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तीन बार में पी शराब...120 की रफ्तार और 3 मौतें, कोच्चि मिनी कूपर हादसे में बड़ा खुलासा

कोच्चि में मिनी कूपर कार से स्कूटर को टक्कर मारने के हादसे में तीन लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने सोमवार को नशे में गाड़ी चलाने वाले 19 साल के ड्राइवर सुहैल साजिव के दो और दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया है।

लाइव हिन्दुस्तान 13 Oct 2026 1:05 am

308 पहिए, 200 टन वजन और 100 फीट लंबाई... 'बाहुबली ट्रक' देखने उमड़ा हुजूम

308 पहियों और करीब 200 टन वजन वाला बाहुबली ट्रक उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले पहुंच गया है. बेल्जियम से लाया गया विशाल वैक्यूम वेसल बलरामपुर चीनी मिल के संयंत्र तक पहुंचाया जा रहा है. धीमी रफ्तार से चल रहे इस काफिले को देखने के लिए सड़क किनारे लोगों की भीड़ जुट रही है.

आज तक 13 Oct 2026 1:01 am

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अमर उजाला 13 Oct 2026 12:40 am

तेजस्वी यादव का जुदा अंदाज: लालू के बेटे ने दिल्ली में की ऑटोरिक्शा की सवारी, सामने वाली सीट पर कौन बैठा दिखा?

तेजस्वी यादव का जुदा अंदाज: लालू के बेटे ने दिल्ली में की ऑटोरिक्शा की सवारी, सामने वाली सीट पर कौन बैठा दिखा?

अमर उजाला 13 Oct 2026 12:40 am

केरलम विधानसभा से CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग वाला प्रस्ताव पारित, सीएम सतीशन ने बताया एतिहासिक

केरलम विधानसभा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग वाला प्रस्ताव पारित किया है। इसमें मतदाता सूची से हटाए गए पात्र नागरिकों के मतदान अधिकार बहाल करने मांग की गई है।

जागरण 13 Oct 2026 12:38 am

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच ईरान के सिक्योरिटी चीफ से अजील डोभाल की बातचीच, क्या है वजह?

ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से फोन पर बात की। दोनों ने पश्चिम एशिया में बढ़ती तनाव के बीच क्षेत्रीय घटनाओं और दोनों देशों के आपसी हितों पर चर्चा की। यह बातचीत भारतीय नाविकों और नागरिकों पर हमलों के तुरंत बाद हुई है।

लाइव हिन्दुस्तान 13 Oct 2026 12:28 am

'वेतन नहीं तो काम नहीं', स्पाइसजेट के 40 पायलटों ने शुरू की हड़ताल; बकाया सैलरी मिलने तक उड़ान भरने से इनकार

स्पाइसजेट के करीब 40 क्यू400 पायलटों ने बकाया वेतन का भुगतान न होने तक उड़ान भरने से इनकार कर दिया है, जिसका समर्थन पायलटों के संगठन एएलपीए इंडिया ने भी किया है।

जागरण 13 Oct 2026 12:11 am

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की लड़ाई, कैसे SC तक पहुंच गई? देखें दस्तक

आज दस्तक में बात, तांडव राजनीति की. जी हां, आज राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के नेताओं ने 5वें दिन, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर धावा बोला. जी हां राहुल गांधी के नेतृत्व में, INDIA गठबंधन ने, दिल्ली के बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक ज्ञानेश हटाओ मार्च निकाला. मार्च से पहले राहुल ने 40 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस की, और इसमें राहुल ने इस विरोध प्रदर्शन को तांडव बताया, और ये भी कहा कि, शिव की बारात में कोई भी आ सकता है. देखें...

आज तक 13 Oct 2026 12:08 am

'धार्मिक भावनाओं और जनस्वास्थ्य के बीच संतुलन जरूरी', पटाखों पर सुनवाई को दौरान सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर प्रतिबंध के मामले में धार्मिक भावनाओं और जन स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाने की बात कही है।

जागरण 13 Oct 2026 12:06 am

सऊदी अरब में बड़े खतरे का अलर्ट! 3 जोरदार धमाकों से दहली राजधानी रियाद

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में संभावित खतरे को लेकर शुरुआती चेतावनी जारी की गई. इसके बाद स्थानीय लोगों ने तीन धमाकों की आवाजें सुनने की सूचना दी. धमाकों की वजह, नुकसान और किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है.

आज तक 13 Oct 2026 12:06 am

CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने समेत SIR रोकने जैसी कई मांग, सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई संभव

विपक्ष ने 'वोट चोरी-एसआईआर' के खिलाफ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक 'लोकतंत्र मार्च' निकाला।

जागरण 13 Oct 2026 12:02 am

योगी सरकार की इस योजना से झांसी की महिलाओं की बदली जिंदगी, प्लांट लगाकर बनीं आत्मनिर्भर

झांसी की महिलाओं ने स्वयं सहायता समूहों और सरकार की मदद से प्लांट लगाकर आंगनवाड़ी का राशन तैयार करने का काम शुरू किया है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ा रही हैं.

आज तक 13 Oct 2026 12:01 am

बिम्सटेक गृह मंत्रियों की पहली बैठक आज, भारत करेगा मेजबानी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की कि भारत 13 अक्टूबर को पहली बिम्सटेक गृह मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा।

जागरण 13 Oct 2026 12:01 am

महाराष्ट्र FDA कमिश्नर का हो गया ट्रांसफर? तुकाराम मुंढे ने बताई असली सच्चाई

महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन के कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने सोमवार को साफ कर दिया कि उन्हें FDA से कहीं ट्रांसफर नहीं किया गया है।

लाइव हिन्दुस्तान 12 Oct 2026 11:57 pm

'अमेरिका से सशर्त होगी परमाणु वार्ता', ईरान बोला- पुरानी स्थिति में नहीं लौटेंगे

ईरान ने अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता के दरवाजे खुले रखे हैं, लेकिन साफ किया है कि बातचीत पुरानी परिस्थितियों में नहीं होगी और वह बीते अनुभवों को ध्यान में रखेगा।

जागरण 12 Oct 2026 11:51 pm

'11 रुपये की ड्रिप 270 में क्यों?', दवाओं के भारी-भरकम मुनाफे पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

केंद्र सरकार ने कैंसर रोधी दवाओं पर व्यापार मार्जिन को एमआरपी के 30% तक सीमित किया है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस सीमा को केवल कैंसर दवाओं तक सीमित रखने पर चिंता व्यक्त की।

जागरण 12 Oct 2026 11:51 pm

मतदाता सूची से छूटे मतदाताओं की तलाश के लिए राज्यों ने तेज किए अभियान, लगाए कैंप

मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान छूटे पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए राज्यों ने अभियान तेज कर दिए हैं।

जागरण 12 Oct 2026 11:44 pm

Jayant Chaudhary ने Delhi में जारी प्रदर्शनों पर उठाया सवाल, पुलिस सुरक्षा का किया बचाव

राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने सोमवार को दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शनों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति के सामने अपनी बात रख दी हैं, तो विरोध जारी रखने का क्या औचित्य है? उन्होंने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और जनता की सुरक्षा के लिए अधिकारियों द्वारा उठाए गए सुरक्षा कदमों का बचाव किया। हाथरस में पत्रकारों से बातचीत में चौधरी ने कर्तव्य निभाने के लिए पुलिस की सराहना की। उन्होंने कहा कि वह पिछले कई दिनों से राष्ट्रीय राजधानी में भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती देख रहे हैं। दिल्ली में युवाओं के नेतृत्व में जारी प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र में विरोध करने का एक तरीका होता है। जब विपक्षी दल पहले ही राष्ट्रपति से मिलकर अपनी समस्या बता चुके हैं, तो सड़कों पर डटे रहना कितना सही है?’’इससे पहले, आगरा जिले के फतेहपुर सीकरी विधानसभा क्षेत्र में रालोद की ‘स्वाभिमान रैली’ को संबोधित करते हुए चौधरी ने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव का नाम लिए बिना उन पर परोक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोगों ने मुझ पर हमले किए, लेकिन कई तीर मुझ तक नहीं पहुंचे। वे मेरी कीमत आंकने की कोशिश कर रहे थे। जो लोग मुझे एक ‘चवन्नी’ के बराबर भी नहीं समझते, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि मैं तो ब्रज की धूल के बराबर भी नहीं हूं।

प्रभासाक्षी 12 Oct 2026 11:43 pm

11:46 बजे की थी होटल में एंट्री, शाम को दसवीं मंजिल से नीचे गिरी युवती

Lucknow Omaxe News: लखनऊ के ओमेक्स न्यू हजरतगंज में दसवीं मंजिल से गिरने से युवती की मौत. सुशांत गोल्फ सिटी थाने की पुलिस मौके पर. डीसीपी साउथ ने दी पूरी जानकारी. पढ़ें पूरी खबर...

आज तक 12 Oct 2026 11:38 pm

यूक्रेन के 6 ठिकानों पर रूसी हमले, जेलेंस्की बोले- नहीं माना ट्रंप का प्रस्ताव

रविवार को ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच एनर्जी सीजफायर की घोषणा की थी, लेकिन सोमवार को जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने यूक्रेन में कम से कम छह ऊर्जा ठिकानों पर हमला किया. उन्होंने कहा कि रूस एनर्जी सीजफायर में दिलचस्पी नहीं रखता.

आज तक 12 Oct 2026 11:37 pm

राजस्थान में कथित पुलिस ज्यादती के खिलाफ कॉजपा 10 दिन में करेगी बड़ा आंदोलन

कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने राजस्थान में छात्र एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर नजरबंद करने, हिरासत में लेने और पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने के विरोध में अगले 10 दिन के भीतर बड़े आंदोलन की घोषणा की है। ‘कॉजपा’ के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीपक बालियान ने सोमवार को जयपुर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि राजस्थान में पुलिस ने पार्टी कार्यकर्ताओं को दिल्ली में आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए कार्रवाई की और उनके परिवारों को भी परेशान किया। बालियान ने आरोप लगाया कि अलवर जिले के कठूमर क्षेत्र में उन्हें चार दिन तक घर में नजरबंद रखा गया और उनके घर पर चार थानों की पुलिस तैनात की गई। पार्टी सदस्य गीगराज जोरली ने आरोप लगाया कि 10 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जाते समय पुलिस ने उन्हें वाहन में ही हिरासत में ले लिया। उन्होंने अपने साथी सुरेंद्र को भी कथित तौर पर अवैध हिरासत में रखे जाने का आरोप लगाया। उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के अधिकार पर सवाल उठाते हुए पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय करने की मांग की। ‘कॉजपा’ सदस्य शशिकांत ने आरोप लगाया कि आठ अक्टूबर को उन्हें और उनके साथी सूरज मीणा को जयपुर के गांधी नगर थाने में हिरासत में लेकर पीटा गया। उन्होंने पुलिस पर मोबाइल फोन छीनने और कानूनी सहायता लेने से रोकने का भी आरोप लगाया। संवाददाता सम्मेलन में डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) के प्रतिनिधियों रितांश और अन्वी ने भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। वक्ताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा की जानी चाहिए। ‘कॉजपा’ ने छात्रों, महिलाओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित पुलिस ज्यादतियों के विरोध में अगले 10 दिन के भीतर राजस्थान में बड़ा आंदोलन करने की घोषणा की। संगठन ने नागरिक संगठनों, छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों से इसमें शामिल होने की अपील की।

प्रभासाक्षी 12 Oct 2026 11:33 pm

SIR पर रोक लगाने सुप्रीम कोर्ट पहुंचे राहुल गांधी, याचिका में मिलीं 14 खामियां

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) में कथित अनियमितताओं और बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने के मामले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक के अन्य नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट का ...

वेब दुनिया 12 Oct 2026 11:27 pm

FCRA विधेयक पर जेपीसी के सामने चर्च प्रतिनिधियों ने रखी आपत्ति, सरकार ने आरोपों को नकारा

विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के समक्ष चर्च और चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रतिनिधियों ने विचार रखे।

जागरण 12 Oct 2026 11:24 pm

MP Voter List: मतदाता बनने के लिए उमड़े युवा, Form 6 के मिले 4 लाख से अधिक आवेदन

मध्यप्रदेश में एक अक्टूबर से अब तक मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 के 4,06,338 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के लोगों के 1,92,851 आवेदन शामिल हैं। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने सोमवार को यह जानकारी दी। झा ने यहां जारी एक बयान में कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) प्रदेशभर में आवेदन एकत्र कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की सुविधा के लिए मध्यप्रदेश के विभिन्न स्थानों पर शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। फॉर्म-6 भारतीय नागरिकों के लिए मतदाता सूची में नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने का निर्धारित आवेदन पत्र है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, आवेदक की आयु निर्धारित अर्हता तिथि पर कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए और वह संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना चाहिए। आयोग के मुताबिक, फॉर्म-6 ऑनलाइन मतदाता सेवा पोर्टल के माध्यम से या ऑफलाइन संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अथवा बूथ स्तर के अधिकारी के पास जमा किया जा सकता है। इस बीच, उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि उसने नए फॉर्म-6 को न तो मंजूरी दी है और न ही खारिज किया है। बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान इस मुद्दे पर फैसला नहीं किया गया था। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने एसआईआर से संबंधित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। निर्वाचन आयोग ने 26 सितंबर को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में संकेत दिया था कि उच्चतम न्यायालय ने बिहार में एसआईआर से संबंधित मई 2026 के फैसले में फॉर्म-6 के घोषणा पत्र को बरकरार रखा है।

प्रभासाक्षी 12 Oct 2026 11:23 pm

'सुप्रीम कोर्ट को राजनीति में न घसीटें', CJI सूर्यकांत ने क्यों कही ये बात?

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को राजनीतिक मामलों में नहीं घसीटा जाना चाहिए और लोकतांत्रिक संस्थाओं को शांति से काम करने देना चाहिए।

जागरण 12 Oct 2026 11:22 pm

अफगानिस्तान के आगे गिड़गिड़ाया PAK! हमले रुकवाने की अपील

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की तालिबान सरकार से आतंकवादियों को अपनी धरती से हमले करने से रोकने की अपील की है. विदेश मंत्री इशाक डार ने अफगान अधिकारियों को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर वो सक्रिय आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेंगे तो ये उनकी सरकार के लिए भी खतरा बन सकते हैं.

आज तक 12 Oct 2026 11:20 pm

पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को स्कूलों से जोड़ने ‘NIOS मित्र’ की होगी तैनाती

शिक्षा मंत्रालय की पहल पर NIOS देश भर में 'NIOS मित्र' अभियान चलाएगा, जिसका उद्देश्य स्कूली शिक्षा से वंचित और 10वीं-12वीं फेल छात्रों को फिर से शिक्षा से जोड़ना है।

जागरण 12 Oct 2026 11:19 pm

SC में दायर राहुल की याचिका में 14 खामियां, फीस में कम पड़े 220 रुपये

राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन ने वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की. याचिका में 14 खामियां पाई गईं.

आज तक 12 Oct 2026 11:19 pm

आंध्र प्रदेश में डिवाइडर से टकराने के बाद EV में लगी आग, 4 लोगों की मौत

आंध्र प्रदेश के एनटीआर जिले में विजयवाड़ा वेस्ट बाइपास पर एक इलेक्ट्रिक वाहन डिवाइडर से टकराकर आग की चपेट में आ गया, जिससे चार लोगों की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हो गया।

जागरण 12 Oct 2026 11:14 pm

सुबह नहाने में लगती है ठंड? अपनाएं ये ट्रिक, टंकी से निकलेगा गुनगुना पानी

How to Keep Water Tank Warm: सर्दियों की शुरुआत हो रही है और अब सुबह-सुबह टंकी के पानी में नहाने में ठंड का एहसास भी होने लगा है. ऐसे में यहां हम आपको कुछ ऐसे ट्रिक्स बता रहे हैं जो आपकी टंडी के पानी को कड़ाके की ठंड में भी गुनगुना रख सकते हैं.

आज तक 12 Oct 2026 11:10 pm

CEC के खिलाफ SC में विपक्ष, राहुल गांधी की सरप्राइज पॉलिटिक्स में कैसे जुड़ा नया चैप्टर? इनसाइड स्टोरी

राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी नेता सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करते हुए पहुंचे और चुनावी गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर सरकार व चुनाव आयोग को घेरा.

NDTV इंडिया 12 Oct 2026 11:03 pm

Shiv Sena UBT नेता प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड में UP से पकड़े दो आरोपी पुलिस रिमांड पर

ठाणे की एक अदालत ने शिवसेना (उबाठा) नेता प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के मामले में गिरफ्तार पहले आरोपी सुभाष उर्फ ​​पप्या शिंदे की पुलिस हिरासत एक दिन के लिए बढ़ा दी, जबकि उत्तर प्रदेश से हाल में पकड़े गए दो संदिग्धों को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। सुभाष शिंदे ठाणे का रहने वाला है, जबकि सह-आरोपी संतोष कनौजिया उर्फ ​​टल्ली और अमित सिंह उर्फ ​​पप्लू को पिछले हफ़्ते ठाणे पुलिस की एक टीम ने प्रयागराज से पकड़ा था। पूर्णेकर की 29 सितंबर की रात हुई हत्या के मामले में अब तक कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूर्णेकर मानपाडा में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के वार्ड प्रमुख थे। बाकी दो आरोपी निखिल यादव और नितेश पवार हैं। मामले में शिकायतकर्ता की ओर से पेश हुए वकील समीर हटले ने बताया कि सुभाष शिंदे, कनौजिया और सिंह को अतिरिक्त मुख्य मजिस्ट्रेट एस.बी. साबले के सामने पेश किया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस और शिकायतकर्ता के वकील की दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने सुभाष शिंदे की हिरासत एक दिन के लिए बढ़ा दी तथा कनौजिया और सिंह को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

प्रभासाक्षी 12 Oct 2026 11:03 pm

Vote Chori Protest:

आप नेता निष्पक्ष चुनाव के लिए ईसीआई प्रमुख के इस्तीफे और बैलेट पेपर पर वापसी की मांग कर रहे हैं, रामलीला मैदान में व

वन इंडिया 12 Oct 2026 11:01 pm

दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने तय की नई जगह, अब रामलीला मैदान में ही मिल सकेगी धरने की इजाजत; जानिए क्या हैं नए नियम

देश की लोकतांत्रिक आवाज और जन-आंदोलनों का ऐतिहासिक केंद्र रहे नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों को लेकर दिल्ली पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने बेहद सख्त दिशा-निर्देश लागू कर दिए हैं। राजधानी के सबसे संवेदनशील लुटियंस जोन (Lutyens' Delhi) में स्थित जंतर-मंतर पर बार-बार लगने वाले लंबे जाम, अति-विशिष्ट (VVIP) मार्गों की सुरक्षा व्यवस्था, ध्वनि प्रदूषण और स्थानीय निवासियों की परेशानियों को देखते हुए बड़े जमावड़ों, अनिश्चितकालीन धरनों और रैलियों पर प्रभावी रूप से रोक लगाने का फैसला किया गया है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अब बड़ी संख्या में जुटने वाले प्रदर्शनकारियों, राजनीतिक दलों, किसान यूनियनों और सामाजिक संगठनों को अपनी बात रखने के लिए मध्य दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान (Ramlila Maidan) का रुख करना होगा। इस कदम के बाद दिल्ली के सियासी और सामाजिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है।जंतर-मंतर पर क्यों लगाई गई रोक: सुरक्षा, ट्रैफिक और अदालती नजीरजंतर-मंतर संसद भवन, केंद्रीय सचिवालय, राष्ट्रपति भवन और कनॉट प्लेस जैसे व्यस्ततम व्यापारिक व प्रशासनिक केंद्रों के बिल्कुल करीब स्थित है। इस जगह पर प्रदर्शनों को सीमित करने के पीछे कई ठोस प्रशासनिक और सुरक्षा कारण बताए गए हैं:भीषण ट्रैफिक जाम और जनजीवन प्रभावित: संसद सत्र के दौरान या बड़े राजनीतिक आयोजनों पर जब हजारों लोग जंतर-मंतर पहुंचते हैं, तो संसद मार्ग, अशोक रोड, जनपथ, बाराखंभा रोड और टॉल्स्टॉय मार्ग पूरी तरह ठप हो जाते हैं। इससे आपातकालीन एम्बुलेंस सेवाओं, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और आम यात्रियों को घंटों जूझना पड़ता है।ध्वनि प्रदूषण और स्थानीय निवासियों की शिकायतें: जंतर-मंतर के आसपास कई रिहायशी कॉलोनियां, सरकारी आवास और व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं। दिन-रात लाउडस्पीकर के इस्तेमाल से उच्चतम न्यायालय और एनजीटी (NGT) के ध्वनि प्रदूषण मानकों का खुला उल्लंघन होता रहा है।संसद भवन व केंद्रीय कार्यालयों की सुरक्षा: नई संसद भवन और आसपास के क्षेत्रों की त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों ने सिफारिश की थी कि संसद के 1 से 2 किलोमीटर के दायरे में किसी भी अनियंत्रित भीड़ को लंबे समय तक बैठने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।अनुमति की शर्तों का उल्लंघन: कई संगठन केवल 100 से 200 लोगों की सांकेतिक अनुमति लेकर आते थे, लेकिन मौके पर हजारों की भीड़ जुटाकर बैरिकेड तोड़ने और संसद कूच करने की कोशिश करते थे, जिससे कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति पैदा हो जाती थी।धरना देने के लिए तय हुई नई जगह: अब रामलीला मैदान होगा प्रमुख केंद्रप्रशासन द्वारा तय की गई नई व्यवस्था के अनुसार, दिल्ली में धरना-प्रदर्शनों का ढांचा इस प्रकार निर्धारित किया गया है:रामलीला मैदान (मुख्य प्रदर्शन स्थल): किसी भी बड़े आंदोलन, रैली, विशाल सभा या एक हजार से अधिक लोगों के जमावड़े के लिए केवल रामलीला मैदान को ही अधिकृत स्थल बनाया गया है। यहां पर्याप्त जगह, सुरक्षित बैरिकेडिंग, पार्किंग और बड़ी भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था है।जंतर-मंतर पर केवल सीमित व सांकेतिक अनुमति: जंतर-मंतर को पूरी तरह बंद करने के बजाय वहां केवल छोटे प्रतिनिधिमंडलों (अधिकतम 50 से 100 लोग) को दिन के समय (सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक) सांकेतिक धरने की बहुत सख्त शर्तों के साथ ही अनुमति मिल सकेगी।रात में रुकने पर पूर्ण प्रतिबंध: जंतर-मंतर पर रात भर तंबू गाड़कर रुकने, खाना बनाने या अनिश्चितकालीन डेरा डालने की अनुमति अब किसी भी सूरत में नहीं दी जाएगी। शाम 5 बजे के बाद स्थल को पूरी तरह खाली कराना अनिवार्य होगा।अब क्या करेंगे प्रदर्शनकारी: अनुमति की नई प्रक्रिया और कानूनी विकल्पप्रशासन के इस कड़े रुख के बाद अब अपनी मांगों को लेकर दिल्ली आने वाले संगठनों को एक नई और सख्त प्रक्रिया से गुजरना होगा:ऑनलाइन पोर्टल और एडवांस परमिशन: अब प्रदर्शनकारियों को कम से कम 10 दिन पहले दिल्ली पुलिस के लाइसेंसिंग विभाग को लिखित या ऑनलाइन आवेदन देना होगा, जिसमें प्रदर्शनकारियों की संभावित संख्या, नेताओं के नाम और समयसीमा का स्पष्ट शपथ-पत्र देना होगा।सुरक्षा अनापत्ति और शर्तों का पालन: आयोजकों को यह हलफनामा देना होगा कि यदि सार्वजनिक संपत्ति को कोई नुकसान पहुंचता है, तो उसकी वित्तीय भरपाई आयोजकों से की जाएगी।विपक्ष और नागरिक संगठनों की प्रतिक्रिया: कई सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों ने इस फैसले को लोकतांत्रिक असहमति के अधिकार को दबाने का प्रयास बताया है। उनका तर्क है कि रामलीला मैदान जैसे बंद मैदान में जाने से सत्ता के गलियारों तक सीधे जनता की आवाज नहीं पहुंच पाती। कुछ संगठनों ने इस प्रशासनिक आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने की तैयारी भी शुरू कर दी है।उच्चतम न्यायालय ने अपने पूर्ववर्ती 'मजदूर किसान शक्ति संगठन' बनाम भारत संघ मामले में यह स्पष्ट किया था कि नागरिकों को शांतिपूर्ण विरोध का मौलिक अधिकार है, लेकिन यह अधिकार अन्य नागरिकों के निर्बाध आवागमन और सार्वजनिक व्यवस्था के अधिकार के साथ संतुलित होना चाहिए। दिल्ली पुलिस के इस नए कदम का उद्देश्य सुरक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों के बीच इसी संतुलन को साधना है, हालांकि आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि बड़े आंदोलन इस नई व्यवस्था के तहत किस तरह आगे बढ़ते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 11:01 pm

