भाजपा: विपक्ष के चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च पर संबित पात्रा का पलटवार, कहा- संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश Sambit Patra hits back opposition's march against the Election Commission, calls attempt malign institutions.
Rajasthan Panchayat Election: धनतेरस के चलते तीन चरणों के मतदान की तारीखें बदलीं
जयपुर, छह अक्टूबर राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने धनतेरस से जुड़ी धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए पंचायती राज चुनाव के पहले तीन चरणों की मतदान तिथियों में बदलाव किया है। इन चरणों का मतदान अब तय तिथि से एक दिन पहले होगा। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, पहले चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान 23 अक्टूबर के बजाय 22 अक्टूबर को होगा, जबकि पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान 25 अक्टूबर के बजाय 24 अक्टूबर को होगा। दूसरे चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान 29 अक्टूबर के बजाय 28 अक्टूबर को तथा पंच और सरपंच पदों के लिए 31 अक्टूबर के बजाय 30 अक्टूबर को होगा। इसी तरह तीसरे चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान चार नवंबर के बजाय तीन नवंबर को तथा पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान छह नवंबर के बजाय पांच नवंबर को होगा। निर्वाचित वार्ड पंचों द्वारा उपसरपंचों का अप्रत्यक्ष चुनाव पहले, दूसरे और तीसरे चरण के लिए क्रमशः 25 अक्टूबर, 31 अक्टूबर और छह नवंबर को होगा। आयोग ने बताया कि संशोधित कार्यक्रम के अनुसार पहले तीन चरणों में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव के लिए मतदान दल अब क्रमशः 21 अक्टूबर, 27 अक्टूबर और दो नवंबर को अपने-अपने मतदान केंद्रों के लिए रवाना होंगे। चौथे चरण के कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसमें जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए 14 नवंबर तथा पंच और सरपंच पदों के लिए 16 नवंबर को मतदान होगा। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए 20 नवंबर को होने वाली मतगणना सहित चुनाव कार्यक्रम के अन्य चरणों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। राज्य में 41 जिला परिषद, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों के सदस्यों के लिए चुनाव कराए जा रहे हैं।
Bengaluru के जयनगर में 5698 वोट कटवाने की साजिश, दो BLA पर FIR दर्ज
बेंगलुरु, छह अक्टूबर कर्नाटक के जयनगर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची से 5,698 मतदाताओं के नाम हटाने की मांग करते हुए कथित तौर पर फर्जी फॉर्म-7 आवेदन जमा करने के मामले में दो बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला सोमवार रात कर्नाटक महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सौम्या रेड्डी की शिकायत के बाद दर्ज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों बीएलए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े हुए हैं। रेड्डी जयनगर विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक हैं और 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जयनगर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस की उम्मीदवार थीं। प्राथमिकी के अनुसार, रेड्डी ने शिकायत में कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) को फॉर्म-7 आवेदन दिए गए। इन आवेदनों में झूठा दावा किया गया कि 5,698 मतदाता स्थायी रूप से विधानसभा क्षेत्र से बाहर चले गए हैं। फॉर्म-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची में किसी नाम को शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराने या किसी नाम को सूची से हटाने का अनुरोध करने के लिए किया जाता है। शिकायतकर्ता ने बाद में मामले की जांच की और पाया कि कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े बीएलए रामकृष्ण और योगेश, ने अन्य लोगों के साथ मिलकर फॉर्म-7 में जानबूझकर गलत जानकारी दी। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि यह काम खास तौर पर अल्पसंख्यक समुदायों के मतदाताओं और भाजपा तथा उसके सहयोगी दलों के लिए राजनीतिक रूप से प्रतिकूल माने जाने वाले अन्य वर्गों के मतदाताओं को प्रभावित करने के तरीके से किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि दो अन्य नागरिकों सी. रमेश और उनकी पत्नी रूपा को इसकी जानकारी दिए बिना उनके नाम और मतदाता पहचान पत्र से जुड़ी जानकारी का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया और उनके नाम पर बीएलओ के पास फॉर्म-7 आवेदन जमा किए गए। प्राथमिकी में कहा गया है कि कुछ फॉर्म-7 आवेदन कथित तौर पर जाली हस्ताक्षर के साथ बीएलओ लोकेश के पास भी जमा किए गए थे। उनकी शिकायत के आधार पर जयनगर पुलिस ने रामकृष्ण, योगेश और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
इंडिया गठबंधन का प्रदर्शन LIVE: चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध में उतरेंगे विपक्ष के नेता, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा INDIA bloc performance LIVE Opposition leaders protest against Election Commissioner; police step up security.
Rejinagar Bypoll: पुलिस से झड़प के बाद AJUP प्रमुख Humayun Kabir हिरासत में
रेजीनगर (पश्चिम बंगाल), छह अक्टूबर पश्चिम बंगाल में रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए जारी मतदान के बीच वहां स्थित आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के कार्यालय में पार्टी प्रमुख हुमायूं कबीर को पुलिसकर्मियों से तीखी बहस के बाद मंगलवार को हिरासत में ले लिया गया। कबीर सुबह से ही अपने आवास और मतदान केंद्रों के पास सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर पुलिस पर निशाना साध रहे थे। परिवार के साथ मतदान करने के कुछ ही देर बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। पुलिस बल के खिलाफ कबीर की लगातार टिप्पणियों के बाद पुलिस रेजीनगर में एजेयूपी कार्यालय पहुंची। इस दौरान एजेयूपी प्रमुख और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस हुई। कबीर ने पुलिस पर ‘‘दलाली’’ का आरोप लगाया। हालात हाथापाई तक पहुंच गए, जिसके बाद पुलिसकर्मी कबीर की कमीज पकड़कर उन्हें एक वाहन तक ले गए। मंगलवार को मतदान शुरू होने के बाद से ही कबीर पुलिस के खिलाफ मुखर थे। अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए जाते समय भी उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। मतदान के बाद भी उन्होंने पुलिस पर निशाना साधना जारी रखा और आरोप लगाया कि मतदाताओं को डराने-धमकाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल किया जा रहा है। पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव में रेजीनगर और नवादा दोनों सीट से जीतने वाले कबीर ने नवादा सीट बरकरार रखी इसलिए मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव आवश्यक हो गया। एजेयूपी ने कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद को मैदान में उतारा है। चुनाव मैदान में भाजपा के उम्मीदवार और मुर्शिदाबाद जिले के पूर्व अध्यक्ष सखराव सरकार, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल धड़े के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी, तृणमूल के प्रतिद्वंद्वी धड़े के उम्मीदवार सफीउज्जमान शेख, कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी और माकपा के सैयद असद अली शामिल हैं। नंदीग्राम विधानसभा सीट के लिए भी मतदान जारी है।
