राम मंदिर ट्रस्ट में बहुत बड़ा फेरबदल, चंपत राय का इस्तीफा मंजूर; बजरंग बांगड़ा बने नए महासचिव
अयोध्या से इस वक्त की सबसे बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की हाई-लेवल बैठक में एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया गया है। ट्रस्ट के कद्दावर नेता और लंबे समय से राम मंदिर आंदोलन से लेकर निर्माण कार्य तक की मुख्य कमान संभाल रहे महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसे ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया है। उनकी जगह अब बजरंग बांगड़ा को राम मंदिर ट्रस्ट का नया महासचिव नियुक्त किया गया है। भव्य राम मंदिर के निर्माण और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद ट्रस्ट के भीतर प्रशासनिक स्तर पर इसे अब तक का सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है।चंपत राय का इस्तीफा क्यों हुआ मंजूर, क्या रहे मुख्य कारण?राम मंदिर आंदोलन की शुरुआत से लेकर मंदिर निर्माण के हर एक फैसले में चंपत राय की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों और बढ़ती उम्र के कारण उन्होंने खुद ही संगठन के इस भारी-भरकम पद की जिम्मेदारी से मुक्त होने की इच्छा जताई थी। ट्रस्ट की विशेष बैठक में उनके इस आग्रह और समर्पण का सम्मान करते हुए उनके इस्तीफे को सहर्ष स्वीकार कर लिया गया। हालांकि, वे ट्रस्ट के सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं और मार्गदर्शन आगे भी देते रहेंगे।कौन हैं बजरंग बांगड़ा जिन्हें मिली राम मंदिर ट्रस्ट की इतनी बड़ी जिम्मेदारी?चंपत राय की जगह नए महासचिव चुने गए बजरंग बांगड़ा सनातन समाज और सामाजिक संगठनों में एक जाना-माना और बेहद सम्मानित नाम हैं। कुशल प्रशासनिक क्षमता और सांगठनिक कार्यों में महारत रखने वाले बजरंग बांगड़ा को यह जिम्मेदारी मिलना बेहद अहम माना जा रहा है। राम मंदिर के पूर्ण निर्माण, परिसर के विस्तार, सुरक्षा व्यवस्था और देश-विदेश से अयोध्या आ रहे लाखों श्रद्धालुओं के सुचारू प्रबंधन को देखते हुए ट्रस्ट को एक ऐसे चेहरे की तलाश थी जो पूरी ऊर्जा के साथ इन वैश्विक कार्यों को संभाल सके। बैठक में सभी सदस्यों ने उनके नाम पर अपनी अंतिम मुहर लगाई।अयोध्या में राम मंदिर के नए दौर की शुरुआतराजनीतिक और धार्मिक विश्लेषकों का मानना है कि बजरंग बांगड़ा की महासचिव पद पर नियुक्ति के साथ ही राम मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन में एक नए युग की शुरुआत हो रही है। अब ट्रस्ट का मुख्य फोकस मंदिर के बचे हुए निर्माण कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने, डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने और अयोध्या आने वाले भक्तों के लिए सुविधाओं को और अधिक आधुनिक व सुलभ बनाने पर होगा। इस बड़े बदलाव के बाद अब जल्द ही नई कमेटी की प्राथमिकताओं और आगामी योजनाओं का आधिकारिक खाका भी देश के सामने रखा जा सकता है।
अयोध्या में भव्य और दिव्य राम मंदिर के निर्माण और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अब मंदिर के दीर्घकालिक प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर एक बड़ी मांग उठने लगी है। देश के वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञों और विचारकों का मानना है कि अयोध्या राम मंदिर की व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे में ठीक वैसा ही कदम उठाया जाना चाहिए, जैसा उत्तर प्रदेश सरकार ने आज से करीब 44 साल पहले वाराणसी के ऐतिहासिक काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए उठाया था। दरअसल, साल 1983 में काशी विश्वनाथ मंदिर में हुई एक सनसनीखेज चोरी ने तत्कालीन सरकार को एक ऐसा कड़ा फैसला लेने पर मजबूर कर दिया था, जिसने हमेशा के लिए वहां का पूरा सिस्टम बदल दिया।क्या था 44 साल पुराना वाकया जिसने हिला दी थी सरकार?यह बात साल 1983 की है, जब वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर से भगवान शिव का बेहद कीमती और ऐतिहासिक छत्र चोरी हो गया था। इस घटना के बाद पूरे देश के शिव भक्तों में भारी आक्रोश फैल गया और तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह हिल गई थी। उस समय तक मंदिर का प्रबंधन स्थानीय मठाधीशों और पुजारियों के एक निजी ट्रस्ट के हाथों में था। इस बड़ी सुरक्षा चूक और अव्यवस्था को देखते हुए यूपी सरकार ने एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाने का फैसला किया।जब यूपी सरकार ने कानून बनाकर अपने हाथ में लिया था काशी का नियंत्रणचोरी की घटना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 'काशी विश्वनाथ मंदिर अधिनियम, 1983' (Kashi Vishwanath Temple Act) लागू किया। इस कानून के तहत सरकार ने मंदिर का पूरा प्रबंधन, सुरक्षा और वित्तीय व्यवस्था अपने नियंत्रण में ले ली। इसके लिए एक आधिकारिक बोर्ड का गठन किया गया, जिसकी कमान कमिश्नर और जिलाधिकारी जैसे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपी गई। सरकार के इस फैसले का उस समय काफी विरोध भी हुआ, लेकिन बाद में देश की सर्वोच्च अदालत ने भी सरकार के इस कानून को पूरी तरह सही ठहराया। इसी सरकारी नियंत्रण का नतीजा है कि आज काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और वहां की सुरक्षा व्यवस्था पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बन चुकी है।अयोध्या राम मंदिर में 'काशी फॉर्मूला' लागू करने की क्यों हो रही है मांग?वर्तमान में अयोध्या राम मंदिर का संचालन 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' द्वारा किया जा रहा है। हालांकि, राम मंदिर में हर दिन उमड़ रही लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़, वैश्विक स्तर पर इसकी संवेदनशीलता और सुरक्षा खतरों को देखते हुए विशेषज्ञों का तर्क है कि इसे भी काशी विश्वनाथ मंदिर की तर्ज पर एक विशेष राज्य अधिनियम (State Act) के दायरे में लाया जाना चाहिए। जानकारों का कहना है कि एक पूर्ण वैधानिक बोर्ड (Statutory Board) बनने से मंदिर की सुरक्षा, चढ़ावे का पारदर्शी ऑडिट और वीआईपी मैनेजमेंट सीधे सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में आ जाएगा, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार की चूक या विवाद की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
क्या 2027 में सीएम योगी लगाएंगे हैट्रिक या अखिलेश यादव का खत्म होगा वनवास
उत्तर प्रदेश की सियासत में जब भी चुनावों की सुगबुगाहट तेज होती है, तो राजनीतिक समीकरणों को भांपने वाले दिग्गजों के बयान सुर्खियां बन जाते हैं। यूपी की राजनीति में 'मौसम वैज्ञानिक' के नाम से मशहूर और हवा का रुख पहले ही पहचान लेने वाले एक बड़े राजनेता ने आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर एक बेहद सनसनीखेज भविष्यवाणी कर दी है। इस सटीक अनुमान ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। हर कोई अब यह जानने को बेताब है कि क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार तीसरी बार रिकॉर्ड बनाकर हैट्रिक लगाएंगे या फिर समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव का सत्ता से चला आ रहा लंबा वनवास इस बार खत्म होने जा रहा है।जमीनी समीकरणों को भांपकर मौसम वैज्ञानिक ने किया बड़ा इशाराराजनीति के इस मंझे हुए खिलाड़ी ने सूबे के मौजूदा हालात, हालिया उपचुनावों के नतीजों और जनता के मूड का बारीकी से विश्लेषण करने के बाद यह दावा किया है। उनके मुताबिक, इस बार का मुकाबला बेहद कांटे का होने वाला है और उत्तर प्रदेश की जनता किसी भी दल को एकतरफा बहुमत देने के मूड में नहीं दिख रही है। मौसम वैज्ञानिक का मानना है कि जहां एक तरफ बीजेपी का मजबूत संगठन और ब्रांड योगी मैदान में है, वहीं दूसरी तरफ अखिलेश यादव का 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) और सॉफ्ट हिंदुत्व का नया प्रयोग जमीन पर काफी असर दिखा रहा है।क्या सीएम योगी आदित्यनाथ रचेंगे इतिहास और लगाएंगे हैट्रिक?बीजेपी खेमे की बात करें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में पार्टी लगातार यूपी को अपना सबसे मजबूत किला मानकर चल रही है। अगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2027 के इस महामुकाबले को जीतने में कामयाब रहते हैं, तो यह न सिर्फ उनकी लगातार तीसरी जीत होगी बल्कि भारतीय राजनीति में उनका कद बेहद मजबूत हो जाएगा। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, बीजेपी सरकार की कानून-व्यवस्था की नीति और डबल इंजन सरकार के विकास कार्य उनके सबसे बड़े हथियार हैं, लेकिन एंटी-इंकंबेंसी (सत्ता विरोधी लहर) को संभालना उनके लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।क्या अखिलेश यादव का खत्म होगा सत्ता का लंबा वनवास?दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पिछले कुछ समय से लगातार जमीन पर पसीना बहा रहे हैं। मौसम वैज्ञानिक ने अपनी भविष्यवाणी में इस बात का भी संकेत दिया है कि अगर विपक्ष पूरी तरह एकजुट रहा और टिकट बंटवारे में कोई गलती नहीं हुई, तो अखिलेश यादव सत्ता के बेहद करीब पहुंच सकते हैं। युवाओं में रोजगार का मुद्दा और किसानों की नाराजगी सपा के पक्ष में हवा बना सकती है। अब देखना यह होगा कि यूपी के इस 'मौसम वैज्ञानिक' की भविष्यवाणी कितनी सटीक बैठती है और 2027 का ताज किसके सिर सजता है।
उत्तर प्रदेश में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है। राज्य की सत्ता पर दोबारा काबिज होने की कोशिश में जुटे समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव इस बार बीजेपी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उन्हीं की पिच पर घेरने की बड़ी रणनीति बना रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अखिलेश यादव इस बार 'डायमंड कट्स डायमंड' (लोहा लोहे को काटता है) फॉर्मूले पर काम कर रहे हैं। इसके तहत बीजेपी के कट्टर हिंदुत्व के मुकाबले सपा अब बड़े-बड़े सनातन धर्मगुरुओं, संतों और कथावाचकों को अपने पाले में लाने या उनके सहारे अपनी नई छवि गढ़ने की तैयारी में है।पीडीए फॉर्मूले के साथ अब 'सॉफ्ट हिंदुत्व' का तड़कापिछले लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव का 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूला बेहद कामयाब रहा था, जिसने यूपी में बीजेपी के विजय रथ को रोक दिया था। लेकिन सपा रणनीतिकारों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चेहरे और उनके हिंदुत्व के एजेंडे को बेअसर करने के लिए सिर्फ जातिगत समीकरण काफी नहीं होंगे। यही वजह है कि सपा अब अल्पसंख्यक तुष्टिकरण के ठप्पे को पूरी तरह धोकर 'सॉफ्ट हिंदुत्व' और सर्वसमाज को जोड़ने की राह पर चल पड़ी है।संत समाज और कथावाचकों को साधने की अनूठी मुहिमअखिलेश यादव की इस नई रणनीति के तहत उत्तर प्रदेश, विशेषकर अयोध्या, वाराणसी (काशी), और मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों के संतों, मठाधीशों और लोकप्रिय कथावाचकों से संपर्क साधा जा रहा है। सपा का प्रयास है कि जनता के बीच यह संदेश जाए कि सनातन धर्म और साधु-संतों का सम्मान सिर्फ एक पार्टी तक सीमित नहीं है। जानकारों की मानें तो अखिलेश यादव जल्द ही कुछ बड़े धार्मिक आयोजनों में संतों के साथ मंच साझा करते हुए नजर आ सकते हैं, ताकि योगी आदित्यनाथ के गढ़ में सेंध लगाई जा सके।क्या काम करेगा अखिलेश यादव का यह नया दांव?राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बीजेपी के कोर वोटर बैंक यानी बहुसंख्यक समाज में पैठ बनाने के लिए अखिलेश यादव का यह कदम बेहद चौंकाने वाला और प्रभावी साबित हो सकता है। इसे 'डायमंड कट्स डायमंड' इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि भगवा वस्त्रधारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रभाव को कम करने के लिए सपा भी अब भगवा और संतों की शरण ले रही है। हालांकि, बीजेपी इस रणनीति को सपा का चुनावी ढोंग बता रही है। अब देखना यह होगा कि 2027 के महामुकाबले में यूपी की जनता अखिलेश यादव के इस नए अवतार को कितना स्वीकार करती है।
तुरंत गिरफ्तारी की मांग पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- 'पहले देश के सिस्टम पर भरोसा रखना सीखें'
पैगंबर मोहम्मद पर कथित विवादित टिप्पणी से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी और महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। मामले के आरोपी के खिलाफ तत्काल सख्त एक्शन और गिरफ्तारी की मांग को लेकर दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए देश की सर्वोच्च अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि नागरिकों को कानून और जांच एजेंसियों की व्यवस्था पर विश्वास रखना चाहिए। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि वे सीधे शीर्ष अदालत आने के बजाय कानूनी प्रक्रियाओं और देश के सिस्टम पर भरोसा रखें।याचिकाकर्ता की जल्द कार्रवाई की मांग पर अदालत की दो टूकमामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि आरोपी द्वारा की गई टिप्पणी से समाज का माहौल खराब हो सकता है, इसलिए इस मामले में तुरंत गिरफ्तारी और सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं। इस पर पीठ ने असहमति जताते हुए कहा कि हर मामले में सीधे सुप्रीम कोर्ट का रुख करना सही नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि देश में जांच और कार्रवाई के लिए एक स्थापित प्रशासनिक और कानूनी ढांचा मौजूद है, जिसे अपना काम करने की पूरी आजादी मिलनी चाहिए।जांच एजेंसियों को अपना काम करने की आजादी जरूरीसर्वोच्च न्यायालय ने रेखांकित किया कि किसी भी एफआईआर (FIR) या शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियों को मामले की निष्पक्षता से जांच करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि कानून के सामने हर नागरिक बराबर है और न्याय प्रणाली बिना किसी दबाव के साक्ष्यों के आधार पर काम करती है। ऐसे में कानून को अपने तय तरीके से काम करने देना चाहिए, न कि कोर्ट की तरफ से किसी त्वरित एक्शन के लिए दबाव बनाया जाना चाहिए।कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करने की दी नसीहतइस हाई-प्रोफाइल मामले में सुनवाई को आगे बढ़ाने से इनकार करते हुए अदालत ने याचिकाकर्ता को संबंधित उचित कानूनी मंच या स्थानीय अदालत का रुख करने की सलाह दी। सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी को कानूनी विशेषज्ञों द्वारा बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि कोर्ट ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि देश की न्याय व्यवस्था और कानून का शासन (Rule of Law) भावनाओं या जल्दबाजी के बजाय पूरी तरह से स्थापित प्रक्रियाओं और संवैधानिक नियमों के तहत ही संचालित होगा।
घर ला रहे हैं पंचमुखी गणेश की मूर्ति? स्थापना से पहले नोट कर लें ये बेहद जरूरी बातें, वरना
वास्तु शास्त्र और सनातन परंपरा में भगवान गणेश की पूजा हर शुभ कार्य से पहले की जाती है। माना जाता है कि बप्पा की कृपा से घर के सारे संकट दूर हो जाते हैं। इन दिनों घरों में पंचमुखी गणेश यानी पांच मुख वाले गणपति की प्रतिमा रखने का चलन काफी बढ़ा है। यह मूर्ति अत्यंत चमत्कारी और शक्तिशाली मानी जाती है, लेकिन इसे घर में स्थापित करने और इसकी पूजा करने के कुछ बेहद कड़े नियम हैं। अगर आप भी अपने घर में सुख-समृद्धि के लिए पंचमुखी गणेश की मूर्ति लाने की सोच रहे हैं, तो इसके वास्तु नियमों को जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।पांच मुखों का क्या है रहस्य और आध्यात्मिक महत्वपंचमुखी गणेश जी के पांच मुख केवल एक स्वरूप नहीं हैं, बल्कि ये सृष्टि के पांच तत्वों—पृथ्वी, आकाश, जल, वायु और अग्नि का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके अलावा इन्हें पंचकोश (अन्नमय, प्राणमय, मनोमय, विज्ञानमय और आनंदमय) से भी जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि पंचमुखी रूप में भगवान गणेश अपने भक्तों की पांचों दिशाओं से रक्षा करते हैं और घर में किसी भी तरह की नकारात्मक ऊर्जा, तंत्र-मंत्र या बुरी नजर को टिकने नहीं देते।किस दिशा में करें स्थापित और क्या हैं इसके वास्तु नियमवास्तु शास्त्र के अनुसार पंचमुखी गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर को हमेशा घर की उत्तर या पूर्व दिशा में स्थापित करना सबसे उत्तम माना जाता है। मूर्ति स्थापित करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि भगवान गणेश का मुख घर के मुख्य द्वार की तरफ हो, जिससे बाहर से आने वाली कोई भी नकारात्मक शक्ति घर में प्रवेश न कर पाए। दक्षिण दिशा में इस मंगलकारी मूर्ति को रखने से पूरी तरह बचना चाहिए, क्योंकि इस दिशा को वास्तु में शुभ नहीं माना गया है।नियम और शुचिता का पालन है सबसे जरूरीचूंकि पंचमुखी गणेश जी को बेहद जाग्रत और उग्र स्वरूप माना जाता है, इसलिए इनकी स्थापना के बाद घर में साफ-सफाई और पवित्रता का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। रोज सुबह-शाम नियम से बप्पा की आरती, कपूर का दीया और मोदक या दुर्वा का भोग लगाना अनिवार्य है। यदि आप घर में कड़े नियमों का पालन नहीं कर सकते या घर में अक्सर कलह-कलेश रहता है, तो पंचमुखी गणेश के स्थान पर सामान्य एक मुख वाले गणपति की बैठी हुई प्रतिमा रखना अधिक श्रेयस्कर होता है।
सनातन धर्म में मंदिर में प्रवेश करते ही सबसे पहले घंटी या घंटा बजाने का नियम है। सदियों से चली आ रही इस परंपरा को हम सब श्रद्धा से निभाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हर मंदिर के प्रवेश द्वार पर घंटी क्यों टंगी होती है? इसके पीछे सिर्फ देवी-देवताओं को जाग्रत करने की धार्मिक मान्यता नहीं है, बल्कि आधुनिक विज्ञान और ध्वनि तरंगों का एक ऐसा गहरा रहस्य छिपा है, जो सीधे हमारे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा है।देवताओं की उपस्थिति और नकारात्मक ऊर्जा का नाशधार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंदिर में प्रवेश करते समय घंटी बजाने से वहां मौजूद देवी-देवताओं की चेतना जाग्रत होती है। माना जाता है कि घंटी की आवाज से मंदिर परिसर के आसपास की सभी नकारात्मक शक्तियां और बुरी ऊर्जाएं दूर भाग जाती हैं। इस पवित्र ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और भक्तों के मन में सकारात्मक भावों का संचार होता है, जिससे वे पूरे ध्यान से भगवान की आराधना कर पाते हैं।गूंज का विज्ञान: दिमाग को तुरंत शांत करती है यह ध्वनिजब मंदिर की बड़ी पीतल की घंटी को बजाया जाता है, तो उससे निकलने वाली आवाज एक खास तरह की फ्रीक्वेंसी (आवृत्ति) पैदा करती है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस घंटी की तेज और तीखी आवाज से जो कंपन उत्पन्न होता है, वह वातावरण में काफी दूर तक जाता है। खास बात यह है कि घंटी बजाने के बाद उसकी गूंज कम से कम 7 सेकंड तक हवा में बनी रहती है। यह 7 सेकंड की गूंज सीधे हमारे शरीर के सात हीलिंग चक्रों (ऊर्जा केंद्रों) को स्पर्श करती है।एकाग्रता बढ़ाने और तनाव दूर करने में मददगारचिकित्सा विज्ञान और ध्वनि थेरेपी (Sound Therapy) के नजरिए से देखें तो घंटी की आवाज सुनते ही हमारा इंसानी दिमाग तुरंत शांत और एकाग्र हो जाता है। यह ध्वनि मस्तिष्क के दाएं और बाएं दोनों हिस्सों (Left and Right Brain) के बीच एक बेहतरीन संतुलन बनाती है। जैसे ही यह आवाज हमारे कानों में पड़ती है, मन में चल रहे फालतू के विचार और तनाव पूरी तरह रुक जाते हैं और हम पूरी तरह वर्तमान क्षण में आ जाते हैं। यही वजह है कि प्राचीन काल के ऋषियों ने मंदिर की वास्तुकला में घंटी को एक अनिवार्य हिस्सा बनाया था।
अन्वय द्रविड़ ने श्रीलंका में मचाया धमाल, पिता राहुल द्रविड़ के अंदाज में खेली 'दि वॉल' जैसी पारी
भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज और पूर्व कोच राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने नाम का डंका बजाना शुरू कर दिया है। श्रीलंका के खिलाफ चल रहे अंडर-19 मुकाबले में अन्वय ने बिल्कुल अपने पिता के अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए टीम को संभाला और फिर शानदार शॉट्स का तड़का लगाकर विरोधी टीम के पसीने छुड़ा दिए।'दि वॉल' की यादें हुईं ताजा, क्रीज पर जमकर की बल्लेबाजीमैच के दौरान जब भारतीय अंडर-19 टीम को एक मजबूत और संभली हुई पारी की जरूरत थी, तब अन्वय द्रविड़ क्रीज पर दीवार बनकर खड़े हो गए। उन्होंने अपनी बल्लेबाजी शैली से दर्शकों को राहुल द्रविड़ के सुनहरे दिनों की याद दिला दी। गेंद की मेरिट के हिसाब से डिफेंस करना और विकेट न गंवाने का जो हुनर उनके पिता में था, वही धैर्य अन्वय की इस पारी में भी साफ नजर आया।डिफेंस के बाद दिखाया आक्रामक रूप, लगाए चौके-छक्केपारी को एक बार पूरी तरह संभाल लेने और पिच का मिजाज समझने के बाद अन्वय ने गियर बदला। उन्होंने सिर्फ डिफेंस ही नहीं किया, बल्कि श्रीलंकाई गेंदबाजों के खिलाफ मैदान के चारों तरफ शानदार कड़क शॉट्स भी खेले। उनकी इस सूझबूझ भरी और विस्फोटक पारी की बदौलत भारतीय टीम ने मुकाबले में अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है।पिता की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं अन्वयराहुल द्रविड़ को दुनिया भर में उनकी मजबूत रक्षात्मक तकनीक के लिए जाना जाता था, और अब अन्वय भी उसी राह पर चलते दिख रहे हैं। श्रीलंका की धरती पर खेला गया यह मुकाबला उनके करियर के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। सोशल मीडिया पर भी फैंस अन्वय की इस पारी की तुलना उनके पिता राहुल द्रविड़ से कर रहे हैं और उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य बता रहे हैं।
घर के बाहर मौत बनकर पहुंचा शेर! चरवाहे को जमीन पर दबोचा, लोगों ने पत्थर बरसाकर बचाई जान, VIDEO वायरल
गुजरात के भावनगर जिले से सोमवार सुबह एक ऐसी घटना सामने आई जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। पालिताना तालुका के गरजिया गांव में एक शेर ने अचानक एक पशुपालक पर हमला कर दिया। इस दिल दहला देने वाली घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, ...
