गुना/अशोकनगर/भोपाल- 11 अगस्त 2026। क्षेत्र के यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री व स्थानीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के सतत प्रयासों से बीना-रूठियाई MEMU ट्रेनों के संचालन समय में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब MEMU ट्रेन रूठियाई जंक्शन से रात्रि 8:30 बजे रवाना होगी, जिससे इंदौर-कोटा एक्सप्रेस से आने वाले यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी। यह निर्णय क्षेत्र के हजारों यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। यात्रियों की मांग पर सिंधिया ने लगातार किया प्रयास क्षेत्र के यात्रियों द्वारा मांग की गई थी कि बीना-रूठियाई MEMU ट्रेन के समय को इंदौर-कोटा एक्सप्रेस के आगमन के अनुरूप किया जाए, ताकि दोनों ट्रेनों के बीच कनेक्टिविटी स्थापित हो सके। जून में हुए स्थानीय कार्यक्रम में इस ट्रेन का समय बदलने की मांग उठी थी। यात्रियों की इस महत्वपूर्ण मांग को केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गंभीरता से लेते हुए लगातार रेल मंत्रालय और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के समक्ष उठाया और इसके समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए। उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय मंत्री सिंधिया के प्रयासों के बाद रेल मंत्रालय द्वारा 15 अप्रैल 2026 को बीना-रूठियाई MEMU ट्रेन नंबर 61611, 61612, 61625 और 61626 के दो फेरे किए जाने का आदेश जारी किया गया था। हालांकि, वापसी में MEMU के रूठियाई से रात्रि 8:00 बजे रवाना होने के निर्धारित समय के कारण यात्रियों को इंदौर-कोटा एक्सप्रेस से कनेक्टिविटी नहीं मिल पा रही थी। 20 मिनट का समय अंतर यात्रियों के लिए बन रहा था बड़ी परेशानी विदित रहे कि इंदौर-कोटा एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 22984 रात्रि 8:20 बजे रूठियाई जंक्शन पहुंचती है, जबकि MEMU के रात्रि 8:00 बजे रवाना होने के कारण इंदौर-कोटा एक्सप्रेस से आने वाले यात्रियों के लिए आगे की ट्रेन उपलब्ध नहीं हो पाती थी। ऐसी स्थिति में यात्रियों को रूठियाई जंक्शन पर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था। यात्रियों की इसी समस्या को देखते हुए केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने रेल मंत्रालय के समक्ष लगातार इस विषय को उठाया और MEMU के समय में आवश्यक संशोधन करवाने के लिए प्रयास जारी रखे। अब रात्रि 8:30 बजे रवाना होगी MEMU, इंदौर-कोटा एक्सप्रेस से बनेगी सीधी कनेक्टिविटी अब रेल मंत्रालय द्वारा MEMU के रूठियाई से वापसी के समय में बदलाव करते हुए इसे रात्रि 8:30 बजे निर्धारित किया गया है। इससे इंदौर-कोटा एक्सप्रेस के रात्रि 8:20 बजे रूठियाई पहुंचने के बाद यात्रियों को MEMU पकड़ने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा और दोनों ट्रेनों के बीच आवश्यक कनेक्टिविटी स्थापित हो जाएगी। इस बदलाव से इंदौर-कोटा एक्सप्रेस से आने वाले यात्रियों को गुना, अशोकनगर, मुंगावली और बीना सहित आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचने में बड़ी सुविधा मिलेगी। क्षेत्रवासियों और यात्रियों ने उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग को लगातार रेल मंत्रालय के समक्ष उठाकर समाधान कराने के लिए केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति आभार व्यक्त किया है।
यह FCRA Bill वापस लिया जाए! Priyanka Gandhi का सरकार पर करारा हमला
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को नई दिल्ली में 'विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026' का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि उनकी पार्टी का स्पष्ट रुख है कि इस विधेयक को वापस लिया जाना चाहिए। पत्रकारों से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि हमारा रुख यह है कि इस बिल को वापस लिया जाना चाहिए। उसी दिन, केंद्र सरकार के संसद में प्रस्ताव पेश करने के बाद इस बिल को औपचारिक रूप से संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजा गया। कार्यवाही फिर से शुरू होने के बाद केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में यह प्रस्ताव पेश किया। इसे भी पढ़ें: Parliament में विपक्ष का हंगामा 'चर्चा से भागने' की साजिश, Nitin Nabin बोले- जनता जानती है कौन दोषी लोकसभा की कामकाज की अतिरिक्त सूची (Supplementary List of Business) में बताया गया कि समिति में 31 सदस्य होंगे—21 लोकसभा से और 10 राज्यसभा से। प्रस्ताव में कहा गया कि विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को सदनों की एक संयुक्त समिति के पास भेजा जाए, जिसमें इस सदन के 21 सदस्य (जिन्हें लोकसभा अध्यक्ष नामित करेंगे) और राज्यसभा के 10 सदस्य (जिन्हें राज्यसभा के सभापति नामित करेंगे) शामिल हों। समिति को बिल की गहराई से जांच करने का काम सौंपा गया है और उसे 2026 के शीतकालीन सत्र के पहले हफ़्ते के आखिरी दिन तक संसद को अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि संयुक्त समिति की बैठकों के लिए कोरम (न्यूनतम सदस्यों की संख्या) कुल सदस्यों का एक-तिहाई होगा। इसे भी पढ़ें: Mohan Yadav ने Rahul Gandhi पर बोला हमला, संसद की कार्यवाही बाधित करने का लगाया आरोप विपक्ष के कुछ सदस्यों ने भी बिल को वापस लेने की मांग का समर्थन किया। कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने बिल को वापस लेने की मांग की, जिसका समर्थन समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने भी किया। समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव ने भी बिल का विरोध करते हुए कहा कि इसे पेश ही नहीं किया जाना चाहिए था और उन्होंने आदिवासी व आर्थिक रूप से पिछड़े इलाकों में शिक्षा और सेवाएं देने में NGO की भूमिका पर ज़ोर दिया। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
पटियाला में पिटबुल के हमले में महिला गंभीर जख्मी, वीडियो वायरल
पटियाला के घुम्मण नगर में घर देखने पहुंचे कपल पर मकान मालिक के पालतू पिटबुल ने हमला कर दिया. इस हमले में महिला गंभीर रुप से घायल हो गई और उसकी प्लास्टिक सर्जरी की गई है. इस खौफनाक घटना की CCTV फुटेज इंटरनेट पर खूब वायरल हो रही है. पढ़ें पूरी कहानी.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गाज़ियाबाद के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और 13 से 16 अगस्त के बीच भारी बारिश और आंधी-तूफान की भविष्यवाणी की है। खराब मौसम की आशंका को देखते हुए, ज़िला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और ज़रूरी सावधानी बरतने की अपील की है। एडवाइज़री में क्या कहा गया? एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अंजनी कुमार सिंह ने लोगों से अपील की है कि वे भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली कड़कने के दौरान बेवजह यात्रा न करें। सिंह ने एक बयान में कहा, लोगों को सलाह दी गई है कि वे रेडियो, टेलीविज़न और सोशल मीडिया के ज़रिए मौसम की ताज़ा जानकारी से अपडेट रहें। प्रशासन ने लोगों को पुरानी और जर्जर इमारतों और कच्ची दीवारों से दूर रहने की सलाह दी है। उन्हें बिजली के खंभों और बिजली की लाइनों के पास खड़े होने से बचने की भी सलाह दी गई है। लोगों से कहा गया है कि वे आंधी-तूफान के दौरान धातु की रॉड वाले छाते का इस्तेमाल न करें और न ही पेड़ों के नीचे शरण लें। निर्माण स्थलों पर इस्तेमाल होने वाले टिन शेड जैसे अस्थायी ढांचों को ठीक से सुरक्षित किया जाना चाहिए, और लोगों को उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। आंधी-तूफान और ओलावृष्टि के दौरान भी बेवजह यात्रा से बचना चाहिए। प्रशासन ने किसानों के लिए एक विशेष एडवाइज़री जारी की है, जिसमें उनसे भारी बारिश और ओलावृष्टि के दौरान खेतों में न जाने को कहा गया है। खराब मौसम के दौरान बच्चों और बुजुर्गों को भी सुरक्षित रूप से घर के अंदर रखना चाहिए। लोग मौसम से जुड़ी जानकारी के लिए Play Store से 'Sachet' ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। मेडिकल मदद के लिए, लोग टोल-फ्री नंबर 108 और 102 पर कॉल कर सकते हैं। ज़िला प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें, सतर्क रहें और भारी बारिश व आंधी-तूफान के दौरान अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। इसे भी पढ़ें: PM Modi टिप्पणी मामला: Noida लड़की के खिलाफ शिकायत वापस ली गई, अधिवक्ता ने वापस लिए केस इसे भी पढ़ें: Ghaziabad: लोनी में दुकान की छत गिरने से कर्मचारी की मौत, दो घायल 7 अगस्त को दिल्ली-NCR में भारी बारिश हुई इससे पहले 7 अगस्त को दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में पूरे दिन भारी बारिश हुई, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया, मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक जाम हो गया और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। खराब मौसम के कारण सड़कों पर पानी भर गया और ट्रैफिक जाम लग गया। लोग घंटों तक ट्रैफिक में फंसे रहे। एक यात्री ने चिंता जताते हुए कहा कि आज हमें अब तक के सबसे बुरे ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। दूसरी लेन से लोग गलत लेन में आ गए और अफरा-तफरी मचा दी, जिसकी वजह से लोग अपनी मंज़िल तक देर से पहुँचे। कई अन्य यात्रियों ने भी चिंता जताई और कहा कि यह इलाका दशकों से जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। उन्होंने इस बार-बार होने वाली समस्या के लिए अधूरे स्टॉर्मवॉटर ड्रेन (तूफानी पानी की निकासी वाली नाली) और आगे की तरफ़ हुए अवैध कब्ज़ों को ज़िम्मेदार ठहराया।
Weather Update : 5,000 KM का क्लाउड बेल्ट क्यों है खास? क्या है चिंता कारण, IMD ने जारी किया अलर्ट
उत्तरी भारत से लेकर एशिया के बड़े हिस्से तक बादलों का एक विशाल पट्टा सैटेलाइट तस्वीरों में साफ नजर आया है। करीब 5,000 किलोमीटर लंबा यह मॉनसून क्लाउड बेल्ट पाकिस्तान और उत्तर-पश्चिम भारत से होते हुए चीन तक फैला हुआ दिखाई दे रहा है। मौसम की यह सक्रिय ...
सीएम डीके शिवकुमार ने किया मंत्रालयों का बंटवारा, वित्त समेत ये विभाग अपने पास रखे
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया है और नए मंत्रियों को विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी है. नए मंत्रियों में रामलिंगा रेड्डी, लक्ष्मण सावदी, बी.जेड. जमीर अहमद खान सहित कई अन्य शामिल हैं.
9000% का रिटर्न, अब हर शेयर पर 10 बोनस स्टॉक देगी ये कंपनी
मल्टीबैगर स्टॉक ने अब बोनस शेयर का ऐलान किया है. 11 अगस्त को हुई बोर्ड की बैठक में कंपनी के शेयरहोल्डर्स ने एक के बदले 10 शेयर बोनस में देने की मंजूरी दी है.
'सुन्नी नाटो' बनाने वाला बिचौलिया पाकिस्तान कैसे जीतेगा 'शिया ईरान' का भरोसा...
पाकिस्तान के गृह मंत्री नकवी का तेहरान दौरा पाकिस्तान की उस कूटनीतिक कोशिश का हिस्सा है, जिसके जरिए वह अमेरिका-ईरान वार्ता का दरवाजा खुला रखना चाहता है. लेकिन असली चुनौती यह है कि पाकिस्तान एक तरफ सुन्नी देशों के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी मजबूत कर रहा है और दूसरी तरफ शिया ईरान के साथ भी भरोसा कायम रखना चाहता है.
बस्तर देखने निकली थी बाइक राइडर रिद्धि, तेज रफ्तार ट्रेलर ने ली जान
मुंबई से 23 बाइक राइडर्स का दल बस्तर की खूबसूरत वादियों की सैर के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचा था. धमतरी के मरकाटोला घाट के पास तेज रफ्तार ट्रेलर ने 24 वर्षीय रिद्धि ठक्कर की बाइक को पीछे से टक्कर मार दी. गंभीर रूप से घायल रिद्धि की इलाज के दौरान मौत हो गई. ट्रेलर चालक वाहन समेत फरार है और पुलिस जांच कर रही है.