ब्रेकिंग न्यूज़: कारगिल शहीद की पत्नी और हरियाणा भाजपा की नेता सुधा यादव बनीं कर्नाटक की राज्यपाल

हरियाणा भाजपा की वरिष्ठ नेता सुधा यादव को कर्नाटक का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्तियों की घोषणा की। सुधा यादव कारगिल युद्ध में शहीद हुए बीएसएफ के पूर्व डिप्टी कमांडेंट सुखबीर सिंह यादव की पत्नी हैं। वह भाजपा के सर्वोच्च निर्णय लेने वाले निकाय […]

तहलका 12 Oct 2026 11:00 pm

त्योहारी सीजन में मकान बनाना होगा महंगा: सीमेंट की प्रति बोरी ₹15 तक बढ़ाने की तैयारी में कंपनियां

अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे आम लोगों और रियल एस्टेट डेवलपर्स के लिए त्योहारी सीजन के बीच जेब पर भारी पड़ने वाली खबर सामने आ रही है। प्रमुख ब्रोकरेज और रिसर्च फर्म्स (विशेषकर Emkay Research और उद्योग विश्लेषकों) की ताजा रिपोर्टों के अनुसार, देश की प्रमुख सीमेंट विनिर्माण कंपनियां मध्य अक्टूबर (15 अक्टूबर के आसपास) से सीमेंट की कीमतों में ₹10 से ₹15 प्रति बोरी (50 किलोग्राम बैग) तक की बढ़ोतरी करने की तैयारी में हैं। यदि यह मूल्य वृद्धि पूरे देश में लागू होती है, तो खुदरा बाजार में सीमेंट का औसत भाव ₹360 से बढ़कर ₹375 से ₹390 प्रति बोरी के दायरे में पहुंच सकता है, जिससे मकान निर्माण और मरम्मत का कुल बजट सीधे तौर पर प्रभावित होगा।क्यों बढ़ रहे हैं दाम: लागत का दबाव और ईंधनों की महंगाईसीमेंट उद्योग के जानकारों के अनुसार, यह संभावित बढ़ोतरी कंपनियों के मुनाफे को बचाने के लिए की जा रही है, क्योंकि पिछले 6 से 7 महीनों से इनपुट लागत (Input Costs) लगातार बढ़ रही है:पेटकोक और आयातित कोयले की कीमतों में उछाल: सीमेंट उत्पादन में बिजली और ईंधन (Power & Fuel) का खर्च कुल उत्पादन लागत का लगभग 30 से 35 प्रतिशत होता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम कोक (Petcoke) और आयातित कोयले की दरों में आई तेजी ने उत्पादन लागत ₹300 से ₹400 प्रति टन तक बढ़ा दी है।कच्चे तेल में तेजी और लॉजिस्टिक्स खर्च: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल की मजबूत कीमतों के कारण माल ढुलाई (Freight/Logistics Cost) में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है। सीमेंट भारी और बल्क सामग्री होने के कारण कारखाने से डीलर तक पहुंचाने का डीजल खर्च सीधे मार्जिन पर दबाव डालता है।तिमाही नतीजों में मार्जिन में गिरावट: वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही (Q2) में कंपनियों की प्रति टन कमाई में ₹200 से ₹250 तक की क्रमिक गिरावट का अनुमान जताया गया है, जिसे संतुलित करने के लिए कंपनियां फेस्टिव सीजन में निर्माण गतिविधियों की मांग का सहारा ले रही हैं।घर बनाने के कुल बजट पर कितना पड़ेगा असर?एक सामान्य 1,000 वर्ग फीट के मकान (Ground Floor) के निर्माण में औसतन 350 से 450 बोरी सीमेंट की खपत नींव से लेकर स्लैब ढलाई तक होती है:सीधा अतिरिक्त खर्च: यदि प्रति बोरी ₹15 की वृद्धि होती है, तो 400 बोरियों पर केवल सीमेंट के मद में लगभग ₹6,000 का सीधा अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।बहुमंजिला और बड़े प्रोजेक्ट्स पर असर: बड़े आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स में जहां हजारों बोरियों की खपत होती है, वहां कुल प्रोजेक्ट लागत लाखों रुपये बढ़ जाएगी, जिसका अंतिम असर प्रति वर्ग फीट फ्लैट की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।कब से लागू होंगी नई दरें और किन क्षेत्रों में दिखेगा असर?डीलर सूत्रों के मुताबिक, कंपनियां 15 अक्टूबर के बाद से विभिन्न क्षेत्रों (नॉर्थ, सेंट्रल, वेस्ट और साउथ जोन) में चरणबद्ध तरीके से नए इनवॉयस रेट लागू कर सकती हैं। हालांकि, मानसून समाप्त होने के बाद बुनियादी ढांचा और हाईवे परियोजनाओं में निर्माण कार्यों ने रफ्तार पकड़ी है, जिससे मांग मजबूत बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियां बढ़ी हुई कीमतों को बाजार में कितना टिका पाती हैं, यह आने वाले हफ्तों में मांग की मजबूती पर निर्भर करेगा। घर का निर्माण करा रहे लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी जरूरत का सीमेंट दाम बढ़ने से पहले ही स्थानीय अधिकृत डीलरों से बुक कराने पर विचार कर सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 10:59 pm

वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने तेजस से भरी आखिरी उड़ान

भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस से अपनी आखिरी फाइटर उड़ान भरी, जो बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास 'तरंग शक्ति-2026' के दौरान हुई.

आज तक 12 Oct 2026 10:58 pm

गाड़ी चोरी होने पर बीमा कंपनी से मिलता है कितना पैसा? जानिए आईडीवी (IDV) का असली गणित और स्टेप-बाय-स्टेप क्लेम सेटलमेंट का पूरा प्रोसेस

घर के बाहर, ऑफिस की पार्किंग या बाजार से गाड़ी चोरी हो जाना किसी भी वाहन मालिक के लिए एक बड़ा मानसिक और वित्तीय झटका होता है। ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में पीड़ित व्यक्ति की सबसे बड़ी उम्मीद उसकी मोटर बीमा पॉलिसी (Motor Insurance Policy) पर टिकी होती है। लेकिन अधिकांश वाहन मालिकों के मन में यह बड़ा सवाल रहता है कि चोरी होने के बाद इंश्योरेंस कंपनी वास्तव में कितना पैसा चुकाती है—क्या नई गाड़ी की पूरी खरीद कीमत मिलती है, या कोई कटौती की जाती है? इसके साथ ही क्लेम हासिल करने के लिए पुलिस, आरटीओ और बीमा कंपनी के बीच किन कानूनी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है, इसकी सही जानकारी न होने पर क्लेम महीनों तक अटका रह सकता है या खारिज भी हो सकता है।बीमा कंपनी कितना पैसा देती है: समझिए आईडीवी (IDV) और 'रिटर्न टू इनवॉयस' का गणितगाड़ी चोरी होने की स्थिति को बीमा की भाषा में 'टोटल लॉस' (Total Loss) माना जाता है। क्लेम के तहत आपको मिलने वाली राशि आपकी पॉलिसी के प्रकार पर निर्भर करती है:आईडीवी (Insured Declared Value): यदि आपके पास एक स्टैंडर्ड कॉम्प्रिहेंसिव (Comprehensive) मोटर पॉलिसी है, तो कंपनी आपको वही रकम चुकाएगी जो आपकी पॉलिसी डॉक्यूमेंट पर 'आईडीवी' (IDV) के रूप में दर्ज है। आईडीवी वह अधिकतम कानूनी बाजार मूल्य (Market Value) है जो पॉलिसी लेते समय तय किया जाता है। गाड़ी की उम्र बढ़ने के साथ डेप्रिसिएशन (घिसावट) कटने के कारण हर साल आईडीवी घटती जाती है। इसलिए चोरी होने पर आपको गाड़ी का मौजूदा आईडीवी ही क्लेम के रूप में मिलता है।रिटर्न टू इनवॉयस (Return to Invoice - RTI) एड-ऑन: यदि आपने अपनी पॉलिसी में 'रिटर्न टू इनवॉयस' का अतिरिक्त कवर ले रखा है, तो स्थिति पूरी तरह बदल जाती है। इस एड-ऑन के तहत कंपनी आपको गाड़ी की मूल खरीद इनवॉयस कीमत (On-road/Ex-showroom Price), रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन चार्ज तक का पूरा रिफंड देती है। यानी आपको नई गाड़ी की खरीद के बराबर पूरी राशि वापस मिल जाती है।थर्ड पार्टी पॉलिसी में शून्य क्लेम: यह ध्यान रखना आवश्यक है कि यदि आपके पास केवल अनिवार्य 'थर्ड पार्टी' (Third-Party Only) बीमा है, तो चोरी होने पर बीमा कंपनी से एक रुपये का भी क्लेम नहीं मिलता। इसके लिए 'ओन डैमेज' (Own Damage) या कॉम्प्रिहेंसिव कवर का होना अनिवार्य है।गाड़ी चोरी होने पर तुरंत क्या करें: स्टेप-बाय-स्टेप क्लेम प्रोसेसवाहन चोरी होने के बाद बीमा राशि सुरक्षित करने के लिए समयबद्ध और सटीक कानूनी प्रक्रिया अपनानी होती है:स्टेप 1: नजदीकी थाने में तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कराएंगाड़ी चोरी होने की जानकारी मिलते ही बिना एक पल गंवाए घटना स्थल के अधिकार क्षेत्र वाले पुलिस थाने में जाएं और एफआईआर दर्ज कराएं। एफआईआर में गाड़ी का नंबर, चेसिस नंबर, इंजन नंबर और घटना का सटीक समय स्पष्ट दर्ज कराएं। एफआईआर की प्रमाणित प्रति (Certified Copy) तुरंत प्राप्त करें।स्टेप 2: बीमा कंपनी को समय रहते सूचित करेंएफआईआर दर्ज कराने के तुरंत बाद (आमतौर पर 24 से 48 घंटे के भीतर) अपनी बीमा कंपनी के टोल-फ्री नंबर, मोबाइल ऐप या नजदीकी शाखा में चोरी की औपचारिक सूचना दें। देर से सूचना देने पर क्लेम में अड़चन आ सकती है। बीमा कंपनी आपको एक क्लेम इंटिमेशन नंबर (Claim Number) आवंटित करेगी और एक अधिकृत जांचकर्ता (Investigator) नियुक्त करेगी।स्टेप 3: संबंधित आरटीओ (RTO) को लिखित सूचनाजिस आरटीओ (परिवहन कार्यालय) में आपकी गाड़ी पंजीकृत है, वहां एक लिखित आवेदन देकर गाड़ी चोरी होने की सूचना दें। आरटीओ वाहन के रिकॉर्ड को अपने डेटाबेस में 'चोरी' (Stolen) के रूप में चिह्नित करेगा और आपको एक पावती (Acknowledgment) देगा। यह कदम इसलिए जरूरी है ताकि चोरी गई गाड़ी का किसी अवैध गतिविधि में दुरुपयोग होने पर आपकी कानूनी जिम्मेदारी न बने।स्टेप 4: पुलिस से 'अनट्रेस्ड रिपोर्ट' (Untraced Report) हासिल करनापुलिस वाहन की तलाश के लिए जांच शुरू करती है। यदि सामान्यतः 30 से 90 दिनों के भीतर पुलिस गाड़ी को बरामद करने में असमर्थ रहती है, तो जांच अधिकारी (IO) अदालत में एक 'अनट्रेस्ड रिपोर्ट' (Untraced/Final Report) दाखिल करता है। मजिस्ट्रेट द्वारा इस रिपोर्ट को स्वीकार किए जाने के बाद इसकी प्रमाणित प्रति बीमा कंपनी को सौंपनी होती है। बिना इस रिपोर्ट के कोई भी कंपनी अंतिम क्लेम राशि जारी नहीं करती।क्लेम सेटलमेंट के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जमा करने होंगे?जांच पूरी होने के बाद बीमा कंपनी आपसे निम्नलिखित मूल कागजात मांगेगी:पूरी तरह भरा और हस्ताक्षरित क्लेम फॉर्म।एफआईआर की प्रमाणित प्रति और पुलिस की अंतिम अनट्रेस्ड रिपोर्ट।गाड़ी की मूल आरसी (Registration Certificate)।गाड़ी की दोनों ओरिजिनल चाबियां (Original Keys)। यदि एक चाबी गायब है, तो उसका संतोषजनक कारण और हलफनामा देना होगा।आरटीओ फॉर्म 28, 29 और 30 (वाहन के स्वामित्व हस्तांतरण के दस्तावेज) पर हस्ताक्षर।बीमा कंपनी के पक्ष में निष्पादित सब्रोगेशन लेटर (Letter of Subrogation) और क्षतिपूर्ति बांड (Indemnity Bond)।यदि गाड़ी पर बैंक लोन (Hypothecation) चल रहा है, तो संबंधित बैंक से फॉर्म 35 और एनओसी (NOC)।बैंक खाता विवरण (कैंसिल चेक) और पैन/आधार कार्ड।क्लेम सेटलमेंट और भुगतान का अंतिम चरणसभी दस्तावेज और चाबियां जमा होने के बाद बीमा कंपनी का लीगल विभाग कागजातों का सत्यापन करता है। यदि गाड़ी पर लोन बकाया है, तो बीमा कंपनी पहले बैंक का बकाया लोन चुकता करती है और शेष बची राशि वाहन मालिक के बैंक खाते में ट्रांसफर कर देती है। यदि गाड़ी पूरी तरह कर्जमुक्त है, तो पॉलिसी की पूरी आईडीवी राशि सीधे ग्राहक के खाते में एनईएफटी/आरटीजीएस के जरिए भेज दी जाती है। पूरी प्रक्रिया में आमतौर पर 60 से 120 दिन का समय लगता है, लेकिन सही समय पर सही दस्तावेज जमा करने से क्लेम बिना किसी अड़चन के शत-प्रतिशत पास हो जाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 10:57 pm

दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश से लुढ़का पारा, अक्टूबर में टूटा 4 साल का रिकॉर्ड

दिल्ली में सोमवार तड़के हुई तेज बारिश ने अक्टूबर में चार साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया. सफदरजंग में 41.6 मिमी बारिश दर्ज की गई. बारिश के बाद तापमान सामान्य से नीचे रहा और दिल्ली का औसत AQI 83 दर्ज किया गया.

आज तक 12 Oct 2026 10:54 pm

क्लेम करने से पहले समझें ये 4 छिपी शर्तें, कहीं फायदे के चक्कर में न हो जाए बड़ा नुकसान

जब भी कोई बैंक या वित्तीय संस्थान आपको क्रेडिट कार्ड जारी करता है, तो रिवॉर्ड पॉइंट्स, कैशबैक और लाउंज एक्सेस के साथ-साथ ब्रोशर में बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा होता है—₹1 करोड़ तक का कॉम्प्लिमेंट्री एयर एक्सीडेंट कवर या ₹5 लाख का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा। अधिकांश ग्राहक इसे केवल एक मार्केटिंग हथकंडा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं या फिर यह मान बैठते हैं कि कार्ड वॉलेट में होने मात्र से वे और उनका परिवार हर वित्तीय व शारीरिक जोखिम से पूरी तरह सुरक्षित हैं। वास्तविकता यह है कि क्रेडिट कार्ड के साथ कई प्रकार के बीमा कवर वास्तव में मुफ्त (Inbuilt/Complimentary) मिलते हैं, लेकिन उनके पीछे इतने कड़े तकनीकी नियम और छिपी हुई शर्तें (Hidden Clauses) बंधी होती हैं कि जरा सी चूक होने पर इंश्योरेंस कंपनी क्लेम को एक झटके में खारिज कर देती है। यदि समय रहते इन नियमों को न समझा जाए, तो आपातकाल के समय पीड़ित परिवार को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह के भारी नुकसान का सामना करना पड़ता है।क्रेडिट कार्ड पर आमतौर पर कौन-कौन से इंश्योरेंस कवर मिलते हैं?बैंक अपने कार्ड के वेरिएंट (क्लासिक, गोल्ड, प्लेटिनम, सिग्नेचर या इनफिनिट) के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में बीमा सुरक्षा प्रदान करते हैं:व्यक्तिगत दुर्घटना मृत्यु कवर (Personal Accidental Death Cover): सड़क, रेल या किसी अन्य दुर्घटना में कार्डधारक की मृत्यु होने या स्थायी रूप से विकलांग होने पर नॉमिनी को निश्चित बीमा राशि मिलती है।एयर एक्सीडेंटल इंश्योरेंस (Air Accident Cover): विमान दुर्घटना में कार्डधारक की मृत्यु होने पर यह कवर मिलता है, जिसकी राशि प्रीमियम कार्डों पर ₹50 लाख से लेकर ₹1 करोड़ या उससे भी अधिक हो सकती है।जीरो लॉस्ट कार्ड लायबिलिटी व फ्रॉड प्रोटेक्शन (Zero Liability/Fraud Cover): यदि कार्ड खो जाता है, चोरी हो जाता है या ऑनलाइन क्लोनिंग के जरिए अनधिकृत लेनदेन होता है, तो बैंक को सूचित करने के बाद हुए नुकसान की भरपाई बीमा कंपनी करती है।परचेज प्रोटेक्शन और वारंटी एक्सटेंशन: क्रेडिट कार्ड से खरीदे गए इलेक्ट्रॉनिक सामान, मोबाइल या कीमती वस्तुओं के चोरी होने या दुर्घटनावश टूटने पर खरीद की तारीख से 90 से 180 दिनों तक का कवर मिलता है।इंटरनेशनल ट्रैवल इंश्योरेंस: विदेश यात्रा के दौरान सामान खोने (Baggage Loss), पासपोर्ट चोरी, फ्लाइट में देरी या अचानक मेडिकल इमरजेंसी के खर्चों की प्रतिपूर्ति की जाती है।4 बड़ी छिपी शर्तें: जिनकी अनदेखी से 90% क्लेम हो जाते हैं रिजेक्टमुफ्त बीमा के नाम पर होने वाले अधिकांश विवादों के पीछे निम्नलिखित शर्तें होती हैं, जिन्हें बैंक अक्सर बारीक अक्षरों (Fine Print) में लिखते हैं:एक्टिव कार्ड नियम (The 30/90 Days Rule): यह सबसे महत्वपूर्ण शर्त है। बीमा कंपनियां केवल उसी कार्ड पर क्लेम स्वीकार करती हैं जो घटना की तारीख से ठीक पहले के 30 से 90 दिनों के भीतर 'सक्रिय' (Active) रहा हो। यदि आपका कार्ड 3 महीने से दराज में बंद पड़ा है और उस पर कोई लेन-देन (स्वाइप या ऑनलाइन पेमेंट) नहीं हुआ है, तो दुर्घटना होने पर नॉमिनी को फूटी कौड़ी भी नहीं मिलेगी।उसी कार्ड से टिकट बुकिंग की अनिवार्यता: एयर एक्सीडेंट कवर पाने के लिए अनिवार्य शर्त यह होती है कि विमान का टिकट उसी विशिष्ट क्रेडिट कार्ड से बुक किया गया हो। यदि आपने टिकट कैश, नेट बैंकिंग या किसी अन्य कार्ड से बुक किया है, तो जेब में रखा प्रीमियम क्रेडिट कार्ड एयर एक्सीडेंट के समय शून्य मूल्य का साबित होगा।समय पर सूचना देने की सख्त मियाद (Reporting Window): क्रेडिट कार्ड चोरी होने या फ्रॉड लेनदेन होने की स्थिति में अधिकांश बैंक 24 से 72 घंटे के भीतर कस्टमर केयर या ऐप पर रिपोर्ट दर्ज कराना अनिवार्य करते हैं। देर से दी गई सूचना पर जीरो लायबिलिटी का कोई लाभ नहीं मिलता और पूरा नुकसान ग्राहक को ही वहन करना पड़ता है।प्राकृतिक मृत्यु या बीमारी पर कवर नहीं: यह जीवन बीमा (Life Insurance/Term Plan) नहीं है। बीमारी, हृदय गति रुकने, उम्र संबंधी समस्याओं या आत्महत्या की स्थिति में क्रेडिट कार्ड का एक्सीडेंटल कवर लागू नहीं होता।क्लेम करते समय किन दस्तावेजों की होगी जरूरत और क्या है सही प्रक्रिया?यदि किसी कार्डधारक के साथ कोई अप्रिय घटना घटती है, तो उसके नॉमिनी या परिजनों को बीमा राशि पाने के लिए एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया का पालन करना चाहिए:त्वरित बैंक सूचना: घटना की जानकारी मिलते ही सबसे पहले कार्ड जारीकर्ता बैंक की नोडल शाखा या हेल्पलाइन पर लिखित में क्लेम की सूचना दर्ज कराएं।आवश्यक दस्तावेज जुटाएं:पुलिस प्राथमिकी (FIR) और पंचनामा की प्रमाणित प्रति।अस्पताल का डिस्चार्ज समरी, मेडिकल रिकॉर्ड और मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate)।पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट (Post-Mortem Report) और बिसरा रिपोर्ट (यदि लागू हो)।एयर एक्सीडेंट के मामले में ओरिजिनल बोर्डिंग पास, एयरलाइन टिकट और क्रेडिट कार्ड का मासिक स्टेटमेंट जिसमें टिकट बुकिंग का लेनदेन दिख रहा हो।नॉमिनी का केवाईसी (आधार, पैन, कैंसिल चेक) और कार्डधारक के साथ संबंध का कानूनी प्रमाण।क्लेम फॉर्म भरना: बैंक द्वारा अधिकृत जनरल इंश्योरेंस पार्टनर के क्लेम फॉर्म को पूरी तरह भरकर सभी दस्तावेजों के साथ 30 से 60 दिनों के भीतर जमा करें।कार्डधारकों के लिए विशेषज्ञ सलाह: क्रेडिट कार्ड को न समझें पूर्ण बीमा पॉलिसीवित्तीय सलाहकारों का साफ कहना है कि क्रेडिट कार्ड के साथ मिलने वाला बीमा केवल एक पूरक लाभ (Add-on Benefit) है, इसे कभी भी एक समर्पित 'टर्म इंश्योरेंस' (Term Plan) या 'हेल्थ इंश्योरेंस' का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपने परिवार की वित्तीय सुरक्षा के लिए एक अलग स्टैंडअलोन टर्म प्लान लेना ही समझदारी है। क्रेडिट कार्ड इंश्योरेंस का वास्तविक लाभ उठाने के लिए समय-समय पर अपने कार्ड से छोटा-मोटा बिल पेमेंट करते रहें ताकि कार्ड हमेशा 'एक्टिव स्टेटस' में रहे, अपने कार्ड में नॉमिनी का नाम बैंक रिकॉर्ड में विधिवत अपडेट करवाएं, और अपने परिवार के सदस्यों को यह स्पष्ट रूप से बताकर रखें कि आपके पास कौन से क्रेडिट कार्ड हैं और उनके साथ क्या-क्या बीमा सुविधाएं जुड़ी हुई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 10:54 pm

