70 के दशक में जब बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) का जादू देश के सिर चढ़कर बोल रहा था, तब उनका अनोखा ड्रेसिंग स्टाइल हर युवा का फैशन स्टेटमेंट बन गया था। काका का वो ढीला-ढाला 'गुरु कुर्ता' और सफारी सूट पूरे देश में ट्रेंड कर रहा था। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि राजेश खन्ना के इन आइकोनिक कपड़ों को सिलने और डिजाइन करने के पीछे मुंबई के एक मशहूर दर्जी बलदेव पाठक (Baldev Pathak) का हाथ था। बलदेव पाठक की कारीगरी का ऐसा जलवा था कि उनके पास रोजाना हजारों कुर्तों के ऑर्डर आते थे और दूर-दूर से लोग उनसे कपड़े सिलवाने मुंबई पहुंचते थे।नसीरुद्दीन शाह और पंकज कपूर से अनूठा पारिवारिक नाताबलदेव पाठक का यह फिल्मी कनेक्शन आगे चलकर भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित कलात्मक परिवारों में बदल गया। दरअसल, बलदेव पाठक का रिश्ता बॉलीवुड के दो सबसे महान अभिनेताओं—नसीरुद्दीन शाह (Naseeruddin Shah) और पंकज कपूर (Pankaj Kapur) से बना।नसीरुद्दीन शाह की शादी बलदेव पाठक की बड़ी बेटी रत्ना पाठक शाह (Ratna Pathak Shah) से हुई।वहीं पंकज कपूर ने बलदेव पाठक की छोटी बेटी सुप्रिया पाठक (Supriya Pathak) से विवाह किया।इस तरह राजेश खन्ना के कपड़े डिजाइन करने वाले बलदेव पाठक रिश्ते में नसीरुद्दीन शाह और पंकज कपूर दोनों के ससुर (Father-in-law) बने।सास से लेकर बेटियां तक: एक्टिंग की दुनिया में कायम किया राजबलदेव पाठक ने अपने जमाने की दिग्गज और कालजयी अभिनेत्री दीना पाठक (Dina Pathak) से शादी की थी। दीना पाठक ने 'गोलमाल', 'खूबसूरत' और 'मिर्च मसाला' जैसी अनगिनत फिल्मों में मां और दादी के किरदारों से भारतीय सिनेमा में अपनी अमिट छाप छोड़ी।रत्ना पाठक शाह: 'साराभाई वर्सेस साराभाई' में 'माया साराभाई' के किरदार से हर दिल अजीज बनीं और 'जाने तू या जाने ना', 'कपूर एंड संस' जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय किया।सुप्रिया पाठक: 'खिचड़ी' में अपने आइकॉनिक किरदार 'हंसा' और फिल्म 'गोलियों की रासलीला राम-लीला' में 'धनकोर बा' के नेगेटिव रोल के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सराही गईं।काका का करियर ढलान पर आते ही बदला परिवार का वक्तजब 70 के दशक के अंत में राजेश खन्ना का स्टारडम धीरे-धीरे कम होने लगा, तो उसका सीधा असर बलदेव पाठक के टेलरिंग बिजनेस पर भी पड़ा। कुछ समय बाद उनका देहांत हो गया। हालांकि, उनकी पत्नी दीना पाठक और उनकी दोनों बेटियों ने अपने अभिनय और मेहनत के दम पर भारतीय थिएटर, टेलीविजन और हिंदी सिनेमा की दुनिया में एक ऐसा मुकाम हासिल किया, जो आज मिसाल बन चुका है।
ओटीटी प्लेटफॉर्म्स (OTT Platforms) पर हर हफ्ते दर्शकों की पसंद और व्यूअरशिप के आधार पर आने वाली टॉप 10 ट्रेंडिंग लिस्ट इस बार बेहद चौंकाने वाले परिणाम लेकर आई है। लंबे समय से टीवी और डिजिटल स्पेस पर एकछत्र राज करने वाले डेली सोप्स और बॉलीवुड कंटेंट को इस बार लाइव स्पोर्ट्स ने पीछे छोड़ दिया है।Ormax और विभिन्न ओटीटी ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म्स की ताजा व्यूअरशिप रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय दर्शकों ने इस हफ्ते ड्रामा शोज के बजाय लाइव स्पोर्ट्स और रियलिटी कंटेंट पर सबसे ज्यादा प्यार लुटाया है, जिससे रैंकिंग टेबल पूरी तरह बदल गई है।क्रिकेट को पछाड़कर नंबर 1 की कुर्सी पर काबिज हुआ FIFA (फुटबॉल)आमतौर पर भारत में क्रिकेट को सबसे ज्यादा देखा जाने वाला खेल माना जाता है, लेकिन इस हफ्ते ओटीटी व्यूअरशिप के मामले में बड़ा इतिहास रचा गया है। भारत-इंग्लैंड क्रिकेट सीरीज जैसी हाई-प्रोफाइल स्पोर्ट्स स्ट्रीमिंग को पछाड़ते हुए फीफा (FIFA) के मुकाबलों ने पहला स्थान (Number 1 Position) हासिल कर लिया है। लाइव फुटबॉल मैच और हाई-वोल्टेज रोमांच ने भारतीय दर्शकों को ओटीटी स्क्रीन से पूरी तरह बांधकर रखा, जिसके चलते स्पोर्ट्स स्ट्रीमिंग ने व्यूअरशिप के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए।10वें पायदान पर पहुंची 'अनुपमा', लॉक-अप और लाफ्टर शेफ्स का जलवा बरकरारइस पूरी लिस्ट में सबसे चौंकाने वाली गिरावट टीवी और ओटीटी की क्वीन कही जाने वाली रूपाली गांगुली के शो 'अनुपमा' (Anupamaa) में देखने को मिली है। एक समय पर टॉप 3 में रहने वाला यह शो खिसक कर अब सीधे 10वें स्थान (10th Position) पर आ गया है। दर्शकों के अनुसार, लगातार चल रहे ड्रामे और लंबे लीप के कारण व्यूअर्स थोड़े बोर महसूस कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर:नंबर 8: कंगना रनौत/मुनव्वर फारूकी फेम रियलिटी शो 'लॉक अप' का नया सीजन अपनी जगह बनाए हुए है।नंबर 5: भारती सिंह और कृष्णा अभिषेक का हिट कॉमेडी-कुकिंग शो 'लाफ्टर शेफ्स' (Laughter Chefs) दर्शकों का हंसते-हंसाते मनोरंजन कर रहा है।नंबर 3 & 6: पॉपुलर ड्रामा 'ठुकरा के मेरा प्यार' और सिटकॉम 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' अभी भी टॉप 10 की लिस्ट में मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं।स्पोर्ट्स और रियलिटी जॉनर की ओर तेजी से शिफ्ट हो रही है ऑडियंसओटीटी व्यूअरशिप के ये आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि भारतीय डिजिटल ऑडियंस का मिजाज अब तेजी से बदल रहा है। पारंपरिक सास-बहू ड्रामों और लंबे टीवी सीरियल्स के मुकाबले लोग लाइव स्पोर्ट्स (जैसे फुटबॉल और क्रिकेट) तथा अनस्क्रिप्टेड रियलिटी/कॉमेडी शोज देखना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। आने वाले हफ्तों में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स अपने कंटेंट और स्ट्रीमिंग स्ट्रैटेजी में और बड़े बदलाव कर सकते हैं।
बॉलीवुड में जब भी आइकोनिक विलेन्स (Iconic Villains) और खतरनाक डाकुओं के किरदारों की बात होती है, तो फिल्म 'चाइना गेट' (China Gate) का खूंखार डाकू 'जागिरा' हर सिनेमा प्रेमी के जेहन में उभर आता है। इस खौफनाक और यादगार किरदार को पर्दे पर जीवंत किया था बहुमुखी प्रतिभा के धनी अभिनेता मुकेश तिवारी (Mukesh Tiwari) ने। बहुत कम लोग जानते हैं कि अपनी पहली ही फिल्म से बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाने वाले मुकेश तिवारी ने इस रोल को वास्तविक और डरावना बनाने के लिए किस हद तक त्याग किया था।डाकू 'जागिरा' बनने के लिए 50 दिनों तक नहीं नहाए थे मुकेश तिवारी'चाइना गेट' फिल्म में डाकू जागिरा की बॉडी लैंग्वेज, गंदे कपड़े और भयानक लुक को बिल्कुल रियल दिखाने के लिए मुकेश तिवारी ने लगातार 50 दिनों तक न नहाने का बेहद कठिन फैसला लिया था। राजस्थान और जंगलों के कठोर इलाकों में शूटिंग के दौरान उन्होंने शरीर पर मिट्टी, पसीना और गंदगी जमने दी ताकि किरदार में किसी भी तरह का बनावटीपन या मेकअप का ढोंग न नजर आए। उनकी इस अभूतपूर्व मेहनत और अभिनय का ही नतीजा था कि फिल्म के रिलीज होते ही 'जागिरा' का खौफ दर्शकों के दिलों-दिमाग पर छा गया और उन्हें पहली ही फिल्म से स्टारडम मिल गया।'वसूली भाई' बनकर कॉमेडी से जीता सबका दिलडाकू जागिरा के रूप में भयानक विलेन की भूमिका निभाने के बाद, मुकेश तिवारी ने खुद को एक ही इमेज में बंधने नहीं दिया। रोहित शेट्टी की ब्लॉकबस्टर गोलमाल (Golmaal) सीरीज में उन्होंने 'वसूली भाई' का कालजयी कॉमेडी किरदार निभाया। खूंखार डाकू से लेकर कॉमिक विलेन तक का उनका यह ट्रांसफॉर्मेशन दर्शकों को खूब रास आया और 'वसूली भाई' का डायलॉग और अंदाज आज भी मीम्स और पॉप कल्चर का हिस्सा बना हुआ है। इसके अलावा उन्होंने 'गंगाजल', 'अपहरण', और 'चेन्नई एक्सप्रेस' जैसी ढेरों हिट फिल्मों में अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया।4000 करोड़ी महाकाव्य 'रामायण' में निभाएंगे अगस्त्य मुनि का किरदारमुकेश तिवारी के करियर में अब एक और बहुत बड़ा और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही देश की सबसे भव्य और 4000 करोड़ रुपये के बजट वाली मेगा-बजट फिल्म 'रामायण' (Ramayana) में वे एक बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आने वाले हैं। रिपोर्टों के अनुसार, मुकेश तिवारी इस फिल्म में महान ऋषियों में श्रेष्ठ 'अगस्त्य मुनि' (Agastya Muni) का किरदार निभाएंगे। अपनी दमदार आवाज और गंभीर अभिनय शैली के लिए जाने जाने वाले मुकेश तिवारी को इस पौराणिक और सम्मानजनक भूमिका में देखना दर्शकों के लिए एक अद्भुत अनुभव होगा।
भारत की पहली मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (Bullet Train Project) को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अपडेट सामने आया है। भारत सरकार और नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने इस प्रोजेक्ट में बड़ा फेरबदल करते हुए जापान की प्रसिद्ध 'E10 शिंकानसेन' (E10 Shinkansen) ट्रेन सेट की जगह स्वदेशी रूप से निर्मित 'B-28' ट्रेन सेट चलाने का फैसला किया है। 'मेक इन इंडिया' (Make in India) पहल के तहत लिया गया यह फैसला भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और विदेशी निर्भरता को कम करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।कीमत और शर्तों को लेकर फंसा था पेंच, अब भारत खुद बनाएगा हाई-स्पीड ट्रेनदरअसल, शुरुआती योजना के तहत जापान से E10 सीरीज की शिंकानसेन बुलेट ट्रेन आयात (Import) की जानी थी। हालांकि, जापानी कंपनियों द्वारा दी जा रही ऊंची कीमतों, डिलीवरी टाइमलाइन में देरी और रखरखाव (Maintenance) की शर्तों को लेकर बातचीत एक लंबे समय से अटकी हुई थी। इसके बाद रेल मंत्रालय और भारतीय इंजीनियरों ने फैसला किया कि देश की अपनी वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat) की सफलता की तर्ज पर ही 250 से 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम बुलेट ट्रेन का निर्माण भारत में ही किया जाएगा।B-28 ट्रेन सेट की खासियतें और रेलवे को होने वाली भारी बचत'B-28' बुलेट ट्रेन सेट का निर्माण इंटीग्रल कोच फैक्टरी (ICF) चेन्नई और देश के अन्य प्रमुख रेल कारखानों में किया जाएगा।320 किमी/घंटा की रफ्तार: यह ट्रेन मुंबई और अहमदाबाद के बीच 508 किलोमीटर की दूरी को महज 2 घंटे के आसपास समय में पूरा करने में सक्षम होगी।अरबों रुपये की बचत: विदेश से तैयार ट्रेनें आयात करने के मुकाबले देश में निर्माण करने से परियोजना की लागत में हजारों करोड़ रुपये की सीधी बचत होगी।भारतीय जलवायु के अनुकूल: B-28 ट्रेन सेट को भारत के बढ़ते तापमान, धूल और मानसूनी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर विशेष रूप से डिजाइन किया जा रहा है।वर्ल्ड क्लास सुविधाएं: इसमें एयरोडायनामिक डिजाइन, रोटेटिंग सीट्स, आधुनिक सुरक्षा तकनीक (कवच सिस्टम का हाई-स्पीड वेरिएंट) और वाई-फाई/इन्फोटेनमेंट की सुविधाएं मौजूद होंगी।कब तक शुरू होगी देश की पहली बुलेट ट्रेन?गुजरात के सूरत से बिलिमोरा के बीच का पहला सेक्शन ट्रायल के लिए तेजी से तैयार किया जा रहा है। स्वदेशी B-28 ट्रेन सेट के आने से प्रोजेक्ट में तेजी आने की उम्मीद है। यह कदम न केवल भारत को उन चुनिंदा देशों के क्लब में शामिल करेगा जो खुद अपनी हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन बनाने की क्षमता रखते हैं, बल्कि भविष्य में भारत अन्य विकासशील देशों को भी अपनी बुलेट ट्रेन निर्यात (Export) कर सकेगा।
हमेशा गंभीर क्यों नजर आते हैं शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान? को-एक्टर राघव जुयाल ने खोली दिल की बात
बॉलीवुड के 'किंग खान' यानी शाहरुख खान के लाडले बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) अपनी प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ अपने सख्त और रिजर्व अंदाज के लिए भी हमेशा चर्चा में रहते हैं। आपने भी अक्सर नोटिस किया होगा कि आर्यन खान शायद ही कभी किसी पब्लिक प्लेस या कैमरे के सामने हंसते या मुस्कुराते हुए नजर आते हैं। वह हमेशा एक गंभीर और शांत मुद्रा में ही दिखाई देते हैं। अब इसी रहस्य से पर्दा उठाते हुए उनके को-एक्टर और करीबी दोस्त राघव जुयाल ने एक इंटरव्यू में इसके पीछे की असली वजह का खुलासा किया है, जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।राघव जुयाल ने बताई आर्यन के पब्लिक में न हंसने की वजहडांसर से बेहतरीन अभिनेता बने राघव जुयाल इन दिनों अपनी प्रोफेशनल सक्सेस के साथ-साथ आर्यन खान के साथ अपनी गहरी दोस्ती को लेकर भी सुर्खियों में हैं। हाल ही में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की अपकमिंग वेब सीरीज 'द बैड्स ऑफ बॉलीवुड' में राघव जुयाल को एक अहम किरदार निभाने का मौका मिला है, जिसके बाद से दोनों के बीच काफी अच्छी बॉन्डिंग हो गई है। पिंकविला के साथ हाल ही में हुई एक खास बातचीत के दौरान जब राघव से यह सवाल पूछा गया कि आखिर आर्यन खान हर पब्लिक इवेंट में इतने सीरियस क्यों दिखते हैं और कभी मुस्कुराते क्यों नहीं हैं? तो इस पर राघव ने बहुत ही दिलचस्प जवाब दिया।'वह कोई बनावटीपन नहीं दिखाना चाहता'आर्यन खान के स्वभाव के बारे में खुलकर बात करते हुए राघव जुयाल ने बताया कि, वह दुनिया को दिखाने के लिए कुछ भी नकली या बनावटीपन नहीं करना चाहता। मुझे नहीं लगता कि वह किसी भी तरह का ढोंग करना पसंद करता है। वह जैसा है, बिल्कुल वैसा ही सबके सामने रहता है और मुझे लगता है कि उसे वैसे ही रहने देना चाहिए। अंदर से वह एक बेहद क्रिएटिव, सहज और दयालु किस्म का इंसान है। राघव ने आगे बताया कि मीडिया और कैमरे के सामने रहने पर आर्यन को एक अजीब सा डर या संकोच महसूस होता है, जिसे वह कैमरे का फोबिया भी कह सकते हैं। वह जानबूझकर एटीट्यूड में नहीं रहते, बल्कि उनका स्वभाव ही ऐसा है।क्लोज फ्रेंड ने खोली पोल, घर में करते हैं खूब मस्तीजब राघव से यह पूछा गया कि क्या आर्यन घर या दोस्तों के बीच भी ऐसे ही गंभीर रहते हैं, तो उन्होंने हंसते हुए इसका खंडन किया। राघव ने खुलासा किया कि आर्यन अपनी पर्सनल लाइफ और दोस्तों के बीच बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आते हैं। घर पर वह खुलकर हंसते हैं, मजाक करते हैं और दोस्तों के साथ जमकर मस्ती करते हैं। उनके अंदर एक छोटे बच्चे जैसी मासूमियत छिपी है, जिसे सिर्फ उनके करीबी लोग ही देख पाते हैं। बता दें कि राघव जुयाल ने हाल ही में एक शानदार प्राइवेट बर्थडे पार्टी भी प्लान की थी, जिसमें आर्यन खान और बॉबी देओल समेत उनके कई करीबी दोस्त शामिल हुए थे।
देशभर में चर्चित मेघालय हनीमून मर्डर केस (राजा रघुवंशी हत्याकांड) में सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट की पीठ (जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस पी.बी. वराले) ने मामले की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को सख्त लहजे में स्पष्ट कर दिया है कि वे या तो स्वेच्छा से आत्मसमर्पण (Surrender) कर दें या फिर अदालत राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी जमानत रद्द करने का आदेश पारित करेगी। शीर्ष अदालत मेघालय सरकार की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें हाई कोर्ट द्वारा सोनम को दी गई जमानत के फैसले को चुनौती दी गई है।टाइप की एक छोटी गलती के आधार पर मिली थी निचली अदालत से राहतपूरा मामला इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी की मेघालय में हनीमून के दौरान हुई संदिग्ध हत्या से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सोनम ने अपने कथित प्रेमी और अन्य साथियों के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी। शिलांग की निचली अदालत और बाद में मेघालय हाई कोर्ट ने सोनम को इस तकनीकी आधार पर जमानत दे दी थी कि गिरफ्तारी के वक्त तैयार किए गए कागजातों में धारा 103 BNS (हत्या) की जगह गलती से धारा 403 BNS टाइप हो गया था। इसे 'अरेस्ट ग्राउंड्स' की सही जानकारी न देना मानते हुए जमानत दी गई थी।मेघालय सरकार की दलील: 'टाइपो एरर' को आधार बनाकर दी गई राहत गलतसुप्रीम कोर्ट में मेघालय सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि यह केवल एक क्लर्क की टाइपिंग की गलती थी, जबकि अन्य 6 दस्तावेजों पर स्पष्ट रूप से हत्या के आरोप दर्ज थे और आरोपी ने उन पर दस्तखत भी किए थे। सरकार ने तर्क दिया कि सोनम ने पहली तीन जमानत अर्जियां खारिज होने तक कभी इस बात पर आपत्ति नहीं जताई। गंभीर मर्डर केस में इतनी मामूली प्रक्रियात्मक चूक के आधार पर जमानत देना न्यायसंगत नहीं है।अदालत का संदेश: मुख्य गवाहों के बयान होने तक जेल में रहना बेहतरसुप्रीम कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए आरोपी के वकील से कहा कि अदालत को मामले में कई खामियां दिखी हैं और बेहतर यही होगा कि आरोपी खुद सरेंडर कर दे। पीठ ने संकेत दिया कि मुख्य अभियोजन गवाहों (Prosecution Witnesses) की गवाही और बयान दर्ज होने के बाद ही जमानत याचिका पर दोबारा विचार किया जा सकता है। अदालत ने सोनम के वकील को निर्णय लेने के लिए समय दिया है।
झारखंड को मिलने जा रहा पहला फिल्म और टेलीविजन संस्थान, SRFTI और JFDCL के बीच आज होगा ऐतिहासिक एमओयू
झारखंड के कला, संस्कृति और फिल्म जगत के लिए आज का दिन एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। राज्य में फिल्म निर्माण, अभिनय और इसकी शिक्षा को एक नई और आधुनिक दिशा देने के लिए झारखंड सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की गरिमामयी उपस्थिति में आज रांची के प्रोजेक्ट भवन में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह करार राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) के अधीन कार्यरत झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (JFDCL) और कोलकाता के प्रतिष्ठित सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) के बीच संपन्न होगा, जिसके बाद राज्य में पहले फिल्म संस्थान का रास्ता साफ हो जाएगा।राज्य में खुलेगा 'झारखंड फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट' (JFTI)इस बहुप्रतीक्षित एमओयू के धरातल पर उतरते ही झारखंड में 'झारखंड फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट' (JFTI) की स्थापना का मार्ग पूरी तरह से प्रशस्त हो जाएगा। आज आयोजित होने वाले इस हस्ताक्षर समारोह के दौरान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के विशेष सचिव राजीव लोचन बक्शी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। इस साझेदारी के तहत दोनों संस्थाओं के बीच कार्यों का बेहतरीन बंटवारा किया गया है, जहाँ जेएफडीसीएल संस्थान के वित्तीय प्रबंधन और सुचारू संचालन की कमान संभालेगा, वहीं देश का नामी संस्थान एसआरएफटीआई अकादमिक ढांचे को विकसित करने, विश्वस्तरीय पाठ्यक्रम तैयार करने और तकनीकी विशेषज्ञता व फैकल्टी उपलब्ध कराने की पूरी जिम्मेदारी निभाएगा।स्थानीय युवाओं को मिलेगा ग्लोबल स्तर का टेक्निकल ट्रेनिंगइस नए संस्थान के खुलने से झारखंड के प्रतिभाशाली युवाओं को अब फिल्म निर्देशन, अभिनय, सिनेमैटोग्राफी, फिल्म एडिटिंग और अन्य तकनीकी बारीकियों को सीखने के लिए मुंबई या कोलकाता जैसे दूसरे बड़े राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। पाठ्यक्रम को इस प्रकार से डिजाइन किया जाएगा कि राज्य के युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही उच्च कोटि का गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिल सके। इससे न केवल झारखंड की छिपी हुई प्रतिभाओं को एक मजबूत मंच मिलेगा, बल्कि राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ-साथ फिल्म उद्योग और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी एक नई राष्ट्रीय पहचान हासिल होगी।फिल्मकारों के लिए हमेशा से पसंदीदा डेस्टिनेशन रहा है झारखंडझारखंड की आबोहवा, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मनमोहक प्राकृतिक सौंदर्य लंबे समय से देश-दुनिया के फिल्मकारों को अपनी ओर आकर्षित करते रहे हैं। इतिहास गवाह है कि महान फिल्मकार ऋत्विक घटक ने अपनी कई चर्चित फिल्मों और वृत्तचित्रों की शूटिंग इसी माटी पर की थी, जबकि लीजेंडरी डायरेक्टर सत्यजीत रे की प्रसिद्ध फिल्म ‘अरण्येर दिनरात्रि’ की शूटिंग पलामू के बेतला और केचकी के जंगलों में हुई थी। इसके अलावा बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्में और वेब सीरीज जैसे ‘काला पत्थर’, ‘मृगया’, ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’, ‘जामताड़ा’ और ‘खाकी’ का नाता भी झारखंड की अद्भुत पृष्ठभूमि और लोकेशंस से गहरा रहा है। अब इस नए संस्थान के आने से इन संभावनाओं को और पंख लगेंगे।
मानसून का मौसम जहां भीषण गर्मी से राहत दिलाता है, वहीं अपने साथ कई तरह के स्वास्थ्य जोखिम और त्वचा संबंधी समस्याएं भी लेकर आता है। बारिश के दिनों में अक्सर दफ्तर, स्कूल या बाजार जाते समय जूते-जुराबें पानी में भीग जाते हैं। कई लोग मजबूरी में या आलस के कारण घंटों तक वही गीले जूते और सीली हुई जुराबें पहने रहते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डर्मेटोलॉजिस्ट्स (त्वचा विशेषज्ञों) के अनुसार, गीले जूते लंबे समय तक पहने रखना पैरों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। यह आदत न केवल पैरों से बदबू का कारण बनती है, बल्कि गंभीर फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन को भी न्योता देती है।1. फंगल इंफेक्शन और एथलीट फुट (Athlete's Foot) का खतराजब जूते और जुराबें अंदर से गीले होते हैं, तो पैर लंबे समय तक नमी और गर्मी के माहौल में बंद रहते हैं। यह नमी बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए सबसे मुफीद जगह बनाती है। इसके कारण उंगलियों के बीच की त्वचा गलने लगती है, जिसमें तेज खुजली, रेडनेस, छालों और दर्द की समस्या हो जाती है। इसे मेडिकल भाषा में 'एथलीट फुट' या टिनिया पेडिस (Tinea Pedis) कहा जाता है।2. पैरों से भयंकर बदबू (Smelly Feet) और बैक्टीरियल ग्रोथगीले जूतों में हवा का आना-जाना बंद हो जाता है, जिससे पसीना और बारिश का मटमैला पानी मिलकर बैक्टीरिया का घर बन जाते हैं। ये बैक्टीरिया पैरों की त्वचा पर पनपकर बदबूदार गैसें छोड़ते हैं। इसके कारण जूते उतारते ही कमरे में तेज दुर्गंध फैल जाती है, जो व्यक्ति को दूसरों के सामने शर्मिंदा भी कर सकती है।3. ट्रेंच फुट (Trench Foot) और नाखूनों का सड़ना (Onychomycosis)यदि आपके पैर रोजाना कई घंटों तक पानी या गीले जूते में रहते हैं, तो नसों में रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है। इससे 'ट्रेंच फुट' नाम की स्थिति पैदा हो जाती है, जिसमें पैर सुन्न पड़ जाते हैं और उनमें ऐंठन होने लगती है। इसके अलावा, गीलापन पैरों के नाखूनों के अंदर तक घुस जाता है, जिससे नाखून पीले, मोटे और कमजोर होकर टूटने लगते हैं।बरसात के मौसम में पैरों की सुरक्षा और देखभाल के 5 आसान उपायमानसून के दौरान पैरों को इंफेक्शन से बचाने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें:गीले जूते-जुराबें तुरंत उतारें: भीगे हुए जूते या जुराबों में ज्यादा देर न रहें। काम पर पहुंचते ही या घर आते ही इन्हें तुरंत बदल लें।पैरों को अच्छी तरह सुखाएं: पैर धोने के बाद उंगलियों के बीच की जगह को किसी सूखे और साफ तौलिए से पोंछना कभी न भूलें।एंटी-फंगल पाउडर का इस्तेमाल: जूते पहनने से पहले पैरों पर और जूतों के अंदर एंटी-फंगल या टैलकम पाउडर छिड़कें, ताकि नमी सोखी जा सके।सही फुटवियर का चुनाव: बारिश के दिनों में चमड़े या कैनवास के जूतों के बजाय वॉटरप्रूफ फ्लोटर्स, रबर की सैंडल या ओपन-टो फुटवियर पहनें।नेचुरल ड्रायर का इस्तेमाल: जूतों को सुखाने के लिए उनके अंदर पुराना अखबार ठूंसकर रख दें, अखबार सारी नमी सोख लेगा और जूते जल्दी सूख जाएंगे।
