगत और पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) के परिवार से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। दुनिया के सबसे तेज गेंदबाज और 'रावलपिंडी एक्सप्रेस' के नाम से मशहूर शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर का निधन हो गया है। शोएब अख्तर ने खुद 23 जून को देर शाम सोशल मीडिया के जरिए इस अपूरणीय क्षति की जानकारी अपने फैंस और पूरी दुनिया के साथ साझा की। भाई के अचानक चले जाने से दिग्गज क्रिकेटर का पूरा परिवार गहरे सदमे और शोक में डूबा हुआ है।शोएब अख्तर ने सोशल मीडिया पर लिखा भावुक संदेशशोएब अख्तर ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक बेहद भावुक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, मुझे यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि मेरे प्यारे बड़े भाई शाहिद अख्तर अल्लाह के पास चले गए हैं। इस दुखद घड़ी में शोएब अख्तर ने अपने दिवंगत भाई की आत्मा की शांति और उन्हें जन्नत में आला मुकाम मिलने के लिए अल्लाह से दुआ मांगी है। इसके साथ ही उन्होंने दुनिया भर में फैले अपने करोड़ों फैंस और चाहने वालों से अपील की है कि वे उनके भाई और परिवार को अपनी खास दुआओं में जरूर याद रखें।खेल जगत में शोक की लहर, आज इस्लामाबाद में होगा अंतिम संस्कारशोएब अख्तर के बड़े भाई के इंतकाल की खबर मिलते ही खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। शोएब के फैंस, दुनिया भर के पूर्व और वर्तमान क्रिकेटरों के साथ-साथ पाकिस्तान के खेल जगत की तमाम बड़ी हस्तियों ने सोशल मीडिया पर उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और दिवंगत शाहिद अख्तर को भावभीनी श्रद्धांजलि दी है।पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मरहूम शाहिद अख्तर की अंतिम नमाज-ए-जनाजा आज बुधवार, 24 जून 2026 को असर की नमाज के बाद अदा की जाएगी। इसके बाद उन्हें पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के एच-8 (H-8) कब्रिस्तान में सुपुर्दे-खाक (अंतिम संस्कार) किया जाएगा।क्रिकेट इतिहास के सबसे तेज गेंदबाज हैं शोएब अख्तरअपनी तूफानी गेंदबाजी से बल्लेबाजों के दिलों में खौफ पैदा करने वाले शोएब अख्तर को क्रिकेट इतिहास का सबसे खतरनाक और तेज गेंदबाज माना जाता है। उन्होंने साल 2003 के आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप के दौरान इंग्लैंड के खिलाफ क्रिकेट इतिहास की सबसे तेज गेंद फेंकने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था।उस ऐतिहासिक मैच में शोएब अख्तर की गेंद की रफ्तार 161.3 किलोमीटर प्रति घंटा (KMPH) मापी गई थी। यह एक ऐसा अटूट महा-रिकॉर्ड है, जिसे क्रिकेट इतिहास का कोई भी गेंदबाज आज तक (साल 2026 तक) तोड़ने में कामयाब नहीं हो पाया है। शोएब अख्तर ने अपने पूरे अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान कई बार 150 KMPH से अधिक की रफ्तार का आंकड़ा पार किया, जो उनके अविश्वसनीय शारीरिक सामर्थ्य को दर्शाता है।'रावलपिंडी एक्सप्रेस' के शानदार करियर और रिकॉर्ड्स पर एक नज़रशोएब अख्तर की सबसे तेज गेंद फेंकने का वर्ल्ड रिकॉर्ड जितना महान है, उतने ही शानदार उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के आंकड़े भी हैं। उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट टीम की तरफ से तीनों फॉर्मेट में अपनी गेंदबाजी का लोहा मनवाया है:टेस्ट क्रिकेट: शोएब अख्तर ने पाकिस्तान के लिए 46 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने 25.7 के बेहतरीन गेंदबाजी औसत से कुल 178 विकेट अपने नाम किए।वनडे इंटरनेशनल (ODI): 163 वनडे मैचों में प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने 24.98 के शानदार औसत के साथ 247 बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया।टी20 इंटरनेशनल: फटाफट क्रिकेट के इस दौर में उन्होंने पाकिस्तान के लिए 15 टी20 मैच खेले और 22.74 के औसत से 19 विकेट हासिल किए।खेल के मैदान पर बड़ी से बड़ी टीम के बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त करने वाले शोएब अख्तर आज अपने जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं, और पूरा खेल जगत इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:49 am

IRFC OFS: रेलवे की इस दिग्गज कंपनी में हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, बाजार भाव से सस्ते दाम पर शेयर खरीदने का बड़ा मौका

शेयर बाजार के निवेशकों और रेलवे स्टॉक में रुचि रखने वालों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर आ रही है। भारतीय रेलवे की वित्तीय रीढ़ मानी जाने वाली सरकारी कंपनी 'इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन' (IRFC) को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार इस नवरत्न कंपनी में 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) के जरिए अपनी 2 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी बेचने की पूरी तैयारी कर चुकी है। इस विनिवेश (Disinvestment) के जरिए सरकार का लक्ष्य बाजार से एक भारी-भरकम फंड जुटाना है। यदि आप भी शेयर बाजार में निवेश करते हैं या कमाई का कोई बेहतरीन मौका ढूंढ रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।क्या है सरकार का पूरा प्लान और 'ग्रीनशू ऑप्शन'?केंद्र सरकार की तरफ से इस हिस्सेदारी बिक्री को लेकर विस्तृत योजना साझा की गई है। तय रणनीति के मुताबिक, सरकार शुरुआत में आईआरएफसी (IRFC) की 1 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी बाजार में बिक्री के लिए उतारेगी। यदि इस हिस्सेदारी को निवेशकों की तरफ से शानदार रिस्पॉन्स मिलता है और मांग ज्यादा रहती है, तो सरकार 'ग्रीनशू ऑप्शन' (Greenshoe Option) का इस्तेमाल करेगी। इस ऑप्शन के तहत अतिरिक्त 1 फीसदी हिस्सेदारी और बेची जाएगी। यानी कुल मिलाकर 2 फीसदी शेयर बाजार में निवेशकों के लिए उपलब्ध होंगे।'DIPAM' ने दी जानकारी, जानिए कब खुलेगा आपके लिए यह मौकानिवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पहले ट्विटर) पर आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) बुधवार से निवेशकों के लिए लाइव हो रहा है।इसकी समयसारणी को दो हिस्सों में बांटा गया है:बुधवार (पहला दिन): इस दिन केवल गैर-रिटेल (Non-Retail) यानी संस्थागत निवेशक (Institutional Investors) ही शेयरों के लिए अपनी बोली लगा सकेंगे।गुरुवार (दूसरा दिन): आम जनता यानी छोटे और हमारे-आपके जैसे रिटेल (Retail) निवेशकों के लिए यह विंडो गुरुवार को खुलेगी, जहां वे सस्ते दाम पर शेयरों के लिए आवेदन कर सकेंगे।बाजार भाव से भारी डिस्काउंट: 91 रुपये तय हुआ फ्लोर प्राइसइस ऑफर फॉर सेल की सबसे आकर्षक बात इसकी कीमत है। सरकार ने इस बिक्री के लिए 'फ्लोर प्राइस' (न्यूनतम कीमत) 91 रुपये प्रति शेयर तय की है। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले कारोबारी सत्र यानी मंगलवार को बाजार बंद होने पर IRFC का शेयर 98.37 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। इसका सीधा मतलब यह है कि सरकार आम निवेशकों को मौजूदा बाजार भाव (Market Price) से करीब 7.5% के आकर्षक डिस्काउंट यानी सस्ते दाम पर शेयर ऑफर कर रही है। इस पूरी प्रक्रिया के तहत कुल 26.13 करोड़ शेयर बेचे जाने की उम्मीद है, जिससे सरकारी खजाने में 2,300 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि आएगी।क्यों जरूरी है सरकार के लिए यह कदम?'ऑफर फॉर सेल' (OFS) एक ऐसा आसान जरिया है जिसके तहत किसी भी लिस्टेड कंपनी के प्रमोटर (इस मामले में भारत सरकार) स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से सीधे अपनी हिस्सेदारी आम और संस्थागत निवेशकों को बेच सकते हैं। इससे पहले भी सरकार ने आईआरएफसी में अपनी 4 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की कोशिश की थी, लेकिन उस दौरान बाजार की परिस्थितियों के चलते केवल 1.71 फीसदी शेयर ही बिक पाए थे।वर्तमान में इस कंपनी के भीतर सरकार की कुल हिस्सेदारी 84.65 फीसदी है। दरअसल, केंद्र सरकार ने इस चालू वित्तीय वर्ष (FY27) के बजट में विनिवेश (Disinvestment Target) के जरिए कुल 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का एक बड़ा लक्ष्य रखा है। आईआरएफसी में हिस्सेदारी बेचने का यह हालिया कदम इसी बड़े टारगेट को पूरा करने की कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:47 am

Nirjala Ekadashi 2026: जून में इस तारीख को है निर्जला एकादशी, जानें भीमसेन से जुड़ी यह अनोखी कथा

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का बहुत बड़ा महत्व माना जाता है, लेकिन ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष में आने वाली निर्जला एकादशी की बात ही कुछ अलग है। इस व्रत को साल की सभी 24 एकादशियों में सबसे कठिन और पवित्र माना गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि जब उत्तर भारत सहित पूरे देश में भीषण गर्मी पड़ती है, उस दौरान श्रद्धालु पूरे 24 घंटों के लिए अन्न के साथ-साथ पानी की एक बूंद का भी त्याग कर देते हैं। भगवान विष्णु के भक्त पूरी श्रद्धा के साथ इस कठिन नियम का पालन करते हैं। धार्मिक ग्रंथों में इसे भीमसेनी एकादशी के नाम से भी पुकारा जाता है।जानिए साल 2026 में कब रखा जाएगा निर्जला एकादशी का व्रतअगर आप इस साल निर्जला एकादशी के व्रत की सही तारीख को लेकर उलझन में हैं, तो पंचांग की गणना को समझना जरूरी है। इस साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 24 जून, बुधवार की शाम को 6 बजकर 13 मिनट पर हो रही है। यह तिथि अगले दिन यानी 25 जून, गुरुवार को शाम 8 बजकर 10 मिनट तक रहेगी। सनातन धर्म में उदया तिथि यानी सूर्योदय के समय मौजूद तिथि को ही व्रत के लिए मुख्य माना जाता है। इसलिए उदया तिथि के नियम के अनुसार, इस साल निर्जला एकादशी का मुख्य व्रत 25 जून को ही रखा जाएगा। इसके बाद अगले दिन द्वादशी तिथि में व्रत का पारण किया जाएगा।आखिर क्यों इस व्रत को माना जाता है सभी एकादशियों में श्रेष्ठपद्म पुराण में इस विशेष व्रत की महिमा का बहुत ही सुंदर वर्णन मिलता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन श्रद्धा पूर्वक विष्णु जी की पूजा करने और जल का नियम निभाने वाले इंसान के बड़े से बड़े पाप भी कट जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन किए गए पवित्र नदी के स्नान, दान-पुण्य और मंत्रों के जाप का फल कभी खत्म नहीं होता। मान्यता है कि अगर कोई इंसान पूरे साल की बाकी एकादशियों का व्रत किसी कारणवश नहीं रख पाता है, तो वह केवल इस एक एकादशी का उपवास रखकर साल भर की सभी एकादशियों के बराबर पुण्य फल हासिल कर सकता है।जब भीमसेन की भूख के कारण शुरू हुआ यह महाव्रतइस एकादशी को भीमसेनी एकादशी कहे जाने के पीछे एक बेहद दिलचस्प पौराणिक कथा है। पद्म पुराण के मुताबिक, एक बार पांचों पांडवों में से भीमसेन ने महर्षि वेद व्यासजी के सामने अपनी एक बड़ी व्यावहारिक समस्या रखी। भीमसेन ने कहा कि उनके उदर यानी पेट में 'वृक' नाम की एक ऐसी अग्नि हमेशा जलती रहती है, जिसकी वजह से उन्हें हर समय तेज भूख लगती है। वह भूखे नहीं रह सकते, इसलिए उन्होंने आज तक जीवन में कोई व्रत नहीं किया है। उन्होंने व्यासजी से गुहार लगाई कि मुझे कोई ऐसा एक व्रत बताइए, जिसे साल में सिर्फ एक बार करने से ही मेरा उद्धार हो जाए और मुझे स्वर्ग लोक मिल सके।तब महर्षि वेद व्यासजी ने भीमसेन की परेशानी को समझते हुए उन्हें ज्येष्ठ मास की इस शुक्ल पक्ष एकादशी को बिना पानी पिए यानी निर्जल रहकर व्रत करने की सलाह दी। व्यासजी ने समझाया कि यह साल का सबसे गर्म महीना होता है और इसमें बिना पानी के रहना बहुत मुश्किल है, लेकिन अगर तुम यह कठिन तपस्या कर लेते हो, तो तुम्हें साल भर की सभी एकादशियों के व्रत का पुण्य एक बार में ही मिल जाएगा। व्यासजी के कहने पर भीम ने यह व्रत पूरी निष्ठा से किया, जिसके बाद से इसे भीमसेनी एकादशी भी कहा जाने लगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:35 am

Gold and Silver Rates Today: सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, दिल्ली-मुंबई समेत १० बड़े शहरों में गोल्ड के ताजा रेट जारी

वैश्विक कमोडिटी बाजार (Global Commodity Market) में मचे उथल-पुथल का सीधा असर भारतीय सराफा बाजार पर देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी डॉलर की रिकॉर्ड मजबूती और बॉन्ड यील्ड में उछाल के चलते कीमती धातुओं पर मंदी का दबाव गहरा गया है। आज, २४ जून २०२६ बुधवार की सुबह देश के प्रमुख शहरों में सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।इससे ठीक एक दिन पहले दिल्ली के हाजिर सराफा बाजार में ९९.९ प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में ३,००० रुपये या लगभग २ प्रतिशत का जोरदार क्रैश देखा गया था, जिसके बाद आज भी बाजार लाल निशान के साथ खुला है।अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना और चांदी का हालविदेशी बाजारों में बिकवाली के हावी होने के कारण कीमती धातुओं के दाम रिकॉर्ड स्तरों से काफी नीचे आ चुके हैं:स्पॉट गोल्ड (Spot Gold): अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना फिसलकर ४,१२१.१० डॉलर प्रति औंस (१ औंस = २८.३५ ग्राम) के स्तर पर कारोबार कर रहा है।स्पॉट सिल्वर (Spot Silver): वैश्विक बाजार में हाजिर चांदी की कीमत भी टूटकर ६२.२७ डॉलर प्रति औंस पर टिकी हुई है, जिससे डोमेस्टिक मार्केट में भी चांदी की चमक फीकी पड़ गई है।आपके शहर में आज का गोल्ड रेट: दिल्ली, मुंबई और लखनऊ के लेटेस्ट भावटैक्स और स्थानीय सराफा एसोसिएशन के नियमों के कारण देश के अलग-अलग राज्यों में सोने के रेट में मामूली अंतर होता है। आज २४ जून २०२६ को भारत के १० प्रमुख शहरों में २२ कैरेट और २४ कैरेट सोने की कीमतें (प्रति १० ग्राम) इस प्रकार हैं:शहर का नाम२२ कैरेट सोने का भाव (₹/१० ग्राम)२४ कैरेट सोने का भाव (₹/१० ग्राम)दिल्ली (Delhi)१,३२,६९०१,४४,७४०जयपुर (Jaipur)१,३२,६९०१,४४,७४०लखनऊ (Lucknow)१,३२,६९०१,४४,७४०चंडीगढ़ (Chandigarh)१,३२,६९०१,४४,७४०चेन्नई (Chennai)१,३५,५९०१,४७,९२०अहमदाबाद (Ahmedabad)१,३२,५९०१,४४,६४०भोपाल (Bhopal)१,३२,५९०१,४४,६४०मुंबई (Mumbai)१,३२,५४०१,४४,५९०कोलकाता (Kolkata)१,३२,५४०१,४४,५९०हैदराबाद (Hyderabad)१,३२,५४०१,४४,५९०चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट: जानें नया रेटसोने के नक्शेकदम पर चलते हुए औद्योगिक और चमकीली धातु चांदी की कीमतों में भी मंदी का दौर जारी है। देश के प्रमुख शहरों के सराफा बाजारों में आज चांदी की कीमत घटकर २,४४,९०० रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर इंडेक्स $१०० के ऊपर बना रहेगा और औद्योगिक मांग में कूटनीतिक सुधार नहीं होगा, तब तक चांदी पर यह दबाव देखा जा सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:31 am

पुणे में इंदौर से भी ज्यादा खौफनाक हत्या, सिया ने ही बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर की थी मंगेतर केतन की हत्या

पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में बेहद चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। मृतक केतन के पिता ने बताया कि यह हत्या एक खौफनाक और सोची-समझी साजिश थी। 18 मई को खाई में धक्का देकर मारने से चार दिन पहले यानी 14 जून को भी सिया ने केतन की जान लेने का पूरा ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 9:31 am

Delhi Weather Update: दिल्ली में ९१ किमी/घंटे की आंधी के बाद तापमान १४.९°C तक लुढ़का, आज भी बारिश-तूफान का यलो अलर्ट

देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर (Delhi-NCR) के निवासियों को पिछले कई हफ्तों से जारी भीषण और जानलेवा लू (Heatwave) से आखिरकार बड़ी राहत मिल गई है। मंगलवार दोपहर दिल्ली के मौसम में आए अचानक और कूटनीतिक बदलाव के बाद धूल भरी तेज आंधी और झमाझम बारिश ने पूरी दिल्ली को सराबोर कर दिया।भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज, २४ जून २०२६ बुधवार के लिए भी दिल्ली में 'यलो अलर्ट' जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आज दोपहर और शाम के व्यस्त समय (Peak Hours) के दौरान दिल्ली के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज आंधी आने और बारिश होने की प्रबल संभावना है।पालम में ९१ किमी/घंटे का तूफान, अयानगर में सबसे ज्यादा गिरा पारामंगलवार दोपहर दिल्ली में आए तूफान की तीव्रता इतनी भयानक थी कि हवाओं की रफ्तार ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। आईएमडी (IMD) के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक:तूफान की रफ्तार: दिल्ली के पालम इलाके में दोपहर करीब २:३० बजे सबसे तेज ९१ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलीं। इसके अलावा पूसा में ८५ किमी/घंटा और मुख्य सफदरजंग वेदर स्टेशन पर ५२ किमी/घंटे की स्पीड से आंधी दर्ज की गई।तापमान में ऐतिहासिक गिरावट: इस अंधड़ और बारिश के कारण दिल्ली के तापमान में भारी और चौंकाने वाली गिरावट आई। अयानगर में सबसे ज्यादा १४.९C पारा लुढ़क गया, जिससे दोपहर का तापमान ४०.६C से सीधे गिरकर २५.७C पर आ गया। इसके साथ ही पालम में १०C, जफरपुर में ११.६C और मुख्य सफदरजंग में तापमान करीब ७C तक कम दर्ज किया गया।आज कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम? (तापमान और हवाओं का पूर्वानुमान)मौसम विभाग का कहना है कि मंगलवार की आंधी के बाद दिल्ली के वायुमंडल में नमी बढ़ गई है, जिससे आज भी आंधी-तूफान बनने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।अधिकतम और न्यूनतम तापमान: बुधवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान ३९C से ४१C के बीच रहने का अनुमान है, जिससे चिलचिलाती गर्मी कंट्रोल में रहेगी। वहीं न्यूनतम तापमान २४C से २६C के बीच दर्ज किया जा सकता है।बादलों की आवाजाही: दिनभर आसमान में आंशिक रूप से बादल (Partly Cloudy Sky) छाए रहेंगे। पश्चिमी दिशा से १५ से २५ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी और तेज हवाएं चल सकती हैं।दोपहर और शाम को घर से बाहर निकलते समय रहें सावधानमौसम वैज्ञानिकों ने संकेत दिए हैं कि हालांकि आज मंगलवार जितना भयंकर रूप देखने को नहीं मिलेगा, लेकिन दोपहर के बाद और शाम के समय दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में अचानक तेज आंधी के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।यात्रियों के लिए सलाह:शाम को ऑफिस से घर लौटते समय या व्यस्त ट्रैफिक के दौरान मौसम में अचानक बदलाव होने की सबसे ज्यादा संभावना है। ऐसे में वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे तेज हवाओं के दौरान पेड़ों और कमजोर होर्डिंग्स के नीचे खड़े होने से बचें और बीएमसी या स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:27 am

