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रोज एक कीवी खाने से कब्ज, खराब कोलेस्ट्रॉल, शुगर और वजन पर पड़ता है असर

भागदौड़ भरी आधुनिक जीवनशैली और गलत खान-पान की आदतों के कारण आज के समय में शायद ही कोई ऐसा घर होगा जहां लोग किसी न किसी स्वास्थ्य समस्या से परेशान न हों। कोई मोटापे से जूझ रहा है, तो किसी का बढ़ा हुआ ब्लड शुगर और खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) रातों की नींद उड़ा रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों का हमेशा से यह जोर रहा है कि अगर हम अपनी डाइट में कुछ सुपरफूड्स को शामिल कर लें, तो कई बीमारियों से आसानी से बचा जा सकता है। हाल ही में जानी-माने न्यूट्रिशनिस्ट और डाइटीशियन डॉ. समीक्षा कालरा ने कीवी फल के फायदों को लेकर एक बहुत ही रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी साझा की है, जिसमें उन्होंने यह समझाया है कि रोजाना सिर्फ एक कीवी खाने से हमारे शरीर में कौन-कौन से बड़े और सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि यह छोटा सा हरा फल हमारी सेहत के लिए कितना जादुई साबित हो सकता है।कीवी को स्वास्थ्य की दुनिया में एक बेहतरीन पोषक तत्वों से भरपूर फल माना जाता है, जिसमें विटामिन सी, विटामिन के, विटामिन ई, पोटेशियम और भरपूर मात्रा में डाइटरी फाइबर पाए जाते हैं। बहुत से लोग इसे केवल स्वाद के लिए या बीमार होने पर ही खाते हैं, लेकिन डॉक्टर समीक्षा कालरा के अनुसार यदि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बना लिया जाए, तो यह शरीर की कई अंदरूनी समस्याओं को जड़ से ठीक करने की ताकत रखता है। आइए एक-एक करके जानते हैं कि कब्ज, कोलेस्ट्रॉल, शुगर और वजन घटाने के मामले में कीवी किस तरह से हमारे शरीर पर असर डालती है और इसके सेवन का सही तरीका क्या है।पेट की जिद्दी कब्ज और पाचन संबंधी समस्याओं से हमेशा के लिए राहतआज के दौर में खराब पाचन और कब्ज (Constipation) एक आम समस्या बन चुकी है, जिससे हर उम्र के लोग परेशान रहते हैं। सुबह पेट साफ न होने के कारण पूरा दिन सुस्ती और थकान में गुजरता है, जिससे कार्यक्षमता पर भी बुरा असर पड़ता है। डाइटीशियन डॉ. समीक्षा कालरा बताती हैं कि कीवी में प्रचुर मात्रा में नेचुरल सॉल्युबल और इनसॉल्युबल फाइबर पाए जाते हैं, जो आंतों की सेहत के लिए किसी टॉनिक की तरह काम करते हैं। जब आप नियमित रूप से कीवी का सेवन करते हैं, तो यह मल को मुलायम बनाता है और आंतों की मूवमेंट (Peristalsis) को बेहतर करता है, जिससे पुरानी से पुरानी कब्ज की समस्या भी धीरे-धीरे दूर होने लगती है।इसके अलावा, कीवी में एक्टिनिडिन (Actinidin) नाम का एक विशेष प्राकृतिक एंजाइम पाया जाता है, जो हमारे द्वारा खाए गए भोजन में मौजूद प्रोटीन को तेजी से पचाने में मदद करता है। जिन लोगों को अक्सर ब्लोटिंग (Bloating), गैस या अपच की शिकायत रहती है, उनके लिए भोजन के बाद या दिन के समय एक कीवी खाना बेहद फायदेमंद साबित होता है। यह पेट को ठंडक देता है और गट हेल्थ (Gut Health) को मजबूत बनाकर संपूर्ण पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है, जिससे शरीर हल्का और ऊर्जावान महसूस होता है।बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कंट्रोल कर दिल की सेहत को रखता है मजबूतखराब खान-पान और शारीरिक सक्रियता की कमी के कारण शरीर में लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन यानी खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) का स्तर तेजी से बढ़ने लगता है, जो आगे चलकर हार्ट अटैक और ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर दिल की बीमारियों का खतरा पैदा कर देता है। डॉ. समीक्षा कालरा के अनुसार, कीवी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और पोटेशियम हमारे कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह फल न केवल बढ़े हुए खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है, बल्कि गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) के स्तर को संतुलित बनाए रखने में भी सहायक होता है।कीवी में मौजूद पोटेशियम रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को आराम पहुंचाता है, जिससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और दिल पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता। जिन लोगों को दिल से जुड़ी शुरुआती समस्याएं हैं या जो अपने हृदय को लंबे समय तक स्वस्थ रखना चाहते हैं, वे अगर अपनी डेली डाइट में इस खट्टे-मीठे फल को शामिल कर लें, तो वे कई गंभीर जोखिमों से सुरक्षित रह सकते हैं। यह प्राकृतिक रूप से रक्त को साफ करने और नसों में ब्लॉकेज की संभावना को कम करने में भी मददगार माना जाता है।डायबिटीज के मरीज भी बेझिझक खा सकते हैं कीवी, ब्लड शुगर रहता है नियंत्रितअक्सर डायबिटीज के मरीजों के मन में यह सवाल रहता है कि मीठे फल खाने से उनका ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है, इसलिए वे फलों से दूरी बना लेते हैं। लेकिन डॉ. समीक्षा कालरा ने इस भ्रम को दूर करते हुए बताया है कि कीवी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (Glycemic Index - GI) काफी कम होता है, जिसका मतलब है कि यह शरीर में जाने के बाद ग्लूकोज को बहुत धीरे-धीरे रिलीज करता है। यही वजह है कि ब्लड शुगर के मरीजों के लिए यह एक बेहद सुरक्षित और फायदेमंद फल माना जाता है, जो अचानक शुगर स्पाइक (Sugar Spike) का खतरा पैदा नहीं करता।कीवी में मौजूद फाइबर्स और विटामिन्स इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारने में मदद करते हैं, जिससे शरीर में शुगर का स्तर नियंत्रण में रहता है। डायबिटीज के मरीज यदि अपनी दिनचर्या में सीमित मात्रा में कीवी को शामिल करते हैं, तो इससे न केवल उनकी मीठे की क्रेविंग शांत होती है, बल्कि उन्हें भरपूर पोषण भी मिलता है। हालांकि, किसी भी स्वास्थ्य स्थिति में अपने डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह लेना हमेशा सबसे अच्छा विकल्प होता है ताकि शरीर की व्यक्तिगत जरूरतों के हिसाब से सही डाइट प्लान तैयार किया जा सके।बढ़ते वजन और मोटापे से परेशान लोगों के लिए फैट बर्नर का करता है कामआज के समय में बढ़ता वजन और पेट की चर्बी (Belly Fat) हर दूसरे व्यक्ति के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन चुके हैं, जिसके लिए लोग जिम में घंटों पसीना बहाते हैं और डाइटिंग करते हैं। डॉ. समीक्षा कालरा के अनुसार, वजन घटाने की प्रक्रिया में कीवी एक बेहतरीन और मददगार फल साबित हो सकता है। कीवी में कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है और फाइबर बहुत अधिक होता है, जिसे खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा होने का अहसास होता है, जिससे बार-बार कुछ न कुछ अनहेल्दी खाने की इच्छा (Cravings) नियंत्रित हो जाती है।जब आप कम कैलोरी और उच्च पोषक तत्वों वाले आहार का सेवन करते हैं, तो आपका मेटाबॉलिज्म (Metabolism) तेज हो जाता है, जिससे शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी तेजी से बर्न होने लगती है। इसके अलावा, कीवी शरीर को डिटॉक्सीफाई करने में भी मदद करता है, जिससे टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और त्वचा पर भी एक अलग ही प्राकृतिक चमक देखने को मिलती है। वजन घटाने के सफर में यदि सही वर्कआउट के साथ कीवी को जोड़ा जाए, तो परिणाम बेहद चौंकाने वाले और सकारात्मक मिल सकते हैं।त्वचा में चमक और रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को मिलती है अद्भुत मजबूतीशरीर की अंदरूनी सेहत के साथ-साथ हमारी बाहरी खूबसूरती और इम्युनिटी पर भी खान-पान का गहरा असर पड़ता है। कीवी में संतरे और नींबू से भी अधिक मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है, जो हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए सबसे जरूरी पोषक तत्व माना जाता है। मजबूत इम्युनिटी होने पर मौसमी बीमारियां, सर्दी-जुकाम और इंफेक्शन आसानी से पास नहीं फटकते। इसके अलावा, इसमें मौजूद विटामिन ई और एंटीऑक्सीडेंट्स स्किन सेल्स को फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाते हैं, जिससे झुर्रियां कम होती हैं और चेहरे पर हमेशा एक नेचुरल ग्लो बना रहता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Sep 2026 12:35 pm

BJP अध्यक्ष Nitin Nabin के स्वागत में Meerut Toll Plaza पर सजी बुलडोज़र की कतार

21 और 22 सितंबर को उत्तर प्रदेश के दौरे से पहले, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का स्वागत करने के लिए मेरठ के बाहरी इलाके में टोल प्लाज़ा पर बुलडोज़रों की एक कतार लगाई गई थी। वहाँ की तस्वीरों में हाईवे के किनारे पार्टी के झंडों और बैनरों से सजे, चमकीले रंगों में रंगे बुलडोज़र एक क्रम में खड़े दिखाई दिए। आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले नितिन नबीन का यह दो दिवसीय दौरा काफी अहम है। अपने दौरे के दौरान, वे चुनाव की तैयारियों पर केंद्रित संगठनात्मक बैठकों, जन-कार्यक्रमों और सम्मेलनों की अगुवाई करेंगे। साथ ही, पार्टी के सेवा, समर्पण और आस्था पर ज़ोर देने के तहत वे ऐतिहासिक स्थलों और प्रमुख मंदिरों का भी दौरा करेंगे। इसे भी पढ़ें: Congress अब बनी Muslim League Maoist पार्टी, Sudhanshu Trivedi का Rahul Gandhi पर वार 21 सितंबर को नबिन क्रांतिधरा मेरठ पहुंचेंगे और इंडियन नेशनल आर्मी शहीद स्मारक और पार्क में श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद, वह स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी के मंगल्य ऑडिटोरियम में ‘युवा सम्मेलन’ को संबोधित करेंगे और युवाओं से अपनी ताकत का सही इस्तेमाल करने का आग्रह करेंगे। इसके बाद, वह उसी कैंपस में आयोजित ‘शक्ति केंद्र सम्मेलन (पश्चिमी क्षेत्र)’ में भी बोलेंगे। उसी दिन बाद में, नबिन चुनाव की रणनीतियों को अंतिम रूप देने के लिए पश्चिमी क्षेत्र के पूर्व पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। 22 सितंबर को सुबह वे मेरठ की जानी-मानी हस्तियों और खास नागरिकों से बातचीत करेंगे। इसके बाद, वे पूजा-अर्चना के लिए ऐतिहासिक औघड़नाथ मंदिर जाएंगे। सहारनपुर पहुँचने पर, नितिन नवीन बीजेपी के एक कार्यकर्ता के घर दोपहर का भोजन करेंगे, जो पार्टी की 'कार्यकर्ता' परंपरा को दर्शाता है। सहारनपुर में, वे पश्चिमी क्षेत्र के पूर्व सांसदों और विधायकों से बातचीत करेंगे। इसके बाद, वे चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा करने के लिए राज्य और क्षेत्रीय पदाधिकारियों, ज़िला अध्यक्षों, ज़िला प्रभारियों और महासचिवों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक करेंगे। इसे भी पढ़ें: K Annamalai ने पेरियार के सुधारों को सराहा, नास्तिकता और ब्राह्मण विरोधी विचारों को नकारा अपनी यात्रा के समापन पर, नितिन नवीन सिद्धपीठ शाकंभरी देवी मंदिर में माँ भगवती की पूजा-अर्चना करेंगे। वे सभी नागरिकों के लिए सुख-समृद्धि और शांति के साथ-साथ देश की निरंतर प्रगति की कामना करेंगे और इस तरह पार्टी के ज़मीनी संगठन को मज़बूत करेंगे।

प्रभासाक्षी 21 Sep 2026 12:35 pm

होठों के आकार और टेक्सचर के हिसाब से परफेक्ट लिपस्टिक लगाने का प्रोफेशनल तरीका

मेकअप की दुनिया में लिपस्टिक एक ऐसा कॉस्मेटिक प्रोडक्ट है जो आपके पूरे चेहरे के लुक को पल भर में पूरी तरह से बदल सकता है। एक सही शेड और सही तरीके से लगाई गई लिपस्टिक न केवल आपके चेहरे पर निखार लाती है, बल्कि आपके कॉन्फिडेंस को भी कई गुना बढ़ा देती है। इसके बावजूद, बहुत सी महिलाओं और लड़कियों की यह शिकायत रहती है कि वे चाहे कितनी भी महंगी लिपस्टिक क्यों न खरीद लें, वह होठों पर या तो फैल जाती है, कुछ ही घंटों में उतर जाती है या फिर होठों के आकार को अजीब दिखाने लगती है। इसकी मुख्य वजह यह है कि हर किसी के होठों का आकार (Lip Shape), साइज और टेक्सचर (Texture) अलग-अलग होता है, और हर एक स्टाइल हर किसी पर फिट नहीं बैठती। यदि आप भी यह सीखना चाहती हैं कि अपने होठों की बनावट के अनुसार लिपस्टिक कैसे लगाई जाए ताकि आपका लुक एकदम परफेक्ट और प्रोफेशनल लगे, तो यह गाइड आपके लिए बेहद काम की साबित होने वाली है।होठों की सही तैयारी और एक्सफोलिएशन का महत्वकिसी भी खूबसूरत मेकअप की शुरुआत हमेशा एक साफ और तैयार बेस से होती है, और लिपस्टिक लगाने की प्रक्रिया में भी यही नियम सबसे पहले लागू होता है। अक्सर हम बिना सोचे-समझे सीधे होठों पर लिपस्टिक लगा लेते हैं, जिससे पपड़ी जमने लगती है और होंट फटे हुए नजर आते हैं। होठों को मुलायम और खूबसूरत बनाने के लिए सबसे पहले उनका एक्सफोलिएशन (Exfoliation) करना बेहद जरूरी है। इसके लिए आप चीनी और शहद का घरेलू स्क्रब इस्तेमाल कर सकती हैं या फिर एक नरम टूथब्रश की मदद से हल्के हाथों से होठों की डेड स्किन को हटा सकती हैं। डेड स्किन हटने के बाद होठों पर एक अच्छी क्वालिटी का लिप बाम या मॉइस्चराइजर लगाएं और उसे कुछ मिनट के लिए छोड़ दें ताकि होंट पूरी तरह से हाइड्रेट हो जाएं। इसके बाद किसी टिशू पेपर से अतिरिक्त नमी को हल्का सा सोख लें, जिससे आपका लिप कलर लंबे समय तक टिका रहेगा और फैलेगा नहीं।होठों के आकार (Lip Shapes) को समझें और उसके अनुसार लगाएं लिपस्टिकहर महिला के होठों का शेप अलग होता है, और यदि आप अपने होठों के प्राकृतिक आकार को ध्यान में रखकर लिपस्टिक और लिप लाइनर का इस्तेमाल करती हैं, तो आपका मेकअप आर्टिस्टिक और गॉर्जियस नजर आता है। यदि आपके होंट बहुत पतले (Thin Lips) हैं, तो आपको डार्क शेड्स के बजाय हमेशा लाइट और न्यूड शेड्स चुनने चाहिए, क्योंकि डार्क रंग पतले होठों को और ज्यादा पतला दिखाते हैं। पतले होठों को थोड़ा भरा हुआ दिखाने के लिए लिप लाइनर का इस्तेमाल हमेशा होठों की प्राकृतिक रेखा से हल्का सा बाहर की तरफ (Over-lining) करें और शिमरी या ग्लॉसी लिपस्टिक लगाएं। इसके विपरीत, यदि आपके होंट बहुत मोटे या चौड़े (Full Lips) हैं, तो आपको लिप लाइनर का इस्तेमाल होठों के अंदरूनी हिस्से पर करना चाहिए और हमेशा मैट लिपस्टिक चुननी चाहिए, ताकि होठों पर अतिरिक्त चमक न फैले और वे संतुलित तथा आकर्षक दिखें।लिप टेक्सचर (Lip Texture) और मौसम के हिसाब से चुनें सही फॉर्मूलाहोठों का टेक्सचर इस बात को तय करता है कि आपके होठों पर लिक्विड मैट लिपस्टिक अच्छी लगेगी या क्रीमी और साटन फिनिश वाली लिपस्टिक। यदि आपके होंट बहुत जल्दी सूखते हैं और उन पर दरारें पड़ जाती हैं, तो आपको मैट या लिक्विड लिपस्टिक के इस्तेमाल से बचना चाहिए, क्योंकि यह फॉर्मूला होठों की नमी को पूरी तरह खींच लेता है जिससे होंट और अधिक फटे हुए नजर आने लगते हैं। ऐसे टेक्सचर वाले होठों के लिए हाइड्रेटिंग लिपस्टिक, टिंटेड बाम या मॉइस्चराइजिंग ग्लॉस सबसे बेहतरीन विकल्प माने जाते हैं। वहीं, अगर आपके होंट चिकने और सामान्य हैं, तो आप किसी भी प्रकार की लॉन्ग-वेअर लिक्विड मैट लिपस्टिक का खुलकर इस्तेमाल कर सकती हैं जो बिना फैले घंटों तक टिकी रहती है। इसके अलावा, बदलते मौसम के साथ अपने लिप प्रोडक्ट्स में बदलाव करना भी उतना ही जरूरी है जितना कि स्किनकेयर रूटीन में बदलाव करना।लंबे समय तक लिपस्टिक टिकाए रखने के आसान और प्रोफेशनल टिप्सकई बार ऑफिस या पार्टी में जाने के कुछ ही घंटों बाद लिपस्टिक बीच से गायब होने लगती है या फीकी पड़ जाती है, जिससे बार-बार टच-अप करने की जरूरत पड़ती है। अपनी लिपस्टिक को वाटरप्रूफ और लंबे समय तक टिकाऊ बनाने के लिए मेकअप आर्टिस्ट एक खास तकनीक का इस्तेमाल करते हैं, जिसे लेयरिंग कहा जाता है। सबसे पहले लिप बाम लगाने के बाद पूरे होठों पर लिप लाइनर से एक बेस तैयार करें, क्योंकि इससे लिपस्टिक को पकड़ने के लिए एक मजबूत आधार मिल जाता है। पहली कोट लगाने के बाद होठों के बीच एक पतला टिशू पेपर रखें और उसके ऊपर से हल्का सा ट्रांसलूसेंट पाउडर डस्ट करें, जिससे अतिरिक्त नमी सोख ली जाती है। इसके बाद लिपस्टिक की दूसरी कोट लगाएं, और आप खुद देखेंगी कि आपकी लिपस्टिक सुबह से शाम तक बिना जरा भी हिले एकदम परफेक्ट बनी रहती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Sep 2026 12:33 pm

