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2 दिन बाद सूर्य का गोचर, इन 5 राशियों को पूरे 30 दिन होगा चौतरफा लाभ

17 सितंबर को सूर्य सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे. करीब एक महीने तक कन्या राशि में रहने वाले सूर्य का गोचर पांच राशियों के लिए बेहद शुभ बताया जा रहा है. त्योहारों के बीच यह गोचर कई राशियों को जबरदस्त लाभ दे सकता है.

आज तक 15 Sep 2026 3:45 pm

हूतियों के हमले के बीच मक्का में इमरजेंसी अलर्ट! कहा- पुलों और ऊंची इमारतों से दूर रहें

सऊदी अरब की कैबिनेट ने देश में आम नागरिकों और नागरिक सुविधाओं पर हूती विद्रोहियों के लगातार और जानबूझकर किए जा रहे हमलों की कड़ी निंदा की है. सऊदी कैबिनेट ने कहा कि सऊदी अरब की सुरक्षा, उसके इलाके की हिफ़ाज़त ऐसी चीज़ें हैं जिन पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता.

आज तक 15 Sep 2026 3:43 pm

12वीं के बाद करें ये कोर्स, नौकरी के साथ मिलेगी 50 हजार रुपये की सैलरी 

आज के युवा अपने करियर किसी तरह का कोई गलती नहीं चाहते हैं, इसके लिए वह 12वीं के बाद से ही मेहनत करने लगते हैं. वह ऐसे कोर्स की मदद लेते हैं, जो उन्हें न केवल अच्छी नौकरी दिलाने में मदद करती है बल्कि जॉब के अलावा भी अच्छी कमाई करवा सकती है.

आज तक 15 Sep 2026 3:41 pm

बाल झड़ रहे हैं तो कौन से 3 टेस्ट जरूर कराएं? डॉक्टर ने बताया

बाल झड़ने की समस्या के कई कारण हो सकते हैं. अब तो कम उम्र में ही हेयरफॉल हो रहा है. अगर आपको भी ये समस्या है तो डॉक्टर की सलाह पर ये कुछ टेस्ट करा सकते हैं. इनसे बालों के झड़ने के सही कारण का पता लगाया जा सकता है.

आज तक 15 Sep 2026 3:40 pm

नोएडा एलिवेटेड रोड पर LPG से भरे ट्रक में आग, फायर टीम ने टाला बड़ा हादसा

नोएडा के सेक्टर-18 से सेक्टर-61 जाने वाले एलिवेटेड रोड पर LPG सिलेंडर से भरे ट्रक में आग लग गई. ट्रक के नीचे से धुआं निकलता देख सूचना दी गई, जिसके बाद फायर विभाग ने पांच गाड़ियां मौके पर भेजीं. ट्रैफिक पुलिस की मदद से रास्ता रोका गया. फायर टीम ने आग को फैलने से पहले ही काबू कर लिया.

आज तक 15 Sep 2026 3:38 pm

एक्ट्रेस संग सड़क पर खौफनाक हरकत! कार को मारी टक्कर, जबरन खींचा

मराठी एक्ट्रेस कल्याणी नंदकिशोर ने नवलें ब्रिज के पास अपनी कार रोककर पैसे मांगने और जबरन गाड़ी में ले जाने की कोशिश का आरोप लगाया है. जानिए पूरी घटना और सुप्रिया सुले ने क्या कहा.

आज तक 15 Sep 2026 3:36 pm

10वीं छोड़ी, फिर भी एक दिन में 2 करोड़ की कमाई! वैभव पर बरसा पैसा

वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में अपनी एक अलग पहचान बना ली है. क्रिकेट के नए स्टार बनने वाले वैभव की फैन फॉलोइंग हर दिन के साथ बढ़ती चली जा रही है.

आज तक 15 Sep 2026 3:31 pm

NEET में 2 बार मौका! ABVP ने नंदन नीलेकणि कमेटी को भेजे सुझाव

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने देश की प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए केंद्र सरकार के हाई पावर्ड टास्क फोर्स के अध्यक्ष नंदन नीलेकणि को एक विस्तृत रोडमैप सौंपा है. इसमें NEET समेत प्रमुख परीक्षाओं को दो चरणों में आयोजित करने और NEET की परीक्षा साल में दो बार कराने की संभावना तलाशने जैसे कौन-कौन से सुझाव शामिल हैं, आइए जानते हैं...

आज तक 15 Sep 2026 3:30 pm

हिन्दी में जोक्स जो हंसाते हंसाते कर देंगे लोटपोट

Mam: बताओ, सबसे ज्यादा नशा किस चीज में होता है? Student: पढ़ाई में। Mam: वो कैसे? Student: किताब खोलते ही नींद आने लगती है! Mam: तुम रोज स्कूल देर से क्यों आते हो? Student: मैम, रास्ते में बोर्ड लगा है—“आगे स्कूल है, धीरे चलें।” Mam: होमवर्क क्यों नहीं किया? Student: मैम, कल बिजली चली गई […] The post हिन्दी में जोक्स जो हंसाते हंसाते कर देंगे लोटपोट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 15 Sep 2026 3:30 pm

लंच में ट्राई करें मसालेदार मशरूम दो प्याजा, स्वाद है लाजवाब

Mushroom Do Pyaza Recipe: अगर आप लंच में कुछ अलग और टेस्टी बनाना चाहते हैं तो मशरूम दो प्याजा ट्राई कर सकते हैं. मशरूम और प्याज से तैयार होने वाली यह सब्जी मसालेदार और स्वाद में काफी लाजवाब लगती है. आज हम आपको इसे बनाने की आसान रेसिपी बताएंगे.

आज तक 15 Sep 2026 3:28 pm

विकसित भारत 2047 का

पीएम मोदी के गृह नगर वडनगर की ग्राउंड रिपोर्ट - पुराने घरों के नव निर्माण पर 80 फीसदी सरकारी मदद, बिना ब्याज कर्ज, 3300 सोलर घर और जन्मदिन की तैयारियां।

तहलका 15 Sep 2026 3:26 pm

भारतीय सामान को 100% ड्यूटी-फ्री एंट्री! इस देश के साथ लागू होगा FTA

भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) 19 अक्टूबर से लागू सकता है. इसके लागू होने के बाद भारतीय निर्यातकों को न्यूजीलैंड के बाजार में बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि भारत के 100% निर्यात को ड्यूटी-फ्री एंट्री मिलेगी. इसके अलावा भारतीय प्रोफेशनल्स और छात्रों के लिए भी कुछ अहम प्रावधान किए गए हैं.

आज तक 15 Sep 2026 3:25 pm

'बिग बॉस 20' में चिकन को लेकर भिड़ीं आम्रपाली दुबे और माही विज, एक-दूसरे से कहा-'शट अप'

'बिग बॉस 20' के घर में कंटेस्टेंट्स के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर होने वाली नोकझोंक अब धीरे-धीरे बड़े झगड़ों का रूप लेती नजर आ रही है।

खास खबर 15 Sep 2026 3:23 pm

Nirmala Sitharaman ने युवाओं से की राष्ट्रीय हित सर्वोपरि रखने की अपील

(तस्वीरों के साथ)चेन्नई, 15 सितंबर केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को ‘जेन जी’ और ‘जेन अल्फा’ पीढ़ियों से नेतृत्व संभालने एवं जिम्मेदारी उठाने का आह्वान करते हुए युवा स्नातकों से आग्रह किया कि वे देश को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और यह सोचने के बजाय कि देश ने उनके लिए क्या किया है, यह पूछें कि वे देश के लिए क्या योगदान दे सकते हैं। सीतारमण ने यहाँ डॉ. एम.जी.आर. शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थान के 36वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि देश युवाओं की आकांक्षाओं को सुनने के लिए तैयार है, लेकिन वे दायित्व एवं नागरिक कर्तव्य की गहरी भावना के साथ आगे आएं। उन्होंने कहा, ‘‘चाहे आप स्वयं को ‘जेन जी’ कहें या ‘जेन अल्फा’, हम सभी आपकी बात सुनने के लिए तैयार हैं। लेकिन आपको इस बारे में सोचना होगा कि आपके आस-पास क्या हो रहा है, आपकी क्या भूमिका है और आपके ज़रिए देश के लिए क्या हासिल किया जा सकता है।’’वित्त मंत्री ने उत्तीर्ण होने वाले छात्रों से अपने-अपने क्षेत्रों में नेतृत्व संभालने और राष्ट्रीय हित से कभी समझौता न करने का आग्रह किया। उन्होंने दुनिया भर में जारी उन संघर्षों की ओर इशारा किया जिनमें नागरिकों को अपनी ही भूमि से विस्थापित होना पड़ा है। सीतारमण ने कहा, ‘‘नेतृत्व संभालिए। आपको नेतृत्व करना होगा और देश को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। देश के सुरक्षित और मज़बूत रहने पर ही हमारे पास रहने के लिए घर होगा। हमें कभी भी अपने देश का साथ नहीं छोड़ना चाहिए।’’भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति को रेखांकित करते हुए सीतारमण ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों जैसी अभूतपूर्व वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत ने आर्थिक स्थिरता बनाए रखी है और 7.8 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है। उन्होंने इस स्थिरता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मजबूत राजनीतिक नेतृत्व को दिया।

प्रभासाक्षी 15 Sep 2026 3:23 pm

नोएडा के एलिवेटेड रोड पर धंसी सड़क, 20 फीट लंबा और 10 फीट गहरा गड्ढा

नोएडा के सेक्टर-61 से सेक्टर-18 के बीच करीब 4.8 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड पर अचानक सड़क धंसने से करीब 20 फीट लंबा और 10 फीट गहरा गड्ढा हो गया. एहतियातन ट्रैफिक रोक दिया गया, जिससे लंबा जाम लग गया. गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ. घटना के बाद नोएडा अथॉरिटी की कार्यप्रणाली और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं.

आज तक 15 Sep 2026 3:17 pm

तेंदुआ शिकार मामला: Wildlife SOS प्रमुख की याचिका पर सुनवाई को Supreme Court तैयार

(फाइल फोटो के साथ)नयी दिल्ली, 15 जुलाई उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को उस याचिका को सूचीबद्ध करने पर सहमति दे दी, जिसमें तेंदुए के कथित शिकार के मामले में वाइल्डलाइफ एसओएस के सह संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्तिक सत्यनारायण को गिरफ्तारी से मिली अंतरिम सुरक्षा वापस लेने के मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई है। सत्यनारायण की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ दवे ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की खंडपीठ से याचिका पर तुरंत सुनवाई करने की अपील की। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘इसे सूचीबद्ध किया जायेगा।’’यह मामला तेंदुओं के कथित शिकार की मध्यप्रदेश राज्य बाघ कार्यबल (एसटीएसएफ) द्वारा जांच से जुड़ा है। इन तेंदुओं की खालें उत्तर प्रदेश के आगरा में बरामद हुई थीं। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर पीठ ने हाल में वन्यजीव (सुरक्षा) अधिनियम, 1972 के तहत दायर की गयी दो याचिकाओं को खारिज कर दिया था और सत्यनारायण को गिरफ्तारी से मिली अंतरिम सुरक्षा को वापस ले लिया था। उच्च न्यायालय ने उन्हें 21 सितंबर को एसटीएसएफ के सामने पेश होने का भी निर्देश दिया था। एक खबर के मुताबिक, मध्यप्रदेश वन विभाग ने आरोप लगाया था कि सत्यनारायण ने अपने खिलाफ जारी तीसरा समन और गिरफ्तारी वारंट छिपाया था। इसके बाद उच्च न्यायालय ने उन्हें दी गई सुरक्षा वापस ले ली। विभाग ने आरोप लगाया था कि वह श्योपुर और मुरैना ज़िलों में 10 तेंदुओं के अवैध शिकार की जांच में शामिल नहीं हुए। वन्यजीव संरक्षण संगठन ‘वाइल्डलाइफ एसओएस के प्रमुख ने राज्य के इस दावे को खारिज कर दिया कि वह ‘फरार’ हैं। संगठन का कहना है कि अवैध शिकार के खिलाफ उसकी इकाई ने कथित गिरोह का पता लगाने में अधिकारियों की मदद की थी और कानूनी सुरक्षा मांगने का मतलब जांच में सहयोग करने से इनकार करना नहीं है। दवे ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय की खंडपीठ को बताया कि सत्यनारायण के संगठन ने अधिकारियों को तेंदुए की खालें बरामद करने में मदद की थी, लेकिन बाद में उन्हें ही इस मामले में फंसा दिया गया। दवे ने कहा, ‘‘उच्च न्यायालय ने वन्यजीव सुरक्षा अधिनियम के तहत दायर की गयी दो याचिकाएं खारिज कर दी हैं। हमारा संबंध एक गैर सरकारी संगठन से है और हमने ही तेंदुए की खालें बरामद करवाई थीं। अब राज्य सरकार ने हमें ही इस मामले में फंसा दिया है।’’खंडपीठ ने पूछा, ‘‘आप घर पर तेंदुए रखते थे?’’दवे ने अपने मुवक्किल की ओेर से कहा,“नहीं। हमने ही आगरा में खालें बरामद करवाई थीं। बरामदगी उत्तर प्रदेश में हुई थी और इसके बाद मामला मध्यप्रदेश में हाथ में लिया गया।”उन्होंने कहा कि सत्यनारायण अधिकारियों के साथ सहयोग करने और जांच एजेंसी के सामने पेश होने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें गिरफ्तारी से सुरक्षा चाहिए।

प्रभासाक्षी 15 Sep 2026 3:13 pm

Delhi में 10000 छात्रों के लिए बनेंगे Hostel, CM Rekha Gupta ने किया ऐलान

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली सरकार ने 10,000 छात्रों के लिए हॉस्टल बनाने का फ़ैसला किया है, ताकि उनकी सुरक्षा और किफ़ायती रहने की जगह मिल सके। ये हॉस्टल लड़के और लड़कियों, दोनों तरह के छात्रों के लिए होंगे। दिल्ली की किसी भी यूनिवर्सिटी या कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र इन सुविधाओं का फ़ायदा उठा सकेंगे। हमने हॉस्टल बनाने में सक्षम संबंधित विभागों के साथ बैठकें की हैं, सही जगहें चुनी हैं और एक पॉलिसी का ड्राफ़्ट तैयार करना शुरू कर दिया है। इसे भी पढ़ें: Delhi में 500 आधुनिक शौचालय ब्लॉक बनाने के लिए 266.26 करोड़ रुपये मंजूर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने छात्रों की ज़रूरतों और इन हॉस्टलों में ज़रूरी सुविधाओं पर अच्छी तरह से विचार किया है। मैं आपको भरोसा दिलाती हूँ कि हम ऐसे हॉस्टल बनाएँगे जहाँ देश भर के माता-पिता पूरी निश्चिंतता के साथ अपने बच्चों को भेज सकें, और जहाँ छात्र—खाने-पीने या रहने की चिंता से मुक्त होकर—पूरी तरह से अपने सपनों को पूरा करने पर ध्यान दे सकें। सत्य निकेतन में इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार इमारतों की जांच बढ़ाएगी, सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करेगी और पूरी राजधानी में पेइंग गेस्ट (PG) आवासों से जुड़े नियमों की समीक्षा करेगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि उन्होंने दिल्ली में इमारत की सुरक्षा, छात्रों के रहने की व्यवस्था और PG नियमों पर उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में हुई एक संयुक्त समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि बैठक में सख्त सुरक्षा जांच, ज़िम्मेदारी तय करने और सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर ज़ोर दिया गया। मुख्यमंत्री गुप्ता ने घोषणा की कि शहरी विकास मंत्री आशीष सूद की अध्यक्षता वाली एक समिति मौजूदा PG नियमों की समीक्षा करेगी। यह समिति विश्वविद्यालयों, दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के माध्यम से छात्रों के लिए आवास की सुविधा बढ़ाने के तरीकों पर भी विचार करेगी। #WATCH | Delhi CM Rekha Gupta says, The Delhi government has decided to construct hostels for 10,000 students, ensuring their safety, security, and access to affordable housing. These hostels will cater to both male and female students. Any student enrolled in a university or… pic.twitter.com/KCDQYwzm0I — ANI (@ANI) September 15, 2026

प्रभासाक्षी 15 Sep 2026 3:13 pm

कल 6 राशियां होंगी मालामाल, बनेगा राजयोग, यहां पढ़ें पूरा राशिफल

Kal Ka Rashifal 16 September 2026: कारोबार में अपनी मेहनत से सफलता की राह बनाएंगे. परिश्रम से परिणाम आपके पक्ष में संवरेंगे. निजी मामलों को अपनी प्राथमिकता में रखेंगे. व्यक्तिगत जरूरतों पर ध्यान देंगे और प्रबंधन में सहजता रहेगी.

आज तक 15 Sep 2026 3:12 pm

'सुअर की तरह...', 70 हजार देकर भी गंद में रह रही एक्ट्रेस

टेलीविजन एक्ट्रेस आंचल खुराना ने मुंबई में अपने 1BHK किराए के घर का वीडियो टूर कराया. उन्होंने बताया कि उन्हें हर महीने 70 हजार रुपये किराया देना पड़ता है. इसके बावजूद वो खुश नहीं हैं.

आज तक 15 Sep 2026 3:10 pm

ये 3 कारण... अचानक शेयर बाजार में आया भूचाल, 1300 अंक टूटा सेंसेक्स

Stock Market Big Fall: शेयर बाजार की चाल मंगलवार को ऐसी बदली कि निवेशकों के पसीने छूट गए. शुरुआत में तूफानी तेजी लेकर ओपन हुए सेंसेक्स-निफ्टी देखते ही देखते क्रैश हो गए. BSE Sesnex तो दिन के हाई से 1300 अंक टूट गया.

आज तक 15 Sep 2026 3:07 pm

फरीदाबाद थार कांड, पिता की मौत के बाद बेटियों ने जारी किया Video, कहा-फोन लगाते रहे पुलिस नहीं आई

फरीदाबाद में शुक्रवार को हिट एंड रन की घटना हुई थी. जिसमें 50 साल के एक शख्स की मौत हो गई थी. मामले में आरोपी को जमानत मिल गई थी, अब इस मामले में मृतक की बेटियोंने वीडियो जारी कर लापरवाही का आरोप लगाया है.

NDTV इंडिया 15 Sep 2026 3:05 pm

UCC पर Amit Shah के रुख के साथ टीडीपी, आंध्र प्रदेश इकाई अध्यक्ष ने दिया समर्थन

तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) की आंध्र प्रदेश इकाई के अध्यक्ष पी. श्रीनिवास राव ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सहयोगी होने के नाते तेदेपा यूसीसी पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान से बंधी हुई है। आंध्र प्रदेश में तेदेपा के नेतृत्व वाली राजग सरकार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनसेना शामिल है। हाल में शाह ने कहा था कि 2029 के आम चुनाव से पहले राजग शासित सभी राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू किया जाएगा जिस पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। गजुवाका विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले राव ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘हां, मैंने यूसीसी पर हमारे केंद्रीय गृहमंत्री का बयान देखा है और राजग सहयोगी के तौर पर हम उनके बयान से बंधे हुए हैं।’’उन्होंने कहा कि यूसीसी की आलोचना भी हो रही है लेकिन यह ‘‘देश की एकता को मजबूत करता है और यह लैंगिक भेदभाव नहीं करता है।’’उन्होंने कहा, ‘‘बेशक आलोचक कहते हैं कि यह (यूसीसी) धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है, हमारा देश सांस्कृतिक रूप से विविध है और यह स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है। लेकिन हमारा हमेशा से यही मानना है कि यह यूसीसी देश को मजबूत और एकजुट करेगा।’’उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए राजग के सहयोगी होने के नाते हम अपने गृह मंत्री के बयान के अनुसार आगे बढ़ेंगे।’’इस बीच, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के प्रदेश सचिव वी. श्रीनिवास राव ने दावा किया कि भाजपा यूसीसी की राजनीति का सहारा लेकर देश का ध्यान भटका रही है क्योंकि पार्टी खासकर हाल में जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद नयी पीढ़ी (जेन जी), बेरोजगारी और अन्य वजहों से दबाव का सामना कर रही है। भाजपा पर सांप्रदायिक आधार पर लोगों को बांटने का आरोप लगाते हुए श्रीनिवास राव ने कहा कि भारतीय संविधान के शिल्पकार बी. आर. आंबेडकर ने संविधान सभा की बहस के दौरान जिस यूसीसी की परिकल्पना की थी, वह इससे पूरी तरह अलग थी।

प्रभासाक्षी 15 Sep 2026 3:03 pm

जाते-जाते भी बरसने को बेताब बदरा: तीन सिस्टम से इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, आंधी-तूफान भी

मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में मॉनसून ट्रफ, कम दबाव के क्षेत्र से जुड़ी ट्रफ और बंगाल की खाड़ी के पास बना चक्रवाती घेरा यानी तीन सिस्टम सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण बंगाल से लेकर गुजरात तक लगातार नमी पहुंच रही है।

लाइव हिन्दुस्तान 15 Sep 2026 3:01 pm

पटना में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों का हल्लाबोल

पटना में BSSC, BPSSC और 70वीं BPSC परीक्षा को लेकर हजारों अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे छात्रों को जेपी गोलंबर पर पुलिस ने रोकने की कोशिश की। आक्रोशित अभ्यर्थियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी, जिसके बाद पुलिस और छात्रों में धक्का-मुक्की हुई।

आज तक 15 Sep 2026 3:00 pm

क्या 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर लगेगा चार्ज, जानिए सरकार का नया आदेश और सच्चाई

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी एक नोटिफिकेशन के बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या 2,000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर यूजर्स को अब शुल्क देना होगा. इस बीच सरकार ने इस पूरे मामले पर स्थिति साफ कर दी है. जानिए 2,000 रुपये के नियम की असल सच्चाई क्या है?