पश्चिम बंगाल की रेजीनगर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के दौरान मतदान के दिन ही बड़ा राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक और विधायक हुमायूं कबीर को मंगलवार को अपना वोट डालने के तुरंत बाद पुलिस ने गिरफ्तार (हिरासत में) कर लिया। पुलिस ने उन पर मतदान प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। इसके उलट, वोट डालने के बाद कबीर ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी वोटिंग प्रक्रिया में बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब सरकार पहले से ही सत्ता में है, तो ऐसी दखलअंदाजी की क्या ज़रूरत है। कबीर ने कहा, आरोप तो अभी शुरू हुए हैं। पुलिस खुद कई बूथों पर वोटिंग प्रक्रिया को हाईजैक कर रही है। उन्होंने कहा कि संविधान के तहत नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की ज़िम्मेदारी है, लेकिन आरोप लगाया कि वे इसके बजाय चुनावी प्रक्रिया में दखल दे रहे हैं। कबीर ने कहा, वोट हाईजैक करने की क्या ज़रूरत है? सरकार तो पहले से ही बनी हुई है। AJUP प्रमुख ने 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव का भी ज़िक्र किया और दावा किया कि तब वोटिंग शांतिपूर्ण रही थी और उस समय गड़बड़ी का कोई आरोप नहीं लगा था। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो महीनों में पुलिस की कार्रवाई तेज़ हो गई है और पुलिसकर्मी हमले कर रहे हैं तथा अत्याचार कर रहे हैं। कबीर ने यह भी दावा किया कि पुलिस ने इस स्थिति के सिलसिले में 64 लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पीछे हटने की अपील की। उनकी इन बातों के बाद पुलिस ने कबीर को गिरफ्तार कर लिया और रेजीनगर पुलिस स्टेशन ले गई। उनकी गिरफ्तारी से जुड़े हालात के बारे में तुरंत कोई जानकारी नहीं मिल पाई। रेजीनगर सीट पर उपचुनाव में कई पार्टियों के बीच मुकाबला हो रहा है। यह सीट तब खाली हुई थी जब तृणमूल कांग्रेस से पहले सस्पेंड और बाद में निकाले गए कबीर ने विधायक पद से इस्तीफ़ा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने AJUP बनाई। बाद में कबीर ने नौदा सीट जीती और वहीं से प्रतिनिधित्व करने का फ़ैसला किया, जिसके चलते उनकी पार्टी ने रेजीनगर से उनके बेटे गुलाम नबी आज़ाद को मैदान में उतारा। यह उपचुनाव कई अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में हो रहे चुनावों के साथ ही हो रहा है। उम्मीदवारों और पार्टियों द्वारा वोटिंग के तरीके पर लगाए जा रहे आरोपों के बीच इसके नतीजों पर सबकी नज़र रहेगी। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
9 या 10 अक्टूबर, कब है सर्वपितृ अमावस्या? पंडित ने बताई सही तिथि
Sarvapitri Amavasya 2026: सर्व पितृ अमावस्या 10 अक्टूबर अक्टूबर 2026 को है. सर्व पितृ अमावस्या पितृपक्ष का अंतिम दिन होता है. इस दिन धरती पर आए पितरों को याद कर उन्हें विदाई दी जाती है. पितृ पक्ष में अगर आपने पूर्वजों का तर्पण, श्राद्ध नहीं किया है तो सर्व पितृ अमवास्या पर तिलांजलि कर उन्हें सम्मानपूर्वक विदा करें. इस दिन दान करने से अमोघ फल प्राप्त होता, हर बड़ी परेशानी का अंत हो जाता है. ये पितरों को मनाने का आखिरी मौका है.
बालकनी से गिर रहा था बच्चा... 5 सेकेंड में शख्स ने दौड़कर ऐसे बचाई जान
कहते हैं, 'जाको राखे साइयां, मार सके ना कोय.' मिस्र से सामने आया एक वायरल वीडियो इस कहावत को सच साबित करता नजर आ रहा है. वीडियो में दूसरी मंजिल की बालकनी से एक बच्चा अचानक नीचे गिरता दिखाई देता है. बच्चा जमीन पर गिरता, उससे पहले ही नीचे मौजूद एक शख्स दौड़कर उसे अपनी बाहों में पकड़ लेता है और उसकी जान बचा लेता है. यह पूरा वाकया कैमरे में कैद हो गया.
Maharashtra SIR: मतदाता सूची संशोधन के लिए आए 6.24 लाख फॉर्म, Pune जिला सबसे आगे
मुंबई, छह अक्टूबर महाराष्ट्र में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मसौदा मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद राज्य के सभी 36 जिलों से नए मतदाताओं के पंजीकरण, आपत्तियों और संशोधनों के लिए छह लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमें सबसे अधिक 56,605 आवेदन पुणे जिले से मिले हैं। आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन 31 अगस्त को किया गया था। राज्य के कुल 9,78,54,049 मतदाताओं में से 7,71,65,562 मतदाताओं को सूची में शामिल किया गया था, जबकि 2,06,88,487 मतदाताओं (21.14 प्रतिशत) को एएसडीडीओ (अनुपस्थित/स्थानांतरित/मृत/दोहराव/अन्य) श्रेणी में रखा गया था। जो लोग सूची में शामिल होने से वंचित रह गए, उन्हें फिर से नाम दर्ज कराने की सुविधा देने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर आयोजित किए थे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के जिलावार आंकड़ों के अनुसार, 31 अगस्त से चार अक्टूबर के बीच कुल 6,24,054 फॉर्म प्राप्त हुए। इनमें से 6,05,097 आवेदन फॉर्म-6 (नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए), 11,251 आवेदन फॉर्म-सात (मतदाता सूची में किसी का नाम शामिल करने पर आपत्ति या नाम हटाने के अनुरोध के लिए) और 7,706 आवेदन फॉर्म-आठ (मतदाता कार्ड में सुधार या बदलाव के लिए) शामिल हैं। पुणे 56,605 आवेदन के साथ सबसे ऊपर रहा। इसके बाद ठाणे से 46,373, मुंबई उपनगरीय से 38,094, नासिक से 32,691 और जलगांव से 28,397 फॉर्म प्राप्त हुए। इसके अलावा नागपुर से 16,009, मुंबई शहर से 13,858 और पालघर से 14,448 आवेदन प्राप्त हुए। आंकड़ों के मुताबिक, सबसे कम 2,394 आवेदन सिंधुदुर्ग जिले से मिले। दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि को बढ़ाकर 12 अक्टूबर तक कर दिया गया है। वहीं, प्राप्त नोटिसों, दावों और आपत्तियों का निपटारा 12 नवंबर तक किया जा सकता है। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 16 नवंबर को होना तय हुआ है। बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) को व्हॉट्सएप पर दस्तावेज स्वीकार करने और जरूरत पड़ने पर घर-घर जाकर सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं।
किस शहर में सबसे ज्यादा पैसा कमाते हैं लोग, जानें भारत का नंबर
दुनिया में कुछ शहर ऐसे हैं जहां रहने वाले लोगों की औसत कमाई बाकी शहरों के मुकाबले काफी ज्यादा है. टेक्नोलॉजी और बड़े कारोबार की वजह से अमेरिका के कई शहर इस मामले में सबसे आगे हैं.