इस हफ्ते किन राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा? जानें नौकरी, कारोबार और धन लाभ का पूरा हाल

ज्योतिषीय गणनाओं और नक्षत्रों की चाल के आधार पर हर नया हफ्ता हमारे जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर गहरा प्रभाव डालता है, जिसमें आर्थिक स्थिति, नौकरी और व्यापार सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं। नया सप्ताह यानी 21 से 27 सितंबर 2026 का यह समयावधि वित्तीय दृष्टिकोण से सभी बारह राशियों के लिए बेहद खास रहने वाली है। ग्रहों के गोचर और उनकी बदलती स्थितियों के कारण कुछ जातकों को जबरदस्त धन लाभ और करियर में तरक्की के नए अवसर मिलने की पूरी संभावना है, तो वहीं कुछ अन्य राशियों को इस हफ्ते पैसों के लेन-देन और व्यावसायिक निवेश के मामले में बहुत अधिक सतर्कता बरतनी होगी। आइए मशहूर ज्योतिषीय विश्लेषण के आधार पर विस्तार से जानते हैं कि मेष से लेकर मीन राशि तक सभी जातकों के लिए यह सप्ताह आर्थिक रूप से कैसा बीतने वाला है और किसे मिलेगी सफलता तथा किसे करना पड़ सकता है संघर्ष।धन, समृद्धि और करियर की स्थिरता हर इंसान के जीवन का एक अहम हिस्सा होती है, और हर कोई यह जानना चाहता है कि आने वाले सात दिनों में उसकी वित्तीय स्थिति कैसी दिशा तय करेगी। क्या आपको नौकरी में प्रमोशन या इन्क्रिमेंट मिलने वाला है? क्या आपका नया व्यापारिक समझौता आपको मुनाफा देगा या फिर घाटे का सौदा साबित होगा? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए आइए मेष से लेकर मीन राशि तक के संपूर्ण साप्ताहिक आर्थिक राशिफल का विश्लेषण करते हैं और समझते हैं कि सितारों की चाल आपके बैंक बैलेंस पर क्या असर डालने जा रही है।मेष, वृषभ और मिथुन राशि: इस हफ्ते किसे मिलेगा छप्परफाड़ धन लाभ और किसे संभालना होगा बजट?मेष राशि के जातकों के लिए 21 से 27 सितंबर 2026 का यह सप्ताह आर्थिक मोर्चे पर मिला-जुला लेकिन सकारात्मक परिणाम लेकर आया है। यदि आप पिछले कुछ समय से किसी नए व्यवसाय में निवेश करने की सोच रहे थे, तो इस हफ्ते आपको कोई बेहतरीन डील मिल सकती है, हालांकि कागजी कार्रवाई में पूरी सावधानी बरतें। नौकरीपेशा लोगों को अपने कार्यक्षेत्र में सीनियर अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जिससे आय में वृद्धि के योग बन रहे हैं। वृषभ राशि वाले जातकों के लिए यह हफ्ता वित्तीय स्थिरता लेकर आया है। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में फैसला आपके पक्ष में आ सकता है, जिससे आपका बैंक बैलेंस मजबूत होगा। शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में सोच-समझकर किया गया निवेश आपको भविष्य में बड़ा मुनाफा दे सकता है, लेकिन शॉर्टकट अपनाने से बचें।मिथुन राशि के जातकों को इस सप्ताह अपने खर्चों पर थोड़ा नियंत्रण रखने की सख्त जरूरत है। अनावश्यक चीजों पर पैसा खर्च करने के कारण महीने के अंत में बजट गड़बड़ा सकता है। हालांकि, व्यापार से जुड़े लोगों को विदेशी स्रोतों या ऑनलाइन माध्यमों से अचानक धन लाभ होने की प्रबल संभावना है। यदि आप पार्टनरशिप में बिजनेस करते हैं, तो अपने साझीदार के साथ पारदर्शिता बनाए रखें ताकि किसी भी प्रकार के वित्तीय विवाद से बचा जा सके। स्वास्थ्य पर होने वाला खर्च आपकी बचत को प्रभावित कर सकता है, इसलिए अपनी जीवनशैली को संतुलित रखना आपके लिए इस हफ्ते सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित होगा।कर्क, सिंह और कन्या राशि: करियर में आएगी जबरदस्त तेजी, कारोबारियों को मिलेगी नई व्यावसायिक ऊंचाइयांकर्क राशि के जातकों के लिए यह हफ्ता धन संचय के लिहाज से बहुत उत्तम रहने वाला है। आप अपनी सूझबूझ और वाणी के बल पर अटके हुए पुराने पैसों को वापस पाने में कामयाब रहेंगे। नौकरीपेशा वर्ग के जातकों को ऑफिस में कोई नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, जिससे भविष्य में वेतन वृद्धि के रास्ते खुलेंगे। सिंह राशि के जातकों का आत्मविश्वास इस सप्ताह सातवें आसमान पर रहेगा, जिसके दम पर आप अपने कारोबार को एक नई दिशा देने में सफल होंगे। सरकारी क्षेत्र से जुड़े कामों में रुकावटें दूर होंगी और ठेकेदारों को बड़े प्रोजेक्ट्स हासिल हो सकते हैं। परिवार के साथ किसी धार्मिक या मांगलिक कार्य में धन खर्च होने के योग हैं, जिससे मन प्रसन्न रहेगा।कन्या राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह कड़ी मेहनत और शानदार आर्थिक रिटर्न दोनों लेकर आया है। यदि आपने बैंक से कोई लोन या कर्ज ले रखा है, तो इस हफ्ते आप उसका एक बड़ा हिस्सा चुकाने में सफल रहेंगे, जिससे मानसिक तनाव कम होगा। मीडिया, कला, तकनीक या शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए आय के नए स्रोत विकसित होंगे। निवेश के मामले में किसी विशेषज्ञ की सलाह लेना आपके लिए बेहद फायदेमंद रहेगा। सप्ताह के मध्य में अचानक किसी यात्रा पर जाना पड़ सकता है, जो भविष्य में आपके व्यावसायिक संपਰकों को मजबूत करने का काम करेगी।तुला, वृश्चिक और धनु राशि: आर्थिक योजनाओं को मिलेगी गति, वित्तीय मामलों में बरतनी होगी विशेष सावधानीतुला राशि के जातकों के लिए 21 से 27 सितंबर 2026 का यह सप्ताह आर्थिक दृष्टिकोण से बहुत ही प्रगतिशील रहने वाला है। आपकी व्यावसायिक योजनाएं पटरी पर लौटेंगी और बाजार में आपकी साख बढ़ेगी। यदि आप नया मकान, वाहन या प्रॉपर्टी खरीदने का मन बना रहे हैं, तो इस हफ्ते इस दिशा में उठाया गया कदम बेहद शुभ साबित होगा। वृश्चिक राशि के जातकों को इस हफ्ते पैसों के लेन-देन में थोड़ी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। किसी भी अनजान व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और कागजों पर हस्ताक्षर करने से पहले हर शर्त को अच्छी तरह पढ़ लें। नौकरी में बदलाव का विचार बना रहे लोगों को अभी कुछ दिनों के लिए इंतजार करना बेहतर रहेगा।धनु राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह करियर में तरक्की के नए द्वार खोलने वाला है। नौकरीपेशा लोगों को मनचाहा ट्रांसफर या प्रमोशन मिलने की खुशखबरी मिल सकती है। व्यापार में यदि पिछले कुछ समय से मंदी का दौर चल रहा था, तो इस हफ्ते ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने से मुनाफे में भारी उछाल देखने को मिलेगा। परिवार के बुजुर्गों की सलाह से किए गए वित्तीय निवेश आपको लंबे समय तक आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेंगे। छात्रों को अपनी पढ़ाई से जुड़े खर्चों के लिए स्कॉलरशिप या आर्थिक सहायता मिलने की संभावना है।मकर, कुंभ और मीन राशि: निवेश के नए अवसर और आकस्मिक धन लाभ के बन रहे हैं प्रबल योगमकर राशि के जातकों के लिए यह हफ्ता आर्थिक मामलों में बहुत संभलकर चलने वाला है। हालांकि आपकी आमदनी स्थिर बनी रहेगी, लेकिन बढ़ते हुए घरेलू खर्च और पारिवारिक जरूरतों के कारण आपको थोड़ा आर्थिक दबाव महसूस हो सकता है। किसी भी प्रकार के सट्टेबाजी या जोखिम भरे निवेश से पूरी तरह दूर रहें, अन्यथा बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। कुंभ राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह बेहद भाग्यशाली साबित होने वाला है। आपको किसी पैतृक संपत्ति या अचानक हुए लॉटरी/शेयर लाभ से भारी मात्रा में धन प्राप्ति के योग बन रहे हैं। व्यापारी वर्ग के लोग अपने कारोबार का विस्तार करने के लिए नई शाखाएं खोल सकते हैं, जिसमें बैंक या निवेशकों से आसानी से लोन मिल जाएगा।मीन राशि के जातकों के लिए 21 से 27 सितंबर 2026 का यह सप्ताह मानसिक शांति और आर्थिक संतुलन लेकर आया है। आपके सोचे हुए सभी कार्य समय पर पूरे होंगे, जिससे आपकी वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। जीवनसाथी के सहयोग से आपको किसी बड़े निवेश में मुनाफा कमाने का अवसर मिलेगा। कला, संगीत, लेखन या अभिनय के क्षेत्र से जुड़े लोगों को इस हफ्ते अपनी कला के दम पर बड़ी आर्थिक सफलता और मान-सम्मान दोनों की प्राप्ति होगी। कुल मिलाकर यह सप्ताह सभी राशियों के लिए अपनी आर्थिक रणनीतियों को बेहतर बनाने और भविष्य की प्लानिंग करने का सबसे सही समय साबित होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Sep 2026 12:32 pm

IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत की जांच क्राइम ब्रांच को

IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है. परिवार की शिकायत पर आत्महत्या के लिए उकसाने और SC/ST Act के तहत FIR दर्ज हुई है. पढ़ें पूरी कहानी.

आज तक 21 Sep 2026 12:31 pm

23 या 24 सितंबर, कब रखा जाएगा भाद्रपद माह का अंतिम प्रदोष व्रत

सनातन धर्म में पंचांग और व्रत-त्योहारों का विशेष महत्व माना गया है, जिनमें प्रदोष व्रत का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण और फलदायी कहा गया है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर महीने की त्रयोदशी तिथि को भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत रखा जाता है। भाद्रपद मास का यह अंतिम प्रदोष व्रत इस बार किस दिन रखा जाएगा, इसको लेकर श्रद्धालुओं के मन में काफी असमंजस और दुविधा की स्थिति बनी हुई है कि व्रत 23 सितंबर को रखा जाए या 24 सितंबर को। इस तिथि के संशय को दूर करने के लिए देश के प्रमुख ज्योतिषीय और धार्मिक केंद्र उज्जैन के प्रसिद्ध आचार्यों ने स्पष्ट गणना के आधार पर सही तिथि, व्रत के नियम और पूजा-पाठ के शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी साझा की है। यदि आप भी भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो प्रदोष व्रत के सही समय और पूजन विधान को जानना आपके लिए बेहद आवश्यक है।भगवान शिव की आराधना का यह पावन व्रत न केवल भक्तों के सभी संकटों को दूर करता है, बल्कि उन्हें मानसिक शांति, उत्तम स्वास्थ्य और अमोघ पुण्य की प्राप्ति भी कराता है। प्रदोष काल यानी सूर्यास्त के ठीक पहले और बाद का समय भगवान शिव की उपासना के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। भाद्रपद माह के समापन की ओर बढ़ते हुए यह अंतिम प्रदोष व्रत इसलिए भी खास हो जाता है क्योंकि इस दिन व्रत रखने से चातुर्मास के दौरान मिलने वाली विशेष शिव कृपा का पूरा लाभ मिलता है। आइए जानते हैं कि उज्जैन के विद्वान आचार्यों के अनुसार इस बार प्रदोष व्रत की वास्तविक और शास्त्र-संमत तिथि कौन सी है और किस दिन व्रत रखना सबसे अधिक फलदायी रहेगा।उज्जैन के आचार्य ने दूर किया संशय: जानिए क्या है 23 या 24 सितंबर में से सही तिथिभाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष या कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथियों के घट-बढ़ होने के कारण अक्सर व्रत की तारीखों को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो जाती है। उज्जैन के जाने-माने ज्योतिष आचार्य और पंचांगकर्ताओं ने इस विषय पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया है कि उदया तिथि और प्रदोष व्यापिनी त्रयोदशी के नियमों का पालन करना सबसे जरूरी होता है। आचार्य के अनुसार, यदि त्रयोदशी तिथि का विस्तार प्रदोष काल (संध्या के समय) तक रहता है, तो उसी दिन का व्रत सबसे उत्तम माना जाता है। पंचांग की सटीक गणना के मुताबिक, इस वर्ष भाद्रपद माह का अंतिम प्रदोष व्रत किस तारीख को सूर्य की स्थिति और चंद्रमा के गोचर के आधार पर मान्य होगा, इसकी पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी गई है ताकि भक्तों को पूजा में किसी भी प्रकार की दुविधा का सामना न करना पड़े।विद्वानों का कहना है कि शास्त्रों में प्रदोष व्रत के लिए प्रदोष काल को मुख्य आधार माना गया है। यदि किसी दिन द्वादशी समाप्त होकर त्रयोदशी तिथि शाम के समय यानी सूर्यास्त के आसपास शुरू होती है या पूरे प्रदोष काल में व्याप्त रहती है, तो वह दिन व्रत के लिए सर्वश्रेष्ठ होता है। इसलिए, जिन लोगों को 23 सितंबर को लेकर संशय था, उन्हें पंचांग के सही नियमों के अनुसार ही अपना उपवास रखना चाहिए ताकि उनकी पूजा का पूर्ण प्रतिफल मिल सके। आचार्य ने यह भी सलाह दी है कि व्रत का संकल्प हमेशा सही तिथि और पंडितों द्वारा बताए गए मुहूर्त के अनुसार ही लेना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की धार्मिक त्रुटि से बचा जा सके।प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त और पूजा का सबसे उत्तम समयकिसी भी व्रत और अनुष्ठान की सफलता उसके सही मुहूर्त पर निर्भर करती है। प्रदोष व्रत की पूजा हमेशा प्रदोष काल में ही की जाती है, जो सूर्यास्त से लगभग 45 मिनट पहले शुरू होती है और सूर्यास्त के 45 मिनट बाद तक रहती है। इस विशेष कालखंड में भगवान शिव अपने पूरे परिवार यानी माता पार्वती, भगवान गणेश, कार्तिकेय और नंदी जी के साथ कैलाश पर्वत पर प्रसन्न मुद्रा में विराजमान होते हैं। इस दौरान की गई पूजा से साधक की सभी मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं। पंचांग के अनुसार, भाद्रपद के इस अंतिम प्रदोष व्रत के दिन संध्याकाल का मुहूर्त अत्यंत ही ऊर्जावान और पावन रहेगा, जिसमें भगवान शिव का अभिषेक करना विशेष रूप से कल्याणकारी माना गया है।पूजा के समय व्रतियों को शाम के वक्त स्नान करके साफ-सुथरे वस्त्र धारण करने चाहिए और प्रदोष काल शुरू होने से पहले ही अपने घर के मंदिर या किसी शिवालय में पूजा की पूरी तैयारी कर लेनी चाहिए। प्रदोष काल में भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, और बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, चंदन, धूप-दीप व नैवेद्य अर्पित करना चाहिए। इस दिन 'ॐ नमः शिवाय' महामंत्र का निरंतर जाप करना और प्रदोष व्रत की कथा का श्रवण करना अत्यंत शुभ फल देता है। पूजा के अंत में भगवान शिव की आरती कर अपनी भूल-चूक के लिए क्षमा मांगनी चाहिए और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करनी चाहिए।प्रदोष व्रत के दौरान ध्यान रखने योग्य जरूरी नियम और सावधानियांप्रदोष व्रत अन्य व्रतों की तुलना में थोड़ा अलग और विशेष नियमों वाला माना जाता है। इस व्रत को रखने वाले श्रद्धालुओं को सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और दिनभर मन में भगवान शिव का स्मरण रखना चाहिए। इस दिन अन्न का सेवन नहीं किया जाता है, और जो लोग पूरी तरह निर्जला व्रत रखने में सक्षम नहीं हैं, वे फलाहार या केवल दूध और जल ग्रहण करके उपवास रख सकते हैं। व्रत के दिन किसी भी प्रकार के असत्य, क्रोध, वाद-विवाद या नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए, क्योंकि भगवान शिव निर्मल मन और सच्चे भाव से की गई भक्ति से ही सबसे अधिक प्रसन्न होते हैं।इसके अलावा, प्रदोष व्रत के दिन बाल और नाखून काटने जैसी क्रियाओं से बचना चाहिए तथा ब्रह्मचर्य नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। सूर्यास्त के बाद एक बार पुनः स्नान या हाथ-पैर धोकर स्वच्छ वस्त्र पहनकर ही प्रदोष काल की पूजा में बैठना चाहिए। पूजा संपन्न होने के बाद ही अन्न या फलाहार ग्रहण करना चाहिए। जो लोग विधि-विधान से इन सभी नियमों का पालन करते हैं, उन्हें महादेव की असीम कृपा प्राप्त होती है और उनके जीवन के सभी कष्ट व बाधाएं हमेशा के लिए समाप्त हो जाती हैं।भगवान शिव की कृपा और प्रदोष व्रत का अलौकिक आध्यात्मिक महत्वसनातन परंपरा में प्रदोष व्रत को भगवान शिव की प्राप्ति और उनके आशीर्वाद का सबसे सरल मार्ग माना गया है। ऐसी मान्यता है कि जो मनुष्य प्रदोष व्रत के नियमों का पालन करते हुए सच्चे मन से शिव-पार्वती की आराधना करता है, उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता और उसके जीवन के सभी पाप धुल जाते हैं। भाद्रपद माह का यह अंतिम प्रदोष व्रत चातुर्मास के बीच आने के कारण विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इन चार महीनों में भगवान विष्णु योगनिद्रा में होते हैं और सृष्टि का संचालन और संरक्षण भगवान शिव के हाथों में विशेष रूप से माना जाता है। इस दौरान शिव आराधना करने से साधक को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और उसकी हर मनोकामना पूरी होती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Sep 2026 12:30 pm