त्रिपुरा के डीजीपी की मौत का राज कब खुलेगा, आज बागपत में राजकीय सम्मान के साथ होगी अंतिम विदाई
त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। 20 जुलाई को अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय में उनका शव मिलने के बाद से ही यह सवाल हर किसी के जेहन में उठ रहा है कि आखिर राज्य के सबसे बड़े पुलिस अधिकारी ने अपने ही दफ्तर में ऐसा कदम क्यों उठाया। इस सनसनीखेज मामले की जांच त्रिपुरा पुलिस द्वारा बेहद गंभीरता से की जा रही है, ताकि मौत के पीछे छिपे हर एक राज से पर्दा उठाया जा सके।पैतृक जिले बागपत पहुंचा पार्थिव शरीर, आज होगी अंत्येष्टित्रिपुरा के दिवंगत डीजीपी अनुराग धनखड़ का पार्थिव शरीर मंगलवार देर रात उनके पैतृक जिले बागपत पहुंच गया। त्रिपुरा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) की अगुवाई में एक पुलिस टीम उनके पार्थिव शरीर को लेकर बड़ौत पहुंची। फिलहाल उनका पार्थिव शरीर बड़ौत के गांधी रोड स्थित उनके छोटे भाई रविराज के आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है, जहां बड़ी संख्या में रिश्तेदार, गणमान्य लोग और स्थानीय निवासी पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं। बुधवार सुबह करीब 9 बजे बड़ौत में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा, जिसमें कई प्रशासनिक और पुलिस के बड़े अधिकारी शामिल होंगे।साधारण परिवार से निकलकर आईपीएस बनने तक का सफरमूल रूप से बागपत जनपद के बिहारीपुर गांव के रहने वाले अनुराग धनखड़ की शुरुआती जिंदगी काफी संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायक रही है। उनका जन्म बिहारीपुर गांव की एक पुरानी हवेली में हुआ था और उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा गांव के ही स्कूल से पूरी की थी। इसके बाद सरूरपुर खेड़की के कॉलेज से इंटरमीडिएट और जनता वैदिक महाविद्यालय बड़ौत से बीएससी (कृषि) की डिग्री हासिल की। अपनी मेहनत के दम पर वे पहले बड़ौत के सिंडिकेट बैंक में फील्ड ऑफिसर के पद पर चयनित हुए, लेकिन उनका सपना सिविल सेवा में जाने का था। बैंक की नौकरी के साथ तैयारी जारी रखते हुए वे 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी बने और त्रिपुरा कैडर पाकर अपने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया।गांव में पसरा मातम, वर्षों से बंद पड़ी है पैतृक हवेलीडीजीपी अनुराग धनखड़ के आकस्मिक निधन की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव बिहारीपुर और पूरे बड़ौत क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीण और सगे-सम्बन्धी दिनभर उनके पार्थिव शरीर के आने का इंतजार करते रहे। गांव के लोगों ने पुरानी यादें साझा करते हुए बताया कि उनका पूरा परिवार कभी बिहारीपुर की इसी हवेली में रहता था, लेकिन नौकरी लगने के बाद सभी लोग बाहर बस गए और पिछले कई सालों से इस हवेली पर ताला लटका हुआ है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, वे करीब 25 साल पहले आखिरी बार किसी शादी समारोह में शामिल होने अपने गांव आए थे। फिलहाल इसtragic घटना से पूरे परिवार और क्षेत्र में गम का माहौल है।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्र आंदोलन पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस छात्रों का फायदा उठा रहे हैं। उनका उद्देश्य छात्रों के लिए समाधान खोजना नहीं था। बल्कि उनका मकसद राजनीतिक सुर्खियों के ...
सीएम सुवेंदु अधिकारी ने बिजली चोरी की रिपोर्ट करने के लिए ऐप लॉन्च किया
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता के साल्ट लेक इलाके में स्थित विद्युत भवन से एक खास ऐप लॉन्च किया। यह ऐप लोगों को बिजली चोरी की रिपोर्ट करने में मदद करेगा।
बिहार: मैथिली ठाकुर ने बांकीपुर में भाजपा की जीत का किया दावा, सोशल मीडिया पर सख्त कानून का समर्थन
भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर ने सोशल मीडिया पर गुमराह करने वाली पोस्ट और सट्टेबाजी के खिलाफ प्रस्तावित कानून का समर्थन किया। साथ ही, उन्होंने बांकीपुर उपचुनाव, विधानसभा से तेजस्वी यादव की गैर-मौजूदगी और स्कूलों को भगवा रंग में रंगने के मुद्दे पर भी टिप्पणी की।
दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल किया गया शिफ्ट, अनशन जारी रखने का ऐलान
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में मंगलवार शाम सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया
जंतर-मंतर पर अराजक तत्वों को कब्जा नहीं करने देंगे: भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ला
भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने नीट पेपर लीक और जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों को लेकर विपक्ष के नेताओं की आलोचना की और आरोप लगाया कि विपक्ष राजनीतिक फायदे के लिए विघटनकारी ताकतों का समर्थन कर रहा है।
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य कल दिनांक 22 जुलाई, 2026 (बुधवार) को बरेली में प्रवास करेंगे, जनपद भ्रमण पर विभिन्न प्रस्तावित किये गये है जिसमें प्रशासनिक बैठक, मीडिया बन्धुओं के साथ प्रेेसवार्ता, गठनात्मक एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों के साथ विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण एवं अन्य कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे। समीक्षा बैठक के उपरांत केशव प्रसाद मौर्य मीडिया प्रतिनिधियों से प्रेस वार्ता करेंगे।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रातः 11:40 बजेउप मुख्यमंत्री सर्किट हाउस, बरेली में पार्टी पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में संगठनात्मक विषयों के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास एवं जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसके उपरांत 12:50 बजे श्री मौर्यकलेक्ट्रेट सभागार, बरेली में जनपद के समस्त विभागों के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में विभिन्न विकास परियोजनाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, कानून-व्यवस्था तथा विभागीय कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। साथ ही अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने तथा आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे।तत्पश्चात अपराह्न 3:00 बजेकेशव जीनिर्मल रिजॉर्ट, ए- मिनी बाइपास, थाना- इज्जतनगर, बरेली में आयोजित बूथ अध्यक्ष सम्मेलन (124 शहर विधानसभा, बरेली) में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे तथा कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे।
केशव प्रसाद मौर्य ने आज ग्राम्य विकास विभाग के उच्च अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद की समस्त ग्राम पंचायतों में प्रत्येक शुक्रवार को नियमित रूप से ‘ग्राम चौपाल’ आयोजित की जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम चौपाल जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक प्रभावी मंच बनेगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा। ग्राम चौपाल में प्राप्त होने वाली शिकायतों एवं समस्याओं का यथासंभव मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी विषय का तत्काल निस्तारण संभव न हो तो उसके लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर संबंधित अधिकारी उसकी नियमित निगरानी करें तथा शिकायतकर्ता को प्रगति की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य गांवों में सुशासन, विकास और जनविश्वास को और अधिक सुदृढ़ करना है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में नियमित ग्राम चौपाल आयोजित होने से प्रशासन और जनता के बीच विश्वास बढ़ेगा, समस्याओं का समयबद्ध समाधान होगा तथा ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की संतुष्टि ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी भावना के साथ ग्राम चौपाल की व्यवस्था को पूरे प्रदेश में प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।
अपने बयानों के कारण अक्सर विवादों में रहने वाले कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के नीट छात्रों की कीड़े से तुलना करने के बयान पर मंगलवार को विधानसभा में जमकर हंगामा हो गया। कैलाश विजयवर्गीय के बयान के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने जमकर हंगामा किया ...
हरजीत सिंह ग्रेवाल ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष का पदभार संभाला
नई दिल्ली। हरजीत सिंह ग्रेवाल ने मंगलवार को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) के अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया, जबकि आयोग की सदस्य एस. मुनावरी बेगम ने उपाध्यक्ष का कार्यभार संभाला। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने आज बताया कि इन नियुक्तियों को अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण, सशक्तीकरण और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा […] The post हरजीत सिंह ग्रेवाल ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष का पदभार संभाला appeared first on Sabguru News .
प्रधानमंत्री आवास के बाहर मंगलवार को विरोध-प्रदर्शन कर रहे विपक्षी दलों के नेताओं को पुलिस ने वहां से हटा दिया। प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता शामिल थे।
धूम्रपान या सिगरेट पीने की लत न केवल फेफड़ों को अंदर से काला और खोखला बनाती है, बल्कि यह दिल, दिमाग और शरीर के हर अंग को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती है। कई बार लोग यह सोचकर स्मोकिंग नहीं छोड़ते कि 'अब तो फेफड़े काफी खराब हो चुके हैं, अब छोड़ने से क्या फायदा होगा?' हालांकि, मेडिकल साइंस और पल्मोनोलॉजिस्ट्स (फेफड़ों के डॉक्टर) का मानना है कि आपका शरीर और फेफड़े खुद को री-जनरेट और हील (Heal) करने में माहिर होते हैं। जैसे ही आप आखिरी सिगरेट पीकर धूम्रपान को अलविदा कहते हैं, महज 20 मिनट के भीतर ही आपके शरीर का रिकवरी मैकेनिज्म एक्टिव हो जाता है और हीलिंग प्रोसेस शुरू हो जाती है।20 मिनट से लेकर 72 घंटे तक: निकोटीन का असर खत्म और सांसों में सुधारस्मोकिंग छोड़ने के शुरुआती कुछ घंटे और दिन शरीर के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं:20 मिनट बाद: हृदय गति (Heart Rate) और ब्लड प्रेशर सामान्य स्तर पर आने लगता है।12 घंटे बाद: खून में मौजूद जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड (Carbon Monoxide) का स्तर गिरकर सामान्य हो जाता है और ऑक्सीजन का स्तर बढ़ जाता है।24 से 48 घंटे बाद: हार्ट अटैक का खतरा कम होने लगता है। शरीर से निकोटीन पूरी तरह बाहर निकल जाता है, जिससे सूंघने और चखने की क्षमता में जबरदस्त निखार आता है।72 घंटे बाद: ब्रोन्कियल ट्यूब्स (श्वसन नलियां) शिथिल होने लगती हैं, जिससे सांस लेना काफी आसान हो जाता है और शरीर की ऊर्जा का स्तर बढ़ जाता है।2 हफ्ते से 9 महीने: फेफड़ों की सीलिया कोशिकाएं होती हैं पुनर्जीवितधूम्रपान छोड़ने के 2 से 12 हफ्तों के भीतर शरीर में ब्लड सर्कुलेशन (रक्त संचार) में काफी सुधार आता है और फेफड़ों की कार्यक्षमता (Lungs Capacity) लगभग 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। 1 से 9 महीनों के दौरान फेफड़ों के अंदर मौजूद छोटी-छोटी बाल जैसी संरचनाएं जिन्हें 'सीलिया' (Cilia) कहा जाता है, वे फिर से उगने और सक्रिय होने लगती हैं। ये सीलिया फेफड़ों में जमा बलगम, धूल-मिट्टी और टॉक्सिन्स को बाहर धकेलने का काम करती हैं। इस दौरान पुरानी खांसी, सांस फूलने की समस्या और सीने में भारीपन काफी हद तक खत्म हो जाता है।1 साल से 15 साल: कैंसर और हार्ट अटैक का खतरा हो जाता है आधाजैसे-जैसे समय बीतता है, फेफड़ों की हीलिंग और गहरी होती जाती है:1 साल बाद: कोरोनरी हार्ट डिजीज (दिल की बीमारियों) का खतरा धूम्रपान करने वालों की तुलना में आधा (50%) रह जाता है।5 से 10 साल बाद: फेफड़ों के कैंसर (Lungs Cancer), मुंह के कैंसर, गले के कैंसर और स्ट्रोक (पैरालिसिस) का जोखिम घटकर आधा रह जाता है।15 साल बाद: दिल की बीमारियों और असमय मृत्यु का खतरा बिल्कुल एक ऐसे व्यक्ति के बराबर हो जाता है जिसने जिंदगी में कभी सिगरेट को हाथ भी न लगाया हो।इच्छाशक्ति और सही डॉक्टरी सलाह से आसान है निकोटीन की लत छोड़नाहेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्मोकिंग छोड़ने की कोई उम्र या समय देर नहीं होती। आप चाहे 5 साल से स्मोकिंग कर रहे हों या 20 साल से, जिस दिन आप इसे छोड़ेंगे, उसी दिन से आपकी उम्र और सेहत दोनों बढ़ने लगेंगी। शुरुआती कुछ दिनों में निकोटीन विड्रॉल के लक्षण जैसे चिड़चिड़ापन, बेचैनी या लालसा (Craving) हो सकती है, लेकिन गहरी सांस लेने के व्यायाम, पर्याप्त पानी पीने, च्युइंग गम या निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी (NRT) की मदद से इस लत पर आसानी से विजय पाई जा सकती है।
भरतपुर : अध्यापक के खिलाफ अश्लील हरकतें करने का केस दर्ज
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के नदबई कस्बे के एक निजी विद्यालय के अध्यापक के खिलाफ स्कूल की एक छात्रा के साथ कथित अश्लील हरकतें करने का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी शिक्षक छात्रा के साथ करीब आठ महीने से छेड़छाड़ करने के साथ ही पीछा करते हुए छात्रा के घर पहुंचने […] The post भरतपुर : अध्यापक के खिलाफ अश्लील हरकतें करने का केस दर्ज appeared first on Sabguru News .
आजकल लगभग हर घर में पीने के पानी को साफ करने के लिए RO (Reverse Osmosis) वाटर प्यूरीफायर का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, पानी सिर्फ साफ होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसमें शरीर के लिए आवश्यक खनिजों (Minerals) का सही संतुलन होना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। पानी की गुणवत्ता को नापने के लिए 'TDS' यानी Total Dissolved Solids एक मुख्य पैमाना होता है। पानी में कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम और सोडियम जैसे जरूरी मिनरल्स के साथ-साथ कई तरह के घुले हुए लवण मौजूद होते हैं। यदि आपके RO का TDS बहुत अधिक है, तो पानी सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है, वहीं यदि TDS जरूरत से ज्यादा कम (Demineralized Water) हो जाए, तो पानी शरीर के लिए बेअसर और बेस्वाद हो जाता है।डिजिटल TDS मीटर से मिनटों में घर बैठे ऐसे जांचें पानी की शुद्धताअपने घर के RO का TDS चेक करने के लिए आपको किसी एक्सपर्ट को बुलाने की आवश्यकता नहीं है। बाजार या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बेहद कम कीमत में डिजिटल पोर्टेबल TDS मीटर आसानी से मिल जाते हैं। पानी जांचने के लिए सबसे पहले एक कांच या साफ प्लास्टिक के गिलास में अपने RO प्यूरीफायर से पानी भरें। इसके बाद TDS मीटर की कैप (ढक्कन) हटाएं और ऑन (ON) बटन दबाएं। अब मीटर के सेंसर वाले हिस्से को पानी में 2 से 3 सेंटीमीटर गहराई तक डुबोएं। कुछ ही सेकंड में डिजिटल स्क्रीन पर एक नंबर दिखाई देने लगेगा, यही आपके पानी का TDS लेवल है। विश्वास्वास्थ्य संगठन (WHO) और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के अनुसार, पीने के पानी का आदर्श TDS 150 से 300 milligram per liter (mg/L) के बीच होना सबसे उत्तम माना जाता है।कब कराएं अपने RO प्यूरीफायर की सर्विस? जानिए ये 4 मुख्य चेतावनी संकेतअक्सर लोग RO खराब होने का इंतजार करते हैं, जबकि प्यूरीफायर पहले से ही कई संकेत देने लगता है कि उसे सर्विसिंग की जरूरत है:पानी के स्वाद और गंध में बदलाव: यदि पानी का स्वाद कड़वा, अजीब या बिना किसी स्वाद का लगने लगे, तो समझ जाएं कि इसके फिल्टर अपनी म्याद पूरी कर चुके हैं।पानी छनने की गति धीमी होना: अगर आपके RO की टंकी भरने में सामान्य से बहुत अधिक समय लग रहा है, तो इसका मतलब है कि सेडीमेंट या प्री-कार्बन फिल्टर धूल और मिट्टी से पूरी तरह ब्लॉक हो गए हैं।प्यूरीफायर से अजीब आवाज या रिसाव: यदि RO की मोटर से तेज गड़गड़ाहट की आवाज आए या नीचे से पानी का रिसाव होने लगे, तो यह तुरंत मैकेनिक को बुलाने का संकेत है।अत्यधिक वेस्ट वाटर (व्यर्थ पानी): अगर शुद्ध पानी की तुलना में ड्रेन पाइप से बहुत ज्यादा रिजेक्ट वाटर बह रहा है, तो RO मेमब्रेन (RO Membrane) खराब हो चुकी है।सही समय पर फिल्टर बदलने के नियम और स्वास्थ्य सुरक्षास्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पानी में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और भारी धातुओं से बचे रहने के लिए हर 3 से 6 महीने में RO के बाहरी प्री-फिल्टर (Pre-Filter Candile) को जरूर बदलवा लेना चाहिए। वहीं, इसके आंतरिक सेडीमेंट और कार्बन फिल्टर को साल में एक बार बदलना अनिवार्य होता है। अगर आपके क्षेत्र में सप्लाई का पानी बहुत कठोर (Hard Water) है, तो RO की मेमब्रेन को हर 1.5 से 2 साल में बदलना सही रहता है। समय-समय पर सर्विसिंग कराने से न केवल RO प्यूरीफायर की लाइफ बढ़ती है, बल्कि परिवार के सदस्यों को हर दिन शुद्ध, मिनरल-रिच और सेहतमंद पीने का पानी मिलता रहता है।
आमतौर पर कान में हल्की सी खुजली या मैल (Earwax) महसूस होते ही ज्यादातर लोग कॉटन बड्स, माचिस की तीली, हेयरपिन या सेफ्टी पिन का इस्तेमाल करने लगते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और ईएनटी (ENT) डॉक्टरों के अनुसार, कान में ऐसी नुकीली चीजें डालना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। इससे कान का मैल बाहर निकलने के बजाय और ज्यादा गहराई में चला जाता है, जिससे कान का पर्दा (Eardrum) फटने, इन्फेक्शन होने या सुनने की क्षमता कम होने का गंभीर जोखिम रहता है। वास्तव में कान में बनने वाला वैक्स एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच होता है, जो धूल-मिट्टी और बैक्टीरिया को कान के अंदर जाने से रोकता है। हालांकि, जब यह मैल बहुत अधिक जमा होकर सख्त हो जाता है, तो इसे सुरक्षित तरीकों से निकालना बेहद जरूरी हो जाता है।जैतून या बादाम का हल्का गुनगुना तेल: वैक्स को मोम की तरह पिघलाने का तरीकाकान के सख्त मैल को बिना किसी दर्द के बाहर निकालने के लिए ओलिव ऑयल (जैतून का तेल) या बादाम का तेल सबसे सुरक्षित और असरदार तरीका माना जाता है। उपयोग के लिए तेल को हल्का सा गुनगुना कर लें (ध्यान रहे तेल ज्यादा गर्म न हो)। अब सिर को एक तरफ झुकाकर ड्रॉपर की मदद से प्रभावित कान में 2 से 3 बूंदें तेल की डालें। लगभग 5 से 10 मिनट तक इसी मुद्रा में रहें ताकि तेल जमे हुए वैक्स को मुलायम बना सके। इसके बाद सिर को दूसरी तरफ झुकाएं, जिससे पिघला हुआ मैल तेल के साथ आसानी से बहकर बाहर आ जाएगा। फिर किसी सूती कपड़े से कान के बाहरी हिस्से को धीरे से पोंछ लें।सरसों का तेल और लहसुन का प्रयोग: दर्द और इन्फेक्शन में तुरंत राहतभारतीय घरों में कान की सफाई और कान दर्द से राहत पाने के लिए सरसों के तेल का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से किया जाता रहा है। थोड़ा सा सरसों का तेल लें और उसमें लहसुन की एक-दो कलियां डालकर हल्का सा पका लें। जब तेल हल्का गुनगुना रह जाए, तब इसकी 1-2 बूंदें कान में डालें। लहसुन में पाए जाने वाले एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण कान के अंदर पनप रहे बैक्टीरिया और इन्फेक्शन को खत्म करते हैं, साथ ही कान की गंदगी को ढीला करके आसानी से बाहर निकालने में मदद करते हैं।बेकिंग सोडा और गुनगुने पानी का आसान घोलयदि कान में सूखा और बहुत जिद्दी मैल जमा हो गया है, तो बेकिंग सोडा और पानी का मिश्रण बेहद कारगर साबित होता है। आधे कप गुनगुने पानी में एक चौथाई चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर अच्छी तरह घोल लें। इस घोल की 2 से 3 बूंदें कान में डालें और कुछ मिनट के लिए छोड़ दें। बेकिंग सोडा कान के अंदर जमे सख्त वैक्स को घोलकर ढीला कर देता है। इसके बाद रुई की मदद से कान के बाहरी हिस्से से मैल को साफ कर लें।स्टीम (भाप) और ईयरड्रॉप्स: कब पड़ सकती है डॉक्टर की जरूरत?कान की सफाई के लिए गर्म पानी की भाप (Steam) लेना भी एक प्राकृतिक और सुरक्षित उपाय है। जब आप भाप लेते हैं, तो कानों के अंदर जमी नमी से सख्त मैल धीरे-धीरे ढीला हो जाता है। इसके अलावा मेडिकल स्टोर से डॉक्टर की सलाह पर ईयर वैक्स सॉफ्टनिंग ड्रॉप्स (Ear Wax Softening Drops) का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। हालांकि, यदि कान में लगातार दर्द हो रहा हो, सनसनाहट या सीटी जैसी आवाज आ रही हो, या फिर कम सुनाई देने की समस्या हो, तो खुद से कोई प्रयोग करने के बजाय तुरंत किसी कुशल ईएनटी विशेषज्ञ से जांच करवानी चाहिए।
हनुमानगढ़ : अमानक बर्फी एवं मिल्क केक बेचने के दोषी पर एक लाख रुपए जुर्माना
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के नोहर में स्थित गुरुनानक मिल्क डेयरी को अमानक बर्फी एवं मिल्क केक बेचने का दोषी पाये जाने पर न्याय निर्णयन अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट उम्मेदी लाल मीणा ने डेयरी संचालक पर कुल एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने 22 अक्टूबर, 2024 को नोहर […] The post हनुमानगढ़ : अमानक बर्फी एवं मिल्क केक बेचने के दोषी पर एक लाख रुपए जुर्माना appeared first on Sabguru News .
