छंटनी के बाद मिली नई नौकरी, पहले ही महीने PIP पर कर्मचारी, मांगी मदद
पहली नौकरी जाने के बाद दूसरी नौकरी मिलना किसी राहत से कम नहीं है लेकिन सोचिए अगर कंपनी जॉइन करने के कुछ ही हफ्ते बाद ही दूसरी नौकरी भी चली जाए तो क्या? यह स्थिति सोचने में ही भयानक महसूस होती है लेकिन एक कर्मचारी के साथ ऐसा ही कुछ हुआ है.
क्या मशाल मार्च से डरे वीसी?: एसआरएफटीआई प्रशासन और छात्र संघ आमने-सामने, परिसर में दाखिल हुई पुलिस
क्या मशाल मार्च से डरे वीसी?: एसआरएफटीआई प्रशासन और छात्र संघ आमने-सामने, परिसर में दाखिल हुई पुलिस kolkata srfti campus police entry student protest torch rally
गुवाहाटी होटल गोलीकांड: एक विवाद ने उजाड़ा पूरा परिवार, एक साथ जलीं पांच चिताएं; आधी रात में दी गई अंतिम विदाई- Guwahati hotel shooting dispute destroys an entire family five funeral pyres lit together mourning grips area
10 तस्वीरों में 'अर्नब' का कहर उखड़े पेड़, टूटे घर, डूबे शहर!
आंध्र प्रदेश के तट पर 28 अक्तूबर 2026 की तड़के चक्रवात अर्नब का लैंडफॉल शुरू हुआ।
'पार्टी मालिक है', नीरज कुमार की जीत पर खुलकर बोले अनंत सिंह
बिहार में एमएलसी चुनाव और पार्टी से निष्कासन पर अनंत सिंह ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि जनता ही असली मालिक है. नीतीश कुमार के प्रति उनका सम्मान हमेशा बना रहेगा और उनकी नाराजगी केवल नीरज कुमार से थी. वे जल्द ही नीतीश कुमार से मुलाकात करेंगे और पार्टी में लौटने की उम्मीद रखते हैं.
Bihar विधान परिषद चुनाव: पटना शिक्षक सीट पर RJD की जीत, 30 साल बाद BJP हारी
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए हुए चुनाव में चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के डॉ. संजीव कुमार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवल किशोर को 1,057 मतों से हराया। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। इस हार के साथ पटना शिक्षक सीट पर भाजपा का करीब 30 साल पुराना वर्चस्व समाप्त हो गया। तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह ने जीत दर्ज की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय उम्मीदवार भूषण कुमार झा को 594 मतों से पराजित किया। सिंह को 2,945, जबकि झा को 2,351 मत मिले। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के बागी और निर्दलीय उम्मीदवार राहुल राज ने दूसरी वरीयता के मतों की गिनती के बाद जीत हासिल की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 1,815 मतों से हराया। दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार सुरेश प्रसाद राय ने जीत दर्ज की। वहीं, चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना बुधवार को भी जारी है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जनता दल (यूनाइटेड) के उम्मीदवार नीरज कुमार चुनाव जीत गए हैं। अनंत सिंह समर्थित जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह तीसरे स्थान पर हैं। तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सातवें दौर की मतगणना के बाद निर्दलीय उम्मीदवार वंशीधर ब्रजवासी ने अपनी बढ़त बरकरार रखी। दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में दूसरे दौर की मतगणना तक भाजपा उम्मीदवार सर्वेश कुमार बढ़त बनाए हुए है। पहले दौर में उन्हें 1,884 मत मिले थे, जबकि राजद के अनिल कुमार झा को 1,647, कांग्रेस के रजनीकांत पाठक को 414 और जन सुराज पार्टी के मोहम्मद इम्तियाज को 935 मत प्राप्त हुए। दूसरे दौर की गिनती के बाद सर्वेश कुमार को कुल 3,695 मत मिले, जबकि अनिल कुमार झा को 3,220, रजनीकांत पाठक को 826 और मोहम्मद इम्तियाज को 1,819 मत प्राप्त हुए। इस प्रकार, दूसरे दौर की मतगणना के बाद भी भाजपा उम्मीदवार सर्वेश कुमार बढ़त बनाए हुए हैं। अभी तक दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के अंतिम परिणाम की घोषणा नहीं हुई है। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। इनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। मतगणना 27 अक्टूबर को शुरू हुई थी और कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में परिणाम घोषित होने के बाद भी गिनती जारी रही।
तमिलनाडु में महंगा हुआ ऑटो का सफर, 50 रुपए हुआ न्यूनतम किराया
तमिलनाडु सरकार ने राज्य में ऑटो किराए में संशोधन किया है। इससे राज्य में लोगों को ऑटो का सफर खासा महंगा पड़ेगा। सरकार ने 1.8 किमी के लिए न्यूनतम किराया 50 रुपये और उसके बाद हर अतिरिक्त किमी के लिए 25 रुपये तय किया है। पहले न्यूनतम किराया 25 रुपये
क्रिकेट के सबसे छोटे और रोमांचक प्रारूप यानी टी20 इंटरनेशनल (T20 International) में जब कोई बल्लेबाज क्रीज पर उतरता है, तो फैंस की निगाहें सिर्फ और सिर्फ बड़े शॉट्स और तूफानी पारियों पर टिकी होती हैं। हाल ही में भारतीय क्रिकेट टीम के युवा और विस्फोटक ओपनर अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) ने न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई एक ऐतिहासिक पारी से पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया है। उन्होंने कीवी गेंदबाजों के खिलाफ मैदान के चारों तरफ रनों का ऐसा भूचाल लाया कि हर कोई देखता रह गया। इससे पहले भी अभिषेक ने अपनी असाधारण बल्लेबाजी से कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं, जिसमें टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज शतक जड़ने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी शामिल है। तो आइए आज हम आपको इस विशेष रिपोर्ट के जरिए दुनिया के उन शीर्ष बल्लेबाजों के बारे में विस्तार से बताते हैं जिन्होंने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम गेंदों में शतकीय पारियां खेलकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराया है।भारतीय सनसनी अभिषेक शर्मा: दुनिया के नंबर-1 सबसे तेज शतकवीरइस पूरी सूची में सबसे ऊपर भारत के युवा और आक्रामक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का नाम चमक रहा है। भारतीय क्रिकेट इतिहास में अपनी तूफानी बल्लेबाजी शैली के लिए पहचाने जाने वाले अभिषेक ने कुछ ही समय में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तहलका मचा दिया है।उन्होंने गत 17 सितंबर 2026 को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए मुकाबले में अपनी बल्लेबाजी का ऐसा जलवा दिखाया कि रिकॉर्ड बुक हिल गई। उस मैच में अभिषेक ने महज 30 गेंदों में अपना तूफानी शतक पूरा कर लिया था और अंत में उन्होंने मात्र 34 गेंदों का सामना करते हुए 108 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी। फुल मेंबर देशों (Full Member Nations) के क्रिकेट इतिहास में टी20 इंटरनेशनल में सबसे कम गेंदों में शतक जड़ने का यह विश्व रिकॉर्ड वर्तमान में पूरी तरह से अभिषेक शर्मा के नाम दर्ज है। इसके अलावा, हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ एक और ताबड़तोड़ पारी खेलते हुए उन्होंने यह साबित कर दिया कि आधुनिक क्रिकेट में गति और आक्रामकता का उनका कोई मुकाबला नहीं है।सिकंदर रजा और फिन एलन: 33 गेंदों में शतक जड़कर दूसरे पायदान पर कब्जाइस वैश्विक सूची में दूसरे स्थान पर दो बेहद खतरनाक और आक्रामक खिलाड़ी संयुक्त रूप से काबिज हैं, जिन्होंने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से गेंदबाजों की नींद उड़ाई है।सिकंदर रजा (Sikandar Raza): जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम के कप्तान और अनुभवी ऑलराउंडर सिकंदर रजा ने 23 अक्टूबर 2024 को गाम्बिया के खिलाफ खेले गए मुकाबले में मैदान पर चौकों-छक्कों की बरसात कर दी थी। उन्होंने मात्र 33 गेंदों में शतक ठोककर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सनसनी फैला दी थी। उनकी यह पारी एसोसिएट और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिम्बाब्वे की ताकत को दर्शाती है।फिन एलन (Finn Allen): न्यूजीलैंड के विस्फोटक ओपनर फिन एलन ने 4 मार्च 2026 को टी20 वर्ल्ड कप के एक बेहद रोमांचक और हाई-प्रेशर सेमीफाइनल मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने महज 33 गेंदों में शतकीय पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिलाई थी। फिन एलन का यह शतक आईसीसी नॉकआउट मुकाबलों के इतिहास में सबसे तेज शतकों में शुमार हो गया है।डेविड मिलर और रोहित शर्मा: 35 गेंदों में शतक जड़कर तीसरे स्थान पर साझा बढ़तटी20 क्रिकेट के शुरुआती दौर से ही विस्फोटक पारियों के लिए मशहूर दक्षिण अफ्रीका के 'किलर मिलर' और भारत के पूर्व कप्तान 'हिटमैन' रोहित शर्मा इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर एक साथ खड़े हैं।डेविड मिलर (David Miller): दक्षिण अफ्रीका के बाएं हाथ के खूंखार बल्लेबाज डेविड मिलर ने 29 अक्टूबर 2017 को बांग्लादेश के खिलाफ खेलते हुए मात्र 35 गेंदों में शतक जड़ दिया था। उस समय उनका यह रिकॉर्ड टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज शतक का एक ऐतिहासिक मानक बन गया था।रोहित शर्मा (Rohit Sharma): भारत के महान कप्तान और विस्फोटक ओपनर रोहित शर्मा ने उसी साल यानी 22 दिसंबर 2017 को इंदौर के होलकर स्टेडियम में श्रीलंका के खिलाफ अपनी क्लास और ताकत का अद्भुत नजारा पेश किया था। रोहित ने भी मात्र 35 गेंदों में ही अपना शतक पूरा कर लिया था। उनकी इस पारी में मैदान के हर कोने में बेहतरीन शॉट्स देखने को मिले थे, और उन्होंने डेविड मिलर के इस रिकॉर्ड की बराबरी कर ली थी।टिम डेविड, जॉन्सन चार्ल्स और फिल साल्ट: अपनी तूफानी पारियों से लूटी महफिल35 गेंदों के बाद कुछ अन्य ऐसे धुरंधर बल्लेबाज भी हैं जिन्होंने अपने आक्रामक तेवरों के दम पर इस खास सूची में अपनी मजबूत जगह बनाई है:टिम डेविड (Tim David): ऑस्ट्रेलिया के पावर-हिटर बल्लेबाज टिम डेविड ने 25 जुलाई 2025 को वेस्टइंडीज के खिलाफ एक मुकाबले में मात्र 37 गेंदों में शतक जड़कर अपनी टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाया था। उनकी गिनती दुनिया के सबसे खतरनाक फिनिशर्स में होती है।जॉन्सन चार्ल्स (Johnson Charles): वेस्टइंडीज के आक्रामक बल्लेबाज जॉन्सन चार्ल्स ने 26 मार्च 2023 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मंच पर महज 39 गेंदों में शतक पूरा किया था। कैरेबियन शैली की उनकी यह पारी खेल प्रेमियों के जेहन में आज भी ताजा है।फिल साल्ट (Phil Salt): इंग्लैंड के ताबड़तोड़ विकेटकीपर-बल्लेबाज फिल साल्ट ने भी अपनी तेजतर्रार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 39 गेंदों में शतक लगाने का कारनामा किया है। पावरप्ले के दौरान उनका यह आक्रामक रुख विरोधी टीमों के लिए हमेशा सिरदर्द साबित होता है।आधुनिक क्रिकेट में क्यों बढ़ रहा है तेज शतकों का क्रेजटी20 क्रिकेट के आने के बाद से खेल का पूरा मिजाज बदल चुका है। आधुनिक युग में जिसे हम Generative Engine Optimization या उन्नत खेल विश्लेषण तकनीक कहते हैं, उसके जरिए खिलाड़ी अपनी तकनीक, स्ट्राइक रेट और पावर हिटिंग पर विशेष काम कर रहे हैं।अभिषेक शर्मा जैसे युवा खिलाड़ी यह साबित कर रहे हैं कि अब मैच की पहली गेंद से ही गेंदबाजों पर दबाव कैसे बनाया जाता है। महज 30 या 35 गेंदों में शतक पूरा करना अब असंभव नहीं बल्कि एक नया ट्रेंड बन चुका है, जहां फैंस को चौकों-छक्कों की आतिशबाजी देखने को मिलती है। आने वाले समय में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि कौन सा नया खिलाड़ी दुनिया के इन दिग्गजों को पीछे छोड़कर सबसे तेज शतक का कोई नया कीर्तिमान स्थापित करता है।
तला-भुना छोड़ें, सरगी में खाएं ये चीजें, न लगेगी भूख और प्यास
How to Make Karwa Chauth Sargi: अगर आप भी कल सुबह तड़के सरगी के साथ अपने व्रत की शुरुआत करने जा रही हैं तो यहां हम आपको बता दें कि सरगी में आपको पारंपरिक चीजों के अलावा ऐसी क्या चीजें जरूर खानी चाहिए जो आपको इस निर्जला व्रत में दिन भर एनर्जेटिक रख सकती हैं.
वैज्ञानिक और तकनीकी विकास की दिशा में भारत को वैश्विक महाशक्ति बनाने के संकल्प को दोहराते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश के वैज्ञानिकों, युवाओं और इनोवेटर्स से आह्वान किया कि वे केवल पश्चिमी या अन्य देशों की तकनीकों का अंधानुकरण करने के बजाय खुद भविष्य की अत्याधुनिक तकनीकों का निर्माण करें। दिल्ली में आयोजित 'इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव 2026' (ESTIC 2026) को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब समय आ गया है जब भारत वैश्विक समस्याओं का समाधान करने वाली तकनीकों का नेतृत्व करे, न कि केवल उनका अनुसरण। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति के एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है, जो देश के युवा इनोवेटर्स के आत्मविश्वास, महत्वाकांक्षा और विचारों से प्रेरित है। कार्यक्रम से पहले स्टार्टअप प्रतिनिधियों के साथ हुई अपनी बातचीत का जिक्र करते हुए, पीएम मोदी ने उनकी बड़ी महत्वाकांक्षाओं और नए विचारों पर काम करने के उनके आत्मविश्वास की सराहना की। उन्होंने कहा, भारत के युवा जिस स्तर पर सोच रहे हैं और जिस आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं, वह वाकई प्रेरणादायक है। दुनिया की बराबरी करने से लेकर भविष्य की तकनीकें बनाने तक कॉन्क्लेव की थीम 'इमर्जिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी' (उभरते विज्ञान और तकनीक) का जिक्र करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि वैज्ञानिक प्रगति को लेकर भारत के दृष्टिकोण में बड़ा बदलाव आया है। पहले, भारत अक्सर विदेशों में विकसित तकनीकों को अपनाता था- कभी-कभी तो उनके आने के कई सालों बाद- और उनमें बस थोड़े-बहुत सुधार कर लेता था। उन्होंने कहा, दशकों पहले एक समय ऐसा था जब भारत के लिए विज्ञान और तकनीक का मतलब सिर्फ 'दूसरों की बराबरी करना' (catch up) होता था। प्रधानमंत्री ने आगे कहा, जब दुनिया में कोई नई खोज होती थी, तो वह तकनीक हम तक कई सालों बाद पहुँचती थी। हम उसे अपना लेते थे या उसमें मामूली सुधार करके आगे बढ़ाते थे। उन्होंने कहा कि अब भारत एक अलग रास्ते पर चल रहा है। इसमें अब कहीं अधिक आत्मविश्वास है और एक बड़ी महत्वाकांक्षा है- ऐसी तकनीकें विकसित करना जो देश की जरूरतों के साथ-साथ वैश्विक आवश्यकताओं को भी पूरा कर सकें। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, लेकिन आज, 21वीं सदी का भारत एक नई सोच और नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आगे कहा, अब हमारा लक्ष्य- भारत के लिए, दुनिया के लिए, आज के लिए और आने वाले कल के लिए-नई तकनीकें विकसित करना, उनकी दिशा तय करना और वैश्विक चुनौतियों से निपटने की क्षमता तैयार करना है। दूसरों के पीछे चलने के बजाय नेतृत्व करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा, भारत को भविष्य की तकनीकों को अपनाना चाहिए, साहस के साथ नवाचार (इनोवेशन) करना चाहिए और इन तकनीकों को बनाने में दुनिया का नेतृत्व करना चाहिए। अंतरिक्ष मिशन भारत की वैज्ञानिक महत्वाकांक्षाओं को दर्शाते हैं अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने देश के मंगल मिशन और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के पास सफल लैंडिंग का उदाहरण दिया, जो भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमताओं को दिखाते हैं। उन्होंने कहा, हम अपने पहले ही प्रयास में मंगल ग्रह तक पहुंच गए। हम चंद्रमा के उस दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचे, जहां पहले कोई नहीं पहुंच पाया था। इन उदाहरणों के जरिए यह बताया गया कि भारत न केवल दूसरे देशों द्वारा विकसित तकनीकों पर निर्भर रहने के बजाय, बल्कि जटिल वैज्ञानिक मिशनों को पूरा करने और बड़ी उपलब्धियां हासिल करने में भी सक्षम है। भारत की COVID-19 प्रतिक्रिया को आत्मनिर्भरता के उदाहरण के रूप में पेश किया गया प्रधानमंत्री ने COVID-19 महामारी के दौरान भारत की प्रतिक्रिया को भी याद किया। उन्होंने स्वदेशी वैक्सीन के विकास, बड़े पैमाने पर चलाए गए टीकाकरण अभियान और अन्य देशों को वैक्सीन की आपूर्ति का जिक्र किया। उन्होंने कहा, हमने कोरोना काल में इसका एक उदाहरण देखा। जब दुनिया के कई देश वैक्सीन की उपलब्धता को लेकर चुनौतियों का सामना कर रहे थे, तब भारत ने अपनी खुद की वैक्सीन विकसित की। भारत ने बड़े पैमाने पर टीकाकरण किया और अन्य देशों को भी वैक्सीन भेजी। प्रधानमंत्री ने महामारी के दौरान भारत की प्रतिक्रिया को इस बात के उदाहरण के तौर पर पेश किया कि भारत बड़े पैमाने पर तकनीक विकसित करने और उसे लागू करने में सक्षम है, साथ ही अंतरराष्ट्रीय जरूरतों में भी योगदान दे सकता है। उन्होंने कहा, यही 21वीं सदी के भारत का आत्मविश्वास है।
भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के युवा और विस्फोटक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) इन दिनों अपने तूफानी प्रदर्शन से क्रिकेट जगत में तहलका मचा रहे हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ हाल ही में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में अभिषेक ने मात्र 38 गेंदों में 113 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलकर मैदान पर कोहराम मचा दिया था। इस ताबड़तोड़ शतकीय पारी के दौरान उन्होंने सिर्फ 35 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया था, जिसके बाद उनके अनोखे 'मेडिटेशन सेलिब्रेशन' (Meditation Celebration) ने सबका ध्यान खींचा। मैदान पर गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाने वाले अभिषेक के इस अंदाज पर साथी खिलाड़ी ईशान किशन (Ishan Kishan) ने बेहद मजेदार और चुटीला बयान दिया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि ईशान किशन ने अभिषेक की इस पारी और उनके जश्न पर क्या कहा है और इस मुकाबले से जुड़े क्या खास रोमांचक पहलू रहे हैं।अभिषेक शर्मा के 'मेडिटेशन सेलिब्रेशन' पर ईशान किशन का मजेदार तंजन्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले में जब अभिषेक शर्मा ने मैदान के चारों तरफ छक्कों और चौकों की बरसात करते हुए महज 35 गेंदों में अपना शतक ठोका, तो उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में आंखें बंद करके मेडिटेशन मुद्रा में जश्न मनाया था। उनके इस शांत और आध्यात्मिक सेलिब्रेशन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तुरंत छा गईं।आईपीएल फ्रेंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो क्लिप में विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन बेहद मजाकिया अंदाज में अभिषेक की खिंचाई करते नजर आए। ईशान ने हंसते हुए तंज कसते हुए कहा, अभिषेक खुद तो मैदान पर मेडिटेशन करते हैं, लेकिन अपनी इस खौफनाक बल्लेबाजी से वे मैदान पर उतरने वाले गेंदबाजों और सामने वाली टीम की मेंटल हेल्थ पूरी तरह खराब करने का काम कर रहे हैं! ईशान किशन का यह मजेदार अंदाज फैंस को बहुत पसंद आ रहा है और यह वीडियो इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया है।भगवान शिव के पक्के भक्त हैं अभिषेक, मैदान के बाहर भी शांत स्वभाव के हैं धुरंधरक्रिकेट के मैदान पर विरोधी गेंदबाजों के दिलों में खौफ पैदा करने वाले अभिषेक शर्मा असल जिंदगी में काफी शांत और धार्मिक स्वभाव के माने जाते हैं। वह भगवान शिव के अनन्य भक्त हैं और अक्सर अपनी व्यस्त जीवनशैली के बावजूद मंदिरों के दर्शन करते हुए अपनी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते रहते हैं।मैदान पर उनका यह शांत और एकाग्रचित्त रहने का तरीका ही उन्हें दबाव की स्थितियों में भी बड़े शॉट खेलने की अद्भुत मानसिक शक्ति देता है। यही वजह है कि जब वह शतक पूरा करने के बाद मेडिटेशन मुद्रा में बैठते हैं, तो वह उनकी आंतरिक शांति और खेल के प्रति उनकी गहरी एकाग्रता को दर्शाता है, जिस पर उनके साथी खिलाड़ी भी खुलकर प्यार और मस्ती भरे अंदाज में चुटकी लेते हैं।चोट के कारण बाहर बैठे ईशान किशन, उनकी अनुपस्थिति में वैभव सूर्यवंशी ने दिखाया दमदूसरी तरफ, विस्फोटक विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन हाल ही में चोटिल होने के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली जा रही इस टी20 सीरीज के दूसरे और तीसरे मैच में प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं बन पाए थे। उनकी अनुपस्थिति में टीम मैनेजमेंट ने युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) को ओपनिंग करने का मौका दिया।वैभव सूर्यवंशी ने भी इस मौके का पूरा फायदा उठाते हुए कप्तान और टीम की उम्मीदों पर खरा उतरने का पूरा प्रयास किया। वेलिंगटन के मैदान पर अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी की ओपनिंग जोड़ी ने मिलकर ऐसा आक्रामक गदर काटा कि विपक्षी गेंदबाजों के होश उड़ गए। दोनों युवा बल्लेबाजों ने महज 7 ओवरों के भीतर ही स्कोरबोर्ड पर 133 रन टांग दिए। वैभव ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए मात्र 19 गेंदों में 45 रनों की धमाकेदार पारी खेली, जिससे टीम इंडिया के लिए जीत की राह बेहद आसान हो गई।भारत ने सीरीज पर जमाया कब्जा, न्यूजीलैंड के खिलाफ दबदबा बरकरारमैच की बात करें तो न्यूजीलैंड की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 199 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था। लेकिन भारतीय बल्लेबाजों के इरादे कुछ और ही थे। अभिषेक शर्मा के 113 रनों की नाबाद और आतिशी पारी के दम पर टीम इंडिया ने इस बड़े लक्ष्य को महज 13.2 ओवरों में ही 4 विकेट खोकर आसानी से हासिल कर लिया।इस शानदार और ऐतिहासिक जीत के साथ ही भारतीय टीम ने तीन मैचों की इस टी20 सीरीज में 3-0 से अजेय बढ़त हासिल करते हुए सीरीज पर कब्जा जमा लिया है। टीम इंडिया ने इस पूरी सीरीज के तीनों मुकाबलों में लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत दर्ज की है। इसके साथ ही पिछले 7 सालों से न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज जीतने का जो सिलसिला भारत का चला आ रहा है, वह इस बार भी पूरी शान के साथ जारी रहा है। मैदान पर खिलाड़ियों का यह शानदार प्रदर्शन और आपस में उनकी मस्ती भरा तालमेल यह बताता है कि भारतीय टीम इस समय आत्मविश्वास के सातवें आसमान पर है।
Cyclone Arnab: झारखंड के कई जिलों में भारी बारिश, 29 अक्टूबर तक स्कूल बंद
झारखंड सरकार ने चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण हुई बारिश के मद्देनजर कई जिलों में 29 अक्टूबर तक स्कूल बंद रखने का आदेश दिया है। यह चक्रवात बुधवार को आंध्र प्रदेश के तट से गुजरा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। रांची, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सिमडेगा जिला प्रशासन ने कहा कि बुधवार और बृहस्पतिवार को स्कूल बंद रहेंगे। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि चक्रवाती तूफान आंध्र प्रदेश के बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट से टकराया। इस दौरान हवा की गति 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे थी जो 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही थी। आईएमडी के अनुसार, तट से टकराने की प्रक्रिया रात एक बजकर 20 मिनट के आसपास शुरू हुई। आईएमडी ने बताया कि चक्रवात के प्रभाव से रांची, पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम जैसे जिलों में मंगलवार रात से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘‘रांची जिले के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में 28 और 29 अक्टूबर को केजी से 12वीं कक्षा तक की शैक्षणिक गतिविधियां निलंबित रहेंगी।’’रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने कहा कि मंगलवार रात से राज्य के कई जिलों में हल्की बारिश हो रही है। उन्होंने कहा, ‘‘चक्रवात का मुख्य प्रभाव झारखंड में बुधवार दोपहर से बृहस्पतिवार के बीच दिखाई देगा।’’
महिला क्रिकेट (Women's Cricket) के सबसे रोमांचक और हाई-प्रोफाइल टूर्नामेंट वीमेंस प्रीमियर लीग यानी डब्ल्यूपीएल 2027 (WPL 2027) की नीलामी को लेकर क्रिकेट जगत में सुगबुगाहट अपने चरम पर पहुंच चुकी है। आज केरल के खूबसूरत शहर कोच्चि (Kochi) में डब्ल्यूपीएल 2027 का मेगा ऑक्शन आयोजित किया जा रहा है, जिसमें दुनिया भर की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कौन सा खिलाड़ी किस टीम के पाले में जाएगा और किस पर पैसों की सबसे बड़ी बरसात होगी। इस साल की नीलामी के लिए कुल 146 बेहतरीन खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है, जिनमें 119 भारतीय और 27 दिग्गज विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं। सभी फ्रेंचाइजी अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ मैदान में उतर रही हैं, लेकिन सबसे बड़ा पर्स यूपी वॉरियर्स (UP Warriorz) के पास 3.75 करोड़ रुपये का है, जबकि मुंबई इंडियंस के पास महज 90 लाख रुपये बचे हैं। इस रोमांचक नीलामी से पहले क्रिकेट पंडितों ने उन 3 सबसे बड़े खिलाड़ियों के नाम तय कर दिए हैं, जिन पर आज सबसे ऊंची बोली लगने और पुराने सारे रिकॉर्ड टूटने की प्रबल संभावना है। आइए विस्तार से जानते हैं कि वे कौन से तीन धुरंधर हैं जिनके लिए आज फ्रेंचाइजियों के बीच महायुद्ध देखने को मिल सकता है।सोफी मॉलिन्यू (Sophie Molineux): 50 लाख रुपये के बेस प्राइस वाली ऑलराउंडर पर होगी पैसों की बारिशऑलराउंडर्स की सूची में सबसे पहला और सबसे बड़ा नाम ऑस्ट्रेलिया की स्टार खिलाड़ी सोफी मॉलिन्यू का आता है, जिनका बेस प्राइस 50 लाख रुपये रखा गया है। सोफी मॉलिन्यू सिर्फ एक बेहतरीन बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाज ही नहीं हैं, बल्कि वे पारी के निचले क्रम में आकर विस्फोटक बल्लेबाजी करने की अद्भुत क्षमता भी रखती हैं।इसके अलावा उनके पास जो सबसे बड़ी यूएसपी (USP) है, वह है उनकी शानदार लीडरशिप स्किल्स। हाल ही में सोफी मॉलिन्यू की कप्तानी में ही ऑस्ट्रेलिया की महिला टीम ने टी20 विश्व कप 2026 का खिताब अपने नाम किया था। उनका मौजूदा फॉर्म भी बेहद शानदार चल रहा है और वे इस साल 16 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया की सबसे सफल गेंदबाज रही हैं। चूंकि यूपी वॉरियर्स के पास सबसे बड़ा पर्स है और उन्हें अनुभवी सीनियर खिलाड़ियों की सख्त जरूरत है, ऐसे में सोफी मॉलिन्यू को अपने पाले में करने के लिए फ्रेंचाइजियों के बीच जबरदस्त बिडिंग वॉर (Bidding War) देखने को मिल सकती है, जिससे वह ऑक्शन की सबसे महंगी खिलाड़ियों में शुमार हो सकती हैं।चमारी अटापट्टू (Chamari Athapaththu): 30 लाख बेस प्राइस वाली श्रीलंकाई कप्तान दिलाएंगी मालामालश्रीलंका महिला क्रिकेट टीम की मौजूदा कप्तान और विश्व क्रिकेट की सबसे खतरनाक ऑलराउंडर्स में शुमार चमारी अटापट्टू इस ऑक्शन का दूसरा सबसे बड़ा आकर्षण हैं। उनका बेस प्राइस 30 लाख रुपये तय किया गया है, लेकिन मैदान पर उनके जलवे को देखते हुए यह तय माना जा रहा है कि उनके नाम पर बोली करोड़ों तक पहुंच सकती है।चमारी अटापट्टू वर्तमान में टी20 फॉर्मेट की दुनिया की तीसरे नंबर की ऑलराउंडर खिलाड़ी हैं। हालांकि उन्हें पहले यूपी वॉरियर्स द्वारा रिलीज कर दिया गया था, लेकिन उनकी आक्रामक ओपनिंग बैटिंग और अपनी फिरकी गेंदबाजी से मैच का पासा पलटने की कला उन्हें हर फ्रेंचाइजी की पहली पसंद बनाती है। उनके पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा कप्तानी अनुभव है। पारी की शुरुआत में तूफानी रन बनाने की उनकी काबिलियत को देखते हुए आज की नीलामी में उन पर पैसों की भारी बरसात होने की पूरी उम्मीद है।वृंदा दिनेश (Vrinda Dinesh): 10 लाख के बेस प्राइस वाली युवा बल्लेबाज के लिए छिड़ेगी जंगइस लिस्ट में तीसरा और सबसे चौंकाने वाला नाम युवा भारतीय बल्लेबाज वृंदा दिनेश का है, जिनका बेस प्राइस मात्र 10 लाख रुपये है। भले ही डब्ल्यूपीएल में उनके पास केवल 10 मैचों का अनुभव है जिसमें उन्होंने 102 रन बनाए हैं, लेकिन उनका हालिया प्रदर्शन इतना धमाकेदार रहा है कि हर कोई उनकी बल्लेबाजी का मुरीद हो चुका है।वृंदा दिनेश के लिए यह साल बेहद शानदार रहा है। उन्होंने महिला एशिया कप राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट में 176.28 के बवंडर स्ट्राइक रेट से कुल 171 रन बनाए थे। इसके बाद इंडिया ए के लिए खेलते हुए उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ घरेलू व विदेशी दौरों पर बेहद दमदार पारियां खेलीं। हाल ही में महारानी टी20 ट्रॉफी 2026 में भी उन्होंने मात्र 7 पारियों में 256 रन बनाकर अपनी बेहतरीन फॉर्म का लोहा मनवाया है। युवा और अनकैapped या कम अनुभवी भारतीय प्रतिभाओं की मांग को देखते हुए दिल्ली कैपिटल्स और यूपी वॉरियर्स जैसी टीमें वृंदा को खरीदने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा सकती हैं, जिससे उनकी कीमत उनके बेस प्राइस से कई गुना ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है।यूपी वॉरियर्स के पास सबसे बड़ा पर्स, बदल सकती है टीमों की तस्वीरआज होने वाले इस महासंग्राम में सभी पांचों फ्रेंचाइजी अपनी रणनीति को अमलीजामा पहनाने के लिए तैयार हैं। यूपी वॉरियर्स के पास 3.75 करोड़ रुपये का सबसे भारी-भरकम फंड है, जिसका मतलब साफ है कि वे नीलामी के टेबल पर अपनी मनपसंद खिलाड़ियों को खरीदने के लिए सबसे मजबूत स्थिति में हैं।वहीं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB), गुजरात जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स के पास भी 1-1 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम बची है, जिससे वे भी अपनी रणनीति के तहत बड़े दांव खेल सकती हैं। मुंबई इंडियंस के पास कम बजट (90 लाख रुपये) होने के कारण उन्हें बहुत ही सूझबूझ के साथ स्मार्ट पिक करनी होगी। कुल मिलाकर, WPL 2027 की यह नीलामी महिला क्रिकेट इतिहास के कई नए पन्ने लिखने के लिए पूरी तरह तैयार है, जहां आज यह तय हो जाएगा कि आगामी सीजन में कौन सी टीम सबसे ज्यादा संतुलित और घातक बनकर उभरती है।
करवा चौथ पर बन रहा त्रिग्रही योग, 4 राशियां हो जाएंगी मालामाल!
karwa chauth 2026 : करवा चौथ 29 अक्टूबर 2026 को त्रिग्रही योग का संयोग बन रहा है. जानें किन 4 राशियों को नौकरी, कारोबार, धन और करियर में लाभ मिलने के संकेत हैं और क्या कहती है ज्योतिषीय गणना.
भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के युवा और विस्फोटक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) ने इन दिनों अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से पूरी दुनिया में तहलका मचा रखा है। हाल ही में न्यूजीलैंड (New Zealand) के खिलाफ खेले गए एक रोमांचक मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने मैदान पर ऐसा आतिशी प्रदर्शन किया कि हर कोई देखता रह गया। महज 38 गेंदों में 113 रनों की ऐतिहासिक और शतकीय पारी खेलने वाले अभिषेक के खेल ने केवल क्रिकेट प्रेमियों का ही दिल नहीं जीता, बल्कि उनके पिता राजकुमार शर्मा भी अपने बेटे की इस जादुई पारी के मुरीद और सबसे बड़े फैन बन गए हैं। जिस अंदाज में अभिषेक ने कीवी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाईं, उसने भारतीय क्रिकेट जगत में एक नया इतिहास रच दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस धमाकेदार पारी के बाद अभिषेक के पिता ने क्या कहा और इस मैच ने कैसे वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी।न्यूजीलैंड की सरजमीं पर अभिषेक शर्मा ने मचाया कोहराम, पिता राजकुमार ने कही दिल जीतने वाली बातन्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में कीवी टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित ओवरों में 198 रनों का एक मजबूत स्कोर खड़ा किया था। मैच से पहले शायद ही किसी ने यह सोचा होगा कि भारतीय टीम इस लक्ष्य को इतनी आसानी और विस्फोटक अंदाज में हासिल कर लेगी। लेकिन क्रीज पर उतरते ही अभिषेक शर्मा ने विरोधी गेंदबाजों के खिलाफ चौकों-छक्कों की ऐसी आंधी लाई कि मैच महज 13.2 ओवर में ही समाप्त हो गया।अभिषेक के पिता राजकुमार शर्मा ने न्यूज एजेंसी 'एएनआई' से बातचीत करते हुए अपने बेटे की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस किया। उन्होंने कहा, आज अभिषेक ने न्यूजीलैंड की धरती पर जिस तरह की जबर्दस्त और अविश्वसनीय पारी खेली है, उसने हम सबका सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है। उसने न केवल मैच जिताया बल्कि एक और वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया। यह सब हमारे गृह नगर अमृतसर के लोगों के प्यार, दुआओं और भगवान के आशीर्वाद का ही परिणाम है कि वह आज देश का नाम रोशन कर रहा है। पिता ने आगे यह भी जिक्र किया कि भले ही उन्होंने बचपन में अभिषेक को बुनियादी कोचिंग दी थी, लेकिन आज उनके पास दुनिया के महानतम दिग्गजों का साथ है जो उन्हें लगातार तराश रहे हैं।दिग्गजों की देखरेख और कोचिंग से निखर रहा है अभिषेक का हुनरएक युवा खिलाड़ी को जब दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों और कोचों का मार्गदर्शन मिलता है, तो उसका खेल एक अलग ही स्तर पर पहुंच जाता है। अभिषेक शर्मा के मामले में भी यही बात पूरी तरह सच साबित हो रही है।उनके पिता राजकुमार शर्मा ने गर्व के साथ बताया कि अभिषेक को समय-समय पर भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ियों जैसे युवराज सिंह, पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड और विश्व क्रिकेट के लीजेंड ब्रायन लारा जैसे दिग्गजों से बहुमूल्य टिप्स और कोचिंग मिलती रही है। इसके अलावा, मौजूदा समय में भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर की देखरेख में उनका खेल और अधिक आक्रामक व परिपक्व होता जा रहा है। इन सभी दिग्गजों के अनुभवों का ही असर है कि आज मैदान पर अभिषेक का बल्ला विरोधी टीमों के लिए खौफ का दूसरा नाम बन चुका है।टी20 क्रिकेट में तोड़े कई बड़े रिकॉर्ड, एक साल में जड़ दिए सबसे ज्यादा छक्केअभिषेक शर्मा ने इस मैच में सिर्फ रन नहीं बनाए, बल्कि रिकॉर्ड बुक में भूचाल ला दिया। उन्होंने इस कैलेंडर ईयर 2026 में अब तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल 85 छक्के जड़ दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने किसी भी फुल-मेंबर देश के खिलाड़ी द्वारा एक साल में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड भारत के ही रोहित शर्मा के नाम दर्ज था, जिन्होंने साल 2023 में कुल 80 छक्के लगाए थे।मैच के दौरान अभिषेक और युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने मिलकर पावरप्ले के शुरुआती ओवरों में ही ऐसा कोहराम मचाया कि स्कोरबोर्ड पर केवल कुछ ही ओवरों में 118 रन जुड़ गए। वैभव सूर्यवंशी ने भी महज 19 गेंदों में 45 रनों की तेजतर्रार पारी खेली, जबकि अभिषेक शर्मा ने अपनी तूफानी पारी के दौरान अकेले 11 गगनचुंबी छक्के लगाए।सिर्फ 35 गेंदों में ठोका शतक, भारत के लिए जड़ा दूसरा सबसे तेज टी20 शतकइस मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने सिर्फ 38 गेंदों का सामना करते हुए 113 रनों की नाबाद पारी खेली, जिसमें उन्होंने अपना शतक मात्र 35 गेंदों में पूरा कर लिया। यह टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट इतिहास में भारत के लिए बनाया गया दूसरा सबसे तेज शतक है।दिलचस्प बात यह है कि टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज शतक लगाने का विश्व रिकॉर्ड (मात्र 30 गेंदों में) भी खुद अभिषेक शर्मा के ही नाम दर्ज है। उनकी इस आतिशी पारी की बदौलत टीम इंडिया ने 199 रनों के लक्ष्य को मात्र 13.2 ओवरों में ही 6 विकेट शेष रहते आसानी से हासिल कर लिया। इस शानदार जीत के साथ ही भारत ने सीरीज में अपना दबदबा और अधिक मजबूत कर लिया है। अभिषेक शर्मा की यह जादुई पारी आने वाले समय में युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का एक नया स्त्रोत बन गई है।
बॉस की ये 5 बातें सुनकर चिढ़ जाते हैं Gen Z एम्प्लॉय, जानें क्यों?
जेन जी के लिए ऑफिस में सिर्फ नौकरी और सैलरी ही नहीं, बल्कि रिस्पेक्ट, काम और पर्सनल लाइफ के बीच बैलेंस भी जरूरी है. ऐसे में बॉस की कुछ बातें उन्हें बुरी लग सकती हैं. ‘ऑफिस एक फैमिली है’ से लेकर ‘तुम अभी छोटे हो’ तक, जानिए ऐसी 5 बातें जो युवा कर्मचारियों को परेशान कर सकती हैं और वे अपने मैनेजर से क्या उम्मीद रखते हैं.