ममता बनर्जी: चुनाव चिह्न फ्रीज करने के चुनाव आयोग के फैसले को दी चुनौती, सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

ममता बनर्जी: चुनाव चिह्न फ्रीज करने के फैसले के खिलाफ दायर की याचिका, सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत सुनवाई की दी मंजूरी

अमर उजाला 21 Sep 2026 12:30 pm

पद्मा एकादशी पर हरिवासर का दुर्लभ संयोग: बैकुंठ धाम में स्थान पाने के लिए ऐसे करें व्रत

सनातन धर्म और हिंदू पंचांग में एकादशी व्रत का विशेष और आध्यात्मिक महत्व बताया गया है, जिसे सभी व्रतों में अत्यंत फलदायी माना जाता है। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मुख्य रूप से पद्मा एकादशी या परिवर्तिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस पावन अवसर पर इस बार एक बेहद दुर्लभ और शुभ संयोग यानी 'हरिवासर' का महासंयोग बन रहा है, जिसने इस व्रत के धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व को कई गुना बढ़ा दिया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु क्षीरसागर में अपनी करवट बदलते हैं, इसीलिए इसे परिवर्तिनी एकादशी भी कहा जाता है। जो भी श्रद्धालु सच्ची श्रद्धा और विधि-विधान के साथ इस उपवास को संपन्न करते हैं, उन्हें मृत्यु के पश्चात सीधे बैकुंठ धाम में स्थान प्राप्त होता है। आइए इस विशेष पर्व के शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इसके अलौकिक महत्व के बारे में विस्तार से जानते हैं।हिंदू संस्कृति में एकादशी का व्रत केवल उपवास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि, मानसिक शांति और ईश्वर की आराधना का सबसे उत्तम मार्ग है। पद्मा एकादशी के दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा-अर्चना का विधान है। पुराणों के अनुसार, इस दिन व्रत रखने वाले मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे अश्वमेघ यज्ञ के समान पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। जैसे-जैसे इस पावन तिथि की तैयारियां शुरू होती हैं, देश भर के मंदिरों और श्रद्धालुओं के घरों में उत्सव जैसा माहौल बन जाता है। व्रत के नियमों का पालन करते हुए भगवान विष्णु के श्री चरणों में अपनी हाजिरी लगाने के लिए भक्तगण सुबह से ही मंदिरों में अपनी तैयारियां पूरी करने में जुट जाते हैं।पद्मा एकादशी और हरिवासर का दुर्लभ संयोग: क्या है इसका ज्योतिषीय और धार्मिक महत्व?पंचांग के अनुसार, इस वर्ष पद्मा एकादशी के पावन पर्व पर 'हरिवासर' का विशेष संयोग बन रहा है। हरिवासर वह समय अवधि होती है जो एकादशी तिथि के शुरुआती चरणों में आती है, और इसे भगवान हरि की आराधना के लिए सबसे अधिक पवित्र और ऊर्जावान माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के जानकारों का कहना है कि हरिवासर के दौरान किए गए जप, तप, दान और व्रत का पुण्य साधारण दिनों की तुलना में कई गुना अधिक फलदायी होता है। इस काल में भगवान विष्णु की पूजा करने से घर में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। पितरों की शांति और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए भी इस एकादशी को बहुत चमत्कारिक माना गया है, क्योंकि इस दिन किए गए अनुष्ठान सीधा भगवान विष्णु के चरणों तक पहुंचते हैं।धार्मिक कथाओं के अनुसार, राजा बलि के अहंकार को चूर करने के लिए भगवान विष्णु ने वामन अवतार धारण किया था और इसी एकादशी के दिन उन्होंने अपनी योगनिद्रा के दौरान करवट बदली थी। यही कारण है कि इसे परिवर्तिनी एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन व्रत रखने से जीवन में आने वाले सभी प्रकार के संकट और बाधाएं दूर हो जाती हैं। जो लोग लंबे समय से मानसिक तनाव या आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह व्रत किसी वरदान से कम नहीं माना जाता है। भगवान विष्णु की कृपा से भक्तों के सभी रुके हुए कार्य पूर्ण होने लगते हैं और घर में माता लक्ष्मी का स्थायीि वास होता है।पद्मा एकादशी व्रत का शुभ मुहूर्त और पारण का सही समयकिसी भी व्रत की पूर्णता उसके सही मुहूर्त और विधि-विधान पर निर्भर करती है। पद्मा एकादशी तिथि का आरंभ और समापन पंचांग के अनुसार निश्चित होता है, और उसी के आधार पर व्रतियों को अपनी पूजा और उपवास का संकल्प लेना चाहिए। पूजा का सबसे उत्तम समय ब्रह्म मुहूर्त या सुबह का समय होता है, जब स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं। इसके पश्चात भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर को चौकी पर स्थापित कर उनका षोडशोपचार पूजन किया जाता है। हरिवासर के समय को ध्यान में रखते हुए भक्तों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे इस पवित्र अवधि के दौरान भगवान के ध्यान में लीन रहें और किसी भी प्रकार के नकारात्मक विचारों से दूर रहें।व्रत का पारण (व्रत खोलना) द्वादशी तिथि के दिन सूर्योदय के पश्चात और हरिवासर की समाप्ति के बाद ही किया जाना चाहिए। बिना हरिवासर के समाप्त हुए या बिना द्वादशी के पारण किए व्रत अधूरा माना जाता है। पारण के दिन सुबह भगवान विष्णु की पुनः पूजा कर ब्राह्मणों को भोजन कराना और अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-दक्षिणा देना अत्यंत पुण्य का काम माना गया है। इसके बाद सात्विक भोजन ग्रहण करके व्रत का समापन किया जाता है। जानकारों का कहना है कि यदि इन सभी नियमों का पूरी निष्ठा के साथ पालन किया जाए, तो व्रत का संपूर्ण फल साधक को अवश्य प्राप्त होता है।पद्मा एकादशी की संपूर्ण पूजा विधि और ध्यान रखने योग्य जरूरी नियमपद्मा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद पीले वस्त्र धारण करना बेहद शुभ माना जाता है, क्योंकि पीला रंग भगवान विष्णु को अति प्रिय है। इसके बाद एक साफ चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें। पूजा के दौरान भगवान को रोली, अक्षत, पीले फूल, तुलसी दल, मौसमी फल, पंचामृत और मिष्ठान का भोग लगाएं। इस व्रत में तुलसी के पत्तों का विशेष महत्व होता है, इसलिए भोग में तुलसी दल अवश्य शामिल करें, क्योंकि इसके बिना भगवान विष्णु भोग स्वीकार नहीं करते हैं। पूजा के समय 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का निरंतर जाप करना चाहिए और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना मानसिक शांति प्रदान करता है।व्रत के दौरान खान-पान को लेकर भी कुछ कड़े नियम बताए गए हैं। इस दिन अन्न का सेवन बिल्कुल नहीं किया जाता है, और जो लोग निर्जला व्रत रखने में सक्षम नहीं हैं, वे फलाहार या दूध-जल ग्रहण करके उपवास रख सकते हैं। दिनभर मन में भगवान का स्मरण रखें और किसी भी प्रकार के झूठ, क्रोध या कटु वचन से दूर रहें। रात्रि के समय भगवान के जागरण और भजन-कीर्तन का आयोजन करना इस व्रत का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है। जो लोग पूरी रात जागकर भगवान विष्णु की आराधना करते हैं, उनके समस्त पाप धुल जाते हैं और उन्हें भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है।बैकुंठ धाम की प्राप्ति और जीवन के अंतिम लक्ष्यों का आध्यात्मिक मार्गसनातन परंपरा में बैकुंठ धाम को भगवान विष्णु का परम लोक कहा जाता है, जहां पहुंचकर मनुष्य जन्म-मरण के चक्र से पूरी तरह मुक्त हो जाता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। ऐसी मान्यता है कि जो मनुष्य अपने जीवनकाल में पद्मा एकादशी का व्रत नियमपूर्वक रखता है, उसके लिए बैकुंठ के द्वार स्वतः खुल जाते हैं। कलियुग में पापों के प्रायश्चित और आत्मा की शुद्धि के लिए एकादशी के व्रतों को सबसे सरल और प्रभावशाली साधन माना गया है। यह व्रत न केवल हमें धार्मिक रूप से अनुशासित बनाता है, बल्कि हमारे भीतर सेवा, करुणा और समर्पण के भाव को भी जागृत करता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Sep 2026 12:29 pm

कॉफी पीने के इतनी देर बाद लें जरूरी दवाएं, तभी मिलेगा पूरा फायदा

कॉफी के साथ या कुछ देर बाद कुछ खास प्रकार की दवाएं लेने से उनके एब्जॉर्प्शन पर असर पड़ सकता है, जिससे शरीर को पूरा फायदा नहीं मिलता है. डॉक्टरों से जानते हैं कि कॉफी पीने के बाद सप्लीमेंट्स और दवाएं लेने के लिए कितने घंटे का गैप रखना जरूरी होता है.

आज तक 21 Sep 2026 12:29 pm

NEET एडमिशन! काउंसलिंग प्रक्रिया पर उठे बड़े सवालों के बीच उत्तराखंड के सीएम ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश

देशभर के लाखों मेडिकल छात्रों का सपना होता है कि वे राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट (NEET) में शानदार अंक हासिल करके किसी प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस (MBBS) की सीट पक्की कर सकें। लेकिन क्या हो जब कोई छात्र अपनी मेहनत के दम पर बेहतरीन स्कोर हासिल करने के बावजूद इस डर के साये में जीए कि उसका एडमिशन किसी भी वक्त रद्द किया जा सकता है? देवभूमि उत्तराखंड से एक ऐसा ही सनसनीखेज और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने मेडिकल काउंसलिंग और एडमिशन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बहुत बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान हुई कथित गड़बड़ियों और फर्जीवाड़े की भनक लगते ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है और उच्चस्तरीय जांच के तत्काल आदेश दे दिए हैं। इस प्रशासनिक कदम के बाद से उन तमाम छात्रों और उनके अभिभावकों की धड़कनें तेज हो गई हैं, जिन्होंने हाल ही में काउंसलिंग के जरिए अपनी सीटें सुरक्षित की थीं।भारतीय शिक्षा व्यवस्था में मेडिकल सीटों का आवंटन बेहद संवेदनशील और कड़े नियमों के तहत किया जाता है, ताकि केवल योग्य और मेधावी छात्रों को ही डॉक्टर बनने का अवसर मिल सके। लेकिन जब कभी भी इन पवित्र प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार या नियमों की अनदेखी की खबरें सामने आती हैं, तो वह पूरे समाज को झकझोर कर रख देती हैं। उत्तराखंड जैसे शांत और पहाड़ी राज्य में काउंसलिंग के बाद उपजे इस विवाद ने यह साबित कर दिया है कि किस तरह शातिर लोग सिस्टम की कमियों का फायदा उठाकर अपनी जगह बनाने की कोशिश करते हैं। आइए इस पूरे घटनाक्रम की गहराई में उतरते हैं और यह समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर क्यों मुख्यमंत्री को इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करना पड़ा और इसके क्या दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।नीट काउंसलिंग में धांधली की आशंका: क्या सच में खतरे में है मेधावी छात्रों का भविष्य?नीट की परीक्षा देश की सबसे कठिन और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में गिनी जाती है, जिसमें सफलता पाने के लिए छात्र दिन-रात एक कर देते हैं। ऐसे में जब काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू होती है, तो हर छात्र यह उम्मीद करता है कि उसे उसकी रैंक के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ कॉलेज आवंटित किया जाएगा। लेकिन उत्तराखंड के मेडिकल कॉलेजों में काउंसलिंग के बाद सामने आई कुछ कथित अनियमितताओं और संदिग्ध मामलों ने पूरी व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। सूत्रों के अनुसार, कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहां दस्तावेजों की हेराफेरी, कोटे के दुरुपयोग या अन्य संदिग्ध तरीकों से सीटें हासिल किए जाने की आशंका जताई जा रही है। जब इस तरह की गड़बड़ियों की शिकायतें शासन तक पहुंचीं, तो प्रशासन के कान खड़े हो गए क्योंकि यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि उन ईमानदार और मेधावी छात्रों के अधिकारों पर भी बड़ा डाका है जो अपनी मेहनत के बल पर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे।इस प्रकार की धांधलियां न केवल प्रशासनिक व्यवस्था की कमजोरी को दर्शाती हैं, बल्कि इससे उन छात्रों का मनोबल भी टूटता है जो पूरी ईमानदारी से तैयारी करते हैं। जब अयोग्य या कम अंक वाले लोग गलत तरीकों से एमबीबीएस की सीटों पर कब्जा जमा लेते हैं, तो योग्य छात्र पीछे छूट जाते हैं। यही कारण है कि इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। लोग यह मांग कर रहे हैं कि इस पूरी काउंसलिंग प्रक्रिया की स्वतंत्र रूप से समीक्षा की जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी अलग हो सके और किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो।उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का कड़ा एक्शन: उच्चस्तरीय जांच के दिए सख्त आदेशमामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने बिना किसी देरी के तुरंत प्रभाव से उच्चस्तरीय जांच बिठाने के आदेश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि राज्य में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की भ्रष्टाचार या अनियमितता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच समिति को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे काउंसलिंग के हर एक चरण की बारीकी से जांच करें, दस्तावेजों का पुनः सत्यापन करें और यह पता लगाएं कि इस प्रक्रिया में किन-किन लोगों की लापरवाही या मिलीभगत शामिल है। यदि जांच के दौरान यह साबित होता है कि किसी ने फर्जी दस्तावेजों या गलत तरीकों का इस्तेमाल करके एडमिशन लिया है, तो उसका एमबीबीएस एडमिशन तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया जाएगा और उन पर कठोर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।सरकार के इस सख्त रुख से महकमे में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों और कॉलेज प्रशासनों के बीच इस बात को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है कि जांच का दायरा जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, कई और बड़े चेहरे भी बेनकाब हो सकते हैं। मुख्यमंत्री का यह कदम इस बात का संदेश देता है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। जनता और छात्र वर्ग ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इस निष्पक्ष जांच के बाद हर एक दोषी को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह के घिनौने खेल को खेलने की हिम्मत न जुटा सके।कैसे हो सकता है अच्छा स्कोर होने के बाद भी एडमिशन रद्द? जानिए क्या कहते हैं नियमअक्सर छात्रों और अभिभावकों के मन में यह सवाल आता है कि यदि किसी छात्र ने परीक्षा में खुद मेहनत करके अच्छे अंक प्राप्त किए हैं, तो उसका एडमिशन कैसे रद्द हो सकता है? इसका जवाब काउंसलिंग के नियमों और पात्रता की शर्तों में छिपा होता है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया या राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) और राज्य के चिकित्सा शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार, केवल नीट स्कोर ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि काउंसलिंग के दौरान प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेज, डोमिसाइल (मूल निवास प्रमाण पत्र), श्रेणी प्रमाण पत्र (Category Certificate) और अन्य पात्रता मानदंड भी पूरी तरह वैध होने चाहिए। यदि काउंसलिंग के किसी भी चरण में या उसके बाद की गई जांच में यह पाया जाता है कि दस्तावेजों में कोई छेड़छाड़ की गई थी या कोटे के नियमों का गलत फायदा उठाया गया था, तो उस स्थिति में छात्र का एडमिशन कानूनी रूप से अवैध घोषित कर दिया जाता है, भले ही उसका नीट स्कोर कितना भी अच्छा क्यों न हो।इसके अलावा, कई बार काउंसलिंग के दौरान च्वॉइस फिलिंग या सीट अलॉटमेंट में तकनीकी या प्रशासनिक त्रुटियां सामने आती हैं, जिन्हें सुधारने के लिए प्रशासन को कड़े कदम उठाने पड़ते हैं। ऐसे में जो छात्र नियमों के दायरे से बाहर जाकर या धोखाधड़ी करके सीटें हासिल करते हैं, उनकी तलवार हमेशा लटकी रहती है। यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रवेश पाने के लिए केवल शैक्षणिक योग्यता ही काफी नहीं है, बल्कि आपकी कानूनी और कागजी पात्रता भी पूरी तरह से पारदर्शी और सटीक होनी चाहिए, अन्यथा एक छोटी सी गलती आपके पूरे करियर को बर्बाद कर सकती है।छात्रों और अभिभावकों में चिंता का माहौल, पारदर्शिता की उठ रही है मांगइस पूरी घटनाक्रम के सामने आने के बाद से उत्तराखंड के मेडिकल छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच भारी मानसिक तनाव और अनिश्चितता का माहौल बन गया है। जिन छात्रों ने पूरी ईमानदारी से अपनी पढ़ाई की और काउंसलिंग के जरिए कॉलेज में प्रवेश पाया, वे भी इस बात से डरे हुए हैं कि कहीं इस जांच की आड़ में उन्हें भी परेशानियों का सामना न करना पड़े। दूसरी ओर, छात्र संगठनों और शैक्षणिक विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार की यह जांच बिल्कुल सही दिशा में उठाया गया कदम है, क्योंकि इससे भविष्य में इस प्रकार की धांधलियों पर रोक लगेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी मांग की है कि जांच पूरी तरह से पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए ताकि किसी भी निर्दोष छात्र के करियर के साथ खिलवाड़ न हो सके। न्याय और पारदर्शिता की इस मांग ने पूरे राज्य की सियासत और शिक्षा जगत में हलचल पैदा कर दी है।विपक्ष और विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है और यह सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर काउंसलिंग के दौरान इस तरह की खामियां प्रशासन की नजरों से कैसे बच गईं। वे मांग कर रहे हैं कि केवल छोटे स्तर के कर्मचारियों या दलालों पर कार्रवाई करने के बजाय उन बड़े अधिकारियों पर भी शिकंजा कसा जाना चाहिए जिनकी देखरेख में यह पूरी काउंसलिंग प्रक्रिया संपन्न हुई थी। आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक तूल पकड़ सकता है, क्योंकि मेडिकल सीटों के आवंटन में पारदर्शिता का मुद्दा सीधे तौर पर देश के भविष्य के डॉक्टरों और स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता से जुड़ा हुआ है।भविष्य के लिए सबक: काउंसलिंग प्रक्रिया को और अधिक डिजिटल और सुरक्षित बनाने की जरूरतउत्तराखंड की इस घटना ने एक बार फिर से देश भर की मेडिकल और इंजीनियरिंग काउंसलिंग प्रक्रियाओं की सुरक्षा और तकनीकी मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक काउंसलिंग प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप (Human Interference) को पूरी तरह से समाप्त करके ब्लॉकचेन या पूरी तरह से ऑटोमेटेड डिजिटल वेरिफिकेशन सिस्टम लागू नहीं किया जाएगा, तब तक इस तरह के फर्जीवाड़ों को रोकना पूरी तरह से मुसंभव नहीं होगा। राज्य सरकारों और केंद्र सरकार को मिलकर एक ऐसा फुल-प्रूफ मेकैनिज्म तैयार करना चाहिए जिससे हर एक छात्र के दस्तावेजों की जांच एडमिशन से पहले ही इतनी पुख्ता हो जाए कि बाद में इस तरह के विवादों की गुंजाइश ही न बचे।अंत में यही कहा जा सकता है कि उत्तराखंड में नीट काउंसलिंग के बाद सामने आया यह मामला एक चेतावनी भी है और सुधार का अवसर भी। यदि सरकार और प्रशासन इस जांच को उसके तार्किक अंत तक पहुंचाते हैं और दोषियों को कड़ी सजा दिलाते हैं, तो यह भारतीय शिक्षा प्रणाली के प्रति आम जनता और छात्रों के भरोसे को और अधिक मजबूत करेगा। छात्रों को भी यह सीख लेनी चाहिए कि वे हमेशा शॉर्टकट अपनाने के बजाय अपनी योग्यता और नियमों के दायरे में रहकर ही अपने सपनों को पूरा करें। आने वाले दिनों में इस उच्चस्तरीय जांच की रिपोर्ट से क्या नए खुलासे होते हैं, इस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Sep 2026 12:28 pm