World Rainforest Day 2026: भारत के 7 सबसे घने और जादुई वर्षावन, जहाँ मिलता है असली जंगल एडवेंचर और सुकून

प्रकृति प्रेमियों और रोमांच के शौकीनों के लिए 'वर्ल्ड रेनफॉरेस्ट डे' (विश्व वर्षावन दिवस) अपने भीतर के घुमक्कड़ को जगाने का एक बेहतरीन मौका है। भारत अपनी विविध भौगोलिक संरचनाओं के कारण कई ऐसे अद्भुत और घने वर्षावनों (Rainforests) का घर है, जिनकी हरियाली, वन्यजीव (Wildlife) और अनछुए रास्ते आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाते हैं।यदि आप भी कंक्रीट के जंगलों और शहरों की भागदौड़ से दूर असली प्रकृति, एडवेंचर और शांति का अनुभव करना चाहते हैं, तो भारत के ये 7 सबसे शानदार फॉरेस्ट गेटवे आपके लिए एक परफेक्ट वीकेंड या लॉन्ग ट्रिप का विकल्प बन सकते हैं। आइए जानते हैं इन जादुई जंगलों की खासियत, पहुँचने का तरीका और बजट।1. साइलेंट वैली नेशनल पार्क (Silent Valley National Park), केरलनीलगिरी की पहाड़ियों में स्थित साइलेंट वैली नेशनल पार्क को भारत के सबसे प्राचीन और अनछुए सदाबहार वनों (Evergreen Forests) में गिना जाता है।खासियत: जैसा कि नाम से ही साफ है, यह जंगल अपनी असीम शांति के लिए जाना जाता है। यहाँ पाए जाने वाले दुर्लभ 'लॉयन-टेल्ड मकाक' (शेर जैसी पूंछ वाले बंदर) को देखने दुनिया भर से लोग आते हैं।कैसे पहुँचें: आप कोयम्बटूर या पलक्कड़ से सड़क मार्ग द्वारा आसानी से यहाँ पहुँच सकते हैं। यहाँ ट्रैकिंग का अनुभव बेहद जादुई होता है।2. पेरियार नेशनल पार्क (Periyar National Park), थेक्कडी, केरलयदि आप एक ऐसा जंगल टूर चाहते हैं जो पूरी तरह से टूरिस्ट-फ्रेंडली हो और जहाँ एडवेंचर के साथ-साथ आराम भी मिले, तो थेक्कडी स्थित पेरियार आपके लिए बेस्ट है।मुख्य आकर्षण: यहाँ की लेक बोट सफारी (Lake Boat Safari) सबसे बड़ा अट्रैक्शन है, जहाँ बोटिंग करते हुए हाथियों के झुंड, बायसन और अन्य जंगली जानवरों को पानी पीते हुए बेहद करीब से देखा जा सकता है।यात्रा और बजट: कोच्चि (Kochi) से सड़क मार्ग द्वारा लगभग 4-5 घंटे का सफर तय करके आप यहाँ पहुँच सकते हैं। यहाँ बेहतरीन इको-रिसॉर्ट्स और होमस्टे उपलब्ध हैं। प्रतिदिन का खर्च लगभग ₹2,000 से ₹5,000 तक आता है।3. अगुम्बे (Agumbe), कर्नाटक: दक्षिण का चेरापूंजीपश्चिमी घाट की गोद में बसे अगुम्बे को भारत का चेरापूंजी ऑफ साउथ भी कहा जाता है। अत्यधिक बारिश के कारण यहाँ एक रहस्यमयी और घना क्लाउड फॉरेस्ट (Cloud Forest) विकसित हुआ है।रोमांच की वजह: यह जगह दुनिया भर में 'किंग कोबरा' रिसर्च सेंटर और घने जंगलों के बीच ट्रेकिंग के लिए मशहूर है। मानसून के समय यहाँ के झरने और धुंध से ढकी पहाड़ियाँ देखने लायक होती हैं।यात्रा और बजट: मैंगलोर या उडुपी से सड़क मार्ग द्वारा अगुम्बे आसानी से पहुँचा जा सकता है। छोटे और पारंपरिक होमस्टे के कारण यह ट्रिप काफी बजट-फ्रेंडली रहती है, जहाँ प्रतिदिन का खर्च मात्र ₹1,500 से ₹3,000 तक आता है।4. वायनाड (Wayanad), केरलवायनाड आराम और एडवेंचर का एक बेहतरीन संतुलन पेश करता है। यह इलाका अपने धुंध से ढके पहाड़ों, प्राचीन गुफाओं और मसालों के बागानों के लिए जाना जाता है।खासियत: यहाँ आप घने जंगलों के बीच स्थित झरनों (Waterfalls), एडक्कल गुफाओं (Edakkal Caves) को एक्सप्लोर कर सकते हैं और स्पाइस प्लांटेशन रिसॉर्ट्स में ठहरने का अनूठा आनंद ले सकते हैं।यात्रा और बजट: कोझिकोड (Kozhikode) से मात्र 3 घंटे का सफर तय करके आप वायनाड पहुँच सकते हैं। यहाँ ठहरने और घूमने का दैनिक खर्च ₹2,000 से ₹4,500 के बीच बैठता है।5. दिहिंग पटकाई नेशनल पार्क (Dehing Patkai), असम: पूर्व का अमेजनपूर्वोत्तर भारत के असम में स्थित दिहिंग पटकाई को पूर्व का अमेजन (Amazon of the East) कहा जाता है। यह भारत का एकमात्र ऐसा तराई क्षेत्र का वर्षावन है जो अविश्वसनीय बायोडायवर्सिटी से समृद्ध है।वाइल्डलाइफ: यहाँ हॉर्नबिल पक्षी, एशियाई हाथी, और कई दुर्लभ प्रजाति के जीव-जंतु पाए जाते हैं। स्थानीय असमिया होमस्टे और वहाँ का पारंपरिक भोजन इस यात्रा के अनुभव को और भी प्रामाणिक बना देता है।यात्रा और बजट: डिब्रूगढ़ (Dibrugarh) से आप आसानी से इस नेशनल पार्क तक पहुँच सकते हैं। यहाँ ट्राइबल कल्चर को करीब से देखने का मौका भी मिलता है। यहाँ का प्रतिदिन का औसत बजट ₹2,500 से ₹5,000 तक रहता है।6. नामदफा नेशनल पार्क (Namdapha), अरुणाचल प्रदेशयदि आप बेहद रिमोट, अनछुए और असली खतरनाक जंगल का अनुभव करना चाहते हैं, तो नामदफा से बेहतर कोई जगह नहीं है। यह भारत के सबसे बड़े और सबसे ऊँचे राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है।रोमांच: यहाँ की घनी वनस्पतियों के बीच 'बिग कैट्स' (बाघ, तेंदुआ, क्लाउडेड लेपर्ड और स्नो लेपर्ड) का वास है। यहाँ के अनछुए ट्रेल्स और बेसिक कैंपिंग सुविधाएं आपको आदिम काल के जंगलों का अहसास कराती हैं।यात्रा और बजट: असम के तिनसुकिया या डिब्रूगढ़ से यहाँ के लिए यात्रा शुरू की जा सकती है। यहाँ पहुँचना और सफर थोड़ा कठिन है, लेकिन एडवेंचर लाजवाब है। यहाँ प्रतिदिन का खर्च ₹3,000 से ₹7,000 तक हो सकता है।7. ग्रेट निकोबार बायोस्फीयर रिजर्व, अंडमान और निकोबारयह भारत का सबसे विशिष्ट और एक्सक्लूसिव रेनफॉरेस्ट डेस्टिनेशन है, जहाँ आपको घने उष्णकटिबंधीय वर्षावन (Tropical Rainforest) और विशाल नीले समुद्र का एक साथ अद्भुत कॉम्बिनेशन देखने को मिलता है।खासियत: यह रिजर्व अपनी अनूठी द्वीप-पारिस्थितिकी (Island Ecosystem) और विशालकाय लेदरबैक कछुओं के लिए जाना जाता है।नियम और बजट: इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए यहाँ जाने के लिए सरकार से विशेष परमिट (Permit) लेना अनिवार्य होता है। यहाँ यात्रा और ठहरने का खर्च थोड़ा प्रीमियम श्रेणी में आता है, जो प्रतिदिन ₹5,000 से ₹12,000 तक जा सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:26 am

Budh Gochar 2026: ग्रहों के राजकुमार बुध का कर्क राशि में महागोचर, इन 5 राशि वालों की चमकेगी किस्मत, खुलेगा धन का पिटारा

ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को 'ग्रहों का राजकुमार' कहा जाता है। नवग्रहों में बुध को बुद्धि, तर्क, वाणी, संचार, शिक्षा और व्यापार का मुख्य कारक माना जाता है। जिस जातक की कुंडली में बुध मजबूत स्थिति में होते हैं, वह व्यक्ति अपनी तीक्ष्ण बुद्धि, हाजिरजवाबी और बेहतरीन बिजनेस सेंस से समाज में एक अलग मुकाम हासिल करता है। बुध मुख्य रूप से मिथुन और कन्या राशि के स्वामी हैं। यह कन्या राशि में होने पर उच्च के और मीन राशि में होने पर नीच के माने जाते हैं।ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 22 जून 2026 की दोपहर 3 बजकर 41 मिनट पर बुध ग्रह ने मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश कर लिया है। बुध का यह राशि परिवर्तन देश-दुनिया सहित सभी 12 राशियों के जीवन को गहरे से प्रभावित करेगा। विशेष रूप से 5 भाग्यशाली राशियां ऐसी हैं, जिनकी किस्मत इस गोचर से पूरी तरह चमकने वाली है।दिल और दिमाग का अनूठा संगम कराएगा यह गोचरकर्क एक बेहद भावुक और जल तत्व की राशि है। जब बुद्धि के देवता बुध इस राशि में आते हैं, तो जातक की तार्किक सोच और भावनाओं के बीच एक अनूठा संतुलन बनता है। इस दौरान लोग केवल दिमाग से नहीं बल्कि दिल से भी फैसले लेते हैं। पारिवारिक रिश्तों में घनिष्ठता और आपसी प्रेम बढ़ेगा, हालांकि अत्यधिक भावुकता में आकर कोई भी बड़ा व्यापारिक या आर्थिक फैसला लेने से बचना चाहिए।इन 5 राशियों की लगेगी लॉटरी, करियर और बिजनेस में मिलेगा बंपर लाभ1. मिथुन राशि (Gemini)बुध मिथुन राशि के ही स्वामी हैं, इसलिए इनका यह गोचर आपके लिए अत्यंत कल्याणकारी रहेगा। कर्क राशि में पहले से मौजूद गुरु और शुक्र के साथ बुध का यह संबंध आपके ज्ञान और बुद्धि के नए द्वार खोलेगा।मुख्य लाभ: लंबे समय से रुके हुए सरकारी और गैर-सरकारी काम तेजी से पूरे होंगे। नौकरीपेशा जातकों को कार्यक्षेत्र में अधिकारियों से प्रशंसा और इंक्रीमेंट मिल सकता है।छात्रों के लिए: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह समय स्वर्णिम साबित होगा, एकाग्रता बढ़ेगी।2. कर्क राशि (Cancer)कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं। आपकी ही राशि में तीन बड़े ग्रहों (बुध, गुरु और शुक्र) का अद्भुत समावेश होने जा रहा है, जो आपके लिए धन वर्षा के योग बना रहा है।व्यापार में मुनाफा: जो जातक जल से जुड़े काम, कॉस्मेटिक्स, ब्यूटी पार्लर, सैलून या कलात्मक क्षेत्रों से जुड़े हैं, उनके मुनाफे में भारी बढ़ोतरी होगी। परिवार में सुख-शांति रहेगी।सलाह: आर्थिक रूप से समय जितना मजबूत है, स्वास्थ्य के मोर्चे पर आपको उतना ही सतर्क रहने की जरूरत है। खान-पान का ध्यान रखें।3. कन्या राशि (Virgo)कन्या भी बुध की अपनी राशि है। इस गोचर के प्रभाव से माँ लक्ष्मी की विशेष अनुकंपा आपके ऊपर बरसने वाली है। समाज में आपका मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी।इन क्षेत्रों को होगा फायदा: यदि आप गणित के शिक्षक हैं, ज्योतिष, कोचिंग सेंटर संचालक, लेखक, कवि, चित्रकार, संगीतकार, एडिटर, वकील, पत्रकार या किसी भी प्रकार के कूटनीतिक व न्याय संबंधी कार्य से जुड़े हैं, तो आपको करियर में एक लंबी छलांग लगाने का मौका मिलेगा।4. तुला राशि (Libra)तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं। कर्क राशि में गुरु और बुध के जुड़ाव से तुला राशि के जातकों के भौतिक सुख-साधनों में भारी विस्तार होने जा रहा है।मकान और वाहन का योग: यदि आप लंबे समय से अपना घर या नई गाड़ी खरीदने का सपना देख रहे थे, तो इस गोचर काल में आपका वह सपना पूरा हो सकता है।अविवाहितों के लिए: कुंवारे जातकों के लिए विवाह के बेहतरीन प्रस्ताव आएंगे और रिश्ते पक्के होने के प्रबल योग हैं। कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारी मिलेगी, बस बातचीत करते समय अपनी वाणी पर संयम रखें।5. मीन राशि (Pisces)मीन देवगुरु बृहस्पति की राशि है। शुक्र, बुध और गुरु के इस शुभ योग से मीन राशि के जातकों का जीवन आनंद और सुख-सुविधाओं से युक्त होने जा रहा है।रिश्तों में सुधार: बुध के शुभ प्रभाव से पुराने समय से रूठे हुए मित्र वापस आएंगे और शत्रुओं पर आप विजय प्राप्त करेंगे। परिवार में किसी बेटी या कन्या के विवाह से जुड़े मांगलिक कार्य संपन्न हो सकते हैं। यदि आपकी व्यक्तिगत कुंडली में बुध बलवान हैं, तो यह अवधि आपको मानसिक तनाव से पूरी तरह मुक्ति दिलाएगी।बुधवार के दिन करें ये विशेष दान, मजबूत होगा बुध ग्रहयदि आपकी कुंडली में बुध कमजोर स्थिति में हैं या आपको व्यापार-शिक्षा में रुकावटों का सामना करना पड़ रहा है, तो बुध के गोचर काल के दौरान बुधवार के दिन निम्नलिखित वस्तुओं का दान जरूर करें:कांसे के बर्तन या पात्र।पढ़ने-लिखने की सामग्री (स्टेशनरी का सामान) गरीब बच्चों को बांटें।हरे रंग के वस्त्र और हरी पत्तेदार सब्जियां या साबुत मूंग की दाल का दान करें।पन्ना या हरे रंग का कोई भी पत्थर धारण करना या दान करना भी शुभ फल देता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:24 am

Petrol Diesel Price Today: देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, जानें आज आपके शहर में क्या है ईंधन का भाव

हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की नई किरणों से नहीं, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है। रोजमर्रा की जिंदगी में दफ्तर जाने वाले नौकरीपेशा से लेकर फल-सब्जी और राशन पहुंचाने वाले व्यापारियों तक, हर किसी की जेब पर ईंधन की कीमतों का सीधा असर पड़ता है।वैश्विक बाजार में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के चलते होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही सामान्य हो गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड के दाम गिरकर $७७ प्रति बैरल से नीचे आ चुके हैं। इसके बावजूद घरेलू बाजार में तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज, २४ जून २०२६ को भी कीमतों में कोई बड़ा फेरबदल नहीं किया है। देश की प्रमुख तेल कंपनियों द्वारा हर सुबह ६ बजे जारी होने वाले ईंधन के ताजा भाव नीचे दिए गए हैं।मेट्रो शहरों में ईंधन का ताजा भाव: मुंबई में पेट्रोल ₹१११ पारदेश के चारों महानगरों में टैक्स दरों के अलग-अलग होने के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ा अंतर देखने को मिलता है। आज के लेटेस्ट रेट इस प्रकार हैं:नई दिल्ली: देश की राजधानी में पेट्रोल ₹१०२.१२ प्रति लीटर और डीजल ₹८३.०९ प्रति लीटर पर स्थिर है।मुंबई: मायानगरी में ईंधन सबसे महंगा है, यहाँ पेट्रोल ₹१११.१८ प्रति लीटर और डीजल ₹८६.०० प्रति लीटर बिक रहा है।कोलकाता: यहाँ एक लीटर पेट्रोल की कीमत ₹११३.४७ और डीजल की कीमत ₹९३.५० दर्ज की गई है।चेन्नई: तमिलनाडु की राजधानी में पेट्रोल का भाव ₹१०७.७७ प्रति लीटर और डीजल ₹९१.५० प्रति लीटर है।उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के शहरों का हालदिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक इलाकों और राजधानी लखनऊ में आज कीमतें कुछ इस प्रकार बनी हुई हैं:नोएडा: गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) में आज पेट्रोल ₹१०२.१२ प्रति लीटर और डीजल ₹९१.७० प्रति लीटर की दर से मिल रहा है।लखनऊ: नवाबों के शहर लखनऊ में पेट्रोल का रेट ₹१०२.०५ प्रति लीटर और डीजल का भाव ₹९५.७५ प्रति लीटर है।२४ जून २०२६: देश के अन्य बड़े शहरों के ताजा रेट्सयदि आप देश के अन्य राज्यों या शहरों के भाव चेक करना चाहते हैं, तो आज की लिस्ट नीचे दी गई है:शहर का नामपेट्रोल का भाव (प्रति लीटर)डीजल का भाव (प्रति लीटर)हैदराबाद₹११५.६९₹९७.००तिरुवनंतपुरम₹११५.४९(स्थानीय दरों के अधीन)पटना₹११३.३५(स्थानीय दरों के अधीन)जयपुर₹११२.६६₹९०.९१बेंगलुरु₹११०.९३₹९०.००भुवनेश्वर₹१०९.९२(स्थानीय दरों के अधीन)गुरुग्राम₹१०२.७७₹९१.७०चंडीगढ़₹९eight.१०(स्थानीय दरों के अधीन)पुणे(स्थानीय दरों के अधीन)₹९२.५०अहमदाबाद(स्थानीय दरों के अधीन)₹८२.२५पिछले दो साल से क्यों स्थिर बनी हुई हैं कीमतें?भारतीय ईंधन बाजार में मई २०२२ के बाद से एक अनोखी स्थिरता बनी हुई है। उस समय केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारों द्वारा आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए एक्साइज ड्यूटी और वैट (VAT) में भारी कटौती की गई थी। हालांकि इस दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कई उतार-चढ़ाव आए (जैसे हालिया अमेरिका-ईरान तनाव और शांति वार्ता), लेकिन भारतीय तेल कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कीमतों को तुलनात्मक रूप से स्थिर बनाए रखा है।कैसे तय होती है आपके शहर में ईंधन की कीमत?खुदरा बाजार में पेट्रोल-डीजल की अंतिम कीमत मुख्य रूप से इन ५ बड़े कारकों पर निर्भर करती है:कच्चे तेल (Crude Oil) की अंतरराष्ट्रीय कीमत: चूंकि पेट्रोल-डीजल कच्चे तेल से ही रिफाइंड होते हैं, इसलिए वैश्विक बाजार की मंदी-तेजी का असर सीधे भारत पर पड़ता है।डॉलर के मुकाबले रुपया: भारत अपनी जरूरत का ८०% से ज्यादा कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है और इसका भुगतान डॉलर में होता है। रुपया कमजोर होने पर आयात महंगा हो जाता है।सरकारी टैक्स (Tax & Duty): केंद्र सरकार का एक्साइज शुल्क और राज्य सरकारों का वैट (VAT) मिलकर ईंधन के खुदरा मूल्य का लगभग आधा हिस्सा तय करते हैं। यही वजह है कि अलग-अलग राज्यों में रेट अलग होते हैं।रिफाइनिंग की लागत: कच्चे तेल को कारखानों में लाकर इस्तेमाल योग्य पेट्रोल-डीजल में बदलने का प्रोसेसिंग खर्च भी इसमें जोड़ा जाता है।मांग और आपूर्ति (Demand & Supply): त्योहारों, खेती के सीजन या अत्यधिक गर्मी और सर्दी में जब ईंधन की खपत बढ़ती है, तो बाजार के समीकरणों पर इसका प्रभाव पड़ता है।घर बैठे सिर्फ एक SMS से जानें अपने शहर का ताजा भावयदि आपके शहर का नाम ऊपर दी गई सूची में नहीं है, तो आप अपने मोबाइल से एक साधारण एसएमएस भेजकर सीधे तेल कंपनियों से ताजा रेट्स की जानकारी मंगा सकते हैं:Indian Oil (IOCL) के लिए: अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में RSP अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे 9224992249 पर भेज दें।Bharat Petroleum (BPCL) के लिए: मैसेज बॉक्स में RSP शहर का कोड लिखकर 9223112222 पर सेंड करें।Hindustan Petroleum (HPCL) के लिए: अपने फोन से HP Price शहर का कोड लिखकर 9222201122 पर एसएमएस करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:23 am

