Karachi terror attack Case : भारत ने कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के कैंप पर शनिवार रात को हुए आतंकवादी हमले को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। साथ ही पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय पाकिस्तान ...
केशव प्रसाद मौर्य ने 'लोकमाता' अहिल्याबाई होल्कर जी स्मृति द्वार का विधिवत शिलान्यास किया
'लोकमाता' अहिल्याबाई होल्कर जी की 301वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य समारोह में केशव प्रसाद मौर्य सम्मिलित हुए,उन्होंने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर भारतीय इतिहास की ऐसी महान विभूति थीं, जिन्होंने अपने न्यायपूर्ण एवं जनकल्याणकारी शासन, सेवा, समर्पण और सांस्कृतिक चेतना के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की अमिट मिसाल प्रस्तुत की। उनका संपूर्ण जीवन लोकसेवा, सुशासन, नारी सशक्तिकरण तथा भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए समर्पित रहा।उपमुख्यमंत्री ने लोनी बॉर्डर बस डिपो के निकट विधायक निधि योजना के अंतर्गत निर्मित होने वाले 'लोकमाता' अहिल्याबाई होल्कर जी स्मृति द्वार का विधिवत शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि यह स्मृति द्वार आने वाली पीढ़ियों को लोकमाता के महान व्यक्तित्व, उनके आदर्शों तथा राष्ट्र एवं समाज के प्रति उनके अनुपम योगदान का स्मरण कराता रहेगा।इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्री चैनपाल सिंह, भाजपा महानगर अध्यक्ष श्री मयंक गोयल, सांसद श्री अतुल गर्ग, विधायक श्री नन्द किशोर गुर्जर, अन्य जनप्रतिनिधिगण, पार्टी पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी के आदर्शों पर चलकर समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लेने के साथ हुआ।
गाजियाबाद में 'लोकमाता' अहिल्याबाई होल्कर जी की 301वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य समारोह में श्री मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकारें भारतीय संस्कृति, महापुरुषों की विरासत और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को संरक्षित एवं समृद्ध करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास किया जा रहा है।श्री मौर्य ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर चलाए जा रहे 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया। उन्होंने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आग्रह करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन तथा भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए वृक्षारोपण जनभागीदारी का महाअभियान बनना चाहिए। प्रत्येक नागरिक यदि अपनी माता के सम्मान में एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल का संकल्प ले, तो यह अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक जनआंदोलन सिद्ध होगा।इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्री चैनपाल सिंह, भाजपा महानगर अध्यक्ष श्री मयंक गोयल, सांसद श्री अतुल गर्ग, विधायक श्री नन्द किशोर गुर्जर, अन्य जनप्रतिनिधिगण, पार्टी पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी के आदर्शों पर चलकर समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लेने के साथ हुआ।
उप मुख्यमंत्री प्रातः 09:45 बजे सुब्रमण्यम ऑडिटोरियम, एनएएससी कॉम्प्लेक्स, पूसा, नई दिल्ली में आयोजित सम्मेलन में उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन में देशभर के विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं ग्रामीण विकास से जुड़े विशेषज्ञ सहभागी होंगे। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचारों, सतत ग्रामीण विकास, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण, रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन तथा ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा।श्री मौर्य उत्तर प्रदेश में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार तथा ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों एवं उपलब्धियों से भी सम्मेलन को अवगत कराएंगे। साथ ही, ग्रामीण विकास के क्षेत्र में केंद्र एवं राज्य सरकारों के मध्य बेहतर समन्वय तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी अपने विचार व्यक्त करेंगे।
गर्मी में तेजी से पिघल रहा अमरनाथ हिमलिंग, श्रद्धालुओं और प्रशासन की बढ़ी चिंता
Baba Amarnath Yatra : कश्मीर के हिमालयी क्षेत्र में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में बनने वाला प्राकृतिक हिमलिंग इस वर्ष अपेक्षाकृत अधिक गर्म मौसम के कारण तेजी से पिघल रहा है। यात्रा शुरू होने से पहले ही हिमलिंग के आकार में आई कमी ने श्रद्धालुओं, ...
फ्रांस के नैन्सी शहर में विमान दुर्घटनाग्रस्त, 11 लोगों की मौत
पेरिस। फ्रांस के नैन्सी शहर के पास एक नागरिक विमान के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से उसमें सवार सभी 11 लोगों की मौत हो गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार टॉमब्लेन हवाई अड्डे के समीप यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें स्काईडाइवर सवार थे जो एक प्रशिक्षण उड़ान पर थे। यह विमान पहली बार पैराशूट जंप […] The post फ्रांस के नैन्सी शहर में विमान दुर्घटनाग्रस्त, 11 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
महंगी शिक्षा, निजीकरण और पेपर लीक से छात्रों का भविष्य संकट में : नसीम अख्तर इंसाफ
भीलवाड़ा। भीलवाड़ा देहात कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में रेलवे स्टेशन के सामने स्थित अंबेडकर सर्किल पर छात्र समस्याओं को लेकर एक विशाल जनजागरण कार्यक्रम एवं नाट्य मंचन का आयोजन किया गया। हजारों छात्रों की उपस्थिति में कलाकारों ने महंगी शिक्षा, शिक्षा के निजीकरण, बढ़ते मानसिक तनाव, पेपर लीक और आत्महत्या जैसी गंभीर समस्याओं को प्रभावशाली […] The post महंगी शिक्षा, निजीकरण और पेपर लीक से छात्रों का भविष्य संकट में : नसीम अख्तर इंसाफ appeared first on Sabguru News .
उदयपुर : युवती ने गोवर्धन सागर तालाब में कूदकर की आत्महत्या
उदयपुर। राजस्थान में उदयपुर के गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र में रविवार को गोवर्धन सागर तालाब में कूदकर एक युवती ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बताया कि सुबह गोवर्धन सागर पाल से ग्रामीणों ने एक युवती को तालाब में छलांग लगाते हुए देखकर इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर नागरिक […] The post उदयपुर : युवती ने गोवर्धन सागर तालाब में कूदकर की आत्महत्या appeared first on Sabguru News .
भजनलाल ने सिविल सेवा परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों के साथ सुना ‘मन की बात’कार्यक्रम
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सिविल सेवा परीक्षा एवं भारतीय वन सेवा परीक्षा-2025 में चयनित राजस्थान के अभ्यर्थियों के साथ रविवार को यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के ‘135वें संस्करण’ को सुना। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में रक्षा के क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता, वैश्विक परिस्थितियों के बीच […] The post भजनलाल ने सिविल सेवा परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों के साथ सुना ‘मन की बात’ कार्यक्रम appeared first on Sabguru News .
ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमरीका के आठ सैन्य ठिकानों पर किया हमला
तेहरान। ईरान ने चेतावनी दी है कि भविष्य में अमरीका की किसी भी आक्रामक कार्रवाई का करारा जवाब दिया जाएगा तथा हाल में हुए युद्धविराम समझौते इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के तहत चल रही सभी कूटनीतिक प्रक्रियाएं स्थगित की जा सकती हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने रविवार को कहा कि उसने कुवैत और बहरीन […] The post ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमरीका के आठ सैन्य ठिकानों पर किया हमला appeared first on Sabguru News .
मोदी ने मिट्टी से बनी गणपति बप्पा की मूर्ति खरीदने की अपील की
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आप यह प्रयास करें कि आपके घर, सोसायटी या आसपास की जगहों पर गणपति बप्पा की जो मूर्ति स्थापित हो वह हमारे देश की मिट्टी से बनी हो, वो हमारे अपने कुम्हारों और स्थानीय कलाकारों के हाथों तैयार हुई हो। मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम मन […] The post मोदी ने मिट्टी से बनी गणपति बप्पा की मूर्ति खरीदने की अपील की appeared first on Sabguru News .
पाकिस्तान के निराधार आरोपों पर भारत की दो-टूक कराची में हाल ही में हुए आत्मघाती आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने एक बार फिर अपनी पुरानी आदत दोहराते हुए भारत पर उंगली उठाने की कोशिश की है। हालांकि, भारत ने पाकिस्तान के इन बेबुनियाद आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने रविवार को कड़े शब्दों में कहा कि इस्लामाबाद को अपनी जमीन पर फल-फूल रहे आतंकवाद पर 'आत्मनिरीक्षण' करने की सख्त जरूरत है। भारत ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान को दूसरों पर दोष मढ़ने के बजाय अपने यहां मौजूद आतंकी ढांचे के खिलाफ ठोस और विश्वसनीय कार्रवाई करनी चाहिए।क्या है कराची हमले का सच? शनिवार देर रात कराची स्थित अर्धसैनिक बल 'बार्डर रेंजर' के मुख्यालय पर हुए इस आत्मघाती हमले ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था की कलई खोलकर रख दी है। विस्फोटकों से लदे एक वाहन को सीधे मुख्यालय की इमारत से टकरा दिया गया, जिसके बाद भारी गोलीबारी हुई। इस हमले में पाकिस्तान के चार जवान मारे गए हैं। वहीं, सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में तीन हमलावरों को ढेर कर दिया है और एक संदिग्ध को घायल अवस्था में पकड़ा है, जिसकी पहचान अफगान नागरिक के रूप में हुई है। हमले की गूंज इतनी तेज थी कि आसपास के विश्वविद्यालय और सरकारी कार्यालयों के इलाके में हड़कंप मच गया।बढ़ते हमलों से घिरे पाकिस्तान की 'ब्लैम गेम' पॉलिटिक्स पाकिस्तान में पिछले कुछ वर्षों में पुलिस और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने वाले आतंकवादी हमलों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। एक तरफ जहां पाकिस्तान अपनी विफलताओं का ठीकरा भारत पर फोड़ने की कोशिश करता है, वहीं दूसरी ओर काबुल और इस्लामाबाद के बीच सीमा पार आतंकवाद को लेकर तनाव भी बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान बार-बार अफगान क्षेत्र पर हमलों का आरोप लगाता है, जिसे काबुल ने हमेशा खारिज किया है। भारत का स्पष्ट मानना है कि पाकिस्तान अपनी धरती का इस्तेमाल पड़ोसी देशों के खिलाफ करने वाले आतंकी समूहों को पनाह देना बंद करे। भारत ने एक बार फिर दुनिया को याद दिलाया है कि आतंक का साथ देना और दूसरों पर आरोप लगाना पाकिस्तान की एक पुरानी और विफल रणनीति रही है।
असामान्य व्यवहार और बिगड़ते रिश्ते की कहानी पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की गुत्थी अब पूरी तरह खुलती दिख रही है। 18 जून को लोहागढ़ किले में हुई केतन की संदिग्ध मौत अब एक सोची-समझी हत्या में तब्दील हो चुकी है। केतन के पिता विशाल देवीचंद अग्रवाल द्वारा दर्ज कराई गई FIR के अनुसार, मंगेतर सिया गोयल का व्यवहार पिछले कुछ समय से बेहद असामान्य हो गया था। केतन ने खुद अपने परिवार को बताया था कि सिया न केवल छोटी-छोटी बातों पर बेवजह झगड़ती थी, बल्कि उसका चिड़चिड़ापन और नखरे दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे थे। विवाद की जड़ 4 जून को लोहगढ़ किले की रद्द हुई एक यात्रा बनी, जिसके बाद से सिया का व्यवहार और अधिक आक्रामक हो गया था।बर्थडे का बहाना और मौत का जाल FIR की डिटेल्स के मुताबिक, सिया गोयल ने पूरी साजिश को अंजाम देने के लिए जन्मदिन का इस्तेमाल एक 'ट्रैप' (Trap) की तरह किया। 17 जून की रात सिया ने केतन के साथ-साथ उसकी मां राखी अग्रवाल को भी फोन कर जन्मदिन के बहाने लोहगढ़ चलने के लिए राजी कर लिया। मां के पहले इनकार के बावजूद, सिया की जिद के आगे परिवार को झुकना पड़ा। अगले दिन 18 जून को केतन अपनी मंगेतर को साथ लेकर लोहगढ़ रवाना हुआ, लेकिन कुछ ही घंटों बाद सुबह 10:45 बजे सिया का वह मनहूस फोन आया कि 'केतन खाई में गिर गया है'।घटनास्थल का सच: महज दुर्घटना या सोची-समझी हत्या? केतन की मौत के बाद जब परिवार और उनके दोस्तों ने 21 जून को घटनास्थल का निरीक्षण किया, तो उन्हें दाल में कुछ काला लगा। चट्टान और आसपास के इलाके का मुआयना करने के बाद उनके दोस्तों का यह मानना है कि उस जगह से किसी का फिसलकर गिरना लगभग नामुमकिन है। परिवार का सीधा आरोप है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी। पुलिस की जांच और FIR में दर्ज आरोपों के अनुसार, मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को मौत के घाट उतारा, क्योंकि केतन उनके अवैध प्रेम संबंधों के बीच सबसे बड़ा कांटा बन गया था। अब पुलिस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत दोनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है, ताकि हत्या की इस पूरी स्क्रिप्ट को अंजाम तक पहुंचाया जा सके।
कराची आतंकी हमले के आरोपों का भारत ने किया खंडन, विदेश मंत्रालय ने कहा-खुद के भीतर झांके पाकिस्तान
भारत ने कराची में हुए हालिया आतंकवादी हमले को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। भारत ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को बेबुनियाद बताया है। इसके साथ ही नसीहत दी है कि पाकिस्तान अपने देश से संचालित आतंकी ढांचे को खत्म करने पर ध्यान केंद्रित करे।
पिता संग विदेश यात्रा: कोर्ट ने तय की लक्ष्मण रेखा बॉम्बे हाई कोर्ट ने हाल ही में एक संवेदनशील पारिवारिक मामले में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मामला तलाक की कार्यवाही से गुजर रहे एक दंपत्ति का है, जहां पिता को अपनी दो नाबालिग बेटियों के साथ विदेश यात्रा पर जाने की अनुमति मिली थी। मां ने न केवल इस आदेश को चुनौती दी थी, बल्कि खुद भी यात्रा में शामिल होने की इच्छा जताई थी। जस्टिस नीला गोखले की बेंच ने मां को यात्रा में साथ जाने की अनुमति तो दे दी, लेकिन एक बहुत बड़ी शर्त रख दी है। कोर्ट ने साफ कहा है कि मां उसी होटल में नहीं ठहर सकतीं और उन्हें पिता-पुत्रियों की छुट्टियों के दौरान किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप करने की सख्त मनाही है।बच्चों की खुशी सबसे ऊपर: जज की अनूठी पहल इस फैसले के पीछे कोर्ट की सोच बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और उनकी छुट्टियों के आनंद को सुरक्षित रखना है। हाई कोर्ट ने दोनों बच्चियों से निजी तौर पर बात की, जिसके बाद यह पाया गया कि वे अपने पिता के साथ यात्रा को लेकर काफी उत्साहित थीं। कोर्ट ने टिप्पणी की कि यदि मां उसी फ्लाइट में और उसी होटल में रहती हैं, तो यह पिता-पुत्री के बीच के खास पलों और छुट्टियों के आनंद में बाधा डाल सकता है। अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि पिता को मां के यात्रा खर्च उठाने का कोई निर्देश नहीं दिया जा सकता, क्योंकि बच्चे पिता के साथ यात्रा करने में पूरी तरह सहज हैं।उल्लंघन हुआ तो छिन सकते हैं मिलने के अधिकार कोर्ट ने इस मामले में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है। जस्टिस नीला गोखले ने मां को चेतावनी दी है कि यदि बेटियों ने यह शिकायत की कि मां ने पिता के साथ उनकी यात्रा में दखल दिया है, तो कोर्ट उनके साथ मिलने के अधिकार को हमेशा के लिए छीन सकता है। हालांकि, बेटियों की सुरक्षा को लेकर मां की स्वाभाविक चिंता को देखते हुए, उन्हें अपने खर्च पर यात्रा करने की छूट दी गई है। साथ ही, पिता को सुबह और शाम बेटियों की मां से वीडियो कॉल करवाने के निर्देश को बरकरार रखा गया है। यह फैसला अदालती कस्टडी के मामलों में बच्चों की खुशी और उनके निजी स्पेस को प्राथमिकता देने का एक बड़ा संदेश है।Google & Keyword Tags (Hindi & English): बॉम्बे हाई कोर्ट, कस्टडी केस, विदेश यात्रा निर्देश, बच्चों की कस्टडी, पारिवारिक विवाद, कोर्ट का आदेश, बॉम्बे हाई कोर्ट फैसला, तलाक की कार्यवाही, Bombay High Court, Child custody case, Overseas trip guidelines, Family court order, Parenting rights, Custody dispute India, Court ruling on vacation, Justice Nila Gokhale, Separation dispute, Children welfare, High court judgment 2026.
महंगे इलाज और मेडिकल बिलों के लिए नहीं करना होगा इंतजार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है। अब CGHS (Central Government Health Scheme) के तहत होने वाले महंगे इलाज, सर्जरी और मेडिकल बिलों के लिए लाभार्थियों को मुख्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सरकार ने स्थानीय अधिकारियों की वित्तीय शक्तियों में भारी इजाफा किया है, जिससे अब बिलों की मंजूरी की प्रक्रिया बेहद तेज हो जाएगी। इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ यह है कि फाइलें दिल्ली भेजने के बजाय स्थानीय स्तर पर ही तेजी से निपटाई जा सकेंगी।अधिकारियों की बढ़ी शक्तियां: अब 50 लाख तक के क्लेम आसान नए नियमों के अनुसार, वित्तीय मंजूरी की सीमाओं को दोगुने से भी ज्यादा बढ़ा दिया गया है। एडिशनल डायरेक्टर (जोनल प्रमुख) अब 15 लाख रुपये तक के मेडिकल क्लेम को सीधे मंजूरी दे सकेंगे, जिसकी पहले सीमा केवल 7 लाख रुपये थी। वहीं, CGHS डायरेक्टर के पास 25 लाख रुपये तक और अतिरिक्त सचिव व महानिदेशक के पास 50 लाख रुपये तक के बिलों को मंजूरी देने की शक्ति होगी। अब केवल 50 लाख रुपये से ऊपर के असाधारण मामलों को ही स्वास्थ्य मंत्रालय और वित्त विभाग के पास भेजा जाएगा, जिससे प्रक्रिया में आने वाली देरी पर पूरी तरह लगाम लगेगी।इमरजेंसी और बिना पैनल वाले अस्पतालों में भी राहत सरकार ने उन मरीजों को भी बड़ी राहत दी है जिन्हें मजबूरी या इमरजेंसी में गैर-पैनल अस्पतालों में इलाज कराना पड़ता है। एडिशनल डायरेक्टर अब ऐसी स्थितियों में बिलों को पास करने के लिए अधिकृत होंगे। इसके अलावा, जिन नए उपचारों या इम्प्लांट्स का रेट CGHS की सूची में तय नहीं है, उन्हें भी स्थानीय अधिकारी अब अपने अधिकार क्षेत्र के अनुसार जल्द मंजूरी दे सकेंगे। हालांकि, भुगतान का आधार CGHS के तय रेट्स और इलाज की वास्तविक आवश्यकता ही रहेगी।आरोग्य सेतु 2.0: स्वास्थ्य सेवाओं का 'सिंगल स्टॉप' समाधान इस राहत के साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 'आरोग्य सेतु 2.0' ऐप लॉन्च किया है। यह ऐप अब मेडिकल रिकॉर्ड्स सुरक्षित रखने, सरकारी अस्पतालों में ऑनलाइन ओपीडी अपॉइंटमेंट बुक करने, एम्बुलेंस बुलाने और आयुष्मान भारत योजना का लाभ उठाने के लिए एक 'सिंगल विंडो' की तरह काम करेगा। अब लाभार्थियों को अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग-अलग ऐप पर भटकने की जरूरत नहीं होगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं एक क्लिक की दूरी पर आ गई हैं।
आसमान से नजर, जमीन पर एक्शन: रेलवे का नया सुरक्षा चक्र देश भर में चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी की बढ़ती घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया था, लेकिन अब रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने इसके खिलाफ 'डिजिटल कवच' तैयार कर लिया है। अब ट्रेनें सिर्फ पटरियों पर ही नहीं दौड़ रहीं, बल्कि उन पर आसमान से ड्रोन की नजर भी है। सीनियर डिविजनल सिक्योरिटी कमिश्नर आशुतोष पांडे के अनुसार, संवेदनशील इलाकों में ड्रोन की तैनाती ने न केवल अपराधों को कम किया है, बल्कि अपराधियों को रंगे हाथों पकड़ने में भी बड़ी सफलता दिलाई है। ड्रोन के जरिए की जा रही रियल-टाइम निगरानी से पत्थरबाजों के लिए छिपना नामुमकिन हो गया है।आंकड़ों में दिखा बदलाव: गिरफ्तारी दर में 146% की भारी उछाल RPF के ताजा आंकड़े इस नई रणनीति की कामयाबी की कहानी कह रहे हैं। साल 2025 की तुलना में 2026 में पत्थरबाजी की घटनाओं में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि अपराधियों की धरपकड़ में 146% की ऐतिहासिक बढ़ोतरी हुई है। खासकर आदर्श नगर-नरेला-पानीपत जैसे अति-संवेदनशील सेक्शन में ड्रोन का इस्तेमाल गेम चेंजर साबित हुआ है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि के दिखते ही तत्काल एक्शन टीम को अलर्ट कर दिया जाता है, जिससे अपराधी मौके से भागने में नाकाम रहते हैं।शराबी या शरारती? कौन है इन वारदातों के पीछे? जांच में यह बात सामने आई है कि कई वारदातों के पीछे रेलवे ट्रैक के पास रहने वाले बच्चे हैं। अधिकारी बताते हैं कि जागरूकता और शिक्षा की कमी के कारण ये बच्चे अनजाने में या शरारत के तौर पर पत्थर फेंकते हैं, जो यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। रेलवे ने ऐसे मामलों में बच्चों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के बजाय उन्हें सुधारने और जागरूक करने पर जोर दिया है। हालांकि, जानबूझकर अपराध करने वाले तत्वों के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई जारी है। रेलवे की इस दोहरी रणनीति—एक तरफ आधुनिक तकनीक से निगरानी और दूसरी तरफ सामाजिक जागरूकता—ने ट्रेनों को पहले से अधिक सुरक्षित बना दिया है।
शेख हसीना ने की बांग्लादेश लौटने की घोषणा, कहा- ‘इस साल के अंत तक वापसी करूंगी’
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि वह इस साल के अंत तक अपने देश लौटने की कोशिश करेंगी। उन्होंने लोकतंत्र, राजनीतिक अधिकारों और अपने खिलाफ चल रहे मामलों पर भी प्रतिक्रिया दी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े औद्योगिक और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में क्लस्टर आधारित औद्योगिक विकास को ...
राम मंदिर चंदा चोरी केस में बड़ा एक्शन: 8 आरोपियों के घरों पर ताबड़तोड़ छापे, ₹80 लाख कैश बरामद
अयोध्या के प्रसिद्ध राम मंदिर में चढ़ावा और दान राशि चोरी मामले में पुलिस ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत और एसआईटी (SIT) की जांच रिपोर्ट के बाद दर्ज हुई FIR के तहत पुलिस ने सभी 8 आरोपियों के ...
विवाद राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के पीह (पेह) गांव में स्थित भागीरथ चौधरी की पालीहाउस परियोजना को लेकर है। यह परियोजना कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन कार्यरत नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड (NHB) की योजना के तहत स्थापित की गई है।
मानसून ने पकड़ी रफ्तार : IMD का अलर्ट, 28 जून को कई राज्यों में भारी बारिश और तूफान की चेतावनी
दक्षिण-पश्चिम मानसून के भारत में आगे बढ़ने के साथ ही भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 28 जून के लिए गंभीर मौसम चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार कई राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। IMD के आधिकारिक बुलेटिन के ...
अमेरिका ने शनिवार को ईरान पर एक बार फिर बड़ा सैन्य हमला किया है। अमेरिकी नौसेना और वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के आसपास और भीतर मौजूद 10 ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, ...
मोदी सरकार में संभावित कैबिनेट फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हैं। धर्मेंद्र प्रधान, निर्मला सीतारमण और शक्तिकांत दास समेत कई नामों को लेकर राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही हैं।
झारखंड में संवेदनशील फैसला, CM हेमंत सोरेन ने अनाथ भाई-बहन की शिक्षा के लिए दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जामताड़ा के दो अनाथ भाई-बहन को शिक्षा प्रदान करने तथा उनके अभिभावक को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश जिले के उपायुक्त को दिए हैं। दोनों बच्चों सुशील और मंजू के अनाथ होने से उनकी शिक्षा बाधित होने की जानकारी मिलने ...
गुजरात में 28 जून को राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस (National Immunization Day) के अवसर पर राज्यव्यापी पल्स पोलियो टीकाकरण महाअभियान की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल और स्वास्थ्य मंत्री प्रफुलभाई पानसेरिया ने अभियान का शुभारंभ करते हुए सभी ...