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में जोरदार हंगामा, विधायकों के बीच हुई धक्का-मुक्की

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में जोरदार हंगामा, विधायकों के बीच हुई धक्का-मुक्की

अमर उजाला 21 Sep 2026 12:28 pm

Congress अब बनी Muslim League Maoist पार्टी, Sudhanshu Trivedi का Rahul Gandhi पर वार

भारतीय जनता पार्टी के सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को कांग्रेस पार्टी की आलोचना करते हुए कहा कि पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की हालिया टिप्पणियों ने पार्टी के वैचारिक रुख को पूरी तरह से बेनकाब कर दिया है। नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, त्रिवेदी ने अंसारी द्वारा 2019 की एक किताब का ज़िक्र किया, जिसमें भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के हवाले से कहा गया था कि कम्युनिज्म उतना बड़ा खतरा नहीं था जितना कि हिंदू राष्ट्रवाद। इसे भी पढ़ें: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में जेन जी ने एबीवीपी को जीताया, एनएसयूआई को छकाया, समझिए इसके राजनीतिक निहितार्थ त्रिवेदी ने कहा कि पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने 2019 में लिखी गई एक किताब का ज़िक्र किया। किताब के अनुसार, नेहरू जी कह रहे हैं कि उनके लिए कम्युनिज़्म, हिंदू राष्ट्रवाद जितना बड़ा ख़तरा नहीं है। इसके लिए मैं हामिद अंसारी को बधाई देना चाहता हूँ। उन्होंने तीन बहुत महत्वपूर्ण काम किए हैं। उन्होंने दावा किया कि इस खुलासे से आज की कांग्रेस की विचारधारा और राजनीतिक रूप से हाशिए पर मौजूद समूहों के साथ उसके जुड़ाव का पता चलता है। त्रिवेदी ने तर्क दिया कि पहला, उन्होंने पूरी तरह से उजागर कर दिया है कि कांग्रेस अब पूरी तरह से ‘मुस्लिम लीग माओवादी कांग्रेस’ बन गई है। दूसरा, उन्होंने बताया कि नेहरू जी के अनुसार कम्युनिज़्म वाकई एक ख़तरा था। जबकि आज कांग्रेस अति-वामपंथ की ओर बढ़ गई है। त्रिवेदी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की भी आलोचना की और कहा कि पार्टी की मौजूदा राजनीतिक सोच नेहरूवादी विचारधारा पर आधारित है। उन्होंने कहा कि तीसरी बात, उन्होंने नेहरू का ज़िक्र किया है। इससे साफ़ होता है कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी की बातों में जो चीज़ें झलकती हैं, उनकी कहानी उनके परिवार से जुड़ी है। इसे भी पढ़ें: UP Assembly Election 2027: BJP को रोकने के लिए AIMIM चीफ Owaisi ने विपक्षी दलों से मांगा साथ ये टिप्पणियां पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के उस बयान के बाद आईं, जिसमें उन्होंने संविधान विशेषज्ञ और लेखक अब्दुल ग़फ़ूर नूरानी के जीवन और काम पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सांप्रदायिकता और चरमपंथ पर बात की थी। अंसारी ने भारत के लिए ख़तरे के बारे में नेहरू की चेतावनी का ज़िक्र किया और नूरानी की 2019 की किताब 'द आरएसएस: ए मेनेस टू इंडिया' (The RSS: A Menace to India) की बातों का हवाला दिया। उन्होंने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की एक बैठक के दौरान पूर्व विदेश सचिव जगत सिंह गुंडेविया द्वारा दर्ज नेहरू की टिप्पणियों को भी उद्धृत किया। नेहरू ने चेतावनी दी थी कि भारत के लिए असली ख़तरा कम्युनिज़्म नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता थी।

प्रभासाक्षी 21 Sep 2026 12:28 pm

पंजाबी चुनी तीसरी भाषा, स्कूल ने थमा दी संस्कृत और टीचर तक नहीं; हाईकोर्ट के फैसले ने बचा लिया भविष्य

भारतीय शिक्षा प्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था कई बार ऐसी अजीबोगरीब और हास्यास्पद गलतियों का शिकार हो जाती है, जो किसी भी छात्र के भविष्य को खतरे में डालने के लिए काफी होती हैं। ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला हाल ही में सामने आया है, जहां एक छात्र ने अपनी मर्जी और विधिवत नियमों के तहत तीसरी भाषा के रूप में 'पंजाबी' विषय का चयन किया था, लेकिन स्कूल प्रशासन की भारी लापरवाही और मनमानी के चलते उसे पढ़ाई के दौरान अचानक 'संस्कृत' विषय थमा दिया गया। हद तो तब हो गई जब स्कूल में उस भाषा को पढ़ाने के लिए एक भी योग्य टीचर तक मौजूद नहीं था, और इसके बावजूद छात्र पर जबरन परीक्षा देने का दबाव बनाया जाने लगा। इस अन्याय के खिलाफ छात्र ने हार नहीं मानी और न्याय की आस में अदालत का दरवाजा खटखटाया, जहां पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए छात्र को परीक्षा में बड़ी राहत दी है, जिसने प्रशासनिक गलियारों में सनसनी फैला दी है।आज के समय में जब देश के हर कोने में शिक्षा के अधिकार और गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई की बातें की जाती हैं, तब जमीनी स्तर पर स्कूलों की यह लापरवाही शिक्षा व्यवस्था के दावों की पोल खोल देती है। छात्र जब स्कूल में दाखिला लेता है और अपने भविष्य की नींव रखने के लिए विषयों का चुनाव करता है, तो वह यह मानकर चलता है कि शैक्षणिक संस्थान उसे वे सभी सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराएगा जो नियमों के दायरे में आते हैं। लेकिन जब स्कूल प्रबंधन अपनी अकार्यक्षमता को छिपाने के लिए छात्रों के करियर के साथ खिलवाड़ करने लगता है, तो स्थितियां कितनी गंभीर हो जाती हैं, इस मामले ने इसे पूरी तरह से उजागर कर दिया है। आइए जानते हैं कि इस पूरे घटनाक्रम में किस तरह से न्याय की जीत हुई और कैसे अदालत ने छात्र के टूटते हुए सपनों को एक नया जीवनदान दिया है।क्या था पूरा मामला: छात्र की पसंद की अनदेखी कर स्कूल ने थोपी दूसरी भाषाप्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब छात्र ने अपने शैक्षणिक पाठ्यक्रम के तहत तीसरी भाषा के रूप में पंजाबी भाषा का आधिकारिक रूप से चयन किया था। नियमों के मुताबिक छात्र को अपनी पसंद की भाषा चुनने का पूरा अधिकार था और उसने तदनुसार ही अपनी पढ़ाई शुरू की थी। लेकिन कुछ समय बीतने के बाद स्कूल प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना या वैध कारण के छात्र की चुनी हुई भाषा को बदल दिया और उसकी जगह उसे संस्कृत भाषा पढ़ने और परीक्षा देने का आदेश दे दिया। जब छात्र और उसके परिजनों ने इसका विरोध किया, तो स्कूल के अधिकारियों ने उनकी बात सुनने से साफ इनकार कर दिया और प्रशासनिक रौब दिखाते हुए कहा कि स्कूल के पास पंजाबी पढ़ाने के लिए न तो शिक्षक है और न ही संसाधन, इसलिए छात्र को संस्कृत ही पढ़नी होगी।एक ऐसे विषय की परीक्षा देने का दबाव बनाना जिसे छात्र ने कभी पढ़ा ही नहीं और जिसके लिए स्कूल में कोई फैकल्टी तक उपलब्ध नहीं थी, सरासर मानसिक प्रताड़ना और उसके मौलिक अधिकारों का हनन था। स्कूल प्रशासन का यह रवैया इस बात को साबित करता है कि कई संस्थान अपनी व्यवस्था की कमियों को सुधारने के बजाय उसका पूरा बोझ मासूम छात्रों के कंधों पर डाल देते हैं। छात्र ने जब इस तानाशाही रवैये के खिलाफ आवाज उठाई, तो स्कूल प्रबंधन ने उसे आगामी परीक्षाओं में बैठने से रोकने की धमकी तक दे डाली। ऐसे में छात्र और उसके परिवार के सामने अदालत का दरवाजा खटखटाने के अलावा और कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा था, क्योंकि यह मामला सीधे तौर पर उसके पूरे शैक्षणिक वर्ष और भविष्य की दिशा से जुड़ा हुआ था।हाईकोर्ट की कड़ी फटकार: छात्र के मौलिक अधिकारों के पक्ष में आया ऐतिहासिक फैसलाजब यह मामला पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय (High Court) के समक्ष पहुंचा, तो अदालत ने इस पर बेहद गंभीर रुख अपनाया। सुनवाई के दौरान जब जज के सामने यह तथ्य आया कि स्कूल प्रशासन ने बिना किसी कानूनी आधार के छात्र की भाषा बदली और बिना शिक्षक के पढ़ाई का दबाव बनाया, तो अदालत ने स्कूल अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान को यह अधिकार नहीं है कि वह अपनी प्रशासनिक विफलता या शिक्षकों की कमी का खामियाजा किसी छात्र के भविष्य को बलि चढ़ाकर भुगते। अदालत ने अंतरिम राहत देते हुए छात्र को अपनी पसंद की भाषा के आधार पर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी और स्कूल प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई।कानूनी जानकारों का मानना है कि हाईकोर्ट का यह फैसला देश भर के शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक कड़ा संदेश है। अक्सर यह देखा जाता है कि देश के सरकारी और निजी स्कूलों में विषय शिक्षकों की भारी कमी होती है, और जब छात्र उस विषय को चुन लेते हैं, तो स्कूल प्रशासन उन पर दबाव बनाकर विषय बदलने के लिए मजबूर करता है। इस फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि छात्रों की शैक्षणिक स्वतंत्रता सर्वोपरि है और स्कूल प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों से मुंह नहीं मोड़ सकता। अदालत के इस न्यायपूर्ण आदेश के बाद छात्र और उसके परिवार ने राहत की सांस ली है, और अब छात्र पूरी, ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ अपनी आगे की परीक्षाओं की तैयारी में जुट गया है।शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत: क्यों भुगतने पड़ते हैं छात्रों को प्रशासनिक खामियों के नतीजे?यह पूरी घटना केवल एक छात्र और एक स्कूल के बीच का विवाद नहीं है, बल्कि यह हमारे देश की बुनियादी शिक्षा प्रणाली की एक बड़ी विसंगति को उजागर करती है। आज भी हमारे कई सरकारी और अर्ध-सरकारी स्कूलों में विभिन्न भाषाओं और विषयों के ट्रेंड शिक्षकों की भारी कमी है। जब सरकारें या शिक्षा बोर्ड पाठ्यक्रम में क्षेत्रीय भाषाओं या आधुनिक विषयों को शामिल करने की घोषणा करते हैं, तो उन्हें जमीनी स्तर पर यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि हर स्कूल में उन विषयों को पढ़ाने के लिए योग्य शिक्षक उपलब्ध हों। शिक्षकों की कमी के नाम पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। इस मामले ने एक बार फिर से शिक्षाविदों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हमारी शिक्षण संस्थाएं वाकई छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए तैयार हैं।इसके अलावा, अभिभावकों और छात्रों में भी अपने अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। बहुत से छात्र ऐसी प्रशासनिक ज्यादतियों के आगे घुटने टेक देते हैं और चुपचाप सिस्टम के दबाव को सह लेते हैं, जिससे स्कूलों का हौसला और बढ़ जाता है। लेकिन इस मामले ने यह साबित कर दिया है कि यदि कोई छात्र और उसका परिवार अन्याय के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने का साहस जुटाए, तो देश की न्यायपालिका हमेशा उनके अधिकारों की रक्षा के लिए तत्पर रहती है। समाज के हर वर्ग को इस बात की सराहना करनी चाहिए कि कैसे एक साधारण छात्र ने सिस्टम की लाचारी के खिलाफ खड़े होकर अपनी जीत सुनिश्चित की और आने वाले समय में अन्य छात्रों के लिए एक मजबूत मिसाल कायम की।भविष्य के लिए सबक: क्या अब बदलेंगी स्कूलों की कार्यप्रणाली?हाईकोर्ट के इस कड़े और स्पष्ट फैसले के बाद उम्मीद की जा रही है कि पश्चिम बंगाल या हरियाणा सहित देश के अन्य हिस्सों के स्कूल प्रशासन भी अब अधिक सतर्क और जिम्मेदार बनेंगे। स्कूलों को यह समझ लेना चाहिए कि वे किसी व्यवसायिक दुकान की तरह नहीं चलाए जा सकते, जहां नियमों को अपनी सुविधा के अनुसार तोड़ा-मरोड़ा जा सके। हर एक छात्र का भविष्य अमूल्य है और उसके शैक्षिक अधिकारों की रक्षा करना शिक्षण संस्थानों का सबसे पहला और परम कर्तव्य है। यदि स्कूल अपनी व्यवस्था सुधारने में असमर्थ हैं, तो उन्हें छात्रों के प्रवेश के समय ही इस बात की पारदर्शी जानकारी देनी चाहिए ताकि कोई भी बच्चा गलतफहमी का शिकार न हो।अंत में यही कहा जा सकता है कि यह मामला अंततः सत्य और न्याय की जीत के रूप में सामने आया है। पंजाबी भाषा चुनने वाले उस छात्र को अदालत से जो संबल मिला है, उसने एक बार फिर से देश की न्यायपालिका पर आम जनता के भरोसे को और अधिक मजबूत किया है। शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले इन संस्थानों को अब आत्मમंथन करने की आवश्यकता है कि वे अपनी प्रशासनिक कमियों को छात्रों पर थोपने की बजाय एक पारदर्शी, सहायक और छात्र-अनुकूल माहौल प्रदान करें। उम्मीद है कि इस ऐतिहासिक फैसले के बाद कोई भी स्कूल प्रशासन दोबारा किसी छात्र के भविष्य के साथ इस तरह की मनमानी करने की हिम्मत नहीं जुटा पाएगा और शिक्षा का स्तर वास्तव में सुधार की ओर अग्रसर होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Sep 2026 12:26 pm

नंदीग्राम उपचुनाव: गिरफ्तारी के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचे कांग्रेस प्रत्याशी

नंदीग्राम उपचुनाव के कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है. कांग्रेस ने गिरफ्तारी को राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए बीजेपी पर निशाना साधा था, जबकि बीजेपी ने आरोपों को खारिज किया था. अब हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई होगी.

