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बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठ नेटवर्क पर ईडी का बड़ा एक्शन, पांच राज्यों में छापे; विदेशी फंडिंग के मिले सुराग

ईडी ने बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठ नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच राज्यों में 13 ठिकानों पर छापेमारी की। विदेशी फंडिंग, फर्जी दस्तावेज और संदिग्ध बैंक लेन-देन की जांच तेज।

देशबन्धु 17 Jul 2026 10:54 am

Maruti Suzuki E20 Fuel Controversy: ग्रैंड विटारा में E20 पेट्रोल डालते ही आई खराबी! कंज्यूमर कोर्ट ने दिया ₹20.5 लाख रिफंड का आदेश, मारुति कोर्ट के फैसले को देगी चुनौती

भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (Maruti Suzuki India) इस समय एक बड़े कानूनी और तकनीकी विवाद के घेरे में आ गई है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह रायपुर (छत्तीसगढ़) के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (District Consumer Disputes Redressal Commission) द्वारा 14 जुलाई 2026 को जारी किए गए एक आदेश को उच्च अदालत में चुनौती देगी।उपभोक्ता अदालत ने मारुति सुजुकी को आदेश दिया था कि वह शिकायतकर्ता ग्राहक की गाड़ी को नए E20-कम्पैटिबल (E20-Compatible) मॉडल से बदले या फिर भारी-भरकम रिफंड दे। यह मामला देश में तेजी से बढ़ रहे इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (Ethanol Blended Petrol) और गाड़ियों की तकनीकी क्षमता को लेकर एक नई बहस छेड़ चुका है। आइए जानते हैं क्या है यह पूरा विवाद, कंज्यूमर कोर्ट का फैसला और इस पर मारुति सुजुकी का क्या तर्क है:क्या है पूरा मामला? (The Grand Vitara E20 Issue)यह पूरा विवाद छत्तीसगढ़ के एक ग्राहक से जुड़ा है, जिन्होंने मारुति सुजुकी की प्रीमियम एसयूवी 'ग्रैंड विटारा हाइब्रिड' (Grand Vitara Hybrid) खरीदी थी।ग्राहक की शिकायत: गाड़ी के मालिक ने जिला कंज्यूमर फोरम में शिकायत दर्ज कराई थी कि सरकार के नए नियमों के तहत जैसे ही उन्होंने अपनी कार में E20 पेट्रोल (20% इथेनॉल मिला हुआ ईंधन) भरवाया, गाड़ी के इंजन और मैकेनिकल सिस्टम में गंभीर तकनीकी खराबी आ गई।मैन्युफैक्चरिंग डेट का पेंच: खबरों के मुताबिक, यह कार ग्राहक को जून 2024 में बेची गई थी, लेकिन कंपनी के रिकॉर्ड के अनुसार इस गाड़ी का निर्माण (Manufacturing) जनवरी 2023 में हुआ था। ग्राहक का आरोप था कि गाड़ी नए फ्यूल स्टैंडर्ड के अनुकूल नहीं थी।कंज्यूमर कोर्ट का सख्त आदेश: ₹20.5 लाख का रिफंडरायपुर के डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर फोरम ने ग्राहक की शिकायत और गाड़ी की तकनीकी जांच रिपोर्ट के आधार पर मारुति सुजुकी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया:कार बदलने का निर्देश: कोर्ट ने कंपनी को आदेश दिया कि वह 45 दिनों के भीतर ग्राहक को पुरानी गाड़ी के बदले बिल्कुल नई E20-कम्पैटिबल कार डिलीवर करे।पूरा पैसा वापस करने का विकल्प: यदि कंपनी गाड़ी नहीं बदलती है, तो उसे ग्राहक को गाड़ी की पूरी कीमत, आरटीओ (RTO) रजिस्ट्रेशन चार्ज और कार इंश्योरेंस के खर्च समेत कुल ₹20.5 लाख का पूरा रिफंड चुकाना होगा।मारुति सुजुकी का पलटवार: 'फ्यूल में मिलावट के मिले हैं पक्के सबूत'कंज्यूमर कोर्ट के इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मारुति सुजुकी इंडिया ने अपने एक आधिकारिक बयान में कहा है कि वे इस फैसले के खिलाफ कानूनी रास्ता अपनाएंगे और इसे ऊपरी अदालत में चुनौती देंगे। कंपनी ने अपनी सफाई में दो बेहद महत्वपूर्ण दलीलें पेश की हैं:1. कार पहले से ही थी E20 सर्टिफाइड: मारुति सुजुकी ने स्पष्ट किया कि मामले में शामिल ग्रैंड विटारा कार पूरी तरह से E20-कम्पैटिबल थी और ओनर मैनुअल (Owner Manual) में दिए गए निर्देशों के अनुसार 20% इथेनॉल वाले ईंधन पर चलने में 100% सक्षम थी। कार के निर्माण या उसकी तकनीक में कोई कमी नहीं थी।2. मिलावटी पेट्रोल के कारण आई खराबी: दिग्गज कार निर्माता कंपनी का सबसे बड़ा दावा यह है कि जब प्रभावित गाड़ी के टैंक से ईंधन (Fuel Sample) की जांच की गई, तो उसमें फ्यूल मिलावट (Fuel Adulteration) के पक्के सबूत पाए गए। कंपनी का कहना है कि उपभोक्ता अदालत ने अपने फैसले में मिलावटी ईंधन और कई अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक तथ्यों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है।एथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल (E20) और ऑटो इंडस्ट्री का गणितभारत सरकार प्रदूषण कम करने और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाने के लिए देश भर में E20 पेट्रोल (80% पेट्रोल + 20% इथेनॉल) को अनिवार्य रूप से लागू कर रही है।ऑटोमोबाइल्स विशेषज्ञों और कार कंपनियों का कहना है कि E20 सर्टिफाइड गाड़ियां इस ईंधन पर पूरी तरह सुरक्षित चल सकती हैं, बशर्ते कि पेट्रोल पंपों पर मिलने वाले ईंधन की क्वालिटी सरकारी स्टैंडर्ड के अनुरूप हो। यदि पेट्रोल में पानी या अन्य रसायनों की मिलावट होती है, तो यह एथेनॉल के साथ मिलकर इंजन के कंपोनेंट्स को नुकसान पहुंचा सकती है। फिलहाल, इस अदालती लड़ाई के नतीजे पर देश के लाखों कार मालिकों और ऑटो इंडस्ट्री की नजरें टिकी हुई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 10:28 am

Aaj Ka Rashifal 2026: आज इन मूलांक वालों पर होगी धन की बौछार, वहीं इन्हें निवेश में बरतनी होगी सावधानी; जानें अपना आर्थिक राशिफल

अंक ज्योतिष (Numerology) के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का एक विशेष महत्व होता है। यह न केवल व्यक्ति के स्वभाव और व्यक्तित्व का आईना होती है, बल्कि उसके आने वाले कल और वित्तीय स्थिति का भी संकेत देती है। आज 17 जुलाई 2026 का दिन आर्थिक मामलों में हर मूलांक (Moolank) के जातकों के लिए बेहद खास और अलग-अलग परिणाम लेकर आया है।आज जहां कुछ मूलांक के लोगों को अप्रत्याशित धन लाभ और करियर में नए सुनहरे अवसर मिलेंगे, वहीं कुछ मूलांक वालों को अपने बढ़ते खर्चों और नए निवेशों को लेकर अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है। आइए विस्तार से जानते हैं कि मूलांक 1 से लेकर 9 तक के जातकों के लिए आज का दिन पैसों के मामले में कैसा रहने वाला है:मूलांक 1: जल्दबाजी में बड़े फैसलों से बचेंजन्मतिथि: यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है।आर्थिक स्थिति: आज आपको वित्तीय मामलों में थोड़ा संभलकर कदम आगे बढ़ाने की जरूरत है। दिन की शुरुआत कुछ अनचाहे और अचानक होने वाले खर्चों से हो सकती है, जो आपके मासिक बजट को बिगाड़ सकते हैं।बिजनेस व निवेश: व्यापार जगत से जुड़े लोगों को आज किसी भी बड़ी या नई डील पर जल्दबाजी में हस्ताक्षर या फैसला नहीं करना चाहिए। दिन के उत्तरार्ध (दूसरे हिस्से) में फंसा हुआ पैसा या पुराना उधार वापस मिलने की उम्मीद है। फिलहाल नया लोन (कर्ज) लेने से बचें।मूलांक 2: तरक्की और बड़े मुनाफे के संकेतजन्मतिथि: यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है।आर्थिक स्थिति: आपके लिए आज का दिन आर्थिक दृष्टिकोण से बेहद शानदार और भाग्यशाली रहने वाला है। अतीत में किए गए निवेशों (Past Investments) से अब आपको बेहतरीन रिटर्न मिलना शुरू हो सकता है।करियर: नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर प्रमोशन, इंसेंटिव या बोनस से जुड़ी कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। आज आप परिवार के लिए वाहन या कोई अन्य कीमती इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने की ठोस योजना बना सकते हैं।मूलांक 3: आय और व्यय में बनी रहेगी होड़जन्मतिथि: यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है।आर्थिक स्थिति: आज आपकी आमदनी और खर्च दोनों समानांतर रूप से चलेंगे। एक तरफ से धन का आगमन होगा, तो दूसरी तरफ से अनावश्यक खर्चे भी सामने आ खड़े होंगे।उधार का दबाव: यदि आपने पूर्व में किसी से कर्ज लिया था, तो आज उसे चुकाने का मानसिक दबाव बढ़ सकता है। व्यापार में स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन पार्टनरशिप (साझेदारी) से जुड़े बड़े फैसलों को कुछ दिनों के लिए टाल देना ही समझदारी होगी।मूलांक 4 से 6 तक का वित्तीय लेखा-जोखामूलांक (Moolank)किनके लिए है? (Dates)कैसा रहेगा आज का आर्थिक दिन? (Financial Predictions)मूलांक 44, 13, 22 या 31 तारीखगोल्डन टाइम: आर्थिक मोर्चे पर आज आपकी बेहतरीन प्रगति होगी। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। सोना (Gold), फिक्स्ड डिपॉजिट या लंबी अवधि की सरकारी योजनाओं में निवेश के लिए आज का दिन सर्वोत्तम है।मूलांक 55, 14 या 23 तारीखनए अवसर: आज आपको व्यापार या नौकरी में कमाई के नए और आकर्षक अवसर हाथ लग सकते हैं। किसी पुरानी कंपनी या पुराने क्लाइंट से दोबारा बड़ा काम मिलने के संकेत हैं। हालांकि, भावनाओं में बहकर कोई बड़ा खर्च न करें।मूलांक 66, 15 या 24 तारीखसतर्क रहें: अचानक घरेलू खर्च बढ़ने से आज थोड़ी मानसिक चिंता हो सकती है। पैसों की तंगी को दूर करने के लिए किसी मित्र या करीबी रिश्तेदार से मदद लेनी पड़ सकती है। शेयर बाजार (Share Market) या किसी भी प्रकार के जोखिम भरे निवेश से आज पूरी तरह दूरी बना लें।मूलांक 7: संतुलित सोच से पूरे होंगे बड़े कामजन्मतिथि: यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है।आर्थिक स्थिति: आज आपको पैसों के लेन-देन में एक संतुलित और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। सुबह के समय कार्यों की रफ्तार थोड़ी धीमी रह सकती है, लेकिन दोपहर बाद स्थितियों में तेजी से सुधार होगा।धन लाभ: डूबा हुआ या अटका हुआ पैसा वापस मिलने के योग हैं। नौकरी और कारोबार में कुछ ऐसे नए रास्ते खुलेंगे जो भविष्य में आपकी आय को दोगुना करने में मददगार साबित होंगे। परिवार के सहयोग से बड़े खर्च भी आसानी से मैनेज हो जाएंगे।मूलांक 8: पुराने लेन-देन बढ़ा सकते हैं सिरदर्दजन्मतिथि:防护 यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है।आर्थिक स्थिति: आज पैसों के मामलों में आपको 'अति-सावधानी' बरतने की सलाह दी जाती है। पुराने लेन-देन या किसी पुराने विवाद के उभरने से मानसिक परेशानी हो सकती है।निवेश से बचें: क्रेडिटर्स (लेनदारों) का दबाव आज बढ़ सकता है, इसलिए जोखिम भरे सट्टे या शॉर्ट-टर्म निवेश से बिल्कुल दूर रहें। कामकाजी लोगों को साइड इनकम के नए मौके मिलेंगे, लेकिन उनका वास्तविक वित्तीय लाभ आपको धीरे-धीरे और रुक-रुक कर ही प्राप्त होगा।मूलांक 9: पुराने निवेश से बंपर रिटर्न की उम्मीदजन्मतिथि: यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है।आर्थिक स्थिति: मूलांक 9 वाले जातकों के लिए आज का दिन भाग्य का साथ दिलाने वाला है। आपके द्वारा पहले किए गए म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी के निवेश से आज बड़ा आर्थिक लाभ मिल सकता है।नया स्टार्टअप: यदि आप कोई नया बिजनेस या स्टार्टअप शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो आज का दिन आपके पक्ष में रहेगा। नौकरीपेशा लोगों को सैलरी हाइक (Salary Hike) की खबर मिल सकती है। आज अपनी बचत और खर्चों के बीच एक सही संतुलन बनाकर चलें ताकि भविष्य का वित्तीय लक्ष्य सुरक्षित हो सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 10:26 am

Guru Purnima 2026 Date & Auspicious Muhurat: 29 जुलाई को मनाई जाएगी गुरु पूर्णिमा, बन रहा है प्रीति योग; जानें स्नान-दान और पूजा का सबसे बेस्ट टाइम

हिंदू धर्म और वैदिक संस्कृति में गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima) का स्थान सर्वोपरि माना गया है। यह पावन दिन गुरुओं के प्रति आदर, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ-साथ अपनी कुंडली में देवगुरु बृहस्पति (Jupiter) की असीम कृपा प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, आषाढ़ मास की पूर्णिमा के दिन ही महाभारत, 18 पुराणों और चारों वेदों के रचयिता महर्षि वेदव्यास जी का जन्म हुआ था। इसी कारण इस पावन पर्व को 'व्यास पूर्णिमा' (Vyas Purnima) भी कहा जाता है। इस दिन गुरु की वंदना करने से जीवन का अज्ञान रूपी अंधकार दूर होता है और बुद्धि, ज्ञान तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। साल 2026 में गुरु पूर्णिमा के दिन प्रीति योग और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का एक बेहद अद्भुत संयोग बन रहा है, जो गुरु दोष से मुक्ति पाने के लिए विशेष फलदायी है। आइए जानते हैं तिथि, शुभ मुहूर्त और इस दिन का विशेष महत्व:प्रीति योग और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का खास संयोगइस साल की गुरु पूर्णिमा धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों के लिए विशेष रूप से शुभ फल देने वाली है:प्रीति योग (Preeti Yog): 29 जुलाई को सुबह से लेकर रात 11 बजकर 58 मिनट तक प्रीति योग रहेगा, जिसके बाद आयुष्मान योग की शुरुआत होगी। ज्योतिष शास्त्र में प्रीति योग के स्वामी ग्रह बुध और देवता भगवान विष्णु माने गए हैं। इस योग में नए रिश्तों की शुरुआत करना, पुराने विवादों को सुलझाना या कोई नई बिजनेस डील फाइनल करना बेहद भाग्यशाली और मान-सम्मान बढ़ाने वाला माना जाता है।नक्षत्रों का प्रभाव: गुरु पूर्णिमा के दिन सुबह से लेकर दोपहर 03 बजकर 37 मिनट तक उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रहेगा, इसके बाद श्रवण नक्षत्र शुरू हो जाएगा। ये दोनों ही नक्षत्र शुभ कार्यों के लिए अत्यंत उत्तम माने गए हैं।गुरु पूर्णिमा 2026: तिथि और समय (Tithi & Timings)पंचांग की गणना के अनुसार, आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि दो दिनों में व्याप्त रहेगी, लेकिन उदयातिथि के नियमों के तहत पर्व 29 जुलाई 2026, बुधवार को मनाया जाएगा।पूर्णिमा तिथि का आरंभ: 28 जुलाई 2026 को शाम 06 बजकर 18 मिनट से।पूर्णिमा तिथि का समापन: 29 जुलाई 2026 को रात 08 बजकर 05 मिनट पर।पूजन, पवित्र स्नान और दान के लिए शुभ चौघड़िया मुहूर्तगुरु पूर्णिमा के दिन सुबह के समय पवित्र नदियों में स्नान करने और दान-पुण्य करने की परंपरा है। यदि आप इस दिन गुरु पूजा या दान करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए शुभ चौघड़िया मुहूर्त (Choghadiya Muhurat) का लाभ उठा सकते हैं:मुहूर्त का प्रकार (Shubh Muhurat)समय अवधि (Time Slots)महत्व (Significance)ब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurat)सुबह 04:17 से 04:59 तकध्यान, मंत्र जप और गुरु स्मरण के लिए सर्वश्रेष्ठ।लाभ - उन्नति मुहूर्त (Labh)सुबह 05:41 से 07:22 तकनए काम की शुरुआत, पठन-पाठन और पूजन के लिए शुभ।अमृत मुहूर्त (Amrit)सुबह 07:22 से 09:04 तकपवित्र स्नान, महादान और गुरु दीक्षा के लिए सर्वोत्तम।शुभ मुहूर्त (Shubh)सुबह 10:46 से दोपहर 12:27 तकगुरु वंदना, आरती और गुरुजनों का आशीर्वाद लेने के लिए श्रेष्ठ।गुरु पूर्णिमा का पौराणिक महत्व और परंपराएंभारतीय सनातन संस्कृति में गुरु को भगवान से भी ऊंचा दर्जा दिया गया है, क्योंकि गुरु ही हमें सही और गलत का भेद समझाकर ईश्वर तक पहुँचने का मार्ग दिखाते हैं।वेद व्यास जयंती उत्सव: महर्षि वेदव्यास जी ने बिखरे हुए वैदिक मंत्रों का संकलन करके उन्हें चार वेदों में विभाजित किया था। इसी आभार में हर साल उनके जन्मोत्सव पर व्यास जी के चित्र या प्रतिमा का पूजन किया जाता है।कृतज्ञता का पर्व: इस दिन शिष्य अपने-अपने गुरुओं के आश्रम या घर जाकर उनके चरणों में शीश नवाते हैं, उन्हें सामर्थ्य अनुसार उपहार भेंट करते हैं और उनके मार्गदर्शन के लिए आभार जताते हैं।गुरु दोष निवारण: जिन लोगों की कुंडली में गुरु ग्रह (बृहस्पति) कमजोर स्थिति में है या गुरु दोष के कारण विवाह, शिक्षा व करियर में रुकावटें आ रही हैं, उन्हें इस दिन किसी विद्वान गुरु या भगवान विष्णु की विशेष पूजा करनी चाहिए। इस दिन किया गया दान जीवन के कष्टों को शांत करता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 10:20 am

विंध्य के लिए ‘भगीरथ’ बने सीएम डॉ. मोहन यादव, जानें कैसे धरातल पर उतारा इंजीनियरिंग का चमत्कार?

मध्यप्रदेश के सिंचाई इतिहास की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल स्लीमनाबाद जल-सुरंग अब पूर्णता के अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आजकटनी जिले में देश की सबसे लंबी और तकनीकी रूप से सबसे जटिल जल-सुरंग का निरीक्षण करेंगे। ...

वेब दुनिया 17 Jul 2026 10:08 am

Vande Bharat Express Food Menu 2026: सिर्फ रफ्तार नहीं, स्वाद का भी सफर! सुबह की चाय से लेकर लंच-स्नैक्स तक, जानें वंदे भारत का पूरा ऑनबोर्ड फूड मेन्यू

भारतीय रेलवे की प्रीमियम और सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) आज के समय में सिर्फ अपनी बेहतरीन रफ्तार, आधुनिक लुक और आरामदायक सफर के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी विश्वस्तरीय ऑनबोर्ड कैटरिंग सुविधाओं (Onboard Catering Services) के लिए भी यात्रियों के बीच काफी लोकप्रिय हो चुकी है।लंबी दूरी के सफर के दौरान यात्रियों के खान-पान का विशेष ख्याल रखने के लिए इस ट्रेन में सुबह की शुरुआत से लेकर रात के खाने तक का पूरा बंदोबस्त होता है। ट्रेन में पैसेंजर्स को नाश्ते से लेकर लंच, शाम के स्नैक्स और डेजर्ट (मीठा) तक के कई लजीज ऑप्शन अवेलेबल कराए जाते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर के दौरान मिलने वाले फूड मेन्यू (Vande Bharat Menu) में क्या-क्या खास बातें शामिल हैं:1. सुबह की फ्रेश शुरुआत: हर्बल टी, कॉफी और प्री-ब्रेकफास्टवंदे भारत एक्सप्रेस में जैसे ही आपकी यात्रा शुरू होती है, पैसेंजर्स का स्वागत रिफ्रेशिंग हॉट ड्रिंक्स के साथ किया जाता है:चाय/कॉफी के विकल्प: यात्रियों को उनकी पसंद के अनुसार गरमा-गरम प्री-मिक्स चाय, ग्रीन टी या कॉफी परोसी जाती है। इसके साथ में प्रीमियम ब्रांड्स के बिस्किट भी दिए जाते हैं।वेलकम किट: यात्रियों की सुविधा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए भोजन से पहले एक सर्विस किट दी जाती है, जिसमें चम्मच, गीला टिश्यू पेपर, हैंड सैनिटाइजर, नमक और काली मिर्च के पाउच शामिल होते हैं।2. ब्रेकफास्ट (Morning Breakfast): रूट के अनुसार लजीज विकल्पसुबह के नाश्ते के मेन्यू को ट्रेन के रूट (क्षेत्र) के अनुसार डिजाइन किया जाता है ताकि यात्रियों को स्थानीय स्वाद मिल सके:साउथ और वेस्टर्न रूट्स: यदि आप दक्षिण भारत या पश्चिमी भारत के रूट पर सफर कर रहे हैं, तो नाश्ते में गरम-गरम इडली, कुरकुरा मेदू वड़ा, सूजी उपमा, पारंपरिक पोंगल, सांभर और नारियल की ताजी चटनी जैसे विकल्प मिलते हैं।नॉर्थ रूट्स: उत्तर भारतीय रूट्स पर स्टफ्ड ब्रेड पकोड़ा, कटलेट या वेज सैंडविच जैसे ऑप्शन दिए जाते हैं।कॉम्प्लीमेंट्री साइड्स: नाश्ते को और अधिक पौष्टिक व स्वादिष्ट बनाने के लिए इसके साथ में ताजे कटे हुए फल (या फ्रूट जूस), एगलेस केक/मफिन और एक बार फिर गर्म पेय (चाय/कॉफी) परोसा जाता है।3. दोपहर का भोजन (Grand Lunch): शुद्ध भारतीय फ्लेवर का तड़कावंदे भारत का लंच मेन्यू किसी बेहतरीन रेस्टोरेंट की थाली से कम नहीं होता। इसमें संतुलित और हाइजीनिक तरीके से तैयार भारतीय व्यंजनों का कॉम्बिनेशन होता है:भोजन के प्रकार (Menu Segment)शामिल मुख्य व्यंजन (Dish Details)मुख्य आहार (Main Course)गरमा-गरम बासमती चावल (पुलाव/जीरा राइस), तवा रोटी या पराठा, दाल फ्राई/दाल मखनी और मौसमी हरी सब्जी।साइड डिशेज (Sides)खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए साथ में ताजा दही (या रायता) और चटपटा आम/नींबू का अचार।वेज और नॉन-वेज विकल्पपैसेंजर्स की बुकिंग चॉइस के अनुसार पनीर की स्पेशल सब्जी (शाकाहारी के लिए) या चिकन/एग करी (मांसाहारी के लिए) के विकल्प भी कुछ रूट्स पर उपलब्ध होते हैं।मीठे में डेजर्ट (Sweet)लंच के समापन पर यात्रियों का मुंह मीठा कराने के लिए आइसक्रीम, गुलाब जामुन या कोई प्रांतीय मिठाई दी जाती है।4. शाम के स्नैक्स (High Tea) और हाइजीनिक पैकिंगशाम के सफर को मजेदार बनाने के लिए वंदे भारत में 'हाई-टी' (High Tea) का विशेष प्रबंध होता है:स्नैक बॉक्स: शाम के समय मिलने वाले विशेष बॉक्स में सूखी नमकीन (जैसे भुजिया या कचौड़ी), कोई ट्रेडिशनल मिठाई, प्रीमियम ड्राई फ्रूट्स (काजू/बादाम), फ्रूट जूस का टेट्रा पैक और चाय/कॉफी बनाने के लिए गर्म पानी व प्री-मिक्स किट दी जाती है।हाइजीन और प्रीमियम सर्विस: वंदे भारत में परोसे जाने वाले सभी प्रकार के भोजन को बेहद साफ-सुथरी, लीक-प्रूफ और सीलबंद (Air-tight) पैकेजिंग में सर्व किया जाता है। ट्रेन का आईआरसीटीसी (IRCTC) स्टाफ पूरी तरह से दस्ताने और मास्क पहनकर हाइजीनिक तरीके से सर्विस करता है।यात्री ध्यान दें: वंदे भारत एक्सप्रेस का टिकट बुक करते समय आपके पास 'फूड ऑप्शन' चुनने का विकल्प होता है। यदि आप ट्रेन का खाना नहीं लेना चाहते हैं, तो आप बुकिंग के वक्त 'No Food' का विकल्प चुनकर टिकट की कीमत में से कैटरिंग चार्ज कम करवा सकते हैं। हालांकि, ऑनबोर्ड मिलने वाले बेहतरीन स्वाद को देखते हुए अधिकांश यात्री ट्रेन के भोजन का आनंद लेना ही पसंद करते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 9:52 am

Island Vacation Without Flight 2026: बिना हवाई सफर के घूमना चाहते हैं खूबसूरत आइलैंड? सड़क, पुल और फेरी से पहुंचें दुनिया की इन 9 जन्नत जैसी जगहों पर

अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें आइलैंड (Islands) की प्राकृतिक खूबसूरती, नीले समंदर और शांत माहौल से प्यार है, लेकिन फ्लाइट (Flight) में सफर करना पसंद नहीं है, तो आपके लिए एक बेहतरीन खबर है। दुनिया में कई ऐसे बेहद खूबसूरत और मशहूर आइलैंड हैं, जहां पहुंचने के लिए आपको हवाई जहाज की टिकट बुक करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।स्कॉटलैंड की रहस्यमयी पहाड़ियों से लेकर जापान के तैरते हुए मंदिरों तक, इन द्वीपों तक आप शानदार रोड ट्रिप, ऐतिहासिक पुलों या रोमांचक फेरी (Ferry) के जरिए आसानी से पहुंच सकते हैं। आइए जानते हैं दुनिया के इन 9 आलीशान आइलैंड्स के बारे में, जहां बिना हवाई सफर के भी एक यादगार और एडवेंचरस वेकेशन बिताया जा सकता है:1. आइल ऑफ स्काई, स्कॉटलैंड (Isle of Skye, Scotland)स्कॉटलैंड के उत्तर-पश्चिम में बसा यह आइलैंड अपनी जादुई खूबसूरती के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। यहां की ऊंची हरी-भरी पहाड़ियां, 'फेयरी पूल्स' और 'ओल्ड मैन ऑफ स्टोर' के नजारे दिल जीत लेते हैं।कैसे पहुंचें: आप ग्लासगो (Glasgow) या इनवरनेस शहर से कार किराए पर लेकर एक बेहतरीन रोड ट्रिप का आनंद लेते हुए 'स्काई ब्रिज' (Skye Bridge) पार करके सीधे यहां पहुंच सकते हैं। इसके अलावा मैलेग से फेरी का विकल्प भी मौजूद है।खर्च/टोल: स्काई ब्रिज पार करने का कोई भी टोल टैक्स या शुल्क नहीं लगता है।2. मोंट सेंट मिशेल, फ्रांस (Mont Saint-Michel, France)फ्रांस के नॉरमैंडी (Normandy) तट पर स्थित यह एक चट्टानी द्वीप है, जिसके ऊपर बना मध्यकालीन मठ (Monastery) किसी परियों की कहानी जैसा दिखता है। ज्वार-भाटे (Tides) के दौरान इसका नजारा देखने लायक होता है।कैसे पहुंचें: पेरिस से ट्रेन या कार के जरिए आप सीधे इस द्वीप के मुहाने तक पहुंच सकते हैं। मुख्य मुख्य भूमि से द्वीप को जोड़ने वाली एक सड़क (कॉजवे) बनी हुई है। अपनी गाड़ी पार्किंग में खड़ी करने के बाद आप पैदल या मुफ्त शटल बस से द्वीप के भीतर जा सकते हैं।खर्च/टोल: शटल बस पूरी तरह मुफ्त है, लेकिन आपको कार पार्किंग का चार्ज देना होगा।3. प्रिंस एडवर्ड आइलैंड, कनाडा (Prince Edward Island, Canada)यह द्वीप अपनी लाल रेत वाले खूबसूरत बीच, ऐतिहासिक लाइटहाउस (Lighthouses), शांत गांवों और बेहतरीन समुद्री भोजन के लिए जाना जाता है।कैसे पहुंचें: यह आइलैंड दुनिया के सबसे लंबे पुलों में से एक 'कॉन्फेडरेशन ब्रिज' (Confederation Bridge) के जरिए मुख्य भूमि से जुड़ा है। आप खुद कार ड्राइव करके यहां पहुंच सकते हैं।खर्च/टोल: आइलैंड में प्रवेश करते समय कोई चार्ज नहीं देना होता, लेकिन वापस लौटते समय आपको पुल का टोल टैक्स चुकाना पड़ता है।फेरी और नाव के जरिए पहुंचने वाले शानदार आइलैंडआइलैंड और देशमुख्य आकर्षण (Key Attractions)कैसे पहुंचें? (Route)अनुमानित किराया/खर्चमियाजिमा, जापान (Miyajima, Japan)पानी में तैरता हुआ ऐतिहासिक 'टोरी गेट' (Torii Gate), प्राचीन मंदिर और इंसानों के बीच शांति से घूमते हुए हिरण।हिरोशिमा के पास स्थित 'मियाजिमागुची' स्टेशन से महज 10 मिनट की एक छोटी सी फेरी राइड लेकर।लगभग 200 से 300 जापानी येनमैकिनाक आइलैंड, अमेरिका (Mackinac Island, USA)प्रदूषण मुक्त शांत माहौल और 19वीं सदी की पुरानी ऐतिहासिक इमारतें। यहाँ कार चलाना पूरी तरह बैन है।मिशिगन राज्य के मैकिना सिटी या सेंट इग्नेस से नियमित रूप से चलने वाली पैसेंजर फेरी के जरिए।लगभग 35 से 45 अमेरिकी डॉलर (राउंड ट्रिप)वैंकूवर आइलैंड, कनाडा (Vancouver Island, Canada)घने प्राचीन वर्षावन (Rainforests), प्रशांत महासागर का खूबसूरत किनारा और समुद्र में व्हेल मछली देखने का रोमांच।वैंकूवर शहर के मुख्य तट से 'बीसी फेरीज' (BC Ferries) की बड़ी जहाजों के जरिए, जिसमें आप अपनी कार भी ले जा सकते हैं।लगभग 20 से 70 कनाडाई डॉलरआइल ऑफ वाइट, इंग्लैंड (Isle of Wight, England)खूबसूरत रेतीले समुद्र तट, समंदर के बीच खड़ी सफेद रंग की विशाल चट्टानें (The Needles) और ब्रिटिश कस्बे।इंग्लैंड के दक्षिणी तट पर स्थित पोर्ट्समाउथ, साउथेम्प्टन या लाइमिंगटन शहरों से सीधे कार-फेरी लेकर।लगभग 20 से 35 ब्रिटिश पाउंड से शुरू5. मोजाम्बिक आइलैंड, मोजाम्बिक (Mozambique Island)मोजाम्बिक के उत्तरी तट पर हिंद महासागर के बीच बसा यह एक छोटा लेकिन ऐतिहासिक द्वीप है, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल है। यहां पुर्तगाली वास्तुकला, पुराने किले और प्राचीन चर्च देखने को मिलते हैं।कैसे पहुंचें: सबसे पहले मोजाम्बिक के 'नामपुला' (Nampula) शहर पहुंचें। वहां से सड़क मार्ग के जरिए आगे बढ़ते हुए आप समुद्र के ऊपर बने मोजाम्बिक आइलैंड ब्रिज को पार करके सीधे आइलैंड में दाखिल हो सकते हैं।खर्च/टोल: इस विशाल समुद्री पुल को पार करने का अलग से कोई भी अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाता।टैवल टिप 2026: इन जगहों पर जाने से पहले फेरी और टोल टैक्स की लाइव बुकिंग और समय-सारणी (Timetable) को उनके आधिकारिक पोर्टल्स पर जरूर चेक कर लें, क्योंकि मौसम के मिजाज या पीक टूरिस्ट सीजन के अनुसार फेरी के फेरों में बदलाव होता रहता है। कार के शौकीनों के लिए इन आइलैंड्स की यात्रा एक लाइफटाइम रोड ट्रिप का अनुभव देती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 9:46 am

Vodafone Number Verify 2.0: अब ओटीपी (OTP) का झंझट हमेशा के लिए खत्म! वोडाफोन लाया नंबर वेरिफिकेशन की नई जादुई तकनीक, जानें कैसे काम करेगी

डिजिटल युग में ऑनलाइन बैंकिंग, शॉपिंग या किसी भी ऐप पर रजिस्ट्रेशन, लॉगिन, अकाउंट रिकवरी और ट्रांजैक्शन कंफर्मेशन के लिए सबसे ज्यादा मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में वन-टाइम पासवर्ड यानी ओटीपी (OTP) सुरक्षा का सबसे बड़ा जरिया माना जाता रहा है। लेकिन अब टेलीकॉम दिग्गज वोडाफोन (Vodafone) वेरिफिकेशन के इस पारंपरिक तरीके को बदलने के लिए तकनीक को एक कदम आगे ले गई है।वोडाफोन ने हाल ही में वैश्विक स्तर पर 'नंबर वेरिफाई 2.0' (Number Verify 2.0) तकनीक को लॉन्च किया है। इस अत्याधुनिक तकनीक के आने के बाद अब यूज़र्स को बार-बार आने वाले ओटीपी के झंझट और एसएमएस के इंतजार से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। आइए विस्तार से समझते हैं कि यह नई तकनीक क्या है, कैसे काम करती है और एसएमएस ओटीपी की तुलना में यह कितनी सुरक्षित है:कैसे काम करती है 'नंबर वेरिफाई 2.0' तकनीक? (The Tech Behind It)नंबर वेरिफाई 2.0 तकनीक बिना किसी वन-टाइम पासकोड (OTP) के यूज़र के मोबाइल फोन नंबर को वेरिफाई करने का एक बेहद आसान, तेज और अत्यधिक सुरक्षित विकल्प प्रदान करती है:सिम और डिवाइस का सीधा मिलान: यह तकनीक मोबाइल नेटवर्क (Mobile Network) की आंतरिक क्षमता का सीधा इस्तेमाल करती है। यह बिना किसी बाहरी कोड के बैकएंड पर ही तुरंत वेरिफाई कर लेती है कि ऐप या वेबसाइट पर जिस फोन नंबर से लॉगिन करने का प्रयास किया जा रहा है, वह उस समय डिवाइस में मौजूद सक्रिय सिम (SIM Card) से जुड़ा है या नहीं।क्विक यूजर एक्सपीरियंस: इस प्रक्रिया में यूज़र को कोई भी कोड टाइप नहीं करना पड़ता। बस स्क्रीन पर एक बार अपनी सहमति (Consent) देनी होती है और मोबाइल नेटवर्क तुरंत आपका फोन नंबर संबंधित सर्विस प्रोवाइडर (जैसे बैंक, फिनटेक ऐप या ऑनलाइन रिटेलर) के साथ सुरक्षित रूप से साझा कर देता है।एसएमएस ओटीपी (SMS OTP) क्यों बन चुका है आज के दौर में असुरक्षित?वर्तमान समय में मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन के लिए पूरी दुनिया में एसएमएस ओटीपी को ही डिफॉल्ट तरीका माना जाता है। लेकिन वोडाफोन के अनुसार, यह मॉडर्न साइबर फ्रॉड (Cyber Fraud) के खतरों और यूज़र्स की उम्मीदों के साथ तालमेल नहीं बिठा पा रहा है:असली ग्राहक की पहचान नहीं: एसएमएस ओटीपी केवल इस बात की पुष्टि करता है कि किसी व्यक्ति ने मोबाइल नंबर पर भेजा गया कोड ऐप में दर्ज कर दिया है। यह कभी साबित नहीं कर पाता कि ओटीपी दर्ज करने वाला व्यक्ति ही उस सिम या नंबर का असली मालिक है।साइबर हमलों का खतरा: इसके कारण व्यवसायों और आम उपभोक्ताओं को फिशिंग (Phishing) और सोशल इंजीनियरिंग जैसे गंभीर साइबर फ्रॉड का सामना करना पड़ता है। आज के दौर में हैकर्स और ऑटोमैटेड बॉट्स बड़ी मात्रा में फर्जी ओटीपी रिक्वेस्ट ट्रिगर करके लोगों के बैंक खाते तक साफ कर देते हैं।आज के खतरों के लिए नहीं बना था OTP — जोहाना वुड (API Director)वोडाफोन में नेटवर्क APIs की डायरेक्टर जोहाना वुड ने इस नई तकनीक के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि, एसएमएस पर आधारित ओटीपी सिस्टम पिछले एक दशक से अधिक समय से पूरी दुनिया में डिफ़ॉल्ट रहा है, लेकिन इसे आज के आधुनिक और जटिल साइबर खतरों वाले माहौल से निपटने के लिए कभी डिज़ाइन नहीं किया गया था। नंबर वेरिफाई 2.0 इस पूरी व्यवस्था को बदल देता है। यह डेवलपर्स को फोन नंबर वेरिफाई करने का एक ऐसा जरिया देता है जो न सिर्फ यूज़र के लिए बेहद तेज और आसान है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी अभेद्य है।किन देशों में सबसे पहले लॉन्च हुई यह तकनीक?वोडाफोन की इस अत्याधुनिक नंबर वेरिफाई 2.0 तकनीक को वैश्विक शुरुआत के तहत अभी यूरोपीय देशों में रोल आउट किया गया है:शुरुआती देश: यह तकनीक वर्तमान में जर्मनी (Germany), नीदरलैंड्स (Netherlands) और यूनाइटेड किंगडम (UK) में आधिकारिक तौर पर लाइव कर दी गई है।प्लेटफॉर्म सपोर्ट: नंबर वेरिफाई 2.0 की यह सेवा सबसे पहले एंड्रॉयड (Android) ऑपरेटिंग सिस्टम वाले डिवाइसेज पर रोल आउट हो रही है, जिसे भविष्य में अन्य प्लेटफॉर्म्स के लिए भी विस्तारित किया जाएगा।इस तकनीक के व्यापक प्रसार के बाद आने वाले समय में पूरी दुनिया में डिजिटल ट्रांजैक्शन और ऐप लॉगिन का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 9:34 am

ITR Filing Mistakes & Tips 2026: आईटीआर भरते समय नौकरीपेशा लोग न करें ये 5 बड़ी गलतियां, छोटी सी चूक पर आ सकता है इनकम टैक्स का नोटिस; जानें बचाव के उपाय

