2 साल, 2 इस्तीफे और 2 अलग-अलग मुख्यमंत्री... बी नागेंद्र को क्यों देना पड़ा इस्तीफा? Inside Story
नागेंद्र शुक्रवार को डीके शिवकुमार की कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया। भाजपा के लगातार हमलों और वाल्मीकि कॉरपोरेशन घोटाले के आरोपों के दबाव में उन्होंने यह कदम उठाया। इस्तीफे की घोषणा करते समय वे भावुक हो गए और मीडिया के सामने रो पड़े।
600 के करीब मौतें, नेपाल में आई त्रासदी में अब भी 1924 लापता
Nepal Flood Live Updates: नेपाल में भीषण बाढ़ के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं. बाढ़ से मरने वालों की संख्या 587 के पार पहुंच गई है, जबकि 1924 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं. लापता लोगों में 290 भारतीय पर्यटक भी शामिल हैं. भारत की ओर से नेपाल को लगातार राहत मुहैया कराई जा रही है और विदेश मंत्रालय स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
IIT दिल्ली छात्रों के साथ, कॉकरोच पार्टी का बड़ा वादा; सौरव दास का भड़का गुस्सा
आईआईटी में छात्र के सुसाइड और इसके बाद चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी का बयान आया है। पार्टी प्रवक्ता सौरव दास ने कहाकि इस समस्या की वजह अक्षम और भ्रष्ट लोगों की नियुक्ति है।
चींटी-कीड़ों को आकर्षित करती हैं ये चीजें, इसीलिए खिंचे चले आते हैं
बारिश में कीड़े-मकौड़ों का आंतक बहुत बढ़ जाता है. हद तो तब हो जाती है जब लाल-काली चींटियां और उड़ने वाले दीमक, तिलचट्टे सीधे घरों के अंदर चले आते हैं और वहां अपना डेरा डाल लेते हैं. हालांकि कई बार हमारी कुछ गलतियों की वजह से भी कीड़े घर के अंदर घुस आते हैं. यहां हम आपको बता रहे हैं कि ऐसी कौन सी चीजें है जो चींटियों और उड़ने वाले दीमकों को आपके घर में खींचती हैं.
पढ़ें 29 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार - लाइव ब्रेकिंग न्यूज
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नेपाल बाढ़: 149 भारतीय सुरक्षित लौटे, काठमांडू पहुंचे महाराष्ट्र के 37 तीर्थयात्री
नेपाल में बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों को लेकर MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि 28 अगस्त को 149 भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से चीन से नेपाल पहुंचे हैं. इनमें महाराष्ट्र के 37 कैलास मानसरोवर श्रद्धालु भी शामिल हैं.
घर में इन चीजों से आ सकते हैं सांप! बारिश में न करें ये गलतियां
Snakes In Home: बारिश के मौसम में घर के आसपास सांप नजर आने और घर के अंदर घुसने का खतरा बढ़ जाता है. जानें घर में मौजूद या आसपास रखी किन चीजों की वजह से सांप और उनके शिकार आकर्षित हो सकते हैं और किन आसान उपायों से आप मॉनसून में सांपों को घर से दूर रख सकते हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अगस्त से 1 सितंबर तक उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान का दौरा करेंगे, जहां वे 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।
तिब्बत में फंसे 400 भारतीयों को निकालने की कवायद तेज, काठमांडू से दिल्ली लौटे 21 लोग
नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ के बाद तिब्बती क्षेत्र में फंसे करीब 400 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने की कोशिश तेज कर दी गई है, जिनमें से 153 नेपाल पहुंच चुके हैं।
दिल्ली में CNG के दाम करीब 4 रुपये बढ़े, रक्षाबंधन पर लगा महंगाई का झटका
वेस्ट एशिया में जारी संकट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में LNG की कीमतों में तेज उछाल का असर अब CNG की कीमतों पर भी पड़ा है. इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने दिल्ली में CNG की कीमत में 3.89 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है. नई दरें 29 अगस्त 2026 को सुबह 6 बजे से लागू होंगी.
नेपाल में एक और 'जल विस्फोट' विनाशलीला मचाने को तैयार? देखें 10 तक
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ अब तक 500 से ज़्यादा ज़िंदगियां लील चुकी है. मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. करीब एक हज़ार लोग अब भी लापता हैं. ऊपर से महाप्रलय का एक और खतरा मंडराना शुरू हो गया है. नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के पास बनी एक और झील फट गई है. ऐसे में अगर एक और ग्लेशियर टूटा तो नेपाल में कितनी बड़ी तबाही मच सकती है? देखें 10 तक.
UGC-NET जून 2026 की परीक्षा के नतीजे घोषित, NTA ने जारी किया रिजल्ट
फाइनल आंसर की जारी होने के बाद NTA ने UGC-NET जून 2026 का रिजल्ट घोषित कर दिया है. 84 विषयों के नतीजे और स्कोर कार्ड आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं. जिन उम्मीदवारों की परीक्षा 9 और 10 सितंबर को दोबारा होगी, उनका रिजल्ट और स्कोर कार्ड री-एग्जाम के बाद जारी किया जाएगा.
नेपाल बाढ़ : हाइड्रोपावर टनल में फंसे मजदूर, भारत से मांगी मदद
भोटेकोशी नदी में बाढ़ से आई आफत और भूस्खलन से नेपाल के रसुवा और नुवाकोट की 13 जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं. करीब 933 कर्मचारी लापता हैं, जिनमें से 254 को बचाया गया है. भारत ने राहत सामग्री और 11 सदस्यीय बचाव टीम भेजी है.
अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए के चीफ गुप्त यात्रा पर रूस क्यों गए थे?
रैटक्लिफ की मॉस्को यात्रा से जुड़े कई पेचीदा पहलू उन दो नेताओं के बीच असाधारण रिश्तों में एक दिलचस्प नया मोड़ लाते हैं, जो एक जैसी रणनीतिक उलझन का सामना कर रहे हैं और जो उनकी विरासत तय कर सकती है.
'रावण ने भी बहनों को ऐसा धोखा नहीं दिया', अखिलेश का यूपी सरकार पर हमला
UP Politics: अखिलेश यादव का रक्षाबंधन पर मुफ्त बस यात्रा अव्यवस्था को लेकर बीजेपी पर बड़ा हमला. बोले- रावण ने भी बहनों को ऐसा धोखा नहीं दिया, दशानन से बड़े झूठे निकले बीजेपी वाले.
B Nagendra ने पार्टी हित में दिया इस्तीफा, Karnataka के सीएम ने की पुष्टि
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने शुक्रवार को कहा कि मंत्री बी. नागेंद्र ने कांग्रेस और सरकार को किसी भी तरह की असहज स्थिति से बचाने के लिए इस्तीफा देने की इच्छा जताई है। शिवकुमार ने दावा किया कि कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित वित्तीय अनियमितताओं से नागेंद्र का कोई संबंध नहीं है। शिवकुमार ने नागेंद्र से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया है लेकिन इस पर अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान से चर्चा के बाद लिया जाएगा। शिवकुमार ने कहा, ‘‘वह आरोपों से बेहद आहत हैं और खुद को निर्दोष बता रहे हैं। मैंने पूरे मामले को समझा है और मेरे वकीलों ने भी मुझे इसकी जानकारी दी है। उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है और उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है।’’मुख्यमंत्री ने कहा कि नागेंद्र ने पार्टी के हित में दूसरी बार मंत्री पद का त्याग किया है। उन्होंने राज्यपाल द्वारा नागेंद्र के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मांगे जाने के मुद्दे पर कहा कि कानूनी प्रावधानों का अध्ययन करने के बाद ही कोई फैसला किया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नागेंद्र के इस्तीफे को वाल्मीकि विकास निगम के कथित घोटाले के खिलाफ अपने आंदोलन की ‘‘जीत’’ बताया। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने नयी दिल्ली में कहा कि नागेंद्र का इस्तीफा शिवकुमार के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार का ‘‘पहला विकेट’’ गिरने जैसा है। उन्होंने कहा कि भाजपा का आंदोलन केवल नागेंद्र के खिलाफ नहीं, बल्कि दलितों के लिए निर्धारित धन की कथित हेराफेरी के खिलाफ है और पार्टी इस मामले में जवाबदेही तय होने तक अपना आंदोलन जारी रखेगी। भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र ने कहा कि नागेंद्र इस कथित घोटाले में केवल ‘‘छोटी मछली’’ हैं और इसमें ‘‘बड़े खिलाड़ी’’ भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा का आंदोलन केवल नागेंद्र के इस्तीफे तक सीमित नहीं है। कर्नाटक के योजना और सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र ने वाल्मीकि निगम घोटाले को लेकर आरोपों के कारण पद संभालने के 25 दिन के भीतर ही राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफे की शुक्रवार को घोषणा कर दी। उन्होंने कथित वित्तीय अनियमितताओं में अपनी किसी भूमिका से इनकार करते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो वह विधानसभा की सदस्यता भी छोड़ने को तैयार हैं। नागेंद्र ने इससे पहले 2024 में भी इसी विवाद के बीच मंत्री पद से इस्तीफा दिया था और बाद में प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें गिरफ्तार किया था। उन्हें बाद में जमानत मिल गई थी।
उत्तराखंड में ब्रेक फेल होते ही पलटी यात्रियों से भरी बस, दो लोगों के मौत की आशंका
इस हादसे में हादसे में दो स्कूटी सवारों की मौत की आशंका है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं, पुलिस मामले की जांच कर रही है.
12वीं पास और ग्रेजुएट निकले साइबर ठग, 403 करोड़ का कर चुके लेन देन
Jhansi Cyber Crime News: झांसी पुलिस ने 403 करोड़ के साइबर फ्रॉड रैकेट का किया पर्दाफाश. चाइनीज हैंडलर्स के साथ मिलकर क्रिप्टो USDT में बदलते थे ठगी के पैसे, 6 छात्र गिरफ्तार.
स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मिलावट या ऐसे मिलावटी पदार्थ रखने पर 10 लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है. जरूरी लाइसेंस के बिना खाद्य कारोबार चलाने, भ्रामक विज्ञापन देने या गलत जानकारी देने पर भी कुछ मामलों में 10 लाख रुपये तक की पेनल्टी लग सकती है.
National Conference सांसद Ruhullah Mehdi ने Article 370 पर फारूक अब्दुल्ला से मांगा जवाब
नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के लोकसभा सदस्य आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी के 3 नवंबर को इस्तीफा देने की अटकलों के बीच, उन्होंने शुक्रवार को कहा कि वह संसद की सदस्यता छोड़ने से पहले अनुच्छेद 370 पर पार्टी के रुख में आए बदलाव के बारे में जवाब मांगेंगे। पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को लिखे दो पृष्ठों के पत्र में मेहदी ने कहा, ‘‘मेरा इस्तीफा आपके कहे बिना भी आ जाएगा, लेकिन उससे पहले जवाबदेही तय होनी चाहिए।’’मेहदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने अपनी पार्टी के अध्यक्ष को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने पार्टी अध्यक्ष की ओर से सार्वजनिक रूप से इस्तीफे की मांग का जवाब दिया है। मेहदी ने पोस्ट में कहा, ‘‘मैं पत्र में पूछे गए सवालों पर उनके जवाब का इंतजार कर रहा हूं।’’पार्टी के मुख्य विमर्श पर सवाल उठाते हुए, मेहदी ने कहा कि नेकां ने 2024 का विधानसभा चुनाव अनुच्छेद 370 और 35ए को बहाल करने के वादे पर लड़ा और जीता था। मेहदी ने कहा, ‘‘आज हम सुविधाजनक रूप से यह तर्क दे सकते हैं कि जिस सरकार ने अनुच्छेद 370 को समाप्त किया, वह इसे कभी बहाल नहीं करेगी… यह एक उचित तर्क होता। लेकिन जब हमने 2024 का अपना घोषणापत्र तैयार किया था, तब भी भाजपा सत्ता में थी।
नेपाल बाढ़ पीड़िता के शव से सोना चुराने वाले कौन? देखें ब्लैक & व्हाइट
नेपाल में तबाही से सैकड़ों जिंदगियां खत्म हो चुकी हैं. कोई अपनों की तलाश में है, कोई अपने घर को ढूंढ रहा है, और किसी के पास रोने के लिए भी अपना कोई नहीं बचा. लेकिन इसी मातम के बीच इंसानियत तो शर्मसार करने वाली एक तस्वीर सामने आई. दो लोगों ने नदी में बहकर आई एक महिला के शव से कानों की बालियां चुरा लीं. सवाल है कि क्या मौत के सामने भी इंसान का लालच जिंदा रह सकता है? देखें ब्लैक एंड व्हाइट.
RSS, चीन और PM मोदी के काम... वो 3 मुद्दे जिसके कारण विवादों में है सोनिया गांधी की किताब का प्रकाशन
सोनिया गांधी की प्रस्तावित किताब 'बिलांगिंग: अ जर्नी ऑफ लव' के भारत में प्रकाशन का विवाद गहराता जा रहा है। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने किताब प्रकाशित न करने का फैसला लिया है
Yogi Adityanath पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोपी Meerut में गिरफ्तार, भेजा गया कोर्ट
उत्तर प्रदेश के मेरठ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने और महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक का इस्तेमाल करने के आरोप में 42 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि अलग-अलग तारीखों में फेसबुक अकाउंट के माध्यम से कथित आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित किए जाने को लेकर बृहस्पतिवार को कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान कोतवाली क्षेत्र की बागवाली गली के निवासी रोहित शर्मा उर्फ चुन्नू के रूप में हुई है। रोहित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353(2) (भड़काऊ झूठी सूचना फैलाना) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 (ऑनलाइन अश्लील सामग्री) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया।
पेंच ढीला किए बिना चमकेगा कड़ाही का हैंडल! टूथपेस्ट से ऐसे करें साफ
Kadhai Cleaning Tips: अगर आपके किचन में रखी कड़ाही के हैंडल और तली पर कालिख और चिकनाई की मोटी परत सालों से जमी हुई है जो घंटों रगड़ने पर भी साफ नहीं होती तो यहां हम आपको एक आसान ट्रिक बता रहे हैं. घर में पड़े टूथपेस्ट से आप कड़ाही को नया जैसा चमका सकते हैं.
कल का मौसम: 29 अगस्त को यूपी में कहां होगी बारिश? IMD का नया अपडेट
Kal Ka Mausam: उत्तर प्रदेश में मानसून का असर 29 अगस्त को भी बना रहेगा, जहां पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के कुछ इलाकों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. राहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने प्रदेश के किसी भी हिस्से के लिए 29 अगस्त को कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की है.
फोटोकॉपी की दुकान पर मिले 3400 SIR फॉर्म, मचा भारी हंगामा; 5 बीएलओ सस्पेंड
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने सवाल उठाया कि मतदाताओं की ओर से भरे गए फॉर्म किसी निजी व्यक्ति के पास कैसे पहुंचे। अधिकारियों का कहना है कि जांच और पुलिस पड़ताल के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भारत ने नेपाल को भेजी तीसरी राहत उड़ान
विदेश मंत्रालय ने बताया कि 10 टन से अधिक मानवीय सहायता सामग्री और डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों की टीम लेकर तीसरी विशेष उड़ान नई दिल्ली से काठमांडू के लिए रवाना हुई है
Ankit Balian Murder: शामली में चार दिन में गिरफ्तारी न होने पर पत्नी ने दी आत्मदाह की चेतावनी
हरियाणवी गायक और यूट्यूबर अंकित बालियान की पत्नी ने शुक्रवार को धमकी दी कि अगर पुलिस ने उनके पति के हत्यारों को चार दिन के भीतर गिरफ्तार नहीं किया तो वह आत्मदाह कर लेंगी। दिल्ली में शिक्षिका के रूप में कार्यरत सीमा ने कहा कि वह शामली के उपजिलाधिकारी कार्यालय या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास के बाहर यह कदम उठाएंगी। उत्तर प्रदेश के शामली जिले के बंटी खेड़ा गांव में संवाददाताओं से बातचीत में बालियान की पत्नी ने कहा कि वह पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं हैं और अगर आरोपियों को चार दिन के भीतर गिरफ्तार नहीं किया गया तो उन्हें आत्मदाह करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उनके बयान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। सीमा ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पति ने पुलिस सुरक्षा मांगी थी, लेकिन उन्हें सुरक्षा नहीं दी गई। अंकित बालियान बुधवार शाम शामली के कोतवाली क्षेत्र में एक जिम से बाहर निकल रहे थे, तभी दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार हमलावरों ने उन पर गोलियां चला दीं। बालियान को पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हमले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें बालियान जिम से निकलकर अपनी कार की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार हमलावर वहां पहुंचते हैं और उन पर अंधाधुंध गोलियां चलाकर फरार हो जाते हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को बालियान के पिता सतवीर सिंह से फोन पर बात की। उस समय सपा की कैराना से सांसद इकरा हसन बंटी खेड़ा में शोक संतप्त परिवार से मिलने पहुंची थीं। अखिलेश ने बालियान के पिता को आश्वासन दिया कि न्याय की लड़ाई में उनकी पार्टी हर कदम पर परिवार के साथ खड़ी रहेगी। बाद में ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में अखिलेश ने उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार और उसके ‘‘निष्क्रिय सहयोगियों’’ पर हत्या के मामले में ‘‘निष्क्रियता और पक्षपातपूर्ण रवैये’’ के कारण बालियान समुदाय को निराश करने का आरोप लगाया। सपा प्रमुख ने कहा, ‘‘आज नहीं तो कल, बदलाव आने पर न्याय जरूर होगा।’’उन्होंने बालियान समुदाय को आश्वासन दिया कि उनकी पार्टी शोक संतप्त परिवार के साथ अन्याय नहीं होने देगी। अखिलेश ने कहा कि सपा के जनप्रतिनिधि परिवार के संपर्क में रहेंगे और हर संभव मदद उपलब्ध कराएंगे। सपा नेता इकरा हसन ने बृहस्पतिवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लोकप्रिय गायक की हत्या को ‘‘बेहद दुखद और स्तब्ध करने वाला’’ बताया था तथा निष्पक्ष एवं त्वरित जांच और हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी। पुलिस ने हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए कई टीम गठित की हैं, लेकिन हत्या के तीसरे दिन शुक्रवार तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। जांच के तहत शामली, मुजफ्फरनगर और बागपत जिलों की पुलिस टीमों के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) की टीमें हरियाणा गई हैं। सूत्रों ने बताया कि शामली, गाजियाबाद के लोनी, दिल्ली और सोनीपत में कई स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों में गोलीबारी के बाद दो मोटरसाइकिलों पर चार लोगों के कथित तौर पर फरार होने की तस्वीरें सामने आई हैं। हालांकि, पुलिस ने इन विवरणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इस बीच, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी हत्या की निंदा करते हुए बालियान को गोली मारे जाने की घटना को ‘‘बेहद दुखद और चिंताजनक’’ बताया। आजाद ने हत्या की जिम्मेदारी लेने वाले एक गिरोह की सोशल मीडिया पोस्ट को भी ‘‘बेहद गंभीर’’ बताया और उत्तर प्रदेश में संगठित गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई के दावों पर सवाल उठाया। उन्होंने राज्य सरकार से हत्यारों को तत्काल गिरफ्तार करने, हत्या के पीछे के आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश करने और इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। सूत्रों के अनुसार, बालियान के शव के पोस्टमार्टम में गोली लगने के पांच घाव मिले, जिनमें दो सिर पर थे। हत्या के एक दिन बाद एक व्यक्ति ने खुद को कथित तौर पर गोगी गिरोह का सदस्य बताते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में हत्या की जिम्मेदारी ली थी। पुलिस इस दावे की सत्यता की जांच कर रही है। मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर ने पहले कहा था कि पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, लेकिन उन्होंने इनका ब्योरा साझा नहीं किया था। भास्कर ने कहा था, ‘‘हमें कई सुराग मिले हैं, लेकिन इस समय उन्हें सार्वजनिक करना उचित नहीं होगा। इन्हें जल्द ही सामने लाया जाएगा।’’शामली के बंटी खेड़ा निवासी बालियान ने राज्य स्तर के कबड्डी खिलाड़ी के रूप में अपना करियर चोट के कारण खत्म होने के बाद हरियाणवी संगीत जगत में पहचान बनाई थी। उन्होंने गायक, गीतकार और संगीतकार के रूप में 50 से अधिक गीतों पर काम किया था। उनकी हत्या के बाद शामली में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं और उनका परिवार हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहा है। बालियान की हत्या को लेकर राजनीतिक विवाद भी खड़ा हो गया है। सपा और कांग्रेस कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भाजपा नीत राज्य सरकार को निशाना बना रहे हैं। सपा नेताओं ने जांचकर्ताओं से राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की संभावना की भी जांच करने की मांग की है।
JSSC CGL परीक्षा में अनियमितता पर Jharkhand CID का एक्शन, चार सफल अभ्यर्थी गिरफ्तार
झारखंड पुलिस के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने शुक्रवार को वर्ष 2024 में आयोजित जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में सफल रहे चार अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के तहत की गई। राज्य की जांच एजेंसी ने इस मामले में एक दिन पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा उसने मामले के मुख्य आरोपी अभय तिवारी, उसकी पत्नी और भाई को जुलाई के अंत और अगस्त की शुरुआत में गिरफ्तार किया था। झारखंड सरकार ने इससे पहले नौकरी पाने के इच्छुक अभ्यर्थियों द्वारा परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ किए गए विरोध-प्रदर्शन को शांत करने के लिए जेएसएससी-सीजीएल-2023 सहित कई भर्ती परीक्षाएं रद्द करने की घोषणा की थी। जेएसएससी-सीजीएल-2023 परीक्षा 21 और 22 सितंबर, 2024 को आयोजित हुई थी। हालांकि, झारखंड उच्च न्यायालय ने सफल अभ्यर्थियों की याचिका पर कुछ परीक्षाओं को रद्द करने के सरकार के फैसले पर रोक लगा दी थी। सफल अभ्यर्थियों को डर था कि परीक्षा रद्द होने से उनकी नौकरी चली जाएगी। झारखंड सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है। सीआईडी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, ‘‘झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा आयोजित झारखंड स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2023 में कथित अनियमितताओं के संबंध में जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में सफल चार अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया है।’’इनकी पहचान धनबाद जिले के निवासी दीपक कुमार, विजय कुमार तिवारी और आनंद कुमार सिंह तथा वर्तमान में बोकारो में रह रहे उमेश कुमार राय के रूप में हुई है। सीआईडी ने 22 जुलाई को जांच के सिलसिले में अभय तिवारी को गिरफ्तार किया था। उस समय वह गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर तैनात था। उसकी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी को 18 अगस्त को गिरफ्तार किया गया।
'आदिवासी को आगे बढ़ते नहीं देख पा रहे मनुवादी', इस्तीफे के बाद बोले बी. नागेंद्र
कर्नाटक के मंत्री बी. नागेंद्र ने वाल्मीकि कार्पोरेशन घोटाले के आरोपों के बीच 25 दिन बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने इसे मनुवादियों की साजिश बताया, जबकि भाजपा ने इसे अपनी लड़ाई की जीत करार दिया।
सीजेआई सूर्यकांत ने भारत और जर्मनी के बीच सीमा पार वाणिज्यिक मध्यस्थता को अधिक सुलभ, पूर्वानुमानित और प्रभावी बनाने के लिए गहरे संस्थागत सहयोग पर जोर दिया।
कर्नाटक के राज्य गान की धुन और समय पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, हाई कोर्ट का आदेश बरकरार
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाई कोर्ट के उस आदेश में दखल देने से इनकार किया, जिसमें राज्य गान 'जयभारत जननीय तनुजाते' के गायन के लिए खास धुन और समय तय किया गया था।
घर पर बनाएं शुद्ध छोले का मसाला, एक चम्मच डालते ही स्वाद होगा दोगुना
घर पर तैयार किया हुआ छोले मसाला खाने का स्वाद कई गुना बढ़ा सकता है, धनिया, जीरा, लाल मिर्च और साबुत मसालों से बना यह मसाला खुशबूदार और स्वादिष्ट होता है. इसे बनाना बेहद आसान है और एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करके जरूरत के समय इस्तेमाल कर सकते हैं.
