Ankit Sharma Murder Case: जावेद की उम्रकैद के खिलाफ अपील पर Delhi High Court ने पुलिस से मांगा जवाब
दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को IB अधिकारी अंकित शर्मा मर्डर केस में उम्रकैद की सज़ा काट रहे जावेद की अपील पर नोटिस जारी किया। कड़कड़डूमा कोर्ट ने जावेद और ताहिर हुसैन समेत 5 लोगों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी। कड़कड़डूमा कोर्ट ने उन्हें 31 जुलाई को सज़ा सुनाई थी। जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस विकास महाजन की बेंच ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर अपील पर जवाब मांगा है। इस मामले की सुनवाई नाज़िम और कासिम की दूसरी अपीलों के साथ 2 दिसंबर को होगी। 12 अगस्त को हाई कोर्ट ने नाज़िम और कासिम की उम्रकैद की सज़ा पर रोक लगाने की अर्ज़ी पर नोटिस जारी किया था। दोषियों के वकील ने कहा कि पुलिस अपील करने वाले जावेद की भूमिका साबित करने में नाकाम रही। इसे भी पढ़ें: Captive Elephants की सुरक्षा के लिए Regulatory System मजबूत करे केंद्र, Supreme Court ने DNA Profiling पर मांगी विस्तृत रिपोर्ट अपील करने वाले नाज़िम और कासिम ने भी दिल्ली हाई कोर्ट में हत्या और दूसरे अपराधों के लिए अपनी सज़ा और दोषसिद्धि को चुनौती दी है। दोषियों ने वकील बिलाल अनवर खान के ज़रिए अपनी अपील दायर की है। अपील करने वालों, जो सगे भाई हैं, की ओर से एक सीनियर वकील पेश हुए। यह कहा गया कि अपील करने वालों के ख़िलाफ़ कोई सबूत नहीं था और न ही गवाहों ने उनके ख़िलाफ़ कोई पुष्टि की थी। इसके बावजूद, उन्हें सिर्फ़ बयानों के आधार पर दोषी ठहराया गया और उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई। 31 जुलाई को दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 में IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में ताहिर हुसैन और 4 अन्य दोषियों को उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी। सज़ा सुनाते हुए कोर्ट ने कहा था कि यह अपराध बहुत ही घिनौना और बर्बर था, जिसने समाज की अंतरात्मा को झकझोर दिया। हत्या के बाद मृतक को जानवर की तरह घसीटा गया था। इसे भी पढ़ें: Red Fort Blast Case के आरोपी Jasir Bilal Wani की याचिका खारिज, Delhi High Court ने डिफ़ॉल्ट ज़मानत से किया इनकार कोर्ट ने कहा कि हालांकि, यह मामला 'दुर्लभतम से दुर्लभ' (रेयरेस्ट ऑफ़ रेयर) मामलों की श्रेणी में नहीं आता है। अभियोजन पक्ष किसी भी दोषी की कोई खास भूमिका साबित नहीं कर सका। अभियोजन पक्ष ने अपराध के दौरान बरती गई बर्बरता का हवाला देते हुए सभी दोषियों के लिए मौत की सज़ा की मांग की थी। यह भी कहा गया कि अपराध को अंजाम देने के लिए भारी काटने वाले हथियार का इस्तेमाल किया गया था। एडिशनल सेशंस जज (ASJ) ने हत्या के अपराध के लिए ताहिर हुसैन, नाज़िम, कासिम, जावेद और अनस को उम्रकैद की सज़ा सुनाई। कोर्ट ने ताहिर हुसैन पर 5 लाख रुपये और अन्य आरोपियों पर 25-25 हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया। उन्हें अपहरण के अपराध के लिए भी 7 साल की सज़ा सुनाई गई और जुर्माना भी लगाया गया। उन्हें दंगा करने, गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने आदि अपराधों के लिए भी सज़ा सुनाई गई।
चीन-पाकिस्तान कनेक्शन वाले 'बॉस स्कैम' का पर्दाफाश, दो साइबर ठग अरेस्ट
अहमदाबाद साइबर क्राइम ने 1.50 करोड़ रुपये के 'बॉस स्कैम' मामले में पश्चिम बंगाल से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच में चीन, पाकिस्तान, भारत और हांगकांग तक फैले नेटवर्क का खुलासा हुआ है. पुलिस ने 1.13 करोड़ रुपये बरामद किए हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र और 'कैप्टिव एलिफेंट हेल्थ एंड वेलफेयर कमिटी' (CEHWC) को निर्देश दिया कि वे देश भर में कैद में रखे गए हाथियों की देखभाल, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए रेगुलेटरी सिस्टम को मज़बूत करने के कदम उठाएं। कोर्ट ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) से कैद में रखे गए हाथियों की DNA प्रोफ़ाइलिंग पर रिपोर्ट भी मांगी और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे हाथियों की मेडिकल देखभाल के लिए एक असरदार और पारदर्शी सिस्टम सुनिश्चित करें। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की पीठ वन्यजीव बचाव एवं पुनर्वास केंद्र द्वारा बंदी हाथियों के कल्याण से संबंधित दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। अदालत को सूचित किया गया कि 2018 में हाथियों की सुरक्षा के संबंध में न्यायालय के पूर्व आदेश के अनुपालन में की गई नवीनतम जनगणना में 27 राज्यों में 2,725 बंदी हाथी पाए गए, जिनमें निजी व्यक्तियों, मंदिरों, चिड़ियाघरों, सर्कसों, पुनर्वास केंद्रों, वन विभागों और पर्यटन संचालकों द्वारा रखे गए हाथी शामिल हैं। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कई हाथियों को वैधानिक सुरक्षा उपायों का उल्लंघन करते हुए बंदी बनाकर रखा जा रहा है और कई हाथियों के निजी कब्जे में आने के स्रोत और तरीके का उचित दस्तावेजीकरण नहीं किया गया है। इसे भी पढ़ें: Balrampur में हाथी दांत तस्करी के आरोप में तीन गिरफ्तार जनहित याचिका में हाथियों की अवैध बिक्री और हस्तांतरण तथा वाणिज्यिक, धार्मिक और मनोरंजक उद्देश्यों के लिए उनके उपयोग पर भी चिंता व्यक्त की गई है। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता परमेश्वर ने कहा कि याचिका केरल में मंदिर के हाथियों से संबंधित धार्मिक अनुष्ठानों में हस्तक्षेप करने की कोशिश कर रही है, क्योंकि याचिकाकर्ताओं ने त्योहारों के मौसम में इस अदालत का रुख किया है। परमेश्वर ने कहा, केरल एकमात्र ऐसा राज्य है जहां प्रत्येक बंदी हाथी को रेडियो टैग किया गया है ताकि उसकी गतिविधियों का पता लगाया जा सके। अदालत ने कहा कि इस मुद्दे पर उसका ध्यान इस बात पर है कि बंदी हाथियों के उचित आवास, चिकित्सकीय जांच और देखभाल सुनिश्चित करने के लिए एक समान तंत्र की आवश्यकता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि वह मंदिरों में हाथियों के उपयोग से जुड़े धार्मिक अधिकारों की जांच नहीं कर रही है। इसे भी पढ़ें: JNU Admission Row: दिल्ली हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने Deprivation Points पॉलिसी के तहत दाखिले को दी मंजूरी अदालत ने कहा, हम धार्मिक अधिकारों या व्यक्तिगत अधिकारों में हस्तक्षेप नहीं कर रहे हैं। हमें धार्मिक अधिकारों के साथ सामंजस्यपूर्ण ढंग से व्यवहार करना होगा। अदालत ने कहा कि जहां हाथियों को मंदिरों में रखा जाता है, वहां भी उनके उपयोग को विनियमित किया जाना चाहिए और उनके कल्याण को सुनिश्चित किया जाना चाहिए। अदालत ने कहा दिव्यता के प्रति सम्मान हाथी तक भी विस्तारित होना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्यायालय का ध्यान विशेष रूप से निजी व्यक्तियों द्वारा रखे गए हाथियों, सर्कसों द्वारा रखे गए हाथियों और रिसॉर्ट्स में मनोरंजक गतिविधियों के लिए उपयोग किए जाने वाले हाथियों पर था।
Nagpur के स्कूलों को मिला धमकी भरा Email, पुलिस खंगाल रही Digital Source और संदिग्धों का सुराग
ईमेल के ज़रिए बम की धमकी मिलने के बाद, वर्धमान नगर के सेंटर पॉइंट स्कूल ने एहतियात के तौर पर पुलिस को सूचित किया और छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिसकर्मियों ने बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड और डॉग स्क्वाड के साथ मिलकर क्लासरूम, स्कूल परिसर और बसों की गहन तलाशी ली। स्कूल ने बताया कि तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। हालांकि, कोई जोखिम न लेते हुए, स्कूल ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और बच्चों को असेंबली एरिया में सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया। नागपुर पुलिस के ACP रोहित ओव्हल ने ANI से बात करते हुए कहा, स्कूल प्रशासन को एक धमकी भरा ईमेल मिला। इसके बाद, स्थानीय पुलिस और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (BDDS) वहां पहुंचे और पूरे परिसर की तलाशी ली। कोई भी संदिग्ध चीज़ नहीं मिली। पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, दोबारा जांच के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को भी बुलाया गया। इसे भी पढ़ें: दिल्ली में हाई कोर्ट, जाम नगर हाउस, झंडेवालान बिल्डिंग समेत 6 जगहों पर बम की धमकी, जांच में जुटी पुलिस अधिकारी ने आगे कहा कि अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि यह डिजिटल धमकी कहां से आई है। उन्होंने कहा वरिष्ठ अधिकारी इस ईमेल के स्रोत और इसके पीछे कौन है, इसकी जांच कर रहे हैं। स्कूल के गेट के बाहर जमा हुए चिंतित अभिभावकों की चिंताओं को देखते हुए, अधिकारी ने शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने आग्रह किया, मैं सभी अभिभावकों से अनुरोध करता हूं कि वे घबराहट की स्थिति पैदा न करें। इसे भी पढ़ें: Colombia में नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण के अगले दिन Car Bomb विस्फोट पुलिस प्रशासन इससे निपटने में पूरी तरह सक्षम है और हमने इलाके को सुरक्षित कर लिया है। कृपया अफवाहों पर विश्वास न करें और न ही उन्हें फैलाएं। एक अधिकारी के अनुसार, शहर के कम से कम दो-तीन स्कूलों को इसी तरह के धमकी भरे संदेश मिले हैं।
जमीन में 1000 साल का प्रेशर... बड़े अमेरिकी शहर में है 'भूकंप का गेट'
1000 साल के भूकंप इतिहास को खंगालने के बाद वैज्ञानिकों को कैलिफोर्निया की धरती के नीचे कुछ असामान्य मिला है. दो बड़े फॉल्ट पर प्रेशर रिकॉर्ड स्तर पर है. लॉस एंजेलिस के पास एक जगह है जो अगले बड़े भूकंप का रास्ता तय कर सकती है.
CM Hemant Soren के फैसले पर Jharkhand के छात्र सहमत, वापस लिया विरोध प्रदर्शन
झारखंड के छात्रों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के घेराव का अपना प्लान रद्द कर दिया। यह फ़ैसला राज्य सरकार द्वारा 2014 से आउटसोर्स एजेंसी के ज़रिए आयोजित भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा के कुछ दिनों बाद लिया गया। भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर आंदोलन की अगुवाई कर रहे JPSC-JSSC रिफ़ॉर्म्स मंच ने मुख्यमंत्री आवास के घेराव का प्लान बनाया था और राज्य भर के छात्रों से रांची में इकट्ठा होने की अपील की थी। इसे भी पढ़ें: Maulana Razvi की मुसलमानों से अपील: PM Modi, CM Yogi को बुरा-भला न कहें, BJP को हराना हमारा काम नहीं यह विरोध प्रदर्शन खत्म करने का फ़ैसला राज्य सरकार द्वारा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग-संयुक्त स्नातक स्तर (JSSC-CGL) परीक्षा और 2014 से आउटसोर्स एजेंसी TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) द्वारा आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के बाद लिया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को राज्य सचिवालय में कैबिनेट की एक लंबी बैठक के बाद इस फ़ैसले की घोषणा की थी। सोरेन ने पत्रकारों से कहा कि सरकार ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग-संयुक्त स्नातक स्तर (JSSC-CGL) परीक्षा को रद्द करने का फ़ैसला किया है, जो विरोध कर रहे छात्रों की मुख्य मांगों में से एक थी। हमने आउटसोर्स एजेंसी TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं और उसके द्वारा जारी नतीजों को भी रद्द करने का फ़ैसला किया है। सरकार ने भर्ती परीक्षा प्रक्रिया को बेहतर बनाने के उपाय सुझाने के लिए सीनियर IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक परीक्षा सुधार समिति भी बनाई है। इसे भी पढ़ें: Vande Mataram विवाद पर Kharge का पलटवार: जो गांधी-नेहरू ने गाया, वही हमने गाया, केस करना है तो उन पर करो JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच 25 जुलाई से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में विरोध प्रदर्शन कर रहा है और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कथित गड़बड़ियों की CBI जांच और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की भी मांग की है। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया है कि सत्ताधारी JMM-कांग्रेस गठबंधन उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई करने में नाकाम रहा है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
झारखंड में जेएसएससी-सीजीएल (JSSC CGL) परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों की बड़ी जीत हुई है। जानिए राहुल गांधी की चिट्ठी का असर, बीजेपी की नाकामी और परीक्षा रद्द होने से उठे 'कहीं खुशी, कहीं गम' के राजनीतिक और सामाजिक मायने।
मिलिट्री ग्रीन कलर... गोरखा अंदाज! Classic Gorkha 350 लॉन्च
Royal Enfield Classic 350 Gorkha: रॉयल एनफील्ड ने भारतीय सेना के गोरखा रेजिमेंट के सम्मान में इस बाइक को लॉन्च किया है. इस बाइक का लुक-डिजाइन काफी हद तक गोरखा से ही इंस्पायर्ड है. लॉन्च के साथ ही इसकी ऑफिशियल बुकिंग भी आज से शुरू कर दी गई है.
अंकित-इसरार को मंदिर में दफना कहां फरार पुजारी? 25 हजार का इनाम
बागपत के लहचौड़ा गांव में दो युवकों की हत्या कर उनके शव मंदिर परिसर में हवन कुंड के पास दफनाने के मामले में मुख्य आरोपी महंत नरेशनाथ फरार है. पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है. पुलिस की टीमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत पांच राज्यों में आरोपी की तलाश कर रही हैं.
