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संभल में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में स्कूल का छज्जा गिरा, एक बच्चे की मौत- VIDEO

उत्तर प्रदेश के संभल जनपद में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया. असमोली थाना क्षेत्र के मदाला गांव स्थित हसनैन पब्लिक निजी स्कूल के मुख्य द्वार का छज्जा अचानक गिर गया, जिससे वहां मौजूद तीन बच्चे दब गए.

आज तक 15 Aug 2026 2:10 pm

करौली कलेक्टर के ध्वजारोहण के दौरान तिरंगा नीचे गिरा, मचा हड़कंप

Karauli District Collector Flag Hoisting: करौली के मुंशी त्रिलोक चंद माथुर स्टेडियम में जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा के ध्वजारोहण के दौरान तिरंगा रस्सी सहित नीचे आकर पैरों के पास गिर गया, जिससे स्वतंत्रता दिवस समारोह में मौजूद लोग कुछ पल के लिए स्तब्ध रह गए.

आज तक 15 Aug 2026 2:09 pm

Moto G Max भारत में लॉन्च, मिलेगी 7000mAh की बैटरी, ये है कीमत

Moto G Max भारत में लॉन्च हो गया है, जिसमें 7000mAh की बैटरी, 50 मेगापिक्सल का रियर कैमरा और 32 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा दिया गया है. यह एक मिड रेंज स्मार्टफोन है. इसमें कंपनी ने Snapdragon 6s Gen 4 4nm चिपसेट का यूज किया है. आइये इसकी कीमत और अन्य डिटेल्स के बारे में जानते हैं.

आज तक 15 Aug 2026 2:06 pm

तीज पर छाईं कुमार विश्वास की बड़ी बेटी, डेनिम कुर्ते में दिखा रॉयल लुक

मशहूर कवि कुमार विश्वास की बेटी अग्रता शर्मा ने हरियाली तीज पर पारंपरिक साड़ी-लहंगे से हटकर एक स्टाइलिश इंडो-वेस्टर्न डेनिम लुक अपनाया. नीतू बिष्ट और संदीपिका शर्मा संग सेलिब्रेट करते हुए, अग्रता के डेनिम फरसी सलवार सूट, ऑलिव ग्रीन दुपट्टे और हॉट पिंक बैग में बेहद ग्लैमरस नजर आईं.

आज तक 15 Aug 2026 2:04 pm

अरुणाचल प्रदेश में भूस्खलन और बाढ़ से चार लोगों की मौत, सेना के 5 जवान लापता

अरुणाचल प्रदेश में भूस्खलन और बाढ़ से चार लोगों की जान चली गई है। सेना के पांच जवान भी लापता बताए जा रहे हैं।

जागरण 15 Aug 2026 2:04 pm

गॉल में डराने वाल पल! राहुल के शॉट से श्रीलंकाई फील्डर घायल

गॉल टेस्ट के दौरान केएल राहुल के स्वीप शॉट से श्रीलंका के शॉर्ट लेग फील्डर निशान मदुष्का बुरी तरह चोटिल हो गए. चोट के बाद मेडिकल स्टाफ मैदान पर पहुंचा और मदुष्का को जांच के लिए बाहर ले जाया गया.

आज तक 15 Aug 2026 1:54 pm

भारत में इन सेक्टरों में आ सकती है नौकरियों की बाढ़, PM ने बताया  

मैन्युफैक्चरिंग और कृषि से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रक्षा और क्रिएटिव इकोनॉमी तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले के प्राचीर से विकास के सात प्रमुख क्षेत्रों को लेकर बात की है. उन्होंने इन सात क्षेत्रों को ‘शक्ति की सप्तधारा’ नाम दिया है. पीएम मोदी के मुताबिक, ये सात क्षेत्र भारत के विकास के अगले चरण को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

आज तक 15 Aug 2026 1:51 pm

खड़गे ने तिरंगा फहराने के बाद सरकार के खिलाफ की हमलों की बौछार

कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी मुख्यालय में तिरंगा फहराने के बाद सरकार के खिलाफ हमलों की बौछार की.. उन्होंने कहा कि - नेहरू जी ने आधुनिक, लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष भारत की नींव रखी. उन्होंने IIT, IIM और PSU की स्थापना की। खरगे ने कहा कि - मोदी सरकार पिछली सरकारों के कामों का श्रेय ले रही है...बिना काम किए इतिहास में दर्ज होना चाहती है. खरगे ने छात्रों पर फायिरंग को लेकर फिर अमित शाह को घेरा...

आज तक 15 Aug 2026 1:50 pm

तीन नवजात, नर्सें और तिरंगा... दिल छू लेगी अस्पताल की ये तस्वीर

न कोई मंच था, न परेड... बस तीन नन्हे मेहमान थे और तिरंगे के तीन रंग. नाशिक जिला अस्पताल की न्यूबोर्न बेबी केयर यूनिट में स्वतंत्रता दिवस का जश्न कुछ ऐसा मनाया गया, जिसकी तस्वीर देखकर चेहरे पर मुस्कान आ जाए. एक नवजात केसरिया रंग में लिपटा था, दूसरा सफेद और तीसरा हरे रंग में. नर्सों ने तीनों को एक साथ रखकर तिरंगे का स्वरूप बना दिया.

आज तक 15 Aug 2026 1:46 pm

पहलगाम आतंकी हमले के बाद पीएम मोदी का पहला सवाल क्या था? NSA डोभाल ने किया खुलासा

एनएसए अजीत डोभाल ने 'ऑपरेशन सिंदूर' पर अहम खुलासे किए, बताया कि पहलगाम हमले के बाद पीएम मोदी ने तुरंत दोषियों की जानकारी मांगी थी।

जागरण 15 Aug 2026 1:46 pm

स्वतंत्रता दिवस पर CM विजय का बड़ा एलान, 15 सितंबर से सरकार नवजात बच्चों को देगी सोने की अंगूठी; किसे मिलेगा लाभ?

तमिलनाडु के सीएम विजय ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर चेन्नई में नवजात शिशुओं के लिए 'थाईमामन थंगा मोथिरम थिट्टम' की घोषणा की।

जागरण 15 Aug 2026 1:42 pm

पत्नी को पोस्टिंग पर नहीं ला सका तो स्कार्फ ले आया जवान, वीडियो वायरल

लद्दाख के उमलिंग ला में तैनात एक जवान का वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का दिल छू रहा है. जवान अपनी पत्नी का स्कार्फ लेकर पोस्टिंग वाली जगह पहुंचा. जब दोस्त ने पूछा कि वह स्कार्फ क्यों लाया है, तो जवान ने कहा कि वह अपनी पत्नी को पोस्टिंग पर नहीं ला सकता, इसलिए उसका स्कार्फ ही साथ ले आया.

आज तक 15 Aug 2026 1:39 pm

स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति के रंग में रंगे खिलाड़ी

स्वतंत्रता दिवस के जश्न में भारतीय क्रिकेटर्स भी पूरी तरह से डूबे हुए हैं. सोशल मीडिया पर वह लगातार पोस्ट के जरिए फैन्स को आजादी के इस खास दिन की शुभकामनाएं दे रहे हैं.

आज तक 15 Aug 2026 1:37 pm

सरकार का बड़ा फैसला, पेट्रोल-डीजल और ATF पर घटा दिया ये टैक्‍स

केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल और विमान ईंधन के निर्यात पर विंडफाल टैक्‍स को कम कर दिया है. यह ऐसे समय में फैसला लिया गया है, जब वेस्‍ट एशिया में एनर्जी को लेकर अनिश्‍चि‍तता बनी हुई है.

आज तक 15 Aug 2026 1:35 pm

जीवन कुंडू हत्याकांड: 14 दिन बाद भी नहीं हुआ अंतिम संस्कार, हांसी-हिसार रोड जाम और मुख्य आरोपी रमेश फरार

हरियाणा के हिसार जिले में दिल दहला देने वाला जीवन कुंडू हत्याकांड अब एक बड़ा जन-आंदोलन और प्रशासनिक संकट बनता जा रहा है। घटना को 14 दिन से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन मुख्य आरोपी रमेश की गिरफ्तारी न होने के कारण परिजनों और ग्रामीणों ने मृतक का अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया है। न्याय की मांग और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली के विरोध में गुस्साए लोगों ने हांसी-हिसार मुख्य मार्ग को पूरी तरह से जाम कर दिया है, जिससे हाइवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। इस सनसनीखेज मामले को लेकर इलाके में तनाव का माहौल है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।क्या है पूरा मामला और क्यों सुलग रहा है हिसार?यह पूरा दर्दनाक मामला हिसार के सूर्यनगर इलाके का है, जहां 4 अगस्त की सुबह डेयरी संचालक जीवन कुंडू पर उसके ही पड़ोसियों ने कातिलाना हमला कर दिया था। पीड़ित परिवार के अनुसार, जीवन जब अपनी बाइक पर ट्रॉली लगाकर गोबर डालने जा रहा था, तभी पुरानी रंजिश के चलते पड़ोसी रमेश और उसके साथियों ने उसे घेर लिया। आरोप है कि आरोपियों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से जीवन को तब तक बेरहमी से पीटा जब तक वह पूरी तरह बेहोश होकर जमीन पर नहीं गिर गया। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत से पहले सामने आए एक वीडियो में जीवन ने खुद अपने ऊपर हुए जुल्म और हमलावरों के नाम बयां किए थे, जिसके बाद से पूरे क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है।14 दिन बीतने के बाद भी मुख्य आरोपी रमेश पुलिस की गिरफ्त से दूरहत्या की इस गंभीर घटना के बाद से ही स्थानीय लोग, विभिन्न खाप पंचायतें और किसान संगठन लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। हालांकि पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए कुछ अन्य आरोपियों को दबोच लिया है और कुल गिरफ्तारियों का आंकड़ा बढ़ गया है, परंतु इस हत्याकांड का मुख्य मास्टरमाइंड और मुख्य आरोपी रमेश अभी भी पुलिस की पकड़ से कोसों दूर है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि मुख्य आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। इसके बावजूद मुख्य आरोपी के पुलिस के हाथ न आने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।शव रखकर सड़क जाम और किसानों-खाप पंचायतों का भारी समर्थनमुख्य आरोपी की गिरफ्तारी में हो रही देरी से खफा परिजनों ने यह ठान लिया है कि जब तक मुख्य आरोपी रमेश सलाखों के पीछे नहीं पहुंच जाता, तब तक वे जीवन कुंडू का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इसी जिद और न्याय की आस में पिछले दो हफ्ते से लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है। बात तब और गंभीर हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने हांसी-हिसार रोड पर जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस विरोध प्रदर्शन को बल देने के लिए कई बड़े किसान नेता और खाप प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंच गए हैं, जिससे यह मामला केवल एक पारिवारिक या स्थानीय विवाद न रहकर एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन चुका है। प्रदर्शनकारियों की दो टूक मांग है कि आरोपियों पर तुरंत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।पुलिस प्रशासन पर दबाव और भविष्य की बड़ी चेतावनीदिन-प्रतिदिन बिगड़ते हालात को देखते हुए हिसार पुलिस और जिला प्रशासन के हाथ-पांव फूले हुए हैं। हाइवे जाम होने के कारण आम जनता और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसे देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे लगातार दबिश दे रहे हैं और आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है, साथ ही उनके विदेश भागने की आशंका को लेकर लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया है। वहीं दूसरी ओर, ग्रामीणों और परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने जल्द ही मुख्य आरोपी रमेश को गिरफ्तार नहीं किया, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप धारण कर सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Aug 2026 1:35 pm

गुरुग्राम प्रोग्राम में नहीं बुलाया तो भड़के मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, नितिन नवीन के सामने फूटा गुस्सा

हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर अंदरूनी कलह और सियासी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। गुरुग्राम में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक और विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। मंच पर उनके साथ बिहार सरकार के मंत्री और हरियाणा मामलों के सह-प्रभारी नितिन नवीन भी मौजूद थे, जिनकी मौजूदगी में राव इंद्रजीत सिंह ने मंच से ही अपनी ही पार्टी की सरकार और प्रशासनिक व्यवस्था पर जमकर निशाना साधा। हालात तब और अधिक दिलचस्प हो गए जब केंद्रीय मंत्री ने सार्वजनिक मंच से यह तक कह दिया कि उनका नाम तक आमंत्रित अतिथियों की सूची में नहीं है। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि आखिर हरियाणा भाजपा के भीतर सब कुछ ठीक क्यों नहीं चल रहा है।समीक्षा बैठक में प्रोटोकॉल और अनदेखी का उठा बड़ा मुद्दायह पूरा वाकया गुरुग्राम में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान का है, जहां जिले के विकास कार्यों, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और भविष्य की योजनाओं पर मंथन किया जाना था। इस प्रकार की बैठकों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, खासकर उस क्षेत्र के सांसद और केंद्रीय मंत्री की भूमिका सबसे अहम मानी जाती है। हालांकि, जब बैठक की कार्यवाही शुरू हुई और भाषणों का दौर आया, तो राव इंद्रजीत सिंह ने अपनी ही सरकार के तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें इस कार्यक्रम की कोई विधिवत सूचना नहीं दी गई और प्रोटोकॉल के तहत जिस तरह से उनका नाम और सम्मान होना चाहिए था, उसकी पूरी तरह से अनदेखी की गई है। अहीरवाल बेल्ट के सबसे बड़े और कद्दावर नेता माने जाने वाले राव इंद्रजीत सिंह के इस तेवर ने वहां मौजूद सभी अधिकारियों और नेताओं को असहज कर दिया।नितिन नवीन की मौजूदगी में केंद्रीय मंत्री ने प्रशासन को आड़े हाथों लियाजिस समय राव इंद्रजीत सिंह अपना यह दर्द बयां कर रहे थे, ठीक उसी समय मंच पर बिहार सरकार के मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन भी उपस्थित थे। नितिन नवीन को हरियाणा में पार्टी मामलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है और वह राज्य में पार्टी संगठन को मजबूत करने तथा आपसी समन्वय बिठाने के उद्देश्य से गुरुग्राम पहुंचे थे। केंद्रीय मंत्री ने नितिन नवीन की मौजूदगी का लाभ उठाते हुए पार्टी के भीतर और प्रशासनिक स्तर पर चल रही मनमानी पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री होने के नाते और इस क्षेत्र का लगातार प्रतिनिधित्व करने के बावजूद यदि उन्हें ही ऐसे आयोजनों से दूर रखा जाएगा या उनकी उपेक्षा की जाएगी, तो आम जनता और कार्यकर्ताओं के बीच क्या संदेश जाएगा। इस तीखी नाराजगी के बाद पूरे सभागार में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया और सभी की निगाहें सह-प्रभारी नितिन नवीन पर टिक गईं।अहीरवाल बेल्ट के राजनीतिक समीकरण और वर्चस्व की जंगराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राव इंद्रजीत सिंह की यह नाराजगी महज़ एक आमंत्रण पत्र या प्रोटोकॉल की चूक तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे हरियाणा की राजनीति और विशेषकर अहीरवाल क्षेत्र के वर्चस्व की लंबी कहानी जुड़ी हुई है। राव इंद्रजीत सिंह लंबे समय से गुरुग्राम और आसपास के जिलों में निर्विवाद नेता के रूप में अपनी पैठ बनाए हुए हैं। कई मौकों पर उन्होंने पार्टी मंचों से अपनी ही सरकार के मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों पर उनकी अनदेखी करने के आरोप लगाए हैं। उनका यह स्पष्ट रूप से बागी तेवर दिखाना इस बात की ओर इशारा करता है कि स्थानीय स्तर पर उनके समर्थकों और प्रशासनिक मशीनरी के बीच सब कुछ सामान्य नहीं चल रहा है। कार्यक्रम के दौरान उनकी इस खरी-खोटी ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के लिए भी एक नई चुनौती खड़ी कर दी है, क्योंकि हरियाणा में विधानसभा चुनावों और अन्य राजनीतिक उठापटक के बाद पार्टी के भीतर एकजुटता बनाए रखना केंद्रीय नेतृत्व की पहली प्राथमिकता है।पार्टी संगठन और सरकार के सामने डैमेज कंट्रोल की बड़ी चुनौतीइस तीखे घटनाक्रम के बाद गुरुग्राम से लेकर चंडीगढ़ तक राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सरकार और भाजपा संगठन पर हमलावर हो गए हैं, उनका कहना है कि जिस पार्टी के केंद्रीय मंत्री ही सुरक्षित नहीं हैं और खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं, वह आम जनता के हितों की रक्षा क्या करेगी। वहीं दूसरी ओर, भाजपा के वरिष्ठ नेता और संगठन के पदाधिकारी इस डैमेज कंट्रोल में जुट गए हैं। नितिन नवीन और अन्य वरिष्ठ नेता इस बात का प्रयास कर रहे हैं कि केंद्रीय मंत्री की नाराजगी को जल्द से जल्द दूर किया जाए ताकि इसका नकारात्मक प्रभाव आने वाले समय में पार्टी की छवि पर न पड़े। प्रशासनिक स्तर पर भी इस बात की सुगबुगाहट शुरू हो गई है कि आखिर इस चूक के पीछे जिम्मेदार कौन अधिकारी थे, जिनके कारण केंद्रीय मंत्री का नाम सूची से गायब हुआ। आने वाले दिनों में यह विवाद हरियाणा की राजनीति में और क्या नए रंग दिखाता है, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Aug 2026 1:33 pm

