LPU में रातभर हंगामा; पथराव-आगजनी के बीच क्लासेज सस्पेंड, परीक्षाएं रद्द
प्रदर्शनकारी मांग कर रहे थे कि LPU के संस्थापक अशोक मित्तल मौके पर आएं और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दें। इधर पुलिस ने हालात काबू में होने की बात कही है। 2000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
ट्रंप सरकार के विज्ञापनों पर घमासान! सरकारी पैसे के इस्तेमाल पर भड़का विपक्ष
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के नए टीवी विज्ञापनों को लेकर विवाद बढ़ गया है. इन विज्ञापनों पर सरकारी यानी टैक्सपेयर्स के पैसे खर्च होने को लेकर विपक्षी दलों के सांसदों ने सवाल उठाए हैं. वहीं, व्हाइट हाउस का कहना है कि ये चुनावी विज्ञापन नहीं, बल्कि पब्लिक सर्विस अनाउंसमेंट हैं.
चामुंडा मंदिर में 3kg सोना 6 क्विंटल चांदी का दान!
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा स्थित श्री चामुंडा नंदीकेश्वर धाम के नवीनीकरण का काम तेजी से चल रहा है. मंदिर के सिंहासन के लिए 3 किलो सोना और गर्भगृह की सजावट के लिए 6 क्विंटल चांदी दान करने का फैसला लिया गया है.
बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती सिस्टम 'अर्नब' के कारण हुई भारी वर्षा से उत्तर प्रदेश में 67 लोगों की मौत हो गई है और खरीफ व दलहनी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
Aaj Ka Rashifal: मेष से मीन तक कई राशि को मिलेगा लाभ, जानिए आज का राशिफल
आज 28 सितंबर दिन सोमवार, आज के दिन कई राशियों को करियर और धन संबंधी मामलों में लाभ के संकेत मिलेंगे. वहीं, कुछ लोगों को खर्च, रिश्तों और फैसलों को लेकर सावधानी बरतनी होगी. जानिए आज का राशिफल.
चुनाव आयोग के समर्थन में उतरी भाजपाई मुख्यमंत्रियों की फौज: विपक्ष पर बरसे; बोले- कांग्रेस और साथी दल बेनकाब- army of BJP CM's rallies in support of EC They lash out opposition declaring Congress its allies stand exposed
बेसन, दही और शहद से फेस पैक कैसे बनाएं? स्किन को मिलेंगे कई फायदे, जानिए इस्तेमाल करने का सही तरीका
घर पर बेसन, हल्दी, दही और शहद का फेस पैक बनाना बहुत ही आसान है. यह आसान घरेलू फेस पैक त्वचा की गहराई से सफाई करने, नमी बनाए रखने और चेहरे पर नेचुरल ग्लो लाने में मदद कर सकता है.
अंदर से कैसी दिखती है देश की पहली LNG ट्रेन? साबरमती से शुरू हुई 'हरित रेल' की पूरी डिटेल
भारतीय रेलवे ने देश की पहली LNG ट्रेन का सफल संचालन शुरू किया है, जिसे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुजरात के साबरमती से हरी झंडी दिखाई।
ज्ञानेश कुमार ने राष्ट्रपति को भेज दिया इस्तीफा पत्र? चुनाव आयोग ने क्या बताया
भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नाम का दावा करता हुआ एक लेटर वायरल हुआ है। इस तथाकथित पत्र में दावा किया जा रहा है कि ज्ञानेश कुमार ने मुख्य आयुक्त पद से इस्तीफा दे दिया है। अब ECI ने सच बताया है।
भारत बनाने जा रहा सेना की अंतरिक्ष कमान, सीमा पार के आतंकियों की भी आएगी शामत
युद्ध के बदलते स्वरूप को देखते हुए भारत अब जल्द ही अंतरिक्ष कमान का गठन करने वाला है। इसकी जिम्मेदारी थल सेना को दी जाएगी। अमेरिका, रूस, फ्रांस और चीन समेत 10 देशों के पास पहले से ही ऐसी कमान है।
नेतन्याहू का सीक्रेट अबू धाबी दौरा! 7 अक्टूबर के खुलासे के बीच UAE राष्ट्रपति से मुलाकात
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को अबू धाबी का दौरा किया, जहां उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति से मुलाकात की. यह दौरा ऐसे समय हुआ है, जब 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले से पहले यूएई की ओर से दी गई कथित चेतावनी को लेकर चर्चा हो रही है.
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों को सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। अधिकारियों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के कारण राज्य के कई हिस्सों में बहुत भारी बारिश हुई, जिससे दक्षिणी, तटीय और पश्चिमी ओडिशा के 13 जिलों में बाढ़ व जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। उन्होंने बताया कि महानदी में बाढ़ की चेतावनी जारी की गई, जिससे डेल्टा क्षेत्र के पांच जिलों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। अधिकारियों के अनुसार, गंजाम, गजपति, मलकानगिरि, कोरापुट और नबरंगपुर जैसे जिले भारी बारिश से प्रभावित हुए हैं, जबकि नदियों का जलस्तर बढ़ने से उत्तरी ओडिशा के बालासोर, भद्रक, जाजपुर और मयूरभंज जिलों के कुछ हिस्सों में भी पानी भर गया। अधिकारियों ने बताया कि निचले इलाकों से एक लाख से अधिक लोगों को निकालकर 500 से ज्यादा राहत शिविरों में ठहराया गया है। उन्होंने बताया कि अकेले बालासोर जिले में 67,266 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। जिले में बाढ़ से 3.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में महानदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद हीराकुड जलाशय से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के कारण महानदी का जलस्तर बढ़ना एक और चुनौती बन गया है। माझी ने बताया कि उन्होंने कोरापुट के प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से बातचीत करके उनकी समस्याओं को समझा। जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता दिलीप कुमार राउत ने कहा कि रविवार रात महानदी से सात लाख क्यूसेक पानी बहकर कटक के पास मुंडली पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि सोमवार सुबह तक यह मात्रा बढ़कर आठ लाख क्यूसेक हो सकती है। राउत ने कहा कि इससे महानदी की कई सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ जाएगा और कटक, पुरी, खुर्दा, जगतसिंहपुर तथा केंद्रपाड़ा जिलों के कुछ हिस्सों में बाढ़ आ सकती है। राउत ने कहा, ‘‘कटक जिले के बांकी, अतगढ़ और बडंबा के कई इलाके आज पानी में डूब जाएंगे। उन्होंने कहा कि कटक, पुरी, खुर्दा, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा जिलों के निचले इलाकों में भी पानी भर सकता है। मुख्यमंत्री माझी ने राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी और राज्य के विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल के साथ गंजाम और कोरापुट जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया।
सुर्खियां: देशव्यापी बैंक हड़ताल टली; आज कई जगह आंधी-तूफान के आसार; एलपीयू में तनाव, कक्षाएं बंद-परीक्षा टली- Top Headlines Nationwide bank strike averted thunderstorms likely several areas tension LPU classes suspended
न्यूज डायरी: बीरभूम में भाजपा कार्यकर्ता की हत्या; नाइटक्लब में महिला से छेड़छाड़, 24 वर्षीय युवक गिरफ्तार
अभिजीत दीपके ने क्यों कैंसल कर दिया असम का दौरा, मुंबई में जेल भरो आंदोलन की चेतावनी
असम पुलिस ने कॉकरोच पार्टी के आशुतोष रांका को छोड़ दिया है। वहीं अभिजीत दीपके ने उनसे असम आने का वादा किया था। रांका के छूटने के बाद उन्होंने असम दौरा रद्द कर दिया है।
20 कलाकारों को ललित कला अकादमी अवार्ड देने की घोषणा, देश की सर्वश्रेष्ठ कलाकृतियों पर लगी मुहर
ललित कला अकादमी ने 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के दौरान 20 कलाकारों को प्रतिष्ठित ललित कला अकादमी अवार्ड देने की घोषणा की है।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि दुनिया को संघर्षों और आपदाओं से निपटने के लिए तकनीकी उन्नति से अधिक करुणा की आवश्यकता है।
केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने विश्व पर्यटन दिवस पर नेशनल डिजिटल टूरिज्म स्टैक और देखो अपना देश 2.0 कैंपेन लॉन्च किया।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को पूरी तरह विफल बताया है, आरोप लगाया कि आयोग के प्रस्तावित उपाय केवल डैमेज कंट्रोल हैं।
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से की मुलाकात, रूस प्रतिबंध कानून पर हुई अहम चर्चा
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अमेरिकी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर भारत-अमेरिका संबंधों और रूस एवं ईरान प्रतिबंध अधिनियम (SRIA) पर चर्चा की।
'गलत हाथों में एआई से 100 करोड़ लोगों को खतरा', बिल गेट्स ने अमेरिका से की सख्त कानून बनाने की मांग
माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने चेतावनी दी है कि गलत इरादे वाले लोगों के हाथ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) 100 करोड़ लोगों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
यमन में हमले से भीषण तबाही, बच्चों समेत 7 लोगों की मौत, 40 घायल
यमन के ताइज प्रांत में हुए हमले में 7 लोगों की मौत हुई है, जबकि 40 लोग घायल बताए गए हैं. मरने वालों में बच्चे भी शामिल हैं. हमले को लेकर हूती पक्ष और यमन सरकार के दावे अलग-अलग हैं.
'भारत में बनेगी राफेल की दूसरी असेंबली लाइन', रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह का बड़ा बयान
रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि फ्रांस के साथ राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद का सौदा भारत में लड़ाकू विमान उत्पादन की दूसरी शृंखला स्थापित करने में मदद करेगा।
भारत मंडपम की तर्ज पर कर्नाटक मंडपम: इन शहरों में खोजी जा रही जमीन, मुख्यमंत्री ने बताया निर्माण का मकसद- Karnataka Mandapam modeled after Bharat Mandapam Land being scouted CM explains why government is building it
SIR विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की खबर झूठी, चुनाव आयोग ने दावों को किया खारिज
चुनाव आयोग ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कथित त्यागपत्र को फर्जी करार दिया है। राष्ट्रपति को संबोधित यह पत्र सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा था, जिसमें उनके इस्तीफे की घोषणा की गई थी।
SIR मुद्दे पर राहुल गांधी के आरोपों पर भाजपा का पलटवार, मैदान में उतरे 12 राज्यों के मुख्यमंत्री
भाजपा ने राहुल गांधी के मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों का खंडन करने के लिए अपने 12 मुख्यमंत्रियों को मैदान में उतारा।
रायगढ़ के महाड MIDC में जोरदार धमाका, 4 KM तक महसूस हुए झटके, 3 लोग घायल
रायगढ़ के महाड MIDC में एक कंपनी में जोरदार धमाका हुआ है. धमाके के झटके कई किलोमीटर दूर तक महसूस किए गए. हादसे के बाद मौके पर फायर ब्रिगेड, पुलिस और एंबुलेंस पहुंची.
ओडिशा: गांव में पहले बरसे बम, फिर ग्रामिणों ने पुलिस पर किया था पथराव; पांच महिलाओं समेत 13 गिरफ्तार
ओडिशा: गांव में पहले बरसे बम, फिर ग्रामिणों ने पुलिस पर किया था पथराव; पांच महिलाओं समेत 13 गिरफ्तार- villagers from Kukudakhandi Ganjam Odisha pelting stones police 13 arrested including five women
Libra Aaj Ka Rashifal: लंबित काम निपटाने का मौका, महत्वपूर्ण बातचीत से बन सकती है बात
Libra Horoscope Today 28 September 2028, Tula Rashifal: नौकरी में काम की समयसीमा को लेकर दबाव बन सकता है. ग्राहक, जीवनसाथी या कारोबारी सहयोगी के साथ रुकी हुई चर्चा आगे बढ़ सकती है.
Leo Aaj Ka Rashifal: पुराने सौदे और आर्थिक फैसलों में सावधानी, बाद में मिल सकता है नया दृष्टिकोण
Leo Horoscope Today 28 September 2028, Singh Rashifal: दूर स्थान से जुड़ी कोई खबर भी उत्सुकता बढ़ा सकती है. कार्यस्थल पर ऐसी सूचना मिल सकती है जो आपकी मौजूदा योजना में बदलाव कराए.
Cancer Aaj Ka Rashifal: ज्ञान और सलाह से शुरुआत, बाद में काम से जुड़ा कोई अहम फैसला संभव
Cancer Horoscope Today 28 September 2028, Kark Rashifal: दोपहर बाद अपने काम की प्राथमिकता बार-बार बदलने से बचें. सुबह किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह आपको किसी उलझन का दूसरा पहलू समझा सकती है.
Gemini Aaj Ka Rashifal: जिम्मेदारियों के बीच मिलेगी राहत, पुराने संपर्क से उपयोगी सूचना संभव
Gemini Horoscope Today 28 September 2028, Mithun Rashifal: आपकी सहज बातचीत को कोई व्यक्ति अपने हित में इस्तेमाल कर सकता है. काम की निरंतरता ही आपकी विश्वसनीयता को मजबूत करेगी.
Taurus Aaj Ka Rashifal: पुराने संपर्क खोल सकते हैं नए रास्ते, निवेश में जल्दबाजी से बचना होगा
Taurus Horoscope Today 28 September 2028, Vrishabh Rashifal: आज किसी मित्र या परिचित के साथ भविष्य की योजना पर बातचीत हो सकती है. यदि किसी भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे हैं तो उसके संबंध में सूचना मिलने की संभावना है.
'असम पुलिस ने आशुतोष रांका समेत 40 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया', अभिजीत दीपके का दावा
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि असम पुलिस ने सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और 40 कार्यकर्ताओं को गुवाहाटी में हिरासत में लिया है।
एलपीयू में थम नहीं राह छात्रों का गुस्सा, कैंपस में सुने गए धमाके; जलाईं पुलिस की गाड़ियां
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को यूनिवर्सिटी के कैंपस में धमाका सुना गया। इसमें कई पुलिसवाले भी घायल हो गए। भीड़ ने पुलिस के तीन वाहनों में भी आग लगा दी।
त्रिपुरा में आज ग्राम समिति चुनाव: 1,095 केंद्रों पर 6.65 लाख मतदाता डालेंगे वोट, 7,300 मतदानकर्मी तैनात- Tripura Gram Samiti elections today 6.65 lakh voters to cast ballots 7300 polling personnel deployed
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यूक्रेन युद्ध के बाद पहली बार रूस और जर्मनी के विदेश मंत्रियों की हुई मीटिंग, क्या हैं इसके मायने
जर्मनी में AfD के बढ़ते कदमों से अब सरकार रूस के मामले में नरम रुख अपनाने पर बाध्य हो रही है. ये यूक्रेन के लिए खतरे की बात है, क्योंकि जर्मनी यूक्रेन का सबसे बड़ा समर्थक अब तक इस युद्ध में रहा है. अगर उसने भी अपने पैर खींच लिए तो फिर अन्य देश भी पीछे हटने से नहीं चूकेंगे.
