प्रवर्तन निदेशालय ने शेयर हेरफेर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महाराष्ट्र और गुजरात के कई शहरों में छापामारी की। इस कार्रवाई में दो लिस्टेड कंपनियों के प्रमोटरों के ठिकानों पर तलाशी ली गई, जिससे लाखों छोटे निवेशकों को नुकसान हुआ था।
दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके को लिया हिरासत में, कनॉट प्लेस में किया था प्रदर्शन का ऐलान
दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दिपके को हिरासत में ले लिया है. अभिजीत दिपके ने दिल्ली के कनॉट प्लेस और सेंट्रल पार्क में समर्थकों को तिरंगा लेकर एकत्र होने का आह्वान किया था. दिल्ली पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में धारा 163 लागू की गई है और किसी भी प्रकार के प्रदर्शन, रैली या भीड़ एकत्र करने की अनुमति नहीं दी गई है.
प्रशांत भूषण के रिजीम चेंज वाले बयान पर भड़की BJP, सीएम योगी ने साधा निशाना
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के 'रिजाइम चेंज' वाले बयान पर सियासत गरमा गई है. सीएम योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में सत्ता का मार्ग जनादेश से तय होता है, न कि अराजकता से. बीजेपी ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में अस्थिरता फैलाने की कोशिश की जा रही है. वहीं कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि चुनाव के माध्यम से सत्ता बदलना ही लोकतंत्र में विपक्ष का मुख्य मकसद होता है.
CJP ने बुलाई 'तिरंगा यात्रा', CP पर अभिजीत दीपके का होने लगा विरोध; मोदी-मोदी के लगे नारे
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की तिरंगा यात्रा के बीच कनॉट प्लेस पर एक ऐसा समय भी आया जब अभिजीत दीपके का ही विरोध होने लगा। कुछ लोग इकट्ठा होकर ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देने की मांग करने लगे और मोदी-मोदी के नारे लगाने लगे।
यूपी में पंचायत चुनाव क्यों अटका हुआ है? हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब आगे की राह क्या
इलाहाबाद हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को तीन महीने के भीतर कराना होगा. यूपी में छह महीने से पंचायत चुनाव लटके हुए हैं, लेकिन सवाल यह है कि आखिर क्या अड़चन है और क्यों समय पर चुनाव नहीं हो सके. आइए समझते हैं कि क्या वजह हैं?
सड़क किनारे का ट्रांसफार्मर उड़ा ले गया टैंकर! खौफनाक VIDEO
यूपी के बिजनौर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक खाली टैंकर ने सड़क किनारे लगे बिजली के ट्रांसफार्मर को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर के बाद ट्रांसफार्मर टैंकर के चेंबर में फंस गया और चालक उसे लेकर नजीबाबाद ऑयल डिपो पहुंच गया.
CRETA-SIERRA की उड़ेगी नींद, आ रही 29KM माइलेज वाली SUV
रेनो भारतीय बाजार में एक नया प्रोडक्ट लॉन्च करने वाली है. भारतीय बाजार में कंपनी अपनी अब तक की सबसे ज्यादा माइलेज वाली एसयूवी लेकर आ रही है. हम बात कर रहे हैं रेनो डस्टर हाइब्रिड की, जो 17 अक्टूबर को लॉन्च होने वाली है. इस एसयूवी को कंपनी ने मार्च में ही रिवील कर दिया था. अब इसकी आधिकारिक लॉन्चिंग है.
कॉकरोच प्रदर्शन के चलते गई थी कुर्सी, अब 'रिजीम चेंज' बयान पर धर्मेंद्र प्रधान ने तोड़ी चुप्पी
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के चलते मंत्री पद गंवाने वाले धर्मेंद्र प्रधान ने रिजीम चेंज वाले बयान पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि देश हित और व्यवस्था बदलने का दावा करके जो प्रदर्शन शुरू हुए थे। उनकी असली चरित्र सामने आ गया है।
गायब हुआ ट्रांसफार्मर तो... ऐसे खुली पोल
बिजनौर के फूलसदा गांव में इंडियन ऑयल का खाली टैंकर ट्रांसफार्मर से टकरा गया. टक्कर के बाद ट्रांसफार्मर टैंकर के चेंबर में फंस गया और चालक उसे लेकर नजीबाबाद स्थित तेल डिपो पहुंच गया. घटना का CCTV वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. वीडियो में जानें क्या है पूरा मामला.
200+200+200 मेगापिक्सल कैमरा, Oppo का फोन इस दिन भारत आ रहा है
Oppo Find X10 Pro Max Launch: भारत में ओपो का सबसे महंगा स्मार्टफोन लॉन्च होने जा रहा है. सवाल ये है कि क्या इस फोन की कीमत 2.5 लाख रुपये तक जाएगी? आइए जानते हैं.
'फांसी पर चढ़ा दो ना', दिल्ली पुलिस से ऐसा क्यों बोले अभिजीत दीपके
पुलिस ने अभिजीत दीपके को बताया कि तिरंगा लहराना कानून के खिलाफ नहीं है, लेकिन बिना इजाजत मार्च निकालना और भीड़ जुटाना प्रतिबंधों का उल्लंघन है। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने तिरंगा यात्रा की इजाजत नहीं दी।
दिल्ली में UAPA मामले में अतहर खान को राहत नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने 4 हफ्ते के लिए टाली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े UAPA मामले में आरोपित अतहर खान की जमानत याचिका पर सुनवाई चार सप्ताह के लिए टाल दी है।
केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने सीएमआरएल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को 23 अक्टूबर को पूछताछ के लिए तलब किया है।
ठंड, इंटीमेसी और कंडोम... LIVE कॉन्सर्ट में क्या बोल गए थे हनी सिंह
Honey Singh Controversy: दिल्ली कॉन्सर्ट में आपत्तिजनक टिप्पणी पर क्यों मचा बवाल? जानें क्या बोले हनी सिंह, क्यों हुई शिकायत और महाराष्ट्र साइबर सेल में क्या हुआ.
शनि की बदलेगी चाल, बदलेगी किस्मत! 6 राशियों को मिल सकते हैं फायदे
Shani Margi 2026:11 दिसंबर 2026 को शनि मीन राशि में मार्गी होंगे. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शनि की चाल बदलने से वृषभ, मिथुन समेत 6 राशियों को करियर, धन और कारोबार में लाभ मिल सकता है. जानें किन राशियों पर होगा असर.
शुरू हो गई युवराज की IPL क्लास, करुण नायर को दी स्पेशल ट्रेनिंग
युवराज सिंह दिल्ली कैपिटल्स के असिस्टेंट कोच और बैटिंग कोच बने हैं. अब उनका एक नया वीडियो सामने आया है, जहां वो टीम के बैटर करुण नायर को स्पेशल कोचिंग देते हुए नजर आए.
कम उम्र में करोड़ों की दौलत, ये हैं दुनिया के सबसे अमीर Gen Z स्टार्स
जेन जी के कई सितारे कम उम्र में ही करोड़ों की संपत्ति बना चुके हैं. म्यूजिक, फिल्मों और सोशल मीडिया से लेकर ब्रांड डील्स और अपने बिजनेस तक, इन युवाओं ने लोकप्रियता को कमाई में बदल दिया है. याहू फाइनेंस की रिपोर्ट के मुताबिक, मिस्टरबीस्ट, काइली जेनर और जेक पॉल जैसे स्टार्स दुनिया के सबसे अमीर जेन जी सेलिब्रिटीज में शामिल हैं.
1 कप कुट्टू के आटे और गुड़ से बनाएं फूले-फूले गुलगुले, बनाना है आसान
How To Make Gulgule: अगर आप भी नवरात्रि के व्रत में माता को कुछ मीठा भोग लगाना चाहते हैं तो आज हम आपको कुट्टू के आटे के गुलगुले बनाने की रेसिपी बता रहे हैं जिन्हें आप गुड़ से बना सकते हैं. ये खाने में अंदर से सॉफ्ट और बाहर से क्रिस्पी बनते हैं जो बच्चों को भी खूब पसंद आएंगे.
ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न मिले... CP में CJP के खिलाफ सड़क पर व्यापारी
दिल्ली के कनॉट प्लेस में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के तिरंगा मार्च के बीच पालिका बाजार के दुकानदारों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के समर्थन में नारेबाजी की. व्यापारियों ने सीजेपी के प्रदर्शन का विरोध किया और दिल्ली पुलिस के समर्थन में भी नारे लगाए. इस दौरान 'मोदी-मोदी' के नारे भी सुनाई दिए.
20 ओवर में 300 रन बनाने का समय आ गया है, भारत-वेस्टइंडीज सीरीज की सपाट पिचों पर संजय मांजरेकर का तंज
क्रिकेट के खेल में पिछले कुछ सालों से बल्लेबाजों का दबदबा इस कदर बढ़ गया है कि गेंदबाजों के लिए मैदान पर सांस लेना भी मुश्किल होता जा रहा है। खेल के सबसे छोटे प्रारूप यानी टी20 क्रिकेट में अब रनों की बाढ़ आ चुकी है, जहां बड़े-बड़े स्कोर भी पानी की तरह बनते और चेज होते नजर आते हैं। इन दिनों भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही रोमांचक पांच मैचों की टी20 सीरीज इसका सबसे बड़ा जीवंत उदाहरण बन गई है। इस सीरीज में गेंदबाजों की लाचारी और ताबड़तोड़ चौकों-छक्कों की बारिश को देखकर देश के जाने-माने पूर्व क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर संजय मांजरेकर (Sanjay Manjrekar) ने मौजूदा पिचों और खेल के तौर-तरीकों पर एक तीखा और हैरान करने वाला तंज कसा है। मांजरेकर के इस बयान के बाद क्रिकेट जगत में एक बार फिर यह बहस छिड़ गई है कि क्या आधुनिक क्रिकेट में गेंदबाजों के लिए कुछ बचा ही नहीं है?भारत-वेस्टइंडीज टी20 सीरीज में बल्लेबाजों का तूफान और गेंदबाजों की लाचारीभारत और वेस्टइंडीज के बीच चल रही इस टी20 सीरीज के आंकड़े किसी भी पारंपरिक क्रिकेट प्रेमी को हैरान करने के लिए काफी हैं। अभी तक खेले गए शुरुआती चार मुकाबलों में से तीन मैच ऐसे रहे हैं जिनमें दोनों टीमों ने मिलकर 200 से अधिक रनों का पहाड़ खड़ा किया है। इस सीरीज के दौरान हमने वह ऐतिहासिक मुकाबला भी देखा जिसमें वेस्टइंडीज ने 250 रनों के विशाल लक्ष्य को भी महज 19 ओवरों में सफलतापूर्वक हासिल कर लिया। वेस्टइंडीज के कप्तान और स्टार खिलाड़ी शाई होप इस सीरीज में अब तक दो शानदार शतक जड़ चुके हैं।हालात यह हो गए हैं कि मैदान चाहे कोई भी हो, पिच से तेज गेंदबाजों या स्पिनर्स को जरा भी मदद नहीं मिल रही है। टी20 क्रिकेट के इस दौर में अब 20 ओवर के खेल में 250 रन बनाना भी सुरक्षित स्कोर नहीं माना जाता है, जबकि एक समय ऐसा था जब वनडे क्रिकेट (50 ओवरों के खेल) में इतनी बड़ी संख्या में रन बनते थे। आज के दौर के बल्लेबाज बेहद निडर होकर मैदान पर उतरते हैं और पहली गेंद से ही बड़े शॉट खेलने का जोखिम उठाते हैं। हालांकि, बल्लेबाजों के इस आक्रामक रवैये के साथ-साथ पिचों के सपाट मिजाज और खेल के नए नियमों ने भी गेंदबाजों की कमर तोड़ कर रख दी है। इसी स्थिति पर कटाक्ष करते हुए संजय मांजरेकर ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी राय रखी है।संजय मांजरेकर का तीखा तंज: ताकि हम 20 ओवर में 300 रन बना सकेंपूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने आधुनिक क्रिकेट की इन सपाट पिचों और बल्लेबाजी के अनुकूल बनाए गए नियमों पर खुलकर तंज कसा है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए लिखा, मुझे सचमुच ऐसा लगता है कि पिचों को और अधिक फ्लैट बनाने, मैदान की बाउंड्री को और छोटा करने तथा गेंदबाजों के खिलाफ और अधिक सख्त नियम लाने की गुंजाइश बाकी है... ताकि हम आने वाले समय में 20 ओवरों के खेल में लगातार 300 रन बनते हुए देख सकें।मांजरेकर का यह तंज इस बात की ओर इशारा करता है कि जिस तरह से पिचों को बनाया जा रहा है और गेंदबाजों के लिए मुश्किलें खड़ी की जा रही हैं, वह दिन दूर नहीं जब टी20 क्रिकेट में 300 रनों का आंकड़ा आम बात हो जाएगी। सीरीज के मुकाबलों की बात करें तो पहले टी20 में वेस्टइंडीज ने 172 रन बनाए थे जिसे भारत ने आसानी से 14.4 ओवरों में ही बना लिया। दूसरे मैच में भारत के 249 रनों के जवाब में वेस्टइंडीज ने 250 रन ठोक दिए। तीसरे मैच में भारत ने 223 रन बनाए और वेस्टइंडीज 209 तक पहुंच गई। चौथे मैच में वेस्टइंडीज के 247 रनों के मुकाबले टीम इंडिया 223 रन ही बना सकी। इन सभी मैचों में गेंदबाजी आक्रमण पूरी तरह बेबस नजर आया है।बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा सीरीज का फाइनल मुकाबलाटी20 सीरीज का यह रोमांचक सफर अब अपने अंतिम और सबसे निर्णायक पड़ाव पर पहुंच चुका है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच सीरीज का पांचवां और आखिरी मुकाबला शनिवार, 17 अक्टूबर को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के प्रसिद्ध एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम (M. Chinnaswamy Stadium) में खेला जाएगा। दोनों टीमें इस समय 2-2 की बराबरी पर खड़ी हैं, इसलिए यह मुकाबला किसी वर्चुअल फाइनल से कम नहीं है।बेंगलुरु का यह मैदान अपनी छोटी बाउंड्री और रनों की बारिश के लिए पहले से ही दुनिया भर में मशहूर है। ऐसे में संजय मांजरेकर के तंज के बीच इस अंतिम मुकाबले में एक बार फिर रनों का सैलाब देखने को मिल सकता है। मैच का सीधा प्रसारण शाम 7:00 बजे से स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के विभिन्न चैनलों पर किया जाएगा, जबकि इसकी लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार (JioHotstar) ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि क्या इस बार गेंदबाज अपनी साख बचा पाते हैं या बल्लेबाज एक बार फिर मैदान पर हावी रहते हैं।
