कोई वकील, कोई इंस्पेक्टर; जोशीमठ हादसे में उजड़े 6 परिवार, कौन थे ये लोग?
उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार को एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिसमें पायलट और पांच यात्रियों की मौत हो गई. सभी मृतक कर्नाटक के बेंगलुरु के रहने वाले थे. मृतकों में वकील शंकर गौड़ा और पुलिस इंस्पेक्टर अरुण सालुंके भी शामिल हैं.
Review: घर की निगरानी में कितने काम का है ये स्मार्ट कैमरा?
सीसीटीवी आज कल आम हो चला है. शहरों के फ्लैट हों या फिर गांव का घर सिक्योरिटी के लिए इस टूल का इस्तेमाल हर जगह होता है. ऐसे में पिछले कुछ दिनों हमने भी एक सीसीटीवी कैमरे का इस्तेमाल किया, जो बजट रेंज में आता है. ये एक वाई-फाई बेस्ड सीसीटीवी कैमरा है, जिसमें मल्टीपल फीचर्स मिलते हैं. आइए जानते हैं हमारा एक्सपीरियंस कैसा रहा.
'तमिलनाडु से भी बन सकता है PM', उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन का बड़ा बयान
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने मदुरै दौरे के दौरान कहा कि भविष्य में तमिलनाडु से भी कोई व्यक्ति प्रधानमंत्री बन सकता है. उन्होंने लोकतंत्र में हर नागरिक के नेतृत्व करने की क्षमता पर जोर दिया.
मद्रास हाईकोर्ट का सौरव दास को नोटिस: नागरिकता और पहचान की जांच की मांग; क्या बंद होंगे सोशल मीडिया खाते?
स्वदेशी परमाणु घड़ी के साथ इसरो के NVS-03 की सफल लॉन्चिंग, नेविगेशन उपग्रह कक्षा में स्थापित
इसरो ने स्वदेशी नेविगेशन सिस्टम 'नाविक' को सशक्त बनाने के लिए एनवीएस-03 उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया।
अभिनेता अजय देवगन ने 'विमल इलायची' मामले में एफडीए द्वारा उन्हें जारी किए गए 'कारण बताओ नोटिस' को चुनौती देते हुए बांबे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। एफडीए ने इलायची के विज्ञापनों में नजर आने को लेकर अजय को नोटिस जारी किया है।
मध्य प्रदेश में कन्यादान योजना में घोटाला, 5923 फर्जी विवाह दिखाकर हड़प लिए 30.18 करोड़
जांच एजेंसी के अनुसार, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में फर्जीवाड़ा कर त्रिपाठी ने 5923 फर्जी विवाह दिखाकर 30.18 करोड़ का घोटाला किया था। इस मामले में ईडी ने करीब दो माह पहले त्रिपाठी को गिरफ्तार किया था।
मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा कि अगर मौजूदा रफ्तार बनी रहती है, तो भारत इस साल एक ट्रिलियन डॉलर का निर्यात लक्ष्य हासिल कर लेगा। चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में निर्यात का आंकड़ा लगभग 480 अरब डॉलर रहा है
चक्रवाती तूफान के कारण कई राज्यों में बदला मौसम, दिल्ली में रहा अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन
दिल्ली में चार साल में अक्टूबर माह में एक दिन में सबसे अधिक 61.4 मिमी मिमी वर्षा भी दर्ज की गई। इससे पहले नौ अक्टूबर, 2022 को 74 मिमी वर्षा हुई थी। मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी करते हुए राजधानी के कई हिस्सों में और बारिश तथा आंधी-तूफान की चेतावनी दी है।
अब भारत के पास अपना जीपीएस: इसरो के नेविगेशन उपग्रह से आम जनता को कितना लाभ, एनवीएस-03 मिशन की खासियत क्या?
उमर अब्दुल्ला की पार्टी में बगावत के सुर तेज? नाराज विधायकों की श्रीनगर में बैठक
जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक उठापटक देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा किए गए कैबिनेट विस्तार के बाद कई वरिष्ठ नेता नाराज चल रहे हैं। इन नेताओं ने शुक्रवार को श्रीनगर में एक विधायक के घर में बैठक की।
'आतंकवाद को बढ़ावा देना पड़ेगा भारी', G-20 में जयशंकर की दो टूक
भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने G20 देशों की विदेश मंत्रियों की बैठक में समुद्री रास्तों की सुरक्षा, आतंकवाद के खतरे और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधानों पर चर्चा की. उन्होंने कूटनीति के माध्यम से समस्याओं के समाधान पर जोर दिया.
इतिहास की दहलीज पर इसरो: थोड़ी ही देर में NVS-03 नेविगेशन उपग्रह का प्रक्षेपण,जीएसएलवी-एफ18 की 20वीं उड़ान
पढ़ें 31 अक्टूबर के मुख्य और ताजा समाचार - लाइव ब्रेकिंग न्यूज
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भोपाल: मामूली विवाद में कार चालक ने बाइक सवार पर तानी पिस्टल, वीडियो वायरल
मध्य प्रदेश के भोपाल के टीटी नगर इलाके में कार और बाइक की मामूली टक्कर के बाद हुए विवाद ने खतरनाक मोड़ ले लिया। आरोप है कि बाइक सवार द्वारा कार पर हाथ मारने से नाराज कार चालक ने पिस्टल निकालकर उसे धमकाया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
केशव प्रसाद मौर्य ने कौशाम्बी जनपद के गढ़वा का पुरवा गांव निवासी श्री शंकर लाल सरोज के 15 वर्षीय पुत्र पवन कुमार के उपचार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल आवश्यक पहल की। गंभीर बीमारी से जूझ रहे पवन के इलाज में लगभग 20 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए इतनी बड़ी धनराशि जुटाना मुश्किल हो रहा है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्री शंकर लाल सरोज के पुत्र पवन कुमार प्लास्टिक एनीमिया जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। उनका उपचार लखनऊ स्थित पीजीआई अस्पताल में चल रहा है। बेटे की बीमारी और उपचार पर होने वाले भारी खर्च के कारण परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। श्री शंकर लाल सरोज ने उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात कर अपनी आर्थिक स्थिति से अवगत कराया तथा बेटे के इलाज के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
घटना 26 अक्टूबर की है। ट्रेन संख्या 27576 कामाख्या-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस की यात्रा समाप्त होने के बाद मनोज कुमार शर्मा हावड़ा स्टेशन पर अपना सामान लेकर ट्रेन से उतरने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें अपनी सीट के पास सोने की एक अंगूठी गिरी हुई मिली।
देशभर में जनगणना 2027 का कार्य 25 जनवरी से 28 फरवरी तक कराया जाएगा, जिसमें 1 मार्च 2027 को संदर्भ तिथि के रूप में निर्धारित किया गया है।
वायुसेना प्रमुख एपी सिंह की विदाई आज, आशुतोष दीक्षित संभालेंगे कमान
भारतीय वायुसेना आज रेस कोर्स वायुसेना स्टेशन पर निवर्तमान वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर देगी।
महंगे कच्चे माल की मार: 40 प्रतिशत क्षमता पर सिमटे एल्युमिनियम MSME, आयात शुल्क हटाने की मांग
भारत में एल्युमिनियम एमएसएमई महंगे कच्चे माल के कारण उत्पादन घटा रहे हैं, जिससे वे विदेशी उत्पादों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहे हैं।
बुलढाणा के विधायक गायकवाड़ ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि जो किसान आत्महत्या करते हैं, उनकी अंत्येष्टि में किसी को नहीं जाना चाहिए।महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे इस बयान से बेहद नाराज हैं।
ज्ञानेश कुमार और 'वोट चोरी' के खिलाफ क्या है राहुल गांधी का पूरा प्लान? देखें 10 तक
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस और INDIA ब्लॉक का 'जन महाभियोग' कार्यक्रम बारिश के कारण टल गया. अब 31 अक्टूबर को जन महाभियोग होगा, तो बैक टू बैक, 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में राहुल गांधी की महारैली भी. लेकिन आज पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने जिस तरह से राहुल गांधी पर प्रहार किया, उससे विपक्ष और सरकार की लड़ाई 'वोट चोरी' बनाम 'मोदी कहीं नहीं जाएगा' की शुरू हो गई है. देखें 10 तक.
कौशाम्बी के पवन के उपचार में मदद के लिए केशव मौर्य ने बढ़ाया मदद का हाथ
केशव प्रसाद मौर्य ने कौशाम्बी जनपद के गढ़वा का पुरवा गांव निवासी श्री शंकर लाल सरोज के 15 वर्षीय पुत्र पवन कुमार के उपचार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल आवश्यक पहल की। गंभीर बीमारी से जूझ रहे पवन के इलाज में लगभग 20 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए इतनी बड़ी धनराशि जुटाना मुश्किल हो रहा है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्री शंकर लाल सरोज के पुत्र पवन कुमार प्लास्टिक एनीमिया जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। उनका उपचार लखनऊ स्थित पीजीआई अस्पताल में चल रहा है। बेटे की बीमारी और उपचार पर होने वाले भारी खर्च के कारण परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। श्री शंकर लाल सरोज ने उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात कर अपनी आर्थिक स्थिति से अवगत कराया तथा बेटे के इलाज के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया।उप मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने श्री शंकर लाल सरोज द्वारा प्रस्तुत प्रपत्र को मुख्यमंत्री जी को आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने हेतु प्रेषित किया, ताकि जरूरतमंद परिवार को उपचार के लिए आवश्यक मदद उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई हो सके।
अमेरिका के GPS को मिलेगी टक्कर! ISRO ने लॉन्च किया NVS-03 सैटेलाइट; जानें क्या होगा फायगा?
इसरो कुछ ही देर में अपने नेविगेशन सिस्टम को मजबूत करने के मकसद से NVS-03 सैटेलाइट को लॉन्च कर दिया है.
बैंकिंग सेक्टर में बड़े सुधार की तैयारी: केंद्र सरकार ने गठित की उच्चस्तरीय समिति
केंद्र सरकार ने मौजूदा बैंकिंग तौर-तरीकों में सुधार और एआई व डिजिटल नवाचार के लिए रोडमैप तैयार करने हेतु एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है।
Rajasthan सरकार ने IAS शिखर अग्रवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार जांच को दी मंजूरी
राजस्थान सरकार ने सरकारी पद के दुरुपयोग और एक निजी कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी शिखर अग्रवाल और अन्य लोगों के खिलाफ जांच को मंजूरी दी है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) इस मामले की विस्तृत जांच करेगा। एसीबी के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने एक बयान में बताया कि राजस्थान सरकार ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 की धारा 17-ए के तहत विस्तृत जांच के लिए पूर्वानुमोदन प्रदान किया है। मामले में आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल (तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग विभाग), निजी कंपनी ‘गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड’ के निदेशकों और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जाएगी। गुप्ता ने कहा कि राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी अग्रवाल द्वारा ‘गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड’ के निदेशकों के साथ कथित आपराधिक मिलीभगत कर अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करने के प्रथम दृष्टया तथ्य सामने आए हैं। आरोप है कि उन्होंने स्वयं और संबंधित कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया तथा राज्य सरकार को भारी आर्थिक नुकसान कराया। उन्होंने बताया कि ब्यूरो ने मीडिया में आई एक खबर और उद्योग विभाग से प्राप्त तथ्यात्मक रिपोर्ट का समग्र परीक्षण एवं विश्लेषण किया। इसके अलावा, गोपनीय सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर प्रारंभिक स्तर पर सामने आए तथ्यों के संबंध में प्राथमिक जांच दर्ज कर विस्तृत पड़ताल करना उचित पाया गया। बयान के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अग्रवाल ने राजस्थान में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए कथित तौर पर अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग किया जिनमें उदयपुर के जिला अधिकारी, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अध्यक्ष और उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव समेत अन्य पद शामिल हैं। आरोप है कि उन्होंने निजी कंपनी ‘गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड’ के निदेशकों के साथ मिलीभगत कर कंपनी को रिजॉर्ट निर्माण संबंधी शर्तों में अनुचित छूट दिलाई। इसके अलावा, आवश्यक प्रमाण-पत्रों की जांच किए बिना स्वीकृतियां और विशेष रियायती आर्थिक पैकेज दिलाकर कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया। बयान के अनुसार, उदयपुर स्थित बुझड़ा रिजॉर्ट में अग्रवाल और उनकी पत्नी के नाम पर 10-10 विला 15-15 लाख रुपये में खरीदे जाने की जानकारी सामने आई है। इसी तरह, अलवर के अजबगढ़ स्थित अनंता रिसॉर्ट में अग्रवाल और उनकी पत्नी के नाम पर आठ विला 16.5-16.5 लाख रुपये में, दोनों पुत्रों के नाम पर चार विला करीब 15-15 लाख रुपये में और सास-ससुर के नाम पर चार विला लगभग 16.5-16.5 लाख रुपये में खरीदे जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि इन संपत्तियों का क्रय बाजार मूल्य की तुलना में काफी कम कीमत पर किया गया। गुप्ता के मुताबिक, गोपनीय सूत्रों से यह जानकारी भी सामने आई है कि वित्त विभाग ने ‘गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड’ को 27 मार्च 2026 को विशेष रियायती आर्थिक पैकेज जारी किया था। इसी दिन शिखर अग्रवाल ने 20 विला की रजिस्ट्री कराई थी। ब्यूरो के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह भी प्रतीत हुआ कि अग्रवाल ने विभिन्न पदों पर रहते हुए निजी कंपनी के निदेशकों के साथ कथित आपराधिक मिलीभगत कर कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया और राज्य सरकार को भारी आर्थिक नुकसान कराया। इसके अतिरिक्त, स्वयं और अपने परिजनों के नाम पर कथित रूप से आय से अधिक संपत्तियां अर्जित किए जाने के तथ्यों की भी विस्तृत जांच आवश्यक पाई गई है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर राजस्थान सरकार ने मामले में विस्तृत जांच की मंजूरी दी है।
ISRO ने NVS-03 सैटेलाइट की सफल लॉन्चिंग की, विदेशी GPS पर निर्भरता कम होगी
ISRO ने NVS-03 सैटेलाइट का सफलापूर्वक लॉन्च कर दिया है. श्रीहरिकोटा से GSLV-F18 रॉकेट से सैटेलाइट ने रात 11.31 बजे उड़ान भरी. ये सैटेलाइट भारत के अपने नेविगेशन सिस्टम को मजबूत करेगा.
यूपी चुनाव से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर बंटेंगे तो कटेंगे वाली बात कही. उन्होंने कहा कि जाति के नाम पर समाज को बांटने वालों से सतर्क रहने की जरूरत है.
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में एक पनडुब्बी ड्रोन डुबोने और तीन टैंकरों पर हमले का दावा किया, जिससे उनमें आग लग गई। इस तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं, और अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है।
विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने पिछले 12 वर्षों में लगभग 50 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है।
गृह मंत्री अमित शाह का केशव मौर्य ने किया स्वागत, शाह - केशव से यूपी में भाजपा
केशव प्रसाद मौर्य ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के लखनऊ आगमन पर उनका स्वागत किया। आशियाना स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय में आयोजित भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति बैठक की अध्यक्षता अमित शाह जी द्वारा की गई जिसमें उन्होंने राज्यसभा एवं विधान परिषद के नव निर्वाचित सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें सम्मानित किया एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित किया ।मंच से उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पार्टी के सभी कार्यकर्ता संगठन की शक्ति हैं। कार्यकर्ताओं के परिश्रम, समर्पण और जनसेवा के संकल्प से संगठन निरंतर मजबूत हो रहा है। केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना प्रत्येक कार्यकर्ता की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत: 1 नवंबर से देश में डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अभियान की शुरुआत
केंद्र सरकार 1 नवंबर से देशभर के 2,000 शहरों और जिलों में राष्ट्रव्यापी डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) अभियान चलाएगी।
स्कूल की छत फाड़ते हुए क्लासरूम में गिरा मंदिर का शिखर, अर्नब का खौफ
UP News: बिजनौर के सेलाखेड़ी गांव में देर रात मंदिर पर आकाशीय बिजली गिरने से शिखर टूट गया. मलबा स्कूल की छत फाड़कर क्लासरूम में जा गिरा. गनीमत रही कि उस समय स्कूल बंद था.
वाराणसी में खाकी पर बड़ा हमला! दबिश देने गए सिपाही को बदमाशों ने मारी गोली
वाराणसी में असलहा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम पर फायरिंग हो गई. कांस्टेबल अमित शुक्ला को पेट, पीठ और हाथ में गोली लगी है. उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है. उधर, लोटूबीर मंदिर के पास मुठभेड़ में एक संदिग्ध आरोपी घायल हुआ है, जबकि दो अन्य फरार हैं.
उत्तराखंड के जोशीमठ में हेलीकॉप्टर क्रैश, पायलट समेत छह की मौत, AAIB करेगा जांच
उत्तराखंड में शुक्रवार को हुए हेलीकॉप्टर हादसे की जांच वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो(एएआईबी) करेगा। यह जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी। इस हादसे में पायलट समेत छह लोगों की मौत हो गई। ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर बद्रीनाथ से देहरादून के लिए रवाना हुआ था और उड़ान भरने के करीब एक घंटे बाद यह जोशीमठ में पहाड़ी से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि एएआईबी हादसे की जांच करेगा और उसकी टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी है। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एक बयान में कहा कि दुर्घटना के प्राथमिक और नियामक मूल्यांकन के लिए उसकी एक टीम देहरादून भेजी गई है। वीटी-एचसीएक्स पंजीकरण संख्या वाला यह हेलीकॉप्टर (टाइप एएस350बी3) चाई गांव (जोशीमठ) के पास जंगल क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। बयान में कहा गया, ‘‘हेलीकॉप्टर ने दोपहर एक बजकर 14 मिनट पर बद्रीनाथ हेलीपैड से सहस्रधारा हेलीपैड (देहरादून) के लिए उड़ान भरी थी जिसमें पायलट और पांच यात्री सवार थे।’’डीजीसीए ने कहा, ‘‘दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर का मलबा मिल गया है और खोज एवं बचाव अभियान जारी है।’’बद्रीनाथ मंदिर उत्तराखंड के चार धामों में से एक है। यमुनोत्री, गंगोत्री और केदारनाथ अन्य तीन धाम हैं, जो चारधाम यात्रा का हिस्सा हैं। एएआईबी ने इस महीने की शुरुआत में जारी एक दुर्घटना जांच रिपोर्ट में बताया था कि वर्ष 2015 से 2025 के दौरान चारधाम क्षेत्र में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं की आठ घटनाएं हुईं, इनमें से ज्यादातर हादसे उड़ान चालक दल द्वारा मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का पालन नहीं करने के कारण हुई थीं। एएआईबी द्वारा आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला कि 10 वर्षों की अवधि के दौरान चारधाम क्षेत्र में हेलीकॉप्टर से जुड़ी कुल नौ घटनाएं हुईं, इनमें आठ दुर्घटनाएं और एक गंभीर घटना शामिल थी। वर्ष 2022 से हर साल कम से कम एक दुर्घटना या गंभीर घटना दर्ज की गई। रिपोर्ट में कहा गया, “आठ दुर्घटनाओं में से पांच में लोगों की मौत हुई थी। वर्ष 2015 और 2016 में कोई दुर्घटना नहीं हुई थी, क्योंकि उस दौरान चारधाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं बहुत सीमित थीं।”एएआईबी ने बताया कि वर्ष 2017 से 2019 के बीच हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की दो घटनाएं हुईं, जिनमें से एक में लोगों की मौत हुई थी। वहीं, वर्ष 2020 और 2021 में कोविड-19 संबंधी नियमों के कारण हेलीकॉप्टर सेवाएं बहुत सीमित थीं और इस दौरान दुर्घटना की कोई घटना सामने नहीं आई।
सुप्रीम कोर्ट ने त्विषा शर्मा के पिता की याचिका पर सुनवाई एक सप्ताह के लिए टाल दी, जिसमें केस को दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की गई है।
वाराणसी में पुलिस टीम पर फायरिंग, एक सिपाही को लगी 3 गोलियां; पूरे इलाके में फोर्स तैनात
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में शुक्रवार को पुलिस टीम पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी. इस घटना में एक सिपाही को तीन गोलियां लगी हैं.