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र कहे जाने वाले प्रमुख महानगर कानपुर (Kanpur) से प्रॉपर्टी बाजार और रियल एस्टेट से जुड़ी एक बहुत ही बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। अगर आप भी कानपुर में जमीन, मकान, दुकान या नया फ्लैट खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद खास है। कानपुर प्रशासन और स्टांप विभाग महानगर में नए सर्किल रेट (Circle Rates) में संशोधन करने की पूरी तैयारी कर चुका है। इस नए बदलाव के तहत शहर में जमीन, मकान और दुकानों के दामों में 5 से 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि, इस बार के प्रस्ताव में आम जनता और बड़े निवेशकों को राहत देने के लिए कई खास प्रावधान भी किए गए हैं, जिसके तहत प्रीमियम फ्लैट्स और आधुनिक सुविधाओं वाले आवास महंगे होंगे, तो वहीं बड़े भूखंडों (Large Plots) और पुरानी इमारतों (Old Buildings) पर भारी छूट दी जाएगी। आइए विस्तार से जानते हैं कि कानपुर के नए सर्किल रेट के इस प्रस्ताव में क्या-क्या बदलाव होने जा रहे हैं और इसका आम जनता की जेब पर क्या असर पड़ेगा।कानपुर में 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं सर्किल रेट, जानें क्या है पूरा प्रस्तावमहानिरीक्षक निबंधन (IG Registration) द्वारा मानकीकृत मूल्यांकन सूची का संशोधित प्रारूप जिलाधिकारी और एआईजी स्टांप को भेज दिया गया है। स्थानीय आवश्यकताओं और बाजार के रुझानों को ध्यान में रखते हुए अब जिला स्तर पर इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।सब रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा कानपुर के अलग-अलग इलाकों के हिसाब से नए सर्किल रेट के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। इन प्रस्तावों पर आम जनता से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी, और आपत्तियों के निस्तारण के बाद जिलाधिकारी की अंतिम अनुमति से इन्हें पूरे शहर में लागू किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग एक महीने का समय लगने की संभावना है। नए बदलावों के लागू होने के बाद कानपुर में जमीन और मकान खरीदना थोड़ा महंगा हो सकता है, क्योंकि शहर के कई इलाकों में सर्किल रेट 5% से लेकर 10% तक बढ़ाए जाने की तैयारी है।प्रीमियम फ्लैट और आधुनिक सुविधाओं वाले आवास होंगे महंगेकानपुर के रियल एस्टेट बाजार में पिछले कुछ सालों में मल्टी-स्टोरी इमारतों और लग्जरी प्रोजेक्ट्स का चलन तेजी से बढ़ा है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने हाई-एंड और प्रीमियम प्रोजेक्ट्स पर शिकंजा कसने और राजस्व बढ़ाने की तैयारी की है।नए प्रस्ताव के अनुसार, जिन अपार्टमेंट्स और सोसायटियों में स्विमिंग पूल (Swimming Pool), अत्याधुनिक जिम (Modern Gymnasium), क्लब हाउस और अन्य लग्जरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, उनके सर्किल रेट में विशेष बढ़ोतरी की जाएगी। यानी यदि आप शहर के किसी पॉश इलाके में तमाम सुख-सुविधाओं से लैस प्रीमियम फ्लैट खरीदने का मन बना रहे हैं, तो आपको पहले के मुकाबले अधिक स्टांप शुल्क और कीमत चुकानी पड़ सकती है। प्रशासन का मानना है कि शहर के विकास और बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए इस तरह के प्रीमियम और वाणिज्यिक क्षेत्रों का मूल्यांकन वास्तविक बाजार मूल्य के करीब होना जरूरी है।बड़े भूखंडों (Residential & Industrial Plots) पर मिलेगी बंपर छूटएक तरफ जहां छोटे और प्रीमियम प्रोजेक्ट्स के दाम बढ़ेंगे, वहीं दूसरी तरफ बड़े भूखंड खरीदने वाले निवेशकों और आम लोगों के लिए राहत भरी खबर यह है कि सरकार ने बड़े एरिया पर विशेष छूट का ऐलान किया है।आवासीय भूखंडों पर छूट: यदि कोई व्यक्ति 1,000 से 2,000 वर्ग मीटर तक का भूखंड खरीदता है, तो पहले 1,000 वर्ग मीटर पर कोई छूट नहीं मिलेगी, लेकिन उसके बाद के शेष क्षेत्रफल के सर्किल रेट पर सीधे 20% की छूट दी जाएगी। वहीं, 2,000 से 3,000 वर्ग मीटर तक के भूखंडों पर पहले 1,000 वर्ग मीटर पर कोई छूट नहीं, अगले 1,000 वर्ग मीटर पर 20% और शेष क्षेत्रफल पर 25% तक की भारी छूट का प्रावधान किया गया है।औद्योगिक भूखंडों पर राहत: केडीए (KDA), आवास विकास, यूपीसीडा (UPSIDA) या अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में 500 से 2,000 वर्ग मीटर तक के भूखंडों पर पहले 500 वर्ग मीटर के बाद शेष क्षेत्रफल पर 30% की छूट मिलेगी। इसी तरह 2,000 से 6,000 वर्ग मीटर तक के औद्योगिक भूखंडों पर शुरुआती 500 वर्ग मीटर छोड़कर अगले 2,000 वर्ग मीटर पर 30% और बाकी बचे हिस्से पर 40% तक की भारी छूट दी जाएगी।वाणिज्यिक (Commercial) भूखंडों और कार्यालयों के लिए तय किए गए नए नियमव्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और छोटे-बड़े दफ्तरों व संस्थानों को राहत देने के लिए वाणिज्यिक भूखंडों के मूल्यांकन में भी स्पष्ट नियम बनाए गए हैं।यदि कोई व्यक्ति कार्यालय, बैंक, कॉरपोरेट ऑफिस या निजी क्लीनिक के लिए जमीन या संपत्ति खरीदता है, तो 50 वर्ग मीटर तक तय मानक दर लागू होगी, जबकि इससे अधिक क्षेत्रफल के शेष हिस्से पर छूट का प्रतिशत स्थानीय स्तर पर तय किया जाएगा। इसी प्रकार होटल, लॉज, रेस्टोरेंट, ढाबा, नर्सिंग होम, पेट्रोल पंप, क्लब और कोचिंग सेंटर जैसी व्यावसायिक गतिविधियों के लिए 100 वर्ग मीटर तक मानक दर लागू होगी और उससे ऊपर के शेष क्षेत्रफल पर नियमों के तहत छूट प्रदान की जाएगी।पुरानी इमारतों और कम चौड़ी सड़क वाले इलाकों के मकान मालिकों को बड़ी राहतकानपुर के पुराने घनी आबादी वाले इलाकों जैसे कलक्टरगंज, ग्वालटोली, सीसामऊ या अनवरगंज जैसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह संशोधित प्रस्ताव एक बड़ी राहत लेकर आया है।भवन की उम्र के हिसाब से छूट: अब तक पुरानी इमारतों के मूल्यांकन को लेकर स्पष्ट राहत नहीं मिलती थी, लेकिन नए नियमों के तहत भवन की उम्र (Age of Building) के आधार पर सर्किल रेट में सीधी छूट मिलेगी। यदि भवन 20 वर्ष तक पुराना है, तो कोई छूट नहीं मिलेगी, लेकिन 20 से 30 वर्ष पुराने भवन पर 20%, 30 से 40 वर्ष पुराने भवन पर 30%, और 40 से 50 वर्ष तक पुरानी इमारतों के सर्किल रेट पर 40% तक की बड़ी छूट दी जाएगी।सड़क की चौड़ाई का नया पैमाना: पहले सर्किल रेट मुख्य रूप से 9 से 18 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों के आधार पर तय होते थे, जिससे तंग गलियों और छोटी सड़कों पर बने मकानों के खरीदारों को नुकसान होता था। अब नौ मीटर से कम चौड़ी सड़क (जैसे 4 मीटर से 8 मीटर और 8 से 12 मीटर की सड़कें) के सामने स्थित भूखंडों, फ्लैटों और मकानों के लिए अलग और राहत भरी श्रेणियां बनाई गई हैं, जिससे पुरानी बस्तियों के निवासियों को बड़ी वित्तीय राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जिला और पूर्वांचल के प्रमुख महानगर गोरखपुर (Gorakhpur) से स्थानीय निकाय और राजस्व वसूली को लेकर एक बहुत ही सकारात्मक और राहत भरी खबर सामने आ रही है। गोरखपुर नगर निगम (Gorakhpur Municipal Corporation) द्वारा बकायेदारों के लिए शुरू की गई एकमुश्त समाधान योजना (OTS Scheme) महानगर के नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत जहां एक तरफ अपने पुराने और लंबित हाउस टैक्स (गृह कर) व अन्य करों से जूझ रहे करदाताओं को भारी-भरकम छूट का लाभ मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ नगर निगम के राजस्व (Revenue Collection) में भी बंपर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, इस ओटीएस योजना के जरिए अब तक निगम ने कुल 3.84 करोड़ रुपये की शानदार वसूली कर ली है, जबकि शहर के हजारों लोगों ने इसके लिए बढ़-चढ़कर आवेदन किया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि गोरखपुर में चल रही इस एकमुश्त समाधान योजना से किस तरह से नागरिकों और प्रशासन दोनों को बड़ा फायदा पहुंच रहा है।गोरखपुर में ओटीएस योजना को मिल रहा बंपर रिस्पॉन्स: अब तक 23 हजार से अधिक आवेदन प्राप्तनगर निगम प्रशासन द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गोरखपुर में संपत्ति कर और गृह कर के बकायेदारों को राहत देने के लिए लाई गई एकमुश्त समाधान योजना के प्रति शहरवासियों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, गत 27 अक्टूबर 2026 तक नगर निगम के आधिकारिक पोर्टल और शासन के एकीकृत पोर्टल पर कुल मिलाकर 23,783 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से शासन के पोर्टल पर अकेले 16,942 आवेदन आए हैं, जबकि नगर निगम के अपने पोर्टल के माध्यम से 6,841 करदाताओं ने इस योजना का लाभ उठाने के लिए पंजीकरण कराया है। इन सभी पोर्टल्स और आवेदनों के आधार पर कुल मिलाकर लगभग 26.35 करोड़ रुपये की पुरानी मांग (Demand) दर्ज की गई है। इतने बड़े पैमाने पर आवेदन आने से यह साफ जाहिर होता है कि शहर के लोग अपने पुराने बकायों का निपटारा करके वित्तीय रूप से तनावमुक्त होना चाहते हैं।1,881 संपत्ति स्वामियों ने किया कर का भुगतान, करदाताओं को मिली 84.08 लाख की छूटएकमुश्त समाधान योजना का सबसे बड़ा आकर्षण इसमें मिलने वाली पेनल्टी माफी और ब्याज पर छूट (Surcharge Waiver) है। नगर निगम और शासन के पोर्टलों पर आए आवेदनों के आधार पर अब तक 1,881 से अधिक संपत्ति स्वामियों ने अपनी बकायेदारी का पूरा भुगतान करके योजना का प्रत्यक्ष लाभ उठा लिया है।इस योजना के नियमों के तहत बकायेदारों को अब तक कुल 84.08 लाख रुपये की भारी-भरकम छूट प्रदान की जा चुकी है। इसका सीधा मतलब यह है कि जो करदाता वर्षों से भारी भरकम ब्याज और पेनल्टी के बोझ तले दबे हुए थे, उन्हें इस योजना के माध्यम से बड़ी राहत मिली है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी राकेश कुमार सोनकर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि ओटीएस के तहत बकाया कर जमा करने पर नियमों के अनुसार एससियों (Assessors) और करदाताओं को विशेष छूट दी जा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक मोर्चे पर बड़ी सहूलियत महसूस हो रही है।नगर निगम के खजाने में पहुंचे 3.84 करोड़ रुपये, राजस्व बढ़ाने पर जोरबकायेदारों द्वारा लगातार किए जा रहे भुगतानों के चलते नगर निगम के खजाने में अब तक 3.84 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली हो चुकी है। हालांकि, जितने कुल आवेदन प्राप्त हुए हैं, उन सभी ने अभी तक अंतिम भुगतान की प्रक्रिया पूरी नहीं की है। यही वजह है कि नगर निगम प्रशासन के सामने अब यह एक बड़ी चुनौती भी है कि वह अधिक से अधिक आवेदकों से संपर्क साधकर उनका भुगतान समय पर सुनिश्चित कराएं, ताकि निगम के विकास कार्यों के लिए और अधिक वित्तीय संसाधन जुटाए जा सकें।नगर निगम का यह स्पष्ट मानना है कि इस योजना से जहां एक तरफ आम जनता को अपना बकाया चुकाने में सहूलियत मिल रही है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय निकाय को मिलने वाले राजस्व में इजाफा होने से शहर में सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं के विकास कार्यों को और अधिक गति दी जा सकेगी।नगर निगम की अपील: समय रहते उठाएं ओटीएस योजना का लाभ, वरना होगी सख्त कार्रवाईगोरखपुर नगर निगम प्रशासन ने शहर के सभी ऐसे बकायेदारों से अपील की है जिन्होंने अभी तक ओटीएस योजना के तहत अपने करों का भुगतान नहीं किया है, वे जल्द से जल्द अपनी प्रक्रिया पूरी कर लें। प्रशासन का यह भी कहना है कि जो लोग इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाने से चूक जाएंगे, आने वाले समय में उन पर निगम के नियमानुसार सख्त प्रशासनिक और वसूली संबंधी कार्रवाई की जा सकती है।शहर के लोग इस योजना की सफलता को लेकर काफी संतुष्ट नजर आ रहे हैं क्योंकि इससे उन्हें लंबी कानूनी प्रक्रियाओं और भारी-भरकम पेनल्टी से राहत मिल रही है। गोरखपुर में लागू की गई यह एकमुश्त समाधान योजना अन्य नगर निगमों के लिए भी एक बेहतरीन मॉडल बनती जा रही है, जिससे जनता और प्रशासन के बीच का समन्वय और अधिक मजबूत हो रहा है।
दिल्ली में अब ऑनलाइन बुक होगी शराब, QR कोड से दुकान से मिलेगा ऑर्डर
अब ग्राहकों को शराब की दुकान पर जाकर पहले ब्रांड पूछने और स्टॉक तलाशने की जरूरत नहीं होगी. दिल्ली में शुरू हुई नई डिजिटल व्यवस्था खरीदारी को दुकान तक पहुंचने से पहले ही मोबाइल पर पूरा करने का रास्ता खोल रही है.
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संगठनात्मक ढांचे और चुनावी रणनीतियों से इस वक्त उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों से एक बेहद अहम और बड़ी खबर सामने आ रही है। भारतीय जनता पार्टी के काशी क्षेत्र संगठन की तरफ से नई प्रदेश कार्यसमिति की बहुप्रतीक्षित सूची आधिकारिक तौर पर जारी कर दी गई है। इस नई सूची में कई चौंकाने वाले और नए समीकरण देखने को मिले हैं, जो आने वाले राजनीतिक भविष्य के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि देश के प्रधानमंत्री और वाराणसी के लोकप्रिय लोकसभा सांसद नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) को इस नई सूची में काशी से 'स्थायी आमंत्रित सदस्य' के रूप में शामिल किया गया है। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से कुल 14 ऊर्जावान नेताओं को इस प्रदेश कमेटी में जगह दी गई है, जिनमें से 11 नए चेहरे हैं जिन्हें पहली बार पार्टी ने इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। आइए विस्तार से जानते हैं कि बीजेपी की इस नई कार्यसमिति में जातीय और सामाजिक समीकरणों का किस तरह से संतुलन साधा गया है और किस-किस नेता को इसमें स्थान मिला है।वाराणसी से 14 सदस्यों को मिला प्रतिनिधित्व, 11 नए चेहरों पर जताया गया भरोसाभारतीय जनता पार्टी द्वारा जारी की गई काशी क्षेत्र की इस नई प्रदेश कार्यसमिति सूची में वाराणसी जिले का दबदबा साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और आशीर्वाद वाले इस शहर से पार्टी संगठन ने कुल 14 वरिष्ठ व कर्मठ कार्यकर्ताओं को प्रदेश कमेटी का सदस्य बनाया है।खास बात यह है कि इन 14 सदस्यों में से 11 चेहरे बिल्कुल नए हैं, जिन्हें पहली बार भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति में शामिल होने का अवसर मिला है। पार्टी नेतृत्व ने संगठन विस्तार और युवाओं को आगे बढ़ाने की अपनी नीति के तहत इन नए चेहरों पर भरोसा जताया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन नए और ऊर्जावान कार्यकर्ताओं के शामिल होने से वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर पार्टी का संगठन और अधिक मजबूत होगा, जिसका सीधा लाभ आगामी राजनीतिक और चुनावी गतिविधियों में देखने को मिलेगा।जातीय समीकरण और सामाजिक संतुलन का रखा गया पूरा ध्यानकिसी भी राजनीतिक दल के लिए कार्यसमिति का गठन करते समय क्षेत्रीय, जातीय और सामाजिक संतुलन साधना सबसे बड़ी चुनौती होता है। बीजेपी ने काशी क्षेत्र की इस नई सूची में इस बात का पूरा ख्याल रखा है कि समाज के हर वर्ग और हर तबके को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।पार्टी ने इस सूची में 'सबका साथ, सबका विकास' के मूल मंत्र को चरितार्थ करते हुए महिलाओं और अल्पसंख्यक वर्ग को भी विशेष रूप से प्रतिनिधित्व दिया है। पार्टी के इस कदम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि बीजेपी हर वर्ग को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। अल्पसंख्यक वर्ग की ओर से हैदर अब्बास चांद को पहली बार प्रदेश कार्यसमिति में शामिल किया गया है, जिसे पार्टी के इस समावेशी दृष्टिकोण का एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।आधी आबादी की मजबूत भागीदारी: महिला नेत्रियों को भी मिली बड़ी जिम्मेदारीराजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने को लेकर बीजेपी हमेशा से मुखर रही है। काशी क्षेत्र की इस नई कार्यसमिति में भी 'आधी आबादी' (महिलाओं) को पूरा मान-सम्मान दिया गया है।वाराणसी से भाजपा की सक्रिय नेत्रियों मीना चौबे और निर्मला पटेल को पहली बार प्रदेश कमेटी का सदस्य बनाया गया है। इन महिला नेत्रियों के सांगठनिक अनुभव और उनकी सक्रियता को देखते हुए पार्टी ने उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। इसके अलावा जिन अन्य प्रमुख चेहरों को पहली बार इस कमेटी में जगह मिली है, उनमें विद्यासागर राय, राम गोपाल मोहले, शशिकांत राय, सौरभ सिंह, सुधीर मिश्र और निर्मला पटेल जैसे समर्पित कार्यकर्ता शामिल हैं। कुल 14 लोगों की इस सूची में पार्टी ने अपने पुराने और अनुभवी तीन चेहरों—केदारनाथ सिंह, बीना पांडेय और अजय सिंह—को भी शामिल करके अनुभव और नए जोश का एक बेहतरीन तालमेल बिठाया है।अजय सिंह को मिला मान, मंत्रियों और विधायकों को भी मिली कमेटियों में जगहइस नई सूची में अजय सिंह का नाम भी चर्चा का विषय बना हुआ है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि हाल ही में संपन्न हुए एमएलसी चुनावों के दौरान अजय सिंह ने अपनी दावेदारी वापस ले ली थी, और अब पार्टी ने उनके उस त्याग और अनुशासन का सम्मान करते हुए उन्हें इस प्रदेश कमेटी में शामिल कर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।इसके अलावा, इस कार्यसमिति में उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख मंत्रियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। कमेटी में राज्य के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, रविंद्र जायसवाल और दयाशंकर मिश्र 'दयालु' को भी शामिल किया गया है, जो संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय का काम करेंगे। वहीं, स्थानीय विधायकों के रूप में नीलकंठ तिवारी और सौरभ श्रीवास्तव को बतौर आमंत्रित सदस्य इस सूची में जगह दी गई है, जिससे पार्टी की प्रशासनिक पकड़ और अधिक मजबूत होगी।काशी क्षेत्र के विभिन्न जिलों में किसे मिला कितना प्रतिनिधित्व?वाराणसी के अलावा काशी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अन्य जिलों से भी पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को इस प्रदेश कार्यसमिति में शामिल किया गया है, जिससे पूरे प्रांतीय संगठन में उत्साह का माहौल है। काशी क्षेत्र के विभिन्न जिलों से कार्यसमिति में शामिल कुल सदस्यों का आंकड़ा इस प्रकार है:प्रयागराज: 49 सदस्यवाराणसी: 14 सदस्यप्रतापगढ़: 6 सदस्यसोनभद्र: 6 सदस्यमीरजापुर: 6 सदस्यसुल्तानपुर: 7 सदस्यसंत रविदास नगर (भदोही): 4 सदस्यचंदौली: 4 सदस्यजौनपुर: 5 सदस्यगाजीपुर: 2 सदस्यअमेठी: 2 सदस्यकौशांबी: 1 सदस्यइन सभी जिलों के आकलनों को देखें तो प्रयागराज और वाराणसी जैसे बड़े महानगरों और संभागों को पार्टी ने संगठन के लिहाज से सबसे अधिक प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काशी से स्थायी आमंत्रित सदस्य के रूप में जुड़ने और नई प्रदेश कार्यसमिति के ऐलान के बाद से ही वाराणसी के कार्यकर्ताओं में भारी जोश और उमंग देखने को मिल रही है। यह नई टीम आगामी राजनीतिक चुनौतियों से निपटने और संगठन को और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूरी तरह से तैयार नजर आ रही है।
करवाचौथ पर भद्रा काल के साये से बढ़ी सुहागिनों की धड़कनें, सरगी, पूजा और चांद निकलने का सटीक समय
सनातन संस्कृति और सुहागिन महिलाओं के सबसे बड़े पावन पर्व 'करवा चौथ' (Karwa Chauth 2026) का इंतजार हर साल हर सुहागिन को बेहद बेसब्री से रहता है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर रखा जाने वाला यह निर्जला व्रत पति की लंबी उम्र, उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए रखा जाता है। इस साल करवा चौथ का यह महापर्व 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार के दिन देश भर में बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। सूर्योदय से पहले सरगी खाने से शुरू होने वाला यह कठिन उपवास रात को आसमान में चांद के दीदार करने और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही संपन्न होता है। हालांकि, इस बार करवा चौथ के दिन 'भद्रा काल' (Bhadra Kaal) की मौजूदगी को लेकर महिलाओं के मन में कुछ संशय और चिंताएं बनी हुई हैं। क्या भद्रा काल की वजह से पूजा या व्रत पर कोई अशुभ प्रभाव पड़ेगा? आइए प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य और पंचांग विशेषज्ञों के माध्यम से जानते हैं कि इस बार भद्रा का समय क्या रहेगा तथा सरगी, शाम की पूजा और चांद निकलने का सही मुहूर्त क्या है।करवा चौथ पर भद्रा काल का साया: क्या सचमुच महिलाओं को चिंता करने की है जरूरतहिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में किसी भी व्रत, त्योहार या शुभ कार्य को शुरू करने से पहले भद्रा काल पर विशेष रूप से विचार किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि भद्रा काल के दौरान कोई भी मांगलिक या शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। इस बार करवा चौथ के दिन भी भद्रा का योग बन रहा है, जिससे कई सुहागिनों की चिंताएं थोड़ी बढ़ गई हैं।पंचांग की गणना के अनुसार, 29 अक्टूबर 2026 को करवा चौथ के दिन सुबह 6 बजकर 25 मिनट से लेकर 6 बजकर 46 मिनट तक लगभग 21 मिनट की अवधि के लिए भद्रा का साया रहेगा। लेकिन घबराने की कोई बात नहीं है, क्योंकि ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस विशेष अवधि में भद्रा का वास 'स्वर्ग लोक' में रहेगा। शास्त्रों में ऐसा माना जाता है कि जब भद्रा स्वर्ग लोक में होती है, तो उसका पृथ्वी के मनुष्यों पर कोई अशुभ प्रभाव नहीं पड़ता है। इसके अलावा, सुबह 6 बजकर 46 मिनट पर भद्रा स्वतः ही समाप्त हो जाएगी। इसलिए दिनभर के व्रत, श्रृंगार और शाम के वक्त की जाने वाली मुख्य पूजा पर इसका कोई भी नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। महिलाएं पूरी श्रद्धा और बिना किसी संशय के अपने सभी अनुष्ठान संपन्न कर सकती हैं।ब्रह्म मुहूर्त और सरगी का सही समय: दिनभर की ऊर्जा का आधारकरवा चौथ के व्रत की शुरुआत सूर्योदय से पहले ही हो जाती है, जिसमें सास द्वारा दी गई 'सरगी' (Sargi) खाने का विशेष विधान है। सरगी खाना व्रत का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जो पूरे दिन बिना पानी के रहने के लिए महिलाओं को ऊर्जा प्रदान करता है।वर्ष 2026 के पंचांग के अनुसार, करवा चौथ के दिन ब्रह्म मुहूर्त यानी सरगी खाने का सबसे सही समय सुबह 04 बजकर 58 मिनट से लेकर सुबह 05 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। सुहागिन महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर इस निर्धारित समय के भीतर अपनी सरगी ग्रहण कर लें और पूरे दिन निर्जला व्रत रखने का संकल्प लें।करवा चौथ 2026: शाम की पूजा का शुभ मुहूर्त और विधिदिनभर भूखे-प्यासे रहने के बाद शाम के समय माता करवा, भगवान गणेश, शिव-पार्वती और कार्तिकेय जी की पूजा की जाती है। इस दौरान कथा सुनने और करवा बदलने की रस्म निभाई जाती है। शाम की पूजा का यह समय परिवार की सुख-समृद्धि और पति के मंगल भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है।इस साल शाम की पूजा के लिए जो सबसे उत्तम मुहूर्त बन रहा है, वह शाम 05 बजकर 38 मिनट से शुरू होकर रात 06 बजकर 56 मिनट तक रहेगा (यानी कुल करीब 1 घंटे 18 मिनट की अवधि)। कुछ अन्य स्थानीय पंचांगीय गणनाओं के अनुसार यह मुहूर्त शाम 05 बजकर 46 मिनट से 07 बजकर 04 मिनट तक भी मान्य रहेगा। इस समयावधि के दौरान महिलाएं अपने घर में विधिवत पूजा-पाठ संपन्न कर सकती हैं।चांद निकलने का समय: कब होगा चंद्रमा का दीदारकरवा चौथ के इस पावन व्रत का सबसे प्रतीक्षित पल रात के समय आसमान में चांद का दीदार करना होता है। दिनभर की कठिन तपस्या के बाद महिलाएं छलनी से चांद को देखती हैं और फिर अपने पति के हाथों से जल ग्रहण करके अपना व्रत खोलती हैं।इस वर्ष करवा चौथ के दिन चंद्रोदय (चांद निकलने का समय) रात लगभग 08 बजकर 17 मिनट पर होने का अनुमान है। हालांकि, यह समय देश के अलग-अलग शहरों, भौगोलिक स्थितियों और बादलों की स्थिति के आधार पर थोड़ा आगे-पीछे हो सकता है। चांद दिखने के बाद सुहागिनें अर्घ्य देकर अपने सुहाग की लंबी उम्र की प्रार्थना करेंगी और इस तरह यह कठिन और पवित्र व्रत सफलताપૂર્વक संपन्न होगा।
रूठे लोग, उठा विश्वास! रामायण का म्यूजिक देकर क्यों घिरे रहमान?
25 अक्टूबर को 'रामायण' का गाना 'मंगल रंग' रिलीज हुआ. राम-सीता के स्वयंवर, विवाह और सीता के अयोध्या आगमन से जुड़े प्रसंगों को समेटे इस गीत से उम्मीद थी कि एआर रहमान का संगीत इन पलों की भव्यता के साथ उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक संवेदना को भी सुरों में पिरोएगा. लेकिन गाना सामने आते ही इसकी धुन बहस का विषय बन गई.