मुंबई में रात भर आफत की बरसात: मानसून की पहली ही बारिश ने थामी अंधेरी सबवे की रफ्तार, पालघर तक रेड अलर्ट जारी

मुंबई और इसके आसपास के इलाकों (MMR) में आखिरकार मानसून ने अपनी जोरदार उपस्थिति दर्ज करा दी है। बुधवार की सुबह मुंबईकरों के लिए भारी बारिश, कड़कती बिजली और तेज हवाओं के शोर के साथ हुई। रात भर हुई मूसलाधार बरसात के कारण शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे दफ्तर और काम पर निकलने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मानसून के इस आक्रामक रुख को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) बेहद सतर्क है और पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।तड़के ४ बजे जारी हुआ रेड अलर्ट, फिर बदला ऑरेंज मेंमौसम की गंभीरता को देखते हुए आईएमडी (IMD) ने बुधवार सुबह तड़के ४ बजे मुंबई और पड़ोसी जिले पालघर के लिए ३ घंटे का 'रेड अलर्ट' जारी किया था। इस दौरान ४० से ६० किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली चमकने और अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई थी। इसके बाद सुबह ७ बजे स्थिति की समीक्षा करते हुए मौसम विभाग ने इसे अगले तीन घंटों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' में तब्दील कर दिया। इस ऑरेंज अलर्ट के तहत मुंबई, ठाणे, रायगढ़, पालघर और सिंधुदुर्ग में मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान जताया गया है।१३ दिन की देरी से पहुंचा मानसून, गर्मी से मिली बड़ी राहतलंबे समय से उमस और चिलचिलाती गर्मी झेल रहे मुंबईकरों के लिए राहत की खबर यह रही कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मंगलवार को आधिकारिक रूप से मुंबई में दस्तक दे दी। हालांकि, इस बार मानसून अपनी सामान्य निर्धारित तिथि से १३ दिन की देरी से पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून अब मध्य अरब सागर के बचे हुए हिस्सों, मुंबई समेत महाराष्ट्र के अधिकांश इलाकों, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ चुका है।क्या है मुंबई में मानसून की देरी का इतिहास?मुंबई में आमतौर पर मानसून के आगमन की सामान्य तारीख १० जून मानी जाती है। मौसम विभाग (IMD) के ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले साल यानी २०२३ में मानसून और भी ज्यादा देरी से २५ जून को मुंबई पहुंचा था। वहीं, मुंबई के इतिहास में सबसे ज्यादा देरी साल १९७४ और १९५८ में दर्ज की गई थी, जब मानसूनी बादलों ने २८ जून को मायानगरी में प्रवेश किया था।अंधेरी सबवे हुआ बंद, लोकल ट्रेन और बेस्ट बसें फिलहाल सामान्यबृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) द्वारा जारी ताजा अपडेट के अनुसार, रात भर हुई भारी बारिश और जलभराव (Waterlogging) के कारण बुधवार सुबह एहतियातन अंधेरी सबवे को ट्रैफिक के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे विले पार्ले और अंधेरी के बीच यातायात प्रभावित हुआ है। हालांकि, मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली सबअर्बन लोकल ट्रेन सेवाएं (Central, Western, Harbour Line) और बेस्ट (BEST) बसें बिना किसी बड़े व्यवधान के सामान्य रूप से चल रही हैं। मुख्य सड़कों पर जलभराव के कारण कुछ जगहों पर ट्रैफिक धीमा जरूर हुआ है।सेंट्रल मुंबई के नायर अस्पताल में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिशबीएमसी (BMC) के रेन गेज आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार सुबह ८ बजे से शाम ७ बजे के बीच सबसे ज्यादा बारिश सेंट्रल मुंबई के नायर हॉस्पिटल इलाके में ७८.९६ मिलीमीटर दर्ज की गई। इसके अलावा एनएम जोशी मार्ग-लोअर परेल में ७८.४ मिमी और परेल टीटी में ७२.६३ मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। वहीं पश्चिमी उपनगरों में मलाड बस डिपो में ६१.८ मिमी और पूर्वी उपनगर मानखुर्द के महाराष्ट्रनगर में ५१.२ मिमी पानी बरसा।क्या आज मुंबई में स्कूल-कॉलेज बंद हैं?भारी बारिश और शुरुआती रेड अलर्ट के बाद अभिभावकों और छात्रों के बीच स्कूलों की छुट्टी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बीएमसी और जिला प्रशासन की ओर से आज बुधवार को स्कूल और कॉलेजों को बंद रखने की कोई भी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल सभी शिक्षण संस्थान खुले हैं, लेकिन प्रशासन ने सभी को सलाह दी है कि वे सोशल मीडिया और आधिकारिक माध्यमों से आने वाली बीएमसी की गाइडलाइंस पर लगातार नजर बनाए रखें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:20 am

अमेरिका-ईरान शांति वार्ता से कच्चे तेल में फिसलन: युद्ध के पीक से ३३% से ज्यादा टूटे दाम, होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग सामान्य

वैश्विक ऊर्जा बाजार (Global Energy Market) से एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक कोशिशों और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही सामान्य होने के चलते कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। बुधवार, २४ जून २०२६ को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम और ज्यादा फिसल गए।फरवरी के अंत में शुरू हुए इस बड़े सैन्य संघर्ष के दौरान कच्चा तेल जिस रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था, वहां से अब इसकी कीमतों में एक-तिहाई (३३% से अधिक) की भारी गिरावट आ चुकी है।कच्चे तेल का ताजा भाव: ब्रेंट क्रूड $७६ और WTI $७२ के करीब फिसलावैश्विक बाजारों में दोनों प्रमुख बेंचमार्क फ्यूचर्स लाल निशान (Negative Zone) में कारोबार कर रहे हैं:ब्रेंट क्रूड (Brent Crude): अंतरराष्ट्रीय मानक माना जाने वाला अगस्त डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स पिछले सत्र में १.१% टूटने के बाद आज फिर ०.४५% गिरकर $७६.७३ प्रति बैरल पर आ गया है।यूएस डब्ल्यूटीआई (WTI Crude): अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड फ्यूचर्स भी आज ०.४८% की गिरावट के साथ $७२.८६ प्रति बैरल पर ट्रेंड कर रहा है।तेल की कीमतों में गिरावट के ४ मुख्य कारण (Global Developments)वैश्विक कमोडिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, तेल की कीमतों पर दबाव और आपूर्ति (Supply) बढ़ने के पीछे निम्नलिखित चार बड़े कूटनीतिक और रणनीतिक घटनाक्रम जिम्मेदार हैं:१. अमेरिका-ईरान के बीच डिप्लोमैटिक बातचीतवाशिंगटन और तेहरान के बीच फरवरी से चले आ रहे सैन्य तनाव को खत्म करने के लिए शुरुआती मोर्चे पर सकारात्मक प्रगति के संकेत मिले हैं। हालांकि यह बातचीत काफी लंबी खिंचने की उम्मीद है, लेकिन डिप्लोमैटिक प्रोसेस के तहत अमेरिका ने अस्थायी रूप से ईरानी तेल खरीदने की छूट (Waiver) दे दी है। इस छूट के मिलते ही ईरानी एक्सपोर्टर्स एक बार फिर एशिया के बड़े रिफाइनिंग देशों के साथ व्यापारिक रूप से जुड़ गए हैं, जिससे बाजार में तेल की सप्लाई बढ़ गई है।२. होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग एक्टिविटी हुई नॉर्मलदुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' से अब जहाजों और ऑयल टैंकर्स की आवाजाही पूरी तरह सामान्य हो गई है। इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइज़ेशन (IMO) को सुरक्षा का भरोसा मिलने के बाद फारस की खाड़ी में फंसे सैकड़ों जहाज सुरक्षित बाहर निकल आए हैं। जहाज मालिकों का भरोसा इतना बढ़ा है कि वे अब अपने सैटेलाइट ट्रैकिंग सिस्टम को लगातार एक्टिव रख रहे हैं।३. खाड़ी देशों ने युद्ध स्तर पर बढ़ाया प्रोडक्शनफारस की खाड़ी के प्रमुख तेल उत्पादक देश बाजार में अपना एक्सपोर्ट फिर से स्थापित करने के लिए तेजी से उत्पादन बढ़ा रहे हैं:यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE): इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के मुताबिक, यूएई ने युद्ध से पहले के अपने प्रोडक्शन लेवल का ८५% हिस्सा दोबारा हासिल कर लिया है।कुवैत और इराक: कुवैत ने तेल सप्लाई को लेकर लगाए गए अपने सभी 'फोर्स मेज्योर' (Force Majeure - आपातकालीन प्रतिबंध) उपायों को वापस ले लिया है, जबकि इराक भी लगातार उत्पादन में बढ़ोतरी कर रहा है।४. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीनेट से चुनौतीअमेरिकी घरेलू राजनीति में भी इस युद्ध को लेकर बड़ा उलटफेर हुआ है। रिपब्लिकन-कंट्रोल्ड सीनेट ने ईरान के साथ चल रही इस सैन्य लड़ाई में अमेरिकी दखल को खत्म करने के लिए एक ऐतिहासिक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हालांकि इस सिंबॉलिक (प्रतीकात्मक) कदम से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की मुख्य नीतियों में तुरंत बदलाव की उम्मीद नहीं है, लेकिन यह साफ दिखाता है कि इस मिलिट्री कैंपेन के लिए अमेरिका के भीतर राजनीतिक और घरेलू सपोर्ट बेहद सीमित है।आगे किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर?कच्चे तेल के बाजार की नजर अब इस बात पर टिकी है कि ईरान और ओमान के बीच होर्मुज स्ट्रेट के प्रशासन को कंट्रोल करने वाले नए एग्रीमेंट का क्या नतीजा निकलता है। बाजार में इस बात की मामूली चिंता जरूर है कि तेहरान इस रणनीतिक रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर अतिरिक्त ट्रांजिट चार्ज (अतिरिक्त फीस) लगा सकता है। यदि यह बातचीत भी सुलझ जाती है, तो आने वाले दिनों में भारतीय बाजारों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बड़ी राहत देखने को मिल सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:19 am

मुंबई में मॉनसून का कहर: 24 घंटे की बारिश से शहर बेहाल, रेड अलर्ट जारी; ट्रैफिक और लोकल सेवाएं प्रभावित

मुंबई में मॉनसून की भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित। दादर, बांद्रा, अंधेरी समेत कई इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और रेल सेवाओं पर असर। IMD ने जारी किया रेड अलर्ट।

देशबन्धु 24 Jun 2026 9:07 am

बागी हुए ट्रंप के सांसद, अमेरिकी सीनेट में ईरान जंग के खिलाफ प्रस्ताव पास

अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट ने ईरान जंग के खिलाफ प्रस्ताव पास किया है। 50-48 वोटों से मंजूर हुए इस प्रस्ताव में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए कहा गया है। इससे पहले हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में भी इस ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 9:07 am

पुणे में राजा रघुवंशी जैसा हत्याकांड, युवती ने प्रेमी के साथ मिलकर मंगेतर को 400 फीट गहरी खाई में फेंका, मौत

पुणे में कारोबारी केतन अग्रवाल की संदिग्ध मौत मामले में बड़ा खुलासा। मंगेतर और उसके कथित प्रेमी पर हत्या की साजिश का आरोप, पुलिस ने शुरू की गहन जांच।

देशबन्धु 24 Jun 2026 8:55 am

LIVE: अमेरिका में ट्रंप के खिलाफ सांसद, पुणे में राजा रघुवंशी जैसा कांड, नीरव मोदी लौटाएगा 100 करोड़ के हीरे

अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट ने ईरान जंग के खिलाफ प्रस्ताव पास किया है। 50-48 वोटों से मंजूर हुए इस प्रस्ताव में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए कहा गया है। इससे पहले हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में भी इस ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 8:47 am

लंदन हाईकोर्ट से नीरव मोदी को बड़ा झटका,100 करोड़ के हीरे लौटाने का आदेश, बैंक ऑफ इंडिया की बड़ी जीत

भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को ब्रिटेन की अदालत से बड़ा झटका लगा है। लंदन हाई कोर्ट ने बैंक ऑफ इंडिया के पक्ष में फैसला सुनाते हुए नीरव को बैंक का 10.7 मिलियन डॉलर यानी करीब 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज चुकाने के लिए जिम्मेदार बताया है।

वेब दुनिया 24 Jun 2026 8:33 am

PWD में बड़ी प्रशासनिक पदोन्नति : 18 अधीक्षण अभियंता बने अतिरिक्त मुख्य अभियंता (सिविल)

अजमेर के अशोक कुमार तंवर भी बने अतिरिक्त मुख्य अभियंता अजमेर। सार्वजनिक निर्माण विभाग में विभागीय पदोन्नति समिति द्वारा 18 अधीक्षण अभियंताओं को अतिरिक्त मुख्य अभियंता के पद पर पदोन्नत किया गया है। इन सभी अधीक्षण अभियंताओं (सिविल) को वरिष्ठता-सह-योग्यता के आधार पर नियमित रूप से अतिरिक्त मुख्य अभियंता (सिविल) के पद पर पदोन्नत किया […] The post PWD में बड़ी प्रशासनिक पदोन्नति : 18 अधीक्षण अभियंता बने अतिरिक्त मुख्य अभियंता (सिविल) appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jun 2026 10:56 pm

वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना : अजमेर जिले के 1 हजार 688 वरिष्ठ नागरिक करेंगे तीर्थ यात्रा

केन्द्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने निकाली लॉटरी ट्रेन से 1504 और हवाईमार्ग से 184 करेंगे यात्रा अजमेर। देवस्थान विभाग की प्रमुख योजना वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026 के तहत इस बार जिले के एक हजार 677 तीर्थयात्रियों को रेलमार्ग तथा 205 को हवाईमार्ग से विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा करवाई जाएगी। इसके लिए केन्द्रीय कृषि […] The post वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना : अजमेर जिले के 1 हजार 688 वरिष्ठ नागरिक करेंगे तीर्थ यात्रा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jun 2026 10:49 pm

ममता बनर्जी ने फिरहाद हाकिम, अरूप विश्वास, अरूप रॉय समेत आठ वरिष्ठ नेताओं को तृणमूल से निकाला

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को फिरहाद हाकिम, अरूप विश्वास, अरूप रॉय और जावेद खान सहित आठ वरिष्ठ नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। यह बड़ी कार्रवाई तृणमूल के कालीघाट गुट द्वारा इन नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के […] The post ममता बनर्जी ने फिरहाद हाकिम, अरूप विश्वास, अरूप रॉय समेत आठ वरिष्ठ नेताओं को तृणमूल से निकाला appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jun 2026 10:38 pm

पुणे के उद्योगपति के बेटे की मौत की वजह ट्रेकिंग के दौरान गिरना नहीं, बल्कि मंगेतर के प्रेमी ने दिया था धक्का

पुणे। पुणे के प्रमुख उद्योगपति के बेटे केतन अग्रवाल की ट्रेकिंग के दौरान खाई में गिरने से मौत के मामले में एक अहम खुलासा हुआ है जिसमें यह उभर कर सामने आया है कि उसकी मौत गिरने से नहीं बल्कि खाई में धकेलने के कारण हुई थी। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि […] The post पुणे के उद्योगपति के बेटे की मौत की वजह ट्रेकिंग के दौरान गिरना नहीं, बल्कि मंगेतर के प्रेमी ने दिया था धक्का appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jun 2026 10:28 pm

बीकानेर के खाजूवाला में 13 साल की बालिका के हाथ पैर बांधकर रेप

बीकानेर। राजस्थान में बीकानेर जिले के खाजूवाला थाना क्षेत्र में एक 13 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपी ने बालिका के हाथ-पैर बांधकर उससे दो बार दुष्कर्म किया। घटना के समय बालिका की मां मजदूरी पर गयी हुई थी। बालिका घर में खेल रही थी, तभी गांव का ही एक युवक […] The post बीकानेर के खाजूवाला में 13 साल की बालिका के हाथ पैर बांधकर रेप appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jun 2026 10:21 pm

भारत आने वाले 11 जहाजों ने होर्मुज किया पार, भारत के 10 जहाज अभी भी खाड़ी क्षेत्र में : विदेश मंत्रालय

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संघर्ष समाप्त करने के लिए अमरीका और ईरान के बीच 17 जून को हुए समझौते के बाद से भारत आने वाले 11 विभिन्न टैंकरों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार किया है जबकि भारतीय ध्वज वाले दस टैंकर अभी भी खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं और दो ने अभी होर्मुज […] The post भारत आने वाले 11 जहाजों ने होर्मुज किया पार, भारत के 10 जहाज अभी भी खाड़ी क्षेत्र में : विदेश मंत्रालय appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jun 2026 10:07 pm

एसआईटी ने की अग्निकांड स्थल की पड़ताल, घायलों से भी मिला जांच दल

Aliganj fire case Lucknow: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश पर अलीगंज अग्निकांड की समग्र जांच तेज गति से जारी है। मंगलवार को दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) घटनास्थल पर पहुंचा। टीम ने इसके बाद केजीएमयू में भर्ती घायलों से भी मुलाकात की ...