आज तक 21 Sep 2026 12:25 pm

फरीदाबाद में दोस्त से बातें कर रहे 7वीं के छात्र पर खतरनाक पिटबुल कुत्ते का खौफनाक हमला

देशभर में खतरनाक नस्ल के कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है और एक बार फिर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के फरीदाबाद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। फरीदाबाद में अपने ही एक दोस्त से सामान्य बातचीत कर रहे 7वीं कक्षा के मासूम छात्र पर एक आक्रामक पिटबुल कुत्ते ने अचानक पीछे से जानलेवा हमला कर दिया। इस खौफनाक हमले में कुत्ते ने छात्र के शरीर पर एक-दो नहीं बल्कि पूरे 16 अलग-अलग जगहों पर बुरी तरह से काटा और नोच डाला। इस अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और किसी तरह स्थानीय लोगों ने लाठी-डंडों की मदद से कुत्ते के चंगुल से बच्चे को छुड़ाया। गंभीर रूप से घायल छात्र को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में पालतू कुत्तों के मालिकों के प्रति भारी गुस्सा और दहशत का माहौल देखने को मिल रहा है।घटना के बारे में मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्र शाम के वक्त अपने एक दोस्त के घर के बाहर खड़ा होकर उससे सामान्य बातें कर रहा था। उसी दौरान पड़ोसी का पालतू पिटबुल कुत्ता अचानक बिना किसी उकसावे के वहां आ गया और उसने सीधे मासूम बच्चे पर हमला बोल दिया। पिटबुल नस्ल की ताकत और आक्रामकता इतनी अधिक होती है कि एक बार जब वह किसी पर हमला कर देता है, तो उसे छुड़ाना बेहद मुश्किल हो जाता है। कुत्ता लगातार बच्चे को खींचता रहा और उसके शरीर के अलग-अलग हिस्सों को अपने नुकीले दांतों से काटता रहा। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर दौड़े और बड़ी मशक्कत के बाद कुत्ते के जबड़े से बच्चे को आजाद कराया। यदि समय पर लोग वहां न पहुंचते, तो यह हादसा और भी ज्यादा भयानक रूप ले सकता था।अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा मासूम, शरीर पर गहरे जख्मों के निशानइस डरावने हमले में बुरी तरह जख्मी हुए 7वीं कक्षा के छात्र को तुरंत एक बड़े निजी अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उसके शरीर पर 16 से अधिक गंभीर घाव हैं। कुत्ते ने उसके हाथों, पैरों, चेहरे और शरीर के अन्य संवेदनशील हिस्सों को बुरी तरह से क्षत-विक्षत कर दिया है। डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी जान बचाने की कोशिश में जुटी हुई है और कई टांके लगाए गए हैं। अत्यधिक खून बह जाने के कारण और गहरे जख्मों के गहरे दर्द के चलते बच्चा गहरे सदमे में है। अस्पताल के बाहर मौजूद परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। वे इस बात से बेहद आक्रोशित हैं कि आखिर इस तरह के खतरनाक और जानलेवा कुत्तों को रिहायशी इलाकों में पालने वाले लोग सुरक्षा नियमों को लेकर इतने लापरवाह क्यों बने हुए हैं।परिजनों और स्थानीय लोगों ने इस मामले की शिकायत तुरंत संबंधित पुलिस थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने पीड़ित परिवार के बयानों के आधार पर पिटबुल के मालिक के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार पहले भी उस मालिक को चेतावनी दी थी कि उनका कुत्ता बहुत आक्रामक है और उसे बाहर निकालते समय हमेशा मुंह पर जाली (Muzzle) लगानी चाहिए, लेकिन मालिक की लगातार लापरवाही के कारण आज एक मासूम बच्चे को अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लापरवाही बरतने वाले मालिक को बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।रिहायशी इलाकों में खतरनाक नस्ल के कुत्तों का आतंक और प्रशासन की ढिलाईफरीदाबाद की यह घटना कोई पहली ऐसी घटना नहीं है, बल्कि देश के अलग-अलग शहरों से आए दिन पिटबुल, रोटवाइलर और डोबरमैन जैसे खतरनाक नस्ल के कुत्तों द्वारा बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों पर हमलों की खबरें सामने आती रहती हैं। इसके बावजूद न तो स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई ठोस और कड़े दिशा-निर्देश सख्ती से लागू किए जा रहे हैं और न ही पालतू जानवरों के मालिकों के भीतर कानून का कोई डर दिखाई दे रहा है। कई शहरों के नगर निगमों ने इन खतरनाक नस्ल के कुत्तों को पालने पर प्रतिबंध लगाने या उनके लिए लाइसेंस अनिवार्य करने के नियम बनाए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन नियमों का पालन कराने में प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। लोग अपनी शानो-शौकत के लिए खतरनाक कुत्तों को छोटे-छोटे फ्लैट्स और कॉलोनियों में पालते हैं, जिससे आसपास रहने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा हमेशा खतरे में बनी रहती है।विशेषज्ञों और पशु अधिकार कार्यकर्ताओं का मानना है कि पिटबुल जैसी नस्लें अपनी अत्यधिक आक्रामकता के लिए जानी जाती हैं और बिना उचित ट्रेनिंग तथा नियंत्रण के इन्हें रिहायशी बस्तियों में खुला छोड़ना किसी बम से खेलने जैसा है। जब तक सरकार और स्थानीय नगर निकाय इस मामले में कड़े दंड के प्रावधान और भारी जुर्माने लागू नहीं करते, तब तक इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगाना मुमकिन नहीं होगा। जनता अब यह मांग कर रही है कि प्रशासन को तुरंत प्रभाव से ऐसे खतरनाक कुत्तों को पालने वाले सभी लोगों का वेरिफिकेशन करना चाहिए और जिन लोगों के पास अनुमति नहीं है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन जानवरों को रेस्क्यू सेंटर भेजना चाहिए ताकि आम जनता सुरक्षित महसूस कर सके।पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग और नागरिकों की सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशानइस पूरी दुर्घटना ने एक बार फिर से इस कड़वी सच्चाई को सामने ला दिया है कि हमारे शहरों में रहने वाले आम नागरिकों और बच्चों की सुरक्षा आज कितनी भगवान भरोसे चल रही है। एक हंसता-खेलता बच्चा जो अपनी पढ़ाई और सामान्य जिंदगी में व्यस्त था, वह आज एक लापरवाह और खतरनाक कुत्ते के कारण अस्पताल के बिस्तर पर दर्द से कराह रहा है। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर लोगों में भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है। यूजर्स लगातार मांग कर रहे हैं कि घायल बच्चे को और उसके परिवार को उचित मुआवजा मिलना चाहिए और लापरवाह कुत्ते के मालिक को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। समाज के हर वर्ग से यह आवाज उठ रही है कि अब समय आ गया है जब प्रशासन को सख्त रुख अपनाते हुए ऐसे मामलों में मिसाल कायम करने वाली सजा देनी चाहिए ताकि कोई भी व्यक्ति दूसरों की जिंदगी के साथ इस तरह का खिलवाड़ करने की हिम्मत न जुटा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Sep 2026 12:24 pm

गुरुग्राम के एक पॉश पीजी में चल रहा था हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट, पुलिस की अचानक रेड से मचा हड़कंप

देश के प्रमुख कॉर्पोरेट हब और साइबर सिटी के रूप में पहचाने जाने वाले गुरुग्राम से एक बेहद चौंकाने वाला और शर्मनाक मामला सामने आया है। गुरुग्राम के एक पॉश इलाके में बने पेइंग गेस्ट यानी पीजी (PG) आवास के अंदर बड़े पैमाने पर अवैध सेक्स रैकेट का संचालन किया जा रहा था। स्थानीय पुलिस को पिछले काफी समय से इस संदिग्ध गतिविधि की गुप्त सूचना मिल रही थी, जिसके आधार पर पुलिस ने एक गुप्त योजना के तहत इस स्थान पर अचानक छापेमारी (Red) कर दी। पुलिस के इस अचानक एक्शन से वहां अफरा-तफरी मच गई और पूरे इलाके में हड़कंप सा मच गया। इस सनसनीखेज कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 8 महिलाओं समेत कुल 21 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।साइबर सिटी गुरुग्राम में रोजगार की तलाश में आने वाले युवाओं और छात्रों के लिए पीजी रहना एक आम बात है, लेकिन जब इस तरह के आवासीय परिसरों का इस्तेमाल आपराधिक और अनैतिक गतिविधियों के लिए किया जाने लगता है, तो यह समाज और सुरक्षा व्यवस्था दोनों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन जाता है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इस रैकेट का संचालन करने वाले लोग बेहद शातिर तरीके से इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहे थे। वे ऑनलाइन माध्यमों, सोशल मीडिया और विशेष तौर पर बनाए गए नेटवर्क्स के जरिए ग्राहकों से संपर्क करते थे और इस पीजी को सेफ जोन बताकर बाहरी लोगों का आना-जाना जारी रखते थे। स्थानीय लोगों को जब इसकी भनक लगी तो उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस प्रशासन से की, जिसके बाद यह बड़ी कार्रवाई अमल में लाई गई।पुलिस की स्पेशल रेड और मौके पर मिला आपत्तिजनक सामानगुरुग्राम पुलिस के उच्च अधिकारियों को जब इस हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट के बारे में पक्की खबर मिली, तो एक विशेष टीम का गठन किया गया। योजना के तहत एक फर्जी ग्राहक को उस पीजी में भेजा गया ताकि अंदर चल रहे अवैध कारोबार का पुख्ता सबूत मिल सके। जैसे ही अंदर से हरी झंडी मिली, पुलिस बल ने पूरी इमारत को चारों तरफ से घेर लिया और अचानक रेड डाल दी। इस अचानक हुई छापेमारी से वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पुलिस ने कमरे की तलाशी के दौरान भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्रियां, नकदी, मोबाइल फोन और कई अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं, जो इस बात की गवाही दे रहे हैं कि यह धंधा काफी लंबे समय से और बड़े पैमाने पर चलाया जा रहा था।हिरासत में लिए गए सभी 21 लोगों से पुलिस थाने में गहन पूछताछ की जा रही है। इनमें वे लोग भी शामिल हैं जो इस पूरे नेटवर्क के मुख्य संचालक या दलाल बताए जा रहे हैं, साथ ही वे युवतियां भी हैं जिन्हें पैसों का लालच देकर इस दलदल में धकेला गया था। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस रैकेट के तार गुरुग्राम के अलावा दिल्ली-एनसीआर या अन्य पड़ोसी राज्यों से जुड़े हैं या नहीं। पूछताछ के दौरान कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे इस अवैध नेटवर्क के अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सकेगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।गुरुग्राम के पीजी और किराए के मकानों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवालइस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद एक बार फिर से गुरुग्राम में चल रहे पीजी और किराए के कमों की सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस वेरिफिकेशन और स्थानीय प्रशासन की निगरानी पर बहुत बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। नियमों के मुताबिक, हर पीजी संचालक के लिए यह अनिवार्य होता है कि वह वहां रहने वाले या आने-जाने वाले हर व्यक्ति का पुलिस सत्यापन (Police Verification) कराए और पूरी जानकारी स्थानीय थाने में दर्ज रखे। इसके बावजूद, कई मकान मालिक अधिक किराए के लालच में इस तरह के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हैं और बिना किसी कागजी कार्रवाई के लोगों को कमरे किराए पर दे देते हैं। इस प्रकार की लापरवाही अपराधियों और असमाजिक तत्वों के लिए एक सेफ हेवन तैयार कर देती है।स्थानीय रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और आम नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस प्रकार के पीजी और ओयो रूम्स की समय-समय पर औचक जांच की जानी चाहिए ताकि आवासीय क्षेत्रों की पवित्रता और सुरक्षा बनी रहे। लोगों का कहना है कि जब इस तरह के घिनौने धंधे रिहायशी इलाकों के बीचों-बीच चलने लगते हैं, तो वहां रहने वाले परिवारों और विशेष रूप से महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है। पुलिस और नगर निगम को मिलकर एक ऐसा कड़ा तंत्र विकसित करना चाहिए जिससे बिना रजिस्ट्रेशन या बिना वेरिफिकेशन के चलने वाले ऐसे सभी अवैध अड्डों को तुरंत सील किया जा सके और उनके मालिकों के खिलाफ मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई की जा सके।मानव तस्करी और अनैतिक व्यापार के एंगल से भी हो रही है गहन जांचजांच एजेंसियों को इस बात की भी आशंका है कि इस सेक्स रैकेट के पीछे कोई बड़ा मानव तस्करी (Human Trafficking) का सिंडिकेट भी सक्रिय हो सकता है। कई बार गरीब और मजबूर परिवार की युवतियों को अच्छी नौकरी या ऊंचे वेतन का झांसा देकर बड़े शहरों में लाया जाता है और फिर उन्हें जबरन इस तरह के अनैतिक कार्यों में धकेल दिया जाता है। पुलिस इस एंगल से भी मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है कि पकड़ी गई महिलाओं की पृष्ठभूमि क्या है और उन्हें इस दलदल में किसने फंसाया था। यदि इस मामले में किसी बड़े संगठित गिरोह का हाथ पाया जाता है, तो पुलिस अन्य राज्यों में भी छापेमारी कर सकती है और इस अवैध कारोबार से जुड़े हर एक अपराधी को कानून के कटघरे में खड़ा करेगी।आने वाले दिनों में गुरुग्राम पुलिस इस तरह के मामलों में और अधिक सख्ती बरतने के संकेत दे रही है। शहर के सभी पुलिस स्टेशनों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने इलाकों में चलने वाले पीजी, गेस्ट हाउस और होटल-लॉज की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें। नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि उनके आसपास किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अनजान लोगों का अत्यधिक आना-जाना दिखाई दे, तो वे तुरंत पुलिस को सूचना दें ताकि समय रहते ऐसे अपराधों को रोका जा सके। यह घटना एक बार फिर से यह याद दिलाती है कि समाज में सुरक्षा केवल पुलिस की ही जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके प्रति हर नागरिक को भी जागरूक और सतर्क रहना बेहद आवश्यक है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Sep 2026 12:22 pm

'बदला जरूर लेंगे...' PAK एयरस्ट्राइक पर भड़का अफगानिस्तान, मुनीर की सेना को दी धमकी

अफगान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान के हवाई हमलों की निंदा की. कुनार में तीन नागरिक मारे गए, पक्तिका में घर और दुकान पर हमला हुआ. उन्होंने उचित जवाब देने की बात कही.

आज तक 21 Sep 2026 12:18 pm

हर समय परफेक्ट दिखने का दबाव? 'मिर्जापुर' एक्ट्रेस हर्षिता गौर ने बताया कैसे करती हैं डील

'मिर्जापुर' फेम एक्ट्रेस हर्षिता गौर ने बताया कि वह हर समय परफेक्ट दिखने के लगातार दबाव से कैसे निपटती हैं। आईएएनएस से ​​खास बातचीत में हर्षिता ने कहा कि यह पूरी तरह से व्यक्ति पर निर्भर करता है कि वह दबाव लेना चाहता है या अपनी असलियत में सहज रहना चाहता है।

खास खबर 21 Sep 2026 12:17 pm

Delhi में बड़े नेताओं को SIR Notice के बाद ECI बोला- नहीं कटेंगे Voter List से नाम

भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने कहा कि वोटर लिस्ट में सुधार के लिए चल रहे 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) के दौरान कुछ वोटरों को भेजे गए नोटिस का मतलब यह नहीं है कि उनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए जाएंगे। यह स्पष्टीकरण तब आया जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनसे पहले मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल समेत कई प्रमुख हस्तियों को उनके फ़ॉर्म में गड़बड़ियों के कारण नोटिस भेजे गए। इसे भी पढ़ें: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में जेन जी ने एबीवीपी को जीताया, एनएसयूआई को छकाया, समझिए इसके राजनीतिक निहितार्थ मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) के कार्यालय के अनुसार, जानकारी की पुष्टि के बाद मुख्यमंत्री का नाम वेरिफ़ाई किया गया। दिल्ली के पूर्व डिप्टी CM मनीष सिसोदिया और BJP विधायक कैलाश गहलोत उन लोगों में शामिल थे जिन्हें उनकी जानकारी में गड़बड़ी के कारण नोटिस जारी किए गए थे। अन्य नामों में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और चुनाव आयुक्त एसएस संधू शामिल थे। हालांकि, CEO ऑफिस ने साफ़ किया कि नोटिस जारी करने का मतलब यह नहीं है कि वोटर लिस्ट से वोटरों के नाम हटा दिए जाएंगे। CEO ऑफिस ने कहा कि सभी संबंधित लोगों को सूचित किया जाता है कि नोटिस जारी करने का मतलब यह नहीं है कि NCT दिल्ली की वोटर लिस्ट से उनके नाम हटा दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बिना अपनी बात रखने का मौका दिए और उचित, तर्कपूर्ण और अपील करने योग्य आदेश के बिना किसी का नाम नहीं हटाया जा सकता। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि इन नोटिसों से कोई अस्तित्व का संकट पैदा नहीं हो रहा है। इसे भी पढ़ें: राजस्थान में Ashok Gehlot का BJP पर आरोप, निकाय चुनाव में पुलिस का दुरुपयोग कर रही सरकार वोटर लिस्ट का ड्राफ़्ट उन जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया था जो वोटरों ने बूथ लेवल ऑफ़िसर्स (BLOs) को एन्यूमरेशन फ़ॉर्म के ज़रिए दी थीं। इसे 31 अगस्त को CEO दिल्ली की वेबसाइट पर पब्लिश किया गया था। यह लिस्ट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफ़िसर (ERO) और असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफ़िसर (AERO) के ऑफ़िस और तय किए गए पोलिंग स्टेशनों पर भी उपलब्ध है।

प्रभासाक्षी 21 Sep 2026 12:17 pm

अभिजीत के घर में लगी जापानी आर्ट, पेंटिंग्स-अवॉर्ड्स से सजाया घर

Abhiijeet Saawant Home Tour: अभिजीत सावंत ने सफलता हासिल करने के बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. वो रियलिटी शो स्टार हैं. फैमिली संग आज वो लैविश लाइफ जीते हैं.