इस समय इनकम टैक्स रिटर्न (ITR - Income Tax Return) दाखिल करने का सीजन पूरे शबाब पर है और देश भर के लाखों नौकरीपेशा (Salaried) लोग अपना रिटर्न भर रहे हैं। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि आईटीआर फाइल करना एक बेहद जिम्मेदारी भरा काम है, जिसमें की गई एक छोटी-सी लापरवाही भी आपके लिए बाद में बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकती है।अक्सर लोग अंतिम तारीखों की आपाधापी में गलत जानकारी दे देते हैं, अपनी किसी अतिरिक्त आय को छिपा लेते हैं या फिर दस्तावेजों का सही मिलान नहीं करते। ऐसा करने पर आयकर विभाग (Income Tax Department) की ओर से भारी-भरकम टैक्स नोटिस आ सकता है, साथ ही आपको अतिरिक्त टैक्स, भारी ब्याज और पेनल्टी (जुर्माना) भी भरनी पड़ सकती है। आइए टैक्स विशेषज्ञों के हवाले से समझते हैं उन 5 आम गलतियों के बारे में जिनसे आपको हर हाल में बचना चाहिए:1. सिर्फ Form-16 पर निर्भर रहने की भूल (The Form-16 Myth)ज्यादातर सैलरीड कर्मचारी यह सोचते हैं कि कंपनी से मिले Form-16 में उनकी टैक्स से जुड़ी सारी जानकारियां मौजूद हैं, इसलिए वे केवल इसी के आधार पर तुरंत आईटीआर फाइल कर देते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह सबसे आम और बड़ी गलतियों में से एक है।क्या करें: रिटर्न सबमिट करने से पहले अपने इनकम टैक्स पोर्टल से Annual Information Statement (AIS) और Form 26AS को डाउनलोड करके उसका मिलान जरूर करें।क्यों है जरूरी: कई बार बैंक से मिलने वाला ब्याज, शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड के ट्रांजैक्शन और आपका कटा हुआ टीडीएस (TDS) इन फॉर्म्स में दर्ज होता है, जो आपके Form-16 में शामिल नहीं हो पाता।2. कमाई के अन्य स्रोतों (Extra Income) को छिपानाआईटीआर भरते समय केवल अपनी मुख्य सैलरी (वेतन) की जानकारी देना काफी नहीं है। आयकर विभाग के पास आपके हर बड़े वित्तीय लेनदेन का पूरा डेटा होता है। रिटर्न दाखिल करते समय नीचे दी गई आय को भी अनिवार्य रूप से शामिल करें:बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और सेविंग अकाउंट से मिलने वाला सालाना ब्याज।शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड्स को बेचने से हुआ कैपिटल गेन (Capital Gain)।मकान या दुकान से आने वाली किराये की आय (Rental Income)।पार्ट-टाइम काम, कंसल्टेंसी या फ्रीलांसिंग के जरिए हुई कमाई।याद रखें, किसी भी वैध आय को छिपाने का सीधा मतलब है टैक्स चोरी की श्रेणी में आना, जिस पर विभाग तुरंत एक्शन लेता है।3. बिना सोचे-समझे गलत टैक्स रिजीम चुननाआज के समय में टैक्सपेयर्स के पास दो विकल्प मौजूद हैं— पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) और नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime)।तुलना है जरूरी: कई कर्मचारी बिना अपनी कटौतियों और निवेश की गणना किए ही किसी भी एक रिजीम का चुनाव कर लेते हैं। इससे वे टैक्स छूट का लाभ लेने से चूक जाते हैं और उन्हें ज्यादा टैक्स चुकाना पड़ता है।एक्सपर्ट टिप: आईटीआर फॉर्म सबमिट करने से पहले टैक्स कैलकुलेटर के जरिए दोनों व्यवस्थाओं में अपनी टैक्स देनदारी (Tax Liability) की तुलना जरूर कर लें।4. बिना सबूतों के झूठी कटौतियों (Deductions) का दावा करनाकुछ लोग अपने टैक्स को गैर-कानूनी तरीके से बचाने के लिए बिना किसी निवेश के भी मनगढ़ंत कटौतियों का क्लेम कर देते हैं।दस्तावेज होना अनिवार्य: धारा 80C (PPF, LIC, ट्यूशन फीस), धारा 80D (मेडिक्लेम), या होम लोन के ब्याज पर छूट का दावा केवल तभी करें, जब आपके पास उसके वैध और पक्के प्रमाण (Receipts) मौजूद हों।अस्वीकार होने का खतरा: यदि स्क्रूटनी के दौरान आपके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं मिलता, तो विभाग आपके दावों को खारिज कर देगा और आपको पेनल्टी व ब्याज सहित टैक्स चुकाना होगा।5. गलत बैंक डिटेल भरना और ई-वेरिफिकेशन (E-Verification) भूल जानारिफंड अटकने का डर: आईटीआर भरते समय अपने एक्टिव बैंक खाते का नंबर और IFSC कोड बेहद सावधानी से दर्ज करें। यदि बैंक डिटेल्स में एक भी अंक गलत हुआ, तो आपका टैक्स रिफंड (Tax Refund) अधर में लटक सकता है। साथ ही अपने खाते का 'प्री-वैलिडेट' होना भी सुनिश्चित करें।ई-वेरिफिकेशन है सबसे जरूरी: कई लोग समझते हैं कि आईटीआर फॉर्म सबमिट होते ही काम पूरा हो गया। लेकिन नियम के अनुसार, रिटर्न दाखिल करने के बाद तय समय सीमा (प्रचलित नियमों के तहत 30 दिन) के भीतर उसका ई-वेरिफिकेशन (E-Verification) करना अनिवार्य है। यदि आप इसे सत्यापित नहीं करते हैं, तो आपके आईटीआर को अमान्य (Invalid) मान लिया जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 9:33 am

Lock Upp 2 Shocking Elimination & Drama: 'लॉकअप 2' में धीरज धूपर का दिखा रौद्र रूप! दोस्ती भूलकर बिगाड़ा शिवांगी-हर्षद का गेम, आकांक्षा चमोला को बताया 'रेड फ्लैग'

ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स (Netflix) पर प्रसारित हो रहे रियलिटी शो ‘लॉकअप 2’ (Lock Upp 2) में हर बीतते दिन के साथ ड्रामे का स्तर दोगुना होता जा रहा है। शो के भीतर कंटेस्टेंट्स के बीच के समीकरण इतनी तेजी से बदल रहे हैं कि दर्शकों के लिए भी अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा है।पिछले हफ्ते घर से माधुरी के बेघर होने के बाद, वरुण के अलावा पूरे घर में किसी को भनक तक नहीं है कि आकांक्षा चौधरी सीक्रेट रूम (Secret Room) में बैठकर हर किसी के गेम पर नजर रख रही हैं। वहीं, इस हफ्ते के एलिमिनेशन (Lock Upp 2 Elimination) को लेकर भी कयासों का बाजार गर्म है। आइए जानते हैं इस हफ्ते शो में कौन से कंटेस्टेंट सेफ हुए हैं और अर्जुन कपूर के सामने धीरज धूपर ने ऐसा क्या कह दिया कि सोशल मीडिया पर बवाल मच गया है:सूफी मोतीवाला और योगेश रावत पर लटकी एलिमिनेशन की तलवारइस हफ्ते लॉकअप से बेघर होने के लिए कई कंटेस्टेंट्स के नाम रेस में चल रहे हैं। ताजा अपडेट्स के मुताबिक, सूफी मोतीवाला और योगेश रावत का नाम इस हफ्ते के बॉटम में सामने आ रहा है और इन दोनों पर ही एविक्शन का सबसे बड़ा खतरा मंडरा रहा है। हालांकि, मेकर्स की तरफ से आधिकारिक तौर पर अभी फाइनल कन्फर्मेशन आना बाकी है।श्रेया कालरा की जीत, राम कपूर हुए सेफ:दूसरी ओर, शो में हुए हालिया कैप्टेंसी या वीआईपी टास्क में एक बार फिर श्रेया कालरा (Shreya Kalra) ने बाजी मार ली है। श्रेया की इस धमाकेदार परफॉर्मेंस का सीधा फायदा राम कपूर (Ram Kapoor) को मिला और वे इस हफ्ते पूरी तरह से सेफ हो गए हैं।जब 'जज' बनकर पहुंचे अर्जुन कपूर, धीरज धूपर ने खोला मोर्चाशो के लेटेस्ट एपिसोड में बॉलीवुड अभिनेता अर्जुन कपूर (Arjun Kapoor) एक खास टास्क के लिए लॉकअप के भीतर एंट्री करते हैं। अर्जुन अपने साथ बाहर की जनता (ऑडियंस) के कुछ तीखे आरोप लेकर आए थे, जिनका सामना घरवालों को करना था। इसी दौरान अर्जुन ने कंटेस्टेंट्स को एक मजेदार टास्क दिया, जिसमें उन्हें एक-दूसरे को अलग-अलग 'टैग' देने थे।शांत धीरज का एग्रेसिव अवतार: अब तक शो में धीरज धूपर (Dheeraj Dhoopar) बेहद शांत और बिना किसी मजबूत गेम प्लान के दिख रहे थे। लेकिन इस हफ्ते के टास्क के दौरान वे अचानक बेहद आक्रामक हो गए और दोस्ती की मर्यादा भूल गए।3 मजबूत कंटेस्टेंट्स का गेम बिगाड़ा: धीरज ने गुस्से में आकर शो के सबसे मजबूत खिलाड़ी राम कपूर, हर्षद चोपड़ा और शिवांगी जोशी (Shivangi Joshi) के खेल को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया। धीरज के इस बदले हुए रूप को देखकर घर का हर सदस्य हैरान और परेशान रह गया।आकांक्षा चमोला को कहा 'रेड फ्लैग', प्रोमो हुआ वायरलशो के नए प्रोमो में जब अर्जुन कपूर ने धीरज धूपर से अपनी को-कंटेस्टेंट आकांक्षा चमोला (Akanksha Chamola) को एक टैग देने के लिए कहा, तो धीरज ने बिना पलक झपकाए सीधा कह दिया— रेड फ्लैग (Red Flag)।धीरज ने इसके पीछे की वजह बताते हुए अर्जुन के सामने कहा, जिस तरह से आकांक्षा की थोड़ी सी हरकतें हैं, मैं उनके साथ काफी अनकम्फर्टेबल (असहज) महसूस करता हूँ। धीरज का यह तीखा जवाब सुनते ही वहां मौजूद श्रेया कालरा जहां हंसती हुई नजर आईं, वहीं आकांक्षा चमोला का चेहरा पूरी तरह उतर गया। आकांक्षा ने पलटवार करते हुए बेहद नाराजगी भरे लहजे में कहा, तुम्हारे इस बयान से ऐसा लग रहा है जैसे मैं तुम्हें फिजिकली (शारीरिक रूप से) अनकम्फर्टेबल फील करा रही हूँ। दोनों के बीच हुई इस बहस का यह वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है।आकांक्षा चमोला के वो 2 सीक्रेट्स, जिन्होंने उड़ाए सबके होशटेलीविजन अभिनेता गौरव खन्ना की पत्नी आकांक्षा चमोला जब से इस शो में आई हैं, वे अपने पर्सनल लाइफ के खुलासों को लेकर लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं:शादी टूटने का खुलासा: शो के पहले ही हफ्ते में आकांक्षा ने नेशनल टेलीविजन पर यह कबूल कर हर किसी को हिला दिया था कि वे और गौरव खन्ना अब अपनी शादी खत्म करने जा रहे हैं और पिछले 18 महीनों से पूरी तरह अलग रह रहे हैं।बायसेक्सुअल होने की बात: शो के भीतर उनका दूसरा सबसे बड़ा सीक्रेट यह सामने आया कि वे शादी से पहले बायसेक्सुअल (Bisexual) थीं और लड़कियों के साथ भी गंभीर रिलेशनशिप में रह चुकी हैं। शो के भीतर भी सह-कंटेस्टेंट पामेला सेरेना के साथ उनकी बढ़ती नजदीकियों और बॉन्डिंग को लेकर घर के भीतर और बाहर लगातार कई सवाल खड़े किए जा रहे हैं।अब देखना दिलचस्प होगा कि धीरज धूपर का यह नया एग्रेसिव गेम उन्हें शो में कितनी आगे तक ले जाता है और इस हफ्ते कौन सा कंटेस्टेंट लॉकअप से हमेशा के लिए बाहर होता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 9:30 am

Amit Shah West Bengal Visit: बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद पहली बार बंगाल दौरे पर अमित शाह; सीमा सुरक्षा से लेकर अमूल प्लांट तक, जानें 3 दिनों का पूरा शेड्यूल

मई में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ऐतिहासिक जीत और राज्य में पहली बार बीजेपी की सरकार बनने के बाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) पश्चिम बंगाल के अपने पहले विस्तृत दौरे पर आ रहे हैं। गृह मंत्री 17 से 19 जुलाई 2026 तक राज्य के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे।इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान उनका मुख्य फोकस सीमा सुरक्षा (Border Security), सुशासन, राज्य की कानून-व्यवस्था (Law and Order) और बुनियादी विकास से जुड़े अहम मुद्दों पर रहेगा। राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों ही दृष्टिकोण से अमित शाह के इस दौरे को बेहद खास माना जा रहा है। आइए जानते हैं गृह मंत्री के इस 3 दिवसीय दौरे का पूरा शेड्यूल और मुख्य कार्यक्रम:18 जुलाई (शनिवार): सिलीगुड़ी में BSF जवानों से संवाद और सीमा मामलों पर बैठकदौरे के दूसरे दिन गृह मंत्री उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी में रहेंगे, जहां वे सुरक्षा बलों का हौसला बढ़ाएंगे और सीमा प्रबंधन की समीक्षा करेंगे:सीमा चौकी का दौरा: 18 जुलाई की सुबह अमित शाह सिलीगुड़ी में सीमा सुरक्षा बल (BSF) की जुमागाछ सीमा चौकी का दौरा करेंगे। यहां वे 18वीं बटालियन बॉर्डर आउटपोस्ट पर तैनात BSF के जवानों से सीधा संवाद (Interaction) करेंगे।विकास कार्यों की सौगात: इस दौरान वे सीमा क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए BSF के विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे।बॉर्डर मामलों पर महा-बैठक: दोपहर के समय गृह मंत्री एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसका मुख्य विषय ‘पश्चिम बंगाल में बॉर्डर से जुड़े मामले’ होगा। इसमें घुसपैठ रोकने और सीमा सुरक्षा को अभेद्य बनाने पर रणनीति तैयार होगी।नए कानूनों और रजिस्ट्रेशन पर समीक्षा: इसके बाद वे राज्य में लागू किए गए तीन नए कानूनों के पूर्ण कार्यान्वयन (Implementation) की समीक्षा करेंगे। शाम के वक्त वे बंगाल में जन्म और मृत्यु पंजीकरण (Birth and Death Registration) से जुड़े मामलों की प्रगति पर भी अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।19 जुलाई (रविवार): कोलकाता में कानून-व्यवस्था की समीक्षा और अमूल प्लांट की सौगातदौरे के अंतिम दिन गृह मंत्री पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता पहुंचेंगे, जहां कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होना है:कानून-व्यवस्था पर हाई-लेवल मीटिंग: कोलकाता पहुंचते ही अमित शाह सबसे पहले पश्चिम बंगाल की वर्तमान कानून-व्यवस्था की स्थिति पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में राज्य की सुरक्षा व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक चुस्ती-दुरुस्ती जैसे संवेदनशील मुद्दों पर गहन चर्चा की जाएगी।‘म्यूजियम ऑफ वर्ड्स’ का उद्घाटन: प्रशासनिक बैठकों के बाद गृह मंत्री अलीपुर स्थित नेशनल लाइब्रेरी (National Library, Alipore) जाएंगे। वहां वे भारतीय भाषाओं, समृद्ध साहित्य और सांस्कृतिक विरासत को समर्पित ‘म्यूजियम ऑफ वर्ड्स’ (Museum of Words) के पहले चरण का आधिकारिक उद्घाटन करेंगे।अमूल डेयरी के दही प्लांट का शिलान्यास: अपने दौरे के समापन पर अमित शाह न्यू टाउन स्थित बिस्वा बांग्ला कन्वेंशन सेंटर (Biswa Bangla Convention Center) पहुंचेंगे। यहाँ वे अमूल डेयरी (Amul Dairy) के नए दही प्लांट का शिलान्यास करेंगे। इस बड़ी परियोजना से राज्य के डेयरी उद्योग को एक नई दिशा मिलने, दुग्ध उत्पादक किसानों की आय बढ़ने और स्थानीय स्तर पर रोजगार (Employment) के सैकड़ों नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद केंद्र और राज्य के बीच विकास और सुरक्षा के तालमेल को मजबूत करने के लिहाज से गृह मंत्री अमित शाह के इस दौरे को बेहद निर्णायक माना जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 9:28 am

Supreme Court Verdict on Tamil Nadu Voter List Revision: सुप्रीम कोर्ट ने बंद की तमिलनाडु मतदाता सूची पुनरीक्षण को चुनौती देने वाली 13 याचिकाओं पर कार्यवाही; चुनाव याचिकाओं के जल्द निस्तारण की PIL पर सुनवाई से इनकार

भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने देश की लोकतांत्रिक और चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े दो बेहद महत्वपूर्ण मामलों पर बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने एक तरफ जहां तमिलनाडु में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को चुनौती देने वाली द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) समेत कुल 13 याचिकाओं पर कार्यवाही को पूरी तरह बंद कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से संबंधित याचिकाओं के समयबद्ध निस्तारण के लिए विशेष पीठ गठित करने वाली जनहित याचिका (PIL) पर विचार करने से साफ इनकार कर दिया है।प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की तीन सदस्यीय विशेष पीठ ने इन मामलों की सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण कानूनी टिप्पणियां की हैं। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और शीर्ष अदालत का अंतिम रुख:1. मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ी 13 याचिकाएं बंदतमिलनाडु में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) कराने के निर्वाचन आयोग (Election Commission) के फैसले के खिलाफ डीएमके (DMK) ने पिछले साल 3 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिका में आयोग के इस कदम को असंवैधानिक, मनमाना और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए खतरा बताया गया था।वकील की दलील: सुनवाई के दौरान डीएमके के संगठन सचिव आरएस भारती की ओर से पेश हुए अधिवक्ता विवेक सिंह ने पीठ के समक्ष दलील दी कि अब इन याचिकाओं पर आगे सुनवाई या किसी नए फैसले की आवश्यकता नहीं रह गई है।बिहार फैसले का हवाला: वकील ने स्पष्ट किया कि हाल ही में 27 मई को सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में एसआईआर (SIR) प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना विस्तृत फैसला सुना दिया है। उस फैसले में शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग के इस विशेष अधिकार को पूरी तरह से वैध और बरकरार रखा था।कोर्ट का आदेश: बिहार मामले में आए नजीर (Precedent) को स्वीकार करते हुए, सीजेआई की अगुवाई वाली पीठ ने इस मुद्दे से संबंधित सभी 13 याचिकाओं को आधिकारिक तौर पर निस्तारित (डिस्पोज) करते हुए कार्यवाही बंद कर दी।2. चुनाव याचिकाओं के जल्द निपटारे वाली PIL पर सुनवाई से इनकारसुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक अन्य जनहित याचिका भी पेश हुई, जिसमें अनुरोध किया गया था कि मद्रास हाईकोर्ट को निर्देश दिया जाए कि वह 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से संबंधित लंबित 54 चुनाव याचिकाओं (Election Petitions) का शीघ्र और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करे।क्या था मामला: याचिकाकर्ता के. वेंकटचलपति की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता डी. एस. नायडू और अधिवक्ता समीर मलिक ने दलील दी कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (RPA) की धारा 86(7) के तहत चुनाव से जुड़े विवादों का छह महीने के भीतर निपटारा हो जाना चाहिए।चुनाव परिणाम: याचिका के अनुसार, इस साल 23 अप्रैल 2026 को हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता से नेता बने जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) ने बड़ी जीत हासिल की थी। इसके बाद 4 मई को घोषित परिणामों की वैधता को चुनौती देते हुए 3 जून से 18 जून के बीच विभिन्न क्षेत्रों से 54 चुनाव याचिकाएं दायर की गईं, जो लंबे समय से लंबित हैं।गलत नजीर स्थापित होगी - सीजेआई सूर्यकांत:जब याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से मद्रास हाईकोर्ट को एक विशेष पीठ (Special Bench) गठित करने का निर्देश देने की मांग की, तो प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। सीजेआई ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि, अगर सुप्रीम कोर्ट हर हाईकोर्ट को इस तरह के प्रशासनिक निर्देश देने लगेगा, तो इससे न्यायिक व्यवस्था में एक गलत नजीर (Wrong Precedent) स्थापित होगी।मद्रास हाईकोर्ट जाने की मिली छूटसर्वोच्च अदालत ने भले ही इस जनहित याचिका पर सीधे विचार करने से इनकार कर दिया, लेकिन पीठ ने याचिकाकर्ता के कानूनी अधिकारों को सुरक्षित रखा है। अदालत ने याचिकाकर्ता को यह पूरी छूट (Liberty) प्रदान की है कि वे अपनी इस मांग और आवश्यक राहत के लिए सीधे मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) के मुख्य न्यायाधीश का रुख कर सकते हैं।इस प्रकार, सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि चुनाव आयोग के पास मतदाता सूचियों को दुरुस्त करने का पूर्ण संवैधानिक अधिकार है और उच्च न्यायालयों के आंतरिक प्रशासनिक मामलों में शीर्ष अदालत सीधे हस्तक्षेप कर कोई गलत परंपरा शुरू नहीं करना चाहती।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 9:27 am

J&K Doda Police Firing 2026: जम्मू-कश्मीर के डोडा में पुलिस की राइफल छीनने की कोशिश में युवक की मौत, 3 पुलिसकर्मी घायल; जानें क्या है पूरा मामला

जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के डोडा जिले से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की टीम पर हमला करने और सर्विस राइफल छीनने के प्रयास के दौरान गोली लगने से एक युवक की मौत हो गई। इस हिंसक झड़प में तीन पुलिसकर्मी भी गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं।अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना डोडा जिले के भद्रवाह (Bhaderwah) इलाके की है। पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद स्पष्ट कर दिया है कि इस पूरी घटना में कोई भी आतंकी एंगल (No Terror Angle) शामिल नहीं है। आइए जानते हैं क्या है पूरी घटना और इसके पीछे की मुख्य वजह:संदिग्ध गतिविधि की सूचना पर नाकेबंदी के दौरान हुआ हमलापुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, डोडा जिले के ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। इसी इनपुट के आधार पर एसओजी (SOG) की एक विशेष टीम क्षेत्र में लगातार निगरानी और गश्त कर रही थी।कहाँ हुई घटना: शुक्रवार को भद्रवाह कस्बे से लगभग 35 किलोमीटर दूर जाई-गांडोह सड़क (Jai-Gandoh Road) पर पुलिस ने एक नाका लगाया हुआ था।देर रात की मुठभेड़: रात करीब 11:30 बजे SOG की टीम ने दो संदिग्ध युवकों को रुकने का इशारा किया। पुलिस टीम द्वारा रोके जाने पर दोनों युवकों ने अचानक पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला बोल दिया।राइफल छीनने की कोशिश और हाथापाई में चली गोलीपुलिस अधिकारियों ने बताया कि जब टीम ने दोनों संदिग्धों को पूछताछ के लिए रोका, तो उनमें से एक युवक ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट शुरू कर दी और ऑन-ड्यूटी जवान की सर्विस राइफल (Service Rifle) छीनने की कोशिश की।हाथापाई में चली गोली: राइफल छीनने की कोशिश के दौरान एसओजी जवानों और युवकों के बीच काफी देर तक हिंसक हाथापाई हुई। इसी छीनाझपटी के दौरान आत्मरक्षा और हथियार को बचाने के लिए एसओजी के एक जवान की बंदूक से गोली चल गई, जो सीधे तौर पर राइफल छीनने का प्रयास कर रहे युवक को जा लगी।इस गंभीर हाथापाई में 3 पुलिसकर्मी भी बुरी तरह घायल हो गए, जिनमें से एक जवान के सिर में काफी गंभीर चोटें आई हैं। घटना का फायदा उठाकर दूसरा संदिग्ध युवक अंधेरे का लाभ उठाते हुए मौके से फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।अस्पताल में इलाज के दौरान युवक ने तोड़ा दमघटना के तुरंत बाद पुलिस प्रशासन ने सभी घायल पुलिसकर्मियों और गोली लगने से जख्मी हुए युवक को नजदीकी भद्रवाह उप-जिला अस्पताल (Sub-District Hospital) पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों पक्षों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत डोडा सरकारी मेडिकल कॉलेज (Doda GMC) रेफर कर दिया गया।हालांकि, डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान गोली लगने वाले युवक ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मृतक की पहचान 30 वर्षीय आरिफ हुसैन के रूप में की है, जो चीका गांव का निवासी बताया जा रहा है। घटना स्थल मृतक के मूल घर से लगभग 25 किलोमीटर दूर है।शुरुआती जांच में मवेशी तस्करी का अंदेशा (Cattle Smuggling Link)डोडा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी है। पुलिस के उच्च अधिकारियों के मुताबिक, मामले में किसी भी तरह के आतंकी संगठन या उग्रवाद का हाथ नहीं है। शुरुआती तफ्तीश और साक्ष्यों से यह संकेत मिलते हैं कि मृतक और उसका फरार साथी क्षेत्र में मवेशियों की अवैध तस्करी (Cattle Smuggling) के धंधे में शामिल थे और रात के अंधेरे में इसी इरादे से जा रहे थे। पुलिस फरार दूसरे युवक की तलाश के साथ-साथ मामले के अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच कर रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 9:25 am

India Post Booking Cancellation Refund Rules: इंडिया पोस्ट का बड़ा फैसला! स्पीड पोस्ट और पार्सल कैंसिलेशन पर अब नहीं डूबेगा पैसा, जानें रिफंड के नए नियम

भारतीय डाक (India Post) के करोड़ों ग्राहकों और इसकी डिजिटल सेवाओं का उपयोग करने वाले आम नागरिकों के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अब यदि आप स्पीड पोस्ट (Speed Post), पार्सल (Parcel) या किसी अन्य डाक सेवा की बुकिंग कराने के बाद उसे किन्हीं कारणों से रद्द (Cancel) करते हैं, तो आपका पैसा बिल्कुल नहीं डूबेगा।डाक विभाग ने अपने पारंपरिक नियमों में एक ऐतिहासिक संशोधन करते हुए बुकिंग कैंसल होने पर डाक शुल्क (Postage Fee Refund) वापस करने की आधिकारिक अनुमति दे दी है। इंडिया पोस्ट का यह कदम उसकी डाक सेवाओं को निजी कूरियर कंपनियों की तरह अधिक कस्टमर-फ्रेंडली, आधुनिक और पारदर्शी (Transparent) बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। आइए विस्तार से समझते हैं कि क्या है नया नोटिफिकेशन और आप कैसे पा सकते हैं अपना रिफंड:ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग पर कैसे मिलेगा रिफंड? (New Rules)इंडिया पोस्ट द्वारा जारी किए गए आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, ग्राहकों को ऑनलाइन और ऑफलाइन (काउंटर) दोनों ही माध्यमों से की गई बुकिंग पर रिफंड का लाभ मिलेगा, जिसके नियम कुछ इस प्रकार हैं:वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप यूज़र्स (Online Booking): जिन भेजने वालों (Senders) ने इंडिया पोस्ट के ऑफिशियल वेब पोर्टल या मोबाइल ऐप के जरिए खुद से पोस्टल आइटम की बुकिंग की है, वे पोस्ट ऑफिस द्वारा उस आइटम को फिजिकल रूप से स्वीकार (Accept) किए जाने से पहले अपनी बुकिंग ऑनलाइन कैंसल कर सकते हैं और पूरे पोस्टेज रिफंड का क्लेम (दावा) कर सकते हैं।पोस्ट ऑफिस काउंटर बुकिंग (Offline Booking): यदि आपने सीधे पोस्ट ऑफिस काउंटर पर जाकर पार्सल या स्पीड पोस्ट बुक कराया है, तो भेजने वाला संबंधित पोस्ट ऑफिस में जाकर बुकिंग कैंसल करने का लिखित अनुरोध कर सकता है। इसके अलावा, यदि पोस्ट ऑफिस स्टाफ से बुकिंग के दौरान गलत डेटा एंट्री (जैसे नाम या पते की गलती) हो जाती है, तो विभाग बुकिंग के ही दिन (Same Day) उसे कैंसल करके रिफंड प्रोसेस कर सकता है।सेवाओं के निलंबन और इंटरनेशनल पार्सल पर भी राहतडाक विभाग द्वारा नोटिफाई किए गए नए नियमों में अंतरराष्ट्रीय डाक सेवाओं और आपातकालीन स्थितियों को लेकर भी कई अहम बदलाव किए गए हैं:विशेष शुल्क और एयर सरचार्ज की वापसी: यदि प्रशासनिक निर्देशों या किसी आपात स्थिति के कारण डाक सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित (Suspend) किया जाता है, तो भेजने वाले को पोस्टेज फीस के साथ-साथ विशेष फीस (Special Fee) और एयर सरचार्ज (Air Surcharge) भी वापस किया जाएगा।इंटरनेशनल पार्सल वापस मंगाने की सुविधा: नए नियम भेजने वाले को किसी भी कारण से बुकिंग ऑफिस से ‘अकाउंटेबल आउटवर्ड इंटरनेशनल पोस्टल आइटम’ (यानी वह अंतरराष्ट्रीय पार्सल जिसकी ट्रैकिंग संभव है) को रास्ते से ही वापस मंगाने की अनुमति देते हैं।विदेशी डेस्टिनेशन से रीडायरेक्शन: नए नियमों के तहत अंतरराष्ट्रीय आइटम भेजने वाले ग्राहकों को विदेशी डेस्टिनेशन (Foreign Destination) से भी अपना पार्सल वापस मंगाने या उसे किसी दूसरे पते पर भेजने (Redirect) की अनुमति होगी, जो कि उस समय संबंधित देश के डाक प्रशासन की पॉलिसी के अधीन रहेगा।पार्सल रीडायरेक्ट (Redirect) करने पर अब नहीं लगेगी कोई फीस?नोटिफिकेशन में ग्राहकों को एक और शानदार सुविधा दी गई है। अब ‘अकाउंटेबल इनवर्ड इंटरनेशनल पोस्टल आइटम’ (विदेश से आने वाले ट्रैकेबल पार्सल) को पाने वाला व्यक्ति डिलीवरी ऑफिस में आवश्यक पोस्टेज फीस देकर उसे किसी दूसरे पते पर रीडायरेक्ट करा सकता है।मुफ्त रीडायरेक्शन की शर्त:यदि पार्सल पाने वाला व्यक्ति जिस नए पते पर पार्सल को दोबारा भेजना (Redirect) चाहता है, वह पता उसी पोस्ट ऑफिस के डिलीवरी एरिया (कार्यक्षेत्र) के भीतर आता है, तो इसके लिए डाक विभाग द्वारा ग्राहक से कोई भी अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी।पोस्टल आइटम की बुकिंग कैंसिल होने पर रिफंड की पूरी प्रक्रिया समय-समय पर डाक विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार संचालित होगी। इस नए बदलाव से ग्राहकों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 9:24 am

NEET UG 2026 Results: नीट यूजी का रिजल्ट जारी, पंजाब और हरियाणा के सूरमाओं ने किया टॉप; छात्राओं ने फिर मारी बाजी, जानें कट-ऑफ और सीट मैट्रिक्स!

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने चिकित्सा पाठ्यक्रमों (MBBS, BDS, AYUSH) में प्रवेश के लिए आयोजित देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस साल 21 जून 2026 को दोबारा आयोजित हुई परीक्षा के बाद एनटीए ने रिकॉर्ड समय में रिजल्ट जारी कर काउंसलिंग और एडमिशन का रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया है।इस साल देश भर के लगभग 20 लाख छात्र-छात्राओं ने इस कठिन परीक्षा में हिस्सा लिया था, जिनमें से 11.21 लाख कैंडिडेट्स ने सफलता हासिल की है। इस बार के नतीजों में उत्तर और मध्य भारत के राज्यों का दबदबा रहा है, जिसमें पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत 8 राज्यों के होनहारों ने टॉप 17 रैंक में बाजी मारी है।पंजाब-हरियाणा नंबर-1: इन दो सूरमाओं ने हासिल की AIR 1NEET UG 2026 की परीक्षा में पंजाब और हरियाणा के छात्रों ने संयुक्त रूप से देश में पहला स्थान प्राप्त किया है:संयुक्त टॉपर: पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने संयुक्त रूप से ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1 हासिल की है।स्कोर: दोनों ही मेधावी छात्रों ने 720 में से 715 अंक प्राप्त कर इतिहास रच दिया।टॉप 17 रैंकर्स: 705 से अधिक अंक पाने वाले टॉप 17 रैंकर्स देश के 8 प्रमुख राज्यों (पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, तमिलनाडु और तेलंगाना) से आते हैं।नीट यूजी 2026: टॉप-10 अभ्यर्थियों की सूची और स्कोरएनटीए द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश के टॉप 10 स्टूडेंट्स की सूची उनके अंक और पर्सेंटाइल के साथ नीचे दी गई है:रैंक (Rank)छात्र का नाम (Name)राज्य (State)श्रेणी (Category)प्राप्त अंक (Score)पर्सेंटाइल (%)1आर्यन गुप्तापंजाबसामान्य (पुरुष)71599.9999%1पंशुल बंसलहरियाणासामान्य (पुरुष)71599.9999%3उपलक्ष्य गोयलराजस्थानसामान्य (पुरुष)71499.99985%4आयुष भालोटियाबिहारसामान्य (पुरुष)71399.99965%4कुडाले श्रावणी कृष्णामहाराष्ट्रओबीसी-एनसीएल (महिला)71399.99965%4रिया रंजनबिहारओबीसी-एनसीएल (महिला)71399.99965%4आर्यन दुबेउत्तर प्रदेशसामान्य (पुरुष)71399.99965%8गीतांश सरीनपंजाबसामान्य (पुरुष)71299.99915%8गौरव सिंहराजस्थानओबीसी-एनसीएल (पुरुष)71299.99915%8मोहनीश मारुति भोसलेमहाराष्ट्रसामान्य (पुरुष)71299.99915%स्कोर ब्रेकडाउन: किस स्कोर पर कितने छात्र?इस साल 600 से अधिक अंक हासिल करने वाले छात्रों की संख्या काफी अच्छी रही है, जो कट-ऑफ और तगड़े कॉम्पिटिशन को दर्शाती है:700 से ज्यादा नंबर: देश भर में कुल 19 उम्मीदवारों ने 700 या उससे ज्यादा का स्कोर खड़ा किया है।690 से ज्यादा नंबर: कुल 138 अभ्यर्थियों ने 690 से अधिक अंक बटोरे हैं।650 से ज्यादा नंबर: कुल 1,492 स्टूडेंट्स ने 650 से अधिक अंक अर्जित किए।600 से ज्यादा नंबर: कुल 10,160 छात्र 600+ क्लब में शामिल होने में सफल रहे हैं।केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के टॉपर्स:दुर्गम क्षेत्रों से भी छात्रों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। लद्दाख से जिग्मेत यांगचन लामो (530 अंक), अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से ध्रुव त्रिपाठी (606 अंक) और लक्षद्वीप से फहमिदा अनीस (573 अंक) अपने-अपने क्षेत्र में टॉपर रहे हैं।छात्राओं ने फिर गाड़े सफलता के झंडे (58% से ज्यादा हिस्सेदारी)इस साल की परीक्षा में भी बेटियों का दबदबा पूरी तरह कायम रहा। एनटीए के अनुसार, इस साल कुल क्वालिफाई हुए 11.21 लाख अभ्यर्थियों में से 58 प्रतिशत से अधिक छात्राएं हैं। इसके अलावा, सबसे बेहतरीन रैंक हासिल करने वाले ज्यादातर छात्र और छात्राओं की उम्र 17 से 19 साल के बीच दर्ज की गई है।पेपर लीक विवाद के बाद 21 जून को दोबारा हुई थी परीक्षायाद दिला दें कि चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पहले यह परीक्षा 9 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन देशव्यापी स्तर पर पेपर लीक होने के गंभीर आरोपों के बीच एनटीए ने 12 मई को इस परीक्षा को पूरी तरह रद्द कर दिया था। इस पूरे मामले की जांच फिलहाल सीबीआई (CBI) कर रही है। इसके बाद पूरी पारदर्शिता बरतते हुए 21 जून 2026 को भारत के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में फैले 5,440 केंद्रों पर परीक्षा का दोबारा शांतिपूर्ण आयोजन किया गया। यह परीक्षा कुल 13 भाषाओं (अंग्रेजी, हिंदी, तमिल, तेलुगु, बंगाली, मराठी, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, ओडिया, पंजाबी, असमिया और उर्दू) में आयोजित हुई थी।काउंसलिंग के लिए देश में कुल MBBS सीटों का गणितरिजल्ट समय पर जारी होने से अब मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) और विभिन्न राज्यों के शिक्षा विभाग तय समय पर काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे। देश भर में मेडिकल की कुल सीटों का विवरण इस प्रकार है:कुल उपलब्ध MBBS सीटें: लगभग 1,08,000 सीटेंसरकारी मेडिकल कॉलेज (Government Colleges): लगभग 56,000 सीटें (कम फीस और उच्च प्राथमिकता)निजी मेडिकल कॉलेज (Private Colleges): लगभग 52,000 सीटेंएनटीए ने स्पष्ट किया है कि परिणाम प्रक्रिया में कुछ बड़े तकनीकी और प्रशासनिक बदलाव (जैसे विभिन्न चरणों को समानांतर चलाना और ओएमआर आपत्तियों को आंसर की से अलग रखना) करके नतीजे समय पर घोषित किए गए हैं ताकि छात्रों का पूरा शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 9:18 am

Senior Citizen FD Rates 2026: वरिष्ठ नागरिकों की मौज! इन बैंकों में मिल रहा है 8.50% तक का धमाकेदार ब्याज, जानें निवेश से पहले DICGC के नियम

अपने जीवनभर की गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखने और उस पर एक तय व नियमित आय (Regular Income) पाने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) आज भी देश के बुजुर्गों और वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के बीच सबसे भरोसेमंद विकल्प बना हुआ है। शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर, जो लोग जोखिम मुक्त निवेश (Risk-Free Investment) की तलाश में हैं, उनके लिए यह समय बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।जुलाई 2026 में देश के कई प्रमुख बैंक वरिष्ठ नागरिकों को 8.50% तक की उच्चतम ब्याज दर (Interest Rate) की पेशकश कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस लिस्ट में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले बैंकों में स्मॉल फाइनेंस बैंक (Small Finance Banks) सबसे आगे चल रहे हैं, जबकि देश के कई बड़े प्राइवेट (निजी) बैंक भी 7.75% से लेकर 8.00% तक का शानदार रिटर्न दे रहे हैं। आइए जानते हैं किस बैंक में मिल रहा है कितना ब्याज और निवेश करते समय आपको किन बातों का ख्याल रखना चाहिए:स्मॉल फाइनेंस बैंकों में मिल रहा है सबसे ज्यादा ब्याज (8.50% तक)यदि आप अपनी जमा राशि पर अधिकतम मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो इस समय स्मॉल फाइनेंस बैंक वरिष्ठ नागरिकों के लिए सबसे बेस्ट रिटर्न दे रहे हैं:इक्विटास और शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक: ये दोनों बैंक इस समय सीनियर सिटीजंस को उनकी एफडी पर 8.50% तक का सालाना ब्याज ऑफर कर रहे हैं।जन और उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक: यहाँ वरिष्ठ नागरिकों को अधिकतम 8.30% तक की ब्याज दर मिल रही है।ESAF और सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक: इन दोनों बैंकों में जमा राशि पर अधिकतम 8.25% तक का रिटर्न उपलब्ध है।निजी (प्राइवेट) बैंकों की ब्याज दरें भी हैं आकर्षक (7.75% से 8.00%)जो निवेशक निजी बैंकों के नेटवर्क और उनकी सेवाओं को प्राथमिकता देते हैं, उनके लिए भी कई बैंकों ने अपनी दरें बेहद मजबूत रखी हैं:निजी बैंक का नाम (Private Banks)वरिष्ठ नागरिकों के लिए अधिकतम ब्याज दरDCB बैंक (DCB Bank)8.00%बंधन बैंक (Bandhan Bank)7.95%जम्मू एंड कश्मीर बैंक (J&K Bank)7.80%SBM बैंक इंडिया (SBM Bank India)7.80%इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank)7.75%यस बैंक (Yes Bank)7.75%ध्यान दें: ये सभी ब्याज दरें एक निश्चित समयावधि (Tenure) की एफडी के लिए लागू हैं। अलग-अलग अवधि (जैसे 1 वर्ष, 2 वर्ष या 5 वर्ष) के लिए दरों में बदलाव हो सकता है, इसलिए निवेश से पहले बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट पर लेटेस्ट दरों को जरूर क्रॉस-चेक कर लें।सुरक्षा का पक्का इंतजाम: क्या है ₹5 लाख का DICGC इंश्योरेंस नियम?अक्सर स्मॉल फाइनेंस या छोटे निजी बैंकों में पैसा लगाने से पहले निवेशकों के मन में सुरक्षा को लेकर थोड़ा डर रहता है। ऐसे में आपको डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के नियम को समझना बेहद जरूरी है:₹5 लाख तक का सरकारी कवर: आरबीआई (RBI) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक संस्था DICGC के नियमों के तहत, भारत के प्रत्येक शेड्यूल्ड बैंक में हर एक ग्राहक की ₹5 लाख तक की जमा राशि (मूलधन + ब्याज मिलाकर) पूरी तरह से बीमित (Insured) और सुरक्षित रहती है। किसी भी विषम परिस्थिति में बैंक के डूबने या दिवालिया होने पर सरकार यह राशि ग्राहक को लौटाने की गारंटी देती है।जोखिम कम करने की एक्सपर्ट ट्रिक (Multi-Bank Strategy):यदि आपके पास निवेश करने के लिए ₹15 या ₹20 लाख जैसी बड़ी रकम है, तो उसे किसी एक ही बैंक में फिक्स करने के बजाय ₹5-5 लाख के टुकड़ों में अलग-अलग 3 से 4 बैंकों में निवेश करें। ऐसा करने से आपकी पूरी की पूरी रकम 100% सरकारी बीमा कवर के दायरे में सुरक्षित रहेगी और आपको ऊंचे ब्याज का पूरा फायदा भी मिल जाएगा।FD में निवेश करने से पहले इन 4 बातों का हमेशा रखें ध्यानबैंकिंग और टैक्स एक्सपर्ट्स के अनुसार, केवल ऊंचे ब्याज के लालच में आकर जल्दबाजी में फैसला न लें। निवेश करने से पहले इन बातों की समीक्षा अवश्य करें:प्री-मैच्योर विड्रॉल पेनल्टी (Premature Penalty): यदि आपको अवधि पूरी होने से पहले अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाए और आप एफडी तोड़ते हैं, तो बैंक आपसे कितना जुर्माना (Penल्टी) वसूल करेगा, इसकी जानकारी पहले ही ले लें।नियमित आय का विकल्प (Payout Options): यदि आपको घर खर्च चलाने के लिए हर महीने या हर तिमाही (Quarterly) निश्चित पैसों की जरूरत है, तो एफडी फॉर्म भरते समय 'मंथली या क्वार्टरली पेआउट' का विकल्प ही चुनें।विश्वसनीयता और ट्रैक रिकॉर्ड: बैंक का चुनाव करते समय उसकी वित्तीय स्थिति, मार्केट में उसकी साख और ग्राहकों के प्रति उसके पुराने ट्रैक रिकॉर्ड को जरूर देखें।टैक्स लायबिलिटी (TDS): याद रखें कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक वित्तीय वर्ष में एफडी से होने वाली ₹50,000 तक की ब्याज आय टैक्स-फ्री होती है। इससे अधिक आय होने पर बैंक टीडीएस (TDS) काटता है। टीडीएस से बचने के लिए समय पर Form 15H जमा करना न भूलें।निश्चित और सुरक्षित रिटर्न चाहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए मौजूदा ब्याज दरों का यह दौर लंबी अवधि (Long Term) के लिए पैसा लॉक करने का एक बेहतरीन और सुनहरा अवसर माना जा सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 9:16 am

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन आज से शुरू: PM मोदी दिखाएंगे हरी झंडी, जानिए किराया, रूट, स्पीड और इसकी खासियत

Hydrogen Train : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जींद-सोनीपत के बीच हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। 82 करोड़ में बनी 10 कोच वाली इस ट्रेन में जींद से सोनीपत के बीच 89 किमी का किराया 25 रुपए होगा। इस ट्रेन का न्यूनतम किराया मात्र 5 रुपए ...

