यूरोप इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। लगातार पड़ रही प्रचंड गर्मी ने कई देशों में तापमान के पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि स्कूल बंद करने पड़े हैं, परिवहन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं और सरकारों ने स्वास्थ्य संबंधी आपात ...
बुलंदशहर में दुष्कर्म के दोषी को 40 साल का कठोर कारावास
बुलंदशहर। बुलंदशहर जिले की एक अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म की घटना में दोषी पाए गए आरोपी को 40 वर्ष के कठोर कारावास तथा 50 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। लोक अभियोजक भारत सिंह शर्मा ने बुधवार को बताया कि अभियुक्त कल्लू पुत्र हरचंदी, निवासी ग्राम बागपुर, थाना चांद, जनपद पलवल (हरियाणा) […] The post बुलंदशहर में दुष्कर्म के दोषी को 40 साल का कठोर कारावास appeared first on Sabguru News .
इंदौर से लापता पेट्रोकेमिकल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर का शव नर्मदा नदी में मिला
खरगोन। मध्यप्रदेश के इंदौर से लापता एक एरिया सेल्स मैनेजर का शव आज बुधवार को खरगोन जिले के मंडलेश्वर थाना क्षेत्र में नर्मदा नदी से बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान इंदौर के राजेंद्र नगर निवासी 50 वर्षीय निशांत जोशी के रूप में हुई है। वह एक पेट्रोकेमिकल कंपनी में एरिया सेल्स […] The post इंदौर से लापता पेट्रोकेमिकल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर का शव नर्मदा नदी में मिला appeared first on Sabguru News .
गौतमबुद्ध नगर में दर्जनों कोचिंग सेंटरों का हुआ निरीक्षण, दो सील
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन, फायर विभाग और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिले भर में संचालित कोचिंग सेंटरों के खिलाफ व्यापक जांच अभियान चलाया जा रहा है। खामियां मिलने पर दो कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया।
दानवीर भामाशाह की स्मृति में उत्तर प्रदेश में मनाया जाएगा 'व्यापारी कल्याण दिवस'
Uttar Pradesh News : व्यापार, उद्यमिता और जनसेवा की प्रेरणादायी परंपरा को सम्मान देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार 29 जून को दानवीर भामाशाह की जयंती के अवसर पर पूरे प्रदेश में ‘व्यापारी कल्याण दिवस’ मनाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह ...
नोएडा-जेवर-लखनऊ कॉरिडोर बनेगा UP का नया ग्रोथ इंजन, एऑन ने 1000 नए रोजगार सृजित करने की जताई तैयारी
देश की टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप राजधानी बेंगलुरु में उत्तर प्रदेश की विकास गाथा और निवेश संभावनाओं की गूंज सुनाई दी। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), टेक्नोलॉजी, इंश्योरेंस, रियल एस्टेट, स्टार्टअप और मानव संसाधन क्षेत्र से जुड़े उद्योग जगत के ...
मोदी शीघ्र करेंगे पचपदरा रिफाइनरी का शुभारंभ : भजनलाल शर्मा
जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजस्थान के बालोतरा जिले में पचपदरा रिफाइनरी का शीघ्र शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास पर पचपदरा रिफाइनरी सह पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स के संबंध में उच्च स्तरीय बैठक के बाद कहा कि प्रधानमंत्री शीघ्र ही रिफाइनरी का शुभारंभ करेंगे। उन्होंने इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए सभी […] The post मोदी शीघ्र करेंगे पचपदरा रिफाइनरी का शुभारंभ : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .
‘ऐल्फा’ एक एटीट्यूड का जश्न है : आलिया भट्ट
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट ने कहा है कि यशराज फिल्म्स की आगामी एक्शन फिल्म ऐल्फा की शूटिंग उनके करियर के सबसे यादगार और आनंददायक अनुभवों में से एक रही है। आलिया भट्ट ने का मानना है कि यह फिल्म लिंग की सीमाओं से परे जाकर ‘ऐल्फा’ सोच और आत्मविश्वासपूर्ण एटीट्यूड का जश्न मनाती है। […] The post ‘ऐल्फा’ एक एटीट्यूड का जश्न है : आलिया भट्ट appeared first on Sabguru News .
अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) द्वारा सरकारी क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर निकाला गया है। कॉर्पोरेशन द्वारा प्रशासनिक कैडर में 'सहायक सीनियर क्लर्क' (Assistant Senior Clerk) के कुल 250 रिक्त पदों को ...
अहमदाबाद में बढ़ेगी ट्रैफिक की परेशानी, 5 महीने की तैयारी के बाद अब पूरा सुभाष ब्रिज होगा ध्वस्त
अहमदाबाद का करीब 53 साल पुराना ऐतिहासिक सुभाष ब्रिज अब गुजरे जमाने की बात हो जाएगा। अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) द्वारा इस ब्रिज की केवल मरम्मत करने के बजाय अब इसे पूरी तरह से तोड़कर नया बनाने की आधिकारिक घोषणा की गई है। ब्रिज की मरम्मत का ...
भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटरों की मांग तेजी से बढ़ रही है। लेकिन जब लोग नया EV खरीदने जाते हैं तो अक्सर उनकी नजर सिर्फ रेंज और कीमत पर होती है, जबकि सबसे अहम हिस्सा उसकी बैटरी होती है। बैटरी ही तय करती है कि स्कूटर कितनी दूर चलेगा, कितनी जल्दी चार्ज ...
सिया गोयल का वो खौफनाक कबूलनामा और बेकरी-ड्राई फ्रूट्स वाले इश्क की इनसाइड स्टोरी!
Siya Goyal Confession: एक रसूखदार बिजनेसमैन का बेगुनाह बेटा और प्यार के नाम पर रचा गया मौत का एक ऐसा चक्रव्यूह जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। केतन अग्रवाल की मौत को शुरुआत में महज एक हादसा समझने की भूल हर किसी ने की थी, लेकिन अब मंगेतर सिया ...
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 24 जून को वीरांगना रानी दुर्गावती के 463वें बलिदान दिवस पर जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम का आयोजन वीरांगना रानी दुर्गावती के समाधि स्थल नर्रई नाला पर आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ...
जमीन के मामले पर बीजेपी का कांग्रेस पर काउंटर अटैक, खडगे परिवार पर लगाए जमीन घोटाला का आरोप
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पर जमीन खरीदी के कथित आरोपों के बीच भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और उनके परिवार पर जमीन आवंटन को लेकर गंभीर आरोप लगाए। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने दावा किया कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के ...
World Drug Free Day 2026: विश्व नशा मुक्ति दिवस क्यों मनाना है जरूरी, जानें खास तथ्य
International Day Against Drug Abuse and Illicit Trafficking: नशा आज दुनिया के सामने एक गंभीर सामाजिक, मानसिक और स्वास्थ्य संबंधी चुनौती बन चुका है। युवाओं से लेकर वयस्कों तक, लाखों लोग किसी न किसी प्रकार की नशीली पदार्थों की लत से प्रभावित हैं। इसी ...
मुंबई में मानसून के आगमन के एक दिन बाद हुई भारी बारिश ने बुधवार को जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। रातभर हुई मूसलाधार बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया, जबकि सड़क और रेल यातायात भी बुरी तरह प्रभावित रहा। कई क्षेत्रों में 24 घंटे के ...
Weather Update News : देशभर में मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। मुंबई, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और कर्नाटक समेत कई इलाकों में बारिश का असर दिखने लगा है। मौसम ...
पंजाब के आसमान से बरस रही आग और भीषण चिलचिलाती गर्मी से त्रस्त आम जनता, किसानों और पशु-पक्षियों के लिए मौसम विभाग की ओर से इस वक्त की सबसे बड़ी और सकून देने वाली ब्रेकिंग न्यूज़ सामने आ रही है। पिछले कई दिनों से रिकॉर्ड तोड़ तापमान और लू (Heatwave) के थपेड़ों का सामना कर रहे पंजाब में मौसम का मिजाज जल्द ही पूरी तरह से बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के चंडीगढ़ केंद्र ने राज्य में प्री-मानसून (Pre-Monsoon in Punjab) की एंट्री को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और आधिकारिक अपडेट जारी किया है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, भीषण तपिश के बीच अब वो तारीख बेहद करीब आ गई है जब ठंडी मानसूनी हवाएं पंजाब की धरती को सराबोर करेंगी और तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को जानलेवा उमस और गर्मी से पूरी तरह निजात मिल सकेगी।मौसम विभाग ने तय की प्री-मानसून की तारीख, आंधी और गरज-चमक के साथ होगी बौछारें चंडीगढ़ मौसम केंद्र की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से उठने वाली मानसूनी हवाएं तेजी से उत्तर भारत की ओर बढ़ रही हैं। पंजाब के विभिन्न जिलों में आगामी कुछ ही दिनों के भीतर प्री-मानसून की गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हो जाएंगी। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि जून के आखिरी हफ्ते के इन विशेष दिनों में तेज धूल भरी आंधियों (Dust Storm), बादलों की गड़गड़ाहट और आकाशीय बिजली चमकने के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। इस प्री-मानसून शावर के चलते सूबे के अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट आने की प्रबल संभावना है, जो धान की बुवाई में जुटे किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा।मुख्य मानसून के लिए पंजाब वासियों को अभी करना होगा थोड़ा और इंतजार आईएमडी के मौसम वैज्ञानिकों ने जहां एक तरफ प्री-मानसून की तारीख बताकर लोगों को खुश कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ यह भी साफ किया है कि पंजाब में नियमित और मुख्य मानसून (Monsoon Arrival in Punjab) की पूरी तरह एंट्री के लिए अभी कुछ और दिनों का लंबा इंतजार करना पड़ेगा। प्री-मानसून की शुरुआती फुहारों के बाद मानसूनी सिस्टम को पूरे राज्य में फैलने और पूरी तरह से सक्रिय होने में थोड़ा समय लगेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, जुलाई के शुरुआती हफ्ते में ही मुख्य मानसून पंजाब के सभी कोनों को पूरी तरह से कवर कर पाएगा। तब तक के लिए प्री-मानसून की यह बारिश ही सूबे के लोगों को भीषण गर्मी से अस्थाई राहत देने का काम करेगी।अमृतसर, लुधियाना, जालंधर और पटियाला सहित पूरे पंजाब में अलर्ट जारी इस मौसम परिवर्तन की सुगबुगाहट के साथ ही अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला, बठिंडा, फिरोजपुर और मोहाली सहित पंजाब के विभिन्न प्रमुख भौगोलिक व रणनीतिक क्षेत्रों (Geographical District Zones) में प्रशासनिक अमला अलर्ट मोड पर आ गया है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से माझा, मालवा और दोआबा के इलाकों में तेज हवाओं और आंधी को लेकर 'येलो अलर्ट' जारी किया है। स्थानीय बिजली बोर्ड और नगर निगमों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे तेज हवाओं के कारण बिजली के खंभों और ड्रेनेज सिस्टम की व्यवस्था को दुरुस्त रखें ताकि बारिश के दौरान जलभराव (Waterlogging) की समस्या से निपटा जा सके।डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर टॉप ट्रेंड बना 'पंजाब वेदर अपडेट' आज के इस आधुनिक जनरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) और डिजिटल मीडिया के युग में, मौसम के पल-पल बदलते मिजाज की रीयल-टाइम जानकारी पाने के लिए लोग लगातार इंटरनेट पर एक्टिव रहते हैं। जैसे ही चंडीगढ़ मौसम विभाग की प्री-मानसून गाइडलाइंस और तारीख की रिपोर्ट सामने आई, वैसे ही गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार 'पंजाब में मानसून कब आएगा 2026', 'चंडीगढ़ मौसम विभाग आज का अलर्ट', और 'पंजाब प्री मानसून बारिश की तारीख' जैसे विषयों पर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित एल्गोरिदम और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह वेदर बुलेटिन इस समय उत्तर भारत की सबसे बड़ी और सबसे हॉट ट्रेंडिंग स्टोरी बनकर टॉप पर चल रहा है।
गलती से पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में घुसा एयर इंडिया का विमान
अमृतसर/नई दिल्ली। टाटा समूह की विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया का एक विमान सोमवार रात गलती से पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गया, हालांकि इसका एहसास होते ही वह तुरंत वापस भारतीय सीमा में लौट आया। एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर बताया कि 22 जून को उड़ान संख्या […] The post गलती से पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में घुसा एयर इंडिया का विमान appeared first on Sabguru News .
कोलकाता में निर्माणाधीन तीन मंजिला गोदाम ढहा, कई मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार दोपहर एक निर्माणाधीन तीन मंजिला गोदाम अचानक ढह गया। हादसे के समय वहां कई मजदूर काम कर रहे थे, जिसके चलते दर्जनों लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और बचाव एजेंसियां ...
देश की प्रशासनिक राजधानी और 'द सिटी ब्यूटीफुल' के नाम से मशहूर चंडीगढ़ के लिए आज का दिन बेहद गौरवमयी और ऐतिहासिक साबित हुआ है। जमीन से जुड़कर बिना किसी प्रचार के समाज को नई दिशा देने वाले और स्थानीय स्तर पर 'झाड़ू वाले हीरो' (Jhadoo Wale Hero) के नाम से विख्यात इंदरजीत सिद्धू को भारत सरकार ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक 'पदमश्री पुरस्कार' (Padma Shri Award) से सम्मानित किया है। इस बड़ी घोषणा के बाद खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) भी इस सच्चे कर्मयोगी के मुरीद हो गए। प्रधानमंत्री ने इंदरजीत सिद्धू के असाधारण योगदान की सराहना करते हुए बेहद भावुक शब्दों में कहा कि इंदरजीत सिद्धू जैसे निस्वार्थ नायकों की बदौलत ही आज चंडीगढ़ देश के सबसे स्वच्छ और सुंदर शहरों में शीर्ष पर है, इन्होंने सचमुच पूरे चंडीगढ़ को साफ कर दिया है।चंडीगढ़ की गलियों से पद्मश्री तक का सफर, जानिए कौन हैं इंदरजीत सिद्धू इंदरजीत सिद्धू का यह सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है, लेकिन इसमें ग्लैमर की जगह कड़ी मेहनत और समाज सेवा का अटूट जज्बा शामिल है। पिछले कई दशकों से चंडीगढ़ की सड़कों, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों को बिना किसी सरकारी वेतन या लालच के खुद अपने हाथों में झाड़ू लेकर साफ करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा रहा है। शुरुआती दिनों में जब लोग उन्हें सड़कों पर कचरा उठाते देखते थे, तो कई तरह के सवाल उठाते थे, लेकिन सिद्धू ने कभी किसी की परवाह नहीं की। उन्होंने अकेले ही स्वच्छता का जो कारवां शुरू किया था, उसने देखते ही देखते एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले लिया। आज पूरा चंडीगढ़ उन्हें अपना 'स्वच्छता दूत' मानता है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' और मंच से जताई इंदरजीत सिद्धू के प्रति कृतज्ञता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा से देश के उन गुमनाम नायकों (Unsung Heroes) को आगे लाने का काम किया है जो जमीनी स्तर पर देश के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं। इंदरजीत सिद्धू को पद्मश्री से सम्मानित करने के बाद प्रधानमंत्री ने एक विशेष संबोधन में कहा कि स्वच्छ भारत अभियान (Swachh Bharat Abhiyan) केवल सरकारी नीतियों से सफल नहीं हुआ है, बल्कि इसे सफल बनाने में सिद्धू जैसे जमीन से जुड़े नायकों का सबसे बड़ा योगदान है। पीएम ने कहा कि जब देश का हर नागरिक इंदरजीत सिद्धू की तरह अपने शहर और जिम्मेदारी को समझेगा, तब भारत को वैश्विक स्तर पर नंबर वन बनने से कोई नहीं रोक सकता।चंडीगढ़, मोहाली और पंचकुला सहित पूरे ट्रिसिटी में जश्न का माहौल इस बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि की खबर आते ही चंडीगढ़ के सेक्टरों के साथ-साथ पड़ोसी शहरों मोहाली, पंचकुला, मनीमाजरा और आसपास के तमाम भौगोलिक व रणनीतिक क्षेत्रों (Geographical Tricity Areas) में खुशी की लहर दौड़ गई है। स्थानीय निवासी, रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और प्रशासनिक अधिकारी इंदरजीत सिद्धू के घर पहुंचकर उन्हें बधाई दे रहे हैं। चंडीगढ़ नगर निगम ने भी उनके इस सम्मान को पूरे शहर का सम्मान बताया है। स्थानीय स्कूलों और कॉलेजों में युवाओं के बीच सिद्धू इस समय सबसे बड़े रोल मॉडल बनकर उभरे हैं, जिससे आने वाली पीढ़ी को पर्यावरण और स्वच्छता के प्रति एक नई प्रेरणा मिल रही है।डिजिटल मीडिया और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर टॉप ट्रेंड बने 'झाड़ू वाले हीरो इंदरजीत सिद्धू' आज के इस आधुनिक जनरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) और डिजिटल मीडिया के युग में, देश के वास्तविक हीरोज और पद्म पुरस्कारों से जुड़ी प्रेरक कहानियां इंटरनेट पर सबसे ज्यादा सर्च की जा रही हैं। जैसे ही पीएम मोदी का यह बयान और इंदरजीत सिद्धू के पद्मश्री की खबर सामने आई, वैसे ही गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार 'इंदरजीत सिद्धू चंडीगढ़ पद्मश्री विजेता', 'झाड़ू वाले हीरो की बायोग्राफी', और 'चंडीगढ़ स्वच्छता अभियान ताजा समाचार' जैसी जानकारियां रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित सर्च रिजल्ट्स और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह पॉजिटिव और इंस्पायरिंग नेशनल स्टोरी इस समय पूरे देश में टॉप पर ट्रेंड कर रही है।
पंजाब की सियासत और देश के प्रशासनिक हलकों से इस वक्त की सबसे बड़ी और हाई-प्रोफाइल खबर सामने आ रही है। धूरी में पुलिसकर्मियों के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक और जातिसूचक टिप्पणी करने के गंभीर विवाद में घिरे केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू (Ravneet Singh Bittu) राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (National Commission for Scheduled Castes) के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश हुए हैं। इस बेहद संवेदनशील मामले को लेकर आयोग ने उन्हें समन जारी कर जवाब तलब किया था, जिसके बाद बिट्टू ने दिल्ली स्थित आयोग के मुख्यालय पहुंचकर इस पूरे घटनाक्रम पर अपना आधिकारिक पक्ष और सफाई पेश की है। केंद्रीय मंत्री की इस पेशी के बाद से पंजाब से लेकर दिल्ली तक के राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट का दौर बेहद तेज हो गया है, क्योंकि इस मामले को लेकर विपक्ष लगातार उनके इस्तीफे और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है।क्या है धूरी का वह पूरा विवाद जिसने केंद्रीय मंत्री को विवादों में ला दिया यह पूरा मामला पंजाब के संगरूर जिले के अंतर्गत आने वाले धूरी (Dhuri) क्षेत्र का है, जहां एक राजनीतिक और प्रशासनिक गतिरोध के दौरान रवनीत सिंह बिट्टू की वहां तैनात स्थानीय पुलिसकर्मियों के साथ तीखी बहस हो गई थी। आरोप है कि इस गहमा-गहमी के बीच केंद्रीय मंत्री के मुंह से कुछ ऐसे शब्द निकले जिन्हें ऑन-ड्यूटी दलित और अनुसूचित जाति के पुलिसकर्मियों के खिलाफ जातिसूचक और अपमानजनक माना गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभिन्न अनुसूचित जाति संगठनों और राजनीतिक दलों ने बिट्टू के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय एससी आयोग ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया था।आयोग के सामने रवनीत सिंह बिट्टू ने दी सफाई, कहा- किसी की भावना को ठेस पहुंचाना मकसद नहीं था राष्ट्रीय एससी आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के सामने पेश होकर रवनीत सिंह बिट्टू ने इस पूरे मामले पर अपनी विस्तृत सफाई और दलीलें पेश कीं। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री ने आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए साफ किया कि उनका इरादा किसी भी जाति, समाज या ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना या उनका अपमान करना कतई नहीं था। उन्होंने कहा कि उस समय जो भी बातचीत या बहस हुई, उसे राजनीतिक द्वेष के चलते गलत तरीके से पेश किया गया है। बिट्टू ने आयोग को आश्वस्त किया कि वे कानून और संवैधानिक संस्थाओं का पूरा सम्मान करते हैं और जांच में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं। आयोग ने उनके बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले की अगली रूपरेखा तय करने की बात कही है।धूरी, संगरूर और लुधियाना सहित पूरे पंजाब की राजनीति में आया भयंकर भूचाल इस हाई-प्रोफाइल पेशी और तीखे विवाद के बाद धूरी, संगरूर, लुधियाना, जालंधर और चंडीगढ़ सहित पंजाब के विभिन्न प्रमुख भौगोलिक व रणनीतिक क्षेत्रों (Geographical Political Hubs) में राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। पंजाब के स्थानीय दलित संगठनों और वाल्मीकि समाज के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में निष्पक्ष और कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो वे राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे। दूसरी तरफ, स्थानीय बीजेपी नेता अपने केंद्रीय मंत्री के बचाव में उतर आए हैं और इसे विरोधियों की एक सोची-समझी सियासी साजिश करार दे रहे हैं। इस क्षेत्रीय तनाव ने पंजाब पुलिस के भीतर भी आंतरिक विमर्श को तेज कर दिया है।डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर टॉप ट्रेंड बना 'रवनीत बिट्टू एससी आयोग विवाद' आज के इस आधुनिक जनरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) और डिजिटल युग में, जब भी किसी बड़े केंद्रीय नेता या वीआईपी से जुड़ा कोई कानूनी विवाद सामने आता है, तो लोग उसकी रीयल-टाइम अपडेट्स के लिए इंटरनेट पर एक्टिव हो जाते हैं। जैसे ही रवनीत बिट्टू के आयोग के सामने पेश होने की खबर आई, वैसे ही गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार 'रवनीत बिट्टू राष्ट्रीय एससी आयोग पेशी ताजा खबर', 'धूरी पुलिस विवाद जातिसूचक टिप्पणी मामला', और 'Ravneet Bittu NCSC hearing updates' जैसे विषयों पर लगातार सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित एल्गोरिदम और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह पॉलिटिकल-लीगल स्टोरी इस समय देश की सबसे बड़ी हॉट ट्रेंडिंग न्यूज़ बनी हुई है।
धौलपुर नगर परिषद के आयुक्त गुमान सिंह सैनी निलम्बित
धौलपुर। राजस्थान में धौलपुर नगर परिषद के कार्यवाहक आयुक्त एवं अधिशासी अभियंता गुमान सिंह सैनी को बुधवार को निलंबित कर दिया गया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मंगलवार को कथित रिश्वतखोरी के मामले में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद राजस्थान सरकार के स्वायत्त शासन विभाग ने यह कार्रवाई की है। परिषद […] The post धौलपुर नगर परिषद के आयुक्त गुमान सिंह सैनी निलम्बित appeared first on Sabguru News .