रोजमर्रा की जिंदगी में नहाना हमारी दिनचर्या का सबसे अहम हिस्सा है, जो हमें तरोताजा और साफ-सुथरा रखता है। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि नहाने का भी एक सही तरीका और विज्ञान होता है। 38 वर्षों के लंबे अनुभव वाले वरिष्ठ डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, नहाने की शुरुआत सीधे सिर या धड़ पर पानी डालकर करने के बजाय, सबसे पहले अपनी नाभि (Belly Button) में पानी डालना शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता है। हमारी नाभि केवल शरीर का एक बाहरी हिस्सा नहीं है, बल्कि यह हमारे शरीर के केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Nervous System) और ऊर्जा चक्रों का मुख्य केंद्र बिंदु मानी जाती है।शरीर के तापमान को संतुलित करने और थर्मल शॉक से बचाने में मददगारडॉक्टरों के मुताबिक, जब हम अचानक ठंडे या गर्म पानी से नहाते हैं, तो शरीर को एक प्रकार का 'थर्मल शॉक' (Thermal Shock) लग सकता है। नहाने से ठीक पहले नाभि में पानी की कुछ बूंदें या पानी डालने से नाभि के आसपास मौजूद तंत्रिकाएं (Nerves) तुरंत सक्रिय हो जाती हैं। यह प्रक्रिया मस्तिष्क (Brain) को शरीर का आंतरिक तापमान समायोजित करने का एक त्वरित संकेत भेजती है। इससे रक्तचाप (Blood Pressure) अचानक नहीं बढ़ता और दिल का दौरा या सिर में अचानक होने वाले भारीपन जैसी स्थितियों से बचाव होता है।पाचन तंत्र होता है मजबूत और त्वचा में आता है प्राकृतिक निखारआयुर्वेद और आधुनिक स्वास्थ्य विज्ञान दोनों में ही नाभि को शरीर की 72,000 से अधिक नसों का जंक्शन माना गया है। नहाने से पहले नाभि को पानी से भिगोने पर पेट के आंतरिक अंगों जैसे आंतों और यकृत (Liver) को ठंडक और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है, जिससे पाचन क्रिया (Digestion) दुरुस्त रहती है। इसके अतिरिक्त, इस प्रक्रिया से शरीर का वायु और पित्त दोष संतुलित होता है, जिससे पेट में गैस, अपच और एसिडिटी जैसी समस्याओं में आराम मिलता है। नियमित रूप से यह तरीका अपनाने से त्वचा की अशुद्धियां दूर होती हैं और चेहरे पर प्राकृतिक चमक आती है।मानसिक तनाव दूर करने और नर्वस सिस्टम को शांत करने का आसान तरीकाभागदौड़ भरी जिंदगी में दिनभर की मानसिक थकान और तनाव को दूर करने में भी यह छोटा सा उपाय काफी असरदार साबित होता है। नाभि में पानी डालने से वेगस नर्व (Vagus Nerve) स्टिम्युलेट होती है, जिससे नर्वस सिस्टम को शांति का अनुभव होता है और मानसिक तनाव या घबराहट कम होती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह है कि नहाते समय सबसे पहले नाभि और पैरों पर पानी डालें, इसके बाद ही पूरे शरीर या सिर पर पानी बहाएं। यह छोटी सी आदत आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को लंबे समय तक बेहतर बनाए रख सकती है।
आज की बिगड़ी जीवनशैली, घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करने और शारीरिक गतिविधि कम होने के कारण कमर दर्द, रीढ़ की हड्डी में अकड़न और मानसिक तनाव एक आम समस्या बन चुके हैं। योग विशेषज्ञों के अनुसार, इन सभी समस्याओं से प्राकृतिक रूप से राहत पाने के लिए 'आकर्ण धनुरासन' (Aakarna Dhanurasana) यानी 'बो पोज' (Bow Pose Variant) एक अत्यंत प्रभावी और चमत्कारिक योगासन है। संस्कृत भाषा में 'आकर्ण' का अर्थ होता है कान तक खींचना और 'धनुरासन' का अर्थ है धनुष की मुद्रा। इस आसन को करते समय शरीर की आकृति ठीक उसी प्रकार बनती है जैसे कोई तीरंदाज कान तक प्रत्यंचा खींचकर तीर चलाने के लिए तैयार खड़ा हो।कमर दर्द में राहत और स्पाइन को बनाता है लचीलाआकर्ण धनुरासन के नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी (Spine), कमर के निचले हिस्से और पेल्विक एरिया की मांसपेशियों में गहरा खिंचाव आता है। यह खिंचाव रीढ़ की हड्डी को मजबूत और अत्यधिक लचीला बनाता है, जिससे साइटिका और लंबे समय से चले आ रहे कमर दर्द में अद्भुत आराम मिलता है। इसके अतिरिक्त, इस आसन को करते समय गहरी सांसें लेने और छोड़ने की प्रक्रिया से मस्तिष्क को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है, जिससे दिनभर की मानसिक थकान, तनाव और चिंता (Stress and Anxiety) चुटकियों में दूर हो जाती है।पेट की चर्बी कम करने और पाचन तंत्र को दुरुस्त करने में मददगारकमर दर्द के अलावा यह योगासन पेट और कोर मसल्स (Core Muscles) पर भी सीधा दबाव डालता है। इसके अभ्यास से पेट की आंतरिक ग्रंथियों और अंगों की हल्की मालिश होती है, जिससे पाचन क्रिया (Digestion System) मजबूत होती है और कब्ज या गैस जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। यह आसन पेट और कमर के आसपास जमी अतिरिक्त चर्बी को बर्न करने और शरीर की ओवरऑल पोश्चर (Body Posture) को बेहतर बनाने में भी काफी मददगार साबित होता है।आकर्ण धनुरासन करने का सही तरीका और जरूरी सावधानियांइस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर दंडासन में बैठ जाएं और पैरों को सीधा सामने फैलाएं। अब सांस भरते हुए दाएं हाथ से बाएं पैर के अंगूठे को और बाएं हाथ से दाएं पैर के अंगूठे को पकड़ें। इसके बाद दाएं पैर को मोड़ते हुए उसके अंगूठे को खिंचाव के साथ दाहिने कान के पास तक लाएं, जैसे धनुष की डोरी खींची जाती है। कुछ सेकंड इसी मुद्रा में रुकें और फिर सामान्य स्थिति में आ जाएं। यही प्रक्रिया दूसरे पैर से दोहराएं। ध्यान रखें कि यदि आपको गंभीर रीढ़ की हड्डी की समस्या, स्लिप डिस्क, हर्निया या उच्च रक्तचाप (High BP) है, तो योग विशेषज्ञ की देखरेख में ही इसका अभ्यास करें।
राहुल गांधी का प्रधानमंत्री आवास के पास धरना, पुलिस ने हिरासत में लिया
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी के कुछ अन्य नेताओं को मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के पास निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर अचानक धरने पर बैठने के कुछ घंटे बाद ही दिल्ली पुलिस ने वहां कार्रवाई की और गांधी और अन्य कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में ले लिया। तीन घंटे से अधिक समय तक […] The post राहुल गांधी का प्रधानमंत्री आवास के पास धरना, पुलिस ने हिरासत में लिया appeared first on Sabguru News .
सनातन धर्म, ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में रसोईघर (Kitchen) को केवल भोजन बनाने की जगह नहीं, बल्कि घर का सबसे पवित्र स्थान माना गया है। रसोई में धन-धान्य और भोजन की अधिष्ठात्री देवी 'मां अन्नपूर्णा' का वास होता है। प्राचीन काल से ही हमारे शास्त्रों में यह परंपरा चली आ रही है कि कभी भी बिना स्नान किए रसोईघर में प्रवेश नहीं करना चाहिए और न ही भोजन पकाना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, बिना नहाए भोजन पकाने से रसोईघर की नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, जिससे मां अन्नपूर्णा और धन की देवी मां लक्ष्मी अप्रसन्न हो जाती हैं। ऐसा करने से घर में अकारण ही आर्थिक तंगी, क्लेश और दरिद्रता का वास होने लगता है।अन्न का महत्व और भोजन बनाने वाले के भाव का घर के सदस्यों पर असरशास्त्रों में 'जैसा अन्न, वैसा मन' की कहावत बहुत प्रसिद्ध है। माना जाता है कि भोजन पकाने वाले व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक स्थिति का सीधा असर उस भोजन पर पड़ता है, जिसे परिवार के सभी सदस्य ग्रहण करते हैं। जब कोई व्यक्ति बिना स्नान किए अशुद्ध अवस्था में भोजन बनाता है, तो उसकी सुस्ती, नकारात्मक ऊर्जा और अशुद्धता भोजन में प्रवेश कर जाती है। ऐसा भोजन करने से परिवार के सदस्यों के स्वभाव में चिड़चिड़ापन, मानसिक अशांति और आपस में मतभेद बढ़ने लगते हैं। यही कारण है कि भोजन बनाने से पहले स्नान करके प्रसन्न मन से ही चूल्हा जलाने की सलाह दी जाती है।वैज्ञानिक दृष्टिकोण: हाइजीन, बैक्टीरिया और सेहत पर पड़ता है सीधा प्रभावबिना नहाए खाना न बनाने के इस नियम के पीछे केवल धार्मिक या वास्तु कारण ही नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे गहरा वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संबंधी दृष्टिकोण भी छिपा हुआ है। रात भर सोने के बाद हमारे शरीर, त्वचा और बालों में पसीना, मृत कोशिकाएं (Dead Cells) और सूक्ष्म बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। जब कोई व्यक्ति बिना नहाए सीधे रसोई में जाकर खाना बनाता है, तो हाथों और कपड़ों के जरिए ये हानिकारक जीवाणु खाने की चीजों, बर्तनों और सब्जियों में ट्रांसफर हो जाते हैं। इससे भोजन दूषित हो सकता है, जिससे परिवार के लोगों को पेट की बीमारियां, इंफेक्शन, फूड पॉइजनिंग और पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।रसोई के वास्तु उपाय: कैसे बढ़ाएं घर में सुख, शांति और समृद्धियदि आप चाहते हैं कि आपके घर में हमेशा आरोग्य, धन और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे, तो रसोई के वास्तु नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। सुबह उठकर सबसे पहले स्नान करें, स्वच्छ वस्त्र पहनें और फिर ईश्वर का स्मरण करते हुए रसोई में प्रवेश करें। भोजन पकाने से पहले गैस चूल्हे और प्लेटफॉर्म की अच्छी तरह सफाई करें। इसके साथ ही, रोज सुबह बनने वाली पहली रोटी गाय के लिए और आखिरी रोटी कुत्ते के लिए जरूर निकालें। ऐसा करने से घर के सभी वास्तु दोष और ग्रह दोष समाप्त होते हैं, बीमारियों पर होने वाला अनावश्यक खर्च रुकता है और परिवार में हमेशा खुशहाली बनी रहती है।
भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में रिलायंस जियो (Reliance Jio) और भारती एयरटेल (Bharti Airtel) के बीच ग्राहकों को लुभाने के लिए होड़ मची रहती है। दोनों कंपनियां लगातार अपने प्रीपेड पोर्टफोलियो में नए और वैल्यू-फॉर-मनी प्लान्स पेश करती रहती हैं। इसी बीच लंबी वैलिडिटी और डेली डेटा की चाहत रखने वाले यूजर्स के लिए एक दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। जियो का ₹799 वाला प्लान एयरटेल के ₹899 वाले प्लान को कड़ी टक्कर दे रहा है। खास बात यह है कि दोनों ही प्लान्स में एक जैसी डेली डेटा लिमिट और सर्विस वैलिडिटी मिलती है, लेकिन कीमत के मामले में जियो का प्लान एयरटेल से पूरा 100 रुपये सस्ता पड़ता है।जियो का ₹799 वाला प्लान: जानिए क्या-क्या मिलेंगे फायदेरिलायंस जियो का ₹799 वाला प्रीपेड प्लान उन यूजर्स के लिए एक बेहतरीन ऑप्शन है जो 84 दिनों की लंबी वैलिडिटी चाहते हैं। इस प्लान में यूजर्स को प्रतिदिन 1.5GB हाई-स्पीड डेटा मिलता है, यानी पूरी वैलिडिटी के दौरान कुल 126GB डेटा दिया जाता है। इसके अलावा देश भर में किसी भी नेटवर्क पर अनलिमिटेड कॉलिंग (Local, STD और Roaming) तथा रोजाना 100 फ्री SMS की सुविधा भी मिलती है। अतिरिक्त बेनिफिट्स की बात करें तो इसमें जियोटीवी (JioTV), जियोसिनेमा (JioCinema) और जियोक्लाउड (JioCloud) का मुफ्त सब्सक्रिप्शन शामिल है। जहां एलिजिबल सर्कल्स और यूजर्स को अनलिमिटेड 5G डेटा का एक्सेस भी दिया जाता है।एयरटेल का ₹899 वाला प्लान: जानिए 100 रुपये ज्यादा देने पर क्या मिलता हैदूसरी ओर, एयरटेल का ₹899 वाला प्रीपेड प्लान भी 84 दिनों की ही सर्विस वैलिडिटी के साथ आता है। इस प्लान में भी ग्राहकों को रोजाना 1.5GB डेटा (कुल 126GB डेटा), अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग और प्रतिदिन 100 SMS दिए जाते हैं। हालांकि 100 रुपये ज्यादा कीमत होने के पीछे कंपनी इसमें कुछ एडिशनल रिवॉर्ड्स और OTT बेनिफिट्स देती है। इसमें एयरटेल एक्सट्रीम ऐप (Airtel Xstream App) का फ्री एक्सेस, अपोलो 24|7 सर्कल की मेंबरशिप, फ्री हेलोट्यून्स और विंक म्यूजिक (Wynk Music) का फायदा मिलता है। साथ ही एयरटेल के 5G नेटवर्क कवरेज वाले इलाकों में अनलिमिटेड 5G डेटा की सुविधा भी मिलती है।दोनों में से कौन सा प्लान है आपके लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद?अगर दोनों ही प्लान्स का सीधा गणित देखा जाए, तो दोनों में ही 84 दिनों की समय सीमा के साथ रोजाना 1.5GB डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग मिलती है। ऐसे में यदि आपका मुख्य उद्देश्य केवल कॉलिंग, डेली इंटरनेट और पैसे बचाना है, तो जियो का ₹799 वाला प्लान आपके लिए सीधे-सीधे 100 रुपये की बचत कराता है। वहीं दूसरी तरफ, यदि आप एयरटेल के नेटवर्क को प्राथमिकता देते हैं और एक्सट्रीम ऐप के एंटरटेनमेंट कंटेंट तथा अन्य एडिशनल सर्विस का लाभ उठाना चाहते हैं, तो एयरटेल का ₹899 वाला प्लान आपकी पसंद बन सकता है।
सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही चारों तरफ 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयकारे गूंज रहे हैं। इस दौरान देश के कोने-कोने से कांवड़िए पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के दो सगे भाइयों ने भगवान आशुतोष के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा और भक्ति की एक ऐसी कठिन व अलौकिक मिसाल पेश की है, जिसे देखकर हर कोई दंग रह गया है। ये दोनों शिवभक्त हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गृह नगर के लिए निकले हैं, लेकिन पैदल चलने के बजाय वे पूरे रास्ते पेट के बल लेटकर यानी 'दंडवत प्रणाम' (दंडवती कांवड़) करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। हरिद्वार से उनके गांव तक की कुल दूरी लगभग 260 किलोमीटर है, जिसे वे इसी अत्यंत कठिन साधना के जरिए पूरा कर रहे हैं।भीषण गर्मी और छालों की परवाह किए बिना हर कदम पर भोले का नामसड़कों की तपिश, हाथों-पैरों में पड़े छाले और शारीरिक थकान भी इन दोनों युवा भाइयों के अडिग हौसले को डिगा नहीं पा रही है। कड़कड़ाती धूप और बारिश के बीच वे सड़क पर एक-एक मीटर लेटकर आगे बढ़ते हैं, फिर खड़े होकर निशान लगाते हैं और दोबारा वहीं से दंडवत करना शुरू करते हैं। स्थानीय लोगों और रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों का कहना है कि जहां आम इंसान कुछ किलोमीटर पैदल चलने में थक जाता है, वहीं इन भाइयों की निष्ठा और शारीरिक क्षमता किसी दिव्य चमत्कार से कम नहीं लगती। उनकी इस कठिन तपस्या को देखने के लिए रास्ते में जगह-जगह ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ रही है।'भगवान शिव की कृपा से ही संभव है यह साधना', ग्रामीणों ने जगह-जगह किया भव्य स्वागतदोनों भाइयों का कहना है कि यह सब केवल और केवल भगवान भोलेनाथ की असीम अनुकंपा और आशीर्वाद से ही संभव हो पा रहा है। उनका मानना है कि जब मन में सच्ची भक्ति और ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण हो, तो शरीर का कोई भी दर्द या रुकावट आड़े नहीं आती। रास्ते में पड़ने वाले गांवों में स्थानीय निवासी और सामाजिक संगठन इन राम-लक्ष्मण जैसी जोड़ी वाले भाइयों की सेवा में दिन-रात जुटे हुए हैं। जगह-जगह उन पर पुष्पवर्षा की जा रही है, उनके लिए जलपान, भोजन और विश्राम की विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।सावन में कांवड़ यात्रा का बढ़ता उत्साह और आस्था का महासमुद्रहरिद्वार से जल लेकर आ रहे इन दोनों भाइयों की दंडवत यात्रा इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि सनातन संस्कृति में ईश्वर के प्रति आस्था कितनी गहरी है। जैसे-जैसे सावन का महीना आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे कांवड़ मार्गों पर शिवभक्तों का सैलाब बढ़ता ही जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर भी ऐसे समर्पित कांवड़ियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य देखभाल के लिए जगह-जगह मेडिकल कैंप और पुलिस पिकेट तैनात किए गए हैं, ताकि उनकी यह पावन यात्रा बिना किसी विघ्न के सकुशल संपन्न हो सके।
बिलासपुर : गुरु-चेला विवाद में किन्नर की गला दबाकर हत्या
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सकरी थाना क्षेत्र में गुरु-चेला परंपरा को लेकर हुए विवाद में एक किन्नर की कथित रूप से गला दबाकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने घटना के कुछ घंटे के भीतर आरोपी किन्नर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। पुलिस के अनुसार सकरी थाना में अपराध क्रमांक […] The post बिलासपुर : गुरु-चेला विवाद में किन्नर की गला दबाकर हत्या appeared first on Sabguru News .