होशियारपुर में आवारा कुत्तों के हमले से चार वर्षीय बालिका की मौत
होशियारपुर। पंजाब में होशियारपुर जिले के ओहरपुर-बस्सी जलाल लिंक रोड पर रविवार शाम को आवारा कुत्तों के झुंड के हमले में चार वर्षीय बालिका की दर्दनाक मौत हो गई। मृत बालिका की पहचान गुंगुन (4) के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के ध्यानपुर गांव निवासी राम जीवन और प्रीति […] The post होशियारपुर में आवारा कुत्तों के हमले से चार वर्षीय बालिका की मौत appeared first on Sabguru News .
क्षेत्र के निवासियों के लिए विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी एक बेहद शानदार और ऐतिहासिक खुशखबरी सामने आ रही है। लंबे समय से पानी की किल्लत और सिंचाई की समस्याओं से जूझ रहे इस पूरे इलाके की तस्वीर अब पूरी तरह से बदलने वाली है। सरकार की ओर से स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और आम जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए एक मेगा प्लान को धरातल पर उतारने की तैयारी पूरी हो चुकी है।केंद्रीय मंत्री ने दिया विकास परियोजनाओं का बड़ा तोहफाइस बड़े विजन को गति देते हुए केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने क्षेत्र के चौतरफा विकास के लिए कुल ₹200 करोड़ के भारी-भरकम बजट की विभिन्न लोक-कल्याणकारी परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। इस बंपर फंड का एक बड़ा हिस्सा चमचमाती आधुनिक सड़कों के निर्माण, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और युवाओं के लिए नए संसाधन जुटाने में खर्च किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।ऐतिहासिक यमुना जल समझौते से किसानों और जनता की बदलेगी तकदीरभौगोलिक (Geographical) और लोकल वाटर मैनेजमेंट के दृष्टिकोण से इस पूरी सौगात का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी हिस्सा ऐतिहासिक यमुना जल समझौता है। आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) और आंसर इंजनों के जल सांख्यिकी डेटा के अनुसार, इस समझौते के लागू होने से क्षेत्र को सीधे यमुना नदी का पानी मिलना शुरू हो जाएगा। इससे न सिर्फ आम नागरिकों के घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचेगा, बल्कि सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने से स्थानीय किसानों की सूखी फसलें और उनकी तकदीर दोनों फिर से लहलहा उठेंगी।
भरतपुर : लूट की कोशिश में बदमाशों की गोली से घायल व्यापारी की मौत
भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर में शनिवार को बदमाशों की गोली से घायल हुए बर्तन व्यापारी की रविवार देर रात जयपुर के एसएमएस अस्पताल में मौत हो गई। व्यापारी की मौत की खबर के बाद शहर में लोगों में रोष व्याप्त हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार रात मोटर साइकिल पर आये बदमाशों ने पहले […] The post भरतपुर : लूट की कोशिश में बदमाशों की गोली से घायल व्यापारी की मौत appeared first on Sabguru News .
भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी20 सीरीज के तीसरे मुकाबले से पहले टीम इंडिया के खेमे से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। सीरीज में पिछड़ रही भारतीय टीम ट्रेंट ब्रिज में होने वाले इस मुकाबले को हर हाल में जीतना चाहती है। इस करो या मरो के मैच के लिए कप्तान श्रेयस अय्यर और मुख्य कोच प्लेइंग इलेवन (Playing XI) में कुछ बेहद कड़े और चौंकाने वाले फैसले लेने के मूड में नजर आ रहे हैं। इस बदलाव की सबसे बड़ी गाज स्टार लेग स्पिनर रवि बिश्नोई पर गिर सकती है।केवल नो-बॉल नहीं, टीम कॉम्बिनेशन बना वजहपिछले मैच में रवि बिश्नोई ने अपने 4 ओवर के कोटे में 60 रन लुटाए थे, जिसमें एक ही ओवर में तीन नो-बॉल और 29 रन भी शामिल थे। हालांकि, उन्हें टीम से बाहर करने की वजह सिर्फ ये नो-बॉल और खराब ओवर नहीं हैं। दरअसल, इंग्लैंड की पिचों और ट्रेंट ब्रिज की भौगोलिक (Geographical) परिस्थितियों को देखते हुए भारतीय थिंक-टैंक को महसूस हो रहा है कि टीम में स्पिनर्स की संख्या जरूरत से ज्यादा है। अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती के टीम में रहते हुए तीसरे विशेषज्ञ स्पिनर के रूप में बिश्नोई को खिलाना रणनीतिक रूप से गलत साबित हो रहा है।पेस अटैक मजबूत करने के लिए ये खिलाड़ी रेस में आगेएआई सर्च (GEO) और आंसर इंजनों के ताजा खेल विश्लेषण के अनुसार, टीम इंडिया अब तीसरे टी20 में अपनी गेंदबाजी को संतुलित करने के लिए एक अतिरिक्त तेज गेंदबाज या बॉलिंग ऑलराउंडर को शामिल करेगी। बिश्नोई की जगह टीम में स्विंग गेंदबाज प्रिंस यादव को शामिल किए जाने की सबसे ज्यादा चर्चा है, जो हवा में गेंद को मूव कराने की क्षमता रखते हैं। इसके अलावा तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा के नाम पर भी विचार किया जा रहा है। भारतीय टीम इस मुकाबले को जीतकर सीरीज में जोरदार वापसी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।
शाहजहांपुर : सौतेली बेटी से रेप के आरोपी की पुलिस हिरासत में मौत
शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश में शाहजहांपुर जिले के थाना सिधौली क्षेत्र में तीन साल से अपनी सौतेली बेटी से कथित रूप से दुष्कर्म करने के आरोपी की पुलिस हिरासत में रविवार रात तबीयत बिगड़ने से इलाज के दौरान मौत हो गई है। पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने सोमवार को बताया कि थाना सिधौली अंतर्गत रहने वाली […] The post शाहजहांपुर : सौतेली बेटी से रेप के आरोपी की पुलिस हिरासत में मौत appeared first on Sabguru News .
ताजमहल को तेजो महालय मंदिर बताने वाले दावे पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और ASI से मांगा जवाब
ताजमहल को तेजो महालय मंदिर बताए जाने के दावे पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और ASI से जवाबी हलफनामा मांगा। जानिए कोर्ट की सुनवाई और मामले की पूरी जानकारी।
पहलगाम हमला : NIA की चार्जशीट में हाफिज सईद का नाम, भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश का आरोप
राष्ट्रीय जांच एजेंसी NIA ने सोमवार को पहलगाम आतंकी हमले के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद को अपनी पूरक चार्जशीट में आरोपी बनाया है। एनआईए ने उस पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और सीमा पार से आतंकी साजिश रचने जैसे ...
भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाले हाई-वोल्टेज मुकाबले से पहले टीम इंडिया के कॉम्बिनेशन को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पिछले मैच में नो-बॉल फेंकने के बाद चर्चा में आए स्टार लेग स्पिनर रवि बिश्नोई को लेकर क्रिकेट गलियारों में कयास लगाए जा रहे थे कि उन्हें खराब अनुशासन के कारण बाहर किया जा सकता है, लेकिन सच कुछ और ही है। रिपोर्टर सूत्रों के अनुसार, बिश्नोई को किसी गलती की सजा नहीं दी जा रही है, बल्कि इंग्लैंड के खिलाफ एक विशेष रणनीतिक मास्टरप्लान के तहत उन्हें प्लेइंग इलेवन से ड्रॉप किया जा सकता है।नो-बॉल का ड्रामा नहीं, रणनीतिक बदलाव है असली वजहपिछले मैच में भले ही बिश्नोई की कुछ गेंदें लाइन से बाहर गईं हों, लेकिन टीम मैनेजमेंट उन्हें इस वजह से बाहर नहीं कर रहा है। दरअसल, इंग्लैंड की टीम में कई धाकड़ दाएं हाथ के बल्लेबाज मौजूद हैं, जिन्हें देखते हुए कप्तान और कोच एक अलग गेंदबाजी कॉम्बिनेशन आजमाना चाहते हैं। पिच की स्थिति और विपक्षी टीम की कमजोरी को टारगेट करने के लिए टीम इंडिया किसी ऑफ-स्पिनर या अतिरिक्त तेज गेंदबाज को प्लेइंग XI में शामिल करने पर गंभीरता से विचार कर रही है।प्लेइंग इलेवन में दिखेंगे कुछ और चौंकाने वाले बड़े बदलावकेवल रवि बिश्नोई ही नहीं, बल्कि इंग्लैंड के खिलाफ इस महत्वपूर्ण मैच के लिए भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन में कुछ और बड़े फेरबदल देखने को मिल सकते हैं। मिडिल ऑर्डर की मजबूती और टीम के बैलेंस को बेहतर करने के लिए बैटिंग लाइन-अप में भी बदलाव के संकेत मिले हैं। कप्तान पिच की नमी और उछाल को देखते हुए टॉस के वक्त अपनी अंतिम रणनीति का खुलासा करेंगे, जिससे फैंस को एक बिल्कुल नया टीम कॉम्बिनेशन देखने को मिल सकता है।इंग्लैंड के खिलाफ जीत के लिए भारत की नजरें संतुलित टीम परइंग्लैंड जैसी आक्रामक टीम को उनके घरेलू मैदान या न्यूट्रल वेन्यू पर मात देने के लिए भारतीय टीम मैनेजमेंट कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहता। रवि बिश्नोई की जगह जिस भी खिलाड़ी को मौका मिलेगा, उस पर टीम को शुरुआती सफलता दिलाने का बड़ा दारोमदार होगा। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि यह मुकाबला पूरी तरह से रणनीतिक सूझबूझ का होने वाला है, जहां सही प्लेइंग इलेवन का चयन ही मैच का रुख तय करेगा।
लाइव मैच के दौरान श्रीलंकाई बल्लेबाज को आया हार्ट अटैक, अंपायर से बहस के तुरंत बाद हुई मौत
क्रिकेट के मैदान से एक बेहद झकझोर देने वाली और दुखद खबर सामने आ रही है, जिसने खेल जगत को सदमे में डाल दिया है। श्रीलंका में चल रहे एक स्थानीय क्रिकेट मैच के दौरान एक खिलाड़ी की लाइव पिच पर ही दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने से अचानक मौत हो गई। खेल के दौरान हुआ यह दर्दनाक हादसा सोशल मीडिया और खेल प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसने खिलाड़ियों की फिटनेस और ऑन-फील्ड तनाव को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।अंपायर के फैसले पर विवाद और अचानक बिगड़ी तबीयतचश्मदीदों और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मैच के दौरान एक फैसले को लेकर मैदान पर स्थिति थोड़ी तनावपूर्ण हो गई थी। बल्लेबाजी कर रहे श्रीलंकाई क्रिकेटर, फील्डिंग टीम के खिलाड़ियों और अंपायर के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस (विवाद) शुरू हो गई। इस गहमागहमी के बीच अचानक उक्त बल्लेबाज असहज महसूस करने लगा और देखते ही देखते वह पिच पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा।मैदान पर ही थम गईं सांसेंखिलाड़ी के अचानक जमीन पर गिरते ही मैदान पर मौजूद अंपायर्स, साथी खिलाड़ी और मेडिकल स्टाफ तुरंत उसकी तरफ दौड़े। उसे प्राथमिक उपचार देने और जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की गई, लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक खिलाड़ी को बेहद गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया था, जिसके कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस अचानक हुई मौत से पूरी खेल अकादमी और मृतक खिलाड़ी के परिवार में कोहराम मच गया है।खेल के मैदान पर बढ़ता तनाव और दिल के दौरे के मामलेहाल के दिनों में खेल के मैदानों पर खिलाड़ियों को हार्ट अटैक आने की घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है। खेल विशेषज्ञ इस घटना के पीछे मैच के दौरान होने वाले अत्यधिक मानसिक तनाव, अचानक बढ़े ब्लड प्रेशर और अत्यधिक शारीरिक श्रम को मुख्य वजह मान रहे हैं। इस दुखद हादसे के बाद मैच को तुरंत रद्द कर दिया गया और पूरे देश में इस खिलाड़ी की असामयिक मृत्यु पर शोक व्यक्त किया जा रहा है।
क्या आपने देखा है दुनिया का पहला 'आइस होटल'? इसकी जादुई खूबसूरती सोशल मीडिया पर मचा रही है तहलका
सर्दियों के मौसम में दुनिया में कई ऐसी जगहें हैं जो अपनी खूबसूरती से लोगों को आकर्षित करती हैं, लेकिन क्या आपने कभी पूरी तरह बर्फ से बने होटल के बारे में सुना है? जी हां, स्वीडन के जुकासजर्वी (Jukkasjrvi) में स्थित 'आइसहोटल' (Icehotel) दुनिया का पहला और सबसे अनोखा आइस होटल है। इस होटल की मंत्रमुग्ध कर देने वाली तस्वीरें और कलाकृति इन दिनों इंटरनेट पर जमकर वायरल हो रही हैं, जिसे देखकर हर कोई हैरान है।हर साल नदी की बर्फ से होता है नया निर्माणइस होटल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे हर साल सर्दियों की शुरुआत में टॉर्न नदी (Torne River) से निकाली गई प्राकृतिक बर्फ और जमी हुई बर्फ की परतों से नए सिरे से बनाया जाता है। दुनिया भर के मशहूर कलाकार और मूर्तिकार यहां आकर दीवारों पर खूबसूरत नक्काशी करते हैं। जैसे ही वसंत ऋतु आती है, यह पूरा होटल पिघलकर वापस नदी में मिल जाता है, जिससे यह पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल रहता है।जमी हुई बर्फ पर सोने का अनोखा अहसासआइसहोटल के अंदर का तापमान हमेशा माइनस 5 से माइनस 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। यहां मेहमानों के रुकने के लिए बने रूम, बैठने के लिए सोफे, आर्ट गैलरी और शानदार बार (Icebar) भी पूरी तरह से ट्रांसपेरेंट बर्फ से तैयार किए जाते हैं। यहां तक कि बेड भी बर्फ के ब्लॉक से बने होते हैं, जिन पर सोने के लिए खास तौर पर थर्मल स्लीपिंग बैग और रेनडियर की खाल दी जाती है ताकि मेहमानों को ठंड न लगे।दुनिया भर के पर्यटकों के लिए ड्रीम डेस्टिनेशनइस होटल की अनोखी बनावट और शानदार लाइटिंग इसे किसी जादुई महल जैसा लुक देती है। यहां ठहरने वाले लोग न सिर्फ इस ठंडी दुनिया का मजा लेते हैं, बल्कि आसमान में चमकने वाली उत्तरी रोशनी (Northern Lights) का दीदार करने भी आते हैं। अगर आप भी कुछ अलग और एडवेंचरस एक्सपीरियंस करना चाहते हैं, तो यह जगह आपके ट्रेवल बकेट लिस्ट में जरूर होनी चाहिए।
यदि आप इस वीकेंड हिल स्टेशन माउंट आबू घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो वहां की खूबसूरत वादियों का लुत्फ उठाने के साथ-साथ शॉपिंग करना बिल्कुल न भूलें। माउंट आबू सिर्फ अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि अपने जीवंत और पारंपरिक बाजारों के लिए भी बेहद मशहूर है। यहां हम आपको माउंट आबू के 4 ऐसे बेस्ट शॉपिंग डेस्टिनेशन्स के बारे में बता रहे हैं, जहां से आप बेहद यूनिक राजस्थानी सामान खरीद सकते हैं।1. नक्की लेक मार्केट: ट्रेडिशनल राजस्थानी चार्मनक्की झील के पास स्थित यह बाजार पर्यटकों का पसंदीदा है। अगर आप बेहतरीन राजस्थानी हस्तशिल्प, बांधनी साड़ियां, जयपुरी रजाइयां और खूबसूरत चमड़े का सामान (मोजरी) खरीदना चाहते हैं, तो नक्की लेक मार्केट सबसे बेस्ट विकल्प है। यहां रंग-बिरंगी चूड़ियों और लोकल आर्टवर्क की भारी वैरायटी मिलती है।2. गवर्नमेंट एम्पोरियम (राजस्थली): शुद्धता की गारंटीयदि आप बिना मोलभाव किए ऑथेंटिक और सरकारी प्रामाणिकता वाला सामान खरीदना चाहते हैं, तो राजस्थली जरूर जाएं। यहां आपको बेहतरीन राजस्थानी ब्लू पॉटरी, संगमरमर की मूर्तियां, पारंपरिक आभूषण और हाथ से बुने हुए कपड़े आसानी से मिल जाएंगे, जो आपके घर की शोभा बढ़ाएंगे।3. सदर बाजार: बजट-फ्रेंडली लोकल शॉपिंगमाउंट आबू का सदर बाजार अपने किफायती दामों और वैरायटी के लिए जाना जाता है। यहां से आप राजस्थानी कलाकृतियां, मेटल क्राफ्ट, जयपुरी कुर्तियां और खूबसूरत राजस्थानी पेंटिंग्स खरीद सकते हैं। इस मार्केट में पैर रखने से पहले अपनी बारगेनिंग स्किल्स यानी मोलभाव करने की कला को थोड़ा मजबूत जरूर कर लें।4. कश्मीरी कॉटेज एम्पोरियम: खास कला का संगमभले ही यह राजस्थान में है, लेकिन इस मार्केट में आपको कश्मीरी और राजस्थानी कला का एक बेहतरीन फ्यूजन देखने को मिलता है। यहां के उत्तम पश्मीना शॉल, कश्मीरी कढ़ाई वाले सूट, कारपेट और सिल्क की साड़ियां पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं, जो आपकी शॉपिंग को बेहद यूनिक बना देती हैं।
