पश्चिम बंगाल: ड्रग सिंडिकेट पर एसटीएफ का शिकंजा, चार गिरफ्तार; तस्करों को लेकर सीएम शुभेंदु ने क्या कहा? west bengal stf seizes morphine four arrested malda drug smuggling suvendu adhikari tweet
'अज्ञानता-डर से पनपती है मनमानी सत्ता': दीक्षांत समारोह में बोले जस्टिस भुइयां, वैज्ञानिक सोच को बताया जरूरी Justice Bhuyan at convocation ceremony said Arbitrary power thrives on ignorance and fear'
शोबिज छोड़ DJ बना एक्टर, मिली शोहरत, रातोरात हुआ अमीर
अली से पूछा गया कि एक्टर से DJ बनना कितना मुश्किल रहा. यहां किस का कॉम्पिटिशन है, किस तरह की चीजें हैं. वो कहते हैं कि इंडिया में करीब 9 लाख DJ होंगे, जब मैं शुरूआत की थी, तब ये आसान नहीं था. बहुत मुश्किल था.
सानिया मिर्जा की बहन अनम मिर्जा के पास कितनी दौलत?
भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा की तो दुनिया दीवानी है. लेकिन सानिया की छोटी बहन अनम मिर्जा भी किसी स्टार से कम नहीं हैं. अनम मिर्जा ने अपनी पढ़ाई हैदराबाद के नसर स्कूल से पूरी की.
'देश में अराजकता फैलाने की साजिश': नड्डा का राहुल गांधी पर आरोप- झूठ फैलाकर देश को अस्थिर करना है आपकी राजनीति
13 रन पर 3 विकेट, फिर कीवियों का पलटवार... टीम इंडिया बैकफुट पर
दूसरे दिन की शुरुआत में इंडिया-ए की टीम हावी दिख रही थी, लेकिन मैथ्यू बॉयल और डीन फॉक्सक्रॉफ्ट की साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया. अब तीसरे दिन इंडिया-ए को मुकाबले में वापसी के लिए शुरुआती विकेटों की जरूरत होगी, जबकि न्यूजीलैंड-ए पहली पारी के आधार पर बढ़त हासिल करने के इरादे से उतरेगा.
वोटर लिस्ट पर CM Yogi का बड़ा दावा, Pawan Khera बोले- महारैली में आपका भी स्वागत है
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मतदाता सूची को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट से एक करोड़ से ज्यादा हिंदू मतदाताओं के नाम गायब हैं। योगी ने इस पर चिंता जताते हुए बीजेपी कार्यकर्ताओं को छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम सूची में जुड़वाने की जिम्मेदारी दी है। दरअसल, कांग्रेस समेत विपक्षी दल लगातार चुनाव आयोग पर मतदाता सूची से नाम काटने का आरोप लगा रहे हैं। इसी बीच योगी आदित्यनाथ के इस बयान से राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। पवन खेड़ा ने योगी आदित्यनाथ पर कसा तंज योगी आदित्यनाथ के बयान पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने तंज कसा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, ज्ञानेश से हैं परेशान? तो फिर कहां है आपका ध्यान? रामलीला मैदान तो इधर है श्रीमान। आज की महारैली में आपका भी स्वागत है योगी जी। पवन खेड़ा की इस पोस्ट को कांग्रेस की महारैली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, कांग्रेस दिल्ली के रामलीला मैदान में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही है। पार्टी की मांग है कि चुनाव आयोग कथित चुनावी गड़बड़ियों पर जवाब दे और मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद से इस्तीफा दें। इसे भी पढ़ें: दिल्ली में फिर लगेगा 'ठगों का मेला'... INDIA Bloc की रैली पर BJP का हमला योगी आदित्यनाथ ने वोटर लिस्ट को लेकर क्या आंकड़े बताए? बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मतदाता सूची से जुड़े कई आंकड़े रखे। उन्होंने दावा किया कि करीब 66 लाख ऐसे लोग हैं, जिनके नाम पंचायत की मतदाता सूची में दर्ज हैं, लेकिन विधानसभा की मतदाता सूची में नहीं हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले करीब 55 लाख लोगों के नाम भी वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हैं। इसे भी पढ़ें: Ramlila Maidan में INDIA Bloc की रैली आज, वोट चोरी और चुनाव आयोग के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरेगा विपक्ष 18 से 19 साल के साढ़े चार लाख युवाओं के नाम भी गायब होने का दावा योगी आदित्यनाथ ने 18 से 19 साल की उम्र के युवाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस आयु वर्ग के करीब साढ़े चार लाख युवाओं के नाम मतदाता सूची में नहीं हैं। इन आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं से छूटे हुए पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में जुड़वाने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
कितने में बुक होता है रामलीला मैदान? जहां विपक्ष कर रहा महारैली
रामलीला मैदान में रविवार को इंडिया ब्लॉक की महारैली होनी है. ऐसे में जानते हैं रामलीला बुकिंग के क्या नियम हैं और इसे बुक करने में कितने रुपये लगते हैं.
महारैली शुरु करने से ठीक पहले राहुल गांधी ने किसे दी बधाई? खूब हुई चर्चा
महारैली शुरु करने से ठीक पहले राहुल गांधी ने किसे दी बधाई? खूब हुई चर्चा
नॉर्थ कोरिया ने दागी ऐसी मिसाइल, जिससे निकले क्लस्टर बम...होगी भयानक तबाही
नॉर्थ कोरिया ने 31 अक्टूबर को सामरिक बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए स्टैंडर्ड टाइप-2 क्लस्टर बम वॉरहेड का सफल परीक्षण किया. यह 12-13 हेक्टेयर क्षेत्र को नष्ट कर सकता है. 2026 के अंत तक चार प्रकार के वॉरहेड सैन्य इकाइयों को दिए जाएंगे.
PM Narendra Modi ने मध्य प्रदेश समेत छह राज्यों के स्थापना दिवस पर दी बधाई
(फाइल फोटो के साथ)नयी दिल्ली, एक नवंबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरलम के स्थापना दिवस पर इन राज्यों के लोगों को शुभकामनाएं दीं और वहां के सभी निवासियों की शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मोदी ने यह भी उम्मीद जताई कि आने वाले साल इन छह राज्यों के लोगों के लिए नए अवसर, अधिक समृद्धि और निरंतर प्रगति लेकर आएंगे। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मध्य प्रदेश के सभी भाई-बहनों को राज्य के स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! हमारा यह प्रदेश गौरवशाली विरासत, समृद्ध संस्कृति और अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य की भूमि है। यहां के विश्वविख्यात धरोहर स्थल इसकी ऐतिहासिक पहचान को और भव्य बनाते हैं।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश के लोगों ने अपनी प्रतिभा और उद्यमशीलता से हर क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि कृषि, उद्योग, पर्यटन, शिक्षा और बुनियादी ढांचा से लेकर नवाचार तक मध्य प्रदेश नित-नयी उपलब्धियां हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘अपने सर्वांगीण विकास के साथ आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी यह अहम भूमिका निभा रहा है। मेरी कामना है कि यह विशेष अवसर राज्य के मेरे परिवारजनों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए।’’छत्तीसगढ़ के लोगों को दिए अपने संदेश में मोदी ने कहा कि आज यह देखकर खुशी होती है कि नक्सलवाद की जड़ें खत्म करते हुए हमारा यह राज्य विकास के पथ पर और तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘छत्तीसगढ़ के सभी निवासियों को राज्य के स्थापना दिवस की अनेकानेक शुभकामनाएं!’’प्रधानमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश अपनी जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक संपदा और अनूठी लोक परंपराओं के लिए प्रख्यात है। राज्य की पुरातात्विक धरोहरें इसकी विशेष पहचान रही हैं। उन्होंने कहा कि यहां की लोक-संस्कृति से परिपूर्ण परिवेश में एक अद्भुत अपनापन है, जो हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करता है। मोदी ने कहा कि मुझे विश्वास है कि मेरे प्रतिभाशाली और परिश्रमी परिवारजनों की भागीदारी से यह प्रदेश राष्ट्र की समृद्धि में बढ़-चढ़कर योगदान देता रहेगा। उन्होंने कहा, ‘‘यह विशेष अवसर छत्तीसगढ़ के सभी निवासियों के लिए कल्याणकारी हो, यही कामना है!’’हरियाणा के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए मोदी ने कहा कि गौरवशाली इतिहास, अद्भुत पराक्रम और समृद्ध संस्कृति से सुसज्जित हमारा यह प्रदेश देश की शान है। उन्होंने कहा कि यहां की लोक परंपराओं और जीवंत ग्रामीण संस्कृति ने राष्ट्र की सांस्कृतिक धरोहर को हमेशा समृद्ध किया है। उन्होंने कहा, ‘‘हरियाणा दिवस की राज्य के मेरे सभी परिवारजनों को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं!’’मोदी ने कहा कि हरियाणा के लोगों ने अपने परिश्रम और समर्पण से कृषि, खेल और रक्षा सेवाओं से लेकर उद्योग, शिक्षा और स्टार्टअप तक अपनी प्रतिभा और संकल्प का लोहा मनवाया है। उन्होंने कहा, ‘‘यहां के खिलाड़ी तिरंगे का मान बढ़ा रहे हैं, तो अन्नदाता देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूती दे रहे हैं। मैं कामना करता हूं कि यह विशेष अवसर यहां के सभी लोगों के जीवन में खुशहाली लेकर आए।’’कर्नाटक के लोगों को ‘कन्नड़ राज्योत्सव’ की शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्नाटक समृद्ध परंपराओं, उल्लेखनीय उपलब्धियों और अपार संभावनाओं की भूमि है। उन्होंने कहा, ‘‘इसकी गौरवशाली विरासत और सदियों पुरानी परंपराओं ने हमारे देश के सांस्कृतिक ताने-बाने को समृद्ध किया है।’’मोदी ने कहा कि कर्नाटक के लोगों ने अपनी कड़ी मेहनत, उद्यमशीलता और विशेष रूप से भविष्य की प्रौद्योगिकियों से जुड़े क्षेत्रों में उल्लेखनीय कौशल के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी और एयरोस्पेस से लेकर कृत्रिम मेधा, उन्नत विनिर्माण और स्टार्टअप तक कर्नाटक के लोगों ने बार-बार अपनी दक्षता साबित की है। मोदी ने कहा, ‘‘वे दुनिया की गंभीर चुनौतियों का समाधान देने में सबसे आगे हैं। मेरी कामना है कि यह विशेष अवसर राज्य के लोगों के जीवन में खुशियां और समृद्धि लेकर आए।’’केरलम के स्थापना दिवस पर वहां के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए मोदी ने कहा कि यह विशेष दिन राज्य की जीवंत परंपराओं और असाधारण भावना का उत्सव है। उन्होंने कहा, ‘‘केरलम के मेरे भाई-बहनों को केरलप्पिरवि की शुभकामनाएं।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से संपन्न केरलम का देश के इतिहास में हमेशा विशेष स्थान रहा है। उन्होंने कहा कि केरलम की सबसे बड़ी ताकत वहां के लोग हैं जिनके समर्पण और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता की भारत से बाहर भी सराहना होती है। मोदी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, उद्यमशीलता, विज्ञान और कई अन्य क्षेत्रों में केरलम के लोगों की उपलब्धियों ने देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में केरलम के प्रत्येक व्यक्ति के लिए नए अवसर आएंगे और समृद्धि के साथ निरंतर प्रगति होगी।’’प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु दिवस पर राज्य के लोगों को भी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, ‘‘तमिलनाडु के मेहनती और उद्यमशील लोगों ने भारत की प्रगति में उत्कृष्ट योगदान दिया है। विनिर्माण, ऑटोमोबाइल और कपड़ा उद्योग से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा और उभरते उद्योगों तक राज्य ने नवाचार, कौशल और औद्योगिक उत्कृष्टता के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई है।’’उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के लोगों को अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं पर बहुत गर्व है। तमिल संस्कृति ने अनगिनत तरीकों से देश की सभ्यतागत यात्रा को समृद्ध किया है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मेरी कामना है कि आने वाले समय में यह अवसर तमिलनाडु के प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में खुशियां, सफलता और नए अवसर लेकर आए।’’
Northern Bullet Train Corridor:
'जीतने पर चुप, हारने पर सवाल': रामलीला मैदान में विपक्ष की रैली पर भड़का एनडीए, राहुल गांधी पर कसा तंज nda leader rajiv ranjan attack india bloc chalo delhi rally democracy election commission sir
ED ने PMLA कोर्ट में मांगी आजम खान की 14 दिन की कस्टडी, सुनवाई जारी
गाजियाबाद कोर्ट में आजम खान से जुड़े मामले की सुनवाई शुरू हो गई है जहां प्रवर्तन निदेशालय ने उनकी 14 दिन की कस्टडी की मांग की है.
'लोकतंत्र है तो विरोध कर रहे', प्रदर्शन पर बोले अन्नू कपूर
अपने बेबाक अंदाज और दो-टूक बयानों के लिए मशहूर एक्टर अन्नू कपूर ने एक बार फिर विरोध प्रदर्शनों और लोकतंत्र को लेकर अपनी राय दी है. उन्होंने संविधान के अधिकारों पर बात की. साथ ही ये भी कहा कि प्रदर्शन में हिंसा की कोई जगह नहीं चाहिए.
IAF प्रमुख Ashutosh Dixit ने तय की प्राथमिकताएं, VAYU विजन के तहत लड़ाकू क्षमता बढ़ाने पर जोर
नयी दिल्ली, एक नवंबर भारतीय वायुसेना के नवनियुक्त अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने रविवार को कहा कि भारतीय वायुसेना में लड़ाकू स्क्वाड्रन की स्वीकृत संख्या बहाल करना, विमानों और हथियार प्रणालियों के मामले में आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ाना तथा तीनों सेनाओं के बीच तालमेल सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताएं होंगी। वायुसेना के 29वें प्रमुख का पदभार संभालने के एक दिन बाद एयर चीफ मार्शल दीक्षित ने ‘वायु’ संक्षिप्त नाम के तहत अपने प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की जानकारी दी। उन्होंने इसके जरिये अपना दृष्टिकोण स्पष्ट किया, जिसमें सतर्कता और संचालन संबंधी तैयारी, आत्मनिर्भरता, युक्ति (सामरिक नवाचार) और तीनों सेनाओं के बीच साझा प्रयासों में एकजुटता शामिल हैं। उन्होंने कहा, “हमारा सुरक्षा परिदृश्य लगातार चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। इसके अलावा, ड्रोन, लंबी दूरी तक मार करने वाले सटीक हथियारों, अंतरिक्ष, साइबर, कृत्रिम मेधा (एआई) और विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम जैसी नई तकनीकों और प्रणालियों से युद्ध का स्वरूप बदल रहा है।”उन्होंने कहा, “अगले दशक में भारत की जरूरतों के अनुरूप खुद को बदलते हुए वायुसेना को हमेशा युद्ध लड़ने और जीतने के लिए तैयार रहना होगा।”‘वायु’ दृष्टिकोण के चार स्तंभों की व्याख्या करते हुए वायुसेना प्रमुख ने कहा कि स्वीकृत स्तर के अनुरूप भारतीय वायुसेना की लड़ाकू क्षमता बहाल करना भी उनकी “सर्वोच्च प्राथमिकता” होगी। उन्होंने जोर देकर कहा, “वी का मतलब सतर्कता और तैयारी है। प्रत्येक स्क्वाड्रन, हर रडार, हर वायु रक्षा इकाई और प्रत्येक वायुसैनिक को किसी भी समय तत्काल जवाब देने के लिए तैयार रहना चाहिए।”आत्मनिर्भरता के बारे में विस्तार से बताते हुए वायुसेना प्रमुख ने कहा कि भारतीय सेंसर, विमान और हथियार प्रणालियां वायुसेना की सर्वोच्च प्राथमिकता होंगी। उन्होंने कहा, “हम भारतीय समाधानों के साथ युद्ध लड़ेंगे और इनकी पर्याप्त संख्या हमारे पास होगी, ताकि अभियान संबंधी जरूरतों को पूरा किया जा सके। हमारी जिम्मेदारी युद्ध लड़ना और जीतना है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण है विश्वसनीय हवाई शक्ति के जरिये संघर्ष को रोकना।”उन्होंने कहा, “वाई का मतलब युक्ति यानी हमारी नवाचार क्षमता है। सिद्धांतों, प्रक्रियाओं और प्रौद्योगिकी में नवाचार, नेटवर्क आधारित और एआई से लैस कमान एवं नियंत्रण प्रणाली, ड्रोन रोधी रक्षा की बहुस्तरीय व्यवस्था, त्वरित रखरखाव, बल की सुरक्षा, मजबूती और वायुसेना के संचालन क्षेत्र के रूप में निकट अंतरिक्ष का उपयोग ऐसे क्षेत्र हैं, जिनकी लगातार निगरानी की जाएगी और उनमें प्रगति की जाएगी।”वायुसेना प्रमुख ने कहा कि ‘यू’ का अर्थ साझा प्रयासों में एकजुटता है। उन्होंने कहा, “जेएआई यानी संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार के दृष्टिकोण के अनुरूप हम अपनी थलसेना, नौसेना और राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर और एकजुट होकर योजना बनाएंगे और अभियान चलाएंगे। हवाई शक्ति का सबसे प्रभावी उपयोग तभी संभव है, जब शुरुआत से ही उसे अन्य सेनाओं की योजनाओं के साथ एकीकृत किया जाए।’’एयर चीफ मार्शल दीक्षित ने कहा, “अपनी मातृभूमि के साथी नागरिकों से मैं कहना चाहता हूं कि आप भरोसा रखें, आपकी वायुसेना सतर्क, तैयार और दृढ़ संकल्पित है।”उन्होंने कहा, “हमारी प्रतिबद्धता स्पष्ट है : तैयार रहना, लगातार खुद को बदलते रहना और राष्ट्र की जरूरत पड़ने पर हर बार अपनी जिम्मेदारी निभाना।”
भोपाल में दिखेगी उन्नत कृषि की झांकी, मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे प्रदर्शनी का उद्घाटन
मध्य प्रदेश स्थापना दिवस पर कृषि नवाचारों, सरकारी योजनाओं और किसान पुरस्कारों पर 200 स्टॉल प्रदर्शित होंगे, साथ ही आ
भारी बर्फबारी के बाद नेपाल में लापता हुए 6 भारतीय टूरिस्ट
नेपाल के डोल्पा में भारी बर्फबारी के बीच 6 भारतीय पर्यटक लापता हो गए हैं. लापता पर्यटकों में दो महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं. स्थानीय गाइड को आशंका है कि बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात अर्नब के प्रभाव से हिमालयी क्षेत्र में हुई बर्फबारी के कारण पर्यटक रास्ते में फंस गए हैं.