उत्तर प्रदेश सरकार ने पश्चिमी यूपी के लोगों को विश्वस्तरीय यातायात और कनेक्टिविटी की एक बहुत बड़ी सौगात दी है। मुजफ्फरनगर से हरिद्वार तक के सफर को बेहद तेज, सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए राज्य सरकार ने रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR - डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने को अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस ऐतिहासिक फैसले से न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को एक नई रफ्तार मिलेगी, बल्कि यह कॉरिडोर आने वाले समय में क्षेत्र की आर्थिक तरक्की की नई 'जीवनरेखा' (Lifeline) साबित होगा।दिल्ली-मेरठ मॉडल की तर्ज पर दौड़ेगी सेमी-हाईस्पीड रैपिड रेलआपको बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में नई दिल्ली से गाजियाबाद होते हुए मेरठ के बीच पहले से ही देश की पहली रैपिड रेल (नमो भारत) का सफल संचालन किया जा रहा है। अब इसी बेहद आधुनिक और सफल मॉडल की तर्ज पर मुजफ्फरनगर से हरिद्वार के बीच भी सेमी-हाईस्पीड ट्रेनें दौड़ेंगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों के बीच के सफर को पूरी तरह जाम-मुक्त और विश्वस्तरीय बनाना है, ताकि आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन को और अधिक सुलभ बनाया जा सके।राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जताया आभारइस बड़े और महत्वपूर्ण फैसले के आने के बाद, उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर एक विशेष शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पश्चिमी यूपी के करोड़ों निवासियों की तरफ से इस भव्य और महत्वाकांक्षी रैपिड रेल परियोजना की डीपीआर को मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री का दिल से धन्यवाद किया और इसे क्षेत्र के इतिहास में मील का पत्थर बताया।घंटों का सफर मिनटों में होगा तय: आम जनता, व्यापारियों और श्रद्धालुओं को मिलेंगे ये 3 बड़े फायदेमुजफ्फरनगर-हरिद्वार रैपिड रेल कॉरिडोर के जमीन पर उतरने के बाद इस रूट पर यात्रा करने वाले लोगों को व्यापक स्तर पर फायदे मिलेंगे:1. तेज और सुरक्षित सफर: मुजफ्फरनगर, रुड़की और पवित्र नगरी हरिद्वार के बीच की दूरी बेहद सिमट जाएगी। जो सफर सड़क मार्ग से तय करने में अभी घंटों का समय लेता है, वह इस सेमी-हाईस्पीड रेल के जरिए मात्र कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाएगा। इससे समय और ईंधन दोनों की बड़ी बचत होगी।2. श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी राहत: हरिद्वार देश के सबसे बड़े और प्रमुख हिंदू तीर्थ स्थलों में से एक है, जहां सालभर करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान और दर्शन के लिए आते हैं। रैपिड रेल शुरू होने से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए यात्रा बेहद सुगम और सुहानी हो जाएगी।3. आर्थिक और औद्योगिक क्रांति: बेहतर और तेज कनेक्टिविटी मिलते ही यह पूरा इलाका व्यापार और उद्योगों के लिहाज से एक नया हब बन जाएगा। मुजफ्फरनगर के कपड़ा और गुड़ उद्योग तथा रुड़की के शैक्षणिक और तकनीकी हब को हरिद्वार के धार्मिक पर्यटन से सीधे जुड़ाव का लाभ मिलेगा। इससे व्यापार, उद्योग, उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी आएगी, जिसके परिणामस्वरूप स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार (Employment) के हजारों नए अवसर पैदा होंगे।
उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज इस समय बेहद अनूठा और मिलाजुला बना हुआ है। यदि आप आज रविवार को घर से बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो अपने क्षेत्र के मौसम का ताजा हाल जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज उत्तर प्रदेश के 50 जिलों के लिए भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का कड़ा अलर्ट जारी किया है।हालांकि, राहत की बात यह है कि राज्य में पिछले 16-17 दिनों से अटका हुआ मानसून अब बहुत जल्द आगे बढ़ने वाला है, जिससे अगले 2 से 3 दिनों के भीतर प्रदेशवासियों को तपती गर्मी से पूरी तरह निजात मिल जाएगी। आइए विस्तार से जानते हैं कि आज आपके जिले में मौसम कैसा रहने वाला है।गोरखपुर, वाराणसी, देवरिया और कुशीनगर: बारिश की उम्मीद के बीच भीषण लू की चेतावनीपूर्वी उत्तर प्रदेश (Eastern UP) के प्रमुख जिलों— गोरखपुर, वाराणसी, देवरिया और कुशीनगर में मौसम का दोहरा असर देखने को मिलेगा:हीटवेव का अलर्ट: मौसम विभाग के अनुसार, इन सभी जिलों में आज रविवार को सूर्य की तेज तपिश और उमस के कारण भयंकर गर्मी पड़ेगी। विभाग ने इन क्षेत्रों में आज और कल (अगले 2 दिन) 'हीटवेव' से लेकर 'भीषण हीटवेव' (Severe Heat Wave) की स्थिति बने रहने की चेतावनी दी है।हल्की बारिश के आसार: लू के इस अलर्ट के बीच एक राहत भरी खबर यह भी है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण आज इन जिलों में स्थानीय स्तर पर बादल छा सकते हैं और गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं हल्की मानसूनी बौछारें पड़ने की भी संभावना है, जिससे हवा की गति तेज रहेगी।पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम रहेगा पूरी तरह शुष्कपूर्वी यूपी के विपरीत, पश्चिमी उत्तर प्रदेश (Western UP) के अधिकांश हिस्सों में आज मौसम पूरी तरह शुष्क और बेहद गर्म रहेगा। दिल्ली-एनसीआर, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ और आगरा जैसे क्षेत्रों में दोपहर के समय गर्म हवाएं चलेंगी और आसमान साफ रहेगा। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह इस सीजन की आखरी झुलसाने वाली गर्मी है।वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक की भविष्यवाणी: महराजगंज में रुका मानसून अगले 2 दिन में बढ़ेगा आगेआंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून पिछले 16-17 दिनों से उत्तर प्रदेश के महराजगंज के पास आकर ठिठका हुआ था। लेकिन अब वायुमंडल में परिस्थितियाँ मानसून के आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह अनुकूल हो चुकी हैं। अगले दो दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में जोरदार एंट्री ले लेगा। अभी एक-दो दिन और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हीटवेव का आंशिक असर दिखेगा, जिसके बाद पूरे राज्य में मौसम बदल जाएगा।आगामी दिनों का वेदर चार्ट: 30 जून से तापमान में आएगी 9C की भारी गिरावटमौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश में आने वाले 4 दिनों के लिए बारिश का विस्तृत शेड्यूल जारी किया है:29 जून (सोमवार): पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पश्चिमी यूपी के भी कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी।30 जून और 1 जुलाई: इन दो दिनों के दौरान पूरे उत्तर प्रदेश (विशेषकर पूर्वी और तराई इलाकों) में व्यापक रूप से भारी मानसूनी बारिश (Heavy Rainfall) होने की प्रबल संभावना है।9 डिग्री गिरेगा पारा: इस झमाझम मानसूनी बारिश के शुरू होते ही राज्य के अधिकतम तापमान में करीब 9 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे मौसम बेहद सुहावना और ठंडा हो जाएगा।
उत्तर प्रदेश में आज यानी 28 जून 2026 को मौसम के दो अलग-अलग रंग (मिलाजुला रुख) देखने को मिलेंगे। जहां एक तरफ पश्चिमी यूपी के जिलों में भीषण लू (Heat Wave) और उमस का सितम जारी रहेगा, वहीं दूसरी तरफ पूर्वी यूपी के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज धूलभरी आंधी चलने की संभावना है।मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आज राज्य में अधिकतम तापमान 39C से 42C और न्यूनतम तापमान 29C से 31C के आसपास रहने का अनुमान है। हालांकि, राहत की बात यह है कि यह तपती गर्मी का आखिरी दौर है। 29 जून से पूरे राज्य में बारिश का नया और तगड़ा सिलसिला शुरू होने जा रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश में मानसून की आधिकारिक एंट्री (Monsoon Arrival) होने की पूरी उम्मीद है।आज इन जिलों में आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्टभारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लेटेस्ट बुलेटिन के अनुसार, पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में प्री-मानसून गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हो चुकी हैं। आज इन प्रमुख जिलों और इनके आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं:प्रयागराज मंडल व आसपास: प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, फतेहपुर, जौनपुर।वाराणसी व गोरखपुर मंडल: वाराणसी, गाजीपुर, चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर, संत रविदास नगर (भदोही), गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, कुशीनगर, महाराजगंज, मऊ और बलिया।बस्ती व अयोध्या मंडल: बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या और अम्बेडकरनगर।बुंदेलखंड क्षेत्र: बांदा और चित्रकूट।चेतावनी: मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि इन जिलों में बारिश और मेघगर्जन के दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधी/हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली (Vajrapat) गिरने का भी खतरा है, इसलिए खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।पश्चिमी उत्तर प्रदेश: भीषण लू और उमस का आखिरी दिनयदि पश्चिमी यूपी के जिलों (जैसे मेरठ, आगरा, अलीगढ़, बुलंदशहर आदि) की बात करें, तो यहां आज भी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। दोपहर के समय सूरज की तपिश के साथ गर्म पछुआ हवाएं (लू) चलेंगी और हवा में मौजूद नमी के कारण चिपचिपी उमस लोगों को बेहाल करेगी। हालांकि, यहां के निवासियों के लिए राहत की खबर यह है कि लू का यह प्रकोप केवल आज रात तक ही सीमित है, क्योंकि कल से यहां भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है।नोएडा और लखनऊ का मौसम: कल शाम से बदलेगी फिजानोएडा (Delhi-NCR): नोएडा और ग्रेटर नोएडा आज भीषण गर्मी और हीटवेव की चपेट में रहेंगे। दिनभर आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा और दोपहर के बाद शुष्क व तेज गर्म हवाएं चलेंगी।लखनऊ (Lucknow): राजधानी लखनऊ में सुबह से ही तीखी धूप खिली हुई है। दोपहर में गर्म हवाएं चलेंगी, लेकिन शाम होते-होते आंशिक रूप से बादल छाने का अनुमान है जिससे उमस बढ़ेगी।राहत कब मिलेगी?: मौसम केंद्र लखनऊ के अनुसार, नोएडा और लखनऊ दोनों ही शहरों को कल (29 जून) की शाम से भीषण गर्मी से राहत मिलनी शुरू हो जाएगी। 30 जून से 1 जुलाई के बीच इन दोनों शहरों में झमाझम मानसूनी बारिश का मुख्य दौर शुरू होगा।आगामी दिनों का पूर्वानुमान: 30 जून से 3 जुलाई तक पूरे यूपी में भारी बारिशमौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, 29 जून 2026 से राज्य के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी हवाएं दस्तक दे देंगी और बारिश की गतिविधियों में भारी तेजी आएगी।तापमान में भारी गिरावट: असली राहत 30 जून से 3 जुलाई 2026 के बीच मिलेगी, जब पूरे उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ व्यापक रूप से भारी बारिश (Heavy Rainfall) होने का अनुमान है।33C तक गिरेगा पारा: इस झमाझम बारिश के चलते राज्य का अधिकतम तापमान सीधे 8 से 9 डिग्री सेल्सियस तक गिरकर 31C से 33C के बीच आ जाएगा, जिससे लोगों को पिछले कई महीनों से पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से पूरी तरह निजात मिल जाएगी।
उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों (UP Panchayat Elections) को लेकर सियासी और कानूनी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ द्वारा निवर्तमान ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने और उन्हें ही 'प्रशासक' (Administrator) नियुक्त करने के राज्य सरकार के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने के बाद अब सरकार ने इसके खिलाफ बड़ी अदालत का दरवाजा खटखटाने का मन बना लिया है।हाईकोर्ट के जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की एकल पीठ ने 25 जून 2026 के अपने सख्त आदेश में सरकार के इस कदम को प्रथम दृष्टया असंवैधानिक करार दिया है। कोर्ट का स्पष्ट कहना है कि कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम प्रधानों को किसी भी रूप में प्रशासक की भूमिका में नहीं रखा जा सकता। इस आदेश के खिलाफ अब राज्य सरकार अगले सप्ताह हाईकोर्ट की डबल बेंच (Double Bench) या फुल बेंच में अपील दायर करने की तैयारी कर रही है।क्या पूरा मामला क्या है और क्यों सरकार ने प्रधानों को प्रशासक बनाया?उत्तर प्रदेश की लगभग 57,000 से अधिक ग्राम पंचायतों का पांच साल का कानूनी कार्यकाल 26 मई 2026 को पूरी तरह समाप्त हो चुका है। नियमतः कार्यकाल समाप्त होने से पहले चुनाव संपन्न हो जाने चाहिए थे, लेकिन प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण चुनावों में देरी हो गई।गांवों में विकास कार्य और सरकारी योजनाएं न रुकें, इसके लिए योगी सरकार ने 25 मई को एक अधिसूचना जारी कर निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ही अगले 6 महीने या चुनाव होने तक के लिए 'प्रशासक' नियुक्त कर दिया था। सरकार के इसी फैसले को अरविंद राठौर और अन्य याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सरकार को तगड़ा झटका दिया है।हाईकोर्ट का रुख: 5 साल से ज्यादा नहीं बढ़ सकता कार्यकाल, 13 जुलाई तक मांगी चुनाव की रूपरेखासांविधानिक दायरा: हाईकोर्ट ने अपने आदेश में भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 (E) और 243 (K) का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में चुनी हुई पंचायतों का कार्यकाल 5 वर्ष से अधिक नहीं बढ़ाया जा सकता। चुनावों को अनिश्चितकाल के लिए टालना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।अनिवार्य आदेश: कोर्ट ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) को सख्त निर्देश देते हुए आगामी 13 जुलाई 2026 (अगली सुनवाई की तिथि) तक उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव कराने की पूरी विस्तृत समय-सारणी और रूपरेखा कोर्ट के समक्ष पेश करने को कहा है।सरकार की कानूनी दलील: उप्र पंचायतीराज अधिनियम 1947 की धारा 12(3-A) का सहाराशासन के उच्चपदस्थ कानूनी सूत्रों और विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार के पास इस फैसले को सही ठहराने का एक मजबूत कानूनी आधार है:वैकल्पिक व्यवस्था का नियम: 'उत्तर प्रदेश पंचायतीराज अधिनियम, 1947' की धारा 12 की उपधारा (3-A) मुख्य रूप से असाधारण और अपरिहार्य परिस्थितियों में चुनाव टलने की स्थिति से संबंधित है। यह धारा राज्य सरकार को यह वैधानिक शक्ति देती है कि यदि लोकहित में समय पर चुनाव संभव न हो, तो वह वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था (जैसे प्रशासक की नियुक्ति) कर सकती है।अपील का आधार: चूंकि अप्रैल 1994 में ऐतिहासिक संशोधन के जरिए जोड़ी गई इस उपधारा (3-A) को आज तक कानूनन हटाया नहीं गया है, इसलिए सरकार इसी एक्ट को अपना ढाल बनाएगी। सरकार का तर्क है कि कानून में कहीं यह अनिवार्य नहीं लिखा है कि प्रशासक केवल सरकारी अधिकारी (जैसे बीडीओ या एडीओ) ही हो सकता है, जनहित में निवर्तमान प्रधानों को भी यह जिम्मेदारी दी जा सकती है।समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग को पक्षकार बनाने के आदेश को भी मिलेगी चुनौतीहाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार द्वारा गठित 'उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग' को भी मुकदमे में पक्षकार (Party) बनाने की अनुमति दी है। सरकार इस आदेश को भी चुनौती देने जा रही है।आयोग के अध्यक्ष और इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस राम औतार सिंह का स्पष्ट कहना है कि 'कमिशन ऑफ इन्क्वायरी एक्ट' (Commission of Inquiry Act) की धारा-9 के तहत किसी भी जांच या सर्वे आयोग को किसी दीवानी या संवैधानिक मुकदमे में सीधे तौर पर पार्टी नहीं बनाया जा सकता है। इसलिए आयोग को पक्षकार बनाने के फैसले के खिलाफ भी सरकार अपील करेगी।नवंबर 2026 से पहले संभव नहीं हैं चुनाव? आयोग को रिपोर्ट तैयार करने में लगेगा समयसर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के 'ट्रिपल टेस्ट' (Triple Test) के दिशा-निर्देशों के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने 18 मई 2026 को इस समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया है। आयोग का मुख्य कार्य राज्य के सभी 75 जिलों में ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर जाकर ओबीसी (OBC) आबादी के सटीक सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के आंकड़े जुटाना और उनका भौतिक सत्यापन करना है।आयोग के अध्यक्ष जस्टिस राम औतार सिंह के अनुसार:हमने राज्य के सभी 75 जिलों के जिलाधिकारियों (DM) से पिछड़े वर्ग की आबादी के प्रारंभिक आंकड़े प्राप्त कर लिए हैं। आयोग की टीम ने मेरठ, हापुड़ और बागपत जैसे जिलों का जमीनी दौरा कर सत्यापन कार्य भी शुरू कर दिया है। चूंकि सीटों का सही आरक्षण तय करने के लिए हमें प्रदेश के सभी 75 जिलों का सघन दौरा करना होगा, इसलिए इस पूरी वैज्ञानिक और अनुभवजन्य जांच (Empirical Investigation) को पूरा करने में कम से कम 6 महीने का समय लगेगा। आयोग अपनी अंतिम और प्रामाणिक रिपोर्ट नवंबर 2026 तक ही शासन को सौंप पाएगा।
हर इंसान की यह दिली ख्वाहिश होती है कि उसे लंबी और खुशहाल उम्र मिले। हम सब चाहते हैं कि हमारा बुढ़ापा भी जवानी की तरह पूरी तरह स्वस्थ, ऊर्जावान और शानदार गुजरे और हम जीवन के 100 वसंत देखने के बाद भी पूरी तरह निरोग रहें। मगर, आज की आधुनिक जीवनशैली में ऐसा होना किसी चमत्कार जैसा लगता है। अक्सर उम्र बढ़ने के साथ ही शरीर को तरह-तरह की बीमारियां घेर लेती हैं या इंसान दूसरों पर निर्भर (अशक्त) हो जाता है।लेकिन इसी धरती पर कुछ ऐसे भी लोग हैं, जिन्होंने बढ़ती उम्र के सारे नियमों को धता बता दिया है और 100 साल का आंकड़ा पार करने के बाद भी बिना किसी लाठी या सहारे के अपना सारा काम खुद कर रहे हैं। क्या कोई इंसान वाकई 100 साल से भी ज़्यादा स्वस्थ जीवन जी सकता है? क्या इसके लिए किसी खास जादुई जड़ी-बूटी की जरूरत होती है या किसी खास देश में रहना पड़ता है? आइए, वैज्ञानिकों की हालिया रिसर्च और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाली तीन सगी बहनों की कहानी से लंबी उम्र का असली सीक्रेट जानते हैं।3 बहनों की संयुक्त उम्र 316 साल! गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है नामलंबी और स्वस्थ जिंदगी का सबसे सटीक उदाहरण ब्राजील की तीन सगी बहनों ने पेश किया है, जिनकी उम्र ने वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया है। इन बहनों के नाम हैं— ज़ुलिना डी डेउस नुनेस (103 साल), जोराइडे डी डेउस मोटा (104 साल) और लेविटा डी डेउस नुनेस (109 साल)। अगर इन तीनों बहनों की उम्र को जोड़ दिया जाए, तो इनकी संयुक्त उम्र 316 साल से भी अधिक बैठती है।दुनिया में सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाली सगी बहनों के रूप में इनका नाम 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड' (Guinness Book of World Records) में भी दर्ज हो चुका है। जिस उम्र में लोग बिस्तर पकड़ लेते हैं और जिंदगी की आखिरी सांसें गिन रहे होते हैं, उस उम्र में भी ये तीनों बहनें पूरी तरह एक्टिव और खुशहाल हैं। वैज्ञानिकों ने जब इनकी लाइफस्टाइल पर रिसर्च की, तो लंबी उम्र के कई ऐसे राज खुले जो हमारी और आपकी रोजमर्रा की आदतों से जुड़े हैं।सिर्फ अच्छे जीन्स (Genes) काफी नहीं, 80% भूमिका निभाती है आपकी जीवनशैलीअक्सर समाज में यह माना जाता है कि अगर किसी के माता-पिता लंबी उम्र तक जिए हैं, तो बच्चों की उम्र भी लंबी होगी। वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च में पाया कि इस बात में सच्चाई जरूर है, लेकिन यह पूरी कहानी नहीं है।आनुवंशिक कारक (Genetics): शोध के अनुसार, हमारे कुल जीवनकाल का केवल 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा ही हमारे जीन्स (आनुवंशिक कारकों) पर निर्भर करता है।बाहरी कारक: बाकी का 70 से 80 प्रतिशत बड़ा हिस्सा हमारी रोजमर्रा की जीवनशैली, खान-पान, पर्यावरण, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और मानसिक स्थिति पर निर्भर करता है। यानी अच्छे जीन्स आपको एक मजबूत शुरुआत जरूर दे सकते हैं, लेकिन बिना अच्छी लाइफस्टाइल के 100 साल का सफर तय करना नामुमकिन है।थाली से हटा दें प्रोसेस्ड फूड, लंबी उम्र के लिए अपनाएं 'सादा भोजन' का नियमगिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर बहनों और लंबी उम्र जीने वाले लोगों की डाइट पर की गई रिसर्च से साफ हुआ है कि लंबी जिंदगी का रास्ता सीधे आपकी रसोई से होकर गुजरता है। यदि आप भी लंबा और स्वस्थ जीना चाहते हैं, तो आज से ही डिब्बाबंद और प्रोसेस्ड फूड (Processed Food) से पूरी तरह दूरी बना लें। 100 साल जीने वाले लोगों की डाइट बेहद साधारण और प्राकृतिक होती है। उनकी भोजन की थाली में मुख्य रूप से हरी सब्जियां, ताजे फल, दालें, साबुत अनाज और बेहद सीमित मात्रा में डेयरी या पशु-आधारित (Non-veg) भोजन शामिल होता है।इसके अलावा, वैज्ञानिक शोधों में यह भी पाया गया है कि ये लोग कभी भी पेट भरकर आकंठ नहीं खाते, बल्कि हमेशा अपनी भूख से थोड़ा कम खाते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि शरीर को लगातार जरूरत से ज्यादा कैलोरी (Overeating) देने से मोटापा, शुगर और दिल की बीमारियों का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।जिम जाने की बजाय एक्टिव लाइफस्टाइल और पैदल चलने की आदत डालेंरिसर्च में एक और दिलचस्प बात सामने आई कि 100 साल से अधिक जीने वाले अधिकांश बुजुर्ग अपने पूरे जीवन में कभी जिम नहीं गए। ब्राजील की 103 वर्षीय बहन ज़ुलिना ने बताया कि बचपन में वे घंटों नदियों में तैरने और मछली पकड़ने में समय बिताती थीं। पुराने समय के लोग घर के काम खुद करते थे, सीढ़ियां चढ़ते थे, खेती करते थे और वाहनों पर निर्भर रहने की बजाय पैदल ज्यादा चलते थे।उनकी जिंदगी में शारीरिक एक्टिविटी (Physical Activity) लगातार बनी रहती थी, जिससे उनके शरीर का मेटाबॉलिज्म मजबूत रहता था। लेविटा ने एक क्राफ्ट्स वुमन के रूप में और जोराइडे ने एक नर्स के रूप में काम करते हुए 5 बच्चों की परवरिश की। यानी काम की व्यस्तता के बीच भी खुद को शारीरिक रूप से सक्रिय रखना ही उनकी सेहत का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच बना।तनाव को संभालना सीखें; प्रार्थना, ध्यान और प्रकृति के करीब रहने का जादुई असरवैज्ञानिकों के अनुसार, लंबी उम्र जीने वाले लोगों में तनाव को संभालने की क्षमता (Stress Management) आम लोगों से कहीं बेहतर होती है। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि उनके जीवन में मुश्किलें या दुख नहीं थे; समस्याएं हर किसी के जीवन में होती हैं, लेकिन ये लोग तनाव को कभी भी अपने दिमाग पर हावी नहीं होने देते थे।मानसिक शांति के लिए ये बुजुर्ग नियमित रूप से प्रार्थना करते थे, ध्यान (Meditation) लगाते थे, अपने परिवार और बच्चों के साथ समय बिताते थे या फिर प्रकृति के बीच शांत वातावरण में रहते थे। यही वजह थी कि उनका इम्यून सिस्टम मजबूत रहता था और वे मानसिक व शारीरिक रूप से कम बीमार पड़ते थे।दुनिया के ये 5 इलाके हैं 'ब्लू ज़ोन', जहां रहते हैं सबसे ज्यादा 100 साल के बुजुर्गवैज्ञानिकों ने वैश्विक स्तर पर रिसर्च करके दुनिया के नक्शे पर कुछ ऐसी चुनिंदा जगहों की पहचान की है, जहां की आबादी में 100 साल से अधिक जीने वाले लोगों की संख्या सामान्य से कई गुना ज्यादा है। इन विशेष क्षेत्रों को विज्ञान की भाषा में 'ब्लू ज़ोन' (Blue Zones) कहा जाता है। दुनिया के प्रमुख 5 ब्लू ज़ोन इस प्रकार हैं:ओकिनावा (जापान)सार्डिनिया (इटली)इकारिया (ग्रीस)निकोया (कोस्टा रिका)लोमा लिंडा (अमेरिका)हैरानी की बात यह है कि इन सभी जगहों की संस्कृति, भूगोल और खान-पान एक-दूसरे से पूरी तरह अलग हैं, लेकिन इसके बावजूद यहां के लोगों की जीवनशैली में गहरी समानताएं मिलती हैं। जैसे— पौधों पर आधारित सादा भोजन, कम कैलोरी का सेवन, प्रकृति से जुड़ाव, मजबूत पारिवारिक रिश्ते और पैदल चलने की आदत।विज्ञान आज भी उम्र बढ़ने (Aging) के रहस्यों और अमरता के सूत्रों को पूरी तरह सुलझाने में जुटा हुआ है और हर साल नई-नई खोजें हो रही हैं। लेकिन अब तक मिले सभी वैज्ञानिक प्रमाण केवल एक ही निष्कर्ष की ओर इशारा करते हैं कि लंबी उम्र का बाजार में कोई एक शॉर्टकट या जादुई कैप्सूल उपलब्ध नहीं है। यह असल में आपके द्वारा हजारों दिनों तक अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में लिए गए छोटे-छोटे सही और अनुशासित निर्णयों का एक खूबसूरत परिणाम होता है।
टैक्सपेयर्स और व्यावसायिक संस्थानों के लिए आगामी जुलाई 2026 का महीना वित्तीय अनुपालन (Financial Compliance) के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होने जा रहा है। अगर आपने अभी तक अपने टैक्स और वित्तीय लेखा-जोखा से जुड़े जरूरी काम पूरे नहीं किए हैं, तो आपको तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। जुलाई के महीने में टीडीएस (TDS) जमा करने, चालान-कम-स्टेटमेंट दाखिल करने और इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने जैसी तीन सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण डेडलाइन आ रही हैं। आयकर विभाग के नियमों के मुताबिक, यदि तय समय सीमा के भीतर ये काम पूरे नहीं किए गए, तो आपको भारी लेट फीस, ब्याज और गंभीर कानूनी पेचीदगियों का सामना करना पड़ सकता है। आइए बिना किसी काट-छांट के एक रिपोर्टर की शैली में जानते हैं इन तारीखों का पूरा ब्योरा।7 जुलाई: अप्रैल-जून तिमाही का TDS जमा करने का आखिरी मौकाजुलाई महीने की सबसे पहली और सबसे बड़ी टैक्स डेडलाइन 7 जुलाई 2026 है। यह तारीख मुख्य रूप से उन नियोक्ताओं और कर कटौतीकर्ताओं (Tax Deductors) पर लागू होती है, जिन्हें अप्रैल से जून की पहली तिमाही के लिए टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (TDS) सरकारी खजाने में जमा करना है और जिन्हें त्रैमासिक (Quarterly) जमा करने की विशेष अनुमति प्राप्त है। इसके साथ ही, जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही से जुड़े कुछ निर्धारित फॉर्म और जरूरी घोषणाओं (Declarations) को आयकर पोर्टल पर अपलोड करने की अंतिम तिथि भी यही है। सरकारी कार्यालयों, मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों, अधिकृत डीलरों (Authorized Dealers), आईएफएससी (IFSC) यूनिट्स और गैर-निवासी भारतीय (NRI) निवेशकों से जुड़े वित्तीय संस्थानों को भी इसी तारीख तक अपनी अनिवार्य रिपोर्टिंग पूरी करनी होगी।30 जुलाई: चालान-कम-स्टेटमेंट दाखिल करने की अंतिम तिथिमहीने के अंत में दूसरी बड़ी डेडलाइन 30 जुलाई 2026 को आ रही है। इस तारीख तक जून महीने के दौरान काटे गए कुछ विशेष श्रेणी के टीडीएस के लिए 'चालान-कम-स्टेटमेंट' (Challan-cum-Statement) दाखिल करना पूरी तरह से अनिवार्य है। आयकर विशेषज्ञों के अनुसार, जो कंपनियां, कॉर्पोरेट्स या व्यक्तिगत संस्थाएं किसी भी रूप में टीडीएस कटौती करती हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे 30 जुलाई से पहले ही अपने सभी वित्तीय रिकॉर्ड्स और खातों की बारीकी से जांच कर लें, ताकि अंतिम समय की आपाधापी में डेटा मिसमैच या किसी भी तकनीकी देरी के कारण लगने वाले जुर्माने से बचा जा सके।31 जुलाई: असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ITR फाइलिंग की महा-डेडलाइनजुलाई महीने की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित टैक्स डेडलाइन 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। इस दिन तक आम वेतनभोगी (Salaried) करदाताओं और व्यक्तिगत श्रेणी के लोगों को वित्त वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए ITR-1 और ITR-2 फॉर्म के माध्यम से अपना आयकर रिटर्न (Income Tax Return) हर हाल में दाखिल करना होगा। यदि कोई करदाता 31 जुलाई की इस अंतिम समय सीमा को चूक जाता है, तो उसे न केवल भारी लेट फीस और बकाया टैक्स पर मासिक ब्याज देना होगा, बल्कि चालू वित्त वर्ष में हुए किसी भी नुकसान (Loss) को भविष्य के सालों के लिए 'कैरी फॉरवर्ड' करने का महत्वपूर्ण लाभ भी गंवाना पड़ सकता है।अंतिम दिनों के सर्वर क्रैश से बचें, विशेषज्ञों ने दी समय पर फाइलिंग की सलाहटैक्स एक्सपर्ट्स और वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि अक्सर करदाता अंतिम तारीखों यानी 30 या 31 जुलाई का इंतजार करते हैं, जिसके कारण अंतिम दिनों में आधिकारिक आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल (e-Filing Portal) पर अचानक ट्रैफिक का दबाव बेतहाशा बढ़ जाता है। ऐसे में सर्वर डाउन होने, ओटीपी (OTP) न आने या जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड न होने जैसी तकनीकी समस्याओं के कारण कई योग्य लोग रिटर्न फाइल करने से वंचित रह जाते हैं। इस मानसिक तनाव और जुर्माने से बचने का एकमात्र तरीका यही है कि आप आज ही अपने सभी फॉर्म-16 (Form 16), एआईएस (AIS) और अन्य वित्तीय दस्तावेजों को जुटाकर समय रहते अपना ITR दाखिल कर दें।
