Gurmeet Ram Rahim 21 दिन की Furlough पर रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर आया
दुष्कर्म के मामले में दोषी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह मंगलवार सुबह 21 दिन की फरलो पर रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर आया। सूत्रों ने यह जानकारी दी। अगस्त 2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद यह 17वीं बार है, जब वह जेल से बाहर आया है। राम रहीम अपनी दो शिष्याओं से दुष्कर्म के मामले में 20 साल की जेल की सजा काट रहा है और हरियाणा के रोहतक स्थित सुनारिया जेल में बंद है। सूत्रों के अनुसार, फरलो की अवधि के दौरान वह सिरसा स्थित अपने डेरा मुख्यालय में रहेगा। दोषी ठहराए जाने के बाद से उसे असामान्य रूप से कई बार फरलो और पैरोल मिल चुकी है। इस साल ही वह तीसरी बार जेल से बाहर आया है। उसे जनवरी में 40 दिन और मई में 30 दिन की पैरोल दी गई थी। अगस्त 2025 में वह 40 दिन की पैरोल और अप्रैल 2025 में 21 दिन की फरलो पर बाहर आया था। जनवरी 2025 में उसे पांच फरवरी को होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले 30 दिन की पैरोल पर रिहा किया गया था। पांच अक्टूबर 2024 को होने वाले हरियाणा विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले, एक अक्टूबर 2024 को वह 20 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आया था। अगस्त 2024 में राम रहीम को 21 दिन की फरलो दी गई थी। इससे पहले उसे सात फरवरी 2022 से तीन सप्ताह की फरलो भी दी गई थी, जो पंजाब विधानसभा चुनाव से महज दो सप्ताह पहले थी। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) जैसे सिख संगठनों ने राम रहीम को बार-बार मिल रही इस राहत की आलोचना की है। मार्च में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने 2002 में एक पत्रकार की हत्या के मामले में राम रहीम को बरी कर दिया था। इस मामले में विशेष सीबीआई अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके सात साल बाद उच्च न्यायालय ने उसे बरी किया। मई 2024 में उच्च न्यायालय ने एक अन्य विशेष सीबीआई अदालत के आदेश को पलटते हुए डेरा के पूर्व प्रबंधक रणजीत सिंह की 2002 में हुई हत्या के मामले में राम रहीम और चार अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था। डेरा सच्चा सौदा का मुख्यालय सिरसा में है और हरियाणा, पंजाब तथा राजस्थान में इसके बड़ी संख्या में अनुयायी हैं। हरियाणा में इसके सबसे अधिक अनुयायी सिरसा, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, कैथल और हिसार जैसे जिलों में हैं।
Karnataka ने Amazon और Swiggy Instamart के खाद्य लाइसेंस निलंबित किए, धतूरा बेचने पर रोक
कर्नाटक सरकार ने धतूरा के फल/बीज की ऑनलाइन बिक्री और वितरण को लेकर ई-कॉमर्स मंच अमेजन, स्विगी इंस्टामार्ट और बिगबास्केट के खाद्य लाइसेंस अगले आदेश तक निलंबित करने का निर्देश दिया है। सरकार ने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बताया है। सरकार ने इन तीनों ऑनलाइन मंचों को उत्पाद उपलब्ध कराने वाले प्रतिष्ठानों और विक्रेताओं के लाइसेंस/पंजीकरण तत्काल निलंबित करने का भी आदेश दिया है। साथ ही, सभी संबंधित खाद्य कारोबार संचालकों को भोजन या मानव उपभोग के लिए धतूरा से संबंधित ‘लिस्टिंग’, विज्ञापन और प्रचार सामग्री हटाने का निर्देश दिया गया है। अंग्रेजी में धतूरा को ‘थॉर्न एप्पल’ के नाम से जाना जाता है, जबकि तमिल में इसे ‘उमथाई’ कहा जाता है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 तथा इसके तहत बनाए गए नियमों/विनियमों के प्रावधानों के अनुसार, संबंधित सक्षम अधिकारियों को अमेजन, स्विगी इंस्टामार्ट और बिगबास्केट जैसे ई-कॉमर्स मंच को जारी खाद्य लाइसेंस अगले आदेश तक निलंबित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने और तत्काल अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।’’विभाग ने कहा कि यह मामला उसके संज्ञान में तब आया, जब कुछ ऑनलाइन मंच पर भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के लाइसेंस/पंजीकरण के तहत धतूरा के फल और बीज बिक्री के लिए प्रदर्शित पाए गए। विभाग ने कहा, ‘‘धतूरा के पौधे में विषैले गुण होते हैं और इसके फल तथा बीजों का सेवन मानव स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।’’विभाग ने कहा कि अमेजन, स्विगी इंस्टामार्ट और बिगबास्केट के लाइसेंस का निलंबन अगले आदेश तक लागू रहेगा। अनुपालन रिपोर्ट मिलने के बाद, संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर देने के पश्चात निलंबन हटाने के मुद्दे पर अलग से विचार किया जाएगा।
Gold-Silver Price: सोना-चांदी को छोड़िए अब इन धातुओं के भी बढ़े दाम
त्योहारों से ठीक पहले कमोडिटी बाजार में हलचल मची हुई है। कीमती धातुओं और औद्योगिक धातुओं दोनों में एकसाथ तेजी आ रही है।
सैटेलाइट फोटो में मॉनसून का नया चेहरा... बादलों ने बनाया भयानक घेरा
INSAT-3डीएस सैटेलाइट ने पूर्वी और मध्य भारत पर भारी मॉनसूनी बादलों का विशाल जमावड़ा दिखा है. इससे पूर्व में और बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी, दक्षिणी और कुछ उत्तर-पश्चिमी हिस्से सूखे रह सकते हैं. दिल्ली-एनसीआर में छिटपुट बौछारें हो सकती है.
25 August History: Shane Warne के 400 टेस्ट विकेट और भारत की विश्व कप जीत
इतिहास में 25 अगस्त का संबंध खेल जगत से जुड़ी तीन बड़ी घटनाओं से है। पहली घटना की बात करें तो 1957 में 25 अगस्त को ही भारत की पोलो टीम ने फ्रांस में खेली गई विश्व पोलो चैंपियनशिप में खिताबी विजय हासिल की थी। दूसरी घटना में टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक विकेट लेने वालों की कतार में शामिल शेन वार्न ने 25 अगस्त के दिन ही 400 विकेट का आंकड़ा पार किया था। तीसरी घटना 2018 के जकार्ता एशियाई खेलों से जुड़ी है, जब भारत के शॉटपुट एथलीट तेजिंदरपाल सिंह तूर ने रिकार्ड प्रदर्शन कर सोने का तमगा हासिल किया। देश-दुनिया के इतिहास में 25 अगस्त की तारीख में दर्ज कुछ अन्य महत्वपूर्ण घटनाएं इस प्रकार है:- 1351 : सुल्तान फिरोजशाह तुगलक तृतीय की ताजपोशी। 1916 : टोटनबर्ग के युद्ध में रूस ने जर्मनी को पराजित किया। 1940 : लिथुआनिया, लातविया और एस्तोनिया सोवियत संघ में शामिल हुए। 1957 : भारतीय पोलो टीम ने विश्व कप जीता। 1963 : सोवियत संघ के नेता जोसेफ स्टालिन के सोलह विरोधियों को फांसी पर चढ़ा दिया गया। 1980 : जिम्बाब्वे संयुक्त राष्ट्र में शामिल हुआ। 1988 : ईरान और इराक के बीच लंबे युद्ध के बाद सीधी बातचीत का दौर शुरू। 1991 : बेलारूस सोवियत संघ से अलग होकर स्वतंत्र देश बना। 1992 : ब्रिटिश अखबार ने राजकुमारी डायना की बातचीत का ब्योरा जारी किया, जिसमें उन्होंने प्रिंस से शादी पर नाखुशी जाहिर की थी। 1997 : मासूमा इब्तेकार ईरान की पहली महिला उपराष्ट्रपति बनीं। 2001 : आस्ट्रेलिया के लेग स्पिनर शेनवार्न ने टेस्ट क्रिकेट में 400 टेस्ट विकेट लिए। 2003: मुंबई में कार बम विस्फोट में 50 से अधिक लोगों की मौत और 150 से अधिक घायल। 2011 : श्रीलंका सरकार ने देश में घोषित आपातकाल को 30 वर्ष बाद वापस लिया। 2018 : भारत के शॉटपुट एथलीट तेजिंदरपाल सिंह तूर ने जकार्ता एशियाई खेलों में रिकार्ड प्रदर्शन कर सोने का तमगा हासिल किया। 2023: इजराइल और हिजबुल्ला ने एक दूसरे पर किए हवाई हमले।
होर्मुज में तनाव के बीच मुनीर-नकवी अचानक क्यों गए ईरान? आया बड़ा अपडेट
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा कि ईरान के राष्ट्रपति के साथ बैठक में अमेरिका-ईरान संघर्ष, पश्चिम एशिया के तनाव और इस्लामाबाद एमओयू की बहाली पर बात हुई. उनके मुताबिक बातचीत रचनात्मक रही, अहम प्रगति हुई और उम्मीद है कि इससे आगे प्रगति तथा क्षेत्र में स्थायी शांति का रास्ता खुलेगा.
कैसे खरीदें सबसे सस्ती चीनी, बस जान लें ये सिंपल ट्रिक
Sugar Price : बहुत से लोगों के बीच में चीनी के बढ़े हुए दामों को लेकर चर्चा है. सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर बहस जारी है. आज आपको बताने जा रहे हैं कि सस्ते दाम में चीनी को घर बैठे कैसे खरीदा जा सकता है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
हिमाचल में भरभराकर गिरा पहाड़ का हिस्सा... सड़क पर बिखरा मलबा-पत्थर
हिमचाल प्रदेश के चंबा में मंगलवार को पहाड़ का एक हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया. भूस्खलन के कारण मलबा और पत्थर सड़क पर आ गए. हालांकि राहत की बात है कि इस हादसे में किसी के घायल या हताहत होने की खबर नहीं है.
महाराष्ट्र में महायुति का बड़ा फैसला: भाजपा-शिवसेना-एनसीपी साथ लड़ेंगे चुनाव, सहयोगियों पर बयानबाजी से भी परहेज---Maharashtra Mahayuti to Contest Elections Together, Leaders Asked to Avoid Public Criticism
Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, कहा- फुटपाथ पर पहला हक पैदल चलने वालों का
Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, कहा- फुटपाथ पर पहला हक पैदलचलने वालों का
Chhatrapati Sambhajinagar हादसा: रिश्तेदार ने Mobile फोन विवाद को बताया अफवाह
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में 21 अगस्त को पहाड़ी से गिरकर जान गंवाने वाले 19 वर्षीय युवक की मौसी ने उन खबरों को अफवाह बताया है, जिनमें कहा गया था कि परिवार द्वारा मोबाइल फोन खरीदने से इनकार करने से युवक नाराज था। वहीं, युवक और उसके माता-पिता की मौत की जांच कर रही पुलिस ने सोमवार को कहा कि परिवार कुछ विवादों के कारण तनाव में था, जिसके चलते प्रथम दृष्टया कुणाल ने आत्महत्या का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, यह घटना 21 अगस्त की दोपहर तिसगांव इलाके में उस वक्त हुई, जब घरेलू विवाद के बाद परिवार के तीन सदस्यों की पहाड़ी से गिरने के कारण मौत हो गई थी। मृतकों की पहचान शहर के जल्टा फाटा क्षेत्र निवासी मुरलीधर चांदगुड़े (48), उनकी पत्नी संगीता और उनके 19-वर्षीय बेटे कुणाल के रूप में हुई है। संगीता चांदगुड़े की बहन पल्लवी पाटिल ने दावा किया कि यह घटना मोबाइल फोन से जुड़ी नहीं थी और ऐसी खबरों को उन्होंने अफवाह करार दिया। उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा, आज हम सोशल मीडिया पर देख रहे हैं कि कुणाल ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उसे मोबाइल फोन नहीं दिलाया गया था। लोगों को ऐसी अफवाहें नहीं फैलानी चाहिए। लोगों को कुछ पता नहीं है। इस तरह के वीडियो हमारे बुजुर्ग माता-पिता और हमें पीड़ा पहुंचा रहे हैं। हमने अपनी बड़ी बहन को खो दिया है। तीन लोगों की मौत के बारे में कुछ भी कहने से पहले लोगों को हमारे दुख के बारे में सोचना चाहिए।
छात्र मौत के बाद IIT दिल्ली में प्रदर्शन, बाहरी जांच का ऐलान, इस्तीफे पर चुप्पी
IIT दिल्ली में MSc फिजिक्स के 31 साल के छात्र ऋषिकेश कुमार की आत्महत्या के बाद से छात्रों का प्रदर्शन हो रहा है. इस दौरान छात्रों ने डीन और विभागाध्यक्ष के इस्तीफे, निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये की मुआवजे की मांग की है. ऐसे में छात्रों की मांगों को देखते हुए बाहरी जांच समिति का ऐलान कर दिया गया है लेकिन डीन के इस्तीफे पर अब भी चुप्पी बनी हुई है.
फर्जीवाड़ा करके विदेश भेजे ₹3,675 करोड़, तीन CA पर FIR... 40 और रडार पर
फर्जी तरीकों का इस्तेमाल करके भारत से हजारों करोड़ रुपये विदेश भेजने के मामलों में आयकर विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है. जयपुर, श्रीगंगानगर और हैदराबाद में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है. आरोप है कि बिना जरूरी दस्तावेजों की जांच किए फॉर्म 15CB प्रमाणपत्र जारी किए गए, जिनके आधार पर बड़ी रकम विदेश भेजी गई.
क्या है पैरोल और फरलो? इन्हीं के सहारे बार-बार जेल से बाहर कैसे आ जाता है राम रहीम
राम रहीम को 21 दिन की फरलो मिली है और वह 17वीं बार जेल से बाहर आया है। आखिर पैरोल और फरलो क्या होती है? दोनों में क्या अंतर है और राम रहीम को बार-बार जेल से बाहर आने की अनुमति कैसे मिलती है? समझिए पूरा नियम और विवाद।
दिल्ली में आफत की बारिश! जलभराव से बढ़ी परेशानी, पूरी राजधानी में रेड अलर्ट
Delhi Rain : दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार सुबह से भारी बारिश जारी है। कई इलाकों में जलभराव के बीच IMD ने पूरी दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। तेज हवाओं, बिजली और तूफान की चेतावनी के साथ लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
राम रहीम फिर आएगा जेल से बाहर, 17वीं बार मिली पैरोल, जानें इस बार कहां रहेगा डेरा प्रमुख?
Gurmeet Ram Rahim Parole:
राम रहीम को फिर राहत, 7 साल में 17वीं बार मिली 21 दिन की पैरोल
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एक बार फिर 21 दिन की पैरोल मिली है. मंगलवार सुबह 6 बजकर 5 मिनट पर वह रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर निकला और काफिले के साथ सिरसा आश्रम के लिए रवाना हुआ.
पुणे: पॉल बेकरी के खाने में कीड़ा! ग्राहक बोला, सफाई-क्वालिटी पर ध्यान दें
पुणे में फीनिक्स मार्केटसिटी की 'पॉल बेकरी' के खाने में कीड़ा मिलने की खबर आई है. पुणे के एक निवासी ने दावा किया है कि पॉल बेकरी से लिए गए टेकअवे में उनके खाने में कीड़ा मिला है.
राहुल ने CM फडणवीस को लिखी चिट्ठी, आदिवासी छात्रों के लिए रखी मांग
राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक पत्र लिखा है... जिसे उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा... महाराष्ट्र के कई आदिवासी छात्र 10 दिनों से ज्यादा से अपने अधिकारों के लिए भूख हड़ताल पर हैं... दरअसल, पुणे में 22 अगस्त को 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान एक आदिवासी छात्रा ने राहुल को बताया था कि, आदिवासी छात्रावासों में 30 साल की एज लिमिट है, जिसे बढ़ाया जाए... वहीं, हॉस्टल में अपमानजनक नियम, असुरक्षित सुविधाएं और एक महीने की छुट्टी के बाद आने पर प्रेग्नेंसी टेस्ट जैसे अमानवीय नियम हैं.
Chhatarpur में Cyber Fraud गिरोह के 4 सदस्य गिरफ्तार, 28 लाख की ठगी
मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में टेलीग्राम ऐप पर रेटिंग बढ़ाने का काम दिलाने और पैसा दोगुना करने का झांसा देकर कथित तौर पर 28 लाख रुपये की साइबर ठगी के एक मामले में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक खजुराहो थाना पुलिस की टीम ने आरोपियों के कब्जे से कुछ एटीएम कार्ड, दो मोबाइल फोन और 38 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने बताया कि मोहित चौबे नाम के एक शख्स ने खजुराहो थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि टेलीग्राम ऐप के जरिए ऑनलाइन रेटिंग बढ़ाने का काम दिलाने और रकम दोगुनी करने का लालच देकर उनसे करीब 28 लाख रुपये की ठगी की गई। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई थी, जिसने तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों, ऑनलाइन लेन-देन और घटना में इस्तेमाल संचार माध्यमों का विश्लेषण किया। सकलेचा ने बताया कि जांच में नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव क्षेत्र में सक्रिय एक गिरोह के कथित रूप से इस ठगी में शामिल होने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभम उर्फ शिवम पटेल, नीरज पटेल, कैलाश उर्फ केवल रजक और हीरालाल उर्फ संदीप रजक के रूप में हुई है और सभी नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर इंस्टाग्राम पर विज्ञापनों के माध्यम से लोगों से बैंक खाते किराये पर लेते थे और इन खातों में साइबर ठगी से प्राप्त रकम जमा कर उसे तत्काल दूसरे खातों में हस्तांतरित कर लेते थे। पुलिस ने बताया कि जांच में इस रकम को आगे क्रिप्टोकरेंसी में बदलने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस ने बताया कि अब तक संदिग्ध बैंक खातों में साइबर अपराधों से संबंधित करीब 80 लाख रुपये के लेन-देन का पता चला है। पुलिस के मुताबिक उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु, दिल्ली, बिहार और झारखंड समेत विभिन्न राज्यों में इन लेन-देन से जुड़ी करीब 50 शिकायतें दर्ज होने की जानकारी मिली है। जांच में आरोपियों के नेटवर्क के पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और महाराष्ट्र से जुड़े होने के भी संकेत मिले हैं। पुलिस ने आरोपियों से जुड़े बैंक खातों में डेढ़ लाख रुपये की राशि ‘फ्रीज’ कराई है और आरोपियों के कब्जे से कई एटीएम कार्ड, बैंक खाते खोलने में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन और 38 हजार रुपये नकद जब्त किए हैं। पुलिस अधीक्षक सकलेचा ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ कर साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, बैंक खातों और लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले में आगे की विवेचना जारी है तथा गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
जैन मंदिर में चोरी: सिरिंज में पेट्रोल भरा, ताले पर छिड़का, फिर...