गेमिंग ऐप RummyCulture ऐप मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, 442 करोड़ की संपत्तियां अटैच की
यूजर्स को आकर्षित करने के लिए बोनस, रेफरल इंसेंटिव, फ्री टूर्नामेंट एंट्री और प्रमोशनल रिवॉर्ड जैसे ऑफर दिए जाते थे. ED का आरोप है कि इन ऑफर्स का मकसद यूजर्स को लगातार गेम खेलने और ज्यादा पैसा जमा करने के लिए प्रेरित करना था.
लद्दाख हिंसा का एक साल: सोनम वांगचुक ने कर दी बड़ी मांग, पुलिस एक्शन पर उठाए सवाल
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने लद्दाख हिंसा के एक साल बाद न्यायिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने, पीड़ितों को अधिक मुआवजा देने और जवाबदेही तय करने की मांग की है।
'राम जन्मभूमि आंदोलन से देश को जोड़ा', अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी समारोह में बोले चंपत राय
चंपत राय ने अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी पर राम जन्मभूमि आंदोलन में उनके योगदान और राष्ट्र को एकजुट करने के प्रयासों को याद किया।
UP में AI और Semiconductor हब बनेगा नया आधार, सुनील शर्मा बोले- कृषि से जुड़ेगा तकनीक का भविष्य
उत्तर प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि राज्य अब केवल इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल निर्माण का केंद्र नहीं बल्कि कृत्रिम मेधा (एआई), सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। शर्मा ने ‘यूपीज जर्नी फ्रॉम इलेक्ट्रॉनिक्स लीडर टू एआई एंड सेमीकंडक्टर पावरहाउस’ सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भविष्य में एआई और आईटी का कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ाव प्रदेश के विकास को नई दिशा देगा। उन्होंने बताया कि 52 स्टार्टअप के साथ हुई बैठक में सामने आया कि अधिकतर स्टार्टअप खाद्य आपूर्ति क्षेत्र से जुड़े हैं, जबकि कृषि में एआई के इस्तेमाल वाले स्टार्टअप की संख्या कम है। शर्मा ने कहा कि यह एक बड़ा अवसर है और तकनीक आधारित समाधानों से किसानों की आय तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए नीतियों में लगातार सुधार कर रही है। उन्होंने कहा कि निवेश प्रोत्साहन की प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर दिया जा रहा है और पिछले एक वर्ष में करीब 500 से 600 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन वितरित किए गए हैं।
ड्यूटी पर तैनात महिला SI से बदसलूकी, फिटनेस क्लब के मालिक के खिलाफ केस दर्ज
हैदराबाद में गणेश विसर्जन बंदोबस्त ड्यूटी कर रही एक महिला सब-इंस्पेक्टर (एसआई) के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने के आरोप में एक फिटनेस क्लब के मालिक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.
आज से होने वाली बैंकों की हड़ताल टली, IBA और UFBU की बैठक के बाद फैसला
सोमवार से तीन दिनों तक होने वाली बैंकों की हड़ताल टल गई है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच रविवार को हुई बैठक के बाद तीन दिनों की बैंक हड़ताल वापस लेने का फैसला लिया गया।
AIIMS Jodhpur के कार्यकारी निदेशक का दिल्ली तबादला, रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल खत्म
राजस्थान के जोधपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के कार्यकारी निदेशक डॉ. गोवर्धन पुरी का रविवार को तत्काल प्रभाव से दिल्ली तबादला किये जाने के बाद प्रथम वर्ष के एक रेजिडेंट चिकित्सक की मौत को लेकर पिछले पांच दिन से प्रदर्शन कर रहे रेजिडेंट चिकित्सकों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली। एम्स-जम्मू के निदेशक डॉ. संजीव सिन्हा को एम्स-जोधपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि रेजिडेंट चिकित्सकों के प्रतिनिधियों और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ बातचीत के बाद सरकार ने चिकित्सकों की मांगें मान लीं। एनेस्थीसिया विभाग के प्रथम वर्ष के रेजिडेंट चिकित्सक डॉ. राज नरेश यादव (29) गत 22 सितंबर को चिकित्सकों के विश्राम कक्ष के शौचालय में मृत पाए गए थे। आशंका जताई गई थी कि ड्यूटी के दौरान उन्होंने आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद करीब 450 रेजिडेंट चिकित्सकों ने 24 सितंबर से हड़ताल शुरू कर दी थी। वे एम्स प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई और कामकाज की परिस्थितियों से जुड़े अन्य उपायों को लागू करने की मांग कर रहे थे। शेखावत ने कहा कि रेजिडेंट चिकित्सक शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे और जोधपुर के प्रतिनिधि के तौर पर इसका समाधान निकालना उनकी जिम्मेदारी थी, खासकर इसलिए क्योंकि इससे मरीज भी प्रभावित हो रहे थे। शनिवार को शेखावत ने एम्स-जोधपुर का दौरा किया और रेजिडेंट चिकित्सकों से बातचीत की। उन्होंने नड्डा के सामने उनकी मांगों की सूची रखी और रेजिडेंट चिकित्सकों के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बातचीत की। रविवार दोपहर को मंत्री ने खुद प्रदर्शनकारियों को सरकार के फैसलों के बारे में जानकारी दी। डॉ. पुरी के तबादले के अलावा, सरकार ने काम के अधिक बोझ और तनाव को देखते हुए रेजिडेंट चिकित्सकों के लगातार ड्यूटी के घंटों को ज्यादा से ज्यादा 12 घंटे तक सीमित करने का फैसला किया है। इसके साथ ही एम्स-जोधपुर का पुस्तकालय भी छात्रों की शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने के लिए चौबीसों घंटे खुला रहेगा।
कल से होने वाली बैंकों की हड़ताल टली, मीटिंग के बाद देर रात फैसला; तीन दिन बैंक बंद का था ऐलान
तीन दिन तक होने वाली बैंकों की हड़ताल टाल दी गई है। रविवार रात इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बीच हुई बैठक के बाद बैंक हड़ताल फिलहाल के लिए स्थगित कर दी गई है।
बेंगलुरु में बड़ा हादसा टला, रनवे से टकराया IndiGo का विमान, हादसे के बाद रोकी प्लेन की उड़ान
बेंगलुरु एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान आज इंडिगो की एक फ्लाइट के साथ बड़ा विमान हादसा टल गया। गुवाहाटी से आ रही फ्लाइट 6E 6542 को पहली बार लैंडिंग की कोशिश के दौरान विमान को वापस ऊपर उठाना पड़ा। दूसरी बार लैंडिंग करते समय विमान की पूंछ रनवे से टकरा ...
भोपाल के DB मॉल के सामने खंभे में उतरा करंट, BJYM नेता की तड़पकर मौत
भोपाल के एमपी नगर इलाके में रविवार रात करंट लगने से भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की मौत हो गई. वह परिवार के साथ डीबी मॉल पहुंचे थे. सड़क पार करते समय खंभा पकड़ते ही उन्हें करंट लग गया. उनकी पत्नी भी चपेट में आईं, लेकिन अलग हो गईं. पुलिस ने CPR के बाद अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें मृत घोषित किया गया.
रामदास आठवले ने CEC ज्ञानेश कुमार का बचाव किया, SIR को बताया चुनावी शुचिता के लिए जरूरी
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को अनुचित बताया।
CEC Gyanesh Kumar का इस्तीफा पत्र फर्जी, Election Commission ने किया स्पष्ट
निर्वाचन आयोग ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के कथित त्यागपत्र को रविवार को ‘फर्जी’ करार दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित और कुमार के कथित हस्ताक्षर वाले एक पत्र को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त पद से उनके इस्तीफे की घोषणा का दावा किया गया था। इस कथित ‘‘त्यागपत्र’’ पर प्रतिक्रिया देते हुए निर्वाचन आयोग के एक प्रवक्ता ने इसे ‘‘फर्जी’’ बताया। विपक्ष, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े फैसलों और आदेशों को लेकर निर्वाचन आयुक्तों एस एस संधू और विवेक जोशी तथा कुमार के बीच कथित मतभेदों की खबर के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है। निर्वाचन आयोग ने शनिवार को बताया था कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े सभी आदेश तीनों निर्वाचन आयुक्तों की मंजूरी के बाद ही जारी किए गए हैं। आयोग ने यह भी बताया कि मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को उच्चतम न्यायालय ने बरकरार रखा है।
भारत ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया, गिल-कोहली का शतक
भारत ने वेस्टइंडीज को पहले वनडे में 8 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। कप्तान शुभमन गिल ने 110 रन की पारी खेली, जबकि विराट कोहली ने नाबाद 139 रन बनाए।
श्री मौर्य ने कहा कि देश और प्रदेश की जनता को भ्रमित करने की राजनीति अधिक समय तक नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि एक गांव में एक व्यक्ति रहता था, जो बिना भेड़िया आए बार-बार चिल्लाता था—‘भेड़िया आया, भेड़िया आया।’ जब वास्तव में भेड़िया आया तो उसकी मदद के लिए कोई नहीं पहुंचा। विपक्ष के नेताओं की स्थिति भी कुछ ऐसी ही हो गई है। झूठ इतना ही बोलना चाहिए जितना जनता के बीच चल सके, लेकिन विपक्ष के लोग सत्ता वियोग में झूठ बोलने की ऑटोमैटिक मशीन बन चुके हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जनता अब दुष्प्रचार और झूठ की राजनीति को समझ चुकी है। उन्होंने कहा कि PDA का कोई भविष्य नहीं है। भाजपा ही वास्तविक अर्थों में समाज के हर वर्ग, गरीब, किसान, नौजवान, महिला और वंचित समाज की सेवा कर रही है और आगे भी करती रहेगी।
बैंक यूनियनों ने टाली अपनी हड़ताल, आम लोगों के लिए बड़ी राहत
इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ़ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच रविवार को हुई बैठक के बाद प्रस्तावित बैंक हड़ताल टाल दी गई है.
आगजनी-तोड़फोड़ और दहशत, तस्वीरों में देखें LPU छात्रों के प्रदर्शन का मंजर
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में छात्रा से रेप की अफवाह फैलने के बाद से ही छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रों की पुलिस से झड़प भी हुई. छात्रों ने पुलिस की कई गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया.
'शांति चाहते हैं तो युद्ध के लिए तैयार रहें', रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का पाकिस्तान को कड़ा संदेश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि यदि वह अपनी 'सरकारी नीति के तहत आतंकवाद' जारी रखता है, तो भारत किसी भी प्रकार की कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।
बाप-बेटे को पीटा, डेढ़ लाख रुपये और चेन लूटी... 2 इनामी आरोपी गिरफ्तार
राजस्थान के धौलपुर में नमकीन फैक्ट्री संचालक पिता-पुत्र पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने दो इनामी आरोपियों को गिरफ्तार किया है. दोनों पर 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित था. 21 अगस्त को बदमाशों ने फैक्ट्री में घुसकर लाठी-डंडे और बेसबॉल बैट से हमला किया था. वारदात CCTV में कैद हुई थी.
प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक नीति से खुल रहे उ0प्र0 में दुनिया के बाजार: केशव प्रसाद मौर्य
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदर्शी विदेश नीति और वैश्विक स्तर पर भारत की मजबूत होती आर्थिक पहचान का लाभ उत्तर प्रदेश के किसानों, उद्यमियों और व्यापारियों को मिल रहा है। दुनिया के अनेक देशों के साथ भारत के बढ़ते व्यापारिक संबंधों ने प्रदेश के स्थानीय उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार के नए द्वार खोले हैं। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 इसी बदलते भारत और बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर प्रस्तुत कर रहा है।उत्तर प्रदेश मंडप में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) तथा उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 (यूपीएफपीपी-2023) के अंतर्गत लाभान्वित उद्यमियों के लगभग 50 स्टॉल स्थापित किए गए हैं।खाद्य एवं प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बीएल मीणा ने बताया कि विभाग द्वारा विभिन्न देशों के साथ किये गये व्यापारिक समझौते इस प्रकार हैं -1 किसान मल्टीपर्पज प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, मेरठ द्वारा एस्टोनिया की एवीटेरा (AVETERA) के साथ गुड़/चीनी उत्पादों के संबंध में जापान के साथ बेकरी एवं गुड़ उत्पादों के संबंध में व्यापारिक समझौता हुआ।2 भगवती गुड़ उद्योग, बिजनौर द्वारा ताइवान की इंडिया शॉप के साथ लगभग 1,000 अमेरिकी डॉलर के व्यापारिक समझौते हुआ।3 जैंक्रिकेशन एलएलपी, लखनऊ द्वारा ऑस्ट्रेलिया की हरिओम फूड प्राइवेट लिमिटेड के साथ लगभग 5,000 अमेरिकी डॉलर के व्यापारिक समझौते हुआ।4 बेसिक आयुर्वेदा लिमिटेड, गाजियाबाद द्वारा यूरोप की केपीएम ग्रुप के साथ लगभग 1,000 अमेरिकी डॉलर के व्यापारिक समझौते का विवरण।5 अनुभी एंटरप्राइजेज, मेरठ द्वारा वियतनाम की ए. तुआन खान्ह ज्वाइंट स्टॉक कंपनी के साथ व्यापारिक समझौता।6 अमृत एग्रो फूड प्रोडक्ट्स, गोरखपुर द्वारा क्यूबा की सांता क्लारा, क्यूबा स्थित व्यापारिक संस्था के साथ व्यापारिक समझौता।
Pravesh Verma के थप्पड़ मारने पर BJP ने जताया खेद, आप विधायक पर लगाया उकसाने का आरोप
तिलक नगर में एक सड़क निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा एक व्यक्ति को थप्पड़ मारे जाने की घटना पर खेद जताते हुए भाजपा की दिल्ली इकाई ने रविवार को दावा किया कि उक्त व्यक्ति आदतन अपराधी है और पहले नगर निगम (एमसीडी) के एक कर्मचारी के साथ मारपीट के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने एक बयान में यह भी आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक जरनैल सिंह निरीक्षण के दौरान पार्टी के 50 कार्यकर्ताओं को साथ लाकर वर्मा को उकसाने और ‘‘अशोभनीय एवं असभ्य’’ व्यवहार करने लगे थे। इससे पहले वर्मा ने दावा किया था कि सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण करने के दौरान जरनैल सिंह के सहयोगी बताए जा रहे साहेब सिंह ने उनके परिवार के खिलाफ अपशब्द कहे थे। भाजपा ने आरोप लगाया कि साहेब सिंह ‘‘आदतन अपराधी’’ है और उसके खिलाफ एमसीडी के एक कर्मचारी के साथ मारपीट का मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। कपूर ने कहा, ‘‘विकासपुरी में जो हुआ, वह गलत था और पीडब्ल्यूडी मंत्री ने भी इसे स्वीकार किया है। हम सभी को इसका खेद है। लेकिन विधायक जरनैल सिंह को बताना चाहिए कि मंत्री द्वारा पहले से सूचित किए जाने के बावजूद वह 45 मिनट देर से क्यों पहुंचे और भीड़ के साथ क्यों आए?’’कपूर ने आरोप लगाया कि जरनैल सिंह ने जिस तरह “जानबूझकर वर्मा को उकसाया”, उससे उन्हें याद आया कि आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने इसी तरह की “साजिश” के जरिए दिल्ली के मुख्य सचिव और अपनी ही पार्टी की एक सांसद के साथ मारपीट करवाई थी।
36 हजार करोड़ के गंगा एक्सप्रेसवे पर भरा पानी, मछली पकड़ने पहुंचे लोग
Ganga Expressway Waterlogging Unnao: 36 हजार करोड़ की लागत से बन रहे गंगा एक्सप्रेसवे के सोनिक (उन्नाव) टोल प्लाजा पर भरा पानी. जलमग्न रोड पर जाल डालकर मछली पकड़ते दिखे लोग. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
द्वितीया तिथि का श्राद्ध कल, जानें तर्पण-पिंडदान का श्रेष्ठ समय और विधि
शास्त्रों में पितरों के तर्पण और श्राद्ध के लिए कुतुप वेला को सबसे उत्तम माना गया है. यह समय दोपहर के आस-पास पड़ता है. 28 सितंबर को कुतुप काल दोपहर 11:48 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक रहेगा. लेकिन अलग-अलग शहरों में इसका समय एक-दूसरे से थोड़ा अलग हो सकता है.