नए महीने की शुरुआत के साथ ही देश में कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू होने जा रहे हैं। 1 जुलाई 2026 से कई अहम फाइनेंशियल और एडमिनिस्ट्रेटिव नियम बदलने वाले हैं, जिनका सीधा असर टैक्सपेयर्स, बैंक ग्राहकों, क्रेडिट कार्ड यूजर्स, पासपोर्ट आवेदकों और कार्ड होल्डर्स पर पड़ने वाला है। ये बदलाव सीधे तौर पर आम जनता की जेब और उनके रोजमर्रा के वित्तीय लेन-देन को प्रभावित करेंगे। आइए बिना किसी काट-छांट के एक रिपोर्टर की शैली में जानते हैं 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाले इन प्रमुख फाइनेंशियल अपडेट्स के बारे में।ITR-1 और ITR-2 डेडलाइन: देरी करने पर लगेगा 5,000 रुपये तक का जुर्मानाटैक्सपेयर्स के लिए यह बेहद जरूरी अपडेट है। ITR-1 और ITR-2 फॉर्म भरने वाले करदाताओं के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई है। इस डेडलाइन के बाद रिटर्न फाइल करने पर भारी लेट फीस देनी होगी। अगर 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल नहीं किया जाता है, तो 31 दिसंबर तक बिलेटेड रिटर्न फाइल किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए पेनल्टी का प्रावधान है। जिन टैक्सपेयर्स की कुल आय 5 लाख रुपये से अधिक है, उन्हें 5,000 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है, जबकि 5 लाख रुपये से कम आय वालों के लिए यह लेट फीस 1,000 रुपये तक होगी।आधार कार्ड में बड़ा बदलाव: रजिस्टर्ड ईमेल ID अपडेट करना हुआ बिल्कुल मुफ्तभारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) की ओर से कार्ड होल्डर्स को एक बड़ी राहत दी गई है। UIDAI ने रजिस्टर्ड ईमेल ID अपडेट करने की फीस को अस्थायी रूप से समाप्त कर दिया है। यह सुविधा पहले ₹75 का शुल्क देकर मिलती थी, लेकिन अब इसे 1 जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक के लिए पूरी तरह से मुफ्त कर दिया गया है। आम लोग इस सुविधा का लाभ UIDAI के आधिकारिक मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल के जरिए बिना किसी चार्ज के उठा सकेंगे।SBI क्रेडिट कार्ड नियमों में बदलाव: रिवॉर्ड प्रोग्राम की लिमिट में हुआ फेरबदलस्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) कार्ड यूजर्स के लिए भी 1 जुलाई से नया नियम लागू होने जा रहा है। SBI कार्ड की ओर से PhonePe SBI क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड प्रोग्राम में बड़े बदलाव किए गए हैं। इसका सीधा असर PhonePe SBI क्रेडिट कार्ड PURPLE और SELECT BLACK दोनों वेरिएंट पर पड़ेगा। नए नियमों के तहत अब रिवॉर्ड पॉइंट कमाने की लिमिट को बदल दिया गया है, साथ ही कुछ विशेष ट्रांजैक्शंस को रिवॉर्ड कैटेगरी से पूरी तरह बाहर रखा गया है।HDFC क्रेडिट कार्ड धारक ध्यान दें: लाउंज एक्सेस के लिए खर्च करने होंगे इतने हजारHDFC बैंक के क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस को लेकर नया नियम 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो रहा है। नए नियम के तहत अब ग्राहकों को हर कैलेंडर तिमाही में तीन बार फ्री एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस की सुविधा मिलेगी, लेकिन इसके लिए एक शर्त जोड़ दी गई है। लाउंज एक्सेस पाने के लिए ग्राहकों को पिछली तिमाही में कम से कम ₹60,000 खर्च करना अनिवार्य होगा। उदाहरण के तौर पर, यदि आप जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही में फ्री लाउंज सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपको अप्रैल से जून 2026 के बीच अपने कार्ड से ₹60,000 या उससे अधिक का खर्च करना होगा।पासपोर्ट बनवाना हुआ महंगा: विदेश मंत्रालय ने फीस में की बढ़ोतरी1 जुलाई से विदेश यात्रा की प्लानिंग कर रहे लोगों को थोड़ा ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी। विदेश मंत्रालय की ओर से 1 जुलाई 2026 से सामान्य (Normal) और तत्काल (Tatkal) दोनों कैटेगरी के पासपोर्ट की फीस में बढ़ोतरी की घोषणा की गई है। यह नया नियम भारत के साथ-साथ विदेशों में रहने वाले भारतीय आवेदकों पर भी समान रूप से लागू होगा। इस फैसले के बाद नया पासपोर्ट बनवाना या रिन्यू कराना पहले की तुलना में अधिक महंगा हो जाएगा।मिस-सेलिंग पर RBI सख्त: ग्राहकों को मिलेगा पूरा रिफंड और नुकसान की भरपाईबैंकिंग सेक्टर में ग्राहकों को गलत वादे करके प्रॉडक्ट बेचने (Miss-Selling) की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कड़ा रुख अपनाया है। 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होने वाले इन नए नियमों के तहत यदि किसी बैंक या वित्तीय संस्थान द्वारा किसी ग्राहक को गलत तरीके से कोई फाइनेंशियल प्रॉडक्ट बेचा गया है, तो ग्राहक को पूरा रिफंड पाने का कानूनी अधिकार होगा। इसके साथ ही, मिस-सेलिंग की वजह से ग्राहक को हुए किसी भी वित्तीय नुकसान की पूरी भरपाई बैंक को करनी होगी।
भारत और आयरलैंड के बीच खेली जा रही दो मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का दूसरा और अंतिम निर्णायक मुकाबला आज, 28 जून 2026 को बेलफास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब में खेला जाएगा। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली युवा भारतीय टीम को इसी मैदान पर खेले गए पहले टी20 मैच में मेजबान आयरलैंड के हाथों 34 रनों की करारी और चौंकाने वाली शिकस्त झेलनी पड़ी थी। अब 'मेन इन ब्लू' (Men in Blue) के सामने सीरीज बचाने की सबसे बड़ी चुनौती है। भारतीय टीम इस आखिरी मुकाबले में हर हाल में दमदार वापसी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी, ताकि आयरलैंड जैसी टीम के खिलाफ सीरीज हारने की शर्मिंदगी से बचा जा सके।सैमसन, ईशान और तिलक के पास खुद को साबित करने का आखिरी मौकासीरीज के पहले टी20 मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह ताश के पत्तों की तरह बिखर गया था। टीम के स्टार बल्लेबाज संजू सैमसन, ईशान किशन, तिलक वर्मा और स्वयं कप्तान श्रेयस अय्यर बल्ले से कोई भी प्रभाव छोड़ने में बुरी तरह नाकाम रहे थे। इस 'करो या मरो' (Do or Die) वाले मुकाबले में इन सभी सीनियर खिलाड़ियों पर अपनी पुरानी गलतियों को सुधारकर टीम को एक मजबूत स्कोर तक पहुंचाने का भारी दबाव होगा। हालांकि, क्रिकेट फैंस की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या टीम मैनेजमेंट इन फ्लॉप रहे बल्लेबाजों पर दोबारा भरोसा जताएगा या फिर बेंच पर बैठी युवा प्रतिभाओं को मौका देगा।वैभव सूर्यवंशी कर सकते हैं डेब्यू: टूटेगा 'गॉड ऑफ क्रिकेट' सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना रिकॉर्डइस निर्णायक मैच में सबसे बड़ा आकर्षण 15 वर्षीय युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) के संभावित डेब्यू को लेकर है। बिहार के इस बाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज को पहले मैच की प्लेइंग-11 में मौका नहीं मिला था, लेकिन आज उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने की प्रबल संभावना है। यदि वैभव को आज अंतिम एकादश में शामिल किया जाता है, तो वह मात्र 15 साल और 94 दिन की अविश्वसनीय उम्र में भारत के लिए इंटरनेशनल डेब्यू कर लेंगे।इसी के साथ वह महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड ध्वस्त कर देंगे। तेंदुलकर ने साल 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ 16 साल और 205 दिन की उम्र में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। वैभव का यह डेब्यू भारतीय क्रिकेट इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो जाएगा।सैमसन या सुंदर? किस खिलाड़ी की जगह टीम में फिट होंगे वैभव सूर्यवंशी?वैभव सूर्यवंशी एक धाकड़ टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज हैं, जिससे टीम मैनेजमेंट के सामने उन्हें फिट करने की बड़ी पहेली खड़ी हो गई है। भारत के पास पहले से ही दुनिया के नंबर-1 टी20 बल्लेबाज अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और ईशान किशन के रूप में शीर्ष क्रम मौजूद है।पहला समीकरण: यदि टीम मैनेजमेंट अपने टॉप-3 बल्लेबाजों में से किसी को भी ड्रॉप नहीं करना चाहता, तो वे स्पिन ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर को बाहर का रास्ता दिखा सकते हैं। सुंदर का प्रदर्शन पहले मैच में बेहद निराशाजनक रहा था; उन्होंने अपने एकमात्र ओवर में 19 रन लुटाए थे और बल्ले से भी 12 गेंदों में सिर्फ 9 रन बना सके थे।ओपनिंग जोड़ी: यदि सुंदर की जगह वैभव आते हैं, तो वह अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत (ओपनिंग) कर सकते हैं, जिससे संजू सैमसन, ईशान किशन और श्रेयस अय्यर को मिडिल ऑर्डर में खेलने का मौका मिलेगा।गेंदबाजी में भी बड़े बदलाव के संकेत: प्रसिद्ध कृष्णा की जगह ले सकते हैं प्रिंस यादवसिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में भी आज बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। टीम मैनेजमेंट युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव (Prince Yadav) को प्लेइंग-11 में शामिल करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। प्रिंस ने इसी महीने अफगानिस्तान के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू किया था और वे इस समय शानदार लय में हैं। उन्हें लगातार खराब फॉर्म और लाइन-लेंथ से जूझ रहे प्रसिद्ध कृष्णा (Prasidh Krishna) की जगह टीम में शामिल किया जा सकता है। प्रसिद्ध ने पहले टी20 मैच के अपने कोटे के 4 ओवरों में बिना कोई विकेट चटकाए 57 रन लुटा दिए थे, जो भारत की हार का मुख्य कारण बना। वहीं, सूर्यांश शेडगे और मुख्य स्पिनर रवि बिश्नोई को आज भी बाहर बैठना पड़ सकता है।दूसरे टी20 मैच के लिए भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन (Probable Playing 11)अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव।
आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 (Women's T20 World Cup 2026) का रोमांच अपने चरम पर पहुंच चुका है, और सेमीफाइनल की रेस रविवार को एक बेहद निर्णायक मोड़ पर आ खड़ी हुई है। क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले ऐतिहासिक लॉर्ड्स (Lords) के मैदान पर ग्रुप 1 के आखिरी और सबसे बड़े मुकाबले में भारतीय महिला टीम का सामना चिर-प्रतिद्वंद्वी और वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से होने जा रहा है। हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) की कप्तानी वाली टीम इंडिया के लिए यह मैच किसी 'करो या मरो' की जंग से कम नहीं है, जो टूर्नामेंट में उसके आगे के सफर का भविष्य तय करेगा।सेमीफाइनल का समीकरण: जीत दिलाएगी अंतिम चार का टिकट, हार पर बढ़ेगी टेंशनग्रुप स्टेज के इस आखिरी नॉकआउट जैसे मैच में भारतीय टीम के सामने आगे बढ़ने का गणित बेहद साफ और सीधा है। यदि भारत को अंतिम चार (Semi-Finals) में अपनी जगह बिना किसी गुणा-भाग के सुरक्षित करनी है, तो उसे दुनिया की सबसे मजबूत और इस टूर्नामेंट की अब तक अपराजेय रही ऑस्ट्रेलियाई टीम को हर हाल में हराना होगा। लेकिन यदि हरमनप्रीत सेना इस बड़े मुकाबले में चूकती है, तो उसकी किस्मत सीधे तौर पर बांग्लादेश और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाले मैच के परिणाम पर निर्भर हो जाएगी, जिससे सेमीफाइनल की उम्मीदें अधर में लटक सकती हैं।साउथ अफ्रीका से हारने के बाद टीम इंडिया ने कैसे की धमाकेदार वापसी?टूर्नामेंट के अपने पहले ही मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के हाथों करारी शिकस्त झेलने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिस तरह का जुझारू खेल दिखाया है, वह वाकई काबिले-तारीफ है। पहले मैच की नाकामी को पीछे छोड़ते हुए भारत ने पाकिस्तान, नीदरलैंड और फिर बांग्लादेश को लगातार पटखनी देकर टूर्नामेंट में शानदार हैट्रिक लगाई है। इन तीन लगातार जीतों की बदौलत दुनिया की तीसरे नंबर की भारतीय टीम 6 अंकों के साथ मजबूती से आगे बढ़ रही है। इसके अलावा टीम के पास +2.268 का एक बेहतरीन नेट रन रेट (NRR) भी है, जो किसी भी करीबी फैसले में भारत के लिए एक बड़ा एक्स-फैक्टर साबित हो सकता है।अजेय ऑस्ट्रेलिया की ताकत: किसी एक खिलाड़ी की मोहताज नहीं है कंगारू टीमऑस्ट्रेलियाई महिला टीम मौजूदा समय में भी विश्व क्रिकेट के लिए एक बड़ा बेंचमार्क बनी हुई है। छह बार की इस विश्व चैंपियन टीम ने टूर्नामेंट में अब तक खेले अपने चारों मैचों में एकतरफा और प्रभावशाली जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में लगभग प्रवेश कर लिया है। +4.724 के असाधारण और विशाल नेट रन रेट के साथ वे ग्रुप 1 की अंक तालिका में शीर्ष पर हैं। ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी ताकत यह है कि वे किसी एक स्टार खिलाड़ी के व्यक्तिगत प्रदर्शन पर निर्भर नहीं रहते हैं। उनके पास हर मैच में एक नया मैच विनर सामने आता है। जहां अनुभवी ऑलराउंडर एलिस पेरी (Ellyse Perry) ने बल्ले से 127 रन कूटे हैं, वहीं स्पिनर सोफी मोलिनक्स (Sophie Molineux) 6 विकेट लेकर टीम की सबसे सफल गेंदबाज रही हैं।स्मृति मंधाना की कप्तानी पारी और श्री चरणी की फिरकी का जादूऑस्ट्रेलिया के विपरीत भारतीय टीम का प्रदर्शन मुख्य रूप से उसके कुछ चुनिंदा मैच विनर्स के इर्द-गिर्द घूमता रहा है।बल्लेबाजी की रीढ़: टीम की उप-कप्तान स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) कमाल के फॉर्म में हैं। उन्होंने चार पारियों में कुल 167 रन बनाकर भारतीय टॉप ऑर्डर को एक बेजोड़ निरंतरता और स्थिरता दी है।गेंदबाजी में रचा इतिहास: स्पिन गेंदबाज श्री चरणी (Shri Charani) इस समय टूर्नामेंट की सबसे बड़ी खोज साबित हुई हैं। उन्होंने मिडिल ओवरों में बल्लेबाजों को अपनी फिरकी पर नचाते हुए अब तक रिकॉर्ड 12 विकेट हासिल किए हैं, जिससे वह भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का सबसे घातक और विश्वसनीय हथियार बन चुकी हैं।पहली बार लॉर्ड्स की ऐतिहासिक पिच पर टी20 मैच खेलेगी भारतीय वीरांगनाएंरविवार को होने वाला यह मुकाबला भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो जाएगा। यह पहला मौका है जब भारतीय महिला टीम लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर कोई अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच (T20I) खेलने उतरेगी। हालांकि, कंगारू टीम को इस मैदान पर खेलने का पुराना अनुभव है, लेकिन इतिहास गवाह है कि साल 2023 में इसी मैदान पर इंग्लैंड की टीम ने ऑस्ट्रेलिया को धूल चटाई थी, जो भारत के हौसलों को बढ़ाने के लिए काफी है।हेड-टू-हेड रिकॉर्ड्स: आंकड़ों के आईने में ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारीयदि दोनों टीमों के आपसी इतिहास और आंकड़ों पर नजर डालें, तो कंगारू टीम का पलड़ा काफी भारी और डराने वाला नजर आता है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच अब तक कुल 37 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले गए हैं, जिनमें से ऑस्ट्रेलिया ने एकतरफा दबदबा दिखाते हुए 27 मैचों में जीत हासिल की है, जबकि भारतीय टीम के हाथ केवल 9 बार ही सफलता लग सकी है। बात अगर टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास की करें, तो वहां भी ऑस्ट्रेलिया 5-1 से आगे है, जिसमें 2020 का फाइनल और 2023 के सेमीफाइनल की दर्दनाक हार के जख्म आज भी भारतीय फैंस के दिलों में ताजा हैं।कब, कहां और किस समय लाइव देख सकेंगे महामुकाबला?क्रिकेट फैंस भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले इस रोमांचक मुकाबले का सीधा प्रसारण (Live Telecast) अपने टीवी सेट पर स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क (Star Sports Network) पर देख सकते हैं। इसके अलावा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस मैच की लाइव स्ट्रीमिंग (Live Streaming) जियोस्टार (GeoStar) ऐप और वेबसाइट पर की जाएगी। यह महामुकाबला लॉर्ड्स के मैदान से भारतीय समयानुसार (IST) शाम 7:00 बजे से लाइव प्रसारित होगा।मैच के लिए दोनों देशों की अंतिम टीमें (Squads)भारत (India): हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), श्री चरणी, यास्तिका भाटिया, नंदनी शर्मा, अरुंधति रेड्डी, रेणुका सिंह, क्रांति गौड़, प्रेमा रावत, राधा यादव।ऑस्ट्रेलिया (Australia): सोफी मोलिनक्स (कप्तान), निकोला कैरी, ऐश गार्डनर, किम गार्थ, लुसी हैमिल्टन, ग्रेस हैरिस, अलाना किंग, फीबी लिचफील्ड, ताहलिया मैक्ग्रा, बेथ मूनी (विकेटकीपर), एलिस पेरी, मेगन शूट, एनाबेल सदरलैंड, जॉर्जिया वोल, जॉर्जिया वेयरहैम।
हमारे प्राचीन भारतीय वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) और चीन की पारंपरिक विधा फेंगशुई (Feng Shui), दोनों का मूल सिद्धांत और मुख्य मकसद बिल्कुल एक ही है— घर के भीतर छिपी नकारात्मकता को बाहर निकालना और पॉजिटिव एनर्जी (सकारात्मक ऊर्जा) के प्रवाह को बढ़ाना। जब घर की ऊर्जा संतुलित और सही दिशा में प्रवाहित होती है, तो सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मानसिक शांति अपने आप खिंची चली आती है।देश के जाने-माने वास्तु विशेषज्ञ डॉ. जयप्रकाश शर्मा की प्रसिद्ध पुस्तक 'वास्तु ज्ञान और फेंगशुई के सरल उपाय' के अनुसार, फेंगशुई के कुछ विशेष प्रतीकों और चीजों को यदि सही दिशा और स्थान पर रख दिया जाए, तो वे बंद पड़े भाग्य के ताले को भी खोल देती हैं। आइए बिना किसी घुमाव-फिराव के सीधे जानते हैं कि घर में खुशहाली और बरकत लाने वाली इन 4 मुख्य चीजों को रखने के सही नियम और दिशाएं क्या हैं।लाफिंग बुद्धा: संपन्नता के इस प्रतीक को भूलकर भी जमीन पर न रखेंसबसे पहले बात करते हैं लाफिंग बुद्धा (Laughing Buddha) की, जिन्हें पूरी दुनिया में खुशहाली, गुड लक और संपन्नता का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। अक्सर लोग अनजाने में इसे घर के किसी भी कोने या टेबल पर सजा देते हैं, लेकिन इसका पूरा और चमत्कारी लाभ तभी मिलता है जब इसे सही ऊंचाई और सही कोण पर रखा जाए।वास्तु पुस्तक के अनुसार, लाफिंग बुद्धा को हमेशा अपने घर के मुख्य लिविंग रूम (बैठक) में किसी मेज या स्टूल पर कम से कम ढाई से तीन फीट की ऊंचाई पर रखना चाहिए। इसे इस तरह रखें कि घर के मुख्य दरवाजे से अंदर आने वाले हर एक व्यक्ति की सीधी नजर इस पर पड़े। इसे स्थापित करने की सबसे अच्छी दिशा पूर्व या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) मानी जाती है। ध्यान रखें कि लाफिंग बुद्धा को कभी भी सीधे जमीन पर, बेडरूम में, किचन में या फिर मेन गेट की चौखट पर नीचे नहीं रखना चाहिए। सही स्थान पर रखने से यह घर की आर्थिक तंगी दूर करता है और परिवार में खुशियां लाता है।फेंगशुई कछुआ: कुबेर की दिशा में रखें, पर मुंह हमेशा अंदर की तरफ होदूसरी बेहद महत्वपूर्ण और प्रभावशाली चीज है फेंगशुई कछुआ (Feng Shui Turtle), जिसे सनातन परंपरा में 'भगवान विष्णु के कूर्म अवतार' से और फेंगशुई में लंबी उम्र, स्थिरता और करियर में तरक्की का माध्यम माना जाता है। लोग अक्सर इसे बाजार से लाकर किसी भी शोकेस में रख देते हैं, जो कि बहुत बड़ी गलती है।वास्तु और फेंगशुई गाइड के मुताबिक, धातु (पीतल, तांबा) या स्फटिक (क्रिस्टल) से बने कछुए को हमेशा घर की उत्तर दिशा में ही रखना चाहिए, क्योंकि उत्तर को धन के देवता कुबेर महाराज और जल तत्व की दिशा माना जाता है। कछुए को स्थापित करते समय इस बात का सबसे विशेष ध्यान रखें कि उसका मुंह हमेशा घर के अंदर की तरफ होना चाहिए, न कि बाहर या दरवाजे की ओर। अंदर की ओर मुंह रखने का मतलब है कि वह सुख और समृद्धि को समेटकर घर के भीतर ला रहा है, जिससे व्यापार में निरंतर बरकत बनी रहती है।लकी बैंबू प्लांट: कांच के बर्तन में लगाएं, हर हफ्ते बदलें इसका पानीअब बात करते हैं लकी बैंबू प्लांट (Lucky Bamboo) की, जो अपनी प्राकृतिक खूबसूरती से घर के पूरे माहौल को एकदम जीवंत, फ्रेश और सकारात्मक बना देता है। फेंगशुई के कड़े नियमों के अनुसार, इसे कभी भी सूखी मिट्टी में लगाने की बजाय कांच के एक साफ-सुथरे पारदर्शी बर्तन में पानी भरकर लगाना चाहिए।इस पौधे को रखने के लिए घर की पूर्व या दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) दिशा को सबसे उत्तम और फलदायी माना गया है:पूर्व दिशा: यहां लकी बैंबू रखने से घर के सदस्यों का शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है और आपसी रिश्तों में प्यार बढ़ता है।दक्षिण-पूर्व दिशा: इस दिशा में इसे सजाने से घर की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और धन आगमन के नए स्रोत खुलते हैं।विशेष टिप: इस पौधे का पानी हफ्ते में कम से कम एक बार जरूर बदलें और यदि इसकी कोई पत्ती पीली पड़ जाए, तो उसे तुरंत काटकर हटा दें, क्योंकि पीली पत्तियां नकारात्मकता दर्शाती हैं।विंड चाइम: छड़ों की संख्या और धातु का रखें ध्यान, हवा से गूंजेगी तरक्कीआखिर में आती है विंड चाइम (Wind Chime), जिसकी धीमी और खनकती हुई सुरीली आवाज घर के सारे मानसिक तनाव, क्लेश और वास्तु दोष को पल भर में दूर भगा देती है। विंड चाइम खरीदते और घर में लटकाते समय उसकी धातु (Material) और दिशा का सही तालमेल होना बेहद जरूरी है।अगर आप धातु (लोहे, पीतल या एल्युमिनियम) से बनी विंड चाइम लेकर आए हैं, तो उसे घर की पश्चिम या उत्तर दिशा में लगाएं। इसके विपरीत, यदि आपके पास लकड़ी (बैंबू) या मिट्टी (सिरेमिक) की विंड चाइम है, तो उसे घर की पूर्व या दक्षिण दिशा में लटकाना सबसे ज्यादा शुभ फल देता है। इसे हमेशा मुख्य प्रवेश द्वार के पास, बालकनी में या खिड़की के पास ऐसी जगह पर लटकाएं जहां से प्राकृतिक हवा का झोंका आता हो, ताकि इसकी सुरीली आवाज पूरे घर में गूंज सके। इस आसान उपाय से परिवार के सदस्यों के बीच चल रहे आपसी मतभेद हमेशा के लिए खत्म होते हैं और मानसिक शांति मिलती है।
गौतम बुद्ध नगर में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के शिलान्यास कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्रियों अश्विनी वैष्णव व भूपेंद्र यादव ने उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास, निवेश व तकनीकी प्रगति को लेकर बड़ा भरोसा जताया। रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना ...
हम सब अच्छी तरह जानते हैं कि एक आदर्श घर सिर्फ ईंटों, सीमेंट, लोहे और पत्थरों के ढांचे से नहीं बनता। घर बनता है उसमें निवास करने वाले लोगों के आपसी प्रेम, सकारात्मक ऊर्जा और वहां के शांत माहौल से। भारतीय वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) में रंगों को एक बहुत बड़ा और प्रभावी रोल दिया गया है, क्योंकि हर एक रंग की अपनी एक वेवलेंथ होती है जो सीधे तौर पर हमारे मूड, स्वभाव और मानसिक स्थिति को प्रभावित करती है।वास्तु जगत के बड़े जानकार पंडित सतीश शर्मा ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'रंग और हमारा भाग्य' में इस बात का स्पष्ट उल्लेख किया है कि यदि घर के कमरों में दिशा और मिजाज के विपरीत गलत रंगों का चयन कर लिया जाए, तो बिना किसी ठोस वजह के भी घर में किचकिच (क्लेश) होने लगती है, मानसिक तनाव बढ़ता है और घर की बरकत रुक जाती है। वहीं, सही रंगों का चयन घर में सुख-समृद्धि, सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली का संचार करता है। आइए बिना किसी घुमाव-फिराव के सीधे जानते हैं कि घर के किस हिस्से और कमरे में कौन सा रंग करवाना सबसे उत्तम रहता है।लिविंग रूम (बैठक): मेहमानों को आकर्षित करेंगे ये हल्के और सकारात्मक रंगसबसे पहले बात करते हैं हमारे घर के लिविंग रूम (Living Room) यानी बैठक की। यह घर का वह सबसे महत्वपूर्ण मुख्य हिस्सा होता है जहां परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर क्वॉलिटी टाइम बिताते हैं और बाहर से आने वाले मेहमानों का स्वागत भी यहीं किया जाता है। इसलिए इस स्थान का माहौल ऐसा ऊर्जावान होना चाहिए कि कदम रखते ही मन प्रसन्न हो जाए।वास्तु नियमों के अनुसार, लिविंग रूम की दीवारों के लिए हल्का पीला, क्रीम, ऑफ-व्हाइट या हल्का गुलाबी (बेबी पिंक) रंग सबसे बेस्ट माना जाता है। ये हल्के रंग आंखों को बिल्कुल नहीं चुभते और कमरे में प्राकृतिक रोशनी को परावर्तित कर खुलापन और सकारात्मकता का अहसास कराते हैं। बैठक में भूलकर भी गहरा काला, डार्क ब्लू (गहरा नीला) या एकदम चटक लाल रंग नहीं करवाना चाहिए। ये भारी और गहरे रंग माहौल में अवसाद (Depression) लाते हैं और घर आने वालों के मन में बेवजह का तनाव पैदा कर सकते हैं।बेडरूम (शयनकक्ष): दांपत्य जीवन में प्यार बढ़ाने के लिए चुनें ये शांत रंगअब बात करते हैं बेडरूम की, जहां दिनभर की दुनियादारी, भागदौड़ और मानसिक थकान के बाद हम सुकून और चैन की नींद ढूंढने आते हैं। पति-पत्नी के वैवाहिक रिश्ते में आपसी प्रेम बना रहे और रात को बिना किसी व्यवधान के अच्छी नींद आए, इसमें बेडरूम के रंगों की बहुत बड़ी भूमिका होती है।वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों के मुताबिक, बेडरूम में हमेशा मन को शांत करने वाले पेस्टल और लाइट शेड्स का ही इस्तेमाल करना चाहिए। हल्का आसमानी, बेबी पिंक, क्रीम या हल्का हरा (लाइट ग्रीन) रंग यहां के लिए सबसे आदर्श और शुभ माना जाता है, क्योंकि ये रंग मस्तिष्क की नसों को रिलैक्स करते हैं। एक बात का विशेष ध्यान रखें कि बेडरूम की मुख्य दीवार (Accent Wall) पर भी कभी चटक लाल या डार्क चॉकलेट वाला गहरा भूरा रंग न करवाएं। ये गहरे रंग स्वभाव में आक्रामकता और चिड़चिड़ापन लाते हैं, जिससे आपसी विवाद बढ़ सकता है।रसोई घर (किचन): सेहत और तरक्की का पावरहाउस, काले रंग से पूरी तरह बचेंरसोईघर यानी हमारे किचन को घर की सेहत, ऊर्जा और आर्थिक तरक्की का मुख्य पावरहाउस माना जाता है। चूंकि किचन का सीधा संबंध 'अग्नि देव' (आग) से होता है, इसलिए यहां के रंगों का चुनाव करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।वास्तु के अनुसार, रसोई के लिए सबसे शुभ और फलदायी रंग नारंगी (ऑरेंज), हल्का लाल, पीला या क्रीम माना जाता है। ये रंग भूख बढ़ाने में सहायक होते हैं और घर में कभी भी अन्न-धन की कमी नहीं होने देते। किचन की दीवारों, टाइल्स या अलमारियों (Cabinets) पर कभी भी काला या डार्क ग्रे (गहरा स्लेटी) रंग भूलकर भी न करवाएं। ज्योतिष और वास्तु में काले रंग को राहु और नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है, जो खाना बनाने वाले और उसे ग्रहण करने वाले, दोनों सदस्यों की सेहत को गंभीर रूप से बिगाड़ सकता है।दिशाओं का खेल: कुबेर और सूर्य देव की कृपा पाने के लिए ऐसे चुनें रंगवास्तु शास्त्र में हर दिशा का अपना एक तत्व और एक अधिपति देवता होता है, इसलिए कमरों की दिशा के हिसाब से रंगों का चयन करना सबसे सटीक परिणाम देता है:उत्तर दिशा (North): यदि आपके कमरे उत्तर दिशा में स्थित हैं, तो वहां हल्का नीला या हरा रंग करवाएं। यह धन के देवता कुबेर महाराज की दिशा है, और यहां यह रंग करवाने से कुबेर देव प्रसन्न होते हैं जिससे धन लाभ के योग बनते हैं।पूर्व दिशा (East): पूर्व दिशा के कमरों के लिए हल्का हरा या सफेद रंग सबसे सर्वोत्तम माना जाता है। इससे सूर्य देव की सकारात्मक और जीवनदायिनी ऊर्जा बिना किसी रुकावट के घर के भीतर प्रवेश करती है।दक्षिण दिशा (South): दक्षिण दिशा के कमरों के लिए हल्का गुलाबी, पीच या नारंगी रंग का चुनाव करना वास्तु सम्मत माना जाता है।पश्चिम दिशा (West): पश्चिम दिशा के कमरों के लिए सफेद, हल्का ग्रे या सिल्वर (चांदी जैसा) रंग चुनना सबसे उत्तम रहता है।ब्रह्मस्थान (घर का केंद्र): घर के बिल्कुल बीच वाले हिस्से (सेंटर पॉइंट) को हमेशा खाली, पूरी तरह साफ और सफेद या हल्के क्रीम रंग का रखना चाहिए, ताकि ब्रह्मांडीय सकारात्मक ऊर्जा पूरे घर में समान रूप से फैल सके।