Sansad Diary: FCRA Bill JPC को भेजा गया, विपक्ष के हंगामे के बीच कई बिल पारित
विपक्ष के भारी हंगामे के बीच, लोकसभा ने बुधवार को 'विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026' को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजने का प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित कर दिया। इसके तुरंत बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। इस बीच, राज्यसभा ने 'राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026' पारित किया और 'केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026' पर विचार और उसे पारित करने की प्रक्रिया शुरू की। विपक्ष ने लगातार विरोध-प्रदर्शन जारी रखा, जबकि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह और सरकार NEET से जुड़े छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर लोकसभा में तुरंत चर्चा शुरू करने के लिए तैयार है, बशर्ते विपक्षी सांसद मर्यादा बनाए रखें और सहयोग करें। इसे भी पढ़ें: राहुल गांधी के रूप में जिन्ना का पुनर्जन्म हुआ है: निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता पर तीखा वार आज क्या कुछ हुआ भारतीय जनता पार्टी की सांसद सुष्मिता देव ने बुधवार को कहा कि उन्होंने किसी राज्य की वेशभूषा पर कोई टिप्पणी नहीं की और राज्यसभा से ऐसा कोई संदेश नहीं जाना चाहिए जिससे भारत को सांस्कृतिक या धार्मिक आधार पर बांटने की भावना पैदा हो। यह स्पष्टीकरण उन्होंने माकपा सांसद जॉन ब्रिटास के उस आरोप के सिलसिले में दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि सोमवार को सदन की कार्यवाही के दौरान भाजपा सदस्य ने उन्हें बार-बार ‘‘लुंगीवाला’’ कहा था। लोकसभा ने बुधवार को खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 विपक्ष के हंगामे के बीच पारित कर दिया, जिसके तहत राज्यों को खनिज अधिकारों पर अतिरिक्त कर लगाने से रोका जाएगा। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के जरिए केंद्र सरकार ने खनिज वाले क्षेत्रों में खनिज संपदा की मात्रा से संबंधित निर्धारित मानकों के अनुसार खनिज-युक्त भूमि के विनियमन को भी अपने नियंत्रण में लेने का प्रावधान किया है। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने विपक्षी सदस्यों के विरोध के बीच विधेयक को सदन में चर्चा एवं पारित करने के लिए पेश किया। जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद संजय झा ने बिहार में कृषि उपज बाजार समिति (एपीएमसी) व्यवस्था खत्म करने के लिए राज्यसभा सदस्य और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सराहना करते हुए बुधवार को कहा कि इस कदम से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई और किसानों को उनकी उपज का भुगतान सीधे बैंक खातों में मिलने लगा। राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 पर राज्यसभा में चर्चा के दौरान झा ने नीतीश कुमार के दो दशक से अधिक समय बाद संसद में लौटने का भी उल्लेख किया। इसे भी पढ़ें: Student Protest पर Congress की विरोधाभासी नीति, Jharkhand में लाठीचार्ज पर BJP ने मांगा जवाब लोकसभा ने बुधवार को विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन (एफसीआरए) विधेयक, 2026 को विस्तृत समीक्षा और संभावित सुझावों के लिए संसद की संयुक्त समिति को भेजने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और द्रमुक ने विधेयक को अल्पसंख्यकों के खिलाफ करार देते हुए इसे वापस लेने की मांग की। सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस विधेयक में एक भी प्रावधान अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं है तथ यह सिर्फ देश की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इस विधेयक को संसद की संयुक्त समिति के पास भेजने का प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच ध्वनिमत से मंजूरी दी। विधेयक का विरोध करते हुए कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि यह विधेयक गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) और अल्पसंख्यक संस्थानों को निशाना बनाने के लिए लाया गया है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
'बीवी से अदरक-लहसुन की बदबू...', बोलकर फंसा एक्टर
फेमस टॉक शो गुड मॉर्निंग पाकिस्तान के एक सेगमेंट 'मियां बीवी की एक दूसरे से शिकायत' में शाहूद ने अपनी बात आगे रखी.
जाँच समिति ने खोल कर रख दिये सारे राज, नकदी कांड में पूर्व जज Yashwant Varma पर तीनों आरोप साबित हुए
इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के सरकारी आवास से बड़ी मात्रा में बिना हिसाब की नकदी मिलने के मामले में संसद की तीन सदस्यीय जांच समिति ने उनके खिलाफ लगाए गए तीनों आरोपों को साबित माना है। बुधवार को संसद के दोनों सदनों में पेश 126 पन्नों की रिपोर्ट में समिति ने न्यायमूर्ति वर्मा की सफाई को “टालमटोल भरी”, “भ्रामक” और कुछ हिस्सों में “झूठी” करार दिया। हालांकि समिति ने यह निष्कर्ष नहीं दिया कि बरामद नकदी व्यक्तिगत रूप से न्यायमूर्ति वर्मा की थी, क्योंकि इसके लिए पर्याप्त प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिले। हम आपको याद दिला दें कि विवाद की शुरुआत 14 मार्च 2025 को दिल्ली स्थित न्यायमूर्ति वर्मा के सरकारी आवास के परिसर में आग लगने के बाद हुई थी। आग बुझाने के दौरान आउटहाउस के एक कमरे में बड़ी मात्रा में बिना हिसाब की नकदी मिली, जिसमें कुछ नोट जले हुए भी थे। घटना के बाद न्यायिक भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता के आरोपों को लेकर व्यापक विवाद खड़ा हो गया। न्यायमूर्ति वर्मा ने नकदी की जानकारी होने से इंकार किया और अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया। इसे भी पढ़ें: जले हुए नोटों के मामले में जस्टिस यशवंत वर्मा पर तीनों आरोप साबित, समिति की फाइनल रिपोर्ट में जानें क्या-क्या मामले में भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना द्वारा कराई गई आंतरिक जांच में भी न्यायमूर्ति वर्मा की सफाई को असंतोषजनक माना गया था। इसके बाद उन्हें इस्तीफा देने या न्यायिक पद से हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया का सामना करने को कहा गया। उन्होंने इस्तीफा देने से इंकार किया और रिपोर्ट राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री को भेजी गई। विभिन्न दलों के सांसदों के समर्थन से लोकसभा में उनके खिलाफ प्रस्ताव स्वीकार किए जाने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने न्यायाधीश (जांच) अधिनियम के तहत तीन सदस्यीय वैधानिक समिति गठित की। समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति अरविंद कुमार ने की। इसमें तत्कालीन बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश श्रीकृष्ण चंद्रशेखर, जिन्हें बाद में सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत किया गया, और वरिष्ठ अधिवक्ता बीवी आचार्य भी शामिल थे। जांच समिति ने पाया कि जिस स्टोररूम में नकदी मिली, उसे न्यायमूर्ति वर्मा के नियंत्रण से बाहर बताना स्वीकार्य नहीं है। कमरे में उनके निजी सामान से जुड़ी एक बंद अलमारी होने समेत अन्य परिस्थितियों को देखते हुए समिति ने परिसर और न्यायमूर्ति के बीच पर्याप्त संबंध माना। इस आधार पर पहला आरोप साबित हुआ। दूसरे आरोप के संबंध में समिति ने जली हुई नकदी और उससे जुड़े भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित नहीं रखे जाने पर गंभीर आपत्ति जताई। समिति को इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिला कि न्यायमूर्ति वर्मा ने स्वयं नकदी हटाई थी, लेकिन उसने माना कि उनके संस्थागत नियंत्रण वाले परिसर से मिले महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी से वह मुक्त नहीं हो सकते। घर और प्रतिष्ठान से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की गई और दूसरा आरोप भी साबित माना गया। तीसरे आरोप पर समिति ने न्यायमूर्ति वर्मा के बदलते बचाव को निर्णायक रूप से खारिज किया। शुरुआत में नकदी की जानकारी से इंकार करने के बाद उन्होंने साजिश, नकदी रखे जाने और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया में खामियों के आरोप लगाए। समिति के अनुसार ये दलीलें नकदी की मौजूदगी और उपलब्ध साक्ष्यों को संतोषजनक ढंग से स्पष्ट नहीं कर सकीं। न्यायमूर्ति वर्मा का गवाही के लिए स्वयं कटघरे में न आना और जिरह का सामना न करना भी समिति के लिए प्रतिकूल रहा। हम आपको याद दिला दें कि न्यायमूर्ति वर्मा ने 9 अप्रैल 2026 को संसदीय जांच जारी रहने के दौरान न्यायिक पद से इस्तीफा दे दिया था। वहीं अब रिपोर्ट संसद में पेश होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि उनके इस्तीफे के बावजूद इस मामले में आगे की संवैधानिक या संसदीय कार्रवाई संभव है या नहीं। कुछ कानूनी विशेषज्ञों का मत है कि न्यायाधीश (जांच) अधिनियम की प्रक्रिया मुख्यतः कार्यरत न्यायाधीश के खिलाफ लागू होती है। इसलिए यह मामला अब केवल आरोपों की पुष्टि तक सीमित रहेगा या संसद इस्तीफे के बावजूद आगे की कार्रवाई पर विचार करेगी, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। बहरहाल, समिति की रिपोर्ट ने फिलहाल इतना स्पष्ट कर दिया है कि नकदी के व्यक्तिगत स्वामित्व का निर्णायक प्रमाण न होने के बावजूद न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की ओर से उसके अस्तित्व, संरक्षण और बाद में उसके गायब होने की परिस्थितियों का संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया।
हॉस्टल में देर रात हंगामा, खाने-पानी को लेकर गंभीर आरोप
गुजरात के भावनगर स्थित समरस हॉस्टल में छात्राओं ने खाने, पानी, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विरोध किया. छात्राओं ने खाने में कीड़े, प्लास्टिक और सिगरेट मिलने का आरोप लगाया. अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर शिकायतें सुनीं और जांच के बाद समाधान का भरोसा दिया. वीडियो में जानें क्या है पूरा मामला.
अब भी भूख हड़ताल पर देवेंद्र महतो, चार प्रदर्शनकारी भी भर्ती
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का आंदोलन स्वास्थ्य संकट की ओर बढ़ रहा है. देवेंद्र नाथ महतो 11 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी इसे जारी रखे हुए हैं.
टीम इंडिया को बड़ा झटका: बुमराह और सुदर्शन के बाद अब यह स्टार ऑलराउंडर भी श्रीलंका टेस्ट से बाहर
श्रीलंका दौरे पर गई भारतीय क्रिकेट टीम इस समय चोटों के साए से जूझ रही है। टीम के प्रमुख खिलाड़ियों का लगातार चोटिल होना टीम मैनेजमेंट के लिए चिंता का विषय बन गया है। जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन के पहले ही बाहर होने के बाद अब यह खबर सामने आ रही है कि ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर के भी श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में खेलने पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है। हालांकि चयनकर्ताओं ने उन्हें दूसरे टेस्ट के लिए टीम में शामिल किया था, लेकिन उनकी फिटनेस को लेकर अभी संशय बना हुआ है।वॉशिंगटन सुंदर की उपलब्धता पर सस्पेंससेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) और भारतीय टीम मैनेजमेंट वॉशिंगटन सुंदर की फिटनेस को लेकर किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं करना चाहते हैं। बीसीसीआई के एक सूत्र ने जानकारी दी है कि इस समय वॉशिंगटन के श्रीलंका जाने की संभावना बेहद कम है। टीम मैनेजमेंट को पहले ही सतर्क रहने और उसी हिसाब से अपनी योजना तैयार करने को कहा गया है।पिछले महीने इंग्लैंड दौरे के दौरान चोटिल होने के बाद से वॉशिंगटन ने ज्यादा क्रिकेट नहीं खेला है। वह अपनी हैमस्ट्रिंग की समस्या से उबर रहे हैं, और मेडिकल टीम उनके वर्कलोड को बहुत सावधानी से बढ़ा रही है। चूंकि उन्हें बिना किसी हालिया मैच प्रैक्टिस के सीधे टेस्ट मैच में उतारना जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए उनकी अंतिम फिटनेस रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ होगी।बुमराह और आकाश दीप की वापसी पर भी स्थिति साफ नहींचोटिल खिलाड़ियों की सूची में जसप्रीत बुमराह और तेज गेंदबाज आकाश दीप का नाम भी शामिल है। CoE की मेडिकल टीम ने अभी तक इन दोनों खिलाड़ियों की वापसी को लेकर कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की है। बुमराह अपने घुटने की चोट से उबर रहे हैं, जो उन्हें इंग्लैंड में लगी थी, जबकि आकाश दीप इस साल जनवरी से पीठ के स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारण मैदान से बाहर चल रहे हैं।CoE श्रीलंका दौरे से पहले बुमराह का वर्कलोड बढ़ाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन वह समय पर पूरी तरह तैयार नहीं हो पाए। लंबे फॉर्मेट में उनकी कमी टीम को खल सकती है। वहीं, आकाश दीप के भी श्रीलंका दौरे तक फिट होने की उम्मीद पूरी नहीं हो पाई है, और अब मेडिकल टीम को उम्मीद है कि वह आगामी न्यूजीलैंड दौरे के लिए उपलब्ध हो जाएंगे।
खाना बनाने का नहीं है मन, तो ट्राई करें One-Pot राजस्थानी दाल ढोकली
कुछ चटपटा और टेस्टी खाने का है मन, तो एक बार जरूर ट्राई करें राजस्थानी दाल ढोकली, उंगलिया चाटते रह जाएंगे खाने वाले.