आज तक 21 Sep 2026 12:16 pm

डुसू चुनाव: दीपांशु शौकीन क्या तुक्के में जीत गए? NSUI और ABVP को ऐसे दिया झटका

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में वाइस प्रेसीडेंट के पद पर निर्दलीय उम्मीदवार के दीपांशु शौकीन की जीत पर सबसे ज़्यादा चर्चा हो रही है. उनकी जीत ने चारों केंद्रीय पैनल के पदों पर एबीवीपी को क़ब्ज़ा करने से रोक दिया. तो क्या ये तुक्का था,

अमर उजाला 21 Sep 2026 12:13 pm

प्रतीभा रांटा ने ‘द रेवोल्यूशनरीज’ में अपने किरदार को लेकर की बात, कहा- 'जिज्ञासु थी प्रतिभा लाहिड़ी और पढ़ने की थी शौकीन'

‘द रेवोल्यूशनरीज़’ में स्वतंत्रता सेनानी प्रतिभा लाहिड़ी का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस प्रतिभा रांटा ने सीरीज में अपने किरदार के बारे में जानकारी दी है।

खास खबर 21 Sep 2026 12:13 pm

सहारनपुर पीएनबी नकली नोट कांड: 17.29 करोड़ के नकली नोट मामले की जांच एनआईए को, दो नई गिरफ्तारियां

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के करेंसी चेस्ट से बरामद 17.29 करोड़ रुपये के नकली भारतीय नोटों के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दो और प्रमुख आरोपियों मुकेश कुमार और राजेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है। एजेंसी के अनुसार, दोनों पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी आदेश चौधरी के करीबी सहयोगी हैं और करेंसी चेस्ट के जरिए नकली नोटों के प्रसार की साजिश से जुड़े प्रमुख आरोपी हैं।

तहलका 21 Sep 2026 12:12 pm

Sixth Schedule की मांग पर Ladakh में तेज होगा आंदोलन, Sonam Wangchuk करेंगे 20 km मार्च

क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक 23 सितंबर को 20 किलोमीटर की एक सांकेतिक पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। यह यात्रा लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा की मांग को दोहराने के लिए होगी। राज्य का दर्जा और आदिवासी पहचान को बचाने के लिए संविधान की छठी अनुसूची में क्षेत्र को शामिल करने की मांग को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पुलिस फायरिंग में चार लोगों की मौत के एक साल बाद यह कदम उठाया जा रहा है। इसे भी पढ़ें: Manoj Sinha ने SMVDSB बैठक में कटरा के International Museum of Goddess की समीक्षा की वांगचुक के ऑफ़िस ने कहा कि 24 सितंबर को हुई आम नागरिकों की हत्याओं की पहली बरसी के मौके पर, अगले दिन मार्च के बाद शहीद दिवस कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। लद्दाख के नेता मारे गए लोगों के परिवारों के लिए उचित मुआवज़े और उनसे जुड़े मामलों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। पिछले हफ़्ते, दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ हुई बैठक बेनतीजा रहने के बाद वांगचुक और लद्दाख के दूसरे नेताओं ने 19 से 24 सितंबर तक नए आंदोलन की धमकी दी थी। हालांकि, मौसम की स्थिति को देखते हुए इस आंदोलन को रद्द कर दिया गया। लद्दाख प्रशासन ने मारे गए चार लोगों के परिवारों को ₹15-15 लाख और घायलों को ₹3-3 लाख का मुआवज़ा देने की घोषणा की। लेकिन वांगचुक ने पिछले हफ़्ते कहा कि वह इस रकम से खुश नहीं हैं। वांगचुक ने कहा कि इस मुआवज़े को देखकर मुझे खुशी नहीं हो रही है। बल्कि, शर्म से मेरा सिर झुक गया है। वांगचुक पर लद्दाख में हिंसा भड़काने का आरोप था, जिसके चलते उन्हें नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत छह महीने तक हिरासत में रखा गया था। इसे भी पढ़ें: आतंकी संगठनों में नहीं भर्ती हो रहे स्थानीय युवा, पत्थरबाजी और अलगाववाद बंद, घुसपैठ के सभी प्रयास विफल, Modi राज की सफलता को दर्शा रहे हैं J&K संबंधी ताजा आंकड़े 59 साल के वांगचुक पर 'अरब स्प्रिंग' जैसे विरोध प्रदर्शनों का भड़काऊ ज़िक्र करके लोगों को गुमराह करने का आरोप था। सरकार ने मार्च में सभी संबंधित पक्षों के साथ रचनात्मक और सार्थक बातचीत को आसान बनाने की ज़रूरत का हवाला देते हुए उनकी हिरासत को तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिया। उनकी रिहाई सुप्रीम कोर्ट में उस 'हेबियस कॉर्पस' (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका पर सुनवाई से कुछ दिन पहले हुई, जो 1980 के कानून के तहत एक्टिविस्ट की हिरासत को लेकर दायर की गई थी; इस कानून के तहत बिना ट्रायल के 12 महीने तक हिरासत में रखा जा सकता है।

प्रभासाक्षी 21 Sep 2026 12:11 pm

यूपी चुनाव: 2 दिवसीय दौरे पर नितिन नवीन, सीएम योगी भी रहेंगे साथ

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारियों को तेज करते हुए बीजेपी नेता नितिन नवीन का दो दिवसीय महत्वपूर्ण यूपी दौरा आज से शुरू हो रहा है. इस दौरे की शुरुआत मेरठ से होगी, जहां वे युवा सम्मेलन को संबोधित करेंगे. इसके अलावा वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शक्ति केंद्रों की अहम बैठक में भी हिस्सा लेंगे. नितिन नवीन अपने इस प्रवास के दौरान पार्टी के पूर्व पदाधिकारियों, वर्तमान सांसदों, विधायकों और सक्रिय कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी तैयारियों की समीक्षा करेंगे और आगे की रणनीतियों पर मंथन करेंगे.

आज तक 21 Sep 2026 12:10 pm

16 साल की लड़की से हैवानियत, 56 साल के दुकानदार ने किया रेप

दिल्ली के सदर बाजार में 16 साल की नाबालिग लड़की से रेप के आरोप में 56 वर्षीय दुकानदार मकसूद को गिरफ्तार किया गया है. घटना 16 सितंबर की बताई जा रही है. आरोप है कि स्टेशनरी खरीदने निकली लड़की को मकसूद बहला-फुसलाकर दुकान में ले गया, जहां उसके हाथ-पैर बांधकर यौन उत्पीड़न किया.

आज तक 21 Sep 2026 12:09 pm

MNS की गुंडागर्दी: इन्फ्लुएंसर का मुंह काला कर सिर पर रखवाई चप्पल

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं पर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर महेश मोटे का चेहरा कथित तौर पर काला करने और उन्हें माफी मांगने के लिए मजबूर करने का आरोप है. MNS नेताओं ने आरोप लगाया कि मोटे ने राज ठाकरे के खिलाफ आपत्तिजनक और व्यक्तिगत टिप्पणियां की थीं.

आज तक 21 Sep 2026 12:08 pm

'आजा गुफाओं में आ' के बारे में रवीना टंडन ने दूर की गलतफहमी, बोलीं- इसे हॉरर फॉर्मेट देना गलत

अभिनेत्री रवीना टंडन ने अपनी फिल्म अक्स के गाने 'आजा गुफाओं में आ' के रीक्रिएशन पर ऐतराज जताया और इसे हॉरर सॉन्ग मानने से इनकार किया है। उनका कहना है कि यह गीत डरावना नहीं, बल्कि बेहद खूबसूरत और महिलाओं की शक्ति को दर्शाने वाला गीत है।

खास खबर 21 Sep 2026 12:08 pm

'वंदे मातरम्' पर कर्नाटक में हंगामा, 2 स्टैंजा बाद रुका ऑडियो तो BJP ने पूरा गाया

कर्नाटक विधानसभा में 'वंदे मातरम्' का ऑडियो दो स्टैंजा के बाद रोक दिया गया. इसके बाद बीजेपी विधायकों ने बाकी स्टैंजा खुद गाना शुरू कर दिया. पूरा मामला राज्य सरकार के उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें सामान्य सरकारी कार्यक्रमों में पहले दो स्टैंजा गाने की व्यवस्था की गई है.

आज तक 21 Sep 2026 12:08 pm

हर PF अकाउंट होल्डर तुरंत कर लें ये 7 काम; इमरजेंसी में बिना रुकावट निकलेगा फंड

अक्सर पीएफ फंड निकासी का आवेदन गड़बड़ी की वजह से खारिज हो जाता है. ऐसी परेशानियों से बचने के लिए ईपीएफ अकाउंट में इन 7 चीजों से हमेशा अपडेट रखनी चाहिए.जानिए यूएएन एक्टिवेशन से लेकर ई-नॉमिनेशन तक की पूरी लिस्ट, जिससे आपका पीएफ क्लेम चुटकियों में पास हो जाएगा.

NDTV इंडिया 21 Sep 2026 12:07 pm

DUSU Election में पैसे के दम पर हुई ABVP की जीत, CJP नेता Abhijeet Dipke का आरोप

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कन्वीनर अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि चुनाव पैसे के दम पर लड़े जाते हैं। उन्होंने हाल ही में हुए दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (DUSU) चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि प्रचार करने वाले लोग लग्ज़री कारों में आते हैं। हाल ही में CJP के नेतृत्व में हुए 'जेन ज़ेड' (Gen Z) विरोध प्रदर्शनों के बाद हुए DUSU चुनावों में, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने सेंट्रल पैनल के चार में से तीन पदों पर जीत हासिल की। ​​कांग्रेस समर्थित नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ़ इंडिया (NSUI) चारों में से कोई भी पद नहीं जीत पाई। इसे भी पढ़ें: Chhatron Ki Goonj: इंदौर के मंच पर Rahul Gandhi ने ऐसा क्या किया, जिस पर BJP भड़क गई? दिपके ने पत्रकारों से कहा कि चुनावों में सिर्फ़ पैसा ही काम आता है और कुछ नहीं। DU में प्रचार करने वाले लोग रॉल्स रॉयस में आते हैं, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये होती है। वे ऑडी और BMW में आते हैं। तो वहाँ पैसा ही काम करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शैक्षणिक संस्थानों में नियुक्तियों और कामकाज पर विचारधारा का असर पड़ रहा है। उन्होंने इस मामले में BJP सरकार की आलोचना करने वाले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की बात का समर्थन किया। डिपके ने दावा किया कि महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर कुमुद शर्मा RSS की विचारधारा से जुड़ी हैं और आरोप लगाया कि उनके पद संभालने के बाद से छात्रों के खिलाफ 50 से ज़्यादा FIR दर्ज की गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब छात्र किसी बात का विरोध करते हैं, तो उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है। लेकिन जब ABVP किसी बात का विरोध करती है या कोई गेट बंद करती है, तो उनके खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं होती। सिर्फ़ दलित और आदिवासी छात्र जो विचारधारा का विरोध करते हैं, उन पर केस दर्ज किया जाता है। यह संस्थानों (विश्वविद्यालयों) को RSS की शाखा बनाने का एक रोडमैप है। इसे भी पढ़ें: DUSU Result पर Amit Shah ने ABVP को दी बधाई, BJP का Rahul Gandhi पर तंज, कहा- छात्रों ने दिया बड़ा Zero महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के चेयरमैन विवेक भीमन्वार पर कथित भ्रष्टाचार के कारण इस्तीफ़े की मांग कर रहे उम्मीदवारों के विरोध प्रदर्शन पर डिपके ने कहा कि छात्रों का परीक्षा प्रणाली से भरोसा उठ गया है। उन्होंने पूछा कि जब तक भीमन्वार इस्तीफ़ा नहीं देते, तब तक छात्र कैसे भरोसा कर सकते हैं कि परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से होंगी? उन्होंने कहा कि CJP, MPSC उम्मीदवारों के साथ मिलकर जल्द ही भीमन्वार इस्तीफ़ा दें (Bhimanwar Rajinama Dya) नाम से एक ऑनलाइन अभियान शुरू करेगा। इस अभियान का मकसद आयोग के चेयरमैन पर लगे आरोपों, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ उनके कथित संबंधों और उनके इस्तीफ़े की ज़रूरत के बारे में बताना होगा।

प्रभासाक्षी 21 Sep 2026 12:07 pm

नाश्ते में मिनटों में बनाएं क्रिस्पी प्याज-मिर्च चीला, रेसिपी है आसान

Pyaz Mirch Chilla: अगर आप नाश्ते में कुछ ऐसा बनाना चाहते हैं जो टेस्टी होने के साथ जल्दी तैयार भी हो जाए तो प्याज-मिर्च चीला ट्राई कर सकते हैं. बेसन और सूजी से बना यह चीला बाहर से हल्का क्रिस्पी और अंदर से सॉफ्ट होता है.

आज तक 21 Sep 2026 12:06 pm

कृति सेनन ने अपनी बकेट लिस्ट से पॉटरी आर्ट को पूरा किया: आज ही को अपना 'पहला दिन' बनाएं

एक्ट्रेस कृति सेनन ने अपनी बकेट लिस्ट से एक और चीज पूरी कर ली है, जिसे वह सालों से सीखना चाहती थीं। 'मिमी' एक्ट्रेस को इंस्टाग्राम पर अपनी लेटेस्ट पोस्ट में पॉटरी (मिट्टी के बर्तन बनाने) की कला सीखते हुए देखा गया।

खास खबर 21 Sep 2026 12:05 pm

75 साल के मुस्लिम जमात नेता की 19 साल की बीवी की मौत, सांसद के कमरे में लटकी मिली लाश, बांग्लादेश में मचा बवाल

बांग्लादेश की जमात-ए-इस्लामी ने 22 जुलाई को गाजी नजरुल को पार्टी से निकाल दिया था. एक युवती के साथ उनका विवादित वीडियो वायरल हुआ था. तब सांसद गाजी नजरुल ने कहा था कि 19 साल की वह युवती उनकी दूसरी पत्नी है.

NDTV इंडिया 21 Sep 2026 12:05 pm

13 Cr.

Maithili Thakur:

वन इंडिया 21 Sep 2026 12:05 pm

घर की छत पर फ्री लगेगा सोलर, बिजली बिल '0' और कमाई भी! करें अप्लाई

दिल्ली सरकार की नई रूफटॉप सोलर योजना के तहत पात्र परिवारों की छत पर 3 किलोवाट तक का सोलर सिस्टम बिना शुरुआती भुगतान के लगाया जाएगा. 21 सितंबर से आवेदन शुरू हो चुके हैं. मार्च 2027 तक 2.30 लाख घरों को जोड़ने का लक्ष्य है.

आज तक 21 Sep 2026 12:05 pm

वेस्ट यूपी में उतरी बीजेपी की तिकड़ी, नितिन-योगी-पंकज का 71 सीट साधने का क्या है प्लान

2027 के यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन दो दिवसीय दौरे पर पश्चिम यूपी पहुंच रहे हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ और पंकज चौधरी के साथ मिलकर वे मेरठ और सहारनपुर मंडल की 71 विधानसभा सीटों की सियासी नब्ज टटोलेंगे और Gen-Z संग संवाद कर 'मिशन-2027' का आगाज करेंगे.

आज तक 21 Sep 2026 12:04 pm

क्या भारत में खत्म हो रहा है 1 BHK, बड़े फ्लैट पर क्यों दांव लगा रहे बिल्डर

भारत के रियल एस्टेट बाजार में 2 और 3 BHK की मांग लगातार बढ़ रही है, जबकि 1 BHK की नई सप्लाई सीमित होती जा रही है. लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि 1 BHK का दौर खत्म हो रहा है? ताजा आंकड़े बताते हैं कि मांग अभी भी मौजूद है, खासकर कुछ बड़े शहरों में.

आज तक 21 Sep 2026 12:02 pm

यूपी के इस शहर में फ्री में दिखाई गई हनुमान अंश, जानिए किसे मिली यह सुविधा

प्रयागराज में बाबा नीब करौरी महाराज के जीवन पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ के विशेष फ्री शो आयोजित किए गए. सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 से 20 सितंबर तक विधायक और मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने विधानसभा क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ सिविल लाइंस स्थित पीवीआर में भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, बूथ अध्यक्षों, पन्ना प्रमुखों और उनके परिवारों के लिए स्क्रीनिंग रखी थी.

आज तक 21 Sep 2026 12:01 pm

सैकड़ों साल पुराने राजस्थानी लोकगीत पर 20 साल पहले बना गाना, पत्नी ने बताया पति से दूरी का दर्द, ये बन गया रंगीलो राजस्थान का वेलकम सॉन्ग

राजस्थान में स्वागत के रूप में इस्तेमाल किया जाने वाला गाना पति पत्नी के विरह के दर्द को बयां करता है, जिसे 20 साल पहले फिल्म के गाने में दिखाया गया था.