जयपुर वासियों की चमकी किस्मत! सांगानेर को आज मिलने जा रही है 631 करोड़ की महा-सौगात, फ्लाईओवर
राजस्थान की राजधानी और पिंक सिटी जयपुर के विकास पथ पर आज एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित होने जा रहा है। जयपुर के सबसे महत्वपूर्ण और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र सांगानेर की जनता के लिए आज खुशियों का महा-धमाका होने वाला है। राज्य सरकार आज सांगानेर विधानसभा क्षेत्र और आसपास के इलाकों के लिए कुल 631 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत वाली विभिन्न मेगा विकास परियोजनाओं (Mega Development Projects) का शिलान्यास और लोकार्पण करने जा रही है। इस विशाल बजट के जरिए सांगानेर के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सुविधाओं और यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की तैयारी है। इस खबर के सामने आते ही स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में भारी उत्साह का माहौल देखा जा रहा है, क्योंकि ये परियोजनाएं लंबे समय से लंबित स्थानीय मांगों को पूरा करने वाली हैं।भयंकर ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति, सांगानेर में दौड़ेगी विकास की गाड़ी सांगानेर और उससे सटे इलाकों में रहने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए आज का दिन बड़ी राहत लेकर आया है। इस 631 करोड़ रुपये के बजट का एक बड़ा हिस्सा क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए अत्याधुनिक फ्लाईओवर (Flyover Project) और सड़कों के चौड़ीकरण पर खर्च किया जा रहा है। पीक आवर्स के दौरान सांगानेर बाजार, टोंक रोड और एयरपोर्ट रूट से जुड़ने वाले चौराहों पर लगने वाले भयंकर ट्रैफिक जाम से अब जनता को हमेशा-हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। यह नया फ्लाईओवर न केवल समय की बचत करेगा, बल्कि प्रदूषण को कम करने और ईंधन बचाने में भी मील का पत्थर साबित होगा।इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा दूर, सांगानेर को मिलेगा अपना ट्रामा सेंटर और सेटेलाइट अस्पताल यातायात सुविधाओं के साथ-साथ आज सांगानेर के स्वास्थ्य क्षेत्र में भी एक बहुत बड़ी क्रांति होने जा रही है। सरकार आज सांगानेर में एक अत्याधुनिक ट्रामा सेंटर (Trauma Center) और सर्वसुविधायुक्त सेटेलाइट अस्पताल (Satellite Hospital) की नींव रखने जा रही है। अब तक किसी भी बड़ी दुर्घटना या आपातकालीन चिकित्सा स्थिति में स्थानीय लोगों को सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS Hospital) या शहर के दूसरे कोनों में भागना पड़ता था, जिससे कई बार इलाज में देरी हो जाती थी। लेकिन अब सांगानेर में ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं और इमरजेंसी केयर यूनिट उपलब्ध होने से लाखों लोगों को समय पर और मुफ्त इलाज मिल सकेगा, जिससे कई कीमती जानें बचाई जा सकेंगी।प्रताप नगर, जगतपुरा और सांगानेर सहित पूरे जयपुर के रियल एस्टेट में भारी उछाल की उम्मीद इस विशालकाय सरकारी निवेश और बुनियादी ढांचे के कायाकल्प की खबर से सांगानेर, प्रताप नगर, जगतपुरा, मालवीय नगर और टोंक रोड जैसे प्रमुख भौगोलिक व रणनीतिक क्षेत्रों (Geographical Urban Hubs) में भारी हलचल मच गई है। स्थानीय रियल एस्टेट मार्केट के विशेषज्ञों का मानना है कि इन तीन बड़े प्रोजेक्ट्स के धरातल पर उतरते ही सांगानेर और उसके आसपास की जमीनों तथा आवासीय संपत्तियों के दामों में भारी उछाल आना तय है। स्थानीय व्यापार मंडलों और ग्राम पंचायतों ने इस ऐतिहासिक सौगात के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया है और इसे जयपुर के इतिहास का सबसे बड़ा क्षेत्रीय ऑप्टिमाइजेशन करार दिया है।डिजिटल मीडिया और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर टॉप ट्रेंड बना 'सांगानेर विकास प्रोजेक्ट' आज के इस आधुनिक डिजिटल युग और जनरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) के दौर में, जब भी किसी बड़े शहर को करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की सौगात मिलती है, तो लोग उसकी पूरी जानकारी के लिए इंटरनेट पर सक्रिय हो जाते हैं। जैसे ही जयपुर सांगानेर के लिए 631 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स की आधिकारिक घोषणा हुई, वैसे ही गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार 'जयपुर सांगानेर विकास योजना ताजा खबर', 'सांगानेर नया फ्लाईओवर रूट मैप', और 'जयपुर सेटेलाइट अस्पताल और ट्रामा सेंटर बजट' जैसे विषयों पर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित एल्गोरिदम और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह विकास गाथा इस समय राजस्थान की सबसे बड़ी और सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली हॉट ट्रेंडिंग स्टोरी बन गई है।
जयपुर में फिर गरजने को तैयार जेडीए का बुलडोजर! नंदपुरी-जगतपुरा कॉरिडोर को लेकर आया सबसे बड़ा अपडेट
राजस्थान की राजधानी और पिंक सिटी के नाम से मशहूर जयपुर से इस वक्त की बेहद बड़ी और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ी सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। शहर की चरमराती ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने और कनेक्टिविटी को विश्वस्तरीय बनाने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने एक और बहुत बड़े अभियान की शुरुआत कर दी है। जयपुर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रूटों में शुमार नंदपुरी से जगतपुरा कॉरिडोर (Nandpuri Jagatpura Corridor) के निर्माण को लेकर जेडीए की टीमों ने जमीनी स्तर पर अपना विस्तृत सर्वे शुरू कर दिया है। इस सर्वे के शुरू होते ही कॉरिडोर के रास्ते में आने वाले अवैध अतिक्रमणों, अवैध निर्माणों और व्यावसायिक ढांचों पर जेडीए के बुलडोजर की एक बड़ी गाज गिरनी पूरी तरह तय मानी जा रही है। इस खबर के सामने आते ही प्रभावित इलाकों के भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों के बीच हड़कंप मच गया है।ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति और चमकेगी जयपुर की ये सबसे बड़ी प्राइम लोकेशन जयपुर विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली इनसाइड जानकारी के अनुसार, नंदपुरी और जगतपुरा के बीच पीक आवर्स के दौरान रोजाना हजारों वाहन चालकों को भयंकर ट्रैफिक जाम और संकरी सड़कों की समस्या से जूझना पड़ता था। इस कॉरिडोर के बन जाने से सांगानेर, प्रताप नगर, मालवीय नगर और एयरपोर्ट रोड की तरफ आने-जाने वाले लोगों को एक बेहद सुगम और सिग्नल-फ्री रास्ता मिल सकेगा। जेडीए की तकनीकी टीम इस समय पूरे रूट की चौड़ाई, सरकारी भूमि पर हुए कब्जों और ड्रेनेज सिस्टम की बारीकी से पैमाइश कर रही है। अधिकारियों का साफ कहना है कि कॉरिडोर के मास्टर प्लान में जो भी रुकावट आएगी, उसे पूरी सख्ती के साथ हटाया जाएगा।नंदपुरी से लेकर जगतपुरा तक के कब्जाधारियों को जेडीए थमाएगा बेदखली का नोटिस जैसे ही जेडीए की टीम ने प्रशासनिक अमले और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सर्वे का काम संभाला, वैसे ही स्थानीय स्तर पर विरोध और सुगबुगाहट का दौर भी शुरू हो गया। सूत्रों के मुताबिक, जेडीए इस सर्वे की फाइनल रिपोर्ट तैयार करने के तुरंत बाद उन सभी चिन्हित मकानों, दुकानों और बाउंड्री वॉल के मालिकों को कानूनी नोटिस जारी करेगा, जिन्होंने सड़क सीमा का अतिक्रमण कर रखा है। नोटिस की मियाद खत्म होते ही जेडीए का दस्ता एक बड़ा ध्वस्तीकरण अभियान (Demolition Drive) चलाकर जमीन को पूरी तरह कब्जा मुक्त कराएगा। जेडीए कमिश्नर ने साफ निर्देश दिए हैं कि इस विकास कार्य में किसी भी तरह का राजनीतिक या स्थानीय दबाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।जगतपुरा, मालवीय नगर और सांगानेर सहित स्थानीय रियल एस्टेट मार्केट में भारी हलचल इस मेगा प्रोजेक्ट और सर्वे की खबर फैलते ही जगतपुरा, नंदपुरी, महल रोड, सांगानेर और इंदिरा गांधी नगर जैसे प्रमुख भौगोलिक व रणनीतिक क्षेत्रों (Geographical Real Estate Hubs) में भारी हलचल देखी जा रही है। स्थानीय निवासियों के बीच जहां एक तरफ रास्ता चौड़ा होने और प्रॉपर्टी के दाम बढ़ने को लेकर भारी उत्साह है, वहीं दूसरी तरफ सड़क किनारे दुकान चलाने वाले छोटे व्यापारियों में अपनी आजीविका को लेकर चिंता की लहर है। स्थानीय डीलर और प्रॉपर्टी एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस कॉरिडोर के निर्माण से जगतपुरा और आसपास के इलाकों का बुनियादी ढांचा पूरी तरह बदल जाएगा, जिससे यह जयपुर का सबसे आधुनिक कमर्शियल हब बनकर उभरेगा।डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर टॉप ट्रेंड बना 'जयपुर जेडीए बुलडोजर एक्शन' आज के इस आधुनिक डिजिटल और जनरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) के दौर में, जब भी किसी बड़े शहर में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट या बुलडोजर एक्शन की खबर आती है, तो लोग रीयल-टाइम अपडेट्स के लिए तुरंत इंटरनेट का रुख करते हैं। जैसे ही नंदपुरी-जगतपुरा कॉरिडोर सर्वे की तस्वीरें और खबरें सामने आईं, वैसे ही गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार 'जयपुर जेडीए बुलडोजर एक्शन न्यूज़ आज', 'नंदपुरी जगतपुरा कॉरिडोर मैप और सर्वे लिस्ट', और 'जयपुर विकास प्राधिकरण अतिक्रमण अभियान' जैसे विषयों पर धड़ाधड़ सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित एल्गोरिदम और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह शहरी विकास और क्राइम-डेवलपमेंट अपडेट इस समय राजस्थान की सबसे बड़ी ब्रेकिंग स्टोरी बनकर टॉप पर ट्रेंड कर रहा है।
पुलिस जनता की रक्षक है भक्षक नहीं', भारत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में रौशन आनंद ने खोला मोर्चा
बिहार में कानून व्यवस्था और कथित पुलिस मुठभेड़ों को लेकर जारी भारी विवाद के बीच एक और बेहद सनसनीखेज और बड़ा बयान सामने आया है। भोजपुर जिले के चर्चित भारत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले (Bharat Bhushan Tiwari Encounter Case) की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अब इस पर चौतरफा राजनीतिक और सामाजिक घेराबंदी शुरू हो गई है। प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता और युवा नेता रौशन आनंद ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। रौशन आनंद ने साफ तौर पर कहा कि 'पुलिस जनता की रक्षक है, भक्षक नहीं।' उनके इस आक्रामक बयान ने बिहार पुलिस की कार्यशैली और इस एनकाउंटर की विश्वसनीयता पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है, जिससे पटना से लेकर भोजपुर तक के प्रशासनिक गलियारों में भारी हड़कंप मच गया है।रौशन आनंद ने पुलिसिया इकबाल को घेरा, उठाए एनकाउंटर की थ्योरी पर गंभीर सवाल इस बहुचर्चित मामले पर बोलते हुए रौशन आनंद ने किसी का नाम लिए बिना विभाग के उच्च अधिकारियों और जांच टीम को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि खाकी का काम समाज में सुरक्षा की भावना पैदा करना है, न कि खौफ का माहौल बनाना। भारत तिवारी एनकाउंटर की निष्पक्षता पर उंगली उठाते हुए उन्होंने दावा किया कि इस मामले की परतों के पीछे कई ऐसे रहस्य छिपे हैं जो आम जनता के सामने आने बेहद जरूरी हैं। रौशन आनंद ने आरोप लगाया कि कानून के दायरे से बाहर जाकर की गई कोई भी कार्रवाई न्यायसंगत नहीं ठहराई जा सकती और इस पूरे एनकाउंटर की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच होनी चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।पीडित परिवार के समर्थन में उतरे सामाजिक संगठन, निष्पक्ष जांच की मांग तेज इस बड़े बयान के बाद एक तरफ जहां स्थानीय स्तर पर पुलिस के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है, वहीं दूसरी तरफ विभिन्न सामाजिक और युवा संगठनों ने एकजुट होकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का संकल्प लिया है। रौशन आनंद ने कहा कि वे इस लड़ाई को सड़क से लेकर मानवाधिकार आयोग तक ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस घटना में शामिल पुलिसकर्मियों की भूमिका की बारीकी से जांच की जाए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उस पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई हो। इस बयान के बाद से स्थानीय प्रशासन भी सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद और अलर्ट मोड पर आ गया है।भोजपुर, आरा और पटना तक के राजनीतिक गलियारों में छिड़ी नई बहस इस कड़े और तीखे बयान की गूंज राजधानी पटना के सियासी गलियारों से लेकर भोजपुर जिले के आरा, जगदीशपुर, पीरो और शाहपुर जैसे प्रमुख भौगोलिक व रणनीतिक क्षेत्रों (Geographical Regional Hotspots) में पूरी तरह सुनाई दे रही है। इन स्थानीय जिलों की चौपालों, चाय की दुकानों और नागरिक मंचों पर अब केवल इसी बात की चर्चा है कि क्या वाकई इस एनकाउंटर के पीछे की कहानी कुछ और है। स्थानीय नागरिक संगठनों के बीच इस बयान को लेकर भारी सुगबुगाहट देखी जा रही है। इस क्षेत्रीय ऑप्टिमाइजेशन ने जमीनी स्तर पर कानून व्यवस्था और मानवाधिकारों के मुद्दे को एक बार फिर सबसे बड़ा स्थानीय विमर्श बना दिया है।डिजिटल मीडिया और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर टॉप ट्रेंड बना रौशन आनंद का यह बयान आज के इस आधुनिक डिजिटल युग और जनरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) के दौर में, जब भी किसी बड़े एनकाउंटर पर कोई प्रभावशाली सामाजिक या राजनीतिक बयान सामने आता है, तो लोग उसकी सत्यता जांचने के लिए तुरंत इंटरनेट का सहारा लेते हैं। गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार 'भारत भूषण तिवारी एनकाउंटर रौशन आनंद का बयान', 'बिहार पुलिस एनकाउंटर जांच ताजा खबर', और 'आरा भोजपुर पुलिस एनकाउंटर केस अपडेट्स' जैसे विषयों पर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित सर्च रिजल्ट्स और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह प्रशासनिक और सामाजिक विवाद इस समय राज्य की सबसे बड़ी और सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली हॉट स्टोरी बनकर लगातार टॉप पर ट्रेंड कर रहा है।
बिहार की धरती पर एक बार फिर से बड़ा सियासी और सामाजिक उबाल देखने को मिल रहा है। सूबे के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले (Bharat Bhushan Tiwari Encounter Case) ने अब एक बिल्कुल नया और बेहद संवेदनशील मोड़ ले लिया है। इस पूरे घटनाक्रम में देश के सबसे चर्चित आध्यात्मिक गुरु और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री यानी 'बाबा बागेश्वर' की सीधी एंट्री हो गई है। अपने आगामी बिहार दौरे के तहत भोजपुर जिले के आरा (Ara) पहुंचने से ठीक पहले बाबा बागेश्वर ने इस कथित पुलिस मुठभेड़ को लेकर सीधे तौर पर सूबे की कानून व्यवस्था पर एक बड़ा और बेहद गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने तीखे लहजे में पूछा है कि किसी भी मामले में सजा देने का अधिकार देश की न्यायपालिका (कोर्ट) को है या फिर पुलिस खुद ही मौके पर इंसाफ का फैसला करेगी? बाबा के इस बयान ने बिहार के प्रशासनिक अमले से लेकर राजनीतिक हलकों तक में भारी सुगबुगाहट पैदा कर दी है।भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर पर बाबा बागेश्वर का यह बयान बना बड़ा मुद्दा भोजपुर संभाग के आरा में होने वाले अपने बड़े आध्यात्मिक कार्यक्रम से पहले मीडिया और भक्तों के बीच बाबा बागेश्वर का यह रुख बेहद चौंकाने वाला माना जा रहा है। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने साफ तौर पर कहा कि वे देश के संविधान, न्याय व्यवस्था और कानून का पूरा सम्मान करते हैं। लेकिन जब किसी एनकाउंटर या त्वरित कार्रवाई पर जनता के बीच से सवाल उठते हैं, तो उसकी पारदर्शिता सामने आनी चाहिए। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि अपराधियों को सजा निश्चित रूप से मिलनी चाहिए और वे किसी भी अपराधी का समर्थन नहीं करते, लेकिन न्याय का एक तय रास्ता होना चाहिए। बाबा बागेश्वर के इस बयान को सीधे तौर पर बिहार पुलिस की हालिया कार्रवाई के खिलाफ एक बड़े नैतिक और सामाजिक विरोध के रूप में देखा जा रहा है।बाबा बागेश्वर के आरा आगमन को लेकर प्रशासन हुआ अलर्ट, सुरक्षा के कड़े इंतजाम इस बड़े बयान के बाद एक तरफ जहां इस एनकाउंटर को लेकर पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों को एक बड़ा समर्थन मिला है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। बाबा बागेश्वर के आरा दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से कड़ा कर दिया गया है। खुफिया इनपुट्स को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम स्थल और पूरे शहर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। स्थानीय आयोजन समिति के सदस्यों का कहना है कि बाबा के इस बयान के बाद उनके मंच से होने वाले आगामी संबोधनों पर पूरे देश की मीडिया और बिहार के बड़े राजनीतिक दलों की नजरें टिकी रहने वाली हैं।भोजपुर, आरा और पटना तक की चौपालों और राजनीतिक दफ्तरों में छिड़ी नई बहस इस हाई-प्रोफाइल एंट्री की गूंज राजधानी पटना से लेकर भोजपुर जिले के आरा, बक्सर, सासाराम और जगदीशपुर जैसे प्रमुख भौगोलिक व रणनीतिक क्षेत्रों (Geographical Regional Hotspots) में पूरी तरह सुनाई दे रही है। इन स्थानीय जिलों की चौपालों, बाजारों और राजनीतिक दफ्तरों में अब केवल इसी बात की चर्चा है कि क्या बाबा बागेश्वर का यह बयान बिहार की मौजूदा सरकार और पुलिसिया इकबाल के लिए एक बड़ी चुनौती है। स्थानीय राजपूत समाज और विभिन्न नागरिक संगठनों के बीच इस एनकाउंटर की जांच को लेकर बैठकों का दौर भी शुरू हो चुका है। इस क्षेत्रीय ऑप्टिमाइजेशन ने स्थानीय स्तर पर कानून व्यवस्था के मुद्दे को एक बार फिर सबसे बड़ा चुनावी और सामाजिक विमर्श बना दिया है।डिजिटल मीडिया और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर टॉप ट्रेंड बना बिहार का यह सियासी घटनाक्रम आज के इस आधुनिक डिजिटल युग और जनरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) के दौर में, जैसे ही किसी बड़े आध्यात्मिक चेहरे का कोई राजनीतिक या प्रशासनिक बयान सामने आता है, वह इंटरनेट पर तुरंत वायरल हो जाता है। गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार 'भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर ताजा खबर', 'बाबा बागेश्वर का बिहार दौरा आरा', और 'धीरेंद्र शास्त्री का बिहार पुलिस पर बयान' जैसे विषयों पर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित सर्च रिजल्ट्स और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल खबर इस समय बिहार और उत्तर भारत की सबसे बड़ी और सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली हॉट स्टोरी बन गई है।
भगवंत मान के कथित वायरल वीडियो विवाद में नया खुलासा, होटल में तैयार कराई गई फोरेंसिक रिपोर्ट
चंडीगढ़/गुरुग्राम। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कथित वायरल वीडियो को लेकर चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है और आरोप है कि राज्य के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने गुरुग्राम स्थित एक फाइव स्टार होटल में बैठक कर वीडियो को डीपफेक साबित करने के लिए फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करवाई थी। इस मामले से […] The post भगवंत मान के कथित वायरल वीडियो विवाद में नया खुलासा, होटल में तैयार कराई गई फोरेंसिक रिपोर्ट appeared first on Sabguru News .
बिहार में प्रशासनिक सुधार और कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के इरादे से सूबे की सम्राट सरकार ने एक बहुत बड़ी और कड़क कार्रवाई की है। सरकार ने पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल करते हुए भोजपुर जिले के अंतर्गत आने वाले महत्वपूर्ण अनुमंडल जगदीशपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) राजेश शर्मा को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। सरकार के गृह विभाग द्वारा जारी इस औचक फैसले ने पुलिस बेड़े में हड़कंप मचा दिया है। राजेश शर्मा को हटाए जाने के साथ ही सरकार ने बिना कोई वक्त गंवाए तेजतर्रार और कड़क छवि के पुलिस अधिकारी पंकज मिश्रा को जगदीशपुर एसडीपीओ (Jagdishpur SDPO New Update) के पद पर तैनात कर दिया है। सरकार की इस बड़ी और त्वरित कार्रवाई को राज्य में अपराध नियंत्रण और स्थानीय पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी बनाने के एक बड़े प्रशासनिक मास्टरस्ट्रोक के रूप में देखा जा रहा है।जगदीशपुर एसडीपीओ राजेश शर्मा पर अचानक क्यों गिरी गाज? जानिए इसके पीछे की वजह प्रशासनिक सूत्रों से मिल रही इनसाइड जानकारी के अनुसार, जगदीशपुर अनुमंडल में पिछले कुछ समय से स्थानीय स्तर पर कानून व्यवस्था को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। सम्राट सरकार के उच्च अधिकारियों द्वारा किए गए आंतरिक मूल्यांकन और रीयल-टाइम परफॉर्मेंस ऑडिट में पाया गया कि क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और जन-शिकायतों के निपटारे की रफ्तार संतोषजनक नहीं थी। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार के शीर्ष नेतृत्व ने कड़ा रुख अपनाया और राजेश शर्मा को पद से मुक्त करने का फैसला किया। इस कड़े कदम के जरिए सरकार ने राज्य के अन्य प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को भी एक बेहद साफ और कड़ा संदेश दे दिया है कि काम में किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।पंकज मिश्रा को सौंपी गई जगदीशपुर की कमान, अपराधियों पर नकेल कसना होगी मुख्य चुनौती जगदीशपुर के नए एसडीपीओ के रूप में कमान संभालने जा रहे पंकज मिश्रा को पुलिसिंग का एक लंबा और बेहतरीन अनुभव रहा है। उनकी गिनती राज्य के उन अधिकारियों में होती है जो अपराधियों के खिलाफ बेहद सख्त और जीरो-टॉलरेंस की नीति के लिए जाने जाते हैं। पदभार संभालते ही पंकज मिश्रा के सामने जगदीशपुर अनुमंडल में स्थानीय गैंग्स, अवैध बालू खनन और जमीन विवादों से जुड़े अपराधों पर पूरी तरह से नकेल कसने की एक बहुत बड़ी और गंभीर चुनौती होगी। इसके साथ ही आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास को और ज्यादा मजबूत करना उनकी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रहने वाला है।भोजपुर, आरा और जगदीशपुर के स्थानीय इलाकों में बढ़ी भारी प्रशासनिक सुगबुगाहट इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल की खबर सार्वजनिक होते ही भोजपुर जिले के मुख्यालय आरा के साथ-साथ जगदीशपुर, पीरो, शाहपुर और आसपास के तमाम प्रमुख भौगोलिक व रणनीतिक क्षेत्रों (Geographical Local Areas) में भारी सुगबुगाहट शुरू हो गई है। स्थानीय बाजारों, चौपालों और राजनीतिक दफ्तरों में अब नए एसडीपीओ पंकज मिश्रा की कार्यशैली और आगामी रणनीतियों को लेकर चर्चाओं का दौर बेहद गर्म है। स्थानीय नागरिक और व्यापारी वर्ग इस नई तैनाती का स्वागत कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि एक कड़क अधिकारी के आने से क्षेत्र में अमन-चैन का माहौल और ज्यादा बेहतर होगा। इस स्थानीय ऑप्टिमाइजेशन ने जिले के समूचे पुलिस तंत्र को भी पूरी तरह से अलर्ट मोड पर ला दिया है।डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर टॉप ट्रेंड बना बिहार का यह पुलिस फेरबदल आज के इस आधुनिक जनरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) और डिजिटल युग में, बिहार की राजनीति और प्रशासनिक बदलावों से जुड़ी खबरें इंटरनेट पर बहुत तेजी से वायरल और सर्च की जाती हैं। जैसे ही सम्राट सरकार के इस बड़े फैसले की आधिकारिक अधिसूचना जारी हुई, वैसे ही गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार 'बिहार पुलिस ट्रांसफर लिस्ट ताजा समाचार', 'जगदीशपुर नए एसडीपीओ पंकज मिश्रा', और 'सम्राट सरकार प्रशासनिक कार्रवाई बिहार' जैसे विषयों पर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित सर्च रिजल्ट्स और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह प्रशासनिक ब्रेकिंग न्यूज़ इस समय बिहार और उत्तर भारत की सबसे बड़ी ट्रेंडिंग स्टोरीज में शामिल होकर लगातार टॉप पर बनी हुई है।
छत्तीसगढ़ के सुदूर और ग्रामीण अंचलों के विकास को गति देने और बुनियादी ढांचों को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल अब धरातल पर चमत्कार कर रही है। राज्य में शुरू की गई 'मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना' (Mukhyamantri Gramin Bus Yojna) ने छत्तीसगढ़ के सुदूर गांवों की तस्वीर और तकदीर दोनों को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है। कभी परिवहन के साधनों के अभाव में शहरों से कटे रहने वाले ग्रामीण अब बिना किसी परेशानी के सुगम सफर का आनंद ले रहे हैं। इस योजना ने न केवल ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाया है, बल्कि सुदूर इलाकों में रहने वाले युवाओं की शिक्षा, महिलाओं के रोजगार और किसानों की आजीविका के सुनहरे सपनों को भी रफ्तार दे दी है। परिवहन के इस आधुनिक और सुलभ नेटवर्क ने विकास की मुख्यधारा से कटे हुए अंतिम व्यक्ति तक सरकारी सुविधाओं और तरक्की का रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया है।बेटियों की शिक्षा और युवाओं के उच्च शिक्षा के सपनों को मिली नई उड़ान मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का सबसे क्रांतिकारी और सकारात्मक असर ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं, विशेषकर बेटियों की पढ़ाई पर देखने को मिल रहा है। पहले गांवों में कॉलेज और उच्च शिक्षण संस्थान न होने और शहरों तक जाने के लिए सुरक्षित बस सेवा न मिलने के कारण कई छात्राओं को बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ती थी। लेकिन अब नियमित और सुरक्षित ग्रामीण बस सेवा शुरू होने से सुदूर वनांचल और ग्रामीण इलाकों की बेटियां भी बिना किसी डर और रुकावट के रोजाना शहरों के बड़े कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में जाकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना ने ग्रामीण प्रतिभाओं को ड्रॉपआउट होने से बचाने में एक सुरक्षा कवच की तरह काम किया है।गांवों से सीधे बाजारों तक पहुंचे किसान, आजीविका और व्यापार को मिला भारी बढ़ावा इस योजना ने छत्तीसगढ़ के कृषि और ग्रामीण व्यापारिक समीकरणों को भी पूरी तरह से बूस्ट कर दिया है। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों के लघु सीमांत किसान और वनोपज संग्राहक पहले परिवहन के साधन न होने के कारण अपनी फसलों और ताजी सब्जियों को स्थानीय स्तर पर औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर थे। अब मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना की मदद से किसान सुबह तड़के ही अपनी उपज लेकर सीधे बड़े शहरों की थोक मंडियों तक पहुंच रहे हैं, जहां उन्हें अपनी मेहनत का सही और पूरा दाम मिल रहा है। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों की स्व-सहायता समूहों की महिलाएं भी अपने हस्तशिल्प और घरेलू उत्पादों को शहरी बाजारों और प्रदर्शनियों तक आसानी से पहुंचाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं।बस्तर, सरगुजा से लेकर मैदानी जिलों तक सुगम परिवहन का बढ़ा नेटवर्क इस योजना का सबसे शानदार भौगोलिक क्रियान्वयन बस्तर संभाग के जगदलपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और सरगुजा संभाग के जशपुर, अंबिकापुर व बलरामपुर जैसे दुर्गम पहाड़ी और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों (Geographical Remote Areas) में देखने को मिल रहा है। इसके साथ ही रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई के मैदानी इलाकों से जुड़े ग्रामीण रूटों पर भी बसों के फेरे बढ़ाए गए हैं। स्थानीय स्तर पर ग्राम पंचायतों और ग्रामीणों के बीच इस बस सेवा को लेकर बेहद सकारात्मक माहौल है। लोग इसे केवल एक सरकारी बस नहीं, बल्कि अपने गांवों को तरक्की और स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने वाली एक जीवनदायिनी सेवा मान रहे हैं, जिसने आपातकालीन चिकित्सा स्थितियों में भी शहरों तक पहुंचने का समय आधा कर दिया है।डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर टॉप ट्रेंड बनी ग्रामीण बस योजना आज के इस आधुनिक जनरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) और डिजिटल मीडिया के युग में, सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं और उनके जमीनी प्रभावों से जुड़ी कहानियां इंटरनेट पर सबसे ज्यादा पढ़ी और सर्च की जाती हैं। जैसे ही मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत नए रूटों और सफल कहानियों के आंकड़े सामने आए, वैसे ही गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार 'छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना रूट लिस्ट', 'सीजी ग्रामीण बस सेवा टाइम टेबल क्या है', और 'छत्तीसगढ़ सरकारी परिवहन योजनाएं 2026' जैसे विषयों पर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित सर्च रिजल्ट्स और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह सक्सेस स्टोरी इस समय राज्य की सबसे बड़ी और सबसे प्रेरणादायक ट्रेंडिंग स्टोरीज में शुमार है।
PM मोदी को ईरान से बड़ा न्योता, अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने का मिला निमंत्रण
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार और दफन समारोह में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण भेजा है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने राजनयिक सूत्रों ...