सरकार चर्चा को तैयार, लेकिन विपक्ष भाग रहा है; रिजिजू का कांग्रेस पर हमला
मॉनसून सत्र के समापन से ठीक एक दिन पहले गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे गए पत्र पर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए रिजिजू ने स्थिति स्पष्ट की।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व अनुभवी बल्लेबाज और संकटमोचन कहे जाने वाले अजिंक्य रहाणे एक बार फिर मैदान पर वापसी करने जा रहे हैं, हालांकि इस बार उनका अंदाज बिल्कुल अलग होगा। क्रिकेट के सभी प्रारूपों को अलविदा कह चुके रहाणे अब एक नई भूमिका में नजर आने वाले हैं। भारत और श्रीलंका के बीच आगामी दो मैचों की टेस्ट सीरीज से वे बतौर कमेंटेटर अपनी दूसरी पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं।सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के साथ करेंगे कमेंट्री डेब्यूक्रिकेट के मैदान पर अपने शांत स्वभाव और बेहतरीन तकनीक के लिए पहचाने जाने वाले अजिंक्य रहाणे अब कमेंट्री बॉक्स में अपनी आवाज का जादू बिखेरेंगे। भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से गॉल में शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के दौरान रहाणे सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के लिए कमेंट्री करते हुए नजर आएंगे। यह उनके करियर का बतौर कमेंटेटर आधिकारिक डेब्यू होगा, जिससे उनके फैंस बेहद उत्साहित हैं।हाल ही में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा करने वाले रहाणे ने अब ब्रॉडकास्टिंग की दुनिया में कदम रखने का फैसला किया है। भारतीय टेस्ट क्रिकेट में उनका योगदान ऐतिहासिक रहा है। उन्होंने टीम इंडिया के लिए 85 टेस्ट मैचों में 38.46 की औसत से 5077 रन बनाए हैं, जिसमें 12 शानदार शतक और 26 अर्धशतक शामिल हैं। विदेशी पिचों पर उनकी कई पारियां भारतीय क्रिकेट इतिहास में हमेशा याद रखी जाएंगी।ब्रॉडकास्टर्स ने की आधिकारिक पुष्टिसोनी नेटवर्क इंडिया के चीफ रेवेन्यू ऑफिसर और बिजनेस हेड राजेश कौल ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि करते हुए कहा कि अजिंक्य रहाणे हमेशा से अपने धैर्य, शांत चित्त और खेल की गहरी समझ के लिए जाने जाते हैं। उनके जुड़ने से दर्शकों को टेस्ट फॉर्मेट की बारीकियों को बेहद करीब से समझने का अनूठा अवसर मिलेगा।भारत और श्रीलंका के बीच खेली जाने वाली इस रोमांचक टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से शुरू होगा। मैदान पर बल्ले से तहलका मचाने वाले रहाणे अब माइक के जरिए खेल का विश्लेषण करते दिखेंगे, जो क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक नया और दिलचस्प अनुभव होने वाला है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को राज्य में एनालॉग पनीर पर पूरी तरह से रोक लगाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य इसके बजाय प्राकृतिक दूध से बने उत्पादों को बढ़ावा देगा और डेयरी उत्पादन बढ़ाएगा। छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गुजरात के बाद, मध्य प्रदेश एनालॉग पनीर पर पूरी तरह से रोक लगाने वाला चौथा राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को बताया कि देश के अन्य राज्यों द्वारा एनालॉग पनीर पर रोक लगाने के बाद मध्य प्रदेश ने भी इस पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में प्राकृतिक दूध के उत्पाद उपलब्ध हैं और यहाँ प्राकृतिक पनीर बनाया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि मध्य प्रदेश दूध उत्पादन बढ़ाने की योजनाओं पर काम कर रहा है और एनालॉग पनीर की बिक्री को बढ़ावा नहीं देगा। इसे भी पढ़ें: आरक्षण पर Devendra Fadnavis का बड़ा बयान, कहा Constitution के दायरे में ही मिलेंगे हक, किसी के साथ अन्याय नहीं एनालॉग पनीर क्या है और यह आम पनीर से कैसे अलग है? ध्यान दें कि एनालॉग पनीर देखने में तो आम पनीर जैसा ही लगता है, लेकिन यह पूरी तरह से दूध से नहीं बनता। इसमें दूध के कुछ या सभी हिस्सों की जगह वेजिटेबल फैट, प्रोटीन और दूसरी चीज़ों का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे इसे बनाने का खर्च काफी कम हो जाता है। इस बीच, पब्लिक हेल्थ और मेडिकल एजुकेशन मिनिस्टर नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि यह फ़ैसला मुख्यमंत्री के निर्देशों पर लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसी कई रिपोर्टें सामने आई थीं कि पड़ोसी राज्यों में एनालॉग पनीर की बिक्री पर रोक लगने के बाद इसे मध्य प्रदेश भेजा जा रहा था। पटेल ने यह भी कहा कि राज्य का खाद्य विभाग, मुख्यमंत्री मोहन यादव की अगुवाई में शुरू किए गए 'शुद्ध के लिए युद्ध' अभियान के तहत लगातार कार्रवाई कर रहा है। विभाग मिलावटी मावे पर कड़ी नज़र रख रहा है: सरकार रक्षा बंधन जैसे बड़े त्योहारों को देखते हुए, मंत्री ने कहा कि विभाग मिलावटी मावे और खाने-पीने की दूसरी चीज़ों पर कड़ी नज़र रख रहा है ताकि लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाना मिल सके। जब उनसे पूछा गया कि बैन लागू होने के बाद भी एनालॉग पनीर बेचने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी, तो पटेल ने कहा कि ऐसे प्रोडक्ट्स को ज़ब्त करके नष्ट कर दिया जाएगा और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने चिंता जताई है कि इस सस्ते विकल्प को असली पनीर बताकर बेचा जा सकता है, जबकि ग्राहकों को इसके बारे में पूरी जानकारी नहीं दी जाती; आम ग्राहकों के लिए अक्सर इन दोनों प्रोडक्ट्स के बीच फ़र्क करना मुश्किल होता है।
दिलीप कुमार का 78 साल पुराना गाना, मोहम्मद रफी ने दी आवाज, हर 15 अगस्त पर स्कूलों में देता है सुनाई
दिलीप कुमार की 1948 में आई फिल्म ‘शहीद’ का यह गाना आज भी बेहद लोकप्रिय देशभक्ति गीत है. मोहम्मद रफी और खान मस्ताना की आवाज में रिकॉर्ड इस गाने में देश के लिए कुर्बानी देने वाले नौजवानों का जज्बा नजर आता है.
सूर्य ग्रहण के बाद अपनी राशि में आएंगे सूर्य, 4 राशियों के चमकेंगे दिन
Surya Gochar 2026: सूर्य ग्रहण के ठीक बाद अपनी ही राशि में प्रवेश करेंगे सूर्य! जानिए किन 4 भाग्यशाली राशियों के शुरू होने वाले हैं अच्छे दिन और किसे मिलेगा छप्पर फाड़ लाभ.
Tata Motors CV Q1 Results 2026: टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल का मुनाफा 83% उछला, आय में जबरदस्त बढ़त
शेयर बाजार में आज कारोबार बंद होने के बाद ऑटो सेक्टर की दिग्गज कंपनी टाटा मोटर्स (Tata Motors) ने अपने कमर्शियल व्हीकल (CV) कारोबार के जून तिमाही (Q1 FY27) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। टाटा मोटर्स सीवी ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बेहद मजबूत और शानदार प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी के मुनाफे में सालाना आधार पर 83 फीसदी से ज्यादा की जबरदस्त उछाल देखने को मिला है, जिससे निवेशकों और बाजार में उत्साह का माहौल है। बाजार में आज गिरावट के बीच भी टाटा मोटर्स सीवी का स्टॉक एक फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुआ है।टाटा मोटर्स सीवी का मुनाफा 83% बढ़कर ₹2,560 करोड़ हुआकंपनी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में टाटा मोटर्स के कमर्शियल व्हीकल कारोबार का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) सालाना आधार पर 83.3 फीसदी बढ़कर 2,560 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 1,397 करोड़ रुपये था।कमाई (Revenue) के मोर्चे पर भी कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया है। Q1 के दौरान कंपनी की कुल आय 19.3 फीसदी बढ़कर 20,667 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल इसी अवधि में 17,324 करोड़ रुपये थी। इसके साथ ही, कंपनी का एबिटडा (EBITDA) 8.6 फीसदी बढ़कर 2,640 करोड़ रुपये हो गया है। सबसे खास बात यह रही कि कंपनी का EBITDA मार्जिन 11.98 फीसदी से सुधरकर 15.83 फीसदी पर पहुंच गया, यानी मार्जिन में करीब 3.85 प्रतिशत अंक का शानदार सुधार हुआ है।बिक्री और बाजार हिस्सेदारी में मजबूत पकड़कमर्शियल व्हीकल कारोबार की पहली तिमाही में कुल थोक बिक्री 1.087 लाख वाहन रही, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 26 फीसदी अधिक है। घरेलू बिक्री में 26 फीसदी और निर्यात मात्रा में 35 फीसदी की सालाना वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में घरेलू वाणिज्यिक वाहन बाजार में कंपनी की कुल हिस्सेदारी 36.8 फीसदी रही, जो पिछली तिमाही की तुलना में 100 आधार अंक अधिक है।श्रेणीवार प्रदर्शन पर नजर डालें तो भारी वाणिज्यिक वाहनों में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 56.3 फीसदी, इंटरमीडिएट और लाइट मीडियम कमर्शियल व्हीकल में 36.9 फीसदी, छोटे कमर्शियल व्हीकल पिक-अप में 27.7 फीसदी और कमर्शियल पैसेंजर व्हीकल में 41.3 फीसदी दर्ज की गई है।इलेक्ट्रिक वाहनों और नए पोर्टफोलियो पर फोकसटाटा मोटर्स ने इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में अपनी स्थिति को और मजबूत किया है। पहली तिमाही में विभिन्न श्रेणियों में 3,400 से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों के ऑर्डर मिले हैं। इसके अलावा, कंपनी ने छोटे कमर्शियल व्हीकल पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए Ace Gold+ XL, Intra V40 और Intra EV जैसे आधुनिक मॉडल लॉन्च किए हैं, जिससे पेट्रोल-डीजल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक तीनों विकल्पों में कंपनी की मौजूदगी और गहरी हुई है। कंपनी ने इंडोनेशिया से मिले ऑर्डर की डिलीवरी भी शुरू कर दी है और लखनऊ संयंत्र में 10 लाख कमर्शियल वाहनों के उत्पादन का बड़ा मील का पत्थर हासिल किया है।HPCL के साथ नई रणनीतिक साझेदारीसस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा देते हुए Tata Motors ने इस्तेमाल किए गए ऑटोमोटिव लुब्रिकेंट के रीसाइक्लिंग और दोबारा इस्तेमाल के लिए HPCL के साथ एक बड़ी साझेदारी की है। इसका उद्देश्य इस्तेमाल किए गए लुब्रिकेंट के लिए एक टिकाऊ चक्रीय अर्थव्यवस्था मॉडल तैयार करना है। टाटा मोटर्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी गिरीश वाघ ने कहा कि भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद और बेहतर उत्पाद पोर्टफोलियो के दम पर कंपनी ने तिमाही में यह ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है।
अमेरिकी अदालत द्वारा न्याय विभाग (Department of Justice - DoJ) के आपराधिक मामले को खारिज किए जाने के कुछ दिनों बाद, अदाणी ग्रुप के चेय
शेयर बाजार और बिजनेस जगत में अपनी मजबूत पैठ बना चुकी देश की अग्रणी आईवियर कंपनी लेंसकार्ट (Lenskart) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। लेंसकार्ट के जून तिमाही के नतीजे बेहद शानदार रहे हैं, जहां कंपनी के मुनाफे में करीब तीन गुना की ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही कंपनी की कुल कमाई और एबिटडा (EBITDA) में भी जोरदार उछाल देखने को मिला है। बेहतरीन वित्तीय प्रदर्शन के अलावा कंपनी के बोर्ड ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार और कर्मचारियों के लिए कई अहम फैसलों को भी मंजूरी दी है।लेंसकार्ट का नेट प्रॉफिट 270% उछलाकंपनी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा कारोबारी साल की पहली तिमाही में लेंसकार्ट का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 270 फीसदी की बंपर बढ़त के साथ 222 से 228 करोड़ रुपये के आसपास दर्ज किया गया है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा महज 60 करोड़ रुपये था। मुनाफे में आई इस जबरदस्त तेजी से यह साफ जाहिर होता है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति बेहद मजबूत हो रही है और उसका बिजनेस मॉडल तेजी से विस्तार कर रहा है।रेवेन्यू और EBITDA में भी मजबूत ग्रोथकमाई के मोर्चे पर भी लेंसकार्ट ने निवेशकों को निराश नहीं किया है। Q1 के दौरान कंपनी का कुल रेवेन्यू (Revenue) सालाना आधार पर 43.3 फीसदी की शानदार छलांग लगाकर 2,714.2 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जबकि पिछले साल की जून तिमाही में यह 1,894.5 करोड़ रुपये था। यानी महज एक साल के भीतर कंपनी की कमाई में लगभग 820 करोड़ रुपये की बड़ी बढ़ोतरी हुई है।इसके साथ ही ऑपरेशनल प्रदर्शन को दर्शाने वाला EBITDA भी 75.1 फीसदी बढ़कर 588.5 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 336.1 करोड़ रुपये था। सबसे खास बात यह रही कि कंपनी का EBITDA मार्जिन भी पिछले साल के 17.7 फीसदी से सुधरकर 21.7 फीसदी पर पहुंच गया, जो बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दर्शाता है।अंतरराष्ट्रीय विस्तार और सब्सिडियरी को मंजूरीशानदार वित्तीय नतीजों के साथ ही लेंसकार्ट के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ग्लोबल मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कई बड़े रणनीतिक फैसले लिए हैं। बोर्ड ने Baofeng Framekart Technology Limited में अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसे सिंगापुर स्थित सब्सिडियरी के जरिए पूरा किया जाएगा। इसके अलावा, कंपनी ने दक्षिण कोरिया में 'OWNDAYS Korea' और चीन में 'Wenzhou Framekart Trade Co., Ltd' के नाम से नई स्टेप-डाउन सब्सिडियरी बनाने की भी मंजूरी दे दी है।कर्मचारियों के लिए ESOP को हरी झंडीकंपनी ने अपने कर्मचारियों का खास ख्याल रखते हुए कर्मचारी स्टॉक ऑप्शन प्लान (ESOP) के तहत बड़े फैसले लिए हैं। बोर्ड ने कर्मचारियों के लिए 2 रुपये की फेस वैल्यू वाले 5,85,561 इक्विटी शेयर आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिससे कर्मचारियों को कंपनी की ग्रोथ में सीधे तौर पर भागीदार बनने का मौका मिलेगा। कुल मिलाकर, लेंसकार्ट के ये नतीजे कंपनी के तेज विकास और मजबूत भविष्य की कहानी बयां कर रहे हैं।
9 दिन की बारिश के बाद मनीला की नदी में 'कचरे का सैलाब'
आसमान से बरसी 9 दिन की बारिश ने मनीला की नदी में कचरे का ढेर लगा दिया. अब पानी के अंदर उतरकर सफाई हो रही है. भारी बारिश ने उत्तरी फिलीपींस में बाढ़ और लैंडस्लाइड बढ़ाए, जिनमें 16 लोगों की जान गई.
