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वाराणसी में होटल पर पुलिस का छापा, देह व्यापार का भंडाफोड़

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में सिगरा थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में रविवार शाम को पुलिस ने छापेमारी कर देह व्यापार का भंडाफोड़ करते हुए पांच युवतियों, दो ग्राहकों तथा होटल के दो संचालकों समेत कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सोमवार को बताया कि अनैतिक देह व्यापार की सूचना पर […] The post वाराणसी में होटल पर पुलिस का छापा, देह व्यापार का भंडाफोड़ appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 13 Jul 2026 1:29 pm

बैंकॉक के बार में भीषण आग, 27 लोगों की मौत, 22 की हालत गंभीर

बैंकॉक। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के मनोरम चतुचक जिले में रविवार देर रात एक बार में भीषण आग लगने से कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। बैंकॉक पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार 63 से अधिक घायलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है। […] The post बैंकॉक के बार में भीषण आग, 27 लोगों की मौत, 22 की हालत गंभीर appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 13 Jul 2026 1:23 pm

उत्तराखंड और हिमाचल मे भारी बारिश की चेतावनी, तटीय आंध्रप्रदेश में हीटवेव की आशंका

weather update: भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून इस समय बेहद अजीब और असमान व्यवहार कर रहा है। वर्तमान में पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्य भारी से अत्यंत भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन से जूझ रहे हैं, जबकि देश के कुछ हिस्सों में अभी भी मानसून की भारी ...

वेब दुनिया 13 Jul 2026 1:14 pm

कोचिंग विवाद में खान सर को बड़ी राहत, 2 बॉर्डगार्ड और 3 कर्मचारियों को भी जमानत

पटना सिविल कोर्ट ने सोमवार को कोचिंग विवाद में फैसल खान उर्फ खान सर (Khan Sir) को अग्रीम जमानत दे दी। बेऊर जेल में बंद उनके दोनों बॉडीगार्ड और 3 कर्मचारियों को भी जमानत मिल गई है।

वेब दुनिया 13 Jul 2026 1:06 pm

शरद पवार के सामने बड़ी चुनौती, बीजेपी नेता के इस बयान से मची खलबली; क्या एनसीपी-एसपी में होगा बड़ा बदलाव

महाराष्ट्र की सियासत में 'किंगमेकर' माने जाने वाले शरद पवार इस समय एक बेहद जटिल स्थिति का सामना कर रहे हैं। उनके सामने स्थिति 'आगे कुआं और पीछे खाई' जैसी हो गई है, जहाँ एक तरफ पार्टी का भविष्य है तो दूसरी तरफ महाविकास अघाड़ी के भीतर का दबाव। इसी बीच, शरद पवार ने हर बार की तरह इस बार भी अपनी चुप्पी साध ली है, जिससे सियासी कयासों का बाजार और गर्म हो गया है। मगर इस सस्पेंस के बीच बीजेपी के एक कद्दावर नेता ने एनसीपी-एसपी (NCP-SP) के भीतर चल रही गतिविधियों को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है।क्या शरद पवार की चुप्पी से बढ़ रहा है सस्पेंस?शरद पवार की चुप्पी का अपना एक राजनीतिक अर्थ होता है, जिसे समझना विरोधियों के लिए भी हमेशा से कठिन रहा है। फिलहाल एनसीपी-एसपी (NCP-SP) के भीतर और बाहर जिस तरह की चर्चाएं हैं, उनसे साफ है कि पवार अपनी अगली चाल बहुत सोच-समझकर चलने के मूड में हैं। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि वे न तो महाविकास अघाड़ी को पूरी तरह से छोड़ने की स्थिति में हैं और न ही अपने पुराने सहयोगियों के साथ वैचारिक टकराव मोल लेना चाहते हैं। यही वह जगह है जहाँ पवार का अनुभव और उनकी 'साइलेंस' विपक्ष को परेशान कर रही है।बीजेपी नेता के बयान ने खोली एनसीपी-एसपी की पोलबीजेपी नेता ने सस्पेंस को तब खत्म कर दिया जब उन्होंने दावा किया कि एनसीपी-एसपी के भीतर एक बड़ा वर्ग अब पवार की वर्तमान नीतियों से नाखुश है। बीजेपी नेता के मुताबिक, आने वाले समय में एनसीपी-एसपी में टूट या बदलाव की खबरें सिर्फ अफवाह नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत हो सकती हैं। बीजेपी की ओर से किए गए इस दावे ने शरद पवार के सामने एक नई मुश्किल खड़ी कर दी है। क्या यह वास्तव में एनसीपी-एसपी को तोड़ने की रणनीति का हिस्सा है या फिर महज एक मनोवैज्ञानिक दबाव, यह आने वाले कुछ ही दिनों में स्पष्ट हो जाएगा।पवार के सामने विकट 'धर्मसंकट'शरद पवार के सामने एक तरफ महाविकास अघाड़ी में अपना सम्मान बचाने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ पार्टी के उन नेताओं को संभालने की जो बीजेपी के बढ़ते प्रभाव से डरे हुए हैं। बीजेपी का यह दावा कि उन्होंने एनसीपी-एसपी के सस्पेंस को समझ लिया है, शरद पवार की रणनीति को और अधिक चुनौतीपूर्ण बनाता है। पवार अगर बोलते हैं, तो गठबंधन टूटने का खतरा है और यदि चुप रहते हैं, तो पार्टी में बिखराव की आशंका बनी हुई है। राजनीति के इस महाकुंभ में शरद पवार का अगला कदम क्या होगा, यह देखना

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jul 2026 1:00 pm

कांग्रेस के लिए 'संकट काल': 3 बड़े मुद्दों पर घिरी पार्टी, राहुल गांधी के विदेश दौरों का सियासी नुकसान

आगामी चुनावों की आहट के बीच कांग्रेस पार्टी एक बार फिर गहरे सियासी भंवर में फंसी नजर आ रही है। हालिया घटनाक्रमों और राजनीतिक विश्लेषणों की मानें तो पार्टी के सामने तीन बड़े मुद्दे—नेतृत्व की सक्रियता, संगठन में समन्वय की कमी और जनता के बीच बढ़ती दूरी—बड़ी बाधा बनकर उभरे हैं। पार्टी के रणनीतिकार और जमीनी कार्यकर्ता इस बात से खासे परेशान हैं कि महत्वपूर्ण राजनीतिक दौरों के दौरान राहुल गांधी की विदेश यात्राओं ने पार्टी के नैरेटिव को कमजोर कर दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन दौरों की भारी कीमत कांग्रेस को चुनावी नतीजों और जनसमर्थन के रूप में चुकानी पड़ रही है।आखिर क्यों खाली हाथ रह गई कांग्रेस?राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जब देश में महंगाई, बेरोजगारी और स्थानीय शासन जैसे बड़े मुद्दों पर विपक्ष को आक्रामक रुख अपनाकर सरकार को घेरना चाहिए था, तब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का नदारद होना कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने का काम कर रहा है। कांग्रेस के अंदरखाने भी इस बात की चर्चा है कि 'वैक्यूम' की स्थिति ने विपक्षी स्पेस को पूरी तरह खाली छोड़ दिया है, जिसे अन्य क्षेत्रीय दल भरने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस जिस तरह से इन मुद्दों को भुनाने में नाकाम रही, उसने एक बार फिर संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।नेतृत्व और सक्रियता का बड़ा संकटकिसी भी चुनाव में नेतृत्व की मौजूदगी सबसे महत्वपूर्ण होती है। ऐसे समय में जब जनता सड़क पर है और कई महत्वपूर्ण मसले सरकार के खिलाफ जा रहे हैं, राहुल गांधी का विदेश दौरा पार्टी की प्राथमिकता को लेकर संदेह पैदा करता है। यही कारण है कि पार्टी के सीनियर नेता और समर्थक भी असमंजस में हैं। जनता के बीच यह संदेश जा रहा है कि पार्टी गंभीर मुद्दों पर संघर्ष करने के बजाय 'ऑप्शनल पॉलिटिक्स' कर रही है। कांग्रेस की यह विफलता अब पार्टी के लिए एक अस्तित्व का सवाल बनती जा रही है, क्योंकि लगातार चुनावी हार के बाद भी पार्टी अपनी कार्यशैली में अपेक्षित सुधार नहीं ला पाई है।क्या अब भी संभलने का है मौका?सवाल यह है कि क्या कांग्रेस अपनी इन गलतियों से सबक लेगी? यदि पार्टी को अपनी खोई हुई साख वापस लानी है, तो उसे अपनी प्राथमिकताएं फिर से तय करनी होंगी। जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत करना और नेतृत्व का हरदम सक्रिय रहना ही एकमात्र रास्ता बचा है। यदि पार्टी ने इसी तरह से महत्वपूर्ण मौकों पर अपने नेतृत्व की अनुपस्थिति के कारण मुद्दों को हाथ से फिसलने दिया, तो आने वाले समय में कांग्रेस के लिए और भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अब देखना यह है कि क्या आने वाले दिनों में कांग्रेस अपने संगठन को फिर से चुस्त-दुरुस्त कर पाती है या फिर वह इन्ही पुराने चक्रव्यूह में फंसकर रह जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jul 2026 12:57 pm

महिला आरक्षण और परिसीमन पर सरकार का मास्टरस्ट्रोक: इस बार संसद में नहीं अटकेगा बिल, तैयार है 'फुल प्रूफ' प्लान

संसद के आगामी सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन बिल को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने इस बार इन दोनों महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने के लिए एक अचूक रणनीति तैयार कर ली है। विपक्ष, खासकर कांग्रेस की आपत्तियों को दरकिनार करते हुए सरकार ने सदन के भीतर और बाहर दोनों मोर्चों पर तैयारी पूरी कर ली है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह कदम न केवल देश की आधी आबादी को साधने का प्रयास है, बल्कि विपक्षी दलों को पूरी तरह से मात देने का एक बड़ा 'मास्टरस्ट्रोक' भी है।क्या है सरकार का 'फुल प्रूफ' प्लान?इस बार सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है—किसी भी सूरत में महिला आरक्षण बिल को संवैधानिक दर्जा दिलाना। सरकार ने इस बिल को व्यापक समर्थन के साथ पेश करने का प्लान बनाया है, ताकि विपक्ष के पास विरोध के लिए कोई ठोस आधार न बचे। इसके साथ ही परिसीमन (Delimitation) बिल को जोड़ना सरकार की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इन दोनों विधेयकों को एक साथ लाकर सरकार न केवल जनसांख्यिकीय बदलावों को प्रतिबिंबित करना चाहती है, बल्कि सीटों के नए समीकरणों के जरिए अपनी राजनीतिक स्थिति को और अधिक मजबूत करना चाहती है।कांग्रेस के लिए खड़ी होगी बड़ी चुनौतीकांग्रेस समेत विपक्षी दल अक्सर इन बिलों पर तकनीकी पेच और सामाजिक न्याय के मुद्दों को उठाकर गतिरोध पैदा करते रहे हैं। हालांकि, इस बार सरकार ने हर संभावित विरोध का काट तैयार कर लिया है। सरकार की रणनीति है कि बिल को इस तरह से पेश किया जाए कि विरोध करने वाला दल खुद को 'महिला विरोधी' साबित करने के जोखिम में पड़ जाए। अगर कांग्रेस या अन्य दल इस बार बाधा डालने की कोशिश करते हैं, तो सरकार इसे जनता के बीच ले जाने और विपक्ष की 'अड़ंगा नीति' को उजागर करने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिससे कांग्रेस के लिए बैकफुट पर आना तय है।देश की राजनीति में आएंगे बड़े बदलावमहिला आरक्षण बिल का पारित होना भारतीय राजनीति के इतिहास में एक युगान्तकारी घटना होगी, जिससे लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी। साथ ही, परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनावी नक्शा बदल जाएगा, जिससे आने वाले चुनावों में नए वोट बैंक का उदय होगा। सत्ता पक्ष को उम्मीद है कि इन सुधारों से उन्हें आगामी चुनावों में भारी बढ़त मिलेगी। कुल मिलाकर, यह सरकार का वह राजनीतिक दांव है जिसे नकारा जाना विपक्ष के लिए मुश्किल होगा और जो आने वाले दशकों तक भारतीय राजनीति की दिशा तय करेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jul 2026 12:55 pm

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: अभिषेक मनु सिंघवी की दलील काम आई, 'गाय-बछड़ा' प्रतीक चिह्न पर लगी मुहर

सुप्रीम कोर्ट में चल रही एक महत्वपूर्ण कानूनी लड़ाई का पटाक्षेप हो गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी की प्रभावी दलीलों के बाद शीर्ष अदालत ने एक अहम आदेश जारी किया है। इस फैसले के साथ ही अब राजनीतिक गलियारों में 'गाय-बछड़ा' प्रतीक चिह्न के उपयोग का रास्ता साफ हो गया है। यह जीत न केवल कानूनी मोर्चे पर महत्वपूर्ण है, बल्कि विजय सरकार और उनसे जुड़े समर्थकों की लंबे समय से चली आ रही एक बड़ी मांग को भी पूरा करती है।कोर्ट में सिंघवी की धारदार दलीलेंसुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभिषेक मनु सिंघवी ने पक्ष रखते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या विचारधारा को उसके चुनाव चिह्न या सांस्कृतिक प्रतीक से अलग नहीं किया जा सकता। उन्होंने अपनी दलीलों में कानूनी बारीकियों और ऐतिहासिक संदर्भों का हवाला देते हुए अदालत को समझाया कि इस प्रतीक की अनुमति न देना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे को सीमित करने जैसा है। सिंघवी ने तर्क दिया कि यह प्रतीक किसी विशेष समुदाय की भावना को ठेस नहीं पहुँचाता, बल्कि यह एक राजनीतिक और सामाजिक पहचान से जुड़ा हुआ है। उनकी इन तर्कों ने अंततः पीठ को प्रभावित किया और कोर्ट ने इसकी अनुमति प्रदान कर दी।क्या थी विजय सरकार की मांग?विजय सरकार और उनके सहयोगियों का तर्क था कि 'गाय-बछड़ा' का प्रतीक ग्रामीण भारत और भारतीय कृषि संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है। लंबे समय से वे चुनाव आयोग और अदालतों के सामने यह दलील देते आए थे कि उनकी राजनीतिक विचारधारा इस प्रतीक के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। अब सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद, विजय सरकार की इस मांग को पूरी तरह से स्वीकार कर लिया गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस जीत के बाद आने वाले चुनावों में इसका असर सीधे मतदाताओं पर पड़ेगा और पार्टी इसे एक बड़े 'विक्ट्री पॉइंट' के रूप में पेश करेगी।फैसले का राजनीतिक असर क्या होगा?कोर्ट के इस फैसले ने न केवल कानूनी बहस पर विराम लगा दिया है, बल्कि इसे एक बड़ी राजनीतिक जीत के रूप में भी देखा जा रहा है। अब जबकि अदालत ने इसे काटने या रोकने के बजाय इसकी वैधता पर मुहर लगा दी है, तो उम्मीद है कि आगामी अभियानों में यह प्रतीक चिह्न पूरी मजबूती के साथ दिखाई देगा। यह फैसला विपक्षी दलों के लिए एक बड़ी चुनौती हो सकता है, क्योंकि अब विजय सरकार इसे अपनी सांस्कृतिक और वैचारिक जीत के रूप में भुनाने की तैयारी में है। देखना दिलचस्प होगा कि जनता इस फैसले को किस नजरिए से लेती है और यह राजनीतिक समीकरणों में कितना बदलाव लाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jul 2026 12:53 pm

सुप्रीम कोर्ट से 27 लोगों को बड़ी राहत, असम में ‘विदेशी’ घोषित करने के आदेश रद्द

सुप्रीम कोर्ट ने असम में ‘विदेशी’ घोषित किए गए 27 लोगों को राहत देते हुए फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल और हाईकोर्ट के आदेश रद्द कर मामलों की नए सिरे से सुनवाई का निर्देश दिया है।

देशबन्धु 13 Jul 2026 12:44 pm

CBSE 10th Second Board Result 2026: जल्द जारी होने वाला है सीबीएसई 10वीं का दूसरा बोर्ड रिजल्ट, इस डायरेक्ट लिंक से करें चेक

CBSE Class 10th Phase 2 Result 2026 Live Updates: क्या आज खत्म होगा इंतजार? सीबीएसई 10वीं के दूसरे बोर्ड रिजल्ट (Phase II) को लेकर सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई है और छात्र इंटरनेट पर लगातार एक ही सवाल पूछ रहे हैं— रिजल्ट कब आएगा?

वेब दुनिया 13 Jul 2026 12:40 pm

1100 पेंशन लेने पहुंचे बुजुर्ग के खाते में अचानक आ गए 759 करोड़ रुपये! बैंक में मची खलबली, जानें क्या है पूरा सच

सोचा था 1100 रुपए की बुढ़ापा पेंशन निकालेंगे, लेकिन जैसे ही पासबुक प्रिंट हुई, अकाउंटेंट के हाथ-पांव फूल गए... बिहार के समस्तीपुर जिले के सरायरंजन से एक ऐसा हैरतअंगेज मामला सामने आया है, जिसने बैंक अधिकारियों से लेकर आम जनता तक के होश उड़ा दिए हैं। ...

वेब दुनिया 13 Jul 2026 12:29 pm

दिल्ली-भोपाल शताब्दी ट्रेन में एक्सपायर्ड ब्रेड परोसे जाने पर आईआरसीटीसी ने कैटरर पर जुर्माना लगाया

शनिवार को नई दिल्ली-रानी कमलापति शताब्दी एक्सप्रेस में सफर कर रहे यात्रियों को नाश्ते में एक्सपायर्ड ब्रेड परोसे जाने के बाद भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने एक कैटरिंग सेवा प्रदाता पर जुर्माना लगाया है।

देशबन्धु 13 Jul 2026 12:28 pm

1000 रुपये के जुर्माने ने फूंक दी बारूद, बालेन शाह सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरा नेपाल का जेन-Z

नेपाल की राजधानी काठमांडू इन दिनों भारी तनाव की चपेट में है। सड़कों पर केवल भीड़ नहीं, बल्कि सत्ता के खिलाफ एक नया आक्रोश दिख रहा है। इसकी शुरुआत महज 1000 रुपये के एक मामूली जुर्माने से हुई, लेकिन अब यह आग पूरे नेपाल में फैल चुकी है। काठमांडू के मेयर बालेन शाह के फैसलों और उनकी कार्यशैली के खिलाफ अब नेपाल का 'जेन-Z' (युवा पीढ़ी) लामबंद हो गया है। एक प्रदर्शनकारी की दुखद मौत के बाद स्थिति और भी विस्फोटक हो गई है, जिससे सरकार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।जुर्माने से शुरू हुआ विरोध, कैसे बनी बड़ी जंग?सब कुछ तब शुरू हुआ जब प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों पर नियमों के उल्लंघन के नाम पर 1000 रुपये का भारी जुर्माना वसूलना शुरू किया। आम जनता और छोटे कारोबारियों ने इसे 'तानाशाही' करार दिया। काठमांडू के मेयर बालेन शाह, जो अक्सर अपने कड़े फैसलों के लिए जाने जाते हैं, इस बार जनता के निशाने पर हैं। सड़कों पर चल रहे इस आंदोलन का नेतृत्व अब नेपाल का युवा कर रहा है, जो सोशल मीडिया के माध्यम से एकजुट होकर सरकार को जवाबदेही के लिए मजबूर कर रहा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान एक युवक की मौत ने आग में घी डालने का काम किया है।सत्ता बनाम जनता: क्यों गुस्से में है जेन-Z?नेपाल के युवा वर्ग का मानना है कि मेयर बालेन शाह की नीतियां बुनियादी समस्याओं को हल करने के बजाय आम आदमी पर आर्थिक बोझ डाल रही हैं। बालेन शाह, जो पहले एक रैपर थे और युवाओं में बेहद लोकप्रिय थे, अब अपनी ही 'यूथ बेस' के विरोध का सामना कर रहे हैं। जेन-Z का कहना है कि सरकार को भ्रष्टाचार और महंगाई पर लगाम लगानी चाहिए, न कि गरीब जनता की जेब पर जुर्माना लगाकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन करना चाहिए। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलता और जुर्माने के तुगलकी फरमान वापस नहीं लिए जाते, तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है।नेपाल के लिए बड़े संकट की आहटसड़कों पर बढ़ती यह भीड़ अब सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। काठमांडू के मुख्य चौराहों पर सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है, लेकिन युवाओं का जोश कम होने का नाम नहीं ले रहा है। जानकारों का मानना है कि यदि सरकार ने समय रहते युवाओं की मांगों पर गौर नहीं किया, तो यह विरोध नेपाल के अन्य शहरों में भी फैल सकता है। मेयर शाह की साख और बालेन सरकार की कार्यप्रणाली इस वक्त अपनी सबसे कठिन परीक्षा से गुजर रही है। क्या नेपाल की सरकार युवाओं के गुस्से को शांत कर पाएगी या यह आंदोलन किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की नींव रखेगा?

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jul 2026 12:25 pm

ट्रंप का बड़ा दावा, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान फिर आमने-सामने

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर जारी तनाव के बीच पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा किया है। ट्रंप का कहना है कि दुनिया के लिए सबसे महत्वपूर्ण यह समुद्री मार्ग कमर्शियल जहाजों की आवाजाही के लिए पूरी तरह खुला और सुरक्षित है। हालांकि, उनके इस दावे के ठीक उलट धरातल पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से हवाई हमलों का सिलसिला शुरू हो गया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक रूट पर फिर से संकट के बादल मंडराने लगे हैं।अमेरिका के नए हमलों से बढ़ी तनातनीट्रंप के दावों के बावजूद, पेंटागन ने पुष्टि की है कि होर्मुज के पास ईरान समर्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर अमेरिकी सेना ने नए हवाई हमले किए हैं। इन हमलों का मकसद क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को सुरक्षित रखना और ईरानी आक्रामकता पर लगाम लगाना बताया गया है। वहीं, तेहरान ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए इसे एक 'खतरनाक कदम' करार दिया है। जानकार मानते हैं कि ट्रंप का बयान घरेलू राजनीति और अंतरराष्ट्रीय बाजारों को शांत रखने की एक कोशिश हो सकता है, लेकिन जमीनी हकीकत में दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव गहराता जा रहा है।ग्लोबल सप्लाई चेन पर क्या होगा असर?होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का वह रास्ता है जहाँ से प्रतिदिन लाखों बैरल तेल की आपूर्ति होती है। यदि अमेरिका और ईरान का यह संघर्ष और आगे बढ़ा, तो इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ेगा। अमेरिका का कहना है कि वह जहाजों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन ईरान की ओर से दी गई धमकियां वैश्विक शिपिंग कंपनियों के लिए बड़ा सिरदर्द बनी हुई हैं। तेल के दामों में होने वाली कोई भी बढ़ोत्तरी भारत सहित दुनिया भर के उन देशों की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगी, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इसी खाड़ी मार्ग पर निर्भर हैं।निवेशकों और आम आदमी के लिए क्या है संकेत?वर्तमान में होर्मुज के आसपास की स्थिति 'हाई अलर्ट' पर है। जहां एक ओर अमेरिका सैन्य शक्ति के दम पर रास्ते को सुरक्षित करने का दावा कर रहा है, वहीं ईरान की आक्रामक नीति ने पूरे इलाके को एक बारूद के ढेर पर खड़ा कर दिया है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों और कमोडिटी बाजार में आने वाली हलचल पर नजर रखें। आम आदमी के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या इन हवाई हमलों का असर आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के रूप में सामने आता है, क्योंकि खाड़ी के देशों में अस्थिरता का सीधा कनेक्शन आम जनता की जेब से जुड़ा होता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jul 2026 12:24 pm

LTIMindtree Q1 Results: नतीजों के बाद शेयर में सुस्ती, क्या निवेश का यह सही मौका

आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी LTIMindtree (अब LTM Limited) ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 17% की बढ़ोतरी दर्ज की है, जो 1,468.6 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वहीं, परिचालन से राजस्व (Revenue) भी 18% बढ़कर 11,608 करोड़ रुपये रहा है। इसके बावजूद, बाजार में आज शेयर की कीमतों में हल्की गिरावट देखी गई, जिससे निवेशक असमंजस में हैं कि इस स्तर पर क्या रणनीति अपनाई जाए।नतीजों में क्या रहा खास?LTIMindtree के प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी के मार्जिन में भी सुधार देखने को मिला है। Q1 FY27 में EBIT मार्जिन बढ़कर 15.5% हो गया है, जो पिछली तिमाही में 15.1% था। कंपनी का 'बुक-टू-बिल' अनुपात 1.4x रहा है, जो भविष्य में मजबूत ऑर्डर पाइपलाइन और रेवेन्यू विजिबिलिटी की ओर इशारा करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी का डिजिटल और AI-आधारित सर्विस सेगमेंट काफी तेजी से बढ़ रहा है, जो इसे मौजूदा चुनौतियों के बीच अन्य आईटी कंपनियों से अलग खड़ा करता है।ब्रोकरेज का क्या है नजरिया?नतीजों के बाद कई ब्रोकरेज हाउसेस ने LTIMindtree पर अपना बुलिश रुख बरकरार रखा है। हालांकि बाजार में कुछ प्रॉफिट बुकिंग देखी जा रही है, लेकिन लंबी अवधि के जानकारों का मानना है कि स्टॉक में 53% तक का अपसाइड (Upside) संभव है। वर्तमान में, DAM Capital जैसे ब्रोकरेज ने शेयर पर 'न्यूट्रल' रेटिंग बनाए रखते हुए इसे 4,050 रुपये का टारगेट दिया है, जो इसके मौजूदा प्राइस के आसपास है। विश्लेषकों का कहना है कि अगर शेयर इस स्तर पर खुद को संभाल लेता है, तो आने वाले महीनों में इसमें और तेजी देखी जा सकती है।निवेशकों के लिए क्या होनी चाहिए रणनीति?अगर आप LTIMindtree में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह गिरावट घबराने के लिए नहीं बल्कि 'सही एंट्री पॉइंट' खोजने के लिए हो सकती है। आईटी सेक्टर में AI को लेकर जो बदलाव आ रहे हैं, उसका सीधा फायदा LTIMindtree को मिल रहा है। सलाह यह है कि एकमुश्त पैसा लगाने के बजाय किस्तों में निवेश करें। यदि आप पहले से ही इसमें निवेशित हैं, तो बाजार में अभी बनी अस्थिरता (Volatility) को देखते हुए धैर्य रखना ही सबसे समझदारी भरा निर्णय होगा। कंपनी का कर्ज-मुक्त होना और डिजिटल पर फोकस इसे भविष्य के लिए एक मजबूत दांव बनाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jul 2026 12:18 pm

बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स-निफ्टी में भारी गिरावट, निवेशकों की बढ़ी चिंता

शेयर बाजार में आज भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है, जिससे निवेशकों की धड़कनें तेज हो गई हैं। सप्ताह के शुरुआती कारोबार में घरेलू बाजार सेंसेक्स और निफ्टी बुरी तरह से लड़खड़ा गए हैं। सेंसेक्स 100 अंकों से अधिक की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है, वहीं निफ्टी 24,150 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे खिसक गया है। बाजार की इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण एशियाई बाजारों में आई बड़ी सुनामी है, विशेषकर कोरियाई इंडेक्स 'कोस्पी' (KOSPI) में आई 8% की ऐतिहासिक गिरावट ने वैश्विक निवेशकों को डरा दिया है।क्यों गिर रहा है बाजार? जानिए बड़ी वजहबाजार के जानकारों का मानना है कि घरेलू बाजार में यह गिरावट मुख्य रूप से 'इफेक्ट ऑफ ग्लोबल सेंटीमेंट्स' है। कोस्पी में आई भारी बिकवाली का असर अन्य एशियाई बाजारों के साथ-साथ भारतीय बाजारों पर भी दिख रहा है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की तरफ से हो रही बिकवाली और वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता के माहौल ने निवेशकों का कॉन्फिडेंस कम कर दिया है। इसके अलावा, तकनीकी स्तर पर निफ्टी के 24,150 के स्तर को होल्ड न कर पाने के कारण बाजार में और भी बिकवाली का दबाव बढ़ा है।निवेशकों के लिए क्या है सलाह?बाजार में आई इस गिरावट को देखते हुए एक्सपर्ट्स का मानना है कि घबराहट में आकर बिकवाली (Panic Selling) करना घाटे का सौदा हो सकता है। फिलहाल बाजार 'अति-संवेदनशील' (Hyper-sensitive) मोड में है। विशेषज्ञों की सलाह है कि लंबी अवधि के निवेशक इस गिरावट को एक अवसर की तरह देखें और अच्छे फंडामेंटल वाले शेयरों पर नजर रखें। हालांकि, इंट्राडे ट्रेडर्स को बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि अगले कुछ घंटों में बाजार में बड़े उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिल सकते हैं।अब आगे क्या होगा?भारतीय बाजार की नजरें अब अमेरिकी बाजार के संकेतों और ग्लोबल कमोडिटी की कीमतों पर टिकी हैं। यदि निफ्टी 24,100 के निचले स्तर को डिफेंड कर लेता है, तो बाजार में रिकवरी की उम्मीद की जा सकती है। फिलहाल, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने पोर्टफोलियो में ज्यादा रिस्क न लें और बाजार की स्थिरता का इंतजार करें। इस समय ग्लोबल मार्केट का दबाव घरेलू निवेशकों के लिए परीक्षा की घड़ी जैसा है, जहां धैर्य और सही स्टॉप-लॉस का उपयोग ही आपको बड़े नुकसान से बचा सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jul 2026 12:16 pm