धर्मकांटे पर वजन का खेल और रास्ते में फटा टायर... कानपुर का 'स्क्रैप घोटाला'
कानपुर बिजली विभाग में स्क्रैप निस्तारण में करोड़ों की धांधली का मामला सामने आया है. ई-ऑक्शन और लोडिंग में अनियमितता के आरोप में जेई मुन्ना यादव पर एफआईआर दर्ज हुई है. पुलिस ने 22,315 किलो स्क्रैप लदा ट्रक सीज कर जांच शुरू कर दी है। अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल जारी है.
मरांडी का हेमंत सरकार पर हमला, बोले- छात्रों के हाथ सिर्फ धोखा लगेगा
झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले की आलोचना की है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने नौकरियों में भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए इस नाटक को रचा है. मरांडी ने कहा कि छात्र सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार इसे टाल रही है.
Vastu Tips in Hindi: घर के मंदिर में एक या दो अगरबत्ती जलाना पर्याप्त माना जाता है. आचार्य मदन मोहन ने बताया कि पूजा में संख्या से ज्यादा श्रद्धा, स्वच्छता और मन की एकाग्रता जरूरी है.
रोलेक्स की सबसे सस्ती घड़ी कितने की आती है? कहानी उस कंपनी की, जो डेढ़ करोड़ तक की वॉच बनाती है
रोलेक्स की घड़ी सिर्फ समय नहीं बताती है, बल्कि यह इसे पहनने वाले का रुतबा और कामयाबी भी बताती है. जानते हैं कि रोलेक्स की घड़ियां इतनी महंगी क्यों होती है?
क्या सही में जलाकर लगाते हैं घोड़े की नाल? ऐसा करना क्यों है जरूरी
घोड़ों में नाल लगवाने से पहले क्या उनके खुर को गर्म लोहे से जलाया जाता है? घोड़े के पैर में नाल लगाने का प्रोसेस क्या है? चलिए इस पूरी प्रक्रिया पर एक नजर डालते हैं.
कैमरा घूमते ही खुला टीम इंडिया का राज? गंभीर के पीछे लिखीं बातें लीक
गॉल टेस्ट के चौथे दिन सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया कि LIVE ब्रॉडकास्ट के दौरान टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम का व्हाइटबोर्ड कैमरे में नजर आया. यूजर्स ने इसे भारतीय टीम की रणनीति से जोड़ दिया. हालांकि इस मामले में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है और अगले दो महीनों तक पूरे शहर में सख्ती से लागू रहेगा. संयुक्त पुलिस आयुक्त चैतन्य मंडलिक ने बताया कि बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियां शहर की शांति और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बनती जा रही हैं.
बारिश की शाम, तन्हाई का साथ और गुलाम अली की आवाज में यह गजल आज भी टूटे दिलों की कहानी बयां करती है. 26 साल बाद भी 'हम को किसके गम ने मारा' उन लोगों की पहली पसंद बनी हुई है, जो अधूरी मोहब्बत और बिछड़ने के दर्द को महसूस कर चुके हैं.
NHAI ने 121 टोल प्लाजा पर शुरू किया FASTage Local Pass, जानें किसे होगा फायदा
FASTag लोकल पास योग्य यात्रियों को लागू नियमों के अनुसार, महीने के दौरान संबंधित टोल प्लाज़ा से अनलिमिटेड यात्रा करने की सुविधा देता है.
Maulana Razvi की मुसलमानों से अपील: PM Modi, CM Yogi को बुरा-भला न कहें, BJP को हराना हमारा काम नहीं
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ़्ती शहाबुद्दीन रज़वी ने मुसलमानों से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बुरा-भला कहना बंद करें और इसके बजाय सकारात्मक सोच अपनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) को हराना सिर्फ़ मुसलमानों की ही ज़िम्मेदारी नहीं है। मीडिया को जारी एक बयान में रजवी ने कहा कि मुसलमानों को विरोध की राजनीति से हटकर अपने विकास और भविष्य पर ध्यान देना चाहिए। इसे भी पढ़ें: CM Yogi Adityanath ने Gorakhpur में PRD जवानों का भत्ता बढ़ाकर 600 रुपये किया रज़वी ने कहा कि कुछ मुसलमानों की यह आदत बन गई है कि वे जहाँ भी बैठते हैं, मोदी और योगी के बारे में नकारात्मक बातें करने लगते हैं। उन्होंने कहा कि आज मुसलमानों में यह आदत बन गई है कि वे जहाँ भी बैठते हैं, योगी और मोदी के बारे में नकारात्मक चर्चा शुरू कर देते हैं। मैं सभी मुसलमानों से कहना चाहता हूँ कि 2017 से अब तक हम बीजेपी का विरोध करने की राजनीति करते रहे हैं। लेकिन अब विरोध की राजनीति को खत्म करने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की ज़रूरत है। रज़वी ने आरोप लगाया कि पिछले एक दशक में, समाजवादी पार्टी और तथाकथित धर्मनिरपेक्ष पार्टियों के कहने पर मुसलमान बार-बार बीजेपी के खिलाफ एकजुट हुए, जबकि इसका राजनीतिक फायदा मुख्य रूप से समाजवादी पार्टी को मिला और मुस्लिम समुदाय हाशिए पर चला गया। उन्होंने कहा कि 10 साल की इस लंबी अवधि में, मुसलमान समाजवादी पार्टी और तथाकथित धर्मनिरपेक्ष पार्टियों के कहने और उकसावे पर बीजेपी के खिलाफ एकजुट होते रहे। इसका सीधा फायदा समाजवादी पार्टी को मिला, जबकि मुसलमान हाशिए पर धकेल दिए गए। सारा नुकसान मुसलमानों को ही उठाना पड़ रहा है। इसलिए, मुसलमानों को भी सोचने और अपना नज़रिया बदलने की ज़रूरत है। इसे भी पढ़ें: UP Police ने जारी किया 'खाकी का सितारा' का पूरा वीडियो, Amitabh Bachchan की आवाज से सजा मुस्लिम नेता ने आरोप लगाया कि तथाकथित सेक्युलर पार्टियों, खासकर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने आम मुसलमानों को उकसाया और गुमराह किया। रज़वी ने दावा किया कि इन तथाकथित सेक्युलर पार्टियों, खासकर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने मासूम और सीधे-सादे मुसलमानों को उकसाया और भड़काया। अगर कोई मुसलमान अपने बेटे या बेटी की शादी में बीजेपी के किसी मंत्री या विधायक को बुलाता है, तो एसपी कार्यकर्ता भारी विवाद खड़ा कर देते हैं और यहां तक कि बहिष्कार का ऐलान भी कर देते हैं।
सुबह खाली पेट भीगी किशमिश का पानी पीने के फायदे, इन 4 लोगों के लिए वरदान समान
Kishmish Pani Pine Ke Fayde: इन 4 लोगों के लिए औषधि से कम नहीं सुबह खाली पेट भीगी किशमिश का पानी, एक्सपर्ट से जानिए फायदे और पीने का सही तरीका.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को कहा कि 'खेल महाकुंभ' आयोजित करने का मकसद उत्तराखंड के युवाओं में खेल प्रतिभा को बढ़ावा देना, ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर मंच देना और उन्हें राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के मौके देना है। जारी बयान के अनुसार, युवा कल्याण और प्रांतीय रक्षक दल विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान खेल महाकुंभ-2026 - मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के तहत प्रतियोगिताओं के आयोजन का खाका तैयार कर लिया है। खेल महाकुंभ का आयोजन न्याय पंचायत, विधानसभा क्षेत्र, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से किया जाएगा। इसे भी पढ़ें: Rajnath Singh ने Commonwealth Games के पदक विजेता सैन्य खिलाड़ियों की सराहना की न्याय पंचायत स्तर पर स्थानीय जन प्रतिनिधियों की खेल प्रतियोगिताएं 1 से 10 सितंबर, 2026 तक आयोजित की जाएंगी। विधानसभा क्षेत्र स्तर पर विधायक चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रतियोगिताएं 11 से 20 सितंबर तक और उसके बाद संसदीय क्षेत्र स्तर पर सांसद चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रतियोगिताएं 21 से 30 सितंबर तक आयोजित होंगी। बयान के मुताबिक, राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रतियोगिताएं 10 सितंबर से 30 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित की जाएंगी। इसे भी पढ़ें: Rajnath Singh ने Commonwealth Games के पदक विजेता सैन्य खिलाड़ियों की सराहना की न्याय पंचायत स्तर पर, 14 साल से कम और 19 साल से कम उम्र के लड़के-लड़कियों के लिए कबड्डी, एथलेटिक्स, खो-खो और मुर्गा झपट्टा जैसे मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। विधानसभा स्तर पर, सीधे तौर पर वॉलीबॉल और पिट्टू के मुकाबले होंगे, साथ ही न्याय पंचायत स्तर से चुने गए खिलाड़ियों के बीच भी मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। संसदीय निर्वाचन क्षेत्र स्तर पर, मल्लखंब, रस्साकशी, कंचे, फुटबॉल और बैडमिंटन के मुकाबले सीधे तौर पर होंगे, और साथ ही विधानसभा स्तर से चुने गए खिलाड़ियों के बीच अन्य मुकाबले भी आयोजित किए जाएंगे। राज्य स्तर पर, जूडो, बॉक्सिंग, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो, कराटे, बास्केटबॉल, हॉकी, हैंडबॉल, योगासन, तैराकी, तीरंदाजी, तलवारबाजी, कुश्ती, पेनकैक सिलाट, पावरलिफ्टिंग, वेटलिफ्टिंग, बेसबॉल और लॉन टेनिस के मुकाबले सीधे तौर पर आयोजित किए जाएंगे, साथ ही विधानसभा स्तर से चुने गए खिलाड़ियों के बीच कई मुकाबले भी होंगे।
पेपर लीक और गोलीकांड पर तेजस्वी का हल्ला बोल, कल लोकभवन तक करेंगे मार्च
तेजस्वी यादव ने पेपर लीक और छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों के समर्थन में लड़ाई जारी रहेगी और 19 अगस्त को लोकभवन मार्च किया जाएगा. प्रदर्शन करने वाले छात्रों को उन्होंने समर्थन किया.
Delhi LG ने बदली शासन की रूपरेखा, Apex और District Development Committees का हुआ पुनर्गठन
दिल्ली के उपराज्यपाल ने दिल्ली के नेशनल कैपिटल टेरिटरी में 'एपेक्स कमिटी' और 'डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कमिटी' (DDC) के बड़े पैमाने पर बदलाव और उन्हें फिर से बनाने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है। इसके साथ ही, 15 नवंबर 1999 को बने मूल ढांचे में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। एक प्रेस रिलीज़ के अनुसार, इस बदलाव से दो-स्तरीय गवर्नेंस सिस्टम को अपडेट किया गया है ताकि दिल्ली को 13 रेवेन्यू ज़िलों में बांटने के बाद की स्थिति को इसमें शामिल किया जा सके - यानी डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कमिटी की संख्या नौ से बढ़ाकर तेरह कर दी गई है। साथ ही, अलग-अलग विभागों के पदों के नाम भी अपडेट किए गए हैं ताकि एजेंसियों के बीच तालमेल और ज़मीनी स्तर पर निगरानी को बेहतर बनाया जा सके। इसे भी पढ़ें: Red Fort Blast Case के आरोपी Jasir Bilal Wani की याचिका खारिज, Delhi High Court ने डिफ़ॉल्ट ज़मानत से किया इनकार नए ढांचे के तहत, प्रमुख सचिव (पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट - PWD) को औपचारिक रूप से 'एपेक्स कमिटी' का स्थायी सदस्य बनाया गया है। चूंकि PWD दिल्ली में बड़ी सड़कों, फ्लाईओवर और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के कामों के लिए मुख्य एजेंसी के तौर पर काम करता है, इसलिए इसे शामिल करने से लंबे समय से चली आ रही एक संरचनात्मक कमी दूर हो गई है। इससे यह पक्का होगा कि प्रोजेक्ट को लागू करने, विभागों के बीच तालमेल और ज़मीनी स्तर की प्लानिंग को उच्च-स्तरीय पॉलिसी समीक्षाओं में आसानी से शामिल किया जा सके। इसे भी पढ़ें: दिल्ली हाई कोर्ट में Habeas Corpus याचिका, AAP MLA Kuldeep Kumar की हिरासत पर Delhi Police से मांगा जवाब मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली इस नई बनी शीर्ष समिति (Apex Committee) में सभी कैबिनेट मंत्री, सभी 13 ज़िला विकास समितियों के अध्यक्ष, मुख्य सचिव, स्थायी समिति (MCD) के अध्यक्ष और अहम विभागों के प्रशासनिक प्रमुख शामिल हैं। इन विभागों में वित्त, शहरी विकास, योजना, सामान्य प्रशासन, MCD, NDMC और दिल्ली जल बोर्ड शामिल हैं। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के उपाध्यक्ष को भी नियमित सदस्य बनाया गया है, जबकि सचिव (राजस्व)-सह-मंडलायुक्त (Divisional Commissioner) सदस्य-सचिव के तौर पर काम करेंगे। विज्ञप्ति में कहा गया है कि पुराने हो चुके पदों, जैसे कि पहले के दिल्ली विद्युत बोर्ड और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, को औपचारिक रूप से हटा दिया गया है। DDC का ढांचा फ़ैसले लेने की प्रक्रिया को विकेंद्रीकृत करने, स्थानीय अधिकारियों को अधिकार देने और अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल की कमी को दूर करने के लिए एक अहम मंच का काम करता है। चुने हुए प्रतिनिधियों, नागरिक एजेंसियों और विभाग प्रमुखों को सक्रिय रूप से एक साथ लाकर, इस नए ढांचे का मकसद दिल्ली के हर ज़िले में नागरिक प्रोजेक्ट्स को तय समय में पूरा करना, शिकायतों का तेज़ी से समाधान करना और बेहतर जन-सेवाएँ पहुँचाना है।
NDTV में भारत की आवाज दुनिया तक पहुंचाने की क्षमता: राहुल कंवल
NDTV के एडिटर-इन-चीफ और CEO राहुल कंवल ने कहा कि उनकी कोशिश NDTV को सिर्फ एक टीवी चैनल नहीं, बल्कि टीवी, डिजिटल, सोशल मीडिया और कई कम्युनिटीज को जोड़ने वाले ‘NDTV Multiverse’ के रूप में विकसित करने की है.
Exclusive: सेना ने साल भर में चलाए 34 ऑपरेशन, दर्जनों आतंकी ढेर
ऑपरेशन महादेव से लेकर शाहजाद भट्टी नेटवर्क तक, एक साल में सेना ने जम्मू-कश्मीर में 34 बड़े ऑपरेशन चलाए. चिनार और व्हाइट नाइट कोर ने घुसपैठ रोकी, ठिकाने तोड़े और आतंकियों को खत्म किया.