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मौत की फिर अटकलें! क्या है इस तरह की खबरों की वजह
Imran Khan Death Rumors: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान की सेहत और जेल में उनकी मौजूदगी को लेकर एक बार फिर देश में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद 73 वर्षीय ...
सरसों, तिल या ऑलिव ऑयल? जानें किस तेल को कैसे करना चाहिए इस्तेमाल
भारतीय किचन में तेल का सही इस्तेमाल सेहत और वजन कंट्रोल के लिए बेहद जरूरी है. FSSAI के अनुसार, सरसों और राइस ब्रान जैसे हाई स्मोक पॉइंट तेल ही तेज आंच के लिए सही है. तेल को बार-बार गर्म करने से ट्रांस फैट्स और फ्री रेडिकल्स बनते हैं, जो दिल और पाचन को नुकसान पहुंचाते हैं.
ग्रामीणों की मदद को आगे आए बच्चे, बांस से बनाया ऐसे पुल
बिहार के बगहा में नदी का रास्ता क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों की मुश्किल बढ़ गई थी. महिलाओं और बच्चों की परेशानी देखकर कुछ बच्चों ने बांस-लकड़ियों से चचरी पुल बना दिया. कांग्रेस नेता जय सिंह ने बच्चों को सम्मानित किया. ग्रामीण अब स्थायी पुल की मांग कर रहे हैं. वीडियो में जानें पूरा मामला.
शेयर बाजार में आज कारोबार बंद होने के बाद दो दिग्गज कंपनियों ने अपने जून तिमाही (Q1 FY27) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। पॉलिमर्स और मीडिया सेक्टर की इन दोनों प्रमुख कंपनियों—एस्ट्रल लिमिटेड (Astral) और सन टीवी नेटवर्क (Sun TV Network)—ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बेहद मजबूत और सकारात्मक प्रदर्शन दर्ज किया है। दोनों ही कंपनियों के मुनाफे और अन्य प्रमुख वित्तीय पैमानों में शानदार डबल डिजिट की ग्रोथ देखने को मिली है, जिससे निवेशकों में उत्साह का माहौल है।एस्ट्रल लिमिटेड के Q1 नतीजे: मुनाफे में जबरदस्त उछालपॉलिमर पाइपिंग सिस्टम, एडहेसिव, कंस्ट्रक्शन केमिकल, पेंट और बाथवेयर सेगमेंट में कारोबार करने वाली प्रमुख कंपनी एस्ट्रल लिमिटेड ने जून तिमाही में बाजार के अनुमानों पर खरा उतरते हुए मजबूत प्रदर्शन किया है। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा (Net Profit) सालाना आधार पर 81 करोड़ रुपये से बढ़कर सीधे 120 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो कि विश्लेषकों के 116 करोड़ रुपये के अनुमान से काफी बेहतर रहा है।इसके अलावा, कंपनी की कंसोलिडेटेड कमाई (Revenue) 1,361 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,578 करोड़ रुपये दर्ज की गई है, जो 1,588 करोड़ रुपये के अनुमान के आसपास रही। कंपनी का एबिटडा (EBITDA) भी 188 करोड़ रुपये से बढ़कर 231 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो बाजार के 231 करोड़ रुपये के अनुमान के बिल्कुल अनुरूप है। बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी के दम पर एस्ट्रल का EBITDA मार्जिन भी पिछले साल के 13.8% से सुधरकर 14.7% हो गया है।सन टीवी नेटवर्क का शानदार प्रदर्शन: मार्जिन 50% के पारदक्षिण भारत के मीडिया और टेलीविजन नेटवर्क कारोबार से जुड़ी दिग्गज कंपनी सन टीवी नेटवर्क ने भी जून तिमाही में निवेशकों को निराश नहीं किया है। कंपनी ने मुनाफे, कमाई और एबिटडा—तीनों मोर्चों पर डबल डिजिट की मजबूत ग्रोथ दर्ज की है।आंकड़ों के मुताबिक, सन टीवी का शुद्ध मुनाफा 16.93% की जोरदार बढ़त के साथ 529.2 करोड़ रुपये से बढ़कर 618.8 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वहीं, कंपनी की कुल ऑपरेटिंग इनकम 13% बढ़कर 1,290.3 करोड़ रुपये से 1,457.8 करोड़ रुपये हो गई है। कंपनी का एबिटडा भी 18.7% बढ़कर 619.2 करोड़ रुपये से 735.3 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। सबसे खास बात यह रही कि कंपनी का EBITDA मार्जिन 48% से बढ़कर 50.44% के पार निकल गया, जो इसके मजबूत ऑपरेशनल कंट्रोल और बिजनेस मॉडल की मजबूती को दर्शाता है।कुल मिलाकर, एस्ट्रल और सन टीवी दोनों ही कंपनियों के जून तिमाही के नतीजे बेहद सकारात्मक रहे हैं, जहां एस्ट्रल का मुनाफा अनुमान से बेहतर रहा, वहीं सन टीवी ने मार्जिन के मामले में नया मुकाम हासिल किया है।
देश में महंगाई बढ़ी, RBI के लक्ष्य के पार पहुंचा आंकड़ा, आलू-भिंडी सस्ता पर ये चीजें हुईं महंगी
भारत में CPI जुलाई में सालाना आधार पर मामूली रूप से बढ़कर 4.45 प्रतिशत रही है, जो कि जून में 4.38 प्रतिशत थी.
6 मंजिला बिल्डिंग पर चढ़े 3 नर्सिंग छात्र, आत्महत्या की दी धमकी; बोले- 6 साल से बर्बाद हो रहा भविष्य
भोपाल में नर्सिंग छात्रों का आंदोलन उग्र हो गया. नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे तीन छात्र 6 मंजिला निर्माणाधीन इमारत पर चढ़ गए और आत्महत्या की धमकी दी. छात्रों का आरोप है कि परीक्षा, रिजल्ट, डिग्री और रजिस्ट्रेशन की समस्याओं के कारण उनका भविष्य पिछले 6 साल से अधर में लटका है.
फिर चमकी बाबर आजम की किस्मत! 2 साल बाद हुआ ये करिश्मा
पाकिस्तान की कप्तानी दोबारा मिलने के बाद बाबर आजम एक बार फिर बल्ले से रन बरसा रहे हैं. वेस्टइंडीज दौरे पर शानदार बल्लेबाजी के दम पर उन्होंने प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब अपने नाम किया.
जेन-जी, जरा ठहरकर सोचो : नौकरी की लड़ाई में न्याय चाहिए या पूरी व्यवस्था का विध्वंस?
नौकरी की लड़ाई में न्याय चाहिए या पूरी व्यवस्था का विध्वंस The post जेन-जी,जरा ठहरकर सोचो : नौकरी की लड़ाई में न्याय चाहिए या पूरी व्यवस्था का विध्वंस? appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
असम में बाढ़ की स्थिति को 'डरावना' बताते हुए, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार को पड़ोसी राज्य की इस संकट से निपटने में मदद के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। अधिकारी ने कहा कि असम में बाढ़ से 100 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, और पश्चिम बंगाल का असम के साथ 'खास आध्यात्मिक संबंध' है। अधिकारी ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि पड़ोसी राज्य असम में स्थिति डरावनी है। असम के साथ हमारा खास आध्यात्मिक संबंध है। मणिपुर और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों ने असम को मदद देने की घोषणा की है। हम भी मुख्यमंत्री राहत कोष से असम को 10 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देंगे। इसे भी पढ़ें: West Bengal Voter List से नाम हटाने पर Supreme Court सख्त, ECI से मांगा SIR Tribunals का डिस्पोजल डेटा पुनर्वास के लिए 1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की ज़रूरत हो सकती है: असम के CM इससे पहले दिन में, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि बाढ़ की हालिया लहर से बुरी तरह प्रभावित ज़िलों में संपत्तियों की मरम्मत और बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास के लिए कम से कम 1,000 करोड़ रुपये की ज़रूरत होगी। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुनर्वास प्रक्रिया में पूरी मदद का भरोसा दिया है। सरमा ने कहा स्थायी राहत देने के लिए 9 अगस्त को तेज़ी से राहत का आकलन करने का अभियान शुरू किया गया था। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, 8,000 से ज़्यादा परिवारों का आकलन किया गया है और 150 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। सरमा ने कहा कि यह सर्वे 30 अगस्त तक जारी रहेगा और उम्मीद है कि इसमें ऊपरी ज़िलों के 50,000-60,000 परिवार शामिल होंगे, जो हालिया बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। सरमा ने कहा मेरा मानना है कि नुकसान की मरम्मत और पुनर्वास में 1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा खर्च होंगे। PM ने भरोसा दिलाया है कि प्रभावित परिवारों को भुगतान करने में कोई दिक्कत नहीं है और हमसे कहा है कि बिना किसी चूक के आकलन करें। 72 YouTubers ने फंड इकट्ठा किया प्रभावित लोगों को राहत पहुँचाने के लिए अलग-अलग ग्रुप्स से मिले सहयोग को मानते हुए, उन्होंने कहा कि देश भर के 72 YouTubers ने इस काम के लिए फंड इकट्ठा किया है। उन्होंने कहा, उनमें से कई पहले से ही ज़मीनी स्तर पर काम कर रहे हैं और लोगों को राहत पहुँचा रहे हैं। हम इस बात पर कड़ी नज़र रख रहे हैं कि क्या वे बाढ़ से प्रभावित इलाकों के लिए पैसे खर्च कर रहे हैं। सरमा ने ऊपरी असम में बाढ़ से क्षतिग्रस्त 494 आंगनवाड़ी केंद्रों के पुनर्निर्माण के लिए 11.3 करोड़ रुपये जारी किए। उन्होंने कहा हम चाहते हैं कि ये केंद्र जल्द से जल्द फिर से शुरू हों ताकि सभी सेवाएँ दी जा सकें। इस अभियान में कुल 494 क्षतिग्रस्त आंगनवाड़ी केंद्रों का पुनर्निर्माण किया जाएगा।
टाटा-बिड़ला का बॉम्बे प्लान, आजादी से तीन साल पहले इसने रखी भारतीय अर्थव्यवस्था की नींव
1944 में जेआरडी टाटा और जीडी बिड़ला ने 'बॉम्बे प्लान' तैयार किया था, जिसमें भारत के भविष्य और भारतीयों की जरूरतों का ध्यान रखा गया था.
14 साल, 16,000 करोड़ खर्च... पहली ही बारिश में धुला मुंबई-गोवा हाईवे
मुंबई-गोवा नेशनल हाईवे (NH-66) की हालत गंभीर रूप से खराब हो गई है, जबकि इस पर 16,000 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं. बारिश के बाद गड्ढे उभर आए हैं और कई जगह सड़क चौड़ीकरण, पुल और बाईपास का काम अधूरा पड़ा है. मई में टोल वसूली शुरू हो गई है, जिससे जनता में भारी गुस्सा है.
हाई लेवल कमेटी और 25 हजार सिक्योर क्लासरूम, महाराष्ट्र को पेपर लीक प्रूफ बनाने का पूरा प्लान
Maharashtra Exam Reforms: महाराष्ट्र में होने वाली तमाम परीक्षाओं पर नजर रखने के लिए एक हाई लेवल कमेटी बनाने का फैसला लिया गया है, साथ ही 25 हजार सिक्योर क्लासरूम बनाने के भी निर्देश दिए गए हैं.
जब हम चिंता या भावनात्मक दबाव में होते हैं, तो शरीर में कई बदलाव होते हैं, जो त्वचा की सेहत को प्रभावित कर सकते हैं. यही कारण है कि तनाव के दौरान मुंहासे, एक्जिमा और अन्य त्वचा संबंधी समस्या बढ़ सकती है.
कैश कांड में जस्टिस यशवंत वर्मा पर लगे तीनों आरोप सही, शीतकालीन सत्र में आ सकता है महाभियोग प्रस्ताव
दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस यशवंत वर्मा के घर से बड़ी मात्रा में जले हुए नोटों के बंडल मिले थे. इस मामले में तीन सदस्यीय जांच समिति ने उनपर लगे तीनों आरोप सही पाए. अब पूर्व जज के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया जा सकता है.
Satcom Services in India: स्टारलिंक, जियो और वनवेब को मिला स्पेक्ट्रम, गांवों तक पहुंचेगा हाई-स्पीड इंटरनेट. सरकार ने संसद में दी जानकारी. देशे में सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाओं के लिए इन कंपनियों को प्रोविजनल स्पेक्ट्रम मिला है, जानिए इसके फायदे.
निकिता रावल को फैन ने किया जबरन Kiss, अब एक्ट्रेस ने तोड़ी चुप्पी
एक महिला फैन द्वारा अचानक होंठों पर किस करने का वीडियो वायरल होने के बाद, निकिता रावल ने उन्हें सपोर्ट करने के लिए फैन्स का शुक्रिया अदा किया. इस घटना के बाद एक्ट्रेस काफी असहज दिखीं.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) एक बार फिर सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रही है। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने बुधवार को कहा कि जंतर-मंतर का सीज़न 2 जल्द ही शुरू होगा। सीज़न 1 का ज़िक्र पिछले महीने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के बड़े आंदोलन की ओर इशारा करता है। परीक्षा के पेपर लीक होने, छात्रों की आत्महत्या और शिक्षा में सुधार की मांगों को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों का दबाव इतना बढ़ गया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना पड़ा। इसके बाद CJP ने घोषणा की कि वह सरकार को जवाबदेह ठहराने के लिए एक प्रेशर ग्रुप के तौर पर काम करना जारी रखेगा। इसे भी पढ़ें: असामाजिक हो रहे सोशल मीडिया का नियमन जरूरी दीपके ने कहा कि बहुत से लोग इंस्टाग्राम पर पूछ रहे थे कि 'जंतर-मंतर' का सीज़न 2 कब शुरू होगा। मैं उन्हें बताना चाहता हूँ कि 'जंतर-मंतर' का सीज़न 2 बहुत जल्द शुरू होने वाला है।
भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी बढ़ती डिमांड को देखते हुए कंपनियां नए-नए इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में उतार रही हैं। अब BGauss ने भारतीय बाजार में अपना नया इलेक्ट्रिक स्कूटर Oowah लॉन्च किया है। कंपनी ने इसे खास तौर पर ...