Gold ETF में निवेश का सही मौका: एक्सपर्ट्स से जानें सुरक्षित मुनाफा कमाने की सटीक रणनीति

सोने में निवेश करना भारतीय निवेशकों की पहली पसंद रही है, लेकिन आज के डिजिटल युग में फिजिकल गोल्ड के बजाय 'Gold ETF' (गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) में निवेश करना अधिक सुरक्षित और फायदेमंद माना जा रहा है। क्या अभी Gold ETF में पैसा लगाना सही है? बाजार के जानकारों और फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने की कीमतों में जारी उठा-पटक के बीच यह एक बेहतरीन मौका साबित हो सकता है, बशर्ते आपके पास निवेश की सही समझ और रणनीति हो।Gold ETF में निवेश क्यों है समझदारी भरा फैसला?फिजिकल गोल्ड खरीदने में सबसे बड़ी चुनौती उसकी शुद्धता और सुरक्षित रखने का खर्च होता है, लेकिन Gold ETF इन दोनों समस्याओं का समाधान है। यह पूरी तरह से डिजिटल है और स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड होता है, जिसे आप अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी खरीद या बेच सकते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है, तब सोना एक सुरक्षित 'हेवन' की तरह काम करता है। मौजूदा बाजार स्थितियों में, गोल्ड को पोर्टफोलियो में शामिल करने से रिस्क कम होता है और लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न की संभावना बनी रहती है।निवेश के लिए अपनाएं यह खास रणनीतिविशेषज्ञों के अनुसार, Gold ETF में एकमुश्त पैसा लगाने के बजाय 'सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान' (SIP) का तरीका अपनाना सबसे बेहतर रणनीति है। इससे आप बाजार के उतार-चढ़ाव (Volatility) का फायदा उठा सकते हैं और खरीदारी की औसत लागत कम कर सकते हैं। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि अपने कुल निवेश पोर्टफोलियो का 5 से 10 प्रतिशत हिस्सा ही सोने में रखें। यह आवंटन आपको बाजार की अस्थिरता के दौरान सुरक्षा कवच प्रदान करेगा। साथ ही, सोने की कीमतों पर नजर रखें और हर गिरावट पर थोड़ा-थोड़ा निवेश बढ़ाते रहना एक स्मार्ट अप्रोच है।कैसे करें सही समय का चुनावनिवेश का सही समय वह है जब आप अनुशासित होकर लंबे नजरिए के साथ निवेश करें। हालांकि, सोने की कीमतों में गिरावट के दौरान इसे खरीदना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। एक्सपर्ट्स निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव और डॉलर की मजबूती पर नजर बनाए रखें, क्योंकि इनका सीधा असर गोल्ड ईटीएफ की कीमतों पर पड़ता है। यदि आप लंबी अवधि (3-5 वर्ष से अधिक) का लक्ष्य लेकर चलते हैं, तो वर्तमान समय निवेश के लिए एक अच्छा प्रवेश बिंदु (Entry Point) हो सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jul 2026 12:15 pm

जम्मू-कश्मीर: बारामूला में कई एनसी नेताओं को किया गया नजरबंद, श्रीनगर में सुरक्षाबलों की कड़ी निगरानी

जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने आरोप लगाया कि 'मजार-ए-शुहादा' जाने से रोकने के लिए सोमवार को बारामूला जिले के कई वरिष्ठ नेताओं को नजरबंद कर दिया गया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने नेताओं को नजरबंद करने पर इसकी आलोचना भी की।

देशबन्धु 13 Jul 2026 12:14 pm

'अगर आप ऐसा सोचते हैं तो मैं आत्महत्या कर लूंगा…' मनमोहन सिंह को लेकर SY कुरैशी की नई किताब में बड़ा खुलासा

2004 से 2014 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह ने 2012 में तत्कालीन चुनाव आयुक्त एस. वाई कुरैशी से कहा था- मैं आत्महत्या कर लूंगा। इस बात का खुलासा अब मुख्य चुनाव आयुक्त एस. वाई कुरैशी की किताब India and I: A Hundred Memories, Not a Memoir में ...

वेब दुनिया 13 Jul 2026 12:08 pm

लखनऊ: योगी सरकार ने 182 पीसीएस अधिकारियों के किए तबादले, ध्रुव शुक्ला को एसडीएम गाजीपुर बनाया गया

उत्तर प्रदेश सरकार ने बीती रात 182 पीसीएस अधिकारियों के ट्रांसफर किए हैं। सरकार की ओर से कई जिलों के पीसीएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं।

देशबन्धु 13 Jul 2026 12:05 pm

LIVE: बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी का आरोपी गिरफ्तार

Latest News Today Live Updates in Hindi : उत्तराखंड पुलिस ने बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के आरोपी को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया। पल पल की जानकारी...

वेब दुनिया 13 Jul 2026 11:50 am

सुरमयी गीतों के साथ स्व. ओमप्रकाश शर्मा जी को दी गई भावभीनी पुष्पांजलि

इंदौर। संगीत की शाम आपके नाम ग्रुप के तत्वावधान में स्व. श्री ओमप्रकाश शर्मा जी की पावन स्मृति में एक भव्य और भावपूर्ण संगीतमयी संध्या का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिकों और संगीत प्रेमियों ने सुरों के माध्यम से उन्हें ...

वेब दुनिया 13 Jul 2026 11:44 am

कोलकाता एयरपोर्ट परिसर स्थित 136 वर्ष पुरानी मस्जिद में प्रवेश अनिश्चितकाल के लिए रोका गया

कोलकाता एयरपोर्ट परिसर की 136 वर्ष पुरानी गौरिपुर जामा मस्जिद में सुरक्षा कारणों से प्रवेश अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। प्रशासन नई व्यवस्था पर विचार कर रहा है।

देशबन्धु 13 Jul 2026 10:52 am

मास्क पहनकर आम यात्री बने मंत्री, कंडक्टर ने छुट्टे न होने पर उतारा; ड्राइवर-कंडक्टर सस्पेंड

कर्नाटक के परिवहन मंत्री बायराथी सुरेश ने मास्क पहनकर बेंगलुरु की 10 BMTC बसों में औचक निरीक्षण किया। एक बस में कंडक्टर ने छुट्टे पैसे न होने पर उन्हें उतरने को कहा। शिकायत सही मिलने पर संबंधित ड्राइवर और कंडक्टर को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया।

वेब दुनिया 13 Jul 2026 10:49 am

पहली शादी समाप्त किए बिना दूसरी पत्नी का दर्जा नहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महिला का भरण-पोषण दावा खारिज किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि पहली शादी समाप्त किए बिना किसी अन्य पुरुष के साथ रहने वाली महिला दूसरे पुरुष से पत्नी के रूप में भरण-पोषण नहीं मांग सकती। अदालत ने पुत्री के भरण-पोषण का अधिकार बरकरार रखा।

देशबन्धु 13 Jul 2026 10:41 am

ज्ञानवापी, श्रीकृष्ण जन्मभूमि और संभल विवादों में मध्यस्थता से दूरी, पक्षकारों ने न्यायिक फैसले पर जताया भरोसा

ज्ञानवापी, श्रीकृष्ण जन्मभूमि और संभल मस्जिद विवादों में हिंदू और मुस्लिम पक्षों ने मध्यस्थता के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। सभी पक्षों ने इन संवेदनशील मामलों के समाधान के लिए न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा जताया है।

देशबन्धु 13 Jul 2026 10:24 am

टिकट न मिलने के बाद नरोत्तम मिश्रा ने दिखाई एकजुटता, शिवसेना यूबीटी के प्रस्ताव को ठुकराया

दतिया उपचुनाव में टिकट न मिलने के बाद नरोत्तम मिश्रा ने भाजपा के प्रति अपनी निष्ठा दोहराते हुए शिवसेना यूबीटी के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। उन्होंने पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में सक्रिय प्रचार का भी ऐलान किया।

देशबन्धु 13 Jul 2026 10:02 am

Bangkok Pub Fire: थाईलैंड के पब में भीषण आग से 27 लोगों की मौत, 60 घायल

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में सोमवार तड़के एक पब में भीषण आग लगने से कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में करीब 60 लोगों के घायल होने की खबर है। दमकलकर्मियों ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

वेब दुनिया 13 Jul 2026 9:42 am

US-Iran War: अमेरिका ने दूसरे दिन भी ईरान के 6 राज्यों में की बमबारी, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ा तनाव

अमेरिका ने ईरान पर फिर बड़ा हमला करते हुए 6 राज्यों में भीषण बमबारी की। अमेरिकी सेना ने लगातार दूसरी दिन भी ईरान के केशम द्वीप पर हमला किया। ईरान ने इन हमलों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी।

वेब दुनिया 13 Jul 2026 8:55 am

Gorakhpur-Panipat Expressway: मेंहदावल तहसील के 3 नए गांवों की एंट्री, अब 32 गांव बनेंगे एक्सप्रेसवे का हिस्सा; जानिए किसानों को होने वाले बड़े फायदे

Gorakhpur Panipat Expressway Route Update: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) को हरियाणा (Haryana) से जोड़ने वाले बेहद महत्वाकांक्षी गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे (Gorakhpur-Panipat Expressway) परियोजना से जुड़ी एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है. इस ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के तहत संतकबीरनगर जिले की मेंहदावल तहसील के रूट में एक बड़ा बदलाव किया गया है.भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस एक्सप्रेसवे के दायरे को बढ़ाते हुए मेंहदावल तहसील के तीन नए गांवों— सोहरवलिया, मिश्रौलिया मिश्र और मईला को भी इस महा-परियोजना में आधिकारिक रूप से शामिल कर लिया है. इस प्रशासनिक फैसले से पहले मेंहदावल तहसील के 29 गांव इस एक्सप्रेसवे के रूट में आ रहे थे, लेकिन अब इन 3 नए गांवों की एंट्री के बाद यहां एक्सप्रेसवे का हिस्सा बनने वाले गांवों की कुल संख्या बढ़कर 32 हो गई है.इंटर-सेक्शन बनने से 20 गांवों को मिलेगी शानदार कनेक्टिविटीइन तीन नए गांवों को एक्सप्रेसवे की जद में लाने के पीछे एनएचएआई (NHAI) की एक बड़ी रणनीतिक और व्यावहारिक सोच है:विशेष इंटर-सेक्शन का निर्माण: हाईवे अथॉरिटी ने निर्णय लिया है कि इन तीनों नए शामिल किए गए गांवों की सीमा में एक अत्याधुनिक इंटर-सेक्शन (Inter-Section) बनाया जाएगा, जो एक्सप्रेसवे पर चढ़ने और उतरने का मुख्य पॉइंट होगा.आसपास के इलाकों को फायदा: इस इंटर-सेक्शन की सुविधा शुरू होने से न केवल इन 3 गांवों के निवासियों को सीधा फायदा मिलेगा, बल्कि इनके पड़ोस में स्थित लगभग 15 से 20 अन्य ग्रामीण इलाकों के लोगों को भी एक्सप्रेसवे तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर नहीं काटना पड़ेगा.स्थानीय किसानों की चमकेगी किस्मत; कृषि और व्यापार को मिलेगी रफ्तारएक्सप्रेसवे पर बनने वाले इस नए इंटर-सेक्शन का सबसे बड़ा और सीधा लाभ स्थानीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों को मिलने वाला है:मंडियों तक पहुंच होगी आसान: अब तक संकरे रास्तों के कारण किसानों को अपनी फसल और हरी सब्जियां बड़ी मंडियों तक ले जाने में काफी समय और भारी किराया गंवाना पड़ता था. एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ने के बाद परिवहन की लागत (Transportation Cost) और समय दोनों में भारी कटौती होगी.फसल का मिलेगा बेहतर दाम: समय पर और सीधे तेज रफ्तार मार्ग से जुड़ने के कारण किसान अपने कृषि उत्पादों को दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा की बड़ी मार्केट में बहुत कम समय में बेच सकेंगे, जिससे उन्हें अपनी उपज का सटीक और अधिक मूल्य मिल सकेगा.भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण की प्रशासनिक तैयारीमेंहदावल तहसील प्रशासन इस बड़े प्रोजेक्ट को समय पर जमीन पर उतारने के लिए तेजी से काम कर रहा है:गाटा सत्यापन का कार्य पूरा: इससे पहले शामिल किए गए 29 गांवों में राजस्व विभाग ने खेतों का चिह्नांकन (Marking), रकबे का सटीक मिलान और भूमि के मालिकाना हक (स्वामित्व) की जांच जैसी सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक पूरी कर ली हैं.भौतिक सत्यापन और मुआवजा: प्रशासन अब इन सभी चिन्हित जमीनों का स्थलीय और भौतिक सत्यापन (Physical Verification) शुरू करने की तैयारी में जुट गया है. जैसे ही यह जमीनी सर्वे पूरा होगा, प्रभावित किसानों की भूमि के अधिग्रहण और उन्हें उचित सरकारी मुआवजा वितरण की फाइल को तेजी से आगे बढ़ा दिया जाएगा.₹35,000 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट: गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे एक नजर मेंप्रोजेक्ट के मुख्य बिंदुआधिकारिक विवरणकुल लंबाई (Total Length)लगभग 747 किलोमीटर (ग्रीनफील्ड, एक्सेस-कंट्रोल्ड)अनुमानित लागत (Total Budget)₹35,000 करोड़रूट का दायराहरियाणा के पानीपत से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के 22 जिलों से गुजरेगागोरखपुर-बस्ती मंडल में लंबाईकुल प्रस्तावित लंबाई 86.24 किलोमीटरमेंहदावल तहसील में हिस्साअकेले इस तहसील से 22.5 किलोमीटर का पैच गुजरेगानिर्माण की समयावधिवर्ष 2026 में काम शुरू होने की उम्मीद, ढाई साल में पूरा करने का लक्ष्यसिद्धार्थनगर से लखीमपुर तक खुलेगा औद्योगिक विकास का बंद द्वारयह एक्सप्रेसवे मेंहदावल तहसील की सीमाओं को पार करने के बाद सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच और लखीमपुर खीरी जैसे तराई के प्रमुख जिलों से होते हुए आगे बढ़ेगा. इस परियोजना का मुख्य एजेंडा पिछड़े माने जाने वाले पूर्वांचल (Eastern UP) को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के औद्योगिक कॉरिडोर के साथ एक सीधी और निर्बाध हाई-स्पीड सड़क कनेक्टिविटी देना है.ढाई साल के भीतर पूरा होने वाले इस एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ औद्योगिक क्लस्टर, लॉजिस्टिक पार्क और कोल्ड स्टोरेज चेन विकसित किए जाने की योजना है, जिससे इस पूरे ग्रामीण बेल्ट में रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र का आर्थिक कायाकल्प हो सकेगा.

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jul 2026 8:16 am

UP Weather Forecast (13 जुलाई 2026): उत्तर प्रदेश के 18 जिलों में मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली का ऑरेंज अलर्ट, जानें लखनऊ समेत अपने शहर का हाल

उत्तर प्रदेश में मानसून (Monsoon in UP) के पूरी तरह एक्टिव होने से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के लिए प्रदेश में मौसम का बड़ा बुलेटिन जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश, वज्रपात (Lightning) और तेज आंधी चलने की प्रबल आशंका है. विशेष रूप से उत्तर-पूर्वी जिलों में रहने वाले लोगों को मौसम के इस रौद्र रूप को लेकर बेहद सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है.इन 18 जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी (Orange Alert)मौसम वैज्ञानिकों ने आज 13 जुलाई को प्रदेश के जिन प्रमुख जिलों के लिए भारी वर्षा और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है, उनकी सूची इस प्रकार है:पश्चिमी यूपी के जिले: मेरठ, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, एटा, महामाया नगर (हाथरस) और मैनपुरी.पूर्वी व मध्य यूपी के जिले: कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, महराजगंज, कुशीनगर और देवरिया.पूर्वांचल के 7 जिलों में विशेष रेड-अलर्टपूर्वी उत्तर प्रदेश के उत्तर-पूर्वी बेल्ट में आने वाले 7 जिलों में मूसलाधार बारिश के चलते स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसे हालात या जनजीवन अस्त-व्यस्त होने का अनुमान है. मौसम विभाग ने देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, बलरामपुर, महाराजगंज और सिद्धार्थनगर के प्रशासन व नागरिकों को विशेष रूप से अलर्ट पर रहने को कहा है.राजधानी लखनऊ के मौसम का हाल (Lucknow Temperature)अगर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की बात करें, तो यहां आज आंशिक रूप से बादलों की आवाजाही बनी रहेगी. बादलों के बीच धूप निकलने से वातावरण में उमस (Humidity) का असर काफी ज्यादा रहेगा, जिससे राहगीरों को थोड़ी परेशानी हो सकती है.अधिकतम तापमान (Max Temp): 38 डिग्री सेल्सियस तक जाने का अनुमान.न्यूनतम तापमान (Min Temp): 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना.भारी बारिश से आम जनता के लिए बढ़ सकती हैं ये 5 मुश्किलेंमौसम विभाग ने भारी बारिश के दौरान होने वाले संभावित नुकसानों को लेकर भी एक गाइडलाइन जारी की है:शहरी जलभराव: तेज बारिश के कारण निचले इलाकों, मुख्य सड़कों और रेलवे अंडरपास में भारी पानी जमा हो सकता है.ट्रैफिक जाम: सड़कों पर जलजमाव और दृश्यता (Visibility) कम होने से यातायात में भारी बाधा आ सकती है.कच्चे मकानों को खतरा: तेज आंधी और पानी के थपेड़ों से ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों या कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है.बिजली संकट: आकाशीय बिजली गिरने और पेड़ टूटने से कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रहने की समस्या हो सकती है.खेती को नुकसान: मौसमी नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने से बागवानी और नई बोई गई फसलों को भी आंशिक नुकसान होने की आशंका है.मौसम विभाग की जरूरी एडवाइजरी (IMD Safety Advisory)IMD ने आम जनता से अपील की है कि वे तेज आंधी-बारिश और आकाशीय बिजली (Thunderstorm) कड़कने के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर यात्रा करने से बचें. जलभराव वाले रास्तों या खुले मैदानों में खड़े होने के बजाय किसी पक्के मकान की शरण लें. किसान भाई खेतों में काम करते समय बड़े पेड़ों के नीचे बिल्कुल न छिपें. आने वाले पूरे हफ्ते प्रदेश में मानसून की सक्रियता ऐसी ही बनी रहेगी, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आने की उम्मीद है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jul 2026 8:12 am

Hapur Extra-Marital Affair Drama: हापुड़ में हाई-वोल्टेज ड्रामा! नर्स प्रेमिका के साथ होटल में रंगरेलियां मना रहा था पति, पत्नी ने चलती बस में चढ़कर सरेआम कूटा

उत्तर प्रदेश के हापुड़ (Hapur) जिले से एक ऐसा सनसनीखेज और हाई-वोल्टेज पारिवारिक ड्रामा सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर पुलिस महकमे तक हलचल मचा दी है. कहते हैं कि इश्क और मुश्क छुपाए नहीं छुपते, लेकिन जब यह सीक्रेट अफेयर किसी शादीशुदा जिंदगी के समानांतर चल रहा हो, तो अंजाम बेहद खौफनाक और तमाशेदार होता है. हापुड़ में एक पति अपनी सरकारी अस्पताल वाली प्रेमिका (नर्स) के साथ एक होटल में रंगरेलियां मना रहा था, लेकिन उसे भनक तक नहीं थी कि उसकी असली पत्नी पूरे मायके के कुनबे के साथ उसकी जासूसी कर रही थी.होटल के कमरे में पत्नी ने मारा छापायह पूरा मामला हापुड़ के नगर कोतवाली क्षेत्र का है. आरोपी पति को पूरा भरोसा था कि सरकारी अस्पताल की नर्स के साथ उसका यह अवैध संबंध हमेशा सीक्रेट रहेगा. लेकिन पत्नी को उसके इस कारनामे की भनक लग चुकी थी. पत्नी ने बिना कोई जल्दबाजी किए अपने भाइयों और परिवार वालों को साथ लिया और सीधे उस होटल में धावा बोल दिया, जहां दोनों ठहरे हुए थे.जैसे ही होटल के कमरे का दरवाजा खुला, प्रेमिका के सामने ही पति के होश उड़ गए. होटल के अंदर ही दोनों पक्षों में जमकर तू-तू, मैं-मैं और भारी हंगामा हुआ. होटल में अपनी फजीहत होते देख और बुरी तरह घिर चुके पति ने वहां से किसी तरह भाग निकलने में ही अपनी भलाई समझी.चलती बस रुकवाकर सरेराह की धुनाईहोटल से भागकर पति सीधे बस स्टैंड पहुंचा और शहर से रफूचक्कर होने के लिए एक चलती बस में सवार हो गया. लेकिन साले साहब और पत्नी ने हार नहीं मानी. उन्होंने फिल्मी अंदाज में पीछा करके चलती बस को बीच रास्ते में रुकवा लिया. इसके बाद पत्नी और उसके परिजन बस के अंदर दाखिल हुए और सीट पर छिपकर बैठे पति को कॉलर पकड़कर सरेआम पीटना शुरू कर दिया.हंगामा यहीं शांत नहीं हुआ, परिजनों ने दोनों को बस से नीचे खींचा और सड़क पर ले आए. बीच सड़क पर हुए इस जबरदस्त ड्रामे का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि हाथापाई के कारण पति की टी-शर्ट पूरी तरह तार-तार हो चुकी है. पत्नी बीच सड़क पर उंगली दिखा-दिखाकर पति से धोखे का हिसाब मांग रही है और उसकी बेवफाई पर चिल्ला रही है.कॉलर पकड़कर घसीटते हुए थाने ले गए परिजनसड़क पर तमाशा होने के बाद पत्नी के मायके वालों ने कानून को हाथ में लेने के बजाय दोनों आरोपियों को सबक सिखाने की ठानी. परिजनों ने धोखेबाज पति और उसकी नर्स प्रेमिका दोनों को कॉलर और बांहों से दबोचा और जबरन घसीटते हुए सीधे नगर कोतवाली थाने ले आए.होटल के बंद कमरे से शुरू हुई यह आशिकी, बस की लाइव धुनाई से होते हुए अब सीधे पुलिस के लॉकअप तक पहुंच चुकी है. पीड़ित पत्नी ने थाने में पति और उसकी प्रेमिका के खिलाफ लिखित तहरीर दे दी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी.

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jul 2026 8:10 am

UP Infrastructure Gift: 3 घंटे का सफर 35 मिनट में! आज खुल रहा देश का पहला बैरियर-फ्री 'लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे', गडकरी, राजनाथ और सीएम योगी करेंगे महा-उद्घाटन

उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को और मजबूत करते हुए आज एक नया इतिहास रचा जा रहा है. राजधानी लखनऊ को राज्य की औद्योगिक राजधानी कानपुर से जोड़ने वाले सबसे प्रतीक्षित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (Lucknow-Kanpur Expressway) का आज 13 जुलाई 2026, सोमवार को भव्य लोकार्पण होने जा रहा है.केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, रक्षा मंत्री व लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संयुक्त रूप से इस अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे. इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम के लिए उन्नाव (Unnao) जिले में एक्सप्रेसवे के किलोमीटर-51 पाडरी स्थित झाऊ खेड़ा में एक भव्य मंच और तीन हेलीपैड तैयार किए गए हैं. उद्घाटन के बाद 14 जुलाई की सुबह 08:00 बजे से यह एक्सप्रेसवे आम जनता के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा.देश का पहला बैरियर-फ्री और स्मार्ट एक्सप्रेसवे (NE-6)म्यूचुअल फंड की तरह ही यह बुनियादी ढांचा भी समय और ईंधन की भारी बचत करने वाला 'ग्रोथ इंजन' साबित होगा. नेशनल एक्सप्रेसवे-6 (NE-6) के नाम से अधिसूचित यह 63 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे भारत का पहला पूरी तरह से बैरियर-फ्री एक्सप्रेसवे (Barrier-Free Expressway) है.मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) तकनीक: इस कॉरिडोर में गाड़ियों को पारंपरिक टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी. इसमें आधुनिक MLFF टोलिंग सिस्टम और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे वाहन बिना रुके सीधे गुजर सकेंगे और टोल ऑटोमैटिक कट जाएगा.एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट: पूरे रूट पर 24 घंटे पैनी नजर रखने के लिए किलोमीटर 27 और 35 पर दो हाई-टेक कंट्रोल रूम बनाए गए हैं. इसके अलावा 63 से ज्यादा पीटीजेट (PTZ) कैमरे, 16 वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम (VIDS) और ऑटोमैटिक स्पीड रडार लगाए गए हैं. अगर कोई तय स्पीड से तेज गाड़ी चलाएगा, तो उसका ऑनलाइन चालान तुरंत कटकर मोबाइल पर आ जाएगा.120 की रफ्तार से मात्र 35 मिनट में तय होगा सफरअभी तक लखनऊ से कानपुर के बीच पुराना राष्ट्रीय राजमार्ग इस्तेमाल करने पर लोगों को भारी जाम के कारण दो से ढाई घंटे का लंबा समय लग जाता था.समय की 60% बचत: इस नए 6 लेन (जो भविष्य में 8 लेन तक बढ़ सकता है) एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दोनों शहरों के बीच की दूरी महज 35 से 45 मिनट में सिमट जाएगी. इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों के लिए 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तय की गई है.लागत और निर्माण: लगभग ₹4,700 करोड़ की भारी लागत से तैयार इस प्रोजेक्ट की आधारशिला 5 जनवरी 2022 को रखी गई थी. एनएचएआई (NHAI) द्वारा इसे रिकॉर्ड 1648 दिनों में पूरा किया गया है. इसमें लगभग 45 किलोमीटर का ग्रीनफील्ड ग्रामीण हिस्सा और अमाउसी एयरपोर्ट के पास का 18 किलोमीटर लंबा विशाल एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल है.यह शानदार हाईवे उन्नाव में बन रहे आगामी गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) से भी एक बड़े इंटरचेंज के जरिए कनेक्ट होगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर, बुंदेलखंड और पूर्वांचल तक का सफर बेहद आसान हो जाएगा. इसके साथ ही आज लखनऊ के इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर बनने वाले ₹108 करोड़ के नए 4-लेन फ्लाईओवर का भी शिलान्यास किया जाएगा.