ECI ने 17 राज्यों में शुरू किया SSR, दलों को मिलेगी वोटर लिस्ट की आसान PDF
अपनी 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) प्रक्रिया को लेकर हो रहे भारी विरोध के बीच, चुनाव आयोग ने दो ऐसे मुद्दों पर अपना रुख बदल लिया है, जिन पर लंबे समय से विपक्ष के साथ उसका टकराव चल रहा था। पिछले 24 घंटों में, दबाव का सामना कर रहे चुनाव आयोग ने 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए 'स्पेशल समरी रिवीजन' (SSR) की घोषणा की है। इसके अलावा, चुनाव आयोग ने पहली बार राजनीतिक दलों को अंतिम मतदाता सूची की ऐसी PDF कॉपी देने का वादा किया है जिसे आसानी से पढ़ा जा सके - जो कि उसके अपने ही पुराने रुख से एक बड़ा बदलाव है। इसे भी पढ़ें: Chief Election Commissioner के खिलाफ प्रदर्शन मामले में Imran Khan को देश छोड़ने का नोटिस, फिल्ममेकर Kiran Rao ने किया अभिनेता का समर्थन हाल के वर्षों में विपक्ष, खासकर कांग्रेस ने इन दोनों मुद्दों को बार-बार उठाया है। दूसरे ऐलान ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा है, क्योंकि 2018 में जब कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, तब खुद चुनाव आयोग (ECI) ने निजता (प्राइवेसी) से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए मशीन से पढ़ी जा सकने वाली मतदाता सूची जारी करने का विरोध किया था। यह समय काफी अहम है। 'कॉकरोच जनता पार्टी' और विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग, खासकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन और तेज हो गए हैं। आरोप है कि मतदाता सूची (इलेक्टोरल रोल) में गड़बड़ियां की गई हैं। पूरे देश में मतदाता सूचियों को दुरुस्त करने की प्रक्रिया के चलते 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम सूची से हट गए हैं, जिससे भारी अफरा-तफरी मच गई है। महत्वपूर्ण बात यह है कि SIR के कारण, चुनाव आयोग ने विशेष SSR प्रक्रिया को रोक दिया था, जिसके जरिए नए पात्र मतदाताओं (जिनमें 18 वर्ष के होने वाले लोग भी शामिल हैं) का पंजीकरण किया जाता है। इसका मतलब यह हुआ कि 'जेन Z' (Gen Z) मतदाता 2024-25 की SSR प्रक्रिया के तहत अपना पंजीकरण नहीं करा सके, जिससे काफी नाराजगी पैदा हुई। आगे बढ़ने से पहले, मैं संक्षेप में बता दूँ कि SSR, SIR से किस तरह अलग है। इसे भी पढ़ें: 'न्यायपालिका को कोई दबाव में नहीं डाल सकता’, CJI Surya Kant की सख्त टिप्पणी से राहुल गांधी की राजनीतिक शैली पर उठे गंभीर सवाल SIR एक अधिक विस्तृत प्रक्रिया है, जिसमें नागरिकता साबित करने के लिए दस्तावेज़ देने पड़ते हैं या पिछली मतदाता सूचियों से मिलान (मैपिंग) करना पड़ता है। SSR मतदाता सूचियों को अपडेट करने और नए पात्र मतदाताओं को जोड़ने की एक नियमित, वार्षिक प्रक्रिया है। इसलिए, मतदाताओं को खुद को पिछली विस्तृत पुनरीक्षण प्रक्रिया (intensive revision) से मैप करने की ज़रूरत नहीं होती। SIR के विपरीत, इसमें BLOs द्वारा घर-घर जाकर जाँच करने की प्रक्रिया शामिल नहीं होती है।
भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही रोमांचक पांच मैचों की टी20 सीरीज अब अपने बेहद रोमांचक और निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। सीरीज के शुरुआती चार मुकाबले खेले जा चुके हैं और दोनों टीमें 2-2 की बराबरी पर खड़ी हैं। अब सीरीज का पांचवां और आखिरी मुकाबला 17 अक्टूबर (शनिवार) को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम (M. Chinnaswamy Stadium) में खेला जाना है। यह मैच तय करेगा कि आखिरकार सीरीज की विजेता ट्रॉफी किसके हाथ लगेगी। लेकिन इस फाइनल मुकाबले से ठीक पहले मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट और बेंगलुरु के खराब मौसम के पूर्वानुमान ने भारतीय क्रिकेट फैंस की धड़कनें बढ़ा दी हैं। मैच के दौरान भारी बारिश होने की प्रबल आशंका जताई जा रही है, जिससे इस महामुकाबले के रद्द होने या प्रभावित होने का खतरा मंडरा रहा है।बेंगलुरु में बारिश के 70 प्रतिशत तक आसार, फैंस की बढ़ी चिंताशुरुआती चार मैचों में मौसम पूरी तरह मेहरबान रहा और किसी भी मैच में बारिश का कोई दखल देखने को नहीं मिला, जिससे फैंस ने भरपूर क्रिकेट का आनंद लिया। लेकिन अब जब बारी सीरीज के सबसे बड़े और निर्णायक मुकाबले की है, तो मौसम ने करवट ले ली है।प्रसिद्ध मौसम एजेंसी बीबीसी वेदर (BBC Weather) के पूर्वानुमान के मुताबिक, शनिवार को मैच के तय समय के दौरान बेंगलुरु में बारिश होने की संभावना करीब 70 प्रतिशत तक बनी हुई है। यदि समय के अनुसार बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें, तो मुकाबला शाम 7:00 बजे से शुरू होना है, लेकिन उससे ठीक पहले शाम 5:00 बजे लगभग 66%, शाम 6:00 बजे 68%, और मैच शुरू होने के समय यानी शाम 7:00 बजे बारिश के चांस बढ़कर 69% से 70% तक पहुंच सकते हैं। इसके अलावा रात 8:00 बजे, 9:00 बजे और 10:00 बजे भी बारिश की आशंका 70% के आसपास बनी हुई है। शाम 6:30 बजे होने वाले टॉस पर भी बादलों और बारिश की काली छाया मंडरा सकती है।एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम का वर्ल्ड-क्लास ड्रेनेज सिस्टम देता है उम्मीदभले ही मौसम विभाग की रिपोर्ट ने फैंस की चिंता बढ़ा दी हो, लेकिन बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम की एक ऐसी खासियत है जो उम्मीद की किरण जगाती है। इस प्रतिष्ठित स्टेडियम में अत्याधुनिक 'सब-एयर' ड्रेनेज सिस्टम (Sub-air Drainage System) लगा हुआ है, जिसे भारत के सभी क्रिकेट स्टेडियमों में सबसे आधुनिक और बेहतरीन जल निकासी प्रणाली माना जाता है।इस शानदार तकनीक की सबसे बड़ी खूबी यह है कि बारिश रुकने के बाद मैदान से पानी सोखने की प्रक्रिया बहुत तेजी से होती है। बारिश बंद होने के महज 10 से 15 मिनट के भीतर ही पूरा आउटफील्ड और पिच पूरी तरह सूख जाती है। ऐसे में यदि मैच के दौरान बारिश कुछ देर के लिए खलल डालती भी है, तो इस बेहतरीन ड्रेनेज सिस्टम के चलते मैच के ज्यादा ओवर काटे बिना खेल दोबारा शुरू होने की पूरी संभावना बनी रहती है।सीरीज जीतने के लिए दोनों टीमें मैदान पर उतरने को बेताबभारत और वेस्टइंडीज के बीच का यह दौरा काफी संघर्षपूर्ण रहा है। दोनों टीमों ने एक-एक कर दो-दो मुकाबले जीते हैं, जिससे यह पांचवां टी20 अपने आप में एक वर्चुअल फाइनल बन गया है। सीरीज पर कब्जा जमाने के लिए दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने अपनी कमर कस ली है।भारतीय टीम के स्क्वॉड में कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ-साथ अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, इशान किशन, संजू सैमसन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, नितीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, मयंक यादव और भुवनेश्वर कुमार जैसे धुरंधर शामिल हैं। वहीं, वेस्टइंडीज की कमान कप्तान शाई होप संभाल रहे हैं, और उनके साथ शिम्रोन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, रोस्टन चेज़ और अकील होसेन जैसे विस्फोटक खिलाड़ी मौजूद हैं। क्रिकेटप्रेमियों को पूरी उम्मीद है कि बारिश बाधा न बने और उन्हें एक पूरा रोमांचक मुकाबला देखने को मिले।
चोरी के शक में 6 बच्चों की पिटाई? वीडियो हुआ वायरल
बिहार के पूर्वी चंपारण में चोरी के आरोप में छह बच्चों के साथ कथित अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है. दुकानदार पर बच्चों की पिटाई करने और चप्पल पर थूक चटवाने का आरोप है. घटना का वीडियो वायरल है, जबकि मामले में जांच जारी है.
भारतीय सनातन संस्कृति में शारदीय और चैत्र नवरात्र के दौरान मनाए जाने वाले पर्वों का विशेष आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। नवरात्र के पावन अवसर पर मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की विधिवत पूजा की जाती है, और इसके साथ ही अष्टमी व नवमी तिथि पर कन्या पूजन (Kanya Pujan) या कंजक पूजन का विधान है। इस दिन छोटी-छोटी कन्याओं को साक्षात माता दुर्गा का रूप मानकर उनका स्वागत किया जाता है, उनके चरण धोए जाते हैं, उन्हें भोग लगाया जाता है और उनका आशीर्वाद लिया जाता है।कन्या पूजन के इस संपूर्ण अनुष्ठान में एक परंपरा बेहद खास और प्राचीन है, वह है कन्याओं के चरणों को 'आलता' या महावर से सजाना। बहुत से लोग इसे केवल एक साधारण परंपरा या श्रृंगार का हिस्सा मानते हैं, लेकिन इसके पीछे कई गहरे धार्मिक, वैज्ञानिक और गूढ़ रहस्य छिपे हुए हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि नवरात्र के कंजक पूजन में कन्याओं के पैरों में आलता क्यों लगाया जाता है और इसका क्या महत्व है।कन्याओं को माना जाता है साक्षात माता दुर्गा का स्वरूपसनातन धर्म की पौराणिक मान्यताओं और ग्रंथों के अनुसार, कन्याओं को कभी भी सामान्य बालिका नहीं माना जाता है, बल्कि उन्हें माता दुर्गा की जीवित ऊर्जा और नौ स्वरूपों का प्रतीक माना जाता है। देवी भागवत पुराण और अन्य धार्मिक शास्त्रों में इस बात का स्पष्ट उल्लेख मिलता है कि नवरात्र के दिनों में अलग-अलग आयु वर्ग की कन्याओं की पूजा कुमारी, त्रिमूर्ति, कल्याणी, रोहिणी और चंडिका आदि रूपों में की जाती है।जब हम कन्याओं को साक्षात देवी का रूप मानकर उनकी पूजा करते हैं, तो उन्हें सोलह श्रृंगार की सामग्री से सुसज्जित करना बेहद शुभ माना जाता है। हिंदू परंपरा में आलता (Alta) को सुहाग, पवित्रता और देवी शक्ति का अभिन्न अंग माना गया है। कंजक पूजन के दौरान कन्याओं के चरणों में आलता लगाने का अर्थ है कि हम साक्षात मां जगदंबा का पूजन और अभिनंदन कर रहे हैं, जिससे साधक को माता के संपूर्ण श्रृंगार और पूजन का पुण्य फल प्राप्त होता है।आलता है प्रेम, पवित्रता और ब्रह्मांडीय ऊर्जा का प्रतीकलाल रंग को भारतीय संस्कृति में ऊर्जा, साहस, पवित्रता और शुभता का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। आलता का लाल रंग माता दुर्गा की प्रचंड और सृजनात्मक शक्ति (Shakti) का प्रतिनिधित्व करता है। जब कंजक पूजन के वक्त कन्याओं के कोमल चरणों को आलता से रंगा जाता है, तो यह घर-परिवार में सुख, शांति, वैभव और समृद्धि के आगमन का संकेत होता है।धार्मिक दृष्टिकोण से, आलता केवल एक रंग नहीं बल्कि श्रद्धा और समर्पण की वह भावना है जो भक्त और भगवान के बीच के रिश्ते को मजबूत करती है। जब बच्चियों के नन्हे-नन्हे चरणों में आलता लगाया जाता है, तो ऐसा प्रतीत होता है कि स्वयं मां दुर्गा ने भक्तों को आशीर्वाद देने के लिए उनके घर में प्रवेश कर लिया हो। यह परंपरा घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकारात्मकता का संचार करती है।चरण पूजन और स्वागत की प्राचीन सनातन परंपराजब भी कोई सम्मानित अतिथि या देवी-देवता किसी के घर पधारते हैं, तो उनके चरण धोने और उनका स्वागत करने की हमारी प्राचीन संस्कृति रही है। कंजक पूजन के दौरान जब कन्याएं घर के द्वार पर आती हैं, तो सबसे पहले उनके पैर शुद्ध जल से धोए जाते हैं और उसके बाद उन्हें आलता से सजाया जाता है।चरणों में आलता लगाने की यह प्रक्रिया 'चरण पूजन' के महत्व को कई गुना बढ़ा देती है। यह इस बात का प्रतीक है कि हम अपने घर की देहरी पर माता रानी का स्वागत बेहद आदर और सत्कार के साथ कर रहे हैं। इस आध्यात्मिक जुड़ाव से घर में ईश्वरीय कृपा का वास होता है और पूरे परिवार पर माता रानी की असीम दया बनी रहती है।
थाईलैंड में राजधानी को बचाने के लिए पूरा एक गांव डुबो दिया
बैंकॉक को बाढ़ से बचाने के लिए किए गए इंतजामों के बीच थाईलैंड के कई गांव हर साल पानी में डूब रहे हैं. कहीं घरों में पानी भर रहा है, तो कहीं लोग ऊंचे प्लेटफॉर्म पर रहने को मजबूर हैं.