LoC पर घुसपैठ की कोशिश, सेना की गोलीबारी के बाद उल्टे पैर भागे घुसपैठिए
जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सेना ने घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी है. यह कोशिश नियंत्रण रेखा (LoC) के पास हुई. सेना के जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी. इसके बाद घुसपैठियों को चुनौती दी गई. घुसपैठियों ने जवानों पर फायरिंग कर दी. सेना ने भी तुरंत जवाबी कार्रवाई की. जवानों की जवाबी फायरिंग के बाद घुसपैठिए वहां से भाग निकले.
नेपाल में भीषण बाढ़ के दौरान आंध्र प्रदेश के तिरुपति से आए 26 तीर्थयात्रियों का बस ड्राइवर समय पर पीछे मुड़ा, जिससे वे बाल-बाल बच गए। स्थानीय लोगों की चेतावनी और चाय के छोटे से ब्रेक ने उनकी जान बचा ली।
रक्षाबंधन पर अभिजीत दीपके के हाथ में कॉकरोच वाली राखी, लिखा था- इस्तीफा मुबारक
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया एक्स पर फोटो शेयर की है। इसमें एक राखी दिख रही जोकि कॉकरोच की तरह है। और उस पर लिखा है कि राखी और इस्तीफा मुबारक।
IAS ने बस्ती में बंधवाई राखी, छुए बहनों के पैर; पत्नी-बेटे को भी ले गए संग
Datia IAS Swapnil Wankhede: दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने परिवार संग बस्ती में मनाया रक्षाबंधन. निर्धन बहनों के पैर छूकर लिया आशीर्वाद, पोस्ट शेयर कर लिखा- स्नेह के धागों से बने ये रिश्ते बेहद खास हैं.
कर्नाटक: ईद मिलाद के दौरान फलस्तीनी झंडा लहराने के तीन आरोपितों पर केस दर्ज
कर्नाटक के शिवमोगा में ईद-ए-मिलाद के जश्न के दौरान एक कटआउट पर फलस्तीन का झंडा लहराने के आरोप में तीन लोगों पर मामला दर्ज किया गया है।
Nepal Flood में 320 भारतीय लापता, भारत ने भेजी राहत सामग्री और रेस्क्यू टीम
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शुक्रवार को कहा कि नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण अचानक बाढ़ के बाद कम से कम 320 भारतीय अब भी लापता हैं और 400 अन्य भारतीय चीनी क्षेत्र में फंसे हुए हैं। मंत्रालय ने कहा कि भारत स्थिति से निपटने के लिए काठमांडू को हर संभव मदद देने के लिए तैयार है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि चीनी क्षेत्र में फंसे 96 भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से सड़क मार्ग से नेपाल पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि 21 भारतीय आज दोपहर नयी दिल्ली पहुंचे। इससे एक दिन पहले वे नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों से काठमांडू पहुंचे थे। तमिलनाडु के इन भारतीय नागरिकों की राष्ट्रीय राजधानी के हवाई अड्डे पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अगवानी की। नेपाल में बुधवार को अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 579 हो गई है। नेपाल के अधिकारियों द्वारा साझा की गई ताजा जानकारी के अनुसार, खोज और बचाव अभियान के दौरान और शव बरामद किए गए हैं। जायसवाल ने कहा, ‘‘जहां तक उन भारतीयों की संख्या का सवाल है, जिनसे हम संपर्क नहीं कर पा रहे हैं या जो लापता हैं, इस समय यह संख्या 320 है।’’उन्होंने कहा कि त्रिशूली-वन जलविद्युत परियोजना में काम करने वाले 63 भारतीय नागरिकों को भी बचाया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय मूल के करीब 100 लोग ऐसे भी हैं, जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। ये भारतीय मूल के लोग हैं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए गए हो सकते हैं, लेकिन उनके पास अन्य देशों की नागरिकता है।’’जायसवाल ने कहा कि करीब 400 भारतीय चीन की तरफ फंसे हुए हैं, लेकिन वे सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वे अपने परिवारों के संपर्क में हैं। हमारे दूतावास ने भी उनमें से कई लोगों से संपर्क किया है। उनके परिवार के कई सदस्यों ने भी बीजिंग स्थित हमारे दूतावास द्वारा संचालित हेल्पलाइन नंबरों के जरिए हमसे संपर्क किया है।’’जायसवाल ने कहा, ‘‘हमारा दूतावास चीन में स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और इस बात पर काम कर रहा है कि वहां फंसे इन लोगों को किस तरह निकाला जा सकता है।’’एक संबंधित घटनाक्रम में, जयशंकर ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक कर नेपाल की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में लापता भारतीयों की स्थिति का पता लगाने पर विशेष ध्यान दिया गया। काठमांडू और बीजिंग में भारत के राजदूत भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए इस बैठक में शामिल हुए। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा, “आज नेपाल में जारी राहत और बचाव प्रयासों पर चर्चा की। काठमांडू और बीजिंग में हमारे दूतावासों ने भारतीय नागरिकों की स्थिति और उनके सुरक्षित होने के बारे में ताजा जानकारी दी।”उन्होंने कहा, “एमईए के संबंधित विभागों ने नेपाल भेजी जाने वाली राहत सामग्री के बारे में जानकारी दी। हम इस मुद्दे को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं।”जयशंकर ने कहा कि नयी दिल्ली बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे भारतीयों की स्थिति और उनके सुरक्षित होने का पता लगाने के लिए “तत्काल प्रयास” कर रहा है। बुधवार रात से भारत ने तीन सैन्य परिवहन विमानों के जरिए नेपाल को कुल 57.5 टन आपातकालीन राहत सामग्री भेजी है। शुक्रवार को 10 टन राहत सामग्री भेजी गई। राहत सामग्री के साथ भारत ने 11 चिकित्सा और पैरामेडिकल कर्मचारियों की टीम तथा सुरंग में बचाव अभियान का जायजा लेने वाली एक टीम भी भेजी है। इक्कीस भारतीयों की वापसी के बाद जयशंकर ने कहा कि वे उन्हें बचाने के लिए नेपाल की सेना के बहुत आभारी हैं। उन्होंने कहा, “अभी हमारा प्रयास नेपाल में लोगों के राहत और बचाव कार्यों में मदद करना है। आज सुबह भी मैंने नेपाल के विदेश मंत्री से बात की। हमने उन्हें कई तरह की मदद की पेशकश की है और वे उसका मूल्यांकन कर रहे हैं।”उन्होंने कहा, “एक जगह एक जलविद्युत परियोजना है, जहां सुरंग में लोगों के फंसे होने की आशंका है। इसलिए हम सुरंग में काम करने वाले विशेषज्ञों की एक टीम भेज रहे हैं।”जायसवाल ने कहा कि भारत ने नेपाल को बेली ब्रिज और उससे जुड़ी तकनीकी टीम भेजने की पेशकश की है, ताकि बाढ़ से प्रभावित इलाकों में संपर्क व्यवस्था जल्द बहाल की जा सके। उन्होंने कहा, “हमने नेपाल के अधिकारियों को एनडीआरएफ की टीमों को उनके जरूरी उपकरणों के साथ भेजने की विशेष पेशकश भी की है। ये टीमें जारी खोज और बचाव अभियानों में मदद कर सकती हैं और इस त्रासदी से प्रभावित लोगों तक राहत सहायता पहुंचा सकती हैं।”उन्होंने कहा, “हम इस मामले में नेपाल सरकार के जवाब का इंतजार कर रहे हैं। नेपाल के अधिकारियों को जिस भी मदद की जरूरत होगी, उसे देने के लिए हम तैयार हैं।
Fact Check: क्या दिल्ली समेत कई शहरों के डूबने की आशंका? भाखड़ा बांध की दीवार में झुकाव का दावा
बड़े बांधों की बनावट की निगरानी वैज्ञानिक तरीके से की जाती है और अलग-अलग मापदंडों के आधार पर उनकी सुरक्षा का आकलन किया जाता है। भाखड़ा बांध से जुड़े तनाव, खिंचाव, जल दाब और रिसाव के आंकड़े सुरक्षित सीमाओं में हैं।
खाने-पीने के सामानों पर अब दिखेगा 'लाल निशान', मनमानी कर रही कंपनियों को सरकार का झटका
FSSAI ने अधिक चीनी, नमक या फैट वाले खाद्य पदार्थों पर लाल चेतावनी लेबल का प्रस्ताव दिया है, ताकि उपभोक्ता जागरूक हों
भारत में ISI की चाल; हनीट्रैप के लिए पाकिस्तानी एजेंट्स सोशल मीडिया पर बिछा रहे जाल
हनीट्रैप आईएसआई का ऐसा हथियार है, जिसके दम पर वह आसानी से भारतीय डिफेंस सेक्टर की जानकारियां हासिल कर लेता है। इसके लिए आखिर क्या तरीका अख्तियार करती है पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी…
'प्याज सड़ने की खबरें अफवाह', केंद्रीय भंडारण निगम को मिली भंडारण की जिम्मेदारी; दाम फिक्स
उपभोक्ता मामले की सचिव निधि खरे ने प्याज के बफर स्टॉक में सड़न की खबरों का खंडन किया, बताया कि केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित कर रहा है।
बाढ़ के बाद 11 देश मदद को तैयार, क्या नेपाल ने किया इनकार? अब सरकार ने दिया जवाब
बाढ़ से तबाही के बाद विदेशी मदद को लेकर नेपाल सरकार ने अपना रुख साफ किया है. सरकार का कहना है कि उन्होंने कभी भी विदेशी सहायता लेने से इनकार नहीं किया. लेकिन शुरुआती दौर में स्थानीय सुरक्षा बलों को प्राथमिकता दी गई है. नेपाल ने भारत और चीन से बेली ब्रिज बनाने में मदद मांगी है ताकि प्रभावित इलाकों का संपर्क जल्द बहाल किया जा सके.
सैनिक कल्याण में मॉडल बना उत्तराखंड, अग्निवीर रोजगार सेल बनाने वाला देश का पहला राज्य
उत्तराखंड अग्निवीरों के लिए एक समर्पित रोजगार सेल, शहीदों के लिए उन्नत स्मारक, उच्च पेंशन, सैनिकों के लिए स्टांप शु
'मैं बीमारी भी जानता हूं और दवाई भी'; किस पर भड़के CM शुभेंदु अधिकारी
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु बनर्जी ने जाधव पुर यूनिवर्सिटी में लगे आजादी के नारों को लेकर लेफ्ट छात्र संगठनों को चेतावनी दी है। उन्होंने पूछा कि आखिर किस बात की आजादी चाहिए।
सुशांत की एक्स मैनेजर दिशा की मौत पर बॉम्बे HC ने पूछे सवाल
बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुक्रवार को दिवंगत दिशा सालियन (जो एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं) के पिता सतीश सालियन की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और अधिकारियों को कुछ कथित गड़बड़ियों को लेकर फटकार लगाई.
केंद्रीय मंत्री Jual Oram ने लगाया छवि खराब करने और मंत्रालय से हटाने की साजिश का आरोप
केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनकी छवि खराब करने और उन्हें मंत्रालय से हटवाने के लिए धन खर्च कर दुष्प्रचार अभियान शुरू किया है। उन्होंने ओडिशा के राउरकेला में उनके एक सहयोगी की संगठित अपराध में कथित संलिप्तता को लेकर गिरफ्तारी के बाद यह आरोप लगाया। ओराम ने इससे पहले स्पष्ट किया था कि उनके सहयोगी राकेश पासवान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। पासवान को इस्पात नगरी राउरकेला में राज्य सरकार के एक अतिथि गृह में अपराधियों को पनाह देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पासवान ने हालांकि अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। केंद्रीय मंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हाल में कुछ लोग, जो दूसरे राजनीतिक दलों से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में आए हैं, पैसे खर्च कर मेरी बदनामी करने और मेरी स्थिति कमजोर करने का प्रचार अभियान चला रहे हैं। उन्हें लगता है कि अगर मुझे केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटा दिया गया तो उन्हें मंत्री बनने का मौका मिल जाएगा। मैं इस पार्टी (भाजपा) को अच्छी तरह जानता हूं और पार्टी भी मेरे योगदान को पहचानती है।’’ओडिशा के आदिवासी बहुल सुंदरगढ़ लोकसभा क्षेत्र से छह बार सांसद रह चुके ओराम ने कहा, ‘‘मैंने पहले घोषणा की थी कि अब चुनाव नहीं लड़ूंगा, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में मैं निश्चित रूप से 2029 का लोकसभा चुनाव लड़ूंगा।’’केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह अपने खिलाफ साजिश करने वालों की पहचान करेंगे और वह इस मामले को ओडिशा भाजपा के संगठन सचिव के समक्ष पहले ही उठा चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं निश्चित रूप से उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करूंगा। मेरे पास बदनामी करने वाले के हाथ काटने और उन्हें जला देने की क्षमता है।
1 दिन में कितनी लौंग चबाना है सुरक्षित? जानिए शरीर को होने वाले चमत्कारी फायदे और सही तरीका
भारतीय रसोई में सदियों से इस्तेमाल होने वाली लौंग (Cloves) केवल खाने का स्वाद और खुशबू बढ़ाने वाला मसाला नहीं है, बल्कि आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में इसे एक शक्तिशाली औषधि का दर्जा प्राप्त है। लौंग में यूजेनॉल (Eugenol) नामक एक खास एक्टिव कंपाउंड पाया जाता है, जो अपने एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। इसके अलावा लौंग में विटामिन सी, विटामिन के, मैंगनीज, फाइबर और कैल्शियम की भरपूर मात्रा होती है, जो शरीर के कई अंगों को स्वस्थ रखने और मौसमी संक्रमणों से लड़ने में मदद करती है।1 दिन में कितनी लौंग चबाना है पूरी तरह सुरक्षित?आयुर्वेद और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति के लिए 1 दिन में 2 से 3 लौंग चबाना बिल्कुल सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। लौंग की तासीर गर्म और तीखी होती है, इसलिए इसका सीमित मात्रा में सेवन ही शरीर को लाभ पहुंचाता है। यदि आप इसे कच्चा चबा रहे हैं, तो सुबह खाली पेट या रात को सोने से पहले 1-2 लौंग मुंह में रखकर धीरे-धीरे उसका रस चूसना सबसे बेहतर तरीका है। 3 से अधिक लौंग रोजाना खाने से शरीर में गर्मी बढ़ सकती है, जिससे मुंह में छाले, एसिडिटी या पेट में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।दांत दर्द और मुंह की बदबू से तुरंत दिलाए राहतलौंग का सबसे प्रसिद्ध उपयोग ओरल हेल्थ यानी मुंह और दांतों की देखभाल में होता है। लौंग में मौजूद यूजेनॉल एक प्राकृतिक एनाल्जेसिक (पेन किलर) और एंटीसेप्टिक का काम करता है। जब आप लौंग को दांतों के बीच रखकर दबाते हैं, तो निकलने वाला तेल मसूड़ों की सूजन और कैविटी के कारण होने वाले तेज दर्द को सुन्न कर देता है। इसके एंटीमाइक्रोबियल गुण मुंह में बदबू पैदा करने वाले हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट करते हैं, जिससे सांसों की दुर्गंध (Bad Breath) हमेशा के लिए दूर रहती है और मसूड़े मजबूत बनते हैं।पाचन तंत्र को मजबूत कर गैस और कब्ज से छुटकाराजिन लोगों को अक्सर खाना खाने के बाद अपच, भारीपन, पेट फूलना (Bloating) और एसिडिटी की समस्या रहती है, उनके लिए लौंग चबाना बेहद फायदेमंद है। लौंग चबाने से लार (Saliva) का उत्पादन बढ़ता है और पाचन एंजाइम्स सक्रिय होते हैं। यह गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट की सूजन को शांत करता है और आंतों में बनने वाली अतिरिक्त गैस को बाहर निकालता है। सुबह खाली पेट 1 लौंग चबाने से पेट का मेटाबॉलिज्म तेज होता है और पुरानी कब्ज की समस्या में सुधार आता है।मजबूत इम्यूनिटी और सर्दी-खांसी में प्राकृतिक एंटीबायोटिकबदलते मौसम में होने वाले फ्लू, गले की खराश, सूखी खांसी और ब्रोंकाइटिस से बचाव में लौंग का सेवन रामबाण की तरह काम करता है। लौंग में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immune System) को बूस्ट करते हैं, जिससे शरीर वायरस और बैक्टीरिया के हमलों से आसानी से निपट लेता है। जब गले में खराश या कफ जमा हो, तब एक भुनी हुई लौंग को मुंह में रखकर चूसने से गले को तुरंत राहत मिलती है और श्वसन मार्ग में जमा बलगम पिघलकर बाहर निकल जाता है।लिवर डिटॉक्स और ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में सहायकवैज्ञानिक अध्ययनों से साबित हुआ है कि लौंग में मौजूद बायोएक्टिव घटक इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाते हैं, जिससे खून में शुगर का स्तर अचानक नहीं बढ़ता। डायबिटीज के मरीजों के लिए सीमित मात्रा में लौंग का सेवन ब्लड ग्लूकोज को संतुलित रखने में मदद करता है। इसके साथ ही, लौंग के डिटॉक्सिफाइंग गुण लिवर के सेल्स को फैटी लिवर और फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाते हैं, जिससे शरीर से टॉक्सिन्स आसानी से बाहर निकल जाते हैं।लौंग चबाने का सही समय और जरूरी सावधानियांलौंग के औषधीय गुणों का शत-प्रतिशत फायदा उठाने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।सुबह खाली पेट: गुनगुने पानी के साथ 1 लौंग चबाने से मेटाबॉलिज्म दुरुस्त रहता है और वजन नियंत्रण में मदद मिलती है।रात को सोते समय: 1-2 लौंग चबाकर गुनगुना पानी पीने से गले का इंफेक्शन दूर होता है और पाचन बेहतर रहता है।सावधानी: गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और ब्लीडिंग डिसऑर्डर की दवाओं का सेवन कर रहे लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह के अधिक मात्रा में लौंग नहीं खानी चाहिए।
'मुझे बचा लीजिए...', मौत से कुछ घंटे पहले रोती रही गर्भवती, बच्चा भी नहीं बचा
Kalpana Mishra Rewa Viral Video News: मौत से कुछ ही घंटे पहले प्रसूता का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वह रोते-बिलखते हुए अपने परिजनों से मदद की गुहार लगाती नजर आ रही है.