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jul 2026 8:09 am

Petrol Diesel Price Today (13 जुलाई 2026): उत्तर प्रदेश में पेट्रोल-डीजल के नए दाम जारी; जानिए लखनऊ, नोएडा, कानपुर सहित अपने शहर के ताजा रेट

रोज सुबह की शुरुआत के साथ ही आम आदमी के बजट को सीधे प्रभावित करने वाली पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी हो जाती हैं. देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियां (OMCs) हर दिन सुबह 6 बजे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपए की विनिमय दर के आधार पर ईंधन के नए रेट तय करती हैं. आज, सोमवार 13 जुलाई 2026 को भी उत्तर प्रदेश के तमाम प्रमुख शहरों के लिए पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट जारी कर दिए गए हैं.अगर आप आज गाड़ी में तेल भरवाने के लिए घर से बाहर निकलने वाले हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं कि आज लखनऊ, कानपुर, नोएडा और वाराणसी समेत यूपी के बड़े शहरों में प्रति लीटर पेट्रोल और डीजल किस भाव पर मिल रहा है.उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा दामयूपी के अलग-अलग जिलों में स्थानीय टैक्स (VAT) और माल ढुलाई के खर्च के कारण कीमतों में आंशिक अंतर देखने को मिलता है. आज के आधिकारिक रेट निम्नलिखित हैं:शहरपेट्रोल (₹/लीटर)डीजल (₹/लीटर)लखनऊ (Lucknow)₹101.86₹95.36नोएडा (Noida)₹101.96₹95.44प्रयागराज (Prayagraj)₹101.96₹95.46वाराणसी (Varanasi)₹101.96₹95.53गोरखपुर (Gorakhpur)₹102.13₹95.62मेरठ (Meerut)₹101.99₹95.46आगरा (Agra)₹101.66₹95.14कानपुर शहरी (Kanpur)₹101.56₹95.06अलीगढ़ (Aligarh)₹101.18₹95.38क्यों बढ़ रही हैं ईंधन की कीमतें? (Under Recovery & Global Market)हालिया समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुए इजाफे के पीछे वैश्विक परिस्थितियां और तेल कंपनियों का वित्तीय घाटा मुख्य कारण हैं. 15 मई 2026 को पेट्रोल और डीजल के दामों में ₹3-₹3 प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद से कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी है.केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने इस बढ़ोतरी के पीछे के कारणों को स्पष्ट करते हुए बताया था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए तेज उछाल और 'अंडर रिकवरी' (लागत से कम कीमत पर तेल बेचना) के चलते ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को रोजाना लगभग ₹1,000 करोड़ का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था. अनुमानों के मुताबिक, यह कुल अंडर रिकवरी लगभग ₹1.98 लाख करोड़ तक पहुंचने की आशंका है, जिसमें से केवल एक तिमाही का घाटा ही करीब ₹1 लाख करोड़ के आसपास है.पेट्रोलियम मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) के दाम जो पहले 64-65 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर थे, वे बढ़कर लगभग 115 डॉलर प्रति बैरल के खतरनाक स्तर पर पहुंच गए थे. उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा प्रमुख देश रहा जिसने साल 2022 के बाद से एक लंबे समय तक वैश्विक संकट के बावजूद ईंधन की कीमतें नहीं बढ़ने दी थीं, लेकिन वर्तमान बाजार की विसंगतियों को देखते हुए तेल कंपनियों को वित्तीय रूप से मजबूत रखने के लिए कीमतों में संशोधन करना अनिवार्य हो गया था.

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jul 2026 8:07 am

UP Tree Plantation 2026: 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान में नया इतिहास; यूपी में 40 करोड़ पौधरोपण का महालक्ष्य पूरा, सीएम योगी ने जनता को लिखी 'पाती'

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में पर्यावरण संरक्षण और हरित क्रांति की दिशा में एक नया और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है. वैश्विक स्तर पर चल रहे 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत उत्तर प्रदेश सरकार और सूबे की जनता ने मिलकर रिकॉर्ड 40 करोड़ पौधरोपण (40 Crore Tree Plantation) का महालक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है.इस अभूतपूर्व और ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के नाम एक विशेष और भावुक 'पाती' (पत्र) लिखी है. सीएम योगी ने इस 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' को जनभागीदारी का सबसे बड़ा उदाहरण बताते हुए इसे नए उत्तर प्रदेश के सामर्थ्य, जनसंकल्प और प्रगति का अनूठा प्रतीक करार दिया है.सीएम योगी की 'पाती': हमारी संस्कृति और अरण्य सभ्यता का संदेशमुख्यमंत्री ने अपने विशेष पत्र में उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का जिक्र करते हुए लिखा कि हमारी भारतीय सभ्यता मूल रूप से 'अरण्य सभ्यता' (Forest Civilization) रही है, जहां वेदों और पुराणों के काल से ही वृक्षों को देवताओं के समान पूजनीय और संरक्षण योग्य माना गया है.सीएम ने लिखा, प्रकृति और परमात्मा के बीच संतुलन बनाए रखने में वनों का सबसे बड़ा योगदान है. उत्तर प्रदेश की जनता ने जिस तरह अपनी माताओं के सम्मान में 40 करोड़ पौधों को रोपकर धरा का श्रृंगार किया है, वह न केवल वर्तमान पीढ़ी बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा की एक मजबूत नींव है. यह महाअभियान साबित करता है कि जब सरकार और जनता एक संकल्प के साथ जुड़ते हैं, तो बड़े से बड़ा लक्ष्य भी बौना साबित हो जाता है.'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' की 3 सबसे बड़ी बातेंऐतिहासिक जनभागीदारी (Massive Public Participation): इस अभियान की सबसे बड़ी खूबी यह रही कि यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम बनकर नहीं रहा. प्रदेश के गांवों, कस्बों, स्कूलों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों ने अपने घरों के आसपास, खेतों की मेड़ों पर और सार्वजनिक भूमि पर बढ़-चढ़कर पौधरोपण किया.मां के प्रति सम्मान और कृतज्ञता: 'एक पेड़ मां के नाम' के भावुक संदेश ने लोगों के दिलों को सीधे छुआ, जिसके कारण लोगों ने अपनी माताओं के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए इस अभियान को एक पवित्र आंदोलन का रूप दे दिया.पर्यावरण और इकोसिस्टम को मजबूती: विशेषज्ञों का मानना है कि एक साथ 40 करोड़ नए पौधों के रोपण से उत्तर प्रदेश के ग्रीन कवर (Green Cover Area) में भारी बढ़ोतरी होगी, जिससे भूजल स्तर में सुधार, वायु प्रदूषण में कमी और जैव विविधता (Biodiversity) को नई संजीवनी मिलेगी.मुख्यमंत्री ने अपने पत्र के अंत में प्रदेशवासियों से केवल पौधा लगाने तक सीमित न रहने, बल्कि उन पौधों की बच्चों की तरह देखभाल करने और उन्हें एक विशाल वृक्ष बनाने की जिम्मेदारी उठाने की भी भावुक अपील की है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jul 2026 8:05 am

Chanakya Niti: भलाई के चक्कर में आफत न बन जाए मुफ्त की सलाह! आचार्य चाणक्य ने कहा— भूलकर भी इन 3 लोगों को न दें ज्ञान

जिंदगी में अक्सर हम दूसरों का भला करने की नीयत से उन्हें मुफ्त की सलाह (Free Advice) दे बैठते हैं. हमें लगता है कि हमारे अनुभव या ज्ञान से सामने वाले का कुछ फायदा हो जाएगा. लेकिन कई बार यही अच्छाई हमारे खुद के लिए गले की हड्डी बन जाती है. सामने वाला हमारी बात को समझने के बजाय उसका गलत मतलब निकाल लेता है, जिससे अच्छे-भले रिश्तों में भी कड़वाहट घुल जाती है.महान कूटनीतिज्ञ और विद्वान आचार्य चाणक्य (Acharya Chanakya) ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'चाणक्य नीति' (Chanakya Niti) में इस बात को लेकर एक गंभीर चेतावनी दी है. उनका मानना है कि हर इंसान इस योग्य नहीं होता कि आप उसके सामने अपना ज्ञान प्रदर्शित करें. कुछ विशेष स्वभाव के लोगों को सही रास्ता दिखाना अपनी ऊर्जा (Energy) और मानसिक शांति को जबरदस्ती दांव पर लगाने जैसा है. आइए जानते हैं कि चाणक्य ने किन 3 तरह के लोगों को ज्ञान न देने की सख्त हिदायत दी है:1. मूर्ख और अहंकारी को समझाना है समय की बर्बादीआचार्य चाणक्य के मुताबिक, जो व्यक्ति खुद को ही सबसे बड़ा ज्ञानी समझता है, उसे कभी कोई राय नहीं देनी चाहिए. ऐसे लोगों के भीतर अहंकार इतना गहरा होता है कि वे कुछ भी नया सीखने या अपनी गलती स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं होते.अहसान के बदले दुश्मनी: अगर आप किसी दफ्तर, समाज या परिवार में ऐसे व्यक्ति को उसकी गलती सुधारने के लिए टोकेंगे, तो वह आपका आभार मानने के बजाय उल्टा आपको अपना दुश्मन समझ बैठेगा. वह अपनी गलत बात को ही सही साबित करने के लिए कुतर्क करने लगेगा. ऐसे समझहीन व्यक्ति को ज्ञान देना पूरी तरह से समय की बर्बादी है, जिससे आपका खुद का दिन और मूड खराब हो सकता है.2. कपटी और दुष्ट स्वभाव के लोगों को ज्ञान देना है खतरनाकसमाज में कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनकी नीयत, चरित्र और इरादे कभी साफ नहीं होते. चाणक्य ने ऐसे दुष्ट और मतलबी स्वभाव वाले लोगों को सबसे ज्यादा खतरनाक माना है.मुसीबत में फंसने का डर: आप भले ही उनके भले के लिए कोई बहुत अच्छी और समझदारी की बात बताएं, लेकिन वे अपने कुटिल दिमाग से उसका भी कोई न कोई गलत या नकारात्मक रास्ता निकाल लेंगे. वे आपकी दी हुई सीख का इस्तेमाल दूसरों को धोखा देने या किसी का नुकसान करने में कर सकते हैं. ऐसे लोगों को सुधारने की कोशिश आपको ही किसी बड़ी कानूनी या सामाजिक मुसीबत में फंसा सकती है, क्योंकि वे आपको अपने रास्ते का कांटा समझने लगते हैं.3. हमेशा रोने वाले और नकारात्मक लोगों से बना लें दूरीकुछ लोगों की फितरत होती है कि उन्हें जीवन में चाहे जितनी सुख-सुविधाएं मिल जाएं, लेकिन वे हमेशा दुखी और असंतुष्ट ही रहते हैं. नौकरी, परिवार, सेहत या पैसा— उनके पास हर चीज को लेकर केवल शिकायतों का पुलिंदा होता है.खत्म होती है पॉजिटिव एनर्जी: चाणक्य का मानना है कि जो इंसान खुद को अंदर से बदलना ही नहीं चाहता, उसे दुनिया की कोई भी बेहतरीन राय फायदा नहीं पहुंचा सकती. ऐसे नकारात्मक लोग हर समाधान के भीतर से भी एक नई समस्या पैदा कर लेते हैं. आज के आधुनिक मनोवैज्ञानिक भी मानते हैं कि हर समय रोने वाले इन लोगों के साथ ज्यादा समय बिताने से आपकी अपनी सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) धीरे-धीरे खत्म होने लगती है.अपनी कीमती ऊर्जा को सही जगह ही लगाएंआचार्य चाणक्य की इन कड़वी लेकिन व्यावहारिक बातों का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आप दुनिया में किसी की मदद करना या सही बात बोलना ही बंद कर दें. उनका सीधा सा इशारा इस बात की तरफ था कि अपनी सूझबूझ और समय का इस्तेमाल सोच-समझकर करें.सलाह केवल उसी इंसान को दें जिसके भीतर उसे सुनने, समझने और अपने जीवन में अमल में लाने की सच्ची इच्छा हो. जैसे एक समझदार गुरु भी अपनी पूरी मेहनत उसी शिष्य पर लगाता है जो सच में विद्या ग्रहण करना चाहता है, ठीक वैसे ही हमें भी अपनी कीमती बातें और सुझाव उन्हीं के सामने रखने चाहिए जो हमारे शब्दों और हमारे समय की कद्र करना जानते हों.

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jul 2026 8:04 am

आंध्र प्रदेश: वाईएस जगन 14 जुलाई को लापता मछुआरों के परिवारों से मिलेंगे

वाईएसआरसीपी विशाखापत्तनम जिला अध्यक्ष केके राजू ने घोषणा की कि पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआरसीपी अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी 14 जुलाई को विशाखापत्तनम तट पर हाल ही में हुई नाव दुर्घटना में लापता हुए छह मछुआरों के परिवारों को सांत्वना देने के लिए उनसे मिलेंगे।

देशबन्धु 13 Jul 2026 7:50 am

Top News 13 July: US ने ईरान पर फिर बरसाए बम, 80 डॉलर के करीब पहुंचा कच्चा तेल, दिल्ली में EV सब्सिडी नियम बदले

Top News 13 July : अमेरिका और ईरान भीषण जंग जारी। कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर के करीब पहुंची। बैंकॉक के पब में आग लगने से 27 लोगों की मौत हो गई। दिल्ली में ईवी वाहनों पर सब्सिडी नियमों में बड़ा बदलाव। निक सिनर ने लगातार दूसरी बार विंबलडन का पुरुष ...

वेब दुनिया 13 Jul 2026 7:48 am

तुर्किये में सी-सेक्शन पर सरकार की बड़ी स्ट्राइक: 100 से ज्यादा गायनेकोलॉजिस्ट पर लगा जुर्माना, कई सस्पेंड; जानें क्या है तुर्किये की 'नेचुरल बर्थ पॉलिसी'

तुर्किये (Turkey) में बिना चिकित्सकीय आवश्यकता के होने वाले सी-सेक्शन (सिजेरियन डिलीवरी) को लेकर सरकार की सख्ती अब एक बड़े विवाद का रूप ले चुकी है. देश के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए 100 से अधिक प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञों (ऑब्स्टेट्रिशियन-गायनेकोलॉजिस्ट) पर गाज गिराई है.अनावश्यक रूप से ऑपरेशन के जरिए डिलीवरी करने के आरोपी इन डॉक्टरों पर भारी आर्थिक जुर्माना लगाया गया है. इतना ही नहीं, कई डॉक्टरों को क्लीनिकल ड्यूटी से अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया गया है और उन्हें अनिवार्य रूप से दोबारा विशेष ट्रेनिंग लेने का निर्देश दिया गया है. सरकार के इस कड़े रुख के बाद देशभर के डॉक्टरों और मेडिकल संगठनों में भारी नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है.क्यों हुई डॉक्टरों पर यह सख्त कार्रवाई?स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा की गई इस औचक और बड़ी कार्रवाई के पीछे मुख्य रूप से निम्नलिखित आरोप और कारण सामने आए हैं:अनावश्यक सर्जरी की बाढ़: जिन डॉक्टरों पर एक्शन लिया गया है, उन पर आधिकारिक जांच में यह आरोप साबित हुआ है कि उन्होंने सामान्य (प्राकृतिक) प्रसव की संभावना होने के बावजूद जरूरत से ज्यादा और मनमाने ढंग से सी-सेक्शन किए.कड़ी सजा का प्रावधान: नियमों के उल्लंघन पर मंत्रालय ने केवल चेतावनी नहीं दी, बल्कि सीधे तौर पर आर्थिक दंड, क्लीनिकल प्रैक्टिस पर अस्थायी निलंबन और अनिवार्य पुनः प्रशिक्षण जैसी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की है. तुर्किये के कई स्थानीय मेडिकल चैंबर्स ने भी इसकी पुष्टि की है.अप्रैल 2025 में लागू हुआ था नया नियम: 'डिकेड ऑफ द फैमिली'तुर्किये में यह विवाद रातों-रात पैदा नहीं हुआ है. दरअसल, अप्रैल 2025 में तुर्किये सरकार ने एक बड़ा कानून लागू करते हुए निजी और सरकारी अस्पतालों में बिना किसी ठोस मेडिकल इमरजेंसी के होने वाले वैकल्पिक (Elective) सी-सेक्शन पर पूरी तरह रोक लगा दी थी.प्राकृतिक प्रसव को प्राथमिकता: सरकार का स्पष्ट स्टैंड है कि यदि मां या होने वाले बच्चे की जान को कोई खतरा नहीं है, तो डॉक्टरों को हर हाल में सामान्य प्रसव (वजाइनल डिलीवरी) को ही प्राथमिकता देनी होगी.राष्ट्रपति एर्दोआन की बड़ी पहल: यह सख्त कानून राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन के 'डिकेड ऑफ द फैमिली' (परिवार का दशक) अभियान का हिस्सा है. इस राष्ट्रीय अभियान का मुख्य उद्देश्य देश में लगातार गिरती जन्म दर (Birth Rate) को सुधारना और महिलाओं को प्राकृतिक प्रसव के लिए प्रोत्साहित करना है.OECD देशों में शीर्ष पर है तुर्किये: सी-सेक्शन के चौंकाने वाले आंकड़ेआर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) के 38 सदस्य देशों की सूची में तुर्किये सी-सेक्शन की दर के मामले में दुनिया में पहले स्थान पर काबिज है.61.5% डिलीवरी ऑपरेशन से: उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में तुर्किये में हर 1,000 जीवित जन्मों में से लगभग 615 बच्चों का जन्म सी-सेक्शन के जरिए हुआ था. यानी देश में होने वाली कुल डिलीवरी में से करीब 61.5 प्रतिशत मामले ऑपरेशन के थे, जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों के लिहाज से बेहद खतरनाक और असामान्य माना गया है.क्या है तुर्किये की 'नेचुरल बर्थ पॉलिसी'? (Natural Birth Policy)तुर्किये के स्वास्थ्य मंत्रालय की इस नीति का मूल एजेंडा देश में सिजेरियन के बढ़ते ग्राफ को नीचे लाना है. इसके तहत ये मुख्य बिंदु शामिल हैं:जहां भी चिकित्सकीय रूप से 1% भी संभावना हो, वहां नॉर्मल डिलीवरी को बढ़ावा दिया जाए.सी-सेक्शन का इस्तेमाल केवल और केवल तभी हो, जब मां या शिशु की जान पर संकट हो.गर्भवती महिलाओं को ऑपरेशन से होने वाले दूरगामी नुकसानों और नॉर्मल डिलीवरी के फायदों के प्रति जागरूक करना.अस्पतालों को डब्ल्यूएचओ (WHO) के तय वैश्विक दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रसव प्रबंधन के लिए बाध्य करना.WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) का नजरिया:डब्ल्यूएचओ का स्पष्ट मानना है कि सी-सेक्शन केवल एक जीवन रक्षक सर्जरी है. बिना जरूरत के केवल सी-सेक्शन की दरें बढ़ाने से मातृ स्वास्थ्य या नवजात शिशु के स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं होता, बल्कि इससे मां के शरीर पर अनावश्यक सर्जिकल जोखिम और अस्पताल का आर्थिक बोझ बढ़ जाता है.डॉक्टरों का पलटवार: यह पेशेवर स्वतंत्रता पर प्रशासनिक हमला हैइस कार्रवाई के बाद तुर्किये मेडिकल एसोसिएशन (TTB) और अंटाल्या चैंबर ऑफ फिजिशियंस सरकार के सामने आ गए हैं.सिस्टम की खामी: टीटीबी की वरिष्ठ पदाधिकारी डॉ. आयशे गुल्टेकिंगिल का कहना है कि सी-सेक्शन की ऊंची दर के लिए केवल डॉक्टरों को सूली पर चढ़ाना गलत है. यह एक व्यापक और स्ट्रक्चरल (ढांचागत) समस्या है.मरीज की स्थिति सर्वोपरि: डॉक्टरों का तर्क है कि किसी महिला की डिलीवरी कैसे होगी, यह कोई प्रशासनिक अधिकारी तय नहीं कर सकता. इसके पीछे अस्पतालों की कार्यप्रणाली, इमरजेंसी इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी, कानूनी मुकदमों का डर और खुद मरीज की शारीरिक स्थिति जैसे कई जटिल कारण होते हैं. आलोचकों का यह भी कहना है कि इस नीति से महिलाओं की अपनी बॉडी और प्रसव का तरीका चुनने की व्यक्तिगत स्वतंत्रता (Reproductive Freedom) का हनन हो रहा है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jul 2026 7:37 am

FIFA World Cup 2026: सेमीफाइनल के रोमांच के बीच जानें 96 साल पुराना वो अनोखा इतिहास, जब 'दो फुटबॉल' से खेला गया था विश्व कप का पहला फाइनल

फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) का रोमांच इस समय अपने चरम पर है. दुनिया की चार सर्वश्रेष्ठ टीमें सेमीफाइनल में जगह बना चुकी हैं और अब खिताबी जंग के लिए पूरी तरह तैयार हैं. फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दोनों सेमीफाइनल मुकाबले 15 जुलाई (भारतीय समयानुसार 16 जुलाई) से शुरू होने जा रहे हैं.इस महामुकाबले के बीच फुटबॉल इतिहास में आज का दिन बेहद खास है. ठीक 96 साल पहले, 13 जुलाई 1930 को उरुग्वे की धरती पर फुटबॉल विश्व कप की नींव रखी गई थी और पहला मैच खेला गया था. पहले सीजन का पूरा टूर्नामेंट रोमांच से भरा था, लेकिन 30 जुलाई 1930 को उरुग्वे और अर्जेंटीना के बीच खेले गए फाइनल मैच में एक ऐसा ऐतिहासिक विवाद हुआ, जिसने फुटबॉल इतिहास में एक अनोखा पन्ना जोड़ दिया.जब एक फाइनल मैच के लिए मैदान पर आईं 'दो फुटबॉल'साल 1930 के फाइनल मुकाबले में जब उरुग्वे और अर्जेंटीना की टीमें मैदान पर उतरीं, तो मैच शुरू होने से ठीक पहले गेंद को लेकर एक बड़ा बखेड़ा खड़ा हो गया. दोनों टीमें अपनी-अपनी पसंद की फुटबॉल से खेलने की जिद पर अड़ गईं:अर्जेंटीना की जिद: उनका कहना था कि मैच उनकी अपनी हल्की गेंद 'तिएंतो' (Tiento) से ही खेला जाएगा.उरुग्वे का दावा: मेजबान उरुग्वे अपनी स्वदेशी और अपेक्षाकृत थोड़ी भारी गेंद 'टी-मॉडल' (T-Model) का इस्तेमाल करना चाहता था.यह विवाद इतना बढ़ गया कि खिलाड़ी मैच खेलने को ही तैयार नहीं थे. आखिरकार फीफा (FIFA) के अधिकारियों और बेल्जियम के रेफरी जॉन लांगेनस को बीच-बचाव करना पड़ा. अंत में एक अनोखा और ऐतिहासिक समझौता हुआ कि पहले हाफ में अर्जेंटीना की पसंद की गेंद से खेला जाएगा और दूसरे हाफ में उरुग्वे अपनी पसंदीदा गेंद से खेलेगा.गेंद बदलते ही पलट गया मैच का पासाइस विवाद का सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि जैसे ही खेल में गेंद बदली, मैच का पूरा पासा ही पलट गया:पहला हाफ (अर्जेंटीना की गेंद): अर्जेंटीना ने अपनी पसंदीदा 'तिएंतो' गेंद से बेहतरीन खेल दिखाया और पहले हाफ की समाप्ति तक 2-1 से बढ़त बना ली.दूसरा हाफ (उरुग्वे की गेंद): दूसरे हाफ में जैसे ही उरुग्वे की भारी 'टी-मॉडल' गेंद मैदान पर आई, मेजबान उरुग्वे ने पासा पलट दिया. उरुग्वे ने ताबड़तोड़ गोल दागते हुए यह मैच 4-2 से जीत लिया और इतिहास का पहला फीफा विश्व कप अपने नाम कर लिया.1930 के पहले वर्ल्ड कप से जुड़े 3 अन्य मजेदार फैक्ट्स1. राजा ने चुनी थी पूरी फुटबॉल टीम: 1930 के पहले विश्व कप में कोई क्वालिफिकेशन मैच नहीं हुए थे. केवल 13 टीमों ने हिस्सा लिया था और सभी आमंत्रण (Invitation) पर आई थीं. इसमें रोमानिया की टीम सबसे अनोखी थी, क्योंकि उसके खिलाड़ियों का चयन किसी कोच या सिलेक्टर्स ने नहीं, बल्कि वहां के राजा 'कैरोल द्वितीय' (King Carol II) ने खुद अपनी पसंद से किया था.2. एक हाथ कटे होने के बावजूद दागा विजयी गोल: उरुग्वे के स्टार खिलाड़ी हेक्टर कास्त्रो (Hector Castro) का एक हाथ बचपन में एक इलेक्ट्रिक आरी के हादसे में कट गया था. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और फाइनल मैच में उरुग्वे के लिए आखिरी व ऐतिहासिक विजयी गोल दागा.3. इतिहास का पहला गोल: फीफा विश्व कप के इतिहास का सबसे पहला गोल करने का गौरव फ्रांस के लुसिएन लॉरेंट (Lucien Laurent) को प्राप्त है, जिन्होंने मैक्सिको के खिलाफ मैच में यह उपलब्धि हासिल की थी.

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jul 2026 7:36 am

खेला होबे दिवस बंद, अब बंगाल में मनेगा 'आयुष्मान दिवस': सुवेंदु अधिकारी सरकार ने बदला ममता बनर्जी का एक और बड़ा फैसला

West Bengal News Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल (West Bengal) में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही नई बीजेपी सरकार पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के कई अहम और नीतिगत फैसलों को लगातार पलट रही है. इसी कड़ी में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने एक और बड़ा और ऐतिहासिक एलान किया है.पश्चिम बंगाल में अब टीएमसी सरकार का सबसे चर्चित और विवादित 'खेला होबे दिवस' (Khela Hobe Diwas) नहीं मनाया जाएगा. इसकी जगह अब राज्य में हर साल 16 अगस्त को 'आयुष्मान दिवस' (Ayushman Diwas) के रूप में मनाया जाएगा. सरकार का यह फैसला इसलिए भी बेहद खास और प्रतीकात्मक है क्योंकि इसी तारीख को राज्य की नई बीजेपी सरकार के कार्यकाल के 100 दिन भी पूरे हो रहे हैं.बीजेपी की बड़ी बैठक में सीएम सुवेंदु अधिकारी का एलानयह बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक बदलाव रविवार को पूर्वी मेदिनीपुर जिले के तामलुक में आयोजित बीजेपी की एक बड़ी संगठनात्मक बैठक के बाद सामने आया. बैठक के बाद पत्रकारों से रूबरू होते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने साफ किया कि अब राज्य के सरकारी कैलेंडरों से टीएमसी सरकार के चुनावी नारे 'खेला होबे' को पूरी तरह से हटा दिया जाएगा.इसके स्थान पर, केंद्र सरकार की सबसे बड़ी और लोकप्रिय स्वास्थ्य बीमा योजना (Ayushman Bharat) के प्रति जनता को जागरूक करने और सम्मान देने के लिए 16 अगस्त की तारीख को 'आयुष्मान दिवस' के रूप में सरकारी तौर पर अधिसूचित किया जाएगा.16 अगस्त की तारीख क्यों चुनी? 'कलकत्ता किलिंग्स' का काला इतिहासमुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस बदलाव के पीछे केवल राजनीतिक कारण नहीं, बल्कि बंगाल के दर्दनाक इतिहास का भी हवाला दिया. उन्होंने 16 अगस्त की तारीख का महत्व समझाते हुए कहा:ग्रेट कलकत्ता किलिंग्स: 16 अगस्त का दिन पश्चिम बंगाल, विशेष रूप से कोलकाता के इतिहास का एक बेहद काला और खूनी पन्ना है. साल 1946 में इसी तारीख को मुस्लिम लीग और तत्कालीन सुहरावर्दी सरकार के नेतृत्व में 'ग्रेट कलकत्ता किलिंग्स' (Great Calcutta Killings) यानी कलकत्ता के भीषण सांप्रदायिक दंगे भड़के थे, जिसमें हजारों निर्दोष लोगों की जान गई थी.टीएमसी पर निशाना: सुवेंदु अधिकारी ने पूर्ववर्ती ममता सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि टीएमसी इस अत्यंत दर्दनाक और काले दिन पर 'खेला होबे दिवस' मनाकर घावों को कुरेदती थी. हमारी सरकार इस दिन को लोगों की सेवा, स्वास्थ्य और जनकल्याण से जोड़कर मनाएगी ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए.100 दिन की उपलब्धियों के साथ मनेगा स्वास्थ्य का जश्नआगामी 16 अगस्त नई सरकार के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित होने वाली है. विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी की सत्ता को उखाड़ फेंकने के बाद अस्तित्व में आई सुवेंदु सरकार के इस दिन 100 दिन पूरे हो जाएंगे.सरकार अपने इन शुरुआती 100 दिनों के जश्न को 'आयुष्मान दिवस' के रूप में जन-जन तक ले जाना चाहती है. मुख्यमंत्री ने बताया कि इस विशेष दिन पर राज्यभर में मुफ्त चिकित्सा शिविर, स्वास्थ्य जांच और केंद्र की आयुष्मान भारत योजना के कार्ड वितरित करने जैसे कई कल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसकी विस्तृत रूपरेखा और लिस्ट बहुत जल्द सार्वजनिक की जाएगी.केंद्र की योजनाओं पर फोकस: पूर्ववर्ती ममता सरकार पर लगातार यह आरोप लगते रहे हैं कि उन्होंने राजनीतिक द्वेष के चलते केंद्र की 'आयुष्मान भारत' जैसी बेहतरीन स्वास्थ्य योजनाओं को बंगाल में लागू नहीं होने दिया. अब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सत्ता संभालते ही केंद्र की सभी योजनाओं को बंगाल के घर-घर तक पहुंचाने की मुहिम तेज कर दी है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jul 2026 7:34 am