वेब दुनिया 23 Jun 2026 8:32 pm

ब्रिटेन के बाद क्या भारत में भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए लगेगी पाबंदी, विशेषज्ञों ने खोल दी पोल

ब्रिटेन सरकार द्वारा 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाने की चर्चा ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है। यह कदम बच्चों के मानसिक और संज्ञानात्मक विकास पर सोशल मीडिया के बढ़ते दुष्प्रभाव को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ चुका है। भारत जैसे देश में, जहां डिजिटल क्रांति के साथ बच्चों का स्क्रीन टाइम तेजी से बढ़ा है, यह सवाल और भी प्रासंगिक हो गया है कि क्या बच्चों को तकनीक से पूरी तरह दूर कर देना ही सही समाधान है?क्यों विकसित हो रहा है बच्चों के दिमाग पर 'डिजिटल खतरा'यथार्थ हॉस्पिटल्स के न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. कुणाल बहरानी का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वे बच्चों का ध्यान खींच सकें। इसका शुरुआती संपर्क बच्चों के मस्तिष्क की ध्यान केंद्रित करने की क्षमता, आवेग नियंत्रण और भावनात्मक विनियमन (Emotional Regulation) पर गंभीर असर डाल सकता है। विशेषज्ञ चिंता जताते हैं कि उनके क्लीनिक में आने वाले बच्चों में कम एकाग्रता, नींद में गड़बड़ी और अत्यधिक चिड़चिड़ेपन जैसे लक्षण तेजी से बढ़ रहे हैं, जो सीधे तौर पर डिजिटल लत से जुड़े हैं।क्या 'पूर्ण प्रतिबंध' ही है एकमात्र रास्तान्यूरोलॉजिस्ट डॉ. नेहा पंडिता का मानना है कि पूर्ण प्रतिबंध लगाने के बजाय 'संतुलित नियमन' (Balanced Regulation) की अधिक आवश्यकता है। बच्चों का मस्तिष्क अभी परिपक्व हो रहा होता है, इसलिए वे डिजिटल उत्तेजनाओं के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। पूर्ण बैन लगाने के बजाय माता-पिता की सक्रिय भागीदारी और बच्चों में 'डिजिटल साक्षरता' (Digital Literacy) को बढ़ावा देना ज्यादा प्रभावी हो सकता है।माता-पिता इन 6 संकेतों को न करें नजरअंदाजडॉक्टरों के अनुसार, यदि आपके बच्चे में निम्नलिखित बदलाव दिख रहे हैं, तो समझ जाइए कि उनकी डिजिटल आदतें चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुकी हैं:नींद में खलल: देर रात तक जागना और नींद पूरी न होना।भावनात्मक अस्थिरता: छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन और मूड स्विंग्स।ध्यान की कमी: शैक्षणिक प्रदर्शन में लगातार गिरावट आना।रुचि में कमी: ऑफ-लाइन खेल और बाहरी गतिविधियों से दूरी बनाना।चिड़चिड़ापन: स्क्रीन छीनने या उपयोग कम करने के लिए कहने पर हिंसक या अत्यधिक परेशान होना।एकाग्रता का अभाव: किसी भी काम में लंबे समय तक ध्यान न लगा पाना।विशेषज्ञों के सुझाव: कैसे बनाएं डिजिटल आदतें स्वस्थतकनीक को पूरी तरह छोड़ना आज के समय में असंभव है, इसलिए संतुलन बनाना ही कुंजी है:नो-स्क्रीन टाइम: भोजन करते समय परिवार में किसी को भी फोन का उपयोग नहीं करना चाहिए।रात का नियम: सोने से कम से कम एक घंटा पहले सभी डिजिटल डिवाइस को बंद कर दें।आयु-उपयुक्त सामग्री: बच्चा क्या देख रहा है, इस पर माता-पिता की कड़ी निगरानी जरूरी है।आउटडोर एक्टिविटी: शारीरिक गतिविधियों और आमने-सामने की बातचीत (Face-to-face interaction) को प्राथमिकता दें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 8:26 pm

डेस्क जॉब में 'बवासीर' का खतरा: 60% बढ़ गए हैं मामले, दिनभर बैठने वाले सावधान

आधुनिक कार्यशैली और डेस्क जॉब ने हमारे काम को आसान तो बना दिया है, लेकिन स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौतियां भी पैदा कर दी हैं। ताजा रिपोर्ट और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी के मुताबिक, आईटी सेक्टर और कॉर्पोरेट जगत में काम करने वाले युवा पेशेवरों में बवासीर (हेमोरोइड्स) के मामलों में 60% तक की भारी वृद्धि देखी गई है। विशेषज्ञ इसे 'गतिहीन जीवनशैली' (Sedentary Lifestyle) का सीधा परिणाम मान रहे हैं।क्यों बढ़ रहा है कार्यालय कर्मचारियों में खतरा?अपोलो स्पेक्ट्रा पुणे के जनरल सर्जन डॉ. किरण कुमार जाधव के अनुसार, रोजाना 8 से 10 घंटे तक एक ही जगह बैठकर काम करने से गुदा क्षेत्र की नसों पर लगातार दबाव बना रहता है। यह दबाव ही बवासीर की समस्या को जन्म देता है। इसके साथ ही पानी की कमी (निर्जलीकरण), डाइट में फाइबर की कमी और जंक फूड का अधिक सेवन इस जोखिम को और कई गुना बढ़ा देता है। चौंकाने वाली बात यह है कि 30 से 45 वर्ष की आयु के हर 10 में से 6 कर्मचारी मलाशय में असहजता और दर्द जैसी शिकायतों के साथ डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं।ये लक्षण हैं तो रहें सतर्कअक्सर लोग बवासीर के शुरुआती संकेतों को मामूली मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर एनीमिया या गंभीर दर्द का कारण बन सकते हैं। इन लक्षणों को कभी भी हल्के में न लें:मलाशय में लगातार खुजली और बेचैनी होना।मल त्याग के दौरान दर्द या बहुत अधिक असुविधा महसूस होना।मल के साथ चमकीले लाल रंग का रक्त आना।शौचालय जाने के बाद भी पेट पूरी तरह साफ न होने का एहसास (अपूर्ण मल त्याग)।बचाव के लिए जीवनशैली में करें ये बदलावडॉक्टरों का मानना है कि बवासीर जैसी स्थिति को केवल अपनी आदतों में थोड़ा सुधार करके रोका जा सकता है:फाइबर युक्त आहार: अपनी डाइट में अधिक से अधिक फल, सब्जियां, साबुत अनाज और सलाद को शामिल करें। मसालेदार और डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं।पानी का भरपूर सेवन: दिनभर में पर्याप्त पानी पिएं, जो कब्ज को दूर रखने में सबसे बड़ा हथियार है।बीच-बीच में ब्रेक लें: हर घंटे अपनी कुर्सी से उठें, थोड़ा टहलें या स्ट्रेचिंग करें। इससे रक्त परिसंचरण (Blood Circulation) बेहतर होता है और नसों पर दबाव कम होता है।सही समय पर प्रतिक्रिया: जब भी मल त्याग की इच्छा हो, उसे टालें नहीं।इलाज में देरी पड़ सकती है भारीडॉ. जाधव चेतावनी देते हैं कि लक्षणों को नजरअंदाज करने से समस्या बढ़ सकती है, लेकिन घबराएं नहीं। वर्तमान में चिकित्सा विज्ञान में काफी प्रगति हुई है और कई 'न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रियाएं' (Minimally Invasive Procedures) उपलब्ध हैं, जिससे मरीज को बहुत जल्दी रिकवरी मिल जाती है। यदि आपको ऊपर दिए गए कोई भी शुरुआती लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत किसी विशेषज्ञ से परामर्श लें। याद रखें, छोटी सी सावधानी आपको बड़ी जटिलताओं से बचा सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 8:21 pm

क्या उज्बेकिस्तान के खिलाफ बाहर होंगे क्रिस्टियानो रोनाल्डो, खराब प्रदर्शन के बाद कोच रॉबर्टो मार्टिनेज ने तोड़ी चुप्पी

फीफा विश्व कप 2026 के उद्घाटन मैच में डीआर कांगो के खिलाफ क्रिस्टियानो रोनाल्डो का निराशाजनक प्रदर्शन अब पुर्तगाल की टीम के लिए एक बड़ी चर्चा का विषय बन गया है। 41 वर्षीय रोनाल्डो अपनी लय से पूरी तरह भटकते नजर आए, जिसके बाद से ही फुटबॉल जगत में उन्हें आगामी मैचों में शुरुआती प्लेइंग इलेवन से बाहर करने की मांग तेज हो गई है। अब हर किसी की निगाहें उज्बेकिस्तान के खिलाफ होने वाले पुर्तगाल के अगले मुकाबले पर टिकी हैं।कांगो के खिलाफ 'सीआर7' का फ्लॉप शोकांगो के साथ हुए 1-1 के ड्रॉ मैच में रोनाल्डो का प्रदर्शन टीम की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। आंकड़ों पर गौर करें तो इस मैच में रोनाल्डो ने गेंद को केवल 25 बार छुआ, जो पूरी टीम में सबसे कम था। उनके पास गोल करने के कई सुनहरे मौके थे, लेकिन वे उन्हें भुनाने में पूरी तरह नाकाम रहे। इस निराशाजनक प्रदर्शन ने विशेषज्ञों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या अपने छठे विश्व कप में रोनाल्डो का जादू अब ढलान पर है।क्या उज्बेकिस्तान के खिलाफ मिलेगा मौका?मैच से ठीक पहले कोच रॉबर्टो मार्टिनेज ने प्लेइंग इलेवन को लेकर रहस्य बरकरार रखा है। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या रोनाल्डो उज्बेकिस्तान के खिलाफ शुरुआती टीम का हिस्सा होंगे, तो उन्होंने साफ तौर पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। मार्टिनेज ने कहा, मैं शुरुआती प्लेइंग इलेवन की घोषणा अभी नहीं कर सकता क्योंकि मैंने पहले अपने खिलाड़ियों को सूचित नहीं किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी नहीं कहा कि रोनाल्डो टीम का हिस्सा होंगे, जिससे सस्पेंस और भी गहरा गया है।मार्टिनेज ने की रोनाल्डो की तारीफ, लेकिन...कोच ने रोनाल्डो का बचाव करते हुए उन्हें 'कप्तान के रूप में एक मिसाल' बताया। मार्टिनेज ने कहा, वह टीम के लिए एक आदर्श हैं। उन्होंने वापसी करने और ट्रेनिंग लेने का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। लेकिन डीआर कांगो के खिलाफ टीम के खराब प्रदर्शन की निराशा को कम करना चुनौतीपूर्ण है। कोच ने दावा किया कि पुर्तगाल की टीम इस वक्त पहले से कहीं ज्यादा एकजुट है और आने वाले मैच के लिए पूरी तरह केंद्रित है।टीम पर दबाव और उम्मीदेंपुर्तगाल का कांगो के खिलाफ प्रदर्शन उनके स्तर के अनुरूप नहीं था। नौ में से केवल तीन शॉट ही लक्ष्य पर थे, जो टीम की कमजोरी को दर्शाता है। कोच मार्टिनेज ने कहा कि विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में तनाव और शोर होना स्वाभाविक है, लेकिन उनकी टीम पूरी तरह से अगले मैच के लिए तैयार है। अब यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि क्या उज्बेकिस्तान के खिलाफ कोच रोनाल्डो पर भरोसा जताते हैं या फिर पुर्तगाल को एक नई रणनीति के साथ मैदान में उतारते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 8:19 pm

फीफा विश्व कप 2026: मेस्सी का 'गोल' का जादू चला, अर्जेंटीना ने ऑस्ट्रिया को हराकर नॉकआउट का टिकट पक्का किया

मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना फीफा विश्व कप 2026 में अपने खिताब को बचाने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रही है। टीम ने टूर्नामेंट में अपनी शानदार लय को बरकरार रखते हुए ऑस्ट्रिया को 2-0 से करारी शिकस्त दी है। इस जीत के साथ ही अर्जेंटीना ने टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण (Knockout Stage) में अपनी जगह सुरक्षित कर ली है। लियोनेल मेस्सी की कप्तानी में टीम का प्रदर्शन इस बार देखने लायक है।मेस्सी के 'पांच गोल' का कहरटूर्नामेंट में अब तक अर्जेंटीना ने कुल पांच गोल दागे हैं और गौर करने वाली बात यह है कि ये सभी पांचों गोल लियोनेल मेस्सी के नाम दर्ज हैं। ऑस्ट्रिया के खिलाफ मैच में मेस्सी ने शुरुआत में एक पेनल्टी मिस की, लेकिन उसके बाद उन्होंने 38वें मिनट में पहला गोल दागा और इंजरी टाइम में दूसरा गोल करके अपनी टीम की जीत पक्की कर दी। इससे पहले, अल्जीरिया के खिलाफ 3-0 की जीत में मेस्सी ने शानदार हैट्रिक लगाई थी। उनका यह फॉर्म मौजूदा चैंपियन की सबसे बड़ी ताकत बना हुआ है।नॉकआउट की राह और अगला पड़ावलगातार दो मैचों में जीत दर्ज करने के बाद अर्जेंटीना नॉकआउट राउंड में प्रवेश कर चुकी है। टीम अब अपनी पूरी लय के साथ खिताब के बचाव की ओर अग्रसर है। अर्जेंटीना का अगला मुकाबला 28 जून को अर्लिंग्टन के डलास स्टेडियम में जॉर्डन के खिलाफ होगा। जहां एक ओर अर्जेंटीना जीत की हैट्रिक लगाने के इरादे से मैदान में उतरेगी, वहीं दूसरी ओर जॉर्डन के लिए मौजूदा चैंपियन को हराना एक बहुत बड़ी चुनौती होगी। जॉर्डन फिलहाल ग्रुप में तीसरे स्थान पर है और टूर्नामेंट में अपनी साख बचाने की जद्दोजहद में लगी है। जॉर्डन का अगला मुकाबला 24 जून को सांता क्लारा में अल्जीरिया से है, जो उनके लिए करो या मरो जैसा होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 8:17 pm

Gold-Silver Price Crash: सोना-चांदी खरीदने वालों की मौज! एक झटके में ₹10,500 सस्ती हुई चांदी

अगर आप लंबे समय से सोने या चांदी में निवेश करने या घर के लिए गहने खरीदने का इंतजार कर रहे थे, तो आपके लिए आज का दिन बेहद खास है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में आज कीमती धातुओं की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। मांग में कमी और वैश्विक दबाव के कारण सोना और चांदी दोनों ही धातुएं काफी सस्ती हो गई हैं।चांदी ₹10,500 तो सोना ₹3,000 तक सस्ताबाजार में आई इस ताजा गिरावट के बाद, चांदी की कीमतों में भारी सेंध लगी है। चांदी 10,500 रुपये की भारी गिरावट के साथ 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। यह चांदी का पिछले दो महीनों का सबसे निचला स्तर है। वहीं, सोने (99.9% शुद्धता) की कीमतों में भी 3,000 रुपये की कटौती हुई है, जिसके बाद इसका भाव 1,49,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। जानकारों के अनुसार, यह करीब तीन महीने का सबसे निचला भाव है।गिरावट के पीछे के असली कारणसोने-चांदी की कीमतों में इस बड़ी गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारक मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत डॉलर और अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंकाओं ने सोने-चांदी की चमक फीकी कर दी है। निवेशक इस समय अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठकों पर नजर बनाए हुए हैं, जिससे बाजार में बिकवाली का माहौल बना हुआ है। अमेरिका-ईरान वार्ता से जुड़ी सकारात्मक खबरों के बावजूद कीमती धातुओं में टिकाऊ तेजी नहीं आ पाई और बाजार फिर से ब्याज दरों की चिंता में वापस लौट आया है।अंतरराष्ट्रीय बाजार का दबावगिरावट का सिलसिला केवल दिल्ली तक ही सीमित नहीं है। वैश्विक बाजारों (COMEX) में भी सोना और चांदी दबाव में हैं। हाजिर बाजार में सोना 70 डॉलर से अधिक गिरकर 4,121 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार कर रहा है। वहीं, चांदी में भी 4 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे यह 62 डॉलर प्रति औंस के आसपास बनी हुई है। बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिरता नहीं आती, तब तक कीमतों में यह उठापटक जारी रह सकती है। ऐसे में निवेशकों के लिए यह एक मौका हो सकता है, लेकिन किसी भी निवेश से पहले बाजार के रुझानों को समझ लेना जरूरी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 8:14 pm

'मैं वापस आऊंगा' का ओटीटी सफर: थिएटर्स के बाद अब घर-घर पहुंचेगा दिलजीत-नसीरुद्दीन का जादू

बॉक्स ऑफिस पर अपनी धीमी शुरुआत के बावजूद जबरदस्त 'कमबैक' करने वाली निर्देशक इम्तियाज अली की फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' ने दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बना ली है। 95 साल के बुजुर्ग की मार्मिक प्रेम कहानी और दिलजीत दोसांझ की बेहतरीन अदाकारी ने फिल्म को सुपरहिट बना दिया है। थिएटर्स में दर्शकों का प्यार बटोरने के बाद अब हर कोई यह जानना चाहता है कि यह फिल्म डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कब और कहां उपलब्ध होगी।नेटफ्लिक्स पर होगा 'मैं वापस आऊंगा' का प्रीमियरअगर आप भी इस फिल्म के ओटीटी रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। फिल्म की ओटीटी पार्टनरशिप को लेकर पहले ही स्थिति स्पष्ट हो चुकी है। यह रोमांटिक ड्रामा ओटीटी दिग्गज नेटफ्लिक्स (Netflix) पर स्ट्रीम की जाएगी। इम्तियाज अली ने फिल्म की रिलीज से पहले ही नेटफ्लिक्स के साथ इसके डिजिटल अधिकार साझा करने का समझौता कर लिया था।कब तक होगी स्ट्रीम?आमतौर पर फिल्मों के थिएटर्स से ओटीटी तक पहुंचने का एक निश्चित समय होता है, जिसे 'ओटीटी विंडो' कहा जाता है। वर्तमान में यह फिल्म सिनेमाघरों में सफलतापूर्वक चल रही है, इसलिए मेकर्स फिलहाल इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने की जल्दबाजी में नहीं हैं। फिल्म रिलीज के अभी मात्र 11 दिन ही बीते हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि यह फिल्म दर्शकों को अगस्त महीने के आसपास नेटफ्लिक्स पर देखने को मिल सकती है। आधिकारिक पुष्टि फिलहाल बाकी है, लेकिन फैंस को इसके लिए थोड़ा सब्र करना होगा।बॉक्स ऑफिस पर 'मैं वापस आऊंगा' की गूंज'मैं वापस आऊंगा' का बॉक्स ऑफिस सफर किसी मिसाल से कम नहीं है। पहले हफ्ते में सिर्फ 12 करोड़ रुपये की कमाई करने वाली इस फिल्म ने दूसरे वीकेंड में शानदार प्रदर्शन किया है। फिल्म का नेट बॉक्स ऑफिस कलेक्शन अब 26 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है, जो इस बात का सबूत है कि दर्शकों को यह लव स्टोरी बेहद पसंद आ रही है। दिलजीत दोसांझ, नसीरुद्दीन शाह, शरवरी वाघ और वेदांग रैना की जुगलबंदी ने इसे साल की सबसे यादगार फिल्मों में से एक बना दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 8:12 pm

'धुरंधर 2': 4 महीने से वीडियो रिलीज का इंतजार कर रहा जुबिन नौटियाल का ये सैड सॉन्ग