हरिद्वार में कांवड़िये छोड़ गए 7 हजार टन कूड़ा, अब सफाई में जुटे 1,000 कर्मचारी
हरिद्वार में कांवड़ मेला खत्म होने के बाद करीब 7 हजार मीट्रिक टन कूड़ा जमा हुआ है. इसे हटाने के लिए 1,000 अतिरिक्त कर्मचारी और 80 से ज्यादा वाहन सफाई में लगाए गए हैं.
जांच समिति ने कहा कि जस्टिस वर्मा के जवाब में स्पष्टता, पारदर्शिता और संस्थागत जिम्मेदारी का भाव नहीं दिखा। समिति ने यह भी कहा कि घटनास्थल से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य सुरक्षित या संरक्षित नहीं किए गए और स्टोर रूम में कुछ फेरबदल किया गया था।
अतीक के बेटे के जनाज़े में शामिल हुए एमआईएम नेता, बोले कहां गई सपा और कांग्रेस!
प्रयागराज में अतीक अहमद के बेटे अबान के जनाज़े में AIMIM प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली की मौजूदगी अब राजनीतिक मुद्दा बन गई है.
Success Story: मिड-डे मील वर्कर का बेटा बना लेफ्टिनेंट, बचपन में पिता की मौत, SSB में 8 बार फेल
पिता के निधन के बाद मां ने मजदूरी कर पाला. 8 बार SSB में फेल होने के बावजूद जिंद के हरदीप गिल ने हार नहीं मानी. 9वें प्रयास में AIR 54 हासिल कर वे सेना में लेफ्टिनेंट बने. पढ़ें सक्सेस स्टोरी.
संसदीय लोकतंत्र का अपमान! Kiren Rijiju बोले- चर्चा से भाग रहा विपक्ष
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को कहा कि वे अपनी ज़िंदगी में पहली बार पूरी तरह से निराश महसूस कर रहे हैं। वे एक ऐसी स्थिति देख रहे हैं जहाँ सरकार संसद में चर्चा करना चाहती है, लेकिन विपक्ष उससे भाग रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति की कल्पना करना भी मुश्किल है, क्योंकि संसदीय लोकतंत्र में विपक्ष ही चर्चा की मांग करता है और सरकार जवाब देती है। उन्होंने कहा कि मैं पूरी तरह से परेशान हूँ। अपनी ज़िंदगी में पहली बार मैं ऐसा नज़ारा देख रहा हूँ जहाँ सरकार संसद में चर्चा करना चाहती है, लेकिन विपक्ष उससे भाग रहा है। इसे भी पढ़ें: Parliament में विपक्ष का हंगामा 'चर्चा से भागने' की साजिश, Nitin Nabin बोले- जनता जानती है कौन दोषी उन्होंने कहा कि इसकी कल्पना करना भी मुश्किल है, क्योंकि संसदीय लोकतंत्र में विपक्ष ही चर्चा की मांग करता है और सरकार जवाब देती है। लेकिन यहाँ, सरकार खुद कह रही है कि हम चर्चा करेंगे और जवाब देंगे, फिर भी विपक्ष सुनने को तैयार नहीं है। क्या आप ऐसी स्थिति की कल्पना कर सकते हैं? किरेन रिजिजू ने आगे कहा कि यह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है क्योंकि उन्होंने बार-बार इस मामले पर चर्चा करने की इच्छा जताई है, फिर भी विपक्ष सहमत होने से इनकार कर रहा है। उन्होंने कहा कि नतीजतन, गृह मंत्री को एक और पत्र लिखना पड़ा; गृह मंत्री ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर फिर से कहा कि हम खुली, व्यापक और विस्तृत चर्चा के लिए तैयार हैं और उनसे विपक्ष के नेताओं को इसके लिए मनाने का आग्रह किया। क्या आपने कभी ऐसी कोई बात सुनी है? सरकार खुद अध्यक्ष से गंभीरता से अनुरोध कर रही है कि वे विपक्ष को चर्चा में भाग लेने के लिए मनाएं। आज भी, हमने बार-बार विपक्ष से तुरंत चर्चा शुरू करने का आग्रह किया, लेकिन उनमें हिम्मत की कमी है। यह देश के लिए अच्छा नहीं है। रिजिजू ने यह भी पूछा कि अगर चर्चा ही नहीं होगी तो संसद कैसे काम करेगी और कहा कि अगर विपक्ष सुनना ही नहीं चाहता तो सरकार संसद में अपनी बात नहीं रख सकती और न ही जवाब दे सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने प्लेकार्ड दिखाना, नारे लगाना और यहाँ तक कि अपशब्द कहना भी आम बात बना दिया है। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस सांसदों को शायद लगता है कि उनका एकमात्र काम नारे लगाना, प्लेकार्ड दिखाना और लोगों को अपशब्द कहना है। उन्होंने यह भी कहा कि वे भूल गए हैं कि संसद बहस और चर्चा के लिए होती है। इसे भी पढ़ें: राहुल गांधी के रूप में जिन्ना का पुनर्जन्म हुआ है: निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता पर तीखा वार उन्होंने आगे कहा कि कल सत्र का आखिरी दिन है और हमने आज भी उनसे अपील की है। मैं बहुत भारी और दुखी मन से यह कह रहा हूँ: मैं सचमुच निराश हूँ कि विपक्ष संसद में बहस से भाग रहा है। यह सोचना भी मुश्किल है और समझ से परे है कि संसदीय लोकतंत्र में विपक्ष बहस से भाग रहा है, जबकि सरकार पूरी चर्चा पर जोर दे रही है और जवाब देने के लिए भी तैयार है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
2025 में लगी नौकरी, 2026 में सस्पेंड! यूपी के 3 सिपाहियों पर एक्शन
गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के मरदह टोल प्लाजा पर अवैध वसूली करने और रील बनाने के आरोप में तीन नए सिपाहियों- अजय सिंह, युवराज सिंह और दीपू कुशवाहा- को निलंबित कर दिया गया है. एसपी डॉ. ईरज राजा ने कार्रवाई करते हुए तीनों को पुलिस लाइन से अटैच कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं.
वाइट हाउस के एक वरिष्ठ सलाहकार ने मंगलवार को एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद पर अमेरिकी शुल्क की धमकी से उत्पन्न हुए किसी भी विवाद को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपस में बहुत आसानी से सुलझा लेंगे। वाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो की यह महत्वपूर्ण टिप्पणी अमेरिकी सीनेट द्वारा एक नए विधेयक को पारित किए जाने के कुछ दिनों बाद सामने आई है। इस कड़े विधेयक के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को रूस से तेल के शीर्ष पांच खरीददारों पर 100 फीसदी तक का भारी-भरकम शुल्क लगाने का विशेष अधिकार दिया गया है, जिसमें यह दलील दी गई है कि इस प्रकार का व्यापार प्रत्यक्ष रूप से यूक्रेन युद्ध को आर्थिक मदद पहुंचा रहा है।क्या बोले अमेरिकी व्यापार सलाहकार पीटर नवारो?इस पूरे घटनाक्रम पर बात करते हुए पीटर नवारो ने कहा कि वर्ष 2022 में यूक्रेन युद्ध की शुरुआत होने से पहले भारत रूस के साथ बड़े पैमाने पर तेल व्यापार में शामिल नहीं था, लेकिन बाद की परिस्थितियों में यह आयात शुरू हुआ। नवारो ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री के बीच बेहद मजबूत और अच्छे कामकाजी संबंध हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों शीर्ष नेता इस मुद्दे का समाधान आपस में बैठकर निकाल लेंगे और उनके बीच में आने या हस्तक्षेप करने की कोई आवश्यकता नहीं है।गौरतलब है कि पश्चिमी देशों के तमाम कड़े प्रतिबंधों के बावजूद, भारतीय रिफाइनरी कंपनियों द्वारा रूस से निरंतर खरीद जारी रखने के कारण भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात लगातार दूसरे महीने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। हाल ही में शोध संस्थान ‘सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर’ (CREA) की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ था कि भारतीय खरीदारों ने जुलाई के महीने में रूस से 5.5 अरब यूरो मूल्य का कच्चा तेल आयात किया, जो जून की तुलना में मात्रा के आधार पर 2.1 प्रतिशत अधिक था और इस दौरान कुल ईंधन आयात में कच्चे तेल की हिस्सेदारी 87 फीसदी दर्ज की गई।अमेरिकी सीनेट में पास हुआ कड़ा विधेयकयह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब अमेरिकी सीनेट ने रूस और उसके पेट्रोलियम उत्पादों के चीन और भारत जैसे प्रमुख खरीदार देशों को दंडित करने के उद्देश्य से लाए गए एक अहम विधेयक को भारी बहुमत के साथ मंजूरी दे दी। सीनेट ने ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ नामक इस विधेयक को 11 के मुकाबले 86 मतों से पास किया। इस कानून के तहत अमेरिका के राष्ट्रपति को रूस से तेल और गैस का सबसे अधिक आयात करने वाले शीर्ष पांच देशों—चीन, भारत, अजरबैजान, हंगरी और स्लोवाकिया—से आने वाले सामानों पर 100 फीसदी शुल्क लगाने की शक्ति मिलती है।इस द्विदलीय विधेयक को दिवंगत रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम और डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने मिलकर प्रस्तावित किया था। ग्राहम के निधन के बाद उनकी सीट से चुनी गई उनकी बहन डारलाइन ग्राहम ने कहा कि यह विधेयक रूस की अर्थव्यवस्था को परोक्ष रूप से सहारा देने वाले प्रमुख देशों को एक कड़ा विकल्प चुनने के लिए मजबूर करता है—या तो अमेरिका के साथ व्यापार करें या फिर सस्ती रूसी ऊर्जा का विकल्प चुनें।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान की सेहत और उनकी मौजूदा स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय पटल पर एक बार फिर सनसनी फैल गई है। रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद 73 वर्षीय इमरान खान के निधन से जुड़ी कुछ असत्यापित खबरों और सोशल मीडिया की तेज अफवाहों ने पाकिस्तान की सियासत में भूचाल ला दिया है। परिवार, पार्टी नेताओं और विदेशी मीडिया में चल रही इन चर्चाओं के बीच देश के भीतर तनाव का माहौल गहराता जा रहा है।पाकिस्तानी पत्रकार के दावे से मची खलबलीइन तमाम अफवाहों और अटकलों को तूल तब मिला जब अमेरिका में रह रहे एक जाने-माने पाकिस्तानी पत्रकार वजाहत सईद खान ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने रावलपिंडी स्थित पाकिस्तानी सेना के मुख्यालय (GHQ) के तीन वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के हवाले से यह आशंका जताई कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अब इस दुनिया में नहीं हैं। पत्रकार ने दावा किया कि शायद यही वजह है कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर इस बात को पूरे देश से छिपा रहे हैं। हालांकि, पत्रकार ने खुद इस बात को स्वीकार किया था कि यह पूरी जानकारी असत्यापित है और किसी भी आधिकारिक सूत्र ने इसे अपनी आंखों से नहीं देखा है, बल्कि यह सिर्फ सुनी-सुनाई बातों पर आधारित आशंका है।पीटीआई नेताओं और परिवार का गंभीर आरोपइन तमाम सनसनीखेज दावों के सामने आने के बाद पीटीआई पार्टी के नेताओं और इमरान खान की बहनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनका मुख्य आरोप है कि पिछले कई दिनों से उन्हें अदियाला जेल में पूर्व पीएम से मिलने नहीं दिया जा रहा है। पार्टी ने पुरजोर मांग की है कि इमरान खान का तुरंत स्वतंत्र डॉक्टरों से मेडिकल चेकअप कराया जाए तथा उनके परिवार और वकीलों को उनसे मिलने की अनुमति दी जाए। आपको बता दें कि इससे पहले नवंबर 2025 में भी इस तरह की अफवाहें उड़ी थीं, जिसके बाद दिसंबर 2025 में उनकी बहन उजमा खानम ने जेल में मिलकर उनकी सलामती की पुष्टि की थी, लेकिन उन्हें लगातार एकांत कारावास में रखे जाने की बात सामने आती रही है।27 सितंबर को 'इस्लामाबाद लॉन्ग मार्च' का ऐलान और अमेरिकी दबावइमरान खान की सेहत को लेकर मचे इस घमासान के बीच पीटीआई ने शाहबाज शरीफ सरकार और सेना के खिलाफ सड़कों पर उतरने की बड़ी तैयारी कर ली है। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री और पार्टी नेता सोहेल अफरीदी ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि देश का युवा वर्ग बेहद आक्रोशित है और आगामी 27 सितंबर 2026 को इस्लामाबाद की तरफ एक बड़ा 'लॉन्ग मार्च' निकाला जाएगा जिसमें 20 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर उतरेंगे।दूसरी ओर, पाकिस्तान सरकार पर अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक दबाव भी लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी कांग्रेस के 13 द्विदलीय सांसदों ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को एक पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे इस्लामाबाद सरकार के साथ बातचीत में इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की जेल की अमानवीय स्थितियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाएं। पत्र में संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत की उन चेतावनियों का भी हवाला दिया गया है जिनमें इमरान के लंबे एकांत कारावास और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चिंताओं पर ध्यान केंद्रित किया गया था।
ऐक्शन क्यों न लें? पूरे भारत में... याचिका खारिज होने पर वकील ने ऐसा क्या कह दिया, भड़का HC
कलकत्ता हाई कोर्ट ने सिंगल जज बेंच के सामने गाली देने वाले वकील को जमकर फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि आखिर उनके खिलाफ कोर्ट की आपराधिक अवमानना की कार्यवाही की शुरुआत क्यों न की जाए? वकील की माफी पर कोर्ट ने कहा कि क्या बिना शर्त माफी काफी है?
देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित संसद भवन के उच्च सदन यानी राज्यसभा में बुधवार को उस समय भारी हंगामा देखने को मिला जब पहनावे को लेकर की गई एक टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPI(M) के सांसद जॉन ब्रिटास और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद सुष्मिता देव के बीच 'लुंगीवाला' टिप्पणी को लेकर तीखी बहस छिड़ गई। इस विवाद ने तूल तब पकड़ा जब सीपीएम नेता जॉन ब्रिटास ने बीजेपी सांसद के खिलाफ विशेषाधिकार हनन (Breach of Privilege) का औपचारिक नोटिस दर्ज करा दिया।क्या है पूरा मामला और कैसे शुरू हुआ विवाद?यह पूरा घटनाक्रम उस समय शुरू हुआ जब सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास ने आरोप लगाया कि सोमवार को सदन में जब वे अपने विधायी प्रस्ताव को पेश कर रहे थे, तब सत्ता पक्ष की एक सदस्य ने उनके पहनावे पर आपत्तिजनक टिप्पणी की और उन्हें बार-बार 'लुंगीवाला' कहकर संबोधित किया। इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए जॉन ब्रिटास ने सदन में अपनी बात रखते हुए कहा कि उन्हें एक भारतीय, दक्षिण भारतीय और विशेष रूप से मलयाली होने पर गर्व है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी भाषा, संस्कृति, खान-पान और अपने पारंपरिक पहनावे से बेहद प्रेम है।ब्रिटास ने सदन में नाम लेते हुए आरोप लगाया कि एक सम्मानित सदस्य ने सदन के भीतर उनकी जिम्मेदारी के दौरान उन्हें परेशान किया और उनके परिधान पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि वैचारिक बहस और राजनीतिक मतभेद सदन का हिस्सा हैं, लेकिन किसी सांसद को इस तरह से 'लुंगीवाला' कहकर पुकारना पूरी तरह से अशोभनीय है।बीजेपी सांसद सुष्मिता देव ने आरोपों को नकारादूसरी ओर, बीजेपी सांसद सुष्मिता देव ने जॉन ब्रिटास द्वारा लगाए गए तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो उन्होंने और न ही सदन के किसी अन्य सदस्य ने किसी भी राज्य या क्षेत्र के पहनावे के खिलाफ कोई भी अपमानजनक टिप्पणी की है। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस गलतफहमी को दूर करने के लिए व्यक्तिगत रूप से जॉन ब्रिटास से बात करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस बीच, सदन में बढ़ते तनाव को देखते हुए नेता सदन जेपी नड्डा ने प्रस्ताव रखा कि दोनों सांसद इस गलतफहमी को दूर करने के लिए उनके कक्ष में बैठकर बातचीत कर सकते हैं।सभापति सीपी राधाकृष्णन ने दी कड़ी नसीहतसदन में गरिमा बनाए रखने के लिए सभापति सीपी राधाकृष्णन ने कड़ा रुख अपनाया और सभी माननीय सदस्यों को संयम बरतने की सलाह दी। सभापति ने कहा कि उन्होंने कुछ ऐसी घटनाएं देखी हैं जहां सदस्यों ने सदन में भाषण के दौरान दूसरे सदस्यों पर अभद्र और अशिष्ट टिप्पणियां की हैं। उन्होंने सभी सदस्यों को आगाह किया कि वे ऐसी किसी भी बात से बचें जिससे सह-सदस्यों की भावनाएं आहत हों।सभापति सीपी राधाकृष्णन ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति बेहद अनूठी है जिसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों की क्षेत्रीय संस्कृतियां समाहित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारे सहयोगियों की सांस्कृतिक परंपराओं और क्षेत्रीय पहचान का कभी भी अनादर नहीं किया जाना चाहिए। सभापति ने अंत में यह भी आमंत्रित किया कि यदि किसी भी सदस्य को कोई शिकायत या बात रखनी है, तो वे उनके कक्ष में आकर चर्चा कर सकते हैं।
औरंगजेब ने अपनी ही बेटी को जेल में डाल दिया था, क्या थी वजह
औरंगजेब ने सिर्फ अपने पिता को ही कैद नहीं किया था. उसने अपनी बेटी को भी कैद में रखकर मार डाला था. चलिए जानते हैं कौन थी औरंगजेब की वो बेटी?
सलमान खान और ऐश्वर्या राय की जोड़ी ने 27 साल पहले इस गाने में ऐसा जादू चलाया था कि लोग आज भी इसे भूल नहीं पाए हैं. ढोल की थाप, शानदार डांस और सुरों का ऐसा संगम बना कि यह गीत वक्त के साथ और भी खास होता चला गया.
देश की राजधानी नई दिल्ली से एक बड़ी राजनीतिक और न्यायिक खबर सामने आ रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा के दिल्ली स्थित आधिकारिक आवास से भारी मात्रा में संदिग्ध नकदी मिलने के बहुचर्चित मामलों की जांच करने वाली तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट बुधवार को लोकसभा के पटल पर रख दी गई। संसद के मॉनसून सत्र 2026 के समापन से ठीक एक दिन पहले पेश की गई इस रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है कि इस पूरे प्रकरण में फिलहाल किसी भी प्रकार की बाहरी साजिश के संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि, समिति ने यह भी स्पष्ट किया है कि घर के भीतर इतनी बड़ी मात्रा में नकदी का पाया जाना कोई सामान्य बात नहीं है और इसे पूरी तरह से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।न्यायाधीश (जांच) अधिनियम के तहत तैयार की गई है रिपोर्टयह महत्वपूर्ण रिपोर्ट न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के निर्धारित प्रावधानों के तहत पूरी सतर्कता से तैयार की गई है। इसमें जांच की पूरी लंबी प्रक्रिया के दौरान दर्ज किए गए सभी मौखिक बयानों और पुख्ता दस्तावेजी साक्ष्यों को शामिल किया गया है। मीडिया सूत्रों के हवाले से यह भी सामने आया है कि जांच कार्यवाही के दौरान जस्टिस यशवंत वर्मा कई तीखे सवालों के स्पष्ट और सीधे जवाब देने से बचते हुए नजर आए। आपको बता दें कि इस तीन सदस्यीय जांच समिति ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर इसी साल मई के महीने में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंप दी थी।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 12 अगस्त 2025 को जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ लगे इन गंभीर आरोपों की पारदर्शी जांच के लिए इस तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अरविंद कुमार की अध्यक्षता वाली इस उच्चस्तरीय समिति में बॉम्बे हाईकोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर और कर्नाटक हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता बी.वी. आचार्य को भी बतौर सदस्य शामिल किया गया था।क्या था पूरा विवाद और कैसे हुआ था कैश का खुलासा?यह पूरा सनसनीखेज मामला 14 मार्च 2025 की रात को उस समय प्रकाश में आया जब नई दिल्ली स्थित जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास पर अचानक भयंकर आग लग गई थी। आग पर काबू पाने के लिए जब दमकल विभाग के कर्मचारी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, तो परिसर के एक स्टोर रूम की तलाशी के दौरान वहां से भारी मात्रा में अधजली और बिल्कुल सही सलामत नकदी बरामद हुई। घटना के वक्त जस्टिस वर्मा दिल्ली हाईकोर्ट में जज के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।इस घटना के बाद तूल पकड़े विवाद के चलते उन्हें उनके मूल कैडर यानी इलाहाबाद हाईकोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश (CJI) संजीव खन्ना द्वारा गठित एक आंतरिक न्यायिक समिति ने भी अपनी जांच में यह पाया था कि जिस स्टोर रूम से यह भारी नकदी बरामद हुई थी, उस पर जस्टिस वर्मा का ही सक्रिय या अप्रत्यक्ष नियंत्रण था।महाभियोग प्रस्ताव और आगे की प्रक्रियाजुलाई 2025 में संसद के 200 से अधिक सांसदों ने हस्ताक्षर कर जस्टिस वर्मा को उनके पद से हटाने के लिए महाभियोग चलाने का एक प्रस्ताव भी पेश किया था, जिसके परिणामस्वरूप इस वैधानिक समिति का गठन किया गया था। हालांकि, शुरुआत से ही जस्टिस वर्मा अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों का पुरजोर खंडन करते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश करार देते आए हैं। अब लोकसभा में रिपोर्ट पेश होने के बाद इस मामले में आगे की विधायी और राजनीतिक हलचल तेज होने की पूरी संभावना है।
PM National Relief Fund Story: 14 अगस्त 1947 की शाम जेआरडी टाटा ने नेहरू को टेलीग्राम भेजकर आजादी की बधाई दी थी. लेकिन जब बंटवारे के दंगों ने देश को झकझोरा, तो जेआरडी टाटा के एक खास सुझाव ने 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष' (PMNRF) की नींव रख दी.
RBI के टारगेट से ऊपर पहुंची महंगाई, प्याज समेत ये चीजें हुईं महंगी
जुलाई में रिटेल महंगाई तेजी से बढ़ी है, जिसने आरबीआई के टारगेट से भी ऊपर चला गया है. यह महंगाई कई चीजों के अचानक दाम बढ़ने की वजह से हुई है, जिसमें प्याज, अदरक और लहसुन जैसी चीजें शामिल है.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव इन दिनों ब्राह्मणों को रिझाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं. आइए हम आपको बताते हैं उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण वोटों की महिमा क्या है. और आंकड़े किस पार्टी के पक्ष में हैं.
'अमेरिकी टेक कंपनियों का करो बहिष्कार' 100% टैरिफ लगाने पर RSS से जुड़ा संगठन भड़का
इसके साथ ही स्वदेशी जागरण मंच ने देश की जनता से अमेरिकी कंपनियों के बहिष्कार की अपील की है और भारत सरकार से अमेरिकी टेक और सोशल मीडिया दिग्गज कंपनियों पर एकतरफा प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई है।
CBSE कक्षा 12वीं सप्लीमेंट्री परीक्षा का रिजल्ट जारी, ऐसे करें चेक
सीबीएसई की ओर से कक्षा 12वीं सप्लीमेंट्री परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया गया है. छात्र ऑफिशियल वेबसाइट के जरिए अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं.
ये एक गलती करने पर व्यापार में खूब नुकसान कराता है ग्रहण योग
सप्तम भाव व्यापारिक साझेदारी का भी प्रमुख भाव है. इसलिए यहां सूर्य-राहु का ग्रहण योग होने पर पार्टनरशिप में कारोबार शुरू करने से पहले विशेष सावधानी बरतने की जरूरत मानी जाती है. साझेदार के साथ अधिकारों, जिम्मेदारियों, पूंजी, लाभ के बंटवारे और निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर मतभेद उत्पन्न हो सकते हैं.
व्हाइट हाउस के निर्माण में 900 मिलियन डॉलर खर्च करेगा ट्रंप प्रशासन
ट्रंप प्रशासन ने व्हाइट हाउस परिसर के निर्माण और आधुनिकीकरण के लिए लगभग 900 मिलियन डॉलर खर्च करने की योजना बनाई है, जिसमें सरकारी एजेंसियों के बजट और प्राइवेट डोनेशन शामिल हैं. हालांकि, इस भारी खर्च के लिए कांग्रेस से मंजूरी नहीं ली गई है, जिससे विवाद पैदा हो गया है. फेडरल कोर्ट ने ईस्ट विंग के बॉलरूम निर्माण पर रोक लगा दी है, लेकिन ट्रंप ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का ऐलान किया है.
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट पार्किंग स्थल पर बारिश के बाद हुए जलभराव को लेकर जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जिन्हें जेवर का अभूतपूर्व विकास नहीं दिखाई देता, उन्हें केवल गड्ढे और जलभराव नजर आ रहे ...