हिंदू धर्म में शारदीय और चैत्र नवरात्र का पर्व शक्ति, साधना और मां दुर्गा की उपासना का सबसे पवित्र और ऊर्जावान समय माना जाता है। इन नौ दिनों तक देशभर में भक्ति का माहौल रहता है, जहां श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की विधिवत पूजा-अर्चना करते हैं। नवरात्र की अष्टमी और नवमी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व होता है, क्योंकि इस दौरान कन्या पूजन (Kanya Pujan) और कन्या भोज का आयोजन किया जाता है। घरों और मंदिरों में छोटी-छोटी कन्याओं को साक्षात मां दुर्गा का रूप मानकर उनके चरण धोए जाते हैं, उन्हें चुनरी ओढ़ाई जाती है और स्वादिष्ट भोजन कराया जाता है।लेकिन क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया है कि कई जगहों पर केवल कन्याओं को ही नहीं, बल्कि उनके साथ एक छोटे बालक को भी भोजन कराया जाता है? इस बालक को 'बटुक' या 'लंगूर' के रूप में सम्मानित किया जाता है। धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कन्या भोज के दौरान बटुक को शामिल करना बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि नवरात्र में कन्याओं के साथ बटुक को भोजन कराने की परंपरा के पीछे का रहस्य, इसका धार्मिक महत्व और इससे जुड़ी पौराणिक मान्यताएं क्या कहती हैं।बटुक को माना जाता है भगवान शिव के रौद्र और बाल रूप का प्रतीकहिंदू सनातन परंपरा और धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, बटुक को भगवान शिव के शक्तिशाली और रक्षक रूप भगवान बटुक भैरव (Batuk Bhairav) का बाल स्वरूप माना जाता है। भगवान भैरव को भगवान शिव का ही एक अंशा अवतार माना गया है, जो ब्रह्मांड में धर्म की रक्षा करने, समस्त प्रकार की नकारात्मक ऊर्जाओं, बुरी ताकतों और तंत्र-मंत्र के प्रभावों से अपने भक्तों की रक्षा करने वाले देवता के रूप में पूजे जाते हैं।पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता दुर्गा और भगवान भैरव का संबंध बेहद अटूट है। ऐसी मान्यता है कि माता के जितने भी शक्तिपीठ हैं, उन सभी की रक्षा का दायित्व भगवान भैरव और मां भगवती के गणों के पास होता है। यही कारण है कि जब भी भक्त मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं, तो वे भैरव बाबा की आराधना को भी अनिवार्य मानते हैं। नवरात्र के पवित्र दिनों में जब कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर भोजन कराया जाता है, तो उस अनुष्ठान को पूर्णता देने के लिए एक बालक को बटुक भैरव का प्रतीक मानकर भोजन ग्रहण कराया जाता है।कन्या भोज में बटुक को भोजन कराने के पीछे की मुख्य मान्यताएंधार्मिक जानकारों और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, कन्या पूजन के समय बटुक को भोजन कराने के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़ी मान्यताएं समाज में प्रचलित हैं, जो इस प्रकार हैं:पूजा की पूर्णता (Completeness of Worship): सनातन धर्म में शिव और शक्ति की अर्धनारीश्वर अवधारणा सर्वोपरि है। शक्ति (माता दुर्गा) की पूजा बिना शिव (भैरव) के अधूरी मानी जाती है। इसलिए कन्याओं (देवी का रूप) के साथ बटुक (शिव का रूप) को जिमाने से पूजा पूर्ण मानी जाती है।रक्षा और सुरक्षा का आशीर्वाद (Protection and Blessings): भगवान बटुक भैरव को भक्तों का संकट दूर करने वाला और उनकी रक्षा करने वाला माना जाता है। बटुक को भोजन कराने से घर-परिवार पर आने वाली बलाएं और बाधाएं टल जाती हैं।शिव और शक्ति का समन्वय (Harmony of Shiva and Shakti): यह परंपरा प्रकृति के दो मूल तत्वों—शिव और शक्ति के बीच के संतुलन और सम्मान का प्रतीक है, जो जीवन में सकारात्मकता और समृद्धि लेकर आती है।क्या कन्या भोज में बटुक को बैठाना अनिवार्य हैयह एक बहुत बड़ा सवाल है जो अक्सर लोगों के मन में आता है कि क्या कन्या भोज के दौरान बटुक का होना अनिवार्य है? इसका उत्तर यह है कि बिल्कुल नहीं, यह पूरी तरह से एक परंपरा और श्रद्धा का विषय है, न कि कोई अनिवार्य नियम।देश के कई हिस्सों में आज भी केवल 9 कन्याओं को ही भोजन कराने की परंपरा है और उसी से व्रत व पूजन का पूर्ण फल प्राप्त होता है। यदि आपके आसपास या परिवार में कोई उपयुक्त बालक (बटुक) मिल जाता है, तो उसे भैरव का स्वरूप मानकर भोजन कराना अत्यंत शुभ माना जाता है। लेकिन यदि कोई बालक उपलब्ध न हो, तो केवल कन्याओं का पूजन करके भी आप मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। इससे माता की पूजा में किसी भी प्रकार की न्यूनता या अधूरापन नहीं आता है, क्योंकि माता आपकी सच्ची श्रद्धा और भाव को देखती हैं।
Pushkar Singh Dhami ने उत्तराखंड जिला पुलिस में महिला कांस्टेबल के पद बढ़ाकर 2000 किए
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को जिला पुलिस में महिला कांस्टेबल के पदों की संख्या 526 से बढ़ाकर 2,000 करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस प्रस्ताव के तहत 1,474 अतिरिक्त पद अन्य संवर्गों और शाखाओं के स्वीकृत पदों से समायोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार का उद्देश्य महिला पुलिसकर्मियों को सेवा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही उनके भविष्य को सुरक्षित और उज्ज्वल बनाना है।”अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में कार्मिक विभाग ने बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय भार और कुल स्वीकृत पदों की संख्या में वृद्धि किए बिना प्रस्ताव को मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव के तहत वर्तमान में कार्यरत 1,210 अधिसंख्य महिला आरक्षियों के समायोजन और भविष्य में उनकी पदोन्नति के अवसर सुनिश्चित करने के लिए उच्चतर पदों के पुनर्गठन का अलग प्रस्ताव उपलब्ध कराने की शर्त रखी गई है। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने से जिला पुलिस में महिला कांस्टेबल के पदों की संख्या बढ़ाने का रास्ता साफ होगा और साथ ही, वर्तमान में कार्यरत अधिसंख्य महिला कांस्टेबल के समायोजन तथा उनके लिए भविष्य में पदोन्नति के अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में भी पहल की जाएगी।
चीता स्टेट में अद्भुत नजारा! 1000 महिलाओं ने उकेरी 'मुखी' की तस्वीर
Sheopur Kuno National Park: श्योपुर में प्रोजेक्ट चीता के 4 साल पूरे होने पर 1000 महिलाओं ने बनाई ह्यूमन रंगोली. कूनो नेशनल पार्क की पहली स्वदेशी चीता 'मुखी' की प्रतिकृति देख मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की सराहना. पढ़ें रिपोर्ट...
वैदिक ज्योतिष में ग्रहों के राजा सूर्य देव का गोचर सभी 12 राशियों के जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है। आगामी 17 अक्टूबर 2026 को सूर्य देव अपनी नीच राशि यानी तुला राशि (Libra) में प्रवेश करने जा रहे हैं और वे 16 नवंबर 2026 तक इसी राशि में विराजमान रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र में तुला राशि को सूर्य की नीच राशि माना गया है, जिसके प्रभावस्वरूप कई जातकों के जीवन में आत्मविश्वास, अधिकार, करियर, धन और आपसी रिश्तों को लेकर उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। यह एक महीने की अवधि कुछ राशियों के लिए विशेष सावधानी बरतने और धैर्य रखने का समय है। आइए जानते हैं कि सूर्य के इस राशि परिवर्तन का किन 5 राशियों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा और इससे बचने के लिए क्या उपाय करने चाहिए।मेष राशि: रिश्तों और साझेदारियों में बरतें खास सतर्कतामेष राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर वैवाहिक जीवन, प्रेम संबंधों और व्यापारिक साझेदारियों (Partnerships) के क्षेत्र में विशेष चुनौतियां लेकर आ सकता है। इस दौरान जीवनसाथी, किसी करीबी मित्र या बिजनेस पार्टनर के साथ वैचारिक मतभेद और गलतफहमियां बढ़ने की पूरी आशंका है। आपको ऐसा महसूस हो सकता है कि लोग आपके विचारों और मेहनत को पर्याप्त सम्मान या महत्व नहीं दे रहे हैं।ऐसी स्थिति में अपने गुस्से और अहंकार पर काबू रखना बेहद जरूरी है, अन्यथा छोटी सी बात बड़ा विवाद बन सकती है। यदि आप किसी नए बिजनेस एग्रीमेंट या समझौते पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं, तो दस्तावेजों और शर्तों को बेहद सावधानी से पढ़ लें। इस एक महीने के दौरान अपने रिश्तों को सहेज कर रखना आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए।विशेष उपाय: अपने निजी और व्यावसायिक रिश्तों में शांति, संतुलन और आपसी समझदारी बनाए रखने का प्रयास करें।मिथुन राशि: मानसिक तनाव और बढ़ते खर्चों से रहें सावधानमिथुन राशि के लोगों को इस समयावधि के दौरान मानसिक अशांति, एंग्जायटी और अचानक सामने आने वाले खर्चों का सामना करना पड़ सकता है। जो कार्य या योजनाएं आपको बहुत आसान लग रही थीं, उनमें उम्मीद से अधिक समय और बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी जिम्मेदारियां तो बढ़ाई जा सकती हैं, लेकिन उसके अनुपात में तुरंत मान-सम्मान या प्रशंसा मिलना मुश्किल हो सकता है।आर्थिक मामलों में किसी भी प्रकार का जोखिम भरा निवेश करने से बचें और ऑनलाइन फालतू की खरीदारी पर लगाम लगाएं। इस दौरान एक सख्त बजट बनाकर चलना ही आपके लिए वित्तीय संकट से बचने का सबसे अच्छा तरीका होगा।विशेष उपाय: अपने सभी खर्चों का सही लेखा-जोखा रखें और अपनी आय के अनुसार ही धन का उचित प्रबंधन करें।कन्या राशि: धन, परिवार और कार्यस्थल पर रखना होगा संयमकन्या राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह नीच गोचर धन संचय, पारिवारिक मामलों और दफ्तर में आपकी पहचान को लेकर कुछ मानसिक तनाव पैदा कर सकता है। जिस सराहना या प्रमोशन की उम्मीद आप लंबे समय से कर रहे हैं, उसे पाने के लिए आपको इस दौरान अतिरिक्त मेहनत और संघर्ष करना पड़ सकता है।इस अवधि में किसी को भी उधार देने या नया वित्तीय निवेश करने से बचना ही समझदारी होगी। परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत करते समय अपनी वाणी पर विशेष नियंत्रण रखें, क्योंकि आपकी कड़वी या तेज बोली घर का माहौल खराब कर सकती है।विशेष उपाय: परिवार और कार्यक्षेत्र के लोगों के साथ संवाद करते समय अपनी बोली में मिठास और पूर्ण संयम बनाए रखें।धनु राशि: करियर के फैसलों में रखें धीरज, वरिष्ठों से न उलझेंधनु राशि के जातकों को इस गोचर के दौरान अपने करियर, वित्तीय योजनाओं और दफ्तर में वरिष्ठ अधिकारियों (Boss) के साथ अपने संबंधों को लेकर बेहद सतर्क रहना होगा। आपकी पेशेवर जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ सकता है, लेकिन करियर में आगे बढ़ने की गति आपकी उम्मीद से काफी धीमी रहेगी।अपने बॉस या सीनियर सहकर्मियों के साथ किसी भी प्रकार की बहस या टकराव से दूर रहें। पैसों के मामले में किसी लुभावने अवसर पर अत्यधिक भरोसा करके कोई भी बड़ा या जल्दबाजी में निर्णय न लें। हर कदम उठाने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच-परख अवश्य कर लें।विशेष उपाय: अपने कार्यक्षेत्र में पूरी तरह धैर्य का परिचय दें और ऑफिस के हर व्यक्ति के साथ आदरपूर्वक व्यवहार करें।कुंभ राशि: बजट असंतुलन और पारिवारिक तनाव से करें बचावकुंभ राशि के जातकों को इस एक महीने के दौरान अपने दैनिक खर्चों और पारिवारिक जीवन पर पैनी नजर रखने की आवश्यकता है। अचानक आने वाले अप्रत्याशित खर्च आपका पूरा मासिक बजट बिगाड़ सकते हैं, इसलिए आपातकालीन स्थिति के लिए पर्याप्त बचत होना बहुत जरूरी है।इस दौरान मानसिक थकान और सुस्ती महसूस हो सकती है। यह ध्यान रखें कि कामकाज का भारी तनाव आपके घरेलू और पारिवारिक जीवन पर हावी न होने पाए। अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या को जितना हो सके सरल रखें और फिजूलखर्ची पर सख्त नियंत्रण रखें।विशेष उपाय: अपने धन का नियोजन बहुत ही सोच-समझकर करें और सभी प्रकार के अनावश्यक व लग्जरी खर्चों से दूरी बना लें।
रॉकिंग स्टार यश ने एक बार फिर अपने होम ग्राउंड बेंगलुरु में धमाकेदार एंट्री की, जहाँ ‘रामायण’ के ग्रैंड ट्रेलर लॉन्च ने खूब सुर्खियाँ बटोरीं।
अबॉर्शन के नाम पर निकाल दी आंत! बस्ती में झोलाछाप का खौफनाक खेल