वेब दुनिया 17 Jul 2026 8:50 am

ट्रंप का सनसनीखेज दावा: चीन ने 22 करोड़ अमेरिकी वोटर्स का डेटा चुराया, जल्द सामने आएंगे खुफिया दस्तावेज

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर 2020 के चुनाव के दौरान 22 करोड़ अमेरिकी मतदाताओं का डाटा चुराने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। ट्रंप इन आरोपों से जुड़े खुफिया दस्तावेज जल्द सार्वजनिक करने वाले हैं। उन्होंने इसे इतिहास की सबसे बड़ी चुनावी डाटा ...

वेब दुनिया 17 Jul 2026 8:12 am

High Cholesterol Control & Prevention: नसों में ब्लॉकेज का कारण बन रहा है हाई कोलेस्ट्रॉल, जानें इसे बढ़ाने वाली 4 खराब आदतें और कंट्रोल करने के अचूक उपाय!

आधुनिक जीवनशैली, शारीरिक निष्क्रियता और प्रोसेस्ड फूड्स पर अत्यधिक निर्भरता के कारण हाई कोलेस्ट्रॉल (High Cholesterol) की समस्या आज एक गंभीर वैश्विक महामारी का रूप ले चुकी है। कोलेस्ट्रॉल मूल रूप से हमारे खून में पाया जाने वाला मोम (Wax) जैसा एक वसायुक्त (Fat) पदार्थ है, जो नई कोशिकाओं (Cells) के निर्माण, आवश्यक हार्मोन और विटामिन डी बनाने में शरीर की मदद करता है।लेकिन जब शरीर में इसकी मात्रा आवश्यकता से अधिक बढ़ जाती है, तो यह एक साइलेंट किलर (Silent Killer) साबित हो सकता है। खून में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL Cholesterol) का स्तर बढ़ने पर यह नसों की दीवारों पर जमा (Plague) होने लगता है। इससे नसें संकरी हो जाती हैं और हृदय (Heart) तक होने वाला रक्त का प्रवाह (Blood Flow) बुरी तरह बाधित होता है, जिससे हार्ट अटैक (Heart Attack), कोरोनरी आर्टरी डिजीज और ब्रेन स्ट्रोक (Stroke) का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। आइए जानते हैं कि हमारी कौन सी रोजमर्रा की आदतें नसों में इस गंदगी को बढ़ा रही हैं और इससे बचाव के क्या वैज्ञानिक उपाय हैं:बैड कोलेस्ट्रॉल को रॉकेट की रफ्तार से बढ़ाती हैं ये 4 आदतें (Major Causes)नेशनल हार्ट, लंग एंड ब्लड इंस्टीट्यूट (NHLBI) की रिपोर्ट्स के अनुसार, हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या के लिए काफी हद तक हमारी दैनिक दिनचर्या और खानपान जिम्मेदार होता है:सेचुरेटेड और ट्रांस फैट का अत्यधिक सेवन: समोसे, कचौरी, पिज्जा, बर्गर, पैकेट बंद चिप्स, बेकरी प्रोडक्ट्स (केक, पेस्ट्री) और बार-बार गर्म किए गए तेल में बनी चीजों में ट्रांस फैट (Trans Fat) प्रचुर मात्रा में होता है। यह सीधे तौर पर नसों में एलडीएल (खराब कोलेस्ट्रॉल) को बढ़ाता है।शारीरिक निष्क्रियता (Sedentary Lifestyle): घंटों तक एक ही जगह बैठकर काम करना, वॉक न करना और किसी भी तरह की एक्सरसाइज से दूरी बनाने के कारण शरीर में फैट का दहन (Burn) नहीं हो पाता, जिससे वजन बढ़ने लगता है और कोलेस्ट्रॉल का स्तर बिगड़ जाता है।धूम्रपान और नशा (Smoking): सिगरेट या तंबाकू का सेवन करने से हमारे शरीर में मौजूद गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL Cholesterol) का स्तर तेजी से घटने लगता है। एचडीएल का काम नसों में जमा अतिरिक्त बैड कोलेस्ट्रॉल को साफ करके लिवर तक पहुंचाना होता है, इसके कम होने से नसों में ब्लॉकेज का खतरा बढ़ जाता है।अन्य स्वास्थ्य स्थितियां व जेनेटिक्स: बढ़ती उम्र, मोटापा, अनियंत्रित डायबिटीज (High Sugar) और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का जोखिम सबसे ज्यादा होता है। इसके अलावा, यदि परिवार में पहले से ही किसी को दिल की बीमारी या हाई कोलेस्ट्रॉल का इतिहास (Family History) रहा है, तो यह जेनेटिक कारणों से भी आपको प्रभावित कर सकता है।नसों की सफाई और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के 5 अचूक उपाय (Lifestyle Changes)यदि आप बिना दवाओं के या दवाओं के साथ प्राकृतिक रूप से अपने लिपिड प्रोफाइल (Lipid Profile) को सामान्य रखना चाहते हैं, तो लाइफस्टाइल में ये 5 बड़े बदलाव तुरंत लागू करें:हफ्ते में 150 मिनट की एक्सरसाइज: शारीरिक रूप से एक्टिव होना सबसे जरूरी है। रोजाना कम से कम 30 मिनट या हफ्ते में 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाला व्यायाम जैसे—तेज चलना (Brisk Walking), साइकिल चलाना, स्विमिंग या योग जरूर करें। इससे गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है।हार्ट-फ्रेंडली डाइट अपनाएं: अपने दैनिक भोजन में फाइबर से भरपूर चीजें जैसे ताजे फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, साबुत अनाज (ओट्स, दलिया), दालें और बीन्स शामिल करें। भोजन पकाने के लिए रिफाइंड तेल की जगह सीमित मात्रा में हेल्दी फैट (जैसे जैतून का तेल या सरसों का तेल) और मुट्ठी भर मेवे (बादाम, अखरोट) का सेवन करें।वजन और शुगर को रखें नियंत्रित: यदि आपका वजन सामान्य से अधिक है, तो उसे कैलोरी डेफिसिट डाइट और कसरत के जरिए कम करने का प्रयास करें। वजन में 5 से 10% की कमी भी कोलेस्ट्रॉल के स्तर को आश्चर्यजनक रूप से सुधार देती है। साथ ही ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल को नियमित मॉनिटर करें।धूम्रपान से पूरी तरह दूरी: यदि आप स्मोकिंग करते हैं, तो इसे आज ही छोड़ दें। धूम्रपान छोड़ने के कुछ ही हफ्तों के भीतर शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) का स्तर वापस सुधरने लगता है और हार्ट अटैक का खतरा आधा हो जाता है।लक्षणों को न करें नजरअंदाज: कब सीधे भागें डॉक्टर के पास?हाई कोलेस्ट्रॉल को चिकित्सा विज्ञान में 'साइलेंट समस्या' कहा जाता है क्योंकि शुरुआती दौर में इसके कोई भी बाहरी या स्पष्ट लक्षण शरीर पर दिखाई नहीं देते। लाखों लोगों को इसका पता तब चलता है जब वे किसी अन्य बीमारी के लिए रूटीन ब्लड टेस्ट (लिपिड प्रोफाइल) करवाते हैं।हालांकि, यदि नसों में ब्लॉकेज गंभीर स्तर पर पहुंच जाए, तो शरीर में नीचे दिए गए लक्षण दिखने लगते हैं, जिन्हें भूलकर भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:सीने में भारीपन, जकड़न या अचानक तेज दर्द होना (एंजाइना)।थोड़ा सा चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर ही सांस फूलने लगना।अचानक शरीर के किसी एक हिस्से में कमजोरी या सुन्नता महसूस होना।बिना किसी कारण के अत्यधिक पसीना आना और चक्कर आना।विशेषज्ञों की सलाह: यदि आपकी उम्र 30 वर्ष से अधिक है और आप मोटापा, डायबिटीज, या हाई बीपी से पीड़ित हैं, अथवा आपके परिवार में हार्ट डिजीज का इतिहास है, तो हर 6 महीने या 1 साल में अपना लिपिड प्रोफाइल टेस्ट (Lipid Profile Test) जरूर करवाएं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही अपनी डाइट व उपचार का निर्धारण करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 8:00 am

RO Water Purifier Myths & Facts: क्या वाकई सेहत के लिए नुकसानदेह है आरओ का पानी?

RO Water Purifier Myths & Facts: आजकल आधुनिक जीवनशैली में अधिकांश घरों में पीने के पानी को साफ करने के लिए RO (रिवर्स ऑस्मोसिस) वॉटर प्यूरीफायर का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है। इसका प्राथमिक उद्देश्य पानी में मौजूद अशुद्धियों, भारी धातुओं और हानिकारक बैक्टीरिया को छानकर उसे पीने योग्य बनाना है।लेकिन पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया और इंटरनेट पर आरओ के पानी को लेकर कई तरह के दावे और भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं, जिसने आम लोगों को गहरे भ्रम में डाल दिया है। कुछ लोग इसे सेहत के लिए अमृत मानते हैं, तो कुछ इसे गंभीर बीमारियों की वजह बताने लगे हैं। ऐसे में यह समझना बेहद जरूरी है कि विज्ञान इस बारे में क्या कहता है। आइए जानते हैं आरओ के पानी से जुड़े 4 सबसे बड़े मिथक (Myths), उनकी ग्राउंड रियलिटी और इसके सही इस्तेमाल के तरीके:RO के पानी से जुड़े 4 बड़े मिथक और उनका वैज्ञानिक सचमिथक 1: आरओ का पानी पीने से शरीर में मिनरल्स की भारी कमी हो जाती हैसच्चाई (WHO का पक्ष): विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, यह सच है कि रिवर्स ऑस्मोसिस की प्रक्रिया के दौरान पानी में मौजूद कुछ प्राकृतिक मिनरल्स (जैसे कैल्शियम और मैग्नीशियम) छनकर कम हो जाते हैं। लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि इसे पीने से आपके शरीर में इन मिनरल्स की पूरी कमी हो जाएगी। मानव शरीर को आवश्यक मिनरल्स का 90% से अधिक हिस्सा एक संतुलित और पौष्टिक आहार (Diet) से मिलता है, न कि केवल पीने के पानी से। यदि आपकी डाइट अच्छी है, तो आपको डरने की जरूरत नहीं है।मिथक 2: हर घर और हर इलाके में RO लगाना अनिवार्य हैसच्चाई: यह पूरी तरह गलत धारणा है। हर घर में आरओ प्यूरीफायर की जरूरत नहीं होती। यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि आपके क्षेत्र में आने वाले पानी का टीडीएस (TDS - Total Dissolved Solids) कितना है और उसमें किस तरह के केमिकल मौजूद हैं। यदि आपके घर में आने वाला नल का पानी पहले से ही साफ, मीठा और सुरक्षित है, तो वहां साधारण यूवी (UV) या यूएफ (UF) फिल्टर से भी काम चल सकता है। हमेशा पानी की जांच कराने के बाद ही प्यूरीफायर चुनें।मिथक 3: आरओ का पानी 100% शुद्ध होता है, इसलिए इसे कैसे भी स्टोर कर सकते हैंसच्चाई (CDC की गाइडलाइन): अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) के मुताबिक, पानी चाहे कितना भी शुद्ध क्यों न हो, यदि उसे स्टोर करने का तरीका गलत है, तो वह दोबारा दूषित हो सकता है। आरओ से निकले पानी को हमेशा पूरी तरह से साफ, सूखे और ढक्कन बंद कंटेनर (जैसे कांच या अच्छी क्वालिटी के स्टील/मिट्टी के बर्तन) में ही रखना चाहिए। पानी को लंबे समय तक खुला छोड़ने या गंदे हाथों से निकालने पर उसमें दोबारा बैक्टीरिया पनप सकते हैं।मिथक 4: आरओ का पानी पीने से पेट की आंतें (Gut Health) कमजोर हो जाती हैंसच्चाई: इंटरनेट पर चल रहे इस दावे का समर्थन करने के लिए वर्तमान में कोई भी आधिकारिक वैश्विक वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की गाइडलाइंस में भी ऐसा कोई निष्कर्ष नहीं दिया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी व्यक्ति की गट हेल्थ (पाचन तंत्र की मजबूती) मुख्य रूप से उसकी पूरी लाइफस्टाइल, भोजन में फाइबर की मात्रा, शारीरिक सक्रियता, संक्रमण और दवाओं के इस्तेमाल पर निर्भर करती है, केवल आरओ के पानी पर नहीं।किन परिस्थितियों में आपके घर के लिए जरूरी है RO प्यूरीफायर?आरओएस सिस्टम मुख्य रूप से तब सबसे ज्यादा उपयोगी और अनिवार्य माना जाता है जब:आपके घर के पानी का TDS लेवल 500 mg/L से अधिक हो और पानी का स्वाद खारा या भारी हो।आपके इलाके के भूजल (Groundwater) में आर्सेनिक, फ्लोराइड, सीसा (Lead), या क्रोमियम जैसी खतरनाक और जहरीली भारी धातुएं घुली हुई हों, जिन्हें साधारण फिल्टर नहीं हटा पाते।इसके विपरीत, यदि पानी का टीडीएस सामान्य है और पानी सुरक्षित है, तो बिना वजह हाई-एंड आरओ लगाने से पानी की बर्बादी (Water Wastage) भी ज्यादा होती है।RO का पानी इस्तेमाल करते समय इन 4 बातों का रखें विशेष ख्यालयदि आप अपने घर में आरओ का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसकी शुद्धता और अपनी सेहत बनाए रखने के लिए इन टिप्स को जरूर फॉलो करें:नियमित सर्विसिंग और फिल्टर चेंज: आरओ प्यूरीफायर की समय-समय पर अधिकृत मैकेनिक से सर्विसिंग जरूर कराएं। इसके भीतर लगी मेम्ब्रेन (Membrane) और कार्बन फिल्टर को तय समय सीमा के भीतर बदलवाएं, ताकि पानी की गुणवत्ता खराब न हो।टीडीएस (TDS) को सही सेट करें: आरओ लगवाते समय टेक्नीशियन से कहकर उसके TDS को 100 से 300 के बीच ही सेट करवाएं। बहुत कम टीडीएस (जैसे 50 से कम) का पानी पीने में पूरी तरह बेस्वाद और मिनरल-विहीन हो जाता है।संतुलित आहार लें: चूंकि पानी से मिनरल्स कम होते हैं, इसलिए अपने दैनिक भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, दूध, दही, सूखे मेवे और ताजे फलों को शामिल करें ताकि शरीर में कैल्शियम और मैग्नीशियम की प्रचुर मात्रा बनी रहे।कांच या तांबे के बर्तन का विकल्प: आरओ के पानी को रिस्टोर करने के लिए प्लास्टिक की बोतलों या कंटेनरों के बजाय कांच के जग या तांबे/मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल करना स्वास्थ्य के लिए ज्यादा लाभकारी माना जाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 7:58 am

Monsoon UTI Prevention & Symptoms: बरसात में यूरिन इंफेक्शन (UTI) को न करें हल्के में लेने की भूल, लापरवाही से किडनी तक पहुंच सकता है संक्रमण; जानें कारण और बचाव!

बरसात का सुहावना मौसम अपने साथ जितनी राहत लेकर आता है, उतनी ही स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी खड़ी करता है। मानसून के इस दौर में होने वाली एक बेहद सामान्य समस्या यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यानी यूटीआई (UTI - Urine Infection) को कई बार लोग नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर बहुत भारी पड़ सकता है।शुरुआत में यह समस्या पेशाब करते समय हल्की जलन, बार-बार टॉयलेट जाने की इच्छा होना या पेट के निचले हिस्से में दर्द तक ही सीमित लगती है। लेकिन यदि समय रहते इसका सही डॉक्टरी इलाज न कराया जाए, तो यह साधारण सा दिखने वाला संक्रमण ब्लैडर से ऊपर उठकर सीधे आपकी किडनी (Kidney Infection) को गंभीर रूप से डैमेज कर सकता है। खासकर कम उम्र की बच्चियों और महिलाओं के मामले में इस बीमारी को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। आइए देश के बड़े डॉक्टरों और विशेषज्ञों से समझते हैं कि मानसून में यूटीआई क्यों बढ़ जाता है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है:बरसात के मौसम में क्यों बढ़ जाते हैं UTI के मामले? (Key Causes)अक्सर लोग मानते हैं कि बारिश के पानी में भीगने से यूरिन इंफेक्शन होता है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। डॉक्टरों के अनुसार, संक्रमण की असली वजह इस मौसम में पनपने वाली कुछ आदतें और परिस्थितियां हैं:लंबे समय तक गीले कपड़े पहनना: डॉ. मनीषा अरोड़ा (डायरेक्टर इंटरनल मेडिसिन, सीके बिरला हॉस्पिटल) के मुताबिक, मानसून के दौरान बारिश में भीगने के बाद या पसीने की वजह से लंबे समय तक गीले कपड़ों या अंडरगारमेंट्स में रहना बैक्टीरिया के पनपने के लिए सबसे अनुकूल माहौल (नमी और गर्माहट) बनाता है।कम पानी पीने की आदत: डॉ. सी. एस. मिथ्रयी (सीनियर कंसल्टेंट, ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी) का कहना है कि बारिश के मौसम में तापमान थोड़ा कम होने से लोगों को प्यास कम लगती है। पानी कम पीने के कारण शरीर में पेशाब (Urine) कम बनता है। नतीजतन, यूरिनरी ट्रैक्ट में मौजूद बैक्टीरिया फ्लश आउट नहीं हो पाते और वहीं टिककर अपनी संख्या बढ़ाने लगते हैं।मुख्य जिम्मेदार बैक्टीरिया: डॉ. विक्रम कालरा (प्रिंसिपल डायरेक्टर, नेफ्रोलॉजी एवं किडनी ट्रांसप्लांट, आकाश हेल्थकेयर) के अनुसार, अधिकांश यूटीआई मामलों के लिए ई. कोलाई (E. coli) नामक बैक्टीरिया मुख्य रूप से जिम्मेदार होता है, जो गंदगी और नमी के कारण तेजी से शरीर में प्रवेश कर जाता है।शुरुआती लक्षणों से लेकर किडनी इंफेक्शन तक का सफर (UTI Symptoms)यूटीआई के लक्षणों को दो चरणों में समझा जा सकता है। पहला शुरुआती संक्रमण और दूसरा गंभीर स्थिति जब इंफेक्शन किडनी तक पहुंच जाता है:शुरुआती सामान्य लक्षण:पेशाब करते समय तेज जलन या दर्द होना।बार-बार पेशाब आने का अहसास होना, लेकिन खुलकर न आना।यूरिन से अत्यधिक तीखी बदबू आना।यूरिन का रंग धुंधला (Cloudy) होना या कभी-कभी उसमें खून के अंश (Hematuria) दिखना।पेट के निचले हिस्से या पेल्विक एरिया में लगातार हल्का दर्द रहना।किडनी में संक्रमण फैलने के गंभीर लक्षण:यदि लापरवाही के कारण इंफेक्शन किडनी तक पहुंच जाता है, तो शरीर ये अलार्म बजाने लगता है:अचानक तेज बुखार आना और शरीर का कांपना (ठंड लगना)।पीठ के निचले हिस्से या कमर में एक तरफ असहनीय तेज दर्द होना।लगातार मतली (जी मिचलाना) या उल्टियां होना।अत्यधिक कमजोरी, चक्कर आना और थकान महसूस होना।इन्हें है सबसे ज्यादा खतरा:गर्भवती महिलाओं (Pregnant Women), डायबिटीज के मरीजों, बुजुर्गों और जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कमजोर है, उन्हें यूरिन इंफेक्शन के लक्षण दिखते ही तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए, क्योंकि इनमें जटिलताएं बहुत तेजी से बढ़ती हैं।सही समय पर जांच और इलाज है जरूरीडॉक्टरों के अनुसार, अच्छी बात यह है कि शुरुआती अवस्था में अधिकांश यूटीआई का इलाज बेहद आसान और सटीक होता है।लैब टेस्ट: संक्रमण की पुष्टि के लिए डॉक्टर सबसे पहले यूरिन रूटीन टेस्ट (Urine Routine) और यूरिन कल्चर (Urine Culture) टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं। कल्चर टेस्ट से यह पता चलता है कि इंफेक्शन किस विशिष्ट बैक्टीरिया की वजह से हुआ है।एंटीबायोटिक्स: टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर कुछ दिनों का एंटीबायोटिक (Antibiotics) कोर्स प्रिसक्राइब करते हैं। ध्यान रहे कि खुद से कोई भी दवा या पेनकिलर लेने की गलती बिल्कुल न करें और डॉक्टर द्वारा दिए गए एंटीबायोटिक के कोर्स को बीच में अधूरा न छोड़ें।मानसून में यूटीआई से सुरक्षित रहने के 5 अचूक उपाय (Prevention Tips)यदि आप बरसात के इस मौसम में यूरिन इंफेक्शन की परेशानी से कोसों दूर रहना चाहते हैं, तो इन 5 बातों का कड़ाई से पालन करें:भरपूर पानी पिएं (Hydration): प्यास न लगने पर भी दिनभर में कम से कम 8 से 10 गिलास (2-3 लीटर) पानी जरूर पिएं। जितना ज्यादा यूरिन पास होगा, बैक्टीरिया उतनी ही आसानी से शरीर से बाहर निकल जाएंगे।गीले कपड़ों को तुरंत बदलें: यदि आप बारिश में भीग गए हैं या वर्कआउट के कारण कपड़े पसीने से गीले हो गए हैं, तो बिना देर किए तुरंत नहाकर सूखे और साफ सूती (Cotton) कपड़े पहनें।पर्सनल हाइजीन का ध्यान रखें: वॉशरुम का इस्तेमाल करने के बाद हमेशा आगे से पीछे की ओर (Front to Back) सफाई करें, ताकि मल मार्ग के बैक्टीरिया यूरिनरी ट्रैक्ट तक न पहुंच सकें। सार्वजनिक शौचालयों का उपयोग करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें।पेशाब को रोककर न रखें: जब भी टॉयलेट जाने की इच्छा हो, उसे दबाएं नहीं। लंबे समय तक यूरिन को ब्लैडर में रोककर रखने से बैक्टीरिया को बढ़ने का पूरा समय मिल जाता है।क्रैनबेरी जूस का सेवन: डॉक्टरों की सलाह पर आप क्रैनबेरी जूस (Cranberry Juice) या इसके सप्लीमेंट्स ले सकते हैं। क्रैनबेरी में मौजूद तत्व बैक्टीरिया को ब्लैडर की दीवारों पर चिपकने से रोकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 7:56 am

Climate Central Study on Sleep Loss: भारत में बदलता मौसम उड़ा रहा रातों की नींद! क्लाइमेट चेंज से चेन्नई और मुंबई सबसे ज्यादा प्रभावित, जानें गर्म रातों का सेहत पर असर

बदलते मौसम और लगातार बढ़ते वैश्विक तापमान (Global Warming) का असर अब सिर्फ खेती, पर्यावरण या ग्लेशियरों तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह हमारे बेडरूम तक पहुंच चुका है और हमारी सेहत की सबसे जरूरी कड़ी यानी 'नींद' (Sleep) को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत के बड़े शहरों में न केवल दिन का पारा चढ़ा है, बल्कि रात की गर्मी (Nighttime Warming) में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है।हाल ही में पर्यावरण अनुसंधान से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय संस्था 'क्लाइमेट सेंट्रल' (Climate Central) ने एक बेहद चौंकाने वाली स्टडी जारी की है। इस स्टडी में साल 2020 से 2025 के बीच दुनिया के 1,300 से ज्यादा शहरों और भारत के 100 से अधिक प्रमुख शहरों के तापमान और इंसानी नींद के आंकड़ों का गहन विश्लेषण (Analysis) किया गया है। रिपोर्ट के निष्कर्ष बताते हैं कि भारत के महानगरों में रहने वाले लोग हर साल कई घंटों की जरूरी नींद सिर्फ रात की बढ़ती गर्मी के कारण खो रहे हैं।नींद खोने के मामले में चेन्नई और मुंबई सबसे आगे (Metros Data)Climate Central की रिपोर्ट के मुताबिक, तटीय और अत्यधिक आबादी वाले महानगरों में रात का तापमान सामान्य से कहीं ज्यादा बना रहता है, जिसके कारण वहां के नागरिकों की सालाना नींद में भारी कटौती दर्ज की गई है:प्रभावित भारतीय शहर (Cities)प्रति वर्ष कम होने वाली अनुमानित नींद (घंटे)चेन्नई (Chennai - सबसे प्रभावित)93 घंटे प्रति वर्षमुंबई (Mumbai)84 घंटे प्रति वर्षकोलकाता (Kolkata)80 घंटे प्रति वर्षअहमदाबाद (Ahmedabad)78 घंटे प्रति वर्षहैदराबाद (Hyderabad)75 घंटे प्रति वर्षबेंगलुरु (Bengaluru)67 घंटे प्रति वर्षदिल्ली (Delhi)66 घंटे प्रति वर्षपुणे (Pune)65 घंटे प्रति वर्षक्लाइमेट चेंज का सीधा कनेक्शन:विशेषज्ञों के अनुसार, इन सभी शहरों में हर साल नींद कम होने के कुल समय में से करीब 5 से 8 घंटे की सीधी कमी सीधे तौर पर 'क्लाइमेट चेंज' (जलवायु परिवर्तन) की वजह से बढ़े हुए रातों के तापमान से जुड़ी हुई है।गर्म रातें हमारी नींद और शरीर को कैसे प्रभावित करती हैं? (Scientific Reason)चिकित्सा विज्ञान और इस स्टडी के अनुसार, एक आरामदायक और गहरी नींद (Deep Sleep) में जाने के लिए मानव शरीर का आंतरिक तापमान (Core Body Temperature) स्वाभाविक रूप से थोड़ा कम होना बेहद जरूरी होता है।शरीर को ठंडा होने में दिक्कत: जब रात के समय बाहरी वातावरण या कमरे का तापमान बहुत गर्म और उमस भरा होता है, तो शरीर को खुद को प्राकृतिक रूप से ठंडा करने में बहुत मशक्कत करनी पड़ती है।बार-बार नींद टूटना: इस थर्मल स्ट्रेस (Thermal Stress) के कारण व्यक्ति को या तो जल्दी नींद नहीं आती, या फिर रात में बार-बार उसकी आंख खुलती है।लंबे समय तक नींद की कमी से सेहत को 4 बड़े नुकसानलगातार अच्छी और पर्याप्त नींद न मिलने का असर केवल अगले दिन की थकान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह शरीर में कई गंभीर बीमारियों को जन्म देता है:मानसिक स्वास्थ्य पर असर: नींद पूरी न होने से सुबह उठते ही भारीपन, दिनभर चिड़चिड़ापन, तनाव और किसी भी काम में ध्यान (Concentration) लगाने में भारी परेशानी होती है।हार्ट और नसों की बीमारियां: लंबे समय तक (Chronic) नींद की कमी रहने से शरीर में ब्लड प्रेशर अनियंत्रित हो सकता है, जिससे दिल के दौरे (Heart Attack) और नसों से जुड़ी गंभीर समस्याओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।कार्यक्षमता में गिरावट: ऑफिस या कार्यस्थल पर नींद आने के कारण परफॉर्मेंस खराब होती है और मानवीय गलतियां (Human Errors) होने की आशंका बढ़ जाती है।दुर्घटनाओं का जोखिम: ड्राइव करते समय या सड़क पर चलते वक्त झपकी आने के कारण जानलेवा सड़क दुर्घटनाओं (Road Accidents) का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है।भीषण गर्मी और उमस में भी अच्छी नींद पाने के 6 बेहतरीन टिप्सयदि आप भी बदलते मौसम के इस दौर में अपनी रातों की नींद को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो हेल्थ एक्सपर्ट्स द्वारा बताए गए इन उपायों को जरूर आजमाएं:कमरे का तापमान नियंत्रित रखें: सोने से पहले कमरे को जितना हो सके ठंडा और हवादार बनाएं। एयर कंडीशनर (AC) या पंखे को एक आरामदायक तापमान (24C से 26C) पर सेट करें।सोने का फिक्स रूटीन: रोजाना रात को एक ही निश्चित समय पर सोने जाएं और सुबह एक ही तय समय पर उठें। इससे शरीर की आंतरिक जैविक घड़ी (Circadian Rhythm) मजबूत होती है।गैजेट्स से दूरी बनाएं: सोने से कम से कम 1 घंटा पहले मोबाइल, लैपटॉप या टीवी की स्क्रीन देखना बिल्कुल बंद कर दें। इनकी नीली रोशनी (Blue Light) नींद लाने वाले 'मेलाटोनिन' हार्मोन को बनने से रोकती है।हल्का भोजन और कैफीन से परहेज: रात को सोने से ठीक पहले भारी या अत्यधिक मसालेदार भोजन न करें। साथ ही शाम के बाद चाय, कॉफी या सॉफ्ट ड्रिंक्स जैसे कैफीन युक्त पदार्थों के सेवन से बचें।ढीले सूती कपड़े और हाइड्रेशन: सोते समय हमेशा हल्के, ढीले और सूती (Cotton) कपड़े पहनें ताकि पसीना आसानी से सूख सके। दिनभर और सोने से पहले पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे।दिन में शारीरिक गतिविधि: रोजाना सुबह या शाम को नियमित रूप से व्यायाम, योग या वॉक (Physical Activity) करें। इससे शरीर की ऊर्जा का सही इस्तेमाल होता है और रात में जल्दी व गहरी नींद आती है।ध्यान दें: यदि तमाम उपायों के बाद भी आपको लंबे समय से अनिद्रा (Insomnia), बार-बार नींद टूटने या सुबह उठने पर अत्यधिक थकान रहने की समस्या बनी हुई है, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेना ही सबसे बेहतर विकल्प है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Jul 2026 7:55 am

Top News 17 July: PM मोदी की हाइड्रोजन ट्रेन, ट्रंप का चीन पर बड़ा आरोप

Top News 17 July : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हाईड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप ने चीन पर 22 करोड़ अमेरिकी वोटर्स का डाटा चुराने का आरोप लगाया। ट्रंप प्रशासन ने वीजा नियम बदले। ईरान में बच्चों के कैंसर अस्पताल पर ...

वेब दुनिया 17 Jul 2026 7:48 am

बजट में बराक घाटी के विकास को प्राथमिकता दी गई: हिमंता बिस्वा सरमा

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले एक दशक से बराक घाटी के लोगों की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षाओं को पूरा करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह क्षेत्र अब असम के विकास पथ में पीछे नहीं रहेगा।

देशबन्धु 17 Jul 2026 4:00 am

भाजपा की बैठक में शामिल होने पर असम विधानसभा अध्यक्ष पर कांग्रेस का निशाना

असम विधानसभा में विपक्ष के पूर्व नेता और कांग्रेस नेता देबब्रत सैकिया ने गुरुवार को विधानसभा अध्यक्ष रंजीत कुमार दास पर निशाना साधा

देशबन्धु 17 Jul 2026 3:05 am

बिहार: एआई आधारित सुशासन को बढ़ावा, सीएम ने 'सर्वम एआई-भारत जीपीटी' के साथ समझौते की घोषणा की

बिहार सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सुशासन, नवाचार और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जानकारी दी कि बिहार सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और सर्वम एआई-भारत जीपीटी के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी के जरिए राज्य में एआई आधारित तकनीकों के विकास, अनुसंधान और जनसेवाओं को नई दिशा मिलेगी।

देशबन्धु 17 Jul 2026 3:04 am

भारत-श्रीलंका रक्षा अधिकारियों की अहम बैठक, रक्षा साझेदारी को मजबूत करने पर दिया जोर

भारत और श्रीलंका के रक्षा अधिकारियों ने नई दिल्ली में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम बैठक की। इस दौरान आपसी सहयोग से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की और भविष्य में साझेदारी बढ़ाने पर सहमति जताई।

देशबन्धु 17 Jul 2026 3:02 am

Indian Chutney Recipes & Benefits: हर व्यंजन का स्वाद दोगुना कर देंगी ये 4 पारंपरिक चटनियां, जानें बनाने की आसान विधि और स्टोर करने के सही तरीके

भारतीय भोजन में चटनी (Chutney) का स्थान बेहद खास और अपरिहार्य माना जाता है। यह न केवल खाने का स्वाद और तीखापन बढ़ाती है, बल्कि साधारण से साधारण भोजन की थाली को भी पूरी तरह से कंप्लीट और जायकेदार बना देती है। चाहे दोपहर का दाल-चावल हो, सुबह के गरमा-गरम पराठे, या फिर दक्षिण भारतीय व्यंजन जैसे इडली-डोसा—हर डिश का असली मजा सही चटनी के बिना अधूरा है।स्वाद के अलावा चटनियां स्वास्थ्य के लिहाज से भी बेहद गुणकारी होती हैं। इनमें इस्तेमाल होने वाली कच्ची सामग्रियों जैसे हरी मिर्च, धनिया, पुदीना, लहसुन और नींबू में प्रचुर मात्रा में विटामिन, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो पाचन क्रिया (Digestion) को दुरुस्त रखने में मदद करते हैं। आइए जानते हैं भारतीय रसोई की ऐसी ही 4 सदाबहार और टेस्टी चटनियों के बारे में, जिन्हें आप मिनटों में घर पर तैयार कर सकते हैं:हर खाने की जान हैं ये 4 बेहतरीन चटनियां (Easy Chutney Recipes)1. पुदीना-धनिया चटनी (The Perfect All-Rounder)बनाने की विधि: ताजी पुदीने की पत्तियां, हरा धनिया, हरी मिर्च, लहसुन की कलियां, स्वादानुसार नमक और थोड़ा सा ताजा नींबू का रस मिलाकर ब्लेंडर में अच्छी तरह पीस लें।फायदे और पेयरिंग: पुदीना और धनिया में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर पेट को ठंडक देते हैं। यह हरी चटनी समोसे, कचोरी, सैंडविच, ढोकला और हर तरह के स्टफ्ड पराठों के साथ लाजवाब स्वाद देती है।2. टमाटर-लहसुन की तीखी चटनी (Fiery Tomato-Garlic)बनाने की विधि: पके हुए टमाटर, लहसुन की कलियां और सूखी लाल मिर्च को थोड़े से तेल में हल्का सा भून लें। जब यह मिश्रण ठंडा हो जाए, तो इसमें नमक डालकर मिक्सी में पीस लें।फायदे और पेयरिंग: टमाटर में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी और लाइकोपीन पाया जाता है, जबकि लहसुन रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ाता है। यह चटनी सादे दाल-चावल, पूरी, लच्छा पराठा और मैसूर मसाला डोसा के साथ खूब पसंद की जाती है।3. नारियल की क्लासिक चटनी (South Indian Coconut Chutney)बनाने की विधि: ताजा कद्दूकस किया हुआ नारियल, भुनी हुई चना दाल (दलिया), हरी मिर्च, थोड़ा सा अदरक और नमक डालकर एक महीन पेस्ट बना लें। स्वाद बढ़ाने के लिए ऊपर से तेल में राई (सरसों के दाने), सूखी लाल मिर्च और ताजे करी पत्ते का कड़क तड़का लगाएं।फायदे और पेयरिंग: नारियल में मौजूद हेल्दी फैट्स और डाइटरी फाइबर शरीर को ऊर्जा देते हैं। यह चटनी इडली, डोसा, उत्तपम, वड़ा और अप्पम के लिए सबसे उत्तम कॉम्बिनेशन है।4. कच्चे आम की खट्टी-मीठी चटनी (Raw Mango Chutney)बनाने की विधि: कच्चे आम (कैरी) के छोटे टुकड़ों में पुदीना, हरा धनिया, हरी मिर्च, जीरा और नमक डालकर पीस लें। यदि आप खट्टा-मीठा स्वाद पसंद करते हैं, तो पीसते समय इसमें थोड़ा सा गुड़ (Jaggery) भी मिला सकते हैं।फायदे और पेयरिंग: कच्चा आम विटामिन सी का एक बेहतरीन और प्राकृतिक स्रोत है जो गर्मियों में लू से बचाता है। यह चटनी पूरी, पराठे, और समर-स्पेशल लंच के साथ बेहद स्वादिष्ट लगती है।चटनी को लंबे समय तक ताजा रखने और स्टोर करने के 5 जरूरी टिप्सअक्सर घर पर बनाई गई चटनियां सही रखरखाव न होने के कारण बहुत जल्दी खराब हो जाती हैं या अपना मूल रंग खो देती हैं। इसकी ताजगी बनाए रखने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें:साफ-सफाई सबसे जरूरी: चटनी बनाने के लिए हमेशा फ्रेश और अच्छी क्वालिटी की हरी सब्जियों का ही चुनाव करें। पीसने से पहले धनिया, पुदीना और मिर्च को पानी से 2-3 बार अच्छी तरह जरूर धो लें।एयरटाइट कंटेनर का इस्तेमाल: तैयार चटनी को हमेशा कांच या प्लास्टिक के साफ और पूरी तरह से सूखे एयरटाइट कंटेनर (Air-Tight Container) में ही भरकर फ्रिज में रखें। खुला छोड़ने पर इसका रंग काला पड़ सकता है।गीले चम्मच से बचें: फ्रिज से चटनी निकालते समय कभी भी गीले या पहले से इस्तेमाल किए गए चम्मच का प्रयोग न करें। नमी के संपर्क में आते ही चटनी में फंगस लगने या उसके खराब होने का खतरा दोगुना हो जाता है।नींबू या सिरका: हरी धनिया-पुदीने की चटनी को पीसते समय नींबू का रस या थोड़ा सा सिरका (Vinegar) मिलाने से उसका हरा रंग बरकरार रहता है और वह एक प्राकृतिक प्रिजर्वेटिव का काम करता है।उपयोग की समय-सीमा: यद्यपि फ्रिज में चटनी कुछ दिनों तक सुरक्षित रह सकती है, लेकिन इसके असली स्वाद, पोषक तत्वों और ताजगी का आनंद लेने के लिए इसे 2 से 3 दिनों के भीतर ही बनाकर कंज्यूम (इस्तेमाल) कर लेना चाहिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 10:47 pm

Garuda Purana Reincarnation Signs: क्या आपका भी था कोई पिछला जन्म? गरुड़ पुराण के अनुसार इन 5 रहस्यमयी संकेतों से जानें अपनी आत्मा का अतीत