लखनऊ के बाजारखाला थाना क्षेत्र स्थित जैन मंदिर में 15 लाख रुपये की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस ने आरोपी पूर्व गार्ड संजय शुक्ला को गिरफ्तार कर भगवान अनंतनाथ की अष्टधातु मूर्ति और चांदी के छत्र-सिंहासन सहित सारा सामान बरामद कर लिया. आरोपी ने यूट्यूब से ताला तोड़ने का तरीका सीखा था.
राशिफल: मेष राशि को मिलेंगे रोजगार के अवसर, मीन राशि के जातकों को धन लाभ के योग
आज का दिन कुछ राशियों के लिए नई संभावनाएं और सकारात्मक संकेत लेकर आया है। कुछ जातकों को आज धैर्य और समझदारी से फैसले लेने होंगे....
Palghar Ashram School में 7 वर्षीय छात्र की बुखार से मौत, 26 बच्चे अस्पताल में भर्ती
महाराष्ट्र में पालघर जिले के एक आवासीय स्कूल में पढ़ने वाले सात वर्षीय छात्र की तेज बुखार और सांस लेने में तकलीफ के बाद मौत हो गई, जबकि सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षणों के साथ 26 अन्य छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह घटना ऐसे समय हुई है जब इस महीने की शुरुआत में गढ़चिरौली जिले के एक आवासीय स्कूल के छात्रावास में फर्श पर सोने के दौरान जहरीले सांप के काटने से तीन आदिवासी छात्राओं की मौत हो गई थी। पालघर मामले में मसवन के आश्रम स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ने वाले छात्र को 22 अगस्त को तेज बुखार आया था। उसे इलाज के लिए स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ले जाया गया। सोमवार को जब उसका बुखार फिर बढ़ गया, तो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी ने उसके ऑक्सीजन स्तर में गिरावट देखी और उसे एंबुलेंस से मनोर के ग्रामीण अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। अधिकारी ने बताया कि बच्चे को अस्पताल ले जाने के बाद चिकित्सा अधिकारियों ने उसका ईसीजी किया और उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही पता चलेगा। घटना के बाद स्वास्थ्य और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्कूल का दौरा किया। इस स्कूल में कुल 449 छात्र नामांकित हैं, जिनमें से 395 छात्रावास में रहकर पढ़ाई करते हैं। इसके बाद एक चिकित्सा दल ने स्कूल परिसर में सभी छात्रों की स्वास्थ्य जांच की। अधिकारी ने बताया कि एहतियाती कदम के तौर पर सर्दी, खांसी या बुखार के हल्के लक्षण वाले 26 छात्रों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। इन छात्रों को मसवन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रखा गया है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है। एकीकृत जनजातीय विकास परियोजना के अधिकारी विशाल खत्री ने स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया तथा अस्पताल में भर्ती छात्रों और उनके माता-पिता से मुलाकात की। खत्री ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘जिला स्वास्थ्य अधिकारी की सलाह के अनुसार मसवन आश्रम स्कूल में दोबारा स्वास्थ्य जांच अभियान चलाया गया। संस्थान में परिसर की साफ-सफाई और पानी को शुद्ध करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक सावधानियां बरती जाएंगी।’’अधिकारियों ने इस महीने की शुरुआत में बताया था कि महाराष्ट्र के आश्रम स्कूलों में पिछले दो वर्षों के दौरान औसतन लगभग हर दिन एक छात्र की मौत हुई। इस अवधि में राज्य सरकार द्वारा संचालित और सरकार से सहायता प्राप्त आवासीय स्कूलों में मृतकों की कुल संख्या 584 हो गई। उन्होंने बताया था कि इन मौतों के कारणों में सांप का काटना, सिकल सेल रोग (आनुवंशिक रक्त संबंधी बीमारी), गंभीर बीमारियां, दुर्घटनाएं और आत्महत्या शामिल हैं। गढ़चिरौली में हाल ही में सांप के काटने से तीन आदिवासी छात्राओं की मौत के बाद सरकार को भारी आलोचना का सामना करना पड़ा था। इसके बाद सरकार ने सुधारात्मक कदम उठाए हैं। इनमें संबंधित आवासीय स्कूल का लाइसेंस रद्द करना और राज्यभर में ऐसे सभी आवासीय स्कूलों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराना शामिल है।
मां बनना चाहती हैं उर्फी जावेद, फ्रीज कराए एग्ज, बोलीं- शादी नहीं
उर्फी फिलहाल अपने करियर पर पूरी तरह से फोकस करना चाहती हैं. लेकिन उन्हें अपनी बायोलॉजिकल क्लॉक की चिंता है. ऐसे में वो अपने एग्ज फ्रीज कराने की प्लानिंग कर रही हैं.
बॉम्बे हाईकोर्ट ने निकाली चौथी पास के लिए नौकरियां, ये लोग कर सकते हैं आवेदन
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को हमेशा ऐसा लगता है कि इसके लिए डिग्री बेहद जरूरी हैं, लेकिन ऐसा नहीं है. कई बार सरकारी संस्थान उन उम्मीदवारों के लिए नौकरी निकालते हैं जिसके पास कोई योग्यता नहीं होती है. इसी तरह बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद बेंच में चौथी पास उम्मीदवारों के लिए कुक के 18 पदों पर भर्ती हो रही है. इसके लिए आवेदन स्पीड पोस्ट के जरिए 10 सितंबर तक भेजने होगा लेकिन इसके पहले जान लेते हैं इस पद से जुड़ी सारी डिटेल.
अमेरिका की टेररिज्म लिस्ट से सीरिया आउट, ट्रंप ने अपने फेवरेट को दिया 'तोहफा'
ट्रंप प्रशासन ने सीरिया को अमेरिका की टेरर ब्लैकलिस्ट से हटाते हुए एचटीएस की अलग सूचीबद्धता भी खत्म कर दी. वॉशिंगटन का कहना है कि इससे निवेश, आर्थिक बहाली और वैश्विक तंत्र में सीरिया की वापसी का रास्ता खुलेगा.
पुतिन को मिला पीएम मोदी का 'सीक्रेट' मैसेज, दुनिया में मची सनसनी! रूस की धरती से जयशंकर का बड़ा बयान
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस की अपनी दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति पुतिन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं और एक विशेष निजी संदेश सौंपा। यह बैठक 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले आगामी ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन से पहले हुई है, जो भारत और रूस के रणनीतिक संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसे भी पढ़ें: North India Weather Alert | दिल्ली में भारी बारिश का अनुमान, IMD ने जारी किया 'रेड अलर्ट', उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड समेत 5 राज्यों में भी भारी वर्षा की चेतावनी पुतिन की नई दिल्ली यात्रा जयशंकर, जो रूस की दो दिवसीय यात्रा पर रविवार को मॉस्को पहुंचे थे, ने राष्ट्रपति पुतिन के साथ द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी चर्चा की। यह मुलाकात 12-13 सितंबर को ब्रिक्स (BRICS) नेताओं के शिखर सम्मेलन के लिए पुतिन की नई दिल्ली यात्रा से पहले हुई है। यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत और रूस कई क्षेत्रों में अपने आर्थिक संबंधों को गहरा करने और सहयोग का विस्तार करने की कोशिश कर रहे हैं। पीएम मोदी को SCO शिखर सम्मेलन में पुतिन से मिलने का इंतजार है बैठक के दौरान, जयशंकर ने कहा कि भारत और रूस के बीच सहयोग की एक मजबूत तस्वीर है, जिसमें व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु सहयोग और अन्य क्षेत्रों में बढ़ते आर्थिक संबंधों पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि हमारे आर्थिक सहयोग, व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु और अन्य पहलुओं पर विस्तार से बात करके मुझे खुशी होगी। कुल मिलाकर, मुझे लगता है कि हमारे आर्थिक सहयोग में काफी वृद्धि हुई है। इसे भी पढ़ें: Explained- US Visa Fee Hike | ट्रंप प्रशासन का H-1B वीज़ा फ़ीस $1,00,000 करने का प्रस्ताव: भारतीय पेशेवरों पर क्या होगा असर? जयशंकर ने यह भी कहा कि दोनों पक्षों ने अंतर-सरकारी आयोग की बैठक की थी और वे पुतिन को इसके नतीजों के बारे में जानकारी देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी SCO शिखर सम्मेलन में पुतिन से मिलने और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए भारत में उनका स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री मोदी SCO शिखर सम्मेलन में आपसे मिलने, फिर ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए भारत में आपका स्वागत करने और समय आने पर, आपकी आपसी सुविधा के अनुसार, वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित करने के लिए उत्सुक हैं, ताकि हम सहयोग की एक बहुत मजबूत तस्वीर पेश कर सकें। जयशंकर और रूस के उप-प्रधानमंत्री ने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों पर चर्चा की इससे पहले, जयशंकर ने रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव के साथ द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग को और बढ़ाने के तरीकों पर बातचीत की, क्योंकि दोनों पक्षों ने भारत-रूस साझेदारी की समीक्षा की। रविवार को मॉस्को पहुंचे जयशंकर रूस की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। मंतुरोव के साथ सह-अध्यक्षता वाले एक कार्यक्रम में जयशंकर ने कहा, भारत-रूस साझेदारी ने लगातार मजबूती और अनुकूलन क्षमता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा, जटिल अंतरराष्ट्रीय हालात के बावजूद, हमारा आपसी जुड़ाव और गहरा हुआ है। यह हमारी आपसी साझेदारी की खासियत, यानी आपसी हितों और भरोसे को दिखाता है। विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में कहा कि अपनी यात्रा के दौरान जयशंकर रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मिलेंगे और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। यह यात्रा जयशंकर और लावरोव की मनीला में 22 जुलाई को आसियान से जुड़ी मंत्री-स्तरीय बैठकों के दौरान हुई मुलाकात के एक महीने बाद हो रही है। उस बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की थी और यूक्रेन संघर्ष व पश्चिम एशिया के हालात पर विचारों का आदान-प्रदान किया था। जयशंकर ने लावरोव के साथ अपनी पिछली बैठक में उस इलाके में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत की गहरी चिंता भी दोहराई थी। Stay updated with InternationalNews in Hindi on Prabhasakshi
Swine Flu के केस बढ़ने में है इम्यूनिटी का रोल, जानें कैसे
देश के कई राज्यों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन ICMR ने स्पष्ट किया है कि कोई नया H1N1 स्ट्रेन नहीं मिला है. लेकिन जब कोई नया स्ट्रेन नहीं मिला है तो केस क्यों बढ़ रहे हैं. इसमें इम्यूनिटी का क्या रोल है इस बारे में एक्सपर्ट ने बताया है.
RBI की इस स्कीम में मिलता है फ्लोटिंग ब्याज, जानें कैसे
RBI Floating Rate Savings Bonds सुरक्षित निवेश का विकल्प हैं. सरकारी गारंटी वाली इस स्कीम में ब्याज दर NSC से जुड़ी होती है और हर 6 महीने में ब्याज मिलता है. जानें निवेश की सीमा, लॉक-इन, वरिष्ठ नागरिकों के नियम और टैक्स की पूरी जानकारी. FD के मुकाबले इस स्कीम के क्या फायदे?
IPS से IAS बने अंकित खंडेलवाल की कहानी, जो नहीं संभाल सके अपने आंसू
संभल के SP रहे IPS केके बिश्नोई की विदाई के दौरान जब उनकी आंखों से आंसू छलके तो पास बैठे DM अंकित खंडेलवाल भी खुद को नहीं संभाल सके. यह भावुक पल अब चर्चा में है. लेकिन आखिर कौन हैं IAS अंकित खंडेलवाल? 2017 बैच के IAS और UPSC में 41वीं रैंक हासिल करने वाले खंडेलवाल पहले IPS भी रह चुके हैं.
ऑस्ट्रेलिया ने दिया भारत को झटका, किसानों की बढ़ सकती है टेंशन; क्यों खुश हुआ पाकिस्तान
ऑस्ट्रेलियाई कोर्ट ने भारत के बासमती चावल को स्पेशल ट्रेड सर्टिफिकेट देने से इनकार कर दिया। इसपर पाकिस्तान ने खुशी जताई है। वहीं निर्यात के विकल्पों की तलाश कर रहे भारतीय किसानों की चिंता बढ़ी है।
बाढ़ से बिहार का हाल बेहाल, काशी के घाट और मंदिर अब भी डूबे
देश के दूसरे हिस्से बाढ़ की वजह से परेशान हैं.. खास तौर पर उत्तर प्रदेश और बिहार. बिहार में तो लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ने से कम से कम 6 जिले बाढ़ की चपेट में है.. आज बिहार के मुख्यमंत्री ने इन बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे भी किया... उधर वाराणसी में गंगा का जलस्तर कम हो रहा है लेकिन अभी भी तमाम घाट और उनके किनारों के मंदिर डूबे हुए है.
देश भर में प्याज की कीमतें 17% तक बढ़ गई हैं। जानिए प्याज महंगा होने के मुख्य कारण, विभिन्न राज्यों के आंकड़े और कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार की 'कांदा एक्सप्रेस' योजना।
सुबह, दोपहर या शाम... कब बांधें राखी? नोट करें रक्षाबंधन का मुहूर्त
Raksha Bandhan 2026: क्या आप भी रक्षाबंधन की सही तारीख और चंद्र ग्रहण को लेकर असमंजस में हैं? दरअसल, इस बार श्रावणी पूर्णिमा पर शतभिषा नक्षत्र, सुकर्मा योग और मीन राशि के चंद्रमा का दुर्लभ संयोग बन रहा है. तो आइए जानते हैं कि राखी की क्या डेट रहेगी.
LIVE: थोड़ी देर में शुरू होगा भारत-श्रीलंका के बीच तीसरे दिन का खेल
IND vs SL 2nd Test, Day 3 Live Cricket Score: भारत और श्रीलंका के बीच दूसरे टेस्ट का आज (25 अगस्त) तीसरा दिन है. भारतीय टीम के 503 (पारी घोषित) रनों के जवाब में अब श्रीलंका की टीम अपनी पहली पारी में बल्लेबाजी कर रही है.
आ रहा है रक्षाबंधन, होगा डबल फायदा, मिल रहे ऑफर
रक्षाबंधन इस सप्ताह 28 अगस्त को मनाई जाएगी. बहुत से लोग अपने भाई-बहनों के लिए राखी, गिफ्ट और मिठाई आदि खरीदते हैं. ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म ऐमेजॉन इंडिया, फ्लिपकार्ट, मीशो आदि पर बंपर ऑफर मिल रहे हैं. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
पिता की अनोखी भक्ति, 19 बेटियों संग लेकर निकले कांवड़
सावन में बाबा बैजनाथ धाम की यात्रा पर आस्था का अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है. झारखंड के गोड्डा निवासी संजीव कुमार अपने परिवार की 19 बेटियों के साथ 105 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा पर निकले हैं. सभी बेटियां केसरिया वस्त्र पहनकर कांवड़ लेकर सुल्तानगंज से देवघर जा रही हैं.
CJP नेता अभिजीत दिपके की टूटी-फूटी इंग्लिश पर कंगना का तंज
कंगना रनौत ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके पर उनकी अंग्रेजी बोलने की शैली को लेकर तीखा हमला किया है. कंगना ने अपनी फर्राटेदार और दिपके की हिचकिचाती अंग्रेजी बोलने वाला वीडियो शेयर किया
दिल्ली में दूसरे दिन भी तेज बारिश, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट
दिल्ली-NCR में मानसूनी आफत कहर बरपा रही है. दिल्ली-NCR में आज भी भारी बारिश का अलर्ट है. मौसम विभाग ने कुछ देर पहले ही रेड अलर्ट जारी किया है. IMD ने दिल्ली में इसे लेकर कहा है कि मूसलाधार बारिश की संभावना है. सोमवार को भी मूसलाधार बारिश ने दिल्ली-NCR की रफ्तार रोक दी. जगह-जगह जलभराव और जाम से लोग परेशान रहे. कई इलाकों में सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं.
बेलगाम चीनी पर लगेगी लगाम, सरकार ने अचानक बदला ये नियम
Rule Change: चीनी की कीमतों में अचानक आए तेज उछाल के बीच सरकार ने इसके आयात से जुड़े नियमों में बदलाव किया है, जिसका उद्देश्य चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकना है.
'चाचा, बहुत दिन बाद मिले', पवन सिंह ने लालू यादव के पैर छूकर लिया आशीर्वाद, VIDEO वायरल
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता लालू प्रसाद और बीजेपी के एमएलसी पवन सिंह का एक वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में पवन सिंह, लालू यादव के पैर छूते हुए दिख रहे हैं. पवन सिंह कहते हैं, चाचा, बहुत दिन बाद मिले.
बलात्कारी बाबा, बार-बार पैरोल, क्या भारत में कानून सिर्फ आम लोगों के लिए है?
“तारीख पर तारीख, तारीख पर तारीख…” फिल्म दामिनी में Sunny Deol का यह संवाद केवल अदालत की सुस्ती पर व्यंग्य नहीं था, बल्कि उस भारतीय व्यवस्था का आईना था जहां कानून की किताब सबके लिए एक जैसी दिखती है, लेकिन उसका इस्तेमाल सबके लिए बराबर नहीं होता।
UPI हुआ ग्लोबल... अब 11 देशों में ऑपरेशनल, ग्रीस-मालदीव नए नाम
भारत का UPI अब सिर्फ डोमेस्टिक डिजिटल पेमेंट का जरिया नहीं रहा, बल्कि दुनियाभर में अपनी पहचान बना रहा है. जुलाई 2026 में UPI ने ₹29.87 लाख करोड़ के ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए, जबकि इसकी अंतरराष्ट्रीय पहुंच 11 देशों तक हो गई है. ग्रीस और मालदीव इसके सबसे नए पड़ाव हैं.