बस्ती में अवैध अबॉर्शन के दौरान झोलाछाप की लापरवाही से एक नाबालिग की बच्चेदानी फट गई और आंत निकालनी पड़ी. बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के डॉक्टरों ने आपातकालीन सर्जरी कर उसकी जान बचाई. स्वास्थ्य विभाग ने अवैध 'परम अस्पताल' को सील कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में धोखाधड़ी और अवैध कमाई के मामलों पर शिकंजा कसते हुए केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ईडी के मुंबई जोनल ऑफिस-I ने शेयर बाजार में कथित हेरफेर (Stock Manipulation) और मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के एक गंभीर मामले में 16 अक्टूबर 2026 को देश के 6 प्रमुख शहरों के कुल 29 ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की है। यह हाई-प्रोफाइल कार्रवाई दो लिस्टेड कंपनियों—M/s R M Drip and Sprinklers Systems Ltd और M/s R&B Denims Ltd के शेयरों में की गई हेराफेरी से जुड़ी हुई है, जिसके चलते एक लाख से अधिक छोटे और खुदरा निवेशकों को भारी-भरकम वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है।महाराष्ट्र और गुजरात के 6 शहरों में ईडी की बड़ी रेडप्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमों ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत कानूनी प्रावधानों के तहत यह व्यापक कार्रवाई की है। जिन 6 शहरों में एक साथ छापेमारी की गई है, उनमें महाराष्ट्र के प्रमुख शहर मुंबई और नासिक के साथ-साथ गुजरात के अहमदाबाद, गांधीनगर, सूरत और भावनगर शामिल हैं।जांच एजेंसी द्वारा की गई इस रेड के दायरे में दोनों कंपनियों के कॉर्पोरेट कार्यालय, उनके प्रमोटरों (Promoters) के आलीशान आवास, कम कीमत पर भारी मात्रा में शेयर हासिल करने वाले चुनिंदा लोगों के ठिकाने, स्टॉक-ब्रोकिंग फर्में, फाइनेंस कंपनियां और कथित तौर पर स्टॉक प्रमोट करने वाले व्हाट्सऐप ग्रुपों के संचालक शामिल रहे हैं। तलाशी के दौरान ईडी के हाथ कई महत्वपूर्ण डिजिटल डिवाइस, शेयर लेनदेन के पुख्ता रिकॉर्ड, आपत्तिजनक दस्तावेज और संपत्तियों के कागजात लगे हैं, जिनकी गहनता से जांच की जा रही है।शेयरों के आवंटन से लेकर कृत्रिम तरीके से कीमत बढ़ाने तक का खेलईडी की शुरुआती जांच में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच इन दोनों कंपनियों ने चुनिंदा व्यक्तियों और संस्थाओं को 3.5 करोड़ से अधिक शेयर और कन्वर्टिबल वारंट (Convertible Warrants) जारी किए थे।जांच में यह बात सामने आई कि इन शेयरों के लिए जो भुगतान किया गया था, उसकी बड़ी रकम कुछ सीमित और आपस में गहराई से जुड़ी हुई कंपनियों, व्यक्तियों और कर्जदाताओं के एक खास समूह से आई थी। इसके बाद सोची-समझी साजिश के तहत आने वाले महीनों में दोनों कंपनियों के शेयरों की कीमतों को कृत्रिम तरीके से लगातार ऊपर उठाया गया, जबकि अधिकांश शेयर उन्हीं चुनिंदा लोगों के पास सुरक्षित बने रहे ताकि बाजार में बड़ा खेल खेला जा सके।'मल्टीबैगर स्टॉक्स' जैसे व्हाट्सऐप ग्रुप्स के जरिए खुदरा निवेशकों को फंसायाइस पूरे घोटाले का सबसे खतरनाक पहलू यह रहा कि आम और मासूम निवेशकों को अपने जाल में फंसाने के लिए सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स का सहारा लिया गया। ईडी की जांच के अनुसार, दिसंबर 2025 के अंत से लेकर फरवरी 2026 के बीच 'मल्टीबैगर स्टॉक्स' (Multibagger Stocks) जैसे लुभावने नामों वाले व्हाट्सऐप कम्युनिटी ग्रुप्स के जरिए इन दोनों कंपनियों के शेयरों को खरीदने के लिए रोजाना भारी-भरकम टिप्स और झूठे दावे भेजे जा रहे थे।इन ग्रुप्स के जरिए छोटे और खुदरा निवेशकों को यह झांसा दिया गया कि ये शेयर उन्हें रातोंरात अमीर बना देंगे। हैरानी की बात यह है कि इन व्हाट्सऐप ग्रुप्स को संचालित करने के लिए हरियाणा और मुंबई में दूसरे अनजान लोगों के नाम पर फर्जी सिम कार्ड्स खरीदे गए थे, जबकि इन पूरे नेटवर्क का असली संचालन गुजरात के भावनगर से किया जा रहा था। इन लुभावने संदेशों के प्रभाव में आकर दोनों शेयरों में खरीदारों की संख्या रातोंरात करीब 3,400 से बढ़कर एक लाख से भी अधिक तक पहुंच गई।व्हाट्सऐप ग्रुप डिलीट होते ही शेयरों में आया लोअर सर्किट, निवेशकों को लगा बड़ा झटकायह पूरा फ्रॉड तब बेनकाब हुआ जब 25 फरवरी 2026 को अचानक उन सभी व्हाट्सऐप ग्रुप्स को रातोंरात डिलीट कर दिया गया, जिनके जरिए शेयरों का प्रचार किया जा रहा था। ग्रुप्स के बंद होते ही दोनों कंपनियों के शेयरों में भूचाल आ गया और वे सीधे लोअर सर्किट पर आ गए। देखते ही देखते कुछ ही दिनों के भीतर इन शेयरों की कीमतों में लगभग 70 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई।इस सुनियोजित घोटाले के कारण एक लाख से अधिक छोटे और खुदरा निवेशक बुरी तरह फंस गए। वे गिरती हुई कीमतों के बीच अपने शेयरों को बेच तक नहीं पाए, जिससे उनकी जीवनभर की जमा पूंजी डूब गई। फिलहाल, ईडी इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस पूरी साजिश के पीछे कौन-कौन से बड़े वित्तीय खिलाड़ी और मास्टरमाइंड जुड़े हुए हैं, और जल्द ही इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
‘दिमागी नक्सलियों और देशभक्त भारतीयों के बीच खिंच गई है जंग की लकीर’, किरेन रिजिजू का बड़ा बयान
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 'दिमागी नक्सलियों' और 'देशभक्त भारतीयों' के बीच जंग की लकीर खींचने की बात कही है।
बजाज हाउसिंग फाइनेंस के शानदार Q2 नतीजे: मुनाफा 18% बढ़कर ₹757 करोड़ हुआ, शेयरों पर निवेशकों की नजर
देश की प्रमुख और दिग्गज नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी बजाज हाउसिंग फाइनेंस (Bajaj Housing Finance Ltd) ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (Q2 Results 2026) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। बाजार के जानकारों और निवेशकों की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए कंपनी ने अपने मुनाफे और कुल आय में शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है। त्योहारी सीजन से ठीक पहले आए इन मजबूत नतीजों के बाद निवेशकों और शेयर बाजार के एक्सपर्ट्स की नजर अब इस स्टॉक पर टिकी हुई है। आइए जानते हैं बजाज हाउसिंग फाइनेंस की सितंबर तिमाही के नतीजों से जुड़ी हर एक बड़ी और अहम बात।मुनाफा 18% बढ़कर ₹757 करोड़ पर पहुंचाशुक्रवार, 16 अक्टूबर को बाजार बंद होने के बाद जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, समीक्षाधीन तिमाही (जुलाई-सितंबर 2026) में बजाज हाउसिंग फाइनेंस का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 18% बढ़कर ₹757 करोड़ हो गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी ने ₹643 करोड़ का मुनाफा कमाया था। कंपनी के बोर्ड की बैठक दोपहर 2 बजे शुरू हुई और बाजार बंद होने के बाद शाम 3:55 बजे ये नतीजे आधिकारिक रूप से घोषित किए गए। नतीजों के दिन यह शेयर मामूली बढ़त के साथ ₹83.36 पर बंद हुआ था। कंपनी का कुल मार्केट कैप इस दौरान ₹69,458 करोड़ दर्ज किया गया। हालांकि, इसका अब तक का ऑल-टाइम हाई ₹188.50 और निचला स्तर ₹72.65 रहा है।कुल आय और नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में जबरदस्त उछालकंपनी के कारोबार में चौतरफा बढ़ोतरी देखने को मिली है:कुल आय: सितंबर तिमाही में कंपनी की कुल आय ₹2,748 करोड़ से 18% बढ़कर ₹3,251 करोड़ हो गई। इसमें ब्याज से होने वाली कमाई ₹2,614 करोड़ से बढ़कर ₹3,052 करोड़ पर पहुंच गई है।नेट इंटरेस्ट इनकम (NII): कंपनी का एनआईआई (Net Interest Income) 10% की बढ़त के साथ ₹956 करोड़ से बढ़कर ₹1,055 करोड़ हो गया।नेट टोटल इनकम: यह आंकड़ा 15% की छलांग के साथ ₹1,090 करोड़ से बढ़कर ₹1,254 करोड़ दर्ज किया गया। इसके अलावा, फीस और कमीशन से होने वाली आय भी ₹69 करोड़ से बढ़कर ₹125 करोड़ पर पहुंच गई।AUM बढ़कर ₹1.58 लाख करोड़ हुआ, लोन बांटने में भी तेजीबजाज हाउसिंग फाइनेंस के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट यानी AUM में 25% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, और यह बढ़कर ₹1.58 लाख करोड़ पर पहुंच गया है, जो एक साल पहले इसी अवधि में ₹1.27 लाख करोड़ था। तिमाही के दौरान कंपनी ने ₹19,935 करोड़ के नए कर्ज बांटे, जो पिछले साल की समान अवधि से 25% अधिक है।कंपनी के पोर्टफोलियो पर नजर डालें तो सितंबर 2026 तक:होम लोन AUM: ₹85,224 करोड़लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी (LAP): ₹16,382 करोड़लीज रेंटल डिस्काउंटिंग (LRD): ₹37,988 करोड़खर्च, प्रोविजनिंग और एसेट क्वालिटी की स्थितिकंपनी का परिचालन खर्च (Operating Expense) ₹214 करोड़ से बढ़कर ₹239 करोड़ हो गया। वहीं, लोन लॉस और प्रोविजनिंग का खर्च घटकर ₹35 करोड़ पर आ गया, जो पिछले साल ₹43 करोड़ था। प्रोविजनिंग वह राशि होती है जो संभावित नुकसान से निपटने के लिए सुरक्षित रखी जाती है।एसेट क्वालिटी की बात करें तो कंपनी का ग्रॉस एनपीए (GNPA) मामूली रूप से बढ़कर 0.29% हो गया (जो पिछले साल 0.26% था), जबकि नेट एनपीए (NNPA) 0.12% पर बिल्कुल स्थिर बना रहा। इसके अलावा, कंपनी का लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो 146.25% और कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो 21.24% रहा, जो मजबूत वित्तीय सुरक्षा का संकेत देता है।
दीपके ने पुलिस वालों को ये भी बताया कि उनके साथ मौजूद भीड़ तो मीडिया वालों की है और वो अकेले ही तिरंगा लेकर चल रहे थे। इस पर पुलिस ने साफ किया है कि उन्हें एहतियातन हिरासत में लिया गया है।
भारतीय शेयर बाजार और टेलीकॉम सेक्टर में इन दिनों सबसे बड़े महाकुंभ यानी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (Jio Platforms IPO) के आईपीओ की चर्चाएं जोरों पर हैं। जैसे-जैसे यह आईपीओ निवेशकों के सामने आ रहा है, देश और दुनिया के दिग्गज बाजार विशेषज्ञ इस पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। इसी कड़ी में प्रसिद्ध निवेशक और 'हेलिओस कैपिटल' (Helios Capital) के फाउंडर समीर अरोड़ा (Sameer Arora) ने जियो प्लेटफॉर्म्स की विकास यात्रा और इसके स्टॉक को लेकर अपना मजबूत भरोसा जताया है। अरोड़ा का मानना है कि जियो केवल एक टेलीकॉम कंपनी नहीं, बल्कि भारत की पूरी डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जिसमें निवेशकों को बंपर रिटर्न देने की असीम क्षमता मौजूद है।समीर अरोड़ा की नजर में क्यों खास है जियो प्लेटफॉर्म्सबाजार विशेषज्ञ समीर अरोड़ा का कहना है कि भारत में भले ही कई नई डिजिटल और इंटरनेट कंपनियां कारोबार का नया चेहरा बनकर उभरी हों, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि उस डिजिटल क्रांति की नींव रखने और उसे हर घर तक पहुंचाने में जियो के मजबूत नेटवर्क और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सबसे बड़ी भूमिका रही है।अरोड़ा के मुताबिक, जियो की विशाल पहुंच, ग्राहकों का अटूट भरोसा और भविष्य की ग्रोथ को भुनाने की क्षमता इसे बाजार के सबसे बेहतरीन शेयरों में खड़ा करती है। जब कोई कंपनी अपने सेक्टर में लीडर हो और देश की अर्थव्यवस्था की डिजिटल ग्रोथ से सीधे जुड़ी हो, तो निवेशकों का उस पर भरोसा अपने आप मजबूत हो जाता है और लॉन्ग-वे में वहां से शानदार रिटर्न मिलने की पूरी संभावना बनी रहती है।साल 2016 से शुरू हुआ टेलीकॉम क्रांति का सफरयाद कीजिए साल 2016 का वह दौर, जब रिलायंस जियो ने भारतीय टेलीकॉम बाजार में कदम रखा था। जियो की धमाकेदार एंट्री ने पूरे टेलीकॉम सेक्टर की तस्वीर ही बदलकर रख दी थी। बेहद किफायती दरों और शुरुआती मुफ्त वॉयस व डेटा सेवाओं ने भारत के आम आदमी के हाथ में इंटरनेट की ताकत थमा दी, जिससे देश में मोबाइल डेटा का उपभोग कई गुना बढ़ गया।समय के साथ जियो ने केवल मोबाइल कॉलिंग और इंटरनेट तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि वह अपनी सीमाओं का विस्तार करते हुए होम ब्रॉडबैंड (Fiber), डिजिटल एंटरटेनमेंट, क्लाउड कंप्यूटिंग और एंटरप्राइज सॉल्यूशंस जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी एक बड़ा खिलाड़ी बन चुका है।53 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों का विशाल नेटवर्क और 5G का दबदबाकिसी भी कंपनी की ताकत उसके ग्राहक आधार से आंकी जाती है, और इस मामले में जियो का कोई मुकाबला नहीं है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 30 जून 2026 तक जियो के कुल ग्राहकों की संख्या 53.3 करोड़ को पार कर चुकी है, जिनमें से 28.49 करोड़ यूजर्स अकेले अत्याधुनिक 5G सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं।कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत के कुल वायरलेस डेटा ट्रैफिक में अकेले जियो की हिस्सेदारी लगभग 60% रही है। इसके अलावा, कंपनी का वायरलेस ब्रॉडबैंड नेटवर्क देश की 99% से अधिक आबादी तक अपनी पहुंच बना चुका है, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है।भविष्य की ग्रोथ के लिए अभी भी खुले हैं बड़े अवसरजियो के लिए सबसे बड़ा प्लस पॉइंट यह है कि अभी भी भारतीय बाजार में उसके ग्रोथ के रास्ते पूरी तरह खुले हुए हैं। कंपनी के लिए सबसे बड़ा अवसर वे करोड़ों यूजर्स हैं जो अब भी 2G नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 तक भारत में करीब 26.1 करोड़ यूजर्स 2G नेटवर्क पर थे। जैसे-जैसे ये ग्राहक 4G और 5G नेटवर्क पर शिफ्ट होंगे, जियो के रेवेन्यू में जबरदस्त उछाल आना तय है। इसके अलावा, फिक्स्ड ब्रॉडबैंड का विस्तार और ग्राहकों को एक साथ कई डिजिटल सेवाएं (Bundled Services) देना कंपनी की कमाई को और मजबूत करेगा।शानदार वित्तीय आंकड़े और मजबूत रेवेन्यू ग्रोथजियो प्लेटफॉर्म्स की वित्तीय स्थिति बेहद मजबूत है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का ऑपरेशन्स से होने वाला रेवेन्यू सालाना आधार पर 14.6% की शानदार बढ़त के साथ ₹1,46,885 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का एबिटडा (EBITDA) 18.8% बढ़कर ₹76,255 करोड़ और शुद्ध मुनाफा (Net Profit) 15% की छलांग के साथ ₹30,049 करोड़ दर्ज किया गया। इस अवधि में कंपनी का एबिटडा मार्जिन 51.9% रहा, जो इसकी बेहतरीन ऑपरेशनल दक्षता को दर्शाता है।कर्जमुक्त होने की ओर कदम और आईपीओ का वैल्यूएशनजियो प्लेटफॉर्म्स के इस आईपीओ से मिलने वाली बड़ी रकम का मुख्य इस्तेमाल ₹27,500 करोड़ तक के कर्ज को चुकाने में किए जाने की उम्मीद है। इस कदम से कंपनी पूरी तरह से नेट-डेट-फ्री (Net-Debt-Free) स्थिति की ओर बढ़ जाएगी, जिससे भविष्य में निवेशकों को और अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है।आईपीओ के ₹1,119 के ऊपरी प्राइस बैंड (Upper Price Band) के हिसाब से जियो प्लेटफॉर्म्स का कुल मूल्यांकन (Valuation) लगभग ₹10.3 लाख करोड़ आंका गया है, जो वित्त वर्ष 2025-26 की कमाई का लगभग 34.3 गुना है। यह मूल्यांकन कंपनी के विशाल आकार और भविष्य की असीम संभावनाओं को पूरी तरह न्यायसंगत ठहराता है। समीर अरोड़ा जैसे दिग्गज निवेशकों का यह मानना इस बात की पुष्टि करता है कि लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए यह एक बेहतरीन अवसर साबित हो सकता है।