UP Assembly Election के लिए BJP ने तय किया 350 सीटों का लक्ष्य, Amit Shah ने किया कार्यसमिति का आगाज
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शुक्रवार को पार्टी ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में 403 में से 350 सीट जीतने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए चुनाव की तैयारियों का खाका तैयार किया और इस साल नवंबर व दिसंबर में व्यापक संगठनात्मक अभियान चलाने का निर्णय लिया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने यहां डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय के सभागार में दीप प्रज्ज्वलित कर प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक की शुरुआत की। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी की अध्यक्षता में हो रही इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। भाजपा के प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े, राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी बैठक में शामिल हुए। अमित शाह ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार भाजपा की जीत का भरोसा जताते हुए दावा किया कि प्रदेश में पार्टी की सरकार ‘‘अंगद के पांव’’ की तरह है, जिसे कोई हिला नहीं सकता। शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में तीसरी बार भाजपा की सरकार बनने पर समान नागरिक संहिता (यूसीसी) जरूर लागू की जाएगी। उन्होंने अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलाने को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) की आलोचना की और दावा किया कि अगले 30 साल तक प्रदेश में सपा की सरकार नहीं बनेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यकर्ताओं को ‘बंटेंगे नहीं तो कटेंगे भी नहीं’ का संदेश देते हुए जाति के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति करने वालों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज को विभाजित करने वाले लोग ‘‘बांटने में विश्वास करते हैं और इसी वजह से काटने में सफल होते हैं।’’उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव पेश करते हुए कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं और आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर 2027 के विधानसभा चुनाव में 325 से 350 सीटें जीतने का लक्ष्य हासिल करने के लिए जुटने को कहा। मौर्य ने कहा कि टिकट पाने की आकांक्षा स्वाभाविक है, लेकिन संगठन की जीत सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सांसदों, विधायकों और संगठन के पदाधिकारियों के बीच समन्वय तथा बूथ स्तर तक एकजुटता चुनावी सफलता का आधार है। उन्होंने कहा, ‘‘जाइए, सब कुछ भूल, हर विधानसभा में खिलाइए कमल का फूल। टिकट चाहे जिसे मिले, कमल का फूल जरूर खिले। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान और पूर्व मंत्री अनुपमा जायसवाल ने मौर्य की ओर से पेश राजनीतिक प्रस्ताव का समर्थन किया। भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने दो दिवसीय बैठक में चुनावी तैयारियों का खाका पेश करते हुए कहा कि आगामी चुनाव को देखते हुए संगठन को अभी से सक्रिय होना होगा। सिंह ने बताया कि पार्टी प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत पदयात्राएं निकालेगी। प्रत्येक पदयात्रा में करीब 25 हजार या उससे अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि तीन नवंबर को अवध क्षेत्र की पदयात्रा लखनऊ और ब्रज क्षेत्र की पदयात्रा बरेली में होगी। चार नवंबर को गोरखपुर क्षेत्र की पदयात्रा के साथ प्रयागराज और कानपुर में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जबकि पांच नवंबर को पश्चिम क्षेत्र की पदयात्रा गाजियाबाद में निकाली जाएगी। सिंह के मुताबिक, इन कार्यक्रमों में केंद्रीय मंत्रियों, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों उपमुख्यमंत्रियों के शामिल होने का कार्यक्रम है। उन्होंने मतदाता सूची को चुनावी तैयारियों का सबसे अहम विषय बताते हुए कहा कि दीपावली के बाद विशेष अभियान चलाकर नए मतदाताओं, खासकर युवाओं और महिलाओं से ऑनलाइन फॉर्म-छह भरवाए जाएंगे। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक का समापन शनिवार को होगा।
दिवाली-छठ में नहीं मिल रहा है कंफर्म टिकट तो इन ट्रेनों में करें ट्राई
दिवाली और छठ पूजा पर यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने तीन जोड़ी पूजा स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं. आनंद विहार-छपरा, मऊ-आनंद विहार और गोरखपुर-बांद्रा ट्रेन का रूट, स्टॉपेज और टाइमिंग जानें...
पश्चिम एशिया में जारी जिओ-पॉलिटिकल और सैन्य तनाव के बीच दुनिया के सबसे संवेदनशील जलमार्गों में शुमार होर्मुज जलडम
पोस्ट ऑफिस की 9 सरकारी योजनाएं: कहां मिलेगा 8.20% ब्याज, जानें निवेश का पूरा हिसाब
देश में सुरक्षित निवेश और नियमित बचत की बात आती है तो पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाएं आज भी लाखों लोगों की पसंद बनी हुई हैं। खास बात यह है कि इन योजनाओं में अलग-अलग उम्र, जरूरत और आर्थिक स्थिति के लोगों के लिए निवेश के विकल्प मौजूद हैं। कोई व्यक्ति हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम जमा करके भविष्य के लिए फंड तैयार करना चाहता है तो उसके लिए पोस्ट ऑफिस RD योजना उपयोगी हो सकती है। वहीं बेटी की पढ़ाई और शादी के लिए लंबी अवधि की बचत करनी है तो सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) एक विकल्प है। इसी तरह हर महीने नियमित आमदनी चाहने वाले निवेशकों के लिए मंथली इनकम स्कीम (MIS) उपलब्ध है।वित्त वर्ष 2026-27 में पोस्ट ऑफिस की इन योजनाओं पर निवेश करने से पहले उनकी ब्याज दर, जमा सीमा, मैच्योरिटी अवधि और निकासी के नियम समझना जरूरी है। केंद्र सरकार छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा हर तीन महीने में करती है। इसलिए निवेश से पहले लागू तिमाही की दर जरूर जांचनी चाहिए।Post Office Yojana 2026-27: अक्टूबर से दिसंबर तक ब्याज दर कितनी है?वित्त मंत्रालय ने 30 सितंबर 2026 को जारी आदेश में वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही यानी 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इसका मतलब है कि जुलाई-सितंबर तिमाही में लागू ब्याज दरें ही अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में भी जारी रहेंगी।प्रमुख पोस्ट ऑफिस योजनाओं की ब्याज दरें इस प्रकार हैं:पोस्ट ऑफिस योजनासालाना ब्याज दरपोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट4.00%पोस्ट ऑफिस RD (5 साल)6.70%पोस्ट ऑफिस MIS7.40%1 साल टाइम डिपॉजिट6.90%2 साल टाइम डिपॉजिट7.00%3 साल टाइम डिपॉजिट7.10%5 साल टाइम डिपॉजिट7.50%सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम8.20%पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)7.10%सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)8.20%नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC)7.70%किसान विकास पत्र (KVP)7.50%ये दरें 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक लागू हैं। अगली तिमाही के लिए सरकार की नई घोषणा के बाद ब्याज दरों में बदलाव हो सकता है।Post Office RD Yojana: हर महीने छोटी बचत से तैयार करें बड़ा फंडपोस्ट ऑफिस की रिकरिंग डिपॉजिट (RD) योजना उन लोगों के लिए उपयोगी है जो एकमुश्त बड़ी रकम निवेश नहीं कर सकते, लेकिन हर महीने नियमित बचत करना चाहते हैं। इस योजना में पांच साल के लिए खाता खोला जाता है और हर महीने तय रकम जमा करनी होती है।फिलहाल पांच वर्षीय पोस्ट ऑफिस RD पर 6.70 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है, जिसकी गणना तिमाही चक्रवृद्धि आधार पर होती है। इस योजना में न्यूनतम 100 रुपये महीने से निवेश शुरू किया जा सकता है। इसके बाद 10 रुपये के गुणक में जमा बढ़ाई जा सकती है।उदाहरण के तौर पर यदि कोई निवेशक हर महीने 1,000 रुपये जमा करता है तो पांच साल में उसकी कुल जमा रकम 60,000 रुपये होगी। इसके साथ ब्याज भी मिलेगा। वास्तविक मैच्योरिटी राशि लागू ब्याज दर और खाते की शर्तों के अनुसार निर्धारित होगी।RD योजना में नियमित बचत की आदत विकसित होती है। खाते में किस्त जमा करने में देरी होने पर निर्धारित नियमों के अनुसार डिफॉल्ट फीस लग सकती है। जरूरत पड़ने पर पात्र खाताधारक कुछ शर्तों के साथ समय से पहले खाता बंद कराने का विकल्प भी चुन सकते हैं।Sukanya Samriddhi Yojana: बेटी के भविष्य के लिए सरकारी बचत योजनासुकन्या समृद्धि योजना (SSY) विशेष रूप से बेटियों के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इस योजना में माता-पिता या कानूनी अभिभावक पात्र बालिका के नाम पर खाता खुलवा सकते हैं।अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही में इस योजना पर 8.20 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है। यह छोटी बचत योजनाओं में मिलने वाली प्रमुख ऊंची ब्याज दरों में शामिल है।इस योजना में एक वित्त वर्ष के दौरान न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1.50 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं। सामान्य तौर पर बालिका के 10 वर्ष की आयु पूरी करने से पहले खाता खोला जा सकता है। एक परिवार में सामान्य नियम के तहत दो बेटियों के लिए खाते खोले जा सकते हैं, जबकि जुड़वां या एक साथ जन्मी तीन बेटियों से जुड़े मामलों में विशेष छूट का प्रावधान है।SSY खाते में 15 साल तक रकम जमा करनी होती है और खाता खोलने की तारीख से 21 साल बाद मैच्योरिटी होती है। निर्धारित शर्तों के तहत उच्च शिक्षा के लिए आंशिक निकासी की सुविधा भी मिलती है। इसलिए बेटी की पढ़ाई और भविष्य के बड़े खर्चों के लिए यह एक लंबी अवधि का बचत विकल्प हो सकता है।Post Office MIS: हर महीने ब्याज पाने का विकल्पयदि आप अपनी जमा पूंजी को ऐसी योजना में लगाना चाहते हैं जहां हर महीने ब्याज के रूप में नियमित आमदनी मिले तो पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (MIS) पर विचार कर सकते हैं।अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही में MIS पर 7.40 प्रतिशत सालाना ब्याज दिया जा रहा है। इस योजना की अवधि पांच साल है। इसमें एकल खाते के तहत अधिकतम 9 लाख रुपये और संयुक्त खाते में अधिकतम 15 लाख रुपये निवेश किए जा सकते हैं।इस योजना की खासियत यह है कि ब्याज का भुगतान हर महीने किया जाता है। उदाहरण के तौर पर 9 लाख रुपये जमा करने पर 7.40 प्रतिशत की दर से सालाना ब्याज 66,600 रुपये बनता है। यानी लगभग 5,550 रुपये प्रति माह ब्याज मिल सकता है। वास्तविक भुगतान योजना के नियमों के अनुसार होगा।यह योजना रिटायरमेंट के बाद नियमित आमदनी चाहने वाले लोगों और ऐसे निवेशकों के लिए उपयोगी हो सकती है जिन्हें हर महीने ब्याज की जरूरत होती है। हालांकि, इसमें मिलने वाला मासिक ब्याज सामान्य रूप से कर योग्य होता है और समय से पहले खाता बंद कराने पर निर्धारित कटौती लागू हो सकती है।Post Office PPF Yojana: लंबी अवधि में बचत और टैक्स का लाभपब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) लंबी अवधि की बचत के लिए लोकप्रिय सरकारी योजना है। इसमें एक वित्त वर्ष में न्यूनतम 500 रुपये और अधिकतम 1.50 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं। इसकी मूल अवधि 15 साल होती है।फिलहाल PPF पर 7.10 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है। ब्याज की गणना मासिक आधार पर निर्धारित न्यूनतम शेष राशि के अनुसार होती है और सालाना खाते में जोड़ी जाती है। पात्र निवेशकों को लागू आयकर कानून के तहत टैक्स लाभ भी मिल सकते हैं। मैच्योरिटी के बाद निर्धारित नियमों के अनुसार खाते को आगे बढ़ाने का विकल्प उपलब्ध है।NSC और KVP: सुरक्षित निवेश के दो विकल्पनेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) पांच साल की अवधि वाला निवेश विकल्प है। अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही में इस पर 7.70 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है। इसमें न्यूनतम 1,000 रुपये से निवेश किया जा सकता है और इसके बाद 100 रुपये के गुणक में रकम जमा की जा सकती है। इसमें अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है। पात्र निवेशकों को लागू नियमों के तहत टैक्स लाभ भी मिल सकता है।किसान विकास पत्र (KVP) उन निवेशकों के लिए एक विकल्प है जो अपनी जमा रकम को निर्धारित अवधि में दोगुना करना चाहते हैं। फिलहाल इस पर 7.50 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है। मौजूदा दर के अनुसार निवेश की रकम 115 महीने यानी 9 साल और 7 महीने में दोगुनी होती है। इसमें न्यूनतम 1,000 रुपये से निवेश किया जा सकता है।Senior Citizen Savings Scheme: बुजुर्गों के लिए खास बचत योजनावरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों के लिए बनाई गई है। कुछ निर्धारित शर्तों के तहत 55 से 60 वर्ष के बीच सेवानिवृत्त व्यक्ति भी इसमें निवेश कर सकते हैं।इस योजना पर 8.20 प्रतिशत सालाना ब्याज दिया जा रहा है। इसकी अवधि पांच साल है और अधिकतम निवेश सीमा 30 लाख रुपये है। इसमें ब्याज का भुगतान तिमाही आधार पर होता है। रिटायरमेंट के बाद नियमित ब्याज आय चाहने वाले लोगों के लिए यह एक महत्वपूर्ण विकल्प है।Post Office Time Deposit: एक से पांच साल तक निवेश का विकल्पपोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (TD) को बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट की तरह समझा जा सकता है। इसमें एक, दो, तीन और पांच साल की अवधि के लिए रकम जमा की जा सकती है। अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही में इसकी ब्याज दरें क्रमशः 6.90 प्रतिशत, 7.00 प्रतिशत, 7.10 प्रतिशत और 7.50 प्रतिशत हैं।इसमें न्यूनतम 1,000 रुपये से निवेश किया जा सकता है। पांच साल की टाइम डिपॉजिट में निवेश करने पर लागू आयकर नियमों के तहत टैक्स लाभ भी मिल सकता है।Post Office Savings Account: रोजमर्रा की बचत के लिए खातापोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट में न्यूनतम 500 रुपये से खाता खोला जा सकता है। इस पर फिलहाल 4 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है। यह उन लोगों के लिए उपयोगी है जो अपनी रकम सुरक्षित रखने के साथ सामान्य बैंकिंग सुविधाओं का लाभ लेना चाहते हैं। पात्र खाताधारक नेट बैंकिंग और ई-पासबुक जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।पोस्ट ऑफिस में खाता खोलने के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?पोस्ट ऑफिस की अधिकतर बचत योजनाओं में खाता खोलने के लिए पहचान और पते का प्रमाण, पैन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और आवश्यक आवेदन फॉर्म मांगे जा सकते हैं। नाबालिग के नाम पर खाता खोलने के लिए अभिभावक के दस्तावेज भी जरूरी होते हैं। योजना के अनुसार अतिरिक्त दस्तावेज और पात्रता की शर्तें अलग-अलग हो सकती हैं।निवेश करने से पहले इन बातों का रखें ध्यानपोस्ट ऑफिस की योजनाओं में निवेश करने से पहले अपनी जरूरत, निवेश की अवधि और पैसे की उपलब्धता को समझना जरूरी है। RD नियमित मासिक बचत के लिए, MIS मासिक ब्याज आय के लिए, SSY बेटी के भविष्य के लिए और PPF लंबी अवधि की बचत के लिए उपयोगी हो सकता है। वहीं NSC, KVP और टाइम डिपॉजिट अलग-अलग अवधि के निवेश विकल्प उपलब्ध कराते हैं।ध्यान रखें कि ब्याज दरें समय-समय पर बदल सकती हैं। इसलिए निवेश से पहले इंडिया पोस्ट की आधिकारिक वेबसाइट या अपने नजदीकी डाकघर से नवीनतम दरों, पात्रता, निकासी और टैक्स संबंधी नियमों की पुष्टि जरूर करें। किसी भी योजना में निवेश करने का फैसला केवल ब्याज दर देखकर नहीं, बल्कि अपनी वित्तीय जरूरत और लक्ष्य के अनुसार लेना चाहिए।
सादी पूड़ी छोड़ें, त्योहार पर बनाएं मैदा की करारी-क्रिस्पी पूड़ियां
अगर आप भी त्योहारों के इस सीजन में पूड़ियां बना रहे हैं तो इस बार सादी नहीं बल्कि मैदा की खस्ता पूड़ियां बनाएं. ये आपको बिलकुल अलग स्वाद देंगी और घरवालों को भी खूब पसंद आएंगी.
होर्मुज में पहली बार 'चुंबक बम' से हमला, 27 भारतीयों वाले टैंकर को बनाया निशाना
होर्मुज जलडमरूमध्य में 27 भारतीय नाविकों को लेकर जा रहे तेल टैंकर MT LOUISE 1 पर लिंपेट माइंस यानी चुंबक बम से हमला किया गया. धमाके के बाद जहाज के इंजन रूम में आग लग गई, लेकिन सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं. केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इसकी पुष्टि की.