KBC में अमिताभ के 84वें बर्थडे का जश्न, माधुरी के डांस पर फिदा बिग बी
अमिताभ बच्चन के 84वें जन्मदिन का जश्न 'कौन बनेगा करोड़पति' के मंच पर शुरू हो चुका है. बिग बी के बर्थडे वीक को और खास बनाने 'धक-धक गर्ल' माधुरी दीक्षित शो में पहुंची हैं. अपनी कातिलाना अदाओं से माधुरी ने शहंशाह के बर्थडे सेलिब्रेशन के पहले ही प्रोमो में धूम मचा दी है.
भारतीय खिलाड़ियों से माफी पर अड़ा PCB, शर्त नहीं मानी तो WCL छोड़ गया PAK
WCL Season 3 से पाकिस्तान चैम्पियंस ने नाम वापस ले लिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, PCB ने NOC जारी करने के लिए भारतीय खिलाड़ियों से पिछले साल के भारत-पाक मैच विवाद पर लिखित माफी और इस बार हैंडशेक की शर्त रखी थी. WCL आयोजकों ने इन मांगों को मानने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पाकिस्तान टूर्नामेंट से बाहर हो गया.
Manipur के इंफाल पूर्व में सुरक्षा बलों ने अवैध हथियार बेचने वाले युवक को पकड़ा
इंफाल, छह अक्टूबर मणिपुर के इंफाल पूर्व जिले में अवैध हथियारों की बिक्री में कथित तौर पर शामिल 23 वर्षीय व्यक्ति को सरक्षा बलों ने गिरफ्तार किया। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने एक बयान में बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर सुरक्षा कर्मियों के एक दल ने सोमवार को थम्बालनू बाजार में अभियान चलाया और संदिग्ध को पकड़ लिया। इसमें कहा गया कि वह अवैध हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटकों की खरीद तथा बिक्री में शामिल है। जांच में पता चला कि आरोपी ने जुलाई में दो महिलाओं के जरिए 10,000 रुपये में एक व्यक्ति को एक हथगोला मुहैया कराया था। आरोपी को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए एंड्रो पुलिस थाने को सौंपा गया। एक अलग अभियान में सुरक्षा बलों ने सोमवार को चुराचांदपुर जिले के कुकिमुन गांव में बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक जब्त किए। पुलिस के अनुसार, “दो 9 एमएम कार्बाइन मशीन गन, तीन 9 एमएम पिस्तौल, सात सिंगल बैरल बोल्ट-एक्शन राइफल, एक हैंड ग्रेनेड, एक मोर्टार बम और दो देसी मोर्टार बरामद किए गए।”पुलिस ने बताया कि जब्त हथियार और गोला-बारूद जिले के हेंगलेप पुलिस थाने को सौंप दिए गए हैं। मई 2023 में जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से सुरक्षा बल मणिपुर के सभी जिलों के सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में तलाशी अभियान तथा क्षेत्र पर नियंत्रण के लिए अभियान चला रहे हैं। घाटी में रहने वाले मेइती और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले कुकी समुदायों के बीच मई 2023 में शुरू हुए जातीय संघर्ष में कम से कम 306 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 49 लोग अब भी लापता हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
ग्रेटर नोएडा: किसानों को बड़ी राहत, 64.7% अतिरिक्त मुआवजे का रास्ता साफ
ग्रेटर नोएडा के करीब 4,500 किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है. 2002 से 2013 के बीच जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित या खरीदी गई थी और उन्हें 64.7 फीसदी अतिरिक्त प्रतिकर नहीं मिला था, अब उन्हें इसका लाभ मिल सकेगा. उत्तर प्रदेश सरकार ने शासनादेश जारी कर प्राधिकरण को नियमानुसार कार्रवाई की अनुमति दी है.
ज्ञानेश को हटाने सड़क पर उतरेंगे राहुल अखिलेश,आखिरी समय पर इन्होंने बनाई दूरी
विपक्षी नेता और सांसद मंगलवार की सुबह राष्ट्रीय राजधानी में भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के मुख्यालय 'निर्वाचन सदन' तक मार्च करने वाले हैं।
मोदी- पार्मेलिन की रणनीति से भारत-स्विट्जरलैंड संबंध मजबूत
पीएम मोदी और स्विस राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन की मुलाकात में भारत-स्विट्जरलैंड रिश्तों को व्यापार से आगे बढ़ाने पर जोर रहा। दोनों देशों ने रक्षा उत्पादन, न्यूक्लियर एनर्जी, टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर, विज्ञान और इनोवेशन में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
डेंगू में प्लेटलेट्स क्यों डाउन होते हैं? क्या इनको बढ़ाया जा सकता है
देश के कुछ इलाकों में डेंगू के मामले बढ़ने लगे हैं. इस बीमारी में कुछ मरीजों के शरीर में प्लेटलेट्स का लेवल कम हो जाता है, ये कितना खतरनाक है और क्या प्लेटलेट्स को बढ़ाया जा सकता है. इस बारे में डॉ. एल. एच घोटेकर ने बताया है.