लंदन में आंबेडकर का घर खरीदवा कर चर्चा में आए थे विनोद तावड़े, जानें उस घर का क्या है इतिहास
डॉक्टर बीआर आंबेडकर लंदन के 10, किंग हेनरी रोड, एनडब्ल्यू3 स्थित घर में दो बार रहे थे. उस घर को खरीदने में महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री के रूप में विनोद तावड़े ने विशेष योगदान दिया था. उस घर को महाराष्ट्र सरकार ने आंबेडकर संग्रहालय के रूप में विकसित किया था.
पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, आरोपियों पर PMLA और भ्रष्टाचार कानून लगाने को लेकर नोटिस जारी
पेपर लीक मामलों में आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग, भ्रष्टाचार निवारण और बेनामी संपत्ति कानून लागू करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है.
PM E-DRIVE Scheme : इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स पर बढ़ी सब्सिडी की अवधि, जानें किसे मिलेगा कितना फायदा
केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने वाली PM E-DRIVE Scheme की अवधि दो साल के लिए बढ़ा दी है। सरकार ने योजना को अब 31 मार्च 2028 तक जारी रखने का फैसला किया है। साथ ही योजना का कुल बजट भी 1,000 करोड़ रुपये बढ़ाकर 11,900 करोड़ रुपये कर ...
ऋतब्रत बनर्जी रहेंगे नेता विपक्ष, कलकत्ता हाईकोर्ट से ममता गुट को झटका
यह पूरा विवाद विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) रथीन बोस के उस फैसले से जुड़ा है, जिसके तहत उन्होंने ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता नियुक्त किया था।
BPSC ने जारी किया शिक्षक भर्ती का नोटिफिकेशन, इतने पदों पर निकली वैकेंसी
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने टीचर बहाली के लिए मंगलवार को अधिसूचना जारी कर दी. 32 हजार से ज्यादा खाली पदों के लिए अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे. परीक्षा में देरी से नाराज छात्र मंगलवार को पटना के गर्दनीबाग में धरना देने वाले थे. इससे पहले ही सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया. देखें वीडियो.
एक अभ्यर्थी ने कहा, सरकार के फैसले के बाद, मैं अकेला रह गया हूं. हम एक निष्पक्ष प्रक्रिया के जरिए शामिल हुए थे, तो ऐसा कदम क्यों उठाया जा रहा है? हमारा कहना है कि जांच की जाए. अगर जांच में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो उन खास लोगों को हटा दिया जाए.
'कई निकम्मे हैं, उन्हें मौज लेने दो...', मुंबई छोड़ दिल्ली आने पर बोले CM फडणवीस
जब महाराष्ट्र सीएम से पूछा गया कि उन्हें दिल्ली कौन भेजना चाहता है तो फडणवीस ने हंसते हुए कहा कि कई लोगों को ऐसा लगता है कि उन्हें दिल्ली जाना चाहिए, लेकिन उन सबको वे बताना चाहते हैं कि वे मुंबई में ही रहेंगे.
'होर्मुज अब अमेरिका का नया इलाका...', ट्रंप ने मैप दिखाकर किया दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को Truth Social पर Strait of Hormuz का एक नक्शा पोस्ट किया, जिसमें इसे 'NEW U.S. Territory' बताया गया है.
अगर आपका बच्चा 5 या 15 साल का हो गया है तो Aadhaar में उसका Biometric Update कराना जरूरी है। खास बात यह है अभी 30 सितंबर 2026 तक यह अपडेट FREE में कराया जा सकता है।
BSF DG Praveen Kumar का बड़ा बयान, Drone Threats से निपटने के लिए जवानों की Skill Upgradation जरूरी
किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए, बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) अपने जवानों, खासकर बॉर्डर पर तैनात जवानों की ड्रोन चलाने की क्षमता को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही है, क्योंकि ड्रोन देश के लिए एक संभावित खतरा बनते जा रहे हैं। इस स्किल-अपग्रेडेशन पहल से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि कई जवानों (पुरुष और महिला दोनों) को पहले ही खास ड्रोन ट्रेनिंग दी जा चुकी है, ताकि उन्हें भविष्य के स्मार्ट बॉर्डर सिक्योरिटी सिस्टम का अहम हिस्सा बनाया जा सके। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम का मकसद कर्मचारियों में तकनीकी क्षमता, डेटा-आधारित फ़ैसला लेने की काबिलियत और ज़्यादा आत्मनिर्भरता पैदा करना है, ताकि वे तेज़ी, सटीकता और आत्मविश्वास के साथ अपनी ड्यूटी निभा सकें। इसे भी पढ़ें: काबुल के Hazara इलाके में School के पास Grenade Attack, 50 बच्चे घायल, दहला Afghanistan BSF, 4,096 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा और 3,323 किलोमीटर लंबी भारत-पाकिस्तान सीमा की सुरक्षा करती है। यह सीमा गुजरात, राजस्थान, पंजाब, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से होकर गुज़रती है। फ़ोर्स द्वारा तैयार किए जा रहे ड्रोन स्क्वाड्रन से निगरानी और सीमा सुरक्षा के मज़बूत होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा इस ट्रेनिंग से BSF के जवान ड्रोन टेक्नोलॉजी के ज़रिए सीमावर्ती इलाकों की ज़्यादा सटीक, तेज़ और व्यापक निगरानी कर सकेंगे। वे रियल-टाइम इंटेलिजेंस इकट्ठा करने, डेटा का विश्लेषण करने और रणनीतिक फ़ैसले लेने में माहिर हो सकेंगे, जिससे कुल मिलाकर सुरक्षा व्यवस्था मज़बूत होगी। यह पहल BSF कर्मियों को आधुनिक तकनीकी क्षमताओं, आत्मविश्वास और नेतृत्व कौशल से लैस करने और सीमा प्रबंधन में एक नया बेंचमार्क स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम है। इसे भी पढ़ें: 80वें Independence Day पर Attari-Wagah में भव्य Beating Retreat, देशभक्ति का प्रदर्शन, दिखा BSF का शौर्य पंजाब फ्रंटियर के अमृतसर सेक्टर के हालिया दौरे के दौरान, BSF के डायरेक्टर जनरल प्रवीण कुमार ने फोर्स के जवानों को आधुनिक तकनीकी कौशल, खासकर ड्रोन ऑपरेशन में माहिर बनाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। 'प्रहरी सम्मेलन' में जवानों से बातचीत के दौरान, कुमार ने उनके समर्पण और कड़ी मेहनत की तारीफ़ की और उनसे कहा कि वे बदलती सीमा सुरक्षा चुनौतियों, खासकर देश-विरोधी तत्वों द्वारा ड्रोन के इस्तेमाल का सामना करने के लिए लगातार अपने कौशल को बेहतर बनाते रहें। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में BSF एकेडमी ने पिछले साल सितंबर में भारत का पहला ड्रोन वॉरफेयर स्कूल शुरू किया था। यह संस्थान ड्रोन और एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी में ऑपरेशनल और टैक्टिकल ट्रेनिंग देता है और उभरते हुए क्षेत्रों में रिसर्च पर भी ध्यान देता है।
शाम के नाश्ते में सहजन से बनाएं ये क्रिस्पी नाश्ता, रेसिपी है आसान
Moringa Fry Recipe: अगर आप रोज-रोज एक जैसी सब्जियां खाकर बोर हो गए हैं और कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं तो सहजन (ड्रमस्टिक) की क्रिस्पी स्नैक ट्राई कर सकते हैं. आज हम आपको इसे बनाने की आसान रेसिपी बताएंगे.
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने श्रीलंका के खिलाफ खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के दौरान एक ऐसा ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया है, जो आज तक कोई भी भारतीय या एशियाई बल्लेबाज नहीं कर पाया था। गॉल के मैदान पर खेली गई उनकी शानदार अर्धशतकीय पारी न सिर्फ टीम इंडिया के लिए बेहद अहम साबित हुई, बल्कि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपने 100 छक्के भी पूरे कर लिए। इसके साथ ही वे दुनिया के चुनिंदा दिग्गजों की उस खास सूची में शामिल हो गए हैं, जिसने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है।गॉल टेस्ट में पंत का आक्रामक अर्धशतक और अनोखा संयोगश्रीलंका के खिलाफ मुकाबले के चौथे दिन ऋषभ पंत ने बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 69 गेंदों में 66 रनों की शानदार पारी खेली। इस पारी के दौरान उनके बल्ले से 8 चौके और 2 गगनचुंबी छक्के निकले। इसी मैच के दौरान उन्होंने अपने टेस्ट करियर का 20वां अर्धशतक पूरा करने के साथ-साथ अपने छक्कों का शतक भी पूरा किया।खास बात यह है कि इस उपलब्धि के साथ एक दिलचस्प संयोग भी जुड़ा है। ऋषभ पंत ने ठीक 8 साल पहले यानी 18 अगस्त 2018 को ही इंग्लैंड के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया था और संयोग देखिए कि ठीक 18 अगस्त को ही उन्होंने अपने 100 टेस्ट छक्के भी पूरे किए। टेस्ट इतिहास में 100 या उससे अधिक छक्के जड़ने वाले वे दुनिया के चौथे खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले यह कारनामा सिर्फ इंग्लैंड के बेन स्टोक्स (138 छक्के), न्यूजीलैंड के ब्रेंडन मैकुलम (107) और ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट (100) ही कर पाए थे।सचिन तेंदुलकर और रोहित शर्मा के खास क्लब में एंट्रीइस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ ही ऋषभ पंत ने भारत के दो सबसे बड़े लेजेंड्स—सचिन तेंदुलकर और रोहित शर्मा के साथ एक बेहद अनोखे '100 सिक्स' क्लब में एंट्री मार ली है:ऋषभ पंत: टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के पूरे करने वाले पहले भारतीय और एशियाई बल्लेबाज।सचिन तेंदुलकर: एक समय पर वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में छक्कों का सैकड़ा पूरा करने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज।रोहित शर्मा: भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे पहले 100 छक्के लगाने वाले खिलाड़ी (जो वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक 662 छक्कों के साथ वर्ल्ड रिकॉर्डधारी भी हैं)।लाहिरु कुमारा का शिकार बने पंत, भारत ने रखा बड़ा लक्ष्यअपनी इस तूफानी पारी के दौरान पंत ने श्रीलंका के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा, हालांकि अंततः वह लाहिरु कुमारा की गेंद का शिकार बने। देवदत्त पडिक्कल (44 रन) और ऋषभ पंत की उपयोगी पारियों की बदौलत भारत ने अपनी दूसरी पारी में 193 रन बनाए। पहली पारी के आधार पर मिली 178 रनों की बढ़त को जोड़ते हुए भारत ने श्रीलंका के सामने जीत के लिए 372 रनों का बेहद कठिन लक्ष्य रखा है। गॉल स्टेडियम के इतिहास में चौथी पारी में इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करना किसी भी टीम के लिए पहाड़ चढ़ने जैसा रहा है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली फोर्ट ब्लास्ट केस के आरोपी जासिर बिलाल वानी को डिफ़ॉल्ट ज़मानत देने से इनकार कर दिया। उसने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की जांच का समय बढ़ाए जाने के आधार पर डिफ़ॉल्ट ज़मानत मांगी थी। कोर्ट ने NIA की जांच की अवधि बढ़ा दी थी। ट्रायल कोर्ट ने उसकी डिफ़ॉल्ट ज़मानत की अर्ज़ी खारिज कर दी थी। NIA ने 14 मई को चार्जशीट दाखिल की थी। जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और विकास महाजन की डिवीज़न बेंच ने जासिर बिलाल वानी उर्फ़ दानिश की अर्ज़ी खारिज कर दी। उसने स्पेशल NIA कोर्ट द्वारा जांच की अवधि को 90 दिन से ज़्यादा बढ़ाने के फ़ैसले को चुनौती दी थी। उसने NIA कोर्ट द्वारा उसकी डिफ़ॉल्ट ज़मानत खारिज करने के आदेश को भी चुनौती दी थी। इसे भी पढ़ें: Vande Mataram के अपमान का आरोप, Sonia Gandhi के खिलाफ Ghaziabad Court में केस दर्ज, क्या बढ़ेंगी कांग्रेस की मुश्किलें? NIA की तरफ से स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (SPP) माधव खुराना पेश हुए और उन्होंने नोटिस स्वीकार किया। जासिर बिलाल वानी के वकील ने कहा कि जांच की अवधि को 90 दिन से आगे बढ़ाने का आदेश गैर-कानूनी है। उन्होंने यह भी कहा कि इसलिए, डिफ़ॉल्ट ज़मानत से इनकार करने का आदेश भी गैर-कानूनी है। वकील ने तर्क दिया कि NIA ने जांच की अवधि बढ़ाने के लिए 13 फरवरी को आवेदन दिया था। 90 दिन की अवधि 15 फरवरी को खत्म हो रही थी। इसे भी पढ़ें: दिल्ली हाई कोर्ट में Habeas Corpus याचिका, AAP MLA Kuldeep Kumar की हिरासत पर Delhi Police से मांगा जवाब 90 दिन पूरे होने पर UAPA की धारा 43 (D) लागू होती है। अगर 90 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं की जाती है, तो आरोपी डिफ़ॉल्ट ज़मानत का हकदार होता है। दूसरी ओर, NIA ने कहा कि NIA कोर्ट द्वारा पारित दोनों आदेशों में कोई कानूनी खामी नहीं है। जासिर बिलाल वानी पर 11 नवंबर, 2025 के दिल्ली लाल किला विस्फोट मामले में अन्य आरोपियों के साथ चार्जशीट दाखिल की गई है।
भारतीय क्रिकेट टीम में समय के साथ बदलाव का दौर शुरू हो चुका है, जहां सीनियर खिलाड़ियों के संन्यास लेने के बाद युवा टैलेंट अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। इस बीच, भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज और जाने-माने कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने एक ऐसे युवा खिलाड़ी की तारीफ में कसीदे पढ़े हैं, जिसे भारतीय टेस्ट टीम में अनुभवी स्पिन ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा का परफेक्ट उत्तराधिकारी माना जा रहा है। यह 24 वर्षीय युवा खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि अपनी फिरकी और बल्लेबाजी से धूम मचाने वाले मानव सुथार हैं।गॉल टेस्ट में दिखाया दम और बल्ले से भी किया कमालमानव सुथार ने हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले जा रहे टेस्ट मैच के दौरान अपनी शानदार गेंदबाजी और बल्लेबाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। मैच की पहली पारी में घातक गेंदबाजी करते हुए सुथार ने 4 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। इसके बाद आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने उपयोगी 24 रनों का योगदान भी दिया। इसी साल जून में इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले मानव ने अपने पहले ही टेस्ट मैच (अफगानिस्तान के खिलाफ) में 7 विकेट झटककर 'प्लेयर ऑफ द मैच' का खिताब अपने नाम किया था।आकाश चोपड़ा ने क्यों कहा 'अपग्रेडेड वर्जन'?अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए आकाश चोपड़ा ने मानव सुथार की जमकर सराहना की। जब उनसे पूछा गया कि क्या सुथार ने एशियाई पिचों पर अपनी जगह पक्की कर ली है, तो उन्होंने सकारात्मक जवाब देते हुए कहा, बंदा बहुत तगड़ा है। उसके हाथ से जो गेंद निकलती है, वह ड्रिफ्ट भी करती है, बाउंस भी देती है और टर्न भी कराती है। वह बल्लेबाज को डिफेंस करते हुए धूल चटा सकता है।आकाश ने आगे कहा कि 37 वर्षीय रवींद्र जडेजा अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 350 से अधिक विकेट और 4000 से ज्यादा रन बनाए हैं। भविष्य में जब जडेजा संन्यास लेंगे, तो टीम को उनके जैसे ही मैच विनर की जरूरत होगी। आकाश का मानना है कि अगर सिर्फ गेंदबाजी के नजरिए से देखा जाए, तो मानव सुथार रवींद्र जडेजा का 'अपग्रेडेड वर्जन' साबित हो सकते हैं, क्योंकि वह विदेशी परिस्थितियों (Overseas Conditions) में भी टीम के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं।क्रिकेट के नक्शे से दूर श्रीगंगानगर से तय किया सफरमानव सुथार की यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है। राजस्थान के श्रीगंगानगर जैसे शहर से ताल्लुक रखने वाले सुथार ने घरेलू क्रिकेट में लंबी मेहनत की है। श्रीगंगानगर कोई पारंपरिक क्रिकेट हॉटस्पॉट नहीं माना जाता, लेकिन वहां से निकलकर सुथार ने रेड-बॉल क्रिकेट यानी लॉन्ग फॉर्मेट पर अपना पूरा फोकस रखा। दलीप ट्रॉफी से लेकर 'इंडिया ए' के लिए लगातार विकेट चटकाने तक, उनका सफर अनुशासन और कड़ी मेहनत की मिसाल है।बीसीसीआई 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' में की थी खास तैयारीश्रीलंका दौरे पर मिली सफलता के पीछे उनकी कड़ी ट्रेनिंग का भी बड़ा हाथ है। टेस्ट सीरीज से ठीक पहले मानव सुथार ने बीसीसीआई के 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' (COE) में 10 दिनों तक कूकाबुरा गेंद के साथ विशेष अभ्यास किया था। खुले मैदान में तेज हवाओं के बीच किए गए इस अभ्यास ने उन्हें गॉल की मुश्किल पिचों और परिस्थितियों से तालमेल बिठाने में मदद की, जिसका परिणाम आज मैदान पर साफ नजर आ रहा है।
मेमोरी से लेकर एकाग्रता तक बढ़ाता है मेडिटेशन, आयुष मंत्रालय ने बताए बड़े फायदे
आयुष मंत्रालय के अनुसार रोज कुछ मिनट मेडिटेशन करने से तनाव कम हो सकता है, मन शांत रहता है और एकाग्रता व याददाश्त बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है. जानिए इसके प्रमुख फायदे.