AI ट्रेनिंग, फ्री कोचिंग और 100 GW न्यूक्लियर पावर का लक्ष्य... लाल किले से पीएम मोदी ने किए बड़े एलान

स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी ने लाल किले से युवाओं, शिक्षा, खेल और तकनीक के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक घोषणाएं कीं। इनमें 1 करोड़ युवाओं को एआई प्रशिक्षण, मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, नागरिक सुरक्षा सुधार और परमाणु ऊर्जा विस्तार के लक्ष्य शामिल हैं।

जागरण 15 Aug 2026 1:32 pm

MP News :

मध्य प्रदेश स्वतंत्रता दिवस 2027 को झंडा फहराने, वंदे मातरम के साथ मनाता है, और समान नागरिक संहिता, किसान कल्याण, युवा व

वन इंडिया 15 Aug 2026 1:32 pm

हरियाणा के हिसार में सीएम नायब सैनी के कार्यक्रम के दौरान भारी बवाल! पुलिस लाठीचार्ज के बाद प्रदर्शनकारियों ने किया पथराव

हरियाणा के हिसार जिले के हांसी में स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक तनाव देखने को मिला है। राज्य के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के ध्वजारोहण कार्यक्रम का विरोध करने पहुंचे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। यह पूरा विवाद कुछ दिन पहले हुए चर्चित डेयरी संचालक जीवन कुंडू हत्याकांड के मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी में हो रही देरी के विरोध में उपजा है। स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि पुलिस को उग्र भीड़ को खदेड़ने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके जवाब में प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस बल पर जमकर पथराव कर दिया। इस हिंसक संघर्ष में हांसी के एसपी और डीएसपी समेत दोनों पक्षों के कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।जीवन कुंडू हत्याकांड और न्याय की मांग को लेकर सुलग रहा है आक्रोशइस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि कुछ दिन पहले हिसार में घटी एक दर्दनाक घटना से जुड़ी हुई है। हिसार में 4 अगस्त को डेयरी संचालक जीवन कुंडू की कुछ लोगों द्वारा लाठी-डंडों से पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज मामले में हालांकि पुलिस ने अब तक कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है, जिस कारण स्थानीय ग्रामीणों, परिजनों और विभिन्न खाप पंचायतों में भारी रोष व्याप्त है। न्याय की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में किसान संगठनों और स्थानीय लोगों ने पहले ही यह ऐलान कर दिया था कि यदि मुख्य आरोपी की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे हांसी में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम का विरोध दर्ज कराएंगे।स्वतंत्रता दिवस समारोह से ठीक पहले हांसी में छावनी में बदला इलाकामुख्यमंत्री के दौरे और विरोध प्रदर्शन के ऐलान को देखते हुए प्रशासन पहले से ही पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा था। हांसी आने वाले सभी प्रमुख मार्गों और रास्तों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था तथा कड़े पहरे के बीच नाकाबंदी की गई थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और किसान ट्रैक्टरों पर सवार होकर और पैदल ही कार्यक्रम स्थल यानी राजकीय महाविद्यालय के पास पहुंचने में कामयाब हो गए। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ने की जिद पर अड़े हुए थे, जिसे रोकने के लिए पुलिस ने पूरी ताकत लगा दी। जैसे ही भीड़ बैरिकेड्स पार कर कार्यक्रम के करीब पहुंचने लगी, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।पुलिस का लाठीचार्ज और उग्र भीड़ का करारा पथरावतनाव जब चरम पर पहुंच गया तो पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने और आगे बढ़ने से रोकने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लिया। इस दौरान पुलिस की सख्ती से कई प्रदर्शनकारियों के सिर फूट गए और वे लहूलुहान हो गए। इस कार्रवाई से गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने उग्र रूप धारण कर लिया और पुलिस दल पर ईंट-पत्थरों से हमला बोल दिया। अचानक हुए इस जोरदार पथराव से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस झड़प और पत्थरबाजी में हांसी के पुलिस अधीक्षक (SP) विनोद कुमार और एक डीएसपी (DSP) को भी गंभीर चोटें आईं। हालात को संभालने के लिए एसपी को खुद मोर्चा संभालना पड़ा और चोट लगने के बाद उन्होंने हाथ पर रुमाल बांधकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। बचाव में पुलिस ने भी स्थिति पर काबू पाने के लिए जवाबी कार्रवाई की।राजनीतिक समर्थन और क्षेत्र में बढ़ा तनावइस हिंसक झड़प के बाद इलाके में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है और स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है। हंगामे और तनाव के बीच कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी और अधिक बढ़ गई है। घटना की सूचना मिलते ही कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित तथा प्रदर्शनकारी किसानों के बीच जाकर उनका समर्थन करने का ऐलान किया। उन्होंने इस संघर्ष में हरसंभव साथ देने का वादा किया है। दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और सुरक्षा में सेंध लगाने तथा पथराव करने वाले उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन अब संवाद और कड़े सुरक्षा प्रबंधों के जरिए माहौल को शांत करने का प्रयास कर रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Aug 2026 1:31 pm

लव मैरिज, बच्चा और फिर हत्या! स्वीटी पटेल केस में पूर्व इंस्पेक्टर को उम्रकैद

गुजरात के चर्चित स्वीटी पटेल हत्याकांड में कोर्ट ने स्वीटी पटेल के पति और तत्कालीन पुलिस इंस्पेक्टर अजय देसाई को उम्रकैद की सज़ा सुनाई है.

आज तक 15 Aug 2026 1:31 pm

उनकी आवाज हमेशा दिलों में जिंदा रहेगी!' 90 के दशक के सुनहरे दौर को याद कर भावुक हुए अनु मलिक

भारतीय संगीत जगत यानी बॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्री के इतिहास में यदि नब्बे के दशक (90s Decade) को स्वर्ण युग कहा जाए, तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। इस दौर में संगीत प्रेमियों को एक से बढ़कर एक बेहतरीन मेलोडियस गाने और रूह को छू लेने वाली आवाजें मिलीं, जिन्होंने पीढ़ियों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी है। इसी सुनहरे दौर के दो सबसे बड़े और दिग्गज सितारे, प्रसिद्ध संगीतकार अनु मलिक (Anu Malik) और सुरों के बेताज बादशाह कुमार सानू (Kumar Sanu) एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। हाल ही में एक खास बातचीत के दौरान संगीतकार अनु मलिक नब्बे के दशक की अपनी सुनहरी यादों में खो गए और उन्होंने अपने जिगरी यार तथा लीजेंड्री सिंगर कुमार सानू की अद्वितीय गायकी की जमकर तारीफ की। अनु मलिक ने दिल से कसीदे पढ़ते हुए कहा कि कुमार सानू जैसी जादुई आवाज और सादगी सदियों में कभी-कभार ही पैदा होती है, और उनकी यह बेमिसाल आवाज इस देश के संगीत प्रेमियों के दिलों में हमेशा-हमेशा के लिए जिंदा रहेगी। इस भावनात्मक और पुरानी यादों से भरे इंटरव्यू ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है और नब्बे के दशक के गानों के दीवाने फैंस इस जोड़ी को एक बार फिर याद करके बेहद भावुक हो रहे हैं।90 के दशक का जादू: जब संगीत सीधे रूह को छू जाता थानब्बे का वह दशक जब कैसेट्स का जमाना था, रेडियो पर फरमाइशों का दौर चलता था और घर-घर में प्यार, दर्द और जुदाई के तराने गूंजा करते थे, आज भी संगीत प्रेमियों के जेहन में तरोताजा है। उस दौर में अनु मलिक ने अपने संगीत निर्देशन से हिंदी सिनेमा को एक से बढ़कर एक चार्टबस्टर गानों की सौगात दी थी, और उन गानों को अपनी जादुई आवाज से अमर बनाने का काम किया था कुमार सानू ने। अनु मलिक ने याद करते हुए बताया कि वह दौर ऐसा था जब म्यूजिक कंपोजर और सिंगर की ट्यूनिंग इतनी मजबूत होती थी कि बिना किसी आधुनिक ऑटो-ट्यून या डिजिटल करेक्शन के गाने पहली ही टेक में रिकॉर्ड हो जाते थे और सीधे सुनने वालों के दिलों में उतर जाते थे। आज के आधुनिक और रीमिक्स के दौर में जहां संगीत बहुत जल्दी पुराना हो जाता है, वहीं 90 के दशक के उन क्लासिक गानों की चमक आज भी वैसी ही बरकरार है, और इसका पूरा श्रेय उस दौर के कलाकारों की बेजोड़ मेहनत और उनकी प्राकृतिक प्रतिभा को जाता है।कुमार सानू की तारीफ में अनु मलिक ने पढ़े कसीदे, बताया बेजोड़ कलाकारकुमार सानू की गायकी की प्रशंसा करते हुए अनु मलिक ने कहा कि उनके जैसी बहुमुखी प्रतिभा वाला गायक मिलना आज के समय में लगभग नामुमकिन सा हो गया है। रोमांटिक गानों की बात हो, दर्द भरे नगमों की बात हो या फिर थिरकाने वाले जोशीले गीतों की, कुमार सानू ने हर विधा में अपनी आवाज का ऐसा जादू चलाया कि सुनने वाला मंत्रमुग्ध हो जाए। अनु मलिक ने अपने पुराने दिनों के संस्मरण साझा करते हुए बताया कि जब वे स्टूडियो में कोई नया गाना तैयार करके कुमार सानू को देते थे, तो वे उस कंपोजिशन को पल भर में समझ जाते थे और अपनी गायकी से उसमें ऐसी जान फूंक देते थे कि गाना एक ही बार में इतिहास रच देता था। अनु मलिक ने बड़े ही आदर भाव से कहा कि आज भले ही संगीत की तकनीक बहुत बदल गई हो, लेकिन कुमार सानू के गले की जो मिठास और गहराई है, उसकी बराबरी आज का कोई भी गायक नहीं कर सकता है, और वे भारतीय संगीत के एक ऐसे चमकते हुए सितारे हैं जो कभी फीके नहीं पड़ सकते।अनु मलिक और कुमार सानू की जोड़ी ने रचे थे कई ऐतिहासिक इतिहाससंगीतकार अनु मलिक और गायक कुमार सानू की इस जोड़ी ने हिंदी सिनेमा को अनगिनत ऐसे सुपरहिट गाने दिए हैं जो आज भी लोगों की जुबान पर रटे हुए हैं। 'बाजीगर' फिल्म के गाने हों, 'विरासत' के मेलोडियस ट्रैक्स हों या फिर 'फिल्मी दुनिया' के अन्य अनमोल नगमें, इस जोड़ी ने हर बार अपनी कला का लोहा मनवाया है। अनु मलिक ने उस वक्त को याद किया जब उनके द्वारा बनाए गए गानों को रिकॉर्ड करने के लिए स्टूडियो के बाहर फैंस की भीड़ लग जाया करती थी। उन्होंने कहा कि कुमार सानू के साथ काम करना उनके करियर का सबसे शानदार और यादगार अनुभव रहा है। दोनों की जुगलबंदी ने भारतीय संगीत उद्योग को ऐसा स्वर्णिम मुकाम दिया, जिसकी मिसाल आज भी नए दौर के कलाकार देते हैं। यह आपसी सम्मान और पेशेवर दोस्ती इस बात का सबूत है कि सच्ची कला और टैलेंट कभी उम्र या दौर के मोहताज नहीं होते हैं।आधुनिक संगीत और रीमिक्स संस्कृति पर दिग्गजों की गहरी चिंताबातचीत के दौरान दोनों दिग्गज कलाकारों ने आज के समय में बन रहे गानों और रीमिक्स कल्चर (Remix Culture) पर भी खुलकर अपनी राय रखी। उनका मानना था कि आज के गाने बहुत तेजी से बनते हैं और उतनी ही तेजी से लोगों के दिलों से उतर भी जाते हैं, क्योंकि उनमें वो गहराई और ठहराव गायब हो चुका है जो नब्बे के दशक के संगीत में हुआ करता था। गानों में शब्दों के चयन और धुनों की मिठास पर अब पहले जैसा ध्यान नहीं दिया जाता है। अनु मलिक ने नई पीढ़ी के संगीतकारों और गायकों को सलाह दी कि यदि वे लंबे समय तक टिकना चाहते हैं और लोगों के दिलों में जगह बनाना चाहते हैं, तो उन्हें अपनी जड़ों से जुड़ना होगा और संगीत की मूल आत्मा को समझना होगा। उन्होंने कहा कि तकनीक सिर्फ एक साधन हो सकती है, लेकिन असली संगीत तो दिल से और साधना से ही निकल सकता है, जैसा कि उन्होंने और उनके समकालीन कलाकारों ने अपने दौर में करके दिखाया था।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Aug 2026 1:29 pm

स्वतंत्रता दिवस पर अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी ने शेयर किया बेहद खास मैसेज, अपने बेटे को अभी से सिखा रही आजादी का असली मतलब