महिला प्रजनन प्रणाली (Female Reproductive System) में फेलोपियन ट्यूब्स एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ये दोनों नलियां गर्भाशय (Uturus) को अंडाशय (Ovaries) से जोड़ती हैं। जब हर महीने ओवरी से अंडा (Egg) रिलीज होता है, तो वह फेलोपियन ट्यूब में ही पहुंचता है, जहां पुरुष शुक्राणु (Sperm) के साथ उसका फर्टिलाइजेशन (निषेचन) होता है। यदि इन नलियों में किसी भी प्रकार की रुकावट, सूजन या डैमेज आ जाए, तो अंडा और स्पर्म आपस में मिल नहीं पाते, जिससे गर्भधारण (Pregnancy) असंभव हो जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, महिलाओं में इनफर्टिलिटी या बांझपन के लगभग 25 से 30 प्रतिशत मामलों में फेलोपियन ट्यूब का बंद होना ही सबसे मुख्य कारण पाया जाता है।ट्यूब बंद होने के मुख्य कारण: इंफेक्शन, पेल्विक सर्जरी और एंडोमेट्रियोसिसफेलोपियन ट्यूब्स में रुकावट आने के पीछे कई चिकित्सकीय कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID) है, जो आमतौर पर यौन संचारित संक्रमणों (STIs) जैसे क्लेमाइडिया या गोनोरिया के सही समय पर इलाज न होने के कारण होता है। इसके अलावा, भारत में ट्यूबरक्लोसिस यानी पेल्विक टीबी (Pelvic TB) भी ट्यूब ब्लॉकेज का एक बहुत बड़ा कारण है। अन्य कारणों में एंडोमेट्रियोसिस (जिसमें गर्भाशय के अंदरूनी टिशू बाहर उगने लगते हैं), पिछले समय में हुई पेल्विक या एब्डोमिनल सर्जरी, और अस्थानिक गर्भावस्था (Ectopic Pregnancy) का इतिहास शामिल है।क्या हैं इसके शुरुआती लक्षण और शरीर में दिखने वाले संकेत?फेलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इसके कोई बहुत स्पष्ट या गंभीर लक्षण आसानी से महसूस नहीं होते हैं। अधिकांश महिलाओं को इस समस्या का पता तब चलता है जब वे लंबे समय तक कोशिश करने के बाद भी प्रेग्नेंट नहीं हो पाती हैं। हालांकि, कुछ मामलों में पेट के निचले हिस्से या पेल्विक एरिया में लगातार हल्का या तेज दर्द महसूस हो सकता है। इसके अलावा, पीरियड्स के दौरान अत्यधिक दर्द होना, भारी ब्लीडिंग होना, संभोग (Intercourse) के समय दर्द महसूस होना और असामान्य वजाइनल डिस्चार्ज होना भी इसके कुछ अप्रत्यक्ष संकेत हो सकते हैं।सटीक जांच और आधुनिक मेडिकल ट्रीटमेंट: कैसे संभव है मातृत्व?यदि किसी महिला को गर्भधारण में समस्या आ रही है, तो डॉक्टर्स सबसे पहले एचएसजी टेस्ट यानी हिस्टेरोसाल्पिंगोग्राफी (HSG Test) कराने की सलाह देते हैं। इस एक्स-रे टेस्ट में गर्भाशय के जरिए एक विशेष डाई डाली जाती है, जिससे ट्यूबों के खुले या बंद होने का स्पष्ट पता चल जाता है। इसके अलावा लैप्रोस्कोपी (Laparoscopy) या अल्ट्रासाउंड से भी ब्लॉकेज का सटीक आकलन किया जाता है। इलाज की बात करें तो यदि ब्लॉकेज मामूली है, तो लैप्रोस्कोपिक सर्जरी द्वारा ट्यूब को खोल दिया जाता है। लेकिन यदि ट्यूब्स गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त या बंद हैं, तो आईवीएफ यानी इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) जैसी आधुनिक तकनीकों की मदद से महिलाएं आसानी से मातृत्व का सुख प्राप्त कर सकती हैं।
सनातन धर्म और शास्त्रों में प्रकृति और पेड़-पौधों को अत्यंत पवित्र और पूजनीय स्थान दिया गया है। विशेषकर सावन का महीना, जो भगवान आशुतोष (शिव) की आराधना का सबसे उत्तम समय माना जाता है, इस दौरान हरी-भरी प्रकृति की सेवा करने और शुभ पौधे लगाने का कई गुना फल प्राप्त होता है। ज्योतिष शास्त्र और वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि आप सावन के महीने में अपने घर या आंगन में भगवान शिव के प्रिय और वास्तु दोषों को दूर करने वाले पौधे लगाते हैं, तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे न केवल परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है, बल्कि जीवन में छाई आर्थिक तंगी और दरिद्रता भी दूर होती है।बेलपत्र और शमी का पौधा: शिव कृपा और शनि दोष से मुक्ति का अचूक उपायभगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय है। मान्यता है कि सावन के दौरान घर के उत्तर या पूर्व दिशा में बेलपत्र का पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने से तीन जन्मो के पाप नष्ट हो जाते हैं और घर में हमेशा सुख-समृद्धि का वास रहता है। इसके साथ ही शमी का पौधा भी सावन में लगाना बेहद शुभ माना गया है। शमी का संबंध भगवान शिव के साथ-साथ शनिदेव से भी है। शनिवार के दिन या सावन में शमी का पौधा लगाने से शनि की ढैया, साढ़ेसाती और अन्य ग्रह दोषों का प्रभाव कम होता है, और घर में धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती।हरसिंगार (पारिजात) और तुलसी: माता लक्ष्मी का आशीर्वाद और सकारात्मक ऊर्जासमुद्र मंथन से प्रकट हुआ पारिजात यानी हरसिंगार का पौधा सावन में लगाना बेहद लाभकारी माना जाता है। इसके मनमोहक सुगंधित फूल घर के नकारात्मक माहौल को सकारात्मकता में बदल देते हैं। इसे घर की पूर्व या उत्तर दिशा में लगाने से मां लक्ष्मी का आगमन होता है। इसके अलावा, तुलसी का पौधा तो हर हिंदू घर का आधार है। सावन के महीने में तुलसी का नया पौधा लगाकर प्रतिदिन जल अर्पित करने और शाम को दीपक जलाने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है, जिससे परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य हमेशा उत्तम रहता है।धतूरा और आंकड़े (मदार) का पौधा: भय, रोग और बाधाओं से मुक्तिभगवान शिव के पूजन में धतूरे और सफेद आंकड़े के फूलों का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के दौरान घर के बाहर या गमले में काले धतूरे या सफ़ेद आंकड़े का पौधा लगाने से नकारात्मक शक्तियां, बुरी नजर और ऊपरी बाधाएं घर के अंदर प्रवेश नहीं कर पातीं। ये पौधे घर में सुख, शांति और समृद्धि लाते हैं। हालांकि, इन पौधों को लगाते समय सही दिशा और देखभाल के नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है, ताकि इनका पूर्ण शुभ प्रभाव प्राप्त हो सके।
मायानगरी मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ समेत आसपास के तटीय इलाकों में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत से सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुंबई और ठाणे क्षेत्र के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' (Orange Alert) जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक शहर और उपनगरों में मूसलाधार से अति मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है, जिससे जनजीवन और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है।समंदर में उठेगी ऊंची लहरें, BMC ने हाई टाइड को लेकर तटवर्ती क्षेत्रों में जारी किया अलर्टभारी बारिश के साथ-साथ बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और आपदा प्रबंधन विभाग ने समुद्र में आने वाले 'हाई टाइड' (High Tide) को लेकर भी चेतावनी जारी की है। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, हाई टाइड के दौरान समंदर में 3.5 से 4 मीटर से अधिक ऊंची लहरें उठ सकती हैं। यदि भारी बारिश के दौरान ही हाई टाइड आता है, तो तटीय और निचले इलाकों में जमा पानी की निकासी रुक जाती है, जिससे सड़कों पर भयंकर जलभराव हो सकता है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर नागरिकों और पर्यटकों को दादर चौपाटी, जुहू बीच, मरीन ड्राइव और गेटवे ऑफ इंडिया जैसे समुद्र तटीय इलाकों से पूरी तरह दूर रहने के निर्देश दिए हैं।जलाशयों में गाद जमा होने से गंदे पानी की सप्लाई, BMC की पानी उबालकर पीने की सख्त सलाहलगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण मुंबई को पेयजल आपूर्ति करने वाली प्रमुख झीलों और जलाशयों के कैचमेंट एरिया में मिट्टी और गाद (Turbidity) बहकर आ गई है। इसके चलते कई इलाकों में नलों से मटमैला या दूषित पानी आने की शिकायतें दर्ज की गई हैं। इस खतरे को देखते हुए BMC के स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण हेल्थ एडवाइजरी जारी करते हुए मुंबईकरों से अपील की है कि वे पीने के पानी को अच्छी तरह छानकर और उबालकर ही इस्तेमाल करें। ऐसा करने से जलजनित बीमारियों (Waterborne Diseases) जैसे उल्टी, दस्त, टाइफाइड और हैजा जैसी संक्रामक बीमारियों से बचा जा सके।निचले इलाकों में वाटरलॉगिंग और ट्रैफिक की समस्या, कंट्रोल रूम को अलर्ट पर रखा गयाबारिश और हाई टाइड के दोहरे अलर्ट को देखते हुए बीएमसी के सभी प्रशासनिक वार्डों, दमकल विभाग और तटरक्षक बल को मुस्तैद रहने का आदेश दिया गया है। हिंदमाता, अंधेरी सबवे, सायन और कुर्ला जैसे जलभराव के संवेदनशील स्थानों पर हैवी-ड्यूटी वॉटर पंप तैनात कर दिए गए हैं ताकि जमा पानी को तेजी से निकाला जा सके। ट्रैफिक पुलिस ने भी वाहन चालकों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करें और जलभराव वाले रास्तों से बचें। आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पाने के लिए नागरिक बीएमसी के हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
श्रीगंगानगर में पिकअप की टक्कर से पिता की मौत, पुत्री घायल
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ सदर थाना क्षेत्र में मंगलवार को पिकअप की चपेट में आने से मोटरसाइकिल सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि उसकी पुत्री घायल हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मृतक की पहचान टिक्कूराम नायक (48) के रूप में हुई है। वह अपनी पुत्री पूनम (23) को […] The post श्रीगंगानगर में पिकअप की टक्कर से पिता की मौत, पुत्री घायल appeared first on Sabguru News .
देशभर के विभिन्न ट्रिब्यूनलों (अधिकरणों) में खाली पड़े पदों, सर्च-कम-सिलेक्शन कमेटियों की स्वायत्तता और उनके कामकाज को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा समय-समय पर दिए गए कड़े निर्देशों और फैसलों के बाद केंद्र सरकार अब बैकफुट पर दिख रही है। सूत्रों के मुताबिक, मोदी सरकार आगामी संसद के मानसून सत्र में एक नया और व्यापक 'ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक' (Tribunal Reforms Bill) पेश करने की पुरजोर तैयारी कर रही है। इस नए विधेयक का मुख्य उद्देश्य देश के न्यायिक और अर्द्ध-न्यायिक ट्रिब्यूनलों में लंबे समय से लंबित पड़े मुकदमों का तुरंत निपटारा करना, नियुक्तियों में पारदर्शिता लाना और न्यायपालिका के निर्देशों के अनुरूप सुधारों को अमलीजामा पहनाना है।अध्यक्ष और सदस्यों के कार्यकाल तथा 50 वर्ष की न्यूनतम आयु सीमा में संशोधन की संभावनाप्रस्तावित कानून में सबसे बड़ा बदलाव ट्रिब्यूनल अध्यक्षों (Chairpersons) और सदस्यों (Members) की नियुक्ति और उनके सेवा काल से जुड़ा हो सकता है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 4 साल के छोटे कार्यकाल और 50 वर्ष की न्यूनतम आयु सीमा वाले प्रावधानों को खारिज करते हुए कहा था कि इससे वरिष्ठ और योग्य अधिवक्ताओं तथा न्यायाधीशों का झुकाव ट्रिब्यूनल की तरफ नहीं हो पाता। नए ड्राफ्ट में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का सम्मान करते हुए अध्यक्षों और सदस्यों के कार्यकाल को बढ़ाकर 5 साल करने और आयु सीमा के नियमों को लचीला बनाने की सिफारिशों को शामिल किए जाने की पूरी संभावना है, ताकि ट्रिब्यूनलों को ज्यादा स्थायित्व मिल सके।नेशनल ट्रिब्यूनल कमीशन (NTC) का हो सकता है गठन, नियुक्तियों में बढ़ेगी स्वायत्तताविधेयक का एक और सबसे महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी पहलू 'नेशनल ट्रिब्यूनल कमीशन' (National Tribunal Commission - NTC) के गठन से जुड़ा हो सकता है। न्यायपालिका लंबे समय से यह मांग करती आ रही है कि देशभर के सभी ट्रिब्यूनलों का प्रशासनिक नियंत्रण, उनकी नियुक्तियां, बुनियादी ढांचा और फंड का प्रबंधन संबंधित मंत्रालयों के बजाय एक स्वतंत्र निकाय (NTC) के पास होना चाहिए। इससे ट्रिब्यूनलों की कार्यप्रणाली में कार्यपालिका (सरकार) का दखल खत्म होगा और उनकी न्यायिक स्वायत्तता सुनिश्चित होगी। इसके अलावा सर्च-कम-सिलेक्शन कमेटियों में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) या उनके द्वारा नामित सुप्रीम कोर्ट के जज की भूमिका को सर्वोपरि और निर्णायक बनाया जा रहा है।लंबित मुकदमों के तेजी से निपटारे और खाली पदों को भरने का रास्ता होगा साफवर्तमान में देश के विभिन्न ट्रिब्यूनलों—जैसे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT), कैट (CAT), टीडीसैट (TDSAT) और एनसीएलएटी (NCLAT)—में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं, जिसके कारण आम नागरिकों और उद्योग जगत के हजारों मामले लटके हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने हाल की सुनवाई में स्पष्ट चेतावनी दी थी कि अगर सरकार समय रहते ट्रिब्यूनलों को सशक्त नहीं बनाती है, तो इससे पूरी न्यायिक व्यवस्था चरमरा जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि संसद से यह नया विधेयक पास होने के बाद ट्रिब्यूनलों की कमियों को दूर किया जा सकेगा और देश में त्वरित न्याय व्यवस्था का एक नया दौर शुरू होगा।
जब भी हम पेट्रोल पंप पर अपनी गाड़ी में ईंधन भरवाने जाते हैं, तो मन में यह सवाल जरूर आता है कि पेट्रोल और डीजल के दाम हर दिन या हर महीने किस आधार पर बदलते हैं। दरअसल, जिस कीमत पर हमें 1 लीटर पेट्रोल या डीजल मिलता है, उसकी वास्तविक लागत यानी बेस प्राइस (Base Price) उसकी अंतिम खुदरा बिक्री दर (Retail Selling Price) से काफी कम होती है। भारत में ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम प्रतिदिन सुबह अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों को ध्यान में रखते हुए ईंधन की दरें तय करती हैं। इसके बाद इस बेस प्राइस पर कई तरह के टैक्स, भाड़ा शुल्क और कमीशन जोड़े जाते हैं, जिसके बाद तेल का अंतिम रेट तय होता है।क्रूड ऑयल की अंतर्राष्ट्रीय दरें और डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट का सीधा असरभारत में पेट्रोल-डीजल के महंगा या सस्ता होने के पीछे सबसे पहला और प्रमुख फैक्टर है अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की प्रति बैरल कीमत। भारत अपनी जरूरत का लगभग 80 से 85 फीसदी क्रूड ऑयल विदेशी देशों से आयात करता है। दूसरा बड़ा फैक्टर है अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की विनिमय दर (Rupee vs Dollar Exchange Rate)। चूंकि भारत अंतरराष्ट्रीय बाजार से क्रूड ऑयल की खरीद डॉलर में करता है, इसलिए अगर डॉलर मजबूत होता है और रुपया कमजोर, तो क्रूड ऑयल आयात करना महंगा हो जाता है। इसका सीधा असर भारतीय पेट्रोल पंपों की कीमतों में बढ़ोतरी के रूप में दिखाई देता है।टैक्स का भारी बोझ: सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी और राज्यों का वैट (VAT)ईंधन के कुल मूल्य में सबसे बड़ा हिस्सा केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स का होता है। तीसरा फैक्टर है 'सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी' (Central Excise Duty), जो केंद्र सरकार द्वारा हर लीटर तेल पर निश्चित दर से वसूली जाती है। चौथा बड़ा फैक्टर है राज्यों द्वारा वसूला जाने वाला 'वैल्यू ऐडेड टैक्स' (VAT) या सेल्स टैक्स। हर राज्य सरकार अपने बजट और प्राथमिकताओं के हिसाब से वैट की दरें अलग-अलग तय करती है, यही कारण है कि दिल्ली, मुंबई, जयपुर या चेन्नई जैसे अलग-अलग शहरों में पेट्रोल और डीजल के दामों में बड़ा अंतर देखने को मिलता है।रिफाइनिंग कॉस्ट, फ्रेट चार्ज, डीलर कमीशन और अन्य लागतों का जोड़इन प्रमुख टैक्सों के अलावा 4 अन्य तकनीकी फैक्टर्स भी पेट्रोल-डीजल के अंतिम बिल को तय करते हैं। पांचवां फैक्टर है 'रिफाइनिंग कॉस्ट' और मार्जिन, यानी कच्चे तेल को रिफाइनरियों में साफ करके उपयोग योग्य पेट्रोल-डीजल में बदलने का खर्च। छठा फैक्टर है 'फ्रीट चार्ज' (Freight Charges), जो रिफाइनरी से पेट्रोल पंपों तक तेल पहुंचाने का परिवहन खर्च होता है। सातवां फैक्टर है 'डीलर कमीशन', जो पेट्रोल पंप मालिकों को उनके संचालन खर्च और मुनाफे के रूप में दिया जाता है। अंत में आठवां फैक्टर 'माग व आपूर्ति' (Demand & Supply) का वैश्विक संतुलन है। इन सभी 8 कारकों को मिलाकर ही आपकी जेब से जाने वाले 1-1 रुपये का हिसाब बनता है।
भीलवाड़ा : महिला की मौत से गुस्साए पीहर वालों ने किया पति के परिवार पर हमला
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी थाना क्षेत्र में ककरोलिया माफी गांव में मंगलवार को एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद बवाल हो गया। महिला की मौत से आक्रोशित पीहर पक्ष के लोगों ने ससुराल वालों पर कुल्हाड़ी, तलवार, लोहे की छड़ और पत्थरों से जानलेवा हमला कर दिया। इस खूनी […] The post भीलवाड़ा : महिला की मौत से गुस्साए पीहर वालों ने किया पति के परिवार पर हमला appeared first on Sabguru News .
प्रधानमंत्री आवास के बाहर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के दिग्गजों द्वारा किए गए हाई-प्रोफाइल धरने पर अब इंडिया ब्लॉक के ही प्रमुख सहयोगी आम आदमी पार्टी (AAP) ने सवाल खड़े कर दिए हैं। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर राहुल गांधी के इस कदम पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। संजय सिंह का दावा है कि जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्रों के वास्तविक आंदोलन से देश का ध्यान भटकाने और उसे कमजोर करने के लिए ही राहुल गांधी से पीएम आवास पर यह प्रायोजित प्रदर्शन कराया गया।आतिशी का तंज: 'महीनेभर से शांत सरकार 1 घंटे में कैसे बातचीत करने पहुंच गई?'संजय सिंह के साथ-साथ दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ AAP नेता आतिशी ने भी इस पूरे घटनाक्रम को बीजेपी और कांग्रेस की आपसी 'जुगलबंदी' करार दिया। आतिशी ने सवाल उठाते हुए कहा कि CJP और सोनम वांगचुक पिछले एक महीने से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं, लेकिन मोदी सरकार उनसे मिलने या बातचीत करने तक के लिए तैयार नहीं हुई। दूसरी तरफ, राहुल गांधी जैसे ही पीएम आवास के बाहर बैठते हैं, महज एक घंटे के भीतर सरकार के मंत्री वार्ता करने पहुंच जाते हैं। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि यह दिखाता है कि पर्दे के पीछे क्या खिचड़ी पक रही है।सौरभ भारद्वाज का कांग्रेस सोशल मीडिया इकोसिस्टम पर हमलादिल्ली आप के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी कांग्रेस के रवैये पर तीखी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि जब से छात्रों का यह बड़ा आंदोलन शुरू हुआ है, तब से कांग्रेस के शीर्ष नेता मुख्य मुद्दे पर पूरी तरह खामोश रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का सोशल मीडिया तंत्र और उससे जुड़े इंफ्लुएंसर्स पहले ही दिन से CJP और जेन-जी (GenZ) के इस छात्र आंदोलन को कमजोर करने में लगे हुए थे। भारद्वाज के मुताबिक, अब जब छात्रों का गुस्सा चरम पर है, तो अपनी साख बचाने के लिए कांग्रेस अलग से सड़क पर उतरकर नौटंकी कर रही है।विपक्ष के भीतर ही दरार से सियासत में मची उथल-पुथलएक ओर जहां कांग्रेस इस प्रदर्शन को छात्रों की आवाज उठाने का सबसे मजबूत कदम बता रही है, वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के इस सीधे हमले से विपक्षी गोलबंदी में गहरी दरारें साफ नजर आने लगी हैं। बीजेपी के साथ-साथ अब AAP की ओर से भी घेरे जाने के बाद कांग्रेस बचाव की मुद्रा में आ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि CJP के विरोध प्रदर्शन को लेकर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच छिड़ी यह जुबानी जंग आने वाले दिनों में और ज्यादा तीखी हो सकती है।
अलवर में पिकअप की बॉडी के नीचे दबने से चालक की मौत
अलवर। राजस्थान में अलवर के हनुमान सर्किल के पास स्थित जेएस फोर वीलर कंपनी में मंगलवार को पिकअप की बॉडी के नीचे दबने से एक चालक की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार रामगढ़ निवासी मोनू नायक की पिकअप करीब 15 दिन पहले मरम्मत के लिए जेएस फोर वीलर कंपनी में दी गई थी। […] The post अलवर में पिकअप की बॉडी के नीचे दबने से चालक की मौत appeared first on Sabguru News .
PM आवास पर कांग्रेस का मार्च, राहुल-प्रियंका समेत नेताओं को हिरासत के बाद रिहा किया गया
परीक्षा पत्र लीक के कथित मामलों, विशेष रूप से नीट (NEET) विवाद, और छात्रों के मुद्दों पर जवाबदेही की मांग को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला। इस दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष ...
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान केरल के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री पी.सी. विष्णुनाथ को मंगलवार शाम दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद छात्र आंदोलन ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया, जिसमें कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए।
राजधानी दिल्ली में सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़पों के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। संसद मार्ग, कनॉट प्लेस और शिवाजी स्टेडियम के आसपास के इलाकों में प्रदर्शनकारियों की भीड़, पुलिस बैरिकेडिंग और आंसू गैस ...