‘इंडिया’ के साथ विजय थलपति? SIR के खिलाफ प्रोटेस्ट में शामिल हुई TVK, अब आगे क्या
थलपति विजय की टीवीके भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल हो गई है। गुरुवार को तमिलनाडु में वोटर लिस्ट में हेरफेर और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन हुआ।
माता सती बनकर खुद को धन्य मानती हैं अश्मिता बख्शी, बोलीं- ये मेरा पहला स्पेशल प्रोजेक्ट
अभिनेत्री अश्मिता बख्शी पौराणिक थिएटर नाटक 'शिव शक्ति- एक दिव्य प्रसंग कथा' में माता सती की मुख्य भूमिका अदा कर रही हैं। अभिनेत्री का कहना है कि वह खुद को बहुत खुशकिस्मत मानती हैं कि उन्हें इस नाटक में माता सती जैसा शक्तिशाली किरदार निभाने का मौका मिला।
देश के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank - PNB) ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (Q2 Results) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक का यह प्रदर्शन उम्मीद से कहीं अधिक मजबूत और शानदार रहा है। पीएनबी ने अपने निवेशकों और ग्राहकों को बड़ी खुशखबरी देते हुए मुनाफे में जबरदस्त उछाल दर्ज किया है। इसके साथ ही बैंक के एसेट क्वालिटी में भी काफी सुधार देखने को मिला है, जिससे बैंकिंग सेक्टर में उत्साह का माहौल है। आइए जानते हैं पंजाब नेशनल बैंक के इन नतीजों से जुड़ी हर एक खास बात।पीएनबी का शुद्ध मुनाफा बढ़कर हुआ 5,532 करोड़ रुपयेपंजाब नेशनल बैंक द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 4,904 करोड़ रुपये से बढ़कर 5,532 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले बैंक के मुनाफे में लगभग 628 करोड़ रुपये की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह मजबूत ग्रोथ इस बात का प्रमाण है कि बैंक का मूल कारोबार (Core Business) बहुत ही बेहतरीन तरीके से आगे बढ़ रहा है और बैंक की वित्तीय स्थिति लगातार मजबूत होती जा रही है।नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में भी शानदार उछालबैंक की मुख्य आय का जरिया मानी जाने वाली नेट इंटरेस्ट इनकम यानी NII (Net Interest Income) में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में बैंक की एनआईआई 10,469 करोड़ रुपये थी, जो इस बार बढ़कर 11,601 करोड़ रुपये हो गई है। नेट इंटरेस्ट इनकम का मतलब बैंक द्वारा कर्ज पर कमाए गए ब्याज और ग्राहकों को जमा पर दिए गए ब्याज के बीच का अंतर होता है। इसमें आई यह बढ़ोतरी बैंक की मजबूत लोन ग्रोथ और बेहतर ब्याज प्रबंधन को दर्शाती है।ग्रॉस एनपीए और नेट एनपीए में बड़ी गिरावटकिसी भी बैंक के स्वास्थ्य को परखने के लिए उसके नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) यानी खराब कर्ज के आंकड़ों को सबसे अहम माना जाता है। इस मोर्चे पर पीएनबी ने निवेशकों को काफी राहत दी है:ग्रॉस एनपीए (Gross NPA): पिछली तिमाही के मुकाबले बैंक का ग्रॉस एनपीए 2.78 प्रतिशत से सुधरकर सीधे 2.55 प्रतिशत पर आ गया है।नेट एनपीए (Net NPA): बैंक का नेट एनपीए भी 0.28 प्रतिशत से घटकर 0.25 प्रतिशत पर आ गया है।एनपीए में आई इस लगातार गिरावट से साफ है कि बैंक की रिकवरी प्रक्रिया काफी मजबूत है और नए लोन समय पर वापस आ रहे हैं। हालांकि, इसके साथ ही बैंक के फ्रेश स्लिपेज (Fresh Slippage) में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो तिमाही आधार पर 2,080 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,395 करोड़ रुपये हो गए हैं। इसका मतलब है कि इस दौरान कुछ नए कर्ज एनपीए की श्रेणी में आए हैं, जिन पर बैंक की पैनी नजर बनी हुई है।प्रोविजनिंग में भारी कमी और NIM में सुधारबैंक की प्रोविजनिंग (Provisioning) में भी पिछली तिमाही के मुकाबले बहुत बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। यह 541 करोड़ रुपये से भारी घटकर मात्र 97.3 करोड़ रुपये पर आ गई है। प्रोविजनिंग वह राशि होती है जिसे बैंक संभावित डूबे हुए कर्ज (Bad Loans) या जोखिमों से निपटने के लिए अलग रखता है। प्रोविजनिंग घटने का सीधा मतलब है कि बैंक को भविष्य के जोखिमों को लेकर कम पैसे अलग रखने पड़े हैं, जिससे मुनाफे पर सकारात्मक असर पड़ा है।इसके अलावा, पीएनबी का घरेलू नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) सालाना आधार पर 2.72 प्रतिशत से बढ़कर 2.74 प्रतिशत हो गया है। कुल मिलाकर, पंजाब नेशनल बैंक के ये तिमाही नतीजे बैंकिंग सेक्टर में उसकी मजबूत पकड़ और वित्तीय सुदृढ़ता की एक बेहतरीन तस्वीर पेश करते हैं।
कर्जे पर पलने वाला PAK, अब लोन बांटने वाले IMF का चेयरमैन बना!
जिस देश को अपनी आर्थिक जरूरतों के लिए IMF से अगली किस्त का इंतजार रहता है, वही पाकिस्तान अब इस बैंक के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की अध्यक्षता करेगा. सुनने में ये भेल अजीब लगेगा. लेकिन 1953 के बाद पहली बार पाकिस्तान IMF का चेयरमैन बनन गया है.
सोनभद्र में 60 लाख का गांजा बरामद, ओडिशा के 3 तस्कर गिरफ्तार
सोनभद्र में ऑपरेशन शुद्धि के तहत करमा थाना पुलिस और एसओजी ने गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. हिदुआरी तिराहे पर दो कारों की तलाशी में 118 किलो 670 ग्राम गांजा मिला, जिसकी कीमत करीब 60 लाख रुपये है. पुलिस ने ओडिशा के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर वाहन, मोबाइल फोन और नकदी समेत लगभग 95 लाख रुपये का सामान बरामद किया है.
सीतापुर में पुरानी रंजिश में मनोज की पीट-पीटकर हत्या, हाईवे पर घेरकर लाठी-डंडों से हमला
सीतापुर के कमलापुर थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते 35 वर्षीय मनोज की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. लुधौरा गांव के पास बाजार से घर लौटते समय उन्हें हाईवे पर घेरकर लाठी-डंडों से पीटा गया. गंभीर हालत में अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. परिजनों ने गांव के करीब आधा दर्जन लोगों पर आरोप लगाया है.
सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने बताया कि भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024 के तहत नियमों को मंजूरी दे दी गई है। ये नियम हवाई किराए में मनमानी बढ़ोतरी पर लगाम लगाने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेंगे।
पति की फिल्म में कैमियो के लिए यामी ने ली थी इतनी फीस, बताया- कुछ चीजें अनमोल...
अभिनेत्री यामी गौतम हाल ही में को-स्टार आदिनाथ कोठारे के साथ माधुरी दीक्षित के क्विज शो 'कौन होणार करोडपती' पर गई थीं। शो के दौरान अभिनेत्री यामी गौतम ने पति आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर' में अपने कैमियो के लिए फीस लेने की खबरों पर खुलकर बात की।
मणिपुर में पूरी और आलू की सब्जी खाकर बीएसएफ के 84 जवान बीमार
मणिपुर में तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को 84 जवान नाश्ते में पूरी और आलू की सब्जी खाने के बाद बीमार हो गए।
भारतीय राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर केंद्र सरकार और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच जुबानी जंग और तनातनी तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को एक बेहद कड़ा पत्र लिखा है। इस चिट्ठी के जरिए खरगे ने संसद के मानसून सत्र के सत्रावसान में हुई असामान्य देरी, नए परिसीमन (Delimitation) के प्रस्तावों और किसी भी संवैधानिक संशोधन विधेयक को संसद में जबरन पारित कराने की कोशिशों को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है। विपक्ष के इस आक्रामक रुख के बाद से राष्ट्रीय राजधानी की राजनीति में एक नया भूचाल आ गया है।मानसून सत्र के सत्रावसान में 'अभूतपूर्व देरी' पर उठाए गए सवालकांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे अपने पत्र की शुरुआत संसद के कामकाज और उसके नियमों से जुड़े एक अहम मुद्दे से की है। उन्होंने पत्र में इस बात का जिक्र किया है कि संसद का मानसून सत्र गत 13 अगस्त को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित (Adjourned Sine Die) किया गया था। इस घटना को बीते हुए 64 से अधिक दिन यानी दो महीने से ज्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन इसके बावजूद अभी तक संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) का आधिकारिक तौर पर सत्रावसान (Prorogation) नहीं किया गया है।संसदीय इतिहास और परंपराओं का हवाला देते हुए खरगे ने इस अभूतपूर्व देरी पर गहरी चिंता और ऐतराज जताया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सत्र के सत्रावसान में इस तरह की लंबी देरी सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है, जिसके चलते विपक्ष को सरकार की नीयत पर संदेह हो रहा है। कांग्रेस पार्टी का यह भी आरोप है कि सरकार संसद की लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर अपने हिसाब से कामकाज चलाना चाहती है।नए परिसीमन प्रस्तावों पर बुलाई जाए सर्वदलीय बैठक: खरगेचिट्ठी के सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक देश में होने वाले नए परिसीमन (Delimitation Process) का मुद्दा है। मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आगाह करते हुए मांग की है कि सरकार को नए परिसीमन प्रस्तावों पर आगे बढ़ने से पहले देश के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की एक सर्वदलीय बैठक (All-Party Meeting) बुलानी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि संसद में किसी भी परिसीमन प्रस्ताव को अंतिम रूप देने या उस पर मुहर लगाने से पहले इस व्यापक विचार-विमर्श की सख्त आवश्यकता है।खरगे ने स्पष्ट किया कि विपक्ष और देश के तमाम राजनीतिक दल परिसीमन के इस संवेदनशील विषय पर हर पहलू से खुली चर्चा करना चाहते हैं, ताकि राज्यों के प्रतिनिधित्व और संघवाद के ढांचे पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। यदि सरकार बिना चर्चा के इस दिशा में कोई कदम उठाती है, तो इसका संसद के भीतर और बाहर कड़ा विरोध किया जाएगा।संवैधानिक संशोधन बिलों को लेकर सरकार को दी कड़ी चेतावनीमल्लिकार्जुन खरगे ने अपने पत्र के जरिए मोदी सरकार को इस बात के लिए भी सचेत किया है कि वह संसद में किसी भी प्रकार के संवैधानिक संशोधन विधेयक (Constitutional Amendment Bill) को जबरन या बहुमत के बल पर पारित कराने की कोशिश बिल्कुल न करे। गौरतलब है कि पिछले लोकसभा चुनावों के दौरान भी विपक्ष ने आक्रामक प्रचार करते हुए यह आरोप लगाया था कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए गठबंधन यदि दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लेता है, तो वे देश के संविधान में बुनियादी बदलाव कर देंगे।यद्यपि उस दौरान मोदी सरकार और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने यह पूरी तरह स्पष्ट कर दिया था कि संविधान की मूल भावना से छेड़छाड़ करने या उसे बदलने की किसी को अनुमति नहीं है, लेकिन इसके बावजूद विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर सतर्क नजर आ रहा है। खरगे का यह पत्र इस बात का संकेत है कि आने वाले संसद सत्र में संविधान और विधायी सुधारों के मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी भिड़ंत देखने को मिल सकती है।जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर साझा किया पत्रकांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री को लिखे गए इस सनसनीखेज पत्र को पार्टी के वरिष्ठ नेता और महासचिव (संचार) जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर सार्वजनिक किया। उन्होंने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि खरगे जी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर संसद के मानसून सत्र के सत्रावसान में हुई अभूतपूर्व देरी और मोदी सरकार की भविष्य की संभावित विधायी योजनाओं के बारे में कड़े सवाल पूछे हैं।इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। एक तरफ जहां विपक्ष इसे सरकार की तानाशाही कार्यशैली बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस पत्र का क्या जवाब देती है और आगामी संसद सत्र की कार्रवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है।
उत्तरप्रदेश के मेरठ जिले में पति की हत्या कर उसकी मौत को सांप के काटने से हुई घटना दिखाने के मामले में अदालत ने पत्नी और उसके प्रेमी को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-12) जयवीर सिंह नागर की अदालत ने दोनों ...