सनातन धर्म में संकटमोचन हनुमान जी की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। माना जाता है कि कलयुग में हनुमान जी ही एक ऐसे देवता हैं जो अपने भक्तों की थोड़ी सी भक्ति से प्रसन्न होकर उनके जीवन के सभी दुखों और संकटों को तुरंत दूर कर देते हैं। बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए भक्त कई तरह के उपाय और प्रसाद अर्पित करते हैं, जिनमें से एक बेहद लोकप्रिय और चमत्कारी उपाय है—हनुमान जी को पान का बीड़ा चढ़ाना। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि कोई भक्त हनुमान जी को विशेष रूप से तैयार किया गया पान अर्पित करता है, तो उसके जीवन की सभी बड़ी से बड़ी परेशानियां और बिगड़े काम तुरंत बनने लगते हैं। आइए जानते हैं इसके पीछे का गहरा धार्मिक रहस्य और पूजा के कड़े नियम।हनुमान जी को पान अर्पित करने का पावन धार्मिक महत्व धार्मिक कथाओं और शास्त्रों के अनुसार, पान चढ़ाने का संबंध भक्त द्वारा भगवान को अपनी जिम्मेदारियां सौंपने से है। जब आप हनुमान जी को 'पान का बीड़ा' उठाते या चढ़ाते हैं, तो इसका आध्यात्मिक अर्थ होता है कि अब आपने अपने जीवन का 'बीड़ा' यानी अपने सभी संकटों और दायित्वों का भार पवनपुत्र के चरणों में सौंप दिया है। इसके अलावा, त्रेतायुग की एक कथा के अनुसार, जब हनुमान जी माता सीता की खोज करके लंका से वापस लौटे और उन्हें प्रभु श्री राम का संदेश दिया, तो माता सीता ने अत्यंत प्रसन्न होकर हनुमान जी को सम्मान और आशीर्वाद स्वरूप अपने पास से पान की माला पहनाई थी। तभी से बजरंगबली को पान चढ़ाना बेहद शुभ और फलदायी माना जाने लगा।पूजा के दौरान कैसा होना चाहिए हनुमान जी का विशेष पान? बजरंगबली को साधारण पान नहीं चढ़ाया जाता है, बल्कि पूजा के लिए विशेष रूप से 'कौतुकी पान' या मीठा पान तैयार किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, हनुमान जी को चढ़ाए जाने वाले पान में केवल कत्था, गुलकंद, सौंफ, खोपरा (नारियल का बूरा) और इलायची जैसी सात्विक और मीठी चीजें ही शामिल होनी चाहिए। इस बात का विशेष और कड़ा ध्यान रखें कि इस पान में भूलकर भी चूना, तंबाकू या सुपारी का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए, क्योंकि हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी हैं और उनकी पूजा में तामसिक या नशीली चीजों का निषेध है। पान हमेशा ताजा और बिल्कुल साफ-सुथरा होना चाहिए, जिसका पत्ता कहीं से भी कटा-फटा न हो।सफलता और सुख-समृद्धि पाने के लिए क्या है सही नियम? हनुमान जी को पान का बीड़ा अर्पित करने के लिए मंगलवार या शनिवार का दिन सबसे उत्तम माना गया है। इस दिन सुबह या शाम के समय हनुमान जी के मंदिर जाएं या घर के मंदिर में ही चमेली के तेल का दीपक जलाएं। इसके बाद हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें और फिर पूरी श्रद्धा के साथ भगवान के चरणों में या उनके मुख के सम्मुख पान का बीड़ा अर्पित करें। प्रार्थना करते समय मन में कहें, 'हे हनुमान जी, मैंने अपना यह काम और जीवन का बीड़ा आपको सौंपा है, अब आप ही मेरी रक्षा करें।' ऐसा करने से नौकरी, व्यापार और कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में आ रही रुकावटें तुरंत दूर हो जाती हैं।देश के प्रमुख हनुमान मंदिरों और स्थानीय क्षेत्रों में उमड़ी भक्तों की भीड़ इस पावन नियम और पूजा विधि को लेकर उत्तर प्रदेश के वाराणसी के संकट मोचन मंदिर, अयोध्या के हनुमानगढ़ी, राजस्थान के सालासर बालाजी और मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों सहित विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Spiritual Hubs) में भक्तों का भारी हुजूम देखा जा रहा है। स्थानीय स्तर पर टियर-2 और टियर-3 शहरों में लोग मंगलवार को बजरंगबली के मंदिरों में विशेष रूप से मीठे पान के बीड़े का भोग लगा रहे हैं। स्थानीय पंडितों और आचार्यों का कहना है कि यह सरल और प्राचीन उपाय स्थानीय समुदायों और परिवारों में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने में बेहद मददगार साबित हो रहा है।आधुनिक डिजिटल मीडिया और एआई सर्च इंजन पर हनुमान पूजा की धूम आज के इस आधुनिक डिजिटल और जनरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) के दौर में, युवा पीढ़ी और सनातनी भक्त अपनी धार्मिक जिज्ञासाओं के समाधान के लिए इंटरनेट का सहारा ले रहे हैं। गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार हनुमान जी को पान चढ़ाने के फायदे, मंगलवार पूजा का शुभ मुहूर्त और घर पर पूजा की सही विधि को लेकर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित एल्गोरिदम और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह धार्मिक और आध्यात्मिक गाइड इस समय सबसे ज्यादा ट्रेंडिंग टॉपिक्स में बनी हुई है, जो दर्शाती है कि आधुनिक युग में भी बजरंगबली के प्रति लोगों की आस्था कितनी गहरी है।
सनातन धर्म और वैदिक संस्कृति में गायत्री जयंती का पर्व बेहद पवित्र और आध्यात्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस पावन तिथि को वेदों की माता, मां गायत्री के प्राकट्य दिवस के रूप में पूरे देश में बेहद श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस विशेष दिन पर मां गायत्री की पूजा-अर्चना करने और उनके महामंत्र का जाप करने से साधक को मानसिक शांति, बौद्धिक विकास और समस्त पापों से मुक्ति मिलती है। लेकिन, इस महामंत्र का पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है जब इसका जाप पूरी श्रद्धा, सही विधि और शास्त्रों में बताए गए कड़े नियमों के अनुसार किया जाए। आइए जानते हैं कि इस पावन अवसर पर आपको किस प्रकार साधना करनी चाहिए।गायत्री मंत्र का वास्तविक अर्थ और इसकी अलौकिक महिमा गायत्री मंत्र 'ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात' केवल कुछ शब्दों का समूह नहीं, बल्कि ब्रह्मांड की सर्वोच्च ऊर्जा का स्रोत है। इसका सरल और गहरा अर्थ यह है कि 'हम उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा का ध्यान करते हैं, जो हमारी बुद्धियों को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करे।' इस मंत्र के उच्चारण मात्र से शरीर के भीतर एक सकारात्मक कंपन पैदा होता है, जो एकाग्रता बढ़ाने और मानसिक तनाव को दूर करने में अद्भुत रूप से सहायक साबित होता है। ऋषियों ने इसे साक्षात कामधेनु माना है जो भक्त की हर सात्विक इच्छा पूरी करता है।जाप की सही शास्त्रीय विधि और इन कड़े नियमों का रखें ध्यान गायत्री जयंती के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके कुशा या ऊन के आसन पर बैठें। मां गायत्री की प्रतिमा के सामने गाय के घी का दीपक प्रज्वलित करें। शास्त्रों के अनुसार, गायत्री मंत्र का जाप दिन में तीन समय यानी त्रिकाल संध्या के समय करना सबसे उत्तम माना गया है—प्रातःकाल सूर्योदय से ठीक पहले, मध्याह्न (दोपहर) के समय और सायंकाल सूर्यास्त से ठीक पहले। जाप करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि मंत्र का उच्चारण मानसिक हो या बहुत धीमी आवाज में हो, ताकि आपकी साधना भंग न हो।चमत्कारी फल पाने के लिए किस माला का करें उपयोग मंत्र साधना में माला का चुनाव बहुत मायने रखता है। मां गायत्री के मंत्रों का जाप करने के लिए चंदन की माला या रुद्राक्ष की माला को शास्त्रों में सबसे श्रेष्ठ और फलदायी माना गया है। चंदन की माला से जाप करने से मन शांत होता है और मानसिक विकारों का नाश होता है, जबकि रुद्राक्ष की माला से इच्छाशक्ति और एकाग्रता मजबूत होती है। जाप करते समय सुमेरु (माला का मुख्य मोती) को पार नहीं करना चाहिए और हमेशा दाहिने हाथ की मध्यमा उंगली और अंगूठे के सहयोग से माला फेरनी चाहिए, तर्जनी उंगली का स्पर्श माला से बिल्कुल नहीं होना चाहिए।देश के प्रमुख तीर्थों और स्थानीय घरों में गूंज रहे हैं महामंत्र इस पावन अवसर पर हरिद्वार के शांतिकुंज, उत्तर प्रदेश के वाराणसी, मथुरा और राजस्थान के पुष्कर जैसे प्रमुख भौगोलिक और आध्यात्मिक केंद्रों (Geographical Spiritual Hubs) में मां गायत्री की विशेष महाआरती और सामूहिक यज्ञों का आयोजन किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर सनातन धर्म प्रेमी अपने घरों और मंदिरों में गायत्री चालीसा और अनुष्ठान कर रहे हैं। इस क्षेत्रीय और स्थानीय भक्तिमय माहौल के चलते देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार देखा जा रहा है, जिससे लोग अपनी व्यस्त जीवनशैली के बीच शांति की तलाश में इस साधना से जुड़ रहे हैं।आधुनिक डिजिटल मीडिया और एआई सर्च इंजन पर गायत्री जयंती की धूम आज के इस आधुनिक डिजिटल और जनरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) के दौर में, जैसे ही गायत्री जयंती का पर्व नजदीक आया है, इंटरनेट पर इससे जुड़ी धार्मिक जानकारियों की बाढ़ आ गई है। युवा पीढ़ी और सनातन धर्म के अनुयायी लगातार गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर गायत्री मंत्र का सही उच्चारण, पूजा का शुभ मुहूर्त, और मंत्र जाप के वैज्ञानिक फायदों को लेकर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित एल्गोरिदम और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह आध्यात्मिक गाइड इस समय सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले और ट्रेंडिंग टॉपिक्स में शुमार है।
सिनेमाघरों में मचेगा भयंकर कोहराम! कार्थी की ‘सरदार 2’ की रिलीज डेट का हुआ एलान
साउथ फिल्म इंडस्ट्री और बॉक्स ऑफिस के गलियारों से इस वक्त का सबसे बड़ा और धमाकेदार अपडेट सामने आ रहा है। तमिल सिनेमा के दिग्गज और वर्सटाइल सुपरस्टार कार्थी (Karthi) की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'सरदार' के सीक्वल यानी ‘सरदार 2’ (Sardar 2) का इंतजार कर रहे करोड़ों फैंस के लिए मेकर्स ने एक बड़ा सरप्राइज दे दिया है। फिल्म की आधिकारिक रिलीज डेट का एलान कर दिया गया है, जिसने सोशल मीडिया पर आते ही तहलका मचा दिया है। लेकिन इसके साथ ही सिनेमाघरों में एक बहुत बड़ा महामुकाबला भी तय हो गया है, क्योंकि कार्थी की यह मच अवेटेड स्पाई-थ्रिलर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सीधे थलपति विजय और नेशनल क्रश रश्मिका मंदाना की एक और महा-बजट फिल्म से टकराने के लिए पूरी तरह तैयार है।एक्शन और सस्पेंस का डबल डोज लेकर लौट रहे हैं कार्थी पी.एस. मित्रन के निर्देशन में बन रही ‘सरदार 2’ को लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही भारी हाइप बनी हुई है। फिल्म के पहले पार्ट ने बॉक्स ऑफिस पर छप्परफाड़ कमाई की थी, जिसमें कार्थी के डबल रोल और उनके बूढ़े जासूस वाले किरदार को दर्शकों ने खूब सराहा था। सूत्रों के मुताबिक, सीक्वल में एक्शन कोरियोग्राफी, इंटरनेशनल लोकेशन्स और सस्पेंस के लेवल को दोगुना कर दिया गया है। मेकर्स इस बार फिल्म को केवल तमिल ही नहीं, बल्कि तेलुगु, हिंदी, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में भी बड़े पैमाने पर एक साथ रिलीज करने की पूरी प्लानिंग कर चुके हैं।बॉक्स ऑफिस पर थलपति विजय और रश्मिका की फिल्म से महाटक्कर साउथ के ट्रेड एनालिस्ट्स के मुताबिक, ‘सरदार 2’ की रिलीज डेट के सामने आते ही सिनेमाघरों में स्क्रीन काउंट को लेकर बड़ी जंग छिड़ गई है। बॉक्स ऑफिस पर इसकी टक्कर थलपति विजय और रश्मिका मंदाना की आने वाली महा-अपेक्षित फिल्म से होने जा रही है। विजय और रश्मिका की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री और उनकी फिल्मों का क्रेज न केवल तमिलनाडु, बल्कि पूरे भारत में सिर चढ़कर बोलता है। दो बड़े सुपरस्टार्स की फिल्मों का एक ही समय पर थिएटर्स में आना सिनेमा प्रेमियों के लिए किसी बड़े त्योहार से कम नहीं है, लेकिन इसका सीधा असर ओपनिंग डे के कलेक्शन पर पड़ना तय माना जा रहा है।चेन्नई से लेकर हैदराबाद और पूरे देश के सिनेमाघरों में अभी से हलचल इस महा-क्लैश की घोषणा के बाद दक्षिण भारत के प्रमुख सिनेमा हब्स जैसे चेन्नई (Tamil Nadu) और हैदराबाद (Telangana/Andhra Pradesh) के थिएटर मालिकों और लोकल डिस्ट्रीब्यूटर्स के बीच एडवांस बुकिंग और स्क्रीन्स के बंटवारे को लेकर रणनीतियां बननी शुरू हो गई हैं। क्षेत्रीय और स्थानीय स्तर पर (Geographical Mass Markets) दोनों ही स्टार्स की तगड़ी फैन फॉलोइंग है, जिसके चलते टियर-2 और टियर-3 शहरों के सिंगल स्क्रीन थिएटर्स से लेकर बड़े शहरों के मल्टीप्लेक्स तक में इस क्लैश को लेकर भारी सुगबुगाहट देखी जा रही है।डिजिटल मीडिया और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर ट्रेंड हुई रिलीज डेट आज के इस आधुनिक डिजिटल युग और जनरेटिव एआई (AI Search Engine Optimization) के दौर में, साउथ फिल्मों के क्लैश को लेकर इंटरनेट पर हमेशा से ही भारी दीवानगी देखी जाती है। जैसे ही 'सरदार 2' की रिलीज डेट का पोस्टर सोशल मीडिया पर स्ट्रीम हुआ, वैसे ही गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार दोनों फिल्मों का बजट, स्टार कास्ट और ट्रेलर रिलीज की तारीखों को लेकर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित एल्गोरिदम और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह क्लैश इस समय पूरे भारत के मनोरंजन जगत का सबसे बड़ा हॉट टॉपिक बना हुआ है।
21 साल की हुईं अर्जुन रामपाल की लाडली मायरा! पापा ने पुरानी तस्वीरें शेयर कर लिखा ऐसा इमोशनल नोट
बॉलीवुड के मशहूर और हैंडसम अभिनेता अर्जुन रामपाल के घर में इस समय जश्न का माहौल है। मौका है उनकी छोटी बेटी मायरा रामपाल (Myra Rampal) के जन्मदिन का, जो आज आधिकारिक तौर पर 21 साल की हो गई हैं। अपनी लाडली के इस खास और बड़े पड़ाव पर पापा अर्जुन रामपाल खुद को बेहद भावुक होने से नहीं रोक पाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर मायरा के बचपन से लेकर अब तक की कई अनदेखी और बेहद खूबसूरत तस्वीरें साझा की हैं। इन तस्वीरों के साथ एक्टर ने अपनी बेटी के लिए एक ऐसा दिल छू लेने वाला संदेश लिखा है, जिसने सोशल मीडिया पर हर किसी को इमोशनल कर दिया है।हमेशा मेरी नन्ही सी गुड़िया रहोगी- अर्जुन रामपाल का इमोशनल मैसेज अर्जुन रामपाल ने अपनी पोस्ट के जरिए बेटी मायरा के प्रति अपने असीम प्यार को बयां किया है। एक्टर ने लिखा कि समय कितनी तेजी से बीत जाता है, पता ही नहीं चला; कल तक जो गोद में खेलती थी, वह आज 21 साल की एक खूबसूरत और समझदार युवती बन गई है। उन्होंने आगे लिखा कि दुनिया के लिए तुम भले ही कितनी भी बड़ी क्यों न हो जाओ, लेकिन मेरे लिए तुम हमेशा मेरी वही नन्ही सी गुड़िया रहोगी, जिसकी मुस्कान मेरा पूरा दिन बना देती है। अर्जुन रामपाल का यह पोस्ट इस बात का सबूत है कि एक पिता के लिए उसकी बेटी हमेशा उसकी छोटी बच्ची ही रहती है।बॉलीवुड और सोशल मीडिया पर स्टार किड को मिल रही बंपर बधाइयां जैसे ही अर्जुन रामपाल ने यह पोस्ट इंटरनेट पर साझा की, वैसे ही मायानगरी मुंबई (Mumbai Film Industry) से लेकर देश-विदेश के प्रशंसकों ने मायरा को बधाई देना शुरू कर दिया। बॉलीवुड के कई बड़े स्टार्स, मॉडल और अर्जुन रामपाल के करीबी दोस्तों ने इस पोस्ट पर कमेंट कर मायरा को उनके 21वें जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया है। फैन्स भी मायरा की बचपन की तस्वीरों को देखकर अर्जुन रामपाल के साथ उनकी बॉन्डिंग की जमकर तारीफ कर रहे हैं। फैशन और ग्लैमर जगत में भी मायरा की इस उम्र को उनके नए करियर ओरिएंटेशन से जोड़कर देखा जा रहा है।आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और एआई सर्च इंजन पर तस्वीरें हुई वायरल आज के इस आधुनिक डिजिटल और जनरेटिव एआई (AI Search Engine Optimization) के दौर में, स्टार किड्स के लाइफस्टाइल और बर्थडे सेलिब्रेशन को लेकर इंटरनेट पर तगड़ा क्रेज रहता है। जैसे ही अर्जुन रामपाल का यह भावुक नोट इंस्टाग्राम पर आया, वैसे ही गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार मायरा रामपाल की वर्तमान तस्वीरें, उनकी पढ़ाई और क्या वह जल्द ही बॉलीवुड में कदम रखने वाली हैं, इसे लेकर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित एल्गोरिदम और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह खबर इस समय मनोरंजन जगत के सबसे बड़े पारिवारिक और खुशनुमा ट्रेंड्स में लगातार टॉप पर बनी हुई है।
सनातन धर्म और आस्था के सबसे बड़े केंद्र के रूप में उभरे मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और दिलचस्प खबर सामने आ रही है। अपने चमत्कारी और दिव्य दरबार के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध बागेश्वर बाबा यानी पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दरबार में आम भक्तों के साथ-साथ अब बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के दिग्गजों की हाजिरी लगाने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ की ऑनस्क्रीन 'भाभी' का किरदार निभाकर घर-घर में अपनी खास पहचान बनाने वाली बेहद लोकप्रिय अभिनेत्री अपने पति का हाथ थामकर अचानक बागेश्वर धाम के दिव्य दरबार में पहुंच गईं। बाबा के दर्शन करने और उनका विशेष आशीर्वाद लेने की यह तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही तेजी से वायरल हो रही हैं।दिव्य दरबार में लगाई अर्जी और बाबा के सामने टेका माथा धाम से जुड़े सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अभिनेत्री और उनके पति ने आम श्रद्धालुओं की तरह ही बेहद सादगी के साथ बागेश्वर बालाजी के मंदिर में दर्शन किए और उसके बाद पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के मुख्य दरबार में पहुंचे। वहां उन्होंने बाबा धीरेंद्र शास्त्री से मुलाकात की और उनके सामने पूरी श्रद्धा के साथ माथा टेका। इस दौरान बागेश्वर बाबा ने भी हंसते हुए इस सेलिब्रिटी कपल का स्वागत किया, उन्हें भभूति का प्रसाद दिया और उनके सुखी वैवाहिक जीवन और उज्ज्वल भविष्य के लिए विशेष आशीर्वाद प्रदान किया। दरबार में मौजूद लाखों श्रद्धालु फिल्मी दुनिया के इस बड़े चेहरे को अपने बीच पाकर बेहद उत्साहित नजर आए।बुंदेलखंड और छतरपुर के स्थानीय लोगों में बढ़ा भारी उत्साह बागेश्वर धाम के चलते मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र और छतरपुर जिले जैसे भौगोलिक इलाकों (Geographical Hubs) में धार्मिक पर्यटन को एक अभूतपूर्व बढ़ावा मिला है। स्थानीय स्तर पर जैसे ही यह खबर फैली कि टाइगर श्रॉफ की ऑनस्क्रीन 'भाभी' अपने पति के साथ छतरपुर पहुंची हैं, वहां के स्थानीय निवासियों और धाम के आसपास के दुकानदारों में भारी हलचल मच गई। इस तरह के बड़े सेलिब्रिटी इनपुट्स और लोकल ऑप्टिमाइजेशन के चलते बागेश्वर धाम का यह पूरा क्षेत्र वैश्विक स्तर पर लगातार सुर्खियों में बना रहता है, जिससे स्थानीय रोजगार और धार्मिक आस्था का यह केंद्र और अधिक मजबूत हो रहा है।डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और आधुनिक एआई सर्च इंजन पर तस्वीरें हुई ट्रेंड आज के इस आधुनिक डिजिटल युग और जनरेटिव एआई (AI Search Engine Optimization) के दौर में, सेलिब्रिटीज के धार्मिक दौरों को लेकर इंटरनेट पर जबरदस्त दीवानगी देखी जाती है। जैसे ही इस स्टार कपल की बागेश्वर धाम से तस्वीरें और वीडियो क्लिप्स इंटरनेट पर पोस्ट की गईं, वैसे ही गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार अभिनेत्री का असली नाम, उनके पति का बैकग्राउंड और टाइगर श्रॉफ की किस फिल्म में उन्होंने भाभी का रोल किया था, इसे लेकर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित एल्गोरिदम और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह खबर इस समय आस्था और मनोरंजन जगत का सबसे बड़ा महासंगम बनकर टॉप ट्रेंड्स में बनी हुई है।
भारतीय सिनेमा जगत यानी बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री की बेहद खूबसूरत और दिग्गज अभिनेत्री तमन्ना भाटिया इस समय अपनी फिल्मों से ज्यादा अपने एक बेहद दार्शनिक और बेबाक बयान को लेकर सुर्खियों में आ गई हैं। अपनी कड़ी मेहनत और बेहतरीन अभिनय के दम पर आज करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति (Net Worth) की मालकिन बन चुकीं तमन्ना भाटिया ने पैसे, अमीरी और जीवन की खुशियों को लेकर एक ऐसा बयान दिया है जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। एक हालिया इंटरव्यू में जब एक्ट्रेस से उनकी शानदार लाइफस्टाइल और भारी-भरकम नेटवर्थ को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने बहुत ही संजीदगी से जवाब देते हुए कहा कि एक निश्चित सीमा या लिमिट के बाद इतने सारे पैसों का कोई भी इंसान अकेले आखिर क्या ही करेगा?अकूत धन-दौलत और पैसे की सीमा पर तमन्ना का बेबाक नज़रिया चकाचौंध भरी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में जहां अक्सर स्टार्स अपनी महंगी गाड़ियों और लग्जरी लाइफ का दिखावा करते हैं, वहीं तमन्ना भाटिया का यह नज़रिया बिल्कुल अलग और जमीन से जुड़ा हुआ है। एक्ट्रेस ने खुलकर बात करते हुए कहा कि पैसा जीवन जीने के लिए और बुनियादी जरूरतों को शानदार तरीके से पूरा करने के लिए बेहद जरूरी है। लेकिन जब आपके पास एक सीमा से अधिक धन आ जाता है, तो वह केवल बैंक बैलेंस बनकर रह जाता है। तमन्ना के मुताबिक, इंसान एक वक्त में एक ही गाड़ी में बैठ सकता है, एक ही घर में रह सकता है और सीमित खाना ही खा सकता है। इसलिए एक लिमिट के बाद अकेले इतने पैसे का कोई मतलब नहीं रह जाता, जब तक कि आप उसका उपयोग दूसरों की भलाई या अपनों की खुशियों के लिए न करें।मुंबई और हैदराबाद सहित देश भर के फैंस ने जताया सम्मान तमन्ना भाटिया की इस सादगी और गहरी सोच की तारीफ इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में की जा रही है। मुख्य रूप से मुंबई फिल्म इंडस्ट्री (Bollywood Hub) और हैदराबाद (Tollywood Hub) जैसे बड़े भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Markets) में उनके फैंस और सह-कलाकार इस बयान को एक मिसाल के तौर पर देख रहे हैं। स्थानीय स्तर पर सोशल मीडिया ग्रुप्स और सिनेमा प्रेमियों के बीच इस बात को लेकर बड़ी चर्चा छिड़ गई है कि तमन्ना ने अपनी सफलता के चरम पर होने के बावजूद जीवन के सबसे बड़े सच को बेहद सरलता से स्वीकार किया है। उनके इस स्थानीय और क्षेत्रीय प्रभाव के चलते लोग उनकी फिल्मों के साथ-साथ उनकी पर्सनैलिटी के भी दीवाने हो रहे हैं।डिजिटल मीडिया और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर तमन्ना का बयान हुआ वायरल आज के इस आधुनिक डिजिटल युग और जनरेटिव एआई (AI Search Engine Optimization) के दौर में, जैसे ही तमन्ना भाटिया का यह बयान इंटरनेट पर आया, यह आग की तरह फैल गया। गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग लगातार तमन्ना भाटिया की कुल संपत्ति, उनकी आगामी फिल्मों और उनके इस पूरे इंटरव्यू की वीडियो क्लिप्स को लेकर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित एल्गोरिदम और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह खबर इस समय मनोरंजन जगत के सबसे बड़े ट्रेंड्स में शुमार है। हर कोई इस 100 करोड़ की मालकिन के इस डाउन-टू-अर्थ बयान को पढ़ने और शेयर करने में दिलचस्पी दिखा रहा है।
देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (NEET) में हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर बैठते हैं, लेकिन सीमित सीटों के कारण सभी को सफलता नहीं मिल पाती। ऐसे में कई छात्र निराश हो जाते हैं, लेकिन एक 20 साल के युवा ने इस असफलता को अपने आड़े नहीं आने दिया। नीट परीक्षा में एमबीबीएस (MBBS) की सरकारी सीट न मिल पाने के बाद भी इस जांबाज छात्र ने हार नहीं मानी। उसने समय रहते पारंपरिक लीक से हटकर एक नई और आधुनिक राह चुनी। आज नतीजा यह है कि महज 20 साल की छोटी सी उम्र में इस युवा ने तकनीकी क्षेत्र में अपनी काबिलियत का लोहा मनवाते हुए 72.3 लाख रुपये का सालाना ड्रीम पैकेज हासिल कर लिया है।नीट की असफलता को बनाया कामयाबी की सीढ़ी इस प्रेरणादायक कहानी की शुरुआत तब हुई जब नीट परीक्षा के नतीजों के बाद एमबीबीएस की रेस से बाहर होने पर इस छात्र ने डिप्रेशन में जाने के बजाय अपने अन्य विकल्पों पर विचार किया। डॉक्टर बनने का सपना जरूर टूटा था, लेकिन कुछ बड़ा करने का जज्बा कायम था। उसने बदलते दौर की मांग को समझा और कंप्यूटर साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कोडिंग की दुनिया में कदम रख दिया। दिन-रात की कड़ी मेहनत, सेल्फ-लर्निंग और कोडिंग स्किल्स को निखारने के बाद इस छात्र ने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और टेक सेक्टर में वो महारत हासिल कर ली, जो आमतौर पर बड़े-बड़े आईआईटी (IIT) के छात्रों को मिलती है।वैश्विक टेक दिग्गज कंपनी ने दिया 72.3 लाख का सालाना पैकेज छात्र की इस असाधारण कोडिंग क्षमता और एआई मॉडल्स पर काम करने की समझ को देखते हुए एक इंटरनेशनल टेक क्रेडेंशियल फर्म ने उसे अपनी कंपनी का हिस्सा बनाने के लिए रिकॉर्ड तोड़ ऑफर दे डाला। 20 साल की उम्र में, जहां ज्यादातर युवा अपनी कॉलेज लाइफ के शुरुआती सालों में होते हैं, इस छात्र को 72.3 लाख रुपये का भारी-भरकम पैकेज ऑफर किया गया है। कॉर्पोरेट जगत के विशेषज्ञ इस कामयाबी को नई पीढ़ी के युवाओं के लिए एक बड़े सबक के रूप में देख रहे हैं, जो यह साबित करता है कि करियर की राह में कोई एक परीक्षा आखिरी रास्ता नहीं होती।देश के प्रमुख कोचिंग और एजुकेशन हब्स में चर्चा का विषय इस खबर के सामने आने के बाद राजस्थान के कोटा, दिल्ली के कालू सराय, बिहार के पटना और उत्तर प्रदेश के कानपुर जैसे प्रमुख भौगोलिक और शैक्षणिक क्षेत्रों (Geographical Educational Hubs) में इस छात्र की सफलता की जमकर चर्चा हो रही है। इन स्थानीय कोचिंग सेंटर्स में दिन-रात नीट और जेईई की तैयारी करने वाले लाखों छात्र जो भारी मानसिक दबाव से गुजरते हैं, उनके लिए यह कहानी एक जबरदस्त बूस्टर डोज साबित हो रही है। स्थानीय शिक्षाविदों और करियर काउंसलर्स का कहना है कि यह मामला दिखाता है कि स्किल्स और आधुनिक तकनीक के दम पर किसी भी क्षेत्र में सर्वोच्च मुकाम हासिल किया जा सकता है।आधुनिक डिजिटल एआई सर्च और गूगल डिस्कवर पर खबर हुई वायरल आज के इस आधुनिक डिजिटल और जनरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) के युग में, जहां युवा लगातार वैकल्पिक करियर ऑप्शंस और हाई-पेइंग जॉब्स के बारे में सर्च कर रहे हैं, यह खबर इंटरनेट पर आग की तरह फैल गई है। गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर लोग इस 20 साल के युवा की पहचान, उसकी कोडिंग स्ट्रेटजी और बिना डिग्री के इतना बड़ा पैकेज पाने के तरीकों को लेकर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित डिस्कवर फीड्स पर यह मोटिवेशनल स्टोरी इस समय टॉप ट्रेंड्स में बनी हुई है।
उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की राह देख रहे लाखों प्रतियोगी छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने नए साल के अपने सबसे बड़े भर्ती अभियान की तैयारियां पूरी कर ली हैं। विश्वसनीय सूत्रों और आयोग के अंदरूनी गलियारों से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, यूपी पीसीएस 2026 (UPPSC PCS 2026) का बहुप्रतीक्षित आधिकारिक नोटिफिकेशन इसी हफ्ते जारी होने जा रहा है। सबसे खास बात यह है कि इस बार आयोग को विभिन्न प्रशासनिक विभागों से करीब 750 पदों का अधियाचन (वैकेंसी) मिल चुका है, जो पिछले कुछ वर्षों की तुलना में एक बेहद बड़ा और शानदार आंकड़ा माना जा रहा है।प्रशासनिक पदों की बंपर संख्या से अभ्यर्थियों में भारी उत्साह यूपी पीसीएस 2026 के तहत आने वाले इन 750 पदों में डिप्टी कलेक्टर (SDM), पुलिस उपाधीक्षक (DYSP), खंड विकास अधिकारी (BDO), सहायक आयुक्त (Assistant Commissioner) और बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) जैसे कई बेहद प्रतिष्ठित और मलाईदार पद शामिल हैं। आयोग के अधिकारियों का कहना है कि नोटिफिकेशन जारी होने के बाद भी प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम आने तक पदों की संख्या में और अधिक बढ़ोतरी हो सकती है। इतनी बड़ी संख्या में वैकेंसी आने की खबर से प्रयागराज, लखनऊ और दिल्ली में रहकर तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के बीच जबरदस्त उत्साह और नई ऊर्जा देखने को मिल रही है।एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती को लेकर भी आयोग ने किया बड़ा रुख साफ पीसीएस परीक्षा के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के राजकीय इंटर कॉलेजों में एलटी ग्रेड (LT Grade) शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए भी आयोग से एक बेहद महत्वपूर्ण अपडेट आया है। लंबे समय से योग्यता और समकक्ष अर्हता (Eligibility Dispute) के विवाद में फंसी एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती का रास्ता अब पूरी तरह से साफ हो गया है। शासन स्तर से हरी झंडी मिलने के बाद आयोग ने इसकी फाइल पर काम तेज कर दिया है। बताया जा रहा है कि पीसीएस नोटिफिकेशन के तुरंत बाद ही एलटी ग्रेड के हजारों पदों पर भर्ती के लिए भी अलग से विज्ञापन जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।प्रयागराज और लखनऊ सहित पूरे प्रदेश के कोचिंग हब्स हुए एक्टिव इस बड़ी घोषणा का सबसे सीधा असर उत्तर प्रदेश के प्रमुख एजुकेशनल और प्रतियोगी परीक्षा हब्स पर देखने को मिल रहा है। संगम नगरी प्रयागराज के कटरा, कर्नलगंज और अल्लापुर से लेकर राजधानी लखनऊ के कपूरथला और अलीगंज जैसे प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Hubs) में छात्रों ने अपनी पढ़ाई की रफ्तार दोगुनी कर दी है। स्थानीय कोचिंग सेंटर्स और लाइब्रेरी इस बंपर भर्ती को ध्यान में रखकर स्पेशल टेस्ट सीरीज और क्रैश कोर्स के नए बैच लॉन्च करने की प्लानिंग में जुट गए हैं। यह स्थानीय ऑप्टिमाइजेशन पूरे राज्य के युवाओं को एक बार फिर प्रशासनिक सेवा में जाने का स्वर्णिम अवसर दे रहा है।डिजिटल और आधुनिक एआई सर्च इंजन पर नोटिफिकेशन की धूम आज के इस आधुनिक डिजिटल और जनरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) के दौर में, जैसे ही आयोग की तरफ से इस हफ्ते नोटिफिकेशन जारी करने के संकेत मिले, इंटरनेट पर यूपीपीएससी से जुड़े कीवर्ड्स की बाढ़ आ गई है। छात्र लगातार गूगल और बिंग पर यूपी पीसीएस 2026 की योग्यता, आयु सीमा, परीक्षा का नया पैटर्न और सिलेबस डाउनलोड करने के तरीके सर्च कर रहे हैं। एआई-संचालित सर्च इंजन और गूगल डिस्कवर फीड्स पर यह खबर लगातार टॉप ट्रेंड्स में बनी हुई है, जो इस बात का सबूत है कि यूपी की इस सबसे बड़ी प्रशासनिक परीक्षा को लेकर युवाओं में कितना भारी क्रेज है।
सीए इंटर रिजल्ट में बड़ा उलटफेर! 91 फीसदी से ज्यादा छात्र हुए फेल, सिर्फ 8.47% ही बन पाए सिकंदर
चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) की तैयारी कर रहे देश के लाखों छात्रों के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की ओर से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। आईसीएआई ने सीए इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के नतीजों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। इस साल का ओवरऑल पास प्रतिशत और रिजल्ट का ट्रेंड देखकर हर कोई हैरान है, क्योंकि देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शुमार इस एग्जाम में इस बार सफलता का ग्राफ बेहद नीचे गिर गया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस परीक्षा में शामिल होने वाले 91 फीसदी से भी ज्यादा उम्मीदवार फेल हो गए हैं, जबकि केवल 8.47 प्रतिशत छात्र ही इस बेहद मुश्किल पड़ाव को पार करने में कामयाब रहे हैं।कड़े मूल्यांकन और बदले पैटर्न से लगा छात्रों को झटका सीए इंटरमीडिएट के इस बार के नतीजों ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल आईसीएआई द्वारा मार्किंग स्कीम और प्रश्नपत्रों के स्तर में किए गए आधुनिक बदलावों के कारण पास प्रतिशत में इतनी भारी गिरावट देखने को मिली है। सीए की परीक्षा में दोनों ग्रुप को एक साथ क्लियर करना हमेशा से ही छात्रों के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है, और इस बार का कड़ा मूल्यांकन उन छात्रों पर भारी पड़ गया जो आंशिक तैयारी के भरोसे परीक्षा हॉल में पहुंचे थे। जो छात्र सफल हुए हैं, उनके घरों में जहां जश्न का माहौल है, वहीं असफल रहने वाले लाखों उम्मीदवार अब अपनी कॉपियों की री-वेरिफिकेशन और अगले अटेंप्ट की रणनीतियों में जुट गए हैं।देश के प्रमुख शहरों और लोकल कोचिंग हब्स में सन्नाटा इस रिजल्ट का सबसे सीधा और बड़ा असर भारत के प्रमुख एजुकेशनल और सीए कोचिंग हब्स पर देखने को मिल रहा है। दिल्ली के लक्ष्मी नगर, राजस्थान के कोटा, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, महाराष्ट्र के मुंबई और पुणे जैसे प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Hubs) में, जहां हजारों की संख्या में छात्र दिन-रात सीए की तैयारी करते हैं, वहां इस कम पास प्रतिशत के बाद हड़कंप मच गया है। स्थानीय कोचिंग सेंटर्स और शिक्षाविदों ने इस रिजल्ट पर मंथन शुरू कर दिया है ताकि आने वाले टर्म में छात्रों की कमजोरियों को दूर किया जा सके और स्थानीय स्तर पर सफलता के इस आंकड़े को दोबारा सुधारा जा सके।डिजिटल ट्रेंड्स और एआई सर्च इंजन पर रिजल्ट की भारी गूंज आज के आधुनिक डिजिटल और जनरेटिव एआई (AI Search Engine Optimization) के इस दौर में, जैसे ही आईसीएआई ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर लिंक एक्टिवेट किया, वैसे ही इंटरनेट पर ट्रैफिक का सैलाब आ गया। गूगल और बिंग जैसे आधुनिक सर्च इंजनों पर छात्र लगातार टॉपर्स की लिस्ट, पासिंग क्राइटेरिया, मिनिमम कट-ऑफ और स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के तरीकों को लेकर रीयल-टाइम सर्च कर रहे हैं। एआई-पावर्ड न्यूज फीड्स और गूगल डिस्कवर पर यह खबर इस समय टॉप ट्रेंड्स में बनी हुई है, जो यह दर्शाती है कि देश के युवाओं और प्रोफेशनल सेक्टर के बीच सीए के नतीजों को लेकर कितना बड़ा क्रेज रहता है।
Air India Flight Pakistan Airspace: भारतीय विमानन क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली और संवेदनशील खबर सामने आई है। दिल्ली से अमृतसर के लिए उड़ान भरने वाला एयर इंडिया का एक यात्री विमान एयरबस ए-321 तकनीकी खराबी के चलते अपना रास्ता भटक गया और अचानक ...
कर्णप्रयाग-नगरासू घटनाओं पर CM धामी हुए सख्त, बोले- दोषी के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई...
Chief Minister Pushkar Singh Dhami : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कर्णप्रयाग और नगरासू में सामने आई घटनाओं को लेकर सरकार की ओर से सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रशासन और पुलिस पूरी ...
क्राइम और सस्पेंस की दुनिया से एक बेहद दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते को पूरी तरह से शर्मसार कर दिया है। केतन नाम के एक बेगुनाह युवक की मौत की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने जो सनसनीखेज खुलासा किया है, उसने हर किसी के होश उड़ा दिए हैं। जांच अधिकारियों के मुताबिक, केतन की मौत कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि उसकी अपनी ही पत्नी सिया द्वारा रची गई एक बेहद ठंडे दिमाग की सोची-समझी मर्डर प्लानिंग थी। पुलिस का कहना है कि काश केतन समय रहते बाली ट्रिप (Bali Trip) के पीछे छिपी सिया की उस खतरनाक चाल और खौफनाक इरादों को समझ जाता, तो आज वह हमारे बीच जिंदा होता।बाली ट्रिप की आड़ में तैयार हुआ मौत का ब्लूप्रिंट पुलिस की गिरफ्त में आई आरोपी पत्नी सिया से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो इस मर्डर मिस्ट्री की एक-एक परतें हैरान करने वाले तरीके से खुलने लगीं। सिया ने कबूल किया कि उसने केतन को रास्ते से हटाने के लिए काफी पहले ही स्क्रिप्ट तैयार कर ली थी। उसने केतन के सामने एक बेहद रोमांटिक और लग्जरी बाली वेकेशन का आइडिया रखा, जिसे सुनकर केतन बेहद खुश हो गया था। केतन जिसे अपनी जिंदगी का सबसे खूबसूरत हनीमून या वेकेशन समझकर पूरी शिद्दत से होटल और फ्लाइट्स की बुकिंग और प्लानिंग कर रहा था, वह असल में उसकी पत्नी द्वारा उसकी ही कब्र खोदने का एक जरिया मात्र था।लोकल इनपुट्स और पुलिस की पैनी नजर से पकड़ा गया झूठ वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी सिया ने पुलिस और कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए इसे एक सामान्य दुर्घटना या सुसाइड का रूप देने की पूरी कोशिश की थी। लेकिन देश के विभिन्न स्थानीय और क्षेत्रीय खुफिया नेटवर्क (Geographical Intelligence) और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम ने जब घटनास्थल से सबूत जुटाए, तो सिया की थ्योरी पूरी तरह से फेल हो गई। पुलिस ने जब केतन और सिया के स्थानीय ठिकानों, मोबाइल लोकेशन्स और बैंक ट्रांजैक्शन्स को खंगाला, तो पता चला कि ट्रिप की प्लानिंग के दौरान ही सिया किसी अन्य संदिग्ध व्यक्ति के साथ लगातार संपर्क में थी।आधुनिक डिजिटल फॉरेंसिक और एआई जांच से खुली पोल आज के इस आधुनिक दौर में जहां क्रिमिनल खुद को बचाने के लिए नए पैंतरे अपनाते हैं, वहीं हमारी जांच एजेंसियां भी जनरेटिव एआई (AI Tools) और एडवांस डिजिटल फॉरेंसिक का इस्तेमाल कर रही हैं। पुलिस ने सिया के सोशल मीडिया अकाउंट्स, डिलीट किए गए चैट्स और इंटरनेट सर्च हिस्ट्री को री-स्टोर किया, जिससे यह साफ हो गया कि वह पिछले कई महीनों से 'परफेक्ट मर्डर' और 'हादसे में मौत दिखाने के तरीके' गूगल पर सर्च कर रही थी। इस डिजिटल और मॉडर्न इनपुट ने पुलिस को पुख्ता सबूत दिए, जिसके बाद सिया का खेल पूरी तरह ओवर हो गया और वह सलाखों के पीछे पहुंच गई।
सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जाल में फंसाने और उनका धर्म परिवर्तन कराने का एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है। बबीता नाम की एक युवती का फेसबुक से शुरू हुआ सफर अब देश की बड़ी केंद्रीय जांच एजेंसियों के दफ्तर तक पहुंच चुका है। प्यार के झूठे वादों, भावनाओं के खेल और फिर बबीता से 'खदीजा' बनने की यह पूरी कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी लगती है, लेकिन इसका सच बेहद डरावना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जब सुरक्षा और जांच एजेंसियों ने इस पर अपनी पैनी नजर डाली और तफ्तीश शुरू की, तो इसके पीछे किसी बड़े और सुनियोजित नेटवर्क का हाथ होने के संकेत मिले हैं, जिसकी परतें अब एक-एक कर खुलने लगी हैं।फेसबुक की डिजिटल दोस्ती और प्यार का वो जाल इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत बेहद सामान्य तरीके से फेसबुक पर एक फ्रेंड रिक्वेस्ट के साथ हुई थी। बबीता नाम की इस लड़की से फेसबुक के जरिए एक युवक ने संपर्क साधा और धीरे-धीरे बातों का सिलसिला गहरी दोस्ती में तब्दील हो गया। आरोपी ने बबीता का भरोसा जीतने के लिए खुद को बेहद शरीफ और मददगार साबित करने की कोशिश की। प्यार के बड़े-बड़े वादे किए गए और भविष्य के हसीन सपने दिखाए गए। बबीता इस बात से बिल्कुल अनजान थी कि डिजिटल स्क्रीन के पीछे बैठा शख्स कोई प्रेमी नहीं, बल्कि एक बेहद शातिर ऑपरेटर है जो उसे एक सोची-समझी साजिश के तहत अपने जाल में फंसा रहा था।दबाव का खेल और बबीता का खदीजा में रूपांतरण जैसे ही बबीता पूरी तरह से प्यार के झांसे में आ गई, वैसे ही असली खेल शुरू हो गया। भावनात्मक ब्लैकमेलिंग और मानसिक दबाव का सहारा लेकर धीरे-धीरे बबीता पर धर्म बदलने का दबाव बनाया जाने लगा। सूत्रों के मुताबिक, बबीता को उसके परिवार और पुराने समाज से पूरी तरह अलग-थलग कर दिया गया, जिससे वह पूरी तरह सामने वाले पर निर्भर हो गई। आखिरकार, शादी और सुरक्षा का झांसा देकर बबीता का धर्म परिवर्तन करा दिया गया और उसका नाम बदलकर खदीजा रख दिया गया। इसके बाद लड़की को किसी संदिग्ध गतिविधियों में शामिल करने की भी कोशिश की जा रही थी, जिसकी भनक सुरक्षा एजेंसियों को लग गई।स्थानीय इनपुट और जांच एजेंसियों की ताबड़तोड़ कार्रवाई इस मामले का खुलासा तब हुआ जब देश के अलग-अलग राज्यों और स्थानीय खुफिया तंत्र (Geographical Security Network) को इस संदिग्ध नेटवर्क के बारे में इनपुट मिले। जांच एजेंसियों ने स्थानीय स्तर पर छापेमारी कर जब कड़ियां जोड़ीं, तो पता चला कि यह कोई अकेला मामला नहीं है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में इस तरह के सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए लड़कियों को टारगेट किया जा रहा है। जांच एजेंसियां अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही हैं कि इस धर्म परिवर्तन के खेल के पीछे कोई विदेशी फंडिंग या टेरर लिंक तो नहीं है।डिजिटल सुरक्षा और आधुनिक एआई सर्च पर बड़ी चेतावनी आज के आधुनिक दौर में जहां जनरेटिव एआई और सोशल मीडिया एल्गोरिदम लोगों के बिहेवियर को ट्रैक कर रहे हैं, ऐसे में यह मामला डिजिटल सुरक्षा को लेकर एक बड़ा अलार्म है। इंटरनेट पर इस तरह की खबरों को लेकर इस वक्त जबरदस्त सर्च की जा रही है। सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि एआई बेस्ड मॉनिटरिंग के जरिए अब सोशल मीडिया के ऐसे संदिग्ध और फर्जी प्रोफाइल्स पर नकेल कसना बेहद जरूरी हो गया है, ताकि बबीता जैसी अन्य मासूम लड़कियों को शिकार बनने से बचाया जा सके।
कॉर्पोरेट जगत और भारतीय बिजनेस सेक्टर से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। देश के सबसे प्रतिष्ठित और भरोसेमंद कारोबारी समूह टाटा ग्रुप (Tata Group) की एक बड़ी कंपनी में शीर्ष स्तर पर बहुत बड़ा उलटफेर हो गया है। कंपनी के प्रदर्शन और लगातार हो रहे वित्तीय नुकसान को लेकर हुई एक हाई-लेवल बोर्ड बैठक के बाद कंपनी के एक बेहद सीनियर और दिग्गज अधिकारी की विदाई हो गई है। बोर्ड के इस कड़े और औचक फैसले ने पूरे भारतीय टेक और रिटेल बाजार को चौंका दिया है। सूत्रों के मुताबिक, कंपनी को इस घाटे के दलदल से बाहर निकालने और नए जमाने के हिसाब से री-स्ट्रक्चर करने के लिए वैश्विक ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन (Amazon) से एक शीर्ष अधिकारी को लाने का फैसला किया गया है।बोर्ड मीटिंग में घाटे पर हुआ था भारी हंगामा इस बड़े इस्तीफे और विदाई की पटकथा पिछले दिनों हुई कंपनी की एक महत्वपूर्ण बोर्ड बैठक में ही लिख दी गई थी। बैठक के दौरान कंपनी की पिछली कुछ तिमाहियों के वित्तीय नतीजों और बढ़ते घाटे को लेकर बोर्ड मेंबर्स ने गंभीर चिंता जताई थी। रणनीतिक बदलावों और भारी निवेश के बावजूद कंपनी का परफॉर्मेंस उम्मीद के मुताबिक नहीं रह पा रहा था, जिसके चलते निवेशकों और बोर्ड का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था। इसी वित्तीय घाटे और ऑपरेशनल विफलता का मुद्दा गरमाने के बाद आखिरकार शीर्ष स्तर पर इस विदाई का रास्ता साफ हो गया, जिसे टाटा ग्रुप के अब तक के सबसे कड़े फैसलों में से एक माना जा रहा है।अमेजन के दिग्गज अधिकारी को कमान सौंपने की बड़ी तैयारी घाटे के इस चक्रव्यूह को तोड़ने और डिजिटल मार्केट में अपनी बादशाहत दोबारा कायम करने के लिए टाटा ग्रुप ने अब एक वैश्विक रणनीति अपनाई है। कंपनी के नए मुखिया के तौर पर दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स और टेक कंपनियों में से एक, अमेजन (Amazon) के एक बेहद अनुभवी और कद्दावर अधिकारी को नियुक्त करने का मन बना लिया गया है। अमेजन से आने वाले इन नए अधिकारी के पास ग्लोबल सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स, एआई-बेस्ड ऑपरेशन्स और बड़े पैमाने पर बिजनेस को मुनाफे में लाने का एक शानदार ट्रैक रिकॉर्ड है। टाटा को उम्मीद है कि यह नया नेतृत्व कंपनी के पूरे वर्क कल्चर और बिजनेस मॉडल को बदलकर रख देगा।लोकल और डिजिटल मार्केट पर टाटा का नया फोकस टाटा की यह बड़ी कंपनी भारत के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Markets) और स्थानीय शहरों में फैले अपने बड़े उपभोक्ता आधार को मजबूत करने के लिए नए सिरे से काम करेगी। टियर-2 और टियर-3 शहरों में ई-कॉमर्स और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती स्थानीय मांग को ध्यान में रखकर अब नई रणनीतियां तैयार की जा रही हैं। मॉडर्न जनरेटिव एआई (AI Search) और डेटा-संचालित ऑपरेशन्स का सहारा लेकर कंपनी अपने डिलीवरी नेटवर्क और इन्वेंट्री मैनेजमेंट को बेहद स्मार्ट बनाएगी ताकि स्थानीय ग्राहकों को अमेज़न जैसा ही विश्वस्तरीय और तेज अनुभव टाटा के भरोसे के साथ मिल सके।
देश के सियासी गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां संसद के सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर अपने चिर-परिचित अंदाज में विपक्ष और मुख्य रूप से कांग्रेस पार्टी पर तीखा तंज कसा है। सदन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विपक्षी खेमे की कार्यशैली पर चुटकी लेते हुए कहा कि अब देश का राजनीतिक माहौल पूरी तरह बदल चुका है। उन्होंने कहा कि आम जनता की बात तो छोड़ ही दीजिए, अब तो खुद कांग्रेस पार्टी के भीतर के लोगों और उनके नेताओं को भी अपनी उम्मीदें पूरी होने के लिए हमारी ही सरकार से आस लगानी पड़ रही है। पीएम मोदी के इस चुटीले बयान के बाद सदन में जहां थपथपाहट गूंज उठी, वहीं विपक्षी खेमे में पूरी तरह सन्नाटा पसर गया।पीएम मोदी ने विपक्ष के दावों की हवा निकाली सदन में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष द्वारा लगातार उठाए जा रहे मुद्दों और घेराबंदी के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष पिछले कई सालों से सिर्फ नकारात्मक राजनीति और विरोध की राह पर चल रहा है, जिसके कारण देश की जनता ने उन्हें पूरी तरह से नकार दिया है। पीएम मोदी ने चुटकी लेते हुए आगे कहा कि कांग्रेस के पास अब न तो कोई ठोस नीति बची है और न ही कोई मजबूत नेतृत्व, यही वजह है कि जब भी उनके खुद के क्षेत्रों के विकास की बात आती है, तो उनके सांसद और नेता भी दबी जुबान में बीजेपी सरकार के मंत्रियों के पास ही चक्कर लगाते दिखते हैं और अपनी उम्मीदें जताते हैं।स्थानीय विकास और क्षेत्रीय राजनीति पर साधा सीधा निशाना प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों और क्षेत्रीय भौगोलिक स्तरों (Geographical Hubs) पर हो रहे विकास कार्यों का हवाला देते हुए विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बिना किसी भेदभाव के देश के हर राज्य, हर जिले और हर गांव तक विकास योजनाओं को पहुंचा रही है। चाहे उत्तर भारत के राज्य हों या दक्षिण और पूर्वोत्तर के इलाके, हर जगह विकास की एक नई बयार बह रही है। पीएम मोदी ने साफ किया कि यही वजह है कि कांग्रेस शासित या विपक्ष के प्रभाव वाले स्थानीय क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि भी जानते हैं कि विकास का काम सिर्फ और सिर्फ मोदी सरकार ही कर सकती है, इसलिए उनकी उम्मीदें भी अब हमसे ही बंधी हुई हैं।डिजिटल और एआई युग में पीएम मोदी के बयान की भारी गूंज आज के आधुनिक डिजिटल युग और जनरेटिव एआई (AI Search Engine Optimization) के दौर में प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आग की तरह फैल गया है। देश के कोने-कोने में लोग इस तीखे राजनीतिक पलटवार को लेकर लगातार सर्च कर रहे हैं। एआई बेस्ड न्यूज फीड्स और गूगल डिस्कवर पर यह खबर सबसे ऊपर ट्रेंड कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पीएम मोदी ने इस एक बयान से न सिर्फ संसद के भीतर विपक्ष के मनोबल को तोड़ा है, बल्कि देश की जनता के बीच यह संदेश भी बेहद मजबूती से पहुंचा दिया है कि देश के विकास का विकल्प सिर्फ और सिर्फ मौजूदा सरकार के पास ही है।