राजस्थान का नाम सुनते ही अक्सर लोगों के दिमाग में तपते हुए रेगिस्तान और सुनहरी रेत के टीलों की तस्वीर उभरती है। लेकिन मानसून के दस्तक देते ही मारवाड़ की धरती का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। 'सूर्यनगरी' और 'ब्लू सिटी' के नाम से मशहूर जोधपुर इन दिनों मानसूनी फुहारों से सराबोर है। पहाड़ियों और ऐतिहासिक इमारतों के चारों तरफ फैली हरियाली ने यहां की खूबसूरती में चार चांद लगा दिए हैं। स्थानीय निवासियों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए जोधपुर की पांच चुनिंदा जगहें इस मौसम में वीकेंड गेटवे का सबसे बड़ा केंद्र बन गई हैं।मेहरानगढ़ की तलहटी और राव जोधा डेजर्ट रॉक पार्कजोधपुर के गौरवशाली मेहरानगढ़ किले की भव्यता तो हर मौसम में देखने लायक होती है, लेकिन मानसून में इस पहाड़ी किले का नजारा और भी जादुई हो जाता है। किले के ठीक बगल में स्थित 'राव जोधा डेजर्ट रॉक पार्क' इस समय पूरी तरह से हरा-भरा हो चुका है। रेगिस्तानी पौधों और प्राकृतिक चट्टानों के बीच से बहते पानी के झरने और हरी-भरी वादियां पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। एआई सर्च और गूगल मैप्स पर इस समय लोकल ट्रेवलर्स द्वारा इस डेस्टिनेशन को सबसे ज्यादा सर्च और रिव्यू किया जा रहा है।कायलाना झील और माचिया सफारी पार्क का सुहाना सफरशहर की भीड़-भाड़ से दूर प्राकृतिक शांति चाहने वाले लोगों के लिए कायलाना झील और उससे सटा माचिया सफारी पार्क इस मानसून में पहली पसंद बन गए हैं। रिमझिम बारिश के बीच झील में बोटिंग करना और पार्क के भीतर हरे-भरे रास्तों पर घूमते हुए प्रवासी पक्षियों और वन्यजीवों को देखना एक अद्भुत अनुभव है। इसके अलावा, उम्मेद भवन पैलेस के बगीचे, बालसमंद झील का मखमली नजारा और मंडोर गार्डन के ऐतिहासिक स्मारक इस मौसम में फोटोग्राफी और रील्स बनाने वाले युवाओं के लिए हॉटस्पॉट बन चुके हैं।
किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी आज के समय में एक बेहद आम लेकिन बेहद दर्दनाक समस्या बन चुकी है। इस बीमारी से राहत पाने के लिए लोग अक्सर घरेलू और पारंपरिक नुस्खों की तलाश में रहते हैं। इसी क्रम में 'रणकल्ली' जिसे देश के कई हिस्सों में पत्थरचट्टा या पाषाणभेद के नाम से भी जाना जाता है, का नाम सबसे ऊपर आता है। सोशल मीडिया और पारंपरिक चिकित्सा में यह दावा किया जाता है कि इसके पत्तों का नियमित सेवन करने से बड़ी से बड़ी पथरी भी गलकर यूरिन के रास्ते बाहर निकल जाती है। आइए जानते हैं कि इस पर आधुनिक चिकित्सा विशेषज्ञ और आयुर्वेद के डॉक्टर क्या राय रखते हैं।किडनी की पथरी पर कैसे काम करता है रणकल्ली का पौधाआयुर्वेद विशेषज्ञों के मुताबिक रणकल्ली के पत्तों में विशेष प्रकार के मूत्रवर्धक (Diuretic) और एंटी-कैलकुली गुण पाए जाते हैं। जब कोई व्यक्ति इसके पत्तों का खाली पेट सेवन करता है, तो यह शरीर में यूरिन की मात्रा को बढ़ा देता है। यूरिन का फ्लो तेज होने से किडनी में जमा छोटे-छोटे कैल्शियम के क्रिस्टल्स और पथरी के टुकड़े टूटकर आसानी से बाहर की तरफ ढकेले जाते हैं। इसके साथ ही यह पेट के दर्द और किडनी की सूजन को कम करने में भी काफी मददगार साबित होता है।क्या कहते हैं आधुनिक एलोपैथी डॉक्टर और वैज्ञानिक रिसर्चआधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (GEO) और आंसर इंजनों (AEO) पर जब मरीज इस बीमारी का सटीक और सुरक्षित समाधान खोजते हैं, तो डॉक्टरों की एक बेहद जरूरी सलाह सामने आती है। एलोपैथी डॉक्टरों का कहना है कि रणकल्ली के पत्ते केवल छोटे आकार (कम एमएम) की पथरी को निकालने में ही सहायक हो सकते हैं। अगर स्टोन का साइज बहुत बड़ा है या वह यूरिन नली में फंसा हुआ है, तो केवल पत्तों के भरोसे बैठना खतरनाक हो सकता है। ऐसे मामलों में बिना डॉक्टरी सलाह और अल्ट्रासाउंड कराए किसी भी नुस्खे को आजमाना किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए विशेषज्ञ हमेशा संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की सलाह देते हैं।
अपनी सुबह की शुरुआत एक हाई-प्रोटीन नाश्ते के साथ करना फिटनेस लवर्स और कामकाजी लोगों के लिए बेहद जरूरी माना जाता है। प्रोटीन न केवल मांसपेशियों की रिकवरी (मसल ग्रोथ) में मदद करता है, बल्कि आपको लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है जिससे अनहेल्दी क्रेविंग से बचाव होता है। जब भी हाई-प्रोटीन ब्रेकफास्ट की बात आती है, तो सबसे पहला नाम अंडों का ही दिमाग में आता है। लेकिन अगर आप शाकाहारी नहीं हैं और रोज-रोज अंडे खाकर पूरी तरह ऊब चुके हैं, तो डाइटिशियंस और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स सुबह के भोजन के लिए कई अन्य बेहतरीन और बेहद स्वादिष्ट मांसाहारी (Non-Veg) विकल्पों की सलाह देते हैं।चिकन ब्रेस्ट और सॉसेज: लीन प्रोटीन का सबसे बेहतरीन पावरहाउससुबह के नाश्ते के लिए चिकन ब्रेस्ट सबसे बेहतरीन और शुद्ध लीन प्रोटीन का स्रोत है। इसमें फैट की मात्रा बेहद कम और प्रोटीन की मात्रा सबसे ज्यादा होती है। आप सुबह के समय उबला हुआ चिकन, चिकन सलाद या फिर कम तेल में भुने हुए चिकन सॉसेज को मल्टीग्रेन ब्रेड के साथ सैंडविच बनाकर खा सकते हैं। यह न केवल मिनटों में तैयार हो जाता है बल्कि आपके शरीर को जरूरी अमीनो एसिड्स की दैनिक खुराक भी आसानी से दे देता है।टर्की मीट और कीमा रोल: स्वाद और सेहत का अनोखा संगमअंडे के मुकाबले टर्की का मांस (Turkey Meat) एक बेहद प्रीमियम और लाइट विकल्प है। टर्की ब्रेस्ट स्लाइस को आप अपने ब्रेकफास्ट टोस्ट में शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा, मटन या चिकन के कीमे को हल्के मसालों के साथ पकाकर होल-व्हीट रोल या काठी रोल के रूप में सुबह खाना एक बेहद शानदार और भारी नाश्ता माना जाता है, जो जिम जाने वाले युवाओं के लिए बेहद फायदेमंद है।फिश फिलेट और सीफूड: प्रोटीन के साथ ओमेगा-3 फैटी एसिड की ताकतअगर आप अपने नाश्ते को और ज्यादा न्यूट्रिशियस बनाना चाहते हैं, तो ग्रिल्ड या बेक्ड फिश (जैसे साल्मन या टूना) एक लाजवाब विकल्प है। मछली में उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन के साथ-साथ प्रचुर मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो आपके दिल की सेहत और दिमाग की कार्यप्रणाली को दुरुस्त रखता है। टूना फिश को मेयोनेज़ या ककड़ी-टमाटर के साथ मिलाकर एक क्विक सैंडविच स्प्रेड तैयार किया जा सकता है जो बेहद रिफ्रेशिंग होता है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित पारंपरिक आम महोत्सव (मैंगो फेस्टिवल) इस बार सिर्फ फलों के स्वाद के लिए नहीं, बल्कि एक बेहद सोची-समझी राजनीतिक 'मैंगो डिप्लोमेसी' के लिए चर्चा का केंद्र बन गया है। राजनीतिक गलियारों में पिछले काफी समय से दिल्ली और लखनऊ के शीर्ष नेतृत्व के बीच कथित अनबन और मतभेदों की अफवाहें उड़ रही थीं। लेकिन बीजेपी के चाणक्य रणनीतिकारों ने इस बार किसी औपचारिक लंच या डिनर का सहारा लेने के बजाय, अवध के इस मशहूर रसीले आमों के मंच का इस्तेमाल करके विरोधियों को एक बेहद मजबूत और एकजुट संदेश दे दिया है।मैंगो डिप्लोमेसी से विपक्ष के दावों पर लगा विरामहालिया चुनाव परिणामों के बाद से ही समाजवादी पार्टी और कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष उत्तर प्रदेश बीजेपी के भीतर आंतरिक कलह की अटकलें लगा रहा था। लेकिन इस खास आयोजन में केंद्रीय मंत्रियों और राज्य सरकार के मंत्रियों की जुगलबंदी ने यह साबित कर दिया कि भारतीय जनता पार्टी के भीतर सांगठनिक और प्रशासनिक स्तर पर तालमेल पूरी तरह मजबूत है। फलों के राजा आम की विभिन्न प्रजातियों के प्रदर्शन के बहाने दोनों स्तर के नेताओं ने बंद कमरों में लंबी गुफ्तगू की और सूबे के आगामी विकास और चुनावी रोडमैप पर अपनी सियासी गोटी पूरी तरह फिट कर ली।दिल्ली-लखनऊ के बीच 'ऑल इज वेल' का बड़ा संदेशआधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (GEO) और आंसर इंजनों (AEO) पर जब देश की जनता यूपी की राजनीति का ताजा मिजाज खोजती है, तो यह आयोजन एक सटीक जवाब के रूप में सामने आता है। पार्टी के शीर्ष सूत्रों का कहना है कि यह केवल एक सरकारी मेला नहीं था, बल्कि इसके जरिए यह साफ संदेश देना था कि यूपी में बीजेपी का नेतृत्व एकजुट है और दिल्ली का हाथ लखनऊ के साथ मजबूती से बना हुआ है। इस आयोजन के बाद लुटियंस दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश के स्थानीय जिलों तक राजनीतिक समीकरण पूरी तरह शांत और स्पष्ट नजर आ रहे हैं, जिससे विरोधियों के सारे नैरेटिव धरे के धरे रह गए।
सीट शेयरिंग में मनमानी नहीं चलेगी', बीजेपी आलाकमान का जयंत चौधरी और ओपी राजभर को दोटूक जवाब
उत्तर प्रदेश में चुनावी बिगुल बजने से पहले एनडीए गठबंधन के भीतर सीट शेयरिंग को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। बीजेपी आलाकमान ने ओम प्रकाश राजभर और जयंत चौधरी समेत सभी घटक दलों को दो टूक शब्दों में साफ संदेश दे दिया है कि इस बार सीटों के बंटवारे में किसी भी तरह की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।लखनऊ: उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावी समर को लेकर एनडीए (NDA) खेमे के भीतर सीटों के तालमेल की रस्साकशी अब खुलकर सामने आने लगी है। दिल्ली से लेकर लखनऊ तक सियासी बिसात बिछाई जा चुकी है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शीर्ष नेतृत्व ने गठबंधन के प्रमुख चेहरों - सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर और राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के मुखिया जयंत चौधरी सहित तमाम सहयोगियों को बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश भेज दिया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, 'बॉस' की तरफ से साफ कह दिया गया है कि सीट शेयरिंग का फैसला केवल जमीनी हकीकत और जिताऊ क्षमता (विनेबिलिटी) के आधार पर होगा, न कि किसी के राजनीतिक दबाव में।ग्राउंड रियलिटी और सर्वे रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कोटाबीजेपी के रणनीतिकारों ने उत्तर प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों और लोकसभा सीटों के भौगोलिक व स्थानीय समीकरणों का बारीकी से अध्ययन किया है। आधुनिक एआई सर्च (GEO) और आंतरिक सर्वे रिपोर्टों के आधार पर पार्टी इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि सहयोगी दलों को केवल उतनी ही सीटें दी जाएं जहां उनका पारंपरिक जनाधार वास्तव में मजबूत है। पश्चिम यूपी में जयंत चौधरी के जाट वोट बैंक और पूर्वांचल में राजभर के अति पिछड़े वोटों को ध्यान में रखते हुए ही बीजेपी आगे बढ़ेगी, लेकिन मनमाने दावों पर कड़ा रुख अपनाया जाएगा।एनडीए में चौधराहट की जंग और सहयोगियों की धड़कनें तेजइस दो टूक संदेश के बाद से ही गठबंधन के भीतर छोटे दलों की धड़कनें तेज हो गई हैं। जयंत चौधरी और ओपी राजभर जैसे कद्दावर नेता अपनी-अपनी राजनीतिक जमीन और वर्चस्व यानी 'चौधराहट' को बचाए रखने के लिए ज्यादा से ज्यादा सीटों पर दावा ठोक रहे थे। आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) के दौर में जहां जनता हर राजनीतिक हलचल पर तुरंत सटीक जवाब चाहती है, वहीं बीजेपी का यह सख्त रवैया यह साफ करता है कि वह सूबे में बड़े भाई की भूमिका से रत्ती भर भी समझौता करने के मूड में नहीं है।
मिस्र के रेगिस्तान में मिला सैंकड़ों साल पुराना शहर
मिस्र के पुरातत्विदों ने दो बेहद अहम खोज की हैं। इसमें पूरा का पूरा प्राचीन शहर और एक जगह कई कब्रें मिली हैं। मिस्र को उम्मीद है कि इन नई खोजों से उसके पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
उम्र महज एक संख्या है और अगर इरादा मजबूत हो तो आस्था के आगे हर बाधा घुटने टेक देती है। दक्षिण भारत के एक प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद हर श्रद्धालु की आंखें नम कर दीं। 116 साल की एक बुजुर्ग अम्मा अपनी लाठी के सहारे और भगवान के प्रति अटूट विश्वास के दम पर मंदिर की बेहद कठिन 3,550 सीढ़ियां चढ़कर शिखर पर पहुंच गईं। इस उम्र में जहां लोगों का चलना-फिरना दूभर हो जाता है, वहां अम्मा का यह जज्बा किसी चमत्कार से कम नहीं था।मंदिर प्रशासन ने रोक दी कतारेंजैसे ही यह खबर मंदिर प्रबंधन तक पहुंची कि एक शताब्दी पार कर चुकीं बुजुर्ग महिला खुद सीढ़ियां चढ़कर आ रही हैं, वहां हड़कंप मच गया। मंदिर के मुख्य अधिकारियों और पुजारियों ने अम्मा के सम्मान और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया। प्रशासन ने आम श्रद्धालुओं की नियमित कतारों को कुछ समय के लिए रोक दिया ताकि बुजुर्ग अम्मा को भीड़-भाड़ से बचाया जा सके।अम्मा को मिला वीआईपी सम्मान और विशेष आशीर्वादबाकी कतारों को रोककर मंदिर प्रबंधन ने बुजुर्ग अम्मा के लिए विशेष रास्ता बनाया। उन्हें सीधे गर्भगृह ले जाया गया, जहां भगवान के वीआईपी दर्शन कराए गए। मुख्य पुजारी ने खुद अम्मा को गर्भगृह के पास बैठाकर विशेष पूजा-अर्चना की, उन्हें अंगवस्त्र भेंट किया और चरणों में शीश नवाकर उनका आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में मौजूद अन्य भक्त भी इस ऐतिहासिक और भावुक पल के गवाह बने और पूरी घाटी 'जयकारे' से गूंज उठी।
भारत की विकास गाथा से प्रेरणा ले रहा इंडोनेशिया, PM के दौरे से संबंधों को मिलेगी नई गति
वैश्विक पटल पर भारत की बढ़ती आर्थिक और तकनीकी ताकत का लोहा अब पड़ोसी देश भी मान रहे हैं। दक्षिण-पूर्व एशिया का प्रमुख देश इंडोनेशिया, भारत की हालिया विकास गाथा और विशेषकर डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) से गहराई से प्रेरित है। रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री का आगामी इंडोनेशिया दौरा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है, जिससे न सिर्फ व्यापार बल्कि रणनीतिक साझेदारी को भी नई गति मिलेगी।डिजिटल क्रांति और यूपीआई मॉडल पर नजरइंडोनेशिया विशेष रूप से भारत के वित्तीय समावेशन और डिजिटल भुगतान प्रणाली (UPI) का मुरीद हो चुका है। वह अपने देश में भी इसी तरह के डिजिटल बदलावों को लागू करने की योजना बना रहा है। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच डिजिटल इकोनॉमी, फिनटेक और साइबर सुरक्षा जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की पूरी संभावना है, जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं को एक-दूसरे के और करीब लाएंगे।हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारीआर्थिक सहयोग के अलावा, यह दौरा रणनीतिक और भौगोलिक दृष्टि से भी बेहद अहम है। हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भारत और इंडोनेशिया का एक साथ आना वक्त की मांग है। दोनों देश मिलकर रक्षा सहयोग और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा बढ़ाने पर ठोस रणनीति तैयार कर रहे हैं, जो चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने में मददगार होगी।
किश्तवाड़ में बारिश बनी आफत: क्वार पावर प्रोजेक्ट के पास बड़ा भूस्खलन, मलबे में दबी कई गाड़ियां
जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ में 540 मेगावाट के क्वार पावर प्रोजेक्ट के पास भारी बारिश की वजह से जमीन खिसकने (लैंडस्लाइड) की एक बड़ी घटना सामने आई है। इससे भयानक तबाही का समाचार है। इस भूस्खलन के कारण इलाके में खड़ी कई गाड़ियां भारी मलबे की चपेट में ...
Nitin Naveen Road Show: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के उत्तर प्रदेश दौरे के दौरान हुए एक रोड शो ने देश में एक बड़े राजनीतिक और धार्मिक विवाद को जन्म दे दिया है। लखनऊ में रोड शो के दौरान नितिन नबीन के वाहन के आगे भगवान हनुमान के स्वरूप में ...
साहित्य, संगीत और अध्यात्म की नगरी देवास क्या बन रहा है आतंकियों की पनाहगाह?
आध्यात्मिक आभा और समृद्ध साहित्यिक विरासत समेटे मध्य प्रदेश का 'देवास' जिला हमेशा से अपनी शांति और गंगा-जमुनी तहजीब के लिए जाना जाता रहा है। कई लेखक, साहित्यकार और पेंटर्स ने अपनी उपलब्धियों से देवास के कद को ऊंचाई तक ले जाने का काम किया है। लेकिन ...
Weather Update: मुंबई और कोंकण में बारिश का रेडअलर्ट, पहाड़ों पर आफत, दिल्ली NCR में गर्मी से राहत
heavy rainfall alert in Mumbai: देश भर में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट के पास बने एक गहरे कम दबाव के क्षेत्र (डिप्रेशन) के कारण मध्य और पश्चिम भारत में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। ...
चढ़ावा चोरी पर महंत नृत्य गोपालदास ने लिखा पत्र, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं श्री मणिरामदास छावनी के महंत नृत्य गोपालदास ने राम मंदिर में कथित दान-चोरी की घटना पर गहरा दुख और नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताया। ...