अनुष्का रंजन-आदित्य सील के घर आईं Twins बेटियां, रखे प्यारे नाम
आलिया भट्ट की बेस्ट फ्रेंड अनुष्का रंजन और आदित्य सील जुड़वां बेटियों के माता-पिता बन गए हैं. अनुष्का ने 35 साल की उम्र में 23 अगस्त को बेटियों को जन्म दिया. कपल ने बेटियों का नाम वीरा और माही रखा है. उनकी बेटियां IVF के जरिए हुईं. जानें दोनों नामों का खूबसूरत मतलब.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के राज्यों के लिए अगले कुछ घंटों का तत्काल मौसम पूर्वानुमान ('नाउकास्ट' वॉर्निंग) जारी किया है। IMD ने दिल्ली के सभी इलाकों के लिए 'रेड वॉर्निंग' जारी की है, जबकि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और केरल के विभिन्न जिलों के लिए 'ऑरेंज वॉर्निंग' जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं, आंधी-तूफान और बिजली कड़कने के साथ 15 मिमी प्रति घंटे से अधिक की भारी बारिश की संभावना है। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi ने Devendra Fadnavis को लिखा पत्र, आदिवासी छात्रों की मांग उठाई दिल्ली के लिए रेड वॉर्निंग अगले कुछ घंटों के लिए दिल्ली के सभी 11 ज़िले रेड वॉर्निंग के दायरे में हैं: सेंट्रल दिल्ली ईस्ट दिल्ली नई दिल्ली नॉर्थ दिल्ली नॉर्थ ईस्ट दिल्ली नॉर्थ वेस्ट दिल्ली शाहदरा साउथ दिल्ली साउथ ईस्ट दिल्ली साउथ वेस्ट दिल्ली वेस्ट दिल्ली IMD ने बिजली कड़कने और आंधी-तूफान के साथ-साथ लगभग 60 किमी/घंटा की तेज़ हवाओं और 15 मिमी प्रति घंटे से ज़्यादा भारी बारिश की चेतावनी दी है। कई राज्यों में ऑरेंज वॉर्निंग आंधी-तूफान और बिजली कड़कने के साथ-साथ 40 से 60 किमी/घंटा की तेज़ हवाओं और 5 से 15 मिमी प्रति घंटे की मध्यम बारिश के लिए ऑरेंज वॉर्निंग जारी की गई है। उत्तर प्रदेश: अंबेडकर नगर, अमेठी, अयोध्या, आज़मगढ़, बागपत, बलिया, बांदा, बस्ती, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, गाज़ीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हमीरपुर, जौनपुर, झांसी, कुशीनगर, महोबा, मऊ, मेरठ, मुज़फ़्फ़रनगर, प्रतापगढ़, संत कबीर नगर, शामली, सुल्तानपुर और वाराणसी। केरल: कन्नूर, कासरगोड, कोझिकोड, लक्षद्वीप, मलप्पुरम, त्रिशूर और वायनाड। मध्य प्रदेश: छतरपुर, दतिया, ग्वालियर, निवाड़ी, पन्ना, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली और टीकमगढ़। हरियाणा: पानीपत और सोनीपत। उत्तराखंड: बागेश्वर, चंपावत, देहरादून, पिथौरागढ़ और टिहरी गढ़वाल। IMD ने सुरक्षा के लिए सलाह जारी की प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे अलर्ट रहें और चेतावनी लागू रहने तक ज़रूरी सावधानी बरतें। IMD ने खास तौर पर लोगों को सलाह दी है कि वे पेड़ों या कमज़ोर ढांचों के नीचे शरण न लें। लोगों से यह भी कहा गया है कि वे सड़क और ट्रैफ़िक की स्थिति देख लें, बिना ज़रूरत यात्रा न करें और संबंधित अधिकारियों द्वारा जारी किसी भी अतिरिक्त सलाह का पालन करें। भारी बारिश से दिल्ली में ट्रैफ़िक और उड़ानों पर असर पड़ा यह ताज़ा चेतावनी सोमवार को दिल्ली और आस-पास के इलाकों में हुई भारी बारिश के बाद आई है, जिससे NCR के कई हिस्सों में ट्रैफ़िक की आवाजाही प्रभावित हुई। बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे सड़कों पर आने-जाने वालों की मुश्किलें बढ़ गईं। इसे भी पढ़ें: Karnataka में IPC करेगी ₹83,480 करोड़ का निवेश, बनेगा Data Centre बारिश से राजधानी में उड़ान सेवाओं पर भी असर पड़ा। भारी बारिश और जलभराव की वजह से इलाके के कई हिस्सों में आवाजाही प्रभावित हुई और खराब मौसम के कारण लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi
लखनऊ में दारोगा पर हमले के बाद जब्त भैंसों की नीलामी, सपा का हंगामा
लखनऊ में दारोगा पर हमले के मामले में जब्त की गई भैंसों की नीलामी के दौरान भारी हंगामा हुआ. सपा विधायक अरमान खान और कार्यकर्ताओं के विरोध के बीच पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा. वहीं अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवारों से मिलकर पार्टी के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया है.
Russian Woman In India: अलेना लिखती हैं, 'मैं कह सकती हूं कि मेरी जिंदगी 'पहले' और 'बाद' में बंट गई है. भारत आने के बाद, मेरा पुराना रूप खत्म हो गया और एक नया रूप फिर से जन्म ले रहा है. शुक्रिया, भारत माता. मैं बार-बार आपके पास वापस आऊंगी.'
भाई-बहन के अटूट स्नेह और विश्वास के प्रतीक 'रक्षाबंधन' के पावन पर्व पर उत्तर प्रदेश की महिलाओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा तोहफा दिया है। प्रदेश सरकार ने रक्षाबंधन के अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की सभी श्रेणियों की बसों में महिलाओं के लिए पूरी तरह से मुफ्त यात्रा (Free Bus Travel) की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि त्योहार के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए किसी भी मार्ग पर ओवरलोडिंग और निजी वाहन चालकों द्वारा अधिक किराया वसूलने की मनमानी पर तत्काल और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।48 घंटे तक मिलेगी मुफ्त सफर की सुविधा: एसी और नॉन-एसी दोनों बसें शामिलशासन द्वारा जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह मुफ्त यात्रा सुविधा रक्षाबंधन की पूर्व संध्या की मध्यरात्रि से शुरू होकर अगले 48 घंटों तक निर्बाध रूप से प्रभावी रहेगी:सभी श्रेणियों की बसों में छूट: मुफ्त यात्रा का लाभ साधारण (Non-AC), जनरथ, शताब्दी, वोल्वो और राजधानी एक्सप्रेस सहित यूपीएसआरटीसी की सभी श्रेणी की बसों में मिलेगा।शून्य मूल्य का टिकट (Zero Ticket): महिला यात्रियों को यात्रा के दौरान कंडक्टर द्वारा शून्य मूल्य का टिकट (Zero Value Ticket) जारी किया जाएगा, जिससे यात्रा करने वाली महिलाओं की सटीक संख्या का रिकॉर्ड रखा जा सके।छोटे बच्चों को भी छूट: महिला यात्रियों के साथ यात्रा करने वाले छोटे बच्चों (आयु सीमा के अनुसार) को भी इस विशेष छूट के दायरे में शामिल किया गया है।यात्रियों की सुविधा के लिए 2,500 से अधिक अतिरिक्त बसों का संचालनत्योहार के समय प्रदेश के प्रमुख शहरों—जैसे लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, मेरठ, आगरा, बरेली और दिल्ली-एनसीआर रूटों पर भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए परिवहन निगम ने विशेष व्यवस्था की है:अतिरिक्त फेरे (Special Trips): प्रमुख बस स्टेशनों से संवेदनशील और व्यस्त मार्गों पर 2,500 से अधिक अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी।ड्राइवर-कंडक्टरों की छुट्टियां रद्द: त्योहार के दौरान किसी भी रूट पर बस संचालन बाधित न हो, इसके लिए परिवहन कर्मचारियों की छुट्टियां निरस्त कर दी गई हैं और बेहतर सेवा देने वाले स्टाफ के लिए विशेष प्रोत्साहन भत्ते (Incentive Allowance) की घोषणा की गई है।24x7 कंट्रोल रूम: सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों (RMs) को बस स्टेशनों पर हेल्पडेस्क और 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।ओवरलोडिंग और मनमाना किराया वसूलने पर सख्त एक्शन का चाबुकत्योहारों के दौरान निजी बस ऑपरेटरों, ऑटो-टैक्सी चालकों और डग्गामार वाहनों द्वारा यात्रियों से अतिरिक्त किराया वसूलने और छतों पर बैठाकर जान जोखिम में डालने की शिकायतों पर सीएम योगी ने कड़ा रुख अपनाया है:सघन चेकिंग अभियान: संभागीय परिवहन अधिकारियों (RTO/ARTO) और यातायात पुलिस की संयुक्त टीमें राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख चौराहों पर लगातार जांच करेंगी।परमिट निरस्त और जब्ती: निर्धारित दर से अधिक किराया वसूलने वाले निजी ऑपरेटरों पर भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ वाहनों के परमिट निरस्त किए जाएंगे।ओवरलोडिंग पर जीरो टॉलरेंस: बसों और ऑटो में क्षमता से अधिक सवारी बैठाने पर गाड़ी को तुरंत जब्त (Seize) करने और ड्राइवर का लाइसेंस निलंबित करने के स्पष्ट आदेश दिए गए हैं।महिला सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: डायल 112 और पिंक बूथ अलर्टमहिला यात्रियों की सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रमुख बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों के आसपास सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। बस स्टेशनों पर 'पिंक बूथ' और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा, यूपी डायल-112 की पेट्रोलिंग गाड़ियां हाईवे और बस स्टैंडों के पास लगातार गश्त करेंगी ताकि देर रात सफर करने वाली महिलाओं और उनके परिवारों को किसी भी प्रकार की असुविधा या असुरक्षा का सामना न करना पड़े।
प्राइवेट और संगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों की हर महीने मिलने वाली सैलरी स्लिप में भविष्य निधि (PF) कटौती का विवरण तो दर्ज होता है, लेकिन कई बार कर्मचारियों को यह पता नहीं चल पाता कि कंपनी (Employer) ने वह पैसा वास्तव में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के खाते में समय पर जमा कराया है या नहीं।ईपीएफओ के स्पष्ट नियमों के अनुसार, वेतन से काटी गई राशि को तय समय-सीमा के भीतर सरकारी खाते में जमा करना कंपनी का कानूनी दायित्व है। यदि कंपनी ऐसा करने में विफल रहती है, तो यह कानूनन दंडनीय अपराध माना जाता है। कर्मचारी घर बैठे कुछ ही मिनटों में यह जांच सकते हैं कि उनकी गाढ़ी कमाई का पैसा खाते में पहुंचा है या नहीं।कंपनी के लिए PF जमा करने की अंतिम तिथि: 15 तारीख का सख्त नियमकर्मचारी भविष्य निधि योजना 1952 के प्रावधानों के तहत:हर महीने की 15 तारीख डेडलाइन: जिस महीने का वेतन बनता है, उसके अगले महीने की 15 तारीख तक नियोक्ता को कर्मचारी का 12% अंशदान और कंपनी का 12% हिस्सा ईपीएफओ में जमा करना अनिवार्य होता है (जैसे, जनवरी महीने के वेतन से कटा पीएफ 15 फरवरी तक जमा होना चाहिए)।देरी पर भारी पेनाल्टी: यदि कंपनी 15 तारीख तक पैसा जमा नहीं करती है, तो धारा 7Q के तहत 12% वार्षिक ब्याज और धारा 14B के तहत 5% से 25% तक का दंडात्मक जुर्माना लगाया जाता है।अपराध का दायरा: सैलरी से पैसा काटकर ईपीएफओ में जमा न करना भारतीय दंड संहिता और ईपीएफ एक्ट के तहत विश्वासघात (Criminal Breach of Trust) की श्रेणी में आता है।4 आसान तरीकों से घर बैठे जानें कि PF जमा हुआ या नहींईपीएफओ ने कर्मचारियों के लिए अपने खाते का रियल-टाइम स्टेटस ट्रैक करने के कई डिजिटल विकल्प दिए हैं:1. ईपीएफओ मेंबर पासबुक पोर्टल (EPFO Passbook Portal):आधिकारिक पासबुक पोर्टल (passbook.epfindia.gov.in) पर जाएं।अपना 12 अंकों का UAN (Universal Account Number) और पासवर्ड दर्ज कर लॉगिन करें।अपनी मेंबर आईडी (Member ID) चुनें और पासबुक खोलें।पासबुक में हर महीने की एंट्री दिखती है—जिसमें कर्मचारी शेयर (Employee Share), नियोक्ता शेयर (Employer Share) और पेंशन फंड (EPS) का मासिक क्रेडिट स्पष्ट तारीख के साथ दर्ज होता है।2. उमंग ऐप (UMANG App):स्मार्टफोन पर 'UMANG App' खोलें और 'EPFO' सर्विस सर्च करें।'View Passbook' पर क्लिक करें और यूएएन व ओटीपी के जरिए लॉगिन करें।यहां से आप सीधे अपने मासिक क्रेडिट की पूरी हिस्ट्री देख और पीडीएफ डाउनलोड कर सकते हैं।3. मिस्ड कॉल और एसएमएस अलर्ट:यदि आपका यूएएन बैंक, पैन और आधार से लिंक है, तो अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 9966044425 पर मिस्ड कॉल दें।एसएमएस के जरिए जानकारी पाने के लिए EPFOHO UAN HIN (हिंदी के लिए) लिखकर 7738299899 पर मैसेज भेजें। कुछ ही पलों में अंतिम जमा राशि का विवरण फोन पर आ जाएगा।4. मासिक ऑटोमैटिक SMS:कंपनी द्वारा चालान (ECR) फाइल होते ही ईपीएफओ कर्मचारी के मोबाइल पर सीधे एसएमएस भेजता है कि आपके खाते में इस माह की इतनी राशि जमा कर दी गई है।यदि सैलरी से पैसा कटा लेकिन खाते में जमा नहीं हुआ, तो क्या करें?यदि आपकी सैलरी स्लिप में पीएफ डिडक्शन दिख रहा है लेकिन ईपीएफ पासबुक में कई महीनों से कोई एंट्री नहीं आई है, तो यह गंभीर मामला है। ऐसे में इन 3 स्टेप्स का पालन करें:स्टेप 1 - HR/अकाउंट्स विभाग से संपर्क: सबसे पहले अपनी कंपनी के पेरोल विभाग से बात करें और चालान रसीद (ECR Challan Receipt) मांगें।स्टेप 2 - ईपीएफआईजीएमएस (EPFiGMS) पर ऑनलाइन शिकायत: यदि कंपनी संतोषजनक जवाब न दे, तो सीधे ईपीएफओ के शिकायत पोर्टल (epfigms.gov.in) पर जाएं। वहां 'Register Grievance' चुनकर 'PF Member' के रूप में अपनी सैलरी स्लिप अपलोड करें और शिकायत दर्ज करें।स्टेप 3 - क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त (RPFC) से शिकायत: ईपीएफओ का प्रवर्तन दस्ता संबंधित कंपनी की जांच करेगा और नियोक्ता की संपत्ति व बैंक खाते कुर्क कर कर्मचारियों का बकाया पीएफ ब्याज सहित वसूलता है।कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे हर महीने की 20-25 तारीख के बीच अपनी ईपीएफ पासबुक जरूर चेक करें ताकि कंपनी द्वारा किसी भी तरह की लापरवाही या डिफॉल्ट का समय रहते पता चल सके।
8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) के गठन और पे-मैट्रिक्स विसंगतियों को लेकर जारी चर्चाओं के बीच सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) ने केंद्रीय कर्मचारियों और रेलवे कर्मियों के वित्तीय अपग्रेडेशन से जुड़े एक लंबे विवाद पर बड़ा और निर्णायक फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी को अपने कैडर के भीतर नियमित पदोन्नति (Promotion) मिल चुकी है, तो भले ही वेतन आयोगों में पदों के मर्जर के कारण उसका ग्रेड पे समान रहा हो, उसे मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन यानी MACP योजना के तहत अलग से वित्तीय अपग्रेडेशन (जैसे GP 4600 या 4800) नहीं दिया जा सकता।अदालत ने यह भी तय किया है कि कोई भी कर्मचारी अपने कैडर के सर्वोच्च प्रमोशनल पद की निर्धारित पे-सीलिंग (Promotional Post Ceiling) से ऊपर जाकर वित्तीय अपग्रेडेशन का दावा नहीं कर सकता।क्या था पूरा विवाद और कैसे फंसा था पेच?यह विवाद मुख्य रूप से छठे वेतन आयोग (6th CPC) के बाद विभिन्न संवर्गों में वेतनमानों के विलय (Merger of Pay Scales) के बाद शुरू हुआ था:रेलवे गार्ड कैडर का उदाहरण: एक कर्मचारी गुड्स गार्ड (Goods Guard) के रूप में सेवा में आया और बाद में पदोन्नत होकर पैसेंजर गार्ड और फिर कैडर के सबसे ऊंचे पद मेल/एक्सप्रेस गार्ड तक पहुंचा।वेतनमान का मर्जर: छठे वेतन आयोग ने गार्ड कैडर के इन सभी पदों को मिलाकर एक ही ग्रेड पे (₹4200 / पे मैट्रिक्स लेवल-6) में समाहित कर दिया।कर्मचारियों का दावा: कर्मचारियों का तर्क था कि पदोन्नति के बावजूद ग्रेड पे न बढ़ने के कारण उनका वास्तविक वित्तीय स्तर नहीं बढ़ा, इसलिए 10, 20 और 30 साल की सेवा पर उन्हें एमएसीपी के तहत अगला उच्च ग्रेड पे (₹4600 और ₹4800) मिलना चाहिए।ट्रिब्यूनल का फैसला: कैट (CAT) और उच्च न्यायालय ने शुरुआत में कर्मचारियों के पक्ष में फैसला दिया था, जिसके खिलाफ केंद्र सरकार और रेलवे प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी।सुप्रीम कोर्ट के फैसले के 3 मुख्य कानूनी आधारसुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने केंद्र सरकार की अपील स्वीकार करते हुए सेवा नियमों और एमएसीपी गाइडलाइंस की व्याख्या की:1. पैरा-8 का अनिवार्य नियम: एमएसीपी योजना (MACPS) का पैरा-8 स्पष्ट रूप से कहता है कि यदि किसी कैडर में समान ग्रेड पे वाले पदों पर भी नियमित पदोन्नति मिली है, तो उसे एमएसीपी की गणना में वित्तीय अपग्रेडेशन के बराबर गिना जाएगा।2. प्रमोशन केवल पैसे तक सीमित नहीं: अदालत ने कहा कि पदोन्नति में केवल वेतन वृद्धि ही नहीं, बल्कि चयन प्रक्रिया, उच्च जिम्मेदारियों का निर्वहन और पद की वरिष्ठता (Status) भी शामिल होती है।3. कैडर सीलिंग का उल्लंघन नहीं: जो कर्मचारी अपने कैडर की अंतिम प्रमोशनल पोस्ट तक पहुंच चुके हैं, वे उस कैडर के उच्चतम ग्रेड पे से ऊपर जाकर एमएसीपी का लाभ नहीं मांग सकते।कर्मचारियों को रिकवरी से बड़ी राहतफैसले में सुप्रीम कोर्ट ने उन कर्मचारियों को मानवीय आधार पर पूर्ण सुरक्षा प्रदान की है, जिन्हें पूर्व में ट्रिब्यूनल या हाई कोर्ट के आदेशों के तहत यह वित्तीय लाभ मिल चुका था। अदालत ने निर्देश दिया कि पहले से दिए गए लाभों के आधार पर कर्मचारियों से किसी भी प्रकार की वसूली (No Recovery) नहीं की जाएगी, हालांकि भविष्य के मामलों के लिए नियमों का कड़ाई से पालन किया जाएगा।8वें वेतन आयोग में क्यों उठ रही है इस विसंगति को दूर करने की मांग?सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद केंद्रीय कर्मचारी संगठनों और यूनियनों ने 8वें वेतन आयोग के समक्ष इस मुद्दे को प्राथमिकता से उठाने की तैयारी शुरू कर दी है।कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि 6वें और 7वें वेतन आयोग में पदों के विलय से उत्पन्न हुई 'स्टैग्नेशन' (कैरियर में ठहराव) की समस्या को दूर किया जाए और एमएसीपी को सामान्य पे-लेवल के बजाय वास्तविक 'प्रमोशनल हायरार्की' (Promotional Hierarchy) के आधार पर पुनर्गठित किया जाए, ताकि वर्षों की सेवा के बाद भी कर्मचारियों का वित्तीय विकास बाधित न हो।