आज कृत्तिका नक्षत्र और व्यतिपात योग का महासंयोग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पंचांग की हर खास बात
सनातन संस्कृति और हमारे दैनिक जीवन में पंचांग (Panchang) का बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। किसी भी नए कार्य की शुरुआत करने, शुभ-अशुभ समय को जानने तथा व्रत-त्योहारों की सही तिथि का निर्धारण करने के लिए पंचांग का अध्ययन करना सबसे उत्तम माध्यम माना जाता है। आज 28 अक्टूबर 2026 (बुधवार) का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बेहद खास रहने वाला है। आज के दिन आसमान में कई अद्भुत योगों और नक्षत्रों का महासंयोग बन रहा है, जो विभिन्न राशियों के जातकों के लिए अलग-अलग प्रभाव लेकर आया है। आइए प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आनंद सागर पाठक (एस्ट्रोपत्री) के बताए गए आकलन के अनुसार विस्तार से जानते हैं कि आज 28 अक्टूबर 2026 के पंचांग के तहत सूर्य-चंद्रमा की स्थिति, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और नक्षत्रों का पूरा गणित क्या कहता है।आज की तिथि, मास और संवत का संपूर्ण विवरणहिंदू पंचांग के अनुसार, आज का दिन बहुत ही पवित्र और ऊर्जा से भरपूर माना गया है। आइए जानते हैं आज के मुख्य पंचांगीय आंकड़े:मास एवं पक्ष: वर्तमान में कार्तिक मास का कृष्ण पक्ष चल रहा है, जो आध्यात्मिक साधना और व्रत-उपवास के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।दिन और संवत: आज बुधवार का दिन है और विक्रम संवत 2083 चल रहा है।तृतीया तिथि: आज कार्तिक कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है, जो अगले दिन यानी 29 अक्टूबर को तड़के 01 बजकर 06 मिनट तक प्रभावी रहेगी, जिसके बाद चतुर्थी तिथि का आरंभ हो जाएगा।व्यतिपात और वरियान योग: आज के दिन बहुत ही खास 'व्यतिपात योग' का संयोग बन रहा है, जो प्रातः 07 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। इसके बाद 'वरियान योग' शुरू हो जाएगा जो अगले दिन तड़के 03 बजकर 40 मिनट तक बना रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में व्यतिपात योग के दौरान किए गए जप, तप, ध्यान, दान और पूजन-पाठ का कई गुना अधिक पुण्य फल प्राप्त होता है।करण की स्थिति: दिन में दोपहर 02 बजकर 36 मिनट तक 'वणिज करण' रहेगा, जिसके बाद 'विष्टि (भद्रा) करण' की शुरुआत होगी।सूर्य और चंद्रमा की स्थिति तथा उनकी राशियांग्रहों के राजा सूर्य और मन के कारक चंद्रमा की चाल हमारे जीवन और मानसिक स्थिति को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है। आज के दिन इनकी स्थिति इस प्रकार है:सूर्योदय और सूर्यास्त: आज सुबह सूर्योदय ठीक 06 बजकर 30 मिनट पर हुआ, जबकि शाम को सूर्यास्त का समय 05 बजकर 39 मिनट रहेगा।चंद्रोदय और चंद्रास्त: आज शाम को चंद्रमा का उदय 07 बजकर 16 मिनट पर होगा, जबकि अगले दिन सुबह 08 बजकर 42 मिनट पर चंद्रमा अस्त होंगे।ग्रहों की राशि: आज के दिन सूर्य देव तुला राशि (Libra) में विराजमान हैं, जबकि चंद्र देव वृषभ राशि (Taurus) में स्थित हैं। वृषभ राशि में चंद्रमा का होना जातकों को स्थिरता और बौद्धिक संतुलन प्रदान करता है।आज के शुभ मुहूर्त: कब करें अपने जरूरी और मांगलिक कार्य?यदि आप आज के दिन कोई नया बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, कोई बड़ी खरीदारी करना चाहते हैं या किसी शुभ यात्रा पर निकलना चाहते हैं, तो मुहूर्त का विशेष ध्यान रखना चाहिए। आज के शुभ समय इस प्रकार हैं:अभिजीत मुहूर्त: आज के दिन कोई विशेष अभिजीत मुहूर्त नहीं है, इसलिए विशेष बड़े कार्यों के लिए अन्य शुभ चौघड़िया या अमृत काल का सहारा लेना उचित रहेगा।अमृत काल: आज का सबसे बेहतरीन और फलदायी समय 'अमृत काल' माना जा रहा है, जो प्रातः 11 बजकर 15 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। इस दौरान किए गए सभी कार्य सफल और शुभ फल देने वाले होते हैं।आज के अशुभ समय और राहुकाल: इन समयों में बरतें विशेष सावधानीज्योतिष शास्त्र में कुछ ऐसे समय भी बताए गए हैं जिनमें किसी भी प्रकार का नया या शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है। आज के अशुभ काल निम्नलिखित हैं:राहुकाल (Rahu Kaal): दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से शुरू होकर दोपहर 01 बजकर 28 मिनट तक का समय राहुकाल का रहेगा। इस दौरान किसी भी प्रकार का शुभ, नया या व्यावसायिक कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।गुलिकाल (Gulika Kaal): प्रातः 10 बजकर 41 मिनट से दोपहर 12 बजकर 05 मिनट तक गुलिकाल रहेगा।यमगण्ड काल (Yamagandam): प्रातः 07 बजकर 54 मिनट से प्रातः 09 बजकर 17 मिनट तक का समय यमगण्ड के अधीन रहेगा।आज का नक्षत्र: कृत्तिका नक्षत्र का प्रभाव और उसकी विशेषताएंआज के दिन चंद्रदेव कृत्तिका नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। कृत्तिका नक्षत्र दोपहर 01 बजकर 26 मिनट तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद रोहिणी नक्षत्र का आरंभ हो जाएगा। आइए जानते हैं कृत्तिका नक्षत्र से जुड़ी खास बातें:नक्षत्र के स्वामी व देवता: कृत्तिका नक्षत्र के मुख्य स्वामी ग्रह सूर्यदेव हैं, जबकि इसके राशि स्वामी मंगलदेव और शुक्रदेव हैं। इस नक्षत्र के अधिदेवता अग्निदेव (Lord Agni) हैं, और इसका प्रतीक चिन्ह 'भाला या अस्त्र' माना जाता है।व्यक्तिगत विशेषताएं: कृत्तिका नक्षत्र में जन्म लेने वाले या इस नक्षत्र के प्रभाव वाले लोग तेज बुद्धि, अत्यधिक स्वाभिमानी, धार्मिक विचारों वाले और परंपरावादी होते हैं। वे स्वभाव से थोड़े क्रोधी, निडर, ऊर्जावान और समाज में प्रभावशाली होते हैं। हालांकि, वे कई बार अपनी बात को लेकर बहुत दृढ़ और कठोर भी हो सकते हैं। आज इस नक्षत्र के प्रभाव से जातकों को अपनी कार्यक्षमता दिखाने के कई बेहतरीन अवसर प्राप्त होंगे।
आदिवासियों के आंदोलन के आगे झुकी सरकार?: मांगों पर कार्रवाई का दिया भरोसा, वापस लौटा 49 हजार लोगों का मार्च- Maharashtra government bowed to tribal movement Assures action on demands march of 49000 people turns back
शहनाइयों की गूंज और चातुर्मास का समापन: नवंबर में कब हैं 'रमा' और 'देवउठनी' एकादशी
सनातन संस्कृति और हमारे धार्मिक पंचांग में 'एकादशी' (Ekadashi) के व्रत का स्थान अत्यंत पवित्र और फलदायी माना जाता है। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, प्रत्येक माह में दो बार एकादशी की तिथि आती है—एक कृष्ण पक्ष में और दूसरी शुक्ल पक्ष में। इस प्रकार साल भर में कुल 24 एकादशी व्रत रखे जाते हैं, जो सीधे तौर पर जगत के पालनहार भगवान श्री विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित होते हैं। अक्टूबर का महीना समाप्त होने के बाद अब साल के 11वें महीने यानी नवंबर में दो बेहद महत्वपूर्ण एकादशियां पड़ने वाली हैं, जिनका इंतजार हर उस परिवार को रहता है जो मांगलिक कार्यों या वैवाहिक आयोजनों की शुरुआत का इंतजार कर रहे हैं। जी हां, नवंबर 2026 में 'रमा एकादशी' (Rama Ekadashi 2026) और 'देवउठनी एकादशी' (Devuthani Ekadashi 2026) का व्रत रखा जाएगा। देवउठनी एकादशी के साथ ही चार महीने से चल रहा चातुर्मास समाप्त होता है और एक बार फिर से घरों में शहनाइयों की गूंज सुनाई देने लगती है। आइए विस्तार से जानते हैं नवंबर महीने में आने वाली इन दोनों एकादशियों की सटीक तारीख, शुभ मुहूर्त, पारण का समय और इनके धार्मिक महत्व के बारे में।नवंबर 2026 की पहली बड़ी एकादशी: कब है रमा एकादशी और क्या है पूजा का शुभ मुहूर्तकार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को 'रमा एकादशी' के नाम से जाना जाता है। दिवाली के पावन पर्व से ठीक पहले आने वाली यह एकादशी आध्यात्मिक और आर्थिक समृद्धि के लिए बहुत खास मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, 'रमा' माता लक्ष्मी का ही एक स्वरूप है, इसलिए इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की पूजा करने से घर में कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती है।पंचांग की गणना के अनुसार, नवंबर 2026 में रमा एकादशी की तिथि और शुभ मुहूर्त इस प्रकार रहेंगे:रमा एकादशी तिथि का आरंभ: 4 नवंबर 2026 को सुबह 11 बजकर 03 मिनट से शुरू होगी।रमा एकादशी तिथि का समापन: 5 नवंबर 2026 को सुबह 10 बजकर 35 मिनट पर समाप्त होगी।व्रत की सही तारीख: उदया तिथि (Udaya Tithi) के नियमानुसार रमा एकादशी का मुख्य व्रत 5 नवंबर 2026, गुरुवार के दिन रखा जाएगा।व्रत का पारण समय: जो भक्त व्रत रखेंगे, वे 6 नवंबर 2026 की सुबह 6 बजकर 37 मिनट से लेकर 8 बजकर 48 मिनट के बीच अपना व्रत खोल सकते हैं।पूजा का शुभ मुहूर्त: 5 नवंबर को दोपहर के समय अभिजीत मुहूर्त यानी सुबह 11 बजकर 43 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 26 मिनट तक का समय भगवान विष्णु की आराधना के लिए सबसे उत्तम रहेगा।रमा एकादशी का महत्व और धार्मिक मान्यताएंसभी एकादशी व्रतों की तरह रमा एकादशी का व्रत भी मनुष्य के पापों का नाश करने वाला और मोक्ष प्रदान करने वाला माना जाता है। इस दिन जो भी जातक सच्चे मन से उपवास रखता है, उसे भगवान विष्णु की असीम कृपा प्राप्त होती है।इस विशेष दिन पर दान-पुण्य और सेवा कर्मों का भी बहुत बड़ा महत्व बताया गया है। मां लक्ष्मी और श्रीहरि को प्रसन्न करने के लिए व्रती को चाहिए कि वह जरूरतमंदों को भोजन कराएं, गरीबों को अन्न और वस्त्र दान करें तथा शांत मन से भगवान के मंत्रों का जाप करें। माना जाता है कि ऐसा करने से जीवन में आ रही समस्त आर्थिक बाधाएं दूर हो जाती हैं और घर-परिवार में सुख-शांति व सकारात्मक ऊर्जा का स्थायी वास होता है।देवउठनी एकादशी 2026: चातुर्मास का समापन और शहनाइयों की वापसीनवंबर महीने की दूसरी और सबसे अधिक प्रतीक्षित एकादशी 'देवउठनी एकादशी' होती है, जिसे देश के कई हिस्सों में 'देवोत्थान एकादशी' या 'प्रबोधिनी एकादशी' के नाम से भी पुकारा जाता है। हिंदू धर्म की पौराणिक कथाओं के अनुसार, आषाढ़ मास की देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं, जिस दौरान सभी प्रकार के मांगलिक कार्य, विवाह और गृहप्रवेश आदि वर्जित माने जाते हैं, जिसे हम 'चातुर्मास' कहते हैं।कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु अपनी चार महीने की निद्रा से जागते हैं। श्रीहरि के जागते ही चातुर्मास की अवधि समाप्त हो जाती है और ब्रह्मांड में एक बार फिर से सभी शुभ व मांगलिक कार्यों की जोरदार शुरुआत हो जाती है। इस साल देवउठनी एकादशी की तिथियां इस प्रकार हैं:देवउठनी एकादशी तिथि का आरंभ: 20 नवंबर 2026 को सुबह 7 बजकर 15 मिनट से होगी।देवउठनी एकादशी तिथि का समापन: 21 नवंबर 2026 को सुबह 6 बजकर 31 मिनट पर समाप्त होगी।व्रत की सही तारीख: उदया तिथि के आधार पर देवउठनी एकादशी का व्रत 20 नवंबर 2026, शुक्रवार के दिन रखा जाएगा।व्रत का पारण समय: इस व्रत का पारण अगले दिन 21 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 11 मिनट से लेकर 3 बजकर 18 मिनट के बीच किया जा सकेगा।पूजा का शुभ मुहूर्त: 20 नवंबर को सुबह 11 बजकर 45 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक का समय पूजा-अर्चना के लिए सबसे श्रेष्ठ रहेगा।देवउठनी एकादशी का महत्व और तुलसी विवाह की परंपरादेवउठनी एकादशी का सनातन संस्कृति में बहुत बड़ा सामाजिक और धार्मिक महत्व है। इस दिन का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि इसी दिन से देश भर में शादी-ब्याह (Marriage Season) के सावे और लगन शुरू हो जाते हैं, जिससे बाजारों से लेकर घरों तक एक बार फिर से रौनक लौट आती है।इसके अलावा, भारत के अधिकांश क्षेत्रों में देवउठनी एकादशी के पावन अवसर पर ही पवित्र 'तुलसी विवाह' (Tulsi Vivah) का आयोजन भी किया जाता है। इस दिन माता तुलसी और भगवान शालिग्राम का विवाह धूमधाम से रचाया जाता है। भक्त अपने घरों को दीयों और रंगोली से सजाते हैं, गन्ने का मंडप बनाते हैं और भगवान विष्णु को जगाने के लिए पारंपरिक भजन-कीर्तन करते हैं। देवउठनी एकादशी के दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी से परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मंगल भविष्य की कामना की जाती है। नवंबर महीने में आने वाली ये दोनों एकादशियां भक्तों के जीवन में ढेर सारी खुशियां और नई शुरुआत लेकर आती हैं।
दोहरी मुसीबत- अर्नब के बाद आ सकता है नया तूफान, साइंटिस्ट की चेतावनी
अर्नब आंध्र तट पर लैंडफॉल कर रहा है. साइंटिफिक मॉडल बताते हैं कि कुछ दिनों बाद नया तूफान ओडिशा की ओर बढ़ सकता है. आईएमडी निगरानी कर रहा है.
दरक रहा BJP का ‘पाटलिपुत्र’... बांकीपुर के बाद पटना सीट पर भी ढहा 30 साल पुराना किला
बिहार की राजनीति के केंद्र पाटलिपुत्र में बीजेपी का तीन दशक पुराना किला लगातार दरक रहा है. बांकीपुर उपचुनाव में मिली हार के बाद अब पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की एमएलसी सीट पर भी बीजेपी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है. ऐसे में सवाल उठने लगा है कि बीजेपी का दुर्ग क्यों कमजोर पड़ रहा.
Microsoft के सह-संस्थापक Bill Gates का जन्मदिन आज, 1975 में रखी थी नींव
बिल गेट्स का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। 28 अक्टूबर, 1955 को वाशिंगटन में जन्मे बिल ने वर्ष 1975 में पाल एलन के साथ मिलकर सॉफ्टवेयर कम्पनी माइक्रोसॉफ्ट की स्थापना की। तब कौन जानता था कि एक दिन यह दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी बन जाएगी और गेट्स पर्सनल कंप्यूटर के क्षेत्र में क्रान्ति के अग्रदूत बनेंगे। उनकी तरक्की की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 32 साल पूरे होने के पहले ही 1987 में उनका नाम अरबपतियों की फ़ोर्ब्स सूची में आ गया और कई साल तक वह इस सूची में पहले स्थान पर रहे।अथाह धन होने के बावजूद बेहद सामान्य और सहज जीवन बिताने वाले बिल गेट्स अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा धर्मार्थ कार्यों एवं समाज सुधार पर खर्च करते हैं। उन्होंने दो किताबें भी लिखीं हैं, द रोड अहेड और बिजनेस @ स्पीड ऑफ़ थॉट्स।28 अक्टूबर 2020 को पर्यटन और प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल दूर दराज के समुदायों को सौर ऊर्जा उपलब्ध कराने वाले भारतीय संगठन ग्लोबल हिमालयन एक्सपीडिशन (जीएचई) को कोविड-19 महामारी के बीच भी जलवायु परिवर्तन से मुकाबला करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रतिष्ठित पुरस्कार ‘यूएन ग्लोबल क्लाइमेट एक्शन अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। जीएचई दुनिया का पहला संगठन है जो पर्यटन और प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल दूर दराज के समुदायों तक सौर ऊर्जा पहुंचाने में करता है। जीएचई ‘इम्पैक्ट एक्सपीडिशन’ के तहत पर्यटन से मिले शुल्क और अन्य राशि का इस्तेमाल गांवों में सौर पैनल खरीदने, परिवहन, स्थापित करने और ग्रामीणों को प्रशिक्षित करने में खर्च करता है ताकि बिजली के सूक्ष्म ग्रिड का परिचालन वे स्वयं कर सकें। देश दुनिया के इतिहास में 28 अक्टूबर की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-1538 : अमेरिका में पहला विश्वविद्यालय, यूनिवर्सिडैड सैंटो टॉमस डी एक्विनो, सैंटो डोमिंगो में स्थापित किया गया।1867 : स्वामी विवेकानंद की शिष्या भगिनी निवेदिता का आयरलैंड में जन्म।1886 : अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति ग्रोवर क्लेवलैंड ने फ्रांस की जनता की तरफ से अमेरिकी जनता को तोहफे के तौर पर मिले ‘‘स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी’’ को राष्ट्र को समर्पित किया।1914 : अमेरिका के चिकित्सा विज्ञानी जोनास एडवर्ड साल्क का जन्म, जिन्होंने पोलियो की पहली सुरक्षित और कारगर दवा ईजाद की।1955 : पेप्सिको की अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंद्रा नूयी का जन्म।1955 : अमेरिका के विश्व प्रसिद्ध कंप्यूटर प्रोग्रामर और उद्यमी बिल गेट्स का जन्म।1962 : क्यूबा का मिसाइल संकट हल होने से विश्व ने राहत की सांस ली।1971 : ग्रेट ब्रिटेन ने प्रोस्परो का प्रक्षेपण किया। यह एक्स-3 उपग्रह श्रृंखला का पहला उपग्रह था।2009 : पाकिस्तान के पेशावर शहर में आत्मघाती बम हमले में 117 लोगों की मौत, 213 घायल हुए।2012 : सीरिया में संघर्ष विराम का उल्लंघन, 128 लोग मारे गये।2018 : जायर बोल्सोनारो 5.7 करोड़ वोट हासिल कर ब्राजील के राष्ट्रपति निर्वाचित हुए। वर्कर्स पार्टी के उम्मीदवार फर्नांडो हेडेड दूसरे स्थान पर रहे। 16 साल में पहली बार वर्कर्स पार्टी के उम्मीदवार को नहीं मिली जीत।2021 : फेसबुक ने कंपनी का नाम ‘मेटा’ किया।2022 : उद्योगपति एलन मस्क ने ट्विटर की कमान संभाली। इसी दिन दक्षिणी फिलीपीन में बाढ़ और भूस्खलन से कम से कम 42 लोगों की मौत।2023 : मिस्र में काहिरा और भूमध्यसागर शहर सिकन्दरिया को जोड़ने वाले राजमार्ग पर कई कारों के एक के पीछे एक टकराने से 32 लोगों की मौत। इसी दिन मध्य कजाकिस्तान में कोयला खदान में आग लगने से 33 लोगों की जान चली गई।2024 : चाड में सैन्य अड्डे पर हुए हमले में 40 सैनिक मारे गए।2025 : शतरंज के दिग्गज भारतीय ग्रैंडमास्टर डी. गुकेश और दिव्या देशमुख ने यूरोपियन चेस क्लब कप 2025 में स्वर्ण पदक जीते।
कौन सी है सबसे ज्यादा सैलरी वाली नौकरी? लाखों में होती है कमाई
भारत में कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां हर महीने कर्मचारियों को शानदार सैलरी मिलती है. इनमें CEO, जज, AI इंजीनियर्स और IAS-IPS अधिकारियों को शामिल किया गया है.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार SCO फोरम के लिए भारत ने पाकिस्तान को भेजा न्योता
भारत ने 20 से 22 नवंबर तक नई दिल्ली में होने वाले पहले SCO सिविलाइजेशन डायलॉग फोरम के लिए पाकिस्तान के संस्कृति मंत्री औरंगजेब खान खिची को आमंत्रित किया है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद किसी वरिष्ठ पाकिस्तानी मंत्री को भारत की ओर से इस तरह का पहला न्योता दिया गया है.
सौरभ दास को मेंटर कर रहे हैं सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज? पुरानी तस्वीर पर खुद दी सफाई
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज संजय किशन कौल ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास को मेंटर करने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि दिवाली पर मुलाकात हुई थी और उन्होंने भाषा में नरमी बरतने की सलाह दी थी।
सुबह का नाश्ता हरिद्वार में, दिल्ली से 1.5 घंटे में पहुंचेंगे गंगा के तीरे
Delhi to Haridwar Expressway: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय पहले के मुकाबले काफी कम हुआ है. अब केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि, अगले दो महीने में दिल्ली को हरिद्वार से जोड़ने वाला नया एक्सप्रेसवे तैयार हो जाएगा. जिससे दिल्ली से हरिद्वार महज 1.5 घंटे में पहुंचा जा सकेगा.