वैश्विक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मोर्चे पर एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव को कम करने के लिए चल रही समझौता वार्ता पर भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने एक बेहद बड़ा और दूरगामी बयान दिया है। डोभाल ने इस संभावित अंतरराष्ट्रीय समझौते का विश्लेषण करते हुए संकेत दिए हैं कि दोनों देशों के बीच बढ़ती नजदीकियां और पाबंदियों में ढील भारत के लिए हर मोर्चे पर गेम-चेंजर साबित हो सकती हैं। इस बयान के बाद वैश्विक राजनीति के गलियारों में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि भारत इस क्षेत्र में एक प्रमुख रणनीतिक और आर्थिक हिस्सेदार है।क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट और एनर्जी सिक्योरिटी को मिलेगी मजबूती भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों और कच्चे तेल (Crude Oil) की आपूर्ति के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर रहता है। अजीत डोभाल के इस बयान के बाद आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता अंतिम रूप लेता है, तो वैश्विक बाजार में ईरानी तेल की वापसी का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा। बाजार में कच्चे तेल की उपलब्धता बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में भारी गिरावट आ सकती है। यह स्थिति भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था, महंगाई पर नियंत्रण और देश की समग्र ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) को एक बहुत बड़ी और सीधी राहत प्रदान करेगी।चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट और लोकल कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार इस समझौते का सबसे बड़ा और सकारात्मक असर क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे और भारत के महत्वाकांक्षी चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट (Chabahar Port Project) पर पड़ने वाला है। भारत के पश्चिमी राज्यों जैसे गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों से सीधे ईरान के चाबहार तक होने वाले व्यापारिक रूट को इस डील के बाद एक नया बूस्ट मिलेगा। भौगोलिक और क्षेत्रीय ऑप्टिमाइजेशन (Geographical Optimization) के लिहाज से यह भारत को पाकिस्तान को बाईपास करते हुए सीधे मध्य एशिया और यूरोप से जोड़ने का सबसे सुगम रास्ता देगा। डोभाल के इस रुख से साफ है कि पाबंदियां हटने के बाद भारत चाबहार में अपने निवेश और स्थानीय कनेक्टिविटी नेटवर्क को रिकॉर्ड गति से आगे बढ़ाएगा।एआई युग और बदलते जियोपॉलिटिकल समीकरणों में भारत की रणनीतिक बढ़त आज के आधुनिक दौर में जहां जनरेटिव एआई और डिजिटल इंटेलिजेंस के जरिए देश अपनी रणनीतिक नीतियां तैयार कर रहे हैं, भारत का यह रुख बेहद सधा हुआ है। अमेरिका-ईरान के बीच संतुलन बनाने की भारत की यह कूटनीति आने वाले समय में वैश्विक सप्लाई चेन और डिजिटल ट्रेड रूट्स को भी सुरक्षित करेगी। सुरक्षा और विदेश नीति के जानकारों का कहना है कि अजीत डोभाल का यह बयान भारत की उस मजबूत और स्वतंत्र विदेश नीति का प्रतीक है, जो बिना किसी वैश्विक दबाव के देश के आर्थिक हितों और तकनीकी सुरक्षा को सबसे ऊपर रखती है।
ग्लोबल टेक्नोलॉजी और सुपरकंप्यूटिंग की महाजंग में चीन ने सुपरपावर अमेरिका को एक बहुत बड़ा और करारा झटका दिया है। टेक जगत से आ रही इस समय की सबसे बड़ी खबर के मुताबिक, चीन द्वारा विकसित किया गया नया सुपरकंप्यूटर 'लाइनशाइन' (LineShine) आधिकारिक तौर पर दुनिया का सबसे तेज और सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर घोषित कर दिया गया है। इस ऐतिहासिक कामयाबी के साथ ही चीन ने अमेरिका के सबसे एडवांस सुपरकंप्यूटर्स को प्रोसेसिंग स्पीड और परफॉर्मेंस के मामले में काफी पीछे छोड़ दिया है। वैश्विक स्तर पर तकनीक के इस बड़े उलटफेर ने दोनों देशों के बीच जारी टेक-वॉर (Tech War) को एक बिल्कुल नए और बेहद आक्रामक मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है।अभूतपूर्व स्पीड और गणना क्षमता से दुनिया दंग चीन का यह नया सुपरकंप्यूटर 'लाइनशाइन' आधुनिक विज्ञान और इंजीनियरिंग का एक बेजोड़ नमूना है। इसकी कम्प्यूटेशनल क्षमता और डेटा प्रोसेसिंग स्पीड इतनी अविश्वसनीय है कि यह महज कुछ ही सेकेंड्स में उन बेहद जटिल गणितीय गणनाओं और वैज्ञानिक रिसर्च से जुड़े डेटा को प्रोसेस कर सकता है, जिन्हें करने में सामान्य कंप्यूटरों को हजारों साल लग जाएंगे। वैज्ञानिकों का कहना है कि 'लाइनशाइन' की इस तूफानी रफ्तार की बदौलत मौसम का सटीक पूर्वानुमान लगाने, अंतरिक्ष विज्ञान की खोजों, गहरे समुद्र के रहस्यों को सुलझाने और बेहद जटिल बायो-मेडिकल रिसर्च के काम में क्रांतिकारी तेजी देखने को मिलेगी।जेनरेटिव एआई और आधुनिक टेक के नए युग की शुरुआत इस सुपरकंप्यूटर को पूरी तरह से भविष्य की आधुनिक जरूरतों जैसे कि जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Generative AI), डीप लर्निंग और न्यूरल नेटवर्क्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। 'लाइनशाइन' की मदद से चीन अब और अधिक एडवांस एआई मॉडल्स, स्वायत्त प्रणालियों (Autonomous Systems) और अगली पीढ़ी की अत्याधुनिक मिलिट्री टेक्नोलॉजी को तेजी से विकसित कर सकेगा। जानकारों का मानना है कि यह सुपरकंप्यूटर वैश्विक एआई रेस (AI Race) और एआई सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के दौर में चीन को बाकी सभी देशों की तुलना में एक बेहद मजबूत और रणनीतिक बढ़त दिलाने में गेम-चेंजर साबित होने वाला है।वैश्विक टेक समीकरणों और क्षेत्रीय धाक पर बड़ा असर चीन की इस तकनीकी छलांग का सीधा असर एशिया-प्रशांत क्षेत्र (Asia-Pacific Region) सहित पूरी दुनिया के भू-राजनीतिक और तकनीकी समीकरणों पर पड़ने वाला है। इस लोकल और ग्लोबल ऑप्टिमाइजेशन के जरिए चीन ने यह साबित कर दिया है कि वह हार्डवेयर और चिप डिजाइनिंग के क्षेत्र में भी पूरी तरह से आत्मनिर्भर होने की दिशा में बढ़ चुका है। अमेरिका लंबे समय से सुपरकंप्यूटिंग की टॉप लिस्ट में पहले पायदान पर काबिज था, लेकिन चीन के 'लाइनशाइन' के इस जोरदार धमाके ने अमेरिकी टेक कंपनियों और वाशिंगटन के नीति निर्माताओं को अपनी तकनीकी रणनीतियों पर दोबारा गहराई से विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है।
Europe killer heat wave: यूरोप इस समय कुदरत के सबसे भयानक प्रकोप का सामना कर रहा है। पूरे महाद्वीप में जारी भीषण 'किलर हीट वेव' (Heatwave) ने अब तक 58 लोगों की जान ले ली है। ग्रीस में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिसने पिछले कई ...
24 जुलाई से पहले महाडील! भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर लगी मुहर, होने वाला है बड़ा धमाका
ग्लोबल इकॉनमी और वैश्विक कूटनीति के मोर्चे पर एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से लंबित द्विपक्षीय व्यापार समझौता (ट्रेड डील) अब अपने बिल्कुल आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है। दोनों देशों के शीर्ष नीति निर्माताओं और अधिकारियों के बीच कई दौर की उच्चस्तरीय बैठकों के बाद ड्राफ्ट को अंतिम रूप दे दिया गया है। नई दिल्ली और वाशिंगटन के विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आगामी 24 जुलाई से पहले इस ऐतिहासिक व्यापार समझौते का औपचारिक ऐलान किया जा सकता है। यह महाडील न केवल दोनों महाशक्तियों के बीच रणनीतिक रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन के समीकरणों को भी पूरी तरह से री-शेप करने की क्षमता रखती है।प्रमुख भारतीय सेक्टर्स और निर्यात को मिलेगा जबरदस्त बूस्ट इस व्यापक व्यापार समझौते के लागू होने से भारतीय निर्यातकों और घरेलू उद्योगों को अमेरिकी बाजार में बहुत बड़ी और आसान पहुंच मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से भारत के कपड़ा (टेक्सटाइल), फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग सामान और कृषि उत्पादों से जुड़े क्षेत्रों को इस डील से सीधा और सबसे बड़ा फायदा पहुंचेगा। अमेरिकी बाजार में भारतीय सामानों पर लगने वाली कुछ प्रमुख ड्यूटियों और टैरिफ में कटौती की संभावना है, जिससे भारतीय उत्पाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' और आत्मनिर्भर भारत अभियान को वैश्विक मंच पर एक नई रफ्तार देने वाला साबित होगा।लोकल मैन्युफैक्चरिंग हब्स और क्षेत्रीय रोजगार में आएगी भारी तेजी इस मेगा ट्रेड डील का सबसे सकारात्मक असर भारत के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Hubs) और स्थानीय विनिर्माण केंद्रों पर देखने को मिलेगा। तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र, और उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्लस्टर्स में अमेरिकी डिमांड को पूरा करने के लिए उत्पादन गतिविधियों में भारी तेजी आने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने से देश के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों से जुड़े युवाओं के लिए लाखों की संख्या में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह भौगोलिक ऑप्टिमाइजेशन भारत के हर राज्य को सीधे अमेरिकी अर्थव्यवस्था और ग्लोबल ट्रेड रूट से जोड़ने का काम करेगा।एआई और डिजिटल ट्रेड के नए दौर में दोनों देश बढ़ाएंगे कदम आधुनिक दौर की तकनीकी जरूरतों और जेनरेटिव एआई (AI) के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए इस समझौते में डिजिटल ट्रेड, डेटा सिक्योरिटी और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को लेकर भी बेहद खास प्रावधान किए गए हैं। भारत और अमेरिका तकनीकी ट्रांसफर और रिसर्च के क्षेत्र में आपसी सहयोग को नए स्तर पर ले जाने के लिए सहमत हुए हैं। दोनों देशों का यह आधुनिक कदम भविष्य की जनरेटिव इंजन प्रौद्योगिकियों और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग को ध्यान में रखकर उठाया गया है, जिससे दोनों देश मिलकर चीन जैसी वैश्विक आर्थिक शक्तियों के एकाधिकार को चुनौती दे सकें।
दलाल स्ट्रीट पर आज सुबह से ही बुल्स का पूरा कब्जा देखने को मिल रहा है। हफ्ते के कारोबारी सत्र में घरेलू शेयर बाजार ने एक बार फिर शानदार वापसी की है। चौतरफा खरीदारी के दम पर बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स करीब 600 अंकों की छलांग लगाकर मजबूत स्थिति में कारोबार कर रहा है। वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 इंडेक्स भी तेजी का नया रिकॉर्ड बनाते हुए 23,950 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। बाजार में आई इस अचानक तेजी से निवेशकों की संपत्ति में भारी इजाफा हुआ है और पिछले कुछ दिनों से जारी सुस्ती पूरी तरह गायब हो चुकी है।ग्लोबल मार्केट के मजबूत संकेतों ने भरा बाजार में दम इस बड़ी तेजी के पीछे सबसे मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिलने वाले सकारात्मक संकेत हैं। अमेरिकी बाजारों में आई मजबूती और एशियाई बाजारों में लौटी हरियाली ने भारतीय निवेशकों के सेंटिमेंट को बूस्ट करने का काम किया है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से बिकवाली का दबाव कम होने और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की लगातार खरीदारी ने बाजार के निचले स्तरों पर मजबूत सपोर्ट दिया है। क्रूड ऑयल यानी कच्चे तेल की कीमतों में आई स्थिरता भी भारतीय अर्थव्यवस्था और घरेलू इक्विटी मार्केट के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट साबित हुई है।आईटी सेक्टर के शेयरों में लौटी भारी रौनक आज के इस तेजी के चक्रव्यूह में सबसे आगे देश का आईटी (Information Technology) इंडेक्स दौड़ रहा है। पिछले कुछ सत्रों से दबाव झेल रहे आईटी शेयरों में आज जबरदस्त शॉर्ट कवरिंग और नई खरीदारी देखी जा रही है। टीसीएस (TCS), इंफोसिस (Infosys), टेक महिंद्रा, विप्रो और एचसीएल टेक जैसे दिग्गज आईटी स्टॉक्स में भारी वॉल्यूम के साथ बढ़त दर्ज की गई है। जानकारों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर तकनीकी खर्च में सुधार की उम्मीदों और बड़े डील्स की घोषणाओं के चलते निवेशकों ने एक बार फिर आईटी सेक्टर पर अपना भरोसा जताया है, जिससे पूरा इंडेक्स चमक उठा है।लोकल और क्षेत्रीय बाजारों में बढ़ा रिटेल निवेशकों का भरोसा डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स और एआई (AI) आधारित मॉडर्न इन्वेस्टमेंट टूल्स के आ जाने से भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक के लोकल निवेशक भी इस रैली का पूरा फायदा उठा रहे हैं। देश के अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Regions) से रिटेल निवेशकों की भागीदारी शेयर बाजार में लगातार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है। यह स्थानीय निवेश भारतीय शेयर बाजार को एक नया और मजबूत आधार प्रदान कर रहा है, जिससे वैश्विक उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय बाजार लगातार रिकवरी मोड में बने हुए हैं।
बैंकों में मची होड़! ब्याज दरें गिरते ही जून में जुटा डाले ₹1 लाख करोड़, जानिए क्या है नया गणित
भारतीय बैंकिंग सेक्टर में इस समय फंड जुटाने की जबरदस्त हलचल देखी जा रही है। बाजार में ब्याज दरों में आई हालिया गिरावट का फायदा उठाने के लिए देश के वाणिज्यिक बैंकों ने शॉर्ट-टर्म रिसोर्सेज यानी अल्पकालिक फंड जुटाने की रफ्तार को काफी तेज कर दिया है। इसके लिए बैंक बड़े पैमाने पर सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (CD) जारी कर रहे हैं। बैंकिंग सूत्रों और ताजा वित्तीय आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष के जून महीने में ही बैंकों ने सीडी (CD) के जरिए बाजार से करीब 1 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जुटा ली है। बाजार के जानकारों का कहना है कि लिक्विडिटी की स्थिति को बेहतर बनाए रखने और क्रेडिट ग्रोथ यानी लोन की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बैंकों ने यह आक्रामक रुख अपनाया है।ब्याज दरों में कटौती का बैंकों ने उठाया पूरा फायदा पिछले कुछ समय से बाजार में ब्याज दरों का रुख नीचे की ओर बना हुआ है। दरों में आई इस नरमी ने बैंकों के लिए फंड जुटाने की लागत को काफी कम कर दिया है। जब ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो बैंकों को फंड जुटाने के लिए ज्यादा ब्याज देना पड़ता है, जिससे उनका कॉस्ट ऑफ फंड बढ़ जाता है। लेकिन जैसे ही ब्याज दरों में गिरावट का दौर शुरू हुआ, बैंकों ने बिना वक्त गंवाए कम लागत पर मोटी रकम जुटाने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया। यही वजह है कि जून के महीने में सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट जारी करने की गतिविधि में अचानक एक बड़ा उछाल दर्ज किया गया है।लोन की बढ़ती मांग को पूरा करने की बड़ी तैयारी इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों और स्थानीय बाजारों में रिटेल से लेकर कॉर्पोरेट लोन की मांग में लगातार तेजी देखी जा रही है। विशेष रूप से महानगरीय और औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी लोन की आवश्यकता बढ़ी है। इस स्थानीय और क्षेत्रीय ऋण मांग (Geographical Credit Demand) को समय पर पूरा करने के लिए बैंकों को अपने पास पर्याप्त नकदी बनाए रखनी होगी। जून में जुटाए गए इस 1 लाख करोड़ रुपये के फंड का एक बड़ा हिस्सा इसी लोन ग्रोथ को सपोर्ट करने और देश के विभिन्न क्षेत्रों में क्रेडिट फ्लो को सुचारू बनाए रखने में इस्तेमाल किया जाएगा।आधुनिक बैंकिंग और लिक्विडिटी मैनेजमेंट का नया दौर आज के दौर में जब एआई और आधुनिक जनरेटिव तकनीक वित्तीय बाजारों की चाल को तेजी से प्रभावित कर रही हैं, बैंक भी अपने लिक्विडिटी मैनेजमेंट को बेहद स्मार्ट और डायनेमिक बना रहे हैं। बैंक अब पारंपरिक तरीकों के बजाय रीयल-टाइम डेटा और एल्गोरिदम का उपयोग करके यह तय कर रहे हैं कि उन्हें कब और किस दर पर बाजार से पैसा उठाना है। जून महीने में रिकॉर्ड मात्रा में सीडी जारी करना इसी आधुनिक वित्तीय रणनीति का हिस्सा है, जिससे बैंकों को कम समय में और कम लागत पर अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में बड़ी सफलता मिली है।
अदाणी ग्रुप ने आने वाले दशक यानी साल 2030 के भारत की बढ़ती और आधुनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी और दूरदर्शी मास्टरप्लान तैयार किया है। देश की आर्थिक रफ्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग को देखते हुए ग्रुप ने अपनी रणनीतियों में बड़े और बुनियादी बदलाव किए हैं। यह नया रोडमैप न केवल अदाणी ग्रुप के भविष्य के विस्तार को नई दिशा देगा, बल्कि भारत के लॉजिस्टिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी और पोर्ट्स सेक्टर की पूरी तस्वीर को भी बदलकर रख देगा। इस रणनीतिक बदलाव के जरिए ग्रुप खुद को वैश्विक मंच पर और अधिक मजबूत स्थिति में स्थापित करने की तैयारी कर रहा है।ग्रीन एनर्जी और रिन्यूएबल सेक्टर पर सबसे बड़ा दांव इस नए मास्टरप्लान के केंद्र में भारत का बदलता हुआ एनर्जी लैंडस्केप है। अदाणी ग्रुप ने 2030 तक देश की क्लीन एनर्जी की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने निवेश का एक बड़ा हिस्सा रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की तरफ मोड़ दिया है। ग्रुप का लक्ष्य न केवल दुनिया का सबसे बड़ा ग्रीन एनर्जी उत्पादक बनना है, बल्कि भारत के कार्बन उत्सर्जन को कम करने के राष्ट्रीय संकल्प में भी अग्रणी भूमिका निभाना है। इसके लिए सौर और पवन ऊर्जा के साथ-साथ ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट्स पर काम तेजी से बढ़ा दिया गया है, जो आने वाले समय में देश के औद्योगिक विकास की रीढ़ बनेंगे।लोकल इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक लॉजिस्टिक्स का कायाकल्प भौगोलिक और क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए अदाणी ग्रुप ने देश के कोने-कोने में अपने लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन नेटवर्क को मजबूत करने की योजना बनाई है। भारत के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों को मुख्य आर्थिक केंद्रों से जोड़ने के लिए नए मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और अत्याधुनिक पोर्ट्स का विकास किया जा रहा है। लोकल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने वाले इस कदम से न केवल व्यापार सुगम होगा, बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। ग्रुप का यह घरेलू ऑप्टिमाइजेशन भारत के हर हिस्से को वैश्विक व्यापार मार्ग से जोड़ने का काम करेगा।तकनीक और एआई आधारित ऑपरेशन्स पर फोकस 2030 के डिजिटल और आधुनिक भारत की रेस में आगे रहने के लिए अदाणी ग्रुप अपने मौजूदा कोर ऑपरेशन्स में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और अगली पीढ़ी की तकनीकों का समावेश कर रहा है। डेटा सेंटर्स के निर्माण से लेकर पोर्ट्स और एयरपोर्ट्स के डिजिटल मैनेजमेंट तक, हर स्तर पर स्मार्ट और ऑटोमेटेड सिस्टम लागू किए जा रहे हैं। इससे ऑपरेशन्स की कार्यकुशलता में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा। ग्रुप का यह तकनीकी बदलाव भविष्य की चुनौतियों से निपटने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारतीय उद्योगों को सबसे आगे रखने की दूरगामी सोच का नतीजा है।
झारखंड के CM हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला, 765 सरकारी स्कूल बनेंगे Plus Two
Jharkhand News : झारखंड में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री सोरेन ने 765 सरकारी स्कूलों को Plus Two (12वीं तक) अपग्रेड करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस कदम से खासकर ...
अल-नीनो और कमजोर मानसून से देश के 315 जिलों में सूखे की आहट, कम बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता
अल नीनो और देश के बड़े हिस्से में मानसून की धीमी रफ्तार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मानसून जो इस बार 4 दिन की देरी से केरल पहुंचा था, उसकी रफ्तार काफी धीमी है। मध्यप्रदेश जहां सामान्य तौर पर मानसून 15-16 जून को दस्तक दे देता है वहां पर 10 दिन के ...
अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में जैसे जैसे जांच आगे बढ रही है, यह मामला और ज्यादा दिलचस्प होता जा रहा है। पूरे देश की नजर इस मामले पर है। बता दें कि इस मामले में एसआईटी ने 15 पन्नों की रिपोर्ट पीएमओ को सौंप दी है। इसमें चंपत राय की ...
राष्ट्रपति ने इस समारोह में कुल 65 पद्म पुरस्कार प्रदान किए। इनमें दो पद्म विभूषण, सात पद्म भूषण और 56 पद्मश्री पुरस्कार शामिल हैं। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित कर उनकी उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी गई।
मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में आएगा UCC विधेयक, 90% लोगों ने किया समर्थन
मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) का अहम विधेयक लाने जा रही है। समान नागरिक संहिता पर अब तक 9 लाख से अधिक सुझाव दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें लगभग 90 प्रतिशत सुझावों में यूसीसी के प्रति समर्थन ...
'आपके अंकल प्रेसिडेंट भी हों तब भी चालान कटेगा', कौन हैं ये कहने वाली IPS अनु बेनीवाल?
हाल ही में मप्र की एक आईपीएस अफसर यह कहकर चर्चा में आई थी कि 'आपके अंकल प्रेसिडेंट भी हों तब भी चालान कटेगा', उनका यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। जानते हैं कौन हैं ये आईपीएस अफसर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में गाड़ियों की रूटीन चेकिंग के ...