आधार कार्ड को कैसे करें डीएक्टिवेट? किसी की मौत के बाद क्यों लॉक करवाना जरूरी

मृत व्यक्ति का आधार कार्ड सक्रिय रहने पर साइबर ठग या असामाजिक तत्व उसका दुरुपयोग कर सकते हैं. इसके जरिए फर्जी सिम कार्ड जारी कराना, बैंक खाते से अवैध निकासी करना या लोन लेना जैसे फ्रॉड किए जा सकते हैं.

NDTV इंडिया 12 Oct 2026 10:53 pm

राजभाषा और हिंदी अधिकारियों की APAR अब होगी 100% ऑनलाइन, SPARROW पोर्टल पर अनिवार्य ई-मूल्यांकन का नया नियम लागू

भारतीय रेल के प्रशासनिक ढांचे में पारदर्शिता, कार्यकुशलता और समयबद्धता सुनिश्चित करने की दिशा में रेलवे बोर्ड ने एक और बड़ा सुधारात्मक कदम उठाया है। रेल मंत्रालय के अंतर्गत रेलवे बोर्ड द्वारा जारी नवीनतम आधिकारिक परिपत्र के अनुसार, भारतीय रेल के सभी जोनल रेलवे, उत्पादन इकाइयों (Production Units), कार्यशालाओं, अनुसंधान अभिकल्प और मानक संगठन (RDSO) तथा केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों में पदस्थापित राजभाषा (हिंदी) संवर्ग के अधिकारियों की वार्षिक कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट (Annual Performance Appraisal Report - APAR) अब पूरी तरह डिजिटल माध्यम से दर्ज की जाएगी।कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा विकसित 'स्मार्ट परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट रिकॉर्डिंग ऑनलाइन विंडो' यानी स्पैरो (SPARROW - Smart Performance Appraisal Report Recording Online Window) पोर्टल के माध्यम से ही अब राजभाषा संवर्ग के अधिकारियों का स्व-मूल्यांकन (Self-Appraisal), रिपोर्टिंग (Reporting) और रिव्यूइंग (Reviewing) की प्रक्रिया संपन्न होगी। इसके साथ ही दशकों से चली आ रही पारंपरिक भौतिक फाइलों (Physical Paper APAR) के जरिए होने वाले मूल्यांकन को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।रेलवे बोर्ड के आदेश की 4 मुख्य बातें और नए दिशा-निर्देशरेलवे बोर्ड द्वारा सभी जोनल महाप्रबंधकों (General Managers) और कार्मिक व राजभाषा विभागाध्यक्षों को भेजे गए पत्र में स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तय की गई है:भौतिक प्रतियां अब पूरी तरह अमान्य: निर्धारित मूल्यांकन वर्ष से किसी भी राजभाषा अधिकारी—जिनमें सहायक निदेशक (राजभाषा), उप निदेशक (राजभाषा), वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी और मुख्य राजभाषा अधिकारी शामिल हैं—की कोई भी गोपनीय रिपोर्ट कागजी प्रारूप में स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि कोई रिपोर्ट ऑफलाइन भेजी जाती है, तो उसे विनियामक रूप से अमान्य माना जाएगा।टाइम-बाउंड वर्कफ्लो (समयसीमा की सख्त पाबंदी): स्पैरो पोर्टल पर स्वतः सृजित होने वाली समयसीमा (Time-Bound Generation) लागू रहेगी। निर्धारित अंतिम तिथि समाप्त होते ही स्व-मूल्यांकन की विंडो स्वतः बंद हो जाएगी और यदि रिपोर्टिंग या रिव्यूइंग अधिकारी ने तय समय में अंकन नहीं किया, तो सिस्टम स्वतः 'नो रिमार्क्स' के साथ फाइल को अगले स्तर पर प्रेषित कर देगा।डिजिटल हस्ताक्षर (DSC/e-Sign) अनिवार्य: मूल्यांकन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनधिकृत प्रविष्टि या हेरफेर को रोकने के लिए डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) या आधार-आधारित ई-साइन (Aadhaar e-Sign) के माध्यम से ही अनुमोदन मान्य होगा।पारदर्शिता और त्वरित अपील अधिकार: जैसे ही रिव्यूइंग अधिकारी द्वारा मूल्यांकन पूरा कर रिपोर्ट स्वीकृत की जाएगी, अधिकारी के व्यक्तिगत स्पैरो लॉगिन डैशबोर्ड पर उसकी पूरी रिपोर्ट और अंतिम ग्रेडिंग तुरंत प्रदर्शित हो जाएगी। किसी भी प्रतिकूल टिप्पणी (Adverse Remarks) या कम ग्रेडिंग की स्थिति में अधिकारी तय 15 दिनों के भीतर डिजिटल पोर्टल पर ही अपना अभ्यावेदन (Representation) दर्ज करा सकेंगे।राजभाषा अधिकारियों को अलग से स्पैरो में शामिल करने की क्यों पड़ी जरूरत?भारतीय रेलवे में भारतीय रेलवे यातायात सेवा (IRTS), भारतीय रेलवे कार्मिक सेवा (IRPS), भारतीय रेलवे लेखा सेवा (IRAS) और विभिन्न इंजीनियरिंग संवर्गों के ग्रुप-ए अधिकारियों के लिए स्पैरो प्रणाली पहले से सफलतापूर्वक क्रियान्वित की जा रही थी। हालांकि, राजभाषा संवर्ग के कई अधिकारी जोनल स्तर पर और अलग-अलग प्रशासनिक इकाइयों में संलग्न होने के कारण अक्सर कागजी मूल्यांकन प्रणाली पर ही निर्भर थे।पदोन्नति में देरी पर लगाम: मैनुअल व्यवस्था में सबसे बड़ी खामी यह थी कि अधिकारियों की पदोन्नति (Promotion), वरिष्ठ वेतनमान (Senior Scale), चयन ग्रेड (Selection Grade) या विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठकों के समय पुरानी वर्षों की एसीआर/अपार फाइलें गुम हो जाने या अपूर्ण रहने के कारण अधिकारियों के करियर प्रमोशन महीनों और सालों तक लटके रहते थे।सटीक रिकॉर्ड कीपिंग: केंद्रीय डिजिटल डेटाबेस तैयार होने से रेल मंत्रालय के पास सभी राजभाषा अधिकारियों की समग्र कार्यक्षमता, हिंदी के प्रगामी प्रयोग के वार्षिक लक्ष्यों की प्राप्ति और उनकी शैक्षणिक व प्रशासनिक योग्यताओं का पारदर्शी और सुरक्षित रिकॉर्ड एक क्लिक पर उपलब्ध रहेगा।राजभाषा के प्रगामी प्रयोग और कामकाज पर क्या होगा सकारात्मक असर?केंद्र सरकार के राजभाषा विभाग (गृह मंत्रालय) के वार्षिक कार्यक्रम के अनुसार सरकारी कामकाज में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक मंत्रालय और विभाग को अनिवार्य लक्ष्य दिए जाते हैं। रेलवे बोर्ड के इस डिजिटल सुधार से न केवल राजभाषा अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि प्रशासनिक दक्षता में भी सुधार होगा:निष्पक्ष मूल्यांकन: ऑनलाइन व्यवस्था होने से मूल्यांकन में व्यक्तिपरक पूर्वाग्रहों की संभावना कम होगी और अधिकारियों द्वारा वर्ष भर किए गए वास्तविक कार्यों—जैसे हिंदी कार्यशालाओं का आयोजन, कोड व मैनुअल का अनुवाद, राजभाषा कार्यान्वयन समिति (OLIC) की नियमित बैठकें और कम्प्यूटरीकरण में हिंदी का उपयोग—का सही और समयबद्ध आकलन हो सकेगा।कागजरहित और पर्यावरण-अनुकूल कार्यशैली: रेलवे के 'डिजिटल इंडिया' और 'ग्रीन रेलवे' मिशन के अनुरूप हजारों पृष्ठों के कागजी रिकॉर्ड, फाइलों की ढुलाई और उनके भौतिक संरक्षण पर होने वाला खर्च शून्य हो जाएगा।रेलवे बोर्ड ने सभी संबंधित क्षेत्रीय रेलों के मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों (प्रशासन) और आईटी सेल को निर्देश दिया है कि वे तत्काल प्रभाव से शेष बचे सभी राजभाषा अधिकारियों के प्रोफाइल स्पैरो प्रणाली पर मैप करें और उन्हें यूजर आईडी व डिजिटल क्रेडेंशियल्स आवंटित कर आगामी मूल्यांकन चक्र को शत-प्रतिशत त्रुटिरहित और ऑनलाइन संचालित करना सुनिश्चित करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 10:53 pm

Election Commission के खिलाफ विपक्ष का Delhi में मार्च, Supreme Court में याचिका दायर

अलग-अलग रंगों के झंडे, हाथों में पोस्टर और ‘‘वोट चोर-गद्दी छोड़’’ के नारों के बीच सोमवार को उस समय निर्वाचन आयोग के मामले में विपक्ष के अभियान को नई ताकत मिलती दिखाई दी, जब कई राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ ही युवा, नागरिक समाज के सदस्य और बहुत सारे आम लोग लोकतंत्र के लिए मार्च का हिस्सा बने। भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच बाराखंबा रोड से उच्चतम न्यायालय तक निकले इस मार्च में प्रदर्शनकारियों ने कई जगह अवरोधक पार किए और आखिरकार उन्हें भगवानदास रोड पर रोक लिया हुआ। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने एसआईआर तथा कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ याचिका दायर की। कनॉट प्लेस में बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारी झंडे और पोस्टर लेकर बाराखंबा रोड की ओर बढ़े। मार्च जैसे-जैसे आगे बढ़ा, समर्थकों की संख्या बढ़ती गई और सड़क पर अलग-अलग दलों के झंडों के साथ ‘‘वोट चोरी बंद करो’’ और वोट चोर गद्दी छोड़ जैसे नारे सुनाई देने लगे। भगवान दास रोड पर पुलिस ने मार्च को रोकने की कोशिश की। इस दौरान राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव समेत कई नेता एक वाहन पर चढ़ गए। समर्थकों ने पुलिस अवरोधकों को पार किया और मार्च आगे बढ़ गया। मार्च में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के डी. राजा, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एम. ए. बेबी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए। विपक्षी नेताओं ने ‘‘वोट चोरी’’ रोकने, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रोकने और कागज के मतपत्र से चुनाव कराने की मांग की। विपक्ष की संयुक्त याचिका में मतदाता सूचियों से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने और एसआईआर में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। यह याचिका प्रधान न्यायाधीश द्वारा दोनों सदनों के नेता प्रतिपक्ष के साथ इस मुद्दे पर मुलाकात से इनकार किए जाने के एक दिन बाद दायर की गई। प्रधान न्यायाधीश ने कहा था कि मामला विचाराधीन है। मार्च में राजनीतिक नारों के बीच ‘बैटमैन’ के मुखौटे पहने युवाओं ने भी लोगों का ध्यान खींचा। राहुल गांधी जिस बस में सवार थे, उसमें एक ‘बैटमैन’ का मुखौटा पहुंचाया गया, जिसे उन्होंने हाथ में उठाकर भीड़ को दिखाया। समर्थकों ने जोरदार नारे लगाकर इसका स्वागत किया। बाद में राहुल ने कांग्रेस अध्यक्ष खरगे को भी वह मुखौटा पहना दिया। ‘बैटमैन’ का यह प्रसंग राहुल गांधी के अगस्त में किए गए सोशल मीडिया मजाक से जुड़ा है। इंस्टाग्राम पर छात्रों और ‘जेन जी’ के साथ संवाद के दौरान जब उनसे पूछा गया था कि क्या वह ‘बैटमैन’ हैं, तो उन्होंने कहा था कि उन्हें और बैटमैन को कभी एक ही कमरे में किसी ने नहीं देखा। इसके बाद कांग्रेस के इंदिरा भवन मुख्यालय और मध्य दिल्ली के अन्य स्थानों पर राहुल को ‘‘द रियल लाइफ बैटमैन’’ बताते हुए पोस्टर लगाए गए थे। सोमवार को उसी मजाक की झलक सड़क पर दिखी, जब कई युवा ‘‘बैटमैन’’ के मुखौटे और पोशाक पहनकर मार्च में शामिल हुए। ‘‘बैटमैन’’ डीसी कॉमिक्स का एक लोकप्रिय काल्पनिक सुपरहीरो है। उसका असली नाम ब्रूस वेन है। वह गोथम सिटी में अपराधियों से लड़ता है। उसके पास कोई अलौकिक शक्ति नहीं है। वह अपनी बुद्धि, शारीरिक प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करता है। वह काले रंग की पोशाक और मुखौटा पहनता है। विपक्षी नेता दोपहर करीब सवा दो बजे कंस्टिट्यूशन क्लब से पांच बसों में रवाना हुए थे। कांग्रेस, सपा और वाम संगठनों के कार्यकर्ता उनके साथ पैदल चल रहे थे। बाराखंबा रोड पर कई कार्यालयों से लोग बाहर निकलकर मार्च की तस्वीरें और वीडियो बनाते नजर आए।

प्रभासाक्षी 12 Oct 2026 10:53 pm

AIADMK में सबकुछ ठीक नहीं: बागी विधायक अलग रास्ता चुनने की तैयारी में, बनेगा असेंबली ग्रुप?

Tamil Nadu Politics: उपचुनावों में ताजा हार के बाद AIADMK का अंदरूनी संकट फिर से उभर आया है। सोमवार को चेन्नई में असंतुष्ट नेताओं की बैठक हुई, जिसमें उन्होंने हार की समीक्षा के साथ-साथ विधानसभा में अलग समूह बनाकर काम करने और आगे के राजनीतिक विकल्पों पर चर्चा की।

लाइव हिन्दुस्तान 12 Oct 2026 10:52 pm

'CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने तक जारी रहेगा आंदोलन', राहुल गांधी का बड़ा दावा

राहुल गांधी ने कथित वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।

जागरण 12 Oct 2026 10:50 pm

खबरदार: क्यों राहुल गांधी ने CEC को लेकर विपक्ष के अभियान को शिव की बारात से जोड़ा?

विपक्ष के नेताओं ने बाराखंबा से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला. ये पहली बार है जब विपक्षी नेताओं ने किसी मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला हो. करीब एक किमी लंबे मार्च में विपक्ष के नेता बस में, पैदल और वाहन में सवार हुए साढ़े छह बजे के आसपास सुप्रीम कोर्ट में याचिका देने के लिए दाखिल हुए. विपक्षी एकता इस मुद्दे पर आज दिखी. देखें...

आज तक 12 Oct 2026 10:48 pm

लाल कपड़े का इशारा और थम गई ट्रेन... सिलीगुड़ी में 70 से ज्यादा हाथियों की ऐसे बची जान

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में नक्सलबाड़ी और बागडोगरा के बीच रेलवे ट्रैक पार कर रहे 70 से अधिक हाथियों का झुंड एक बड़े हादसे से बाल-बाल बच गया. सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस के करीब पहुंचने पर वनकर्मियों ने लाल कपड़ा लहराकर ट्रेन को समय रहते रुकवा दिया.

NDTV इंडिया 12 Oct 2026 10:46 pm

'न्यायपालिका पर पूरा भरोसा', कांग्रेस ने CJI सूर्यकांत पर केरलम यूनिट की पोस्ट से किया किनारा

कांग्रेस ने अपनी केरल इकाई द्वारा CJI सूर्यकांत को लेकर की गई सोशल मीडिया पोस्ट से असहमति जताई है। पार्टी ने कहा कि उसे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और पोस्ट करने वाले व्यक्ति को पद से हटा दिया गया है।

जागरण 12 Oct 2026 10:45 pm

UP Assembly Election: Asaduddin Owaisi ने CM Yogi और अखिलेश को दी नई सीटों से लड़ने की चुनौती

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्‍यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संभल से और समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव को गोरखपुर से आगामी विधानसभा चुनाव लड़ना चाहिए। ओवैसी ने सोमवार को लखनऊ में पत्रकारों से कहा, ‘‘आज अयोध्या में सबसे बड़ा मुद्दा राम मंदिर के लिए एकत्र किए गए दान में हेराफेरी का है, जो हजारों करोड़ रुपये का है। जो आरोपी अभी जेल में हैं, वे जमानत पाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि जिन्होंने असल में चोरी की है, वे आजाद घूम रहे हैं।’’उन्होंने अयोध्या से चुनाव लड़ने को लेकर योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच बयानबाजी की ओर भी इशारा करते हुए कहा कि वहां ‘नूरा कुश्ती’ जारी है। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। ओवैसी ने कहा, ‘‘मैंने कहा कि योगी आदित्यनाथ को संभल से चुनाव लड़ना चाहिए। उन्हें संभल जाकर कहना चाहिए कि ‘हमने आपकी मस्जिद गिराई थी, इसलिए मुझे वोट दें’। और, ‘इंशा अल्लाह’ वहां की जनता उन्हें हरा देगी।’’एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा, ‘‘वहीं, अखिलेश यादव को गोरखपुर जाकर चुनाव लड़ना चाहिए और घोषणा करनी चाहिए कि ‘मैंने’ उस व्यक्ति को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है, जिसके पिता ने झारखंड में विधायकों को तोड़कर ‘इंडिया’ गठबंधन के उम्मीदवार को हराया था’।’’उनका इशारा हाल में सपा की ओर से राज्यसभा सदस्य बने धनराज परिमल नाथवानी की ओर था, जिनके पिता परिमल नाथवानी इस साल जून में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के समर्थन से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार झारखंड से राज्यसभा सदस्य बने थे। सितंबर में कांग्रेस में शामिल होने से पहले उत्तर प्रदेश में एआईएमआईएम के प्रमुख नेता रहे आसिम वकार ने भी इस पर अपनी बात रखी। उन्होंने पूछा कि ओवैसी खुद लखनऊ से चुनाव लड़ने के बजाय कांग्रेस और सपा नेताओं के लिए चुनाव क्षेत्रों का सुझाव क्यों दे रहे हैं। वकार ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘इससे मुकाबला दिलचस्प हो जाएगा, है ना?’’ लखनऊ लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व रक्षा मंत्री और वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता राजनाथ सिंह करते हैं। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को अयोध्या विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की चुनौती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जवाब देते हुए कहा कि पार्टी के उम्मीदवार पवन पांडेय ही भाजपा सरकार का अहंकार तोड़ने के लिए काफी हैं। सपा प्रमुख की यह टिप्पणी आदित्यनाथ द्वारा आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अयोध्या से नामांकन दाखिल करने की यादव की चुनौती को स्वीकार करने के एक दिन बाद आई है। योगी आदित्यनाथ वर्तमान में उप्र विधानसभा में गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

प्रभासाक्षी 12 Oct 2026 10:43 pm

अब मजदूरों के बच्चे बनेंगे IAS, IPS और डॉक्टर, जानें कैसे पूरा होगा उनका सपना

मुरादाबाद के अटल आवासीय विद्यालय में श्रमिक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के 718 बच्चे मुफ्त शिक्षा, हॉस्टल, भोजन और दूसरी सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं. गांव के स्कूलों से यहां पहुंचे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा है. कोई IAS, कोई IPS, कोई जज तो कोई आर्मी डॉक्टर बनना चाहता है. विद्यालय का लक्ष्य क्षमता बढ़ाकर 1,000 बच्चों तक पहुंचना है.