नोबेल जीतने की खुशी में बच्चों से लिपटे साइंटिस्ट, रिएक्शन हुआ वायरल
नोबेल पुरस्कार मिलने की खबर के बाद वैज्ञानिक कार्ल डाइसरॉथ के परिवार का बेहद भावुक पल सामने आया. बच्चों ने पिता को गले लगाकर अपनी खुशी जाहिर की. परिवार के इस प्यारे रिएक्शन ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
एमपीएससी: राज्यपाल से फडणवीस की सिफारिश- हाईकोर्ट के रिटायर्ड न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित कर जांच हो
Muzaffarnagar में ट्रक और SUV की भिड़ंत, एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत
मुजफ्फरनगर (उप्र), छह अक्टूबर मुजफ्फरनगर के पुरकाजी क्षेत्र में एक तेज रफ्तार ट्रक की एसयूवी से टक्कर में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, यह हादसा सोमवार देर रात पुरकाजी थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुरकाजी-लक्सर मार्ग पर हुआ, जब कार में सवार लोग लक्सर से मुजफ्फरनगर लौट रहे थे। मृतकों की पहचान आदेश कुमार (50), निशा (35), राखी (35) और शारदा (10) के रूप में हुई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया। एसएसपी ने यहां संवाददाताओं से कहा, हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि तीन घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार हो रहा है। एसएसपी ने बताया कि हादसे के बाद ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
'गाज़ा का बदला... शहीद होना चाहता था', आतंकी को-पायलट का खुलासा
सऊदी अरब और UAE की जांच एजेंसियां फ्लाईदुबई के को-पायलट हमाम अल-हम्मामी के फोन डेटा की जांच कर रही हैं. इजरायली सुरक्षा अधिकारियों ने पूछताछ में हम्मामी ने गाजा का बदला लेने की बात कबूली.
हिमाचल की ये 9 घाटियां हैं बेहद खूबसूरत, आज ही बनाएं घूमने का प्लान
Best Valleys in Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत घाटियां अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत माहौल से हर किसी का दिल जीत लेती हैं. अगर आप अक्टूबर में हिमाचल घूमने का प्लान बना रहे हैं तो इन 9 घाटियों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर सकते हैं.
यूपी में तेज हवा के साथ बारिश का अलर्ट, ओले का भी खतरा!
उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई के बीच मौसम ने करवट ली है। 6 अक्तूबर को प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक, बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात की संभावना है।
'यहीं सबके सामने माफी मांगेगा तू', दारोगा की वर्दी पकड़कर बोला दबंग!
ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र स्थित यूपीरिया मॉल के पास पार्किंग विवाद में दारोगा से अभद्रता और धक्का-मुक्की करने वाले आरोपी रोहित चौधरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. बीमार पत्नी को देखने आए दारोगा की वर्दी पकड़कर माफी मंगवाने का वीडियो वायरल होने के बाद बिसरख पुलिस ने यह कार्रवाई की.
बेंगलुरु के कृष्णराजपुरा में हुए ट्रिपल मर्डर केस में बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें आरोपी ने हत्या की साजिश रचने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया था।
लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए गंभीर आरोपों पर भारत के निर्वाचन आयोग (ECI) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के सोशल मीडिया दावे को पूरी तरह से गलत और गुमराह करने वाला करार देते हुए स्पष्ट किया है कि वोटर लिस्ट के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) के लिए फॉर्म 6 से जुड़ी प्रक्रिया पूरी तरह से कानूनी और सर्वसम्मति से ली गई थी। चुनाव आयोग ने X पर एक पोस्ट में कहा, बिहार में SIR के लिए 24 जून 2025 को जारी आदेश आयोग की सर्वसम्मति से जारी किया गया था। भारत के माननीय सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 के अपने फैसले में इस आदेश को सही ठहराया है। आयोग ने आगे कहा, 26 सितंबर 2026 के अपने प्रेस नोट नंबर 120 के पॉइंट 1(iii) में, ECI ने कहा है कि SIR के लिए फॉर्म 6 के साथ लगे घोषणा-पत्र (डिक्लेरेशन) को माननीय सुप्रीम कोर्ट ने सही माना है। ज्ञानेश कुमार ने जानबूझकर और गैर-कानूनी तरीके से फॉर्म 6 बदला: राहुल गांधी इससे पहले गांधी ने आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग के प्रमुख ज्ञानेश कुमार ने जानबूझकर और गैर-कानूनी तरीके से फॉर्म 6 बदल दिया, जिसे उन्होंने एक स्थापित तथ्य बताया। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर कहा, अब यह बिना किसी शक के साबित हो गया है कि ज्ञानेश कुमार ने गैर-कानूनी और एकतरफा तरीके से फॉर्म 6 बदला। यह इस बात का एक और सबूत है कि वे BJP की मदद करने के लिए अपने पद का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्हें और हमारी डेमोक्रेसी पर हुए इस आपराधिक हमले में शामिल सभी लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। गांधी की यह टिप्पणी तब आई जब सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को एक याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में कुमार के फैसलों को चुनौती दी गई थी; आरोप है कि उन्होंने ये फैसले दो चुनाव आयुक्तों - सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी - की मंज़ूरी के बिना लिए थे। चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को जवाब देने के लिए एक हफ़्ते का समय दिया गया था। यह नोटिस तीन जजों की बेंच ने जारी किया, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना शामिल थे। याचिका में कहा गया, निर्देश दिया जाए कि प्रतिवादी नंबर 3 (CEC) मौजूदा याचिका की अंतिम सुनवाई तक भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त के तौर पर काम न करें; निर्देश दिया जाए कि इस दौरान आयोग का कामकाज प्रतिवादी नंबर 4 (सुखबीर सिंह संधू) और 5 (विवेक जोशी) की सर्वसम्मति से लिए गए फैसलों से चलाया जाए; और निर्देश दिया जाए कि खाली पद पर कोई भी नियुक्ति एक ऐसी समिति की सिफारिश पर की जाए जिसमें भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश भी शामिल हों। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi Fact Check ❌The statement made in this post is misleading ✅1) The order for SIR in Bihar issued on 24 June 2025 was issued with the unanimous approval of the Commission. This order has been upheld by the Hon'ble Supreme Court of India in its judgment dated 27 May 2026 ✅2) In its Press Note No. 120 dated 26 September 2026, in Point 1(iii), ECI has stated that, The declaration attached to Form 6 for SIR has been upheld by the Hon'ble Supreme Court. #ECIFactCheck — Election Commission of India (@ECISVEEP) October 5, 2026
बंगाल उपचुनाव में जबरदस्त हंगामा, वोट डालते ही हिरासत में हुमायूं कबीर
पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों के लिए उपचुनाव में मतदान जारी है।
थलपति विजय ने धोखा दिया, बातचीत के लिए बुलाकर कर लिया अरेस्ट; तमिलनाडु में जबरदस्त गुस्सा
प्रदर्शनकारियों के वकील वरथराजन ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सरकार की ओर से बातचीत का न्योता दिए जाने की जानकारी दी थी। लेकिन जैसे ही नेता अंदर पहुंचे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। थलपति विजय घिर गए हैं।
रेजीनगर उपचुनाव: मतदान के दौरान मुर्शिदाबाद पुलिस की कार्रवाई, हिरासत में लिए गए एजेयूपी विधायक हुमायूं कबीर- Rejinagar by election Murshidabad Police take action during voting MLA Humayun Kabir detained
हाई कोर्ट ने दिया CBI जांच का आदेश तो सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई पंजाब सरकार, लगे हैं भ्रष्टाचार के आरोप
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार में कई अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं।सीएम भगवंत मान के ओएसडी पर भी आरोप लगे हैं। पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।
दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG इमारत गिरने से हुई 7 मौतों के एक महीने बाद भी मौके पर मलबा पड़ा है, आधी टूटी इमारत से खतरा बरकरार है और 50 फीसदी छात्र इलाका छोड़ चुके हैं.