मानव जीवन में कई बार ऐसी परिस्थितियां या परेशानियां आकर खड़ी हो जाती हैं, जब इंसान बेबस होकर कह उठता है— पता नहीं किस जन्म के पापों या कर्मों की सजा मिल रही है। हिंदू धर्म और दर्शन में पुनर्जन्म (Reincarnation) पर गहरा विश्वास व्यक्त किया गया है। सनातन धर्म के प्रमुख ग्रंथों, विशेषकर गरुड़ पुराण (Garuda Purana) में मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा, उसके कर्मों के हिसाब और पुनर्जन्म के सिद्धांतों का अत्यंत विस्तार से वर्णन मिलता है।धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताओं के अनुसार, आत्मा कभी नहीं मरती, वह केवल शरीर बदलती है। अक्सर पिछले जन्म की कुछ स्मृतियां और अधूरी भावनाएं हमारी आत्मा के साथ नए जन्म में भी यात्रा करती हैं। आज हम आपको 5 ऐसे रहस्यमयी और मानसिक लक्षणों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें यदि आप अपने व्यावहारिक जीवन में महसूस करते हैं, तो यह इस बात का साफ इशारा हो सकता है कि आपकी आत्मा का कोई न कोई पिछला जन्म जरूर रहा है:पिछले जन्म का संकेत देने वाले 5 मुख्य लक्षण (Signs of Past Life)1. एक ही स्वप्न का बार-बार दिखाई देना (Recurring Dreams)यदि आपको सोते समय एक ही सपना बार-बार आता है, जिसमें आप खुद को किसी खास कालखंड (Ancient Time), अनजान ऐतिहासिक जगहों या अजीब वेशभूषा वाले लोगों के बीच देखते हैं। सबसे दिलचस्प बात यह कि सपने में आप उन चेहरों और जगहों से पूरी तरह परिचित महसूस करते हैं, लेकिन जागने के बाद लाख कोशिशों के बावजूद यह याद नहीं कर पाते कि इस वर्तमान जीवन में आपने उन्हें कहां देखा है। गरुड़ पुराण के नजरिए से यह आत्मा के अवचेतन मन में दबी पिछले जन्म की कोई गहरी स्मृति हो सकती है।2. पहली ही मुलाकात में अजनबी से गहरा अपनापन (Instant Connection)कई बार हमारे जीवन में किसी ऐसे व्यक्ति की एंट्री होती है, जिससे हम पहले कभी नहीं मिले होते (वह पूरी तरह अजनबी होता है)। लेकिन पहली ही नजर या चंद मिनटों की बातचीत में ही हमें ऐसा महसूस होने लगता है जैसे हम उस व्यक्ति को सदियों या कई वर्षों से जानते हैं। उसके साथ एक अटूट और गहरा मानसिक व भावनात्मक जुड़ाव (Soul Connection) स्थापित हो जाता है। आध्यात्मिक विद्वानों के अनुसार, यह इस बात का संकेत है कि वह व्यक्ति आपके पिछले जन्म के किसी करीबी रिश्ते या परिवार से जुड़ा रहा है।3. बिना कारण किसी वस्तु, स्थान या व्यक्ति से गहरा लगावअक्सर देखा जाता है कि कुछ लोगों को बिना किसी तार्किक कारण के किसी खास शहर, ऐतिहासिक इमारत, पुरानी वस्तुओं या किसी अजनबी व्यक्ति से बहुत ज्यादा लगाव या खिंचाव महसूस होने लगता है। उदाहरण के लिए, किसी व्यक्ति का भारत के किसी ऐसे शहर के प्रति आकर्षित होना जहां वह कभी गया ही न हो। शास्त्रों के अनुसार, इस तरह का अकारण लगाव सीधे तौर पर आत्मा के पिछले जीवन के निवास स्थान या उसकी प्रिय वस्तुओं से संबंधित होता है।4. भविष्य की घटनाओं का पहले से आभास होना (Dj Vu / Intuition)क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि कोई घटना आपके सामने घट रही हो और आपको अचानक लगे कि यह सब आपके साथ पहले भी हो चुका है? या फिर कुछ लोगों के पास एक गजब की छठी इंद्री (Sixth Sense) होती है, जिससे उन्हें भविष्य में होने वाली घटनाओं का पूर्वाभास हो जाता है और उनकी कही बातें सच हो जाती हैं। माना जाता है कि ऐसी स्थिति में वह आत्मा पिछले जन्मों के अनुभवों से इतनी परिपक्व (Mature Soul) हो चुकी होती है कि उसे आने वाले समय के इशारे पहले ही मिलने लगते हैं।5. अनजाना डर या अकारण उदासी (Unexplained Phobias)कुछ लोगों के भीतर बचपन से ही किसी खास चीज को लेकर एक गहरा और अनजाना डर (Phobia) होता है, जैसे पानी से डर, ऊंचाई से डर, अंधेरे या आग से डर। भले ही वर्तमान जीवन में उनके साथ ऐसी कोई दुर्घटना न हुई हो, फिर भी वे भयभीत रहते हैं। इसके अलावा कई बार व्यक्ति बिना किसी बाहरी कारण के गहरी उदासी या ऐसा व्यवहार करने लगता है जो उसके वर्तमान जीवन की परिस्थितियों से मेल नहीं खाता। इसे भी पिछले जन्म की किसी अधूरी इच्छा, आघात या मृत्यु के समय के डर का साया माना जाता है।गरुड़ पुराण क्या संदेश देता है?गरुड़ पुराण के अनुसार, हमारी आत्मा एक शरीर से दूसरे शरीर में जाते समय अपने साथ संचित कर्मों (अच्छे और बुरे कार्य) का एक सूक्ष्म ब्योरा लेकर चलती है। यही वजह है कि हर मनुष्य का स्वभाव, उसकी रुचियां और उसका भाग्य एक-दूसरे से पूरी तरह अलग होता है। इन संकेतों को समझकर मनुष्य को अपने वर्तमान जीवन में केवल अच्छे और धर्मसम्मत कार्य करने चाहिए ताकि उसकी आत्मा की आगामी यात्रा सुखद और मोक्ष की ओर अग्रसर हो सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 10:46 pm

Sawan 2026 Aparajita Flowers Remedies: सावन में अपराजिता के फूल से करें ये 3 अचूक उपाय, बरसेगी महादेव की कृपा और दूर होगी पैसों की तंगी

हिंदू धर्म में सावन (Shravan Month) का महीना बेहद पवित्र और चमत्कारी माना जाता है। यह हिंदी पंचांग का पांचवां महीना है, जो पूरी तरह से देवों के देव महादेव की भक्ति, साधना और आराधना को समर्पित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के महीने में भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करने से भोलेनाथ अपने भक्तों पर शीघ्र प्रसन्न होते हैं और उनकी झोली खुशियों से भर देते हैं।द्रिक पंचांग (Drik Panchang) के अनुसार, इस साल सावन का पावन महीना 30 जुलाई 2026 से शुरू हो रहा है, जिसका समापन 30 अगस्त 2026 को सावन पूर्णिमा और रक्षाबंधन के साथ होगा।शास्त्रों में सावन के दौरान शिवलिंग पर कुछ विशेष सामग्रियां और फूल अर्पित करने का विधान है। इन्हीं में से एक है अपराजिता का फूल (Aparajita Flower)। नीले रंग का यह खूबसूरत फूल महादेव को अत्यंत प्रिय है। मान्यता है कि सावन में अपराजिता के फूल से जुड़े कुछ खास उपाय करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में:सावन में अपराजिता के फूल के 3 चमत्कारी उपाय (Sawan Aparajita Totke)1. धन लाभ और सकारात्मकता के लिए (सोमवार का विशेष उपाय)सावन के प्रत्येक सोमवार को सुबह स्नान आदि करने के बाद किसी भी शिव मंदिर (शिवालय) जाएं। वहां शिवलिंग पर अपराजिता के 5 फूल श्रद्धापूर्वक अर्पित करें। धार्मिक मान्यता है कि इस उपाय को करने से भगवान शिव की विशेष अनुकंपा प्राप्त होती है। जीवन से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और अचानक से धन लाभ (Financial Gain) के नए योग बनने शुरू हो जाते हैं।2. तिजोरी को हमेशा भरा रखने के लिए (आर्थिक तंगी से मुक्ति)सावन के महीने में किसी भी दिन सुबह के समय शिवालय जाएं। भोलेनाथ की पूजा करें और शिवलिंग पर अपराजिता का एक ताजा फूल चढ़ाएं। इसके बाद, शिवलिंग पर पहले से चढ़ा हुआ कोई दूसरा अपराजिता का फूल (आशीर्वाद स्वरूप) अपने साथ घर ले आएं।क्या करें: इस फूल को घर के स्वच्छ स्थान पर सुखा लें। पूरी तरह सूख जाने के बाद इसे एक लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी, अलमारी या पैसे रखने वाले स्थान पर रख दें। माना जाता है कि यह उपाय धन को आकर्षित करता है, जिससे घर में बरकत बनी रहती है।3. सुख-समृद्धि और वैभव के लिए (विशेष पंचामृत अभिषेक)सावन में रोजाना या सोमवार के दिन शिवलिंग पर जल अर्पित करने की लोटे में एक विशेष विधि अपनाएं। तांबे या पीतल के लोटे में जल भरें और उसमें अपराजिता के फूल डाल दें। इसके साथ ही जल में थोड़ा सा कच्चा दूध, दही, शहद और अक्षत (बिना टूटे हुए चावल के दाने) मिला लें। अब इस पवित्र जल से शिवलिंग का अभिषेक करें। इस उपाय को करने से घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है।क्यों इतना खास है अपराजिता का फूल?शास्त्रों के अनुसार, अपराजिता के फूल का धार्मिक दृष्टिकोण से अति उच्च स्थान है। 'अपराजिता' का अर्थ ही है जिसे कोई पराजित न कर सके। यह फूल वैसे तो सभी देवी-देवताओं को प्रिय है, लेकिन नीले रंग का होने के कारण यह नीलकंठ यानी भगवान शिव को बेहद प्रिय है। सावन के दुर्लभ संयोग में इस फूल के जरिए की गई पूजा का फल कई गुना अधिक होकर मिलता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 10:44 pm

E20 Petrol Compliance Guide: रायपुर उपभोक्ता फोरम के फैसले से छिड़ी बहस; जानें आपकी कार E10 है या E20 कंप्लाइंट? BS4, BS6 और इथेनॉल ब्लेंडिंग का पूरा सच

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वारा E20 पेट्रोल मामले में मारुति सुजुकी पर लगाए गए भारी जुर्माने के बाद देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक नई बहस छिड़ गई है। आयोग ने एक उपभोक्ता की शिकायत पर कंपनी को नई E20 कार देने या ₹20.50 लाख से अधिक की राशि लौटाने का ऐतिहासिक आदेश दिया है।इस विवाद के बीच केंद्र सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय लगातार यह साफ कर रहे हैं कि देश में E20 पेट्रोल (20% इथेनॉल मिश्रित ईंधन) पूरी तरह से वैज्ञानिक परीक्षणों और कड़े मूल्यांकन के बाद ही चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया है और इसे लेकर कई तरह की भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं। ऐसे में देश के करोड़ों वाहन मालिकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि उनकी कार E10 है या E20 कंप्लाइंट, इसे कैसे पहचानें? साथ ही BS4 और BS6 नियम भारत में कब आए और देश इथेनॉल ब्लेंडिंग के इस मुकाम तक कैसे पहुंचा? आइए इस पूरे मामले को बेहद आसान भाषा में समझते हैं।E20 विवाद की पूरी कहानी और रायपुर आयोग का फैसलायह पूरा मामला रायपुर के निवासी डॉ. प्रेमराज देब्ता की शिकायत से शुरू हुआ। उन्होंने जून 2024 में मारुति ग्रैंड विटारा स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड (Maruti Grand Vitara Strong Hybrid) कार खरीदी थी, लेकिन कुछ ही समय बाद वाहन के इंजन में बार-बार गंभीर तकनीकी दिक्कतें आने लगीं।दही जैसा पदार्थ: कार के अधिकृत सर्विस सेंटर ने खराबी का कारण पेट्रोल में मिलावट को बताया, जबकि सरकारी लैब की जांच में फ्यूल टैंक के अंदर सफेद दही जैसा पदार्थ पाया गया, जिसे 'इथेनॉल' (Ethanol) बताया गया।फोरम का कड़ा फैसला: जिला उपभोक्ता आयोग ने मामले की सुनवाई करते हुए मारुति सुजुकी को 45 दिनों के भीतर नई E20 फ्यूल पावर्ड कार देने का आदेश दिया। आदेश का पालन न करने पर कंपनी को वाहन की पूरी कीमत सहित ₹20,50,494, मानसिक प्रताड़ना के लिए ₹1 लाख और मुकदमे के खर्च के रूप में ₹10,000 ग्राहक को लौटाने होंगे।डीलरशिप का पक्ष: दूसरी तरफ, कार डीलरशिप का कहना है कि वाहन की खराबी E20 फ्यूल की वजह से नहीं बल्कि बाहरी मिलावट या कचरे के कारण हुई थी, जो कंपनी की वारंटी नीति के दायरे में नहीं आती।कैसे पहचानें कि आपकी कार E10 है या E20 कंप्लाइंट?अपनी कार की फ्यूल कंपैटिबिलिटी (ईंधन अनुकूलता) की जांच करने के लिए आप नीचे दिए गए 4 आसान तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं:खरीदने की तारीख और वर्ष: यदि आपकी कार 1 अप्रैल 2023 या उसके बाद की मैन्युफैक्चरिंग (निर्माण) की है, तो वह शत-प्रतिशत नियमों के अनुसार E20 कंप्लाइंट है। केंद्र सरकार ने इस तारीख से सभी नए पेट्रोल वाहनों को E20 अनुकूल बनाना अनिवार्य कर दिया था। इसके विपरीत, साल 2010 से मार्च 2023 तक बिकने वाली ज्यादातर गाड़ियां E10 के हिसाब से डिजाइन की गई थीं।फ्यूल फिलर कैप (Fuel Lid Sticker): कार में पेट्रोल डलवाने वाले ढक्कन (Fuel Cap) के पास या उसके स्टिकर पर ध्यान से देखें। नए वाहनों पर कंपनियों द्वारा स्पष्ट रूप से E10 या E20 का स्टिकर लगाया जाता है।वाहन का ओनर मैनुअल (Owner's Manual): कार के साथ मिलने वाली गाइड बुक या ओनर मैनुअल के 'फ्यूल एंड रिफ्यूलिंग' (Fuel Requirements) सेक्शन में साफ लिखा होता है कि आपकी गाड़ी अधिकतम कितने प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण को झेल सकती है।अधिकृत सर्विस सेंटर: आप अपनी कार का मॉडल नंबर और चेसिस नंबर (Chassis Number) बताकर नजदीकी अधिकृत डीलर या सर्विस सेंटर से इसकी आधिकारिक पुष्टि कर सकते हैं।पुरानी या BS4 गाड़ियों में E20 पेट्रोल के नुकसान को कैसे कम करें? (Experts Guide)मशहूर ऑटो एक्सपर्ट टूटू धवन के अनुसार, E20 पेट्रोल को लेकर सबसे ज्यादा चिंता और ध्यान देने की जरूरत BS4 (April 2017 से पहले/बाद के मॉडल) और उससे पुराने वाहनों के मालिकों को है। पुरानी गाड़ियों के इंजन को सुरक्षित रखने के लिए एक्सपर्ट्स ने निम्नलिखित 3 टिप्स दिए हैं:फ्यूल सिस्टम एडिटिव्स का उपयोग: पुरानी गाड़ियों के इंजन और पाइपलाइनों को इथेनॉल के प्रतिकूल प्रभाव से बचाने के लिए बाजार में मिलने वाले बेहतरीन फ्यूल सिस्टम एडिटिव्स (Fuel Additives) का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह फ्यूल इंजेक्टर्स की सफाई और सुरक्षा बनाए रखने में मदद करता है।गाड़ी को लंबे समय तक खड़ा न रखें: इथेनॉल की एक प्राकृतिक प्रवृत्ति होती है कि वह हवा से नमी (Water Moisture) को बहुत तेजी से सोखता है। अगर आपकी पुरानी गाड़ी 6 महीने, 1 साल या उससे अधिक समय तक बिना चले एक ही जगह खड़ी रहती है, तो फ्यूल टैंक में पानी और जंग लगने की समस्या बढ़ सकती है।नियमित सर्विसिंग और रनिंग: गाड़ी को नियमित अंतराल पर चलाते रहने और समय पर फ्यूल फिल्टर (Fuel Filter) व इंजन ऑयल बदलवाने से इथेनॉल से होने वाले नुकसान का खतरा लगभग न के बराबर हो जाता है।E10 और E20 पेट्रोल में क्या अंतर है और इसके क्या फायदे हैं?मिश्रण का अनुपात: E10 का सीधा मतलब है कि ईंधन में 90% शुद्ध पेट्रोल और 10% इथेनॉल मिलाया गया है। वहीं, E20 में 80% पेट्रोल के साथ 20% इथेनॉल का मिश्रण होता है। भारत ने साल 2022 में ही E10 का लक्ष्य समय से पहले हासिल कर लिया था।क्या माइलेज कम होता है?: प्रेस इनफॉरमेशन ब्यूरो (PIB) के अनुसार, E20 ईंधन के इस्तेमाल से कुछ पुराने वाहनों में 3 से 5 प्रतिशत तक माइलेज (Mileage) कम हो सकता है।पर्यावरण को फायदा: माइलेज में मामूली कमी के बदले यह ईंधन बेहतर ऑक्टेन रेटिंग (Octane Rating) प्रदान करता है, जिससे इंजन के भीतर साफ दहन (Clean Combustion) होता है। इसके कारण वाहनों से निकलने वाला खतरनाक नाइट्रोजन ऑक्साइड, जहरीला धुआं और कार्बन उत्सर्जन काफी हद तक घट जाता है।BS4 और BS6 उत्सर्जन मानक क्या हैं और ये कब लागू हुए?भारत सरकार ने देश में वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए भारत स्टेज (Bharat Stage - BS) मानक लागू किए हैं:उत्सर्जन मानक (Emission Standard)पूरे देश में लागू होने की तिथिमुख्य विशेषताएं और तकनीकी बदलावBS4 (Bharat Stage 4)1 अप्रैल 2017इसके तहत पहली बार वाहनों से निकलने वाले पार्टिकुलेट मैटर (PM) को कम करने के लिए कड़े नियम बनाए गए।BS6 (Bharat Stage 6)1 अप्रैल 2020भारत ने पर्यावरण संकट को देखते हुए सीधे BS5 को छोड़ते हुए BS6 को लागू किया। इसमें इंजन की बनावट, इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट (ECU) और फ्यूल क्वालिटी में क्रांतिकारी बदलाव किए गए, जिससे नाइट्रोजन ऑक्साइड का उत्सर्जन बेहद न्यूनतम स्तर पर आ गया।क्या सभी BS6 वाहनों में E20 पेट्रोल डाल सकते हैं?हाँ, बिल्कुल डाल सकते हैं, लेकिन यह आपकी गाड़ी के निर्माण वर्ष पर निर्भर करता है। साल 2020 के बाद (BS6 दौर) बनी अधिकांश गाड़ियों के इंजनों को इस तरह अपग्रेड किया गया था कि वे इथेनॉल को आसानी से स्वीकार कर सकें। यदि आपकी BS6 कार अप्रैल 2023 के बाद की है, तो आप बिना किसी संकोच के E20 पेट्रोल का उपयोग कर सकते हैं। शुरुआती (2020-2022) के BS6 मॉडल्स के लिए ओनर मैनुअल देखना सबसे सुरक्षित विकल्प है।भारत का इथेनॉल सफर: 1.5% से 20% तक पहुंचने की पूरी टाइमलाइनभारत का इथेनॉल सम्मिश्रण कार्यक्रम (Ethanol Blending Programme) पिछले दो दशकों में अविश्वसनीय रूप से आगे बढ़ा है:2001-2006 (शुरुआती दौर): साल 2001 में एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसकी शुरुआत हुई और 2006 में देश के कुछ चुनिंदा राज्यों में E5 (5% मिश्रण) को औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया।2013 की मंदी: जनवरी 2013 में सरकार ने 5% ब्लेंडिंग का लक्ष्य रखा, लेकिन देश में इथेनॉल का उत्पादन बहुत सीमित होने के कारण यह आंकड़ा केवल 1.5 प्रतिशत के आसपास ही अटका रहा।2018 (टर्निंग पॉइंट): साल 2018 में आई 'राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति' (National Policy on Biofuels) ने पूरे खेल को बदल दिया। सरकार ने गन्ने के रस के अलावा मक्का (Corn), सड़े हुए चावल और अतिरिक्त खराब अनाजों से भी इथेनॉल बनाने की कानूनी अनुमति दे दी।2021 से 2026 तक का ऐतिहासिक सफर (PIB के आंकड़े): नीति आयोग द्वारा जारी E20 रोडमैप के बाद देश में इथेनॉल मिश्रण की रफ्तार कुछ इस तरह रही:सरकार E20 पेट्रोल पर इतना जोर क्यों दे रही है और वैश्विक स्थिति क्या है?पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, E20 नीति के पीछे तीन सबसे बड़े आर्थिक और राष्ट्रीय कारण हैं:विदेशी मुद्रा की भारी बचत: भारत अपनी जरूरत का 85% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। पेट्रोल में 20% घरेलू इथेनॉल मिलाने से कच्चे तेल के आयात बिल में अरबों डॉलर की विदेशी मुद्रा की सीधी बचत हो रही है।किसानों की आय में वृद्धि: इथेनॉल का निर्माण मुख्य रूप से गन्ने और मक्के से होता है। डिस्टिलरीज द्वारा सीधे किसानों से फसल खरीदने के कारण ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।वैश्विक ट्रेंड का हिस्सा: भारत इथेनॉल का इस्तेमाल करने वाला दुनिया का पहला देश नहीं है। अमेरिका में E10 सबसे सामान्य ईंधन है और वहां तेजी से E15 को बढ़ावा दिया जा रहा है। ब्राजील दुनिया में इथेनॉल का सबसे बड़ा उपभोक्ता है, जहां E27 (27% मिश्रण) मानक ईंधन है और सरकार इसे 35% तक ले जाने की तैयारी में है। इसके अलावा जापान, कनाडा और कई यूरोपीय देश स्वच्छ ऊर्जा नीति के तहत दशकों से इसका सफल इस्तेमाल कर रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 10:41 pm

Apple Back to School Sale 2026: स्टूडेंट्स के लिए लाइव हुआ एपल का धमाकेदार ऑफर! मैकबुक और आईपैड पर मिल रही भारी छूट, साथ ही ₹12,900 की एक्सेसरी बिल्कुल फ्री

यदि आप कॉलेज स्टूडेंट हैं, पैरेंट्स हैं या फिर एजुकेटर (शिक्षक) हैं, और अपने लिए एक नया मैकबुक या आईपैड खरीदने का मन बना रहे हैं, तो एपल (Apple) आपके लिए एक बेहद शानदार मौका लेकर आया है। एपल की ऑफिशियल वेबसाइट और आधिकारिक रिटेल स्टोर्स पर 'बैक टू स्कूल' (Back to School Sale 2026) सेल लाइव हो चुकी है।यह सेल 16 जुलाई से शुरू होकर 27 अगस्त 2026 तक चलेगी। इस धमाकेदार ऑफर के तहत पात्र ग्राहकों को न केवल डिवाइस पर भारी डिस्काउंट मिल रहा है, बल्कि कंपनी ₹12,900 तक की कीमत वाली प्रीमियम एक्सेसरी बिल्कुल फ्री में दे रही है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह सेल Apple द्वारा भारत में मैकबुक और आईपैड की कीमतें बढ़ाए जाने के कुछ ही हफ्तों बाद आई है, जिससे स्टूडेंट्स को बढ़ी हुई कीमतों से बड़ी राहत मिलेगी।Apple MacBook Air और Pro पर मिल रही हैं ये टॉप डील्सयदि आप पढ़ाई या प्रोफेशनल काम के लिए मैकबुक (MacBook) खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो एजुकेशन सेविंग्स के तहत आपको डिवाइस के डिस्काउंट के साथ AirPods 4 या AirTag 4-Pack बिल्कुल फ्री चुनने का मौका मिलेगा।यदि आप फ्री वाले नॉर्मल एयरपोड्स के बजाय अपग्रेड करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए विकल्पों के अनुसार एक्स्ट्रा चार्ज देकर ऐसा कर सकते हैं:AirPods 4 (Active Noise Cancellation - ANC): इसके लिए आपको ₹5,000 अतिरिक्त चुकाने होंगे।AirPods Pro 3: इस प्रीमियम मॉडल के लिए आपको ₹13,000 अतिरिक्त देने होंगे।कीमतों में बम्पर कटौती (MacBook Price Comparison):मैकबुक मॉडल (MacBook Models)सामान्य भारतीय कीमत (Standard Price)एजुकेशन ऑफर कीमत (Education Price)सीधी बचत (Net Savings)13-इंच MacBook Air M5₹1,49,900₹1,37,900₹12,00014-इंच MacBook Pro M5₹2,39,900₹2,27,900₹12,000iPad Air और iPad Pro पर पाएं Apple Pencil Pro बिल्कुल मुफ्त!टैबलेट लवर्स और डिजाइनर्स के लिए भी यह सेल किसी वरदान से कम नहीं है। यदि आप इस सेल के दौरान नया आईपैड (iPad) खरीदते हैं, तो आपको ₹12,900 की कीमत वाली Apple Pencil Pro बिल्कुल फ्री मिल सकती है।इसके अलावा, ग्राहक पेंसिल के बदले दूसरे विकल्प भी चुन सकते हैं, जिसके लिए उन्हें मामूली एक्स्ट्रा चार्ज देना होगा:AirTag 4-Pack या नॉर्मल AirPods: इसके लिए केवल ₹2,000 अतिरिक्त देने होंगे।AirPods 4 (ANC वेरिएंट): इसके लिए ₹7,000 अतिरिक्त चुकाने होंगे।AirPods Pro 3: इस टॉप-एंड मॉडल के लिए ₹15,000 अतिरिक्त देने होंगे।आईपैड पर मिल रहा डिस्काउंट (iPad Price Comparison):आईपैड मॉडल और वेरिएंट (iPad Variant)सामान्य भारतीय कीमत (Standard Price)एजुकेशन ऑफर कीमत (Education Price)सीधी बचत (Net Savings)11-इंच iPad Air M4 (128GB)₹89,900₹83,900₹6,00011-इंच iPad Pro M5 (256GB)₹1,39,900₹1,27,900₹12,000कैसे उठाएं इस ऑफर का लाभ और कहां चेक करें एलिजिबिलिटी?चूंकि यह एक विशेष एजुकेशन ऑफर है, इसलिए इसका लाभ केवल कॉलेज में पढ़ रहे छात्र, उनके माता-पिता और किसी भी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान के टीचर्स व स्टाफ ही उठा सकते हैं।एलिजिबिलिटी चेक: इस ऑफर का फायदा लेने के लिए आपको एपल की आधिकारिक वेबसाइट (Apple India Official Website) पर जाकर UNiDAYS के जरिए अपनी स्टूडेंट या एजुकेटर आईडी को वेरिफाई करना होगा।रिटेल स्टोर्स: इसके अलावा आप दिल्ली या मुंबई स्थित एपल के ऑफिशियल रिटेल स्टोर्स (Apple BKC / Apple Saket) पर जाकर भी अपने जरूरी दस्तावेज दिखाकर इस छूट और फ्री गिफ्ट्स का सीधे लाभ उठा सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 10:38 pm

Google Pixel 11 Pro Teaser: मेड बाय गूगल इवेंट से पहले पिक्सल 11 प्रो की पहली झलक आई सामने, 'Pixel Glow' और एडवांस्ड एआई फीचर्स उड़ाएंगे होश

टेक दिग्गज गूगल (Google) ने अपने आगामी स्मार्टफोन लवर्स के लिए उत्साह को दोगुना कर दिया है। 12 अगस्त को आयोजित होने वाले अपने बहुप्रतीक्षित 'मेड बाय गूगल' (Made by Google) इवेंट से ठीक पहले कंपनी ने अपनी नेक्स्ट जेनरेशन स्मार्टफोन सीरीज का पहला ऑफिशियल टीज़र वीडियो जारी कर दिया है।इस शॉर्ट टीज़र में गूगल पिक्सल 11 प्रो (Google Pixel 11 Pro) की शुरुआती झलक दिखाई गई है, जो एक बेहद खूबसूरत और नए गोल्ड फिनिश (Gold Finish) कलर में नजर आ रहा है। इसके साथ ही गूगल स्टोर पर एक डेडिकेटेड लैंडिंग पेज लाइव करके लॉन्चिंग डेट पर भी मुहर लगा दी गई है। इस बार कंपनी का मुख्य फोकस हार्डवेयर अपग्रेड के साथ-साथ Gemini Intelligence पर रहने वाला है, यानी AI एक बार फिर पिक्सल इकोसिस्टम के केंद्र में होगा।क्या है 'Pixel Glow' तकनीक जो LED फ्लैश की लेगी जगह?इस बार पिक्सल 11 सीरीज के डिजाइन में सबसे बड़ा और अनोखा बदलाव इसके रियर कैमरा बार में देखने को मिला है, जिसने पूरी टेक इंडस्ट्री का ध्यान अपनी ओर खींचा है:सर्कुलर लाइट रिंग: टीज़र के मुताबिक, कैमरा सेंसर्स के ठीक बगल में एक चमकदार गोल लाइट रिंग (Circular Light Ring) को इंटीग्रेटेड किया गया है, जिसे कंपनी ने 'Pixel Glow' नाम दिया है।मल्टी-पर्पज फीचर: टेक एक्सपर्ट्स और रिपोर्ट्स का मानना है कि यह नया हार्डवेयर एलिमेंट स्मार्टफोन में मिलने वाले पारंपरिक LED फ्लैश को पूरी तरह रिप्लेस कर सकता है।विजुअल नोटिफिकेशन: फ्लैश के अलावा यह एक एडवांस विजुअल नोटिफिकेशन सिस्टम की तरह भी काम करेगा। दिलचस्प बात यह है कि इस रिंग का कलरफुल लाइटिंग इफेक्ट हूबहू Google के Gemini AI इंटरफ़ेस में इस्तेमाल होने वाले एनिमेटेड रंगों से मेल खाता है, जो फोन को एक बेहद प्रीमियम और फ्यूचरिस्टिक लुक देता है।पिक्सल 11 सीरीज में शामिल हो सकते हैं ये 4 धांसू मॉडल्सलीक्स और रिपोर्ट्स की मानें तो इस बार गूगल अपनी फ्लैगशिप सीरीज के तहत एक साथ चार अलग-अलग वेरिएंट्स बाजार में उतारने की तैयारी कर रहा है:Google Pixel 11 (वैनिला मॉडल)Google Pixel 11 Pro (प्रो फीचर्स के साथ)Google Pixel 11 Pro XL (बड़ी स्क्रीन के साथ)Google Pixel 11 Pro Fold (नेक्स्ट जेनरेशन फोल्डेबल फोन)पहली बार दिखेगा 2nm चिपसेट का दम (संभावित स्पेसिफिकेशन)गूगल पिक्सल 11 सीरीज सिर्फ लुक के मामले में ही नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस के मामले में भी एक बड़ा गेम-चेंजर साबित होने वाली है।हार्डवेयर / फीचर्ससंभावित डिटेल्स और अपग्रेडप्रोसेसर / चिपसेटइन सभी स्मार्टफोन्स में गूगल का नेक्स्ट-जेन Tensor G6 चिपसेट देखने को मिलेगा, जो अत्याधुनिक 2nm फैब्रिकेशन प्रोसेस पर तैयार किया गया है। यह फोन की स्पीड और बैटरी एफिशिएंसी को बेमिसाल बनाएगा।नेटवर्क मॉडेमबेहतर कनेक्टिविटी, फास्ट इंटरनेट स्पीड और कॉलिंग के लिए इसमें MediaTek M90 5G मॉडेम दिए जाने की पूरी उम्मीद है।एआई (AI) क्षमताएंGemini Intelligence के जरिए फोन में कई ऐसे ऑन-डिवाइस एआई फीचर्स मिलेंगे जो फोटोग्राफी, वॉयस असिस्टेंस और रोजमर्रा के टास्क को बेहद आसान बना देंगे।भारतीय समय के अनुसार कब और कहां देखें लाइव इवेंट?गूगल ने वैश्विक मीडिया को Gemini Intelligence की ब्रांडिंग के साथ इनविटेशन भेजना शुरू कर दिया है। इस बड़े कीनोट इवेंट की ग्लोबल लाइव स्ट्रीमिंग की जाएगी।भारतीय दर्शकों (Indian Audience) के लिए यह इवेंट 13 अगस्त 2026 को सुबह 3:30 बजे लाइव देखा जा सकेगा। यदि आप भी एआई और प्रीमियम स्मार्टफोन के शौकीन हैं, तो इस तारीख को अपने कैलेंडर में जरूर मार्क कर लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 10:36 pm

Airtel Postpaid Plan Discontinued: एयरटेल ने अचानक बंद किया ₹549 वाला पोस्टपेड प्लान, अब ग्राहकों को मजबूरी में खर्च करने होंगे ज्यादा पैसे; जानें नया पोर्टफोलियो

देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल (Bharti Airtel) के पोस्टपेड ग्राहकों के लिए एक बड़ा झटका देने वाली खबर सामने आ रही है। एयरटेल ने अपने रीटेल पोर्टफोलियो से ₹549 वाला लोकप्रिय इंडिविजुअल पोस्टपेड प्लान (Individual Postpaid Plan) पूरी तरह से डिस्कंटीन्यू (बंद) कर दिया है।कंपनी की तरफ से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा (Official Announcement) नहीं की गई है, लेकिन एयरटेल की आधिकारिक वेबसाइट और 'एयरटेल थैंक्स ऐप' (Airtel Thanks App) से इस प्लान को चुपचाप हटा दिया गया है। कंपनी के इस कदम को सीधे तौर पर एक 'हिडन टैरिफ हाइक' (Tariff Hike) यानी कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे उन मध्यम वर्गीय ग्राहकों का बजट बिगड़ना तय है जिनका काम एंट्री-लेवल प्लान से नहीं चल पाता था।अब ग्राहकों के पास बचे केवल ये 2 मुख्य विकल्प (Airtel New Postpaid Portfolio)₹549 वाले प्लान के बंद होने के बाद, अब एयरटेल के पोस्टपेड पोर्टफोलियो में ग्राहकों के लिए विकल्प काफी सीमित हो गए हैं:₹449 का प्लान (अब एकमात्र इंडिविजुअल एंट्री-लेवल ऑप्शन): जो ग्राहक केवल अपने अकेले के लिए नया एयरटेल पोस्टपेड कनेक्शन लेना चाहते हैं, उनके लिए अब सबसे सस्ता विकल्प ₹449 प्रति महीना (प्लस जीएसटी) का रह गया है।₹699 का प्लान (अगला सीधा विकल्प): जिन ग्राहकों की डेटा जरूरतें ₹449 वाले प्लान से पूरी नहीं हो पाती थीं और वे ₹549 वाला प्लान चुनते थे, उन्हें अब मजबूरी में सीधे ₹699 प्रति महीना (प्लस जीएसटी) वाले प्लान पर शिफ्ट होना पड़ेगा।जानिए अब पोर्टफोलियो में बचे इन दोनों प्लान्स के फायदे (Benefits Comparison)यदि आप एयरटेल का नया पोस्टपेड कनेक्शन लेने की सोच रहे हैं, तो वर्तमान में उपलब्ध दोनों प्लान्स के बेनेफिट्स की तुलना नीचे दी गई तालिका में देख सकते हैं:फीचर्स और बेनिफिट्सएयरटेल ₹449 प्लान (इंडिविजुअल)एयरटेल ₹699 प्लान (फैमिली प्लान)मासिक शुल्क (Rent)₹449/महीना (+ GST)₹699/महीना (+ GST)कनेक्शन / SIM संख्याकेवल 1 (प्राइमरी यूजर)2 SIM (1 प्राइमरी + 1 फ्री ऐड-ऑन)कॉलिंग और SMSअनलिमिटेड (लोकल, STD, रोमिंग) + 100 SMS/दिनअनलिमिटेड (दोनों मेंबर्स के लिए) + 100 SMS/दिनडेटा बेनिफिट्सअनलिमिटेड 4G और 5G डेटाअनलिमिटेड 4G और 5G डेटा (सभी मेंबर्स के लिए)नेटवर्क टेक्नोलॉजी5G स्लाइसिंग के साथ फास्ट लेन एक्सेस5G स्लाइसिंग के साथ फास्ट लेन एक्सेसक्लाउड व डिजिटल ऐप्सGoogle One (100GB) - 6 महीने, Airtel Xstream Play Premium - 3 महीनेGoogle One (100GB) - 6 महीने, Airtel Xstream Play Premium - 3 महीनेक्रिएटिव बेनिफिट्सAdobe Express Premium - 12 महीनेAdobe Express Premium - 12 महीनेअतिरिक्त OTT ऐप्सउपलब्ध नहींAmazon Prime Mobile (6 महीने) + JioHotstar Mobile (1 साल)सुरक्षा और अन्य फीचर्सफ्रॉड लिंक ब्लॉकिंग, स्पैम प्रोटेक्शन, OTP अलर्ट, हेलो ट्यून्स, ब्लू रिबन बैग ट्रैकिंगफ्रॉड लिंक ब्लॉकिंग, स्पैम प्रोटेक्शन, OTP अलर्ट, हेलो ट्यून्स, ब्लू रिबन बैग ट्रैकिंग₹699 वाला फैमिली प्लान क्यों साबित हो सकता है फायदे का सौदा?भले ही ₹549 वाला इंडिविजुअल प्लान बंद होने से सिंगल यूजर्स को झटका लगा हो, लेकिन दो लोगों के इस्तेमाल के लिए ₹699 वाला फैमिली प्लान काफी किफायती बैठता है।प्रति मेंबर खर्च: चूंकि इस प्लान में 2 सिम कार्ड (1 प्राइमरी और 1 ऐड-ऑन) मिलते हैं, इसलिए प्रति व्यक्ति का मासिक खर्च लगभग ₹350 के करीब आता है, जो एंट्री-लेवल इंडिविजुअल प्लान से भी सस्ता है।अतिरिक्त प्राइम सब्सक्रिप्शन: इस प्लान में ₹449 वाले प्लान के मुकाबले अमेजन प्राइम वीडियो (Amazon Prime) और जियोहॉटस्टार (JioHotstar) का बंडल सब्सक्रिप्शन अतिरिक्त मिलता है, जो मनोरंजन के शौकीनों के लिए एक बेहतरीन वैल्यू-फॉर-मनी डील साबित हो सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 10:35 pm

NEET UG 2026 Result : 11.21 लाख अभ्यर्थी सफल, 58% से ज्यादा बेटियां पास, NTA ने जारी किया रिजल्ट

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (स्नातक) यानी NEET UG 2026 का परिणाम घोषित कर दिया है। एजेंसी ने तय समय के भीतर रिजल्ट जारी किया है, ताकि मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश और काउंसलिंग की प्रक्रिया निर्धारित शेड्यूल के ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 10:34 pm

RBI Financial Stability Report 2026: भारतीय बीमा सेक्टर में बड़ा संकट! मैच्योरिटी से ज्यादा लोग बीच में ही सरेंडर कर रहे हैं लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी; जानें चौंकाने वाली वजहें