आज तक 12 Oct 2026 10:40 pm

भारतीय वैज्ञानिकों ने किया बड़ा खुलासा, पृथ्वी के मोबाइल नेटवर्क और सैटेलाइट्स पर पड़ सकता है सीधा असर

अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारतीय खगोलभौतिकविदों (Indian Astrophysicists) ने एक ऐतिहासिक वैज्ञानिक सफलता हासिल की है। भारतीय वैज्ञानिकों के एक संयुक्त शोध दल ने सूरज के सुदूर और अब तक रहस्यमय माने जाने वाले ध्रुवीय क्षेत्रों (Solar Poles) के आंतरिक चुंबकीय गतिविज्ञान (Internal Magnetic Dynamics) पर एक युगांतरकारी शोध सार्वजनिक किया है। दशकों से वैश्विक सौर भौतिकी में यह पहेली बनी हुई थी कि सूरज के ध्रुवों पर चुंबकीय क्षेत्र कैसे निर्मित होते हैं, कैसे कमजोर पड़ते हैं और प्रत्येक 11 वर्ष के सौर चक्र (Solar Cycle) में कैसे अपनी दिशा उलट (Polarity Reversal) लेते हैं। भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा विकसित परिष्कृत सैद्धांतिक मॉडल और उपग्रह डेटा विश्लेषण ने यह साबित कर दिया है कि सूरज के दोनों ध्रुवों में होने वाली सूक्ष्म प्लाज्मा हलचल ही पूरे सौरमंडल में उठने वाले भीषण सौर तूफानों (Solar Storms) की वास्तविक जननी है। यह खोज इसलिए भी अत्यधिक संवेदनशील है क्योंकि मौजूदा समय में सूर्य अपने 25वें सौर चक्र के चरम यानी 'सोलर मैक्सिमम' (Solar Maximum) के दौर से गुजर रहा है।ध्रुवों में ऐसा क्या छिपा है: चुंबकीय ध्रुव पलटने का जटिल चक्रसूरज एक ठोस पिंड न होकर अत्यधिक गर्म, आवेशित गैस यानी प्लाज्मा का एक विशाल धधकता हुआ गोला है।डिफरेंशियल रोटेशन और मेरिडियनल फ्लो: सूर्य की भूमध्य रेखा (Equator) ध्रुवों की तुलना में अधिक तेजी से घूमती है। इसके साथ ही, सूरज की सतह के नीचे प्लाज्मा की विशालकाय नदियां भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर बहती हैं, जिसे 'मेरिडियनल सर्कुलेशन' कहा जाता है।ध्रुवों पर चुंबकीय ऊर्जा का संचय: भारतीय शोधकर्ताओं ने पाया कि ध्रुवों के पास प्लाज्मा का यह बहाव एक विशाल चुंबकीय सिंक (Magnetic Sink) की तरह काम करता है, जहां अरबों टन चुंबकीय ऊर्जा दशकों तक दबी रहती है।ध्रुवों का उलटफेर: जब यह संचित ऊर्जा अपनी चरम सीमा पर पहुंचती है, तो सूर्य के उत्तरी और दक्षिणी चुंबकीय ध्रुव आपस में अपनी स्थिति बदल लेते हैं। इसी प्रक्रिया के दौरान सूर्य के वायुमंडल में विकराल चुंबकीय विस्फोट होते हैं, जो सौर ज्वालाओं (Solar Flares) और कोरोनल मास इजेक्शन (CME) के रूप में अंतरिक्ष में अरबों किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से फैलते हैं।मोबाइल नेटवर्क, जीपीएस और बिजली ग्रिड पर क्यों मंडरा रहा है बड़ा खतरा?सूरज के ध्रुवों में होने वाली इस उथल-पुथल का सीधा और गंभीर प्रभाव पृथ्वी की आधुनिक तकनीकी जीवनरेखा पर पड़ता है:मोबाइल टावर्स और सेलुलर कनेक्टिविटी में व्यवधान: जब सूर्य के ध्रुवों से उत्पन्न तीव्र सौर तूफान पृथ्वी की ओर रुख करते हैं, तो वे पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल (Ionosphere) को अत्यधिक आयनित और अशांत कर देते हैं। आयनमंडल के असंतुलित होने से हाई-फ्रीक्वेंसी (HF) रेडियो तरंगें बिखर जाती हैं, जिससे सेलुलर बैकहॉल लिंक, उपग्रह-आधारित मोबाइल कनेक्टिविटी और ग्राउंड कम्युनिकेशन में रुकावट या कॉल ड्रॉप की गंभीर समस्या पैदा हो सकती है।जीपीएस और नेविगेशन सिस्टम का भटकना: विमानन (Aviation), समुद्री जहाजों और आम नागरिकों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली जीपीएस प्रणाली उपग्रहों से आने वाले सूक्ष्म सिग्नलों पर निर्भर करती है। सौर प्लाज्मा के प्रभाव से जीपीएस सिग्नलों में सेकंड्स के हजारवें हिस्से की देरी आ जाती है, जिसके परिणामस्वरूप नेविगेशन मैप्स पर लोकेशन में कई मीटर से लेकर किलोमीटर तक की गलत रीडिंग आ सकती है।अंतरिक्ष में तैरते सैटेलाइट्स का नष्ट होना: ध्रुवीय विस्फोटों से निकलने वाले आवेशित कण लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) में चक्कर लगा रहे संचार और मौसम उपग्रहों के संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक सर्किट को जला सकते हैं। साथ ही, वायुमंडलीय खिंचाव (Atmospheric Drag) बढ़ने से उपग्रह समय से पहले अपनी कक्षा से भटककर नष्ट हो सकते हैं।पावर ग्रिड में ब्लैकआउट का जोखिम: भू-चुंबकीय तूफान (Geomagnetic Storms) पृथ्वी की सतह पर शक्तिशाली 'जियोमैग्नेटिकली इंड्यूस्ड करेंट्स' (GIC) उत्पन्न करते हैं। यह अतिरिक्त करंट बिजली कंपनियों के बड़े पावर ट्रांसफार्मरों को ओवरहीट करके जला सकता है, जिससे कई शहरों में घंटों या दिनों तक बिजली गुल होने का खतरा रहता है।भारत के आदित्य-एल1 और ग्राउंड ऑब्जर्वेटरीज की भूमिकाइस शोध में भारत के पहले सूर्य मिशन 'आदित्य-एल1' (Aditya-L1) से प्राप्त डेटा, कोडाइकनाल सोलर ऑब्जर्वेटरी के 100 साल से अधिक पुराने ऐतिहासिक डेटाबेस और अत्याधुनिक सुपरकंप्यूटिंग सिमुलेशन का अत्यंत प्रभावी उपयोग किया गया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और अग्रणी खगोलभौतिकी संस्थानों के वैज्ञानिकों ने यह स्पष्ट किया है कि सौर ध्रुवों के सटीक व्यवहार को समझकर अब वैज्ञानिक सौर तूफानों के पृथ्वी से टकराने की पूर्व चेतावनी (Space Weather Warning) 24 से 48 घंटे पहले जारी करने में सक्षम हो सकेंगे।आधुनिक दुनिया पूरी तरह से डिजिटल नेटवर्क, डिजिटल बैंकिंग, सैटेलाइट कम्युनिकेशंस और बिजली पर टिकी है। ऐसे समय में भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा सूरज के ध्रुवों के रहस्यों को उजागर करना केवल एक खगोलीय उपलब्धि भर नहीं है, बल्कि यह भविष्य में वैश्विक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और दूरसंचार नेटवर्क को किसी भी अंतरिक्षीय तबाही से सुरक्षित रखने के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच तैयार करने जैसा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 10:39 pm

‘बैलेट पेपर पर चुनाव लड़कर दिखाएं’, हिमंत सरमा की कांग्रेस को चुनौती; केरलम, कर्नाटक और तेलंगाना की सरकारों से मांगा इस्तीफा

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी को चुनौती दी है कि अगर कांग्रेस शासित राज्य सरकारें इस्तीफा दें तो वे बैलेट पेपर से चुनाव लड़ने को तैयार हैं।

जागरण 12 Oct 2026 10:39 pm

ग्वालियर: ट्यूशन पढ़ने आई छात्रा से रेप, टीचर ने दी जान से मारने की धमकी

Gwalior Teacher Rape Case: ग्वालियर के थाटीपुर में ट्यूशन पढ़ने आई छात्रा से दुष्कर्म. आरोपी शिक्षक सत्यजीत शाक्य गिरफ्तार. किसी को बताने पर दी थी जान से मारने की धमकी. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

आज तक 12 Oct 2026 10:39 pm

ट्रंप के 'एनर्जी सीजफायर' के चंद घंटों बाद यूक्रेन पर बरसे रूसी ड्रोन: खारकीव के गैस प्लांट और बिजली घर पर भीषण हमला, भड़के जेलेंस्की ने वाशिंगटन से लगाई गुहार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस और यूक्रेन के बीच तथाकथित 'एनर्जी सीजफायर' (ऊर्जा संघर्ष विराम) के तत्काल प्रभाव से लागू होने के ऐतिहासिक ऐलान को चौबीस घंटे भी नहीं बीते थे कि जमीन पर युद्ध ने और अधिक उग्र रूप ले लिया। रूस की सेना ने यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव (Kharkiv) में स्थित रणनीतिक गैस उत्पादन संयंत्र और थर्मल पावर स्टेशन पर रॉकेट-संचालित ड्रोनों (Rocket-Powered Drones) और ग्लाइड बमों से ताबड़तोड़ हमले कर दिए। इस भीषण हवाई हमले में यूक्रेनी सरकारी ऊर्जा कंपनी 'नैफ्टोगाज' (Naftogaz) के गैस संयंत्र में भीषण आग लग गई और महत्वपूर्ण मशीनरी व उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए। इसके साथ ही खारकीव के एक कंबाइंड हीट एंड पावर प्लांट को भी निशाना बनाया गया। इस घटनाक्रम ने व्हाइट हाउस के उस राजनयिक दावे की हवा निकाल दी है, जिसमें दोनों देशों के बीच ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले रोकने की कथित सहमति की बात कही गई थी।नैफ्टोगाज गैस संयंत्र पर हमला: आग बुझाने और बहाली में जुटे तकनीकी दलयूक्रेन की राष्ट्रीय तेल व गैस कंपनी नैफ्टोगाज के कार्यवाहक प्रमुख सेरही फेडोरेंको (Sergii Fedorenko) ने हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि रात के समय रूसी सेना ने खारकीव क्षेत्र में कंपनी के प्रमुख गैस निष्कर्षण और उत्पादन केंद्र पर सीधे ड्रोन दागे।अग्निकांड और नुकसान: तेज धमाके के बाद गैस स्टेशन के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे में आग भड़क उठी, जिसे दमकल कर्मियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद काबू में किया। गनीमत यह रही कि सायरन बजते ही संयंत्र के कर्मचारी भूमिगत बंकरों (Shelters) में चले गए थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन उपकरण जलने से उत्पादन व्यवस्था को गंभीर धक्का पहुंचा है।बिजली संयंत्र भी हुआ धुआं-धुआं: गैस फैसिलिटी के अलावा रूसी वायुसेना ने खारकीव के पावर ग्रिड और ताप बिजली घर को भी निशाना बनाया, जिससे शहर के कई हिस्सों में बिजली गुल हो गई और स्थानीय आबादी के बीच दहशत फैल गई।जेलेंस्की का तीखा पलटवार: हमारे लिए यह खबर नई थी, अब अमेरिका पुतिन को रोकेहमले के बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अपने राष्ट्र के नाम वीडियो संबोधन और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बेहद कड़ा रुख अपनाया।समझौते की जानकारी मीडिया से मिली: जेलेंस्की ने खुलासा किया कि उन्हें ट्रंप के इस 'एनर्जी सीजफायर' की जानकारी मीडिया के जरिए मिली थी और कीव के साथ इस पर पहले से कोई औपचारिक रूपरेखा साझा नहीं की गई थी।अमेरिका से ठोस गारंटी की मांग: जेलेंस्की ने कहा, यूक्रेन शांति चाहता है और हमने अपनी सेना को उचित निर्देश दे रखे हैं। लेकिन रविवार रात रूस की किसी भी तेल रिफाइनरी में आग नहीं लगी, जबकि इसके ठीक उलट मॉस्को ने हमारे गैस प्लांट और पावर स्टेशनों पर बम बरसाए। अगर अमेरिकी प्रशासन वास्तव में आगे बढ़कर रूस को इस समझौते का सम्मान करने के लिए बाध्य करे, तभी यह संघर्ष विराम काम कर सकता है। पुतिन की जुबान पर भरोसा करने के बजाय अमेरिका को ठोस सुरक्षा गारंटी सुनिश्चित करनी होगी।ट्रंप के रुख से क्यों नाराज है कीव: रूसी डीजल खरीद और नेतृत्व बदलने का बयानयह ताजा सैन्य और कूटनीतिक संकट ऐसे समय गहराया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति और जेलेंस्की के बीच जुबानी जंग चरम पर पहुंच चुकी है:रूसी रिफाइनरियों पर हमले रोकने का दबाव: ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से जेलेंस्की को चेतावनी दी थी कि वे रूसी तेल रिफाइनरियों पर ड्रोन हमले तुरंत बंद करें, क्योंकि इससे वैश्विक तेल बाजारों और अमेरिका में डीजल की कीमतों पर असर पड़ रहा है।रूसी डीजल आयात का सौदा: ट्रंप प्रशासन ने घरेलू ईंधन की कीमतें कम करने के नाम पर रूस से डीजल आयात के समझौते का संकेत दिया था, जिसे यूक्रेन ने अपने साथ 'साझेदारों का खुला विश्वासघात' करार दिया है।नेतृत्व बदलने की टिप्पणी: ट्रंप ने यह तक कह दिया था कि यूक्रेन को एक नया नेता चुनना चाहिए क्योंकि जेलेंस्की युद्ध समाप्त करने के अवसर गंवा रहे हैं। इसके जवाब में जेलेंस्की ने दो टूक कहा था कि यूक्रेन का नेतृत्व कौन करेगा, यह फैसला केवल देश की जनता कर सकती है, कोई बाहरी शक्ति नहीं।सर्दियों से पहले यूक्रेन को अंधेरे में धकेलने की रूसी रणनीतियुद्ध विश्लेषकों का मानना है कि मॉस्को रणनीतिक रूप से सर्दियों की शुरुआत से ठीक पहले यूक्रेन के पूरे पावर ग्रिड, हीटिंग सिस्टम और घरेलू गैस नेटवर्क को ध्वस्त करने की योजना पर आगे बढ़ रहा है। कड़ाके की ठंड में बिजली और हीटिंग बंद होने से यूक्रेनी नागरिकों का मनोबल तोड़ना रूस का मुख्य उद्देश्य है। दूसरी ओर, क्रेमलिन ने ट्रंप के सीजफायर ऐलान पर आधिकारिक तौर पर न तो सहमति जताई है और न ही खंडन किया है, बल्कि जमीन पर हमले जारी रखकर यह संदेश दिया है कि वह अमेरिका की शर्तों पर एकतरफा रियायत देने के मूड में नहीं है। खारकीव में गैस प्लांट पर हुए इस ताजे हमले ने साबित कर दिया है कि बिना ठोस अंतरराष्ट्रीय निगरानी और सख्त प्रतिबंधों के, केवल सोशल मीडिया पर घोषित संघर्ष विराम युद्ध के मैदान में टिक नहीं सकते।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 10:38 pm

त्योहारी सीजन में UP के मिठाई प्रेमियों के लिए बड़ा फैसला: 15 अक्टूबर से खुली और पैक्ड मिठाइयों पर 'यूज बाय डेट' अनिवार्य

दशहरा, धनतेरस और दीपावली के त्योहारी सीजन से ठीक पहले उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने राज्य के करोड़ों उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। 15 अक्टूबर से प्रदेश भर के सभी हलवाइयों, स्वीट कॉर्नर्स और मिठाई निर्माताओं के लिए अपनी दुकानों में बिकने वाली हर प्रकार की मिठाई—चाहे वह डिब्बाबंद (Packaged) हो या काउंटर की ट्रे में रखी खुली (Loose) मिठाई—पर 'यूज बाय डेट' (Use-by Date यानी उपभोग की अंतिम तारीख) प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया गया है।खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. रोशन जैकब द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, अब कोई भी दुकानदार बिना उपभोग तिथि अंकित किए मिठाइयों की बिक्री नहीं कर सकेगा। 15 अक्टूबर से पूरे राज्य के सभी 75 जिलों में यह नियम शत-प्रतिशत लागू हो जाएगा।नए नियम के तहत मिठाई कारोबारियों के लिए क्या हैं 4 प्रमुख शर्तें?ट्रे और डिस्प्ले काउंटर पर स्पष्ट प्रदर्शन: हलवाई जिस ट्रे या रैक में मिठाइयां सजाकर रखते हैं, उस ट्रे के आगे स्पष्ट रूप से एक लेबल या स्लिप लगानी होगी, जिस पर मिठाई बनाने की तारीख (Date of Manufacturing) और उसके उपभोग की अंतिम सुरक्षित तारीख (Use-by Date) बड़े अक्षरों में लिखी हो।डिब्बों पर भी दर्ज होगी तारीख: काउंटर से मिठाई पैक करते समय डिब्बे (Sweet Box) के ऊपर भी यह तारीख लिखना अनिवार्य होगा ताकि ग्राहक घर ले जाकर भी जान सके कि मिठाई कब तक खाने योग्य है।शेल्फ लाइफ के अनुसार वर्गीकरण: सभी मिठाइयों की उम्र एक समान नहीं होती। एफएसडीए ने सामग्री के आधार पर मिठाइयों की शेल्फ लाइफ 1 दिन से लेकर 30 दिन तक निर्धारित की है:छेना और बंगाली मिठाइयां (रसगुल्ला, रसमलाई, चमचम आदि): अधिकतम 1 से 2 दिन (फ्रिज में)।खोया और मावा से बनी मिठाइयां (पेड़ा, बर्फी, गुलाब जामुन): 2 से 4 दिन।घी और बेसन की सूखी मिठाइयां (लड्डू, मैसूर पाक, सोंठ के लड्डू): 7 से 15 दिन।काजू कतली, ड्राय फ्रूट्स व डिब्बाबंद सोन पापड़ी/पेठा: 15 से 30 दिन।घोषित तारीख तक गुणवत्ता की सीधी जिम्मेदारी: दुकानदार जो 'यूज बाय डेट' लिखेंगे, उस तारीख तक उत्पाद की शुद्धता और गुणवत्ता बनाए रखने की कानूनी जवाबदेही सीधे व्यापारी की होगी।जहरीले कूलेंट पर भी रोक: डेयरी और खोया इकाइयों में एथिलीन ग्लाइकोल पूरी तरह प्रतिबंधितत्योहारों पर बड़े पैमाने पर बिकने वाले मिलावटी खोये और पनीर पर शिकंजा कसने के लिए शासन ने दुग्ध प्रसंस्करण और दूध ठंडा करने वाली इकाइयों (Milk Chilling & Processing Plants) में औद्योगिक कूलेंट के रूप में 'एथिलीन ग्लाइकोल' (Ethylene Glycol) और 'डायथिलीन ग्लाइकोल' (Diethylene Glycol) के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। ये जहरीले रासायनिक तत्व अक्सर लीकेज के जरिए दूध व दूध उत्पादों में मिलकर जानलेवा साबित होते हैं। अब इनके स्थान पर केवल खाद्य-ग्रेड कूलेंट्स (Food-Grade Coolants) के इस्तेमाल की ही अनुमति दी गई है।15 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में औचक निरीक्षण: नियम तोड़ा तो होगा कड़ा एक्शनखाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि 15 अक्टूबर से प्रदेश के सभी मंडलों और जिलों में स्पेशल टास्क फोर्स और फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर्स की टीमें लगातार औचक निरीक्षण (Surprise Raids) करेंगी:बिना 'यूज बाय डेट' के बेची जा रही मिठाइयों को तुरंत जब्त कर नष्ट कराया जाएगा।खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSS Act, 2006) की धाराओं के तहत दुकानदारों पर भारी आर्थिक जुर्माना लगाने के साथ-साथ गंभीर उल्लंघनों पर दुकान का लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता है।त्योहारों पर अक्सर दुकानों में पुरानी व बासी मिठाइयों को चाशनी में डुबोकर या नया रूप देकर बेचने की शिकायतें आती थीं। उत्तर प्रदेश सरकार के इस सख्त फैसले से जहां मिलावटखोरों और मुनाफाखोरों पर अंकुश लगेगा, वहीं ग्राहकों को शुद्ध, ताजी और भरोसेमंद मिठाइयां खरीदने का कानूनी अधिकार मिलेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 10:37 pm