पंजाब नेशनल बैंक की ग्रेटर नोएडा शाखा में 35 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जो बैंक कर्मचारियों द्वारा किए गए घोटालों का एक उदाहरण है।
लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स पर बड़ा अपडेट; पूरी छूट मिलना मुश्किल, बजट में आंशिक राहत के संकेत
शेयर बाजार से विदेशी निवेश की बिकवाली के बीच बजट में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (एलटीसीजी) टैक्स हटाने पर चर्चा है।
रिटायरमेंट के बाद नियमित मासिक खर्चों को संभालने के लिए बिना किसी बाजार जोखिम के एक सुरक्षित और गारंटीड आय स्रोत होना सबसे बड़ी प्राथमिकता बन जाता है। शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव या म्यूचुअल फंड के जोखिम से दूर रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों और रूढ़िवादी निवेशकों के लिए डाकघर की 'मंथली इनकम स्कीम' (Post Office Monthly Income Scheme - POMIS) एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरी है। इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें आपका मूलधन भारत सरकार की सॉवरेन गारंटी के साथ 100% सुरक्षित रहता है और हर महीने एक तय ब्याज सीधे आपके बैंक या बचत खाते में क्रेडिट हो जाता है। यदि आप अपने जीवनसाथी के साथ मिलकर इस योजना में ₹15 लाख का एकमुश्त निवेश करते हैं, तो आपको अगले 5 वर्षों तक हर महीने ₹9,250 की निश्चित पेंशन जैसी आय प्राप्त होती है।Post Office MIS क्या है और इस पर कितनी ब्याज दर मिल रही हैडाकघर मासिक आय योजना (POMIS) वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समर्थित एक लघु बचत योजना है। इस योजना की परिपक्वता अवधि (Tenure) ठीक 5 वर्ष (60 महीने) निर्धारित की गई है। योजना में वर्तमान में 7.4% प्रति वर्ष की दर से ब्याज दिया जा रहा है। यह ब्याज संचयी (Cumulative) नहीं होता, बल्कि हर महीने साधारण ब्याज के रूप में निवेशक के खाते में भेज दिया जाता है। इसका अर्थ यह है कि आपका मूलधन ज्यों का त्यों बना रहता है और उस पर बनने वाला ब्याज आपकी मासिक जरूरतों को पूरा करने के लिए उपलब्ध रहता है। 5 साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद आपकी पूरी मूल राशि आपको वापस लौटा दी जाती है।₹15 लाख जमा करने पर ₹9,250 मासिक ब्याज का पूरा हिसाबडाकघर के नियमों के अनुसार, मासिक ब्याज की गणना साधारण ब्याज के फॉर्मूले से की जाती है: $ ext{मासिक ब्याज} = frac{ ext{मूलधन} imes ext{वार्षिक ब्याज दर}}{12}$। जब एक संयुक्त खाताधारक परिवार ₹15 लाख की अधिकतम सीमा जमा करता है, तो इसका गणित इस प्रकार काम करता है:निवेश विवरणएकल खाता (Single Account)संयुक्त खाता (Joint Account)जमा राशि (मूलधन)₹9,00,000₹15,00,000लागू वार्षिक ब्याज दर7.4%7.4%सालाना कुल ब्याज₹66,600₹1,11,000हर महीने मिलने वाला ब्याज₹5,550₹9,2505 साल में कुल अर्जित ब्याज₹3,33,000₹5,55,0005 साल बाद वापस मिलने वाला मूलधन₹9,00,000₹15,00,000इस प्रकार, 5 साल की अवधि में ₹15 लाख के निवेश पर कुल ₹5,55,000 का ब्याज प्राप्त होता है और मैच्योरिटी पर पूरे ₹15 लाख सुरक्षित वापस मिल जाते हैं।निवेश की सीमा और खाता खोलने से जुड़े महत्वपूर्ण नियमडाकघर मासिक आय योजना में कोई भी भारतीय नागरिक व्यक्तिगत रूप से या संयुक्त रूप से खाता खोल सकता है। इसमें न्यूनतम ₹1,000 से निवेश शुरू किया जा सकता है। अधिकतम निवेश सीमा के संदर्भ में सरकार ने स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए हैं:एकल खाता (Single Account): एक व्यक्ति अपने नाम पर अधिकतम ₹9 लाख तक का निवेश कर सकता है।संयुक्त खाता (Joint Account): अधिकतम 3 वयस्क मिलकर एक संयुक्त खाता खोल सकते हैं, जिसमें कुल मिलाकर ₹15 लाख तक जमा किए जा सकते हैं। संयुक्त खाते में सभी खाताधारकों की हिस्सेदारी बराबर मानी जाती है।नाबालिगों के नाम खाता: 10 वर्ष से अधिक उम्र के नाबालिग के नाम पर भी अभिभावक द्वारा खाता खोला जा सकता है, जिसकी अलग सीमा ₹3 लाख तक मान्य होती है। ध्यान रहे कि एक व्यक्ति विभिन्न डाकघरों में कई एमआईएस खाते रख सकता है, लेकिन सभी खातों को मिलाकर उसकी कुल व्यक्तिगत जमा सीमा ₹9 लाख से अधिक नहीं हो सकती।समय से पहले निकासी (Premature Closure) के सख्त नियमयद्यपि योजना की परिपक्वता अवधि 5 वर्ष है, लेकिन आकस्मिक वित्तीय जरूरतों के लिए समय से पहले खाता बंद करने की सुविधा भी दी जाती है। हालांकि इसके लिए कुछ पेनल्टी नियम तय हैं:खाता खुलने के 1 वर्ष के भीतर: किसी भी स्थिति में मूलधन की निकासी या खाता बंद करने की अनुमति नहीं होती।1 वर्ष से 3 वर्ष के बीच निकासी: यदि खाता 1 वर्ष पूरा होने के बाद और 3 वर्ष से पहले बंद किया जाता है, तो कुल जमा मूलधन से 2% की राशि काटकर शेष रकम लौटाई जाती है।3 वर्ष से 5 वर्ष के बीच निकासी: 3 वर्ष पूरे होने के बाद खाता बंद करने पर मूलधन से 1% की कटौती की जाती है।समय से पहले बंद करने पर जो मासिक ब्याज आप पहले प्राप्त कर चुके हैं, उसमें से कोई कटौती नहीं की जाती, केवल मूलधन से निर्धारित प्रतिशत काटा जाता है।टैक्स नियम और ब्याज भुगतान की व्यवस्थाडाकघर मासिक आय योजना में मिलने वाला ब्याज पूरी तरह कर-योग्य (Taxable) होता है। यह ब्याज निवेशक की कुल वार्षिक आय में जुड़ता है और उसके लागू इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार कर निर्धारित होता है। हालांकि, इस योजना में डाकघर द्वारा स्रोत पर कोई कर कटौती (No TDS) नहीं की जाती, बशर्ते निवेशक अपनी आयकर विवरणी (ITR) में इसे 'Income from Other Sources' के तहत दर्शाए। इस योजना में धारा 80C के तहत निवेश राशि पर कोई कर छूट नहीं मिलती। मासिक ब्याज प्राप्त करने के लिए निवेशक को उसी डाकघर में एक बचत खाता (Savings Account) खुलवाना होता है, जहां हर महीने की तय तारीख पर ब्याज राशि स्वतः ट्रांसफर (ECS / Auto-Credit) हो जाती है। यदि निवेशक चाहे तो उस ब्याज को डाकघर के रिकरिंग डिपॉजिट (RD) खाते में ऑटो-डेबिट करवाकर चक्रवृद्धि लाभ भी उठा सकता है।डाकघर में MIS खाता खोलने की पूरी प्रक्रियाडाकघर में एमआईएस खाता खोलने के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों ही प्रक्रियाएं बेहद सुगम हैं:अपने नजदीकी डाकघर की शाखा में जाएं और POMIS खाता खोलने का फॉर्म (Form-1) प्राप्त करें।फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, संयुक्त खाताधारकों का विवरण (यदि लागू हो) और नॉमिनी का नाम सही-सही दर्ज करें।पहचान प्रमाण और पते के प्रमाण के रूप में अपने पैन कार्ड और आधार कार्ड की स्व-सत्यापित प्रति संलग्न करें।हालिया पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो और डाकघर बचत खाते की पासबुक की प्रति लगाएं।निर्धारित निवेश राशि चेक अथवा ड्राफ्ट के माध्यम से जमा करें। खाता सक्रिय होते ही आपको एक एमआईएस पासबुक जारी कर दी जाएगी, जिसमें जमा की गई राशि, मासिक ब्याज दर और मासिक भुगतान की तारीख दर्ज होगी। यह योजना उन सभी वरिष्ठ नागरिकों और सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए सबसे मुफीद है जो बिना किसी मानसिक तनाव के हर महीने एक बंधी-बंधाई सम्मानजनक आय चाहते हैं।
केंद्र सरकार की बड़ी पहल; अब गांवों तक पहुंचेगा EV चार्जिंग नेटवर्क, पंचायतें लीज पर देंगी जमीन
केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार के लिए पंचायती राज मंत्रालय और सीईएसएल के बीच समझौता किया है।
अंतरिक्ष में बड़ी छलांग, भारत लॉन्च करने जा रहा अगली पीढ़ी का NVS-03 सैटेलाइट
ISRO जल्दी ही नेविगेशन की अगली पीढ़ी के लिए सैटेलाइट NVS-03 लॉन्च करने जा रहा है।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के होनहार बच्चों की स्कूली शिक्षा बीच में न छूटे, इसके लिए शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 'नेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम' (NMMSS) का संचालन किया जा रहा है। अक्सर देखा जाता है कि कक्षा 8वीं पास करने के बाद पारिवारिक तंगी के कारण कई मेधावी छात्र स्कूल छोड़ देते हैं। इस ड्रॉपआउट दर को रोकने और माध्यमिक स्तर पर पढ़ाई को निरंतर बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार इस योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से लेकर 12वीं तक हर साल ₹12,000 (यानी ₹1,000 प्रति माह) की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर करती है। प्रतिवर्ष पूरे देश से 1 लाख नए विद्यार्थियों को इस प्रतिष्ठित छात्रवृत्ति के लिए चुना जाता है। यदि आपके घर या पड़ोस में भी कोई छात्र कक्षा 8वीं में अध्ययनरत है, तो इस योजना के नियम और आवेदन की प्रक्रिया विस्तार से समझना बेहद जरूरी है।NMMSS स्कॉलरशिप क्या है और इसके तहत कितनी सहायता मिलती हैनेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप केंद्र सरकार की पूरी तरह से वित्तपोषित एक प्रमुख कल्याणकारी छात्रवृत्ति योजना है। इस योजना के तहत कक्षा 8वीं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए राज्य स्तर पर एक चयन परीक्षा (NMMS Exam) आयोजित की जाती है। जो छात्र इस लिखित परीक्षा को उत्तीर्ण कर मेरिट सूची में स्थान बनाते हैं, उन्हें कक्षा 9वीं में प्रवेश लेते ही छात्रवृत्ति मिलनी शुरू हो जाती है। योजना के तहत कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं तक लगातार 4 वर्षों तक प्रतिवर्ष ₹12,000 की सहायता राशि दी जाती है, यानी 4 साल में छात्र को कुल ₹48,000 का शिक्षा अनुदान प्राप्त होता है। यह पूरी राशि पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) और डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए सीधे छात्र के बैंक खाते में भेजी जाती है।NMMSS के लिए कौन कर सकता है आवेदन: पात्रता और योग्यता की शर्तेंइस छात्रवृत्ति योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए सरकार ने सख्त और पारदर्शी पात्रता मानदंड तय किए हैं। सबसे पहली शर्त यह है कि विद्यार्थी वर्तमान में किसी राज्य सरकार के स्कूल, सरकारी सहायता प्राप्त (Government-Aided) स्कूल अथवा स्थानीय निकाय (Local Body/Municipal) द्वारा संचालित स्कूल में कक्षा 8वीं का नियमित छात्र होना चाहिए। छात्र ने कक्षा 7वीं की वार्षिक परीक्षा न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों (या समकक्ष ग्रेड) के साथ उत्तीर्ण की हो। अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के विद्यार्थियों को अंकों में 5 प्रतिशत की छूट दी जाती है, यानी उनके लिए 7वीं में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं। पारिवारिक आय की दृष्टि से छात्र के माता-पिता की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय ₹3,50,000 (साढ़े तीन लाख रुपये) से अधिक नहीं होनी चाहिए।कौन से छात्र नहीं हैं इस योजना के पात्रकेंद्र सरकार ने इस योजना को केवल आर्थिक रूप से वंचित और सामान्य सरकारी स्कूलों के बच्चों तक सीमित रखने के लिए कुछ श्रेणियों को स्पष्ट रूप से बाहर रखा है। निजी (Private/Unaided) स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे इस स्कॉलरशिप के लिए आवेदन नहीं कर सकते। इसके अलावा, केंद्रीय विद्यालय (Kendriya Vidyalaya), जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV), और सैनिक स्कूलों (Sainik Schools) के छात्र भी इसके पात्र नहीं हैं। साथ ही, वे विद्यार्थी जो राज्य सरकार द्वारा संचालित ऐसे आवासीय स्कूलों (Residential Schools) में पढ़ते हैं जहां रहने, खाने और पढ़ाई की सभी सुविधाएं सरकार द्वारा पूरी तरह निःशुल्क दी जाती हैं, उन्हें भी इस योजना में शामिल नहीं किया जाता।NMMSS चयन परीक्षा का स्वरूप और सिलेबसछात्रवृत्ति के लिए योग्य अभ्यर्थियों का चयन राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) द्वारा आयोजित दो चरणों वाली लिखित परीक्षा के आधार पर होता है। इस परीक्षा में दो प्रमुख पेपर होते हैं: पहला 'मेंटल एबिलिटी टेस्ट' (MAT - मानसिक योग्यता परीक्षा) और दूसरा 'स्कॉलैस्टिक एप्टीट्यूड टेस्ट' (SAT - शैक्षिक अभिक्षमता परीक्षा)। MAT के अंतर्गत 90 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) पूछे जाते हैं, जो तर्कशक्ति, कोडिंग-डिकोडिंग, पैटर्न और विश्लेषणात्मक क्षमता पर आधारित होते हैं। वहीं SAT में 90 प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनमें कक्षा 7वीं और 8वीं के पाठ्यक्रम के विज्ञान (35 प्रश्न), सामाजिक विज्ञान (35 प्रश्न) और गणित (20 प्रश्न) शामिल होते हैं। दोनों पेपर 90-90 मिनट के होते हैं और सामान्य वर्ग के छात्रों को दोनों पेपरों में मिलाकर कम से कम 40% अंक तथा आरक्षित वर्ग (SC/ST) को न्यूनतम 32% अंक उत्तीर्ण होने के लिए लाने होते हैं।आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों की सूचीपरीक्षा और नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) पर पंजीकरण के लिए छात्र के पास कुछ आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार होने चाहिए:छात्र का पहचान पत्र एवं जन्म प्रमाण पत्र।कक्षा 7वीं की अंकतालिका (Mark Sheet) की सत्यापित प्रति।सक्षम राजस्व अधिकारी (तहसीलदार या एसडीएम) द्वारा जारी चालू वर्ष का वैध पारिवारिक आय प्रमाण पत्र (Income Certificate)।यदि लागू हो, तो सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate)।दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अधिकृत प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र।छात्र के स्वयं के नाम से खुला हुआ सक्रिय बचत बैंक खाता पासबुक (जो नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया - NPCI से लिंक्ड हो)।हालिया पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो और वर्तमान स्कूल से प्राप्त बोनाफाइड प्रमाणपत्र।दो चरणों में पूरी होने वाली आवेदन प्रक्रियाNMMSS का लाभ लेने की प्रक्रिया दो अलग-अलग चरणों में पूरी होती है। पहले चरण में छात्र को कक्षा 8वीं में पढ़ते हुए अपने राज्य के संबंधित SCERT या परीक्षा नियामक प्राधिकारी के पोर्टल (या स्कूल के प्रधानाचार्य के माध्यम से ऑफलाइन/ऑनलाइन) पर राज्य स्तरीय चयन परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करना होता है। राज्य परीक्षा पास करने और जिले की मेरिट लिस्ट में नाम आने के बाद दूसरा चरण शुरू होता है। दूसरे चरण में छात्र को कक्षा 9वीं में प्रवेश लेने पर केंद्र सरकार के नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (scholarships.gov.in) पर जाकर अपना वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) पूरा करना होता है। लॉगिन के बाद 'National Means-cum-Merit Scholarship Scheme' का चयन कर अपना रोल नंबर, स्कूल विवरण और बैंक जानकारी दर्ज करनी होती है। स्कूल नोडल अधिकारी द्वारा सत्यापन के बाद छात्रवृत्ति की राशि जारी कर दी जाती है।9वीं से 12वीं तक छात्रवृत्ति जारी रखने के लिए रिन्यूअल के कड़े नियमNMMSS केवल एक बार मिलने वाला पुरस्कार नहीं है, बल्कि यह 4 साल का वित्तीय संबल है। हालांकि, हर साल छात्रवृत्ति को चालू (Renewal) रखने के लिए विद्यार्थी को अपनी अकादमिक प्रगति बनाए रखनी होती है। कक्षा 9वीं से 10वीं में रिन्यूअल के लिए छात्र को 9वीं की परीक्षा में न्यूनतम 55% अंक (SC/ST के लिए 50%) प्राप्त कर उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में छात्र को कम से कम 60% अंक (SC/ST के लिए 55%) हासिल करने होंगे, तभी कक्षा 11वीं में छात्रवृत्ति जारी रहेगी। इसके बाद कक्षा 11वीं की परीक्षा पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण करने पर 12वीं कक्षा की अंतिम छात्रवृत्ति राशि खाते में जमा की जाती है। यदि कोई छात्र किसी कक्षा में अनुत्तीर्ण हो जाता है या पढ़ाई छोड़ देता है, तो उसकी छात्रवृत्ति स्थाई रूप से रोक दी जाती है।
3500 घंटे की उड़ान, 20 से ज्यादा विमान... कौन हैं आशुतोष दीक्षित, बनेंगे 29वें वायुसेना प्रमुख
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित 31 अक्टूबर को भारत के 29वें वायुसेना प्रमुख बनेंगे। आइए जानते हैं उनका अब तक का सफर।
पंजाब में राहुल गांधी की इंसाफ रैली, भगवंत मान के गढ़ में कांग्रेस का बड़ा दांव; 40 सीटों पर फोकस
पटियाला में मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व सांसद और कांग्रेस चुनाव प्रबंधन व समन्वय समिति के अध्यक्ष विजय इंदर सिंगला ने बताया कि भले ही इस रैली में पूरे पंजाब से लोग पहुंचेंगे, लेकिन फोकस में 40 सीटें रहेंगी।
त्योहारी सीजन के बीच देश के लाखों गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। दिन-रात सड़कों पर धूप, बारिश और ठंड की परवाह किए बिना घर-घर खाना पहुंचाने वाले ज़ोमैटो (Zomato) व स्विगी (Swiggy) के डिलीवरी पार्टनर्स, ओला-उबर (Ola-Uber) जैसी कंपनियों के कैब ड्राइवर्स और क्विक-कॉमर्स (Blinkit, Zepto, Instamart) से जुड़े लाखों डिलीवरी एजेंट्स के लिए सरकार ने एक समर्पित 'सोशल सिक्योरिटी बोर्ड' (Social Security Board) स्थापित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। लंबे समय से असंगठित क्षेत्र की तरह बिना किसी सामाजिक सुरक्षा कवच के काम कर रहे इन ऑन-डिमांड कर्मचारियों को अब औपचारिक रूप से पेंशन, स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना कवर और आपातकालीन वित्तीय सहायता के दायरे में लाया जा रहा है।गिग वर्कर्स सोशल सिक्योरिटी बोर्ड क्या है और इसका गठन क्यों जरूरी थादेशभर में गिग इकोनॉमी तेजी से बढ़ी है, लेकिन इससे जुड़े कामगारों को औपचारिक कर्मचारियों की तरह भविष्य निधि (PF), ग्रेच्युटी या ईएसआई (ESI) जैसे कानूनी लाभ नहीं मिलते थे। सामाजिक सुरक्षा संहिता (Code on Social Security) के अंतर्गत गठित होने वाला यह 'सोशल सिक्योरिटी वेलफेयर बोर्ड' सीधे तौर पर श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की निगरानी में काम करेगा। इस बोर्ड में केंद्र व राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, प्रमुख एग्रीगेटर कंपनियों (जैसे स्विगी, ज़ोमैटो, जोमैटो, उबर, अर्बन कंपनी) के अधिकारी और खुद गिग कामगारों के चुने हुए प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसका मुख्य काम इन प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए कल्याणकारी नीतियां तैयार करना, उनके अधिकारों की रक्षा करना और कंपनियों द्वारा उनके कल्याण में योगदान की निगरानी करना है।वेलफेयर सेस और फंडिंग मॉडल: कैसे तैयार होगा सुरक्षा फंडगिग वर्कर्स के सामाजिक सुरक्षा कोष को बनाए रखने के लिए सरकार ने एक अनूठा वित्तीय ढांचा तैयार किया है। इसके तहत एग्रीगेटर कंपनियों को अपने कुल वार्षिक टर्नओवर का 1 से 2 प्रतिशत हिस्सा अथवा गिग वर्कर को किए जाने वाले कुल भुगतान का एक निश्चित प्रतिशत (लगभग 5%) 'सोशल सिक्योरिटी फंड' में जमा करना अनिवार्य होगा। कई राज्यों में इसके लिए प्रति ट्रांजैक्शन या प्रति डिलीवरी एक न्यूनतम वेलफेयर सेस (कल्याण उपकर) का प्रावधान भी लागू किया जा रहा है। इस फंड से सरकार डिलीवरी बॉयज और कैब ड्राइवर्स के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का खर्च वहन करेगी, जिससे कंपनियों के मुनाफे का एक हिस्सा सीधे उन जमीनी कर्मचारियों की सुरक्षा में लगेगा जो दिन-रात काम करते हैं।डिलीवरी पार्टनर्स और कैब ड्राइवर्स को मिलने वाले प्रमुख फायदेइस बोर्ड के अस्तित्व में आने से जमीनी स्तर पर काम करने वाले लाखों युवाओं को कई प्रत्यक्ष लाभ मिलने जा रहे हैं:मुफ्त दुर्घटना व जीवन बीमा: ड्यूटी के दौरान सड़क दुर्घटना की स्थिति में ₹2 लाख से लेकर ₹5 लाख तक का गारंटीड एक्सीडेंटल कवर और दिव्यांगता मुआवजा।स्वास्थ्य सुरक्षा व ओपीडी कवर: श्रमिक और उसके परिवार के लिए सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं (जैसे आयुष्मान भारत) से सीधा जुड़ाव और सामान्य बीमारियों के इलाज की सहायता।मातृत्व व आपातकालीन लाभ: महिला डिलीवरी पार्टनर्स के लिए सवेतन मातृत्व अवकाश (Maternity Benefit) और आपातकालीन वित्तीय अनुदान।पेंशन और भविष्य निधि का विकल्प: एक निश्चित अवधि तक काम करने वाले सक्रिय पार्टनर्स के लिए सूक्ष्म-पेंशन (Micro-Pension) और बचत योजना की शुरुआत।शिकायत निवारण तंत्र (Grievance Redressal): कंपनियों द्वारा बिना उचित कारण के अकाउंट सस्पेंड करने, आईडी ब्लॉक करने या इंसेंटिव में कटौती के मामलों की निष्पक्ष सुनवाई के लिए समर्पित लीगल सेल।ई-श्रम पोर्टल पर अनिवार्य पंजीकरण और यूनिक वर्कर आईडीइस सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का लाभ उठाने के लिए सभी गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को केंद्रीय ई-श्रम (e-Shram) पोर्टल पर खुद को पंजीकृत करना होगा। सरकार इसके लिए विशेष शिविर और कंपनियों के हब पर रजिस्ट्रेशन ड्राइव चला रही है। पंजीकरण के बाद प्रत्येक डिलीवरी पार्टनर या ड्राइवर को एक 12-अंकों का 'यूनिक गिग वर्कर आईडी' (UAN) जारी किया जाएगा। यह आईडी पूरी तरह पोर्टेबल होगी, जिसका अर्थ यह है कि यदि कोई कर्मचारी आज ज़ोमैटो में काम कर रहा है और कल स्विगी, जेप्टो या किसी अन्य कंपनी में चला जाता है, तो भी उसका सुरक्षा रिकॉर्ड और संचित लाभ समाप्त नहीं होगा।ऑनलाइन पंजीकरण की आसान और सुगम प्रक्रियापात्र डिलीवरी एजेंट या कैब ड्राइवर को आधिकारिक ई-श्रम पोर्टल (eshram.gov.in) पर जाना होगा या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर संपर्क करना होगा।अपना आधार नंबर दर्ज करके मोबाइल ओटीपी के जरिए ई-केवाईसी सत्यापन पूरा करना होगा।व्यवसाय श्रेणी में 'Gig and Platform Worker' का चयन करना होगा और जिस एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म (Zomato, Swiggy, Ola, Uber आदि) से जुड़े हैं, उसकी पार्टनर आईडी दर्ज करनी होगी।अपना सक्रिय बचत बैंक खाता नंबर और आईएफएससी कोड भरें ताकि किसी भी लाभ का भुगतान सीधे खाते में (DBT द्वारा) हो सके।विवरण सबमिट करते ही आपका डिजिटल 'ई-श्रम गिग कार्ड' जनरेट हो जाएगा, जिसे डाउनलोड करके अपने पास सुरक्षित रखा जा सकता है।सरकार के इस कदम से न केवल त्योहारों के समय डिलीवरी पार्टनर्स और ड्राइवरों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि देश के अनौपचारिक श्रम क्षेत्र को एक मजबूत और टिकाऊ सुरक्षा तंत्र भी मिलेगा।
दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों, जैसे बच्चों की उच्च शिक्षा या रिटायरमेंट फंड बनाने के लिए पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) और म्यूचुअल फंड सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) दो सबसे पसंदीदा निवेश विकल्प हैं। दोनों ही माध्यमों में नियमित रूप से छोटी-छोटी बचत जमा करने की सुविधा मिलती है, लेकिन रिटर्न, रिस्क और पूंजी वृद्धि के मामले में दोनों एक-दूसरे से काफी अलग हैं। यदि आप हर महीने ₹5,000 की बचत 15 साल के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो यह समझना जरूरी है कि आपके पैसे पर कहां ज्यादा मुनाफा मिलेगा और किसका रिस्क प्रोफाइल आपके अनुकूल है।15 साल में ₹5,000 मासिक निवेश: PPF और SIP के रिटर्न का सीधा गणित15 वर्षों की अवधि में हर महीने ₹5,000 जमा करने पर आपका कुल मूलधन निवेश (Total Invested Capital) ₹9,00,000 (9 लाख रुपये) होगा। इस अवधि के दौरान दोनों माध्यमों में बनने वाला अनुमानित फंड इस प्रकार है:विवरणपब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF)इक्विटी म्यूचुअल फंड (SIP)मासिक निवेश₹5,000 (सालाना ₹60,000)₹5,000कुल निवेशित राशि (15 वर्ष)₹9,00,000₹9,00,000अनुमानित वार्षिक रिटर्न7.1% (सरकारी गारंटी)12% (बाजार आधारित अनुमान)अनुमानित ब्याज / मुनाफालगभग ₹7,27,000लगभग ₹16,23,00015 साल बाद कुल फंड (मैच्योरिटी)लगभग ₹16.27 लाखलगभग ₹25.23 लाखयदि इक्विटी म्यूचुअल फंड का प्रदर्शन अधिक मजबूत रहता है और औसत रिटर्न 14% वार्षिक बैठता है, तो यही एसआईपी कॉर्पस 15 साल में बढ़कर लगभग ₹30.6 लाख तक पहुंच सकता है।पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF): 100% सॉवरेन गारंटी और टैक्स छूट का लाभपब्लिक प्रॉविडेंट फंड भारत सरकार द्वारा समर्थित एक लघु बचत योजना है। इसमें जमा पूंजी और मिलने वाले ब्याज दोनों पर 100% सरकारी गारंटी होती है, जिससे इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई जोखिम नहीं होता। पीपीएफ की सबसे बड़ी खूबी इसका 'EEE' (Exempt-Exempt-Exempt) टैक्स स्टेटस है। इसका मतलब है कि धारा 80C के तहत जमा राशि पर ₹1.5 लाख तक टैक्स छूट मिलती है, हर साल अर्जित होने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है, और मैच्योरिटी के समय मिलने वाली पूरी रकम पर भी कोई इनकम टैक्स नहीं देना होता। पीपीएफ का लॉक-इन पीरियड 15 साल का होता है, जिसे 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है।म्यूचुअल फंड SIP: वेल्थ क्रिएशन और महंगाई को मात देने वाला रिटर्नसिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) किसी इक्विटी या हाइब्रिड म्यूचुअल फंड में हर महीने तय रकम लगाने का जरिया है। यह पैसा शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में निवेश किया जाता है। ऐतिहासिक रूप से लंबी अवधि (10 से 15 साल) में डायवर्सिफाइड इक्विटी म्यूचुअल फंड्स ने 12% से 15% तक का चक्रवृद्धि रिटर्न (CAGR) दिया है। यह रिटर्न मुद्रास्फीति (महंगाई दर) को मात देकर बड़ा कॉर्पस तैयार करने में सक्षम है। हालांकि, एसआईपी में रिटर्न की कोई निश्चित गारंटी नहीं होती और अल्पकालिक उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ता है। टैक्स के मोर्चे पर, इक्विटी फंड्स में 1 साल से अधिक होल्डिंग पर ₹1.25 लाख तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स-फ्री रहता है, जबकि उससे अधिक के मुनाफे पर 12.5% की दर से टैक्स लागू होता है।रिस्क, लिक्विडिटी और फ्लेक्सिबिलिटी की तुलनासुरक्षा और तरलता के पैमाने पर दोनों विकल्पों में स्पष्ट अंतर देखने को मिलता है। पीपीएफ में पूंजी की पूरी सुरक्षा मिलती है, लेकिन 15 साल का सख्त लॉक-इन रहता है (यद्यपि 7वें वर्ष के बाद आंशिक निकासी और लोन की सीमित सुविधा उपलब्ध होती है)। दूसरी ओर, ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड एसआईपी में पूरी लिक्विडिटी मिलती है; निवेशक जब चाहे अपनी यूनिट्स बेचकर पैसा निकाल सकता है, एसआईपी की राशि बढ़ा या घटा सकता है, अथवा कभी भी इसे रोक (Pause) सकता है।आपके लिए कौन सा विकल्प बेहतर हैयदि आपका प्राथमिक उद्देश्य बिना किसी जोखिम के गारंटीड पूंजी सुरक्षित रखना और पूरी तरह टैक्स-मुक्त रिटर्न पाना है, तो PPF एक ठोस विकल्प है। वहीं यदि आपका नजरिया लंबी अवधि का है, आप बाजार के सामान्य उतार-चढ़ाव को झेलने की क्षमता रखते हैं और रिटायरमेंट या बच्चों के भविष्य के लिए बड़ा फंड बनाना चाहते हैं, तो म्यूचुअल फंड SIP कहीं अधिक धन जुटाकर दे सकता है। कई वित्तीय सलाहकार एक संतुलित रणनीति की सलाह देते हैं, जिसके तहत आप ₹5,000 में से ₹2,000 या ₹3,000 इक्विटी एसआईपी में और शेष राशि पीपीएफ में लगाकर सुरक्षा और ग्रोथ दोनों का लाभ ले सकते हैं।
मुंबई से गोरखपुर के लिए चलेगी स्पेशल ट्रेन, जानें तारीख और टाइमिंग
त्योहारी सीजन में मुंबई से यूपी जाने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है. पश्चिम रेलवे बांद्रा टर्मिनस और गोरखपुर के बीच नवंबर में चार स्पेशल ट्रेन सेवाएं चलाएगा. दोनों तरफ की ट्रेनें तय तारीखों पर रवाना होंगी. इनमें एसी, स्लीपर और जनरल कोच होंगे. टिकटों की बुकिंग 31 अक्टूबर से शुरू होगी.