दिवाली पर जगमगा उठती हैं भारत की ये 7 जगहें, देखें खूबसूरत नजारा
Must Visit Places During Diwali: दिवाली पर भारत के अलग-अलग शहरों में त्योहार मनाने का अंदाज भी खास होता है. कहीं सरयू घाट हजारों दीयों से जगमगाते हैं, तो कहीं स्वर्ण मंदिर और मां काली के भव्य पंडाल आकर्षित करते हैं. जानिए दिवाली की छुट्टियों में घूमने के लिए भारत की 7 शानदार जगहें.
कौन हैं बृजेश गोयल? कांग्रेस की रैली के खिलाफ खड़े CTI नेता का BJP-AAP से तगड़ा कनेक्शन
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि इससे 20 बाजारों में 80% कारोबार प्रभावित हो सकता है, जिससे दिवाली के सीजन में होने वाला 10,000 से 12,000 करोड़ रुपये का रोजाना का व्यापार खतरे में पड़ सकता है।
'फिर लगने लगा ठगों का मेला', रामलीला मैदान की रैली पर बीजेपी का हमला; बता दिया देश विरोधी
दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्ष की रैली पर बीजेपी ने तंज कसा है। बीजेपी ने कहा कि यह महाठगों का मेला है। बीजेपी ने कहा कि यह सब देश विरोधियों के इशारे पर हो रहा है।
राहुल ने रैली में पहुंचने का किया आह्वान, बोले- दिल्ली, तैयार हो जाओ! वोट बचाओ, देश बचाओ
'वोट बचाओ, देश बचाओ': राहुल गांधी ने INDIA गठबंधन की 'चलो दिल्ली' रैली में शामिल होने की अपील की Rahul Gandhi urges people to join INDIA bloc’s ‘Chalo Dilli’ march
क्रिकेट के सबसे छोटे और रोमांचक फॉर्मेट यानी टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से इस वक्त खेल के गलियारों से एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली जा रही रोमांचक पांच मैचों की टी20 सीरीज का आज पांचवां और अंतिम मुकाबला न्यूजीलैंड के हेमिल्टन स्थित ऐतिहासिक सेडन पार्क (Sedon Park, Hamilton) के मैदान पर खेला जाना है। हालांकि भारतीय टीम इस सीरीज के शुरुआती मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहले ही अजेय बढ़त हासिल कर चुकी है और सीरीज पर अपना कब्जा जमा चुकी है, लेकिन कीवी टीम के लिए यह मुकाबला अपनी साख बचाने का आखिरी मौका है। इस पूरी सीरीज के दौरान न्यूजीलैंड के विस्फोटक बल्लेबाज ग्लेन फिलिप्स (Glenn Phillips) का बल्ला भारतीय गेंदबाजों पर कहर बनकर टूटा है। फिलिप्स इस सीरीज में अब तक एक शानदार शतक और दो तूफानी अर्धशतकों की मदद से कुल 276 रन बना चुके हैं। आज हेमिल्टन के मैदान पर होने वाले इस आखिरी मुकाबले में ग्लेन फिलिप्स के पास इतिहास रचने का सुनहरा मौका है, क्योंकि उनके निशाने पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के 3 सबसे बड़े रिकॉर्ड हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि कौन से हैं वे रिकॉर्ड जिन्हें आज फिलिप्स पूरी तरह ध्वस्त कर सकते हैं।टी20 इंटरनेशनल सीरीज में सबसे ज्यादा रनों का महारिकॉर्ड तोड़ने के करीब फिलिप्सग्लेन फिलिप्स के सामने आज सबसे बड़ा और ऐतिहासिक अवसर किसी एक टी20 सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने के विश्व रिकॉर्ड को अपने नाम करने का है। वर्तमान में पांच मैचों की किसी टी20 इंटरनेशनल सीरीज (T20I Series) में सबसे ज्यादा रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड इंग्लैंड के आक्रामक बल्लेबाज फिल साल्ट (Phil Salt) के नाम दर्ज है, जिन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई सीरीज में कुल 331 रन बनाए थे।दूसरी ओर, न्यूजीलैंड के स्टार बल्लेबाज ग्लेन फिलिप्स इस सीरीज के शुरुआती 4 मैचों में ही अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी के दम पर 276 रन बना चुके हैं। पिछले ही मुकाबले में महज 46 गेंदों में शतकीय पारी खेलकर आ रहे फिलिप्स यदि आज भारत के खिलाफ पांचवें टी20 मैच में 56 रन या उससे अधिक बना लेते हैं, तो वे फिल साल्ट के इस महा-रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए एक टी20 सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज बन जाएंगे। सेडन पार्क की पिच पर फिलिप्स का स्ट्राइक रेट लगभग 195 का रहा है, ऐसे में यह लक्ष्य उनके लिए असंभव बिल्कुल नहीं है।न्यूजीलैंड के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतकों का नया इतिहासग्लेन फिलिप्स की गिनती कीवी टीम के सबसे खतरनाक और भरोसेमंद मैच विनर खिलाड़ियों में होती है। अपने टी20 इंटरनेशनल करियर में वे अब तक शानदार बल्लेबाजी करते हुए कुल 3 शतक जड़ चुके हैं। लेकिन इस मामले में वे अकेले नहीं हैं, क्योंकि न्यूजीलैंड के ही विस्फोटक खिलाड़ी कॉलिन मुनरो और फिन एलन के नाम भी T20I फॉर्मेट में 3-3 शतक दर्ज हैं।आज भारत के खिलाफ हेमिल्टन में खेले जाने वाले पांचवें टी20 मुकाबले में यदि ग्लेन फिलिप्स के बल्ले से एक और शतकीय पारी (100 रन) निकल जाती है, तो वे न्यूजीलैंड के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले इकलौते बल्लेबाज बन जाएंगे। कीवी फैंस को उम्मीद है कि अपनी घरेलू धरती पर फिलिप्स आज शतकों के नए बादशाह के रूप में उभरेंगे और भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर लेंगे।छक्कों की बरसात कर मार्टिन गुप्टिल के करीब पहुंचने का मौकाअंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में छक्के लगाने की कला में ग्लेन फिलिप्स लगातार नए मुकाम हासिल कर रहे हैं। न्यूजीलैंड के लिए T20I क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा छक्के जड़ने का ऑल-टाइम रिकॉर्ड महान बल्लेबाज मार्टिन गुप्टिल (Martin Guptill) के नाम है, जिन्होंने अपने करियर में कुल 173 छक्के लगाए थे।फिलहाल छक्कों के इस मामले में न्यूजीलैंड के फिन एलन और ग्लेन फिलिप्स 125-125 छक्कों के साथ संयुक्त रूप से बराबरी पर बने हुए हैं। आज भारत के खिलाफ मैच में जैसे ही ग्लेन फिलिप्स अपना पहला छक्का लगाएंगे, वे फिन एलन को पीछे छोड़ देंगे और कीवी टीम की ओर से T20I में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में मार्टिन गुप्टिल के बाद दूसरे स्थान पर काबिज हो जाएंगे। सेडन पार्क की छोटी बाउंड्री और तेज आउटफील्ड को देखते हुए फिलिप्स के बल्ले से आज कई गगनचुंबी छक्के देखने को मिल सकते हैं।भारतीय गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती, मैच का रोमांच चरम परभारतीय टीम के कप्तान और गेंदबाजी कोच के लिए आज का यह मैच रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण रहने वाला है। हालांकि टीम इंडिया सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुकी है, लेकिन वे यह अच्छी तरह जानते हैं कि यदि ग्लेन फिलिप्स को शुरुआती ओवरों में नहीं रोका गया, तो वे अकेले दम पर मैच का रुख पूरी तरह पलट सकते हैं। सेडन पार्क की पिच आम तौर पर बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग मानी जाती है, जहां गेंद बल्ले पर बहुत अच्छे से आती है। ऐसे में भारतीय स्पिनर्स और तेज गेंदबाजों को फिलिप्स के खिलाफ एक बेहद कसी हुई योजना के साथ मैदान पर उतरना होगा। क्या ग्लेन फिलिप्स आज अपने इन तीनों ऐतिहासिक लक्ष्यों को हासिल करने में कामयाब हो पाएंगे या भारतीय गेंदबाज उनके इस सपने को तोड़ देंगे? क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें आज शाम हेमिल्टन के इस महामुकाबले पर टिकी हुई हैं।
दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को आयोजित INDIA ब्लॉक की रैली को लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रैली में शामिल होने आ रहे लोगों से प्रदर्शन के ...
खेल जगत और भारतीय इतिहास के पन्नों में आज का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। माटी के इस पारंपरिक और देश की रग-रग में बसे खेल—कबड्डी—में भारत ने एक बार फिर पूरी दुनिया में अपना डंका बजा दिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बार आयोजित की गई कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप (Commonwealth Kabaddi Championship) के सबसे पहले और ऐतिहासिक संस्करण में भारतीय दल ने कमाल कर दिखाया है। भारत की पुरुष और महिला, दोनों ही टीमों ने अपने-अपने फाइनल मुकाबलों में तूफानी प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किए हैं, और इस तरह देश की झोली में डबल गोल्ड की ऐतिहासिक सौगात डाली है। पुरुष वर्ग के खिताबी मुकाबले में जहां टीम इंडिया ने श्रीलंका को 54-20 के विशाल अंतर से बुरी तरह रौंद दिया, वहीं महिला वर्ग में भारतीय शेरनी ने यूगांडा की टीम को 35-15 से परास्त कर तिरंगे का मान पूरी दुनिया में बढ़ाया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस ऐतिहासिक कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में हमारे खिलाड़ियों ने किस प्रकार अपनी आक्रामक रेड और मजबूत डिफेंस से पूरी दुनिया को हैरान कर दिया।पुरुष वर्ग के फाइनल में श्रीलंका पर भारत की एकतरफा और धमाकेदार जीतकॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में भारतीय पुरुष टीम ने मैदान पर उतरते ही जिस प्रकार का दबदबा बनाया, उसने श्रीलंकाई टीम को संभलने तक का मौका नहीं दिया। अनुभवी खिलाड़ी सुरजीत सिंह की कप्तानी में उतरी भारतीय मेंस टीम ने मैच के पहले ही मिनट से अपनी रणनीति का लोहा मनवा लिया।मैच के पहले हाफ का खेल खत्म होते-होते ही भारतीय टीम ने 15-2 की मजबूत और अजेय बढ़त हासिल कर ली थी। मुकाबला आगे बढ़ा तो भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी रफ्तार और रणनीति से श्रीलंकाई डिफेंस और रेडिंग डिपार्टमेंट की धज्जियां उड़ा दीं। खेल के पहले 20 मिनट के भीतर ही टीम इंडिया ने 20 अंकों की एक विशाल और निर्णायक बढ़त बना ली थी। पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारतीय पुरुष टीम का प्रदर्शन अजेय रहा, और एक भी टीम उनके सामने कोई ठोस चुनौती पेश करने में कामयाब नहीं हो सकी।आदित्य शिंदे और योगेश दहिया का चमकीला प्रदर्शन, डिफेंस में ढहे विरोधी खिलाड़ीमैदान पर उतरी भारतीय पुरुष टीम की जीत में कई युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने अहम भूमिका निभाई। भारत के लिए इस खिताबी मुकाबले में सबसे ज्यादा स्कोर स्टार रेडर आदित्य शिंदे (Aditya Shinde) ने किया। आदित्य ने अपनी फुर्ती का परिचय देते हुए 6 बेहतरीन टच पॉइंट्स समेत कुल 10 अंक अर्जित किए और श्रीलंकाई कोर्ट में तबाही मचा दी।आदित्य के अलावा भारत की तरफ से भरत हुड्डा ने 8 और पंकज मोहिते ने 6 बहुमूल्य अंक बटोरकर टीम की जीत को पूरी तरह सुनिश्चित किया। सिर्फ रेडिंग ही नहीं, बल्कि डिफेंस डिपार्टमेंट में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी पैनी पकड़ दिखाई। डिफेंस में योगेश दहिया (Yogesh Dahiya) ने कहर बरपाते हुए कुल 5 शानदार टैकल पॉइंट्स अपने नाम किए और विपक्षी रेडर्स को बांधकर रख दिया। मैच की समाप्ति के बाद जब भारत को विजेता घोषित किया गया, तो पूरी टीम ने तिरंगा हाथ में लेकर मैदान पर 'लैप ऑफ ऑनर' निकाला, जो हर एक भारतीय के रोंगटे खड़े करने वाला पल था।महिला टीम ने भी दिखाया दम, यूगांडा को हराकर चूमी सफलता की बुलंदियांपुरुषों की तरह ही भारतीय महिला कबड्डी टीम ने भी कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप के इस पहले संस्करण में अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए इतिहास रच दिया। महिला वर्ग के फाइनल मुकाबले में भारत का मुकाबला यूगांडा की टीम से था। मैच की पहली सीटी से लेकर आखिरी पल तक भारतीय महिला खिलाड़ियों ने मैदान पर अपनी फिटनेस और तकनीकी दक्षता का शानदार नमूना पेश किया।भारत के लिए महिला वर्ग में सबसे ज्यादा अंक साक्षी ने बटोरे, जिन्होंने अपने 10 शानदार प्रयासों में से 9 अंक अर्जित किए और विरोधी टीम के डिफेंस को तहस-नहस कर दिया। इसके अलावा अनु सेन ने अपनी चुस्ती दिखाते हुए 6 रेड पॉइंट्स अपनी झोली में डाले, जबकि निधि शर्मा ने लगातार बोनस पॉइंट्स हासिल करके यूगांडा की टीम पर भारी मानसिक दबाव बनाए रखा। अंततः भारतीय महिला टीम ने कुल 20 रेड और 10 टैकल पॉइंट्स के दम पर इस मुकाबले को 35-15 के बड़े अंतर से अपने नाम कर लिया और देश के लिए दूसरा गोल्ड मेडल पक्का कर दिया।पदक तालिका में भारत का दबदबा: किस देश को मिला कौन सा मेडलइस पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप के समापन के बाद विभिन्न देशों के बीच पदकों का जो बंटवारा हुआ है, उसमें भारत शीर्ष पर चमक रहा है:पुरुष वर्ग: भारत को गोल्ड मेडल, श्रीलंका को सिल्वर मेडल, जबकि केन्या और बांग्लादेश दोनों ही टीमों को ब्रॉन्ज (कांस्य) मेडल से संतोष करना पड़ा।महिला वर्ग: भारत ने यहाँ भी गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया, यूगांडा की झोली में सिल्वर मेडल गया, और केन्या तथा श्रीलंका को संयुक्त रूप से ब्रॉन्ज मेडल प्राप्त हुआ।इस तरह से इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन में भारत का झंडा सबसे ऊपर लहराया, और देश के पारंपरिक खेल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय खिलाड़ी दुनिया में सर्वश्रेष्ठ हैं।
दिल्ली में फिर लगेगा 'ठगों का मेला'... INDIA Bloc की रैली पर BJP का हमला
राजधानी दिल्ली में आज राजनीतिक माहौल गर्म है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, कथित वोट चोरी और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के विरोध में विपक्षी इंडिया गठबंधन रामलीला मैदान में 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली कर रहा है। इस बीच बीजेपी ने विपक्ष की इस रैली पर निशाना साधा है। बीजेपी ने इसे 'ठगों का मेला' बताया है। बीजेपी दिल्ली ने अपने एक्स अकाउंट पर एक तस्वीर साझा करते हुए विपक्षी गठबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसे भी पढ़ें: Ramlila Maidan में INDIA Bloc की रैली आज, वोट चोरी और चुनाव आयोग के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरेगा विपक्ष बीजेपी ने रैली को बताया 'ठगों का मेला' बीजेपी दिल्ली ने एक्स पर तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, आज दिल्ली के रामलीला मैदान में फिर लगने जा रहा है ठगों का मेला। मकसद- देश विरोधी ताकतों के इशारे पर देश में अफवाह और अराजकता फैलाना, ताकि अपनी राजनीतिक जमीन बचाई जा सके। बीजेपी ने इंडिया गठबंधन पर देश विरोधी ताकतों के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है। आज दिल्ली के रामलीला मैदान में फिर से लगने वाला है - “ठगों का मेला” मक़सद - अपनी राजनीतिक ज़मीन बचाने के लिए देश विरोधी ताकतों के इशारे पर देश में अफवाह व अराजकता फैलाना https://t.co/wi4IBfTTc9 — BJP Delhi (@BJP4Delhi) November 1, 2026 इसे भी पढ़ें: Hardeep Singh Puri ने INDIA गठबंधन की रैली को बताया असंवेदनशील, राहुल गांधी से मांगा आत्मचिंतन 1 नवंबर को रैली करने पर भी उठाए सवाल इससे पहले बीजेपी ने 1 नवंबर को रैली आयोजित करने को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा था। बीजेपी ने इसे सिखों का अपमान बताया। बीजेपी का कहना है कि इसी दिन सिखों का नरसंहार हुआ था। ऐसे में कांग्रेस इस दिन रैली करके सिख समुदाय के पुराने दर्द को फिर से ताजा करने की कोशिश कर रही है।
एमपी से तमिलनाडु तक: पीएम मोदी ने छह राज्यों की स्थापना दिवस पर दी बधाई, संस्कृति, विरासत के लेकर कही ये बात PM Modi extends greetings on the foundation days of six states; shares thoughts on culture and heritage