नए भारत के ‘नए यूपी’ में नहीं होगा किसी विदेशी आक्रांता का स्मारक व मेला : CM योगी
Yogi Adityanath Bahraich: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा व कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश और महाराजा सुहेलदेव को कभी सम्मान नहीं दिया, बल्कि भारत को रौंदने, बहराइच व मां पाटेश्वरी धाम को लूटने आए आए विदेशी आक्रांता सालार मसूद के नाम पर गाजी ...
मध्यप्रदेश विधानसभा में UCC विधेयक पारित, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून के रूप में होगा लागू
मध्यप्रदेश विधानसभा में मंगलवार को UCC विधेयक ध्वनिमत से पारित हो गया है। विधेयक के विधानसभा से पास होने के बाद सीएम डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के दूरदर्शी नेतृत्व में हमारी ...
विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में स्थापित होंगे 'शोधपीठ', योगी कैबिनेट ने दी प्रस्ताव को मंजूरी
Chief Minister Yogi Adityanath : योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में मंगलवार को प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में 'भारतीय ज्ञान परंपरा संवर्धन शोधपीठ' स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। साथ ही योजना के प्रभावी संचालन के ...
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस ने सोमवार को लोक कल्याण मार्ग तक मार्च निकाला और वहां धरने पर बैठ गई। इस बीच केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह कांग्रेस नेताओं से बातचीत करने के लिए पहुंचे, लेकिन दोनों पक्षों के बीच हुई वार्ता किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी।
पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस के कई नेता दिल्ली में पीएम आवास के पास दोपहर करीब साढ़े 3 बजे से धरने पर बैठे। इसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कांग्रेस नेता शामिल थे। ...
राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने अपने प्रवक्ता विजेता दहिया को पद से हटा दिया है। यह फैसला ऐसे वीडियो के सामने आने के बाद लिया गया, जिन्हें पार्टी ने असंवेदनशील आचरण बताया है।
सीएम योगी ने बहराइच को दी 352 करोड़ की सौगात: 70 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बहराइच के महसी विधानसभा क्षेत्र स्थित तेजवापुर के बेड़नापुर रामलीला मैदान से 352 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 70 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
राहुल गांधी की हुंकार, PM जवाब दिए बिना नहीं निकल पाएंगे, कहा- पहले प्रधान इस्तीफा दें फिर...
Congress protest at PMs residence: छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की आवाज दबाई नहीं जा सकती। प्रधानमंत्री मोदी जवाब दिए बिना बाहर नहीं ...
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में तेजी से बढ़ रही महिला कार्यबल (Working Women) को ध्यान में रखते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण और सराहनीय फैसला लिया है। मंगलवार को आयोजित हुई कैबिनेट बैठक में 'मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना' के अंतर्गत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 500 बेड की क्षमता वाले एक अति-आधुनिक और उच्च गुणवत्तापूर्ण महिला छात्रावास के निर्माण के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है।6,000 वर्गमीटर सरकारी भूमि महिला कल्याण विभाग को मुफ्त स्थानांतरित कैबिनेट फैसले की जानकारी देते हुए प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि इस आधुनिक छात्रावास के निर्माण के लिए वाराणसी में 6,000 वर्गमीटर सरकारी भूमि को महिला कल्याण विभाग के पक्ष में निःशुल्क हस्तांतरित किए जाने की मंजूरी दी गई है। यह जमीन पहले हरिजन इंडस्ट्रियल गवर्नमेंट के नाम दर्ज थी। खास बात यह है कि इस विशाल छात्रावास का पूरा निर्माण शत-प्रतिशत राज्य सरकार के वित्त पोषण (State Funding) से किया जाएगा।7 जिलों में बनने हैं आधुनिक हॉस्टल, झांसी-आगरा में मिल चुकी है मंजूरी सुरेश खन्ना ने आगे बताया कि राज्य सरकार ने अपने बजट में कुल 7 जिलों में कामकाजी महिलाओं के लिए आधुनिक छात्रावास बनाने का लक्ष्य रखा था। इनमें से झांसी, आगरा, मेरठ और गोरखपुर के लिए प्रस्तावों को पहले ही कैबिनेट से मंजूरी दी जा चुकी है, जबकि मंगलवार को वाराणसी के इस बड़े प्रोजेक्ट पर अंतिम मुहर लगा दी गई। यह योजना 'नॉन-कॉमर्शियल, नो प्रॉफिट-नो लॉस' (No Profit - No Loss) के सिद्धांत पर संचालित होगी, ताकि कामकाजी महिलाओं को बेहद किफायती और सस्ती दरों पर सुरक्षित आवास मिल सके।वसंत महिला महाविद्यालय की छात्राओं के लिए 2.48 करोड़ का नया हॉस्टल कामकाजी महिलाओं के अलावा योगी कैबिनेट ने छात्राओं की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी एक बड़ा फैसला लिया है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के संघटक वसंत महिला महाविद्यालय (राजघाट फोर्ट, वाराणसी) में 112 सीटों वाले नए छात्रावास भवन के निर्माण को मंजूरी दी गई है।वसंत महिला महाविद्यालय हॉस्टल प्रोजेक्ट आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) के अनुसार इस परियोजना की मुख्य बातें:लागत: त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत 248.30 लाख (₹2.48 करोड़) रुपये की लागत से निर्माण होगा।क्षमता: नया भवन 112 छात्राओं के लिए तैयार किया जाएगा।संस्थान का इतिहास: उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के अनुसार यह 112 साल पुराना ऐतिहासिक संस्थान है, जहां फिलहाल 220 छात्राओं के लिए ही एक छात्रावास उपलब्ध था। नए निर्माण से दूर-दराज से आने वाली छात्राओं को बड़ी राहत मिलेगी।
उत्तर प्रदेश में मॉनसून पूरी तरह से मेहरबान नजर आ रहा है और प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में मॉनसून की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए 21 और 22 जुलाई के लिए राज्य के दर्जनों जिलों में भारी बारिश, मेघ गर्जन और आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने का रेड व ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) के प्रभाव से पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दोनों संभागों में तेज मानसूनी हवाएं सक्रिय हो गई हैं, जिससे जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है।22 जुलाई को इन जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने का खतरा मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में अति भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। जिन प्रमुख जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, उनमें मेरठ, मुजफ्फरनगर, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), अलीगढ़, मथुरा, आगरा, ललितपुर, झांसी, महोबा, हमीरपुर, बांदा, प्रयागराज, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, आजमगढ़, वाराणसी और गोरखपुर शामिल हैं। इन इलाकों में प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक बाहर न निकलने और जर्जर इमारतों व पेड़ों से दूर रहने की हिदायत दी है।लखनऊ में टूटा 9 साल का रिकॉर्ड, 6.5 डिग्री लुढ़का पारा राजधानी लखनऊ में बीते तीन दिनों से हो रही रुक-रुक कर बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। सोमवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया, जिसने जुलाई महीने में पिछले 9 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अमौसी स्थित मौसम मुख्यालय के अनुसार, इससे पहले 5 जुलाई 2019 को दिन का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में 22 जुलाई को भी दिनभर काले बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है।26 जुलाई से फिर रफ्तार पकड़ेगा मॉनसून मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 21 और 22 जुलाई को झमाझम बारिश के बाद 23 से 25 जुलाई के दौरान मानसूनी गतिविधियों में थोड़ी कमी देखने को मिल सकती है। इस अवधि में कोई बड़ी चेतावनी जारी नहीं की गई है, हालांकि प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर बना रहेगा। इसके बाद 26 जुलाई से मॉनसून एक बार फिर प्रचंड वेग के साथ पूरे उत्तर प्रदेश में अपनी रफ्तार पकड़ेगा।यूपी मौसम का ताजा हाल आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) के अनुसार प्रदेश के मौसम के मुख्य बिंदु:सबसे ठंडा शहर: पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस हरदोई में दर्ज किया गया।लखनऊ का तापमान: लखनऊ में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।मॉनसून की स्थिति: दक्षिण-पश्चिम मॉनसून पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पूरी तरह से सक्रिय और सामान्य से अधिक प्रभावी है।
यूनाइटेड किंगडम (UK) के निराशाजनक दौरे के बाद भारतीय क्रिकेट टीम अब अपने अगले मिशन के लिए तैयार है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में युवा भारतीय टी-20 टीम 23 जुलाई 2026 से जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी-20 इंटरनेशनल सीरीज खेलने जा रही है। आयरलैंड और इंग्लैंड के हाथों व्हाइटवॉश की शर्मिंदगी झेलने के बाद भारतीय टीम के लिए यह दौरा अपनी साख बचाने का आखिरी मौका है। हालांकि, अपने घरेलू मैदान पर बेहद खतरनाक नजर आ रही जिम्बाब्वे की टीम को हल्के में लेना 'श्रेयस अय्यर एंड कंपनी' को भारी पड़ सकता है।लगातार हार के बाद भारत के लिए साख की लड़ाई भारत का हालिया यूके दौरा बेहद निराशाजनक रहा, जहां 10 मुकाबलों में से भारतीय टीम को केवल 1 मैच में जीत हासिल हुई, जबकि 8 मैचों में हार का सामना करना पड़ा और 1 मैच बेनतीजा रहा। आयरलैंड ने भारत को टी-20 में 2-0 से हराया, वहीं इंग्लैंड ने टी-20 सीरीज में 4-0 से क्लीन स्वीप किया और वनडे सीरीज भी 2-1 से अपने नाम की। इस लगातार खराब प्रदर्शन के बाद अगर भारतीय टीम जिम्बाब्वे के खिलाफ भी सीरीज गंवाती है, तो कप्तान और कोचिंग स्टाफ पर उठ रहे सवाल और अधिक गंभीर हो जाएंगे।घर में 'शेर' है जिम्बाब्वे, बांग्लादेश को चटाई थी धूल घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाने में जिम्बाब्वे के गेंदबाज बेहद माहिर हैं। हरारे की उछाल भरी पिचों पर 140 किमी/घंटे से अधिक की गति और हार्ड लेंथ गेंदबाजी से जिम्बाब्वे के पेसर्स भारतीय बल्लेबाजों को संकट में डाल सकते हैं। हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ हुई सीरीज में जिम्बाब्वे ने टेस्ट मैच में एक पारी और 85 रनों से बड़ी जीत दर्ज की थी, साथ ही वनडे सीरीज 2-1 से जीती थी। जिम्बाब्वे के इस हालिया प्रदर्शन को देखते हुए भारत को तीसरा बड़ा झटका लगने का खतरा मंडरा रहा है।युवा गेंदबाजों के भरोसे भारत, रिंकू सिंह की हुई वापसी भारतीय टीम मैनेजमेंट इस सीरीज को बदलाव के दौर के रूप में देख रहा है। बल्लेबाजी क्रम में संजू सैमसन के साथ-साथ फिनिशर रिंकू सिंह की वापसी हुई है। वहीं, गेंदबाजी आक्रमण में मयंक यादव, अशोक शर्मा, यश ठाकुर और प्रिंस यादव जैसे कई ऐसे युवा चेहरे शामिल हैं, जो या तो पहली बार देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं या लंबे समय बाद वापसी कर रहे हैं।भारत बनाम जिम्बाब्वे T20 सीरीज आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) के अनुसार टी-20 सीरीज का पूरा शेड्यूल:पहला T20I: 23 जुलाई 2026 (हरारे स्पोर्ट्स क्लब)दूसरा T20I: 25 जुलाई 2026 (हरारे स्पोर्ट्स क्लब)तीसरा T20I: 26 जुलाई 2026 (हरारे स्पोर्ट्स क्लब)भारत बनाम जिम्बाब्वे T20I सीरीज के लिए दोनों टीमों का स्क्वॉड:भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा (उप-कप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), रवि बिश्नोई।जिम्बाब्वे: सिकंदर रजा (कप्तान), ब्रायन बेनेट, रयान बर्ल, बेन कुरेन, ब्रैड इवांस, क्लाइव मैडेंडे (विकेटकीपर), टिनोटेंडा मापोसा, तादिवानाशे मारुमानी, वेलिंगटन मसाकाद्जा, ताशिंगा मुसेकिवा, ब्लेसिंग मुजाराबानी, डायोन मायर्स, रिचर्ड नगारवा, न्यूमैन न्यामहूरी, मिल्टन शुंबा।
शेयर बाजार में जब भी अचानक बड़ी गिरावट आती है या बाजार लाल निशान पर कारोबार करता है, तो नए और अनुभवहीन निवेशकों के हाथ-पांव फूलने लगते हैं। पोर्टफोलियो में लाल रंग देखकर ज्यादातर लोग घबराकर गलत फैसले ले बैठते हैं। हालांकि, एडलवाइस म्यूचुअल फंड की प्रबंध निदेशक (MD) और सीईओ राधिका गुप्ता का मानना है कि यदि आपका निवेश का तरीका और ढांचा सही है, तो बाजार में कितनी ही बड़ी गिरावट क्यों न आ जाए, आप रात में चैन की नींद सो सकते हैं।स्टॉक चुनने के चक्कर में न पड़ें, ढांचे को समझें ग्रो (Groww) द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'द अल्फा बेट्स' में राधिका गुप्ता ने नए और युवा निवेशकों को बेहद व्यावहारिक सलाह दी है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में अधिकांश परिवारों और युवा पेशेवरों के पास रोजाना शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव को ट्रैक करने, कंपनियों की बैलेंस शीट जांचने या वार्षिक रिपोर्ट का विश्लेषण करने का समय नहीं होता है। ऐसे में नए निवेशकों के लिए असली फैसला यह नहीं होना चाहिए कि कौन सा मल्टीबैगर शेयर खरीदें, बल्कि यह होना चाहिए कि वे किस वित्तीय ढांचे का चुनाव करते हैं जो उन्हें बिना किसी मानसिक तनाव के ग्रोथ में हिस्सा बनने का मौका दे।प्रोफेशनल फंड मैनेजरों पर छोड़ें बाजार के फैसले राधिका गुप्ता के अनुसार, म्यूचुअल फंड्स नए निवेशकों की इस सबसे बड़ी समस्या का स्थाई समाधान करते हैं। म्यूचुअल फंड्स में अलग-अलग सेक्टरों और मार्केट कैप (लार्ज, मिड और स्मॉल कैप) वाले शेयरों में पैसा लगाया जाता है। सबसे खास बात यह है कि रोजाना शेयर खरीदने या बेचने का फैसला आपका नहीं, बल्कि एक प्रोफेशनल फंड मैनेजर का होता है। ये फंड मैनेजर सख्त नियमों और रिसर्च के आधार पर फैसले लेते हैं। चूंकि युवा निवेशक अपने करियर को बनाने और कौशल विकसित करने में व्यस्त रहते हैं, इसलिए बाजार पर नजर रखने का यह भावनात्मक और भारी बोझ अनुभवी फंड प्रबंधकों पर छोड़ देना ही सबसे समझदारी भरा कदम है।नए निवेशकों के लिए राधिका गुप्ता की सीधी और सरल सलाह सोशल मीडिया पर मिलने वाले 'मल्टीबैगर स्टॉक्स' के लुभावने टिप्स से दूर रहने की सलाह देते हुए राधिका गुप्ता ने नए निवेशकों के लिए दो सबसे बेहतरीन रास्ते बताए हैं:डाइवर्सिफाइड एक्टिवली मैनेज्ड इक्विटी फंड (Diversified Actively Managed Equity Fund): इसमें अनुभवी फंड मैनेजर बाजार के रुख के हिसाब से बेहतरीन शेयरों का चयन करते हैं।ब्रॉड-बेस्ड इंडेक्स फंड (Broad-Based Index Fund): यह कम खर्च में बाजार की औसतन ग्रोथ का सीधा लाभ उठाने का सबसे सुरक्षित जरिया है।राधिका गुप्ता ने जोर देकर कहा कि निवेश का शुरुआती मकसद पहले ही साल में सबसे ज्यादा रिटर्न कमाना नहीं होना चाहिए, बल्कि बाजार में इतने लंबे समय तक बने रहना होना चाहिए कि आपको कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि ब्याज) की असली ताकत का फायदा मिल सके। उन्होंने अपनी निजी जिंदगी का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने खुद अपने नन्हे बेटे के लिए लार्ज और मिड-कैप इंडेक्स फंड में एसआईपी (SIP) शुरू की है, क्योंकि जटिल प्रक्रियाओं के बजाय सादगी ही दीर्घकालिक वेल्थ क्रिएशन की असली कुंजी है।बचत को मानें अनिवार्य कटौती आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) और वित्तीय अनुशासन के दृष्टिकोण से राधिका गुप्ता ने निवेश से भी ज्यादा ध्यान अच्छी वित्तीय आदतों पर देने की सलाह दी है:बचत ही निवेश की नींव है: बिना बचत के निवेश का कोई अस्तित्व नहीं हो सकता।आय की अनिवार्य कटौती: जिस तरह सैलरी से टैक्स की कटौती अपने आप होती है, ठीक वैसे ही अपनी मासिक कमाई का एक हिस्सा बचत के रूप में अलग निकाल देना चाहिए।5 से 10 फीसदी से करें शुरुआत: टैक्स चुकाने के बाद बची हुई कुल कमाई का कम से कम 5 से 10 प्रतिशत हिस्सा हर महीने अनिवार्य रूप से बचाएं। जैसे-जैसे आपकी आय और करियर बढ़े, निवेश के इस हिस्से को भी बढ़ाते जाएं। यह छोटा सा अनुशासन आगे चलकर आपको बड़ा वेल्थ बनाने में मदद करेगा।
देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आठवां वेतन आयोग (8th Pay Commission) इस समय सबसे बड़ा और बहुप्रतीक्षित विषय बना हुआ है। हालांकि, वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू होने में अभी लगभग एक साल का समय बाकी है, लेकिन कर्मचारियों ने अपनी संभावित नई बेसिक सैलरी, भत्तों और ग्रॉस सैलरी को लेकर गणित बिठाना शुरू कर दिया है। साल की पहली छमाही में वेतन आयोग का आधिकारिक पोर्टल लॉन्च होने के बाद से ही कर्मचारी संगठनों और अन्य हितधारकों के साथ बैठकों का दौर जारी है, जिससे सैलरी में बंपर इजाफे की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग और विशेषज्ञों की राय केंद्रीय कर्मचारियों की सबसे बड़ी शीर्ष संस्था 'नेशनल काउंसिल – जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी' (NC-JCM) ने सरकार से 8वें वेतन आयोग के तहत 3.833 फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) लागू करने की पुरजोर मांग की है। हालांकि, वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि 3.833 का आंकड़ा काफी अधिक है और आयोग 2.0 से लेकर 2.25 के बीच फिटमेंट फैक्टर तय कर सकता है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि यदि फिटमेंट फैक्टर 2.25 के आसपास रहता है, तो क्या कर्मचारियों की ग्रॉस सैलरी में उसी अनुपात में सीधा उछाल देखने को मिलेगा?पुराना रिकॉर्ड: ज्यादा फिटमेंट फैक्टर का मतलब हमेशा ज्यादा सैलरी नहीं इतिहास और पिछले वेतन आयोगों के आंकड़ों पर नजर डालें तो गणित थोड़ा अलग नजर आता है।7वां वेतन आयोग: 7वें वेतन आयोग में 2.57 का उच्च फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारियों की ग्रॉस सैलरी में महज 14.29% का ही वास्तविक इजाफा हुआ था।छठा वेतन आयोग: इसके विपरीत, 6ठे वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर केवल 1.86 था, लेकिन कर्मचारियों की ग्रॉस सैलरी में रिकॉर्ड 54% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।चौथा और पांचवां आयोग: चौथे और पांचवें वेतन आयोग के तहत कुल वेतन वृद्धि क्रमशः 27.60% और 31% रही थी।8वें वेतन आयोग से 31% से 68% तक बढ़ोतरी का अनुमान बैंकबाजार (BankBazaar) के हालिया वित्तीय अनुमानों के मुताबिक, यदि 8वां वेतन आयोग 2.0 से 2.57 के दायरे में भी फिटमेंट फैक्टर तय करता है, तब भी पे मैट्रिक्स के लेवल 1 से लेकर लेवल 18 तक के कर्मचारियों की ग्रॉस सैलरी में 31% से 68% तक की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।डीए (DA) की भूमिका क्यों है सबसे अहम? आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) के अनुसार, फिटमेंट फैक्टर और कुल वेतन वृद्धि में अंतर का सबसे मुख्य कारण तत्कालीन महंगाई भत्ता (Dearness Allowance - DA) होता है।डीए (DA) का प्रभाव: जब नए वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होती हैं, तो तत्कालीन डीए को शून्य (0) करके उसे बेसिक सैलरी में मर्ज कर दिया जाता है। इसलिए मौजूदा डीए की दर कुल ग्रॉस सैलरी के इजाफे में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।अलाउंस का गणित: कर्मचारियों की कुल सैलरी बेसिक सैलरी, डीए, एचआरए (HRA) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TPTA) से मिलकर बनती है। इसके अलावा रिस्क अलाउंस, पोस्टिंग की जगह और जॉब स्टेटस के हिसाब से अन्य भत्ते जुड़ते हैं।वेतन आयोग का गठन और ताजा स्थिति केंद्र सरकार ने पिछले साल नवंबर में आठवें वेतन आयोग के गठन की आधिकारिक मंजूरी दी थी, जिसके बाद वर्ष 2026 में आयोग पूरी तरह सक्रिय रूप से काम कर रहा है। आयोग द्वारा तैयार किया गया नया पोर्टल अब लाइव है और विभिन्न हितधारकों के सुझाव दर्ज किए जा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि आयोग अपनी अंतिम सिफारिशें सरकार को कब सौंपता है और केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होती है।