'ई-रिक्शा ले लो, नौकरी छोड़ो', UP के डिप्टी CM ब्रजेश पाठक के वायरल वीडियो का क्या है सच?
यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का ई-रिक्शा वाला वीडियो वायरल हुआ. एनडीटीवी की पडताल में इसका सच सामने आया.
नहीं टूटेंगे बाल, जावेद हबीब ने हेयरफॉल के लिए बताए 4 मैजिकल तरीके
Jawed Habib Hair Care Tips: अगर आप भी टूटते, गिरते और खराब हो रहे बालों से परेशान हैं तो यहां हम आपको हेयर एक्सपर्ट जावेद हबीब के बताए कुछ ट्रिक्स बता रहे हैं जिन्हें फॉलो कर आप अपने बालों को हेल्दी रख सकते हैं.
कोलकाता के सत्यजीत रे फिल्म इंस्टीट्यूट में झड़प; कई छात्र और प्रोफेसर घायल, भारी पुलिस तैनात
छात्रों ने आरोप लगाया कि अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत (ABGP) की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शामिल वक्ताओं ने बेहद भड़काऊ भाषण दिया। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो संगठन के सदस्यों ने उनकी पिटाई कर दी।
ईरान ने अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और परमाणु वार्ता शुरू करने के लिए 7 दिन का प्रस्ताव दिया है, जिसमें अमेरिकी प्रतिबंध हटाने और संपत्ति जारी करने की शर्तें शामिल हैं।
Election Commission के खिलाफ शिवाजी पार्क में कॉजपा के प्रदर्शन पर Mumbai Police की रोक
मुंबई पुलिस ने रविवार को कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के दो अक्टूबर को शिवाजी पार्क में निर्वाचन आयोग (ईसीआई) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया। पुलिस ने उच्च न्यायालय के निर्देशों, नगर निकाय की अनुमति न होने और यातायात में बाधा की आशंका का हवाला देते हुए ऐसा किया। एक अधिकारी ने बताया कि अभिजीत दीपके के नेतृत्व वाले संगठन के विरोध प्रदर्शन की अनुमति के लिए 26 सितंबर को सामाजिक कार्यकर्ता अजिंक्य शिंदे द्वारा एक आवेदन प्रस्तुत किया गया था। शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन द्वारा जारी औपचारिक पत्र में कहा गया कि उच्च न्यायालय के मौजूदा आदेशों और राज्य सरकार के दिशानिर्देशों के तहत पुलिस विभाग को इस मैदान में सार्वजनिक सभाओं की अनुमति देने का अधिकार नहीं है। पत्र में इस बात पर भी जोर दिया गया कि आवेदक मैदान के उपयोग के लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) का अनिवार्य अनुमति पत्र प्रस्तुत करने में विफल रहा। पुलिस ने कहा कि शिवाजी पार्क एक घोषित शांत क्षेत्र है, जो आवासीय क्षेत्रों से घिरा हुआ है, जिससे ध्वनि प्रदूषण को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा होती हैं। इसके अलावा, अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से भारी यातायात जाम होने और आसपास स्थित कई प्रमुख अस्पतालों के लिए आपातकालीन वाहनों (जैसे एम्बुलेंस) की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। आयोजक को मुंबई में अन्य वैकल्पिक स्थानों की तलाश करने की सलाह देते हुए पुलिस ने कहा कि यदि किसी अन्य स्थान के लिए नया आवेदन प्रस्तुत किया जाता है, तो सक्षम प्राधिकार लागू नियमों और विनियमों के अनुसार उस पर विचार करेगा। कॉजपा ने पहले घोषणा की थी कि वह मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर निर्वाचन आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिवाजी पार्क से राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ यह लामबंदी एक समाचार रिपोर्ट के बाद सामने आई है, जिसमें कहा गया था कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने एसआईआर से संबंधित निर्णयों और आदेशों पर कई अवसरों पर आपत्तियाँ जताई थीं। हालांकि, निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतभेद और अलग-अलग विचार संस्थागत चर्चाओं का एक सामान्य हिस्सा हैं, और उसके सभी आदेशों को पूर्ण कानूनी मान्यता प्राप्त है और वे वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हैं।
असम पुलिस की हिरासत से छूटे कॉकरोच के आशुतोष रांका, क्यों कहा- सॉरी शक्तिमान
कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संस्थापक आशुतोष रांका रविवार को असम पुलिस की हिरासत से छूट गए। इसको लेकर उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया। आशुतोष ने लिखा कि असम पुलिस की गैरकानूनी हिरासत खत्म हो गई।
देश भर में डिजिटल पेमेंट की रीढ़ बन चुके यूपीआई (UPI) के कमर्शियल मर्चेंट ट्रांजैक्शंस पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर खुदरा व्यापारियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA) ने आगामी 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर देशव्यापी 'नो यूपीआई डे' (No UPI Day) मनाने की घोषणा की है। इस दिन देश भर के लाखों मोबाइल रिटेलर्स अपनी दुकानों पर लगे फोनपे, गूगल पे, पेटीएम और भारतपे जैसे सभी यूपीआई क्यूआर कोड्स (QR Codes) को काले कपड़े से ढककर सांकेतिक विरोध दर्ज कराएंगे और दिन भर किसी भी ग्राहक से यूपीआई के जरिए भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे। यह विरोध 15 अक्टूबर से लागू होने वाले उस नए नियम के खिलाफ है, जिसमें 2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क लगाने का प्रस्ताव किया गया है।2 अक्टूबर को क्यूआर कोड क्यों ढक रहे हैं मोबाइल रिटेलर्स?एसोसिएशन के अनुसार, यह कदम सरकार या डिजिटल इंडिया के खिलाफ नहीं, बल्कि कम मार्जिन पर काम करने वाले खुदरा व्यापारियों की आजीविका को बचाने का एक शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध है।काले कपड़े से ढकेंगे क्यूआर कोड: 2 अक्टूबर को मोबाइल स्टोर्स पर क्यूआर स्टैंड्स को काले कपड़े से कवर किया जाएगा, ताकि ग्राहकों और सरकार का ध्यान इस नए वित्तीय बोझ की ओर आकर्षित किया जा सके।नकद और कार्ड से ही होगा काम: इस एक दिन के लिए मोबाइल फोन विक्रेता केवल कैश (नकदी) या पारंपरिक माध्यमों से ही भुगतान लेंगे, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि यदि डिजिटल भुगतान महंगा हुआ, तो व्यापारी पुनः नकदी की ओर लौटने को मजबूर हो जाएंगे।15 अक्टूबर से क्या बदलने वाला है: 0.4% MDR का पूरा गणितनए भुगतान फ्रेमवर्क के तहत, 15 अक्टूबर से ₹2,000 से ऊपर के कमर्शियल पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) ट्रांजैक्शंस पूरी तरह निःशुल्क नहीं रहेंगे:0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट: ₹2,000 से अधिक की खरीदारी पर मर्चेंट को 0.4 प्रतिशत का शुल्क चुकाना होगा। उदाहरण के लिए, यदि ग्राहक ₹5,000 का स्मार्टफोन एक्सेसरी खरीदता है तो दुकानदार को ₹20 कटेंगे। यदि ₹50,000 का फोन खरीदा जाता है, तो दुकानदार के खाते से सीधे ₹200 का एमडीआर काट लिया जाएगा।अधिकतम सीमा (Cap): ₹75,000 या उससे अधिक के किसी भी बड़े बिल पर एमडीआर की अधिकतम सीमा ₹300 तय की गई है।छोटे वेंडर्स सुरक्षित: महीने में ₹1 लाख तक का टर्नओवर लेने वाले छोटे रेहड़ी-पटरी वालों और किराना दुकानदारों (P2PM श्रेणी) तथा आम नागरिकों के आपसी ट्रांसफर (P2P) पर कोई चार्ज नहीं लगेगा।मोबाइल विक्रेताओं का तर्क: स्मार्टफोन रिटेल में मार्जिन पहले से ही बेहद कममोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भेजे अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि मोबाइल फोन बिक्री का बिजनेस बहुत पतले ग्रॉस मार्जिन (2% से 4%) पर चलता है:सीधा मासिक नुकसान: यदि एक सामान्य छोटा दुकानदार महीने में 5 लाख से 30 लाख रुपये का फोन स्टॉक यूपीआई से बेचता है, तो उसे ₹2,000 से लेकर ₹12,000 प्रति माह का शुद्ध नुकसान केवल एमडीआर शुल्क के रूप में उठाना पड़ेगा।सालाना 500 करोड़ का बोझ: एसोसिएशन का अनुमान है कि 0.4% का यह मामूली दिखने वाला शुल्क देश भर के मोबाइल दुकानदारों पर सालाना लगभग 500 करोड़ रुपये का असहनीय वित्तीय बोझ डाल देगा।'जीरो एमडीआर' की मांग: रिटेलर्स की साफ मांग है कि यदि डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देना है, तो यूपीआई मर्चेंट भुगतानों को हमेशा की तरह 0% एमडीआर के दायरे में ही रखा जाना चाहिए।सरकार और वित्त मंत्रालय का पक्ष: आम जनता की जेब से नहीं कटेगा पैसाइस विवाद के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और बैंकिंग तंत्र ने साफ किया है कि यह शुल्क कोई सरकारी टैक्स या सेस नहीं है और इसका पैसा भारत सरकार के खजाने में नहीं जाएगा। यह पेमेंट इकोसिस्टम (जैसे अधिग्रहणकर्ता बैंक, ग्राहक का बैंक और यूपीआई नेटवर्क प्रदाता) के बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए तय की गई सेवा लागत है। सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि इसका भार अंतिम उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाएगा।हालांकि, मोबाइल रिटेलर्स का कहना है कि दुकानदारों के मार्जिन से पैसा कटना सीधे तौर पर उनके मुनाफे पर चोट है, जिसके चलते 2 अक्टूबर को 'नो यूपीआई डे' के जरिए वे अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
रसोई गैस का उपयोग करने वाले देश के 30 करोड़ से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 1 अक्टूबर से एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग, सब्सिडी और डिलीवरी से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने सरकारी सब्सिडी के दुरुपयोग, कमर्शियल इस्तेमाल और फर्जी गैस कनेक्शनों पर पूरी तरह नकेल कसने के लिए नए दिशा-निर्देश अनिवार्य कर दिए हैं। यदि आपने अभी तक अपने गैस कनेक्शन की अनिवार्य बायोमेट्रिक ई-केवाईसी पूरी नहीं की है या नए बुकिंग नियमों की जानकारी नहीं रखी है, तो 1 अक्टूबर से आपकी सब्सिडी रुक सकती है और रिफिल बुकिंग में गंभीर अड़चनें आ सकती हैं। त्योहारों के सीजन में गैस चूल्हा ठंडा न पड़े, इसके लिए इन 5 बड़े बदलावों को समझना बेहद जरूरी है।1. बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (BAA/e-KYC) हुआ अनिवार्य1 अक्टूबर से लागू हो रहे नियमों में सबसे अहम बदलाव बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण की अनिवार्यता है। सरकार के अनुसार, घरेलू सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर का फायदा केवल वास्तविक और पात्र परिवारों तक पहुंचे, इसके लिए प्रत्येक कनेक्शन को उपभोक्ता के आधार बायोमेट्रिक से लिंक करना अनिवार्य कर दिया गया है। देश में लगभग 90 प्रतिशत सक्रिय उपभोक्ता यह सत्यापन पूरा करा चुके हैं। जिन उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी अभी भी लंबित है, उनके लिए 1 अक्टूबर से सब्सिडी दर पर रिफिल बुकिंग की सुविधा तब तक रोक दी जाएगी जब तक वे अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं कर लेते।