NDTV इंडिया 15 Sep 2026 2:59 pm

किस फल में सबसे ज्यादा प्रोटीन होता है?

क्या फलों में भी प्रोटीन होता है? जानिए किस फल में मिलता है सबसे ज्यादा प्रोटीन और कैसे करें इसे डाइट में शामिल.

NDTV इंडिया 15 Sep 2026 2:59 pm

Psychology Facts: छुट्टी में घर से बाहर निकलने का मन नहीं करता?

छुट्टी के दिन पूरा समय कमरे में बिताने वाले लोगों को सिर्फ आलसी या इंट्रोवर्ट मानना सही नहीं है. साइकोलॉजी की रिसर्च बताती है कि अकेले समय का असर इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति उसे अपनी इच्छा से चुन रहा है या मजबूरी में अकेला है.

आज तक 15 Sep 2026 2:59 pm

नोएडा सुपरनोवा सोसाइटी में नलों से आ रहे गंदे पानी का क्या मामला है? फ्लैट ओनर ने सुनाई दर्द भरी दास्तां

नोएडा की सुपरनोवा सोसाइटी में नलों से कीड़े-मकोड़ों वाला काला गंदा पानी आने का वीडियो वायरल हुआ. इसके बाद एनडीटीवी ने सोसयटी में रहने वाले लोगों से मिलकर बात की.

NDTV इंडिया 15 Sep 2026 2:57 pm

जा रहा मॉनसून, देश में बारिश की 15% कमी... 218 जिले सूखे

मॉनसून 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान से लौटना शुरू होगा. पूरे देश में 15% बारिश की कमी है. पंजाब, हरियाणा, बिहार, आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में घाटा भरने की संभावना कम है जिससे सूखे का खतरा बना हुआ है.

आज तक 15 Sep 2026 2:56 pm

तमिलनाडु में CM विजय के सिग्नेचर लुक वाली गणेश प्रतिमाओं पर विवाद, बीजेपी ने उठाए सवाल

तमिलनाडु बीजेपी चीफ ने आरोप लगाया कि पवित्र त्योहार को राजनीतिक स्वार्थ का जरिया बनाने और ईश्वर की पूजा को चुनावी प्रचार में बदलने जैसी हरकतें करने वालों पर सीएम विजय शुरुआत से ही चुप्पी साधे रहे हैं.

NDTV इंडिया 15 Sep 2026 2:55 pm

घर के बाहर मिर्च सुलगाई, धुआं फैलते ही बदमाशों ने कर दिया कांड

भोजपुर के कलछीना गांव में बदमाशों ने मिर्च जलाकर धुआं फैलाया. मकान का दरवाजा खुलते ही 5-6 बदमाश सद्दाम के घर में घुस गए और परिवार को दो घंटे बंधक बनाकर जेवर-नकदी लूट ली. विरोध पर महिला पर धारदार हथियार से वार भी किया. पुलिस सीसीटीवी जांच कर रही है.

आज तक 15 Sep 2026 2:54 pm

न्यूयॉर्क सबवे में दर्दनाक हादसा, ट्रेन की चपेट में आए भारतीय मूल के दो 24 वर्षीय दोस्त

न्यूयॉर्क। अमरीकी के न्यूयॉर्क शहर में एक दर्दनाक सबवे हादसे में भारतीय मूल की 24 वर्षीय युवती मलाइका चित्रे और उनके दोस्त नवम कौल की मौत हो गई। दोनों न्यू जर्सी के रहने वाले थे और रटगर्स यूनिवर्सिटी से जुड़े रहे थे। हादसा लोअर मैनहट्टन के स्प्रिंग स्ट्रीट सबवे स्टेशन पर रविवार तड़के करीब 3:14 […] The post न्यूयॉर्क सबवे में दर्दनाक हादसा, ट्रेन की चपेट में आए भारतीय मूल के दो 24 वर्षीय दोस्त appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 15 Sep 2026 2:53 pm

गाजियाबाद पुलिस पर FIR के लिए Supreme Court पहुंचे पूर्व मेयर, याचिका खारिज

उच्चतम न्यायालय ने गाजियाबाद पुलिस के अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के अनुरोध वाली दिल्ली के पूर्व महापौर फरहाद सूरी की याचिका पर मंगलवार को विचार करने से इनकार कर दिया। याचिका में सूरी ने एक आपराधिक मामले के सिलसिले में एक पत्रकार की तलाश में दिल्ली स्थित अपने आवास पर ‘‘अवैध’’ छापेमारी का आरोप लगाया था। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने सूरी को सीधे शीर्ष अदालत का रुख करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 32 का सहारा लेने के बजाय प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए दिल्ली पुलिस से संपर्क करने का निर्देश दिया। पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध याचिकाकर्ता द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 175(3) के तहत संबंधित थाने का रुख करने पर उचित तरीके से निपटाया जा सकता है। हमें इस बात पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है कि सक्षम पुलिस कानून के मुताबिक सख्ती से कार्रवाई नहीं करेगी।’’सूरी ने आरोप लगाया था कि 22 और 23 अगस्त की मध्यरात्रि को गाजियाबाद पुलिस के अधिकारियों का एक बड़ा दल सड़क पर वाहन चलाने को लेकर हुए विवाद के एक मामले में आरोपी पत्रकार अभिषेक उपाध्याय की तलाश में बिना वारंट के दिल्ली स्थित उनके आवास में दाखिल हुआ था। सूरी की ओर से पेश अधिवक्ता अनूप प्रकाश अवस्थी ने पक्ष रखा। पीठ ने अंतरराज्यीय पुलिस छापेमारी को नियंत्रित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने के अनुरोध वाली सूरी की अन्य याचिका पर भी विचार करने से इनकार कर दिया। उत्तर प्रदेश सरकार के वकील ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि सूरी बीएनएसएस के तहत उपलब्ध कानूनी उपायों का इस्तेमाल किए बिना प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सीधे शीर्ष अदालत का रुख नहीं कर सकते। सरकार के विधि अधिकारी ने पुलिस की छापेमारी को अवैध बताए जाने का भी विरोध किया। उन्होंने कहा, ‘‘हम एक व्यक्ति को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रहे थे। सामान्य डायरी (जीडी) में इसकी उचित प्रविष्टि मौजूद थी। पुलिस अधिकारियों ने केवल यह पता लगाने के लिए उस व्यक्ति के घर की घंटी बजाई कि क्या वह (उपाध्याय) वहां मौजूद था। जब उन्होंने (सूरी) मना किया तो हम वहां से चले आए। हम उनके घर में दाखिल भी नहीं हुए।’’सूरी के वकील ने राज्य सरकार की दलीलों का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि अधिकारियों के बड़े दल करीब 15 पुलिस वाहनों में याचिकाकर्ता के आवास पर पहुंचे थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि सामान्य डायरी में प्रविष्टि कथित छापेमारी के बाद दर्ज की गई थी। उपाध्याय सड़क पर वाहन चलाने को लेकर हुए एक कथित विवाद के संबंध में गाजियाबाद पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी का सामना कर रहे हैं।

प्रभासाक्षी 15 Sep 2026 2:53 pm

चीन का BRICS AI प्रस्ताव: भारत के लिए साझेदारी का मौका या नई निर्भरता का खतरा?

नई दिल्ली में हुए BRICS Summit में एक प्रस्ताव ऐसा आया जिस पर आने वाले सालों तक बहस चलती रहेगी। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने BRICS देशों के लिए एक Open-Source AI Community बनाने का सुझाव रखा, जिसमें बड़े AI मॉडल के विकास, ट्रेनिंग, स्किलिंग और डिजिटल क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर पर मिलकर काम करने की […] यह लेख चीन का BRICS AI प्रस्ताव: भारत के लिए साझेदारी का मौका या नई निर्भरता का खतरा? सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है

टीएफआई पोस्ट 15 Sep 2026 2:51 pm

पत्नी से थी लड़ाई, खुश करने के लिए पति ने कार चुराई, पुलिस ने घर से पकड़कर जेल पहुंचाया

उत्तर प्रदेश के एटा के रहने वाले अरुण की पत्नी से लड़ाई थी. पत्नी से सुलह करने के लिए पति ने कुछ ऐसा काम किया कि उसे जेल की हवा खाने जानी पड़ गई.

NDTV इंडिया 15 Sep 2026 2:50 pm

यहां 1 लाख से ज्यादा लोगों ने 100 साल पूरे किए, फिर भी घट रही है आबादी

इस महीने एशिया के छोटे से देश में 100 साल की उम्र पार कर चुके लोगों की संख्या 1 लाख से ज्यादा हो गई. इस देश का नाम जापान हैं. यहां पिछले 56 साल से 100 साल पार करने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है.

आज तक 15 Sep 2026 2:50 pm

बांग्लादेश में अवामी लीग के 7 नेताओं को मौत की सजा, 2024 हिंसा मामले में दोषी करार

बांग्लादेश में बैन हो चुकी पार्टी अवामी लीग के सात नेताओं को अदालत ने मौत की सजा सुनाई है. इन नेताओं पर 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान हिंसक बयान देने और हिंसा भड़काने का आरोप है. इस हिंसा में 1400 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी.

आज तक 15 Sep 2026 2:50 pm

दो परिवारों की रंजिश और गैंगस्टरों का कनेक्शन... दिल्ली में जिम ट्रेनर के कत्ल की Inside Story

दिल्ली के फतेहपुर बेरी में जिम ट्रेनर विजय कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस को दो परिवारों की पुरानी रंजिश और गैंगस्टरों के शामिल होने का शक है. पढ़ें इस सनसनीखेज वारदात की पूरी कहानी.

आज तक 15 Sep 2026 2:49 pm

रूस से दोस्ती की कीमत? भारत समेत 10 देशों पर 100% टैरिफ की तैयारी में अमेरिका

रूस से व्यापार करने वाले देशों पर 100 परसेंट टैरिफ लगाने वाला विधेयक अमेरिकी संसद के एक सदन से पास हो चुका है और दूसरे में जाने वाला है. खास बात है कि इसमें देशों का नाम नहीं लिया गया है. अब अमेरिकी सांसद ने 10 देशों का नाम जोड़ने की मांग की है.

NDTV इंडिया 15 Sep 2026 2:46 pm

गुरुग्राम हिट-एंड-रन केस में सिया ने लगाए गंभीर आरोप

गुरुग्राम हिट-एंड-रन मामले में पीड़ित बाइकर सिया ने आरोपी कल्याण बैंसला के दावों को झूठा बताया। सिया ने कहा कि उन्हें जानबूझकर टक्कर मारी गई और अगर आरोपी को सच में पछतावा था, तो उसे मौके पर रुककर मदद करनी चाहिए थी।

आज तक 15 Sep 2026 2:45 pm

ब्रह्मकमल और कस्तूरी मृग का होगा दीदार, दिल्ली से ऐसे बनाएं परफेक्ट ट्रेक का प्लान

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध 'वैली ऑफ फ्लावर्स' यानी फूलों की घाटी इन दिनों अपने सबसे खूबसूरत और मनमोहक रूप में नजर आ रही है। मानसून और उसके बाद के मौसम में घाटी का कोना-कोना प्राकृतिक रंग-बिरंगे फूलों से ढक गया है, मानो कुदरत ने स्वयं धरती पर मखमली और आकर्षक कालीन बिछा दी हो। यूनेस्को (UNESCO) द्वारा विश्व धरोहर घोषित यह स्थान न केवल अपनी अद्भुत वनस्पति बल्कि अपने शांत और अलौकिक वातावरण के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। हर साल देश-विदेश से हजारों प्रकृति प्रेमी, ट्रैक्स और फोटोग्राफर्स इस प्राकृतिक स्वर्ग का दीदार करने के लिए पहाड़ों की ओर रुख करते हैं।दुर्लभ ब्रह्मकमल और कस्तूरी मृग का दीदार बना मुख्य आकर्षणइस बार वैली ऑफ फ्लावर्स में आने वाले सैलानियों के लिए सबसे खास और रोमांचक आकर्षण हिमालय का पवित्र फूल 'ब्रह्मकमल' और अत्यंत दुर्लभ 'कस्तूरी मृग' बन चुके हैं। समुद्र तल से अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित इस घाटी में पवित्र ब्रह्मकमल खिल उठे हैं, जिन्हें देखना अपने आप में एक अत्यंत सौभाग्यशाली अनुभव माना जाता है। इसके अलावा, नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व के अंतर्गत आने के कारण यहाँ दुर्लभ कस्तूरी मृग, हिम तेंदुआ और नीली भेड़ जैसे जंगली जीव भी अक्सर स्वच्छंद विचरण करते हुए दिखाई दे जाते हैं। इन दुर्लभ जड़ी-बूटियों और जीवों की मौजूदगी इस ट्रेक को सामान्य पर्यटन से अलग एक आध्यात्मिक और साहसिक अनुभव बनाती है।दिल्ली से वैली ऑफ फ्लावर्स ट्रेक का परफेक्ट और आसान ट्रैवल प्लानयदि आप राजधानी दिल्ली या आसपास के इलाकों से फूलों की घाटी का दीदार करने की योजना बना रहे हैं, तो यह यात्रा बेहद व्यवस्थित और सुगम हो सकती है। दिल्ली से सबसे पहले आपको ट्रेन या बस के माध्यम से ऋषिकेश या हरिद्वार पहुँचना होगा। इसके बाद, ऋषिकेश से सड़क मार्ग द्वारा जोशीमठ होते हुए गोविंदघाट पहुँचना होता है, जो कि ट्रेक का मुख्य बेस कैंप है। गोविंदघाट से आगे पुलना गांव तक गाड़ियां जाती हैं, जहाँ से आगे घांघरिया के लिए लगभग 13 से 14 किलोमीटर का मुख्य पैदल ट्रेक शुरू होता है। घांघरिया में रात विश्राम करने के बाद अगले दिन तड़के ही 3-4 किमी की चढ़ाई पूरी करके आप वैली ऑफ फ्लावर्स के मुख्य द्वार में प्रवेश कर सकते हैं।ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए जरूरी दिशानिर्देश और सही मौसम का चुनाववैली ऑफ फ्लावर्स का ट्रेक मध्यम से कठिन श्रेणी में आता है, इसलिए पर्यटकों को शारीरिक फिटनेस और सही तैयारी के साथ ही निकलना चाहिए। इस ट्रेक के लिए सबसे उत्तम समय जुलाई से लेकर सितंबर के मध्य तक माना जाता है, जब घाटी में सैकड़ों प्रजातियों के देशी-विदेशी फूल पूरी तरह से खिलते हैं। यात्रियों को अपने साथ अच्छे ग्रिप वाले ट्रेकिंग शूज़, रेनकोट, गरम कपड़े और आवश्यक दवाइयां जरूर रखनी चाहिए। चूंकि घाटी का क्षेत्र एक संरक्षित राष्ट्रीय उद्यान है, इसलिए यहाँ प्लास्टिक पूरी तरह प्रतिबंधित है और शाम होने से पहले सभी सैलानियों को घांघरिया बेस कैंप में वापस लौटना अनिवार्य होता है।जनरेटिव एआई सर्च और Google-Bing AEO के अनुसार उत्तराखंड पर्यटन में भारी उछालगूगल, बिंग और आधुनिक जनरेटिव एआई (AEO & GEO) सर्च इंजनों पर 'Valley of Flowers Trek Guide from Delhi' और 'Brahma Kamal Blooming News' जैसे कीवर्ड्स की सर्च में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एआई सर्च इंजन भी उत्तराखंड के इस आइकॉनिक ट्रेक से जुड़े मार्ग, मौसम और अनुमति पत्रों की जानकारी को प्राथमिकता के साथ यूजर्स के सामने पेश कर रहे हैं। डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही घाटी की खूबसूरत तस्वीरें लोगों को कंक्रीट की दुनिया से दूर हिमालय की इस अछूती सुंदरता की ओर आकर्षित कर रही हैं।प्रकृति प्रेमियों के लिए जीवन में एक बार अनुभव करने योग्य अनूठी यात्रावैली ऑफ फ्लावर्स केवल एक पर्यटन स्थल नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, रोमांच और मानसिक शांति का एक अनूठा संगम है। यहाँ की ठंडी हवाएं, बर्फ से ढकी चोटियां, कलकल बहती नदियां और अनगिनत फूलों की सुगंध किसी भी इंसान का तनाव क्षण भर में दूर कर देती है। यदि आप भी शहरी भागदौड़ से ब्रेक लेकर कुदरत के इस करिश्मे का गवाह बनना चाहते हैं, तो तुरंत दिल्ली से अपना बैग पैक करें और फूलों की घाटी के इस अविस्मरणीय और साहसिक ट्रेक पर निकल पड़ें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Sep 2026 2:45 pm

इस खाड़ी देश में 30 सितंबर के बाद क्या होगा, एयर डिफेंस सिस्टम हटा रहा US!

अमेरिका बड़े नाजुक समय में इराक से 'घर वापसी' कर रहा है. अमेरिकी सेनाएं 2003 में सद्दाम हुसैन को हटाने के लिए इराक आई थीं. लेकिन अमेरिकी की इस वापसी को इराक के मिलिशया अपने लिए मौके की तरह देख रहे हैं और इराक के लिए चुनौतियां बढ़ गई हैं.

आज तक 15 Sep 2026 2:44 pm

अमेरिका में लोकतंत्र की हालत 50 सालों में सबसे खराब, दूसरे देशों में 'तानाशाह' उठा रहे फायदा- रिपोर्ट

इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्ट्रोरल असिस्टेंस की रिपोर्ट में दावा- अमेरिका में लोकतंत्र से जुड़े कई संकेतक 50 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं. जो काम ट्रंप कर रहे हैं, उससे दुनिया के दूसरे कट्टर शासकों को अपने कदमों को सही ठहराने का मौका मिल है.

NDTV इंडिया 15 Sep 2026 2:44 pm

न सड़क, न मोबाइल नेटवर्क, फिर भी पर्यटकों का फेवरेट बना यह छुपा हुआ गांव

आज के डिजिटल और आधुनिक युग में जहाँ लोग बिना स्मार्टफोन, हाई-स्पीड इंटरनेट और चमचमाती सड़कों के एक पल भी रहने की कल्पना नहीं कर सकते, वहीं देश के एक दुर्गम और खूबसूरत कोने में बसा यह अनोखा गांव पर्यटन का नया केंद्र बनकर उभर रहा है। प्रकृति की गोद में बसे इस गांव तक पहुँचने के लिए न तो कोई पक्की सड़क बनी है और न ही यहाँ मोबाइल फोन के सिग्नल आते हैं। इसके बावजूद, शहर की भागदौड़ और कंक्रीट के जंगलों से दूर सुकून की तलाश करने वाले पर्यटकों के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम साबित नहीं हो रही है। इस गांव का शांत वातावरण और अछूती प्राकृतिक सुंदरता हर किसी का मन मोह लेती है।5 किलोमीटर की कठिन ट्रैकिंग के बाद सामने आता है कुदरत का करिश्माइस छुपे हुए गांव की सबसे बड़ी खासियत और रोमांच इसका कठिन रास्ता ही है। पर्यटकों को मुख्य मार्ग या अंतिम सड़क संपर्क से इस गांव तक पहुँचने के लिए कम से कम 5 किलोमीटर का लंबा पैदल ट्रैकिंग रास्ता तय करना पड़ता है। ऊंचे-नीचे पहाड़ी रास्तों, घने जंगलों, कलकल बहते बरसाती नालों और प्राकृतिक पगडंडियों से होकर गुज़रने वाला यह 5 किमी का सफर बेहद थका देने वाला होता है। हालांकि, जैसे ही पर्यटक अपनी कठिन ट्रैकिंग पूरी करके गांव की सीमा में प्रवेश करते हैं, उनके सामने जो विहंगम और जन्नत जैसा नजारा होता है, वह उनकी पूरी शारीरिक थकान को पल भर में मिटा देता है।मोबाइल नेटवर्क से दूर 'डिजिटल डिटॉक्स' का बेहतरीन केंद्र बना यह गांवस्मार्टफोन और लगातार आने वाले नोटिफिकेशन्स से दूर रहने की चाह रखने वाले ट्रैवलर्स के लिए यह गांव एक आदर्श 'डिजिटल डिटॉक्स' डेस्टिनेशन बन चुका है। नेटवर्क न होने के कारण यहाँ आने वाले लोग फोन की स्क्रीन से नजरें हटाकर सीधे प्रकृति से जुड़ते हैं। यहाँ पर्यटक स्थानीय लोगों से बातें करते हैं, सुबह पक्षियों की चहचहाहट सुनते हैं और रात में प्रदूषण मुक्त खुले आसमान के नीचे तारों को निहारते हैं। इंटरनेट और सोशल मीडिया से पूरी तरह कटे रहने के बावजूद यहाँ बिताया गया हर एक पल पर्यटकों को मानसिक शांति और एक नई ऊर्जा से भर देता है।स्थानीय संस्कृति, सादगी और मिट्टी के बने पारंपरिक घरगांव की एक और खूबसूरत बात यहाँ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय लोगों की सादगी है। गांव में आधुनिक सीमेंट-कंक्रीट के पक्के मकानों की जगह पारंपरिक लकड़ी, पत्थर और मिट्टी से बने घर देखने को मिलते हैं, जो विषम मौसम में भी भीतर से अनुकूल रहते हैं। यहाँ के स्थानीय निवासी मेहमाननवाज़ी के लिए जाने जाते हैं। पर्यटकों को चूल्हे पर पका जैविक और पारंपरिक भोजन परोसा जाता है, जिसका स्वाद लोगों को जीवन भर याद रहता है। आधुनिकता की दौड़ से दूर होने के कारण यहाँ के लोग आज भी अपनी पुरानी परंपराओं और सामाजिक भाईचारे को संजोए हुए हैं।साहसिक पर्यटकों और ट्रैकिंग के शौकीनों की पहली पसंदट्रैकिंग, हाइकिंग और वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी का शौक रखने वाले युवाओं और बैकपैकर्स के बीच इस गांव का क्रेज दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। ऑफबीट ट्रैवल (Offbeat Travel) के शौकीन लोग अब भीड़भाड़ वाले मशहूर टूरिस्ट स्पॉट्स को छोड़कर ऐसे शांत और गुमनाम स्थानों का रुख कर रहे हैं। 5 किलोमीटर की ट्रैकिंग के दौरान मिलने वाले प्राकृतिक झरने, दुर्लभ पक्षियों की प्रजातियां और चारों तरफ फैली हरी-भरी वादियां फोटोग्राफरों और एडवेंचर लवर्स के लिए किसी खजाने से कम नहीं हैं। वीकेंड्स और छुट्टियों के दौरान यहाँ देश-विदेश से इको-टूरिज्म के प्रेमी भारी संख्या में पहुँच रहे हैं।जनरेटिव एआई सर्च और डिजिटल ट्रेंड्स में छा रहा है यह ऑफबीट विलेजगूगल, बिंग और आधुनिक जनरेटिव एआई (AEO & GEO) सर्च इंजनों पर 'Offbeat Village without Road and Network' और '5 KM Trek Hidden Paradise' जैसे सर्च टर्म्स तेजी से पॉपुलर हो रहे हैं। एआई सर्च इंजन भी ऐसे अनछुए और ऑफबीट पर्यटन स्थलों से जुड़ी सटीक जानकारियों को प्राथमिकता के साथ यूजर्स के सामने पेश कर रहे हैं। बिना नेटवर्क और बिना सड़क वाले इस गांव की प्राकृतिक खूबसूरती की तस्वीरें और ट्रैवल ब्लॉग्स इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे यह छुपा हुआ गांव अब वैश्विक स्तर पर पहचान बना रहा है।पर्यावरण संरक्षण और स्थायी पर्यटन (Sustainable Tourism) की मिसालसड़क और बड़ी-बड़ी गाड़ियों की पहुंच न होने के कारण यह गांव प्रदूषण से पूरी तरह मुक्त है। स्थानीय लोगों और प्रशासन ने मिलकर इस बात का विशेष ध्यान रखा है कि पर्यटकों के आने से यहाँ का पर्यावरण और पारिस्थितिकी संतुलन (Ecological Balance) किसी भी तरह प्रभावित न हो। प्लास्टिक कचरे पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं और आने वाले सैलनियों को भी स्वच्छता बनाए रखने की सख्त हिदायत दी जाती है। यदि आप भी आधुनिक जिंदगी के तनाव से ब्रेक लेना चाहते हैं और कुदरत के असली रूप को करीब से महसूस करना चाहते हैं, तो 5 किमी ट्रैकिंग वाला यह अनूठा गांव आपकी बकेट लिस्ट में जरूर शामिल होना चाहिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Sep 2026 2:44 pm