दिग्गजों के दांव वाला यह शेयर 69% टूटा! IPO प्राइस के करीब पहुंचे दाम, निवेशकों में मचा हड़कंप
शेयर बाजार में दिग्गज निवेशकों के दांव वाले स्टॉक्स भी हमेशा सुरक्षित नहीं रहते, इसका ताजा उदाहरण SME सेगमेंट की कंपनी 'सी2सी एडवांस्ड सिस्टम्स' (C2C Advanced Systems) में देखने को मिला है। कंपनी के शेयरों में इन दिनों भारी बिकवाली का दौर जारी है और स्टॉक ताश के पत्तों की तरह बिखरता नजर आ रहा है। मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में कंपनी का शेयर 20 प्रतिशत के लोअर सर्किट के साथ 268.15 रुपये पर बंद हुआ। बीते महज दो कारोबारी दिनों में ही इस शेयर में 40 पर्सेंट की भारी गिरावट दर्ज की जा चुकी है, जिससे यह अपने आईपीओ (IPO) प्राइस के बिल्कुल करीब पहुंच गया है।ऑल-टाइम हाई से 69% से ज्यादा टूटे शेयर सी2सी एडवांस्ड सिस्टम्स के शेयरों ने अपने निवेशकों को तगड़ा झटका दिया है। अगर इसके 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर की तुलना करें, तो यह स्टॉक 69 प्रतिशत से ज्यादा टूट चुका है। बीते साल 1 सितंबर 2025 को कंपनी का शेयर 888 रुपये के अपने ऑल-टाइम हाई स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो अब घटकर 268.15 रुपये के नए 52-हफ्ते के निचले स्तर (52-week Low) पर आ गया है। साल 2026 की शुरुआत से लेकर अब तक यानी YTD के आधार पर देखें तो इस शेयर में 43 पर्सेंट से अधिक की गिरावट आई है, जिसके चलते कंपनी का कुल मार्केट कैप घटकर 455 करोड़ रुपये पर सिमट गया है।आशीष कचोलिया और मुकुल अग्रवाल जैसे दिग्गजों का लगा है दांव आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) और मार्च 2026 की शेयरहोल्डिंग फाइलिंग के मुताबिक, इस कंपनी में बाजार के बड़े और नामचीन निवेशकों का पैसा लगा हुआ है:आशीष कचोलिया: दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया की इस कंपनी में 3.82 पर्सेंट हिस्सेदारी है।मुकुल अग्रवाल: मशहूर इनवेस्टर मुकुल अग्रवाल के पास कंपनी के 2.75 पर्सेंट शेयर मौजूद हैं।बंगाल फाइनेंस व FII: बंगाल फाइनेंस के पास 1.27 पर्सेंट स्टेक है, जबकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की कुल हिस्सेदारी 3.18 पर्सेंट है।अपने IPO इश्यू प्राइस के मुहाने पर पहुंचा शेयर का भाव डिफेंस और एयरोस्पेस सॉल्यूशंस (Defense and Aerospace Solutions) में विशेषज्ञता रखने वाली सी2सी एडवांस्ड सिस्टम्स का आईपीओ नवंबर 2024 में आया था। उस दौरान कंपनी ने 226 रुपये का इश्यू प्राइस तय किया था। निवेशकों के जबरदस्त उत्साह के कारण यह आईपीओ 125 गुना सब्सक्राइब हुआ था। 3 दिसंबर 2024 को जब इसकी मार्केट में एंट्री हुई, तो यह 226 रुपये के मुकाबले 429.40 रुपये पर शानदार प्रीमियम के साथ लिस्ट हुआ था और लिस्टिंग वाले दिन 450.85 रुपये पर बंद हुआ था। हालांकि, अब ऑल-टाइम हाई से हुई भारी मुनाफावसूली और लगातार गिरावट के बाद शेयर अपने आईपीओ प्राइस 226 रुपये के बेहद करीब आ चुका है, जिससे खुदरा निवेशक असमंजस की स्थिति में हैं।
बॉलीवुड एक्टर अर्जुन कपूर अपनी फिल्मों से ज्यादा अपनी पर्सनल लाइफ और रिलेशनशिप की खबरों को लेकर सुर्खियों में बने रहते हैं। हाल ही में डिजिटल क्रिएटर और एक्ट्रेस साहिबा बाली के साथ उनके अफेयर की अफवाहें सोशल मीडिया पर काफी तेज हो गईं। हालांकि, अब इन अफवाहों पर खुद साहिबा बाली ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और मीडिया कवरेज पर जमकर अपनी भड़ास निकाली है। साहिबा ने साफ शब्दों में कहा है कि उनकी पर्सनल लाइफ या डेटिंग लाइफ कोई 'राष्ट्रीय खबर' नहीं है, जिस पर इतना हंगामा मचाया जाए।लंदन में एक साथ स्पॉट होने पर फैली थीं अफवाहें दरअसल, यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब अर्जुन कपूर और साहिबा बाली को लंदन के मशहूर लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे तीसरे वनडे मैच के दौरान एक साथ देखा गया। दोनों को एक साथ स्टेडियम में मैच का लुत्फ उठाते देख सोशल मीडिया पर उनके अफेयर और डेटिंग की अटकलें लगने लगीं। इसके बाद दोनों के रिलेशनशिप स्टेटस को लेकर मीडिया में लगातार खबरें छपने लगीं, जिससे परेशान होकर साहिबा ने सोशल मीडिया का सहारा लिया।साहिबा बाली ने मीडिया को सुनाई खरी-खोटी अपनी पर्सनल लाइफ पर मिल रही बेवजह की अटेंशन पर सख्त ऐतराज जताते हुए साहिबा बाली ने लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर हुई एक सभा की तस्वीर शेयर की। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया की आलोचना करते हुए लिखा, डियर मीडिया, लंदन में मेरी डेटिंग लाइफ या दोस्ती के बारे में अंदाजे लगाना बंद करो। यह कोई नेशनल न्यूज नहीं है। अगर आपको कुछ दिखाना ही है तो कुछ अच्छा और काम का दिखाओ। साहिबा ने साफ किया कि लोगों को उनकी निजी जिंदगी के बजाय देश के अधिक महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।तस्वीर शेयर कर बोलीं: 'हर बात पर यकीन मत करो' अफेयर की चर्चाओं को मजाकिया अंदाज में खारिज करने के लिए साहिबा ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर अर्जुन कपूर के साथ अपनी एक तस्वीर भी शेयर की। इस तस्वीर के कैप्शन में उन्होंने लिखा, हर बात पर यकीन न करें - भाग 2। इससे ठीक पहले उन्होंने एक और पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर किया था, जिसमें मीडिया द्वारा उन्हें गलती से मशहूर अभिनेत्री अनुष्का शर्मा समझ लिया गया था। उस कन्फ्यूजन का मजाक उड़ाते हुए उन्होंने इसे 'भाग 1' बताया था और फैंस को ऐसे दावों पर यकीन न करने की सलाह दी।नो एंट्री 2 (No Entry 2): अर्जुन कपूर इन दिनों अपने पिता बोनी कपूर के प्रोडक्शन में बन रही मच-अवाइटेड कॉमेडी फिल्म 'नो एंट्री 2' की शूटिंग में व्यस्त हैं।रोमांटिक कॉमेडी फिल्म: हाल ही में उन्होंने निर्देशक मुदस्सर अजीज के निर्देशन में बन रही एक अनाम रोमांटिक कॉमेडी फिल्म के दिल्ली शेड्यूल की शूटिंग पूरी की है।सिंघम अगेन (Singham Again): इससे पहले अर्जुन कपूर रोहित शेट्टी की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'सिंघम अगेन' में खूंखार विलेन 'डेंजर लंका' के दमदार किरदार में नजर आए थे, जिसकी दर्शकों और क्रिटिक्स ने खूब तारीफ की थी।
राजश्री प्रोडक्शंस की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'विवाह' (Vivah) में 'पूनम' की मासूमियत और सादगी से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली बॉलीवुड एक्ट्रेस अमृता राव को भला कौन भूल सकता है। आज भी जब पारंपरिक और पारिवारिक फिल्मों का जिक्र होता है, तो 'विवाह' का नाम सबसे ऊपर आता है। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि अमृता राव को यह ऐतिहासिक रोल किसी बड़े ऑडिशन या बड़ी हिट फिल्म की वजह से नहीं, बल्कि महज 7 मिनट के एक छोटे से किरदार के बदौलत मिला था। एक्ट्रेस ने खुद एक मीडिया इंटरव्यू में अपनी किस्मत बदलने वाले इस दिलचस्प किस्से का खुलासा किया है।जींस और टी-शर्ट पहनकर सूरज बड़जात्या से मिलने पहुंची थीं अमृता अमृता राव ने राजश्री के दिग्गज डायरेक्टर सूरज बड़जात्या के साथ अपनी पहली मुलाकात की यादों को साझा करते हुए बताया कि जब उन्हें मिलने का बुलावा आया, तो उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि सूरज जी उनके भीतर किस तरह का किरदार तलाश रहे हैं। एक ठेठ मॉडर्न मुंबईया लड़की की तरह अमृता जींस और टी-शर्ट पहनकर उनसे मिलने उनके दफ्तर पहुंच गईं। वहां जाकर जब उन्हें पता चला कि सूरज बड़जात्या उन्हें 'मधुपुर' शहर की बेहद सीधी-सादी और पारंपरिक लड़की 'पूनम' के लीड रोल के लिए देख रहे हैं, तो वह खुद भी हैरान रह गई थीं।'द लीजेंड ऑफ भगत सिंह' के 7 मिनट के रोल ने रचा इतिहास बातचीत के दौरान जब सूरज बड़जात्या ने अमृता से कहा कि उन्होंने उनकी एक फिल्म देखी है और उसमें उनका काम बहुत पसंद आया है, तो अमृता को लगा कि वह उनकी किसी कमर्शियल हिट फिल्म की बात कर रहे हैं। हालांकि, जब सूरज बड़जात्या ने फिल्म का नाम 'द लीजेंड ऑफ भगत सिंह' बताया, तो अमृता की आंखें नम हो गईं। अमृता ने कहा कि उस देशभक्ति फिल्म में उनका स्क्रीन टाइम मुश्किल से महज 7 मिनट का था। इतने छोटे से रोल में भी उनकी मासूमियत ने सूरज बड़जात्या जैसे दिग्गज डायरेक्टर पर इतनी गहरी छाप छोड़ी कि उन्होंने बिना देर किए अमृता को अपनी सबसे बड़ी फिल्म 'विवाह' का मुख्य चेहरा बनाने का फैसला कर लिया।8 करोड़ के बजट में बनी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर रचा था इतिहास आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) और फिल्म इंडस्ट्री के रिकॉर्ड्स के मुताबिक, साल 2006 में रिलीज हुई फिल्म 'विवाह' भारतीय सिनेमा के इतिहास में सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली पारिवारिक फिल्मों में गिनी जाती है:फिल्म का बजट: इस खूबसूरत लव स्टोरी को महज 8 करोड़ रुपये के सीमित बजट में तैयार किया गया था।बॉक्स ऑफिस कलेक्शन: फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई करते हुए कई नए रिकॉर्ड बनाए और रातों-रात ब्लॉकबस्टर साबित हुई।शाहिद-अमृता की जोड़ी: फिल्म में शाहिद कपूर (प्रेम) और अमृता राव (पूनम) की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया।सोशल मीडिया पर क्रेज: आज भी सोशल मीडिया रील्स, मीम्स, डायलॉग्स (जैसे 'जल लीजिए') और गानों के जरिए 'विवाह' फिल्म का क्रेज फैंस के सिर चढ़कर बोलता है।
भोजपुरी सिनेमा के 'ट्रेंडिंग स्टार' खेसारी लाल यादव आज जिस कामयाबी के शिखर पर हैं, वहां तक पहुंचने की उनकी राह आसान नहीं थी। आज भले ही उनके नाम भर से करोड़ों की डील फाइनल हो जाती है और उनके गाने रिलीज होते ही यूट्यूब पर धमाल मचा देते हैं, लेकिन एक दौर ऐसा भी था जब अपनी पहली एल्बम को बाजार में उतरवाने के लिए उन्हें दर-दर की ठोकरें खानी पड़ी थीं। अपनी आवाज का जादू चलाने के लिए उन्होंने अपमान के कड़वे घूंट पीए और तीन दिनों तक फुटपाथ पर रातें गुजारीं।गांव के छोटे कार्यक्रमों से की थी शुरुआत बिहार की माटी से उठकर दुनियाभर के दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले खेसारी लाल यादव का शुरुआती जीवन बेहद गरीबी और अभावों में बीता। परिवार का पेट पालने के लिए उन्होंने लिट्टी-चोखा बेचने से लेकर हर छोटा-बड़ा काम किया। गायकी का शौक बचपन से था, इसलिए वह गांव-देहात के छोटे-छोटे मांगलिक कार्यक्रमों और सांकर्तनों में गाया करते थे। वहां से मिलने वाले मामूली पैसों से वह अपना गुजारा करते थे और किसी तरह पैसे बचाकर अपनी पहली म्यूजिक एल्बम रिकॉर्ड कराने का सपना संजो रहे थे।जब म्यूजिक डीलर ने मुंह पर फेंकी कैसेट और दी गालियां खेसारी लाल यादव ने एक इंटरव्यू के दौरान अपने शुरुआती दिनों का सबसे दर्दनाक किस्सा साझा करते हुए बताया था कि जब उन्होंने पाई-पाई जोड़कर अपनी पहली एल्बम की रिकॉर्डिंग कराई, तो वह बेहद उम्मीदों के साथ उसे लेकर बड़ी-बड़ी म्यूजिक कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स के दफ्तरों के चक्कर काटने लगे। जब वह एक बड़े म्यूजिक डीलर के पास अपनी कैसेट लेकर पहुंचे, तो उसने न सिर्फ उनके गाने को बकवास बता दिया, बल्कि गुस्से में कैसेट को सीधे खेसारी के मुंह पर दे मारा। इतना ही नहीं, उस डीलर ने खेसारी की मां को लेकर बेहद भद्दी और गंदी गालियां भी दी थीं।अपमान से टूट चुके थे खेसारी, आंखों में थे आंसू अचानक हुए इस घिनौने व्यवहार और मां के लिए बकी गई गालियों से खेसारी लाल यादव बुरी तरह टूट गए थे। उन्होंने बताया कि उस वक्त वह सड़क पर बैठकर फूट-फूटकर रोए थे, क्योंकि उस एक एल्बम को बनाने के लिए उन्होंने अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया था। उन्हें लगने लगा था कि उनका पूरा करियर और जमा-पूंजी खत्म हो गई है। हालांकि, इतने बड़े अपमान के बावजूद उन्होंने अपनी हिम्मत टूटने नहीं दी और अपने सपने को पूरा करने की ठान ली।3 दिन तक गमछा बिछाकर फुटपाथ पर सोए 'ट्रेंडिंग स्टार' अपने स्वाभिमान को दरकिनार कर खेसारी ने अनोखा रास्ता अपनाया। वह लगातार तीन दिनों तक उसी म्यूजिक डीलर की दुकान के बाहर सड़क के फुटपाथ पर अपना गमछा बिछाकर सोए रहे। वह दिन भर धूप में खड़े रहते, फुटपाथ पर रात बिताते और रोज सुबह उठकर उस डीलर से कैसेट अपनी दुकान में रखने की मिन्नतें करते। आखिरकार खेसारी की यह अदम्य लगन और गांधीगिरी रंग लाई। डीलर का दिल पसीजा और उसने कैसेट बेचने के लिए राजीनामा दे दिया।रातों-रात हिट हुआ गाना, फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) और भोजपुरी इंडस्ट्री के इतिहास के पन्नों को देखें तो उस घटना ने खेसारी की किस्मत बदल कर रख दी। जिस गाने और कैसेट को म्यूजिक डीलर ने बकवास कहकर ठुकरा दिया था, दुकान पर लगते ही वह गाना रातों-रात पूरे बिहार और यूपी में सुपर-डुपर हिट हो गया। गानों की इतनी भारी डिमांड आई कि वही डीलर खेसारी को ढूंढने लगा। इसके बाद खेसारी लाल यादव ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और अपनी कड़ी मेहनत के दम पर आज भोजपुरी इंडस्ट्री के सबसे बड़े और महंगे स्टार बन चुके हैं।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर डटे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थकों के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हुए एक बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। कोलकाता में आयोजित वार्षिक शहीद दिवस रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि सीजेपी को शुरू से ही टीएमसी का समर्थन प्राप्त है और यदि आवश्यकता पड़ी तो वह स्वयं जंतर-मंतर जाकर उनके प्रदर्शन में शामिल होंगी। भारी बारिश और पुलिस की कार्रवाई के बावजूद सीजेपी समर्थक अपनी मांगों को लेकर लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।जंतर-मंतर पर CJP का डटे रहना और ममता बनर्जी का खुला समर्थनसंसद चलो मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और रात भर हुई मूसलाधार बारिश के बावजूद सीजेपी कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर जमे रहे। सुबह कार्यकर्ताओं ने स्वयं प्रदर्शन स्थल की सफाई की, जबकि संस्थापक अभिजीत दीपके ने पुलिस कार्रवाई में घायल हुए समर्थकों से माफी मांगी। कोलकाता में बिड़ला तारामंडल के पास टीएमसी की शहीद दिवस रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा के खिलाफ लड़ाई व्यक्तिगत या राजनीतिक अहम् से कहीं बड़ी है, इसलिए वह सीजेपी के न्यायसंगत संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ी हैं।INDIA गठबंधन के घटक दलों से एकजुट होने की अपीलपश्चिम बंगाल में राजनीतिक समीकरणों को नया रूप देने के उद्देश्य से ममता बनर्जी ने कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) सहित विपक्षी गठबंधन 'INDIA' के सभी घटक दलों से अपने आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य स्तर पर भाजपा को परास्त करने के लिए सभी को इंडिया गठबंधन के बैनर तले एक साथ आना होगा। उन्होंने कहा कि उनके भीतर किसी प्रकार का कोई अहम् नहीं है और सभी दलों को एकजुट होकर लड़ाई लड़नी चाहिए।टीएमसी के बागी नेताओं पर सख्त रुख: गद्दारों की पार्टी में वापसी संभव नहींरैली के दौरान ममता बनर्जी ने बागी गुट के नेताओं पर भाजपा के इशारे पर काम करने का तीखा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को कभी वापस नहीं लिया जाएगा और हर खाली जगह को भरने के लिए टीएमसी के युवा और छात्र कार्यकर्ता पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने बागी नेताओं को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वे छिपकर काम करने के बजाय सीधे भाजपा में शामिल होकर चुनाव लड़ें। इसके साथ ही ममता बनर्जी ने घोषणा की कि वे जल्द ही पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों का तूफानी दौरा शुरू करेंगी।
बारिश में कुछ टेस्टी खाने का है मन? ट्राई करें ये 5 मानसून स्पेशल रेसिपीज
Easy Monsoon Snack Recipes: अगर आप भी बारिश के मौसम का स्वाद दोगुना करना चाहते हैं, तो यहां जानिए मानसून की 5 बेहतरीन रेसिपीज, जिन्हें देखते ही मुंह में पानी आ जाएगा और हर कोई बार-बार इन्हें बनाने की फरमाइश करेगा। होगा बारिश का मजा दोगुना! यहां ...
एआई सेंसर व कैमरे, जेनरेटिव एआई, डिजिटल साइनेज, कलर कोडिंग आदि से होगा भीड़ प्रबंधन4 घंटे पहले ही अनुमानित भीड़ का चलेगा पता, समय रहते पुलिस कर पाएगी भीड़ प्रबंधन का कार्यरियल-टाइम डेटा और एआई भीड़ वाले मार्गों से बचाते हुए वैकल्पिक गलियों का ...
छत्तीसगढ़ के कोरिया में प्रेगनेट युवती का अपहरण कर गैंगरेप
कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में अंतरजातीय विवाह करने वाली एक गर्भवती युवती के कथित अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म तथा जबरन गर्भपात कराने के प्रयास के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस से मंगलवार को मिली जानकारी के […] The post छत्तीसगढ़ के कोरिया में प्रेगनेट युवती का अपहरण कर गैंगरेप appeared first on Sabguru News .
राजा रघुवंशी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी सोनम रघुवंशी से कहा कि वह आत्मसमर्पण करें, अन्यथा जमानत रद्द करने पर विचार किया जाएगा। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी जमानत का विरोध करते हुए कई अहम दलीलें पेश कीं।
Samsung 22 जुलाई (बुधवार) को लंदन में अपना बहुप्रतीक्षित Galaxy Unpacked 2026 इवेंट आयोजित करने जा रही है। इस इवेंट में कंपनी नई पीढ़ी के फोल्डेबल स्मार्टफोन और स्मार्टवॉच लॉन्च करेगी। लॉन्च से पहले सामने आई कई रिपोर्ट्स और लीक्स में Galaxy Z Fold8 ...
Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें
Low Blood Sugar Symptoms: शरीर को सुचारू रूप से कार्य करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है और इस ऊर्जा का प्रमुख स्रोत ग्लूकोज यानी ब्लड शुगर है। जब शरीर में ब्लड शुगर का स्तर सामान्य से कम हो जाता है, तो इस स्थिति को हाइपोग्लाइसीमिया ...
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति दी
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल स्थानांतरित करने की अनुमति दे दी। न्यायालय ने टिप्पणी की कि सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों के डॉक्टरों का मानना है कि उनकी जारी भूख हड़ताल के कारण उन्हें निरंतर चिकित्सा निगरानी की आवश्यकता है। मुख्य न्यायाधीश डी. […] The post दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति दी appeared first on Sabguru News .
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पहली बार प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग के बाहर धरने पर बैठे। कांग्रेस नेताओं ने पैदल मार्च कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।
भीलवाड़ा जिले में माता बांक्या रानी मंदिर को लेकर विवाद गहराया
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के बिजोलिया कस्बे में शुक्रवार को देवडूंगरी भीलपुरिया घाटी स्थित प्राचीन धार्मिक स्थल को लेकर विवाद गहरा गया। सर्व समाज के आह्वान पर मंगलवार को मध्याह्न 12 बजे तक बाजार बंद रहा और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए उपखंड अधिकारी (एसडीएम) स्वाति झा को ज्ञापन सौंपकर […] The post भीलवाड़ा जिले में माता बांक्या रानी मंदिर को लेकर विवाद गहराया appeared first on Sabguru News .
सिक्किम में सुरंग हादसे में 10 मजदूरों की मौत, कई अब भी फंसे, राहत-बचाव अभियान जारी
गंगटोक। सिक्किम के नामची जिले के समरदुंग-झोलुंगे क्षेत्र में एनएचपीसी तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग का एक हिस्सा ढह जाने की घटना में कम से कम 10 श्रमिकों की मौत हो गई तथा कई अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सोमवार दोपहर सुरंग ढहने के बाद बचाव दल ने […] The post सिक्किम में सुरंग हादसे में 10 मजदूरों की मौत, कई अब भी फंसे, राहत-बचाव अभियान जारी appeared first on Sabguru News .