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मैदान से इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो जाने वाली एक बेहद सनसनीखेज, रोमांचक और बड़ी खबर सामने आ रही है। क्रिकेट जगत में भारत और पाकिस्तान के बीच की प्रतिद्वंद्विता जगजाहिर है, लेकिन इस बार पाकिस्तान की क्रिकेट टीम ने मैदान पर कुछ ऐसा कर दिखाया है जिसने सीधे तौर पर भारतीय टीम के एक ऐतिहासिक और अटूट माने जाने वाले रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। हाल ही में खेली गई एक हाई-प्रोफाइल ट्राई सीरीज के खिताबी मुकाबले (Tri-Series Final) में पाकिस्तान ने श्रीलंका जैसी मजबूत टीम के खिलाफ एक असंभव सी दिखने वाली जीत हासिल की है। श्रीलंका द्वारा दिए गए 325 रनों के विशालकाय लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तानी टीम ने इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज करते हुए 3 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस शानदार जीत के साथ ही पाकिस्तान ने वनडे क्रिकेट के इतिहास में किसी भी फाइनल मुकाबले में सबसे बड़े सफल लक्ष्य का पीछा करने के मामले में ठीक 24 साल पुराने टीम इंडिया के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस रोमांचक फाइनल मुकाबले में फखर जमान और अराफात मिन्हास ने कैसे अपनी तूफानी पारियों से इतिहास बदला और मैच का पूरा लेखा-जोखा क्या रहा।फखर जमान का तूफानी शतक और अराफात मिन्हास की आंधी से पाकिस्तान ने रचा इतिहासक्रिकेट के गलियारों में जब भी वनडे मैचों के फाइनल में सबसे बड़े रन चेज की बात आती थी, तो पिछले 24 सालों से केवल भारतीय टीम का ही नाम सबसे ऊपर लिया जाता था। साल 2002 में सौरव गांगुली की कप्तानी में टीम इंडिया ने लॉर्ड्स के मैदान पर नेटवेस्ट सीरीज के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 326 रनों के विशाल लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल करके इतिहास रचा था। अब इतने लंबे अरसे के बाद पाकिस्तान ने श्रीलंका के खिलाफ खिताबी मुकाबले में इस महा-कीर्तिमान की बराबरी कर ली है।ट्राई सीरीज के इस फाइनल मैच में श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित ओवरों में 325 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया था। जवाब में 326 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और स्टार बल्लेबाज बाबर आजम बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए। शुरुआती झटकों से उबरते हुए सलामी बल्लेबाज फखर जमान (Fakhar Zaman) ने अपनी क्लास और आक्रामक तेवर दिखाते हुए महज 99 गेंदों में 127 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली। फखर जमान और साद बैग के बीच हुई 149 रनों की साझेदारी ने पाकिस्तान की जीत की मजबूत नींव रखी। साद बैग ने भी 74 रनों की बहुमूल्य और संयम भरी पारी खेली। हालांकि बीच के ओवरों में पाकिस्तान के कुछ और विकेट जल्दी गिर गए, लेकिन इसके बाद मैदान पर उतरे युवा बल्लेबाज अराफात मिन्हास (Arafat Minhas) ने श्रीलंकाई गेंदबाजों के होश उड़ा दिए। मिन्हास ने महज 31 गेंदों में धुआंधार 60 से ज्यादा रन कूट डाले, जिसके दम पर पाकिस्तान ने इस रिकॉर्ड रन चेज को अंजाम दिया।श्रीलंका की मजबूत शुरुआत लेकिन आखिरी ओवरों में लड़खड़ाई पारीइस खिताबी मुकाबले में श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और शुरुआत से ही पाकिस्तानी गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। श्रीलंकाई ओपनर्स अविष्का फर्नांडो और कामिंदु मेंडिस ने पहले विकेट के लिए शानदार 87 रन जोड़े। इसके बाद कामिंदु मेंडिस और पवन रत्नायके के बीच एक बेहतरीन शतकीय साझेदारी (146 रन) हुई, जिसने टीम को मजबूत स्थिति में ला दिया था।एक समय ऐसा लग रहा था कि श्रीलंकाई टीम आसानी से 340 से 350 रनों के विशाल स्कोर तक पहुंच जाएगी। लेकिन पारी के अंतिम 10 ओवरों में पाकिस्तानी गेंदबाजों ने शानदार वापसी करते हुए लगातार अंतराल पर श्रीलंका के विकेट चटकाए, जिसके चलते पूरी श्रीलंकाई टीम 50 ओवरों में 325 रनों के स्कोर पर ही सिमट कर रह गई। यदि अंतिम ओवरों में श्रीलंका के बल्लेबाज रन गति को और तेज रखते, तो शायद मैच का नतीजा कुछ और हो सकता था, लेकिन अंततः यह स्कोर भी फाइनल के लिहाज से बहुत बड़ा था जिसे पाकिस्तान ने अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी के दम पर पार कर लिया।शाहीन अफरीदी की कप्तानी में लगातार मजबूत हो रही है पाकिस्तानी टीमपाकिस्तान क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज और मौजूदा कप्तान शाहीन शाह अफरीदी (Shaheen Shah Afridi) की कप्तानी को लेकर लंबे समय से चर्चाएं चल रही थीं, लेकिन हालिया आंकड़े बताते हैं कि वे अपनी टीम को एक नई दिशा दे रहे हैं। शाहीन की कप्तानी में पाकिस्तान की वनडे टीम ने अब तक कुल 16 मुकाबले खेले हैं, जिनमें से टीम ने 11 मैचों में शानदार जीत दर्ज की है और केवल 5 मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। उनकी अगुवाई में टीम का यह प्रदर्शन इस बात का गवाह है कि बड़े और दबाव वाले टूर्नामेंट्स में पाकिस्तान की यह युवा और आक्रामक टीम अब किसी भी विरोधी को कड़ी टक्कर देने के लिए पूरी तरह तैयार है।वनडे फाइनल मैचों में सबसे बड़े सफल रन चेज की पूरी सूचीक्रिकेट इतिहास के पन्नों में दर्ज उन चुनिंदा मुकाबलों की सूची इस प्रकार है जहां टीमों ने फाइनल मैच में सबसे बड़े लक्ष्यों का पीछा करते हुए इतिहास रचा है:326 रन - भारत (बनाम इंग्लैंड, वर्ष 2002 - नेटवेस्ट सीरीज फाइनल)326 रन - पाकिस्तान (बनाम श्रीलंका, वर्ष 2026 - ट्राई सीरीज फाइनल)315 रन - भारत (बनाम पाकिस्तान)298 रन - न्यूजीलैंड (बनाम दक्षिण अफ्रीका)287 रन - ऑस्ट्रेलिया (बनाम न्यूजीलैंड)पाकिस्तान की इस ऐतिहासिक जीत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि क्रिकेट के इस प्रारूप में जब तक आखिरी गेंद नहीं फेंकी जाती, तब तक किसी भी टीम को कम नहीं आंका जा सकता। फखर जमान का शतक और अराफात मिन्हास की तूफानी पारी हमेशा के लिए इस ट्राई सीरीज के फाइनल मुकाबले के रूप में याद रखी जाएगी।
ओडिशा: ग्रामीणों का भाजपा विधायक पर हमला, प्रशासनिक अनदेखी और बाढ़ राहत में देरी पर भड़के लोग
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₹20 हजार से कम में आएगा Wobble का नया 5G फोन, डिजाइन खास!
Wobble Speed 5G स्मार्टफोन का टीजर जारी हो गया है. फोन में गोल कैमरा मॉड्यूल और रेड कलर वेरिएंट देखने को मिला है. इसे 20 हजार रुपये से कम कीमत में लॉन्च किए जाने की उम्मीद है. हालांकि, कंपनी ने अभी इसकी कीमत, लॉन्च डेट और फीचर्स का खुलासा नहीं किया है.
सनातन संस्कृति, भारतीय परंपरा और वैदिक पंचांग के दृष्टिकोण से वर्ष भर में आने वाले सभी महीनों में नवंबर 2026 (November 2026) का महीना सबसे अधिक आध्यात्मिक, प्रकाशमय और उत्सवपूर्ण माना जा रहा है। अंग्रेजी कैलेंडर का यह ग्यारहवां महीना हिंदू पंचांग के दो बेहद पवित्र और ऊर्जावान महीनों—कार्तिक मास और मार्गशीर्ष (अगहन) मास—की पावन सीमाओं के अंतर्गत आता है। इस साल नवंबर का महीना भारतीय जनजीवन के लिए बेहद खास है, क्योंकि प्रकाश का महापर्व दीवाली, धनतेरस, नरक चतुर्दशी, भैया दूज, गोवर्धन पूजा और लोक आस्था का महान पर्व छठ पूजा जैसे देश के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण त्योहार इसी एक महीने में आ रहे हैं। घर-घर में दीयों की रोशनी, मिष्ठानों की खुशबू और पूजा-पाठ के अनुष्ठानों से सजे इस महीने की शुरुआत से लेकर अंत तक त्योहारों की एक लंबी और अद्भुत महाझड़ी लगी हुई है। यदि आप भी अपने परिवार के साथ इन सभी पावन पर्वों की सही तारीखों और उनकी धार्मिक महत्ता के बारे में जानना चाहते हैं, तो इस विस्तृत कैलेंडर में 1 नवंबर से लेकर 30 नवंबर तक के सभी प्रमुख व्रत और त्योहारों की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।नवंबर 2026 के प्रमुख व्रत और त्योहारों की पूरी तारीख-वार सूचीहिंदू पंचांग की गणना के अनुसार, नवंबर के इस पूरे महीने में एक के बाद एक कई बड़े मांगलिक और धार्मिक पर्व आ रहे हैं। आइए नजर डालते हैं इस महीने की पूरी सूची पर:1 नवंबर 2026 (रविवार): अहोई अष्टमी, कालाष्टमी, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी5 नवंबर 2026 (गुरुवार): रमा एकादशी6 नवंबर 2026 (शुक्रवार): धनतेरस, यम दीपम7 नवंबर 2026 (शनिवार): काली चौदस, मासिक शिवरात्रि, भूत चतुर्दशी8 नवंबर 2026 (रविवार): नरक चतुर्दशी, दीवाली, माता लक्ष्मी और गणेश पूजा, काली पूजा10 नवंबर 2026 (मंगलवार): गोवर्धन पूजा, अन्नकूट महोत्सव11 नवंबर 2026 (बुधवार): भैया दूज (यम द्वितीया), चित्रगुप्त पूजा, चंद्र दर्शन15 नवंबर 2026 (रविवार): महा महापर्व छठ पूजा (नहाय-खाय से आरंभ और सूर्य षष्ठी)17 नवंबर 2026 (मंगलवार): गोपाष्टमी, मासिक दुर्गाष्टमी18 नवंबर 2026 (बुधवार): अक्षय नवमी, जगद्धात्री पूजा20 नवंबर 2026 (शुक्रवार): देवउठनी एकादशी (प्रबोधिनी एकादशी)21 नवंबर 2026 (शनिवार): तुलसी विवाह23 नवंबर 2026 (सोमवार): वैकुंठ चतुर्दशी24 नवंबर 2026 (मंगलवार): देव दीवाली, गुरु नानक जयंती, कार्तिक पूर्णिमा स्नान25 नवंबर 2026 (बुधवार): रोहिणी व्रत27 नवंबर 2026 (शुक्रवार): गणाधिप संकष्टी चतुर्थी व्रतमहीने की शुरुआत अहोई अष्टमी और रमा एकादशी के पावन अनुष्ठानों सेनवंबर 2026 की शुरुआत ही अत्यंत पवित्र और मातृ प्रेम को समर्पित अहोई अष्टमी (1 नवंबर) के व्रत से हो रही है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, उज्जवल भविष्य और अच्छे स्वास्थ्य के लिए निर्जला उपवास रखती हैं और शाम को तारों को अर्घ्य देकर व्रत पूरा करती हैं।इसके तुरंत बाद, दीवाली के ठीक पहले रमा एकादशी (5 नवंबर) का पावन व्रत आ रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सभी एकादशियों में रमा एकादशी का भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष महत्व माना गया है। इस दिन व्रत रखने से सभी पापों का नाश होता है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।धनतेरस से लेकर दीवाली और गोवर्धन पूजा तक का भव्य उत्सवनवंबर का महीना रोशनी और उत्सवों का असली आनंद तब लेकर आता है जब मध्य सप्ताह में धनतेरस और दीवाली के महापर्व आते हैं:धनतेरस और यम दीपम (6 नवंबर): इस दिन आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर जी की पूजा की जाती है। लोग बर्तन, सोना, चांदी और नए सामान खरीदते हैं, साथ ही शाम को यमराज के निमित्त दीपदान किया जाता है।नरक चतुर्दशी और छोटी दीवाली (8 नवंबर): इस दिन सुबह अभ्यंग स्नान करने की परंपरा है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान कृष्ण ने इसी दिन नरकासुर का वध किया था। इसी दिन शाम को मुख्य दीवाली का पर्व मनाया जाता है, जिसमें घरों को दीपों से सजाकर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश का स्वागत किया जाता है।गोवर्धन पूजा और अन्नकूट (10 नवंबर): दीवाली के अगले दिन गोवर्धन पर्वत, भगवान श्रीकृष्ण और गौ माता की पूजा की जाती है। प्रकृति और पर्यावरण के प्रति आभार जताने का यह पर्व जीवन में अटूट समृद्धि और अन्न के भंडार का प्रतीक है।भैया दूज (11 नवंबर): भाई-बहन के पवित्र प्रेम और अटूट विश्वास का यह पर्व दीवाली के दो दिन बाद मनाया जाता है, जिसमें बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी दीर्घायु की कामना करती हैं।लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा और देवउठनी एकादशी का उल्लासउत्तर भारत सहित पूरे देश में सूर्य उपासना के सबसे कठिन और पवित्र महाव्रत छठ पूजा (15 नवंबर) की धूम इस महीने के मध्य में रहेगी। चार दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में नहाय-खाय से लेकर खरना, संध्या अर्घ्य और उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर यह पर्व पूर्ण होता है।इसके बाद, देवउठनी एकादशी (20 नवंबर) के दिन भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा से जागते हैं, जिसके साथ ही चातुर्मास समाप्त होता है और देश भर में शादी-विवाह, गृह प्रवेश तथा अन्य सभी प्रकार के मांगलिक कार्यों की शुभ शुरुआत हो जाती है। इसके अगले दिन यानी 21 नवंबर को तुलसी विवाह का आयोजन किया जाता है, जिसे बहुत बड़े उत्सव के रूप में मनाया जाता है।कार्तिक पूर्णिमा और देव दीवाली के साथ महीने का समापननवंबर 2026 के इस पावन महीने का समापन प्रकाश और अध्यात्म के अद्भुत संगम के साथ होगा। 24 नवंबर को देव दीवाली और कार्तिक पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर वाराणसी (काशी) के घाटों पर लाखों दीपों को प्रज्वलित किया जाता है, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। इसके साथ ही पवित्र नदियों में स्नान और दान का कार्य भी किया जाता है। इन सभी बड़े त्योहारों के अलावा इस महीने में प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि, अक्षय नवमी, वैकुंठ चतुर्दशी और संकष्टी चतुर्थी जैसे कई अन्य व्रत भी आएंगे, जो इस पूरे महीने को आस्था और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण बनाए रखेंगे।
जापान में एक हफ्ते में दूसरी बार भूकंप के तेज झटके
जापान में 1 नवंबर की सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 6.0 मापी गई. भूकंप 1 नवंबर को सुबह 3 बजकर 45 मिनट पर आया.इससे पहले 25 अक्टूबर को भी जापान में भूकंप आया था. भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.3 मापी गई थी.
सीएम ने प्रदेशवासियों को दी राज्योत्सव की बधाई, कहा- पहली बार लाल आतंक से मुक्त है छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ अपने स्थापना दिवस यानी राज्योत्सव के जश्न में पूरी तरह सराबोर हो चुका है। राज्य के इस गौरवशाली और ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Vishnu Deo Sai) ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस खास मौके पर मुख्यमंत्री ने राज्य की प्रगति, सांस्कृतिक विरासत और सबसे बड़े सुरक्षा बदलाव पर खुलकर बात की। उन्होंने अपने संबोधन में एक बेहद ऐतिहासिक और राहत भरी बात साझा करते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहला ऐसा राज्योत्सव है, जब हमारा पूरा प्रदेश माओवादी हिंसा यानी 'लाल आतंक' के साये से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। मुख्यमंत्री के इस बड़े बयान ने राज्य के हर नागरिक के सीने को गर्व से चौड़ा कर दिया है और देश भर में इसकी गूंज सुनाई दे रही है। आइए जानते हैं कि छत्तीसगढ़ के इस स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास और भविष्य के रोडमैप को लेकर क्या कुछ खास बातें कहीं।छत्तीसगढ़ राज्योत्सव की धूम और मुख्यमंत्री का प्रदेशवासियों के नाम संदेशहर साल 1 नवंबर को मनाया जाने वाला छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस इस बार विशेष उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। राजधानी रायपुर से लेकर राज्य के सुदूर अंचल और बस्तर की वादियों तक उत्सव का माहौल है। इस शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य की जनता को बधाई देते हुए छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने वाले सभी वीर सेनानियों, आंदोलनकारियों, किसानों, युवाओं और माताओं-बहनों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 26 साल पहले जिस सपनों के साथ छत्तीसगढ़ राज्य का गठन तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में हुआ था, आज हमारा प्रदेश उन सपनों को साकार करते हुए विकास के नए मील के पत्थर स्थापित कर रहा है। आज छत्तीसगढ़ का हर नागरिक गर्व महसूस कर सकता है कि हमारा राज्य कृषि, उद्योग, प्रौद्योगिकी और संस्कृति के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।लाल आतंक से मुक्ति और बस्तर में शांति का नया सूरजमुख्यमंत्री के संबोधन का सबसे भावुक और ऐतिहासिक बिंदु बस्तर अंचल और राज्य के अन्य हिस्सों से माओवाद (Naxalism) का सफाया रहा। दशकों से छत्तीसगढ़ के एक बड़े हिस्से में लाल आतंक ने विकास की गति को रोक रखा था और मासूमों की जिंदगियों को लील रहा था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पिछले कुछ समय में सुरक्षा बलों की वीरता, केंद्र और राज्य सरकार की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के चलते नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी गई है।परिणामस्वरूप, आज बस्तर के दूरदराज के गांवों में जहां कभी बारूदी सुरंगों और गोलियों की गूंज हुआ करती थी, वहां अब विकास की किरणें पहुंच रही हैं। स्कूल खुल रहे हैं, अस्पताल बन रहे हैं और पक्की सड़कें बस्तर के अछूते इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहला मौका है जब राज्यवासी भयमुक्त होकर स्वतंत्र रूप से अपना राज्योत्सव मना पा रहे हैं, और यह शांति हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है।सुशासन, 'मोदी की गारंटी' और छत्तीसगढ़ के विकास का नया विजनसरकार के पिछले कार्यकाल और वर्तमान नीतियों पर प्रकाश डालते हुए सीएम विष्णु देव साय ने कहा कि 'सुशासन' और सबका साथ-सबका विकास ही उनकी सरकार का मूल मंत्र है। राज्य में 'मोदी की गारंटी' के तहत किए गए वादों को एक-एक करके धरातल पर उतारा जा रहा है। चाहे वह किसानों को धान का उचित मूल्य और बकाया बोनस देना हो, महिलाओं को महतारी वंदन योजना के जरिए आर्थिक रूप से सशक्त बनाना हो या फिर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना हो, हर मोर्चे पर काम तेजी से हो रहा है।आदिवासी बहुल इस राज्य में जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए विशेष बजट आवंटित किया गया है ताकि किसी भी नागरिक को इलाज के लिए लंबी दूरियां न तय करनी पड़े।विकसित छत्तीसगढ़ 2047 का संकल्प और युवाओं से विशेष आह्वानअपने राज्योत्सव के संदेश के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं और नौनिहालों को संबोधित करते हुए एक उज्ज्वल भविष्य का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के सपने को पूरा करने में 'विकसित छत्तीसगढ़' की भूमिका सबसे अहम होगी। राज्य की खनिज संपदा, वन संपदा और यहां के मेहनतकश लोगों की ऊर्जा ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है।मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे आपसी सौहार्द, भाईचारे और शांति को बनाए रखते हुए राज्य को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के लिए अपना सहयोग दें। राज्योत्सव का यह पर्व केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संकल्प लेने का दिन है कि हम अपने छत्तीसगढ़ को देश का सबसे समृद्ध, सुरक्षित और खुशहाल राज्य बनाएंगे।
अहोई अष्टमी पर आज कितने बजे दिखेंगे तारे? नोट करें अपने शहर का टाइम
Ahoi Ashtami 2026: आज अहोई अष्टमी पर दिल्ली, नोएडा, लखनऊ समेत शहरों में कितने बजे दिखेंगे तारे? जानें तारों के दर्शन का समय, पूजा मुहूर्त और व्रत खोलने की विधि.