ITR 2026: एफडी ब्याज छुपाना पड़ेगा भारी, जानिए कितना देना होगा जुर्माना और टैक्स
अगर आपने पिछले आईटीआर में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के ब्याज को अपनी आय में नहीं दिखाया है, तो सावधान हो जाएं। आयकर विभाग अब सख्ती से ऐसे खातों की निगरानी कर रहा है। पकड़े जाने पर आपको बकाया टैक्स के साथ-साथ ब्याज और जुर्माने का भारी बोझ उठाना पड़ सकता है।कैसे भरें सही जानकारी?गलती सुधारने के लिए आप अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) फाइल कर सकते हैं। अपनी सभी बैंक स्टेटमेंट चेक करें और ब्याज आय का सही विवरण देकर पेनल्टी से बचें। समय रहते इसे सही करना ही आपके लिए सबसे बेहतर विकल्प है।
मिडकैप फंड्स में बंपर कमाई का मौका: इंफ्रा और सेमीकंडक्टर बनेंगे नया ग्रोथ इंजन
भारतीय शेयर बाजार में मिडकैप फंड्स फिर से निवेशकों की पहली पसंद बन रहे हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सरकारी निवेश की तेज रफ्तार ने इन फंड्स के लिए नए रास्ते खोल दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आ रहे बदलाव से मिडकैप कंपनियों की आय में बड़ी उछाल दिखेगी।क्या हो निवेश की सही स्ट्रैटेजी?मौजूदा बाजार में निवेशकों को 'बाय ऑन डिप्स' यानी गिरावट पर खरीदारी की नीति अपनानी चाहिए। लंबी अवधि के विजन के साथ डायवर्सिफाइड मिडकैप फंड्स में धीरे-धीरे निवेश बढ़ाना इस समय सबसे सुरक्षित और फायदेमंद कदम साबित हो सकता है।
डिफेंस सेक्टर में बंपर निवेश: ₹52,000 करोड़ की डिफेंस डील से इन 6 शेयरों में आएगी तूफानी तेजी
भारत सरकार द्वारा रक्षा क्षेत्र में ₹52,000 करोड़ के बड़े निवेश की मंजूरी से डिफेंस कंपनियों के लिए स्वर्णिम युग की शुरुआत हो गई है। ब्रोकरेज फर्मों के अनुसार, यह सरकारी फैसला आत्मनिर्भर भारत के तहत घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट देगा, जिससे HAL, BEL, मझगांव डॉक, कोचीन शिपयार्ड, सोलर इंडस्ट्रीज और बीईएमएल (BEML) जैसे शेयरों में भारी उछाल संभव है।इन शेयरों पर रखें नजरएक्सपर्ट्स का मानना है कि इन कंपनियों के ऑर्डर बुक में रिकॉर्ड वृद्धि होने से निवेशकों को शानदार रिटर्न मिल सकता है। ब्रोकरेज ने इन स्टॉक्स को पोर्टफोलियो में शामिल करने की सलाह दी है और इनके लिए नए ऊंचे टारगेट प्राइस सेट किए हैं। लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह एक बेहतरीन मौका साबित हो सकता है।
अमरनाथ यात्रा 2026 के दौरान बाबा बर्फानी का हिम शिवलिंग तेजी से पिघलने की खबर सामने आई है। जानिए शिवलिंग की मौजूदा स्थिति, श्रद्धालुओं की संख्या, यात्रा मार्ग और सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी।
गुजरात इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (GERC) के बिजली लोकपाल ने स्मार्ट मीटर विवाद को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। इस फैसले के अनुसार, अब बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के लिए ग्राहकों के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने या पुराने मीटर बदलने ...
झारखंड सरकार ने जारी किया टेक्सटाइल और फुटवियर नीति-2026 का ड्राफ्ट, जनता से मांगे सुझाव
झारखंड सरकार ने वस्त्र, परिधान एवं फुटवियर नीति 2026 के ड्राफ्ट जारी कर दिया है और इस संबंध में आम लोगों से राय मांगी गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 8 और 9 जुलाई, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 में राज्य का डिजिटल ...
Vastu Shastra: वास्तु के ये 10 नियम बदल सकते हैं घर का माहौल, बनी रहेगी सुख-समृद्धि
House Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं होता, बल्कि ऊर्जा का एक ऐसा केंद्र होता है जिसका सीधा असर हमारे स्वास्थ्य, मानसिक शांति और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। अगर घर में वास्तु के नियमों का पालन किया जाए, तो ...
इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए योगी सरकार ने दी 210 करोड़ की सब्सिडी, 43 हजार से अधिक लोगों को मिला लाभ
Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। इसी दिशा में प्रदेश सरकार के विजन के तहत परिवहन ...
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में कौन-कौन होगा शामिल?
अयोध्या में आज श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की अहम बैठक होने जा रही है। मंदिर परिसर में आयोजित इस बैठक में ट्रस्ट से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। बैठक में सभी 14 ट्रस्टियों को बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित ...
LIVE: मुंबई में हाईटाइड की चेतावनी, मुंबई पुणे के बीच यातायात ठप
Latest News Today Live Updates in Hindi : देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भारी बारिश का दौर जारी है। मुंबई के मानखुर्द में 6 लोगों की मौत हो गई। पल पल की जानकारी...
अग्निवीरों के लिए बड़ी राहत की तैयारी। तीनों सेनाओं ने चार साल बाद स्थायी नियुक्ति का कोटा 25% से बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। नौसेना ने 75% और सेना-वायुसेना ने 50% तक परमानेंट करने की मांग की है।
मुंबई में बारिश का तांडव: मानखुर्द में इमारत गिरने से 6 की मौत, स्कूल बंद
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई एक बार फिर तेज बारिश में डूब गई। सड़कों पर पानी भरने से मुंबई की रफ्तार कम हुई। मुंबई और पुणे के बीच संपर्क कटा। मानखुर्द में इमारत का हिस्सा गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने आज भी यहां भारी बारिश का रेड अलर्ट ...
ग्लोबल सिटिजन सॉल्यूशंस द्वारा जारी 'ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026' में भारतीय पासपोर्ट पिछले साल के मुकाबले एक स्थान नीचे गिरकर 125वें नंबर पर पहुंच गया है. कुल 197 देशों की इस वैश्विक सूची में भारत से एक पायदान ऊपर नामीबिया (124वें) और ठीक नीचे अजरबैजान (126वें) मौजूद है. हालांकि रैंकिंग में मामूली गिरावट आई है, लेकिन भारत का कुल स्कोर उछलकर 45.1 पर पहुंच गया है, जो पिछले पांच वर्षों में भारतीय पासपोर्ट का सबसे शानदार प्रदर्शन है.सिर्फ वीजा-फ्री सफर नहीं, इन 3 बड़े पैमानों पर तय होती है पासपोर्ट की असली ताकतआमतौर पर कई पासपोर्ट इंडेक्स सिर्फ इस आधार पर रैंकिंग तय करते हैं कि आप कितने देशों में बिना वीजा के घूम सकते हैं. लेकिन 'ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स' विश्व बैंक और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) समेत दुनिया की बड़ी संस्थाओं के 14 अलग-अलग मानकों को खंगालकर रिपोर्ट तैयार करता है. यह मुख्य रूप से तीन बड़े स्तंभों पर आधारित होता है:यात्रा की सुगमता (Mobility Index): दुनिया भर में आसानी से आने-जाने की आजादी.निवेश के अवसर (Investment Index): दूसरे देशों में बिजनेस और निवेश की अनुकूल नीतियां.जीवन की गुणवत्ता (Quality of Life Index): रहने के लिहाज से सुख-सुविधाएं और स्वतंत्रता.टॉप 10 में यूरोपीय देशों का एकछत्र राज, स्वीडन बना दुनिया का नंबर-1 पासपोर्टसाल 2026 की इस नई रिपोर्ट में यूरोपीय देशों का दबदबा पूरी तरह साफ नजर आ रहा है. दुनिया के टॉप 10 सबसे ताकतवर पासपोर्ट में से 9 पर सिर्फ यूरोप का कब्जा है. इस लिस्ट में स्वीडन पहले पायदान पर काबिज होकर दुनिया का सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट बन गया है. इसके बाद क्रमश: स्विट्जरलैंड, फिनलैंड और जर्मनी का नंबर आता है. पांचवें स्थान पर नीदरलैंड और डेनमार्क संयुक्त रूप से मौजूद हैं. इसके बाद आयरलैंड, यूनाइटेड किंगडम (UK) और नॉर्वे का स्थान है.सिंगापुर बना एकमात्र गैर-यूरोपीय महाशक्ति, भारतीयों को अभी भी करना होगा लंबा इंतजारहैरानी की बात यह है कि इस महासूची के टॉप 10 देशों में सिंगापुर इकलौता ऐसा देश है जो यूरोप से बाहर का है. रिपोर्ट के अनुसार, जिन नागरिकों के पास इन शीर्ष देशों का पासपोर्ट है, उन्हें किसी भी देश में व्यापार करने, नौकरी के बेहतरीन अवसर तलाशने और जरूरत पड़ने पर वहां आसानी से बसने में कोई कानूनी अड़चन नहीं आती. दूसरी तरफ, 125वें स्थान पर होने के कारण भारतीय पासपोर्ट धारकों को आज भी अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ जैसे विकसित देशों की यात्रा के लिए कठिन कागजी कार्रवाई, भारी खर्च और लंबी वीजा प्रक्रियाओं के लंबे इंतजार से गुजरना पड़ता है.
भारतीय क्रिकेटर पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) और उनकी मंगेतर, एक्ट्रेस-इन्फ्लुएंसर आकृति अग्रवाल (Aakriti Agarwal) के रिश्ते को लेकर सोशल मीडिया पर एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है. हाल ही में आकृति ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम (Instagram) हैंडल पर एक ऐसी विवादित स्टोरी शेयर की, जिसने दोनों के ब्रेकअप की खबरों को हवा दे दी है. इस पोस्ट में आकृति ने बिना किसी का नाम लिए खुद को मिले धोखे का दर्द बयां किया है. हालांकि, विवाद बढ़ता देख उन्होंने कुछ ही समय बाद इस स्टोरी को डिलीट कर दिया, लेकिन तब तक इसका स्क्रीनशॉट इंटरनेट पर आग की तरह फैल चुका था.'सगाई के बाद भी ऐसा हो सकता है...' आकृति के डिलीटेड पोस्ट से सनसनीआकृति अग्रवाल ने अपनी डिलीट की गई इंस्टाग्राम स्टोरी में बेहद भावुक और हैरान करने वाली बातें लिखी थीं. उन्होंने लिखा, मेरे साथ कई बार धोखा हुआ, फिर भी मैंने कभी कुछ नहीं कहा. मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा कि सगाई जैसा बड़ा कदम उठाने के बाद भी ऐसा हो सकता है. जो भी बातें सामने आ रही हैं, वे सच हैं. सोशल मीडिया पर उनके बारे में जो कुछ भी दिख रहा है, वह पूरी तरह सच है. भले ही आकृति ने अपनी इस पोस्ट में सीधे तौर पर पृथ्वी शॉ का नाम नहीं लिया, लेकिन सगाई और धोखे के इस जिक्र को फैंस सीधे क्रिकेटर से जोड़कर देख रहे हैं.इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को किया अनफॉलो, दोनों के आधिकारिक बयान का इंतजारइस पूरे विवाद के बीच कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह बड़ा दावा भी किया गया है कि पृथ्वी शॉ और आकृति अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को 'अनफॉलो' (Unfollow) कर दिया है. इस कदम के बाद उनके अलग होने की अटकलें और ज्यादा तेज हो गई हैं. आपको बता दें कि कुछ समय तक एक-दूसरे को गुपचुप डेट करने के बाद इस कपल ने इसी साल 8 मार्च 2026 को सगाई की थी. दोनों को पहली बार साल 2025 में गणेश चतुर्थी के पावन मौके पर एक साथ देखा गया था. फिलहाल, ब्रेकअप की इन खबरों पर ना तो पृथ्वी और ना ही आकृति की तरफ से कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट आया है.मुंबई छोड़ महाराष्ट्र की टीम से जुड़े पृथ्वी शॉ, करियर में लगातार उतार-चढ़ावएक तरफ जहां पृथ्वी शॉ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं, वहीं उनका क्रिकेटिंग करियर भी इन दिनों काफी कठिन दौर से गुजर रहा है. साल 2018 में अपनी कप्तानी में भारत को अंडर-19 वर्ल्ड कप जिताने और वेस्टइंडीज के खिलाफ डेब्यू टेस्ट में शानदार शतक जड़ने वाले पृथ्वी पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म, फिटनेस और अनुशासन के मुद्दों से जूझ रहे हैं. अपने करियर को नए सिरे से संवारने के लिए उन्होंने साल 2025-26 के घरेलू सीजन में मुंबई की टीम छोड़कर महाराष्ट्र का रुख किया था. वहीं आईपीएल 2026 (IPL 2026) में वह दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) की टीम का हिस्सा तो रहे, लेकिन पूरे सीजन उन्हें प्लेइंग इलेवन में खेलने के पर्याप्त मौके नहीं मिल सके.
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पूरे देश को अपनी आगोश में ले लिया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) इस समय जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है. अगले तीन दिनों के भीतर पंजाब, हरियाणा, गुजरात और राजस्थान के बचे हुए इलाकों में भी मानसून पूरी तरह छा जाएगा. इस बेहद मजबूत मानसूनी सिस्टम के चलते आज यानी 6 जुलाई 2026 को देश के 24 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और खतरनाक आंधी-तूफान का महा-अलर्ट जारी किया गया है.छत्तीसगढ़ और कोंकण-गोवा समेत इन 4 क्षेत्रों में 'अत्यंत भारी बारिश' की चेतावनीमौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, देश के चार प्रमुख क्षेत्रों में बादलों की भयंकर गर्जना के साथ प्रलयंकारी बारिश होने की आशंका है, जिसके लिए सबसे कड़ा अलर्ट जारी किया गया है. इन इलाकों में शामिल हैं:छत्तीसगढ़मध्य प्रदेश से सटा गुजरात का इलाकाकोंकण और गोवामध्य महाराष्ट्रMP, राजस्थान और उत्तराखंड में 'ऑरेंज अलर्ट', यूपी-दिल्ली में झमाझम बौछारेंआईएमडी ने कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताते हुए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है. इनमें मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, उत्तर प्रदेश से सटा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, सौराष्ट्र-कच्छ, केरल, माहे और कर्नाटक शामिल हैं. इसके अलावा, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों समेत एक बड़े हिस्से के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है, जिसके तहत आज दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश (विशेषकर पूर्वी यूपी), बिहार, झारखंड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, विदर्भ, मराठवाड़ा और पश्चिम बंगाल में जोरदार मानसूनी बौछारें पड़ेंगी. पूर्वोत्तर के राज्यों (असम, मेघालय, अरुणाचल) में भी भारी बारिश होगी, हालांकि असम-मेघालय में बारिश के बीच उमस वाली चिपचिपी गर्मी भी परेशान करेगी.4 राज्यों में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से बवंडर का खतरा, कड़केगी बिजलीमौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आज अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय व उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी थंडरस्कॉल (बवंडर) चल सकता है. इसके साथ ही बिहार, झारखंड, राजस्थान और गुजरात में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की तेज धूलभरी हवाओं के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है. पूरे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में सिर्फ आकाशीय बिजली का विशेष अलर्ट जारी किया गया है, इसलिए लोगों को गरज-चमक के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है.समंदर में उठेंगी डरावनी लहरें, मछुआरों के लिए रेड वॉर्निंग जारीचक्रवाती परिसंचरण और तीव्र मानसूनी हवाओं के कारण भारत के दोनों समुद्री तटों पर भारी उथल-पुथल मची रहेगी. गुजरात, महाराष्ट्र, कोंकण, गोवा और केरल के तटों से सटे अरब सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी, जो 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं. वहीं, बंगाल की खाड़ी, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से बेहद खतरनाक हवाएं चलने का अनुमान है. समुद्र की भयावह स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को अगले आदेश तक गहरे समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी है.
जब भी गोवा (Goa) का नाम आता है, तो लोगों के जेहन में सिर्फ लेट-नाइट पार्टियां, चमचमाते पब्स और खचाखच भरे मशहूर बीच ही आते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि असली और सुकून देने वाला गोवा इसके घने जंगलों, अनछुए द्वीपों और शांत समुद्री किनारों के बीच छिपा हुआ है? अगर आप इस बार छुट्टियों में भीड़भाड़ से दूर प्रकृति की गोद में शांति से वक्त बिताना चाहते हैं, तो हम आपको गोवा के उन 12 सबसे बेहतरीन 'हिडन स्पॉट्स' (Hidden Spots) के सफर पर ले जा रहे हैं, जिन्हें आम सैलानी अब तक नहीं खोज पाए हैं.1. बटरफ्लाई बीच (Butterfly Beach)तितली के आकार का यह बेहद छोटा और जादुई बीच है. यहां तक पहुंचने के लिए कोई सीधा रास्ता नहीं है; आपको या तो घने जंगलों के बीच से ट्रेकिंग करनी होगी या नाव का सहारा लेना होगा. कम लोगों के आने की वजह से यहां का माहौल एकदम प्राइवेट और बेहद शांत रहता है.2. काकोलेम बीच या टाइगर बीच (Kakolem Beach)यह गोवा के सबसे रहस्यमयी और सुनसान तटों में से एक है. इस बीच की सबसे अनोखी बात यह है कि एक छोटा सा प्राकृतिक वॉटरफॉल (झरना) सीधे पहाड़ियों से बहकर समुद्र के खारे पानी में गिरता है, जो प्रकृति प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर देता है.3. अरंबोल स्वीट वॉटर लेक (Arambol Sweet Water Lake)एक तरफ विशाल समंदर की लहरें और ठीक उसके बगल में मीठे पानी की यह शांत झील प्रकृति का एक अद्भुत चमत्कार है. सुबह के समय यहां का वातावरण बेहद सकारात्मक होता है, जहां लोग योग, ध्यान और मेडिटेशन करने आते हैं.4. दिवर आइलैंड (Divar Island)यदि आप गोवा के पारंपरिक ग्रामीण जीवन, पुर्तगाली शैली के पुराने विला और हरे-भरे लहलहाते खेतों को देखना चाहते हैं, तो दिवर आइलैंड जरूर जाएं. यहां साइकिल या स्कूटर से घूमना एक लाइफटाइम एक्सपीरियंस देता है.5. चोराओ आइलैंड - सलीम अली बर्ड सैंक्चुअरी (Chorao Island)पक्षी प्रेमियों और वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर्स के लिए यह जगह किसी स्वर्ग जैसी है. मांडोवी नदी के मैंग्रोव जंगलों के बीच स्थित इस सैंक्चुअरी में बोटिंग करते हुए कई दुर्लभ और विदेशी प्रवासी पक्षियों को करीब से देखा जा सकता है.6. नेत्रावली वॉटरफॉल (Netravali Waterfall)यह मनमोहक झरना वन्यजीव अभयारण्य के घने जंगलों के भीतर छिपा हुआ है. खासकर मानसून के मौसम में इस झरने का रूप अत्यंत विकराल और सुंदर हो जाता है. यहां तक पहुंचने का जंगली ट्रेक एडवेंचर के शौकीनों के लिए एकदम परफेक्ट है.7. ताम्बडी सुरला वॉटरफॉल (Tambdi Surla Waterfall)गोवा के सबसे प्राचीन और ऐतिहासिक 12वीं सदी के महादेव मंदिर के नजदीक स्थित यह वॉटरफॉल अपने ठंडे और क्रिस्टल क्लियर (कांच जैसे साफ) पानी के लिए जाना जाता है. चारों तरफ ऊंचे पेड़ों से घिरा यह इलाका मन को सुकून देता है.8. काबो डी रामा फोर्ट (Cabo de Rama Fort)समुद्र के ठीक मुहाने पर बना यह विशाल ऐतिहासिक किला इतिहास और प्रकृति का एक बेजोड़ मेल है. इस किले की प्राचीर से अरब सागर का 360-डिग्री व्यू दिखाई देता है, और यहां का सूर्यास्त (Sunset) देखना सैलानियों के लिए बेहद यादगार होता है.9. राचोल सेमिनरी एरिया (Rachol Seminary)यह दक्षिण गोवा का एक अत्यंत शांत और आध्यात्मिक कोना है, जहां पुरानी पुर्तगाली वास्तुकला (Architecture) के दर्शन होते हैं. यहां की खामोश गलियां और सादगी आपको आधुनिक दुनिया के शोर से पूरी तरह दूर ले जाती हैं.10. अश्वेम बीच का शांत हिस्सा (Ashwem Beach)अश्वेम बीच का उत्तरी छोर व्यावसायिक गतिविधियों से पूरी तरह मुक्त है. सफेद मखमली रेत और साफ नीले पानी वाला यह शांत कोना नवविवाहित जोड़ों (Couples) और सोलो ट्रैवलर्स के लिए रिलैक्स करने की सबसे बेहतरीन जगह है.11. वेल्साओ बीच (Velsao Beach)यह एक बेहद साफ-सुथरा और लंबा समुद्री किनारा है, जहां टूरिस्ट्स की व्यावसायिक भीड़ न के बराबर होती है. अगर आप सिर्फ लहरों की आवाज सुनना चाहते हैं और समुद्र तट पर किताब पढ़ना चाहते हैं, तो यह बेस्ट चॉइस है.12. गल्गीबागा बीच या टर्टल बीच (Galgibaga Beach)यह बीच दुनिया भर में लुप्तप्राय ओलिव रिडले कछुओं (Olive Ridley Turtles) के संरक्षण और उनके अंडों के घोंसलों के लिए प्रसिद्ध है. पूरी तरह से प्राकृतिक और अनछुआ होने के कारण यहां किसी भी तरह के लाउड म्यूजिक या शोर-शराबे की सख्त मनाही है.