तमिलनाडु की राजनीतिक गलियारों में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब राज्य के वित्त मंत्री डॉ. एन. मैरी विल्सन ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उस बयान पर तीखा पलटवार किया, जिसमें सत्ताधारी टीवीके (TVK) को 'नई डीएमके' करार दिया गया था। एक इंटरव्यू के दौरान वित्त मंत्री ने दोनों दलों की कार्यशैली और पारिवारिक राजनीति के बीच एक स्पष्ट लकीर खींचते हुए साफ कर दिया कि टीवीके और डीएमके की राजनीतिक संरचना में जमीन-आसमान का फर्क है।'हम परिवारवाद का समर्थन नहीं करते'बीजेपी के तंज का जवाब देते हुए वित्त मंत्री विल्सन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भले ही कुछ मुद्दों पर राजनीतिक दृष्टिकोण समान हो सकते हैं, लेकिन टीवीके कभी भी डीएमके के पारिवारिक शासन मॉडल का अनुसरण नहीं करती। उन्होंने डीएमके पर निशाना साधते हुए कहा, उनका परिवार पिछले 40 सालों से सत्ता में है। उनके दादा मुख्यमंत्री रहे, बेटा उपमुख्यमंत्री बना, बहन सांसद रहीं और अन्य रिश्तेदार भी राजनीति के शीर्ष पदों पर काबिज रहे। लेकिन टीवीके में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी पूरी तरह से पारदर्शी और जनता के लिए समर्पित है।भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख और टेंडर रद्द करने का दावाचेन्नई कॉरपोरेशन में कथित ओवरएस्टिमेशन और लॉबिंग के मामलों का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 23,000 करोड़ रुपये के टेंडर रद्द किए गए हैं क्योंकि पिछली प्रणालियों में भ्रष्टाचार की स्थिति 'बहुत बुरी' थी। विल्सन ने बताया कि पहले 'रिवर्स एडमिनिस्ट्रेटिव सैंक्शन' (Reverse Administrative Sanction) का अत्यधिक दुरुपयोग किया जाता था, जहां 100 करोड़ की परियोजना को बाद में अतिरिक्त मंजूरी के जरिए 150 करोड़ तक पहुंचा दिया जाता था। सरकार अब इस पूरी व्यवस्था को बदलकर 'एक डीपीआर के बाद एक टेंडर' की पारदर्शी नीति लागू कर रही है।आर्थिक विकास और 100 दिनों के भीतर निवेशराज्य की आर्थिक प्रगति पर बात करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि तमिलनाडु सरकार 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रही है। सरकार के शुरुआती 100 दिनों के कार्यकाल में ही राज्य को करीब एक लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश प्राप्त हुआ है। शिक्षा के क्षेत्र से राजनीति में कदम रखने वाली विल्सन ने वित्तीय अनुशासन और स्थानीय ऑडिट पर जोर देते हुए कहा कि राज्य के संसाधनों का सही उपयोग और पारदर्शिता उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।तमिल थाई वजथु पर स्पष्ट रुखसांस्कृतिक और क्षेत्रीय अस्मिता के मुद्दे पर बोलते हुए वित्त मंत्री ने 'तमिल थाई वजथु' (राज्य गान) को अनिवार्य बताया। उन्होंने दो टूक कहा कि सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत में सबसे पहले तमिल प्रार्थना ही गाई जानी चाहिए। इस पर विधानसभा में भी प्रस्ताव पारित किया गया है और यह नियम सभी राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों पर समान रूप से लागू होना चाहिए।
दिल्ली हाई कोर्ट की डिवीज़न बेंच ने मंगलवार को एक अंतरिम आदेश में बदलाव किया, जिसने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) की पोस्ट-ग्रेजुएट एडमिशन प्रक्रिया को रोक दिया था। इस बदलाव के साथ यूनिवर्सिटी को अपनी डेप्रिवेशन पॉइंट्स पॉलिसी के तहत एडमिशन जारी रखने की इजाज़त मिल गई है। चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने निर्देश दिया कि इस पॉलिसी के तहत JNU द्वारा किए गए एडमिशन, सिंगल जज के पास लंबित रिट याचिका के अंतिम फैसले के अधीन होंगे। डिवीज़न बेंच ने सिंगल जज से कार्यवाही में तेज़ी लाने और जल्द से जल्द याचिका पर फैसला करने का भी अनुरोध किया। कोर्ट ने कहा कि JNU अपने 2026-27 के ई-प्रोस्पेक्टस के अनुसार एडमिशन की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकता है, जिसमें डेप्रिवेशन पॉइंट्स से जुड़ा प्रावधान भी शामिल है, जिसे चुनौती दी गई है। इसे भी पढ़ें: Vande Mataram के अपमान का आरोप, Sonia Gandhi के खिलाफ Ghaziabad Court में केस दर्ज, क्या बढ़ेंगी कांग्रेस की मुश्किलें? बेंच ने गौर किया कि डेप्रिवेशन पॉइंट्स देने की प्रथा 1974 से चली आ रही है और पिछले हफ़्ते जारी किए गए अंतरिम आदेश ने पूरी एडमिशन प्रक्रिया को रोक दिया था। कोर्ट ने एडमिशन की समय-सीमा पर भी ध्यान दिया और देखा कि JNU ने 3 अप्रैल, 2026 को अपना ई-प्रोस्पेक्टस जारी किया था, एडमिशन की प्रक्रिया मई में शुरू हुई और काउंसलिंग का पहला राउंड 25 जून को खत्म हुआ। पोस्टग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन लेने वाले छात्रों की क्लास 30 जुलाई को ही शुरू हो गई थीं। इसे भी पढ़ें: Unnati Hooda का BWF World Championship में धमाकेदार Debut, पहले ही मैच में शानदार जीत यह विवाद JNU के ई-प्रोस्पेक्टस के सेक्शन V से जुड़ा है, जिसके तहत उम्मीदवार 12 तक 'डेप्रिवेशन पॉइंट' (वंचित वर्ग के लिए अतिरिक्त अंक) पा सकते हैं। हर पॉइंट तीन अंकों के बराबर होता है और यह उम्मीदवार की पिछली स्कूली शिक्षा की भौगोलिक स्थिति जैसे कारकों के आधार पर दिया जाता है। सिंगल जज, जस्टिस जसमीत सिंह ने 14 अगस्त को JNU को निर्देश दिया था कि अगली सुनवाई तक डेप्रिवेशन पॉइंट के आधार पर एडमिशन को अंतिम रूप न दिया जाए। कोर्ट ने शुरुआती तौर पर पाया था कि यह तरीका CUET परीक्षा में उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त अंकों को बदल सकता है और एक प्रतियोगी प्रवेश परीक्षा की पवित्रता को प्रभावित कर सकता है। डिविजन बेंच के सामने JNU ने कहा कि डेप्रिवेशन-पॉइंट सिस्टम का पालन 1974 से किया जा रहा है, जिसमें समय-समय पर बदलाव किए गए हैं, और इसे यूनिवर्सिटी की एकेडमिक काउंसिल ने मंजूरी दी थी। इसे भी पढ़ें: AIIMS मेडिकल बोर्ड ने Twisha Sharma की मौत को आत्महत्या बताया, CBI ने दाखिल किया आरोपपत्र JNU ने यह भी तर्क दिया कि कई एडमिशन पहले ही पूरे हो चुके थे और क्लास शुरू हो गई थीं, जबकि सिंगल जज के आदेश ने एडमिशन प्रक्रिया को असल में रोक दिया था। याचिकाकर्ता, जो पोस्टग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन का इच्छुक छात्र है, ने इस बदलाव का विरोध किया और कहा कि डेप्रिवेशन-पॉइंट सिस्टम उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त CUET स्कोर को कमज़ोर करता है। डिविजन बेंच ने याचिकाकर्ता के अधिकार (locus) और चुनौती देने के समय पर भी सवाल उठाए, और देखा कि याचिका 1 जुलाई को दायर की गई थी, जबकि सिंगल जज ने इसे पहली बार 14 अगस्त को सुना था। बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ता को चुनौती दिए गए प्रावधान के खिलाफ शुरुआती मामला (prima facie case) साबित करना होगा और संकेत दिया कि उठाए गए मुद्दों की जांच सिंगल जज द्वारा की जाएगी।
पूर्व मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने देश में वैवाहिक जीवन के भीतर 'मानसिक क्रूरता' (Mental Cruelty) और घरेलू प्रताड़ना के मुद्दों को फिर से केंद्र में ला दिया है। भोपाल स्थित ससुराल में 12 मई 2026 को मृत पाई गईं ट्विशा के मामले में सीबीआई द्वारा दाखिल चार्जशीट ने कानूनी गलियारों और आम जनता के बीच एक गंभीर बहस छेड़ दी है। इस मामले ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर बंद दरवाजों के पीछे होने वाला मानसिक उत्पीड़न किस तरह कानून के दायरे में आता है और इसे साबित करने के क्या पैमाने हैं।क्या कहती है सीबीआई चार्जशीट और कानूनी धाराएं?मामले में सीबीआई ने मृतका के पति समर्थ सिंह और उनकी सास के खिलाफ मानसिक क्रूरता, दहेज संबंधी अपराध और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसी गंभीर धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85 के तहत पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा महिला के साथ क्रूरता बरतना एक दंडनीय अपराध है, जबकि धारा 86 इस क्रूरता की स्पष्ट परिभाषा तय करती है। हालांकि, कानूनी जानकारों का यह भी मानना है कि चार्जशीट में लगाए गए आरोप अभी शुरुआती जांच का हिस्सा हैं और इनके साबित होने या न होने का अंतिम फैसला निष्पक्ष ट्रायल और साक्ष्यों की जांच के बाद अदालत करेगी।वैवाहिक जीवन में 'मानसिक क्रूरता' की क्या है परिभाषा?वैवाहिक संबंधों में क्रूरता का यह प्रावधान पहले आईपीसी की धारा 498ए के तहत आता था, जिसे अब बीएनएस की धाराओं में समाहित किया गया है। कानून और अदालतों के मुताबिक, ऐसा कोई भी जानबूझकर किया गया व्यवहार, जिससे महिला को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़े या उसके शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचे, वह क्रूरता के दायरे में आता है।दहेज की मांग: संपत्ति या किसी मूल्यवान वस्तु की अवैध मांग को पूरा करने के लिए किया जाने वाला उत्पीड़न।लगातार अपमान: जीवनसाथी को नीचा दिखाना, धमकियां देना, चरित्र पर झूठे आरोप लगाना और ऐसा मानसिक दबाव बनाना जिसे सहन करना असंभव हो जाए।अदालतों ने अपने कई फैसलों में यह स्पष्ट किया है कि मानसिक क्रूरता का आकलन हर मामले की अलग परिस्थितियों, जोड़े की पृष्ठभूमि, शिक्षा और संवेदनशीलता के आधार पर किया जाता है।क्या हर मामूली झगड़ा या नोकझोंक क्रूरता है?कानूनी विशेषज्ञों और विभिन्न अदालती फैसलों के अनुसार, पति-पत्नी के बीच होने वाली हर छोटी-मोटी नोकझोंक या सामान्य वैवाहिक विवाद को मानसिक क्रूरता की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। कोर्ट किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले घटनाओं की गंभीरता, उनकी निरंतरता और सबूतों को बारीकी से परखता है। इसके अलावा, आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment to Suicide) के मामले में केवल प्रताड़ना का आरोप होना ही काफी नहीं होता, बल्कि अभियोजन पक्ष को यह भी साबित करना होता है कि आरोपी के कृत्यों और दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बीच सीधा और ठोस कानूनी संबंध मौजूद था।बंद दरवाजों के पीछे होने वाले जुर्म के सबूत कैसे मिलते हैं?चूंकि मानसिक क्रूरता और घरेलू उत्पीड़न ज्यादातर मामलों में घर की चारदीवारी के भीतर होते हैं, इसलिए इनके प्रत्यक्ष (Direct) गवाह मिलना बेहद मुश्किल होता है। ऐसे मामलों में डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्य (Circumstantial Evidence) सबसे बड़ा आधार बनते हैं:डिजिटल सबूत: व्हाट्सऐप चैट, ईमेल, सोशल मीडिया पर बातचीत, ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग, जो लगातार हो रहे अपमान या धमकियों को साबित करें।मेडिकल और पेशेवर रिकॉर्ड: काउंसलिंग के दस्तावेज, डॉक्टर के पर्चे और मेडिकल रिपोर्ट जो गंभीर मानसिक तनाव या डिप्रेशन को दर्शाते हों।गवाही और अन्य रिकॉर्ड: परिवार के सदस्यों, करीबी दोस्तों, पड़ोसियों और सहकर्मियों के बयान, साथ ही सीसीटीवी फुटेज, डायरी के पन्ने और बैंक या यूपीआई ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड जो परिस्थितियों की सच्चाई सामने लाने में मदद करते हैं।ट्विशा शर्मा मामले ने एक बार फिर समाज और न्याय प्रणाली के सामने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मानसिक स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन की जटिलताओं को सुलझाने के लिए कानूनी और सामाजिक स्तर पर कितनी सावधानी और संवेदनशीलता की आवश्यकता है।
राजस्थान में दौड़ेंगी 71 नई ई-बसें, जयपुर-जोधपुर-उदयपुर समेत 7 शहरों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत
सीएम भजनलाल शर्मा ने ई-बस को हरी झंडी दिखाई. जयपुर और भीलवाड़ा के लिए 24, जबकि अलवर, अजमेर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर से 47 ई-बसों की शुरुआत हुई है.