आज 28 जून 2026, दिन रविवार को अंतरिक्ष में ग्रहों की स्थिति बेहद खास रहने वाली है। आज के दिन एक नहीं, बल्कि तीन बेहद पवित्र और शुभ योगों का महासंयोग बन रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आज साहस के कारक मंगल और भाग्य के दाता गुरु (बृहस्पति) एक-दूसरे से 60 डिग्री पर रहकर 'लाभ दृष्टि योग' का निर्माण कर रहे हैं। इसके साथ ही आज के पंचांग में 'शुभ योग' और 'शुक्ल योग' का भी सुंदर प्रभाव रहेगा। इन बड़े ग्रहों के गोचर और शुभ योगों का असर सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों रूपों में देखने को मिलेगा।आइए विख्यात ज्योतिषीय पद्धतियों के अनुसार जानते हैं कि आज रविवार का दिन आपके करियर, बिजनेस, सेहत, धन और पारिवारिक जीवन के लिहाज से कैसा बीतने वाला है और किन उपायों से आप अपने दिन को और भी ज्यादा भाग्यशाली बना सकते हैं।मेष राशि (Aries) - 28 जून 2026आज का दिन: मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन काफी संतुलित रहने वाला है। आपकी सोची-समझी और योजनाबद्ध कार्यशैली आपको अपने तय लक्ष्य समय पर पूरे करने में मदद करेगी। सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में आपका मान-सम्मान और योगदान बना रहेगा।सावधानी व बिजनेस: आज जितनी अच्छी आपकी आमदनी रहेगी, उतने ही तेजी से खर्चे भी सामने आएंगे। आपको अपने भीतर पनप रहे बेवजह के वहम और जिद्दी स्वभाव जैसी कमियों में सुधार लाने की सख्त जरूरत है। कार्यक्षेत्र में पब्लिक रिलेशन (जनसंपर्क) मजबूत होने से नए बिजनेस एग्रीमेंट्स मिल सकते हैं। हालांकि, जो लोग इंपोर्ट-एक्सपोर्ट (आयात-निर्यात) के कारोबार से जुड़े हैं, उन्हें आज थोड़ी मंदी का सामना करना पड़ सकता है।पारिवारिक जीवन व सेहत: घर-परिवार में सभी सदस्यों के बीच बेहतरीन तालमेल और सामंजस्य देखने को मिलेगा। शाम का समय परिवार के साथ हंसी-मजाक और मनोरंजक गतिविधियों में बीतेगा। स्वास्थ्य के मोर्चे पर अत्यधिक गर्मी के कारण सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या परेशान कर सकती है, धूप में निकलने से बचें।अचूक उपाय: आज के दिन किसी स्थानीय गौशाला में जाकर अपनी क्षमता अनुसार हरा चारा दान करें, मानसिक शांति मिलेगी।वृष राशि (Taurus) - 28 जून 2026आज का दिन: वृष राशि वाले जातकों के लिए आज का दिन अपनी अधूरी योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने और उन्हें जमीन पर लागू करने के लिए बेहद उत्तम है। पारिवारिक जिम्मेदारियों और अपनी व्यक्तिगत लाइफ के बीच आप बहुत ही शानदार संतुलन बनाने में कामयाब रहेंगे।सावधानी व बिजनेस: यदि भाइयों के साथ किसी बात को लेकर पुरानी गलतफहमी या संपत्ति का विवाद चल रहा था, तो आज किसी अनुभवी और बुजुर्ग व्यक्ति की मध्यस्थता से वह पूरी तरह दूर हो जाएगा। निवेश (Investment) के मामलों में आज भाग्य का साथ कम मिलेगा, इसलिए धन हानि की आशंका है। बिजनेस के स्ट्रक्चर में किसी भी तरह का बड़ा बदलाव करने के लिए अभी समय बिल्कुल अनुकूल नहीं है। आज भूलकर भी पार्टनरशिप में कोई नया काम शुरू न करें।पारिवारिक जीवन व सेहत: घर का वातावरण सकारात्मक और सुखद बना रहेगा। नवविवाहित जोड़ों (Newlyweds) के लिए आज का दिन बेहद रोमांटिक रहेगा और वे बाहर घूमने का प्लान बना सकते हैं। काम के अत्यधिक बोझ की वजह से शाम को कमजोरी और शारीरिक थकान महसूस हो सकती है, इसलिए काम के साथ पर्याप्त आराम भी लें।अचूक उपाय: अपने घर की छत या बालकनी में पक्षियों के लिए दाना और पीने के पानी की उचित व्यवस्था करें।मिथुन राशि (Gemini) - 28 जून 2026आज का दिन: मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन आत्मनिरीक्षण और संकल्पों को पूरा करने का है। घर की व्यवस्था को बेहतर और अनुशासित बनाए रखने के आपके प्रयास आज पूरी तरह सफल होंगे। आप अपने मजबूत आत्मविश्वास के बल पर कठिन से कठिन काम भी चुटकियों में हल कर लेंगे।सावधानी व बिजनेस: यदि कार्यस्थल या समाज में किसी के साथ वाद-विवाद या बहस की स्थिति बनती है, तो समझदारी दिखाते हुए बात को तूल न दें और वहां से हट जाएं। युवा वर्ग को सलाह दी जाती है कि वे किसी बहुत बड़े और काल्पनिक लाभ के चक्कर में आकर वर्तमान में मिल रहे अच्छे अवसरों को हाथ से न गंवाएं। आज आपकी दैनिक आय (Daily Income) में पहले के मुकाबले सुधार होगा। युवाओं को अपने करियर या नई नौकरी से जुड़ा कोई शुभ समाचार मिल सकता है।पारिवारिक जीवन व सेहत: आज किसी पुराने और बेहद खास मित्र से अचानक हुई मुलाकात आपके दिन को खुशनुमा बना देगी। लव लाइफ में मधुरता और आपसी विश्वास बढ़ेंगे। स्वास्थ्य के लिहाज से खान-पान में लापरवाही बरतने के कारण पेट दर्द, एसिडिटी और गैस की शिकायत हो सकती है, बाहर के खाने से परहेज करें।अचूक उपाय: घर या बाहर किसी भी बड़े-बुजुर्ग का अनादर न करें। उनका आशीर्वाद लें और उनकी बहुमूल्य राय पर अमल करें।कर्क राशि (Cancer) - 28 जून 2026आज का दिन: कर्क राशि के जातकों के लिए आज का दिन मानसिक चिंताओं से मुक्ति दिलाने वाला साबित होगा। पिछले कुछ समय से चली आ रही किसी बड़ी परेशानी में आज किसी घनिष्ठ मित्र की मदद से बड़ी राहत मिलेगी। आपकी दिनचर्या और सोचने के नजरिए में एक बेहद खूबसूरत और सकारात्मक बदलाव आएगा।सावधानी व बिजनेस: आज किसी भी संवेदनशील मुद्दे पर फैसला लेते समय दिल की बजाय दिमाग की बात सुनें, क्योंकि कुछ लोग आपकी अत्यधिक भावुकता का गलत फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं। व्यापार में आज अपनी पुरानी जिम्मेदारियों और पेंडिंग काम को पूरा करने के लिए बहुत ज्यादा शारीरिक और मानसिक मेहनत करनी पड़ेगी। ऑफिस में काम करने वाले लोग आज अकाउंट्स और पैसों के लेन-देन से जुड़े कार्यों में विशेष सावधानी बरतें, छोटी सी चूक भारी पड़ सकती है।पारिवारिक जीवन व सेहत: जो जातक अविवाहित हैं, उनके लिए आज विवाह का कोई बहुत ही अच्छा और मनपसंद रिश्ता आ सकता है, जिससे घर में खुशी का माहौल रहेगा। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। बदलते मौसम और गर्मी का असर आपकी सेहत पर पड़ सकता है, सर्दी-खांसी या मौसमी एलर्जी के प्रति सतर्क रहें।अचूक उपाय: किसी अनाथालय या जरूरतमंद बच्चों को उनकी पढ़ाई की सामग्री या भोजन दान करना आपके लिए अत्यंत शुभ रहेगा।सिंह राशि (Leo) - 28 जून 2026आज का दिन: सिंह राशि के जातकों के लिए आज का दिन सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहेगा। किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले उसकी पूरी प्लानिंग करना और अपनी सोच को पॉजिटिव रखना आज आपको सफलता की एक नई दिशा प्रदान करेगा। जो युवा ऑनलाइन कॉम्पिटिशन या किसी प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं, उन्हें आज बेहतरीन सफलता मिल सकती है।सावधानी व बिजनेस: यदि प्रॉपर्टी (जमीन-जायदाद) से जुड़ा कोई पुराना कानूनी विवाद चल रहा है, तो आज किसी कानूनी विशेषज्ञ या योग्य व्यक्ति से सलाह लेना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। मन में आ रहे अनचाहे नकारात्मक विचारों के कारण आज आपकी नींद प्रभावित हो सकती है। व्यापार के मोर्चे पर आज किसी बेहद प्रभावशाली और वीआईपी (VIP) व्यक्ति से हुई मुलाकात आपके अटके हुए प्रोजेक्ट्स को दोबारा शुरू करा देगी। ध्यान रखें, कई मामलों में आपका अत्यधिक स्वाभिमान (Ego) आपकी तरक्की में बाधा बन सकता है, इसलिए व्यवहार में विनम्रता लाएं।पारिवारिक जीवन व सेहत: पति-पत्नी के बीच आज घर की किसी बात को लेकर खट्टी-मीठी नोकझोंक हो सकती है, जिससे आपसी प्यार और बढ़ेगा। लव पार्टनर्स आज व्यर्थ की बातों में अपना कीमती समय नष्ट न करें। स्वास्थ्य के मामले में जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) की समस्या है, वे आज क्रोध करने से बचें और समय पर दवा लें।अचूक उपाय: आज सूर्य देव के विशेष मंत्रों के साथ 'आदित्य हृदय स्तोत्र' का पाठ श्रद्धापूर्वक करें या मोबाइल पर सुनें।कन्या राशि (Virgo) - 28 जून 2026आज का दिन: कन्या राशि के जातकों के लिए आज का समय काफी अनुकूल है। पिछले लंबे समय से जिन जरूरी कार्यों में रुकावट आ रही थी, उन्हें दोबारा गति में लाने का यह सबसे सही मौका है। आपकी चतुराई, तीक्ष्ण बुद्धि और विवेकपूर्ण फैसले आज सभी परिस्थितियों को पूरी तरह आपके पक्ष में कर देंगे।सावधानी व बिजनेस: आज समाज में दिखावे और अपनी झूठी शान के चक्कर में आकर अत्यधिक फिजूलखर्ची करने या किसी से बड़ा कर्ज (Loan) लेने से पूरी तरह बचें, अन्यथा आगे चलकर बजट बिगड़ सकता है। विद्यार्थी वर्ग को अपनी परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए पढ़ाई का एक सही टाइम-टेबल बना लेना चाहिए। बिजनेस में आज छोटी-मोटी रूटीन परेशानियां और रुकावटें बनी रहेंगी, लेकिन आपकी सूझबूझ से काम चलता रहेगा। पार्टनरशिप से जुड़े व्यापारिक मामलों में पूरी पारदर्शिता (Transparency) बनाए रखें।पारिवारिक जीवन व सेहत: वैवाहिक संबंधों में आज किसी बाहरी व्यक्ति के हस्तक्षेप या किसी व्यक्तिगत बात को लेकर थोड़ा मनमुटाव हो सकता है, आपसी सूझबूझ से मामले को शांत करें। युवा वर्ग मौज-मस्ती और सोशल मीडिया पर अपना कीमती समय बर्बाद करने से बचें। असंतुलित और तैलीय खान-पान आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।अचूक उपाय: अपने नजदीकी किसी भी मंदिर में जाकर भगवान के दर्शन करें, माथा टेकें और अपने इष्ट देव के मंत्र का 108 बार जाप करें।तुला राशि (Libra) - 28 जून 2026आज का दिन: तुला राशि के जातकों के लिए आज का दिन सामाजिक रूप से काफी सक्रिय रहने वाला है। आज आपको अपने क्षेत्र के कुछ बेहद खास और गणमान्य लोगों से मिलने और उठने-बैठने का सुनहरा मौका मिलेगा, जिससे आपका सामाजिक दायरा बढ़ेगा।सावधानी व बिजनेस: यदि जमीन-जायदाद या पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई पुराना पारिवारिक मामला अटका हुआ है, तो उसे कोर्ट-कचहरी ले जाने के बजाय आपसी सामंजस्य और बातचीत से सुलझाने का प्रयास करें, जल्दी समाधान मिलेगा। आज अतीत की कुछ पुरानी समस्याएं दोबारा उभर सकती हैं, जिससे मानसिक तनाव होगा। खुद को किसी भी तरह के वाद-विवाद या दूसरों के फटे में टांग अड़ाने से दूर रखें। धन का लेन-देन या बड़ा ट्रांजैक्शन करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें। इस समय किसी भी प्रकार की व्यावसायिक यात्रा (Business Trip) को टाल देना ही बेहतर होगा।पारिवारिक जीवन व सेहत: पारिवारिक मामलों को घर के भीतर ही शांति से सुलझाने की कोशिश करें। लव पार्टनर के साथ आज मुलाकात करने और मन की बात साझा करने का खूबसूरत अवसर मिलेगा। आपका संतुलित खान-पान और नियमित योग की दिनचर्या आपको पूरे दिन पूरी तरह स्वस्थ, तरोताजा और ऊर्जावान बनाए रखेगी।अचूक उपाय: आज रविवार को मां लक्ष्मी और नारायण की कृपा पाने के लिए 'श्री सूक्त' और 'पुरुष सूक्त' का पाठ अवश्य करें।वृश्चिक राशि (Scorpio) - 28 जून 2026आज का दिन: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए आज का दिन भाग्य का पूरा साथ लेकर आया है। आज आपको करियर और व्यक्तिगत जीवन में कई तरह के शानदार सुअवसर मिलेंगे, जिनका आपको बिना समय गंवाए उचित लाभ उठाना चाहिए। आज किसी असहाय या जरूरतमंद व्यक्ति की गुप्त सहायता करना आपको अत्यधिक आत्मिक और मानसिक खुशी देगा।सावधानी व बिजनेस: आज बाजार में ऑनलाइन या ऑफलाइन शॉपिंग करते समय आपके साथ कोई वित्तीय धोखाधड़ी (Fraud) या ठगी हो सकती है, इसलिए बिल और सामान की जांच अच्छी तरह कर लें। घर के वरिष्ठ और अनुभवी लोगों द्वारा दी गई सलाह को नजरअंदाज करने की भूल बिल्कुल न करें। बिजनेस में किसी नई योजना या प्रोडक्ट को लॉन्च करने के लिए समय पूरी तरह से अनुकूल है। हालांकि, नौकरीपेशा लोग आज ऑफिस में काम के अतिरिक्त बोझ (Workload) और पेंडिंग फाइलों की वजह से थोड़े परेशान और तनावग्रस्त रह सकते हैं।पारिवारिक जीवन व सेहत: किसी बेहद अनुभवी व्यक्ति की सलाह से आज परिवार की कोई बड़ी उलझन या मांगलिक कार्य आसानी से हल हो जाएगा। प्रेम संबंधों (Love Life) के मामले में आज आप खुद को बेहद भाग्यशाली महसूस करेंगे, पार्टनर से कोई खूबसूरत सरप्राइज मिल सकता है। आज आपकी खुद की लापरवाही (जैसे समय पर खाना न खाना या कम पानी पीना) की वजह से स्वास्थ्य संबंधी कोई पुरानी परेशानी दोबारा उभर सकती है।अचूक उपाय: घर की बहन-बेटियों और बुआ का दिल से सम्मान करें और आज उन्हें यथासंभव अपनी इच्छा से कुछ न कुछ उपहार या मिठाई जरूर दें।धनु राशि (Sagittarius) - 28 जून 2026आज का दिन: धनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन अपनी पुरानी और ढर्रे पर चल रही जीवनशैली (Lifestyle) में कुछ सकारात्मक बदलाव लाने का है। पिछले कई दिनों से चल रही काम की अत्यधिक व्यस्तता से आज आपको थोड़ी राहत मिलेगी और आप खुद के लिए समय निकाल पाएंगे।सावधानी व बिजनेस: आज के दिन आपको सलाह दी जाती है कि केवल हवा में योजनाएं बनाने के बजाय, उन्हें तुरंत क्रियान्वित (Execute) भी करते जाएं, वरना मौके हाथ से निकल सकते हैं। आपका अति-आत्मविश्वास (Overconfidence) आज आपके बनते हुए कार्यों में अचानक कोई बड़ी बाधा या विघ्न डाल सकता है, इसलिए जमीन पर रहकर काम करें। प्रॉपर्टी और रियल एस्टेट से संबंधित व्यवसाय करने वाले जातकों के लिए आज का दिन बंपर मुनाफा लेकर आ सकता है, कोई महत्वपूर्ण डील फाइनल होने के योग हैं। नौकरीपेशा लोगों को आज अचानक किसी प्रोजेक्ट में देरी होने से सीनियर्स की डांट सुननी पड़ सकती है।पारिवारिक जीवन व सेहत: परिवार के सदस्यों के बीच बेहतर तालमेल, प्रेम और आपसी सामंजस्य बना रहेगा, जिससे घर का माहौल शांत रहेगा। शाम को पुराने और खास मित्रों से मुलाकात होगी। सेहत के लिहाज से आज ज्यादा गैस, बादी या तली-भुनी चीजों को खाने से पूरी तरह परहेज करें, पेट खराब हो सकता है।अचूक उपाय: संकटमोचन हनुमान जी का ध्यान करें और यदि संभव हो तो आज के दिन 'हनुमान चालीसा' के लगातार 7 पाठ करें।मकर राशि (Capricorn) - 28 जून 2026आज का दिन: मकर राशि के जातकों के लिए आज का दिन सूझबूझ से आगे बढ़ने का है। यदि रिश्तेदारों या पड़ोसियों के साथ कोई पुराना मनमुटाव चल रहा था, तो आज उसे बैठकर सुलझा लेना ही समझदारी होगी, ऐसा करने से आप भविष्य की किसी बड़ी कानूनी या सामाजिक समस्या से बच जाएंगे। जो छात्र प्रोफेशनल स्टडीज या किसी उच्च शिक्षा के लिए प्रयास कर रहे हैं, उन्हें आज कोई बड़ी सफलता मिल सकती है।सावधानी व बिजनेस: आज व्यर्थ की सुख-सुविधाओं और बाहरी गतिविधियों में अत्यधिक धन खर्च होने की वजह से आपका मन थोड़ा परेशान और चिंतित रह सकता है। कोई भी बड़ा व्यक्तिगत निर्णय लेते समय दिल की भावनाओं और दिमाग के तर्क में सही संतुलन बनाकर रखें। बिजनेस में आज खुद की काबिलियत साबित करने के लिए आपको सामान्य से अधिक मेहनत और संघर्ष करने की जरूरत है। नौकरीपेशा जातकों को आज किसी प्रोजेक्ट की डेडलाइन चूकने के कारण उच्च अधिकारियों की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है।पारिवारिक जीवन व सेहत: इतनी व्यस्तता के बावजूद शाम को घर लौटने पर आपको एक बेहद सुकून भरा और शांतिपूर्ण माहौल मिलेगा। लव पार्टनर के साथ आज मुलाकात करने और कहीं बाहर डिनर पर जाने का अवसर मिलेगा। अत्यधिक प्रदूषण और धूल-मिट्टी की वजह से आज त्वचा (Skin) से संबंधित कोई इन्फेक्शन या एलर्जी परेशान कर सकती है, सफ़ाई का ध्यान रखें।अचूक उपाय: बेजुबान जीव-जंतुओं और आवारा कुत्तों के लिए भोजन तथा पानी की व्यवस्था करें, मानसिक शांति मिलेगी।कुंभ राशि (Aquarius) - 28 जून 2026आज का दिन: कुंभ राशि के जातकों के लिए आज का दिन आर्थिक मोर्चे पर काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। यदि आप बैंक से लोन लेने, कहीं बड़ा निवेश करने या पैसों के लेन-देन से जुड़ा कोई खास निर्णय लेना चाहते हैं, तो आज का समय उसके लिए पूरी तरह अनुकूल और लाभदायक है। अपनी रोज की एक जैसी दिनचर्या में कुछ नयापन लाने की आपकी कोशिश आज आपकी मानसिक और शारीरिक थकान को पूरी तरह दूर कर देगी।सावधानी व बिजनेस: आज किसी भी अपरिचित या नए बने दोस्त पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और न ही अपने घर या पैसों से जुड़ी कोई विशेष जानकारी उनके साथ साझा करें। किराएदारी या लीज से जुड़े मामलों में आज किसी बात को लेकर वाद-विवाद की स्थिति बन रही है, शांत रहें। कारोबारियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी व्यावसायिक कार्यप्रणाली और आगामी डील्स को पूरी तरह सीक्रेट (गुप्त) रखें, लीक होने का खतरा है। ऑफिस में सहकर्मियों के बीच कुछ अंदरूनी राजनीति जैसा माहौल रहेगा, खुद को इन सब से दूर रखें।पारिवारिक जीवन व सेहत: काम की अत्यधिक व्यस्तता और तनाव की वजह से आज आप अपने परिवार और बच्चों को पर्याप्त समय नहीं दे पाएंगे, जिससे जीवनसाथी थोड़ा नाराज हो सकता है। प्रेम संबंधों में सावधानी बरतें, वरना आज लव लाइफ घर वालों के सामने उजागर हो सकती है। किसी भी प्रकार का दुर्व्यसन (गलत आदतें या नशा) आज आपकी सेहत को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकता है।अचूक उपाय: प्रातः काल स्नान के बाद उदित होते सूर्य भगवान के दर्शन करें, उन्हें अर्घ्य दें और कुछ समय धूप में अवश्य बिताएं।मीन राशि (Pisces) - 28 जून 2026आज का दिन: मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन बेहद शानदार और मान-सम्मान में वृद्धि कराने वाला रहेगा। आज लोग आपके आकर्षक व्यक्तित्व, बातचीत की शैली और कुशल कार्यप्रणाली से अत्यधिक प्रभावित होंगे। बच्चों की शिक्षा या करियर से जुड़ी किसी बड़ी समस्या को सुलझाने में आज आपका महत्वपूर्ण और सराहनीय योगदान रहेगा।सावधानी व बिजनेस: यात्रा करते समय या भीड़भाड़ वाली जगह पर अपनी कीमती वस्तुओं, मोबाइल और पर्स की संभाल खुद ही करें, चोरी या गुम होने की आशंका है। घर में आज किसी अनचाहे संबंधी या मेहमान के अचानक आ जाने से आपके कुछ बेहद महत्वपूर्ण ऑफिशियल कार्य बीच में ही रुक सकते हैं। जो जातक कला, फैशन, डिजाइनिंग, ग्लैमर, मीडिया या मनोरंजन के क्षेत्र से जुड़े व्यवसाय में हैं, उन्हें आज बंपर मुनाफा होने के योग हैं। नौकरीपेशा लोग आज ऑफिस की जरूरी फाइलें अथवा पेपर वर्क को समय रहते पूरा कर लें, लापरवाही भारी पड़ सकती है।पारिवारिक जीवन व सेहत: दांपत्य जीवन (Married Life) सुखद और सौहार्दपूर्ण बना रहेगा, जीवनसाथी का हर मोड़ पर सहयोग मिलेगा। विपरीत लिंगी मित्रों (अपोजिट जेंडर फ्रेंड्स) के साथ व्यवहार करते समय अपनी मर्यादा और सामाजिक सीमाओं का विशेष ध्यान रखें। स्वास्थ्य के लिहाज से आज यूरिन इन्फेक्शन, पेट के निचले हिस्से में दर्द अथवा सूजन की समस्या परेशान कर सकती है, प्रचुर मात्रा में पानी पिएं और डॉक्टर से सलाह लें।अचूक उपाय: आज रास्ते में चलते समय यदि कोई भी सफाई कर्मचारी या जरूरतमंद व्यक्ति मिले, तो उसे अपनी श्रद्धा अनुसार कुछ धन या अनाज का दान अवश्य दें।
रामायण काल में रावण की सोने की लंका के वैभव, ऐश्वर्य और अकल्पनीय चमक-दमक की चर्चा पूरी दुनिया में थी। महाकवि वाल्मीकि द्वारा रचित 'वाल्मीकि रामायण' के सुंदरकांड के चौथे सर्ग में इस भव्य नगरी का बेहद जीवंत, सुंदर और प्रामाणिक वर्णन मिलता है। जब माता सीता की खोज में लंका पहुंचे महाबली हनुमान ने नगर रक्षक लंकिनी को परास्त कर लंका में कदम रखा, तो वहां का अलौकिक नजारा देखकर वे स्वयं आश्चर्यचकित रह गए।हीरे-जवाहरात से जड़े महल और राक्षस करते थे वेदमंत्रों का पाठवाल्मीकि रामायण के अनुसार, त्रिकूट पर्वत के विशाल शिखर पर बसी यह नगरी कला और वास्तुकला का बेजोड़ नमूना थी। इसके भव्य महलों के झरोखे और खिड़कियां कीमती हीरों और मणियों से जड़े हुए थे। जहां एक तरफ राजमार्गों पर रावण की जय-जयकार की गूंज थी, वहीं दूसरी तरफ लंका का एक और आध्यात्मिक पहलू भी था। लंका के कई घरों में राक्षस नियमित रूप से वेदमंत्रों का सस्वर पाठ और स्वाध्याय (अध्ययन) कर रहे थे। सुरक्षा के लिहाज से लंका अभेद्य थी; केवल इसके मध्य भाग की सुरक्षा के लिए ही एक लाख से अधिक आधुनिक हथियारों से लैस चुनिंदा सैनिकों की भारी-भरकम फौज हर वक्त तैनात रहती थी।कैसा था रावण का सात मंजिला मुख्य राजमहल?ग्रंथ में दर्ज अद्भुत जानकारियों के मुताबिक, रावण का मुख्य राजमहल सात मंजिला ऊंचा था, जिसकी बाहरी दीवारें शुद्ध सोने की मोटी परतों से ढकी हुई थीं। महल के प्रांगण में हनुमान जी ने बेशकीमती रथों, हाथियों, उत्तम नस्ल के घोड़ों और रत्नजड़ित पालकियों का विशाल अंबार देखा। राजमहल के भीतर ही सुंदर चित्रशालाएं (Art Galleries), मनोरंजन के लिए खेल के मैदान और कलात्मक सोने की मूर्तियां सजी हुई थीं, जो रावण की समृद्ध कलात्मक रुचि को दर्शाती थीं।कुबेर का दिव्य पुष्पक विमान, जो चलता था मन की गति सेइसी महल के विशाल परिसर में धनपति कुबेर से छीना गया ऐतिहासिक और दिव्य 'पुष्पक विमान' खड़ा था। इस विमान का निर्माण देवताओं के परम शिल्पी विश्वकर्मा ने स्वयं ब्रह्मा जी के लिए किया था। पूर्ण रूप से सोने और दुर्लभ मणियों से निर्मित इस विमान की आभा सूर्य के समान देदीप्यमान थी। इस विमान की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि यह चालक के मन की गति (इच्छाशक्ति) से हवा में उड़ता था और इसकी अद्भुत बनावट देवलोक के श्रेष्ठ विमानों को भी मात देती थी।रावण के अंतःपुर में पहुंचे हनुमान: मणियों के पलंग पर सोया था लंकापतिस्वर्ग जैसा नजारा: माता सीता को खोजते हुए जब पवनपुत्र हनुमान रावण के अंतःपुर (शयनकक्ष) में दाखिल हुए, तो उन्हें एक पल के लिए साक्षात स्वर्गलोक में आने का अहसास हुआ। कक्ष के फर्श पर एक अत्यंत मूल्यवान और विशाल कालीन बिछा हुआ था।मणियों का पलंग: रावण जिस पलंग पर विश्राम कर रहा था, वह स्फटिक मणियों की एक ऊंची वेदी पर स्थापित था। इस पलंग की नक्काशी में हाथी दांत, शुद्ध सोना और बहुमूल्य वैदूर्यमणि जड़ी हुई थी। पलंग के शीर्ष पर एक सफेद रंग का राजकीय दिव्य छत्र लगा था और पूरे शयनकक्ष में दुर्लभ सुगंधित इत्र की महक फैली हुई थी।रावण का नियम: वाल्मीकि रामायण में इस बात का स्पष्ट उल्लेख मिलता है कि महापराक्रमी होने के बावजूद रावण अपनी शक्ति के बल पर किसी भी स्त्री को उसकी मर्जी के बिना स्पर्श नहीं करता था।मंदोदरी को देखकर हनुमान जी को हुआ भ्रम, फिर पहुंचे मद्यशालाउसी भव्य शयनकक्ष में हनुमान जी ने एक अत्यंत सुंदर पलंग पर सो रही लंका की महारानी मंदोदरी को देखा। मंदोदरी का रूप और आभा इतनी अलौकिक थी कि एक क्षण के लिए हनुमान जी को भ्रम हो गया कि शायद यही माता सीता हैं। परंतु अगले ही पल उनके विवेक ने काम किया और उन्होंने सोचा कि श्री राम के वियोग में व्याकुल माता सीता कभी भी रावण के ऐश्वर्यशाली महल में इतनी निश्चिंतता से नहीं सो सकतीं। इसके बाद वे महल की मद्यशाला (रसोई और मधुशाला) में गए, जहां विभिन्न प्रकार के उत्तम व्यंजन, मांस और मदिरा के पात्र भरे हुए थे। वहां पराई स्त्रियों को सोती हुई अवस्था में देखकर हनुमान जी के मन में धार्मिक संकोच और पाप का भय भी आया, लेकिन उन्होंने स्वयं को ढांढस बंधाया कि उनके मन में कोई वासना या गलत विचार नहीं था।अशोक वाटिका में मिला एक हजार खंभों का स्वर्ण मंदिर, जहां मिलीं माता सीताराजमहल के भीतर माता सीता का कोई सुराग न मिलने पर हनुमान जी अंततः 'अशोक वाटिका' की ओर बढ़े। वाल्मीकि रामायण के अनुसार, यह वाटिका देवराज इंद्र के 'नंदन वन' से भी कहीं अधिक सुंदर और मनमोहक थी। यहां हर मौसम में खिलने वाले फूलों और रसीले फलों से लदे अनगिनत वृक्ष थे और मीठे पानी के सरोवर खिले हुए कमलों से पटे पड़े थे। इसी वाटिका के ठीक मध्य में हनुमान जी को एक विशाल चैत्य प्रासाद (भव्य मंदिर) दिखाई दिया।इस मंदिर की भव्यता देखते ही बनती थी; इसमें एक हजार खंभे लगे थे, इसकी सीढ़ियां कीमती मूंगे (Coral) से बनी थीं और इसकी वेदियां शुद्ध सोने से मढ़ी हुई थीं। इसी दिव्य मंदिर के नीचे एक वृक्ष के पास हनुमान जी ने अत्यंत दयनीय, उपवास से क्षीण लेकिन परम पवित्र अवस्था में बैठी माता सीता को पहचान लिया। वाल्मीकि रामायण का यह पूरा वृत्तांत अकाट्य रूप से सिद्ध करता है कि रावण की लंका का वैभव सचमुच अद्वितीय और ऐतिहासिक था।
खगोल विज्ञान (Astronomy) के साथ-साथ सनातन धर्म और वैदिक ज्योतिष में ग्रहण की घटना को बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील माना जाता है। साल 2026 में लगने वाले कुल चार ग्रहणों में से दो ग्रहण पहले ही लग चुके हैं। वहीं, साल के बाकी बचे 2 बड़े ग्रहण अगस्त महीने में लगने जा रहे हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, ये दोनों ही ग्रहण महज 15 दिनों के अंतराल पर दो बेहद खास हिंदू तिथियों पर लग रहे हैं, जिनका धार्मिक दृष्टिकोण से बहुत बड़ा महत्व है। इस खगोलीय संयोग को लेकर आम जनता और श्रद्धालुओं के बीच त्योहारों की पवित्रता को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।6 घंटे तक चलेगा वलयाकार सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण में 96% हिस्सा होगा अदृश्यअगस्त 2026 में लगने वाला सूर्य ग्रहण एक 'वलयाकार सूर्य ग्रहण' (Annular Solar Eclipse) होगा, जिसकी कुल अवधि लगभग 6 घंटे की रहने वाली है। ठीक इसके 15 दिन बाद साल का आखिरी और दूसरा चंद्र ग्रहण लगेगा, जो कि आंशिक चंद्र ग्रहण (Partial Lunar Eclipse) होगा। इस खगोलीय घटना के दौरान चंद्रमा का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की घनी छाया (Umbra) से पूरी तरह ढंक जाएगा, जिसके कारण केवल कुछ आंशिक हिस्से में ही चांद की रोशनी दिखाई देगी।हरियाली अमावस्या पर सूर्य ग्रहण का साया: क्या प्रभावित होगी बाबा भोलेनाथ की पूजा?तारीख और समय: साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगने जा रहा है। भारतीय समयानुसार (IST) यह ग्रहण 12 अगस्त की रात को करीब 09 बजकर 04 मिनट पर शुरू होगा और अगले दिन यानी 13 अगस्त की सुबह 04 बजकर 25 मिनट पर समाप्त होगा।धार्मिक संयोग: हिंदू पंचांग के अनुसार, इस दिन सावन या श्रावण मास की अमावस्या तिथि है, जिसे देश भर में 'हरियाली अमावस्या' के नाम से जाना जाता है। इस पावन तिथि पर भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना, वृक्षारोपण और पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण-दान करने का विधान है।सूतक काल का नियम: चूंकि यह सूर्य ग्रहण पूरी तरह से रात के समय लगेगा, इसलिए यह भारत में विजिबल (दृश्यमान) नहीं होगा। शास्त्रों के नियम के अनुसार, जो ग्रहण जहां दिखाई नहीं देता, वहां उसका कोई सूतक काल (Sutak Kaal) मान्य नहीं होता है। अतः हरियाली अमावस्या के पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों में कोई व्यवधान नहीं आएगा और लोग शांतिपूर्वक पूजा कर सकेंगे।रक्षाबंधन के दिन चंद्र ग्रहण का साया, बहनें भाई को किस समय बांधेंगी राखी?तारीख और समय: साल 2026 का आखिरी और दूसरा चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को लगेगा। यह ग्रहण सुबह 06 बजकर 53 मिनट पर प्रारंभ होगा और दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर समाप्त होगा।धार्मिक संयोग: पंचांग के अनुसार, 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा है, जिसे सावन महीने का आखिरी दिन माना जाता है। इसी पावन तिथि पर भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक 'रक्षाबंधन' (Raksha Bandhan) का त्योहार बड़े उल्लास से मनाया जाता है।सूतक काल का नियम: यह चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार पूरी तरह दिन के उजाले में घटित होगा। सूर्य की तेज रोशनी के कारण यह आंशिक चंद्र ग्रहण भारत के आसमान में दिखाई नहीं देगा। भारत में अदृश्य रहने के कारण इसका भी सूतक काल प्रभावी नहीं होगा। इसलिए बहनें बिना किसी संशय या भद्रा-ग्रहण के डर के पूरे दिन अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र (राखी) बांध सकेंगी।ज्योतिषियों की राय: भारत के बाहर दिखेगा ग्रहण, देश में चिंता की जरूरत नहींविभिन्न ज्योतिषाचार्यों और पंचांग गणनाओं के अनुसार, साल 2026 के ये दोनों आगामी ग्रहण यूरोप, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका और अटलांटिक महासागर जैसे वैश्विक क्षेत्रों में साफ नजर आएंगे। भारत में इनका कोई भौगोलिक या धार्मिक प्रभाव नहीं होने के कारण मंदिरों के कपाट बंद नहीं किए जाएंगे और न ही दैनिक दिनचर्या पर कोई पाबंदी रहेगी। हालांकि, खगोलीय घटनाओं में रुचि रखने वाले लोगों के लिए अगस्त का महीना बेहद रोमांचक होने वाला है, क्योंकि उन्हें 15 दिनों के भीतर दो बड़े आकाशीय नजारे देखने को मिलेंगे।
इजराइल-लेबनान समझौते पर हिजबुल्ला का विरोध, कहा- निरस्त्रीकरण मंजूर नहीं, लड़ाई रहेगी जारी
हिजबुल्ला के नेता ने शनिवार को उस समझौते की रूपरेखा की आलोचना की जिस पर इजराइल और लेबनान ने एक दिन पहले हस्ताक्षर किए थे। यह समझौता ईरान समर्थित चरमपंथी संगठन हिजबुल्ला और इजराइल के बीच कई महीने से जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए किया गया है लेकिन ...
पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में शनिवार रात बड़ा आतंकी हमला हुआ। आतंकवादियों ने सिंध रेंजर्स के भिट्टाई विंग मुख्यालय पर हमला बोल दिया। इसके बाद करीब 90 मिनट तक चली भीषण मुठभेड़ में 6 आतंकवादी मार गिराए गए। सुरक्षा बलों ने एक घायल आतंकवादी को ...
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। रविवार तड़के ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसकी नौसेना और एयरोस्पेस फोर्स ने संयुक्त अभियान चलाकर कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ...
पॉलिएस्टर को लेकर चिंताओं के बीच असम सरकार ने स्कूल यूनिफॉर्म पॉलिसी के बारे में जानकारी दी
असम के शिक्षा मंत्री रानोज पेगू ने कहा कि राज्य सरकार स्कूल यूनिफॉर्म की खरीद के समय कड़े नियमों का पालन करती है और यह पक्का करने के लिए लैब टेस्ट करवाती है कि पॉलिएस्टर और कॉटन का मिश्रण तय मानकों के अनुसार हो
पुणे के चर्चित रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी की क्रूरता का चेहरा सामने आता जा रहा है। केतन के पिता विशाल अग्रवाल द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर ने इस केस में नए मोड़ ला दिए हैं। एफआईआर के मुताबिक, सिया का व्यवहार लंबे समय से असामान्य था। वह छोटी-छोटी बातों पर केतन से झगड़ती थी और गुस्से में हिंसक हो जाती थी। केतन ने खुद अपने परिवार को बताया था कि सिया के मिजाज में लगातार बदलाव आ रहे हैं।बाली ट्रिप कैसे बनी साजिश का मोहरा? एफआईआर में खुलासा हुआ है कि सिया ने केतन और उसके परिवार के साथ होने वाली बाली की इंडोनेशिया ट्रिप को जानबूझकर बाधित किया था। जब केतन ने 4 जून को सिया को लोहगढ़ ले जाने से मना किया, तो वह बुरी तरह भड़क गई। गुस्से में उसने केतन का पासपोर्ट ही छिपा दिया, जिससे पूरी ट्रिप रद्द करनी पड़ी। परिवार का आरोप है कि सिया लोहगढ़ किले को ही अपनी साजिश का अड्डा बनाना चाहती थी, इसीलिए वह लगातार केतन पर वहां चलने का दबाव डाल रही थी। 14 जून को जब वह पहली बार नाकाम रही और केतन बाल-बाल बच गया, तो उसने अपने जन्मदिन का 'बर्थडे ट्रैक' बहाना बनाकर दोबारा उसे फंसाने की साजिश रची।जन्मदिन के बहाने रची मौत की बिसात सिया ने 17 जून की रात केतन और उसकी मां को फोन कर लोहगढ़ चलने के लिए राजी किया। केतन की मां के इनकार करने के बावजूद सिया की जिद के आगे परिवार को झुकना पड़ा। अगले दिन 18 जून को केतन अपनी कार से सिया को लेकर लोहगढ़ पहुंचा, और कुछ ही घंटों बाद परिवार को वह मनहूस फोन आया कि केतन खाई में गिर गया है। केतन के पिता का आरोप है कि सिया और चेतन ने केतन को इसलिए रास्ते से हटाया क्योंकि वह उनके कथित प्रेम संबंधों की सच्चाई के करीब पहुंच रहा था। शाही शादी और भव्य प्री-वेडिंग प्लान के बीच हुए इस हत्याकांड ने केतन के परिवार को झकझोर कर रख दिया है।इंसाफ की गुहार: फांसी की सजा की मांग अपने 26 वर्षीय बेटे को खोने के बाद केतन का परिवार अब न्याय की गुहार लगा रहा है। शुक्रवार को स्थानीय लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर केतन को श्रद्धांजलि दी। केतन के पिता का दर्द शब्दों में बयां नहीं हो सकता, जिन्होंने बहू लाने की तैयारी की थी, लेकिन बदले में बेटे की अर्थी उठानी पड़ी। अब पुलिस सिया और चेतन को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए जांच में जुटी है, जबकि केतन का परिवार दोषियों के लिए फांसी की मांग पर अड़ा है।
भारत और पाकिस्तान के बीच पर्दे के पीछे चलने वाली गोपनीय बातचीत यानी 'ट्रैक 2 डिप्लोमेसी' (Track 2 Diplomacy) को लेकर देश के राजनीतिक और कूटनीतिक गलियारों में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर सोशल मीडिया से लेकर टीवी डिबेट्स तक हो रहे दावों और विवादों पर अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ नेता और प्रख्यात विचारक राम माधव ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। राम माधव ने इस पूरे घटनाक्रम को 'बेमतलब का विवाद' करार देते हुए इसके पीछे की जमीनी सच्चाई और असली हकीकत को देश के सामने रखा है। उनके इस बयान के बाद इस कूटनीतिक हलचल को लेकर चल रहे कई कयासों पर विराम लग गया है।क्या होती है ट्रैक 2 डिप्लोमेसी और इस पर क्यों मचा है घमासानदरअसल, पिछले कुछ दिनों से मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा था कि भारत और पाकिस्तान के पूर्व राजनयिक, सैन्य अधिकारी और बुद्धिजीवी किसी तीसरे देश में बैठकर दोनों मुल्कों के रिश्तों को सुधारने के लिए गुप्त वार्ता कर रहे हैं। इस खबर के बाहर आते ही विपक्ष और कई विश्लेषकों ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए कि एक तरफ सीमा पर तनाव है, तो दूसरी तरफ यह कैसी बातचीत हो रही है? इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए राम माधव ने कहा कि ट्रैक 2 डिप्लोमेसी कोई नई बात नहीं है। यह गैर-सरकारी स्तर पर होने वाली एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसमें दोनों देशों के एक्सपर्ट्स अकादमिक और रणनीतिक चर्चा करते हैं, और इसका सरकार की आधिकारिक नीति से सीधा कोई लेना-देना नहीं होता।राम माधव का बड़ा बयान, कहा- तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गयाराम माधव ने साफ लफ्जों में कहा कि इस पूरी कवायद को लेकर जानबूझकर एक ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की गई मानो भारत सरकार अपनी पुरानी नीति से पीछे हट रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का रुख आज भी पूरी तरह साफ और अडिग है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते। राम माधव के मुताबिक, कुछ तत्वों द्वारा इस अकादमिक सेमिनार या अनौपचारिक मुलाकात को एक बड़ा मुद्दा बनाकर पेश किया गया, जो कि पूरी तरह से बेबुनियाद है। इस तरह के संवादों का उद्देश्य केवल विचारों का आदान-प्रदान होता है, न कि किसी आधिकारिक समझौते पर मुहर लगाना।भारत-पाकिस्तान संबंधों की मौजूदा स्थिति और भविष्य का रास्ताजम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के हटने और सीमा पार से होने वाली आतंकी गतिविधियों के बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच आधिकारिक द्विपक्षीय बातचीत पूरी तरह से बंद है। नई दिल्ली ने हमेशा यह स्टैंड लिया है कि जब तक इस्लामाबाद अपनी धरती पर पल रहे आतंकी संगठनों के खिलाफ सख्त और ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक कोई औपचारिक वार्ता संभव नहीं है। राजनयिक विशेषज्ञों का मानना है कि राम माधव के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि अनौपचारिक स्तर पर चाहे जितने भी संवाद हो जाएं, लेकिन भारत सरकार अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के सिद्धांतों से कोई समझौता नहीं करने वाली है।
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी का एक ताजा लेख इस समय देश की सियासत का सबसे गर्म मुद्दा बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय हालातों, विशेष रूप से गाजा, फिलिस्तीन और ईरान के मानवीय संकट पर लिखे गए उनके इस लेख ने भारतीय राजनीति में एक नई बहस और तीखे बयानों के दौर को जन्म दे दिया है। सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कई सामाजिक संगठनों ने इस लेख को लेकर सोनिया गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लिया है। विपक्ष का सीधा आरोप है कि कांग्रेस अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर तो खुलकर बोलती है, लेकिन जब पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर अत्याचार होते हैं, तो वह 'सेलेक्टिव आउटरेज' (चुनिंदा आक्रोश) की नीति अपनाते हुए पूरी तरह मौन हो जाती है।गाजा और ईरान के संकट पर सोनिया गांधी ने लेख में क्या लिखाअपने लेख में सोनिया गांधी ने मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहे युद्ध और इसके कारण आम नागरिकों को होने वाली परेशानियों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने गाजा में हो रहे मानवाधिकारों के हनन और ईरान के मौजूदा राजनीतिक हालातों का जिक्र करते हुए वैश्विक समुदाय से शांति बहाली की अपील की। कांग्रेस नेता ने लिखा कि युद्ध कभी भी किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता और निर्दोष लोगों की जान बचाना हर लोकतांत्रिक देश की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उनके इस लेख को कांग्रेस के अंतरराष्ट्रीय रुख और मानवाधिकारों के प्रति उनकी संवेदनशीलता के तौर पर पेश किया गया, लेकिन घरेलू राजनीति में इसका बिल्कुल उल्टा असर देखने को मिला।बीजेपी का 'सेलेक्टिव आउटरेज' का आरोप, पूछा सबसे बड़ा सवाललेख के सामने आते ही बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने सोनिया गांधी पर चौतरफा हमला बोल दिया। बीजेपी नेताओं का कहना है कि सोनिया गांधी को गाजा और ईरान के नागरिकों का दर्द तो बखूबी दिखाई देता है, लेकिन भारत की सीमा से सटे बांग्लादेश में महीनों से प्रताड़ित हो रहे हिंदू भाई-बहनों की चीखें उन्हें सुनाई नहीं देतीं। सोशल मीडिया पर भी यह बहस तेज हो गई है कि जब बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद हिंदुओं के घरों, दुकानों और मंदिरों को निशाना बनाया जा रहा था, तब कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने इस स्तर पर कोई बड़ा लेख या कड़ा रुख क्यों नहीं अपनाया। इस दोहरे मापदंड को लेकर कांग्रेस अब पूरी तरह से बैकफुट पर नजर आ रही है।विदेशी कूटनीति बनाम घरेलू राजनीति का नया अखाड़ा बनी कांग्रेसराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सोनिया गांधी का यह लेख देश के भीतर एक खास वोट बैंक को साधने और वैश्विक स्तर पर अपनी एक लिबरल छवि बनाने की कोशिश का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, मौजूदा दौर की राष्ट्रवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ी राजनीति के बीच यह दांव कांग्रेस के लिए उल्टा पड़ता दिख रहा है। पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा जैसे बांग्लादेश सीमा से सटे राज्यों के स्थानीय नेताओं ने भी इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि जो पार्टी अपने पड़ोसी मुल्क में सनातनियों पर हो रहे अत्याचारों पर खुलकर स्टैंड नहीं ले सकती, उसका सुदूर मध्य पूर्व के देशों के लिए विलाप करना केवल और केवल एक राजनीतिक ढोंग के अलावा कुछ नहीं है।
भारत आएंगे डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने किया तारीख का बड़ा खुलासा!
वैश्विक कूटनीति और भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से एक बेहद बड़ी और धमाकेदार खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) जल्द ही भारत के आधिकारिक दौरे पर आ रहे हैं। इस बात की आधिकारिक पुष्टि किसी और ने नहीं, बल्कि खुद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) ने एक हाई-लेवल प्रेस ब्रीफिंग में की है। वाशिंगटन से आई इस खबर के बाद नई दिल्ली के गलियारों में हलचल तेज हो गई है। मार्को रुबियो ने न केवल ट्रंप के इस दौरे पर मुहर लगाई, बल्कि रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण इस भारत यात्रा की संभावित तारीखों का भी एलान कर दिया है, जिसे लेकर दोनों देशों के राजनयिक तैयारियों में जुट गए हैं।अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्या कहा और क्या है पूरा शेड्यूलअमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप भारत के साथ अपने बेहद करीबी और मजबूत रिश्तों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए उत्सुक हैं। व्हाइट हाउस द्वारा तैयार किए जा रहे शुरुआती शेड्यूल के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप का यह भारत दौरा आगामी महीनों में बेहद भव्य तरीके से आयोजित किया जाएगा। रुबियो ने संकेत दिया कि द्विपक्षीय वार्ताओं (Bilateral Talks) और रक्षा समझौतों को अंतिम रूप देने के लिए दोनों देशों की कोर टीमें लगातार संपर्क में हैं। ट्रंप की इस यात्रा के दौरान नई दिल्ली के साथ-साथ भारत के किसी अन्य प्रमुख ऐतिहासिक या औद्योगिक शहर में एक मेगा इवेंट भी आयोजित किया जा सकता है।डिफेंस डील और चीन की घेराबंदी पर होगी दोनों महाशक्तियों की नजरभू-राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह दौरा सिर्फ एक औपचारिक यात्रा नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरे रणनीतिक मायने छिपे हैं। हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific Region) में चीन के बढ़ते आक्रामक रुख को नियंत्रित करने के लिए भारत और अमेरिका का एक साथ आना बेहद जरूरी है। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई अरब डॉलर की अत्याधुनिक डिफेंस डील (Defense Deals), क्रिटिकल टेक्नोलॉजी शेयरिंग और व्यापारिक प्रतिबंधों को आसान बनाने वाले ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री के बीच होने वाली यह मुलाकात वैश्विक राजनीति की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगी।बिजनेस और वीजा नियमों को लेकर भारतीय आईटी सेक्टर को बड़ी उम्मीदेंट्रंप के भारत आने की खबर से भारतीय कॉरपोरेट जगत और आईटी (IT Sector) कंपनियों में भी भारी उत्साह देखा जा रहा है। भारतीय उद्योगपतियों को उम्मीद है कि इस द्विपक्षीय वार्ता में एच-1बी (H-1B Visa) नियमों में ढील और भारतीय उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ को लेकर कोई सकारात्मक बीच का रास्ता निकाला जा सकता है। ट्रंप के पिछले कार्यकाल में 'हाउडी मोदी' और 'नमस्ते ट्रंप' जैसे ऐतिहासिक आयोजनों ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था। अब देखना यह होगा कि ट्रंप का यह नया भारत दौरा दोनों देशों के व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को किस नए मुकाम पर लेकर जाता है।
यूएस एयरफोर्स (US Air Force) के एक बेहद सुरक्षित और प्रतिष्ठित मिलिट्री बेस से सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रबंधन में घोर लापरवाही का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) में हड़कंप मचा दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक, प्रबंधन की एक बेहद छोटी-सी चूक और अनदेखी के कारण एयरफोर्स के करीब 275 कैडेट्स अचानक एक साथ गंभीर रूप से बीमार हो गए। एक के बाद एक इतनी बड़ी संख्या में कैडेट्स के अस्पताल पहुंचने के बाद पूरे मिलिट्री बेस को हाई अलर्ट पर डाल दिया गया है और आंतरिक सुरक्षा एजेंसियां इस आपातकालीन स्थिति से निपटने में जुट गई हैं।मेस के खाने या पानी में गड़बड़ी से फैला फूड पॉइजनिंग का खतराशुरुआती जांच और मेडिकल रिपोर्टर के सूत्रों के हवाले से जो खबर आ रही है, उसके मुताबिक यह पूरा मामला गंभीर फूड पॉइजनिंग (Food Poisoning) या दूषित पानी की सप्लाई से जुड़ा हुआ है। एयरफोर्स एकेडमी के भीतर बने मुख्य मेस (Mess) में रात के भोजन के बाद कैडेट्स ने पेट में तेज दर्द, उल्टी और डिहाइड्रेशन की शिकायत की। देखते ही देखते कुछ ही घंटों के भीतर बीमार कैडेट्स का आंकड़ा 275 के पार पहुंच गया। बेस पर मौजूद मिलिट्री हॉस्पिटल के बेड छोटे पड़ गए, जिसके बाद आपातकालीन मेडिकल कैंप लगाकर इन जांबाज कैडेट्स का इलाज शुरू करना पड़ा।बायो-वेपन के एंगल से भी जांच में जुटी अमेरिकी खुफिया एजेंसियांचूंकि यह मामला सीधे तौर पर अमेरिकी वायुसेना के जवानों और उनकी सबसे सुरक्षित ट्रेनिंग एकेडमी से जुड़ा है, इसलिए प्रशासन इसे केवल एक सामान्य प्रशासनिक चूक मानकर नहीं चल रहा है। वाशिंगटन के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर सेना की स्पेशल इंटेलिजेंस विंग इस बात की भी गहनता से तफ्तीश कर रही है कि कहीं यह कोई सोची-समझी साजिश या 'बायो-वेपन' (Bio-Weapon) का गुप्त हमला तो नहीं है। बेस के पानी के मुख्य टैंकों और मेस में बचे हुए कच्चे राशन के सैंपल लेकर उन्हें हाई-टेक लैब्स में टेस्टिंग के लिए भेजा गया है ताकि बीमारी के सटीक बैक्टीरिया या वायरस का पता लगाया जा सके।मिलिट्री बेस पर बाहरी लोगों की एंट्री बैन, सुरक्षा प्रोटोकॉल सख्तइस घटना के बाद अमेरिकी एयरफोर्स बेस के कमांडिंग ऑफिसर ने पूरे परिसर को आंशिक रूप से लॉकडाउन (Lockdown) मोड पर डाल दिया है। अगले आदेश तक किसी भी बाहरी नागरिक, सप्लायर या विजिटर की एंट्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। बीमार हुए कैडेट्स की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में ट्रेनी सैनिकों के अचानक बीमार होने से अमेरिकी सेना की आंतरिक सुरक्षा और हाइजीन स्टैंडर्ड्स पर पूरी दुनिया में गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस चूक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कोर्ट-मार्शल की कार्रवाई भी की जा सकती है।
पंजाब को नशामुक्त बनाने और मुख्यधारा से भटक चुके युवाओं को वापस लाने के लिए सूबे की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने एक नई और अनूठी पहल की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के युवाओं के हौसले को बढ़ाने के लिए 'सूरमा मुहिम' (Surma Muhim) का भव्य आगाज किया है। इस अभियान के तहत उन युवाओं को सम्मानित किया जा रहा है जिन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से नशे के काले जाल को पूरी तरह से काट फेंका है। हालांकि, इस कल्याणकारी मुहिम की शुरुआत होते ही पंजाब की सियासत में एक नया भूचाल आ गया है। विपक्षी नेताओं, खासकर बीजेपी के केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इस पहल को लेकर मुख्यमंत्री पर सीधा और तीखा सियासी हमला बोला है।सीएम भगवंत मान ने युवाओं को बताया असली 'सूरमा', दिया खास तोहफा'सूरमा मुहिम' के उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान का एक बेहद भावुक और अलग अंदाज देखने को मिला। सीएम मान ने नशा छोड़ चुके दर्जनों युवाओं से न केवल मुलाकात की, बल्कि उनके संघर्ष की दास्तां सुनकर उनकी पीठ थपथपाई। मुख्यमंत्री ने इन युवाओं को समाज का असली 'सूरमा' (योद्धा) बताते हुए अपने हाथों से उन्हें एक खास अंगूठी पहनाई। भगवंत मान ने कहा कि नशा छोड़ना किसी जंग जीतने से कम नहीं है और ये युवा अब पंजाब के दूसरे भटके हुए युवाओं के लिए रोल मॉडल बनेंगे। सरकार इन युवाओं को रोजगार और समाज में सम्मान दिलाने के लिए हर संभव वित्तीय और सामाजिक मदद मुहैया कराएगी।रवनीत बिट्टू का पलटवार, सरकार की नीति और नीयत पर उठाए गंभीर सवालइस भावुक मुहिम पर पंजाब की राजनीति तब गरमा गई जब केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इस आयोजन को महज एक 'पब्लिसिटी स्टंट' करार दे दिया। बिट्टू ने सीएम भगवंत मान पर तंज कसते हुए कहा कि सिर्फ अंगूठी पहनाने या स्टेज पर फोटो खिंचवाने से पंजाब से नशा खत्म नहीं होने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार जमीन पर नशा तस्करों (Drug Smugglers) को पकड़ने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है और अब अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए ऐसे आयोजनों का सहारा ले रही है। बिट्टू के इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों में 'आप' और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।पंजाब में नशामुक्ति की जमीनी हकीकत और 'सूरमा' अभियान का भविष्यभौगोलिक और रणनीतिक रूप से सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब लंबे समय से सीमा पार से होने वाली ड्रग्स तस्करी की समस्या से जूझ रहा है। स्थानीय प्रशासन और पंजाब पुलिस लगातार नशामुक्ति केंद्रों (De-addiction Centers) के जरिए युवाओं को सुधारने का प्रयास कर रहे हैं। 'सूरमा मुहिम' का मुख्य उद्देश्य समाज में नशा छोड़ चुके लोगों के प्रति नजरिए को बदलना है ताकि उन्हें हीन भावना का सामना न करना पड़े। अब देखना यह होगा कि विपक्ष के भारी विरोध और तीखे बयानों के बीच भगवंत मान सरकार की यह 'अंगूठी वाली राजनीति' पंजाब के युवाओं को कितनी नई दिशा दे पाती है और आगामी चुनावों में इसका क्या असर पड़ता है।
भीषण गर्मी और मैदानी इलाकों की उमस से राहत पाने के लिए जब भी खूबसूरत हिल स्टेशन्स (Hill Stations) की बात आती है, तो उत्तर भारत के लोगों के दिमाग में हिमाचल या उत्तराखंड का नाम आता है। वहीं, दक्षिण भारत की बात छिड़ते ही लोग केरल के मुन्नार या कर्नाटक के कुर्ग की वादियों को याद करने लगते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भौगोलिक और आधिकारिक आंकड़ों के लिहाज से दक्षिण भारत के किस राज्य में सबसे ज्यादा हिल स्टेशन्स मौजूद हैं? अगर आपका जवाब भी केरल या कर्नाटक है, तो आपको अपनी जनरल नॉलेज दुरुस्त करने की जरूरत है। दक्षिण भारत में पहाड़ों का असली राजा कोई और नहीं, बल्कि तमिलनाडु (Tamil Nadu) राज्य है, जहां प्रकृति ने अपने सौंदर्य का सबसे बड़ा खजाना लुटाया है।ऊटी और कोडैकनाल जैसे वैश्विक पर्यटन केंद्रों का गढ़ है तमिलनाडुतमिलनाडु को दक्षिण भारतीय संस्कृति का केंद्र तो माना ही जाता है, लेकिन यह राज्य अपने विशाल और मंत्रमुग्ध कर देने वाले पहाड़ी क्षेत्रों के लिए भी पूरी दुनिया में मशहूर है। नीलगिरी और अन्नामलाई की पहाड़ियों से घिरे इस राज्य में हिल स्टेशन्स की एक लंबी फेहरिस्त है। 'हिल स्टेशन्स की रानी' कहा जाने वाला ऊटी (Ooty/Udhagamandalam) और 'हिल स्टेशन्स की राजकुमारी' के नाम से विख्यात कोडैकनाल (Kodaikanal) इसी राज्य की शान हैं। पश्चिमी और पूर्वी घाट के मिलन स्थल पर बसे होने के कारण तमिलनाडु के पास एक अनूठा भौगोलिक लाभ है, जो इसे दक्षिण का सबसे बड़ा पर्वतीय पर्यटन राज्य बनाता है।केरल और कर्नाटक क्यों रह गए इस रेस में पीछेअक्सर लोग हरियाली और बैकवाटर्स के कारण केरल को नंबर वन मान लेते हैं। बेशक केरल के वायनाड, मुन्नार और वागामोन बेहद खूबसूरत हैं, और कर्नाटक का कुर्ग (Chikkamagaluru & Coorg) अपने कॉफी बागानों के लिए जाना जाता है, लेकिन जब बात कुल हिल स्टेशन्स की संख्या और उनके फैलाव की आती है, तो तमिलनाडु बाजी मार लेता है। तमिलनाडु में न सिर्फ ऊटी और कोडैकनाल हैं, बल्कि येरकौड (Yercaud), येलागिरी (Yelagiri), कोली हिल्स (Kolli Hills), कोटगिरी (Kotagiri) और कूनूर (Coonoor) जैसे दर्जनों ऐसे हिल स्टेशन्स हैं जो बजट फ्रेंडली होने के साथ-साथ पर्यटकों को एक शांत और प्रदूषण मुक्त माहौल देते हैं।दक्षिण के इस 'पहाड़ों के राजा' की क्या है सबसे बड़ी खासियततमिलनाडु के हिल स्टेशन्स की सबसे खास बात यह है कि यहां साल भर मौसम बेहद सुहावना रहता है। यहां के चाय और नीलगिरी के तेल के बागान, ब्रिटिश काल की वास्तुकला, टॉय ट्रेन और प्राचीन झीलें पर्यटकों को एक अलग ही दुनिया का अहसास कराती हैं। यदि आप भी इस सीजन में दक्षिण भारत की यात्रा की योजना बना रहे हैं और भीड़भाड़ से दूर किसी शांत वादी में वक्त बिताना चाहते हैं, तो तमिलनाडु के ऑफबीट हिल स्टेशन्स जैसे कोली हिल्स या येरकौड आपके लिए सबसे बेहतरीन और यादगार विकल्प साबित हो सकते हैं।
रचिन रवींद्र का धमाका, इंग्लैंड के खिलाफ न्यूजीलैंड की बढ़त 204 रन, तीसरे दिन का रोमांच
इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच चल रहे रोमांचक टेस्ट मैच का तीसरा दिन पूरी तरह से कीवी टीम के नाम रहा। मैच के तीसरे दिन न्यूजीलैंड के युवा और प्रतिभाशाली बल्लेबाज रचिन रवींद्र (Rachin Ravindra) ने अपनी शानदार फॉर्म को जारी रखते हुए एक बेहतरीन अर्धशतकीय पारी खेली। रचिन की इस सधी हुई और आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत न्यूजीलैंड ने दूसरी पारी में इंग्लैंड के गेंदबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया और मैच पर अपनी पकड़ बेहद मजबूत कर ली है। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड के खिलाफ 204 रनों की एक बड़ी और निर्णायक बढ़त (Lead) हासिल कर ली है, जिसने इस टेस्ट मैच को बेहद रोमांचक मोड़ पर ला खड़ा किया है।रचिन रवींद्र की क्लासिक पारी और कीवी टीम की मजबूत वापसीतीसरे दिन की शुरुआत से ही न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने सूझबूझ का परिचय दिया। पहली पारी में पिछड़ने के बाद कीवी टीम को एक ऐसी साझेदारी की जरूरत थी जो मैच का पासा पलट सके। ऐसे समय में क्रीज पर उतरे रचिन रवींद्र ने इंग्लिश गेंदबाजी आक्रमण, जिसमें जेम्स एंडरसन और बेन स्टोक्स जैसे अनुभवी गेंदबाज शामिल थे, का डटकर सामना किया। रचिन ने मैदान के चारों तरफ शानदार शॉट्स लगाए और अपना अर्धशतक पूरा किया। उनकी इस पारी ने न्यूजीलैंड के ड्रेसिंग रूम में नया भरोसा जगाया और टीम को एक मजबूत स्कोर की तरफ अग्रसर किया।इंग्लैंड के गेंदबाजों की बेअसर रणनीति और कप्तानी की परीक्षादूसरी तरफ, तीसरे दिन इंग्लैंड के गेंदबाजों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। पहली पारी में शानदार खेल दिखाने वाली इंग्लिश टीम दूसरी पारी में कीवी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई। पिच से गेंदबाजों को उतनी मदद नहीं मिल रही थी, जिसका फायदा उठाकर न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने सिंगल्स-डबल्स रोटेट करने के साथ-साथ खराब गेंदों को बाउंड्री के पार भेजा। इंग्लैंड के कप्तान ने कई बार फील्डिंग और गेंदबाजी में बदलाव किए, लेकिन रचिन रवींद्र और उनके जोड़ीदार ने इंग्लिश टीम की हर रणनीति को फेल कर दिया।चौथे दिन का खेल होगा निर्णायक, पिच पर टिकी सबकी नजरेंअब इस टेस्ट मैच का चौथा दिन दोनों ही टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। न्यूजीलैंड की कोशिश होगी कि वह चौथे दिन के पहले सत्र में तेजी से रन बनाकर अपनी बढ़त को 300 या उसके पार ले जाए, ताकि इंग्लैंड को चौथी पारी में एक असंभव सा लक्ष्य दिया जा सके। वहीं, इंग्लैंड की टीम सुबह के सत्र में जल्द से जल्द कीवी टीम के बाकी विकेट चटकाकर मैच में वापसी करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ रहा है, पिच पर दरारें बढ़ रही हैं, जिससे स्पिनरों को मदद मिलने की उम्मीद है, जो इस मैच का नतीजा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।