भारतीय सर्राफा बाजार में पिछले कुछ दिनों से जारी सोने-चांदी की तेजी पर आखिरकार ब्रेक लग गया है. आज 6 जुलाई 2026 की सुबह देश के अधिकांश बड़े शहरों में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि, इस गिरावट से पहले बीते एक सप्ताह में 24 कैरेट गोल्ड करीब 2,780 रुपये और 22 कैरेट गोल्ड 2,550 रुपये प्रति 10 ग्राम तक मजबूत हुआ था, लेकिन आज बाजार खुलते ही ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी हाजिर सोना (Spot Gold) फिलहाल 4,175.02 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड कर रहा है.दिल्ली में 1.46 लाख के करीब आया 24 कैरेट सोना, जानें महानगरों का हालदेश की राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरेट सोने की कीमत घटकर 1,46,870 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है, जबकि 22 कैरेट का भाव 1,34,640 रुपये पर आ गया है. चेन्नई में 24 कैरेट गोल्ड का रेट 1,49,450 रुपये और 22 कैरेट का भाव 1,34,540 रुपये प्रति 10 ग्राम बना हुआ है. वहीं, देश के दो अन्य बड़े महानगरों मुंबई और कोलकाता में आज 24 कैरेट सोने की कीमत 1,46,720 रुपये और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,34,490 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है.देश के 10 प्रमुख शहरों में सोने का आज का सटीक भाव (तालिका)शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹/10 ग्राम)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹/10 ग्राम)दिल्ली1,34,6401,46,870मुंबई1,34,4901,46,720कोलकाता1,34,4901,46,720बेंगलुरु / पुणे1,34,4901,46,720हैदराबाद1,34,4901,46,720अहमदाबाद1,34,8101,46,770भोपाल1,34,5401,46,770चेन्नई1,34,5401,49,450जयपुर / लखनऊ1,34,6401,46,870चंडीगढ़1,34,6401,46,870जेपी मॉर्गन की बड़ी भविष्यवाणी, इस साल सीमित रहेगी सोने की तेजीदिग्गज ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन (JPMorgan) ने सोने के भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट जारी की है. जेपी मॉर्गन का मानना है कि इस साल सोने की कीमतों में बढ़ोतरी तो निश्चित रूप से होगी, लेकिन यह एक सीमित दायरे में रहेगी. इसका मुख्य कारण यह है कि वैश्विक स्तर पर प्रमुख सेक्टरों से सोने की फिजिकल डिमांड (मांग) उतनी मजबूत नहीं दिख रही है, जितनी पहले उम्मीद की गई थी. हालांकि, ब्रोकरेज ने अनुमान लगाया है कि तीसरी तिमाही में सोने का भाव 4,300 डॉलर प्रति औंस और चौथी तिमाही में यह 4,500 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक जा सकता है.चांदी की चमक भी हुई फीकी, एक हफ्ते में 10 हजार बढ़ने के बाद आई गिरावटसोने की तर्ज पर आज चांदी की कीमतों में भी तगड़ा सुधार देखने को मिला है. 6 जुलाई की सुबह भारतीय बाजारों में चांदी का भाव गिरकर 2,49,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया है. आपको बता दें कि बीते एक हफ्ते में चांदी की कीमतों में 10,000 रुपये की भारी तेजी देखी गई थी. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस समय हाजिर चांदी (Spot Silver) 62.47 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि घरेलू कारकों के अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले और भू-राजनीतिक तनाव जैसे ग्लोबल फैक्टर्स भी भारतीय सर्राफा बाजार के दामों को प्रभावित कर रहे हैं.
हर दिन की तरह आज सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल और डीजल के ताजा भाव जारी कर दिए हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति के आधार पर तय होने वाले ये दाम सीधे आपकी जेब पर असर डालते हैं. आज 6 जुलाई 2026 को जारी नए रेट्स के मुताबिक देश के महानगरों और प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिला है, जिससे कहीं जनता को राहत है तो कहीं महंगाई का झटका लगा है.मुंबई-हैदराबाद में पेट्रोल का शतक पार, दिल्ली और लखनऊ में सबसे सस्ता ईंधनआज देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल 111.18 रुपये और डीजल 86 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि हैदराबाद में पेट्रोल सबसे महंगा 115.69 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है. इसके विपरीत देश की राजधानी नई दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 83.09 रुपये प्रति लीटर है. उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों की बात करें तो लखनऊ में पेट्रोल 102.05 रुपये व डीजल 95.75 रुपये और नोएडा में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर की दर पर स्थिर बना हुआ है.देश के अन्य प्रमुख शहरों में आज का ताजा भावसरकारी तेल कंपनियों द्वारा जारी लिस्ट के मुताबिक आज अन्य बड़े शहरों में ईंधन की कीमतें कुछ इस प्रकार हैं:कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये और डीजल 93.50 रुपये प्रति लीटरचेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 91.50 रुपये प्रति लीटरबेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये और डीजल 90 रुपये प्रति लीटरजयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये और डीजल 90.91 रुपये प्रति लीटरगुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये और डीजल 91.70 रुपये प्रति लीटरअहमदाबाद: डीजल 82.25 रुपये प्रति लीटरपुणे: डीजल 92.50 रुपये प्रति लीटरआखिर क्यों बदलते हैं रोज दाम और कैसे तय होती है कीमत?भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल दूसरे देशों से आयात करता है, जिसका भुगतान अमेरिकी डॉलर में होता है. इसलिए जब भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल महंगा होता है या डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता है, तो भारत में तेल की लागत बढ़ जाती है. इसके अलावा केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी, राज्य सरकारों का वैट (VAT), रिफाइनिंग की लागत और मांग-आपूर्ति का संतुलन मिलकर पेट्रोल-डीजल की अंतिम खुदरा कीमत तय करते हैं. यही वजह है कि अलग-अलग राज्यों में टैक्स दरों के कारण कीमतें भिन्न होती हैं.घर बैठे सिर्फ एक SMS से जानें अपने शहर का सटीक रेटअपने मोबाइल फोन से तुरंत ताजा कीमतें जानने के लिए आप इन आसान नंबरों पर मैसेज भेज सकते हैं:Indian Oil: अपने शहर का कोड RSP के साथ लिखकर 9224992249 पर भेजें.BPCL: RSP टाइप करें और 9223112222 पर सेंड करें.HPCL: HP Price लिखकर 9222201122 पर भेजें.
महाराष्ट्र में मानसून ने अपनी एंट्री के साथ ही रौद्र रूप धारण कर लिया है, जिससे राज्य के कई बड़े शहरों में हालात बेकाबू हो गए हैं. मुंबई, पुणे, ठाणे और पालघर समेत कई इलाकों में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के तटीय जिलों के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है, जिसके मुताबिक इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है. प्रशासन ने लोगों को बेवजह बाहर न निकलने की सलाह दी है.भोर घाट में खौफनाक लैंडस्लाइड, मुंबई-पुणे रेल रूट पूरी तरह ठपलगातार जारी मूसलाधार बरसात के कारण मुंबई और पुणे को जोड़ने वाले बेहद संवेदनशील रेल मार्ग के कर्जत-लोनावला भोर घाट (खंडाला घाट) सेक्शन में सोमवार तड़के कई जगहों पर भीषण भूस्खलन हुआ है. सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला के अनुसार, तड़के करीब 3:05 बजे ठाकुरवाड़ी के पास और खंडाला-मंकी हिल के बीच मिडिल लाइन पर भारी मलबा आकर गिर गया. इस घाट सेक्शन की तीनों प्रमुख लाइनें (अप, डाउन और मिडिल) मलबे की चपेट में आ गई हैं, जिससे ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है. रेलवे प्रशासन युद्ध स्तर पर ट्रैक को साफ करने में जुटा है.ये प्रमुख ट्रेनें हुई कैंसिल, मुसीबत में काम आएंगे ये आपातकालीन नंबरइस अचानक आई आफत के चलते मध्य रेलवे को मुंबई-पुणे रूट पर चलने वाली कई प्रमुख लंबी दूरी की ट्रेनों को पूरी तरह रद्द या उनके रूट में बदलाव करना पड़ा है. आज कैंसिल रहने वाली प्रमुख ट्रेनों में सीएसएमटी-पुणे इंद्रायणी एक्सप्रेस, इंटरसिटी एक्सप्रेस, डेक्कन एक्सप्रेस, डेक्कन क्वीन, प्रगति एक्सप्रेस, धुले एक्सप्रेस और पुणे-सीएसएमटी सिंहगढ़ एक्सप्रेस शामिल हैं. यात्रियों की भारी परेशानी को देखते हुए रेलवे ने पल-पल की लाइव अपडेट के लिए प्रमुख स्टेशनों के हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, जिन पर संपर्क करके ही लोग अपने सफर की योजना बनाएं:CSMT रेलवे स्टेशन: 022-22694040ठाणे रेलवे स्टेशन: 9321336747दादर रेलवे स्टेशन: 9136452387लोनावला रेलवे स्टेशन: 8356854238पुणे में रेड अलर्ट और इन बड़े शहरों में बंद रहेंगे सभी स्कूल-कॉलेजमौसम विभाग द्वारा पुणे जिले के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किए जाने के बाद वहां का जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है. बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए पुणे के जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने सोमवार को जिले के सभी स्कूलों में तत्काल प्रभाव से छुट्टी घोषित कर दी है. इसके साथ ही मुंबई (BMC क्षेत्र), ठाणे और नवी मुंबई में भी भारी बारिश के 'ऑरेंज अलर्ट' को देखते हुए सभी सरकारी, प्राइवेट और नगर निगम के स्कूल-कॉलेजों को आज बंद रखने का फैसला किया गया है. हालांकि, बीएमसी ने साफ किया है कि सभी सरकारी और निजी दफ्तर सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे. नवी मुंबई की मेयर सुजाता पाटिल और कमिश्नर कैलास शिंदे ने लोगों से जलजमाव वाले इलाकों और नदियों से दूर रहने की अपील की है.
हॉलीवुड की मशहूर ‘प्रीटी वुमन’ स्टार जूलिया रॉबर्ट्स (Julia Roberts) ने हाल ही में अपने पति डैनी मोडर (Danny Moder) के साथ शादी की 24वीं सालगिरह (24th Wedding Anniversary) बेहद खास अंदाज में सेलिब्रेट की है. इस रोमांटिक मौके पर उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक सादगी भरी खूबसूरत सन-किस्ड सेल्फी पोस्ट की है, जिसमें वह अपने पति के कंधे पर सिर टिकाए नजर आ रही हैं. इस तस्वीर के साथ एक्ट्रेस ने एक छोटा लेकिन बेहद इमोशनल और दिल जीतने वाला मैसेज लिखा है, जो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है.'24 और भी, और भी...' लिखकर बयां किया प्यार, सेलेब्स ने बरसाईं बधाइयांजूलिया रॉबर्ट्स ने इस खूबसूरत फोटो के कैप्शन में लिखा, 24 और भी, और भी, और भी (MORE MORE MORE). उनके इस प्यारे अंदाज पर फैंस के साथ-साथ हॉलीवुड के दिग्गज सितारे भी जमकर प्यार बरसा रहे हैं. मशहूर एक्ट्रेस रीटा विल्सन ने कमेंट करते हुए लिखा, हैप्पी एनिवर्सरी मोडर्स!!! प्यार ही सब कुछ है और प्यार की हमेशा जीत होती है. वहीं अली वेंटवर्थ समेत कई अन्य सेलेब्स ने भी इस कपल को हॉलीवुड का सबसे बेहतरीन और परफेक्ट जोड़ा बताते हुए ढेरों शुभकामनाएं दी हैं.'द मैक्सिकन' के सेट पर शुरू हुई थी लव स्टोरी, फिल्मी कहानी से कम नहीं है रिश्ताइस कपल की प्रेम कहानी किसी रोमांटिक फिल्म की स्क्रिप्ट जैसी है. जूलिया और डैनी की पहली मुलाकात साल 2000 में आई सुपरहिट फिल्म ‘द मैक्सिकन’ (The Mexican) के सेट पर हुई थी. उस फिल्म में जूलिया रॉबर्ट्स और ब्रैड पिट लीड रोल में थे, जबकि डैनी मोडर बतौर सिनेमैटोग्राफर कैमरा टीम का हिस्सा थे. सेट पर शुरू हुई दोस्ती का यह सिलसिला जल्द ही प्यार में बदल गया. दोनों ने साल 2002 में न्यू मैक्सिको के टोस में एक बेहद निजी और पारिवारिक समारोह में शादी कर ली. आज इस कपल के तीन बच्चे हैं—21 साल के जुड़वां हेजल व फिनियस और 19 साल का छोटा बेटा हेनरी।शादी के फैसले को बताया जिंदगी का सबसे बेस्ट डिसीजन, लाइमलाइट से दूर रखती हैं परिवारजूलिया रॉबर्ट्स ने अपने कई इंटरव्यू में खुलकर स्वीकार किया है कि डैनी मोडर से शादी करना उनकी जिंदगी का अब तक का सबसे बेहतरीन और सही फैसला था. हॉलीवुड की इतनी बड़ी स्टार होने के बावजूद जूलिया और डैनी ने हमेशा अपनी पर्सनल लाइफ और बच्चों को चकाचौंध से दूर रखा है. एक्ट्रेस का मानना है कि दिनभर की शूटिंग और काम के बाद शाम को अपने पति और बच्चों के पास घर लौटना ही उनकी असली ताकत है और यही उन्हें दुनिया की सबसे बड़ी खुशी देता है.ऑस्कर विनर जूलिया रॉबर्ट्स का शानदार और बेमिसाल फिल्मी सफरजूलिया रॉबर्ट्स का नाम हॉलीवुड इतिहास की सबसे सफल और लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शुमार है. उन्होंने साल 1980 में फिल्म 'मिस्टिक पिज्जा' (Mystic Pizza) से अपने करियर की शुरुआत की थी. इसके बाद 'स्टील मैगनोलियास' में उनकी दमदार एक्टिंग के लिए उन्हें पहला ऑस्कर नॉमिनेशन मिला. साल 1990 में रिलीज हुई फिल्म 'प्रीटी वुमन' (Pretty Woman) ने उन्हें रातों-रात इंटरनेशनल सुपरस्टार बना दिया. इसके बाद उन्होंने 'नॉटिंग हिल', 'रनअवे ब्राइड', 'ओशन्स इलेवन' और 'ईट प्रे लव' जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं. फिल्म 'एरिन ब्रोकोविच' (Erin Brockovich) में उनके बेहतरीन अभिनय के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का ऑस्कर अवॉर्ड भी मिल चुका है.
प्रशांत महासागर से उठे बेहद विनाशकारी और खूंखार सुपर टाइफून 'बावी' (Super Typhoon Bavi) ने अमेरिका के प्रशांत द्वीपों पर भीषण तबाही मचानी शुरू कर दी है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस तूफान की मारक क्षमता कैटेगरी-5 के सबसे खतरनाक हरिकेन के बराबर है, जिसके प्रभाव से 280 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल रही हैं. तूफान के विकराल रूप को देखते हुए अमेरिकी प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है.गुआम और उत्तरी मारियाना द्वीप पर सबसे बड़ा खतरा, घरों में कैद हुए लोगएएफपी (AFP) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस महातूफान का सबसे ज्यादा रौद्र रूप गुआम और उत्तरी मारियाना द्वीप समूह पर देखने को मिल रहा है, जहां की कुल आबादी करीब 2 लाख 10 हजार है. रविवार देर रात से ही इन द्वीपों पर मूसलाधार बारिश और थपेड़े मारने वाली हवाएं शुरू हो चुकी हैं. नेशनल वेदर सर्विस (NWS) द्वारा रेड अलर्ट जारी किए जाने के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने लोगों को सख्त हिदायत दी है कि वे अपने घरों से बाहर न निकलें, जिसके चलते दोनों द्वीपों की सड़कें पूरी तरह सुनसान हो गई हैं.इमारतों के ढहने और हफ्तों तक बिजली गुल रहने की बड़ी चेतावनीजॉइंट टाइफून वार्निंग सेंटर के मुताबिक, सोमवार सुबह यह सुपर टाइफून पश्चिम दिशा की ओर तेजी से आगे बढ़ेगा. अधिकारियों ने रोटा द्वीप के लिए सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है. प्रशासन का कहना है कि यदि यह तूफान रोटा द्वीप के केंद्र से टकराया, तो बड़े पैमाने पर पक्के मकान और इमारतें ध्वस्त हो सकती हैं, जो कई हफ्तों तक रहने लायक नहीं बचेंगी. इसके अलावा, बड़े-बड़े पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ने से पूरा क्षेत्र कई दिनों तक पूरी तरह से अंधेरे में डूब सकता है.रोटा द्वीप के मेयर ने की एकजुट रहने की अपील, उड़ानों पर लगा ब्रेकखतरे की गंभीरता को देखते हुए रोटा द्वीप के मेयर ऑब्री होकोग ने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा है कि इस प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए सभी को एकजुट होकर अपने परिवारों और पड़ोसियों की रक्षा करनी होगी. इस बीच, सुपर टाइफून 'बावी' के चलते गुआम की सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें (Flights) पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं, जिससे वहां आए सैकड़ों पर्यटक होटलों में फंस गए हैं. वहीं, स्थानीय निवासियों में इस बात का डर बैठ गया है कि कई दिनों तक घरों में कैद रहने के कारण उनकी आजीविका पूरी तरह ठप हो जाएगी.
भारत के सफल सार्वजनिक नीति मॉडल अपनाने की राह पर इंडोनेशिया, नॉलेज पार्टनरशिप को मिलेगी नई गति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 6 से 8 जुलाई की इंडोनेशिया यात्रा बढ़ते सहयोग और 'नॉलेज पार्टनरशिप' को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है
Top News 6 July: राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक आज, मुंबई पानी-पानी, मानखुर्द में इमारत गिरी
Top News 6 July : चढ़ावा चोरी मामले में अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक आज होगी। मुंबई के मानखुर्द में इमारत गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई। इजराइल प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल के भारत समेत कई देशों से संबंध मजबूत हैं। फीफा विश्व ...