2. ई-केवाईसी न कराने पर रुकेगी सब्सिडी, चुकाना होगा पूरा बाजार भावजिन उपभोक्ताओं ने 30 सितंबर तक अपना बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा नहीं कराया है, उनका गैस कनेक्शन काटा नहीं जाएगा, लेकिन उन्हें मिलने वाली प्रति सिलेंडर सरकारी सब्सिडी बंद कर दी जाएगी। ऐसे उपभोक्ताओं को नॉन-सब्सिडी श्रेणी में डालकर केवल मार्केट रेट (पूरी बाजार कीमत) पर ही सिलेंडर दिया जाएगा। यदि कोई उपभोक्ता ई-केवाईसी कराने में असमर्थ या अनिच्छुक है, तो उसे तेल कंपनियों के पोर्टल पर घोषणा दर्ज करनी होगी और उसे बिना सब्सिडी के केवल 5 या 10 किलोग्राम के छोटे सिलेंडर ही उपलब्ध कराए जाएंगे।3. बुकिंग इंटरवल में बदलाव: अब 25 दिन का समान नियमसरकार ने दो सिलेंडर बुकिंग के बीच के अनिवार्य समयांतराल (Booking Interval Gap) के नियमों को भी एक समान कर दिया है। पहले जहां ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद दूसरी रिफिल बुक कराने के लिए 45 दिन का लंबा इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब देश भर के सभी शहरी और ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए यह अवधि घटाकर एक समान 25 दिन कर दी गई है। यानी पिछला सिलेंडर घर पहुंचने के ठीक 25 दिन पूरे होने के बाद ही सिस्टम अगले सिलेंडर की बुकिंग स्वीकार करेगा, जिससे ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लगेगी।4. डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) के बिना नहीं मिलेगा सिलेंडरसुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए 'डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड' (DAC) प्रणाली को और सख्त कर दिया गया है। जब भी कोई ग्राहक अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से रिफिल बुक करेगा, तो उसके मोबाइल पर 4 या 6 अंकों का एक यूनिक डीएसी (DAC) कोड एसएमएस के जरिए भेजा जाएगा। जब डिलीवरी बॉय आपके घर सिलेंडर लेकर पहुंचेगा, तो उसे यह कोड बताना अनिवार्य होगा। डिलीवरी पर्सन अपनी मोबाइल मशीन में कोड दर्ज करेगा, तभी डिलीवरी सफल मानी जाएगी। किसी अन्य व्यक्ति या गलत पते पर सिलेंडर पहुंचाने की हेराफेरी रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।5. 1 अक्टूबर को जारी होंगी नई कीमतें, फर्जी कनेक्शन होंगे ब्लॉकहर महीने की पहली तारीख की तरह 1 अक्टूबर को भी अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और गैस की दरों के आधार पर घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के संशोधित दाम घोषित किए जाएंगे। इसके साथ ही, तेल कंपनियां नए डेटाबेस की मदद से एक ही नाम, एक ही पते या फर्जी आधार पर चल रहे डुप्लीकेट और अवैध कनेक्शनों को चिन्हित कर स्थायी रूप से ब्लॉक करने की कार्रवाई शुरू कर रही हैं।घर बैठे या डिलीवरी के समय कैसे पूरी करें बायोमेट्रिक e-KYC?उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए तेल कंपनियों ने ई-केवाईसी की प्रक्रिया को बेहद आसान और तीन अलग-अलग विकल्पों के साथ उपलब्ध कराया है:घर बैठे मोबाइल ऐप से: गूगल प्ले स्टोर से अपनी गैस एजेंसी का ऐप (जैसे Indane का IndianOil ONE, Bharatgas का HelloBPCL या HP Gas का HP Pay) डाउनलोड करें। साथ ही यूआईडीएआई का 'Aadhaar FaceRD' ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में लॉगिन कर 'Aadhaar e-KYC' विकल्प पर जाएं और कैमरे के सामने पलकें झपकाकर फेस-ऑथेंटिकेशन के जरिए ई-केवाईसी पूरी करें।सिलेंडर डिलीवरी के समय: जब डिलीवरी बॉय आपके घर रिफिल देने आए, तो आप उसके पास मौजूद पीओएस (POS) मशीन या कंपनी के आधिकारिक मोबाइल ऐप से अपने फिंगरप्रिंट या चेहरे का स्कैन कराकर मौके पर ही सत्यापन करा सकते हैं।गैस एजेंसी जाकर: आप अपने मूल आधार कार्ड और गैस पासबुक के साथ अपनी नजदीकी गैस एजेंसी/डिस्ट्रीब्यूटर के दफ्तर जाकर बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाकर 2 मिनट में ई-केवाईसी करा सकते हैं।असुविधा और वित्तीय नुकसान से बचने के लिए 1 अक्टूबर से पहले अपने कनेक्शन की ई-केवाईसी स्थिति की जांच MyLPG.in पोर्टल पर जाकर अवश्य कर लें।
लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन यानी बड़ा फंड बनाने की बात आते ही भारतीय खुदरा निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि अनुशासित तरीके से म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) करें या फिर सीधे चुनिंदा मजबूत कंपनियों के शेयर (Direct Stocks) खरीदकर पोर्टफोलियो बनाएं।दोनों ही रास्तों की अपनी खूबियां और जोखिम हैं। जहां म्यूचुअल फंड पेशेवर फंड मैनेजर के अनुभव और डायवर्सिफिकेशन के साथ स्थिर कंपाउंडिंग देते हैं, वहीं सही शेयरों का चुनाव असाधारण (Multibagger) रिटर्न देकर दौलत को कई गुना तेजी से बढ़ा सकता है। लेकिन 20 साल की लंबी अवधि में ₹5,000 प्रति माह के निवेश पर कौन सा विकल्प असली वेल्थ बनाएगा, इसे ठोस वित्तीय गणित और आंकड़ों से समझना जरूरी है।20 साल बाद कॉर्पस का पूरा कैलकुलेशन: समझिए चक्रवृद्धि का अंतरयदि आप हर महीने ₹5,000 का निवेश लगातार 20 वर्षों (240 महीनों) तक जारी रखते हैं, तो आपकी जेब से जाने वाली कुल मूल राशि होगी:$$ ext{कुल निवेश} = ₹5,000 imes 240 = ₹12,00,000 ext{ (12 लाख रुपये)}$$परिदृश्य 1: इंडेक्स / डाइवर्सिफाइड म्यूचुअल फंड SIP (13% औसत रिटर्न)भारत के ब्रॉड मार्केट इंडेक्स (जैसे Nifty 50 या Nifty 500) और अच्छे एक्टिव फ्लेक्सी-कैप फंड्स ने ऐतिहासिक रूप से 12% से 14% के बीच सीएजीआर (CAGR) दिया है।अनुमानित वार्षिक रिटर्न: 13%20 साल बाद कुल वेल्थ: ₹57,28,980 (लगभग ₹57.3 लाख)शुद्ध वेल्थ गेन (मुनाफा): ₹45,28,980परिदृश्य 2: डायरेक्ट इक्विटी पोर्टफोलियो (16% औसत रिटर्न)यदि कोई निवेशक बैलेंस शीट, कैश फ्लो और बिजनेस मोटो को समझकर 10-15 दिग्गज लार्ज और मिड-कैप कंपनियों का पोर्टफोलियो बनाकर टिके रहता है:अनुमानित वार्षिक रिटर्न: 16%20 साल बाद कुल वेल्थ: ₹87,41,600 (लगभग ₹87.4 लाख)शुद्ध वेल्थ गेन (मुनाफा): ₹75,41,600अंतर का असर: मात्र 3% के अतिरिक्त रिटर्न से 20 साल के अंत में कुल कॉर्पस में ₹30.12 लाख से अधिक का सीधा फासला बन जाता है।दोनों विकल्पों की विस्तृत तुलना: रिस्क, रिटर्न और मेहनतपैरामीटरम्यूचुअल फंड SIPडायरेक्ट स्टॉक्स (सीधे शेयर)अनुमानित ऐतिहासिक रिटर्न12% – 14% CAGR15% – 20% CAGR (सफल चुनाव पर)पोर्टफोलियो रिस्कमध्यम (40-60 कंपनियों में बंटा)उच्च (गलत शेयर चुनने पर पूंजी घटने का खतरा)समय और शोध की जरूरतनगण्य (फंड मैनेजर संभालता है)अत्यधिक (तिमाही नतीजे, बैलेंस शीट, सेक्टर ट्रैकिंग)लागत (Expense Ratio)0.5% – 1.5% सालानाकेवल ब्रोकरेज, एसटीटी व डीपी चार्जअनुशासन और साइकोलॉजीऑटो-डेबिट के जरिए आसानबाजार की गिरावट में घबराहट (Panic Selling) का भारी जोखिमशुरुआती पूंजी का फैलाव₹5,000 में ही 50 कंपनियों का एक्सपोजर₹5,000 में महंगे शेयर (जैसे MRF, पेज इंडस्ट्रीज) के 1 शेयर भी नहीं आतेडायरेक्ट स्टॉक्स में क्या हैं सबसे बड़ी जमीनी चुनौतियां?कागजों पर 16% या 18% का रिटर्न बेहद आकर्षक लगता है, लेकिन ₹5,000 प्रति माह से सीधे शेयर खरीदने में खुदरा निवेशकों के सामने तीन बड़ी अड़चनें आती हैं:डायवर्सिफिकेशन की सीमा: हर महीने मात्र ₹5,000 में 10-12 अलग-अलग मजबूत कंपनियों के शेयर एक साथ खरीद पाना संभव नहीं होता। इसके चलते शुरुआती वर्षों में पोर्टफोलियो 1 या 2 शेयरों पर ही केंद्रित रह जाता है।बिहेवियरल रिस्क (मनोवैज्ञानिक दबाव): जब बाजार में 20-30% का बड़ा करेक्शन आता है, तो सीधे खरीदे गए शेयरों की कीमत 40-50% तक गिर जाती है। पर्याप्त अनुभव न होने पर अधिकांश खुदरा निवेशक निचले स्तरों पर शेयर बेचकर भारी नुकसान उठा लेते हैं।कंपनियों का पतन: पिछले 20 सालों का इतिहास गवाह है कि कई शीर्ष कंपनियां (जैसे रिलायंस कम्युनिकेशंस, यस बैंक, डीएचएफएल, यूनिटेक) बाजार से साफ हो गईं। यदि आपके पोर्टफोलियो का कोई बड़ा हिस्सा ऐसे शेयर में फंस गया, तो कंपाउंडिंग का गणित बिगड़ जाता है।म्यूचुअल फंड SIP क्यों बन जाता है सुरक्षित वेल्थ क्रिएटर?प्रोफेशनल वेल्थ मैनेजमेंट: आपके ₹5,000 के छोटे निवेश को सेबी-पंजीकृत फंड मैनेजर और पूरी रिसर्च एनालिस्ट टीम ट्रैक करती है।ऑटो-रीबैलेंसिंग: यदि किसी कंपनी के फंडामेंटल खराब होते हैं, तो फंड मैनेजर उसे तुरंत पोर्टफोलियो से बाहर कर अच्छी कंपनी को शामिल कर लेता है।रुपी कॉस्ट एवरेजिंग: जब बाजार गिरता है तो आपको ज्यादा एनएवी यूनिट्स मिलती हैं, और जब बाजार चढ़ता है तो पोर्टफोलियो की वैल्यू तेजी से बढ़ती है।20 साल में असली धनवान बनने का सबसे सटीक फॉर्मूलायदि आपके पास वित्तीय बाजारों का गहरा ज्ञान नहीं है और आप रोजाना कंपनियों की खबरें व बैलेंस शीट नहीं पढ़ सकते, तो म्यूचुअल फंड एसआईपी आपके लिए सबसे सुरक्षित, तनावमुक्त और सुनिश्चित वेल्थ क्रिएटर साबित होगा।एक समझदारी भरी रणनीति यह हो सकती है:80% कोर पोर्टफोलियो (₹4,000/माह): 1 निफ्टी 50 इंडेक्स फंड और 1 फ्लेक्सी-कैप एक्टिव फंड में SIP करें।20% सैटेलाइट पोर्टफोलियो (₹1,000/माह): इस बची हुई राशि से अपनी समझ की 2-3 दिग्गज कंपनियों के शेयर सीधे खरीदें, ताकि आप बाजार को प्रैक्टिकली सीख भी सकें और कोर पूंजी सुरक्षित भी रहे।
भारतीय कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (Consumer Durables) और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग आने वाले वर्षों में अभूतपूर्व विकास के नए दौर में प्रवेश करने जा रहा है। उद्योग विश्लेषकों और हालिया बाजार अध्ययन रिपोर्टों के अनुसार, देश का कंज्यूमर ड्यूरेबल्स बाजार साल 2030 तक लगभग 10 से 11 प्रतिशत की मजबूत सालाना चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़ते हुए ₹3.25 लाख करोड़ (लगभग 38 से 40 अरब डॉलर) के विशाल आकार तक पहुंचने का अनुमान है।बढ़ती प्रति व्यक्ति आय, तेजी से होता शहरीकरण, बिजली की सुलभता और टियर-2 तथा टियर-3 शहरों में होम अप्लायंसेज की बढ़ती स्वीकार्यता ने इस सेक्टर को भारतीय मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल का सबसे तेज इंजन बना दिया है।बाजार में इस बड़ी छलांग के पीछे के मुख्य विकास चालक (Growth Drivers)भारतीय परिवारों की प्राथमिकताओं में आए संरचनात्मक बदलाव के कारण एयर कंडीशनर (AC), रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन और स्मार्ट टीवी अब विलासिता के साधन न रहकर बुनियादी दैनिक आवश्यकता बन चुके हैं। बाजार के इस तेज विस्तार को निम्नलिखित कारक गति दे रहे हैं:प्रीमियम और स्मार्ट अप्लायंसेज का बढ़ता क्रेज: भारतीय उपभोक्ता अब केवल बुनियादी फीचर्स वाले सस्ते मॉडल नहीं खोज रहे, बल्कि वे ऊर्जा-कुशल (5-स्टार इन्वर्टर), आईओटी-सक्षम (IoT-enabled) और एआई-संचालित स्मार्ट उपकरणों के लिए अतिरिक्त खर्च करने को तैयार हैं।आसान उपभोक्ता ऋण (Easy Consumer Financing): नो-कॉस्ट ईएमआई (No-Cost EMI), 'बाय नाउ पे लेटर' (BNPL) और क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाले आसान विकल्पों ने मध्यम और निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए 30,000 से 60,000 रुपये तक के बड़े उपकरण खरीदना बेहद सुलभ बना दिया है।