सुपरस्टार रणवीर सिंह की स्पाई थ्रिलर 'धुरंधर 2: द रिवेंज' ने इस साल बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। फिल्म की कहानी से लेकर इसके गानों तक, सब कुछ दर्शकों के सिर चढ़कर बोला है। लेकिन इसी बीच एक ऐसी बात सामने आई है जिसने फैंस को थोड़ा निराश किया है। फिल्म के कुल 14 शानदार गानों में से एक ऐसा भी गीत है, जिसका वीडियो वर्जन पिछले 4 महीनों से रिलीज का इंतजार कर रहा है।'कन्हैया' गाने का अधूरा सफरफिल्म का जो गाना फिलहाल चर्चा का विषय बना हुआ है, उसका नाम है 'कन्हैया' (Kanhaiyya)। जुबिन नौटियाल की जादुई आवाज में सजा यह गाना फिल्म का एक बेहद भावुक सैड सॉन्ग है। हैरानी की बात यह है कि सिनेमाघरों में रिलीज के बाद जब यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर आई, तब भी 'कन्हैया' का वीडियो वर्जन इसमें शामिल नहीं किया गया। यूट्यूब पर भी इसके केवल लिरिक्स वर्जन ही उपलब्ध हैं, जिससे फैंस का गुस्सा और जिज्ञासा दोनों बढ़ गए हैं।4 घंटे की फिल्म में भी नहीं मिली जगह'धुरंधर 2' का रनटाइम लगभग 4 घंटे का रहा है, बावजूद इसके मेकर्स ने इस गीत को फाइनल कट से बाहर रखा। जबकि जुबिन नौटियाल ने फिल्म के अन्य सुपरहिट गानों 'आखिरी इश्क' को भी अपनी आवाज दी है, जो चार्टबस्टर्स साबित हुए। सादगी और दर्द से भरपूर 'कन्हैया' गाना सुनने में इतना मधुर है कि फैंस का मानना है कि इसे एक विजुअल ट्रीट की सख्त जरूरत है।संगीत का जादू: शाश्वत सचदेवा की धुनें'धुरंधर 2' का संगीत शाश्वत सचदेवा की देखरेख में तैयार किया गया था, जिसमें अरिजीत सिंह, जैस्मीन सैंडलस, सुधीर यदुवंशी और खान साहब जैसे दिग्गजों ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा। फिल्म के गानों ने चार्टबस्टर्स पर राज किया है, लेकिन 'कन्हैया' का इस तरह फिल्म और वीडियो से गायब रहना संगीत प्रेमियों के लिए एक रहस्य बना हुआ है। अब देखना यह है कि क्या मेकर्स भविष्य में इस दर्दभरे गीत का वीडियो वर्जन रिलीज करेंगे या यह फिल्म के अनसुने अनकहे पन्नों में ही दबकर रह जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 8:07 pm

अक्षय कुमार का 'मास्टर प्लान' तैयार! रिलीज से पहले पेड प्रीव्यू का दांव, क्या बॉक्स ऑफिस पर तोड़ेगी सारे रिकॉर्ड

बॉलीवुड के 'खिलाड़ी' अक्षय कुमार अपनी आगामी मल्टीस्टारर फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' (Welcome To The Jungle) के साथ बॉक्स ऑफिस पर धमाका करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। फिल्म की रिलीज में अब सिर्फ चार दिन शेष हैं और दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। एडवांस बुकिंग के आगाज के साथ ही अक्षय कुमार ने फिल्म को ब्लॉकबस्टर बनाने के लिए एक 'मास्टर प्लान' तैयार किया है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है।पेड प्रीव्यू का 'धुरंधर' ट्रेंडअक्षय कुमार ने अपनी पिछली फिल्म 'भूत बंगला' की तरह ही 'वेलकम टू द जंगल' के लिए भी पेड प्रीव्यू का दांव खेला है। पेड प्रीव्यू का मतलब है कि दर्शक आधिकारिक रिलीज से एक दिन पहले ही फिल्म का आनंद ले सकेंगे। अक्षय ने अपने इंस्टाग्राम के जरिए घोषणा की है कि 25 जून 2026 को शाम 7:30 बजे से फिल्म के पेड प्रीव्यू शो शुरू हो जाएंगे। बॉलीवुड में अब 'धुरंधर 2' के बाद से प्रीव्यू के जरिए माहौल बनाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर फिल्म की शुरुआती कमाई पर पड़ता है।36 सितारों की महा-पलटन और उम्मीदें'वेलकम टू द जंगल' की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) इसकी विशाल स्टारकास्ट है। अहमद खान के निर्देशन में बन रही इस कॉमेडी फिल्म में पहली बार बड़े पर्दे पर 36 कलाकार एक साथ नजर आएंगे। फिल्म में अक्षय कुमार, रवीना टंडन, सुनील शेट्टी, दिशा पाटनी, अरशद वारसी, जैकी श्रॉफ, परेश रावल, जॉनी लीवर, राजपाल यादव और लारा दत्ता जैसे दिग्गज शामिल हैं। इतनी बड़ी स्टारकास्ट का एक साथ आना ही दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने के लिए काफी है।बॉक्स ऑफिस पर 'वेलकम' का गणितफिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि पेड प्रीव्यू का मकसद फिल्म के प्रति दर्शकों में सकारात्मक 'वर्ड ऑफ माउथ' फैलाना होता है। 'भूत बंगला' ने प्रीव्यू के जरिए 3.65 करोड़ रुपये की कमाई की थी, जिसे शुक्रवार के कलेक्शन के साथ जोड़ा गया था। अब फैंस को उम्मीद है कि 'वेलकम टू द जंगल' अपने जबरदस्त ह्यूमर और मल्टीस्टारर स्टार पावर के दम पर इस आंकड़े को आसानी से पीछे छोड़ देगी। अहमद खान के लिए 36 एक्टर्स के साथ 75 शिफ्ट्स में शूटिंग करना किसी चुनौती से कम नहीं था, और अब देखना यह है कि यह मेहनत बॉक्स ऑफिस पर कितना बड़ा 'वेलकम' करती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 8:04 pm

27 साल बाद भी आंखों में आंसू ला देता है यह 'सैड सॉन्ग', अधूरी प्रेम कहानी का आज भी है जलवा

बॉलीवुड के सैड सॉन्ग्स की फेहरिस्त में तमाम गाने शुमार हैं, लेकिन क्या आपने कभी कोई ऐसा नॉन-फिल्मी गीत सुना है जिसे सुनने के बाद रूह कांप जाए? हम बात कर रहे हैं 27 साल पहले 1999 में रिलीज हुई उस ऐतिहासिक गजल की, जिसने बिना किसी फिल्म के सहारे ही संगीत प्रेमियों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ दी। यह 12 मिनट का मास्टरपीस आज भी सदी के सबसे दर्द भरे गीतों में शीर्ष पर गिना जाता है।छोटे मजीद शोला की रूहानी आवाजजब भी गजल की दुनिया की बात होती है, जगजीत सिंह या पंकज उदास का नाम सबसे पहले आता है, लेकिन इस दर्दभरी दास्तां के पीछे गायक छोटे मजीद शोला (Chhote Majeed Shola) का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। मजीद साहब ने अपनी आवाज से जो जादू जगाया, वो आज भी बरकरार है। उनकी गजल 'वो लड़की याद आती है' (Woh Ladki Yaad Aati Hai) किसी के भी खोए हुए प्यार की यादों को ताजा करने के लिए काफी है।कैसे बना यह दर्द का महाकाव्य?इस गजल की गहराई का अंदाजा इसकी मेकिंग से लगाया जा सकता है। इसके संगीत को मशहूर संगीतकार राजेंद्र प्रसन्ना ने तैयार किया था, जबकि गीतकार हामिद अंसारी के शब्दों ने एक ऐसी 'अधूरी प्रेम कहानी' की तस्वीर खींची, जिसे हर आशिक ने खुद से जोड़ लिया। 12 मिनट का यह सफर सुनने वाले को सीधे अतीत की गलियों में ले जाता है, जहां दर्द और यादें ही एकमात्र साथी रह जाती हैं।डिजिटल युग में भी 'सुपरहिट'सोशल मीडिया और यूट्यूब के दौर में भी इस गजल का क्रेज कम नहीं हुआ है। टी-सीरीज के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मौजूद इस गजल के वीडियो वर्जन को 19 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है। लाखों लाइक्स इस बात का सबूत हैं कि भले ही दौर बदल गया हो, लेकिन छोटे मजीद शोला का यह दर्द भरा गीत आज की युवा पीढ़ी को भी उतना ही छू जाता है। अगर आपने अभी तक इसे नहीं सुना है, तो शायद आपने संगीत की दुनिया का एक सबसे मर्मस्पर्शी हिस्सा मिस कर दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 8:01 pm

हादसे का 'ड्रामे' से सजे कत्ल का पर्दाफाश, मंगेतर सिया और उसके प्रेमी ने मिलकर रची थी खौफनाक साजिश

पुणे के प्रतिष्ठित रियल एस्टेट कारोबारी परिवार के 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की लोहगढ़ किले की खाई में संदिग्ध मौत का मामला अब एक बेहद चौंकाने वाले मर्डर केस में तब्दील हो गया है। शुरू में इसे 'पैर फिसलने' का हादसा बताने वाली केतन की मंगेतर सिया गोयल अब खुद सलाखों के पीछे है। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि नवंबर में होने वाली शाही शादी की तैयारियों के बीच केतन को रास्ते से हटाने के लिए एक खौफनाक साजिश रची गई थी।मंगेतर की 'इमोशनल' पोस्ट बनी जांच का हिस्साकेतन की मौत के बाद, सिया गोयल ने सोशल मीडिया पर बेहद भावुक इंस्टाग्राम स्टोरी साझा की थी। उसने केतन के साथ बिताए पलों का वीडियो शेयर करते हुए लिखा था, तुमने मुझे मेरे जन्मदिन पर छोड़ दिया... वापस आ जा। सिया के इस पोस्ट को अब पुलिस अपनी जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है। अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह से इसे एक हादसे के तौर पर पेश करने की कोशिश की गई, वह पूरी तरह से सोची-समझी साजिश का हिस्सा था।क्या है पूरा मामला?पुणे के गहुंजे के रहने वाले केतन अग्रवाल की 18 जून को लोहगढ़ किले की 400 फीट गहरी खाई में गिरने से मौत हुई थी। पुलिस को शुरुआत में सूचना मिली थी कि तेज हवा के कारण उनका पैर फिसल गया। हालांकि, पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल के नेतृत्व में हुई जांच ने मामले की दिशा बदल दी। जांच के दौरान पता चला कि केतन और सिया की नवंबर में उदयपुर के एक महल में शादी होने वाली थी, जिसकी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं।प्रेमी के साथ मिलकर रची हत्या की साजिशपुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि सिया गोयल का पुणे के कोंढवा निवासी 22 वर्षीय चेतन चौधरी के साथ भी संबंध था। कथित तौर पर चेतन को केतन और सिया की शादी बिल्कुल मंजूर नहीं थी। आरोप है कि सिया ने केतन को घूमने के बहाने लोहगढ़ किले बुलाया और वहां पहले से मौजूद चेतन के साथ मिलकर केतन को पीछे से खाई में धक्का दे दिया। दोनों ने इसे एक सामान्य हादसा दिखाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सबूतों और कॉल डिटेल्स ने उनके झूठ का पर्दाफाश कर दिया।पुलिस का कड़ा एक्शनकेतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल की शिकायत पर पुणे ग्रामीण पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत हत्या और आपराधिक साजिश का केस दर्ज किया है। पुलिस ने मंगलवार को सिया गोयल और चेतन चौधरी, दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। एक 'ट्रिप' जो केतन की मंगेतर के साथ आखिरी ट्रिप बनने वाली थी, वह अब एक सनसनीखेज हत्याकांड के रूप में दर्ज हो चुकी है। कोर्ट में मामले की सुनवाई के साथ ही पुलिस अन्य कड़ियों को भी जोड़ने का काम कर रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 7:36 pm

अखिलेश यादव ने किया CM मोहन यादव का बचाव, कहा- भाजपा के निशाने पर तीन मुख्‍यमंत्री

Akhilesh Yadav statement on Mohan Yadav: यूपी प्रदेश और मध्य प्रदेश की सियासत में उस वक्त एक हैरान करने वाला मोड़ आ गया, जब समाजवादी पार्टी के मुखिया और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खुलकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बचाव में ...

वेब दुनिया 23 Jun 2026 6:56 pm

चारधाम एवं हेमकुंड साहिब यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता, अफवाहों से बचें : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

Chief Minister Pushkar Singh Dhami : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम एवं हेमकुंड साहिब यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं की सुख-सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा ...

वेब दुनिया 23 Jun 2026 6:12 pm

बेजुबानों पर काल बनकर टूटी लखनऊ हादसे की आग, इंसानों ने बचाईं बिल्‍लियां, कई डॉग्‍स का नहीं चल रहा पता

लखनऊ की एक इमारत में आग लगी थी। चारों तरफ़ अफ़रा-तफ़री मची थी। लेकिन धुएं के बीच, लोगों का एक समूह बस एक ही सवाल पूछ रहा था... ‘अंदर फंसे जानवरों का क्या होगा?’ लखनऊ के अलीगंज में लगी भीषण आग में 15 लोगों की जान चली गई, लेकिन इसी त्रासदी के बीच एक ...

वेब दुनिया 23 Jun 2026 5:52 pm

डिलीवरी बॉय और 'MBA ड्रॉपआउट' से WhatsApp की कमान संभालने तक: CRED के Kunal Shah की ये कहानी आपको रोने और फिर सैल्यूट करने पर मजबूर कर देगी

यह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट की लाइन नहीं, बल्कि भारत के सबसे प्रभावशाली फिनटेक (Fintech) लीडर्स में से एक, कुणाल शाह के जीवन का वो कड़वा सच है जिससे बहुत कम लोग वाकिफ हैं। हाल ही में मेटा (Meta) द्वारा CRED में 900 मिलियन डॉलर (लगभग ₹7,500 करोड़) के ...

वेब दुनिया 23 Jun 2026 5:11 pm

बिहार में रिश्वत के जुर्म में महिला दारोगा को कठोर कैद की सजा

पटना। बिहार की राजधानी पटना की एक विशेष अदालत ने रिश्वत लेने के जुर्म में मंगलवार को बिहार पुलिस की एक महिला दारोगा को तीन वर्ष सश्रम कारावास की सजा के साथ दस हजार रूपए का जुर्माना भी किया है। निगरानी के विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह ने मामले में सुनवाई के बाद वैशाली जिले […] The post बिहार में रिश्वत के जुर्म में महिला दारोगा को कठोर कैद की सजा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jun 2026 4:55 pm

Rani Durgavati: रानी दुर्गावती का बलिदान दिवस: इतिहास की वीर नायिका को नमन

24 June Rani Durgavati Martyrdom Day: आज 24 जून को पूरा देश गोंडवाना की वीर शासिका रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस/ गौरव दिवस पर उन्हें नमन कर रहा है। भारतीय इतिहास में रानी दुर्गावती का नाम एक ऐसी वीरांगना के रूप में दर्ज है, जिन्होंने मुगल शासक अकबर ...

वेब दुनिया 23 Jun 2026 4:55 pm

स्कूल होंगे अपग्रेड, किसान कल्याण पर फोकस, जानें सीएम डॉ.मोहन ने कैबिनेट में क्या-क्या लिए फैसले?

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 22 जून को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और कल्याणी विवाह सहायता योजना को 1 अप्रैल 2026 से 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 1,740 करोड़ 57 ...

वेब दुनिया 23 Jun 2026 4:39 pm

रायपुर में सीएम विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की महा-बैठक शुरू, कई बड़े और ऐतिहासिक फैसलों पर लगेगी अंतिम मुहर

छत्तीसगढ़ की सियासत और शासन व्यवस्था से जुड़ी इस वक्त की एक बेहद बड़ी, अहम और नीतिगत खबर सामने आ रही है। राजधानी रायपुर स्थित महानदी भवन (मंत्रालय) में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnu Deo Sai) की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो चुकी है। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में उपमुख्यमंत्री द्वय, कैबिनेट के तमाम वरिष्ठ मंत्री और राज्य के शीर्ष प्रशासनिक अफसर (IAS Officers) मौजूद हैं। एक वरिष्ठ राजनीतिक और प्रशासनिक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो साय सरकार की यह कैबिनेट बैठक राज्य के विकास की दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है। बैठक के एजेंडे में युवाओं, किसानों, महिलाओं और ग्रामीण विकास से जुड़े कई ऐसे कड़े और कल्याणकारी प्रस्ताव शामिल हैं, जिन पर आज अंतिम मुहर लगने की पूरी संभावना है। इस बैठक के शुरू होते ही प्रदेश के सभी विभागों और कर्मचारी यूनियनों में उत्सुकता चरम पर पहुंच गई है।धान बोनस, किसान कल्याण और इनपुट सब्सिडी को लेकर हो सकता है सबसे बड़ा ऐलानइस कैबिनेट बैठक की बैकस्टेज स्टोरी और मुख्य एजेंडे को अगर हम गहराई से समझें, तो साय सरकार का फोकस हमेशा से ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों पर रहा है। सूत्रों से मिली पक्की जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में खरीफ सीजन के लिए किसानों को दी जाने वाली इनपुट सब्सिडी, धान खरीदी की अग्रिम व्यवस्थाओं और कृषि उन्नति योजना के अगले चरण के बजट आवंटन को लेकर गंभीर चर्चा की जा रही है। सरकार कुछ ऐसे नीतिगत फैसले ले सकती है जिससे सुदूर अंचलों के किसानों के बैंक खातों में सीधे तौर पर राशि (DBT) ट्रांसफर करने की प्रक्रिया को और अधिक सरल और पारदर्शी बनाया जा सके। किसान संगठनों को भी इस बैठक से काफी उम्मीदें हैं।शासकीय विभागों में खाली पड़े पदों पर बंपर भर्ती और युवाओं के लिए नई रोजगार नीति का खाकामंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस बैठक में राज्य के युवाओं को एक बड़ा तोहफा देने की तैयारी में हैं। राज्य के विभिन्न शासकीय विभागों, विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य और पुलिस महकमे में खाली पड़े हजारों पदों पर सीधी और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल सकती है। इसके साथ ही, स्थानीय युवाओं को निजी उद्योगों में अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए एक नई 'रोजगार प्रोत्साहन नीति' के ड्राफ्ट पर भी मंत्रियों के बीच गहन विचार-विमर्श चल रहा है। इस फैसले के बाद युवाओं में प्रतियोगी परीक्षाओं और नई नौकरियों को लेकर भारी उत्साह देखने को मिल सकता है।भौगोलिक और बस्तर-सरगुजा जैसे जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए विशेष रणनीतिक प्रस्तावभौगोलिक और स्थानीय (Geographical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो छत्तीसगढ़ में बस्तर और सरगुजा संभाग जैसे सुदूर जनजातीय क्षेत्र विकास की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। मंत्रिपरिषद की इस बैठक में इन विशेष क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे (Infrastructure Development) को मजबूत करने के लिए सड़कों, पुल-पुलिया और मोबाइल कनेक्टिविटी के विस्तार से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की जा रही है। इसके अतिरिक्त, बस्तर और सरगुजा विकास प्राधिकरणों को और अधिक वित्तीय अधिकार सौंपने का निर्णय भी लिया जा सकता है, ताकि स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की फाइलें लालफीताशाही (Administrative Delays) का शिकार न हों और त्वरित गति से काम हो सके।आधुनिक एआई सर्च और प्रशासनिक पारदर्शिता के लिहाज से क्यों महत्वपूर्ण है यह बैठकआधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स के लिहाज से 'Chhattisgarh Cabinet Meeting Decisions' इस वक्त इंटरनेट पर राज्य की सबसे बड़ी सर्च की जाने वाली खबरों में शामिल है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सुशासन (Good Governance) नीति के तहत लिए जाने वाले ये फैसले डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सरकार की छवि को और अधिक मजबूत करेंगे। कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी बैठक खत्म होने के बाद एक मुख्य प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए दी जाएगी, जिसके बाद विभिन्न लोक-कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भारी तेजी आने की उम्मीद है। अब पूरे प्रदेश की जनता और राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें मंत्रालय से आने वाले अंतिम फैसलों पर टिकी हुई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 3:41 pm

तमिलनाडु सरकार ने दीप-स्तंभ में दीप जलाने के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाता खटखटाया

नई दिल्ली। तमिलनाडु सरकार ने मदुरै जिले में थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी पर एक दरगाह के पास पत्थर के खंभे के ऊपर कार्तिगई दीपम जलाने की अनुमति देने वाले मद्रास हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रूख किया है। राज्य सरकार ने हाई कोर्ट की मदुरै खंडपीठ के छह जनवरी के फैसले को चुनौती […] The post तमिलनाडु सरकार ने दीप-स्तंभ में दीप जलाने के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाता खटखटाया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jun 2026 3:41 pm