भैया से सैयां! 'बहन' संग कैमरे में कैद हुई नजदीकियां, भड़के लोग
बिग बॉस के घर में अक्सर दोस्ती और रिश्ते गेम के साथ बदलते हैं, लेकिन 'भाई-बहन' के पवित्र रिश्ते का अचानक 'लव एंगल' में बदलना दर्शकों को सबसे ज्यादा हैरान कर रहा है. लव गिल के लिए स्काउट ओपी की अट्रैक्शन इस वक्त चर्चा में है.
रैली, मार्च, चौपाल, पुतला दहन… ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आज से इस कैलेंडर पर जुटेगा इंडिया गठबंधन
इंडिया गठबंधन आज चुनाव आयोग तक बड़ा प्रदर्शन करने वाला है. वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्ष के 19 दलों के नेता आज संसद भवन से चुनाव आयोग तक मार्च करने वाले हैं.
ECI मामले पर Congress का केंद्र पर वार, Jairam Ramesh ने सुरक्षा घेराबंदी पर उठाए सवाल
नयी दिल्ली, छह अक्टूबर कांग्रेस ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग के मामले को लेकर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार रूपी “कठपुतली” के माध्यम से पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर हेरफेर और धांधली करवाई ताकि भाजपा किसी भी कीमत पर जीत सके। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक खबर का हवाला देते हुए कहा कि इस कथित चुनावी हेरफेर की निगरानी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने की और अब केवल ‘‘कठपुतली’’ को ही नहीं, बल्कि ‘‘कठपुतली को नचाने वाले दोनों लोगों” को भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज ‘इंडिया जनबंधन’ के सांसदों के साथ-साथ आमंत्रित अन्य विपक्षी सांसद भी शांतिपूर्ण तरीके से निर्वाचन आयोग तक मार्च करेंगे और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग करेंगे। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि संसद परिसर में ‘‘अभूतपूर्व सुरक्षा घेराबंदी’’ की जा रही है और यह ‘‘कठपुतली नचाने वाली जोड़ी की अत्यधिक घबराहट’’ का संकेत है। रमेश ने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव ‘‘बड़े पैमाने पर हेरफेर और धांधली’’ का उदाहरण है तथा अब संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई होना ‘‘सिर्फ समय की बात’’ है।
सोमनाथ से दिल्ली 14 घंटे में, 680 KM का एक्सप्रेसवे गुजरात को 6 राज्यों से जोड़ेगा
Somnath Dwarka Expressway: सोमनाथ-द्वारका एक्सप्रेसवे न केवल गुजरात के 13 जिलों को आपस में जोड़ेगा, बल्कि यह दोनों बड़े धार्मिक स्थलों की दिल्ली-NCR से तक कनेक्टिविटी बढ़ाने वाला है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गदर साथी: गोपी कृष्ण पांडे को आखिर कैसे बनाया गया राज्यसभा प्रत्याशी
उत्तर प्रदेश से भाजपा के आठ राज्यसभा प्रत्याशियों में गोपी कृष्ण पांडे को सबसे छिपा रुस्तम माना जा रहा है। करीब 30 साल से कानपुर में भाजपा संगठन का काम करने वाले पांडे पर पीएम नरेंद्र मोदी का लंबे समय से भरोसा रहा है। उन्होंने कई बार लोकसभा टिकट ठुकराया था, इस बार पार्टी ने उन्हें सीधे राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है।
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की रहने वाली डिजिटल कंटेंट क्रिएटर खुशी देई लगातार सोशल मीडिया पर पहाड़ों की लाइफ से जुड़े वीडियो शेयर करती रहती हैं, जो लोगों को खूब पसंद आते हैं.
आधार कार्ड के बदले नियम, अब इन डॉक्यूमेंट की होगी जरूरत
आधार कार्ड को लेकर नियम में बदलाव किया है. अब नाम ठीक कराने या बदलवाने या शादी के बाद सरनेम आदि शामिल करने के लिए कौन कौन से डॉक्यूमेंट लगेंगे. इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
कटिहार में दिनदहाड़े वारदात, गोली मारकर वकील को उतारा मौत के घाट
कटिहार में दिनदहाड़े अधिवक्ता की बेरहमी से हत्या का CCTV फुटेज सामने आया है. चार हमलावरों ने पहले स्कूटी सवार वकील को गिराया फिर चाकू और बेल्ट से हमला किया. इसके बाद एक आरोपी ने पिस्टल निकालकर गोली मार दी. वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से पैदल फरार हो गए. अधिवक्ता को हॉस्पिटल पहुंचाया गया वहां डॉक्टरों ने उन्हे मृत घोषित कर दिया. पुलिस CCTV के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है.
कॉल रिसीव करते ही बन गया न्यूड VIDEO, युवक से ₹50 लाख की ठगी
अहमदाबाद में 26 वर्षीय युवक सेक्सटॉर्शन का शिकार होकर 49.78 लाख रुपये गंवा बैठा. अनजान नंबर से आए न्यूड वीडियो कॉल के बाद ठगों ने वीडियो वायरल करने की धमकी दी. इसके बाद खुद को दिल्ली साइबर क्राइम ब्रांच का अधिकारी और YouTube अधिकारी बताकर युवक को गिरफ्तारी और करियर बर्बाद होने का डर दिखाया गया. फिर ठगी कर ली.
अब मावा और मिठाइयों में मिलावट की ऑन-द-स्पॉट होगी जांच, नहीं बच पाएंगे मिलावटखोर, ऐसे करें शिकायत
नवरात्रि, दशहरा और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहारों से ठीक पहले भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए प्रमुख बाजारों और मिलावट के हॉटस्पॉट इलाकों में मौके पर ही जांच के लिए फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स मोबाइल वैन तैनात की जाएंगी. जानिए त्यौहारों के सीज़न में FSSAI की इस राष्ट्रव्यापी कार्रवाई की पूरी जानकारी.