underworld don Chhota Rajan distressed? he asks court: How much longer must I wait? I am getting on in age - क्यों परेशान हुआ अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन?: अदालत से हाथ जोड़कर बोला- और कितना इंतजार? अब मेरी उम्र हो रही है
Delhi Air Quality: राजधानी में 232 पहुंचा AQI, हवा खराब श्रेणी में दर्ज
दिल्ली में बुधवार को वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंच गई और वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 232 दर्ज किया गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ‘समीर’ ऐप से यह जानकारी प्राप्त हुई। मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 168 दर्ज किया गया था, जो मध्यम श्रेणी में आता है। सीपीसीबी के मानकों के अनुसार, शून्य से 50 के बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) को अच्छा, 51 से 100 को संतोषजनक, 101 से 200 को मध्यम, 201 से 300 को खराब, 301 से 400 को बेहद खराब और 401 से 500 को गंभीर श्रेणी में माना जाता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 15.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पालम में न्यूनतम तापमान 15.5 डिग्री सेल्सियस, जबकि लोधी रोड में 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रिज में न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस, जबकि आया नगर में 14.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
Jairam Ramesh ने केंद्र पर साधा निशाना, कहा आर्थिक बदहाली स्वीकारे सरकार
कांग्रेस ने बढ़ती महंगाई, कर्ज और कथित तौर पर घटती आमदनी को लेकर बुधवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सरकार को आर्थिक बदहाली की सच्चाई स्वीकार करनी चाहिए तथा रोजगार के अवसर बढ़ाने एवं महंगाई पर काबू पाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में यह दावा भी किया कि केंद्र सरकार महंगाई की वास्तविक स्थिति छिपाने के लिए आंकड़ों को ‘‘तोड़-मरोड़कर’’ पेश कर रही है और मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों का सबसे अधिक खामियाजा युवाओं तथा मध्यम वर्ग को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘बढ़ती महंगाई, बढ़ता कर्ज, घटती कमाई, मोदी सरकार में मध्यम वर्ग के हिस्से आई सिर्फ तबाही।’’रमेश ने दावा किया कि अर्थव्यवस्था की स्थिति और रोजगार के घटते अवसरों से युवा पीढ़ी सबसे अधिक प्रभावित हो रही है। उनके मुताबिक, कंपनियां पहले की तुलना में कम भर्तियां कर रही हैं और कई लोगों की वर्षों पुरानी नौकरियां भी जा रही हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि महंगाई की तुलना में आमदनी और बचत घट रही है, जबकि परिवारों पर कर्ज का बोझ तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि कई परिवार रोजमर्रा का खर्च पूरा करने के लिए भी उधार लेने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि वेतन या तो ठहरा हुआ है या महंगाई को ध्यान में रखने पर लोगों की वास्तविक क्रय शक्ति कम हुई है। रमेश ने दावा किया कि एक ओर अमीरों की संपत्ति और कॉरपोरेट मुनाफा बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए घरेलू बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विषम आर्थिक परिस्थितियों में परिवार अपनी बचत खर्च करके गुजर-बसर करने के लिए मजबूर हैं, लेकिन सरकार सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों का हवाला देकर जमीनी वास्तविकता को नकार रही है। कांग्रेस महासचिव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि बढ़ती आर्थिक असमानता देश की प्रमुख चिंताओं में से एक है। उन्होंने कहा, ‘‘जीडीपी के आंकड़े कभी यह नहीं बताते कि विकास का लाभ किसे मिल रहा है और आम आदमी की जिंदगी कितनी बेहतर हो रही है।’’रमेश ने दावा किया कि जब आय और संपत्ति का बड़ा हिस्सा कुछ लोगों के पास सिमटता जाए तथा आम परिवार महंगाई, कर्ज और घटती बचत के दबाव में हों, तो जीडीपी के आंकड़े जमीनी स्थिति को नहीं छिपा सकते। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास का दावा तभी सार्थक है जब उसका लाभ आम आदमी तक पहुंचे। रमेश ने कहा, ‘‘हमारी स्पष्ट मांग है कि सरकार आर्थिक बदहाली की सच्चाई स्वीकार करे, रोजगार के अवसर बढ़ाए और महंगाई पर काबू पाने के लिए ठोस कदम उठाए।’’
चक्रवाती तूफान 'अर्नब' बुधवार तड़के 2 बजे से 4 बजे के बीच तट से टकराने वाला है। इसे देखते हुए आंध्र प्रदेश और ओडिशा ने लगभग 4,000 चक्रवात आश्रय स्थल (साइक्लोन शेल्टर) बनाए हैं, हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है और आपदा प्रबंधन कर्मियों को अलर्ट (स्टैंडबाय) पर रखा है। एहतियात के तौर पर भारतीय रेलवे ने इस क्षेत्र में कम से कम 50 ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जबकि कई तटीय सड़कों पर यातायात पर प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। दक्षिण तटीय रेलवे (साउथ कोस्ट रेलवे) ने बुधवार के लिए निर्धारित 24 ट्रेनों को रद्द किया है, वहीं पूर्वी तटीय रेलवे (ईस्ट कोस्ट रेलवे) ने 22 ट्रेनों को रद्द किया है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक दक्षिण-पूर्वी रेलवे ने चार ट्रेनों को रद्द कर दिया है। चक्रवात 'अर्नब' और प्रशासनिक तैयारियों से जुड़ी 10 मुख्य बातें: 1. ट्रेनों का परिचालन प्रभावित, 50 से अधिक ट्रेनें रद्द एहतियाती कदम उठाते हुए भारतीय रेलवे ने प्रभावित क्षेत्रों में कम से कम 50 ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है। दक्षिण तटीय रेलवे (South Coast Railway) ने बुधवार के लिए निर्धारित 24 ट्रेनों को रद्द किया है, जबकि पूर्वी तटीय रेलवे (East Coast Railway) ने 22 ट्रेनें रद्द की हैं। इसके अतिरिक्त दक्षिण-पूर्वी रेलवे ने भी 4 ट्रेनों की आवाजाही को रोक दिया है। 2. हवाई उड़ानों पर ब्रेक, हवाई अड्डों पर पसरा सन्नाटा तूफानी हवाओं और खराब मौसम के कारण हवाई यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। विजयवाड़ा को चेन्नई और बेंगलुरु से जोड़ने वाली इंडिगो की उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। मंगलवार को विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम हवाई अड्डों पर 21 से अधिक उड़ानें रद्द रहीं, जबकि बुधवार को भी अकेले विजयवाड़ा हवाई अड्डे से 15 उड़ानों को रद्द घोषित किया गया है। 3. काकीनाडा और विशाखापत्तनम की ओर तेजी से बढ़ रहा है तूफान IMD के ताजा बुलेटिन के अनुसार, यह तूफान आंध्र प्रदेश के काकीनाडा से लगभग 140 किमी दक्षिण-पूर्व में और विशाखापत्तनम से 170 किमी दक्षिण में केंद्रित है। यह 18 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है और बुधवार को बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यनम के पास तट को पार करेगा। 4. आंध्र प्रदेश में 2,000 से अधिक साइक्लोन शेल्टर और मेडिकल टीमें तैनात आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य के संवेदनशील 20 जिलों में 2,131 चक्रवात आश्रय स्थल तैयार किए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में 1,087 चिकित्सा टीमों (Medical Teams) को अलर्ट पर रखा गया है। साथ ही 8,281 आपातकालीन बिस्तर और 1,274 एम्बुलेंस को पूरी तैयारी के साथ तैनात किया गया है। 5. 600 किमी रेल ट्रैक की निगरानी और 4,000 आश्रय स्थल तूफान के खतरे को देखते हुए भारतीय रेलवे ने लगभग 600 किमी लंबी रेल पटरियों को चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी में रखा है ताकि पटरियों के क्षतिग्रस्त होने पर तुरंत त्वरित उपाय किए जा सकें। दोनों राज्यों (आंध्र प्रदेश और ओडिशा) ने मिलकर कुल 4,000 साइक्लोन शेल्टर बनाए हैं, जहां हजारों लोगों को सुरक्षित पहुंचाया जा रहा है। 6. गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा और 2.70 करोड़ लोगों को अलर्ट मैसेज प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों से लोगों को निकालने के साथ-साथ विशेष देखभाल के तहत 1,351 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित अस्पतालों में भर्ती कराया है। इसके अतिरिक्त 14,686 राशन की दुकानों पर दो महीने का जरूरी खाद्यान्न स्टॉक कर लिया गया है और लगभग 2.70 करोड़ लोगों के मोबाइल फोन पर सीधे चेतावनी वाले एसएमएस (SMS) भेजे जा रहे हैं। 7. ओडिशा में बारिश शुरू, 16 जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद ओडिशा में चक्रवात के प्रभाव से तटीय जिलों में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो चुका है। सुरक्षा के मद्देनजर राज्य के 30 में से 16 जिलों में शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया गया है। 48,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालने के लक्ष्य में से अब तक 30,000 से ज्यादा लोगों को साइक्लोन शेल्टरों में शिफ्ट किया जा चुका है। पर्यटकों के समुद्र तटों (Beaches) पर जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। 8. ओडिशा में 294 रेस्क्यू टीमों की भारी तैनाती ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त (SRC) राजेश पी. पाटिल ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में 135 स्थायी और लगभग 1,600 अस्थायी चक्रवात आश्रय स्थल स्थापित किए गए हैं। स्थिति पर नजर रखने और बचाव कार्यों के लिए 294 बचाव दल मैदान में उतारे गए हैं, जिनमें राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के 9, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के 60 और अग्निशमन सेवा के 225 दल शामिल हैं। 9. तटीय इलाकों में सुरक्षा प्रोटोकॉल और ओलावृष्टि की चेतावनी मौसम विभाग ने तटीय क्षेत्रों में भारी तबाही और तेज हवाओं के झोंकों की आशंका व्यक्त की है। तटीय इलाकों में यातायात और सामान्य जनजीवन पर कड़ी पाबंदियां लगा दी गई हैं ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके। 10. तड़के तट से टकराएगा तूफान (Landfall) मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 'अर्नब' 28 अक्टूबर की सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश और यनम के तटों को 'बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान' (Very Severe Cyclonic Storm) के रूप में पार करेगा, जिसके बाद आने वाले 24 घंटे दोनों राज्यों के लिए बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं।
UP MLC Election: बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट पर BJP प्रत्याशी हरि सिंह ढिल्लो 17676 वोटों से जीते
उत्तर प्रदेश की बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार डॉ. हरि सिंह ढिल्लो ने समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशी दानिश अख्तर को 17,676 मतों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की है। इस सीट पर भाजपा ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की है। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल 11 विधान परिषद सीट के चुनाव में अब तक तीन सीट पर नतीजों की आधिकारिक घोषणा की गई है और तीनों ही सीट सत्तारूढ़ भाजपा के खाते में गई हैं। निर्वाचन अधिकारी एवं बरेली मंडल के आयुक्त शंभू कुमार ने मंगलवार देर रात डॉ. ढिल्लो को जीत का प्रमाणपत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और भाजपा प्रत्याशी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 17,676 मतों से पराजित किया। कुमार ने बताया कि पांचवें और अंतिम चरण की मतगणना पूरी होने पर ढिल्लो को कुल 21,672 मत मिले, जबकि सपा प्रत्याशी दानिश अख्तर को 3,996 मत प्राप्त हुए। इस प्रकार भाजपा उम्मीदवार ने 17,676 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। मेरठ में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की दोनों सीट पर भी भाजपा ने जीत हासिल की। इनके परिणाम मंगलवार देर रात घोषित किए गए थे। एक अधिकारी के मुताबिक भाजपा उम्मीदवार दिनेश कुमार गोयल (मेरठ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र) और श्री चंद शर्मा (मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र) विजयी हुए। विजेताओं को प्रमाणपत्र भी सौंप दिए गए हैं। इस बीच, समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आगरा खंड शिक्षक सीट पर सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल की जीत का दावा करते हुए प्रशासन से आग्रह किया कि वह उन्हें जीत का प्रमाणपत्र तुरंत दे। यादव ने एक्स पर एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें सपा प्रत्याशी अग्रवाल फटा कुर्ता पहने दिखाई दे रहे हैं और उनके समर्थकों ने अग्रवाल के साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। यादव ने पोस्ट में कहा, अब भाजपा खुद ही बताए कि आगरा से जीतते हुए सपा के एमएलसी प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल के साथ उसके लोगों द्वारा किया गया यह व्यवहार कितना जायज है। उन्होंने निर्वाचन आयोग के साथ-साथ उच्चतम न्यायालय और राष्ट्रपति से भी मामले का तत्काल संज्ञान लेने का अनुरोध किया और प्रशासन से अग्रवाल को जीत का प्रमाणपत्र तुरंत देने का आग्रह किया। यादव ने कहा कि अग्रवाल के साथ हुए ऐसे अमानवीय व्यवहार और हिंसा के ऐसे वीडियो को देखकर संपूर्ण समाज बेहद आक्रोशित हो उठा है। उन्होंने कहा, अब तो अग्रवाल समाज भी समझ गया है कि सच में ‘भाजपा किसी की सगी नहीं है’।’’इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पांचवें दौर की मतगणना के बाद समाजवादी पार्टी के डॉ. मानसिंह यादव 27,157 मत हासिल कर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी अशोक राठौड़ से 7,648 मतों से आगे हैं। वहीं, गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने अंतिम चरण की मतगणना के बाद अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एवं निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव पर 466 मतों की बढ़त बना ली है। त्रिपाठी को 11,881, जबकि राजीव यादव को 11,415 मत मिले। सपा के डॉ. संजयान त्रिपाठी 8,301 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। इस सीट पर मतगणना के दौरान कुछ मतों के अंतर और प्रक्रिया को लेकर विवाद हुआ। मऊ के एक बूथ की मतपेटी में दर्ज संख्या से 52 मत अधिक मिलने पर प्रत्याशियों ने आपत्ति जताई। इसके अलावा, एक प्रत्याशी की शिकायत के बाद अयोध्या के अपर आयुक्त अजय सैनी को मतगणना ड्यूटी से हटा दिया गया। हालांकि, प्रशासन ने कहा कि मतगणना नियमानुसार कराई जा रही है।
मिडटर्म इलेक्शन से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने रखी ये शर्त!
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव के नतीजे तभी स्वीकार करेंगे, जब चुनाव ईमानदारी से कराए जाएंगे। टेक्सास में रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन के समर्थन में प्रचार से पहले आए इस बयान के बीच कई राज्यों में रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी संभावनाओं को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।
Video: आंध्र प्रदेश में टकराया चक्रवात अर्नब, गिरे पेड़, दिखी तबाही
आंध्र प्रदेश के यानम और काकीनाडा के पास चक्रवात का लैंडफॉल शुरू हो चुका है. 125 से 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के कारण तटीय इलाकों में भारी नुकसान हुआ है. प्रशासन ने लोगों से घरों में रहने की अपील की है. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं और 2,000 से अधिक राहत केंद्र बनाए गए हैं. ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
'इस्लाम कुबूल कर लूंगा' कहने वाले आकाश अग्रवाल MLC चुनाव में जीते
आगरा खंड शिक्षक एमएलसी चुनाव के नतीजों के बीच समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने जीत दर्ज की है. उनके मुताबिक, करीब 3,700 वोटों की बढ़त के बाद दूसरी वरीयता के मतों की गिनती में उन्होंने जीत के लिए जरूरी आंकड़ा पार कर लिया. आकाश अग्रवाल मतदान के दौरान कैमरे के सामने रो पड़े थे. उन्होंने यहां तक कहा था कि वह धर्म परिवर्तन कर लेंगे.
इंटरनेट डेस्क। भारत 20 से 22 नवंबर तक नई दिल्ली में एससीओ समिट का आयोजन करने जा रहा है। भारत की और से ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार पाकिस्तान को न्योता भेजा गया है। भारत ने इस बैठक में शामिल होने के लिए पाकिस्तान सहित इसके सभी 10 सदस्य देशों को आमंत्रित किया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार न्योता लंबे समय से बंद बातचीत के फिर से शुरू होने की उम्मीद का जा रही है जिससे दोनों देशों के रिश्ते एक बार फिर सुधर सकते हैं। बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर मई 2025 में चलाया गया एक सैन्य अभियान था, जिसे भारत ने अपनी सुरक्षा के लिए चलाया था। इसमें पाकिस्तान के कब्जे वाली कश्मीर में आतंकियों के ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की गई थी। इससे पहले पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने पहलगाम में दिलदहलाने वाली घटना को अंजाम दिया था। पहलगाम घूमने गए कई टूरिस्टों से उनके नाम पूछ कर पुरुषों को गोली मारी थी। जिसके बाद भारत ने जबावी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पर ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया।
कुंभ राशि पर उतरती साढ़ेसाती! अब बस कुछ दिन दूर हैं अच्छे दिन
शनि पर साढ़ेसाती का तीसरा और आखिरी चरण चल रहा है और यह चरण 3 जून 2027 तक जारी रहेगा. ज्योतिष में इसे उतरती साढ़ेसाती कहा जाता है. कुंभ राशि से साढ़ेसाती का हटना ज्योतिषविद बड़ी राहत की बात मान रहे हैं.
जयपुर के लकड़ी गोदाम में लगी भीषण आग, लपटें देख मची अफरातफरी
जयपुर के खानीय बांदा इलाके में एक लकड़ी के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई. देखते ही देखते आग की लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया. सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां और खोह नागुरियान थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने एहतियातन आसपास के लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया. दमकलकर्मियों की भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. फिलहाल आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है और जांच जारी है.
भारत की बैटिंग का नया लेवल, अब 35 गेंदों का शतक भी कमाल नहीं लगता
भारत की टी20 बैटिंग अब उस मुकाम पर पहुंच गई है, जहां 35 गेंदों में शतक भी सामान्य लगने लगा है. न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंगटन में अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी ने महज 7.1 ओवरों में 133 रन जोड़कर तहलका मचा दिया. आखिर भारतीय बल्लेबाजों की इस विस्फोटक ताकत के पीछे क्या राज है? कैसे आईपीएल और टी20 की लगातार प्रैक्टिस ने भारत के खेलने का अंदाज बदल दिया है?
किचन का धुआं होगा गायब, सफाई भी आसान! क्या पैसा वसूल है ये चिमनी?
Hindware Enrica BLDC Chimney में डिजिटल टच डिस्प्ले के साथ जेस्चर कंट्रोल्स भी हैं. जेस्चर कंट्रोल्स की मदद से जिम्नी को टच किए बिना ही कंट्रोल्स किया जा सकता है. ऑन-ऑफ से लेकर स्पीड को कम व ज्यादा भी कर सकते हैं. आइए इसके बारे में जानते हैं कि क्या ये पैसा वसूल है.
पटना में नतीजे से पहले ही अनंत सिंह के आवास पर बंटने लगी मिठाई, देखें
पटना में अनंत सिंह के आवास पर चुनाव नतीजों से पहले ही मिठाइयां बटना शुरू हो गया है. समर्थकों ने दावा किया है कि जीत पक्की है और इसी खुशी में एक हफ्ते से लाखों मिठाइयां तैयार की जा रही थीं. समर्थकों का कहना है कि पार्टी के फैसले का कोई असर नहीं पड़ेगा और वे भारी बहुमत से जीत दर्ज करेंगे.
यात्रा से ठीक पहले फ्लाइट टिकट बुक करने पर लगने वाला अतिरिक्त किराया रूट और उड़ानों की संख्या पर निर्भर करता है। व्यस्त मार्गों पर कम अंतर होता है।
पाकिस्तान की इस रील पर 8.99 करोड़ व्यूज, आखिर वीडियो में ऐसा क्या है?
पाकिस्तान की एक रील सोशल मीडिया पर चर्चा में है. वीडियो में सुनहरे बालों वाला एक शख्स बच्चों के बीच बैठा नजर आ रहा है. इस रील पर 89.9 मिलियन यानी करीब 8.99 करोड़ व्यूज का दावा किया जा रहा है.
'OTP से चलने वाली प्रीपेड पार्टी', अखिलेश ने ओवैसी पर कसा तंज
अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधा. उन्होंने कुछ राजनीतिक दलों को 'प्रीपेड पार्टी' बताते हुए कहा कि उनका OTP कहीं और से आता है और उनके माइक-लाउडस्पीकर भी दूसरे दलों के हैं.
ठाणे: शिवसेना यूबीटी नेता की हत्या पर बवाल, रातभर जाम रही घोड़बंदर रोड; पांच किमी पैदल चलने को मजबूर हुए लोग- Uproar over murder of Shiv Sena UBT leader Ghodbunder Road in Thane gridlocked people walk five kilometers
Tata Group being criminally destroyed, will ensure justice for these crimes: Rahul Gandhi - राहुल गांधी का बड़ा आरोप: कहा- टाटा समूह को बर्बाद किया जा रहा, इन कथित अपराधों के लिए सुनिश्चित करेंगे न्याय
निर्वाचन आयोग ने अगले साल होने वाले मणिपुर विधानसभा चुनाव के सुचारू संचालन के लिए 11 नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। मणिपुर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) की ओर से मंगलवार शाम जारी अधिसूचना के अनुसार, भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी कामेई अंगम रोमानुस को कानून-व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी योजना का प्रभारी नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी हुंग्यो वोरशांग आबकारी विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे। अधिसूचना के अनुसार, कोंसाम बिंकू चुनावी खर्च की निगरानी का काम देखेंगे, जबकि खुमान्थेम डायना परिवहन प्रबंधन की नोडल अधिकारी होंगी। कंप्यूटर से संबंधित काम, साइबर सुरक्षा, संचार योजना और अन्य श्रेणियों के लिए भी नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। मणिपुर में विधानसभा चुनाव अगले साल फरवरी-मार्च में होने की संभावना है। निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने राज्य के सभी 16 जिलों में चुनावी तैयारियों का जायजा लेने के लिए पिछले सप्ताह इंफाल का दौरा किया था।
भारत के तटीय इलाकों से लेकर उत्तर भारत के मैदानी राज्यों तक चक्रवाती तूफान 'अर्नब' (Cyclone Arnab) का भयंकर असर देखने को मिल रहा है। इस शक्तिशाली चक्रवात के कारण देश के बड़े हिस्से में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और तूफानी हवाओं को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है। चक्रवात के प्रभाव से तटीय क्षेत्रों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, वहीं उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में भी इसका सीधा असर दिखने लगा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आंध्र प्रदेश, यनम, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है, जबकि झारखंड, तेलंगाना और मध्य प्रदेश के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। 28 अक्टूबर को केरल और माहे में भी बारिश हो सकती है। 100 किमी प्रति घंटे से अधिक की हवाएं चलने की आशंका IMD ने 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में 100 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया है। तेलंगाना में 60–70 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि झारखंड और आसपास के राज्यों में हवा की गति 50–60 किमी प्रति घंटे रहने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में आंधी-तूफान के साथ 60–70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, और हवा के झोंके 80 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Cyclone Arnab से Andhra Pradesh में कोई जनहानि नहीं, सीएम चंद्रबाबू नायडू ने दिए बहाली के निर्देश कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान मौसम विभाग ने 28 से 31 अक्टूबर के बीच अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और झारखंड में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। बिहार में 29 से 31 अक्टूबर के बीच व्यापक बारिश होने की संभावना है, जिसके साथ 30–40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं। 28 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश होने की संभावना है, जबकि विदर्भ में 30 अक्टूबर को बारिश हो सकती है। IMD ने 28 से 30 अक्टूबर के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में कहीं-कहीं बारिश होने का अनुमान जताया है। हिमाचल प्रदेश में 29 अक्टूबर से 2 नवंबर तक बारिश हो सकती है, जबकि उत्तराखंड में 28 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच बारिश होने की संभावना है। इसे भी पढ़ें: Cyclone Arnab आंध्र प्रदेश तट के पास ठहरा, 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं पंजाब में 29 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच हल्की बारिश हो सकती है, वहीं हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच हल्की बारिश होने के आसार हैं। 29 और 30 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में भी कहीं-कहीं बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने 29 और 30 अक्टूबर को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में चक्रवात से नुकसान चक्रवात 'अरनाब' का असर तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में काफी बढ़ गया है। बुधवार सुबह से ही आंध्र प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश और आंधी-तूफान देखने को मिल रहा है। तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए हैं और बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इसे भी पढ़ें: भीषण Cyclone Arnab के खतरे के बीच Andhra Pradesh में 84 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए काकीनाडा के तटीय इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, जहां लोग तूफान के असर से जूझ रहे हैं। रिहायशी इलाकों में कई घरों के अंदर समुद्र का पानी घुस गया है, जिससे तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात का असर तटीय क्षेत्रों से आगे तक फैल सकता है, जिससे आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवाएं और आंधी-तूफान आ सकते हैं।
भारतीय सिनेमा (Indian Cinema) के सुनहरे इतिहास में कई ऐसी फिल्में बनी हैं, जिन्होंने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई की, बल्कि अपने बोल्ड विषयों और सामाजिक मुद्दों के कारण बड़े विवादों का सामना भी किया। आज से ठीक 44 साल पहले यानी साल 1982 में बॉलीवुड के दिग्गज फिल्मकार बी.आर. चोपड़ा (B.R. Chopra) के निर्देशन में एक ऐसी कल्ट फिल्म रिलीज हुई थी, जिसके सिनेमाघरों तक पहुंचने से पहले ही देश भर में भारी हंगामा मच गया था। स्थिति इतनी भयावह हो गई थी कि फिल्म के मेकर्स के खिलाफ एक-दो नहीं बल्कि कुल 34 मुकदमे दर्ज किए गए थे, सिनेमाघरों के बाहर फिल्म का बहिष्कार करने के पोस्टर चस्पा कर दिए गए थे, और फिल्म की मुख्य अभिनेत्री को इतने धमकियां भरे फोन आए कि उन्हें अपनी जान खतरे में महसूस होने लगी थी। आखिर कौन सी थी वह ऐतिहासिक फिल्म और क्या था वह पूरा विवाद, आइए विस्तार से जानते हैं इस दिलचस्प और चौंकाने वाले किस्से के बारे में।'तलाक-तलाक-तलाक' से शुरू हुआ था विवाद, मुस्लिम संगठनों के विरोध के बाद बदला गया था नामबात साल 1982 की है, जब प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक बी.आर. चोपड़ा समाज के एक संवेदनशील और ज्वलनशील मुद्दे पर फिल्म बनाने जा रहे थे। इस फिल्म की कहानी मुख्य रूप से मुस्लिम पर्सनल लॉ, समाज में महिलाओं के अधिकारों और उस दौर की कुप्रथाओं के इर्द-गिर्द बुनी गई थी। फिल्म की स्क्रिप्ट पूरी होने के बाद मेकर्स ने इसका ओरिजिनल टाइटल 'तलाक-तलाक-तलाक' तय किया था।लेकिन जैसे ही इस टाइटल और फिल्म के विषय की भनक लगी, वैसे ही देश के कई मुस्लिम संगठनों और धार्मिक समूहों ने इस पर कड़ी आपत्ति जतानी शुरू कर दी। उनका यह कहना था कि एक संवेदनशील धार्मिक विषय पर इस तरह की फिल्म बनाना और उसका ऐसा नाम रखना इस्लामी कानूनों और भावनाओं के खिलाफ है। बढ़ते हुए जन-आक्रोश और कानूनी पचड़ों को भांपते हुए दूरदर्शी बी.आर. चोपड़ा ने समझदारी दिखाते हुए फिल्म के इस विवादित टाइटल को बदलने का फैसला किया और इसे नया नाम दिया 'निकाह' (Nikaah)। टाइटल बदलने के बावजूद समाज का एक वर्ग शांत नहीं हुआ और फिल्म के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों का दौर लगातार जारी रहा।फिल्म के खिलाफ दर्ज हुए थे 34 मुकदमे, सिनेमाघरों के बाहर लगाए गए थे बहिष्कार के पोस्टरटाइटल बदलने के बाद भी जब बात नहीं बनी, तो विरोध का दायरा और अधिक व्यापक हो गया। हालात यह हो गए थे कि देश के अलग-अलग हिस्सों में इस फिल्म के खिलाफ कुल 34 से अधिक कानूनी मुकदमे दर्ज कर दिए गए थे।जब फिल्म रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार थी, तब सिनेमाघरों के बाहर भारी विरोध देखने को मिला। थिएटर्स के बाहर ऐसे पोस्टर चस्पा कर दिए गए थे, जिन पर साफ-साफ लिखा था कि 'यह फिल्म कोई नहीं देखेगा' और दर्शकों को सिनेमाघर के अंदर न जाने की चेतावनी दी गई थी। फिल्म रिलीज से पहले ही चारों तरफ एक तनाव का माहौल बन गया था, जिससे ऐसा लगने लगा था कि यह फिल्म शायद ही कभी बड़े पर्दे का मुंह देख पाएगी।हीरोइन सलमा आगा को मिले थे जान से मारने के धमकी भरे फोन, जारी हुआ था फतवाइस पूरे विवाद का सबसे डरावना पहलू यह था कि इसका सबसे बड़ा मानसिक और शारीरिक दबाव फिल्म की नई-नवेली लीड एक्ट्रेस सलमा आगा (Salma Agha) पर पड़ा था। 'निकाह' फिल्म से ही अपने अभिनय करियर की शुरुआत करने वाली अभिनेत्री सलमा आगा ने अपने एक इंटरव्यू में इस खौफनाक दौर को याद करते हुए बताया था कि उस दौरान उनके खिलाफ कई तरह की बातें फैलाई गई थीं और यहां तक कि उनके खिलाफ फतवा तक जारी कर दिया गया था।सलमा आगा के मुताबिक, उस दौर में उनके घर के फोन पर लगातार अज्ञात लोगों से धमकी भरे फोन आ रहे थे, जिसमें उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनियां दी जा रही थीं। उन दिनों की स्थिति को याद करते हुए उन्होंने कहा था कि उन्हें अपनी जान का खतरा सताने लगा था और उन्हें ऐसा महसूस होने लगा था कि इस फिल्म में काम करना उनके जीवन का सबसे बड़ा जोखिम बन गया है।जब फिल्म रिलीज हुई तो दर्शकों का बदला नजरिया, पांच साल तक सिनेमाघरों में जमी रही 'निकाह'तमाम धमकियों, मुकदमों और विरोध प्रदर्शनों के बीच आखिरकार साल 1982 में बी.आर. चोपड़ा की यह फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। लेकिन जैसे ही दर्शकों ने थिएटर्स के अंदर जाकर इस फिल्म को देखा, तो उनका नजरिया पूरी तरह से बदल गया।लोगों को यह समझ आ गया कि जिस फिल्म को लेकर इतना बवाल मचाया जा रहा था, दरअसल वह समाज की महिलाओं के अधिकारों और उनके दर्द को बयां करने वाली एक बेहद संवेदनशील और खूबसूरत पारिवारिक फिल्म थी। फिल्म में राज बब्बर (Raj Babbar) और दीपक पराशर (Deepak Parashar) ने भी अपनी शानदार अदाकारी से दर्शकों का दिल जीत लिया था। धीरे-धीरे सारा विरोध थम गया और माउथ पब्लिसिटी के चलते यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई। आलम यह था कि दर्शकों के भारी प्यार के चलते यह फिल्म कई सिनेमाघरों में लगातार पांच साल (या लंबे समय तक रिकॉर्ड तोड़ अवधि) तक टिकी रही और सलमा आगा रातों-रात भारतीय सिनेमा की एक बड़ी स्टार बन गईं। आज भी 'निकाह' को भारतीय सिनेमा की सबसे साहसी और बेहतरीन सामाजिक फिल्मों में गिना जाता है।
लंच में बनाएं चावल के आटे की पूड़ी, इस ट्रिक से बनेंगी फूली-फूली
Chawal Ki Poori: अगर आप भी त्योहारों पर गेहूं की पूड़ी ही बनाते हैं तो रुक जाएं. इस बार कुछ नया ट्राई कीजिए और चावल के आटे की गरमा-गरम पूड़ी बनाकर खाएं.