आस्था के सबसे बड़े केंद्र और विश्व प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर (Tirupati Balaji Temple) परिसर से एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आई है, जिसने कुछ समय के लिए न केवल सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए, बल्कि वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं और वीआईपी (VIP) भक्तों में भी हड़कंप मचा दिया। मंदिर के बेहद सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्र में अचानक कुछ वीआईपी भक्तों को बंधक बनाए जाने की सूचना आग की तरह फैल गई। इसके तुरंत बाद कमांडो और अत्याधुनिक हथियारों से लैस सुरक्षा बलों ने पूरे परिसर को चारों तरफ से घेर लिया। लेकिन जब इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की असली इनसाइड स्टोरी सामने आई, तो हर किसी ने राहत की सांस ली।सुरक्षाबलों की मुस्तैदी परखने के लिए आधी रात को चला सीक्रेट 'मॉक ड्रिल'शुरुआती अफवाहों और डर के माहौल के बीच तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने स्थिति को साफ करते हुए बताया कि यह कोई वास्तविक आतंकी हमला या बंधक संकट नहीं था। दरअसल, यह बालाजी मंदिर की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए सुरक्षा एजेंसियों द्वारा चलाया गया एक अत्यंत गोपनीय 'मॉक ड्रिल' (Mock Drill) ऑपरेशन था। सुरक्षा बलों ने बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक वीआईपी लॉज और दर्शन कतारों के पास इस ऑपरेशन को अंजाम दिया, ताकि संकट की स्थिति में सुरक्षाकर्मियों के रिस्पांस टाइम और उनकी तैयारियों का वास्तविक मूल्यांकन किया जा सके।हाई-टेक कमांडो एक्शन देखकर दंग रह गए मंदिर में मौजूद श्रद्धालुइस सीक्रेट ऑपरेशन के दौरान बकायदा एक काल्पनिक स्क्रिप्ट तैयार की गई थी, जिसमें कुछ सुरक्षाकर्मी ही 'फर्जी आतंकी' बने थे और उन्होंने कुछ लोगों को बंधक बनाने का नाटक किया था। इसके बाद ऑक्टोपस (OCTOPUS) कमांडो, ग्रेहाउंड्स और स्थानीय पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) ने बिजली की रफ्तार से एक्शन लेते हुए पूरे इलाके को कॉर्डन ऑफ कर दिया। कमांडो को अत्याधुनिक हथियारों के साथ मंदिर की छतों और गलियारों में पोजीशन लेते देख वहां मौजूद आम भक्त एक पल के लिए दंग रह गए। सुरक्षाबलों ने महज कुछ ही मिनटों के भीतर सभी बंधकों को सुरक्षित बाहर निकाल कर 'हमलावरों' को ढेर करने का नाटक सफलतापूर्वक पूरा किया।तिरुपति देवस्थानम ने सुरक्षा को लेकर लिया बड़ा फैसला, बदलेगा प्रोटोकॉलविश्व के सबसे अमीर मंदिरों में शुमार तिरुपति बालाजी की सुरक्षा हमेशा से ही देश की शीर्ष प्राथमिकताओं में रही है। हर दिन यहां एक लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिनमें देश-विदेश के कई बड़े नेता, उद्योगपति और वीआईपी शामिल होते हैं। इस सफल मॉक ड्रिल के बाद टीटीडी (TTD) के सुरक्षा विंग ने एक उच्च स्तरीय बैठक की है। अधिकारियों के मुताबिक, इस ड्रिल से सामने आईं कुछ छोटी-मोटी कमियों को सुधारने और मंदिर के एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर लगे बायोमेट्रिक और सर्विलांस सिस्टम को और ज्यादा हाई-टेक बनाने के लिए जल्द ही एक नया सिक्योरिटी प्रोटोकॉल लागू किया जाएगा।
देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और वहां के चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अयोध्या के भव्य राम मंदिर से जुड़े हालिया विवादों के बाद अब एक और बेहद प्रसिद्ध और आस्था के बड़े केंद्र 'शक्तिपीठ' से करोड़ों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और कीमती सामान गायब होने का बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस महाघोटाले का खुलासा तब हुआ जब सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस ने मंदिर के ही एक पूर्व कर्मचारी के ठिकाने पर गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की। पूर्व कर्मचारी के घर से मिले खजाने को देखकर खुद पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए।मंदिर के गर्भगृह और लॉकर से कैसे साफ हुआ करोड़ों का चढ़ावे का सोनायह पूरा मामला देश के एक बेहद प्रतिष्ठित शक्तिपीठ मंदिर का है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु अपनी मन्नत पूरी होने पर सोने और चांदी के छत्र, मुकुट और अन्य आभूषण चढ़ाते हैं। ऑडिट के दौरान मंदिर प्रबंधन को यह जानकारी मिली कि रिकॉर्ड बुक में दर्ज कई किलो सोना और चांदी के आभूषण लॉकर से गायब हैं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि मंदिर के इस पूर्व कर्मचारी ने अपनी ड्यूटी के दौरान अंदरूनी सुरक्षा खामियों का फायदा उठाया। उसने धीरे-धीरे करके गर्भगृह और मुख्य तिजोरी से कीमती आभूषणों को गायब किया और उनकी जगह नकली या कम वजन के आभूषण रख दिए, ताकि किसी को आसानी से शक न हो।पूर्व कर्मचारी के घर छापेमारी में पुलिस को मिला कुबेर का खजानाजब मंदिर प्रशासन की शिकायत पर पुलिस की स्पेशल टीम ने आरोपी पूर्व कर्मचारी के घर पर दबिश दी, तो वहां का नजारा किसी फिल्मी कहानी जैसा था। घर के गुप्त तहखानों और अलमारियों से भारी मात्रा में प्राचीन सोने के सिक्के, चांदी के बर्तन, मुकुट और करोड़ों रुपये के आभूषण बरामद किए गए। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इस पूरे खजाने को सील कर दिया है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। स्थानीय अदालत ने आरोपी को कड़े कानून के तहत रिमांड पर भेज दिया है, ताकि इस पूरे नेक्सस (गिरोह) का पर्दाफाश किया जा सके।जांच के घेरे में कई बड़े नाम, मंदिर ट्रस्ट की सुरक्षा प्रणाली पर उठे गंभीर सवालइस बड़े घोटाले के सामने आने के बाद स्थानीय भक्तों और धार्मिक संगठनों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इतने कड़े पहरे और सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी के बावजूद करोड़ों का सोना-चांदी मंदिर परिसर से बाहर कैसे चला गया? पुलिस महानिदेशक के मुताबिक, इस मामले में केवल यह पूर्व कर्मचारी ही अकेला शामिल नहीं हो सकता; मंदिर ट्रस्ट के कुछ अन्य मौजूदा अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों की मिलीभगत की भी आशंका है। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, लॉकरों और उसकी संपत्तियों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस चुराए गए सोने का कुछ हिस्सा बाजार में बेचा या पिघलाया भी गया है।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर बोले अखिलेश यादव, आस्था के साथ हुआ खिलवाड़
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या में राम मंदिर के दानपात्र से जुड़े कथित घोटाले, कानून व्यवस्था और उत्तर प्रदेश सरकार के कामकाज को लेकर भाजपा पर निशाना साधा।
सेशेल्स में भारतीयों का प्यार और योगदान, दोनों देशों के रिश्तों की मजबूत कड़ी: पीएम मोदी
तीन दिवसीय दौरे पर सेशेल्स पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रवासी भारतीयों की ओर से किए गए शानदार स्वागत पर आभार व्यक्त किया
CM डॉ. मोहन यादव पहुंचे हिल स्टेशन कुकरू, ग्रामीणों और महिलाओं से संवाद कर जाना विकास का हाल
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 जून को दो दिन के प्रवास के लिए बैतूल के सुप्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरू पहुंचे। उन्होंने यहां कृष्णा आजीविका स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने समूह द्वारा ...
जयपुर के पशुपालकों का एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति के खिलाफ अभियान का ऐलान
जयपुर। राजस्थान में जयपुर के पशुपालकों ने केंद्र सरकार की एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति के विरोध में अनोखे एम-20 आंदोलन की शुरुआत की है। जयपुर दुग्ध उत्पादक संघर्ष समिति ने शनिवार को प्रेस वार्ता में इसकी घोषणा की। समिति के अध्यक्ष रमन यादव ने बताया कि एम-20 आंदोलन उन दुग्ध उत्पादकों, युवाओं और नागरिकों के […] The post जयपुर के पशुपालकों का एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति के खिलाफ अभियान का ऐलान appeared first on Sabguru News .
अफगानिस्तान में 6.2 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, दिल्ली-NCR तक महसूस हुए झटके
शनिवार शाम अफगानिस्तान में आए 6.2 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया। इसके झटके पाकिस्तान, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली-एनसीआर तक महसूस किए गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (National Centre for ...
महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (MAHA-TET) 2026 के अचानक स्थगित होने और पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद अब इस पर देश में एक बड़ा सियासी भूचाल आ गया है। 28 जून को होने वाली इस महा-परीक्षा को महज एक दिन पहले रद्द किए जाने को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस पूरे घटनाक्रम पर केंद्र और महाराष्ट्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश की मौजूदा शिक्षा और परीक्षा प्रणाली अब पूरी तरह से 'उगाही का सिस्टम' बन चुकी है। राहुल गांधी ने चेताया कि बार-बार होने वाले ये पेपर लीक केवल किसी प्रश्नपत्र का बाहर आना नहीं है, बल्कि यह देश के लाखों होनहार युवाओं के सुनहरे सपनों की सीधी चोरी है।राहुल गांधी का 'X' पर फूटा गुस्सा: हर युवा खुद को महसूस कर रहा असुरक्षितभिवंडी में पेपर लीक का भंडाफोड़ होने और परीक्षा स्थगित होने की खबर मिलते ही राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (ट्विटर) पर एक बेहद आक्रामक पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा:एक और पेपर लीक, एक और परीक्षा रद्द! इस बार महाराष्ट्र TET का नंबर है। देश की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से एक उगाही के सिस्टम में बदल दिया गया है, जिसके कारण आज देश का हर युवा खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। यह सिर्फ एक पेपर लीक का सामान्य मामला नहीं, बल्कि हमारे युवाओं के भविष्य की सरेआम चोरी है।उन्होंने आगे कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से लेकर राज्यों के परीक्षा बोर्डों तक, लगातार हो रही ऐसी शर्मनाक घटनाएं वर्तमान सरकार की प्रशासनिक क्षमता और नियत पर बहुत गंभीर सवाल खड़े करती हैं।आखिर ऐन वक्त पर 1.82 लाख छात्रों की परीक्षा क्यों टाली गई?महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE) ने शनिवार को एक आपातकालीन आधिकारिक बयान जारी कर इस स्थगन के पीछे की मजबूरियों को सामने रखा। परिषद के मुताबिक, यह परीक्षा रविवार को राज्यभर के कुल 1,028 केंद्रों पर आयोजित की जानी थी, जिसमें 1.82 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों के बैठने की व्यवस्था पूरी हो चुकी थी।प्रशासन ने साफ किया कि परीक्षा को रद्द करने का फैसला छात्रों की सुरक्षा और अंकों की निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए लिया गया है। इस पूरे मामले की कमान अब एक हाई-लेवल जांच टीम को सौंप दी गई है और नई परीक्षा तिथियों (New Exam Dates) की घोषणा जांच पूरी होने के बाद आधिकारिक वेबसाइट पर की जाएगी।भिवंडी पुलिस की छापेमारी से हुआ था महा-खुलासाMSCE द्वारा साझा की गई टाइमलाइन के अनुसार, शनिवार की सुबह खुफिया सूत्रों से एक बेहद पुख्ता और गोपनीय जानकारी मिली थी कि ठाणे के भिवंडी इलाके में कुछ जालसाजों के पास टीईटी परीक्षा के प्रश्नपत्र से जुड़ी बेहद संवेदनशील और गुप्त जानकारी मौजूद है।सूचना की गंभीरता को देखते हुए भिवंडी पुलिस की स्पेशल टीम ने चिन्हित ठिकानों पर तुरंत छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुछ अनधिकृत प्रश्नपत्र और डिजिटल डॉक्यूमेंट्स बरामद किए। जब परीक्षा परिषद के शीर्ष अधिकारियों ने इन जब्त किए गए सवालों का मिलान तिजोरी में बंद असली परीक्षा के प्रश्नपत्र से किया, तो कई मुख्य सवाल हूबहू मैच हो गए। गोपनीयता पूरी तरह भंग होने के कारण तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज कर परीक्षा को होल्ड पर रख दिया गया।NEET की सख्ती भी नहीं आई काम; सुरक्षा चक्र कैसे टूटा?इस मामले ने इसलिए भी सबको चौंका दिया है क्योंकि परीक्षा परिषद ने खुद स्वीकार किया है कि हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर नीट (NEET 2026) परीक्षा में हुई भारी गड़बड़ियों और देशव्यापी विरोध को देखते हुए इस बार टीईटी के लिए एक्स्ट्रा सिक्योरिटी प्रोटोकॉल (अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम) लागू किए गए थे।इन दावों के बावजूद, भिवंडी में जिस तरह परीक्षा से 24 घंटे पहले ही प्रश्नपत्र बाहर आ गया, उसने पुलिस और खुफिया तंत्र की मुस्तैदी पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। परिषद का कहना है कि वे इस बात की गहराई से जांच कर रहे हैं कि आखिर प्रिंटिंग प्रेस, ट्रेजरी या ट्रांसपोर्टेशन के किस स्तर पर यह सुरक्षा चक्र टूटा है।अब आगे क्या होगा? अभ्यर्थियों को नई तारीख का इंतजारमहाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE) ने प्रभावित छात्रों को आश्वासन दिया है कि इस रैकेट में शामिल किसी भी दोषी या सरकारी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ नए सख्त कानून के तहत त्वरित कार्रवाई होगी।फिलहाल, सालों तक दिन-रात मेहनत करने वाले लाखों अभ्यर्थी इस राजनीतिक रस्साकशी के बीच एक बार फिर अधर में लटक गए हैं। अब सभी की नजरें पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट और परीक्षा परिषद द्वारा जारी की जाने वाली अगली परीक्षा तिथि (Next Exam Schedule) पर टिकी हैं।
इन दिनों पूरी दुनिया पर फीफा विश्व कप 2026 (FIFA World Cup 2026) का खुमार सिर चढ़कर बोल रहा है। मैदान पर फुटबॉल के महामुकाबले चल रहे हैं, जहां रोज नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। ग्रुप स्टेज के मैचों में इस बार नॉर्वे की फुटबॉल टीम ने अपने प्रदर्शन से हर किसी को हैरान कर दिया है। स्टार खिलाड़ी एर्लिंग हालैंड की मौजूदगी वाली इस टीम ने लगातार दो धमाकेदार मुकाबले जीतकर नॉकआउट 'राउंड ऑफ 32' में अपनी जगह पक्की कर ली है।मैदान पर नॉर्वे को मिल रही इस शानदार कामयाबी के बीच, इंटरनेट की दुनिया में इस टीम के मुख्य कोच स्टाले सोलबक्केन (Stle Solbakken) की 22 वर्षीय बेटी ने तहलका मचा दिया है। उनका नाम इडा सोलबक्केन (Ida Solbakken) है। माता-पिता के एक बेहद प्यारे और भावुक 'किसिंग मोमेंट' ने इडा को रातों-रात एक ग्लोबल इंटरनेट सनसनी बना दिया है। आइए जानते हैं इस वायरल फोटो और सोलबक्केन परिवार की पूरी इनसाइड स्टोरी।एक भावुक 'किस' और इडा सोलबक्केन की वायरल पोस्टयह पूरी कहानी तब शुरू हुई, जब सेनेगल के खिलाफ खेले गए एक बेहद रोमांचक और कांटे के मुकाबले में नॉर्वे ने 3-2 से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। मैच खत्म होने की सीटी बजते ही नॉर्वे के मुख्य कोच स्टाले सोलबक्केन अपने जज्बातों पर काबू नहीं रख पाए और पूरी तरह भावुक हो गए। वे मैदान के सारे प्रोटोकॉल और नियमों को भूलकर सीधे स्टैंड्स (दर्शक दीर्घा) की तरफ दौड़े, जहां उनका परिवार बैठा था। उन्होंने वहां पहुंचते ही अपनी पत्नी अन्निकेन को कसकर गले लगाया और उन्हें चूम (Kiss) लिया।stands में ही मौजूद उनकी बेटी इडा सोलबक्केन ने माता-पिता के इस बेहद खूबसूरत, सच्चे और अनमोल पल को अपने कैमरे में कैद कर लिया। इडा ने इस तस्वीर को अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए कैप्शन लिखा— 'इससे बड़ा और खूबसूरत कोई पल नहीं हो सकता।'बस फिर क्या था, इस पोस्ट के शेयर होते ही दुनिया भर के फुटबॉल फैंस की नजरें इडा पर टिक गईं। उनकी गजब की फिटनेस, सादगी और कातिलाना लुक्स को देखकर फैंस इस कदर दीवाने हुए कि उन्होंने इडा को इस वर्ल्ड कप का 'सबसे खूबसूरत चेहरा' (Most Beautiful Face of FIFA 2026) घोषित कर दिया। देखते ही देखते उनके सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स बढ़ गए।सिर्फ ग्लैमरस चेहरा नहीं, मेडिकल स्टूडेंट हैं इडा; भाई भी हैं स्टार फुटबॉलरइडा सोलबक्केन के बारे में जो बातें सामने आ रही हैं, उससे फैंस उनके और बड़े मुरीद हो गए हैं। इडा सिर्फ एक ग्लैमरस स्टार किड नहीं हैं, बल्कि वे बेहद पढ़ी-लिखी हैं और इस समय डेनमार्क में मिडवाइफरी (Medical/Nursing) के चौथे सेमेस्टर की एक होनहार छात्रा हैं।स्पोर्ट्स उनके खून में है, क्योंकि सिर्फ उनके पिता ही नहीं, बल्कि उनके भाई मार्कस सोलबक्केन भी एक बेहतरीन पेशेवर फुटबॉलर हैं। मार्कस इस समय डेनिश सुपरलीगा के मशहूर क्लब 'एजीएफ' के लिए बतौर मिडफील्डर खेलते हैं। इडा को घूमने-फिरने का काफी शौक है और उनकी ट्रैवल डायरी, लग्जरी लाइफस्टाइल और हार्डकोर फिटनेस पोस्ट को सोशल मीडिया पर लोग काफी पसंद कर रहे हैं।7 मिनट तक 'मरे' रहने के बाद जिंदा हुए थे इडा के पिता, खौफनाक है कहानीइडा सोलबक्केन के अचानक लाइमलाइट में आने के बाद सोलबक्केन परिवार की एक ऐसी खौफनाक और चमत्कारिक कहानी भी दोबारा दुनिया के सामने आई है, जिसने सभी फुटबॉल प्रेमियों को बेहद भावुक कर दिया है। यह कहानी इडा के पिता और नॉर्वे के मौजूदा कोच स्टाले सोलबक्केन से जुड़ी है।बात साल 2001 की है, जब स्टाले डेनमार्क के प्रसिद्ध क्लब 'कोपेनहेगन' के लिए एक एक्टिव फुटबॉलर के रूप में खेल रहे थे। एक नियमित ट्रेनिंग सेशन के दौरान स्टाले को मैदान पर ही अचानक बेहद गंभीर दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ा और वे वहीं गिर गए। डॉक्टरों और तत्कालीन मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, स्टाले सोलबक्केन लगभग 7 मिनट तक 'क्लिनिकली डेड' (मृत) घोषित हो चुके थे। उनके दिल की धड़कन पूरी तरह रुक चुकी थी।लेकिन एम्बुलेंस के भीतर डॉक्टरों की आपातकालीन टीम ने हार नहीं मानी। पेसमेकर और सीपीआर की लगातार कोशिशों के बाद मैदान पर एक अभूतपूर्व चमत्कार हुआ और स्टाले की सांसें वापस लौट आईं। हालांकि, इस जानलेवा घटना के बाद उन्हें भारी मन से फुटबॉल को हमेशा के लिए अलविदा कहना पड़ा। लेकिन फुटबॉल के प्रति उनका जुनून कम नहीं हुआ और आज वे अपनी रणनीतियों के दम पर बतौर मुख्य कोच नॉर्वे की टीम को इतिहास रचने की कगार पर ले आए हैं। यही वजह है कि सेनेगल पर जीत के बाद उनका अपनी पत्नी को गले लगाना पूरे सोलबक्केन परिवार के लिए एक पुनर्जन्म जैसा भावुक पल था।
केम्पेगौड़ा की समावेशी सोच का जीवंत उदाहरण है 'मिनी भारत' बेंगलुरु: उपराष्ट्रपति
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने शनिवार को बेंगलुरु में आयोजित नादप्रभु श्री केम्पेगौड़ा की 517वीं जयंती समारोह में भाग लेते हुए कहा कि केम्पेगौड़ा को केवल एक शासक के रूप में नहीं, बल्कि जनकल्याण की दूरदर्शी सोच रखने वाले ऐसे नेतृत्वकर्ता के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने एक समावेशी और समृद्ध शहर की कल्पना की थी।
उच्च शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में करियर बनाने वाले सामाजिक विज्ञान (Social Science) के शोधकर्ताओं के लिए एक बेहतरीन अवसर सामने आया है। इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च (ICSSR) ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए अपनी प्रतिष्ठित पोस्टडॉक्टरल फेलोशिप (Postdoctoral Fellowship) और सीनियर फेलोशिप (Senior Fellowship) स्कीम के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी है।इस फेलोशिप प्रोग्राम का हिस्सा बनने के इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आईसीएसएसआर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर 21 जुलाई 2026 तक अपना ऑनलाइन पंजीकरण (Registration) पूरा कर सकते हैं। परिषद ने स्पष्ट किया है कि आवेदन की पूरी प्रक्रिया डिजिटल रहेगी और उम्मीदवारों को अलग से कोई रिसर्च प्रपोजल या दस्तावेज की हार्ड कॉपी डाक के जरिए भेजने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।1. ICSSR पोस्टडॉक्टरल फेलोशिप 2026: कौन कर सकता है आवेदन? (Eligibility Criteria)इस फेलोशिप के लिए आवेदन करने वाले शोधकर्ताओं को निम्नलिखित पात्रता मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य है:राष्ट्रीयता व आयु सीमा: आवेदक का भारतीय नागरिक होना आवश्यक है। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों की अधिकतम आयु आवेदन की अंतिम तिथि (21 जुलाई 2026) तक 45 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और दिव्यांग (बेंचमार्क डिसेबिलिटी) श्रेणी के आवेदकों को सरकारी नियमानुसार आयु सीमा में 5 वर्ष की विशेष छूट दी जाएगी।शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से पीएचडी (PhD) की उपाधि होनी चाहिए। इसके साथ ही, उनका शोध कौशल और काबिलियत उनके पहले से प्रकाशित हो चुके रिसर्च वर्क या किताबों से प्रदर्शित होनी चाहिए।संस्थान से संबद्धता (Affiliation): आवेदक का किसी मान्यता प्राप्त पब्लिकली फंडेड इंडियन यूनिवर्सिटी, डीम्ड यूनिवर्सिटी, स्वीकृत पीएचडी प्रोग्राम वाले कॉलेज, ICSSR के अपने रिसर्च इंस्टीट्यूट, या शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) द्वारा मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय महत्व के संस्थान (National Importance Institution) से संबद्ध होना अनिवार्य है।सुपरविजन (देखरेख): इस फेलोशिप को संबद्ध संस्थान के माध्यम से एक सेवारत (Serving) वरिष्ठ सामाजिक वैज्ञानिक की देखरेख में प्रबंधित किया जाएगा, जिनकी रैंक कम से कम एसोसिएट प्रोफेसर (Associate Professor) की होनी चाहिए।2. अनुभवी स्कॉलर्स के लिए 'सीनियर फेलोशिप' स्कीमजो शोधकर्ता शोध के क्षेत्र में काफी सीनियर हैं और समाज विज्ञान में लंबा अनुभव रखते हैं, उनके लिए सीनियर फेलोशिप का विकल्प दिया गया है:आयु सीमा: यह फेलोशिप 45 से 70 वर्ष के बीच के अनुभवी भारतीय शोधकर्ताओं के लिए आरक्षित है।उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ विशेषज्ञों को चिन्हित (आइडेंटिफाइड) थीम्स पर पूर्णकालिक (Full-time) स्वतंत्र शोध करने के लिए मंच देना है, ताकि वे देश के सामाजिक और नीतिगत बदलावों (Policy Challenges) को साक्ष्यों (Evidence-based) के साथ समझने में अपना योगदान दे सकें।फेलोशिप की अवधि और मिलने वाली वित्तीय सहायता (Stipend & Grants)आईसीएसएसआर के नियमों के अनुसार, ये दोनों ही फेलोशिप दो साल (2 वर्ष) की अवधि के लिए पूरी तरह से पूर्णकालिक (Full-time) अनुसंधान कार्य हैं। ध्यान रहे कि इस अवधि के समाप्त होने के बाद किसी भी परिस्थिति में एक्सटेंशन (समय सीमा बढ़ाने) का कोई प्रावधान नहीं है।मिलने वाली वित्तीय मददराशि (INR)नियम व शर्तेंमासिक वजीफा (Monthly Fellowship)₹31,000 प्रति माहशिक्षा मंत्रालय के नवीनतम निर्देशों के तहत देयवार्षिक आकस्मिक अनुदान (Contingency Grant)₹25,000 सालानारिसर्च सामग्री, स्टेशनरी व अन्य खर्चों के लिएचयन प्रक्रिया: कई चरणों में होगा कड़ा मूल्यांकनपोस्टडॉक्टरल फेलोशिप स्कीम के तहत एक स्कॉलर केवल एक ही आवेदन जमा कर सकता है (हालांकि वे आईसीएसएसआर की अन्य योजनाओं के लिए अलग से फॉर्म भर सकते हैं)।विशेषज्ञ पैनल द्वारा जांच: प्राप्त सभी आवेदनों की गहन स्क्रूटनी होगी और कई चरणों में विषय विशेषज्ञों (Subject Experts) का पैनल उनके रिसर्च प्रपोजल का मूल्यांकन करेगा।अंतिम संस्तुति: पैनल की हरी झंडी के बाद अंतिम सुझाव आईसीएसएसआर की मुख्य कमेटियों के सामने मंजूरी के लिए रखे जाएंगे।अवार्ड लेटर: अंतिम रूप से चयनित स्कॉलर्स और उनके संबंधित संस्थानों को परिषद की ओर से प्रोविजनल अवार्ड लेटर (अस्थायी आवंटन पत्र) जारी कर दिए जाएंगे।रिसर्च के दौरान और अंत में पूरी करनी होंगी ये 3 शर्तेंफेलोशिप की राशि प्राप्त करने वाले प्रत्येक शोधकर्ता को अकादमिक गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कुछ कड़े नियमों का पालन करना होगा:पेपर पब्लिकेशन: दो साल के कार्यकाल के दौरान शोधकर्ता को अपने रिसर्च विषय से संबंधित प्रतिष्ठित पीयर-रिव्यूड जर्नल्स (Peer-Reviewed Journals) में कम से कम दो शोध पत्र (Research Papers) प्रकाशित कराने होंगे और उसमें ICSSR के वित्तीय सहयोग का आभार व्यक्त करना होगा।फाइनल रिपोर्ट: फेलोशिप समाप्त होने पर स्कॉलर को एक विस्तृत पुस्तक के आकार की फाइनल प्रोजेक्ट रिपोर्ट के साथ 3,000 से 4,000 शब्दों की एक संक्षिप्त समरी (सारांश) जमा करनी होगी।प्लेजरिज्म (Plagiarism) पर रोक: रिपोर्ट के साथ एक अधिकृत प्लेजरिज्म (साहित्यिक चोरी) जांच रिपोर्ट सौंपनी होगी, जिसमें सिमिलैरिटी इंडेक्स (Similarity Index) 10% से अधिक नहीं होना चाहिए। यदि नकल 10 फीसदी से ज्यादा पाई जाती है, तो फेलोशिप रद्द की जा सकती है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (ट्विटर) पर एंटरप्रेन्योर और कंटेंट क्रिएटर शीतल रिजवानी (Sheetal Rijhwani) की एक हालिया पोस्ट ने कॉरपोरेट जगत और इंटरनेट पर एक बेहद दिलचस्प और तीखी बहस छेड़ दी है। उन्होंने अपनी पोस्ट में आज की नई पीढ़ी यानी Gen Z (जेनरेशन जेड) के कर्मचारियों के ऑफिस में काम करने के अनोखे तरीके और उनके एटीट्यूड को लेकर कुछ ऐसे चौंकाने वाले दावे किए हैं, जिसने नौकरीपेशा लोगों को दो अलग-अलग खेमों में बांट दिया है।एक तरफ जहां युवाओं का मानना है कि Gen Z वाकई में बरसों से चले आ रहे शोषक और 'टॉक्सिक वर्क कल्चर' (Toxic Work Culture) को खत्म कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ पुराने और अनुभवी प्रोफेशनल्स का मानना है कि यह अनुशासनहीनता है और इसे जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। इस एक वायरल पोस्ट ने ऑफिस के काम के घंटों, वर्क-लाइफ बैलेंस और ऑफिस अनुशासन जैसे गंभीर मुद्दों को एक बार फिर देश के मुख्य विमर्श में ला दिया है।'9 to 5' मतलब सिर्फ काम; मैनेजर को खुश करने के लिए एक्स्ट्रा टाइम नहींशीतल रिजवानी की पोस्ट के अनुसार, Gen Z कर्मचारी ऑफिस के भीतर अपनी एक अलग बाउंड्री (सीमा) तय करके चलते हैं। वे ऑफिस की राजनीति या गॉसिप से दूर अपना एक अलग ग्रुप बनाकर काम करते हैं। इस पीढ़ी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे अपने काम के घंटों को लेकर बेहद सख्त हैं; अगर ऑफिस का समय शाम 6 बजे खत्म होता है, तो वे ठीक 6 बजे अपना लैपटॉप बंद करके निकल जाते हैं।