Crude Oil Price: ईरान-अमेरिका युद्ध से कच्चे तेल के बाजार में महा-उबाल, क्रूड ऑयल 4% उछलकर $79 के पार, थम गया हॉर्मुज स्ट्रेट का ट्रैफिक

Crude Oil Price 13 July 2026: पश्चिम एशिया (Middle East) में सीजफायर खत्म होने और अमेरिका-ईरान के बीच दोबारा छिड़े भयंकर युद्ध का सीधा और बड़ा असर ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर पड़ा है. हफ्ते के पहले दिन आज सोमवार 13 जुलाई 2026 को कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Prices) में जोरदार रॉकेट जैसी तेजी देखने को मिली है. वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 4% से ज्यादा उछलकर 79 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं.क्रूड ऑयल में आई इस भारी तेजी की मुख्य वजह दुनिया के सबसे रणनीतिक तेल मार्ग— स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण को लेकर दोनों महाशक्तियों के बीच बढ़ा सैन्य तनाव है. साइप्रस के एक कमर्शियल मर्चेंट शिप पर हुए हमले के बाद भड़के अमेरिका ने ईरान के करीब 140 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी की, जिसके जवाब में ईरान ने भी खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी बेस को निशाना बनाया है.क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस की कीमतों का ताजा गणितअंतरराष्ट्रीय कमोडिटी मार्केट में सोमवार सुबह से ही हाहाकार मचा हुआ है और कीमतें तेजी से ऊपर भाग रही हैं:ब्रेंट क्रूड (Brent Crude): सितंबर में एक्सपायर होने वाले कॉन्ट्रैक्ट के लिए ब्रेंट क्रूड 4% से अधिक की छलांग लगाकर $79 प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर ट्रेड कर रहा है. गौरतलब है कि पिछले हफ्ते भी इसमें 5.5% की भारी बढ़त दर्ज की गई थी.WTI या US क्रूड वेरिएंट: अमेरिकी क्रूड वेरिएंट वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी तेज बढ़त के साथ $74 प्रति बैरल के निशान से ऊपर निकल गया है.यूरोपियन नेचुरल गैस फ्यूचर्स: वीकेंड ब्रेक के बाद खुले यूरोपीय बाजार में नेचुरल गैस फ्यूचर्स (Natural Gas) की कीमतों में भी 2.5% की तेजी देखी गई है.बड़ा सस्पेंस: होर्मुज स्ट्रेट खुला है या पूरी तरह बंद?ग्लोबल एनर्जी सप्लाई (वैश्विक तेल आपूर्ति) का करीब 20% हिस्सा कंट्रोल करने वाले मुख्य जलमार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' को लेकर दोनों देशों के दावों में भारी विरोधाभास देखने को मिल रहा है:ईरान का दावा: ईरान की सरकार ने आधिकारिक घोषणा की है कि यह इंटरनेशनल जलमार्ग अगली सूचना तक पूरी तरह बंद रहेगा और यहां से किसी भी जहाज को गुजरने की अनुमति नहीं होगी.अमेरिका का खंडन: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (US Central Command) ने ईरान के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है. सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा— होर्मुज स्ट्रेट उन सभी कमर्शियल जहाजों के लिए खुला है जो कानूनी तौर पर इस इंटरनेशनल वॉटरवे से गुज़रना चाहते हैं. अमेरिकी सेना यहां नेविगेशन की आज़ादी सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है.रविवार शाम को फिर हुआ हमला: अमेरिकी सेना ने साफ किया कि स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के लिए ईरान को ज़िम्मेदार ठहराने और उसे सबक सिखाने के लिए रविवार शाम 5 बजे (ईस्टर्न टाइम) हमलों का एक और नया दौर शुरू किया गया है.जमीन पर क्या है हकीकत? ठप हुआ समंदर का ट्रैफिकभले ही अमेरिका दावा कर रहा हो कि मार्ग खुला है, लेकिन युद्ध के खौफ से जहाजों ने इस रूट से दूरी बना ली है. जॉइंट मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर (JMIC) के मुताबिक, रविवार को इस मुख्य चोकपॉइंट से लगभग शून्य ट्रैफिक था. पूरे दिन में सिर्फ़ दो तेल प्रोडक्ट टैंकर इस चोकपॉइंट के पास आते देखे गए. हालांकि, JMIC ने राहत की बात यह बताई कि ओमान द्वारा कोऑर्डिनेट किया जाने वाला दक्षिणी वैकल्पिक रूट (Southern Route) जहाजों के लिए अभी भी खुला हुआ है.फ्रांस G7 समिट का MoU हुआ फेल, ईरान ने दी चेतावनीपिछले महीने फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिका और ईरान दोनों ने एक महत्वपूर्ण सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे. इस समझौते में युद्ध को रोकने और स्ट्रेट से कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने की बात शामिल थी. लेकिन हालिया हमलों ने इस शांति समझौते को ठंडे बस्ते में डाल दिया है.इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने शुक्रवार को ही चेतावनी दी थी कि अगर यह तनाव दोबारा भड़कता है, तो साल के आखिर तक वैश्विक तेल के भंडारों को फिर से बनाने (Restocking) की कोशिशों को भारी झटका लगेगा, जिससे दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत हो सकती है.इधर, ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर और टॉप नेगोशिएटर मोहम्मद बाघेर ग़ालिबफ़ ने वॉशिंगटन को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि— अब एकतरफ़ा डील्स का ज़माना पूरी तरह खत्म हो चुका है. अमेरिका के साथ दोबारा बातचीत शुरू होने से पहले वॉशिंगटन को होर्मुज़ ट्रांज़िट पर किए गए पुराने वादों को प्राथमिकता देनी होगी और ईरान से तेल एक्सपोर्ट (Oil Export) को पूरी तरह नॉर्मल करना होगा, तभी शांति संभव है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jul 2026 7:28 am

ईरान-अमेरिका युद्ध में महा-विस्फोट: सीजफायर खत्म होते ही अमेरिका की तीसरे दौर की घातक एयरस्ट्राइक, ईरान के मिसाइल ठिकानों को किया तबाह

पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहा तनाव अब एक भीषण और पूर्ण युद्ध का रूप ले चुका है. सीजफायर (युद्धविराम) की मियाद खत्म होते ही अमेरिका ने ईरान के खिलाफ तीसरे दौर की सबसे बड़ी एयरस्ट्राइक (Third Round of Airstrikes) शुरू कर दी है.एक वरिष्ठ अमेरिकी रक्षा अधिकारी के हवाले से सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने ईरान के भीतर घुसकर उसके प्रमुख मिसाइल लॉन्चिंग पैड्स, संवेदनशील परमाणु प्रतिष्ठानों के करीब मौजूद ठिकानों और आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया है. इसके अलावा, खाड़ी क्षेत्र में रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमनध्य (Strait of Hormuz) के पास गश्त लगा रही ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की कई सैन्य बोट्स और कमांड सेंटरों को भी निशाना बनाया गया है. बता दें कि इससे पहले बुधवार और गुरुवार को भी अमेरिका ने ईरान पर भीषण बमबारी की थी.मुजतबा खामेनेई की पहली हुंकार: पिता के खून का बदला जरूर लूंगाइस भीषण बमबारी के बीच ईरान के नवनियुक्त सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) ने अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद दुनिया के नाम अपना पहला आधिकारिक संदेश जारी किया. उन्होंने अमेरिका और उसके सहयोगियों को खुली चुनौती देते हुए कहा, मैं अपने दिवंगत पिता के बेगुनाह खून की एक-एक बूंद का बदला जरूर लूंगा. यही हमारे पूरे देश की इच्छा और संकल्प है. ईरान इस अमेरिकी आक्रामकता के आगे घुटने नहीं टेकेगा.ईरान का पलटवार: खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर दागे ड्रोन-मिसाइलअमेरिकी एयरस्ट्राइक के जवाब में रविवार को ईरान की सेना (IRGC) ने भी खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में चौतरफा मिसाइल और आत्मघाती ड्रोन हमले (Drone Attacks) करने का दावा किया है, जिससे कुवैत, कतर और बहरीन जैसे देशों में युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं:कुवैत में भारी तबाही का दावा: तेहरान (ईरान की राजधानी) का दावा है कि उसके विस्फोटक ड्रोनों ने कुवैत में तैनात अमेरिकी सेना के पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम (Patriot Air Defense System), भारी गोला-बारूद के गोदामों और अमेरिकी रडार स्टेशनों को सीधे निशाना बनाकर भारी नुकसान पहुंचाया है.बहरीन में बजे एयर रेड सायरन: बहरीन में मौजूद अमेरिकी संचार और रडार सुविधाओं पर भी ईरानी मिसाइलें गिरने का दावा किया गया है. हमले के बाद बहरीन में आपातकालीन एयर रेड सायरन गूंज उठे और नागरिकों से तुरंत बंकरों व सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई.जॉर्डन और कतर पर हमला: आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस पर स्थित अमेरिकी सैन्य कैंपों की ओर कई घातक बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं. दूसरी ओर, कतर की सेना ने बयान जारी कर बताया कि उसने अपनी सीमा की ओर आ रही एक ईरानी मिसाइल को आसमान में ही (Intercept) मार गिराया.यूएई (UAE) में धमाके: संयुक्त अरब अमीरात ने भी पुष्टि की है कि उसका एंटी-मिसाइल डिफेंस सिस्टम ईरान की ओर से आने वाले हवाई खतरों को रोकने में मुस्तैद है, और इस दौरान आसमान में कई तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं.समंदर में भारतीय जहाज पर हमला; 10 नाविक बचाए गए, 1 लापताइस युद्ध की आंच अब अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों और भारतीय नागरिकों तक भी पहुंच गई है. ओमान के तट (Oman Coast) के पास से गुजर रहे एक कमर्शियल मर्चेंट शिप 'GFS गैलेक्सी' (GFS Galaxy) पर भीषण हमला हुआ.भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि इस प्रभावित जहाज पर कुल 11 भारतीय नागरिक (नाविक) सवार थे. राहत की बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत 10 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन 1 भारतीय नाविक अभी भी गहरे समुद्र में लापता है, जिसकी तलाश के लिए रेस्क्यू टीमें जुटी हुई हैं. भारत सरकार ने इस मर्चेंट शिप पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है और खाड़ी क्षेत्र में अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jul 2026 7:27 am

पत्नी को वापस पाने के लिए कलयुगी बेटे ने मां को छोले में दिया जहर! आगरा की इस खौफनाक वारदात में सास पर भी लगा गंभीर आरोप

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक बेहद सनसनीखेज और हैरान करने वाली वारदात सामने आई है. यहां एक कलयुगी बेटे पर अपनी ही सगे मां को कथित तौर पर जहर देकर जान से मारने की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगा है.इस दिल दहला देने वाली घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है. शुरुआती जांच में जो वजह सामने आई है, उसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है. आरोप है कि युवक की पत्नी काफी समय से अपने मायके में रह रही थी और उसकी सास ने शर्त रखी थी कि जब तक उसकी मां की मौत नहीं हो जाती, वह अपनी बेटी को उसके साथ वापस नहीं भेजेगी.छोले की सब्जी में मिलाकर दिया जहरपुलिस में दर्ज प्राथमिकी (FIR) के मुताबिक, यह खौफनाक साजिश आगरा के एक गांव में अंजाम दी गई. आरोपी रविंद्र पर आरोप है कि उसने दोपहर के खाने के वक्त जानबूझकर छोले की सब्जी में कोई जहरीला पदार्थ (Poison) मिला दिया और वह खाना अपनी बुजुर्ग मां राममूर्ति को परोस दिया.जहरीला खाना खाने के कुछ ही मिनटों बाद राममूर्ति की तबीयत बेहद गंभीर रूप से बिगड़ने लगी और वे तड़पने लगीं. आनन-फानन में परिवार के अन्य सदस्यों ने उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है और उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है.रणवीर सिंह की शिकायत पर हुआ खुलासायह पूरा मामला तब खुला जब पीड़ित महिला के पति और आरोपी के पिता रणवीर सिंह ने थाने में जाकर अपने ही बेटे के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में एक और चौंकाने वाला दावा किया गया है कि जब घटना के तुरंत बाद परिवार ने रविंद्र से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने कबूल किया कि उसे यह जहर किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी सगी सास फूलवती ने दिया था.सास ने दी थी धमकी: मां को रास्ते से हटाओ, तभी आएगी बेटी'इंडिया टुडे' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दर्ज एफआईआर में रविंद्र की सास फूलवती को भी सह-आरोपी बनाया गया है. आरोप है कि फूलवती ने ही रविंद्र को पूरी प्लानिंग के तहत जहर उपलब्ध कराया था.रणवीर सिंह की शिकायत के अनुसार, सास फूलवती ने दामाद रविंद्र को आगरा के गतपुरा गांव में स्थित अपने घर बुलाया था. वहां उसने रविंद्र के हाथ में एक सीलबंद पैकेट थमाते हुए कथित तौर पर कहा था कि जब तक तुम अपनी मां को हमेशा के लिए रास्ते से नहीं हटा देते, तब तक मेरी बेटी तुम्हारे घर कदम नहीं रखेगी और तुम्हारे साथ नहीं जाएगी. पत्नी के वियोग और सास के भड़काने में आकर रविंद्र ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे डाला. हालांकि, पुलिस का कहना है कि इन आरोपों की अभी गहनता से जांच की जा रही है.पारिवारिक कलह और संपत्ति विवाद भी है वजह; BNS की इन धाराओं में केस दर्जइस मामले में एक नया मोड़ देते हुए आरोपी रविंद्र के भाई मुकेश ने पुलिस को बताया कि उनके परिवार में पिछले काफी समय से पैतृक संपत्ति (Property Dispute) को लेकर गहरा विवाद चल रहा था. मुकेश का दावा है कि इसी पारिवारिक तनाव और रोज-रोज के झगड़ों के कारण रविंद्र की पत्नी तंग आकर अपने मायके में रहने चली गई थी, जिसका फायदा उठाकर उसकी सास ने रविंद्र को मोहरा बनाया.बढ़ते विवाद और पुख्ता प्राथमिक सबूतों के आधार पर आगरा पुलिस ने आरोपी रविंद्र और उसकी सास फूलवती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61 (आपराधिक साजिश), 109 (हत्या का प्रयास) और 123 (जहर या खतरनाक पदार्थ के जरिए चोट पहुंचाना) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है. रविंद्र इस समय पुलिस हिरासत में है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल से आने वाली मां की मेडिकल रिपोर्ट और फॉरेंसिक लैब की जांच के बाद मामले में आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jul 2026 7:25 am

Aaj Ka Rashifal (13 जुलाई 2026): आज बचत और बजट सुधारेंगे आपका भविष्य, जानिए मूलांक 1 से 9 तक का दैनिक आर्थिक राशिफल

Numerology Rashifal 13 July 2026: अंक ज्योतिष (Numerology) के अनुसार, आपकी जन्मतिथि (Date of Birth) सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि आपके स्वभाव, व्यक्तित्व और भविष्य के बंद कमरों को खोलने वाली जादुई चाबी है. आज 13 जुलाई 2026 का दिन सभी मूलांक वाले जातकों के लिए आर्थिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है.आज के सितारे साफ संकेत दे रहे हैं कि जल्दबाजी में लिया गया कोई भी वित्तीय फैसला भारी पड़ सकता है. आज का मूलमंत्र है— बचत, सटीक बजट और भविष्य की ठोस योजना. आइए विस्तार से जानते हैं कि मूलांक 1 से लेकर 9 तक के लोगों के लिए आज का दिन धन, निवेश और करियर के मामले में कैसा भाग्य लेकर आया है:मूलांक 1 (अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है)आज आपका पूरा ध्यान पूरी तरह से धन प्रबंधन (Money Management) और पैसों से जुड़े गंभीर मामलों पर केंद्रित रहेगा.सितारों की सलाह: अपने भविष्य को सुरक्षित और फाइनेंशियली फ्री बनाने के लिए आज एक मजबूत योजना तैयार करें. बिना सोचे-समझे या दिखावे में आकर खर्च करने की आदत पर लगाम लगाएं. यदि आप आज अपने तय बजट की सीमा में कदम आगे बढ़ाएंगे, तो आने वाले दिनों में आपकी आर्थिक स्थिति काफी मजबूत और स्थिर हो जाएगी.मूलांक 2 (अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है)आज का दिन आपके लिए आमदनी और अठन्नी के बीच सही तालमेल बिठाने की परीक्षा का है.सितारों की सलाह: आज आपके लिए खर्च और बचत के बीच एक आदर्श संतुलन (Balance) बनाकर चलना बेहद जरूरी है. गैर-जरूरी विलासिता की चीजों की खरीदारी से पूरी तरह बचें. निवेश (Investment) और लॉन्ग-टर्म सेविंग्स शुरू करने के लिहाज से आज का समय काफी अनुकूल है, लेकिन कोई भी बड़ा वित्तीय कदम उठाने से पहले उसके नफा-नुकसान का आकलन ठंडे दिमाग से जरूर कर लें.मूलांक 3 (अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है)आज का दिन आपके पुराने निवेशों और वर्तमान आर्थिक नीतियों की बारीकी से समीक्षा (Review) करने का है.सितारों की सलाह: अपने निवेश, बचत और रोजमर्रा के खर्च से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात पर पैनी नजर रखें. अगर आप शेयर बाजार या किसी अन्य जोखिम भरे क्षेत्र में पूंजी लगाने का विचार कर रहे हैं, तो पहले बाजार की जमीनी हकीकत और पूरी जानकारी जरूर हासिल कर लें. समय की मांग को देखते हुए यदि आपको अपनी पुरानी योजनाओं में कुछ फेरबदल भी करना पड़े, तो उससे बिल्कुल न हिचकिचाएं.मूलांक 4 (अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है)आज का दिन आपके घरेलू बजट पर थोड़ा सा अतिरिक्त दबाव बना सकता है.सितारों की सलाह: आज आपके घर, परिवार या सुख-सुविधाओं से जुड़े खर्चों में अचानक बड़ी बढ़ोतरी होने की आशंका है. इसलिए, कोई भी खरीदारी करने से पहले अपनी वास्तविक जरूरत और जेब के बजट का विशेष ध्यान रखें. भावनाओं में बहकर या किसी के दबाव में आकर मोटी रकम खर्च करने से बचें. एक पूर्व-नियोजित रूपरेखा तैयार करके चलेंगे तो मानसिक और आर्थिक तनाव काफी कम रहेगा.मूलांक 5 (अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है)मूलांक 5 के जातकों के लिए आज का दिन अपनी बिखरी हुई आर्थिक व्यवस्था को दोबारा व्यवस्थित और अनुशासित करने के लिए सबसे उत्तम है.सितारों की सलाह: फिजूलखर्ची पर पूरी तरह ताला लगा दें और आज से होने वाले हर एक खर्च का एक स्पष्ट उद्देश्य (Purpose) तय करें. बिजनेस या नौकरी में आज आपको कमाई के कुछ बेहतरीन और नए रास्ते मिल सकते हैं. अपनी सूझबूझ और पेशेवर योग्यता का सही समय पर सही इस्तेमाल करेंगे, तो अप्रत्याशित आर्थिक लाभ (Financial Gains) होने की प्रबल संभावना है.मूलांक 6 (अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है)आज का दिन आपके जीवन में आर्थिक मामलों को लेकर एक नई और सकारात्मक शुरुआत का संकेत दे रहा है.सितारों की सलाह: आज से ही अपने रोजाना के खर्चों का एक सटीक लिखित हिसाब-किताब रखना शुरू कर दें. केवल उन्हीं चीजों पर पैसा लगाएं जो आपके जीवन के लिए बेहद अनिवार्य हैं. वर्तमान में आपकी आय और व्यय (Income and Expenses) के बीच बना हुआ यह बेहतरीन संतुलन ही भविष्य में आपको एक बड़ी आर्थिक मजबूती और मानसिक शांति प्रदान करेगा.मूलांक 7 (अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है)आज का दिन आपको शॉर्ट-टर्म मुनाफे के लालच से बचकर लंबी अवधि के बड़े लक्ष्यों (Long-Term Goals) पर ध्यान केंद्रित करने की प्रेरणा दे रहा है.सितारों की सलाह: महंगी, ब्रांडेड और गैर-जरूरी चीजों पर अंधाधुंध पैसा पानी की तरह बहाने से आज आपको कड़ाई से बचना चाहिए. यदि आप रियल एस्टेट या म्यूचुअल फंड्स में कोई बड़ा निवेश करना चाहते हैं, तो विशेषज्ञों से पूरी कानूनी और तकनीकी जानकारी लेने के बाद ही कोई अंतिम फैसला करें. आज धैर्य और तसल्ली से लिया गया कोई भी निर्णय भविष्य में आपके लिए बड़ा जैकपॉट साबित हो सकता है.मूलांक 8 (अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है)मूलांक 8 के जातकों के लिए आज के सितारे आर्थिक मोर्चे पर बेहद सकारात्मक और सुनहरे संकेत दे रहे हैं.सितारों की सलाह: आज आपको अपने पुराने वित्तीय पोर्टफोलियो और बजट का पुनर्मूल्यांकन करना चाहिए. भविष्य की सुरक्षा को ध्यान में रखकर आज आपके द्वारा लिए गए विवेकपूर्ण फैसले आगे चलकर आपको बहुत ही शानदार रिटर्न (Results) देने वाले हैं. आज के दिन समय और धन दोनों का सदुपयोग करें, भाग्य आपके साथ है.मूलांक 9 (अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है)आज का दिन आपके करियर और व्यवसाय में नए और आकर्षक आर्थिक अवसर (Financial Opportunities) लेकर आने वाला है.सितारों की सलाह: नए अवसर मिलने की खुशी में बिना सोचे-समझे जल्दबाजी या उत्साह में आकर कोई भी बड़ा एग्रीमेंट साइन न करें और न ही कोई बड़ा निवेश करें. अपनी वर्तमान बचत और भविष्य के निवेश के बीच एक सख्त संतुलन बनाए रखें. आपकी सूझबूझ, धैर्य और समझदारी से उठाया गया हर एक छोटा कदम आगे चलकर आपकी वित्तीय नींव को पत्थर की तरह मजबूत बना देगा.

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jul 2026 7:24 am

SIP Steps-Up to SWP Strategy: 28 की उम्र में ₹1,000 की SIP से बनाएं ₹1.05 करोड़ का फंड, जानें रिटायरमेंट पर हर महीने ₹1 लाख पेंशन पाने का फॉर्मूला

Step-up SIP and SWP Calculator: हर व्यक्ति चाहता है कि रिटायरमेंट के बाद उसकी नियमित कमाई (Regular Income) बंद न हो और वह स्वाभिमान के साथ अपना जीवन जी सके. अच्छी बात यह है कि बुढ़ापे में एक बड़ा फंड तैयार करने के लिए आपकी शुरुआती सैलरी का बहुत बड़ा होना जरूरी नहीं है. अगर आप कम उम्र में एक छोटी सी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) शुरू करते हैं, हर साल उसमें थोड़ी बढ़ोतरी (Step-up) करते हैं, और लंबे समय तक धैर्य के साथ निवेश जारी रखते हैं, तो कंपाउंडिंग (Compounding) की जादुई ताकत से रिटायरमेंट तक करोड़ों का फंड तैयार हो सकता है.इसके बाद, उसी जमा पूंजी को सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP) में शिफ्ट करके हर महीने एक निश्चित सैलरी या पेंशन की तरह मोटी रकम हासिल की जा सकती है. आइए समझते हैं ₹1,000 की मामूली शुरुआत से ₹1.05 करोड़ का फंड बनाने और फिर हर महीने ₹1 लाख पाने का पूरा गणित.₹1,000 की SIP से ₹1.05 करोड़ का फंड कैसे बनेगा? (कंपाउंडिंग का गणित)मान लीजिए आपकी उम्र वर्तमान में 28 साल है और आपने निवेश की शुरुआत करने का फैसला किया. आप हर महीने केवल ₹1,000 की एक एसआईपी शुरू करते हैं. नौकरी में जैसे-जैसे आपकी सालाना सैलरी या इंक्रीमेंट बढ़ता है, आप अपनी एसआईपी में भी हर साल 10% का स्टेप-अप (Step-up SIP) यानी बढ़ोतरी करते जाते हैं (उदाहरण के लिए: पहले साल ₹1000 महीना, दूसरे साल ₹1100 महीना, तीसरे साल ₹1210 महीना आदि).यदि आप अपनी उम्र के 60 साल (रिटायरमेंट) तक यानी पूरे 32 वर्षों तक इस अनुशासन के साथ निवेश जारी रखते हैं और आपको म्यूचुअल फंड से औसतन 12% का सालाना रिटर्न मिलता है, तो आपके निवेश का पूरा खाका कुछ इस तरह दिखाई देगा:निवेश की कुल अवधि: 32 साल (28 की उम्र से 60 की उम्र तक)शुरुआती मासिक निवेश: ₹1,000 (10% वार्षिक स्टेप-अप के साथ)आपकी जेब से लगा कुल निवेश: ₹24.13 लाखकंपाउंडिंग से हुआ कुल मुनाफा: ₹80.98 लाख60 वर्ष पर तैयार अनुमानित फंड: ₹1.05 करोड़स्टेप-अप (Step-Up) क्यों है गेमचेंजर?अगर आप पूरे 32 वर्षों तक बिना रकम बढ़ाए केवल ₹1,000 प्रति माह की ही एसआईपी करते रहते, तो ₹1 करोड़ के जादुई आंकड़े तक पहुंचना लगभग नामुमकिन होता. हर साल निवेश में की गई महज 10% की यह छोटी सी बढ़ोतरी लंबी अवधि में करोड़ों रुपए का बड़ा अंतर पैदा कर देती है.रिटायरमेंट के बाद हर महीने ₹1 लाख कैसे मिलेंगे? (SWP का फॉर्मूला)रिटायरमेंट (60 साल की उम्र) पर जब आपके पास एक बड़ा कॉर्पस तैयार हो जाता है, तो आपको पूरा पैसा एक साथ बैंक खाते में निकालकर टैक्स गंवाने या खर्च करने की जरूरत नहीं होती. यहीं पर काम आता है सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP), जो म्यूचुअल फंड का एक ऐसा टूल है जहां आपका पैसा मार्केट में निवेशित रहकर रिटर्न भी कमाता रहता है और आपको हर महीने आपकी चुनी हुई एक फिक्स रकम भी मिलती रहती है.अब मान लीजिए, विभिन्न निवेशों और एसेट एलोकेशन की मदद से रिटायरमेंट के समय आपके पास ₹1.5 करोड़ का कुल फंड जमा है. सुरक्षा के लिहाज से आप इस पूरे फंड को किसी डेट म्यूचुअल फंड (Debt Fund) या कंजर्वेटिव हाइब्रिड फंड (Conservative Hybrid Fund) में ट्रांसफर कर देते हैं.अगर इस सुरक्षित फंड पर आपको सालाना महज 6% का फिक्स रिटर्न भी मिलता रहे और आप हर महीने ₹1 लाख की निकासी (SWP) सेट कर देते हैं, तो इसका गणित कुछ ऐसा होगा:शुरुआती कुल निवेश (SWP में): ₹1.5 करोड़हर महीने मिलने वाली पेंशन: ₹1 लाखपेंशन/निकासी की अवधि: 12 साल12 वर्षों में कुल जमा निकासी: ₹1.44 करोड़निकासी के दौरान फंड द्वारा अर्जित अनुमानित कमाई: ₹43.13 लाखइस रणनीति का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको हर महीने ₹1 लाख की नियमित इनकम भी मिलती रहेगी और आपकी मूल पूंजी (₹1.5 करोड़) भी बाजार में सुरक्षित रहकर अतिरिक्त रिटर्न कमाती रहेगी, जिससे आपका फंड अचानक से कभी शून्य नहीं होगा.निवेश यात्रा शुरू करने से पहले 3 जरूरी बातें हमेशा याद रखेंरिटायरमेंट और रिटर्न की अनिश्चितता: म्यूचुअल फंड में मिलने वाला 12% या डेट फंड का 6% रिटर्न पूरी तरह से अनुमानित है, यह फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की तरह गारंटीड नहीं होता. बाजार के उतार-चढ़ाव के हिसाब से लॉन्ग टर्म में यह रिटर्न कम या ज्यादा भी हो सकता है.समय-समय पर रिव्यू (Portfolio Review): जैसे ही आप अपने रिटायरमेंट (60 वर्ष) के करीब पहुंचने लगें (लगभग 55 वर्ष की उम्र में), अपने हाई-रिस्क इक्विटी फंड्स से पैसा निकालकर धीरे-धीरे सुरक्षित डेट ऑप्शंस में शिफ्ट करना शुरू कर दें ताकि मार्केट क्रैश से आपका फंड प्रभावित न हो.महंगाई (Inflation) को न भूलें: आज के समय में ₹1 लाख की जो क्रय शक्ति (Value) है, आज से 30 या 32 साल बाद महंगाई के कारण ₹1 लाख की वैल्यू उतनी नहीं रहेगी. इसलिए जैसे-जैसे आपकी आय बढ़े, अपनी एसआईपी स्टेप-अप दर को 10% से बढ़ाकर 15% करने का प्रयास करें ताकि आपका फंड महंगाई को आसानी से पछाड़ सके.