राजधानी लखनऊ और उसके आसपास के प्रमुख हाईवे कॉरिडोर पर रियल एस्टेट निवेश की मांग तेजी से बढ़ रही है। बड़े शहरों में जमीनों की आसमान छूती कीमतों के बीच मध्यमवर्गीय परिवारों और नए निवेशकों के लिए किफायती आवासीय प्लॉट खरीदने का एक बेहतरीन अवसर सामने आया है। लखनऊ से लगभग 3 घंटे के सफर की दूरी पर स्थित इस नए प्रोजेक्ट में मात्र ₹12 लाख की शुरुआती कीमत पर प्लॉट की पेशकश की जा रही है। सबसे आकर्षक बात यह है कि खरीदार मात्र ₹63,000 की टोकन राशि जमा करके अपनी पसंदीदा लोकेशन पर प्लॉट की बुकिंग करा सकते हैं। 4-लेन राष्ट्रीय व राज्य राजमार्ग की सीधी कनेक्टिविटी होने की वजह से यह लोकेशन भविष्य में रिहायशी और कमर्शियल दोनों ही नजरिए से तेजी से मूल्य वृद्धि (Appreciation) की मजबूत संभावनाएं दर्शा रही है।कनेक्टिविटी और लोकेशन एडवांटेज जो इसे बनाते हैं खासकिसी भी अचल संपत्ति में निवेश का सबसे पहला और बुनियादी नियम लोकेशन व कनेक्टिविटी होता है। लखनऊ से 3 घंटे के दायरे में आने वाले प्रमुख हाईवे कॉरिडोर—चाहे वह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, अयोध्या-गोरखपुर हाईवे, कानपुर-झांसी रूट या बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जुड़े जिले हों—तेजी से औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित हो रहे हैं। इस टाउनशिप प्रोजेक्ट को सीधे 4-लेन चौड़े हाईवे से जोड़ा गया है, जिससे भारी ट्रैफिक की समस्या के बिना आवागमन सुगम रहता है। आसपास के प्रमुख जिला मुख्यालयों, रेलवे स्टेशनों और प्रस्तावित बाईपास से सीधी पहुंच होने के कारण यह दैनिक यात्रा और माल ढुलाई दोनों के लिहाज से अनुकूल बैठता है। हाईवे के किनारे बसने वाले प्रोजेक्ट्स में बुनियादी ढांचे का विस्तार हमेशा तेजी से होता है, जिससे आने वाले कुछ ही वर्षों में यहां बसावट और जमीन की दरों में भारी उछाल आने का अनुमान है।₹12 लाख में प्लॉट का आकार और टाउनशिप की बुनियादी सुविधाएंइस प्रोजेक्ट को विशेष रूप से बजट अनुकूल आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। ₹12 लाख की शुरुआती कीमत में आमतौर पर 800 से 1,000 वर्ग फुट (Sq. Ft.) के मानक आवासीय भूखंड उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जो एक मध्यम परिवार के लिए स्वतंत्र मकान बनाने हेतु पर्याप्त होते हैं। इसके अलावा बड़े प्लॉट (1,200 से 1,800 वर्ग फुट) के विकल्प भी मौजूद हैं। टाउनशिप के भीतर 30 से 40 फीट चौड़ी पक्की डामर सड़कें, स्ट्रीट लाइट्स, भूमिगत ड्रेनेज व सीवरेज लाइन और 24 घंटे सुरक्षा निगरानी के लिए गेटेड बाउंड्री वॉल की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही बच्चों के खेलने के लिए पार्क, हरित क्षेत्र और निर्बाध बिजली-पानी आपूर्ति के लिए बुनियादी ढांचे का विकास शुरुआती लेआउट प्लान में शामिल किया गया है।₹63,000 में बुकिंग और आसान ईएमआई (EMI) का भुगतान प्लानमध्यमवर्गीय वेतनभोगी वर्ग और छोटे कारोबारियों को एकमुश्त मोटी रकम देने के दबाव से बचाने के लिए बेहद लचीला पेमेंट प्लान पेश किया गया है। इच्छुक खरीदार मात्र ₹63,000 की शुरुआती बुकिंग राशि का भुगतान कर अपना प्लॉट नंबर ब्लॉक करा सकते हैं। इसके बाद अलॉटमेंट के समय कुल कीमत का 20 से 25 प्रतिशत भुगतान करना होता है, जबकि शेष राशि को 24 से 36 महीनों की आसान ब्याज-मुक्त या न्यूनतम ब्याज वाली किस्तों (EMIs) में चुकाने का विकल्प दिया जा रहा है। एकमुश्त (Full Payment) भुगतान करने वाले ग्राहकों के लिए रजिस्ट्री तुरंत कराने की सुविधा और कंपनी की ओर से विशेष छूट (Cash Discount) की पेशकश भी रखी गई है। बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) से लैंड लोन व कंस्ट्रक्शन लोन की सुविधा भी प्रोजेक्ट अप्रूवल के आधार पर उपलब्ध कराई जा रही है।कानूनी दस्तावेज और रेरा (RERA) रजिस्ट्रेशन की जांच जरूरीसस्ते प्लॉट के विज्ञापनों में निवेश करने से पहले खरीदारों को कुछ बेहद जरूरी कानूनी सावधानियां बरतनी चाहिए ताकि मेहनत की गाढ़ी कमाई सुरक्षित रहे। सबसे पहले यह जांच लें कि प्रोजेक्ट संबंधित राज्य के रेरा (UP RERA) से पंजीकृत है या नहीं, और उसका वैध रेरा रजिस्ट्रेशन नंबर क्या है। संबंधित विकास प्राधिकरण (Development Authority) या जिला पंचायत से लेआउट का विधिवत नक्शा पास होना अनिवार्य है। जमीन का दाखिल-खारिज (Mutation) और राजस्व अभिलेखों में 143/गैर-कृषि (Non-Agricultural) रूपांतरण की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। साइट विजिट करके मौके पर मौजूद खसरा नंबर और रजिस्ट्री पेपर पर दर्ज खसरा नंबर का मिलान अवश्य करें। किसी भी प्रकार के विवाद से बचने के लिए तहसील कार्यालय से 12 या 30 वर्षों का भार मुक्त प्रमाण पत्र (Encumbrance Certificate) निकलवाकर यह सुनिश्चित कर लें कि जमीन पर कोई पूर्व बैंक ऋण या कानूनी विवाद लंबित नहीं है।निवेश पर रिटर्न (ROI) और भविष्य में ग्रोथ की संभावनाएंरियल एस्टेट विशेषज्ञों के अनुसार, एक्सप्रेसवे और 4-लेन हाईवे से सीधे जुड़े उप-शहरी इलाकों में जमीन की कीमतें अगले 3 से 5 वर्षों में 15 से 20 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ने का रुझान देखा गया है। लखनऊ के कोर सिटी क्षेत्रों (जैसे गोमती नगर एक्सटेंशन, सुल्तानपुर रोड या अमर शहीद पथ) में जमीनों के दाम आम बजट से बाहर हो चुके हैं, जिससे छोटे व खुदरा निवेशक अब इन आउटर हाईवे कॉरिडोरों का रुख कर रहे हैं। यदि आपका उद्देश्य अगले 4-5 साल के लिए पूंजी निवेश करना है या रिटायरमेंट के बाद शांत वातावरण में घर बनाना है, तो कम पूंजी से शुरुआत करने के लिए यह प्रोजेक्ट एक व्यावहारिक विकल्प बन सकता है। किसी भी अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले प्रोजेक्ट साइट का स्वयं मुआयना करें और किसी स्वतंत्र कानूनी विशेषज्ञ से दस्तावेजों का सत्यापन जरूर करवाएं।
सुरक्षित निवेश और नियमित आय की तलाश करने वाले निवेशकों के लिए रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा भारत सरकार की ओर से जारी किए जाने वाले 'फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स' (FRSB) सबसे भरोसेमंद विकल्पों में गिने जाते हैं। यह योजना उन निवेशकों के लिए आदर्श मानी जाती है जो बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से बेहतर रिटर्न चाहते हैं और अपने मूलधन (प्रिंसिपल अमाउंट) पर 100% सॉवरेन सुरक्षा की गारंटी तलाशते हैं। 7 साल की परिपक्वता अवधि वाली इस योजना में हर 6 महीने में ब्याज का भुगतान सीधे निवेशक के बचत खाते में जमा कर दिया जाता है।RBI फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड क्या है और यह कैसे काम करता हैआरबीआई फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड (Taxable) एक सरकारी बचत योजना है, जिसे भारत सरकार की ओर से रिज़र्व बैंक संचालित करता है। इस बॉन्ड की परिपक्वता अवधि (Tenure) जारी होने की तारीख से ठीक 7 साल होती है। इसमें पारंपरिक एफडी की तरह निश्चित (Fixed) ब्याज दर नहीं होती, बल्कि यह फ्लोटिंग ब्याज दर पर काम करता है। इस बॉन्ड में संचयी (Cumulative) विकल्प मौजूद नहीं है, जिसका अर्थ यह है कि ब्याज को मैच्योरिटी तक रोका नहीं जा सकता; अर्जित ब्याज हर 6 महीने के अंतराल पर निवेशक के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाता है।ब्याज दर तय होने का फॉर्मूला और भुगतान चक्रइस बॉन्ड की ब्याज दर सीधे डाकघर की नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) योजना की ब्याज दर से जुड़ी होती है। भारत सरकार के निर्धारित फॉर्मूले के अनुसार, इसकी ब्याज दर हमेशा एनएससी दर से 0.35% (35 बेसिस प्वाइंट) अधिक रखी जाती है। केंद्र सरकार द्वारा हर 6 महीने में (1 जनवरी और 1 जुलाई) ब्याज दरों की समीक्षा कर इसे रीसेट किया जाता है। यदि एनएससी की दर 7.70% है, तो बॉन्ड पर 8.05% वार्षिक दर से ब्याज देय होता है। ब्याज की गणना छमाही आधार पर होती है और साल में दो बार—1 जनवरी और 1 जुलाई को ब्याज राशि सीधे निवेशक के लिंक्ड बैंक खाते में इलेक्ट्रॉनिक रूप से ट्रांसफर कर दी जाती है।निवेश की सीमा, पात्रता और डीमैट फॉर्म का स्वरूपइस बॉन्ड में न्यूनतम ₹1,000 से निवेश शुरू किया जा सकता है और इसके बाद ₹1,000 के गुणकों में निवेश की अनुमति होती है। अधिकतम निवेश की कोई ऊपरी सीमा (No Upper Limit) निर्धारित नहीं है, यानी निवेशक अपनी क्षमतानुसार जितनी चाहें उतनी राशि निवेश कर सकते हैं। पात्रता के मामले में केवल भारतीय नागरिक (वयस्क, या नाबालिग की ओर से अभिभावक) और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) ही इसमें निवेश कर सकते हैं। अनिवासी भारतीय (NRI) इस योजना में निवेश के पात्र नहीं हैं। यह बॉन्ड किसी भौतिक कागज के बजाय इलेक्ट्रॉनिक रूप में निवेशक के 'बॉन्ड लेजर अकाउंट' (Bond Ledger Account - BLA) में सुरक्षित रखा जाता है।मैच्योरिटी से पहले निकासी (Premature Withdrawal) के नियमसामान्य निवेशकों के लिए 7 साल का पूरा लॉक-इन पीरियड लागू रहता है और समय से पहले मूलधन निकालने की अनुमति नहीं होती। हालांकि, वरिष्ठ नागरिकों को लिक्विडिटी की सुविधा देने के लिए आयु वर्ग के आधार पर विशेष छूट दी गई है:60 से 70 वर्ष के निवेशकों के लिए लॉक-इन अवधि 6 वर्ष है।70 से 80 वर्ष के निवेशकों के लिए लॉक-इन अवधि 5 वर्ष निर्धारित है।80 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के बुजुर्गों के लिए लॉक-इन अवधि 4 वर्ष है।समय पूर्व निकासी की स्थिति में अंतिम 6 महीने के ब्याज का 50% पेनल्टी के रूप में काटा जाता है।टैक्स नियम, ट्रांसफर और लोन से जुड़ी महत्वपूर्ण पाबंदियांइस बॉन्ड से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह कर योग्य (Taxable) होता है और निवेशक की कुल आय में जोड़कर उसके लागू इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार कर निर्धारित होता है। यदि एक वित्तीय वर्ष में अर्जित ब्याज तय सीमा से अधिक होता है, तो बैंक या आरबीआई द्वारा स्रोत पर कर कटौती (TDS) की जाती है। यह बॉन्ड ट्रांसफरेबल नहीं होते, यानी इन्हें किसी दूसरे व्यक्ति को बेचा या उपहार स्वरूप ट्रांसफर नहीं किया जा सकता (सिवाय खाताधारक की मृत्यु के बाद नॉमिनी को ट्रांसफर करने के)। इसके अतिरिक्त, इस बॉन्ड को शेयर बाजार में ट्रेड नहीं किया जा सकता और न ही इसे बैंक या वित्तीय संस्थान में गिरवी रखकर लोन लिया जा सकता है।ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन कैसे करेंनिवेशक दो प्राथमिक माध्यमों से इन बॉन्ड्स की खरीद कर सकते हैं:RBI Retail Direct Portal: निवेशक सीधे रिज़र्व बैंक के ऑनलाइन पोर्टल (rbiretaildirect.org.in) पर जाकर अपना रिटेल डायरेक्ट गिल्ट (RDG) खाता खोल सकते हैं और बिना किसी दलाली या कमीशन के नेट बैंकिंग/यूपीआई से सीधे बॉन्ड खरीद सकते हैं।बैंक शाखा या नेट बैंकिंग: भारतीय स्टेट बैंक (SBI), अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और अधिकृत निजी बैंक (जैसे HDFC, ICICI, Axis) की शाखाओं अथवा उनकी अधिकृत इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं के जरिए भी आवेदन फॉर्म भरकर निवेश किया जा सकता है। इसके लिए निवेशक का पैन कार्ड, पहचान व पते का प्रमाण और बैंक पासबुक/कैंसिल्ड चेक आवश्यक होता है।
आपसी सहमति से हुए सेक्स को रिश्ता टूटने के बाद रेप नहीं माना जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
पीठ ने कहा कि किसी रिश्ते के दौरान आपसी सहमति से बने शारीरिक संबंधों को सिर्फ रिश्ता खत्म होने के बाद पीछे मुड़कर दुष्कर्म नहीं कहा जा सकता। शुरुआत से ही झूठ और धोखे के आधार पर सहमति हासिल करना अलग बात है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था और सामाजिक सुधारों के मोर्चे पर भारत ने एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व मुकाम हासिल किया है। विश्व बैंक (World Bank) द्वारा जारी 'पॉवर्टी एंड इक्विटी ब्रीफ' (Poverty and Equity Brief) के आधिकारिक आंकड़ों में खुलासा हुआ है कि भारत में पिछले 12 वर्षों (2011 से 2023) के दौरान गरीबी में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है। इस समयावधि में देश के करीब 50 करोड़ (अनुमानित 49.6 करोड़ यानी 496 मिलियन) लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठने में सफल रहे हैं। वैश्विक स्तर पर किसी भी लोकतांत्रिक देश में इतनी बड़ी आबादी का इतने कम समय में आर्थिक अभाव से बाहर निकलना एक असाधारण उपलब्धि माना जा रहा है।अत्यधिक गरीबी में भारी गिरावट: 27.1% से सिमटकर रह गई 2.6%विश्व बैंक की रिपोर्ट के मुख्य आंकड़ों के अनुसार, भारत में अत्यधिक गरीबी (Extreme Poverty) की दर में क्रांतिकारी कमी आई है। वर्ष 2011 में जहां देश की लगभग 27.1 प्रतिशत आबादी अत्यधिक गरीबी के दायरे में जीवन यापन कर रही थी, वहीं वर्ष 2023 तक यह आंकड़ा नाटकीय रूप से घटकर मात्र 2.6 प्रतिशत पर आ गया है। अंतरराष्ट्रीय गरीबी रेखा (2021 क्रय शक्ति समता यानी PPP आधार पर $3.00 प्रतिदिन) के पैमाने पर देखा जाए तो भारत ने लाखों परिवारों को बुनियादी अभाव से बाहर निकालने में निर्णायक सफलता पाई है।लोअर-मिडिल इनकम पावर्टी लाइन के मानक पर भी बड़ा सुधाररिपोर्ट में लोअर-मिडिल इनकम कंट्रीज (LMIC) के लिए तय गरीबी रेखा यानी $4.20 प्रतिदिन (2021 PPP) के मानक का भी विस्तृत विश्लेषण पेश किया गया है। वर्ष 2011 में भारत की 57.7 प्रतिशत जनसंख्या इस सीमा रेखा के नीचे जीवन यापन कर रही थी, जो 2023 में घटकर केवल 16.1 प्रतिशत रह गई है। इसका सीधा अर्थ यह है कि देश के करीब 49.6 करोड़ नागरिक आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित स्थिति में पहुंचे हैं और उनका जीवन स्तर न्यूनतम आवश्यकताओं से ऊपर उठ चुका है।प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) और लक्षित कल्याणकारी नीतियों की भूमिकाभारत में गरीबी उन्मूलन की इस तेज रफ्तार के पीछे केंद्र और राज्य सरकारों की लक्षित कल्याणकारी योजनाएं तथा डिजिटल बुनियादी ढांचे का अभूतपूर्व तालमेल मुख्य वजह रहा है। सरकारी योजनाओं का पैसा बिना किसी बिचौलिए के सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए पहुंचना व्यवस्था में पारदर्शिता लेकर आया। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के तहत मुफ्त राशन की गारंटी, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्के मकान, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण, हर घर नल से जल, उज्ज्वला योजना के जरिए रसोई गैस और आयुष्मान भारत के माध्यम से मुफ्त स्वास्थ्य सुरक्षा जैसे बहुआयामी कार्यक्रमों ने परिवारों के व्यक्तिगत खर्चों को काफी हद तक कम किया है।ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं का बढ़ता रोजगार और बुनियादी ढांचे का विकासविश्व बैंक के अध्ययन में इस बात को भी रेखांकित किया गया है कि गरीबी घटने में रोजगार सृजन और विशेषकर ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी का बड़ा योगदान रहा है। 2017 से 2023 के बीच लगभग 13.4 करोड़ (134 मिलियन) नए लोग कार्यबल में शामिल हुए, जिनमें ग्रामीण महिलाओं की वेतनभोगी और स्व-रोजगार में भागीदारी उल्लेखनीय रही। सड़कों के विस्तार, गांवों तक निर्बाध बिजली आपूर्ति, मोबाइल कनेक्टिविटी और स्थानीय सूक्ष्म उद्योगों (MSME) को मिले प्रोत्साहन ने दूर-दराज के इलाकों में भी जीवन स्तर और आय के साधनों को मजबूती दी है।वैश्विक स्तर पर भारत की साख और सतत विकास लक्ष्य (SDG)नीति आयोग के बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) के निष्कर्षों के बाद अब विश्व बैंक के इन स्वतंत्र आंकड़ों ने भारत के आर्थिक पुनरुत्थान पर वैश्विक मुहर लगा दी है। संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य (SDG-1) यानी 'शून्य गरीबी' की दिशा में भारत की यह प्रगति दुनिया के अन्य विकासशील देशों के लिए एक अध्ययन योग्य मॉडल बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बुनियादी गरीबी से उबरने के बाद अब देश का अगला चरण उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार, बेहतर कौशल विकास और वास्तविक आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करने पर केंद्रित होगा, ताकि मध्यम वर्ग का विस्तार और अधिक गति से हो सके।