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का सिंगापुर दौरा संपन्न: जीआईसी, टेमासेक और जेपी मॉर्गन से मिले बड़े निवेश संकेत

केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण का 4 दिवसीय सिंगापुर का उच्चस्तरीय आधिकारिक दौरा सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। वैश्विक वित्तीय अनिश्चितता और भू-राजनीतिक उथल-पुथल के दौर में आयोजित इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय संस्थागत निवेशकों को भारत के तेजी से बढ़ते आर्थिक परिदृश्य, सुधरे हुए विनियामक ढांचे और लंबी अवधि के निवेश अवसरों से जोड़ना था। यात्रा के दौरान वित्त मंत्री ने सिंगापुर के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व—राष्ट्रपति थर्मन षणमुगरत्नम और प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से द्विपक्षीय मुलाकात की, साथ ही सिंगापुर के सॉवरेन वेल्थ फंड्स और दुनिया के सबसे बड़े वित्तीय संस्थानों के प्रमुखों के साथ कई दौर की रणनीतिक बैठकें और इन्वेस्टर राउंडटेबल सत्र आयोजित किए। इन उच्चस्तरीय चर्चाओं से स्पष्ट संकेत मिला है कि वैश्विक निवेशक भारत को विश्व अर्थव्यवस्था के सबसे मजबूत और आकर्षक 'ग्रोथ इंजन' के रूप में देख रहे हैं।GIC, टेमासेक और जेपी मॉर्गन के साथ अहम बैठकें: इन मुद्दों पर बनी सहमतिसिंगापुर दौरे के दौरान वित्त मंत्री ने दुनिया के सबसे बड़े वेल्थ फंड्स और निवेश बैंकों के शीर्ष नेतृत्व के साथ विशेष आमने-सामने (One-on-One) बैठकें कीं:जीआईसी (GIC) के साथ दीर्घकालिक पूंजी पर चर्चा: वित्त मंत्री ने सिंगापुर के सॉवरेन वेल्थ फंड 'जीआईसी' के सीईओ लिम चो किआट (Lim Chow Kiat) से मुलाकात की। इस दौरान भारत के आर्थिक विकास की निरंतरता, पूंजीगत व्यय (Capex) और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में दीर्घकालिक संस्थागत पूंजी की भागीदारी को और बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई।टेमासेक (Temasek) से इंफ्रास्ट्रक्चर और प्राइवेट क्रेडिट पर मंथन: टेमासेक होल्डिंग्स के नेतृत्व के साथ बैठक में नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) के जरिए भारत के प्रमुख ग्रोथ सेक्टर्स में प्राइवेट क्रेडिट को बढ़ावा देने और सस्टेनेबल प्रोजेक्ट्स में निवेश बढ़ाने पर जोर दिया गया।जेपी मॉर्गन (J.P. Morgan) व वैश्विक बैंकरों के साथ राउंडटेबल: जेपी मॉर्गन, ब्लैकरॉक और प्रमुख वैश्विक वित्तीय संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित उच्चस्तरीय गोलमेज सम्मेलन में भारत के बॉन्ड मार्केट में विदेशी निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी और अंतरराष्ट्रीय पूंजी प्रवाह को सुगम बनाने पर बातचीत हुई। निवेशकों ने भारत के समष्टि-आर्थिक (Macroeconomic) स्थायित्व और राजकोषीय अनुशासन की सराहना की।किन प्राथमिक क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने पर रहा फोकस?वित्त मंत्री ने विदेशी निवेशकों के सामने उन प्रमुख क्षेत्रों का खाका पेश किया, जहां भारत आगामी वर्षों में अभूतपूर्व विस्तार कर रहा है:सेमीकंडक्टर और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स: भारत में सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन और असेंबली यूनिट्स की स्थापना के लिए केंद्र सरकार की पीएलआई (PLI) योजनाओं और मजबूत सप्लाई चेन तंत्र की जानकारी दी गई।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर: भारत के विशाल डेटा पारिस्थितिकी तंत्र, ग्रीन डेटा सेंटर्स और नई तकनीकी स्टार्टअप्स में ग्लोबल फंड्स के लिए उपलब्ध अपार संभावनाओं को रेखांकित किया गया।गिफ्ट सिटी (GIFT IFSC) और NIIF: गुजरात के गांधीनगर स्थित अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (GIFT City) को वैश्विक निवेशकों के लिए एक आदर्श वित्तीय गेटवे के रूप में प्रस्तुत किया गया। निवेशकों को गिफ्ट सिटी के माध्यम से टैक्स-फ्रेंडली और सुगम व्यवस्था के तहत पूंजी लगाने का सीधा निमंत्रण दिया गया।ग्रीन एनर्जी और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर: सौर ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, पोर्ट्स, एक्सप्रेसवे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जैसी मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में सीधे विदेशी निवेश (FDI) के लिए अनुकूल नीतियां साझा की गईं।सिंगापुर-भारत रणनीतिक साझेदारी: आसियान के साथ संबंधों को मिलेगी नई ऊंचाईसिंगापुर भारत के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का सबसे बड़ा स्रोत और आसियान (ASEAN) क्षेत्र में सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार रहा है। इस यात्रा के राजनीतिक और रणनीतिक परिणाम भी बेहद अहम माने जा रहे हैं:व्यापक रणनीतिक साझेदारी को विस्तार: दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार, कौशल विकास (Skilling) और फिनटेक कनेक्टिविटी (जैसे UPI और PayNow लिंकेज) के सफल मॉडल को अन्य डिजिटल क्षेत्रों में भी दोहराने पर सहमति जताई।आसियान 2027 की तैयारी: सिंगापुर द्वारा 2027 में आसियान की अध्यक्षता संभालने से पहले भारत-आसियान व्यापक आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए यह दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुआ।वैश्विक निवेशकों का भरोसा: भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए क्या हैं मायने?अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों और वैश्विक फंड प्रबंधकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया से साफ है कि एफआईआई (FII) और एफडीआई (FDI) प्रवाह के मामले में भारत एक सुरक्षित और उच्च-प्रतिफल (High-Yield) वाला बाजार बना हुआ है। वित्त मंत्रालय का यह आउटरीच देश में न केवल पूंजी के नए प्रवाह को सुनिश्चित करेगा, बल्कि घरेलू शेयर बाजार, सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities) और विनिर्माण क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत सहारा प्रदान करेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 10:35 pm

गन्ना तौल और रिकवरी में हेराफेरी पर केंद्र का कड़ा चाबुक: 1 हफ्ते में बनेगी उच्चस्तरीय समिति, डिजिटल वे-ब्रिज और GPS ट्रैकिंग से रुकेगी चीनी मिलों की मनमानी

अक्टूबर महीने में नए चीनी पेराई सत्र (Sugar Crushing Season 2026-27) के आगाज के साथ ही गन्ना किसानों के सबसे बड़े दर्द पर केंद्र सरकार ने निर्णायक कदम उठाया है। देश के प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों—उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा और पंजाब के किसानों द्वारा लंबे समय से यह शिकायत की जा रही थी कि चीनी मिलों और गन्ना क्रय केंद्रों (Purchase Centers) पर धर्मकांटों की तौल में भारी घटतौली (कम वजन तौलना) की जाती है और प्रयोगशालाओं में चीनी की वास्तविक रिकवरी दर (Sugar Recovery Rate) को जानबूझकर घटाकर दिखाया जाता है। इस गंभीर समस्या पर कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि एक सप्ताह के भीतर एक उच्चस्तरीय समिति (High-Level Committee) का गठन किया जाएगा, जो तौल व रिकवरी में पारदर्शिता लाने के लिए राष्ट्रव्यापी तकनीकी मानक और जवाबदेही तय करेगी।तौल और रिकवरी में धांधली: कैसे होता था किसानों का आर्थिक नुकसान?गन्ना किसानों की आमदनी सीधे तौर पर दो मुख्य कारकों पर निर्भर करती है—गन्ने का कुल वजन और उसमें से निकलने वाले रस की चीनी रिकवरी दर:धर्मकांटों पर घटतौली: ग्रामीण क्रय केंद्रों पर मैनुअल या अन-कैलिब्रेटेड इलेक्ट्रॉनिक कांटों में छेड़छाड़ कर प्रति ट्रॉली या ट्रक 1 से 3 क्विंटल तक वजन कम आंकने के आरोप लगते रहे हैं। इससे पूरे सीजन में प्रति किसान हजारों रुपये का सीधा नुकसान होता था।चीनी रिकवरी में हेराफेरी: केंद्र सरकार द्वारा घोषित उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) 10.25% की बेसिक रिकवरी दर से जुड़ा होता है। यदि मिल में रिकवरी 10.25% से अधिक आती है, तो किसान को प्रति 0.1% की बढ़ोतरी पर अतिरिक्त प्रीमियम मिलना तय होता है। कई निजी चीनी मिलें कागजों पर रिकवरी दर को जानबूझकर 9.5% या 10% के आसपास सीमित दिखा देती थीं, जिससे किसानों को उनके वाजिब प्रीमियम भुगतान से वंचित कर दिया जाता था।केंद्र सरकार की कार्ययोजना: इन 4 बड़े सुधारों पर काम करेगी उच्चस्तरीय समितिकेंद्रीय मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार, बनने वाली समिति राज्य सरकारों, भारतीय चीनी मिल संघ (ISMA), किसान संगठनों और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ मिलकर निम्नलिखित कड़े कदम लागू कराएगी:डिजिटल एवं क्लाउड-कनेक्टेड वे-ब्रिज (Digital Weighbridges): सभी चीनी मिलों और बाह्य गन्ना क्रय केंद्रों पर ऑटोमैटिक इलेक्ट्रॉनिक कांटे लगाए जाएंगे, जिनका डेटा सीधे राज्य गन्ना विभाग और केंद्रीय पोर्टल के सर्वर पर रियल-टाइम अपलोड होगा। वजन दर्ज होते ही किसान के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर तत्काल एसएमएस पर्ची (Digital Slip) जाएगी।सीसीटीवी निगरानी और थर्ड-पार्टी लैब टेस्टिंग: मिलों में रिकवरी जांचने वाली प्रयोगशालाओं की जांच अब थर्ड-पार्टी नेशनल लैब्स या सरकारी पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में होगी, जिससे मिल मालिक मनमाने आंकड़े दर्ज न कर सकें।औचक निरीक्षण और सीलिंग: नाप-तौल विभाग (Legal Metrology) की विशेष टीमें पेराई सत्र के दौरान कभी भी कांटों की औचक जांच (Surprise Inspection) करेंगी। किसी भी कांटे में 100 ग्राम की भी गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित केंद्र व्यवस्थापक और मिल प्रबंधन पर सीधे आपराधिक मुकदमा दर्ज होगा।सख्त पेनल्टी और लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान: घटतौली या रिकवरी छिपाने की पुष्टि होने पर मिलों पर भारी वित्तीय जुर्माना लगाने और उनका पेराई लाइसेंस निलंबित करने के कड़े नियम शामिल किए जाएंगे।किसानों के लिए क्यों है यह ऐतिहासिक राहत?भारत में लगभग 5 करोड़ किसान परिवार सीधे तौर पर गन्ना की खेती से जुड़े हैं। पेराई सत्र 2026-27 के लिए जहां केंद्र सरकार ने ₹365 प्रति क्विंटल का ऐतिहासिक एफआरपी (Fair and Remunerative Price) तय किया है, वहीं छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों ने हाल ही में राज्य दर बढ़ाकर ₹425 प्रति क्विंटल कर दी है। ऐसे में यदि तौल और रिकवरी दोनों शत-प्रतिशत पारदर्शी हो जाती हैं, तो किसानों को उनकी खून-पसीने की उपज का एक-एक पैसा पूरा मिलेगा।मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के किसान प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार के इस त्वरित कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि तकनीक आधारित ऑटोमेशन और सीसीटीवी निगरानी से दशकों पुरानी घटतौली की प्रथा पर पूर्ण विराम लगेगा और अन्नदाता को बिचौलियों व मिल प्रबंधकों के शोषण से वास्तविक मुक्ति मिल सकेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 10:34 pm

Bijapur में 35 लाख के 6 इनामी Maoists ने किया सरेंडर, पुनर्वास नीति से हुए प्रभावित

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में तीन महिलाओं समेत छह माओवादियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। इन माओवादियों पर कुल 35 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि एक अन्य घटना में सुरक्षाबलों ने पड़ोसी सुकमा जिले में माओवादियों के एक ठिकाने से हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक बरामद किए हैं। बीजापुर जिले के पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले छह माओवादियों में से चार पड़ोसी राज्य ओडिशा में सक्रिय थे। गुप्ता ने कहा कि ये माओवादी छत्तीसगढ़ सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति तथा बीजापुर में लागू की जा रही पुनर्वास पहलों से प्रभावित थे। उन्होंने बताया कि माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने के कई कारण बताए हैं। इनमें सुरक्षाबलों का बढ़ता प्रभाव, प्रतिबंधित संगठन का कमजोर होता संगठनात्मक ढांचा, संगठन की हिंसक और जनविरोधी विचारधारा से मोहभंग, पूर्व माओवादियों का सफल पुनर्वास और आदिवासी क्षेत्रों में तेजी से हो रहा विकास शामिल हैं। अधिकारी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में रानी सोढ़ी उर्फ संध्या (30), उनके पति संतोष कुडियम उर्फ सुक्कु (27) और पांडो पोडियम उर्फ सस्मिता (28) शामिल हैं। ये तीनों ओडिशा राज्य इकाई की कंपनी नंबर आठ में प्लाटून पार्टी कमेटी सदस्य (पीपीसीएम) के रूप में सक्रिय थे। इन सभी पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम घोषित था। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ इकाई की कंपनी नंबर दो में पीपीसीएम के रूप में सक्रिय रहे कोसा माडवी (30) पर भी आठ लाख रुपये का इनाम था। वहीं, ओडिशा राज्य इकाई में पार्टी सदस्य रहे देवे माडकम उर्फ जन्नी (22) पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बीजापुर के गंगालूर इलाके में पार्टी सदस्य के रूप में सक्रिय रहे लालू ताती (25) पर एक लाख रुपये का इनाम था। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादी बस्तर क्षेत्र के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं। उन पर छत्तीसगढ़ और ओडिशा में सुरक्षाबलों पर हुए कई हमलों में शामिल होने का आरोप है। पुलिस ने बताया कि पुनर्वास नीति के तहत उन्हें नयी जिंदगी शुरू करने और समाज में फिर से घुलने-मिलने में मदद के लिए आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, आवास और शिक्षा की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा, उन्हें अपना काम शुरू करने या नौकरी पाने में भी मदद की जाएगी। पुलिस ने बताया कि एक अन्य घटना में सुरक्षाबलों ने सोमवार को सुकमा जिले के किस्टाराम क्षेत्र के पालाचलमा जंगल से माओवादियों द्वारा पहले छिपाकर रखे गए हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक बरामद किए। अधिकारियों के अनुसार, पूर्व में आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर जिला पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और बस्तर फाइटर्स के संयुक्त दल ने क्षेत्र में अभियान शुरू किया था। पुलिस ने बताया कि सोमवार सुबह तलाशी के दौरान दल को माओवादियों द्वारा पहले छिपाकर रखे गए हथियारों और अन्य सामान का जखीरा मिला। बरामद सामान में दो .303 राइफल, एक सिंगल-शॉट बंदूक, चार बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (बीजीएल), तीन 12-बोर राइफल, दो भरमार बंदूक और अन्य सामान शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि इस साल 31 मार्च को छत्तीसगढ़ को हथियारबंद माओवादियों की मौजूदगी से मुक्त घोषित किए जाने के बाद से सुरक्षाबलों ने माओवादियों द्वारा छिपाए गए हथियारों, गोला-बारूद, विस्फोटकों और अन्य सामान का पता लगाने के लिए सुकमा समेत बस्तर क्षेत्र के सात जिलों में तलाशी अभियान तेज कर दिया है।

प्रभासाक्षी 12 Oct 2026 10:33 pm

MP में मरीज की मां से लगवाया झाड़ू... दमोह जिला अस्पताल का वीडियो

Damoh Hospital Viral Video: दमोह जिला अस्पताल में मरीज की मां से फर्श और स्टूल साफ कराने का वीडियो वायरल. नर्सिंग स्टाफ पर लगे गंभीर आरोप. अस्पताल प्रबंधन ने बताया वीडियो पुराना. पढ़ें पूरी खबर...

आज तक 12 Oct 2026 10:32 pm

'कांग्रेस विदेशी ताकतों के इशारे पर कर रही काम', सीएम हिमंता का आरोप

असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा ने राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी विदेशी ताकतों के इशारे पर काम कर रही है. सीएम शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को देश के मुख्य संवैधानिक संस्थानों से नफरत हो चुकी है. उनका मानना है कि राहुल गांधी और कांग्रेस को भारत के चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और संसद जैसी सर्वोच्च संस्थाओं पर बिल्कुल भरोसा नहीं है और वे इनसे नफरत करते हैं. इसके अलावा, असम के मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस और राहुल गांधी को देश के युवाओं से भी नफरत है.

आज तक 12 Oct 2026 10:32 pm

बिहार में औद्योगिक विकास को रफ्तार देने की तैयारी, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने किया मेगा लेदर पार्क का निरीक्षण

बिहार मेगा लेदर पार्क और कुमारबाग में सड़क, बिजली और पानी के सुधारों को तेज कर रहा है ताकि निवेश आकर्षित किया जा सके

वन इंडिया 12 Oct 2026 10:31 pm

'अगर संविधान वादा है, तो आयोग उसके रखवालों में से एक', NHRC के 33वें स्थापना दिवस पर बोले CJI सूर्यकांत

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने NHRC के 33वें स्थापना दिवस पर कहा कि आयोग पीड़ितों के लिए एक भरोसेमंद ठिकाना और संविधान का रखवाला है, जो सबसे कमजोर लोगों की आवाज बनता है।

जागरण 12 Oct 2026 10:30 pm

'आज कहां थे लड़कियों को पीटने वाले...', राहुल गांधी ने मार्च के बाद उठाए सवाल, VIDEO

राहुल गांधी ने इंडिया ब्लॉक के नेताओं के साथ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला और SIR के खिलाफ याचिका दायर की. इस मार्च के दौरान जनसैलाब उमड़ा और विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों ने नारे लगाकर समर्थन जताया.

आज तक 12 Oct 2026 10:28 pm

जमीन के नीचे 100 किलो सोना दबे होने का दिया लालच, फिर हड़प ली जमीन, 20 लाख रुपये से ज्यादा खर्च भी करा दिए

उत्तराखंड के खटीमा में 100 किलो सोने का लालच देकर जमीन हड़पने की साजिश का मामला सामने आया है। इस मामले में नौ लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इस घटना ने सभी को हैरान कर दिया है।

खबर इंडिया टीवी 12 Oct 2026 10:27 pm

क्या ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शनों की झड़ी के बाद राहुल गांधी को विपक्ष मानेगा अपना लीडर?

राहुल गांधी के लिए यह साल रीलॉन्च या फिर कहें कि इमेज मेकओवर का रहा है. तमिलनाडु में चुनाव हुए तो डीएमके सत्ता से ही बाहर हो गई और टीवीके के साथ कांग्रेस सरकार में बनी हुई है.