भारत में लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) को हमेशा से भविष्य की वित्तीय सुरक्षा का सबसे भरोसेमंद और सुरक्षित साधन माना जाता रहा है। लेकिन हाल के दिनों में देश के इंश्योरेंस सेक्टर में एक बेहद हैरान करने वाला और चिंताजनक ट्रेंड सामने आया है। बड़ी संख्या में लोग अपनी बीमा पॉलिसी को उसकी मैच्योरिटी (अवधि पूरी होने) से पहले ही बंद यानी सरेंडर कर रहे हैं।भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ताजा फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट 2026 (FSR 2026) के आंकड़े बताते हैं कि वित्त वर्ष 2025-26 में बीमा कंपनियों ने मैच्योरिटी पर जितना कुल भुगतान किया, उससे कहीं अधिक रकम लोगों ने पॉलिसी को बीच में ही सरेंडर करके और आंशिक निकासी (Withdrawal) के रूप में कंपनियों से वापस निकाल ली। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति ग्राहकों के असंतोष, गलत तरीके से पॉलिसी बेचने (Mis-selling) और अवास्तविक उम्मीदों का सीधा परिणाम है।RBI की रिपोर्ट के चौंकाने वाले आंकड़े (FY 2025-26)केंद्रीय बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा किए गए कुल क्लेम सेटलमेंट और भुगतानों का गणित पूरी तरह बदल गया है:भुगतान का प्रकार (Payout Type)कुल भुगतान में हिस्सेदारी (Share %)पॉलिसी सरेंडर और निकासी (Surrender & Withdrawal)38.3%मैच्योरिटी बेनिफिट (Maturity Benefit)36.9%आरबीआई ने इस ट्रेंड पर गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि लगातार बढ़ती सरेंडर दर (Surrender Rate) इस बात का साफ इशारा है कि या तो ग्राहक अपने इंश्योरेंस प्रॉडक्ट से संतुष्ट नहीं हैं, या उन्हें पॉलिसी बेचते समय सही और पारदर्शी जानकारी नहीं दी गई, अथवा वे बाजार में मौजूद अन्य आकर्षक निवेश विकल्पों (जैसे म्यूचुअल फंड या इक्विटी) की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं।हर दो में से एक ग्राहक 5 साल से पहले तोड़ देता है दम; IRDAI की रिपोर्टबीमा नियामक आईआरडीएआई (IRDAI) के आंकड़े इस संकट की गंभीरता को और बढ़ा देते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में केवल करीब आधी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियां ही अपने 5 साल (60 महीने) का सफर पूरा कर पाती हैं। इसका मतलब है कि देश का हर दूसरा पॉलिसीधारक अपनी पॉलिसी की पांचवीं वर्षगांठ आने से पहले ही या तो प्रीमियम भरना बंद कर देता है या भारी नुकसान उठाकर पॉलिसी सरेंडर कर देता है।वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में देश की प्रमुख निजी बीमा कंपनियों के 61वें महीने के पर्सिस्टेंसी रेशियो (Persistency Ratio - ग्राहकों के टिके रहने की दर) के आंकड़े कुछ इस प्रकार रहे:ICICI Prudential Life: 58.8% (बाजार में सबसे आगे)Bandhan Life: 57.6%Canara HSBC Life: 57.1%Tata AIA Life: 56.7%Kotak Mahindra Life: 55.3%आखिर मैच्योरिटी से पहले क्यों दम तोड़ रही हैं पॉलिसियां? (मुख्य कारण)सुरक्षा के बदले 'रिटर्न' का लालच (Mis-selling): 'इंश्योरेंस समाधान' की सीओओ शिल्पा अरोड़ा के अनुसार, लाइफ इंश्योरेंस को अक्सर सुरक्षा (Protection) के बजाय एक शुद्ध निवेश उत्पाद (Investment Product) की तरह आक्रामक रूप से बेचा जाता है। ग्राहकों को मैच्योरिटी पर मिलने वाले भारी रिटर्न का सपना दिखाया जाता है, जबकि उन्हें यह नहीं समझाया जाता कि यह मूल रूप से लंबी अवधि की वित्तीय सुरक्षा के लिए बनाया गया साधन है।ग्राहकों के भरोसे में भारी कमी: '1 फाइनेंस' की पार्टनर मंजू ढाके का मानना है कि इतनी ऊंची सरेंडर दर सीधे तौर पर ग्राहकों के भरोसे में कमी को दर्शाती है। जब लोग शुरुआती 2-3 वर्षों में ही पॉलिसी छोड़ते हैं, तो साफ है कि उन्हें वह उत्पाद नहीं मिला जिसकी एजेंट द्वारा उम्मीद जगाई गई थी।बदलती आर्थिक प्राथमिकताएं और इमरजेंसी: कोटक लाइफ इंश्योरेंस के चीफ डिस्ट्रीब्यूशन ऑफिसर पीयूष त्रिवेदी के मुताबिक, हर मामले में मिस-सेलिंग ही जिम्मेदार नहीं होती। कई बार जीवन में अचानक आई मेडिकल इमरजेंसी, नौकरी छूटना, बच्चों की उच्च शिक्षा, अचानक नकदी की जरूरत या भारी कर्ज चुकाने जैसी बदलती परिस्थितियों के कारण भी लोग विवश होकर पॉलिसी बंद कर देते हैं।कंपनियों को भी दोहरा झटका: जल्दी पॉलिसी बंद होने से सिर्फ ग्राहकों का ही पैसा नहीं डूबता, बल्कि बीमा कंपनियों को भी भारी वित्तीय नुकसान होता है। नए नियामक नियमों के तहत कंपनियों को एजेंटों और बैंकों को शुरुआती कमीशन ज्यादा देना पड़ता है। ऐसे में अगर ग्राहक कुछ ही वर्षों में पॉलिसी छोड़ देता है, तो कंपनियों की ऑपरेशनल लागत (Cost) बहुत ज्यादा बढ़ जाती है।नई पॉलिसी खरीदने से पहले इन 4 बातों का रखें विशेष ध्यानयदि आप भी अपने या परिवार के लिए नई लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी लेने का विचार कर रहे हैं, तो विशेषज्ञों द्वारा सुझाई गई इन बातों को गांठ बांध लें:उद्देश्य साफ रखें: सबसे पहले यह समझें कि इंश्योरेंस निवेश नहीं, बल्कि जोखिम से सुरक्षा का माध्यम है। निवेश के लिए म्यूचुअल फंड या पीपीएफ (PPF) जैसे विकल्प बेहतर हैं।पर्सिस्टेंसी रेशियो जरूर जांचें: पॉलिसी लेने से पहले उस कंपनी का पर्सिस्टेंसी रेशियो जरूर देखें। यह रेशियो जितना अधिक होगा, इसका मतलब है कि उस कंपनी के ग्राहक उतने ही लंबे समय तक जुड़े रहते हैं और संतुष्ट हैं।नियम और शर्तें पढ़ें: प्रीमियम भरने की कुल अवधि, लॉक-इन पीरियड और बीच में पॉलिसी छोड़ने पर मिलने वाली 'सरेंडर वैल्यू' के नियमों को एजेंट के भरोसे छोड़ने के बजाय खुद दस्तावेज में अच्छी तरह पढ़ें।अवास्तविक रिटर्न से बचें: यदि कोई एजेंट आपको 3 से 4 साल में पैसा दोगुना करने या गारंटीड असाधारण रिटर्न का दावा करता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।बीमा उद्योग के जानकारों का मानना है कि अब समय आ गया है जब इंश्योरेंस कंपनियों को सिर्फ नए टारगेट और पॉलिसियां बेचने के पीछे भागने के बजाय, ग्राहकों को उनकी वास्तविक जरूरत के हिसाब से सही सलाह देने और पूरी पारदर्शिता बरतने पर ध्यान केंद्रित करना होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 10:33 pm

8th Pay Commission HRA Calculation: 8वें वेतन आयोग में केंद्रीय कर्मचारियों की लगेगी लॉटरी! 2.0 फिटमेंट फैक्टर लागू हुआ तो ₹17,520 तक पहुंचेगा HRA; जानें पूरा गणित

केंद्र सरकार के 50 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और 69 लाख से अधिक पेंशनर्स के लिए आने वाला समय बड़ी आर्थिक सौगात लेकर आ सकता है। आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन के बाद से ही सरकारी गलियारों में सैलरी (Salary) और भत्तों में होने वाले इजाफे को लेकर चर्चाएं बेहद तेज हैं।इस बीच, सबसे ज्यादा उत्सुकता हाउस रेंट अलाउंस (HRA - मकान किराया भत्ता) को लेकर देखी जा रही है। ताजा वित्तीय अनुमानों और रिपोर्ट्स के मुताबिक, यदि सरकार नए वेतन आयोग में 2.0 का फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) लागू करने के फॉर्मूले को हरी झंडी दे देती है, तो पे-मैट्रिक्स के लेवल-1 से लेकर लेवल-5 तक के कर्मचारियों के HRA में बंपर उछाल देखने को मिल सकता है। अलग-अलग शहरों के आधार पर यह भत्ता अधिकतम ₹10,800 से लेकर ₹17,520 प्रति माह तक पहुंच सकता है।आखिर कैसे तय होता है केंद्रीय कर्मचारियों का HRA?हाउस रेंट अलाउंस (HRA) केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी (मूल वेतन) का वह महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जो उन्हें किराए के मकान का खर्च उठाने के लिए सरकार द्वारा दिया जाता है। इसका एक बड़ा फायदा यह भी है कि किराए के घर में रहने वाले कर्मचारी इनकम टैक्स एक्ट के नियमों के तहत इस भत्ते पर टैक्स छूट (Tax Exemption) का दावा भी कर सकते हैं।सरकार ने देश के सभी शहरों को वहां की जनसंख्या (Population) के आधार पर तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया है, जिसके आधार पर HRA की दरें तय होती हैं:X श्रेणी (Metros): दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु जैसे 50 लाख से अधिक की आबादी वाले बड़े महानगर।Y श्रेणी (Tier-2 Cities): 5 लाख से लेकर 50 लाख तक की आबादी वाले बड़े और विकसित शहर।Z श्रेणी (Tier-3/Rural): 5 लाख से कम आबादी वाले छोटे शहर, कस्बे या ग्रामीण इलाके।लेवल 1 से 5 के कर्मचारियों को कितना मिलेगा HRA? (संभावित कैलकुलेशन)यदि आगामी 8वें वेतन आयोग में 2.0 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो निचले और मध्यम स्तर (लेवल 1 से 5) के कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी। संभावित सरकारी आंकड़ों के अनुसार, शहरों की श्रेणी के मुताबिक मिलने वाला मासिक HRA इस प्रकार हो सकता है:पे-मैट्रिक्स लेवल (Pay Level)X श्रेणी के महानगर (अधिकतम)Y श्रेणी के शहर (मध्यम)Z श्रेणी के छोटे शहर (न्यूनतम)लेवल-1 (शुरुआती स्तर)₹10,800 / महीना₹7,200 / महीना₹3,600 / महीनालेवल-5 (मध्यम स्तर)₹17,520 / महीना₹11,680 / महीना₹5,840 / महीनानोट: यह इजाफा फिटमेंट फैक्टर 2.0 के आधार पर अनुमानित है, जो कर्मचारियों के मासिक बजट को बड़ी राहत देगा।कर्मचारी संगठनों की क्या हैं सरकार से बड़ी मांगें?देश के विभिन्न शहरों में लगातार बढ़ती कमरतोड़ महंगाई को देखते हुए केंद्रीय कर्मचारी संगठन सरकार पर अपनी मांगों को लेकर लगातार दबाव बना रहे हैं। ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लाइज फेडरेशन (AINPSEF) ने सरकार को सौंपे अपने सुझावों में कहा है कि वर्तमान में मिलने वाले भत्ते बढ़ती महंगाई के सामने नाकाफी हैं।संगठन की मुख्य मांगें:HRA की प्रतिशत दर में वृद्धि: संगठन की सीधी मांग है कि HRA की दरों को संशोधित कर X श्रेणी के शहरों में 36 प्रतिशत, Y श्रेणी में 24 प्रतिशत और Z श्रेणी में 12 प्रतिशत कर दिया जाए।महंगाई भत्ते (DA) से जुड़ाव: संगठनों की यह भी मजबूत दलील है कि जैसे ही सरकार द्वारा महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी की जाए, ठीक उसी अनुपात और समय पर HRA भी अपने आप (Automatically) रिवाइज हो जाना चाहिए, ताकि कर्मचारियों की जेब पर महंगाई का कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े।कब तक धरातल पर लागू होंगी 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें?आपको बता दें कि 8वें वेतन आयोग ने अपनी आधिकारिक कार्यप्रणाली और समीक्षा का काम 3 नवंबर 2025 से शुरू कर दिया है। हालांकि, पिछले वेतन आयोगों के इतिहास और काम करने के जटिल तरीके को देखें तो सभी विभागों से डेटा जुटाने और अंतिम मसौदा (Draft Report) तैयार करने में काफी लंबा वक्त लगता है।आर्थिक और बाजार के जानकारों का मानना है कि आठवां वेतन आयोग अपनी अंतिम और विस्तृत रिपोर्ट फरवरी से अप्रैल 2027 के बीच केंद्र सरकार को सौंप सकता है। इसके बाद इस रिपोर्ट को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद ही नई बढ़ी हुई दरें और एरियर कर्मचारियों के खातों में आना शुरू होंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 10:32 pm

Bihar Tax and Circle Rate Hike 2026: बिहार में जमीन रजिस्ट्री से लेकर गाड़ी खरीदना और स्टेट हाईवे पर चलना हुआ महंगा; सरकार के इन 5 फैसलों से आम आदमी की जेब पर बढ़ा भारी बोझ

बिहार में रहने वाले आम नागरिकों, नौकरीपेशा परिवारों और छोटे व्यापारियों के लिए बीता एक महीना भारी-भरकम आर्थिक बदलावों वाला रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) की अगुवाई में बिहार कैबिनेट ने एक के बाद एक ऐसे कई बड़े और कड़े फैसले लिए हैं, जिनका सीधा असर राज्य की जनता की जेब और उनके मासिक बजट पर पड़ने जा रहा है।सरकार ने जमीन के सर्किल रेट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी करने से लेकर होल्डिंग टैक्स, मोटर वाहन टैक्स, स्टेट हाईवे टोल और यहाँ तक कि ग्रामीण इलाकों के लिए 'पंचायत टैक्स' को भी मंजूरी दे दी है। इसका मतलब साफ है कि यदि आप बिहार में जमीन खरीदने की सोच रहे हैं, नया वाहन (बाइक या ऑटो) लेने वाले हैं, पटना में अपना मकान रखते हैं या गांवों में रहते हैं—तो सरकार का कोई न कोई नया नियम आपको आर्थिक रूप से प्रभावित जरूर करेगा। आइए इन 5 बड़े फैसलों को विस्तार से समझते हैं:1. जमीन खरीदना हुआ दोगुना महंगा, सर्किल रेट (MVR) में भारी उछालबिहार सरकार ने मिनिमम वैल्यू रजिस्टर (MVR) यानी जमीन के सरकारी सर्किल रेट में बड़ा संशोधन लागू कर दिया है। चूंकि किसी भी जमीन की रजिस्ट्री की फीस और स्टांप ड्यूटी उसके सर्किल रेट के आधार पर ही तय होती है, इसलिए इस फैसले से जमीन खरीदना अब बहुत महंगा हो गया है:शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ोतरी: नई व्यवस्था के तहत शहरी इलाकों में जमीन की न्यूनतम सरकारी कीमतों में सीधे 100 प्रतिशत (दोगुनी) तक की बढ़ोतरी कर दी गई है। वहीं, ग्रामीण और पेरिफेरल (शहर से सटे) क्षेत्रों में सर्किल रेट को 1.6 गुना तक बढ़ा दिया गया है।इन शहरों पर सबसे ज्यादा असर: पटना और रक्सौल जैसे प्रमुख शहरों के कई प्राइम लोकेशंस पर जमीन की सरकारी कीमतें रातों-रात दोगुनी हो चुकी हैं, जिससे आम आदमी के लिए घर बनाने का सपना और महंगा हो गया है।2. पटना में 30 साल बाद बढ़ा होल्डिंग टैक्स (Holding Tax)राजधानी पटना के मकान मालिकों पर भी सरकार ने अतिरिक्त टैक्स का बोझ डाल दिया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने होल्डिंग टैक्स की गणना के लिए उत्तरदायी वार्षिक किराया मूल्य (Annual Rental Value - ARV) में करीब 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी को हरी झंडी दे दी है।1995 के बाद पहला बड़ा बदलाव: पटना में होल्डिंग टैक्स के ढांचे में वर्ष 1995 के बाद यानी पूरे 30 साल बाद इतना बड़ा संशोधन किया गया है।दायरा: मुख्य सड़क, प्रधान मुख्य सड़क और अन्य लिंक रोड पर स्थित सभी आवासीय (Residential), व्यावसायिक (Commercial) और अन्य संपत्तियां इसके दायरे में आएंगी। टैक्स का यह नियम पक्के मकानों के साथ-साथ एस्बेस्टस और कच्चे मकानों पर भी प्रभावी होगा।3. बिहार के स्टेट हाईवे (SH) और बड़े पुलों पर भी देना होगा टोल टैक्सअब तक बिहार के लोगों को मुख्य रूप से केवल नेशनल हाईवे (NH) पर ही टोल टैक्स देना पड़ता था, लेकिन अब राज्य सरकार अपनी सड़कों से भी राजस्व वसूलने की तैयारी में है। कैबिनेट ने ‘पथ उपयोगकर्ता शुल्क (दरों का निर्धारण एवं संग्रहण) नियमावली-2026’ को मंजूरी दे दी है।इसके तहत बिहार के स्टेट हाईवे, बड़े पुलों और नए बायपास पर सफर करने के लिए वाहन श्रेणी के अनुसार प्रति किलोमीटर की दर से नीचे दिए गए चार्ट के मुताबिक टोल देना होगा:वाहन की श्रेणी (Vehicle Type)प्रस्तावित टोल दर (प्रति किलोमीटर)कार, जीप और हल्के वाहन₹1.25 / किमीछोटे कमर्शियल वाहन (Mini Trucks)₹2.00 / किमीबस और दो एक्सल वाले ट्रक₹4.25 / किमीभारी व्यावसायिक वाहन (Heavy Trucks)₹6.65 / किमीसात एक्सल वाले विशाल वाहन₹8.10 / किमीनोट: फिलहाल इस नियमावली को केवल कैबिनेट की मंजूरी मिली है और इसे धरातल पर लागू किया जाना बाकी है। लागू होने के बाद माल ढुलाई (Freight) महंगी होगी, जिससे रोजमर्रा की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं।4. नई बाइक, स्कूटर और ऑटो रिक्शा खरीदना भी हुआ महंगायदि आप अपने लिए नई मोटरसाइकिल या ऑटो खरीदने की सोच रहे हैं, तो इसके लिए भी आपको पहले से अधिक पैसे चुकाने होंगे। सरकार ने मोटर वाहन कर (Motor Vehicle Tax) में निम्नलिखित संशोधन किए हैं:दोपहिया वाहन: नया बाइक या स्कूटर खरीदने पर अब 1 प्रतिशत अतिरिक्त मोटर वाहन टैक्स देना होगा, जिससे गाड़ियों की ऑन-रोड कीमत बढ़ जाएगी।तिपहिया वाहन: ऑटो रिक्शा या अन्य तीनपहिया व्यावसायिक वाहन खरीदने वालों पर सीधा ₹1,000 का अतिरिक्त टैक्स फिक्स कर दिया गया है।सरकार का तर्क: इस अतिरिक्त टैक्स से मिलने वाले राजस्व का इस्तेमाल राज्य के सड़क बुनियादी ढांचे (Road Infrastructure) को दुरुस्त करने और विकास कार्यों में किया जाएगा।5. अब गांवों में भी लगेगा 'पंचायत टैक्स'; हर घर से होगी वसूलीबिहार सरकार ने ग्रामीण विकास के ढांचे को बदलने के लिए 'ग्राम पंचायत कर, दर और शुल्क नियमावली-2026' को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अब ग्राम पंचायतों को अपने स्तर पर ₹50 से लेकर ₹5,000 तक के विभिन्न टैक्स और यूजर चार्ज वसूलने की कानूनी शक्ति मिल गई है।किस पर कितना लगेगा सालाना टैक्स:पक्के मकान पर: ₹100 वार्षिक टैक्स।अर्ध-पक्के मकान पर: ₹50 वार्षिक टैक्स।प्रधानमंत्री आवास योजना के घर: ₹25 वार्षिक टैक्स।सफाई और जलापूर्ति शुल्क: हर घर से ₹30 सफाई शुल्क और ₹30 जलापूर्ति (Water Supply) शुल्क मासिक/वार्षिक आधार पर तय किया गया है।कमर्शियल यूनिट्स पर भी शिकंजा:गांवों में स्थित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों जैसे पेट्रोल पंप, रसोई गैस एजेंसी (LPG Agency), ईंट भट्ठा (Brick Kiln) और सिनेमा हॉल पर प्रतिवर्ष ₹5,000 तक का भारी व्यावसायिक शुल्क लगाया जाएगा। इसके अलावा, पंचायत क्षेत्रों में लगने वाले होर्डिंग्स और विज्ञापनों पर भी पंचायतें टैक्स वसूल सकेंगी।आखिर क्यों टैक्स बढ़ा रही है बिहार सरकार?इन सभी ताबड़तोड़ फैसलों पर सरकार का कहना है कि राज्य के विकास की गति को तेज करने के लिए राजस्व (Revenue) बढ़ाना बेहद अनिवार्य हो गया है। पंचायत टैक्स जैसे नियमों से स्थानीय ग्रामीण निकाय (Local Bodies) आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगे और उन्हें छोटी-छोटी विकास योजनाओं के लिए सीधे राज्य या केंद्र सरकार के फंड पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।हालांकि, ग्राउंड रियलिटी और आम आदमी के नजरिए से देखें तो पिछले एक महीने के भीतर बैक-टू-बैक लिए गए इन फैसलों ने आम जनता, मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों के घरेलू बजट को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 10:31 pm

Metros Rental Market Shocking Report: महानगरों में घर किराए पर लेना हुआ आफत, मकान मालिकों के पास फंसे किरायेदारों के ₹1.26 लाख करोड़; बेंगलुरु-मुंबई में हालात सबसे खराब

देश के बड़े और प्रमुख महानगरों में रहने वाले नौकरीपेशा लोगों और छात्रों के लिए किराए पर मकान ढूंढना अब जेब पर भारी पड़ने लगा है। शहरों में न केवल मासिक किराया (Monthly Rent) आसमान छू रहा है, बल्कि मकान मालिकों द्वारा मांगा जाने वाला भारी-भरकम सिक्योरिटी डिपॉजिट (Security Deposit) भी किरायेदारों के बजट को पूरी तरह बिगाड़ रहा है।प्रॉपटेक यूनिकॉर्न कंपनी नोब्रोकर (NoBroker) की एक ताजा और बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 6 सबसे बड़े महानगरों—मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR), बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर, चेन्नई, हैदराबाद और पुणे में रहने वाले किरायेदारों की कुल ₹1.26 लाख करोड़ की विशाल राशि मकान मालिकों के पास सिर्फ सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में फंसी हुई है। यह भारी-भरकम रकम शहरी भारत के हाउसिंग मार्केट में आ रहे बड़े संकट की ओर इशारा करती है।बेंगलुरु और मुंबई में डिपॉजिट का सबसे तगड़ा झटकानोब्रोकर की रिपोर्ट के अनुसार, सिक्योरिटी डिपॉजिट के मामले में देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और आईटी हब बेंगलुरु सबसे आगे हैं। इन शहरों में घर किराए पर लेने के लिए किरायेदारों को अपनी जमा-पूंजी का एक बड़ा हिस्सा एडवांस के तौर पर देना पड़ रहा है:महानगर / शहर (Metros)मकान मालिकों के पास फंसा कुल सिक्योरिटी डिपॉजिटमुंबई महानगर क्षेत्र (MMR)₹41,156 करोड़बेंगलुरु (Bengaluru)₹31,628 करोड़पसंदीदा घर चुनने में किराया नहीं, डिपॉजिट बन रहा सबसे बड़ी बाधाबेंगलुरु शहर में हालात इस कदर चुनौतीपूर्ण हो चुके हैं कि वहां के 75% किरायेदारों ने यह स्वीकार किया कि अत्यधिक सिक्योरिटी डिपॉजिट मांगे जाने के कारण वे कई बार अपनी पसंद का घर चाहकर भी किराए पर नहीं ले पाए। यानी अब मिडिल क्लास परिवारों के लिए घर का चुनाव करते समय मासिक किराया उतना बड़ा मुद्दा नहीं रहा, जितना कि शुरुआत में एकमुश्त जमा की जाने वाली एडवांस रकम बन गई है।दूसरी तरफ, देश की राजधानी दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में किरायेदारों के लिए स्थिति थोड़ी राहत जनक रही। यहां 58% किरायेदारों को उनकी लीज अवधि (Lease Period) खत्म होने के बाद पूरा डिपॉजिट सुरक्षित वापस मिल गया। हालांकि, करीब 30% लोगों के डिपॉजिट से मेंटेनेंस या टूट-फूट के नाम पर कुछ राशि काटी गई, जबकि 12% किरायेदारों को मकान मालिकों के साथ डिपॉजिट वापसी को लेकर गंभीर कानूनी व आपसी विवादों का सामना करना पड़ा।कमाई का 30 से 50 फीसदी हिस्सा सिर्फ किराए में हो रहा स्वाहाशहरी भारत में रहने वाले अधिकांश परिवारों के मासिक बजट का सबसे बड़ा हिस्सा अब सिर्फ मकान किराया चुकाने में खर्च हो रहा है। रिपोर्ट के आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं:आय का 30% हिस्सा: मेट्रो शहरों में रहने वाले लगभग आधे (50%) किरायेदार अपनी कुल मासिक इनकम का 30% से अधिक हिस्सा सिर्फ किराए के रूप में दे रहे हैं।मुंबई के बदतर हालात: मुंबई में महंगाई और किराए का स्तर सबसे डरावना है। यहां 25% किरायेदार अपनी कुल सैलरी का 50% से ज्यादा हिस्सा सीधे मकान मालिक की जेब में डाल रहे हैं। वहीं, 15% लोग अपनी आय का 41% से 50% तक हिस्सा किराए में गंवा रहे हैं। आसान शब्दों में कहें तो मुंबई में हर 10 में से लगभग 4 किरायेदार अपनी कमाई का 40% से अधिक हिस्सा सिर्फ रहने पर खर्च करने को मजबूर हैं।'फोर्स्ड टेनेंसी' (Forced Tenancy): होम लोन की ईएमआई से सस्ता है किराया!रिपोर्ट में एक बेहद दिलचस्प ट्रेंड सामने आया है कि आज के समय में बड़े शहरों में अपना खुद का घर खरीदना पहले से कहीं ज्यादा नामुमकिन हो गया है। लगभग सभी टियर-1 शहरों में यदि कोई व्यक्ति 30 साल की अवधि के लिए होम लोन (Home Loan) लेता है, तो उसकी मासिक ईएमआई (EMI) उसी घर के वर्तमान मासिक किराए से काफी ज्यादा बैठती है।रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि प्रॉपर्टी की तेजी से बढ़ती कीमतों और महंगे होम लोन की ब्याज दरों के कारण शहरी भारत में फोर्स्ड टेनेंसी (मजबूरी में किराए पर रहना) की प्रवृत्ति बहुत तेजी से बढ़ रही है। लोग चाहकर भी भारी ईएमआई के डर से अपना आशियाना नहीं खरीद पा रहे हैं और ताउम्र किराएदार बने रहने को मजबूर हैं।छोटे फ्लैट और स्टूडियो अपार्टमेंट्स दे रहे हैं सबसे तगड़ा रिटर्न (Investors Guide)यदि आप रियल एस्टेट में निवेश (Investment) करने की सोच रहे हैं, तो बड़े फ्लैटों की तुलना में छोटे फ्लैट मकान मालिकों के लिए ज्यादा मुनाफे का सौदा साबित हो रहे हैं:1BHK और स्टूडियो अपार्टमेंट का जलवा: नोब्रोकर की रिपोर्ट के अनुसार, निवेश के लिहाज से 1BHK और कॉम्पैक्ट स्टूडियो अपार्टमेंट्स सबसे बेहतरीन विकल्प बनकर उभरे हैं, क्योंकि इनसे मिलने वाली रेंटल यील्ड (Rental Yield) बड़े फ्लैटों के मुकाबले काफी ज्यादा है।बेंगलुरु-हैदराबाद नंबर 1: देश के प्रमुख शहरों में सबसे ज्यादा रेंटल यील्ड बेंगलुरु में 4.8% और हैदराबाद में 4.6% दर्ज की गई है। इसके विपरीत, 4BHK जैसे बड़े और आलीशान फ्लैटों में सालाना रेंटल यील्ड सिमटकर 3% से भी कम रह जाती है।बढ़ते किराए, सुरक्षा जमा की ऊंची दरों और महंगी संपत्तियों के कारण शहरी भारत का रियल एस्टेट मार्केट एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में किरायेदारों और निवेशकों, दोनों के लिए कोई भी नया एग्रीमेंट करने से पहले गहन रिसर्च करना बेहद जरूरी हो गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 10:27 pm

Railway HBA Interest Rate Cut: रेलवे कर्मचारियों को बड़ी सौगात, घर बनाने के लिए 7.1% की बेहद सस्ती दर पर मिलेगा एडवांस; जानिए किसे मिलेगा फायदा

रेलवे में नौकरी करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी आर्थिक राहत देने वाली खबर सामने आई है। रेलवे बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ‘हाउस बिल्डिंग एडवांस’ (House Building Advance - HBA) की नई ब्याज दरों की आधिकारिक घोषणा कर दी है।हाल ही में जारी किए गए नए सरकारी आदेश के तहत रेलवे कर्मियों को अब अपना आशियाना बनाने के लिए महज 7.1 प्रतिशत की सालाना ब्याज दर पर एडवांस पैसा मिल जाएगा। बाजार में मौजूद अन्य कमर्शियल बैंकों के होम लोन की तुलना में यह दर बेहद कम है, जिससे सीधे तौर पर कर्मचारियों की हर महीने जाने वाली ईएमआई (EMI) का बोझ काफी घट जाएगा।1 अप्रैल 2026 से लागू हुईं नई दरें; पिछली बार से इतनी आई कमीरेलवे बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन के मुताबिक, यह नई ब्याज दर 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी और 31 मार्च 2027 तक मंजूर होने वाले सभी HBA लोन पर लागू रहेगी।ब्याज दरों में कटौती: इससे पिछले वित्तीय वर्ष (FY 2025-26) में हाउस बिल्डिंग एडवांस पर ब्याज दर 7.44% वार्षिक थी, जिसमें अब 0.34% की बड़ी कटौती कर इसे 7.1% कर दिया गया है।मंत्रालय का आदेश: दरअसल, केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) ने 13 मई 2026 को इस संबंध में एक ऑफिस मेमोरेंडम जारी किया था। रेलवे बोर्ड ने उसी सरकारी गाइडलाइन को अपनाते हुए इसे अपने रेल कर्मचारियों के लिए भी तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया है।आखिर क्या है ‘हाउस बिल्डिंग एडवांस’ (HBA) योजना?सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के लिए 'हाउस बिल्डिंग एडवांस' (HBA) केंद्र सरकार और रेलवे द्वारा दी जाने वाली एक विशेष कल्याणकारी वित्तीय सुविधा है।आज के दौर में जहां प्राइवेट और सरकारी बैंक होम लोन (Home Loan) पर 8.5% से लेकर 9.5% तक का भारी-भरकम ब्याज वसूल रहे हैं, वहीं सरकार अपने स्टाफ को बाजार से कहीं ज्यादा रियायती और सस्ती दर पर यह एडवांस उपलब्ध कराती है। इसका मुख्य उद्देश्य यही है कि रेल कर्मचारी बिना किसी बड़े मानसिक और आर्थिक तनाव के पूरी सुरक्षा के साथ अपने और अपने परिवार के लिए एक पक्के मकान का सपना पूरा कर सकें।इन 4 प्रमुख कामों के लिए निकाल सकते हैं एडवांस का पैसारेलवे कर्मचारी अपनी आवश्यकता के अनुसार इस एडवांस राशि का उपयोग केवल एक जगह नहीं, बल्कि कई अलग-अलग विकल्पों के लिए कर सकते हैं:प्लॉट और कंस्ट्रक्शन: यदि आप कोई खाली प्लॉट (जमीन) खरीदकर उस पर अपनी मर्जी से नया मकान बनवाना चाहते हैं।रेडी-टू-मूव फ्लैट: किसी प्राइवेट बिल्डर या डेवलपर से सीधे तैयार फ्लैट या घर खरीदने के लिए।सरकारी योजनाएं: केंद्र सरकार, राज्य सरकार या किसी भी रजिस्टर्ड कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी की आवासीय योजनाओं में घर आवंटित होने पर।मकान का विस्तार (Extension): यदि आपके पास पहले से ही अपना एक मकान है और परिवार बड़ा होने पर आप उसमें नए कमरे, एक और मंजिल या घर का कोई अन्य हिस्सा जुड़वाना (Extending Space) चाहते हैं।बाकी नियमों और पात्रता में क्या हुआ बदलाव?रेलवे बोर्ड ने अपने इस नए सर्कुलर में स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि बदलाव केवल और केवल सालाना ब्याज दर (7.1%) में किया गया है। इसके अलावा योजना से जुड़े अन्य किसी भी पुराने नियम, कानून या शर्तों से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है।शर्तें यथावत: लोन के लिए जरूरी न्यूनतम सर्विस पीरियड (नौकरी का समय), रीपेमेंट की अवधि (पैसा चुकाने का समय) और पात्रता की सभी शर्तें पहले की तरह ही लागू रहेंगी।कितना मिलेगा लोन: किसी भी रेल कर्मचारी को अधिकतम कितना एडवांस पैसा स्वीकृत किया जाएगा, यह पूरी तरह से उसकी वर्तमान बेसिक सैलरी, उसके सर्विस रिकॉर्ड और खरीदी या बनाई जा रही प्रॉपर्टी की कुल वैल्यू के आधार पर तय किया जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 10:25 pm

Global Energy Market Crisis: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच हूती विद्रोहियों की बड़ी चेतावनी, लाल सागर का तेल रूट बंद करने की तैयारी; वैश्विक तेल बाजार में मचेगा हड़कंप

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता हुआ भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) अब दुनिया भर की अर्थव्यवस्था और तेल सप्लाई के लिए एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है। समाचार एजेंसी 'रॉयटर्स' की एक बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने यमन के हूती विद्रोहियों (Houthi Rebels) को एक बेहद आक्रामक और गुप्त संदेश भेजा है।ईरान ने कहा है कि यदि अमेरिका ने उसके बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर (Power Infrastructure) या तेल ठिकानों पर किसी भी तरह का सैन्य हमला किया, तो हूती विद्रोही अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले लाल सागर (Red Sea) के समुद्री रास्ते को पूरी तरह से ब्लॉक करने के लिए तैयार रहें। यदि ऐसा होता है, तो इतिहास में पहली बार दुनिया के दो सबसे बड़े तेल रूट एक साथ बंद हो जाएंगे, जिससे वैश्विक स्तर पर ऊर्जा का बहुत बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।तेहरान में बनी खुफिया रणनीति, बाब-अल-मंदेब पर मिसाइलें तैनातरॉयटर्स ने ईरान और मध्य-पूर्व (Middle East) के तीन उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से बताया है कि इस खतरनाक योजना पर तेहरान में एक उच्च स्तरीय बैठक में चर्चा हो चुकी है और इसका अंतिम संदेश हूती नेतृत्व तक सुरक्षित पहुंचा दिया गया है।अंतिम आदेश का इंतजार: इस संदेश के मिलते ही हूती विद्रोहियों ने बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य (Bab-al-Mandeb Strait) के पास अपने सबसे आधुनिक ड्रोन और घातक एंटी-शिप मिसाइलें तैनात कर दी हैं। यह वही संकरा समुद्री रास्ता है जो लाल सागर को अरब सागर और स्वेज नहर से जोड़ता है। विद्रोही अब केवल ईरान के अंतिम सिग्नल का इंतजार कर रहे हैं।सन्नाटे में अधिकारी: हालांकि, इस संवेदनशील रिपोर्ट के सामने आने के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय और हूती प्रवक्ताओं ने अभी तक कोई भी आधिकारिक (Official) प्रतिक्रिया देने से साफ इनकार कर दिया है।दो सबसे बड़े लाइफलाइन रूट एक साथ होंगे ठप (The Supply Chain Threat)अगर लाल सागर में हूती विद्रोही जहाजों को निशाना बनाते हैं या रास्ता रोकते हैं, तो दुनिया के दो सबसे प्रमुख मैरीटाइम चेकपॉइंट्स (Maritime Checkpoints) एक साथ ब्लॉक हो जाएंगे:समुद्री रास्ता (Strait)इसका महत्व और प्रभावहोर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)यह पहले से ही ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव का मुख्य केंद्र बना हुआ है। दुनिया का 20% से अधिक कच्चा तेल (Crude Oil) इसी संकरे रास्ते से गुजरता है।बाब-अल-मंदेब (Red Sea Route)यह यूरोप, एशिया और अमेरिका को जोड़ने वाला सबसे छोटा समुद्री व्यापार मार्ग है। इसके बंद होने से जहाजों को अफ्रीका का चक्कर लगाकर जाना होगा, जिससे किराया और समय दोगुना हो जाएगा।यमन में मौजूद IRGC के प्रतिनिधि लेंगे अंतिम फैसलारिपोर्ट के अनुसार, बाब-अल-मंदेब को किस दिन और किस समय पूरी तरह बंद करना है, इसका रिमोट कंट्रोल यमन में मौजूद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडरों और प्रतिनिधियों के हाथ में होगा।इसी बीच, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब (Saudi Arabia) पर भी ताबड़तोड़ मिसाइल हमले शुरू कर दिए हैं। हूतियों का आरोप है कि सऊदी सेना ने उनके नियंत्रण वाले एयरपोर्ट पर बमबारी की है। इस ताजा गोलाबारी के कारण दोनों पक्षों के बीच पिछले चार साल से चला आ रहा शांतिपूर्ण युद्धविराम (Ceasefire) भी पूरी तरह टूट गया है, जिसने मिडिल ईस्ट को एक भीषण युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।अमेरिका पर आर्थिक दबाव बनाने की नीति; भारत समेत दुनिया पर क्या होगा असर?अंतरराष्ट्रीय मामलों के एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान इस आत्मघाती रणनीति के जरिए सीधे तौर पर अमेरिका और उसके मित्र देशों पर चौतरफा आर्थिक दबाव (Economic Pressure) बनाना चाहता है।सऊदी अरब का तेल ब्लॉक होगा: सऊदी अरब अपने कच्चे तेल के एक्सपोर्ट का एक बहुत बड़ा हिस्सा रेड सी में स्थित यानबू बंदरगाह (Yanbu Port) के जरिए करता है। इस रास्ते में बाधा आने का मतलब है कि कच्चे तेल की कीमतें रातों-रात $100 प्रति बैरल के पार जा सकती हैं, जिससे भारत सहित दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी।अमेरिका का पुराना आरोप: अमेरिका हमेशा से यह दावा करता रहा है कि ईरान हूतियों को घातक हथियार, भारी-भरकम फंड और मिलिट्री ट्रेनिंग प्रदान करता है। हालांकि, तेहरान इन आरोपों को सिरे से खारिज करता रहा है। आने वाले दिन दुनिया के समुद्री व्यापार और ग्लोबल एनर्जी मार्केट के लिए बेहद संवेदनशील होने वाले हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 10:23 pm

Netflix Reality Show Lock Upp 2: पति राम कपूर के प्लेबॉय इमेज वाले खुलासे पर पत्नी गौतमी कपूर का आया बड़ा रिएक्शन, शो में वाइल्ड कार्ड एंट्री को लेकर कही यह बात

नेटफ्लिक्स (Netflix) पर प्रसारित हो रहा रियलिटी शो ‘लॉकअप सीजन 2’ (Lock Upp Season 2) इन दिनों ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जबरदस्त तहलका मचा रहा है। 27 जून से शुरू हुए इस शो को फराह खान और रितेश देशमुख होस्ट कर रहे हैं। शो में शामिल कई नामी हस्तियों में से सबसे ज्यादा सुर्खियां टीवी के दिग्गज अभिनेता राम कपूर (Ram Kapoor) बटोर रहे हैं।शो के भीतर राम कपूर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर लगातार कई हैरान करने वाले खुलासे कर रहे हैं। इसी बीच, उनकी पत्नी और मशहूर एक्ट्रेस गौतमी कपूर (Gautami Kapoor) ने राम कपूर के बयानों और शो में अपनी वाइल्ड कार्ड एंट्री की खबरों पर पहली बार खुलकर बात की है।क्या 'लॉकअप 2' में एंट्री करेंगी गौतमी कपूर? (वाइल्ड कार्ड पर बड़ा बयान)हाल ही में मुंबई में एक रेस्टोरेंट के बाहर पैपराजी (Paparazzi) ने गौतमी कपूर को स्पॉट किया। जब मीडिया ने उनसे पूछा कि क्या वे शो में राम कपूर को जॉइन करेंगी या वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट के तौर पर एंट्री लेंगी, तो उन्होंने हंसते हुए कहा:नहीं, नहीं... वाइल्ड कार्ड एंट्री बिल्कुल नहीं! अगर मैं भी शो के अंदर चली जाऊंगी, तो बाहर मेरे बच्चों की देखभाल कौन करेगा? वैसे मैं राम को पूरा सपोर्ट कर रही हूं। वह शो के अंदर बहुत मजे कर रहे हैं और उन्हें इस अंदाज में देखना बेहद मजेदार है।जब पैपराजी ने उनसे दोबारा पूछा कि क्या वे भविष्य में कभी इस शो का हिस्सा बनेंगी, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए सारा फैसला पति पर छोड़ते हुए कहा— राम की मर्जी।राम कपूर का चौंकाने वाला खुलासा: 'शादी से पहले प्लेबॉय था मैं'दरअसल, ‘लॉकअप 2’ के हालिया एपिसोड में राम कपूर ने अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर एक बड़ा कबूलनामा किया था, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। शो की को-कंटेस्टेंट श्रेया कालरा ने जब राम कपूर से उनकी पुरानी लव-लाइफ और अफेयर्स को लेकर सवाल पूछा, तो राम ने बेहद बेबाकी से जवाब दिया:प्लेबॉय इमेज: राम कपूर ने स्वीकार किया कि गौतमी से शादी करने से पहले इंडस्ट्री और समाज में उनकी छवि एक 'प्लेबॉय' (Playboy) की तरह थी।एकता कपूर की वो चेतावनी: राम ने आगे बताया कि जब उन्होंने और गौतमी ने साल 2003 में शादी करने का फैसला किया, तो उनकी इस इमेज की वजह से करीबी लोग काफी चिंतित थे। यहां तक कि मशहूर प्रोड्यूसर एकता कपूर (Ekta Kapoor) ने खुद गौतमी को फोन किया था और पूछा था कि वह राम से शादी क्यों कर रही हैं? एकता ने गौतमी को सलाह दी थी कि शादी का कदम उठाने से पहले कम से कम दो बार जरूर सोच लें। हालांकि, गौतमी ने राम पर भरोसा किया और आज दोनों एक खुशहाल शादीशुदा जिंदगी बिता रहे हैं।लॉकअप सीजन 2 का पूरा समीकरण (Host & Show Details)शो का नामरिलीज प्लेटफॉर्म और डेटशो के होस्ट (Hosts)मुख्य चर्चित कंटेस्टेंटलॉकअप सीजन 2नेटफ्लिक्स (Netflix) - 27 जून से जारीफराह खान और रितेश देशमुखराम कपूर, श्रेया कालरा व अन्य