यूपी में श्रमिकों की बढ़ी न्यूनतम मजदूरी, अब हर महीने मिलेंगे इतने पैसे
सरकार के इस फैसले से प्रदेश के संबंधित क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ेगी. हालांकि, उन्हें मिलने वाली मजदूरी इस बात पर निर्भर करेगी कि वे किस जिले में काम करते हैं और अकुशल, अर्द्धकुशल या कुशल श्रमिकों में से किस श्रेणी में आते हैं.
भारतीय सिनेमा जगत और साउथ के सुपरस्टार प्रभास (Prabhas) की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक 'फौजी' (Fauzi Movie) को लेकर इस वक्त एक बहुत बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अभिनेता प्रभास के जन्मदिन के खास मौके पर यानी 23 अक्टूबर को मेकर्स द्वारा इस फिल्म का पहला टीजर रिलीज किया गया था। इस टीजर के सामने आने के बाद से ही यह फिल्म सिनेप्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन गई थी, लेकिन अब यह फिल्म अपनी कहानी और ऐतिहासिक तथ्यों के गलत चित्रण के कारण भारी कानूनी और राजनीतिक मुश्किलों में फंसती नजर आ रही है। देश के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस (Netaji Subhash Chandra Bose) के पोते और पश्चिम बंगाल भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष चंद्र कुमार बोस ने इस टीजर पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सीधे सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (I&B Ministry) को एक पत्र लिखा है। उन्होंने फिल्म के मेकर्स पर इतिहास से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाते हुए टीजर को तुरंत सोशल मीडिया से हटाने और मेकर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस पूरे विवाद की असल वजह क्या है और चंद्र कुमार बोस ने अपने पत्र में क्या गंभीर आरोप लगाए हैं।प्रभास की फिल्म 'फौजी' के टीजर में नेताजी के चित्रण पर गरमाई राजनीतिहाल ही में रिलीज किए गए प्रभास की फिल्म 'फौजी' के टीजर ने जहां एक तरफ फैंस के बीच उत्सुकता बढ़ाई थी, वहीं दूसरी तरफ इसने एक नए विवाद को भी जन्म दे दिया है। फिल्म के इस टीजर में यह दिखाया गया है कि महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रभास के एक काल्पनिक किरदार का परिचय देते हुए नजर आ रहे हैं और भगवद्गीता के विभिन्न श्लोकों व कोड्स के बारे में बातचीत कर रहे हैं।नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परिवार के सदस्यों और उनके अनुयायियों को यह प्रस्तुति बिल्कुल रास नहीं आई है। नेताजी के ग्रैंड नेफ्यू चंद्र कुमार बोस ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई है कि देश के सबसे बड़े राष्ट्र नायकों में से एक नेताजी के व्यक्तित्व और उनके राजनीतिक इतिहास को फिल्मों में इस तरह से काल्पनिक कथाओं के साथ तोड़-मरोड़कर पेश करना सरासर गलत है। उनका मानना है कि ऐसा करने से न केवल महान ऐतिहासिक शख्सियत की गरिमा प्रभावित होती है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के सामने गलत संदेश भी जाता है।चंद्र कुमार बोस ने I&B मिनिस्टर को लिखा पत्र, सेंसर बोर्ड की कार्यप्रणाली पर उठाए सवालइस गंभीर मामले पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए चंद्र कुमार बोस ने मंगलवार को अपने आधिकारिक 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को लिखे गए खत को सार्वजनिक किया। उन्होंने अपने इस पत्र में सीधे तौर पर देश के सूचना एवं प्रसारण मंत्री को टैग करते हुए इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।अपने खत में कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए चंद्र कुमार बोस ने लिखा, हमें यह बात बिल्कुल समझ नहीं आ रही है कि सेंसर बोर्ड ने इस तरह के आपत्तिजनक और भ्रामक कंटेंट को पास कैसे कर दिया। हम फिल्म में नेताजी सुभाष चंद्र बोस को इस तरह के काल्पनिक और संदर्भहीन रूप में दर्शाने का कड़ा विरोध करते हैं। उन्होंने सरकार से यह भी आग्रह किया है कि इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जानी चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि यह आपत्तिजनक टीजर सभी प्लेटफार्मों से तुरंत प्रभाव से हटा दिया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने सेंसर बोर्ड के उन जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की है जिन्होंने इस टीजर को रिलीज करने की अनुमति दी थी।'टीजर को हटाकर सुधारा जाए इतिहास', पीएम मोदी को भी किया गया टैगइस पूरे विवाद के बीच चंद्र कुमार बोस ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अपने सोशल मीडिया पोस्ट में टैग किया है और उनसे इस मामले में संज्ञान लेने की अपील की है। उन्होंने अपनी मांग को दोहराते हुए कहा कि 'फौजी' फिल्म के इस टीजर को अभी के अभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से हटाया जाना चाहिए और यदि मेकर्स इसे दोबारा रिलीज करना चाहते हैं, तो इसमें ऐतिहासिक तथ्यों के अनुकूल सुधार किया जाना चाहिए।चंद्र कुमार बोस का कहना है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी चिंताओं का समाधान किए बिना इस फिल्म को आगे नहीं बढ़ने देना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे प्रभास और फिल्म 'फौजी' की पूरी टीम के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं, लेकिन रचनात्मक स्वतंत्रता (Creative Freedom) के नाम पर देश के स्वतंत्रता सेनानियों के इतिहास के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने उम्मीद जताई है कि फिल्म के निर्देशक हनु राघवपुडी (Hanu Raghavapudi) इस पूरे मामले की गंभीरता को समझेंगे और उचित कदम उठाएंगे।इतिहास से छेड़छाड़ बनाम सिनेमाई स्वतंत्रता: क्या होगी मेकर्स की अगली प्रतिक्रियाभारतीय सिनेमा में ऐतिहासिक और राजनीतिक हस्तियों पर फिल्में बनने का दौर पुराना है, लेकिन कई बार कल्पना और तथ्यों के मेल के चक्कर में मेकर्स विवादों के घेरे में आ जाते हैं। 'फौजी' फिल्म के मामले में भी यही देखने को मिल रहा है, जहां निर्देशक ने एक काल्पनिक कहानी के भीतर नेताजी के किरदार को शामिल करने का जोखिम उठाया है।अब जबकि देश के एक प्रतिष्ठित परिवार के सदस्य और नेताजी के पोते ने इस पर आधिकारिक रूप से आपत्ति जताते हुए मंत्रालय का दरवाजा खटखटा लिया है, तो फिल्म के निर्माताओं और प्रभास की टीम पर भारी दबाव बन गया है। क्या मेकर्स इस विवाद को शांत करने के लिए टीजर में बदलाव करेंगे या फिर कोई आधिकारिक बयान जारी करेंगे, इस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में सेंसरशिप और ऐतिहासिक किरदारों के चित्रण को लेकर एक बार फिर बड़ी बहस छेड़ सकता है।
कैप्टन स्मित मच्छार को UAE का सर्वोच्च सम्मान, आसमान में बचाई थी 174 यात्रियों की जान
UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कैप्टन स्मित मच्छार सर्वोच्च सम्मान 'ऑर्डर ऑफ जायेद II' से नवाजा। राष्ट्रपति ने इस दौरान कैप्टन मच्छार को गले लगाया। इस अवसर पर फ्लाईदुबई के कैप्टन के साथ साथ क्रू मेंबर्स को सम्मानित किया।
शाहरुख खान की 'किंग' का पोस्टर निकला 'धुरंधर 2' की कॉपी? छिड़ी बहस
सोशल मीडिया पर शाहरुख खान की 'किंग' के पोस्टर की तुलना रणवीर सिंह की 'धुरंधर 2' से की जा रही है। कई यूज़र्स ने मेकर्स पर इसका लुक और डिज़ाइन कॉपी करने का आरोप लगाया है.
भारतीय कूटनीति और वैश्विक कूटनीतिक गलियारों (Global Diplomacy) से इस वक्त देश के लिए एक बहुत ही गर्व और उत्साह से भर देने वाली खबर सामने आ रही है। भारत के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय प्रभाव और वैश्विक मंचों पर उसकी मजबूत होती दावेदारी को एक और बड़ी सफलता हासिल हुई है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी और गैर-स्थायी सदस्यता की आवाज को पूरी दुनिया में लगातार समर्थन मिल रहा है। इसी कड़ी में, यूरोप के एक प्रमुख और बेहद प्रभावशाली देश लिकटेंस्टीन (Liechtenstein) ने आधिकारिक रूप से वर्ष 2028-2029 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की गैर-स्थायी सीट पर भारत की दावेदारी का खुला समर्थन कर दिया है। लिकटेंस्टीन के प्रिंस एलियोस की भारत की राजकीय यात्रा के दौरान यह बड़ा कूटनीतिक ऐलान किया गया है। इसके साथ ही दोनों देशों ने सीमापार आतंकवाद और अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकजुटता पर जोर दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि भारत और लिकटेंस्टीन के बीच हुई इस उच्च-स्तरीय बैठक के क्या मायने हैं और वैश्विक कूटनीति के लिहाज से यह क्यों इतना महत्वपूर्ण है।लिकटेंस्टीन के प्रिंस एलियोस की भारत यात्रा और UNSC की उम्मीदवारी पर समर्थनभारत की राजधानी नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक हैदराबाद हाउस (Hyderabad House) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिकटेंस्टीन के प्रिंस एलियोस (Prince Alois) और प्रिंसेस सोफी की आधिकारिक मेजबानी की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने तथा आपसी हितों से जुड़े विभिन्न क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बेहद सकारात्मक और विस्तृत चर्चा हुई।चर्चा के दौरान सबसे बड़ा कूटनीतिक मोड़ तब आया जब लिकटेंस्टीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की गैर-स्थायी सदस्यता (2028-2029 कार्यकाल) के लिए भारत की उम्मीदवारी को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अहम समर्थन के लिए लिकटेंस्टीन के प्रिंस का हार्दिक धन्यवाद किया। कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि यूरोपीय देशों द्वारा भारत की इस दावेदारी का लगातार समर्थन किया जाना इस बात का प्रमाण है कि वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति कितनी मजबूत और भरोसेमंद हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र जैसे सर्वोच्च वैश्विक निकाय में सुधार और प्रतिनिधित्व के मामले में भारत का दावा अब दुनिया भर के देशों द्वारा स्वीकार किया जा रहा है।सीमापार आतंकवाद और पहलगाम हमले की कड़ी निंदा, न्याय के कठघरे में लाने पर जोरइस उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय बैठक के बाद जारी किए गए संयुक्त वक्तव्य (Joint Statement) में दोनों देशों ने आतंकवाद के नासूर के खिलाफ बिना किसी दोटूक के अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भारत और लिकटेंस्टीन ने स्पष्ट रूप से कहा कि आतंकवाद और उग्रवाद का कोई भी रूप मानवता के लिए स्वीकार्य नहीं है और सीमापार आतंकवाद (Cross-Border Terrorism) वैश्विक शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा है।खास तौर पर, दोनों पक्षों ने अप्रैल 2025 में भारत के पहलगाम (Pahalgam Terror Attack) में हुए कायराना आतंकी हमले की एक स्वर में तीव्र भर्त्सना की। इस दौरान इस बात पर भी गहरी एकजुटता दिखाई गई कि आतंकवादियों और इस घटना के असली साजिशकर्ताओं तथा इसके वित्तपोषकों को जल्द से जल्द न्याय के कठघरे में खड़ा किया जाना बेहद जरूरी है। दोनों देशों ने आतंकवाद की फंडिंग (Terror Financing) को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुफिया जानकारी साझा करने और सख्त सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएंअपनी इस राजकीय यात्रा के दौरान लिकटेंस्टीन के प्रिंस एलियोस और प्रिंसेस सोफी ने देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) से भी शिष्टाचार भेंट की। राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति मुर्मू ने मेहमान शाही मेहमानों के सम्मान में एक विशेष राजकीय भोज (Banquet) का आयोजन किया।राष्ट्रपति मुर्मू ने इस अवसर पर कहा कि भारत और लिकटेंस्टीन के बीच पारंपरिक रूप से भले ही भौगोलिक दूरियां हों, लेकिन आपसी मूल्यों और सहयोग के मोर्चे पर दोनों देशों के संबंध बेहद प्रगाढ़ हैं। राष्ट्रपति ने इस बात पर विशेष प्रकाश डाला कि दोनों देश आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अनुसंधान, कौशल विकास (Skill Development) और स्वच्छ हरित तकनीक (Clean Technology) के क्षेत्रों में आपसी सहयोग की अपार संभावनाओं को मिलकर तलाश सकते हैं।विदेश मंत्रालय द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दोनों देशों के बीच व्यापार एवं निवेश, अत्याधुनिक नवाचार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, तथा दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संबंधों (People-to-People Ties) को मजबूत करने को लेकर भी कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी है। इसके साथ ही, प्रिंस एलियोस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिकटेंस्टीन आने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया है।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नियमन और वैश्विक सुशासन पर बनी सहमतिआज के इस आधुनिक और तकनीकी युग में डिजिटल सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। भारत और लिकटेंस्टीन ने अपनी इस बैठक के दौरान इस बात पर पूर्ण सहमति व्यक्त की कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विकास और उसका संचालन पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय मूल्यों पर आधारित होना चाहिए, ताकि तकनीक का दुरुपयोग रोका जा सके और वैश्विक मानवाधिकारों की रक्षा की जा सके।लिकटेंस्टीन जैसे यूरोपीय देश द्वारा भारत की संप्रभुता, आतंकवाद के खिलाफ उसकी लड़ाई और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उसकी दावेदारी का समर्थन करना यह साबित करता है कि दुनिया का हर बड़ा राष्ट्र आज भारत को एक जिम्मेदार और शक्तिशाली वैश्विक महाशक्ति के रूप में देख रहा है। यह कूटनीतिक सफलता आने वाले वर्षों में भारत के अंतरराष्ट्रीय रसूख को और अधिक ऊंचाई पर ले जाने का काम करेगी।
देश का सबसे बड़ा IPO लिस्ट, जियो प्लेटफॉर्म्स के हर शेयर पर इतनी कमाई
Jio Platforms Share List: मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर स्टॉक मार्केट में लिस्ट हो गए हैं और शेयर मार्केट में भूचाल के बीच भी ये 21 फीसदी से ज्यादा प्रीमियम पर लिस्ट हुए. यानी निवेशकों की तगड़ी कमाई कराई है.
किचन स्लैब पर भूलकर भी न रखें ये 4 चीजें, हो जाएंगे कंगाल
वास्तु शास्त्र के अनुसार, किचन स्लैब पर गंदे बर्तन, दवाइयां, गंदा कपड़ा और टूटे-फूटे बर्तन रखने से बचना चाहिए. जानें रसोई को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखने के जरूरी वास्तु टिप्स.
UMANG नहीं कर रहा काम? ऐसे चेक करें EPFO पासबुक, निकालें पैसे
UMANG App EPFO Glitch: उमंग ऐप में तकनीकी दिक्कत के कारण अगर आप अपनी पीएफ पासबुक नहीं देख पा रहे हैं या क्लेम का स्टेटस चेक करने में परेशानी हो रही है, तो दूसरा विकल्प भी मौजूद है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के आधिकारिक पोर्टल से आप घर बैठे पीएफ खाते का बैलेंस, जमा रकम और ब्याज की जानकारी देख सकते हैं.