भारतीय टेलीविजन जगत की सबसे लोकप्रिय और चहेती अभिनेत्रियों में शुमार 'गोपी बहू' यानी देवोलीना भट्टाचार्जी (Devoleena Bhattacharjee) इन दिनों अपनी प्रोफेशनल लाइफ से ज्यादा अपनी पर्सनल लाइफ और मातृत्व के खास पलों को लेकर सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। स्वतंत्रता दिवस के पावन और ऐतिहासिक अवसर पर देश भर में जहां आम नागरिक से लेकर तमाम सेलिब्रिटी अपनी देशभक्ति का इजहार करने में जुटे हुए थे, वहीं नई-नई मां बनीं देवोलीना ने अपने छोटे से एक साल के बेटे के साथ इस राष्ट्रीय पर्व को बेहद अनूठे और प्रेरणादायक तरीके से मनाया। अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर एक दिल को छू लेने वाला खास मैसेज शेयर किया है, जिसमें उन्होंने यह साझा किया है कि कैसे वे अपने महज़ एक साल के मासूम बेटे को अभी से ही देश की आजादी के महत्व, बलिदान और राष्ट्रप्रेम के शुरुआती सबक सिखाना चाहती हैं। देवोलीना का यह विचारशील और भावुक संदेश इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है और देश भर के लाखों फैंस तथा माता-पिता इसे बेहद सराह रहे हैं, क्योंकि आज के आधुनिक दौर में बच्चों के भीतर अपने देश की संस्कृति और स्वतंत्रता के इतिहास के प्रति शुरुआती संस्कार डालना हर पेरेंट्स के लिए एक बड़ी सीख बनता जा रहा है।स्वतंत्रता दिवस पर देवोलीना का वायरल संदेश और मातृत्व की नई परिभाषाअपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए देवोलीना भट्टाचार्जी ने एक बेहद प्यारी सी तस्वीर और एक लंबा-चौड़ा विचारशील नोट साझा किया। उन्होंने लिखा कि एक मां होने के नाते उनका यह सबसे पहला और बड़ा कर्तव्य है कि वे अपने बच्चे को केवल किताबी शिक्षा या आधुनिक चकाचौंध में न रखें, बल्कि उसे यह समझाएं कि आज हम जिस खुली हवा में सांस ले रहे हैं, उसकी कीमत क्या है। देवोलीना ने अपने नोट में जिक्र किया कि भले ही उनका बेटा अभी केवल एक साल का है और वह इन बातों को पूरी तरह से समझ पाने की उम्र में नहीं है, लेकिन एक मां के रूप में उनके दिल में यह इच्छा है कि वे अपने बच्चे की परवरिश की नींव में ही देशभक्ति और स्वतंत्रता के मूल्यों को पिरो दें। जब बच्चा अपने घर के माहौल में तिरंगे की शान, राष्ट्रगान के सम्मान और देश के स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष की कहानियों के बीच बड़ा होता है, तो उसके भीतर एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक स्वतः ही जन्म लेने लगता है।एक साल के बच्चे को आजादी का महत्व सिखाने की अनोखी पहलजब से देवोलीना ने यह बात साझा की है कि वे अपने एक साल के बेटे को स्वतंत्रता का महत्व समझाना चाहती हैं, तब से सोशल मीडिया पर लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी कम उम्र में बच्चे को यह सब कैसे सिखाया जा सकता है? इस पर अभिनेत्री और बाल मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि बच्चे बहुत कम उम्र से ही अपने आसपास के माहौल, रंगों, आवाज़ों और माता-पिता के आचरण को बहुत तेजी से ऑब्ज़र्व करते हैं। जब एक साल का बच्चा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को देखता है, देश भक्ति के गीत सुनता है और अपने माता-पिता को राष्ट्र के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए देखता है, तो उसके अवचेतन मन में उन संस्कारों की एक गहरी छाप छूट जाती है। देवोलीना का यह प्रयास इस बात का एक बेहतरीन उदाहरण है कि बच्चों को देशभक्त और संवेदनशील इंसान बनाने की शुरुआत स्कूल जाने की उम्र से नहीं, बल्कि उनके पालने और गोद से ही शुरू हो जानी चाहिए, ताकि बड़े होकर वे देश के प्रति अपने कर्तव्यों को कभी न भूलें।अभिनय की दुनिया से दूर मदरहुड को एंजॉय कर रही हैं देवोलीनाटेलीविजन के सुपरहिट शो 'साथ निभाना साथिया' में संस्कारी गोपी बहू का किरदार निभाकर घर-घर में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाली देवोलीना भट्टाचार्जी इन दिनों अपने मातृत्व (Motherhood) के इस खूबसूरत दौर का भरपूर आनंद ले रही हैं। पिछले साल दिसंबर में अपने जिम पार्टनर शमशेर सिंह के साथ गुपचुप तरीके से शादी करके सबको चौंकाने वाली देवोलीना ने पिछले साल एक प्यारे से बेटे को जन्म दिया था। मां बनने के बाद से ही उन्होंने अभिनय की दुनिया से थोड़ा ब्रेक ले लिया है और अपना पूरा समय अपने परिवार और बच्चे की परवरिश में बिता रही हैं। सोशल मीडिया पर अक्सर वे अपने बेटे के साथ बिताए गए खूबसूरत पलों की झलकियां अपने फैंस के साथ साझा करती रहती हैं, जिन्हें उनके चाहने वाले बहुत पसंद करते हैं। स्वतंत्रता दिवस के इस मौके पर उनका यह मातृ प्रेम और राष्ट्र प्रेम का अनूठा संगम एक बार फिर यह साबित कर देता है कि वे पर्दे पर जितनी बेहतरीन अभिनेत्री हैं, असल जिंदगी में उतनी ही जिम्मेदार और समझदार मां भी हैं।आज की युवा पीढ़ी और सेलिब्रिटीज के लिए एक प्रेरणादायक संदेशदेवोलीना भट्टाचार्जी का यह कदम आज के दौर के उन तमाम युवाओं और सेलिब्रिटीज के लिए एक बहुत बड़ी सीख है जो अक्सर राष्ट्रीय पर्वों को केवल एक छुट्टी या सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग स्टेटस तक ही सीमित मान लेते हैं। जब देश के बड़े और लोकप्रिय चेहरे अपने बच्चों को शुरुआती उम्र से ही देश के इतिहास, बलिदान और स्वतंत्रता के सही मायने से परिचित कराते हैं, तो इसका समाज पर एक बहुत ही सकारात्मक और व्यापक प्रभाव पड़ता है। आज की युवा पीढ़ी को यह समझने की जरूरत है कि हमें जो आजादी बिना किसी संघर्ष के थाली में परोसी हुई मिल गई है, उसे संजोकर रखना और देश को आगे ले जाना हमारी ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। देवोलीना का यह संदेश सिर्फ एक अभिनेत्री की पोस्ट नहीं है, बल्कि हर उस माता-पिता के लिए एक प्रेरणा है जो अपने बच्चों को एक बेहतर इंसान और सच्चा देशवासी बनाना चाहते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Aug 2026 1:28 pm

नाग पंचमी के दिन भूलकर भी न करें ये 5 काम, घेर लेंगी मुश्किलें!

Nag Panchami 2026: 17 अगस्त को है नाग पंचमी. इस दिन भूलकर भी जमीन न खोदें और न करें ये 5 गलतियां, वरना नाग देवता की नाराजगी से जीवन में बढ़ सकती हैं मुश्किलें. जानें जरूरी नियम.

आज तक 15 Aug 2026 1:27 pm

'मैं बहुत छोटा एक्टर हूं' कोलकाता फिल्म फेस्टिवल में इग्नोर होने पर छलका मिथुन चक्रवर्ती का दर्द, बोले- बंगाल के बेटे का अपमान

भारतीय सिनेमा जगत में अपने बेमिसाल अभिनय और डांस के दम पर 'डिस्को डांसर' के रूप में वैश्विक पहचान बनाने वाले दिग्गज अभिनेता और पद्म पुरस्कार से सम्मानित मिथुन चक्रवर्ती (Mithun Chakraborty) इन दिनों अपने एक बेहद तीखे और भावुक बयान को लेकर सुर्खियों में छाए हुए हैं। हाल ही में कोलकाता अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (KIFF - Kolkata International Film Festival) के दौरान उन्हें कथित तौर पर नजरअंदाज किए जाने और दरकिनार करने का मामला सामने आने के बाद खुद मिथुन दा ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। अपने चिरपरिचित अंदाज और बेबाक शैली में बात करते हुए मिथुन चक्रवर्ती ने तंज कसते हुए कहा कि वे तो इंडस्ट्री के बहुत छोटे अभिनेता हैं, शायद इसीलिए उन्हें इस बड़े आयोजन में पूछना जरूरी नहीं समझा गया। इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल की संस्कृति और राजनीति दोनों गलियारों में एक नया भूचाल आ गया है, क्योंकि उनके समर्थकों और कई बुद्धिजीवियों का मानना है कि यह महज़ एक अभिनेता की अनदेखी नहीं, बल्कि बंगाल की माटी में जन्मे एक ग्लोबल आइकॉन और बंगाल के बेटे का खुला हुआ अपमान है, जिसपर अब राजनीतिक दलों के बीच भी जुबानी जंग तेज हो गई है।क्या है पूरा विवाद और क्यों गरमाया है कोलकाता फिल्म फेस्टिवल का मुद्दा?कोलकाता अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव पश्चिम बंगाल सरकार और राज्य के कला-संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित किया जाने वाला एक बेहद प्रतिष्ठित और भव्य वार्षिक आयोजन माना जाता है, जिसमें देश-विदेश की तमाम नामचीन फिल्मी हस्तियां शिरकत करती हैं। इस बार के फेस्टिवल के दौरान जब उद्घाटन और मुख्य कार्यक्रमों की सूचियों से मिथुन चक्रवर्ती का नाम गायब देखा गया और उन्हें किसी भी आधिकारिक आमंत्रण या मंच पर उचित सम्मान नहीं मिला, तो उनके चाहने वालों में भारी आक्रोश फैल गया। पश्चिम बंगाल की धरती से ताल्लुक रखने वाले और अपनी मेहनत के बल पर हिंदी, बंगाली और अन्य भारतीय भाषाओं में सिनेमा के शिखर को छूने वाले मिथुन दा जैसे वरिष्ठ कलाकार को इस तरह से नजरअंदाज किए जाने पर सवाल उठने लाजिमी थे। जब मीडिया और पत्रकारों ने इस बारे में अभिनेता से सवाल किया, तो उनका दर्द छलक उठा और उन्होंने बहुत ही शालीनता लेकिन तीखे शब्दों में अपनी उपेक्षा पर गहरी प्रतिक्रिया दी, जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया।'मैं बहुत छोटा एक्टर हूं': मिथुन दा के उस बयान के क्या हैं गहरे मायने?जब मीडिया ने मिथुन चक्रवर्ती से कोलकाता फिल्म फेस्टिवल में उन्हें आमंत्रित न किए जाने और तवज्जो न मिलने को लेकर सवाल पूछा, तो उन्होंने बेहद व्यंग्यात्मक और दिल को छू लेने वाले अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि मैं तो बहुत छोटा एक्टर हूं, शायद इसीलिए मुझे इस लायक नहीं समझा गया कि मुझे बुलाया जाए। उनके इस एक वाक्य ने भारतीय सिनेमा जगत और सांस्कृतिक आयोजनों में चल रही अंदरूनी राजनीति की पोल खोलकर रख दी है। मिथुन चक्रवर्ती जैसे अभिनेता, जिन्होंने अपने पूरे जीवन में सैकड़ों सफल फिल्मों में काम किया है और जिन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्म सम्मान के साथ-साथ दादा साहब फाल्के पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है, यदि वे खुद को 'छोटा एक्टर' कहकर अपनी उपेक्षा पर दर्द बयां करें, तो यह किसी भी सभ्य समाज और सांस्कृतिक मंच के लिए बेहद शर्मनाक स्थिति है। यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि किस तरह से आज के दौर में कला और योग्यता से ऊपर व्यक्तिगत राजनीतिक विचारधारा और चापलूसी को प्राथमिकता दी जा रही है।बाहरी कलाकारों को न्योता, लेकिन बंगाल के अपने बेटे के साथ सौतेला व्यवहारइस पूरे विवाद का सबसे संवेदनशील पहलू यह है कि एक तरफ जहां कोलकाता फिल्म फेस्टिवल की शान बढ़ाने के लिए देश के कोने-कोने से और मुंबई फिल्म इंडस्ट्री से तमाम बड़े बॉलीवुड सितारों, निर्माताओं और बाहरी मेहमानों को शान से आमंत्रित किया जाता है और उनका राजकीय सम्मान किया जाता है, वहीं दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल में ही पले-बढ़े और पूरी दुनिया में बंगाल का नाम रोशन करने वाले मिथुन चक्रवर्ती को इस तरह से किनारा कर दिया जाता है। बंगाल के स्थानीय लोगों और कला प्रेमियों का कहना है कि यह केवल एक प्रशासनिक भूल नहीं हो सकती, बल्कि इसके पीछे एक गहरी राजनीतिक और वैचारिक पूर्वाग्रह की भावना काम कर रही है। चूंकि मिथुन चक्रवर्ती वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े हुए हैं और राज्य की मौजूदा सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के मुखर आलोचक माने जाते हैं, इसलिए आशंका जताई जा रही है कि इसी राजनीतिक मतभेद के कारण उन्हें बंगाल के ही सबसे बड़े सांस्कृतिक उत्सव से बाहर का रास्ता दिखाया गया है।राजनीति से परे होनी चाहिए कला और कलाकारों की दुनियामिथुन चक्रवर्ती के साथ हुए इस कथित अपमान के बाद देश भर के सांस्कृतिक गलियारों में यह बहस एक बार फिर छिड़ गई है कि क्या कला, साहित्य और सिनेमा को भी अब राजनीति के चश्मे से देखा जाने लगा है? इतिहास गवाह है कि बंगाल हमेशा से कला, साहित्य, संगीत और अभिनय की भूमि रहा है, जहाँ रबींद्रनाथ टैगोर से लेकर सत्यजीत रे और उत्तम कुमार जैसी महान विभूतियों ने कभी भी राजनीतिक सीमाओं में बंधकर अपनी कला को सीमित नहीं किया। एक कलाकार की पहचान उसकी पार्टी या वैचारिक झुकाव से नहीं, बल्कि उसकी फिल्मों, उसके अभिनय और जनता के बीच उसकी लोकप्रियता से होती है। जब सरकारें या सांस्कृतिक संस्थान राजनीतिक द्वेष के कारण अपने ही राज्य के महान सपूतों और दिग्गजों का अपमान करने लगते हैं, तो इससे पूरी संस्कृति की गरिमा को ठेस पहुंचती है। जनता और सिने प्रेमियों का मानना है कि इस तरह की ओछी राजनीति का अंत होना चाहिए और हर कलाकार को उसका बनता हुआ मान-सम्मान मिलना चाहिए, चाहे उसके राजनीतिक विचार सत्ता में बैठे लोगों से मेल खाते हों या नहीं।सोशल मीडिया पर फैंस का गुस्सा और भविष्य के सांस्कृतिक आयोजनों पर सवालजैसे ही मिथुन चक्रवर्ती के इग्नोर होने और उनके इस दर्द भरे बयान की खबरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुईं, उनके लाखों फैंस और समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा। ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर #MithunChakraborty और #BoycottKIFF जैसे ट्रेंड्स के जरिए लोग राज्य सरकार और फिल्म फेस्टिवल के आयोजकों की कड़ी आलोचना कर रहे हैं। फैंस का कहना है कि मिथुन दा ने अपनी फिल्मों के जरिए दशकों तक लोगों के दिलों पर राज किया है और उन्हें किसी मंच के प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है, लेकिन इस तरह से बंगाल के एक लीजेंड के साथ अन्याय करना ناقابل बर्दाश्त है। इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि जनता अभी भी अपने चहेते कलाकारों के अपमान को कतई सहन नहीं करती है। आने वाले समय में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या राज्य के सांस्कृतिक आयोजकों और सरकार की तरफ से इस मामले पर कोई सफाई या माफी आती है, या फिर यह विवाद बंगाल की सियासत में एक और बड़ा मुद्दा बनकर हमेशा के लिए गूंजता रहता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Aug 2026 1:26 pm

बंगाल विभाजन ने बोये थे देश के बंटवारे के बीज

कांग्रेस से मोह भंग होने के बाद मोहम्मद अली जिन्ना लंदन चले गए थे. जुलाई 1933 में लियाकत अली खान अपनी नव विवाहिता पत्नी के साथ वहां वह मोहम्मद अली जिन्ना से मिले. उनके और उनकी बेगम के निवेदन पर जिन्ना 1934 में भारत आए और मुस्लिम लीग की कमान अपने हाथों में ले लिया.

NDTV इंडिया 15 Aug 2026 1:26 pm

यूपी के सहारनपुर में 15 अगस्त को भीषण सड़क हादसा, डिवाइडर से टकराई कार, ITBP के DIG की मौत

आईटीबीपी के डीआईजी परमिंदर सिंह अपने ड्राइवर रवि शंकर और एक जवान के साथ मसूरी से ट्रेनिंग पूरी कर स्कॉर्पियो गाड़ी से वापस अंबाला लौट रहे थे. रास्ते में वह हादसे का शिकार हो गए.

NDTV इंडिया 15 Aug 2026 1:25 pm

सैफ अली खान ने उरी में मनाया Independence Day, जवानों के साथ क्रिकेट, गिटार और ट्रेकिंग कर बिताया यादगार दिन

NDTV के खास कार्यक्रम 'जय जवान' में सैफ अली खान ने उरी में भारतीय सेना के जवानों के साथ दिन बिताया. इस दौरान उन्होंने जवानों के साथ क्रिकेट खेला, गिटार बजाया, पूड़ियां बनाईं और कमान अमन सेतु का दौरा किया. सैफ ने इस अनुभव को रोमांचक और यादगार बताया.

NDTV इंडिया 15 Aug 2026 1:25 pm

भूखे रहना ही व्रत नहीं! जानें सावन और रमजान का असली मतलब

Sawan 2026: सावन और रमजान के व्रत सिर्फ परंपरा नहीं हैं, बल्कि यह सेहत का राज और हेल्दी लाइफ का सीक्रेट फॉर्मूला है. जानिए उपवास के पीछे का विज्ञान और इसके हैरान करने वाले फायदे.