NDTV इंडिया 12 Oct 2026 10:27 pm

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास औद्योगिक महाविस्फोट: यीडा क्षेत्र में लगेंगी 25 नई इकाइयां

उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) के आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश को नई गति प्रदान की है। यीडा द्वारा आयोजित उच्चस्तरीय भूखंड आवंटन समिति की समीक्षा बैठक के बाद विभिन्न सेक्टरों में 25 बड़े राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय औद्योगिक समूहों को जमीन का आवंटन स्वीकृत कर दिया गया है। इन परियोजनाओं के जरिए क्षेत्र में कुल 3,155.67 करोड़ रुपये का भारी-भरकम पूंजी निवेश धरातल पर उतरेगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन नई औद्योगिक इकाइयों के पूरी तरह चालू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के स्थानीय युवाओं के लिए 9,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार (Direct & Indirect Jobs) के नए अवसर पैदा होंगे। जेवर एयरपोर्ट के आगामी कॉमर्शियल ऑपरेशन से ठीक पहले यह आवंटन यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को देश का सबसे आधुनिक विनिर्माण हब बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो रहा है।किन सेक्टरों में होगा निवेश: डेटा सेंटर, ईवी कंपोनेंट्स और सेमीकंडक्टर का जलवाप्राधिकरण द्वारा जिन 25 कंपनियों को भूखंड दिए गए हैं, वे उच्च तकनीक और आधुनिक विनिर्माण क्षेत्रों से जुड़ी हुई हैं। मुख्य रूप से सेक्टर 28, 29, 32 और 33 में इन इकाइयों की स्थापना की जाएगी:डेटा सेंटर और आईटी हार्डवेयर: डिजिटल इंडिया और क्लाउड कंप्यूटिंग की बढ़ती मांग को देखते हुए दो प्रमुख टेक्नोलॉजी फर्म्स लगभग ₹1,200 करोड़ के निवेश से अत्याधुनिक ग्रीन डेटा सेंटर पार्क स्थापित करने जा रही हैं।इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और बैटरी कंपोनेंट्स: प्रदूषण-मुक्त वाहनों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए ईवी चार्जर निर्माण, लिथियम-आयन बैटरी पैक असेंबली और मोटर कंट्रोल यूनिट बनाने वाली इकाइयों को प्राथमिकता दी गई है।इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर सपोर्ट इंडस्ट्री: सेमीकंडक्टर चिप पैकेजिंग, डिस्प्ले यूनिट्स, प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) और मोबाइल कंपोनेंट्स बनाने वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को बड़े भूखंड आवंटित किए गए हैं।पैकेजिंग, फार्मा और प्रिसिजन इंजीनियरिंग: आधुनिक मेडिकल डिवाइसेज और वैश्विक निर्यात-उन्मुख ऑटोमोबाइल पुर्जे तैयार करने वाली फैक्ट्रियों के लिए भी स्थान निर्धारित किया गया है।जेवर एयरपोर्ट और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी बनी निवेशकों की पहली पसंदकंपनियों द्वारा यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को चुने जाने के पीछे सबसे बड़ा कारण यहां का विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा और रणनीतिक भौगोलिक स्थिति है:एयरपोर्ट से जीरो-डिस्टेंस लॉजिस्टिक्स: जेवर एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल से सीधे जुड़ने के कारण कंपनियों को वैश्विक बाजारों में अपने उत्पाद चंद घंटों के भीतर निर्यात करने की सुविधा मिलेगी।मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क: ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE), दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे लिंक, यमुना एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित रैपिड रेल (RRTS) व पॉड टैक्सी कॉरिडोर ने इस पूरे इलाके को दिल्ली-एनसीआर के किसी भी कोने से मात्र 40 से 60 मिनट की दूरी पर ला खड़ा किया है।डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC): पास ही स्थित दादरी और बोड़ाकी मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब के जरिए मालगाड़ियों से बंदरगाहों तक कच्चा माल और तैयार उत्पाद पहुंचाना बेहद सस्ता और सुगम हो गया है।स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता और सख्त निर्माण समयसीमायीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि केवल जमीन घेरकर बैठने की पुरानी कार्यप्रणाली को अब पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है:स्थानीय रोजगार नियम: कंपनियों के साथ हुए समझौते के तहत स्थानीय कुशल, अर्ध-कुशल और डिप्लोमा धारक युवाओं को तकनीकी व गैर-तकनीकी पदों पर रोजगार में वरीयता देनी होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधा संबल मिलेगा।समयबद्ध निर्माण की गारंटी: सभी 25 कंपनियों को लीज डीड निष्पादित होने के 24 से 36 महीनों के भीतर अपनी फैक्ट्री का निर्माण पूरा कर उत्पादन शुरू करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय में काम शुरू न करने पर भारी पेनाल्टी लगाने और आवंटन निरस्त करने का प्रावधान किया गया है।सिंगल विंडो क्लीयरेंस 'निवेश मित्र': कंपनियों को प्रदूषण नियंत्रण, अग्निशमन, बिजली और जल आपूर्ति से जुड़े सभी आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि लालफीताशाही के कारण कोई प्रोजेक्ट न लटके।उत्तर प्रदेश बना ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग का नया पावरहाउसजेवर एयरपोर्ट के इर्द-गिर्द आकार ले रहा यह मेगा इंडस्ट्रियल हब केवल गौतमबुद्ध नगर तक सीमित न रहकर बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा और आगरा तक के पूरे आर्थिक गलियारे को नई ऊर्जा दे रहा है। रियल एस्टेट और उद्योग जगत के विश्लेषकों का मानना है कि जैसे ही जेवर एयरपोर्ट से उड़ानों का नियमित सिलसिला शुरू होगा, यह क्षेत्र गुरुग्राम और बेंगलुरु की तर्ज पर भारत के सबसे बड़े कॉर्पोरेट और मैन्युफैक्चरिंग सेंटर के रूप में स्थापित हो जाएगा। 25 नई कंपनियों का यह 3,155 करोड़ रुपये का ताजा निवेश इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि वैश्विक मंदी और अनिश्चितता के दौर में भी अंतरराष्ट्रीय व घरेलू निवेशकों का अटूट भरोसा उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, औद्योगिक नीतियों और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) पर लगातार मजबूत हो रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 10:27 pm

नोएडा के सेक्टर 150 स्पोर्ट्स सिटी को मिली नई जिंदगी: अथॉरिटी ने सुप्रीम कोर्ट में दी जानकारी, रिवाइज्ड लेआउट प्लान मंजूर; 10,000+ होमबायर्स को बड़ी राहत

नोएडा के सबसे प्रीमियम और पर्यावरण-अनुकूल माने जाने वाले सेक्टर 150 'स्पोर्ट्स सिटी' (Sports City Project) में अपने आशियाने और रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे 10,000 से अधिक होमबायर्स के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक राहत भरी खबर सामने आई है। नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (Noida Authority) ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में औपचारिक हलफनामा पेश करते हुए जानकारी दी है कि सेक्टर 150 स्पोर्ट्स सिटी के बहुप्रतीक्षित संशोधित लेआउट प्लान (Revised Layout Plan) को आधिकारिक रूप से अंतिम मंजूरी दे दी गई है। सालों से स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में देरी, बिल्डरों की वित्तीय देनदारियों और विनियामक पेचों के कारण इस पूरे 300 एकड़ के सेक्टर में निर्माण कार्यों, कंप्लीशन सर्टिफिकेट (CC) जारी करने और फ्लैटों की रजिस्ट्री पर जो कठोर रोक लगी हुई थी, अब उसके हटने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। शीर्ष अदालत में दाखिल इस जानकारी के बाद एनसीआर के रियल एस्टेट बाजार और परेशान खरीदारों में खुशी की लहर दौड़ गई है।विवाद की पूरी जड़: क्यों लगाई गई थी प्रोजेक्ट्स की रजिस्ट्री और अप्रूवल पर रोक?सेक्टर 150 को मूल रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर की 'स्पोर्ट्स सिटी' के रूप में परिकल्पित किया गया था, जहां मुख्य आवंटियों (कंसोर्टियम लीड्स) को शर्त के तहत कुल भूमि के कम से कम 70 प्रतिशत हिस्से पर विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं—जैसे 9-होल गोल्फ कोर्स, मल्टीपर्पज इंडोर व आउटडोर स्टेडियम, टेनिस कोर्ट, तैराकी परिसर और खेल अकादमियां विकसित करनी थीं। शेष 30 प्रतिशत भूमि पर ही ग्रुप हाउसिंग और कॉमर्शियल निर्माण की अनुमति थी।बिल्डरों द्वारा शर्तों की अनदेखी: मुख्य डेवलपर्स ने खेल सुविधाएं तैयार किए बिना आवासीय फ्लैट्स बनाकर बेचना शुरू कर दिया और अपनी जमीन को दर्जनों छोटे-छोटे बिल्डरों को सब-लीज पर काट दिया।अथॉरिटी की सख्त कार्रवाई: जब कैग (CAG) की रिपोर्ट और आंतरिक ऑडिट में खेल ढांचे के निर्माण में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, तो नोएडा अथॉरिटी ने वर्ष 2021 के आसपास सेक्टर 150 के सभी प्रोजेक्ट्स के नए नक्शे पास करने, ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट देने और रजिस्ट्री कराने पर पूर्ण प्रतिबंध (Ban) लगा दिया था।होमबायर्स का पिसना: इस प्रतिबंध का खामियाजा उन निर्दोष फ्लैट खरीदारों को भुगतना पड़ा, जिन्होंने अपने जीवन भर की गाढ़ी कमाई लगाकर फ्लैट तो बुक करा लिए थे, लेकिन प्रोजेक्ट तैयार होने के बावजूद उन्हें न तो पजेशन मिल पा रहा था और न ही मालिकाना हक यानी रजिस्ट्री हो पा रही थी।सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप और अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों का असरमामला जब इलाहाबाद हाईकोर्ट से होते हुए सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर पहुंचा, तो शीर्ष अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि बिल्डरों और विकास प्राधिकरण के बीच के विवाद में उन खरीदारों को बंधक नहीं बनाया जा सकता जिन्होंने पूरा भुगतान कर दिया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा गठित 'अमिताभ कांत समिति' (Amitabh Kant Committee) की सिफारिशों को लागू करते हुए उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने अटके प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए एक व्यावहारिक नीति तैयार की।संशोधित लेआउट में खेल सुविधाओं का पुनर्संतुलन: नए मंजूर लेआउट प्लान में खेल परिसर की भूमि को व्यावहारिक और चरणबद्ध तरीके से विकसित करने का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया है।जीरो पीरियड का लाभ: कोविड काल और अदालती मुकदमों के दौरान के समय को ब्याज माफी (Zero Period) के तहत समायोजित कर बिल्डरों की देनदारियों का पुनर्गठन किया गया है।25% अग्रिम जमा की शर्त: डेवलपर्स को निर्देश दिया गया है कि वे कुल बकाये का 25 प्रतिशत तुरंत प्राधिकरण में जमा कराएं ताकि उनके प्रोजेक्ट्स में फ्लैटों की उप-पट्टा विलेख (Sub-lease Deed/Registry) तत्काल शुरू कराई जा सके।10,000 से अधिक फ्लैट खरीदारों को क्या होगा सीधा फायदा?संशोधित लेआउट प्लान को सुप्रीम कोर्ट में आधिकारिक मंजूरी मिलने के बाद सेक्टर 150 के लगभग 15 से 20 बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट्स पर इसका सकारात्मक असर तुरंत देखने को मिलेगा:रजिस्ट्री प्रक्रिया का शुभारंभ: जिन सोसायटियों के टावर पूरी तरह बनकर तैयार हैं और खरीदार बिना रजिस्ट्री के रह रहे थे, उनके लिए अब त्रिपक्षीय रजिस्ट्री (Tripartite Registry) कैंप लगाए जा सकेंगे।अटके कंप्लीशन सर्टिफिकेट (OC/CC) जारी होंगे: कई टावर 95% से अधिक पूरे होकर केवल अथॉरिटी के अप्रूवल के अभाव में फंसे थे, उन्हें अब बिजली-पानी के स्थायी कनेक्शन और अधिभोग प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।वित्तीय तरलता और निर्माण में तेजी: रुके हुए प्रोजेक्ट्स में बैंकों से अतिरिक्त फंडिंग और SWAMIH फंड जैसे राहत पैकेजों के रास्ते खुलेंगे, जिससे अधूरे पड़े टावरों का निर्माण कार्य फिर से तेज गति से शुरू हो सकेगा।संपत्ति के मूल्यों में उछाल: रजिस्ट्री पर रोक हटने से सेक्टर 150 की संपत्तियों की रीसेल वैल्यू और बाजार साख में जबरदस्त सुधार देखने को मिलेगा।अंतरराष्ट्रीय खेल सुविधाओं के निर्माण के लिए सख्त समयसीमाअथॉरिटी ने शीर्ष अदालत को यह भी आश्वस्त किया है कि संशोधित लेआउट पास करने का मतलब मूल स्पोर्ट्स सिटी के विजन से समझौता करना बिल्कुल नहीं है। डेवलपर्स को निर्धारित समयसीमा (Time-Bound Timeline) के भीतर गोल्फ कोर्स, स्पोर्ट्स क्लब और स्टेडियम के निर्माण की गारंटी देनी होगी। इसके लिए बिल्डरों से बैंक गारंटी और एस्क्रो अकाउंट (Escrow Account) के जरिए निगरानी रखी जाएगी ताकि खेल ढांचे के नाम पर आवंटित जमीन का कोई अन्य व्यावसायिक दुरुपयोग न हो सके। सेक्टर 150 स्पोर्ट्स सिटी के इस गतिरोध का टूटना न केवल नोएडा के रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर है, बल्कि यह उन हजारों मध्यमवर्गीय परिवारों की सबसे बड़ी कानूनी और नैतिक जीत है जो अपने सपनों के घर का कानूनी मालिकाना हक पाने के लिए वर्षों से दर-दर भटक रहे थे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 10:25 pm

हैकरों ने फ्रांस के सैंकड़ों सुपरमार्केट के फ़्रिज को गर्म कर आग लगा दिया और खाने-पीने का सामान बर्बाद हो गया

सरकारी वकील के दफ्तर ने कहा कि फ्रांस अपने यूरोपीय सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहा है, क्योंकि दूसरे देश भी इससे प्रभावित हो सकते हैं.

NDTV इंडिया 12 Oct 2026 10:24 pm

त्योहारी सीजन में बैंक जाने से पहले चेक करें कैलेंडर: इस हफ्ते कई राज्यों में बंद रहेंगे बैंक, देखें RBI की छुट्टियों की राज्यवार लिस्ट

शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व के साथ ही अक्टूबर महीने में त्योहारी चहल-पहल चरम पर पहुंच चुकी है। त्योहारी सीजन के चलते यदि आपका इस हफ्ते बैंक शाखा जाकर चेक क्लीयरेंस, ड्राफ्ट बनवाने, केवाईसी अपडेट या नकद लेनदेन से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो घर से निकलने से पहले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का आधिकारिक हॉलिडे कैलेंडर जरूर जांच लें। रिजर्व बैंक द्वारा 'नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट' के तहत जारी अवकाश सूची के अनुसार, इस सप्ताह के अंत में महासप्तमी (दुर्गा पूजा) और साप्ताहिक रविवार के चलते कई प्रमुख राज्यों में बैंक शाखाओं में सामान्य कामकाज पूरी तरह बंद रहेगा। हालांकि डिजिटल भुगतान, एटीएम और मोबाइल बैंकिंग सेवाएं निर्बाध रूप से चालू रहेंगी।इस हफ्ते किस-किस दिन बंद रहेंगे बैंक: तारीखवार पूरा ब्योराभारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इस चालू सप्ताह (12 अक्टूबर से 18 अक्टूबर) के दौरान बैंकों की छुट्टियों का विवरण इस प्रकार है:12 से 16 अक्टूबर (सोमवार से शुक्रवार): इन पांच दिनों में देश भर के सभी राष्ट्रीयकृत, निजी और सहकारी बैंकों की शाखाएं नियमित रूप से खुली रहेंगी और सामान्य बैंकिंग कामकाज चलेगा।17 अक्टूबर (शनिवार) - महासप्तमी / दुर्गा पूजा: इस दिन पश्चिम बंगाल (कोलकाता), त्रिपुरा (अगरतला), असम (गुवाहाटी), सिक्किम (गंगटोक), ओडिशा (भुवनेश्वर), बिहार (पटना), झारखंड (रांची), अरुणाचल प्रदेश (ईटानगर) और मेघालय (शिलांग) समेत पूर्वी व पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में दुर्गा पूजा (महासप्तमी) के उपलक्ष्य में बैंकों में अवकाश रहेगा। चूंकि यह महीने का तीसरा शनिवार है, इसलिए जिन राज्यों में स्थानीय त्योहार की छुट्टी अधिसूचित नहीं है (जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र आदि), वहां बैंक सामान्य रूप से खुले रहेंगे।18 अक्टूबर (रविवार) - साप्ताहिक अवकाश / महाअष्टमी: रविवार होने के कारण देश भर के सभी सरकारी और प्राइवेट बैंक पूरी तरह बंद रहेंगे। इसी दिन महाअष्टमी का पावन पर्व भी मनाया जाएगा।अगले हफ्ते भी रहेगी लंबी छुट्टियों की झड़ी: विजयादशमी और दशहरा का असरइस हफ्ते के तुरंत बाद आने वाला हफ्ता बैंकिंग कामकाज के लिहाज से और भी छोटा रहने वाला है। 19 अक्टूबर को महानवमी/आयुध पूजा और 20 अक्टूबर को विजयादशमी (दशहरा) के चलते दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और लखनऊ समेत देश के अधिकांश हिस्सों में बैंकों में लगातार 2 से 3 दिनों तक अवकाश रहेगा। इसके अलावा 24 अक्टूबर को महीने का चौथा शनिवार होने के कारण भी बैंक बंद रहेंगे। इसलिए ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि अपने बड़े वित्तीय लेनदेन और कागजी काम समय रहते निपटा लें।शाखाएं बंद रहने पर भी चालू रहेंगी ये डिजिटल सुविधाएंबैंक शाखाओं के बंद रहने का असर आपकी आपातकालीन डिजिटल जरूरतों पर नहीं पड़ेगा:एटीएम और कैश रीसाइक्लर मशीनें: नकदी निकालने और जमा करने के लिए सभी एटीएम (ATMs) और सीडीएम मशीनें 24 घंटे काम करती रहेंगी।यूपीआई और आईएमपीएस: गूगल पे, फोनपे, पेटीएम और भीम यूपीआई के जरिए तात्कालिक फंड ट्रांसफर सेवाएं बिना रुकावट चालू रहेंगी।नेट बैंकिंग और मोबाइल ऐप: एनईएफटी (NEFT), आरटीजीएस (RTGS) और बिल पेमेंट्स जैसी ऑनलाइन सेवाएं 24x7 उपलब्ध रहेंगी।चेक क्लीयरेंस में देरी: जिन राज्यों में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी, वहां चेक क्लीयरेंस और ड्राफ्ट बनने की प्रक्रिया अगले कार्यदिवस तक टल सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 10:24 pm

राहुल की मांग पर CM हिमंत बिस्व सरमा की हुंकार: मैं बैलेट पेपर से चुनाव को तैयार; पर कांग्रेस को दे दी बड़ी टेंशन

हिमंत बिस्वा सरमा ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर राहुल गांधी और कांग्रेस अपनी सरकारों के इस्तीफे के लिए तैयार हैं, तो मैं मतपत्रों के जरिए चुनाव लड़ने को तैयार हूं।

लाइव हिन्दुस्तान 12 Oct 2026 10:23 pm

महंगाई की तपिश से फिर घबराया बाजार: क्या RBI को रेपो रेट में करनी पड़ेगी 1-1.5% की भारी बढ़ोतरी? जानिए होम लोन EMI और आपकी जेब पर असर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में तेजी और घरेलू स्तर पर खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर में आए उछाल ने केंद्रीय बैंक और वित्तीय विश्लेषकों की पेशानी पर बल ला दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने हाल ही में दरों में 25 आधार अंकों (bps) की वृद्धि कर रेपो रेट को 5.50% पर पहुंचाते हुए अपने रुख को 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' (Calibrated Tightening) में बदल दिया है। हालांकि, ब्रोकरेज हाउसों, वैश्विक रेटिंग एजेंसियों और अर्थशास्त्रियों की ताजा रिपोर्टों में यह आशंका जताई जा रही है कि यदि भू-राजनीतिक तनावों के चलते कच्चे तेल के भाव ऊंचे बने रहे और खुदरा मुद्रास्फीति (CPI Inflation) 6% के ऊपरी सहनशीलता बैंड (Upper Tolerance Band) को पार कर गई, तो केंद्रीय बैंक को महंगाई पर काबू पाने के लिए आने वाले समय में कुल मिलाकर 100 से 150 आधार अंकों (1 से 1.5%) तक की संचयी (Cumulative) ब्याज दर बढ़ोतरी का कड़ा कदम उठाना पड़ सकता है।रेपो रेट और महंगाई का चक्र: जब बढ़ती हैं दरें तो कैसे काबू में आती है महंगाई?आम उपभोक्ताओं के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि महंगाई बढ़ने पर रिजर्व बैंक ब्याज दरें क्यों बढ़ाता है। अर्थशास्त्र के स्थापित नियमों के अनुसार, रेपो रेट वह दर होती है जिस पर वाणिज्यिक बैंक आरबीआई से अल्पकालिक ऋण लेते हैं:कर्ज महंगा होने से मांग पर नियंत्रण: जब आरबीआई रेपो रेट बढ़ाता है, तो बैंकों के लिए फंड जुटाने की लागत बढ़ जाती है। इसके परिणामस्वरूप बैंक होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरों में सीधे इजाफा करते हैं।उपभोग और खर्च में सुस्ती: उधारी महंगी होने से बाजार में नकदी (Liquidity) का प्रवाह घटता है। लोग गैर-जरूरी खर्चों को टालते हैं और बचत को प्राथमिकता देते हैं, जिससे कुल मांग (Aggregate Demand) घटती है और विक्रेताओं को कीमतें स्थिर या कम करने पर मजबूर होना पड़ता है।मुद्रा को मजबूती: ऊंची घरेलू ब्याज दरें विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) को आकर्षित करती हैं, जिससे अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये को मजबूती मिलती है और आयातित वस्तुओं (विशेषकर क्रूड ऑयल) की लागत कम होती है।यदि 1% से 1.5% बढ़ा रेपो रेट, तो होम लोन की EMI पर कितना पड़ेगा बोझ?आरबीआई के नियमों के अनुसार अधिकांश खुदरा फ्लोटिंग-रेट लोन सीधे 'एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट' (EBLR/RLLR) यानी रेपो रेट से जुड़े होते हैं। यदि भविष्य में दरों में 100 से 150 आधार अंकों (1% से 1.5%) की सीधी वृद्धि होती है, तो इसका सीधा असर मासिक किस्त (EMI) पर पड़ेगा:लोन की मूल राशि (Loan Amount)मौजूदा ब्याज दर (8.50%)1% बढ़ोतरी के बाद (9.50%)1.5% बढ़ोतरी के बाद (10.00%)मासिक EMI में कुल अतिरिक्त बोझ₹30 लाख (20 वर्ष अवधि)₹26,035₹27,964₹28,951+₹1,929 से +₹2,916 प्रति माह₹50 लाख (20 वर्ष अवधि)₹43,391₹46,607₹48,251+₹3,216 से +₹4,860 प्रति माह₹75 लाख (20 वर्ष अवधि)₹65,087₹69,910₹72,377+₹4,823 से +₹7,290 प्रति माहदीर्घकालिक होम लोन में 1.5% की वृद्धि का अर्थ यह होता है कि 20 साल के पूरे कर्ज चक्र में एक ऋणी को ₹50 लाख के लोन पर 11 लाख रुपये से अधिक का अतिरिक्त ब्याज चुकाना पड़ सकता है या उसके लोन की अवधि (Tenure) कई वर्षों के लिए बढ़ सकती है।जमाकर्ताओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए चांदी: फिक्स्ड डिपॉजिट पर बढ़ेंगे रिटर्नब्याज दरें बढ़ने का प्रभाव हर वर्ग के लिए नकारात्मक नहीं होता। जहां कर्जदारों की जेब ढीली होती है, वहीं बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और आवर्ती जमा (RD) करने वाले रूढ़िवादी निवेशकों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनभोगियों के लिए यह राहत भरी खबर होती है:बैंक एफडी पर 8% से अधिक रिटर्न संभव: वर्तमान में अधिकांश प्रमुख बैंक 1 से 3 वर्ष की एफडी पर 6.75% से 7.25% तक ब्याज दे रहे हैं। यदि रेपो रेट में 1% से 1.5% की और बढ़ोतरी होती है, तो बैंकों को जमा जुटाने के लिए एफडी दरों को बढ़ाकर 7.75% से 8.25% (वरिष्ठ नागरिकों के लिए 8.75% तक) करना पड़ सकता है।सुरक्षित बचत को प्रोत्साहन: शेयर बाजार में बढ़ती अस्थिरता के दौर में ऊंचे एफडी रेट्स निवेशकों को बिना जोखिम उठाए निश्चित और स्थिर रिटर्न अर्जित करने का शानदार अवसर प्रदान करते हैं।आर्थिक विकास बनाम महंगाई नियंत्रण: RBI के सामने दोहरी चुनौतीहालांकि 1 से 1.5% की आक्रामक ब्याज दर बढ़ोतरी का निर्णय केंद्रीय बैंक के लिए इतना आसान नहीं होगा। यदि आरबीआई दरों में बहुत तेजी से वृद्धि करता है, तो इसका सीधा नकारात्मक असर देश की आर्थिक विकास दर (GDP Growth) पर पड़ सकता है:कॉरपोरेट कैपेक्स पर ब्रेक: महंगी उधारी के कारण कंपनियां नए कारखाने लगाने और विस्तार योजनाओं (Capital Expenditure) को टालने लगती हैं, जिससे नए रोजगार सृजन की रफ्तार धीमी हो सकती है।ऑटो और रियल एस्टेट सेक्टर प्रभावित: आवास और वाहनों की बिक्री सीधे तौर पर सस्ती फाइनेंसिंग पर निर्भर करती है। ब्याज दरें दोहरे अंकों (10%+) के करीब पहुंचने पर इन दोनों प्रमुख क्षेत्रों में मांग घटने का जोखिम रहता है।संतुलित रास्ता ही विकल्प: अधिकांश अर्थशास्त्रियों का मानना है कि केंद्रीय बैंक अचानक एक साथ 1-1.5% की बढ़ोतरी करने के बजाय आर्थिक आंकड़ों (CPI मुद्रास्फीति और कच्चे तेल के स्तर) की कड़ी निगरानी करेगा। यदि वैश्विक स्तर पर कमोडिटी के भाव संभलते हैं, तो आरबीआई आक्रामक दरों में वृद्धि के बजाय अल्पकालिक विराम (Pause) का रुख भी अपना सकता है। आने वाली तिमाहियों के आंकड़े ही तय करेंगे कि भारत में ब्याज दरों का चक्र किस ऊंचाई तक पहुंचेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 10:22 pm