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jul 2026 7:21 am

Aaj Ka Panchang 13 July 2026: आज कब तक रहेगी चतुर्दशी तिथि? जानें राहुकाल, भद्रा और दिनभर के सभी शुभ-अशुभ मुहूर्त

आज 13 जुलाई 2026, सोमवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि शाम 6:50 बजे तक रहेगी, जिसके पश्चात अमावस्या तिथि का आरंभ हो जाएगा। सनातन संस्कृति में किसी भी नए कार्य, मांगलिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ या यात्रा की शुरुआत करने से पहले पंचांग देखने की प्राचीन परंपरा है ताकि सही समय पर सही निर्णय लेकर अनुकूल परिणाम प्राप्त किए जा सकें। आइए जानते हैं आज के दिन का पूरा पंचांग, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल और विशेष मुहूर्तों की सटीक जानकारी शामिल है।आज का पंचांग और ग्रह-नक्षत्र की स्थितिआज सोमवार के दिन शक संवत् 1948 और विक्रमी संवत् 2083 चल रहा है। आज का दिन आषाढ़ कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के साथ शुरू होगा जो शाम 6:50 बजे तक रहेगी और उसके बाद अमावस्या शुरू हो जाएगी। योग की बात करें तो आज दोपहर 4:01 बजे तक ध्रुव योग रहेगा, जिसके बाद व्याघात योग प्रभावी होगा। इसके अलावा, सुबह 8:41 बजे तक विष्टि (भद्रा) करण का प्रभाव रहेगा। चंद्रमा आज दिन-रात मिथुन राशि में ही संचार करेंगे और सूर्य उत्तरायण स्थिति में रहेंगे।सूर्य और चंद्रमा का समयआज के दिन सूर्योदय सुबह 6:01 बजे और सूर्यास्त रात्रि 9:51 बजे होगा। चंद्रोदय का समय 14 जुलाई की सुबह 5:38 बजे का है, जबकि चन्द्रास्त रात्रि 9:34 बजे होगा। दैनिक गतिविधियों के निर्धारण के लिए सूर्य और चंद्रमा के इन समयों का विशेष ध्यान रखा जाता है।आज के शुभ मुहूर्तयदि आप आज कोई शुभ या मांगलिक कार्य करने की सोच रहे हैं, तो इन अनुकूल मुहूर्तों का लाभ उठा सकते हैं। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:56 बजे से 5:28 बजे तक रहेगा। प्रातः संध्या सुबह 5:12 बजे से 6:01 बजे तक है। दिन का सबसे महत्वपूर्ण अभिजित मुहूर्त दोपहर 1:24 बजे से दोपहर 2:28 बजे तक रहेगा, जो किसी भी नए कार्य के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। इसके अलावा विजय मुहूर्त दोपहर 4:34 बजे से 5:38 बजे तक, गोधूलि मुहूर्त रात्रि 9:49 बजे से 10:06 बजे तक और अमृत काल दोपहर 2:32 बजे से 3:57 बजे तक रहेगा।आज के अशुभ मुहूर्त और राहुकालज्योतिष शास्त्र में कुछ समय को अशुभ माना जाता है जिसमें महत्वपूर्ण कार्य करने से बचना चाहिए। आज राहुकाल सुबह 7:30 बजे से 9:00 बजे (या अन्य पंचांगीय गणना के अनुसार सुबह 8:00 बजे से 9:59 बजे) तक रहेगा। यमगण्ड काल दोपहर 11:57 बजे से दोपहर 1:56 बजे तक रहेगा। इसके अलावा सुबह 8:41 बजे तक भद्रा का प्रभाव रहेगा, इसलिए इस अवधि में विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। दुर्मुहूर्त दोपहर 2:28 बजे से 3:31 बजे तक और वर्ज्य काल सुबह 9:36 बजे से 11:00 बजे तक रहेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jul 2026 7:09 am

पंजाब भाजपा का मान सरकार पर निशाना, कहा- लगातार कर्ज लेकर राज्य को वित्तीय संकट में धकेला

पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने रविवार को कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने लगातार कर्ज लेकर राज्य को गहरे वित्तीय संकट में धकेल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों ने समृद्ध पंजाब के सपने को कंगाल पंजाब में बदल दिया है।

देशबन्धु 13 Jul 2026 6:50 am

बारुईपुर मॉब लिंचिंग और नाबालिग हत्याकांड में CPIM नेता लाहेक खान गिरफ्तार, CM शुभेंदु अधिकारी का सख्त संदेश

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के अंतर्गत आने वाले बारुईपुर शहर में उपजे गंभीर कानून-व्यवस्था के संकट के बाद राज्य प्रशासन ने एक बड़ी राजनीतिक और कानूनी कार्रवाई की है। सूर्यपुर इलाके में एक नाबालिग किशोरी के साथ हुए कथित सामूहिक दुष्कर्म और बेरहम हत्याकांड के बाद भड़की हिंसक प्रतिक्रिया और मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या) के मामले में पुलिस ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कद्दावर नेता लहेक अली (लाहेक खान) को गिरफ्तार कर लिया है। लहेक अली इस साल की शुरुआत में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बारुईपुर पश्चिम सीट से वामपंथी गठबंधन के आधिकारिक उम्मीदवार रह चुके हैं।सूर्यपुर हाट में भड़का था आक्रोश: नाबालिग की मौत के बाद उग्र भीड़ ने युवक को उतारा था मौत के घाटइस पूरे विवाद की शुरुआत 4 जुलाई को हुई थी, जब एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की अचानक लापता हो गई थी। अगले दिन यानी 5 जुलाई को सूर्यपुर हाट इलाके के एक स्थानीय तालाब से उस बच्ची का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया। पीड़िता के परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद उसकी निर्मम हत्या की गई है। इस घटना से आक्रोशित स्थानीय निवासियों और प्रदर्शनकारियों ने उग्र रूप धारण कर लिया और गंभीर रेल रोको आंदोलन के साथ सड़कों पर टायर जलाकर यातायात ठप कर दिया। इसी अराजकता के बीच उग्र भीड़ ने अपराध में संलिप्त होने के संदेह में इंद्रजीत मंडल नामक एक युवक की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस का दावा है कि पूर्व चुनावी प्रत्याशी लहेक अली ने ही भीड़ को इस भयानक हिंसा के लिए उकसाया था।मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने की पीड़ितों से मुलाकात: न्याय और सरकारी सहायता का दिया भरोसाशनिवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्वयं बारुईपुर का दौरा किया। उन्होंने वहां पहुंचकर सामूहिक दुष्कर्म की शिकार हुई मृत बच्ची के शोक संतप्त परिवार और उसके बाद मॉब लिंचिंग का शिकार हुए इंद्रजीत मंडल के परिजनों से आमने-सामने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने दोनों ही पीड़ित परिवारों को सांत्वना देते हुए राज्य सरकार की तरफ से हरसंभव वित्तीय व सामाजिक सहायता प्रदान करने का आधिकारिक भरोसा दिया। पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा, हम उस निर्दोष युवक को वापस तो नहीं ला सकते, लेकिन हमारी सरकार ने उसके परिवार की पूरी जिम्मेदारी ली है। उसके हत्यारों को कानून के दायरे में लाकर सख्त से सख्त सजा दिलवाई जाएगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ पराजित राजनीतिक तत्वों ने अपनी खोई हुई जमीन तलाशने के लिए इस सांप्रदायिक व सामाजिक हिंसा को प्रायोजित किया था।भारत-बांग्लादेश सीमा से दबोचे गए मुख्य आरोपी: महज 4 दिन में तैयार हुई नई पुलिस चौकीमामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य की खुफिया और खोजी पुलिस ने त्वरित तकनीकी जाल बिछाया। वीडियो फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने घटना में शामिल सभी मुख्य संदिग्धों को बक्खाली, दीघा और भारत-बांग्लादेश सीमा के पास स्थित बशीरहाट से दबोच लिया, जहां से वे सीमा पार भागने की फिराक में थे। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्थानीय जनता और पीड़िता के परिवार की सुरक्षा संबंधी मांग को स्वीकार करते हुए सूर्यपुर में एक आधुनिक पुलिस चौकी का उद्घाटन भी किया। इस पुलिस चौकी को शासन के विशेष आदेश पर रिकॉर्ड महज चार दिनों के भीतर निर्मित और सक्रिय किया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की हिंसक पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Jul 2026 6:37 am

सांसद ढुलू महतो ने अरूप चटर्जी को भेजा 2 करोड़ रुपए की मानहानि का नोटिस

धनबाद की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का मामला अब कानूनी लड़ाई की ओर बढ़ गया है। धनबाद के सांसद ढुलू महतो ने निरसा विधायक अरूप चटर्जी को दो करोड़ रुपए की मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। सांसद की ओर से इसकी जानकारी दी गई है।

देशबन्धु 13 Jul 2026 6:00 am

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: एसआईटी के सामने पेश हुए संतोष दुबे, बोले-माथे पर कलंक मिटाना जरूरी

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने धर्मसेना के प्रमुख संतोष दुबे से पूछताछ की है। पूछताछ के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए संतोष दुबे ने कहा कि एसआईटी के सामने उन्होंने अपना पक्ष रखा है और कुछ दस्तावेज वह उन्हें मुहैया कराएंगे।

देशबन्धु 13 Jul 2026 5:42 am

ग्लोबल स्टेज का 'मिस्टर इंडिया'... ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को लिया हाथों-हाथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में ऑस्ट्रेलिया की यात्रा पर थे। प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे को ऑस्ट्रेलियन मीडिया खासकर प्रिंट मीडिया ने हाथों-हाथ लिया

देशबन्धु 13 Jul 2026 12:04 am

TMC पर लड़ाई हुई तेज, ऋतब्रत बनर्जी का बड़ा दावा, बोले- हम हैं असली टीएमसी, कोर्ट का दिखाया आदेश

West Bengal Politics News : बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी वर्चस्व की लड़ाई के बीच ऋतब्रत बनर्जी गुट को बड़ी कानूनी राहत मिली है। खबरों के अनुसार, अलीपुर अदालत ने पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से दायर मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि 22 जून को ...

वेब दुनिया 12 Jul 2026 11:49 pm

कतर के दिवंगत अमीर के सम्मान में भारत में सोमवार को एक दिन का राजकीय शोक

नई दिल्ली। भारत ने कतर के दिवंगत अमीर शेख हमद बिन ख़लीफ़ा अल-थानी के सम्मान में देशभर में सोमवार को एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। कतर के अमीर का रविवार को निधन हो गया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि शोक के दिन पूरे देश में उन सभी भवनों पर, जहां नियमित […] The post कतर के दिवंगत अमीर के सम्मान में भारत में सोमवार को एक दिन का राजकीय शोक appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 10:48 pm

श्रावण-भादौ में महाकाल मंदिर के पट खुलने और भस्म आरती के समय में होगा बदलाव

उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण-भादौ मास के दौरान मंदिर के पट खुलने तथा भस्म आरती के समय में परिवर्तन किया गया है। नई व्यवस्था 30 जुलाई से 7 सितंबर तक प्रभावी रहेगी। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर रोशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में रविवार […] The post श्रावण-भादौ में महाकाल मंदिर के पट खुलने और भस्म आरती के समय में होगा बदलाव appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 9:50 pm

नितिन नबीन से मिले नरोत्तम मिश्रा, दतिया में हुए प्रदर्शन के मुद्दे पर रखी अपनी बात

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने रविवार को यहां पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की और दतिया में हुए विरोध-प्रदर्शन पर अपना पक्ष रखा। गौरतलब है कि भाजपा ने दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया […] The post नितिन नबीन से मिले नरोत्तम मिश्रा, दतिया में हुए प्रदर्शन के मुद्दे पर रखी अपनी बात appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 9:39 pm

अलवर में खेत की तारबंदी को लेकर दो भाइयों के परिवार भिड़े, 13 घायल

अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के मालाखेड़ा थाना क्षेत्र में बड़ा गांव नैथला में रविवार सुबह खेत की तारबंदी को लेकर दो सगे भाइयों के परिवाराें में हुए खूनी संघर्ष में 13 लोग घायल हो गए। सूचना मिलने पर मालाखेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल मालाखेड़ा अस्पताल पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार […] The post अलवर में खेत की तारबंदी को लेकर दो भाइयों के परिवार भिड़े, 13 घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 9:15 pm

ग्वालियर में महिला से दुष्कर्म का आरोपी ननदोई अरेस्ट

ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के पिछोर-डबरा थाना क्षेत्र में घर में अकेली महिला से कथित दुष्कर्म और उसके पति से मारपीट करने के आरोप में पुलिस ने आरोपी ननदोई को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार 28 वर्षीय महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि शनिवार रात उसका पति खेत पर सिंचाई के […] The post ग्वालियर में महिला से दुष्कर्म का आरोपी ननदोई अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 9:09 pm

अलवर : खेत में कुंड में डूबने से दो बालकों की मौत

अलवर। राजस्थान में अलवर जिले की ग्राम पंचायत द्वारापुर में रविवार को खेत में बने कुंड में नहाने गए दो बालकों की डूबने से मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, द्वारापुर गांव के छह बच्चे रविवार दोपहर को गांव के पास स्थित एक खेत में छोटे कुंड में नहाने गए थे। नहाने के दौरान […] The post अलवर : खेत में कुंड में डूबने से दो बालकों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 9:03 pm

डीडीए ने अतिक्रमण रोकने के लिए जारी की नई एसओपी, 14 फ्लाइंग स्क्वॉड और 4 क्विक रिस्पॉन्स टीमें तैनात

दिल्ली के उपराज्यपाल टी.एस. संधू के अतिक्रमण के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति संबंधी निर्देशों के बाद, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने 14 फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों और चार क्विक रिस्पॉन्स टीमों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है।

देशबन्धु 12 Jul 2026 8:57 pm

भारत विकास परिषद अजमेर ने चलाया ‘जस्ट थ्रो एंड गो’सीड बॉल अभियान

दो दिन में 2000 से अधिक सीड बॉल पहाड़ियों क्षेत्रों में उछाली अजमेर। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से भारत विकास परिषद् मुख्य शाखा अजमेर की ओर से जस्ट थ्रो एंड गो सीड बॉल अभियान चलाया गया। अभियान के तहत दो दिनों में 2000 से अधिक सीड बॉल अजमेर की पहाड़ी क्षेत्रों एवं […] The post भारत विकास परिषद अजमेर ने चलाया ‘जस्ट थ्रो एंड गो’ सीड बॉल अभियान appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 8:50 pm

जीवदया के तहत 200 अशक्त गोवंश को अर्पित किया हरा चारा और गुड़

दिगंबर जैन महासमिति महिला एवं युवा महिला संभाग ने किया सेवा कार्य अजमेर। श्री दिगंबर जैन महासमिति महिला एवं युवा महिला संभाग, अजमेर की सरावगी मोहल्ला इकाई की ओर से जीवदया के तहत नागफानी स्थित आनंद गोपाल गौशाला में सेवा कार्य आयोजित किया गया। इस दौरान 200 अशक्त गोवंश को हरा चारा एवं गुड़ अर्पित […] The post जीवदया के तहत 200 अशक्त गोवंश को अर्पित किया हरा चारा और गुड़ appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 8:44 pm

PM-CM Suspension News: जेल से नहीं चलेगी सरकार! संसद की संयुक्त समिति का बड़ा प्रस्ताव, 30 दिन हिरासत में रहने पर पद से हटाने के बजाय 'निलंबन' की सिफारिश

130th Constitutional Amendment Bill: भारतीय राजनीति और संवैधानिक व्यवस्था में एक बड़े और ऐतिहासिक बदलाव की तैयारी चल रही है. विपक्षी दलों के कड़े विरोध और चिंताओं के बीच, 130वें संविधान संशोधन विधेयक (130th Constitutional Amendment Bill) की समीक्षा कर रही संसद की एक संयुक्त समिति (Joint Parliamentary Committee) ने बेहद महत्वपूर्ण सिफारिशें सौंपी हैं.समिति ने प्रस्ताव दिया है कि यदि देश के प्रधानमंत्री (PM), केंद्रीय मंत्रियों या राज्यों के मुख्यमंत्रियों (CM) को किसी गंभीर आपराधिक मामले में लगातार 30 दिनों तक हिरासत या जेल में रखा जाता है, तो उन्हें उनके पदों से स्थायी रूप से हटाने (Removal) के बजाय निलंबित (Suspension) किया जाना चाहिए. इसके साथ ही समिति ने नेताओं की सुरक्षा के लिए एक 'ऑटोमैटिक रिवर्सल क्लॉज' जोड़ने का भी सुझाव दिया है.क्या था मूल विधेयक और क्यों हुआ था विरोध?पिछले साल अगस्त में केंद्र सरकार द्वारा संसद में पेश किए गए इस मूल विधेयक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी सरकार जेल के अंदर से न चलाई जा सके.मूल प्रावधान: यदि कोई पीएम, सीएम या मंत्री गंभीर अपराध में 30 दिनों तक हिरासत में रहता है और खुद इस्तीफा नहीं देता, तो 31वें दिन उसे स्वतः (Automatically) पद से बर्खास्त कर दिया जाएगा.विपक्ष का रुख: कांग्रेस समेत देश के अधिकांश विपक्षी दलों ने इस कानून का पुरजोर विरोध किया था. उनका आरोप था कि केंद्र सरकार इस कानून का दुरुपयोग करके विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्य सरकारों को अस्थिर करने की साजिश रच सकती है. इसी विरोध के चलते अधिकांश विपक्षी दलों ने इस विधेयक की समीक्षा करने वाली संयुक्त समिति की बैठकों से भी दूरी बना ली थी.संसदीय समिति की 5 सबसे प्रमुख सिफारिशेंविपक्ष की आशंकाओं को दूर करने और कानून को अधिक व्यावहारिक बनाने के लिए संयुक्त समिति ने दो विशेष और तीन सामान्य संशोधनों की सिफारिश की है:'हटाने' की जगह 'निलंबन' शब्द: समिति ने अपनी रिपोर्ट में 'Removal' शब्द को बदलकर 'Suspension' करने का प्रस्ताव दिया है. यानी जब तक कानूनी कार्यवाही का अंतिम परिणाम (फैसला) नहीं आ जाता, तब तक मंत्रियों को स्थायी रूप से बर्खास्त करने के बजाय केवल निलंबित रखा जाए.5 साल या उससे अधिक की सजा वाले 'गंभीर अपराध': इस कानून के दुरुपयोग को रोकने के लिए समिति ने 'गंभीर अपराधों' को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया है. इसके तहत केवल वही अपराध शामिल किए जाएंगे जिनमें 5 साल या उससे अधिक के कारावास की सजा का प्रावधान हो. इसके लिए कानून में एक अलग अनुसूची (Schedule) जोड़ने की बात कही गई है.ऑटोमैटिक रिवर्सल क्लॉज (स्वतः बहाली का नियम): यदि आरोपी मंत्री अदालत द्वारा पूरी तरह बरी (Acquitted) हो जाता है, या तय समय सीमा के भीतर जांच एजेंसी मुकदमा आगे बढ़ाने में नाकाम रहती है, तो उसका निलंबन स्वतः समाप्त हो जाएगा और वह अपने पद पर वापस लौट सकेगा. समिति का कहना है कि यह सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करेगा कि जो लोग निर्दोष हैं, उनका निलंबन स्थायी न होने पाए.विशेष अदालतों में त्वरित सुनवाई: सुप्रीम कोर्ट के पुराने दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए समिति ने कहा कि उच्च संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों से जुड़े मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक या विशेष अदालतों (Special Courts) में प्राथमिकता के आधार पर होनी चाहिए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी जल्द हो सके.अब आगे क्या होगी प्रक्रिया?संसद की संयुक्त समिति की इस रिपोर्ट को इसी सप्ताह आधिकारिक रूप से स्वीकृत किए जाने की पूरी संभावना है. यदि इन सिफारिशों को मान लिया जाता है, तो आगामी प्रक्रिया इस प्रकार होगी:कैबिनेट की मंजूरी: केंद्रीय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) इन प्रस्तावित संशोधनों के ड्राफ्ट को केंद्रीय मंत्रिमंडल (Cabinet) के पास अंतिम मंजूरी के लिए भेजेगा.संसद में पेशी: कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद, इस संशोधित रूपरेखा वाले विधेयक को आधिकारिक तौर पर पारित कराने के लिए दोबारा लोकसभा और राज्यसभा में पेश किया जाएगा.

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 8:06 pm

Airtel Growth Plan: भारती एयरटेल ने चला ₹20,000 करोड़ का बड़ा दांव! चेयरमैन सुनील मित्तल ने बताए भविष्य के 3 सबसे बड़े 'ग्रोथ इंजन'

Bharti Airtel Annual Report 2026: भारतीय टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी भारती एयरटेल (Bharti Airtel) अब केवल एक मोबाइल नेटवर्क प्रोवाइडर रहने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह भविष्य की सबसे बड़ी डिजिटल पावरहाउस बनने की तैयारी में है. पिछले एक दशक में देश के भीतर मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर (Digital Infrastructure) तैयार करने के लिए ₹3.3 लाख करोड़ से अधिक का भारी-भरकम निवेश करने के बाद, अब कंपनी ने अपनी दिशा बदल दी है.न्यूज एजेंसी पीटीआई (PTI) की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार देर रात जारी की गई भारती एयरटेल की सालाना रिपोर्ट (Annual Report) में कंपनी के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल (Sunil Bharti Mittal) ने भविष्य के रोडमैप का खुलासा किया है. मित्तल का कहना है कि कंपनी की ग्रोथ (तरक्की) के अगले चरण के सबसे बड़े तीन इंजन— फाइनेंशियल सर्विसेज (Airtel Money), डेटा सेंटर (Nxtra) और क्लाउड (Airtel Cloud) होंगे, जिनमें एयरटेल मनी में करीब ₹20,000 करोड़ तक के बड़े निवेश का ऐलान भी शामिल है.एयरटेल की महा-ग्रोथ के 3 सबसे बड़े पिलर्स (Growth Engines)1. फाइनेंशियल सर्विसेज: एयरटेल मनी (Airtel Money) को मिली NBFC की हरी झंडीसालाना रिपोर्ट में सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण जानकारी यह सामने आई है कि 'एयरटेल मनी' को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से नॉन-डिपॉजिट टेकिंग नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के तौर पर काम करने का लाइसेंस मिल गया है.क्या होगा फायदा: सुनील मित्तल के मुताबिक, देश के ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में 'फाइनेंशियल इनक्लूजन' (वित्तीय समावेश) का दायरा बढ़ाने के लिए यह एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा. कंपनी इस वर्टिकल में जरूरत के हिसाब से आने वाले सालों में ₹20 हजार करोड़ तक की भारी पूंजी निवेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है.2. डेटा सेंटर बिजनेस: 'Nxtra' 1 गीगावाट कैपेसिटी बनाने की राह परडिजिटल डेटा के इस दौर में एयरटेल अपने डेटा सेंटर बिजनेस 'नेक्स्ट्रा' (Nxtra) को तेजी से बढ़ा रही है.बजट और क्षमता: हाल ही में इस बिजनेस के लिए 100 करोड़ डॉलर (करीब ₹9,500 करोड़) का फंड जुटाने के बाद कंपनी अगले कुछ वर्षों में 1 गीगावाट (1 GW) की विशाल कैपेसिटी बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है. भारत में तेजी से हो रहे डिजिटलाइजेशन, क्लाउड के बढ़ते चलन और सरकार के डेटा लोकलाइजेशन (Data Localization) के नियमों से नेक्स्ट्रा को जबरदस्त बिजनेस सपोर्ट मिल रहा है.3. एयरटेल क्लाउड (Airtel Cloud): शुरुआती दौर में ही 24 से ज्यादा मेगा-डील्स लॉककंपनी के तीसरे सबसे बड़े ग्रोथ इंजन यानी 'एयरटेल क्लाउड' को लेकर भी चेयरमैन बेहद उत्साहित दिखे.विश्व स्तरीय सर्विस, कम खर्च: सुनील मित्तल ने बताया कि शुरुआत दौर में ही इसे बाजार से शानदार रिस्पांस मिला है. यह भारतीय कंपनियों को देश के भीतर ही होस्ट और स्टोर की गई वर्ल्ड क्लास क्लाउड सर्विसेज बेहद किफायती दरों पर दे रही है. एयरटेल ने शुरुआती चरण में ही 24 से ज्यादा बड़ी कस्टमर डील्स को अपने नाम कर लिया है.सरकार की लॉन्ग-टर्म टैक्स छूट नीतियों से मिलेगा बड़ा सहाराचेयरमैन सुनील मित्तल ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को सपोर्ट करने वाली भारत सरकार की दीर्घकालिक नीतियों (Long-Term Government Policies) की जमकर सराहना की.टैक्स में बड़ी राहत: सरकार द्वारा डेटा सेंटर्स और डिजिटल इंफ्रा को बढ़ावा देने के लिए दी गई लॉन्ग-टर्म टैक्स छूट से कॉरपोरेट जगत में लगातार कैपिटल इंवेस्टमेंट (पूंजीगत निवेश) को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे पूरा टेक-इकोसिस्टम मजबूत होगा.₹18 लाख करोड़ का भारी-भरकम निवेश: सरकार और उद्योग जगत के अनुमानों के मुताबिक, देश में बढ़ते डेटा लोकलाइजेशन के चलते अकेले इस साल डेटा सेंटर सेक्टर में कुल निवेश 20,000 करोड़ डॉलर (₹18 लाख करोड़ से अधिक) के ऐतिहासिक आंकड़े को पार करने की उम्मीद है, जिसमें एयरटेल एक अग्रणी भूमिका निभा रहा है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 8:04 pm

'द अलायंस' में सोहेल खान का छलका दर्द! एक्स-वाइफ सीमा सजदेह से तलाक पर बोले- 'मेरे खराब व्यवहार के कारण टूटा 24 साल का रिश्ता'

Sohail Khan Seema Sajdeh Divorce Reality Show: ओटीटी (OTT) पर चल रहा रियलिटी शो 'द अलायंस' (The Alliance) इन दिनों दर्शकों के बीच जबरदस्त सुर्खियां बटोर रहा है. शो में हाल ही में हुई एक वाइल्ड कार्ड एंट्री ने दर्शकों के रोमांच को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है. दरअसल, शो में बॉलीवुड अभिनेता-निर्देशक सोहेल खान (Sohail Khan) की एक्स-वाइफ सीमा सजदेह (Seema Sajdeh) की एंट्री हुई है, जिससे सालों बाद इस पूर्व कपल को एक साथ स्क्रीन साझा करते हुए देखने का मौका मिला है.सीमा की एंट्री के बाद शो के एक हालिया इमोशनल एपिसोड में मशहूर होस्ट निखिल चिनप्पा (Nikhil Chinapa) और सोहेल खान के बीच उनके तलाक और अलगाव के कारणों पर खुलकर चर्चा हुई, जहां सोहेल ने अपनी गलतियों को स्वीकार करते हुए भावुक बयान दिया.मेरे व्यवहार के कारण मैंने उस इंसान को खो दिया...एपिसोड के दौरान निखिल चिनप्पा ने सोहेल खान से एक बेहद व्यक्तिगत और सीधा सवाल पूछा— कहा जाता है कि औरत घर को बिगाड़ भी सकती है और बना भी सकती है. आपका घर टूटने में किसका हाथ था?इस संवेदनशील सवाल पर सोहेल खान ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी कमियों को स्वीकार किया. सोहेल ने बेहद भावुक होकर जवाब दिया, उस समय मेरा काम ठीक नहीं चल रहा था, जिसके कारण मैं मानसिक रूप से बिल्कुल ठीक नहीं था. मेरे उस दौर के खराब व्यवहार की वजह से, मैंने उस इंसान को हमेशा के लिए खो दिया जिससे मैं दुनिया में सबसे सच्चा प्यार करता था.प्यार से ज्यादा सीमा का सम्मान करता हूं: सोहेल खानसीमा सजदेह के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए सोहेल ने आगे कहा, वह मेरे दो प्यारे बच्चों की मां हैं, इसलिए प्यार से भी कहीं ज़्यादा, मैं सीमा का बहुत सम्मान करता हूं. यह रियलिटी शो मेरे लिए हमेशा यादगार रहेगा. भले ही हम दोनों आज कानूनी रूप से अलग हो चुके हैं, लेकिन इस मंच ने हमें फिर से एक-दूसरे से खुलकर बात करने और दिल की बात साझा करने का एक खूबसूरत मौका दिया है. हमारे रिश्ते में जो एक बड़ी दूरी आ गई थी, इस शो ने उसे फिर से जोड़ने में हमारी मदद की है.तलाक के बाद भी मिलकर कर रहे हैं बच्चों की परवरिश (Co-Parenting)शो के दौरान इस पूर्व कपल ने अपनी पर्सनल लाइफ से जुड़े कई दिलचस्प खुलासे भी किए:बच्चों का सपोर्ट: सीमा सजदेह ने हंसते हुए बताया कि शो में जहां उनका छोटा बेटा योहान उन्हें (सीमा को) सपोर्ट कर रहा है, वहीं उनका बड़ा बेटा निर्वाण अपने पिता सोहेल खान के कॉम्पिटिशन जीतने के लिए चीयर कर रहा है.घर की चाबी आज भी सीमा के पास: को-कंटेस्टेंट ज़ैद दरबार (Zaid Darbar) के साथ बातचीत में सोहेल ने एक बेहद चौंकाने वाला और सकारात्मक खुलासा किया. सोहेल ने बताया कि उनके दोनों बेटे वर्तमान में उनके साथ ही रहते हैं, जबकि सीमा उनसे मिलने के लिए हफ्ते में तीन बार उनके घर आती हैं. सोहेल ने कहा कि उनके घर की मुख्य चाबी आज भी सीमा के पास ही रहती है, जो यह साबित करता है कि अलग होने के बावजूद दोनों के बीच कितना गहरा भरोसा है.24 साल की शादी के बाद 2022 में हुआ था आधिकारिक तलाकआपको बता दें कि सोहेल खान और सीमा सजदेह बॉलीवुड के सबसे चर्चित कपल्स में से एक रहे हैं. दोनों ने दो दशकों से भी ज्यादा समय तक एक-दूसरे का हाथ थामे रखा था. हालांकि, शादी के 24 खूबसूरत साल बिताने के बाद साल 2022 में दोनों ने आपसी सहमति से आधिकारिक तौर पर तलाक (Divorce) ले लिया था.सीमा ने पहले एक इंटरव्यू में बताया था कि अलग होने का फैसला दोनों का आपसी था, क्योंकि वे रोज-रोज के झगड़ों और तनाव में रहने के बजाय अपने जीवन में शांति और सुकून चाहते थे. वहीं सोहेल ने भी साफ किया था कि दोनों के बीच कोई कड़वाहट या दुश्मनी नहीं है, और सीमा हमेशा उनके परिवार का एक अभिन्न हिस्सा रहेंगी. तलाक के बाद भी दोनों ने समाज के सामने 'सक्सेसफुल को-पेरेंटिंग' की एक बेहतरीन मिसाल पेश की है, जहां बच्चों की खुशियां उनकी पहली प्राथमिकता हैं.