आज तक 15 Aug 2026 1:25 pm

पीएम मोदी ने लाल किले से देश के नौजवानों से मांगी मदद! जानिए किस खास काम के लिए मांगा सिर्फ 1-2 घंटे का योगदान

स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर देश के नाम अपना प्रेरणादायी संबोधन दिया। इस बार के अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने देश की दिशा और दशा बदलने के लिए सीधे तौर पर देश के ऊर्जावान युवाओं यानी नौजवानों से एक बहुत बड़ा आह्वान किया है। पीएम मोदी ने देश के युवाओं से अपील की है कि वे अपनी दिनचर्या में से रोजाना या सप्ताह में केवल 1 से 2 घंटे का समय निकालकर राष्ट्र निर्माण के एक विशेष और बेहद महत्वपूर्ण कार्य में अपना अमूल्य योगदान दें। प्रधानमंत्री के इस अनोखे और सीधे संवाद ने न केवल लाल किले पर मौजूद जनसमूह को बल्कि टीवी और सोशल मीडिया के जरिए इस ऐतिहासिक भाषण को सुन रहे करोड़ों देशवासियों के दिलों को छू लिया है। आखिर प्रधानमंत्री मोदी देश के युवाओं से किस काम में मदद मांग रहे हैं और इसके पीछे सरकार की क्या बड़ी सोच व रणनीति है, आइए इस पूरे विषय का बेहद विस्तार से विश्लेषण करते हैं।देश के युवाओं से प्रधानमंत्री मोदी की विशेष अपील और उसका मूल उद्देश्यअपने ओजस्वी भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि देश को 2047 तक 'विकसित भारत' बनाने का जो महान लक्ष्य हमने तय किया है, वह केवल सरकारी योजनाओं, फाइलों या नीतियों के दम पर पूरा नहीं हो सकता है। इस महा-संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने के लिए देश की सबसे बड़ी ताकत यानी हमारी युवा शक्ति को आगे आना होगा। पीएम ने स्पष्ट रूप से कहा कि आज का युवा देश का भविष्य ही नहीं बल्कि वर्तमान का सबसे बड़ा चालक है। यदि देश का हर नौजवान अपनी क्षमता, अपनी तकनीकी दक्षता और अपने समर्पण का थोड़ा सा हिस्सा भी सामाजिक बदलाव और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में लगा दे, तो देश की तस्वीर बहुत कम समय में पूरी तरह बदल सकती है। प्रधानमंत्री द्वारा मांगा गया यह 1-2 घंटे का योगदान किसी औपचारिकता के लिए नहीं, बल्कि देश के जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाने के लिए एक ठोस सामाजिक आंदोलन की शुरुआत है।किस खास कार्य के लिए मांगा गया है युवाओं का यह अमूल्य समय?प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में विस्तार से बताया कि युवाओं को अपने इस 1 से 2 घंटे के समय का उपयोग कहां और कैसे करना चाहिए। पीएम ने देश के युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने आस-पास के गरीब, वंचित और पिछड़े तबके के बच्चों को मुफ्त में पढ़ाने, उन्हें डिजिटल साक्षरता देने और कौशल विकास के गुर सिखाने में अपना समय लगाएं। इसके साथ ही, उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन (वॉटर हार्वेस्टिंग), स्वच्छता अभियान और स्वास्थ्य जागरूकता जैसे सामाजिक अभियानों में भी सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। प्रधानमंत्री का मानना है कि जब देश का पढ़ा-लिखा युवा अपने मोहल्ले, गांव या शहर के किसी जरूरतमंद बच्चे को संवारने में मदद करेगा या समाज में फैली किसी कुप्रथा या अज्ञानता को दूर करने के लिए आगे आएगा, तो देश के भीतर एक अभूतपूर्व सामाजिक समरसता और विकास की लहर दौड़ जाएगी। यह पहल केवल सरकार की नहीं बल्कि एक जन-आंदोलन बनने की क्षमता रखती है।विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में जन-भागीदारी की अनिवार्यताकिसी भी देश के इतिहास में यदि कोई बड़ा परिवर्तन आया है, तो उसके पीछे हमेशा वहां के नागरिकों की सक्रिय जन-भागीदारी (Public Participation) की सबसे बड़ी भूमिका रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने इस आह्वान के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया है कि सरकारें नीतियां बना सकती हैं और बजट आवंटित कर सकती हैं, लेकिन समाज को अंदर से मजबूत करने का काम देश के जागरूक नागरिक ही कर सकते हैं। आज जब भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बन चुका है और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से अग्रसर है, तब देश के भीतर वैचारिक और सामाजिक स्तर पर भी एक नए सुधार की जरूरत है। युवाओं को यह समझना होगा कि राष्ट्र निर्माण केवल सेना में जाने या टैक्स चुकाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने समाज के प्रति व्यक्तिगत जिम्मेदारी निभाना भी उतना ही बड़ा देशभक्ति का कार्य है।देश भर के युवाओं और स्टार्टअप्स की तरफ से मिल रही अभूतपूर्व प्रतिक्रियाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा युवाओं से की गई इस अपील के बाद से ही देश भर के युवा संगठनों, एनजीओ, विश्वविद्यालयों के छात्रों और विभिन्न स्टार्टअप्स में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर #YouthForNation और #ModiAppeal जैसे हैशटैग तेजी से ट्रेंड करने लगे हैं, जहां देश भर के नौजवान अपनी-अपनी तरफ से राष्ट्र निर्माण में स्वेच्छा से योगदान देने का संकल्प ले रहे हैं। कई बड़े शिक्षण संस्थानों और तकनीकी संस्थानों ने आगे आकर यह घोषणा की है कि वे अपने परिसरों में ऐसे विशेष कम्युनिटी सर्विस प्रोग्राम शुरू करेंगे, जिसके तहत छात्र हर हफ्ते निश्चित घंटे समाज सेवा और शिक्षा के विस्तार में लगाएंगे। यह इस बात का प्रमाण है कि जब देश का नेतृत्व युवाओं से सीधे संवाद करता है, तो युवा भी पूरी ऊर्जा और सकारात्मकता के साथ उस पुकार को स्वीकार करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Aug 2026 1:25 pm

तुकाराम मुंडे ने बताया बाहर खाना खाते समय किन 4 बातों का रखें ध्यान, वरना हो सकता है सेहत को नुकसान

बाहर खाना खाने से पहले तुकाराम मुंडे द्वारा बताए ये 4 सीक्रेट टिप्स जरूर जान लें, नहीं होगी सेहत खराब.

NDTV इंडिया 15 Aug 2026 1:24 pm

75 मिनट में पीएम मोदी का भाषण खत्म, 4 साल में सबसे छोटा संबोधन, लाल किले से नेहरू के इस रिकॉर्ड से हैं पीछे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से 75 मिनट का भाषण दिया. यह पिछले चार वर्षों में उनका सबसे छोटा और अब तक का चौथा सबसे छोटा स्वतंत्रता दिवस संबोधन रहा. मोदी लगातार 13वीं बार लाल किले से देश को संबोधित कर चुके हैं.

NDTV इंडिया 15 Aug 2026 1:23 pm

PoK का हाल देख उमर अब्दुल्ला को याद आया 80 साल पुराना फैसला, बोले- हमलावर खबरदार वाले सही थे

PoJK के मौजूदा हालात पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि 80 साल पहले भारत के साथ जम्मू-कश्मीर के विलय का फैसला सही था। बोले- ‘हमलावर खबरदार’ कहने वाले सही थे।

लाइव हिन्दुस्तान 15 Aug 2026 1:23 pm

युवाओं को सही दिशा नहीं मिली तो देश के लिए बन जाएंगे बड़ा बोझ! Gen-Z को लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की बड़ी चेतावनी

आज के समय में जब पूरी दुनिया तेजी से बदल रही है और तकनीकी क्रांतियों का दौर चल रहा है, तब देश के सबसे बड़े और प्रभावशाली वैचारिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने आज की युवा पीढ़ी यानी 'जेन-जी' (Gen-Z) को लेकर एक बेहद गंभीर और विचारणीय बयान दिया है। नागपुर में एक प्रमुख सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में मोहन भागवत ने दो टूक शब्दों में यह चेतावनी दी है कि यदि आज के युवाओं को सही समय पर उचित दिशा, संस्कार और मार्गदशन नहीं मिला, तो यही युवा शक्ति देश की ताकत बनने के बजाय देश के लिए एक बहुत बड़ा आर्थिक और सामाजिक बोझ बन सकती है। संघ प्रमुख के इस बयान ने देश भर के शिक्षाविदों, समाजशास्त्रियों, राजनेताओं और अभिभावकों के बीच एक गहरी बहस छेड़ दी है, क्योंकि आज की युवा पीढ़ी के सामने करियर के अपार अवसरों के साथ-साथ भटकाव और मानसिक तनाव के भी उतने ही बड़े खतरे मंडरा रहे हैं। आइए मोहन भागवत के इस बयान के गहरे निहितार्थों और आज के दौर में जेन-जी के सामने मौजूद चुनौतियों का बेहद विस्तार से विश्लेषण करते हैं।क्या है 'जेन-जी' और क्यों चिंता जता रहे हैं मोहन भागवत?आधुनिक भाषा विज्ञान और जनसांख्यिकी में 'जेन-जी' (Gen-Z) उस पीढ़ी को कहा जाता है जिसका जन्म और लालन-पालन इंटरनेट, स्मार्टफोन, सोशल मीडिया और डिजिटल दुनिया के बीच हुआ है। यह पीढ़ी तकनीक के मामले में बेहद तेज, महत्वाकांक्षी और स्वतंत्र विचारों वाली मानी जाती है, लेकिन इसके साथ ही इस पीढ़ी में सहनशीलता की कमी, तात्कालिक संतुष्टि की चाह (Instant Gratification) और अकेलेपन की समस्या भी बहुत तेजी से बढ़ रही है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने इसी बात को रेखांकित करते हुए कहा कि आज का युवा अत्यधिक हाई-टेक और ज्ञान से परिपूर्ण तो है, परंतु यदि उसके भीतर नैतिक मूल्य, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक सरोकार और सही-गलत की पहचान करने की विवेकशीलता नहीं होगी, तो यह ऊर्जा गलत दिशा में भटक सकती है। जब एक पूरी पीढ़ी बिना किसी वैचारिक एंकर या नैतिक अनुशासन के केवल भौतिकतावादी दौड़ में अंधी हो जाती है, तो वह समाज और राष्ट्र के विकास में सहयोग करने के बजाय समस्याओं का कारण बन जाती है, और यही वह मूल चिंता है जिसे संघ प्रमुख ने देश के सामने बहुत ही स्पष्ट रूप से रखा है।आधुनिक युग की चकाचौंध और युवाओं के सामने भटकाव के बड़े खतरेआज के दौर में युवाओं के पास करियर के हजारों विकल्प मौजूद हैं, लेकिन इसी के साथ सोशल मीडिया की आभासी दुनिया ने उनके मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर डाला है। रील्स, शॉर्ट्स और लाइक्स की अंधी दौड़ ने युवाओं की ध्यान केंद्रित करने की क्षमता (Attention Span) को बहुत सीमित कर दिया है। मोहन भागवत ने अपने संबोधन में इसी बात पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी बहुत जल्दी निराश हो जाती है और छोटी-छोटी असफलताओं को भी सहन नहीं कर पाती है। इसके अलावा, पश्चिमी संस्कृतियों का अंधाधुंध अनुकरण, ड्रग्स और नशे की लत, तथा परिवार और समाज से कटती जा रही जीवनशैली युवाओं को धीरे-धीरे एक खोखलेपन की तरफ धकेल रही है। यदि देश का युवा शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत नहीं होगा और उसके भीतर राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण की भावना नहीं जगेगी, तो भारत की यह डेमोग्राफिक डिविडेंड (जनसांख्यिकीय लाभांश) यानी युवाओं की संख्या वाली ताकत एक दिन देश के लिए सबसे बड़ा अभिशाप साबित हो सकती है।संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों की घटती भूमिका का संकटसंघ प्रमुख ने अपने भाषण में इस बात पर भी जोर दिया कि आज के समय में परिवारों का विघटन और संयुक्त परिवार प्रणाली का टूटना युवाओं के भटकने का एक बहुत बड़ा कारण बन रहा है। पहले के समय में संयुक्त परिवारों में बच्चों को जो अनौपचारिक शिक्षा, बुजुर्गों का आशीर्वाद, धैर्य और संकट से लड़ने की प्रेरणा मिलती थी, वह आज के न्यूक्लियर परिवारों और भागदौड़ भरी जिंदगी में गायब होती जा रही है। माता-पिता अक्सर बच्चों की материаल (भौतिक) जरूरतें तो पूरी कर देते हैं, लेकिन उन्हें समय और सही संवाद नहीं दे पाते हैं, जिसके कारण युवा मानसिक रूप से अकेलेपन का शिकार हो जाते हैं। मोहन भागवत ने आह्वान किया कि समाज और परिवार को मिलकर एक ऐसा मजबूत और सकारात्मक वातावरण तैयार करना होगा जहां युवा अपनी समस्याओं को खुलकर साझा कर सकें और उन्हेंन केवल किताबी ज्ञान, बल्कि जीवन जीने की कला और संस्कारों की थाती भी मिल सके।भारत के डेमोग्राफिक डिविडेंड को सही दिशा देने की राष्ट्रीय अनिवार्यताआज पूरी दुनिया इस बात को मानती है कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है, और हमारे पास दुनिया का सबसे बड़ा वर्कफोर्स मौजूद है। इस स्थिति को ही 'डेमोग्राफिक डिविडेंड' कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि यदि हमारे युवाओं को सही कौशल, अच्छी शिक्षा और रोजगार के अवसर मिल जाएं, तो भारत अगले कुछ दशकों में दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक और वैचारिक महाशक्ति बन सकता है। लेकिन मोहन भागवत की यह चेतावनी इस बात की याद दिलाती है कि यह डिविडेंड अपने आप में कोई गारंटी नहीं है; यदि हमने युवाओं को सही समय पर वैल्यू बेस्ड एजुकेशन (मूल्य आधारित शिक्षा) और राष्ट्रोन्मुखी दिशा नहीं दी, तो यही डेमोग्राफिक डिविडेंड एक बड़े सामाजिक संकट में बदल सकता है। इसलिए सरकार, शिक्षण संस्थानों, धार्मिक और सामाजिक संगठनों तथा अभिभावकों को सामूहिक रूप से यह सोचना होगा कि कैसे वे देश की इस युवा ऊर्जा को रचनात्मक और सकारात्मक कार्यों में लगा सकें।युवाओं को क्या करना चाहिए और समाज की क्या है जिम्मेदारी?इस पूरी चर्चा का निष्कर्ष यही निकलता है कि आज के युवाओं को अपनी ऊर्जा को सोशल मीडिया की फालतू बहसों और नकारात्मकता से निकालकर देश के विकास, कौशल विकास और नवाचार में लगाना चाहिए। युवाओं को यह समझना होगा कि शॉर्टकट से कभी भी स्थायी सफलता नहीं मिलती है, और जीवन में अनुशासन ही सबसे बड़ी पूंजी है। इसके साथ ही, समाज के हर वर्ग को यह जिम्मेदारी उठानी होगी कि वे युवाओं के मार्गदर्शक बनें, उनकी समस्याओं को समझें और उन्हेंन केवल एक अच्छा प्रोफेशनल बनाएं, बल्कि एक जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक भी तैयार करें। तभी मोहन भागवत द्वारा जताई गई चिंता का समाधान निकल सकेगा और भारत की यह युवा शक्ति दुनिया के नक्शे पर एक स्वर्णिम इतिहास रचने में कामयाब होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Aug 2026 1:23 pm

CRETA-SIERRA से टक्कर, दोगुनी हुई SUV की सेल, इतनी है कीमत

जुलाई का महीना कार कंपनियों के लिए शानदार रहा है. खासकर किआ इंडिया के लिए जिसकी सेल 27 परसेंट बढ़ी है. वहीं किआ सेल्टॉस के लिए जुलाई काफी स्पेशल साबित हुआ है. इस मिडसाइज एसयूवी की सेल 109 परसेंट बढ़ी है. यानी इसकी सेल पिछले साल के मुकाबले दोगुनी हो गई है. आइए जानते हैं किआ की दूसरी कारों का हाल कैसा रहा है.

आज तक 15 Aug 2026 1:23 pm

जब माधुरी दीक्षित से नाना पाटेकर कर बैठे थे जुनूनी मोहब्बत, सुनाई थी ऐसी शायरी, 28 साल बाद भी है दिलजले आशिकों की फेवरेट

1998 की इस फिल्म में नाना पाटेकर ने प्रेम को एक अलग ही अंदाज में पर्दे पर उतारा. उनकी आवाज, ठहराव और जुनूनी अदायगी ने कविता को सिर्फ रोमांटिक नहीं रहने दिया, बल्कि उसमें बेचैनी और पागलपन भी भर दिया.

NDTV इंडिया 15 Aug 2026 1:20 pm

Windfall Tax Cut:

Windfall Tax:

वन इंडिया 15 Aug 2026 1:20 pm

57 में 27 की लगती हैं भाग्यश्री, खाती हैं ये हरी सब्जी

Bhagyashree Fitness Tips: 57 साल की भाग्यश्री अपनी उम्र से 20 साल छोटी नजर आती हैं. इसके लिए वो अपनी फिटनेस और खानपान का भी ध्यान रखती हैं.