NZ A vs IND A: 13 रन पर 3 विकेट गिरने के बाद न्यूजीलैंड ए ने की धमाकेदार वापसी
क्रिकेट के मैदान पर जब भी दो मजबूत टीमों के बीच मुकाबला होता है, तो रोमांच अपनी चरम सीमा पर पहुंच जाता है। ऐसा ही कुछ नजारा भारत ए (India A) और न्यूजीलैंड ए (New Zealand A) के बीच खेले जा रहे रोमांचक मुकाबले के दौरान देखने को मिला है। मैच के शुरुआती ओवरों में जब भारतीय गेंदबाजों की घातक गेंदबाजी के आगे न्यूजीलैंड ए के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज ताश के पत्तों की तरह बिखर गए और स्कोरबोर्ड पर मात्र 13 रनों के कुल योग पर 3 महत्वपूर्ण बल्लेबाज पवेलियन लौट गए, तो हर किसी को यह लगने लगा कि मेहमान टीम ताश के पत्तों की तरह जल्दी सिमट जाएगी। लेकिन इसके बाद कीवी बल्लेबाजों ने जिस अदम्य संघर्ष क्षमता और धैर्य का परिचय दिया, उसने मैच का पूरा नक्शा ही बदलकर रख दिया। शुरुआती झटकों से उबरते हुए न्यूजीलैंड ए के बल्लेबाजों ने भारतीय आक्रमण के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए 205 रनों की एक विशाल और ऐतिहासिक साझेदारी दर्ज करा दी। आइए जानते हैं कि इस रोमांचक मुकाबले में किस तरह से कीवी बल्लेबाजों ने मैच का रुख पलटा और भारतीय गेंदबाजों की मुश्किलें बढ़ा दीं।मैच की शुरुआत में भारतीय गेंदबाजों का जलवा, 13 रन पर झटके 3 विकेटमुकाबले के पहले दिन जब भारतीय ए टीम के कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, तो तेज गेंदबाजों ने कप्तान के इस फैसले को पूरी तरह से सही साबित कर दिखाया। मैच की पहली ही कुछ ओवरों में स्विंग और सीम ले रही पिचों का पूरा फायदा उठाते हुए भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण ने न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों पर शिकंजा कस दिया। पारी के शुरुआती ओवरों में ही कीवी ओपनर और टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के आगे पूरी तरह लाचार नजर आए।देखते ही देखते स्कोरबोर्ड पर महज 13 रन टंगे थे कि न्यूजीलैंड के तीन प्रमुख बल्लेबाज पवेलियन की राह पकड़ चुके थे। स्लिप में शानदार कैच लपके जाने और अंदर आती गेंदों ने बल्लेबाजों को क्रीज पर टिकने का मौका ही नहीं दिया। भारतीय खेमे में जश्न का माहौल था और ऐसा लग रहा था कि मैच बहुत जल्दी एकतरफा होने वाला है। लेकिन क्रिकेट को अनिश्चितताओं का खेल यूं ही नहीं कहा जाता, क्योंकि असली परीक्षा इसके बाद शुरू होनी थी।205 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी: क्रीज पर दीवार बनकर खड़े हुए कीवी बल्लेबाजशुरुआती तीन झटके लगने के बाद जब न्यूजीलैंड ए की टीम गहरे संकट में थी, तब क्रीज पर आए मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी का अहसास करते हुए रक्षात्मक और आक्रामक खेल का बेहतरीन मिश्रण पेश किया। शुरुआती दबाव को झेलते हुए दोनों बल्लेबाजों ने पिच की चाल को समझा और धीरे-धीरे अपने पैर जमाने शुरू कर दिए। जैसे-जैसे समय बीता, भारतीय गेंदबाजों के चेहरे पर शिकन साफ दिखने लगी क्योंकि ये दोनों बल्लेबाज अब पूरी तरह सेट हो चुके थे।दोनों खिलाड़ियों के बीच हुई यह 205 रनों की मैराथन साझेदारी इस मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई। इस दौरान उन्होंने सिंगल्स और डबल्स के साथ-साथ ढीली गेंदों पर शानदार चौके लगाकर स्कोरबोर्ड को लगातार गतिमान रखा। भारतीय कप्तानों द्वारा किए गए गेंदबाजी में तमाम बदलाव और रणनीतिक प्रयास इस मजबूत दीवार को भेदने में नाकामयाब साबित हुए। इस साझेदारी ने न केवल न्यूजीलैंड की पारी को संकट से पूरी तरह उबारा, बल्कि टीम को एक बेहद सम्मानजनक और मजबूत स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया।तकनीक और मानसिक दृढ़ता का बेहतरीन प्रदर्शनइस ऐतिहासिक साझेदारी की सबसे बड़ी खासियत बल्लेबाजों का बेहतरीन टेंपरामेंट और तकनीकी दक्षता थी। घरेलू परिस्थितियों से अलग उप-महाद्वीप या विदेशी पिचों पर जहां स्पिन और बाउंस का सामना करना चुनौती होता है, वहां कीवी बल्लेबाजों ने जिस तरह से भारतीय स्पिनरों और तेज गेंदबाजों का सामना किया, वह काबिल-ए-तारीफ था। फ्रंट फुट और बैक फुट का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए उन्होंने साबित कर दिया कि वे लंबी पारियां खेलने का हुनर अच्छी तरह जानते हैं।भारतीय गेंदबाजों ने भी पूरी शिद्दत से गेंदबाजी की और लगातार शॉर्ट पिच गेंदों व टर्न के जरिए बल्लेबाजों को परेशान करने की कोशिश की, लेकिन कीवी बल्लेबाजों ने विकेट पर टिके रहने का संकल्प ले रखा था। चायकाल तक आते-आते मैच का पूरा momentum न्यूजीलैंड के पक्ष में शिफ्ट हो चुका था और दर्शक भी इस शानदार फाइट बैक की तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाए।अब मैच किस मोड़ पर? तीसरे दिन के खेल पर टिकी निगाहेंन्यूजीलैंड ए द्वारा 13 रन पर 3 विकेट गिरने के बाद जिस मजबूती से कमबैक किया गया है, उसने मैच को बेहद रोमांचक स्थिति में ला दिया है। पहली पारी में स्कोर को विशाल आकार देने के बाद अब कीवी गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों के सामने कड़ी चुनौती पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। भारत ए के लिए अब यह जरूरी हो गया है कि वे अनुशासित गेंदबाजी करते हुए जल्द से जल्द बाकी बचे विकेट हासिल करें और बल्लेबाजी में भी वैसी ही मजबूत शुरुआत दें। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब इस मुकाबले के आगामी सत्रों पर टिकी हैं, जहां दोनों टीमों के बीच जीत के लिए कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी।
Ramlila Maidan में INDIA गठबंधन की रैली, Delhi Police ने तैनात किए 4000 जवान
नयी दिल्ली, एक नवंबर रामलीला मैदान में ‘इंडिया’ गठबंधन की रैली में हजारों लोगों के जुटने की संभावना के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के बहुस्तरीय इंतजाम किए हैं। रैली की निगरानी के लिए 4,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती और 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि आयोजन स्थल को 14 जोन में बांटा गया है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक जोन की निगरानी सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) स्तर के अधिकारी करेंगे, जबकि दो जोन की निगरानी अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (अतिरिक्त डीसीपी) स्तर के अधिकारी करेंगे। पुलिस आयुक्त ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शनिवार को मिंटो ब्रिज और रामलीला मैदान में सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया था। सुरक्षा योजना में ड्रोन से निगरानी, शरीर पर लगाए जाने वाले कैमरे, दंगा नियंत्रण वाहन और एक समर्पित नियंत्रण कक्ष शामिल हैं। विभिन्न जिलों के पुलिसकर्मियों के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों को मिंटो ब्रिज से आयोजन स्थल तक के मार्ग और रामलीला मैदान के भीतर तैनात किया जाएगा। रैली के आयोजन की अनुमति सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक दी गई है। इसमें करीब 50,000 लोगों के शामिल होने की संभावना है। हालांकि, पुलिस और आयोजकों का अनुमान है कि घेराबंदी वाले हिस्सों और आवाजाही के रास्तों को ध्यान में रखते हुए 30,000 से 40,000 लोगों के लिए आराम से जगह उपलब्ध हो सकेगी। यातायात व्यवस्था संभालने के लिए करीब 150 अतिरिक्त यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। वहीं, एलएनजेपी और जीबी पंत अस्पतालों तक एंबुलेंस की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 270 कंपनियों की तैनाती की अवधि बढ़ाकर 16 नवंबर तक कर दी गई है।
Ahoi Ashtami 2026: दिल्ली, कानपुर, मेरठ और लखनऊ समेत देश के प्रमुख शहरों में किस समय दिखेंगे तारे
सनातन संस्कृति, भारतीय लोक आस्था और मातृत्व के प्रेम को समर्पित सबसे पवित्र व्रतों में से एक अहोई अष्टमी (Ahoi Ashtami 2026) का पावन पर्व आज यानी 1 नवंबर 2026 को पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर रखा जाने वाला यह निर्जला उपवास माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य, सुरक्षा और उनके उज्जवल भविष्य की कामना के लिए रखती हैं। इस व्रत की सबसे बड़ी विशेषता यह होती है कि इसमें दिनभर अन्न और जल का त्याग करने के बाद शाम के समय आकाश में तारे देखने और उन्हें अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोला जाता है। चूंकि अलग-अलग शहरों में भौगोलिक स्थिति और सूर्यास्त के समय में अंतर होता है, इसलिए देश भर की व्रतधारी माताओं के मन में यह उत्सुकता रहती है कि उनके शहर में तारे दिखने का सही समय क्या होगा। आइए इस विशेष रिपोर्ट में जानते हैं कि दिल्ली, कानपुर, मेरठ, लखनऊ, आगरा और जयपुर समेत देश के प्रमुख शहरों में आज शाम तारे दिखने का संभावित समय क्या रहेगा।भौगोलिक स्थिति और सूर्यास्त के अनुसार बदलता है तारों के दिखने का समयखगोलीय और ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में तारों के दिखने का समय एक जैसा नहीं होता है। पृथ्वी की स्थिति और सूर्य के अस्त होने के समय के आधार पर पूर्व से लेकर पश्चिम तक के शहरों में समय में कुछ मिनटों का अंतर पाया जाता है।पूर्वी भारत के राज्यों में जहां शाम जल्दी होती है और तारे सबसे पहले नजर आते हैं, वहीं पश्चिमी राज्यों की ओर बढ़ने पर यह समय थोड़ा आगे खिसक जाता है। यही कारण है कि माताओं को अपने स्थानीय समय और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही तारों के दर्शन का इंतजार करना चाहिए। हालांकि, यदि मौसम साफ रहता है, तो तय समय के आसपास ही आसमान में तारे टिमटिमाते हुए नजर आ जाएंगे।प्रमुख शहरों में अहोई अष्टमी पर तारे दिखने का संभावित समययदि आप भी आज शाम अहोई माता के पूजन के बाद तारों को अर्घ्य देने की तैयारी कर रही हैं, तो विभिन्न शहरों के अनुसार निर्धारित संभावित समय की इस सूची को देख सकती हैं:दिल्ली: शाम 06:00 बजेगाजियाबाद: शाम 05 बजकर 58 मिनट से 06:00 बजे तकमेरठ: शाम 05 बजकर 58 मिनट परकानपुर: शाम 05 बजकर 50 मिनट परलखनऊ: शाम 05 बजकर 47 मिनट परप्रयागराज: शाम 05 बजकर 44 मिनट से 05 बजकर 46 मिनट तकवाराणसी: शाम 05 बजकर 41 मिनट परआगरा: शाम 05 बजकर 53 मिनट से लेकर 05 बजकर 56 मिनट तकजयपुर: शाम 06 बजकर 08 मिनट परउदयपुर: शाम 06 बजकर 15 मिनट से 06 बजकर 18 मिनट तकभोपाल: शाम 06 बजकर 05 मिनट से 06 बजकर 08 मिनट तकइंदौर: शाम 06 बजकर 12 मिनट परपटना: शाम 05 बजकर 35 मिनट से 05 बजकर 38 मिनट तक(विशेष नोट: यह ध्यान रखना आवश्यक है कि आकाश में तारों का दिखाई देना पूरी तरह से उस क्षेत्र के स्थानीय मौसम और बादलों की स्थिति पर निर्भर करता है। यदि आसमान में बादल छाए हुए हैं, तो तारे दिखने में थोड़ा समय आगे-पीछे भी हो सकता है।)तारों को अर्घ्य देने और संतान के हाथों जल ग्रहण कर व्रत खोलने की परंपराअहोई अष्टमी के इस पावन व्रत का विधान बेहद कड़ा और अनुशासित होता है। व्रत रखने वाली महिलाएं आज सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करती हैं और हाथ में जल या अक्षत लेकर अपनी संतान की लंबी उम्र और आरोग्यता का संकल्प लेती हैं। इसके बाद दिनभर बिना जल ग्रहण किए निर्जला उपवास रखा जाता है।शाम के समय दीवार पर गेरू से अहोई माता और उनके सात पुत्रों का चित्र बनाकर या कैलेंडर स्थापित कर विधि-विधान से पूजा की जाती है। माता को रोली, अक्षत, दूध और मीठे पुए या हलवे का भोग लगाया जाता है। इसके पश्चात अहोई अष्टमी की पावन व्रत कथा का श्रवण किया जाता है। जब आपके शहर के निर्धारित समय के अनुसार आकाश में तारे निकल आते हैं, तब छलनी से तारों को देखने और उन्हें जल से अर्घ्य देने की परंपरा निभाई जाती है। अंत में अपनी संतान के हाथों से जल पीकर और प्रसाद ग्रहण करके माताओं द्वारा इस कठिन व्रत का पारण किया जाता है, जिससे परिवार में सुख-शांति और समृद्धि का वास बना रहता है।
दुनिया आजतक: अमेरिका-इजरायल को मोजतबा खामेनेई की सख्त चेतावनी
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के बजाय लगातार बढ़ता दिख रहा है... अमेरिका की तरफ से नए हमलों की तैयारी की खबरें हैं...तो ईरान ने भी साफ कर दिया है कि किसी भी हमले का जवाब दिया जाएगा... हालांकि, बातचीत के रास्ते अभी पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं...
जदयू के अभिषेक झा पर भड़के BJP विधायक सुनील पिंटू
बिहार की राजनीति और सत्तारूढ़ एनडीए (NDA) के कुनबे में एक बार फिर अंदरूनी बयानबाजी का नया दौर शुरू हो गया है। तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र (Tirhut Graduate Constituency) से विधान परिषद (MLC) का उप-चुनाव हारने के बाद जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अभिषेक झा की ओर से आए 'चक्रव्यूह और अभिमन्यु' वाले बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सख्त रुख अपनाया है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद-विधायक सुनील पिंटू ने अभिषेक झा के आरोपों का आक्रामक जवाब देते हुए कहा कि एनडीए के भीतर किसी ने कोई चक्रव्यूह नहीं रचा था। सुनील पिंटू ने दो टूक शब्दों में कहा कि अभिषेक झा कोई 'अभिमन्यु' नहीं हैं, बल्कि वे अपनी ही प्रशासनिक और तकनीकी गलतियों की वजह से चुनाव हारे हैं। इस जुबानी जंग के बाद बिहार एनडीए के भीतर राजनीतिक गलियारों में खींचतान और बयानबाजी का पारा चढ़ गया है।'अभिमन्यु' वाले फेसबुक पोस्ट से शुरू हुआ एनडीए के भीतर घमासानपूरे विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब तिरहुत स्नातक सीट से जदयू समर्थित प्रत्याशी अभिषेक झा को निर्दलीय उम्मीदवार बंशीधर ब्रजवासी के हाथों 9,147 मतों के बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा। चुनाव परिणाम आने के बाद अभिषेक झा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक लंबा भावुक पोस्ट साझा किया। उन्होंने अपने पोस्ट में सवाल उठाया कि क्या वे अपने ही राजनीतिक परिवार (NDA) के भीतर रचे गए चक्रव्यूह में अभिमन्यु की तरह अकेले तो नहीं पड़ गए थे? इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि उनके पक्ष में पड़े लगभग 4,700 मतों को सिर्फ इसलिए रद्द (Invalid) कर दिया गया क्योंकि मतपत्र पर नाम के आगे 1 लिखने के बजाय 'सही' (✓) का निशान लगा दिया गया था। अभिषेक झा के इस सीधे इशारे ने एनडीए के सहयोगियों विशेषकर बीजेपी के भीतर भारी नाराजगी पैदा कर दी।सुनील पिंटू का तीखा प्रहार: 'स्नातक मतदाता ऐसी गलती नहीं करते'अभिषेक झा के आरोपों का जवाब देते हुए बीजेपी नेता सुनील पिंटू ने प्रेस के सामने आकर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि अपनी हार का ठीकरा गठबंधन या सहयोगियों पर फोड़ना पूरी तरह से गलत है।तकनीकी चूक और मतदाता जागरूकता: सुनील पिंटू ने कहा कि तिरहुत स्नातक चुनाव में मतदाता पढ़े-लिखे स्नातक होते हैं। चुनाव प्रक्रिया में वरीयता क्रम दर्शाने के लिए 1, 2, 3 लिखा जाता है। यदि किसी प्रत्याशी के समर्थकों ने टिक (✓) का निशान लगाया और 4,700 वोट रद्द हुए, तो यह प्रत्याशी और उनके चुनाव एजेंटों की वोटिंग ट्रेनिंग की विफलता है, न कि किसी सहयोगी दल का षड्यंत्र।गठबंधन धर्म और निष्ठा: बीजेपी विधायक ने स्पष्ट किया कि एनडीए के सभी कार्यकर्ताओं ने चुनाव में पूरी निष्ठा के साथ काम किया था। हार के बाद खुद को महाभारत का 'अभिमन्यु' बताकर सहानुभूति बटोरने और अपने ही साथियों पर सवाल खड़े करने का प्रयास राजनीतिक परिपक्वता की कमी को दर्शाता है।तिरहुत स्नातक सीट का चुनावी समीकरण और हार के मायनेतिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पिछले कुछ समय से बिहार की प्रतिष्ठित एमएलसी सीटों में से एक रहा है। पूर्व में देवेश चंद्र ठाकुर इस सीट का प्रतिनिधित्व करते थे, लेकिन उनके सांसद चुने जाने के बाद यहां उप-चुनाव की स्थिति बनी थी। जदयू ने अपने युवा प्रवक्ता अभिषेक झा पर दांव खेला था, लेकिन लगातार दूसरी बार निर्दलीय प्रत्याशी बंशीधर ब्रजवासी ने भारी मतों से विजय हासिल कर अपना कब्जा बरकरार रखा।इस चुनावी नतीजे के तुरंत बाद विजयी निर्दलीय एमएलसी की बीजेपी के शीर्ष नेताओं और प्रदेश नेतृत्व से मुलाकात ने भी चर्चाओं को गर्म कर दिया है। जदयू खेमे में इस बात को लेकर निराशा है कि चुनाव के दौरान जमीनी स्तर पर एनडीए का कैडर पूरी तरह एकजुट होकर वोट ट्रांसफर नहीं करा पाया।बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए के लिए वेक-अप कॉलअभिषेक झा और सुनील पिंटू के बीच का यह ताजा विवाद केवल एक एमएलसी सीट की हार तक सीमित नहीं है। बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच एनडीए के दो प्रमुख घटक दलों (भाजपा और जदयू) के नेताओं का इस तरह सार्वजनिक मंचों पर आमने-सामने आना गठबंधन के भीतर समन्वय (Coordination) की कमी की ओर इशारा करता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि शीर्ष नेतृत्व ने समय रहते इस तरह की बयानबाजी और अंदरूनी मतभेदों पर काबू नहीं पाया, तो आने वाले बड़े चुनावी मुकाबलों में एनडीए के लिए यह गुटबाजी भारी पड़ सकती है। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण पर जदयू के वरिष्ठ नेताओं की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
महिला के पेट में मिली सिलाई वाली सुई, सोते समय हुआ था ऐसा हादसा
जांच के दौरान डॉक्टरों को उसके पेट में करीब 4 सेंटीमीटर लंबी सिलाई वाली सुई मिली. महिला को शक था कि सिलाई करते समय सो जाने के दौरान सुई उसके शरीर में घुस गई थी. डॉक्टरों ने ऑपरेशन करके सुई बाहर निकाली.