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 8:02 pm

Flipkart Delivery Agent Arrested Bengaluru:घर में घुसकर महिला को दिखाए प्राइवेट पार्ट्स, पुलिस ने दबोचा

Flipkart Delivery Agent Arrested Bengaluru: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से महिला सुरक्षा को तार-तार करने वाला एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां ई-कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट (Flipkart) के एक डिलीवरी एजेंट को एक महिला ग्राहक के साथ उसके ही घर में घुसकर अश्लील हरकत करने और यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.आरोपी की पहचान विजय मल्लिकार्जुन कामत के रूप में हुई है. पीड़ित महिला ने इस पूरी खौफनाक आपबीती को सोशल मीडिया पर शेयर किया था, जिसके बाद बेंगलुरु पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है. इस घटना के बाद फ्लिपकार्ट ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को नौकरी से टर्मिनेट कर दिया है.मना करने के बावजूद जबरन घर में घुसा आरोपीपीड़ित महिला द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई पोस्ट के अनुसार, यह घटना उस वक्त हुई जब आरोपी डिलीवरी एजेंट उनके फ्लैट पर एक पार्सल डिलीवर करने आया था. पार्सल सौंपने के बाद उसने महिला से वॉशरूम (टॉयलेट) इस्तेमाल करने की इजाजत मांगी.महिला ने सुरक्षा कारणों से एक अजनबी को घर के अंदर आने देने से साफ मना कर दिया. महिला ने अपनी पोस्ट में लिखा, मैंने उसे साफ कहा कि मैं किसी अजनबी को अपने फ्लैट के अंदर आने की अनुमति नहीं देती. मैंने उसे यह भी सुझाव दिया कि अगर बहुत इमरजेंसी है, तो वह पास में रहने वाले किसी पुरुष पड़ोसी से मदद मांग सकता है. लेकिन बार-बार मना करने के बावजूद आरोपी ने जबरन अपनी चप्पलें उतारीं और महिला को धक्का देते हुए घर के अंदर दाखिल हो गया.वॉशरूम से बाहर आते ही की अश्लील हरकतमहिला का आरोप है कि आरोपी जबरदस्ती वॉशरूम के अंदर चला गया. असली हैवानियत तब सामने आई जब वह वॉशरूम से बाहर निकला. बाहर आते ही उसने महिला के सामने अश्लील हरकतें करना शुरू कर दिया और जबरन अपने निजी अंग (प्राइवेट पार्ट्स) दिखाने लगा.पीड़िता का दर्द: उस वक्त मैं अंदर से बेहद घबरा गई थी. मुझे बेहद अपमानित और असुरक्षित महसूस हो रहा था. एक महिला के 'नहीं' कहने के बाद बात वहीं खत्म हो जानी चाहिए थी. किसी भी व्यक्ति को किसी महिला की मर्जी के खिलाफ उसके घर में घुसने या उसकी प्राइवेसी का उल्लंघन करने का कोई हक नहीं है.बेंगलुरु पुलिस का क्विक एक्शन; BNS की इन धाराओं में केस दर्जमहिला की सोशल मीडिया पोस्ट जैसे ही इंटरनेट पर वायरल हुई, बेंगलुरु पुलिस की साइबर और लोकल टीम ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया. पुलिस ने पीड़िता से संपर्क कर उनका बयान दर्ज किया और आरोपी के खिलाफ सख्त धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर उसे चंद घंटों में गिरफ्तार कर लिया.पुलिस ने आरोपी विजय मल्लिकार्जुन कामत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75, 79 और 329(2) के तहत यौन उत्पीड़न, महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने और जबरन घर में घुसने का मुकदमा दर्ज किया है. फिलहाल आरोपी पुलिस कस्टडी में है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.फ्लिपकार्ट ने जारी किया बयान: आरोपी को नौकरी से निकालाइस शर्मनाक घटना पर चौतरफा घिरने के बाद फ्लिपकार्ट ने आधिकारिक बयान जारी कर पीड़ित महिला से माफी मांगी है और जांच में पूरा सहयोग देने का वादा किया है.कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, इस घटना से हमें गहरा दुख पहुंचा है. हमारे लिए ग्राहकों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा सबसे सर्वोपरि है. जैसे ही यह मामला हमारे संज्ञान में आया, हमने बिना कोई देरी किए संबंधित डिलीवरी एजेंट को तुरंत नौकरी से बर्खास्त कर दिया है. पुलिस में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और हमारी टीम जांच एजेंसी को हर जरूरी डेटा और सहयोग दे रही है.कंपनी ने आगे सफाई देते हुए कहा कि वे हर डिलीवरी बॉय को ऑनबोर्ड करने से पहले उसका पुलिस बैकग्राउंड वेरिफिकेशन (Background Verification) और बिहेवियरल ट्रेनिंग जरूर करवाते हैं. हालांकि ऐसी घटनाएं बेहद दुर्लभ हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों को और कड़ा करने के लिए कंपनी अपने पूरे डिलीवरी कूरियर सिस्टम की आंतरिक समीक्षा कर रही है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 8:00 pm

ITR Filing 2026: अब तक 1.7 करोड़ से ज्यादा लोगों ने भरा ITR, 31 जुलाई की डेडलाइन चूके तो लगेगा ₹5000 का जुर्माना

अगर आप भी एक टैक्सपेयर (Taxpayer) हैं और अभी तक आपने अपना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं किया है, तो यह खबर आपके लिए एक जरूरी रिमाइंडर है. असेसमेंट ईयर 2026-27 (वित्त वर्ष 2025-26 की आय) के लिए ITR फाइलिंग की रफ्तार बेहद तेज हो गई है. आयकर विभाग (Income Tax Department) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 1.7 करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स अपना रिटर्न सफलतापूर्वक दाखिल कर चुके हैं. रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिर्फ शुक्रवार को ही रिकॉर्ड 10 लाख से ज्यादा लोगों ने ITR फाइल किया.आयकर विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर लोगों से आखिरी समय की तकनीकी दिक्कतों और भारी ट्रैफिक से बचने के लिए जल्द से जल्द अपना रिटर्न भरने की अपील की है.31 जुलाई 2026 है आखिरी तारीख (ITR Deadline)वित्त वर्ष 2025-26 (FY 2025-26) के दौरान हुई कमाई के लिए ITR-1 (सहज) और ITR-2 फॉर्म दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है. यह डेडलाइन उन सभी व्यक्तिगत करदाताओं (Individuals) के लिए है जिनके खातों का ऑडिट (Tax Audit) होना अनिवार्य नहीं है.समझें आपके लिए कौन सा फॉर्म है सही: ITR-1 या ITR-2?ITR-1 (सहज) फॉर्म किसके लिए है?यह फॉर्म देश के सबसे ज्यादा करदाताओं के लिए होता है. आप ITR-1 तब चुन सकते हैं जब:आपकी कुल सालाना कमाई ₹50 लाख तक हो.आपकी आय का मुख्य जरिया सैलरी (सैलरीड एम्प्लॉई) या पेंशन हो.आपकी आय केवल एक हाउस प्रॉपर्टी (मकान) से आ रही हो.आपकी कुल कृषि आय (Agricultural Income) सालाना ₹5,000 तक सीमित हो.ITR-2 फॉर्म किसके लिए है?यह फॉर्म उन व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) के लिए है जो:किसी भी प्रकार के बिजनेस (व्यापार) या प्रोफेशन से कमाई नहीं करते हैं.जिन्हें शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी बेचने से कैपिटल गेन (Capital Gain) हुआ हो.जिनकी आय ₹50 लाख से अधिक हो या जिनके पास एक से ज्यादा मकान हों.31 जुलाई की डेडलाइन मिस करने पर भुगतने होंगे ये 4 बड़े नुकसानयदि आप 31 जुलाई 2026 तक अपना रिटर्न दाखिल करने में चूक जाते हैं, तो आयकर अधिनियम के तहत आपको भारी वित्तीय पेनल्टी का सामना करना पड़ेगा:₹5,000 तक की लेट फीस (Late Fee): आयकर कानून की धारा 234F के तहत डेडलाइन के बाद बिलेटेड रिटर्न (Belated ITR) भरने पर ₹5,000 की लेट फीस देनी होगी. हालांकि, राहत की बात यह है कि यदि आपकी कुल सालाना आय ₹5 लाख तक ही है, तो यह लेट फीस अधिकतम ₹1,000 तक सीमित रहेगी.टैक्स पर 1% का अतिरिक्त ब्याज: यदि आपके ऊपर कोई टैक्स बकाया (Tax Liability) निकलता है, तो धारा 234A के तहत तय तारीख के बाद से हर महीने या महीने के किसी हिस्से के लिए 1% की दर से ब्याज वसूला जाएगा.इनकम टैक्स रिफंड में भारी देरी: अगर आपका कोई टैक्स ज्यादा कट गया है (TDS) और आप रिफंड का इंतजार कर रहे हैं, तो देर से ITR फाइल करने पर प्रोसेसिंग रुक जाएगी. इसका मतलब है कि आपका रिफंड मिलने में महीनों की देरी हो सकती है.घाटे को कैरी फॉरवर्ड करने का मौका खत्म: देर से रिटर्न भरने का सबसे बड़ा नुकसान यह होता है कि आप चालू वित्त वर्ष में हुए किसी भी व्यावसायिक नुकसान या कैपिटल लॉस (जैसे शेयरों में घाटा) को अगले सालों के मुनाफे से एडजस्ट (Carry Forward) करने का कानूनी अधिकार खो देते हैं.

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 7:58 pm

बिहार के सहरसा में निकाह के दौरान महा-संग्राम! मटन की जगह चिकन परोसा तो भड़के बाराती, मारपीट में 12 लोग घायल

बिहार के सहरसा जिले से एक बेहद अजीबोगरीब और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक निकाह (शादी) समारोह देखते ही देखते जंग के मैदान में तब्दील हो गया. शादी के खुशनुमा माहौल में खाने के मेन्यू (Food Menu) को लेकर दूल्हा और दुल्हन पक्ष के लोग आपस में इस कदर भिड़े कि लात-घूंसे और लाठियां चल गईं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मटन (Mutton) की जगह चिकन (Chicken) परोसे जाने पर शुरू हुए इस खूनी संघर्ष में करीब 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.मटन का वादा और थाली में आया चिकन!यह पूरी घटना सहरसा के एक गांव में आयोजित निकाह समारोह की है. चश्मदीदों के मुताबिक, शादी की सभी प्रारंभिक और धार्मिक रस्में बेहद शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो चुकी थीं. इसके बाद बारातियों के स्वागत के लिए भोजन की व्यवस्था की गई.विवाद तब शुरू हुआ जब खाना खा रहे कुछ बारातियों ने जोर-जोर से शिकायत करना शुरू कर दिया कि उन्हें शादी के मेन्यू में मटन (बकरे का मीट) खिलाने का वादा किया गया था, लेकिन थाली में चिकन (मुर्गे का मीट) परोस दिया गया. बारातियों ने इसे अपना अपमान समझा और दुल्हन पक्ष के कैटरिंग स्टाफ पर चिल्लाना शुरू कर दिया.बहस से शुरू हुआ विवाद और चल गईं लाठियांसमारोह में मौजूद लोगों ने बताया कि शुरुआत में दोनों पक्षों के बुजुर्गों ने मामले को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन युवाओं के बीच तीखी बहसबाजी बढ़ती चली गई.जश्न बना जंग का मैदान: कुछ ही मिनटों में दोनों पक्षों के दर्जनों लोग आमने-सामने आ गए. बात इतनी बिगड़ी कि दोनों ओर से अंधाधुंध लात और घूंसे चलने लगे.कुर्सियां और मेजें टूटीं: हालात बेकाबू होने पर पंडाल में रखी लोहे और प्लास्टिक की कुर्सियों तथा लाठियों से एक-दूसरे पर हमला कर दिया गया. इस भयंकर मारपीट के चलते शादी का पूरा माहौल खराब हो गया और जश्न का कार्यक्रम बीच में ही रोक देना पड़ा.अस्पताल में भर्ती कराए गए घायल, पुलिस में शिकायत की तैयारीइस हिंसक झड़प के बाद विवाह स्थल पर चारों तरफ अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई. दूल्हे मोहम्मद अब्दुल्ला उर्फ ​​चांद के चाचा मोहम्मद इरफान ने दुल्हन पक्ष पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि खाने की बात पर शुरू हुई मामूली कहासुनी के बाद दुल्हन पक्ष के लोगों ने पूरी प्लानिंग के साथ बारातियों पर लाठियों से जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें उनके परिवार के कई लोग लहूलुहान हो गए.घटना के तुरंत बाद सभी 12 घायलों को आनन-फानन में नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है. दूल्हा पक्ष के लोगों का कहना है कि वे इस पूरी बर्बरता के खिलाफ स्थानीय पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराएंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे.सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तबाही का वीडियोइस अनोखी लड़ाई का एक वीडियो सोशल मीडिया (फेसबुक, एक्स और इंस्टाग्राम) पर आग की तरह वायरल हो रहा है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि शादी का भव्य पंडाल किसी अखाड़े जैसा नजर आ रहा है. लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे हैं, चारों तरफ टूटी हुई कुर्सियां और मेजें बिखरी पड़ी हैं और कुछ लोग हाथ में डंडे लेकर मारपीट करते दिख रहे हैं. इस एक घटना ने न सिर्फ शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया, बल्कि दोनों परिवारों के बीच के रिश्तों में भी हमेशा के लिए कड़वाहट घोल दी है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 7:56 pm

ट्विशा शर्मा मौत मामला: AIIMS फॉरेंसिक रिपोर्ट का बड़ा खुलासा, जिम्नास्टिक्स बेल्ट पर मिले स्किन टिश्यू ने बढ़ाई आरोपियों की मुश्किलें

Twisha Sharma Case AIIMS Forensic Report: एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में एक बेहद चौंकाने वाला और निर्णायक वैज्ञानिक मोड़ आ गया है. दिल्ली एम्स (AIIMS) के विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड ने अपनी अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है. इस रिपोर्ट ने शुरुआती जांच के कई दावों को पलट कर रख दिया है.फॉरेंसिक रिपोर्ट में इस बात की पुख्ता पुष्टि हुई है कि घटनास्थल से मिली जिस जिम्नास्टिक्स बेल्ट से फांसी लगाने की बात कही जा रही थी, उस पर पाए गए सूक्ष्म मानव स्किन टिश्यू (त्वचा के कण) ट्विशा की गर्दन पर बने चोट और लिगेचर मार्क (गला घोंटने के निशान) से हुबहू मेल खाते हैं. इस पुख्ता वैज्ञानिक सबूत के हाथ लगते ही सीबीआई ने मामले के मुख्य आरोपी पूर्व न्यायाधीश गिरीबाला सिंह और उनके वकील बेटे समर्थ सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की मांग तेज कर दी है.फोरेंसिक साइंस कैसे खोलती है बंद कमरों के राज?जब भी फांसी (Hanging) या गला घोंटने (Strangulation) के संदिग्ध मामले सामने आते हैं, तो फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स मुख्य रूप से चार वैज्ञानिक चरणों के आधार पर सच्चाई का पता लगाते हैं:1. गला घोंटने वाली वस्तु (Ligature Material) की पहचानमेडिकल बोर्ड सबसे पहले मृतका की गर्दन पर बने निशानों की चौड़ाई, गहराई और पैटर्न को माइक्रोस्कोपिक स्तर पर मापता है. इसके बाद इसका मिलान संदिग्ध वस्तु (जैसे इस मामले में जिम्नास्टिक्स बेल्ट) से किया जाता है. जांच में यह देखा जाता है कि क्या बेल्ट के फाइबर, उसकी सिलाई की बनावट या उसके मेटल बकल/रिंग के निशान त्वचा पर छपे हैं या नहीं.2. स्किन टिश्यू और एंटी-मॉर्टम चोटों की जांचगर्दन के प्रभावित हिस्से से त्वचा का एक छोटा सैंपल लेकर हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच की जाती है. यदि त्वचा के नीचे खून का थक्का (Extravasation of blood) या अंदरूनी सूजन मिलती है, तो यह साबित होता है कि चोट 'एंटी-मॉर्टम' (Antemortem) थी, यानी जब व्यक्ति जीवित था और उसका दिल धड़क रहा था, तभी वह घाव लगा था. साथ ही, बेल्ट पर मिले पसीने और स्किन सेल्स के जैविक नमूनों (Biological Samples) का डीएनए मिलान किया जाता है.3. फांसी और गला घोंटने के निशान में अंतर (Ligature Mark Difference)फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स निशानों की दिशा से हत्या और आत्महत्या के बीच का अंतर स्पष्ट करते हैं:फांसी (Suicidal Hanging): इसमें गर्दन पर बना निशान आमतौर पर तिरछा (V-Shape) होता है, जो कान या सिर के पीछे मौजूद गांठ की तरफ ऊपर की ओर जाता है. यह निशान गर्दन के ऊपरी हिस्से (थायराइड कार्टिलेज के ऊपर) होता है.गला घोंटना (Homicidal Strangulation): इसमें निशान बिल्कुल सीधा (Horizontal) और पूरी गर्दन के चारों ओर गोलाकार होता है, क्योंकि रस्सी को पीछे से खींचा जाता है. यह निशान अक्सर गर्दन के निचले हिस्से में पाया जाता है.4. गांठ (Knots) और हाथापाई के सबूतएक्सपर्ट्स फांसी के फंदे में लगी गांठ को बिना खोले उसकी बुनावट की जांच करते हैं. इससे यह पता चलता है कि क्या कोई व्यक्ति खुद वैसी गांठ बांध सकता था या इसे किसी दूसरे व्यक्ति ने बांधा है. यदि शरीर के वजन और गुरुत्वाकर्षण (Gravity) के अनुपात से निशान मेल नहीं खाते, या गर्दन पर एक से अधिक अलग-अलग निशान मिलते हैं, तो यह साफ तौर पर हाथापाई और संघर्ष (Struggle) को दर्शाता है.सीबीआई के आरोप: प्रताड़ना, जबरन गर्भपात और सबूत मिटाने की साजिशएम्स की इस रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई ने कोर्ट में आरोपियों की जमानत का कड़ा विरोध किया है. जांच एजेंसी ने आरोपियों के खिलाफ कई संगीन दावे किए हैं:दहेज प्रताड़ना: ट्विशा शर्मा को शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा लगातार भारी दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था.जबरन गर्भपात: सीबीआई का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला दावा यह है कि ट्विशा की मौत से ठीक एक हफ्ते पहले उनका जबरन मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (गर्भपात) कराया गया था.सबूतों से छेड़छाड़: रसूखदार आरोपियों पर मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल डेटा और घटनास्थल के अहम इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को जानबूझकर नष्ट करने का आरोप है.क्यों बेहद अहम माना जा रहा है एम्स का यह नया सबूत?ट्विशा शर्मा की मौत के तुरंत बाद भोपाल में जो पहला पोस्टमार्टम हुआ था, उसकी जांच प्रक्रिया पर पीड़िता के परिवार और सीबीआई ने गंभीर सवाल उठाए थे. दरअसल, भोपाल के डॉक्टरों के सामने वह जिम्नास्टिक्स बेल्ट जांच के लिए पेश ही नहीं की गई थी, जिसके कारण वे बेल्ट और गर्दन के निशानों का मिलान नहीं कर सके थे.ससुराल पक्ष जहां शुरुआत से इसे डिप्रेशन में आकर की गई आत्महत्या बता रहा है, वहीं सीबीआई का कहना है कि ट्विशा के शरीर पर, खासकर कलाई और कोहनी पर ऐसे गहरे जख्म मिले हैं जो फांसी पर लटकने से ठीक पहले किसी संघर्ष के दौरान लगे थे. अब एम्स की इस फॉरेंसिक रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि शुरुआती जांच में ढिलाई बरती गई थी और यह वैज्ञानिक सबूत अदालत में अभियोजन पक्ष के मामले को बेहद मजबूत बनाएगा.

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 7:50 pm

IND vs ENG: 4-0 की शिकस्त के बाद टीम इंडिया का मिशन वनडे; रोहित-विराट की वापसी से बढ़ेगी ताकत

इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में खत्म हुई टी20 सीरीज में भारतीय टीम को 4-0 से करारी शिकस्त (क्लीन स्वीप) का सामना करना पड़ा है. लेकिन अब भारतीय टीम उस हार को भुलाकर नए जोश के साथ 3 मैचों की वनडे (ODI) सीरीज में उतरने के लिए तैयार है.इस वनडे सीरीज में भारतीय फैंस के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि टीम में दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा, विराट कोहली और रफ्तार के जादूगर जसप्रीत बुमराह की वापसी हो रही है. इस सीरीज में भारतीय वनडे टीम की कमान युवा स्टार शुभमन गिल के हाथों में होगी, जबकि श्रेयस अय्यर उप-कप्तान की भूमिका निभाएंगे.यहाँ देखें मुकाबले का पूरा शेड्यूल, टीमें और ब्रॉडकास्ट की पूरी जानकारी:भारत बनाम इंग्लैंड वनडे सीरीज शेड्यूल (2026)मैचतारीखस्थानसमय (IST)पहला ODI14 जुलाई, 2026एजबेस्टन, बर्मिंघमदोपहर 03:30 बजेदूसरा ODI16 जुलाई, 2026सोफिया गार्डन्स, कार्डिफशाम 05:30 बजेतीसरा ODI19 जुलाई, 2026लॉर्ड्स, लंदनदोपहर 03:30 बजेलाइव टेलीकास्ट और स्ट्रीमिंग कहां देखें?TV टेलीकास्ट: भारत और इंग्लैंड के बीच इस हाई-वोल्टेज वनडे सीरीज का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क (Sony Sports Network) के चैनलों (Sony Sports Ten 1, Ten 3 Hindi, Ten 4) पर अलग-अलग भाषाओं में देखा जा सकेगा.लाइव स्ट्रीमिंग (Online): मोबाइल या लैपटॉप पर मैच देखने वाले दर्शक Sony LIV ऐप और वेबसाइट पर लाइव स्ट्रीमिंग का आनंद ले सकते हैं.दोनों देशों का आधिकारिक स्क्वाड?? भारतीय वनडे टीमशुभमन गिल (कप्तान)स्क्वाड: रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़, प्रिंस यादव, हर्षित राणा.इंग्लैंड वनडे टीमहैरी ब्रूक (कप्तान)स्क्वाड: जोस बटलर, जो रूट, बेन डकेट, विल जैक्स, लियाम डॉसन, सैम करन, रेहान अहमद, जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, जेम्स कोल्स, साकिब महमूद, आदिल राशिद, जोश टंग.