आज तक 15 Aug 2026 1:19 pm

चीन को खुली चेतावनी, युवाओं के लिए AI का बड़ा तोहफा और 'दिमागी नक्सलियों' पर कड़ा प्रहार: जानिए लाल किले से पीएम मोदी के 10 सबसे बड़े संदेश

स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर देश को संबोधित करते हुए अपने ओजस्वी भाषण से करोड़ों देशवासियों में एक नया जोश भर दिया है। अपने इस ऐतिहासिक संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने देश की आंतरिक सुरक्षा, बाहरी चुनौतियों, तकनीकी क्रांति और भविष्य के भारत के निर्माण को लेकर कई ऐसे बड़े और कड़े संदेश दिए, जिन्होंने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। एक तरफ जहां उन्होंने भारत की बढ़ती सैन्य और सामरिक ताकत का अहसास कराते हुए पड़ोसी देशों को सख्त चेतावनी दी, तो वहीं दूसरी तरफ देश के युवाओं के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीक के क्षेत्र में बड़े तोहफों का ऐलान किया। इसके साथ ही, देश के भीतर रहकर वैचारिक और मानसिक रूप से राष्ट्र को खोखला करने की कोशिश करने वाले 'दिमागी नक्सलियों' पर भी करारा प्रहार किया गया। आइए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस दूरदर्शी और बहुआयामी भाषण के हर एक पहलू का बेहद विस्तार से विश्लेषण करते हैं।चीन और पाकिस्तान को दो टूक: भारत अब घर में घुसकर मारता हैअपने भाषण की शुरुआत में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा नीतियों का जिक्र करते हुए दुनिया को यह बता दिया कि आज का नया भारत अपनी संप्रभुता के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा। बिना किसी का नाम लिए पर स्पष्ट रूप से चीन और आतंकवाद को समर्थन देने वाले पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए पीएम ने कहा कि भारत की रक्षा नीतियां अब पूरी तरह से बदल चुकी हैं। आज का भारत अपनी सीमाओं की रक्षा करना भी जानता है और जरूरत पड़ने पर दुश्मन के घर में घुसकर करारा जवाब देना भी बखूबी जानता है। उन्होंने देश के रक्षा क्षेत्र में आ रही आत्मनिर्भरता का जिक्र करते हुए कहा कि आज भारत राइफल से लेकर आधुनिक युद्धक विमान और ब्रह्मोस जैसी मिसाइलें खुद बना रहा है, जिससे दुनिया के बड़े-बड़े सुपरपावर भी अब भारत की सैन्य ताकत का लोहा मानने लगे हैं। सीमावर्ती इलाकों में लगातार मजबूत हो रहा बुनियादी ढांचा इस बात का गवाह है कि भारत अब किसी भी बाहरी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार बैठा है।देश के युवाओं के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और टेक्नोलॉजी का महा-तोहफाआज के इस आधुनिक और डिजिटल युग में देश की युवा शक्ति को देश के विकास का सबसे बड़ा इंजन बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने तकनीक और विज्ञान के क्षेत्र में एक बहुत बड़ी घोषणा की है। सरकार की नई योजनाओं का खाका खींचते हुए पीएम ने ऐलान किया कि देश के युवाओं को भविष्य की तकनीकी क्रांतियों के लिए तैयार करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर निर्माण, क्वांटम कंप्यूटिंग और स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश और ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत के टैलेंटेड युवाओं को अब नौकरी ढूंढने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला यानी जॉब क्रिएटर बनना होगा। इस दिशा में देश के कोने-कोने में आधुनिक इनक्यूबेशन सेंटर और स्टार्टअप हब स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि देश का सामान्य परिवार से आने वाला युवा भी ग्लोबल टेक्नोलॉजी मार्केट में अपनी एक अलग पहचान बना सके। यह कदम भारत को आने वाले दशकों में दुनिया की तकनीकी राजधानी बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होने वाला है।'दिमागी नक्सलियों' और देशविरोधी ताकतों पर अब तक का सबसे तीखा प्रहारलाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने देश के भीतर छिपे उन आंतरिक शत्रुओं और वैचारिक आतंकवादियों पर भी कड़ा प्रहार किया, जिन्हें उन्होंने 'दिमागी नक्सली' की संज्ञा दी है। पीएम ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि देश को कमजोर करने के लिए कुछ लोग प्रत्यक्ष रूप से नहीं, बल्कि वैचारिक और मानसिक स्तर पर जहर फैलाने का काम कर रहे हैं। ये लोग देश की युवा पीढ़ी के दिमाग को भ्रमित करने, देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं के खिलाफ नफरत फैलाने और भारत की तरक्की को दुनिया के सामने गलत तरीके से पेश करने के षड्यंत्र में लगातार लगे रहते हैं। प्रधानमंत्री ने देशवासियों, विशेषकर युवाओं को आगाह किया कि इन मानसिक और वैचारिक रूप से खोखले हो चुके लोगों के प्रोपगंडा से सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि ये देश की एकता और अखंडता के लिए सबसे बड़ा आंतरिक खतरा बनते जा रहे हैं और इनसे सख्ती से निपटा जाएगा।महिलाओं का सशक्तिकरण और नारी शक्ति की बढ़ती हुई राजनीतिक व आर्थिक भागीदारीदेश के समग्र विकास में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन का एक बड़ा हिस्सा नारी शक्ति को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि आज देश की बेटियां फाइटर प्लेन उड़ाने से लेकर अंतरिक्ष मिशनों की कमान संभालने तक हर क्षेत्र में परचम लहरा रही हैं। सरकार द्वारा चलाई जा रही लखपति दीदी योजना जैसी पहलों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे देश की करोड़ों ग्रामीण महिलाएं आज आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं और छोटे शहरों से लेकर गांवों तक एक नई आर्थिक क्रांति की शुरुआत कर रही हैं। महिलाओं की सुरक्षा और उनके सम्मान को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने समाज से अपील की कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर जीरो टॉलरेंस की नीति को और अधिक कड़ाई से लागू किया जाए, ताकि देश की हर बेटी सुरक्षित माहौल में अपने सपनों को पूरा कर सके।विकसित भारत 2047 का संकल्प: हर नागरिक की भागीदारी का आह्वानअपने ऐतिहासिक संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सामने 'विकसित भारत 2047' के उस महान लक्ष्य को फिर से दोहराया, जब देश अपनी आजादी की 100वीं वर्षगांठ मना रहा होगा। उन्होंने कहा कि यह अमृतकाल का समय है और देश के हर एक नागरिक को अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए इस महा-अभियान में अपनी आहुति देनी होगी। भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और तुष्टिकरण की राजनीति को देश की तरक्की में सबसे बड़ी बाधा बताते हुए उन्होंने इन तीनों बुराइयों से पूरी तरह मुक्ति पाने का संकल्प लिया। पीएम ने देश के युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाएं और भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति से आगे ले जाकर ग्लोबल लीडर बनाने के लिए जी-जान से जुट जाएं। लाल किले से दिया गया यह संदेश न केवल देश के वर्तमान को दिशा दे रहा है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वर्णिम भविष्य की मजबूत नींव भी रख रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Aug 2026 1:19 pm

थलापति विजय ने स्वतंत्रता दिवस पर फहराया तिरंगा, पेरेंट्स संग खास मौके पर कुछ यूं नजर आईं त्रिशा कृष्णन

थलापति विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने के बाद से चर्चा में हैं. वहीं स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह राष्ट्रीय ध्वज यानी तिरंगा फहराते हुए नजर आ रहे हैं.

NDTV इंडिया 15 Aug 2026 1:18 pm

तारा सुतारिया ने अपनाया 1950 के दशक का ओल्ड हॉलीवुड लुक

बॉलीवुड एक्ट्रेस तारा सुतारिया अपने 1950 के दशक के ओल्ड-हॉलीवुड रेट्रो लुक को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने ब्लैक लेस मिडी गाउन, लंबे ओपेरा ग्लव्स, मेश हील्स और मोतियों की ज्वेलरी के साथ विंटेज अंदाज अपनाया।

आज तक 15 Aug 2026 1:18 pm

राजकुमारी है एक्ट्रेस, महल सा घर, पेड़ पर बना गणपति का चेहरा

भव्य काले रंग का मुख्य दरवाजा, खास डिजाइन वाली दीवारें, आरामदायक वेल्वेट सोफे, खूबसूरत झूमर, निजी मंदिर और विशाल आउटडोर स्पेस—भाग्यश्री का मुंबई वाला घर पारंपरिक शान और आधुनिक लग्जरी का बेहतरीन मिश्रण है.

आज तक 15 Aug 2026 1:17 pm

युवाओं पर जोर, विकसित भारत का रोड मैप और दिमागी नक्सलियों की खिंचाई, क्यों खास रहा PM मोदी का यह भाषण

PM Modi Independence Day Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वतंत्रता दिवस पर दिया गया भाषण खास रहा. जिसमें उन्होंने विकसित भारत के रोड मैप से लेकर दिमागी नक्सलियों तक का जिक्र किया.

NDTV इंडिया 15 Aug 2026 1:16 pm

वंदे मातरम का सोनिया गांधी ने किया अपमान? BJP ने उठाए सवाल, कांग्रेस की सफाई, Video

कांग्रेस ने शनिवार को पार्टी नेता सोनिया गांधी का बचाव किया। यह बचाव स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ गाए जाने के समय उनके कथित इशारों को लेकर हुए विवाद के बीच किया गया। इस घटना के बारे में बताते हुए कांग्रेस ने कहा कि बैकग्राउंड में कुछ हलचल हो रही थी और सोनिया गांधी यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही थीं कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी का इंतज़ाम हो जाए, क्योंकि वे बुज़ुर्ग हैं और काफ़ी देर से खड़े थे। इसे भी पढ़ें: Independence Day पर Red Fort पर जुटे 5,000 विशेष अतिथि, PM Modi ने किया नेतृत्व कांग्रेस ने कहा कि बैकग्राउंड में कुछ हलचल हो रही थी। इसके अलावा, सोनिया गांधी चाहती थीं कि खड़गे के लिए कुर्सी का इंतज़ाम किया जाए क्योंकि वे बुज़ुर्ग हैं और काफ़ी देर से खड़े थे। प्रधानमंत्री आवास पर राहुल गांधी के साथ विरोध प्रदर्शन के दौरान उनकी तबीयत भी बिगड़ गई थी और उन्हें बीच में ही ले जाना पड़ा था। पार्टी ने यह भी साफ़ किया कि सोनिया गांधी के उस कदम का कार्यक्रम स्थल पर बज रहे राष्ट्रगीत से कोई लेना-देना नहीं था। कांग्रेस ने कहा कि ठीक उसी समय 'वंदे मातरम' बजने लगा। 'वंदे मातरम' से जुड़ी कोई खास बात नहीं थी। वह खुद ही इसे गा रही थीं। सोनिया गांधी बस यह पक्का करने की कोशिश कर रही थीं कि सब कुछ ठीक-ठाक चलता रहे। यह स्पष्टीकरण तब आया जब सोनिया गांधी और खड़गे का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वे कथित तौर पर ‘वंदे मातरम’ गाए जाने के दौरान इशारा करते हुए दिखे, जिससे उनकी आलोचना हुई। कांग्रेस मुख्यालय में झंडा फहराने के समारोह के दौरान ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाया गया। भाजपा ने इसे अब मुद्दा बना लिया है। अमित मालवीय ने एक्स पर लिखा कि पहली बार स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में संपूर्ण ‘वंदे मातरम्’ का गायन हुआ।‘वंदे मातरम्’ की शुरुआती पंक्तियों के बाद सोनिया गांधी असहज हो गईं और पूरे गीत के गायन के बजाय इसे रोकने के लिए कहा। राहुल गांधी ने भी इसे रोकने का संकेत दिया। लेकिन उन्हें इसे जारी रखने के लिए कहा गया। संदेश स्पष्ट था: राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का पूर्ण सम्मान किया जाना चाहिए और जानबूझकर इसमें व्यवधान डालने या इसका अपमान करने पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Congress HQ में गूंजा पूरा Vande Mataram, Mallikarjun Kharge और Rahul Gandhi की मौजूदगी में नया सियासी संदेश उन्होंने कहा कि आखिरकार, दोनों को पीछे हटना पड़ा और पूरा ‘वंदे मातरम्’ गाया गया। दशकों से गांधी परिवार और कांग्रेस की एक ऐसे भारत की अवधारणा के साथ असहजता दिखाई देती रही है, जो अपनी सांस्कृतिक चेतना और सभ्यतागत मूल्यों में दृढ़ता से निहित हो। विडंबना देखिए कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ही यह असहजता फिर उजागर हो गई। #WATCH | Delhi: The full Vande Mataram, was played at 80th Independence Day celebrations held at Congress headquarters today Congress President Mallikarjun Kharge, CPP chairperson Sonia Gandhi and LoP Lok Sabha Rahul Gandhi and others were present on the occassion pic.twitter.com/BOkL9lbvMQ — ANI (@ANI) August 15, 2026

प्रभासाक्षी 15 Aug 2026 1:16 pm

सोनिया और खरगे ने किया वंदे मातरम का अपमान? कांग्रेस ने दी सफाई; VIDEO वायरल

कांग्रेस के अनुसार, उस समय बैकग्राउंड में कुछ हलचल हो रही थी। सोनिया गांधी केवल यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही थीं कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के लिए बैठने की व्यवस्था की जाए, जो बुजुर्ग हैं और काफी देर से खड़े थे।

लाइव हिन्दुस्तान 15 Aug 2026 1:15 pm

थलपति विजय और तृषा का रिश्ता हुआ कन्फर्म? 15 अगस्त समारोह में क्या हुआ जिसकी होने लगी चर्चा

विजय और तृषा को काफी समय से एक दूसरे का करीबी मित्र माना जाता है। दोनों की ऑनस्क्रिन जोड़ी हिट रहने के बाद उनके अफेयर की खबरों ने भी खूब सुर्खियां बनाई थीं। अब दोनों का रिश्ता एक बार फिर चर्चा में है।

लाइव हिन्दुस्तान 15 Aug 2026 1:10 pm

UPSC मेन्स 2026 का एडमिट कार्ड जारी, 21 अगस्त से शुरू होगी परीक्षा 

संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2026 का एडमिट कार्ड ऑनलाइन जारी कर दिया है. प्रीलिम्स की परीक्षा पास कर चुके उम्मीदवार अब इसे डाउनलोड कर सकते हैं और अपनी परीक्षा से जुड़ी जानकारी ले सकते हैं.

आज तक 15 Aug 2026 1:09 pm

यात्रीगण कृप्या ध्यान दें! 7 अक्टूबर से बदलेंगी 2 एक्सप्रेस ट्रेनों की टाइमिंग, देखें नया टाइमटेबल

7 अक्टूबर से कावेरी और तिरुपति एक्सप्रेस का समय बदल जाएगा. इसको लेकर रेलवे ने रिवाइज्ड लिस्ट जारी की है.जानिए किन स्टेशनों पर होगा असर

NDTV इंडिया 15 Aug 2026 1:08 pm

कैप्टन सोनिया सिंह कौन हैं? ध्वजारोहण के समय पीएम मोदी के साथ लाल किले पर आईं थीं नजर

सोनिया सिंह चौहान भारतीय सेना में कमीशंड अधिकारी हैं. उनकी ड्यूटी स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण कार्यक्रम में लगाई गई थी. वह झंडा फहराने के दौरान पीएम मोदी की सहायक की भूमिका में नजर आईं थीं.

NDTV इंडिया 15 Aug 2026 1:03 pm

कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ पर घमासान! राहुल-सोनिया के इशारे पर भाजपा का हमला, कांग्रेस ने दी सफाई

स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में ध्वजारोहण के बाद ‘वंदे मातरम’ के गायन पर सियासी बवाल मच गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वंदे मातरम के शुरुआती हिस्से के बाद भी गायन जारी रखा। इसी दौरान राहुल गांधी और सोनिया गांधी की ओर से गायन ...

वेब दुनिया 15 Aug 2026 1:01 pm

पीएम मोदी ने पेश किया ‘सप्त धारा’ रोडमैप, जानें- विकसित भारत 2047 के लिए क्या है 7 सूत्री विजन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर ‘सप्त धारा’ रोडमैप पेश किया। जानिए विकसित भारत 2047 के लिए मैन्युफैक्चरिंग, कृषि, टेक्नोलॉजी समेत सात प्रमुख शक्तियां क्या हैं।

देशबन्धु 15 Aug 2026 1:00 pm

नाग पंचमी पर सालों बाद दुर्लभ संयोग, 3 राशियों की चमकेगी किस्मत

Nag Panchami 2026: 17 अगस्त 2026 को सावन का तीसरा सोमवार, नाग पंचमी और सूर्य देव का राशि परिवर्तन एक साथ होने जा रहा है. भगवान शिव, नाग देवता और सूर्य देव के इस दुर्लभ त्रिवेणी संगम से कई राशियों को फायदा होगा.