अमेरिका में बैठे IAS शिखर अग्रवाल पर कैसे तय हुआ ACB एक्शन प्लान
राजस्थान कैडर के सीनियर आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल (IAS Shikhar Agarwal) और उनकी आईपीएस पत्नी प्रशाखा माथुर (IPS Prashakha Mathur) के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो (ACB) की ओर से की गई बड़ी कार्रवाई ने देश के प्रशासनिक गलियारों में तहलका मचा दिया है। राजस्थान सरकार ने निजी होटल कंपनी 'अनंत ग्रुप/गोयल फैशन' को आधिकारिक पद का दुरुपयोग कर अनुचित वित्तीय लाभ पहुंचाने और उदयपुर व अलवर (अजबगढ़) में बाजार मूल्य से बेहद कम दरों पर करीब 40 रिसॉर्ट विला खरीदने के आरोपों के बाद एसीबी जांच की औपचारिक मंजूरी दी है।विभागीय अनुमतियों के बाद सीनियर आईएएस शिखर अग्रवाल को उनके सभी पदों से मुक्त करते हुए एपीओ (APO - Awaiting Posting Orders) कर दिया गया था। इसके तुरंत बाद राजस्थान सरकार ने एक्शन बढ़ाते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) के पद पर तैनात उनकी पत्नी प्रशाखा माथुर को भी पदों से हटाकर एपीओ कर दिया है। फिलहाल आईएएस अफसर शिखर अग्रवाल विदेश (अमेरिका) दौरे पर हैं, जिसके चलते यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि उनके भारत लौटते ही एसीबी का अगला कानूनी कदम क्या होगा और क्या उनकी आईपीएस पत्नी भी जांच के सीधे घेरे में आएंगी? आइए इस पूरे मामले का ब्योरा और एसीबी का एक्शन प्लान विस्तार से समझते हैं।क्या है 40 विला डील और वित्तीय अनियमितता का पूरा मामला?एसीबी द्वारा दर्ज की गई प्राथमिक जांच (Preliminary Inquiry) की रिपोर्ट के अनुसार, 1990 कैडर के आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल ने अपनी प्रशासनिक शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए एक निजी रिसॉर्ट समूह (अनंत ग्रुप/गोयल फैशन) को नियमों में भारी छूट दी। आरोप है कि निर्माण शर्तों में छूट, बिना वेरिफिकेशन एनओसी और एक विशेष वित्तीय पैकेज स्वीकृत कराने के बदले अफसर व उनके परिवार को उदयपुर के भुजड़ा और अलवर के अजबगढ़ स्थित प्रीमियम रिसॉर्ट्स में 40 विला बेहद कम दामों में दिए गए।एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्त के मुताबिक, जहां बाजार में एक-एक विला की कीमत 1.6 करोड़ रुपये के आसपास थी, वहीं इन्हें महज 15 लाख से 16.5 लाख रुपये प्रति विला के हिसाब से कागजों पर दर्शाकर खरीदा गया। सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि 27 मार्च को जिस दिन वित्त विभाग ने उस कंपनी को विशेष वित्तीय पैकेज की राहत दी, ठीक उसी दिन अफसरों और उनके परिजनों के नाम 20 विला की सेल डीड और लीज डीड एक साथ रजिस्टर कराई गई थी। इन विला से हर साल 1.80 करोड़ रुपये का रेंटल इनकम भी हासिल किया जा रहा था।अमेरिका में बैठे IAS शिखर अग्रवाल पर कैसे तय हुआ ACB का कानूनी एक्शन प्लान?मामला उजागर होने से ठीक पहले आईएएस शिखर अग्रवाल पहले से स्वीकृत छुट्टी पर अमेरिका चले गए थे। हालांकि, उनकी गैर-मजूदगी में भी जांच एजेंसी ने अपना कानूनी खाका पूरी तरह तैयार कर लिया है:प्राथमिक जांच का पंजीकरण: राज्य सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद एसीबी ने शिखर अग्रवाल के खिलाफ प्रिलिमिनरी जांच (PI) दर्ज कर ली है।दस्तावेजों व रजिस्ट्री की जब्ती: उदयपुर और अलवर के उप-पंजीयक (Sub-Registrar) कार्यालयों से खरीद-बिक्री, लीज डीड, बैंक ट्रांजैक्शन और स्टाम्प ड्यूटी से जुड़े सभी मूल दस्तावेज जब्त किए जा रहे हैं।वापसी पर लुकआउट और पूछताछ की तैयारी: जांच एजेंसी के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, जैसे ही शिखर अग्रवाल अमेरिका से भारत लौटेंगे, एसीबी उन्हें समन जारी कर व्यक्तिगत पूछताछ के लिए तलब करेगी। यदि शुरुआती जांच में साक्ष्य और पुख्ता होते हैं, तो उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) और आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के तहत विधिवत एफआईआर (FIR) दर्ज की जा सकती है।क्या IPS पत्नी प्रशाखा माथुर भी आएंगी ACB जांच के सीधे घेरे में?इस प्रकरण का सबसे संवेदनशील पहलू यह है कि 1995 बैच की सीनियर आईपीएस अफसर प्रशाखा माथुर (ADG प्लानिंग, मॉडर्नाइजेशन एवं वेलफेयर) भी अब जांच के दायरे से बाहर नहीं हैं।कार्मिक विभाग द्वारा शनिवार को जारी आदेश के तहत प्रशाखा माथुर को भी एपीओ (APO) कर दिया गया है। एसीबी की एफआईआर और प्राथमिक जांच दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि खरीदे गए 40 विला में से कई विला सीधे आईपीएस प्रशाखा माथुर के नाम पर, उनके दो बेटों के नाम पर और उनके माता-पिता (ससुराल पक्ष) के नाम पर रजिस्टर्ड कराए गए हैं।यद्यपि एसीबी ने अभी तक आईपीएस माथुर के खिलाफ सीधी औपचारिक एफआईआर का ऐलान नहीं किया है, लेकिन विला में बेनामी मालिकाना हक और वित्तीय लेनदेन में नाम शामिल होने के कारण एजेंसी उन्हें भी पूछताछ के लिए समन भेज सकती है। यदि विला की खरीद में उनके वेतन/खातों के ट्रांजैक्शन पाए जाते हैं, तो वह भी सह-आरोपी के रूप में कानूनी घेरे में आ सकती हैं।राजस्थान की राजनीति में भूचाल, ईडी और सीबीआई जांच की उठने लगी मांगराजस्थान कैडर के इतने बड़े आईएएस-आईपीएस दंपत्ति पर एक साथ कार्रवाई से राज्य की नौकरशाही और राजनीति में भारी हड़कंप मच गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित विपक्ष के कई दिग्गज नेताओं ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए केवल एपीओ या विभागीय जांच को नाकाफी करार दिया है।विपक्ष ने मांग की है कि चूंकि यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग और करोड़ों रुपये की सरकारी राजस्व हानि से जुड़ा है, इसलिए इस 40-विला घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी जानी चाहिए। फिलहाल, एसीबी की यह तेजी इस बात का साफ संकेत है कि राजस्थान में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत प्रशासनिक पदों पर बैठे बड़े से बड़े अधिकारियों पर भी शिकंजा कसना तय हो चुका है।
IAS आदित्य रंजन पहुंचे स्कूल तो नन्हीं छात्रा ने कर दी मांग
झारखंड के धनबाद जिले में प्रशासनिक संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का एक ऐसा उदाहरण सामने आया है जिसने पूरे क्षेत्र का दिल जीत लिया है। धनबाद के उपायुक्त (DC) IAS आदित्य रंजन जब गोविंदपुर प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय, किस्तोपुर का औचक निरीक्षण करने पहुंचे, तो वहां एक अनोखा और प्रेरणादायक नजारा देखने को मिला। निरीक्षण के दौरान स्कूल की एक छोटी सी नन्हीं छात्रा ने बिना किसी झिझक के सीधे उपायुक्त के सामने जाकर आधुनिक शिक्षा से जुड़ने के लिए कंप्यूटर लगवाने की मासूम मांग रख दी। नन्हीं बच्ची की पढ़ाई के प्रति इस उत्सुकता और साहस को देखकर आईएएस अफसर आदित्य रंजन इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने तुरंत कार्रवाई का निर्देश दिया। धनबाद डीसी की इस त्वरित और संवेदनशील पहल के चलते महज 48 घंटे (दो दिन) के भीतर स्कूल में कंप्यूटर सेटअप पहुंच गया। आइए जानते हैं कि इस सरकारी स्कूल के निरीक्षण के दौरान क्या-क्या हुआ और कैसे एक बच्ची की छोटी सी मांग ने पूरे विद्यालय की तस्वीर बदल दी।औचक निरीक्षण के दौरान नन्हीं छात्रा की मासूम मांग और DC का संवेदनशीलता से सुननाउपायुक्त आदित्य रंजन 28 अक्टूबर को गोविंदपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय किस्तोपुर में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे का जायजा लेने पहुंचे थे। जब वे कक्षाओं का निरीक्षण कर रहे थे और बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में संवाद स्थापित कर रहे थे, तभी एक नन्हीं छात्रा ने आगे आकर उपायुक्त से बात की। छात्रा ने बड़ी ही सरलता से आग्रह किया कि उनके स्कूल में भी कंप्यूटर की सुविधा होनी चाहिए ताकि वह और उसके सहपाठी भी तकनीकी ज्ञान सीख सकें और डिजिटल शिक्षा से जुड़ सकें। इसके अलावा बच्चों ने स्कूल में खेल का मैदान विकसित करने और सुरक्षा के लिए चारदीवारी (Boundary Wall) के निर्माण का अनुरोध भी रखा। डीसी आदित्य रंजन ने न सिर्फ बच्चे की बात को ध्यानपूर्वक सुना, बल्कि बच्ची की सीखने की ललक और डिजिटल सोच से बेहद प्रभावित हुए और मौके पर ही अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर काम करने का आदेश दिया।महज 48 घंटे में पूरा हुआ वादा: 31 अक्टूबर को स्कूल पहुंचा कंप्यूटरआम तौर पर सरकारी प्रक्रियाओं में फाइलों के निपटारे में समय लग जाता है, लेकिन IAS आदित्य रंजन की कार्यशैली अपनी त्वरित निर्णय क्षमता और संवेदनशीलता के लिए जानी जाती है। निरीक्षण के ठीक दो दिन बाद, यानी 31 अक्टूबर को ही गोविंदपुर के प्राथमिक विद्यालय किस्तोपुर में कंप्यूटर सेट पहुंचाकर इंस्टॉल करा दिया गया। जैसे ही प्रशासनिक गाड़ी से कंप्यूटर की खेप स्कूल परिसर में उतारी गई, छात्र-छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। बच्चों में कंप्यूटर देखने और उसे चलाने को लेकर इतना भारी उत्साह था कि पूरा स्कूल तालियों और हंसी से गूंज उठा। अब इस दूरदराज के सरकारी प्राथमिक विद्यालय के बच्चे भी अपने नियमित पाठ्यक्रम के साथ-साथ बुनियादी कंप्यूटर ज्ञान और डिजिटल स्किल सीख सकेंगे।परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने सराहा, जिले में अफसर के मॉडल की चर्चाधनबाद डीसी की इस पहल की खबर जैसे ही गांव और आसपास के इलाकों में फैली, स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में खुशी की लहर दौड़ गई। बच्चों के माता-पिता ने उपायुक्त आदित्य रंजन की इस त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की और कहा कि एक संवेदनशील अधिकारी ही बच्चों की भावनाओं और उनकी जरूरतों को इस तरह तुरंत समझ सकता है। 2015 बैच के आईएएस अधिकारी आदित्य रंजन पहले भी अपने नवाचारों, त्वरित फैसलों और शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए काफी लोकप्रिय रहे हैं। किस्तोपुर स्कूल की इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अगर प्रशासनिक नीयत साफ हो, तो बच्चों के भविष्य को संवारने में कोई देरी नहीं होती और एक नन्हीं सी ख्वाहिश भी पूरे स्कूल की तकदीर बदल सकती है।
IPS सिमरन भारद्वाज को केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक 2026 से सम्मानित किया गया है. गुजरात कैडर में 2022 बैच की आईपीएस राजकोट ग्रामीण में सात वर्षीय बच्ची से रेप के आरोपी के खिलाफ महज 12 दिन में चार्जशीट और 40 दिन में फांसी की सजा दिलाई. हरियाणा के छोटे से गांव की आईपीएस बेटी ने NDTV से शेयर की पूरी कहानी.
उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपने अनूठे और जमीन से जुड़े कार्यशैली के लिए खास पहचान रखने वाले प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना (Suresh Khanna) का एक बेहद दिलचस्प और अनोखा अंदाज सोशल मीडिया पर तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर (Shahjahanpur) जिले में आयोजित एक सरकारी कल्याणकारी योजना के तहत दिव्यांग जनों (Divyangjan) और जरूरतमंदों के बीच सहायक उपकरण वितरण समारोह के दौरान मंत्रीजी ने एक ऐसा बयान दिया, जिसे सुनकर वहां मौजूद सभी लोग मुस्कुरा उठे। मंच पर एक दिव्यांग लाभार्थी को उपकरण सौंपते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने हल्के-फुल्के और अपने चिरपरिचित मजाकिया अंदाज में कहा कि 'मुझे और मेरे चेहरे को भूल मत जाना'। यह वीडियो सामने आने के बाद से ही इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया है, और लोग राजनेताओं के इस प्रकार के जनता के साथ सीधे जुड़ाव की सराहना कर रहे हैं। आइए जानते हैं कि इस कार्यक्रम के दौरान क्या कुछ खास हुआ और कैसे मंत्रीजी के इस अंदाज ने महफिल लूट ली।शाहजहांपुर में दिव्यांग सशक्तिकरण महाअभियान और उपकरणों का वितरणउत्तर प्रदेश सरकार द्वारा समाज के कमजोर, वंचित और दिव्यांग वर्गों के जीवन को सुगम बनाने के लिए लगातार विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसी कड़ी में शाहजहांपुर जिले में एक भव्य वितरण समारोह का आयोजन किया गया था, जहां जिले भर से आए सैकड़ों दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के हिसाब से मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल (Motorized Tricycle), व्हीलचेयर, कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र और अन्य सहायक उपकरण वितरित किए जाने थे। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने खुद अपने हाथों से कई लाभार्थियों को ये उपकरण सौंपे। सरकार की मंशा इन उपकरणों के जरिए दिव्यांग जनों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है ताकि वे अपनी दैनिक जरूरतों के लिए किसी पर भी निर्भर न रहें।मंच पर वह पल जब वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की बात सुनकर खिल उठे चेहरेसमारोह के दौरान जब एक दिव्यांग लाभार्थी व्हीलचेयर या अन्य उपकरण लेने के लिए मंच पर पहुंचा, तो मंत्री सुरेश खन्ना ने पूरी आत्मीयता के साथ उसका हाल-चाल जाना। उपकरण भेंट करते समय मंत्रीजी ने मुस्कुराते हुए लाभार्थी से सहज भाव से कहा कि 'मुझे और मेरे चेहरे को भूल मत जाना'। मंत्रीजी के मुंह से यह बात सुनकर वहां मौजूद अधिकारी, स्थानीय नेता और खुद लाभार्थी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। राजनेताओं और जनता के बीच आमतौर पर एक औपचारिक दूरी देखी जाती है, लेकिन सुरेश खन्ना का यह बेबाक और अपनापन भरा अंदाज हमेशा से ही जनता के बीच उनकी लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण रहा है। उन्होंने न केवल उपकरण दिए, बल्कि हर लाभार्थी से बड़े अपनेपन के साथ बातचीत की और यह सुनिश्चित किया कि किसी भी जरूरतमंद को सरकारी योजना का लाभ पाने में कोई कठिनाई न हो।जनता के बीच अपनी खास पैठ और सादगी के लिए जाने जाते हैं सुरेश खन्नासुरेश खन्ना उत्तर प्रदेश की राजनीति के उन चुनिंदा दिग्गजों में गिने जाते हैं जो दशकों से लगातार जनता के बीच अपनी सक्रियता और सादगी के लिए जाने जाते हैं। शाहजहांपुर विधानसभा सीट से लगातार विधायक चुने जाने वाले और वर्तमान में योगी आदित्यनाथ सरकार में वित्त जैसे अहम विभाग की जिम्मेदारी संभालने वाले सुरेश खन्ना अपने निर्वाचन क्षेत्र में हर छोटे-बड़े कार्यक्रम में खुद मौजूद रहते हैं। उनकी यही खासियत है कि वे बिना किसी तामझाम के सीधे आम जनता से संवाद स्थापित करते हैं। इस तरह के हल्के-फुल्के संवाद और जमीन से जुड़े किस्से अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं, जो यह दिखाते हैं कि जनप्रतिनिधि और जनता के बीच का रिश्ता कितना गहरा और जीवंत हो सकता है।सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता पर जोरइस कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) और कल्याणकारी योजनाओं के वितरण में पूरी पारदर्शिता बरती जाए ताकि एक भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रह जाए। कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय प्रशासन और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने भी आश्वस्त किया कि जिले के सभी दिव्यांग जनों और बुजुर्गों को समयबद्ध तरीके से सहायता पहुंचाई जा रही है। अंत में, मंत्रीजी का वह मजेदार संवाद इस बात का प्रतीक बन गया कि कैसे एक जननेता अपनी सरल बोली और हास्य-बोध से कठिन से कठिन राजनीतिक माहौल में भी अपनापन घोल सकता है।
'दुकानें बंद रहेंगी तो खरीदारी कहां से होगी?': राहुल गांधी की अपील पर व्यापारियों का तीखा सवाल; फिर लिखा पत्र delhi india bloc rally ramlila maidan rahul gandhi CTI warns business impact diwali
कोटा में दो जहरीले सांपों की जंग, एक ने दूसरे को जिंदा निगला, पहली बार दिखा ऐसा नजारा!