टियर-2, 3 और ग्रामीण बाजारों का उभार: मेट्रो शहरों में बाजार परिपक्वता (Saturation) की ओर बढ़ रहा है, जबकि गैर-महानगरीय कस्बों और ग्रामीण भारत में पैठ (Penetration Rate) अभी भी वैश्विक औसत से काफी कम है। ग्रामीण विद्युतीकरण और जल जीवन मिशन जैसी पहलों ने इन इलाकों में वाशिंग मशीन और फ्रिज की मांग को अप्रत्याशित बढ़ावा दिया है।जलवायु परिवर्तन और गर्मी के रिकॉर्ड: भारत में लंबे होते ग्रीष्मकाल और भीषण लू के दौर के चलते एयर कंडीशनर की मांग मौसमी न रहकर लगभग 8-9 महीने की नियमित जरूरत बन चुकी है।सरकारी नीतियां और 'मेक इन इंडिया': आयात निर्भरता से निर्यात का सफरघरेलू उत्पादन को सशक्त करने के लिए भारत सरकार की नीतियां इस बाजार को आत्मनिर्भर बनाने में रीढ़ की हड्डी साबित हुई हैं:उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (PLI Scheme): व्हाइट गुड्स (मुख्य रूप से एयर कंडीशनर और एलईडी लाइट्स) के लिए लाई गई पीएलआई योजना के तहत अरबों रुपये का नया पूंजीगत निवेश आया है। पहले जहां कंप्रेसर, कॉपर ट्यूबिंग और पीसीबीए (PCBA) जैसे महत्वपूर्ण पुर्जों के लिए देश पूरी तरह चीन या दक्षिण-पूर्व एशिया पर निर्भर था, वहीं अब इनका स्थानीय विनिर्माण 50 से 60 प्रतिशत तक बढ़ चुका है।वैश्विक निर्यात का हब बनने की तैयारी: घरेलू मांग पूरी करने के साथ-साथ वोल्टास, डिक्सन टेक्नोलॉजीज, हैवेल्स, एलजी इंडिया और सैमसंग जैसी कंपनियां भारत को मध्य पूर्व, अफ्रीका और सार्क देशों के लिए एक वैश्विक निर्यात आधार (Export Hub) के रूप में विकसित कर रही हैं।किस उत्पाद श्रेणी में दिखेगी सबसे तेज बढ़ोतरी?2030 तक 3.25 लाख करोड़ रुपये के इस लक्ष्य में अलग-अलग श्रेणियों की हिस्सेदारी तेजी से बदल रही है:एयर कंडीशनर (RAC): इस श्रेणी में 14 से 16 प्रतिशत की सर्वाधिक सालाना वृद्धि दर दर्ज किए जाने का अनुमान है। वर्तमान में भारत में एसी की घरेलू पैठ महज 8 से 9 प्रतिशत है, जो 2030 तक बढ़कर 18 से 20 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है।रेफ्रिजरेटर (Refrigerators): सिंगल डोर से फ्रॉस्ट-फ्री और साइड-बाय-साइड बड़े क्षमता वाले रेफ्रिजरेटर्स की ओर उपभोक्ताओं का माइग्रेशन तेजी से हो रहा है।वॉशिंग मशीन (Washing Machines): अर्ध-स्वचालित (Semi-Automatic) मशीनों के स्थान पर फुली-ऑटोमैटिक और फ्रंट-लोड मशीनों की मांग टियर-2 और टियर-3 शहरों में सबसे तेज रफ्तार से बढ़ रही है।स्मार्ट और कनेक्टेड होम एंटरटेनमेंट: बड़ी स्क्रीन वाले 4K/8K स्मार्ट टीवी और कनेक्टेड होम अप्लायंसेज घर-घर में मुख्यधारा का हिस्सा बन रहे हैं।ई-कॉमर्स बनाम ऑफलाइन रिटेल: ओमनीचैनल मॉडल की जीतरिपोर्ट के अनुसार, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की बिक्री में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स (Amazon, Flipkart) की हिस्सेदारी बढ़ी जरूर है, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक्स के मामले में 'टच एंड फील' अभी भी भारतीय खरीदार के लिए निर्णायक पहलू है। यही कारण है कि रिलायंस डिजिटल, क्रोमा, विजय सेल्स और स्थानीय मल्टी-ब्रांड शोरूम्स जैसे बड़े रिटेलर्स अब ओमनीचैनल (Omnichannel) मॉडल पर काम कर रहे हैं, जहां उपभोक्ता ऑनलाइन शोध करके स्टोर से व्यक्तिगत अनुभव और तत्काल डिलीवरी के साथ उत्पाद खरीद रहा है।कंज्यूमर ड्यूरेबल्स क्षेत्र का यह अभूतपूर्व विस्तार न केवल देश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि सेमीकंडक्टर पैकेजिंग, कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई चेन लॉजिस्टिक्स और आफ्टर-सेल्स सर्विस नेटवर्क में लाखों नए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।
देश भर के 100 करोड़ से अधिक प्रीपेड मोबाइल यूजर्स के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने प्रीपेड रिचार्ज प्लान्स के नियमों में ऐतिहासिक संशोधन करते हुए 'टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (13वां संशोधन) रेगुलेशंस, 2026' जारी कर दिया है। इस नए नियम के तहत अब टेलीकॉम कंपनियों (Jio, Airtel, Vi, BSNL) को 28 दिनों के कथित 'मंथली पैक' के बजाय पूरे 30 दिनों की वैलिडिटी वाले रिचार्ज प्लान और हर महीने की समान तारीख पर रिन्यू होने वाले स्पेशल टैरिफ वाउचर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने होंगे। इसका सीधा असर यह होगा कि उपभोक्ताओं को अब साल भर में 13 बार के बजाय केवल 12 बार ही मोबाइल रिचार्ज कराना पड़ेगा। संसद में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा द्वारा 28 दिन की वैलिडिटी के इस खेल के खिलाफ आवाज उठाए जाने के बाद ट्राई ने यह कड़ा कदम उठाया है।28 दिनों का गणित: कैसे एक साल में चुपके से कटता था 13वां रिचार्ज?लंबे समय से भारत की प्रमुख निजी टेलीकॉम कंपनियां अपने मंथली प्रीपेड प्लान्स में 30 या 31 दिन के बजाय महज 28 दिनों की वैधता देती आ रही थीं। आम उपभोक्ता इसे महीने का प्लान समझकर रिचार्ज कराता था, लेकिन इसके पीछे कंपनियों का एक बड़ा वित्तीय गणित छिपा था।एक वर्ष में 365 दिन होते हैं। यदि 365 दिनों को 28 दिन के चक्र से विभाजित किया जाए, तो कुल 13 चक्र बनते हैं और 1 दिन शेष बचता है ($$28 imes 13 = 364$$दिन)। यानी हर महीने के 2 से 3 दिन काटकर कंपनियां साल के अंत तक उपभोक्ता से अनजाने में एक अतिरिक्त महीने का यानी 13वां रिचार्ज वसूल लेती थीं। राघव चड्ढा ने संसद के उच्च सदन में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कहा था कि यह 125 करोड़ प्रीपेड ग्राहकों की जेब पर बिना उनकी जानकारी के डाला गया एक बड़ा अप्रत्यक्ष वित्तीय बोझ है। ट्राई के नए 30-दिवसीय और मासिक रिन्यूअल नियमों से अब उपभोक्ताओं को साल भर में सीधे-सीधे एक महीने के रिचार्ज की बचत होगी।राघव चड्ढा ने संसद में उठाया था मुद्दा, अब गिनाए फैसले के बड़े फायदेसंसद में आम जनता के इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाने वाले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने ट्राई और केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया और वीडियो संदेश के जरिए इसके बड़े फायदे गिनाए हैं:13 की जगह सिर्फ 12 रिचार्ज: अब ग्राहकों को 28 दिन के चक्र से मुक्ति मिलेगी और कैलेंडर वर्ष के अनुसार साल में सिर्फ 12 बार ही रिचार्ज कराना होगा।सस्ते वॉयस और SMS-ओनली प्लान: वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों और कम आय वर्ग के करोड़ों लोग ऐसे हैं जो सिर्फ फोन पर बात करने या ओटीपी/एसएमएस के लिए मोबाइल रखते हैं, उन्हें इंटरनेट डेटा की जरूरत नहीं होती। नए नियमों के बाद कंपनियों को बिना बंडल डेटा वाले सस्ते 'वॉयस + एसएमएस' स्पेशल टैरिफ वाउचर (STV) लॉन्च करने होंगे।सेकेंडरी सिम एक्टिव रखना होगा आसान: कई लोग एक से ज्यादा सिम कार्ड केवल बैंकिंग या पर्सनल नंबर के तौर पर एक्टिव रखते हैं। उन्हें जबरन 200-300 रुपये का महंगा डेटा पैक नहीं लेना पड़ेगा, बल्कि वे बहुत कम खर्च में सिम चालू रख सकेंगे।फिक्स्ड रिन्यूअल डेट: ग्राहकों को हर महीने एक निश्चित तारीख (जैसे हर महीने की 1 तारीख या बिलिंग डेट) पर रिन्यूअल का विकल्प मिलेगा, जिससे बार-बार रिचार्ज की तारीख याद रखने की झंझट खत्म होगी।ट्राई के 13वें संशोधन रेगुलेशन 2026 में क्या-क्या है खास?ट्राई द्वारा अधिसूचित नए फ्रेमवर्क में टेलीकॉम ऑपरेटरों के लिए कई कड़े दिशा-निर्देश तय किए गए हैं:30-डे वैलिडिटी अनिवार्य: टेलीकॉम कंपनियों को अपने टैरिफ बास्केट में 30 दिनों की स्पष्ट वैलिडिटी वाले वाउचर्स शामिल करने होंगे।मासिक रिन्यूअल वाउचर: एक ऐसा प्लान देना होगा जिसकी रिन्यूअल डेट हर महीने वही रहेगी जिस दिन पहली बार रिचार्ज किया गया था। यदि किसी महीने में वह तारीख नहीं है (जैसे 31 तारीख), तो वह उस महीने के अंतिम दिन रिन्यू होगा।कैलेंडर मंथ प्लान्स का विस्तार: बंडल डेटा प्लान के साथ-साथ केवल कॉलिंग वाले लंबी अवधि (जैसे 84 दिन या 365 दिन) के प्लान्स में भी वॉयस-ओनली विकल्प आनुपातिक रूप से कम कीमत पर उपलब्ध कराने होंगे।आम उपभोक्ताओं की जेब पर कितना पड़ेगा सकारात्मक असर?वर्तमान में एक सामान्य 28-दिवसीय प्रीपेड प्लान (जिसमें डेली 1.5GB डेटा और कॉलिंग मिलती है) की औसत कीमत लगभग 299 रुपये से 349 रुपये के बीच होती है। साल भर में 13 बार रिचार्ज कराने पर एक यूजर को औसतन लगभग 3,900 से 4,500 रुपये खर्च करने पड़ते थे। अब साल में केवल 12 रिचार्ज होने से सीधे तौर पर 300 से 350 रुपये की सालाना बचत होगी। वहीं ग्रामीण इलाकों में बुजुर्गों और सामान्य फीचर फोन उपयोगकर्ताओं के लिए वॉयस-ओनली प्लान आने से उनका मासिक टेलीकॉम खर्च 50 से 60 प्रतिशत तक घट जाएगा।ट्राई के इस सख्त फैसले से भारतीय टेलीकॉम बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्राहकों को अपनी वास्तविक जरूरत के मुताबिक ही भुगतान करने की पूरी आजादी मिलेगी।
एक ही गड्ढा, दो हादसे... रात में बस खाई में पलटी, सुबह कार भी गिरी-VIDEO
आजमगढ़-जौनपुर मार्ग पर एक ही जगह कुछ घंटों के भीतर दो वाहन हादसे का शिकार हो गए. शनिवार रात श्रद्धालुओं से भरी बस क्षतिग्रस्त सड़क के गड्ढे में जाकर खाई में पलट गई, जिसमें 13 लोग घायल हो गए. सुबह करीब 5:13 बजे उसी स्थान पर एक कार भी गड्ढे में जा गिरी. दोनों घटनाएं CCTV में कैद हुई हैं.
‘वोट चोरी’ केवल नतीजा नहीं, बल्कि उसके बाद का अहंकार भी लाती है : राहुल गांधी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली की भाजपा सरकार के एक मंत्री वीडियो में एक नौजवान को थप्पड़ मारते दिख रहे हैं। उसका गुनाह? वो वीडियो बना रहा था। मंत्री के सामने सड़क खोदकर दिखाई जा रही थी, और उसके हाथ में कैमरा था।