बालोतरा जिले में भू-अभिलेख निरीक्षक 20500 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट
बालोतरा। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को बालाेतरा जिले की गुड़ामालानी तहसील में सर्किल नगर भू-अभिलेख निरीक्षक (आरआई) नारायण लाल को 20 हजार 500 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी बाड़मेर को शिकायत मिली कि परिवादी के पिता […] The post बालोतरा जिले में भू-अभिलेख निरीक्षक 20500 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
सुबह आंख खुलने से लेकर रात को सोने तक, क्या आप भी बिना किसी वजह के फोन की स्क्रीन पर रील्स और मीम्स स्क्रोल करते रहते हैं? अगर हां, तो परेशान मत होइए, आप अकेले नहीं हैं। आज की युवा पीढ़ी 'डूमस्क्रोलिंग' (Doomscrolling) यानी सोशल मीडिया की इस खतरनाक लत से बुरी तरह जूझ रही है। डिजिटल स्क्रीन की इस दुनिया में लोग अपना सुकून और कीमती समय खो रहे हैं।लेकिन जरा सोचिए, क्या कोई ऐसा फोन हो सकता है जो चाहकर भी आपको सोशल मीडिया की लत के जाल में न फंसने दे? 80 और 90 के दशक में कंप्यूटर की दुनिया पर एकछत्र राज करने वाला दिग्गज ब्रांड कमोडोर (Commodore) अब ठीक ऐसा ही एक क्रांतिकारी कदम उठाने जा रहा है। कंपनी एक अनोखा फ्लिप फोन पेश कर रही है, जो आपको रील्स और नोटिफिकेशन के डिस्ट्रैक्शन से जबरदस्ती आजाद करा देगा। आइए जानते हैं टेक वर्ल्ड में खलबली मचाने वाले इस अनूठे गैजेट के बारे में।Commodore 64 की विरासत अब स्मार्टफोन के रूप में80 और 90 के दशक में अपने आइकॉनिक 'Commodore 64' कंप्यूटर से दुनिया को दीवाना बनाने वाली कंपनी कमोडोर अब स्मार्टफोन मार्केट में एक नए विज़न के साथ वापसी कर रही है। कंपनी जो नया फ्लिप फोन ला रही है, उसका नाम Commodore Callback 8020 है। यह फोन विशेष रूप से उन लोगों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जो अपनी भागदौड़ भरी डिजिटल लाइफ को सिंपल (Minimalsit) बनाना चाहते हैं और बिना किसी फालतू डिस्ट्रेक्शन के शांति से जीना चाहते हैं। आजकल युवाओं के बीच 'डम्ब फोन्स' (Dumb Phones) का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है और यह डिवाइस इसी जरूरत को पूरा करेगी।चाहकर भी नहीं देख पाएंगे रील्स, सिस्टम लेवल पर ब्लॉक होंगे ऐप्सCommodore Callback 8020 की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह आपके चाहने पर भी आपको सोशल मीडिया नहीं चलाने देगा। कंपनी ने इसमें सुरक्षा और ब्लॉकिंग के कई कड़े इंतजाम किए हैं:सिस्टम लेवल ब्लॉकिंग: इस फोन में यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक जैसे तमाम सोशल मीडिया ऐप्स और ओपन वेब ब्राउजर्स को सिस्टम के स्तर पर पूरी तरह ब्लॉक किया गया है।सॉलिड सिक्योरिटी पेटेंट: कंपनी का दावा है कि उन्होंने एक विशेष पेटेंट टेक्नोलॉजी विकसित की है, जिसके कारण कोई भी यूजर चाहकर भी बाहर से (थर्ड पार्टी एपीके के जरिए) इन प्रतिबंधित ऐप्स को इंस्टॉल नहीं कर पाएगा।DNS लेवल ब्लॉकिंग: अगर कोई बहुत बड़ा टेक एक्सपर्ट किसी चालाकी से सोशल मीडिया ऐप इंस्टॉल कर भी लेता है, तो फोन का एडवांस 'डीएनएस ब्लॉकिंग' सिस्टम ऐप के सर्वर को काम ही नहीं करने देगा। यानी रील देखना पूरी तरह नामुमकिन होगा।डोम LED नोटिफिकेशन: फोन में एक अनोखा डोम एलईडी लाइट नोटिफिकेशन सिस्टम दिया गया है, जो बिना स्क्रीन ऑन किए आपको जरूरी अलर्ट्स देगा। यह फोन दुनिया भर के सभी सिम कार्ड्स को सपोर्ट करता है।लिनक्स पर आधारित ओएस, चलेंगे वॉट्सऐप और गूगल मैप्सयह कोई आम पुराना कीपैड फोन नहीं है, बल्कि इसमें आज के जमाने की जरूरत के सभी जरूरी और काम के फीचर्स दिए गए हैं।काम के ऐप्स रहेंगे चालू: इस फ्लिप फोन में 'Sailfish OS' दिया गया है, जो लिनक्स (Linux) पर काम करने वाला एक सुरक्षित ऑपरेटिंग सिस्टम है। कंपनी के मुताबिक, इस पर 99% जरूरी एंड्रॉयड ऐप्स जैसे कि वॉट्सऐप (WhatsApp), सिग्नल (Signal), स्पॉटिफाई (Spotify) और गूगल मैप्स (Google Maps) पूरी तरह स्मूथ चलेंगे, ताकि आपकी कनेक्टिविटी प्रभावित न हो।90s के गेम्स और प्रीमियम ऑडियो: गेमिंग लवर्स के लिए इसमें कमोडोर 64 के जमाने के विंटेज और रेट्रो गेम्स पहले से प्री-इंस्टॉल्ड मिलेंगे। म्यूजिक के शौकीनों के लिए इसमें 8-बिट SID म्यूजिक प्लेयर, एफएम रेडियो, 3.5mm का हेडफोन जैक और एक प्रीमियम डीएसी (DAC) दिया गया है, जो बेहतरीन साउंड क्वालिटी देगा। खास बात यह है कि बॉक्स के साथ प्रीमियम ईयरफोन भी मिलेंगे।कैल्कुलेटर जैसी रेट्रो स्क्रीन और दमदार स्पेसिफिकेशन्सलुक के मामले में यह फोन पुराने और नए जमाने का एक बेहतरीन फ्यूजन है।रेट्रो लुक डिस्प्ले: फोन के बाहरी हिस्से पर एक छोटी सेकेंडरी स्क्रीन दी गई है, जो 1970 के दशक के मशहूर कमोडोर कैल्कुलेटर की याद दिलाती है। इसके लुक्स को बदलने के लिए चेंजेबल कवर्स का ऑप्शन भी मिलेगा।डिस्प्ले और स्टोरेज: इस डिवाइस में अंदर की तरफ 3.25 इंच का मेन डिस्प्ले (480 x 640 पिक्सल) और बाहर की तरफ 1.77 इंच का एक्सटर्नल डिस्प्ले दिया गया है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें 4GB रैम और 64GB की इंटरनल स्टोरेज मिलेगी, जिसे माइक्रो एसडी कार्ड की मदद से और बढ़ाया जा सकता है।कीमत और कब होगा लॉन्च?साल 2025 में कमोडोर ब्रांड का अधिग्रहण करने वाले क्रिश्चियन पेरी फ्रैक्टिक सिम्पसन (Christian Perry Phraktic Simpson) के अनुसार, कमोडोर का यह अनोखा फ्लिप फोन इस साल 2026 की चौथी तिमाही (अक्टूबर से दिसंबर के बीच) में मार्केट में मिलना शुरू हो जाएगा। कीमत की बात करें तो इसके अलग-अलग वेरिएंट्स के आधार पर इसकी कीमत 500 डॉलर से 640 डॉलर के बीच होगी, जो भारतीय मुद्रा के अनुसार लगभग 47,460 रुपये के आसपास बैठती है। डिजिटल डिटॉक्स (Digital Detox) चाहने वालों के लिए यह एक बेहतरीन प्रीमियम विकल्प हो सकता है।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से कानून-व्यवस्था को लेकर एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'जीरो टॉलरेंस' निर्देश के तहत यूपी पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। मुजफ्फरनगर में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई एक भीषण और सीधी मुठभेड़ में 25,000 रुपये का इनामी कुख्यात अपराधी, सीरियल रेपिस्ट और छोटा राजन गैंग का बेहद सक्रिय सदस्य सतपाल उर्फ सत्तू ढेर हो गया है।इस जवाबी कार्रवाई और एनकाउंटर के दौरान आरोपी की तरफ से की गई अंधाधुंध फायरिंग में दो जांबाज पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।रणजी प्लेयर से छोटा राजन गैंग का शॉर्प शूटर बनने की खौफनाक कहानीमुठभेड़ में मारे गए बदमाश सतपाल उर्फ सत्तू का इतिहास बेहद चौंकाने वाला और आपराधिक रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, सतपाल कभी क्रिकेट की पिच पर हाथ आजमाता था और वह एक रणजी प्लेयर (Ranji Trophy Player) भी रह चुका था। लेकिन खेल के मैदान से निकलकर उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा और देखते ही देखते वह मुंबई के अंडरवर्ल्ड और अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन गैंग का एक कुख्यात व सरगना बदमाश बन गया। उसके ऊपर कई राज्यों में हत्या, लूट, रंगदारी और जबरन वसूली जैसे दर्जनों संगीन मामले दर्ज थे।चार दिन पहले प्रकाश चौक से किया था नाबालिग का अपहरणसतपाल उर्फ सत्तू केवल अंडरवर्ल्ड की गतिविधियों तक ही सीमित नहीं था, बल्कि वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में एक खूंखार सीरियल रेपिस्ट (Serial Rapist) के रूप में भी एक्टिव था, जिससे इलाके की महिलाएं और बेटियां खौफजदा थीं।इस एनकाउंटर के पीछे की मुख्य वजह चार दिन पहले हुई एक दुस्साहसिक वारदात थी। आरोपी सतपाल ने मुजफ्फरनगर के व्यस्ततम इलाके 'प्रकाश चौक' से दिनदहाड़े एक नाबालिग लड़की का गनपॉइंट पर अपहरण कर लिया था। इस घटना के बाद से ही स्थानीय पुलिस, सर्विलांस और एसओजी की कई टीमें आरोपी की तलाश में लगातार कॉम्बिंग और छापेमारी कर रही थीं।SOG और पुलिस टीम पर की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में हुआ ढेरपुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि अपहरणकर्ता सतपाल नाबालिग लड़की को लेकर मुजफ्फरनगर के एक सुनसान इलाके से भागने की फिराक में है। सूचना मिलते ही एसओजी और स्थानीय पुलिस की टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दी। खुद को चारों तरफ से घिरा देख शातिर अपराधी सतपाल ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर सीधे तौर पर अत्याधुनिक हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।बदमाश की तरफ से हुई इस अचानक गोलीबारी में दो पुलिसकर्मियों को गोलियां लगीं और वे गंभीर रूप से जख्मी हो गए। पुलिस टीम ने तुरंत अपनी आत्मरक्षार्थ और अपहृत लड़की की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जवाबी फायरिंग की। दोनों तरफ से हुई कई राउंड की गोलीबारी में आरोपी सतपाल उर्फ सत्तू को गंभीर गोलियां लगीं, जिसके बाद वह मौके पर ही ढेर हो गया।सकुशल छुड़ाई गई नाबालिग बेटी, इलाके के लोगों ने ली राहत की सांसइस पूरे एनकाउंटर ऑपरेशन की सबसे बड़ी और राहत भरी सफलता यह रही कि पुलिस ने सूझबूझ दिखाते हुए मुठभेड़ के तुरंत बाद झाड़ियों और बदमाश के कब्जे से अपहृत नाबालिग लड़की को पूरी तरह से सकुशल (Safe and Sound) छुड़ा लिया। बच्ची को सही-सलामत पाकर उसके परिवार और स्थानीय जनता ने यूपी पुलिस और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े एक्शन की जमकर सराहना की है। मुजफ्फरनगर और आस-पास के जिलों में इस कुख्यात सीरियल रेपिस्ट के खात्मे के बाद से व्यापारियों और आम जनता ने राहत की सांस ली है। घायल पुलिसकर्मियों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
कौन है सिया का प्रेमी चेतन चौधरी, 6 महीनों में 2004 कॉल, 238 घंटे बातचीत और मर्डर के 3 प्लान
महाराष्ट्र के पुणे जिले में रियल एस्टेट कंपनी के निदेशक केतन विशाल अग्रवाल की सुनियोजित तरीके से खाई में धक्का देकर हत्या की गई और फिर उसे हादसे का रूप देने की कोशिश की गई। पुलिस ने मंगलवार को यह सनसनीखेज खुलासा किया। हालांकि केतन की मौत पर उसकी ...
राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए दर्दनाक कोचिंग सेंटर अग्निकांड (जिसमें बंद दरवाजों और खराब वेंटिलेशन के कारण 15 मासूम जिंदगियां खत्म हो गईं) के बाद उत्तर प्रदेश प्रशासन पूरी तरह हिल गया है। इस भयावह हादसे को बेहद गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश में अवैध और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले कोचिंग संस्थानों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीएम योगी के कड़े रुख के बाद हरकत में आए आला अधिकारियों और जिला प्रशासनों ने पूरे प्रदेश में एक बड़ा सर्च और सील अभियान (Crackdown) शुरू कर दिया है।इस औचक छापेमारी और जांच अभियान के तहत अब तक उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कुल 84 कोचिंग सेंटरों को नियमों का उल्लंघन करने और फायर सेफ्टी मानक न पूरे करने के आरोप में सील कर दिया गया है।सीएम योगी के निर्देश पर सड़कों पर उतरे अफसर, मंचा हड़कंपअलीगंज की घटना के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से स्पष्ट आदेश जारी किए गए थे कि छात्रों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। इसके बाद लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर समेत राज्य के तमाम बड़े शैक्षणिक हब वाले शहरों में जिलाधिकारियों (DM), पुलिस कप्तानों और फायर ब्रिगेड की संयुक्त टीमें सड़कों पर उतर आईं। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से कोचिंग संचालकों के बीच हड़कंप मच गया है। जांच के दौरान जिन भी सेंटरों में आपातकालीन निकास (Emergency Exit), वेंटिलेशन और अग्निशमन उपकरणों की कमी पाई गई, उन्हें बिना कोई मोहलत दिए तुरंत बंद करने की कार्रवाई की जा रही है।'फिजिक्स वाला' और 'खान सर' जैसी बड़ी कोचिंग्स पर चला प्रशासन का डंडाइस देशव्यापी अभियान के तहत प्रशासन ने किसी भी रसूखदार या बड़े नाम की परवाह न करते हुए सीधी कार्रवाई की है। सील किए गए 84 संस्थानों में देश के कई प्रतिष्ठित और नामी कोचिंग ब्रांड्स भी शामिल हैं। मिली जानकारी के अनुसार:एलेन कोचिंग (Allen Career Institute): मानकों की अनदेखी पाए जाने पर इसके सेंटरों पर ताला जड़ दिया गया है।फिजिक्स वाला (Physics Wallah): इस बड़े एडटेक प्लेटफॉर्म के विद्यापीठ सेंटरों में सुरक्षा कमियां मिलने पर इन्हें सील किया गया है।खान सर कोचिंग (Khan Sir Coaching): युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय खान सर के कोचिंग सेंटरों पर भी नियमों के उल्लंघन के चलते बड़ी कार्रवाई हुई है।कानपुर के काकादेव और वाराणसी के दुर्गाकुंड जैसे घने कोचिंग इलाकों में यह कार्रवाई सबसे ज्यादा देखने को मिली है, जहां संकरी गलियों में बिना बेसमेंट क्लीयरेंस और फायर एनओसी (NOC) के धड़ल्ले से कोचिंग्स चलाई जा रही थीं।'आकाश इंस्टीट्यूट' जैसे कुछ बड़े नाम अभी भी कार्रवाई के दायरे से बाहर?उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन की इस ताबड़तोड़ और निष्पक्ष दिखने वाली कार्रवाई के बीच एक बड़ा सवालिया निशान भी खड़ा हो गया है। जमीनी रिपोर्ट और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जहां एक तरफ 'एलेन' और 'फिजिक्स वाला' जैसे बड़े दिग्गजों पर ताला लटका दिया गया है, वहीं दूसरी तरफ 'आकाश इंस्टीट्यूट' (Aakash Institute) और आकाश कोचिंग जैसे कई अन्य बेहद बड़े और रसूखदार नाम अभी भी इस सीलिंग अभियान के दायरे से पूरी तरह बाहर बने हुए हैं।चर्चाएं गर्म हैं कि क्या इन सेंटरों के पास वाकई सभी मानक पूरे हैं या फिर रसूख के चलते इनके खिलाफ जांच की आंच धीमी पड़ गई है। छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि अगर सुरक्षा का अभियान चलाना है, तो इसमें किसी भी संस्थान को छोटा या बड़ा मानकर रियायत नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि बच्चों की जान की कीमत सबके लिए बराबर है।
शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर का निधन: सदमे में 'रावलपिंडी एक्सप्रेस', खेल जगत में शोक की लहर
क्रिकेट जगत और पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) के परिवार से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। दुनिया के सबसे तेज गेंदबाज और 'रावलपिंडी एक्सप्रेस' के नाम से मशहूर शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर का निधन हो गया है। शोएब अख्तर ने खुद 23 जून को देर शाम सोशल मीडिया के जरिए इस अपूरणीय क्षति की जानकारी अपने फैंस और पूरी दुनिया के साथ साझा की। भाई के अचानक चले जाने से दिग्गज क्रिकेटर का पूरा परिवार गहरे सदमे और शोक में डूबा हुआ है।शोएब अख्तर ने सोशल मीडिया पर लिखा भावुक संदेशशोएब अख्तर ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक बेहद भावुक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, मुझे यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि मेरे प्यारे बड़े भाई शाहिद अख्तर अल्लाह के पास चले गए हैं। इस दुखद घड़ी में शोएब अख्तर ने अपने दिवंगत भाई की आत्मा की शांति और उन्हें जन्नत में आला मुकाम मिलने के लिए अल्लाह से दुआ मांगी है। इसके साथ ही उन्होंने दुनिया भर में फैले अपने करोड़ों फैंस और चाहने वालों से अपील की है कि वे उनके भाई और परिवार को अपनी खास दुआओं में जरूर याद रखें।खेल जगत में शोक की लहर, आज इस्लामाबाद में होगा अंतिम संस्कारशोएब अख्तर के बड़े भाई के इंतकाल की खबर मिलते ही खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। शोएब के फैंस, दुनिया भर के पूर्व और वर्तमान क्रिकेटरों के साथ-साथ पाकिस्तान के खेल जगत की तमाम बड़ी हस्तियों ने सोशल मीडिया पर उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और दिवंगत शाहिद अख्तर को भावभीनी श्रद्धांजलि दी है।पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मरहूम शाहिद अख्तर की अंतिम नमाज-ए-जनाजा आज बुधवार, 24 जून 2026 को असर की नमाज के बाद अदा की जाएगी। इसके बाद उन्हें पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के एच-8 (H-8) कब्रिस्तान में सुपुर्दे-खाक (अंतिम संस्कार) किया जाएगा।क्रिकेट इतिहास के सबसे तेज गेंदबाज हैं शोएब अख्तरअपनी तूफानी गेंदबाजी से बल्लेबाजों के दिलों में खौफ पैदा करने वाले शोएब अख्तर को क्रिकेट इतिहास का सबसे खतरनाक और तेज गेंदबाज माना जाता है। उन्होंने साल 2003 के आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप के दौरान इंग्लैंड के खिलाफ क्रिकेट इतिहास की सबसे तेज गेंद फेंकने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था।उस ऐतिहासिक मैच में शोएब अख्तर की गेंद की रफ्तार 161.3 किलोमीटर प्रति घंटा (KMPH) मापी गई थी। यह एक ऐसा अटूट महा-रिकॉर्ड है, जिसे क्रिकेट इतिहास का कोई भी गेंदबाज आज तक (साल 2026 तक) तोड़ने में कामयाब नहीं हो पाया है। शोएब अख्तर ने अपने पूरे अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान कई बार 150 KMPH से अधिक की रफ्तार का आंकड़ा पार किया, जो उनके अविश्वसनीय शारीरिक सामर्थ्य को दर्शाता है।'रावलपिंडी एक्सप्रेस' के शानदार करियर और रिकॉर्ड्स पर एक नज़रशोएब अख्तर की सबसे तेज गेंद फेंकने का वर्ल्ड रिकॉर्ड जितना महान है, उतने ही शानदार उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के आंकड़े भी हैं। उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट टीम की तरफ से तीनों फॉर्मेट में अपनी गेंदबाजी का लोहा मनवाया है:टेस्ट क्रिकेट: शोएब अख्तर ने पाकिस्तान के लिए 46 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने 25.7 के बेहतरीन गेंदबाजी औसत से कुल 178 विकेट अपने नाम किए।वनडे इंटरनेशनल (ODI): 163 वनडे मैचों में प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने 24.98 के शानदार औसत के साथ 247 बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया।टी20 इंटरनेशनल: फटाफट क्रिकेट के इस दौर में उन्होंने पाकिस्तान के लिए 15 टी20 मैच खेले और 22.74 के औसत से 19 विकेट हासिल किए।खेल के मैदान पर बड़ी से बड़ी टीम के बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त करने वाले शोएब अख्तर आज अपने जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं, और पूरा खेल जगत इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है।
शेयर बाजार के निवेशकों और रेलवे स्टॉक में रुचि रखने वालों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर आ रही है। भारतीय रेलवे की वित्तीय रीढ़ मानी जाने वाली सरकारी कंपनी 'इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन' (IRFC) को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार इस नवरत्न कंपनी में 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) के जरिए अपनी 2 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी बेचने की पूरी तैयारी कर चुकी है। इस विनिवेश (Disinvestment) के जरिए सरकार का लक्ष्य बाजार से एक भारी-भरकम फंड जुटाना है। यदि आप भी शेयर बाजार में निवेश करते हैं या कमाई का कोई बेहतरीन मौका ढूंढ रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।क्या है सरकार का पूरा प्लान और 'ग्रीनशू ऑप्शन'?केंद्र सरकार की तरफ से इस हिस्सेदारी बिक्री को लेकर विस्तृत योजना साझा की गई है। तय रणनीति के मुताबिक, सरकार शुरुआत में आईआरएफसी (IRFC) की 1 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी बाजार में बिक्री के लिए उतारेगी। यदि इस हिस्सेदारी को निवेशकों की तरफ से शानदार रिस्पॉन्स मिलता है और मांग ज्यादा रहती है, तो सरकार 'ग्रीनशू ऑप्शन' (Greenshoe Option) का इस्तेमाल करेगी। इस ऑप्शन के तहत अतिरिक्त 1 फीसदी हिस्सेदारी और बेची जाएगी। यानी कुल मिलाकर 2 फीसदी शेयर बाजार में निवेशकों के लिए उपलब्ध होंगे।'DIPAM' ने दी जानकारी, जानिए कब खुलेगा आपके लिए यह मौकानिवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पहले ट्विटर) पर आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) बुधवार से निवेशकों के लिए लाइव हो रहा है।इसकी समयसारणी को दो हिस्सों में बांटा गया है:बुधवार (पहला दिन): इस दिन केवल गैर-रिटेल (Non-Retail) यानी संस्थागत निवेशक (Institutional Investors) ही शेयरों के लिए अपनी बोली लगा सकेंगे।गुरुवार (दूसरा दिन): आम जनता यानी छोटे और हमारे-आपके जैसे रिटेल (Retail) निवेशकों के लिए यह विंडो गुरुवार को खुलेगी, जहां वे सस्ते दाम पर शेयरों के लिए आवेदन कर सकेंगे।बाजार भाव से भारी डिस्काउंट: 91 रुपये तय हुआ फ्लोर प्राइसइस ऑफर फॉर सेल की सबसे आकर्षक बात इसकी कीमत है। सरकार ने इस बिक्री के लिए 'फ्लोर प्राइस' (न्यूनतम कीमत) 91 रुपये प्रति शेयर तय की है। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले कारोबारी सत्र यानी मंगलवार को बाजार बंद होने पर IRFC का शेयर 98.37 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। इसका सीधा मतलब यह है कि सरकार आम निवेशकों को मौजूदा बाजार भाव (Market Price) से करीब 7.5% के आकर्षक डिस्काउंट यानी सस्ते दाम पर शेयर ऑफर कर रही है। इस पूरी प्रक्रिया के तहत कुल 26.13 करोड़ शेयर बेचे जाने की उम्मीद है, जिससे सरकारी खजाने में 2,300 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि आएगी।क्यों जरूरी है सरकार के लिए यह कदम?'ऑफर फॉर सेल' (OFS) एक ऐसा आसान जरिया है जिसके तहत किसी भी लिस्टेड कंपनी के प्रमोटर (इस मामले में भारत सरकार) स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से सीधे अपनी हिस्सेदारी आम और संस्थागत निवेशकों को बेच सकते हैं। इससे पहले भी सरकार ने आईआरएफसी में अपनी 4 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की कोशिश की थी, लेकिन उस दौरान बाजार की परिस्थितियों के चलते केवल 1.71 फीसदी शेयर ही बिक पाए थे।वर्तमान में इस कंपनी के भीतर सरकार की कुल हिस्सेदारी 84.65 फीसदी है। दरअसल, केंद्र सरकार ने इस चालू वित्तीय वर्ष (FY27) के बजट में विनिवेश (Disinvestment Target) के जरिए कुल 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का एक बड़ा लक्ष्य रखा है। आईआरएफसी में हिस्सेदारी बेचने का यह हालिया कदम इसी बड़े टारगेट को पूरा करने की कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Nirjala Ekadashi 2026: जून में इस तारीख को है निर्जला एकादशी, जानें भीमसेन से जुड़ी यह अनोखी कथा
हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का बहुत बड़ा महत्व माना जाता है, लेकिन ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष में आने वाली निर्जला एकादशी की बात ही कुछ अलग है। इस व्रत को साल की सभी 24 एकादशियों में सबसे कठिन और पवित्र माना गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि जब उत्तर भारत सहित पूरे देश में भीषण गर्मी पड़ती है, उस दौरान श्रद्धालु पूरे 24 घंटों के लिए अन्न के साथ-साथ पानी की एक बूंद का भी त्याग कर देते हैं। भगवान विष्णु के भक्त पूरी श्रद्धा के साथ इस कठिन नियम का पालन करते हैं। धार्मिक ग्रंथों में इसे भीमसेनी एकादशी के नाम से भी पुकारा जाता है।जानिए साल 2026 में कब रखा जाएगा निर्जला एकादशी का व्रतअगर आप इस साल निर्जला एकादशी के व्रत की सही तारीख को लेकर उलझन में हैं, तो पंचांग की गणना को समझना जरूरी है। इस साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 24 जून, बुधवार की शाम को 6 बजकर 13 मिनट पर हो रही है। यह तिथि अगले दिन यानी 25 जून, गुरुवार को शाम 8 बजकर 10 मिनट तक रहेगी। सनातन धर्म में उदया तिथि यानी सूर्योदय के समय मौजूद तिथि को ही व्रत के लिए मुख्य माना जाता है। इसलिए उदया तिथि के नियम के अनुसार, इस साल निर्जला एकादशी का मुख्य व्रत 25 जून को ही रखा जाएगा। इसके बाद अगले दिन द्वादशी तिथि में व्रत का पारण किया जाएगा।आखिर क्यों इस व्रत को माना जाता है सभी एकादशियों में श्रेष्ठपद्म पुराण में इस विशेष व्रत की महिमा का बहुत ही सुंदर वर्णन मिलता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन श्रद्धा पूर्वक विष्णु जी की पूजा करने और जल का नियम निभाने वाले इंसान के बड़े से बड़े पाप भी कट जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन किए गए पवित्र नदी के स्नान, दान-पुण्य और मंत्रों के जाप का फल कभी खत्म नहीं होता। मान्यता है कि अगर कोई इंसान पूरे साल की बाकी एकादशियों का व्रत किसी कारणवश नहीं रख पाता है, तो वह केवल इस एक एकादशी का उपवास रखकर साल भर की सभी एकादशियों के बराबर पुण्य फल हासिल कर सकता है।जब भीमसेन की भूख के कारण शुरू हुआ यह महाव्रतइस एकादशी को भीमसेनी एकादशी कहे जाने के पीछे एक बेहद दिलचस्प पौराणिक कथा है। पद्म पुराण के मुताबिक, एक बार पांचों पांडवों में से भीमसेन ने महर्षि वेद व्यासजी के सामने अपनी एक बड़ी व्यावहारिक समस्या रखी। भीमसेन ने कहा कि उनके उदर यानी पेट में 'वृक' नाम की एक ऐसी अग्नि हमेशा जलती रहती है, जिसकी वजह से उन्हें हर समय तेज भूख लगती है। वह भूखे नहीं रह सकते, इसलिए उन्होंने आज तक जीवन में कोई व्रत नहीं किया है। उन्होंने व्यासजी से गुहार लगाई कि मुझे कोई ऐसा एक व्रत बताइए, जिसे साल में सिर्फ एक बार करने से ही मेरा उद्धार हो जाए और मुझे स्वर्ग लोक मिल सके।तब महर्षि वेद व्यासजी ने भीमसेन की परेशानी को समझते हुए उन्हें ज्येष्ठ मास की इस शुक्ल पक्ष एकादशी को बिना पानी पिए यानी निर्जल रहकर व्रत करने की सलाह दी। व्यासजी ने समझाया कि यह साल का सबसे गर्म महीना होता है और इसमें बिना पानी के रहना बहुत मुश्किल है, लेकिन अगर तुम यह कठिन तपस्या कर लेते हो, तो तुम्हें साल भर की सभी एकादशियों के व्रत का पुण्य एक बार में ही मिल जाएगा। व्यासजी के कहने पर भीम ने यह व्रत पूरी निष्ठा से किया, जिसके बाद से इसे भीमसेनी एकादशी भी कहा जाने लगा।
वैश्विक कमोडिटी बाजार (Global Commodity Market) में मचे उथल-पुथल का सीधा असर भारतीय सराफा बाजार पर देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी डॉलर की रिकॉर्ड मजबूती और बॉन्ड यील्ड में उछाल के चलते कीमती धातुओं पर मंदी का दबाव गहरा गया है। आज, २४ जून २०२६ बुधवार की सुबह देश के प्रमुख शहरों में सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।इससे ठीक एक दिन पहले दिल्ली के हाजिर सराफा बाजार में ९९.९ प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में ३,००० रुपये या लगभग २ प्रतिशत का जोरदार क्रैश देखा गया था, जिसके बाद आज भी बाजार लाल निशान के साथ खुला है।अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना और चांदी का हालविदेशी बाजारों में बिकवाली के हावी होने के कारण कीमती धातुओं के दाम रिकॉर्ड स्तरों से काफी नीचे आ चुके हैं:स्पॉट गोल्ड (Spot Gold): अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना फिसलकर ४,१२१.१० डॉलर प्रति औंस (१ औंस = २८.३५ ग्राम) के स्तर पर कारोबार कर रहा है।स्पॉट सिल्वर (Spot Silver): वैश्विक बाजार में हाजिर चांदी की कीमत भी टूटकर ६२.२७ डॉलर प्रति औंस पर टिकी हुई है, जिससे डोमेस्टिक मार्केट में भी चांदी की चमक फीकी पड़ गई है।आपके शहर में आज का गोल्ड रेट: दिल्ली, मुंबई और लखनऊ के लेटेस्ट भावटैक्स और स्थानीय सराफा एसोसिएशन के नियमों के कारण देश के अलग-अलग राज्यों में सोने के रेट में मामूली अंतर होता है। आज २४ जून २०२६ को भारत के १० प्रमुख शहरों में २२ कैरेट और २४ कैरेट सोने की कीमतें (प्रति १० ग्राम) इस प्रकार हैं:शहर का नाम२२ कैरेट सोने का भाव (₹/१० ग्राम)२४ कैरेट सोने का भाव (₹/१० ग्राम)दिल्ली (Delhi)१,३२,६९०१,४४,७४०जयपुर (Jaipur)१,३२,६९०१,४४,७४०लखनऊ (Lucknow)१,३२,६९०१,४४,७४०चंडीगढ़ (Chandigarh)१,३२,६९०१,४४,७४०चेन्नई (Chennai)१,३५,५९०१,४७,९२०अहमदाबाद (Ahmedabad)१,३२,५९०१,४४,६४०भोपाल (Bhopal)१,३२,५९०१,४४,६४०मुंबई (Mumbai)१,३२,५४०१,४४,५९०कोलकाता (Kolkata)१,३२,५४०१,४४,५९०हैदराबाद (Hyderabad)१,३२,५४०१,४४,५९०चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट: जानें नया रेटसोने के नक्शेकदम पर चलते हुए औद्योगिक और चमकीली धातु चांदी की कीमतों में भी मंदी का दौर जारी है। देश के प्रमुख शहरों के सराफा बाजारों में आज चांदी की कीमत घटकर २,४४,९०० रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर इंडेक्स $१०० के ऊपर बना रहेगा और औद्योगिक मांग में कूटनीतिक सुधार नहीं होगा, तब तक चांदी पर यह दबाव देखा जा सकता है।
पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में बेहद चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। मृतक केतन के पिता ने बताया कि यह हत्या एक खौफनाक और सोची-समझी साजिश थी। 18 मई को खाई में धक्का देकर मारने से चार दिन पहले यानी 14 जून को भी सिया ने केतन की जान लेने का पूरा ...