अक्सर लोगों को लगता है कि करोड़पति बनने या रिटायरमेंट पर एक करोड़ रुपये का भारी-भरकम फंड तैयार करने के लिए हर महीने बहुत बड़ी रकम निवेश करनी पड़ती है। हालांकि, वित्तीय अनुशासन और सही समय पर शुरू की गई योजना इस बड़े लक्ष्य को बेहद आसान बना देती है। यदि आप अपनी मासिक आय में से रोजाना केवल ₹200 बचाकर हर महीने ₹6,000 की म्यूचुअल फंड एसआईपी (Systematic Investment Plan) शुरू करते हैं, तो इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में मिलने वाले अनुमानित 12% सालाना रिटर्न और 'पावर ऑफ कंपाउंडिंग' के दम पर रिटायरमेंट तक आपके हाथ में ₹1 करोड़ से अधिक का फंड तैयार हो सकता है।₹6,000 की मंथली SIP से ₹1 करोड़: समझें समय और रिटर्न का पूरा गणितलंबी अवधि के इक्विटी म्यूचुअल फंड्स (लार्ज कैप, फ्लेक्सी कैप या इंडेक्स फंड्स) ने ऐतिहासिक रूप से औसतन 12% का वार्षिक चक्रवृद्धि रिटर्न (CAGR) दिया है।यदि कोई निवेशक हर महीने बिना रुके ₹6,000 का निवेश जारी रखता है, तो समय के साथ उसका कॉर्पस इस प्रकार तैयार होता है:निवेश अवधि (Years)कुल जमा मूलधन (Total Investment)अनुमानित रिटर्न (@ 12% p.a.)कुल मैच्योरिटी फंड (Expected Corpus)10 वर्ष₹7,20,000₹6,72,234₹13,92,234 (~₹14 लाख)15 वर्ष₹10,80,000₹19,07,678₹29,87,678 (~₹30 लाख)20 वर्ष₹14,40,000₹45,54,923₹59,94,923 (~₹60 लाख)25 वर्ष₹18,00,000₹95,85,811₹1,13,85,811 (~₹1.14 करोड़)कंपाउंडिंग का असली जादू: जेब से ₹18 लाख, रिटर्न मिला ₹95 लाख से ज्यादा!ऊपर दिए गए आंकड़ों से स्पष्ट है कि 25 वर्षों के दौरान निवेशक की अपनी जेब से कुल लागत सिर्फ ₹18 लाख जाती है। बाकी के ₹95.85 लाख केवल चक्रवृद्धि ब्याज और बाजार की कंपाउंडिंग ग्रोथ से बनते हैं।शुरुआती 10 वर्षों में जहां कुल फंड ₹14 लाख तक ही पहुंचता है, वहीं अगले 15 वर्षों में कंपाउंडिंग की रफ्तार इतनी तेज हो जाती है कि फंड सीधे ₹1.14 करोड़ के पार निकल जाता है। यही कारण है कि महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने कंपाउंडिंग को 'दुनिया का आठवां अजूबा' कहा था।'स्टेप-अप SIP' से 25 साल का सफर 18-20 साल में कैसे पूरा करें?यदि आप 25 साल तक का लंबा इंतजार नहीं करना चाहते और जल्दी करोड़पति बनना चाहते हैं, तो आप स्टेप-अप एसआईपी (Step-up SIP) का विकल्प चुन सकते हैं:हर साल 10% की बढ़ोतरी: अपनी सैलरी में होने वाले सालाना इंक्रीमेंट के साथ एसआईपी राशि में भी हर साल 10% का इजाफा करें।तेज ग्रोथ: पहले साल ₹6,000 प्रति माह, दूसरे साल ₹6,600 प्रति माह, तीसरे साल ₹7,260 प्रति माह और इसी क्रम में आगे बढ़ें।परिणाम: 10% स्टेप-अप जोड़ने से ₹1 करोड़ का लक्ष्य 25 साल के बजाय मात्र 18 से 20 वर्ष के भीतर ही हासिल हो जाता है।₹1 करोड़ का लक्ष्य हासिल करने के लिए 4 जरूरी गोल्डन रूल्सम्यूचुअल फंड में निवेश करते समय इन बुनियादी बातों का ध्यान रखना आवश्यक है:1. मार्केट में गिरावट पर एसआईपी कभी न रोकें: शेयर बाजार में आने वाली गिरावट (Market Dip) एसआईपी निवेशकों के लिए वरदान साबित होती है क्योंकि कम एनएवी (NAV) पर अधिक यूनिट्स अलॉट होती हैं।2. डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो चुनें: अपने ₹6,000 के मासिक निवेश को एक ही फंड में लगाने के बजाय 2-3 अच्छे फंड्स—जैसे 1 निफ्टी 50 इंडेक्स फंड, 1 फ्लेक्सी कैप फंड और 1 मिड कैप/मल्टी कैप फंड—में विभाजित करें।3. ऑटो-डेबिट मोड चालू रखें: सैलरी क्रेडिट होने के अगले ही दिन (1 से 5 तारीख के बीच) एसआईपी की तारीख सेट करें ताकि बचत अपने आप पहले हो जाए और बाकी बचे पैसे ही खर्च हों।4. लॉन्ग-टर्म टैक्स का ध्यान रखें: इक्विटी म्यूचुअल फंड्स पर ₹1.25 लाख से अधिक के सालाना लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) पर 12.5% टैक्स लागू होता है, जिसे रिडीम करते समय ध्यान में रखना चाहिए।यदि आप 25 से 30 वर्ष की आयु में हैं, तो आज से ही ₹6,000 की मासिक एसआईपी शुरू करके आप अपने रिटायरमेंट को पूरी तरह आर्थिक रूप से सुरक्षित और तनावमुक्त बना सकते हैं।
क्या आपके बच्चे भी YouTube पर चैलेंज वीडियो देखते हैं? मेरठ में दो मासूम बच्चों ने 'सीक्रेट हाउस' गेम देखकर 24 घंटे तक छिपे रहने का प्लान बना लिया और घर से निकल गए.
'वर्ल्ड कप रिहर्सल नहीं', श्रीजेश का हॉकी मैनेजमेंट पर फूटा गुस्सा
भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों के वर्ल्ड कप से सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर होने के बाद पूर्व गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने हॉकी मैनेजमेंट पर तीखा हमला बोला है. पुरुष टीम अर्जेंटीना से 3-5 से हारी और महिला टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ के बाद बाहर हुई. श्रीजेश ने कोचिंग, तैयारी और जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाए.
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग (Department of Expenditure - DoE) ने केंद्रीय कर्मचारी समूह बीमा योजना यानी CGEGIS-1980 (Central Government Employees Group Insurance Scheme) को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा तय की गई 7.1% वार्षिक ब्याज दर (त्रैमासिक चक्रवृद्धि / Compounded Quarterly) के आधार पर 3 महीने की अवधि के लिए सेविंग्स फंड की नई 'टेबल ऑफ बेनिफिट्स' (Tables of Benefits) को प्रभावी कर दिया गया है।इस नई गणना तालिका के जारी होने से उन सभी केंद्रीय कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा जो इस तिमाही के दौरान सेवानिवृत्त (Retire) हो रहे हैं, इस्तीफा दे रहे हैं या जिनकी किसी कारणवश सेवा समाप्त हो रही है।क्या है CGEGIS योजना और कैसे बंटता है आपका मासिक प्रीमियम?केंद्रीय कर्मचारी समूह बीमा योजना-1980 पूरी तरह से एक 'सेल्फ-फाइनेंसिंग' और 'कंट्रिब्यूटरी' योजना है, जिसका दोहरा उद्देश्य कर्मचारियों को बेहद कम लागत पर जीवन बीमा कवर देना और सेवा समाप्ति पर एकमुश्त बचत राशि लौटाना है:दो हिस्सों में बंटवारा (70:30 अनुपात): कर्मचारी के वेतन से कटने वाले कुल मासिक प्रीमियम का 30% हिस्सा बीमा कोष (Insurance Fund) में जाता है, जो सेवा के दौरान अप्रत्याशित मृत्यु की स्थिति में परिवार को आर्थिक सुरक्षा देता है।70% सेविंग्स फंड (Savings Fund): बाकी का 70% हिस्सा बचत कोष में जमा होता रहता है, जिस पर सरकार द्वारा अधिसूचित दर (वर्तमान में 7.1%) से त्रैमासिक चक्रवृद्धि ब्याज जुड़ता है।रिटायरमेंट पर भुगतान: सेवा पूरी होने या सेवानिवृत्ति पर कर्मचारी को इसी 70% सेविंग्स फंड की पूरी संचित राशि (ब्याज सहित) का एकमुश्त भुगतान किया जाता है।ग्रुप-वार मासिक कटौती और बीमा कवर की मौजूदा संरचना7वें वेतन आयोग के पे-मैट्रिक्स के तहत विभिन्न संवर्गों (Groups) के लिए तय की गई अंशदान दरें और यूनिट्स इस प्रकार हैं:कर्मचारी वर्ग (Cadre / Group)मासिक प्रीमियम कटौती (Subscription)योजना के तहत बीमा कवरग्रुप 'A' (Group A Officers)₹120 प्रति माह (8 यूनिट)₹1,20,000ग्रुप 'B' (Group B Gazetted/Non-Gaz.)₹60 प्रति माह (4 यूनिट)₹60,000ग्रुप 'C' (Group C Employees)₹30 प्रति माह (2 यूनिट)₹30,000ग्रुप 'D' (Group D - जहां लागू हो)₹15 प्रति माह (1 यूनिट)₹15,000(नोट: 1 जनवरी 1990 से ₹15 प्रति यूनिट की दर लागू है। जो कर्मचारी 1990 से पहले शामिल हुए थे और जिन्होंने पुरानी व्यवस्था चुनी थी, उनके लिए ₹10 प्रति माह का अलग गणना चार्ट लागू होता है)।7.1% ब्याज के साथ नई टेबल से कैसे तय होगा आपका पैसा?बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) द्वारा तैयार की गई इस त्रैमासिक टेबल में कर्मचारी के सेवा में शामिल होने के वर्ष (Year of Entry) और सेवा समाप्ति के महीने (Month of Cessation) के अनुसार प्रति यूनिट संचित मूल्य (Accumulated Value) दर्ज होता है:सेवा वर्ष का महत्व: यदि किसी कर्मचारी ने 1990, 2000 या 2010 में नौकरी शुरू की थी, तो 7.1% कंपाउंडिंग ब्याज के साथ 2026 के संबंधित महीने की तालिका में प्रति यूनिट एक निश्चित वैल्यू तय होती है।कुल भुगतान का फॉर्मूला:$$ ext{कुल सेविंग्स रिफंड} = ext{टेबल में दर्ज प्रति यूनिट राशि} imes ext{कर्मचारी के ग्रुप की कुल यूनिट्स}$$उदाहरण: यदि ग्रुप-ए का कोई अधिकारी रिटायर हो रहा है (जिसके पास 8 यूनिट्स हैं) और टेबल के अनुसार प्रति यूनिट संचित मूल्य ₹45,000 बनता है, तो उसे ₹3.60 लाख ($45,000 imes 8$) का एकमुश्त सेविंग्स फंड भुगतान मिलेगा।ऑडिट और अकाउंट्स विभागों पर भी लागू होंगे निर्देशव्यय विभाग के आधिकारिक ज्ञापन के अनुसार, भारतीय लेखापरीक्षा एवं लेखा विभाग (IA&AD) में कार्यरत कर्मचारियों के संदर्भ में यह आदेश संविधान के अनुच्छेद 148(5) के तहत भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (C&AG) के परामर्श के साथ लागू किए गए हैं।सभी केंद्रीय मंत्रालयों, रेलवे, रक्षा, डाक और स्वायत्त निकायों के आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (DDOs) को निर्देश दिया गया है कि वे मौजूदा 3 महीनों में सेवानिवृत्त होने वाले सभी कर्मचारियों के CGEGIS क्लेम का निस्तारण केवल इसी अद्यतन तालिका के आधार पर करें ताकि कर्मचारियों को उनके बचत फंड का सटीक और त्वरित भुगतान मिल सके।
साल 2016 में जब नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने महज 21 सदस्य बैंकों के साथ 'यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस' (UPI) का एक प्रायोगिक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था, तब शायद किसी ने नहीं सोचा था कि यह भारतीय नवाचार पूरी दुनिया के डिजिटल लेन-देन के तौर-तरीकों को हमेशा के लिए बदल कर रख देगा। अपने 10 गौरवशाली वर्षों के सफर में यूपीआई केवल नकदी का विकल्प नहीं बना, बल्कि भारत के वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) की वैश्विक रीढ़ बनकर उभरा है। सड़क किनारे चाय की थड़ी से लेकर बड़े-बड़े मॉल और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों तक, यूपीआई ने देश की जेब से निकलकर दुनिया के नक्शे पर अपनी अमिट छाप छोड़ दी है।शून्य से शीर्ष तक: आंकड़ों में यूपीआई का 10 वर्षों का ऐतिहासिक सफरयूपीआई की विकास यात्रा केवल आंकड़ों की वृद्धि नहीं, बल्कि आम नागरिकों के भरोसे और तकनीकी मजबूती की मिसाल है:पैमाना (Metric)वर्ष 2016 (शुरुआती दौर)वर्ष 2026 (10 साल बाद)वृद्धि का दायरामासिक ट्रांजैक्शन वॉल्यूम~10 लाख से 20 लाख15 अरब से 16.5 अरब8000+ गुना उछालमासिक ट्रांजैक्शन वैल्यू₹3 करोड़ से ₹50 करोड़₹20 लाख करोड़ से ₹23 लाख करोड़रिकॉर्डतोड़ स्तरलाइव सदस्य बैंककेवल 21 बैंक600+ से अधिक बैंकसंपूर्ण बैंकिंग नेटवर्कग्लोबल रियल-टाइम शेयर1% से भी कमदुनिया के कुल रियल-टाइम पेमेंट्स का ~48%वैश्विक नंबर-1दुनिया के डिजिटल पेमेंट्स में भारत का दबदबा: ग्लोबल लीडर बना यूपीआईवैश्विक वित्तीय संस्थाओं (जैसे वर्ल्ड बैंक और आईएमएफ) की रिपोर्टों के अनुसार, आज दुनिया में होने वाले कुल रियल-टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शंस का लगभग आधा हिस्सा अकेले भारत के यूपीआई नेटवर्क के जरिए प्रोसेस होता है। चीन, अमेरिका और यूरोप के बड़े भुगतान नेटवर्क भी ट्रांजैक्शन की गति और शून्य लागत वाले यूजर एक्सपीरियंस के मामले में यूपीआई के सामने पीछे छूट गए हैं।भारत का यह स्वदेशी पेमेंट आर्किटेक्चर अब एक ओपन-सोर्स ग्लोबल बेंचमार्क बन चुका है, जिसे कई विकसित और विकासशील देश अपने यहां लागू करने के लिए भारत के साथ द्विपक्षीय समझौते कर रहे हैं।वैश्विक स्तर पर यूपीआई का विस्तार: इन देशों में चल रहा है भारतीय क्यूआरभारत सरकार और एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) के प्रयासों से यूपीआई की सीमाएं अब भारत तक सीमित नहीं रही हैं:सिंगापुर (PayNow-UPI लिंकेज): सीमा पार धन प्रेषण (Cross-Border Remittance) के लिए पहला सीधा रियल-टाइम लिंकेज।संयुक्त अरब अमीरात (UAE): 'मशरREQ' और प्रमुख रिटेल आउटलेट्स पर फोनपे, गूगल पे और भीम यूपीआई से सीधे भुगतान।फ्रांस (यूरोप): एफिल टॉवर के टिकट काउंटर से लेकर प्रमुख लग्जरी रिटेल स्टोर्स तक यूपीआई की स्वीकृति।मॉरीशस, श्रीलंका, नेपाल और भूटान: पड़ोसी और मित्र देशों में स्थानीय मुद्राओं में क्यूआर कोड स्कैन कर सीधे भारतीय बैंक खातों से भुगतान की सुविधा।खाड़ी और दक्षिण-पूर्व एशिया: कतर, ओमान और मलेशिया जैसे देशों में तेजी से बढ़ता हुआ यूपीआई नेटवर्क।10 साल में कैसे बदला यूपीआई का इकोसिस्टम? नए फीचर्स ने दी नई रफ्तारसमय के साथ यूपीआई ने खुद को लगातार अपग्रेड किया है, जिससे यह हर वर्ग के उपयोगकर्ता के लिए बेहद सुलभ बन गया है:1. रूपे क्रेडिट कार्ड ऑन यूपीआई (RuPay Credit Card on UPI): बैंक खाते में बैलेंस न होने पर भी क्रेडिट कार्ड को यूपीआई से लिंक कर सीधे किसी भी मर्चेंट क्यूआर पर भुगतान करने की सुविधा।2. यूपीआई लाइट और ऑफलाइन पेमेंट्स (UPI Lite & Lite X): बिना इंटरनेट कनेक्टिविटी और बिना पिन दर्ज किए छोटे मूल्य (₹500 तक) के लेन-देन को पलक झपकते ही पूरा करने का सिस्टम।3. ऑटोपे (UPI AutoPay): ओटीटी सब्सक्रिप्शन, म्यूचुअल फंड एसआईपी, बिजली बिल और ईएमआई के लिए वन-क्लिक आवर्ती भुगतान (Recurring Payments)।4. यूपीआई 123पे (UPI 123Pay): बिना स्मार्टफोन और बिना इंटरनेट वाले सामान्य फीचर फोन उपयोगकर्ताओं के लिए आईवीआर (IVR) और मिस्ड-कॉल आधारित सुरक्षित पेमेंट प्रणाली।अर्थव्यवस्था की रीढ़ और कैशलेस समाज की दिशा में क्रांतियूपीआई ने भारत की अनौपचारिक अर्थव्यवस्था (Informal Economy) को मुख्यधारा की वित्तीय प्रणाली से जोड़कर बैंकिंग क्रांति ला दी है। छोटे रेहड़ी-पटरी वालों और किराना दुकानदारों को उनके यूपीआई ट्रांजैक्शन हिस्ट्री के दम पर आसानी से डिजिटल बिजनेस लोन (Micro-Credit) मिलने लगे हैं।10 साल का यह ऐतिहासिक सफर यह साबित करता है कि जब स्वदेशी तकनीक, दूरदर्शी सरकारी नीतियां और जनभागीदारी एक साथ मिलते हैं, तो भारत दुनिया का सबसे मजबूत और आधुनिक डिजिटल साम्राज्य खड़ा कर सकता है।
जब अधर्म पर धर्म की हुई थी विजय! जानें रामायण के 5 गौरवशाली क्षण
Hindu Dharam: रामायण केवल एक पौराणिक ग्रंथ नहीं, बल्कि धर्म, नीति, त्याग और मर्यादा का संदेश है. जहां आप जानेंगे रामायण के वे 5 सबसे गौरवशाली क्षण, जिन्होंने न केवल इतिहास रचा बल्कि मानवता को जीने की राह भी दिखाई.