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 7:49 pm

भ्रष्ट अफसरों पर गिरेगी गाज, 13 किलो सोना उगलने वाले ARTO के बाद विजिलेंस की राडार पर कई बड़े नाम

उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने एक बेहद आक्रामक और व्यापक अभियान की शुरुआत की है। राज्य सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस डिपार्टमेंट) ने शासन के सर्वोच्च स्तर से हरी झंडी मिलने के बाद विभिन्न सरकारी विभागों में तैनात उन संदिग्ध अधिकारियों की सूची तैयार कर ली है, जिन्होंने अपनी वैध आय से कई गुना अधिक अवैध चल-अचल संपत्ति अर्जित की है। विजिलेंस के वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार, आने वाले कुछ ही दिनों में प्रदेश के कई बड़े प्रशासनिक चेहरों पर कानून का सबसे सख्त शिकंजा कसने जा रहा है।35 करोड़ का काला खजाना: सेवानिवृत्त ARTO के घर छापेमारी से हिला लखनऊ-नोएडाउत्तर प्रदेश सरकार की इस अभूतपूर्व मुस्तैदी के पीछे परिवहन विभाग के पूर्व असिस्टेंट क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (ARTO) ललित कुमार के लखनऊ स्थित आवास पर हुई हालिया मैराथन छापेमारी है। मंगलवार और बुधवार को लगातार चली इस कार्रवाई में विजिलेंस की टीमों ने आरोपी के घर के कोने-कोने से नगदी के पैकेट, 13 किलोग्राम शुद्ध सोने की ईंटें, 9 किलोग्राम चांदी और ₹1.62 करोड़ कैश बरामद किया था। अब तक की प्राथमिक वित्तीय पड़ताल में कुल ₹35 करोड़ से अधिक की काली कमाई का खुलासा हुआ है, जिसमें नोएडा और राजधानी लखनऊ के कई पॉश इलाकों में स्थित बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज भी शामिल हैं। इस जब्ती ने जांच एजेंसियों के आला अधिकारियों को भी पूरी तरह हैरान कर दिया है।महोना और मोहनलालगंज में मिलीं 3 नई जमीनें: आयकर विभाग भी संभालेगा कमानविजिलेंस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दस्तावेजों की गहन फोरेंसिक स्क्रूटनी के दौरान ललित कुमार की काली कमाई के साम्राज्य का दायरा और बढ़ता जा रहा है। ताजा तकनीकी इनपुट के आधार पर जांच दल ने लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्रों—महोना और मोहनलालगंज—में आरोपी अधिकारी के नाम दर्ज तीन विशाल कृषि भूमि खंडों (प्लॉट्स) का पता लगाया है, जिनकी बाजार मूल्य के अनुसार वित्तीय पैमाइश की जा रही है। इस बीच, केंद्र सरकार का आयकर विभाग (Income Tax Department) भी सोमवार से इस मामले में औपचारिक एंट्री करने जा रहा है, जिससे बेनामी संपत्ति और टैक्स चोरी का दोहरा आपराधिक मुकदमा दर्ज होना तय माना जा रहा है।विदेश भागने की फिराक में आरोपी? विजिलेंस ने शुरू की पासपोर्ट जब्तीकरण की प्रक्रियासख्त कानूनी कार्रवाई को तार्किक अंजाम तक पहुंचाने और आरोपी अधिकारी के देश छोड़कर फरार होने की किसी भी संभावित कोशिश को नाकाम करने के लिए विजिलेंस ने बेहद कड़े कानूनी कदम उठाए हैं। जांच एजेंसी ने सक्षम न्यायालय और क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के माध्यम से ललित कुमार के भारतीय पासपोर्ट को तत्काल प्रभाव से रद्द और जब्त (Confiscate) करने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही, विजिलेंस ने एक औपचारिक नोटिस तैयार किया है, जिसके तहत आरोपी को अपनी आय के वैध स्रोतों का मिलान करने के लिए तलब किया जाएगा; संतोषजनक साक्ष्य प्रस्तुत न करने की स्थिति में आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 7:05 pm

क्या बारिश में आपकी किडनी भी प्यासी है? मानसून में 'हिडन डिहाइड्रेशन' का मूक हमला, लखनऊ के डॉक्टर ने चेताया

जैसे ही देश के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश और मानसून की दस्तक होती है, लोग प्राकृतिक रूप से पानी का कामना कम कर देते हैं। ठंडे मौसम और कम प्यास के कारण आम जनता में यह भ्रामक धारणा घर कर जाती है कि डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) केवल चिलचिलाती गर्मियों की समस्या है। हालांकि, रीजेंसी हेल्थ, लखनऊ के नेफ्रोलॉजी और रीनल ट्रांसप्लांट विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर, डॉ. आलोक कुमार पांडे ने एक बेहद गंभीर स्वास्थ्य चेतावनी जारी की है। डॉ. पांडे के अनुसार, मानसून के महीनों में अत्यधिक नमी और मौसमी बीमारियों के चलते होने वाला 'हिडन डिहाइड्रेशन' चुपके से इंसानी किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है।उच्च आर्द्रता का मायाजाल: जानिए क्यों बारिश के मौसम में चुपके से घट जाता है वाटर लेवलभले ही मानसून के दौरान तापमान में गिरावट दर्ज की जाती है, लेकिन वायुमंडल में उमस (ह्यूमिडिटी) का स्तर बहुत बढ़ जाता है। इस उमस भरे माहौल में हमारे शरीर से पसीने के रूप में तरल पदार्थ लगातार बाहर निकलते रहते हैं। चूंकि वातावरण में नमी अधिक होती है, इसलिए यह पसीना त्वचा से बहुत धीरे-धीरे वाष्पित होता है, जिसके कारण इंसानों को यह अहसास ही नहीं हो पाता कि वे कितनी मात्रा में पानी खो रहे हैं। इसके साथ ही, बरसात के मौसम में सक्रिय होने वाले गैस्ट्रोएंटेराइटिस, डायरिया, उल्टी और विभिन्न वायरल संक्रमण शरीर से इलेक्ट्रोलाइट्स के स्तर को तेजी से घटा देते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।किडनी पर सीधा प्रहार: ब्लड सर्कुलेशन घटने से मंडरा रहा है प्री-रीनल एक्यूट किडनी इंजरी का खतरामानव शरीर में मौजूद दोनों किडनियां रक्त को साफ करने, अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने के लिए पूरी तरह से निरंतर रक्त आपूर्ति (ब्लड सप्लाई) पर निर्भर करती हैं। डॉ. आलोक कुमार पांडे ने इसके जैविक प्रभाव को समझाते हुए कहा, जब डिहाइड्रेशन के कारण शरीर में रक्त की कुल मात्रा (ब्लड वॉल्यूम) कम हो जाती है, तो हमारा मस्तिष्क और हृदय जैसे महत्वपूर्ण अंगों को बचाने के लिए रक्त प्रवाह को वहां डायवर्ट कर देता है। इसके परिणामस्वरूप, किडनी में होने वाला ब्लड सर्कुलेशन अचानक गिर जाता है, जो सीधे तौर पर प्री-रीनल एक्यूट किडनी इंजरी (Pre-Renal Acute Kidney Injury) का कारण बन सकता है। इसके अतिरिक्त, पानी की कमी से यूरिन अत्यधिक गाढ़ा हो जाता है, जिससे किडनी स्टोन और यूटीआई (UTI) का खतरा चरम पर पहुंच जाता है।सबसे ज्यादा खतरा किसे है? इन 8 श्रेणियों के लोगों को बरतनी होगी विशेष सावधानीचिकित्सकीय विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून का यह मूक डिहाइड्रेशन किसी को भी अपना शिकार बना सकता है, लेकिन कुछ विशेष संवेदनशील समूहों के लिए यह जानलेवा साबित हो सकता है:बढ़ती उम्र के बुजुर्ग वयस्कमधुमेह (डायबिटीज) और क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) के मरीजछोटे बच्चे और लगातार यात्रा करने वाले लोगधूप या खुले में काम करने वाले आउटडोर वर्कर्स और एथलीट्सबुखार, दस्त या उल्टी जैसी मौसमी बीमारियों से पीड़ित व्यक्तिऑफिस जाने वाले पेशेवर जो पानी के बजाय अत्यधिक चाय, कॉफी या मीठे सॉफ्ट ड्रिंक्स का सेवन करते हैंमानसून में किडनी को सुरक्षित रखने के अचूक उपाय: इलेक्ट्रोलाइट्स की ऐसे करें तुरंत भरपाईइस गंभीर स्वास्थ्य संकट से बचने के लिए डॉ. पांडे ने केवल सादे पानी पर निर्भर रहने के बजाय इलेक्ट्रोलाइट-समृद्ध तरल पदार्थों के सेवन की सलाह दी है। अगर आपको प्यास का अनुभव न भी हो, तो भी नियमित अंतराल पर छाछ, नींबू पानी (एक चुटकी नमक के साथ), optical और ताजा नारियल पानी का सेवन करते रहें। इसके साथ ही, अपने यूरिन (मूत्र) के रंग पर लगातार नजर रखें; यदि यूरिन का रंग हल्का पीला या पारदर्शी है, तो यह सही हाइड्रेशन का सूचक है, जबकि गहरा पीला रंग इस बात की चेतावनी है कि आपकी किडनी को तुरंत पानी की आवश्यकता है। बारिश के इस खुशनुमा मौसम में अपनी सेहत को नजरअंदाज न करें और पर्याप्त हाइड्रेशन से अपनी किडनी को सुरक्षित रखें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 7:03 pm

जल्दबाजी में न करें सोयाबीन-धान की बुवाई! मध्य प्रदेश कृषि विभाग ने जारी की खरीफ सीजन के लिए जरूरी एडवाइजरी

खरीफ सीजन की बुवाई का समय शुरू हो चुका है, लेकिन मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में अभी भी पर्याप्त बारिश नहीं हुई है. ऐसे में खेतों में नमी कम होने के बावजूद जल्दबाजी में सोयाबीन और धान की बुवाई करना किसानों के लिए भारी नुकसानदायक साबित हो सकता है. इसी को देखते हुए कृषक कल्याण एवं कृषि विकास विभाग, मध्य प्रदेश ने कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के आधार पर किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है.कृषि विभाग के संचालक उमाशंकर भार्गव ने मैदानी अमले को निर्देश दिए हैं कि वे किसानों के लगातार संपर्क में रहें और उन्हें मौसम की स्थिति के अनुसार ही कृषि कार्य करने के लिए जागरूक करें. विभाग का कहना है कि जिन जिलों में अभी तक सामान्य से कम बारिश हुई है, वहां पर्याप्त नमी आने तक बुवाई टालना ही सबसे बेहतर फैसला रहेगा.खेत में कब करें खरीफ फसलों की बुवाई?कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, बुवाई का निर्णय केवल कैलेंडर की तारीखें देखकर नहीं, बल्कि खेत की वास्तविक नमी को परखकर लेना चाहिए.'बतर' की स्थिति का करें इंतजार: विशेषज्ञों का कहना है कि जब मिट्टी में लगभग 4 इंच (करीब एक बालिश्त) की गहराई तक पर्याप्त नमी पहुंच जाए और खेत में 'बतर' की स्थिति बन जाए, तभी बुवाई करना सुरक्षित माना जाता है.कम नमी से नुकसान: यदि कम नमी में बीज बो दिए जाएं, तो अंकुरण प्रभावित हो सकता है. कई बार बीज मिट्टी के अंदर ही सड़ जाते हैं, जिससे किसानों को दोबारा बुवाई करनी पड़ती है और लागत दोगुनी हो जाती है.सिंचाई की सुविधा वाले किसान अभी से करें ये तैयारीजिन किसानों के पास सिंचाई के साधन उपलब्ध हैं, वे इस समय का उपयोग अपने खेत की उपजाऊ क्षमता (उर्वरता) बढ़ाने में कर सकते हैं.हरित खाद का उपयोग: कृषि विभाग ने सलाह दी है कि खेतों में ढैंचा या सनई जैसी हरित खाद वाली फसलों की बुवाई करें, ताकि मिट्टी में जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ सके.उचित पोषण: इसके अलावा खेत तैयार करते समय गोबर की सड़ी खाद, वर्मी कम्पोस्ट, सिंगल सुपर फॉस्फेट, म्यूरेट ऑफ पोटाश, जिंक सल्फेट और जिप्सम का उपयोग मिट्टी परीक्षण (Soil Test) और कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार करना बेहद लाभदायक रहेगा.सोयाबीन और धान की खेती के लिए 4 वैज्ञानिक सलाहअंकुरण परीक्षण है जरूरी: सोयाबीन की बुवाई से पहले बीजों का अंकुरण परीक्षण जरूर करें. केवल 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंकुरण क्षमता वाले बीजों का ही बुवाई के लिए उपयोग करें.बीजोपचार (Seed Treatment): बुवाई से ठीक पहले बीजों को फफूंदनाशक (Fungicide) और जैव उर्वरकों से उपचारित करना जरूरी है, ताकि शुरुआती अवस्था में फसल को कीटों और रोगों से सुरक्षित रखा जा सके. इसके साथ ही कम पानी की आवश्यकता वाली तथा रोग प्रतिरोधी किस्मों का ही चयन करें.धान के लिए आधुनिक तकनीक: धान की खेती करने वाले किसानों को पारंपरिक रोपाई (Manual Transplanting) के बजाय श्री पद्धति (SRI) या डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR - सीधी बुवाई) तकनीक अपनाने की सलाह दी गई है. इन तकनीकों से पानी की भारी बचत होती है और उत्पादन लागत भी कम आती है.आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग: विभाग ने किसानों को रिज एंड फरो सीड ड्रिल, ब्रॉड बेड एंड फरो (BBF) सीड ड्रिल तथा हस्तचालित सीड डिब्लर जैसे आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग की सलाह दी है. इन तकनीकों से खेत में जल निकास बेहतर रहता है और सूखा या अत्यधिक जलभराव जैसी विपरीत परिस्थितियों में भी फसल सुरक्षित रहती है.जोखिम कम करने के लिए अपनाएं इंटरक्रॉपिंग और फसल बीमामौसम की अनिश्चितता को देखते हुए कृषि विभाग ने अंतरवर्ती खेती (इंटरक्रॉपिंग) अपनाने पर जोर दिया है. एक ही खेत में दो या दो से अधिक फसलों (जैसे सोयाबीन के साथ अरहर) अथवा एक ही फसल की अलग-अलग किस्मों की बुवाई करने से मौसम संबंधी जोखिम कम होता है. यदि किसी कारणवश एक फसल प्रभावित होती है, तो दूसरी फसल से किसानों को सहारा मिल जाता है. इसके साथ ही, प्राकृतिक आपदा की स्थिति में आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का बीमा समय पर जरूर कराएं.किसान क्या करें और क्या न करें (Quick Guide)क्या करेंक्या न करेंपर्याप्त नमी (4 इंच गहराई) होने के बाद ही बुवाई करें.पहली हल्की फुहार या पहली बारिश के तुरंत बाद बुवाई न करें.बुवाई से पहले बीजों का उचित बीजोपचार जरूर करें.बिना अंकुरण क्षमता जांचे (कम से कम 70%) बीज न बोएं.कम अवधि में पकने वाली और कीट-प्रतिरोधी किस्में चुनें.पूरी तरह सूखी या कम नमी वाली मिट्टी में बीज डालने से बचें.मौसम विभाग के पूर्वानुमान और अलर्ट पर लगातार नजर रखें.जल्दबाजी में एक साथ पूरे खेत की बुवाई करने की गलती न करें.अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)प्रश्न 1: सोयाबीन और धान की बुवाई का सबसे सही समय क्या है?उत्तर: कृषि विभाग के अनुसार, जब खेत की मिट्टी में लगभग 4 इंच तक पर्याप्त नमी पहुंच जाए और खेत में 'बतर' (बुवाई योग्य स्थिति) बन जाए, तभी बुवाई करनी चाहिए.प्रश्न 2: क्या कम बारिश में या सूखी मिट्टी में बुवाई की जा सकती है?उत्तर: बिल्कुल नहीं. अपर्याप्त नमी में बुवाई करने से बीजों का अंकुरण ठीक से नहीं होता, जिससे पौधों की संख्या कम रह जाती है और किसानों को दोबारा बुवाई का भारी खर्च उठाना पड़ सकता है.प्रश्न 3: धान की सीधी बुवाई (DSR) तकनीक के क्या फायदे हैं?उत्तर: डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) तकनीक से धान की खेती करने पर नर्सरी तैयार करने और रोपाई का खर्च बचता है. इससे पानी की भारी बचत होती है और कम लागत में अच्छा उत्पादन मिलता है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 7:00 pm

दिन में नींद आ रही है? आपकी दोपहर की झपकी आपको कुछ बताने की कोशिश कर रही हो सकती है

भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव और रात की अधूरी नींद के बाद दोपहर में एक छोटी सी झपकी (पावर नैप) लेना अमूमन हर किसी को तरोताजा कर देता है। चिकित्सा विज्ञान भी मानता है कि दिन के समय कुछ मिनटों की नींद कार्यक्षमता और मानसिक फोकस को बढ़ाने में बेहद मददगार साबित होती है। हालांकि, अगर आपको हर दिन 30 मिनट से अधिक लंबी झपकी लेने की तीव्र इच्छा होती है या रात में 7-8 घंटे की भरपूर नींद पूरी करने के बाद भी दिनभर शरीर में भारी थकान और सुस्ती बनी रहती है, तो इसे बिल्कुल भी हल्के में न लें। मेदांता अस्पताल, नोएडा में रेस्पिरेटरी और स्लीप मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर डॉ. मृणाल सिरकार के अनुसार, दिन में बार-बार आने वाली यह अत्यधिक नींद आपकी बॉडी के भीतर पनप रहे किसी बड़े मेडिकल क्राइसिस का शुरुआती अलार्म हो सकती है।कितनी देर की झपकी है सेहत के लिए वरदान? एक्सपर्ट से समझिए सही टाइमिंगस्लीप मेडिसिन स्पेशलिस्ट डॉ. मृणाल सिरकार के मुताबिक, मानव शरीर और मस्तिष्क को रीचार्ज करने के लिए केवल 10 से 30 मिनट की छोटी झपकी ही सबसे आदर्श और वैज्ञानिक रूप से हेल्दी मानी जाती है। इस समयावधि की झपकी आपके नर्वस सिस्टम को शांत करती है, रचनात्मकता को बढ़ाती है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह आपके रात के प्राकृतिक स्लीप साइकिल (नींद के चक्र) में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं करती है। लेकिन जैसे ही यह झपकी घंटों लंबी होने लगती है, यह फायदे के बजाय शरीर को सुस्त बनाने लगती है और स्वास्थ्य से जुड़े कई गंभीर खतरों को न्योता देती है।बुजुर्गों के लिए मूक चेतावनी: लंबी और असमय झपकी बढ़ा सकती है मृत्यु का जोखिमहालिया वैश्विक वैज्ञानिक शोधों और केस स्टडीज का हवाला देते हुए डॉ. सिरकार ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से वृद्ध वयस्कों (बुजुर्गों) में दिन के समय बार-बार, बेवक्त और बहुत लंबी झपकियां लेने की आदत सीधे तौर पर उनके गिरते स्वास्थ्य से जुड़ी होती है। यह प्रवृत्ति न केवल उनकी शारीरिक सक्रियता को कम करती है, बल्कि आंतरिक अंगों के सुचारू रूप से काम न करने के कारण असमय मृत्यु के जोखिम को भी काफी हद तक बढ़ा देती है। चिकित्सा विज्ञान में दिन में आने वाली अत्यधिक नींद को एक स्वतंत्र समस्या नहीं, बल्कि शरीर के भीतर छुपे किसी隐 (मूक) रोग का एक प्रमुख लक्षण माना जाता है।इन 5 गंभीर बीमारियों के कारण दिन में बार-बार टूटती है इंसानी आंखयदि आपका शरीर दिन में बार-बार बिस्तर की ओर भाग रहा है, तो इसके पीछे निम्नलिखित न्यूरोलॉजिकल और क्रोनिक बीमारियां जिम्मेदार हो सकती हैं:ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA): इस गंभीर बीमारी में सोते समय मरीज की सांस की नली में बार-बार आंशिक या पूर्ण रुकावट आती है, जिससे रक्त में ऑक्सीजन का स्तर गिर जाता है और रात में बार-बार नींद टूटती है। नतीजतन, मरीज रातभर बिस्तर पर बिताने के बाद भी सुबह बेहद थका हुआ उठता है।क्रोनिक इंसोम्निया (अल्सर/अनिद्रा): देर रात तक नींद न आना, बार-बार आंख खुल जाना या सुबह बहुत जल्दी जाग जाने की समस्या के कारण शरीर का हीलिंग प्रोसेस रुक जाता है, जिससे दिन में भयंकर सुस्ती छाई रहती है।रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम (RLS): यह एक जटिल न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है जिसमें शाम या रात के समय पैरों में अजीब सी बेचैनी, झनझनाहट और उन्हें लगातार हिलाने की तीव्र इच्छा होती है, जो गहरी नींद (डीप स्लीप) को पूरी तरह बाधित कर देती है।मेटाबॉलिक और क्रोनिक बीमारियां: शरीर में हार्मोनल असंतुलन जैसे हाइपोथायरायडिज्म, अनियंत्रित डायबिटीज (मधुमेह), दिल की कमजोरी (कार्डियक डिजीज) और शरीर में लंबे समय से बना हुआ कोई गुप्त इन्फेक्शन भी दिन की थकान का मुख्य कारण होते हैं।मानसिक स्वास्थ्य विकार: अत्यधिक डिप्रेशन (अवसाद) और लंबे समय से चला आ रहा क्रोनिक स्ट्रेस भी मस्तिष्क की ऊर्जा को पूरी तरह सोख लेता है, जिससे व्यक्ति दिनभर केवल सोते रहना चाहता है।स्लीप स्पेशलिस्ट की फाइनल सलाह: कब तुरंत क्लीनिकल डायग्नोसिस की है जरूरत?डॉ. मृणाल सिरकार के अनुसार, यदि आपकी दोपहर की झपकियां इतनी लंबी और अनियंत्रित हो चुकी हैं कि वे आपके दैनिक काम-काज, ऑफिस की प्रोडक्टिविटी या सामाजिक जीवन को प्रभावित करने लगी हैं, तो यह घरेलू नुस्खे अपनाने का नहीं बल्कि तुरंत एक प्रमाणित स्लीप मेडिसिन स्पेशलिस्ट से मिलकर 'स्लीप स्टडी' कराने का समय है। इस समस्या की सही जड़ (रूट कॉज) की पहचान करके और समय पर उचित उपचार प्राप्त करके आप न केवल अपनी स्लीप क्वालिटी को सुधार सकते हैं, बल्कि भविष्य में होने वाले कार्डियक अरेस्ट और ऑर्गन फेलियर जैसी जानलेवा जटिलताओं से भी अपनी पूरी सेहत को सुरक्षित रख सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 6:59 pm

जुलाई 2026 का पहला 'रवि प्रदोष व्रत' आज, जानें शिव पूजन का सबसे सटीक मुहूर्त और धार्मिक महत्व

सनातन धर्म में भगवान शिव की आराधना के लिए सर्वोत्तम माने जाने वाले पावन प्रदोष व्रत का हिंदू श्रद्धालुओं के बीच एक विशिष्ट स्थान है। प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को रखा जाने वाला यह उपवास महादेव और माता पार्वती की असीम अनुकंपा प्राप्त करने का सबसे बड़ा जरिया माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष व्रत का नामकरण सप्ताह के उस दिन के आधार पर होता है जिस दिन त्रयोदशी तिथि पड़ती है। इसी कड़ी में, जुलाई 2026 का पहला प्रदोष व्रत रविवार के दिन पड़ने के कारण 'रवि प्रदोष व्रत' के एक दुर्लभ और कल्याणकारी महासंयोग के रूप में मनाया जा रहा है।रवि प्रदोष व्रत 2026 की तिथि और पंचांग गणना: जानिए कब से कब तक है त्रयोदशीवैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ 12 जुलाई 2026 को तड़के सुबह 02:04 बजे हो चुका है। यह पावन तिथि उसी दिन यानी 12 जुलाई की रात को 10:29 बजे समाप्त हो जाएगी। शास्त्रों में प्रदोष व्रत की पूजा के लिए सूर्यास्त के बाद के समय यानी 'प्रदोष काल' को प्रधानता दी जाती है। इस आधार पर, जुलाई का यह प्रथम प्रदोष व्रत 12 जुलाई 2026, रविवार को ही पूरे विधि-विधान के साथ रखा जा रहा है, जो भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि और आत्मिक शांति का संचार करेगा।शिव पूजन का सबसे भाग्यशाली समय: नोट करें शाम का प्रदोष पूजा मुहूर्तरवि प्रदोष व्रत के दिन भगवान भोलेनाथ की सात्विक और फलदायी पूजा करने का सबसे शुभ समय (प्रदोष काल) शाम को 07:20 बजे से लेकर रात को 09:30 बजे तक रहेगा। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस विशिष्ट समयावधि में की गई शिव आराधना का फल हजार गुना अधिक मिलता है। इसके अतिरिक्त, दिन के अन्य महत्वपूर्ण और शुभ मोर्चों की बात करें तो सुबह का ब्रह्म मुहूर्त 04:42 बजे से 05:25 बजे तक था, जबकि दोपहर का सबसे पवित्र माना जाने वाला अभिजीत मुहूर्त 12:18 बजे से 01:10 बजे तक सक्रिय रहेगा।पितृ दोष से मुक्ति और आरोग्य का वरदान: क्या है इस विशेष व्रत का आध्यात्मिक महत्वरविवार के दिन पड़ने वाला प्रदोष व्रत केवल देवाधिदेव महादेव ही नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष देवता भगवान सूर्य नारायण को भी समर्पित होता है। ज्योतिषीय और धार्मिक दृष्टिकोण से, जो जातक पूरी निष्ठा और पवित्रता के साथ रवि प्रदोष का व्रत रखते हैं, उन्हें कुंडली में मौजूद गंभीर 'पितृ दोष' से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है। इसके साथ ही, यह उपवास उत्तम आरोग्य (अच्छी सेहत), लंबी उम्र और समाज में यश, कीर्ति व उच्च मान-सम्मान की प्राप्ति के लिए अचूक माना जाता है। भगवान शिव की कृपा से भक्तों को आंतरिक मानसिक शक्ति और पारिवारिक खुशहाली का वरदान मिलता है।जुलाई 2026 का दूसरा प्रदोष व्रत कब है? एडवांस में नोट कर लें तारीखयदि आप इस महीने के व्रतों की योजना बना रहे हैं, तो बता दें कि जुलाई 2026 का दूसरा प्रदोष व्रत भी बेहद दिलचस्प संयोग लेकर आ रहा है। यह व्रत भी रविवार, 26 जुलाई 2026 को ही मनाया जाएगा, जिससे इस महीने भक्तों को दो बार रवि प्रदोष व्रत का पुण्य लाभ उठाने का मौका मिलेगा। 26 जुलाई को त्रयोदशी तिथि दोपहर 01:57 बजे से शुरू होकर अगले दिन 27 जुलाई की शाम 04:14 बजे समाप्त होगी, और उस दिन शाम की प्रदोष पूजा का विशेष मुहूर्त 07:17 बजे से रात 09:28 बजे तक रहेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 6:57 pm

8th Pay Commission Big Update : 8वें वेतन आयोग ने बढ़ाई डेटा अपलोड करने की अंतिम तारीख, 1.19 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर

8th Pay Commission Deadline Extended: केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आई है. आयोग ने कर्मचारी संबंधी आवश्यक डेटा को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने की अंतिम समयसीमा (DeadLine) को एक महीने और आगे बढ़ा दिया है. अब केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के पास जरूरी जानकारी जमा करने के लिए 31 जुलाई 2026 तक का समय होगा.यह फैसला उन विभागों को बड़ी राहत देने के लिए लिया गया है जो पहले से निर्धारित समय सीमा यानी 30 जून 2026 तक अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स का पूरा डेटा अपलोड करने में असमर्थ रहे थे. आयोग का मानना है कि वेतन और भत्तों के नए ढांचे को तैयार करने के लिए सटीक और संपूर्ण डेटाबेस का होना सबसे अनिवार्य कदम है.क्यों बढ़ाई गई डेटा जमा करने की डेडलाइन?8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) के आधिकारिक बयान के मुताबिक, कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों और रणनीतिक विभागों ने तकनीकी कारणों और कार्यबल की विशाल संख्या के चलते 30 जून की तय तारीख तक डेटा सबमिशन पूरा नहीं किया था. इसके बाद आयोग ने प्रशासनिक प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए इसे 31 जुलाई 2026 तक विस्तारित कर दिया. आयोग ने सभी नामित नोडल अधिकारियों (Nodal Officers) को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे इस अंतिम अवसर का लाभ उठाकर लंबित डेटा को बिना किसी त्रुटि के समय पर सबमिट करें.ऑफलाइन माध्यम पूरी तरह बैन, केवल ऑनलाइन पोर्टल से होगा सबमिशनआयोग ने डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं:कर्मचारी संबंधी सभी प्रकार की जानकारियां केवल 8वें CPC ऑनलाइन डेटा कलेक्शन पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार की जाएंगी.मंत्रालयों और विभागों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि वे किसी भी प्रकार के फिजिकल (कागजी) दस्तावेज, ईमेल, पीडीएफ फाइल, एक्सेल शीट या किसी अन्य ऑफलाइन या व्यक्तिगत माध्यम से डेटा भेजने की कोशिश न करें. ऐसे किसी भी शॉर्टकट तरीके से भेजी गई जानकारी को सीधे खारिज कर दिया जाएगा.8वां वेतन आयोग किन-किन कर्मचारियों का जुटा रहा है डेटा?आयोग केवल नियमित स्टाफ की ही नहीं, बल्कि एक बहुत बड़े कार्यबल का विस्तृत डेटाबेस तैयार कर रहा है ताकि आगामी वेतन संशोधन का सटीक वित्तीय भार आंका जा सके. इसमें निम्नलिखित श्रेणियां शामिल हैं:नियमित और स्थाई कर्मचारी: केंद्र सरकार के तहत काम करने वाले सभी विभागों के स्थाई कर्मचारी.पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनभोगी: सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारी और उनके आश्रित.संविदा और आउटसोर्स कर्मचारी: वित्त वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के दौरान तैनात किए गए कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स कर्मचारी.सपोर्ट स्टाफ व कुशल/अकुशल श्रमिक: मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS), हाउसकीपिंग स्टाफ, डेटा एंट्री ऑपरेटर (DEO), सरकारी ड्राइवर, सुरक्षा गार्ड, माली के साथ-साथ सभी कुशल, अर्ध-कुशल और अकुशल कर्मचारी.महत्वपूर्ण बिंदु: विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे केवल कर्मचारियों की कुल संख्या (Headcount) न बताएं, बल्कि 'मैन-मंथ' (Man-Month) के सूक्ष्म फार्मूले के आधार पर उनके काम के घंटों और दिनों की सटीक जानकारी दर्ज करें.वेतन बढ़ोतरी की सिफारिशों को लेकर क्या है ताजा स्थिति?डेटा सबमिशन की तारीख बढ़ने के बाद सोशल मीडिया और कर्मचारी संगठनों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या वेतन बढ़ोतरी की सिफारिशें तैयार हो चुकी हैं?आयोग ने साफ किया है कि डेडलाइन बढ़ने का यह मतलब कतई नहीं है कि वेतन वृद्धि, फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor), महंगाई भत्ता (DA) या पेंशन के फॉर्मूले पर कोई अंतिम मुहर लग चुकी है.गठन और समयसीमा: 8वें वेतन आयोग का आधिकारिक गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था. नियमानुसार, आयोग को अपने गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर केंद्र सरकार को अपनी अंतिम सिफारिशों की रिपोर्ट सौंपनी है.वर्तमान स्थिति: फिलहाल आयोग अभी प्राथमिक चरण में है, जहां वह विभिन्न कर्मचारी यूनियनों, पेंशनर्स एसोसिएशंस और मुख्य हितधारकों के साथ लगातार परामर्श बैठकें कर रहा है. डेटा कलेक्शन और इन बैठकों का दौर पूरा होने के बाद ही वेतन और भत्तों में संशोधन की मूल रिपोर्ट का ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा.आयोग की सिफारिशों से देश के 1.19 करोड़ लोगों को मिलेगा सीधा फायदा8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट जब भी लागू होगी, उसका सीधा और बड़ा असर देश के वित्तीय ढांचे के साथ-साथ लगभग 1.19 करोड़ लोगों की जेब पर पड़ेगा. इसमें केंद्र सरकार के करीब 50 लाख से अधिक सक्रिय कर्मचारी और लगभग 69 लाख से ज्यादा पेंशनभोगी शामिल हैं. आयोग द्वारा रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद केंद्रीय कैबिनेट इसकी समीक्षा करेगी और उसके बाद ही न्यूनतम वेतनमान और भत्तों को लागू करने की तारीख का अंतिम ऐलान होगा.