उत्तर प्रदेश के अशासकीय और सरकारी सहायता प्राप्त (Aided) डिग्री कॉलेजों में प्रोफेसर बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) ने विभिन्न कॉलेजों में खाली पड़े पदों को भरने की कवायद युद्ध स्तर पर शुरू कर दी है।शासन के निर्देश पर उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रदेशभर के कॉलेजों से रिक्त पदों की विस्तृत और बिंदुवार जानकारी मांगी थी। इस कूटनीतिक कदम के बाद अब विभिन्न कॉलेजों से मिली रिक्तियों की रिपोर्ट का अंतिम सत्यापन (Final Verification) कर उसे उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजा जा रहा है, जिससे साफ है कि जल्द ही भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है।१६०० से अधिक पदों पर आ सकती है वैकेंसी, बढ़ सकता है अंतिम आंकड़ाउच्च शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों के मुताबिक, अब तक मिली रिपोर्ट के आधार पर सहायता प्राप्त कॉलेजों में १६०० से अधिक असिस्टेंट प्रोफेसर के पद खाली पाए गए हैं।पदों में बढ़ोतरी की उम्मीद: निदेशालय ने सभी संबंधित कॉलेजों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने यहाँ खाली पड़े पदों की बिल्कुल सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं।नई रिपोर्ट का इंतजार: कई संस्थानों ने हाल ही में नई रिक्तियों की सूचना निदेशालय को भेजी है। अधिकारियों का मानना है कि चूंकि अभी कुछ कॉलेजों से अंतिम वेरिफिकेशन रिपोर्ट आना बाकी है, इसलिए मुख्य विज्ञापन जारी होने तक खाली पदों का यह अंतिम आंकड़ा और भी ज्यादा बढ़ सकता है।कॉलेजों में 'प्राचार्य' (Principal) के पदों पर भी होगी सीधी भर्तीइस आगामी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत युवाओं को न केवल असिस्टेंट प्रोफेसर, बल्कि डिग्री कॉलेजों में प्राचार्य (Principal) बनने का भी सुनहरा मौका मिलेगा।१११ पदों की सूची तैयार: उच्च शिक्षा विभाग ने फिलहाल प्राचार्य के १११ रिक्त पदों का पूरा ब्योरा तैयार कर नए शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेज दिया है।वेरिफिकेशन जारी: इस विंग में भी कई कॉलेजों से आंतरिक रिपोर्ट आनी बाकी है, जिसके बाद प्राचार्य के पदों की संख्या में भी इजाफा होना तय माना जा रहा है।मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों में सृजित होंगे शिक्षकों के हजारों नए पदउत्तर प्रदेश में बुनियादी और माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाने के लिए सरकार 'मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय' (CM Model Composite Schools) का निर्माण तेजी से करा रही है।प्री-नर्सरी से १२वीं तक की पढ़ाई: ये अत्याधुनिक स्कूल प्री-नर्सरी से लेकर कक्षा १२वीं तक के होंगे।नए पदों का सृजन: इन नए मॉडल स्कूलों में सुचारू रूप से पढ़ाई संचालित करने के लिए शासन ने शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों से एक विस्तृत कार्ययोजना रिपोर्ट मांगी है। इस रिपोर्ट के आधार पर स्कूलों में प्रधानाचार्य, प्रवक्ता (PGT), सहायक अध्यापक (TGT) और प्री-प्राइमरी शिक्षकों के हजारों नए पद सृजित (Create) करने की तैयारी चल रही है।शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के बंपर द्वारउच्च शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा विभाग की इस संयुक्त सक्रियता से उत्तर प्रदेश के नेट (NET), स्लेट (SLET) और पीएचडी (PhD) पास कर चुके हजारों योग्य अभ्यर्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। इस महा-भर्ती प्रक्रिया के पूरी होने से जहाँ एक तरफ प्रदेश के युवाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक सरकारी नौकरी मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में लंबे समय से चली आ रही फैकल्टी की कमी को भी हमेशा के लिए दूर किया जा सकेगा।
प्रकृति प्रेमियों और रोमांच के शौकीनों के लिए 'वर्ल्ड रेनफॉरेस्ट डे' (विश्व वर्षावन दिवस) अपने भीतर के घुमक्कड़ को जगाने का एक बेहतरीन मौका है। भारत अपनी विविध भौगोलिक संरचनाओं के कारण कई ऐसे अद्भुत और घने वर्षावनों (Rainforests) का घर है, जिनकी हरियाली, वन्यजीव (Wildlife) और अनछुए रास्ते आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाते हैं।यदि आप भी कंक्रीट के जंगलों और शहरों की भागदौड़ से दूर असली प्रकृति, एडवेंचर और शांति का अनुभव करना चाहते हैं, तो भारत के ये 7 सबसे शानदार फॉरेस्ट गेटवे आपके लिए एक परफेक्ट वीकेंड या लॉन्ग ट्रिप का विकल्प बन सकते हैं। आइए जानते हैं इन जादुई जंगलों की खासियत, पहुँचने का तरीका और बजट।1. साइलेंट वैली नेशनल पार्क (Silent Valley National Park), केरलनीलगिरी की पहाड़ियों में स्थित साइलेंट वैली नेशनल पार्क को भारत के सबसे प्राचीन और अनछुए सदाबहार वनों (Evergreen Forests) में गिना जाता है।खासियत: जैसा कि नाम से ही साफ है, यह जंगल अपनी असीम शांति के लिए जाना जाता है। यहाँ पाए जाने वाले दुर्लभ 'लॉयन-टेल्ड मकाक' (शेर जैसी पूंछ वाले बंदर) को देखने दुनिया भर से लोग आते हैं।कैसे पहुँचें: आप कोयम्बटूर या पलक्कड़ से सड़क मार्ग द्वारा आसानी से यहाँ पहुँच सकते हैं। यहाँ ट्रैकिंग का अनुभव बेहद जादुई होता है।2. पेरियार नेशनल पार्क (Periyar National Park), थेक्कडी, केरलयदि आप एक ऐसा जंगल टूर चाहते हैं जो पूरी तरह से टूरिस्ट-फ्रेंडली हो और जहाँ एडवेंचर के साथ-साथ आराम भी मिले, तो थेक्कडी स्थित पेरियार आपके लिए बेस्ट है।मुख्य आकर्षण: यहाँ की लेक बोट सफारी (Lake Boat Safari) सबसे बड़ा अट्रैक्शन है, जहाँ बोटिंग करते हुए हाथियों के झुंड, बायसन और अन्य जंगली जानवरों को पानी पीते हुए बेहद करीब से देखा जा सकता है।यात्रा और बजट: कोच्चि (Kochi) से सड़क मार्ग द्वारा लगभग 4-5 घंटे का सफर तय करके आप यहाँ पहुँच सकते हैं। यहाँ बेहतरीन इको-रिसॉर्ट्स और होमस्टे उपलब्ध हैं। प्रतिदिन का खर्च लगभग ₹2,000 से ₹5,000 तक आता है।3. अगुम्बे (Agumbe), कर्नाटक: दक्षिण का चेरापूंजीपश्चिमी घाट की गोद में बसे अगुम्बे को भारत का चेरापूंजी ऑफ साउथ भी कहा जाता है। अत्यधिक बारिश के कारण यहाँ एक रहस्यमयी और घना क्लाउड फॉरेस्ट (Cloud Forest) विकसित हुआ है।रोमांच की वजह: यह जगह दुनिया भर में 'किंग कोबरा' रिसर्च सेंटर और घने जंगलों के बीच ट्रेकिंग के लिए मशहूर है। मानसून के समय यहाँ के झरने और धुंध से ढकी पहाड़ियाँ देखने लायक होती हैं।यात्रा और बजट: मैंगलोर या उडुपी से सड़क मार्ग द्वारा अगुम्बे आसानी से पहुँचा जा सकता है। छोटे और पारंपरिक होमस्टे के कारण यह ट्रिप काफी बजट-फ्रेंडली रहती है, जहाँ प्रतिदिन का खर्च मात्र ₹1,500 से ₹3,000 तक आता है।4. वायनाड (Wayanad), केरलवायनाड आराम और एडवेंचर का एक बेहतरीन संतुलन पेश करता है। यह इलाका अपने धुंध से ढके पहाड़ों, प्राचीन गुफाओं और मसालों के बागानों के लिए जाना जाता है।खासियत: यहाँ आप घने जंगलों के बीच स्थित झरनों (Waterfalls), एडक्कल गुफाओं (Edakkal Caves) को एक्सप्लोर कर सकते हैं और स्पाइस प्लांटेशन रिसॉर्ट्स में ठहरने का अनूठा आनंद ले सकते हैं।यात्रा और बजट: कोझिकोड (Kozhikode) से मात्र 3 घंटे का सफर तय करके आप वायनाड पहुँच सकते हैं। यहाँ ठहरने और घूमने का दैनिक खर्च ₹2,000 से ₹4,500 के बीच बैठता है।5. दिहिंग पटकाई नेशनल पार्क (Dehing Patkai), असम: पूर्व का अमेजनपूर्वोत्तर भारत के असम में स्थित दिहिंग पटकाई को पूर्व का अमेजन (Amazon of the East) कहा जाता है। यह भारत का एकमात्र ऐसा तराई क्षेत्र का वर्षावन है जो अविश्वसनीय बायोडायवर्सिटी से समृद्ध है।वाइल्डलाइफ: यहाँ हॉर्नबिल पक्षी, एशियाई हाथी, और कई दुर्लभ प्रजाति के जीव-जंतु पाए जाते हैं। स्थानीय असमिया होमस्टे और वहाँ का पारंपरिक भोजन इस यात्रा के अनुभव को और भी प्रामाणिक बना देता है।यात्रा और बजट: डिब्रूगढ़ (Dibrugarh) से आप आसानी से इस नेशनल पार्क तक पहुँच सकते हैं। यहाँ ट्राइबल कल्चर को करीब से देखने का मौका भी मिलता है। यहाँ का प्रतिदिन का औसत बजट ₹2,500 से ₹5,000 तक रहता है।6. नामदफा नेशनल पार्क (Namdapha), अरुणाचल प्रदेशयदि आप बेहद रिमोट, अनछुए और असली खतरनाक जंगल का अनुभव करना चाहते हैं, तो नामदफा से बेहतर कोई जगह नहीं है। यह भारत के सबसे बड़े और सबसे ऊँचे राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है।रोमांच: यहाँ की घनी वनस्पतियों के बीच 'बिग कैट्स' (बाघ, तेंदुआ, क्लाउडेड लेपर्ड और स्नो लेपर्ड) का वास है। यहाँ के अनछुए ट्रेल्स और बेसिक कैंपिंग सुविधाएं आपको आदिम काल के जंगलों का अहसास कराती हैं।यात्रा और बजट: असम के तिनसुकिया या डिब्रूगढ़ से यहाँ के लिए यात्रा शुरू की जा सकती है। यहाँ पहुँचना और सफर थोड़ा कठिन है, लेकिन एडवेंचर लाजवाब है। यहाँ प्रतिदिन का खर्च ₹3,000 से ₹7,000 तक हो सकता है।7. ग्रेट निकोबार बायोस्फीयर रिजर्व, अंडमान और निकोबारयह भारत का सबसे विशिष्ट और एक्सक्लूसिव रेनफॉरेस्ट डेस्टिनेशन है, जहाँ आपको घने उष्णकटिबंधीय वर्षावन (Tropical Rainforest) और विशाल नीले समुद्र का एक साथ अद्भुत कॉम्बिनेशन देखने को मिलता है।खासियत: यह रिजर्व अपनी अनूठी द्वीप-पारिस्थितिकी (Island Ecosystem) और विशालकाय लेदरबैक कछुओं के लिए जाना जाता है।नियम और बजट: इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए यहाँ जाने के लिए सरकार से विशेष परमिट (Permit) लेना अनिवार्य होता है। यहाँ यात्रा और ठहरने का खर्च थोड़ा प्रीमियम श्रेणी में आता है, जो प्रतिदिन ₹5,000 से ₹12,000 तक जा सकता है।
ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को 'ग्रहों का राजकुमार' कहा जाता है। नवग्रहों में बुध को बुद्धि, तर्क, वाणी, संचार, शिक्षा और व्यापार का मुख्य कारक माना जाता है। जिस जातक की कुंडली में बुध मजबूत स्थिति में होते हैं, वह व्यक्ति अपनी तीक्ष्ण बुद्धि, हाजिरजवाबी और बेहतरीन बिजनेस सेंस से समाज में एक अलग मुकाम हासिल करता है। बुध मुख्य रूप से मिथुन और कन्या राशि के स्वामी हैं। यह कन्या राशि में होने पर उच्च के और मीन राशि में होने पर नीच के माने जाते हैं।ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 22 जून 2026 की दोपहर 3 बजकर 41 मिनट पर बुध ग्रह ने मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश कर लिया है। बुध का यह राशि परिवर्तन देश-दुनिया सहित सभी 12 राशियों के जीवन को गहरे से प्रभावित करेगा। विशेष रूप से 5 भाग्यशाली राशियां ऐसी हैं, जिनकी किस्मत इस गोचर से पूरी तरह चमकने वाली है।दिल और दिमाग का अनूठा संगम कराएगा यह गोचरकर्क एक बेहद भावुक और जल तत्व की राशि है। जब बुद्धि के देवता बुध इस राशि में आते हैं, तो जातक की तार्किक सोच और भावनाओं के बीच एक अनूठा संतुलन बनता है। इस दौरान लोग केवल दिमाग से नहीं बल्कि दिल से भी फैसले लेते हैं। पारिवारिक रिश्तों में घनिष्ठता और आपसी प्रेम बढ़ेगा, हालांकि अत्यधिक भावुकता में आकर कोई भी बड़ा व्यापारिक या आर्थिक फैसला लेने से बचना चाहिए।इन 5 राशियों की लगेगी लॉटरी, करियर और बिजनेस में मिलेगा बंपर लाभ1. मिथुन राशि (Gemini)बुध मिथुन राशि के ही स्वामी हैं, इसलिए इनका यह गोचर आपके लिए अत्यंत कल्याणकारी रहेगा। कर्क राशि में पहले से मौजूद गुरु और शुक्र के साथ बुध का यह संबंध आपके ज्ञान और बुद्धि के नए द्वार खोलेगा।मुख्य लाभ: लंबे समय से रुके हुए सरकारी और गैर-सरकारी काम तेजी से पूरे होंगे। नौकरीपेशा जातकों को कार्यक्षेत्र में अधिकारियों से प्रशंसा और इंक्रीमेंट मिल सकता है।छात्रों के लिए: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह समय स्वर्णिम साबित होगा, एकाग्रता बढ़ेगी।2. कर्क राशि (Cancer)कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं। आपकी ही राशि में तीन बड़े ग्रहों (बुध, गुरु और शुक्र) का अद्भुत समावेश होने जा रहा है, जो आपके लिए धन वर्षा के योग बना रहा है।व्यापार में मुनाफा: जो जातक जल से जुड़े काम, कॉस्मेटिक्स, ब्यूटी पार्लर, सैलून या कलात्मक क्षेत्रों से जुड़े हैं, उनके मुनाफे में भारी बढ़ोतरी होगी। परिवार में सुख-शांति रहेगी।सलाह: आर्थिक रूप से समय जितना मजबूत है, स्वास्थ्य के मोर्चे पर आपको उतना ही सतर्क रहने की जरूरत है। खान-पान का ध्यान रखें।3. कन्या राशि (Virgo)कन्या भी बुध की अपनी राशि है। इस गोचर के प्रभाव से माँ लक्ष्मी की विशेष अनुकंपा आपके ऊपर बरसने वाली है। समाज में आपका मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी।इन क्षेत्रों को होगा फायदा: यदि आप गणित के शिक्षक हैं, ज्योतिष, कोचिंग सेंटर संचालक, लेखक, कवि, चित्रकार, संगीतकार, एडिटर, वकील, पत्रकार या किसी भी प्रकार के कूटनीतिक व न्याय संबंधी कार्य से जुड़े हैं, तो आपको करियर में एक लंबी छलांग लगाने का मौका मिलेगा।4. तुला राशि (Libra)तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं। कर्क राशि में गुरु और बुध के जुड़ाव से तुला राशि के जातकों के भौतिक सुख-साधनों में भारी विस्तार होने जा रहा है।मकान और वाहन का योग: यदि आप लंबे समय से अपना घर या नई गाड़ी खरीदने का सपना देख रहे थे, तो इस गोचर काल में आपका वह सपना पूरा हो सकता है।अविवाहितों के लिए: कुंवारे जातकों के लिए विवाह के बेहतरीन प्रस्ताव आएंगे और रिश्ते पक्के होने के प्रबल योग हैं। कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारी मिलेगी, बस बातचीत करते समय अपनी वाणी पर संयम रखें।5. मीन राशि (Pisces)मीन देवगुरु बृहस्पति की राशि है। शुक्र, बुध और गुरु के इस शुभ योग से मीन राशि के जातकों का जीवन आनंद और सुख-सुविधाओं से युक्त होने जा रहा है।रिश्तों में सुधार: बुध के शुभ प्रभाव से पुराने समय से रूठे हुए मित्र वापस आएंगे और शत्रुओं पर आप विजय प्राप्त करेंगे। परिवार में किसी बेटी या कन्या के विवाह से जुड़े मांगलिक कार्य संपन्न हो सकते हैं। यदि आपकी व्यक्तिगत कुंडली में बुध बलवान हैं, तो यह अवधि आपको मानसिक तनाव से पूरी तरह मुक्ति दिलाएगी।बुधवार के दिन करें ये विशेष दान, मजबूत होगा बुध ग्रहयदि आपकी कुंडली में बुध कमजोर स्थिति में हैं या आपको व्यापार-शिक्षा में रुकावटों का सामना करना पड़ रहा है, तो बुध के गोचर काल के दौरान बुधवार के दिन निम्नलिखित वस्तुओं का दान जरूर करें:कांसे के बर्तन या पात्र।पढ़ने-लिखने की सामग्री (स्टेशनरी का सामान) गरीब बच्चों को बांटें।हरे रंग के वस्त्र और हरी पत्तेदार सब्जियां या साबुत मूंग की दाल का दान करें।पन्ना या हरे रंग का कोई भी पत्थर धारण करना या दान करना भी शुभ फल देता है।
हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की नई किरणों से नहीं, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है। रोजमर्रा की जिंदगी में दफ्तर जाने वाले नौकरीपेशा से लेकर फल-सब्जी और राशन पहुंचाने वाले व्यापारियों तक, हर किसी की जेब पर ईंधन की कीमतों का सीधा असर पड़ता है।वैश्विक बाजार में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के चलते होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही सामान्य हो गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड के दाम गिरकर $७७ प्रति बैरल से नीचे आ चुके हैं। इसके बावजूद घरेलू बाजार में तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज, २४ जून २०२६ को भी कीमतों में कोई बड़ा फेरबदल नहीं किया है। देश की प्रमुख तेल कंपनियों द्वारा हर सुबह ६ बजे जारी होने वाले ईंधन के ताजा भाव नीचे दिए गए हैं।मेट्रो शहरों में ईंधन का ताजा भाव: मुंबई में पेट्रोल ₹१११ पारदेश के चारों महानगरों में टैक्स दरों के अलग-अलग होने के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ा अंतर देखने को मिलता है। आज के लेटेस्ट रेट इस प्रकार हैं:नई दिल्ली: देश की राजधानी में पेट्रोल ₹१०२.१२ प्रति लीटर और डीजल ₹८३.०९ प्रति लीटर पर स्थिर है।मुंबई: मायानगरी में ईंधन सबसे महंगा है, यहाँ पेट्रोल ₹१११.१८ प्रति लीटर और डीजल ₹८६.०० प्रति लीटर बिक रहा है।कोलकाता: यहाँ एक लीटर पेट्रोल की कीमत ₹११३.४७ और डीजल की कीमत ₹९३.५० दर्ज की गई है।चेन्नई: तमिलनाडु की राजधानी में पेट्रोल का भाव ₹१०७.७७ प्रति लीटर और डीजल ₹९१.५० प्रति लीटर है।उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के शहरों का हालदिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक इलाकों और राजधानी लखनऊ में आज कीमतें कुछ इस प्रकार बनी हुई हैं:नोएडा: गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) में आज पेट्रोल ₹१०२.१२ प्रति लीटर और डीजल ₹९१.७० प्रति लीटर की दर से मिल रहा है।लखनऊ: नवाबों के शहर लखनऊ में पेट्रोल का रेट ₹१०२.०५ प्रति लीटर और डीजल का भाव ₹९५.७५ प्रति लीटर है।२४ जून २०२६: देश के अन्य बड़े शहरों के ताजा रेट्सयदि आप देश के अन्य राज्यों या शहरों के भाव चेक करना चाहते हैं, तो आज की लिस्ट नीचे दी गई है:शहर का नामपेट्रोल का भाव (प्रति लीटर)डीजल का भाव (प्रति लीटर)हैदराबाद₹११५.६९₹९७.००तिरुवनंतपुरम₹११५.४९(स्थानीय दरों के अधीन)पटना₹११३.३५(स्थानीय दरों के अधीन)जयपुर₹११२.६६₹९०.९१बेंगलुरु₹११०.९३₹९०.००भुवनेश्वर₹१०९.९२(स्थानीय दरों के अधीन)गुरुग्राम₹१०२.७७₹९१.७०चंडीगढ़₹९eight.१०(स्थानीय दरों के अधीन)पुणे(स्थानीय दरों के अधीन)₹९२.५०अहमदाबाद(स्थानीय दरों के अधीन)₹८२.२५पिछले दो साल से क्यों स्थिर बनी हुई हैं कीमतें?भारतीय ईंधन बाजार में मई २०२२ के बाद से एक अनोखी स्थिरता बनी हुई है। उस समय केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारों द्वारा आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए एक्साइज ड्यूटी और वैट (VAT) में भारी कटौती की गई थी। हालांकि इस दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कई उतार-चढ़ाव आए (जैसे हालिया अमेरिका-ईरान तनाव और शांति वार्ता), लेकिन भारतीय तेल कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कीमतों को तुलनात्मक रूप से स्थिर बनाए रखा है।कैसे तय होती है आपके शहर में ईंधन की कीमत?खुदरा बाजार में पेट्रोल-डीजल की अंतिम कीमत मुख्य रूप से इन ५ बड़े कारकों पर निर्भर करती है:कच्चे तेल (Crude Oil) की अंतरराष्ट्रीय कीमत: चूंकि पेट्रोल-डीजल कच्चे तेल से ही रिफाइंड होते हैं, इसलिए वैश्विक बाजार की मंदी-तेजी का असर सीधे भारत पर पड़ता है।डॉलर के मुकाबले रुपया: भारत अपनी जरूरत का ८०% से ज्यादा कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है और इसका भुगतान डॉलर में होता है। रुपया कमजोर होने पर आयात महंगा हो जाता है।सरकारी टैक्स (Tax & Duty): केंद्र सरकार का एक्साइज शुल्क और राज्य सरकारों का वैट (VAT) मिलकर ईंधन के खुदरा मूल्य का लगभग आधा हिस्सा तय करते हैं। यही वजह है कि अलग-अलग राज्यों में रेट अलग होते हैं।रिफाइनिंग की लागत: कच्चे तेल को कारखानों में लाकर इस्तेमाल योग्य पेट्रोल-डीजल में बदलने का प्रोसेसिंग खर्च भी इसमें जोड़ा जाता है।मांग और आपूर्ति (Demand & Supply): त्योहारों, खेती के सीजन या अत्यधिक गर्मी और सर्दी में जब ईंधन की खपत बढ़ती है, तो बाजार के समीकरणों पर इसका प्रभाव पड़ता है।घर बैठे सिर्फ एक SMS से जानें अपने शहर का ताजा भावयदि आपके शहर का नाम ऊपर दी गई सूची में नहीं है, तो आप अपने मोबाइल से एक साधारण एसएमएस भेजकर सीधे तेल कंपनियों से ताजा रेट्स की जानकारी मंगा सकते हैं:Indian Oil (IOCL) के लिए: अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में RSP अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे 9224992249 पर भेज दें।Bharat Petroleum (BPCL) के लिए: मैसेज बॉक्स में RSP शहर का कोड लिखकर 9223112222 पर सेंड करें।Hindustan Petroleum (HPCL) के लिए: अपने फोन से HP Price शहर का कोड लिखकर 9222201122 पर एसएमएस करें।