मध्य पूर्व (Middle East) के सबसे अहम देश इजरायल (Israel) से इस वक्त एक बहुत ही बड़ी और चौंकाने वाली राजनीतिक खबर सामने आ रही है। इजरायल में हुए आम चुनावों के बाद वोटों की गिनती का दौर तेजी से जारी है, लेकिन शुरुआती रुझानों और एग्जिट पोल (Exit Polls) के आंकड़ों ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सामने आए एग्जिट पोल के मुताबिक, बेंजामिन नेतन्याहू का दक्षिणपंथी गठबंधन बहुमत के जादुई आंकड़े से काफी पीछे नजर आ रहा है, जिससे देश में एक बार फिर राजनीतिक गतिरोध और सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। इजरायल की राजनीति में इस उथल-पुथल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इजरायली संसद (Knesset) के इन चुनावों में वर्तमान समीकरण क्या बन रहे हैं और किस गठबंधन की स्थिति कैसी है।इजरायल में सरकार बनाने के लिए क्या है बहुमत का जादुई आंकड़ाइजरायल की चुनावी व्यवस्था और संसद के नियमों के अनुसार, देश में किसी भी पार्टी या गठबंधन को सरकार बनाने के लिए कुल 120 सीटों वाली संसद (कनेसेट) में कम से कम 61 सीटों का बहुमत हासिल करना अनिवार्य होता है।लेकिन हाल ही में संपन्न हुए चुनावों के बाद इजरायली टीवी चैनलों और मीडिया द्वारा जारी किए गए एग्जिट पोल के आंकड़े यह बता रहे हैं कि कोई भी राजनीतिक दल या स्पष्ट गुट अपने दम पर इस जादुई आंकड़े तक पहुंचता हुआ नजर नहीं आ रहा है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मुख्य पार्टी 'लिकुड' (Likud) इस चुनाव में भी संसद की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर सकती है, जिसे अकेले 24 से 25 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। इसके बावजूद, नेतन्याहू के नेतृत्व वाले पूरे दक्षिणपंथी और अति-दक्षिणपंथी दलों के ब्लॉक को मिलाकर कुल 50 सीटें मिलने की ही उम्मीद है, जो बहुमत के आंकड़े (61) से काफी दूर है।विपक्षी खेमे की स्थिति मजबूत, गादी आइजेंकोट के नेतृत्व वाले ब्लॉक को बढ़तदूसरी तरफ, नेतन्याहू के धुर विरोधियों और विपक्षी दलों के खेमे में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। पूर्व सैन्य प्रमुख और प्रमुख विपक्षी नेता गादी आइजेंकोट (Gadi Eizenkot) के नेतृत्व वाले विपक्षी ब्लॉक को एग्जिट पोल में लगभग 52 से 53 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है।विपक्षी दलों का यह प्रदर्शन यह संकेत देता है कि देश की जनता के एक बड़े वर्ग में मौजूदा सत्ता के खिलाफ असंतोष मौजूद है। हालांकि, विपक्षी ब्लॉक भी अकेले अपने दम पर सरकार बनाने के लिए जरूरी 61 सीटों के आंकड़े से थोड़ा पीछे है, जिसके कारण इजरायल की राजनीति में त्रिशंकु संसद (Hung Parliament) जैसी स्थिति बनती दिख रही है। दोनों ही प्रमुख खेमों के पास स्पष्ट बहुमत न होने के कारण अब छोटे क्षेत्रीय दलों और किंगमेकर की भूमिका निभाने वाले अन्य समूहों की अहमियत बहुत ज्यादा बढ़ गई है।वोटों की गिनती जारी, 'डबल लिफाफे' तय करेंगे जीत-हार का असली फैसलायरुशलम से मिल रही आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, पोलिंग स्टेशनों पर आम मतों की गिनती पूरी होने के बाद अब चुनाव अधिकारी 'डबल लिफाफों' (Double Envelopes) की बेहद संवेदनशील और लंबी गिनती में जुट गए हैं।इन विशेष डबल लिफाफों में उन तमाम इजरायली नागरिकों के मत शामिल हैं जो अपनी अनिवार्य ड्यूटी या पेशेवर व्यस्तताओं के चलते अपने तय मतदान केंद्र पर वोट डालने नहीं जा सके थे। इनमें मुख्य रूप से देश की सीमाओं पर तैनात सैनिक, विभिन्न देशों में तैनात राजनयिक, तथा अस्पतालों में सेवा दे रहे डॉक्टर और नर्स शामिल हैं। ऐसे लगभग 600,000 विशेष वोट हैं, जिनकी गिनती पूरी होने के बाद ही अंतिम और पुख्ता तस्वीर साफ हो पाएगी। हालांकि, चुनावी जानकारों का यह मानना है कि आम तौर पर इन लिफाफों से नतीजों में बहुत बड़ा उलटफेर नहीं होता, फिर भी कांटे की टक्कर और बेहद कम अंतर वाले इस चुनाव में हर एक सीट का बहुत बड़ा मोल है।रिकॉर्ड मतदान के बावजूद खंडित जनादेश, क्या इजरायल में बदलेगी सत्ताइस बार के इजरायली चुनावों की एक और सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि देश में रिकॉर्ड तोड़ मतदान दर्ज किया गया, जिससे यह साबित होता है कि यहूदी-इजरायली मतदाता अपने देश के राजनीतिक भविष्य को लेकर बेहद जागरूक और बंटे हुए हैं। दोनों प्रमुख राजनीतिक गुटों के बीच वोटों का यह मुकाबला लगभग बराबरी का रहा है।विश्लेषकों का यह भी कहना है कि यदि अंतिम परिणाम भी एग्जिट पोल के इन्हीं आंकड़ों के आसपास ठहरते हैं, तो इजरायल में एक बार फिर जोड़-तोड़ की राजनीति या अस्थिर गठबंधन सरकार बनने के आसार पैदा हो सकते हैं। नेतन्याहू के राजनीतिक करियर और उनकी नीतियों के लिहाज से यह चुनाव उनके लिए अब तक की सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा साबित हो रहा है। देखना यह होगा कि क्या विपक्षी दल मिलकर सरकार बनाने में सफल होते हैं या फिर नेतन्याहू एक बार फिर अपनी राजनीतिक चातुर्य से सत्ता बचाने में कामयाब रहते हैं।
'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद उपजे गंभीर कूटनीतिक और सैन्य तनाव के बीच भारत ने एक बड़ा और रणनीतिक कदम उठाया है। आधिकारिक राजनयिक सूत्रों के अनुसार, भारत सरकार ने नई दिल्ली में 20 से 22 नवंबर तक आयोजित होने वाले पहले 'शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सिविलाइजेशनल डायलॉग फोरम' (सभ्यता संवाद मंच) के लिए पाकिस्तान के राष्ट्रीय विरासत और संस्कृति मंत्री, औरंगजेब खान खिची को औपचारिक रूप से आमंत्रित किया है। भारत ने SCO के बहुपक्षीय ढांचे के तहत संगठन के सभी 10 सदस्य देशों को इस ऐतिहासिक सम्मेलन के लिए न्योता भेजा है। यह निमंत्रण ऐसे समय में आया है जब 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध तनावपूर्ण हैं। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद मई 2025 में यह ऑपरेशन शुरू किया था। इस सैन्य अभियान के बाद से किसी वरिष्ठ पाकिस्तानी मंत्री को दिया गया यह पहला निमंत्रण है। अगर खिची इस कार्यक्रम में शामिल होते हैं, तो यह मई 2023 में गोवा में हुई SCO विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक में तत्कालीन विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी के शामिल होने के बाद, किसी वरिष्ठ पाकिस्तानी मंत्री की भारत की पहली यात्रा होगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 20 अक्टूबर को ताजिकिस्तान के दुशान्बे में आयोजित SCO शासनाध्यक्षों की परिषद की बैठक में इस फोरम की घोषणा की और बताया कि सभी सदस्य देशों को आमंत्रित किया गया है। सिंह ने कहा, इस साल के अंत में, भारत पहले 'SCO सिविलाइजेशन डायलॉग फोरम' की मेजबानी करेगा। हम SCO के सभी देशों को इसमें भाग लेने के लिए आमंत्रित करते हैं। इस फोरम का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना और आपसी समझ को बढ़ावा देना है। बैठक के दौरान, सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ एक सख्त और सुसंगत रुख अपनाने का आह्वान किया और जोर देकर कहा कि इसमें कोई 'दोहरा मापदंड' (double standards) नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, आतंकवाद से निपटने में कोई दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए। जो लोग आतंकवादियों को आर्थिक मदद देते हैं, उनका समर्थन करते हैं या उन्हें सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराते हैं, उनके लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को सख्ती से और सामूहिक रूप से खत्म किया जाना चाहिए। इस बैठक में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार भी मौजूद थे। बिश्केक में हुए शिखर सम्मेलन के बाद, 1 सितंबर को पाकिस्तान ने किर्गिस्तान से कार्यभार संभालते हुए, 2026-27 के कार्यकाल के लिए SCO राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की बारी-बारी से मिलने वाली अध्यक्षता ग्रहण की। SCO में 10 सदस्य देश शामिल हैं: बेलारूस, चीन, भारत, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान। भारत 2017 में पूर्ण सदस्य बना।अफगानिस्तान और मंगोलिया के पास पर्यवेक्षक का दर्जा है, जबकि इस समूह के 15 संवाद साझेदार भी हैं। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
Shiv Sena UBT नेता Pradeep Purnekar की हत्या पर ठाणे में चक्काजाम
शिवसेना (उबाठा) के नेता प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के विरोध में उनके सैकड़ों समर्थकों ने ठाणे में घोड़बंदर रोड जाम कर दिया और कई जगह टायर जलाए, जिससे रातभर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। पूर्णेकर के बेटे राम पूर्णेकर ने अपने पिता की हत्या के मामले में ठाणे की पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे और उनके पति राजेंद्र शिंदे की गिरफ्तारी की मांग की है। प्रदर्शन मंगलवार को उस समय शुरू हुआ, जब पुलिस ने राम पूर्णेकर को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आवास की ओर मार्च करने की कोशिश के दौरान हिरासत में ले लिया। इसके बाद नौपाड़ा पुलिस थाने में विरोध प्रदर्शन हुआ। शिवसेना (उबाठा), महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और कांग्रेस के नेताओं ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया और उपमुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की। पुलिस के अनुसार, शिवसेना (उबाठा) के मनपाड़ा विभाग प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की 29 सितंबर को उनके कार्यालय में अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी थी। पुलिस ने कहा कि प्रथम दृष्टया आगामी ठाणे नगर निगम चुनावों से जुड़ी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता हमले की वजह हो सकती है। मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इस बीच, ठाणे की पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे मंगलवार को पूछताछ के लिए जबरन वसूली निरोधक प्रकोष्ठ (एईसी) के कार्यालय भी पहुंचीं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं पुलिस के साथ पूरा सहयोग कर रही हूं।’’प्रदीप पूर्णेकर के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस पर भारी राजनीतिक दबाव है। पुलिस ने बताया कि बुधवार सुबह करीब चार बजे यातायात सामान्य हो गया। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान अर्नब का हुआ लैंडफॉल
चक्रवाती तूफान अर्नब ने 28 अक्टूबर की तड़के आंध्र प्रदेश के तट पर लैंडफॉल शुरू किया। IMD के मुताबिक, हवाओं की रफ्तार 125 से 135 किमी प्रति घंटा रही और झोंके 150 किमी प्रति घंटा तक पहुंचे।
UP MLC चुनाव का हर अपडेट... कौन कहां से जीता, देखें लिस्ट
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 शिक्षक और स्नातक निर्वाचन सीटों के चुनाव में बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच मुकाबला देखने को मिला. लखनऊ शिक्षक सीट से बीजेपी के उमेश द्विवेदी, मेरठ-सहारनपुर शिक्षक सीट से श्रीचंद शर्मा और स्नातक सीट से दिनेश गोयल ने जीत दर्ज की. बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट पर हरि सिंह ढिल्लों विजयी रहे.
चुनाव हारकर बोल्सोनारो USA रवाना, जेल में बंद पिता का क्या होगा?
राष्ट्रपति चुनाव में लुईज इनासियो लूला दा सिल्वा से हारने के बाद सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो अमेरिका रवाना हो गए हैं. फ्लावियो और उनके परिवार के लिए अमेरिका वीजा जारी करेगा. इस बीच, लूला ने फ्लावियो के देश छोड़ने पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें ब्राजील में रहकर अपनी बेगुनाही साबित करनी चाहिए.
बायआउट से लेकर अप्रेजल तक, कंपनी अपना रही छंटनी के नए शेड्स
लेऑफ हमेशा पिंक स्लिप से शुरू नहीं होते. कभी-कभी वे बायआउट, अप्रेजल की चिंताओं या ऑर्गेनाइजेशनल में हो रहे बदलावों के रूप में कर्मचारियों के सामने आते हैं. लेकिन अब कंपनी भी जॉब कट के पुराने तरीकों को पीछे छोड़ते हुए नए-नए तरीके अपना रही है. यहां पर जॉब कट के चार शेड्स के बारे में बताया गया है, जिससे कर्मचारियों को समझ आएगा कि इसका मतलब क्या है?
कर्नाटक एमएलसी चुनाव: भाजपा-जेडीएस गठबंधन का दबदबा, चारों सीटों पर दर्ज की जीत; कांग्रेस का सूपड़ा साफ karnataka-mlc-election-results-congress-loses-all-four-seats-bjp-jds-win
यूपी में 'अर्नब' का कहर, तेज आंधी के साथ भयंकर बारिश का अलर्ट!
उत्तर प्रदेश में अर्नब चक्रवात का असर 28 से 31 अक्तूबर तक देखने को मिल सकता है।
इंटरनेट डेस्क। चक्रवात अर्नब का असर आंध्र प्रदेश में दिखने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, इस भीषण चक्रवाती तूफान का केंद्र समुद्र तट के बहुत करीब है और अगले 3 घंटों तक इसके तट से टकराने (लैंडफॉल) की प्रक्रिया जारी रहेगी। हालात यह हैं की समुद्र का पानी लोगों के घरों में घुस गया है। आंध्र प्रदेश में तेज हवाओं के साथ हो रही भारी बारिश के कारण कई पेड़ उखड़ गए हैं, जिससे बीच रोड और सीथाम्माधारा का रास्ता अवरुद्ध हो गया है। पानी में डूबी सड़के ताजा जानकारी के अनुसार, विशाखापत्तनम और बालासोर में तूफान के तट से टकराने के बाद कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए और बिजली की लाइनें टूट गईं। सड़कें काफी हद तक पानी में डूबी हुई हैं, इसलिए लोग सुरक्षा के लिए घरों के अंदर ही रहने को कहा गया है। आईएमडी के अनुसार, इस तूफान के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते रहने और अगले तीन घंटों के दौरान आंध्र प्रदेश और यनम के तटों (बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यनम के दक्षिण के पास) को पार करने की संभावना है। चल रही हैं तेज हवाएं वहीं, गंजाम के गोपालपुर में समुद्र में उथल-पुथल, तेज़ हवाएं और भारी बारिश देखी जा सकती है, क्योंकि चक्रवात अर्नब और तेज़ होता जा रहा है। इस भीषण चक्रवाती तूफ़ान का केंद्र तट के बहुत करीब है और अगले कुछ घंटों तक लैंडफ़ॉल की प्रक्रिया जारी रहेगी। इस चक्रवात के असर से अनाकापल्ली, विशाखापत्तनम, काकीनाडा और कोनासीमा जिलों के कई इलाकों में भारी बारिश हुई। इस बीच, विशाखापत्तनम, काकीनाडा, कोनासीमा और पश्चिम गोदावरी जिलों के कलेक्टर्स ने अपने-अपने जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की जानकारी दी। pc- india tv hindi
स्टाइलिश लुक, पावरफुल इंजन! लॉन्च से पहले दिखी Harley की सस्ती क्रूजर
Harley-Davidson Sprint 440 का प्रोडक्शन भारत में हार्ले डेविडसन और हीरो मोटोकॉर्प द्वारा मिलकर किया जाएगा. अब इस बाइक की पूरी क्लीयर इमेज सामने आई है, जिसमें बाइक के लुक, डिजाइन और फीचर्स से जुड़ी कई जानकारियां मिलती हैं. देखें कैसी है हार्ले की सबसे सस्ती क्रूजर बाइक-
हॉलीवुड में जय श्री राम की गूंज, बजा रामायण का डंका! रणबीर-यश की ग्रैंड एंट्री
रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश की फिल्म रामायण का लॉस एंजेलिस में ग्रैंड प्रीमियर हुआ. रेड कार्पेट पर सितारों का जलवा दिखा और फैंस ने जय श्री राम के नारे लगाए. जानें कौन-कौन पहुंचा और कौन रहा गायब.
Jio लिस्टिंग से पहले शेयर बाजार क्रैश, पलक झपकते ही सेंसेक्स-निफ्टी में भूचाल
Stock Market Crash: शेयर बाजार में बुधवार को दिन निवेशकों ले लिए बेहद खराब शुरुआत लेकर आया. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स खुलने के साथ ही क्रैश हो गए और Infosys से लेकर TCS तक आईटी शेयर ताश के पत्तों की तरह बिखरे हुए नजर आए.
कबाड़ में पड़ा कंटेनर पैर से दबाया, तुरंत हो गया ब्लास्ट, Video
हैदराबाद के कटेडन इंडस्ट्रियल एरिया में कबाड़ के बीच पड़े केमिकल कंटेनर में तेज धमाका हो गया. इस हादसे में दो मजदूर घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों घायल मजदूरों को अस्पताल पहुंचाया. वहीं फॉरेंसिक टीम की मदद से हादसे की जांच की जा रही है.
'अरे अम्मा, हम जियत हईं', जिस बेटी का किया अंतिम संस्कार, वो जिंदा मिली!
प्रयागराज के लाल गोपालगंज में 2023 से लापता 30 वर्षीय प्रीति को मृत समझकर परिवार ने शव की पहचान की और अंतिम संस्कार कर दिया. हालांकि, डीएनए रिपोर्ट आने से पहले ही गुजरात के नारी संरक्षण केंद्र से उसके सुरक्षित होने की खबर मिली. वीडियो कॉल पर बेटी को जिंदा देख भावुक मां से प्रीति बोली, अम्मा, हम जियत हईं… अब पुलिस पहली अज्ञात लाश की जांच कर रही है.
शादी के बाद आने वाला पहला करवा चौथ किसी भी नवविवाहित जोड़े (Newlywed Couple) के जीवन का सबसे भावनात्मक, खूबसूरत और यादगार पल होता है। लाल जोड़े में सजी दुल्हन, हाथों में रची पिया के नाम की गहरी मेहंदी, सास का दिया स्नेह भरा सरगी का थाल और दिनभर चांद का बेसब्री से इंतजार—ये सब मिलकर इस दिन को बेहद रूमानी बना देते हैं। भारतीय संस्कृति में यह पर्व केवल पति की लंबी उम्र की प्रार्थना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दो दिलों के बीच आपसी समर्पण, विश्वास और सामंजस्य को गहरा करने का एक अद्भुत जरिया भी है। पहली बार जब कोई लड़की अपने ससुराल में यह व्रत रखती है, तो उसके मन में उत्साह के साथ-साथ रस्मों और दिनभर बिना अन्न-जल के रहने को लेकर थोड़ी घबराहट भी होती है। ऐसे में यदि पति और परिवार मिलकर इस दिन की योजना बनाएं, तो यह साधारण उपवास जीवनभर के लिए सबसे खूबसूरत यादों में बदल सकता है।दिन की शुरुआत: सास की सरगी और पति का भावनात्मक साथकरवा चौथ की औपचारिक शुरुआत भोर में सूर्योदय से पहले (लगभग तड़के 4 बजे) 'सरगी' खाने की रस्म से होती है। पहले करवा चौथ पर इस रस्म का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। सास अपनी नई बहू को प्यार और आशीर्वाद के साथ मेवे, फल, मिठाई, मठरी और पारंपरिक सुहाग सामग्री भेंट करती हैं।पोषक और संतुलित सरगी: दिनभर निर्जला व्रत रखने के लिए यह जरूरी है कि सरगी में तली-भुनी चीजों के बजाय खजूर, भीगे बादाम, सेब, अनार, नारियल पानी और दूध-फेनी जैसी चीजें शामिल की जाएं, जिससे दिनभर शरीर में ऊर्जा बनी रहे और प्यास न लगे।पति भी उठाएं जिम्मेदारी: इस खास सुबह पति का यह दायित्व बनता है कि वह भी अपनी पत्नी के साथ जल्दी उठें। भोर की इस रस्म में केवल दर्शक बनने के बजाय अपनी पत्नी के लिए मेवे तैयार करना या गुनगुना पानी देना आपके रिश्ते में अपनत्व का पहला अहसास कराता है।पति भी रखें साथ में व्रत: बराबरी और प्रेम का सबसे खूबसूरत इजहारआज के आधुनिक दौर में रिश्ते की परिभाषा बराबरी और साझा अहसास पर टिकी है। पहले करवा चौथ को अविस्मरणीय बनाने का सबसे बेहतरीन तरीका यह है कि पति भी अपनी पत्नी के साथ इस व्रत को रखें। जब दोनों जीवनसाथी एक-दूसरे की लंबी उम्र, स्वास्थ्य और साथ की कामना करते हुए दिनभर निर्जला या फलाहारी उपवास रखते हैं, तो भूख-प्यास का अहसास बिल्कुल खत्म हो जाता है। यह कदम पत्नी को मानसिक रूप से बहुत बड़ा संबल देता है और उसे यह महसूस कराता है कि इस नए रिश्ते में त्याग और समर्पण केवल उसकी तरफ से नहीं, बल्कि दोनों ओर से बराबर है। यदि काम के चलते पूर्ण निर्जला व्रत रखना संभव न हो, तो भी दिनभर पत्नी के साथ वक्त बिताना और उसके आराम का ख्याल रखना सबसे बड़ा उपहार साबित होता है।दिनभर पत्नी को तरोताजा रखने के लिए अपनाएं ये तरीकेशादी के बाद पहले व्रत में अक्सर युवतियां दोपहर होते-होते सिरदर्द, कमजोरी या थकावट महसूस करने लगती हैं। इस समय को खुशनुमा बनाने के लिए घर में कुछ मजेदार गतिविधियां प्लान की जा सकती हैं:फिल्म या वेब सीरीज मैराथन: घर पर बैठकर दोनों अपनी पसंदीदा रोमांटिक फिल्में या शादी के अनकट वीडियो और एल्बम देख सकते हैं। शादी के बीते पलों को दोबारा याद करना चेहरे पर खुद-ब-खुद मुस्कान ले आता है।आराम और स्पा सेशन: पति अपनी पत्नी को हल्के हाथों से हेड मसाज दे सकते हैं या पैरों को आराम देने में मदद कर सकते हैं। भारी लहंगे या गहनों की तैयारी में मदद करना भी एक प्यारा जेस्चर है।शाम की कथा की तैयारी: शाम के समय आस-पड़ोस या परिवार की अन्य महिलाओं के साथ मिलकर करवा माता की पूजा और व्रत कथा का श्रवण किया जाता है। पूजा की थाली, करवे और दीपक को सजाने में पति का थोड़ा सा सहयोग माहौल को उत्सव जैसा बना देता है।चांद का दीदार और पारण: छत पर बनाएं एक जादुई माहौलशाम की पूजा संपन्न होने के बाद सबसे उत्सुकता भरा पल होता है रात को आकाश में चांद के निकलने का। इस पल को साधारण रखने के बजाय थोड़ा सिनेमैटिक और ड्रीमी बनाया जा सकता है:टेरेस डेकोरेशन: यदि आप घर की छत या बालकनी से अर्घ्य देने वाले हैं, तो वहां हल्की फेयरी लाइट्स, गेंदे के ताजे फूलों की लड़ी और खुशबूदार मोमबत्तियां लगा सकते हैं।पारंपरिक रस्म का जादू: लाल चुनरी ओढ़कर जब नई दुल्हन छलनी में जलता हुआ दीपक रखकर पहले चंद्रमा के दर्शन करती है और फिर उसी छलनी से अपने जीवनसाथी का दीदार करती है, तो वह क्षण शब्दों से परे होता है। अर्घ्य देने के बाद पति अपने हाथों से पत्नी को जल पिलाएं और मिठाई खिलाकर व्रत का पारण कराएं।तस्वीरें जो उम्रभर मुस्कुराएं: इस खास पल की खूबसूरत तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करना न भूलें। विवाह की पहली सालगिरह या आने वाले सालों में ये तस्वीरें आपके चेहरे पर हमेशा सुकून भरी चमक बिखेरेंगी।सरप्राइज गिफ्ट और कैंडललाइट डिनर से दें परफेक्ट एंडिंगव्रत खोलने के तुरंत बाद रसोई में भारी-भरकम खाना बनाने की झंझट बिल्कुल न पालें। पहले करवा चौथ की रात को पूरी तरह तनावमुक्त और सुकून से भरपूर होना चाहिए:मनपसंद सात्विक डिनर: पहले से ही किसी अच्छे रेस्टोरेंट में शांत और खूबसूरत कैंडललाइट डिनर की टेबल बुक करके रखें, या फिर घर पर ही पत्नी की पसंद का हल्का, सुपाच्य और स्वादिष्ट भोजन ऑर्डर कर लें। दिनभर भूखे रहने के बाद एकदम गरिष्ठ और तैलीय खाना खाने से बचें।दिल को छू लेने वाला करवा चौथ गिफ्ट: पत्नी के त्याग और प्यार के सम्मान में एक खास तोहफा इस शाम को मुकम्मल कर देता है। यह जरूरी नहीं कि तोहफा बहुत महंगा ही हो; एक सोने या हीरे की नाजुक रिंग, पेंडेंट, उसकी पसंद की कोई घड़ी, हैंड रिटेन लव लेटर (हाथ से लिखा प्रेम पत्र) या कोई ऐसा पर्सनलाइज्ड गिफ्ट जो सीधे दिल को छुए। सबसे बड़ा उपहार आपका वह वादा होता है, जिसमें आप जिंदगी के हर मोड़ पर उसका हाथ थामे रखने का भरोसा देते हैं।
नाश्ते में बनाएं गुजराती राजा-रानी पराठा, मांग-मांगकर खाएंगे बच्चे!