वे पुराने कर्मचारियों की तरह केवल मैनेजर या बॉस की नजरों में अच्छा बनने के लिए बिना वजह देर तक ऑफिस में रुककर 'ओवरटाइम' करने की कतई कोशिश नहीं करते। इसके अलावा, वीकेंड (शनिवार-रविवार) को वे पूरी तरह से अपनी पर्सनल लाइफ के लिए सुरक्षित रखते हैं और इस दौरान आने वाले किसी भी वर्क कॉल या ईमेल को पूरी तरह अवॉइड यानी इग्नोर करते हैं।ऑफिस में खराब हुआ AC तो पूरा ग्रुप शिफ्ट हुआ कैफे; सहने को तैयार नहीं युवाइस पोस्ट का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला और मजेदार हिस्सा वह था, जहां शीतल ने एक लाइव उदाहरण साझा किया। दावा किया गया कि एक दिन ऑफिस का सेंट्रल एसी (AC) खराब हो गया और उमस बढ़ गई। जहां पुराने कर्मचारी (मिलेनियल्स) चुपचाप पसीना बहाते हुए काम करते रहे, वहीं Gen Z के पूरे ग्रुप ने तुरंत काम रोक दिया। उन्होंने साफ कहा कि इस माहौल में काम नहीं हो सकता और वे सभी तुरंत पास के एक वाई-फाई वाले कैफे में शिफ्ट हो गए और वहीं से अपना काम पूरा किया, जब तक कि ऑफिस का एसी पूरी तरह ठीक नहीं हो गया।इमोशनल डैमेज: पोस्ट में तंज कसते हुए कहा गया कि जहां मिलेनियल्स (Millennials) सालों से ऑफिस की हर खराब परिस्थिति और बॉस की डांट को चुपचाप सहते आ रहे हैं, वहीं Gen Z इसे सीधे चैलेंज करता है। इसी बात पर इंटरनेट पर Emotional Damage जैसे मीम्स और कैजुअल कमेंट्स की बाढ़ आ गई है।ऑफिस की गलत चीजों पर सीधा सवाल; अब नहीं चलेगी मैनेजर की मनमानीपोस्ट में यह भी रेखांकित किया गया है कि आज का युवा वर्कप्लेस पर किसी भी तरह के मानसिक उत्पीड़न या गलत व्यवहार को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं रहता। अगर कोई मैनेजर या सीनियर उनके साथ गलत लहजे में बात करता है या जबरन दबाव बनाता है, तो ये कर्मचारी डरने के बजाय सीधे मानव संसाधन विभाग (HR) तक लिखित शिकायत पहुंचा देते हैं। खास बात यह है कि बदलते दौर के साथ अब कंपनियों के HR डिपार्टमेंट भी इन मामलों को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं और कई जांचों में कर्मचारियों के अधिकारों का खुलकर साथ दे रहे हैं।सोशल मीडिया पर आर-पार की जंग: कॉर्पोरेट गुलामी बनाम अनुशासनइस पोस्ट के वायरल होते ही कमेंट सेक्शन में अलग-अलग पीढ़ियों (Gen X, मिलेनियल्स और Gen Z) के बीच एक वैचारिक युद्ध शुरू हो गया है, जिसे मुख्य रूप से दो नजरियों से देखा जा रहा है:पक्ष में तर्क (Gen Z सपोर्टर्स)विपक्ष में तर्क (पुराने प्रोफेशनल्स/Corporate Leaders)युवाओं का कहना है कि 'ओवरवर्क = डेडिकेशन' (ज्यादा काम मतलब वफादारी) वाली पुरानी और सड़ी-गली सोच पर अब सवाल उठना बेहद जरूरी है।पुराने लोगों का मानना है कि इस तरह के बर्ताव से करियर में ग्रोथ रुक जाती है और यह गंभीर काम के प्रति लापरवाही को दर्शाता है।काम सिर्फ जीवन का एक हिस्सा है, पूरी जिंदगी नहीं। वर्क-लाइफ बैलेंस मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के लिए अनिवार्य है।कॉरपोरेट में कई बार आपातकालीन स्थितियां आती हैं, जहां फ्लेक्सिबिलिटी और एक्स्ट्रा घंटों की जरूरत होती है; वहां ऐसी जिद नुकसानदेह है।कंपनियां केवल काम के घंटों का पैसा देती हैं, हमारी निजी जिंदगी और सुकून का नहीं।आज की पीढ़ी में धैर्य (Patience) की कमी है, वे छोटी सी असुविधा (जैसे एसी खराब होना) पर भी काम छोड़ देते हैं।अनुभवी कन्सल्टेंट्स का मानना है कि नौकरी का माहौल समय के साथ वैश्विक स्तर पर बदल रहा है। जहां पहले की पीढ़ियां स्थिरता के लिए एक ही कंपनी में 10 से 15 साल गुजार देती थीं, वहीं आज का युग फ्रीलांसिंग, रिमोट वर्क और कॉन्ट्रैक्ट बेस्ड जॉब्स का है। ऐसे में कंपनियों को भी यह समझना होगा कि अब डरा-धमकाकर या 'टॉक्सिक' माहौल बनाकर नई पीढ़ी के टैलेंट को रोक कर रखना नामुमकिन है।
कड़कड़ाती धूप और झुलसाने वाली गर्मी के बाद आसमान में छाए काले बादल और बारिश की ठंडी फुहारें मन को बेहद सुकून देती हैं। लेकिन मौसम का यह यू-टर्न हमारी त्वचा (Skin) के लिए कई नई और गंभीर चुनौतियां खड़ी कर देता है। मॉनसून के आते ही हवा में नमी का स्तर (Humidity Level) अचानक बहुत बढ़ जाता है, जिससे होने वाली चिपचिपी उमस स्किन के प्राकृतिक संतुलन को पूरी तरह बिगाड़ देती है।इस मौसम में सबसे ज्यादा परेशानी चेहरे पर देखने को मिलती है। कई लोगों को अचानक से चेहरे पर जिद्दी मुहांसे (Pimples/Acne), अत्यधिक ऑयली स्किन और छोटे-छोटे दानों का सामना करना पड़ता है। वैसे तो यह समस्या मुख्य रूप से ऑयली या एक्ने-प्रोन (जिन्हें जल्दी मुहांसे होते हैं) स्किन वालों को ज्यादा परेशान करती है, लेकिन मॉनसून में ड्राई और नॉर्मल स्किन वाले लोग भी इस आफत से अछूते नहीं रहते। आइए जानते हैं कि इस मौसम में आखिर त्वचा पर एक्ने का हमला क्यों बढ़ जाता है और किन आसान आदतों को अपनाकर आप पा सकते हैं एक बेदाग और निखरी त्वचा।आखिर मॉनसून में क्यों बढ़ जाते हैं मुहांसे? इसके पीछे के 4 मुख्य कारणमौसम वैज्ञानिकों और त्वचा विशेषज्ञों (Dermatologists) के अनुसार, बारिश के दिनों में त्वचा पर मुहांसे आने के पीछे सीधे तौर पर वातावरण में होने वाले बदलाव जिम्मेदार होते हैं:प्रदूषित बारिश का पानी: शुरुआती या लगातार होने वाली बारिश का पानी पूरी तरह शुद्ध नहीं होता। वायुमंडल में मौजूद प्रदूषण, धूल के कण और एसिडिक तत्व बारिश के पानी के साथ मिलकर हमारी त्वचा पर चिपक जाते हैं। इससे स्किन में इरिटेशन, रेडनेस (लालिमा) और छोटे-छोटे दानों की समस्या शुरू हो जाती है।रोमछिद्रों (Skin Ports) का बंद होना: मॉनसून की भारी उमस के कारण हमारे चेहरे के रोमछिद्र सामान्य से अधिक खुल जाते हैं। हवा में तैरती गंदगी, पसीना और प्रदूषण इन खुले पोर्स के अंदर आसानी से समा जाते हैं, जिससे पोर्स ब्लॉक (बंद) हो जाते हैं और वे ब्लैकहेड्स या बड़े मुहांसों का रूप ले लेते हैं।बैक्टीरिया और फंगस का तांडव: अधिक नमी और गर्मी का कॉम्बिनेशन बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए सबसे मुफीद माहौल माना जाता है। इस मौसम में चेहरे पर 'एक्ने वल्गेरिस' नाम के बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं, जो त्वचा में सूजन और मवाद वाले पिंपल्स का कारण बनते हैं।जंक फूड और समोसे-पकौड़ों का शौक: बारिश होते ही हमारा मन तली-भुनी, मसालेदार और जंक फूड जैसी चीजें खाने का करने लगता है। लेकिन यह ऑयली डाइट हमारे शरीर के अंदर जाकर 'सीबम' (त्वचा का प्राकृतिक तेल) के उत्पादन को दोगुना कर देती है, जिससे चेहरा और ज्यादा तैलीय हो जाता है।मॉनसून में मुहांसों को जड़ से खत्म करने के 7 आसान और घरेलू उपायअगर आप भी इस सीजन में अपनी त्वचा को चमकदार और एक्ने-फ्री रखना चाहते हैं, तो अपने डेली रूटीन में इन 7 छोटी लेकिन बेहद असरदार आदतों को जरूर शामिल करें:1. चेहरे की गहरी सफाई (Cleansing) को बनाएं नियमदिन में कम से कम 2 से 3 बार किसी सौम्य (Mild) और pH-बैलेंस वाले फेसवॉश से अपना चेहरा जरूर धोएं। मॉनसून में सैलिसिलिक एसिड (Salicylic Acid) या नीम वाले फेसवॉश का इस्तेमाल करना सबसे बेहतर होता है, क्योंकि ये त्वचा से अतिरिक्त तेल को खींचकर बाहर निकाल देते हैं।2. एंटी-एक्ने टोनर का इस्तेमाल करेंचेहरा धोने के बाद पोर्स को वापस टाइट करने के लिए टोनर लगाना न भूलें। इस मौसम में अल्कोहल-फ्री टोनर, टी-ट्री ऑयल (Tea Tree Oil) या शुद्ध एलोवेरा और गुलाब जल से बने टोनर का उपयोग करें। यह आपकी स्किन के एक्स्ट्रा ऑयल को कंट्रोल करने में मदद करेगा।3. हफ्ते में दो बार जेंटल एक्सफोलिएशनत्वचा पर जमा हुई डेड स्किन (मृत कोशिकाओं) और गंदगी को हटाने के लिए सप्ताह में दो बार हल्का स्क्रब या केमिकल एक्सफोलिएटर का इस्तेमाल करें। ध्यान रहे कि अगर चेहरे पर पहले से एक्टिव या दर्दनाक मुहांसे हैं, तो जोर से रगड़ने वाले दानेदार स्क्रब से पूरी तरह बचें, नहीं तो संक्रमण और बढ़ सकता है।4. मॉइस्चराइज़र लगाना कभी न छोड़ेंकई लोग सोचते हैं कि चेहरा पहले से ही चिपचिपा है, तो मॉइस्चराइज़र की क्या जरूरत है? यह एक बहुत बड़ी गलतफहमी है। जब आप त्वचा को नमी नहीं देते, तो दिमाग स्किन को सुखा समझकर और ज्यादा ऑयल बनाने का सिग्नल देता है। इसलिए इस मौसम में वाटर-बेस्ड (Water-based), जेल-फॉर्मूला या नॉन-कॉमेडोजेनिक (Non-Comedogenic) मॉइस्चराइज़र का ही चुनाव करें।5. बादलों के पीछे छिपी धूप से बचें: सनस्क्रीन है जरूरीअगर आसमान में घने बादल छाए हैं या बारिश हो रही है, तब भी सूरज की हानिकारक यूवी (UV) किरणें आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए घर से बाहर निकलने से पहले कम से कम SPF 30 या उससे अधिक रेटिंग वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन जरूर लगाएं। मैट-फिनिश (Matte Finish) सनस्क्रीन इस मौसम के लिए सबसे बेस्ट माने जाते हैं।6. 'नो टच पॉलिसी': चेहरे को बार-बार छूने से बचेंहमारे हाथों पर दिनभर में अनगिनत अदृश्य बैक्टीरिया और कीटाणु जमा होते हैं। जब हम बिना हाथ धोए बार-बार अपने गालों, माथे या ठोड़ी को छूते हैं, तो ये बैक्टीरिया सीधे चेहरे के पोर्स में चले जाते हैं। इसके अलावा, निकले हुए पिंपल्स को कभी भी छुएं या फोड़ें नहीं, अन्यथा उनके दाग हमेशा के लिए चेहरे पर रह जाएंगे।7. बालों की स्वच्छता पर भी दें विशेष ध्यानअगर आपके बाल बहुत ज्यादा ऑयली या डैंड्रफ (रूसी) से ग्रसित हैं और वे बार-बार आपके माथे या चेहरे पर आते हैं, तो बालों का वह तेल और बैक्टीरिया आपके चेहरे पर भी एक्ने की बाढ़ ला सकता है। इसलिए हफ्ते में दो से तीन बार बालों को अच्छे एंटी-डैंड्रफ शैम्पू से साफ रखें और उन्हें चेहरे से बांधकर दूर रखें।एक्सपर्ट टिप: मॉनसून में बाहरी ब्यूटी प्रोडक्ट्स के साथ-साथ अपने शरीर को अंदर से साफ रखना भी जरूरी है। इसके लिए दिनभर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पीकर खुद को हाइड्रेटेड रखें। अगर इन सब सावधानियों के बाद भी आपके मुहांसे लगातार बढ़ रहे हैं, उनमें तेज दर्द है या वे ठीक होने का नाम नहीं ले रहे हैं, तो बिना देर किए किसी अच्छे स्किन स्पेशलिस्ट (Dermatologist) से मिलकर उचित इलाज शुरू करें।
हरिपुर रेलवे स्टेशन पर अजमेर-मैसूर एक्सप्रेस के ठहराव का शुभारंभ
पाली। हरिपुर व आसपास के क्षेत्रवासियों की मांग को पूरा करते हुए रेल मंत्रालय ने गाड़ी संख्या 16209/16210 अजमेर-मैसूर-अजमेर एक्सप्रेस का हरिपुर रेलवे स्टेशन पर ठहराव स्वीकृत किए जाने के पश्चात शनिवार को हरिपुर रेलवे स्टेशन पर कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अजमेर मिहिर देव व सहायक सुरक्षा आयुक्त रामेश्वर लाल मीणा […] The post हरिपुर रेलवे स्टेशन पर अजमेर-मैसूर एक्सप्रेस के ठहराव का शुभारंभ appeared first on Sabguru News .
देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है क्योंकि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून (South-West Monsoon) अब अपने पूरे शबाब पर है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक बड़ा वेदर बुलेटिन जारी करते हुए असम, मेघालय, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत देश के करीब 27 राज्यों में आने वाले दिनों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का महा-अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, आगामी 3 जुलाई 2026 तक पूरे देश में मौसम का मिजाज बदला रहेगा और व्यापक रूप से झमाझम वर्षा होने की संभावना है।वर्तमान में मॉनसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। राहत की बात यह है कि अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मॉनसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के बचे हुए हिस्सों और उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के कुछ और नए इलाकों में तेजी से आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।पूर्वोत्तर भारत और बंगाल-सिक्किम में आफत की बारिश: रेड अलर्ट जारीमौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश का अनुमान जताते हुए अलर्ट जारी किया है। इन पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslide) और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है:उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: इन क्षेत्रों में 27 से 29 जून के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने और अलग-अलग हिस्सों में बेहद भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इसके बाद 30 जून को भी बहुत भारी बारिश होगी, जबकि 1 से 3 जुलाई तक भारी बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा।असम और मेघालय: इन दोनों राज्यों में 27 जून और फिर 29-30 जून को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। सबसे गंभीर स्थिति 28 जून को होने की संभावना है, जब असम और मेघालय में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट लागू रहेगा। इसके बाद 1 से 3 जुलाई तक भी यहां भारी बारिश जारी रहेगी।अरुणाचल प्रदेश: यहाँ 27 से 29 जून के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है, जबकि 30 जून से 2 जुलाई तक भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन चारों पूर्वोत्तर राज्यों में 27 जून से लेकर 3 जुलाई तक लगातार अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।बिहार, झारखंड और ओडिशा समेत पूर्वी भारत का हालबिहार: बिहार में 27 और 28 जून को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 29 और 30 जून को राज्य में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। 1 जुलाई को भी यहां भारी बारिश होगी, जबकि 27 से 29 जून के दौरान आकाशीय बिजली चमकने और 30 जून से 1 जुलाई के बीच 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।ओडिशा: ओडिशा में 27 से 29 जून और फिर 2-3 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक 30 जून और 1 जुलाई को ओडिशा में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल: इन दोनों राज्यों में 30 जून और 1 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही 27 जून से 3 जुलाई तक तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटा) और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा।अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: यहाँ 28 Ivy और 29 जून को भारी बारिश का अनुमान है। साथ ही 28 जून से 1 जुलाई के दौरान 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले थंडरस्कॉल का अलर्ट जारी किया गया है।दिल्ली-NCR, यूपी और उत्तर-पश्चिम भारत में कैसा रहेगा मौसम?दिल्ली, हरियाणा और पंजाब: हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 27 जून से 24 जून के बाद 2 जुलाई तक छिटपुट बारिश की संभावना है, जबकि 3 जुलाई को इन क्षेत्रों में व्यापक रूप से मूसलाधार वर्षा हो सकती है। 1 से 3 जुलाई के दौरान इन राज्यों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अनुमान है।उत्तर प्रदेश: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 से 30 जून तक छिटपुट बारिश और फिर 1 से 3 जुलाई के दौरान व्यापक रूप से बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29 जून से 3 जुलाई तक बारिश का दौर देखा जाएगा, जिसके साथ 30 जून से 3 जुलाई के बीच 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है।उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 30 जून से 3 जुलाई के दौरान व्यापक रूप से बारिश होने का अनुमान है। उत्तराखंड में 30 जून से 3 जुलाई के बीच और जम्मू-कश्मीर में 2-3 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है।हिमाचल प्रदेश: यहाँ 1 से 3 जुलाई के बीच व्यापक बारिश और भारी बारिश होने की संभावना है।राजस्थान: पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 27 जून से 3 जुलाई तक बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।मध्य, पश्चिमी और दक्षिण भारत में वर्षा का अलर्टमध्य प्रदेश: पश्चिमी मध्य प्रदेश में 27 जून और फिर 29-30 जून को भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 27 और 29 जून को भारी बारिश हो सकती है जबकि 2 से 3 जुलाई के बीच यहां व्यापक बारिश का अनुमान है।छत्तीसगढ़ और विदर्भ: छत्तीसगढ़ और विदर्भ दोनों ही क्षेत्रों में 27 जून से 3 जुलाई तक लगातार अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।कोंकण और गोवा: यहाँ 27 जून से 3 जुलाई के दौरान लगातार व्यापक रूप से भारी बारिश होने की संभावना है।मध्य महाराष्ट्र और मारवाड़ा: मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 27 जून को और फिर 1 से 3 जुलाई के बीच भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।गुजरात क्षेत्र: गुजरात क्षेत्र में 2 और 3 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।तटीय कर्नाटक और तेलंगाना: इन दोनों क्षेत्रों में 27 जून से 3 जुलाई तक लगातार अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अलर्ट है।केरल और माहे: यहाँ 27 जून और फिर 30 जून से 3 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना है। हालांकि, 28 और 29 जून को केरल और माहे के अलग-अलग इलाकों में बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश: तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 27 से 29 जून के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 27-28 जून तथा 1-3 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है।बारिश के बीच उत्तर प्रदेश और बिहार में भीषण लू की चेतावनीएक तरफ जहां मॉनसून आगे बढ़ रहा है, वहीं मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में अगले दो दिनों तक भीषण गर्मी और उमस का डबल अटैक होने का अनुमान जताया है:उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 27 से 29 जून तक और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 से 30 जून तक लू की स्थिति बनी रहेगी। इनमें से 27 और 28 जून को दोनों ही क्षेत्रों (पूर्वी और पश्चिमी यूपी) के अलग-अलग पॉकेट्स में भीषण लू (Severe Heat Wave) का प्रकोप रहने की आशंका है।बिहार: बिहार के कुछ सीमित इलाकों में 27 और 28 जून को लू की स्थिति देखने को मिल सकती है।उमस भरा मौसम: झारखंड और ओडिशा में 27 जून को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है, जिससे लोगों को पसीना छूटेगा। हालांकि, जुलाई की शुरुआत के साथ ही इन राज्यों को गर्मी से पूरी तरह निजात मिल जाएगी।
महाराष्ट्र से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बेहद हैरान और परेशान करने वाली बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में रविवार, 28 जून 2026 को आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (MAHA-TET) का पेपर लीक हो गया है।प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, महाराष्ट्र टीईटी का यह प्रश्न पत्र ठाणे जिले के भिवंडी इलाके से लीक हुआ है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में राज्यभर के करीब 1.82 लाख (1,82,000) अभ्यर्थी शामिल होने वाले थे। लेकिन परीक्षा से ठीक एक दिन पहले, 27 जून को प्रश्न पत्र की गोपनीयता भंग होने और बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका सामने आने के बाद महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने परीक्षा को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है।नीट (NEET) की तर्ज पर किए गए थे कड़े सुरक्षा इंतजाम, फिर भी भिवंडी में लीक हुआ पेपरमहाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर नीट (NEET) परीक्षा में सामने आई बड़ी अनियमितताओं और धांधली को ध्यान में रखते हुए इस बार राज्य सरकार ने अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए थे। परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए कड़े नियम लागू किए गए थे।इसके बावजूद, 27 जून की सुबह खुफिया विभागों से परीक्षा परिषद को एक बेहद संवेदनशील और गोपनीय जानकारी मिली। इस इनपुट में बताया गया कि ठाणे के भिवंडी क्षेत्र में कुछ संदिग्ध लोगों के पास टीईटी परीक्षा के मूल प्रश्न पत्र से जुड़ी बेहद गुप्त जानकारियां और सवालों के सेट मौजूद हैं। इस सूचना ने तुरंत पूरे प्रशासनिक अमले और शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया।पुलिस जांच में असली प्रश्न पत्र से मैच हुए सवाल, भिवंडी थाने में FIR दर्जखुफिया जानकारी मिलते ही महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने भिवंडी पुलिस की स्पेशल टीम की मदद से संदिग्ध ठिकानों पर तुरंत छापेमारी और छापेमारी की कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया और उनके पास से हस्तलिखित व डिजिटल प्रारूप में कुछ सवाल बरामद किए।जांच का बड़ा खुलासा: जब पुलिस द्वारा बरामद किए गए इन सवालों का मिलान परीक्षा परिषद के लॉकर में रखे असली प्रश्न पत्र से कराया गया, तो दोनों के कई महत्वपूर्ण सवाल हूबहू मैच हो गए।इसके तुरंत बाद भिवंडी पुलिस थाने में संबंधित धाराओं और नए सख्त पेपर लीक विरोधी कानून के तहत मामला (FIR) दर्ज कर लिया गया है। परीक्षा परिषद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसी गंभीर स्थिति में परीक्षा का आयोजन कराना लाखों ईमानदार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होता। प्रश्न पत्र की गोपनीयता और परीक्षा की निष्पक्षता पूरी तरह खत्म हो चुकी थी, इसी वजह से 28 जून को होने वाली इस परीक्षा को अगली सूचना तक स्थगित कर दिया गया है।राज्यभर में बनाए गए थे 1028 केंद्र, वेबसाइट पर जारी होगी नई तारीखमहाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 28 जून को होने वाली इस शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के सफल और शांतिपूर्ण संचालन के लिए पूरे महाराष्ट्र राज्य में कुल 1,028 परीक्षा केंद्र प्रस्तावित किए गए थे। प्रशासन का दावा है कि सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरों से लेकर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन तक के सभी पुख्ता इंतजाम सेंटर्स पर कर लिए गए थे, लेकिन पेपर सेंटर्स तक पहुंचने से पहले ही लीक हो गया।अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सूचना: परीक्षा परिषद ने राज्य के सभी 1.82 लाख आवेदकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। टीईटी परीक्षा के आयोजन की नई तारीख, नए एडमिट कार्ड और अन्य सभी जरूरी गाइडलाइंस की आधिकारिक घोषणा जल्द ही परिषद की मुख्य वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। पुलिस इस रैकेट के मुख्य सरगनाओं तक पहुंचने के लिए आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है।
एक्शन, रोमांच और रोंगटे खड़े कर देने वाले स्टंट्स के शौकीनों के लिए एक बेहद बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। टेलीविजन इतिहास का सबसे चर्चित और खतरनाक स्टंट-बेस्ड रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी सीजन 15' (Khatron Ke Khiladi 15) अपने अब तक के सबसे बड़े, क्रूर और मुश्किल सीजन के साथ छोटे पर्दे पर दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है।इस सीजन की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) यह है कि एक्शन फिल्मों के बेताज बादशाह और धाकड़ होस्ट रोहित शेट्टी (Rohit Shetty) पूरे दो साल के लंबे ब्रेक के बाद एक बार फिर इस शो की कमान संभालने के लिए वापस आ चुके हैं। मेकर्स ने वादा किया है कि इस बार दर्शकों को थ्रिल का ऐसा डोज़ मिलेगा, जो पूरी फ्रैंचाइजी के इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया।केप टाउन में शूटिंग पूरी, रोहित शेट्टी ने दी स्टंट्स की इनसाइड अपडेटसाउथ अफ्रीका के खूबसूरत और चुनौतीपूर्ण शहर केप टाउन में शो के पूरे क्रू और कंटेस्टेंट्स ने एक लंबा और थका देने वाला शेड्यूल पूरा कर लिया है। वहां बैक-टू-बैक ऐसे खतरनाक और नेक्स्ट-लेवल के एक्शन सीन्स शूट किए गए हैं, जिन्हें देखकर दर्शकों के रोंगटे खड़े होना तय है।लगातार व्यस्त शूटिंग खत्म करने के बाद खुद होस्ट रोहित शेट्टी ने इस सीजन के अनुभवों को साझा करते हुए बताया, यह सीजन बेहद व्यस्त, शारीरिक रूप से थका देने वाला और मानसिक रूप से कंटेस्टेंट्स की आखिरी हद को आजमाने वाला रहा है। इस बार शो में ऐसे हैरतअंगेज स्टंट्स डिजाइन किए गए हैं, जिनका सामना आज तक किसी भी सीजन के खिलाड़ी ने नहीं किया होगा।क्या है 'डर का नया दौर' थीम और शो का नया फॉर्मेट?मेकर्स ने इस साल शो की थीम 'डर का नया दौर' रखी है। शुरुआती टीज़र और प्रोमो में कंटेस्टेंट्स को अपनी मानसिक और शारीरिक क्षमता की आखिरी सीमा से लड़ते हुए दिखाया गया है। प्रोमो में खिलाड़ी जमीन से सैकड़ों फीट ऊपर आसमान छूती गगनचुंबी इमारतों के बीच लटकते हुए, बंद पिंजरों में पानी के भीतर सांस रोकते हुए और जहरीले सांपों व रेंगते हुए खतरनाक कीड़ों से घिरे हुए दिखाई दे रहे हैं।इस साल का सबसे बड़ा और हिला देने वाला ट्विस्ट शो के फॉर्मेट में किया गया बदलाव है। इतिहास में पहली बार, इस शो के कुछ सबसे लोकप्रिय पूर्व (एक्स) कंटेस्टेंट्स नए चेहरों को चुनौती देने के लिए दोबारा 'चैलेंजर्स' बनकर शो में एंट्री ले रहे हैं। यानी इस बार तजुर्बा और नया जोश सीधे एक-दूसरे से टकराएंगे, जिससे सस्पेंस और ड्रामा दोगुना हो जाएगा।चीते के आगे भागे 'ओरी', वायरल वीडियो पर आया मजेदार बयानशो के कई बड़े स्टार्स के बीच, इंटरनेट सेंसेनाइजेशन और बॉलीवुड के पसंदीदा मिस्ट्री मैन ओरहान अवत्रामणि (ओरी) अभी से ही पूरी लाइमलाइट बटोर रहे हैं। शो के आधिकारिक अनाउंसमेंट टीज़र में ओरी को एक खूंखार चीते के आगे जान बचाकर भागते हुए दिखाया गया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ ला चुका है।इस मजेदार सिचुएशन पर खुद ओरी ने अपने सिग्नेचर मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया देते हुए कहा, मुझे तो खुद अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हो रहा कि यह वही दौड़ थी, जिसे देखकर सोशल मीडिया पर सब कह रहे थे कि मैं भागते हुए हॉलीवुड स्टार केंडल जेनर जैसा दिख रहा था...प्रीमियर डेट और टाइमिंग: कब और कहां देखें शो?'खतरों के खिलाड़ी 15' का ग्रैंड प्रीमियर 25 जुलाई 2026 से होने जा रहा है।टीवी चैनल: कलर्स टीवी (Colors TV)ओटीटी स्ट्रीमिंग: जियोहॉटस्टार (JioHotstar) ऐप पर भी इसे लाइव स्ट्रीम किया जा सकेगा।दिन और समय: यह शो वीकेंड के प्राइम-टाइम स्लॉट में हर शनिवार और रविवार रात 9:00 बजे प्रसारित होगा (वर्तमान में इस टाइम स्लॉट पर चल रहा शो 'लाफ्टर शेफ़्स सीजन 3' इस शो के आने से पहले समाप्त हो जाएगा)।KKK 15: न्यू कमर्स और ओल्ड धुरंधरों की फाइनल लिस्टइस बार शो में नए चेहरों और पुराने अनुभवी खिलाड़ियों का एक बेहद दिलचस्प मिक्सचर देखने को मिलेगा:नए कंटेस्टेंट्स (Fresh Faces)पुराने धुरंधर / चैलेंजर्स (Returnees)गौरव खन्ना (अनुपमा फेम)रुबीना दिलैकअविनाश मिश्राजैस्मीन भसीनफरहाना भट्टकरण वाहीशगुन शर्माऋत्विक धनजानीअविका गोरविशाल आदित्य सिंहओरहान अवत्रामणि (ओरी)—हर्ष गुजराल (स्टैंडअप कॉमेडियन)—शुरुआती खबरों में ये दो खिलाड़ी चल रहे हैं सबसे आगेभले ही शो का प्रसारण जुलाई में शुरू होगा, लेकिन केप टाउन के अंदरूनी सूत्रों से आ रही खबरों के मुताबिक, शो में इस समय मुकाबला बेहद कड़ा और कांटे का हो चुका है। शुरुआती परफॉर्मेंस के आधार पर टीवी एक्टर करण वाही और फरहाना भट्ट अपने बेहतरीन स्टंट टाइमिंग के चलते इस समय टॉप-2 कंटेस्टेंट के तौर पर सबसे आगे चल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, अविनाश मिश्रा, रूहानिका धवन और ऋत्विक धनजानी के भी अपने बेहतरीन खेल के दम पर टॉप-5 में जगह बनाने की चर्चा जोरों पर है।