Yogi Adityanath ने BJP कार्यकर्ताओं को चेताया, जाति के नाम पर बांटने वालों से रहें सतर्क
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं को ‘‘बंटेंगे नहीं तो कटेंगे भी नहीं’’ का संदेश देते हुए जाति के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति करने वालों से सतर्क रहने की शुक्रवार को अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विखंडन करने वाले लोग ‘‘बांटने में विश्वास करते हैं और इसी वजह से काटने में सफल होते हैं।’’योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए कार्यकर्ताओं से आगामी राजनीतिक चुनौतियों के मद्देनजर पूरी सक्रियता से जुटने, सरकार की उपलब्धियों को बूथ स्तर तक पहुंचाने और सोशल मीडिया पर ‘‘सकारात्मक दृष्टिकोण’’ के साथ प्रचार करने का आह्वान किया। आदित्यनाथ ने जाति के नाम पर समाज को बांटने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा, ‘‘विखंडन करने वाले लोग बांटने में विश्वास करते हैं और बांटने के कारण ही काटने में सफल होते हैं। इसलिए हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि बंटेंगे नहीं तो कटेंगे भी नहीं।’’मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की पहचान उसकी विचारधारा, मूल्यों और आदर्शों से है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्राथमिकताएं बदल सकती हैं, लेकिन पार्टी के मूल्य और विचारधारा नहीं बदलते और इसी विचारधारा के लिए पार्टी का कार्यकर्ता मान-सम्मान की चिंता किए बिना काम करता है। उन्होंने 30 अक्टूबर, 1990 की घटना का उल्लेख करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तत्कालीन सरकार ने राजनीतिक स्वार्थ के लिए रामभक्तों और कारसेवकों पर गोलियां चलवाई थीं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘उस घटना में अयोध्या की गलियां लहूलुहान हुई थीं और सरयू का जल रक्तरंजित हुआ था। हालांकि, उस समय कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया था कि लाठी-गोली खाएंगे, लेकिन मंदिर वहीं बनाएंगे।’’उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन का विरोध करने वाली सपा आज अयोध्या के विकास की बात करती है, जबकि कांग्रेस और सपा हमेशा इसके विकास में बाधा बनी रहीं। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि 2014 से पहले देश में गरीबी, भ्रष्टाचार, असुरक्षा और अव्यवस्था का माहौल था तथा गरीबों को केवल मतदाता समूह के रूप में देखा जाता था। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय अर्थव्यवस्था ‘फ्रेजाइल फाइव’ (आर्थिक दृष्टि से नाजुक राष्ट्र) देशों की श्रेणी से निकलकर दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुई है। मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का उल्लेख करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम विधानसभा की मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं। उन्होंने कहा कि 18 से 19 वर्ष की आयु के करीब 4.5 लाख युवाओं के नाम भी मतदाता सूची में शामिल किए जाने चाहिए। आदित्यनाथ ने जातीय सम्मेलनों के माध्यम से समाज को बांटने के बजाय सभी वर्गों को जोड़ने वाले कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया। उन्होंने महापुरुषों और वीरांगनाओं के योगदान को जन-जन तक पहुंचाने की अपील भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की समस्याएं सुनना और उनका समाधान करना जनप्रतिनिधियों का दायित्व है।
पंजाब चुनाव 2027: AAP कल जारी करेगी उम्मीदवारों की पहली लिस्ट
आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए 31 अक्टूबर को उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करेगी. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि शुक्रवार को अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के साथ हुई बैठक में कई नामों पर चर्चा हुई.
अमित शाह का हैदराबाद दौरा; 2 नवंबर को करेंगे पदयात्रा, कांग्रेस के अभियान का देंगे जवाब
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 2 नवंबर को हैदराबाद में बाबू जगजीवन राम की प्रतिमा से मोजमजाही चौराहा तक पदयात्रा करेंगे और लोगों को संबोधित करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बड़ी सिफारिश, छत्तीसगढ़ को 6 और मध्य प्रदेश को मिलेंगे 5 नए हाई कोर्ट जज
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में कुल 11 नए जजों की नियुक्ति को मंजूरी दी है।
सीएम उमर के खिलाफ बगावत? कैबिनेट फेरबदल से नाराज 15 विधायकों ने की सीक्रेट मीटिंग
कैबिनेट फेरबदल के बाद जम्मू-कश्मीर की सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस में नाराजगी बढ़ती नजर आ रही है. 15 से ज्यादा नाराज NC और निर्दलीय विधायकों ने श्रीनगर में बैठक कर आगे की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा की.
पूर्वोत्तर के पर्यटन को वैश्विक बाजार से जोड़ने की तैयारी, 1580 कारोबारी बैठकें
तवांग में आयोजित 14वें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट में पूर्वोत्तर के पर्यटन को वैश्विक बाजार से जोड़ने और रोजगार बढ़ाने पर जोर दिया गया।
घरेलू रसोई गैस सिलेंडर बुक करने के लिए गैस एजेंसी के चक्कर काटने या लंबी कतारों में खड़े होने का जमाना अब पूरी तरह बीत चुका है। देश की तीनों प्रमुख तेल विपणन कंपनियों—इंडियन ऑयल (Indane), भारत पेट्रोलियम (Bharat Gas) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HP Gas) ने अपनी रिफिल बुकिंग सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल और बेहद सुगम बना दिया है। अब उपभोक्ता अपने स्मार्टफोन, सामान्य मोबाइल फोन या कंप्यूटर के माध्यम से घर बैठे मात्र 1 मिनट में एलपीजी सिलेंडर बुक कर सकते हैं। इसके लिए WhatsApp मैसेज, मिस्ड कॉल, आईवीआरएस (IVRS) हेल्पलाइन नंबर, आधिकारिक मोबाइल ऐप्स और लोकप्रिय यूपीआई प्लेटफॉर्म्स जैसे कई विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। यदि आप भी बिना किसी परेशानी के तुरंत गैस सिलेंडर रीफिल कराना चाहते हैं, तो तीनों कंपनियों के लिए उपलब्ध सभी आसान बुकिंग तरीकों की विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है।WhatsApp के जरिए एलपीजी सिलेंडर बुक करने का सबसे आसान तरीकास्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए व्हाट्सएप आधारित बुकिंग सबसे तेज और सुविधाजनक विकल्प बन चुकी है। इसके लिए आपको संबंधित कंपनी के आधिकारिक नंबर को अपने फोन में सेव करना होता है और अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर (Registered Mobile Number) से मैसेज भेजना होता है। इंडेन गैस (Indane) के ग्राहक आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर 7718955555 या 7588888824 पर 'REFILL' या 'Hi' लिखकर भेज सकते हैं। भारत गैस (Bharat Gas) के उपभोक्ताओं के लिए व्हाट्सएप बुकिंग नंबर 1800224344 जारी किया गया है, जिस पर 'Hi' या 'Book' लिखकर भेजने से तुरंत बुकिंग विकल्प सक्रिय हो जाता है। वहीं एचपी गैस (HP Gas) के ग्राहक 9222201122 नंबर पर WhatsApp के माध्यम से 'Book' या 'Hi' भेजकर सीधे सिलेंडर ऑर्डर कर सकते हैं। मैसेज भेजते ही सिस्टम आपसे पुष्टि मांगता है और चंद सेकंडों में बुकिंग संदर्भ संख्या (Booking Reference Number) तथा ऑनलाइन पेमेंट का सुरक्षित लिंक आपके व्हाट्सएप पर आ जाता है।मिस्ड कॉल और IVRS हेल्पलाइन से बुकिंग की पूरी प्रक्रियायदि आपके पास इंटरनेट कनेक्शन नहीं है या आप साधारण फीचर फोन का उपयोग करते हैं, तो मिस्ड कॉल और आईवीआरएस (IVRS) तकनीक आपके लिए सबसे उपयुक्त समाधान है। इंडेन गैस के उपभोक्ता अपने रजिस्टर्ड मोबाइल से 8454955555 पर केवल एक मिस्ड कॉल देकर सिलेंडर बुक कर सकते हैं; रिंग जाने के बाद कॉल स्वतः कट जाती है और बुकिंग की पुष्टि का एसएमएस प्राप्त हो जाता है। इसके अलावा देशव्यापी IVRS नंबर 7718955555 पर कॉल करके भाषा चुनकर और दिए गए वॉइस निर्देशों का पालन करके भी बुकिंग की जा सकती है। भारत गैस के ग्राहक 7715012345 या 7718012345 पर मिस्ड कॉल देकर बुकिंग दर्ज करवा सकते हैं। एचपी गैस के उपभोक्ता अपने क्षेत्र के लिए निर्धारित आईवीआरएस नंबर (जैसे 9493794937 या राज्यवार समर्पित नंबर) पर कॉल कर सकते हैं अथवा मिस्ड कॉल सेवा के जरिए ऑर्डर दे सकते हैं। ध्यान रहे कि यह सुविधा केवल तभी काम करती है जब कॉल उसी मोबाइल नंबर से की जाए जो गैस कनेक्शन डायरी में पंजीकृत है।आधिकारिक मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल से ऑनलाइन बुकिंग कैसे करेंतीनों गैस कंपनियों के अपने आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन और वेब पोर्टल उपलब्ध हैं, जहां से बुकिंग के साथ-साथ सिलेंडर डिलीवरी की लाइव ट्रैकिंग और इतिहास भी देखा जा सकता है। इंडेन गैस के लिए 'IndianOil ONE' ऐप या पोर्टल (cx.indianoil.in), भारत गैस के लिए 'Hello BPCL' ऐप या (my.ebharatgas.com), और एचपी गैस के लिए 'HP Pay' ऐप अथवा आधिकारिक पोर्टल (myhpgas.in) का उपयोग किया जा सकता है। इन पोर्टल्स पर जाने के बाद आपको अपने 16 या 17 अंकों की एलपीजी कंज्यूमर आईडी (LPG ID) या पंजीकृत मोबाइल नंबर के जरिए लॉगिन करना होता है। लॉगिन डैशबोर्ड पर 'Book Refill' या 'Book Cylinder' के विकल्प पर क्लिक करें, सब्सिडी विकल्प की जांच करें और डिलीवरी एड्रेस कंफर्म करके 'Proceed' करें। आप क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग या यूपीआई के माध्यम से तुरंत भुगतान कर सकते हैं अथवा कैश ऑन डिलीवरी (COD) का विकल्प भी चुन सकते हैं।Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे UPI ऐप्स से तुरंत सिलेंडर बुक करेंआजकल अधिकांश लोग दैनिक भुगतानों के लिए यूपीआई ऐप्स का उपयोग करते हैं, और इन ऐप्स के माध्यम से गैस सिलेंडर बुक करना और भी आसान है। चाहे आप Google Pay, PhonePe, Paytm या Amazon Pay का उपयोग कर रहे हों, सभी ऐप्स के होमपेज पर 'Recharge & Pay Bills' सेक्शन के भीतर 'Book LPG Cylinder' का स्पष्ट विकल्प मिलता है। इस विकल्प पर क्लिक करने के बाद अपनी गैस प्रदाता कंपनी (Indane, Bharat Gas या HP Gas) का चयन करें। इसके बाद अपनी 17-अंकों की एलपीजी आईडी अथवा गैस कनेक्शन से जुड़ा पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करें। सिस्टम स्वतः उपभोक्ता का नाम, डिस्ट्रीब्यूटर का नाम और सिलेंडर की चालू निर्धारित कीमत स्क्रीन पर प्रदर्शित कर देगा। विवरण की पुष्टि करने के बाद अपने यूपीआई पिन के माध्यम से भुगतान पूरा करें। भुगतान सफल होते ही आपकी गैस एजेंसी में रिफिल ऑर्डर दर्ज हो जाता है और डिलीवरी स्लिप डिजिटल रूप में जनरेट हो जाती है।डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) और सिलेंडर प्राप्त करते समय जरूरी सावधानियांरसोई गैस वितरण प्रणाली में कालाबाजारी रोकने और सही उपभोक्ता तक डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए सभी कंपनियों ने 'डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड' (DAC) व्यवस्था लागू की है। जब आपका सिलेंडर डिस्ट्रीब्यूटर द्वारा डिलीवरी के लिए डिस्पैच किया जाता है, तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर 4 अंकों का डीएसी कोड एसएमएस के जरिए भेजा जाता है। जब डिलीवरी मैन आपके घर सिलेंडर लेकर आए, तो उसे यह कोड साझा करना अनिवार्य होता है, जिसके बाद ही डिलीवरी मशीन में ऑर्डर पूर्ण माना जाता है। सिलेंडर की डिलीवरी लेते समय हमेशा सील की अच्छी तरह जांच करें, डिलीवरी बॉय से वजन मापने वाले कांटे से वजन तौलने को कहें और सेफ्टी कैप खोलकर लीकेज की जांच अवश्य करवा लें। यदि ऑनलाइन भुगतान पहले ही कर दिया गया है, तो डिलीवरी कर्मी को कोई अतिरिक्त नकद राशि न दें और डिजिटल रसीद अपने पास सुरक्षित रखें।
कहीं डॉक्टर गायब, कहीं एक्सपायर्ड इंजेक्शन... यूपी में 14 ब्लड सेंटर बंद
उत्तर प्रदेश में मरीजों को सुरक्षित ब्लड उपलब्ध कराने के दावों के बीच ब्लड सेंटरों की गंभीर लापरवाही सामने आई है. 31 जिलों के 81 केंद्रों की जांच में कहीं ELISA की जगह रैपिड किट से स्क्रीनिंग मिली, तो कहीं खराब डीप फ्रीजर में रक्त के घटक रखे थे. FSDA ने अब तक 14 ब्लड सेंटरों में गतिविधियों पर रोक लगा दी है.