RRB NTPC सीबीटी 1 का रिजल्ट जारी, इन वेबसाइट्स पर तुरंत करें चेक
RRB NTPC CBT 1 Result: रेलवे बोर्ड की तरफ से आरआरबी एनटीपीसी (NTPC) सीबीटी-1 परीक्षा का रिजल्ट घोषित कर दिया गया है. उम्मीदवार अपने जोन की वेबसाइट पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं.
आगामी त्योहारी सीजन से पहले चीनी की खुदरा और थोक कीमतों में आए अचानक उछाल को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने बहुस्तरीय नीतिगत कदम उठाने की तैयारी तेज कर दी है। बाजार सूत्रों और नीतिगत गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, घरेलू बाजार में अनुचित मुनाफाखोरी रोकने के लिए चीनी की अधिकतम बिक्री कीमत पर सांकेतिक या प्रत्यक्ष कैपिंग (Price Capping) लगाने और मिलों के मासिक रिलीज कोटे (Monthly Release Quota) में समायोजन पर विचार किया जा रहा है। इस बीच, सरकार द्वारा जमाखोरी पर लगाम लगाने के लिए थोक उपभोक्ताओं की स्टॉक लिमिट घटाने और 10 लाख मीट्रिक टन रॉ शुगर के ड्यूटी-फ्री आयात (TRQ) की अनुमति से थोक मंडियों में रिकॉर्ड स्तरों से ₹400 से ₹500 प्रति क्विंटल तक का सुधार देखने को मिला है। दूसरी ओर, मिलों के मजबूत रियलाइजेशन और त्योहारी मांग के दम पर शेयर बाजार में चीनी कंपनियों के शेयर 10% से 13% तक उछल गए हैं।कीमतों को थामने के लिए सरकार के 3 बड़े नीतिगत फैसलेखाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली के दौरान मिठाई व फूड प्रोसेसिंग उद्योग में बढ़ने वाली मांग को ध्यान में रखते हुए आक्रामक कदम उठाए हैं:1. स्टॉक लिमिट में 50% की कटौती: 1 सितंबर से 30 नवंबर तक प्रति माह 10 मीट्रिक टन से अधिक खपत करने वाले बड़े औद्योगिक और संस्थागत खरीदारों (जैसे बेवरेज, कन्फेक्शनरी और स्वीटमेकर्स) के लिए अधिकतम इन्वेंट्री रखने की सीमा 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दी गई है।2. ड्यूटी-फ्री रॉ शुगर इंपोर्ट (TRQ): अंतरराष्ट्रीय बाजारों से कच्ची चीनी आयात कर उसे स्थानीय रिफाइनरियों में प्रोसेस कर तुरंत घरेलू आपूर्ति बढ़ाने के लिए टैरिफ रेट कोटा के तहत शून्य आयात शुल्क की व्यवस्था लागू की गई है।3. अर्ली क्रशिंग सीजन: उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की चीनी मिलों को 2026-27 पेराई सत्र 10 से 15 दिन पहले (अक्टूबर की शुरुआत में) चालू करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बाजार में नई चीनी की आवक समय से शुरू हो सके।थोक मंडियों में उतार-चढ़ाव: ₹5,800 के रिकॉर्ड हाई से फिसले भावअगस्त के दौरान दिल्ली, मुजफ्फरनगर, कानपुर और कोलकाता की थोक मंडियों में चीनी के भाव ₹5,800 से ₹6,000 प्रति क्विंटल के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच गए थे, जिसके कारण खुदरा बाजार में चीनी ₹58 से ₹65 प्रति किलो तक बिकने लगी थी।सरकार की कड़ी निगरानी और 15-दिवसीय स्टॉक लिमिट के नियम के बाद सट्टेबाजी और अनावश्यक जमाखोरी पर लगाम लगी है। थोक कारोबारियों द्वारा अतिरिक्त स्टॉक खाली करने से प्रमुख उत्तर भारतीय मंडियों में प्रति क्विंटल दामों में ₹300 से ₹500 की नरमी दर्ज की गई है, जिससे खुदरा कीमतों में भी राहत मिलने की उम्मीद जगी है।शेयर बाजार में क्यों आई चीनी कंपनियों में 10% तक की तेजी?कमोडिटी मार्केट में उतार-चढ़ाव और सरकारी नियमों के बीच दलाल स्ट्रीट पर शुगर स्टॉक्स में निवेशकों की जोरदार लिवाली देखी गई है:बलरामपुर चीनी मिल्स (Balrampur Chini): 10% से 13% की इंट्राडे तेजी के साथ नए स्तरों पर कारोबार।बजाज हिंदुस्तान शुगर (Bajaj Hindusthan Sugar): 8.7% से 9.3% का उछाल।द्वारिकेश शुगर (Dwarikesh Sugar): 6.5% से 12.6% तक की मजबूत बढ़त।श्री रेणुका शुगर्स, मवाना शुगर्स और त्रिवेणी इंजीनियरिंग: 5% से 10% के दायरे में मजबूती।बाजार विश्लेषकों का मानना है कि पिछले पेराई सत्र में कम उत्पादन, एथेनॉल ब्लेंडिंग (E20) के लिए फीडस्टॉक के डायवर्जन और त्योहारी सीजन में मजबूत मांग के चलते मिलों को मिलने वाले एक्स-फैक्ट्री रेट्स (Ex-Mill Price Realisations) काफी मजबूत बने हुए हैं। भले ही सरकार कीमतों पर कैपिंग या निगरानी लगाए, लेकिन मिलों का मार्जिन और कैश फ्लो चालू तिमाही में बेहतर रहने की उम्मीद है, जिससे शुगर सेक्टर पर निवेशकों का भरोसा कायम है।
केंद्र सरकार के 1 करोड़ से अधिक सेवारत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission - 8th CPC) को लेकर चर्चाएं बेहद तेज हो गई हैं। कर्मचारी संगठनों और राष्ट्रीय संयुक्त सलाहकार तंत्र (NC-JCM) द्वारा सरकार के समक्ष रखी गई मांगों के बाद निचले वेतनमान यानी पे मैट्रिक्स के लेवल-1, लेवल-2 और लेवल-3 के कर्मचारियों के वेतन में सबसे बड़े उछाल की उम्मीद जताई जा रही है। यदि आयोग की सिफारिशों में फिटमेंट फैक्टर को पूर्व अनुमानों के अनुरूप स्वीकृति मिलती है, तो ग्रुप-सी और शुरुआती स्तर के कर्मियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी दोगुनी तक पहुंच सकती है, जिससे उनके करियर और पदोन्नति (Career Progression) को बुलेट ट्रेन जैसी रफ्तार मिलने की संभावना है।फिटमेंट फैक्टर का गणित: बेसिक सैलरी में कितना आएगा उछाल?वेतन आयोग में कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी और मूल वेतन (Basic Pay) में होने वाली बढ़ोतरी का मुख्य आधार फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) होता है। 7वें वेतन आयोग में 2.57 के कॉमन फिटमेंट फैक्टर के आधार पर न्यूनतम वेतन को ₹7,000 से बढ़ाकर ₹18,000 किया गया था।8वें वेतन आयोग के लिए कर्मचारी संगठनों द्वारा 1.92 से लेकर 2.86 तक के विभिन्न फिटमेंट फैक्टर मॉडल्स का प्रस्ताव रखा गया है:वेतन स्तर (Pay Level)7वें वेतन आयोग में न्यूनतम बेसिक1.92 फिटमेंट फैक्टर पर बेसिक2.57 फिटमेंट फैक्टर पर बेसिक2.86 फिटमेंट फैक्टर पर बेसिकLevel-1 (Grade Pay ₹1800)₹18,000₹34,560₹46,260₹51,480Level-2 (Grade Pay ₹1900)₹19,900₹38,208₹51,143₹56,914Level-3 (Grade Pay ₹2000)₹21,700₹41,664₹55,769₹62,062Level-1, Level-2 और Level-3 के कर्मचारियों को क्यों मिलेगा सबसे बड़ा फायदा?केंद्रीय सेवाओं में रेलवे ट्रैकमैन, खलासी, मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS), लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC), अपर डिवीजन क्लर्क (UDC), पोस्टल असिस्टेंट और अर्धसैनिक बलों (CAPF) के जवान लेवल-1 से लेकर लेवल-3 के दायरे में आते हैं।इन श्रेणियों के कर्मचारियों को मिलने वाले मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:न्यूनतम जीवन निर्वाह वेतन (Living Wage): महंगाई के मौजूदा सूचकांक (AICPI-IW) को ध्यान में रखते हुए आयोग का मुख्य फोकस निचले पायदान के कर्मचारियों की क्रय शक्ति (Purchasing Power) को मजबूत करना है, जिससे इनके वेतन का प्रतिशत उछाल उच्च अधिकारियों की तुलना में अधिक रहने का अनुमान है।महंगाई भत्ते (DA) का बेसिक में विलय: वेतन आयोग लागू होने के समय मौजूदा महंगाई भत्ते को शून्य कर दिया जाता है और उसे मूल वेतन में समाहित कर नया पे-मैट्रिक्स तैयार किया जाता है, जिससे भविष्य में मिलने वाले 3% या 4% डीए हाइक की मौद्रिक वैल्यू सीधे दोगुनी हो जाएगी।एचआरए और भत्तों में भारी वृद्धि: बेसिक सैलरी बढ़ते ही मकान किराया भत्ता (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA), चिल्ड्रन्स एजुकेशन अलाउंस (CEA) और ओवरटाइम भत्ते भी स्वतः उसी अनुपात में बढ़ जाएंगे।संशोधित MACP सिस्टम और प्रमोशन की रफ्तारवेतन वृद्धि के अलावा लेवल-1, 2 और 3 के कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ा बदलाव उनके करियर ग्रोथ और पदोन्नति के नियमों में प्रस्तावित किया जा रहा है।वर्तमान में लागू मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (MACP) योजना के तहत कर्मचारियों को 10, 20 और 30 साल की सेवा पर वित्तीय अपग्रेडेशन दिया जाता है। कर्मचारी यूनियनों ने मांग की है कि निचले स्तर पर काम करने वाले कर्मियों में लंबे समय तक एक ही पद पर बने रहने की समस्या (Stagnation) को खत्म करने के लिए एमएसीपी की समय-सीमा को घटाकर प्रत्येक 7 या 8 वर्ष किया जाए। इससे लेवल-1 का कर्मचारी अपने करियर के शुरुआती 15 वर्षों के भीतर ही लेवल-4 या लेवल-5 के पे-स्केल तक आसानी से पहुंच सकेगा।पेंशन और ग्रेच्युटी फंड पर सीधा असरबेसिक सैलरी में होने वाली इस ऐतिहासिक बढ़ोतरी का सीधा सकारात्मक प्रभाव रिटायरमेंट बेनिफिट्स पर भी पड़ेगा। कर्मचारियों की ग्रेच्युटी की गणना नए बेसिक पे के आधार पर होगी, वहीं लीव इनकैशमेंट और पेंशन फंड के मासिक संचय में भी भारी इजाफा होगा, जिससे कर्मचारियों को सेवाकाल और रिटायरमेंट दोनों स्तरों पर पूर्ण वित्तीय सुरक्षा प्राप्त होगी।
मिजोरम के 'मिजो मैरिज, डिवोर्स एंड इनहेरिटेंस ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट, 2014' को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई।
तेज हवाएं, बिजली और आंधी-तूफान... मौसम विभाग ने पूरे देश में जारी किया भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने 25 से 30 अगस्त तक देश के बड़े हिस्से में भारी बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं का अनुमान जताया है।
इस साल सबसे कमजोर मानसून का खतरा: भारत में अल नीनो का व्यापक असर, कम बारिश से खरीफ फसलों की पैदावार पर असर
ट्रेन में लंबी दूरी की यात्रा के दौरान गर्भवती महिलाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती ऊपर या मिडिल बर्थ पर चढ़ना और उतरना होता है। यात्रा को सुरक्षित, सुगम और आरामदायक बनाने के लिए भारतीय रेलवे ने गर्भवती महिलाओं, 45 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष नियम और लोअर बर्थ (निचली सीट) के लिए विशेष कोटा निर्धारित किया हुआ है। कई बार जानकारी के अभाव में लोग सामान्य कोटे में टिकट बुक कर लेते हैं और मिडिल या अपर बर्थ मिलने पर परेशानी का सामना करते हैं। यदि आप भी किसी गर्भवती महिला के लिए टिकट बुक कर रहे हैं या यात्रा के दौरान लोअर बर्थ प्राप्त करना चाहते हैं, तो रेलवे के नियमों और पूरी प्रक्रिया को समझना बेहद जरूरी है।प्रति कोच कितनी लोअर बर्थ आरक्षित होती हैं?रेलवे बोर्ड के नियमों के अनुसार, हर मेल और एक्सप्रेस ट्रेन के विभिन्न क्लास कोचों में सीनियर सिटीजन, 45 वर्ष से अधिक उम्र की अकेली महिला यात्रियों और गर्भवती महिलाओं के लिए एक संयुक्त 'लोअर बर्थ कोटा' (Lower Berth / Female Quota) आरक्षित रहता है:स्लीपर क्लास (Sleeper Class): प्रत्येक कोच में लगभग 6 से 7 लोअर बर्थ।थर्ड एसी (3AC / 3 Economy): प्रत्येक कोच में 4 से 5 लोअर बर्थ।सेकंड एसी (2AC): प्रत्येक कोच में 3 से 4 लोअर बर्थ।यह कोटा विशेष रूप से जरूरतमंद यात्रियों के लिए ही सुरक्षित रखा जाता है, ताकि उन्हें यात्रा के दौरान सीढ़ियां चढ़ने की असुविधा न उठानी पड़े।पीआरएस (PRS) काउंटर से लोअर बर्थ बुक करने की प्रक्रियायदि आप रेलवे स्टेशन के आरक्षण केंद्र (PRS Counter) से जाकर टिकट बुक कर रहे हैं, तो गर्भवती महिलाओं के लिए लोअर बर्थ प्राप्त करने की प्रक्रिया सबसे आसान और प्रभावी मानी जाती है:1. आरक्षण फॉर्म भरें: रेलवे के सामान्य रिजर्वेशन फॉर्म में महिला यात्री का नाम, आयु और यात्रा विवरण दर्ज करें।2. मेडिकल सर्टिफिकेट संलग्न करें: इस कोटे का लाभ उठाने के लिए पंजीकृत डॉक्टर (Registered Medical Practitioner) द्वारा जारी वैध गर्भावस्था प्रमाण पत्र (Medical Certificate) फॉर्म के साथ प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है।3. लोअर बर्थ प्राथमिकता: काउंटर क्लर्क सिस्टम में मेडिकल दस्तावेज की पुष्टि कर उपलब्ध कोटे के तहत सीधे लोअर बर्थ आवंटित कर देता है।IRCTC पोर्टल और मोबाइल ऐप से ऑनलाइन टिकट बुकिंग का तरीकाआईआरसीटीसी (IRCTC) के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक करते समय भी लोअर बर्थ सुनिश्चित करने के लिए कुछ तकनीकी विकल्पों का सही चयन करना जरूरी होता है:ऑटोमैटिक अलॉटमेंट सिस्टम: आईआरसीटीसी का पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) सॉफ्टवेयर इस तरह डिजाइन किया गया है कि यदि 45+ उम्र या अकेले सफर करने वाली महिला के साथ लोअर बर्थ का विकल्प चुना जाए, तो सिस्टम उपलब्धता के आधार पर पहले लोअर बर्थ ही आवंटित करता है।'Book only if at least one lower berth is allotted': बुकिंग करते समय 'Reservation Choice' सेक्शन में जाकर इस विकल्प को टिक करें। इससे फायदा यह होता है कि यदि ट्रेन में लोअर बर्थ खाली नहीं होगी, तो टिकट बुक ही नहीं होगा और आपको मजबूरी में अपर या मिडिल बर्थ नहीं मिलेगी।सफर के दौरान अपर या मिडिल बर्थ मिले तो TTE से कैसे बदलवाएं सीट?यदि किसी कारणवश टिकट बुक करते समय लोअर बर्थ नहीं मिल पाई और टिकट पर मिडिल (Middle) या अपर (Upper) बर्थ अलॉट हो गई है, तो यात्रा के दौरान भी रेलवे नियमों के तहत सीट बदलवाने का अधिकार मिलता है:टीटीई (TTE) का आधिकारिक कर्तव्य: रेलवे बोर्ड के नियमों के तहत ट्रेन में चलने वाले टिकट चेकिंग स्टाफ (TTE) को यह स्पष्ट निर्देश हैं कि यदि ट्रेन के चार्ट बनने के बाद या यात्रा के दौरान कोई भी लोअर बर्थ खाली होती है (जैसे किसी यात्री के न आने पर या कैंसिलेशन के कारण), तो वह सीट सबसे पहले प्राथमिकता के आधार पर गर्भवती महिला, दिव्यांग या वरिष्ठ नागरिक को आवंटित की जाएगी।कैसे संपर्क करें: ट्रेन में सवार होते ही अपने कोच के टीटीई को महिला यात्री की स्थिति के बारे में बताएं और डॉक्टर का पर्चा दिखाकर उपलब्ध खाली लोअर बर्थ पर री-अलॉटमेंट का अनुरोध करें।रेल मदद (RailMadad 139): यदि टीटीई सहयोग न करे या आपातकालीन स्थिति हो, तो यात्री तुरंत हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल कर सकते हैं या 'RailMadad' ऐप पर अपनी पीएनआर (PNR) संख्या के साथ सहायता का अनुरोध दर्ज कर सकते हैं। कंट्रोल रूम से तुरंत ऑन-बोर्ड स्टाफ को निर्देश भेजा जाता है।यात्रियों के लिए जरूरी सुझावगर्भवती महिलाओं के साथ यात्रा करते समय हमेशा डॉक्टर द्वारा जारी मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन, आईडी प्रूफ और आपातकालीन दवाइयां साथ रखें। यात्रा से कुछ दिन पहले ही टिकट बुक करने का प्रयास करें ताकि कोटे की सीटें उपलब्ध मिल सकें। रेलवे के इन नियमों की सही जानकारी होने पर यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और तनावमुक्त बनाया जा सकता है।
250 करोड़ की जमीन, 128 फ्लैट-VIP मालिक! रुस्तमजी क्राउन पर क्यों चला हथौड़ा
BMC ने सोमवार को प्रभादेवी स्थित लग्जरी रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स 'रुस्तमजी क्राउन' के कुछ फ्लैट्स में कथित तौर पर बिना मंजूरी के किए गए बदलावों पर बड़ी कार्रवाई की है.