नेपाल बाढ़ में अब तक 538 शव बरामद, भोटेकोसी-त्रिशूली नदी को लेकर फिर अलर्ट
नेपाल बाढ़ के बाद से वहां अब तक 538 शव बरामद हो चुके हैं. अब भी करीब 2000 लोग लापता है, हालांकि विदेशी पर्यटकों में से 121 को खोज निकाला जा चुका है. लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में एक बार फिर अलर्ट जारी कर दिया गया है.
स्वाद ही नहीं सेहत का खजाना है खजूर, रोज खाने से मिलेंगे ये चमत्कारी फायदे; जानिए सही तरीका
खजूर (Dates) को आयुर्वेद और आधुनिक मेडिकल साइंस दोनों में प्राकृतिक ऊर्जा का भंडार माना गया है। इसमें ग्लूकोज, फ्रुक्टोज और सुक्रोज के रूप में नेचुरल शुगर मौजूद होती है, जो शरीर को तुरंत एनर्जी प्रदान करती है। रिफाइंड शुगर का बेहतरीन विकल्प होने के साथ-साथ यह आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम, कॉपर, मैंगनीज और फाइबर जैसे आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होता है। दैनिक आहार में खजूर को शामिल करने से कई क्रॉनिक बीमारियों से बचाव होता है और संपूर्ण शारीरिक शक्ति में सुधार आता है।एनीमिया से राहत और हीमोग्लोबिन स्तर में सुधारशरीर में खून की कमी यानी एनीमिया की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए खजूर किसी प्राकृतिक वरदान से कम नहीं है। इसमें प्रचुर मात्रा में डाइटरी आयरन पाया जाता है, जो लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) के निर्माण में मदद करता है। नियमित रूप से खजूर का सेवन करने से हीमोग्लोबिन का स्तर तेजी से बढ़ता है, जिससे चक्कर आना, सांस फूलना, सुस्ती और थकान जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। महिलाओं और किशोरियों में आयरन की कमी को दूर करने के लिए डॉक्टर अक्सर इसे डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं।गट हेल्थ और डाइजेशन को रखे हमेशा दुरुस्तखजूर में घुलनशील (Soluble) और अघुलनशील (Insoluble) दोनों प्रकार के फाइबर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यह आंतों की गतिशीलता को बेहतर बनाता है और कब्ज (Constipation) की पुरानी समस्या को खत्म करने में मदद करता है। इसके अलावा, खजूर पेट के गुड बैक्टीरिया को पोषण देकर पाचन तंत्र को मजबूत करता है। जिन लोगों को एसिडिटी, ब्लोटिंग या अपच की शिकायत रहती है, उनके लिए रात भर पानी में भीगे हुए खजूर का सेवन रामबाण साबित होता है।दिल की सुरक्षा और नसों में ब्लड सर्कुलेशनखजूर में मौजूद पोटैशियम और मैग्नीशियम हृदय स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। पोटैशियम शरीर में सोडियम के स्तर को नियंत्रित कर हाई ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करता है। इसके अलावा इसमें मौजूद आइसोफ्लेवोन्स और फेनोलिक एसिड जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स रक्त वाहिकाओं में प्लाक जमने से रोकते हैं, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का खतरा काफी कम हो जाता है।मजबूत हड्डियों और दिमागी क्षमता के लिए लाभकारीबढ़ती उम्र के साथ कमजोर होती हड्डियों को मजबूत रखने के लिए खजूर का सेवन फायदेमंद है। इसमें कैल्शियम, फास्फोरस और मैग्नीशियम पाए जाते हैं, जो ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम को कम करते हैं। वहीं दूसरी ओर, खजूर में मौजूद विटामिन बी-6 और एंटीऑक्सीडेंट्स दिमाग में सूजन और ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को कम करते हैं, जिससे याददाश्त तेज होती है और अल्जाइमर जैसी न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों से बचाव में मदद मिलती है।खजूर खाने का सही तरीका और सही समयखजूर का पूरा लाभ प्राप्त करने के लिए इसे सही विधि से खाना आवश्यक है।भीगे हुए खजूर: रात भर 2 से 3 खजूर को पानी में भिगोकर रख दें और सुबह खाली पेट खाएं। यह पाचन के लिए सबसे बेहतर तरीका है।दूध के साथ सेवन: रात को सोने से पहले गुनगुने दूध में 2 खजूर उबालकर खाने से शारीरिक कमजोरी दूर होती है और गहरी नींद आती है।प्री-वर्कआउट स्नैक: जिम या एक्सरसाइज से 30 मिनट पहले 2 खजूर खाने से वर्कआउट के दौरान भरपूर स्टैमिना मिलता है।स्मूदी और ओट्स: चीनी के बदले खजूर के पेस्ट का इस्तेमाल करके हेल्दी डेजर्ट या स्मूदी बनाई जा सकती है।
गेहूं-चावल की बोरियां न करें फेंकने की भूल, ऐसे घर में करें रीयूज
घर में गेहूं, चावल, आटा या दाल की खाली बोरियां फेंकने से पहले ये रीयूज आइडियाज जरूर जान लें. मजबूत पुरानी बोरी से स्टोरेज बैग, ग्रो बैग, खिलौना ऑर्गेनाइजर और सामान ढकने जैसी कई उपयोगी चीजें बनाई जा सकती हैं. इससे कचरा कम होगा और पैसे भी बचेंगे.
Nepal Flood में फंसे 21 तीर्थयात्री भारत लौटे, S Jaishankar ने की मुलाकात
(फोटो के साथ)नयी दिल्ली, 28 अगस्त विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को बताया कि एक समूह के रूप में कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गए तमिलनाडु के 21 लोगों को पड़ोसी देश में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद नेपाली सेना ने बचाया। दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचे बचाए गए लोगों के इस समूह से केंद्रीय मंत्री ने मुलाकात की और बचाव अभियान के दौरान उनके सामने आई मुश्किलों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “नेपाल में बाढ़ से बचाए गए तमिलनाडु के 21 तीर्थयात्रियों के एक समूह से मुलाकात की। उनके अनुभव सुनकर भावुक हो गया। इस बचाव अभियान के लिए नेपाली सेना और नेपाल सरकार का धन्यवाद। भारत लौटने में उनकी सुगम मदद के लिए नेपाल स्थित भारतीय दूतावास की सराहना करता हूं।”इससे पहले, एक अलग पोस्ट में उन्होंने हवाई अड्डे पर तीर्थयात्रियों के साथ ली गई तस्वीरें साझा की थीं। हवाई अड्डा परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने बताया कि बचाए जाने के बाद तीर्थयात्रियों को काठमांडू लाया गया और भारतीय दूतावास ने उनकी भारत वापसी की व्यवस्था की। बचाए गए तीर्थयात्रियों की बातों को साझा करते हुए जयशंकर ने कहा, “उन्होंने मुझे बताया कि उनके साथ वास्तव में क्या हुआ, बाढ़ कैसे आई। वे खास तौर पर नेपाल सेना के बहुत आभारी हैं, जिसने उन्हें बेहद मुश्किल जगह से बाहर निकालने के लिए यह बड़ा प्रयास किया।”जयशंकर ने बताया कि 300 से कुछ अधिक भारतीयों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है और यह संख्या करीब 315 के आसपास है। उन्होंने कहा, “लगभग 85 भारतीयों को अलग-अलग जगहों से बचाया गया है, जिसमें इन 21 लोगों का यह समूह भी शामिल है।”जयशंकर ने कहा कि भारत सरकार राहत कार्यों और लोगों को बचाने में नेपाल की सक्रिय रूप से मदद कर रही है। विदेश मंत्री ने कहा, “हम अब भी वहां मौजूद सभी भारतीयों से संपर्क करने पर पूरी तरह ध्यान दे रहे हैं।”जयशंकर ने यह भी बताया कि उन्होंने शुक्रवार सुबह नेपाल के विदेश मंत्री से स्थिति को लेकर बात की। विदेश मंत्री ने कहा, “हमने उन्हें कई तरह की मदद की पेशकश की है। वे इसका मूल्यांकन कर रहे हैं। उन्हें जो मदद अपनी जरूरत के हिसाब से उचित लगेगी, वे उसे चुनेंगे। एक जगह एक जलविद्युत परियोजना है, जहां सुरंग में लोगों के फंसे होने की आशंका है। इसलिए हम सुरंग में काम करने वाले विशेषज्ञों की एक टीम भेज रहे हैं।”जयशंकर ने बताया कि इसके अलावा नेपाल को बेली ब्रिज की जरूरत होगी, जिसे भारत सरकार उपलब्ध कराने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि मेडिकल टीम भी भेजी जा सकती हैं। मंत्री ने पत्रकारों से कहा, “अगर उन्हें एनडीआरएफ के लोगों की जरूरत होगी, तो हम उन्हें भेजेंगे। हमने उन्हें यह विकल्प दिया है।”उन्होंने जोर देकर कहा कि प्राथमिकता स्थिति से निपटना, नेपाल के राहत कार्यों में मदद करना, भारतीय नागरिकों के बचाव व उनकी वापसी में सहायता करना और नेपालियों तथा फंसे हुए विदेशी नागरिकों समेत सभी लोगों की मदद करना है।
शादी के पांच साल बीत जाने के बाद भी माता-पिता बनने का सपना अधूरा रह जाना किसी भी दंपत्ति के लिए मानसिक और भावनात्मक रूप से बेहद कष्टदायी होता है। ऐसा ही एक जटिल और हैरान करने वाला मामला हाल ही में सामने आया, जहां एक महिला तमाम कोशिशों के बावजूद गर्भधारण नहीं कर पा रही थी। सबसे ज्यादा उलझन भरी बात यह थी कि महिला और उसके पति द्वारा कराए गए शुरुआती मेडिकल टेस्ट, जिनमें रूटीन ब्लड वर्क, बेसिक हार्मोनल प्रोफाइल, सीमेन एनालिसिस और पेल्विक अल्ट्रासाउंड शामिल थे, सभी की रिपोर्ट बिल्कुल सामान्य (नॉर्मल) आ रही थी। मेडिकल भाषा में जब सभी प्राथमिक रिपोर्ट्स ठीक होने के बावजूद गर्भधारण नहीं होता, तो इसे 'अनएक्सप्लेन्ड इनफर्टिलिटी' (Unexplained Infertility) की श्रेणी में रख दिया जाता है, लेकिन इस केस में सच्चाई कुछ और ही निकली।डॉक्टर को हुआ एक खास टेस्ट पर शक, कराया एडवांस डायग्नोसिसजब यह दंपत्ति वरिष्ठ फर्टिलिटी एवं गायनेकोलॉजी एक्सपर्ट के पास पहुंचा, तो डॉक्टर ने पुरानी फाइलों का बारीकी से अध्ययन किया। बुनियादी अल्ट्रासाउंड गर्भाशय की बाहरी बनावट और ओवरीज में अंडों की स्थिति तो स्पष्ट कर रहा था, लेकिन फर्टिलाइजेशन की पूरी प्रक्रिया के आंतरिक मार्ग की पुष्टि नहीं हो पा रही थी। डॉक्टर को संदेह हुआ कि समस्या फैलोपियन ट्यूब्स या गर्भाशय की आंतरिक परत (Endometrial Cavity) के सूक्ष्म स्तर पर छिपी हो सकती है। सामान्य सोनोग्राफी में अक्सर ट्यूब्स की आंतरिक रुकावट या गर्भाशय के सूक्ष्म विकार पकड़ में नहीं आते हैं। इस संदेह को दूर करने के लिए विशेषज्ञ ने एक खास जांच कराने का फैसला किया, जिसे एचएसजी (Hysterosalpingography - HSG) और साथ में डायग्नोस्टिक हिस्टेरोस्कोपी कहा जाता है।टेस्ट के नतीजे आते ही सामने आई इनफर्टिलिटी की असली वजहजब महिला का एचएसजी और हिस्टेरोस्कोपी टेस्ट किया गया, तो रिपोर्ट देखकर खुद मेडिकल टीम भी हैरान रह गई। दरअसल, महिला की फैलोपियन ट्यूब्स में एक बारीक 'साइलेंट ब्लॉकेज' (अदृश्य रुकावट) मौजूद थी, जो पिछले 5 सालों से किसी भी सामान्य टेस्ट में नजर नहीं आ रही थी। इसके अलावा गर्भाशय के भीतर एक बेहद बारीक पॉलीप और हल्का ट्यूबरकुलर एंडोमेट्रैटिस (पेल्विक टीबी का हल्का असर) पाया गया, जिसके कोई बाहरी लक्षण या दर्द महिला को कभी महसूस नहीं हुए थे। फैलोपियन ट्यूब ही वह स्थान होती है जहां पुरुष स्पर्म और महिला का एग मिलकर भ्रूण (Embryo) बनाते हैं। ट्यूब के आंशिक रूप से बंद होने और गर्भाशय की आंतरिक सतह में सूजन होने के कारण भ्रूण गर्भाशय में प्रत्यारोपित (Implant) ही नहीं हो पा रहा था।सही समय पर सटीक इलाज और मिला मातृत्व का सुखवजह साफ होते ही डॉक्टरों ने तुरंत एक सटीक ट्रीटमेंट प्लान तैयार किया। सबसे पहले लेप्रोस्कोपी और हिस्टेरोस्कोपी की मिनिमली इनवेसिव तकनीक के जरिए गर्भाशय के भीतर मौजूद पॉलीप को हटाया गया और ब्लॉक्ड फैलोपियन ट्यूब को कैन्युलेशन प्रक्रिया से खोल दिया गया। इसके साथ ही पेल्विक इन्फेक्शन को खत्म करने के लिए एंटीबायोटिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी थेरेपी का एक निश्चित कोर्स शुरू किया गया। गर्भाशय का आंतरिक वातावरण पूरी तरह स्वस्थ और सामान्य होने के कुछ ही महीनों के भीतर महिला ने स्वाभाविक रूप से (Naturally) गर्भधारण कर लिया, जिससे 5 साल का लंबा इंतजार एक खुशहाल परिवार के रूप में बदल गया।अनएक्सप्लेन्ड इनफर्टिलिटी में इन बातों का रखें विशेष ध्यानफर्टिलिटी विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में लगभग 10 से 15 प्रतिशत दंपत्ति बांझपन की समस्या से जूझते हैं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा बिना किसी स्पष्ट कारण के परेशान रहता है। यदि शादी के एक साल बाद (या 35 वर्ष से अधिक उम्र में 6 महीने बाद) नियमित प्रयासों के बावजूद गर्भधारण न हो, तो केवल बेसिक टेस्ट पर निर्भर न रहें।ट्यूब पेटेंसी टेस्ट (HSG / HyCoSy): यह जांचना बेहद जरूरी है कि फैलोपियन ट्यूब्स खुली हैं या नहीं।हार्मोनल विंडो (AMH, TSH, Prolactin): एग रिजर्व और थायरॉयड का सटीक स्तर जानना अनिवार्य है।एडवांस अल्ट्रासाउंड (3D/4D TVS): गर्भाशय की संरचनात्मक बनावट का गहराई से अध्ययन करने के लिए।पुरुष प्रजनन क्षमता की विस्तृत जांच: केवल स्पर्म काउंट ही नहीं, बल्कि स्पर्म मॉर्फोलॉजी और डीएनए फ्रैग्मेंटेशन इंडेक्स (DFI) की जांच भी आवश्यक होती है।
विनाशकारी बाढ़ के बीच नेपाली सेना कैसे बनी 'देवदूत'? देखें विशेष
नेपाल में ऐसी तबाही हुई है कि ये पूरा देश कई बरस पीछे हो गया है. सबकुछ बर्बाद हो गया. इस बीच लापता लोगों को खोजने में नेपाल ने पूरी ताकत लगाई हुई है, और ऐसे में देवदूत बनकर आई है नेपाल की सेना. नेपाल की सेना ने एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट साइट की टनल में एक ऐसा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जो बहुत मुश्किल था. यहां 350 से ज्यादा मजदूरों को सुरक्षिल बाहर निकाला गया. देखें विशेष.