NDTV इंडिया 21 Sep 2026 12:01 pm

इधर अल-नीनो एक्टिव, उधर बंगाल की खाड़ी में साइक्लोन अर्नब का खतरा

बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर डीप डिप्रेशन या चक्रवात अर्नब बन सकता है. ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश में भारी बारिश का खतरा. साथ में अल-नीनो भी एक्टिव, जिससे सूखे की आशंका बढ़ी है.

आज तक 21 Sep 2026 12:01 pm

Baby Boy Names List: अपने लाडले बेटे को दें भगवान गणेश से प्रेरित नाम, देखिए यूनिक और मॉर्डन नामों की लिस्ट

अगर आप अपने लाडले के लिए कोई खास नाम तलाश रहे हैं, तो आज हम आपके लिए भगवान गणेश से प्रेरित कुछ सुंदर नामों की लिस्ट लेकर आए हैं जो आपके बेटे की पहचान को और भी खास बना सकते हैं.

NDTV इंडिया 21 Sep 2026 12:00 pm

बॉलीवुड गीत पहेली: जानते हैं 64 साल पुराने वहीदा रहमान के गाने 'भंवरा बड़ा नादान हाय' में कितनी बाए आए थे 'भंवरा' और 'हाय' शब्द?

बॉलीवुड गीत पहेली: 1962 में वहीदा रहमान, गुरु दत्त और मीना कुमारी की एक फिल्म आई थी. जिसमें 'भंवरा बड़ा नादान हाय' गाना आया था. अब मजेदार यह है कि क्या आप जानते हैं इस गाने में आशा भोसले ने कितनी बार भंवरा और हाय शब्द का इस्तेमाल किया है.

NDTV इंडिया 21 Sep 2026 11:59 am

गिरफ्तारी के समय लिखित में बताना होगा आधार, वरना ये गैरकानूनी होगा, सुप्रीम कोर्ट का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने किसी भी कानून के तहत किसी शख्स की गिरफ्तारी के लिए पुलिस और अन्य एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है. उन्हें गिरफ्तार का आधार लिखित और आसान भाषा में बताने का आदेश कोर्ट ने दिया है.

NDTV इंडिया 21 Sep 2026 11:59 am

24 या 25 सितंबर, कब किया जाएगा बाप्पा का विसर्जन? नोट करें सही डेट

Ganesh Visarjan 2026: गणेश उत्सव के समापन पर गणेश विसर्जन का विशेष महत्व माना जाता है. लेकिन कई लोगों के मन में यह प्रश्न रहता है कि गणेश विसर्जन कब करना चाहिए और इसकी सही विधि क्या है? तो आइए जानते हैं कि गणपति बाप्पा के विसर्जन का शुभ समय, पूजन की संपूर्ण प्रक्रिया, आवश्यक नियम और वे बातें जिनका ध्यान रखना बेहद जरूरी है.

आज तक 21 Sep 2026 11:58 am

संगम विहार में चोरी की बड़ी वारदात, 45 मिनट में लाखों के गहने-कैश साफ

संगम विहार के सैनिक बाजार इलाके में रविवार रात घर में बड़ी चोरी हुई. परिवार के बाहर रहने के दौरान गहने और कैश चोरी होने का आरोप है. दिल्ली पुलिस और FSL टीम जांच में जुटी है. पढ़ें पूरी कहानी.

आज तक 21 Sep 2026 11:55 am

'वाइब' के बाद कुणाल खेमू का इमोशनल पोस्ट, कहा-मैं आपका सारा प्यार देखता हूं

अभिनेता कुणाल खेमू की कॉमेडी, एक्शन और जासूसी थ्रिलर फिल्म 'वाइब' सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है।

खास खबर 21 Sep 2026 11:53 am

ऑस्कर में 'गोंधल' की एंट्री से सुभाष घई हुए खुश, इशिता देशमुख पर जताया गर्व, फिल्म देखने की अपील

बधाई दी. उन्होंने ‘गोंधळ’ की पूरी रचनात्मक टीम की मेहनत को स्वीकार करते हुए फिल्म की इस उपलब्धि को भारतीय सिनेमा के लिए गौरव का क्षण बताया.

NDTV इंडिया 21 Sep 2026 11:52 am

Uttar Pradesh Assembly Elections 2027 पर Asaduddin Owaisi का बड़ा बयान, उत्तर प्रदेश में अकेले चुनाव नहीं लड़ना चाहते, गठबंधन की तैयारी?

उत्तर प्रदेश में 2027 की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर अभी से ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी आगामी यूपी विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने के मूड में नहीं है। ओवैसी ने इंडिया टीवी (India TV) के साथ खास बातचीत में खुलासा किया कि AIMIM गठबंधन बनाकर चुनाव मैदान में उतरने की रणनीति पर काम कर रही है। इसके साथ ही ओवैसी ने समाजवादी पार्टी (SP) पर तीखा हमला बोला और उसे हार का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने के बजाय आत्म-मंथन करने की सलाह दी। इंडिया टीवी के साथ एक खास बातचीत में, तेलंगाना के हैदराबाद से लोकसभा सांसद ने संकेत दिया कि उनकी पार्टी गठबंधन के लिए दूसरी पार्टियों, जिनमें चंद्रशेखर आज़ाद रावण की आज़ाद समाज पार्टी (कांशी राम) भी शामिल है, के साथ बातचीत कर रही है और जल्द ही सब कुछ तय हो जाएगा। उन्होंने कहा, मैं अकेले चुनाव नहीं लड़ना चाहता। मैं गठबंधन में चुनाव लड़ना चाहता हूँ। हालाँकि, अभी कुछ पक्का नहीं है। फिर भी, मैं दोहराना चाहता हूँ कि हम गठबंधन में चुनाव लड़ना चाहते हैं। यह बहुत जल्द हो जाएगा, हालाँकि इसके लिए कुछ समय चाहिए। इसे भी पढ़ें: North Delhi के Sadar Bazar में 11 वर्षीय बच्ची से दरिंदगी, दर्जी गिरफ्तार ओवैसी की पार्टी ने पहले समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करने की कोशिश की थी, जिसने 2022 के उत्तर प्रदेश चुनावों में 111 सीटें और 2024 के लोकसभा चुनावों में 37 सीटें जीती थीं। हालाँकि, अभी तक कोई गठबंधन तय नहीं हो पाया है, और ओवैसी ने रविवार को अखिलेश यादव की पार्टी पर निशाना साधा क्योंकि उसने AIMIM को BJP की 'B टीम' कहा था। उन्होंने कहा, समाजवादी पार्टी सत्ता में थी (उत्तर प्रदेश में), लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव हार गई। वे 2017 के विधानसभा चुनाव भी हार गए और उन्होंने हम पर दोष मढ़ा। 2019 के लोकसभा चुनाव और 2022 के विधानसभा चुनाव हारने के बाद भी उन्होंने हम पर ही दोष लगाया। उन्होंने अपनी हार के लिए हमेशा हमें दोषी ठहराया है, लेकिन कभी आत्म-मंथन नहीं किया। उन्होंने याद करते हुए कहा, 2022 के विधानसभा चुनावों से लगभग तीन महीने पहले, कुछ लोगों ने मुझसे चुनाव न लड़ने के लिए कहा था। उस समय, हमने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करने का आग्रह किया था; हालाँकि, वह गठबंधन नहीं हो पाया। जब उनसे पूछा गया कि क्या उत्तर प्रदेश में मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है, तो AIMIM अध्यक्ष ने इंडिया टीवी से कहा कि वक्फ संशोधन बिल संसद में सिर्फ़ इस समुदाय के अधिकारों को कम करने के लिए लाया गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार कानून के शासन के मुताबिक काम नहीं कर रही है। इसे भी पढ़ें: रूस की जनता के फैसले ने हिला डाली दुनिया! पुतिन के सिर पर आ गयी बड़ी जिम्मेदारी, जानें रशियन्स ने क्या कांड किया? उन्होंने आरोप लगाया, सिर्फ़ सहारनपुर में ही नहीं, बल्कि संभल में भी कई मस्जिदें और कब्रिस्तान गिरा दिए गए। मुसलमानों के कई घर बुलडोज़र से ढहा दिए गए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं हो रहा है। मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए वक्फ एक्ट में संशोधन किया जा रहा है। मुसलमान सिर्फ़ वोटर बनकर रह गए हैं और जिन्होंने उन्हें वोटर बनाया, वे मुख्य मुद्दे नहीं उठा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi

प्रभासाक्षी 21 Sep 2026 11:51 am

'कांग्रेस बनी माओवादी मुस्लिम लीग पार्टी': भाजपा ने हामिद अंसारी को क्यों दी बधाई? राहुल को भी लिया आड़े हाथ

'कांग्रेस बन चुकी है माओवादी मुस्लिम लीगी पार्टी': हामिद अंसारी के बयान पर भाजपा ने साधा निशाना, और क्या कहा? BJP Sudhanshu Trivedi slams congress Rahul Gandhi over Former Vice President Hamid Ansari statement

अमर उजाला 21 Sep 2026 11:47 am

शादियों का 28 साल पुराना गाना जो हर पार्टी की जान, बजते ही थिरकते हैं दूल्हा-दुल्हन और उनके मम्मी-पापा के पांव, आशा-सुरेश की आवाज में अमर

90 के दशक के गानों का क्रेज कभी खत्म नहीं हो सकता और हो भी क्यों ? ये गाने हैं ही इतने खूबसूरत और रूहानी. चाहे वह मिलेनियल्स हों या आज की जेन-जी पीढ़ी, उस दौर की धुनों के जादू से कोई खुद को दूर नहीं रख सकता. आज हम एक ऐसे गाने के बारे में बताने जा रहे हैं...

NDTV इंडिया 21 Sep 2026 11:46 am

बॉलीवुड गीत पहेली: जानते हैं करिश्मा कपूर-सुनील शेट्टी के 'हाय हुक्कू हाय हुक्कू’ गाने में कितनी बार आए थे 'हाय' और 'हुक्कू' शब्द?

बॉलीवुड गीत पहेली: 1994 में सुनील शेट्टी और करिश्मा कपूर की एक फिल्म आई थी. जिसमें 'हाय हुक्कू हाय हुक्कू' गाना आया था. अब मजेदार यह है कि क्या आप जानते हैं इस गाने में कुमार सानू और पूर्णिमा ने कितनी बार हाय और हुक्कू शब्दों का इस्तेमाल किया था?

NDTV इंडिया 21 Sep 2026 11:46 am

तो मैं तुम्हें मर्द की औलाद मानूंगा...पूर्व वित्त सचिव पर भड़के बीजेपी सांसद; जेल तक की धमकी

गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग पर मानहानि का केस करने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि अगर वह माफी नहीं मागते हैं तो जेल जाना पड़ेगा। पूर्व वित्त सचिव ने जीडीपी के आंकड़ों पर बयान दिया था।

लाइव हिन्दुस्तान 21 Sep 2026 11:43 am

आवारा कुत्तों के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में NHAI ने कहा- ये स्थानीय एजेंसियों का काम, हमें ₹7000 करोड़ का खर्च आएगा

आवारा कुत्तों-मवेशियों के लिए शेल्टर होम बनाने के निर्देश पर NHAI ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि ये काम स्थानीय एजेंसियों का है. हमें 7,000 करोड़ का खर्च आएगा.

NDTV इंडिया 21 Sep 2026 11:41 am

iPhone 18 Pro खरीदने भारत से दुबई जा रहे लोग, बताया कितना पड़ रहा है सस्ता

iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max खरीदने के लिए भारतीय खरीदार दुबई पहुंच जा रहे हैं. आपको बता दें कि भारत के मुकाबले दुबई (UAE) में नया आईफोन 38 हजार रुपये तक सस्ता मिल रहा है.

NDTV इंडिया 21 Sep 2026 11:40 am

Imphal Airport से अगवा पश्चिम बंगाल का युवक Bishnupur से सुरक्षित बचाया गया

मणिपुर पहुंचने पर यहां हवाई अड्डे से कथित तौर पर अगवा किए गए पश्चिम बंगाल के एक व्यक्ति को सुरक्षा कर्मियों ने बिष्णुपुर जिले से बचा लिया। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, मोइरांग थाने के कर्मियों ने मोहम्मद वसीम अकरम को 19 सितंबर को नारानसेना इलाके से बचाया। यह स्थान इंफाल हवाई अड्डे से करीब 40 किलोमीटर दूर है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि जिस वाहन से अकरम को अगवा कर ले जाया जा रहा था, उसके चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने यह जानकारी नहीं दी कि अकरम का अपहरण कब किया गया, इसके पीछे क्या मकसद था और इस अपराध में कौन शामिल था। पुलिस ने कहा, ‘‘मोइरांग थाने के कर्मियों ने 19 सितंबर को पश्चिम बंगाल निवासी मोहम्मद वसीम अकरम को नारानसेना से बचाया। अकरम ने उस वाहन का हैंडब्रेक खींच दिया था जिससे उसे अगवा कर ले जाया जा रहा था। इसके बाद वह अपहरणकर्ताओं के चंगुल से भागकर मदद के लिए सुरक्षा कर्मियों के पास पहुंचा। उसे इंफाल हवाई अड्डा पहुंचने के बाद अगवा कर लिया गया था।’’पुलिस के बयान में कहा गया कि वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है ताकि अन्य संदिग्धों का पता लगाकर उन्हें पकड़ा जा सके। मणिपुर में तीन साल पहले जातीय हिंसा भड़कने के बाद से सुरक्षा बल संवेदनशील और सीमावर्ती इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं तथा वहां प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने की कार्रवाई कर रहे हैं। घाटी में रहने वाले मेइती और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले कुकी समुदायों के बीच मई 2023 में भड़की जातीय हिंसा में अब तक कम से कम 306 लोगों की मौत हो चुकी है, 49 लोग अब भी लापता हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं।

प्रभासाक्षी 21 Sep 2026 11:33 am

सोनम वांगचुक का नया आंदोलन 2 दिन में, बगैर अभिजीत दीपके सरकार को घेरने निकले?

सोनम वांगचुक लद्दाख में बीते साल पुलिस कार्रवाई में मारे गए लोगों के मुद्दे पर सरकार को घेरने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने लद्दाख प्रशासन की तरफ से की गई मुआवजा रकम की घोषणा पर भी नाराजगी जाहिर की है।

लाइव हिन्दुस्तान 21 Sep 2026 11:32 am

ज्यूरिख में विदेश मंत्री जयशंकर करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व

ज्यूरिख, विदेश मंत्री एस. जयशंकर सोमवार को ज्यूरिख एयरपोर्ट पहुंचे।

देशबन्धु 21 Sep 2026 11:21 am

सूडान में एक हफ्ते में दूसरी बार धंसी सोने की खदान, 11 मजदूरों की मौत

सूडान से एक बेहद दुखद और दर्दनाक खबर सामने आ रही है. यहां एक बार फिर बड़ा हादसा हुआ है जहां एक सोने की खदान ढह गई है. इस भीषण हादसे में अब तक कम से कम 11 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. मलबे में अभी भी कई अन्य लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके चलते राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है. हैरानी की बात यह है कि सूडान में एक ही हफ्ते के भीतर यह दूसरा बड़ा हादसा है.

आज तक 21 Sep 2026 11:14 am

North Delhi के Sadar Bazar में 11 वर्षीय बच्ची से दरिंदगी, दर्जी गिरफ्तार

उत्तर दिल्ली के सदर बाजार इलाके में 11 वर्षीय बच्ची का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में एक दर्जी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि दर्ज़ी बच्ची को बहला फुसलाकर अपनी दुकान में ले गया जहां उसे बंधक बनाया गया और उसका कथित रूप से यौन उत्पीड़न किया गया। पुलिस के अनुसार, 16 सितंबर की रात को एक नाबालिग पीड़िता के साथ दुकानदार द्वारा यौन उत्पीड़न किए जाने के संबंध में पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) को सूचना प्राप्त हुई। अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलते ही सदर बाजार थाने की पुलिस टीम के साथ-साथ सदर बाजार और महिला थाने के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बताया कि जांच में आया कि पीड़िता रात करीब 11 बजे स्टेशनरी का कुछ सामान खरीदने के लिए अपने घर से निकली थी और इसी दौरान पड़ोस की दुकान में काम करने वाले एक दर्जी ने उसे फुसलाकर अपनी दुकान के अंदर बुला लिया, उसे बंधक बनाया और उसके साथ यौन उत्पीड़न किया। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में उत्तर जिले के महिला थाने में कानून की प्रासंगिक धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई और आरोपी मकसूद को गिरफ्तार कर लिया गया और एक अदालत में पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

प्रभासाक्षी 21 Sep 2026 11:12 am

होर्मुज संकट में उजागर हुई दुनिया की कमजोरी! भयावह होगा अगला झटका?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर आया संकट सिर्फ तेल की कीमतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने दुनिया की ऊर्जा सप्लाई की कमजोर कड़ियों को भी सामने ला दिया. बाजार ने कम खपत, वैकल्पिक रूट और इन्वेंट्री के सहारे झटका संभाला, लेकिन इसकी भी सीमाएं सामने आईं. भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक के लिए यह संकट सप्लाई डाइवर्सिफिकेशन और स्ट्रेटेजिक रिजर्व की अहमियत बढ़ाता है.

आज तक 21 Sep 2026 11:11 am

A, B, AB या O... ब्लड ग्रुप से जानें कैसी है आपकी पर्सनैलिटी?

क्या ब्लड ग्रुप से किसी इंसान के स्वभाव का अंदाजा लगाया जा सकता है? जापान में A, B, AB और O ब्लड ग्रुप को पर्सनैलिटी से जोड़ने वाली एक थ्योरी काफी लोकप्रिय है. चलिए जानते हैं इस थ्योरी में अलग-अलग ब्लड ग्रुप वालों के बारे में क्या कहा गया है.