वो रोया, गिड़गिड़ाया और मदद के लिए पकड़े पैर... बदमाश करते रहे वार

Deoli Tonk Knife Attack: टोंक के देवली में दिनदहाड़े आइसक्रीम पार्लर पर युवक पर चाकू से हमला. पार्लर संचालक के पैर पकड़कर बचाता रहा जान, तमाशा देखते रहे लोग. सीसीटीवी में कैद वारदात, पुलिस जांच में जुटी...

आज तक 12 Oct 2026 10:21 pm

पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले 13 लाख वोट कटे, SIR की फाइनल वोटर लिस्ट जारी

पंजाब की अंतिम मतदाता सूची जारी हो गई है. SIR से पहले के मुकाबले अंतिम सूची में 13.60 लाख से ज्यादा मतदाता कम हुए हैं, यानी 6.33 फीसदी की कमी आई है. हालांकि, 13 अगस्त को जारी ड्राफ्ट सूची के मुकाबले अंतिम मतदाता सूची में 3.64 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

आज तक 12 Oct 2026 10:20 pm

सुप्रीम कोर्ट से पंजाब के सीएम के ओएसडी को राहत, गिरफ्तारी पर रोक

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) राजबीर सिंह घुम्मन को अंतरिम राहत देते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज मामले में उनके खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है। यह मामला कथित भ्रष्टाचार और सरकारी फैसलों को प्रभावित करने के लिए पैसे […]

तहलका 12 Oct 2026 10:20 pm

पहले भारत का प्रोजेक्ट रद्द, अब चीन से करोड़ों का कर्ज... बांग्लादेश का क्या है प्लान?

बांग्लादेश ने चीन से 335.78 मिलियन डॉलर का कर्ज लेने का समझौता किया है. इस पैसे से मोंगला पोर्ट का विस्तार होगा, लेकिन भारत के करीब चीन की बढ़ती मौजूदगी ने इस डील को अहम बना दिया है.

आज तक 12 Oct 2026 10:20 pm

EPFO वेज सीलिंग ₹25,000 होने से अब मिलेगी ₹12,500 तक मासिक पेंशन? जानिए EPS-95 के नए नियम, फॉर्मूला और किसे मिलेगा सीधा फायदा

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सब्सक्राइबर्स और संगठित क्षेत्र के करोड़ों कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार का श्रम एवं रोजगार मंत्रालय बड़ा नीतिगत बदलाव लागू कर चुका है। केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी और आधिकारिक अधिसूचना के बाद ईपीएफओ की अनिवार्य वैधानिक मजदूरी सीमा (Wage Ceiling) को ₹15,000 प्रति माह से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह कर दिया गया है। वर्ष 2014 के बाद यानी करीब 12 वर्षों के लंबे अंतराल पर हुई इस वृद्धि से 50 लाख से अधिक नए कर्मचारी अनिवार्य ईपीएफ और कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-95) के दायरे में आ चुके हैं। मजदूरी सीमा में हुई ₹10,000 की इस बढ़ोतरी का सबसे सीधा और बड़ा असर कर्मचारियों की भविष्य की पेंशन सुरक्षा पर पड़ा है। वित्तीय विश्लेषण और आधिकारिक फॉर्मूले के आधार पर अब अधिकतम पेंशन कैप ₹7,500 से बढ़कर सीधे ₹12,500 प्रति माह तक पहुंच सकती है।₹12,500 पेंशन का पूरा गणित: कैसे तय होता है EPS का भुगतान?कर्मचारी पेंशन योजना (EPS 1995) के अंतर्गत किसी भी कर्मचारी की मासिक पेंशन का निर्धारण एक निश्चित वैधानिक फॉर्मूले के आधार पर किया जाता है:$$ ext{मासिक पेंशन} = frac{ ext{पेंशन योग्य वेतन (Pensionable Salary)} imes ext{पेंशन योग्य सेवा अवधि (Pensionable Service)}}{70}$$इस फॉर्मूले के आधार पर पुरानी और नई व्यवस्था का तुलनात्मक अंतर इस प्रकार है:विवरण (Parameter)पुरानी व्यवस्था (Old Cap)नई व्यवस्था (New Cap)बदलाव (Impact)अधिकतम पेंशन योग्य वेतन₹15,000 प्रति माह₹25,000 प्रति माह+₹10,000 की बढ़ोतरीनियोक्ता का EPS अंशदान (8.33%)अधिकतम ₹1,250अधिकतम ₹2,083+₹833 प्रति माह की वृद्धिनियोक्ता का EPF अंशदान (3.67%)₹550₹918पीएफ बैलेंस में वृद्धिअधिकतम सेवा अवधि (पूर्ण करियर)35 वर्ष35 वर्षसमानअधिकतम मासिक पेंशन₹7,500 प्रति माह₹12,500 प्रति माह66.7% की भारी वृद्धिइस प्रकार, यदि कोई कर्मचारी नई वेज सीलिंग (₹25,000) के तहत पूरे 35 वर्ष तक अंशदान करता है, तो फॉर्मूले $frac{25000 imes 35}{70}$ के तहत उसकी मासिक पेंशन ठीक ₹12,500 बनेगी।क्या सभी को तुरंत मिलेगी ₹12,500 पेंशन? 2 महत्वपूर्ण शर्तें और कैविएटसोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच यह स्पष्ट समझना जरूरी है कि ₹12,500 की पेंशन हर मौजूदा रिटायर्ड या सेवारत कर्मचारी को तुरंत नहीं मिलने लगेगी। इसके पीछे दो तकनीकी नियम काम करते हैं:अंतिम 60 महीनों के औसत वेतन का नियम: ईपीएस नियमों के तहत पेंशन की गणना रिटायरमेंट से ठीक पहले के अंतिम 60 महीनों (5 साल) के औसत बेसिक वेतन के आधार पर होती है। चूंकि नया नियम हाल ही में लागू हुआ है, इसलिए जो कर्मचारी अगले 1-2 साल में रिटायर होंगे, उनका औसत वेतन ₹15,000 और ₹25,000 का आनुपातिक (Pro-rata) मिश्रण होगा। पूर्ण ₹25,000 का बेस बनने में कम से कम 5 वर्ष का समय लगेगा।पिछली सेवा पर पुरानी सीलिंग: सेवा अवधि की गणना प्रो-राटा आधार पर की जाती है। यानी अधिसूचना लागू होने से पहले की गई सेवा पर ₹15,000 की सीलिंग के हिसाब से और नई तारीख के बाद की गई सेवा पर ₹25,000 की दर से पेंशन जुड़ेगी। जो नए कर्मचारी अब करियर शुरू कर रहे हैं और पूरे 35 साल तक इस सीलिंग पर योगदान देंगे, वे ₹12,500 की पूरी पेंशन पाने के पूर्ण पात्र होंगे।टेक-होम सैलरी और नियोक्ता के बजट पर क्या पड़ा असर?वेज सीलिंग बढ़ने का सीधा प्रभाव कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी और कंपनियों की लागत (CTC) पर पड़ता है:₹15,001 से ₹25,000 वेतन पाने वाले: पहले यदि किसी कर्मचारी का बेसिक वेतन ₹25,000 था और कंपनी ₹15,000 की सीलिंग पर पीएफ काटती थी, तो उसका 12% कर्मचारी अंशदान ₹1,800 कटता था। अब ₹25,000 पर पूरा 12% यानी ₹3,000 कटेगा। इससे कर्मचारी की टेक-होम सैलरी में प्रति माह ₹1,200 की कमी आएगी, लेकिन यह रकम उसके ईपीएफ और ईपीएस खाते में सुरक्षित जमा होगी।नियोक्ता की देनदारी: कंपनी को भी अपने हिस्से से ₹1,800 के बजाय ₹3,000 का योगदान देना होगा, जिसमें से ₹2,083 ईपीएस में और ₹917 ईपीएफ में जाएंगे। जिन कंपनियों में पीएफ सीटीसी का हिस्सा होता है, वहां कर्मचारियों की ग्रॉस इन-हैंड में थोड़ा और समायोजन दिख सकता है।₹15,000 से कम वेतन वाले: जिन कर्मचारियों का मूल वेतन ₹15,000 से कम है, उनके वेतन या कटौती में कोई बदलाव नहीं होगा।रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए क्यों ऐतिहासिक है यह फैसला?संगठित क्षेत्र में काम करने वाले मध्यम वर्गीय और निम्न-मध्यम वर्गीय कर्मचारियों के लिए ₹7,500 की पुरानी अधिकतम पेंशन महंगाई के दौर में बेहद नाकाफी साबित हो रही थी। पेंशन की अधिकतम सीमा ₹12,500 होने से वरिष्ठ नागरिकों को रिटायरमेंट के बाद एक सम्मानजनक निश्चित मासिक आय का सहारा मिलेगा। इसके साथ ही, ईपीएफओ से जुड़े कर्मचारियों का एम्प्लॉइज डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस (EDLI) के तहत मिलने वाला अधिकतम ₹7 लाख का लाइफ इंश्योरेंस कवर भी इन सभी नए कर्मचारियों को स्वतः प्राप्त हो गया है। निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए यह कदम दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने वाला एक बड़ा मील का पत्थर है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 10:19 pm

कंजूस कहकर उड़ाया मजाक, गुस्से में आया जैन व्यापारी; अनोखा मंदिर बनाने में लगाया 40 हजार किलो घी

बीकानेर में स्थित 550 साल पुराने भांडशाह जैन मंदिर को बनाने में पानी की जगह 40 हजार किलो देसी घी का इस्तेमाल किया गया था. आज भी जब तपती गर्मी पड़ती है, तो इसकी दीवारों और फर्श से घी की महक और चिकनाई साफ महसूस की जा सकती है.

NDTV इंडिया 12 Oct 2026 10:18 pm

‘हमारा हाथ-पांव काम नहीं कर रहा’, चोरी कबूल कराने के लिए युवक को दी थर्ड डिग्री

रायबरेली में रवि उर्फ कबीर ने डीह थाने की पुलिस पर मंदिर में चोरी कबूल कराने के लिए थर्ड डिग्री देने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि उन्हें पट्टे, लाठी से पीटा गया और रस्सी से बांधकर लटकाया गया. उन्होंने इलाज के लिए पैसे नहीं होने की बात कही. पुलिस ने आरोपों की जांच कराने की बात कही है.

आज तक 12 Oct 2026 10:12 pm

Post Office RD Scheme: डाकघर की 5-वर्षीय स्कीम में करें ₹6,000 का मासिक निवेश, मैच्योरिटी पर मिलेंगे ₹4.28 लाख से अधिक; सुरक्षित रिटर्न का पूरा कैलकुलेशन

यदि आप शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड के जोखिम से दूर रहकर हर महीने एक निश्चित रकम बचाकर 100% सुरक्षित और सरकारी गारंटी वाला फंड तैयार करना चाहते हैं, तो इंडिया पोस्ट (India Post) की 5-वर्षीय नेशनल सेविंग्स रेकरिंग डिपॉजिट (National Savings Recurring Deposit Account) सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक है। वित्त मंत्रालय द्वारा संचालित इस लघु बचत योजना में मौजूदा समय में 6.7% प्रति वर्ष की दर से ब्याज दिया जा रहा है, जिसकी गणना त्रैमासिक चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) आधार पर की जाती है। नियमित मासिक बचत की आदत डालने के लिए यह स्कीम नौकरीपेशा, छोटे कारोबारी और गृहिणियों के बीच बेहद लोकप्रिय है।₹6,000 मासिक निवेश पर 5 साल बाद कितना मिलेगा फंड?यदि कोई निवेशक इस योजना में हर महीने ₹6,000 जमा करने का संकल्प लेता है, तो 5 साल (60 महीनों) की अवधि में पूरा गणित इस प्रकार बैठता है:विवरण (Parameter)मूल्य (Amount / Value)मासिक किस्त (Monthly Deposit)₹6,000 प्रति माहनिवेश अवधि (Tenure)5 वर्ष (60 महीने)लागू ब्याज दर (Interest Rate)6.7% वार्षिक (त्रैमासिक चक्रवृद्धि)कुल जमा मूलधन (Total Principal Invested)₹3,60,000 (6,000 60)अर्जित कुल अनुमानित ब्याज (Interest Earned)₹68,195मैच्योरिटी पर कुल मिलने वाली रकम (Maturity Amount)₹4,28,195इस प्रकार, 5 साल के अनुशासित निवेश के बाद निवेशक को ₹3.60 लाख के निवेश पर लगभग ₹68,195 सिर्फ ब्याज के रूप में मिलते हैं, जिससे कुल कॉर्पस ₹4.28 लाख से अधिक तैयार हो जाता है।पोस्ट ऑफिस आरडी के प्रमुख नियम और विशेषताएंन्यूनतम व अधिकतम निवेश: इस खाते को न्यूनतम ₹100 प्रति माह और ₹10 के गुणक में खोला जा सकता है। अधिकतम निवेश की कोई सीमा निर्धारित नहीं है।जमा करने की समयसीमा: यदि खाता महीने की 1 से 15 तारीख के बीच खुला है, तो अगली किस्तों को हर महीने की 15 तारीख तक जमा करना होता है। 16 तारीख या उसके बाद खुलने वाले खातों में महीने के अंतिम कार्यदिवस तक किस्त जमा करने की छूट होती है।50% लोन सुविधा: खाता 1 वर्ष चलने और कम से कम 12 नियमित किस्तें जमा होने के बाद, खाते में जमा कुल बैलेंस का 50% तक लोन के रूप में लिया जा सकता है।अकाउंट एक्सटेंशन का विकल्प: 5 साल की परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद खाताधारक संबंधित डाकघर में आवेदन देकर खाते को अगले 5 और वर्षों के लिए उसी ब्याज दर पर आगे बढ़ा सकता है।प्री-मैच्योर क्लोजर (समयपूर्व निकासी): खाता खुलने के 3 वर्ष पूरे होने के बाद विशेष परिस्थितियों में खाते को बंद करने की अनुमति मिलती है, जिस पर पोस्ट ऑफिस बचत खाते (Savings Account) के बराबर ब्याज देय होता है।टैक्स नियम और सुरक्षा गारंटीपोस्ट ऑफिस आरडी में जमा राशि पर संप्रभु गारंटी (Sovereign Guarantee) मिलती है, जिसका अर्थ है कि आपके मूलधन और ब्याज पर शून्य जोखिम होता है। आयकर नियमों के अनुसार, आरडी से अर्जित ब्याज पर स्रोत पर कर कटौती (TDS) के नियम लागू होते हैं यदि एक वित्तीय वर्ष में कुल ब्याज सीमा छूट सीमा से अधिक हो जाती है। हालांकि, 80C के तहत इसमें कोई अलग कटौती नहीं मिलती, लेकिन निश्चित और सुरक्षित रिटर्न चाहने वाले रूढ़िवादी निवेशकों के लिए यह एक उत्कृष्ट बचत माध्यम है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 10:10 pm

Mahindra XUV 3XO CNG का आधिकारिक टीजर जारी: 15 अक्टूबर को होगी लॉन्च, पैनोरमिक सनरूफ और टर्बो इंजन के साथ ब्रेजा और नेक्सन को देगी सीधी टक्कर

भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में सब-4 मीटर कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट के सबसे लोकप्रिय मॉडलों में शुमार महिंद्रा XUV 3XO अब एक नए और बेहद किफायती अवतार में उतरने के लिए तैयार है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर XUV 3XO CNG का पहला टीजर वीडियो जारी कर दिया है और यह पुष्टि कर दी है कि आगामी 15 अक्टूबर 2026 को इस बहुप्रतीक्षित सीएनजी मॉडल से पर्दा उठाया जाएगा। वर्तमान में पेट्रोल, डीजल और ऑल-इलेक्ट्रिक (EV) पावरट्रेन में उपलब्ध XUV 3XO में सीएनजी विकल्प जुड़ने के साथ ही यह अपनी श्रेणी की पहली ऐसी एसयूवी बन जाएगी जो भारतीय ग्राहकों को चार अलग-अलग ईंधन विकल्प (Petrol, Diesel, EV और CNG) उपलब्ध कराएगी। हाल ही में इस एसयूवी के टेस्ट म्यूल को बिना किसी छलावरण (Camouflage) के सड़कों पर टेस्टिंग के दौरान भी देखा गया था, जिसकी पिछली विंडस्क्रीन पर 'CNG' का आधिकारिक स्टिकर लगा हुआ था।सेगमेंट-फर्स्ट पैनोरमिक सनरूफ और स्पोर्टी REVX फ्रंट प्रोफाइलआमतौर पर भारतीय बाजार में सीएनजी कारों को केवल बजट और बेस वेरिएंट्स तक ही सीमित रखा जाता है, लेकिन महिंद्रा ने अपने टीजर में यह साफ संकेत दे दिया है कि XUV 3XO CNG को प्रीमियम और हाई-स्पेक फीचर्स के साथ उतारा जाएगा।पैनोरमिक सनरूफ की पुष्टि: जारी किए गए टीजर में एसयूवी के पैनोरमिक सनरूफ (Panoramic Sunroof) को प्रमुखता से दिखाया गया है। यानी ग्राहक किफायती सीएनजी ड्राइविंग के साथ-साथ लग्जरी सनरूफ का आनंद भी ले सकेंगे।REVX इंस्पायर्ड क्लोज्ड-ऑफ ग्रिल: फ्रंट प्रोफाइल में कंपनी ने अपनी हालिया REVX रेंज से प्रेरित नया ग्रिल डिजाइन और स्लीक क्लोज्ड-ऑफ पैटर्न दिया है।कनेक्टेड एलईडी लाइटिंग सेटअप: इसके सिग्नेचर सी-शेप्ड एलईडी डे-टाइम रनिंग लाइट्स (DRLs), स्प्लिट हेडलैंप्स और रियर में फुल-विड्थ कनेक्टेड एलईडी टेललाइट्स को बरकरार रखा गया है, जो रात के समय इसे एक स्पोर्टी और मस्कुलर रोड प्रजेंस देते हैं।अन्य एक्सटीरियर एलीमेंट्स: रूफ रेल्स, रियर स्पॉइलर, वॉशर-वाइपर और सिल्वर स्किड प्लेट के साथ ब्लैक रियर बंपर इसके एसयूवी कैरेक्टर को मजबूती प्रदान करते हैं।1.2-लीटर टर्बोचार्ज्ड इंजन के साथ दमदार परफॉर्मेंस की उम्मीदसीएनजी सेगमेंट में अक्सर कारों के पिकअप और पावर में कमी की शिकायत रहती है, लेकिन XUV 3XO CNG इस धारणा को बदलने जा रही है:टर्बोचार्ज्ड MPFI इंजन: रिपोर्ट्स के अनुसार, महिंद्रा अपने आजमाए हुए 1.2-लीटर टर्बोचार्ज्ड मल्टी-पॉइंट फ्यूल इंजेक्शन (MPFI) पेट्रोल इंजन के साथ फैक्ट्री-फिटेड सीएनजी किट पेश करने जा रही है। स्टैंडर्ड पेट्रोल मोड में यह इंजन करीब 110 बीएचपी (bhp) की पावर और 200 एनएम (Nm) का पीक टॉर्क जनरेट करता है।सीएनजी मोड में भी मजबूत पंच: हालांकि सीएनजी मोड में पावर और टॉर्क के आधिकारिक आंकड़े 15 अक्टूबर को ही सामने आएंगे, लेकिन टर्बोचार्ज्ड सेटअप होने के कारण ओवरटेकिंग और चढ़ाई के दौरान गाड़ी के पावर आउटपुट में कोई खास सुस्ती महसूस नहीं होगी।ट्रांसमिशन: शुरुआती दौर में इसे 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ पेश किए जाने की संभावना है, जबकि भविष्य में ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प भी दिया जा सकता है।बूट स्पेस और सिलेंडर प्लेसमेंट को लेकर सस्पेंसXUV 3XO के सीएनजी मॉडल में सबसे बड़ा और दिलचस्प सवाल इसके बूट स्पेस (Boot Space) को लेकर है। चूंकि स्टैंडर्ड मॉडल में पहले से ही कॉम्पैक्ट बूट मिलता है, ऐसे में सीएनजी सिलेंडर लगाने के बाद सामान रखने के लिए जगह कैसे निकाली जाएगी, यह देखना काफी रोचक होगा।क्या महिंद्रा भी टाटा मोटर्स की तरह डुअल-सिलेंडर टेक्नोलॉजी (Dual-Cylinder Setup) अपनाएगी, जहां दो छोटे सिलेंडरों को फर्श के नीचे दबाकर उपयोगी बूट स्पेस बचाया जाता है?या फिर पारंपरिक सिंगल-सिलेंडर सेटअप दिया जाएगा?उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि महिंद्रा ने बूट स्पेस के उपयोग को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट इंजीनियरिंग की होगी, जिसका खुलासा 15 अक्टूबर के आधिकारिक इवेंट में किया जाएगा।संभावित वेरिएंट्स, अनुमानित कीमत और सीधा मुकाबलामहिंद्रा XUV 3XO CNG को इसके मिड-लेवल और अपर वेरिएंट्स—मुख्य रूप से REVX M और AX5 ट्रिम्स में उतारे जाने की प्रबल संभावना है:अनुमानित कीमत: मौजूदा पेट्रोल वेरिएंट्स की तुलना में सीएनजी वेरिएंट्स की कीमत लगभग 80,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक अधिक हो सकती है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 9.50 लाख रुपये से लेकर 12.50 लाख रुपये के दायरे में रहने का अनुमान है।किससे होगा सीधा मुकाबला: भारतीय बाजार में वर्तमान में केवल दो कॉम्पैक्ट एसयूवी ही फैक्ट्री-फिटेड सीएनजी ऑफर करती हैं—टाटा नेक्सन (Tata Nexon iCNG) और मारुति सुजुकी ब्रेजा (Maruti Suzuki Brezza S-CNG)। XUV 3XO CNG सीधे तौर पर इन दोनों गाड़ियों के वर्चस्व को चुनौती देगी।त्योहारी सीजन में धनतेरस और दिवाली से ठीक पहले महिंद्रा का यह नया दांव उन भारतीय परिवारों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरेगा जो एक सुरक्षित, प्रीमियम और सनरूफ वाली दमदार एसयूवी तो चाहते हैं, लेकिन साथ ही पेट्रोल-डीजल के बढ़ते खर्च से बचने के लिए शानदार माइलेज की भी तलाश कर रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 10:09 pm