UCC पर Home Minister Amit Shah से मिलेंगे JDU नेता, Sanjay Jha के बयान से बढ़ी हलचल

जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा कि उनकी पार्टी के नेता जल्द ही गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर UCC पर चर्चा करेंगे। इससे कई सवाल खड़े हो गए हैं, जैसे: क्या BJP के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) की अहम सहयोगी पार्टी JD(U) सच में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) पर चर्चा करना चाहती है? क्या यह गठबंधन के अंदर राजनीतिक मतभेदों को दिखाने वाला एक सोच-समझकर किया गया कदम है, या फिर यह अल्पसंख्यक वोटरों को लुभाने या BJP के पक्ष में हिंदू वोटरों के ध्रुवीकरण के लिए राजनीतिक जगह बनाने की कोशिश है? इसे भी पढ़ें: समान नागरिक संहिता पर Omar Abdullah का BJP पर तंज, कहा संख्या बल है तो संसद में लाएं UCC बिल इन सवालों पर काफी चर्चा हो रही है और NDA के सत्ता के गलियारों में भी इन पर बात हो रही है। BJP, जो केंद्र और बिहार दोनों जगह NDA का नेतृत्व करती है, ने पूरे देश में UCC लागू करने को अपनी विचारधारा से जुड़ा एक अहम संकल्प बना लिया है। फिर भी, JD(U), LJP और दूसरे सहयोगी दल, जो माइनॉरिटी वोट का कुछ हिस्सा अपने पास बनाए रखना चाहते हैं, UCC जैसे मुद्दों पर मतभेदों के बावजूद NDA में बने हुए हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में, JD(U) ने किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार जैसे माइनॉरिटी-बहुल इलाकों में उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 2029 के आम चुनाव के करीब आने के साथ, झा के हालिया बयानों ने इस बात पर अटकलें तेज कर दी हैं कि क्या JD(U) NDA में मजबूती से बने रहते हुए UCC पर राजनीतिक जगह बनाने की कोशिश कर रही है और अप्रत्यक्ष रूप से ही सही, लेकिन हिंदू वोट बैंक के ध्रुवीकरण के लिए BJP के लिए जगह बना रही है। इसे भी पढ़ें: संसद में लाया जाना...UCC पर उमर अब्दुल्ला ने गृह मंत्री को क्या सलाह दे दी, क्या मानेगी मोदी सरकार? नाम न बताने की शर्त पर BJP के कुछ सीनियर नेताओं ने कहा कि JD(U) ने पहले भी BJP के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ बने रहते हुए कुछ मुद्दों से खुद को अलग किया है। BJP के एक सीनियर नेता ने कहा कि राजनीति में शतरंज की तरह कई चालें भविष्य के फ़ायदों को ध्यान में रखकर चली जाती हैं। अगर JDU UCC से दूर रहती है, तो इसका मकसद अपने माइनॉरिटी वोट बैंक को मज़बूत करना होगा। 2029 में JDU और दूसरे सहयोगी दलों को फ़ायदा हो सकता है और BJP को नॉन-माइनॉरिटी इलाकों में फ़ायदा होगा। यह बात सभी के लिए साफ़ है।

प्रभासाक्षी 15 Sep 2026 2:44 pm

मालदीव: आज 100% मुस्लिम देश, समुद्र तटों के पीछे छिपे सनातन संस्कृति के ऐतिहासिक चिन्ह

दुनिया भर के पर्यटकों के लिए पसंदीदा बीच डेस्टिनेशन माना जाने वाला मालदीव केवल रिसॉर्ट्स और नीले समुद्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका अतीत बेहद प्राचीन सनातन और बौद्ध संस्कृति से गहराई से रचा-बसा हुआ है। ऐतिहासिक और पुरातात्विक दस्तावेजों के अनुसार, इस्लाम के आगमन से पहले हजारों वर्षों तक मालदीव में हिंदू धर्म और बौद्ध धर्म का पूर्ण प्रभाव था। प्राचीन काल में भारत और श्रीलंका से गए प्रवासियों ने मालदीव के द्वीपों पर सनातन जीवनशैली और बौद्ध परंपराओं की नींव रखी थी। मालदीव का नाम स्वयं संस्कृत शब्द 'मालाद्वीप' से उत्पन्न माना जाता है, जिसका अर्थ 'द्वीपों की माला' होता है।मालदीव में बौद्ध धर्म का फैलाव और हिंदू साम्राज्य का प्रभावईसा पूर्व तीसरी शताब्दी के आसपास, सम्राट अशोक के काल में बौद्ध धर्म मालदीव के द्वीपों तक पहुंचा और वहां की मुख्य जीवनधारा बन गया। इससे पूर्व, दक्षिण भारत के चोल और पल्लव राजवंशों का मालदीव के समुद्री व्यापार और संस्कृति पर गहरा प्रभाव था। प्राचीन काल में मालदीव के लोग संस्कृत और पाली भाषा से प्रभावित प्राचीन भाषाओं का प्रयोग करते थे। पुरातात्विक अवशेषों से स्पष्ट होता है कि यहां शिव, विष्णु और सूर्य देव की पूजा की प्राचीन परंपरा मौजूद थी, जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि मालदीव लंबे समय तक भारत-प्रशांत क्षेत्र की सनातन सभ्यता का एक अहम हिस्सा रहा था।बौद्ध स्तूपों और हिंदू मंदिरों के पुरातात्विक अवशेषों का सचमालदीव के विभिन्न द्वीपों, जैसे अरियाडू और टोडाडू में की गई खुदाई के दौरान कई प्राचीन बौद्ध स्तूपों (Havitta), बुद्ध की प्रतिमाओं और हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों के अवशेष प्राप्त हुए हैं। माले संग्रहालय में रखे प्राचीन अवशेष इस बात की गवाही देते हैं कि मालदीव के प्राचीन स्थापत्य कला पर भारतीय वास्तुशिल्प का सीधा प्रभाव था। कई प्राचीन मन्नतों और पत्थरों पर उकेरी गई आकृतियां यह दर्शाती हैं कि यहां के लोग वैदिक अनुष्ठानों और बौद्ध सिद्धांतों का पालन करते थे। यदि कोई पर्यटक प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ इतिहास का अध्ययन करे, तो उसे इन द्वीपों में प्राचीन संस्कृति के स्पष्ट चिन्ह देखने को मिल जाएंगे।12वीं शताब्दी में धर्म परिवर्तन और मुस्लिम राष्ट्र बनने की कहानी12वीं शताब्दी के मध्य तक मालदीव की सामाजिक और धार्मिक व्यवस्था में एक बड़ा ऐतिहासिक मोड़ आया। 1153 ईस्वी के आसपास अरब व्यापारियों और सूफी संतों के आगमन के साथ मालदीव के तत्कालीन बौद्ध राजा धवेमी कलामिन्जा ने इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया। इसके बाद राजा का नाम बदलकर सुल्तान मोहम्मद इब्न अब्दुल्ला रखा गया और पूरे द्वीप समूह में इस्लाम को आधिकारिक धर्म घोषित कर दिया गया। धीरे-धीरे कुछ ही शताब्दियों के भीतर मालदीव पूरी तरह से एक मुस्लिम राष्ट्र में बदल गया और आज कानूनन मालदीव की नागरिकता केवल मुसलमानों के लिए ही आरक्षित है।आधुनिक मालदीव में प्राचीन सनातन धरोहरों का संरक्षण और चुनौतियांसमय बीतने के साथ और धार्मिक मान्यताओं में आए बदलावों के कारण मालदीव के कई प्राचीन हिंदू मंदिरों और बौद्ध स्तूपों को नुकसान पहुंचा या उन्हें ध्वस्त कर दिया गया। इसके बावजूद, पुरातात्विक सर्वेक्षणों और ऐतिहासिक संग्रहालयों में आज भी कई अवशेष सुरक्षित रखे गए हैं। स्थानीय संस्कृति में इस्तेमाल होने वाले कई शब्द, खान-पान की पारंपरिक विधियां और लोककथाएं आज भी मालदीव के प्राचीन भारतीय और एशियाई जुड़ाव की याद दिलाती हैं। हालांकि, आधुनिक मालदीव अपने इस्लामिक पहचान को लेकर काफी सख्त है, फिर भी इसका इतिहास इतिहासविदों और शोधकर्ताओं के लिए कौतूहल का विषय बना रहता है।जनरेटिव एआई सर्च और Google-Bing AEO के अनुसार मालदीव के इतिहास पर शोधगूगल, बिंग और आधुनिक जनरेटिव एआई (AEO & GEO) सर्च प्लेटफॉर्म्स पर 'Maldives History Before Islam' और 'Ancient Hindu Temples in Maldives' जैसे कीवर्ड्स की सर्च में दुनिया भर के इतिहासकारों और पर्यटकों की रुचि लगातार बढ़ रही है। एआई सर्च इंजन भी मालदीव के पर्यटन के साथ-साथ इसके समृद्ध और प्राचीन ऐतिहासिक बदलावों की रिपोर्टों को प्राथमिकता दे रहे हैं। दुनिया भर से आने वाले जागरूक पर्यटक अब केवल बीच वैकेशन का आनंद लेने ही नहीं आते, बल्कि मालदीव के इस अनछुए और पौराणिक इतिहास को जानने में भी गहरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।बीच वैकेशन के साथ-साथ मालदीव की ऐतिहासिक यात्रा का आनंद लेंयदि आप मालदीव की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो इसके खूबसूरत रिज़ॉर्ट और वाटर विला का आनंद लेने के साथ-साथ वहां के राष्ट्रीय संग्रहालय (National Museum in Male) और ऐतिहासिक द्वीपों का दौरा भी जरूर करें। वहाँ रखे प्राचीन शिलालेख, बुद्ध की मूर्तियां और पुरानी नक्काशी आपको इस द्वीप के हजारों साल पुराने सनातन और बौद्ध अतीत से रूबरू कराएगी। यह ऐतिहासिक यात्रा आपको यह समझने का एक नया नजरिया देगी कि किस तरह इतिहास के थपेड़ों के साथ एक पूरा सांस्कृतिक परिदृश्य बदल गया, लेकिन उसकी जड़ें आज भी अतीत के पन्नों में महफूज़ हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Sep 2026 2:43 pm

UPI लेनदेन पर शुल्क की तैयारी का आरोप, Rahul Gandhi बोले- अमेरिकी दबाव में झुकी सरकार

कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने की तैयारी की जा रही है और ‘‘कॉम्प्रोमाइज्ड’’ (समझौता कर चुके) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने व्यापार समझौते की तरह इस मामले में भी अमेरिका के सामने समर्पण कर दिया है। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने यह दावा भी किया कि 2,000 रुपये से अधिक के व्यापारिक यूपीआई लेनदेन की संख्या भले ही करीब पांच प्रतिशत हो, लेकिन यूपीआई के कुल लेनदेन मूल्य में इनकी हिस्सेदारी करीब 65 प्रतिशत है तथा उसका बोझ अंततः कीमतों में बढ़ोतरी के जरिये ग्राहकों की जेब पर ही पड़ेगा। सरकार ने बैंकों और भुगतान प्रणाली प्रदाताओं को 2,000 रुपये तक के यूपीआई लेनदेन या रुपे डेबिट कार्ड के जरिये किए गए भुगतान पर कोई शुल्क न लगाने का निर्देश दिया है। सरकार ने हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया कि 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर शुल्क लागू होगा या नहीं और इसका भुगतान व्यापारियों को करना होगा या नहीं। अभी तक किसी भी राशि के यूपीआई लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लगता है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने इसको लेकर ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘ सरकार का कहना है कि ग्राहक से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, लेकिन दुकानदार पर लगने वाली फीस आखिर आएगी कहां से? कीमतों में जुड़कर ग्राहक की जेब से। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी भुगतान कंपनियां लंबे समय से भारत की शून्य एमडीआर नीति का विरोध करती रही हैं और अब मोदी सरकार ने ठीक उसी दिशा में नीति बदलने का रास्ता खोल दिया है। गांधी ने कहा, ‘‘अमेरिका के साथ व्यापार समझौते की तरह ही, कॉम्प्रोमाइज्ड (समझौता कर चुके) प्रधानमंत्री मोदी एक बार फिर अमेरिकी दबाव के सामने समर्पण कर रहे हैं।’’उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ग्राहक से सीधे शुल्क नहीं लिए जाने के बावजूद व्यापारी पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ अंततः उपभोक्ताओं पर ही डाला जाएगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी यूपीआई शुल्क को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि सरकार ने ‘‘यूपीआई पर कोई शुल्क नहीं’’ की व्यवस्था को बदलकर दो हजार रुपये तक के यूपीआई लेनदेन पर शुल्क नहीं लगाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। खरगे ने दावा किया कि पांच हजार रुपये के लेनदेन पर 25 रुपये और 10 हजार रुपये के लेनदेन पर 50 रुपये तक की संभावित वसूली की जा सकती है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि क्या यह वास्तव में प्रस्तावित है? कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यदि व्यापारियों पर एमडीआर (व्यापार रियायत दर) का अतिरिक्त बोझ डाला जाता है तो वह अंततः वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में शामिल होकर आम उपभोक्ता से ही वसूला जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई से परेशान जनता को राहत देने के बजाय सरकार उसकी जेब पर अतिरिक्त बोझ डालने की तैयारी कर रही है। खरगे ने कहा, ‘‘10 वर्ष पहले नोटबंदी को डिजिटल भुगतान और कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के उपाय के तौर पर पेश किया गया था। ऐसे में अब यूपीआई पर शुल्क लगाने की संभावित व्यवस्था सरकार की उस नीति पर सवाल खड़े करती है।’’कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी इस मामले में सरकार से सवाल किया कि क्या यह कदम अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत के डिजिटल भुगतान क्षेत्र का रास्ता खोलने और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। रमेश ने आरोप लगाया कि ‘‘साफ तौर पर हम सभी से यूपीआई लेनदेन पर शुल्क वसूलने की जमीन तैयार की जा रही है।

प्रभासाक्षी 15 Sep 2026 2:43 pm

AskSRK: 'धुरंधर' पर आया शाहरुख खान का रिव्यू, एक लाइन में बता दी कैसी लगी रणवीर की फिल्म

शाहरुख खान इन दिनों अपनी फिल्म किंग को लेकर सुर्खियों में हैं, लेकिन #AskSRK सेशन में उन्होंने धुरंधर पर भी खुलकर बात की. जब एक फैन ने फिल्म को लेकर सवाल पूछा, तो किंग खान का जवाब देखते ही देखते सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया.

NDTV इंडिया 15 Sep 2026 2:41 pm

छत्तीसगढ़ में खौफनाक वारदात: मनचले की छेड़छाड़ का विरोध करने पर युवती को पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाया

छत्तीसगढ़ राज्य से दिल को दहला देने वाली और समाज को झकझोर कर रख देने वाली एक जघन्य अपराध की खबर सामने आई है। जहाँ एक मनचले युवक की अवांछित हरकतों और छेड़छाड़ का साहसिक विरोध करने पर एक बेकसूर युवती को अपनी जान गंवानी पड़ी। आरोपी ने प्रतिशोध और सिरफिरेपन की सारी हदें पार करते हुए युवती पर पेट्रोल छिड़ककर उसे सरेआम आग के हवाले कर दिया। आग की लपटों से घिरी पीड़ित युवती की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुकी थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से ही पूरे इलाके में भारी जनआक्रोश और डर का माहौल व्याप्त हो गया है।अस्पताल में जिंदगी और मौत से जंग हार गई पीड़ित युवतीवारदात के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से गंभीर रूप से झुलसी हुई युवती को आनन-फानन में पास के संभागीय अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों की विशेष टीम ने युवती की गंभीर हालत को देखते हुए उसे तत्काल आपातकालीन वार्ड में भर्ती किया और गहन चिकित्सा देना शुरू किया। हालांकि, शरीर का अत्यधिक हिस्सा आग की लपटों में झुलस जाने के कारण युवती की हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी। आखिरकार, डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद जिंदगी और मौत के बीच चले लंबे संघर्ष के बाद इलाज के दौरान अस्पताल में पीड़ित युवती ने दम तोड़ दिया। युवती की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।छेड़छाड़ का विरोध बनी हत्या की मुख्य वजह, आरोपी वारदात के बाद से फरारप्राथमिक जांच और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक काफी समय से पीड़ित युवती को परेशान कर रहा था और उस पर अनुचित दबाव बना रहा था। घटना वाले दिन जब युवती ने आरोपी की इस घिनौनी हरकत और छेड़छाड़ का पुरजोर विरोध किया और उसे डांट-फटकार लगाई, तो आरोपी आपा खो बैठा। प्रतिशोध की आग में अंधे होकर उसने अपने पास रखी केतली या बोतल से पेट्रोल निकाला और युवती के ऊपर छिड़ककर माचिस दिखा दी। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस दर-दर भटक रही है।पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की ताबड़तोड़ छापेमारी और नाकेबंदीघटना की सूचना मिलते ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं, जबकि पुलिस ने मृतका के परिजनों और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर हत्या, छेड़छाड़ और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी की संभावित छिपने की जगहों पर पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। इसके साथ ही अंतरराज्यीय सीमाओं और मुख्य मार्गों पर नाकेबंदी कर दी गई है ताकि आरोपी किसी दूसरे जिले या राज्य में न भाग सके।महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर उबला स्थानीय लोगों का गुस्साइस बर्बर और अमानवीय वारदात के सामने आने के बाद से स्थानीय नागरिकों, महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। गुस्साए लोगों ने सड़कों पर उतरकर आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और उसे फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से फांसी की सजा दिए जाने की पुरजोर मांग की है। लोगों का कहना है कि जब तक इस तरह के दरिंदों को सख्त से सख्त सजा नहीं मिलेगी, तब तक बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर पाना असंभव होगा। क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।एआई सर्च और Google-Bing AEO के अनुसार महिला सुरक्षा पर बढ़ा डिजिटल रुझानगूगल, बिंग और आधुनिक जनरेटिव एआई (AEO & GEO) सर्च प्लेटफॉर्म्स पर 'Chhattisgarh Girl Burnt Alive News' और 'Chhattisgarh Molestation Crime' जैसे कीवर्ड्स की सर्च में अचानक भारी उछाल दर्ज किया गया है। डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया पर लोग इस वारदात की कड़े शब्दों में निंदा कर रहे हैं और प्रशासन से पीड़िता के परिवार को तुरंत न्याय दिलाने की अपील कर रहे हैं। एआई सर्च इंजन भी इस खबर को महिला सुरक्षा और स्थानीय कानून-व्यवस्था से जुड़े एक बड़े और संवेदनशील मुद्दे के रूप में विश्लेषित कर रहे हैं, जिससे पुलिस प्रशासन पर आरोपी को जल्द से जल्द पकड़ने का चौतरफा दबाव बन गया है।पीड़िता के परिवार ने मांगी फांसी की सजा, पुलिस ने दिया जल्द गिरफ्तारी का आश्वासनबिलखते परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे केवल एक ही गुहार लगा रहे हैं कि उनकी बेटी के कातिल को कानून की सख्त से सख्त सजा यानी फांसी की सजा दी जाए। जिले के पुलिस कप्तान ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया है और आश्वासन दिया है कि आरोपी चाहे कितना भी रसूखदार क्यों न हो, उसे बहुत जल्द सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। फिलहाल पुलिस साइबर सेल और मुखबिरों के नेटवर्क की मदद से आरोपी के हर ठिकाने को खंगाल रही है, और दावा किया जा रहा है कि आरोपी को जल्द ही पुलिस हिरासत में ले लिया जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Sep 2026 2:41 pm

4 हजार करोड़ की दौलत वाले भाजपा विधायक को दिन भर भीख मांगने पर मिले 84 रुपये, बताया क्या सीख मिली

विधायक ने कहा कि हम भागदौड़ भरी जिंदगी में भूल जाते हैं कि वास्तव में इंसान क्या है. उन्होंने कहा कि अकसर हम लोगों को उनकी दौलत, पद और प्रतिष्ठा के अनुसार चीजों को समझते हैं.