सनातन परंपरा में एकादशी तिथि को सभी तिथियों में सबसे पवित्र, उत्तम और मोक्षदायिनी माना गया है। यह पावन दिन जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु को पूरी तरह समर्पित होता है। मान्यता है कि जो भी साधक इस दिन सच्चे मन और पूरी निष्ठा के साथ व्रत रखकर भगवान विष्णु की आराधना करता है, उसे जीवन के सभी घोर कष्टों, पापों और संकटों से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है और घर में सुख, शांति व अटूट समृद्धि का वास होता है।हिंदू पंचांग के अनुसार, हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष में एक-एक एकादशी आती है, जिससे पूरे साल में कुल 24 एकादशी तिथियां पड़ती हैं। इनमें आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को 'योगिनी एकादशी' (Yogini Ekadashi) के नाम से जाना जाता है। इस साल तिथियों के फेर और हरि वासर के समय के कारण योगिनी एकादशी का व्रत दो अलग-अलग दिनों में रखा जाएगा। आइए जानते हैं गृहस्थों और वैष्णव संप्रदाय के लिए व्रत की सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पारण का सटीक समय।दो दिन होगा योगिनी एकादशी व्रत: जानिए आपके लिए कौन सी तारीख है सही?पंचांग की गणना के मुताबिक, इस साल आषाढ़ कृष्ण एकादशी तिथि की शुरुआत 10 जुलाई 2026, शुक्रवार को सुबह 08:16 बजे हो रही है। यह तिथि अगले दिन यानी 11 जुलाई 2026, शनिवार को प्रात: 05:22 बजे तक मान्य रहेगी।चूंकि 11 जुलाई को 'हरि वासर' (एकादशी तिथि का शुरुआती चौथा हिस्सा) सुबह 10 बजकर 32 मिनट पर समाप्त हो रहा है, इसलिए शास्त्रों के नियमों के अनुसार इस बार व्रत दो अलग-अलग तिथियों में विभाजित हो गया है:गृहस्थों (सामान्य जन) के लिए व्रत: सभी गृहस्थ और सामान्य श्रद्धालु 10 जुलाई 2026, शुक्रवार को योगिनी एकादशी का व्रत रखेंगे। इस दिन उदयातिथि भले ही न हो, लेकिन पूरे दिन एकादशी का प्रभाव रहेगा।वैष्णव संप्रदाय (संत-सन्यासी) के लिए व्रत: मोक्ष और भक्ति मार्ग पर चलने वाले वैष्णव संप्रदाय और अखाड़ों से जुड़े लोग 11 जुलाई 2026, शनिवार को यह पावन व्रत धारण करेंगे।योगिनी एकादशी 2026: पूजा के सभी शुभ चौघड़िया और मुहूर्त10 जुलाई को व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुबह के समय भगवान विष्णु की पूजा के लिए कई बेहद कल्याणकारी मुहूर्त मिल रहे हैं। इस दिन मुख्य पूजा सुबह 08:16 बजे से लेकर सुबह 10:42 बजे के बीच करना सबसे ज्यादा फलदायी रहेगा। इसके अलावा दिन के अन्य शुभ समय इस प्रकार हैं:लाभ-उन्नति मुहूर्त: सुबह 07:15 बजे से सुबह 08:59 बजे तकअमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: सुबह 08:59 बजे से सुबह 10:42 बजे तकब्रह्म मुहूर्त (प्रात:काल): सुबह 04:10 बजे से सुबह 04:50 बजे तकअभिजीत मुहूर्त (दोपहर): सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:54 बजे तकधृति, शूल योग और भरणी नक्षत्र का महासंयोगइस साल योगिनी एकादशी पर कई विशिष्ट खगोलीय और ज्योतिषीय योग बन रहे हैं। 10 जुलाई को सूर्योदय के समय 'धृति योग' सुबह 07:15 बजे तक रहेगा, जिसके बाद 'शूल योग' की शुरुआत होगी जो अगले दिन 11 जुलाई को तड़के 03:51 बजे तक चलेगा। इसके बाद 'गण्ड योग' लग जाएगा।नक्षत्रों की बात करें तो व्रत वाले दिन 'भरणी नक्षत्र' दोपहर 01:15 बजे तक रहेगा, जिसके बाद से 'कृत्तिका नक्षत्र' की शुरुआत हो जाएगी। इन नक्षत्रों और योगों के प्रभाव से इस दिन की गई विष्णु सहस्रनाम की पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है।व्रत पर रहेगा भद्रा का साया, लेकिन धरती पर नहीं होगा कोई नुकसानज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 10 जुलाई को एकादशी तिथि के शुरू होते ही प्रात:काल 05:31 बजे से भद्रा काल भी प्रारंभ हो जाएगा, जो सुबह 08:16 बजे तक रहेगा। यह भद्रा करीब 2 घंटे से अधिक समय तक बनी रहेगी।राहत की बात: ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस भद्रा का वास पृथ्वी लोक पर न होकर 'स्वर्ग लोक' में रहने वाला है। शास्त्रों का नियम है कि जब भी भद्रा स्वर्ग या पाताल में होती है, तो उसका कोई भी अशुभ या नकारात्मक प्रभाव मृत्युलोक (धरती) पर रहने वाले इंसानों और उनके शुभ कार्यों पर नहीं पड़ता है। इसलिए श्रद्धालु बिना किसी डर के अपनी पूजा संपन्न कर सकते हैं।दोनों दिनों के व्रत का अलग-अलग पारण समय (Parana Timing)किसी भी एकादशी व्रत का पूर्ण फल तभी मिलता है जब उसका पारण (व्रत खोलना) अगले दिन शुभ और सटीक मुहूर्त के भीतर किया जाए। दोनों दिनों के व्रतियों के लिए पारण का समय नीचे दिए अनुसार है:10 जुलाई को व्रत रखने वालों के लिए पारण (For Smartas): जो लोग शुक्रवार को व्रत रखेंगे, वे अगले दिन यानी 11 जुलाई को दोपहर 01:50 बजे से लेकर शाम 04:36 बजे के बीच अपना व्रत खोल सकते हैं। (शनिवार सुबह हरि वासर होने के कारण सुबह पारण वर्जित रहेगा)।11 जुलाई को व्रत रखने वालों के लिए पारण (For Vaishnavas): जो साधक शनिवार को व्रत रखेंगे, वे 12 जुलाई को प्रात: 05:32 बजे से लेकर सुबह 08:18 बजे के बीच बेहद शुभ समय पर पारण की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। पारण के समय किसी ब्राह्मण को सात्विक भोजन या सीधे का दान देना अत्यंत मंगलकारी माना जाता है।
उत्तर भारत के करोड़ों लोग इस समय एक बेहद अजीब स्थिति का सामना कर रहे हैं। कैलेंडर के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून (South-West Monsoon) धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए उत्तर भारत की दहलीज को पार कर चुका है, लेकिन दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोग अब भी झमाझम बारिश के लिए आसमान की तरफ टकटकी लगाए बैठे हैं। आमतौर पर जून के आखिरी हफ्ते में जिन इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन जाते थे, वहां इस बार लोग उमस और सूखी गर्मी से बेहाल हैं।ऐसे में हर किसी के मन में यही बड़ा सवाल उठ रहा है कि जब मौसम विभाग कह रहा है कि मॉनसून पहुंच चुका है, तो फिर बादलों की यह बेरुखी क्यों? इस रहस्य से पर्दा उठाया है भारत के सबसे आधुनिक मौसम सैटेलाइट INSAT-3DS की ताजा तस्वीरों ने, जिसने उत्तर भारत में बारिश न होने की असली और वैज्ञानिक वजह को पूरी दुनिया के सामने ला दिया है।मॉनसून का आना और बारिश होना; दोनों में है जमीन-आसमान का अंतरमौसम वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी क्षेत्र में मॉनसून की आधिकारिक एंट्री हो जाना और वहां लगातार मूसलाधार बारिश होना, दोनों पूरी तरह से अलग-अलग बातें हैं। आईएमडी (IMD) के नियमों के अनुसार, मॉनसून की रफ्तार और उसका बरसना कई जटिल मौसमी कारकों पर निर्भर करता है, जिसमें हवाओं का रुख, वायुमंडल में मौजूद नमी का स्तर और एक बहुत बड़े भूभाग पर लगातार होने वाली प्री-मॉनसून गतिविधि शामिल हैं।यही वजह है कि जब मॉनसून किसी राज्य में प्रवेश करता है, तो यह जरूरी नहीं कि उसके हर जिले और शहर में एक साथ पानी बरसे। कई बार मॉनसून की हवाएं किसी इलाके के ऊपर से गुजर तो जाती हैं, लेकिन वहां का स्थानीय मौसम कई दिनों तक पूरी तरह सूखा, तपता और उमस भरा बना रहता है।INSAT-3DS सैटेलाइट की तस्वीरें क्या कह रही हैं?भारत के एडवांस्ड मौसम उपग्रह INSAT-3DS द्वारा अंतरिक्ष से ली गई तस्वीरों ने उत्तर और मध्य भारत के बीच के इस भारी अंतर को साफ कर दिया है। सैटेलाइट डेटा से पता चलता है कि देश इस समय दो अलग-अलग मौसमी हिस्सों में बंटा हुआ है:क्षेत्र (Regions)सैटेलाइट में बादलों की स्थिति (Cloud Cover Status)मौसम का मिजाजमध्य व दक्षिण भारतघने, गहरे और सक्रिय मानसूनी बादलों का जमावड़ालगातार और अच्छी बारिशबंगाल की खाड़ी व पूर्वोत्तरभारी नमी वाले बादलों का मजबूत चक्रवातमूसलाधार बारिश का दौरदिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणाआसमान पूरी तरह से साफ या बेहद छिटपुट बादलभीषण उमस और सूखी गर्मीराजस्थान व पश्चिमी यूपीबादलों की अनुपस्थिति, शुष्क हवाएंतेज धूप और लू का असरआखिर उत्तर भारत में क्यों अटकी है बारिश? ये है असली वैज्ञानिक वजहINSAT-3DS की तस्वीरों और मौसम विज्ञानियों के विश्लेषण के मुताबिक, उत्तर भारत में व्यापक बारिश न होने के पीछे सबसे बड़ा विलेन 'लो-प्रेशर सिस्टम' (कम दबाव का क्षेत्र) का सक्रिय न होना है।कम दबाव के क्षेत्र का महत्व: सामान्य तौर पर, जब मॉनसून आगे बढ़ता है, तो बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक बहुत ही मजबूत कम दबाव का क्षेत्र बनता है। यह सिस्टम एक विशाल वैक्यूम क्लीनर की तरह काम करता है, जो समुद्र से भारी मात्रा में नमी खींचकर उसे देश के अंदरूनी मैदानी इलाकों (मध्य और उत्तर भारत) की तरफ धकेलता है। जब यह नमी पहाड़ों और स्थानीय हवाओं से टकराती है, तो झमाझम बारिश होती है।वर्तमान में, बंगाल की खाड़ी के ऊपर ऐसा कोई मजबूत कम दबाव का क्षेत्र विकसित नहीं हो पाया है। इसके चलते समुद्र से आने वाली दक्षिण-पश्चिमी मानसूनी हवाएं उत्तर भारत के मैदानों तक पहुंचते-पहुंचते बेहद कमजोर और शुष्क हो जा रही हैं। यही कारण है कि दिल्ली-यूपी में लगातार और व्यापक रूप से पानी बरसने के बजाय, केवल कुछ गिने-चुने इलाकों में ही हल्की आंधी, गरज-चमक या बेहद छिटपुट बौछारें गिरकर शांत हो जा रही हैं।जुलाई की शुरुआत में बदलेगा मौसम, फिर से रफ्तार पकड़ेगा मॉनसूनदिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के वासियों को इस उमस भरी गर्मी से ज्यादा दिनों तक परेशान नहीं होना पड़ेगा। मौसम विभाग के ताजा अनुमानों के मुताबिक, जुलाई के शुरुआती हफ्ते में मॉनसून का यह सुस्त पड़ा सिस्टम एक बार फिर से बेहद आक्रामक और सक्रिय होने जा रहा है।भूमध्य रेखा के उत्तर में, पूर्वी हिंद महासागर के ऊपर इस समय एक बहुत बड़ा और शक्तिशाली मौसम तंत्र (Weather System) तेजी से विकसित हो रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 4 से 7 दिनों के भीतर यह सिस्टम बंगाल की खाड़ी में प्रवेश कर जाएगा। इसके वहां पहुंचते ही समुद्र के ऊपर एक नया और बेहद गहरा कम दबाव का क्षेत्र बनेगा, जो उत्तर भारत की तरफ नमी वाली हवाओं की एक बड़ी खेप भेजेगा।इसके साथ ही, वैज्ञानिक पश्चिमी भारत (महाराष्ट्र और गुजरात) के ऊपर बनने वाले एक और विशेष चक्रवाती सिस्टम पर भी नजर रख रहे हैं। इन दोनों सिस्टम्स के एक साथ एक्टिव होते ही जुलाई की शुरुआत के साथ ही दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा में मानसूनी बारिश का असली और धमाकेदार दौर शुरू हो जाएगा, जिससे तापमान में भारी गिरावट आएगी और लोगों को इस उमस से पूरी तरह राहत मिल जाएगी।
भारतीय बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र (Financial Sector) से आज कॉरपोरेट जगत की एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। निजी क्षेत्र के दिग्गज कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) अशोक वासवानी (Ashok Vaswani) इस साल के अंत में अपने पद से मुक्त हो जाएंगे।बैंक ने 27 जून 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों (BSE और NSE) को दी गई आधिकारिक नियामक फाइलिंग में इस बड़े लीडरशिप बदलाव की पुष्टि की है। बैंक प्रशासन ने बताया कि अशोक वासवानी ने बोर्ड को यह साफ कर दिया है कि 31 दिसंबर 2026 को उनका मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद, वे अपनी दोबारा नियुक्ति (Re-appointment) की इच्छा नहीं रखते हैं। उनके इस फैसले के बाद बैंक ने शीर्ष स्तर पर उत्तराधिकार (Succession Planning) की तैयारी तेज कर दी है।कोटक महिंद्रा बैंक ने शुरू की नए MD और CEO की औपचारिक तलाशस्टॉक एक्सचेंजों के साथ साझा की गई जानकारी के मुताबिक, कोटक महिंद्रा बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 27 जून को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें वासवानी के पद छोड़ने के फैसले को आधिकारिक तौर पर रिकॉर्ड पर लिया गया। इसके साथ ही, बोर्ड ने बैंक के अगले एमडी और सीईओ की खोज के लिए एक स्वतंत्र सर्च कमेटी के गठन और औपचारिक प्रक्रिया को शुरू करने पर अपनी पूर्ण सहमति दे दी है।बैंक प्रबंधन ने अपने शेयरधारकों और ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा तय की गई समय सीमा (Deadline) के भीतर ही नए योग्य एमडी और सीईओ के नाम को अंतिम मंजूरी देकर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, ताकि बैंक के कामकाज में किसी तरह की रुकावट न आए।चुनौतीपूर्ण और रेगुलेटरी बदलावों के दौर में संभाली थी कमानअशोक वासवानी का कोटक महिंद्रा बैंक के शीर्ष पद पर रहना बेहद ऐतिहासिक माना जाता है। उन्होंने बैंक का नेतृत्व एक ऐसे नाजुक समय पर किया, जब पूरा भारतीय बैंकिंग उद्योग तकनीक, डिजिटल पेमेंट्स और कड़े रेगुलेटरी (नियामक) बदलावों के दौर से गुजर रहा था।इस साल 31 दिसंबर को उनके पद छोड़ने के साथ ही बैंक के उस महत्वपूर्ण अध्याय का अंत हो जाएगा, जिसके दौरान कोटक महिंद्रा बैंक ने बाजार में बढ़ते कड़े कॉम्पटिशन का सफलतापूर्वक सामना किया और अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कई कड़े नीतिगत फैसले लिए।उदय कोटक की जगह संभाली थी कुर्सी, अभी नए नामों पर सस्पेंस बरकरारकोटक महिंद्रा बैंक के बोर्ड ने फिलहाल उन संभावित उम्मीदवारों या शॉर्टलिस्ट किए गए नामों का खुलासा नहीं किया है, जिन्हें अगला एमडी और सीईओ बनाने पर विचार किया जा रहा है। बोर्ड का कहना है कि वे एक तय और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सही समय पर नए लीडर का चयन करेंगे ताकि बैंक के दैनिक ऑपरेशन्स और भविष्य के स्ट्रेटेजिक डायरेक्शन (रणनीतिक दिशा) में निरंतरता बनी रहे।गौरतलब है कि अशोक वासवानी ने 1 जनवरी 2024 को कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक और दिग्गज बैंकर उदय कोटक (Uday Kotak) के पद छोड़ने के बाद इस प्रतिष्ठित बैंक के एमडी और सीईओ के रूप में कार्यभार संभाला था।तीन दशकों का सिटीग्रुप और बार्कलेज का अंतरराष्ट्रीय अनुभवकोटक महिंद्रा बैंक के बॉस की जिम्मेदारी संभालने से पहले अशोक वासवानी को वैश्विक स्तर पर बैंकिंग का एक दिग्गज चेहरा माना जाता था। उनके पास वित्तीय क्षेत्र का एक बेदाग और बेहद समृद्ध प्रोफाइल है:सिटीग्रुप (Citigroup): वासवानी ने वैश्विक बैंकिंग दिग्गज सिटीग्रुप में लगभग तीन दशकों (30 साल) तक विभिन्न शीर्ष वैश्विक पदों पर काम किया है।बार्कलेज (Barclays): वे मशहूर ब्रिटिश बैंक 'बार्कलेज' में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जहां वे बार्कलेज के ग्लोबल कंज्यूमर, प्राइवेट, कॉर्पोरेट और पेमेंट बिजनेस के सीईओ के रूप में पूरे ग्रुप की कमान संभाल रहे थे और ग्रुप की मुख्य एग्जिक्यूटिव कमेटी के सक्रिय सदस्य थे।मुंबई यूनिवर्सिटी से स्टैनफोर्ड तक: बेहद शानदार है शैक्षणिक सफरअशोक वासवानी की गिनती देश के सबसे पढ़े-लिखे और वित्तीय रूप से समझदार सीईओ में होती है। उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित सिडेनहैम कॉलेज (Sydenham College of Commerce and Economics) से इकोनॉमिक्स और अकाउंटेंसी विषयों के साथ बैचलर ऑफ कॉमर्स (B.Com) की डिग्री हासिल की थी।वे भारत के एक सर्टिफाइड चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) होने के साथ-साथ एक क्वालिफाइड कंपनी सेक्रेटरी (CS) भी हैं। इसके अलावा, उन्होंने दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में शुमार 'स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस' (Stanford University) से एग्जिक्यूटिव एजुकेशन का एडवांस कोर्स भी पूरा किया है। उनके इसी अंतरराष्ट्रीय अनुभव और शैक्षणिक कौशल का लाभ कोटक महिंद्रा बैंक को अपने परिवर्तनकारी दौर में मिला।
अलवर में बिजली विभाग में कार्यरत निजी कर्मचारी की करंट लगने से मौत
अलवर। राजस्थान में अलवर के उद्योग नगर थाना क्षेत्र में ढाडोली गांव में शुक्रवार को एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद शनिवार को सुबह मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। सभी लोग जिला अस्पताल पहुंचे और बिजली विभाग के खिलाफ कार्रवाई, मुआवजा देने और सरकारी […] The post अलवर में बिजली विभाग में कार्यरत निजी कर्मचारी की करंट लगने से मौत appeared first on Sabguru News .
मुहर्रम जुलूस के बीच मुंबई पुलिस की कार्रवाई, 15,000 जहरीले कैप्सूल बरामद, एक गिरफ्तार
मुंबई पुलिस ने मुहर्रम के मौके पर एक बेहद खौफनाक और बड़े पैमाने पर लोगों को नुकसान पहुंचाने वाली साजिश को नाकाम कर दिया। इस मामले में पुलिस ने पुणे के रहने वाले एक शख्स को गिरफ्तार किया है, जो मुहर्रम के जुलूस में शामिल लोगों को पेन किलर का झांसा देकर एक बेहद खतरनाक और जहरीला पदार्थ 'जिंक फास्फाइड' बांटने की फिराक में था।
भरतपुर में बुजुर्ग की हत्या की गुत्थी सुलझी, तीन आरोपी अरेस्ट
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के सेवर थाना क्षेत्र में 24 जून को एक सुनसान खाली भूखंड में नाले के पास झाड़ियों में मिले एक बुजुर्ग के शव की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने हत्या की साजिश रचने और वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया […] The post भरतपुर में बुजुर्ग की हत्या की गुत्थी सुलझी, तीन आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ में पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी से संपर्क साधने वाला युवक अरेस्ट
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले हनुमानगढ़ टाऊन थाना क्षेत्र में पुलिस ने पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी से संपर्क बनाए रखने और महत्वपूर्ण जानकारी साझा करने के आरोप में एक 20 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक नरेंद्रसिंह मीणा ने शनिवार को बताया कि आरोपी हनुमानगढ़ टाउन के वार्ड नंबर 45 में दशहरा मैदान […] The post हनुमानगढ़ में पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी से संपर्क साधने वाला युवक अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
33 लाख से अधिक एमएसएमई उद्यमों के साथ राजस्थान बना देश का चौथा सबसे बड़ा MSME राज्य
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार उद्योगों और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है और उसकी नीतियों, प्रयासों एवं उद्यमियों के साहस, आत्मविश्वास और कर्मठता के चलते 33 लाख से अधिक एमएसएमई उद्यमों के साथ राजस्थान आज देश का चौथा सबसे […] The post 33 लाख से अधिक एमएसएमई उद्यमों के साथ राजस्थान बना देश का चौथा सबसे बड़ा MSME राज्य appeared first on Sabguru News .
जेवर में 6,785 करोड़ का बड़ा निवेश! इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की ओर बढ़ा उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जेवर में 6,785 करोड़ रुपये के निवेश से अंबर एंटरप्राइजेज एवं कोरिया सर्किट्स के ज्वाइंट वेंचर ‘एसेंट के सर्किट्स’ का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट क्षेत्र में रोजगार व नए उद्योगों को गति प्रदान करेगा। ...
बॉलीवुड फ़िल्में जोड़ रही हैं भारत और लैटिन अमेरिका को
Bollywood in Latin America: अपने आप को हर क्षेत्र में बाकी दुनिया से श्रेष्ठ समझने का गर्व करने वाले यूरोप-अमेरिका के फ़िल्म समीक्षक भारतीय फ़िल्मों को गंभरता से नहीं लेते— बहुत अतिरंजित और छिछली मान कर टाल देते हैं। लेकिन, इधर कुछ समय से देखने में ...
सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव! योगी सरकार ने गुणवत्ता सुधार के लिए तेज की अकादमिक टीम की तैनाती
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार विद्यालयी शिक्षा में गुणवत्ता आधारित परिवर्तन की दिशा में मानव संसाधनों का सबसे व्यापक अकादमिक ढांचा तैयार कर रही है। प्रदेश सरकार का मानना है कि शिक्षा व्यवस्था में स्थायी बदलाव केवल ...
डोनाल्ड ट्रंप ने टेक टैक्स को लेकर यूरोपीय देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की दी धमकी
वॉशिंगटन। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमरीकी दिग्गज टेक कंपनियों पर डिजिटल सेवा कर लगाने वाले किसी भी यूरोपीय देश के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ऐसे देशों से अमरीका आने वाले तमाम सामान पर तत्काल 100 प्रतिशत का दंडात्मक आयात शुल्क लगाया जाएगा। ‘ट्रुथ सोशल’ […] The post डोनाल्ड ट्रंप ने टेक टैक्स को लेकर यूरोपीय देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की दी धमकी appeared first on Sabguru News .
मध्यप्रदेश में मोहन सरकार साल 2027 को 'युवा वर्ष' के रूप में मनाएगी। दूसरी ओर, 'ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट' (GIS) भी जनवरी में भोपाल में आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ये घोषणाएं अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस-2026 पर भोपाल के रवींद्र भवन में ...
बीकानेर में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से एक युवक की मौत, एक घायल
बीकानेर। राजस्थान में बीकानेर जिले के लूणकरणसर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-62 पर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रैक्टर-ट्रॉली बीकानेर की ओर से चूनावढ़ जा रही थी। देर रात महाजन-मोखमपुरा मार्ग पर अचानक ट्रैक्टर-ट्रॉली बेकाबू होकर पलट गयी। इससे […] The post बीकानेर में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से एक युवक की मौत, एक घायल appeared first on Sabguru News .
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट ने की चंपत राय और डा अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर में चढ़ावे और प्रसाद व्यवस्था को लेकर उठे विवाद के बीच शनिवार को स्पष्ट किया कि महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे प्राप्त हो गए हैं, जिन पर अंतिम निर्णय ट्रस्ट की अगली बैठक में लिया जाएगा। ट्रस्ट ने कहा कि पूरे […] The post श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट ने की चंपत राय और डा अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि appeared first on Sabguru News .
अलवर में बस की चपेट में आने से एक युवक की मौत, एक घायल
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के शिवाजी पार्क थाना क्षेत्र में शुक्रवार को टेल्को सर्किल के समीप लोक परिवहन सेवा की बस की टक्कर से मोटर साइकिल पर सवार एक युवक की मौत हो गयी, जबकि उसका साथी घायल हो गया। हादसे के बाद बस चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने […] The post अलवर में बस की चपेट में आने से एक युवक की मौत, एक घायल appeared first on Sabguru News .
जम्मू कश्मीर में 6.2 तीव्रता का भूकंप, लोग दहशत में
Jammu Kashmir Earthquake: जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। राजधानी श्रीनगर में भी झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता 6.2 बताई गई है, जबकि इसका केन्द्र अफगानिस्तान में जमीन से 215 किलोमीटर नीचे बताया जा रहा है। शुरुआती ...
चीन के बड़े कदम से और नीचे आ सकता है Gold, आखिर ऐसा क्या कर दिया China ने
China Big Decision on Gold: यूं तो पिछले कुछ समय से सोना और चांदी की कीमतों में भारत में भी लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। लेकिन, चीन के एक कदम ने सोना-चांदी बाजारों में हलचल मचा दी है। दरअसल, चीन दुनिया में सोने का सबसे बड़ा उपभोक्ता है। हाल ही ...
छत्तीसगढ़ में हीरा खनन की तैयारी तेज, बलौदा-बेलमुंडी ब्लॉक में बड़े पैमाने पर ड्रिलिंग को मंजूरी
छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (एनसीएल) के निदेशक मंडल की नई दिल्ली में आयोजित बैठक में महासमुंद जिले के बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में परियोजना के अगले चरण को मंजूरी देते हुए लार्ज डायमीटर ड्रिलिंग शुरू करने का निर्णय लिया गया।
मुंबई में मोहर्रम को 'मातम' में बदलने की साजिश, 14900 मौत के कैप्सूल बरामद!
Mumbai Poison Conspiracy: मुंबई को एक बार फिर दहलाने और मुहर्रम के जुलूस को 'मातम के समंदर' में बदलने की एक बेहद खौफनाक और सोची-समझी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। जांच एजेंसियों ने वक्त रहते एक ऐसे 'साइलेंट किलर' को दबोच लिया है, जो बम या बंदूक से नहीं, ...

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