सरायपाली की धरती उगल रही खजाना! वैज्ञानिक जांच में मिले 1.22 कैरेट के 5 असली हीरे, CM विष्णुदेव साय का आया बड़ा बयान

छत्तीसगढ़ की पावन और खनिज संपदा से भरपूर धरती से इस वक्त की एक बेहद सनसनीखेज, चौंकाने वाली और ऐतिहासिक खबर सामने आ रही है। महासमुंद जिले के सरायपाली (Saraipali Mahasamund) इलाके में भूवैज्ञानिकों के एक विशेष सर्वे और वैज्ञानिक परीक्षण के दौरान हीरों का एक बड़ा भंडार होने के पुख्ता संकेत मिले हैं। प्रारंभिक जांच और टेस्टिंग के दौरान वैज्ञानिकों को यहां से 1.22 कैरेट के 5 चमचमाते असली हीरे (Diamonds Discovered in CG) बरामद हुए हैं। इस बड़ी भूवैज्ञानिक खोज के बाद न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के खनिज महकमे में भारी उत्साह देखा जा रहा है। एक वरिष्ठ खोजी रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह खोज राज्य की आर्थिक तकदीर बदलने वाली साबित हो सकती है। इस महा-खोज पर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने भी अपनी बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसने मरुधरा और देश के औद्योगिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।सरायपाली के नीचे आखिर कैसे मिला हीरों का भंडार, जानिए वैज्ञानिकों के महा-सर्वे की इनसाइड स्टोरीइस ऐतिहासिक भूवैज्ञानिक खोज के बैकस्टेज समीकरणों और तकनीकी पहलुओं को समझें तो भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) और राज्य के खनिज साधन विभाग की टीमें लंबे समय से महासमुंद और सरायपाली बेल्ट की मिट्टी और चट्टानों का बारीकी से अध्ययन कर रही थीं। सरायपाली के अंतर्गत आने वाले कुछ चुनिंदा ग्रामीण अंचलों में पाई जाने वाली किम्बरलाइट चट्टानों (Kimberlite Pipes) के सैंपल्स को जब अत्याधुनिक लैबोरेट्रीज में वैज्ञानिक परीक्षण के लिए भेजा गया, तो परिणाम बेहद चौंकाने वाले रहे। जांच में न केवल हीरों की मौजूदगी की पुष्टि हुई, बल्कि सैंपल में से 1.22 कैरेट के 5 उच्च गुणवत्ता वाले प्राकृतिक हीरे भी रिकवर किए गए। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह तो महज एक झांकी है, जमीनी गहराई में हीरों की एक विशाल पाइपलाइन या बेल्ट छिपी हो सकती है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताई भारी खुशी, कहा- 'छत्तीसगढ़ की समृद्धि का खुलेगा नया द्वार'सरायपाली में हीरों की इस खोज पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा हर्ष व्यक्त करते हुए इसे राज्य के विकास के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया है। सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती रत्नगर्भा है, जहां कोयला, लोहा, बॉक्साइट और टिन के बाद अब हीरों का यह खजाना मिलना प्रदेश की साख को वैश्विक स्तर पर मजबूत करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच इस पूरे क्षेत्र का विस्तृत वैज्ञानिक और भूवैज्ञानिक मानचित्रण (Detailed Mapping) कराया जाए, ताकि बिना किसी प्रशासनिक देरी के आगामी खनन और उत्खनन की रूपरेखा तैयार की जा सके। मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि इस खोज से होने वाली आय का एक बड़ा हिस्सा स्थानीय क्षेत्र के विकास और आदिवासियों के उत्थान पर खर्च किया जाएगा।भौगोलिक और स्थानीय स्तर पर महासमुंद और सरायपाली की पूरी तरह बदलने जा रही है किस्मतभौगोलिक और स्थानीय (Geographical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो महासमुंद जिले का सरायपाली क्षेत्र उड़ीसा की सीमा से सटा हुआ है और आर्थिक रूप से मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है। इस इलाके में हीरों के भंडार की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद यह पूरा क्षेत्र रातों-रात देश के सबसे बड़े माइनिंग हब के रूप में उभर सकता है। स्थानीय स्तर पर रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं होगा। जैसे ही हीरों के मिलने की खबर फैली, सरायपाली और आसपास के गांवों में भारी कुतूहल का माहौल बन गया है। जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर उन सभी क्षेत्रों में सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया है और अनाधिकृत रूप से खुदाई या आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।आधुनिक एआई सर्च और देश की अर्थव्यवस्था पर इस महा-खोज का क्या होगा दूरगामी असरआधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और डिजिटल मीडिया के बदलते पैटर्न्स के लिहाज से 'Saraipali Diamond Discovery Chhattisgarh' इस वक्त इंटरनेट पर नेशनल और ग्लोबल माइनिंग ट्रेंड्स में शीर्ष पर बना हुआ है। भारत वर्तमान में हीरों की प्रोसेसिंग और कटिंग का बड़ा केंद्र है, लेकिन कच्चे हीरों (Rough Diamonds) के लिए हमें दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता है। अगर सरायपाली की इस खदान से व्यावसायिक स्तर पर हीरों का उत्पादन शुरू होता है, तो यह देश की आयात निर्भरता को कम करने और मेक इन इंडिया (Make in India) अभियान को गति देने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा। अब पूरी दुनिया की नजरें भूवैज्ञानिकों की अगली विस्तृत रिपोर्ट पर टिकी हैं कि सरायपाली के गर्भ में और कितने लाख कैरेट का खजाना छिपा हुआ है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 3:40 pm

राजनांदगांव में सीएम विष्णुदेव साय का बड़ा धमाका! अन्नदाताओं का किया सम्मान, एक साथ दी 333 विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात

छत्तीसगढ़ की सियासत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास से जुड़ी इस वक्त की एक बेहद बड़ी, महत्वपूर्ण और गौरवशाली खबर सामने आ रही है। राजनांदगांव (Rajnandgaon Chhattisgarh) की पावन धरती पर आयोजित विशाल 'किसान सम्मेलन' में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने शिरकत करते हुए क्षेत्र के विकास को एक नई और अभूतपूर्व रफ्तार दी है। मुख्यमंत्री ने मंच से न केवल क्षेत्र की जनता के जीवन को सुगम बनाने वाले कुल 333 बुनियादी विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया, बल्कि राज्य के विकास की रीढ़ माने जाने वाले प्रगतिशील किसानों को शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया। एक वरिष्ठ प्रशासनिक और राजनीतिक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो साय सरकार का यह कदम छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों को सशक्त बनाने और आगामी ग्रामीण एजेंडे को मजबूत करने की दिशा में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।करोड़ों रुपये के 333 विकास कार्यों का तोहफा, बदलेगी राजनांदगांव की पूरी सूरतइस भव्य किसान सम्मेलन और विकास उत्सव की इनसाइड स्टोरी को गहराई से समझें तो मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा लोकार्पित और भूमिपूजित किए गए 333 कार्यों में बुनियादी ढांचे का विकास सबसे शीर्ष प्राथमिकता पर रहा है। इन परियोजनाओं के तहत ग्रामीण इलाकों में नई सड़कों का निर्माण, पुल-पुलिया, सिंचाई के आधुनिक साधन, पेयजल आपूर्ति के लिए जल जीवन मिशन के तहत नए कनेक्शन, स्कूलों के नए भवन और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का सुदृढ़ीकरण शामिल है। मंच से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि उनकी सरकार का एकमात्र संकल्प 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' है, और राजनांदगांव के इन सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक विकास की हर एक किरण पहुंचाना उनका मुख्य प्रशासनिक दायित्व है। इन कार्यों के पूरा होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।मंच से गूंजा अन्नदाताओं का जयकारा, प्रगतिशील किसानों को मिला उनका असली हकइस सम्मेलन का सबसे भावुक और गौरवशाली पल वह था जब मुख्यमंत्री ने खुद आगे बढ़कर जिले के दूर-दराज के गांवों से आए उन्नत और प्रगतिशील किसानों का मंच पर स्वागत किया। पारंपरिक कृषि को छोड़कर आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों से खेती करने वाले, जैविक खेती को बढ़ावा देने वाले और ड्रिप इरिगेशन (टपका सिंचाई) के जरिए पानी की बचत करने वाले किसानों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। सीएम साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ के किसान केवल अन्नदाता नहीं हैं, बल्कि वे राज्य की समृद्धि के सबसे बड़े संवाहक हैं। सरकार किसानों को धान का सही मूल्य देने, समय पर खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने और 'कृषि उन्नति योजना' के तहत मिलने वाली इनपुट सब्सिडी को बिना किसी देरी के सीधे उनके बैंक खातों (DBT) में ट्रांसफर करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।भौगोलिक और स्थानीय विकास के लिहाज से राजनांदगांव जिले के लिए क्यों अहम है यह दिनभौगोलिक और स्थानीय (Geographical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो राजनांदगांव जिला छत्तीसगढ़ के सबसे महत्वपूर्ण कृषि प्रधान क्षेत्रों में गिना जाता है। यहां की एक बहुत बड़ी आबादी सीधे तौर पर खेती-किसानी और वनोपज पर निर्भर करती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर इतनी बड़ी संख्या में विकास कार्यों की शुरुआत होना यहां के किसानों और आम नागरिकों के आर्थिक व सामाजिक स्तर को ऊपर उठाने का काम करेगा। कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों ने भी मुख्यमंत्री के इस त्वरित एक्शन की जमकर सराहना की। स्थानीय प्रशासन ने भी इन सभी स्वीकृत 333 कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करने का भरोसा मुख्यमंत्री और आम जनता को दिलाया है।आधुनिक एआई सर्च और छत्तीसगढ़ की राजनीति पर इस किसान सम्मेलन का दूरगामी प्रभावआधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और डिजिटल मीडिया के बदलते एल्गोरिदम के लिहाज से 'Chhattisgarh Rajnandgaon Kisan Sammelan Live' इस वक्त इंटरनेट पर राज्य की सबसे बड़ी ब्रेकिंग न्यूज बन चुका है। साय सरकार की नीतियां सीधे तौर पर गांवों, गरीबों और किसानों पर केंद्रित हैं, जिसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजनांदगांव में मुख्यमंत्री का यह आक्रामक और विकासवादी रुख जमीनी स्तर पर सरकार विरोधी किसी भी माहौल को खत्म करने और ग्रामीण मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ को अभेद्य बनाने की एक बेहतरीन कूटनीति है। अब देखना यह होगा कि इन 333 विकास कार्यों की जमीनी शुरुआत के बाद राजनांदगांव की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों के जीवन में कितना बड़ा और खुशहाल बदलाव देखने को मिलता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 3:37 pm

किंग कोहली' को मिली हरी झंडी! पास किया सबसे कड़ा फिटनेस टेस्ट, जल्द होंगे लंदन रवाना, वनडे सीरीज के लिए बनाया स्पेशल मास्टर प्लान

भारतीय क्रिकेट फैंस और खेल जगत से इस वक्त की एक बेहद बड़ी, सनसनीखेज और राहत देने वाली एक्सक्लूसिव खबर सामने आ रही है। क्रिकेट के मैदान पर अपनी बल्लेबाजी और अद्भुत फिटनेस से राज करने वाले 'किंग कोहली' यानी विराट कोहली (Virat Kohli) पूरी तरह से 'मैच-रेडी' हो चुके हैं। पिछले कुछ समय से मैदान से दूर चल रहे भारतीय रन-मशीन विराट कोहली को राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA Bengaluru) के मेडिकल स्टाफ और ट्रेनर्स ने पूरी तरह फिट घोषित करते हुए फिटनेस सर्टिफिकेट (Fitness Certificate) जारी कर दिया है। एक वरिष्ठ खेल संवाददाता और क्रिकेट रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह खबर टीम इंडिया (Team India) के आगामी विदेशी दौरों और आईसीसी मिशन के लिए सबसे बड़ा बूस्टर डोज साबित होने जा रही है। फिटनेस की हरी झंडी मिलने के तुरंत बाद अब कोहली आगामी वनडे सीरीज की विशेष तैयारियों के लिए बहुत जल्द लंदन (London) रवाना होने वाले हैं।एनसीए में हुआ कड़ा फिटनेस टेस्ट, यो-यो टेस्ट से लेकर मोशन एनालिसिस तक सब कुछ किया पासइस पूरे घटनाक्रम की इनसाइड स्टोरी को समझें तो विराट कोहली की फिटनेस को जांचने के लिए बैंगलुरू की नेशनल क्रिकेट एकेडमी में एक बेहद कड़ा और वैज्ञानिक पैमानों पर आधारित टेस्ट शेड्यूल तैयार किया गया था। इस टेस्ट के दौरान न केवल उनके पारंपरिक यो-यो टेस्ट (Yo-Yo Test Score) के स्तर को जांचा गया, बल्कि मैदान पर उनकी रनिंग स्पीड, मांसपेशियों की रिकवरी क्षमता और री-स्टार्ट टाइमिंग का भी बारीकी से बायो-मैकेनिकल और मोशन एनालिसिस किया गया। एनसीए के फिजियो और फिटनेस प्रमुख कोहली की फिटनेस रिपोर्ट देखकर बेहद प्रभावित हुए, क्योंकि ३७ की उम्र को छूने के बाद भी उनके फिटनेस पैरामीटर्स युवा खिलाड़ियों से कहीं ज्यादा बेहतर पाए गए। सभी पैमानों पर शत-प्रतिशत खरा उतरने के बाद डॉक्टरों की टीम ने उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की लिखित मंजूरी दे दी है।क्यों खास है विराट कोहली का लंदन दौरा, काउंटी कंडीशंस और इंग्लिश पिचों पर करेंगे कड़ा अभ्यासलंदन रवानगी के पीछे विराट कोहली का एक बड़ा रणनीतिक और तकनीकी मकसद छिपा हुआ है। आगामी महत्वपूर्ण एकदिवसीय (ODI Series) और टेस्ट श्रृंखलाओं को ध्यान में रखते हुए कोहली इंग्लैंड की परिस्थितियों में खुद को ढालना चाहते हैं। लंदन और उसके आसपास के हाई-टेक इनडोर और आउटडोर क्रिकेट क्लबों में वे लाल और सफेद गेंद से विशेष अभ्यास सत्रों (Net Sessions) में हिस्सा लेंगे। ब्रिटेन के इस स्पेशल कंडीशनिंग कैंप के दौरान कोहली स्विंग और सीम होती गेंदों के सामने अपने फुटवर्क और शॉट सिलेक्शन को और अधिक अचूक बनाएंगे। उनके इस निजी अभ्यास सत्र के दौरान कुछ चुनिंदा विदेशी नेट बॉलर्स और थ्रो-डाउन एक्सपर्ट्स की सेवाएं भी ली जा रही हैं, ताकि वे मैच जैसी वास्तविक परिस्थितियों का सामना कर सकें।आगामी वनडे सीरीज में नंबर 3 पर मचेगा कोहराम, कप्तान और हेड कोच की रणनीतियों को मिला बलभौगोलिक और रणनीतिक (Geographical & Tactical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो भारतीय वनडे टीम का पूरा ताना-बाना विराट कोहली के इर्द-गिर्द घूमता है। नंबर तीन की पोजीशन पर कोहली का रिकॉर्ड पूरी दुनिया में सबसे बेमिसाल रहा है। आगामी बड़ी वनडे सीरीज में उनकी वापसी से भारतीय बैटिंग ऑर्डर को वो जरूरी गहराई और स्थिरता मिलेगी, जिसकी कमी पिछले कुछ मैचों में साफ खल रही थी। टीम इंडिया के कप्तान और हेड कोच ने भी कोहली के फिट होने पर गहरी खुशी जताई है। टीम मैनेजमेंट का मानना है कि कोहली की मैदान पर मौजूदगी मात्र से ही विपक्षी कप्तानों पर मनोवैज्ञानिक दबाव आधा हो जाता है और टीम के युवा बल्लेबाजों का आत्मविश्वास दोगुना बढ़ जाता है।आधुनिक एआई सर्च और दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों के बीच शीर्ष पर ट्रेंड कर रही किंग की वापसीआधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और डिजिटल मीडिया के बदलते एल्गोरिदम के लिहाज से 'Virat Kohli Fitness Certificate Live' इस वक्त इंटरनेट पर खेल जगत की सबसे बड़ी ट्रेंडिंग न्यूज बन चुकी है। सोशल मीडिया पर फैंस #KingKohli के साथ उनकी मैदान पर वापसी का जश्न मना रहे हैं। क्रिकेट समीक्षकों का मानना है कि कोहली की यह कड़ी तैयारी और लंदन का विशेष सत्र इस बात का साफ प्रमाण है कि उनके भीतर रनों की भूख अभी भी वैसी ही बरकरार है जैसी एक दशक पहले थी। अब पूरी दुनिया को इंतजार है उस पल का जब किंग कोहली हाथ में बल्ला थामे लंदन की फ्लाइट पकड़ेंगे और मैदान पर उतरकर अपने बल्ले से एक बार फिर शतकों का नया इतिहास लिखेंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 3:36 pm