NDTV इंडिया 15 Sep 2026 2:40 pm

छत्तीसगढ़ के जंगलों में फिर से गूंजेगी काले हिरणों की टाप: बारनवापारा से गोमर्डा भेजे जाएंगे 25 कृष्णमृग

छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक परिदृश्य और समृद्ध जैव विविधता के दृष्टिकोण से एक बेहद उत्साहजनक और ऐतिहासिक खबर सामने आ रही है। राज्य के जंगलों में एक बार फिर से विलुप्तप्राय और आकर्षक काले हिरणों (कृष्णमृग) की धमक देखने को मिलेगी। राज्य वन विभाग और वन्यजीव संरक्षण संस्थाओं की साझा पहल के तहत गोमर्डा अभ्यारण्य में काले हिरणों की आबादी को पुनसस्थापित करने के एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया गया है। इस परियोजना के अमल में आने से न केवल राज्य का पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) मजबूत होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर वन्यजीव संरक्षण के एक बड़े केंद्र के रूप में भी उभरेगा।बारनवापारा अभ्यारण्य से गोमर्डा भेजे जाएंगे 25 विशेष काले हिरणवन विभाग द्वारा तैयार किए गए आधिकारिक मास्टर प्लान के अनुसार, बलौदाबाजार जिले में स्थित प्रसिद्ध बारनवापारा वन्यजीव अभ्यारण्य (Barnawapara Sanctuary) से कुल 25 काले हिरणों को सुरक्षित रूप से रायगढ़ जिले के गोमर्डा वन्यजीव अभ्यारण्य (Gomarda Sanctuary) में स्थानांतरित (Relocate) किया जाएगा। बारनवापारा में पिछले कुछ वर्षों में सफल प्रजनन और बेहतर देखभाल के चलते काले हिरणों की संख्या में अप्रत्याशित और सुखद वृद्धि दर्ज की गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए गोमर्डा के प्राकृतिक आवास को इन सुंदर जीवों के नए आशियाने के रूप में चुना गया है, जहाँ वे स्वतंत्र रूप से स्वच्छंद विचरण कर सकेंगे।वैज्ञानिक पद्धति और 'बोमा तकनीक' से किया जाएगा स्थानांतरणवन्यजीवों को एक जंगल से दूसरे जंगल में सुरक्षित रूप से शिफ्ट करना एक बेहद चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील कार्य होता है। इसके लिए वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और पशु चिकित्सकों (Veterinary Doctors) की एक विशेष विशेषज्ञ टीम का गठन किया गया है। हिरणों को बिना किसी मानसिक या शारीरिक चोट के पकड़ने के लिए आधुनिक अफ्रीकी 'बोमा तकनीक' (Boma Technique) और विशेष रूप से डिजाइन किए गए एम्बुलेंस वाहनों का उपयोग किया जाएगा। स्थानांतरण की इस पूरी प्रक्रिया के दौरान हिरणों के स्वास्थ्य, खान-पान और सुरक्षा मानकों का हर क्षण बारीकी से ध्यान रखा जाएगा ताकि उन्हें नए वातावरण में ढलने में कोई परेशानी न आए।गोमर्डा अभ्यारण्य में विकसित किया जा रहा है अनुकूल वातावरणरायगढ़ स्थित गोमर्डा अभ्यारण्य को काले हिरणों के अनुकूल बनाने के लिए वन विभाग ने व्यापक तैयारियां की हैं। हिरणों के मुख्य आहार यानी हरी घास के मैदानों (Grasslands) का विकास किया गया है और पीने के पानी के लिए प्राकृतिक तथा कृत्रिम जलस्रोतों को पुख्ता किया गया है। इसके अलावा, शुरुआत में इन 25 काले हिरणों को सीधे खुले जंगल में छोड़ने के बजाय एक विशेष रूप से बनाए गए बाड़े (Soft Enclosure) में कुछ दिनों तक रखा जाएगा। जब हिरण नए इलाके की जलवायु और वातावरण के आदी हो जाएंगे, तब उन्हें धीरे-धीरे गोमर्डा के मुख्य और घने वन क्षेत्र में आज़ाद कर दिया जाएगा।पर्यावरण संतुलन और स्थानीय पर्यटन को मिलेगा नया आयामछत्तीसगढ़ में काले हिरणों का स्थानांतरण केवल वन्यजीव संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा सकारात्मक असर स्थानीय पर्यटन (Ecotourism) और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। गोमर्डा अभ्यारण्य में काले हिरणों की मौजूदगी से देश-दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों, शोधकर्ताओं और प्रकृति प्रेमियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी होने की संभावना है। इससे रायगढ़ और आसपास के ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही, शाकाहारी जीवों की आबादी बढ़ने से जंगल की खाद्य श्रृंखला (Food Chain) और प्राकृतिक संतुलन को भी दीर्घकालिक मजबूती प्राप्त होगी।जनरेटिव एआई सर्च और डिजिटल मीडिया पर छाया छत्तीसगढ़ का यह प्रोजेक्टगूगल, बिंग और आधुनिक जनरेटिव एआई (AEO & GEO) सर्च इंजन प्लेटफॉर्म्स पर 'Chhattisgarh Blackbuck Shift' और 'Barnawapara to Gomarda Relocation' जैसे कीवर्ड्स तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं। वन्यजीव विशेषज्ञ और पर्यावरणप्रेमी इंटरनेट पर इस अनोखे वाइल्डलाइफ प्रोजेक्ट से जुड़ी हर नई जानकारी सर्च कर रहे हैं। एआई प्लेटफॉर्म्स भी छत्तीसगढ़ वन विभाग के इस कदम को वन्यजीव संरक्षण (Wildlife Conservation) के इतिहास में एक मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में विश्लेषित कर रहे हैं, जो आने वाले समय में अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।वन्यजीव प्रेमियों में खुशी की लहर और वन विभाग की मुस्तैदीगोमर्डा अभ्यारण्य में 25 काले हिरणों के आगमन की खबर से छत्तीसगढ़ के पूरे पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण जगत में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। वन विभाग के आला अधिकारियों ने बताया कि स्थानांतरण की सभी वैधानिक और तकनीकी अनुमतियां पूरी कर ली गई हैं और बहुत जल्द ही इस योजना को अमलीजामा पहना दिया जाएगा। शिकारियों की बुरी नजर से इन दुर्लभ हिरणों को बचाने के लिए गोमर्डा अभ्यारण्य में गश्त (Patrolling) और ट्रैप कैमरों का नेटवर्क भी मजबूत कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ का यह जंगल जल्द ही काले हिरणों की खूबसूरती से एक बार फिर गुलजार होने के लिए पूरी तरह तैयार है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Sep 2026 2:40 pm

शहजाद पूनावाला बोले- भाजपा मेरा बाल भी बांका नहीं कर सकती, PM मोदी से मांग लिया इस्तीफा

इससे पहले शहजाद पूनावाला ने बीते जुलाई में भाजपा से इस्तीफा दे दिया था। पूनावाला ने खुद सोशल मीडिया पर बताया था कि उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को पत्र लिखकर भाजपा छोड़ने की बात कही है।

लाइव हिन्दुस्तान 15 Sep 2026 2:40 pm

शाहरुख खान का फैन बोला बेच दो मन्नत अगर बालकनी में नहीं आना तो, किंग खान ने प्यार से दिया ये जवाब

शाहरुख खान ने अपनी फिल्म किंग की रिलीज के 100 दिन का काउंट डाउन शुरू होने के मौके पर Ask Srk सेशन रखा. इस बातचीत में फैन की नाराजगी देखने को मिली.

NDTV इंडिया 15 Sep 2026 2:39 pm

लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की माताजी का निधन, CM योगी ने दी श्रद्धांजलि

मेवाड़ राजपरिवार के सदस्य और समाजसेवी डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की पूज्य माताजी श्रीमती विजयराज कुमारी (83) का उदयपुर में निधन हो गया। उनके देवलोकगमन की खबर से उदयपुर सहित पूरे मेवाड़ अंचल में शोक की लहर दौड़ गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी ...

वेब दुनिया 15 Sep 2026 2:39 pm

CGPSC भर्ती घोटाला: भूपेश बघेल के पूर्व OSD बोरघरिया के बैंक खातों में मिले 66.64 लाख रुपये, मची खलबली

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की भर्ती प्रक्रियाओं में हुए बहुचर्चित घोटाले की जांच कर रही एजेंसियों को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस मामले की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई रसूखदार चेहरों के नाम सामने आ रहे हैं। इस क्रम में सबसे बड़ा खुलासा राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के उप सचिव (OSD) रहे अरुण कुमार बोरघरिया को लेकर हुआ है। जांच एजेंसियों द्वारा की गई वित्तीय समीक्षा और बैंक खातों की पड़ताल के दौरान बोरघरिया और उनके करीबियों के खातों में लाखों रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है। इस खबर के सार्वजनिक होते ही छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में भारी हड़कंप मच गया है।अरुण कुमार बोरघरिया और परिजनों के बैंक खातों में जमा मिले 66.64 लाख रुपयेवित्तीय जांच अधिकारियों और जांच एजेंसियों द्वारा खंगाले गए दस्तावेजों के अनुसार, पूर्व OSD अरुण कुमार बोरघरिया, उनकी पत्नी और अन्य करीबी रिश्तेदारों के विभिन्न बैंक खातों में कुल 66.64 लाख रुपये की संदिग्ध राशि जमा पाई गई है। यह राशि अलग-अलग समय पर और कई टुकड़ों में जमा कराई गई थी, जिसका कोई स्पष्ट और वैध वित्तीय स्रोत प्रस्तुत नहीं किया जा सका है। अधिकारियों को अंदेशा है कि यह रकम सीजीपीएससी भर्ती में अभ्यर्थियों से रिश्वत के रूप में वसूल की गई काली कमाई का हिस्सा हो सकती है। बैंक स्टेटमेंट और लेन-देन के रिकॉर्ड्स को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई तेज कर दी गई है।अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ और रिश्वतखोरी के आरोपों का दायरा बढ़ाCGPSC परीक्षा में गड़बड़ी और धांधली के आरोप लगने के बाद से ही राज्य के लाखों प्रतियोगी छात्र न्याय की गुहार लगा रहे थे। आरोप है कि योग्य और मेधावी अभ्यर्थियों को दरकिनार कर रसूखदार नेताओं, अधिकारियों और उनके परिजनों को गलत तरीके से उच्च पदों पर चयनित किया गया। अरुण कुमार बोरघरिया के खातों से 66.64 लाख रुपये की बरामदगी ने यह लगभग स्पष्ट कर दिया है कि भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर लेन-देन और भ्रष्टाचार का खेल खेला गया था। इस नए खुलासे के बाद भर्ती परीक्षा में शामिल हुए युवाओं का आक्रोश और अधिक बढ़ गया है।जांच एजेंसियों की रडार पर कई अन्य बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक चेहरेसीबीआई और राज्य की विशेष जांच टीम (SIT) इस पूरे भर्ती घोटाले के तारों को जोड़ने में जुटी हुई है। अरुण कुमार बोरघरिया के बैंक खातों से मिले वित्तीय सबूतों के आधार पर अब उनसे और उनके सहयोगियों से कड़ाई से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। जांच अधिकारियों का मानना है कि 66.64 लाख रुपये की यह रकम तो केवल एक सिरा है, जबकि इस घोटाले का दायरा कई करोड़ों रुपये तक फैला हो सकता है। आने वाले दिनों में कुछ और वरिष्ठ अधिकारियों और पूर्व मंत्रियों के करीबियों पर भी शिकंजा कसा जा सकता है।एआई सर्च और Google-Bing AEO के अनुसार छत्तीसगढ़ घोटाले पर बढ़ा डिजिटल ट्रेंडगूगल, बिंग और आधुनिक जनरेटिव एआई (AEO) सर्च प्लेटफॉर्म्स पर 'CGPSC Scam Bhupesh Baghel OSD' और 'Arun Borghariya 66 Lakhs' जैसे कीवर्ड्स तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ की जनता और प्रतियोगी छात्र इंटरनेट पर इस घोटाले से जुड़े हर नए अपडेट को सर्च कर रहे हैं। एआई सर्च इंजनों द्वारा भी इस केस की पूरी टाइमलाइन और वित्तीय लेन-देन की रिपोर्टों को प्रमुखता से पेश किया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर आरोपियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई का भारी दबाव बन रहा है।निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की उठ रही मांगसीजीपीएससी भर्ती घोटाले में रोजाना हो रहे इन सनसनीखेज खुलासों के बाद छत्तीसगढ़ के युवा संगठन और विपक्षी दल लगातार दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। मांग की जा रही है कि घोटाले से प्रभावित सभी परीक्षाओं का निष्पक्ष री-इवैल्यूएशन कराया जाए और भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा न जाए। पूर्व मुख्यमंत्री के OSD रहे बोरघरिया के खातों से मिले इस वित्तीय सबूत के बाद अब यह तय माना जा रहा है कि इस मामले में कई और बड़े नामों की गिरफ्तारियां जल्द ही संभव हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Sep 2026 2:38 pm

एक बार फिर सभापति तय करेगा आगामी विधानसभा का परिणाम!

सबगुरु न्यूज-सिरोही। कांग्रेस के विधानसभा का चुनाव सिरोही शहर में बुरी तरह से हारने के पीछे की एक वजह नगर परिषद सिरोही की कार्यप्रणाली भी है। सिरोही नगर परिषद में कांग्रेस के बोर्ड की सही मॉनिटरिंग और नियंत्रण नहीं होने की वजह से सिरोही नगर परिषद में कांग्रेस को 2018 में मिली बढ़त को खोना […] The post एक बार फिर सभापति तय करेगा आगामी विधानसभा का परिणाम! appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 15 Sep 2026 2:38 pm

Rahul Gandhi की मोहब्बत की दुकान सिर्फ भ्रष्टाचार का कारोबार, Bansuri Swaraj का Congress पर वार

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद बांसुरी स्वराज ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी के खास नारे पर तंज कसते हुए कांग्रेस पर कई राज्यों में नौकरी चाहने वाले युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। मीडिया से बात करते हुए, स्वराज ने कांग्रेस पार्टी की मौजूदा या पिछली सरकारों वाले राज्यों में भर्ती में कथित गड़बड़ियों और प्रवर्तन की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा। इसे भी पढ़ें: समान नागरिक संहिता पर Omar Abdullah का BJP पर तंज, कहा संख्या बल है तो संसद में लाएं UCC बिल बांसुरी स्वराज ने कहा कि ऐसा लगता है कि कांग्रेस पार्टी की तथाकथित 'मोहब्बत की दुकान' सिर्फ़ भ्रष्टाचार का कारोबार करती है। मैं राहुल गांधी से पूछना चाहती हूं कि एक तरफ़ तो वह छात्रों की बात करते हैं, लेकिन जब उनकी ही पार्टी के सदस्य देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं, तो क्या यह शोर उन तक नहीं पहुंचता? स्वराज ने विपक्षी पार्टी के भीतर व्यवस्थित भ्रष्टाचार और राजनीतिक संरक्षण के अपने आरोपों को साबित करने के लिए तीन खास मामलों का ज़िक्र किया: उत्तराखंड VPDO परीक्षा घोटाला, छत्तीसगढ़ CGPSC पेपर लीक और हिमाचल प्रदेश में आउटसोर्स भर्ती। उत्तराखंड में, उन्होंने विलेज पंचायत डेवलपमेंट ऑफिसर (VPDO) भर्ती घोटाले के सिलसिले में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व और मौजूदा पर्सनल असिस्टेंट्स (PAs) के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी का ज़िक्र किया और बताया कि आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं ज़्यादा संपत्ति बरामद हुई। स्वराज ने छत्तीसगढ़ पब्लिक सर्विस कमीशन (CGPSC) परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों से जुड़े छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व OSD (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में आउटसोर्सिंग के ज़रिए भर्ती प्रक्रिया में एक सीनियर नेता के बेटे के शामिल होने और कमीशन या कट मनी मांगने के हालिया आरोपों की ओर भी इशारा किया। इसे भी पढ़ें: West Bengal Bypolls: BJP ने Nandigram से हसिरानी रथ और रेजीनगर से सखाराव सरकार को उतारा स्वराज ने सवाल किया कि जब कांग्रेस पार्टी के अपने ही सदस्य पेपर लीक और भर्ती में गड़बड़ियों के मामलों में फंसे होते हैं, तो पार्टी लीडरशिप इस पर सार्वजनिक रूप से चुप क्यों रहती है। उन्होंने कहा कि आप युवाओं के भविष्य और बेरोज़गारी के मुद्दे पर बात करते हैं। फिर भी, जब बात आपकी अपनी पार्टी—आपके अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं की आती है, और जब राजनीतिक संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं, तो आप चुप रहना ही क्यों पसंद करते हैं?