राजस्थान सरकार द्वारा संचालित जन आधार कार्ड राज्य के नागरिकों के लिए सभी सामाजिक सुरक्षा व लोक कल्याणकारी योजनाओं का मुख्य आधार है। सरकार ने परिवार के सभी सदस्यों की पहचान सत्यापित करने और डेटा पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जन आधार ई-केवाईसी (Jan Aadhar e-KYC) प्रक्रिया को अनिवार्य किया है। यदि किसी परिवार की ई-केवाईसी अधूरी रहती है, तो राशन वितरण, छात्रवृत्ति, पेंशन, मुफ्त इलाज तथा अन्य सरकारी नकद अंतरण योजनाओं का लाभ रुक सकता है। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए ई-मित्र केंद्र जाने या लंबी लाइनों में लगने की आवश्यकता नहीं है; नागरिक अपने स्मार्टफोन और राजस्थान एसएसओ (SSO) आईडी की मदद से घर बैठे इसे पूरा कर सकते हैं।जन आधार ई-केवाईसी क्या है और यह क्यों अनिवार्य हैजन आधार ई-केवाईसी एक डिजिटल प्रमाणीकरण प्रक्रिया है, जिसके अंतर्गत परिवार के सदस्यों के नाम, जन्मतिथि, लिंग और फोटो का मिलान केंद्रीय पहचान डेटाबेस से किया जाता है। परिवार के मुखिया तथा 5 वर्ष से अधिक उम्र के प्रत्येक सदस्य की ई-केवाईसी करवाना अनिवार्य है। 5 वर्ष से छोटे बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र के माध्यम से सत्यापन किया जाता है। एक बार ई-केवाईसी पूरी होने के बाद सदस्य का नाम, जन्मतिथि और जेंडर लॉक हो जाता है, जिससे फर्जीवाड़े की संभावना खत्म हो जाती है। जन आधार कार्ड में किसी भी प्रकार का संशोधन, नए सदस्य को जोड़ना या परिवार विभाजन तभी संभव होता है, जब परिवार की ई-केवाईसी पूरी हो।ई-केवाईसी के लिए जरूरी दस्तावेज और आवश्यक शर्तेंमोबाइल से प्रक्रिया शुरू करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि परिवार के सभी संबंधित सदस्यों का पहचान पत्र सक्रिय हो और उससे जुड़ा हुआ मोबाइल नंबर चालू स्थिति में हो। प्रमाणीकरण हेतु एक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है। यदि किसी सदस्य के पहचान पत्र में मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, तो उन्हें बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट/आईरिस) सत्यापन के लिए नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाना होगा। इसके अलावा, परिवार की 10-अंकों वाली जन आधार संख्या या 22-अंकों की जन आधार नामांकन रसीद संख्या पास में होनी चाहिए।मोबाइल से SSO पोर्टल के जरिए ई-केवाईसी करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीकाअपने स्मार्टफोन के वेब ब्राउज़र में राजस्थान सिंगल साइन-ऑन की आधिकारिक वेबसाइट (sso.rajasthan.gov.in) खोलें।अपनी SSO ID (डिजिटल आइडेंटिटी), पासवर्ड और स्क्रीन पर दिए गए कैप्चा कोड को दर्ज करके 'Login' करें। यदि आपकी एसएसओ आईडी नहीं बनी है, तो 'Registration' विकल्प से नई आईडी बनाएं।लॉगिन के बाद डैशबोर्ड पर 'Citizen Apps (G2C)' सेक्शन में जाएं और 'Jan Aadhaar' ऐप आइकन पर क्लिक करें।जन आधार डैशबोर्ड खुलने पर 'Enrollment' टैब चुनें और फिर सब-मेन्यू में से 'Family e-KYC' विकल्प पर क्लिक करें।स्क्रीन पर अपनी जन आधार संख्या या रसीद संख्या दर्ज करें और 'खोजें' (Search) बटन दबाएं।परिवार के मुखिया के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक वेरिफिकेशन ओटीपी आएगा, उसे दर्ज कर सहमति (Consent) को स्वीकार करें।अब स्क्रीन पर परिवार के सभी सदस्यों की सूची प्रदर्शित होगी; जिस सदस्य की ई-केवाईसी बाकी है, उसका चयन करें और 'e-KYC' बटन पर क्लिक करें।सदस्य के पंजीकृत मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी को दर्ज करके सत्यापित करें। सत्यापन सफल होते ही सदस्य की जानकारी और फोटो डेटाबेस से स्वतः अपडेट हो जाएगी। इसी प्रकार परिवार के अन्य सदस्यों की प्रक्रिया पूरी करें।ई-केवाईसी स्टेटस चेक करना और महत्वपूर्ण सावधानियांपरिवार के सभी सदस्यों की ई-केवाईसी पूर्ण करने के बाद पोर्टल पर स्टेटस की जांच अवश्य कर लें। उसी Family e-KYC पेज पर सभी सदस्यों के नाम के आगे 'e-KYC Completed' लिखा हुआ प्रदर्शित होना चाहिए। ई-केवाईसी करने से पहले यह जांच लें कि परिवार के पहचान रिकॉर्ड में नाम की स्पेलिंग, जन्मतिथि और जेंडर सही दर्ज हैं, क्योंकि ई-केवाईसी होते ही जन आधार में वही डेटा स्वतः अपडेट हो जाता है। किसी भी प्रकार के ओटीपी को अनजान व्यक्तियों के साथ साझा न करें। सफल ई-केवाईसी के 24 से 48 घंटों के भीतर जन आधार पोर्टल पर डेटा पूरी तरह सिंक हो जाता है और आप नया ई-कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने भारतीय नौसेना के लिए 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से आठ आधुनिक युद्धपोत बनाने की परियोजना को मंजूरी दी है।
बढ़ते बिजली बिलों के बोझ से आम जनता को राहत दिलाने और देश में नवीकरणीय ऊर्जा को गति देने के लिए केंद्र सरकार की 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana) पूरे देश में क्रांति ला रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य लक्ष्य 1 करोड़ मध्यमवर्गीय और निम्न-आय परिवारों की छतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित कर उन्हें हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही सरकार ग्रिड-कनेक्टेड सोलर सिस्टम स्थापित करने पर उपभोक्ताओं को सीधे उनके बैंक खाते में ₹78,000 तक की वित्तीय सहायता (कैपिटल सब्सिडी) प्रदान कर रही है। यदि आपके पास अपनी पक्की छत और वैध बिजली कनेक्शन है, तो यह योजना आपके बिजली बिल को शून्य करने के साथ-साथ ग्रिड को अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई करने का भी सुनहरा अवसर देती है।PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana 2026 के मुख्य लाभ और सब्सिडी का ढांचाइस योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा सोलर पैनल लगाने की क्षमता के आधार पर सीधी वित्तीय सहायता दी जाती है। 1 किलोवाट (kW) क्षमता का सिस्टम लगाने पर सरकार ₹30,000 की सब्सिडी देती है, जो प्रतिदिन लगभग 4 से 5 यूनिट बिजली पैदा करता है। 2 किलोवाट क्षमता के सिस्टम पर यह सहायता राशि बढ़कर ₹60,000 हो जाती है। वहीं 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता का सोलर प्लांट अपनी छत पर लगाने पर अधिकतम ₹78,000 की फ्लैट सब्सिडी बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए ट्रांसफर की जाती है। 3 किलोवाट का प्लांट रोजाना 12 से 15 यूनिट (महीने में लगभग 360-400 यूनिट) बिजली बनाता है, जिससे परिवार की 300 यूनिट की मासिक घरेलू खपत पूरी तरह मुफ्त हो जाती है और बची हुई अतिरिक्त बिजली नेट मीटरिंग के जरिए डिस्कॉम (बिजली कंपनी) को बेचकर अतिरिक्त आमदनी कमाई जा सकती है।योजना के लिए कौन पात्र हैं: पात्रता शर्तें और छत की आवश्यकतापीएम सूर्य घर योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का भारत का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। आवेदक के पास अपने नाम पर एक वैध घरेलू बिजली उपभोक्ता कनेक्शन (Residential Electricity Connection) होना चाहिए और उस पर पुराना कोई बिजली बिल बकाया नहीं होना चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि आवेदक के पास सोलर पैनल लगवाने के लिए पक्की, छाया-रहित (Shadow-free) छत होनी चाहिए, जिस पर दिनभर पर्याप्त धूप आती हो। आमतौर पर 1 किलोवाट सिस्टम के लिए लगभग 100 वर्ग फुट, 2 किलोवाट के लिए 200 वर्ग फुट और 3 किलोवाट क्षमता के लिए 300 वर्ग फुट पक्की छत की आवश्यकता होती है। यह योजना केवल घरेलू आवासीय छतों के लिए लागू है; वाणिज्यिक (Commercial) संपत्तियों, कारखानों या कृषि कनेक्शनों के लिए यह सब्सिडी मान्य नहीं है। परिवार का कोई भी सदस्य पहले किसी अन्य सरकारी सोलर सब्सिडी योजना का दोहरा लाभ न ले रहा हो।सोलर प्लांट लगवाने के लिए अनिवार्य दस्तावेजों की चेकलिस्टऑनलाइन आवेदन करने से पहले आवेदक को कुछ आवश्यक डिजिटल दस्तावेजों की तैयारी पहले से कर लेनी चाहिए ताकि पोर्टल पर सत्यापन प्रक्रिया में देरी न हो। सबसे पहले आवेदक का वैध आधार कार्ड अनिवार्य है, जो पहचान और पते का प्रमाण बनता है। हालिया 6 महीने के भीतर का एक घरेलू बिजली बिल (Electricity Bill), जिसमें उपभोक्ता खाता संख्या (CA / Consumer Number) साफ-साफ दर्ज हो। आवेदक के नाम से खुला हुआ सक्रिय बचत बैंक खाता और उसकी पासबुक या कैंसिल्ड चेक की कॉपी (यह खाता आधार और एनपीसीआई से लिंक होना जरूरी है, क्योंकि सब्सिडी इसी खाते में क्रेडिट होगी)। छत का मालिकाना हक या निवास का प्रमाण पत्र, आवेदक का चालू मोबाइल नंबर (जो बिजली कनेक्शन और आधार से जुड़ा हो) तथा हालिया पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो तैयार रखनी चाहिए।नेशनल पोर्टल (pmsuryaghar.gov.in) पर ऑनलाइन आवेदन का स्टेप-बाय-स्टेप तरीकासबसे पहले आधिकारिक राष्ट्रीय पोर्टल (pmsuryaghar.gov.in) पर जाएं और होमपेज पर 'Apply for Rooftop Solar' के विकल्प पर क्लिक करें।पंजीकरण (Registration) चरण में अपना राज्य, बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) का नाम और बिजली बिल पर दर्ज कंज्यूमर अकाउंट नंबर दर्ज करें।अपना मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी डालकर ओटीपी सत्यापन पूरा करें; इसके साथ ही आपका पंजीकरण पूरा हो जाएगा।अब अपने कंज्यूमर नंबर और मोबाइल ओटीपी की मदद से पोर्टल पर लॉगिन करें।स्क्रीन पर दिए गए रूफटॉप सोलर फॉर्म में अपनी छत का क्षेत्रफल, स्वीकृत लोड (Sanctioned Load) और जितने किलोवाट का सोलर पैनल लगवाना चाहते हैं, वह क्षमता चुनें।बिजली बिल की पीडीएफ कॉपी अपलोड करें और फॉर्म को अंतिम रूप से सबमिट करें।इसके बाद आपकी स्थानीय डिस्कॉम द्वारा तकनीकी व्यवहार्यता स्वीकृति (Technical Feasibility Approval) दी जाएगी।स्वीकृति मिलने के बाद पोर्टल पर पंजीकृत किसी भी अधिकृत वेंडर (Registered Vendor) से संपर्क कर सोलर प्लांट अपनी छत पर इंस्टॉल करवाएं।इंस्टॉलेशन के बाद नेट मीटरिंग और बैंक खाते में सब्सिडी ट्रांसफर की प्रक्रियासोलर पैनल लग जाने के बाद वेंडर और उपभोक्ता को पोर्टल पर प्लांट का विवरण और मॉडल नंबर जमा करना होता है, जिसे 'Work Completion Report' कहा जाता है। इसके बाद आपकी स्थानीय बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) के अधिकारी आपके घर आकर सोलर सिस्टम का भौतिक निरीक्षण करते हैं और सामान्य मीटर को हटाकर दोतरफा काम करने वाला 'नेट मीटर' (Net Meter) स्थापित करते हैं। नेट मीटर लगने के बाद डिस्कॉम द्वारा पोर्टल पर ऑनलाइन 'Commissioning Certificate' जारी किया जाता है। कमिशनिंग सर्टिफिकेट जारी होते ही पोर्टल पर आपको अपने बैंक खाते का विवरण (खाता संख्या और IFSC कोड) और कैंसिल्ड चेक अपलोड करना होगा। सभी विवरणों के सत्यापन के मात्र 30 कार्य दिवसों (Working Days) के भीतर केंद्र सरकार की ₹78,000 की सब्सिडी सीधे आपके बैंक खाते में जमा हो जाती है।
बंगाल की खाड़ी में एक के बाद एक क्यों आ रहे समुद्री तूफान? 1970 वाले कनेक्शन का रिपोर्ट में खुलासा
बंगाल की खाड़ी में लगातार मौसमी सिस्टम सक्रिय हो रहे हैं, जिससे चक्रवातों की तीव्रता बढ़ रही है। जलवायु परिवर्तन और समुद्र के बढ़ते तापमान के कारण तूफानों को अधिक ऊर्जा मिल रही है।
देश के गरीब, वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को गंभीर बीमारियों के महंगे इलाज से सुरक्षा देने के लिए केंद्र सरकार की 'आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' (AB-PMJAY) एक वरदान साबित हुई है। इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस और निःशुल्क स्वास्थ्य बीमा कवर देश के सभी सूचीबद्ध सरकारी व निजी अस्पतालों में उपलब्ध कराया जाता है। नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) ने इस पूरी प्रक्रिया को आधुनिक डिजिटल प्रणाली से जोड़ दिया है, जिससे अब किसी भी नागरिक को अपना या अपने परिवार का नाम लाभार्थी सूची में देखने के लिए सरकारी दफ्तरों या जनसेवा केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। आप अपने स्मार्टफोन के माध्यम से घर बैठे मात्र 2 मिनट में नई आयुष्मान कार्ड लिस्ट में अपना नाम ढूंढ सकते हैं, पात्रता जांच सकते हैं और सीधे कार्ड भी डाउनलोड कर सकते हैं।आयुष्मान भारत योजना 2026 की प्रमुख विशेषताएं और मिलने वाले लाभआयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाला गोल्डन कार्ड धारक को द्वितीयक (Secondary) और तृतीयक (Tertiary) स्तर के अस्पताल में भर्ती होने पर पूरी तरह कैशलेस उपचार की सुविधा देता है। इस योजना में लगभग 1,900 से अधिक चिकित्सीय प्रक्रियाएं शामिल हैं, जिनमें गंभीर सर्जरी, कैंसर उपचार, हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, किडनी प्रत्यारोपण और डायलिसिस जैसी महंगी चिकित्सा प्रक्रियाएं सम्मिलित हैं। भर्ती होने से 3 दिन पहले तक की जांच और डिस्चार्ज होने के 15 दिन बाद तक की दवाइयों व जांचों का खर्च भी योजना के तहत कवर होता है। परिवार के सदस्यों की संख्या या उम्र पर कोई बंदिश नहीं है, यानी पूरे परिवार को सामूहिक रूप से ₹5 लाख का सालाना सुरक्षा चक्र मिलता है। इसके साथ ही, 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए 'आयुष्मान वय वंदना' के अंतर्गत अलग से ₹5 लाख का टॉप-अप स्वास्थ्य कवर भी प्रदान किया जा रहा है।आयुष्मान कार्ड लिस्ट में नाम होने के लिए आवश्यक पात्रता शर्तेंआयुष्मान योजना की लाभार्थी सूची का निर्धारण मुख्यतः सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC 2011) के आंकड़ों और संबंधित राज्यों के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) राशन कार्ड डेटाबेस के आधार पर किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों में रहने वाले परिवार, भूमिहीन मजदूर, अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के परिवार, और महिला प्रधान परिवार स्वतः इसके दायरे में आते हैं। शहरी क्षेत्रों में रेहड़ी-पटरी विक्रेता, घरेलू कामगार, सफाई कर्मचारी, ऑटो चालक, निर्माण श्रमिक और निम्न आय वर्ग वाले परिवार इसके पात्र हैं। इसके अलावा, जिन परिवारों के पास राज्य सरकार द्वारा जारी वैध अंत्योदय अन्न योजना (AAY) या प्राथमिक गृहस्थी (PHH) राशन कार्ड में छह या उससे अधिक सदस्य दर्ज हैं, उनके नाम भी योजना में तेजी से जोड़े गए हैं। सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारी, आयकरदाता या बड़े कृषि उपकरण रखने वाले परिवार इस योजना के दायरे से बाहर रखे गए हैं।ऑनलाइन लिस्ट चेक करने के लिए जरूरी दस्तावेज और साधनघर बैठे आयुष्मान कार्ड लिस्ट में अपना नाम खोजने के लिए आपके पास एक सक्रिय इंटरनेट कनेक्शन युक्त मोबाइल फोन या कंप्यूटर होना चाहिए। पहचान सत्यापन के लिए परिवार के मुखिया या सदस्य का 12-अंकों का आधार कार्ड होना आवश्यक है। इसके साथ ही, राशन कार्ड संख्या (Ration Card Number / Family ID) का होना बेहद मददगार रहता है क्योंकि इससे पूरे परिवार का विवरण एक साथ खुल जाता है। आधार से जुड़ा हुआ मोबाइल नंबर चालू स्थिति में होना चाहिए ताकि उस पर आने वाले वन-टाइम पासवर्ड (OTP) को तुरंत दर्ज कर प्रमाणीकरण पूरा किया जा सके। यदि मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, तो भी आप केवल अपने राज्य, जिले और गांव/ब्लॉक का चयन करके पूरे क्षेत्र की समग्र सूची को स्क्रीन पर देख सकते हैं।NHA Beneficiary पोर्टल से ऑनलाइन लिस्ट चेक करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीकासबसे पहले अपने मोबाइल फोन या कंप्यूटर के ब्राउज़र में नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के आधिकारिक बेनिफिशियरी पोर्टल (beneficiary.nha.gov.in) पर जाएं।होमपेज के दाईं ओर लॉगिन बॉक्स दिखेगा, वहां 'Beneficiary' विकल्प पर टिक करें।अपना 10-अंकों का कोई भी सक्रिय मोबाइल नंबर दर्ज करें और 'Verify' बटन पर क्लिक करें।आपके मोबाइल पर 6 अंकों का ओटीपी आएगा; उसे भरें और स्क्रीन पर प्रदर्शित कैप्चा कोड डालकर 'Login' करें।लॉगिन होने के बाद एक सर्च डैशबोर्ड खुलेगा, जहां अपनी स्कीम (PMJAY), राज्य (State), सब-स्कीम और अपने जिले (District) का चयन करें।अब 'Search By' के विकल्प में जाएं; यहां आप Family ID, Aadhaar Number, Name या 'Location (Rural/Urban)' में से किसी एक विकल्प को चुन सकते हैं।यदि आप पूरे गांव या वार्ड की लिस्ट देखना चाहते हैं, तो 'Location' चुनकर अपने ब्लॉक और गांव का नाम सेलेक्ट करें और सर्च आइकन पर क्लिक करें।स्क्रीन पर आपके क्षेत्र के सभी पात्र व्यक्तियों की पूरी सूची प्रदर्शित हो जाएगी, जिसमें आप अपना और अपने परिवार के सदस्यों का नाम आसानी से देख सकते हैं।लिस्ट में नाम मिलने के बाद e-KYC और आयुष्मान कार्ड डाउनलोड कैसे करेंजब लिस्ट में आपका नाम दिखाई दे, तो नाम के आगे कार्ड का स्टेटस जांचें। यदि स्टेटस 'Approved' या हरा दिखाई देता है, तो इसका अर्थ है कि आपका कार्ड बन चुका है; आप सीधे बगल में दिए गए डाउनलोड आइकन पर क्लिक करके आधार ओटीपी से वेरिफाई कर अपना आयुष्मान कार्ड पीडीएफ के रूप में डाउनलोड कर सकते हैं। यदि आपके नाम के आगे 'Action' कॉलम में 'Not Generated' या नारंगी रंग का विकल्प दिखता है, तो आपको e-KYC पूरी करनी होगी। उसी विकल्प पर क्लिक करें, आधार नंबर दर्ज कर ओटीपी ऑथेंटिकेशन पूरा करें, अपनी एक लाइव सेल्फी फोटो कैप्चर करके अपलोड करें और सबमिट कर दें। e-KYC सबमिट होते ही कुछ ही समय में आपका कार्ड अप्रूव हो जाएगा और डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाएगा। इसे प्रिंट करवाकर लेमिनेट करा लें, जो किसी भी आपातकालीन बीमारी में देश के किसी भी मान्यता प्राप्त अस्पताल में मुफ्त इलाज पाने के लिए पूरी तरह वैध है।
प्रदीप पुरनेकर मर्डर केस: AI की मदद से परिवार ने CCTV में पहचाना संदिग्ध
ठाणे के प्रदीप पुरनेकर हत्याकांड में परिवार ने AI की मदद से CCTV में संदिग्ध की पहचान का दावा किया है. आदित्य ठाकरे ने शिंदे गुट पर मास्टरमाइंड को बचाने का आरोप लगाया. इस दौरान मीनाक्षी शिंदे ने पार्टी पदों से इस्तीफा दे दिया है. पढ़ें पूरी कहानी.
4 नवंबर को BJP का सिख सम्मेलन, 1984 के दंगा पीड़ितों के मुद्दे पर मंथन
बीजेपी 4 नवंबर को चंडीगढ़ में दिन भर का सिख सम्मेलन करेगी. इसमें 1984 के सिख विरोधी दंगों और पीड़ितों के लिए इंसाफ की मांग पर खास चर्चा होगी. कार्यक्रम में पीड़ित परिवार, वकील, कानून के जानकार और बड़े नेता शामिल होंगे. आरपी सिंह तैयारियां देख रहे हैं.
बनारस स्टेशन से शनिवार को रवाना होगी प्रदेश की पहली स्लीपर वंदे भारत
तहलका ब्यूरोवाराणसी,30 अक्टूबरदीपावली पर पूर्वांचल के रेल यात्रियों को बड़ी सौगात मिलने जा रही है।बनारस रेलवे स्टेशन से उत्तर प्रदेश की पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन और नई मेमू ट्रेनों का शुभारंभ किया जाएगा। 31 अक्टूबर को आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना […]
गैस पर उफन कर फैल गया दूध? साफ करने के बाद तुरंत ना करें ये 1 गलती
Gas Stove Safety: गैस पर दूध या पानी गर्म करते समय अगर वह उफनकर चूल्हे पर फैल जाए, तो उसे साफ करने के तुरंत बाद गैस न जलाएं. पहले चूल्हे को अच्छी तरह साफ करें और उसे सूखने का समय दें. जानें, गैस बर्नर को साफ करने का सही तरीका क्या है, दूध या पानी गिरने के बाद किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और गैस की गंध आने पर क्या करना चाहिए.