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 10:22 pm

कारसेवा के ऐलान के बीच स्वामी सच्चिदानंद नजरबंद, 9 अगस्त का कार्यक्रम स्थगित

मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद के बीच 9 अगस्त को प्रस्तावित कारसेवा के ऐलान के बाद मथुरा पुलिस-प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए चित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज को गुरुवार को उनके आश्रम में नजरबंद कर दिया। पुलिस ने उन्हें नोटिस भी सौंपा है। इस बीच स्वामी सच्चिदानंद ने 9 अगस्त को प्रस्तावित […] The post कारसेवा के ऐलान के बीच स्वामी सच्चिदानंद नजरबंद, 9 अगस्त का कार्यक्रम स्थगित appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 10:20 pm

गुरु पूर्णिमा महोत्सव की तैयारियां तेज, राजगढ़ धाम पर प्रशासनिक बैठक आयोजित

50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना नसीराबाद। राजगढ़ स्थित श्री मसाणिया भैरव धाम में आगामी 29 जुलाई को आयोजित होने वाले गुरु पूर्णिमा महोत्सव की तैयारियों को लेकर गुरुवार को प्रशासनिक बैठक आयोजित की गई। बैठक चम्पालाल महाराज (मुख्य उपासक, भैरव धाम) के सान्निध्य तथा उपखंड अधिकारी नसीराबाद कल्पित शिवरान की अध्यक्षता […] The post गुरु पूर्णिमा महोत्सव की तैयारियां तेज, राजगढ़ धाम पर प्रशासनिक बैठक आयोजित appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 10:14 pm

धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर सोनम वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाया जाए : केजरीवाल

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को जंतर-मंतर पहुंचकर शिक्षाविद् सोनम वांगचुक के अनशन का समर्थन किया और केंद्र सरकार से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाने की मांग की। केजरीवाल ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे कथित […] The post धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर सोनम वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाया जाए : केजरीवाल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 10:04 pm

कोटपुतली : बालिका से रेप करने के दोषी को मृत्यु होने तक का कारावास

अलवर। राजस्थान में कोटपुतली के जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत बालिका से दुष्कर्म करने के दोषी को मृत्यु होने तक के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने अभियुक्त सुमित (18) को बालिका से दुष्कर्म करने का दोषी मानते हुए उस पर एक लाख रुपए […] The post कोटपुतली : बालिका से रेप करने के दोषी को मृत्यु होने तक का कारावास appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 10:00 pm

MP बनेगा निवेश का नया हब, भारत टेक्स-2026 में मिले 20,193 रुपए करोड़ के प्रस्ताव, 27 हजार नौकरियों का रास्ता साफ

'हमारे मध्यप्रदेश में लेबर की कोई प्रॉब्लम नहीं होती। अगर कोई उद्योगपति यहां उद्योग लगाकर 10-20 साल कहीं और कुछ करना चाहे तो उसके उद्योग को कुछ नहीं होगा। प्रदेश की जनता अपने काम को अच्छे से करना और निभाना जानती है।' यह बात मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 9:54 pm

जो लोग पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे 21 जुलाई से पहले छोड़ दें : ममता बनर्जी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने गुरुवार को उन नेताओं को कड़ा संदेश दिया जो पार्टी छोड़ने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर वे पार्टी छोड़ना चाहते हैं, तो 21 जुलाई को होने वाली शहीद दिवस रैली से पहले ही ऐसा कर […] The post जो लोग पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे 21 जुलाई से पहले छोड़ दें : ममता बनर्जी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 9:49 pm

नई मंडी घड़साना में स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक रिश्वत लेते पकड़ा गया

श्रीगंगानगर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने श्रीगंगानगर जिले में नई मंडी घड़साना के सरकारी अस्पताल में गुरुवार को एक स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक को 3500 रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। ब्यूरो के सूत्रों ने बताया कि परिवादी ने ब्यूरो की गंगानगर इकाई में शिकायत की थी कि उसकी गर्भवती पत्नी को पेट […] The post नई मंडी घड़साना में स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक रिश्वत लेते पकड़ा गया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 9:43 pm

Medanta Doctor Negligence Case: मेदंता अस्पताल में बड़ी लापरवाही, डॉक्टर ने टाल दिया मवाद का चीरा; रास्ते में ही फटा महिला का सर्जिकल घाव, हालत अत्यंत गंभीर

Medanta Doctor Negligence Case: चिकित्सा जगत को शर्मसार करने वाली एक बेहद सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां मेदंता अस्पताल के डॉक्टरों की घोर लापरवाही के कारण एक महिला मरीज की जान आफत में पड़ गई है। डॉक्टरों द्वारा समय पर सही निर्णय न लिए जाने के कारण अस्पताल से लौटते वक्त रास्ते में ही महिला का सर्जिकल घाव अचानक जोर से फट गया। इस खौफनाक मंजर के बाद पीड़ित परिवार ने मेदंता अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कानूनी मोर्चा खोल दिया है और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (Medical Superintendent) से लिखित में जवाब तलब करते हुए दोषी मेडिकल टीम पर तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।जानिए कैसे शुरू हुआ यह पूरा मामला और लापरवाही का सफरयह दर्दनाक मामला पीड़ित महिला मरीज (UHID: ML10526989) से जुड़ा है, जो पिछले एक महीने से अधिक समय से मेदंता के सर्जन डॉ. रोमा प्रधान और डॉ. अमित अग्रवाल की देखरेख में अपना इलाज करवा रही थीं। हाल ही में हुए एक बड़े ऑपरेशन के बाद मरीज को हैवी एंटीबायोटिक्स पर रखा गया था और संक्रमण से बचाव के लिए नियमित रूप से ड्रेसिंग की जा रही थी। शनिवार, 11 जुलाई 2026 को शाम लगभग 6:00 बजे जब मरीज अपनी तय ड्रेसिंग के लिए मेदंता अस्पताल पहुंची, तो डॉक्टरों ने उनके घाव की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान डॉक्टरों ने खुद यह नोट किया कि घाव के अंदर भारी मात्रा में तरल पदार्थ और मवाद (Pus) जमा हो रहा है, जिसे बिना वक्त गंवाए तुरंत चीरा (Incision) लगाकर बाहर निकालना बेहद जरूरी था।इमरजेंसी को किया नजरअंदाज, रास्ते में लहूलुहान हुई मरीजघाव में तेजी से बढ़ रहे एक्टिव इन्फेक्शन और गंभीर आपातकालीन स्थिति को पूरी तरह समझने में डॉक्टरों की सूझबूझ फेल साबित हुई। मेदंता की मेडिकल टीम ने इस अत्यंत संवेदनशील और तत्काल किए जाने वाले प्रोसीजर को उसी वक्त करने के बजाय बेहद गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए दो दिन बाद यानी सोमवार, 13 जुलाई 2026 तक के लिए टाल दिया। डॉक्टरों के इस लापरवाह फैसले का खामियाजा मरीज को कुछ ही मिनटों में भुगतना पड़ा। अस्पताल परिसर से निकलकर घर वापस लौटते समय रास्ते में ही महिला का सर्जिकल घाव अचानक फट गया। देखते ही देखते पूरी गॉज ड्रेसिंग खून और मवाद से लथपथ हो गई। अगले दिन रविवार होने की वजह से पीड़ित को समय पर इमरजेंसी ट्रीटमेंट मिलना दूभर हो गया, जिससे अब मरीज के पूरे शरीर में जानलेवा सिस्टेमिक इन्फेक्शन फैलने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है।नौकरी छूटी और पैसा भी डूबा, परिजनों ने मांगा जवाबदेही का हिसाबपीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्होंने अस्पताल के सभी प्रोटोकॉल का पूरी ईमानदारी से पालन किया और महंगे इलाज के लिए मेदंता द्वारा मांगे गए एक-एक पैसे का समय पर भुगतान किया। इसके बावजूद डॉक्टरों की संवेदनहीनता ने मरीज को शारीरिक और मानसिक रूप से अपंगता की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। लगातार बिगड़ती तबीयत के कारण महिला को अपनी नौकरी से भी हाथ धोना पड़ा है। पीड़ित परिवार ने मेदंता अस्पताल प्रशासन को एक कड़ा औपचारिक शिकायत पत्र भेजकर सीधे सवाल किया है कि इस गंभीर शारीरिक शोषण, समय की बर्बादी, भारी-भरकम आर्थिक नुकसान और मानसिक आघात की जिम्मेदारी कौन उठाएगा? परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि अस्पताल ने तत्काल सुधारात्मक कदम नहीं उठाए और दोषी डॉक्टरों पर एक्शन नहीं लिया, तो वे इस मामले को उपभोक्ता अदालत और मेडिकल काउंसिल तक लेकर जाएंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 9:31 pm

पंच पंचायत में 'वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025' के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु ग्राम पंचायतों की भूमिका पर केशव मौर्य ने किया व्यापक मंथन

वाराणसी मेंइस सम्मेलन का उद्देश्य 'वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025' के प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायतों की संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ करना तथा जमीनी स्तर पर विकास योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित एवं जागरूक करना था। सम्मेलन में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड एवं उत्तराखंड के लगभग 500 ग्राम पंचायत प्रधानों ने भाग लिया। इनमें उत्तर प्रदेश से 350, बिहार से 75, झारखंड से 50 तथा उत्तराखंड से 25 ग्राम पंचायत प्रधान सम्मिलित हुए।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की पुस्तक का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि यह प्रकाशन ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और स्वयं सहायता समूहों की सफलताओं को समाज तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। पीएम गति शक्ति पोर्टल पर गांवों की सड़कें, तालाब, सार्वजनिक परिसंपत्तियां और विकास कार्यों का पूरा विवरण उपलब्ध रहेगा। इससे किसी भी विकास कार्य में दोबारा भुगतान या अनियमितता की संभावना समाप्त होगी और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगेगा।महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से समूह की दीदियों को सीधे 20 हजार रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे अपने स्वरोजगार और लघु उद्योगों का विस्तार कर सकेंगी। डबल इंजन सरकार प्रत्येक गांव में उपलब्ध सरकारी भूमि पर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए लघु उत्पादन इकाइयों एवं फैक्टरियों की स्थापना का प्रस्ताव भी ला रही है,उन्होंने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना गरीब, मजदूर एवं ग्रामीण परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। इस योजना के माध्यम से श्रमिकों की मजदूरी पूर्ण पारदर्शिता के साथ डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए सीधे उनके बैंक खातों में समयबद्ध रूप से पहुंचेगी, जिससे किसी भी प्रकार की बिचौलिया व्यवस्था अथवा भ्रष्टाचार की संभावना समाप्त होगी। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीबों के सम्मान, आत्मनिर्भरता एवं आर्थिक सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान करेगी। ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों के वैतनिक रोजगार की गारंटी प्रदान की जाएगी, जिससे उनकी आय एवं आजीविका सुरक्षा को और अधिक मजबूती मिलेगी। रोजगार की मांग के लिए आवेदन करने के 15 दिनों के भीतर कार्य उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा यदि निर्धारित अवधि में रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो संबंधित पात्र व्यक्ति को बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने का कानूनी अधिकार होगा। मजदूरी का भुगतान निर्धारित समयसीमा में न होने की स्थिति में श्रमिकों को विलंबित भुगतान पर 0.05 प्रतिशत की दर से मुआवजा प्रदान किया जाएगा, जिससे समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित हो सके। यदि श्रमिकों को अपने गांव से 5 किलोमीटर से अधिक दूरी पर कार्य करना पड़ता है, तो उन्हें निर्धारित मजदूरी के अतिरिक्त 10 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा। योजना के अंतर्गत जल सुरक्षा एवं जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि जल संसाधनों का संरक्षण एवं सतत उपयोग सुनिश्चित हो सके। ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास से संबंधित कार्यों, जैसे ग्रामीण सड़कें, सार्वजनिक परिसंपत्तियां एवं सामुदायिक सुविधाओं का पक्‍के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। आजीविका संबंधी बुनियादी ढांचे के निर्माण पर विशेष बल दिया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, कृषि एवं स्वरोजगार गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके। चरम मौसम एवं जलवायु परिवर्तन से बचाव के लिए आवश्यक संरचनाओं एवं संरक्षण कार्यों को भी योजना में शामिल किया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की आपदा सहनशीलता एवं पर्यावरणीय सुरक्षा को सुदृढ़ बनाया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 9:26 pm

प्रधानमंत्री को 35 देशों सर्वोच्च सम्मान दिया यह 140 करोड भारतीयों का सम्‍मान है, केशव मौर्य

वाराणसी में उप मुख्‍यमंत्री श्री मौर्य ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी देश के विकास के लिए बिना अवकाश लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं, आज विश्व के लगभग 35 देशों ने उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया है। यह सम्मान केवल प्रधानमंत्री का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का स्पष्ट संदेश है— न खाऊँगा, न खाने दूँगा। भ्रष्टाचारियों को उल्टा लटका देंगे, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकारें गांव, गरीब, किसान, महिला एवं युवा को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। आज ग्राम पंचायतों को केवल प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास के सबसे मजबूत स्तंभ के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने ग्राम प्रधानों का आह्वान किया कि वे नई व्यवस्था को पूरी पारदर्शिता, ईमानदारी एवं जनभागीदारी के साथ लागू करें तथा प्रत्येक पात्र परिवार तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करें।अपने अध्यक्षीय संबोधन में उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ग्रामीण भारत के विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक गरीबों की मेहनत की कमाई पर सेंध लगाने वाली व्यवस्थाओं को समाप्त कर गरीबों के हितों की रक्षा करने का ऐतिहासिक कार्य किया गया है।सम्मेलन में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान श्री हंसराज विश्‍वकर्मा राज्‍य मंत्री स्‍वतंत्र प्रभार उ0प्र0, सदस्‍य विधान परिषद श्री धर्मेन्‍द्र सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्‍तव, श्री त्रिभुवन राम, डा सुनील पटेल, ग्राम्‍य विकास आयुक्‍त श्री जीएस प्रियदर्शी तथा ग्रामीण विकास विभाग की संयुक्त सचिव सुश्री रोहिणी आर. भाजीभाकरे सहित पार्टी पदाधिकारी, भारी संख्‍या ग्राम प्रधान एवं अधिकारीगण सम्मिलित हुए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 9:18 pm

पाली : नगरपालिका सोजत रोड में दलाल 25000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट

पाली। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को पाली जिले में नगरपालिका सोजत रोड में दलाल परमानन्द शर्मा को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि एसीबी चौकी पाली द्वितीय को शिकायत मिली कि परिवादी के बडे पिताजी के नाम का […] The post पाली : नगरपालिका सोजत रोड में दलाल 25000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 9:18 pm

World Plastic Surgery Day 2026 : कॉस्मेटिक सर्जरी कराने का है मन? तो डॉक्टर से जरूर पूछें ये 10 सवाल; लापरवाही पड़ सकती है भारी!

World Plastic Surgery Day 2026:खूबसूरत दिखना, आत्मविश्वास (Confidence) बढ़ाना और बढ़ती उम्र के असर को कम करना आज के दौर में बेहद आम हो चुका है। यही वजह है कि कॉस्मेटिक और प्लास्टिक सर्जरी अब सिर्फ फिल्मी सितारों या सेलिब्रिटीज तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि आम लोग भी धड़ल्ले से इन प्रोसीजर्स की मदद ले रहे हैं।हालांकि, चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के चकाचौंध भरे विज्ञापनों, सेलिब्रिटी ट्रेंड्स या सिर्फ कम कीमत के लालच में आकर किसी भी सर्जरी का फैसला लेना सेहत के लिए बेहद जोखिम भरा हो सकता है। हर साल 15 जुलाई को वर्ल्ड प्लास्टिक सर्जरी डे (World Plastic Surgery Day) मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को इन सर्जरी से जुड़ी सही जानकारियों के प्रति जागरूक करना है।शारदाकेयर हेल्थसिटी के प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी विभाग के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. तन्मय रॉय के अनुसार, कॉस्मेटिक सर्जरी एक गंभीर मेडिकल प्रक्रिया है, इसे कोई आसान ब्यूटी ट्रीटमेंट समझने की भूल न करें। सेफ और बेहतरीन रिजल्ट्स पाने के लिए सर्जरी टेबल पर लेटने से पहले आपको अपने सर्जन से ये 10 महत्वपूर्ण सवाल जरूर पूछने चाहिए:सर्जरी से पहले डॉक्टर से जरूर पूछें ये 10 जरूरी सवालक्या आप इस विशिष्ट प्रक्रिया के लिए प्रशिक्षित और बोर्ड-सर्टिफाइड प्लास्टिक सर्जन हैं?सबसे पहले डॉक्टर की मेडिकल डिग्री, उनके अनुभव और उस पर्टिकुलर सर्जरी में उनकी विशेषज्ञता (Specialization) की पुष्टि करें।मेरे शारीरिक ढांचे और स्किन टाइप के अनुसार यह प्रोसीजर क्यों उपयुक्त है?अपनी त्वचा की बनावट, उम्र और वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर समझें कि क्या वाकई आपको इस सर्जरी की जरूरत है या कोई अन्य नॉन-सर्जिकल विकल्प भी मौजूद है।इस सर्जरी के साथ क्या जोखिम (Risks) और संभावित साइड-इफेक्ट्स जुड़े हैं?हर सर्जिकल प्रक्रिया के अपने कुछ खतरे या कॉप्लिकेशंस होते हैं। इनके बारे में पहले से मानसिक रूप से तैयार रहना बेहद जरूरी है।रिकवरी (ठीक होने) में कितना समय लगेगा?यह स्पष्ट कर लें कि सर्जरी के बाद आप कब से अपने काम पर लौट सकते हैं, वर्कआउट शुरू कर सकते हैं और अपनी नॉर्मल रूटीन लाइफ में आ सकते हैं।क्या इस सर्जरी के परिणाम (Results) परमानेंट यानी स्थायी होंगे?कुछ कॉस्मेटिक प्रोसीजर्स का असर सीमित समय (जैसे कुछ साल) के लिए ही होता है, जिसके बाद टच-अप की जरूरत पड़ती है। इसकी जानकारी पहले ही लें।क्या मैं आपके पिछले मरीजों की 'बिफोर एंड आफ्टर' (पहले और बाद की) तस्वीरें देख सकता हूँ?इससे आपको सर्जन के काम की क्वालिटी, उनकी कलात्मकता और संभावित परिणामों का एक वास्तविक अंदाजा मिल सकेगा।अगर सर्जरी का रिजल्ट मेरी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, तो मेरे पास क्या विकल्प होंगे?भविष्य में रिवीजन सर्जरी (संशोधन प्रक्रिया) या किसी अन्य सुधारात्मक उपचार की संभावना और उसके खर्चों के बारे में पहले ही बात कर लें।यह सर्जरी किस अस्पताल या सर्जिकल सेंटर में परफॉर्म की जाएगी?सुनिश्चित करें कि जहां आपकी सर्जरी हो रही है, वह एक मान्यता प्राप्त (Accredited) अस्पताल हो, जहां आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए आईसीयू और एडवांस लाइफ सपोर्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हों।इस पूरी प्रक्रिया का कुल खर्च (Total Cost) कितना होगा?सिर्फ ऑपरेशन की फीस ही नहीं, बल्कि दवाइयों, प्री-सर्जरी टेस्ट, एनेस्थीसिया, अस्पताल के रूम रेंट और फॉलो-अप विजिट्स सहित छिपे हुए सभी खर्चों की लिखित जानकारी लें।सर्जरी से पहले और बाद में मुझे किन सावधानियों का पालन करना होगा?अपनी डाइट, लाइफस्टाइल, स्मोकिंग (धूम्रपान), अल्कोहल (शराब) के सेवन और वर्तमान में चल रही दवाइयों को लेकर डॉक्टर के निर्देशों को विस्तार से समझें।सेफ सर्जरी के लिए डॉ. तन्मय रॉय की 2 सबसे जरूरी सलाह:अपनी मेडिकल हिस्ट्री कभी न छुपाएं: यदि आपको डायबिटीज (मधुमेह), हाई बीपी (उच्च रक्तचाप), दिल की कोई बीमारी है, या आपको किसी विशिष्ट दवा या एनेस्थीसिया से एलर्जी है, तो इसके बारे में सर्जन को पहली ही कंसल्टेशन में स्पष्ट बता दें। इससे डॉक्टर आपके लिए एक सुरक्षित और कस्टमाइज्ड सर्जिकल प्लान तैयार कर सकेंगे।सेकंड ओपिनियन (Second Opinion) जरूर लें: यदि प्रोसीजर बहुत बड़ा, खर्चीला या जटिल है, तो किसी दूसरे अनुभवी प्लास्टिक सर्जन से भी राय लेने में बिल्कुल न हिचकिचाएं। यह आपके फैसले को अधिक सुरक्षित बनाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 9:14 pm

जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचीं डॉ. तजीन फातिमा, 38 इमारतों के ध्वस्तीकरण आदेश के बीच तेज हुई हलचल

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आज़म खान के ड्रीम प्रोजेक्ट मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। जिला प्रशासन द्वारा विश्वविद्यालय की 40 में से 38 इमारतों को अवैध घोषित कर इन्हें ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 9:13 pm

Lemon Storage Tips: फ्रिज में रखने के बाद भी सूख और सिकुड़ जाते हैं नींबू? लंबे समय तक ताजा रखने के लिए अपनाएं ये 5 आसान घरेलू उपाय

भारतीय रसोई में नींबू का एक बेहद महत्वपूर्ण स्थान है। दाल-सब्जी का स्वाद बढ़ाना हो, सलाद को चटपटा बनाना हो या गर्मियों में ताज़ा शिकंजी तैयार करनी हो—नींबू हमेशा काम आता है। विटामिन सी, साइट्रिक एसिड, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर नींबू हमारी इम्यूनिटी को भी मजबूत बनाता है। यही वजह है कि अधिकांश घरों में नींबू को थोक में खरीदकर स्टॉक कर लिया जाता है।लेकिन, कई बार देखने में आता है कि फ्रिज में रखने के बावजूद नींबू बहुत जल्दी सूखने, सिकुड़ने या पत्थर जैसे सख्त होने लगते हैं। ऐसा फ्रिज के अत्यधिक ठंडे तापमान, हवा में नमी की कमी, या उन्हें गलत तरीके से स्टोर करने की वजह से होता है। सूखे हुए नींबू में रस बेहद कम निकलता है और उनका स्वाद भी कड़वा हो जाता है। आइए जानते हैं नींबू को 3 से 4 हफ़्तों तक बिल्कुल रसीला और ताजा रखने के कुछ जादुई स्टोरेज टिप्स:नींबू को फ्रेश रखने के 5 सबसे असरदार तरीके (Lemon Storage Hacks)पूरी तरह सुखाकर ही करें स्टोर: बाजार से नींबू लाने के बाद यदि आप उन्हें धोते हैं, तो स्टोर करने से पहले किसी सूती कपड़े से पोंछकर उन्हें अच्छी तरह सुखा लें। यदि नींबू की सतह पर थोड़ी भी नमी (Moisture) रह गई, तो फ्रिज में उन पर फफूंदी (Fungus) लग सकती है और वे सड़ सकते हैं।जिप-लॉक बैग या एयरटाइट कंटेनर का जादू: नींबू को कभी भी फ्रिज की शेल्फ पर खुला न छोड़ें। इन्हें किसी एयरटाइट डिब्बे (Air-tight Container) या जिप-लॉक पॉलीबैग में बंद करके रखें। ऐसा करने से नींबू के अंदर की प्राकृतिक नमी बरकरार रहती है, जिससे वे सिकुड़ते नहीं हैं। साथ ही फ्रिज में रखी अन्य चीजों की महक भी नींबू में नहीं जाती।सब्जी वाले ड्रॉअर (Crisper Drawer) का करें इस्तेमाल: नींबू को हमेशा फ्रिज के सबसे ठंडे हिस्से में रखने के बजाय नीचे दिए गए 'क्रिस्पर ड्रॉअर' (सब्जी रखने वाले कंपार्टमेंट) में रखें। इस हिस्से का तापमान और मॉइस्चर लेवल खट्टे फलों की ताजगी बनाए रखने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।कटे हुए नींबू को स्टोर करने का सही नियम: यदि आपने आधा नींबू इस्तेमाल कर लिया है और आधा बच गया है, तो उसे खुला छोड़ने की गलती कतई न करें। कटे हुए हिस्से को एल्युमिनियम फॉयल या प्लास्टिक रैप से अच्छी तरह लपेटकर (Wrap) या किसी छोटे एयरटाइट डिब्बे में बंद करके रखें, जिससे उसका रस सूखेगा नहीं।अतिरिक्त नमी को साफ करते रहें: यदि आपने नींबू को जिप-लॉक बैग में रखा है, तो 3-4 दिनों में एक बार खोलकर जांच लें। अगर बैग के अंदर पानी की बूंदें (इवेपोरेशन के कारण) जमी दिखें, तो उन्हें साफ कपड़े से पोंछ दें। जरूरत से ज्यादा नमी भी नींबू को समय से पहले खराब कर देती है।कितने दिनों तक सुरक्षित रहते हैं नींबू?अगर आप सही स्टोरेज तकनीकों का पालन करते हैं, तो नींबू की शेल्फ-लाइफ काफी बढ़ जाती है:साबुत नींबू (Whole Lemons): फ्रिज में सही तरीके से पैक करके रखने पर ये 3 से 4 सप्ताह (लगभग एक महीना) तक पूरी तरह ताजे और रसीले बने रह सकते हैं।कटे हुए नींबू (Cut Lemons): कटे हुए नींबू को रैप करके रखने पर भी उसका इस्तेमाल 3 से 4 दिनों के भीतर ही कर लेना सेहत और स्वाद दोनों के लिहाज से बेहतर होता है।भूलकर भी न करें ये 4 गलतियां (Common Mistakes to Avoid)गीले नींबू फ्रिज में रखना: ऐसा करने से फंगस बहुत तेजी से पनपती है।खराब और अच्छे नींबू एक साथ रखना: यदि स्टॉक में कोई एक नींबू भी सड़ने लगा है या उस पर दाग आ गया है, तो उसे तुरंत बाकी नींबुओं से अलग कर दें। वरना, उसका संक्रमण दूसरे अच्छे नींबुओं को भी एक-दो दिन में खराब कर देगा।कटे नींबू को खुला छोड़ना: फ्रिज की ठंडी हवा कटे हुए नींबू के सारे रस को सोख लेती है और वह काला पड़ने लगता है।बिना छँटाई के लंबे समय तक छोड़ना: हर 4-5 दिन में अपने नींबू के स्टॉक को एक बार पलटकर जरूर देखें ताकि खराब हो रहे पीस को समय रहते निकाला जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 9:12 pm

Ragi Apple Muffin Recipe: बच्चों के लिए घर पर बनाएं रागी और सेब का सुपर-हेल्दी मफिन केक; स्वाद के साथ मिलेगा भरपूर कैल्शियम और आयरन

बच्चों को मफिन, कपकेक और पेस्ट्री जैसी बेक्ड चीजें बेहद पसंद आती हैं। लेकिन बाजार में मिलने वाले ज्यादातर मफिन में रिफाइंड मैदा, प्रिजर्वेटिव्स और चीनी (Sugar) की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जो बच्चों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसे में अगर आप बच्चों को कुछ टेस्टी और हेल्दी खिलाना चाहते हैं, तो रागी और सेब से बना मफिन केक (Ragi Apple Muffin) एक बेहतरीन विकल्प है।रागी को पोषण का पावरहाउस माना जाता है, जिसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम, आयरन, फाइबर और प्रोटीन पाया जाता है। वहीं सेब विटामिन सी, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा सोर्स है। इन दोनों का कॉम्बिनेशन बच्चों की हड्डियों को मजबूत बनाने, पाचन तंत्र (Digestion) को दुरुस्त रखने और उन्हें दिनभर एनर्जेटिक बनाए रखने में मदद करता है। आइए जानते हैं इसे घर पर बनाने की आसान विधि और कुछ जरूरी टिप्स:रागी और सेब का मफिन केक बनाने की सामग्री (Ingredients)रागी का आटागेहूं का आटा (थोड़ी मात्रा में)बेकिंग पाउडरदालचीनी पाउडर (एक चुटकी)कद्दूकस किया हुआ ताजा सेबमैश किया हुआ पका केला या शहद (प्राकृतिक मिठास के लिए)दूधघी या रिफाइंड तेलबारीक कटे बादाम और अखरोट (वैकल्पिक)बनाने की आसान विधि (Step-by-Step Recipe)सूखी सामग्री को मिलाएं: सबसे पहले एक साफ बाउल में रागी का आटा, थोड़ा सा गेहूं का आटा, बेकिंग पाउडर और एक चुटकी दालचीनी पाउडर डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें।गीली सामग्री तैयार करें: अब एक दूसरे बाउल में मैश किया हुआ पका केला या शहद, कद्दूकस किया हुआ सेब, दूध और आवश्यकतानुसार थोड़ा सा घी या तेल डालकर अच्छी तरह फेंट लें।घोल (Batter) बनाएं: इसके बाद सूखी सामग्री वाले बाउल में गीली सामग्री का मिश्रण धीरे-धीरे डालें और दोनों को कट-एंड-फोल्ड मेथड से मिलाकर एक गाढ़ा घोल तैयार कर लें। अगर आप चाहें तो इसी स्टेज पर बारीक कटे बादाम या अखरोट भी मिला सकते हैं।बेकिंग प्रक्रिया: ओवन को पहले से प्री-हीट (Pre-heat) कर लें। अब तैयार गाढ़े घोल को मफिन मोल्ड्स (Muffin Moulds) में डालें। इसे ओवन में लगभग 20 से 25 मिनट तक बेक करें।चेक और सर्व करें: एक टूथपिक डालकर चेक करें, अगर टूथपिक साफ बाहर आती है तो मफिन तैयार है। इसे ओवन से निकालकर पूरी तरह ठंडा होने दें। तैयार मफिन बेहद नरम, स्वादिष्ट और पौष्टिक होता है।बच्चों के लिए मफिन बनाते समय ध्यान रखने योग्य 5 जरूरी बातें (Expert Tips)प्राकृतिक मिठास को दें प्राथमिकता: बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मफिन में रिफाइंड सफेद चीनी डालने से बचें। इसकी जगह सेब की अपनी मिठास, मैश किए हुए पके केले या ऑर्गेनिक शहद का इस्तेमाल करना सबसे बेस्ट रहता है।सामग्री की गुणवत्ता: बच्चों के लिए बेकिंग करते समय हमेशा ताजी और अच्छी क्वालिटी की रागी और सेब का ही चुनाव करें।उम्र के हिसाब से नट्स का इस्तेमाल: यदि बच्चे बहुत छोटे हैं, तो मफिन में ड्राई फ्रूट्स के बड़े टुकड़े डालने की बजाय उन्हें मिक्सी में पीसकर पाउडर के रूप में मिलाएं, ताकि गले में फंसने (Choking Hazard) का खतरा न रहे। बड़े बच्चों के लिए इन्हें बारीक काटकर डाला जा सकता है।ओवर-बेकिंग से बचें: मफिन को ओवन में सिर्फ तब तक ही पकाएं जब तक वह अंदर से अच्छी तरह पक न जाए। जरूरत से ज्यादा बेक करने (Over-bake) से मफिन सख्त और सूखा हो सकता है, जिससे बच्चे इसे खाना पसंद नहीं करेंगे।स्टोरेज का सही तरीका: तैयार मफिन को पूरी तरह से ठंडा होने के बाद ही बच्चों को खाने के लिए दें। अगर मफिन बच जाते हैं, तो उन्हें किसी साफ एयरटाइट कंटेनर (Air-tight Box) में बंद करके रखें और 1 से 2 दिन के भीतर ही इस्तेमाल कर लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 9:11 pm

Monsoon Car Driving Tips: बारिश के मौसम में वरदान साबित होते हैं कार के ये 6 एडवांस फीचर्स, सुरक्षित सफर के लिए ऐसे करें सही इस्तेमाल!

Monsoon Car Driving Tips: मानसून का मौसम जहां एक तरफ तपती गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं दूसरी तरफ कार चालकों के लिए कई बड़ी चुनौतियां भी खड़ी कर देता है। मूसलाधार बारिश, सड़कों पर पानी का जमाव, कीचड़ की वजह से होने वाली फिसलन और विंडशील्ड पर धुंध जमने के कारण विजिबिलिटी (दृश्यता) का कम होना—ये सभी कारक सड़क दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ा देते हैं।ऐसी कठिन परिस्थितियों में आपकी कार में दिए गए कुछ आधुनिक और सेफ्टी फीचर्स आपके सफर को न सिर्फ सुगम बनाते हैं, बल्कि आपकी और आपके परिवार की जान की रक्षा भी करते हैं। हालांकि, जागरूकता की कमी के कारण कई लोग इन फीचर्स के सही उपयोग से अनजान रहते हैं। आइए जानते हैं कार के उन 6 सबसे जरूरी फीचर्स के बारे में, जो बारिश के दिनों में आपके बेहद काम आ सकते हैं:1. ABS (एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम) - फिसलन में गाड़ी को रखे कंट्रोलबारिश के दौरान सड़कों पर पानी की एक पतली परत बन जाती है, जिसे हाइड्रोप्लेनिंग (Hydroplaning) कहते हैं। इस स्थिति में यदि आप अचानक तेज ब्रेक लगाते हैं, तो गाड़ी के पहिए जाम (Lock) हो जाते हैं और कार बेकाबू होकर फिसलने लगती है।कैसे करता है काम: एबीएस (ABS) अचानक ब्रेक लगने पर पहियों को लॉक होने से रोकता है और उन्हें रुक-रुक कर ब्रेक लगाता है।सही इस्तेमाल: बारिश में पैनिक ब्रेकिंग (घबराकर जोर से ब्रेक दबाना) के समय पैडल से पैर न हटाएं। एबीएस को अपना काम करने दें और इस दौरान केवल गाड़ी के स्टीयरिंग व्हील को सही दिशा में मोड़कर कंट्रोल बनाए रखने पर ध्यान दें।2. ESC या ESP (इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल) - मोड़ों पर पलटने से बचाएगीली सड़कों पर जब आप किसी तीखे मोड़ (Sharp Turn) पर गाड़ी को घुमाते हैं, तो कार के ओवरस्टीयर या अंडरस्टीयर होने यानी संतुलन खोकर पलटने का खतरा सबसे ज्यादा होता है।कैसे करता है काम: ईएससी (ESC) कंप्यूटर सेंसर की मदद से यह भांप लेता है कि गाड़ी आपकी तय दिशा से भटक रही है। यह तुरंत एक्टिव होकर व्यक्तिगत रूप से किसी एक या दो पहियों पर अपने आप ब्रेक लगा देता है, जिससे कार वापस सही ट्रैक पर आ जाती है।महत्व: यह फीचर विशेष रूप से एक्सप्रेसवे या हाईवे पर तेज रफ्तार में गाड़ी चलाते समय जानलेवा हादसों को टालने में मदद करता है।3. रेन-सेंसिंग वाइपर्स (Rain-Sensing Wipers) - सड़क से नहीं भटकेगा ध्यानतेज बारिश में बार-बार वाइपर की स्पीड को मैनुअली (हाथ से) कम या ज्यादा करना ड्राइवर का ध्यान भटका सकता है, जो कि हाईवे पर खतरनाक हो सकता है।कैसे करता है काम: विंडशील्ड पर लगे सेंसर बारिश की बूंदों की तीव्रता को भांप लेते हैं। जैसे ही बारिश शुरू होती है, वाइपर अपने आप ऑन हो जाते हैं और बारिश तेज या धीमी होने पर अपनी गति को स्वतः एडजस्ट कर लेते हैं। इससे ड्राइवर का पूरा ध्यान केवल ड्राइविंग पर केंद्रित रहता है।4. रियर डिफॉगर और ORVM डिफॉगर - धुंध को मिनटों में करे साफबारिश के मौसम में कार के अंदर और बाहर के तापमान में अंतर होने के कारण अंदरूनी शीशों और बाहर के साइड मिरर्स (ORVM) पर नमी यानी धुंध जम जाती है।सही इस्तेमाल: डैशबोर्ड पर दिए गए 'डिफॉगर' बटन को दबाएं। रियर डिफॉगर पीछे के शीशे पर लगी पतली तारों को गर्म करके धुंध हटाता है, जबकि ओआरवीएम डिफॉगर साइड मिरर्स को साफ रखता है, ताकि आपको पीछे से आ रहे वाहन साफ दिखाई दे सकें।5. ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम (TCS) - कीचड़ और पानी में पहियों को घूमने से रोकेजब आप कार को किसी कीचड़ वाले रास्ते, चढ़ाई या अत्यधिक पानी से भरी सड़क पर आगे बढ़ाने की कोशिश करते हैं, तो इंजन की ज्यादा पावर के कारण पहिए एक ही जगह पर तेजी से गोल-गोल घूमने (Wheel Spin) लगते हैं, जिससे गाड़ी फंस जाती है।कैसे करता है काम: टीसीएस (TCS) पहियों के अत्यधिक स्पिन को पहचानकर उस विशेष पहिये को मिलने वाली इंजन पावर को कम कर देता है या वहां आंशिक ब्रेक लगाता है। इससे टायर को सड़क पर बेहतर ग्रिप मिलती है और कार आसानी से आगे बढ़ जाती है।6. रियर पार्किंग कैमरा और 360-डिग्री कैमरा - संकरी जगहों में मददगारभारी बारिश और धुंध के चलते जब पीछे का शीशा पूरी तरह ब्लॉक हो जाता है, तब कार को पार्क करना या किसी तंग गली से रिवर्स करना नामुमकिन हो जाता है।जरूरी सलाह: ऐसे समय में इंफोटेनमेंट स्क्रीन पर दिखने वाला 360-डिग्री व्यू या रियर कैमरा आपका सबसे बड़ा मददगार बनता है। हालांकि, यात्रा शुरू करने से पहले एक बार बाहर निकलकर कैमरे के लेंस को साफ कपड़े से जरूर पोंछ लें, क्योंकि उस पर जमा कीचड़ या पानी की बूंदें आपको स्क्रीन पर गलत या धुंधली तस्वीर दिखा सकती हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 9:10 pm

Income Tax Return (ITR) Filing Tips: 10 लाख से महंगी कार खरीदने वालों के लिए खुशखबरी! ITR में ऐसे क्लेम करें 1% TCS और पाएं ₹10,000 से ज्यादा का टैक्स रिफंड