बॉलीवुड में अपनी सादगी और बेहतरीन अदाकारी के लिए पहचानी जाने वाली पूर्व मिस एशिया पैसिफिक और अभिनेत्री दीया मिर्जा ने हाल ही में अपने शुरुआती करियर के एक बेहद असहज अनुभव का खुलासा किया है। ग्लैमर इंडस्ट्री की चकाचौंध के पीछे अक्सर कई ऐसे कड़वे सच छिपे होते हैं, जिनका सामना नए कलाकारों को करना पड़ता है। दीया मिर्जा ने बताया कि करियर के शुरुआती दौर में जब वह मॉडलिंग और विज्ञापनों की दुनिया में कदम रख रही थीं, तब बुनियादी सुविधाओं और महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल की भारी कमी थी। एक विज्ञापन की शूटिंग के दौरान उन्हें ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा जिसे वह आज तक नहीं भुला पाई हैं।जब सेट पर 100 अजनबियों के बीच बदलने पड़े कपड़ेदीया मिर्जा ने उस घटना को याद करते हुए बताया कि वह एक बड़े कमर्शियल ऐड की शूटिंग कर रही थीं। आउटडोर लोकेशन पर शूट चल रहा था और सेट पर लगभग 100 से अधिक पुरुष क्रू मेंबर्स मौजूद थे। उस दौर में आज की तरह वैनिटी वैन या अलग से चेंजिंग रूम का कोई खास कल्चर नहीं था। जब निर्देशक ने उनसे तुरंत कॉस्ट्यूम बदलने के लिए कहा, तो कोई भी प्राइवेट स्पेस उपलब्ध नहीं था। मजबूरी में कुछ महिला क्रू मेंबर्स ने चादर और तौलिए की एक कच्ची आड़ बनाई, जिसके पीछे खड़े होकर उन्हें खुले में अपने कपड़े बदलने पड़े। एक्ट्रेस के मुताबिक, उस वक्त सैकड़ों लोगों की मौजूदगी के बीच खुद को इतना असुरक्षित और लाचार महसूस करना उनके लिए बेहद डरावना और अपमानजनक था।'वो पल मैं आज तक नहीं भूल पाई': छलका एक्ट्रेस का दर्ददीया मिर्जा ने स्वीकार किया कि वह पल उनके दिमाग में हमेशा के लिए दर्ज हो गया। उन्होंने कहा कि उस समय वह काफी कम उम्र की थीं और इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रही थीं। कई बार नए कलाकारों को लगता है कि अगर वे बुनियादी सुविधाओं या सम्मान की मांग करेंगे, तो उन्हें काम से हटा दिया जाएगा या नखरेबाज समझ लिया जाएगा। इसी दबाव के चलते वह उस वक्त चुप रहीं, लेकिन उस घटना ने उनके आत्मसम्मान को गहरी ठेस पहुंचाई। एक्ट्रेस ने स्पष्ट किया कि ग्लैमर की दुनिया बाहर से जितनी आकर्षक लगती है, उसके अंदर महिला कलाकारों के लिए बुनियादी स्तर पर सम्मान और सुरक्षा हासिल करना एक लंबी लड़ाई रही है।फिल्म और फैशन इंडस्ट्री में बुनियादी सुविधाओं पर उठाए सवालइस खुलासे के जरिए दीया मिर्जा ने फिल्म और मॉडलिंग इंडस्ट्री में महिलाओं के वर्किंग कंडीशंस को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि पिछले दो दशकों में स्थिति में काफी सुधार आया है। आज सेट्स पर वैनिटी वैन, सुरक्षित वॉशरूम, प्राइवेट ग्रीन रूम और विमेंस सेफ्टी प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य रूप से किया जाने लगा है। हालांकि, उनका मानना है कि इंडिपेंडेंट और छोटे बजट के प्रोजेक्ट्स में आज भी महिला कलाकारों और महिला तकनीशियनों को बुनियादी सम्मान और प्राइवेसी के लिए जूझना पड़ता है, जिसे पूरी तरह खत्म करने की जरूरत है।मिस एशिया पैसिफिक से लेकर सफल बॉलीवुड सफर तक की मिसालसाल 2000 में 'मिस एशिया पैसिफिक' का ताज जीतकर भारत का नाम रोशन करने वाली दीया मिर्जा ने फिल्म 'रहना है तेरे दिल में' (2001) से बॉलीवुड में शानदार डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने 'दम', 'लगे रहो मुन्ना भाई', 'संजू' और 'थप्पड़' जैसी कई चर्चित फिल्मों में अपने सशक्त अभिनय से दर्शकों का दिल जीता। फिल्मों के अलावा दीया मिर्जा संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की गुडविल एंबेसडर के तौर पर पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण के मुद्दों पर भी लगातार खुलकर अपनी बात रखती रही हैं।
छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर स्थित बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट (चकरभाठा) पर शुक्रवार को एक बड़ा विमान हादसा होते-होते टल गया। दिल्ली और जबलपुर के रास्ते बिलासपुर आ रहे एलायंस एयर के 72-सीटर एटीआर-72 विमान का रनवे पर उतरते समय अचानक पिछला टायर फट गया। विमान में उस समय क्रू मेंबर्स समेत 50 से ज्यादा यात्री सवार थे। लैंडिंग के तुरंत बाद पहिया फटने से रनवे पर जोरदार घर्षण और झटका महसूस हुआ, जिससे विमान के अंदर बैठे मुसाफिरों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, मुख्य पायलट की त्वरित सूझबूझ और सटीक नियंत्रण तकनीक की बदौलत विमान रनवे की सीमा से बाहर नहीं गया और एक भीषण दुर्घटना होने से बच गई।रनवे छूते ही तेज धमाके के साथ फटा विमान का पहियाएयरपोर्ट सूत्रों और चश्मदीदों के अनुसार, एलायंस एयर की फ्लाइट 9I-691 अपने निर्धारित समय पर बिलासपुर एयरस्ट्रिप पर लैंड करने की तैयारी में थी। मौसम सामान्य था और विमान की एप्रोच भी तय मानकों के अनुरूप चल रही थी। जैसे ही विमान के पिछले पहियों ने चकरभाठा रनवे के कंक्रीट ट्रैक को छुआ, अचानक एक तेज धमाके की आवाज आई और दाहिनी तरफ का मुख्य लैंडिंग गियर टायर फट गया। टायर के परखच्चे उड़ते ही विमान कुछ सेकंड के लिए असंतुलित होने लगा, लेकिन कॉकपिट में मौजूद अनुभवी पायलट ने बिना पैनिक किए इमरजेंसी थ्रस्ट और ब्रेक कंट्रोल का इस्तेमाल किया और विमान को रनवे के मध्य भाग में ही सुरक्षित रूप से रोक लिया।केबिन में मची चीख-पुकार, सुरक्षित निकाले गए सभी यात्रीविमान में सवार यात्रियों ने बताया कि टचडाउन के वक्त सामान्य झटके की जगह एक जोरदार कंपन महसूस हुआ और केबिन के अंदर हलचल मच गई। कई यात्रियों को लगा कि विमान रनवे से फिसलकर मिट्टी में धंस जाएगा। सीटबेल्ट बंधी होने के कारण किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई। विमान के पूरी तरह रुकते ही एयरपोर्ट अथॉरिटी, सीआईएसएफ (CISF) सुरक्षा बल और स्थानीय फायर फाइटिंग टीम तुरंत अलर्ट मोड में आ गई। आपातकालीन प्रोटोकॉल के तहत रनवे पर फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की गाड़ियां पहुंचाई गईं। इसके बाद ग्राउंड स्टाफ की मदद से सभी यात्रियों को एक-एक करके सीढ़ियों के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला गया और टर्मिनल बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया। किसी भी यात्री या केबिन क्रू के घायल होने की खबर नहीं है।चकरभाठा एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन कुछ समय के लिए प्रभावितइस आकस्मिक घटना के बाद बिलासपुर एयरपोर्ट पर रनवे को एहतियातन कुछ घंटों के लिए पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया। टायर फटने से रनवे पर रबर के टुकड़े और मलबा बिखर गया था, जिसकी सफाई टेक्निकल टीम द्वारा गहनता से की गई। इसके अलावा क्षतिग्रस्त विमान रनवे पर ही खड़ा था, जिसे विशेष टो-ट्रक की सहायता से सुरक्षित एप्रन एरिया में ले जाया गया। इस तकनीकी खराबी के चलते बिलासपुर से प्रयागराज और दिल्ली जाने वाली कनेक्टिंग फ्लाइट्स के शेड्यूल में फेरबदल करना पड़ा, जिससे अन्य यात्रियों को भी टर्मिनल पर इंतजार करना पड़ा। एयरपोर्ट प्रबंधन ने प्रभावित यात्रियों के लिए जलपान और वैकल्पिक यात्रा प्रबंधों की व्यवस्था संभाली।डीजीसीए और एएआई की तकनीकी टीम ने शुरू की जांचडायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) और एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने इस गंभीर तकनीकी विफलता का संज्ञान लिया है। डीजीसीए के सेफ्टी ऑडिटर्स की एक टीम विमान के लैंडिंग गियर, टायर की लाइफ साइकिल, प्रेशर रेटिंग और रनवे की सतह के फ्रिक्शन लेवल की विस्तृत जांच में जुट गई है। शुरुआती कयासों के मुताबिक टायर फटने का कारण अत्यधिक घर्षण, रबर की तकनीकी खराबी या रनवे पर किसी विदेशी वस्तु (FOD - फॉरेन ऑब्जेक्ट डेब्रिस) की मौजूदगी हो सकती है। विमान के डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) के डेटा का भी विश्लेषण किया जा रहा है ताकि लैंडिंग स्पीड और एंगल का सटीक मूल्यांकन हो सके।एलायंस एयर और बिलासपुर हवाई सेवाओं पर सुरक्षा समीक्षा की मांगबिलासपुर का बिलासा देवी केवट हवाई अड्डा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना 'उड़ान' (UDAN) के तहत छत्तीसगढ़ के उत्तरी और मध्य हिस्से के लिए एक महत्वपूर्ण एयर हब के रूप में काम कर रहा है। यहां एलायंस एयर नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रही है। इस घटना के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और दैनिक यात्रियों ने विमानों के नियमित मेंटेनेंस और फ्लीट की फिटनेस पर कड़े सवाल उठाए हैं। नागरिक उड्डयन विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे क्षेत्रीय विमानों में लैंडिंग गियर असेंबली का रखरखाव उच्चतम मानकों पर होना अनिवार्य है ताकि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
देश की राजधानी दिल्ली में वर्षों से झुग्गी-झोपड़ी (JJ Clusters) में जीवन यापन कर रहे लाखों गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए केंद्र सरकार और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा अनावरित किए गए 'दिल्ली मास्टर प्लान 2047' (Master Plan for Delhi 2047 - MPD-2047) में राजधानी के 17 लाख से अधिक झुग्गीवासियों को उनके ही इलाके में आधुनिक सुख-सुविधाओं से युक्त पक्के फ्लैट्स देने का विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है।इस मास्टर प्लान का मूल मंत्र 'जहां झुग्गी, वहीं मकान' (In-situ Slum Rehabilitation) है। इसका सीधा मतलब यह है कि झुग्गीवासियों को शहर से 30-40 किलोमीटर दूर किसी सुनसान बाहरी इलाके में विस्थापित करने के बजाय, वे जिस जगह दशकों से रह रहे हैं, उसी जमीन पर बहुमंजिला आधुनिक रिहायशी सोसायटियां बनाकर उन्हें मालिकाना हक के साथ पक्के मकान दिए जाएंगे। इस योजना को तेज गति से जमीन पर उतारने के लिए सरकार ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को पूरी तरह से नया रूप दिया है, जिसमें देश के बड़े और प्रतिष्ठित प्राइवेट रियल एस्टेट डेवलपर्स सीधे निर्माण कार्य करेंगे।प्राइवेट बिल्डर्स बनाएंगे पक्के घर: डेवलपर्स के लिए क्यों आकर्षक बना नया PPP मॉडलअब तक इन-सीटू स्लम पुनर्विकास की रफ्तार काफी धीमी थी, क्योंकि प्राइवेट बिल्डरों को इसमें सीमित व्यावसायिक लाभ दिखाई देता था। लेकिन मास्टर प्लान 2047 में सरकार ने नीतियों में व्यापक बदलाव कर प्राइवेट डेवलपर्स के लिए भारी छूट और लुभावने इंसेंटिव्स की घोषणा की है:फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) बढ़ाकर 500 किया गया: पुराने मास्टर प्लान में जहां रिहायशी हिस्से के लिए 400 और कमर्शियल के लिए 300 FAR था, वहीं अब इसे दोनों घटकों के लिए बढ़ाकर रिकॉर्ड 500 कर दिया गया है। उच्च एफएआर मिलने से बिल्डर्स सीमित जमीन पर 15 से 20 मंजिलों वाली गगनचुंबी रिहायशी और कमर्शियल इमारतें खड़ी कर सकेंगे।60% जमीन पर कमर्शियल बिक्री की छूट: संशोधित नीति के तहत कुल स्लम भूखंड के कम से कम 40% हिस्से पर झुग्गीवासियों के लिए फ्री फ्लैट्स बनाए जाएंगे। शेष 60% जमीन पर प्राइवेट बिल्डर लग्जरी फ्लैट्स, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, कॉरपोरेट ऑफिस या रिटेल आउटलेट्स बनाकर खुले बाजार में बेच सकेंगे। इस 'फ्री-सेल' कंपोनेंट से बिल्डर्स अपना भारी मुनाफा कमा सकेंगे, जिससे वे झुग्गी पुनर्वास में रुचि ले रहे हैं।प्लॉट एरिया की सीमा घटाई गई: ग्रुप हाउसिंग और स्लम रीडेवलपमेंट के लिए न्यूनतम भूमि की आवश्यकता को घटाकर 2,000 से 3,000 वर्ग मीटर तक लचीला बना दिया गया है, जिससे छोटी बस्तियों का भी आसानी से क्लस्टर-आधारित पुनर्विकास हो सकेगा।1 जनवरी 2025 बनी नई कट-ऑफ डेट: कौन-कौन से परिवार होंगे पक्के फ्लैट के पात्रयोजना के दायरे को लेकर दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) अधिनियम और दिल्ली स्लम पुनर्वास नीति 2026 में ऐतिहासिक संशोधन किए गए हैं। पहले जहां 1 जनवरी 2015 की कट-ऑफ डेट लागू थी, वहीं अब इसे 10 साल आगे बढ़ाकर 1 जनवरी 2025 कर दिया गया है।इस बदलाव के बाद पात्रता के नए मानक:जो भी झुग्गी-झोपड़ी या कच्चा आवास 1 जनवरी 2025 को या उससे पहले दिल्ली के अधिसूचित जेजे क्लस्टर (JJ Cluster) में मौजूद था, उस परिवार को इस इन-सीटू स्कीम के तहत पक्के फ्लैट का कानूनी हकदार माना जाएगा।परिवार के मुखिया के पास आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, राशन कार्ड, बिजली बिल या बैंक पासबुक जैसे वैध स्थानीय निवास प्रमाण पत्र होने चाहिए।डीडीए और डूसिब द्वारा ड्रोन सर्वे और बायोमीट्रिक मैपिंग के जरिए सभी पात्र लाभार्थियों का डिजिटल डेटा तैयार किया जा रहा है, ताकि आवंटन में किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े की कोई गुंजाइश न रहे।फ्लैट्स में मिलेंगी कौन-कौन सी आधुनिक सुविधाएं: झुग्गी नहीं, बनेगी स्मार्ट टाउनशिपमास्टर प्लान 2047 के तहत बनने वाले इन-सीटू फ्लैट्स केवल ईंट-गारे के कमरे नहीं होंगे, बल्कि इन्हें गेटेड सोसाइटी की तर्ज पर अत्याधुनिक बुनियादी सुविधाओं से लैस किया जाएगा:24x7 पाइप से पेयजल और अंडरग्राउंड सीवरेज: हर फ्लैट में व्यक्तिगत नल कनेक्शन, आधुनिक मॉड्यूलर टॉयलेट और चौबीसों घंटे बिजली-पानी की आपूर्ति होगी।लिफ्ट और अग्निशमन सुरक्षा: सभी हाई-राइज टावरों में ऑटोमैटिक लिफ्ट्स, इमरजेंसी पावर बैकअप और आधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम लगाए जाएंगे।सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर: परिसर के भीतर ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (Dispensary), सरकारी स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक भवन (Community Hall) और वरिष्ठ नागरिकों के लिए पार्क विकसित किए जाएंगे।ग्रीन एनर्जी और सोलर रूफटॉप: सोसायटियों की छतों पर सोलर पैनल्स और रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य किए गए हैं, जिससे कॉमन एरिया की बिजली का खर्च शून्य हो सके।सड़क और कमर्शियल सुविधा: 30 मीटर चौड़ी सड़कों पर ग्राउंड फ्लोर पर दुकानें खोलने की अनुमति होगी, जिससे स्थानीय निवासियों को रोजगार और खरीदारी के साधन आसपास ही मिल सकेंगे।कालकाजी और अशोक विहार से मिली सफलता: अब 750 बस्तियों में होगा कामदिल्ली में इस इन-सीटू मॉडल का सफल परीक्षण पहले ही डीडीए द्वारा किया जा चुका है। कालकाजी में 3,024 फ्लैट्स और अशोक विहार के जेलरवाला बाग में 1,675 बहुमंजिला फ्लैट्स बनाकर झुग्गीवासियों को पहले ही सौंपे जा चुके हैं, जबकि कठपुतली कॉलोनी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट पीपीपी मॉडल के तहत अपने अंतिम चरण में है।केंद्रीय गृह मंत्रालय और उपराज्यपाल के निर्देशों के बाद पहले चरण में 5 प्रमुख जेजे क्लस्टरों के टेंडर जारी किए जा रहे हैं और अगले 50 संवेदनशील क्लस्टरों की डीपीआर (DPR) तैयार कर ली गई है। दिल्ली के लगभग 750 स्लम क्लस्टरों को चरणबद्ध तरीके से अगले कुछ वर्षों में आधुनिक बहुमंजिला रिहायशी परिसरों में बदलने का लक्ष्य रखा गया है। जहां भौगोलिक कारणों से ऑन-साइट निर्माण संभव नहीं होगा, वहां लोगों को नजदीकी ईडब्ल्यूएस (EWS) खाली आवासों में स्थानांतरित किया जाएगा।दिल्ली मास्टर प्लान 2047: 40 लाख नए घर और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का नया जालमास्टर प्लान 2047 केवल झुग्गी पुनर्वास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वर्ष 2047 तक दिल्ली की अनुमानित 3.2 करोड़ की आबादी को व्यवस्थित छत देने का एक महात्वाकांक्षी विजन है।मास्टर प्लान के मुख्य बिंदु:कुल 40 लाख नए मकान: दिल्ली में कुल 40 लाख किफायती और आधुनिक घर बनाए जाएंगे, जिनमें 18 लाख मकान मेट्रो कॉरिडोर के पास ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) जोन में विकसित होंगे।1,511 अनधिकृत कॉलोनियों का नियमितीकरण: 'एज इज व्हेयर इज' (As is where is) आधार पर 45 लाख निवासियों को मालिकाना हक और बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी।अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग: प्रवासी श्रमिकों, छात्रों और युवाओं के लिए 50% एफएआर इंसेंटिव के साथ किफायती किराये के मकान बनाए जाएंगे।लास्ट-माइल कनेक्टिविटी: निजी वाहनों पर निर्भरता घटाने के लिए नमो भारत (RRTS), 400 किमी से लंबा मेट्रो नेटवर्क, इलेक्ट्रिक बसें और साइकिल ट्रैक्स का एक एकीकृत जाल तैयार किया जा रहा है।'जहां झुग्गी, वहीं मकान' का यह संशोधित पीपीपी मॉडल दिल्ली को झुग्गी-मुक्त और एक विश्वस्तरीय, स्वच्छ एवं समावेशी राजधानी बनाने की दिशा में सबसे बड़ा गेमचेंजर साबित होने जा रहा है।
नेपाल में ग्लेशियर टूटने से आई थी विनाशकारी बाढ़! चीन ने बताया तबाही का कारण
नेपाल में आई भीषण तबाही के पीछे अब चीन ने वजह साफ की है. चीन और नेपाल के विशेषज्ञों ने प्रारंभिक जांच में ग्लेशियर टूटने को बाढ़ का मुख्य कारण बताया है. बाढ़ ने सड़क, पुल, घर और बिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचाया है.