देशभर में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन और सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता (DBT Cash Assistance) योजनाओं का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। महिला सम्मान योजना (विशेष रूप से दिल्ली की मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना और विभिन्न राज्यों में इसी तर्ज पर संचालित कल्याणकारी कार्यक्रमों) के अंतर्गत पात्र महिलाओं को अपनी बुनियादी व घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए ₹1,000 प्रति माह सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर करने का प्रावधान किया गया है। इस योजना का प्राथमिक लक्ष्य उन गृहिणियों और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाली महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, जिनके पास आय का कोई नियमित या स्वतंत्र साधन उपलब्ध नहीं है। यदि आप भी इस योजना का लाभ लेने के इच्छुक हैं, तो इसके कड़े पात्रता नियम, अपात्रता की शर्तें और आवेदन की संपूर्ण प्रक्रिया समझना अत्यंत जरूरी है।Mahila Samman Yojana 2026 के मुख्य उद्देश्य और मिलने वाले वित्तीय लाभइस योजना के तहत राज्य की पात्र महिला लाभार्थियों को प्रत्येक माह ₹1,000 की वित्तीय सहायता दी जाती है, जो सालाना ₹12,000 बैठती है। कई राज्यों में इसे आगे चलकर ₹2,100 से ₹2,500 तक बढ़ाने के प्रस्ताव और घोषणाएं भी समय-समय पर की गई हैं। यह राशि सीधे लाभार्थी महिला के आधार-सीडेड बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए भेजी जाती है। इससे महिलाओं को रोजमर्रा के निजी खर्चों, बच्चों की प्राथमिक जरूरतों और स्वास्थ्य संबंधी तात्कालिक आवश्यकताओं के लिए परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। ध्यान देने योग्य बात यह है कि केंद्र सरकार की 'महिला सम्मान बचत प्रमाण पत्र' (MSSC) एक सावधि जमा योजना है, जबकि यह 'महिला सम्मान योजना' विशुद्ध रूप से एक प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता अनुदान है।योजना के लिए निर्धारित पात्रता शर्तें और आयु सीमा के नियमइस योजना में नामांकन के लिए सरकार ने स्पष्ट और पारदर्शी नियम तय किए हैं। आवेदिका महिला का संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश (जैसे दिल्ली) का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है और उसका नाम वहां की मतदाता सूची में दर्ज होना चाहिए। आयु सीमा के लिहाज से महिला की आयु कम से कम 18 वर्ष और अधिकतम 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। पारिवारिक आय की दृष्टि से आवेदिका के परिवार की कुल वार्षिक आय ₹3 लाख से कम होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, आवेदिका का स्वयं के नाम पर एक सक्रिय बचत बैंक खाता होना आवश्यक है, जो नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और आधार से डीबीटी हेतु अनिवार्य रूप से लिंक हो।किन्हें नहीं मिलेगा योजना का लाभ: अपात्रता के कड़े प्रावधानयोजना के नियमों के तहत समाज के जरूरतमंद तबके तक ही लाभ पहुंचाने के लिए कुछ सख्त शर्तें लागू की गई हैं। यदि आवेदिका या उसके परिवार का कोई भी सदस्य केंद्र या राज्य सरकार, नगर निगम, बोर्ड अथवा सार्वजनिक उपक्रम (PSU) में नियमित या संविदा कर्मचारी के रूप में कार्यरत है, तो वह अपात्र होगी। परिवार में कोई भी आयकरदाता (Income Tax Payer) या जीएसटी पंजीकृत व्यापारी होने पर आवेदन खारिज कर दिया जाएगा। इसके अलावा, जो महिलाएं पहले से किसी अन्य सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजना—जैसे वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन या दिव्यांग पेंशन का लाभ प्राप्त कर रही हैं, उन्हें इस योजना में शामिल नहीं किया जाएगा।आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज (Important Documents Checklist)पहचान व पते का प्रमाण: आधार कार्ड और वैध वोटर आईडी कार्ड (Voter Card)।मूल निवास प्रमाण पत्र (Bonafide Domicile Certificate)।पारिवारिक आय प्रमाण पत्र अथवा सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित स्व-घोषणा पत्र।आवेदिका के आधार-लिंक्ड बैंक खाते की पासबुक या कैंसिल्ड चेक की प्रति।आधार और बैंक से जुड़ा हुआ सक्रिय मोबाइल नंबर।हालिया पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो।ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन करने का पूरा स्टेप-बाय-स्टेप तरीकामहिला सम्मान योजना के तहत आवेदन दोनों ही माध्यमों से स्वीकार किए जाते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत राज्य सरकार के आधिकारिक ई-डिस्ट्रिक्ट या महिला कल्याण पोर्टल पर जाकर अपना नागरिक पंजीकरण (Citizen Registration) करें। लॉगिन करने के बाद 'Mahila Samman Yojana' के विकल्प पर जाएं और आवेदन पत्र में अपना व्यक्तिगत विवरण, आधार संख्या, वोटर कार्ड नंबर व बैंक डिटेल्स दर्ज करें। मांगे गए सभी दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करके फॉर्म फाइनल सबमिट करें और रसीद डाउनलोड कर लें। वहीं ऑफलाइन माध्यम में, संबंधित आंगनवाड़ी केंद्र, तहसील कार्यालय या विशेष सरकारी शिविरों से आवेदन फॉर्म प्राप्त कर, आवश्यक दस्तावेजों की प्रतियों के साथ संलग्न करके संबंधित नोडल अधिकारी के पास जमा किया जा सकता है। आवेदनों की स्क्रूटनी व सत्यापन के बाद स्वीकृत सूची जारी की जाती है और प्रति माह तय राशि बैंक खाते में अंतरित होने लगती है।योजना से जुड़े नियम और जरूरी दस्तावेजों की विस्तृत जानकारी के लिए आप Delhi Mahila Samman Yojana Overview देख सकते हैं।यह वीडियो महिला सम्मान योजना के पात्रता नियमों, आवश्यक दस्तावेजों और आवेदन प्रक्रिया को सरल भाषा में स्पष्ट करने के लिए उपयोगी है।
भाजपा ने राहुल गांधी पर चुनाव के समय हिंदू होने का ढोंग करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने उनके पुराने बयानों का वीडियो साझा करते हुए हिंदुत्व और धार्मिक हस्तियों पर उनकी टिप्पणियों को उजागर किया।
भारतीय रेलवे में सेक्शन कंट्रोलर (CEN 04/2025) भर्ती परीक्षा में शामिल हुए लाखों अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म हो गया है। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) द्वारा विभिन्न क्षेत्रीय जोनों (RRB Prayagraj, RRB Chandigarh, RRB Mumbai, RRB Kolkata, RRB Patna आदि) के लिए सेक्शन कंट्रोलर भर्ती परीक्षा का परिणाम, कट-ऑफ मार्क्स और आधिकारिक स्कोरकार्ड जारी कर दिए गए हैं। जो अभ्यर्थी इस भर्ती अभियान का हिस्सा थे, वे अपने संबंधित रीजनल आरआरबी पोर्टल तथा सेंट्रलाइज्ड लॉगिन लिंक के माध्यम से अपनी चयन स्थिति और व्यक्तिगत अंक ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। सफल घोषित किए गए उम्मीदवारों को पद की चयन प्रक्रिया के अनुसार अगले चरण यानी दस्तावेज सत्यापन (Document Verification - DV) और मेडिकल परीक्षण (Medical Examination) के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।RRB Section Controller Result 2026 की मुख्य बातें और चयन स्थितिरेलवे भर्ती बोर्ड ने सेक्शन कंट्रोलर के कुल 368 रिक्त पदों को भरने के लिए इस चयन प्रक्रिया का संचालन किया है। परिणाम को दो अलग-अलग स्वरूपों में उपलब्ध कराया गया है। पहला प्रारूप जोन-वाइज पीडीएफ (PDF) मेरिट लिस्ट है, जिसमें अगले चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए योग्य उम्मीदवारों के रोल नंबर क्रमबद्ध तरीके से दर्ज हैं। दूसरा प्रारूप व्यक्तिगत स्कोरकार्ड है, जिसमें अभ्यर्थी का नाम, रोल नंबर, परीक्षा में प्राप्त कुल अंक, नॉर्मलाइज्ड स्कोर तथा अगले चरण के लिए क्वालिफाइंग स्टेटस स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है। अभ्यर्थियों की अंतिम मेरिट सूची लिखित कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT - 70% वेटेज) और एप्टीट्यूड टेस्ट (CBAT - 30% वेटेज) के संयुक्त प्रदर्शन के आधार पर तैयार की जाती है।कैटेगरी-वाइज न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स और कट-ऑफ का दायराआरआरबी के आधिकारिक नियमों के तहत अभ्यर्थियों को श्रेणीवार न्यूनतम क्वालिफाइंग प्रतिशत हासिल करना अनिवार्य होता है। सामान्य वर्ग (UR) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए न्यूनतम 40% अंक निर्धारित हैं। वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC-NCL) और अनुसूचित जाति (SC) के लिए न्यूनतम अहर्ता 30% तथा अनुसूचित जनजाति (ST) के उम्मीदवारों के लिए 25% अंक तय किए गए हैं। हालांकि, पदों की सीमित संख्या (368 वैकेंसी) के कारण वास्तविक कट-ऑफ मार्क्स न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स से काफी ऊपर रहे हैं। बोर्ड ने प्रत्येक रेलवे जोन के लिए अलग-अलग वर्गवार कट-ऑफ सूची रिजल्ट पीडीएफ के साथ ही अपनी आधिकारिक वेबसाइटों पर अपलोड कर दी है।रिजल्ट और व्यक्तिगत स्कोरकार्ड चेक करने के लिए जरूरी क्रेडेंशियलउम्मीदवारों को अपना डिजिटल स्कोरकार्ड एक्सेस करने के लिए रेलवे भर्ती बोर्ड के आधिकारिक लॉगिन पोर्टल पर जाना होगा। लॉगिन करने के लिए मुख्य रूप से दो क्रेडेंशियल्स की आवश्यकता होती है: पहला, आपका वैध पंजीकरण संख्या (Registration Number) या रोल नंबर (Roll Number), और दूसरा, पासवर्ड के रूप में आपकी जन्मतिथि (Date of Birth - DD/MM/YYYY)। इसके साथ ही स्क्रीन पर दिखाई देने वाले सुरक्षा कैप्चा कोड को भरना अनिवार्य है। यदि किसी अभ्यर्थी का रजिस्ट्रेशन नंबर खो गया है, तो वह पोर्टल पर उपलब्ध 'Forgot Registration Number' विकल्प का उपयोग करके अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी पर ओटीपी सत्यापन के माध्यम से इसे पुनः प्राप्त कर सकता है।डायरेक्ट लिंक से स्कोरकार्ड और मेरिट लिस्ट डाउनलोड करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीकासबसे पहले अपने संबंधित क्षेत्रीय आरआरबी (RRB) की आधिकारिक वेबसाइट (जैसे rrbcdg.gov.in, rrbpatna.gov.in, rrbmumbai.gov.in आदि) पर जाएं।होमपेज पर ‘CEN 04/2025 - Section Controller Result & Score Card’ के एक्टिव लिंक पर क्लिक करें।यदि आप मेरिट लिस्ट देखना चाहते हैं, तो 'Shortlisted Candidates PDF' पर क्लिक करें और फाइल डाउनलोड होने के बाद Ctrl + F दबाकर अपना रोल नंबर सर्च करें।व्यक्तिगत अंक देखने के लिए 'Scorecard Login' लिंक पर क्लिक करें और अपना रजिस्ट्रेशन नंबर व जन्मतिथि दर्ज करें।स्क्रीन पर दिए गए सुरक्षा कैप्चा कोड को भरकर 'Submit' या 'Login' बटन दबाएं।आपका स्कोरकार्ड स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा, जिसमें आपके प्राप्तांक और चयन स्थिति दिखेगी; इसे भविष्य के संदर्भ के लिए पीडीएफ के रूप में डाउनलोड और प्रिंट कर लें।रिजल्ट के बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) और मेडिकल का अगला चरणमेरिट लिस्ट में शॉर्टलिस्ट किए गए सभी सफल उम्मीदवारों को रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) और गहन मेडिकल परीक्षण (A-2 मेडिकल स्टैंडर्ड) के लिए उपस्थित होना होगा। अभ्यर्थियों को अपने सभी मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र (10वीं की मार्कशीट, ग्रेजुएशन डिग्री), जाति प्रमाण पत्र (सेंट्रल फॉर्मेट में), ईडब्ल्यूएस/आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और हालिया पासपोर्ट साइज तस्वीरें तैयार रखनी होंगी। बोर्ड द्वारा डीवी के ई-कॉल लेटर जल्द ही रीजनल वेबसाइटों पर जारी किए जा रहे हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अनधिकृत स्रोत या अफवाहों पर ध्यान न दें और आगामी तारीखों व निर्देशों के लिए केवल आधिकारिक आरआरबी पोर्टल्स पर ही नजर बनाए रखें।
रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) द्वारा गैर-तकनीकी लोकप्रिय श्रेणियों (NTPC) के अंतर्गत ग्रेजुएट लेवल पदों (जैसे गुड्स ट्रेन मैनेजर, स्टेशन मास्टर, सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट आदि) के लिए आयोजित द्वितीय चरण की कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT 2) का परिणाम और व्यक्तिगत स्कोर कार्ड आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया गया है। जो उम्मीदवार इस परीक्षा में सम्मिलित हुए थे, वे अपने संबंधित क्षेत्रीय रेलवे भर्ती बोर्ड (जैसे RRB Allahabad, RRB Patna, RRB Chandigarh, RRB Mumbai, RRB Kolkata आदि) की आधिकारिक वेबसाइटों तथा लॉगिन पोर्टल के माध्यम से अपना स्कोर कार्ड और मेरिट लिस्ट चेक कर सकते हैं। सफल घोषित किए गए उम्मीदवारों को पद की आवश्यकता के अनुसार अगले चरण यानी कंप्यूटर आधारित एप्टीट्यूड टेस्ट (CBAT), टाइपिंग स्किल टेस्ट (CBTST) या सीधे दस्तावेज सत्यापन (DV) के लिए आमंत्रित किया जाएगा।RRB NTPC Graduate Level CBT 2 Result 2026 की मुख्य बातें और चयन स्थितिरेलवे भर्ती बोर्ड ने ग्रेजुएट लेवल सीबीटी 2 के परिणाम को दो प्रारूपों में उपलब्ध कराया है। पहला प्रारूप रीजन-वाइज पीडीएफ (PDF) मेरिट लिस्ट है, जिसमें शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों के रोल नंबर और विभिन्न श्रेणियों (UR, OBC, SC, ST, EWS) के कट-ऑफ अंक दर्शाए गए हैं। दूसरा प्रारूप डिजिटल स्कोर कार्ड है, जिसमें उम्मीदवार का व्यक्तिगत प्रदर्शन प्रदर्शित होता है। स्कोर कार्ड में कुल हल किए गए प्रश्न, सही और गलत उत्तर, कच्चे अंक (Raw Score), नॉर्मलाइज्ड अंक तथा अगले चरण के लिए पात्रता की स्थिति स्पष्ट रूप से दर्ज होती है। उम्मीदवार यह जान सकते हैं कि वे संबंधित पद के लिए शॉर्टलिस्ट हुए हैं या नहीं।रिजल्ट और व्यक्तिगत स्कोर कार्ड चेक करने के लिए जरूरी क्रेडेंशियलउम्मीदवारों को अपना व्यक्तिगत स्कोर कार्ड देखने और डाउनलोड करने के लिए मुख्य रूप से दो महत्वपूर्ण जानकारियों की आवश्यकता होती है: पहला, रेलवे भर्ती का वैध पंजीकरण संख्या (Registration Number) या रोल नंबर (Roll Number), और दूसरा, पासवर्ड के रूप में अभ्यर्थी की जन्मतिथि (Date of Birth - DD/MM/YYYY)। लॉगिन करते समय स्क्रीन पर प्रदर्शित सुरक्षा कोड (Captcha) को सही-सही दर्ज करना होता है। यदि कोई अभ्यर्थी अपना रजिस्ट्रेशन नंबर भूल गया है, तो वह रीजनल आरआरबी पोर्टल पर दिए गए 'Forgot Registration Number' विकल्प का उपयोग कर अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर व ईमेल के जरिए इसे दोबारा प्राप्त कर सकता है।डायरेक्ट लिंक से स्कोर कार्ड और रिजल्ट डाउनलोड करने का पूरा स्टेप-बाय-स्टेप तरीकासबसे पहले अपने संबंधित क्षेत्रीय आरआरबी (RRB) की आधिकारिक वेबसाइट (जैसे rrbcdg.gov.in, rrbpatna.gov.in आदि) या आधिकारिक लॉगिन पोर्टल (rrb.digialm.com) पर जाएं।होमपेज पर ‘CEN (Graduate Level) NTPC CBT 2 Result & Score Card Link’ के एक्टिव नोटिफिकेशन पर क्लिक करें।अब आपके सामने एक नया लॉगिन पेज खुलेगा, जहां अपना रजिस्ट्रेशन नंबर/रोल नंबर और पासवर्ड (जन्मतिथि) दर्ज करें।स्क्रीन पर दिया गया सुरक्षा कैप्चा कोड भरकर 'Login' या 'Submit' बटन पर क्लिक करें।स्क्रीन पर आपका व्यक्तिगत स्कोर कार्ड प्रदर्शित हो जाएगा, जिसमें आपके प्राप्त अंक और अगले चरण की पात्रता स्थिति दिखाई देगी।स्कोर कार्ड को पीडीएफ फॉर्मेट में डाउनलोड कर लें और भविष्य की चयन प्रक्रियाओं के लिए उसका एक प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।सीबीटी 2 रिजल्ट के बाद चयन प्रक्रिया का अगला चरणसीबीटी 2 परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को उनके द्वारा चुने गए पदों की अनिवार्यता के अनुसार आगे की प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। स्टेशन मास्टर जैसे पदों के लिए अभ्यर्थियों को कंप्यूटर आधारित एप्टीट्यूड टेस्ट (CBAT / साइको टेस्ट) देना होता है। वहीं सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट और जूनियर एकाउंट्स असिस्टेंट जैसे क्लर्क स्तर के पदों के लिए कंप्यूटर-बेस्ड टाइपिंग स्किल टेस्ट (CBTST) आयोजित किया जाता है। गुड्स ट्रेन मैनेजर जैसे नॉन-टाइपिंग पदों के लिए उम्मीदवारों की अंतिम मेरिट सीधे सीबीटी 2 अंकों के आधार पर तैयार होती है और उन्हें सीधे दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) एवं मेडिकल परीक्षण (Medical Examination) के लिए बुलाया जाता है। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे आगामी तारीखों और कॉल लेटर के लिए अपने संबंधित रीजनल आरआरबी की वेबसाइट पर नियमित नजर बनाए रखें।
भोपाल में सौतेली बेटी से रेप के दोषी को उम्रकैद, पीड़िता को 4 लाख रुपए प्रतिकर का आदेश
भोपाल। नाबालिग सौतेली बेटी के साथ दुष्कर्म के मामले में भोपाल की विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई है। अदालत ने पीड़िता के पुनर्वास और भविष्य को ध्यान में रखते हुए उसे चार लाख रुपए प्रतिकर देने का भी आदेश दिया है। अनन्य विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) एवं 13वें […] The post भोपाल में सौतेली बेटी से रेप के दोषी को उम्रकैद, पीड़िता को 4 लाख रुपए प्रतिकर का आदेश appeared first on Sabguru News .