नौकरी बदलने या करियर में कुछ समय का ब्रेक लेने पर ज्यादातर कर्मचारी केवल अपने प्रोविडेंट फंड (PF) का बैलेंस ट्रांसफर करने या उसे निकालने पर ही ध्यान देते हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के एकीकृत पोर्टल पर लॉगिन करके पीएफ पासबुक का स्टेटस चेक करना और ऑनलाइन क्लेम फाइल करना अब बेहद आसान हो चुका है, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में 90 प्रतिशत से अधिक नौकरीपेशा लोग एक बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज को पूरी तरह नजरअंदाज कर देते हैं। इस दस्तावेज का नाम है 'स्कीम सर्टिफिकेट' (Scheme Certificate)।वित्तीय और पेंशन मामलों के विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय में यह एक कागज आपके पीएफ फंड से भी कहीं अधिक मूल्यवान साबित होता है। यदि आप नौकरी छोड़ रहे हैं, दूसरी कंपनी ज्वाइन करने में वक्त है या किसी कारणवश कुछ साल के लिए काम से ब्रेक ले रहे हैं, तो स्कीम सर्टिफिकेट न लेना आपके बुढ़ापे की पेंशन को हमेशा के लिए खतरे में डाल सकता है।क्या होता है EPFO का स्कीम सर्टिफिकेट (Scheme Certificate)?ईपीएफओ के तहत हर महीने आपकी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (DA) का 12 प्रतिशत हिस्सा ईपीएफ में कटता है, और इतनी ही राशि नियोक्ता (कंपनी) द्वारा दी जाती है। कंपनी के इस 12 प्रतिशत अंशदान में से 8.33 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना यानी ईपीएस (EPS - Employee Pension Scheme, 1995) में जाता है, जबकि शेष 3.67 प्रतिशत ईपीएफ में जुड़ता है।स्कीम सर्टिफिकेट ईपीएफओ द्वारा जारी किया जाने वाला एक आधिकारिक प्रमाणपत्र है, जो फॉर्म 10C के माध्यम से प्राप्त होता है। यह सर्टिफिकेट इस बात का पक्का कानूनी और प्रमाणित रिकॉर्ड होता है कि आपने कितने वर्षों और महीनों तक ईपीएस में योगदान दिया है। सरल शब्दों में कहें तो यह आपकी पेंशन सेवा अवधि (Pensionable Service Period) को सुरक्षित रखने वाली एक पासबुक है।नौकरी बदलने पर क्यों है यह पीएफ से भी ज्यादा जरूरी?जब आप एक कंपनी छोड़कर दूसरी कंपनी में जाते हैं, तो आमतौर पर ऑनलाइन पोर्टल से आपका पीएफ बैलेंस ट्रांसफर हो जाता है। लेकिन कई मामलों में—विशेष रूप से जब पिछली और नई कंपनी के ट्रस्ट अलग हों, बीच में सर्विस ब्रेक आ जाए, या आप तुरंत कोई नई नौकरी ज्वाइन न कर रहे हों—पेंशन का सर्विस रिकॉर्ड अधूरा रह जाता है।पेंशन के लिए 10 साल की अनिवार्य शर्त: ईपीएस नियमों के अनुसार, 58 वर्ष की आयु के बाद आजीवन मासिक पेंशन पाने के लिए किसी भी कर्मचारी का कुल सेवा काल (Total Service) कम से कम 10 वर्ष (120 महीने) होना अनिवार्य है।सर्विस पीरियड का क्लब होना: यदि आपने पहली कंपनी में 4 साल काम किया और दूसरी में 6 साल, तो इन दोनों अवधियों को जोड़ने के लिए पेंशन रिकॉर्ड का ट्रांसफर होना जरूरी है। स्कीम सर्टिफिकेट पिछली सर्विस को नई सर्विस के साथ जोड़ता है।रिकॉर्ड खोने से बचाव: यदि बीच में कंपनी बंद हो जाए या उसका रिकॉर्ड ईपीएफओ पोर्टल पर मिसमैच हो जाए, तो स्कीम सर्टिफिकेट आपके पास मौजूद ठोस कानूनी साक्ष्य होता है जिसके आधार पर ईपीएफओ आपकी पुरानी सर्विस को खारिज नहीं कर सकता।9.5 साल से कम और ज्यादा सर्विस पर क्या हैं नियम?ईपीएस नियमों के तहत नौकरी छोड़ने पर सर्विस की अवधि के आधार पर नियम पूरी तरह बदल जाते हैं:10 साल से कम की सेवा (Service Less than 9.5 Years): यदि आपकी कुल सेवा 9.5 साल से कम है और आप बेरोजगार हैं, तो आपके पास दो विकल्प होते हैं—या तो फॉर्म 10C भरकर पेंशन का पैसा एकमुश्त विड्रॉ (Withdraw) कर लें, या फिर 'स्कीम सर्टिफिकेट' ले लें। जानकारों की सलाह होती है कि कभी भी पेंशन का पैसा बीच में न निकालें, बल्कि स्कीम सर्टिफिकेट लें ताकि भविष्य में जब भी नई नौकरी लगे, यह अवधि अगली नौकरी में जुड़ सके और आप 10 साल की पात्रता पूरी कर सकें।10 साल से अधिक की सेवा (Service 10 Years or More): यदि आपकी कुल सेवा 10 साल पूरी हो चुकी है, तो नियम के तहत आप ईपीएस से पैसा निकाल ही नहीं सकते। ऐसी स्थिति में स्कीम सर्टिफिकेट लेना कानूनन अनिवार्य हो जाता है। यह सर्टिफिकेट इस बात की गारंटी देता है कि 50 या 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर आपको आजीवन पेंशन मिलेगी।परिवार और नॉमिनी के लिए सबसे बड़ा वित्तीय सुरक्षा कवचस्कीम सर्टिफिकेट केवल कर्मचारी के लिए ही नहीं, बल्कि उसके परिवार के लिए भी एक बड़ा ढाल है।यदि किसी कारणवश कर्मचारी के साथ कोई अनहोनी हो जाती है, तो वैध स्कीम सर्टिफिकेट होने पर उसके आश्रित जीवनसाथी (विधवा/विधुर पेंशन) और दो बच्चों (25 वर्ष की उम्र तक) को तुरंत पारिवारिक पेंशन (Family Pension) मिलने लगती है। यदि कर्मचारी ने नौकरी छोड़ने के बाद पेंशन का पैसा निकाल लिया होता और नई नौकरी में सर्विस नहीं जोड़ी होती, तो परिवार इस आजीवन सुरक्षा कवच से पूरी तरह वंचित रह जाता।स्कीम सर्टिफिकेट के लिए कैसे करें आवेदन?स्कीम सर्टिफिकेट प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित है और इसे ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यमों से लिया जा सकता है:फॉर्म 10C का उपयोग: ईपीएफओ के एकीकृत सदस्य सेवा पोर्टल (Member Portal) पर जाएं।ऑनलाइन क्लेम: 'Online Services' टैब के तहत 'Claim (Form-31, 19, 10C & 10D)' पर क्लिक करें।विकल्प का चयन: जब फॉर्म 10C का चयन करें, तो 'Withdrawal Benefit' चुनने के बजाय 'Scheme Certificate' का विकल्प चुनें।दस्तावेज: अपने बैंक खाते का कैंसिल्ड चेक, सर्विस हिस्ट्री और परिवार/नॉमिनी का विवरण सबमिट करें।सर्टिफिकेट प्राप्ति: सत्यापन के बाद संबंधित क्षेत्रीय ईपीएफओ कार्यालय द्वारा आपके पंजीकृत पते पर भौतिक सर्टिफिकेट भेजा जाता है या पोर्टल से डिजिटल रूप से जारी किया जाता है।नई कंपनी में ज्वाइन करते समय आपको केवल इस स्कीम सर्टिफिकेट का नंबर और कॉपी नए एचआर को देनी होती है, जिससे आपकी पुरानी पेंशन सेवा बिना किसी रुकावट के नए यूएएन (UAN) खाते से सीधे जुड़ जाती है।
बेंगलुरु में इंडिगो के एयरबस A321 विमान में 'गो-अराउंड' के दौरान टेल स्ट्राइक की घटना सामने आई, हालांकि दूसरी कोशिश में विमान सुरक्षित उतर गया।
दशहरा, धनतेरस और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों से ठीक पहले घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स सामान खरीदने की योजना बना रहे आम उपभोक्ताओं को महंगाई का बड़ा झटका लगने जा रहा है। देश की प्रमुख कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माता कंपनियों ने 1 अक्टूबर से एयर कंडीशनर (AC), टेलीविजन (Smart TV), वॉशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर की कीमतों में 5 से 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। आमतौर पर त्योहारी सीजन में कंपनियां आकर्षक डिस्काउंट, ऑफर्स और ईएमआई स्कीम्स पेश करती हैं, लेकिन इस बार इनपुट लागत में भारी उछाल और लॉजिस्टिक्स खर्च बढ़ने की वजह से कंपनियों को अपनी कीमतें बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे में त्योहारों के दौरान नए अप्लायंसेज खरीदकर घर को अपग्रेड करने वाले मध्यमवर्गीय परिवारों के बजट पर इसका सीधा असर पड़ना तय है।कच्चे माल की कीमतों में जबरदस्त उछाल और सप्लाई चेन का संकटइलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों के महंगे होने के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रमुख बुनियादी कच्चे माल की कीमतों में आई भारी तेजी है।धातुओं के भाव रिकॉर्ड स्तर पर: टीवी, एसी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन के निर्माण में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले कॉपर (तांबा), एल्युमिनियम और स्टील के वैश्विक दामों में पिछले कुछ महीनों में 15 से 20 प्रतिशत तक का उछाल दर्ज किया गया है।कंप्रेसर और मोटर की लागत बढ़ी: एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर में इस्तेमाल होने वाले कंप्रेसर तथा वॉशिंग मशीन की मोटरों में तांबे की भारी खपत होती है, जिससे उपकरणों के इन मुख्य पुर्जों की निर्माण लागत सीधे तौर पर बढ़ गई है।ओपन-सेल और डिस्प्ले पैनल्स महंगे: स्मार्ट टीवी की कुल लागत का लगभग 60 से 65 प्रतिशत हिस्सा उसके डिस्प्ले पैनल (Open-Cell) का होता है। वैश्विक स्तर पर पैनल निर्माताओं द्वारा उत्पादन में कटौती और आपूर्ति बाधित होने के चलते ओपन-सेल के आयात मूल्य में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है।समुद्री भाड़ा और लॉजिस्टिक्स लागत में कई गुना इजाफाकच्चे माल के अलावा अंतरराष्ट्रीय माल ढुलाई (Global Shipping & Freight Rates) में आया भारी उछाल भी कीमतों में आग लगाने का बड़ा कारण बना है।कंटेनर दरों में तेजी: भू-राजनीतिक तनावों और वैश्विक व्यापारिक जलमार्गों में सुरक्षा जोखिमों के चलते कंटेनर शिपिंग चार्ज पिछले कुछ महीनों में दो से तीन गुना तक बढ़ गए हैं।आयात निर्भरता का असर: हालांकि भारत में 'मेक इन इंडिया' के तहत असेंबलिंग बढ़ी है, लेकिन सेमीकंडक्टर चिप्स, हाई-एंड डिस्प्ले और एडवांस इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के लिए घरेलू कंपनियां अभी भी चीन, ताइवान, दक्षिण कोरिया और वियतनाम जैसे देशों से होने वाले आयात पर निर्भर हैं। माल ढुलाई का यह अतिरिक्त खर्च कंपनियां सीधे तौर पर अंतिम ग्राहकों की जेब पर डालने जा रही हैं।किस उपकरण पर कितना बढ़ेगा दाम: संभावित बजट का गणित1 अक्टूबर से लागू होने वाले नए मूल्य निर्धारण के तहत विभिन्न श्रेणियों के उपकरणों पर 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की अतिरिक्त वृद्धि देखने को मिल सकती है:स्मार्ट टीवी (Smart TV): 32-इंच के बजट मॉडल्स में 800 से 1,500 रुपये तक और 43-इंच से लेकर 55-इंच व उससे बड़े 4K टीवी मॉडल्स की कीमतों में 2,500 से 4,500 रुपये तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है।एयर कंडीशनर (AC): स्प्लिट और इन्वर्टर एसी की कीमतों में 5 से 8 प्रतिशत का इजाफा हो सकता है, जिससे प्रति यूनिट 1,500 से 3,000 रुपये तक का अंतर आएगा।रेफ्रिजरेटर (Refrigerator): सिंगल डोर फ्रिज में 800 से 1,200 रुपये और डबल-डोर या फ्रॉस्ट-फ्री मॉडल्स में 2,000 से 3,500 रुपये तक का इजाफा देखा जा सकता है।वॉशिंग मशीन (Washing Machine): सेमी-ऑटोमैटिक और फुली-ऑटोमैटिक वॉशिंग मशीनों की कीमतों में 1,000 से 2,500 रुपये तक की बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।कंपनियों का रुख: मार्जिन बचाने के लिए दाम बढ़ाना मजबूरीएलजी (LG), सैमसंग (Samsung), वोल्टास (Voltas), डाइकिन (Daikin), पैनासोनिक (Panasonic) और हायर (Haier) जैसी प्रमुख कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि वे पिछले कई महीनों से बढ़ी हुई इनपुट लागत का बोझ खुद वहन कर रहे थे ताकि मांग बनी रहे। लेकिन अब कच्चे माल और शिपिंग लागत का दबाव इतना अधिक हो चुका है कि मार्जिन को सुरक्षित रखने के लिए कीमतों में संशोधन करना अपरिहार्य हो गया है।कंपनियों का यह भी कहना है कि वे त्योहारी सीजन को देखते हुए आक्रामक बैंक कैशबैक, नो-कॉस्ट ईएमआई और एक्सचेंज ऑफर्स के जरिए ग्राहकों को आकर्षित करने की कोशिश करेंगी, लेकिन बेस प्राइस में इजाफे का असर अंतिम बिल पर जरूर झलकेगा।ग्राहकों के लिए सलाह: क्या 1 अक्टूबर से पहले खरीदारी करना सही कदम है?बाजार विशेषज्ञों और खुदरा विक्रेताओं का मानना है कि यदि किसी परिवार ने इस त्योहारी सीजन में टीवी, फ्रिज, एसी या वॉशिंग मशीन खरीदने की पक्की योजना बना रखी है, तो 1 अक्टूबर से पहले चल रहे स्टॉक पर खरीदारी कर लेना वित्तीय रूप से समझदारी भरा कदम हो सकता है। फिलहाल रिटेल स्टोर्स और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर पुराना इनवेंटरी स्टॉक मौजूद है, जो पुरानी कीमतों पर ही उपलब्ध है। मूल्य वृद्धि प्रभावी होने से पहले खरीदारी करके उपभोक्ता 2,000 से 5,000 रुपये तक की सीधी बचत कर सकते हैं।
ऐसा क्या हुआ कि लैंड करते ही रनवे से टकरा गया इंडिगो विमान? बाल-बाल बचे यात्री
इंडिगो का एक विमान लैंडिंग के दौरान रनवे से टकरा गया. ये हादसा बेंगलुरु के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुआ. गनीमत रही कि दुर्घटना में किसी को कोई चोट नहीं आई.