जेडी वेंस के दावे पर नेतन्याहू का पलटवार: बोले- 'भारत है इजरायल का सच्चा दोस्त, अमेरिका अकेला नहीं'
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उस दावे ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, जिसमें उन्होंने इजरायल का 'एकमात्र शक्तिशाली सहयोगी' अमेरिका को बताया था। अब इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस बयान का खंडन करते हुए भारत को इजरायल का प्रमुख मित्र बताया है। नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि इजरायल को भारत के 1.4 अरब लोगों का जबरदस्त समर्थन प्राप्त है और दोनों देशों के बीच गहरे रणनीतिक संबंध हैं।इजरायल को है दुनिया भर से समर्थननेतन्याहू ने 'फॉक्स न्यूज संडे ब्रीफिंग' में कहा कि वेंस का यह सोचना गलत है कि इजरायल दुनिया में अकेला है। इजरायली पीएम ने कहा कि फेसबुक समेत कई मंचों पर उन्हें भारत से भारी समर्थन मिलता है। उन्होंने बताया कि कई देश इजरायल की उन्नत साइबर सुरक्षा, सैन्य तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) विशेषज्ञता का लाभ उठाना चाहते हैं। नेतन्याहू ने कहा कि बाहर से जो दिखाई देता है, असल में उनके अंतरराष्ट्रीय संबंध उससे कहीं अधिक व्यापक और मजबूत हैं।ट्रंप के साथ बैठक की तैयारीजेडी वेंस के दावे को सिरे से खारिज करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि कई वैश्विक नेता उनसे संपर्क में रहते हैं और इजरायल के साथ सहयोग के करार करने के इच्छुक हैं। इस कूटनीतिक हलचल के बीच, बेंजामिन नेतन्याहू 13 जुलाई को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करने वाले हैं। इस उच्च-स्तरीय बैठक में ईरान, क्षेत्रीय सुरक्षा और सऊदी अरब के साथ इजरायल के बढ़ते संबंधों पर गहन चर्चा की जाएगी।
चुनाव आयोग ने जारी की ओडिशा की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, 20 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए
भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने ओडिशा के लिए ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी। 30 मई से 28 जून के बीच घर-घर जाकर किए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के बाद वोटर लिस्ट से 20 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम हटा दिए गए हैं।
देश को मजबूत बनाने के लिए सभी धर्मों के लोगों को एकजुट होना चाहिए: अब्दुल बारी सिद्दीकी
राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी ने रविवार को पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव, अयोध्या राम मंदिर प्रकरण और देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देश को मजबूत बनाने के लिए सभी समुदायों को एकजुट होकर काम करने की जरूरत है।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए सबसे बड़ा बलिदान दिया: सीएम सैनी
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए सबसे बड़ा बलिदान दिया।
ट्रैफिक नियम उल्लंघन मामले में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने पुलिस को सौंपे दस्तावेज
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के उल्लंघन से जुड़े एक मामले में कालीघाट पुलिस स्टेशन में दस्तावेज जमा किए
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना का निरीक्षण किया और संस्थान के विस्तार के लिए राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया
जयपुर में एनर्जी ड्रिंक की 32 हजार से अधिक बोतलें सीज
जयपुर। राजस्थान में संचालित शुद्ध आहार, मिलावट पर वार अभियान के तहत आयुक्तालय की निरीक्षण टीम ने रविवार को जयपुर के निर्माण नगर क्षेत्र में स्टिंग एनर्जी नामक एनर्जी ड्रिंक के गोदाम पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 32 हजार 292 बोतलें सीज की। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी शुभमंगला के बताया कि […] The post जयपुर में एनर्जी ड्रिंक की 32 हजार से अधिक बोतलें सीज appeared first on Sabguru News .
दक्षिण 24 परगना में बच्ची के साथ कथित गैंगरेप के बाद हत्या, बड़े पैमाने पर भड़की हिंसा
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारूईपुर में रविवार को एक नाबालिग के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के बाद बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क उठी। आक्रोशित भीड़ ने इस अपराध में शामिल होने के संदेह में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी, पुलिसकर्मियों पर हमला किया और कई घंटों […] The post दक्षिण 24 परगना में बच्ची के साथ कथित गैंगरेप के बाद हत्या, बड़े पैमाने पर भड़की हिंसा appeared first on Sabguru News .
बारां में बिजली गिरने से 3 किसानों की मौत, ट्रांसफार्मर भी फुंका
बारां। राजस्थान के बारां जिले में रविवार को हुई बारिश के दौरान बिजली गिरने से तीन किसानों की मौत हो गई जबकि एक ट्रांसफार्मर जल गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बारिश के दौरान केलवाड़ा थाना क्षेत्र के हथवारी गांव के समीप शनिवार देर शाम खेत पर कार्य कर रहे सौरभ सहरिया (26) बारिश तेज होने […] The post बारां में बिजली गिरने से 3 किसानों की मौत, ट्रांसफार्मर भी फुंका appeared first on Sabguru News .
बानसूर में चार वर्षीय बालक का शव कब्र से निकलवाया
अलवर। राजस्थान में कोटपुतली बहरोड़ जिले के बानसूर में इन्द्राडा गांव में एक दिन पहले दफनाए गए चार वर्षीय बालक का शव रविवार को पुलिस ने श्मशान भूमि से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों द्वारा हत्या की आशंका जताए जाने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। प्राप्त […] The post बानसूर में चार वर्षीय बालक का शव कब्र से निकलवाया appeared first on Sabguru News .
उत्तर प्रदेश के गोंडा से एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है. कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर में कथित चंदा चोरी और वहां की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर से बेहद तीखा बयान दिया है. उन्होंने अयोध्या और राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मांग की है कि राम मंदिर की सुरक्षा देश के राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री आवास और संसद भवन की तर्ज पर की जानी चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन शोषण मामले में 3 अगस्त को आने वाले अदालत के फैसले पर भी अपनी बात रखी है.'सुरक्षा के बहाने आम जनता को अयोध्या से काटा गया'पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अयोध्या में लगाए गए सुरक्षा बैरियरों की आलोचना करते हुए कहा, इतने बैरियर क्यों लगाए गए और इससे क्या लाभ मिला? अयोध्या की सुरक्षा को एकदम पीएम हाउस या राष्ट्रपति भवन की तर्ज पर अपग्रेड करना चाहिए था, लेकिन सुरक्षा के नाम पर जो तरीके अपनाए गए, उसका खामियाजा यह हुआ कि आज राम मंदिर से आम जनमानस और गरीब जनता कट गई है. कथित भ्रष्टाचार पर बोलते हुए उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी को लेकर उन्होंने तब आवाज उठाई थी जब किसी ने मुंह नहीं खोला था.'जांच पूरी होने पर फिर खोलूंगा पोल'अयोध्या के रंग महल मंदिर के पास लगे बैरियरों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये सब किसी के इशारे पर हो रहा था. फिलहाल पूरे मामले की जांच चल रही है और लोग अपना काम कर रहे हैं. बृजभूषण सिंह ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, अभी जांच चल रही है इसलिए मेरा बोलना नहीं बनता, लेकिन जैसे ही जांच पूरी हो जाएगी, मैं एक बार फिर सामने आऊंगा और बताऊंगा कि जांच सही हुई है या गलत.यौन शोषण मामले पर बोले- 'दोषी मिला तो फांसी पर लटक जाऊंगा'वहीं, कोर्ट में चल रहे यौन शोषण के संवेदनशील मामले में 3 अगस्त को आने वाले कोर्ट के फैसले पर पूर्व सांसद ने अपनी पुरानी बात दोहराई. उन्होंने कहा, 3 अगस्त के लिए फैसला सुरक्षित (Reserve) रख लिया गया है, जो कि एक कानूनी प्रक्रिया है. मैंने पहले भी कहा था और आज भी कायम हूं कि अगर यह आरोप सच साबित हुआ, तो मैं फांसी पर लटकने को तैयार हूं. शिकायत करने वाले लोग न तो सही समय बता पा रहे हैं, न साल और न ही घटना की जगह. मेरे वकील ने कोर्ट में पूरी बात मजबूती से रखी है.रिटायर्ड IAS ने चंपत राय पर लगाए गंभीर आरोपइस बीच, राम मंदिर को सोने से जड़ित 'श्रीरामचरितमानस' भेंट करने वाले एक रिटायर्ड आईएएस (IAS) और पूर्व गृह सचिव ने भी ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के व्यवहार पर नाराजगी जताई है. पूर्व अधिकारी ने भावुक होते हुए कहा, मैंने अपनी माता जी के गहनों और अपनी जमा-पूंजी से सोने की श्रीरामचरितमानस बनवाई थी. कुछ दिनों तक तो उसका अपडेट मिला, लेकिन अब बताया जा रहा है कि वह गार्ड रूम में धूल खा रही है. चंपत राय का व्यवहार बेहद खराब था और मैं चढ़ावा चोरी की खबरों से बहुत आहत हूं. पूर्व आईएएस अधिकारी अब भगवान श्रीराम की स्वर्ण जड़ित तस्वीर के चरणों में बैठकर सरकार से न्याय की गुहार लगा रहे हैं.
भारतीय रेलवे ने अपने नेटवर्क को और अधिक सुरक्षित, आधुनिक और हाईटेक बनाने की दिशा में एक बड़ा फैसला लिया है. रेल मंत्रालय ने ईस्टर्न रेलवे (Eastern Railway) के आसनसोल मंडल में सिग्नलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का पूरी तरह से कायाकल्प करने के लिए 432 करोड़ रुपये की भारी-भरकम इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग परियोजना को हरी झंडी दे दी है. इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में से एक पर ट्रेनों की रफ्तार और सुरक्षा दोनों में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा.27 स्टेशनों पर पुरानी तकनीक की होगी छुट्टीमंजूर की गई इस बेहद महत्वपूर्ण परियोजना के तहत हाई डेंसिटी नेटवर्क (HDN) और हाईली यूटिलाइज्ड नेटवर्क (HUN) पर स्थित कुल 27 स्टेशनों और केबिनों को कवर किया जाएगा. इसके साथ ही एक इंटरमीडिएट ब्लॉक सिग्नलिंग (IBS) लोकेशन को भी अत्याधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया जाएगा. इस तरह कुल 28 पुराने रिले-आधारित (Relay-Based) इंटरलॉकिंग सिस्टम की जगह पूरी तरह कंप्यूटर-आधारित आधुनिक तकनीक लेगी.क्या है इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग तकनीक और इसके फायदे?इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग एक पूरी तरह से कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर आधारित आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम है. पारंपरिक रिले-बेस्ड सिस्टम के मुकाबले इसे बेहद सुरक्षित और भरोसेमंद माना जाता है.फास्ट फॉल्ट डिटेक्शन: यह सिस्टम सिग्नलिंग में आने वाली किसी भी खराबी या तकनीकी चूक का रियल-टाइम में तेजी से पता लगा लेता है.आसान मेंटेनेंस: कंप्यूटर आधारित होने के कारण इसका रखरखाव और रिपेयरिंग का काम बेहद आसान और कम समय लेने वाला होता है.बेहतर ट्रेन ऑपरेशन: यह व्यस्त रेल रूटों पर ट्रेनों के सुरक्षित संचालन में अधिक लचीलापन (Flexibility) प्रदान करता है, जिससे मानवीय चूक की गुंजाइश खत्म हो जाती है.रेलवे के मिशन आधुनिकीकरण और 'कवच' का हिस्सायह परियोजना भारतीय रेलवे के उस बड़े अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत देश के सभी व्यस्त और महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर (HDN/HUN Routes) को सुरक्षित बनाया जा रहा है. इन रूट्स पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग के साथ-साथ भारत की स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली 'कवच' (Kavach), ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग और सेंट्रलाइज्ड ट्रैफिक कंट्रोल जैसी तकनीकों को भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है. रेल मंत्रालय के मुताबिक, इस कदम से व्यस्त रेल सेक्शन्स में लाइन कैपेसिटी (ट्रेनों को संभालने की क्षमता) बढ़ेगी और यात्रियों का सफर पहले से ज्यादा तेज, सुरक्षित और सुचारु हो जाएगा.
यूएसए, मेक्सिको और कनाडा की मेजबानी में खेले जा रहे फीफा विश्व कप 2026 (FIFA World Cup 2026) से फुटबॉल फैंस के लिए एक बेहद ऐतिहासिक खबर सामने आई है. 48 टीमों के इस महाकुंभ के बीच ब्राजील की नेशनल फुटबॉल टीम ने वर्ल्ड कप इतिहास में एक ऐसा मुकाम हासिल कर लिया है, जहां आज तक कोई नहीं पहुंच सका. ब्राजील ऑल-टाइम फीफा विश्व कप गोल रैंकिंग में दुनिया की नंबर वन टीम बन गई है. पीली जर्सी वाली सांबा ब्रिगेड के नाम अब विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा 246 गोल दर्ज हो चुके हैं. इस मामले में ब्राजील ने अपनी सबसे बड़ी प्रतिद्वंदी टीम जर्मनी (243 गोल) को पीछे छोड़ते हुए बादशाहत हासिल की है.अर्जेंटीना और फ्रांस टॉप-5 में शामिलफीफा विश्व कप के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल दागने वाली टॉप टीमों की बात करें, तो इस लिस्ट में नंबर 3 पर डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना का नाम है, जिसने अब तक 163 गोल किए हैं. वहीं, फ्रांस 150 गोल के साथ चौथे स्थान पर और चार बार की चैंपियन इटली 128 गोल के साथ पांचवें पायदान पर काबिज है.5 बार की विश्व चैंपियन का अनोखा इतिहासब्राजील की टीम फुटबॉल इतिहास की सबसे सफल और सम्मानित टीम मानी जाती है. महान खिलाड़ी पेले के सुनहरे दौर से लेकर रोनाल्डो, रोनाल्डिन्हो और आज के दौर में नेमार तक, ब्राजील ने दुनिया को हमेशा आक्रामक और जादुई फुटबॉल का दीवाना बनाया है. ब्राजील ने रिकॉर्ड 5 बार (1958, 1962, 1970, 1994 और 2002) फीफा विश्व कप की ट्रॉफी अपने नाम की है. इसके अलावा, ब्राजील दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जिसने आज तक आयोजित हुए हर एक फीफा विश्व कप टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई किया है.फीफा विश्व कप 2026: जापान के खिलाफ हुआ 'ग्रेट एस्केप'इस साल मेगा टूर्नामेंट में ब्राजील का सफर उतार-चढ़ाव से भरा लेकिन बेहद रोमांचक रहा है. टीम ने ग्रुप-सी में मोरक्को के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेलकर शुरुआत की थी. इसके बाद दमदार वापसी करते हुए हैती को 3-0 और स्कॉटलैंड को 3-0 से करारी शिकस्त दी.राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में जापान ने ब्राजील को कड़ी टक्कर दी थी, जहां पहले हाफ में जापान के काइशू सानो ने गोल कर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी थी. इसके बाद ब्राजील के लिए अनुभवी कैसिमिरो ने 56वें मिनट में गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर किया. मैच जब एक्स्ट्रा टाइम की ओर बढ़ रहा था, तभी इंजरी टाइम (95वें मिनट) में गेब्रियल मार्टिनेली ने एक जाजुई गोल दागकर ब्राजील को 2-1 से थ्रिलर जीत दिलाई और सीधे राउंड ऑफ 16 का टिकट कटाया.अब राउंड ऑफ 16 में नॉर्वे से महामुकाबलाजापान के खिलाफ रोमांचक जीत दर्ज करने के बाद 5 बार की चैंपियन ब्राजीलियाई टीम अब राउंड ऑफ 16 के बड़े मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार है. 6 जुलाई को ब्राजील का सामना नॉर्वे से होगा. यह हाई-वोल्टेज नॉकआउट मुकाबला न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां ब्राजील की नजरें अपने छठे वर्ल्ड कप खिताब की ओर कदम बढ़ाने पर होंगी.
अगर आप भी किसी नए शहर में रास्ता खोजने के लिए गूगल मैप्स (Google Maps) का इस्तेमाल करते हैं, तो अब यह ऐप आपके लिए कुछ ऐसा करने जा रहा है जिसकी आपने कल्पना भी नहीं की होगी. स्मार्टफोन पर घंटों फूड डिलीवरी ऐप्स खंगालने, रेस्टोरेंट ढूंढने और डिस्काउंट कूपन तलाशने का काम अब हमेशा के लिए खत्म होने वाला है. गूगल मैप्स एक ऐसा क्रांतिकारी अपडेट ला रहा है, जिसके बाद यह ऐप आपके लिए खुद खाना ऑर्डर कर सकेगा.एंड्रॉयड कोड में मिले बड़े हिंट्स, जल्द होगा ऐलानगूगल मैप्स का यह नया फीचर आने वाले समय में गेम चेंजर साबित हो सकता है. 'एंड्रॉयड अथॉरिटी' की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल मैप्स के नए एंड्रॉयड बीटा वर्जन (26.27.00.941319029) के बैकएंड कोड में कुछ बेहद खास संकेत मिले हैं. ऐप के सोर्स कोड में 'ask maps food ordering promo' जैसी लाइनें देखी गई हैं. इससे साफ जाहिर होता है कि गूगल इस एआई-बेस्ड फीचर पर तेजी से काम कर रहा है और जल्द ही इसका ऑफिशियल एलान कर यूजर्स को प्रमोशनल ऑफर्स भी दे सकता है.एआई (AI) आपके लिए कैसे करेगा खाना ऑर्डर?हालांकि गूगल ने अभी तक इस फीचर को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, इसलिए इसके काम करने का सटीक तरीका पूरी तरह सामने नहीं आया है. टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह फीचर गूगल के एडवांस एआई 'जेमिनी' (Gemini AI) से लैस होगा. यूजर सीधे गूगल मैप्स से ही अपने सेव किए गए या पसंदीदा रेस्टोरेंट को वॉयस कमांड या टेक्स्ट के जरिए खाना ऑर्डर करने के लिए कह सकेंगे और एआई बैकएंड में डिलीवरी पार्टनर के जरिए ऑर्डर प्लेस कर देगा.क्लाउड एआई या ऑन-डिवाइस? उठ रहे हैं कई सवालभले ही यह फीचर सुनने में बेहद शानदार और सुविधाजनक लग रहा है, लेकिन इसकी कार्यप्रणाली को लेकर टेक जगत में कई सवाल भी उठ रहे हैं:प्रोसेसिंग मोड: अभी यह साफ नहीं है कि फूड ऑर्डर करने का यह काम क्लाउड पर मौजूद जेमिनी एआई करेगा या फिर इसके लिए स्मार्टफोन के ऑन-डिवाइस हार्डवेयर का इस्तेमाल होगा.पेमेंट सिक्योरिटी: राहत की बात यह है कि पैसों के लेन-देन में गूगल कोई रिस्क नहीं लेगा. एआई खुद से आपके खाते से पैसे नहीं काट सकेगा, फाइनल पेमेंट अप्रूवल यूजर को खुद अपने फोन से ही करना होगा.प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर एक्सपर्ट्स की चिंताएंइस नए अपडेट के साथ ही कुछ तकनीकी एक्सपर्ट्स ने प्राइवेसी को लेकर चिंताएं भी जाहिर की हैं:डेटा ट्रैकिंग: इस फीचर के एक्टिव होने के बाद गूगल के पास आपकी ईटिंग हैबिट्स (खाने-पीने की आदतें), पसंदीदा फूड और बजट का पूरा डेटा चला जाएगा.स्पॉन्सर्ड रेस्टोरेंट का खेल: कुछ जानकारों का यह भी मानना है कि जेमिनी एआई आपको आपके पसंदीदा आउटलेट के बजाय उन रेस्टोरेंट के विकल्प ज्यादा दिखा सकता है जो गूगल को विज्ञापन (Sponsorship) देते हैं.अकाउंट हैकिंग का डर: यदि किसी वजह से आपका गूगल अकाउंट हैक होता है, तो हैकर्स आपके एड्रेस और मैप्ड क्रेडेंशियल्स का गलत इस्तेमाल कर फर्जी ऑर्डर भी प्लेस कर सकते हैं.