Delhi Pollution: 1 नवंबर से गैर BS-6 वाहनों की एंट्री पर रोक, निर्माण कार्यों पर भी कड़े प्रतिबंध
दिल्ली सरकार सर्दियों की शुरुआत के साथ राजधानी में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए एक नवंबर से कई कदम उठाने जा रही है। इनमें कुछ वाहनों के प्रवेश पर रोक, धूल उड़ाने वाले निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध और पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी जैसे उपाय शामिल हैं। दिल्ली सरकार के पर्यावरण एवं वन विभाग के एक आदेश के अनुसार, दिल्ली के बाहर पंजीकृत और बीएस-6 उत्सर्जन मानकों से नीचे के वाहनों को एक नवंबर से 31 जनवरी तक राष्ट्रीय राजधानी में चलने की अनुमति नहीं होगी। सीएनजी या बिजली से चलने वाले वाहनों और एम्बुलेंस, दमकल गाड़ियों तथा पुलिस वाहनों जैसी आपातकालीन सेवाओं वाले वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। परिवहन विभाग के अनुमान के मुताबिक, बीएस-6 उत्सर्जन मानकों से नीचे के वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के दिल्ली सरकार के इस फैसले से गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के 10 लाख से अधिक वाहन प्रभावित होंगे। निर्माण कार्यों की बात करें तो, एक नवंबर से 31 जनवरी तक धूल उड़ाने वाली तोड़फोड़ की गतिविधियों और बाहरी निर्माण कार्यों पर रोक रहेगी। हालांकि, सार्वजनिक बुनियादी ढांचे से जुड़ी जरूरी परियोजनाओं को इससे छूट दी गई है। निर्माण स्थलों के भीतर फिनिशिंग, प्लंबिंग और बिजली के काम की अनुमति होगी, बशर्ते धूल को नियंत्रित करने के नियमों का पालन किया जाए। अधिकारियों ने आगे बताया कि 20 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर ‘पूर्ण’ प्रतिबंध रहेगा, जिसमें ‘इनडोर’ (भीतर होने वाली) गतिविधियां भी शामिल हैं। निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए, एक नवंबर से 28 फरवरी तक अधिकृत पार्किंग स्थलों पर मौजूदा पार्किंग शुल्क दोगुना कर दिया जाएगा। आदेश में कहा गया है कि दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के स्वामित्व और प्रबंधन वाली पार्किंग सुविधाओं को इस बढ़ोतरी से छूट दी गई है। व्यस्ततम अवधि के दौरान भीड़-भाड़ कम करने के लिए, एक नवंबर से 28 फरवरी के बीच दिल्ली नगर निगम के अंतर्गत आने वाले कार्यालय सुबह 8.30 बजे से शाम 5 बजे तक काम करेंगे, जबकि दिल्ली सरकार के अंतर्गत आने वाले कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 6.30 बजे तक खुलेंगे। सरकारी और निजी कार्यालयों को यह सुनिश्चित करना होगा कि एक नवंबर से 31 जनवरी के बीच उनके 50 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी कार्यालय में मौजूद न रहें और बाकी कर्मचारियों के लिए घर से काम करना अनिवार्य होगा।
सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों, आरक्षण और प्रतियोगी परीक्षाओं के फॉर्म भरने के लिए जाति प्रमाण पत्र सबसे अनिवार्य दस्तावेजों में से एक है। बिहार सरकार ने लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम (RTPS) के तहत इस पूरी व्यवस्था को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है। अब राज्य के किसी भी नागरिक को जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रखंड (ब्लॉक) या अंचल कार्यालय की लंबी कतारों में खड़े होने या बिचौलियों के चक्कर लगाने की कतई जरूरत नहीं है। आप अपने स्मार्टफोन से ही सर्विस प्लस (Service Plus) पोर्टल के माध्यम से राजस्व अधिकारी (RO) स्तर का डिजिटल हस्ताक्षरित जाति प्रमाण पत्र निःशुल्क बनवा सकते हैं। यह ऑनलाइन प्रमाण पत्र कानूनी रूप से पूरी तरह मान्य होता है और तय समयसीमा (10 कार्य दिवस) के भीतर बनकर सीधे आपके फोन पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाता है।RTPS पोर्टल से ऑनलाइन जाति प्रमाण पत्र बनवाने के मुख्य लाभबिहार सरकार द्वारा संचालित आरटीपीएस पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था शुरू होने से नागरिकों का समय और पैसा दोनों बच रहा है। सबसे बड़ा फायदा यह है कि आवेदन करने से लेकर प्रमाण पत्र डाउनलोड करने तक का सारा काम 100% पेपरलेस और घर बैठे हो जाता है। जारी होने वाले प्रमाण पत्र पर डिजिटल हस्ताक्षर (Digital Signature) और एक विशिष्ट बारकोड/क्यूआर कोड होता है, जिससे किसी भी कार्यालय में इसकी प्रामाणिकता की तत्काल जांच की जा सकती है। इस प्रमाण पत्र की कोई तय समाप्ति तिथि नहीं होती, यानी जब तक नियमों में कोई बदलाव न हो, यह जीवनभर वैध रहता है। इसके अतिरिक्त, आवेदन की हर स्थिति (Status) की जानकारी आवेदक को पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस (SMS) और ईमेल के माध्यम से लगातार मिलती रहती है।आवेदन से पहले तैयार रखें ये जरूरी दस्तावेज और पात्रता शर्तेंऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू करने से पहले कुछ जरूरी दस्तावेजों की डिजिटल कॉपी अपने मोबाइल में सुरक्षित रख लें ताकि फॉर्म भरते समय कोई रुकावट न आए। आवेदक का बिहार का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है और वह जिस जाति का दावा कर रहा है, वह राज्य सरकार की आधिकारिक जाति सूची (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग या सामान्य) में दर्ज होनी चाहिए। दस्तावेजों की बात करें तो आवेदक का आधार कार्ड सबसे प्रमुख पहचान प्रमाण है। यदि आधार कार्ड मोबाइल नंबर से लिंक है, तो ओटीपी आधारित सत्यापन सीधे हो जाता है। यदि आधार से मोबाइल लिंक नहीं है, तो पहचान प्रमाण के तौर पर वोटर आईडी, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट की स्कैन कॉपी अपलोड की जा सकती है। इसके साथ ही आवेदक की एक हालिया पासपोर्ट साइज फोटो (350 KB से कम साइज में) होना अनिवार्य है।मोबाइल से RTPS पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने का पूरा स्टेप-बाय-स्टेप तरीकाघर बैठे मोबाइल से आवेदन करने के लिए सबसे पहले अपने फोन के ब्राउज़र में आधिकारिक वेबसाइट (serviceonline.bihar.gov.in या rtps.bihar.gov.in) खोलें। यदि आपके पास पहले से 'मेरी पहचान' (Jan Parichay) का लॉगिन है तो लॉगिन करें, अन्यथा आप बिना लॉगिन किए भी सीधे होमपेज से आवेदन कर सकते हैं। होमपेज पर बाईं तरफ 'लोक सेवाओं का अधिकार की सेवाएं' (RTPS Services) अनुभाग में जाएं और 'सामान्य प्रशासन विभाग' (General Administration Department) पर क्लिक करें। इसके बाद ड्रॉप-डाउन मेनू से 'जाति प्रमाण पत्र का निर्गमन' (Issuance of Caste Certificate) चुनें और उसमें 'राजस्व अधिकारी स्तर' (Revenue Officer Level) पर क्लिक करें। अब स्क्रीन पर फॉर्म-1 (अनुसूचित जाति/जनजाति/पिछड़ा वर्ग हेतु जाति प्रमाण पत्र आवेदन पत्र) खुल जाएगा।फॉर्म में विवरण दर्ज करना, फोटो अपलोड और फाइनल सबमिशनफॉर्म खुलने के बाद सबसे पहले आवेदक का लिंग (पुरुष/महिला/अन्य) और अभिवादन चुनें। इसके बाद आवेदक का नाम अंग्रेजी और हिंदी दोनों में टाइप करें; मोबाइल कीबोर्ड से स्पेस दबाते ही अंग्रेजी नाम का स्वतः हिंदी अनुवाद हो जाता है। इसी तरह पिता का नाम, माता का नाम और विवाहित महिलाओं के मामले में पति का नाम दर्ज करें। अपना वैध 10-अंकों का मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी अवश्य भरें क्योंकि सर्टिफिकेट का लिंक इन्हीं पर भेजा जाता है। इसके बाद स्थायी पता अनुभाग में जिला, अनुमंडल, प्रखंड, ग्राम पंचायत/नगर निकाय, वार्ड संख्या, गांव/मोहल्ला, पोस्ट ऑफिस, थाना और पिन कोड का चयन करें। वर्तमान पता भी स्थायी पते के समान है तो 'Same as Above' पर टिक करें। इसके बाद अपनी पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करें, पेशा (विद्यार्थी, सरकारी सेवा, निजी सेवा, व्यापार आदि) चुनें और अपनी वर्ग श्रेणी व विशिष्ट जाति का चयन करें। अंत में कैप्चा कोड डालकर 'Proceed' पर क्लिक करें। यदि ओटीपी विकल्प नहीं चुना है, तो अगले पेज पर 'Attach Annexure' पर क्लिक कर आधार कार्ड की कॉपी अपलोड करें और 'Submit' बटन दबा दें। सबमिट होते ही आपको पावती रसीद (Acknowledgement Slip) मिल जाएगी, जिसे पीडीएफ के रूप में सहेज लें।जाति प्रमाण पत्र का स्टेटस चेक करना और डिजिटल सर्टिफिकेट डाउनलोड करने की प्रक्रियाआवेदन जमा होने के बाद सामान्यतः 10 कार्य दिवसों (Working Days) के भीतर सेवा प्रदान की जाती है। यदि आप अपने आवेदन की स्थिति देखना चाहते हैं, तो RTPS के होमपेज पर 'नागरिक अनुभाग' (Citizen Section) में जाकर 'आवेदन की स्थिति देखें' (Track Application Status) पर क्लिक करें। वहां अपनी आवेदन संदर्भ संख्या (Application Reference Number) और आवेदन की तारीख दर्ज कर ओटीपी सत्यापन के जरिए स्टेटस देख सकते हैं। जब प्रमाण पत्र बनकर तैयार हो जाता है, तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर डाउनलोड लिंक का एसएमएस आता है। इसके अलावा, आप पोर्टल के होमपेज पर 'सर्टिफिकेट डाउनलोड करें' (Download Certificate) विकल्प पर जाकर अपनी संदर्भ संख्या और नाम दर्ज कर एक क्लिक में मूल डिजिटल हस्ताक्षरित जाति प्रमाण पत्र पीडीएफ फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकते हैं, जिसे सीधे प्रिंट कराकर किसी भी सरकारी कार्य में इस्तेमाल किया जा सकता है।
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष ने टाला जन महाभियोग, शनिवार को खरगे के आवास पर होगी मीटिंग
विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित 'जन-महाभियोग' बारिश के कारण स्थगित कर दिया है। अब यह शनिवार दोपहर तीन बजे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आयोजित होगा।
अवैध शराब के कारोबार पर योगी सरकार का कड़ा प्रहार, गाजियाबाद के जिला आबकारी अधिकारी निलंबित
तहलका ब्यूरोलखनऊ, 30 अक्टूबर। प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने और आबकारी व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। गाजियाबाद के नाइट क्लबों और बार में बिना लाइसेंस शराब परोसने तथा दूसरे राज्यों की मदिरा की अवैध बिक्री के मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई […]
स्कूली शिक्षा के दौरान आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे परिवारों के होनहार विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। वाल्वोलिन कमिंस प्राइवेट लिमिटेड (VCPL) की सामाजिक दायित्व पहल (CSR) के तहत संचालित मुस्कान स्कॉलरशिप प्रोग्राम (Muskaan Scholarship Program 2.0) शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए सक्रिय हो चुका है। इस कार्यक्रम के माध्यम से कक्षा 9वीं से लेकर 12वीं तक में पढ़ाई कर रहे जरूरतमंद विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष ₹12,000 तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस छात्रवृत्ति का मुख्य उद्देश्य वाणिज्यिक चालकों (ड्राइवर्स), मैकेनिकों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के बच्चों की स्कूली पढ़ाई को निर्बाध जारी रखना है। यदि आप भी इसके पात्र हैं, तो बिना देर किए आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना फॉर्म जमा कर दें क्योंकि इसके लिए आवेदन का आज अंतिम अवसर है।मुस्कान स्कॉलरशिप 2026-27 क्या है और इसके तहत कितनी सहायता मिलेगीमुस्कान स्कॉलरशिप एक प्रतिपूर्ति-आधारित (Reimbursement-based) वित्तीय सहायता योजना है, जिसे स्कूली विद्यार्थियों के आवश्यक खर्चों की भरपाई के लिए डिजाइन किया गया है। चयनित विद्यार्थियों को शैक्षणिक सत्र के दौरान स्कूल की ट्यूशन फीस, यूनिफॉर्म, किताबें और स्टेशनरी जैसे अनिवार्य खर्चों के लिए अधिकतम ₹12,000 की राशि दी जाती है। यह राशि सीधे लाभार्थी छात्र के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। इसके अतिरिक्त, 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को करियर मार्गदर्शन और मेंटरशिप भी उपलब्ध कराई जाती है। पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावियों को लैपटॉप या टैबलेट तथा 12वीं के बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए पूर्ण छात्रवृत्ति पाने का विशेष अवसर भी इस पहल के जरिए मिलता है।कौन कर सकता है आवेदन: पात्रता और योग्यता के कड़े नियममुस्कान स्कॉलरशिप का लाभ लेने के लिए आवेदक का भारत का नागरिक होना और शैक्षणिक सत्र 2026-27 में मान्यता प्राप्त स्कूल में कक्षा 9, 10, 11 या 12 में नियमित छात्र के रूप में नामांकित होना अनिवार्य है। छात्र ने अपनी पिछली कक्षा की वार्षिक परीक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक अर्जित किए हों। आवेदक के माता-पिता वाणिज्यिक वाहन चालक (HMV, LMV लाइसेंस धारक) हों, मैकेनिक हों या फिर परिवार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) श्रेणी में आता हो। पारिवारिक आय की दृष्टि से सभी स्रोतों को मिलाकर परिवार की कुल वार्षिक आय ₹8 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। वाल्वोलिन कमिंस या इसके पार्टनर संगठनों के कर्मचारियों के बच्चे इस छात्रवृत्ति के लिए पात्र नहीं माने जाएंगे।आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज और अंतिम तिथि का अलर्टआवेदन फॉर्म भरते समय विद्यार्थियों को सभी आवश्यक कागजात डिजिटल रूप में तैयार रखने होंगे। इनमें छात्र का हालिया पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, पिछली कक्षा (2025-26) की स्कूल द्वारा हस्ताक्षरित एवं प्रमाणित अंकतालिका, और वर्तमान सत्र (2026-27) का एडमिशन प्रूफ (जैसे स्कूल आईडी कार्ड, फीस रसीद या बोनाफाइड सर्टिफिकेट) अनिवार्य हैं। इसके साथ ही माता-पिता के पेशे का प्रमाण (ड्राइविंग लाइसेंस, श्रमिक कार्ड या मैकेनिक शॉप डिक्लेरेशन), आय प्रमाण पत्र या स्व-घोषणा, छात्र के अपने बैंक खाते की पासबुक या कैंसिल्ड चेक तथा शैक्षणिक खर्चों (फीस, किताबों व यूनिफॉर्म) की वैध रसीदें अपलोड करनी होंगी। ध्यान रहे कि इस स्कॉलरशिप में आवेदन करने की निर्धारित अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2026 तय की गई है, इसलिए समय सीमा समाप्त होने से पहले आवेदन पूरा करना आवश्यक है।पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन और चयन की चरणबद्ध प्रक्रियामुस्कान स्कॉलरशिप 2026-27 के लिए आवेदन पूरी तरह से ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जा रहे हैं। आवेदन करने के लिए छात्र आधिकारिक वेबसाइट (muskaan.synergieinsights.in) अथवा बडी4स्टडी (Buddy4Study) पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं। पोर्टल पर मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी से रजिस्ट्रेशन करने के बाद 'Muskaan Scholarship Program 2.0 (2026-27)' के लिंक पर क्लिक करें। आवेदन फॉर्म में छात्र का व्यक्तिगत विवरण, शैक्षणिक रिकॉर्ड, माता-पिता के कार्य की जानकारी और बैंक खाता संख्या ध्यानपूर्वक दर्ज करें। सभी मांगे गए दस्तावेज और खर्च की रसीदें स्पष्ट रूप से अपलोड करने के बाद फॉर्म को फाइनल सबमिट कर दें। इसके बाद प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटनी होगी और शॉर्टलिस्ट किए गए छात्रों का ऑनलाइन या टेलीफोनिक इंटरव्यू आयोजित कर अंतिम चयन सूची जारी की जाएगी।
उच्च शिक्षा की राह में आर्थिक तंगी किसी भी होनहार छात्र की प्रगति में बाधा न बने, इसके लिए केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) तथा अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएं चलाई जा रही हैं। वर्ष 2026-27 के शैक्षणिक सत्र के लिए पोस्ट-मैट्रिक और उच्च व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत छात्रों को पाठ्यक्रम, हॉस्टल व ट्यूशन फीस के आधार पर सालाना ₹48,000 तक (तथा चुनिंदा डिग्री/डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में इससे अधिक) की वित्तीय सहायता सीधे बैंक खाते में प्रदान की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य कमजोर सामाजिक व आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले मेधावी युवाओं को कॉलेज, विश्वविद्यालय, आईटीआई या पॉलिटेक्निक की पढ़ाई बेरोकटोक पूरी करने में मदद करना है।SC ST OBC Scholarship 2026 की प्रमुख विशेषताएं और मिलने वाली सहायता राशिइस छात्रवृत्ति कार्यक्रम के अंतर्गत सहायता राशि दो प्रमुख घटकों में दी जाती है—पहला, गैर-वापसी योग्य अनिवार्य शिक्षण शुल्क (ट्यूशन फीस) की प्रतिपूर्ति और दूसरा, मासिक अनुरक्षण भत्ता (Maintenance Allowance)। सामान्य डिग्री, डिप्लोमा, स्नातकोत्तर और पेशेवर पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत छात्रों के लिए यह राशि प्रतिवर्ष ₹10,000 से लेकर ₹48,000 तक बैठती है। हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने वाले (Hostellers) छात्रों को डे-स्कॉलर्स की तुलना में अधिक भत्ता दिया जाता है। संपूर्ण राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए छात्र के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं रहती और पैसा सीधे लाभार्थी तक पहुंचता है।पात्रता मानदंड और आय सीमा के अनिवार्य नियमआवेदन करने से पहले छात्रों को निर्धारित पात्रता शर्तों की जांच अवश्य कर लेनी चाहिए ताकि सत्यापन के समय आवेदन निरस्त न हो। आवेदक का भारत का नागरिक होना और SC, ST या OBC (Non-Creamy Layer) श्रेणी से संबंधित होना आवश्यक है। छात्र ने न्यूनतम 10वीं कक्षा उत्तीर्ण कर ली हो और किसी मान्यता प्राप्त सरकारी या निजी स्कूल, कॉलेज अथवा विश्वविद्यालय में 11वीं, 12वीं, डिप्लोमा, ग्रेजुएशन, पोस्ट-ग्रेजुएशन या व्यावसायिक कोर्स में नियमित अध्ययनरत हो। आय सीमा के मामले में SC और ST वर्ग के लिए परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। OBC वर्ग के लिए भी पारिवारिक वार्षिक आय सीमा आमतौर पर ₹1.5 लाख से ₹2.5 लाख के भीतर निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त, छात्र किसी अन्य केंद्रीय या राज्य स्तरीय स्कॉलरशिप का दोहरा लाभ न ले रहा हो।आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज और महत्वपूर्ण तिथियांयोजना में ऑनलाइन आवेदन करने के लिए कुछ प्रमुख दस्तावेजों का डिजिटल प्रारूप में होना अनिवार्य है। इनमें छात्र का आधार कार्ड, सक्षम प्राधिकारी (तहसीलदार या एसडीएम) द्वारा जारी वैध जाति प्रमाण पत्र, चालू वित्तीय वर्ष का आय प्रमाण पत्र, पिछली कक्षा की अंकतालिका, वर्तमान संस्थान में प्रवेश की रसीद या बोनाफाइड सर्टिफिकेट, पासपोर्ट साइज फोटो और आधार-सीडेड बैंक पासबुक शामिल हैं। महत्वपूर्ण तिथियों की बात करें तो नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) तथा संबंधित राज्य छात्रवृत्ति पोर्टलों पर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। केंद्रीय स्तर की अधिकांश योजनाओं के लिए आवेदन की प्राथमिक अंतिम तिथि 31 अक्टूबर निर्धारित है, जबकि संस्थान स्तर पर वेरिफिकेशन और कुछ राज्य-स्तरीय पोर्टलों (जैसे UP, बिहार, राजस्थान) पर यह समयसीमा नवंबर के अंत तक खुली रह सकती है। अंतिम समय की तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए छात्रों को समय रहते फॉर्म भरने की सलाह दी जाती है।नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) पर ऑनलाइन आवेदन का स्टेप-बाय-स्टेप तरीकाआवेदन करने के लिए सबसे पहले नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल के आधिकारिक पते scholarships.gov.in पर जाएं। यदि आपने पहले पंजीकरण नहीं कराया है, तो आधार ई-केवाईसी और फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से अपना वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) पूरा करें। OTR नंबर प्राप्त होने के बाद पोर्टल पर लॉगिन करें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी, सामाजिक श्रेणी, वर्तमान शैक्षणिक पाठ्यक्रम तथा संस्थान का नाम दर्ज करें। इसके बाद मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेज (जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र आदि) साफ-सुथरे तरीके से अपलोड करें। फॉर्म को अंतिम रूप से सबमिट करने से पहले दर्ज किए गए सभी विवरणों का मिलान कर लें। सबमिशन के बाद कन्फर्मेशन पेज का प्रिंटआउट निकाल लें और उसे आवश्यक प्रतियों के साथ अपने कॉलेज या संस्थान के नोडल अधिकारी के पास सत्यापन हेतु समय पर जमा करा दें।
CM योगी देंगे युवाओं को बड़ा तोहफा, 31 अक्टूबर को लॉन्च होगी सरदार पटेल योजना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 31 अक्टूबर को 1,725 करोड़ रुपये की सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार योजना शुरू करेंगे. पहले चरण में पांच जिलों में आधुनिक कौशल विकास केंद्र बनाए जाएंगे.
रूस की तेल रिफाइनरी पर यूक्रेन का ड्रोन हमला, दो हफ्ते बाद फिर निशाना बना रोसनेफ्ट प्लांट
यूक्रेन ने रूस के समारा क्षेत्र स्थित नोवोकुइबिशेव्स्क ऑयल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया. हमले के बाद भीषण आग लग गई और आसमान में धुएं के विशाल गुबार उठने लगे. रोसनेफ्ट की इस रिफाइनरी पर अगस्त के बाद दूसरी बार हमला हुआ है.
विपक्ष के खिलाफ BJP ने भरी 'पीएम मोदी चौथी बार' की हुंकार, देखें खबरदार
चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा करके विपक्ष पीएम मोदी को हटाना चाहता है. लेकिन अब बीजेपी सीधे आकर कर रही है कि मोदी कहीं नहीं जाने वाले. गुजरात के बनासकांठा में मोदी की रैली थी. समर्थक हाथ में कई पोस्टर लेकर आए, जिन पर एक ही बात लिखी थी कि मोदी नहीं जाने वाले. लखनऊ में भी अमित शाह ने राहुल गांधी को सीधे कह दिया कि 2029 में नरेंद्र मोदी चौथी बार प्रधानमंत्री बनेंगे. देखें खबरदार.
जयपुर। राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने दीपावली के अवसर पर राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स को आर्थिक राहत देते हुए महंगाई भत्ते (DA) एवं महंगाई राहत (DR) में तीन प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी दी है। इस फैसले के बाद सातवें वेतनमान के तहत महंगाई भत्ते और राहत की दर मौजूदा 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 […] The post भजनलाल शर्मा ने महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी देकर कर्मचारियों को दीपावली की दी सौगात appeared first on Sabguru News .

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