अमित शाह की इमेज का गुब्बारा फट चुका है, उनमें संसद आने की हिम्मत नहीं: राहुल गांधी का तीखा हमला
देश की राजधानी नई दिल्ली में संसद भवन परिसर का सियासी पारा उस समय और अधिक चढ़ गया जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर बेहद तीखा और आक्रामक हमला बोला। पत्रकारों से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि गृह मंत्री पिछले 20 दिनों से सदन से नदारद हैं और उनमें छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई से जुड़े तीखे सवालों का सामना करने का साहस नहीं बचा है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अमित शाह की मजबूत छवि का गुब्बारा अब पूरी तरह से फट चुका है।'संसद में आकर दें जवाब, भाषण सुनने में विपक्ष की कोई रुचि नहीं'राहुल गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विपक्षी दल गृह मंत्री अमित शाह का लंबा-चौड़ा भाषण सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं रखते हैं। विपक्ष को केवल इस बात का स्पष्ट और सीधा जवाब चाहिए कि आखिर देश के छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई किसने और किसके इशारे पर की। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्री को केवल अपनी राजनीतिक छवि की चिंता सता रही है, यही वजह है कि वे सदन में आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। उनके घर के बाहर और काफिले में भारी सुरक्षा बल तैनात रहता है ताकि कोई आम युवा या छात्र उन तक अपनी बात न पहुंचा सके।'छात्रों पर गोली किसने चलाई, आदेश किसने दिया?'विपक्ष के नेता ने सरकार के सामने कुछ बेहद कड़े और सीधे सवाल रखते हुए पूछा कि आखिर हमारे देश के मासूम और युवाओं पर गोलियां किसने चलाईं। राहुल गांधी ने अपने बयानों में सिलसिलेवार सवाल उठाते हुए कहा:हमारे छात्रों पर गोली चलाने का आदेश आखिरकार किसने दिया था?किस अधिकारी या मंत्री के इशारे पर एक छात्र की आंखों की रोशनी छीनी गई?छात्र के कान में गोली किसने मारी और कीलों भरी लाठियों से युवाओं को बेरहमी से पीटने के निर्देश किसने दिए?उन्होंने जोर देकर कहा कि चूंकि पूरी पुलिस व्यवस्था सीधे तौर पर गृह मंत्रालय के अधीन आती है, इसलिए इस अमानवीय हिंसा की पूरी नैतिक जिम्मेदारी गृह मंत्री अमित शाह की बनती है। राहुल गांधी ने मांग की कि यदि शाह ने यह आदेश दिया था तो उन्हें तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए, और यदि आदेश उनके बिना दिया गया था तो भी वे अपनी प्रशासनिक अक्षमता के चलते पद पर बने रहने के योग्य नहीं हैं।झारखंड के मुद्दे पर भी बेबाकी से रखी अपनी बातजब पत्रकारों ने झारखंड में छात्रों के खिलाफ हुई हिंसा और इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा उठाए जा रहे सवालों के बारे में पूछा, तो राहुल गांधी ने दो टूक जवाब दिया कि वे इस विषय पर बिल्कुल भी चुप नहीं हैं। उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि वे देश के किसी भी कोने में छात्रों के खिलाफ होने वाली हिंसा को कभी स्वीकार नहीं करेंगे। राहुल गांधी के इस आक्रामक तेवर ने संसद से लेकर सड़क तक की राजनीतिक सरगर्मी को कई गुना बढ़ा दिया है।
जंतर-मंतर का सीजन 2 जल्द होगा शुरू: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके का बड़ा ऐलान
देश की राजधानी नई दिल्ली में राजनीतिक हलचल उस समय तेज हो गई जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक बड़ा और चौंकाने वाला ऐलान किया। अपने तीखे तेवर और छात्र आंदोलनों के लिए चर्चा में रहने वाले अभिजीत दीपके ने बुधवार को दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए संकेत दिए कि 'जंतर-मंतर का सीजन 2' बेहद जल्द दर्शकों और समर्थકો के सामने आने वाला है।सोशल मीडिया पर मिल रही भारी डिमांड के बाद फैसलाअभिजीत दीपके ने अपने इस आगामी प्रोजेक्ट या आंदोलन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर लगातार कई यूजर और समर्थक कमेंट कर रहे थे कि जंतर-मंतर का अगला सीजन कब आएगा। जनता और युवाओं की इस भारी डिमांड को ध्यान में रखते हुए ही उन्होंने यह बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन तमाम लोगों की जिज्ञासा को शांत करते हुए वे बहुत जल्द 'जंतर-मंतर सीजन 2' की शुरुआत करने जा रहे हैं।छात्र आंदोलनों और राजनीतिक चर्चाओं से सुर्खियों में रहे हैं दीपकेगौरतलब है कि इससे पहले भी अभिजीत दीपके और उनकी कॉकरोच जनता पार्टी ने छात्र आंदोलनों के जरिए अपनी एक अलग और मजबूत राजनीतिक पहचान बनाई है। राजनीतिक गलियारों में उनके बयानों और रणनीतियों पर हमेशा से सबकी नजर रहती है। अब देखना यह होगा कि उनके द्वारा घोषित 'जंतर-मंतर का सीजन 2' किस नए मुद्दे या रूप में सामने आता है और इससे राजनीतिक पटल पर क्या नए समीकरण बनते हैं।
बारिश में हर जगह जम चुकी है काई? ये ट्रिक अपनाएं, चमकेगा कोना-कोना
House Cleaning Tricks: बारिश में क्या आपके घर में भी हर तरफ काई और सीलन लग गई है और पूरे घर में अजीब से महक भी आ रही है तो यहां हम आपको कुछ ऐसे ट्रिक्स बता रहे हैं जो आपकी इस समस्या से छुटकारा दिला सकते हैं.
जिला अस्पताल में BJP विधायक ने ऐसे लगाई रात में फटकार
UP के लखीमपुर खीरी में BJP विधायक योगेश वर्मा ने रात करीब 1 बजे जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया. व्यवस्थाओं को लेकर विधायक ने डॉक्टरों और स्टाफ को फटकार लगाई। विधायक ने आरोप लगाया कि अस्पताल में मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. निरीक्षण का वीडियो वायरल है.
सारा अली खान के बर्थडे पर रकुलप्रीत सिंह समेत फिल्मी हस्तियों ने लुटाया प्यार
अभिनेत्री सारा अली खान बुधवार को अपना जन्मदिन मना रही हैं। इस मौके पर इंडस्ट्री के खास दोस्तों और परिवार के लोगों ने अभिनेत्री को बधाई दी।
मौसम का मूड फिर बदला! अगले 48 घंटे में इन राज्यों में भारी बारिश
मॉनसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है. बंगाल की खाड़ी से लेकर मध्य भारत तक बारिश का सिस्टम एक्टिव है. राजस्थान, महाराष्ट्र, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में भी मौसम बदलने वाला है.
उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जों के खिलाफ योगी सरकार का एंटी भूमाफिया अभियान लगातार चर्चा में रहा है। राजस्व विभाग के मुताबिक सख्त कार्रवाई और विभिन्न अभियान के तहत बीते साढ़े नौ साल में प्रदेश में 84,005 हेक्टेयर से अधिक ...
'लुंगी वाला' बयान पर संसद में बवाल, सुष्मिता देव को उपसभापति ने लगाई फटकार, सदन में जमकर हंगामा
CPIM के राज्यसभा जॉन ब्रिटास ने दावा किया कि उन्हें भाजपा सांसद सुष्मिता देव ने लुंगी वाला कहा। उन्होंने इसकी शिकायत सभापति से की। इस पर सभापति ने भी नाराजगी जाहिर की। सभापति ने सांसदों को नसीहत दी कि सांसदों को एक दूसरे की परंपराओं का सम्मान करना ...
बिना परीक्षा के ही मिल जाती है ये सरकारी नौकरी, नहीं करनी होती है ज्यादा मेहनत
सरकारी नौकरी का नाम आते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में रिटन एग्जाम, कटऑफ और लंबी तैयारी की तस्वीरें सामने आती हैं. लेकिन हर सरकारी या सरकारी संस्थान से जुड़ी भर्ती में लिखित परीक्षा जरूरी नहीं होती. कुछ पदों पर उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और प्रोफाइल के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग की जाती है और फिर इंटरव्यू या वॉक-इन इंटरव्यू के जरिए चयन किया जाता है. अगर आप इस तरह से भर्ती प्रक्रिया में शामिल होना चाहते हैं, तो पहले इन नौकरियों के बारे में जान लें.
घी-समोसे खाकर कैसे फिट रहते हैं 63 साल के सनी? करते हैं ये काम
सनी अब फिल्म 'बंटवारा 1947' में फुल ऑन एक्शन मोड में दिखाई देंगे. उनका एक्शन देखकर किसी के भी पसीने छूट सकते हैं.
भारतीय युद्धपोत पर लगेंगे कामीकाजे ड्रोन, 18 हजार करोड़ की होगी डील
रक्षा मंत्रालय ने नौसेना के लिए जहाज से लॉन्च होने वाले लॉइटरिंग म्यूनिशन की RFI जारी की है. 1000 किमी रेंज, नौ घंटे तक लॉइटरिंग क्षमता मांगी गई है. डील 15-18 हजार करोड़ रुपये की हो सकती है.
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जबरदस्त माइलेज, Hyundai SUV का खास वेरिएंट लॉन्च, इतनी है कीमत
हुंडई ने अपनी सबसे सस्ती एसयूवी का नाइट एडिशन लॉन्च किया है. Hyundai Exter Knight एडिशन पांच कलर ऑप्शन में आएगी. इस एडिशन में कार के एक्सटीरियर और इंटीरियर में कुछ बदलाव मिलेंगे. ये बदलाव डिजाइन से नहीं बल्कि कॉस्मेटिक से जुड़े हुए होंगे. नाइट एडिशन पेट्रोल और सीएनजी दोनों ही अवतार में आती है.
'जिन्हें विकास नहीं दिखता, उन्हें गड्ढे ही नजर आते हैं', जेवर विधायक का अखिलेश पर पलटवार
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर जलभराव को लेकर अखिलेश यादव के तंज के बाद जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि जिन्हें विकास नहीं दिखता, उन्हें सिर्फ गड्ढे और पानी नजर आते हैं.
हाल ही में आई वॉर ड्रामा सीरीज ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ ने कारगिल युद्ध से जुड़े कई अहम पहलुओं को फिर चर्चा में ला दिया है। खासकर उस दौर में जीपीएस जैसी तकनीक के लिए विदेशी निर्भरता और अमेरिकी सैन्य-स्तरीय जीपीएस सुविधा नहीं मिलने की बात ने यह सवाल फिर खड़ा किया है कि युद्ध जैसे संकट के समय किसी दूसरे देश की तकनीक पर कितना भरोसा किया जा सकता है। कारगिल की यही सीख आज भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता और रणनीतिक स्वायत्तता को और भी महत्वपूर्ण बनाती है। यहीं से कारगिल की कहानी सिर्फ एक युद्ध की कहानी नहीं रह जाती। यह उस भारत की कहानी बन जाती है जिसने पहाड़ों पर गोलियों के बीच सीखा कि अगली लड़ाई केवल बंदूक और मिसाइल से नहीं, बल्कि सैटेलाइट, नेविगेशन, सेंसर और स्वदेशी तकनीक से भी जीती जाएगी। इसे भी पढ़ें: Operation Sindoor शौर्य तो रक्तदान अभियान करुणा का प्रतीक, दिल्ली में बोले रक्षा मंत्री Rajnath Singh 1999 की गर्मियों में पूरा देश कारगिल की बर्फीली चोटियों की ओर देख रहा था। मई की शुरुआत में ऊंची पहाड़ियों पर संदिग्ध गतिविधियों की खबरें आने लगीं थीं। लेफ्टिनेंट सौरभ कालिया के नेतृत्व वाली पहली पेट्रोलिंग पार्टी के पकड़े जाने और उसके सदस्यों के साथ अमानवीय व्यवहार ने संकट की भयावहता का संकेत दे दिया। इसके बाद स्थिति तेजी से स्पष्ट हुई कि पाकिस्तानी घुसपैठिए 14,000 से 18,000 फीट की ऊंचाई पर रणनीतिक चोटियों पर जम चुके थे। फिर आया वह आदेश जिसने युद्ध की दिशा बदल दी। 26 मई को भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सफेद सागर शुरू किया। चुनौती असाधारण थी। दुनिया की किसी वायुसेना ने इस पैमाने पर इतनी ऊंचाई पर एयर-टू-ग्राउंड युद्ध नहीं लड़ा था। पतली हवा में इंजन का थ्रस्ट घट रहा था, हथियार प्रणालियां कम ऊंचाई के हिसाब से कैलिब्रेट थीं और कुछ मीटर की चूक बम को लक्ष्य से किलोमीटर दूर घाटी में गिरा सकती थी। ऊपर से राजनीतिक आदेश साफ था कि LoC पार नहीं करनी है। यानी लड़ाई सिर्फ दुश्मन से नहीं थी। लड़ाई भूगोल, मौसम, ऊंचाई, तकनीकी सीमाओं और समय, चारों से एक साथ थी। शुरुआती दिनों में भारतीय वायुसेना को भारी कीमत चुकानी पड़ी। 