दिन में सूरज की आग से तपता है रेगिस्तान, लेकिन रात होते ही अचानक क्यों बन जाता है बर्फ सा ठंडा
धरती के सबसे शुष्क और गर्म माने जाने वाले रेगिस्तानी इलाकों की आबोहवा अपने अंदर कई ऐसे हैरान करने वाले रहस्य समेटे हुए है, जिनके बारे में जानकर हर कोई अचंभित रह जाता है। आपने अक्सर गौर किया होगा या किताबों में पढ़ा होगा कि मरुस्थल या रेगिस्तान दिन के समय सूरज की तेज किरणों के कारण किसी भट्टी की तरह खौलते हैं और यहां की रेत पर पैर रखना तक मुश्किल हो जाता है। लेकिन जैसे ही शाम ढलती है और रात का अंधेरा छाता है, यहां का तापमान इतनी तेजी से लुढ़कता है कि ठंड का अहसास होने लगता है। दिन में आसमान छूती गर्मी और रात में अचानक कंपकंपा देने वाली सर्दी के इस अजीबोगरीब खेल के पीछे आखिर क्या वैज्ञानिक कारण छिपा है? आइए इस रहस्य से पर्दा उठाते हैं और इसके पीछे की असली वजह को विस्तार से समझते हैं।रेत की अनोखी तासीर और ऊष्मा का यह पूरा गणितरेगिस्तान के इस अनोखे मौसम के पीछे सबसे बड़ा कारण वहां की मिट्टी यानी बालू की प्रकृति है। विज्ञान के जानकारों के अनुसार, रेत में यह विशेषता होती है कि वह बहुत तेजी से सूरज की गर्मी को अवशोषित (Absorb) करती है और उतनी ही तेजी से उस गर्मी को छोड़ती भी है। जब दिन के समय सूरज आसमान पर चमकता है, तो रेगिस्तान की रेतीली सतह पल भर में बेहद गर्म हो जाती है, जिससे वहां का तापमान बहुत ऊपर चला जाता है। इसके विपरीत, जैसे ही सूर्य अस्त होता है, रेत में गर्मी को रोककर रखने की क्षमता नहीं होती और वह सारी ऊष्मा तेजी से अंतरिक्ष में वापस रेडिएट (Radiate) कर देती है। इस प्रक्रिया को वैज्ञानिक भाषा में थर्मल रेडिएशन कहा जाता है।बादलों की गैरमौजूदगी और हवा का शुष्क होना भी है बड़ी वजहरेगिस्तानी इलाकों में रात के समय तापमान अचानक नीचे गिरने के पीछे एक और मुख्य वजह वहां का आसमान और नमी की कमी है। चूंकि रेगिस्तान में पानी और नमी (Humidity) का नामोनिशान नहीं होता और हवा पूरी तरह से सूखी होती है, इसलिए वहां बादलों की चादर नहीं बन पाती। सामान्य इलाकों में बादल रात के समय जमीन से निकलने वाली गर्मी को वापस धरती की तरफ परावर्तित कर देते हैं जिससे एक प्राकृतिक कंबल जैसा असर बनता है और रातें बहुत ज्यादा ठंडी नहीं होतीं। लेकिन मरुस्थल में बादलों के न होने के कारण जमीन की सारी गर्मी बिना किसी रुकावट के सीधे आसमान में गायब हो जाती है, जिसके कारण वहां का पारा तेजी से नीचे गिरने लगता है।प्रकृति का यह संतुलन इंसानों और जीवों को सिखाता है जीने का हुनररेगिस्तान की यह अनोखी जलवायु सिर्फ एक भौगोलिक तथ्य नहीं है, बल्कि यह वहां रहने वाले जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों की जीवनशैली को भी गहराई से प्रभावित करती है। अत्यधिक गर्मी और ठंड के इस भारी अंतर के साथ जीना वहां के बाशिंदों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। प्रकृति का यह अद्भुत करिश्मा हमें यह सोचने पर मजबूर कर देता है कि कैसे एक ही दिन के भीतर धरती के एक ही हिस्से में दो बिल्कुल विपरीत मौसमों का अनुभव किया जा सकता है।
कल जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोज जनता पार्टी के आंदोलन के बाद आज विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे धरने पर बैठे। कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। सभी ने खरगे के घर से ...
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान 118 पुलिसकर्मी घायल
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान कई वरिष्ठ अधिकारियों सहित 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। दिल्ली पुलिस की ओर से मंगलवार को जारी एक बयान के अनुसार सोमवार को झड़पों के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, पुलिसकर्मियों पर हमला किया, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाया […] The post कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान 118 पुलिसकर्मी घायल appeared first on Sabguru News .
राजस्थान के इकलौते हिल स्टेशन माउंट आबू की खूबसूरती यूं तो सालभर देश-विदेश के सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करती है, लेकिन बारिश के मौसम में इस खूबसूरत वादी का रोमांच और भी ज्यादा बढ़ जाता है। मानसून के दिनों में जब चारों तरफ हरी-भरी वादियां और बादलों की चादर छा जाती है, तो यहां की छटा देखते ही बनती है। अगर आप भी इस मानसून सीजन में माउंट आबू जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आम और भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर कुछ ऐसे खास और अनछुए ठिकाने हैं, जहां की प्राकृतिक सुंदरता आपका दिल जीत लेगी। माउंट आबू के इन 5 सीक्रेट व्यू पॉइंट्स (Secret View Points) के बारे में आइए विस्तार से जानते हैं, जहां पहुंचते ही आपको बादलों और हरियाली का जादुई अहसास होगा।ट्रेवल लवर्स के लिए खास क्यों है मानसून में माउंट आबू का सफरपहाड़ों की रानी कहे जाने वाले माउंट आबू में मानसून के दौरान प्रकृति अपने सबसे खूबसूरत रूप में नजर आती है। यहां के झरने जीवंत हो उठते हैं, रास्ते बादलों से ढंक जाते हैं और तापमान में भारी गिरावट आ जाती है। हालांकि, ज्यादातर पर्यटक केवल नक्की झील या सनसेट पॉइंट तक ही सीमित रह जाते हैं, जिसकी वजह से वे असली शांति और प्राकृतिक सौंदर्य से चूक जाते हैं। अगर आप भीड़-भाड़ से दूर सुकून के कुछ पल बिताना चाहते हैं और बादलों के बीच समय बिताना चाहते हैं, तो इन पांच गुप्त और खूबसूरत जगहों की सैर जरूर करनी चाहिए।1. ट्रेजरी व्यू पॉइंट (Treasury View Point) - बादलों से ढंकी शांत वादीमुख्य शहर की हलचल से थोड़ा दूर स्थित ट्रेजरी व्यू पॉइंट मानसून के मौसम में किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता। यहां खड़े होकर जब आप चारों तरफ देखेंगे, तो ऐसा महसूस होगा मानों बादल आपके बिल्कुल करीब से गुजर रहे हैं। फोटोग्राफी के शौकीन लोगों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है, क्योंकि यहां से हरी-भरी पहाड़ियों और घाटियों का पैनोरमिक व्यू बेहद शानदार दिखाई देता है।2. हनुमान घाट (Hanuman Ghat) - ट्रैकिंग और हरियाली का परफेक्ट मेलअगर आपको एडवेंचर और नेचर वॉल्क का शौक है, तो हनुमान घाट आपके लिए बेस्ट डेस्टिनेशन साबित हो सकता है। बारिश के मौसम में इस पूरे रास्ते पर चारों तरफ घना कोहरा और चारों तरफ फैली हरियाली आपका मन मोह लेगी। यहां का शांत वातावरण और ठंडी हवाएं सैलानियों को घंटों तक यहां रुकने के लिए मजबूर कर देती हैं।3. एक्सप्रेस हाईवे व्यू पॉइंट (Express Highway View Point) - बादलों का अद्भुत खेलमाउंट आबू के रास्तों पर चलते हुए यह व्यू पॉइंट पर्यटकों के बीच धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रहा है। मानसून के दिनों में यहां का मौसम पल-पल बदलता है। कभी तेज धूप तो अगले ही पल बादलों का घने कोहरे में बदल जाना यहां की मुख्य विशेषता है। सड़क के किनारे से पहाड़ियों के बीच बादलों के तैरने का यह नजारा अपनी आंखों में बसा लेने लायक होता है।4. साइलेंट वैली (Silent Valley) - शोर-शराबे से दूर सुकून का ठिकानानाम के अनुरूप ही यह घाटी पूरी तरह शांत और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है। बारिश के दौरान यहां की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। बादलों की लुकाछिपी और पक्षियों की चहचहाहट के बीच यहां बिगाया गया वक्त आपकी सारी थकान को पल भर में दूर कर देगा। कपल्स और नेचर लवर्स के लिए यह माउंट आबू का सबसे बेहतरीन सीक्रेट स्पॉट माना जाता है।5. अचलगढ़ का निचला क्षेत्र और प्राकृतिक झरने (Achalgarh Hidden Streams)ऐतिहासिक अचलगढ़ किले के आसपास का क्षेत्र मानसून में मौसमी झरनों और हरियाली से भर जाता है। जब आप मुख्य किले के रास्ते से थोड़ा हटकर अंदरूनी प्राकृतिक रास्तों की तरफ जाएंगे, तो आपको पहाड़ों से गिरते छोटे-छोटे झरने और बादलों के आगोश में लिपटी पहाड़ियां देखने को मिलेंगी। मानसून ट्रिप को यादगार बनाने के लिए यह जगह बेहद खास है।
छत्तीसगढ़ से प्रशासनिक और वित्तीय भ्रष्टाचार का एक ऐसा महाघोटाला सामने आया है, जिसने शासन-प्रशासन के गलियारों में भूचाल ला दिया है। सांप के काटने से मरने वाले गरीब और बेसहारा लोगों के परिजनों को मिलने वाली सहायता राशि में सीधे तौर पर डाका डाला गया है। यह कोई छोटा-मोटा घोटाला नहीं, बल्कि पूरे 17.24 करोड़ रुपये के विशाल सर्पदंश मुआवजा घोटाले (Snakebite Compensation Scam) से जुड़ा मामला है। इस खतरनाक खेल में संलिप्त पाए जाने पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए एसडीएम कार्यालय और तहसील के तीन प्रमुख बाबुओं को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। सरकारी खजाने को करोड़ों का चूना लगाने वाले इस सनसनीखेज फर्जीवाड़े की परतें कैसे खुलीं, आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।सरकारी खजाने में डाका: कैसे सामने आया 17.24 करोड़ का यह फर्जीवाड़ाप्राप्त जानकारी के अनुसार, शासन द्वारा सर्पदंश से हुई मौतों के मामलों में पीड़ित परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए मुआवजे का प्रावधान किया गया है। लेकिन कागजों में हेराफेरी करके मृत व्यक्तियों के फर्जी नाम, झूठे दस्तावेज और कूटरचित कागजात तैयार किए गए। इसके बाद अपात्र और फर्जी खातों में करोड़ों रुपये की यह सहायता राशि ट्रांसफर कर ली गई। जब शासन स्तर पर वित्तीय ऑडिट और उच्चस्तरीय जांच बैठाई गई, तो इस पूरे घोटाले का आंकड़ा होश उड़ा देने वाला निकला। शुरुआती जांच में सामने आया कि इस खेल के जरिए सरकारी खजाने से कुल 17.24 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि की चपत लगाई जा चुकी है।एसडीएम कार्यालय और तहसील के तीन बाबू गिरफ्तार, मास्टरमाइंड की तलाश तेजइस गंभीर मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, वैसे-वैसे स्थानीय स्तर पर पदस्थ कर्मचारियों की मिलीभगत के पुख्ता सबूत मिलने लगे। जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एसडीएम कार्यालय और तहसील में पदस्थ तीन बाबुओं को गिरफ्तार कर लिया है। इन तीनों पर आरोप है कि इन्होंने अपने आधिकारिक पदों और डिजिटल लॉगिन का दुरुपयोग करके फर्जी फाइलों को धड़ल्ले से पास किया और इस पूरी साजिश को अंजाम देने में मुख्य भूमिका निभाई। पुलिस अब इनसे कस्टडी में पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस बड़े नेटवर्क के पीछे कौन-कौन से और बड़े अधिकारी या दलाल शामिल हैं।प्रशासनिक हलकों में मचा हड़कंप, भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार का कड़ा रुखछत्तीसगढ़ में हुए इस बहुचर्चित सर्पदंश मुआवजा घोटाले के खुलासे के बाद से पूरे राजस्व विभाग और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि गरीबों के हक का पैसा किस तरह कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों द्वारा हड़पने की कोशिश की जाती है। हालांकि, इस बड़ी गिरफ्तारी के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार और जांच एजेंसियां भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और चौंकाने वाले खुलासे होने और बड़ी गिरफ्तारियां होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
बालोद में इंसानियत शर्मसार! कांकेर की महिला का अपहरण कर तीन ट्रक चालकों ने किया सामूहिक दुष्कर्म
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से इस वक्त एक अत्यंत झकझोर देने वाली और दिल दहला देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आ रही है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। बालोद क्षेत्र में पड़ोसी जिले कांकेर की रहने वाली एक महिला के साथ अपहरण के बाद सामूहिक दुष्कर्म (Gang Rape) जैसी घिनौनी घटना को अंजाम दिया गया है। इस अमानवीय कृत्य का आरोप तीन ट्रक चालकों पर लगा है, जिन्होंने महिला को अपनी हवस का शिकार बनाया। इस जघन्य अपराध के सामने आने के बाद से पुलिस प्रशासन और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस खौफनाक वारदात और पुलिस की अब तक की कार्रवाई के बारे में आइए विस्तार से जानते हैं।अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की यह खौफनाक पूरी घटनाप्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता जो मूल रूप से कांकेर जिले की रहने वाली है, किसी कार्यवश बालोद इलाके में आई हुई थी। इसी दौरान तीन ट्रक चालकों ने सुनियोजित तरीके से उसे अपनी साजिश का शिकार बनाते हुए उसका अपहरण कर लिया। आरोपी महिला को किसी एकांत और सुरक्षित ठिकाने पर ले गए, जहां तीनों ने मिलकर उसके साथ जबरदस्ती की और इस गंभीर अपराध को अंजाम दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी महिला को डरा-धमकाकर मौके से फरार हो गए। किसी तरह हिम्मत जुटाकर पीड़िता ने स्थानीय पुलिस थाने पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद पुलिस महकमे में भी तुरंत हड़कंप मच गया।पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपियों की तलाश में जुटी विशेष टीमेंघटना की गंभीरता को देखते हुए बालोद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत हरकत में आ गए और पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने पीड़िता को तत्काल चिकित्सीय परीक्षण (Medical Examination) के लिए भेज दिया है और उसकी काउंसलिंग की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जिलेभर में नाकाबंदी कर दी गई है और संदिग्ध ट्रक चालकों की तलाश में पुलिस की अलग-अलग विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।महिला सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल, जनता में भारी आक्रोशइस अमानवीय और लज्जाजनक घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि राजमार्गों और बाहरी इलाकों में सक्रिय रहने वाले इस तरह के ट्रक चालकों और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि वे इस मामले में बेहद संवेदनशीलता और सख्ती से काम ले रहे हैं तथा जल्द ही सभी आरोपियों को शिकंजे में लेकर अदालत में पेश किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा देने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां जनता के बीच भ्रष्टाचार और मनमानी के खिलाफ जिला प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। बेमेतरा में एक पटवारी द्वारा नियमों को ताक पर रखकर बिना किसी कानूनी या अदालत के आदेश के ही जमीन के खसरा और नक्शे में बड़ा फेरबदल करने का मामला उजागर हुआ है। राजस्व रिकॉर्ड के साथ की गई इस गंभीर छेड़छाड़ और गंभीर लापरवाही को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर ने तुरंत कड़ा एक्शन लेते हुए आरोपी पटवारी को सस्पेंड कर दिया है। सरकारी दस्तावेजों के साथ खिलवाड़ करने वाले इस सनसनीखेज मामले और प्रशासनिक कार्रवाई के बारे में आइए विस्तार से जानते हैं।बिना कोर्ट आदेश के खसरा-नक्शा बदलने का गंभीर मामलाप्राप्त विवरण के अनुसार, बेमेतरा जिले के एक हल्के में पदस्थ पटवारी पर यह कार्रवाई तब की गई जब उच्च अधिकारियों को यह शिकायत मिली कि उसने अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करते हुए राजस्व दस्तावेजों में मनमाने ढंग से बदलाव किए हैं। नियम यह है कि किसी भी खसरे, नक्शे या जमीन के रिकॉर्ड में फेरबदल करने के लिए सक्षम न्यायालय या उच्च प्राधिकारी का वैध आदेश होना अनिवार्य है। लेकिन इस पटवारी ने तमाम शासकीय नियमों और कायदों को दरकिनार करते हुए चुपचाप दस्तावेजों में हेराफेरी कर दी, जिससे भू-अभिलेख की पवित्रता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे।कलेक्टर की सख्त कार्रवाई: आरोपी पटवारी तत्काल प्रभाव से सस्पेंडजब इस पूरे फर्जीवाड़े की शिकायत जिला प्रशासन तक पहुंची, तो मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से जांच के आदेश दिए। प्राथमिक जांच में ही पटवारी द्वारा रिकॉर्ड से छेड़छाड़ किए जाने का यह मामला पूरी तरह सही पाया गया। इसके बाद कलेक्टर ने बिना कोई ढिलाई बरतते हुए संबंधित पटवारी को तुरंत प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उसका मुख्यालय निर्धारित कर दिया गया है और यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि इस प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।राजस्व विभाग में मचा हड़कंप, अन्य मामलों की भी हो सकती है जांचबेमेतरा में हुई इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के बाद से जिले के अन्य पटवारियों और राजस्व अमले में हड़कंप मच गया है। इस घटना ने एक बार फिर यह आईना दिखा दिया है कि यदि कोई कर्मचारी सरकारी रिकॉर्ड के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा, तो प्रशासन उसके खिलाफ कितनी कठोर कार्रवाई कर सकता है। जानकारों का मानना है कि जिला प्रशासन अब इस पटवारी के कार्यकाल के दौरान किए गए अन्य भूमि नामांतरण और डायवर्शन के मामलों की भी फाइलें खंगाल सकता है, जिससे आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।
मध्य प्रदेश: अधिकारी की आय से 258 प्रतिशत अधिक संपत्ति के मिले सबूत, लोकायुक्त की 9 ठिकानों पर रेड
मध्य प्रदेश लोकायुक्त ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में मध्य प्रदेश वेस्ट जोन इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के एक वरिष्ठ वित्त अधिकारी के खिलाफ मंगलवार को इंदौर, धार और मुरैना में 9 जगहों पर एक साथ छापेमारी की।
राजस्थान की सियासत में उबाल! जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज पर भड़के हनुमान बेनीवाल
राजस्थान की राजनीति से इस वक्त एक बहुत बड़ी और तीखी प्रतिक्रिया सामने आ रही है, जिसने राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। राजधानी जयपुर या दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान बेटियों और युवाओं पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक और सांसद हनुमान बेनीवाल इस पूरी घटना के बाद बुरी तरह भड़क उठे हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए तीखे शब्दों में कहा है कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं और हमारी बेटियों पर लाठियां बरसाना किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा और यह सीधे तौर पर देश के लोकतंत्र पर एक बड़ा हमला है। इस सनसनीखेज बयान और पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में आइए विस्तार से जानते हैं।जंतर-मंतर और प्रदर्शन स्थल पर लाठीचार्ज से क्यों गरमाई सियासतप्राप्त विवरण के अनुसार, अपनी विभिन्न न्यायसंगत मांगों को लेकर युवा और महिलाएं लगातार प्रदर्शन कर रहे थे, इसी दौरान स्थिति उस वक्त तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस बल ने उन्हें खदेड़ने के लिए सख्ती बरतनी शुरू कर दी। इस बल प्रयोग के दौरान कई युवाओं और महिलाओं को चोटें आईं, जिसके बाद विपक्ष और विभिन्न क्षेत्रीय दलों के नेताओं ने इसका कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया। हनुमान बेनीवाल ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जब देश का युवा और अन्नदाता अपनी आवाज उठाने के लिए सड़क पर उतरता है, तो सरकारें संवाद करने के बजाय उन पर दमनकारी नीतियां अपनाती हैं, जो तानाशाही का स्पष्ट प्रमाण है।हनुमान बेनीवाल का कड़ा तेवर: तानाशाही रवैया नहीं होने देंगे बर्दाश्तहनुमान बेनीवाल ने प्रशासनिक अधिकारियों और सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि आरएलपी हमेशा से किसानों, बेरोजगार युवाओं और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ती आई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ अपराधियों जैसा सलूक करना और बल प्रयोग करना पुलिस और शासन के अलोकतांत्रिक चेहरे को बेनकाब करता है। बेनीवाल ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिन पुलिसकर्मियों या अधिकारियों ने लाठीचार्ज का आदेश दिया है, उनके खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है राजनीतिक विरोधइस लाठीचार्ज की घटना के बाद से राजस्थान के राजनीतिक पारे में उबाल आ गया है। विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस कार्रवाई के खिलाफ रोष व्यक्त किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सरकार ने इस मामले में संवेदनशीलता नहीं दिखाई और पीड़ितों को न्याय नहीं मिला, तो यह मुद्दा आने वाले दिनों में एक बड़ा जन आंदोलन बन सकता है, जिससे सत्ताधारी दल की मुश्किलें और अधिक बढ़ सकती हैं।
पैसों का फ्लो बढ़ाने के लिए घर ले आएं फेंगशुई की ये खास चीजें, चुंबक की तरह खिंचा चला आएगा धन
घर में मौजूद वास्तु दोष और नकारात्मक ऊर्जा अक्सर हमारी वित्तीय स्थिति को कमजोर कर देते हैं, जिससे पैसों का फ्लो रुक जाता है। चीनी वास्तु शास्त्र फेंगशुई में धन लाभ और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने के कई अचूक उपाय बताए गए हैं जिन्हें अपनाकर आर्थिक तंगी से छुटकारा पाया जा सकता है।फेंगशुई कछुआ और मेंढक से बढ़ाएं बरकतफेंगशुई के अनुसार घर की उत्तर दिशा में धातु या क्रिस्टल का कछुआ रखना बेहद शुभ माना जाता है, जिससे धन के देवता कुबेर की कृपा हमेशा बनी रहती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। इसके अलावा पैसों की तंगी से जूझ रहे लोगों के लिए फेंगशुई मेंढक बहुत लकी साबित होता है, जिसे घर में लाने से आर्थिक दिक्कतें तेजी से दूर होने लगती हैं।चीनी सिक्के, फिश एक्वेरियम और पानी का फव्वारा चमकाएंगे किस्मतआर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए चीनी सिक्कों को लाल रंग के कपड़े में बांधकर तिजोरी या गुप्त स्थान पर रखना चाहिए जिससे धन का प्रवाह लगातार बना रहता है। घर की उत्तर दिशा में बहते हुए पानी का फव्वारा रखना या फिर फिश एक्वेरियम स्थापित करना सकारात्मक ऊर्जा को संतुलित करता है और नेगेटिव एनर्जी को बाहर का रास्ता दिखाता है, बस इस बात का विशेष ध्यान रखें कि फव्वारे का पानी हमेशा साफ और निरंतर बहता हुआ होना चाहिए।