26/11 मुंबई आतंकी हमले पर बनी फिल्म 'प्रहार: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्ज्वल निकम' को लेकर दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है।
साकिब अयूब की 'चार यार' का दमदार ट्रेलर आउट, दोस्ती पर भारी पड़ेगा जुर्म का रास्ता
अभिनेता साकिब अयूब की आगामी सीरीज 'चार यार' के मेकर्स ने शुक्रवार को ट्रेलर रिलीज कर दिया। यह कहानी 2,000 के दशक की शुरुआत के मुंबई शहर पर आधारित है।
दिल्ली में प्रदर्शनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे व्यापारी संगठन, की ये मांग
खान मार्केट एसोसिएशन ने विरोध प्रदर्शनों के कारण व्यापारियों को हो रहे आर्थिक नुकसान को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव मेहरा के अनुसार लगातार बैरिकेडिंग और प्रदर्शनों से ग्राहकों की संख्या में गिरावट आई है, जिससे दैनिक कारोबार और आजीविका प्रभावित हो रही है. व्यापारियों की मांग है कि प्रदर्शनों को जंतर-मंतर के बजाय किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए ताकि व्यावसायिक गतिविधियों और आम जनता पर विपरीत असर न पड़े.
मनी लॉन्ड्रिंग केस में पिनराई विजयन को ED का समन, पूछताछ के लिए बुलाया; क्या है पूरा मामला
अधिकारियों ने बताया कि 81 वर्षीय विजयन के खिलाफ यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत की गई है। ईडी ने इस मामले में राज्य पुलिस की ओर से हाल ही में दर्ज FIR के आधार पर जांच शुरू की है।
SMS Medical College में अनधिकृत NEET UG काउंसलिंग पर निजी फर्म के खिलाफ FIR दर्ज
राजस्थान के जयपुर स्थित सवाई मानसिंह (एसएमएस) मेडिकल कॉलेज परिसर में कथित तौर पर अनधिकृत काउंसलिंग गतिविधियों के मामले में एक निजी परामर्श फर्म और उसके प्रतिनिधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, राजस्थान नीट-यूजी मेडिकल एवं डेंटल काउंसलिंग के दौरान एसएमएस मेडिकल कॉलेज परिसर में कथित अनधिकृत गतिविधियों को लेकर मेडिपीडिया ओवरसीज एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड और उसके संबंधित प्रतिनिधियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी गई थी। ‘स्टेट नीट-यूजी मेडिकल एंड डेंटल काउंसलिंग बोर्ड’ के अध्यक्ष की ओर से 16 अक्टूबर को एसएमएस अस्पताल थाने में दी गई शिकायत में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया था। कंपनी के प्रतिनिधियों पर काउंसलिंग स्थल और शैक्षणिक परिसर में प्रवेश कर विद्यार्थियों को निजी काउंसलिंग सेवाएं देने का प्रयास करने का आरोप है। शिकायत में बताया गया कि कंपनी के प्रतिनिधियों ने अपनी सेवाओं का प्रचार करते हुए आधिकारिक सहायता से जुड़ा होने का आभास कराया और संस्थान के साथ अपने संबंधों को लेकर भ्रामक प्रस्तुति की। शिकायत के अनुसार, ऐसी गतिविधियों से आधिकारिक प्रवेश प्रक्रिया को लेकर विद्यार्थियों में भ्रम उत्पन्न हो सकता है और उन्हें आर्थिक या अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। बोर्ड ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और परिसर में उनकी गतिविधियों की जांच करने का अनुरोध किया। बोर्ड की ओर से कंपनी के सोशल मीडिया प्रचार से संबंधित सामग्री, तस्वीरें और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी पुलिस को उपलब्ध कराए गए हैं। बोर्ड ने विद्यार्थियों से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट)-स्नातक (यूजी) काउंसलिंग से संबंधित जानकारी के लिए अधिकृत काउंसलिंग बोर्ड और सरकारी संस्थानों के आधिकारिक दिशा-निर्देशों पर ही भरोसा करने की अपील की।
अंतिम संस्कार, टॉयलेट में अस्थियां; ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ केरलम के पलक्कड़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चौंकाने वाला विरोध प्रदर्शन किया है। पलक्कड़ में कार्यकर्ताओं ने एक सांकेतिक अर्थी निकाली। इसके बाद हिंदू रीति रिवाजों के मुताबिक चिता को आग लगाई गई।
दिल्ली में प्रदर्शनों से बिजनेस ठप, कारोबारियों ने पीएम और गृहमंत्री से लगाई गुहार
दिल्ली व्यापार संघ ने त्यौहारों के दौरान प्रदर्शनों पर रोक लगाने के लिए पीएम और गृह मंत्री को पत्र लिखा है. संघ के मुताबिक, प्रदर्शनों के कारण कनॉट प्लेस और खान मार्केट जैसे बाजारों में ग्राहक नहीं आ पा रहे हैं. इससे दिल्ली के व्यापारियों को रोजाना दो से तीन हजार करोड़ रुपये का भारी नुकसान हो रहा है. व्यापारियों ने प्रशासन से त्यौहारों के समय बाजारों में प्रदर्शन न होने देने की अपील की है.
मुंबई के आजाद मैदान में CJP की तिरंगा रैली, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
मुंबई के आजाद मैदान में CJP द्वारा तिरंगा रैली का आयोजन किया गया है. इस रैली के लिए मुंबई पुलिस की ओर से आधिकारिक अनुमति प्रदान की गई है. दिल्ली में आयोजित हो रहे विरोध प्रदर्शन के समर्थन में मुंबई में भी यह प्रदर्शन किया जा रहा है. प्रदर्शनकारियों को सुबह 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक आजाद मैदान के भीतर ही शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने की इजाजत दी गई है. प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक उनका यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा. कार्यकर्ताओं ने सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं और इसे असंवैधानिक बताया है. उनका आरोप है कि देश में करोड़ों लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं और इलेक्टोरल बॉन्ड में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है.
दशहरे पर घूमने का बना रहे हैं प्लान? ये 5 जगहें रहेंगी बेस्ट
Dussehra 2026 Long Weekend: अक्टूबर के सुहाने मौसम में कहीं घूमने का सोच रहे हैं तो दशहरे की छुट्टी पर ट्रिप प्लान कर सकते हैं. आज हम आपको ऐसी 5 जगहों के बारे में बताएंगे, जहां आप सुकून के साथ अपनी छुट्टियां एंजॉय कर सकते हैं.
रिव्यू: आजादी की जंग या सिर्फ शोर-शराबा, कैसी है विजय की रणबाली?
Ranabaali Movie Review: विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की फिल्म में अंग्रेजों का अत्याचार, बदले की आग और दमदार एक्शन है. जानें फिल्म की कहानी, एक्टिंग और कमजोरियां.
सैमसंग का दिवाली धमाका: AC, फ्रिज वॉशिंग मशीन पर 20 हजार तक की छूट
फेस्टिव सीजन के दौरान सैमसंग ने होम अप्लायंस पर सेल का ऐलान किया है. इस दौरान नो कॉस्ट ईएमआई पर भी प्रोडक्ट्स खरीदे जा सकते हैं. कंपनी का दावा है कि AI फ्रिज भी सस्ता मिल रहा है.
ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग, तिरंगा फहराने से रोकने पर सरकार पर बरसे अभिजीत दिपके
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन और बयानबाजी तेज हो गई है. अभिजीत दीपक का आरोप है कि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा है और जनता की आवाज़ को दबाने का प्रयास किया जा रहा है. एक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की मांग करते हुए वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना और संवैधानिक अधिकार मांगना कोई अपराध नहीं है.
गरबा के दौरान माथे से टीका मिटाते पकड़ा गया मुस्लिम युवक, मचा बवाल
महाराष्ट्र के पालघर जिले में नवरात्रि उत्सव के दौरान गरबा पांडाल में विवाद की खबर सामने आई है. गरबा आयोजन में प्रवेश को लेकर बड़ा हंगामा हुआ, जहाँ हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने एक मुस्लिम युवक की पिटाई कर दी. संगठन का दावा है कि गरबा स्थल पर दूसरे समुदाय के कई युवक पहचान छिपाकर प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे. हिंदू संगठन के पदाधिकारियों ने इस घटना पर कड़ा विरोध व्यक्त किया है और पुलिस प्रशासन से ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
Delhi Police ने CJP संयोजक Abhijeet Dipke को हिरासत में लिया, CP मार्च रोका
दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' के 'लहरा दो तिरंगा' विरोध प्रदर्शन के दौरान, दिल्ली पुलिस ने पार्टी के संयोजक अभिजीत दिपके को एहतियातन हिरासत में ले लिया है। कनॉट प्लेस में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रस्तावित 'लहरा दो तिरंगा' विरोध प्रदर्शन से पहले, मध्य दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस बीच, शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने एक संदेश जारी कर लोगों से राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करने और इसे फहराने से जुड़े नियमों का पालन करने की अपील की। इसे भी पढ़ें: विपक्ष का असली Agenda सत्ता परिवर्तन, नितिन नवीन का आरोप- Urban Naxals रच रहे साजिश 'X' (ट्विटर) पर एक पोस्ट में दिल्ली पुलिस ने कहा कि हमारा तिरंगा सर्वोच्च सम्मान का हकदार है। हर काम में देशभक्ति झलकनी चाहिए। तिरंगे का सम्मान करें। इसके गौरव को बनाए रखें। इस पोस्ट के साथ एक ग्राफिक भी था, जिसमें राष्ट्रीय ध्वज फहराने के नियम बताए गए थे। इन नियमों के अनुसार, तिरंगे को हमेशा सम्मानजनक स्थान पर रखा जाना चाहिए, इसे कभी भी केसरिया पट्टी नीचे करके नहीं फहराया जाना चाहिए, और इसका इस्तेमाल कपड़ों या किसी चीज़ को ढकने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। इसे भी पढ़ें: Connaught Place में CJP मार्च से पहले पहरा, Delhi Police ने लागू की धारा 163 पुलिस का यह संदेश CJP द्वारा कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में शाम 5 बजे प्रस्तावित कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले आया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने यह कार्यक्रम तब बुलाया है, जब पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रंका को एक पिछले विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लेने के बाद 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने इस बड़े जमावड़े की अनुमति देने से इनकार कर दिया है और दिपके को एक नोटिस भेजा है। इसमें सार्वजनिक सुरक्षा, ट्रैफिक और भगदड़ जैसी चिंताओं का हवाला दिया गया है। मध्य दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में दिल्ली पुलिस के 6,000 से अधिक जवान और CAPF के लगभग 26,000 जवान तैनात किए गए हैं।
अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया, CJP के तिरंगा मार्च के बीच ऐक्शन
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। दीपके पंचकुइंया रोड स्थित एनसीपी प्रवक्ता के घर से निकले ही थे, तभी पुलिस ने उन्हें कस्टडी में ले लिया। पुलिस ने बीएनएस की धारा 163 का हवाला दिया है।
IAS ने महिला अफसर से कहा 'गेट आउट', अब्दुल्ला बोले- यह बर्दाश्त नहीं
जम्मू-कश्मीर में महिला JKAS अधिकारी के साथ कथित बदसलूकी के मामले में नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि संबंधित IAS अधिकारी का व्यवहार पेशेवर मानकों के खिलाफ है और उसे जम्मू-कश्मीर से हटा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि अधिकारियों का काम जनता की शिकायतें सुनना और उनकी परेशानियां दूर करना है, न कि उन्हें अपमानित करना.