अभिजीत दीपके ने लिखा है कि जब सरकारें विफल होती हैं तो लोग मदद का हाथ बढ़ाते हैं। अब हमारे गांव के स्कूल में भी इस बार कम्प्यूटर लगा है। उन्होंने स्कूल में बुनियादी सुविधाएं मिलने पर खुशी जाहिर की है।
गाज़ियाबाद की MP-MLA कोर्ट में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के ख़िलाफ़ एक केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि उन्होंने स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' का अनादर किया। इस मामले की सुनवाई मंगलवार दोपहर को होनी है। शिकायत दर्ज कराने वाले हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता का आरोप है कि 15 अगस्त को नई दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय में राष्ट्रगीत गाए जाने के दौरान गांधी ने जानबूझकर दखल दिया। शिकायत में 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971' (जिसमें 2026 में संशोधन किया गया था) की धारा 3 और 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' के संबंधित प्रावधानों के तहत आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के बीच मौजूद गांधी ने 'वंदे मातरम' गाए जाने के समय इशारे किए और दखल दिया, साथ ही कथित तौर पर उसे रोकने का निर्देश भी दिया। इसमें कहा गया है कि यह घटना वीडियो फुटेज में कैद हो गई थी और कथित दखल की प्रकृति और असर का पता लगाने के लिए पूरी ऑडियो-विजुअल रिकॉर्डिंग की न्यायिक जांच की मांग की गई है। ANI से बात करते हुए गुप्ता ने कहा, आज हमने गाजियाबाद की MP-MLA कोर्ट में सोनिया गांधी के खिलाफ राष्ट्रीय सम्मान, हमारी राष्ट्रीय भावनाओं और हमारे राष्ट्रीय गीत का अपमान करने के लिए एक याचिका दायर की है। इसे भी पढ़ें: गाजियाबाद में 13 से 16 अगस्त तक मौसम का बिगड़ेगा मिजाज! भारी बारिश-वज्रपात का 'yellow alert', एडवाइजरी जारी शिकायत में कहा गया है कि आरोप सिर्फ़ गांधी के गाना न गाने पर नहीं, बल्कि गाना गाए जाने के दौरान कथित तौर पर जान-बूझकर दखल देने पर आधारित है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के 1986 के 'बिजो इमैनुएल और अन्य बनाम केरल राज्य और अन्य' मामले के फैसले का हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रगान गाते समय सम्मानपूर्वक शामिल न होना, अपने आप में जान-बूझकर उसे गाने से रोकने या गा रही सभा में बाधा डालने के बराबर नहीं है। गुप्ता ने आरोप लगाया कि 15 अगस्त के कार्यक्रम के दौरान किया गया व्यवहार जान-बूझकर किया गया था और कहा कि वीडियो फुटेज से इस कथित इरादे का पता चल जाएगा। इसे भी पढ़ें: Allahabad HC ने Ghaziabad Police कमिश्नर व अफसरों पर दिए जांच के आदेश, नहीं दर्ज की थी FIR उन्होंने कहा जैसा कि आपने कुछ दिन पहले 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान देखा होगा, जब 'वंदे मातरम' गाया जा रहा था, तो सोनिया गांधी ने पहले से तय रणनीति के तहत बाधा डालने की कोशिश की। शिकायत में 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम' की धारा 3 में 2026 के संशोधन का भी हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि यह राष्ट्रीय गीत को कानूनी सुरक्षा देता है और इसे जान-बूझकर गाने से रोकने या ऐसे गीत गा रही सभा में बाधा डालने को दंडनीय बनाता है। गुप्ता ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि कोर्ट मंगलवार दोपहर इस मामले की सुनवाई करेगा और गांधी को नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा हमें उम्मीद है कि सोनिया गांधी को नोटिस जारी किया जाएगा और वह या तो उसका जवाब देंगी या खुद पेश होंगी।
दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक कुलदीप कुमार को दिल्ली पुलिस द्वारा कथित तौर पर हिरासत में लिए जाने को चुनौती देने वाली 'हेबियस कॉर्पस' (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई। सीनियर वकील शादान फरासत ने चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय के सामने इस मामले पर तुरंत सुनवाई की मांग रखी, जिस पर वे आज ही याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमत हो गए। यह याचिका AAP के उन आरोपों के बीच आई है जिनमें कहा गया है कि मंगलवार तड़के पुलिस कुलदीप कुमार को तब ले गई, जब वह एक सफाई कर्मचारी की मौत के विरोध में प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों का समर्थन कर रहे थे। इसे भी पढ़ें: Delhi to Agra Travel Guide: मानसून की फुहारों के बीच ताजमहल और Baby Taj का दीदार, एक दिन की छुट्टी के लिए परफेक्ट One-Day Trip आप की दिल्ली यूनिट के प्रेसिडेंट सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सुबह करीब 4 बजे सादे कपड़ों में लगभग 20 पुलिसकर्मी आए और पूर्वी दिल्ली के विधायक कुमार को उठा ले गए। भारद्वाज ने दावा किया कि कुमार उन सफाई कर्मचारियों का समर्थन कर रहे थे जो मृतक कर्मचारी के परिवार के लिए मुआवज़े की मांग कर रहे थे और उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से प्रदर्शनकारियों से मिलने का आग्रह किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बजाय कुमार को किसी अज्ञात जगह ले जाया गया। इसे भी पढ़ें: Saurabh Das का Delhi Govt पर बड़ा आरोप: छात्रों पर FIRs रद्द करने में देरी क्यों? AAP नेता ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस मृतक सफाई कर्मचारी के परिवार पर अंतिम संस्कार करने के लिए दबाव डाल रही थी। भारद्वाज के अनुसार, अनिल नाम के मृतक कर्मचारी की कल्याणपुरी में ड्यूटी के दौरान मौत हो गई थी। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि हज़ारों सफाई कर्मचारी पिछले दो दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे और अनिल के परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवज़े और परिवार के किसी सदस्य के लिए पक्की सरकारी नौकरी की मांग कर रहे थे। AAP के अनुसार, अनिल की मौत के बाद सैकड़ों सफाई कर्मचारी और ऑटो-टिपर ड्राइवर लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में जमा हो गए थे और अंतिम संस्कार के लिए शव को मुर्दाघर से हटाने का विरोध कर रहे थे। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के विरोध के बावजूद पुलिस शव को अस्पताल से परिवार के घर ले आई। दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इसे भी पढ़ें: Delhi Police ने Burari में सूटकेस से बरामद किया नाबालिग का शव, आरोपी भाई गिरफ्तार हेबियस कॉर्पस याचिका में विधायक की कथित हिरासत के मामले में अदालत से दखल की मांग की गई है और उम्मीद है कि हाई कोर्ट दिन में इस पर सुनवाई करेगा।
ऋतिक को KISS करने से पहले क्यों झिझकीं कटरीना? जोया ने खोला राज
कटरीना और ऋतिक के KISS सीन को लेकर जोया अख्तर ने बड़ा खुलासा किया. जानिए कटरीना पहले क्यों झिझकीं और आखिर किस वजह से इस सीन के लिए हां कहा.
शादीशुदा जीवन में कैसे साबित होती है मानसिक क्रूरता, ट्विशा शर्मा मामले को लेकर गरमाई बहस
संपत्ति या किसी मूल्यवान वस्तु की अवैध मांग पूरी कराने के लिए उत्पीड़न भी क्रूरता के दायरे में आता है। अदालतों ने अलग-अलग मामलों में स्पष्ट किया है कि मानसिक क्रूरता का आकलन परिस्थितियों के आधार पर किया जाता है।
अमेठी की हार के बाद स्मृति ईरानी की वापसी क्यों?
Smriti Irani Comeback 2024 में अमेठी की हार... और अब बीजेपी की राष्ट्रीय टीम में बड़ी वापसी. आखिर स्मृति ईरानी फिर बीजेपी के लिए इतनी जरूरी क्यों हो गई हैं? नितिन नबीन की नई टीम में स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है. कभी अमेठी में राहुल गांधी को हराकर गांधी परिवार के गढ़ में सेंध लगाने वाली स्मृति ईरानी 2024 में उसी सीट से 1.67 लाख से ज्यादा वोटों से हार गई थीं.
STET 2026 के आवेदन शुरू होने के बीच भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (BNMU) के PG चौथे सेमेस्टर के छात्र रिजल्ट जारी नहीं होने से परेशान हैं. छात्रों का कहना है कि परीक्षा पूरी होने के बावजूद अंकपत्र और प्रोविजनल सर्टिफिकेट नहीं मिलने से वे STET आवेदन नहीं कर पा रहे हैं.
UP-RERA के नए नियम, बिल्डर्स पर नकेल, खरीदारों को बड़ी राहत
यूपी-रेरा ने 13 जुलाई 2026 तक हुए 12 संशोधनों को मिलाकर सामान्य नियम जारी किए हैं. घर खरीदारों के पैसे, प्रोजेक्ट के बैंक खाते, एजेंटों और विज्ञापनों को लेकर नियम अब पहले से कहीं ज्यादा स्पष्ट हो गए हैं.
शनि का नक्षत्र परिवर्तन! 20 अगस्त के बाद दुखों से गुजरेंगी 3 राशियां
शनि देव 20 अगस्त को रेवती नक्षत्र के प्रथम चरण में प्रवेश करेंगे. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस बदलाव का असर सभी राशियों पर पड़ेगा. ऐसे में मेष, कर्क और वृश्चिक राशि वालों को करियर, धन, स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों में विशेष सावधानी बरतनी होगी.
चातुर्मास में इन 6 पवित्र पौधों की पूजा से चमकती है किस्मत, जानिए धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार, चातुर्मास का चार महीने का समय भक्ति, तपस्या, व्रत और आत्म-साधना के लिए सबसे पवित्र काल माना जाता है। इस वर्ष चातुर्मास की समाप्ति 20 नवंबर 2026 को होगी। इस अवधि में भगवान विष्णु योग निद्रा मेंलीन रहते हैं, जिसके कारण मांगलिक कार्य भले ही थम जाते हैं, लेकिन आध्यात्मिक साधना और प्रकृति की उपासना का सिलसिला तेज हो जाता है। सनातन संस्कृति में पेड़-पौधों को केवल वनस्पति नहीं, बल्कि देवताओं का वास स्थान और जीवन का आधार माना गया है। चातुर्मास के दौरान वर्षा ऋतु के कारण प्रकृति अपनी पूरी ऊर्जा के साथ विकसित होती है, इसलिए इस समय पौधों की सेवा करना बेहद पुण्यदायी माना जाता है। आइए जानते हैं उन 6 पवित्र पौधों के बारे में, जिनकी पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।1. तुलसी (Tulsi): भगवान विष्णु की प्रियसनातन धर्म में तुलसी के पौधे को मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु का प्रिय स्वरूप माना जाता है। चातुर्मास के दौरान नियमित रूप से तुलसी के पौधे की पूजा करना, उसमें जल अर्पित करना और संध्या के समय उसके समक्ष घी का दीपक जलाना बेहद शुभ फलदायी होता है। ऐसा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और साधक को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। चातुर्मास में तुलसी की विशेष सेवा करने से भगवान विष्णु की कृपा सीधे प्राप्त होती है।2. पीपल वृक्ष (Peepal Tree): देवताओं का वासपीपल के वृक्ष को हिंदू धर्म में त्रिदेवों (ब्रह्मा, विष्णु और महेश) का निवास स्थान माना गया है। चातुर्मास में पीपल के पेड़ की पूजा करने, उसकी परिक्रमा करने और शाम के समय दीपदान करने से पापों का नाश होता है और आध्यात्मिक उन्नति के मार्ग खुलते हैं। धार्मिक महत्व के साथ-साथ वैज्ञानिक दृष्टि से भी पीपल का वृक्ष अत्यधिक ऑक्सीजन प्रदान करने वाला जीवनदायी पौधा है, जिसकी सेवा पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देती है।3. बरगद या अक्षय वट (Banyan Tree): दीर्घायु और स्थिरता का प्रतीकबरगद के पेड़ को 'अक्षय वट' भी कहा जाता है, जो दीर्घायु, मजबूती और स्थिरता का प्रतीक है। चातुर्मास के दौरान बरगद के वृक्ष की पूजा करने से परिवार में सुख-शांति, अखंड सौभाग्य और वंश वृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। इसकी विशाल शाखाएं और गहरी जड़ें जीवन में स्थिरता का संदेश देती हैं। इस पवित्र महीने में बरगद के पेड़ की सेवा करना परिवार के लिए बेहद मंगलकारी माना गया है।4. आंवला (Amla Tree): स्वास्थ्य और आरोग्यता का वरदानआयुर्वेद में आंवले को अमृत के समान फल माना गया है, वहीं धार्मिक दृष्टि से भी इसका गहरा संबंध भगवान विष्णु से है। चातुर्मास में आंवले के वृक्ष की पूजा करने, उसकी छांव में बैठकर भोजन करने या उसकी सेवा करने से उत्तम स्वास्थ्य और लंबी आयु का वरदान मिलता है। आंवले का पौधा घर के आसपास होना और उसकी पूजा करना शारीरिक व मानसिक शुद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है।5. केले का पौधा (Banana Plant): समृद्धि और शुभता का प्रतीककेले के पौधे को बेहद पवित्र माना जाता है और इसका संबंध सीधे तौर पर भगवान विष्णु तथा देवगुरु बृहस्पति से है। चूंकि चातुर्मास का पूरा समय भगवान विष्णु की आराधना को समर्पित होता है, इसलिए इस दौरान केले के पौधे की पूजा करना और उसके सामने विष्णु मंत्रों का जाप करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इसकी सेवा करने से घर में आर्थिक संपन्नता और मांगलिक कार्य के योग बनते हैं।6. शमी का पौधा (Shami Plant): सकारात्मकता और विजय का कारकशमी के पौधे को शुभता, सकारात्मकता और संकट निवारक माना जाता है। चातुर्मास के दिनों में घर के मुख्य द्वार पर शमी का पौधा लगाना और उसकी नियमित देखभाल करना प्रकृति के प्रति प्रेम और धार्मिक आस्था दोनों को दर्शाता है। इसकी पूजा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और जीवन की तमाम बाधाएं दूर होती हैं।
चीन में एक ऐसी एनिमेटेड फिल्म सुर्खियों में है जिसे लोग बेहद खराब और अजीब कह रहे हैं, लेकिन यही बात इसे बॉक्स ऑफिस पर सफल बना रही है.