राजस्थान के कारोबारियों और व्यापारियों के मन में एक बार फिर कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम का खौफ किस तरह सिर चढ़कर बोल रहा है, इसका एक और ताजा और दहला देने वाला मामला सामने आया है। राज्य के एक नामी कारोबारी को सीधे तौर पर लॉरेंस गैंग के नाम पर एक करोड़ रुपये की भारी-भरकम फिरौती की मांग वाला धमकी भरा संदेश मिला है। बदमाशों ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय के भीतर रंगदारी की यह रकम नहीं पहुंचाई गई, तो वे पूरे परिवार को मौत के घाट उतार देंगे। इस सनसनीखेज और जानलेवा धमकी के बाद से पीड़ित कारोबारी का पूरा परिवार गहरे सदमे और दहशत के साए में जीने को मजबूर है। इस खौफनाक वारदात और पुलिस की अब तक की कार्रवाई के बारे में आइए विस्तार से जानते हैं।लॉरेंस गैंग के नाम पर वसूली का खौफनाक खेल और धमकी का सचप्राप्त जानकारी के अनुसार, राजस्थान के एक प्रतिष्ठित कारोबारी को जब अज्ञात नंबरों से फोन कॉल्स और मैसेज मिलने शुरू हुए, तो शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद यह कोई मामूली फर्जी कॉल होगी। लेकिन जैसे ही फोन करने वाले ने खुद को सीधे तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ बताया और एक करोड़ रुपये की एक्सटॉर्शन मनी (Extortion Money) की मांग की, कारोबारी के पैरों तले जमीन खिसक गई। बदमाशों ने फोन पर साफ शब्दों में धमकी दी कि अगर पुलिस या किसी अन्य को इस बारे में भनक भी लगी, तो उनके पूरे परिवार को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। इस तरह की धमकियों ने एक बार फिर राजस्थान में व्यापारियों की सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।दहशत के साए में कारोबारी का परिवार, पुलिस प्रशासन में मचा हड़कंपलगातार मिल रही जान से मारने की धमकियों के बाद पीड़ित कारोबारी और उनके परिवार ने अपनी सुरक्षा को लेकर स्थानीय पुलिस थाने का दरवाजा खटखटाया है। मामला सीधे तौर पर कुख्यात गैंगस्टर के नाम से जुड़े होने के कारण पुलिस महकमे में भी तुरंत हड़कंप मच गया है। पुलिस के उच्च अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे बेहद संवेदनशील श्रेणी में रखा है और तत्काल प्रभाव से एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन कर दिया है। पुलिस अब उन मोबाइल नंबरों और इंटरनेट कॉलिंग के जरिएों को ट्रैक करने में जुटी है, जिनका इस्तेमाल करके इस फिरौती की मांग को अंजाम दिया गया था।राजस्थान में लगातार बढ़ रहा गैंगस्टर्स का नेटवर्क और व्यापारियों की चिंतापिछले कुछ समय से राजस्थान में जिस तरह से लगातार कारोबारियों, डॉक्टरों और बड़े व्यवसायियों को टारगेट करके रंगदारी मांगने के मामले सामने आए हैं, उसने पूरे व्यापारिक समुदाय को चिंता में डाल दिया है। आए दिन इस तरह की धमकियों से राज्य के उद्यमियों में असुरक्षा की भावना घर करती जा रही है। हालांकि, पुलिस का यह दावा है कि वे किसी भी अपराधी को बख्शेंगे नहीं और इस पूरी साजिश के पीछे चाहे कोई भी लोकल मददगार या शूटर क्यों न हो, उसे जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। बावजूद इसके, इस समय उस पीड़ित परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से सुरक्षित महसूस कराया जा सके।
बरनाला में खाकी और बदमाशों के बीच खूनी मुठभेड़! पुलिस पर की गई ताबड़तोड़ फायरिंग
पंजाब के बरनाला जिले से इस वक्त एक बड़ी और सनसनीखेज वारदात सामने आ रही है, जहां कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती देने वाले बदमाशों और पुलिस के बीच जबरदस्त मुठभेड़ (Police Encounter) देखने को मिली है। अपराधियों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर बदमाशों की तरफ से अचानक गोलियां चलाई गईं, जिसके बाद पुलिस ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। इस रोमांचक और हाई-वोल्टेज एनकाउंटर के बाद पुलिस ने दो कुख्यात बदमाशों को धर दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने कई अवैध पिस्तौल और कारतूस भी बरामद किए हैं। इस खतरनाक मुठभेड़ और पूरी घटना के बारे में आइए विस्तार से जानते हैं।कैसे हुई पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ की शुरुआतप्राप्त जानकारी के अनुसार, बरनाला पुलिस को कुछ संदिग्ध और वांछित अपराधियों के एक इलाके में छिपे होने की पुख्ता सूचना मिली थी। इस इनपुट के आधार पर जब पुलिस और सीआईए (CIA) की संयुक्त टीम ने संदिग्ध ठिकानों की घेराबंदी करनी शुरू की, तो खुद को घिरता देख बदमाशों ने घबराहट में पुलिस पार्टी पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी। अपराधियों द्वारा अचानक किए गए इस हमले से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन मुस्तैद पुलिस जवानों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए तुरंत मोर्चा संभाला और انتہائی सूझबूझ के साथ जवाबी कार्रवाई को अंजाम दिया।जवाबी फायरिंग के बाद दो शातिर बदमाश गिरफ्तार, हथियार बरामदपुलिस की जवाबी और सख्त कार्रवाई के आगे बदमाशों के हौसले पस्त हो गए और वे भागने में नाकाम रहे। पुलिस ने घेराबंदी मजबूत करते हुए दोनों आरोपियों को मौके से ही दबोच लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने इनके पास से दो अवैध पिस्तौल और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि ये बदमाश किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे और इलाके में दहशत फैलाना चाहते थे। गनीमत यह रही कि इस मुठभेड़ में किसी भी पुलिसकर्मी को गंभीर चोट नहीं आई और समय रहते स्थिति पर पूरा नियंत्रण पा लिया गया।पंजाब में लगातार तेज हो रहा अपराधियों पर पुलिस का शिकंजापिछले कुछ समय से पंजाब पुलिस ने राज्य में सक्रिय गैंगस्टरों, हथियार तस्करों और अपराधियों के खिलाफ जिस तरह का आक्रामक अभियान छेड़ रखा है, उसके तहत लगातार इस तरह के एनकाउंटर और गिरफ्तारियां सामने आ रही हैं। बरनाला की इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अपराध और अपराधियों के लिए राज्य की धरती पर कोई जगह नहीं बची है। पुलिस अब पकड़े गए दोनों बदमाशों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनके अन्य साथियों के तार कहां-कहां जुड़े हैं और ये हथियार इन्होंने कहां से खरीदे थे।
पंजाब से इस वक्त एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। राज्य में शांति व्यवस्था को अशांत करने और बड़े पैमाने पर जनहानि पहुंचाने के लिए आतंकवादियों द्वारा एक बहुत ही खतरनाक षड्यंत्र रचा गया था। आतंकी किसी चलती हुई यात्री ट्रेन को शक्तिशाली आईईडी (IED) यानी इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस से उड़ाने की फिराक में थे। हालांकि, पंजाब पुलिस और खुफिया तंत्र ने असाधारण तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए इस नापाक साजिश पर समय रहते पूरी तरह पानी फेर दिया है। इस सनसनीखेज आतंकी खुलासे और पुलिस की बड़ी कार्रवाई के बारे में आइए विस्तार से जानते हैं।रेलवे ट्रैक को दहलाने की थी खतरनाक प्लानिंग और पुलिस की त्वरित कार्रवाईप्राप्त शुरुआती जानकारियों के अनुसार, देश विरोधी तत्वों और सीमा पार बैठे आकाओं के इशारे पर पंजाब में एक बार फिर किसी बड़े रेल हादसे को अंजाम देने की साजिश रची जा रही थी। आतंकियों का मुख्य मकसद रेलवे पटरियों या ट्रेनों को निशाना बनाकर देश की आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था को गहरी चोट पहुंचाना था। लेकिन पंजाब पुलिस के आतंकवाद विरोधी दस्ते और स्थानीय खुफिया इकाई को समय रहते इस बात की भनक लग गई कि असाधारण गतिविधियों को अंजाम देने के लिए विस्फोटक सामग्री जुटाई जा रही है। पुलिस ने बिना एक भी पल गंवाए तकनीकी सर्विलांस और सटीक सूचना के आधार पर तुरंत अपनी टीमों को मैदान में उतारा और इस खतरनाक साजिश का पर्दाफाश कर दिया।भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद, टला एक बड़ा रेल हादसापुलिस की इस सफल कार्रवाई के दौरान न केवल आतंकियों के नापाक मंसूबों को नाकाम किया गया, बल्कि मौके से भारी मात्रा में संदिग्ध विस्फोटक सामग्री, आईईडी और अन्य खतरनाक उपकरण भी बरामद किए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह विस्फोटक समय रहते पुलिस के हाथ नहीं लगते, तो यह किसी चलती हुई ट्रेन के लिए बेहद घातक साबित हो सकता था और सैकड़ों बेकसूर लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरी साजिश के पीछे स्थानीय स्तर पर कौन-कौन से स्लीपर सेल या चेहरे सक्रिय थे और इन्हें किन लोगों द्वारा फंडिंग मुहैया कराई जा रही थी।पंजाब में लगातार कस रहा है सुरक्षा एजेंसियों का शिकंजापिछले कुछ समय से पंजाब पुलिस ने राज्य विरोधी ताकतों के खिलाफ जिस तरह से आक्रामक रुख अपनाया है, उसके चलते लगातार एक के बाद एक बड़े मामलों का खुलासा हो रहा है। मोगा ग्रेनेड हमले के बाद अब ट्रेन को उड़ाने की इस साजिश का नाकाम होना यह साबित करता है कि सुरक्षा एजेंसियां हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद और हाई अलर्ट पर हैं। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद से रेलवे स्टेशनों और पटरियों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद कर दिया गया है ताकि यात्रियों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो सके।
पंजाब में बड़ा आतंकी षड्यंत्र विफल! मोगा थाना ग्रेनेड हमले के 17 शातिर आरोपी गिरफ्तार
पंजाब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के हाथ एक बहुत बड़ी और शानदार कामयाबी लगी है, जिसने राज्य की शांति और सुरक्षा व्यवस्था को खंडित करने की साजिश रचने वाले असामाजिक तत्वों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। मोगा जिले के एक थाने पर हुए सनसनीखेज ग्रेनेड हमले के मामले में पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए कुल 17 आरोपियों को धर दबोचा है। शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इन सभी बदमाशों को सरहदों पार बैठे आकाओं द्वारा महज पैसों का लालच देकर इस खतरनाक आतंकी वारदात को अंजाम दिलवाया गया था। पंजाब में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले इस बड़े मामले का पर्दाफाश कैसे हुआ और पुलिस ने किस तरह इस पूरी साजिश का ताना-बाना तोड़ा, आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।मोगा थाना ग्रेनेड हमले की गुत्थी सुलझी, पुलिस के हत्थे चढ़े 17 आरोपीकुछ समय पहले पंजाब के मोगा इलाके के एक पुलिस थाने को निशाना बनाकर ग्रेनेड से हमला किया गया था, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। इस गंभीर चुनौती को स्वीकार करते हुए पंजाब पुलिस के शीर्ष अधिकारियों और खुफिया एजेंसियों (Intelligence) ने एक विशेष टीम का गठन किया था। लगातार तकनीकी सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर की गई कड़ी छानबीन के बाद पुलिस ने एक के बाद एक कुल 17 आरोपियों को दबोचने में सफलता हासिल की है। इन गिरफ्तारियों के साथ ही पुलिस ने इनके पास से कुछ आपत्तिजनक सामग्री और हथियार भी बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल इस तरह की वारदातों को अंजाम देने के लिए किया जाना था।पैसों के लालच और विदेशी आकाओं के इशारे पर रची गई थी खौफनाक साजिशपुलिस की पूछताछ में जो हैरान करने वाले तथ्य सामने आए हैं, वे यह बताते हैं कि कैसे आज के दौर में कुछ अपराधी किस्म के युवा थोड़े से पैसों और विदेश में बैठे हैंडलर्स के झूठे वादों के चक्कर में आकर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं। मोगा थाना हमले के इन आरोपियों को भी सीमा पार से फंडिंग (Money Funding) का लालच दिया गया था और उन्हें यह टास्क सौंपा गया था कि वे स्थानीय स्तर पर पुलिस थानों या संवेदनशील ठिकानों पर ग्रेनेड फेंककर राज्य में डर का माहौल पैदा करें। हालांकि, सतर्क सुरक्षा एजेंसियों और मुस्तैद पुलिस बल ने समय रहते इनके नापाक मंसूबों को पूरी तरह से कुचल दिया और मुख्य सरगनाओं तक अपनी पहुंच बना ली।पंजाब में लगातार कस रहा है कानून का शिकंजा, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट परइस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद से पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर यह साबित हो गया है कि राज्य पुलिस किसी भी आतंकी या आपराधिक गतिविधि से निपटने के लिए कितनी तत्परता से काम कर रही है। पिछले कुछ महीनों में पुलिस ने कई ऐसे स्लीपर सेल और बदमाशों को बेनकाब किया है जो बाहरी ताकतों के इशारे पर शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे। इस बड़ी सफलता के बाद पुलिस अब पकड़े गए सभी 17 आरोपियों से रिमांड पर गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क के तार और कहां-कहां फैले हुए हैं और इनके पीछे कौन-कौन से बड़े चेहरे छिपे हैं।
सीजेपी के संसद तक पहुंचने के बाद सोमवार को दिल्ली पुलिस ने संसद के सभी दरवाजे बंद कर दिए। इस बीच भाजपा सांसद कंगना रनौत ने दावा किया कि प्रदर्शन के समय स्थिति इतनी खतरनाक हो गई थी कि संसद के भीतर मौजूद सभी लोग बुरी तरह घबराए हुए थे।
किसानों के दिल्ली कूच के ऐलान और राजधानी में जारी विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए नोएडा-दिल्ली बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया है। विशेष रूप से चिल्ला बॉर्डर पर नोएडा पुलिस ने हाई अलर्ट घोषित करते हुए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की है। सोमवार को छात्रों के उग्र प्रदर्शन के बाद पुलिस किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है।
क्यों अलग माना जा रहा है जेन-ज़ी का यह छात्र आंदोलन और कहां चूकी मोदी सरकार?
Gen Z student protest in Delhi: दिल्ली में छात्रों के 'संसद मार्च' की शुरुआत परीक्षा में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग से हुई थी। लेकिन समय के साथ यह प्रदर्शन केवल शिक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा। प्रदर्शन ...
आचार्य चाणक्य ने बताए पुरुषों के वे 4 प्रकार के दोस्त, जिनसे हर पत्नी को रहना चाहिए कोसों दूर
भारतीय इतिहास के सबसे महान कूटनीतिज्ञ, अर्थशास्त्री और आचार्य चाणक्य की नीतियां आज के आधुनिक दौर में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी वे सदियों पहले हुआ करती थीं। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में मानव जीवन के हर उस पहलू पर खुलकर प्रकाश डाला है जो एक व्यक्ति को सफलता या असफलता की ओर ले जाता है। पारिवारिक जीवन और वैवाहिक संबंधों को लेकर चाणक्य ने कई ऐसे अमूल्य सूत्र दिए हैं, जिन्हें अपनाकर लोग अपने घर-परिवार को बिखरने से बचा सकते हैं। आचार्य चाणक्य का मानना था कि एक खुशहाल दांपत्य जीवन में बाहरी लोगों और गलत संगति का बहुत गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। चाणक्य नीति के अनुसार, पुरुषों के कुछ खास तरह के दोस्तों से उनकी पत्नियों को हमेशा सुरक्षित दूरी बनाकर रखनी चाहिए, क्योंकि ऐसे लोग धीरे-धीरे परिवार की शांति और सुख-चैन को दीमक की तरह चाट जाते हैं। आइए जानते हैं कि चाणक्य ने किन चार प्रकार के मित्रों से महिलाओं और गृहस्थी को दूर रहने की सख्त सलाह दी है।चरित्रहीन और अनैतिक आचरण वाले मित्र से हमेशा बनाएं दूरीआचार्य चाणक्य के अनुसार, जिस पुरुष के मित्र चरित्रहीन, लालची या अनैतिक गतिविधियों में लिप्त रहते हैं, उसका प्रभाव सीधे तौर पर उसके घर और वैवाहिक जीवन पर पड़ता है। ऐसे लोग कभी भी किसी के सगे नहीं हो सकते और अपनी बुरी आदतों के कारण दूसरों को भी गलत रास्ते पर धकेलने में देर नहीं लगाते। यदि किसी पति के दोस्त का आचरण समाज और नैतिकता के विरुद्ध है, तो उसकी पत्नी को ऐसे व्यक्ति से बातचीत या मेल-जोल से पूरी तरह बचना चाहिए। संगति का असर इंसान के स्वभाव पर बहुत जल्दी पड़ता है, और अनैतिक चरित्र वाले मित्रों का साया किसी भी हंसते-खेलते परिवार को बर्बाद करने के लिए काफी माना जाता है।चालाक, मतलबी और धोखेबाज दोस्तों से रहें हमेशा सतर्कजीवन में कई बार लोग ऐसे दोस्तों को पाल लेते हैं जो मुंह पर तो बहुत मीठा बोलते हैं लेकिन पीठ पीछे हमेशा नुकसान पहुंचाने की फिराक में रहते हैं। चाणक्य कहते हैं कि जो मित्र केवल अपने स्वार्थ के लिए रिश्ता निभाते हैं और मुश्किल वक्त में कन्नी काट लेते हैं, वे परिवार के सबसे बड़े दुश्मन होते हैं। ऐसे मतलबी लोग अक्सर पति-पत्नी के बीच गलतफहमियां पैदा करने और घर की अंदरूनी बातों का गलत फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। यदि किसी पुरुष के मित्र धोखेबाज प्रकृति के हैं, तो समझदारी इसी में है कि पत्नी उन लोगों से किसी भी तरह की पारिवारिक चर्चा या मेलजोल न रखे, ताकि घर की गोपनीयता सुरक्षित रह सके।नकारात्मक सोच और हमेशा कलह के बीज बोने वाले लोगकुछ लोगों की फितरत ऐसी होती है कि वे हर परिस्थिति में नेगेटिविटी ही फैलाते हैं और दूसरों के घर में होने वाली तरक्की या खुशी को देखकर जलते रहते हैं। आचार्य चाणक्य का स्पष्ट कहना है कि नकारात्मक ऊर्जा से भरे ऐसे लोग परिवार में हमेशा कलह और तनाव का माहौल पैदा करते हैं। वे ऐसी बातें करते हैं जिससे पति-पत्नी के आपसी रिश्तों में खटास पैदा हो जाए। यदि ऐसे लोग घर आना-जाना शुरू कर दें, तो धीरे-धीरे घर का सुकून गायब होने लगता है। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि महिलाओं की नजर ऐसे नकारात्मक मित्रों पर रहे और वे अपने घर की चौखट पर ऐसे लोगों के प्रभाव को बिल्कुल न आने दें।नशे और बुरी लतों के आदी दोस्तों का घर पर साया पड़ना घातकनशा और बुरी आदतें किसी भी इंसान के जीवन को तबाह करने के लिए काफी होती हैं, लेकिन जब कोई पुरुष ऐसे दोस्तों के संपर्क में आता है जो हर वक्त नशे में डूबे रहते हैं, तो उसका पूरा परिवार संकट में आ जाता है। चाणक्य नीति चेतावनी देती है कि नशेड़ी और आवारा किस्म के मित्रों की संगत इंसान की बुद्धि और विवेक दोनों को भ्रष्ट कर देती है। ऐसा पुरुष न तो अपने परिवार की जिम्मेदारी समझ पाता है और न ही अपनी पत्नी का सम्मान कर पाता है। पत्नी और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए यह अति आवश्यक है कि ऐसे मित्रों को घर से कोसों दूर रखा जाए, ताकि गृहस्थी की गाड़ी पटरी से न उतरे और जीवन में हमेशा शांति बनी रहे।
पूजा के बाद दीया कब तक जलना चाहिए? घी या तेल, जानिए भगवान को प्रसन्न करने के लिए क्या है सबसे उत्तम
सनातन धर्म और हिंदू संस्कृति में दीप प्रज्वलित करने का विधान पूजा-पाठ का सबसे अहम और पवित्र हिस्सा माना जाता है। सुबह और शाम की आरती के दौरान जब हम मंदिर में दीपक जलाते हैं, तो हमारे मन में अक्सर यह सवाल जरूर आता है कि पूजा समाप्त होने के बाद दीया अपने आप कितनी देर तक जलना चाहिए या उसे कब बुझना चाहिए। इसके अलावा, दीया जलाने के लिए गाय का शुद्ध घी इस्तेमाल किया जाना चाहिए या फिर सरसों या तिल का तेल, इसको लेकर भी लोगों के मन में कई तरह की मान्यताएं रहती हैं। वास्तु शास्त्र और धार्मिक ग्रंथों में इन सभी बातों को लेकर बहुत ही सटीक नियम बताए गए हैं। आइए जानते हैं कि पूजा के दीये से जुड़े इन जरूरी नियमों का पालन कैसे करना चाहिए ताकि घर में हमेशा सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि बनी रहे।पूजा के बाद दीया कितनी देर तक जलना चाहिएधार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान के सामने जलाया गया दीपक इस बात का प्रतीक होता है कि आपके जीवन से अंधकार दूर हो रहा है और ज्ञान व प्रकाश का प्रवेश हो रहा है। आम तौर पर दीया उतनी देर तक जलना चाहिए जब तक उसमें डाला गया घी या तेल पूरी तरह से समाप्त न हो जाए। यदि किसी कारणवश आपको पूजा के तुरंत बाद मंदिर से बाहर जाना पड़े या घर से निकलना पड़े, तो सुरक्षा की दृष्टि से दीपक को बुझाया जा सकता है, लेकिन जानबूझकर जलते हुए अखंड दीपक या सामान्य दीपक को बीच में बुझाना अशुभ माना जाता है। इसलिए हमेशा अपनी क्षमता और पूजा के समय के अनुसार ही बाती में पर्याप्त घी या तेल डालना चाहिए ताकि वह अपनी स्वाभाविक गति से शांत हो सके।घी या तेल: भगवान की पूजा के लिए क्या है बेहतरदीपक जलाने के लिए किस चीज का प्रयोग किया जाए, यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस देवी-देवता की उपासना कर रहे हैं। शास्त्रों के अनुसार, देवताओं को प्रसन्न करने के लिए गाय का शुद्ध घी सबसे उत्तम माना जाता है, क्योंकि घी सात्विकता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होता है। विशेषकर गणेश जी, विष्णु जी और माता लक्ष्मी की पूजा में घी का दीया जलाना बेहद फलदायी माना जाता है। वहीं दूसरी ओर, शनि देव, हनुमान जी या भैरव बाबा की कृपा पाने के लिए सरसों के तेल या तिल के तेल का दीपक जलाना श्रेष्ठ माना जाता है। यदि आप सामान्य देवी-देवताओं की पूजा कर रहे हैं, तो तिलों का तेल या शुद्ध घी दोनों ही विकल्पों का उपयोग किया जा सकता है।दीपक जलाते समय किन बातों का रखना चाहिए विशेष ध्यानपूजा के दौरान दीपक प्रज्वलित करते समय कुछ नियमों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है ताकि उसका पूरा आध्यात्मिक और मानसिक लाभ मिल सके। हमेशा भगवान की मूर्ति के ठीक सामने या दाहिनी ओर दीपक रखना शुभ माना जाता है। दीपक की लौ कभी भी दक्षिण दिशा की ओर नहीं होनी चाहिए, क्योंकि दक्षिण दिशा को यम की दिशा माना जाता है, जिससे अशुभ फल मिल सकता है। इसके अलावा, खंडित या टूटे हुए दीये का इस्तेमाल कभी भी पूजा में नहीं करना चाहिए। साफ-सुथरे मिट्टी या पीतल के दीये का उपयोग करके और सच्चे मन से की गई आराधना आपके घर-परिवार में हमेशा शांति और वैभव बनाए रखती है।

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