13 साल से मिट्टी छानता रहा, फिर मिला 10 करोड़ रुपये का चमचमाता हीरा

35 वर्षीय जैक पियराडिन को TikTok Live के दौरान 6 कैरेट से ज्यादा का हीरा मिला. करीब 10 साल से हीरों की तलाश कर रहे इस शख्स की एक खोज ने उसे करोड़ों रुपये के खजाने का मालिक बना दिया.

NDTV इंडिया 12 Oct 2026 10:08 pm

Delhi में Rekha Gupta ने शिक्षा और ITI परियोजनाओं का किया उद्घाटन

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को शैक्षणिक एवं तकनीकी शिक्षा की कई परियोजनाओं की शुरुआत करते हुए शिक्षा को युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उनकी प्रतिभा को निखारने और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का आधार बताया। गुप्ता ने ‘सेवा संकल्प’ अभियान के अंतर्गत द्वारका सेक्टर-16बी में नवनिर्मित उच्च माध्यमिक विद्यालय और नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एनएसयूटी) के पूर्वी परिसर में नवनिर्मित छात्रावास का उद्घाटन किया तथा तीन औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में ‘हाई-टेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की शुरुआत की। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने एक बयान में बताया कि इसके अलावा ओखला में जी. बी. पंत इंटीग्रेटेड कॉलेज एवं पॉलिटेक्निक और एनएसयूटी के मुख्य परिसर में ‘एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग लैब’ और ‘फैकल्टी ऑफिस बिल्डिंग’ का शिलान्यास भी किया गया। गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के शैक्षणिक संस्थानों में आधुनिक तकनीक, बेहतर आधारभूत संरचना और कौशल विकास सुविधाओं का विस्तार युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण है और सरकार का लक्ष्य शिक्षा को व्यावहारिक कौशल से, कौशल को रोजगार से और नवाचार को उद्यमिता से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि आधुनिक प्रयोगशालाओं, प्रशिक्षण केंद्रों, छात्रावासों और बेहतर शैक्षणिक परिसरों के माध्यम से युवाओं को अपनी प्रतिभा विकसित करने और नए अवसरों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी। गुप्ता ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उनकी प्रतिभा को निखारने और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का आधार है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का प्रयास है कि विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक वातावरण, उन्नत तकनीक, व्यावहारिक प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर एक साथ उपलब्ध हों। बयान के मुताबिक, कौशल प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से आईटीआई जहांगीरपुरी, धीरपुर (सर सी.वी. रमन आईटीआई) और नरेला में ‘हाई-टेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का उद्घाटन किया गया। इन केंद्रों में औद्योगिक स्वचालन, ‘इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स’, डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग, सीएनसी मशीनिंग, रोबोटिक्स, 3डी स्कैनिंग, स्मार्ट एनर्जी, सौर तकनीक और ऊर्जा दक्षता जैसी उन्नत तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। ओखला में जी. बी. पंत एकीकृत महाविद्यालय एवं पॉलिटेक्निक परियोजना के तहत इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक, कौशल विकास और अनुसंधान सुविधाओं को एकीकृत परिसर में विकसित किया जाएगा, जिसमें आधुनिक प्रयोगशालाएं, स्मार्ट कक्षाएं, पुस्तकालय और छात्रावास जैसी सुविधाएं होंगी। बयान में कहा गया है कि द्वारका के सेक्टर-16बी में नवनिर्मित उच्च माध्यमिक विद्यालय में छठी से 12वीं कक्षा तक के 2,000 विद्यार्थियों के पढ़ने की क्षमता है और इस विद्यालय में विज्ञान, वाणिज्यिक एवं कला के विषय उपलब्ध हैं। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार नरेला, हरि नगर और शाहदरा सहित विभिन्न स्थानों पर आईटीआई संस्थानों को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित कर रही है ताकि युवाओं को आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी प्रशिक्षण मिल सके।

प्रभासाक्षी 12 Oct 2026 10:03 pm

जंतर-मंतर की जगह मिला रामलीला मैदान, लेकिन प्रोटेस्ट की राह मुश्किल; क्या वजह?

दिल्ली के रामलीला मैदान को प्रदर्शन के लिए नई जगह के रूप में तय किया गया है। लेकिन इस मैदान के लिए भारी बुकिंग के आंकड़े हैरान करने वाले हैं। विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट…

लाइव हिन्दुस्तान 12 Oct 2026 10:01 pm

सीएम डॉ. मोहन यादव ने पीएम मोदी के कार्यकाल को किया याद, वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की विशेष बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। सुशासन, विकास एवं राष्ट्र-कल्याण को समर्पित देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के गौरवशाली, ऐतिहासिक एवं असाधारण 25 वर्ष पूर्ण होने के ...

वेब दुनिया 12 Oct 2026 9:57 pm

Shivraj Singh Chouhan ने Rahul Gandhi के मार्च को बताया नौटंकी, बोले- कांग्रेस नेतृत्व खुद जिम्मेदार

केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से उच्चतम न्यायालय तक निकाले गए मार्च को ‘‘नौटंकी’’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी चुनावी हार का दोष निर्वाचन आयोग पर मढ़ती रही है, जबकि इसके लिए असल में उसका खुद का ‘‘विचार-शून्य’’ नेतृत्व जिम्मेदार है। चौहान ने यहां भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ कांग्रेस के आंदोलन को ‘‘शिव की बारात’’ बताने के लिए राहुल की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह असल में ‘‘गुंडों का समूह’’ है, जो सड़कों पर अराजकता फैला रहा है। चौहान ने कहा, ‘‘कांग्रेस पिछले कई वर्षों से संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कर रही है और अपनी हार के लिए उन्हें दोषी ठहरा रही है, जबकि इसके लिए खुद उसका नेतृत्व जिम्मेदार है।’’उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘कांग्रेस की हार की वजह निर्वाचन आयोग नहीं है। कांग्रेस की हार की वजह उसका विचार-शून्य नेतृत्व है, जो न तो देश को जानता है, न ही यहां के लोगों, जीवन-मूल्यों और परंपराओं को।’’प्रधान न्यायाधीश से मिलने के लिए उच्चतम न्यायालय तक मार्च करने के लिए राहुल की आलोचना करते हुए शिवराज चौहान ने बिना विस्तार से बताए कहा कि हर कोई जानता है कि न्यायपालिका के प्रति कांग्रेस नेता का क्या रुख रहा है और एक पूर्व प्रधान न्यायाधीश के बारे में उनके क्या विचार थे। उन्होंने कहा, ‘‘बहरहाल, प्रधान न्यायाधीश से मिलने के लिए भी एक खास प्रक्रिया होती है। आप बस एक पत्र लिखकर जब चाहें, तब उनसे मिलने नहीं जा सकते। यह सिर्फ नौटंकी है, विशुद्ध नौटंकी, कुछ और नहीं, बस नौटंकी।’’चौहान ने कांग्रेस के सीईसी-विरोधी आंदोलन को ‘‘शिव की बारात’’ कहने के लिए भी राहुल पर निशाना साधा। उन्होंने तंज भरे लहजे में कहा, ‘‘जो लोग राम का विरोध करते हैं, वे भगवान शिव की बात कर रहे हैं। यह भगवान शिव की बारात नहीं, बल्कि सड़कों पर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे उपद्रवी तत्वों की भीड़ है।’’उन्होंने कहा, जब उन्हें देश, उसके मूल्यों, परंपराओं या मान्यताओं की कोई परवाह नहीं है, तो उन्हें भगवान शिव का नाम लेने का भी अधिकार नहीं है। केंद्रीय मंत्री ने राहुल की टिप्पणी को लेकर उन पर कटाक्ष करते हुए सवाल किया कि देश या कांग्रेस उनसे क्या उम्मीद कर सकती है, जब वह खुद मानते हैं कि वह कोई योजना नहीं बनाते। उन्होंने कहा, ‘‘मैं फिर से कहता हूं कि (चुनावों में कांग्रेस की) हार की वजह योजना की यही कमी और जब मन करे, तब निकल पड़ने वाली सोच है।’’चौहान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस केंद्र में सत्ता में आने की कोशिश में विदेशी ताकतों के साथ मिलकर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है, क्योंकि वह ‘‘लोगों की नजर में गिर गई है और उनका भरोसा खो चुकी है।’’भाजपा नेता ने कहा, ‘‘राहुल गांधी का जन्म शायद लाखों झूठों के मरने के बाद ही हुआ होगा।’’चौहान ने यह बात कांग्रेस नेता की ओर से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बारे में की गई हालिया टिप्पणियों और इस दावे के बारे में पूछे जाने पर कही कि दिल्ली में तैनात लगभग आधे सुरक्षाकर्मियों ने उनसे (राहुल गांधी) कहा कि वह अच्छा काम कर रहे हैं। चौहान ने विपक्षी दल पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और त्रिपुरा समेत ज्यादातर राज्यों में पिछले कई वर्षों से सत्ता से बाहर है, जबकि कई राज्यों में वह आपसी कलह से भी जूझ रही है। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस सत्ता में नहीं है, वहां वह समय के साथ एक कनिष्ठ साझेदार और परजीवी पार्टी बन गई है। चौहान ने आरोप लगाया कि इसीलिए कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करके और सड़कों पर अराजकता फैलाकर सत्ता हासिल करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, आज कांग्रेस की क्या हालत है? उत्तर प्रदेश में पार्टी के अंदर खुले तौर पर गुटबाजी और कलह मची हुई है। पंजाब में प्रदेश अध्यक्ष को बदलना पड़ा है। कई जगहों पर नेतृत्व को लेकर खींचतान जारी है। उदाहरण के लिए, कर्नाटक में सिद्धरमैया और डीके शिवकुमार के बीच टकराव है और तेलंगाना में पार्टी के अंदर भारी गुटबाजी और अव्यवस्था है। चौहान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन इंडिया के उसके सहयोगी विदेशी ताकतों के हाथों की कठपुतली बन गए हैं। उन्होंने कहा, सत्ता पाने के लिए कांग्रेस कभी वामपंथियों, कभी कॉकरोच, तो कभी जॉर्ज सोरोस जैसी देश-विरोधी ताकतों का सहारा लेती है। इससे पता चलता है कि राहुल गांधी और कांग्रेस किस हद तक गिर चुके हैं।

प्रभासाक्षी 12 Oct 2026 9:53 pm

घर में पंचमुखी हनुमान की तस्वीर रखने से क्या होता है? जानें पंचमुखी हनुमान की तस्वीर किस दिशा में रखनी चाहिए

हर हिंदू घर में कई देवी-देवताओं की तस्वीरें होती हैं, जिनकी लोग रोजाना पूजा करते हैं. कई लोग अपने घर में पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर भी लगाते हैं. यहां जानिए घर में पंचमुखी हनुमान की तस्वीर रखने से क्या होता है और पंचमुखी हनुमान की तस्वीर किस दिशा में रखनी चाहिए?

NDTV इंडिया 12 Oct 2026 9:51 pm

ट्रंप की पार्टी के लिए मस्क ने खजाना खोला, चंदे में दिए 26 अरब 38 करोड़ रुपये

स्पेस एक्स के चीफ एलन मस्क ने ट्रंप की पार्टी के लिए अपने खजाने की झोली का मुंह खोल दिया है. मस्क ने राष्ट्रपति ट्रंप की पार्टी को 26 अरब 38 करोड़ का मोटा दान दिया है. ट्रंप की पार्टी इस पैसे का इस्तेमाल मिड टर्म चुनाव के लिए कर रही है. कुछ ही दिन पहले ट्रंप ने मस्क को आधुनिक युग का 'एडिसन' कहा था.

आज तक 12 Oct 2026 9:50 pm

Election Commission विवाद पर विपक्ष का SC तक मार्च, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बंद

‘भाषा’ की विभिन्न फाइल से सोमवार को रात नौ बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार हैं:--- दि131 विपक्ष संपूर्णलीड प्रदर्शनज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का मार्च, उच्चतम न्यायालय में दायर की याचिकानयी दिल्ली, विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को उच्चतम न्यायालय की तरफ मार्च निकाला और एक याचिका भी दायर की, जिसमें विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर शीर्ष अदालत के दखल की मांग की गई है। दि70 दिल्ली प्रदर्शन लीड स्थलदिल्ली के जंतर-मंतर पर अब नहीं कर सकेंगे प्रदर्शन, तीन नए स्थान तयनयी दिल्ली, 12 अक्टूबर दिल्ली पुलिस ने विरोध प्रदर्शनों के लिए जंतर-मंतर को निर्धारित स्थलों की सूची से हटा दिया है और उसकी जगह तीन नए स्थान इसके लिए निर्धारित किए हैं। दि133 भाजपा प्रदर्शन लीड कांग्रेसभाजपा ने दिल्ली, हिमाचल में कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया, अकोइजाम को पार्टी से निकालने की मांग कीनयी दिल्ली/शिमला, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महिला मोर्चा ने सोमवार को दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर व हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में प्रदर्शन किया और यौन उत्पीड़न के आरोपों के कारण जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में प्रोफेसर पद से हटाए गए इनर मणिपुर से सांसद आंगोमचा बिमोल अकोइजाम को पार्टी से निष्कासित करने की मांग की। प्रादे127 महाराष्ट्र प्रदर्शन शिवाजी पार्क पुलिसमुंबई के शिवाजी पार्क में भारी पुलिस बल तैनात, निकट की प्रतिमा के पास लोगों की भीड़ जुटीमुंबई, मध्य मुंबई के शिवाजी पार्क में सोमवार को बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया, जहां लोग मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के विरोध में पास की एक प्रतिमा के पास एकत्र होने लगे थे। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। प्रादे118 केरलम प्राथमिकी लीड विजयनसीएमआरएल मामले में विजयन, उनके परिवार के खिलाफ वीएसीबी ने दो प्राथमिकी दर्ज कींतिरुवनंतपुरम, केरलम में कथित सीएमआरएल रिश्वत मामले में सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) ने सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज कीं। सूत्रों ने यह जानकारी दी। वि29 रूस यूक्रेन लीड युद्धट्रंप के ऊर्जा संघर्षविराम के दावे के बावजूद रूस ने ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले किए: जेलेंस्कीकीव, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोमवार को कहा कि रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर हमले जारी रखे हैं, जबकि एक दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि साढ़े चार साल से युद्धरत दोनों देश एक दूसरे के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले न करने को लेकर सहमत हो गये हैं। वि25 ईयू रूस लीड प्रतिबंधयूरोपीय संघ ने करीब 1600 रूसियों, रूसी हथियार उद्योग से जुड़ी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाएब्रसेल्स, यूरोपीय संघ (ईयू) ने सोमवार को रूस के हथियार उद्योग से जुड़े लगभग 1,600 रूसी लोगों और उन कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए, जिनपर ड्रोन और मिसाइल के पुर्जे बनाने में शामिल रहने का संदेह है। अर्थ79 कृषि-गन्ना किसानगन्ना किसानों की शिकायतों के समाधान के लिए एक सप्ताह में उच्चस्तरीय समिति गठित करेगा केंद्रनयी दिल्ली, केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र और कर्नाटक के गन्ना किसानों की शिकायतों के समाधान के लिए एक सप्ताह के भीतर उच्चस्तरीय संयुक्त समिति गठित करने का सोमवार को फैसला किया। यह फैसला राष्ट्रीय राजधानी में दो केंद्रीय मंत्रियों और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच करीब तीन घंटे तक चली बातचीत के बाद लिया गया। अर्थ52 लीड नोबेल अर्थशास्त्रआर्थिक झटकों से निपटने के मॉडल विकसित करने वाले दो अमेरिकी अर्थशास्त्रियों को नोबेल पुरस्कारस्टॉकहोम, अमेरिकी अर्थशास्त्रियों रॉबर्ट ई. हॉल और माइकल वुडफोर्ड को आर्थिक झटकों से निपटने के लिए सरकारों और केंद्रीय बैंकों की नीतियां बनाने में मददगार मॉडल विकसित करने के लिए सोमवार को अर्थशास्त्र के नोबेल स्मृति पुरस्कार देने की घोषणा की गई।अर्थ56 लीड खुदरा मुद्रास्फीतिखाद्य वस्तुओं के महंगा होने से खुदरा मुद्रास्फीति सितंबर में बढ़कर 5.54 प्रतिशत परनयी दिल्ली, प्याज और अन्य खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी के कारण खुदरा मुद्रास्फीति सितंबर में बढ़कर 5.54 प्रतिशत हो गई। हालांकि, यह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के लिए निर्धारित संतोषजनक सीमा के भीतर है। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। खेल16 खेल टेनिस मायाभारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी माया ने अपना पहला पेशेवर खिताब जीतानयी दिल्ली, भारत की उभरती हुई युवा टेनिस खिलाड़ी माया राजेश्वरन ने सीधे सेटों में जीत दर्ज करके पुर्तगाल में डब्ल्यू35 लागोस टूर्नामेंट के रूप में अपना पहला पेशेवर खिताब जीता। खेल29 खेल भारत ए पंतन्यूजीलैंड में शुरुआती दो मुकाबलों के लिए चोटिल पंत की जगह कुमार कुशाग्र भारत ए टीम मेंनयी दिल्ली, विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार कुशाग्र को न्यूजीलैंड दौरे के शुरुआती दो मुकाबलों के लिए सोमवार को चोटिल ऋषभ पंत की जगह भारत ए टीम में शामिल किया गया। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने यह जानकारी दी।

प्रभासाक्षी 12 Oct 2026 9:43 pm

टीम इंडिया को बड़ा झटका, NZ दौरे से बाहर हुए पंत, किसे मिला मौका?

भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत एक बार फिर चोटिल हो गए हैं. चोट लगने के कारण न्यूजीलैंड ए के खिलाफ इंडिया ए टीम के शुरुआती दो मैचों से वह बाहर हो गए हैं. पंत की जगह टीम में युवा विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार कुशाग्र को जगह मिली है.

आज तक 12 Oct 2026 9:41 pm

तेज प्रताप यादव ने बीच में छोड़ा ‘राइज एंड फॉल 2’, बोले- राहुल, प्रियंका और अखिलेश को भी आना चाहिए रियलिटी शो में

रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल' सीजन 2 में तेज प्रताप यादव का सफर अचानक खत्म हो गया. जन शक्ति जनता दल के नेशनल प्रेसिडेंट तेज प्रताप को कानूनी मुश्किलों और कोर्ट में चल रहे मामलों की वजह से शो छोड़ना पड़ा. शो से उनकी विदाई भावुक रही.

NDTV इंडिया 12 Oct 2026 9:40 pm