यूपी बोर्ड के कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए अनिवार्य हुई 12 अंकों की APAAR ID
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP), जिसे आम बोलचाल में यूपी बोर्ड कहा जाता है, ने प्रदेश की माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा प्रणाली को आधुनिक एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। केंद्र सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत परिकल्पित 'वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी' (One Nation, One Student ID) पहल को लागू करते हुए यूपी बोर्ड ने कक्षा 9वीं से लेकर 12वीं तक के सभी पंजीकृत छात्र-छात्राओं के लिए 'अपार आईडी' (Automated Permanent Academic Account Registry - APAAR ID) का निर्माण अनिवार्य कर दिया है।प्रयागराज स्थित माध्यमिक शिक्षा परिषद मुख्यालय द्वारा प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) और मान्यता प्राप्त शासकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त व वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को इस संबंध में सख्त दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस डिजिटल पहचान पत्र का मुख्य उद्देश्य छात्रों के प्राथमिक स्तर से लेकर उच्च शिक्षा और करियर तक के सभी अकादमिक रिकॉर्ड, परीक्षा परिणाम, प्रमाण पत्र और सह-पाठ्यचर्या (Co-Curricular) उपलब्धियों को एक ही एकीकृत डिजिटल डेटाबेस में सुरक्षित और सत्यापित रूप से संरक्षित करना है।12 अंकों की डिजिटल आईडी में क्या-क्या होगा दर्ज? जानिए इसकी कार्यप्रणाली'अपार आईडी' आधार कार्ड की तर्ज पर जारी किया जाने वाला एक 12 अंकों का विशिष्ट (Unique) पहचान नंबर है। यह जीवनभर के लिए केवल एक छात्र को एक ही बार आवंटित किया जाता है। छात्र चाहे विद्यालय बदले, शहर बदले या उच्च शिक्षा के लिए किसी अन्य राज्य या विश्वविद्यालय में प्रवेश ले, उसकी अपार आईडी कभी नहीं बदलेगी।अपार आईडी के डिजिटल प्लेटफॉर्म में निम्नलिखित सभी महत्वपूर्ण विवरण रियल-टाइम पर अपडेट और सुरक्षित रहेंगे:शैक्षणिक योग्यता और मार्कशीट: कक्षा 9वीं के पंजीकरण से लेकर 10वीं (हाईस्कूल) और 12वीं (इंटरमीडिएट) के बोर्ड अंकपत्र, पासिंग सर्टिफिकेट और रोल नंबर का पूरा इतिहास।अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC): उच्च शिक्षा स्तर पर अर्जित किए गए क्रेडिट्स का स्वत: ट्रांसफर और संचयन।खेलकूद और पाठ्येतर उपलब्धियां: राज्य या राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं, ओलंपियाड, एनसीसी (NCC), एनएसएस (NSS), विज्ञान मेलों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्राप्त प्रमाण पत्र।छात्रवृत्ति और सरकारी लाभ: राज्य व केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली विभिन्न प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्तियों की ट्रैकिंग और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) का विवरण।कौशल विकास और वोकेशनल ट्रेनिंग: कौशल विकास मिशन या वोकेशनल कोर्सेज के तहत सीखे गए तकनीकी कौशल के प्रमाणित बैज और प्रमाण पत्र।स्कूल स्तर पर कैसे बनेगी APAAR ID: पंजीकरण और सत्यापन की पूरी प्रक्रियायूपी बोर्ड के छात्रों को व्यक्तिगत रूप से किसी साइबर कैफे या बाहरी केंद्र पर जाकर अपार आईडी बनवाने के लिए भटकने की आवश्यकता नहीं है। इस प्रक्रिया को पूरी तरह से संबंधित स्कूलों और प्रधानाचार्यों के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। विद्यालय प्रशासन भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित 'यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन' (UDISE+) पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक छात्र की अपार आईडी जनरेट करेगा।पंजीकरण की मुख्य प्रक्रिया इस प्रकार निर्धारित की गई है:अभिभावकों की लिखित सहमति (Parental Consent): चूंकि कक्षा 9 से 12 के अधिकांश छात्र नाबालिग (Minor) होते हैं, इसलिए उनके आधार डेटा के उपयोग के लिए माता-पिता या अभिभावक का लिखित सहमति पत्र (Consent Form) अनिवार्य रूप से लिया जाएगा।आधार कार्ड का सत्यापन: छात्र के आधार कार्ड में दर्ज नाम, जन्म तिथि (DOB) और लिंग का मिलान स्कूल के दाखिला रजिस्टर (SR Register) और कक्षा 9वीं/11वीं के पंजीकरण रिकॉर्ड से किया जाएगा।UDISE+ पोर्टल पर डेटा एंट्री: विद्यालय के नोडल शिक्षक या कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा यू-डायस पोर्टल के स्टूडेंट मॉड्यूल में छात्र का विवरण सत्यापित कर सबमिट किया जाएगा।12 अंकों की आईडी जनरेशन: डेटा का आधार सर्वर से मिलान होते ही सिस्टम द्वारा 12 अंकों की डिजिटल अपार आईडी जनरेट हो जाएगी।डिजिलॉकर (DigiLocker) से लिंकेज: अपार आईडी बनते ही यह सीधे छात्र के आधिकारिक डिजिलॉकर खाते से लिंक हो जाएगी, जहां से छात्र अपना डिजिटल अपार कार्ड कभी भी डाउनलोड कर सकते हैं।छात्रों और अभिभावकों को क्या होंगे बड़े फायदे? फर्जीवाड़े पर लगेगी लगामयूपी बोर्ड के इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल सुधार माना जा रहा है। इस व्यवस्था के लागू होने से छात्रों, अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों को कई दीर्घकालिक लाभ मिलेंगे:दस्तावेजों के खोने या फटने का डर खत्म: अक्सर बाढ़, आगजनी, यात्रा या स्थानान्तरण के दौरान मूल अंकपत्र खो जाते हैं। अपार आईडी से सभी शैक्षणिक दस्तावेज हमेशा क्लाउड पर सुरक्षित रहेंगे, जिन्हें कभी भी वैध डिजिटल रूप में निकाला जा सकेगा।फर्जी मार्कशीट और जाली डिग्रियों पर पूर्ण विराम: सरकारी और गैर-सरकारी नौकरियों के दौरान मार्कशीट वेरिफिकेशन में महीनों का समय लगता था। अपार आईडी के जरिए किसी भी भर्ती एजेंसी या नियोक्ता द्वारा क्यूआर कोड स्कैन करके सेकंडों में दस्तावेजों की प्रामाणिकता जांची जा सकेगी।स्कूल ट्रांसफर में नहीं होगी परेशानी: यदि किसी छात्र के माता-पिता का ट्रांसफर लखनऊ से वाराणसी या यूपी से किसी अन्य राज्य जैसे दिल्ली, महाराष्ट्र या बिहार में होता है, तो नए स्कूल में प्रवेश लेते समय केवल अपार आईडी देने से छात्र का पूरा पुराना एकेडमिक बैकग्राउंड नए स्कूल के सिस्टम में तुरंत ट्रांसफर हो जाएगा।पारदर्शी छात्रवृत्ति वितरण: अपार आईडी सीधे आधार और बैंक खाते से लिंक होने के कारण छात्रवृत्ति वितरण में होने वाले फर्जीवाड़े और अपात्रों द्वारा लाभ लेने की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगेगी।डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और अभिभावकों की सहमति के कड़े नियमअक्सर डिजिटल डेटा के संकलन को लेकर अभिभावकों के मन में सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर कई आशंकाएं होती हैं। शिक्षा मंत्रालय और यूपी बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अपार आईडी पूरी तरह से सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म पर काम करती है।डेटा सुरक्षा से जुड़े प्रमुख सुरक्षा मानक:डेटा की गोपनीयता (Confidentiality): छात्र का व्यक्तिगत डेटा किसी भी गैर-शैक्षणिक या वाणिज्यिक (Commercial) तीसरे पक्ष के साथ साझा नहीं किया जाएगा।स्वैच्छिक और सहमति आधारित प्रक्रिया: माता-पिता के पास यह अधिकार सुरक्षित है कि वे अपनी सहमति दें या चाहें तो भविष्य में किसी भी समय अपने बच्चे के आधार डेटा के उपयोग की सहमति वापस ले सकते हैं।मास्क्ड आधार सुरक्षा: सिस्टम में छात्र का मूल आधार नंबर पूरी तरह मास्क (छिपा हुआ) रहता है, जिससे किसी भी प्रकार के डेटा दुरुपयोग या साइबर फ्रॉड की कोई गुंजाइश नहीं रहती।यूपी बोर्ड परीक्षा 2027 और भविष्य के उच्च शिक्षण प्रवेश में क्या पड़ेगा असर?माध्यमिक शिक्षा परिषद के अधिकारियों के अनुसार, आने वाले समय में बोर्ड परीक्षा के एडमिट कार्ड, परीक्षा केंद्र आवंटन और परिणाम जारी करने की प्रणाली को भी अपार आईडी से एकीकृत किया जा रहा है।भविष्य के शैक्षणिक प्रवेश पर इसका प्रभाव:बोर्ड परीक्षा में 'मुन्नाभाइयों' पर रोक: परीक्षा केंद्रों पर बॉयोमीट्रिक और अपार आईडी आधारित सत्यापन से दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने वाले फर्जी परीक्षार्थियों (Impersonators) को तुरंत पकड़ा जा सकेगा।विश्वविद्यालयों में सीधा दाखिला: 12वीं पास करने के बाद जब छात्र सीयूईटी (CUET), जेईई (JEE), नीट (NEET) या किसी राज्य विश्वविद्यालय में स्नातक (BA, B.Sc, B.Com, B.Tech) में प्रवेश के लिए आवेदन करेंगे, तो उन्हें बार-बार 10वीं और 12वीं के अलग-अलग दस्तावेज अपलोड नहीं करने पड़ेंगे। केवल अपार नंबर दर्ज करते ही उनका पूरा प्रमाणित डेटा फॉर्म में अपने-आप भर जाएगा।प्रशासन ने सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया है कि वे अपने विद्यालयों में विशेष अभिभावक-शिक्षक बैठकें (PTM) आयोजित करें और शत-प्रतिशत छात्रों का अपार पंजीकरण तय समय सीमा के भीतर पूरा करवाएं, ताकि किसी भी छात्र का बोर्ड पंजीकरण बाधित न हो।
दिल्ली में 25% बंपर डिस्काउंट पर DDA के सरकारी MIG और HIG फ्लैट्स की बुकिंग शुरू
दिल्ली की सीमा के भीतर अपना एक सुरक्षित, सरकारी और फ्रीहोल्ड घर खरीदने की चाहत रखने वाले मध्यम और उच्च आय वर्ग के परिवारों के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) एक बड़ा अवसर लेकर आया है। डीडीए ने अपनी लोकप्रिय 'नागरिक आवास योजना' (DDA Nagrik Awas Yojana) के तहत नरेला क्षेत्र में 1,287 नए और रेडी-टू-मूव (Ready-to-Move) फ्लैट्स की नई इन्वेंट्री को बिक्री के लिए लाइव कर दिया है। इस योजना की सबसे बड़ी और आकर्षक खासियत यह है कि प्राधिकरण इन सभी फ्लैट्स के आधिकारिक डिस्पोजल प्राइस (Disposal Price) पर सीधे 25% की बंपर छूट दे रहा है।डीडीए की यह हाउसिंग स्कीम पूरी तरह से 'पहले आओ, पहले पाओ' (First Come, First Served - FCFS) के आधार पर संचालित की जा रही है। इसका सीधा अर्थ यह है कि खरीदारों को पुरानी और अनिश्चित लॉटरी प्रणाली के नतीजों का महीनों तक इंतजार करने की कोई आवश्यकता नहीं है। आवेदक डीडीए के आधिकारिक ई-सर्विसेज पोर्टल पर जाकर अपनी पसंद के फ्लैट का चुनाव कर सकते हैं, उसका टोकन अमाउंट जमा करके उसे तुरंत अपने नाम पर लॉक कर सकते हैं।नरेला में 1,287 नए MIG और HIG फ्लैट्स शामिल: जानें लोकेशन और पॉकेट्स का ब्योराडीडीए द्वारा जारी आधिकारिक सर्कुलर के अनुसार, इस नए चरण में कुल 1,287 प्रीमियम फ्लैट्स जोड़े गए हैं। इनमें मध्यम आय वर्ग (Middle Income Group - MIG) और उच्च आय वर्ग (High Income Group - HIG) की रिहायशी इकाइयां शामिल हैं:MIG फ्लैट्स की कुल संख्या: 790 यूनिट्सHIG फ्लैट्स की कुल संख्या: 497 यूनिट्सकुल नए जोड़े गए फ्लैट्स: 1,287 यूनिट्सये सभी फ्लैट्स नरेला के सेक्टर A1 से A4 (Sector A1-A4) में स्थित पॉकेट 3 (Pocket 3) और पॉकेट 4 (Pocket 4) में बनाए गए हैं। इन फ्लैट्स का निर्माण आधुनिक टाउनशिप प्लानिंग के तहत किया गया है, जहां चौड़ी आंतरिक सड़कें, ग्रीन पार्क्स, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, भूमिगत वॉटर टैंक और कवर्ड पार्किंग की व्यवस्था मौजूद है। फ्लैट्स का प्लिंथ एरिया 126 वर्ग मीटर से लेकर 140 वर्ग मीटर और उससे अधिक है, जिससे परिवारों को विशाल लिविंग रूम, बड़े बेडरूम, मॉड्यूलर किचन स्पेस और हवादार बालकनी मिलती है।25% छूट के बाद कितनी होगी कीमत: MIG और HIG फ्लैट्स का पूरा प्राइस चार्टडीडीए द्वारा 25% की सीधी छूट दिए जाने के बाद नरेला के इन सरकारी फ्लैट्स की कीमतें दिल्ली-एनसीआर के प्राइवेट बिल्डर्स की तुलना में काफी प्रतिस्पर्धी और किफायती हो गई हैं। फ्लैट की अंतिम कीमत उसके फ्लोर (मंजिल), प्लिंथ एरिया, बालकनी के आकार और पॉकेट की लोकेशन पर निर्भर करती है।छूट के बाद पॉकेट-वार अनुमानित मूल्य संरचना इस प्रकार है:पॉकेट 3 (Pocket 3) में MIG फ्लैट्स: 25% छूट के बाद इन 2 BHK / 3 BHK मध्यम वर्गीय फ्लैट्स की संशोधित कीमत लगभग ₹73.02 लाख से शुरू होकर ₹81.12 लाख तक जाती है (मूल कीमत ₹97 लाख से ₹1.08 करोड़ के आसपास थी)।पॉकेट 3 (Pocket 3) में HIG फ्लैट्स: 25% डिस्काउंट के बाद इन लग्जरी 3 BHK फ्लैट्स की कीमत लगभग ₹1.01 करोड़ से ₹1.16 करोड़ के बीच तय की गई है (मूल कीमत ₹1.35 करोड़ से ₹1.55 करोड़ थी)।पॉकेट 4 (Pocket 4) में MIG फ्लैट्स: पॉकेट 4 के अंतर्गत आने वाले MIG फ्लैट्स की रियायती दरें लगभग ₹73.71 लाख से शुरू होती हैं।पॉकेट 4 (Pocket 4) में HIG फ्लैट्स: इस पॉकेट में HIG फ्लैट्स की शुरुआती रियायती कीमत लगभग ₹96.86 लाख रखी गई है।डीडीए की यह छूट सीधे अलॉटमेंट लेटर के मांग पत्र (Demand-cum-Allotment Letter) में घटाकर दी जा रही है, जिससे खरीदारों को डाउनपेमेंट और होम लोन की ईएमआई (EMI) में लाखों रुपये की सीधी बचत हो रही है।'पहले आओ, पहले पाओ' (FCFS) नियम: लॉटरी का झंझट खत्म, तुरंत होगी बुकिंगडीडीए ने अपनी बिक्री रणनीति में आधुनिक बदलाव करते हुए नागरिक आवास योजना को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी FCFS प्रणाली पर आधारित बनाया है। इसके प्रमुख परिचालन नियम निम्नलिखित हैं:रियल-टाइम फ्लैट सिलेक्शन: आवेदक पोर्टल पर जाकर लाइव इन्वेंट्री में यह देख सकते हैं कि किस ब्लॉक, किस विंग और किस फ्लोर पर कौन सा फ्लैट खाली है।इंस्टेंट टोकन लॉकिंग: जैसे ही आवेदक अपनी पसंद का फ्लैट नंबर चुनता है, उसे टोकन बुकिंग राशि का ऑनलाइन भुगतान करना होता है। भुगतान सफल होते ही वह फ्लैट सिस्टम में उस आवेदक के नाम पर रिजर्व हो जाता है और किसी अन्य व्यक्ति को नहीं दिखता।मांग पत्र (Demand Letter): टोकन राशि जमा होने और दस्तावेजों के ऑनलाइन सत्यापन के बाद डीडीए द्वारा डिमांड लेटर जारी किया जाता है, जिसमें बाकी बचे भुगतान का शेड्यूल दिया जाता है।आसान भुगतान विकल्प: खरीदार 60 से 90 दिनों के भीतर बैंक लोन या अपनी बचत के जरिए बाकी रकम का भुगतान करके पजेशन लेटर प्राप्त कर सकते हैं।पात्रता मानदंड और जरूरी नियम: क्या दिल्ली में पहले से घर होने पर भी कर सकते हैं आवेदन?डीडीए ने इस योजना में अधिक से अधिक लोगों को शामिल करने के लिए पात्रता नियमों को काफी लचीला और सरल बनाया है:राष्ट्रीयता और आयु: आवेदक का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है और आवेदन की तिथि पर उसकी आयु कम से कम 18 वर्ष पूरी होनी चाहिए।प्रॉपर्टी ओनरशिप की छूट: सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि पूर्व में लागू वह शर्त हटा दी गई है जिसके तहत दिल्ली में पहले से 67 वर्ग मीटर से बड़ा प्लॉट या फ्लैट रखने वाले व्यक्ति डीडीए में आवेदन नहीं कर सकते थे। अब जिन लोगों के पास दिल्ली में पहले से कोई मकान या प्लॉट है, वे भी इस FCFS स्कीम में निवेश या रहने के लिए फ्लैट खरीद सकते हैं।एकल या संयुक्त आवेदन: पति-पत्नी संयुक्त रूप से (Joint Application) या परिवार का कोई भी बालिग सदस्य अपने नाम से अलग से आवेदन कर सकता है।अनिवार्य दस्तावेज: आवेदक के पास वैध पैन कार्ड (PAN Card), आधार कार्ड (Aadhaar Card), सक्रिय बैंक खाता और चालू मोबाइल नंबर होना अनिवार्य है।ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज: घर बैठे कैसे करें फ्लैट बुकडीडीए नागरिक आवास योजना के तहत फ्लैट बुक करने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। खरीदार नीचे दिए गए आसान चरणों का पालन करके अपना फ्लैट बुक कर सकते हैं:आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले डीडीए के आधिकारिक आवास पोर्टल eservices.dda.org.in या dda.gov.in पर लॉगिन करें।यूजर रजिस्ट्रेशन: यदि पहले से अकाउंट नहीं है, तो अपने पैन कार्ड, आधार नंबर, ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर के जरिए नया यूजर प्रोफाइल बनाएं।स्कीम का चयन: लॉगिन करने के बाद एक्टिव स्कीम्स सेक्शन में जाकर 'DDA Nagrik Awas Yojana (Sector A1-A4, Narela)' को चुनें।फ्लैट और फ्लोर का चयन: अपनी पसंद की कैटेगरी (MIG या HIG), पॉकेट नंबर (Pocket 3 या 4), ब्लॉक और फ्लोर के अनुसार उपलब्ध फ्लैट्स की सूची ब्राउज करें।टोकन बुकिंग राशि का भुगतान: चुने गए फ्लैट के लिए निर्धारित रजिस्ट्रेशन/बुकिंग फीस का भुगतान नेट बैंकिंग, डेबिट/क्रेडिट कार्ड या यूपीआई के माध्यम से करें।अकनॉलेजमेंट स्लिप डाउनलोड करें: भुगतान पूरा होते ही सिस्टम द्वारा जनरेट की गई पावती रसीद और फ्लैट रिजर्वेशन स्लिप को भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित डाउनलोड कर लें।नरेला में कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और फ्यूचर ग्रोथ की संभावनाएंडीडीए नरेला सब-सिटी को द्वारका और रोहिणी की तर्ज पर दिल्ली के अगले बड़े ग्रोथ हब के रूप में विकसित कर रहा है। यही वजह है कि यहां घर खरीदने वालों के लिए भविष्य में कैपिटल एप्रिसिएशन (प्रॉपर्टी वैल्यू ग्रोथ) की मजबूत संभावनाएं हैं:अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (UER-II): नरेला अब नए 6-लेन दिल्ली एक्सप्रेसवे (UER-II) से सीधे जुड़ चुका है, जिससे आईजीआई एयरपोर्ट (IGI Airport Terminal 3), द्वारका और गुरुग्राम की दूरी घटकर मात्र 30 से 40 मिनट रह गई है।प्रस्तावित मेट्रो कनेक्टिविटी: दिल्ली मेट्रो के फेज-4 विस्तार के तहत रिठाला-नरेला-कुंडली (रेड लाइन एक्सटेंशन) मेट्रो कॉरिडोर को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल चुकी है, जिससे यह क्षेत्र सीधे कश्मीरी गेट और मध्य दिल्ली से कनेक्ट हो जाएगा।संस्थान और कोर्ट कॉम्प्लेक्स: नरेला में नया जिला न्यायालय परिसर, पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज, यूनिवर्सिटी कैंपस और लॉजिस्टिक्स पार्क तेजी से विकसित किए जा रहे हैं।फ्रीहोल्ड सरकारी संपत्ति: प्राइवेट बिल्डरों के विपरीत, डीडीए के फ्लैट्स पूरी तरह कानूनी विवादों से मुक्त, पक्की रजिस्ट्री और फ्रीहोल्ड मालिकाना हक के साथ मिलते हैं। इसके चलते सभी प्रमुख राष्ट्रीयकृत और निजी बैंक इन फ्लैट्स पर तुरंत 80% से 90% तक का होम लोन मंजूर कर रहे हैं।जो परिवार दिल्ली में निजी बिल्डरों की मनमानी कीमतों और देरी से परेशान हैं, उनके लिए 25% की छूट के साथ यह सरकारी आवास योजना एक ठोस और सुरक्षित निवेश साबित हो रही है।
Nepal Flood: नेपाल में बाढ़ से 547 की मौत, 320 भारतीय लापता और सीमा पर फंसे कई नागरिक
‘भाषा’ की विभिन्न फाइल से शुक्रवार को रात नौ बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार हैं; दि40 नेपाल बाढ़ भारतनेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद 320 भारतीय अब भी लापता : विदेश मंत्रालयनयी दिल्ली, नेपाल-तिब्बत सीमा पर अचानक आई बाढ़ के बाद कम से कम 320 भारतीय अब भी लापता हैं और करीब 400 अन्य चीन की तरफ फंसे हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। वि32 नेपाल तीसरी लीड बाढ़नेपाल त्रासदी : मौत का आंकड़ा 547 पहुंचा, मंडराया दोबारा बाढ़ का खतराकाठमांडू, नेपाल में कई और शव बरामद किये जाने के साथ ही भीषण बाढ़ से मरने वालों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 547 हो गई। इस बीच, तलाश और बचाव अभियान सतर्कता के साथ जारी है, क्योंकि भोटेकोशी नदी इलाके में जलस्तर बढ़ने से दोबारा इस आपदा का खतरा मंडरा रहा है। वि39 चीन बाढ़ लीड हिमनदनेपाल में ऊंचाई पर स्थित हिमनद टूटने से अचानक आई विनाशकारी बाढ़: चीनबीजिंग, चीन ने शुक्रवार को कहा कि नेपाल में ऊंचाई पर स्थित एक हिमनद के टूटने से अचानक भीषण बाढ़ आई, जिसने तिब्बत-नेपाल सीमा क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। दि51 सोनिया आत्मकथा लीड पेंगुइन‘पेंगुइन’ का सोनिया की आत्मकथा का प्रकाशक होने से इनकार, कांग्रेस नेताओं ने निशाना साधानयी दिल्ली, ‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया’ ने शुक्रवार को कहा कि वह कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी की आत्मकथा ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ का भारत में प्रकाशक नहीं है। हालांकि वह इसके प्रकाशन को लेकर उत्सकु था, लेकिन तथ्यों की जांच करना और लेखकों को सुझाव देना उसका ‘‘विशेषाधिकार और जिम्मेदारी’’ है। दि49 न्यायालय सजाअपीलीय अदालत राज्य या पीड़ित की अपील के बिना दोषी की सजा खुद नहीं बढ़ा सकती: उच्चतम न्यायालयनयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि राज्य, पीड़ित या शिकायतकर्ता की ओर से अपील दायर नहीं किए जाने की स्थिति में कोई अपीलीय अदालत किसी दोषी की सजा अपनी ओर से नहीं बढ़ा सकती। प्रादे170 कर्नाटक नागेंद्र लीड इस्तीफाकर्नाटक के मंत्री नागेंद्र ने इस्तीफा दियाबेंगलुरु, कर्नाटक के योजना और सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र ने शुक्रवार को वाल्मीकि निगम घोटाले के आरोपों के चलते पद संभालने के 25 दिन के भीतर ही राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफे की घोषणा कर दी। प्रादे82 बंगाल टीएमसी ममतातृणमूल के शासन में पुलिस का चेहरा मानवीय था, भाजपा ने इसे राक्षसी रूप दिया: ममता बनर्जीकोलकाता, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को दावा किया कि उनके कार्यकाल में पुलिस का चेहरा मानवीय था, लेकिन भाजपा ने पुलिस को एक “राक्षसी रूप” दे दिया। प्रादे26 : उप्र गायक हत्या जांचअंकित बालियान हत्याकांड: चार हमलावरों की तलाश, हरियाणा तक पहुंची पुलिस की जांचमुजफ्फरनगर (उप्र), शामली में हरियाणवी गायक एवं यूट्यूबर अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) और स्थानीय पुलिस की टीम चार हमलावरों की तलाश में जुटी हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि सीसीटीवी फुटेज से हमलावरों के हरियाणा की ओर भागने के संकेत मिले हैं। वि16 नॉर्वे महाराजा निधननॉर्वे के महाराजा हेराल्ड पंचम का 89 वर्ष की आयु में निधन, उनके बेटे ने संभाली गद्दीस्टावांगेर (नॉर्वे), नॉर्वे के महाराजा हेराल्ड पंचम का निधन हो गया है। वह 89 वर्ष के थे। राजमहल ने शुक्रवार सुबह इसकी सूचना दी। अर्थ35 विदेशी मुद्रा भंडारविदेशी मुद्रा भंडार 12.42 अरब डॉलर बढ़कर 729.33 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर परमुंबई, देश का विदेशी मुद्रा भंडार 21 अगस्त को समाप्त सप्ताह में 12.42 अरब डॉलर बढ़कर 729.33 अरब डॉलर के नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अर्थ27 औद्योगिक उत्पादनऔद्योगिक उत्पादन जुलाई में 6.7 प्रतिशत बढ़ानयी दिल्ली, औद्योगिक उत्पादन वृद्धि जुलाई में घटकर 6.7 प्रतिशत रही। मुख्य रूप से खनन क्षेत्र में गिरावट के कारण औद्योगिक उत्पादन में कमी आई है। अर्थ50 दूसरी लीड जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओजियो प्लेटफॉर्म्स को आईपीओ की मंजूरी मिली, करीब 37,700 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद नयी दिल्ली, रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सेवा इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स लि. को आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने के लिए बाजार नियामक सेबी की मंजूरी मिल गई है। खेल5 : खेल शतरंज जीसीटी लीड भारतप्रज्ञाननंदा ग्रैंड शतरंज टूर जीतने वाले पहले भारतीय बनेसेंट लुई (अमेरिका), ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञाननंदा ग्रैंड शतरंज टूर (जीसीटी) का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने यहां ग्रैंड फाइनल में अमेरिका के फैबियानो कारुआना को हराया। खेल8 : खेल गोल्फ महिला आयरिश ओपनप्रणवी की शानदार शुरुआत, दीक्षा, त्वेशा और अवनी पर कट से चूकने का खतरास्ट्राफ़न (आयरलैंड), प्रणवी उर्स ने केपीएमजी महिला आयरिश ओपन में शानदार शुरुआत करते हुए तीन अंडर 69 का स्कोर बनाया लेकिन अन्य भारतीय खिलाड़ियों दीक्षा डागर, अवनी प्रशांत और त्वेसा मलिक पर कट से चूकने का खतरा मंडरा रहा है।
विवेकानन्द केन्द्र अध्यक्ष ए बालकृष्णन का निधन, कन्याकुमारी में होगी अंत्येष्टि
अजमेर/कन्याकुमारी। विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी के अध्यक्ष ए बालकृष्णन का देहावसान हो गया है। स्वामी विवेकानन्द के आदर्शों तथा मनुष्य-निर्माण और राष्ट्र-निर्माण के कार्य को अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित करने वाले बालकृष्णन ने अपनी नश्वर देह का परित्याग कर अनन्त यात्रा पर प्रस्थान किया। उनकी अंत्येष्टि 29 अगस्त को कन्याकुमारी में होगी, जहां देशभर से विवेकानन्द […] The post विवेकानन्द केन्द्र अध्यक्ष ए बालकृष्णन का निधन, कन्याकुमारी में होगी अंत्येष्टि appeared first on Sabguru News .