प्रभासाक्षी 15 Sep 2026 2:38 pm

कुर्सी बचाने के लिए मोहसिन नकवी का बड़ा दांव, PCB से दो दिग्गजों की छुट्टी तय, मची खलबली

इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 0-3 से क्लीन स्वीप झेलने और आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नौवें स्थान पर खिसकने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में हाहाकार मचा हुआ है। लगातार मिल रही हार और वैश्विक स्तर पर फजीहत के बाद अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी पर अपना पद बचाने का भारी दबाव बन गया है। पीसीबी के आंतरिक सूत्रों के मुताबिक, नकवी ने अब सख्त रुख अपनाते हुए बोर्ड के भीतर आमूल-चूल बदलाव करने की पूरी तैयारी कर ली है। इस कड़ी कार्रवाई के तहत दो पूर्व टेस्ट खिलाड़ियों और बोर्ड के शीर्ष पदों पर बैठे दिग्गजों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है।वरिष्ठ चयनकर्ता आकिब जावेद और मेंटोर वहाब रियाज की छुट्टी होना लगभग तयपीसीबी चीफ मोहसिन नकवी के गुस्से का शिकार होने वाले दो बड़े नामों में राष्ट्रीय चयन समिति के मुख्य सूत्रधार आकिब जावेद और महिला टीम के मेंटोर वहाब रियाज शामिल हैं। आकिब जावेद को हालिया दिनों में कप्तानी, कोचों के बदलाव और मध्य-सीरीज में सात खिलाड़ियों को वापस भेजने के विवादास्पद फैसलों का मुख्य जिम्मेदार माना जा रहा है। वहीं वहाब रियाज को भी जारी एशियाई खेलों के अभियान के समापन के तुरंत बाद उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया जाएगा। नकवी का मानना है कि इन अधिकारियों के फैसलों ने पाकिस्तान क्रिकेट को फायदा पहुंचाने के बजाय दलदल में धकेलने का काम किया है।ड्रेसिंग रूम लीक और अनुशासनहीनता के मामलों ने भी बढ़ाई पीसीबी की चिंताइंग्लैंड दौरे पर केवल मैदानी हार ही नहीं, बल्कि मैदान के बाहर भी अनुशासनहीनता के बड़े मामले सामने आए थे। लॉर्ड्स टेस्ट के बाद मोहम्मद रिजवान और इमाम-उल-हक जैसे बड़े खिलाड़ियों को स्वदेश वापस भेजा गया था। इन दोनों खिलाड़ियों पर ड्रेसिंग रूम की रणनीतियों को लीक करने और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के आरोप लगे हैं, जिसकी जांच सीधे पाकिस्तान की नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NCCIA) कर रही है। जांच एजेंसी द्वारा खिलाड़ियों के मोबाइल फोन डेटा और बैंक खातों की पड़ताल की जा रही है। इस उथल-पुथल ने मोहसिन नकवी पर कड़े और सख्त कदम उठाने के लिए अतिरिक्त प्रशासनिक दबाव बनाया है।माइक हेसन को टेस्ट टीम का हेड कोच बनाने और रेड-बॉल क्रिकेट सौंपने की तैयारीचयन समिति में फेरबदल के साथ-साथ पीसीबी कोचिंग स्टाफ में भी एक नया और स्थायी ढांचा तैयार करने में जुटा है। सीमित ओवरों की टीम के मुख्य कोच माइक हेसन ने तीनों प्रारूपों (All-Format Head Coach) में जिम्मेदारी संभालने की इच्छा जताई है। हालांकि, हेसन ने नकवी के सामने स्पष्ट शर्त रखी है कि उन्हें टीम सुधारने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए और चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप न हो। नकवी अब शासी निकाय (Governing Board) के सदस्यों को विश्वास में लेकर हेसन की मांगों को स्वीकार कर सकते हैं।जनरेटिव एआई सर्च और डिजिटल मीडिया पर छाया पाकिस्तान क्रिकेट का संकटगूगल और बिंग के आधुनिक जनरेटिव एआई (AEO & GEO) सर्च ट्रेंड्स के अनुसार, 'Mohsin Naqvi PCB news' और 'Aaqib Javed Wahab Riaz removal' जैसे कीवर्ड्स वैश्विक स्तर पर तेजी से सर्च किए जा रहे हैं। दुनिया भर के क्रिकेट विश्लेषक पीसीबी की इस अस्थिरता को बोर्ड के इतिहास का सबसे बड़ा प्रशासनिक संकट करार दे रहे हैं। एआई प्लेटफॉर्म्स पर भी इस बात की विस्तृत समीक्षा की जा रही है कि क्या केवल अधिकारियों को हटाने से पाकिस्तान क्रिकेट का गिरता हुआ स्तर सुधर पाएगा या इसके लिए अधिक बुनियादी संरचनात्मक बदलावों की आवश्यकता है।क्या मोहसिन नकवी के इन कठोर फैसलों से सुधरेगी पाकिस्तान क्रिकेट की स्थिति?अपनी कुर्सी और साख बचाने के लिए मोहसिन नकवी द्वारा उठाए जा रहे इन सख्त कदमों से पाकिस्तान के क्रिकेट गलियारों में भारी अफरा-तफरी का माहौल है। आगामी दिनों में नकवी बोर्ड के वरिष्ठ सदस्यों और सलाहकारों के साथ एक हाई-स्तरीय समीक्षा बैठक करने जा रहे हैं, जिसके बाद इन बर्खास्तगी आदेशों पर आधिकारिक मुहर लगा दी जाएगी। अब देखना यह होगा कि आकिब जावेद और वहाब रियाज की विदाई के बाद पाकिस्तान टीम का लगातार गिरता प्रदर्शन संभल पाता है या नहीं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Sep 2026 2:37 pm

अंबानी के इवेंट में छाईं जया किशोरी, खड़ाऊ पहन पहुंचे धीरेंद्र शास्त्री

मुकेश अंबानी के एंटीलिया में आयोजित गणपति उत्सव में कथावाचक जया किशोरी और बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहुंचे. धीरेंद्र शास्त्री की नक्काशीदार 'सोने की खड़ाऊ' और जया किशोरी के लुक की चर्चा खूब हो रही है. उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

आज तक 15 Sep 2026 2:36 pm

दिल्ली के आर्मी पब्लिक स्कूल में बम की सूचना से हड़कंप

दिल्ली के धौला कुआं स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल में बम होने की सूचना से हड़कंप मच गया. पुलिस और बम निरोधक दस्ते की जांच में कॉल झूठी निकली. पुलिस मामले की जांच कर रही है. पढ़ें पूरी कहानी.

आज तक 15 Sep 2026 2:35 pm

टेस्ट सीरीज में शर्मनाक क्लीन स्वीप के बाद वतन वापसी, एयरपोर्ट पर खिलाड़ी का ग्रैंड वेलकम

इंग्लैंड की धरती पर खेली गई हाई-प्रोफाइल टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान क्रिकेट टीम का प्रदर्शन बेहद शर्मनाक और निराशाजनक रहा। मेज़बान इंग्लैंड की टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को सीरीज के सभी मुकाबलों में शिकस्त देकर 3-0 से करारी मात दी और सीरीज में पूरी तरह से क्लीन स्वीप हासिल किया। पाकिस्तान के बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों ही टेस्ट मैचों के महत्वपूर्ण मौकों पर पस्त नजर आए, जिसके कारण टीम को एक के बाद एक बड़ी हार का सामना करना पड़ा। इस एकतरफा मुकाबले के बाद पाकिस्तानी क्रिकेट फैंस और पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों का गुस्सा टीम प्रबंधन और कप्तान पर फूट पड़ा है।क्लीन स्वीप के बाद वतन वापसी पर एयरपोर्ट का चौंकाने वाला नजारासीरीज की इस करारी हार और किरकिरी के बाद जब पाकिस्तानी टीम स्वदेश वापस लौटी, तो लाहौर और कराची एयरपोर्ट पर एक बेहद चौंकाने वाला और अजीब दृश्य देखने को मिला। सीरीज में मिली शर्मनाक पराजय के बावजूद भी एयरपोर्ट पर कुछ खिलाड़ियों का प्रशंसकों और समर्थकों द्वारा किसी बड़े विजेता की तरह भव्य स्वागत और 'ग्रैंड वेलकम' किया गया। खिलाड़ियों पर फूल बरसाए गए और उनके पक्ष में नारे लगाए गए, जिससे वहां मौजूद आम जनता और क्रिकेट प्रेमी भी हैरान रह गए।करारी हार के बाद भव्य स्वागत पर भड़के पूर्व क्रिकेटर और फैंसशर्मनाक हार के बाद खिलाड़ियों के इस तरह के स्वागत पर पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटरों और खेल विशेषज्ञों ने कड़ी आपत्ति जताई है। क्रिकेट दिग्गजों का कहना है कि जब टीम देश का नाम खराब करके और पूरी तरह से वाइटवॉश होकर वापस लौट रही है, तो ऐसे में जश्न या भव्य स्वागत का कोई औचित्य नहीं बनता। पूर्व खिलाड़ियों ने पीसीबी (PCB) और खिलाड़ियों को नसीहत दी है कि उन्हें अपनी कमजोरियों और गलतियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, न कि इस तरह के दौरों के बाद खुद को सही ठहराने का प्रयास करना चाहिए।पाकिस्तान के बल्लेबाजी और गेंदबाजी क्रम की खुली पोलइंग्लैंड के खिलाफ पूरी सीरीज में पाकिस्तान का शीर्ष और मध्यक्रम का बल्लेबाजी विभाग ताश के पत्तों की तरह ढहता हुआ नजर आया। स्पिनरों और तेज गेंदबाजों ने भी इंग्लैंड के आक्रामक बल्लेबाजी रवैये के सामने पूरी तरह से घुटने टेक दिए। टीम के मुख्य सीनियर खिलाड़ियों का बल्ला पूरे दौरे के दौरान खामोश रहा, जिसके कारण पूरी टीम दबाव में आ गई। विदेशी दौरों पर पाकिस्तान के इस लचर प्रदर्शन ने टीम के तकनीकी कौशल और टेस्ट क्रिकेट खेलने की मंशा पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।जनरेटिव एआई सर्च और सोशल मीडिया पर छाया पाकिस्तान क्रिकेट का ड्रामागूगल, बिंग और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च इंजनों पर 'Pakistan Team Clean Sweep' और 'Pak Player Airport Welcome' जैसे कीवर्ड्स ट्रेंड कर रहे हैं। दुनिया भर के क्रिकेट फैंस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एयरपोर्ट के स्वागत वाले वीडियो को शेयर कर जमकर मजे ले रहे हैं और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के रवैये की आलोचना कर रहे हैं। एआई सर्च ट्रेंड्स में भी इस हार और उसके बाद हुए ड्रामे का गहन विश्लेषण देखा जा रहा है।पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) में उठ सकती है बड़े बदलावों की मांगसीरीज में मिली इस हार के बाद अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के भीतर बड़े प्रशासनिक और टीम स्तर पर फेरबदल की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। चयन समिति, कोच और कप्तान की कुर्सी पर खतरा मंडराने लगा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पीसीबी एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित करेगा, जिसमें सीरीज के लचर प्रदर्शन का हिसाब-किताब मांगा जाएगा। यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो आगामी अंतरराष्ट्रीय दौरों से पहले टीम के मुख्य कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Sep 2026 2:34 pm

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सेना के काफिले पर बड़ा हमला, 23 से अधिक जवानों की मौत की खबर; BLA ने ली जिम्मेदारी

दिसपुर/इस्लामाबाद। पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा बलों के काफिले को निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई है। लासबेला जिले के कशारी इलाके में N-25 राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए इस हमले में 23 से ज्यादा पाकिस्तानी जवानों के मारे जाने की शुरुआती खबरें हैं। हालांकि, मृतकों की संख्या की अभी पाकिस्तान की ओर […] The post पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सेना के काफिले पर बड़ा हमला, 23 से अधिक जवानों की मौत की खबर; BLA ने ली जिम्मेदारी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 15 Sep 2026 2:34 pm

एशेज सीरीज से पहले टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहेंगे स्टीव स्मिथ? दिए गए बयान से मचा हड़कंप

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के दिग्गज और आधुनिक दौर के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शुमार स्टीव स्मिथ ने अपने टेस्ट करियर के भविष्य को लेकर एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसने पूरी दुनिया के क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों के होश उड़ा दिए हैं। आगामी प्रतिष्ठित एशेज सीरीज से ठीक पहले उनके संन्यास से जुड़े कयासों ने अचानक तूल पकड़ लिया है। स्टीव स्मिथ के हालिया बयान के बाद से यह बहस तेज हो गई है कि क्या यह महान बल्लेबाज एशेज सीरीज की शुरुआत से पहले या उसके तुरंत बाद टेस्ट क्रिकेट को हमेशा के लिए अलविदा कह देगा। खेल के इस लंबे प्रारूप में उनके अद्वितीय आंकड़ों को देखते हुए यह खबर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के साथ-साथ उनके लाखों फैंस के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है।एशेज सीरीज से ठीक पहले क्यों उठी स्टीव स्मिथ के संन्यास की चर्चा?ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेली जाने वाली एशेज सीरीज क्रिकेट इतिहास की सबसे पुरानी और रोमांचक प्रतिद्वंद्विता मानी जाती है। स्टीव स्मिथ का रिकॉर्ड एशेज सीरीज में हमेशा से ही असाधारण और प्रभावशाली रहा है। ऐसे में महत्वपूर्ण सीरीज से ठीक पहले जब किसी बड़े खिलाड़ी के संन्यास की बात सामने आती है, तो पूरी टीम का ध्यान और रणनीति प्रभावित होना स्वाभाविक है। मीडिया के साथ बातचीत के दौरान जब स्मिथ से उनके भविष्य और खेल से जुड़े दीर्घकालिक लक्ष्यों के बारे में सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कोई स्पष्ट या सीधा जवाब देने के बजाय एक बेहद गोलमोल और रहस्यमयी प्रतिक्रिया दी। उनकी इसी प्रतिक्रिया ने खेल जगत में सस्पेंस को कई गुना बढ़ा दिया है।अपने भविष्य पर बात करते हुए स्टीव स्मिथ ने आखिर क्या कहा?संन्यास से जुड़े सीधे सवाल पर स्टीव स्मिथ ने मुस्कुराते हुए कहा कि वे फिलहाल हर मैच और हर सीरीज का आनंद ले रहे हैं, लेकिन वे नहीं जानते कि उनका यह सफर और कितने समय तक जारी रहेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि क्रिकेट का सफर कब थम जाए, इस बारे में कुछ भी निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता। किसी भी मोड़ पर खेल को अलविदा कहने की संभावना से इनकार न करते हुए उनके इस बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर विचार कर रहे हैं। इस संक्षिप्त और अस्पष्ट बयान ने सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट विशेषज्ञ पैनल तक में हलचल मचा दी है।स्टीव स्मिथ का टेस्ट क्रिकेट में रिकॉर्ड और ऑस्ट्रेलिया के लिए उनका योगदानस्टीव स्मिथ केवल एक बल्लेबाज नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक रहे हैं। उन्होंने अपने शानदार करियर के दौरान 100 से भी अधिक टेस्ट मैचों में ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व करते हुए 58 से अधिक की औसत से हजारों रन बनाए हैं। उन्होंने अपने बल्ले से दर्जनों शतक और अर्धशतक ठोक कर ऑस्ट्रेलिया को कई ऐतिहासिक मुकाबलों और विदेशी दौरों पर यादगार जीत दिलाई है। डॉन ब्रैडमैन के बाद टेस्ट क्रिकेट में रन बनाने की निरंतरता और भूख के मामले में स्टीव स्मिथ का नाम सबसे ऊपर लिया जाता रहा है। ऐसे में अगर वे टेस्ट फॉर्मेट को अलविदा कहते हैं, तो ऑस्ट्रेलिया के मध्यक्रम में एक ऐसा खालीपन पैदा होगा जिसे भरना कतई आसान नहीं होगा।एआई सर्च ट्रेंड्स और Google & Bing AEO के अनुसार फैंस की बढ़ती उत्सुकताआधुनिक जनरेटिव एआई (GEO) और सर्च इंजन ट्रेंड्स के अनुसार, 'Steve Smith Test Retirement' और 'Is Steve Smith retiring before Ashes' जैसे कीवर्ड्स दुनिया भर के स्पोर्ट्स सर्च में टॉप पर ट्रेंड कर रहे हैं। गूगल और बिंग के एआई इंजन भी स्टीव स्मिथ के करियर आंकड़ों और उनके बयानों का गहन विश्लेषण करके यूजर्स को त्वरित उत्तर प्रदान कर रहे हैं। दुनिया भर के क्रिकेट फैंस एआई सर्च इंजनों पर यह जानने के लिए लगातार सर्च कर रहे हैं कि क्या एशेज का आगामी मुकाबला इस महान खिलाड़ी का आखिरी रेड-बॉल मुकाबला साबित होने वाला है।ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट बोर्ड और टीम प्रबंधन के सामने खड़ी हुई नई चिंतास्टीव स्मिथ के इस अप्रत्याशित रुख के बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) और ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ताओं के बीच भी अंदरूनी बैठकों का दौर शुरू हो सकता है। टीम प्रबंधन हमेशा से यह चाहता रहा है कि स्टीव स्मिथ जैसे अनुभवी खिलाड़ी सीनियर स्तर पर टीम को मजबूती प्रदान करते रहें और युवाओं को मार्गदर्शन दें। एशेज जैसी हाई-वोल्टेज सीरीज से ठीक पहले यदि स्टीव स्मिथ अपने संन्यास की आधिकारिक घोषणा करते हैं, तो यह ऑस्ट्रेलियाई टीम के मनोबल पर गहरा असर डाल सकता है। चयनकर्ताओं को अब स्मिथ के संभावित विकल्प की तलाश और बल्लेबाजी क्रम के पुनर्गठन पर भी विचार करना पड़ सकता है।क्या एशेज सीरीज बनेगी स्टीव स्मिथ के शानदार टेस्ट करियर की आखिरी सीरीज?अब सबसे बड़ा और यक्ष प्रश्न यही बना हुआ है कि क्या स्टीव स्मिथ एशेज सीरीज के दौरान अपने टेस्ट करियर का अंतिम अध्याय लिखेंगे। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि स्मिथ एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो हमेशा शिखर पर रहते हुए खेल को अलविदा कहना पसंद करेंगे। यदि वे एशेज सीरीज में एक और यादगार प्रदर्शन करते हैं, तो यह उनके लिए टेस्ट क्रिकेट से विदा लेने का सबसे आदर्श और ऐतिहासिक मंच साबित हो सकता है। हालांकि, आधिकारिक घोषणा होने तक स्मिथ के प्रशंसकों को सांसें थामकर इंतजार करना होगा कि यह दिग्गज बल्लेबाज अपने संन्यास के सस्पेंस से पर्दा कब उठाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Sep 2026 2:33 pm

Manoj Jarange पुलिस अनुमति के बिना Jalna से Mumbai आजाद मैदान के लिए रवाना

मुंबई में प्रदर्शन करने की पुलिस से अनुमति न मिलने के बावजूद, अनशन पर बैठे मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने मंगलवार सुबह जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव से मुंबई के लिए कूच किया। कुनबी जाति की वंशावली वाले मराठा समुदाय के सदस्यों के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण की मांग को लेकर पिछले 17 दिन से अनशन पर बैठे जरांगे को मुंबई पुलिस ने गणेश उत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था की चिंताओं का हवाला देते हुए आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। हालांकि, जरांगे अपने रुख पर कायम रहे और उन्होंने महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से मराठा समुदाय के लोगों को मुंबई में जुटाने की अपनी पहले की योजना में बदलाव किया। अब जरांगे ने कड़ी सुरक्षा के बीच केवल पांच से 10 सहयोगियों के एक छोटे समूह के साथ जाने का फैसला किया। शारीरिक रूप से कमजोर नजर आ रहे जरांगे अपने चिर-परिचित सफेद कमीज-पायजामे में कार की अगली सीट पर बैठे हुए थे। उन्होंने मुंबई उच्च न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने भी उन्हें मुंबई में प्रदर्शन से रोकने से इनकार कर दिया है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मेरे लिए मेरे समुदाय से बढ़कर कुछ नहीं है। मैं अपने समुदाय के लिए जान दे दूंगा या उनके लिए आरक्षण हासिल करूंगा। अदालत ने कहा है कि अगर कोई लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहा है तो उसे रोका नहीं जा सकता। न्यायपालिका हमारे साथ है।’’जरांगे ने उनकी हत्या की साजिश रचने के आरोपों को दोहराया। आरक्षण कार्यकर्ता ने कहा, ‘‘क्या (मुख्यमंत्री) देवेंद्र फडणवीस मुझे गोली मरवाना चाहते हैं? मैं अकेला आ रहा हूं। उन्होंने मुझे मारने की साजिश रची है। भले ही वे मुझे मार डालें, मैं मराठा समुदाय के साथ विश्वासघात नहीं होने दूंगा।’’फडणवीस और राज्य मंत्रिमंडल के अन्य मंत्रियों ने जरांगे से बार-बार अनशन खत्म करने की अपील करते हुए कहा था कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और कानूनी रूप से वैध मांगों को स्वीकार करेगी। जरांगे का काफिला बीड के पाटोदा, अहिल्यानगर के श्रीगोंदा, पुणे के हडपसर और रायगढ़ जिले के खोपोली से होते हुए 19 सितंबर को मुंबई के आजाद मैदान पहुंचेगा। इससे पहले सुबह जरांगे की स्वास्थ्य जांच की गई। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज को नमन किया और गांव के दो मंदिरों में माथा टेका। अंतरवाली सराटी-शाहगढ़ मार्ग पर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि तैनात किए गए सुरक्षाबल में तीन उपविभागीय पुलिस अधिकारी, 10 निरीक्षक, 30 सहायक/उप-निरीक्षक, 300 पुलिसकर्मी, 265 होमगार्ड आदि शामिल हैं। विभिन्न संवेदनशील बिंदुओं पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। जरांगे के काफिले में दो एसयूवी और दो एम्बुलेंस शामिल हैं। जालना पुलिस द्वारा दिए गए दो अंगरक्षकों के साथ-साथ छत्रपति संभाजीनगर की अतिरिक्त विशेष सुरक्षा इकाई (एसपीयू) के कर्मियों के साथ जरांगे की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।

प्रभासाक्षी 15 Sep 2026 2:33 pm

समान नागरिक संहिता पर JDU का रुख साफ: 'पहले ड्राफ्ट देखेंगे, फिर अमित शाह से होगी बात', सियासत में हलचल तेज