Explainer: आरक्षण वाली क्या मांग है, जिस पर अड़े हैं संजय निषाद; HC ने क्यों खारिज किया था केस
निषाद और उसकी उपजातियों को अनुसूचित जाति में आरक्षण देने की मांग को लेकर अर्जी 2012 में दाखिल हुई थी.
Panoramic Sunroof वाली सस्ती SUVs, फीचर्स भी हैं कमाल
अब Panoramic Sunroof सिर्फ महंगी और लग्जरी SUVs तक सीमित नहीं रह गया है। भारतीय बाजार में कई ऐसी किफायती कारें मौजूद हैं, जिनमें 15 लाख रुपए से कम कीमत में यह प्रीमियम फीचर मिलता है। खास बात यह है कि इस लिस्ट में कॉम्पैक्ट SUV के साथ CNG कार भी ...
1.42 रुपये रनिंग कॉस्ट, 79 हजार कीमत, यामाहा के दो स्कूटर लॉन्च
यामाहा ने अपने 125 सीसी इंजन वाले दोनों स्कूटर्स को अपडेट कर दिया है. फसीनो और रेजेडआर के 2026 एडिशन में कलर और नई स्क्रीन जोड़ी गई है. अब इन स्कूटर्स में टीएफटी स्क्रीन का विकल्प मिलेगा. ये स्क्रीन टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन के साथ आती है. यामाहा ने इन स्कूटर्स की कीमतों को भी अपडेट किया है. आइए जानते हैं इनकी डिटेल्स.
हिन्दू धर्म में सावन का महीना और भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। इस पवित्र काल में तमाम भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए अपने घरों में अनुष्ठान और रुद्राभिषेक करवाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि विधि-विधान और सच्चे मन से रुद्राभिषेक किया जाए, तो घर में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। हालांकि, पूजा-पाठ की सामग्री के साथ-साथ वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करना भी उतना ही आवश्यक है। यदि आप भी अपने घर पर रुद्राभिषेक कराने जा रहे हैं, तो वास्तु से जुड़े इन 4 महत्वपूर्ण नियमों को अवश्य ध्यान में रखें।1. पूजा के लिए सही दिशा का चुनाववास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में किसी भी धार्मिक अनुष्ठान या रुद्राभिषेक के लिए ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को सबसे पवित्र और उत्तम माना गया है। रुद्राभिषेक के लिए हमेशा इसी दिशा का चयन करें। पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ कर लें और वहां गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण करें। यह सुनिश्चित करें कि इस स्थान पर किसी भी प्रकार की गंदगी या अवरोध न हो, क्योंकि यह दिशा देवताओं का वास मानी जाती है।2. मुख्य द्वार की साफ-सफाई और सजावटपूजा के दिन घर के मुख्य द्वार की विशेष साफ-सफाई करनी चाहिए। एक पात्र में जल लेकर उसमें गंगाजल मिलाएं और उसे पूरे मुख्य द्वार पर छिड़क दें। इसके बाद मुख्य द्वार पर आम या अशोक के पत्तों का सुंदर तोरण लगाएं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, द्वार पर तोरण बांधने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। इसके साथ ही द्वार के दोनों तरफ सिंदूर या कुमकुम से पवित्र स्वास्तिक का चिह्न अवश्य बनाएं।3. पूजा स्थल के आसपास न रखें कबाड़ या भारी सामानजिस कमरे या स्थान पर आप रुद्राभिषेक करवाने जा रहे हैं, वहां किसी भी प्रकार का बेकार सामान या कबाड़ नहीं होना चाहिए। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पूजा कक्ष में पुराने गंदे कपड़े, जूते-चप्पल या लेदर से बनी कोई भी वस्तु मौजूद न हो। इसके अलावा, पूजा वाली जगह पर कोई भी भारी सामान रखने से बचें। उस स्थान को जितना खुला, स्वच्छ और हवादार रखेंगे, वातावरण उतना ही सकारात्मक और ऊर्जावान रहेगा।4. अनुष्ठान से पहले पूरे घर का शुद्धिकरणरुद्राभिषेक के दिन केवल पूजा स्थल ही नहीं, बल्कि पूरे घर की अच्छी तरह से साफ-सफाई करें। पूजा शुरू होने से पहले पूरे घर में धूप, दीप या लोबान का धुआं दिखाएं। वास्तु के अनुसार, ऐसा करने से घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा या ठहरा हुआ अवरोध समाप्त हो जाता है और माहौल पूरी तरह से पवित्र व हल्का हो जाता है। घर का वातावरण जितना शांत और सुकून भरा होगा, पूजा का उतना ही अधिक सकारात्मक फल प्राप्त होगा।
'सांपों से न डर, न झिझक': नागपंचमी पर अपर्णा यादव की बेटी का निडर रूप
नागपंचमी के खास अवसर पर भाजपा नेता अपर्णा यादव की बेटी प्रथमा ने सपेरे के पास मौजूद विषधर सांपों को आजाद कराया. इन सांपों को लखनऊ के आगे सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा गया. बेटी का यह जीव-प्रेम देखकर मां अपर्णा यादव भावुक हो गईं और पोस्ट साझा कर तारीफ की.
पति को 17 बार किया फोन... रवीना यादव की मौत से पहले की कहानी
पति, पत्नी और एक तीसरे रिश्ते की कहानी... रात का वक्त था. घर के अंदर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ. आरोप है कि विवाद के बाद पति घर से चला गया. पत्नी कमरे में अकेली रह गई. इसके बाद उसने पति को एक बार नहीं, दो बार नहीं, बल्कि करीब 17 बार फोन किया. लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. कुछ घंटों बाद उसी कमरे से नवविवाहिता का शव फंदे पर लटका मिला...
5वीं तक पढ़ाई, मां की 4 चूड़ियों से बिजनेस शुरू, आज 11000cr की कंपनी
आर्थिक तंगी के कारण 5वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले किरण कुमार ने महज 12 साल की उम्र में जूलरी कारोबार में कदम रखा था. मां की सोने की चार चूड़ियां गलाकर 6 बालियां बनवाईं और बिजनेस शुरू किया. उनकी कंपनी का वैल्यूएशन आज 11000 करोड़ के पार है. दुनिया के 51 शहरों में उनके स्टोर मौजूद हैं.
अफेयर, शक, बिग बॉस और कत्ल की साजिश! महिला ने पति-बेटे को कैसे मारा?
पुलिस की तफ्तीश में सामने आया है कि आरोपी पत्नी हरिणी ने अपने प्रेमी विनय के साथ मिलकर पहले पति का दम घोंटा और फिर राज खुलने के डर से अपने ही 5 साल के बेटे की भी बेरहमी से हत्या कर दी।
केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच इन दिनों '8वें वेतन आयोग' (8th Pay Commission) को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। आयोग के गठन को 9 महीने से अधिक का समय बीत चुका है और इस दौरान विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ देश के अलग-अलग शहरों में कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। इसी कड़ी में इसी महीने 8 और 10 अगस्त को दिल्ली में अहम बैठकें आयोजित की गईं। जैसे-जैसे आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, कर्मचारियों की उम्मीदें और माँगे भी लगातार परवान चढ़ती जा रही हैं।फिटमेंट फैक्टर और 69,000 रुपये बेसिक पे की मांग8वें वेतन आयोग के सामने सबसे बड़ी और मुखर मांग 'फिटमेंट फैक्टर' (Fitment Factor) को लेकर उठाई जा रही है। दिल्ली में हुई हालिया बैठकों के दौरान कर्मचारी संगठनों ने आयोग के समक्ष 3.83 के फिटमेंट फैक्टर की जोरदार मांग रखी है। यदि सरकार इस मांग को स्वीकार कर लेती है, तो कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी में जबरदस्त उछाल आएगा और यह बढ़कर सीधे 69,000 रुपये तक पहुंच सकती है। बता दें कि बेसिक पे में बढ़ोतरी पूरी तरह से तय किए जाने वाले फिटमेंट फैक्टर के गुणांक पर ही निर्भर करेगी।फैमिली यूनिट और HRA में बदलाव का प्रस्तावबेसिक सैलरी के अलावा कर्मचारियों से जुड़े संगठनों ने कुछ अन्य बुनियादी बदलावों की भी पुरजोर मांग की है। वर्तमान व्यवस्था के तहत 'फैमिली यूनिट' (Family Unit) की संख्या 3 मानी जाती है, जिसे बढ़ाकर 5 करने का प्रस्ताव दिया गया है। संगठनों का तर्क है कि आधुनिक सामाजिक ढांचे को देखते हुए इसमें माता-पिता को भी शामिल किया जाना चाहिए। इसके अलावा, दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में रहने वाले कर्मचारियों के लिए मौजूदा हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को अपर्याप्त बताते हुए इसे बढ़ाने की मांग की गई है। महंगाई भत्ते (DA) को लेकर भी दिलचस्प सुझाव आए हैं, जिसमें कुछ संगठनों ने साल में 4 बार डीए बढ़ाने और डीए 25% तक पहुंचने पर उसे बेसिक सैलरी में मर्ज करने की अपील की है।पहले कितने रुपये थी न्यूनतम बेसिक सैलरी?इतिहास पर नजर डालें तो वेतन आयोगों के जरिए कर्मचारियों के वेतनमान में लगातार सुधार होते रहे हैं। पहले वेतन आयोग की रिपोर्ट (1946-47) लागू होने पर न्यूनतम बेसिक पे मात्र 55 रुपये थी। दूसरे आयोग के बाद यह बढ़कर 80 रुपये, तीसरे के बाद 196 रुपये और 7वें वेतन आयोग के लागू होने पर यह 18,000 रुपये तक पहुंच गई थी। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि 8वां वेतन आयोग क्या सिफारिशें लेकर आता है।कब आएगी 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट?केंद्र सरकार ने पिछले साल नवंबर में 8वें वेतन आयोग का गठन किया था। नियमानुसार आयोग के पास कुल 18 महीने का समय होता है। इसके तहत आयोग को मई 2027 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपनी होगी। रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद ही सरकार इन सिफारिशों पर आधिकारिक मुहर लगाएगी, जिसका इंतजार देश के करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को है।
सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजारों में एक बार फिर मंदी का असर देखने को मिला। कमजोर वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच घरेलू शेयर बाजार लाल निशान के साथ बंद हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 492.70 अंक यानी 0.63 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,235.46 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 132.75 अंक यानी 0.55 प्रतिशत फिसलकर 24,154.90 के स्तर पर आ गया।शुरुआती कारोबार से ही हावी रहे बिकवालमंगलवार के सत्र की शुरुआत ही सुस्त और नकारात्मक रुख के साथ हुई थी। सेंसेक्स 309 अंकों की कमजोरी के साथ 77,418 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी 63 अंक नीचे 24,223 के आसपास खुला। दिन चढ़ने के साथ ही बाजार में गिरावट का दायरा बढ़ता गया और दोपहर आते-आते सेंसेक्स 400 से अधिक अंकों का गोता लगा चुका था। कारोबार के अंत तक बाजार इस रिकवरी से जूझता नजर आया और निवेशकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों का हालसेंसेक्स के 30 शेयरों में से 22 कंपनियों के शेयर लाल निशान में बंद हुए, जबकि मात्र 8 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। बिकवाली के इस दौर में एशियन पेंट्स और इंफोसिस के शेयरों में 2 प्रतिशत से अधिक की भारी गिरावट आई। इसके अलावा, एचसीएल टेक, भारती एयरटेल और टीसीएस के शेयरों पर भी दबाव साफ तौर पर देखा गया। दूसरी ओर, कुछ चुनिंदा शेयरों जैसे एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस और एलएंडटी (L&T) में खरीदारी का रुझान रहा, जिससे बाजार को कुछ हद तक सहारा मिला।ग्लोबल संकेतों और कच्चे तेल का असरभारतीय बाजारों की इस सुस्ती के पीछे प्रमुख वजहें वैश्विक मोर्चे पर बनी उथल-पुथल रहीं। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला, जहां दक्षिण कोरिया का कोस्पी मजबूत हुआ, लेकिन जापानी और अन्य बाजार कमजोर स्थिति में रहे। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। ब्रेंट क्रूड वायदा बढ़कर 91 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जिससे आयातित महंगाई और राजकोषीय घाटे की आशंका गहरी हो गई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और संघर्ष विराम की चर्चाओं पर ब्रेक लगने से भी वैश्विक निवेशकों का सेंटिमेंट प्रभावित हुआ है।
सिनेमा जगत की लीजेंड्री अभिनेत्री मीना कुमारी और जाने-माने फिल्मकार कमाल अमरोही की अमर प्रेम कहानी पर बनने वाली बहुप्रतीक्षित बायोपिक 'कमाल और मीना' पिछले दो सालों से लगातार चर्चा में बनी हुई है। साल 2024 में इस फिल्म की आधिकारिक घोषणा के बाद से ही फैंस इसकी शूटिंग शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, लंबे समय से कोई अपडेट न मिलने के कारण ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया है। अब इस पूरे मामले पर फिल्म के निर्माता सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा ने चुप्पी तोड़ी है और इसके पीछे की असली वजह का खुलासा किया है।परिणीति चोपड़ा की वेब सीरीज पर है फोकसनिर्देशक सिद्धार्थ पी मल्होत्रा के अनुसार, मीना कुमारी की बायोपिक के काम में देरी की एक बड़ी वजह उनका वर्तमान प्रोजेक्ट है। इन दिनों वह परिणीति चोपड़ा स्टारर अपकमिंग वेब सीरीज पर पूरी तरह फोकस कर रहे हैं। 'अमर सिंह चमकीला' और 'साइना' जैसी फिल्मों में अपनी बेहतरीन अदाकारी का जलवा बिखेर चुकी परिणीति चोपड़ा अब ओटीटी की दुनिया में कदम रखने जा रही हैं। सिद्धार्थ के प्रोडक्शन में बन रही इस सस्पेंस-थ्रिलर सीरीज का नाम पहले 'तलाश: अ मदर्स सर्च' तय किया गया था, जिसे अब बदलकर 'शक' कर दिया गया है।यह सीरीज कुल 8 एपिसोड की होगी, जिसे जल्द ही नेटफ्लिक्स पर रिलीज करने की योजना बनाई जा रही है। खास बात यह है कि 210 पेज की दमदार स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद परिणीति ने तुरंत इस प्रोजेक्ट के लिए हामी भर दी थी। इस सीरीज में परिणीति के अलावा जेनिफर विंगेट, सोनी राजदान, अनूप सोनी और ताहिर राज भसीन जैसे मंझे हुए कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।क्यों अटकी है मीना कुमारी की बायोपिकबात करें मीना कुमारी की बायोपिक 'कमाल और मीना' की, तो सिद्धार्थ पी मल्होत्रा ने साफ किया है कि यह प्रोजेक्ट बंद नहीं हुआ है, बल्कि इसमें देरी की वजह इसका बड़ा बजट और परफेक्ट कास्टिंग है। यह फिल्म 1950 से 1970 के दौर के सुनहरे इतिहास पर आधारित एक पीरियड ड्रामा होगी, जो कमाल अमरोही और मीना कुमारी के लगभग 20 साल के उतार-चढ़ाव भरे रिश्ते को बड़े पर्दे पर दिखाएगी।फिल्म का कुल बजट 50 से 60 करोड़ रुपये या उससे अधिक का है। निर्माता का मानना है कि इतने भारी-भरकम बजट के लिए ऐसे बड़े और ग्लोबल अपील वाले कलाकारों की जरूरत है, जो बॉक्स ऑफिस पर निवेश की पूरी भरपाई कर सकें। सही स्टारकास्ट और बड़े निर्माताओं की तलाश अभी भी जारी है, जिस कारण फिल्म की शूटिंग शुरू होने में वक्त लग रहा है। बहरहाल, फैंस के लिए यह राहत की खबर है कि 'कमाल और मीना' का प्रोजेक्ट अभी भी जिंदा है और सही समय आने पर यह सिनेमाघरों में जरूर उतरेगी।