मुंबई और इसके आसपास के इलाकों (MMR) में आखिरकार मानसून ने अपनी जोरदार उपस्थिति दर्ज करा दी है। बुधवार की सुबह मुंबईकरों के लिए भारी बारिश, कड़कती बिजली और तेज हवाओं के शोर के साथ हुई। रात भर हुई मूसलाधार बरसात के कारण शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे दफ्तर और काम पर निकलने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मानसून के इस आक्रामक रुख को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) बेहद सतर्क है और पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।तड़के ४ बजे जारी हुआ रेड अलर्ट, फिर बदला ऑरेंज मेंमौसम की गंभीरता को देखते हुए आईएमडी (IMD) ने बुधवार सुबह तड़के ४ बजे मुंबई और पड़ोसी जिले पालघर के लिए ३ घंटे का 'रेड अलर्ट' जारी किया था। इस दौरान ४० से ६० किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली चमकने और अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई थी। इसके बाद सुबह ७ बजे स्थिति की समीक्षा करते हुए मौसम विभाग ने इसे अगले तीन घंटों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' में तब्दील कर दिया। इस ऑरेंज अलर्ट के तहत मुंबई, ठाणे, रायगढ़, पालघर और सिंधुदुर्ग में मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान जताया गया है।१३ दिन की देरी से पहुंचा मानसून, गर्मी से मिली बड़ी राहतलंबे समय से उमस और चिलचिलाती गर्मी झेल रहे मुंबईकरों के लिए राहत की खबर यह रही कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मंगलवार को आधिकारिक रूप से मुंबई में दस्तक दे दी। हालांकि, इस बार मानसून अपनी सामान्य निर्धारित तिथि से १३ दिन की देरी से पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून अब मध्य अरब सागर के बचे हुए हिस्सों, मुंबई समेत महाराष्ट्र के अधिकांश इलाकों, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ चुका है।क्या है मुंबई में मानसून की देरी का इतिहास?मुंबई में आमतौर पर मानसून के आगमन की सामान्य तारीख १० जून मानी जाती है। मौसम विभाग (IMD) के ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले साल यानी २०२३ में मानसून और भी ज्यादा देरी से २५ जून को मुंबई पहुंचा था। वहीं, मुंबई के इतिहास में सबसे ज्यादा देरी साल १९७४ और १९५८ में दर्ज की गई थी, जब मानसूनी बादलों ने २८ जून को मायानगरी में प्रवेश किया था।अंधेरी सबवे हुआ बंद, लोकल ट्रेन और बेस्ट बसें फिलहाल सामान्यबृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) द्वारा जारी ताजा अपडेट के अनुसार, रात भर हुई भारी बारिश और जलभराव (Waterlogging) के कारण बुधवार सुबह एहतियातन अंधेरी सबवे को ट्रैफिक के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे विले पार्ले और अंधेरी के बीच यातायात प्रभावित हुआ है। हालांकि, मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली सबअर्बन लोकल ट्रेन सेवाएं (Central, Western, Harbour Line) और बेस्ट (BEST) बसें बिना किसी बड़े व्यवधान के सामान्य रूप से चल रही हैं। मुख्य सड़कों पर जलभराव के कारण कुछ जगहों पर ट्रैफिक धीमा जरूर हुआ है।सेंट्रल मुंबई के नायर अस्पताल में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिशबीएमसी (BMC) के रेन गेज आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार सुबह ८ बजे से शाम ७ बजे के बीच सबसे ज्यादा बारिश सेंट्रल मुंबई के नायर हॉस्पिटल इलाके में ७८.९६ मिलीमीटर दर्ज की गई। इसके अलावा एनएम जोशी मार्ग-लोअर परेल में ७८.४ मिमी और परेल टीटी में ७२.६३ मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। वहीं पश्चिमी उपनगरों में मलाड बस डिपो में ६१.८ मिमी और पूर्वी उपनगर मानखुर्द के महाराष्ट्रनगर में ५१.२ मिमी पानी बरसा।क्या आज मुंबई में स्कूल-कॉलेज बंद हैं?भारी बारिश और शुरुआती रेड अलर्ट के बाद अभिभावकों और छात्रों के बीच स्कूलों की छुट्टी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बीएमसी और जिला प्रशासन की ओर से आज बुधवार को स्कूल और कॉलेजों को बंद रखने की कोई भी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल सभी शिक्षण संस्थान खुले हैं, लेकिन प्रशासन ने सभी को सलाह दी है कि वे सोशल मीडिया और आधिकारिक माध्यमों से आने वाली बीएमसी की गाइडलाइंस पर लगातार नजर बनाए रखें।
वैश्विक ऊर्जा बाजार (Global Energy Market) से एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक कोशिशों और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही सामान्य होने के चलते कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। बुधवार, २४ जून २०२६ को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम और ज्यादा फिसल गए।फरवरी के अंत में शुरू हुए इस बड़े सैन्य संघर्ष के दौरान कच्चा तेल जिस रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था, वहां से अब इसकी कीमतों में एक-तिहाई (३३% से अधिक) की भारी गिरावट आ चुकी है।कच्चे तेल का ताजा भाव: ब्रेंट क्रूड $७६ और WTI $७२ के करीब फिसलावैश्विक बाजारों में दोनों प्रमुख बेंचमार्क फ्यूचर्स लाल निशान (Negative Zone) में कारोबार कर रहे हैं:ब्रेंट क्रूड (Brent Crude): अंतरराष्ट्रीय मानक माना जाने वाला अगस्त डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स पिछले सत्र में १.१% टूटने के बाद आज फिर ०.४५% गिरकर $७६.७३ प्रति बैरल पर आ गया है।यूएस डब्ल्यूटीआई (WTI Crude): अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड फ्यूचर्स भी आज ०.४८% की गिरावट के साथ $७२.८६ प्रति बैरल पर ट्रेंड कर रहा है।तेल की कीमतों में गिरावट के ४ मुख्य कारण (Global Developments)वैश्विक कमोडिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, तेल की कीमतों पर दबाव और आपूर्ति (Supply) बढ़ने के पीछे निम्नलिखित चार बड़े कूटनीतिक और रणनीतिक घटनाक्रम जिम्मेदार हैं:१. अमेरिका-ईरान के बीच डिप्लोमैटिक बातचीतवाशिंगटन और तेहरान के बीच फरवरी से चले आ रहे सैन्य तनाव को खत्म करने के लिए शुरुआती मोर्चे पर सकारात्मक प्रगति के संकेत मिले हैं। हालांकि यह बातचीत काफी लंबी खिंचने की उम्मीद है, लेकिन डिप्लोमैटिक प्रोसेस के तहत अमेरिका ने अस्थायी रूप से ईरानी तेल खरीदने की छूट (Waiver) दे दी है। इस छूट के मिलते ही ईरानी एक्सपोर्टर्स एक बार फिर एशिया के बड़े रिफाइनिंग देशों के साथ व्यापारिक रूप से जुड़ गए हैं, जिससे बाजार में तेल की सप्लाई बढ़ गई है।२. होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग एक्टिविटी हुई नॉर्मलदुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' से अब जहाजों और ऑयल टैंकर्स की आवाजाही पूरी तरह सामान्य हो गई है। इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइज़ेशन (IMO) को सुरक्षा का भरोसा मिलने के बाद फारस की खाड़ी में फंसे सैकड़ों जहाज सुरक्षित बाहर निकल आए हैं। जहाज मालिकों का भरोसा इतना बढ़ा है कि वे अब अपने सैटेलाइट ट्रैकिंग सिस्टम को लगातार एक्टिव रख रहे हैं।३. खाड़ी देशों ने युद्ध स्तर पर बढ़ाया प्रोडक्शनफारस की खाड़ी के प्रमुख तेल उत्पादक देश बाजार में अपना एक्सपोर्ट फिर से स्थापित करने के लिए तेजी से उत्पादन बढ़ा रहे हैं:यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE): इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के मुताबिक, यूएई ने युद्ध से पहले के अपने प्रोडक्शन लेवल का ८५% हिस्सा दोबारा हासिल कर लिया है।कुवैत और इराक: कुवैत ने तेल सप्लाई को लेकर लगाए गए अपने सभी 'फोर्स मेज्योर' (Force Majeure - आपातकालीन प्रतिबंध) उपायों को वापस ले लिया है, जबकि इराक भी लगातार उत्पादन में बढ़ोतरी कर रहा है।४. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीनेट से चुनौतीअमेरिकी घरेलू राजनीति में भी इस युद्ध को लेकर बड़ा उलटफेर हुआ है। रिपब्लिकन-कंट्रोल्ड सीनेट ने ईरान के साथ चल रही इस सैन्य लड़ाई में अमेरिकी दखल को खत्म करने के लिए एक ऐतिहासिक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हालांकि इस सिंबॉलिक (प्रतीकात्मक) कदम से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की मुख्य नीतियों में तुरंत बदलाव की उम्मीद नहीं है, लेकिन यह साफ दिखाता है कि इस मिलिट्री कैंपेन के लिए अमेरिका के भीतर राजनीतिक और घरेलू सपोर्ट बेहद सीमित है।आगे किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर?कच्चे तेल के बाजार की नजर अब इस बात पर टिकी है कि ईरान और ओमान के बीच होर्मुज स्ट्रेट के प्रशासन को कंट्रोल करने वाले नए एग्रीमेंट का क्या नतीजा निकलता है। बाजार में इस बात की मामूली चिंता जरूर है कि तेहरान इस रणनीतिक रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर अतिरिक्त ट्रांजिट चार्ज (अतिरिक्त फीस) लगा सकता है। यदि यह बातचीत भी सुलझ जाती है, तो आने वाले दिनों में भारतीय बाजारों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बड़ी राहत देखने को मिल सकती है।
मुंबई में मॉनसून की भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित। दादर, बांद्रा, अंधेरी समेत कई इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और रेल सेवाओं पर असर। IMD ने जारी किया रेड अलर्ट।
बागी हुए ट्रंप के सांसद, अमेरिकी सीनेट में ईरान जंग के खिलाफ प्रस्ताव पास
अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट ने ईरान जंग के खिलाफ प्रस्ताव पास किया है। 50-48 वोटों से मंजूर हुए इस प्रस्ताव में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए कहा गया है। इससे पहले हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में भी इस ...
मिजोरम में ड्रग्स के खिलाफ व्यापक अभियान, सरकार ने समन्वित कार्रवाई पर दिया जोर
मिजोरम के आबकारी मंत्री लालनघिंगलोवा हमार ने कहा कि राज्य सरकार, कई संगठनों के साथ मिलकर, ड्रग्स के दुरुपयोग और तस्करी को रोकने के लिए लगातार और समन्वित प्रयास कर रही है
अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट ने ईरान जंग के खिलाफ प्रस्ताव पास किया है। 50-48 वोटों से मंजूर हुए इस प्रस्ताव में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए कहा गया है। इससे पहले हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में भी इस ...
लंदन हाईकोर्ट से नीरव मोदी को बड़ा झटका,100 करोड़ के हीरे लौटाने का आदेश, बैंक ऑफ इंडिया की बड़ी जीत
भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को ब्रिटेन की अदालत से बड़ा झटका लगा है। लंदन हाई कोर्ट ने बैंक ऑफ इंडिया के पक्ष में फैसला सुनाते हुए नीरव को बैंक का 10.7 मिलियन डॉलर यानी करीब 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज चुकाने के लिए जिम्मेदार बताया है।
PWD में बड़ी प्रशासनिक पदोन्नति : 18 अधीक्षण अभियंता बने अतिरिक्त मुख्य अभियंता (सिविल)
अजमेर के अशोक कुमार तंवर भी बने अतिरिक्त मुख्य अभियंता अजमेर। सार्वजनिक निर्माण विभाग में विभागीय पदोन्नति समिति द्वारा 18 अधीक्षण अभियंताओं को अतिरिक्त मुख्य अभियंता के पद पर पदोन्नत किया गया है। इन सभी अधीक्षण अभियंताओं (सिविल) को वरिष्ठता-सह-योग्यता के आधार पर नियमित रूप से अतिरिक्त मुख्य अभियंता (सिविल) के पद पर पदोन्नत किया […] The post PWD में बड़ी प्रशासनिक पदोन्नति : 18 अधीक्षण अभियंता बने अतिरिक्त मुख्य अभियंता (सिविल) appeared first on Sabguru News .
वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना : अजमेर जिले के 1 हजार 688 वरिष्ठ नागरिक करेंगे तीर्थ यात्रा
केन्द्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने निकाली लॉटरी ट्रेन से 1504 और हवाईमार्ग से 184 करेंगे यात्रा अजमेर। देवस्थान विभाग की प्रमुख योजना वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026 के तहत इस बार जिले के एक हजार 677 तीर्थयात्रियों को रेलमार्ग तथा 205 को हवाईमार्ग से विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा करवाई जाएगी। इसके लिए केन्द्रीय कृषि […] The post वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना : अजमेर जिले के 1 हजार 688 वरिष्ठ नागरिक करेंगे तीर्थ यात्रा appeared first on Sabguru News .
ममता बनर्जी ने फिरहाद हाकिम, अरूप विश्वास, अरूप रॉय समेत आठ वरिष्ठ नेताओं को तृणमूल से निकाला
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को फिरहाद हाकिम, अरूप विश्वास, अरूप रॉय और जावेद खान सहित आठ वरिष्ठ नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। यह बड़ी कार्रवाई तृणमूल के कालीघाट गुट द्वारा इन नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के […] The post ममता बनर्जी ने फिरहाद हाकिम, अरूप विश्वास, अरूप रॉय समेत आठ वरिष्ठ नेताओं को तृणमूल से निकाला appeared first on Sabguru News .
पुणे। पुणे के प्रमुख उद्योगपति के बेटे केतन अग्रवाल की ट्रेकिंग के दौरान खाई में गिरने से मौत के मामले में एक अहम खुलासा हुआ है जिसमें यह उभर कर सामने आया है कि उसकी मौत गिरने से नहीं बल्कि खाई में धकेलने के कारण हुई थी। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि […] The post पुणे के उद्योगपति के बेटे की मौत की वजह ट्रेकिंग के दौरान गिरना नहीं, बल्कि मंगेतर के प्रेमी ने दिया था धक्का appeared first on Sabguru News .
बीकानेर के खाजूवाला में 13 साल की बालिका के हाथ पैर बांधकर रेप
बीकानेर। राजस्थान में बीकानेर जिले के खाजूवाला थाना क्षेत्र में एक 13 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपी ने बालिका के हाथ-पैर बांधकर उससे दो बार दुष्कर्म किया। घटना के समय बालिका की मां मजदूरी पर गयी हुई थी। बालिका घर में खेल रही थी, तभी गांव का ही एक युवक […] The post बीकानेर के खाजूवाला में 13 साल की बालिका के हाथ पैर बांधकर रेप appeared first on Sabguru News .
चित्तौड़गढ़ में स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार का भंडाफोड़
चित्तौड़गढ़। राजस्थान में चित्तौड़गढ़ के कोतवाली थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक होटल में चल रहे स्पा सेंटर की आड़ में विदेशी युवतियों से वेश्यावृत्ति करवाने के मामले का भंडाफोड़ करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने मंगलवार को बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि ब्लू हेवन […] The post चित्तौड़गढ़ में स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार का भंडाफोड़ appeared first on Sabguru News .
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संघर्ष समाप्त करने के लिए अमरीका और ईरान के बीच 17 जून को हुए समझौते के बाद से भारत आने वाले 11 विभिन्न टैंकरों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार किया है जबकि भारतीय ध्वज वाले दस टैंकर अभी भी खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं और दो ने अभी होर्मुज […] The post भारत आने वाले 11 जहाजों ने होर्मुज किया पार, भारत के 10 जहाज अभी भी खाड़ी क्षेत्र में : विदेश मंत्रालय appeared first on Sabguru News .
एसआईटी ने की अग्निकांड स्थल की पड़ताल, घायलों से भी मिला जांच दल
Aliganj fire case Lucknow: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश पर अलीगंज अग्निकांड की समग्र जांच तेज गति से जारी है। मंगलवार को दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) घटनास्थल पर पहुंचा। टीम ने इसके बाद केजीएमयू में भर्ती घायलों से भी मुलाकात की ...
ब्रिटेन सरकार द्वारा 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाने की चर्चा ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है। यह कदम बच्चों के मानसिक और संज्ञानात्मक विकास पर सोशल मीडिया के बढ़ते दुष्प्रभाव को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ चुका है। भारत जैसे देश में, जहां डिजिटल क्रांति के साथ बच्चों का स्क्रीन टाइम तेजी से बढ़ा है, यह सवाल और भी प्रासंगिक हो गया है कि क्या बच्चों को तकनीक से पूरी तरह दूर कर देना ही सही समाधान है?क्यों विकसित हो रहा है बच्चों के दिमाग पर 'डिजिटल खतरा'यथार्थ हॉस्पिटल्स के न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. कुणाल बहरानी का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वे बच्चों का ध्यान खींच सकें। इसका शुरुआती संपर्क बच्चों के मस्तिष्क की ध्यान केंद्रित करने की क्षमता, आवेग नियंत्रण और भावनात्मक विनियमन (Emotional Regulation) पर गंभीर असर डाल सकता है। विशेषज्ञ चिंता जताते हैं कि उनके क्लीनिक में आने वाले बच्चों में कम एकाग्रता, नींद में गड़बड़ी और अत्यधिक चिड़चिड़ेपन जैसे लक्षण तेजी से बढ़ रहे हैं, जो सीधे तौर पर डिजिटल लत से जुड़े हैं।क्या 'पूर्ण प्रतिबंध' ही है एकमात्र रास्तान्यूरोलॉजिस्ट डॉ. नेहा पंडिता का मानना है कि पूर्ण प्रतिबंध लगाने के बजाय 'संतुलित नियमन' (Balanced Regulation) की अधिक आवश्यकता है। बच्चों का मस्तिष्क अभी परिपक्व हो रहा होता है, इसलिए वे डिजिटल उत्तेजनाओं के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। पूर्ण बैन लगाने के बजाय माता-पिता की सक्रिय भागीदारी और बच्चों में 'डिजिटल साक्षरता' (Digital Literacy) को बढ़ावा देना ज्यादा प्रभावी हो सकता है।माता-पिता इन 6 संकेतों को न करें नजरअंदाजडॉक्टरों के अनुसार, यदि आपके बच्चे में निम्नलिखित बदलाव दिख रहे हैं, तो समझ जाइए कि उनकी डिजिटल आदतें चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुकी हैं:नींद में खलल: देर रात तक जागना और नींद पूरी न होना।भावनात्मक अस्थिरता: छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन और मूड स्विंग्स।ध्यान की कमी: शैक्षणिक प्रदर्शन में लगातार गिरावट आना।रुचि में कमी: ऑफ-लाइन खेल और बाहरी गतिविधियों से दूरी बनाना।चिड़चिड़ापन: स्क्रीन छीनने या उपयोग कम करने के लिए कहने पर हिंसक या अत्यधिक परेशान होना।एकाग्रता का अभाव: किसी भी काम में लंबे समय तक ध्यान न लगा पाना।विशेषज्ञों के सुझाव: कैसे बनाएं डिजिटल आदतें स्वस्थतकनीक को पूरी तरह छोड़ना आज के समय में असंभव है, इसलिए संतुलन बनाना ही कुंजी है:नो-स्क्रीन टाइम: भोजन करते समय परिवार में किसी को भी फोन का उपयोग नहीं करना चाहिए।रात का नियम: सोने से कम से कम एक घंटा पहले सभी डिजिटल डिवाइस को बंद कर दें।आयु-उपयुक्त सामग्री: बच्चा क्या देख रहा है, इस पर माता-पिता की कड़ी निगरानी जरूरी है।आउटडोर एक्टिविटी: शारीरिक गतिविधियों और आमने-सामने की बातचीत (Face-to-face interaction) को प्राथमिकता दें।
डेस्क जॉब में 'बवासीर' का खतरा: 60% बढ़ गए हैं मामले, दिनभर बैठने वाले सावधान
आधुनिक कार्यशैली और डेस्क जॉब ने हमारे काम को आसान तो बना दिया है, लेकिन स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौतियां भी पैदा कर दी हैं। ताजा रिपोर्ट और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी के मुताबिक, आईटी सेक्टर और कॉर्पोरेट जगत में काम करने वाले युवा पेशेवरों में बवासीर (हेमोरोइड्स) के मामलों में 60% तक की भारी वृद्धि देखी गई है। विशेषज्ञ इसे 'गतिहीन जीवनशैली' (Sedentary Lifestyle) का सीधा परिणाम मान रहे हैं।क्यों बढ़ रहा है कार्यालय कर्मचारियों में खतरा?अपोलो स्पेक्ट्रा पुणे के जनरल सर्जन डॉ. किरण कुमार जाधव के अनुसार, रोजाना 8 से 10 घंटे तक एक ही जगह बैठकर काम करने से गुदा क्षेत्र की नसों पर लगातार दबाव बना रहता है। यह दबाव ही बवासीर की समस्या को जन्म देता है। इसके साथ ही पानी की कमी (निर्जलीकरण), डाइट में फाइबर की कमी और जंक फूड का अधिक सेवन इस जोखिम को और कई गुना बढ़ा देता है। चौंकाने वाली बात यह है कि 30 से 45 वर्ष की आयु के हर 10 में से 6 कर्मचारी मलाशय में असहजता और दर्द जैसी शिकायतों के साथ डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं।ये लक्षण हैं तो रहें सतर्कअक्सर लोग बवासीर के शुरुआती संकेतों को मामूली मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर एनीमिया या गंभीर दर्द का कारण बन सकते हैं। इन लक्षणों को कभी भी हल्के में न लें:मलाशय में लगातार खुजली और बेचैनी होना।मल त्याग के दौरान दर्द या बहुत अधिक असुविधा महसूस होना।मल के साथ चमकीले लाल रंग का रक्त आना।शौचालय जाने के बाद भी पेट पूरी तरह साफ न होने का एहसास (अपूर्ण मल त्याग)।बचाव के लिए जीवनशैली में करें ये बदलावडॉक्टरों का मानना है कि बवासीर जैसी स्थिति को केवल अपनी आदतों में थोड़ा सुधार करके रोका जा सकता है:फाइबर युक्त आहार: अपनी डाइट में अधिक से अधिक फल, सब्जियां, साबुत अनाज और सलाद को शामिल करें। मसालेदार और डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं।पानी का भरपूर सेवन: दिनभर में पर्याप्त पानी पिएं, जो कब्ज को दूर रखने में सबसे बड़ा हथियार है।बीच-बीच में ब्रेक लें: हर घंटे अपनी कुर्सी से उठें, थोड़ा टहलें या स्ट्रेचिंग करें। इससे रक्त परिसंचरण (Blood Circulation) बेहतर होता है और नसों पर दबाव कम होता है।सही समय पर प्रतिक्रिया: जब भी मल त्याग की इच्छा हो, उसे टालें नहीं।इलाज में देरी पड़ सकती है भारीडॉ. जाधव चेतावनी देते हैं कि लक्षणों को नजरअंदाज करने से समस्या बढ़ सकती है, लेकिन घबराएं नहीं। वर्तमान में चिकित्सा विज्ञान में काफी प्रगति हुई है और कई 'न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रियाएं' (Minimally Invasive Procedures) उपलब्ध हैं, जिससे मरीज को बहुत जल्दी रिकवरी मिल जाती है। यदि आपको ऊपर दिए गए कोई भी शुरुआती लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत किसी विशेषज्ञ से परामर्श लें। याद रखें, छोटी सी सावधानी आपको बड़ी जटिलताओं से बचा सकती है।

36 C