गुजरात के सूरत का मशहूर राजा-रानी पराठा घर पर बनाना बेहद आसान है, जिसे देखते ही बच्चे खुश हो जाएंगे. सब्जियों, पनीर और मसालों की चटपटी भरावन के साथ तैयार इस पराठे के ऊपर शेजवान चटनी, मेयोनीज और चीज डाला जाता है. जानें गुजराती स्टाइल राजा-रानी पराठा बनाने की आसान रेसिपी और खास टिप्स.
त्योहारों का मौसम उमंग, उल्लास और अपनों से मिलने का सुखद अहसास लेकर आता है, लेकिन इसके साथ ही घर-गृहस्थी में जिम्मेदारियों का भारी बोझ भी जुड़ जाता है। खासकर उत्तर भारत में जहां दिवाली और लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा बेहद कम दिनों के फासले पर आते हैं, वहां घर की डीप क्लीनिंग, रंग-रोगन, बाजार की दौड़भाग, गिफ्ट्स की पैकिंग और छठ के पारंपरिक पकवानों व सूप-दउरा के इंतजाम की आपाधापी शुरू हो जाती है। कामकाजी महिलाओं और पुरुषों के लिए ऑफिस की डेडलाइन्स और घर के इन अनगिनत कामों को एक साथ संभालना शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद थका देने वाला साबित होता है। कई बार लोग त्योहार के मुख्य दिन तक इतने निढाल और बर्नआउट के शिकार हो जाते हैं कि उत्सव की खुशियों का आनंद ही नहीं ले पाते। अगर आप सही योजना और स्मार्ट लाइफस्टाइल के साथ काम करें, तो बिना किसी तनाव और गंभीर थकान के पूरा फेस्टिव सीजन ऊर्जा से भरपूर बिता सकते हैं।काम की लिखित चेकलिस्ट बनाएं और प्राथमिकताएं तय करेंफेस्टिव सीजन में सबसे बड़ी गलती लोग यह करते हैं कि वे बिना किसी पूर्व तैयारी के एक साथ कई काम शुरू कर देते हैं। कभी अलमारी का सामान निकाल दिया, तो बीच में ही खरीदारी के लिए निकल गए। यह अव्यवस्थित तरीका दिमाग पर अनावश्यक दबाव डालता है। इससे बचने के लिए सबसे पहले एक नोटबुक या फोन के नोट्स ऐप में सभी कामों की एक व्यवस्थित चेकलिस्ट तैयार करें। इसे तीन श्रेणियों में बांटें: अति आवश्यक, सामान्य और वैकल्पिक। जो काम दिवाली से दो हफ्ते पहले निपटाए जा सकते हैं (जैसे पर्दे धुलना, स्टोर रूम साफ करना या छठ के सूखे बर्तनों और सामान की छंटाई), उन्हें पहले पूरा करें। जब आप एक-एक करके कार्यों पर टिक लगाते हैं, तो दिमाग में डोपामाइन रिलीज होता है और मानसिक तनाव अपने आप आधा रह जाता है।घर की सफाई में अपनाएं डिक्लेटरिंग और स्मार्ट रणनीतिसफाई शुरू करने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि पूरे घर को एक ही दिन में अस्त-व्यस्त कर दिया जाए। सफाई का पहला स्वर्णिम नियम है 'डिक्लेटरिंग' यानी गैर-जरूरी चीजों को बाहर निकालना। पुराने अखबार, खाली डिब्बे, टूटे प्लास्टिक के खिलौने और न पहने जाने वाले कपड़ों को सबसे पहले घर से बाहर करें। जब अतिरिक्त कबाड़ हट जाता है, तो घर का 40 प्रतिशत हिस्सा खुद-ब-खुद साफ दिखने लगता है। इसके बाद एक दिन में सिर्फ एक कमरा या एक सेक्शन (जैसे सिर्फ किचन या सिर्फ बेडरूम) साफ करने का लक्ष्य रखें। सफाई के लिए आधुनिक गैजेट्स जैसे वैक्यूम क्लीनर, माइक्रोफाइबर मॉप और ऑनलाइन उपलब्ध आसान क्लीनिंग स्प्रे का सहारा लें ताकि झुकने और भारी बाल्टियां उठाने से कमर पर अतिरिक्त जोर न पड़े। परफेक्शनिस्ट बनने के फेर में अपनी सेहत की बलि न चढ़ाएं, क्योंकि घर को इंसानों के रहने लायक सुंदर बनाना है, किसी शोरूम जैसा बेदाग नहीं।जिम्मेदारियों का बंटवारा करें और परिवार को साथ जोड़ेंत्योहार किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे परिवार का उत्सव होता है। अक्सर देखा जाता है कि घर की महिलाएं अकेले ही रसोई से लेकर सजावट तक का सारा भार अपने कंधों पर ले लेती हैं, जो त्योहार के दिन उनकी बीमारी या चिड़चिड़ेपन का कारण बन जाता है। परिवार के हर सदस्य—पति, बच्चों और बुजुर्गों—को उनकी क्षमता के अनुसार जिम्मेदारियां सौंपें। बच्चे रंगोली के रंग व्यवस्थित करने, दीये भिगोने या झालर लगाने में मदद कर सकते हैं, जबकि युवा बाजार से फल, पूजा सामग्री और राशन लाने का जिम्मा संभाल सकते हैं। मिलकर काम करने से न सिर्फ समय की भारी बचत होती है, बल्कि आपस में संवाद बढ़ता है और त्योहार का असली आनंद भी दोगुना हो जाता है।डाइट, पानी और बफर टाइम से शरीर को करें रीचार्जकाम की आपाधापी में अक्सर लोग खाना समय पर खाना भूल जाते हैं या लगातार चाय-कॉफी पीकर पेट खराब कर लेते हैं। दिनभर एक्टिव रहने के लिए शरीर को सही ईंधन की जरूरत होती है। अपने दिन की शुरुआत भीगे बादाम, अखरोट और गुनगुने पानी के साथ करें। दिन में कम से कम 2.5 से 3 लीटर पानी, नारियल पानी या नींबू-पानी का सेवन अवश्य करें ताकि डिहाइड्रेशन और मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या न हो। इसके साथ ही अपने दैनिक शेड्यूल में 'बफर टाइम' जरूर निर्धारित करें। दोपहर या शाम को 30 से 45 मिनट का ऐसा ब्रेक लें जिसमें आप कोई काम न करें—बस आंखें बंद करके लेटें, हल्का संगीत सुनें या गहरी सांस लें। 6 से 7 घंटे की सुकून भरी नींद आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता और ताजगी को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है। इन छोटी लेकिन असरदार सावधानियों को अपनाकर आप बिना किसी थकावट के दिवाली की रोशनी और छठ के पावन अर्घ्य का पूरी ऊर्जा के साथ स्वागत कर सकते हैं।
वैभव से सचिन-विराट तक, अनाया बांगड़ ने चुनी ऑल टाइम इंडिया प्लेइंग XI
अनाया बांगड़ ने पुरुष और महिला क्रिकेटर्स को मिलाकर ऑल टाइम इंडियन प्लेइंग XI चुनी है. उनकी टीम में सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, स्मृति मंधाना, हरमनप्रीत कौर और वैभव सूर्यवंशी जैसे नाम शामिल हैं. अनाया ने खुद को भी इस टीम में जगह दी है. एमएस धोनी को कप्तान चुना गया, जिनकी गेम रीडिंग और क्रिकेटिंग समझ की तारीफ की गई.
सुहागिनों के सबसे पावन पर्व करवा चौथ पर शाम की पूजा और चांद को अर्घ्य देने के दौरान पूजा की थाली सबसे मुख्य आकर्षण होती है। बाजार में मिलने वाली रेडीमेड थालियां अक्सर महंगी होती हैं और उनमें वह व्यक्तिगत स्पर्श नहीं मिल पाता। आप अपने घर पर मौजूद साधारण स्टील या पीतल की थाली, छलनी (छन्नी), तांबे के लोटे और पारंपरिक मिट्टी के करवे को कुछ ही मिनटों में गोटा-पट्टी, लाल वेलवेट के कपड़े, शीशे और सुनहरे मोतियों से सजाकर बिल्कुल राजस्थानी या शाही लुक दे सकती हैं।मिट्टी के करवे को सजाने का पारंपरिक और मॉडर्न तरीकाकरवा चौथ की पूजा में मिट्टी का करवा सबसे पवित्र माना जाता है। इसे सजाते समय प्राकृतिक और शुभ रंगों का प्रयोग करना उत्तम रहता है:ऐक्रेलिक बेस पेंट: मिट्टी के करवे को पहले साफ कपड़े से पोंछ लें। इसके बाद उस पर लाल, मरून या गहरे पीले रंग का ऐक्रेलिक पेंट करें। पेंट सूखने के बाद उस पर सुनहरे (गोल्डन) रंग से स्वास्तिक या ॐ का शुभ चिन्ह बनाएं।गोटा और लेस की बाउंड्री: करवे की गर्दन और निचले घेरे पर बारीक गोटा-पट्टी या सुनहरी किनारी वाली लेस फेविकोल या फैब्रिक ग्लू की मदद से चिपकाएं।मौली और कौड़ी का स्पर्श: करवे के मुख पर पवित्र कलावा (मौली) लपेटें। आप चाहें तो इसमें शुभता के लिए 2-3 छोटी सफेद कौड़ियां या छोटे घुंघरू भी पिरो सकती हैं, जो इसे विंटेज और पारंपरिक लुक देते हैं।छलनी (Channi) को इस तरह दें खूबसूरत और रॉयल टचचांद और पति का दीदार करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली छलनी को सजाते समय ध्यान रखें कि जाली वाले हिस्से पर कोई भारी चीज न चिपके:रिम पर वेलवेट या साटन फैब्रिक: छलनी के बाहरी गोल घेरे (रिम) पर लाल रंग का वेलवेट या साटन का रिबन चारों तरफ चिपका दें।हैंगिंग मोती या लटकन: छलनी के नीचे की परिधि पर छोटे मोतियों वाली लड़ी या बारीक घुंघरू की लटकन लगाएं। जब आप इसे हाथ में थामेंगी, तो यह बेहद आकर्षक दिखेगी।मिरर और स्टोन वर्क: बाहरी पट्टी पर छोटे गोल या त्रिकोण आकार के क्राफ्ट मिरर (कांच) और कुंदन स्टोन लगाएं, जिससे शाम के दीये की रोशनी में यह जगमगा उठे।पूजा थाली और लोटे की थीम-बेस्ड सजावट के 3 आसान आइडियाथाली और लोटे का संयोजन हमेशा एक ही रंग और थीम में होना चाहिए ताकि पूरी पूजा सामग्री एक खूबसूरत सेट के रूप में दिखे:रेड वेलवेट और गोटा-पट्टी थीम: थाली के आकार का लाल या महरून वेलवेट कपड़ा काटकर थाली के अंदर चिपकाएं। किनारों पर चौड़ी सुनहरी गोटा-लेस लगाएं। बीच में गोटा-पट्टी से चार खाने (Quadrant) बनाएं या स्वास्तिक का आकार दें।मिरर और कुंदन वर्क थाली: थाली के बॉर्डर पर छोटे-छोटे शीशे और चारों ओर मोतियों की लेस लगाएं। इसी पैटर्न को जल अर्पित करने वाले लोटे के ऊपरी और निचले हिस्से पर भी दोहराएं।मोरपंखी या ट्रेडिशनल फ्लोरल थीम: थाली के एक कोने पर छोटा कृत्रिम मोरपंख या फैब्रिक से बना लाल गुलाब का फूल लगाएं, जिससे थाली भारी भी न हो और पूजा की सामग्री रखने के लिए पर्याप्त जगह बची रहे।थाली में सामग्री सजाने का सही नियमसजावट पूरी होने के बाद गोंद को अच्छी तरह सूखने दें। थाली के बीच में आटे या पीतल का चौमुखी दीपक रखने की जगह छोड़ें। एक तरफ रोली, अक्षत, चंदन और हल्दी की कटोरियां रखें। दूसरी तरफ ताजे फूल, मिठाई, ड्राई फ्रूट्स, जल से भरा लोटा और छलनी को व्यवस्थित रूप से सजाएं, ताकि पूजा के समय कोई भी सामग्री असंतुलित न हो।
डिजिटल दौर में स्मार्टफोन हमारी दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसके साथ ही एक ऐसी साइलेंट महामारी ने जन्म ले लिया है जो सीधे तौर पर युवाओं की हड्डियों और नसों को खोखला कर रही है। इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब शॉर्ट्स और टिकटॉक जैसे शॉर्ट-फॉर्म वीडियो प्लेटफॉर्म्स पर लगातार घंटों तक अंगूठे से स्क्रीन स्क्रॉल करने की आदत अब केवल समय की बर्बादी या मानसिक थकावट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा और खतरनाक असर रीढ़ की हड्डी (स्पाइन) और गर्दन की बनावट पर पड़ रहा है। ऑर्थोपेडिक और स्पाइन विशेषज्ञों का कहना है कि जब हम लगातार गर्दन नीचे झुकाकर फोन की स्क्रीन में खोए रहते हैं, तो इससे गर्दन की सर्वाइकल स्पाइन पर अप्राकृतिक दबाव पड़ता है। मेडिकल भाषा में इस स्थिति को 'टेक्स्ट नेक सिंड्रोम' (Text Neck Syndrome) या 'स्मार्टफोन स्पाइन' कहा जाता है।झुकने पर गर्दन पर कितना वजन पड़ता है? जानिए बायोमैकेनिक्सएक वयस्क इंसान के सिर का सामान्य वजन लगभग 4.5 से 5.5 किलोग्राम (10 से 12 पाउंड) होता है, जिसे हमारी गर्दन की मांसपेशियां और सर्वाइकल वर्टिब्रा (रीढ़ की हड्डियां) आसानी से संतुलित रखती हैं। लेकिन जैसे ही हम सिर को आगे की ओर झुकाते हैं, गुरुत्वाकर्षण और लीवर एक्शन के कारण गर्दन पर पड़ने वाला प्रभावी वजन कई गुना बढ़ जाता है:0 डिग्री (सीधा सिर): लगभग 5 किलोग्राम दबाव15 डिग्री झुकाव: लगभग 12 किलोग्राम दबाव30 डिग्री झुकाव: लगभग 18 किलोग्राम दबाव45 डिग्री झुकाव: लगभग 22 किलोग्राम दबाव60 डिग्री झुकाव: लगभग 27 किलोग्राम (60 पाउंड) का भारी दबावजब कोई व्यक्ति बिस्तर पर लेटकर या सोफे पर झुककर 60 डिग्री के कोण पर लगातार दो से तीन घंटे रील्स देखता है, तो उसकी गर्दन पर एक 8 साल के बच्चे के वजन या सीमेंट की आधी बोरी जितना निरंतर दबाव पड़ता रहता है। रीढ़ की हड्डी इस तरह के लंबे और अस्वाभाविक खिंचाव को झेलने के लिए नहीं बनी है।रील्स स्क्रॉलिंग से शरीर में पनपते हैं ये 5 गंभीर खतरेलगातार घंटों तक खराब पोस्चर में मोबाइल इस्तेमाल करने से केवल मांसपेशियों में अकड़न ही नहीं आती, बल्कि रीढ़ की हड्डियों में स्थायी संरचनात्मक बदलाव आने लगते हैं:नेचुरल स्पाइन कर्व का बिगड़ना: इंसान की गर्दन की हड्डी में आगे की ओर एक प्राकृतिक घुमाव (Lordotic Curve) होता है, जो शॉक अब्जॉर्बर का काम करता है। लगातार सिर झुकाए रहने से यह कर्व सीधा (Straightening of Cervical Spine) हो जाता है, जिससे रीढ़ की झटके सहने की ताकत खत्म हो जाती है।अर्ली सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस और स्लिप डिस्क: वर्टिब्रा के बीच मौजूद इंटरवर्टेब्रल डिस्क पर लगातार असमान दबाव पड़ने से डिस्क बाहर निकलने (हर्निएशन/स्लिप डिस्क) लगती है। जो सर्वाइकल की समस्या पहले 50-60 साल की उम्र में देखी जाती थी, वह अब 20 से 25 साल के युवाओं और कॉलेज छात्रों में आम हो गई है।नसों का दबना और हाथों में सुन्नपन: रीढ़ की हड्डी से निकलने वाली नसें (Nerves) जो कंधों और हाथों तक जाती हैं, वे संकुचित हो जाती हैं। इसके कारण गर्दन से दर्द शुरू होकर कंधे, कोहनी और उंगलियों तक तेज बिजली जैसा झटका, झुनझुनी और सुन्नपन महसूस होने लगता है।हंचबैक या कूबड़ (Kyphosis): लंबे समय तक कंधों को आगे झुकाकर (राउंडेड शोल्डर्स) रील्स देखने से पीठ के ऊपरी हिस्से में कूबड़ जैसी गांठ उभरने लगती है, जिसे 'डोवेगर्स हंप' (Dowager's Hump) भी कहा जाता है।ऑक्सीपिटल न्यूराल्जिया और माइग्रेन: गर्दन के पीछे से सिर की ओर जाने वाली नसों में खिंचाव के चलते सिर के पिछले हिस्से में लगातार भारीपन, चक्कर आना और असहनीय सिरदर्द की शिकायत बनी रहती है।क्या आप भी हैं टेक्स्ट नेक के शिकार? इन लक्षणों को न करें नजरअंदाजयदि आप रोजाना कई घंटे फोन इस्तेमाल करते हैं और नीचे दिए गए लक्षणों में से कोई भी महसूस करते हैं, तो आपकी रीढ़ खतरे में है:सुबह सोकर उठने पर गर्दन, कंधे और ट्रैपेजियस मांसपेशियों में तेज जकड़नगर्दन को दाएं-बाएं घुमाते समय चटकने की आवाज या तीखा दर्द होनाफोन चलाते समय अंगूठे, कलाई या कोहनी में दर्द (स्मार्टफोन थंब/क्यूबिटल टनल सिंड्रोम)आंखों में सूखापन, थकान और पीठ के बीच में जलन जैसा दर्द महसूस होनाएकाग्रता में कमी और लगातार चिड़चिड़ापन महसूस होनारीढ़ को सुरक्षित रखने के लिए ऑर्थोपेडिक एक्सपर्ट्स के 5 गोल्डन रूल्सविशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल दुनिया से पूरी तरह कट जाना संभव नहीं है, लेकिन आदतों में छोटे सुधार करके रीढ़ की हड्डी को सुरक्षित रखा जा सकता है:आई-लेवल पर रखें फोन: कभी भी फोन को गोद में रखकर सिर न झुकाएं। फोन को हमेशा अपनी आंखों के ठीक सामने (Eye Level) लाएं, जिससे गर्दन 0 डिग्री पर सीधी रहे। हाथों को सहारा देने के लिए तकिए या स्टैंड का इस्तेमाल करें।20-20-20 का नियम अपनाएं: हर 20 मिनट के स्क्रीन टाइम के बाद 20 सेकंड का ब्रेक लें और कम से कम 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें। साथ ही गर्दन को धीरे-धीरे पीछे की ओर ले जाकर स्ट्रेच करें।चिन टक्स (Chin Tucks) एक्सरसाइज: सीधे बैठें और अपनी ठुड्डी (चिन) को पीछे की ओर धकेलें जैसे कि डबल चिन बना रहे हों। इसे 5 सेकंड रोकें और दिन में 10-15 बार दोहराएं। इससे गर्दन की गहरी स्टेबलाइजर मांसपेशियां मजबूत होती हैं।बिस्तर पर लेटकर स्क्रॉलिंग बंद करें: रात को तकिया ऊंचा लगाकर या पेट के बल लेटकर रील्स देखने से पीठ के निचले हिस्से (लंम्बर स्पाइन) और गर्दन दोनों पर दोहरा दबाव पड़ता है। सोने से कम से कम 45 मिनट पहले स्क्रीन से दूरी बनाएं।दैनिक वॉक और बैक-स्ट्रेंथनिंग: रोजाना 30 मिनट तेज गति से टहलें और भुजंगासन (कोबरा पोज), मर्कटासन और प्लैंक जैसे व्यायाम करें जो स्पाइनल कॉलम के सपोर्टिव मसल्स को ताकत देते हैं।
लैंडफॉल के बाद अब किधर जाएगा अर्नब? क्या है लखनऊ-गोरखपुर कनेक्शन
अर्नब यनम के पास लैंडफॉल कर उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ेगा. आंध्र, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ से होते हुए यूपी के लखनऊ-गोरखपुर क्षेत्र तक पहुंचकर कमजोर हो जाएगा. भारी बारिश का असर रहेगा.
दोस्तों संग किए वन नाइट स्टैंड, सुबह उठकर पछताई एक्ट्रेस!
एक पॉडकास्ट में श्वेता केसवानी ने एडमिट किया कि उन्होंने कई बार वन नाइट स्टैंड किया है. उन सभी के साथ उनकी दोस्ती थी.
कॉमेडियन हर्ष गुजराल ने CM योगी को हंसने पर किया मजबूर
स्टैंडअप कॉमेडियन हर्ष गुजराल का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ एक इवेंट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। हर्ष ने लखनऊ के एक केले बेचने वाले का किस्सा सुनाते हुए यूपी में अपराध को लेकर मजाक किया।
Jharkhand Assembly का विशेष सत्र 25 नवंबर से, संशोधित खनन कानून और SIR पर होगी चर्चा
झारखंड सरकार ने संशोधित खनन कानून और मतदाता सूचियों के जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा के लिए 25 नवंबर से विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में विशेष सत्र बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल ने कहा, ‘‘मंत्रिमंडल ने झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र 25 और 26 नवंबर को बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।’’झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन अगस्त में संसद में पारित खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन अधिनियम तथा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध कर रहा है। मुख्यमंत्री सोरेन ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम (एमएमडीआर) और एसआईआर को लेकर जो मौजूदा स्थिति पैदा हुई है, हमारा मानना है कि इन मुद्दों पर विस्तृत चर्चा जरूरी है इसलिए विधानसभा का संक्षिप्त सत्र बुलाया गया है।’’झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि विशेष सत्र के दौरान खनन कानून में किए गए उन संशोधनों पर व्यापक चर्चा की जाएगी, जिनसे राज्य को वित्तीय नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने कहा, ‘‘विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान जनप्रतिनिधियों की ओर से व्यक्त की जाने वाली भावनाओं के अनुरूप राज्य सरकार आगे की कार्रवाई करेगी।’’
वेटर को थप्पड़ मारना ग्राहक को पड़ा भारी, होटल ने हमेशा के लिए किया बैन
आगरा के ताज होटल में एक ग्राहक ने कथित तौर पर अंग्रेजी ठीक से नहीं बोल पाने पर वेटर को थप्पड़ मार दिया. होटल के मैनेजमेंट को जब इस घटना का पता चला, तो ग्राहक को हमेशा के लिए होटल में आने से बैन कर दिया गया.
देश के सबसे बड़े Jio IPO की लिस्टिंग, बस कुछ देर, फिर तगड़ी कमाई
Mukesh Ambani Jio IPO Listing: आज मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का स्टॉक मार्केट डेब्यू होगा और लिस्ट होने से पहले ही ये अपने निवेशकों को तगड़ी कमाई का संकेत दे रहा है.

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