'रेड फ्लैग' कमेंट पर भड़के विजय वर्मा! IFFM स्टेज पर कंटेंट क्रिएटर डॉली सिंह को दिया ऐसा करारा जवाब
बॉलीवुड के बेहतरीन अभिनेताओं में शुमार विजय वर्मा का अंदाज हमेशा से जुदा रहा है। हाल ही में 'इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न' (IFFM) 2026 का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जिसमें कंटेंट क्रिएटर डॉली सिंह ने उन्हें स्टेज पर 'देश का सबसे बड़ा रेड फ्लैग' कह दिया। यह वाकया तब हुआ जब विजय अपनी हालिया फिल्म 'मटका किंग' के लिए 'बेस्ट परफॉर्मेंस' का अवॉर्ड लेने पहुंचे थे।स्टेज पर डॉली ने क्यों किया ऐसा कमेंटअवॉर्ड लेते समय डॉली सिंह ने विजय को जीत की बधाई दी, लेकिन साथ ही उनकी ऑन-स्क्रीन इमेज पर एक टिप्पणी भी कर दी। उन्होंने कहा कि विजय जब भी किसी फिल्म या सीरीज में नजर आते हैं, तो दर्शकों को पता होता है कि मुसीबत आने वाली है। डॉली ने आगे कहा कि उनकी इसी नकारात्मक और रहस्यमयी स्क्रीन छवि के कारण वे 'देश के सबसे बड़े रेड फ्लैग' हैं। डॉली की यह टिप्पणी वहां मौजूद दर्शकों को काफी अजीब लगी।विजय का मजाकिया और तीखा पलटवारविजय वर्मा ने इस स्थिति को बहुत ही चतुराई और मजाकिया अंदाज में संभाला। उन्होंने डॉली को जवाब देते हुए कहा, बस लाल रंग का कपड़ा खरीदकर घर पर रख लो और जितने चाहो उतने झंडे बना लो। जब डॉली ने उनके जवाब को 'बेकार मजाक' करार दिया, तो विजय ने तुरंत पलटवार करते हुए कहा, ठीक वैसे ही, जैसे मैंने तुम्हारी बेकार तारीफों को नजरअंदाज कर दिया है। विजय का यह अंदाज वहां मौजूद लोगों को खूब पसंद आया और सोशल मीडिया पर उनकी हाजिरजवाबी की तारीफ हो रही है।फैंस ने डॉली को बताया अनुचितवीडियो के वायरल होने के बाद नेटिजन्स दो गुटों में बंट गए हैं। सोशल मीडिया यूजर्स ने डॉली सिंह के कमेंट को 'अनुचित' और 'अजीब' बताया है। कई प्रशंसकों का मानना है कि किसी अवॉर्ड समारोह में किसी कलाकार के निजी या पेशेवर काम पर ऐसी टिप्पणी करना सही नहीं है। एक यूजर ने लिखा, 'इसे देखना बहुत अजीब था', वहीं दूसरे यूजर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'जैसा बोओगे, वैसा ही काटोगे।'वर्कफ्रंट पर छाए हैं विजयकाम की बात करें तो विजय वर्मा को आखिरी बार नागराज मंजुले द्वारा निर्देशित क्राइम ड्रामा 'मटका किंग' में देखा गया था। इस सीरीज में उन्होंने 'बृज भट्टी' का किरदार निभाया था, जो 1960 और 70 के दशक के मुंबई के मटका जुआ नेटवर्क को दर्शाता है। अपनी शानदार अदाकारी से उन्होंने साबित कर दिया है कि वे स्क्रीन पर किसी भी 'रेड फ्लैग' किरदार को जीवंत करने की क्षमता रखते हैं।
भारतीय सिनेमाघरों में इन दिनों मार्वल के सुपरहीरो का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। 31 जुलाई को रिलीज हुई 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' ने कमाई के मामले में सभी पुराने कीर्तिमान ध्वस्त कर दिए हैं। अब तक हम सभी 'एवेंजर्स एंडगेम' को मार्वल की सबसे बड़ी फिल्म मानते थे, लेकिन 'स्पाइडर-मैन' ने साबित कर दिया है कि भारत में पीटर पार्कर का क्रेज किसी से कम नहीं है।18 दिनों में रचा इतिहाससोनी पिक्चर्स इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, इस फिल्म ने महज 18 दिनों के भीतर 550 करोड़ रुपये का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है। फिल्म की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तीसरे वीकेंड में भी इसने 22.80 करोड़ रुपये की कमाई की। भारत में इसे हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ तमिल, तेलुगू, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में रिलीज किया गया, जिससे फिल्म की पहुंच हर उम्र के दर्शकों तक बनी।बड़े दिग्गजों को पीछे छोड़ाइस ऐतिहासिक सफलता के साथ, 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' ने भारत में हॉलीवुड फिल्मों की कमाई के टॉप-5 चार्ट में पहला स्थान हासिल कर लिया है। पिछले रिकॉर्ड तोड़ने वाली फिल्मों की लिस्ट कुछ इस प्रकार है:नंबर 1: स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे (550 करोड़+)नंबर 2: अवतार: द वे ऑफ वॉटर (483 करोड़)नंबर 3: एवेंजर्स एंडगेम (438 करोड़)नंबर 4: एवेंजर्स इनफिनिटी वॉर (438 करोड़)नंबर 5: स्पाइडर-मैन: नो वे होम (268 करोड़)भारत को अपना 'अनोखा रिकॉर्ड'सोनी पिक्चर्स इंडिया ने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा, दुनिया भले ही पीटर को भूल गई हो, लेकिन भारत ने यह पक्का कर दिया है कि रिकॉर्ड बुक्स उसे कभी नहीं भूलेंगी। फिल्म का सफर अभी जारी है और सिनेमाघरों में इसकी मजबूत पकड़ यह संकेत दे रही है कि यह अभी और भी नए कीर्तिमान स्थापित करेगी। 'आवारापन-2' और 'बंटवारा-1947' जैसी फिल्मों के साथ प्रतिस्पर्धा के बावजूद, स्पाइडर-मैन का यह सफर वास्तव में अभूतपूर्व है।
विजय-तृषा पर DMK हमलावर, लेख लिखकर कहा- बेशर्मी की हद
तमिलनाडु सरकार के स्वतंत्रता दिवस समारोह में तृषा को विजय के माता-पिता के साथ पहली पंक्ति में बैठाया गया था. पीली साड़ी पहने तृषा को विजय के राष्ट्रीय ध्वज फहराने और परेड का निरीक्षण करने के दौरान उन्हें सलामी करते हुए देखा गया. सरकारी कार्यक्रमों में तृषा की लगातार मौजूदगी ने चर्चाओं को और हवा दे दी है.
वंदे मातरम की जगह बजा लता मंगेशकर का गाना, शिंदे को मांगनी पड़ी माफी
महाराष्ट्र के ठाणे में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम बजने की जगह लता मंगेशकर का गीत बज गया. ये गाना चार मिनट तक बजता रहा और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित सभी मौजूद लोग चुपचाप मंच पर खड़े रहे. तकनीकी गलती के कारण हुई इस चूक के बाद शिंदे ने मंच से माफी मांगी.
पोस्ट ऑफिस की गजब स्कीम, रोज बचाएं 195 रुपये, मिलेंगे 10 लाख
Post Office की छोटी बचत योजनाओं में सरकार की ओर से ब्याज तो शानदार दिया ही जाता है. इसके साथ में निवेश पर सुरक्षा की गारंटी भी खुद सरकार लेती है, जो इन्हें Zero Risk Scheme बना देती है.
इमरान खान को बड़ी राहत, पाक सुप्रीम कोर्ट ने दिया जेल से अस्पताल शिफ्ट करने का आदेश
पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए बड़ा आदेश जारी किया है. अदालत ने इमरान खान को इलाज के लिए अदियाला जेल से इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल शिफ्ट करने का निर्देश दिया. साथ ही इलाज के लिए एक विशेष मेडिकल बोर्ड का गठन भी किया जाएगा. देखें वीडियो.
टैक्सी-ऑटो ड्राइवरों पर बढ़ा दबाव, मराठी भाषा का मुद्दा
महाराष्ट्र में टैक्सी और ऑटो चालकों को मराठी सीखने के लिए दी गई 100 दिन की मोहलत खत्म हो गई है. अब परिवहन विभाग की बैठक में तय होगा कि नियम नहीं मानने वालों पर कार्रवाई होगी या अतिरिक्त समय दिया जाएगा. असलम शेख ने SOP और नाइट स्कूल शुरू करने की मांग की है.
211 रन बनाकर पडिक्कल का बड़ा कारनामा, टूटने से बचा ये महारिकॉर्ड
देवदत्त पडिक्कल ने गॉल टेस्ट में शानदार बल्लेबाजी करते हुए मैच में कुल 211 रन बनाए. पहली पारी में 167 रन की बड़ी पारी खेलने के बाद उन्होंने दूसरी पारी में भी 44 रन जोड़े. वह श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में भारतीय नंबर-3 बल्लेबाज के तौर पर राहुल द्रविड़ के 215 रन के रिकॉर्ड को तोड़ने से महज पांच रन दूर रह गए.
भारत में तेजी से बढ़ रहे 'सीनियर होम', 1 लाख करोड़ का होगा बाज़ार
आज के दौर में 'सीनियर लिविंग' का दायरा केवल एक आरामदायक घर या चार दीवारों तक सीमित नहीं रह गया है. आधुनिक सीनियर हाउसिंग प्रोजेक्ट्स अब एक ऐसे संपूर्ण और एकीकृत इकोसिस्टम के रूप में विकसित हो रहे हैं, जहां वरिष्ठ नागरिकों को स्वतंत्रता के साथ-साथ विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं, सामाजिक जुड़ाव और आपातकालीन सुरक्षा एक ही छत के नीचे मिलती है.
Ahmedabad Police ने किया Boss Scam का भंडाफोड़, Pakistan और China तक फैला है इस साइबर जाल का नेटवर्क
अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर (CP) अनुपम सिंह गहलोत ने मंगलवार को हाई-प्रोफाइल 'बॉस स्कैम' साइबर क्राइम मामलों के बारे में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने एक बड़े इंटरनेशनल नेटवर्क का खुलासा किया जो पाकिस्तान और चीन में बैठे लोगों को साइबर फ्रॉड के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया करा रहा था। मीडिया से बात करते हुए CP अनुपम सिंह गहलोत ने बताया कि आरोपी पिछले 4-5 सालों से यह काम कर रहे थे। CP ने कहा अब तक पश्चिम बंगाल से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और हमारी टीम आगे की जांच कर रही है। यह ग्रुप असल में पाकिस्तान और चीन को साइबर हमले करने में मदद के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विस दे रहा था। काम करने का तरीका बताते हुए कमिश्नर ने कहा ये लोग सिम कार्ड खरीदते थे और उन्हें दूसरे देशों में बैठे लोगों को देते थे। वे चीनी मैलवेयर का इस्तेमाल करते थे और उन्हें इस्लामाबाद से चलाए जा रहे कॉल सेंटरों से जोड़ते थे। अगर कोई पीड़ित दिए गए लिंक पर क्लिक करता था, तो ये अपराधी गैर-कानूनी तरीके से पैसे ट्रांसफर करने में मदद करते थे। इसे भी पढ़ें: CP Radhakrishnan: विभाजन की पीड़ा याद रखना जरूरी ताकि दोबारा न हो ऐसी विभीषिका जांच से पता चला है कि यह घोटाला बहुत बड़े पैमाने पर हो रहा था; इस ग्रुप के खिलाफ भारत के 26 अलग-अलग राज्यों में पहले ही 251 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। सीपी गहलोत ने आगे कहा, हमने पश्चिम बंगाल से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान, हमें ऐसे डिवाइस मिले जो एक साथ चार सिम कार्ड चला सकते थे। उन्होंने साइबर फ्रॉड के लिए 4,500 सिम कार्ड खरीदे थे। उनका कॉल सेंटर इस्लामाबाद से चलाया जा रहा था। कमिश्नर ने यह भी बताया कि आरोपी साइबर अपराधियों को OTP (वन-टाइम पासवर्ड) उपलब्ध कराने में शामिल थे। इसे भी पढ़ें: Kolkata Police ने 60 दिन के लिए रोकी Petrol और डीजल की खुले में बिक्री उन्होंने कहा, उन्होंने अब तक लगभग 21,000 OTP उपलब्ध कराए हैं। पकड़े जाने से बचने के लिए उन्होंने अपना काम टेलीग्राम से व्हाट्सएप ग्रुप पर शिफ्ट कर लिया था। आरोपी हर OTP के लिए ₹100 लेते थे। जांच में एक गहरे अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन का पता चला है। पुलिस के अनुसार, गैंग ने अपने नेटवर्क से लगभग 10,000 डिवाइस जोड़े थे, जिनमें लैपटॉप और मोबाइल फोन शामिल थे। सीपी ने आगे कहा, हमने अब इन डिवाइस को डीएक्टिवेट कर दिया है। यह उनके इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक बड़ा झटका है। जनता को चेतावनी देते हुए, सीपी अनुपम सिंह गहलोत ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी, बिना सही जांच-पड़ताल के किसी भी फाइल को न खोलें और न ही किसी लिंक पर क्लिक करें। ये लिंक गैर-कानूनी तरीके से पैसे ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले मुख्य साधन हैं।
तुलसीदासः भक्ति, लोकमंगल और जीवन-दर्शन के अमर व्याख्याता
तुलसीदास जयंती The post तुलसीदासः भक्ति, लोकमंगल और जीवन-दर्शन के अमर व्याख्याता appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
4 साल बाद जारी हुआ ग्राम पंचायत अधिकारी का रिजल्ट, छात्रों ने जाहिर की खुशी
लंबे समय से रिजल्ट का इंतजार कर रहे ग्राम पंचायत अधिकारी (VPO) भर्ती 2023 के अभ्यर्थियों के लिए आखिरकार राहत की खबर सामने आई है. उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने 1,468 पदों पर अंतिम चयन परिणाम जारी कर दिया है. महीनों से परिणाम की राह देख रहे अभ्यर्थियों का इंतजार अब खत्म हो गया है. इस भर्ती को लेकर अभ्यर्थी लगातार अपनी मांग उठा रहे थे और आजतक भी उनकी आवाज को प्रमुखता से सामने लाता रहा है. रिजल्ट जारी होने के बाद चयन की उम्मीद लगाए बैठे उम्मीदवारों में खुशी और राहत का माहौल है.