गरीबों को मिले 15000 रुपये तक मासिक मदद, Suvendu Adhikari ने की मांग
(फाइल फोटो के साथ)कोलकाता, 16 अक्टूबर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि यह सुनिश्चित करना ‘हमारी’ जिम्मेदारी है कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से हर माह 12,000 से 15,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिले। पूर्वी मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम में दुर्गा पूजा पंडालों के उद्घाटन के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को उन परिवारों की जिम्मेदारी लेनी ही चाहिए जिन्हें वास्तव में आर्थिक मदद की जरूरत है। शुभेंदु अधिकारी का नंदीग्राम से लंबे समय से राजनीतिक जुड़ाव रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘ हमें उन परिवारों की जिम्मेदारी लेनी होगी जो वास्तव में आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जिन्हें मदद की जरूरत है। हमें विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से उनके लिए हर महीने 12,000 से 15,000 रुपये की व्यवस्था करनी होगी।’’उनके संबोधन से यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका कि प्रस्तावित सहायता विशेष रूप से नंदीग्राम के परिवारों के लिए थी या राज्यभर के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने प्रस्तावित सहायता के बारे में और कोई जानकारी नहीं दी, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि आर्थिक रूप से सचमुच कमजोर परिवारों को सरकार से पर्याप्त वित्तीय मदद मिलनी चाहिए। अधिकारी ने यह भी कहा कि जब तक दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर के लोग चाहेंगे, वह वहां के विधायक के तौर पर उनका प्रतिनिधित्व करते रहेंगे, जबकि नंदीग्राम के साथ एक मतदाता के रूप में उनका आजीवन जुड़ाव बना रहेगा। उन्होंने दावा किया कि 2021 और 2026 के चुनावों के दौरान वह नंदीग्राम के अल्पसंख्यक-बहुल इलाकों में नहीं जा पाये थे, लेकिन अब फूलों की बारिश करके उनका स्वागत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘यही असली बदलाव है।’’
'मैंने किया क्या है...', कहते रहे दिपके, घर से निकलते ही पुलिस ने हिरासत में लिया
सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके तिरंगा मार्च के लिए कनॉट प्लेस जा रहे थे. दिल्ली पुलिस ने उन्हें एहतियातन हिरासत में ले लिया. इससे पहले भी पुलिस उन्हें हिरासत में ले चुकी है और कोर्ट ने 50 हजार रुपये के पीस बॉन्ड पर रिहा किया था.
अभिजीत दिपके ने की ज्ञानेश कुमार को हटाकर नया CEC बनाने की मांग
अभिजीत दिपके ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनकी जगह एक स्वतंत्र तथा निष्पक्ष चुनाव आयुक्त नियुक्त करने की मांग जोर-शोर से उठाई जा रही है. यह तर्क दिया जा रहा है कि वर्तमान चुनाव आयोग निष्पक्ष रूप से काम नहीं कर रहा है और चुनाव प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी दिखाई दे रही है.
दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में तिरंगा यात्रा निकालने की घोषणा पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके को पुलिस ने शुक्रवार को नोटिस जारी किया। इस बीच खबर है कि दिल्ली पुलिस ने दीपके को हिरासत में लिया है। पुलिस ने उन्हें ...
'बाजार छोड़...', दिल्ली के बाद मुंबई में CJP प्रदर्शन पर भड़के व्यापारी
मुंबई में त्योहारों के सीजन के दौरान CJP के विरोध प्रदर्शनों को लेकर व्यापारियों ने नाराजगी जताई है. व्यापारियों का कहना है कि बाजारों और व्यावसायिक इलाकों में प्रदर्शनों से ग्राहकों की आवाजाही और कारोबार प्रभावित हो रहा है.
Trump के आरोपों पर बोले Mohammad Akrami-Nia, Iran की Air Defense पहले से कहीं बेहतर
ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमी-निया ने कहा कि युद्ध से पहले और युद्ध के दौरान के स्तर की तुलना में ईरान की वायु रक्षा क्षमताओं में काफी सुधार हुआ है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका के साथ तनाव बढ़ रहा है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान पर नए हमले करने की धमकी दी है। 'प्रेस टीवी' के अनुसार, अकरमी-निया ने कहा ट्रंप के बार-बार लगाए गए आरोपों के बावजूद, ईरान की मौजूदा वायु रक्षा क्षमताएं युद्ध से पहले और युद्ध के दौरान के स्तर से कहीं बेहतर हैं। इस बीच, गुरुवार (स्थानीय समय) को ट्रंप ने ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावना को खारिज कर दिया। उन्होंने अमेरिकी जमीनी सैनिकों को तैनात करने में भी कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई, हालांकि अमेरिकी सेना ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे और परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाने के लिए अन्य हमले के विकल्प तैयार कर रही है। न्यूज़मैक्स के साथ एक साक्षात्कार में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि जिस 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' (सभी बमों की जननी) पर विचार किया जा रहा है, वह एक पारंपरिक हथियार है। उन्होंने कहा कि तेहरान के खिलाफ अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए वाशिंगटन को परमाणु हथियारों की जरूरत नहीं है। ट्रंप ने कहा देखिए, मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स परमाणु हथियार नहीं है। यह बिल्कुल भी परमाणु हथियार नहीं है। यह बस एक बहुत बड़ा बम है। यह एक छोटे परमाणु बम की तरह है, लेकिन मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स एक बहुत बड़ा बम है। पर यह परमाणु नहीं है। नहीं, मैं परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करूंगा। हमें ऐसा करने की जरूरत नहीं है। इसे भी पढ़ें: विपक्ष का असली Agenda सत्ता परिवर्तन, नितिन नवीन का आरोप- Urban Naxals रच रहे साजिश जब उनसे पूछा गया कि क्या वे ईरान में अमेरिकी सैनिकों को तैनात करने पर विचार करेंगे, तो ट्रम्प ने जवाब दिया मुझे ऐसा नहीं लगता। बिल्कुल नहीं। CNN के अनुसार, ट्रम्प ने अमेरिकी सेना को हमले के कुछ और विकल्प तैयार करने का निर्देश दिया है। इनमें GBU-43/B 'मैसिव ऑर्डनेंस एयर ब्लास्ट' (MOAB) का इस्तेमाल भी शामिल हो सकता है, जिसे ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे और परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें 'पिकएक्स माउंटेन' (Pickaxe Mountain) पर मौजूद वह संदिग्ध भूमिगत परमाणु स्थल भी शामिल है। हालांकि, सैन्य योजना से जुड़े अधिकारियों ने इस बात पर सवाल उठाया है कि क्या MOAB बहुत गहराई में स्थित ठिकानों के खिलाफ प्रभावी होगा। लगभग 21,600 पाउंड वजनी यह हथियार अमेरिकी जखीरे का सबसे बड़ा गैर-परमाणु बम है, लेकिन इसे बहुत गहराई में जाकर हमला करने के लिए नहीं बनाया गया है। ट्रम्प ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के अपने संकल्प को भी दोहराया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका द्वारा पहले किए गए हमलों से ईरान की परमाणु सुविधाओं को नुकसान पहुंचा था। इसे भी पढ़ें: Rajnath Singh के आरोपों पर Congress का पलटवार, Jairam Ramesh ने दिया जवाब इसके अलावा, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 16 व्यक्तियों और 10 संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। इन पर ईरान के वित्तीय नेटवर्क, 'शैडो बैंकिंग' (अघोषित बैंकिंग) गतिविधियों और उसके सैन्य तथा क्षेत्रीय प्रॉक्सी समूहों के लिए फंडिंग के रास्ते उपलब्ध कराने का आरोप है। ये कदम उन वित्तीय संस्थानों, तेल मध्यस्थों और विदेशी मुद्रा नेटवर्कों को निशाना बनाते हैं, जिन पर प्रतिबंधों से बचने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैसे भेजने में शामिल होने का आरोप है। यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब वाशिंगटन, ईरान के साथ चल रहे टकराव के बीच तेहरान पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ा रहा है।
तीनों सेनाओं का एक मिलिट्री लॉजिस्टिक सिस्टम, एक्शन में नहीं होगी देरी
भारत तीनों सशस्त्र बलों की अलग-अलग लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को इंटीग्रेट करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. रक्षा मंत्रालय का सैन्य मामलों का विभाग साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म, कोडिफिकेशन सिस्टम और संयुक्त बुनियादी ढांचा विकसित कर रहा है, जिससे आपूर्ति तेज और संसाधनों की बचत होगी.
भुवनेश्वर IN, अर्शदीप OUT, बेंगलुरु T20 की प्लेइंग 11 हुई क्लियर!
वेस्टइंडीज के खिलाफ पांचवें T20I से पहले टीम इंडिया में भुवनेश्वर कुमार की एंट्री हुई है. अर्शदीप सिंह को हैदराबाद में चौथे मुकाबले के दौरानचोट लगी थी. ऐसे में बेंगलुरु में होने वाले निर्णायक मुकाबले में प्लेइंग 11 पर सबकी नजरें रहेंगी.
Maharashtra Drought: पशु बाड़ों तक सीधे चारा पहुंचाए सरकार, शिवसेना विधायक Abdul Sattar की मांग
महाराष्ट्र के बड़े हिस्से में सूखे के हालात के बीच, राज्य के पूर्व कृषि मंत्री अब्दुल सत्तार ने सरकार से किसानों के पशु बाड़ों तक सीधे चारा पहुंचाने की मांग की है। सत्तार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे पत्र में सुझाव दिया कि सूखाग्रस्त गांवों में चारा शिविर आयोजित करने के बजाय चारा डिपो स्थापित किए जाएं। सत्तार सत्तारूढ़ शिवसेना के विधायक हैं। उन्होंने 32 जिलों की 358 में से 305 तहसीलों में सूखा घोषित किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा, “फसलें बर्बाद हो गई हैं और पानी की कमी भी है। इसलिए किसानों के सामने अपने मवेशियों को जीवित रखने की चुनौती है। किसानों को मवेशियों के परिवहन और चारे के प्रबंधन में भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।”एकनाथ शिंदे सरकार में 2022 से 2023 तक कृषि मंत्री रहे सत्तार ने जोर देते हुए कहा कि इस स्थिति में सरकार को चारा शिविर स्थापित करने के बजाय सीधे किसानों के पशु बाड़ों तक चारा पहुंचाना चाहिए। मध्य महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के सिल्लोड से विधायक सत्तार ने कहा कि मवेशियों के लिए पर्याप्त पानी और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। महाराष्ट्र में सूखाग्रस्त तहसीलों में से 60 प्रतिशत से अधिक विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में मुख्यमंत्री फडणवीस ने घोषणा की थी कि दिवाली (आठ नवंबर) से पहले किसानों के बैंक खातों में राहत राशि के रूप में शुरुआती 5,000 रुपये सीधे जमा किए जाएंगे। अर्ध-शुष्क क्षेत्र मराठवाड़ा में ज्वार के सूखे डंठलों के गट्ठर चारे का मुख्य स्रोत हैं। मराठवाड़ा में आठ जिले शामिल हैं। इसके कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून इतना कमजोर रहा कि ज्वार और बाजरा सहित फसलें पर्याप्त रूप से नहीं उग सकीं। इसके कारण चारे के रूप में इस्तेमाल के लिए पर्याप्त डंठल या फसल अवशेष उपलब्ध नहीं हो पाए।
धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी पर भारत की राजनीतिक व्यवस्था को अस्थिर करने के लिए छात्रों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन का हवाला दिया।
Delhi High Court पहुंचा Connaught Place का रेस्तरां मालिक, प्रदर्शन से हुए नुकसान पर मांगा मुआवजा
एक रेस्तरां मालिक ने चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के कारण हुए नुकसान के लिए मुआवजे की मांग करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि CJP को शुक्रवार को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में कोई कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति न दी जाए। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव साम्ब्रे और संजय शर्मा की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि इस मामले को इससे जुड़ी अन्य याचिकाओं के साथ सूचीबद्ध किया जाए। अधिवक्ता उमंग त्यागी ने खंडपीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख किया। यह याचिका वकील उमंग त्यागी, संयम दहिया और जुबेर अली के माध्यम से दायर की गई है। इसमें बताया गया है कि याचिकाकर्ता आयुष चोपड़ा का परिवार 01.07.2017 से नई दिल्ली के कनॉट प्लेस में 'मीनार रेस्टोरेंट' चला रहा है, जो सेंट्रल पार्क से लगभग 700 मीटर की दूरी पर स्थित है। कहा गया है कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक ने लोगों से 16.10.2026 को शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में इकट्ठा होने की अपील की है। इसे भी पढ़ें: Andhra Pradesh में निष्पक्ष चुनाव के लिए अर्धसैनिक बल तैनात हों, Court जाएगी YSRCP याचिकाकर्ता ने दो राहतें मांगी हैं: पहली, संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया जाए कि वे इस जमावड़े या कनॉट प्लेस मार्केट में किसी भी अन्य अनधिकृत विरोध-प्रदर्शन या सभा की अनुमति न दें और इसे रोकें, क्योंकि इससे याचिकाकर्ता और अन्य दुकानदारों को भारी नुकसान हो सकता है। उन्होंने यह भी मांग की है कि 10.10.2026 के आंदोलन के दौरान याचिकाकर्ता और अन्य प्रभावित लोगों को हुए नुकसान का आकलन किया जाए और जिम्मेदार लोगों से उन्हें मुआवजा दिलाया जाए। याचिकाकर्ता ने इस आधार पर राहत मांगी है कि प्रस्तावित जमावड़े का कोई कानूनी आधार नहीं है। सेंट्रल विस्टा और उसके आसपास विरोध प्रदर्शनों को 28.04.2022 के 'स्टैंडिंग ऑर्डर' (स्थायी आदेश) द्वारा नियंत्रित किया जाता है। यह आदेश 'मजदूर किसान शक्ति संगठन बनाम भारत संघ' मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जारी किया गया था। इसमें विरोध प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर को एक जगह के रूप में तय किया गया था, जिसके लिए नई दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त (DCP) के पास कम से कम दस दिन पहले आवेदन करना जरूरी था। साथ ही, वहां विरोध प्रदर्शन का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच सीमित रखा गया था। हालांकि, 11.10.2026 को जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन की सूची से हटा दिया गया और प्रदर्शन के लिए तीन अन्य जगहों को तय किया गया। सेंट्रल पार्क को कभी भी विरोध प्रदर्शन की जगह के रूप में नहीं चुना गया है; न ही इसके लिए कोई अनुमति मांगी गई है। इसे भी पढ़ें: Supreme Court of India में Junior Court Attendant पद पर मौका, 10वीं पास करें अप्लाई कार्यक्रम से दो दिन पहले शाम 5 बजे के लिए यह बुलावा दिया गया था, जबकि उस जिले में 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023' की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा (प्रतिबंधात्मक आदेश) लागू है। यह भी बताया गया है कि इस तरह के जमावड़े से कनॉट प्लेस के व्यापारियों पर बुरा असर पड़ेगा। संविधान के अनुच्छेद 19(1)(g) और 21 के तहत उनके अधिकार भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं, जितना कि इकट्ठा होने का अधिकार। कनॉट प्लेस, जिसे अक्सर दिल्ली का दिल कहा जाता है, भारत के सबसे प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों में से एक है। इसके अलावा, दिल्ली की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से सेवा क्षेत्र पर टिकी है, जिसमें व्यापार, होटल और रेस्तरां का योगदान 'ग्रॉस स्टेट वैल्यू एडेड' (GSVA) के नौवें हिस्से से भी अधिक है। अभी नवरात्रि से लेकर दिवाली तक का त्योहारी सीजन चल रहा है।
TMC पर असली हक किसका? EC ने तय की 25 अक्टूबर की डेडलाइन
चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी गुटों से 25 अक्टूबर तक दावे, हलफनामे और कानूनी दस्तावेज मांगे हैं. 30 अक्टूबर की सुनवाई के बाद पार्टी के नाम, जोड़ा घास फूल चिन्ह, संगठनात्मक नियंत्रण और कोष पर अधिकार का फैसला किया जाना है.