Income Tax Return (ITR) Filing Tips: यदि आपने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के दौरान 10 लाख रुपये या उससे अधिक कीमत की कोई नई कार (Car) खरीदी है, तो टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय आपके पास मोटी बचत करने का एक शानदार मौका है। इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते समय आप कम से कम ₹10,000 या अपनी कार की कीमत के अनुसार उससे भी ज्यादा का टैक्स रिफंड (Tax Refund) हासिल कर सकते हैं।अक्सर जानकारी के अभाव में कई लोग कार खरीदते समय कटे 1% TCS (Tax Collected at Source) का दावा करना भूल जाते हैं, जिससे उनका यह पैसा सरकार के पास ही ब्लॉक रह जाता है। आइए जानते हैं कि यह 1% TCS क्या होता है और आईटीआर भरते समय आप इसे कैसे वापस पा सकते हैं।क्या होता है गाड़ियों पर कटने वाला 1% TCS?आयकर अधिनियम (Income Tax Act) के नियमों के अनुसार, जब भी कोई ग्राहक ₹10 लाख से अधिक मूल्य की नई पैसेंजर कार खरीदता है, तो कार डीलर (Automobile Dealer) के लिए वाहन की कुल एक्स-शोरूम कीमत का 1% TCS वसूलना कानूनी रूप से अनिवार्य होता है।यह कोई एक्स्ट्रा टैक्स नहीं है: ध्यान रहे कि यह कोई अतिरिक्त जेबखर्च या जुर्माना नहीं है। यह अग्रिम टैक्स (Advance Tax) की तरह ही होता है, जिसे डीलर आपके पैन कार्ड (PAN Card) के अगेंस्ट सरकार के खाते में जमा करता है।गणित समझिए: यदि आपने ₹10 लाख की कार खरीदी है, तो आपका ₹10,000 का TCS कटेगा। ठीक इसी तरह, यदि कार की कीमत ₹20 लाख है, तो ₹20,000 और ₹50 लाख की लक्जरी कार होने पर ₹50,000 का TCS जमा होगा। इस पूरी रकम को आप ITR दाखिल करते समय अपनी अंतिम टैक्स देनदारी (Tax Liability) के साथ एडजस्ट या रिफंड करा सकते हैं।ITR दाखिल करते समय कैसे करें TCS का दावा? (Step-by-Step Claim Process)अपने इस पैसे को वापस पाने या टैक्स में छूट लेने के लिए आपको नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन करना होगा:Form 26AS और AIS की जांच: ITR फॉर्म भरने से पहले अपने इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें। वहाँ अपने Form 26AS और Annual Information Statement (AIS) को डाउनलोड करके चेक करें कि कार डीलर ने आपके PAN पर वह 1% TCS रिफ्लेक्ट (अपडेट) किया है या नहीं। यदि एंट्री नहीं दिख रही है, तो तुरंत कार डीलर से संपर्क कर इसे अपडेट करवाएं।ITR में सही सेक्शन चुनें: जब आप अपना इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म भर रहे हों, तब ‘Taxes Paid’ या ‘TCS Credit’ वाले कॉलम में जाएं। वहां कार खरीद पर कटे इस टैक्स क्रेडिट की सटीक जानकारी दर्ज करें।रिफंड या एडजस्टमेंट: यदि वित्त वर्ष के अंत में आपकी कुल टैक्स देनदारी आपके कटे हुए कुल टीडीएस/टीसीएस से कम बनती है, तो यह ₹10,000 या इससे अधिक की अतिरिक्त राशि सीधे रिफंड के रूप में आपके बैंक खाते में क्रेडिट कर दी जाएगी। यदि आपकी टैक्स देनदारी बनती है, तो यह राशि उतने रुपये से आपका टैक्स कम (Adjust) कर देगी।क्लेम करते समय अपने पास रखें ये 4 जरूरी दस्तावेजआयकर विभाग (Income Tax Department) से रिफंड क्लेम करते समय किसी भी प्रकार के नोटिस या अड़चन से बचने के लिए आपके पास निम्नलिखित दस्तावेज होने चाहिए:कार खरीद का इनवॉइस (Purchase Invoice): जिसमें कार की मूल कीमत और कटे हुए 1% TCS का स्पष्ट जिक्र हो।Form 27D (TCS Certificate): यह सर्टिफिकेट कार डीलर द्वारा ग्राहक को जारी किया जाता है, जो टैक्स जमा होने का पुख्ता प्रमाण है।Form 26AS और AIS कॉपी: ऑनलाइन मिलान और रिकॉर्ड के लिए।टैक्स एक्सपर्ट्स की सलाह:रिटर्न फाइल करने की जल्दबाजी में कभी भी अपने टैक्स क्रेडिट (TDS/TCS) को नजरअंदाज न करें। फॉर्म सबमिट करने से पहले हमेशा AIS और Form 26AS का डेटा अपने इनवॉइस से मैच कर लें। एक छोटी सी चूक के कारण आपकी मेहनत की कमाई का रिफंड रुक सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 9:08 pm

तृणमूल कांग्रेस की रुक्मिणी मल्लिक का राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा

नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस से नेताओं का मोह भंग होने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा और इनमें नया नाम बंगला फिल्मों की अभिनेत्री और सांसद रुक्मिणी मल्लिक का जुड़ गया है जिन्होंने गुरुवार को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। तृणमूल कांग्रेस ने मल्लिक को करीब तीन महीने पहले ही सांसद […] The post तृणमूल कांग्रेस की रुक्मिणी मल्लिक का राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 9:08 pm

राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत और निकाय चुनाव में देरी पर जताई नाराजगी

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव कराने में हो रही देरी पर गुरुवार को कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने राज्य निर्वाचन आयोग से पांच दिन के भीतर चुनाव कार्यक्रम और संभावित तिथि बताने के निर्देश दिये। साथ ही राज्य चुनाव आयुक्त से पूछा कि आखिर वह क्यों चाहते हैं कि […] The post राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत और निकाय चुनाव में देरी पर जताई नाराजगी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 9:04 pm

केशव प्रसाद मौर्य ने काशी प्रेरणा कैण्टीन का किया अवलोकन, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं का बढ़ाया उत्साह

केशव प्रसाद मौर्य ने वाराणसी में आयोजित पंच सम्मेलन के दौरान विभिन्न स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों एवं प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की सराहना की। उन्होंने काशी प्रेरणा कैण्टीन का निरीक्षण करते हुए वहां उपलब्ध कराए जा रहे खाद्य पदार्थों एवं संचालन व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। इसके उपरांत उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा रबर की चप्पलें तैयार करने की पूरी निर्माण प्रक्रिया को विस्तार से देखा और महिलाओं से उत्पादन, विपणन तथा आय के संबंध में जानकारी प्राप्त की।उप मुख्यमंत्री स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित महिला सूट स्टॉल पर भी पहुंचे, जहां उन्होंने महिलाओं द्वारा तैयार किए गए परिधानों की गुणवत्ता की सराहना करते हुए उनके आत्मनिर्भरता के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने वाराणसी लाल भरवा मिर्च के स्टॉल का भी निरीक्षण किया तथा उत्पादों की बिक्री, बाजार की मांग और समूह की महिलाओं की बढ़ती आय के विषय में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बन रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 9:00 pm

रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप टेक का अग्रणी केंद्र बनेगा यूपी : योगी

Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर तथा अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों का राष्ट्रीय नेतृत्वकर्ता बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

वेब दुनिया 16 Jul 2026 8:53 pm

वाराणसी को मिली ₹25,445.96 करोड़ की ऐतिहासिक मेगा कनेक्टिविटी परियोजनाओं के लिए प्रधानमंत्री का जताया आभार, श्री केशव प्रसाद मौर्य

वाराणसी प्रवास पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में वाराणसी के लिए कुल ₹25,445.96 करोड़ की लागत वाली दो महत्त्वपूर्ण मेगा हाईवे एवं एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान किए जाने पर हृदय से आभार एवं अभिनंदन व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने काशी के सर्वांगीण विकास को सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उनके नेतृत्व में वाराणसी विश्वस्तरीय धार्मिक, सांस्कृतिक, पर्यटन एवं आर्थिक केंद्र के रूप में निरंतर विकसित हो रही है। अब इन दोनों महत्त्वपूर्ण एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं के निर्माण से वाराणसी की यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा तथा शहर को जाम की गंभीर समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।उन्होंने बताया कि स्वीकृत परियोजनाओं में पहली परियोजना ₹10,998.32 करोड़ की लागत से वरुणा नदी कॉरिडोर का निर्माण है, जिसके अंतर्गत वरुणा नदी के किनारे-किनारे राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (NH-31) को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ने वाला आधुनिक एलिवेटेड कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। यह कॉरिडोर शहर के भीतर यातायात के दबाव को कम करेगा तथा तेज, सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करेगा। दूसरी महत्त्वपूर्ण परियोजना ₹14,447.64 करोड़ की लागत से गंगा नदी कॉरिडोर के रूप में विकसित की जाएगी। इसके अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (NH-19) तथा वाराणसी रिंग रोड के मध्य गंगा नदी के किनारे छह लेन का आधुनिक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिसमें एक अत्याधुनिक केबल-स्टे ब्रिज का भी निर्माण शामिल है। यह परियोजना आधुनिक इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण होगी तथा वाराणसी की परिवहन क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 8:47 pm

गुरु पूर्णिमा से पहले यूपी में तैयार होंगे 4 खास वन, किसानों से लेकर मानव-वानर संघर्ष तक का होगा समाधान

पौधरोपण महायज्ञ-2026 के अंतर्गत वन विभाग कई विशिष्ट वन स्थापित कर रहा है। इसी क्रम में आषाढ़ मास यानी गुरुपूर्णिमा (29 जुलाई) से पहले कई विशिष्ट वन स्थापित करेगा। 18 जुलाई से 27 जुलाई के मध्य पूरे प्रदेश में कई विशिष्ट वन स्थापित किए जाएंगे। 18 ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 8:41 pm

नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलॉईज यूनियन के 22वें रक्तदान शिविर में 1192 यूनिट रक्तदान

अजमेर। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलॉईज यूनियन के 22वें रक्तदान शिविर में 1192 यूनिट रक्तदान का नया रिकार्ड बन गया। गत वर्ष 1068 यूनिट रक्तदान हुआ था। यूनियन के जोनल कार्यकारी अध्यक्ष मोहन चेलानी ने बताया कि लायन्स क्लब अजमेर प्रिमियम एवं सतगुरु स्कूल के सहयोग से रेलवे ऑफिसर्स क्लब में आयोजित रक्तदान शिविर का उद्घाटन […] The post नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलॉईज यूनियन के 22वें रक्तदान शिविर में 1192 यूनिट रक्तदान appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 8:40 pm

काशी विश्वनाथ, बनकटी हनुमान सहित काल भैरव का किये दर्शन प्रदेशवासियों की मॉगी सुख-समृद्धि एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना, केशव प्रसाद मौर्य

उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने कहा कि देवाधिदेव महादेव की नगरी वाराणसी में बनकटी हनुमान मंदिर में प्रभु हनुमंत लाल जी महाराज के दिव्य दर्शन व पूजन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। संकटमोचन प्रभु श्री हनुमान जी के श्रीचरणों में प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य और मंगलमयता की प्रार्थना करता हूं।दर्शन-पूजन के उपरांत उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने कहा कि आज वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ धाम में देवाधिदेव महादेव भगवान शिव के पावन ज्योतिर्लिंग के दर्शन व पूजन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। काशीपति बाबा विश्वनाथ जी से प्रदेशवासियों के सर्वकल्याण की प्रार्थना करता हूं।उन्होंने कहा कि भगवान शिव एवं प्रभु श्री हनुमान की असीम कृपा से उत्तर प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर रहे, समाज में सद्भाव, समरसता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो तथा प्रत्येक परिवार सुख, शांति और समृद्धि के साथ जीवनयापन करे, यही उनकी हार्दिक कामना है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 8:35 pm

साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी, अधिवक्ताओं को दिए सुरक्षा के टिप्स

जयपुर। अधिवक्ता परिषद राजस्थान जयपुर प्रांत एवं आर्म्ड फोर्स ट्रिब्यूनल (एएफटी) जयपुर बैंच इकाई के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को ‘साइबर अपराध एवं जागरूकता’ विषय पर विशेष स्टडी सर्किल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिवक्ताओं और विधि विद्यार्थियों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना तथा उनसे बचाव के व्यावहारिक उपायों की […] The post साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी, अधिवक्ताओं को दिए सुरक्षा के टिप्स appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 8:32 pm

योगी सरकार की OBC छात्रावास योजना बनी वरदान, 102 हॉस्टल से हजारों पिछड़े वर्ग के छात्रों को मिल रहा शिक्षा का सहारा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र-छात्राओं को उच्च ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 8:30 pm

मिलिट्री इंटेलिजेंस और GRP की संयुक्त कार्रवाई में अयोध्या में सेना का फर्जी हवलदार गिरफ्तार

Fake Army Soldier Arrested from Ayodhya: अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन से सेना की वर्दी पहनकर घूम रहे एक शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया गया है। मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की इस संयुक्त कार्रवाई में आरोपी के पास से सेना की वर्दी, ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 8:17 pm

मेरठ साइबर सेल को मिली बड़ी सफलता, 2026 में 365 पीड़ितों को लौटाए 1.90 करोड़, 40 अभियोग दर्ज, 40 अपराधी कानून के शिकंजे में

Meerut Cyber ​​Cell : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ के निर्देशन एवं पुलिस अधीक्षक अपराध के कुशल नेतृत्व में जनपदीय साइबर सेल तथा सभी थाना स्तर पर संचालित साइबर हेल्प डेस्क ने वर्ष 2026 में साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने, पीड़ितों की धनराशि वापस ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 7:04 pm

क्या E20 पेट्रोल से इंजन को नुकसान हो सकता है, आयोग के फैसले से शुरू हुई नई बहस

देशभर में E20 पेट्रोल को बढ़ावा दिए जाने के बीच छत्तीसगढ़ के रायपुर से एक बड़ा मामला सामने आया है। इसने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के दावे, कार कंपनियों की प्रेस कॉन्फ्रेंस E20 पेट्रोल को लेकर वायरल हो रहे वीडियो के बीच नई बहस शुरू कर दी है।

वेब दुनिया 16 Jul 2026 6:45 pm

दतिया उपचुनाव में समर्थकों से बोले नरोत्तम मिश्रा, किसी की हिम्मत नहीं मेरे कार्यकर्ता का नुकसान करें दें?

दतिया विधाानसभा उपचुनाव में पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं के जबरदस्त बवाल और उसके बाद पुलिस की कार्रवाई का मामला गुरुवार को फिर गर्मा गया। दतिया भाजपा कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नरोत्तम ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 6:44 pm

TRAI का Data Service से जुड़ा नया अलर्ट, कीपैड फोन यूजर्स को भेजा नया मैसेज

टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) की ओर से देशभर के कई कीपैड (Feature Phone) मोबाइल यूजर्स को एक नया संदेश भेजा गया है। इस संदेश में बताया गया है कि अब ग्राहक 1925 नंबर पर कॉल करके या SMS भेजकर अपनी मोबाइल डेटा सेवा (Data Services) को ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 6:20 pm

सीएम डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को किया निवेश के लिए आमंत्रित, कहा- हमारे राज्य में आपके लिए सबकुछ उपलब्ध

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित भारत टेक्स-2026 में सम्मिलित हुए। उन्होंने यहां देश-विदेश के प्रमुख टेक्सटाइल निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और वैश्विक ब्रांड्स के साथ राउंड टेबल बैठक की। ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 6:19 pm

TTD : राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच तिरुपति में दान का नया रिकॉर्ड, 1 दिन में आए 96.98 करोड़ रुपए, आखिर क्यों उमड़े लाखों श्रद्धालु

अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान (चढ़ावे और चंदे) में हेराफेरी का मामले में गिरफ्तारी और जांच का मामला अभी गर्माया हुआ है। इस बीच तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को नई डोनर (दाता) नीति लागू होने से ठीक एक दिन ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 5:44 pm

MoU मानो तभी खुलेगा Hormuz Strait, दुनिया के सबसे बड़े समुद्री रास्ते के लिए ईरान की नई शर्त

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को लेकर ईरान ने नया रुख अपनाया है। ईरान ने साफ कहा है कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग को दोबारा पूरी तरह खोलने के लिए अमेरिका को पहले समझौता ज्ञापन ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 5:15 pm

Sanwaliya Seth Temple: सांवलिया सेठ के दरबार में जयपुर के भक्त ने चढ़ाई 20 लाख की सोने की बांसुरी

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित भगवान श्रीकृष्ण के विग्रह रूप श्री सांवलिया सेठ मंदिर (Sanwaliya Seth Temple) में आस्था और समर्पण का एक और अद्भुत उदाहरण सामने आया है। देश के सबसे अमीर और चमत्कारी मंदिरों में शुमार सांवलिया जी के दरबार में आए दिन करोड़ों रुपये का गुप्त दान और सोने-चांदी के आभूषण चढ़ना आम बात है, लेकिन गुरुवार 16 जुलाई 2026 को जयपुर से आए एक श्रद्धालु परिवार ने ठाकुर जी को एक ऐसी अनोखी और भव्य भेंट अर्पित की है, जिसकी चर्चा पूरे राजस्थान और सोशल मीडिया पर तेजी से हो रही है। इस श्रद्धालु ने भगवान सांवलिया सेठ को शुद्ध सोने से निर्मित एक बेहद खूबसूरत बांसुरी भेंट की है।137 ग्राम सोने से बनी है दिव्य बांसुरी: मौजूदा बाजार भाव के अनुसार 20 लाख रुपये है कीमतमंदिर प्रशासन से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जयपुर के इस बिजनेसमैन श्रद्धालु परिवार ने अपनी एक विशेष मन्नत पूरी होने के बाद ठाकुर जी के प्रति आभार प्रकट करने के लिए इस दिव्य बांसुरी का निर्माण करवाया था। इस बांसुरी को बनाने में लगभग 137 ग्राम शुद्ध सोने (Pure Gold) का इस्तेमाल किया गया है। वर्तमान समय में सोने के रिकॉर्ड तोड़ बाजार भाव को ध्यान में रखते हुए इस सोने की बांसुरी की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये आंकी जा रही है। इस कलात्मक बांसुरी को जयपुर के कुशल कारीगरों ने बेहद बारीकी से तैयार किया है, जिसे देखने के लिए मंदिर परिसर में मौजूद अन्य श्रद्धालु भी लालायित नजर आए।भगवान कृष्ण और बांसुरी का पावन नाता: सिर्फ कीमती धातु नहीं, अटूट श्रद्धा का है प्रतीकसनातन धर्म और पौराणिक मान्यताओं में भगवान श्रीकृष्ण और उनकी बांसुरी का रिश्ता अत्यंत गहरा और अलौकिक माना गया है। बांसुरी को केवल एक वाद्य यंत्र नहीं, बल्कि निष्काम प्रेम, निश्छल भक्ति और परम शांति के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। जयपुर के भक्त परिवार का कहना है कि जब उनकी बरसों पुरानी मनोकामना सांवलिया सेठ की कृपा से पूरी हुई, तो उन्होंने भगवान के सबसे प्रिय आभूषण को ही स्वर्ण रूप में अर्पित करने का संकल्प लिया। धार्मिक जानकारों के मुताबिक, इस प्रकार के बड़े दान को सिर्फ एक कीमती उपहार के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह भक्त और भगवान के बीच के अटूट विश्वास और समर्पण की पराकाष्ठा को दर्शाता है।मंदिर की रसीद प्रक्रिया और सम्मान परंपरा: ऊपरना पहनाकर भक्त परिवार का हुआ स्वागतइस नायाब स्वर्ण बांसुरी को अर्पित करने के लिए भक्त परिवार ने पूरी धार्मिक और प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन किया। सबसे पहले उन्होंने मुख्य गर्भगृह में सांवलिया सेठ के दर्शन किए और विशेष पूजा-अर्चना संपन्न की। इसके बाद, वे मंदिर के आधिकारिक भेंट कक्ष (Donation Room) पहुंचे, जहां मंदिर मंडल के प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष इस 137 ग्राम वजनी बांसुरी को कानूनी प्रक्रिया के तहत सुपुर्द किया गया। मंदिर ट्रस्ट ने नियमों के अनुसार सोने की शुद्धता की जांच कर श्रद्धालु को इसकी आधिकारिक रसीद (Donation Receipt) सौंपी। सांवलिया जी मंदिर की प्राचीन परंपरा के अनुसार, इतनी बड़ी भेंट चढ़ाने के बाद मंदिर के मुख्य पुजारी और पदाधिकारियों ने जयपुर के श्रद्धालु को भगवान का पवित्र ऊपरना (दुपट्टा) पहनाकर सम्मानित किया, साथ ही उन्हें ठाकुर जी का विशेष महाप्रसाद और सांवलिया सेठ की एक सुंदर तस्वीर स्मृति चिह्न के रूप में भेंट की।देश-विदेश में प्रसिद्ध है सांवलिया सेठ का दरबार: हर महीने निकलता है करोड़ों का चढ़ावाराजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र में स्थित सांवलिया सेठ मंदिर की ख्याति केवल भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी फैली हुई है। ऐसी दृढ़ मान्यता है कि इस मंदिर में जो भी भक्त सच्चे और साफ मन से आकर झोली फैलाता है, सांवलिया सेठ उसकी हर मुराद निश्चित रूप से पूरी करते हैं। यही कारण है कि इस मंदिर को 'व्यापार का साझीदार' (Business Partner) भी कहा जाता है और कई बड़े कारोबारी अपने मुनाफे का एक निश्चित हिस्सा यहां आकर चढ़ाते हैं। हर महीने जब मंदिर का दानपात्र खोला जाता है, तो उसमें से 10 से 15 करोड़ रुपये की नकदी के साथ-साथ भारी मात्रा में सोने के मुकुट, छत्र, बांसुरी और हीरे-जवाहरात निकलते हैं, जो इस मंदिर के प्रति जन-जन की अगाध श्रद्धा को प्रमाणित करता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 5:09 pm

FIFA 2026 Controversy: इंग्लैंड को हराने के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने मैदान पर किया ऐसा काम

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को 2-1 से पटखनी देकर अर्जेंटीना ने लगातार दूसरी बार फाइनल में प्रवेश कर इतिहास तो रच दिया, लेकिन इस महाजीत के ठीक बाद मैदान पर एक ऐसा हाई-प्रोफाइल राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया जिसने खेल जगत को हिलाकर रख दिया है। मैच खत्म होने के तुरंत बाद जब पूरी टीम जीत के जश्न में डूबी थी, तभी अर्जेंटीना के दो स्टार खिलाड़ी जियोवानी लो सेल्सो और निकोलस ओटामेंडी मैदान के बीचों-बीच एक बेहद संवेदनशील और विवादित बैनर लहराते नजर आए। इस बैनर पर बड़े अक्षरों में लिखा था— 'लास माल्विनास सोन अर्जेंटीनास' (Las Malvinas son Argentinas), जिसका सीधा राजनीतिक अर्थ है कि 'फॉकलैंड द्वीप समूह अर्जेंटीना का है।' इस खुले प्रदर्शन के बाद अब अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन (AFA) पर फीफा के कड़े प्रतिबंधों का खतरा मंडराने लगा है।क्या है 44 साल पुराना फॉकलैंड युद्ध विवाद? जिसने खेल के मैदान को बनाया जंग का अखाड़ामर्सिडीज बेंज एरिना के आलीशान मैदान पर मैच खत्म होने के बाद जो बैनर लहराया गया, उसका इतिहास 44 साल पुराने एक भीषण और खूनी सैन्य संघर्ष से जुड़ा हुआ है। दक्षिण अटलांटिक महासागर में स्थित फॉकलैंड द्वीप समूह को अर्जेंटीना में आधिकारिक तौर पर 'इस्लास माल्विनास' कहा जाता है। इस द्वीप के संप्रभुता अधिकार को लेकर साल 1982 में अर्जेंटीना और ब्रिटेन (इंग्लैंड) के बीच 74 दिनों तक एक भीषण युद्ध लड़ा गया था। इस युद्ध में 649 अर्जेंटीना के सैनिकों और 255 ब्रिटिश नागरिकों सहित 900 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। युद्ध की समाप्ति के बाद ब्रिटेन ने इस द्वीप पर अपना पूर्ण प्रशासनिक नियंत्रण दोबारा स्थापित कर लिया था, लेकिन अर्जेंटीना आज भी इसे अपनी राष्ट्रीय अस्मिता और संप्रभुता का एक अभिन्न हिस्सा मानता है, जिसकी गूंज अक्सर दोनों देशों के बीच होने वाले फुटबॉल मैचों में सुनाई देती है।फीफा नियमों की सरेआम धज्जियां: ड्रेसिंग रूम से लेकर मैदान तक चल रहा था प्रोपेगैंडाइंटरनेशनल फुटबॉल फेडरेशन (FIFA) के सख्त अनुशासन नियमों के मुताबिक, फुटबॉल के मैदान या स्टेडियम परिसर के भीतर किसी भी प्रकार के राजनीतिक, धार्मिक या व्यक्तिगत संदेश, बैनर और प्रचार की पूरी तरह से मनाही है। 'द एसोसिएटेड प्रेस' की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस हाई-रिस्क मैच की संवेदनशीलता को देखते हुए सेमीफाइनल की शुरुआत से पहले ही अर्जेंटीना के प्रशंसकों को स्टेडियम के भीतर फॉकलैंड के झंडे या कोई भी विवादित सामग्री ले जाने से पूरी तरह रोक दिया गया था, जिसकी पुष्टि खुद अर्जेंटीना की सुरक्षा मंत्री एलेजांद्रा मोंटेओलिवा ने की थी। इसके बावजूद सुरक्षा घेरे को तोड़कर मैदान के भीतर खिलाड़ियों तक यह बैनर कैसे पहुंचा, यह एक गंभीर सुरक्षा चूक है। 'द गार्जियन' की रिपोर्ट के मुताबिक, क्वार्टर फाइनल में स्विट्जरलैंड को हराने के बाद भी अर्जेंटीना के खिलाड़ियों को ड्रेसिंग रूम में 'माल्विनास' की आजादी और डिएगो माराडोना की याद में राजनीतिक नारे गाते हुए सुना गया था।आखिरी पलों में मेसी का जादुई पलटवार: इंग्लैंड की मजबूत दीवार को ढहाकर फाइनल में पहुंचे चैंपियनअगर मैच के रोमांच की बात करें, तो अर्जेंटीना एक समय पूरी तरह बैकफुट पर था और इंग्लैंड ने मैच पर अपनी मजबूत पकड़ बना रखी थी। खेल के 55वें मिनट में इंग्लैंड के आक्रामक फारवर्ड एंथनी गॉर्डन ने एक शानदार मैदानी गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी थी। जब ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड फाइनल का टिकट पक्का कर लेगा, तभी 85वें मिनट में स्टार मिडफील्डर एन्जो फर्नांडीज ने कप्तान लियोनेल मेसी के सटीक पास पर एक अविश्वसनीय लॉन्ग-रेंज स्ट्राइक की और गेंद को सीधे नेट में डालकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद मैच के एक्स्ट्रा टाइम (92वें मिनट) में लौटारो मार्टिनेज ने मेसी के एक और जादुई क्रॉस को शानदार हेडर के जरिए गोल में तब्दील कर अर्जेंटीना को 2-1 से एक ऐतिहासिक और चमत्कारी जीत दिला दी।रविवार को स्पेन से महामुकाबला: क्या मेसी दोबारा उठाएंगे विश्व कप की ट्रॉफी?इस यादगार सेमीफाइनल मैच की सबसे खास बात यह रही कि अर्जेंटीना की तरफ से दागे गए दोनों ही शानदार गोलों में महान कप्तान लियोनेल मेसी का जादुई असिस्ट शामिल रहा, जिसने साबित कर दिया कि 2026 में भी मेसी का जादू पूरी दुनिया पर सर चढ़कर बोल रहा है। इस शानदार जीत के बाद अब अर्जेंटीना की टीम रविवार 20 जुलाई 2026 को होने वाले फीफा वर्ल्ड कप के ग्रैंड फिनाले में 2010 की चैंपियन स्पेन की युवा और आक्रामक टीम से लोहा लेगी। पूरी दुनिया के फुटबॉल प्रेमियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या लियोनेल मेसी लगातार दूसरा फीफा विश्व कप खिताब जीतकर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का सबसे शानदार अंत कर पाएंगे, या फिर मैदान पर हुआ यह फॉकलैंड विवाद टीम के मनोबल को प्रभावित करेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 5:05 pm

MLC 2026 World Record Run Chase: स्मिथ और गौस ने वाशिंगटन फ्रीडम को जीत दिलाई, वर्ल्ड रिकॉर्ड रन चेज़ पूरा किया

मेजर लीग क्रिकेट (MLC 2026) के एलिमिनेटर मुकाबले में क्रिकेट जगत ने एक ऐसा ऐतिहासिक और रोंगटे खड़े कर देने वाला मंजर देखा, जिसने T20 क्रिकेट के इतिहास की सभी पुरानी किताबों को पलट कर रख दिया है। ओकलैंड कोलिज़ीयम के मैदान पर खेले गए इस महामुकाबले में वॉशिंगटन फ्रीडम और एमआई न्यूयॉर्क (MI New York) की टीमें आमने-सामने थीं। इस मैच को दुनिया के सबसे छोटे फॉर्मेट के सबसे रोमांचक और रिकॉर्ड-तोड़ मुकाबलों में से एक मान लिया गया है, जहां रनों की ऐसी सुनामी आई जिसने हर किसी को हैरान कर दिया।ओकलैंड का रनबाजार: निकोलस पूरन और कीरोन पोलार्ड की आक्रामक बैटिंग से MI न्यूयॉर्क का विशाल स्कोरमैच की शुरुआत में एमआई न्यूयॉर्क ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मैदान के चारों ओर चौकों और छक्कों की बरसात कर दी। सलामी बल्लेबाज मोनंक पटेल और क्विंटन डी कॉक भले ही बड़ी पारी खेलने से चूक गए हों, लेकिन इसके बाद क्रीज पर आए विस्फोटक बल्लेबाज निकोलस पूरन ने मैदान पर तबाही मचा दी। पूरन ने महज 33 गेंदों का सामना करते हुए ताबड़तोड़ 106* रनों की नाबाद शतकीय पारी खेली, जिसके दम पर टीम ने स्कोरबोर्ड पर रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया। उनका साथ देते हुए अनुभवी कीरोन पोलार्ड ने भी महज़ 25 गेंदों में 64 रनों की तेजतर्रार पारी खेली। एमआई न्यूयॉर्क ने पहली पारी में कुल 266 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो टी20 इतिहास के सबसे बड़े स्कोर में शुमार हो गया। इस पारी के दौरान एमआई न्यूयॉर्क के बल्लेबाजों ने कुल 29 छक्के जड़े, जो किसी भी टी20 पारी में किसी टीम द्वारा लगाए गए सबसे ज्यादा छक्कों का नया रिकॉर्ड है। पहली पारी के बाद हर किसी को यह लग रहा था कि वॉशिंगटन फ्रीडम के लिए इस लक्ष्य को छूना नामुमकिन होगा, लेकिन उन्हें इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि आगे क्या होने वाला है।स्टीव स्मिथ और एंड्रीज़ गौस का चमत्कारी तूफान: जब रनों के पहाड़ के सामने बौने पड़ गए गेंदबाज267 रनों के असंभव से दिखने वाले लक्ष्य का पीछा करने उतरी वॉशिंगटन फ्रीडम की शुरुआत बेहद खराब रही और पारी के शुरुआती ओवर में ही मिचेल ओवेन मात्र 1 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद क्रीज पर आए पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ और एंड्रीज़ गौस ने मोर्चा संभाला और मैच का नक्शा ही बदल दिया। अनुभवी स्टीव स्मिथ ने कप्तानी पारी खेलते हुए न्यूयॉर्क के गेंदबाजों के होश उड़ा दिए और 48 गेंदों में नाबाद 110* रनों की शानदार शतकीय पारी खेली, जिसमें 7 चौके और 9 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। उनका साथ निभाया एंड्रीज़ गौस ने, जिन्होंने मैदान के हर कोने में शॉट लगाते हुए मात्र 51 गेंदों में 132 रनों की ऐतिहासिक पारी खेल डाली। इन दोनों बल्लेबाजों की आंधी के आगे दुनिया का कोई भी गेंदबाज टिक नहीं सका।T20 क्रिकेट के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त: 51 छक्कों वाला मुकाबला और सबसे बड़ा सफल रन चेज़जब क्रिकेट पंडितों ने मान लिया था कि मैच पूरी तरह से हाथ से निकल चुका है, तब वॉशिंगटन फ्रीडम के बल्लेबाजों ने करिश्मा कर दिखाया। टीम ने नामुमकिन दिख रहे 267 रनों के इस पहाड़ जैसे लक्ष्य को मात्र 18.4 ओवर में ही हासिल कर लिया और 6 विकेट शेष रहते ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली। इस मैच में कुल 51 छक्के लगे, जो किसी भी टी20 मुकाबले में 50 से अधिक छक्के लगने का पहला और एकमात्र वर्ल्ड रिकॉर्ड है। यह T20 क्रिकेट के संपूर्ण इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन चेज़ भी बन गया है, जिससे वॉशिंगटन फ्रीडम का खिताब जीतने का सपना अभी भी जिंदा है। इस सनसनीखेज जीत के बाद अब वॉशिंगटन फ्रीडम का मुकाबला दूसरे एलिमिनेटर मैच में 17 जुलाई को सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स के खिलाफ होगा, जहां फैंस एक बार फिर रोमांचक मुकाबले की उम्मीद कर रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 5:03 pm

Shubman Gill Fitness Update: इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे ODI में कप्तान शुभमन गिल के खेलने पर सस्पेंस खत्म

भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही तीन मैचों की हाई-प्रोफाइल वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला वेल्स के कार्डिफ स्थित ऐतिहासिक सोफिया गार्डन्स (Sophia Gardens, Cardiff) मैदान पर खेला जाना है। लगातार सात मैचों की करारी हार के सिलसिले को तोड़ते हुए टीम इंडिया ने कप्तान शुभमन गिल (Shubman Gill) की अगुवाई में पहले वनडे में इंग्लैंड पर एक शानदार और धमाकेदार जीत दर्ज की थी। इस दूसरे मैच में मेहमान भारतीय टीम के पास सीरीज को अपने नाम कर इतिहास रचने का एक सुनहरा मौका होगा। लेकिन इस महामुकाबले से ठीक पहले करोड़ों क्रिकेट फैंस की नजरें कप्तान शुभमन गिल की फिटनेस और उनकी चोट की चिंताओं पर टिकी हुई थीं, जिस पर अब एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत देने वाला आधिकारिक अपडेट सामने आया है।बर्मिंघम थ्रिलर का फ्लैशबैक: जब 80 रनों की तूफानी पारी के बाद रिटायर्ड हर्ट हुए गिलबर्मिंघम में खेले गए सीरीज के पहले एकदिवसीय मैच में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर शानदार रणनीति के तहत इंग्लैंड को 6 विकेट से करारी शिकस्त दी थी। मेजबान इंग्लैंड के 258 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए कप्तान शुभमन गिल ने सामने से टीम का नेतृत्व किया और महज 26वें ओवर तक 80 रनों की आक्रामक पारी खेल डाली। हालांकि, इसी ओवर के दौरान गिल अचानक गंभीर शारीरिक ऐंठन (Cramps) से जूझते नजर आए और उन्हें मजबूरन 'रिटायर्ड हर्ट' होकर मैदान से बाहर जाना पड़ा। गिल के जाने के बाद ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल ने मोर्चा संभाला, दोनों ने बेहतरीन अर्धशतक जमाते हुए 109 रनों की अटूट साझेदारी की और भारत को 4 ओवर शेष रहते ही एक ऐतिहासिक जीत दिला दी।चोटों का पुराना इतिहास: जब-जब क्रैम्प और गर्दन की समस्या ने बढ़ाई भारतीय खेमे की धड़कनेंदाएं हाथ के इस होनहार ओपनिंग बल्लेबाज के लिए चोट और क्रैम्प्स की समस्या कोई नई बात नहीं है। इससे पहले साल 2023 के वनडे वर्ल्ड कप के हाई-वोल्टेज सेमीफाइनल मुकाबले में भी शुभमन गिल 79 रन के स्कोर पर गंभीर क्रैम्प्स के कारण रिटायर्ड हर्ट हो गए थे। इसके अलावा, गिल को करियर में लगातार गर्दन की चोट (Neck Injury) से भी जूझना पड़ा है। साल 2024 में इसी गर्दन की समस्या के कारण वह श्रीलंका के खिलाफ एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच और न्यूजीलैंड के खिलाफ एक महत्वपूर्ण टेस्ट मैच से बाहर हो गए थे। इसके बाद साल 2025 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान भी उनकी गर्दन की तकलीफ दोबारा उभर आई थी, जहां उन्हें फिर से रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा था। यही वजह थी कि पहले वनडे में उनके मैदान छोड़ने के बाद दूसरे वनडे में उनकी उपलब्धता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे।सोफिया गार्डन्स से राहत की खबर: दूसरे वनडे की प्लेइंग इलेवन में कप्तानी संभालेंगे शुभमन गिलभारतीय क्रिकेट प्रशंसकों और टीम प्रबंधन के लिए सोफिया गार्डन्स के खेल गलियारों से बेहद सकारात्मक रिपोर्ट आ रही है। सूत्रों और मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, शुभमन गिल की मांसपेशियों का खिंचाव अब पूरी तरह ठीक हो चुका है और वह पूरी तरह से फिट घोषित कर दिए गए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि वह न केवल प्लेइंग इलेवन (Playing XI) का हिस्सा होंगे, बल्कि इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज पर कब्जा करने के इरादे से मैदान पर भारतीय टीम की कप्तानी भी संभालेंगे। उनके फिट होने से भारतीय बल्लेबाजी क्रम की रीढ़ एक बार फिर बेहद मजबूत नजर आ रही है।अभिषेक नायर ने की विराट कोहली से तुलना: 'जुनूनी खिलाड़ी की तरह रन बना रहे हैं गिल'दूसरे वनडे मैच की पूर्व संध्या पर भारतीय टीम के पूर्व ऑलराउंडर और मौजूदा सपोर्ट स्टाफ के सदस्य अभिषेक नायर (Abhishek Nayar) ने कप्तान शुभमन गिल के मौजूदा शानदार फॉर्म पर खुलकर बात की। नायर ने गिल की तकनीकी श्रेष्ठता की जमकर तारीफ करते हुए उनके इस सुनहरे दौर (Purple Patch) की तुलना दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली (Virat Kohli) के शुरुआती अंतरराष्ट्रीय करियर के सालों से कर दी। नायर ने कहा, शुभमन गिल को क्रीज पर बल्लेबाजी करते देखकर मुझे विराट कोहली का वह शुरुआती दौर याद आ गया जब वे अपनी मर्जी से हर मैच में रन बनाते थे। गिल इस वक्त बिल्कुल परफेक्ट दिख रहे हैं। चाहे इंग्लैंड की तेज गेंदबाजी हो या सोफिया गार्डन्स की सीम लेती पिच, ऐसा बिल्कुल नहीं लगता कि वे किसी भी मोड़ पर संघर्ष कर रहे हैं। वे एक जुनूनी क्रिकेटर की तरह खेल रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 5:00 pm

Messi Magic in FIFA 2026: लियोनेल मेसी ने रचा इतिहास, इंग्लैंड को हराकर लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचा अर्जेंटीना

फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के दूसरे हाई-वोल्टेज सेमीफाइनल मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को एक बेहद रोमांचक और सांसें रोक देने वाले मैच में 1-2 से शिकस्त दे दी है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही तीन बार की विश्व चैंपियन अर्जेंटीना अब अपने चौथे सुनहरे खिताब से महज एक कदम दूर है। मैच के असली हीरो एक बार फिर सर्वकालिक महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी (Lionel Messi) साबित हुए, जिन्होंने अपने जादुई खेल की बदौलत मैच में दो टर्निंग असिस्ट देकर पासा पलट दिया। फाइनल का टिकट पक्का करने के तुरंत बाद, भावुक मेसी ने दुनिया भर में फैले अर्जेंटीना के करोड़ों फैंस के नाम एक बेहद दिल छू लेने वाला संदेश जारी किया है।यह टीम कभी निराश नहीं करेगी: मेसी ने कतर की यादें ताजा करते हुए फैंस को दिया खास संदेशइंग्लैंड पर मिली इस जादुई जीत के बाद पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन और मीडिया से बात करते हुए कप्तान लियोनेल मेसी काफी भावुक नजर आए। उन्होंने फैंस के अटूट विश्वास की सराहना करते हुए कहा, मैं अपने देश के हर एक प्रशंसक से आज ठीक वही बात कहना चाहता हूं जो मैंने 2022 में कतर वर्ल्ड कप के दौरान कही थी—इस ऐतिहासिक पल का पूरा आनंद लें (Enjoy it)। यह टीम आपके भरोसे को कभी टूटने नहीं देगी और आपको कभी निराश नहीं करेगी। यह पूरा वर्ल्ड कप अभियान हमारे लिए बेहद क्रेज़ी और भावनाओं से भरा रहा है। लगातार दूसरी बार विश्व कप के फाइनल में पहुंचना किसी अविश्वसनीय सपने जैसा है। भले ही यह मैदान पर खेला जाने वाला एक फुटबॉल मैच था, लेकिन जैसे ही राष्ट्रगान की धुन बजी, हम सभी खिलाड़ियों ने अपने भीतर एक अद्भुत और खास ऊर्जा महसूस की। यह सिर्फ एक और जीत नहीं है; अर्जेंटीना का हर नागरिक इसे पूरे दिल से चाहता था।अटलांटा स्टेडियम में थ्रिलर ड्रामा: इंग्लैंड की एक रणनीतिक चूक और अर्जेंटीना का ऐतिहासिक पलटवार16 जुलाई 2026 को अटलांटा के खचाखच भरे स्टेडियम में खेले गए इस दूसरे सेमीफाइनल मैच के पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली और कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं हो सकी। दूसरे हाफ में खेल ने करवट ली जब 55वें मिनट में इंग्लैंड के स्टार फारवर्ड एंथनी गॉर्डन ने एक शानदार फील्ड गोल दागकर अपनी टीम को 0-1 की बढ़त दिला दी। इस शुरुआती झटके के बाद इंग्लैंड की टीम ने आक्रामक खेल जारी रखने के बजाय पीछे हटकर रक्षात्मक (Defensive Mode) रणनीति अपनाई, जो अंततः उन पर भारी पड़ गई। मेसी की अगुवाई में अर्जेंटीना ने दबाव का फायदा उठाया और खेल के 85वें मिनट में एंजो फर्नांडीज ने मेसी के बेहतरीन पास पर गोल कर स्कोर 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया।92वें मिनट में लुटारो मार्टिनेज का विनिंग गोल: एक्स्ट्रा टाइम में टूटा इंग्लैंड का दिलमैच जब पेनल्टी शूटआउट की तरफ बढ़ता हुआ दिख रहा था, तभी इंजरी टाइम (92वें मिनट) में अर्जेंटीना के स्ट्राइकर लुटारो मार्टिनेज ने लियोनेल मेसी के एक और जादुई असिस्ट को गोल पोस्ट के भीतर भेजकर इतिहास रच दिया। इस विनिंग गोल के साथ ही अर्जेंटीना ने मुकाबला 1-2 से अपने नाम कर लिया। अब अर्जेंटीना की टीम 20 जुलाई 2026 को न्यूयॉर्क न्यू जर्सी के भव्य स्टेडियम में होने वाले महा-मुकाबले में 2010 की विश्व चैंपियन स्पेन (Spain) से भिड़ेगी। स्पेन इस वक्त अपने सबसे खतरनाक फॉर्म में चल रही है और उसने हाल ही में पुर्तगाल और फ्रांस जैसी दिग्गज टीमों को हराकर फाइनल में जगह बनाई है, जिससे फुटबॉल प्रेमियों को एक ऐतिहासिक फाइनल देखने को मिलने वाला है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 4:58 pm

ISRO में 100 से ज्यादा वैज्ञानिकों के इस्तीफों से हलचल, सरकार ने सख्त किए नियम, Gaganyaan Mission से जुड़े कर्मियों पर विशेष फोकस

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में हाल के महीनों में 100 से अधिक वैज्ञानिकों के इस्तीफा देने की खबरों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विशेष रूप से गगनयान (Gaganyaan) और अन्य महत्वपूर्ण अंतरिक्ष मिशनों से ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 4:48 pm

बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लगेगा ताला! बिना माता-पिता की इजाजत नहीं खुलेगा खाता

डिजिटल युग में बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर सोशल मीडिया के बढ़ते दुष्प्रभावों को देखते हुए भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में एक बड़ा और सख्त कदम उठाया जा रहा है। पाकिस्तान के सबसे बड़े और प्रभावशली पंजाब प्रांत की विधानसभा में एक ऐसा अभूतपूर्व प्रस्ताव पेश किया गया है, जो अगर कानून में बदलता है तो 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चे अपने माता-पिता या कानूनी अभिभावकों की लिखित अनुमति के बिना किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपना अकाउंट नहीं खोल पाएंगे। इस कदम के बाद अब पड़ोसी देश में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और डिजिटल लत को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।इस्तेहकाम-ए-पाकिस्तान पार्टी (IPP) की विधायक का मास्टरस्ट्रोक: सारा अहमद ने पेश किया देश का पहला अनोखा प्रस्तावपंजाब विधानसभा में यह ऐतिहासिक और अपनी तरह का पहला अनूठा प्रस्ताव सत्तारूढ़ गठबंधन की प्रमुख सहयोगी पार्टी 'इस्तेहकाम-ए-पाकिस्तान पार्टी' (IPP) की विधायक सारा अहमद द्वारा मंगलवार 14 जुलाई 2026 को पेश किया गया। सारा अहमद, जो पंजाब बाल संरक्षण ब्यूरो (Punjab Child Protection Bureau) की अध्यक्ष भी हैं, उन्होंने बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा का हवाला देते हुए इस प्रस्ताव को पटल पर रखा। सारा अहमद ने प्रांतीय सरकार से न केवल अपने राज्य में इसे लागू करने की मांग की है, बल्कि प्रांतीय प्रशासन के जरिए देश की संघीय (केंद्र) सरकार से भी पूरे पाकिस्तान में बच्चों के लिए समान रूप से डिजिटल सुरक्षा कानून बनाने की पुरजोर सिफारिश की है।क्यों पड़ी इस कड़े कानून की जरूरत? साइबर उत्पीड़न और डिजिटल एडिक्शन से बचाने की राज्य की नैतिक जिम्मेदारीप्रस्ताव के मसौदे में इस बात को बेहद गंभीरता से रेखांकित किया गया है कि देश के बच्चों का शारीरिक, मानसिक, मनोवैज्ञानिक और नैतिक विकास सुनिश्चित करना किसी भी कल्याणकारी राज्य की संवैधानिक और नैतिक जिम्मेदारी है। आधुनिक समय में सोशल मीडिया तक बच्चों की अनियंत्रित और अनियंत्रित पहुंच के कारण वे लगातार साइबर बुलिंग (Cyber Bullying), ऑनलाइन यौन शोषण, अनुचित एवं अश्लील सामग्री, भारी मानसिक तनाव, गंभीर अवसाद और खतरनाक डिजिटल एडिक्शन (Digital Addiction) का शिकार हो रहे हैं। इन बढ़ते खतरों को रोकने के लिए सिर्फ पारिवारिक समझ नहीं, बल्कि एक मजबूत और प्रभावी कानूनी संरक्षण चक्र की तत्काल आवश्यकता है।पीटीए (PTA) से सख्त ऐज वेरिफिकेशन की मांग: सोशल मीडिया कंपनियों को लागू करना होगा कड़ा सुरक्षा तंत्रइस नए कानून के प्रस्ताव में सिर्फ प्रतिबंध लगाने की बात नहीं की गई है, बल्कि इसे धरातल पर कड़ाई से लागू करने के लिए एक तकनीकी ढांचा तैयार करने की भी मांग की गई है। प्रस्ताव के अनुसार, पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण (PTA - Pakistan Telecommunication Authority) को देश में संचालित होने वाले सभी वैश्विक सोशल मीडिया दिग्गजों (जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक और एक्स) के लिए एक बेहद प्रभावी और अनिवार्य ऐज वेरिफिकेशन सिस्टम (Age Verification System) लागू करना होगा। इस मजबूत तकनीकी फिल्टर के लागू होने के बाद ही यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि कोई भी कम उम्र का बच्चा अपनी सही उम्र छुपाकर या फर्जी प्रोफाइल बनाकर इन प्लेटफॉर्म्स का गलत इस्तेमाल न कर सके।वैश्विक स्तर पर बढ़ रहा है बच्चों पर पहरा: ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ की तर्ज पर तैयारीपाकिस्तान के पंजाब प्रांत में आया यह प्रस्ताव किसी एक देश की सोच नहीं है, बल्कि वर्तमान में पूरी दुनिया की सरकारें बच्चों के ऑनलाइन व्यवहार को लेकर बेहद गंभीर हो चुकी हैं। चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक शोधों में लगातार यह साबित हो रहा है कि अत्यधिक सोशल मीडिया का उपयोग बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह बर्बाद कर रहा है। इसी के मद्देनजर हाल ही में ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ (EU) के कई सदस्य देशों ने अपने यहां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स तक बच्चों की पहुंच को सीमित करने के लिए सख्त आयु-आधारित प्रतिबंध और कानून लागू किए हैं। इसी राह पर चलते हुए अब पड़ोसी देश भी बच्चों के सुनहरे और सुरक्षित भविष्य के लिए इस कड़े नियमन की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 4:37 pm

Nepal Political Crisis: जेन-जी आइकॉन से 'नेपाली हिटलर' बनने का सफर? नेपाल के पीएम बालेन शाह पर संसद में बरसे महंथ ठाकुर

नेपाल के राजनीतिक गलियारों में इस वक्त एक नया और बेहद आक्रामक वैचारिक मोड़ देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया और युवा पीढ़ी (Gen-Z) के अभूतपूर्व समर्थन के दम पर पारंपरिक राजनीतिक दलों को पछाड़कर सत्ता के केंद्र में स्थापित हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह (Balen Shah) की शासन शैली अब गंभीर विवादों के घेरे में आ गई है। नेपाल की संसद की उच्च सदन यानी नेशनल असेंबली (National Assembly) में बुधवार 15 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री के खिलाफ विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल दिया। जनता समाजवादी पार्टी (JSP) के कद्दावर नेता और वरिष्ठ सांसद महंथ ठाकुर ने सदन के भीतर प्रधानमंत्री बालेन शाह की तुलना सीधे दुनिया के सबसे क्रूर तानाशाह एडॉल्फ हिटलर से करते हुए देश में तानाशाही शासन व्यवस्था थोपने का गंभीर आरोप मढ़ दिया है।नेपाली हिटलर बन चुके हैं पीएम: महंथ ठाकुर ने संसद में दागे तीखे सियासी बाणसंसद की रणनीतिक बैठक के दौरान महंथ ठाकुर ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए बालेन शाह के नेतृत्व वाले पूरे प्रशासनिक तंत्र को अक्षम, दिशाहीन और पूरी तरह विफल करार दिया। उन्होंने स्पीकर के सामने जोर देते हुए कहा, आज हम देश के मुखिया को किस नाम से पुकारें? क्या उन्हें नेपाली तानाशाह कहा जाए या फिर नेपाली हिटलर? वे वास्तव में नेपाल के हिटलर बन चुके हैं। उनके मुंह से निकला हर शब्द परम सत्य मान लिया जाता है और उनका हर मनमाना आदेश देश का कानून बन जाता है। इस निरंकुश रवैये के कारण आज पूरा नेपाल तबाही और प्रशासनिक अराजकता के मुहाने पर जाकर खड़ा हो गया है। ठाकुर ने आरोप लगाया कि यह सरकार पूरी तरह निष्क्रिय हो चुकी है और इसमें जनता को दिए गए लोक-लुभावन आश्वासनों को धरातल पर उतारने की कोई राजनीतिक प्रतिबद्धता नहीं बची है, जिससे देश के युवाओं में हताशा बढ़ रही है।प्रशासनिक तंत्र और संस्थाओं पर हमला: राजनीतिक दलों के दफ्तरों में तोड़फोड़ का आरोपविपक्षी नेताओं ने सरकार पर लोकतांत्रिक ढांचे को जानबूझकर ध्वस्त करने का एक बड़ा और संगठित आरोप लगाया है। संसद में दी गई दलीलों के अनुसार, बालेन शाह के प्रशासन ने स्थापित कर्मचारी तंत्र को डराने के लिए अधिकारियों को उनके संवैधानिक पदों से बिना किसी ठोस कानूनी आधार के मनमाने ढंग से हटाना शुरू कर दिया है, जिसके कारण काठमांडू सहित कई हिस्सों में प्रशासनिक स्तर पर भारी विरोध-प्रदर्शन भड़क उठे हैं। यही नहीं, महंथ ठाकुर ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा सत्ता के इशारे पर स्थापित राजनीतिक दलों के प्रांतीय कार्यालयों में जबरन हस्तक्षेप किया जा रहा है, वहां के फर्नीचर सरेआम जलाए जा रहे हैं और लोकतांत्रिक संगठनों को पूरी तरह प्रतिबंधित करने का प्रयास किया जा रहा है क्योंकि यह सरकार संगठित ट्रेड यूनियनों और छात्र संगठनों की वैचारिक ताकत का सामना करने की हिम्मत नहीं रखती।शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में हाहाकार: कठोर नीतियों से निजी क्षेत्र में भारी असंतोषनेपाल के बुनियादी सामाजिक ढांचे का विशेष उल्लेख करते हुए वरिष्ठ सांसद ने चेतावनी दी कि बोर्डिंग स्कूलों (निजी शिक्षण संस्थानों) और नर्सिंग होम के प्रति सरकार का अत्यधिक आक्रामक और कठोर दृष्टिकोण देश के विकास चक्र को पूरी तरह रोक देगा। उन्होंने तार्किक रूप से स्पष्ट किया कि नेपाल जैसा विकासशील देश अपनी पूरी आबादी को केवल सरकारी सहायता और सीमित बजट के भरोसे विश्वस्तरीय शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं नहीं दे सकता; इसके लिए निजी निवेश और कॉर्पोरेट क्षेत्र का सक्रिय सहयोग अनिवार्य है। सरकार की दमनकारी नीतियों के कारण लाखों होनहार छात्रों, पेशेवर शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों का भविष्य पूरी तरह से अंधकार में डूबता नजर आ रहा है, जो अंततः देश की आर्थिक रीढ़ को और कमजोर कर देगा।लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की मांग: गलत दिशा में जा रहा है हिमालयी राष्ट्रअपने संसदीय संबोधन के समापन सत्र में महंथ ठाकुर ने वैश्विक बिरादरी और देश की न्यायपालिका का ध्यान आकर्षित करते हुए चेतावनी दी कि बालेन शाह की यह स्वेच्छाचारी शासन शैली नेपाल को एक बेहद खतरनाक और आत्मघाती रास्ते पर ले जा रही है। उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को दरकिनार करने और देश की पुरानी सार्वजनिक संस्थाओं को लगातार कमजोर करने की सरकारी नीतियों की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा की। इस बड़े संसदीय टकराव के बाद अब काठमांडू की सड़कों पर बालेन शाह के समर्थक युवाओं और पारंपरिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच वैचारिक जंग और तेज होने की संभावना है, जिस पर भारत सहित पूरे दक्षिण एशिया के राजनयिकों की पैनी नजर बनी हुई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 4:36 pm

US-Iran War: तेहरान के बीचों-बीच लगा ट्रंप की मौत वाला खौफनाक बिलबोर्ड; काले ताबूत में मृत दिखाकर ईरान ने दी खुली धमकी

मध्य पूर्व (Middle East) में जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच अमेरिका और ईरान के संबंध अब तक के सबसे खतरनाक और हिंसक दौर में पहुंच चुके हैं। युद्ध की विभीषिका के बीच ईरान की राजधानी तेहरान से एक ऐसी सनसनीखेज तस्वीर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया के नीति-नियंताओं और खुफिया एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया है। तेहरान के सबसे व्यस्त और मशहूर एंगेलाब चौराहे (Enghelab Square) पर एक विशालकाय आधिकारिक बिलबोर्ड लगाया गया है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक काले रंग के ताबूत में मृत अवस्था में लेटे हुए दिखाया गया है। इस विवादित होर्डिंग के जरिए ईरान ने सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति को जान से मारने की खौफनाक धमकी दी है, जिससे दोनों परमाणु-सम्पन्न और सैन्य महाशक्तियों के बीच जारी जंग के और ज्यादा भड़कने के आसार पैदा हो गए हैं।बिलबोर्ड की इनसाइड स्टोरी: बंद आंखें, लाल टाई और 'मिनाब स्कूल' के नरसंहार का बदलाईरान की अर्ध-सरकारी मीडिया द्वारा जारी की गई ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, इस विशालकाय प्रोपेगैंडा बिलबोर्ड में डोनाल्ड ट्रंप की आंखें और मुंह पूरी तरह बंद दिखाए गए हैं। ताबूत के भीतर उनकी पहचान बन चुकी प्रसिद्ध लाल टाई के ऊपर उनके दोनों हाथ मुड़े हुए हैं और पैर हवा में लटके नजर आ रहे हैं। इस ग्राफिक तस्वीर के ठीक नीचे अंग्रेजी और फारसी (Persian) भाषाओं में साफ शब्दों में लिखा गया है— 'हम ट्रंप को मारेंगे'। इसके साथ ही होर्डिंग पर 'मिनाब की याद में' (In memory of Minab) अंकित है। रणनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सीधा संकेत हाल ही में अमेरिकी और इजरायली संयुक्त हवाई हमलों में तबाह हुए 'मिनाब स्कूल' की ओर है, जिसमें कई बेकसूर ईरानी बच्चों की मौत हो गई थी, और ईरान अब इसे एक व्यक्तिगत मोर्चे के रूप में देख रहा है।युद्ध का दैनिक चक्र: रात में अमेरिका की बमबारी, सुबह ईरान का बारूदी पलटवारयह खौफनाक बिलबोर्ड ऐसे नाजुक समय में सामने आया है जब दोनों देशों के बीच पूर्णकालिक युद्ध (US-Iran War 2026) छिड़ चुका है। इस इलाके में जंग का एक बेहद खतरनाक दैनिक चक्र स्थापित हो चुका है; अमेरिकी वायुसेना हर रात ईरान के रणनीतिक और सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी करती है, तो सुबह होते-होते ईरान और उसके समर्थित लड़ाके पलटवार करते हुए खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइलें दाग देते हैं। इस बारूदी संघर्ष के कारण दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक जलमार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) एक बार फिर पूरी तरह से ठप और धुआं-धुआं हो चुका है। ईरान ने इस समुद्री रास्ते की सख्त नाकेबंदी कर दी है, जिसके जवाब में अमेरिकी नौसेना ने भी जवाबी घेराबंदी कर दी है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पूरी तरह चरमरा गया है।'डेथ टू ट्रंप' के नारों से गूंजा तेहरान: खामेनेई के अंतिम संस्कार में भड़की थी आगईरान में अमेरिकी नेतृत्व के खिलाफ नफरत की यह आग हाल ही में और ज्यादा भड़क गई थी। इसी साल 28 फरवरी को दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद, भीषण युद्ध के चलते उनके अंतिम संस्कार को टाल दिया गया था। जुलाई 2026 के पहले हफ्ते में जब कड़ी सुरक्षा के बीच उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ, तो वहां उमड़े लाखों लोगों के सैलाब ने 'डेथ टू अमेरिका' (Death to America) और 'डेथ टू ट्रंप' के गगनभेदी नारे लगाए थे। ईरान का कट्टरपंथी धड़ा और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) अपने शीर्ष नेताओं और बच्चों की मौत का सीधा जिम्मेदार सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक नीतियों को मान रहे हैं।डोनाल्ड ट्रंप की दोटूक चेतावनी: अगर मुझे कुछ हुआ, तो हजारों मिसाइलें ईरान को दुनिया के नक्शे से मिटा देंगीईरान की तरफ से लगातार मिल रही इन हत्या की धमकियों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बेहद सख्त और आक्रामक रुख अख्तियार किया है। व्हाइट हाउस से जारी एक बयान में ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वह ईरान के किसी भी आत्मघाती या खुफिया प्रयास से डरने वाले नहीं हैं और अमेरिकी सेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए चौबीसों घंटे तैयार है। ट्रंप ने सुरक्षा कैबिनेट की बैठक का हवाला देते हुए कहा, मैंने अपनी सैन्य कमान और शीर्ष नेतृत्व को पहले ही स्पष्ट लिखित आदेश दे दिए हैं कि अगर किसी भी ईरानी हमले में मेरी जान जाती है, तो उसके तुरंत बाद क्या कार्रवाई करनी है। हमारी हजारों अत्याधुनिक मिसाइलें पहले से ही ईरान के ठिकानों पर लॉक हैं; अगर अमेरिका के राष्ट्रपति को खरोंच भी आई, तो ईरान को पूरी तरह तबाह कर दुनिया के नक्शे से मिटा दिया जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 4:34 pm

Balochistan Declares Independence: बलूचिस्तान के आजादी के दावे से भारत के सामने आया बड़ा धर्मसंकट

दक्षिण एशिया के भू-राजनीतिक मंच पर इस वक्त का सबसे बड़ा और संवेदनशील घटनाक्रम सामने आ रहा है। पाकिस्तान के सबसे बड़े, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण और लंबे समय से अशांत प्रांत बलूचिस्तान ने खुद को पाकिस्तान से पूरी तरह आजाद करने और एक नए संप्रभु राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का एकतरफा ऐलान कर दिया है। खुद को बलोच आंदोलन का प्रतिनिधि बताने वाले मीर यार बलूच द्वारा सोशल मीडिया (X) पर किए गए इस अप्रत्याशित दावे ने इस्लामाबाद प्रशासन के पैरों तले जमीन खिसका दी है। हालांकि, पाकिस्तान सरकार या अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा इस दावे की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है, लेकिन बलूच प्रतिनिधियों द्वारा वैश्विक स्तर पर और विशेषकर भारत से मांगी गई कूटनीतिक मदद ने नई दिल्ली को एक अभूतपूर्व त्रिकोणीय धर्मसंकट में डाल दिया है।85 फीसदी इलाके पर नियंत्रण का दावा: नई मुद्रा 'बलूची फालुस' और राष्ट्रगान भी जारीसोशल मीडिया पर वायरल हो रहे आधिकारिक बलोच दस्तावेजों और घोषणाओं के अनुसार, स्वयंभू 'रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान' की रक्षा और सुरक्षा बलों ने प्रांत के लगभग 85 प्रतिशत भूभाग पर अपना पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने का दावा किया है। मीर यार बलूच के मुताबिक, इस नए देश ने अपना नया राष्ट्रीय ध्वज और शासन प्रणाली तैयार करने के साथ-साथ अपना आधिकारिक राष्ट्रगान 'मा चुकेन बलोचानी' भी अपना लिया है। यही नहीं, आर्थिक स्वतंत्रता के प्रतीक के रूप में उन्होंने अपनी नई राष्ट्रीय मुद्रा 'बलूची फालुस' को भी बाजार में उतारने का ऐलान किया है। बलोच प्रशासन का दावा है कि पाकिस्तानी सेना के जुल्मों से तंग आकर उनके कई स्थानीय कर्मियों ने इस्तीफा दे दिया है और अब लगभग 5 लाख कर्मियों की एक बड़ी फौज साल 2026 के अंत तक पाकिस्तानी सेना को इस क्षेत्र से पूरी तरह खदेड़ने के लिए तैयार है।प्राकृतिक संसाधनों और माइंस पर कब्जे का दावा: CPEC और चीनी शोषण के खिलाफ फूटा गुस्साइस ऐतिहासिक बगावत और स्वतंत्रता आंदोलन की सबसे बड़ी वजह इस क्षेत्र के समृद्ध प्राकृतिक संसाधन और उन पर चीन-पाकिस्तान का कथित अवैध कब्जा है। बलूचिस्तान का यह पूरा इलाका दुनिया के सबसे समृद्ध सोने, चांदी, हीरे और तांबे की खदानों के साथ-साथ विशाल गैस क्षेत्रों से भरा हुआ है। स्थानीय बलोच नागरिकों का आरोप है कि अरबों डॉलर की 'चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा' (CPEC) परियोजना और ओमान की खाड़ी के पास स्थित ग्वादर गहरे समुद्र के बंदरगाह (Gwadar Port) के जरिए बीजिंग और इस्लामाबाद मिलकर उनके संसाधनों का बेरहमी से शोषण कर रहे हैं, जबकि वहां की मूल जनता आज भी अत्यधिक गरीबी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जीने को मजबूर है। बलूच विद्रोहियों का दावा है कि उन्होंने अब इन सभी रणनीतिक खदानों और गैस क्षेत्रों को अपने सीधे नियंत्रण में ले लिया है।भारत से बलूचों की विशेष भावुक अपील: हमें पाकिस्तान का हिस्सा कहना बंद करेंइस पूरे घटनाक्रम का सबसे संवेदनशील पहलू भारत से जुड़ा हुआ है। बलूचिस्तान के शीर्ष प्रतिनिधियों ने भारतीय मीडिया, बुद्धिजीवियों और आम नागरिकों से एक बेहद भावुक और कड़क अपील की है। उन्होंने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बलोच लोगों को पाकिस्तान के अपने लोग या पाकिस्तान का आंतरिक हिस्सा कहना तुरंत बंद किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नस्लीय, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से बलोच और पाकिस्तानी (विशेषकर बहुसंख्यक पंजाबी समुदाय) पूरी तरह अलग हैं। बलूच प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि वे दशकों से पाकिस्तानी सेना द्वारा किए जा रहे बर्बर हवाई हमलों, जबरन गायब किए जाने (Forced Disappearances) और मानवाधिकारों के घोर हनन का शिकार होते आ रहे हैं और अब वे किसी भी कीमत पर पाकिस्तान के साथ नहीं रहेंगे।भारतीय विदेश नीति की त्रिकोणीय अग्निपरीक्षा: तीन मोर्चों पर फंसा कूटनीतिक पेंचबलूचिस्तान ने भारत से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता मांगी है। यह स्थिति नई दिल्ली के लिए किसी लिटमस टेस्ट से कम नहीं है, क्योंकि यहां लिया गया एक भी कदम भारत को तीन तरफा कूटनीतिक संकट में डाल सकता है:पाकिस्तान को नैरेटिव गढ़ने का मौका: यदि भारत बलूचिस्तान को एक अलग देश के रूप में मान्यता देता है, तो इसे पाकिस्तान को तोड़ने के प्रयास के रूप में देखा जाएगा। इससे इस्लामाबाद को संयुक्त राष्ट्र (UN) जैसे वैश्विक मंचों पर भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय नैरेटिव गढ़ने और कश्मीर के आंतरिक मामले में नई दिल्ली पर हस्तक्षेप का पलटवार करने का सीधा बहाना मिल जाएगा।चीन के साथ सीधे टकराव का खतरा: बलूचिस्तान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बेहद महत्वाकांक्षी 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव' (BRI) और सीपेक (CPEC) का दिल है। वहां चीन एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और भारी खनन परियोजनाओं में शामिल है। भारत द्वारा बलूच स्वतंत्रता का समर्थन करने से भारत-चीन सीमा और रणनीतिक संबंधों में तनाव का एक बेहद खतरनाक और नया दौर शुरू हो सकता है।ईरान के साथ रणनीतिक संबंधों में कड़वाहट: बलूच आबादी का एक बड़ा हिस्सा पड़ोसी देश ईरान में भी रहता है, और तेहरान ने हमेशा बलोच अलगाववाद को किसी भी बाहरी समर्थन के खिलाफ सख्त चेतावनी दी है। भारत के रणनीतिक हित ईरान के चाबहार बंदरगाह (Chabahar Port) से सीधे जुड़े हैं, जो मध्य एशिया का प्रवेश द्वार है। ऐसे में ईरान को नाराज करना भारत के आर्थिक और भू-राजनीतिक हितों के लिए बहुत बड़ा जोखिम होगा।क्षेत्रीय स्थिरता और आतंकवाद की गहरी पैठ वाले इस अशांत इलाके में बलूचिस्तान के इस कदम ने पूरी दुनिया के नीति-नियंताओं को अलर्ट मोड पर ला दिया है, और अब देखना होगा कि भारतीय विदेश मंत्रालय इस बेहद पेचीदा अंतरराष्ट्रीय संकट पर क्या रुख अख्तियार करता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 4:32 pm

राजस्थान के स्कूल में शर्मनाक वाकया: शिक्षिका के पैसे चोरी होने के शक में उतरवाए छात्राओं के कपड़े, विभाग का कड़ा एक्शन

राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में स्कूल के अंदर छात्राओं के कपड़े उतरवाने के आरोप लगे हैं। बताया गया कि स्कूल में एक शिक्षिका के रुपए गुम होने पर कथित रूप से छात्राओं के कपड़े उतराए गए। इस घटना से ग्रामीण और अभिभावक आक्रोशित हैं। हालांकि, मामला सामने आने के बाद भरतपुर मंडल के संयुक्त निदेशक ने शिक्षिका को निलंबित कर दिया, जबकि एक शिक्षिका को कार्यमुक्त किया गया है।

देशबन्धु 16 Jul 2026 4:31 pm

बेंगलुरु में डिलीवरी बॉयज को चालान से मिली मुक्ति, लेकिन ट्रैफिक नियम तोड़ा तो भुगतनी होगी 4 घंटे की यह अनोखी सजा

भारत की सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले बेंगलुरु शहर से एक बेहद चौंकाने वाला और क्रांतिकारी प्रशासनिक फैसला सामने आया है। विभिन्न फूड और क्विक-कॉमर्स डिलीवरी ऐप्स (Delivery Apps) के लिए काम करने वाले हजारों गिग वर्कर्स (Gig Workers) को बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने एक बड़ी राहत देते हुए चालान (Fine) की पारंपरिक व्यवस्था से मुक्त कर दिया है। हालांकि, इसे किसी भी तरह की खुली छूट नहीं समझा जाना चाहिए; बल्कि पुलिस ने इसकी जगह एक ऐसा अनोखा मनोवैज्ञानिक और व्यावहारिक तरीका अपनाया है, जो इन डिलीवरी पार्टनर्स को सड़कों पर लापरवाही बरतने से पूरी तरह रोक देगा।4 घंटे का अनिवार्य लेक्चर: चालान के पैसों से ज्यादा कीमती समय की होगी सजाबेंगलुरु के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर एमएन कार्तिक रेड्डी (MN Anucheth / Kartik Reddy) द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, शहर के सभी 53 ट्रैफिक पुलिस थानों में इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। अब से यदि कोई भी डिलीवरी बॉय सिग्नल जंप करता है, रॉन्ग साइड गाड़ी चलाता है या रैश ड्राइविंग करता पकड़ा जाता है, तो पुलिस उस पर कोई नकद जुर्माना नहीं ठोकेगी। इसके बजाय, पकड़े गए राइडर को सीधे थाने ले जाया जाएगा, जहां उसे पूरे 4 घंटे की एक अनिवार्य क्लास (Traffic Rules Lecture) अटेंड करनी होगी। इस विशेष सत्र में उन्हें सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों और मानवीय जीवन के महत्व के बारे में विस्तार से शिक्षित किया जाएगा। पुलिस का मानना है कि जल्दी डिलीवरी करने के चक्कर में समय बचाने वाले इन राइडर्स के लिए 4 घंटे का नुकसान किसी भी आर्थिक जुर्माने से कहीं ज्यादा बड़ा सबक साबित होगा, क्योंकि इस दौरान वे एक भी ऑर्डर डिलीवर नहीं कर पाएंगे।3 दिन में 4,000 मामले दर्ज: छोटे शहरों से आए युवाओं पर भारी पड़ता था भारी-भरकम फाइनट्रैफिक पुलिस के शीर्ष अधिकारियों ने इस कड़े फैसले के पीछे के सामाजिक और आर्थिक पहलुओं को भी उजागर किया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो बेंगलुरु की व्यस्त सड़कों पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने में डिलीवरी ऐप्स से जुड़े राइडर्स सबसे आगे पाए गए हैं, जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले महज तीन दिनों के भीतर शहर में ऐसे करीब 4,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, इन ऐप्स में काम करने वाले अधिकांश युवा देश के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों से आकर सिर्फ आजीविका कमाने के लिए दिन-रात एक करते हैं। ऐसे में उन पर बार-बार भारी-भरकम आर्थिक जुर्माना लगाना उनकी रीढ़ तोड़ने जैसा था और इससे समस्या का कोई स्थायी समाधान भी नहीं निकल रहा था। इस नई व्यवस्था से उन पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव नहीं पड़ेगा, लेकिन समय गंवाने का डर उन्हें नियमों का पालन करने के लिए मजबूर करेगा।यूलू (Yulu) बाइक का लूपहोल: बिना लाइसेंस और नंबर प्लेट वाले राइडर्स पर पुलिस का नया शिकंजाइस विशेष नीति को तैयार करने के पीछे एक बहुत बड़ा तकनीकी कारण भी छिपा है। इन दिनों बेंगलुरु में अधिकांश डिलीवरी बॉयज किराए पर मिलने वाली बेहद लोकप्रिय इलेक्ट्रिक 'यूलू बाइक' (Yulu Electric Bikes) का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं। इन कम गति वाले दोपहिया वाहनों को चलाने के लिए किसी भी प्रकार के वैध ड्राइविंग लाइसेंस (DL) की आवश्यकता नहीं होती और न ही इन पर पारंपरिक कमर्शियल नंबर प्लेट लगी होती है। समय सीमा के भीतर पार्सल पहुंचाने के दबाव में यूलू राइडर्स अक्सर फुटपाथ पर गाड़ी चढ़ा देते हैं या ट्रैफिक सिग्नल की परवाह नहीं करते। नंबर प्लेट और लाइसेंस न होने की वजह से डिजिटल कैमरों के जरिए इन पर ऑनलाइन ई-चालान (E-Challan) जारी करना तकनीकी रूप से असंभव हो जाता था। इसी कानूनी लूपहोल को बंद करने के लिए अब पुलिस इन्हें ऑन-स्पॉट पकड़कर सीधे 4 घंटे के लेक्चर रूम में बिठाने जा रही है, जिससे बेंगलुरु की सड़कों पर चलने वाले आम राहगीरों की सुरक्षा काफी हद तक सुनिश्चित हो सकेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 4:27 pm

भारत में दौड़ेगी 100% प्रदूषण-मुक्त 'पानी वाली ट्रेन'; पीएम मोदी हरियाणा में देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन को दिखाएंगे हरी झंडी

भारतीय रेलवे के गौरवशाली इतिहास में 17 जुलाई 2026 का दिन एक बड़े और क्रांतिकारी युग की शुरुआत करने जा रहा है। देश की पहली 100 प्रतिशत स्वदेशी तकनीक से निर्मित हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन (Hydrogen-Powered Train) हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच पटरियों पर दौड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बहुप्रतीक्षित और ऐतिहासिक ट्रेन को वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह अभूतपूर्व कदम न केवल भारतीय रेल का कायाकल्प करेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर शून्य-कार्बन उत्सर्जन (Net-Zero Carbon Emission) के क्षेत्र में भारत को सबसे अगली कतार में लाकर खड़ा कर देगा।ट्रेन की मुख्य विशेषताएं और बेजोड़ क्षमता: ICF चेन्नई का एक और नायाब शाहकारपूरी तरह से 'मेक इन इंडिया' (Make in India) मिशन के तहत तैयार की गई इस ग्रीन ट्रेन को चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) के इंजीनियरों ने विकसित किया है। यह ब्रॉड गेज प्लेटफॉर्म पर संचालित होने वाली दुनिया की सबसे लंबी और सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन है। इस आधुनिक ट्रेन की तकनीकी क्षमताएं इस प्रकार हैं:विशाल यात्री क्षमता: यह 10 कोच वाली एक डेमू (DEMU) स्टाइल ट्रेन है, जिसमें 682 बैठने की सीटों सहित एक बार में लगभग 2,600 यात्री आसानी से सफर कर सकेंगे।पावरफुल इंजन ग्रिड: इस ट्रेन में 1200 kW की दो ड्राइविंग पावर कार (DPC) लगाई गई हैं, जो संयुक्त रूप से इसे 2400 kW की बेजोड़ शक्ति प्रदान करती हैं।रफ्तार की सीमा: हालांकि बेहद जटिल और सफल सुरक्षा ट्रायल्स के दौरान इस ट्रेन ने 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार दर्ज की थी, लेकिन नियमित वाणिज्यिक संचालन के दौरान यात्रियों की सुरक्षा हेतु इसे 75 किमी प्रति घंटा की नियंत्रित गति से ट्रैक पर दौड़ाया जाएगा।जींद-सोनीपत रूट और टाइम टेबल: मात्र 5 रुपये में शुरू होगा देश का सबसे हाई-टेक सफरउत्तर रेलवे के दिल्ली डिवीजन के अंतर्गत आने वाले 89 किलोमीटर लंबे जींद-सोनीपत रेलवे सेक्शन को इस ऐतिहासिक पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है। स्थानीय यात्रियों को ध्यान में रखते हुए इसका किराया और समय सारणी बेहद आकर्षक रखी गई है:यात्रा का विवरणआधिकारिक जानकारी एवं शेड्यूलट्रेन नंबर (अप / डाउन)74010 (जींद से सोनीपत) / 74009 (सोनीपत से जींद)प्रस्थान का समयप्रतिदिन सुबह 07:40 बजे (जींद रेलवे स्टेशन से)आगमन का समयप्रतिदिन सुबह 09:40 बजे (सोनीपत रेलवे स्टेशन)प्रमुख ठहराव (स्टॉपेज)रास्ते में पांडू पिंडारा और गोहाना सहित 12-13 छोटे स्टेशनों पर हॉल्टटिकट की दरें (किराया)आम पैसेंजर ट्रेनों के बराबर (न्यूनतम ₹5 से अधिकतम ₹25 के बीच)कैसे काम करती है हाइड्रोजन ट्रेन? प्रदूषण की जगह साइलेंसर से निकलेगा शुद्ध पानी और भापपारंपरिक डीजल इंजन जहां भारी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर और पीएम 2.5 जैसे जहरीले कण वातावरण में छोड़ते हैं, वहीं यह नई ट्रेन 'हाइड्रोजन फ्यूल सेल' (Hydrogen Fuel Cell Technology) नामक अत्याधुनिक तकनीक पर काम करती है। ट्रेन की छत पर लगे विशेष फ्यूल सेल के भीतर स्टोर की गई हाइड्रोजन गैस और वायुमंडल की ऑक्सीजन के बीच एक नियंत्रित रासायनिक अभिक्रिया (Chemical Reaction) कराई जाती है। इस प्रक्रिया से सीधे हाई-वोल्टेज बिजली (Electricity) पैदा होती है, जिससे ट्रेन की हैवी-ड्यूटी इलेक्ट्रिक मोटरें काम करती हैं। इस पूरी वैज्ञानिक प्रक्रिया का सबसे जादुई और शानदार पहलू यह है कि इसमें प्रदूषण के नाम पर धुआं नहीं, बल्कि केवल शुद्ध जल वाष्प (Water Vapor) और हल्की गर्मी ही बाहर निकलती है, जिसे आम भाषा में 'पानी से चलने वाली ट्रेन' कहा जा रहा है। ईंधन की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए जींद स्टेशन पर एक स्वदेशी हाइड्रोजन स्टोरेज और हाई-प्रेशर रिफ्यूलिंग प्लांट स्थापित किया गया है, जिसे भारत सरकार के पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) से सुरक्षा अनापत्ति और संचालन की मंजूरी मिल चुकी है।वैश्विक एलीट क्लब में भारत की एंट्री: जर्मनी, जापान और चीन को मिलेगी सीधी टक्करइस बेहद जटिल, महंगी और संवेदनशील तकनीक को सफलतापूर्वक ट्रैक पर उतारते ही भारत ने वैश्विक पटल पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। अब भारत दुनिया के उन गिने-चुने देशों के सबसे एलीट क्लब में शामिल हो गया है जिनके पास अपनी सक्रिय हाइड्रोजन रेल तकनीक है:जर्मनी: दुनिया की पहली वाणिज्यिक और कमर्शियल हाइड्रोजन पैसेंजर ट्रेन लॉन्च करने का गौरव इसके नाम है।चीन: एशिया महाद्वीप की पहली शहरी हाइड्रोजन ट्रेन विकसित करने का दावा कर चुका है।भारत: ब्रॉड गेज (Broad Gauge) रेल लाइनों के लिए दुनिया की सबसे शक्तिशाली 2400 kW क्षमता की स्वदेशी ट्रेन बनाकर भारत ने अपनी तकनीकी श्रेष्ठता साबित की है।भविष्य का मेगा प्लान: 2030 तक सभी गैर-विद्युतीकृत रूट्स से हटेंगे पुराने डीजल इंजनभारतीय रेलवे ने साल 2030 तक खुद को पूर्ण रूप से 'नेट-जीरो कार्बन एमीटर' (Net-Zero Carbon Emitter) बनाने का एक बड़ा राष्ट्रीय संकल्प लिया है। जींद-सोनीपत रूट पर शुरू हो रहा यह ऑपरेशन एक शुरुआती टेस्ट बेड है। रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस पायलट प्रोजेक्ट के सफल होते ही देश के उन सभी ऐतिहासिक, पहाड़ी और दूरदराज के गैर-विद्युतीकृत रेलवे रूट्स (जैसे दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे, कालका-शिमला टॉय ट्रेन, नीलगिरि माउंटेन रेलवे) पर चल रहे पुराने डीजल इंजनों को हमेशा के लिए सेवा से हटा दिया जाएगा। इस मास्टर प्लान से न केवल विदेशों से आने वाले महंगे कच्चे तेल के आयात पर भारत की निर्भरता कम होगी, बल्कि दुर्गम पहाड़ी रास्तों पर पटरियों के ऊपर लाखों-करोड़ों की लागत से बिछने वाले बिजली के भारी-भरकम तारों (OHE Lines) का खर्च भी पूरी तरह बच जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 4:24 pm