राजस्थान के कोटा में अनोखा नजारा देखने को मिला, जहां दो जहरीले कॉमन करैत सांपों में खूनी जंग हुई और एक ने दूसरे को जिंदा निगल लिया.
विपक्ष के खिलाफ BJP का प्रदर्शन, दिल्ली से हरियाणा तक निकालेगी रैलियां
विपक्ष की रैलियों के जवाब में बीजेपी ने देश भर में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान शुरू किया है. दिल्ली में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नेतृत्व में सिख समुदाय के साथ 1984 दंगों के मुद्दे पर मार्च निकाला जा रहा है. वहीं हरियाणा के रोहतक में बीजेपी की पदयात्रा आयोजित की गई है. दिल्ली से लेकर हरियाणा तक राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है.
बिहार के कटिहार में एक ऐसा प्राथमिक विद्यालय है जहां मात्र 6 छात्र नामांकित हैं और उन्हें पढ़ाने के लिए 6 शिक्षक तैनात हैं. बच्चों को हिंदी समझाने के लिए शिक्षकों ने खुद संथाली भाषा सीखकर समर्पण की अनोखी मिसाल पेश की है.
अहोई अष्टमी 2026: संतान की लंबी उम्र के लिए जानिए पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाने वाला अहोई अष्टमी (Ahoi Ashtami) का पावन व्रत सनातन धर्म में विशेष महत्व रखता है। सनातन परंपरा में यह व्रत माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और सुरक्षा की कामना के लिए पूर्ण भक्ति भाव से रखती हैं। करवा चौथ के ठीक चार दिन बाद आने वाले इस कठिन निर्जला व्रत में माताएं दिनभर उपवास रखकर संध्याकाल में अहोई माता (Ahoi Mata) और स्याऊ माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करती हैं। शाम को आकाश में तारों (Stars) को देखने और उन्हें अर्घ्य देने के बाद ही इस व्रत को पूर्ण माना जाता है और पारण किया जाता है। यदि आप भी अहोई अष्टमी व्रत की तैयारी कर रही हैं, तो आइए जानते हैं इस वर्ष पूजा का सबसे उत्तम शुभ मुहूर्त, तारों को अर्घ्य देने का समय और व्रत से जुड़ी संपूर्ण धार्मिक विधि।अहोई अष्टमी 2026 तिथि और पूजा का सबसे उत्तम शुभ मुहूर्तपंचांग गणना के अनुसार, वर्ष 2026 में कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का प्रारंभ रविवार, 1 नवंबर 2026 को दोपहर 02:51 बजे से हो रहा है, जो अगले दिन सोमवार, 2 नवंबर 2026 को दोपहर 01:10 बजे तक समाप्त होगी। उदयातिथि और प्रदोष काल पूजा की मान्यताओं के अनुसार, अहोई अष्टमी का पावन व्रत रविवार, 1 नवंबर 2026 को ही रखा जा रहा है।शास्त्रों के अनुसार अहोई अष्टमी की पूजा हमेशा प्रदोष काल (संध्या समय) में की जाती है। इस वर्ष शाम की पूजा के लिए भक्तों को पर्याप्त समय मिल रहा है।अहोई अष्टमी तिथि: रविवार, 1 नवंबर 2026अष्टमी तिथि प्रारंभ: 1 नवंबर 2026, दोपहर 02:51 बजेअष्टमी तिथि समाप्त: 2 नवंबर 2026, दोपहर 01:10 बजेपूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 05:35 बजे से लेकर शाम 06:54 बजे तक (कुल अवधि: लगभग 1 घंटा 19 मिनट)तारों को अर्घ्य देने का सर्वोत्तम समय और चंद्रोदय की टाइमिंगअहोई अष्टमी के व्रत में संध्या समय तारों को देखकर अर्घ्य देने की मुख्य परंपरा है। अधिकांश महिलाएं तारों को अर्घ्य देकर ही अपना उपवास खोलती हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में चंद्र दर्शन के बाद अर्घ्य देने का नियम भी माना जाता है।तारों को अर्घ्य देने का समय (Star Sighting Time): शाम 06:00 बजे के आसपास (सूर्यास्त के ठीक बाद जैसे ही आसमान में तारे दिखाई देने लगें, अर्घ्य दिया जा सकता है)।चंद्रोदय का समय (Moonrise Time): रात 11:05 बजे से 11:40 बजे के बीच (स्थान के अनुसार चंद्रोदय का समय भिन्न हो सकता है)।तारों को जल अर्पित करने के लिए तांबे या पीतल के लोटे में शुद्ध जल भरकर उसमें थोड़ा सा अक्षत (चावल), रोली और पुष्प मिला लें। इसके बाद पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुख करके तारों को जल चढ़ाएं और अपनी संतान की लंबी उम्र और खुशहाली की प्रार्थना करें।अहोई माता की पूजा विधि और व्रत कथा का धार्मिक महत्वअहोई अष्टमी की पूजा प्रक्रिया बेहद पवित्र और नियमबद्ध होती है। सुबह स्नान-ध्यान के बाद महिलाएं हाथ में जल लेकर निर्जला व्रत का संकल्प लेती हैं। शाम को पूजा स्थान की सफाई करके दीवार पर गेरू से अहोई माता और उनके सात पुत्रों के चित्र बनाए जाते हैं (आजकल बाजार में मिलने वाले कैलेंडर या तस्वीरों का उपयोग भी किया जाता है)।पूजा के दौरान अहोई माता के समक्ष शुद्ध देशी घी का दीपक जलाया जाता है। माता को जल, अक्षत, रोली, कुमकुम, फूल और कलावा (मौली) अर्पित किया जाता है। भोग के रूप में मीठे पुए, हलवा, आटे के खांडवी या दूध-चावल अर्पित करने की परंपरा है। पूजा के समय एक करवे या लोटे में जल भरकर रखा जाता है। इसके बाद हाथ में गेहूं के दाने या अक्षत लेकर अहोई अष्टमी की पौराणिक व्रत कथा सुनी जाती है। कथा पूर्ण होने के पश्चात अहोई माता की आरती उतारी जाती है और परिवार के बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया जाता है।माताओं के लिए जरूरी नियम: इन बातों का रखें विशेष ध्यानअहोई अष्टमी के पावन अवसर पर कुछ विशेष धार्मिक नियमों का पालन करना अनिवार्य माना जाता है ताकि व्रत का पूर्ण फल प्राप्त हो सके:कांस्य और मिट्टी के बर्तन का ध्यान: अर्घ्य देने के लिए हमेशा तांबे, पीतल या चांदी के लोटे का उपयोग करें, और शुद्ध जल का ही प्रयोग करें।सिलाई-कटाई से बचें: व्रत वाले दिन माताओं को सुई-धागे का उपयोग करने, कपड़े सिलने या किसी भी नुकीली चीज का इस्तेमाल करने से परहेज करना चाहिए।तामसिक भोजन से दूरी: घर में पूरी तरह सात्विक वातावरण बनाए रखें और किसी के प्रति मन में कड़वाहट या क्रोध न लाएं।स्याऊ माला धारण करना: कई क्षेत्रों में माताएं अहोई अष्टमी के दिन चांदी की गोलियों वाली 'स्याऊ माला' धारण करती हैं, जिसमें हर वर्ष संतान के नाम की चांदी की मनके जोड़ी जाती है।
भारत से खरीदकर ब्रिटेन ले गए ऑटो को फिर कहना पड़ा अलविदा, UK का कपल का हुआ निराश!
UK का भारत घूमने आया था और उसने तमिलनाडु में चेन्नई रजिस्टर्ड ऑटो खरीदा. इसके बाद उसने उस ऑटो से पूरे भारत में करीब 4000 किमी से ज्यादा सफर तय किया है.
सरकारी नौकरी नवंबर 2026: 44,000 से ज्यादा पदों पर बंपर भर्ती
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे देश के लाखों युवाओं के लिए नवंबर का महीना अवसरों की एक नई सौगात लेकर आया है। केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों के प्रमुख विभागों ने इस महीने कुल 44,000 से अधिक रिक्त पदों पर भर्तियों की आधिकारिक अधिसूचनाएं जारी की हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इनमें से अधिकांश भर्ती प्रक्रियाओं के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि इसी महीने (नवंबर 2026) समाप्त होने जा रही है। यदि आप भी सरकारी क्षेत्र में अपना करियर बनाने का सपना देख रहे हैं, तो बिना किसी देरी के अपनी योग्यता के अनुसार इन पदों के लिए तत्काल आवेदन कर लें। आइए जानते हैं कि किन-किन विभागों में यह वैकेंसियां निकली हैं, उनके लिए योग्यता क्या है और आवेदन की डेडलाइन कब तक है।शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में सबसे बड़ी भर्तियां, लाखों उम्मीदवारों को मौकानवंबर महीने की भर्तियों में सबसे बड़ा हिस्सा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र का है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की ओर से स्कूल शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE 4.0) के तहत 33,320 पदों पर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के शिक्षा बोर्डों व विश्वविद्यालयों में सहायक शिक्षकों और प्रोफेसरों के पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया जारी है। दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS), राज्य चिकित्सा सेवा परिषदों और विभिन्न अस्पतालों में मेडिकल ऑफिसरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की हजारों रिक्तियां भरी जा रही हैं। इच्छुक उम्मीदवार आयोगों की आधिकारिक वेबसाइटों पर जाकर जल्द से जल्द अपनी पात्रता जांचें और फॉर्म भरें।रेलवे, पुलिस, बैंक और सार्वजनिक उपक्रमों (PSU) में भी सुनहरा अवसरकेवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि भारतीय रेलवे, राज्य पुलिस बलों, प्रमुख बैंकों और पब्लिक सेक्टर की नवरत्न कंपनियों में भी भर्ती का बंपर दौर चल रहा है। ओडिशा अधीनस्थ कर्मचारी चयन आयोग (OSSSC), उत्तर प्रदेश पुलिस/लोक सेवा आयोग (UPPSC) तथा रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठनों (DRDO/BEL) में हजारों पदों पर युवाओं की भर्ती की जा रही है। ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) में 3,000 से अधिक अप्रेंटिस पदों के साथ-साथ भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) में प्रोबेशनरी इंजीनियरों के पदों पर आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। इसके अलावा रेलवे और सार्वजनिक बैंकों में स्पेशलिस्ट अधिकारियों और टेक्नीशियनों के पदों के लिए भी प्रक्रिया चल रही है।शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और आवेदन प्रक्रिया का पूरा ब्योराइन 44,000+ पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता 10वीं व 12वीं पास से लेकर स्नातक (Graduation), बी.टेक (B.Tech), बी.एड (B.Ed) और स्नातकोत्तर (Post Graduate) डिग्री धारकों के लिए अलग-अलग निर्धारित की गई है। आयु सीमा की बात करें तो न्यूनतम 18 वर्ष से लेकर अधिकतम 35 से 40 वर्ष तक के उम्मीदवार विभिन्न पदों के अनुसार आवेदन करने के पात्र हैं (आरक्षित वर्गों के लिए नियमानुसार छूट का प्रावधान है)। आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को केवल संबंधित विभाग या आयोग की अधिकृत वेबसाइट पर ही जाना चाहिए। फर्जी वेबसाइटों या किसी भी प्रकार के मध्यस्थों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।अंतिम तिथि से पहले ऐसे करें आवेदन, इन जरूरी बातों का रखें ध्यानचूंकि लगभग सभी प्रमुख भर्तियों की लास्ट डेट 15 नवंबर से 30 नवंबर 2026 के बीच ही है, इसलिए अंतिम दिनों में सर्वर पर अधिक ट्रैफिक होने से फॉर्म सबमिट करने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।दस्तावेज पहले से तैयार रखें: आवेदन करने से पहले अपनी फोटो, डिजिटल हस्ताक्षर, 10वीं/12वीं/ग्रेजुएशन की मार्कशीट, जाति प्रमाण पत्र और पहचान पत्र की स्कैन कॉपी सुरक्षित रख लें।नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ें: फॉर्म भरने से पहले संबंधित भर्ती की आधिकारिक नोटिफिकेशन (PDF) डाउनलोड करके पात्रता नियमों को ध्यानपूर्वक समझें।फीस भुगतान और प्रिंटआउट: फॉर्म पूरा भरने और फीस जमा करने के बाद सबमिट किए गए आवेदन पत्र का एक प्रिंटआउट अपने पास भविष्य के लिए संभालकर जरूर रखें।समय रहते आवेदन की यह सतर्कता आपकी वर्षों की मेहनत को सफलता में बदलने का पहला कदम साबित हो सकती है।
केजरीवाल के साथ मीटिंग फिर आप ने जारी की पंजाब चुनावों के लिए 40 कैंडिडेट की लिस्ट
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की सियासी सरगर्मियों के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) ने चुनाव की तारीखों के औपचारिक ऐलान से काफी पहले अपनी 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) की मैराथन बैठक के बाद इस लिस्ट पर अंतिम मुहर लगाई गई। इस सूची की सबसे बड़ी बात यह है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) को एक बार फिर उनकी पारंपरिक सीट धूरी से मैदान में उतारा गया है। चुनाव से महीनों पहले उम्मीदवारों की घोषणा कर आम आदमी पार्टी ने न केवल अपने विरोधियों को चौंका दिया है, बल्कि पंजाब की राजनीति में पहला बड़ा दांव भी खेल दिया है। आइए समझते हैं कि केजरीवाल और मान की इस खास मीटिंग के पीछे की पूरी 'इनसाइड स्टोरी' क्या है और किस रणनीति के तहत इन 40 नामों पर फैसला लिया गया है।केजरीवाल की PAC मीटिंग और पंजाब लिस्ट की इनसाइड स्टोरीदिल्ली में अरविंद केजरीवाल के आवास पर बुलाई गई इस अहम पीएसी (PAC) बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान और पार्टी के शीर्ष रणनीतिकार मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार, बैठक में केवल नामों की घोषणा पर चर्चा नहीं हुई, बल्कि पंजाब में सत्ता विरोधी लहर (Anti-Incumbency) से निपटने और जमीनी हकीकत का जायजा लेने के लिए तैयार की गई आंतरिक सर्वे रिपोर्ट (Internal Survey Reports) की गहन समीक्षा की गई।पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि पहली लिस्ट में उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है जहां आम आदमी पार्टी का संगठन बेहद मजबूत है और जहां स्थानीय स्तर पर कोई अंदरूनी गुटबाजी या दावेदारी का विवाद नहीं था। पहली सूची में 37 निवर्तमान विधायकों को दोबारा टिकट देकर और 3 उपचुनाव जीतने वाले विधायकों को बरकरार रखकर पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं में एक कड़ा और सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया है कि अच्छा काम करने वाले जनप्रतिनिधियों पर पार्टी का भरोसा कायम है।इंटरनल सर्वे और जनता की राय पर लगी मुहर, भगवंत मान का दावापहली सूची के सामने आने के तुरंत बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता को रेखांकित किया। सीएम मान ने स्पष्ट किया कि उम्मीदवारों का चयन किसी कमरे में बैठकर नहीं, बल्कि सीधे जनता के फीडबैक और व्यापक सर्वे के आधार पर किया गया है। उन्होंने कहा कि जिन विधायकों और नेताओं के कामकाज से जनता पूरी तरह संतुष्ट पाई गई और जिनकी स्वीकार्यता सबसे अधिक रही, उन्हें ही पीएसी ने हरी झंडी दी है।आम आदमी पार्टी की इस शुरुआती 40 प्रत्याशियों की सूची में क्षेत्रीय संतुलन का भी खास ध्यान रखा गया है। मालवा (Malwa) अंचल से सबसे ज्यादा 27 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा गया है, जबकि दोआबा (Doaba) से 8 और माझा (Majha) क्षेत्र से 5 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। इसके साथ ही सूची में 4 महिला उम्मीदवारों को मौका दिया गया है और 7 सुरक्षित (SC Reserved) सीटों पर भी सशक्त चेहरों को टिकट सौंपा गया है।विपक्ष पर शुरुआती बढ़त की रणनीति और 'फर्स्ट मूवर एडवांटेज'राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आम आदमी पार्टी द्वारा चुनाव से काफी पहले 40 उम्मीदवारों की घोषणा करने के पीछे एक सुनियोजित चुनावी रणनीति काम कर रही है।कैंपेन के लिए पर्याप्त समय: समय से पहले प्रत्याशियों की घोषणा होने से उम्मीदवारों को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में घर-घर जाकर डोर-टू-डोर प्रचार करने और अपनी सरकार के रिपोर्ट कार्ड को जनता तक पहुंचाने का पूरा अवसर मिलेगा।विरोधी खेमे में हलचल: जहां कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा अभी अपने गठबंधन और अंदरूनी टिकट बंटवारे पर माथापच्ची कर रही हैं, वहीं आप ने पहला दांव खेलकर 'फर्स्ट मूवर एडवांटेज' (First Mover Advantage) हासिल कर लिया है।अंदरूनी असंतोष को समय रहते साधना: शुरुआती चरणों में सीटें घोषित करने से अगर किसी क्षेत्र में थोड़ा-बहुत मनमुटाव या नाराजगी उभरती भी है, तो पार्टी नेतृत्व के पास चुनाव प्रचार जोर पकड़ने से पहले उसे सुलझाने का पर्याप्त समय रहेगा।क्या दोबारा लहराएगा आप का परचम? आगे की राह और चुनौतियांवर्ष 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 117 में से 92 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज कर प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाई थी। अब 2027 के महासमर में पार्टी अपने 'फ्री बिजली', नहर के पानी की उपलब्धता, मोहल्ला क्लिनिक और महिलाओं को मिलने वाली वित्तीय सहायता जैसी लोक-कल्याणकारी योजनाओं के बलबूते फिर से सत्ता में वापसी का दावा ठोक रही है।हालांकि, आने वाली सूचियों में नए चेहरों को शामिल करने और बाकी 77 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय करना पार्टी नेतृत्व के लिए एक बड़ी परीक्षा होगी। लेकिन केजरीवाल और भगवंत मान की इस शुरुआती चाल ने यह साफ कर दिया है कि आम आदमी पार्टी अपने गढ़ पंजाब को बचाने के लिए पूरी तैयारी और आक्रामक रणनीति के साथ चुनावी समर में उतर चुकी है।