27 मई 1999 को फ्लाइट लेफ्टिनेंट के. नचिकेता का मिग-27 इंजन फेल होने के बाद नियंत्रण से बाहर होने लगा और उन्हें विमान से इजेक्ट करना पड़ा। वे पाकिस्तानी सेना के कब्जे में चले गए और बाद में उन्हें यातनाएं दी गईं। उसी दौरान नचिकेता का पता लगाने के लिए चोटियों के बीच उड़ रहे स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा अपने मिग-21 को थोड़ा नीचे लेकर आए। इसी बीच, पाकिस्तानी सेना ने उनके विमान पर स्टिंगर मिसाइल दागी, जिससे विमान क्षतिग्रस्त हो गया और आहूजा को भी इजेक्ट करना पड़ा। वह सुरक्षित रूप से नीचे उतरे, लेकिन पाकिस्तानी सैनिकों ने उन्हें पकड़ लिया और हिरासत में यातनाएं देने के बाद उनकी हत्या कर दी गयी। भारत को बाद में उनका शव वापस मिला, जिस पर अमानवीय यातनाओं और गोली लगने के निशान थे। इसके अलावा, स्क्वाड्रन लीडर राजीव पुंडीर के नेतृत्व वाला एमआई-17 हेलीकॉप्टर भी स्टिंगर मिसाइल की चपेट में आ गया था। इस हमले में पुंडीर समेत चार वायुसेनाकर्मी शहीद हुए। शुरुआती नुकसान ने भारतीय वायुसेना को अपनी रणनीति पर तत्काल पुनर्विचार के लिए मजबूर किया। दुश्मन की कंधे से दागी जाने वाली मिसाइलों के खतरे को देखते हुए वायुसेना ने ऊंचाई से हमले की नई रणनीति अपनाई और आगे चलकर जीपीएस-सहायता प्राप्त बमबारी तथा मिराज-2000 जैसे लड़ाकू विमानों के इस्तेमाल ने अभियान की दिशा ही बदल दी। उस दौरान जीपीएस और हाथ में पकड़े जाने वाले कैमरों जैसी उपलब्ध तकनीक का तत्काल संचालन संबंधी जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया गया। पायलटों ने हमले के लिए नई रणनीतियां और नए कोण विकसित किए। कम ऊंचाई वाले तोशे मैदान अभ्यास क्षेत्र में इनका परीक्षण किया गया और वहां मिले आंकड़ों को 18,000 फीट तक की वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप दोबारा समायोजित किया गया। यह कोई जुगाड़ नहीं था; यह युद्ध के दबाव में पैदा हुआ रणक्षेत्र का नवाचार था। लेकिन जीपीएस की कहानी में भी एक बड़ा मिथक है। हम आपको बता दें कि उपलब्ध विवरण वेब सीरीज ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में दिखाई गई कहानी से विपरीत बातें कहते हैं। विवरण के अनुसार, अमेरिका ने जानबूझकर भारत के जीपीएस संकेत को बिगाड़कर भारतीय सेना को धोखा नहीं दिया था। तत्कालीन वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ के अनुसार, समस्या भारतीय सैन्य नक्शों में इस्तेमाल होने वाली पुरानी एवरेस्ट स्फेरॉयड संदर्भ प्रणाली और जीपीएस में इस्तेमाल होने वाली डब्ल्यूजीएस-84 निर्देशांक प्रणाली के बीच अंतर से पैदा हुई थी। पायलटों को कागजी नक्शों पर लक्ष्यों को चिह्नित करके समोच्च रेखाओं की गणना करनी पड़ती थी और निर्देशांकों में मैन्युअल रूप से सुधार करना पड़ता था। साथ ही उस समय अमेरिका की चयनात्मक उपलब्धता नीति के तहत नागरिक जीपीएस की सटीकता जानबूझकर घटाई जाती थी और भारत, 1998 के परमाणु परीक्षणों के बाद अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण, सैन्य-स्तरीय एनकोडेड जीपीएस सेवा तक पहुंच से वंचित था। यही तकनीकी निर्भरता आगे चलकर भारत की रणनीतिक सोच में निर्णायक साबित हुई। इसके अलावा, उस समय बेंगलुरु स्थित विमान एवं प्रणाली परीक्षण प्रतिष्ठान में विमानों को तेजी से लेजर-निर्देशित बमों और लाइटनिंग लक्ष्य-निर्देशन उपकरणों के लिए तैयार किया गया था। जून की शुरुआत तक मिराज-2000 विमान अभियान के लिए तैयार हो चुके थे। 17 जून को मुंथो धालो में पाकिस्तानी रसद अड्डे पर हमला हुआ, जिसने उनकी आपूर्ति व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया। इसके बाद टाइगर हिल पर मिराज-2000 के सटीक हमलों ने जमीनी सैनिकों के लिए निर्णायक बढ़त तैयार की। उधर, युद्ध के बाद यह एहसास गहरा हुआ कि युद्धकाल में स्थिति-निर्धारण और दिशा-निर्धारण जैसी बुनियादी क्षमताओं के लिए भी किसी विदेशी शक्ति पर निर्भर रहना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा जोखिम है। इसी सोच से भारत ने अपना स्वतंत्र क्षेत्रीय उपग्रह-आधारित दिशा-निर्धारण तंत्र विकसित करने की दिशा पकड़ी और आगे चलकर नाविक सामने आया। यह प्रणाली भारत और उसकी सीमाओं से लगभग 1,500 किलोमीटर तक के क्षेत्र को कवर करने के लिए तैयार की गई। NavIC की असली ताकत सिर्फ मोबाइल फोन में रास्ता दिखाना नहीं है। इसका एक खुला सिग्नल आम नागरिक उपयोग के लिए है, जबकि एन्क्रिप्टेड प्रतिबंधित सिग्नल सैन्य उपयोग के लिए बनाया गया है। भारत ने अपनी जरूरतों के मुताबिक ऐसी व्यवस्था तैयार की जिसमें संकट की घड़ी में नेविगेशन की चाबी किसी बाहरी शक्ति के हाथ में न रहे। अब नाविक की अगली पीढ़ी भी तैयार हो रही है। एनवीएस श्रृंखला के नए उपग्रह पुराने उपग्रहों की कई कमियों को दूर कर रहे हैं। इनमें ज्यादा लंबी उम्र, बेहतर संकेत और भारत में ही बनाए गए परमाणु घड़ियों जैसी अहम तकनीकें शामिल हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें एल-1 संकेत भी जोड़ा गया है। इससे नाविक को अब विशेष उपकरणों तक सीमित रखने के बजाय आम स्मार्टफोन में भी सीधे इस्तेमाल करना आसान हो जाएगा। देखा जाये तो यही कारगिल की सबसे बड़ी रणनीतिक विरासत है। आज नेविगेशन सिर्फ Google Maps का मामला नहीं है। यह मिसाइलों की दिशा, युद्धपोतों की स्थिति, सीमावर्ती गश्त और सैन्य अभियानों की सटीकता से जुड़ा है। 1999 में भारत ने बर्फीली चोटियों पर लड़ते हुए एक सबक सीखा था कि युद्ध के मैदान में आत्मनिर्भरता कोई नारा नहीं, युद्धक क्षमता है। कारगिल की चोटियों पर भारतीय पायलटों ने जब पतली हवा, सीमित तकनीक और असंभव लगते लक्ष्यों के बीच रास्ता बनाया था, तब शायद उन्हें अंदाजा नहीं था कि उस संघर्ष की एक अदृश्य लड़ाई अंतरिक्ष में भी शुरू हो चुकी है। वह लड़ाई थी किसी और के GPS पर निर्भर भारत और अपने नेविगेशन सिस्टम वाले भारत के बीच। बहरहाल, उस दौर से मिली सीख को मोदी सरकार ने गंभीरता से लिया। मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल के पहले दिन से ही रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकता बनाया और हथियारों, मिसाइलों, विमानों, तोपों, युद्धपोतों से लेकर रक्षा तकनीक तक देश में ही विकसित और निर्मित करने पर जोर दिया। अब इन प्रयासों के नतीजे भी दिखाई देने लगे हैं। भारत न केवल अपनी सेनाओं की जरूरतों के लिए तेजी से स्वदेशी प्रणालियां तैयार कर रहा है, बल्कि दुनिया के दूसरे देशों को भी रक्षा उपकरण निर्यात करने की स्थिति में पहुंच रहा है। यानी कारगिल के समय जिस तकनीकी निर्भरता ने भारत को अपनी कमजोरियां दिखाईं थीं, आज वही भारत रक्षा आत्मनिर्भरता के रास्ते पर आगे बढ़कर अपनी सामरिक स्वतंत्रता को मजबूत कर रहा है। -नीरज कुमार दुबे
राम मंदिर CEO: रेस में IAS-IPS और रिटायर्ड ब्रिगेडियर, चयन प्रक्रिया में क्या है खास
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. 5300 से अधिक आवेदनों में से शॉर्टलिस्ट किए गए पूर्व आईएएस, आईपीएस और सैन्य अधिकारियों का तीन सदस्यीय चयन समिति इंटरव्यू ले रही है, जिसमें प्रशासनिक दक्षता और धार्मिक आस्था को परखा जा रहा है.
जंतर-मंतर का सीजन 2 बहुत जल्द आने वाला है, कॉकरोच पार्टी के अभिजीत दीपके का बड़ा ऐलान
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने दिल्ली में बुधवार को कहा कि जंतर-मंतर का सीजन-2 बहुत जल्द आने वाला है।
‘अपना काम ठीक से करते नहीं और कोर्ट कॉरिडोर में...’ जजों पर ही क्यों भड़क गए CJI सूर्यकांत
CJI सूर्यकांत ने 'ऑल इंडिया जजेज़ एसोसिएशन' मामले में न्यायिक अधिकारियों की व्यक्तिगत अर्जियों पर ये कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों को सर्विस की शर्तों आदि से जुड़ी व्यक्तिगत अर्जियां बार-बार दाखिल न करने की सलाह दी।
केरल में एक राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। CPI(M) का दावा है कि कासरगोड में ड्रग्स के साथ पकड़े गए तीन लोगों में से एक, मुख्यमंत्री VD सतीसन की सोशल मीडिया टीम से जुड़ा था। कांग्रेस ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा है कि उस व्यक्ति का मुख्यमंत्री या उनके कार्यालय से कोई आधिकारिक संबंध नहीं था। हाल ही में कासरगोड में PA अब्दुल सलाम, KH मुहम्मद हुसैन और PA अब्बास को गिरफ्तार किया गया था, जब पुलिस को एक कार में 130 ग्राम MDMA ले जाते हुए पाया गया। CPI(M) ने अब आरोप लगाया है कि हुसैन, सतीसन के सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर के तौर पर काम कर चुके हैं। खबरों के मुताबिक, उनके सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल में उन्हें टीम VD सतीसन/सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर बताया गया है, जबकि उनके अकाउंट पर मौजूद पोस्ट में एक वीडियो भी है जिसमें मुख्यमंत्री उनके घर जाते हुए दिख रहे हैं, जब वे विपक्ष के नेता थे। इसे भी पढ़ें: केरल के Kasargod में Savarkar पर क्विज सवाल पूछने पर Teacher Suspended, BJP ने बोला तीखा हमला CPI(M) के राज्य सचिव MV गोविंदन ने इन आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना साधा और उनसे सफाई मांगी। गोविंदन ने कहा कि यह हैरान करने वाली बात है कि मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर को ड्रग तस्करी के मामले में गिरफ़्तार किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हुसैन, सतीसन से जुड़े सोशल मीडिया ग्रुप्स को मैनेज करते थे और कांग्रेस नेता के पोस्टर और वीडियो शेयर करने में शामिल थे। गोविंदन ने कहा कि मुख्यमंत्री VD सतीसन को इस बात का जवाब देना होगा कि उनका अपना ऑफ़िस कथित तौर पर ड्रग नेटवर्क का अड्डा कैसे बन गया। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री का ऑफ़िस इस मामले से जुड़ी सोशल मीडिया पोस्ट को हटवाने के लिए दखल दे रहा है। इसे भी पढ़ें: Kerala High Court ने दो एनजीओ का FCRA नवीनीकरण रोकने का आदेश रद्द किया गोविंदन ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी सरकार के ड्रग-विरोधी अभियान 'ऑपरेशन तूफ़ान' से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल रहा था। उन्होंने दावा किया कि एक और आरोपी, अब्दुल सलाम, मुस्लिम लीग के नेता पीके कुन्हालीकुट्टी के साथ केरल विधानसभा गया था। गोविंदन ने कहा कि गृह मंत्री रमेश चेन्निथला को अपनी ही पार्टी में ऑपरेशन तूफ़ान चलाना चाहिए। हालांकि, कांग्रेस सरकार ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। राज्य के खेल मंत्री ओजे जनीश ने कहा कि सोशल मीडिया और समाचार रिपोर्टों में दिख रही तस्वीरों में जो व्यक्ति है, वह यूथ कांग्रेस का कोई पदाधिकारी या नेता नहीं है, जैसा कि दावा किया जा रहा था।
इमरान खान को लेकर गहराया सस्पेंस, पाकिस्तानी पत्रकार ने क्या दावा किया?
पाकिस्तान की राजनीति में इस वक्त इमरान खान को लेकर एक बहुत बड़ा सस्पेंस और हाहाकार मचा हुआ है. अमेरिका में बैठे एक पाकिस्तानी पत्रकार ने दावा कर दिया कि अदियाला जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अब नहीं रहे. इस सनसनीखेज दावे के सामने आते ही जेल प्रशासन और शहबाज शरीफ सरकार ने इसे पूरी तरह से खारिज करते हुए कोरी अफ़वाह करार दिया है.
अनिल कपूर लेकर आ रहे 'इंडिया के टॉप 1 पर्सेंट', कॉमन सेंस से जीत सकेंगे 1 करोड़ रुपए का इनाम
टेलीविजन की दुनिया में क्विज शो की कमी नहीं है। अलग-अलग शो में प्रतियोगियों से सामान्य ज्ञान, इतिहास, विज्ञान और मनोरंजन से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं और वे सही जवाब देकर बड़ी रकम जीतते हैं। अब दर्शकों के सामने एक ऐसा गेम शो आने वाला है, जिसमें सिर्फ किताबी ज्ञान काम नहीं आएगा।
मीडिया की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा का सवाल…?
लोकतंत्र में मीडिया को चौथा स्तंभ कहा जाता है। सत्ता चाहे किसी भी दल की हो, पत्रकारिता का मूल दायित्व सत्ता का गुणगान करना नहीं, बल्कि जनता के सवालों The post मीडिया की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा का सवाल…? appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि उन्हें दिल्ली में वालंटियर्स मीटिंग के लिए किराए पर हॉल नहीं दिया जा रहा है. भाजपा वाले और पुलिस मालिकों को धमका रही है. उनसे कहा जा रहा है कि हॉल दिया तो तुम्हें उलटा लटका देंगे.
150 अभ्यर्थियों से लिया पैसा, JPSC पेपर लीक पर अभय तिवारी का बड़ा खुलासा, एक IAS का नाम भी आया सामने
अभय तिवारी ने CID को बताया है कि 14वीं JPSC परीक्षा में 100 से अधिक अभ्यर्थियों को पैसे लेकर पास कराया गया, जबकि JPSC बैकलॉग परीक्षा में भी 50 से अधिक अभ्यर्थियों को पैसे लेकर पास कराया गया है.

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