ऋषभ पंत की दिल्ली कैपिटल्स में हुई सनसनीखेज वापसी! झेला 12 करोड़ का भारी नुकसान

क्रिकेट के गलियारों और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL Trade Updates) के चाहने वालों के लिए इस वक्त की सबसे बड़ी, सनसनीखेज और चौंकाने वाली आधिकारिक खबर सामने आ रही है। आईपीएल इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे हाई-प्रोफाइल 'प्लेयर स्वैप' आखिरकार पूरी तरह से फाइनल हो गया है। लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के कप्तान और धाकड़ विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant) ने एक बार फिर अपनी पुरानी और पसंदीदा फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) में वापसी कर ली है। एक खेल विश्लेषक और वरिष्ठ क्रिकेट रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह ट्रेड इस मायने में ऐतिहासिक है क्योंकि ऋषभ पंत ने दिल्ली वापस लौटने के लिए अपने निजी फायदे को पूरी तरह से दांव पर लगा दिया और आईपीएल इतिहास का सबसे बड़ा 'पे-कट' (सैलरी में कटौती) स्वीकार किया है। आइए जानते हैं इस महा-ट्रेड की पूरी वित्तीय इनसाइड स्टोरी और लखनऊ से दिल्ली के इस सफर के पीछे के असल समीकरण।लखनऊ में मिलते थे रिकॉर्ड 27 करोड़ रुपये, दिल्ली कैपिटल्स में इतने करोड़ पर लगी मुहरइस पूरे मेगा ट्रेड के वित्तीय गणित (IPL Purse Calculation) को अगर गहराई से समझें, तो ऋषभ पंत को आईपीएल 2025 की मेगा नीलामी (Mega Auction) के दौरान संजीव गोयनका की टीम लखनऊ सुपर जायंट्स ने रिकॉर्डतोड़ 27 करोड़ रुपये की अविश्वसनीय बोली लगाकर अपनी टीम में शामिल किया था। यह आईपीएल इतिहास की अब तक की सबसे महंगी बोली का ऑल-टाइम रिकॉर्ड है। लेकिन दिल्ली कैपिटल्स में वापस आने की अपनी जिद और पुरानी टीम से लगाव के कारण पंत ने अपनी फीस में सीधे 12 करोड़ रुपये की भारी-भरकम कटौती स्वीकार की है। अब वे दिल्ली कैपिटल्स में महज 15 करोड़ रुपये की संशोधित फीस पर शामिल हुए हैं। इस बड़े फैसले के बाद पंत रविंद्र जडेजा के बाद दूसरे ऐसे बड़े भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने अपनी फ्रेंचाइजी बदलने के लिए अपनी करोड़ों की सैलरी को खुद ही कम कर लिया।ऋषभ पंत की जगह कुलदीप यादव की लखनऊ में एंट्री, जानिए स्पिनर का नया कॉन्ट्रैक्टआईपीएल गवर्निंग काउंसिल (IPL Governing Council) के नियमों के मुताबिक यह कोई सीधा खिलाड़ी-बदले-खिलाड़ी (Player-for-Player) का सामान्य सौदा नहीं है। इस ब्लॉकबस्टर डील के तहत दिल्ली कैपिटल्स के स्टार चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) अब लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम का हिस्सा बन गए हैं। कुलदीप यादव को उनकी पुरानी सैलरी यानी 13.50 करोड़ रुपये की मौजूदा कीमत पर ही लखनऊ की टीम में ट्रांसफर किया गया है। चूंकि पंत की पुरानी कीमत 27 करोड़ रुपये थी, इसलिए लखनऊ की टीम ने इस सौदे के वित्तीय संतुलन को बराबर करने के लिए दिल्ली कैपिटल्स से कैश एडजस्टमेंट भी किया है। इस अदला-बदली से लखनऊ सुपर जायंट्स के पर्स में आगामी मिनी-नीलामी के लिए लगभग 13.75 करोड़ रुपये का बड़ा फायदा हुआ है, जबकि दिल्ली के पर्स से कुछ राशि कम होगी।लखनऊ के खराब प्रदर्शन और कप्तानी छोड़ने के फैसले के बाद तैयार हुआ था यह बैकस्टेज ड्रामाअगर इस कड़े फैसले के बैकस्टेज कारणों पर नजर डालें, तो ऋषभ पंत का लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ पिछला सीजन (IPL 2026) एक बुरे सपने की तरह गुजरा था। उनकी कप्तानी में लखनऊ की टीम पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे यानी 10वें स्थान पर रही थी, जहां टीम 14 मैचों में से सिर्फ 4 मैच ही जीत सकी थी। खुद पंत का प्रदर्शन भी बतौर बल्लेबाज बेहद औसत रहा और वे 13 पारियों में केवल 312 रन ही बना सके थे। सीजन के खत्म होते ही टीम डायरेक्टर टॉम मूडी और हेड कोच जस्टिन लैंगर की मौजूदगी वाले ऑस्ट्रेलियाई कोचिंग स्टाफ ने लीडरशिप में 'रीसेट' (बदलाव) करने की इच्छा जताई थी। कप्तानी के इस विवाद और टीम मैनेजमेंट से मतभेदों के बाद पंत ने खुद कप्तानी छोड़ने का ऐलान कर दिया था और दिल्ली कैपिटल्स के मालिकों के साथ अपने पुराने मजबूत पारिवारिक रिश्तों के दम पर इस ऐतिहासिक घर वापसी का रास्ता तैयार किया।दिल्ली कैपिटल्स के लिए पूरी तरह 'होमकमिंग', युवराज सिंह की कोचिंग में खेलेंगे पंतभौगोलिक और स्थानीय (Geographical & Local Optimization) लिहाज से ऋषभ पंत और दिल्ली कैपिटल्स का रिश्ता लगभग एक दशक पुराना है। पंत ने साल 2016 से 2024 तक लगातार 9 सीजन दिल्ली के लिए खेले हैं और वे इस फ्रेंचाइजी के लिए सबसे ज्यादा 111 मैच खेलने वाले इकलौते खिलाड़ी हैं। इसके साथ ही उन्होंने 43 मैचों में दिल्ली की कप्तानी भी की है। आधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) के विश्लेषण के मुताबिक, दिल्ली कैपिटल्स के खेमे में इस वक्त एक और बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जिसमें भारत के दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) बतौर बैटिंग कोच टीम के साथ जुड़ सकते हैं। युवराज सिंह और ऋषभ पंत के बीच बेहद करीबी गुरु-चेले जैसे संबंध रहे हैं। युवराज की देखरेख में खेलने की इच्छा ने भी पंत के इस दिल्ली वापसी के फैसले को सबसे ज्यादा रफ्तार दी है। अब देखना यह होगा कि अपनी पसंदीदा जर्सी में वापस लौटने के बाद पंत का बल्ला आगामी सीजन में कितना कोहराम मचाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 3:33 pm

बिहार में गूंजा 'एक देश में दो विधान-दो निशान नहीं चलेंगे' का नारा, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने किस महान बलिदान की दिलाई याद

बिहार की सियासत और राष्ट्रवाद के गलियारों से इस वक्त की एक बेहद बड़ी और वैचारिक रूप से महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Deputy CM Samrat Choudhary) ने एक विशेष कार्यक्रम के दौरान राष्ट्र की एकता और अखंडता को लेकर एक बेहद आक्रामक और बड़ा बयान दिया है। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक नारे 'एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे' को बुलंद करते हुए पूरे देश को एक ऐतिहासिक और भावुक कर देने वाले बलिदान की याद दिलाई। एक वरिष्ठ राजनीतिक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो सम्राट चौधरी का यह बयान केवल एक राजनीतिक भाषण नहीं है, बल्कि यह आधुनिक भारत के निर्माण, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के खात्मे और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की उस लंबी लड़ाई की याद दिलाता है जिसके लिए एक महान देशभक्त ने अपने प्राणों की आहुति दे दी थी।डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के उस ऐतिहासिक और सर्वोच्च बलिदान की पूरी इनसाइड स्टोरीइस बड़े बयान के पीछे छिपे ऐतिहासिक और वैचारिक पृष्ठभूमि को अगर हम गहराई से समझें, तो सम्राट चौधरी ने जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (Dr. Syama Prasad Mookerjee) के बलिदान दिवस के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए यह बातें कहीं। आजादी के बाद जब जम्मू-कश्मीर में जाने के लिए अलग परमिट की व्यवस्था थी और वहां का अलग झंडा और अलग संविधान था, तब डॉ. मुखर्जी ने इस व्यवस्था का पुरजोर विरोध किया था। उन्होंने नारा दिया था कि एक ही देश के भीतर दो प्रधान, दो विधान (संविधान) और दो निशान (झंडे) कभी स्वीकार नहीं किए जा सकते। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए वे बिना परमिट के जम्मू-कश्मीर की सीमा में दाखिल हुए थे, जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और रहस्यमयी परिस्थितियों में जेल के भीतर ही उनका सर्वोच्च बलिदान हो गया।अनुच्छेद 370 का खात्मा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा हुआ वो अधूरा सपनाउपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में आगे कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की अखंडता के लिए जो सपना देखा था और जिस विचार के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया था, उसे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के कड़े और ऐतिहासिक फैसलों ने सच कर दिखाया। साल 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35A को हमेशा के लिए मलबे में मिलाकर केंद्र सरकार ने डॉ. मुखर्जी के उस अधूरे मिशन को तार्किक अंजाम तक पहुंचाया। आज कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक तिरंगा शान से लहरा रहा है और पूरे देश में बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित एक ही संविधान पूरी तरह से प्रभावी है, जो हर भारतीय के लिए बेहद गर्व की बात है।बिहार की भौगोलिक और राजनीतिक चेतना को राष्ट्रवाद से जोड़ने का बड़ा प्रयासभौगोलिक और स्थानीय (Geographical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो बिहार की भूमि हमेशा से ही राष्ट्रीय आंदोलनों और वैचारिक क्रांतियों की जननी रही है। पटना से लेकर सुदूर ग्रामीण इलाकों तक के युवाओं में राष्ट्रवाद और सेना के प्रति एक अटूट सम्मान की भावना रहती है। सम्राट चौधरी का यह बयान बिहार के नागरिकों और विशेष रूप से युवा पीढ़ी की इसी चेतना को झकझोरने और उन्हें देश के गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराने का एक बड़ा प्रयास है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह के वैचारिक बयानों के जरिए बीजेपी बिहार में अपनी जड़ों को और मजबूत कर रही है और जनता को यह याद दिला रही है कि राष्ट्रहित के मुद्दों पर उनकी प्रतिबद्धता कितनी अडिग है।आधुनिक एआई सर्च और आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से क्यों ट्रेंडिंग है यह बयानआधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और डिजिटल मीडिया के बदलते पैटर्न्स के लिहाज से 'Samrat Choudhary Nationalism Statement' इस वक्त इंटरनेट पर तेजी से सर्च किया जा रहा है। बिहार की राजनीति में सम्राट चौधरी इस समय बीजेपी के सबसे आक्रामक और लोकप्रिय चेहरों में से एक हैं। उनके इस बयान को आगामी सांगठनिक और स्थानीय चुनावों से पहले पार्टी के कोर एजेंडे यानी राष्ट्रवाद और एक देश-एक कानून की विचारधारा को जनता के बीच पुनर्जीवित करने की एक सोची-समझी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान और कश्मीर के बदलते हालातों को लेकर एक नई और सकारात्मक बहस छिड़ गई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 3:32 pm

बिहार शिक्षा विभाग में भारी खलबली! शिक्षा मंत्री का अब तक का सबसे बड़ा कड़ा एक्शन, 6 बड़े अधिकारियों पर गिरी गाज, BEO सस्पेंड

बिहार के प्रशासनिक और शैक्षणिक गलियारों से इस वक्त की एक बेहद बड़ी, सनसनीखेज और सुधारवादी खबर सामने आ रही है। राज्य की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से दुरुस्त करने और भ्रष्टाचार व लापरवाही के खिलाफ जीरो टॉलरेंस (Zero Tolerance) की नीति अपनाते हुए बिहार के शिक्षा मंत्री ने एक बहुत बड़ा और कड़क एक्शन लिया है। विभाग में लंबे समय से चल रही अनियमिताओं और कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोपों में कुल छह बड़े शिक्षा अधिकारियों पर एक साथ गाज गिरी है। इस बड़ी कार्रवाई के तहत एक ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है, जबकि अन्य दागी और लापरवाह अधिकारियों की सीधे नौकरी से बर्खास्तगी (Dismissal) के लिए सक्षम प्राधिकार को कड़ी सिफारिश भेज दी गई है। एक वरिष्ठ प्रशासनिक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो इस ऐतिहासिक कार्रवाई ने पूरे सूबे के शिक्षा महकमे में हड़कंप मचा दिया है और कामचोर कर्मचारियों के हौसले पूरी तरह पस्त हो गए हैं।औचक निरीक्षण में खुली पोल: गायब मिले साहब और फाइलों में मिली भारी गड़बड़ीइस पूरे हाई-प्रोफाइल प्रशासनिक एक्शन की इनसाइड स्टोरी को समझें तो शिक्षा मंत्री के निर्देश पर विभाग की उच्च स्तरीय टीमों ने राज्य के विभिन्न जिलों और प्रखंडों (ब्लॉक्स) के शिक्षा कार्यालयों और सरकारी स्कूलों का अचानक औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया था। इस विशेष चेकिंग अभियान के दौरान कई चौंकाने वाली हकीकतें सामने आईं। जांच टीम को पता चला कि कई अधिकारी बिना किसी पूर्व सूचना या आधिकारिक छुट्टी के अपने दफ्तरों से गायब थे, जिससे आम जनता और शिक्षकों के जरूरी काम हफ्तों से लटके पड़े थे। इसके अतिरिक्त, जब कार्यालयों के वित्तीय रिकॉर्ड, छात्रवृत्ति वितरण और मिड-डे मील से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलों को खंगाला गया, तो उनमें व्यापक स्तर पर वित्तीय अनियमितताएं और गंभीर कमियां पाई गईं। इसी पुख्ता जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा मंत्री ने सीधे एक्शन की फाइल पर अपनी मुहर लगा दी।एक बीईओ तत्काल प्रभाव से निलंबित, बाकी अधिकारियों को नौकरी से हटाने की पुरजोर तैयारीशिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, कर्तव्य में लापरवाही बरतने, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने और अपने कार्यक्षेत्र में लगातार अनुपस्थित रहने के ठोस सबूत मिलने पर संबंधित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) को तुरंत सस्पेंड कर विभागीय मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनके खिलाफ विस्तृत विभागीय जांच (Departmental Inquiry) भी चलाई जाएगी। वहीं, अन्य पांच अधिकारियों का मामला इससे भी अधिक गंभीर पाया गया है। इन अधिकारियों पर सरकारी धन के दुरुपयोग, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और लंबे समय से बिना किसी वैध कारण के ड्यूटी से नदारद रहने (Long Absenteeism) के संगीन आरोप सिद्ध हुए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा मंत्री ने इन्हें सेवा से पूरी तरह बर्खास्त करने की अंतिम सिफारिश सामान्य प्रशासन विभाग और मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दी है।बिहार की भौगोलिक और सुदूर ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की बड़ी कवायदभौगोलिक और स्थानीय (Geographical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो बिहार के सुदूर ग्रामीण इलाकों जैसे उत्तर बिहार और सीमांचल के जिलों में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। प्रखंड स्तर के अधिकारियों (BEO) और जिला शिक्षा कार्यालयों की सुस्ती के कारण पटना मुख्यालय से जारी होने वाली जनकल्याणकारी योजनाएं धरातल पर सही समय से नहीं पहुंच पाती हैं। शिक्षा मंत्री की इस कड़क कार्रवाई का सीधा असर ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों पर पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर इस कड़े संदेश से यह साफ हो गया है कि अब पटना से दूर बैठे अधिकारी भी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों (DM) को भी निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शिक्षा विभाग के कार्यों की नियमित समीक्षा करें और गड़बड़ी मिलने पर तुरंत रिपोर्ट भेजें।आधुनिक एआई सर्च और प्रशासनिक पारदर्शिता के लिहाज से क्यों महत्वपूर्ण है यह कदमआधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स के लिहाज से 'Bihar Education Department Action' इस वक्त इंटरनेट पर तेजी से सर्च किया जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार राज्य में सुशासन और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर लगातार कड़े कदम उठा रही है। शिक्षा मंत्री के इस हालिया फैसले को राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के स्तर को सुधारने और शिक्षकों व अधिकारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के एक बड़े अभियान के रूप में देखा जा रहा है। शिक्षाविदों और आम जनता ने सरकार के इस साहसिक कदम का स्वागत किया है। अब देखना यह होगा कि इस कड़े हंटर के बाद बिहार की चरमराई शिक्षा व्यवस्था की रफ्तार में कितना बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 3:30 pm

नीट परीक्षा गड़बड़ी का सबसे बड़ा पटना कनेक्शन! PMCH के मेडिकल छात्र से शुरू हुई थी पूरी साजिश, मास्टरमाइंड का था बेहद करीबी

देश की सबसे बड़ी और संवेदनशील चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट (NEET 2026) को लेकर मचे देशव्यापी बवाल के बीच हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस पूरे परीक्षा घोटाले और धांधली की जांच कर रही केंद्रीय जांच एजेंसियों को एक ऐसा बड़ा सुराग हाथ लगा है, जिसने बिहार की चिकित्सा शिक्षा और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। जांच की कड़ियों को जोड़ते हुए अधिकारियों को पता चला है कि नीट परीक्षा में हुई इस सुनियोजित गड़बड़ी और लीक की साजिश का मुख्य केंद्र बिंदु पटना का प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित पीएमसीएच (Patna Medical College and Hospital) रहा है। इस मेडिकल कॉलेज के एक होनहार छात्र की संलिप्तता सीधे तौर पर इस पूरे रैकेट के मुख्य मास्टरमाइंड के साथ पाई गई है, जो कि उसका बेहद करीबी और राजदार माना जा रहा है। एक अपराध और शिक्षा खोजी रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह कोई सामान्य धांधली नहीं, बल्कि एक बेहद हाई-प्रोफाइल और संगठित सिंडिकेट का काम है, जिसकी परतें अब धीरे-धीरे खुलनी शुरू हो गई हैं।सॉल्वर गैंग का मुख्य हिस्सा था पीएमसीएच का छात्र, परीक्षा से ठीक पहले तैयार किया गया था ब्लूप्रिंटजांच टीम के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पीएमसीएच का यह संदिग्ध छात्र खुद एक बेहद मेधावी छात्र रहा है और उसने कुछ ही साल पहले अच्छे अंकों के साथ नीट परीक्षा क्रैक की थी। उसकी इसी प्रतिभा का फायदा उठाने के लिए परीक्षा माफिया और पेपर लीक के मुख्य मास्टरमाइंड ने उसे अपने जाल में फंसाया। इस छात्र पर आरोप है कि वह इस अंतरराज्यीय 'सॉल्वर गैंग' (Solver Gang) का एक मुख्य स्तंभ था, जिसका काम मोटी रकम के बदले लीक हुए प्रश्नपत्रों के सटीक उत्तर (आंसर-की) बेहद कम समय में तैयार करना था। परीक्षा से ठीक पहले पटना के एक गुप्त ठिकाने पर इस छात्र और मास्टरमाइंड के बीच कई दौर की गोपनीय बैठकें हुईं, जहां परीक्षा के दिन डिजिटल माध्यमों से उत्तरों को देश के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों तक ट्रांसफर करने का पूरा ब्लूप्रिंट तैयार किया गया था।इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और भारी कैश बरामद, बैंक खातों के मनी ट्रेल को खंगाल रही जांच एजेंसीजैसे ही तकनीकी सर्विलांस और पकड़े गए अन्य आरोपियों के बयानों के आधार पर जांच एजेंसी ने पीएमसीएच के हॉस्टल और छात्र के ठिकानों पर अचानक छापेमारी की, तो वहां से कई आपत्तिजनक दस्तावेज और अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए। इन उपकरणों में गुप्त ब्लूटूथ डिवाइस, माइक्रो सिम कार्ड और कई परीक्षार्थियों के ओरिजिनल एडमिट कार्ड शामिल हैं। इसके साथ ही, छात्र के बैंक खातों की जांच में लाखों रुपये के संदिग्ध और अचानक हुए लेन-देन का भी पता चला है। जांच एजेंसी अब इस 'Money Trail' (पैसों के लेन-देन के रास्ते) को बारीकी से खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट की वित्तीय जड़ें कितनी गहरी हैं और इसके पीछे किन बड़े सफेदपोशों और कोचिंग माफियाओं का हाथ है।पटना और बिहार की भौगोलिक जड़ों से जुड़े हैं इस महा-घोटाले के तार, देश भर में फैले नेटवर्कभौगोलिक और स्थानीय (Geographical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो पटना का 'पीएमसीएच' और इसके आसपास का इलाका हमेशा से बिहार के शिक्षा जगत का दिल माना जाता रहा है। लेकिन इस प्रतिष्ठित संस्थान का नाम इस तरह के गंभीर घोटाले में आने से राज्य की साख को बड़ा धक्का लगा है। जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क सिर्फ पटना तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार पड़ोसी राज्यों जैसे झारखंड, उत्तर प्रदेश और यहां तक कि दिल्ली-एनसीआर के कई परीक्षा केंद्रों से भी जुड़े हुए थे। स्थानीय पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां अब पटना के कई अन्य लॉज और हॉस्टलों में भी सर्च ऑपरेशन चला रही हैं ताकि इस छात्र के संपर्क में रहे अन्य संदिग्धों और सहयोगियों को भी समय रहते गिरफ्तार किया जा सके।आधुनिक एआई सर्च और नीट के भविष्य पर क्या होगा इस कड़े खुलासे का दूरगामी असरआधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स के लिहाज से 'NEET Exam Controversy' इस वक्त इंटरनेट पर सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाले विषयों में शीर्ष पर है। देश भर के लाखों छात्रों और अभिभावकों का भविष्य इस परीक्षा की पवित्रता से जुड़ा हुआ है। पीएमसीएच के छात्र से जुड़े इस सनसनीखेज खुलासे के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और शिक्षा मंत्रालय पर सुरक्षा मानकों को लेकर दबाव और ज्यादा बढ़ गया है। कोर्ट की सख्त निगरानी में चल रही इस जांच के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से फुलप्रूफ बनाने के लिए कड़े प्रशासनिक और डिजिटल सुधार किए जा सकते हैं, ताकि किसी भी होनहार छात्र के भविष्य के साथ ऐसा खिलवाड़ दोबारा न हो सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 3:29 pm