आज तक 15 Aug 2026 1:00 pm

बच्चे से Homework करवाते समय न कहें ये 3 बातें, Parenting Expert ने बताया पढ़ाई में नहीं लगेगा मन

अगर आपका बच्चा भी अपना होमवर्क करते समय बहाने बनाता है या मन लगाकर पढ़ाई नहीं करता है, तो ये आर्टिकल आपके लिए मददगार हो सकता है. आइए एक्सपर्ट से जानते हैं इस कंडीशन में क्या करना चाहिए.

NDTV इंडिया 15 Aug 2026 12:57 pm

ऋषभ पंत टेस्ट में रचेंगे नया इतिहास, बस 3 छक्कों की जरूरत

श्रीलंका दौरे पर भारत के लिए परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं. हाल के समय में स्पिन के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों की परेशानियां सामने आई हैं. इन चुनौतियों के बीच पंत की भूमिका अहम होगी. उनके पास एक खास व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाने का सुनहरा मौका भी है.

आज तक 15 Aug 2026 12:56 pm

4 साल पहले आया पाकिस्तानी गाना बना ग्लोबल सेंसेशन, 991 मिलियन व्यूज, देसी फोक और जबरदस्त बीट पर झूमी दुनिया

‘अग लावां मजबूरी नु, आन जान दी पसूरी नु...’ ये बोल आपने भी कई बार सुने होंगे. हो सकता है गाने के सारे शब्दों का मतलब आपको न पता हो, लेकिन इसकी धुन सुनते ही पैर थिरकने लगते हैं. जानिए ‘पसूरी’ का मतलब और इस मशहूर गाने के पीछे की दिलचस्प कहानी.

NDTV इंडिया 15 Aug 2026 12:54 pm

IPS Nupur Prasad को President's Medal, Sushant Singh Rajput केस में CBI जांच का किया था नेतृत्व

सीनियर IPS अधिकारी नूपुर प्रसाद को इस साल 'विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक' (President’s Medal for Distinguished Service) के लिए चुना गया है। इन्होंने एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत की CBI जांच की देखरेख की थी। 2007 बैच की AGMUT-कैडर IPS अधिकारी प्रसाद ने हाल ही में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) में अपना कार्यकाल पूरा किया और दिल्ली पुलिस में वापस लौटीं। वह अभी इकोनॉमिक ऑफ़ेंस विंग में जॉइंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस के तौर पर काम कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: Mohan Bhagwat बोले: सही मार्गदर्शन मिले तो युवा देश की ताकत, वरना बन सकते हैं बोझ यह अवॉर्ड जांच, अपराध रोकने, जन सेवा, कानून-व्यवस्था और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में किए गए योगदान को मान्यता देता है। प्रसाद ने मुश्किल जांचों को संभालने और पुलिसिंग से जुड़ी पहलों का नेतृत्व करने में अपनी पहचान बनाई है। अपने करियर के दौरान, उन्होंने दिल्ली पुलिस, CBI, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल में काम किया है। उन्होंने समुदाय पर केंद्रित कार्यक्रमों में भी अहम भूमिका निभाई है, जिनमें महिलाओं के आत्म-रक्षा, युवाओं के विकास, साइबर सुरक्षा और नशा मुक्ति से जुड़ी पहलें शामिल हैं। सुशांत सिंह राजपूत केस में भूमिका प्रसाद तब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आईं जब अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की CBI जांच चल रही थी; अभिनेता 14 जून, 2020 को मुंबई स्थित अपने घर पर मृत पाए गए थे। अभिनेता के परिवार की शिकायत और अधिकार क्षेत्र (ज्यूरिस्डिक्शन) को लेकर कानूनी विवाद के बाद, अगस्त 2020 में यह मामला CBI को सौंप दिया गया था। एजेंसी में अपने कार्यकाल के दौरान, प्रसाद ने जांच के अहम पहलुओं की देखरेख की, जिसमें गवाहों के बयान, फोरेंसिक सबूत और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच शामिल थी। 2025 में, CBI ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की, जिसमें कहा गया कि जांच में अभिनेता की मौत के मामले में किसी भी तरह की गड़बड़ी, आत्महत्या के लिए उकसाने या आपराधिक साजिश का कोई सबूत नहीं मिला। इसे भी पढ़ें: RSS Chief Mohan Bhagwat बोले, भारत को विश्वगुरु बनाने के खिलाफ काम कर रही हैं कई ताकतें सीबीआई में शामिल होने से पहले, प्रसाद ने दिल्ली पुलिस में कई वरिष्ठ पदों पर कार्य किया। वह शाहदरा की पहली पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) थीं, जहां उन्होंने जिले के गठन के बाद उसकी पुलिस व्यवस्था स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने मादक पदार्थों के नेटवर्क और अवैध जुआ गतिविधियों के खिलाफ अभियानों का नेतृत्व किया, साथ ही जिले में अपराध रोकथाम उपायों पर भी ध्यान केंद्रित किया। बाद में उन्होंने उत्तरी दिल्ली की डीसीपी के रूप में कार्य किया, जहां उन्होंने लाल किले में स्वतंत्रता दिवस समारोह और दिल्ली विश्वविद्यालय चुनावों सहित प्रमुख सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए सुरक्षा व्यवस्था की देखरेख की।

प्रभासाक्षी 15 Aug 2026 12:53 pm

RSSB Lab Assistant Result 2026 Out: राजस्थान लैब असिस्टेंट रिजल्ट जारी, देखें कटऑफ

इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए लैब असिस्टेंट और जूनियर लैब असिस्टेंट के पदों को भरा जाना है. ये परीक्षा ऑफलाइन मोड में आयोजित की थी. ज्योग्राफी की परीक्षा 9 मई को हुई थी जबकि साइंस की परीक्षा 10 मई को हुई थी.

NDTV इंडिया 15 Aug 2026 12:53 pm

लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह से फिर गायब रहे राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे, लगातार दूसरे साल बनाई दूरी

प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी लगातार दूसरे साल अनुपस्थित रहे।

जागरण 15 Aug 2026 12:51 pm

फराह खान बेटी अन्या-दीवा को लेकर हुईं चिंतित, आकांक्षा चौधरी को बताई सच्चाई, बोलीं-  ‘उन्हें लगता है कि वे बदसूरत हैं’

फराह खान के तीन जुड़वां बच्चे हैं - दिवा, अन्या और जार. 'लॉक अप 2' की कंटेस्टेंट आकांक्षा चौधरी के साथ अपने लेटेस्ट यूट्यूब व्लॉग में फराह ने बताया कि उनकी बेटियों को अपने लुक्स को लेकर चिंता रहती है.

NDTV इंडिया 15 Aug 2026 12:50 pm

पहलगाम हमले के बाद PM मोदी ने सबसे पहले क्या पूछा? NSA डोभाल ने किया खुलासा

NSA अजीत डोभाल के मुताबिक, पहलगाम में 26 लोगों की जान लेने वाले कायरतापूर्ण आतंकी हमले के समय पीएम मोदी सऊदी अरब में थे। वे दौरा छोटा कर तुरंत भारत लौटे।

लाइव हिन्दुस्तान 15 Aug 2026 12:49 pm

स्वामी रामदेव ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल, कही ये बात

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तिरंगा फहराने के बाद योग गुरु राम देव ने देश की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था और सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की कमी, नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं के साथ-साथ सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार पर चिंता जताई. बाबा रामदेव ने कहा कि अगर शिक्षा और भर्ती व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं किया गया तो युवाओं में असंतोष बढ़ेगा और उन्हें देशहित में एक बार फिर अनशन पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है.

आज तक 15 Aug 2026 12:49 pm

Chhattisgarh CM Vishnu Deo Sai बोले - नक्सलवाद से मुक्ति के बाद अब Peace और Prosperity की राह पर प्रदेश

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस पर रायपुर के पुलिस परेड मैदान में ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि नक्सलवाद से मुक्त छत्तीसगढ़ अब शांति, विकास और समृद्धि की नई यात्रा पर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साहसिक नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से नक्सलवाद के खिलाफ ऐतिहासिक सफलता मिली है। माओवाद से मुक्त बस्तर में आज तिरंगा यात्राओं के माध्यम से स्वतंत्रता का उत्सव मनाया जा रहा है।साय ने कहा कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के माध्यम से 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का शत-प्रतिशत सेचुरेशन सुनिश्चित करते हुए बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बंद स्कूलों को फिर शुरू करने के साथ 36 नए स्कूल स्वीकृत किए गए हैं और ओरछा तथा जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच कर हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है। लगभग 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपये की ‘आजीविका उन्नयन योजना’ तैयार की गई है। मुख्यमंत्री ने ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान शुरू करने की घोषणा की। इसके तहत प्रदेश के 6,671 शासकीय विद्यालयों में बेटियों के लिए शौचालय बनाए जाएंगे। साय ने बताया कि किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा कृषकों के कल्याण के लिये कई अन्य योजनायें शुरु की गयी हैं। उन्होंने कहा कि इंद्रावती नदी पर लगभग दो हजार करोड़ रुपये की लागत से मटनार और देउरगांव बैराज बनाए जाएंगे, जिनसे 32 हजार हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि ‘मोदी की गारंटी’ के तहत अब तक 24 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं और प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1,600 घर बनाए जा रहे हैं तथा केंद्र एवं राज्य की विभिन्न योजनाओं के तहत प्रदेश के 73 लाख परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में 13 लाख 85 हजार महिलाएं **‘लखपति दीदी’** बन चुकी हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल’ बनाया गया है और नकल रोकने के लिए सख्त कानून पारित किया गया है। पुलिस में सात हजार युवाओं की भर्ती की गई है। शिक्षक एवं सहायक शिक्षकों के 3,946 और बिजली कंपनियों में 1,235 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘सीजी असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव एक्जाम योजना’ शुरू की जा रही है।नई औद्योगिक नीति के तहत निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन्वेस्टर कनेक्ट से अब तक आठ लाख 23 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे लगभग एक लाख 74 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। साय ने आरंग के रीवां में उत्खनन के दौरान 2,750 वर्ष पुरानी मानव बस्ती की खोज को छत्तीसगढ़ की प्राचीन ऐतिहासिक और सांस्कृतिक समृद्धि का महत्वपूर्ण प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना से विकसित छत्तीसगढ़ के माध्यम से विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जाएगा।

प्रभासाक्षी 15 Aug 2026 12:48 pm

फ्री कोचिंग से 1 करोड़ युवाओं की AI ट्रेनिंग तक, लाल किले से PM मोदी ने खोला Gen Z के लिए 'गुड्डीज बैग'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के भाषण में युवाओं के लिए कई बड़े ऐलान किए। इसमें सबसे ज्यादा चर

वन इंडिया 15 Aug 2026 12:47 pm

क्या सोनिया गांधी ने कार्यकर्ताओं को वंदे मातरम गाने से रोका? BJP के आरोप पर कांग्रेस का आया जवाब

शनिवार को कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् गाया गया. लेकिन बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने दूसरे अंतरे के बाद इसे रोकने की कोशिश की. हालांकि कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसपर पार्टी का रुख स्पष्ट किया है.

आज तक 15 Aug 2026 12:46 pm

अरुणाचल में आसमान से आफत: लैंडस्लाइड और सैलाब ने मचाई तबाही, चार की मौत; सेना के पांच जवान लापता

अरुणाचल में आसमान से आफत: लैंडस्लाइड और सैलाब ने मचाई तबाही, चार की मौत; सेना के पांच जवान लापता- Four people died and five Army soldiers went missing following landslides and flash floods Arunachal Pradesh

अमर उजाला 15 Aug 2026 12:45 pm

Political Conspiracy के खिलाफ ढाल बनेगी TVK Government: CM Vijay बोले- सोशल जस्टिस और ईमानदारी ही हमारी ताकत

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार प्रशासनिक मामलों में केंद्र सरकार का सहयोग करेगी, लेकिन उन नीतियों का हमेशा विरोध करेगी जो राज्य के अधिकारों के खिलाफ होंगी।विजय ने कहा कि उनकी सरकार के खिलाफ काम करने वाली ताकतों और सरकार के खिलाफ रची जाने वाली साजिशों को नाकाम किया जाएगा। उन्होंने ‘फोर्ट सेंट जॉर्ज’ परिसर से स्वतंत्रता दिवस पर अपने पहले संबोधन में कहा कि भ्रष्टाचार को खत्म करना भी आजादी के समान है और उनकी सरकार इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘‘सरकार का राजस्व निजी व्यक्तियों के पास जाने’’ से रोका गया है और सभी विभागों में भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। विजय ने किसी का विशेष रूप से उल्लेख किए बिना कहा कि उनकी सरकार के खिलाफ काम करने वाली ताकतों को परास्त किया जाएगा और सरकार के खिलाफ रची जाने वाली साजिशों को भी नाकाम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इस उच्च आदर्श पर काम कर रही है कि ‘‘जन्म से सभी प्राणी समान हैं।’’ उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शी, सच्ची और ईमानदार है तथा रिश्वत, भ्रष्टाचार एवं नशे की संस्कृति से मुक्त है तथा महिला सुरक्षा और सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। विजय ने कहा, ‘‘सार्वजनिक जीवन में कभी कोई समझौता नहीं होना चाहिए। लोगों का कल्याण सबसे महत्वपूर्ण है। तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की सरकार इसी आधार पर काम कर रही है। इसी आधार पर हम जन कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में केंद्र सरकार के साथ प्रशासनिक सहयोग भी बनाए रखते हैं लेकिन जब तमिलनाडु के सिद्धांतों की बात आती है, तो टीवीके सरकार उन फैसलों और नीतिगत निर्णयों का हमेशा विरोध करेगी जो राज्य के अधिकारों के खिलाफ होंगे और तमिलनाडु के हितों के विपरीत होंगे। इसे लेकर कोई दो राय नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि द्रविड़ नेता सी. एन. अन्नादुरई की जयंती पर 15 सितंबर को सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों को सोने की अंगूठी देने की योजना शुरू की जाएगी। इस योजना पर 755.83 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।विजय ने कहा कि टीवीके सरकार अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की पिछली सरकारों द्वारा शुरू की गई अम्मा कैंटीन और स्कूली बच्चों के लिए नाश्ता योजना समेत विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने के साथ उनमें सुधार भी कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं तमिलनाडु के उन लोगों का फिर से दिल से आभार व्यक्त करता हूं और उन्हें नमन करता हूं, जिन्होंने जाति और धर्म के विचारों से ऊपर उठकर तथा धनबल और बाहुबल को नकारते हुए जन-केंद्रित एवं सामाजिक न्याय की सरकार स्थापित करने के लिए हमें भारी समर्थन दिया। हम भ्रष्टाचार मुक्त सरकार के लक्ष्य को हासिल करने के लिए ‘मिशन मोड’ पर काम कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि हमारे लोग भ्रष्टाचार को कई बर्दाश्त नहीं करें।’’उन्होंने घोषणा की कि पूर्व सैनिकों की बेटियों (अधिकतम दो बेटियों) की शादी के लिए दी जाने वाली वित्तीय सहायता 25,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये की जाएगी।दिव्यांग पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को मिलने वाली मासिक सहायता भी 5,000 रुपये से बढ़ाकर 7,000 रुपये की जाएगी। विजय ने यह भी घोषणा की कि स्वतंत्रता सेनानियों की पेंशन बढ़ाकर 23,000 रुपये और उनके परिजनों को मिलने वाली पारिवारिक पेंशन बढ़ाकर 12,500 रुपये की जाएगी।समारोह में विजय के माता-पिता और अभिनेत्री तृषा भी मौजूद थीं।

प्रभासाक्षी 15 Aug 2026 12:44 pm

कॉकरोच पार्टी के अभिजीत दीपके ने किया पहले स्कूल का ऑडिट, वीडियो भी पोस्ट किया

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने ‘स्कूलल ठीक करो’ अभियान के तहत पहला ऑडिट महाराष्ट्र स्थित अपने गांव के सरकारी स्कूल से ही किया है। उन्होंने बच्चों से उनकी समस्याएं पूंछीं और फिर सरपंच से बात की।

लाइव हिन्दुस्तान 15 Aug 2026 12:43 pm

क्या है सप्त सिंधु, जिससे पीएम नरेंद्र मोदी ने ली सप्त शक्ति की प्रेरणा; पूरा अर्थ समझ लीजिए

स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने प्राचीन ‘सप्त सिंधु’ की अवधारणा का जिक्र करते हुए कहा कि जैसे सात नदियों ने भारत की सभ्यता को समृद्ध बनाया, वैसे ही आज ‘सप्त शक्ति’ भारत के भविष्य की नई विकासधारा बनेगी.

NDTV इंडिया 15 Aug 2026 12:42 pm

80वां स्वतंत्रता दिवस: 'लाल किले से हर चीज का श्रेय लेते हैं', PM के भाषण पर खरगे ने साधा निशाना; क्या कहा?