आज तक 21 Sep 2026 11:07 am

नौकरी महाकुंभ में सीएम योगी ने बांटे नियुक्ति पत्र, अखिलेश पर साधा निशाना

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'नौकरी महाकुंभ' के दूसरे दिन लखनऊ के लोक भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में 912 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए. ये नियुक्तियां पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड की सीधी भर्ती 2023 के तहत की गई हैं. इस दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में भारी विसंगतियां थीं और चारों तरफ भाई-भतीजावाद का बोलबाला था, जिससे युवाओं में भारी निराशा थी. उ

आज तक 21 Sep 2026 11:02 am

राजस्थान में Ashok Gehlot का BJP पर आरोप, निकाय चुनाव में पुलिस का दुरुपयोग कर रही सरकार

राजस्थान में नगर निकायों के प्रमुखों के चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर नवनिर्वाचित पार्षदों पर दबाव बनाने के लिए पुलिस, प्रशासन व अन्य सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। गहलोत ने एक बयान में कहा, ‘‘भाजपा अब लोकतंत्र की हत्या में सिर्फ राजस्थान पुलिस को ही नहीं, हरियाणा पुलिस को भी शामिल कर चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘हनुमानगढ़ में निर्दलीय विधायक की गिरफ्तारी, प्रदेशभर में कई कांग्रेस पार्षदों को पुलिस-एसीबी के नोटिस और धमकियां, यह सब कम नहीं था कि अब तिजारा के कांग्रेस पार्षदों को हरियाणा के पंचकूला में रोक लिया गया और पूर्व विधायक संदीप यादव को गुड़गांव में बिना किसी कारण हिरासत में ले लिया गया।’’पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जनता द्वारा चुने हुए पार्षदों को पुलिस के दम पर रोकना और बंधक बनाना दिखाता है कि यह चुनाव नहीं, जनता के जनादेश पर खुला कब्जा है।’’नेता प्रतिपक्ष जूली ने भी इस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘तिजारा में नगर निकायों का बोर्ड बनाने के लिए भाजपा इस कदर गिर चुकी है कि जनता द्वारा चुने हुए कांग्रेस पार्षदों को हरियाणा पुलिस ने रात से दादागीरी से रोक रखा है।’’उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘कांग्रेस के पार्षदों को बंधक बनाकर चंडीगढ़ के जंगलों में ले जाया गया है। पूर्व विधायक संदीप यादव को सात घंटे तक हरियाणा पुलिस द्वारा रोककर रखा गया।’’जूली ने कहा, ‘‘भाजपा जनादेश में हार चुकी है और अपनी हार की बौखलाहट में प्रदेश और पड़ोसी प्रदेशों की पुलिस और प्रशासन को आगे कर लोकतंत्र का चीरहरण कर रही है।’’उन्होंने कहा, ‘‘जनादेश को लूटने का ऐसा उदाहरण कहीं नहीं मिलेगा।’’राज्य में 273 नगर निकायों में सभापति व अध्यक्ष पद के लिए सोमवार को चुनाव हो रहा है। पांच निकायों में अध्यक्ष पदों के लिए 25 सितंबर को चुनाव होगा, वहीं 32 निकायों में अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है।

प्रभासाक्षी 21 Sep 2026 11:02 am

शशि थरूर के बेटे हुए आग बबूला, हनुमान जी के खिलाफ बोलने वाले अमेरिकी को लताड़ा

केरल के तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे ईशान अमेरिकी पत्रकारिता जगत में जाना माना नाम हैं। हाल ही में उनकी एक पोस्ट वायरल हुई है, जिसमें वह हिंदू धर्म पर बयान को लेकर यूजर को लताड़ लगा रहे हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 21 Sep 2026 11:00 am

घर में नहीं टिक रहा पैसा? फ्रिज के ऊपर रख दें बस ये 3 चीजें, दूर होगी तंगी

Fridge Vastu:घर में पैसों की तंगी और नेगेटिविटी से हैं परेशान? किचन में रखा फ्रिज बन सकता है गुड लक का जरिया. जानिए वास्तु के वे आसान उपाय, जिन्हें फ्रिज के ऊपर रखने से घर में आती है बरकत और सकारात्मक ऊर्जा.

आज तक 21 Sep 2026 11:00 am

आईआईटी बॉम्बे छात्र खुदकुशी मामला: छात्रों की 18 मांगों पर बोर्ड में आज सुनवाई, मांगपत्र में क्या-क्या शामिल?

आईआईटी बॉम्बे प्रशासन पर बढ़ा दवाब: छात्रों की मांगों पर बोर्ड आज करेगा सुनवाई, मांगपत्र में क्या-क्या शामिल? iit-bombay-board-to-hear-pleas-director-signs-18-point-charter-student-suicide-protests-know-whats-in-it

अमर उजाला 21 Sep 2026 11:00 am

टीएमसी न्यू सिंबल:10 साल का बैन,सिब्बल का तगड़ा प्लान!|ममता के लिए अच्छी खबर | दल बदल कानून

टीएमसी न्यू सिंबल:10 साल का बैन,सिब्बल का तगड़ा प्लान!|ममता के लिए अच्छी खबर | दल बदल कानून

अमर उजाला 21 Sep 2026 10:59 am

ईरान ने अमेरिका के सामने रखीं 7 शर्तें, न मानने पर दी महायुद्ध की धमकी

रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष और तेज हो गया है, वहीं दूसरी तरफ यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की नाक में दम कर रखा है. इस अशांत माहौल के बीच ईरान ने कतर के जरिए अमेरिका के सामने युद्ध खत्म करने के लिए 7 बड़ी शर्तें रखी हैं. ईरान की इन शर्तों में उसकी फ्रीज की गई संपत्ति को मुक्त करना, समुद्री नाकेबंदी को खत्म करना और सभी मोर्चों पर जारी जंग को तुरंत रोकना शामिल है. ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी है कि यदि ये मांगें नहीं मानी गईं, तो अमेरिका को एक निर्णायक और विनाशकारी युद्ध के लिए तैयार रहना होगा.

आज तक 21 Sep 2026 10:59 am

बेंगलुरु में उलझी 13 साल के प्रज्वल की हत्या की गुत्थी! आरोपी की कहानी में झोल

बेंगलुरु में 13 साल के प्रज्वल के अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस कत्ल की असली वजह तलाश रही है. UK से लौटे पड़ोसी भास्कर रेड्डी पर 1.5 करोड़ रुपये फिरौती की साजिश का आरोप है. पढ़ें सनसनीखेज कत्ल की कहानी.

आज तक 21 Sep 2026 10:57 am

ड्रोन और मिलिट्री सिस्टम होंगे सिक्योर, सेना बनाएगी 6 साइबर लैब

भारतीय सेना ड्रोन और सैन्य प्रणालियों में विदेशी बग्स का पता लगाने के लिए छह आश्वस्त साइबर लैब बना रही है. दिल्ली में लैब शुरू हो चुकी है. खासकर चीनी मूल के बग्स से जोखिम कम करने का लक्ष्य है.

आज तक 21 Sep 2026 10:55 am

सिर्फ 8 घंटे में दिल्‍ली से बनारस, चलने जा रही वंदे भारत स्‍लीपर ट्रेन!

वंदे भारत स्‍लीपर ट्रेन का ऐलान हो चुका और पहली वंदे भारत स्‍लीपर ट्रेन चलने भी लगी है. अब दूसरी वंदे भारत ट्रेन चलाने की तैयारी चल रही है, जो दिल्‍ली से वाराणसी के बीच चलेगी. माना जा रहा है कि द‍िवाली के मौके पर इसे चालू किया जा सकता है.

आज तक 21 Sep 2026 10:53 am

राहुल गांधी के कार्यक्रम में पीएम मोदी की मिमिक्री, बढ़ा सियासी विवाद

इंदौर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में एक नया सियासी घमासान खड़ा हो गया है. इस कार्यक्रम के दौरान मंच पर स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि की एंट्री हुई, जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री की. इस मिमिक्री के बाद मंच पर राहुल गांधी और कॉमेडियन के बीच हुए संवाद को लेकर अब बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं. बीजेपी का आरोप है कि इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का न केवल मजाक उड़ाया गया, बल्कि 'मां' शब्द का इस्तेमाल कर उनका घोर अपमान किया गया है.

आज तक 21 Sep 2026 10:53 am

IIT बॉम्बे में छात्र की मौत पर बवाल, माता-पिता ने लगाए गंभीर आरोप

मुंबई के प्रसिद्ध संस्थान आईआईटी बॉम्बे में 22 वर्षीय बीटेक छात्र साहिल रविंद्र वाकुडी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. छात्र का शव शुक्रवार की शाम को हॉस्टल नंबर 4 के उसके कमरे से बरामद किया गया. इस घटना के बाद से कैंपस में हड़कंप मच गया है और छात्रों ने न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है.

आज तक 21 Sep 2026 10:51 am

BJP छोड़ने वाले अजय जायसवाल को बसपा ने बनाया घोसी से प्रत्याशी

मऊ की घोसी विधानसभा सीट पर बसपा ने पूर्व भाजपा नेता अजय जायसवाल को अपना प्रभारी प्रत्याशी घोषित कर दिया है. कोपागंज में आयोजित विशाल कार्यकर्ता महासम्मेलन में मुख्य मंडल प्रभारी दिनेश चंद्रा ने मायावती के निर्देश पर उनके नाम का ऐलान किया. अजय सामाजिक कार्यों में काफी सक्रिय रहे हैं.

आज तक 21 Sep 2026 10:49 am

अब मायावती ने भतीजे ईशान आनंद को आगे बढ़ाया, रणनीत‍ि पर उठे सवाल

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुट गए हैं. इसी बीच बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की सुप्रीमो मायावती के फैसलों ने राज्य की सियासत में हलचल तेज कर दी है. मायावती ने अपने परिवार के सदस्यों को पार्टी संगठन से दूर रखने का एक बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने अपने भतीजे आकाश आनंद और भतीजी दीपिका को पार्टी की अहम जिम्मेदारियों से अलग कर दिया है. हालांकि, इस फैसले के बाद उन्होंने आकाश आनंद के भाई ईशान आनंद को आगे बढ़ाया है, जिससे पार्टी के अंदर और बाहर कई सवाल खड़े हो रहे हैं.

आज तक 21 Sep 2026 10:45 am

भाजपा के निशाने पर राहुल गांधी, पीएम मोदी की मिमिक्री मामले में बोले फडणवीस, राहुल गांधी को बनना चाहिए स्टैंड-अप कॉम

इंटरनेट डेस्क। इंदौर में राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम के दौरान की गई मिमिक्री को लेकर कांग्रेस सांसद ओर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भाजपा के निशाने पर आ गए है। महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने उनपर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी जो मिमिक्री कर रहे हैं, मैं तो ऐसा मानता हूं कि राहुल गांधी को पार्टी को छोड़कर स्टैंड-अप कॉमेडियन बनना चाहिए। क्योंकि उनकी पार्टी को तो उन्होंने बेरोजगार कर दिया है। भाजपा के निशाने पर आए खबरों की माने तो राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के तौर-तरीकों और सार्वजनिक रूप से उनके पेश आने वाले अंदाज की मिमिक्री की गई थी। परफॉर्मर ने पीएम मोदी की खास हंसी, हाथों के इशारों और लोगों का अभिवादन करने और गले मिलने के तरीके की नकल की। यह एक्ट राहुल गांधी के संबोधन वाले छात्रों पर केंद्रित कार्यक्रम के दौरान हुआ। मिमिक्री करने वाले कलाकार पुलकित मणि थे, जो एक भारतीय स्टैंड-अप कॉमेडियन और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर हैं। रिजिजू ने लिया आड़े हाथ खबरों की माने तो इससे पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर निशाना साधा था। किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस की मिमिक्री वाला क्लिप साझा कर लिखा था कि कांग्रेस पार्टी कॉमेडियन और जोकरों की पार्टी बन गई है। वे हमेशा के लिए बाहर हो गए हैं। pc- aaj tak

समाचार जगत 21 Sep 2026 10:45 am

15 साल का अनुभव, 98 लाख की सैलरी, जारी हुआ नोटिफिकेशन

SBI ने एक बार फिर सरकारी नौकरी का सपना देखने वाले उम्मीदवारों के लिए खास मौके लेकर आई है. डीन, फैकल्टी और मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया. चयनित उम्मीदवारों को 98 लाख रुपये तक का सालाना पैकेज दिया जाएगा.

आज तक 21 Sep 2026 10:43 am

ताबूत से आ रही थी गुनगुनाने की आवाज... अंदर जिंदा थी महिला!

दो दिन पहले जिस महिला की मौत हो चुकी थी. वह अचानक जिंदा हो गई. रिश्तेदारों ने उसे ताबूत से बाहर निकाला. कुछ घंटे तक फिर से उसकी सांसें चलती रही. एक दिन बाद फिर से उसकी मौत हो गई.

आज तक 21 Sep 2026 10:40 am

इटैलियन सोफा, वुडेन फ्लोर... लग्जरी चीजों से भरा है गोविंदा का घर

गोविंदा और सुनीता आहूजा का करीब ₹16 करोड़ का मुंबई वाला घर लग्जरी और आस्था का खूबसूरत कॉम्बिनेशन है. घर में इटैलियन सोफे, Versace कैंडल्स, विंटेज लैंप और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से लाए गए खूबसूरत डेकोरेटिव आइटम्स नजर आते हैं. वहीं वास्तु का खास ध्यान रखते हुए दो तुलसी के पौधे, साईं बाबा की मूर्ति और भव्य मंदिर के लिए भी खास जगह बनाई गई है.

आज तक 21 Sep 2026 10:40 am

हामिद अंसारी के हिंदू सांप्रदायिकता वाले बयान पर सीएम योगी का पलटवार

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के एक हालिया बयान ने देश के राजनीतिक गलियारों में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है. अंसारी ने जवाहर लाल नेहरू के पुराने बयानों का हवाला देते हुए सांप्रदायिक राजनीति को भारत के लिए एक बड़ा खतरा बताया है. एजी नूरानी की किताब का संदर्भ देते हुए हामिद अंसारी ने कहा कि नेहरू ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की एक बैठक में यह चेतावनी दी थी कि भारत के लिए असली खतरा कम्युनिज्म नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता है. नेहरू की इस टिप्पणी को तत्कालीन विदेश सचिव गुंडविया के रिकॉर्ड में दर्ज होने का दावा किया गया है.

आज तक 21 Sep 2026 10:38 am

अब तक का सबसे ज्यादा बिकने वाला बॉलीवुड साउंडट्रैक एल्बम, बिके दो करोड़ यूनिट, कुमार सानू के 9 के नौ कल्ट

1990 में आई रोमांटिक फिल्म ने रिकॉर्ड बनाया है कि इसके 9 गानों का एल्बम अब तक की सबसे ज्यादा बिकने वाला साउंडट्रैक है.

NDTV इंडिया 21 Sep 2026 10:37 am

वन माफिया, वन डिस्ट्रिक्ट.. अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्टर में माफिया, अतीक, मुख्तार और गुलशन यादव के नाम

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले पोस्टर वार अगले चरण में पहुंच चुका है. आज कई जगहों पर माफिया अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी को पोस्टर लगे हैं. निशाने पर अखिलेश यादव हैं.

NDTV इंडिया 21 Sep 2026 10:36 am

ममता बनर्जी ने बनाया नहीं, चुरा लिया था 'जोड़ा फूल' का निशान, कौन हैं आरोप लगाने वाले सोमनाथ चौधरी

चित्रकार सोमनाथ चौधरी ने दावा किया है कि उन्होंने अजीत पांजा के कहने पर दो फूल और घास वाला निशान बनाया था। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने उस निशान को चुरा लिया और मुझे कोई क्रेडिट नहीं दिया गया।

लाइव हिन्दुस्तान 21 Sep 2026 10:36 am

चलती ट्रेन में आ जाए किंग कोबरा, तो कैसे भगाएं; जानिए रेलवे से फौरन मदद लेने का तरीका

चलती ट्रेन में सफर के दौरान अगर अचानक आपकी बोगी या बर्थ के नीचे सांप दिख जाए, तो घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. ट्रेन में सांप दिखने पर खुद उसे पकड़ने के बजाय तुरंत रेलवे हेल्पलाइन 139 या RailMadad ऐप के जरिए शिकायत दर्ज कराएं. जानिए ऐसी आपात स्थिति में अपनाए जाने वाले जरूरी सेफ्टी टिप्स और रेलवे के ऑन-बोर्ड रेस्क्यू प्रोटोकॉल.

NDTV इंडिया 21 Sep 2026 10:35 am

घर पर उबटन बनाने का देसी तरीका क्या है? बस इन 4 चीजों से कर लें तैयार, चमक जाएगा चेहरा

आज हम आपको घर पर ही मौजूद चीजों से उबटन बनाने का सही तरीका बताने जा रहे हैं. इसके इस्तेमाल से न केवल त्वचा से धूल-मिट्टी सफा होगी, बल्कि चेहरा भी चमक जाएगा.

NDTV इंडिया 21 Sep 2026 10:34 am

बिहार में बाइक से जा रहे लड़का-लड़की से बदसलूकी-बैड टच, Video में दिखी करतूत

बिहार के जमुई में बाइक से जा रहे नाबालिग लड़के और लड़की को कुछ लोगों ने सड़क पर रोककर कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया. घटना 19 सितंबर की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच की बताई जा रही है. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की.

आज तक 21 Sep 2026 10:34 am

करीना कपूर की दायरा का बॉक्स ऑफिस पर बुरा हाल, डबल डिजिट में आने के लिए तड़प रही बेबो की फिल्म

दायरा का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन करीना कपूर, पृथ्वीराज सुकुमारन और मेघना गुलजार के लिए हौसले बढ़ाने वाला नहीं है. फिल्म पहले वीकेंड में ही डबल डिजिट के आंकड़े को छूने से कोसों दूर नजर आई.

NDTV इंडिया 21 Sep 2026 10:34 am