पंचकूला स्कूल में छात्र के जानलेवा हमले से घायल बच्ची को 35.5 घंटे बाद आया होश
हरियाणा के पंचकूला (Panchkula) जिले के एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल में हुई खौफनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। कक्षा के भीतर एक सीनियर छात्र द्वारा बेरहमी से किए गए जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल हुई मासूम बच्ची को आखिरकार हादसे के लगभग 35.5 घंटे बाद अस्पताल में होश आ गया है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से ही पीड़ित परिवार और पूरे शहर में मातम और गुस्से का माहौल बना हुआ था। डॉक्टरों की एक विशेष टीम लगातार बच्ची की स्थिति पर नजर बनाए हुए है, और होश आने के बाद उसकी रिकवरी को लेकर कुछ राहत भरी खबरें सामने आई हैं। हालांकि, इस दर्दनाक घटना ने स्कूलों के भीतर बच्चों की सुरक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक गंभीर राष्ट्रीय बहस छेड़ दी है। आइए जानते हैं कि इस पूरे मामले में ताजा मेडिकल अपडेट क्या है और बाल मनोविज्ञान के विशेषज्ञों ने बच्चों में बढ़ते इस बेकाबू गुस्से को लेकर क्या अहम खुलासे किए हैं।35 घंटे का संघर्ष और डॉक्टर की निगरानी में बच्ची का इलाजघटना के तुरंत बाद बच्ची को अत्यधिक गंभीर हालत में शहर के एक नजदीकी अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया था। सिर और शरीर के अन्य संवेदनशील हिस्सों में गहरी चोटें आने के कारण उसकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई थी और वह लगातार अचेत अवस्था में थी। न्यूरोसर्जन और क्रिटिकल केयर एक्सपर्ट्स की देखरेख में उसका इलाज चल रहा था। लगातार 35.5 घंटों के कड़े संघर्ष और प्रार्थनाओं के बाद आखिरकार बच्ची ने अपनी आंखें खोलीं और डॉक्टरों की शुरुआती प्रतिक्रियाओं के अनुसार उसने अपने परिजनों को पहचानना शुरू कर दिया है। डॉक्टरों का कहना है कि अगले 48 से 72 घंटे अभी भी बेहद संवेदनशील हैं, क्योंकि सिर पर लगे आघात के कारण किसी भी तरह की आंतरिक जटिलता से बचने के लिए उसे गहन निगरानी में रखा जा रहा है।क्या है पंचकूला स्कूल कांड की पूरी पृष्ठभूमि?यह भयावह घटना पंचकूला के एक जाने-माने स्कूल के अंदर उस समय घटी जब एक छात्र ने कथित तौर पर मामूली विवाद या आक्रामकता के चलते एक छोटी बच्ची पर घातक हथियार से हमला कर दिया। स्कूल परिसर के भीतर इस तरह की हिंसक वारदात ने इस बात पर सवालिया निशान लगा दिया है कि शिक्षण संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा के दावे कितने खोखले साबित हो रहे हैं। घटना के बाद से ही आक्रोशित अभिभावक स्कूल प्रबंधन की लापरवाही के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं और कड़े एक्शन की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी छात्र को हिरासत में ले लिया है और किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act) के तहत मामले की गहन छानबीन की जा रही है। स्कूल प्रशासन की भूमिका को लेकर भी जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग द्वारा उच्चस्तरीय जांच बैठा दी गई है।बच्चों में बढ़ते हिंसक गुस्से और एग्रेशन पर क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद देश भर के चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट (Child Psychologists) और मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट्स गंभीर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आज की युवा पीढ़ी और स्कूली बच्चों में सहनशीलता (Tolerance) की भारी कमी देखने को मिल रही है। इसके पीछे कई मुख्य कारण जिम्मेदार हैं:स्क्रीन टाइम और हिंसक वीडियो गेम: मोबाइल और लैपटॉप पर लगातार खेले जाने वाले हिंसक वीडियो गेम्स और बिना फिल्टर के मिलने वाला सोशल मीडिया कंटेंट बच्चों के कोमल दिमाग पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है।बढ़ता मानसिक तनाव और अकादमिक दबाव: पढ़ाई का अत्यधिक बोझ, प्रतिस्पर्धा और माता-पिता की उम्मीदों का दबाव बच्चों को भीतर से कुंठित कर रहा है, जिसे वे कई बार गुस्से या हिंसा के रूप में बाहर निकालते हैं।संवादहीनता और पैरेंटिंग में गैप: व्यस्त जीवनशैली के चलते माता-पिता बच्चों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय नहीं बिता पाते, जिससे बच्चे अपनी भावनाओं को सही तरीके से नियंत्रित करना नहीं सीख पाते।विशेषज्ञों का सुझाव है कि स्कूलों और घरों दोनों स्तरों पर बच्चों की काउंसलिंग नियमित रूप से होनी चाहिए ताकि उनके भीतर पनप रहे किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव या आक्रामकता को समय रहते पहचाना और सुधारा जा सके।समाज और शिक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ी चेतावनीपंचकूला की यह घटना केवल एक स्कूल या एक परिवार का दुखद हादसा नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक वेक-अप कॉल है। जब स्कूल जैसे मंदिर जैसे स्थान सुरक्षित नहीं रह जाते, तो भविष्य की पीढ़ियों की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिह्न लग जाता है। अभिभावक, स्कूल प्रशासन और सरकार—तीनों को मिलकर एक ऐसा मजबूत सुरक्षा चक्र तैयार करना होगा जहां इस तरह की घटनाओं की कोई गुंजाइश न बचे। मासूम बच्ची की रिकवरी की खबर ने थोड़ी राहत जरूर दी है, लेकिन इस बात की सख्त जरूरत है कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और स्कूल की सुरक्षा नीतियों पर अब बिना किसी देरी के ठोस कदम उठाए जाएं ताकि किसी और मासूम को इस तरह के खौफनाक दौर से न गुजरना पड़े।
उमरेड के जंगल में जन्मा बाघ का बच्चा पेंच पहुंचा, अब रास्ते की तलाश
महाराष्ट्र के उमरेड-करहांडला वन्यजीव अभयारण्य में जन्मा बाघ का एक बच्चा पेंच टाइगर रिजर्व में दिखाई दिया है. 29 अक्टूबर को चोरबहुली गेट के पास उसकी मौजूदगी थी. वन विभाग इसे बाघों के एक जंगल से दूसरे जंगल तक पहुंचने का अच्छा संकेत मान रहा है. इससे दोनों जंगलों के बीच संभावित वाइल्डलाइफ कॉरिडोर को लेकर भी उम्मीद जगी है.
बावुमा को ट्रोल करना पड़ा भारी! ऑस्ट्रेलिया से छिनी नंबर-1 की कुर्सी
पहले टेस्ट के बाद ट्रेविस हेड ने साउथ अफ्रीकी कप्तान टेम्बा बावुमा का मजाक उड़़ाया था, जिसके चलते वो सुर्खियों में आ गए थे. लेकिन सीरीज के अंत तक मैदान पर साउथ अफ्रीका का प्रदर्शन ही सबसे बड़ा जवाब बन गया.
फराह खान और उनके कुक दिलीप के बीच हुआ झगड़ा
बॉलीवुड की मशहूर फिल्ममेकर और कोरियोग्राफर फराह खान (Farah Khan) सोशल मीडिया पर अपने अतरंगी अंदाज और मजेदार कंटेंट के लिए काफी लोकप्रिय हैं। पिछले कुछ समय से फराह और उनके घरेलू कुक दिलीप (Dilip) का अनोखा तालमेल दर्शकों को खूब पसंद आ रहा है। फराह अक्सर अपने यूट्यूब चैनल और इंस्टाग्राम पर दिलीप के साथ मजेदार वीडियो और कुकिंग कुकिंग व्लॉग्स शेयर करती रहती हैं, जिन्हें लाखों लोग चाव से देखते हैं। हालांकि, हाल ही में इंटरनेट पर एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ जिसके बाद दोनों के बीच अनबन और झगड़े की खबरें तेजी से उड़ने लगीं। इस वायरल वीडियो को लेकर जब सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं, तो फराह खान को खुद सामने आकर इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़नी पड़ी। फराह ने न सिर्फ झगड़े की अफवाहों को खारिज किया, बल्कि अपने फैंस से भी एक खास अपील की है।वायरल वीडियो से शुरू हुआ विवाद और सोशल मीडिया पर लगी अटकलों की झड़ीदरअसल, बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक संक्षिप्त वीडियो क्लिप तेजी से वायरल होने लगी, जिसमें फराह खान और उनके लंबे समय से साथ काम कर रहे कुक दिलीप के बीच बहस होती दिख रही थी। वीडियो के सामने आते ही नेटिजन्स और फैंस के बीच हलचल मच गई। कई यूजर्स ने अंदाजा लगाना शुरू कर दिया कि शायद दोनों के बीच रिश्ते खराब हो चुके हैं या फिर सालों पुराना यह साथ अब खत्म होने की कगार पर है। कुछ लोगों ने तो कमेंट सेक्शन में यहां तक लिख दिया कि फराह अपने कुक के साथ सख्त व्यवहार कर रही हैं। इंटरनेट पर जब किसी बात को लेकर गॉसिप शुरू होती है, तो वह जंगल की आग की तरह फैलती है। फराह खान और दिलीप के इस कथित विवाद ने भी रातों-रात इंटरनेट पर खूब सुर्खियां बटोरीं, जिससे फराह के फैंस काफी चिंतित हो गए थे।फराह खान ने तोड़ी चुप्पी, कहा- 'वीडियो देखकर किसी नतीजे पर न पहुंचे'इस पूरे विवाद पर विराम लगाते हुए फराह खान ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी और फैंस को असलियत से रूबरू कराया। फराह ने स्पष्ट किया कि जो कुछ भी इंटरनेट पर दिख रहा है, वह आधा-अध अधूरा या फिर गलत तरीके से लिया गया मतलब हो सकता है। उन्होंने अपने फैंस और फॉलोअर्स से अपील करते हुए कहा, कृपया केवल एक छोटी सी क्लिप देखकर किसी भी नतीजे पर न पहुंचे। दिलीप सिर्फ मेरा कुक नहीं है, बल्कि वह मेरे परिवार के एक सदस्य की तरह है। हम अक्सर एक-दूसरे के साथ हंसी-मजाक करते हैं और वीडियो के पीछे की पूरी कहानी जाने बिना कोई धारणा बनाना सही नहीं है। फराह के इस बयान के बाद उनके फैंस ने राहत की सांस ली है, क्योंकि दोनों का यह अनोखा रिश्ता उनके प्रशंसकों के बीच बेहद लोकप्रिय रहा है।कौन हैं दिलीप और कैसे बनी फराह खान के साथ उनकी जोड़ी?फराह खान के कुक दिलीप केवल एक शेफ नहीं हैं, बल्कि वे अब एक सोशल मीडिया स्टार बन चुके हैं। फराह के व्लॉग्स में दिलीप की मासूमियत, फराह का उनके साथ दोस्ताना अंदाज और उनका मजेदार कुकिंग टैलेंट लोगों को बेहद पसंद आता है। दिलीप सालों से फराह के घर पर काम कर रहे हैं और बॉलीवुड की कई बड़ी हस्तियों को अपने हाथों का स्वादिष्ट खाना खिला चुके हैं। जब फराह ने यूट्यूब की दुनिया में कदम रखा, तो दिलीप उनके हर वीडियो का मुख्य आकर्षण बन गए। दोनों के बीच की केमिस्ट्री और मजेदार नोंक-झोंक ने दिलीप को घर-घर में पहचान दिला दी। यही वजह है कि जब दोनों के बीच विवाद की खबर आई, तो फैंस को धक्का लगा था।एंटरटेनमेंट और इंटरनेट गॉसिप का सच, फैंस ने फराह का किया समर्थनबॉलीवुड की दुनिया में कई बार छोटी-छोटी बातों को राई का पहाड़ बना दिया जाता है। फराह खान ने अपने इस कदम से यह साबित कर दिया है कि वे अपनी निजी और प्रोफेशनल जिंदगी से जुड़ी अफवाहों को बढ़ावा नहीं देना चाहतीं। फराह के इस बयान के बाद उनके प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर उनका जमकर समर्थन किया है। कई यूजर्स ने लिखा कि आधी-अधूरी जानकारी के आधार पर किसी को जज करना गलत है और फराह व दिलीप का रिश्ता बेहद प्यारा है। फिलहाल यह साफ हो गया है कि दोनों के बीच कोई कड़वाहट नहीं है और दर्शक बहुत जल्द अपने पसंदीदा यूट्यूब चैनल पर फराह और दिलीप को एक बार फिर से एक साथ मजेदार अंदाज में कुकिंग करते और चुटकुलों पर हंसते हुए देख सकेंगे।
'बिकिनी पहनूंगी, किसी के बाप का क्या', बोली- 'TV की संस्कारी बहू'
2016 में मॉरीशस वेकेशन के दौरान उन्होंने बिकिनी में कुछ तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर कीं, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर ट्रोल किया गया.
सोनू निगम बॉलीवुड के जाने माने सिंगर हैं, जिन्होंने 90 के दशक में अपना करियर शुरू किया था. लेकिन 2000 में अपने रोमांटिक गानों से फैंस का दिल जीत लिया. उन्होंने अपने करियर में 6000 से ज्यादा गाने 32 भाषाओं में गाए.
DSP प्रेम कुमार का PM-KISAN योजना में सबसे बड़ा खुलासा, 4 राज्यों में चलाया ऑपरेशन शटर डाउन
DSP प्रेम कुमार को केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक-2026 से सम्मानित किया गया है. राजस्थान पुलिस में डीएसपी प्रेम कुमार और उनकी टीम झालावाड़ पुलिस ने सरकारी योजनाओं में फर्जी लाभार्थी जोड़कर करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले नेटवर्क का खुलासा किया. इसके लिए चार राज्यों में ऑपरेशन शटर डाउन चलाया.
दिल्ली के रामलीला मैदान में आज, 1 नवंबर को विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक की बड़ी रैली हो रही है। इस रैली के जरिए विपक्ष कथित वोट चोरी, मतदाता सूची में गड़बड़ी और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधेगा। विपक्ष की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है। रैली में विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ छात्र संगठनों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं के भी रैली में पहुंचने की संभावना है। कनॉट प्लेस से रामलीला मैदान तक निकलेगी रैली इस रैली की शुरुआत कनॉट प्लेस से होगी। यहां से रैली मिंटो रोड जंक्शन और अजमेरी गेट होते हुए रामलीला मैदान पहुंचेगी। रैली को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं। इसे भी पढ़ें: दवा मंजूरी रिश्वत मामले में CDSCO के पूर्व संयुक्त औषधि नियंत्रक समेत चार लोग Delhi Court से बरी रामलीला मैदान में जुटने लगे विपक्षी नेता और कार्यकर्ता रामलीला मैदान में कांग्रेस और विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता पहुंचने लगे हैं। कुछ देर बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी मंच पर पहुंचेंगे। 200 से 250 सीसीटीवी कैमरों से रखी जाएगी नजर रैली की सुरक्षा को लेकर डीसीपी सेंट्रल रोहित राजबीर ने बताया कि पूरे इलाके में 200 से 250 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। आयोजकों ने भी अपना कंट्रोल रूम बनाया है। उन्होंने कहा, हम पूरे इलाके की सुरक्षा पक्की करने के लिए आयोजकों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Delhi के Mangolpuri में जूता फैक्टरी में लगी आग, चार लोगों की मौत के बाद उठे सवाल 10 लाख लोगों के आने का दावा, पुलिस को 70 हजार की उम्मीद INDIA गठबंधन की ओर से रैली में 10 लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है। वहीं, दिल्ली पुलिस को मिले खुफिया इनपुट के मुताबिक, रैली में करीब 70 हजार लोगों के आने की संभावना है। सुरक्षा में तैनात रहेंगे 4 हजार पुलिसकर्मी दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान में होने वाली कांग्रेस की रैली के लिए बड़े स्तर पर सुरक्षा इंतजाम किए हैं। दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए 4,000 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इसके अलावा 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों से पूरे इलाके पर नजर रखी जाएगी।
जालंधर में दर्दनाक सड़क हादसा! बर्थडे पार्टी से घर लौट रहे 2 दोस्तों की मौत
जालंधर में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात दर्दनाक सड़क हादसे में दो दोस्तों की मौत हो गई. दोनों दोस्त फॉक्सवैगन कार से बर्थडे पार्टी से घर लौट रहे थे. पुलिस लाइन के पास फ्लाईओवर पर उनकी कार नगर निगम की खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से घुस गई. हादसे में विदित ओलक और आरव तलवाड़ की जान चली गई.
20 दिन में 10 घरों में चोरी, पुलिस ने 'बुर्के वाली चोरनी' समेत दो को पकड़ा; ऑनलाइन खोजे थे तरीके
हैदराबाद में चोरी का बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक महिलाओं ने बुर्के की आड़ में 20 दिन में चोरी की 10 बड़ी वारदातों को अंजाम दिया है. जिसमें उसने 37 तोला सोने के जेवरातों पर हाथ साफ किया है.
अब माता-पिता के साथ रहने वाली आश्रित विधवा और तलाकशुदा बेटियों को उनके परिवार के केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) कार्ड में शामिल करने की अनुमति दे दी गई है.
महंगे हिट-क्लीनर छोड़ें, घर में 3 चीजों से बनाएं कॉकरोच किलर स्प्रे
How to get rid of cockroach: अगर आपके घर में भी छोटे-बड़े कॉकरोच हो गए हैं और आप उन्हें मारने के लिए महंगे हिट और क्लीनर खरीदकर परेशान हो गए हैं तो यहां हम आपको घर की 3 चीजों से कॉकरोच किलर स्प्रे बनाने का तरीका बता रहे हैं.