देशभर में यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर जारी घमासान के बीच एनडीए (NDA) के प्रमुख सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने अपना स्टैंड पूरी तरह साफ कर दिया है। जेडीयू के शीर्ष नेतृत्व ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि पार्टी इस कानून को लेकर कोई भी अंतिम फैसला जल्दबाजी में नहीं लेगी। जेडीयू नेताओं का कहना है कि वे पहले केंद्र सरकार द्वारा तैयार किए जाने वाले कानून के मसौदे यानी ड्राफ्ट का गहन अध्ययन करेंगे। ड्राफ्ट की सभी धाराओं को समझने और पार्टी के भीतर व्यापक विचार-विमर्श करने के बाद ही इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और एनडीए के शीर्ष नेताओं से आगे की बातचीत की जाएगी।केंद्र के प्रस्ताव पर JDU की 'वेट एंड वॉच' की नीति: मसौदे के अध्ययन पर जोरसमान नागरिक संहिता देश के सामाजिक और कानूनी ढांचे से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील विषय है। यही कारण है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जेडीयू ने इस मुद्दे पर 'वेट एंड वॉच' की सतर्क नीति अपनाने का संकेत दिया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, जेडीयू का मानना है कि जब तक कानून का औपचारिक मसौदा सामने नहीं आ जाता, तब तक उस पर सहमति या असहमति व्यक्त करना अपरिपक्व होगा। जेडीयू यह सुनिश्चित करना चाहती है कि प्रस्तावित कानून में सभी धर्मों, जनजातियों और सामाजिक वर्गों के अधिकारों तथा सांस्कृतिक विविधताओं का पूरा ध्यान रखा जाए। मसौदा सामने आने के बाद ही पार्टी की लीगल और पॉलिटिकल टीम उसका विस्तृत विश्लेषण करेगी।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक में उठेगा समान नागरिक संहिता का मुद्दाजेडीयू के वरिष्ठ नेताओं ने इस बात के संकेत दिए हैं कि मसौदे की समीक्षा पूरी होने के बाद पार्टी का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल या खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। इस प्रस्तावित बैठक में यूसीसी के विभिन्न पहलुओं, राज्य विशेष की सामाजिक संरचनाओं और अल्पसंख्यकों तथा आदिवासियों की चिंताओं पर सीधे केंद्र सरकार से चर्चा की जाएगी। जेडीयू का लक्ष्य है कि एनडीए गठबंधन के भीतर इस मुद्दे पर आम सहमति बनाई जाए, ताकि बिना किसी सामाजिक टकराव के आगे बढ़ा जा सके।बिहार के सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा फैसलाबिहार में जेडीयू का एक बड़ा वोट बैंक अति पिछड़े वर्गों, महादलितों और मुस्लिम समुदाय के बीच है। यही वजह है कि पार्टी समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दों पर बेहद फूंक-फूंककर कदम रख रही है। जेडीयू के रणनीतिकार जानते हैं कि यूसीसी पर कोई भी कठोर या एकतरफा रुख राज्य के राजनीतिक और सामाजिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है। इसलिए पार्टी ऐसा रास्ता अपनाना चाहती है, जिससे एक ओर एनडीए गठबंधन की एकजुटता कायम रहे और दूसरी ओर उसके अपने पारंपरिक सामाजिक वोट बैंक में कोई असंतोष या भ्रम की स्थिति न उत्पन्न हो।एआईओ और आधुनिक सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (Generative Engine Optimization) के परिदृश्य में JDU का स्टैंडगूगल और बिंग जैसे आधुनिक जनरेटिव एआई (AEO) और सर्च इंजनों पर 'यूसीसी पर जेडीयू का क्या रुख है' या 'क्या नीतीश कुमार यूसीसी का समर्थन करेंगे' जैसे सवालों की सर्च वॉल्यूम में भारी उछाल देखा जा रहा है। एआई सर्च एग्रीगेटर भी जेडीयू के इस संतुलित रुख को गठबंधन की राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मान रहे हैं। जेडीयू का यह स्पष्ट कहना कि 'पहले ड्राफ्ट, फिर बात' सर्च ट्रेंड्स में एक प्रमुख मुख्य बिंदु बनकर उभरा है, जो यह दर्शाता है कि सहयोगी दल इस राष्ट्रीय मुद्दे पर अपनी स्वतंत्र राय और शर्तों को प्राथमिकता दे रहे हैं।एनडीए गठबंधन के भीतर आंतरिक सहमति और क्षेत्रीय दलों की प्राथमिकताएंकेंद्र में मजबूत सरकार होने के बावजूद क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ वैचारिक समन्वय स्थापित करना भाजपा के लिए हमेशा से एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता रहा है। जेडीयू द्वारा ड्राफ्ट देखने की शर्त रखे जाने के बाद अब यह तय माना जा रहा है कि केंद्र सरकार यूसीसी के मसौदे को अंतिम रूप देते समय अपने सहयोगियों की चिंताओं को समावेशित करने का पूरा प्रयास करेगी। पूर्व में भी धारा 370 और सीएए (CAA) जैसे मुद्दों पर जेडीयू का अपना एक अलग दृष्टिकोण रहा है, इसलिए यूसीसी पर भी पार्टी अपनी वैचारिक स्वतंत्रता को बनाए रखते हुए ही एनडीए के मंच पर चर्चा आगे बढ़ाएगी।भविष्य के राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकीं देश और प्रदेश की निगाहेंसमान नागरिक संहिता को लेकर जेडीयू के इस ताजा रुख ने एक बात पूरी तरह साफ कर दी है कि गेंद फिलहाल केंद्र सरकार के पाले में है। अब जब भी सरकार यूसीसी का ड्राफ्ट सार्वजनिक करेगी या संसद के पटल पर रखेगी, तब जेडीयू और अमित शाह के बीच होने वाली बातचीत देश की राजनीति को एक नया मोड़ देगी। पूरे देश और विशेष रूप से बिहार के राजनीतिक पंडितों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में केंद्र सरकार के मसौदे पर जेडीयू का अंतिम रुख क्या रहता है और यह गठबंधन किस तरह से इस कानूनी व सामाजिक बदलाव को आगे बढ़ाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Sep 2026 2:31 pm

बिहार में कागजों पर 'सुपर स्पेशलिटी' निकले सरकारी अस्पताल, 75 की जगह हो रहे सिर्फ 45 ऑपरेशन

हेडलाइन: बिहार में कागजों पर 'सुपर स्पेशलिटी' निकले सरकारी अस्पताल, 75 की जगह हो रहे सिर्फ 45 ऑपरेशन, भड़के निशांत ने बुलाई आपात बैठक!मेटा डिस्क्रिप्शन: बिहार के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के दावों की पोल खुल गई है। सुपर स्पेशलिटी का दर्जा प्राप्त अस्पतालों में 75 स्वीकृत सर्जरीज की जगह सिर्फ 45 प्रकार के ही ऑपरेशन हो पा रहे हैं। इस प्रशासनिक नाकामी पर स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारी निशांत ने समीक्षा बैठक बुलाई है।एसईओ एवं एआई सर्च कीवर्ड्स (हिंदी और English): Bihar Health Department News, Bihar Government Hospital Reality, Super Speciality Hospital Bihar, Bihar Hospital Operation Deficit, Nishant Health Meeting Bihar, Bihar Medical Infrastructure News, PMCH NMCH Hospital Patna, Bihar Health System Reality Check, बिहार स्वास्थ्य विभाग समाचार, बिहार सरकारी अस्पताल हकीकत, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बिहार, बिहार अस्पताल ऑपरेशन विवाद, निशांत स्वास्थ्य विभाग बैठक, पटना मेडिकल कॉलेज खबर, बिहार स्वास्थ्य ढांचा रिपोर्ट, बिहार अस्पताल धांधलीबिहार के सरकारी अस्पतालों का 'कागजी सच': सुपर स्पेशलिटी का बोर्ड, पर इलाज अधूराबिहार के स्वास्थ्य महकमे से एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला उजागर हुआ है, जिसने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और बड़े-बड़े सरकारी दावों की पोल खोलकर रख दी है। करोड़ों रुपये खर्च करके राज्य के प्रमुख सरकारी अस्पतालों को 'सुपर स्पेशलिटी' का दर्जा तो दे दिया गया, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है। कागजों में जिन अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और दर्जनों जटिल सर्जरीज का वादा किया गया था, वे असल में मरीजों को मिल ही नहीं पा रही हैं। इस बड़े प्रशासनिक ढुलमुल रवैये के सामने आने के बाद मरीजों और उनके परिजनों में गहरा आक्रोश है, क्योंकि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को आज भी मजबूरी में महंगे निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।75 प्रकार की सर्जरीज का था दावा, लेकिन केवल 45 तरह के ही हो पा रहे हैं ऑपरेशनस्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी मानकों और स्वीकृत दिशा-निर्देशों के अनुसार, इन सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स और यूरोलॉजी जैसी 75 विभिन्न प्रकार की जटिल सर्जरीज (ऑपरेशन) की सुविधा पूरी तरह उपलब्ध होनी चाहिए थी। हालांकि, हाल ही में किए गए आंतरिक ऑडिट और जमीनी समीक्षा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि अस्पतालों में सिर्फ 45 तरह के ही ऑपरेशन किए जा रहे हैं। यानी 30 से अधिक महत्वपूर्ण और जीवनरक्षक सर्जरीज के लिए अस्पतालों में सुविधाएं या तो ठप पड़ी हैं या फिर संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टर ही नदारद हैं। इसका सीधा नुकसान राज्य के गरीब और मध्यमवर्गीय मरीजों को उठाना पड़ रहा है, जिन्हें समय पर सही इलाज नहीं मिल पा रहा।मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारी निशांत ने बुलाई हाई-लेवल इमरजेंसी मीटिंगअस्पतालों की इस निराशाजनक कार्यप्रणाली और स्वीकृत मानकों के खुले उल्लंघन की बात सामने आते ही स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले को संज्ञान में लेते हुए वरिष्ठ अधिकारी निशांत ने स्वास्थ्य विभाग के तमाम उच्च अधिकारियों, मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों और अस्पताल अधीक्षकों की एक आपातकालीन समीक्षा बैठक (High-Level Review Meeting) बुला ली है। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में इस बात का कड़ा हिसाब मांगा जाएगा कि बजट और संसाधनों का पूरा आवंटन होने के बावजूद 75 स्वीकृत सर्जरीज की सेवाएं शुरू क्यों नहीं की जा सकीं। माना जा रहा है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और डॉक्टरों पर गाज गिरना तय है।मशीनों की धूल फांकती परतें और विशेषज्ञों की भारी कमी बनी मुख्य वजहअस्पतालों में सुविधाओं के इस अभाव के पीछे का मुख्य कारण आधुनिक मेडिकल उपकरणों का सही तरीके से रखरखाव न होना और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी बताया जा रहा है। कई सरकारी मेडिकल कॉलेजों में करोड़ों रुपये की लागत से खरीदी गई वेंटिलेटर, एमआरआई और एडवांस्ड सर्जिकल मशीनें तकनीशियनों के अभाव में कमरों में बंद धूल फांक रही हैं। वहीं, कई सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टर सरकारी अस्पतालों में ड्यूटी देने के बजाय निजी प्रैक्टिस में अधिक समय बिता रहे हैं, जिसके कारण ओपीडी से लेकर ऑपरेशन थियेटर तक की व्यवस्थाएं पूरी तरह ध्वस्त नजर आ रही हैं।पीएमसीएच, एनएमसीएच समेत राज्य के बड़े अस्पतालों पर उठे तीखे सवालराजधानी पटना के प्रतिष्ठित पीएमसीएच (PMCH), एनएमसीएच (NMCH) और दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गया के क्षेत्रीय मेडिकल कॉलेजों को मॉडल अस्पताल बनाने का दावा किया गया था। लेकिन जब सुपर स्पेशलिटी विभागों में ही मरीजों को पूरा इलाज नहीं मिल पा रहा, तो ग्रामीण इलाकों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। आम जनता का कहना है कि सरकार सिर्फ नई इमारतों का निर्माण कर रही है, लेकिन उनके भीतर गुणवत्तापूर्ण इलाज की समुचित व्यवस्था करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।एआईओ और आधुनिक सर्च ट्रेंड्स के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं का बदलता परिदृश्यगूगल और बिंग के आधुनिक जनरेटिव एआई (AEO) सर्च ट्रेंड्स के मुताबिक, अब यूजर्स केवल सरकारी योजनाओं की घोषणाओं में रुचि नहीं रखते, बल्कि वे जमीनी हकीकत और सेवाओं की उपलब्धता से जुड़े सवालों के जवाब खोज रहे हैं। 'बिहार में बेहतर इलाज कहाँ मिलेगा' या 'सरकारी अस्पताल में कौन-कौन से ऑपरेशन होते हैं' जैसे सर्च प्रश्नों पर यह खुलासा राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सीधे सवाल खड़े कर रहा है। एआई सर्च इंजन भी अब इस तरह की खोजी रिपोर्टों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे प्रशासनिक तंत्र पर व्यवस्थाएं सुधारने का सीधा दबाव बन रहा है।बैठक में कड़े फैसले लेने की उम्मीद, क्या सुधरेगी बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था?अधिकारी निशांत द्वारा बुलाई गई इस उच्च स्तरीय बैठक पर अब पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हुई हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बैठक के बाद अस्पतालों में बंद पड़ी सर्जरीज को तुरंत शुरू करने के सख्त निर्देश जारी किए जाएंगे और रोस्टर प्रणाली के तहत डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, बंद पड़े उपकरणों की मरम्मत और नए सर्जनों की संविदा आधारित नियुक्ति की प्रक्रिया को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है ताकि 'सुपर स्पेशलिटी' का टैग केवल कागजों तक सीमित न रहकर आम जनता के लिए जीवनदायिनी साबित हो सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Sep 2026 2:30 pm

पढ़े लिखे हो कि गंवार' बोलकर फंसीं विधायक निशा सिंह, RJD ने खोला मोर्चा, सियासी हलकों में मचा भारी बवाल

बिहार के राजनीतिक गलियारों में उस वक्त भारी बवंडर खड़ा हो गया, जब भारतीय जनता पार्टी की विधायक निशा सिंह का एक कथित विवादास्पद बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। एक प्रशासनिक या सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान बातचीत के क्रम में विधायक द्वारा 'पढ़े लिखे हो कि गंवार' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किए जाने की खबर सामने आई। इस तीखी और तल्ख टिप्पणी के सार्वजनिक होते ही विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इसे हाथों-हाथ लिया और सत्तारूढ़ दल के खिलाफ एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया। भाषा की मर्यादा और जनप्रतिनिधियों के आचरण को लेकर अब पूरे प्रदेश में तीखी बहस छिड़ चुकी है।आरजेडी का करारा हमला: जनता और आम नागरिकों के अपमान का लगाया आरोपविधायक के इस बयान पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए चौतरफा हमला बोला है। आरजेडी के प्रवक्ताओं और वरिष्ठ नेताओं ने इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि द्वारा आम जनता, कार्यकर्ताओं या अधिकारियों के लिए इस तरह की भाषा का प्रयोग करना उनके अहंकार को दर्शाता है। आरजेडी नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही जनार्दन होती है और उसे 'गंवार' कहकर संबोधित करना पूरे बिहार के आम नागरिकों, किसानों और मजदूरों की गरिमा का सरासर अपमान है। विपक्षी पार्टी ने विधायक से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग उठाई है।सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग हुई तेजआरजेडी के आक्रामक रुख के बाद बीजेपी और आरजेडी के बीच वाकयुद्ध और ज्यादा तेज हो गया है। जहां एक तरफ आरजेडी इस मुद्दे को भुनाकर सत्तारूढ़ गठबंधन को जनविरोधी और अहंकारी साबित करने में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ सत्ता पक्ष के समर्थक इस पूरे मामले में बचाव की मुद्रा में नजर आ रहे हैं। सत्ताधारी खेमे की ओर से तर्क दिया जा रहा है कि विधायक के बयान को संदर्भ से बाहर निकालकर राजनीतिक लाभ लेने के लिए पेश किया जा रहा है। हालांकि, विपक्ष का कहना है कि भाषा की मर्यादा हर हाल में कायम रहनी चाहिए और जनप्रतिनिधियों को अपने बोल-चाल में संयम बरतना अनिवार्य है।सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ वीडियो, आम जनता में दिखी नाराजगीजैसे ही यह खबर और इससे जुड़ा वाकया डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैला, आम जनता की ओर से भी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। नेटिजन्स और स्थानीय नागरिकों ने जनप्रतिनिधियों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली भाषा के गिरते स्तर पर चिंता व्यक्त की है। कई यूजर्स का मानना है कि चुनाव जीतकर आने वाले नेताओं को जनता के प्रति हमेशा जवाबदेह और विनम्र होना चाहिए, न कि अपनी शिक्षा या पद के घमंड में किसी को अपमानित करना चाहिए। जनरेटिव एआई और ट्रेंडिंग न्यूज सर्च में भी इस विवाद से जुड़े कीवर्ड्स टॉप पर ट्रेंड कर रहे हैं।जन सेवा और जनप्रतिनिधियों के आचरण पर फिर उठे बड़े सवालइस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर से यह बहस छेड़ दी है कि लोकतंत्र में चुने हुए प्रतिनिधियों का आचरण और उनकी भाषा शैली कैसी होनी चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जब कोई नेता सार्वजनिक मंच या बैठकों में इस तरह के असंसदीय या अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करता है, तो इससे समाज में गलत संदेश जाता है। जनता अपने नेताओं को आदर्श मानती है, ऐसे में अधिकारियों या आम लोगों को 'गंवार' जैसा संबोधन देना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं ठहराया जा सकता।आरजेडी ने दी आंदोलन और घेराव की चेतावनीआरजेडी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस मुद्दे को इतनी आसानी से शांत नहीं होने देगी। पार्टी के छात्र और युवा पंख ने इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन करने और विधायक का पुतला दहन करने की चेतावनी जारी कर दी है। आरजेडी नेताओं का कहना है कि जब तक बीजेपी विधायक अपने इस अशोभनीय बयान को लेकर खेद व्यक्त नहीं करती हैं, तब तक पार्टी इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर सदन तक अपना विरोध दर्ज कराती रहेगी।आगामी राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकीं प्रदेश की निगाहेंबिहार में इस समय राजनीतिक तापमान पहले से ही चढ़ा हुआ है, ऐसे में 'पढ़े लिखे हो कि गंवार' वाले इस बयान ने आग में घी डालने का काम किया है। अब देखना यह होगा कि बढ़ते राजनीतिक दबाव और जनता के विरोध के बीच क्या विधायक निशा सिंह इस मामले पर कोई सफाई या आधिकारिक बयान जारी करती हैं, या फिर यह विवाद आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में और बड़ा तूल पकड़ता है। फिलहाल, इस जुबानी जंग ने राज्य के सियासी पारे को नए चरम पर पहुंचा दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Sep 2026 2:29 pm

मां ने बेटे को जिताने के लिए डाला अपना आखिरी वोट, 1 वोट से जीता बेटा और मां दुनिया छोड़ गई

राजस्थान निकाय चुनाव के हाल ही में घोषित हुए नतीजों के बीच भरतपुर जिले से एक ऐसी हृदयविदारक और भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखों को नम कर दिया है। चुनावी हलचल और जीत-हार के शोर के बीच एक बेटे के सिर पर जीत का सेहरा तो सजा, लेकिन इस खुशी के साथ ही उसके सिर से मां का साया हमेशा-हमेशा के लिए उठ गया। इस घटना की चर्चा पूरे राजस्थान में हो रही है और लोग इसे लोकतंत्र में एक मां के निस्वार्थ प्रेम तथा उसके अटूट आशीर्वाद की सबसे जीवंत और अनोखी मिसाल के रूप में देख रहे हैं।बेटे को जिताने के लिए बुजुर्ग मां ने अस्वस्थता के बावजूद डाला था वोटप्राप्त जानकारी के अनुसार, भरतपुर के एक स्थानीय वार्ड से चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी की बुजुर्ग मां काफी समय से बीमार और अस्वस्थ चल रही थीं। इसके बावजूद, अपने बेटे को चुनाव में विजयी देखने की अदम्य इच्छा और ममता के कारण उन्होंने मतदान वाले दिन हिम्मत जुटाई। शारीरिक कष्टों को दरकिनार करते हुए वे मतदान केंद्र पहुंचीं और अपने मताधिकार का प्रयोग कर बेटे के पक्ष में वोट डाला। पूरे परिवार और समर्थकों को उम्मीद थी कि मां का यह सहयोग और आशीर्वाद चुनावी मैदान में बेटे के लिए एक बड़ी ताकत साबित होगा।वोट डालने के अगले ही दिन मां ने तोड़ा दम, परिवार में छाया मातममतदान का कार्य पूरा होने के महज अगले ही दिन बुजुर्ग मां की तबीयत अचानक अधिक बिगड़ गई और उन्होंने अंतिम सांस ली। चुनाव परिणामों की घोषणा से ठीक पहले मां के अचानक दुनिया से चले जाने के कारण पूरे परिवार में गहरा शोक और मातम छा गया। जिस घर में चुनावी जीत की तैयारियों और उत्साह का माहौल होना चाहिए था, वहां सन्नाटा पसर गया। प्रत्याशी बेटा और पूरा परिवार मां के असामयिक निधन के दुख से पूरी तरह टूट चुका था और मतगणना के दिन भी घर में गमी का माहौल बना हुआ था।मतगणना में आया हैरान करने वाला नतीजा: बेटा महज 1 वोट से जीता चुनावजब स्थानीय निकाय चुनाव के वोटों की गिनती शुरू हुई, तो मुकाबला बेहद कड़ा और सांसें थाम देने वाला बन गया। अंतिम चक्र की मतगणना के बाद जब चुनाव अधिकारी ने अंतिम परिणामों की घोषणा की, तो हर कोई दंग रह गया। प्रत्याशी बेटा अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से केवल और केवल 1 वोट के अंतर से चुनाव जीत गया। इतने मामूली और ऐतिहासिक अंतर से मिली इस जीत ने मतगणना केंद्र पर मौजूद सभी लोगों, अधिकारियों और समर्थकों को हैरान कर दिया।मां का अंतिम आशीर्वाद बनी वह एक वोट, पूरे इलाके में चर्चा का विषयजैसे ही 1 वोट से जीत की खबर सामने आई, क्षेत्र के लोग और समर्थक इसे महज़ एक इत्तेफाक मानने के बजाय मृतक मां का चमत्कारिक और अंतिम आशीर्वाद मान रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर उस दिन अस्वस्थ होने के बावजूद मां ने मतदान केंद्र जाकर अपना वह एक-एक कीमती वोट न डाला होता, तो चुनाव का नतीजा कुछ और ही होता या मुकाबला बराबरी पर छूट जाता। मां द्वारा दिया गया वही एक वोट आखिरकार उनके बेटे की जीत का मुख्य आधार और निर्णायक कारक बन गया।खुशी और गम के संगीन माहौल में भावुक हुआ विजेता प्रत्याशी बेटाचुनाव परिणाम घोषित होने के बाद विजेता प्रत्याशी के घर का नजारा बेहद भावुक और मार्मिक था। एक तरफ जहां समर्थकों में जीत की खुशी थी, वहीं दूसरी तरफ बेटे की आंखों से आंसुओं की धार रुकने का नाम नहीं ले रही थी। 1 वोट से मिली इस ऐतिहासिक जीत का प्रमाण पत्र हाथ में लेकर बेटा अपनी दिवंगत मां की तस्वीर के सामने फूट-फूट कर रो पड़ा। बेटे ने भावुक होकर कहा कि यह जीत उसकी नहीं, बल्कि उसकी मां की ममता और उनके द्वारा दिए गए अंतिम आशीर्वाद की जीत है, जिसे वे जीवन भर संजो कर रखेंगे।लोकतंत्र और ममता की यह अनूठी दास्तान सोशल मीडिया पर हुई वायरलभरतपुर की यह भावुक कर देने वाली सच्ची घटना अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोग इस खबर को तेजी से साझा कर रहे हैं। जनरेटिव एआई सर्च और सर्च इंजन ट्रेंड्स में भी इस घटना को लेकर काफी जिज्ञासा देखी जा रही है। लोग एक मां के समर्पण और लोकतंत्र में एक-एक वोट की अतुलनीय कीमत को रेखांकित करते हुए तरह-तरह की भावुक प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। भरतपुर का यह वाकया हमेशा के लिए चुनावी इतिहास में मां के निस्वार्थ प्रेम की मिसाल के रूप में दर्ज हो गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Sep 2026 2:28 pm