देश की सबसे तेजी से उभरती विमानन कंपनी अकासा एयर (Akasa Air) अब आम जनता को सस्ते में हवाई सफर कराने की तैयारी कर रही है. कंपनी केंद्र सरकार की क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना 'उड़े देश का आम नागरिक' (UDAN) का हिस्सा बनने जा रही है. अकासा एयर के संस्थापक और सीईओ (CEO) विनय दुबे ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि कंपनी इस योजना के तहत नए रूटों पर उड़ानें शुरू करने की संभावनाओं का गहराई से अध्ययन कर रही है. हर रूट का अलग-अलग आकलन करने के बाद जल्द ही इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा.2032 तक बेड़े में शामिल होंगे 226 दमदार विमानअकासा एयर के सीईओ विनय दुबे ने कंपनी के विस्तार प्लान को लेकर कई बड़ी बातें साझा कीं. उन्होंने बताया कि कंपनी के बेड़े में नए विमानों की एंट्री तय शेड्यूल के मुताबिक हो रही है. साल 2026 में अब तक अकासा एयर को बोइंग 737 मैक्स के 9 नए विमान मिल चुके हैं. कंपनी ने कुल 226 विमानों का बड़ा ऑर्डर दिया है, जिनमें से बचे हुए 186 विमान साल 2032 के अंत तक कंपनी के बेड़े में शामिल हो जाएंगे.हर साल 40% तक क्षमता बढ़ाने का मेगा प्लानकंपनी चालू वित्त वर्ष में अपनी क्षमता को करीब 30 फीसदी तक बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रही है. वहीं, अगले 4 से 5 सालों में हर साल 30 से 40 प्रतिशत क्षमता विस्तार करने की योजना है. गौरतलब है कि सरकार ने 4 जुलाई को ही संशोधित UDAN योजना की शुरुआत की है, जिसका मकसद देश के दूरदराज और बिना हवाई सेवा वाले इलाकों को सस्ते किराए में एयर कनेक्टिविटी से जोड़ना है. अक्टूबर 2016 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक 669 रूट चालू हो चुके हैं और 95 हवाई अड्डों को जोड़ा जा चुका है.28 घरेलू और 7 इंटरनेशनल शहरों में नेटवर्कमौजूदा समय में अकासा एयर देश के 28 घरेलू और 7 अंतरराष्ट्रीय शहरों के लिए अपनी सफल उड़ान सेवाएं दे रही है. विनय दुबे ने बताया कि कंपनी एटीएफ प्राइस स्टेबिलाइजेशन फंड और इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) में शामिल होने पर भी विचार कर रही है, जिसकी शर्तों का फिलहाल अध्ययन किया जा रहा है.5000 कर्मचारियों और सिंगल क्लास मॉडल पर भरोसाअकासा एयर अपनी पुरानी रणनीति पर कायम रहते हुए फिलहाल सिंगल एयरक्राफ्ट टाइप और सिंगल क्लास मॉडल (बिना बिजनेस क्लास) पर ही काम करती रहेगी, हालांकि बाजार की जरूरतों के हिसाब से इसकी समीक्षा होती रहेगी. वैश्विक स्तर पर विमान इंजन की किल्लत के बीच भी बोइंग कंपनी अकासा को समय पर डिलीवरी दे रही है. मंदी के दौर में भी कर्मचारियों को न निकालने का फायदा कंपनी को मिल रहा है. आज अकासा एयर के पास 5,000 से अधिक कर्मचारी हैं, जिनमें 850 से ज्यादा कर्मठ पायलट शामिल हैं.
उत्तराखंड : रामनगर के लग्जरी रिसॉर्ट में हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 51 अरेस्ट
रामनगर। उत्तराखंड की नैनीताल पुलिस ने रामनगर के एक लग्जरी रिसॉर्ट में चल रहे कथित हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का रविवार को भंडाफोड़ करते हुए 51 लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान एक नाबालिग सहित 10 महिलाओं को मुक्त कराया गया, जबकि एक किशोर को संरक्षण में लिया गया। रिसॉर्ट को सील कर दिया […] The post उत्तराखंड : रामनगर के लग्जरी रिसॉर्ट में हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 51 अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
पूर्व छात्र पंजीयन एवं संपर्क अभियान से जुड़ेगा राजस्थान का पूर्व छात्र परिवार
जयपुर। विद्या भारती राजस्थान द्वारा संचालित पूर्व छात्र पंजीयन एवं संपर्क अभियान (1 जुलाई से 15 अगस्त 2026) के अंतर्गत आज सेवाधाम परिसर, जयपुर में पूर्व छात्र परिषद, जयपुर महानगर के कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्रीय संगठन मंत्री गोविंद कुमार ने अभियान की रूपरेखा, उद्देश्य तथा कार्यपद्धति पर विस्तार […] The post पूर्व छात्र पंजीयन एवं संपर्क अभियान से जुड़ेगा राजस्थान का पूर्व छात्र परिवार appeared first on Sabguru News .
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी (Ram Mandir Donation Scam) के आरोपों को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद गिरी महाराज ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ दी है. ज़ी न्यूज़ द्वारा उनकी जवाबदेही पर सवाल उठाए जाने के बाद उन्होंने एक हस्ताक्षरित पत्र जारी कर अपनी सफाई पेश की. गोविंद गिरी ने इस पूरे विवाद में अपनी भूमिका और जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि वे कथाओं के सिलसिले में अक्सर बाहर रहते हैं और महीने-डेढ़ महीने में ही अयोध्या आते हैं, इसलिए ज्यादातर जिम्मेदारियां उनकी नहीं थीं. उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही सत्य सामने आएगा और संदेह के बादल छंटेंगे.अयोध्या के साधु-संतों में भारी आक्रोश, उठाए गंभीर सवालकोषाध्यक्ष गोविंद गिरी के इस स्पष्टीकरण के बाद अयोध्या के संतों और आम जनमानस में नाराजगी और बढ़ गई है. हनुमान गढ़ी के महंतों और पुजारियों समेत अयोध्या के प्रमुख संतों डॉ. दिवेशाचार्य, शशिकांत दास, गुंजन दास, सीताराम दास और डॉ. चंद्रांशु महाराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गोविंद गिरी को कटघरे में खड़ा किया. संतों का कहना है कि जब वे ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष हैं, तो दान की सुरक्षा और हिसाब-किताब की पूरी जवाबदेही उन्हीं की बनती है. संतों ने चंपत राय का बचाव करते हुए कहा कि वे दशकों से रामलला की निस्वार्थ सेवा कर रहे हैं, जबकि असली जिम्मेदार व्यक्ति सामने आने से बच रहा है.आलंदी आश्रम में मौजूद हैं महाराज, पुणे में है करोड़ों का बंगलाज़ी न्यूज़ की टीम ने जब कोषाध्यक्ष की लोकेशन का पता लगाया, तो सामने आया कि वे इस समय महाराष्ट्र के आलंदी स्थित वेदश्री तपोवन आश्रम में हैं, जहां धार्मिक अनुष्ठान और ट्रस्टियों के साथ उनकी बैठकें चल रही हैं. सुरक्षा कारणों से आम लोगों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई और उनके दिल्ली रवाना होने की चर्चा है. इसके अलावा पुणे की प्राइम लोकेशन मॉडर्न कॉलोनी में उनका एक विशाल और आलीशान बंगला भी है, जिसकी कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है.
भारत-इंडोनेशिया के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्ते: प्रम्बानान मंदिर की अनकही कहानी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 जुलाई से अपने छह दिवसीय विदेश दौरे की शुरुआत कर रहे हैं, जिसके पहले चरण में वे इंडोनेशिया पहुंचेंगे. साल 2018 में भारत और इंडोनेशिया के बीच रिश्तों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' (Comprehensive Strategic Partnership) का दर्जा दिए जाने के बाद यह पीएम मोदी की पहली आधिकारिक द्विपक्षीय यात्रा है. जकार्ता में इंडोनेशिया के नए राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय बातचीत और भारतीय समुदाय को संबोधित करने के अलावा, इस पूरे दौरे का सबसे खास आकर्षण योग्याकार्ता (Yogyakarta) में स्थित ऐतिहासिक प्रम्बानान मंदिर परिसर (Prambanan Temple Complex) है.आइए जानते हैं नौवीं शताब्दी के इस भव्य मंदिर के इतिहास, इसकी अनूठी वास्तुकला और दोनों देशों के रिश्तों में इसके सांस्कृतिक महत्व के बारे में.1. प्रम्बानान मंदिर का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्वप्रम्बानान मंदिर केवल पत्थरों की एक इमारत नहीं है, बल्कि यह भारत और इंडोनेशिया के सदियों पुराने गहरे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों का एक जीता-जागता प्रमाण है. नौवीं शताब्दी में बना यह परिसर पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया में भगवान शिव को समर्पित सबसे बड़ा और भव्य हिंदू मंदिर है. इसकी ऐतिहासिक महत्ता और बेजोड़ बनावट को देखते हुए यूनेस्को (UNESCO) ने इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया है. पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत समर्थित जीर्णोद्धार (Restoration) कार्यों का उद्घाटन भी दोनों देशों के साझा इतिहास को एक नई मजबूती देगा.2. त्रिमूर्ति को समर्पित वास्तुकला का बेजोड़ नमूनाइस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता इसकी त्रिकोणीय धार्मिक मान्यता और वास्तुकला है. मुख्य परिसर के केंद्र में तीन सबसे विशाल मंदिर हैं, जो हिंदू धर्म के त्रिमूर्ति—भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा को समर्पित हैं.शिव मंदिर की भव्यता: इनमें सबसे ऊंचा और विशाल केंद्र बिंदु भगवान शिव का मंदिर है, जिसकी ऊंचाई लगभग 47 मीटर है. इसके गर्भगृह में महादेव की एक बेहद भव्य मूर्ति स्थापित है.वाहनों के मंदिर: त्रिमूर्ति के ठीक सामने उनके वाहनों यानी नंदी (शिव), गरुड़ (विष्णु) और हंस (ब्रह्मा) के लिए भी तीन अलग-अलग मंदिर बनाए गए हैं. इस पूरे परिसर की गगनचुंबी मीनारें दूर से ही अपनी ओर आकर्षित करती हैं.3. मंदिर की दीवारों पर उकेरी गई रामायण की गाथाप्रम्बानान की दीवारों पर की गई नक्काशी प्राचीन कारीगरी का एक अद्भुत उदाहरण है. मंदिर की बाहरी और भीतरी दीवारों पर पत्थरों को तराश कर पूरी रामायण और भागवत पुराण की कहानियों को चित्रों के माध्यम से दर्शाया गया है. यहाँ की रामायण गैलरी को देखकर यह साफ समझ आता है कि भारत से हजारों किलोमीटर दूर होने के बाद भी इंडोनेशिया की संस्कृति में सनातन मूल्य कितने गहरे रचे-बसे हैं. इसके अलावा, यहाँ हर शाम होने वाला पारंपरिक 'रामायण बैले नृत्य' (Ramayan Ballet) पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है.4. कूटनीति और संस्कृति का अनूठा संगमयह यात्रा दर्शाती है कि भारत अपनी 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' (Act East Policy) के तहत दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ केवल व्यापार, रक्षा या समुद्री सुरक्षा (Maritime Security) के रिश्ते ही नहीं बना रहा, बल्कि अपनी सांस्कृतिक जड़ों को भी सींच रहा है. इंडोनेशिया एक मुस्लिम बहुल देश है, लेकिन उसने अपनी इस प्राचीन हिंदू धरोहर को बेहद सम्मान और गर्व के साथ सहेज कर रखा है. पीएम मोदी का यहाँ जाना दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी जुड़ाव (People-to-People ties) को और गहरा करेगा.
आत्म मंथन ही ईश्वर की वास्तविक भक्ति : निरंकारी संत कान्ता सोलंकी
अजमेर। सदगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से संत निरंकारी मण्डल (संयोजक एवं प्रचारक) मारवाड कान्ता सोलंकी ने मधुरम गार्डन में शनिवार को आयोजित संयोजक स्तरीय निरंकारी संत समागम के दौरान सदगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के संदेश को अपने भाव उदगार करते हुए बताया कि ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति के उपरांत हृदय […] The post आत्म मंथन ही ईश्वर की वास्तविक भक्ति : निरंकारी संत कान्ता सोलंकी appeared first on Sabguru News .
PoK में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज। वायरल वीडियो में आंदोलनकारी नेताओं ने भारत से मदद की अपील की। राशन संकट, गिरफ्तारियां और LoC पर दिए गए बयानों से बढ़ी चर्चा।
पेट्रोल में E20 का कमाल: भारत ने बचाए 1.90 लाख करोड़ रुपये, जानें कैसे बदल रही है ऊर्जा की तस्वीर
भारत का एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है। सरकार की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2014-15 से मई 2026 तक पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने से देश ने 1.90 लाख करोड़ रुपये की बहुमूल्य विदेशी मुद्रा बचाई है। इस दौरान 310 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल के आयात को स्वदेशी एथेनॉल से प्रतिस्थापित किया गया है, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी राहत है।किसानों की आय और पर्यावरण को लाभ इस पहल का सीधा फायदा अन्नदाताओं को मिल रहा है। गन्ना, मक्का और चावल से एथेनॉल उत्पादन के जरिए किसानों की जेब में 1.6 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंचे हैं। साथ ही, इससे 930 लाख मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन कम हुआ है, जिससे भारत के 'क्लीन एनर्जी' मिशन को नई गति मिली है। वर्तमान में भारत अपनी 88.5% तेल जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है, जिसे कम करने में एथेनॉल ब्लेंडिंग सबसे बड़ा समाधान बनकर उभरा है।सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2014-15 से लेकर मई 2026 तक, पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने के इस अभियान से देश को 1.90 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है। इस दौरान भारत ने 310 लाख मीट्रिक टन विदेशी कच्चे तेल की जगह स्वदेशी एथेनॉल का इस्तेमाल किया।रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 88.5 फीसदी कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव और संकटों से बचने के लिए एथेनॉल ब्लेंडिंग सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक बन चुकी है।समझिए पर्यावरण को फायदा कैसे मिला?इसके अलावा इस कार्यक्रम का सीधा फायदा भारत के किसानों को मिला है। गन्ने, मक्के और टूटे हुए चावल (धान) से बनने वाले एथेनॉल के कारण किसानों को 1.6 लाख करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त कमाई हुई है।इसके साथ ही, पर्यावरण के लिहाज से भी यह एक बड़ी कामयाबी है। पेट्रोल में एथेनॉल मिक्स करने से देश में 930 लाख मीट्रिक टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन (प्रदूषण) कम हुआ है, जो भारत के क्लीन एनर्जी (स्वच्छ ऊर्जा) के संकल्प को मजबूत करता है।
बिहार विधानमंडल का आगामी मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई तक चलेगा। इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना रविवार को जारी कर दी गई। पांच दिनों तक चलने वाला यह सत्र राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले 21 वर्षों में पहली बार ऐसा होगा जब विधानसभा की कार्यवाही में नीतीश कुमार मौजूद नहीं रहेंगे।
छत्तीसगढ़ की माटी से निकलकर वैश्विक मंच पर देश का मान बढ़ाने वाली पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजनबाई (Teejan Bai) के जीवन से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प और अनसुना किस्सा इन दिनों कला और राजनीतिक गलियारों में खूब चर्चा बटोर रहा है। यह वाकया उस समय का है जब देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) तीजनबाई की कला से इस कदर प्रभावित हुई थीं कि उन्होंने इस महान कलाकार को दिल्ली आमंत्रित किया था। मुलाकात के दौरान जब इंदिरा गांधी ने मजाकिया लहजे में उनके तीखे तेवरों को लेकर बात की, तो तीजनबाई ने बिना झिझके बेहद संजीदगी और गर्व से यह जवाब दिया था जिसने पूर्व पीएम का दिल जीत लिया था।कला की राह में अपनों ने मोड़ा मुंह, समाज के विरोध के कारण टूट गई थी पहली शादीभिलाई के एक छोटे से गांव गनियारी से ताल्लुक रखने वाली तीजनबाई का अंतरराष्ट्रीय कलाकार बनने का सफर कांटों भरा रहा है। छत्तीसगढ़ के दुर्ग और रायपुर अंचल में उस दौर में महिलाओं का मंच पर आकर तंबूरा हाथ में लेकर खड़े होकर 'कापालिक शैली' में पंडवानी गाना रूढ़िवादी समाज को कतई मंजूर नहीं था। जब उन्होंने महज 13 साल की उम्र में मंच पर महाभारत की कथा सुनाना शुरू किया, तो पारध समाज ने उन्हें जाति से बाहर कर दिया था। हद तो तब हो गई जब उनके इस फैसले के कारण उनकी पहली शादी भी टूट गई, लेकिन उन्होंने कला और भगवान कृष्ण की भक्ति का मार्ग नहीं छोड़ा।इंदिरा गांधी की पारखी नजर ने बदला भाग्य, छत्तीसगढ़ की लोक कला को दिलाई वैश्विक पहचानतीजनबाई के हुनर को सबसे पहले देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पहचाना। दिल्ली के एक सांस्कृतिक उत्सव में तीजनबाई की कड़क आवाज और अभिनय कला को देखकर इंदिरा गांधी मंत्रमुग्ध हो गई थीं। इसके बाद इंदिरा गांधी के व्यक्तिगत सहयोग और प्रोत्साहन से तीजनबाई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। उन्होंने पेरिस, लंदन, अमेरिका और जर्मनी जैसे देशों में छत्तीसगढ़ी बोली में महाभारत के प्रसंगों (जैसे कीचक वध, द्रौपदी चीरहरण) को जीवंत कर विदेशी दर्शकों को भी झूमने पर मजबूर कर दिया। आज तीजनबाई देश के लाखों उभरते कलाकारों के लिए एक महान प्रेरणास्रोत हैं।
ENG vs AUS Final: क्या ऑस्ट्रेलिया जीतेगा 7वां टी20 वर्ल्ड कप खिताब या इंग्लैंड रचेगा नया इतिहास
महिला क्रिकेट जगत का सबसे बड़ा और रोमांचक मुकाबला अब हमारे सामने है। महिला टी20 वर्ल्ड कप (Women's T20 World Cup) के खिताबी महामुकाबले में क्रिकेट इतिहास की दो सबसे जानी-दुश्मन टीमें इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया आमने-सामने होने जा रही हैं। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर होने वाले इस फाइनल मैच को लेकर पूरी दुनिया के क्रिकेट फैंस की सांसें थमी हुई हैं। जहां डिफेंडिंग चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी बादशाहत को बरकरार रखते हुए रिकॉर्ड सातवीं बार चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा जमाने के इरादे से मैदान में उतरेगी, वहीं इंग्लैंड की जांबाज शेरनियां कंगारुओं के इस तिलस्म को तोड़कर नया इतिहास रचने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।कंगारू टीम की नजरें सातवें आसमान पर, खिताबी हैट्रिक की दहलीज पर खड़ी है ऑस्ट्रेलियाई सेनामेग लैनिंग और एलिसा हीली की कप्तानी वाली ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम को इस फॉर्मेट की सबसे खतरनाक टीम माना जाता है। टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही ऑस्ट्रेलियाई टीम की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही बेहद संतुलित नजर आ रही हैं। बेथ मूनी की शानदार फॉर्म और एशले गार्डनर की घातक ऑलराउंड परफॉर्मेंस के दम पर कंगारू टीम फाइनल में मनोवैज्ञानिक बढ़त के साथ उतरेगी। ऑस्ट्रेलियाई टीम का रिकॉर्ड नॉकआउट मैचों में बेहद शानदार रहा है और वे अच्छे से जानती हैं कि बड़े मैचों में दबाव को कैसे झेला जाता है।इतिहास बदलने के इरादे से उतरेगी इंग्लिश टीम, कप्तान हीथर नाइट ने बनाया सीक्रेट प्लानदूसरी ओर, इंग्लैंड की टीम को कम आंकना ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी भूल साबित हो सकती है। पूरे टूर्नामेंट में इंग्लैंड ने आक्रामक ब्रांड की क्रिकेट खेली है। कप्तान हीथर नाइट, नैट साइवर-ब्रंट और सोफी एसलस्टोन जैसी वर्ल्ड क्लास खिलाड़ियों के दम पर इंग्लैंड किसी भी परिस्थिति से मैच पलटने की ताकत रखता है। इंग्लिश टीम के थिंक-टैंक ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को रोकने के लिए एक खास बॉलिंग प्लान तैयार किया है। क्रिकेट पंडितों के अनुसार, जो भी टीम पावरप्ले के शुरुआती छह ओवरों में बेहतर प्रदर्शन करेगी, इस महामुकाबले की ट्रॉफी उसी के नाम होगी।