लखनऊ एयरपोर्ट के लेबर रूम में लगी भीषण आग, मौके पर पहुंचीं कई दमकल गाड़ियां
लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लेबर रूम में आग लगने से हड़कंप मच गया. मौके पर पुलिस, एयरपोर्ट सुरक्षा कर्मी और कई दमकल गाड़ियां पहुंचीं. घटना में फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं है.
Greater Noida में युवती की खुदकुशी के बाद प्रेमी दीपक सोलंकी पर FIR
नोएडा (उत्तर प्रदेश), छह अक्टूबर ग्रेटर नोएडा में एक युवती की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने उसके कथित प्रेमी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, मूलरूप से अलीगढ़ की रहने वाली 25 वर्षीय गीतेश का शव 28 सितंबर को ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर कस्बे स्थित उसके किराए के घर में फंदे से लटका मिला था। सूरजपुर थाना प्रभारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि घटना के संबंध में युवती के पिता ने मंगलवार को शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें गीतेश के कथित प्रेमी दीपक सोलंकी पर उसे प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने शिकायत का हवाला देते हुए बताया कि गीतेश अगस्त में अपनी बड़ी बहन के साथ रहने के लिए सूरजपुर आई थी। इसी दौरान उसकी पहचान सोलंकी से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गया। थाना प्रभारी ने कहा, ‘‘युवती के पिता ने शिकायत में सोलंकी पर उनकी बेटी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।’’उन्होंने बताया कि मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और जांच जारी है।
Flydubai विमान को आसमान में ही मार गिराता इजरायल? फाइटर जेट्स तैयार थे
फ्लाईदुबई फ्लाइट 1073 के कॉकपिट हमले के बाद इजरायल ने अपने फाइटर जेट्स को तैयार कर लिया था. अगर विमान तेल अवीव की तरफ बढ़ता रहता और हाइजैकिंग की पुष्टि होती, तो उसे मार गिराने तक का विकल्प तैयार रखा गया था.
पिज्जा कैफे में प्रेमी संग बैठी थी बहन, तभी पहुंच गए भाई, फिर...
यूपी के मुजफ्फरनगर स्थित मीरापुर क्षेत्र के एक पिज्जा कैफे में अपनी बहन को उसके बॉयफ्रेंड के साथ देखकर सोनू और उसके ममेरे भाई अतुल ने हमला कर दिया. दोनों ने मिलकर बॉयफ्रेंड की पिटाई की और उसकी बाइक में तोड़फोड़ की. सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया.
इंटरनेट डेस्क। देश के तीन राज्यों की पांच विधानसभा सीटों और असम की एक लोकसभा सीट के उपचुनाव के लिए मतदान शुरू हो चुका है। मतदान शाम तक जारी रहेगा। मतदान केन्द्रों पर सुबह से लोगों की भीड़ नजर आ रही है। आज मतदान पूरा होना होने के बाद 9 अक्टूबर को परिणाम घोषित किया जाएगा। पश्चिम बंगाल में आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर को लेकर बड़ी खबर आई है। खबर ये है कि रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव के लिए अपना वोट डालने के बाद हुमायूं कबीर को मुर्शिदाबाद स्थित उनके पार्टी कार्यालय से पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। आपको बात दें कि आज पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर, तमिलनाडु की धारापुरम और मदुरंतकम, और पुडुचेरी की थट्टनचावडी सीट पर विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान हो रहा है। वहीं असम की नागांव लोकसभा सीट पर भी आज ही उपचुनाव के लिए वोटिंग हो रही है। आज इन सीटों पर हो रहे उपचुनाव से उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी। PC:bhaskarhindi अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी वी. अंबुकुमार ने स्पष्ट किया है कि फॉर्म 7 के जरिए वोटर लिस्ट से अभी तक कोई नाम नहीं हटाया गया है।
जम्मू-कश्मीर में छिपे थे 600 अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिये! 150 बंगाल लाए गए
जम्मू-कश्मीर में कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से रह रहे 150 बांग्लादेशी नागरिकों पर बड़ा एक्शन लिया गया है. इन्हें डिपोर्ट करने की प्रक्रिया के तहत पश्चिम बंगाल भेजा गया है.
एसीपी विवेक भगत को नहीं मिलेगा एडिशनल डीसीपी का चार्ज, सरकार ने आधी रात को बदला फैसला
दिल्ली सरकार ने 12 सिलेक्शन ग्रेड DANIPS अधिकारियों को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त यानी एडिशनल डीसीपी का करंट ड्यूटी चार्ज देने से जुड़े आदेश में बदलाव किया है। इस संशोधित आदेश में दिल्ली पुलिस के ACP विवेक भगत को अतिरिक्त चार्ज से हटा दिया गया है। ...