CM Yogi Adityanath बोले: युवाओं के पास सरकारी नौकरी के अलावा स्टार्टअप और उद्यमिता के भरपूर अवसर
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि हर युवा को उसकी योग्यता, रुचि और क्षमता के अनुरूप सीखने, अवसर पाने, उद्यम करने और आगे बढ़ने का भरपूर अवसर उपलब्ध कराने के लिए ‘डबल इंजन’ सरकार ने प्रदेश में अनुकूल माहौल तैयार किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से उत्तर प्रदेश में पिछले नौ वर्षों में शिक्षा और कौशल विकास से लेकर आधारभूत अवसंरचना, निवेश, स्टार्टअप, एमएसएमई और उद्योग तक एक ऐसी व्यापक परिस्थितिकी विकसित की है जो युवाओं की क्षमता को अवसर, अवसर को रोजगार और रोजगार को आर्थिक समृद्धि में बदलने में सहायक हो सकती है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (एमजीयूजी) के पांचवें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि आज युवाओं के सामने आगे बढ़ने के अवसर केवल सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं हैं। उनके लिए शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता, स्टार्टअप, एमएसएमई, उद्योग, डिजिटल अर्थव्यवस्था और अनुसंधान एवं नवाचार जैसे अनेक अवसर हैं। सरकार का प्रयास है कि युवा को सीखने, प्रयोग करने, उद्यम शुरू करने और आगे बढ़ने का एक बेहतरीन वातावरण प्राप्त हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के पास क्षमता की कोई कमी नहीं है। हमारे पास विशाल युवा शक्ति, कृषि शक्ति, उद्यमिता, प्राकृतिक संसाधन और समृद्ध ज्ञान परंपरा है। आवश्यकता इन सभी को एक दिशा, एक अनुकूल पारिस्थितिकी और नए अवसर से जोड़ने की है। पिछले नौ वर्षों में प्रदेश ने इसी दिशा में बदलाव की मजबूत नींव तैयार की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी शिक्षा की यात्रा केवल डिग्री तक सीमित नहीं होनी चाहिए। शिक्षा का उद्देश्य ऐसे सक्षम युवा तैयार करना है जो अपने ज्ञान और कौशल से अवसर पैदा कर सकें। अवसर को रोजगार में और रोजगार को प्रगति में बदल सकें। विद्यार्थी केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए नहीं बल्कि वास्तविक समस्याओं को समझने और उसका समाधान निकालने का माध्यम बनें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पास भारत की हजारों वर्षों की ऋषि परंपरा की ज्ञान की एक बड़ी धरोहर है। ज्ञान की उस विरासत को आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के साथ जोड़कर नई दिशा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत ने स्वास्थ्य को जीवन के रूप में देखा है। योग, आयुर्वेद, नेचुरोपैथी, जड़ी-बूटी, पारंपरिक कृषि ज्ञान के रूप में हमारे पास हजारों वर्षों की विरासत मौजूद है। अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के साथ हजारों वर्षों का भारतीय ज्ञान भविष्य के नवोन्मेष, नए अवसर और नयी अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला बन सकता है। स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री एवं अन्य अभ्यागतों का स्वागत करते हुए एमजीयूजी के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. भूपेश कुमार गोयल ने कहा कि युगों-युगों से गोरक्षपीठ मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि स्थापना के पांच वर्ष में ही यहां पाठयक्रम की संख्या 12 से बढ़कर 53 हो गई है।
नेपाल और तिब्बत सीमा पर प्रकृति का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को हुए भीषण ग्लेशियर हिमस्खलन और मलबे के बहाव के बाद, अब तिब्बत क्षेत्र में बनी एक विशाल प्राकृतिक झील (बैरियर लेक) के टूटने की पुष्टि हुई है। इस ताजा घटनाक्रम के बाद नेपाल के जल संसाधन विभाग, राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRMMA) और नेपाल पुलिस ने पूरे देश में 'रेड अलर्ट' घोषित कर दिया है।नेपाल पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि तिब्बती हिस्से में स्थित विशाल जल बांध और झील एक बार फिर फट गई है। इसके चलते भोटेकोशी, त्रिशूली और नारायणी नदी बेसिन में भारी मात्रा में पानी और गाद का तेज बहाव नीचे की ओर बढ़ रहा है। पुलिस प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य में जुटे सुरक्षा बलों, एनडीआरएफ टीमों और नदी किनारे बसे आम नागरिकों से बिना कोई समय गंवाए तत्काल सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर जाने की अपील की है। चेतावनी के बाद रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जैसे संवेदनशील जिलों के तटीय इलाकों में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है और लोग अपने घरों को छोड़कर पहाड़ों की ओर भाग रहे हैं।छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो का संगम: कैसे बनी यह 'मौत की झील'भूवैज्ञानिकों और सैटेलाइट इमेजरी से मिली रिपोर्टों के अनुसार, यह संकट तिब्बत के दक्षिणी पर्वतीय इलाके में स्थित 'छोचेन खोला' और 'पुरेपु त्सांगपो' नदियों के संगम पर पैदा हुआ। सीमावर्ती क्षेत्र में एक विशाल ग्लेशियर और पहाड़ी चट्टान के ढहने के कारण भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा नदी के प्रवाह में जमा हो गया था, जिसने एक विशाल कृत्रिम बैरियर लेक (अस्थायी बांध) का रूप ले लिया था।चीन के जल संसाधन मंत्रालय के अनुसार, इस झील में 20 लाख घन मीटर से अधिक पानी जमा हो चुका था और लगातार हो रही बारिश व ग्लेशियर पिघलने से इसमें अगले तीन दिनों के भीतर 30 लाख घन मीटर पानी और भरने का अनुमान था। पानी के भारी दबाव और कमजोर तलछट के कारण यह झील अचानक टूट गई। चीन ने पहले ही इसके लिए 'लेवल-IV इमरजेंसी अलर्ट' जारी किया था। जब यह विशालकाय जलप्रपात नीचे की ओर टूटा, तो यह अपने साथ लाखों टन कीचड़, पेड़ और विशाल चट्टानें लेकर नेपाली सीमा में प्रवेश कर गया।नेपाल पुलिस और सेना का आपातकालीन अलर्ट: बचाव कार्य रोके गएनेपाल सरकार ने हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में चलाए जा रहे सभी ग्राउंड रेस्क्यू ऑपरेशंस को तुरंत रोकने और बचाव दलों को पीछे हटने के निर्देश दिए हैं। नेपाल पुलिस के प्रवक्ता और रसुवा के मुख्य जिला अधिकारी (CDO) नरेंद्र परियार ने बताया कि चीनी अधिकारियों से प्राप्त इनपुट के आधार पर नदी के निचले इलाकों से लोगों को तुरंत निकाला जा रहा है।नेपाल पुलिस अधिकारी पी. चौधरी ने स्थिति की भयावहता बताते हुए कहा कि पानी का स्तर अचानक बहुत तेजी से बढ़ने की संभावना है, इसलिए सभी प्रकार के सड़क निर्माण और रिकवरी कार्य रोक दिए गए हैं। बचाव कार्य में लगी भारी मशीनरी, एम्बुलेंस और वाहनों को सुरक्षित डिपो में वापस बुलाया गया है। त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और धुंचे बेस से सेना के हेलीकॉप्टरों को एरियल रेकी और हवाई निगरानी के लिए भेजा गया है ताकि पानी के प्रवाह की वास्तविक गति का आकलन किया जा सके।तटीय इलाकों में पहले से मची है भारी तबाही, सैकड़ों लोग अब भी लापतानेपाल में हालिया जलप्रलय ने पहले ही भयंकर तबाही मचा रखी है। तिब्बत से सटे रसुवागढ़ी, टिमुरे, सयाफ्रुबेंसी और धुंचे जैसे प्रमुख सीमावर्ती व्यापारिक केंद्र पूरी तरह मलबे और कीचड़ की मोटी चादर में दब चुके हैं। कई पक्के पुल, हाइड्रोपावर टनल, सीमा शुल्क कार्यालय (Customs Office) और राष्ट्रीय राजमार्ग बाढ़ के बहाव में बह गए हैं।आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, विभिन्न प्रभावित जिलों से अब तक 500 से अधिक शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें सबसे अधिक शव चितवन, नवलपरासी, नुवाकोट, गोरखा और धादिंग जनपदों से मिले हैं। इसके अतिरिक्त, करीब एक हजार लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें भारतीय तीर्थयात्री, विदेशी ट्रेकर्स, स्थानीय सुरक्षाकर्मी और पनबिजली परियोजनाओं पर काम करने वाले कर्मचारी शामिल हैं। ऐसे समय में दूसरी बार झील का बांध टूटना राहत कार्यों और बचे हुए लोगों के जीवन के लिए अत्यंत विनाशकारी साबित हो सकता है।भारत के बिहार और यूपी के सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट जारीनेपाल में भोटेकोशी और त्रिशूली नदियां आगे चलकर जब देवघाट पर काली गंडकी से मिलती हैं, तो वे विशाल 'नारायणी नदी' का रूप धारण कर लेती हैं, जो भारत में प्रवेश करते ही 'गंडक नदी' कहलाती है। तिब्बत में झील टूटने और नेपाल में भारी जलप्रवाह की सूचना मिलते ही भारत के सीमावर्ती राज्यों में भी प्रशासनिक तंत्र को अलर्ट मोड पर डाल दिया गया है।बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण जिलों के जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। वाल्मीकि नगर गंडक बैराज पर विशेष जलस्तर निगरानी प्रणाली सक्रिय कर दी गई है। यदि नेपाल से अचानक भारी मात्रा में अनियंत्रित डिस्चार्ज आता है, तो बैराज के सभी फाटकों (Sluice Gates) को खोलकर अतिरिक्त पानी को नियंत्रित करने की रूपरेखा बनाई गई है ताकि उत्तर बिहार के निचले मैदानी इलाकों में अचानक बाढ़ का प्रकोप न फैले। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टुकड़ियों को संवेदनशील तटबंधों के पास तैनात रहने को कहा गया है।भूवैज्ञानिकों की चेतावनी: हिमालयी क्षेत्र में बढ़ रहा है GLOF का खतरापर्यावरण वैज्ञानिकों और भूगर्भ विशेषज्ञों के अनुसार, यह आपदा 'ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड' (GLOF) और कमजोर हिमालयी भूभाग में होने वाले आकस्मिक भूस्खलन का एक घातक संयोजन है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बढ़ते तापमान और अनियंत्रित मौसमी घटनाओं के कारण हिमनद तेजी से पिघल रहे हैं और अस्थिर मोराइन बांधों (Moraine-Dammed Lakes) का निर्माण हो रहा है।जब इन झीलों के ऊपर विशाल हिमस्खलन या चट्टानें गिरती हैं, तो पानी की विशाल लहरें प्राकृतिक बंधों को तोड़ देती हैं, जिसे 'सुनामी जैसी बाढ़' कहा जाता है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि भारत, नेपाल और चीन के सीमावर्ती हिमालयी बेसिन में ऐसी सैकड़ों संवेदनशील झीलें मौजूद हैं, जिनके लिए रियल-टाइम सेंसर, सैटेलाइट रडार मैपिंग और अंतरराष्ट्रीय जल-मौसम सूचना साझाकरण तंत्र को और अधिक मजबूत करना अनिवार्य हो चुका है।प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों के नागरिकों के लिए जरूरी दिशानिर्देशनेपाल आपदा प्रबंधन और जिला प्रशासन ने त्रिशूली और भोटेकोशी बेसिन के निवासियों से शांत रहने और निम्नलिखित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा है:नदी के किनारों, निचले पुलों, रपटों और जलभराव वाले रास्तों से तुरंत दूर हटें और केवल ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में शरण लें।यदि नदी का पानी अचानक बहुत मटमैला दिखाई दे या नदी में पानी का बहाव कुछ पलों के लिए रुक जाए, तो तुरंत समझ लें कि ऊपर कोई अवरोध टूटा है या बन रहा है; ऐसे में बिना देर किए ऊंचे स्थानों पर भागें।केवल आधिकारिक पुलिस और प्रशासनिक बुलेटिन पर ही विश्वास करें और सोशल मीडिया की अपुष्ट अफवाहों से बचें।अपने पास जरूरी पहचान पत्र, दवाइयां, टॉर्च और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर हमेशा सक्रिय रखें।नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और भारत की राहत एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और उच्च-स्तरीय निगरानी जारी है।
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ में मृतकों की संख्या 500 के पार
काठमांडू। नेपाल में भोटेकोशी नदी में गत 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ में मरने वालों की संख्या 500 के पार पहुंच गई है जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों की तलाश और बाढ़ से बचे लोगों की सहायता के राहत एवं बचाव अभियान शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। राष्ट्रीय […] The post नेपाल में विनाशकारी बाढ़ में मृतकों की संख्या 500 के पार appeared first on Sabguru News .
US में कल भागवत क्या बोलेंगे? भारत से लेकर न्यूयॉर्क तक सियासत गरमाई
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत अमेरिका के दौरे पर हैं. 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में संघ के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 'ग्लोबल आउटरीच प्रोग्राम' आयोजित किया जाएगा. इस बीच अखिलेश यादव ने भागवत के विदेश दौरे पर सवाल उठाए हैं. वहीं, न्यूयॉर्क के मेयर ममदानी ने भी इसका विरोध किया है.
देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग और उच्च शिक्षण संस्थानों में मास्टर डिग्री (M.Tech/Ph.D.) में प्रवेश और प्रमुख सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) में भर्ती के लिए आयोजित होने वाली 'ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग' यानी गेट 2027 (GATE 2027) का इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। इस वर्ष परीक्षा का आयोजन कर रहे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT Madras) ने पूर्व निर्धारित शेड्यूल के तहत 27 अगस्त से शुरू होने वाली ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया को एक बार फिर आगे बढ़ा दिया है।आईआईटी मद्रास द्वारा संचालित आधिकारिक पोर्टल (gate2027.iitm.ac.in) पर 27 अगस्त की तिथि हटा दी गई है और इसके स्थान पर GATE Online Application Registration Will Start Soon (ऑनलाइन आवेदन जल्द शुरू होंगे) का नया प्रॉम्प्ट जारी किया गया है। यह दूसरा मौका है जब गेट 2027 के रजिस्ट्रेशन की तारीख में बदलाव देखा गया है। इससे पहले आवेदन विंडो 14 अगस्त को खुलने वाली थी, जिसे पुनर्निर्धारित करके 27 अगस्त किया गया था और अब इसे बिना किसी निश्चित तारीख के कुछ समय के लिए टाल दिया गया है। हालांकि, बिना विलंब शुल्क के नियमित आवेदन की अंतिम तिथि 27 सितंबर 2026 निर्धारित है।IIT मद्रास ने क्यों बदला शेड्यूल: तकनीकी जांच और नए सिक्योरिटी फीचर्सआईआईटी मद्रास की ओर से आधिकारिक तौर पर आवेदन में हो रही देरी का कोई स्पष्ट कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों और तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि इस बार पोर्टल में जोड़े गए नए आधुनिक तकनीकी फीचर्स की लोड-टेस्टिंग और सर्वर इंटीग्रेशन के चलते यह निर्णय लिया गया है।गेट 2027 के लिए इस बार दो बड़े तकनीकी सुरक्षा मानक अनिवार्य किए गए हैं:डिजीलॉकर (DigiLocker) इंटीग्रेशन: सभी भारतीय नागरिकों के लिए अपने आधार से जुड़े डिजीलॉकर के जरिए पहचान और शैक्षणिक दस्तावेजों का ऑटो-वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया है।लाइव फेशियल रिकग्निशन (Live Photo Verification): फॉर्म भरते समय केवल पुरानी पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करने के बजाय उम्मीदवार के लैपटॉप के वेबकैम या मोबाइल फोन के कैमरे (न्यूनतम 5 मेगापिक्सल) से लाइव फेस कैप्चर तकनीक को जोड़ा गया है।लाखों छात्रों के एक साथ पोर्टल पर आने के दौरान सर्वर क्रैश और डेटा मिसमैच की समस्याओं से बचने के लिए गेट ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेसिंग सिस्टम (GOAPS) पर अंतिम दौर का तकनीकी परीक्षण किया जा रहा है।GATE 2027 का टाइमलाइन: महत्वपूर्ण तिथियां और परीक्षा कार्यक्रमआईआईटी मद्रास द्वारा जारी अद्यतन सूचना विवरणिका के अनुसार, गेट 2027 की प्रमुख गतिविधियों का कैलेंडर इस प्रकार निर्धारित किया गया है:ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (GOAPS पोर्टल) शुरू होने की तिथि: जल्द घोषित की जाएगी (TBA)बिना विलंब शुल्क (Regular Fee) आवेदन की अंतिम तिथि: 27 सितंबर 2026विलंब शुल्क के साथ (Extended Window) फॉर्म भरने की अंतिम तारीख: 05 अक्टूबर 2026एप्लीकेशन फॉर्म करेक्शन विंडो (सुधार का समय): 14 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2026परीक्षा शहर आवंटन (Exam City Allotment) की सूचना: 04 जनवरी 2027एडमिट कार्ड जारी होने की संभावित तिथि: जनवरी 2027 के अंतिम सप्ताह मेंGATE 2027 परीक्षा की तारीखें: 06, 07, 13, 14, 20 और 21 फरवरी 2027 (कुल 6 दिनों में दो पालियों में)परिणाम (Result) की घोषणा: 19 मार्च 2027नए नियम और बड़ा बदलाव: डिजीलॉकर और लाइव वेरिफिकेशन की पूरी प्रक्रियागेट 2027 में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को आवेदन विंडो खुलने से पहले अपनी डिजिटल प्रोफाइल तैयार रखने का निर्देश दिया गया है।अभ्यर्थियों के लिए जरूरी तकनीकी निर्देश:डिजीलॉकर पर फोल्डर क्रिएशन: सभी उम्मीदवारों को सरकारी डिजीलॉकर पोर्टल (digilocker.gov.in) पर अपना खाता बनाना होगा। डिजीलॉकर ड्राइव में जाकर बिना किसी स्पेस के GATE2027 नाम से एक नया फोल्डर बनाना अनिवार्य है, जहां 10वीं, 12वीं, ग्रेजुएशन की मार्कशीट और कैटेगरी सर्टिफिकेट सुरक्षित रखे जाएंगे।लाइव फेस कैप्चर: फॉर्म भरते समय सिस्टम उम्मीदवार का लाइव फोटो क्लिक करेगा। इसके लिए अच्छी रोशनी वाले कमरे में बैठें, बैकग्राउंड सफेद या हल्का हो और चेहरे पर चश्मा, टोपी या मास्क न लगा हो।दस्तावेजों का नवीनीकरण: एससी, एसटी, ओबीसी-एनसीएल, ईडब्ल्यूएस और पीडब्ल्यूडी वर्ग के प्रमाण पत्र भारत सरकार के तय प्रारूप में और निर्धारित वैधता तिथि के होने चाहिए।नया 30वां पेपर और सिलेबस में बड़े संशोधनगेट 2027 की परीक्षा अब कुल 30 विषयों (Test Papers) के लिए आयोजित की जाएगी। इस वर्ष ऑटोमेशन और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग की बढ़ती मांग को देखते हुए आईआईटी मद्रास ने 'रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन' (Robotics and Automation - RA) नाम से एक बिल्कुल नया पेपर शामिल किया है।रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन (RA) पेपर को दो भागों में बांटा गया है:पार्ट A: कॉमन सेक्शन (सभी के लिए अनिवार्य)पार्ट B: इसमें दो उप-वर्ग होंगे—इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और मैकेनिकल इंजीनियरिंग। अभ्यर्थी अपनी योग्यता के अनुसार विषय का चयन कर सकेंगे।इसके अलावा, बायोटेक्नोलॉजी (BT) के पाठ्यक्रम और अंक विभाजन में बदलाव किए गए हैं। इंजीनियरिंग साइंसेज (XE), ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज (XH), लाइफ साइंसेज (XL) और टेक्सटाइल इंजीनियरिंग एंड फाइबर साइंस (TF) के पेपर कोड और स्ट्रक्चर में भी संशोधन किया गया है।पात्रता मानदंड और दो-पेपर कॉम्बिनेशन के नियमगेट परीक्षा में शामिल होने के लिए कोई अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है और प्रयासों की संख्या (No Attempt Limit) पर भी कोई पाबंदी नहीं है।शैक्षणिक योग्यता: ऐसे उम्मीदवार जो वर्तमान में किसी भी सरकारी मान्यता प्राप्त स्नातक डिग्री (इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, आर्किटेक्चर, साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स, या ह्यूमैनिटीज) के तीसरे या उससे उच्च वर्ष में पढ़ रहे हैं, अथवा अपनी डिग्री पूरी कर चुके हैं, वे आवेदन के पात्र हैं।टू-पेपर कॉम्बिनेशन: अभ्यर्थी अधिकतम दो टेस्ट पेपर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते वे आईआईटी मद्रास द्वारा स्वीकृत अधिकृत पेपर संयोजनों (Approved Two-Paper Combinations) में से ही हों। उदाहरण के लिए, कंप्यूटर साइंस (CS) के छात्र डेटा साइंस एंड एआई (DA), इलेक्ट्रॉनिक्स (EC), मैथमेटिक्स (MA), मैकेनिकल (ME), रोबोटिक्स (RA) या स्टैटिस्टिक्स (ST) को दूसरे पेपर के रूप में चुन सकते हैं। ध्यान रहे कि दूसरा पेपर चुनने पर आवेदन शुल्क भी दोगुना देय होगा।आवेदन शुल्क और फॉर्म भरने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीकाआईआईटी मद्रास ने गेट 2027 के लिए श्रेणीवार आवेदन शुल्क का निर्धारण इस प्रकार किया है:महिला / एससी / एसटी / दिव्यांग (PwD) उम्मीदवार: ₹1,000 प्रति टेस्ट पेपर (नियमित समय में) और ₹1,500 (विलंब शुल्क के साथ)।सामान्य, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और अन्य सभी श्रेणी के अभ्यर्थी (विदेशी नागरिकों सहित): ₹2,000 प्रति टेस्ट पेपर (नियमित समय में) और ₹2,500 (विलंब शुल्क के साथ)।आवेदन करने के आसान चरण:आधिकारिक वेबसाइट gate2027.iitm.ac.in पर जाएं।होमपेज पर उपलब्ध GOAPS 2027 Registration लिंक पर क्लिक करें।अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पासवर्ड दर्ज करके रजिस्ट्रेशन करें।जनरेट हुए इनरोलमेंट आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें।डिजीलॉकर से प्रोफाइल सिंक करें और व्यक्तिगत, शैक्षणिक व पते से जुड़ी जानकारियां भरें।परीक्षा शहर का विकल्प और टेस्ट पेपर चुनें।निर्धारित प्रारूप में हस्ताक्षर अपलोड करें और लाइव फोटो कैप्चर पूरा करें।नेट बैंकिंग, यूपीआई या क्रेडिट/डेबिट कार्ड के जरिए आवेदन शुल्क का भुगतान कर फॉर्म सबमिट करें और प्रिंट आउट सुरक्षित रखें।आईआईटी मद्रास बहुत जल्द संशोधित रजिस्ट्रेशन तिथि का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करेगा। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे सोशल मीडिया की भ्रामक खबरों से दूर रहें और केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही नजर बनाए रखें।
भारतीय रेलवे देश की जीवनरेखा है, जिससे रोजाना करोड़ों यात्री अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। त्योहारों, शादियों, छुट्टियों या अचानक आए किसी मेडिकल इमरजेंसी के दौरान अक्सर ट्रेनों में कन्फर्म सीट मिलना नामुमकिन सा हो जाता है। ऐसे में कई बार यात्री हड़बड़ी में बिना सोचे-समझे किसी भी कोच में सवार हो जाते हैं या फिर केवल प्लेटफॉर्म टिकट लेकर ट्रेन में चढ़ जाते हैं। यदि आप भी आपातकाल में ऐसा करने की सोच रहे हैं, तो रुकिए! रेलवे के पास ऐसे हालात के लिए स्पष्ट और कड़े नियम मौजूद हैं।नियमों की सही जानकारी न होने पर आपको न केवल भारी जुर्माना (Penalty) भरना पड़ सकता है, बल्कि रेलवे अधिनियम (Indian Railways Act) के तहत कानूनी कार्रवाई और जेल तक का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, अगर आप रेलवे के आधिकारिक प्रोटोकॉल का पालन करते हैं, तो आपात स्थिति में बिना पहले से आरक्षित टिकट के भी आप कानूनी और वैध तरीके से अपना सफर पूरा कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि टिकट न होने या केवल प्लेटफॉर्म टिकट होने पर यात्रा करने का सही तरीका क्या है।प्लेटफॉर्म टिकट (Platform Ticket) से कैसे कर सकते हैं वैध यात्रा: नियम और प्रक्रियाभारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार, यदि किसी यात्री को अचानक यात्रा करनी पड़ जाए और उसे रिजर्वेशन या जनरल टिकट काउंटर से टिकट लेने का समय न मिले, तो वह प्लेटफॉर्म टिकट लेकर ट्रेन में प्रवेश कर सकता है। प्लेटफॉर्म टिकट इस बात का आधिकारिक प्रमाण होता है कि यात्री किस स्टेशन से और किस समय ट्रेन में सवार हुआ है।प्लेटफॉर्म टिकट के जरिए यात्रा को वैध बनाने की पूरी प्रक्रिया इस प्रकार है:प्लेटफॉर्म टिकट खरीदना अनिवार्य: ट्रेन में चढ़ने से पहले रेलवे स्टेशन के यूटीएस (UTS) काउंटर या ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन (ATVM) से प्लेटफॉर्म टिकट अवश्य खरीदें।तुरंत टीटीई से संपर्क करें: ट्रेन में चढ़ते ही यात्री को बिना छुपाए सबसे पहले ट्रेन में मौजूद टिकट चेकिंग स्टाफ यानी टीटीई (TTE - Travelling Ticket Examiner) को खोजना होगा और खुद जाकर बताना होगा कि वह आपात स्थिति में प्लेटफॉर्म टिकट लेकर चढ़ा है।एक्सेस फेयर टिकट (EFT) बनवाना: टीटीई आपके प्लेटफॉर्म टिकट को देखकर उस स्टेशन से आपके गंतव्य स्टेशन तक का किराया जोड़ेगा और नियमानुसार ₹250 की पेनाल्टी लगाकर आपको 'एक्सेस फेयर टिकट' (EFT) जारी कर देगा। इसके बाद आपकी यात्रा पूरी तरह वैध हो जाएगी।सीट की उपलब्धता: ध्यान रहे कि प्लेटफॉर्म टिकट से बना ईएफटी आपको केवल यात्रा की अनुमति देता है, आरक्षित सीट की गारंटी नहीं। यदि ट्रेन में कोई बर्थ खाली है, तो टीटीई नियमानुसार आपको सीट आवंटित कर सकता है; अन्यथा आपको यात्रा की अनुमति मिलने के बाद उपलब्ध स्थान पर ही सफर करना होगा।टीटीई (TTE) से संपर्क न करने पर क्या होगा: छिपाने पर बढ़ेगी आफतकई यात्री प्लेटफॉर्म टिकट या जनरल टिकट लेकर ट्रेन में चढ़ तो जाते हैं, लेकिन पकड़े जाने के डर से टीटीई से छिपते रहते हैं। ऐसा करना सीधे तौर पर 'बिना टिकट यात्रा' (Ticketless Travel) के दायरे में आता है।यदि आप खुद आगे बढ़कर टीटीई को सूचना नहीं देते और चेकिंग के दौरान पकड़े जाते हैं, तो रेलवे आपको उस ट्रेन के शुरुआती स्टेशन (Originating Station) से बिना टिकट मान सकता है। इसका मतलब यह हुआ कि यदि ट्रेन दिल्ली से डिब्रूगढ़ जा रही है और आप कानपुर में चढ़े हैं, तो टीटीई को अधिकार है कि वह दिल्ली से डिब्रूगढ़ तक का पूरा किराया और भारी जुर्माना आपसे वसूले। इसलिए ट्रेन में चढ़ते ही पहले 10 से 15 मिनट के भीतर टीटीई से खुद संपर्क करना सबसे समझदारी भरा कदम है।जनरल टिकट से रिजर्व्ड कोच (Sleeper या AC) में सफर करने के नियमअक्सर देखा जाता है कि यात्री जनरल (Unreserved) टिकट खरीद लेते हैं और भीड़ से बचने के लिए स्लीपर या एसी कोच में जाकर बैठ जाते हैं। रेलवे के नियमों के मुताबिक यह पूरी तरह अवैध है।किराए का अंतर और जुर्माना: यदि आपके पास द्वितीय श्रेणी (General) का टिकट है और आप स्लीपर या एसी कोच में पकड़े जाते हैं, तो आपको जनरल टिकट और संबंधित कोच के किराए का अंतर (Difference of Fare) चुकाना होगा। इसके साथ ही ₹250 का न्यूनतम जुर्माना भी देना पड़ेगा।अगले स्टेशन पर उतारने का अधिकार: जुर्माना भरने के बाद भी यदि संबंधित आरक्षित कोच में कोई सीट खाली नहीं है, तो टीटीई आपको तुरंत जनरल कोच में जाने का निर्देश देगा। निर्देश न मानने पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की मदद से यात्री को अगले स्टेशन पर उतारा जा सकता है।जनरल टिकट की समय सीमा: ध्यान रहे कि अनारक्षित जनरल टिकट की वैधता भी सीमित होती है। 199 किमी तक की दूरी के लिए जारी जनरल टिकट खरीदने के 3 घंटे के भीतर ट्रेन पकड़ना अनिवार्य होता है।बिना टिकट यात्रा और रेलवे एक्ट के कड़े प्रावधान: कब हो सकती है जेलभारतीय रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 137 और धारा 138 के तहत बिना वैध टिकट यात्रा करने को दंडनीय अपराध माना गया है।रेलवे के सख्त कानूनी प्रावधान:धारा 138 (बिना उचित टिकट यात्रा): यदि कोई यात्री बिना टिकट या अमान्य टिकट के साथ यात्रा करते पाया जाता है, तो उससे सामान्य किराया और अतिरिक्त अधिभार (पेनाल्टी) वसूला जाता है।धारा 137 (धोखाधड़ी के इरादे से बिना टिकट यात्रा): यदि यह साबित हो जाता है कि यात्री जानबूझकर रेलवे को राजस्व का नुकसान पहुंचाने या बिना किराया दिए यात्रा करने के इरादे से सफर कर रहा था, तो उस पर ₹1,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है या 6 महीने तक की कैद, या दोनों सजाएं हो सकती हैं।जुर्माना न भरने की स्थिति: यदि कोई यात्री मौके पर जुर्माना राशि का भुगतान करने से इनकार करता है, तो टीटीई उसे जीआरपी (GRP) या आरपीएफ (RPF) के हवाले कर देता है, जिसके बाद रेलवे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी होती है।अचानक यात्रा के लिए अपनाएं ये वैध और सुरक्षित विकल्पट्रेन में बिना टिकट या जोखिम भरी स्थिति में चढ़ने से बचने के लिए रेलवे कई प्रकार की सुविधाएं प्रदान करता है, जिनका इस्तेमाल आपातकाल में किया जा सकता है:करंट टिकट बुकिंग (Current Booking): ट्रेन के प्रस्थान स्टेशन से पहला चार्ट बनने के बाद (प्रस्थान से 4 घंटे पहले) जो सीटें खाली रह जाती हैं, उन्हें 'करंट बुकिंग' के तहत खोला जाता है। यात्री आईआरसीटीसी (IRCTC) ऐप या स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर से ट्रेन छूटने के 30 मिनट पहले तक डिस्काउंटेड या सामान्य दर पर कन्फर्म टिकट बुक कर सकते हैं।तत्काल और प्रीमियम तत्काल कोटा: यात्रा से एक दिन पहले सुबह 10 बजे (एसी क्लास) और 11 बजे (नॉन-एसी/स्लीपर) तत्काल कोटे के तहत टिकट बुक किए जा सकते हैं।यूटीएस मोबाइल ऐप (UTS on Mobile): जनरल टिकट के लिए लंबी कतारों से बचने के लिए रेलवे के 'UTS App' का उपयोग करें, जिससे स्टेशन परिसर के 5 से 20 मीटर के दायरे में तुरंत अनारक्षित टिकट या प्लेटफॉर्म टिकट खरीदा जा सकता है।आईआरसीटीसी चार्ट वैकेंसी फीचर: ट्रेन छूटने से पहले आईआरसीटीसी वेबसाइट पर जाकर 'Charts / Vacancy' विकल्प में ट्रेन नंबर डालकर यह चेक किया जा सकता है कि किस कोच में किस स्टेशन से किस स्टेशन के बीच बर्थ खाली है, ताकि टीटीई से सीधे उस बर्थ के लिए बात की जा सके।रेल यात्रा को हमेशा सुरक्षित, सुखद और तनावमुक्त बनाने के लिए नियमों की अनदेखी बिल्कुल न करें। यदि कभी मजबूरी में बिना आरक्षित टिकट के ट्रेन में चढ़ना भी पड़े, तो तुरंत रेलवे स्टाफ से संपर्क कर वैध रसीद बनवाएं और जिम्मेदारी से यात्रा करें।
फिरोजाबाद के होटल में युवती से रेप के दौरान मौत, मुख्य आरोपी अरेस्ट
फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में होटल में युवती से दुष्कर्म के दौरान हालत बिगड़ने के बाद हुई मौत के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में फरार दूसरे आरोपी की तलाश में पुलिस टीमें जुटी हैं। पुलिस ने मृतका के पिता की तहरीर पर आरोपियों […] The post फिरोजाबाद के होटल में युवती से रेप के दौरान मौत, मुख्य आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