80वां स्वतंत्रता दिवस: 'लाल किले से हर चीज का श्रेय लेते हैं', PM के भाषण पर खरगे ने साधा निशाना; क्या कहा?

अमर उजाला 15 Aug 2026 12:42 pm

Independence Day पर PM Modi का विपक्ष से बड़ा आग्रह: Women Reservation पर Political Game छोड़ो!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में राजनीतिक दलों से अपील की कि वे राज्य विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं के लिए 33% प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करें। उन्होंने पंचायतों, नगर पालिकाओं और नगर निगमों में महिला जन-प्रतिनिधियों की भूमिका पर ज़ोर दिया। मोदी ने संसद द्वारा पारित 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का ज़िक्र किया और पिछले 40 वर्षों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व से जुड़ी राजनीतिक चुनौतियों के बारे में बात की। उन्होंने राजनीतिक दलों से आगे आने और महिलाओं के लिए ज़्यादा प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की अपील की। इसे भी पढ़ें: Karnataka में RSS बनाम Congress की जंग हुई तेज, DK Shivakumar Govt के नए Bill से मच गया सियासी तूफान मोदी ने कहा कि महिला जन-प्रतिनिधि बड़ी संख्या में पंचायतों, नगर पालिकाओं और नगर निगमों के ज़रिए देश का मार्गदर्शन कर रही हैं। मोदी ने कहा किमेरे प्यारे देशवासियों, आज पंचायतों, नगर पालिकाओं और नगर निगमों में हमारी महिला जन-प्रतिनिधि बड़ी संख्या में देश का मार्गदर्शन कर रही हैं, स्थानीय चुनौतियों का समाधान कर रही हैं और बेहद काबिल व सशक्त नेतृत्व प्रदान कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि इसी बात को ध्यान में रखते हुए हमने संसद में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पारित किया। मोदी ने कहा कि पिछले चार दशकों में यह मुद्दा बार-बार राजनीतिक विवादों का हिस्सा बनता रहा है। उन्होंने कहा कि लेकिन किसी न किसी वजह से, पिछले 40 सालों में राजनीतिक क्षेत्र में यह सपना लगातार राजनीतिक खेल और राजनीतिक खींचतान का शिकार होता रहा है। इसके बाद उन्होंने लाल किले से राजनीतिक दलों से अपील की। मोदी ने कहा कि आज, लाल किले की प्राचीर से, तिरंगे की छाया में खड़े होकर, मैं देश के सभी राजनीतिक दलों से पुरज़ोर अपील और आग्रह करता हूँ: आगे आइए और हमारी महिलाओं की ताकत और क्षमता का जश्न मनाइए। इसे भी पढ़ें: Mohan Bhagwat बोले: सही मार्गदर्शन मिले तो युवा देश की ताकत, वरना बन सकते हैं बोझ मोदी ने राज्य विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं को 33% प्रतिनिधित्व देने की बात कही। उन्होंने कहा कि हमारी महिलाओं के सम्मान में आगे बढ़ें और जितनी जल्दी हो सके, यह सुनिश्चित करें कि हमारी माताओं और बहनों को राज्य विधानसभाओं और लोकसभा में 33% प्रतिनिधित्व मिले, ताकि वे भारत की नीतियां बनाने में सक्रिय रूप से योगदान दे सकें।

प्रभासाक्षी 15 Aug 2026 12:41 pm

'भारत को विश्वगुरु बनाना है तो चुनौतियों से लड़ना होगा': स्वतंत्रता दिवस पर बोले RSS प्रमुख; और क्या कहा?

'भारत को विश्वगुरु बनाना है तो चुनौतियों से लड़ना होगा': स्वतंत्रता दिवस पर बोले RSS प्रमुख; और क्या कहा?- To make India Vishwa Guru we must confront challenges RSS chief speaks on Independence Day

अमर उजाला 15 Aug 2026 12:40 pm

'केंद्र के सहयोग से मिल रहा दिल्ली को लाभ', बोलीं CM रेखा गुप्ता

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण हमारे विकास की सबसे मजबूत नींव हैं. हमारा लक्ष्य ऐसे मजबूत और टिकाऊ सिस्टम तैयार करना है, जो आने वाले दशकों तक दिल्ली के लोगों की आकांक्षाओं पर खरे उतरे.

आज तक 15 Aug 2026 12:39 pm

कौन हैं बुद्धेश्वर भगत? करोड़ों के लेन-देन का दावा, इनके बयान से JPSC 14वीं PT परीक्षा धांधली में खुल रहे राज

JPSC 14वीं पीटी परीक्षा में कथित धांधली की जांच के दौरान गिरफ्तार बुद्धेश्वर भगत के बयान ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं. CID कथित तौर पर करोड़ों रुपये के लेन-देन, अभ्यर्थियों से संपर्क और चयन के लिए बनाए गए नेटवर्क की जांच कर रही है.

NDTV इंडिया 15 Aug 2026 12:37 pm

Superfood Fruit for Heart: 6 महीने तक रोजाना खाएं ये सुपरफूड फल, तेजी से पिघलेगा बैड कोलेस्ट्रॉल और मोटापा; दिल की बीमारियों का खतरा होगा कम

खराब जीवनशैली, जंक फूड का अत्यधिक सेवन और शारीरिक निष्क्रियता के कारण आज हाई कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और हृदय संबंधी बीमारियां बेहद तेजी से बढ़ रही हैं। नसों में बैड कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल (LDL) का जमाव आगे चलकर एथेरोस्क्लेरोसिस, हाई ब्लड प्रेशर और दिल के दौरे (Heart Attack) का मुख्य कारण बनता है। आमतौर पर लोग कोलेस्ट्रॉल घटाने के लिए दवाइयों और कठिन डाइट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन हालिया अंतरराष्ट्रीय पोषण अध्ययनों और क्लिनिकल ट्रायल्स में एक ऐसा सुपरफूड फल सामने आया है जिसे अगर लगातार 6 महीने तक डाइट का हिस्सा बनाया जाए, तो यह बिना किसी साइड इफेक्ट के नसों से बैड कोलेस्ट्रॉल को साफ कर दिल की बीमारियों का जोखिम काफी हद तक घटा देता है। इस चमत्कारी सुपरफूड फल का नाम है 'एवोकैडो' (Avocado / मक्खन फल)।6 महीने का वैज्ञानिक अध्ययन: एवोकैडो कैसे घटाता है बैड कोलेस्ट्रॉल?पेन स्टेट यूनिवर्सिटी और 'जर्नल ऑफ क्लिनिकल लिपिडोलॉजी' में प्रकाशित 6 महीने के व्यापक क्लिनिकल अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन प्रतिभागियों ने 6 महीने तक रोजाना एक मध्यम आकार का एवोकैडो अपनी नियमित डाइट में शामिल किया, उनके रक्त में मौजूद खतरनाक और छोटे एलडीएल (LDL) पार्टिकल्स की संख्या में महत्वपूर्ण गिरावट दर्ज की गई।मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, छोटे और सघन एलडीएल पार्टिकल्स नसों की दीवारों में आसानी से घुसकर प्लाक बनाते हैं। एवोकैडो में मौजूद उच्च गुणवत्ता वाले 'मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड्स' (MUFA) विशेषकर ओलिक एसिड, इन हानिकारक पार्टिकल्स को कम करते हैं और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) के स्तर को सुरक्षित बनाए रखते हैं।मोटापा और पेट की जिद्दी चर्बी घटाने में मददगारअक्सर लोगों को लगता है कि एवोकैडो में फैट अधिक होता है इसलिए यह वजन बढ़ा सकता है, जबकि सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है। एवोकैडो में मौजूद फैट 'हेल्दी फैट' होता है जो मेटाबॉलिज्म को तेज करता है।घुलनशील फाइबर से भरपूर: एक मध्यम एवोकैडो में लगभग 9 से 10 ग्राम डायटरी फाइबर होता है। यह आंतों में जेल की तरह काम करता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है और अनहेल्दी फूड क्रेविंग्स रुकती हैं।विसेरल फैट में कमी: अध्ययनों में देखा गया है कि रोजाना एवोकैडो का सेवन पेट और कमर के आसपास जमा होने वाली खतरनाक चर्बी (Visceral Belly Fat) को टारगेट करके कम करने में सहायता करता है।पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स से दिल की मजबूत सुरक्षाएवोकैडो केवल कोलेस्ट्रॉल ही नहीं घटाता, बल्कि यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए पोटैशियम का सबसे बेहतरीन प्राकृतिक स्रोत है। इसमें केले की तुलना में भी अधिक पोटैशियम पाया जाता है, जो सोडियम के दुष्प्रभाव को कम करके धमनियों के तनाव को घटाता है। इसके अलावा, इसमें मौजूद प्लांट स्टेरोल्स, ल्यूटिन और विटामिन-ई धमनियों में सूजन (Inflammation) और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को रोकते हैं, जिससे कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों और स्ट्रोक का खतरा कम होता है।एवोकैडो को डाइट में शामिल करने का सही तरीकासलाद और टोस्ट: एवोकैडो को काटकर हरी सब्जियों के सलाद में शामिल करें या साबुत अनाज वाले टोस्ट (Whole Grain Toast) पर मैश करके बटर के हेल्दी विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करें।स्मूदी: सुबह के नाश्ते में बिना चीनी वाली स्मूदी में एवोकैडो का एक टुकड़ा मिलाकर सेवन करें।नियमितता: इसका पूरा कार्डियोवैस्कुलर लाभ पाने के लिए इसे कम से कम 4 से 6 महीने तक संतुलित भोजन और नियमित पैदल चलने की दिनचर्या के साथ जारी रखें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Aug 2026 12:37 pm

Squeezing Lemon on Food: खाने पर ऊपर से कच्चा नींबू निचोड़कर खाने से शरीर में क्या होता है? जानिए इसके चमत्कारी फायदे और सही तरीका

भारतीय भोजन की थाली में दाल, चावल, सब्जी, चाट या सलाद के ऊपर नींबू का ताजा रस निचोड़कर खाना एक बेहद लोकप्रिय आदत है। नींबू न केवल खाने के स्वाद और चटपटेपन को कई गुना बढ़ा देता है, बल्कि यह पोषण के लिहाज से भी शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। नींबू में भरपूर मात्रा में विटामिन-सी, साइट्रिक एसिड, पोटैशियम, फ्लेवोनोइड्स और शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। आहार विशेषज्ञों और न्यूट्रिशनिस्ट्स के अनुसार, यदि खाने पर सही समय और सही तरीके से नींबू निचोड़ा जाए, तो यह भोजन के पोषक तत्वों को शरीर में सोखने की क्षमता को कई गुना तेज कर देता है।आयरन के अवशोषण (Iron Absorption) में जबरदस्त बढ़ोतरीशाकाहारी भोजन जैसे पालक, मेथी, दालें, छोले और बीन्स में 'नॉन-हीम आयरन' (Non-Heme Iron) होता है, जिसे हमारा शरीर आसानी से पूरी तरह अवशोषित नहीं कर पाता। जब आप गर्म या पकी हुई दाल और हरी सब्जियों पर ऊपर से नींबू का ताजा रस निचोड़ते हैं, तो उसमें मौजूद विटामिन-सी (एस्कॉर्बिक एसिड) आयरन के साथ मिलकर एक सुपाच्य यौगिक बनाता है। इससे आंतों में आयरन का अवशोषण लगभग 3 से 4 गुना बढ़ जाता है, जिससे शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर सुधरता है और एनीमिया (खून की कमी) की समस्या से बचाव होता है।पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करना और ब्लोटिंग से राहतनींबू में पाया जाने वाला प्राकृतिक साइट्रिक एसिड हमारे पेट में बनने वाले हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCl) की तरह काम करता है। जब हम भारी या तैलीय भोजन पर नींबू निचोड़ते हैं, तो यह लार ग्रंथियों (Salivary Glands) और पेट में पाचक रसों के स्राव को उत्तेजित करता है। इसके परिणामस्वरूप भोजन तेजी से और सुचारू रूप से पचता है। यह खाना खाने के बाद होने वाले भारीपन, गैस, अपच और ब्लोटिंग (पेट फूलना) की समस्या को तुरंत शांत करने में मददगार साबित होता है।भोजन के ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) को कम करनाडायबिटीज के मरीजों या वजन नियंत्रित करने वाले लोगों के लिए खाने पर नींबू निचोड़ना बेहद फायदेमंद होता है। अध्ययनों से पता चलता है कि नींबू का रस कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थों (जैसे चावल या रोटी) के ग्लाइसेमिक इंडेक्स को कम कर देता है। इसका मतलब है कि भोजन से मिलने वाला ग्लूकोज खून में अचानक तेजी से नहीं बढ़ता, जिससे ब्लड शुगर स्पाइक का खतरा टलता है और इंसुलिन संवेदनशीलता बेहतर बनी रहती है।पकाने के दौरान नहीं, हमेशा परोसते समय निचोड़ें नींबूनींबू का पूरा फायदा लेने के लिए सबसे जरूरी नियम यह है कि इसे कभी भी चूल्हे पर उबलते या पकते हुए खाने में नहीं डालना चाहिए। विटामिन-सी एक अत्यधिक ताप-संवेदनशील (Heat-Sensitive) पोषक तत्व है। जब आप उबलती हुई दाल या ग्रेवी में नींबू का रस डालकर खौलाते हैं, तो उसका विटामिन-सी पूरी तरह नष्ट हो जाता है और केवल खट्टा स्वाद ही बचता है। इसलिए गैस बंद करने और खाना थाली में परोसने के बाद ही हमेशा कच्चा व ताजा नींबू ऊपर से निचोड़ना चाहिए।किन लोगों को बरतनी चाहिए थोड़ी सावधानी?यद्यपि नींबू का रस स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है, लेकिन जिन लोगों को सीवियर एसिडिटी, पेट में अल्सर या जीईआरडी (GERD / एसिड रिफ्लक्स) की शिकायत रहती है, उन्हें खाली पेट या अत्यधिक मात्रा में खट्टा खाने से बचना चाहिए। इसके अलावा, दांतों के इनेमल (Enamel) को एसिड के असर से सुरक्षित रखने के लिए नींबू वाला भोजन करने के बाद हमेशा सादे पानी से अच्छी तरह कुल्ला जरूर करना चाहिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Aug 2026 12:36 pm

'सैनिकों को खाना नसीब नहीं...' US के युद्धपोत लिंकन को ईरान ने दी ऐसी चोट

ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों से बहरीन में अमेरिकी नौसेना का लॉजिस्टिक्स हब क्षतिग्रस्त होने के बाद सप्लाई लाइन डिएगो गार्सिया शिफ्ट हुई है. यूएसएस अब्राहम लिंकन पर लंबे सप्लाई रूट से ताजा खाना खराब हो रहा है.

आज तक 15 Aug 2026 12:35 pm

रोहित का संन्यास भूल जाइए! वनडे में फिर मचाएंगे तबाही

वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में रोहित शर्मा फिर से विरोधी गेंदबाजों के धागे खोलते नजर आएंगे. वनडे वर्ल्ड कप 2027 से पहले रोहित शर्मा के पास खुद साबित करने का एक बड़ा मौका होगा.

आज तक 15 Aug 2026 12:34 pm

भारत का ऐसा राज्य जो कभी नहीं रहा अंग्रेजों का गुलाम; आजादी के 14 साल बाद मिली मुक्ति, बना देश का 25वां प्रदेश

क्या आप जानते हैं कि भारत का एक राज्य ऐसा भी था जो कभी अंग्रेजों का गुलाम नहीं रहा? गोवा पर ब्रिटिश नहीं बल्कि पुर्तगालियों का शासन था और 15 अगस्त 1947 के बाद भी यह भारत का हिस्सा नहीं बन सका था.