देश के करोड़ों अन्नदाताओं को आर्थिक संबल देने वाली केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) की आगामी ₹2,000 की किस्त को लेकर बेहद महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। यदि आप भी नियमित रूप से इस योजना के लाभार्थी हैं और आने वाली किस्त की 2,000 रुपये की राशि का इंतजार कर रहे हैं, तो तुरंत सावधान हो जाएं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने लाभार्थियों की सूची की छंटनी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नियमों को बेहद सख्त कर दिया है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, हरदोई, लखीमपुर खीरी से लेकर मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान और महाराष्ट्र तक लाखों ऐसे किसान चिह्नित किए गए हैं, जिनके खातों में जरूरी प्रक्रियाएं पूरी न होने के कारण आगामी किस्त का पैसा अटक सकता है। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के तहत पैसा केवल उन्हीं किसानों के खातों में भेजा जाएगा जिन्होंने तीनों निर्धारित तकनीकी शर्तें समय रहते पूरी कर ली हैं।ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया: घर बैठे 2 मिनट में ऐसे करें पूरीपीएम किसान योजना के तहत फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार ने प्रत्येक लाभार्थी किसान के लिए e-KYC को पूरी तरह अनिवार्य बना दिया है। यदि आपके खाते की ई-केवाईसी अधूरी है, तो अगली किस्त आपके बैंक खाते में क्रेडिट नहीं की जाएगी। इसे पूरा करने के दो बेहद आसान विकल्प उपलब्ध हैं:ओटीपी आधारित ई-केवाईसी (निःशुल्क): यदि आपका मोबाइल नंबर आपके आधार कार्ड से लिंक है, तो आप अपने फोन से सीधे आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in पर जाएं। वहां 'Farmers Corner' में मौजूद 'e-KYC' विकल्प पर क्लिक करें, अपना 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करें और पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी (OTP) को सबमिट कर तुरंत सत्यापन पूरा करें।बायोमेट्रिक ई-केवाईसी: यदि मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, तो अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या जनसेवा केंद्र पर जाकर फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन के जरिए मात्र ₹15-₹20 का मामूली शुल्क देकर बायोमेट्रिक ई-केवाईसी करा सकते हैं।भू-सत्यापन (Land Seeding): पटवारी या लेखपाल से तुरंत कराएं दर्जकिस्त अटकने का दूसरा सबसे बड़ा कारण लैंड सीडिंग (Land Seeding यानी भू-अभिलेखों का सत्यापन) न होना है। सरकार द्वारा कृषि योग्य भूमि के डिजिटल रिकॉर्ड को किसान के आवेदन से मिलाया जा रहा है। यदि पीएम किसान पोर्टल पर आपके 'Beneficiary Status' में Land Seeding के आगे 'NO' लिखा आ रहा है, तो आपकी किस्त तुरंत प्रभाव से रोक दी जाएगी। इसे ठीक कराने के लिए किसान को अपनी खतौनी (जमीन की फर्द/भूलेख नकल), आधार कार्ड की फोटोकॉपी, बैंक पासबुक और पीएम किसान का रजिस्ट्रेशन नंबर लेकर अपने ब्लॉक, तहसील कार्यालय या क्षेत्रीय लेखपाल/पटवारी अथवा जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से संपर्क करना होगा। संबंधित राजस्व अधिकारी द्वारा दस्तावेजों की जांच के बाद राज्य सरकार के पोर्टल पर इसे अप्रूव करते ही स्थिति 'YES' में बदल जाएगी।बैंक खाते से आधार सीडिंग और डीबीटी (DBT) सक्रियता अनिवार्यतीसरा और सबसे तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण कार्य है अपने बैंक खाते को आधार से जोड़ना और DBT (Direct Benefit Transfer) इनेबल कराना। कई बार किसानों का खाता आधार से लिंक तो होता है, लेकिन वह 'NPCI मैपर' (National Payments Corporation of India) पर सीड नहीं होता। चूंकि केंद्र सरकार पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) के जरिए सीधे आधार आधारित भुगतान प्रणाली से पैसा भेजती है, इसलिए यदि बैंक खाता एनपीसीआई से लिंक नहीं है, तो पैसा 'Transaction Failed' होकर वापस लौट जाता है। इसके समाधान के लिए किसान अपनी बैंक शाखा में जाकर एक 'आधार-डीबीटी इनेबलिंग फॉर्म' जमा करें या सबसे आसान तरीका यह है कि नजदीकी डाकघर जाकर इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) में एक नया डीबीटी-लिंक्ड डिजिटल खाता खुलवा लें। डाकघर का खाता 24 से 48 घंटे के भीतर स्वतः आधार सीड हो जाता है, जिससे अटकी हुई किस्तें भी सीधे ट्रांसफर हो जाती हैं।पीएम किसान पोर्टल पर ऐसे चेक करें अपना 'Beneficiary Status'किसानों को सलाह दी जाती है कि वे किस्त जारी होने की तारीख से पहले ही अपना स्टेटस खुद जांच लें ताकि किसी भी खामी को समय रहते सुधारा जा सके। इसके लिए:सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं।होमपेज पर दाईं ओर दिख रहे 'Know Your Status' विकल्प पर क्लिक करें।अपना पीएम किसान रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा कोड भरकर 'Get Data' पर क्लिक करें (यदि रजिस्ट्रेशन नंबर याद नहीं है, तो 'Know your registration no.' पर जाकर आधार या मोबाइल नंबर से निकाल सकते हैं)।स्क्रीन पर खुलते ही 'Eligibility Status' टैब में तीन मुख्य चीजें चेक करें—e-KYC Status (YES होना चाहिए), Land Seeding (YES होना चाहिए), और Aadhaar Bank Account Seeding Status (YES होना चाहिए)। यदि इन तीनों के आगे हरा टिक और 'YES' लिखा हुआ है, तो आपको बिल्कुल निश्चिंत रहने की जरूरत है; आगामी ₹2,000 की किस्त बिना किसी रुकावट के सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