विदेश यात्रा की योजना बनाना जितना रोमांचक और सुखद अनुभव होता है, उतनी ही इसमें बारीक योजना और सतर्कता की आवश्यकता होती है। कई बार यात्री फ्लाइट टिकट और होटल बुकिंग के उत्साह में ऐसी छोटी-छोटी बुनियादी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो परदेस पहुंचते ही उनके पूरे ट्रिप का मजा किरकिरा कर देती हैं। दूसरे देश की धरती पर भाषा, मुद्रा, संस्कृति और कानूनी कायदे भारत से बिल्कुल अलग होते हैं। एक छोटी सी दस्तावेजी कमी या स्थानीय नियम की अनदेखी आपको एयरपोर्ट पर डिटेन करवा सकती है या भारी आर्थिक दंड का शिकार बना सकती है। यदि आप भी विदेश यात्रा की तैयारी कर रहे हैं, तो उड़ान भरने से पहले ये 10 गोल्डन टिप्स अच्छी तरह समझ लें, ताकि आपका अंतरराष्ट्रीय सफर सुरक्षित, तनावमुक्त और यादगार बन सके।पासपोर्ट की 6 महीने वाली वैधता और ब्लैंक पेज चेक करेंअंतरराष्ट्रीय उड़ानों का सबसे प्राथमिक और अनिवार्य नियम पासपोर्ट की वैधता है। दुनिया के अधिकांश देश (जैसे थाईलैंड, यूएई, सिंगापुर, यूरोपीय शेंगेन देश आदि) यह अनिवार्य शर्त रखते हैं कि आपके पासपोर्ट की एक्सपायरी डेट यात्रा की वापसी तिथि से कम से कम 6 महीने बाद की होनी चाहिए। यदि पासपोर्ट में 5 महीने या उससे कम की वैलिडिटी बची है, तो भारतीय हवाई अड्डे पर ही एयरलाइन स्टाफ आपको बोर्डिंग पास देने से मना कर देगा। इसके अलावा, पासपोर्ट में इमिग्रेशन स्टैंपिंग और वीजा स्टीकर के लिए कम से कम 2 से 3 खाली पन्ने (Blank Pages) होना आवश्यक है।व्यापक ट्रैवल इंश्योरेंस (Travel Insurance) कभी न छोड़ेंविदेश यात्रा के दौरान अक्सर लोग पैसे बचाने के चक्कर में ट्रैवल इंश्योरेंस नहीं लेते, जो सबसे बड़ी वित्तीय भूल साबित हो सकती है। अमेरिका, यूरोप या खाड़ी देशों में सामान्य चिकित्सकीय आपातकाल या अस्पताल में एक दिन का खर्च लाखों रुपये में बैठता है। एक व्यापक ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी मेडिकल इमरजेंसी, अस्पताल में भर्ती होने, फ्लाइट कैंसिलेशन, बैगेज गुम होने और पासपोर्ट खोने जैसी आपात स्थितियों में लाखों रुपये का वित्तीय सुरक्षा कवच प्रदान करती है। कई देशों (जैसे शेंगेन जोन) में वीजा के लिए न्यूनतम 30,000 यूरो का इंश्योरेंस अनिवार्य है।फॉरेक्स कार्ड बनाम कैश: 70:30 का स्मार्ट अनुपात अपनाएंविदेश में केवल भारतीय क्रेडिट या डेबिट कार्ड पर निर्भर रहना भारी पड़ सकता है, क्योंकि उन पर 3.5% से 5% तक का भारी फॉरेक्स मार्कअप चार्ज और डायनेमिक करेंसी कन्वर्जन (DCC) शुल्क कटता है।मल्टी-करंसी फॉरेक्स कार्ड: यात्रा से पहले बैंक या मान्यता प्राप्त फिनटेक कंपनियों से जीरो-फॉरेक्स मार्कअप वाला कार्ड लें। इसमें स्थानीय मुद्रा पहले से लॉक-इन रहती है, जिससे विनिमय दर में उतार-चढ़ाव का नुकसान नहीं होता।कैश रिजर्व: कुल बजट का लगभग 25 से 30 प्रतिशत हिस्सा हमेशा कैश (अमेरिकी डॉलर या स्थानीय मुद्रा) में रखें, क्योंकि स्ट्रीट वेंडर्स, छोटे टैक्सी चालक या सार्वजनिक शौचालयों में कार्ड स्वीकार नहीं किए जाते। एयरपोर्ट के बजाय शहर के अधिकृत मनी एक्सचेंजर्स से करेंसी बदलवाना ज्यादा किफायती होता है।ई-सिम (eSIM) या इंटरनेशनल रोमिंग का पहले से प्रबंधनए देश में कदम रखते ही कैब बुक करने, गूगल मैप्स देखने और परिवार से संपर्क साधने के लिए हाई-स्पीड इंटरनेट डेटा की तुरंत जरूरत होती है।लोकल सिम या ई-सिम: यदि आपका स्मार्टफोन ई-सिम सपोर्ट करता है, तो भारत से ही एयरलो (Airalo) या नोमैड (Nomad) जैसी विश्वसनीय सेवाओं से डेस्टिनेशन देश का ई-सिम डाउनलोड कर लें।एयरपोर्ट वाई-फाई का जोखिम: एयरपोर्ट के सार्वजनिक वाई-फाई पर पूरी तरह निर्भर न रहें, क्योंकि कई देशों में वहां एसएमएस ओटीपी की आवश्यकता होती है जो भारतीय नंबर पर रोमिंग बंद होने के चलते नहीं आता।इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के लिए यूनिवर्सल ट्रैवल एडेप्टरभारत में आमतौर पर टाइप-डी और टाइप-सी प्लग सॉकेट का उपयोग होता है, जबकि यूके में टाइप-जी, अमेरिका में टाइप-ए/बी और यूरोप में टाइप-सी/एफ सॉकेट प्रचलन में हैं। कई यात्री होटल पहुंचकर देखते हैं कि उनका भारतीय चार्जर दीवार के सॉकेट में फिट ही नहीं बैठ रहा। इसलिए अपने हैंड बैगेज में एक अच्छी क्वालिटी का यूनिवर्सल ट्रैवल एडेप्टर (जिसमें मल्टीपल यूएसबी और टाइप-सी पोर्ट्स हों) हमेशा साथ रखें। साथ ही, 20,000 mAh तक का पावर बैंक हमेशा केबिन बैगेज में रखें; इसे चेक-इन लगेज में रखना अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों के तहत सख्त वर्जित है।डेस्टिनेशन देश के कानून और सांस्कृतिक शिष्टाचार की पड़तालहर देश के अपने सख्त सामाजिक और कानूनी नियम होते हैं जिनकी अनदेखी भारी पड़ सकती है:दवाइयों पर प्रतिबंध: कई सामान्य भारतीय दवाएं (जैसे कोडीन युक्त कफ सिरप, ट्रामाडोल या नींद की गोलियां) यूएई, जापान और सिंगापुर जैसे देशों में नशीले पदार्थों की श्रेणी में प्रतिबंधित हैं। हमेशा डॉक्टर के मूल प्रिस्क्रिप्शन के साथ ही जरूरी दवाएं सीमित मात्रा में ले जाएं।स्थानीय कायदे: सिंगापुर में चिंगम चबाना या थूकना अपराध है, थाईलैंड में राजपरिवार का अपमान जेल भेज सकता है और खाड़ी देशों में सार्वजनिक स्थलों पर अमर्यादित कपड़े पहनना या फोटोग्राफी करना दंडनीय है। जाने से पहले गंतव्य देश की गाइडलाइंस का अध्ययन जरूर करें।जरूरी दस्तावेजों की डिजिटल और फिजिकल बैकअप कॉपीयात्रा के दौरान किसी भी समय पासपोर्ट या वीजा गुम होने की स्थिति से निपटने के लिए बैकअप तैयार रखें:डिजिटल स्टोरेज: पासपोर्ट के पहले और आखिरी पन्ने, वैध वीजा, फ्लाइट टिकट, होटल वाउचर और कोविड/टीकाकरण प्रमाणपत्र की स्पष्ट पीडीएफ कॉपियां अपने ईमेल, गूगल ड्राइव या डिजीलॉकर में सुरक्षित रखें।फिजिकल जेरोक्स: इन सभी दस्तावेजों की कम से कम दो-दो फोटोकॉपी अपने मुख्य चेक-इन बैग और हैंड बैग में अलग-अलग सुरक्षित रखें।भारतीय दूतावास (Indian Embassy) के संपर्क सूत्र नोट करेंकिसी भी अंतरराष्ट्रीय संकट, पासपोर्ट खोने, कानूनी अड़चन या प्राकृतिक आपदा के समय आपका सबसे बड़ा सहारा उस देश में स्थित भारतीय दूतावास या उच्चायोग (Indian Embassy/Consulate) होता है। जिस देश में आप जा रहे हैं, वहां स्थित भारतीय दूतावास का आपातकालीन फोन नंबर, ईमेल आईडी और पूरा पता अपनी डायरी और फोन के ऑफलाइन नोट्स में पहले से सहेज कर रखें।होटल की लोकेशन और पब्लिक ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटीसस्ते होटल के लालच में अक्सर लोग शहर के मुख्य केंद्र या मेट्रो स्टेशन से 20-25 किलोमीटर दूर बाहरी इलाकों में कमरा बुक कर लेते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि आने-जाने में टैक्सी का भारी खर्च हो जाता है और समय बर्बाद होता है। हमेशा ऐसा होटल चुनें जो मेट्रो स्टेशन, ट्राम या बस टर्मिनल से पैदल दूरी (Walking Distance) पर हो। अधिकांश यूरोपीय और एशियाई शहरों में टूरिस्ट डे-पास (Metro Tourist Pass) मिलते हैं, जो आवागमन के खर्च को 70% तक कम कर देते हैं।मौसम का पूर्वानुमान और पैकिंग का सही संतुलनयात्रा की तारीख से 3 दिन पहले गंतव्य शहर के मौसम का 7-दिवसीय पूर्वानुमान जरूर जांचें। यूरोपीय देशों में गर्मियों में भी अचानक बारिश और ठंड हो सकती है, जबकि रेगिस्तानी देशों में रातें ठंडी होती हैं। उसी आधार पर लेयरिंग वाले कपड़े, आरामदायक वॉकिंग शूज और एक हल्का वाटरप्रूफ विंडचीटर साथ रखें। याद रखें कि विदेशी शहरों को पैदल चलकर ही सबसे बेहतर तरीके से एक्सप्लोर किया जा सकता है, इसलिए हील्स या असहज जूतों के बजाय अच्छी ग्रिप वाले स्नीकर्स आपकी यात्रा को सुखद बनाएंगे।
UP Budget: सीएम Yogi Adityanath ने दो माह में 70 फीसदी वित्तीय स्वीकृतियां देने का दिया निर्देश
लखनऊ 27 सितंबर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में बजट प्रावधानों के सापेक्ष वित्तीय स्वीकृतियां जारी करने और खर्च की रफ्तार तेज करने के निर्देश दिए। राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने रविवार शाम एक महत्वपूर्ण बैठक में चालू वित्तीय वर्ष के बजट प्रावधानों, वित्तीय स्वीकृतियों और वास्तविक व्यय की समीक्षा की। अधिकारियों के मुताबिक, बैठक में प्रदेश के सर्वाधिक बजट वाले 30 प्रमुख विभागों के कार्यों और वित्तीय प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। उन्होंने बताया कि आदित्यनाथ ने कहा कि वित्तीय वर्ष की पहली छमाही समाप्त होने वाली है, ऐसे में जिन विभागों में बजट खर्च की गति अपेक्षित नहीं है, वहां तत्काल सुधार किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अगले दो माह में हर हाल में 70 प्रतिशत वित्तीय स्वीकृतियां जारी की जाएं और कुल आवंटित बजट के सापेक्ष कम से कम 60 प्रतिशत व्यय सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बजट का उद्देश्य केवल धनराशि आवंटित करना नहीं, बल्कि उसका समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करते हुए उसका लाभ जनता तक पहुंचाना है। आदित्यनाथ ने बैठक में मौजूद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना को निर्देश दिए कि विभागीय मंत्रियों के साथ बैठक कर बजट खर्च की नियमित और बिंदुवार समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि जिन विभागों में नीतिगत, प्रक्रियात्मक या तकनीकी कारणों से स्वीकृतियों अथवा व्यय में अड़चन आ रही है, उनका तत्काल समाधान कराया जाए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बैंकों के क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) अनुपात में सुधार पर भी जोर दिया। केंद्र सहायतित योजनाओं की समीक्षा के दौरान आदित्यनाथ ने कहा कि जिन योजनाओं में भारत सरकार से धनराशि प्राप्त होनी है, उनमें विभागीय स्तर पर प्रभावी समन्वय किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय मंत्री संबंधित केंद्रीय मंत्रियों से सीधे संवाद कर लंबित धनराशि और स्वीकृतियों से जुड़े विषयों का समाधान कराएं, ताकि केंद्रीय सहायता से संचालित योजनाओं की गति प्रभावित न हो। समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्तर प्रदेश का कुल बजट 9,99,056.48 करोड़ रुपये है, जिसमें विकास योजनाओं के लिए 5,01,957.09 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अब तक शासन स्तर से 5,15,918.44 करोड़ रुपये यानी 51.6 प्रतिशत की वित्तीय स्वीकृतियां जारी की जा चुकी हैं।
विराट कोहली ने वनडे क्रिकेट में किया ये कारनामा!
भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 27 सितंबर खेला गया. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में हुआ .
गर्भवती महिला को पीट-पीटकर किया बेहोश, बीड से अपहरण कर धुले में जिंदा जलाया
महाराष्ट्र के धुले में गर्भवती महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, जानकारी के मुताबिक इस हत्याकांड में शामिल दो आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है.
मोबाइल रिटेलर्स 2 अक्टूबर को यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित एमडीआर शुल्क के विरोध में 'नो यूपीआई डे' मनाएंगे। इस दिन वे अपने यूपीआई क्यूआर कोड को काले कपड़े से ढककर डिजिटल भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे।
ट्रैफिक पुलिस की ओर से वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिये 51 वॉच टॉवर लगाये गये थे. इतने बड़े आयोजन को संभालने के लिये सत्यनारायण चौधरी के पास सिर्फ ट्रैफिक पुलिस के कुल मिलाकर सिर्फ 3800 कर्मचारी ही थे. फिर भी ये सफलता से हो गया.
जींस का सबसे सस्ता मार्केट... जहां 100-100 रुपये में मिलती है एक जींस?
दिल्ली में कम कीमत में जींस खरीदनी है तो रघुबीर नगर की घोड़े वाली मंदिर मार्केट और गांधी नगर मार्केट के बारे में जानिए. यहां अलग-अलग कीमतों में जींस और दूसरे कपड़े मिलते हैं.
कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) को लेकर वेतनभोगी वर्ग के बीच यह बहस अक्सर देखने को मिलती है कि जब हर महीने कटने वाला अंशदान कर्मचारी की अपनी मेहनत की कमाई है, तो इसे निकालने की तारीख, सीमा और शर्तें तय करने का अधिकार सरकार या ईपीएफओ (EPFO) के पास क्यों होना चाहिए। बहुत से कर्मचारियों का मानना है कि बैंक में जमा साधारण बचत की तरह पीएफ खाते पर भी उनका पूर्ण और बिना शर्त नियंत्रण होना चाहिए। हालांकि, नीति निर्माताओं, अर्थशास्त्रियों और सामाजिक सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ईपीएफ केवल एक नियमित बचत खाता (Savings Account) नहीं है, बल्कि यह एक 'अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा तंत्र' (Mandatory Social Security Scheme) है। सरकार द्वारा निकासी के नियम तय करने के पीछे कई दीर्घकालिक वित्तीय, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक कारण हैं।ईपीएफ बचत खाता नहीं, बल्कि वैधानिक रिटायरमेंट सुरक्षा कवच हैकर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के तहत ईपीएफ का गठन आम उपभोग के लिए नहीं, बल्कि वृद्धावस्था सुरक्षा (Old-Age Financial Security) के उद्देश्य से किया गया था। भारत में अधिकांश संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के पास कोई अन्य सरकारी पेंशन सुरक्षा नहीं होती। यदि पीएफ निकासी को एटीएम की तरह पूरी तरह लचीला बना दिया जाए, तो अधिकांश लोग अपनी कार्यशील उम्र (Working Age) के दौरान ही उपभोक्ता खर्चों, गैजेट्स या छुट्टियों में यह पूंजी खर्च कर बैठेंगे।अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के सिद्धांतों के तहत प्रत्येक कल्याणकारी राज्य की यह जिम्मेदारी होती है कि वह अपने नागरिकों के लिए रिटायरमेंट के बाद जीवन यापन का एक न्यूनतम वित्तीय सहारा सुनिश्चित करे। यही कारण है कि कानूनन इसे लंबे समय के लिए लॉक-इन रखा जाता है।कंपाउंडिंग का जादुई फायदा और सुरक्षित रिटर्न का संरक्षणईपीएफ पर मिलने वाला सालाना ब्याज (जो आमतौर पर 8% से अधिक रहता है) पूरी तरह सरकारी गारंटी से सुरक्षित होता है। जब पैसा लगातार खाते में बना रहता है, तो उस पर चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding Interest) काम करता है।समय से पहले निकासी का नुकसान: यदि कोई कर्मचारी 30-35 वर्ष की आयु में 5 या 10 लाख रुपये निकाल लेता है, तो वह केवल उस मूल राशि को ही नहीं गंवाता, बल्कि अगले 20-25 वर्षों में उस पर बनने वाले 40 से 50 लाख रुपये के संभावित कंपाउंडिंग रिटर्न को भी खो देता है।रिटायरमेंट पर आर्थिक संकट: सरकार का प्रयास रहता है कि 58 या 60 वर्ष की आयु तक पहुंचते-पहुंचते कर्मचारी के पास इतना बड़ा रिटायरमेंट फंड (Corpus) तैयार हो जाए कि उसे वृद्धावस्था में किसी पर निर्भर न रहना पड़े।यदि पूरी छूट दे दी जाए, तो क्या होगा?बिहेवियरल इकोनॉमिक्स (व्यवहारवादी अर्थशास्त्र) के अनुसार, इंसान स्वभाव से भविष्य की तुलना में वर्तमान जरूरतों और इच्छाओं को ज्यादा प्राथमिकता देता है।यदि पीएफ से मनचाही निकासी की खुली छूट दे दी जाए:उपभोग में पैसा खर्च होना: तात्कालिक आकर्षणों या गैर-जरूरी खर्चों के चलते रिटायरमेंट फंड समय से पहले समाप्त हो जाएगा।अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य संकट: उम्र के आखिरी पड़ाव में जब आय बंद हो जाती है और मेडिकल खर्च कई गुना बढ़ जाते हैं, तब बिना फंड वाले बुजुर्ग नागरिकों की जिम्मेदारी सीधे तौर पर सरकार और समाज पर आ जाती है।आर्थिक अनुशासन: ईपीएफ अनिवार्य बचत की आदत डालता है, जिससे आपात स्थिति के अलावा पैसे को छूने से बचा जा सके।क्या सरकार बिल्कुल पैसा नहीं निकालने देती? जानिए आपातकालीन निकासी के नियमयह धारणा पूरी तरह सही नहीं है कि सरकार पैसे को पूरी तरह फ्रीज कर देती है। जीवन की वास्तविक जरूरतों और संकटों को ध्यान में रखते हुए ईपीएफओ ने कई परिस्थितियों में आंशिक निकासी (Partial Withdrawal/Advance) की छूट दी हुई है:घर खरीदने या निर्माण के लिए: 5 वर्ष की सेवा के बाद घर या जमीन खरीदने के लिए पीएफ से बड़ा हिस्सा निकाला जा सकता है।बच्चों की उच्च शिक्षा व शादी: 7 वर्ष की न्यूनतम सेवा पूरी होने पर बच्चों की शादी या उच्च शिक्षा के लिए निकासी की अनुमति है।गंभीर बीमारी के इलाज के लिए: स्वयं या परिवार के सदस्यों (माता-पिता, जीवनसाथी, बच्चे) के गंभीर चिकित्सीय उपचार के लिए बिना किसी न्यूनतम सेवा शर्त के तुरंत एडवांस लिया जा सकता है।बेरोजगारी या नौकरी छूटने पर: नौकरी छूटने के 1 महीने बाद 75% तक और 2 महीने से अधिक बेरोजगार रहने पर पूरा 100% फंड निकालने का अधिकार कर्मचारी के पास होता है।भविष्य निधि के इन नियमों का संतुलन क्यों जरूरी है?संक्षेप में, पीएफ के पैसों पर सरकारी नियमों का नियंत्रण किसी पर पाबंदी लगाने के लिए नहीं, बल्कि व्यक्ति के भविष्य को उसके वर्तमान के अनियोजित खर्चों से सुरक्षित रखने का एक कानूनी ढाल है। हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी तर्क है कि निकासी की ऑनलाइन प्रक्रिया को कागजी अड़चनों और तकनीकी रिजेक्शन से मुक्त कर और अधिक पारदर्शी व तेज बनाया जाना चाहिए, ताकि वास्तविक जरूरत के समय कर्मचारी को अपने ही पैसे के लिए कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने रविवार को यहां कश्मीर के प्रमुख धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक से उनके आवास पर मुलाकात की और इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर की मौजूदा राजनीतिक स्थिति के साथ-साथ युवाओं में मादक पदार्थों की बढ़ती लत समेत गंभीर सामाजिक चुनौतियों पर चर्चा की। यह बैठक उत्तर कश्मीर की गुरेज घाटी में प्रस्तावित ‘तंत्र इन साइलेंस’ रिट्रीट को लेकर दोनों नेताओं द्वारा सार्वजनिक रूप से साझा चिंताएं जताए जाने के कुछ दिनों बाद हुई है। इसके बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि इस कार्यक्रम के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई थी। मीरवाइज ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘‘महबूबाजी आज मुझसे मिलने आईं। हमने हमारे सामने मौजूद सामाजिक चिंताओं और चुनौतियों तथा सभी हितधारकों को साथ लेकर मिल-जुलकर उनका समाधान करने की आवश्यकता पर बातचीत की। हमने जम्मू-कश्मीर की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की। कुल मिलाकर यह एक अच्छी बातचीत रही।’’पीडीपी प्रमुख के करीबी सूत्रों ने बताया कि उन्होंने कश्मीर के युवाओं, विद्वानों, महिलाओं, हितधारकों, कलाकारों और सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ घाटी के सामने मौजूद सामाजिक मुद्दों को लेकर प्रमुख धार्मिक नेता से मुलाकात की। सूत्रों ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री की चिंताओं को उचित स्तर पर उठाया जा रहा है और मीरवाइज को वर्तमान में कश्मीर के सामने मौजूद सामाजिक मुद्दों से अवगत कराया गया। यह बैठक कश्मीर में मादक पदार्थों और युवाओं के सामने मौजूद अन्य चुनौतियों को लेकर धार्मिक एवं सामुदायिक नेताओं के बीच बढ़ती चिंता की पृष्ठभूमि में भी हुई है। यह बैठक गुरेज में प्रस्तावित रिट्रीट को लेकर महबूबा और मीरवाइज के बीच हाल में सार्वजनिक रूप से बनी सहमति के बाद हुई। मीरवाइज ने गुरेज घाटी में 24 से 27 सितंबर के बीच ‘तंत्र इन साइलेंस’ नामक कार्यक्रम आयोजित करने की खबरों पर चिंता जताते हुए संबंधित अधिकारियों से कश्मीर के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक लोकाचार का दोहन रोकने की अपील की थी। महबूबा मुफ्ती ने भी इससे पहले एक पोस्ट में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पुलिस से मामले में हस्तक्षेप करने और उचित कार्रवाई करने की अपील की थी।
सनातन धर्म और पौराणिक आख्यानों में भगवान श्री गणेश की लीलाएं जितनी बालसुलभ और रोचक हैं, उतनी ही वे जीवन के गूढ़ आध्यात्मिक और नैतिक संदेशों से परिपूर्ण हैं। बाल गणेश के रूप में उनकी भूख, उनकी बाल लीलाओं और अहंकार के विनाश की ऐसी ही एक प्रसिद्ध कथा जनमानस में सदियों से प्रचलित है, जिसे ग्रामीण व लोक कथाओं में 'अढ़ैया का भोजन' या धनपति कुबेर के अहंकार भंजन की लीला के नाम से जाना जाता है। जब देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर को अपने अकूत धन, सोने-चांदी के महलों और विशाल अन्न भंडारों पर घमंड हो गया, तब प्रथम पूज्य श्री गणेश ने एक ही क्षण में उनके सारे वैभव और अहंकार को धूल में मिला दिया था।जब धनपति कुबेर को हुआ अपनी अकूत संपत्ति का अहंकारपौराणिक कथा के अनुसार, यक्षराज कुबेर तीनों लोकों के कोषाध्यक्ष थे। स्वर्ग से लेकर पाताल तक सारा धन और रत्न उन्हीं के नियंत्रण में था। अपनी तपस्या के बल पर जब उन्होंने स्वर्ण नगरी अलकापुरी का निर्माण किया, तो धीरे-धीरे उनके मन में यह अहंकार घर कर गया कि तीनों लोकों में उनसे बड़ा धनवान और कोई नहीं है।अपने इस विशाल वैभव और संपन्नता का प्रदर्शन करने के लिए कुबेर ने एक भव्य महाभोज (महायज्ञ) का आयोजन किया। उन्होंने स्वर्ग के सभी देवी-देवताओं, यक्षों, गंधर्वों और ऋषियों को निमंत्रण भेजा। कुबेर ने सोचा कि जब तक देवाधिदेव महादेव भगवान शिव उनके महल में अतिथि बनकर नहीं आएंगे, तब तक उनके इस ऐश्वर्य की कीर्ति पूरी तरह स्थापित नहीं होगी। इसी अहंकार में चूर होकर कुबेर सीधे कैलाश पर्वत पहुंचे।कैलाश पर आमंत्रण: शिव जी ने अपने स्थान पर भेजा बाल गणेश कोकैलाश पहुंचकर कुबेर ने अत्यंत गर्व के साथ हाथ जोड़कर महादेव से कहा, हे प्रभु! मैंने अपनी नगरी अलकापुरी में तीनों लोकों के लिए एक विशाल महाभोज का आयोजन किया है। मैंने ऐसा अढ़ैया अन्न भंडार और स्वादिष्ट पकवान तैयार करवाए हैं, जो आज तक किसी ने नहीं देखे होंगे। मेरी प्रार्थना है कि आप माता पार्वती सहित मेरे महल पधारें और मेरा आतिथ्य स्वीकार कर मुझे कृतार्थ करें।त्रिकालदर्शी महादेव शिव जी कुबेर के मन में छिपे दंभ और दिखावे को एक क्षण में भांप गए। भोलेनाथ मुस्कुराए और अत्यंत शांत भाव से बोले, हे कुबेर! मैं तो वैरागी हूं। मेरा यह कैलाश ही मेरा वास है और मुझे इस तरह के आयोजनों में जाने की कोई आवश्यकता नहीं है। लेकिन यदि तुम्हारा इतना ही आग्रह है, तो तुम मेरे छोटे पुत्र गणेश को अपने साथ ले जाओ। यदि तुमने उसे तृप्त कर दिया, तो समझो मुझे तुम्हारा आतिथ्य मिल गया।कुबेर ने बालक गणेश को देखा और मन ही मन हंसे कि यह छोटा बालक भला कितना ही खा लेगा। उन्होंने तुरंत महादेव की बात स्वीकार कर ली और बाल गणेश को आदरपूर्वक अपने रथ में बैठाकर अलकापुरी ले आए।अलकापुरी में महाभोज: गणेश जी का विराट रूप और चट होता अन्न भंडारअलकापुरी पहुंचते ही कुबेर ने सोने-चांदी की थालियों में छप्पन भोग, अढ़ैया प्रकार के मिष्ठान, व्यंजन और पकवान बाल गणेश के सामने परोसने शुरू कर दिए। बाल गणेश भोजन करने बैठे और उन्होंने एक के बाद एक थालियां खाली करनी शुरू कर दीं।देखते ही देखते महल की रसोई में पके सभी पकवान समाप्त हो गए। रसोइयों ने अतिरिक्त भोजन बनाना शुरू किया, लेकिन गणेश जी की भूख शांत होने का नाम नहीं ले रही थी। वे केवल एक ही बात दोहराते रहे, मुझे और भोजन दो! मेरी भूख अभी शांत नहीं हुई है!कुछ ही घंटों के भीतर कुबेर के अन्न भंडारों में रखे अनाज, फल, सूखे मेवे और राशन के सारे गोदाम खाली हो गए। जब सारा पका और कच्चा अन्न समाप्त हो गया, तो गणेश जी ने कुबेर के सोने-चांदी के बर्तन, मेज-कुर्सियां और महल के खंभों को चबाना शुरू कर दिया। वे क्रोधित होकर बोले, कुबेर! यदि तुम्हारे पास मुझे खिलाने के लिए भोजन नहीं था, तो तुमने मुझे क्यों बुलाया? अब मैं तुम्हारी इस पूरी स्वर्ण नगरी को ही खा जाऊंगा!थर-थर कांपे कुबेर, दौड़े पहुंचे कैलाश: शिव जी का रहस्यमयी समाधानयह भयानक दृश्य देखकर कुबेर का सारा अहंकार हवा में उड़ गया। उनका चेहरा पीला पड़ गया और वे कांपते हुए अपनी जान बचाकर सीधे कैलाश की ओर भागे। कैलाश पहुंचकर कुबेर महादेव के चरणों में गिर पड़े और रोते हुए बोले, त्राहिमाम प्रभु! त्राहिमाम! आपके पुत्र ने मेरा पूरा अन्न भंडार, बर्तन और संपत्ति चट कर ली है। अब वे मुझे और मेरी पूरी नगरी को खाने के लिए दौड़ रहे हैं। मेरी रक्षा कीजिए, मुझे क्षमा कर दीजिए!भगवान शिव ने मुस्कुराते हुए कुबेर से कहा, कुबेर! तुम धन के मद में अंधे हो गए थे। तुम भूल गए थे कि संपूर्ण ब्रह्मांड का भरण-पोषण करने वाली जगदंबा पार्वती का पुत्र केवल तुम्हारे अन्न से तृप्त नहीं हो सकता। तुमने भक्ति और प्रेम से नहीं, बल्कि अपने अहंकार के प्रदर्शन के लिए भोजन का आयोजन किया था। अहंकार से परोसा गया छप्पन भोग भी किसी की क्षुधा शांत नहीं कर सकता।शिव जी की रसोई और एक तुलसी दल से शांत हुई भूखइसके बाद महादेव और माता पार्वती ने स्वयं अपने हाथों से प्रेमपूर्वक रसोई तैयार की। माता अन्नपूर्णा (पार्वती जी) ने श्रद्धा और वात्सल्य से पके हुए सात्विक चावल (भात) की एक छोटी सी कटोरी तैयार की और भगवान शिव ने उस पर एक 'तुलसी का पत्ता' (तुलसी दल) रखकर गणेश जी के सामने अर्पित करने का निर्देश दिया।जब कुबेर अत्यंत विनम्रता, पश्चाताप और हाथ जोड़कर वह कटोरी लेकर बाल गणेश के पास पहुंचे, तो गणेश जी ने जैसे ही उस तुलसी दल और प्रेम से बने भात का एक दाना ग्रहण किया, उनका पेट तुरंत भर गया। उन्होंने एक लंबी और तृप्त डकार ली और उनकी वर्षों की भूख शांत हो गई।इस पौराणिक कथा से मिलने वाली जीवनोपयोगी सीखयह पावन कथा केवल एक पौराणिक घटना नहीं है, बल्कि मानव जीवन के लिए गहरे नैतिक और व्यावहारिक संदेश देती है:अहंकार का पतन निश्चित है: धन, दौलत या पद प्रतिष्ठा कितनी भी बड़ी क्यों न हो, उसका घमंड इंसान को अंततः लज्जित और असहाय ही करता है।दिखावे से बड़ा है प्रेम और श्रद्धा: ईश्वर को महंगे उपहारों या छप्पन भोग के दिखावे से प्रसन्न नहीं किया जा सकता; वे केवल सच्चे प्रेम, विनम्रता और एक पत्ते (तुलसी दल) से भी तृप्त हो जाते हैं।अतिथि सत्कार का सच्चा मर्म: किसी की सेवा या आतिथ्य सत्कार अपनी हैसियत दिखाने के लिए नहीं, बल्कि हृदय की शुद्धता और सेवा भाव से किया जाना चाहिए।
राजमा भिगोना भूल गए? कैसरोल 1 घंटे में करेगा काम, जानें ट्रिक
How To Soak Rajma Without Soaking Overnight: अगर आप राजमा भिगोना भूल गए हैं तो अब 7-8 घंटे इंतजार करने की जरूरत नहीं है. उबले पानी और कैसरोल के इस आसान किचन हैक से सिर्फ 1 घंटे में राजमा अच्छी तरह फूल जाएगा. जानिए पूरा तरीका.

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