पति IAS, पत्नी IPS; 6.16 करोड़ में खरीदी 40 विला, 1.8 करोड़ मिलेगा रेंट
समझौतों के तहत 1.80 करोड़ रुपये का सालाना किराया मिलना तय हुआ। उदयपुर के कॉटेज से 80 लाख रुपये और अलवर के विला से 1 करोड़ रुपये सालाना देने की बात पर दोनों के बीच सहमति बनी।
INDIA Bloc Rally LIVE Updates: राजधानी दिल्ली का रामलीला मैदान आज विपक्ष की महारैली का गवाह बनने जा रहा है. जिसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव समेत कई नेता शामिल होंगे. पढ़ें इस रैली के पल-पल के अपडेट्स.
दिल्ली में गैर बीएस 6 वाहनों पर प्रतिबंध लग जाने से हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड जैसे राज्यों से फल-सब्जी, दूध और अन्य आवश्यक सामानों की आपूर्ति गड़बड़ा सकती है. ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने सरकार से इस पर पुनर्विचार का अनुरोध किया है.
अभिजीत दीपके ने बताया- क्यों CJP ने रामलीला मैदान में विपक्ष की रैली से बनाई दूरी
अभिजीत दीपके ने कहा कि हम प्रदर्शन का समर्थन करते हैं और उसके प्रति एकजुटता जताते हैं, लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी एक स्वतंत्र संगठन है. यह एक तटस्थ मंच है और हम इसे ऐसा ही बनाए रखना चाहते हैं.
कांग्रेस का दावा- 10 लाख लोग आ रहे... BJP बोली- रामलीला मैदान में फिर से 'ठगों का मेला'
दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित INDIA गठबंधन की महारैली से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. कांग्रेस और विपक्षी दलों ने रैली में 10 लाख लोगों के जुटने का दावा किया है, जबकि बीजेपी ने इसे राहुल गांधी की री-लॉन्चिंग की कोशिश बताया है.
लखनऊ में दिनदहाड़े युवक की चाकू मारकर हत्या, सामने आया CCTV
लखनऊ के सआदतगंज इलाके में रेहान नाम के युवक की चाकुओं से गोदकर दिनदहाड़े हत्या कर दी गई. हत्या के बाद भागते आरोपी का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है.
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष ने बुलाई मॉक संसद, पास किया महाभियोग प्रस्ताव
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन ने मॉक संसद आयोजित की. इस दौरान विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए एक प्रतीकात्मक महाभियोग प्रस्ताव पारित किया. पूर्व स्पीकर मीरा कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत 21 दलों के नेता शामिल हुए.
शादी के बंधन में बंधे उमर अब्दुल्ला और निधि राजदान, दिल्ली में रखा गया ग्रैंड रिसेप्शन
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पत्रकार निधि राजदान से शादी कर ली है. इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया के ज़रिए तस्वीरें शेयर कर दी. शादी के बाद दिल्ली के जेके हाउस में एक हाई-प्रोफाइल रिसेप्शन आयोजित किया गया, जिसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, महबूबा मुफ्ती समेत सिर्फ 71 खास मेहमान शामिल हुए. उमर अब्दुल्ला का अपनी पहली पत्नी पायल नाथ से कानूनी रूप से तलाक हो चुका है, जिसके बाद उन्होंने निधि राजदान के साथ जीवन का नया सफर शुरू किया है.
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 30 अक्टूबर को वरिष्ठ पत्रकार निधि राजदान से दूसरी शादी की।
जेल से रिहा होते ही आजम खान को ED ने फिर क्यों पकड़ा?
31 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद सपा नेता आजम खान रामपुर जेल से रिहा हुए, लेकिन जेल से बाहर निकलते ही ED ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अब ED उन्हें 1 नवंबर सुबह करीब 10 बजे कोर्ट में पेश कर कस्टडी की मांग करेगी।
पहाड़ों पर शुरू हुई बर्फबारी, केदारनाथ में दिखा खूबसूरत नजारा, Video
उत्तर भारत के पहाड़ों पर समय से पहले बर्फबारी शुरू हो गई है. उत्तराखंड के केदारनाथ धाम, गंगोत्री और गोमुख में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है. हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के द्रास और जोजिला पास में ताजा हिमपात से तापमान में भारी गिरावट आई है. मौसम विभाग ने ऊंचाई वाले इलाकों में आगे भी बर्फबारी जारी रहने की संभावना जताई है.
Kerala: वीणा जॉर्ज पर Kannur में नहीं हुआ था कोई हमला, SIT जांच में KSU कार्यकर्ताओं को मिली राहत
तिरुवनंतपुरम, एक नवंबर केरल की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज पर कन्नूर रेलवे स्टेशन पर केरल छात्र संघ (केएसयू) के कार्यकर्ताओं द्वारा कथित हमले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उन पर कोई हमला नहीं हुआ था। सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। केरल सशस्त्र पुलिस बटालियन के कमांडेंट यू प्रेमन के नेतृत्व वाली एसआईटी ने हाल ही में अपनी रिपोर्ट राज्य के पुलिस प्रमुख रवाडा ए चंद्रशेखर को सौंप दी। पुलिस प्रमुख ने इस मामले की आगे जांच के आदेश दिए थे। अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान एसआईटी ने जॉर्ज, उनके सुरक्षा कर्मियों और मामले की शुरुआती जांच करके आरोपपत्र दाखिल करने वाले पुलिस अधिकारियों के बयान दर्ज किए। सूत्रों ने बताया कि एसआईटी ने पाया कि जॉर्ज पर कथित तौर पर किसी हथियार से हमला नहीं किया गया था। सूत्रों ने बताया कि केएसयू कार्यकर्ता उनके पास तक भी नहीं पहुंच सके थे, क्योंकि सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें बीच में ही रोक दिया था। केएसयू कांग्रेस की छात्र इकाई है। रिपोर्ट के आधार पर राज्य के पुलिस प्रमुख आगे की कार्रवाई पर फैसला करेंगे। इसमें जॉर्ज के पूर्व निजी सुरक्षा गार्ड के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शामिल हो सकती है। उसी के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें जॉर्ज पर एक हथियार से हमला किए जाने का आरोप लगाया गया था। सूत्रों के मुताबिक, मामले की शुरुआती जांच करने और केएसयू कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। यह मामला 25 फरवरी को कन्नूर रेलवे स्टेशन पर जॉर्ज के खिलाफ काले झंडे दिखाकर किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद दर्ज किया गया था। उस समय वह राज्य की स्वास्थ्य मंत्री थीं। पांच केएसयू कार्यकर्ताओं ने कथित चिकित्सकीय लापरवाही के विरोध में कन्नूर रेलवे स्टेशन पर जॉर्ज के पहुंचने पर उनके सामने प्रदर्शन किया था। जॉर्ज वहां से ट्रेन पकड़ने पहुंची थीं। बाद में जॉर्ज ने गर्दन में दर्द की शिकायत की और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके निजी सुरक्षा गार्ड की शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करके पांचों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि घटना में एक हथियार का इस्तेमाल किया गया था। केएसयू कार्यकर्ताओं ने मामले में साजिश का आरोप लगाते हुए दावा किया था कि वे जॉर्ज के पास पहुंचे ही नहीं थे और पुलिस ने उन्हें रोक दिया था। मामले की दोबारा जांच की मांग उस समय तेज हो गई थी, जब जून में जांच दल द्वारा अदालत में आरोपपत्र दाखिल किए जाने के दौरान हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर आरोप हटा दिए गए थे। राज्य में यूडीएफ सरकार के सत्ता में आने के बाद गृह विभाग ने तीन अगस्त को एसआईटी का गठन किया और मामले के सभी पहलुओं का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच के आदेश दिए।
दिल्ली से गुवाहाटी आठ घंटे का सफर: सीएम हिमंत ने एक्स पर जनता को दी खुशखबरी, पीएम मोदी के लिए कही ये बात Eight-hour journey from Delhi to Guwahati CM Himanta shares good news public X makes remarks about PM Modi
'लग्जरी के बजाय मिला लेमन'! कंपनी ने लॉन्च की नई कार, इस कारोबारी ने बखिया उधेड़ दी
Gautam Singhania Maserati: रेमंड ग्रुप के चेयरमैन और अरबपति कारोबारी गौतम सिंघानिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर Maserati की सर्विस को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि, लग्जरी के लिए पैसे दिए और मिला लेमन.
हरियाणा के पंचकूला स्थित एक स्कूल में छह साल की बच्ची के साथ कथित तौर पर बेहद गंभीर मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले 8 साल के एक छात्र ने स्कूल की पहली मंजिल पर स्थित कमरे में बच्ची को बेरहमी से पीटा। घटना 28 ...
गुरु गोचर ने पलटी 5 राशियों की किस्मत! 87 दिनों तक बरसेगा पैसा
Guru Gochar 2026: गुरु गोचर 2026 से अगले 87 दिनों तक मेष, कर्क, सिंह समेत 5 राशियों को करियर, धन और पारिवारिक जीवन में लाभ मिलने के संकेत हैं. जानें किन राशियों की चमकेगी किस्मत.
तस्वीर में कहां छिपी हैं 5 बिल्लियां? नजरें तेज हैं तो खोजकर दिखाओ!
एक पुरानी दुकान की तस्वीर में 5 बिल्लियां इस तरह छिपाई गई हैं कि उन्हें पहली नजर में पहचानना आसान नहीं है. आपको सिर्फ 10 सेकंड में सभी बिल्लियों को ढूंढना है. क्या आपकी नजरें इतनी तेज हैं कि आप इस मजेदार ऑप्टिकल इल्यूजन को हल कर सकते हैं?
Tejashwi Yadav ने निर्दलीय MLCs के BJP में जाने पर उठाई अयोग्यता की मांग
(फाइल फोटो के साथ)पटना, एक नवंबर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर बिहार विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) निर्वाचित होने के एक हफ्ते से भी कम समय बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की घोषणा करने वाले बंसीधर ब्रजवासी और राहुल राज को अयोग्य घोषित करने की मांग की है। राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शनिवार देर रात एक बयान जारी कर यह मांग की। इससे कुछ घंटे पहले ही ब्रजवासी और राज ने भाजपा कार्यालय के बाहर पार्टी में शामिल होने की घोषणा की थी, जहां उन्होंने सदस्यता की पर्चियां लिए हुए तस्वीरें भी खिंचवाईं। राजद नेता ने कहा कि दोनों नवनिर्वाचित विधान परिषद के सदस्यों को दल-बदल विरोधी कानून का ‘‘उल्लंघन’’ करने के लिए अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने भाजपा पर ‘‘संविधान का मजाक बनाने’’ का आरोप भी लगाया। यादव ने कहा, ‘‘विधान परिषद के दोनों नवनिर्वाचित सदस्यों ने औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल होने का फैसला किया है। निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुने जाने के बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल होने का उनका यह कदम, भारत के संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्यता के प्रावधानों के दायरे में आता है।’’पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दसवीं अनुसूची के पैरा 2(2) में स्पष्ट प्रावधान है कि निर्दलीय निर्वाचित कोई भी सदस्य चुनाव के बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल होता है तो उसे सदन की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘संविधान के अनुच्छेद 191(2) के अनुसार दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्य ठहराया गया सदस्य राज्य विधानमंडल का सदस्य बने रहने के योग्य नहीं रहता। दसवीं अनुसूची का पैरा 6(1) दल-बदल के आधार पर अयोग्यता से जुड़े सवालों पर फैसला लेने का अधिकार विधान परिषद के सभापति को देता है।’’यादव ने कहा कि निर्दलीय निर्वाचित होने के बाद दोनों सदस्यों का भाजपा में शामिल होना स्पष्ट रूप से ‘‘दल-बदल के आधार पर अयोग्यता से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों के दायरे में आता है।’’राजद नेता ने आरोप लगाया, ‘‘कुछ साल पहले विपक्ष के कई विधायक पाला बदलकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल हो गए थे लेकिन संबंधित दलों की ओर से लिखित शिकायतें दिए जाने के बावजूद भाजपा अध्यक्ष ने उनकी सदस्यता रद्द नहीं की। हालिया उदाहरण साहिबगंज के विधायक राजू सिंह (भाजपा) का है जो दिल्ली की एक अदालत द्वारा काफी पहले दोषी ठहराए जाने के बावजूद अब भी विधानसभा के सदस्य बने हुए हैं।’’इस बीच, भाजपा ने इस स्थिति से बचने की कोशिश करते हुए दावा किया कि तिरहुत स्नातक और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से चुने गए ब्रजवासी और राज ने केवल ‘‘पार्टी को समर्थन दिया है।’’राजद नेता ने आरोप लगाया, ‘‘कुछ साल पहले, विपक्ष के कई विधायक राजग में शामिल हो गए थे लेकिन संबंधित पार्टियों की लिखित शिकायतों के बावजूद भाजपा नेता एवं विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी सदस्यता रद्द नहीं की। हालिया उदाहरण साहेबगंज के विधायक राजू सिंह (भाजपा) का है जो दिल्ली की एक अदालत द्वारा काफी पहले दोषी ठहराए जाने के बावजूद अब भी विधानसभा के सदस्य बने हुए हैं।’’विवाद सामने आने के बाद भाजपा प्रवक्ता कुंतल कृष्ण और विधायक मनोज शर्मा ने वीडियो बयान जारी कर कहा कि निर्दलीय एमएलसी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश कुमार के नेतृत्व में विश्वास जताते हुए पार्टी को ‘‘अपना समर्थन दे रहे हैं।’’हाल में विधान परिषद की आठ सीट के लिए हुए द्विवार्षिक चुनाव में भाजपा और जद(यू) ने चार-चार सीट पर चुनाव लड़ा था। भाजपा ने दो सीट जीतीं जबकि जद(यू) केवल एक सीट जीत सकी। हाल में भाजपा छोड़ने वाले राज ने शनिवार को ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘मैंने वह फैसला गठबंधन की मजबूरियों के कारण लिया था। लेकिन मैं हमेशा से एक भाजपा कार्यकर्ता रहा हूं और मुझे मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है इसलिए मैंने फिर से पार्टी की सदस्यता ले ली है।’’उन्होंने यह भी दावा किया कि ‘‘नियमों के अनुसार, अगर कोई निर्दलीय विधान परिषद सदस्य के चुनाव के 15 दिनों के भीतर पार्टी की सदस्यता ले लेता है तो उसे पार्टी का अधिकृत उम्मीदवार माना जाएगा।’’ब्रजवासी ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद भाजपा में शामिल होने का फैसला लिया। उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने मुझे भरोसा दिलाया कि पार्टी में शामिल होने के बाद वह अपने निर्वाचन क्षेत्र के मुद्दों को बेहतर तरीके से उठा सकेंगे।’’
यहां महंगी हुई LPG, कीमत- 50 रुपये बढ़ी, ग्राहकों को लगा बड़ा झटका
LPG Price Hike: भारत के पड़ोसी देश में एलपीजी की कीमतों पर लगातार महंगाई की मार पड़ रही है. कराची में एक बार फिर एलपीजी की कीमत 50 पाकिस्तानी रुपये बढ़ गई है और अब गैस का रेट स्थानीय बाजारों में सरकार रेट से लगभग दोगुना हो गया है.
'ऐसी डील हम भी करना चाहेंगे'... 40 विला की खरीद मामले में बोले गहलोत
राजस्थान में ढाई साल के भीतर एक ही कंपनी से 40 विला कॉटेज खरीदे जाने का मामला सामने आया है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 15 लाख रुपये प्रति कॉटेज में बिक्री के दावे पर तंज कसा है. वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मुख्यमंत्री की चुप्पी और शुरुआती जांच पर सवाल उठाए हैं.
तमिलनाडु: दिवाली के अगले दिन भी रहेगी छुट्टी, अतिरिक्त अवकाश घोषित; विजय सरकार ने क्यों लिया ये फैसला? tamil nadu government nov 9 diwali holiday koyambedu vegetable market closure
बद्रीनाथ हेलीकॉप्टर हादसे में मारे गए सभी 6 लोगों के शव बरामद
उत्तराखंड के चमोली जिले में बद्रीनाथ से देहरादून जा रहे हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद करीब 100 जवानों ने दो दिन तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. खराब मौसम और दुर्गम पहाड़ी रास्तों के बावजूद सभी छह मृतकों के शव रविवार सुबह सुरक्षित रूप से नीचे लाए गए.
अक्तूबर में 56 लाख बैरल प्रतिदिन आयात: भारत ने दबाव को नकारा; रूस ही नहीं खाड़ी देशों से भी खरीदा कच्चा तेल india-record-crude-oil-imports-october-russian-middle-east-supplies-dismisses-trump-us-tariff-pressure
तिरुवनंतपुरम/नयी दिल्ली, एक नवंबर कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने रविवार को कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली पार्टी की विरोध रैली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लिए एक कड़ी चेतावनी है। कांग्रेस ने चुनाव में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है। वेणुगोपाल ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि यह अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शन होगा और इससे प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री पर प्रभाव हुआ है। कांग्रेस नेता वेणुगोपाल ने कहा, विरोध प्रदर्शन के समर्थन में उमड़े जनसमर्थन को देखकर उन्होंने अपना आपा खो दिया है। यही वजह है कि वे प्रदर्शनकारियों को अराजकतावादी बता रहे हैं और आंदोलन को संसद का अपमान करार दे रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन उनके लिए कड़ी चेतावनी है। उन्होंने कहा, ज्ञानेश कुमार को पद से हटना होगा। हमारी बात लिखकर रख लीजिये। वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि यदि पुलिस सहयोग करती है तो यह उसके लिए अच्छा होगा। रैली में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के मुरलीधरन ने संवाददाताओं से कहा कि देश की जनता चाहती है कि कुमार मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पद से इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन इंडिया का विरोध प्रदर्शन उनके इस्तीफे तक जारी रहेगा। केरलम के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने शनिवार को कहा था कि जब लोकतंत्र के सामने चुनौती हो तो चुप रहना कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने सभी से विरोध रैली में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, दिल्ली चलो! जब लोकतंत्र को चुनौती दी जा रही हो तो चुप रहना कोई विकल्प नहीं है। संविधान हमारी ताकत है। जनता का जनादेश हमारी जिम्मेदारी है। दोनों की रक्षा करना हमारा सामूहिक कर्तव्य है।
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India vs New Zealand 5th T20I Live Score: हैमिल्टन के सेडॉन पार्क में भारत और न्यूजीलैंड की टीम्स आमने-सामने हैं. भारतीय टीम टी20 सीरीज पहले ही कब्जा चुकी है. ये मुकाबला जीतकर वो सीरीज का स्कोर 4-1 करना चाहेगी.

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