BGMI Lite का प्री-रजिस्ट्रेशन शुरू, जान लें तरीका, इतना अलग होगा गेम
BGMI Lite का Android यूजर्स के लिए प्री-रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है. जानें कैसे साइन अप करें, डाउनलोड साइज कितना होगा और गेम में क्या खास मिलेगा.
जामनगर में पैसों के विवाद में रिश्ते का कत्ल, भाई जैसे दोस्त ने गला रेता
गुजरात के जामनगर में पैसों के विवाद में एक शख्स ने अपने माने हुए भाई चंद्रसिंह राठौड़ की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी. मृतक की पत्नी ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. पढ़ें इस वारदात की खूनी कहानी.
कचरे में फेंकी एक्सपायर्ड चॉकलेट की मची लूट, बोरे में भर ले गए लोग- VIDEO
कानपुर के पनकी इंडस्ट्रियल एरिया में एक्सपायर्ड चॉकलेट और टॉफियां लेने के लिए लोगों की भीड़ जुटने का वीडियो वायरल हो रहा है. दावा है कि एक फैक्ट्री मालिक ने बिक्री के लिए अनुपयुक्त चॉकलेट-टॉफियों को डंपिंग साइट के पास फेंक दिया था.
Kota: मिड-डे मील पर सवाल, 27 बच्चों की तबीयत बिगड़ी
कोटा के पूनिया देवरिया सरकारी स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद 27 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई. 14 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. बच्चों ने कद्दू की सब्जी के बाद परेशानी की बात कही, जबकि प्रशासन ने कारण की जांच शुरू कर दी है. वीडियो में जानें पूरा मामला.
गुरुग्राम में रहने वाले एक शख्स ने अफसोस जताया कि भारी बारिश के बीच आठ किलोमीटर की आने-जाने की यात्रा के लिए उन्हें ट्रैफिक में चार घंटे बिताने पड़े.
नया स्टार्टअप शुरू करते समय हर फाउंडर के सामने कई तरह की चुनौतियां होती हैं—प्रोडक्ट तैयार करना, फंडिंग जुटाना, टीम बनाना और ग्राहकों तक पहुंचना। हालांकि, अधिकांश शुरुआती फाउंडर्स जिस एक फैसले पर सबसे ज्यादा समय, ऊर्जा और शुरुआती पूंजी (Capital) फंसा देते हैं, वह है—ऑफिस स्पेस का चयन। कई बार जोश में आकर लंबी अवधि के लिए महंगा कमर्शियल स्पेस लीज पर ले लेना या गलत लोकेशन चुन लेना स्टार्टअप के शुरुआती 'कैश बर्न' (Cash Burn Rate) को खतरनाक स्तर तक बढ़ा देता है। एक गलत ऑफिस स्पेस का फैसला कई महीनों के रनवे को खत्म कर सकता है।शुरुआती स्टार्टअप्स के पास उपलब्ध 4 मुख्य वर्कस्पेस विकल्पफाउंडर्स को अपनी टीम के आकार, फंडिंग स्थिति और कार्य प्रकृति के अनुसार उपलब्ध विकल्पों का सही मूल्यांकन करना चाहिए:1. रिमोट या हाइब्रिड मॉडल (Remote / Hybrid Model):किसके लिए उपयुक्त: शुरुआती स्टेज वाले टेक, सॉफ्टवेयर और डिजिटल स्टार्टअप्स के लिए जहां सभी कर्मचारी लैपटॉप से काम कर सकते हैं।फायदा: शून्य फिक्स्ड रेंट, देश भर से बेहतरीन प्रतिभाओं को हायर करने की आजादी और कम बर्न रेट।2. वर्चुअल ऑफिस (Virtual Office):किसके लिए उपयुक्त: वे फाउंडर्स जो घर से काम कर रहे हैं लेकिन कंपनी रजिस्ट्रेशन (MCA/GST) और क्लाइंट इंप्रेशन के लिए एक प्राइम बिजनेस एड्रेस चाहते हैं।फायदा: बहुत कम मासिक खर्च (₹1,000 से ₹2,500/माह) में लीगल एड्रेस और मेल हैंडलिंग की सुविधा।3. को-वर्किंग स्पेस (Coworking Space):किसके लिए उपयुक्त: 2 से 15 सदस्यों वाली ऐसी टीमें जिन्हें हफ्ते में कुछ दिन एक साथ बैठकर काम करने और क्लाइंट मीटिंग्स की जरूरत होती है।फायदा: प्लग-एंड-प्ले सेटअप (इंटरनेट, बिजली, एसी, मीटिंग रूम, कैफेटेरिया पहले से तैयार), कोई भारी सिक्योरिटी डिपॉजिट नहीं और 'पे-पर-सीट' (Pay-per-seat) की लचीली सुविधा।4. इंडिपेंडेंट कमर्शियल लीज (Traditional Leased Office):किसके लिए उपयुक्त: सीरीज-ए/बी फंडेड कंपनियां या 20+ सदस्यों वाली स्थापित टीमें जिनकी ब्रांड पहचान और डेटा प्राइवेसी की सख्त जरूरतें हों।चुनौती: 6-11 महीने का सिक्योरिटी डिपॉजिट, 3 से 5 साल का लॉक-इन पीरियड और इंटीरियर/रखरखाव की भारी लागत।स्टार्टअप्स के विभिन्न मॉडल्स की तुलनावर्कस्पेस मॉडलशुरुआती लागत (Upfront Cost)लॉक-इन व कमिटमेंटटीम फ्लेक्सिबिलिटीक्लाइंट क्रेडिबिलिटीरिमोट / वर्क फ्रॉम होमशून्यकोई कमिटमेंट नहींअसीमित (ग्लोबल)कमवर्चुअल ऑफिसबेहद कम (केवल सब्सक्रिप्शन)मासिक / वार्षिकव्यक्तिगतमध्यम से उच्चको-वर्किंग स्पेसकम (1-2 माह का डिपॉजिट)1 से 11 महीनेबहुत आसान (सीट घटाएं/बढ़ाएं)उच्चपारंपरिक लीज ऑफिसअत्यधिक (डिपॉजिट + इंटीरियर)3 से 5 सालकठिनअत्यधिक उच्चसही ऑफिस स्पेस चुनने के लिए 4 गोल्डन रूल्सफाउंडर्स को कोई भी एग्रीमेंट साइन करने से पहले इन व्यावहारिक नियमों का पालन करना चाहिए:फिक्स्ड कॉस्ट को रनवे के 10-15% से ज्यादा न होने दें: शुरुआती चरण में आपका कुल ऑफिस किराया कंपनी के कुल मासिक खर्च (Monthly Burn) के 10 से 15 प्रतिशत से अधिक कभी नहीं होना चाहिए। बूटस्ट्रैप्ड स्टार्टअप्स के लिए यह 5% से भी कम होना बेहतर है।लॉन्ग-टर्म लॉक-इन पीरियड से बचें: स्टार्टअप्स तेजी से बदलते हैं। हो सकता है 6 महीने में आपकी टीम 3 से बढ़कर 12 हो जाए या आपको पिवट (Pivot) करना पड़े। ऐसे में 2-3 साल के सख्त लॉक-इन एग्रीमेंट में फंसना आत्मघाती साबित हो सकता है।टैलेंट और कनेक्टिविटी की लोकेशन: ऑफिस ऐसी जगह होना चाहिए जहां मेट्रो स्टेशन, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और पार्किंग की आसान सुविधा हो ताकि मौजूदा टीम और भविष्य में इंटरव्यू के लिए आने वाले कैंडिडेट्स आसानी से पहुंच सकें।कम्युनिटी और नेटवर्किंग का फायदा: को-वर्किंग स्पेस चुनने का एक बड़ा फायदा यह होता है कि वहां अन्य फाउंडर्स, मेंटर्स, इन्वेस्टर्स और फ्रीलांसर्स के साथ आसान नेटवर्किंग का मौका मिलता है, जो शुरुआती दौर में बिजनेस पार्टनरशिप बनाने में मदद करता है।शुरुआती दिनों में फैंसी इंटीरियर और बड़े केबिन वाले ऑफिस से ज्यादा जरूरी अपने प्रोडक्ट और ग्राहकों पर ध्यान देना होता है। शुरुआत हमेशा लीन (Lean) और फ्लेक्सिबल स्पेस से करें, और जब रेवेन्यू व टीम स्थिर हो जाए, तभी स्थायी ऑफिस का रुख करें।
प्राइवेट और संगठित क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों वेतनभोगी कर्मचारियों के वेतन से हर महीने कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) और कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत कटौती की जाती है। ईपीएफओ (EPFO) के नियमों के अनुसार, जब कोई कर्मचारी अपने सेवाकाल में कम से कम 10 वर्ष (10 Years of Pensionable Service) का अंशदान पूरा कर लेता है, तो वह आजीवन मासिक पेंशन पाने का कानूनी हकदार बन जाता है।अक्सर कर्मचारियों के मन में यह सवाल रहता है कि अगर उनकी बेसिक सैलरी कम (जैसे ₹11,000) है और उन्होंने केवल 10 साल की सर्विस की है, तो रिटायरमेंट के बाद उन्हें हर महीने कितनी पेंशन राशि प्राप्त होगी। आइए ईपीएस-95 (EPS-95) के आधिकारिक फॉर्मूले से समझते हैं इसका सटीक हिसाब-किताब।पेंशन तय करने का आधिकारिक EPS-95 फॉर्मूलाईपीएफओ के तहत मासिक पेंशन का निर्धारण 'एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम 1995' के एक निश्चित फॉर्मूले के आधार पर किया जाता है:$$ ext{मासिक पेंशन} = frac{ ext{पेंशन योग्य वेतन (Pensionable Salary)} imes ext{पेंशन योग्य सेवा (Pensionable Service)}}{70}$$पेंशन योग्य वेतन (Pensionable Salary): नौकरी छोड़ने या रिटायर होने से पहले के अंतिम 60 महीनों (5 साल) के बेसिक वेतन और महंगाई भत्ते (DA) का औसत। (यह राशि अधिकतम ₹15,000 की वैधानिक सीमा के तहत आंकी जाती है)।पेंशन योग्य सेवा (Pensionable Service): कर्मचारी द्वारा ईपीएस फंड में कुल जितने वर्षों तक अंशदान दिया गया है।70 का भाजक (Divisor): यह ईपीएफओ द्वारा निर्धारित एक निश्चित गणितीय स्थिरांक (Actuarial Constant) है।10 साल की नौकरी और ₹11,000 बेसिक पर सटीक पेंशन की गणनायदि किसी कर्मचारी के पिछले 5 वर्षों का औसत मूल वेतन (बेसिक + डीए) ₹11,000 है और उसने ठीक 10 वर्ष की सेवा पूरी की है:पेंशन योग्य वेतन: ₹11,000पेंशन योग्य सेवा: 10 वर्षगणना: $(11,000 imes 10) div 70$कुल राशि: $1,10,000 div 70 = mathbf{₹1,571.42}$इस प्रकार, 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर कर्मचारी को जीवन भर लगभग ₹1,571 प्रति माह की निश्चित पेंशन मिलेगी।50 वर्ष की उम्र में 'अर्ली पेंशन' लेने पर कितना होगा नुकसान?ईपीएफओ नियमों के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी 58 वर्ष से पहले 50 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद समय से पूर्व (Early Pension) लेना चाहता है, तो उसे घटी हुई दर पर पेंशन मिलती है:58 वर्ष की आयु से जितने वर्ष पहले पेंशन शुरू की जाएगी, प्रति वर्ष 4% की कटौती लागू होगी।यदि कोई 50 वर्ष की आयु में ही पेंशन लेता है (8 वर्ष पूर्व), तो पेंशन में 32% (8 4%) की कटौती होगी।ऐसी स्थिति में ₹1,571 की जगह केवल ₹1,068 प्रति माह की पेंशन ही मिलेगी।पेंशन क्लेम करने की शर्तें और जरूरी नियममासिक पेंशन का लाभ लेने के लिए ईपीएफओ ने कुछ बुनियादी शर्तें तय की हैं:न्यूनतम 10 वर्ष का अंशदान: सेवा अवधि लगातार एक ही कंपनी में होना जरूरी नहीं है। अलग-अलग कंपनियों में काम करने के दौरान यूएएन (UAN) के जरिए सर्विस हिस्ट्री जुड़ती जाती है।न्यूनतम पेंशन की गारंटी: सरकार के वर्तमान नियमों के तहत ईपीएस-95 में न्यूनतम पेंशन ₹1,000 प्रति माह तय है।स्कीम सर्टिफिकेट (Scheme Certificate): यदि 10 साल की सर्विस के बाद 58 वर्ष की आयु होने में समय बाकी है और आप नौकरी छोड़ रहे हैं, तो ईपीएफओ से 'फॉर्म 10C' भरकर स्कीम सर्टिफिकेट जरूर प्राप्त कर लें। 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर 'फॉर्म 10D' भरकर ऑनलाइन पेंशन शुरू कराई जा सकती है।
तापी पन्नू के लीड रोल वाली ये फिल्म अनाउंसमेंट के बाद से ही चर्चा में थी अब रिलीज का वक्त नजदीक आया तो खबर आई कि फिल्म की कहानी असल में किसी और लेखक से चुराई हुई है.
सितंबर और अक्टूबर 2026 में त्योहार पर घर जाने वालों के लिए रेलवे ने बड़ा झटका दिया है. दरअसल, पश्चिम मध्य रेलवे के बीना स्टेशन यार्ड में तीसरी रेल लाइन जोड़ने का काम चलने की वजह से कई प्रमुख ट्रेनें निरस्त रहेंगी. ऐसे में यात्रा से पहले कैंसिल ट्रेनों की पूरी लिस्ट चेक कर लें, ताकि यात्रा के समय कोई परेशानी न हो.
नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) हमेशा से सबसे सुरक्षित और पसंदीदा रिटायरमेंट निवेश माध्यम रहा है। हाल ही में ईपीएफओ (EPFO) के नियमों, मौजूदा 8.25% सालाना ब्याज दर और ऑनलाइन रिटायरमेंट कैलकुलेटरों के जरिए सामने आई एक वित्तीय गणना ने वेतनभोगी वर्ग को हैरान कर दिया है। इस गणना से साफ हुआ है कि अगर कोई कर्मचारी अपने अनिवार्य पीएफ अंशदान के साथ केवल 10% अतिरिक्त राशि (VPF या स्टेप-अप कंट्रीब्यूशन) जोड़ता है, तो रिटायरमेंट पर मिलने वाला ₹50 लाख का सामान्य फंड कंपाउंडिंग के दम पर बढ़कर सीधे ₹1.2 करोड़ से अधिक का विशाल कॉर्पस बन सकता है।सामान्य पीएफ अंशदान का गणित: ₹50 लाख का फंड कैसे बनता है?ईपीएफओ के नियमों के तहत, कर्मचारी की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (DA) का 12% हिस्सा सीधे ईपीएफ खाते में जमा होता है। इतनी ही 12% राशि नियोक्ता (Employer) द्वारा भी दी जाती है, जिसमें से 3.67% ईपीएफ में और 8.33% कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जाता है।यदि कोई 25-28 वर्ष का युवा ₹25,000 से ₹30,000 के शुरुआती बेसिक पे पर नौकरी शुरू करता है और सामान्य 12% पीएफ कटौती जारी रखता है, तो 25 से 30 साल की सर्विस के दौरान 8.25% की वर्तमान ब्याज दर पर उसका कुल रिटायरमेंट फंड लगभग ₹48 लाख से ₹52 लाख के आसपास तैयार होता है।10% अतिरिक्त पीएफ (VPF) जोड़ते ही कैसे बदला पूरा खेल?वॉलंटरी प्रोविडेंट फंड (VPF) के जरिए कर्मचारियों को यह कानूनी अधिकार मिलता है कि वे अपनी मर्जी से 12% के अनिवार्य कोटे से अधिक (100% बेसिक तक) पीएफ कटवा सकते हैं।जब एक कर्मचारी अपने मूल वेतन का महज 10% अतिरिक्त हिस्सा वीपीएफ के रूप में जोड़ता है, तो गणना में एक बड़ा बदलाव आता है:मासिक बचत में मामूली अंतर: यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹30,000 है, तो 10% अतिरिक्त अंशदान का मतलब हर महीने केवल ₹3,000 की अतिरिक्त बचत होती है।सैलरी इंक्रीमेंट का प्रभाव: करियर के साथ हर साल मिलने वाले 5% से 7% वेतन वृद्धि (Annual Increment) के साथ यह छोटा-सा अतिरिक्त अंशदान भी आनुपातिक रूप से बढ़ता रहता है।कुल निवेश बनाम कुल रिटर्न: 25 से 30 वर्षों के पूरे सेवाकाल में कर्मचारी द्वारा जेब से दिया गया अतिरिक्त मूलधन केवल ₹15 से ₹18 लाख के आसपास होता है, लेकिन 8.25% की वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज दर के कारण यह अतिरिक्त रकम मैच्योरिटी पर करीब ₹70 लाख से ₹75 लाख का अतिरिक्त ब्याज पैदा कर देती है।अंतिम फंड: सामान्य ₹50 लाख का कॉर्पस बढ़कर सीधे ₹1.22 करोड़ से ₹1.28 करोड़ तक पहुंच जाता है।ईपीएफ में क्यों काम करता है कंपाउंडिंग का 'सुपर पावर'?ईपीएफ की सबसे बड़ी ताकत यह है कि इसमें जमा मूलधन और उस पर मिलने वाले ब्याज दोनों पर हर साल नया ब्याज जुड़ता है (Annual Compounding)। शुरुआती 10 वर्षों में यह वृद्धि धीमी नजर आती है, लेकिन 15वें वर्ष के बाद ब्याज की कमाई कर्मचारी के कुल मासिक अंशदान से भी कई गुना अधिक हो जाती है।यही कारण है कि करियर के शुरुआती दिनों में किया गया एक छोटा-सा ₹2,000 से ₹3,000 का अतिरिक्त निवेश रिटायरमेंट के समय लाखों रुपये के विशाल फंड में तब्दील हो जाता है।सरकारी गारंटी और ईईई (EEE) टैक्स छूट का दोहरा फायदाशेयर बाजार या म्यूचुअल फंड एसआईपी के विपरीत, ईपीएफ में मिलने वाला 8.25% का रिटर्न पूरी तरह सरकार द्वारा समर्थित और जोखिम-मुक्त (Sovereign Guarantee) होता है।इसके साथ ही, सालाना ₹2.5 लाख तक के कुल पीएफ अंशदान पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री रहता है। आयकर की धारा 80C के तहत टैक्स छूट, ब्याज पर छूट और मैच्योरिटी पर मिलने वाले पूरे फंड पर शून्य टैक्स की सुविधा इसे मिडिल क्लास के लिए एक अजेय रिटायरमेंट टूल बनाती है।अगर आप भी प्राइवेट या संगठित क्षेत्र में कार्यरत हैं, तो अपनी कंपनी के एचआर (HR) विभाग से संपर्क कर अपने वेतन से 5% या 10% वीपीएफ (VPF) शुरू करवा सकते हैं। यह छोटी-सी मासिक कटौती आपके रिटायरमेंट को पूरी तरह आर्थिक रूप से सुरक्षित और तनावमुक्त बना सकती है।
वैश्विक वित्तीय अनिश्चितता, पश्चिम एशिया में गहराते भू-राजनीतिक संकट और अमेरिकी डॉलर से जुड़े नए आर्थिक प्रतिबंधों के बीच सुरक्षित निवेश (Safe Haven) माने जाने वाले सोने (Gold) की चमक एक बार फिर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचती नजर आ रही है। अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजारों में आई तेजी का सीधा असर भारतीय घरेलू बाजार पर भी देखा जा रहा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और हाजिर (Spot) सर्राफा बाजार में कीमतों में आए नए उछाल के बाद आम खरीदारों और निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि साल 2026 के अंत यानी दिसंबर तक 10 ग्राम सोने का भाव किस स्तर पर पहुंचेगा और क्या मौजूदा उच्च स्तरों पर खरीदारी करना सही फैसला होगा।सोने की कीमतों में अचानक तेजी के 4 सबसे बड़े कारणकमोडिटी और वित्तीय विश्लेषकों के अनुसार, सोने के भाव में आ रही इस ताजा तेजी के पीछे कोई एक वजह नहीं बल्कि कई वैश्विक कारक एक साथ काम कर रहे हैं:1. भू-राजनीतिक तनाव और प्रतिबंध (Geopolitical Risks): अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव, 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' के तहत सख्त वित्तीय प्रतिबंध और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के कारण वैश्विक निवेशक इक्विटी जैसे जोखिम भरे एसेट्स से निकलकर सुरक्षित धातु सोने में निवेश बढ़ा रहे हैं।2. केंद्रीय बैंकों की आक्रामक खरीदारी (Central Bank Demand): भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) और वैश्विक केंद्रीय बैंक डॉलर पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए लगातार अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं।3. अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की संभावना: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा आगामी महीनों में मौद्रिक नीति को आसान बनाने और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद से गैर-ब्याज देने वाले एसेट जैसे सोने की मांग बढ़ी है।4. रुपये की चाल और आयात शुल्क (Currency Dynamics): डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में रहने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा प्रभाव भारत में सोने की लैंडिंग कॉस्ट पर पड़ता है, जिससे वैश्विक तेजी के साथ-साथ घरेलू बाजार में कीमतें और अधिक बढ़ जाती हैं।दिसंबर 2026 तक कितना महंगा हो सकता है 10 ग्राम सोना?वैश्विक ब्रोकरेज फर्म्स और भारतीय कमोडिटी एक्सपर्ट्स ने सोने के लिए साल 2026 के अंत तक के अलग-अलग परिदृश्य पेश किए हैं:ग्लोबल टारगेट: गोल्डमैन सैक्स और जेपी मॉर्गन जैसे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों ने सोने के लिए अपने वैश्विक लक्ष्य को मजबूत बनाए रखा है, जहां स्पॉट गोल्ड के $4,500 से $4,900 प्रति औंस के दायरे में बने रहने का अनुमान लगाया गया है।घरेलू बाजार (MCX) अनुमान: भारतीय बाजार में 24-कैरेट (99.9% शुद्ध) 10 ग्राम सोने के लिए विश्लेषकों ने तीन प्रमुख स्तर तय किए हैं:बेस केस (सामान्य स्थिति): यदि केंद्रीय बैंकों की खरीदारी सामान्य रहती है और ब्याज दरों में संतुलित कटौती होती है, तो दिसंबर 2026 तक कीमतें स्थिर से मध्यम तेजी के साथ बनी रहेंगी।बुल केस (तनाव और महंगाई में वृद्धि): यदि पश्चिम एशिया में संघर्ष और अधिक व्यापक होता है तथा कच्चे तेल की कीमतें ऊपर जाती हैं, तो सोना अपने उच्च स्तरों को तोड़कर नए रिकॉर्ड स्तरों को छू सकता है।बेयर केस (तनाव में कमी): यदि वैश्विक शांति वार्ता सफल होती है और डॉलर मजबूत होता है, तो मौजूदा स्तरों से 5 से 8 प्रतिशत का तकनीकी करेक्शन (गिरावट) भी देखने को मिल सकता है।खरीदें या रुकें? निवेशकों और ग्राहकों के लिए सटीक रणनीतियदि आप गहनों (Jewellery) के लिए खरीदारी करना चाहते हैं या लंबी अवधि के लिए वेल्थ क्रिएशन का प्लान बना रहे हैं, तो बाजार विशेषज्ञों की सलाह इस प्रकार है:एकमुश्त (Lump Sum) खरीदारी से बचें: मौजूदा उच्च स्तरों पर एक साथ बड़ी रकम का सोना खरीदने के बजाय 'बाय ऑन डिप्स' (Buy on Dips) की रणनीति अपनाएं। जब भी बाजार में 2-3% की गिरावट या मुनाफावसूली आए, तब किस्तों में खरीदारी करें।एसआईपी (SIP) और गोल्ड ईटीएफ (Gold ETFs): खुदरा निवेशकों के लिए फिजिकल गोल्ड (जिसमें मेकिंग चार्ज और स्टोरेज की लागत होती है) के बजाय गोल्ड ईटीएफ या डिजिटल गोल्ड में मासिक सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) सबसे सुरक्षित और प्रभावी विकल्प है।पोर्टफोलियो का 10-15% आवंटन: वित्तीय सलाहकारों के अनुसार, किसी भी निवेशक के कुल पोर्टफोलियो में सोने का हिस्सा 10 से 15 प्रतिशत के बीच होना चाहिए ताकि यह शेयर बाजार की गिरावट और मुद्रास्फीति के समय आपके पूरे निवेश को सुरक्षा प्रदान कर सके।सोने का दीर्घकालिक रुझान अभी भी मजबूत बना हुआ है, लेकिन बहुत कम समय में भारी रिटर्न की उम्मीद के बजाय इसे अपने निवेश पोर्टफोलियो के बीमा (Hedge) के रूप में देखना सबसे समझदारी भरा कदम होगा।
आगामी त्योहारी सीजन के दौरान घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और खुदरा कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा घोषित 10 लाख मीट्रिक टन (MT) रॉ शुगर के ड्यूटी-फ्री आयात को लेकर विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने महत्वपूर्ण प्रक्रियात्मक संशोधन व शुद्धिपत्र (Corrigendum) जारी किया है।वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत डीजीएफटी ने टैरिफ रेट कोटा (TRQ) योजना के अंतर्गत कच्ची चीनी के आयात और उससे तैयार रिफाइंड चीनी को घरेलू बाजार में बेचने की पूर्व निर्धारित समय-सीमा (31 अक्टूबर) व परिचालन शर्तों में आवश्यक स्पष्टीकरण और राहत प्रदान की है।रॉ शुगर आयात नीति और टैरिफ रेट कोटा (TRQ) का आधारडीजीएफटी द्वारा आईटीसी (एचएस) 2022 के अध्याय 17 के तहत एक्सिम कोड 170114 के लिए जारी अधिसूचना के तहत रॉ शुगर का आयात 'मुक्त' (Free) रखा गया है, लेकिन इसे 10 लाख मीट्रिक टन के टैरिफ रेट कोटा (TRQ) के तहत शून्य सीमा शुल्क (Duty-Free) पर अनुमति दी गई है।सामान्य परिस्थितियों में चीनी के आयात पर 100% का भारी सीमा शुल्क लागू होता है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने भी सीमा शुल्क छूट की विधिवत अधिसूचना जारी कर इस प्रक्रिया को प्रभावी बनाया है।डेडलाइन में संशोधन और शुद्धिपत्र (Corrigendum) के प्रमुख बिंदुअंतरराष्ट्रीय बाजारों (विशेषकर ब्राजील व थाईलैंड) से कच्चे माल के शिपमेंट, समुद्री मार्ग से भारत पहुंचने के पारगमन समय (Transit Time) और बंदरगाहों से रिफाइनरियों तक ढुलाई व प्रोसेसिंग में लगने वाले समय को देखते हुए उद्योग जगत और चीनी मिलों ने समय-सीमा की अव्यवहारिकता पर चिंता जताई थी।डीजीएफटी द्वारा जारी शुद्धिपत्र और स्पष्टीकरण के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:आयात और रिफाइनिंग की नई विंडो: 10 लाख मीट्रिक टन के आवंटित कोटे के तहत आयातित रॉ शुगर को भारतीय बंदरगाहों पर लाने, रिफाइन करने और बाजार में पहुंचाने की अंतिम तिथि में संशोधन कर आयातकों को पर्याप्त समय दिया गया है।आवेदन प्रक्रिया की समय-सीमा: आयात कोटा के आवंटन के लिए डीजीएफटी के इम्पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की समय-सीमा निर्धारित की गई है।प्राथमिकता का मानदंड: उन आयातकों और मिलों को आवंटन में विशेष प्राथमिकता दी जा रही है जो शुरुआती समय-सीमा के भीतर शिपमेंट पूरा करने की प्रतिबद्धता दर्ज कर रहे हैं।एडवांस ऑथराइजेशन से TRQ में वन-टाइम कन्वर्जन की सुविधाडीजीएफटी के नियमों के तहत उन मिलों और रिफाइनरियों को बड़ी राहत दी गई है जिनके पास पहले से 'एडवांस ऑथराइजेशन' (SION E-52) के तहत कच्ची चीनी का स्टॉक उपलब्ध था:एकमुश्त बदलाव (One-Time Conversion): एडवांस ऑथराइजेशन धारक अपने आयातित कच्चे माल को टीआरक्यू (TRQ) योजना में परिवर्तित कर सकते हैं।जीएसटी समायोजन: इसके तहत आयात के समय ली गई जीएसटी छूट का आवश्यक भुगतान करना होगा।घरेलू बाजार में आपूर्ति: इससे तैयार होने वाली रिफाइंड चीनी को घरेलू बाजार में बेचकर तत्काल त्योहारी मांग को पूरा किया जा सकेगा।केवल वास्तविक रिफाइनिंग क्षमता वाली मिलों को ही अनुमतिडीजीएफटी ने स्पष्ट किया है कि यह आयात कोटा किसी ट्रेडर या बिचौलिए को नहीं दिया जाएगा। केवल वही चीनी मिलें और रिफाइनरियां पात्र होंगी जिनके पास रॉ शुगर को सफेद/रिफाइंड चीनी में बदलने की अपनी चालू और वैध परिचालन सुविधाएं हैं। इसके लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जारी 'कंसेंट टू ऑपरेट' (CTO) प्रमाण पत्र और क्षमता का स्व-घोषणा पत्र जमा करना अनिवार्य है।सरकार के इस कदम से आगामी त्योहारी महीनों में देश भर में चीनी की आपूर्ति सुगम बनेगी और खुदरा बाजार में कीमतों पर नियंत्रण बनाए रखने में मदद मिलेगी।
कौन है साढ़े तीन घंटे में गर्लफ्रेंड से 3400 बार Kiss करवाने वाला आशिक
ग्वालियर में गर्लफ्रेंड से 3400 लिपस्टिक Kiss के निशानों वाली एक कार सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. कार मालिक आदित्य सिकरवार की गर्लफ्रेंड ने विदेशी सोशल मीडिया ट्रेंड से प्रभावित होकर करीब साढ़े तीन से चार घंटे में कार को इन निशानों से सजा दिया था. तस्वीरें वायरल होने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने कार को थाटीपुर से पकड़कर 5,500 रुपये का चालान किया और निशान हटवाए.
पश्चिम एशिया में जारी लंबे तनाव और भू-राजनीतिक टकराव के बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और आक्रामक आर्थिक घेराबंदी शुरू कर दी है। अमेरिकी वित्त मंत्री (Treasury Secretary) स्कॉट बेसेंट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देशों पर 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' (Operation Economic Outcast) का आधिकारिक ऐलान करते हुए इसे आर्थिक मोर्चे का 'डी-डे' (Economic D-Day) करार दिया है।इस नई नीति का सीधा उद्देश्य ईरान के वैश्विक व्यापारिक संपर्कों को पूरी तरह काटकर उसकी अर्थव्यवस्था को अलग-थलग (Isolate) करना और उसकी वित्तीय जीवन रेखा को समाप्त करना है। अमेरिका ने साफ चेतावनी दी है कि जो भी विदेशी देश, बैंक या कंपनियां ईरान के साथ व्यापार करेंगी, उन पर सख्त सेकेंडरी सैंक्शन्स (Secondary Sanctions) लगाए जाएंगे और उन्हें अमेरिकी डॉलर क्लियरिंग सिस्टम से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।क्या है 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' और अमेरिका का 'जीरो-लीकेज' रुख?अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार, यह केवल नियमित प्रतिबंधों की घोषणा नहीं है, बल्कि एक व्यापक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नाकेबंदी है। इस ऑपरेशन के तहत अमेरिकी प्रशासन ने उन सभी माध्यमों और नेटवर्कों का नक्शा तैयार किया है जिनका इस्तेमाल ईरान अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने, मनी लॉन्ड्रिंग करने और गुप्त तरीके से धन जुटाने के लिए करता रहा है।ग्लोबल नेटवर्क्स पर एक्शन: अमेरिका के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने अवैध मिसाइल व न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी खरीद, साइबर हमलों और तेल तस्करी से जुड़ी करीब 60 वैश्विक संस्थाओं, जहाजों और व्यक्तियों को एक साथ प्रतिबंधित किया है।होर्मुज जलडमरूमध्य पर सख्त चेतावनी: अमेरिका ने वैश्विक जहाजरानी कंपनियों को आगाह किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकलने के लिए ईरान को किसी भी प्रकार का टैक्स या टोल (Toll) देना अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन माना जाएगा।तीसरे देशों को अल्टीमेटम: अमेरिकी अधिकारियों की टीमें दुनिया भर के सहयोगी व साझीदार देशों से संपर्क कर रही हैं और उन्हें ईरान के साथ अपने सभी वित्तीय सौदे बंद करने के लिए एक निश्चित समय-सीमा (Timeline) दे रही हैं।इन 6 अहम क्षेत्रों पर होगा अमेरिका का सीधा और निर्णायक वार'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' के तहत अमेरिका ने ईरान की अर्थव्यवस्था को सहारा देने वाले 6 प्रमुख स्तंभों को चिन्हित कर उन पर सेकेंडरी प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाया है:कच्चा तेल और शैडो फ्लीट (Crude Oil & Shadow Fleet): ईरान के तेल निर्यात को पूरी तरह शून्य करने के लिए उसके 'शैडो फ्लीट' (अवैध तेल ले जाने वाले गुप्त टैंकरों के नेटवर्क) पर शिकंजा कसा गया है। चीनी रिफाइनरियों और बिचौलियों को तेल पहुंचाने वाले जहाजों को ब्लैकलिस्ट किया गया है।डिजिटल एसेट्स और क्रिप्टोकरेंसी (Digital Assets & Crypto): अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग प्रतिबंधों से बचने के लिए ईरान द्वारा इस्तेमाल की जा रही वर्चुअल करेंसी और डिजिटल एसेट्स प्लेटफॉर्म्स को ट्रैक कर उन्हें ब्लॉक किया जा रहा है।सोना और कीमती धातुएं (Gold & Precious Metals): स्थानीय मुद्रा (रियाल) की भारी गिरावट को थामने और विदेशी संपत्तियों के बदले गोल्ड ट्रांसफर के जरिए होने वाले अंतरराष्ट्रीय लेन-देन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।एविएशन सेक्टर (Aviation): नागरिक और सैन्य विमानन कंपनियों, विमानों के पुर्जों की आपूर्ति और हवाई मार्गों के जरिए हथियारों या नकदी की ढुलाई से जुड़े नेटवर्क को निशाना बनाया गया है।शिपिंग और समुद्री परिवहन (Shipping): ईरान के सरकारी और निजी समुद्री शिपिंग नेटवर्क, कंटेनर लॉजिस्टिक्स और बंदरगाहों से संचालित होने वाले कार्गो मूवमेंट पर कड़े प्रतिबंध लागू किए गए हैं।एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और साइबर नेटवर्क (Technology & Cyber): मिसाइल और ड्रोन तकनीक के लिए इस्तेमाल होने वाले हाई-टेक पुर्जों की खरीद और महत्वपूर्ण अमेरिकी व वैश्विक बुनियादी ढांचे पर साइबर हमले करने वाले ऑपरेटरों पर कानूनी कार्रवाई की गई है।वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल बाजार पर क्या होगा असर?अमेरिकी वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया है कि दुनिया भर के बैंकों को ईरान से अलग होने के लिए एक संक्षिप्त मोहलत (Cure Period) दी जा रही है, लेकिन यदि किसी बड़े वित्तीय संस्थान ने नियमों का उल्लंघन जारी रखा, तो उस पर इसी सप्ताह बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।दूसरी ओर, इस आक्रामक आर्थिक वार ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी अनिश्चितता पैदा कर दी है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। ईरान ने भी साफ कर दिया है कि वह इस 'आर्थिक युद्ध' का जवाब देने के लिए तैयार है, जिससे आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया का तनाव और अधिक गहराने के आसार हैं।
मुंबई में ऑटो और टैक्सी चालकों के एक गुट ने तीन-दिवसीय हड़ताल शुरू की है. दरअसल वे, मराठी भाषा की अनिवार्यता के नियम का विरोध कर रहे हैं. आरटीओ अधिकारी चालकों की मराठी भाषा की जानकारी जांच रहे हैं. चालकों का कहना है कि ट्रेनिंग में शामिल नहीं सवाल पूछे जा रहे हैं. मराठी सीखने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया जा रहा.
गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तार पर आज उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट में मंजूरी मिल सकती है. इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मेरठ, अमरोहा, मुजफ्फरनगर, बिजनौर को हाईस्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी.
अमेरिका के चुनाव में ट्रंप का खेला या बदलाव? SC ने भी दी मंजूरी
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने उनके उस एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर आगे बढ़ने का रास्ता साफ कर दिया है, जिसमें मेल से वोट डालने की प्रक्रिया पर नए प्रतिबंध लगाने की बात है. हालांकि, कई राज्यों की आपत्ति और आगे की कानूनी चुनौती का रास्ता अभी खुला है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच राष्ट्रीय तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने उत्तर प्रदेश के सभी प्रमुख जिलों के लिए पेट्रोल और डीजल की नवीनतम दरें जारी कर दी हैं। देश भर में लागू 'डायनेमिक फ्यूल प्राइसिंग' प्रणाली के तहत हर रोज सुबह 6 बजे ईंधन की नई कीमतें तय की जाती हैं। यूपी में स्थानीय वैट (VAT), डीलर कमीशन और फ्रेट चार्ज (ढुलाई खर्च) के आधार पर अलग-अलग शहरों में ईंधन की दरों में मामूली अंतर देखने को मिलता है।उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल और डीजल के सटीक रेटराज्य के प्रमुख महानगरों और जनपदों में आज प्रति लीटर ईंधन के भाव इस प्रकार हैं:लखनऊ: पेट्रोल ₹94.69 प्रति लीटर | डीजल ₹87.81 प्रति लीटरनोएडा / ग्रेटर नोएडा: पेट्रोल ₹94.66 प्रति लीटर | डीजल ₹87.76 प्रति लीटरगाजियाबाद: पेट्रोल ₹94.65 प्रति लीटर | डीजल ₹87.75 प्रति लीटरकानपुर (नगर): पेट्रोल ₹94.50 प्रति लीटर | डीजल ₹87.58 प्रति लीटरवाराणसी (काशी): पेट्रोल ₹95.07 प्रति लीटर | डीजल ₹88.24 प्रति लीटरप्रयागराज (इलाहाबाद): पेट्रोल ₹95.28 प्रति लीटर | डीजल ₹88.45 प्रति लीटरआगरा: पेट्रोल ₹94.42 प्रति लीटर | डीजल ₹87.47 प्रति लीटरमेरठ: पेट्रोल ₹94.43 प्रति लीटर | डीजल ₹87.49 प्रति लीटरगोरखपुर: पेट्रोल ₹94.83 प्रति लीटर | डीजल ₹87.97 प्रति लीटरबरेली: पेट्रोल ₹94.54 प्रति लीटर | डीजल ₹87.62 प्रति लीटरझांसी: पेट्रोल ₹94.95 प्रति लीटर | डीजल ₹88.10 प्रति लीटरमथुरा: पेट्रोल ₹94.28 प्रति लीटर | डीजल ₹87.32 प्रति लीटरअलग-अलग शहरों में क्यों बदल जाते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?अक्सर उपभोक्ताओं के मन में यह सवाल आता है कि एक ही राज्य के भीतर अलग-अलग जिलों में पेट्रोल और डीजल के रेट में अंतर क्यों होता है।इसके पीछे मुख्य कारण लोकल ट्रांसपोर्टेशन (फ्रेट चार्ज) होता है। रिफाइनरी या ऑयल डिपो से जिस शहर की दूरी जितनी अधिक होती है, वहां तेल पहुंचाने का परिवहन खर्च उतना ही बढ़ जाता है। इसके अलावा, नगर निगम के स्थानीय उपकर (Local Cess) और डीलर कमीशन में होने वाले मामूली बदलावों के कारण हर जिले में पंप की कीमतों में कुछ पैसों का अंतर आ जाता है।घर बैठे अपने मोबाइल से ऐसे चेक करें अपने जिले का ताजा रेटयदि आप पेट्रोल पंप जाने से पहले अपने शहर या नजदीकी पंप के सटीक रेट जानना चाहते हैं, तो ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा दी गई एसएमएस (SMS) सुविधा का उपयोग कर सकते हैं:इंडियन ऑयल (IOCL) के ग्राहक: अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में RSP टाइप करें और इसे 9224992249 पर भेज दें।भारत पेट्रोलियम (BPCL) के ग्राहक: RSP लिखकर 9223112222 पर मैसेज भेजें।हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के ग्राहक: HPPRICE लिखकर 9222201122 पर सेंड करें।एसएमएस भेजते ही कुछ ही सेकंड्स में आपके मोबाइल पर आपके नजदीकी पंप की पेट्रोल और डीजल की ताजा कीमतों का विवरण आ जाएगा।
आईफोन नहीं मां बाप से कुछ और चाहता था कुनाल, पुणे पहाड़ी कांड में बड़ा खुलासा
पुणे में पहाड़ी से गिरकर परिवार की मौत मामले में कई खुलासे हुए हैं। मुरलीधर की बहन का कहना है कि मुरलीधर और संगीता ने लव मैरिज की थी। हालांकि उनके बीच विवाद इतना बढ़ा की अलग होने की नौबत आ गई। कुणाल उन दोनों को साथ में देखना चाहता था।
वैद ने कहा, ''मेरा मानना है कि सरकार को एक सीनियर अधिकारी, चीफ सेक्रेटरी, डीजीपी, इंटेलिजेंस चीफ और सिक्योरिटी फोर्स के प्रमुख को शामिल करके एक सुरक्षा प्लान बनाना चाहिए.''
स्कूलों में ड्रेस कोड, अनुशासन और धार्मिक प्रतीकों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक बड़ा और नजीर पेश करने वाला फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने 11वीं कक्षा की एक मुस्लिम छात्रा द्वारा निर्धारित स्कूल यूनिफॉर्म के साथ हिजाब (हेडस्कार्फ) पहनने की अनुमति मांगने वाली याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि जब तक किसी स्कूल का ड्रेस कोड निष्पक्ष, गैर-भेदभावपूर्ण और संस्थान में अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से लागू है, तब तक कोई भी छात्र व्यक्तिगत या धार्मिक पसंद के आधार पर उसमें बदलाव की जिद नहीं कर सकता।क्या था पूरा मामला और छात्रा की दलील?यह मामला प्रयागराज के अतरसुइया स्थित एक निजी गैर-सहायता प्राप्त सीबीएसई स्कूल (टैगोर पब्लिक स्कूल) का है।याचिकाकर्ता छात्रा (सुकैना रिज़वी) ने उसी स्कूल से 10वीं की परीक्षा पास की थी और 11वीं में प्रवेश ले रही थी।छात्रा ने अपनी मां के माध्यम से याचिका दायर कर कहा कि वह कक्षा 6 से ही स्कूल में हेडस्कार्फ पहनकर आ रही थी और तब कभी आपत्ति नहीं जताई गई।कक्षा 11 में दाखिले के समय स्कूल प्रबंधन ने ड्रेस कोड का हवाला देते हुए स्कार्फ पहनने से मना कर दिया।छात्रा की दलील थी कि हिजाब पहनना संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) और अनुच्छेद 25 (धार्मिक स्वतंत्रता) के तहत उसका मौलिक अधिकार और आस्था का अनिवार्य हिस्सा है।इलाहाबाद हाईकोर्ट की 4 बड़ी और अहम टिप्पणियांखंडपीठ ने याचिका को खारिज करते हुए कानूनी और संवैधानिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं:1. हिजाब अनिवार्य धार्मिक प्रथा नहीं: अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता यह साबित करने के लिए कोई ठोस धार्मिक ग्रंथ या साक्ष्य पेश नहीं कर सकी कि कक्षा के भीतर हेडस्कार्फ पहनना इस्लाम का अनिवार्य अंग (Essential Religious Practice) है और इसके बिना उसका धर्म खतरे में पड़ जाएगा। अदालत ने कर्नाटक हाईकोर्ट के 2022 के ऐतिहासिक फैसले को उद्धृत करते हुए कहा कि अन्य उच्च न्यायालयों की भी इस पर एकमत राय रही है।2. पहले छूट मिलने से कानूनी अधिकार नहीं बनता: अदालत ने छात्रा के उस तर्क को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि वह सालों से स्कार्फ पहनती आ रही थी। कोर्ट ने कहा कि यदि स्कूल ने पहले संकोच, शिथिलता या नियमों को सख्ती से लागू न करने के कारण छूट दी थी, तो इससे छात्रा को हमेशा के लिए नियमों को दरकिनार करने का कोई निहित या कानूनी अधिकार (Vested Right) नहीं मिल जाता।3. यूनिफॉर्म धर्मनिरपेक्ष माहौल और समानता को बढ़ावा देती है: कोर्ट ने कहा कि स्कूल का ड्रेस कोड बच्चों के बीच सामाजिक, आर्थिक या धार्मिक भेद को मिटाता है और क्लासरूम के अंदर एक 'धर्म-निरपेक्ष' (Religion-Neutral) वातावरण तैयार करता है।4. व्यक्तिगत छूट से टूटेगा अनुशासन का ढांचा: यदि छात्रों को व्यक्तिगत प्राथमिकताओं के आधार पर यूनिफॉर्म बदलने की छूट दी गई, तो इससे 'यूनिफॉर्म' की मूल अवधारणा ही खत्म हो जाएगी और स्कूल का प्रशासनिक नियंत्रण खत्म होकर छात्रों की व्यक्तिगत इच्छा पर निर्भर हो जाएगा।हाईकोर्ट ने पाया कि स्कूल में अन्य मुस्लिम छात्राएं भी पढ़ रही हैं जो बिना किसी आपत्ति के सामान्य यूनिफॉर्म पहनती हैं। अदालत के इस स्पष्ट फैसले ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि शैक्षणिक संस्थानों में समानता और संस्थागत अनुशासन को व्यक्तिगत प्राथमिकताओं से ऊपर रखा जाएगा।
उत्तर प्रदेश में उमस भरी गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र और मानसूनी ट्रफ रेखा के अनुकूल स्थिति में आने के कारण राज्य में मानसून ने एक बार फिर जोरदार और तूफानी वापसी की है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के अनुसार, अगले 48 से 72 घंटों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के कई जिलों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। लगातार हो रही बारिश और तेज ठंडी हवाओं के चलते राज्य के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।प्रयागराज, वाराणसी और विंध्य क्षेत्र में भारी बारिश की चेतावनीमौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में मानसूनी सिस्टम सबसे ज्यादा असरदार रहेगा।प्रमुख जिले: प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर और कौशांबी में बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान है।गंगा-यमुना का जलस्तर: लगातार बारिश के चलते तटीय और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, जिसको लेकर स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।बुंदेलखंड में सक्रिय हुआ मानसून: झांसी, बांदा और चित्रकूट में झमाझमसूखे और भीषण गर्मी का सामना करने वाले बुंदेलखंड संभाग में भी काले घने बादलों का डेरा जम चुका है।झांसी, ललितपुर, जालौन, बांदा, महोबा, हमीरपुर और चित्रकूट में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और रुक-रुक कर तेज बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। अच्छी बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है, क्योंकि इससे धान, दलहन और खरीफ की अन्य फसलों को नया जीवन मिलेगा।मध्य और पश्चिमी यूपी का हाल: लखनऊ और कानपुर में भी राहतराजधानी लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, रायबरेली, अयोध्या, बाराबंकी, सीतापुर और लखीमपुर खीरी में भी आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की संभावना है।पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आगरा, अलीगढ़, मेरठ, बरेली और मुरादाबाद में भी गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है, जिससे तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास सिमट जाएगा।आकाशीय बिजली (वज्रपात) को लेकर मौसम विभाग की सख्त एडवाइजरीमानसून की इस सक्रियता के साथ मौसम वैज्ञानिकों ने राज्य में बिजली गिरने (Lightning/Vajrapat) की घटनाओं को लेकर विशेष चेतावनी जारी की है:बारिश या बादलों की तेज गड़गड़ाहट के समय खुले मैदानों, तालाबों, ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के पास बिल्कुल खड़े न हों।खेतों में काम कर रहे किसान खराब मौसम के दौरान सुरक्षित पक्के स्थानों या घरों में शरण लें।मौसम की लाइव ट्रैकिंग और वज्रपात की सटीक पूर्व-सूचना के लिए केंद्र सरकार के आधिकारिक 'दामिनी' (Damini App) और 'मौसम' ऐप की मदद लें।
Supreme Court: तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों की अयोग्यता पर सुनवाई आज, किसकी याचिका पर आ सकता है फैसला?---Supreme Court TMC leaders disqualification Issue 20 rebel MPs Abhishek Banerjee Plea hearing hindi news update
पीयूष गोयल बोले: भारत को चाहिए सुजुकी की तरह मुनाफा देने वाली 1,580 कंपनियां, जापान हमसे खरीदे स्टील
पीयूष गोयल बोले: भारत को चाहिए सुजुकी की तरह मुनाफा देने वाली 1,580 कंपनियां, जापान हमसे खरीदे स्टील
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) ने सोमवार को कहा कि उसने राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की महिला कर्मियों के लिए पहली बार ‘कमांडो कन्वर्जन कोर्स’ शुरू किया है। एनएसजी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘बारह सप्ताह का यह गहन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम कठोर शारीरिक प्रशिक्षण, हथियारों के इस्तेमाल और निशानेबाजी, सामरिक हस्तक्षेप, बंधक बचाव और आतंकवाद-रोधी अभियानों के अन्य विशेष पहलुओं में प्रशिक्षण के जरिए शारीरिक रूप से मजबूत, तकनीकी रूप से दक्ष और अभियान के लिए तैयार महिला कमांडो तैयार करने के लिए बनाया गया है।’’ पहला महिला ‘कमांडो कन्वर्जन कोर्स’ हरियाणा के मानेसर स्थित एनएसजी के प्रशिक्षण केंद्र में शुरू हुआ। यह प्रशिक्षण 14 नवंबर को पूरा होगा। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi ने Devendra Fadnavis को लिखा पत्र, आदिवासी छात्रों की मांग उठाई प्रशिक्षण के मुख्य पहलू इस कोर्स का मुख्य उद्देश्य शारीरिक रूप से मजबूत, तकनीकी रूप से दक्ष और हर प्रकार के ऑपरेशन्स के लिए तैयार महिला कमांडो तैयार करना है। प्रशिक्षण के दौरान इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा: कठोर शारीरिक प्रशिक्षण: सहनशक्ति और शारीरिक क्षमता बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक ट्रेनिंग। हथियारों का इस्तेमाल और निशानेबाजी: आधुनिक हथियारों को चलाने और एडवांस शूटिंग स्किल्स का अभ्यास। सामरिक हस्तक्षेप (Tactical Intervention): जटिल परिस्थितियों में रणनीतिक रूप से कार्रवाई करने की कला। बंधक बचाव (Hostage Rescue): आतंकवाद-रोधी अभियानों के दौरान बंधकों को सुरक्षित निकालने की विशेष तकनीक। आतंकवाद-रोधी अभियान: हाई-रिस्क ऑपरेशन्स और काउंटर-टेररिज्म के विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण। NSG के इस कदम से न केवल सशस्त्र बलों में महिलाओं की भागीदारी को नई ऊंचाई मिलेगी, बल्कि देश की आतंकवाद-रोधी क्षमताएं भी अधिक मजबूत होंगी। इसे भी पढ़ें: Jyotiraditya Scindia ने पेश किया Dak Seva App, घर बैठे मिलेंगी डाक विभाग की सुविधाएं कमांडो कोर्स क्या है? कमांडो कोर्स एक बेहद कठिन और विशिष्ट सैन्याभ्यास प्रशिक्षण है, जिसका मुख्य उद्देश्य सामान्य सैनिकों या पुलिसकर्मियों को अत्यधिक विषम परिस्थितियों और हाई-रिस्क ऑपरेशन्स के लिए मानसिक व शारीरिक रूप से सक्षम योद्धा बनाना होता है। इस कोर्स के तहत जवानों को 20 से 30 किलोग्राम वजन के साथ दर्जनों किलोमीटर दौड़ने, बाधाओं (obstacles) को पार करने, और बिना हथियार के आमने-सामने की लड़ाई (unarmed combat) का कठोर अभ्यास कराया जाता है। इसके अलावा, प्रशिक्षणार्थियों को आधुनिक हथियारों से सटीक निशानेबाजी (marksmanship), आतंकवाद-रोधी अभियानों (counter-terrorism), बंधक बचाव तकनीक (hostage rescue), और सीमित संसाधनों में जंगल या दुर्गम इलाकों में जीवित रहने (survival skills) की विशेष कला सिखाई जाती है। भारत में NSG, घातक, मार्कोस (MARCOS) और कोबरा जैसी विशेष इकाइयों के लिए यह कोर्स 12 से 14 सप्ताह तक चलता है, जो जवानों में अदम्य साहस, त्वरित निर्णय क्षमता और देश की सुरक्षा के लिए हर समय तत्पर रहने का जज्बा पैदा करता है।
गुरमीत राम रहीम को 21 दिन की फरलो, 17वीं बार जेल से बाहर आया रेप का दोषी
गुरमीत राम रहीम 21 दिन की फरलो पर रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर आ गया है। 2020 के बाद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख की यह 17वीं अस्थायी रिहाई है। राम रहीम दो महिला अनुयायियों से बलात्कार के मामले में 20 साल की सजा काट रहा है।

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