जयपुर और झुंझुनूं में खुला AIMIM का खाता, RLP संग जुगलबंदी ने बदला चुनावी गणित

राजस्थान के स्थानीय निकाय और स्थानीय चुनावी समर में असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने अपनी चुनावी पतंग उड़ाते हुए राज्य की राजनीति में औपचारिक रूप से जोरदार दस्तक दे दी है। परंपरागत रूप से कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच सिमटे रहने वाले राजस्थान के राजनीतिक परिदृश्य में ओवैसी की पार्टी ने न केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, बल्कि जयपुर और झुंझुनूं जैसे प्रमुख जिलों में जीत हासिल कर अपना खाता भी खोल लिया है। इस चुनावी सफलता ने राज्य के पारंपरिक सियासी गणित को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है। ओवैसी की इस एंट्री से सूबे के मुख्य विपक्षी और सत्ताधारी दलों के वोट बैंक में सेंधमारी की चर्चाएं तेज हो गई हैं।जयपुर और झुंझुनूं में खुला 'पतंग' का खाता, विरोधियों में खलबलीस्थानीय चुनाव परिणामों में ओवैसी की पार्टी का चुनाव चिन्ह 'पतंग' जयपुर और झुंझुनूं के कई प्रमुख वार्डों में बुलंदियों पर लहराता नजर आया। राजधानी जयपुर के मुस्लिम बहुल इलाकों और शेखावाटी अंचल के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले झुंझुनूं में AIMIM उम्मीदवारों ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी शिकस्त देते हुए शानदार जीत दर्ज की। इन दोनों जिलों में मिली जीत केवल चुनावी सीटों का आंकड़ा भर नहीं है, बल्कि यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि स्थानीय स्तर पर मतदाता अब पारंपरिक विकल्पों से इतर नए राजनीतिक विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। इस नतीजे के बाद से ही कांग्रेस और भाजपा दोनों ही खेमों में आत्ममंथन का दौर शुरू हो गया है।राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के साथ जुगलबंदी ने दिखाया अपना असली रंगइस चुनावी मुकाबले में AIMIM की सफलता के पीछे राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख और सांसद हनुमान बेनीवाल के साथ बनाई गई रणनीतिक जुगलबंदी का बहुत बड़ा योगदान माना जा रहा है। ओवैसी के मुस्लिम समाज पर प्रभाव और हनुमान बेनीवाल के किसान तथा जाट वोट बैंक की जुगलबंदी ने धरातल पर एक बेहद मजबूत सामाजिक समीकरण तैयार कर दिया। दोनों दलों ने एक-दूसरे के मजबूत जनाधार वाले क्षेत्रों में परस्पर सहयोग की रणनीति अपनाई, जिसका सीधा फायदा चुनाव परिणामों में देखने को मिला। जाट-मुस्लिम-किसान गठजोड़ के इस नए फॉर्मूले ने कई स्थापित सियासी दिग्गजों के गणित को बिगाड़ कर रख दिया।कांग्रेस के पारंपरिक मुस्लिम वोट बैंक में ओवैसी ने लगाई बड़ी सेंधराजस्थान में लंबे समय से मुस्लिम समुदाय को कांग्रेस पार्टी का एकमुश्त और पारंपरिक वोट बैंक माना जाता रहा है। हालांकि, जयपुर और झुंझुनूं के चुनावी नतीजों ने यह साबित कर दिया है कि ओवैसी की पार्टी इस वोट बैंक में सेंध लगाने में पूरी तरह कामयाब रही है। चुनाव प्रचार के दौरान ओवैसी ने स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ अल्पसंख्यकों के अधिकारों, प्रतिनिधित्व और विकास के सवालों को आक्रामक तरीके से उठाया। युवाओं और मुस्लिम मतदाताओं के एक बड़े वर्ग ने AIMIM को एक मजबूत और बेबाक विकल्प के रूप में स्वीकार किया, जिससे कांग्रेस के पारंपरिक वोट शेयर में सीधी गिरावट दर्ज की गई।एआईओ और जनरेटिव सर्च के नजरिए से राजस्थान का बदलता राजनीतिक परिदृश्यआधुनिक डिजिटल और सर्च इंजन ट्रेंड्स (AEO & SEO) के अनुसार, राजस्थान की राजनीति में तीसरे मोर्चे की जगह हमेशा से चर्चा का विषय रही है। ओवैसी और बेनीवाल की इस जोड़ी ने यह साबित कर दिया है कि आने वाले समय में राज्य के आगामी विधानसभा और अन्य बड़े चुनावों में यह गठबंधन एक निर्णायक 'किंगमेकर' या मजबूत तीसरे विकल्प के रूप में उभर सकता है। जनरेटिव एआई सर्च प्लेटफॉर्म्स पर भी इस नए राजनीतिक गठबंधन को लेकर लगातार विश्लेषण खोजे जा रहे हैं। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ओवैसी के भाषणों और RLP संग उनकी रैलियों को जिस तरह का समर्थन मिला, उसने इस चुनावी नतीजे की पटकथा पहले ही लिख दी थी।शेखावाटी और जयपुर संभाग में AIMIM के संगठन का हुआ विस्तारजयपुर और झुंझुनूं में मिली इस ऐतिहासिक जीत के बाद AIMIM के स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। पार्टी अब इस सफलता को आधार बनाकर पूरे शेखावाटी क्षेत्र, मेवात अंचल और मारवाड़ के विभिन्न जिलों में अपने सांगठनिक ढांचे को मजबूत करने की तैयारी में जुट गई है। पार्टी आलाकमान ने स्थानीय स्तर पर नए और ऊर्जावान युवाओं को संगठन की जिम्मेदारी सौंपने का फैसला किया है ताकि इस राजनीतिक बढ़त को भविष्य के चुनावों तक बनाए रखा जा सके। झुंझुनूं की जीत ने विशेष रूप से यह दिखाया है कि ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में भी ओवैसी का प्रभाव तेजी से फैल रहा है।आगामी चुनावों पर क्या पड़ेगा ओवैसी-बेनीवाल गठबंधन का प्रभावइस स्थानीय निकाय चुनाव के नतीजों ने राजस्थान के राजनीतिक पंडितों को अपने आकलन बदलने पर मजबूर कर दिया है। यदि AIMIM और RLP का यह गठजोड़ भविष्य में भी इसी तरह बरकरार रहता है, तो यह राज्य की 200 विधानसभा सीटों में से कम से कम 40 से 50 सीटों पर सीधे तौर पर नतीजों को प्रभावित करने की क्षमता रखेगा। मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों के लिए अब इस गठबंधन को अनदेखा करना नामुमकिन होगा। जयपुर और झुंझुनूं में खुली यह जीत केवल एक शुरुआत भर मानी जा रही है, जो आने वाले दिनों में राजस्थान की संपूर्ण राजनीति को एक नया मोड़ देने का माद्दा रखती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Sep 2026 2:26 pm

जिस इमरान खान से मैदान पर लड़े, आज उसी के लिए उठी आवाज

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इमरान खान के समर्थन में ऑस्ट्रेलिया के 7 पूर्व कप्तान एकजुट हो गए हैं. एलन बॉर्डर, ग्रेग चैपल, इयान चैपल, बेलिंडा क्लार्क, किम ह्यूज, मार्क टेलर और स्टीव वॉ ने ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग को पत्र लिखकर इमरान की सेहत, मेडिकल केयर, परिवार से मुलाकात और कानूनी मदद को लेकर चिंता जताई है. दिग्गजों ने साफ किया कि उनकी अपील राजनीति नहीं, बल्कि इंसानियत और सम्मान के आधार पर है.

आज तक 15 Sep 2026 2:26 pm

जयपुर नगर निगम का अगला मेयर कौन? कोठारी और कर्णावत समेत ये 5 दिग्गज रेस में सबसे आगे

राजस्थान की राजधानी जयपुर के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में इन दिनों केवल एक ही सवाल तैर रहा है कि जयपुर नगर निगम का अगला मेयर कौन बनेगा। नगर निगम के शीर्ष पद को हथियाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर अंदरूनी खींचतान और नए समीकरण बनने शुरू हो गए हैं। इस दौड़ में कई वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं के नाम उभरकर सामने आ रहे हैं, जिससे शहर की राजनीति में हलचल मच गई है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा भी कई दौर की अनौपचारिक वार्ताएं की जा चुकी हैं ताकि किसी ऐसे चेहरे पर सहमति बनाई जा सके जो शहर के विकास के साथ-साथ पार्टी के संगठन को भी मजबूती प्रदान कर सके।मेयर पद की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं ये 5 प्रमुख दावेदारजयपुर के महापौर पद को लेकर जिन 5 प्रमुख नेताओं के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में बने हुए हैं, उनमें कोठारी और कर्णावत प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन दोनों ही दिग्गज नेताओं के पास पार्टी संगठन और स्थानीय निकाय प्रशासन में काम करने का लंबा अनुभव मौजूद है। इसके अलावा तीन अन्य स्थानीय पार्षदों व वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के नाम भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इन 5 दावेदारों में से किसी एक के नाम पर अंतिम मुहर लगना लगभग तय माना जा रहा है। सभी दावेदार अपने-अपने स्तर पर पार्टी के आलाकमान और प्रदेश स्तर के बड़े नेताओं से संपर्क साधने में जुटे हुए हैं।कोठारी और कर्णावत के राजनीतिक कद और अनुभव का गणितदावेदारों की सूची में शीर्ष पर चल रहे कोठारी का जयपुर शहर की स्थानीय राजनीति में मजबूत जनाधार माना जाता है। उन्होंने लंबे समय तक वार्ड स्तर से लेकर जिला स्तर तक संगठन के कार्यों को बखूबी संभाला है। वहीं दूसरी ओर, कर्णावत की पहचान एक सुलझे हुए और रणनीतिकार नेता के रूप में होती है, जिनकी पकड़ पार्षदों और स्थानीय कार्यकर्ताओं पर काफी अच्छी मानी जाती है। इन दोनों नेताओं के प्रशासनिक अनुभव और जमीनी पकड़ को देखते हुए पार्टी नेतृत्व के सामने भी एक योग्य चेहरे का चयन करने की कड़ी चुनौती बनी हुई है।क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधने की कवायद में जुटी बीजेपीजयपुर नगर निगम में मेयर का चुनाव सिर्फ एक प्रशासनिक पद का चयन नहीं है, बल्कि आगामी राजनीतिक दिशा तय करने के लिहाज से भी बेहद अहम है। बीजेपी आलाकमान जयपुर शहर के जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखकर ही अंतिम फैसला लेना चाहता है। पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि मेयर का चयन ऐसा हो जिससे आगामी विधानसभा या अन्य स्थानीय चुनावों में पार्टी को राजनीतिक लाभ पहुंचे। यही कारण है कि दावेदारों के जनाधार, बेदाग छवि और सर्वस्वीकार्यता का गहन मूल्यांकन किया जा रहा है।पार्षदों के समर्थन और गुटबाजी को शांत करने की चुनौतीमेयर चुनाव के दौरान सबसे बड़ी चुनौती पार्षदों को एकजुट रखना और पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार की गुटबाजी को पनपने से रोकना है। जयपुर नगर निगम के भीतर अलग-अलग गुटों के पार्षद अपने-अपने पसंदीदा नेताओं का समर्थन कर रहे हैं। ऐसे में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पर्यवेक्षकों की मुख्य जिम्मेदारी यह होगी कि वे सभी गुटों को साधते हुए सर्वसम्मति से किसी एक नाम पर फैसला कराएं। यदि पार्षदों में किसी नाम को लेकर असंतोष पनपता है, तो मतदान या समर्थन के दौरान समीकरण बिगड़ भी सकते हैं।जनहित और शहर के विकास की प्राथमिकताओं पर रहेगा जोरजयपुर शहर के नागरिकों और व्यापारिक संगठनों की निगाहें भी इस बात पर टिकी हुई हैं कि नए मेयर के रूप में कौन कमान संभालता है। गुलाबी नगरी जयपुर में सफाई व्यवस्था, अतिक्रमण, ट्रैफिक प्रबंधन, हेरिटेज संरक्षण और सीवरेज जैसी मूलभूत समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। ऐसे में जो भी नया मेयर बनेगा, उसके कंधों पर जयपुर को स्मार्ट और स्वच्छ शहर बनाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। आम जनता एक ऐसे जनप्रतिनिधि की उम्मीद कर रही है जो कागजी वादों से इतर जमीन पर उतरकर कार्य करे।पार्टी आलाकमान जल्द कर सकता है नए मेयर के नाम का आधिकारिक ऐलानराजस्थान बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं और पर्यवेक्षकों ने संभावित उम्मीदवारों की सूची और पार्षदों का फीडबैक केंद्रीय व प्रदेश नेतृत्व को सौंप दिया है। माना जा रहा है कि उच्च स्तर पर गहन मंथन के बाद अगले एक से दो दिनों के भीतर जयपुर के नए मेयर के नाम की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है। कयास लगाए जा रहे हैं कि नाम का ऐलान होते ही नामांकरण और शपथ ग्रहण की प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी तेजी से पूरी की जाएंगी, जिससे नगर निगम का कामकाज सुचारू रूप से आगे बढ़ सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Sep 2026 2:25 pm

पुलिस को ट्रक के चैंबर से मिली 1350 लीटर अवैध शराब

चंदौली पुलिस ने बिहार भेजी जा रही करीब 1350 लीटर अवैध शराब जब्त की। कंदवा थाना क्षेत्र में 12 पहिया ट्रक की तलाशी के दौरान लोहे के गुप्त चैंबर से शराब बरामद हुई। पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार किया। पूछताछ में स्थानीय दुकानों से शराब खरीदकर बिहार ले जाने का खुलासा हुआ।

आज तक 15 Sep 2026 2:24 pm

अमृतसर में दर्दनाक हादसा: बिजली जाने पर चलाया जनरेटर, जहरीले धुएं से दम घुटने के कारण बुजुर्ग की मौत

पंजाब के ऐतिहासिक और सीमावर्ती शहर अमृतसर से एक बेहद दुखद और सतर्क करने वाला हादसा सामने आया है, जहाँ देर रात घर में चलाए गए जनरेटर के जहरीले धुएं के कारण दम घुटने से एक बुजुर्ग व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना में परिवार के चार अन्य सदस्य भी गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं, जिन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और हर कोई स्तब्ध है।पावर कट के बाद देर रात घर के भीतर चलाया गया था जनरेटरप्राप्त जानकारी के अनुसार, अमृतसर के रिहाइशी इलाके में देर रात बिजली आपूर्ति अचानक बाधित हो गई थी। पावर कट होने और गर्मी व उमस के कारण परिवार ने रात के समय घर में रखे जनरेटर को चालू कर दिया। जनरेटर चलने के कारण घर के कमरों में धीरे-धीरे जहरीला धुआं और कार्बन मोनोऑक्साइड गैस फैलने लगी। परिवार के सदस्य सो रहे थे, जिसके कारण उन्हें धुएं के प्रसार का समय रहते आभास नहीं हो सका। बंद कमरे और वेंटिलेशन की कमी के कारण धुआं पूरे घर में जमा होता गया और सांस लेना मुश्किल हो गया।सुबह जब नहीं खुला दरवाजा, तब पड़ोसियों को हुआ अनहोनी का अहसाससुबह जब काफी देर तक घर का कोई भी सदस्य बाहर नहीं निकला और न ही किसी प्रकार की चहल-पहल दिखाई दी, तो आसपास के लोगों को किसी अनहोनी का संदेह हुआ। पड़ोसियों ने जब घर का दरवाजा खटखटाया, तो अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद जब खिड़की या किसी अन्य रास्ते से अंदर झांककर देखा गया, तो परिवार के सभी सदस्य बेसुध हालत में पड़े हुए थे। ग्रामीणों और पड़ोसियों ने तुरंत दरवाजे को तोड़कर सभी को बाहर निकाला और पुलिस को इस भयावह हादसे की जानकारी दी।बुजुर्ग ने मौके पर ही तोड़ा दम, चार परिजनों की हालत अत्यंत नाजुकहादसे की चपेट में आए सभी लोगों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद बुजुर्ग व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक जहरीला धुआं सांस के जरिए फेफड़ों में जाने के कारण बुजुर्ग का दम घुट गया था। वहीं परिवार के चार अन्य सदस्यों की हालत भी बेहद गंभीर बनी हुई है, जिन्हें आपातकालीन वार्ड (ICU) में रखकर डॉक्टरों की देखरेख में ऑक्सीजन और गहन चिकित्सा दी जा रही है। अस्पताल प्रशासन परिजनों की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।जनरेटर से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का जानलेवा खतरास्वास्थ्य विशेषज्ञों और पुलिस प्रशासन ने इस घटना के बाद लोगों को बंद जगहों पर जनरेटर चलाने के खतरों के प्रति आगाह किया है। जनरेटर के ईंधन से निकलने वाले धुएं में कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी अत्यंत विषैली और रंगहीन-गंदहीन गैस होती है, जो बंद कमरों या बिना वेंटिलेशन वाले स्थानों में तेजी से फैल जाती है। इंसान को नींद के दौरान इसके प्रसार का अहसास भी नहीं होता और शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति रुक जाने से व्यक्ति अचेत होकर दम तोड़ देता है।पुलिस ने शुरू की वैधानिक जांच और शव को भेजा पोस्टमार्टम के लिएघटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय थाना पुलिस ने मौके का मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह मामला प्रथम दृष्टया जनरेटर के धुएं से दम घुटने का ही प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए बुजुर्ग के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी। वहीं पुलिस परिजनों के स्वास्थ्य में सुधार होने का इंतजार कर रही है ताकि उनके बयान दर्ज किए जा सकें।बंद कमरों में जनरेटर चलाने को लेकर प्रशासन ने जारी की चेतावनीअमृतसर में घटे इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में जनरेटर या ईंधन से चलने वाले उपकरणों को बंद कमरों, बेसमेंट या बिना हवादार जगहों पर न चलाएं। जनरेटर को हमेशा खुले स्थान, जैसे छत या बालकोनी में ही स्थापित किया जाना चाहिए ताकि उससे निकलने वाला हानिकारक धुआं सीधे खुले वातावरण में निकल सके। थोड़ी सी लापरवाही किस तरह एक पूरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल सकती है, यह घटना उसकी एक अत्यंत दुखद मिसाल है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Sep 2026 2:23 pm

BJP की नशामुक्त‍ यात्रा से क्यों खफा हैं सीएम मान? देखें पंजाब आजतक

पंजाब आजतक में आज बात करेंगे पंजाब के पावर क्राइस‍िस पर मचा है कैसा स‍ियासी घमासान. इस पावर कट को लेकर क्या बोले उद्योगपत‍ि और इस मुद्दे के दावों और जमीनी हालात में क‍ितना फर्क है. बीजेपी की नशामुक्त‍ि यात्रा से क्यों खफा हैं सीएम भगवंत मान? लेक‍िन उससे पहले खबर हेडलाइंस पर.

आज तक 15 Sep 2026 2:23 pm

80 किलो वजन घटाने पर ट्रोल हुई महिला, रोते हुए दिया मुंहतोड़ जवाब- 'असली मकसद ही नहीं समझे आप'

डिजिटल कंटेंट क्रिएटर एमिली जोन्स का कहना है कि यह सिर्फ वजन घटाने के बारे में नहीं है. अगर आप ऐसा समझ रहे हैं तो इसका मतलब है कि आप असली मुद्दा समझ ही नहीं पाए हैं.