Mandi के Deori School के बच्चों से बोले CM Sukhu, खराब मौसम के कारण टला Priyanka Gandhi का दौरा
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को मंडी ज़िले के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, देओरी के छात्रों से वर्चुअल तरीक़े से बातचीत की। उन्होंने बताया कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा नए बने स्कूल भवन का उद्घाटन करेंगी; ख़राब मौसम के कारण उनका दौरा टाल दिया गया था। सुक्खू ने शिमला में अपने सरकारी आवास से छात्रों से बातचीत की और उनकी पढ़ाई-लिखाई तथा स्कूल की नई इमारत के बारे में चर्चा की। सितंबर 2023 में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान देओरी स्कूल की इमारत को नुकसान पहुँचा था। 12 सितंबर 2023 को मंडी ज़िले के आपदा प्रभावित इलाक़ों के दौरे के दौरान प्रियंका गांधी ने उस जगह का दौरा किया था और छात्रों से मुलाक़ात की थी। छात्रों ने उनसे स्कूल की इमारत को ठीक करवाने में मदद करने का अनुरोध किया था। प्रियंका गांधी ने छात्रों को भरोसा दिलाया था कि स्कूल को फिर से बनाया जाएगा और यह भी कहा था कि जब नई बिल्डिंग बनकर तैयार हो जाए, तो उन्हें बुलाया जाए। स्कूल की नई बिल्डिंग लगभग 4.30 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई है। इसे भी पढ़ें: काबुल के Hazara इलाके में School के पास Grenade Attack, 50 बच्चे घायल, दहला Afghanistan प्रियंका गांधी को मंगलवार को बिल्डिंग का उद्घाटन करने के लिए मंडी जाना था, लेकिन खराब मौसम की वजह से उनका दौरा रद्द हो गया। इसके बाद उन्होंने शिमला से छात्रों को एक संदेश भेजा। सुक्खू ने कहा जब भी प्रियंका गांधी मुझसे मिलती थीं, तो देओरी स्कूल के बारे में पूछती थीं। मुझे खुशी है कि स्कूल की नई बिल्डिंग अब बनकर तैयार हो गई है। वह खुद इसका उद्घाटन करना चाहती थीं, लेकिन खराब मौसम के कारण आज मंडी नहीं पहुँच पाईं। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि मौसम ठीक होने पर वह हिमाचल प्रदेश लौटेंगी और स्कूल का उद्घाटन करेंगी। उन्होंने कहा कि सितंबर में उनके कार्यक्रम को फिर से तय किया जा सकता है। सुक्खू ने कहा कि अब नई बिल्डिंग में क्लास शुरू करने की प्रक्रिया शुरू होगी और छात्र जल्द ही वहाँ पढ़ाई कर सकेंगे। हिमाचल प्रदेश कैबिनेट के प्रस्तावित विस्तार पर सुक्खू ने कहा कि बातचीत का एक दौर पहले ही हो चुका है और कांग्रेस हाईकमान के साथ बातचीत का दूसरा दौर चल रहा है। इसे भी पढ़ें: BJP ने Shimla में CM Sukhu आवास का किया घेराव, सरकार बर्खास्तगी की मांग उन्होंने कहा मैं कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक के लिए दिल्ली जा रहा हूँ। हाईकमान के साथ बातचीत के बाद कैबिनेट विस्तार पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि विस्तार जल्द ही होगा। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र 21 अगस्त से शुरू होने वाला है, ऐसे में सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा अगर विपक्ष मुद्दे उठाता है, तो सरकार उन पर चर्चा करने के लिए तैयार है। सरकार से सवाल पूछना और जवाब मांगना विपक्ष का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन हंगामा करने से कोई फायदा नहीं है।
अमरपाल मौर्या ने कहा कि अखिलेश यादव जब सत्ता में थे तब पिछड़ा वर्ग के बजाए अपने खानदान को बढ़ाने में लगे रहे. अखिलेश यादव को PDA का फुल फार्म भी नहीं पता होगा
चाकू से 4 वार कर युवती को तड़पता छोड़ा, पास खड़ा खाना बनाता रहा कातिल, Video
जबलपुर के महफिल बार एंड रेस्टोरेंट में 14 अगस्त को मुस्कान चौधरी पर उसके सहकर्मी पवन ने किचन के चाकू से चार बार हमला किया था. सीसीटीवी में पहले दोनों के बीच बहस और फिर हमला कैद हुआ. घायल मुस्कान के पास आरोपी करीब 40 से 50 सेकेंड तक सामान्य तरीके से खाना बनाता रहा. इलाज के दौरान मुस्कान की मौत हो गई.
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बिना मूल आधारभूत दस्तावेज के भारतीय क्षेत्र को नेपाल अपना क्षेत्र कैसे कहता है?
लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी भारत के हिस्से हैं The post बिना मूल आधारभूत दस्तावेज के भारतीय क्षेत्र को नेपाल अपना क्षेत्र कैसे कहता है? appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
भारत का ‘दिव्यास्त्र’ तैयार, बिना रनवे और लॉन्च पैड के उड़ान, बॉर्डर पर दुश्मन के लिए बनेगा काल
भारत के पहले स्वदेशी जेट-पावर्ड लॉइटरिंग म्यूनिशन ‘दिव्यास्त्र Mk3’ ने अपनी पहली सफल उड़ान पूरी कर ली है. इस ड्रोन को लॉन्च करने के लिए किसी रनवे की जरूरत नहीं है.
आंदोलन भड़कने से पहले झुकी सरकार! जारी किया TRE-4 का विज्ञापन
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है, जो 1 सितंबर से आवेदन शुरू करेगा. यह कदम गर्दनीबाग में छात्रों के आमरण अनशन के बाद आया है, जिसने सरकार पर दबाव बनाया. छात्रों ने कहा कि यह केवल पहला कदम है और वे अन्य मांगों जैसे सिंगल फेज परीक्षा और संविदा वेटेज हटाने पर भी नजर रखेंगे.
YS Jagan का आंध्र सरकार पर दबाव, Missing Fishermen की तलाश के लिए Search Operation तेज करने की मांग
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और YSR कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष YS जगन मोहन रेड्डी ने मंगलवार को आठ मछुआरों को ले जा रही एक मछली पकड़ने वाली नाव के लापता होने पर चिंता जताई। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह उन्हें खोजने के लिए तलाशी अभियान तेज़ करे और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करे। YSR कांग्रेस पार्टी के अनुसार, ये मछुआरे डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोनासीमा ज़िले के अल्लावरम मंडल के ओडलारेवु, डुम्मलापेटा और वसालाटिप्पा गांवों के रहने वाले हैं। जारी बयान के अनुसार, उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह तलाशी अभियान तेज़ करे और मछुआरों को सुरक्षित वापस लाने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करे। जगन ने कहा कि मछुआरों के परिवार बहुत परेशान हैं क्योंकि कई दिनों से उनकी कोई खबर नहीं मिली है। उन्होंने सरकार से अपील की कि लापता मछुआरों और उनकी नाव का पता लगाने के लिए युद्ध स्तर पर खोज अभियान चलाया जाए। उन्होंने सरकार से कहा कि खोज अभियान में कोस्ट गार्ड, नेवी, मत्स्य विभाग और ज़िला प्रशासन को शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि खोज का दायरा बढ़ाने के लिए समुद्र में मौजूद सभी उपलब्ध टेक्नोलॉजी और कम्युनिकेशन सिस्टम का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। वाईएस जगन ने काकीनाडा, विशाखापत्तनम और पारादीप जैसे इलाकों सहित तट के पास चल रही मछली पकड़ने वाली नावों और अन्य जहाजों से भी सहयोग मांगा। उन्होंने कहा कि जब तक लापता नाव और मछुआरों का पता नहीं चल जाता, तब तक लगातार कोशिशें की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह सभी आठ मछुआरों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। उन्होंने सभी विभागों से तालमेल बिठाकर काम करने और यह सुनिश्चित करने की अपील की कि जब तक उनके बारे में पता न चल जाए, तब तक खोज अभियान में कोई ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने सरकार से यह भी आग्रह किया कि इस मुश्किल समय में लापता मछुआरों के परिवारों का साथ दे। इसे भी पढ़ें: Supreme Court ने Chandrababu Naidu के खिलाफ याचिका खारिज की, अमरावती केस में राहत इस बीच, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को समुद्र में लापता हुई, आठ मछुआरों वाली मछली पकड़ने की नाव की खोज के अभियान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को खोज तेज़ करने और नाव व मछुआरों का पता चलने तक कोशिशें जारी रखने का निर्देश दिया। एक्स पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा, माननीय मुख्यमंत्री श्री नारा चंद्रबाबू नायडू ने आज कोनासीमा ज़िले के अल्लावरम मंडल के ओडालोरेवु, डुम्मालापेटा और वसालाटिप्पा गांवों के मछुआरों की नाव के समुद्र में लापता होने की घटना की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से नाव पर सवार आठ मछुआरों की सुरक्षा के लिए चल रहे खोज अभियान के बारे में जानकारी ली।
BPSC ने किया 32,388 Teacher पदों का ऐलान, Bihar में सरकारी नौकरी का बड़ा मौका!
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने मंगलवार (18 अगस्त) को शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4.0) के चौथे चरण के लिए नोटिफिकेशन जारी किया। इस विज्ञापन के ज़रिए, आयोग ने बिहार शिक्षा विभाग के तहत शिक्षकों के 32,388 खाली पदों पर नियुक्ति के लिए योग्य भारतीय नागरिकों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। BPSC ने X पर एक पोस्ट में कहा कि बिहार शिक्षा विभाग के तहत स्कूल शिक्षकों के कुल 32,388 खाली पदों पर नियुक्ति के लिए योग्य भारतीय उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। विस्तृत जानकारी और आवेदन से संबंधित दिशानिर्देश आधिकारिक वेबसाइट http://bpsc.bihar.gov.in पर उपलब्ध हैं। इसे भी पढ़ें: Chirag Paswan का Bihar CM को पत्र, Assistant Professor Recruitment Rules 2026 की समीक्षा की मांग BPSC TRE-4.0 2026: ज़रूरी तारीखें नोटिफिकेशन के अनुसार, BPSC TRE 4.0 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर, 2026 से शुरू होगी। आयोग ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू करने से पहले विस्तृत विज्ञापन, प्रॉस्पेक्टस और आवेदन से जुड़े निर्देशों को ध्यान से पढ़ें। आवेदन शुरू होने की तारीख: 1 सितंबर आवेदन का तरीका: ऑनलाइन फीस जमा करने की आखिरी तारीख: 29 सितंबर ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तारीख: 30 सितंबर आवेदन कैसे करें आवेदन विंडो खुलने के बाद BPSC TRE 4.0 के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी। उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं और फॉर्म जमा करने से पहले सभी विवरणों की सावधानीपूर्वक जांच कर लें, क्योंकि समय सीमा के बाद सुधार के अवसर सीमित हो सकते हैं। BPSC की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाएं। BPSC TRE 4.0 भर्ती 2026 लिंक सक्रिय होने पर उस पर क्लिक करें। एक वैध ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर का उपयोग करके पंजीकरण करें। अपनी व्यक्तिगत, शैक्षणिक और शिक्षण योग्यता का विवरण भरें। आवश्यक दस्तावेज, फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें। आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन करें। आवेदन पत्र जमा करें और भविष्य के संदर्भ के लिए पुष्टि पृष्ठ डाउनलोड करें। BPSC शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE) पूरे बिहार में सरकारी स्कूलों के लिए शिक्षकों की भर्ती के लिए आयोजित की जाती है। यह परीक्षा प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों सहित विभिन्न स्तरों पर शिक्षण रिक्तियों को भरने के लिए आयोजित की जाती है।
BPSC TRE 4 LIVE Updates: BPSC TRE 4 के लिए क्या चाहिए योग्यता और कैसे होगा एग्जाम पैटर्न, जानिए यहां
Bihar Teacher Recruitment Notification OUT 2026 :बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE 4.0) का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. शिक्षा विभाग के अंतर्गत कुल 32,388 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी. ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू होगी और 30 सितंबर 2026 तक चलेगी.
आज़ादी के 80 वर्ष: स्वधर्म, स्वराज्य और स्वदेशी से ‘स्व’ की खोज तक
आज़ादी के 80 वर्ष The post आज़ादी के 80 वर्ष: स्वधर्म, स्वराज्य और स्वदेशी से ‘स्व’ की खोज तक appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
धर्मेंद्र प्रधान चले गए, क्या गारंटी है कि पेपर लीक नहीं होगा? अवध ओझा ने बताया असली समाधान
मशहूर शिक्षक अवध ओझा ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी पेपर लीक की समस्या खत्म होने की गारंटी पर सवाल उठाया है। उन्होंने राजनीति में फैली समस्या का जिक्र करते हुए इसका समाधान भी बताया है।

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