उबले हुए सिंघाड़े खाने के क्या फायदे हैं?
ठंड में बिकने वाले गर्मागर्म उबले सिंघाड़े स्वाद में ही नहीं, सेहत में भी लाजवाब हैं. जानिए इसे खाने से शरीर को क्या-क्या फायदे मिलते हैं.
IAS गोविंद जायसवाल को जम्मू-कश्मीर में बड़ी जिम्मेदारी, पिता चलाते थे रिक्शा, अब पत्नी भी IPS
रिक्शा चालक के बेटे से आईएएस बनने तक का प्रेरक सफर तय करने वाले गोविंद जायसवाल को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है. 2006 यूपीएससी में 48वीं रैंक हासिल करने वाले इस अधिकारी को अमरनाथ श्राइन बोर्ड के CEO का अतिरिक्त प्रभार भी मिला है.
विपक्ष का असली Agenda सत्ता परिवर्तन, नितिन नवीन का आरोप- Urban Naxals रच रहे साजिश
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शुक्रवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वह विदेशी ताकतों के साथ मिलीभगत करके भारत को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष की सत्ता परिवर्तन (regime change) की मांग ने उसके असली एजेंडे को उजागर कर दिया है। उनकी यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा आंदोलन वास्तव में सत्ता परिवर्तन की लड़ाई बन गया है। इसे भी पढ़ें: Arvind Kejriwal ने पंजाब में नशे की समस्या पर BJP और Amit Shah को घेरा BJP ने प्रदर्शनकारियों पर आरोप लगाया कि वे बिना किसी चुनावी जनादेश के, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली BJP सरकार को हटाने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि इस आंदोलन का मकसद चुनावी सुधार करना नहीं, बल्कि राजनीतिक अस्थिरता पैदा करना है। नबिन ने कहा कि शासन परिवर्तन’ (regime change) जैसे शब्दों के इस्तेमाल ने देश के सामने विपक्ष के असली एजेंडे को पूरी तरह उजागर कर दिया है। उन्होंने विदेशी समर्थन से भारत को अस्थिर करने की कथित कोशिश को अर्बन नक्सलियों के एजेंडे का हिस्सा बताया। उन्होंने आगे दावा किया कि विपक्ष की लड़ाई चुनावी सुधारों, एसआईआर (SIR) या देश के युवाओं के भविष्य के लिए नहीं है, बल्कि इसका मकसद अराजकता फैलाना और किसी भी कीमत पर सत्ता हासिल करना है। नबिन ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता तक पहुंचने का रास्ता जनता के जनादेश से होकर गुजरता है, न कि अराजकता से। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी और देश की देशभक्त जनता, लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने देगी। इसे भी पढ़ें: Rajnath Singh को Pranab Mukherjee की बात याद रखनी चाहिए: Jairam Ramesh भूषण ने गुरुवार को नई दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके, छात्र संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन की मांग करना लोकतांत्रिक अधिकारों के दायरे में आता है और संविधान के तहत सरकार के खिलाफ असंतोष पैदा करना कोई अपराध नहीं है। भूषण ने कहा कि सरकार का आरोप है कि विपक्ष सत्ता परिवर्तन चाहता है... हम अभी इस बात के लिए लड़ रहे हैं कि चुनाव ठीक से हों। लेकिन अगर इस तरह की बर्बरता जारी रही, तो सत्ता परिवर्तन जरूर होगा। उन्होंने आगे कहा कि हां, हम सभी सत्ता परिवर्तन चाहते हैं।
मुरादाबाद में दिव्यांग प्रमोद कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को अभिरक्षा में लिया गया है. जानिए पूरा मामला.
असली सीमेंट की बोरी और माल नकली, हर दिन 1000 पैकेट; कानपुर में ACC और अंबुजा के नाम पर बड़ा खेल
इस मामले में फैक्ट्री संचालक नीरज और धीरज गुप्ता के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है. इसके अलावा दो और लोगों के नाम इसमें शामिल हैं.
राजेंद्र नगर से हावड़ा जा रही ट्रेन में एक सहयात्री ने लड़की की लोअर बर्थ पर जबरन कब्जा कर लिया था. लड़की ने बिना बहस किए उन्हें ₹500 देने का ऐसा अनोखा ऑफर दिया कि अंकल चुपचाप अपनी ऊपर वाली बर्थ पर चले गए.
Andhra Pradesh में निष्पक्ष चुनाव के लिए अर्धसैनिक बल तैनात हों, Court जाएगी YSRCP
पूर्व मुख्यमंत्री और युवाजन श्रमिक रायतू कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने शुक्रवार को YSRCP के लोकसभा फ्लोर लीडर और सांसद पेड्डीरेड्डी मिथुन रेड्डी से फोन पर बात की और उन पर हुए हमले के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने राज्य को जंगल राज में बदल दिया है। वाई.एस. जगन ने कहा कि चंद्रबाबू नायडू की स्थानीय निकाय चुनावों को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने की कोई मंशा नहीं है। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार के ढाई साल के शासन को लेकर जनता में भारी नाराजगी है, और इसी बढ़ते विरोध के कारण हमले किए जा रहे हैं तथा लोगों को डराया-धमकाया जा रहा है। इसे भी पढ़ें: TDP और YSRCP समर्थकों के बीच Annamayya में भारी हिंसा, कई गाड़ियां फूंकीं, दफ्तर में तोड़फोड़ वाईएस जगन ने कहा कि चंद्रबाबू के लिए हिंसक राजनीति कोई नई बात नहीं है। उन्होंने राज्य को 'जंगल राज' में बदल दिया है। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब लोकसभा में पार्टी का नेता ही सुरक्षित नहीं है, तो बाकी हालात का अंदाजा लगाया जा सकता है। वाईएस जगन ने आरोप लगाया कि चंद्रबाबू सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं और चुनावी धांधली के लिए पुलिस तंत्र का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि हमले होने के बावजूद पुलिस निष्क्रिय बनी रही। उन्होंने कहा कि YSRCP इन अन्यायपूर्ण हरकतों का डटकर सामना करेगी और सभी कानूनी व संवैधानिक तरीकों से इनसे लड़ेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी साहस, संयम और दृढ़ संकल्प के साथ चुनाव लड़ेगी और आंध्र प्रदेश के मौजूदा हालात को अदालत के सामने रखेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि निष्पक्ष चुनाव तभी संभव हैं जब केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को तैनात किया जाए और यह मांग भी न्यायपालिका के सामने रखी जाएगी। इसे भी पढ़ें: TDP राज में उम्मीदवारों पर पुलिस का दबाव, YSRCP ने 24 घंटे में सर्टिफिकेट देने की मांग की वाईएस जगन ने कहा कि YSRCP का हमेशा से लोगों के कल्याण के लिए काम करने का रिकॉर्ड रहा है, जबकि चंद्रबाबू नायडू की राजनीति हिंसा और लोकतांत्रिक संस्थाओं को नष्ट करने वाली रही है। इसी बीच, YSRCP के राष्ट्रीय प्रवक्ता शरीफ ने आरोप लगाया कि राजमपेट के सांसद पी.वी. मिथुन रेड्डी पर TDP के नेतृत्व वाले गठबंधन के लोगों ने हमला किया। यह घटना तब हुई जब वे स्थानीय निकाय चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने वाले उम्मीदवारों के साथ पुंगनूर गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला जान से मारने की कोशिश थी और हजारों लोगों ने सांसद के काफिले को घेर लिया था। शरीफ ने यह भी आरोप लगाया कि गठबंधन के समर्थक स्थानीय निकाय चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को डरा-धमका रहे हैं। उन्होंने रायाचोटी में पूर्व विधायक श्रीकांत रेड्डी के कार्यालय पर हुए कथित हमले का भी जिक्र किया और दावा किया कि इस घटना के दौरान गाड़ियों में आग लगा दी गई थी।
Delhi SDRF: आपदाओं से निपटने को दिल्ली में 1050 कर्मियों वाले बल का होगा गठन
दिल्ली सरकार ने प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं से कुशलतापूर्वक निपटने के लिए 1,050 कर्मियों वाले राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के गठन को मंजूरी दे दी है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने हाल में राज्य आपदा मोचन बल की 18 कंपनी के गठन को मंजूरी दी है, जिनमें से 13 जिलों में एक-एक कंपनी तैनात होगी और पांच कंपनियों को ‘रिजर्व’ (आपात स्थिति के लिए तैयार) रखा जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में आपदाओं से निपटने के लिए फिलहाल कोई विशेष बल नहीं है जिसके कारण आग लगने, इमारतें ढहने और बड़ी दुर्घटनाओं जैसी आपात स्थितियों में त्वरित और प्रभावी ढंग से बचाव एवं राहत कार्य करने में परेशानी होती है। राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की प्रत्येक कंपनी में बचाव एवं राहत कार्य करने वाले 50 से 55 कर्मी होंगे। इनमें अधिकतर कर्मियों को केंद्रीय अर्धसैनिक बलों से लिया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी बताया कि कुछ पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली एसडीआरएफ का नेतृत्व महानिरीक्षक (आईजी) स्तर के एक पुलिस अधिकारी करेंगे। मंत्रिमंडल के इस प्रस्ताव को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की मंजूरी के लिए भेजे जाने के बाद आगामी महीनों में चरणबद्ध तरीके से बल के गठन का काम शुरू होगा, जिसके बाद औपचारिक अधिसूचना जारी की जाएगी। देश की राजधानी होने के नाते और बाढ़ एवं भूकंप जैसे संभावित खतरों के अलावा आग लगने, दुर्घटनाओं और इमारतें ढहने जैसी मानव निर्मित आपदाओं को देखते हुए दिल्ली में एक अलग एसडीआरएफ की आवश्यकता कई वर्षों से महसूस की जा रही थी। पिछले महीने सत्य निकेतन में एक इमारत ढहने से सात लोगों की जान चली गई थी।
केरलम के पलक्कड़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रतीकात्मक चिता जलाकर उसकी राख को शौचालय में बहा दिया।
15 लाख लोगों ने खरीदी ये SUV... नहीं है कोई टक्कर देने वाला
हुंडई क्रेटा (Hyundai Creta) भारतीय बाजार में एक पॉपुलर एसयूवी है. मिड-साइज एसयूवी सेगमेंट में इस कार दबदबा है. सितंबर 2026 के अंत तक इस कार की 15 लाख यूनिट्स बिक गई हैं. हुंडई ने इस एसयूवी को जुलाई 2015 में लॉन्च किया था, तब से सितंबर 2026 तक इस कार की 15,12,036 यूनिट्स बिकी हैं.
लोकतंत्र में सत्ता का मार्ग जनादेश से निकलता है, अराजकता से नहीं: सीएम योगी
बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन का सपना देखने वाली शक्तियों पर मुख्यमंत्री सीएम आदित्यनाथ का हमला. चुनाव सुधार और न्याय के नारे की आड़ में अस्थिरता फैलाने का आरोप.
बिहार में वीबी-जी राम जी योजना से 1 करोड़ 92 लाख 95 हजार मानव दिवस बने हैं, जिसमें 57% से अधिक महिलाओं का योगदान है, और अब यह
निशांत ने पहले नित्या का गला घोंटा और फिर उस पर कई बार पत्थर से वार किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
स्मार्ट मीटर में भी होता है SIM कार्ड! जानिए कैसे करता है काम
स्मार्ट बिजली मीटर सिर्फ बिजली की खपत नहीं गिनता, बल्कि बिजली विभाग तक इसकी जानकारी भी पहुंचा सकता है. इसके लिए कई स्मार्ट मीटर में SIM कार्ड या दूसरी कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता है. जानिए स्मार्ट मीटर में SIM कार्ड कैसे काम करता है और इससे बिजली विभाग को क्या फायदा मिलता है.
कनॉट प्लेस प्रदर्शन से पहले अभिजीत दिपके को नोटिस
दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर CJP के प्रमुख अभिजीत दिपके को लीगल नोटिस दिया है. वीडियो में जानिए दिल्ली पुलिस एक्ट की धारा 29 क्या है, इसके तहत पुलिस को कौन-कौन से अधिकार मिलते हैं और प्रदर्शन के मामले में यह कैसे लागू होती है.

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