NDTV इंडिया 15 Sep 2026 2:23 pm

Gurugram में महिला बाइकर को टक्कर मारने वाला कार चालक Rajasthan से गिरफ्तार, हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी

महिला बाइक सवार को टक्कर मारने के आरोपी कार चालक कल्याण बैंसला को मंगलवार को राजस्थान के राजगढ़ से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, यह गिरफ्तारी घटना के दो दिन बाद हुई है। आरोप है कि बैंसला की तेज रफ्तार सियाज कार ने महिला की अप्रिलिया आरएस 457 बाइक को टक्कर मार दी थी, जिससे वह सड़क पर घिसटती चली गई थी। दुर्घटना की शिकार शिवानी चौहान उर्फ सिया ने इससे पहले सोशल मीडिया पर एक नया वीडियो जारी कर बैंसला पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद गुरुग्राम पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 के तहत हत्या के प्रयास का आरोप जोड़ा। गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त शिबास कविराज ने कहा, हमने कार चालक कल्याण बैंसला को आज राजस्थान से गिरफ्तार किया है। गहन जांच और सीसीटीवी फुटेज के विस्तृत विश्लेषण के बाद मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 के तहत हत्या के प्रयास का आरोप जोड़ा गया है, जिसमें 10 साल तक की कैद का प्रावधान है। गुरुग्राम पुलिस ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए सेक्टर-56 थाने में मामला दर्ज किया है। सहायक पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) अभिलक्ष जोशी के अनुसार, आरोपी चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 281 (लापरवाही से वाहन चलाना) और धारा 125 (चोट पहुंचाना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। वीडियो में सिया ने सवाल किया कि अगर बैंसला दुर्घटना से वास्तव में परेशान था तो उसकी कार से मोटरसाइकिल को टक्कर लगने के बाद वह घटनास्थल पर क्यों नहीं रुका। बैंसला ने दावा किया था कि यह महज एक दुर्घटना थी। सिया ने आरोप लगाया कि महिला बाइक सवार होने के कारण उसे निशाना बनाया गया और उसे रोकने की जानबूझकर कोशिश की गई। उसने दावा किया कि उसकी जान भी जा सकती थी और दुर्घटना के बाद आरोपी ने यह तक जानने की कोशिश नहीं की कि वह सुरक्षित है या नहीं। सिया ने कहा कि बैंसला ने अपनी कार से टक्कर मारने के बाद एक सेकंड के लिए भी गाड़ी नहीं रोकी। उन्होंने कहा, मुझे ऐसे लोगों पर शर्म आती है। दिल्ली और गुरुग्राम की सड़कों पर महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं। उसने कहा कि हिट-एंड-रन मामले से संबंधित सामने आए दोनों वीडियो पर्याप्त तौर पर इस मामले के सबूत हैं। उसने कहा कि दुर्घटना पूरी तरह कैमरे में कैद हुई है, जिसमें कार को उसकी बाइक को टक्कर मारते और चालक को मौके से भागते हुए साफ देखा जा सकता है। सिया ने कहा कि ऐसे लोगों को गाड़ी चलाना सिखाया जाना चाहिए। पुलिस ने बताया कि 32 वर्षीय आरोपी हरियाणा के पलवल जिले के टिकरी गुर्जर गांव का रहने वाला है और किसान परिवार से ताल्लुक रखता है। वह विवाहित है और उसके दो बच्चे हैं। गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता ने कहा, हमारी टीम आरोपी को जल्द गुरुग्राम लाने के लिए रवाना हो गई है। दोपहर ढाई बजे होने वाली प्रेसवार्ता में विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। इस बीच, पीछे से आ रहे एक अन्य बाइक सवार के कैमरे में रिकॉर्ड हुआ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एक इंस्टाग्राम हैंडल से साझा किए गए वीडियो में कार चालक पहले सिया को रुकने का इशारा करता दिखाई देता है। जब उसने गाड़ी नहीं रोकी तो आरोपी ने कार उसकी स्पोर्ट्स बाइक की ओर मोड़ी और उसे साइड से टक्कर मार दी। इंस्टाग्राम उपयोगकर्ता ने कहा कि अब उन्हें गुरुग्राम महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं लगता। दिल्ली की रहने वाली सिया ने फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया है और 2022 में कालकाजी से नगर निगम चुनाव भी लड़ा था। उसके पिता रोशन चौहान आम आदमी पार्टी के सदस्य हैं। जोशी ने कहा, हमने आरोपी की पहचान कर ली है और उसे पकड़ने के लिए तीन विशेष टीम गठित की गई हैं। इससे पहले सिया ने बताया था कि रविवार को घटना के समय वह बाइक सवारों के एक समूह के साथ गोल्फ कोर्स रोड पर अपनी अप्रिलिया आरएस 457 स्पोर्ट्स बाइक चला रही थी। उसने आरोप लगाया था कि कार में सवार लोग उसके पास आए और दुर्व्यवहार करने लगे। पत्रकारों से बातचीत में सिया ने दावा किया कि कार में कई लोग सवार थे और वे नशे में प्रतीत हो रहे थे। उन्होंने कहा, कार चालक ने मेरा पीछा किया। पहले मैंने कार पर ध्यान नहीं दिया, लेकिन वह तेज रफ्तार से मेरे पास से गुजरी। कार में सवार लोगों ने मुझे इशारा किया और रोकने की कोशिश की। उन्होंने कहा, कार ने मुझे टक्कर मार दी, जिससे मैं गिर गई और बेहोश हो गई। जब मेरे साथ बाइक चला रहे व्यक्ति ने चालक को रोकने की कोशिश की और कहा कि रुक जाओ क्योंकि गलती उसकी थी, तो उसने कहा, नहीं, नहीं, नहीं, मेरी गलती नहीं थी। सिया ने कहा कि बैंसला ने अपनी कार से टक्कर मारने के बाद एक सेकंड के लिए भी गाड़ी नहीं रोकी। उन्होंने कहा, मुझे ऐसे लोगों पर शर्म आती है। दिल्ली और गुरुग्राम की सड़कों पर महिलाएं असुरक्षित महसूस करती हैं। बैंसला ने दुर्घटना के लिए अपनी गलती स्वीकार की है, लेकिन जानबूझकर सिया को टक्कर मारने से इनकार किया। उसने कहा कि एक यू-टर्न के पास उसकी कार का नियंत्रण खो गया था। बैंसला ने कहा, करीब 20 से 22 मोटरसाइकिल सवार मेरे पास से तेज गति से निकले। मुझे पता नहीं था कि उनमें से एक बाइक एक युवती चला रही थी। मैंने उससे और उसके साथ मौजूद युवक से केवल बाइक धीमी करने को कहा था। मैंने उन्हें जानबूझकर टक्कर नहीं मारी। उसने कहा, वह शीशे में पीछे देखे बिना मुड़ रही थी। तभी यू-टर्न के पास मैंने कार पर नियंत्रण खो दिया और टक्कर हो गई। यह मेरी गलती थी और मैं इसे स्वीकार करता हूं। खुद को अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी बताने वाले जिम संचालक बैंसला ने कहा कि वह इस डर से घटनास्थल से भाग गया कि बाइक सवारों का समूह उसे और उसके परिवार को पीट देगा। विवाद के बाद उसने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट भी बंद कर दिया है। उसने मीडिया से कहा, मैं अपने परिवार के साथ यात्रा कर रहा था। मैंने युवती की ओर कोई इशारा नहीं किया था, मैंने केवल उससे बाइक धीरे चलाने को कहा था। मैं स्वीकार करता हूं कि टक्कर हुई थी। अगर मैं उसी समय रुक जाता तो वे लोग हमें पीट देते। बैंसला ने बताया कि वह अपनी बहन और दो अन्य रिश्तेदारों के साथ यात्रा कर रहा था।

प्रभासाक्षी 15 Sep 2026 2:23 pm

सिर्फ Ranking देखकर चुन रहे हैं यूनिवर्सिटी? QS CEO ने बताया ऐसा करना क्यों हो सकता है गलत

College Choice Tips : कॉलेज या यूनिवर्सिटी चुनते समय सिर्फ QS Ranking पर भरोसा करना काफी नहीं है. QS CEO जेसिका टर्नर ने छात्रों को सलाह दी है कि वे कोर्स की क्वालिटी, सब्जेक्ट स्पेशलाइजेशन, रिसर्च और जॉब अवसरों जैसे पहलुओं का भी ध्यान रखना चाहिए.

NDTV इंडिया 15 Sep 2026 2:22 pm

Vishwakarma Puja 2026: मशीनों और औजारों की पूजा क्यों होती है? पंडित से जानें धार्मिक मान्यता

Vishwakarma Day: विश्वकर्मा पूजा 2026 में मशीनों, औजारों और वाहनों की पूजा की जाती है. आचार्य मदन मोहन ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा की पूजा से काम में सफलता, तरक्की और सकारात्मकता आती है.

NDTV इंडिया 15 Sep 2026 2:21 pm

'शुरुआत अच्छी हुई लेकिन...' मुस्लिम देश के पीएम ने विजय थलपति पर क्या कह दिया?

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सीएम विजय की तारीफ की है। उन्होंने विजय को तर्क, सिद्धांत, मूल्यों और सुशासन की नई आवाज बताया। अनवर ने कहा कि शुरुआत अच्छी हुई है, लेकिन इसे बनाए रखना चुनौती होगी।

लाइव हिन्दुस्तान 15 Sep 2026 2:18 pm

King के ट्रेलर पर शाहरुख खान ने तोड़ी चुप्पी, फैंस को दी ये तारीख

शाहरुख खान ने #AskSRK सेशन में अपनी फिल्म King को लेकर बड़ा अपडेट दिया है. एक फैन के ट्रेलर से जुड़े सवाल पर किंग खान ने जवाब दिया, तरसा नहीं रहा हूं, अच्छी वाली बना रहा हूं.

NDTV इंडिया 15 Sep 2026 2:17 pm

शनिदेव का बड़ा कदम! 2027 से वृषभ राशि पर चढ़ेगी साढ़ेसाती

Shani Sadesati: क्या आपकी राशि वृषभ है? जून 2027 से आपकी राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू होने वाला है. लेकिन घबराने की जगह जानिए कि कैसे शनिदेव का यह गोचर आपके करियर और भविष्य के लिए एक मजबूत नींव साबित हो सकता है.

आज तक 15 Sep 2026 2:16 pm

'अमेरिका के प्रेशर में सरकार ने सरेंडर किया', UPI चार्ज को लेकर बोले राहुल

UPI के जरिए होने वाले डिजिटल लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर हमला बोल दिया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि अमेरिकी पेमेंट कंपनियों के दबाव में सरकार ने zero-MDR नीति को बदल दिया है, जिससे आम ग्राहक की जेब पर असर पड़ेगा.

आज तक 15 Sep 2026 2:15 pm

शाहरुख खान के घर कैसे मनता है गणपति उत्सव, किंग खान ने बताया क्या करती हैं गौरी खान और पूरा परिवार

शाहरुख खान इस साल अपनी फिल्म किंग लेकर आ रहे हैं. उनकी यह फिल्म लंबे समय से चर्चा में बनी हुई है. किंग को सिनेमाघरों में रिलीज होने में अब सिर्फ 100 दिन बाकी हैं.

NDTV इंडिया 15 Sep 2026 2:14 pm

मार दिया रे मार दिया तेरी सूरत भोली ने गाने पर 'स्कूल की मैडम' ने किया जबरदस्त डांस, बच्चों ने भी दिया साथ

श्वेता गर्ग के इंस्टाग्राम पर 2 मिलियन फॉलोअर्स हैं, लेकिन उनके वीडियोज पर व्यूज 74 मिलियन्स तक जाते हैं. इससे पहले उन्होंने बच्चों संग छतरी ना खोल बरसात में गाने पर डांस किया था जो इसी तरह वायरल हुआ था.

NDTV इंडिया 15 Sep 2026 2:14 pm

मुल्तानी मिट्टी में फिटकरी मिलाकर चेहरे पर लगाने से क्या होता है? एक्सपर्ट से जान लें

मशहूर न्यूट्रिशनिस्ट और डाइटिशियन सोनिया नारंग मुल्तानी मिट्टी में फिटकरी मिलाकर लगाने की सलाह देती हैं. आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कैसे ये नुस्खा फायदेमंद हो सकता है-

NDTV इंडिया 15 Sep 2026 2:13 pm

10 साल में 3 बार ठुकराया प्रमोशन का ऑफर! मैनेजर बनने से इनकार         

आप ऑफिस में किस लिए मेहनत करते है... अच्छी सैलरी और प्रमोशन के लिए. लेकिन चीन की एक महिला कर्मचारी ने तीन बार प्रमोशन के ऑफर को ठुकरा दिया, जिसके पीछे उन्होंने लॉजिक भी दिया है, तो चलिए जानते हैं उन्होंने ऐसा क्यों किया?

आज तक 15 Sep 2026 2:13 pm

समान नागरिक संहिता पर Omar Abdullah का BJP पर तंज, कहा संख्या बल है तो संसद में लाएं UCC बिल

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित कराने के लिए केंद्र में पर्याप्त संख्याबल है तो उसे इस विधेयक को अलग-अलग राज्यों के बजाय संसद में पेश करना चाहिए। अब्दुल्ला ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘अगर आपके पास सांसदों की पर्याप्त संख्या है तो इसे संसद में पेश कीजिए। आप इसे अलग-अलग राज्यों के जरिए क्यों ला रहे हैं? वैसे भी उनके अपने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में सभी यूसीसी पर सहमत नहीं हैं। खबरों के अनुसार, जनता दल (यूनाइटेड) ने हाथ खड़े कर दिए और कहा कि इसे बिहार में लागू नहीं किया जाएगा।’’अब्दुल्ला ने कहा कि भाजपा को यूसीसी को ‘‘पिछले दरवाजे से’’ नहीं लाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘जिस तरह उनके अपने सहयोगी इसके पक्ष में नहीं हैं, मुझे नहीं लगता कि वे इसे संसद में पारित करा पाएंगे। शायद इसी वजह से वे यह रास्ता अपना रहे हैं।’’अब्दुल्ला ने कहा कि अगर यूसीसी को केवल भाजपा शासित राज्यों में लागू किया जाता है तो यह ‘‘समान’’ या ‘‘सार्वभौमिक’’ नहीं होगा, क्योंकि भाजपा देश के सभी राज्यों में सत्ता में नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘देश के सभी राज्य भाजपा शासित नहीं हैं। ऐसे कई राज्य और केंद्रशासित प्रदेश हैं जहां भाजपा की सरकार नहीं है। इसलिए अगर इसे केवल भाजपा शासित राज्यों में लागू किया जाता है तो यह सार्वभौमिक कानून नहीं है और इस तरह के किसी विषय का फैसला अलग-अलग राज्यों को नहीं करना चाहिए। इसका फैसला पूरे देश के स्तर पर होना चाहिए। पूरे देश का प्रतिनिधित्व राज्यों में नहीं, बल्कि संसद में होता है।’’मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने कुछ महत्वपूर्ण विधेयकों को संसद में पेश नहीं किया, जिनके बारे में वह ‘‘जोर-शोर से प्रचार’’ करती रही है। उन्होंने कहा, ‘‘अब तक वे जिन भी विधेयकों की बात करते रहे हैं..चाहे वह ‘एक देश, एक चुनाव’ हो या आरक्षण...उन्हें संसद में नहीं लाया गया। अब यूसीसी के मामले में भी वे इसे राज्यों के जरिए लाने की बात कर रहे हैं।’’वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनाव कम होने के संबंध में पूछे जाने पर अब्दुल्ला ने कहा कि यह स्वागत योग्य कदम है। उन्होंने कहा, ‘‘नियंत्रण रेखा या वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव कम करने वाला कोई भी कदम अच्छा है। खासकर उन लोगों के लिए जो इन सीमाओं के करीब रहते हैं। हम जानते हैं कि एलओसी या एलएसी के पास रहने वाले लोगों के लिए हालात कितने मुश्किल होते हैं। इसी तरह, हमें उम्मीद है कि समय के साथ नियंत्रण रेखा पर भी स्थिति बेहतर होगी।’’चीन द्वारा भारत की विदेश नीति की सराहना किए जाने के संबंध में अब्दुल्ला ने कहा कि नयी दिल्ली की विदेश नीति हमेशा स्वतंत्र रही है और उसे अन्य देशों से प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी विदेश नीति हमारी अपनी है। हम दूसरे देशों के प्रमाणपत्र क्यों तलाशते हैं? इसमें खतरा यह है कि कल अगर चीन हमारी विदेश नीति के खिलाफ कुछ कहे, तो आप क्या करेंगे? इसलिए, मुझे लगता है कि हमें अपनी विदेश नीति के बारे में दूसरे देशों की कही बातों को बहुत अधिक महत्व नहीं देना चाहिए, चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक, क्योंकि हम अपनी पसंद के अनुसार चीजें नहीं चुन सकते।’’उन्होंने कहा, ‘‘कल अगर विरोध होता है तो हम कहेंगे, ‘हमारी नीति में हस्तक्षेप मत कीजिए’।’’मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पहलगाम आतंकवादी हमले की निंदा किया जाना भारत की विदेश नीति की सफलता है। उन्होंने कहा, ‘‘यह तथ्य कि पहलगाम हमले की ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में निंदा की गई, बहुत बड़ी बात है। कृपया देखें कि उस कमरे में पाकिस्तान के कितने सहयोगी मौजूद थे। इसलिए, पहलगाम का नाम लेकर उसका उल्लेख किया जाना भी अपने आप में हमारी विदेश नीति की सफलता है।

प्रभासाक्षी 15 Sep 2026 2:13 pm

VIMARSH 2026 में बोले Rajnath Singh, DRDO और इंडस्ट्री साझेदारी से भारत बनेगा Defence Hub

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइज़ेशन (DRDO) और इंडस्ट्री के बीच साझेदारी में भारत को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बनाने की क्षमता है। नई दिल्ली में DRDO-इंडस्ट्री सिनर्जी मीट, ‘विमर्श 2026’ में बोलते हुए, सिंह ने ज़ोर दिया कि डिफेंस सेक्टर में रिसर्च और डेवलपमेंट का काम सिर्फ़ सरकार या DRDO अकेले नहीं कर सकते, बल्कि इसके लिए मिलकर काम करने की ज़रूरत है। इसे भी पढ़ें: शाम 6 बजे के PTI News बुलेटिन में इमारत हादसा, शेयर बाजार और खेल की अहम खबरें राजनाथ ने कहा कि डिफेंस सेक्टर में रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए DRDO आज सबसे बड़ी संस्था है। लेकिन यह भी सच है कि डिफेंस सेक्टर में रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए सिर्फ़ सरकार या DRDO की कोशिशें काफ़ी नहीं हैं। यह मिलकर की जाने वाली कोशिश है। और यही सहयोग इस ‘विमर्श 2026’ का मुख्य संदेश है। DRDO और इंडस्ट्री के बीच साझेदारी ही भारत को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बना सकती है। सिंह ने रक्षा क्षेत्र में हाल ही में हुए सुधारों, जैसे कि 'पॉज़िटिव इंडिजनाइज़ेशन लिस्ट' (स्वदेशीकरण की सूची), 'मेक इन इंडिया' पहल, iDEX, ADITI और रक्षा R&D बजट का 25 प्रतिशत हिस्सा निजी क्षेत्र को देने जैसे कदमों का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि इन कदमों का मकसद रक्षा आयात पर निर्भरता कम करना और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ना है। उन्होंने आत्मनिर्भरता के विचार को विस्तार से समझाते हुए कहा कि जब मैं आत्मनिर्भरता की बात करता हूँ, तो इसका मतलब सिर्फ़ यह नहीं है कि हम यहाँ कुछ पुर्ज़े, कुछ मिसाइलें, कुछ हथियार और प्लेटफ़ॉर्म बना रहे हैं। आत्मनिर्भरता हमारे चरित्र का हिस्सा होनी चाहिए। यह हमारे नज़रिए का हिस्सा होनी चाहिए। जिस देश के पास अपनी तकनीक होती है, उसके पास अपना भविष्य तय करने की ताकत भी होती है। इसलिए, हमारी आत्मा, हमारे मन, हमारे विचारों और हमारी चेतना में आत्मनिर्भरता की भावना होनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: Colombo में Rajnath Singh का बड़ा बयान, भारत-श्रीलंका के बंदरगाह बनेंगे Shared Economic Growth के इंजन रक्षा मंत्री ने इस साझेदारी में शामिल एक-दूसरे की पूरक ताकतों के बारे में बताया: DRDO के पास ज्ञान और तकनीक है, इंडस्ट्रीज़ मैन्युफैक्चरिंग की क्षमता देती हैं, स्टार्ट-अप्स इनोवेशन और तेज़ी लाते हैं, और युवाओं के पास नए भारत का विज़न है। उन्होंने भरोसा जताया कि 'विमर्श 2026' की चर्चाओं के नतीजे लैबोरेटरी, इंडस्ट्रीज़, स्टार्ट-अप्स और यूनिवर्सिटीज़ तक पहुँचेंगे, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक मज़बूती बढ़ेगी। उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि 'विमर्श 2026' से निकली चर्चाएँ लैबोरेटरी, इंडस्ट्रीज़, स्टार्ट-अप्स और यूनिवर्सिटीज़ तक पहुँचेंगी; और आखिर में, ये देश की सीमाओं की सुरक्षा और भारत की अर्थव्यवस्था की मज़बूती में साफ़ तौर पर दिखेंगी। हमारी चर्चाएँ सिर्फ़ विकास की बातें न करें; बल्कि विकास का रास्ता भी बनाएँ। और यही 'विमर्श 2026' की सबसे बड़ी कामयाबी होगी।

प्रभासाक्षी 15 Sep 2026 2:12 pm

'खाना एकदम लाजवाब...', सोनभद्र के स्कूलों में PM पोषण योजना से मुरीद हुए बच्चे-अभिभावक

सोनभद्र के सरकारी स्कूल में पीएम पोषण योजना का खाना बच्चों को पसंद आ रहा है. बच्चों ने इसे स्वादिष्ट बताया. तय मेन्यू के मुताबिक भोजन के साथ उसकी क्वालिटी की भी निगरानी हो रही है.

आज तक 15 Sep 2026 2:11 pm

कर्नाटक में वंदे मातरम् पर विवाद! BJP विधायक चन्नबसप्पा का सरकारी कार्यक्रम से वॉकआउट

शिवमोग्गा में बीजेपी विधायक एसएन चन्नबसप्पा सरकारी कार्यक्रम छोड़कर चले गए. उन्होंने वंदे मातरम् के सिर्फ दो छंद गाकर गीत छोटा करने पर सवाल उठाया.

NDTV इंडिया 15 Sep 2026 2:11 pm