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 6:57 pm

Guru Purnima 2026: इस साल कब है ज्ञान का महापर्व? जानें शुभ तारीख, महत्व और महर्षि वेदव्यास के पूजन का रहस्य

भारतीय सनातन संस्कृति, दर्शन और अध्यात्म में गुरु को गोविंद (ईश्वर) से भी उच्च स्थान दिया गया है। अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाने वाले मार्गदर्शकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन पर्व 'गुरु पूर्णिमा' इस साल भी देश-विदेश में बेहद श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाने वाला यह पवित्र त्योहार केवल सनातन धर्मावलंबियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि बौद्ध और जैन धर्म के अनुयायियों के लिए भी इसका अत्यंत गहरा ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व है।गुरु पूर्णिमा 2026 की सही तारीख: नोट कर लें कैलेंडर में यह शुभ दिनवर्ष 2026 में गुरु पूर्णिमा का पावन त्योहार बुधवार, 29 जुलाई 2026 को पूरे देश में श्रद्धापूर्वक मनाया जाएगा। आषाढ़ पूर्णिमा के इस शुभ अवसर पर तड़के सुबह से ही देश भर के प्रमुख धार्मिक स्थलों, पवित्र नदियों के घाटों, गुरु आश्रमों और बौद्ध विहारों में विशेष प्रार्थना सभाओं और आध्यात्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। भक्तगण इस दिन उपवास रखकर अपने गुरुओं का साक्षात या मानसिक पूजन करेंगे और जीवन में सही मार्गदर्शन के लिए उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।महर्षि वेदव्यास और व्यास पूर्णिमा: जानिए क्यों मनाया जाता है यह त्योहारपौराणिक मान्यताओं के अनुसार, गुरु पूर्णिमा का यह पावन दिन मूल रूप से महाभारत और महान पुराणों के रचयिता महर्षि वेदव्यास जी के प्राकट्य दिवस और उनके सम्मान में मनाया जाता है। महर्षि वेदव्यास ने ही वेदों का चार अलग-अलग भागों (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद) में वर्गीकरण और संकलन किया था, जिसके कारण उन्हें मानव जाति का आदिगुरु माना जाता है। इसी ऐतिहासिक संबंध के कारण इस पावन तिथि को 'व्यास पूर्णिमा' के नाम से भी संबोधित किया जाता है। आध्यात्मिक दृष्टि से 'गुरु' शब्द दो अक्षरों से मिलकर बना है—'गु' का अर्थ है अंधकार और 'रु' का अर्थ है उसे दूर करने वाला, अर्थात वह चेतना जो हमें मानसिक अंधकार से मुक्त करती है।त्रिवेणी संगम: हिंदू, बौद्ध और जैन धर्मों में इस पावन तिथि का अनूठा महत्वयह त्योहार भारत की साझी आध्यात्मिक चेतना और धार्मिक विविधता का एक सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करता है, जहां तीन प्रमुख धर्म इस दिन को अलग-अलग ऐतिहासिक कारणों से अत्यंत पवित्र मानते हैं:हिंदू धर्म: इस दिन गुरु को साक्षात परब्रह्म मानकर उनकी पूजा की जाती है, क्योंकि गुरु ही शिष्य को संसार रूपी सागर पार करने और ईश्वर प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करते हैं।बौद्ध धर्म: बौद्ध मान्यताओं के अनुसार, बोधगया में कठिन तपस्या के बाद ज्ञान (बोधि) प्राप्त करने के पश्चात भगवान बुद्ध ने इसी आषाढ़ पूर्णिमा के दिन सारनाथ में अपने प्रथम पांच शिष्यों को अपना पहला उपदेश दिया था, जिसे 'धम्मचक्कपवत्तन' (धर्मचक्रप्रवर्तन) कहा जाता है।जैन धर्म: जैन परंपरा के अनुसार, चौबीसवें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी ने इसी पवित्र तिथि पर चातुर्मास की शुरुआत के साथ ही इंद्रभूति गौतम (गौतम स्वामी) को अपना पहला प्रधान शिष्य (गणधर) बनाया था, जिससे जैन संघ की नींव पड़ी।आधुनिक युग में प्रासंगिकता: कैसे मनाएं कृतज्ञता का यह डिजिटल और पारंपरिक उत्सवआज के आधुनिक और तकनीकी युग में भी गुरु-शिष्य परंपरा का महत्व रत्ती भर भी कम नहीं हुआ है। इस शुभ दिन पर भक्त और विद्यार्थी अपने गुरुओं, शैक्षणिक शिक्षकों, माता-पिता और जीवन के मार्गदर्शकों को उपहार, संदेशों और विशेष आयोजनों के जरिए धन्यवाद ज्ञापित करते हैं। पारंपरिक रूप से इस दिन लोग मठों में जाकर गुरु पूजा करते हैं, सामूहिक सत्संग और ध्यान (मेडिटेशन) सत्रों में भाग लेते हैं, पवित्र धर्मग्रंथों का पाठ करते हैं और समाज के वंचित वर्गों को अन्न, वस्त्र व शिक्षा सामग्री दान कर सामाजिक समरसता का संदेश देते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 6:55 pm

Virat Kohli Privacy Leak London: लंदन के कैफे में चुपके से खींची गईं तस्वीरें, भड़के किंग कोहली ने साथी खिलाड़ी को भेजा यह मैसेज

Virat Kohli Privacy Leak London: भारतीय क्रिकेट के लीजेंड और ग्लोबल सुपरस्टार विराट कोहली (Virat Kohli) इन दिनों खेल से दूर लंदन में अपनी फैमिली के साथ समय बिता रहे हैं. हाल ही में चोट के कारण वह अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज का हिस्सा नहीं बन पाए थे. इसी बीच लंदन से विराट कोहली की प्राइवेसी (Privacy Violation) में सेंधमारी की एक बड़ी घटना सामने आई है, जिसने पूर्व भारतीय कप्तान को अंदर से बेहद नाराज और परेशान कर दिया है.सोशल मीडिया पर विराट कोहली और इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज जॉर्डन कॉक्स (Jordan Cox) की एक कैफे में बातचीत करते हुए निजी तस्वीरें वायरल हो गई हैं. इस घटना का खुलासा खुद आईपीएल (IPL) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) में कोहली के साथी रहे जॉर्डन कॉक्स ने एक इंटरव्यू में किया है.बिना जानकारी के खींची गईं तस्वीरें, कॉक्स ने बयां किया पूरा वाकयामशहूर ब्रिटिश अखबार 'द गार्जियन' (The Guardian) से बातचीत करते हुए इंग्लैंड के बल्लेबाज जॉर्डन कॉक्स ने इस हैरान करने वाली घटना को याद किया. पिछले महीने ओवल के मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने टेस्ट डेब्यू से ठीक एक शाम पहले कॉक्स लंदन के एक कैफे में विराट कोहली से मिले थे.क्या हुई थी बातचीत: दोनों युवा और सीनियर खिलाड़ी के बीच क्रिकेट के अनुभवों, मैच से पहले होने वाली घबराहट और साल 2011 में कोहली के अपने भारत डेब्यू के दौर की मानसिक स्थिति को लेकर गहरी चर्चा चल रही थी.विराट ने बढ़ाया था हौसला: कॉक्स अपने करियर के इतने बड़े मैच से पहले नर्वस न होने को लेकर चिंतित थे, जिस पर कोहली ने उन्हें बड़े भाई की तरह आिलासा देते हुए कहा था कि यह शांत मानसिक स्थिति उनके अपने डेब्यू मैच से कहीं ज्यादा बेहतर है.'क्या तुमने ये सारी तस्वीरें देखीं?' – दो घंटे बाद कोहली का आया मैसेजजॉर्डन कॉक्स ने बताया कि वह एक बेहद सामान्य और निजी मुलाकात थी, लेकिन कैफे से बाहर आने के कुछ ही देर बाद वो तस्वीरें इंटरनेट पर लीक हो गईं. कॉक्स ने कहा, विराट के लिए सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात यह थी कि लोग चोरी-छिपे उनका पीछा कर रहे थे और उन्हें इसका अहसास तक नहीं हुआ. कैफे में हमारे पास से सैकड़ों लोग गुजरे लेकिन किसी ने सामने आकर कुछ नहीं कहा. मुलाकात के करीब दो घंटे बाद अचानक विराट ने मुझे एक मैसेज भेजा, जिसमें लिखा था- 'क्या तुमने ये सारी तस्वीरें देखीं?' मैं खुद दंग रह गया. विराट बस वहां एक सामान्य और सुकून भरा जीवन जीना चाहते हैं, लेकिन दुर्भाग्य से उनके जैसे बड़े स्टार के लिए यह हमेशा मुमकिन नहीं हो पाता.लंदन में लो-प्रोफाइल लाइफ जी रहे हैं किंग कोहलीयह पूरी घटना बयां करती है कि क्रिकेट के मैदान से दूर विराट कोहली की लाइफ कैसी है. पिछले दो सालों में विराट कोहली ने अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा और बच्चों के साथ लंदन में एक लंबा वक्त गुजारा है. वह केवल बेहद जरूरी इंटरनेशनल मैचों, आईपीएल और अपने ब्रांड कमिटमेंट्स के लिए ही भारत आते हैं. साल 2026 में टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास (Retirement) की घोषणा के बाद से कोहली ने मीडिया से दूरी बनाकर काफी लो-प्रोफाइल लाइफ चुनी है. इसके बावजूद विदेशों में भी उनकी एक झलक पाने के लिए फैंस इस कदर दीवाने हैं कि उनकी प्राइवेसी खतरे में पड़ जाती है.अगले सप्ताह इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से मैदान पर लौटेंगे कोहलीहैमस्ट्रिंग की चोट (Hamstring Injury) से पूरी तरह उबरने के बाद 37 वर्षीय विराट कोहली अब मैदान पर जोरदार वापसी के लिए पूरी तरह तैयार हैं. इसके लिए वह मुंबई में लगातार कड़ी नेट प्रैक्टिस और तैयारी कर रहे हैं. भारत और इंग्लैंड के बीच अगले सप्ताह से तीन मैचों की शानदार वनडे सीरीज शुरू होने जा रही है. भारतीय टीम बर्मिंघम, कार्डिफ और ऐतिहासिक लॉर्ड्स (Lords) के मैदान पर मैच खेलेगी. यह सीरीज साल 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप (2027 ODI World Cup) की तैयारियों के लिहाज से टीम इंडिया और विराट कोहली दोनों के लिए मील का पत्थर साबित होगी.युवा खिलाड़ियों के लिए भगवान की तरह हैं विराट: कॉक्सतस्वीरें लीक होने के विवाद के बीच जॉर्डन कॉक्स ने आरसीबी के चैंपियन बनने के सफर को याद करते हुए कोहली की मेंटरशिप की जमकर तारीफ की. कॉक्स ने कहा, आईपीएल अभियान के दौरान जो बात मुझे सबसे अविश्वसनीय लगी, वो यह थी कि एक इतने बड़े महान खिलाड़ी होने के बावजूद उन्होंने मुझे सीखने के लिए कितना ज्यादा समय दिया. विराट एक ऐसे इंसान हैं जो खुद से पहले हमेशा युवा खिलाड़ियों की मदद करने के लिए तैयार रहते हैं. खेल की इतनी बड़ी और मतलबी दुनिया में ऐसा निस्वार्थ स्वभाव देखना बेहद दुर्लभ है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 6:53 pm

स्टालिन की DMK ने ठुकराया 'बंगाल-केरल मॉडल', थलपति विजय की TVK संग गठबंधन की कोशिशों पर फेरा पानी

दक्षिण भारत के सबसे रसूखदार राजनीतिक सूबे तमिलनाडु की सियासत में इस वक्त जबरदस्त उबाल आ चुका है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर बने विपक्षी 'INDIA' गठबंधन में थलपति विजय की नवोदित पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) को एक साथ लाने की कवायद शुरू हुई थी, जिसे DMK ने सिरे से खारिज कर दिया है। दलित केंद्रित दल वीसीके (VCK) और कांग्रेस द्वारा दिए गए 'बंगाल-केरल फॉर्मूले' को मानने से इनकार करते हुए स्टालिन की पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य की जमीनी हकीकत बाकी प्रदेशों से बिल्कुल जुदा है। इस राजनीतिक खींचतान के बीच DMK और कांग्रेस के रिश्तों में भी गंभीर दरार आ गई है।क्या है बंगाल-केरल मॉडल? जिसे तमिलनाडु में लागू करने की थी तैयारीराजनीतिक गलियारों में इस वक्त 'बंगाल-केरल मॉडल' की खूब चर्चा हो रही है। यह एक ऐसा रणनीतिक फॉर्मूला है जिसके तहत क्षेत्रीय पार्टियां राज्य स्तर पर तो एक-दूसरे के धुर विरोधी के रूप में चुनाव लड़ती हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर केंद्र सरकार या भाजपा के विरोध में एकजुट होकर 'INDIA' गठबंधन का हिस्सा बनी रहती हैं। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की टीएमसी (TMC), वामपंथी दल और कांग्रेस राज्य में एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोकते हैं। ठीक इसी तरह केरल में भी कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) और वामपंथियों के एलडीएफ (LDF) के बीच सत्ता के लिए सीधा मुकाबला होता है। हालांकि, लोकसभा या राष्ट्रीय मुद्दों पर ये सभी दल दिल्ली में एक मंच पर नजर आते हैं। वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन और कांग्रेस इसी तर्ज पर विजय की TVK और स्टालिन की DMK को राष्ट्रीय स्तर पर एक साथ जोड़ना चाहते थे।DMK का तीखा पलटवार: कांग्रेस ने मंत्रिपद के लालच में पीठ में छुरा घोंपाइस प्रस्तावित फॉर्मूले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कोइम्बटूर से DMK सांसद गणपति पी. राजकुमार ने बेहद आक्रामक रुख अख्तियार किया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में सिर्फ मंत्रिपद हासिल करने और सत्ता की मलाई चाटने के लिए थलपति विजय की TVK से हाथ मिलाया है। सांसद ने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि कांग्रेस ने DMK की पीठ में छुरा घोंपने का काम किया है और अब वह अपनी कमियों को छिपाने के लिए वीसीके (VCK) को एक दूत या मध्यस्थ की तरह इस्तेमाल कर रही है ताकि स्टालिन नेतृत्व को मनाया जा सके। उन्होंने साफ किया कि DMK का शीर्ष नेतृत्व इस खोखले प्रस्ताव को कभी स्वीकार नहीं करेगा।विजय की TVK पर उठाए सवाल: बिना किसी सांसद वाली पार्टी के लिए इतनी बेताबी क्यों?तमिलनाडु की बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों पर प्रकाश डालते हुए DMK सांसद ने थलपति विजय की पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने तर्क दिया कि जिस TVK के पास राष्ट्रीय संसद में एक भी सांसद नहीं है, उसे 'INDIA' ब्लॉक का हिस्सा बनाने के लिए कांग्रेस इतनी बेताब क्यों है? इस पर विपक्षी दलों को गंभीरता से आत्मचिंतन करना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि भाजपा हमेशा से क्षेत्रीय दलों को कमजोर करने की कोशिश करती रही है और DMK इसके खिलाफ अपनी वैचारिक लड़ाई मजबूती से लड़ रही है। सांसद के बयानों से यह पूरी तरह स्पष्ट है कि तमिलनाडु में फिलहाल कांग्रेस और DMK के बीच सब कुछ ठीक नहीं है और इस विवाद के कारण राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन को एक बड़ा झटका लग सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 6:36 pm

तेलंगाना के शाबाद में 6 लोगों की हत्या के आरोपी की तलाश में 9 टीमें जुटीं

हैदराबाद। तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के शाबाद मंडल के दैवालागुडा गांव में छह लोगों की हत्या के मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए नौ विशेष टीमें तैनात की गई हैं। पुलिस उपायुक्त योगेश गौतम ने रविवार को आरोपी के बारे में रिपोर्टों पर साफ किया कि राजकुमार अभी भी फरार है और लोगों से अपील […] The post तेलंगाना के शाबाद में 6 लोगों की हत्या के आरोपी की तलाश में 9 टीमें जुटीं appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 6:23 pm

विदेश मंत्रालय ने की जीएफएस गैलेक्सी जहाज पर हुए हमले की निंदा, भारतीय चालक दल का एक सदस्य अभी भी लापता

नई दिल्ली। भारत ने ओमान तट के निकट वाणिज्यिक पोत जीएफएस गैलेक्सी पर हुए हमले की रविवार को कड़ी निंदा की। विदेश मंत्रालय ने बताया कि पोत पर सवार 11 भारतीय नागरिकों में से 10 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय चालक दल का सदस्य अब भी लापता है। मंत्रालय ने अपने […] The post विदेश मंत्रालय ने की जीएफएस गैलेक्सी जहाज पर हुए हमले की निंदा, भारतीय चालक दल का एक सदस्य अभी भी लापता appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 6:17 pm

धार में शादी का दबाव बनाने पर प्रेमी ने की महिला की हत्या

धार। मध्यप्रदेश के धार जिले में एक महिला की हत्या के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और मृतका का मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार 10 जुलाई को कोतवाली […] The post धार में शादी का दबाव बनाने पर प्रेमी ने की महिला की हत्या appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 6:13 pm

परमहंस आचार्य ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, योगी आदित्यनाथ को राम मंदिर ट्रस्ट का आजीवन सदस्य बनाने की मांग

अयोध्या स्थित तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने आग्रह किया है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नए ट्रस्टियों की नियुक्ति पूरी सावधानी और पारदर्शिता के साथ की जाए, ताकि राम मंदिर की गरिमा और प्रतिष्ठा बनी रहे। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्रस्ट का आजीवन सदस्य बनाए जाने की मांग भी उठाई है।

देशबन्धु 12 Jul 2026 6:10 pm

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर संघर्ष तेज, अमरीका-ईरान के बीच ताजा हमले

वाशिंगटन। होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है। दोनों देशों ने रविवार को एक-दूसरे पर नए सिरे से हमले किए। अमरीका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले करने का दावा किया, जबकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई में खाड़ी क्षेत्र में अमरीकी सैन्य […] The post होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर संघर्ष तेज, अमरीका-ईरान के बीच ताजा हमले appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 6:08 pm

मदन दिलावर के अलवर दौरे के बाद 8 ग्राम विकास अधिकारियों के तबादले

अलवर। राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर ने अलवर दौरे के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाल सफाई व्यवस्था और जलभराव की स्थिति देखने को मिलने पर गहरी नाराजगी जताई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उनके दौरे के कुछ ही घंटों बाद जिले की आठ ग्राम पंचायतों के ग्राम विकास अधिकारियों (बीडीओ) के […] The post मदन दिलावर के अलवर दौरे के बाद 8 ग्राम विकास अधिकारियों के तबादले appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 6:01 pm

ईरान ने की होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा

तेहरान। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा की है। अमरीका की ओर से किए गए हमले के बाद ईरान की सेना ने यह घोषणा की। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा है कि जब तक इस इलाके में अमरीका का दखल खत्म नहीं हो जाता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य […] The post ईरान ने की होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Jul 2026 5:55 pm

अगले साल से पटरी पर दौड़ेगी भारत की पहली बुलेट ट्रेन, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया बड़ा एलान

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का सूरत-बिलिमोरा खंड अगले वर्ष शुरू होगा। परियोजना चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।

देशबन्धु 12 Jul 2026 5:51 pm

दिल्ली में सुरंग, बुंदेलखंड में एक्सप्रेस कनेक्टिविटी; 14,115 करोड़ की परियोजनाओं से बदलेगी विकास की तस्वीर

केंद्र ने दिल्ली की द्वारका सुरंग और उत्तर प्रदेश के कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड हाईवे को मंजूरी दी। 14,115 करोड़ रुपये की ये परियोजनाएं कनेक्टिविटी, निवेश और रोजगार को नई गति देंगी।

देशबन्धु 12 Jul 2026 5:18 pm

बोरी में भरकर कांग्रेस भवन आता था करोड़ों का कैश! EOW का बड़ा दावा- रामगोपाल ने ऐसे खड़ा किया 800 करोड़ का साम्राज्य

छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज और हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। राज्य की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया है, जिसने प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने अलग-अलग वित्तीय अनियमितताओं और घोटालों के जरिए करीब 800 करोड़ रुपये का काला धन जुटाया था। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस अकूत दौलत और अवैध कैश को कथित तौर पर बोरियों में भरकर सीधे कांग्रेस भवन पहुंचाया जाता था।सिंडिकेट के जरिए जुटाया गया 800 करोड़ का काला धनEOW की जांच में यह बात सामने आई है कि यह पूरा खेल एक सोचे-समझे सिंडिकेट के जरिए खेला जा रहा था। राज्य में हुए विभिन्न कथित घोटालों, जिसमें कोयला लेवी, शराब और अन्य सरकारी ठेके शामिल थे, उनसे आने वाले अवैध कमीशन का एक बड़ा हिस्सा सीधे रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचता था। जांच अधिकारियों का दावा है कि इस पूरे सिंडिकेट के सूत्रधार अग्रवाल ही थे, जिन्होंने सत्ता के रसूख का इस्तेमाल कर महज कुछ वर्षों के भीतर 800 करोड़ रुपये का यह भारी-भरकम साम्राज्य खड़ा कर लिया।कैश मैनेजमेंट का वीआईपी सेंटर बना था कांग्रेस भवनजांच एजेंसी के दावों के अनुसार, अवैध रूप से वसूली गई करोड़ों रुपये की यह रकम किसी सामान्य तरीके से नहीं, बल्कि जूट के बोरों और बड़े-बड़े बैग्स में भरकर गाड़ी के जरिए सीधे रायपुर स्थित कांग्रेस भवन और अन्य गुप्त ठिकानों पर अनलोड की जाती थी। EOW का कहना है कि उनके पास ऐसे पुख्ता इनपुट्स और गवाहों के बयान हैं, जो यह साबित करते हैं कि इस बेहिसाब कैश का इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों, चुनावों को प्रभावित करने और बेनामी संपत्तियों को खरीदने के लिए किया जाता था।ईओडब्ल्यू की रडार पर कई बड़े रसूखदार और करीबीइस मामले में रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ शिकंजा कसने के बाद अब जांच की आंच कई अन्य सफेदपोशों और बड़े अफसरों तक पहुंचने लगी है। EOW डिजिटल साक्ष्यों, बैंक खातों के लेन-देन और डायरियों में दर्ज कोडवर्ड्स को डिकोड करने में जुटी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस 800 करोड़ के घोटाले से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों का बेनकाब होना तय है, जिससे छत्तीसगढ़ की सियासत में और बड़ा तूफान आ सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 2:25 pm

न बैटिंग फ्लॉप, न बॉलिंग रही बेकार; फिर क्यों इंग्लैंड में शर्मसार हुई टीम इंडिया? सामने आई सबसे बड़ी कमजोरी

क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले इंग्लैंड के मैदानों पर जब भी भारत और इंग्लैंड के बीच टक्कर होती है, तो रोमांच सातवें आसमान पर होता है। लेकिन हालिया मुकाबले में टीम इंडिया को जिस तरह की हार का सामना करना पड़ा है, उसने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमूमन किसी भी मैच में हार का ठीकरा बल्लेबाजों के खराब शॉट सिलेक्शन या गेंदबाजों की दिशाहीन गेंदबाजी पर फोड़ा जाता है। लेकिन इस बार कहानी पूरी तरह अलग है। कप्तान से लेकर कोच तक, सभी इस बात से हैरान हैं कि टीम इंडिया अपनी तकनीक की वजह से नहीं, बल्कि एक बुनियादी कमजोरी के कारण बैकफुट पर आ गई।मैदान पर सुस्ती पड़ी भारी, छूटे कैचों ने पलटा पूरा मैचइस मुकाबले में टीम इंडिया की हार की सबसे मुख्य और बड़ी वजह रही उसकी बेहद खराब फील्डिंग। जब आप इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उनकी सरजमीं पर खेल रहे हों, तो आप 'कैच छोड़ो, मैच छोड़ो' की कहावत को हल्के में नहीं ले सकते। भारतीय फील्डर्स ने मैच के कई अहम मोड़ों पर न सिर्फ बेहद आसान कैच टपकाए, बल्कि मिस-फील्डिंग के जरिए विपक्षी टीम को कई अतिरिक्त रन भी तोहफे में दे दिए। इन जीवनदानों का फायदा उठाकर इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने मैच का पासा पूरी तरह से पलट दिया और भारतीय गेंदबाजों के हौसले पस्त कर दिए।ग्राउंड डाइविंग और खराब थ्रो ने बढ़ाई गेंदबाजों की टेंशनआधुनिक क्रिकेट में फिटनेस और चुस्ती-फुर्ती को सबसे ऊपर रखा जाता है, लेकिन इस मैच में भारतीय खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज काफी सुस्त नजर आई। बाउंड्री लाइन पर ढीली फील्डिंग और विकेटकीपर तक सीधे थ्रो न फेंक पाने की वजह से बल्लेबाजों ने आसानी से डबल और ट्रिपल रन चुराए। दबाव के क्षणों में जब टीम को एक-एक रन बचाने की जरूरत थी, तब फील्डिंग में हुई इन बचकानी गलतियों ने गेंदबाजों पर अतिरिक्त दबाव बना दिया। यही वजह रही कि अच्छी गेंदबाजी के बावजूद टीम इंडिया विरोधी टीम के रनों की रफ्तार पर लगाम नहीं लगा सकी।क्या वर्कलोड मैनेजमेंट बन रहा है टीम की सुस्ती का कारण?विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार क्रिकेट खेलने की वजह से खिलाड़ियों में थकान साफ तौर पर देखी जा सकती है। कैचिंग पोजीशन में सही समय पर रिएक्ट न कर पाना और थ्रोइंग में सटीकता की कमी यह दर्शाती है कि खिलाड़ियों की मानसिक और शारीरिक सजगता का स्तर गिरा है। कोच राहुल द्रविड़ और कप्तान रोहित शर्मा के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती आगामी मैचों से पहले टीम के फील्डिंग स्टैंडर्ड को वापस उसी पुराने वर्ल्ड क्लास लेवल पर ले जाने की होगी, क्योंकि बिना चुस्त फील्डिंग के इंग्लैंड की धरती पर सीरीज जीतना नामुमकिन है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Jul 2026 2:23 pm