NDTV इंडिया 15 Aug 2026 12:34 pm

Digital India की शक्ति से Free Online Coaching: PM Modi ने Gen Z के लिए खोला शिक्षा का नया द्वार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को घोषणा की कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को मुफ्त ऑनलाइन कक्षाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद को लेकर दिल्ली में छात्रों के बड़े विरोध-प्रदर्शन के बीच 'जेन-ज़ी' (Gen Z) तक अपनी बात पहुंचाते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार गरीब और मध्यम वर्ग की मदद करना चाहती है ताकि वे महंगी कोचिंग कक्षाओं पर खर्च होने वाले हजारों करोड़ रुपये बचा सकें। इसे भी पढ़ें: RSS Chief Mohan Bhagwat का बड़ा बयान, लोकतंत्र में Protest और Debate जरूरी, पर नागरिक कर्तव्य न भूलें पीएम मोदी ने कहा कि कोचिंग क्लास को लेकर चल रही होड़ मिडिल-क्लास परिवारों के लिए एक बड़ा बोझ बन गई है। हर माता-पिता को लगता है कि अगर वे अपने बच्चे को कोचिंग सेंटर नहीं भेजते हैं, तो वे किसी तरह पीछे रह जाएंगे या उन्हें एक सम्मानित परिवार का नहीं माना जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं को अपने परिवारों के करीब रहने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, इसलिए, हमने अपने युवाओं के लिए अलग-अलग कॉम्पिटिटिव परीक्षाओं की मुफ़्त ऑनलाइन कोचिंग देने का फ़ैसला किया है। हमारे पास डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर है और हमारे पास बहुत प्रतिभाशाली शिक्षक और एजुकेटर हैं। सरकार के 'विकसित भारत' के संकल्प के अनुरूप, प्रधानमंत्री मोदी ने स्टार्टअप्स को अपने इनोवेटिव आइडियाज़ लाने के लिए आमंत्रित किया और साथ ही घोषणा की कि उन्हें रिसर्च और डेवलपमेंट में मदद के लिए 1 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मैं देश के युवाओं से कहना चाहता हूँ: अपने सपने लेकर आइए, हम संसाधनों की कोई कमी नहीं होने देंगे। हमने आपके विचारों और क्षमताओं को मज़बूती देने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का एक सिस्टम बनाया है। इसे भी पढ़ें: Mohan Bhagwat बोले: सही मार्गदर्शन मिले तो युवा देश की ताकत, वरना बन सकते हैं बोझ पीएम मोदी ने सरकार के मेक इन इंडिया अभियान पर ज़ोर देते हुए फिर कहा कि देश में बहुत सारे संसाधन मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि रिसर्च के लिए नए मौके बने हैं। डिजिटल इंडिया और सस्ते डेटा ने युवाओं को सशक्त बनाया है। अगर दुनिया में कहीं सस्ता डेटा है, तो वह भारत की धरती पर है। और इसने देश के युवाओं को नई ताकत दी है।

प्रभासाक्षी 15 Aug 2026 12:33 pm

जियो हॉटस्टार पर 2026 में सबसे ज्यादा देखी गई 6 एपिसोड की सीरीज, 6 भाषाओं में कर रही ट्रेंड, आपने देखी क्या?

जियोहॉटस्टार पर हर हफ्ते नई फिल्में और वेब सीरीज आती हैं. वहीं इन्हें काफी पसंद किया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि 2026 की कौनसी वेब सीरीज है जो सबसे ज्यादा देखी गई

NDTV इंडिया 15 Aug 2026 12:33 pm

कांग्रेस दफ्तर पर खरगे ने फहराया तिरंगा, राहुल-सोनिया भी रहे मौजूद

कांग्रेस दफ्तर पर खरगे ने फहराया तिरंगा, राहुल-सोनिया भी रहे मौजूद

अमर उजाला 15 Aug 2026 12:32 pm

Monsoon Car Tyre Care: बारिश में भी फिसलेगी नहीं गाड़ी, मक्खन की तरह चलेगी; जान लें टायरों की देखभाल का यह आसान और सही तरीका

हेडलाइन: Monsoon Car Tyre Care: बारिश में भी फिसलेगी नहीं गाड़ी, मक्खन की तरह चलेगी; जान लें टायरों की देखभाल का यह आसान और सही तरीकामेटा डिस्क्रिप्शन: Monsoon Car Tyre Care and Safety Tips: बारिश के मौसम में गीली सड़कों पर कार फिसलने और हाइड्रोप्लेनिंग के बड़े खतरे से बचें। जानिए टायर ट्रेड डेप्थ, सही एयर प्रेशर, व्हील अलाइनमेंट और रोटेशन से जुड़े 5 जरूरी मेंटेनेंस टिप्स।मानसून का मौसम सुहावना सफर जरूर लेकर आता है, लेकिन वाहन चालकों के लिए यह सड़कों पर सबसे चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा समय भी साबित होता है। भारी बारिश और जलभराव के दौरान डामर व कंक्रीट की सड़कें बेहद फिसलन भरी हो जाती हैं। ऐसे में गाड़ी के इंजन, ब्रेक और पावर से भी ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका कार के टायर (Car Tyres) निभाते हैं, क्योंकि सड़क और गाड़ी के बीच संपर्क का एकमात्र जरिया यही चार पहिए होते हैं। यदि टायरों की सही देखभाल न की जाए, तो बारिश के दिनों में 'हाइड्रोप्लेनिंग' (Hydroplaning)—यानी टायर और सड़क के बीच पानी की परत आने से गाड़ी का नियंत्रण खो जाना—और अचानक ब्रेक लगाने पर गाड़ी के फिसलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स और मैकेनिक्स के अनुसार, कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखकर आप अपनी गाड़ी को गीली और कीचड़ भरी सड़कों पर भी मक्खन की तरह स्मूथ और सुरक्षित चला सकते हैं।टायर ट्रेड डेप्थ (Tread Depth) की नियमित जांच और 2 रुपये का सिक्का टेस्टटायर की सतह पर बनी गहरी लकीरों और खांचों को 'ट्रेड' (Tread) कहा जाता है। बारिश के मौसम में इन खांचों का मुख्य काम सड़क पर मौजूद पानी को तेजी से बाहर निकालना होता है ताकि टायर की रबर सड़क की सतह को मजबूती से पकड़ सके।सिक्का टेस्ट: अगर आपके टायर की ट्रेड घिस चुकी है, तो पानी बाहर नहीं निकल पाता और गाड़ी तुरंत फिसलने लगती है। अपने टायर की स्थिति जांचने के लिए 2 रुपये या 1 रुपये के सिक्के को टायर के खांचे में सीधा डालें। यदि सिक्के का निचला हिस्सा या उस पर लिखा अंक 2-3 मिमी अंदर तक नहीं छुपता, तो समझ लें कि ट्रेड खत्म हो चुकी है और टायर को तुरंत बदलने का समय आ गया है।सुरक्षित मानसूनी ड्राइविंग के लिए कम से कम 2 से 3 मिलीमीटर की ट्रेड डेप्थ होना अनिवार्य माना जाता है।सही एयर प्रेशर (Air Pressure) बनाए रखें: न कम, न ज्यादाबरसात के दिनों में तापमान और नमी में लगातार बदलाव होता है, जिसका सीधा असर टायर के आंतरिक दबाव यानी पीएसआई (PSI) पर पड़ता है। कई लोग गलत धारणा के कारण बारिश में टायरों की हवा कम करवा देते हैं, जबकि कम हवा वाला टायर पानी को सही से चीर नहीं पाता और किनारों से तेजी से घिसने लगता है। वहीं ओवर-इन्फ्लेटेड यानी जरूरत से ज्यादा हवा वाला टायर सड़क पर पकड़ कम बनाता है। हमेशा कार निर्माता (OEM) द्वारा सुझाई गई मानक पीएसआई रेटिंग के अनुसार ही हवा भरवाएं और हर 10 से 15 दिनों में ठंडे टायर (Cold Tyre) की स्थिति में ही प्रेशर चेक करवाएं। यदि संभव हो, तो सामान्य हवा के बजाय नाइट्रोजन गैस (Nitrogen) का इस्तेमाल करें, जो तापमान के उतार-चढ़ाव में भी स्थिर प्रेशर बनाए रखती है।व्हील अलाइनमेंट, बैलेंसिंग और टायर रोटेशन का महत्वबारिश में सड़कों पर गड्ढे और टूटी हुई सड़कें आम समस्या हैं। गड्ढों में बार-बार गाड़ी के झटके खाने से व्हील अलाइनमेंट (Wheel Alignment) और व्हील बैलेंसिंग (Wheel Balancing) बिगड़ जाती है। इसके चलते गाड़ी एक तरफ खिंचने लगती है और स्टियरिंग व्हील पर कंपन महसूस होता है।हर 5,000 से 7,000 किलोमीटर पर व्हील अलाइनमेंट और बैलेंसिंग जरूर चेक करवाएं।इसके साथ ही सभी चारों पहियों को एक समान रूप से घिसने के लिए 'टायर रोटेशन' (Tyre Rotation) कराएं। आगे के टायरों पर इंजन और स्टीयरिंग का ज्यादा भार होता है, इसलिए उन्हें पीछे और पीछे वाले टायरों को आगे बदलना सुरक्षित ड्राइविंग के लिए बेहद जरूरी है।अचानक और हार्ड ब्रेकिंग से बचें, एबीएस सिस्टम पर रखें भरोसागीली सड़कों पर ड्राइविंग करते समय अपनी ड्राइविंग स्टाइल में थोड़ा बदलाव लाना आवश्यक है। पानी भरी सड़क पर अचानक तेज ब्रेक (Hard Braking) लगाने से टायर लॉक हो सकते हैं और गाड़ी बेकाबू होकर घूम सकती है।हमेशा आगे चल रहे वाहन से सामान्य दिनों की तुलना में दोगुनी दूरी (Safe Braking Distance) बनाकर चलें।यदि आपकी गाड़ी में एबीएस (Anti-lock Braking System) मौजूद है, तो आपात स्थिति में ब्रेक को बार-बार पंप करने के बजाय पूरा दबाकर रखें और स्टीयरिंग से सुरक्षित दिशा बनाएं।गीले मोड़ों पर गाड़ी मोड़ने से पहले ही गति धीमी कर लें, मोड़ के बीच में तेज ब्रेक लगाने से बचें।स्पेयर व्हील (Stepney) और पंचर किट को हमेशा रखें तैयारमानसून में बारिश के दौरान सुनसान रास्ते पर पंचर होना किसी बड़ी परेशानी से कम नहीं होता। इसलिए मुख्य चार टायरों के साथ-साथ बूट स्पेस में रखी स्टेपनी (Spare Tyre) की हवा और स्थिति भी नियमित रूप से चेक करते रहें। इसके अलावा, अपनी गाड़ी में एक पोर्टेबल डिजिटल टायर इन्फ्लेटर और ट्यूबलेस पंचर रिपेयर किट जरूर रखें ताकि किसी भी आपात स्थिति में आप बिना फंसे आसानी से सुरक्षित स्थान तक पहुंच सकें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Aug 2026 12:32 pm

1 करोड़ की नौकरी ठुकरा दी! वजह, सुनकर लोग बोले- ऐसा भी होता है?

1 करोड़ सालाना सैलरी वाली नौकरी का ऑफर मिलने के बाद भी एक Gen-Z कैंडिडेट ने इसे ठुकरा दिया. इसकी वजह ज्यादा सैलरी या किसी दूसरी कंपनी का बेहतर पैकेज नहीं, बल्कि नौकरी का वर्क कल्चर बताया गया. इस फैसले ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है.

आज तक 15 Aug 2026 12:31 pm

लंच में बनाएं तीन रंगों वाली फूली-फूली पूड़ी, मजे से खाएंगे बच्चे

15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के खास मौके पर घर पर बनाएं स्वाद और देशभक्ति के रंगों से भरपूर तिरंगा पूड़ी. पालक और हल्दी के प्राकृतिक रंगों से बनी यह क्रिस्पी और फूली-फूली पूड़ी बच्चों और बड़ों सभी को बेहद पसंद आएगी. इसे आलू की सब्जी या छोलों के साथ सर्व करें.

आज तक 15 Aug 2026 12:30 pm

लाल किले से पीएम मोदी ने युवाओं के लिए की बड़ी घोषणा

15 अगस्त 2026 को पीएम नरेंद्र मोदी ने लाल किले से 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व किया। समारोह में वंदे मातरम् के 150 वर्ष और विकसित भारत@2047 के लिए युवा शक्ति पर विशेष जोर रहा। PM मोदी ने कहा कि हमने नक्सलवाद खत्म करने का संकल्प लिया था.

आज तक 15 Aug 2026 12:29 pm

लगातार दूसरे साल Independence Day समारोह से नदारद Rahul Gandhi और Kharge, क्या है नाराजगी की वजह?

शुक्रवार को दिल्ली के लाल किले पर हुए 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शामिल नहीं हुए। इस समारोह की अगुवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। यह लगातार दूसरा साल है जब कांग्रेस के ये दोनों वरिष्ठ नेता स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए हैं। ऐसा बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रमों में बैठने की व्यवस्था और प्रोटोकॉल को लेकर लंबे समय से चल रहे मतभेदों के कारण हुआ है। ताज़ा गैर-मौजूदगी उस विवाद के बीच हुई है जो 2024 के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान खड़ा हुआ था। इसे भी पढ़ें: PM Modi ने विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने का आह्वान किया और सप्त धारा रूपरेखा पेश की लोकसभा में विपक्ष के नेता और कैबिनेट मंत्री का दर्जा रखने वाले गांधी, उस साल लाल किले पर हुए समारोह में पीछे से दूसरी कतार में बैठे थे। बैठने की इस व्यवस्था की विपक्षी दलों ने कड़ी आलोचना की और इसे जनता का अपमान बताया। इस सालाना कार्यक्रम की व्यवस्था देखने वाले रक्षा मंत्रालय ने उस समय बैठने की योजना का बचाव करते हुए कहा था कि समारोह में शामिल होने वाले ओलंपिक खिलाड़ियों के लिए जगह बनाने के मकसद से ये बदलाव किए गए थे। आमतौर पर, तय प्रोटोकॉल के तहत अहम सरकारी समारोहों में विपक्ष के नेता को प्रमुख स्थान दिया जाता है। इस साल के स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले, बैठने की व्यवस्था का मुद्दा फिर से चर्चा में आया था। 2024 के समारोह में गांधी को पांचवीं पंक्ति में बिठाए जाने पर कांग्रेस की आपत्तियों के बाद, अधिकारियों ने संकेत दिया था कि उन्हें केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों के ठीक बाद बिठाया जाएगा। रक्षा सचिव आर.के. सिंह ने भी सोमवार को पुष्टि की थी कि गांधी को 15 अगस्त के समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता के बैठने की जगह आधिकारिक 'टेबल ऑफ़ प्रेसिडेंस' (वरीयता क्रम) के अनुसार तय की जाएगी। इसे भी पढ़ें: राजस्थानी बंधेज से लेकर केसरिया पगड़ी तक, लाल किले पर हर साल कैसे बदलता रहा है PM मोदी का अंदाज कांग्रेस ने बार-बार सरकार से अपने वरिष्ठ नेताओं के बैठने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। 2024 के स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद, पार्टी ने सरकार पर छोटी सोच का आरोप लगाया और कहा कि गांधी को पांचवीं पंक्ति में बिठाना विपक्ष के नेता के पद के महत्व का अनादर करने जैसा है। इस साल गणतंत्र दिवस समारोह में गांधी और खड़गे को तीसरी पंक्ति में बिठाए जाने पर भी पार्टी ने आपत्ति जताई। कांग्रेस का तर्क था कि इस व्यवस्था से उसके वरिष्ठ नेताओं के संवैधानिक पद के प्रति सम्मान की कमी झलकती है।

प्रभासाक्षी 15 Aug 2026 12:27 pm

80वां स्वतंत्रता दिवस: लाल किले से पीएम मोदी का पिछले 4 साल में सबसे छोटा भाषण, किस साल रहा सबसे लंबा संबोधन

पीएम मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से 75 मिनट का संबोधन दिया, जो पिछले चार वर्षों में उनका सबसे छोटा भाषण है।

जागरण 15 Aug 2026 12:25 pm

स्वतंत्रता दिवस: विजय ने किया 'स्वर्ण अंगूठी योजना' का ऐलान, किसे मिलेगा लाभ; जेन-जी को वणक्कम

मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार उन्मूलन को सच्ची स्वतंत्रता के समान बताते हुए कहा कि सरकारी राजस्व को निजी हाथों में जाने से सख्ती से रोका गया है और सभी विभागों से भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए निरंतर कार्रवाई जारी है।

लाइव हिन्दुस्तान 15 Aug 2026 12:25 pm

'कंप्रोमाइज करना होगा', काम के बदले हुई भद्दी डिमांड

यूट्यूबर सनी आर्य उर्फ तहलका भाई की पत्नी दीपिका आर्य कास्टिंग काउच का सामना कर चुकी हैं. दीपिका ने बताया कि काम के बदले उनसे कंप्रोमाइज करने की डिमांड हुई थी.

आज तक 15 Aug 2026 12:25 pm

स्वतंत्रता दिवस पर रामदेव ने उठाए शिक्षा और भर्ती व्यवस्था पर सवाल, कहा-‘सुधर जाओ, नहीं तो आंदोलन करूंगा’,

स्वतंत्रता दिवस पर योगगुरु रामदेव ने शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और सरकारी भर्ती में कथित भ्रष्टाचार पर सवाल उठाए। उन्होंने सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

देशबन्धु 15 Aug 2026 12:25 pm