शरद ऋतु का आगमन होते ही हिमालय की वादियों में एक जादुई छटा बिखर जाती है। पश्चिम बंगाल का सबसे बड़ा महापर्व दुर्गापूजा जब नजदीक आता है, तो उत्तर बंगाल की खूबसूरत पहाड़ियों में स्थित 'क्वीन ऑफ हिल्स' यानी दार्जिलिंग की आबोहवा एकदम बदल जाती है। मानसून के विदा होते ही आसमान से बादल छंटने लगते हैं, धूप खिली-खिली होती है और सुबह-शाम की हल्की गुलाबी ठंड के बीच धुंध की चादर चीड़ व देवदार के जंगलों को अपने आगोश में ले लेती है। यही वह समय होता है जब कोलकाता, सिलीगुड़ी, बिहार, झारखंड, दिल्ली और पूर्वोत्तर समेत देशभर के लाखों सैलानी छुट्टियों का लुत्फ उठाने के लिए दार्जिलिंग का रुख करते हैं।दार्जिलिंग केवल एक हिल स्टेशन नहीं है, बल्कि यह औपनिवेशिक विरासत, तिब्बती संस्कृति, जीवंत चाय के बागानों और प्रकृति के बेजोड़ सौंदर्य का एक अद्भुत संगम है। दुर्गापूजा की छुट्टियों के दौरान यहां पर्यटकों की आमद अपने चरम पर होती है। इस बार की पूजा छुट्टियों में पर्यटकों के अनुभव को यादगार बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन, पर्यटन विभाग और होटल एसोसिएशन ने कई नए आकर्षण और बेहतर सुविधाएं तैयार की हैं, जो इस ट्रिप को पहले से कहीं ज्यादा रोमांचक और आरामदायक बनाने जा रही हैं।यूनेस्को हेरिटेज टॉय ट्रेन और नए स्पेशल जॉयराइड्स: बादलों के बीच अनोखा सफरदार्जिलिंग ट्रिप का जिक्र बिना 'दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे' (DHR) की टॉय ट्रेन के अधूरा माना जाता है। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल इस ऐतिहासिक नैरो-गेज ट्रेन में सफर करना हर उम्र के मुसाफिर का सपना होता है। जब विंटेज स्टीम इंजन सीटी बजाते हुए पहाड़ियों के घुमावदार रास्तों, गहरी खाइयों और हरी-भरी ढलानों से होकर गुजरता है, तो लगता है जैसे समय कुछ पलों के लिए ठहर गया हो।दुर्गापूजा के भारी रश को देखते हुए रेलवे प्रशासन (NFR) ने दार्जिलिंग और घूम (Ghoom) के बीच स्पेशल फेस्टिवल जॉयराइड फेरे शुरू करने की योजना बनाई है। एशिया के सबसे ऊंचे रेलवे स्टेशनों में से एक 'घूम' और ऐतिहासिक 'बतासिया लूप' से जब ट्रेन 360 डिग्री का चक्कर लगाती है, तो सामने बर्फ से ढकी कंचनजंघा पर्वत श्रृंखला का पैनोरमिक नजारा दिल जीत लेता है। टॉय ट्रेन के विस्टाडोम कोचेज में कांच की बड़ी खिड़कियों और पारदर्शी छतों से पर्यटक बादलों और वादियों के मनमोहक दृश्यों को निहारते हुए अपनी यात्रा को अविस्मरणीय बना रहे हैं।दुर्गापूजा में क्या जुड़ेगा नया रोमांच: एडवेंचर, स्काईवॉक और टी-टूरिज्मइस बार दार्जिलिंग की यात्रा सिर्फ पारंपरिक दर्शनीय स्थलों तक सीमित नहीं रहेगी। पर्यटकों को लुभाने के लिए आधुनिक एडवेंचर एक्टिविटीज और अनुभवात्मक पर्यटन (Experiential Tourism) के कई नए आयाम जोड़े गए हैं:एक्सक्लूसिव टी-गार्डन टूरिज्म और टी-टेस्टिंग सेशन्स: मकईबारी (Makaibari), ग्लेनबर्न और हैप्पी वैली जैसे विश्वप्रसिद्ध चाय बागानों में पर्यटकों के लिए 'टी प्लकिंग' (चाय की पत्तियां तोड़ना) और फ्रेश टी-प्रोसेसिंग देखने के विशेष वर्कशॉप्स आयोजित किए जा रहे हैं। यहां के हेरिटेज टी-एस्टेट्स में रुककर सुबह की पहली धूप के साथ ताजी ब्लैक टी की चुस्की लेना एक राजसी अहसास कराता है।रोमांचक एडवेंचर स्पोर्ट्स और ट्रेकिंग ट्रेल्स: साहसिक खेलों के शौकीनों के लिए संदकफू (Sandakphu) और फालूट के बेस रूट्स पर कैंपिंग, पैराग्लाइडिंग और माउंटेन बाइकिंग की आधुनिक सुविधाएं शुरू की गई हैं। जहां से एवरेस्ट, कंचनजंघा, ल्होत्से और मकालू जैसी दुनिया की चार सबसे ऊंची चोटियों का दीदार एक साथ होता है।दार्जिलिंग रोपवे और व्यूइंग डेक्स का अपग्रेडेशन: रंगीत वैली पैसेंजर केबल कार (दार्जिलिंग रोपवे) को नए सेफ्टी फीचर्स और पैनोरमिक केबिन के साथ अपग्रेड किया गया है, जिससे नीचे बहती रंगीत नदी और घाटियों के विहंगम दृश्य देखने का रोमांच दोगुना हो जाता है।कंचनजंघा का स्वर्णिम सूर्योदय और प्रमुख पर्यटन स्थलदार्जिलिंग यात्रा की सुबह सबसे खास होती है। भोर के लगभग 4 बजे जब अंधेरा पूरी तरह छंटा भी नहीं होता, पर्यटक टाइगर हिल (Tiger Hill) की ओर दौड़ पड़ते हैं। जैसे ही सूरज की पहली लाल-नारंगी किरणें दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची चोटी 'माउंट कंचनजंघा' के सफेद हिमनदों पर पड़ती हैं, पर्वत शिखर सोने की तरह चमक उठता है। इस स्वर्णिम सूर्योदय को अपनी आंखों में कैद करना जीवन भर याद रहने वाला अनुभव होता है।टाइगर हिल के अलावा दार्जिलिंग में घूमने के लिए कई प्रसिद्ध आकर्षण हैं:मॉल रोड (चौरास्ता): दार्जिलिंग का दिल कहे जाने वाले चौरास्ता पर शाम के समय टहलना, स्थानीय लकड़ी के हैंडीक्राफ्ट्स की खरीदारी करना, घुड़सवारी और प्रसिद्ध 'केवेंटर्स' व 'ग्लेनरीज' बेकरी में लाइव म्यूजिक के साथ गर्म चॉकलेट और पेस्टी का स्वाद लेना एक अनिवार्य अनुभव है।पद्मजा नायडू हिमालयन जूलॉजिकल पार्क: भारत का सबसे ऊंचा चिड़ियाघर, जहां दुर्लभ और लुप्तप्राय प्रजातियां जैसे रेड पांडा, स्नो लेपर्ड (हिम तेंदुआ), तिब्बती भेड़िया और हिमालयन ब्लैक बियर को उनके प्राकृतिक आवास में देखा जा सकता है।जापानी पीस पगोडा और महाकाल मंदिर: आध्यात्मिक शांति की तलाश करने वाले पर्यटकों के लिए जापानी बौद्ध स्तूप और ऑब्जर्वेटरी हिल पर स्थित ऐतिहासिक महाकाल मंदिर आस्था और सुकून का मुख्य केंद्र हैं।लामाहाटा और मिरिक लेक: दार्जिलिंग से कुछ ही दूरी पर स्थित लामाहाटा इको-पार्क के ऊंचे पाइन वन और मिरिक की सुमेन्दु झील में बोटिंग प्रकृति प्रेमियों के लिए बेस्ट डे-ट्रिप विकल्प हैं।दुर्गापूजा वेकेशन के लिए बजट, होटल बुकिंग और जरूरी ट्रैवल टिप्सदार्जिलिंग की दुर्गापूजा ट्रिप को सुगम और बजट-फ्रेंडली बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:कैसे पहुंचें: निकटतम एयरपोर्ट बागडोगरा (IXB) है और सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन न्यू जलपाईगुड़ी (NJP) है। यहां से सिलीगुड़ी होते हुए टैक्सी या शेयर्ड जीप के जरिए 3 से 4 घंटे के सुरम्य पहाड़ी रास्ते (रोहिणी या पंखाबाड़ी मार्ग) से दार्जिलिंग पहुंचा जा सकता है।एडवांस बुकिंग अनिवार्य: पूजा के सीजन में होटलों, होमस्टे और टॉय ट्रेन टिकटों की भारी मांग रहती है। इसलिए अपनी यात्रा से कम से कम 1 से 2 महीने पहले ही बुकिंग सुनिश्चित कर लें।होमस्टे का चुनाव: पारंपरिक नेपाली और तिब्बती संस्कृति का करीबी अनुभव लेने के लिए लेपचाजगत, तकदाह या तिनचुले जैसे शांत ग्रामीण इलाकों में स्थित इको-होमस्टे का रुख करें।पैकिंग गाइड: अक्टूबर में दार्जिलिंग का तापमान 10 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। सुबह और रात में ठंड बढ़ जाती है, इसलिए हल्के और मध्यम ऊनी कपड़े, थर्मल इनर्स, आरामदायक वॉकिंग शूज और बारिश के छोटे स्पेल से बचने के लिए विंडचीटर साथ जरूर रखें।दुर्गापूजा की छुट्टियों में दार्जिलिंग की यह यात्रा न केवल आपकी रोजमर्रा की थकान को मिटाएगी, बल्कि टॉय ट्रेन की ऐतिहासिक सीटी और कंचनजंघा की स्वर्णिम आभा आपके जेहन में हमेशा के लिए एक खूबसूरत याद बनकर दर्ज हो जाएगी।
अंकित बालियान की हत्या पर गरमाया माहौल, AICWA ने CM योगी को लिखा खत
उत्तर प्रदेश के शामली जिले में बुधवार शाम एक जिम के बाहर चार हथियारबंद हमलावरों ने अंकित बालियान की हत्या कर दी. अब इस मामले में ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने न्याय की मांग की है.
पार्लर जाकर पैसे ना फूंके, घर पर आसानी से स्ट्रेट करें अपने बाल
Hair Straight at home: अगर आप भी रक्षाबंधन पर अपने लुक को चेंज करना चाहती हैं तो इसके लिए आपको पार्लर जाकर कोई हेयर ट्रीटमेंट कराने की जरूरत नहीं है. आप घर पर ही किचन की चीजों से अपने बालों में इंस्टैंट स्ट्रेटनेस और शाइन ला सकती हैं.
कभी सिखाया प्यार, कभी जिंदगी का फलसफा, किशोर कुमार के 10 गाने जो 50 साल बाद भी सुपरहिट
कभी प्यार का इजहार किया, कभी जिंदगी जीने का अंदाज सिखाया...किशोर कुमार की आवाज ने ऐसे जादू बिखेरा कि उनके ये 10 गाने 50 साल बाद भी नई पीढ़ी की प्लेलिस्ट में जगह बनाए हुए हैं.
नेपाल त्रासदी: अपनों की तलाश में रेस्क्यू सेंटर पर परिजनों का तांता, देखें
नेपाल के नुवाकोट में 26 अगस्त को आई बाढ़ के पीड़ित परिवार अपनों को तलाशने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं. रेस्क्यू सेंटर में प्रशासन ने कई नामों की लिस्ट लगाई है. कैंप पर पहुंच रहे लोग अपनों के नाम खोज रहे हैं. देखें आजतक की ये ग्राउंड रिपोर्ट.
बिलासा एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान एलाइंस एयर के विमान का पहिया फटा, 60 यात्री सुरक्षित
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित बिलासा एयरपोर्ट पर शुक्रवार को दिल्ली से आ रहे एलाइंस एयर के विमान की लैंडिंग के दौरान दाईं ओर का पहिया फट गया। हालांकि विमान में सवार सभी 60 यात्री सुरक्षित हैं। घटना के बाद विमान की प्रस्तावित प्रयागराज उड़ान रद्द कर दी गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार एलाइंस एयर […] The post बिलासा एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान एलाइंस एयर के विमान का पहिया फटा, 60 यात्री सुरक्षित appeared first on Sabguru News .
GSLV Mk II रॉकेट ने हाल ही में NASA-ISRO सिंथेटिक अपर्चर रडार (NISAR) सैटेलाइट को अंतरिक्ष में भेजने में अहम भूमिका निभाई थी. यह भारत-अमेरिका का एक ऐतिहासिक मिशन था, जिसे दुनिया का सबसे महंगा अर्थ इमेजिंग सैटेलाइट माना जाता है.
नेपाल में आई बाढ़ में कई भारतीय तीर्थयात्री भी फंस गए हैं। हालांकि कुछ तीर्थयात्रियों को रेस्क्यू कर लिया गया है। वहीं नेपाल से भारत लौटे एक तीर्थयात्री ने आपबीती सुनाई।
मणिपुर में घात लगाकर किए गए हमले में मारे गए चार लोगों के शव बरामद
मणिपुर के कांगपोकपी जिले में घात लगाकर किए गए हमले में मारे गए नगा समुदाय के चार लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट 31 अगस्त को तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित राय की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करेगा।
Nepal Floods: छत्तीसगढ़ से जुड़ीं 2 NRI महिलाएं लापता, 7 लोग सुरक्षित
बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित नेपाल में छत्तीसगढ़ से जुड़ी दो अनिवासी भारतीय महिलाएं लापता हैं, जबकि राज्य की दो अन्य महिलाओं ने अपने परिवारों से संपर्क किया है, जिनके पूर्व में लापता होने की सूचना थी। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन की मौजूदा स्थिति के बीच वहां मौजूद राज्य के निवासियों के लिए निगरानी और राहत कार्यों को तेज कर रही है। एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर, राज्य सरकार नेपाल में छत्तीसगढ़ से जुड़े लोगों के बारे में लगातार जानकारी जुटा रही है और वहां के प्रशासन तथा केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है। उन्होंने कहा कि अब तक मिली जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ से जुड़े नौ लोगों की जानकारी मिली है जिनमें से दो ने अपने परिवारों से संपर्क किया है, जबकि रायपुर के पांच निवासियों के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है और उन्होंने वापसी की यात्रा शुरू कर दी है। अधिकारी ने बताया कि हालांकि, बिलासपुर और सरगुजा जिलों के एक-एक अनिवासी भारतीय के लापता होने की खबर है। उन्होंने बताया कि बिलासपुर की निवासी और फिनलैंड की नागरिक 39 वर्षीय प्रियंका चौधरी और सरगुजा की मूल निवासी तथा ब्रिटिश नागरिक डॉ. मीना गुप्ता लापता हैं। उन्होंने कहा कि उनके परिवारों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर सरकार संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर रही है। अधिकारी ने बताया कि डॉ. गुप्ता की आखिरी ज्ञात लोकेशन नेपाल-चीन सीमा पर स्थित रसुवागढ़ी आव्रजन (इमिग्रेशन) कार्यालय थी और अधिकारी उनके ठिकाने का पता लगाने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहे हैं। डॉ.गुप्ता के रिश्तेदार प्रवीण मित्तल ने अंबिकापुर में संवाददाताओं को बताया कि वह 14 अगस्त को दिल्ली पहुंची थीं और ईशा फाउंडेशन से जुड़े लगभग 77 लोगों के उस समूह का हिस्सा थीं, जिसने दिल्ली से काठमांडू तक यात्रा की थी। मित्तल ने कहा कि समूह ने 23 अगस्त को कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी की और 25 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा पार करने की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए आव्रजन कार्यालय गए थे, तभी आपदा आ गई। उन्होंने बताया कि डॉ. गुप्ता की शुरुआती पढ़ाई अंबिकापुर के होली क्रॉस स्कूल में हुई थी और चिकित्सा की पढ़ाई करने के बाद से वह इंग्लैंड में रह रही हैं। राज्य के पर्यटन और संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने डॉ.गुप्ता के पिता और स्थानीय भाजपा नेता करताराम गुप्ता से बात की है और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। उन्होंने बताया कि रायपुर की रहने वाली मोनिका यादव और बिलासपुर की मंजू राय चौधरी (65) के बृहस्पतिवार को लापता होने की खबर मिली थी लेकिन दोनों ने अपने परिवार से संपर्क किया है। चौधरी कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गई थीं। अधिकारी ने बताया कि प्रशासन इन दोनों महिलाओं के बारे में मिली जानकारी की पुष्टि कर रहा है और ज़रूरी मदद का इंतज़ाम कर रहा है। रायपुर के माना इलाके के पांच निवासी - दिनेश ओझा, प्रेम सिंह जगत, नारायण सेन, यतेंद्र प्रकाश और दिनेश सिंह ठाकुर - के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि वे 21 अगस्त को नेपाल गए थे और रायपुर लौटने की यात्रा शुरू कर चुके हैं। अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार नेपाल में छत्तीसगढ़ के निवासियों के परिवारों को जरूरी मदद दे रही है और जिला प्रशासन व संबंधित विभागों के जरिए लगातार जानकारी का आदान-प्रदान कर रही है। सरकार ने लोगों से यह भी अपील की है कि अगर उन्हें नेपाल में फंसे छत्तीसगढ़ के निवासियों के बारे में कोई जानकारी मिले, तो वे तुरंत प्रशासन को सूचित करें। अधिकारी ने कहा कि मदद चाहने वाले या जानकारी रखने वाले लोग राज्य नियंत्रण कक्ष के टोल-फ्री नंबर 1070 या 0771-2223471 पर संपर्क कर सकते हैं। राज्य सरकार ने कहा कि वह इस प्राकृतिक आपदा के बीच प्रभावित नागरिकों और उनके परिवारों की मदद के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।
मलबे से बन गया बांध, अचानक बाढ़ आने का नेपाल पर एक और खतरा; एक्सपर्ट की चेतावनी ने डराया
एक्सपर्ट ने कहा कि यह घटना मूल रूप से ग्लेशियर टूटने से हुई। मौजूदा समझ के अनुसार, इसमें आधारभूत चट्टान का एक हिस्सा अपनी जगह से अलग हो गया यानी ग्लेशियर के नीचे मौजूद चट्टान अपनी स्थिति से अलग होकर घाटी में नीचे आ गई, जिससे यह आपदा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आवास पर स्कूली छात्राओं के साथ मनाया रक्षा बंधन
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यहां अपने आधिकारिक आवास पर स्कूली छात्राओं और महिलाओं के साथ रक्षाबंधन मनाया, जहां हाथ से बनाई गई राखियों, हंसी-खुशी भरी बातचीत और बच्चों की मासूम हंसी ने इसे यादगार अवसर बना दिया। छात्राओं ने प्रधानमंत्री की कलाई पर रंग-बिरंगी राखियां बांधीं, जिनमें एक पेड़ मां के […] The post प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आवास पर स्कूली छात्राओं के साथ मनाया रक्षा बंधन appeared first on Sabguru News .
मैं बैंक से बोल रहा हूं... गलती पड़ेगी भारी, जरूर चेक करें ये 2 नंबर
बैंक के नाम पर आने वाली फर्जी कॉल से बचना है तो नंबर जरूर चेक करें. RBI ने बैंकिंग कॉल के लिए सीरीज तय की है. जानिए 1600 से शुरू नंबर क्यों जरूरी है और कब रहें सावधान.
कर्नाटक : बी नागेंद्र का मंत्री पद से इस्तीफा, विधायक पद छोड़ने की पेशकश कर भाजपा को दी चुनौती
बेंगलूरु। कर्नाटक के योजना एवं साख्यिकी मंत्री बी नागेंद्र ने महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कोष के कथित दुरुपयोग को लेकर जारी विवाद के बीच शुक्रवार को राज्य मंत्रिमंडल से अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी। इसके साथ ही उन्होंने विधायक पद से भी इस्तीफा देने की पेशकश करते हुए विपक्षी भाजपा को […] The post कर्नाटक : बी नागेंद्र का मंत्री पद से इस्तीफा, विधायक पद छोड़ने की पेशकश कर भाजपा को दी चुनौती appeared first on Sabguru News .
अमेरिका से जैवलिन मिसाइल सिस्टम खरीद रहा है भारत, इसकी ताकत क्या है? यहां जानिए
भारतीय सेना की ताकत और ज्यादा बढ़ने जा रही है। जानकारी के अनुसार, भारत सरकार ने सेना के लिए अमेरिका से जैवलिन एंटी टैंक टारगेटेड मिसाइल सिस्टम खरीदने का फैसला किया है। आइए जानते हैं इसकी ताकत।
Defence Export SOP को सरकार ने बनाया सरल, गैर-घातक रक्षा सामग्री का निर्यात होगा आसान
सरकार ने शुक्रवार को कहा कि उसने रक्षा निर्यात मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को सरल बनाने के लिए व्यापक सुधार किये हैं, जिसके तहत संवेदनशील देशों के लिए ‘‘उचित सुरक्षा उपाय’’ बनाए रखते हुए अधिकांश गंतव्यों के लिए गैर-घातक रक्षा सामग्री के निर्यात के लिए हितधारकों के परामर्श को ‘समाप्त’ कर दिया गया है। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अंतरराष्ट्रीय निविदाओं और प्रदर्शनियों के लिए सभी सामग्रियों के निर्यात के लिए भी हितधारकों के परामर्श को समाप्त कर दिया गया है, जिससे भारतीय कंपनियां अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और अंतरराष्ट्रीय अवसरों का अधिक तेजी से लाभ उठाने में सक्षम होंगी। बयान के अनुसार, मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भारत को एक विश्वसनीय, प्रतिस्पर्धी और भरोसेमंद वैश्विक रक्षा विनिर्माण तथा निर्यात भागीदार बनाने के दृष्टिकोण के अनुरूप, रक्षा निर्यात एसओपी और खुली सामान्य निर्यात लाइसेंस प्रणाली को सरल बनाने के लिए सुधारों का एक व्यापक ‘सेट’ शुरू किया है, जिससे ‘मेक-इन-इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्यों को आगे बढ़ाया जा सके। रक्षा निर्यात एसओपी को आसान बनाने के बारे में कहा गया, है, ‘‘ज़्यादातर जगहों पर गैर-घातक रक्षा सामग्रियों के निर्यात के लिए हितधारकों से सलाह-मशविरा करने की ज़रूरत को खत्म कर दिया गया है, जबकि संवेदनशील देशों के लिए ज़रूरी सुरक्षा उपाय बनाए रखे गए हैं।’’मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन में शुरू किए गए इन सुधारों का उद्देश्य प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं को कम करना, अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक तेजी से पहुंच बनाना और भारतीय रक्षा कंपनियों को वैश्विक व्यापारिक अवसरों का अधिक प्रभावी ढंग से लाभ उठाने में सक्षम बनाना है, जबकि यह भी सुनिश्चित किया गया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए। रक्षा निर्यात एसओपी के सरलीकरण पर इसने कहा, ‘‘अधिकांश देशों को गैर-घातक रक्षा सामग्री के निर्यात के लिए हितधारकों के परामर्श को समाप्त कर दिया गया है, जबकि संवेदनशील देशों के लिए उचित सुरक्षा उपाय बनाए रखे गए हैं।’’बयान के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में रक्षा उत्पादन 1.78 लाख करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचने और रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड आंकड़े को छूने के साथ, ये सुधार भारत के रक्षा विनिर्माण और निर्यात तंत्र की गति को और मजबूत करते हैं।
400 से ज्यादा कंटेनर बहे, 1000 से ज्यादा लोग लापता... नेपाल में बाढ़ से बड़ी तबाही
नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. इस दौरान 400 से अधिक मालवाहक कंटेनर ट्रक बह गए हैं. इस व्यापार से जुड़े 1000 से ज्यादा लोग लापता हैं. बाढ़ से रसुवागढ़ी-केरुंग नाका और त्रिशूली गलियारा क्षेत्र प्रभावित हुए हैं, जहां तीज, दशैं और तिहार के लिए जरूरी सामान ले जा रहे ट्रक बह गए. कारोबारी संगठनों के अनुसार, नुकसान का आंकड़ा और बढ़ सकता है.

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