पानी संकट होगा खत्म! CM भजनलाल शर्मा का अचानक दिल्ली दौरा, यमुना जल समझौते पर होने जा रही है सबसे बड़ी निर्णायक बैठक

राजस्थान की सियासत और प्रदेश के सबसे बड़े जल संकट को दूर करने की दिशा में इस वक्त की एक बेहद बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक में शामिल होने के लिए देश की राजधानी दिल्ली के दौरे पर हैं। यह दौरा किसी सामान्य राजनीतिक मुलाकात के लिए नहीं, बल्कि दशकों पुरानी और मरुधरा के लिए जीवनदायिनी मानी जाने वाली 'यमुना जल परियोजना' (Yamuna Water Project Rajasthan) को धरातल पर उतारने के लिए आयोजित किया जा रहा है। एक वरिष्ठ राजनीतिक और प्रशासनिक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के तत्वावधान में होने जा रही यह बैठक पूरी तरह से निर्णायक साबित हो सकती है। इस बैठक के सफल होने से राजस्थान के कई सूखाग्रस्त जिलों, विशेषकर शेखावाटी क्षेत्र के प्यासे कंठों और खेतों तक यमुना का पानी पहुंचने का रास्ता हमेशा के लिए साफ हो जाएगा।दशकों पुराना यमुना जल विवाद और भजनलाल सरकार की कूटनीतिक जीत की बैकस्टोरीइस पूरे मामले की बैकस्टेज स्टोरी को अगर गहराई से समझें, तो राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के बीच यमुना नदी के पानी के बंटवारे को लेकर साल 1994 से ही विवाद और समझौते की फाइलें धूल फांक रही थीं। पूर्व की सरकारों के समय इच्छाशक्ति की कमी के कारण राजस्थान को अपने हक का पानी नहीं मिल पा रहा था। लेकिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सत्ता संभालते ही पड़ोसी राज्य हरियाणा के साथ कूटनीतिक स्तर पर बातचीत शुरू की और पिछले दिनों एक ऐतिहासिक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। अब इस पूरी योजना को अमलीजामा पहनाने, पाइपलाइन के रूट मैप को फाइनल करने और इसके लिए आवश्यक भारी-भरकम बजट के आवंटन को लेकर दिल्ली में यह महा-बैठक बुलाई गई है, जिसमें केंद्रीय मंत्रियों के साथ तीनों राज्यों के शीर्ष नौकरशाह भी शामिल हो रहे हैं।शेखावाटी के तीन जिलों सहित मरुधरा के इन बड़े इलाकों की पूरी तरह बदल जाएगी तकदीरभौगोलिक और स्थानीय (Geographical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह परियोजना राजस्थान के चूरू, झुंझुनूं और सीकर (शेखावाटी क्षेत्र) के साथ-साथ बियाबान माने जाने वाले कई अन्य इलाकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इन क्षेत्रों में भूजल स्तर खतरनाक रूप से नीचे जा चुका है और पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने के कारण स्थानीय आबादी गंभीर बीमारियों से जूझ रही है। यमुना जल परियोजना के तहत हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से पाइपलाइनों के जरिए शुद्ध पेयजल और सिंचाई का पानी सीधे राजस्थान के इन जिलों में लाया जाएगा। इस बैठक में पानी की मात्रा, वितरण प्रणाली और स्थानीय स्तर पर बनने वाले विशाल जल भंडारों (Water Reservoirs) के निर्माण को लेकर अंतिम मंजूरी दी जाएगी, जिससे आने वाले समय में यहां की खेती और पीने के पानी की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।हजारों करोड़ का बजट और आधुनिक अंडरग्राउंड पाइपलाइन तकनीक पर लगेगी अंतिम मुहरसचिवालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में हो रही इस निर्णायक बैठक में परियोजना की कुल अनुमानित लागत और उसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी (फंडिंग पैटर्न) पर सबसे महत्वपूर्ण चर्चा होगी। पारंपरिक खुली नहरों के बजाय इस बार पूरी परियोजना को 'अंडरग्राउंड कंक्रीट पाइपलाइन' (Underground Pipeline System) के जरिए पूरा करने का प्रस्ताव है। इस आधुनिक तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि रास्ते में पानी की चोरी और वाष्पीकरण (Evaporation) के कारण होने वाले नुकसान को शून्य किया जा सकेगा। इसके साथ ही जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) से जुड़े विवादों में भी भारी कमी आएगी। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम इस बैठक में मुख्यमंत्री के सामने अपना फाइनल प्रजेंटेशन देगी ताकि बिना किसी देरी के टेंडर प्रक्रिया की शुरुआत की जा सके।आधुनिक एआई सर्च और राजस्थान के चुनावी समीकरणों पर इस बैठक का दूरगामी असरआधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स के लिहाज से यह मुद्दा पूरे देश में शीर्ष पर बना हुआ है। 'पानी' राजस्थान की राजनीति का सबसे संवेदनशील और बड़ा चुनावी मुद्दा रहा है। भजनलाल शर्मा सरकार द्वारा यमुना जल परियोजना को हकीकत में बदलना आगामी स्थानीय निकाय और सांगठनिक चुनावों में बीजेपी के लिए एक बहुत बड़ा गेम चेंजर साबित हो सकता है। विपक्ष के पास लंबे समय से इस मुद्दे पर सरकार को घेरने का मौका था, लेकिन मुख्यमंत्री का यह त्वरित और आक्रामक रुख विरोधियों के राजनीतिक एजेंडे को पूरी तरह शांत कर देगा। अब पूरे राजस्थान की नजरें दिल्ली से आने वाले अंतिम फैसले पर टिकी हैं कि कब मरुधरा की प्यासी धरती पर यमुना मैया का आगमन होता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 3:27 pm

RPSC और RBSE से शुरू हुई बड़ी कवायद! अब राजस्थान के बोर्ड-आयोगों में मचेगी हलचल, जानें किसे मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी

राजस्थान की सियासत और सत्ता के गलियारों से इस वक्त की एक बेहद बड़ी और महत्वपूर्ण रणनीतिक खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने राज्य में लंबे समय से लंबित पड़ी राजनीतिक नियुक्तियों (Political Appointments in Rajasthan) का पिटारा खोलने की पूरी तैयारी कर ली है। इस महा-कवायद की शुरुआत राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) और राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) जैसी शीर्ष संस्थाओं में बड़े स्तर पर महत्वपूर्ण पदस्थापनों के साथ हो चुकी है। एक राजनीतिक विश्लेषक और वरिष्ठ रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह शुरुआती कदम इस बात का साफ संकेत है कि आने वाले दिनों में राज्य के विभिन्न बोर्डों, निगमों और आयोगों में राजनीतिक कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपने का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। सचिवालय से लेकर राजनीतिक हलकों तक इस वक्त केवल इसी बात की चर्चाएं तेज हैं।आरपीएससी और आरबीएसई से हुई शुरुआत: प्रशासनिक सुधार और साख बचाने की बड़ी चुनौतीइस पूरी कवायद के बैकस्टेज समीकरणों को समझें तो भजनलाल सरकार ने सबसे पहले राज्य की दो सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील संस्थाओं को चुना है। पिछले कुछ समय में पेपर लीक और विभिन्न प्रशासनिक विवादों के कारण आरपीएससी की साख पर जो सवाल उठे थे, उन्हें सुधारना सरकार की सबसे शीर्ष प्राथमिकता है। आरपीएससी और अजमेर स्थित माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) में योग्य और विश्वसनीय चेहरों की ताजपोशी कर सरकार ने यह साफ संदेश दे दिया है कि वे पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ रहे हैं। इन प्रमुख पदों पर नियुक्तियों के बाद अब प्रशासनिक मशीनरी में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है, जो युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए भी बेहद अहम है।बोर्ड और आयोगों में नियुक्तियों की बारी: कार्यकर्ताओं का इंतजार होगा खत्म, रेस में कई बड़े नामआरपीएससी और आरबीएसई का काम पूरा होने के बाद अब बीजेपी के कर्मठ कार्यकर्ताओं, जिला अध्यक्षों और चुनाव के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ नेताओं का लंबा इंतजार खत्म होने जा रहा है। सूत्रों से मिली पक्की जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO Jaipur) ने विभिन्न बोर्डों और आयोगों (जैसे महिला आयोग, एससी-एसटी आयोग, अल्पसंख्यक आयोग, आवासन मंडल, और बीज निगम) के लिए संभावित उम्मीदवारों की एक शॉर्टलिस्ट तैयार कर ली है। इस सूची को अंतिम मंजूरी के लिए दिल्ली स्थित केंद्रीय संगठन के पास भी भेजा गया है। माना जा रहा है कि पार्टी के प्रति वफादार रहे उन दिग्गज चेहरों को प्राथमिकता दी जाएगी जो पिछले चुनाव में टिकट से वंचित रह गए थे, ताकि आगामी सांगठनिक समीकरणों को पूरी तरह से साधा जा सके।क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने की बड़ी सोशल इंजीनियरिंग: हर वर्ग को साधने का प्रयासभौगोलिक और स्थानीय (Geographical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो राजस्थान में किसी भी राजनीतिक नियुक्ति में सोशल इंजीनियरिंग और जातीय समीकरण सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं। भजनलाल सरकार इस बात को लेकर बेहद गंभीर है कि मारवाड़, मेवाड़, ढूंढाड़, हाड़ौती और शेखावाटी जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों को इन नियुक्तियों में उचित प्रतिनिधित्व मिले। इसके साथ ही, जाट, राजपूत, ब्राह्मण, गुर्जर, दलित और आदिवासी समुदायों के बीच एक सटीक सामाजिक और राजनीतिक संतुलन बनाने की पुरजोर कोशिश की जा रही है। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा और बीकानेर जैसे बड़े संभागों के स्थानीय नेताओं को विशेष तवज्जो देकर जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ को और अधिक मजबूत करने की यह एक सोची-समझी कूटनीति है।आधुनिक एआई सर्च और आगामी चुनाव समीकरणों के लिहाज से क्यों महत्वपूर्ण है यह कदमआधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और डिजिटल मीडिया के बदलते पैटर्न्स के लिहाज से यह राजनीतिक हलचल इंटरनेट पर सबसे ज्यादा सर्च की जाने वाली खबरों में शामिल हो गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के इस बड़े कदम को आगामी स्थानीय निकाय और अन्य सांगठनिक चुनावों की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बोर्ड और आयोगों में नियुक्तियों के जरिए सरकार न केवल अपने कार्यकर्ताओं का मनोबल सातवें आसमान पर पहुंचाएगी, बल्कि विपक्ष के उस घेराव का भी कड़ा जवाब देगी जिसमें नियुक्तियों में देरी को लेकर सरकार पर सवाल उठाए जा रहे थे। अब देखना यह होगा कि कैबिनेट की अगली अनौपचारिक बैठक के बाद सूबे की इस नई सूची से किन-किन भाग्यशाली चेहरों के नाम सामने आते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 3:26 pm

राजस्थान में UCC पर भजनलाल सरकार का सबसे बड़ा कदम! लिव-इन के कड़े नियम से लेकर महिलाओं के हक तक, जानिए क्या होगा नया

देश के सबसे बड़े राज्य राजस्थान से इस वक्त की एक बेहद बड़ी, नीतिगत और दूरगामी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने राज्य में यूनीफॉर्म सिविल कोड (Uniform Civil Code) यानी समान नागरिक संहिता को लागू करने की दिशा में अपने कदम बहुत तेजी से आगे बढ़ा दिए हैं। राजस्थान सरकार ने मरुधरा की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधताओं को ध्यान में रखते हुए यूसीसी का एक बेहद मजबूत और आधुनिक ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस नए कानून के आने के बाद विवाह, तलाक, गोद लेने की प्रक्रिया और पैतृक संपत्ति के बंटवारे जैसे संवेदनशील मामलों में सभी धर्मों के लिए एक समान कानून लागू हो जाएगा। एक वरिष्ठ राजनीतिक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो भजनलाल सरकार का यह फैसला उत्तराखंड के बाद देश में यूसीसी लागू करने वाला दूसरा बड़ा मील का पत्थर साबित होने जा रहा है, जिसने पूरे राज्य के प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में एक नई बहस छेड़ दी है।लिव-इन रिलेशनशिप का होगा कड़ा सरकारी रजिस्ट्रेशन: नियम तोड़ा तो मिलेगी सीधी जेलभजनलाल सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे यूसीसी ड्राफ्ट का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला पहलू 'लिव-इन रिलेशनशिप' (Live-in Relationship Rules) को लेकर आ रहा है। नए प्रावधानों के तहत अब राजस्थान में रहने वाले किसी भी लिव-इन कपल के लिए स्थानीय प्रशासन या संबंधित पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया जाएगा। यदि कोई जोड़ा बिना रजिस्ट्रेशन के एक साथ रहता हुआ पाया जाता है, तो उसे कानूनी रूप से अवैध माना जाएगा और इसके लिए भारी जुर्माने के साथ-साथ जेल की सजा का भी कड़ा प्रावधान किया जा रहा है। इसके अलावा, यदि लिव-इन रिलेशनशिप के दौरान किसी बच्चे का जन्म होता है, तो उसे माता-पिता की संपत्ति में पूरी तरह से वैध उत्तराधिकारी माना जाएगा, जिससे महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा को एक नया और मजबूत कानूनी आधार मिलेगा।महिलाओं के अधिकारों में होगी ऐतिहासिक क्रांति: पैतृक संपत्ति और गोद लेने पर समान हकराजस्थान यूसीसी बिल में आधी आबादी यानी महिलाओं के अधिकारों (Women Rights in UCC) को सबसे शीर्ष प्राथमिकता दी गई है। अब तक विभिन्न पर्सनल लॉ के कारण महिलाओं को संपत्ति और गोद लेने के मामलों में पुरुषों के मुकाबले कम अधिकार मिलते थे, लेकिन नया कानून इस असमानता को जड़ से खत्म कर देगा। चाहे शादीशुदा बेटी हो या अविवाहित, उसे अपने पिता की पैतृक संपत्ति में बेटों के बिल्कुल बराबर का कानूनी अधिकार मिलेगा। इसके साथ ही, तलाक की स्थिति में महिलाओं को मिलने वाले भरण-पोषण (Alimony) की प्रक्रिया को बेहद सरल और सख्त बनाया जा रहा है ताकि कोई भी पुरुष कानूनी पेचीदगियों का फायदा उठाकर बच न सके। सभी धर्मों की महिलाओं को बच्चा गोद लेने और अपनी इच्छा से विवाह करने की पूरी स्वतंत्रता यह कानून सुनिश्चित करेगा।बाल विवाह और बहुविवाह पर लगेगी पूरी तरह रोक: मरुधरा से खत्म होगी ये कुप्रथाभौगोलिक और स्थानीय (Geographical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो राजस्थान के कुछ सुदूर ग्रामीण इलाकों में आज भी आखा तीज जैसे त्योहारों पर बाल विवाह (Child Marriage) की खबरें प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनी रहती हैं। भजनलाल सरकार का यह नया यूसीसी कानून बाल विवाह की इस सामाजिक कुप्रथा पर हमेशा के लिए पूरी तरह से पूर्णविराम लगा देगा। इसके साथ ही, किसी भी धर्म के पुरुष को पहली पत्नी के रहते हुए दूसरी शादी करने यानी बहुविवाह (Polygamy) पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। विवाह की न्यूनतम आयु को सभी वर्गों के लिए कड़ाई से लागू किया जाएगा और हर शादी का सरकारी रजिस्ट्रेशन कराना कानूनी रूप से अनिवार्य होगा, जिससे भविष्य में होने वाले पारिवारिक और कानूनी विवादों में भारी कमी आएगी।आदिवासी समाज की सांस्कृतिक अनूठता का रखा जाएगा विशेष ध्यान: ड्राफ्ट में बड़ी छूट संभवराजस्थान में एक बहुत बड़ी आबादी अनुसूचित जनजाति (मीणा, भील, गरासिया आदि) की है, जिनकी अपनी एक बेहद समृद्ध, प्राचीन और अनूठी सांस्कृतिक परंपरा व रीति-रिवाज हैं। आधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और सामाजिक समीकरणों के लिहाज से यह मुद्दा सबसे संवेदनशील है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, भजनलाल सरकार इस बात को लेकर बेहद सतर्क है कि यूसीसी के कारण आदिवासियों के पारंपरिक अधिकारों और उनकी सांस्कृतिक पहचान को कोई ठेस न पहुंचे। इसी वजह से उत्तराखंड की तर्ज पर राजस्थान के इस ड्राफ्ट में भी आदिवासी समाज को कुछ विशेष मामलों में बड़ी छूट दी जा सकती है। सरकार की समिति इस विषय पर विभिन्न जनजातीय संगठनों और खाप पंचायतों से लगातार संवाद कर रही है ताकि एक सर्वमान्य और प्रगतिशील कानून मरुधरा की धरती पर लागू किया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 3:24 pm

डॉ. श्याम प्रसाद मुखर्जी पुण्यतिथि, जानें 5 अनसुने तथ्य

Dr. Syama Prasad Mukherjee: 23 जून को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि मनाई जाती है। वे स्वतंत्र भारत के प्रमुख राजनेता, शिक्षाविद और भारतीय जनसंघ के संस्थापक थे। उनका जीवन राष्ट्रवाद, शिक्षा और राजनीतिक संघर्षों से जुड़ा रहा। आइए जानते हैं ...

वेब दुनिया 23 Jun 2026 3:08 pm

कृत्रिम बारिश से दूरी, असली मानसून में शूट हो रही है ‘तुम्बाड 2’

मुंबई। वर्ष 2018 की चर्चित हॉरर फिल्म ‘तुम्बाड’ की तरह उसके सीक्वल ‘तुम्बाड 2’ में भी बारिश और प्रकृति कहानी का अहम हिस्सा बनने जा रही है। सूत्रों के अनुसार फिल्म की टीम कृत्रिम बारिश के बजाय वास्तविक मानसून में शूटिंग के लिए महाराष्ट्र के विभिन्न इलाकों में भारी वर्षा वाले स्थानों की तलाश कर […] The post कृत्रिम बारिश से दूरी, असली मानसून में शूट हो रही है ‘तुम्बाड 2’ appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jun 2026 3:07 pm

Uttarakhand: अर्द्धकुंभ 2027 के लिए सीएम धामी का बड़ा मास्टरप्लान, 156 करोड़ से बदलेगी ऋषिकेश त्रिवेणी घाट की सूरत

Uttarakhand Ardh Kumbh 2027: उत्तराखंड में साल 2027 में आयोजित होने वाले अर्द्धकुंभ को ऐतिहासिक, भव्य और दिव्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने एक बड़ा मास्टरप्लान तैयार किया है। इस महाआयोजन के मद्देनजर देवभूमि आने वाले ...

वेब दुनिया 23 Jun 2026 3:06 pm

रानी दुर्गावती के बलिदान की कहानी की 3 खास बातें

24 जून का दिन भारतीय इतिहास में एक ऐसी महानायिका के आत्म बलिदान को नमन करने का दिन है, जिसने दिल्ली के मुगल सम्राट के सामने सिर झुकाने के बजाय अपनी मातृभूमि के लिए प्राण न्यौछावर करना बेहतर समझा। वर्ष 2026 में भी उनका यह अदम्य साहस हर देशवासी को ...

वेब दुनिया 23 Jun 2026 3:04 pm

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए आवेदन आमंत्रित

नई दिल्ली। सरकार ने देश के सर्वोच्च राष्ट्रीय बाल सम्मान प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 के लिए नामांकन आमंत्रित किए हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि देश का यह प्रतिष्ठित सम्मान 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के उन बच्चों को दिया जाता है जिन्होंने बहादुरी, समाज सेवा, पर्यावरण, खेल, कला […] The post प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए आवेदन आमंत्रित appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Jun 2026 2:59 pm