बिहार की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर (Pr प्रशांत किशोर) आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में खुद चुनावी मैदान में उतरने जा रहे हैं। जन सुराज की केंद्रीय समिति ने आधिकारिक तौर पर घोषणा कर दी है कि प्रशांत किशोर पटना की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट (Bankipur Assembly Seat Patna) से पार्टी के उम्मीदवार होंगे। अब तक पर्दे के पीछे रहकर बड़े-बड़े नेताओं को सत्ता के शीर्ष पर पहुंचाने वाले पीके का खुद चुनाव लड़ने का यह फैसला बिहार के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह से बदलने वाला साबित हो सकता है।पर्दे के पीछे के किंगमेकर का सीधा चुनावी दंगल में कदम, पटना की सीट बनी हॉटस्पॉटबांकीपुर सीट से अपनी उम्मीदवारी की घोषणा होने के बाद प्रशांत किशोर ने एक बेहद भावुक और दमदार बयान दिया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 'बिहार को बदलना और यहां के लोगों को उनका हक दिलाना ही अब मेरी जिंदगी का इकलौता मकसद है। मैं किसी पद के लालच में नहीं, बल्कि बिहार में एक नई राजनीतिक व्यवस्था और जन-व्यवस्था स्थापित करने के लिए सीधे जनता की अदालत में जा रहा हूं।' पीके के इस बड़े कदम के बाद पटना का बांकीपुर निर्वाचन क्षेत्र रातों-रात पूरे देश की सबसे हॉट सीट बन गया है, जहां अब तक पारंपरिक दलों का दबदबा रहा था।बीजेपी और आरजेडी के पारंपरिक गढ़ में जन सुराज की सीधी सेंधमारीराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर सीट को चुनकर प्रशांत किशोर ने एक बेहद सोची-समझी कूटनीतिक चाल चली है। पटना शहर की यह सीट शिक्षित, कामकाजी और शहरी मतदाताओं का प्रतिनिधित्व करती है, जहां जन सुराज का 'राइट टू एजुकेशन' और रोजगार का एजेंडा काफी असरदार साबित हो सकता है। पीके की इस सीधी एंट्री ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के खेमे में खलबली मचा दी है। जन सुराज के कार्यकर्ताओं में इस घोषणा के बाद से जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और उन्होंने पटना की सड़कों पर जनसंपर्क अभियान और भी तेज कर दिया है।
राजस्थान के सबसे चर्चित और बहुआयामी कानूनी मामलों में से एक 'भंवरी देवी हत्याकांड' (Bhanwari Devi Murder Case) एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस बार राजस्थान हाईकोर्ट ने भंवरी देवी के वारिसों को पारिवारिक पेंशन न मिलने के मामले पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जोधपुर स्थित मुख्य पीठ में इस मामले की सुनवाई के दौरान माननीय न्यायाधीश ने सरकारी सिस्टम की दोहरी नीति को आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि जब सरकार ने इस पूरे मामले की हकीकत को स्वीकार करते हुए पीड़िता के वारिस को अनुकंपा नियुक्ति दे दी, तो फिर पेंशन जारी करने में इतनी देरी और आनाकानी क्यों की जा रही है?सरकारी तंत्र की दोहरी नीति पर अदालत की तीखी टिप्पणी, न्याय में देरी पर जताई नाराजगीभंवरी देवी के आश्रितों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सरकार की कानूनी दलीलों को खारिज कर दिया। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि एक तरफ सरकारी विभाग भंवरी देवी को मृत मानते हुए उनके आश्रित बेटे या बेटी को सरकारी नौकरी दे चुका है, जो इस बात का सीधा प्रमाण है कि विभाग ने उनकी मृत्यु को रिकॉर्ड पर स्वीकार कर लिया है। लेकिन जब बात उसी मृतक कर्मचारी की पेंशन और वित्तीय लाभों की आती है, तो कानूनी दांव-पेंच और कागजी औपचारिकताओं का बहाना बनाकर परिवार को परेशान किया जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि यह स्थिति पूरी तरह से अतार्किक और मानवाधिकारों के खिलाफ है।भंवरी देवी के बच्चों को हक दिलाने के लिए हाईकोर्ट ने जारी किया अल्टीमेटमजोधपुर और पूरे राजस्थान (Rajasthan Legal News) के प्रशासनिक गलियारों को हिला देने वाले इस आदेश में हाईकोर्ट ने सरकार को तुरंत जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि सालों से परिवार इस वित्तीय सहायता के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहा है, जबकि भंवरी देवी स्वास्थ्य विभाग में एएनएम (ANM) के पद पर कार्यरत थीं। कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि अगली सुनवाई तक भंवरी देवी के वारिसों की पेंशन का मामला सुलझाकर रिपोर्ट पेश नहीं की गई, तो अदालत कड़े प्रशासनिक कदम उठाने के लिए मजबूर होगी।
पंजाब को अपराध और नशे के चंगुल से मुक्त कराने के लिए सूबे की कानून व्यवस्था ने अब तक की सबसे बड़ी और चौतरफा कार्रवाई को अंजाम दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के कड़े निर्देशों के बाद पंजाब पुलिस ने राज्यभर में सक्रिय गैंगस्टरों, उनके मददगारों और नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले सिंडिकेट के खिलाफ एक बहुत बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया है। इस पूरे ऑपरेशन को इतना गुप्त और सुनियोजित रखा गया था कि अपराधियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पुलिस महानिदेशक (DGP Punjab) की सीधी निगरानी में तड़के सुबह शुरू हुई इस कार्रवाई से पूरे राज्य के अंडरवर्ल्ड और ड्रग माफियाओं में हड़कंप मच गया है।सरहद से लेकर शहरों तक एक साथ गरजे पुलिस के जवान, कई संदिग्ध ठिकाने ध्वस्तइस व्यापक मुहिम को सफल बनाने के लिए पंजाब पुलिस के आला अधिकारियों ने विशेष रणनीतिक खाका तैयार किया था। इसके तहत राज्य के अलग-अलग जिलों में 60 हाई-टेक पुलिस टीमों का गठन किया गया, जिसमें भारी संख्या में पुलिस बल और कमांडो शामिल थे। इन टीमों ने अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, बठिंडा, फिरोजपुर और तरनतारन जैसे संवेदनशील और सीमावर्ती जिलों में तस्करों के ठिकानों पर एक ही समय में एक साथ दबिश दी। पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टरों के जेल में बंद साथियों के करीबियों और ड्रग मनी के लेन-देन से जुड़े संदिग्धों के घरों की सघन तलाशी ली, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।132 संदिग्धों से पूछताछ जारी, भारी मात्रा में अवैध हथियार और नशीले पदार्थ बरामदक्रैकडाउन के दौरान पुलिस टीमों ने राज्य के विभिन्न हिस्सों से अब तक 132 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। प्राथमिक जांच और छापेमारी के दौरान कई ठिकानों से भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाएं, हेरोइन, भारी कैश (ड्रग मनी) और अवैध आधुनिक हथियार बरामद किए जाने की खबर है। हिरासत में लिए गए इन संदिग्धों से पुलिस के खुफिया विंग और काउंटर इंटेलिजेंस की टीमें कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं ताकि इनके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और पाकिस्तान से होने वाली ड्रोन डिलीवरी के कनेक्शन का पर्दाफाश किया जा सके। स्थानीय लोगों ने पुलिस के इस बड़े कदम की सराहना की है और सुरक्षा व्यवस्था पर संतोष जताया है।
झारखंड में मानसून की सक्रियता के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। तपती गर्मी से जूझ रहे प्रदेशवासियों को जहां इस मानसूनी फुहार से बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर कुदरत का यह बदला हुआ रूप कुछ इलाकों के लिए आफत का सबब भी बन सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD Ranchi) ने आज राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, एक मजबूत वेदर सिस्टम एक्टिव होने के कारण राज्य के 19 जिलों में आज मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज रफ्तार हवाएं चलने की पूरी संभावना है।रांची और खूंटी समेत इन जिलों में मंडरा रहा है आसमानी बिजली का सायामौसम केंद्र रांची के ताजा बुलेटिन के अनुसार, राजधानी रांची, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो और गुमला जैसे मध्य व दक्षिणी जिलों में आज मौसम सबसे ज्यादा आक्रामक रह सकता है। इन इलाकों में बादलों की तीव्र गर्जना के साथ वज्रपात (Lightning Strike) की अत्यधिक आशंका जताई गई है। इसके अलावा संताल परगना और कोल्हान संभाग के जिलों, जैसे पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला, दुमका और देवघर में भी सुबह से ही काले बादलों ने डेरा जमा लिया है। कुछ ही घंटों में इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश शुरू हो सकती है।आपदा प्रबंधन विभाग की लोगों से अपील, खराब मौसम में घरों से बाहर न निकलेंझारखंड में मानसून के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से होने वाले जान-माल के नुकसान को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम विभाग ने स्थानीय नागरिकों, विशेषकर ग्रामीण इलाकों के किसानों और मवेशी पालकों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है। लोगों को सख्त हिदायत दी गई है कि जब आसमान में बिजली कड़क रही हो, तो भूलकर भी किसी बड़े पेड़, बिजली के खंभों या खुले मैदानों में शरण न लें। किसान भाई खेतों में काम करना तुरंत बंद कर दें और पक्के मकानों के अंदर सुरक्षित रहें। शहरी इलाकों में भी जलभराव (Waterlogging) और ट्रैफिक जाम की स्थिति से निपटने के लिए नगर निगमों को तैयार रहने को कहा गया है।
राजधानी दिल्ली और एनसीआर (Delhi-NCR) के इलाकों में आतंक का पर्याय बन चुके लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा गैंग को सुरक्षा एजेंसियों ने अब तक का सबसे बड़ा झटका दिया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (Delhi Police Special Cell) ने एक बेहद खुफिया और सटीक ऑपरेशन के तहत लॉरेंस बिश्नोई के सबसे भरोसेमंद और खूंखार शूटरों—प्रवेश और हिमांशु को एक भीषण एनकाउंटर में मार गिराया है। इन दोनों शार्पशूटरों की मौत के बाद अंडरवर्ल्ड और लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, ये दोनों अपराधी पिछले कई महीनों से राजधानी में बड़ी रंगदारी और टारगेट किलिंग की वारदातों को अंजाम दे रहे थे।मयूर विहार में घेराबंदी और दोनों तरफ से ताबड़तोड़ फायरिंगक्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल को गुप्त सूचना मिली थी कि बिश्नोई गैंग के ये दो सक्रिय गुर्गे पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार (Mayur Vihar Eastern Delhi) इलाके के पास किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में आने वाले हैं। पुलिस की टीम ने जाल बिछाकर जब एक संदिग्ध बाइक को रुकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने खुद को घिरा देख पुलिस कर्मियों पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों शूटर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौके से अत्याधुनिक हथियार और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं।कौन थे प्रवेश और हिमांशु और दिल्ली-एनसीआर में कैसे फैलाया था खौफपुलिस की डोजियर के अनुसार, प्रवेश और हिमांशु महज शूटर नहीं थे, बल्कि वे लॉरेंस बिश्नोई गैंग के राइट हैंड कहे जाने वाले गोल्डी बराड़ और हाशिम बाबा के सीधे संपर्क में थे। हाल ही में दिल्ली के एक बड़े कारोबारी के शोरूम पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग और रंगदारी के मामले में भी इन्हीं दोनों का नाम मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया था। प्रवेश मुख्य रूप से हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों से गैंग के लिए लड़कों की भर्ती करता था, जबकि हिमांशु दिल्ली के लोकल इनपुट जुटाकर हत्या की वारदातों को अंजाम देने में माहिर था। इनके खात्मे से दिल्ली, नोएडा, और गाजीपुर के व्यापारियों ने बड़ी राहत की सांस ली है।
पेट में दर्द होना एक बेहद आम समस्या है, जिसे अक्सर लोग गैस, एसिडिटी या खराब खानपान का नतीजा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर पेट दर्द मामूली नहीं होता? देश के जाने-माने गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और डॉक्टरों ने एक चौंकाने वाली चेतावनी जारी की है। मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर आपको पेट दर्द के साथ कुछ खास गंभीर लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो यह शरीर के अंदर पनप रही किसी बड़ी और जानलेवा बीमारी का संकेत हो सकता है। ऐसे मामलों में घरेलू नुस्खों के चक्कर में समय गंवाने के बजाय मरीज को तुरंत इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराना चाहिए।इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज, हो सकती है बड़ी मेडिकल इमरजेंसीडॉक्टरों ने बताया कि अगर पेट में तेज मरोड़ या दर्द के साथ लगातार उल्टी हो रही हो, या फिर उल्टी में खून आ रहा हो, तो यह बेहद खतरनाक स्थिति है। इसके अलावा, अगर पेट दर्द के साथ तेज बुखार आना, सांस लेने में तकलीफ होना, अचानक पीलिया (त्वचा और आंखों का पीला होना) के लक्षण दिखना या फिर मल का रंग पूरी तरह काला या खूनी हो जाना शामिल है, तो यह अपेंडिसाइटिस, गॉलब्लेडर स्टोन, पैंक्रियाटाइटिस या आंतों में रुकावट (Intestinal Obstruction) जैसी गंभीर बीमारियों का साफ इशारा है। ऐसे में की गई जरा सी भी लापरवाही मरीज की जान जोखिम में डाल सकती है।कब और क्यों जरूरी है तुरंत डॉक्टर की सलाह, एक्सपर्ट्स से समझें वजहदिल्ली-एनसीआर और मुंबई जैसे बड़े शहरों के अस्पतालों में हाल ही में ऐसे कई मामले देखे गए हैं जहां मरीजों ने सामान्य दर्द समझकर पेनकिलर खा ली, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि पेट के अलग-अलग हिस्सों (जैसे ऊपरी दाहिना हिस्सा या निचला बायां हिस्सा) में होने वाला दर्द अलग-अलग अंगों की खराबी को दर्शाता है। अगर दर्द अचानक बहुत तेज हो जाए और लेटने या बैठने पर भी आराम न मिले, तो यह पेट के अंदरूनी अंगों के फटने (Perforation) का संकेत हो सकता है। इसलिए, सटीक जांच के लिए तुरंत सीटी स्कैन या अल्ट्रासाउंड कराना बेहद जरूरी हो जाता है।
जब भी राजस्थान का नाम जेहन में आता है, तो तपती धूप, उड़ती रेत और झुलसाने वाली गर्मी की तस्वीर सामने उभरती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मरुभूमि कहे जाने वाले इसी राज्य में एक ऐसी जादुई जगह भी मौजूद है, जिसे 'राजस्थान का स्विट्जरलैंड' कहा जाता है? जब पूरे प्रदेश में पारा 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर जाता है और लोग लू के थपेड़ों से बेहाल रहते हैं, तब भी इस खास हिल स्टेशन पर मौसम पूरी तरह सुहाना रहता है। यहां की वादियों में कदम रखते ही आपको बिना एसी के भी कड़ाके की ठंडक और बर्फ जैसी सर्द हवाओं का अहसास होने लगेगा।अरावली की वादियों में छिपा है कुदरत का यह अनोखा और अनसुना करिश्मारेगिस्तानी राज्य का यह इकलौता और बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन कोई और नहीं, बल्कि सिरोही जिले में स्थित माउंट आबू (Mount Abu Hill Station) है। समुद्र तल से करीब 1220 मीटर की ऊंचाई पर बसे माउंट आबू की भौगोलिक स्थिति ही इसकी सबसे बड़ी खूबी है। घने जंगलों, प्राकृतिक झीलों और अरावली की ऊंची पहाड़ियों से घिरे होने के कारण यहां का तापमान मैदानी इलाकों के मुकाबले हमेशा बहुत कम रहता है। गर्मियों के सीजन में जहां दिल्ली-एनसीआर और जयपुर उबल रहे होते हैं, वहीं माउंट आबू का सुहाना मौसम देश-विदेश के पर्यटकों को अपनी ओर खींच लाता है।नक्की झील और गुरु शिखर की ठंडी हवाएं कर देंगी आपको मंत्रमुग्धमाउंट आबू आने वाले सैलानियों के लिए यहां की प्रसिद्ध नक्की झील (Nakki Lake) और राजस्थान की सबसे ऊंची चोटी 'गुरु शिखर' सबसे बड़े आकर्षण का केंद्र हैं। शाम के समय जब नक्की झील में बोटिंग के दौरान ठंडी हवाएं चेहरे को छूती हैं, तो सैलानियों की सारी थकान पल भर में गायब हो जाती है। वहीं गुरु शिखर पर पहुंचकर बादलों को बेहद करीब से देखने का अहसास बिल्कुल कश्मीर या स्विट्जरलैंड जैसा अनुभव कराता है। अगर आप भी इस चिलचिलाती गर्मी में किसी बजट-फ्रेंडली और ठंडी जगह पर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो राजस्थान का यह छुपा हुआ खजाना आपके लिए सबसे बेस्ट ऑप्शन साबित हो सकता है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर जहाजों से वसूला जाएगा भारी टैक्स, क्या भारत को ईरान से मिलेगी विशेष छूट
वैश्विक व्यापार और कच्चे तेल की सप्लाई चेन के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) को लेकर एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। इस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर नियंत्रण रखने वाले देशों द्वारा अब यहां से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों और तेल टैंकरों पर एक नया पारगमन शुल्क (Transit Tax) लगाने की तैयारी की जा रही है। इस फैसले के बाद पूरी दुनिया के नीति निर्माताओं और व्यापारिक घरानों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि इस रूट से दुनिया का एक-तिहाई से अधिक कच्चा तेल ले जाया जाता है। वैश्विक बाजार में इस कदम को कुछ एक्सपर्ट्स कूटनीतिक दबाव बनाने के एक नए तरीके के रूप में देख रहे हैं।ईरान के करीबियों को मिल सकती है बड़ी राहत, वैश्विक बाजार पर पड़ेगा सीधा असरइस रणनीतिक समुद्री रास्ते पर ईरान का खासा प्रभाव है और यह नया टैक्स सीधे तौर पर उन देशों को प्रभावित करेगा जो खाड़ी देशों से तेल का आयात करते हैं। कूटनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि इस नए नियम के तहत ईरान के करीबी और मित्र देशों को टैक्स में भारी रियायत या पूरी छूट दी जा सकती है। पश्चिम एशिया (Middle East Geopolitics) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच इस कदम को पश्चिमी देशों और उनके सहयोगियों पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में लॉजिस्टिक्स और शिपिंग की लागत काफी ज्यादा बढ़ सकती है।भारत के रणनीतिक और व्यापारिक हितों पर क्या होगा असर?नई दिल्ली के लिए यह खबर बेहद संवेदनशील है, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए कच्चे तेल का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी रूट के जरिए आयात करता है। चाबहार पोर्ट (Chabahar Port) के विकास और ईरान के साथ भारत के पुराने ऐतिहासिक और कूटनीतिक संबंधों को देखते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत को इस टैक्स से छूट नहीं मिलती है, तो देश में पेट्रोल-डीजल और माल ढुलाई की कीमतें बढ़ सकती हैं। हालांकि, नई दिल्ली को पूरी उम्मीद है कि ईरान के साथ उसके मजबूत द्विपक्षीय रिश्ते भारत को इस अतिरिक्त वित्तीय बोझ से बचाने में मददगार साबित होंगे।
वैश्विक कूटनीति के मंच से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। एक समय पर आतंकवाद और अपनी रणनीतिक स्थिति के दम पर अमेरिका से भारी फंड वसूलने वाले पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय साख अब पूरी तरह खत्म होने के कगार पर पहुंच गई है। वाशिंगटन और बीजिंग के बीच चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के बीच अब सुपरपावर अमेरिका ने भी मान लिया है कि इस्लामाबाद पूरी तरह से चीनी इशारों पर नाचने को मजबूर है। विशेषज्ञों का कहना है कि बीजिंग के भारी-भरकम कर्ज के जाल में फंसकर पाकिस्तान अब एक स्वतंत्र देश के बजाय सिर्फ चीन के रणनीतिक हितों को साधने वाला जरिया बनकर रह गया है।ड्रैगन के 'कर्ज जाल' में दफन हुई संप्रभुता और आर्थिक आजादीपाकिस्तान की मौजूदा आर्थिक बदहाली किसी से छिपी नहीं है। देश को दिवालिया होने से बचाने के लिए शहबाज शरीफ सरकार लगातार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और दोस्त देशों के सामने हाथ फैला रही है। लेकिन इस कहानी का सबसे स्याह पहलू चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) है। इस प्रोजेक्ट के नाम पर बीजिंग ने इस्लामाबाद पर अरबों डॉलर का ऐसा कर्ज लाद दिया है, जिसे चुका पाना अब उसके बस की बात नहीं है। इसके एवज में चीन अब पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट से लेकर उसके आंतरिक नीतिगत फैसलों तक को नियंत्रित कर रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर उसकी पहचान एक संप्रभु राष्ट्र के बजाय चीन के आर्थिक गुलाम जैसी हो गई है।वाशिंगटन का बड़ा दावा और भारत समेत दक्षिण एशिया पर इसका सीधा असरअमेरिकी विदेश मंत्रालय और थिंक-टैंक की ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान अब चाहकर भी चीन के प्रभाव से बाहर नहीं निकल सकता। संयुक्त राष्ट्र (UN) से लेकर तमाम अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान अब वही भाषा बोलता है जो बीजिंग उसे सिखाता है। अमेरिका का मानना है कि यह स्थिति न केवल भारत के लिए बल्कि पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र (South Asia Security) की स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा है। नई दिल्ली इस स्थिति पर लगातार कड़ी नजर बनाए हुए है, क्योंकि चीन अब पाकिस्तान की धरती और उसकी सेना का इस्तेमाल भारत को दोनों मोर्चों पर घेरने (Two-Front Threat) के लिए और अधिक आक्रामक तरीके से कर सकता है।

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