त्योहारी सीजन के बीच आम उपभोक्ताओं से लेकर व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक सभी की निगाहें रसोई गैस और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों पर टिकी हुई हैं। सरकारी तेल विपणन कंपनियों (Indian Oil, Bharat Petroleum, Hindustan Petroleum) द्वारा 1 अक्टूबर को किए गए मासिक मूल्य संशोधन के बाद आज 6 अक्टूबर को भी पूरे देश में वही निर्धारित दरें प्रभावी रूप से लागू हैं। जहां आम परिवारों को राहत देते हुए 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों को जस का तस स्थिर रखा गया है, वहीं 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में प्रति सिलेंडर 62.50 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर झारखंड की राजधानी रांची, उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर और बिहार की राजधानी पटना तक गैस सिलेंडर के खुदरा दाम स्थानीय वैट और ट्रांसपोर्टेशन टैक्स के कारण अलग-अलग दर्ज किए जा रहे हैं।14.2 किलो घरेलू गैस सिलेंडर: आम परिवारों को मिली राहत, दाम स्थिरमहीने की शुरुआत से ही आम गृहणियों और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए सबसे बड़ी राहत यह रही है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। राजधानी दिल्ली में सब्सिडी रहित घरेलू सिलेंडर का दाम ₹942 पर स्थिर बना हुआ है। मुंबई में यह सिलेंडर ₹941.50, चेन्नई में ₹957.50 और कोलकाता में ₹968 में उपलब्ध हो रहा है। झारखंड की राजधानी रांची की बात करें तो वहां घरेलू एलपीजी सिलेंडर ₹999.50 से ₹1,010 के दायरे में मिल रहा है। इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश के लखनऊ में घरेलू सिलेंडर की कीमत करीब ₹940-₹942 और बिहार के पटना में लगभग ₹1,000 के पार बनी हुई है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत पंजीकृत गरीब परिवारों को प्रति सिलेंडर मिलने वाली ₹300 की लक्षित सब्सिडी पूर्ववत जारी है, जिससे लाभार्थियों को यह सिलेंडर करीब ₹600 के दायरे में ही पड़ता है।19 किलो कमर्शियल सिलेंडर: होटल, रेस्तरां और ढाबों का बढ़ा बजटत्योहारों की शुरुआत के साथ ही खाने-पीने और कैटरिंग के कारोबार से जुड़े व्यापारियों को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की बढ़ी हुई कीमतों का सामना करना पड़ रहा है। तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर पर ₹62.50 से लेकर ₹71.50 तक की बढ़ोतरी की थी। आज 6 अक्टूबर को दिल्ली में 19 किलो का नीला कमर्शियल सिलेंडर ₹2,810 में मिल रहा है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में इसकी कीमत ₹2,763.50 से ₹2,764.50 के बीच दर्ज की गई है। कोलकाता में कमर्शियल गैस सिलेंडर ₹2,946.50 से ₹2,954, चेन्नई में ₹2,978.50 से ₹2,983 और बेंगलुरु में ₹2,893.50 से ₹2,898 पर पहुंच चुका है। रांची में कारोबारियों को यह सिलेंडर लगभग ₹2,988 में मिल रहा है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में कमर्शियल सिलेंडर की दर ₹2,932.50 और पटना में सबसे महंगा ₹3,100.50 के स्तर पर है। इससे ढाबों, मिठाई की दुकानों और शादियों में कैटरिंग सर्विस देने वाले संचालकों की परिचालन लागत में इजाफा हुआ है।महानगरों और प्रमुख शहरों में आज के एलपीजी सिलेंडर के ताजा भावदेश के प्रमुख शहरों में 6 अक्टूबर को 14.2 किलोग्राम (घरेलू) और 19 किलोग्राम (कमर्शियल) एलपीजी सिलेंडर के ताजा रेट इस प्रकार हैं:नई दिल्ली: घरेलू सिलेंडर ₹942.00 | कमर्शियल सिलेंडर ₹2,810.00रांची: घरेलू सिलेंडर ₹999.50 | कमर्शियल सिलेंडर ₹2,988.00लखनऊ: घरेलू सिलेंडर ₹942.00 | कमर्शियल सिलेंडर ₹2,932.50मुंबई: घरेलू सिलेंडर ₹941.50 | कमर्शियल सिलेंडर ₹2,763.50कोलकाता: घरेलू सिलेंडर ₹968.00 | कमर्शियल सिलेंडर ₹2,946.50चेन्नई: घरेलू सिलेंडर ₹957.50 | कमर्शियल सिलेंडर ₹2,978.50पटना: घरेलू सिलेंडर ₹1,001.00 | कमर्शियल सिलेंडर ₹3,100.50बेंगलुरु: घरेलू सिलेंडर ₹944.50 | कमर्शियल सिलेंडर ₹2,893.50हैदराबाद: घरेलू सिलेंडर ₹994.00 | कमर्शियल सिलेंडर ₹3,058.50कैसे तय होते हैं एलपीजी सिलेंडर के दाम और घर बैठे कैसे करें चेकभारत में एलपीजी सिलेंडर के खुदरा मूल्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक एलपीजी बेंचमार्क (Saudi Aramco Contract Price) और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की विनिमय दर पर निर्भर करते हैं। इसके अलावा हर राज्य में स्थानीय बिक्री कर (वैट) और परिवहन लागत अलग-अलग होने के कारण एक ही सिलेंडर के दाम विभिन्न शहरों में थोड़े भिन्न होते हैं। उपभोक्ता अपने शहर के एलपीजी सिलेंडर के ताजा और आधिकारिक भाव आसानी से चेक कर सकते हैं। इसके लिए वे इंडियन ऑयल की आधिकारिक वेबसाइट (iocl.com) पर विजिट कर सकते हैं या फिर 'IndianOil ONE' व 'HP Pay' मोबाइल ऐप के जरिए भी रेट्स देख सकते हैं। साथ ही, ग्राहक अपनी संबंधित गैस एजेंसी के व्हाट्सएप नंबर या एसएमएस हेल्पलाइन के जरिए अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से एक मैसेज भेजकर भी मौजूदा बिलिंग राशि की पुष्टि कर सकते हैं।
कभी डेब्यू पर शतक जड़ रचा इतिहास, अब टीम इंडिया से कोसों दूर
6 अक्टूबर 2018 का दिन भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद खास रहा था. राजकोट में भारत ने वेस्टइंडीज को पारी और 272 रन से हराकर उस समय की अपनी सबसे बड़ी टेस्ट जीत दर्ज की थी. इस मुकाबले में 18 साल के पृथ्वी शॉ ने डेब्यू पर शानदार 134 रन बनाकर इतिहास रचा था. भारत ने यह मुकाबला सिर्फ तीन दिनों में खत्म कर दिया था.
पानी, धूप या खाद...पत्तियों के रंग-ढंग से समझें क्या चाहता है पौधा!
पौधे की पत्तियां पीली, भूरी, सूखी या धब्बेदार हो रही हैं तो इसे नजरअंदाज न करें. पत्तियों का रंग, आकार और बनावट पौधे की सेहत से जुड़े कई संकेत देते हैं. जानें पत्तियों में होने वाले अलग-अलग बदलाव पानी की कमी, ज्यादा धूप, जरूरत से ज्यादा पानी, कीड़ों या बीमारी की ओर कैसे इशारा करते हैं और समय रहते पौधे की सही देखभाल कैसे करें.
बिकिनी में एक्ट्रेस ने दिखाई बोल्डनेस, कभी युवराज संग था रिश्ता
किम शर्मा ने फोटोज पोस्ट करके बताया कि वो वेकेशन पर हैं. बीच किनारे वो स्टे कर रही हैं. बिकिनी में उनका टशन दिखता है.
त्योहारी सीजन शुरू होते ही ई-कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट की सबसे बड़ी वार्षिक सेल 'द बिग बिलियन डेज' (Flipkart Big Billion Days) को लेकर गैजेट प्रेमियों का इंतजार खत्म हो गया है। प्रीमियम फ्लैगशिप स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए इस बार सबसे बड़ा आकर्षण सैमसंग का बहुचर्चित कॉम्पैक्ट फ्लैगशिप स्मार्टफोन Samsung Galaxy S25 बनकर उभरा है। लॉन्चिंग के समय भारी कीमत के चलते जो फोन आम खरीदारों के बजट से बाहर था, फ्लिपकार्ट ने इस सेल में उस पर भारी कटौती का ऐलान कर दिया है। देश के बड़े महानगरों—दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु—से लेकर लखनऊ, कानपुर, पटना और जयपुर जैसे शहरों तक के युवा खरीदारों में इस डील को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। प्रीमियम एल्युमिनियम आर्मर फ्रेम, स्लीक डिजाइन, अत्याधुनिक गैलेक्सी एआई (Galaxy AI) फीचर्स और टॉप-टियर कैमरा से लैस यह फोन अब मिड-प्रीमियम बजट में उपलब्ध कराया जा रहा है।₹52,999 की प्रभावी कीमत: समझें पूरे डिस्काउंट और बैंक ऑफर्स का गणितफ्लिपकार्ट के आधिकारिक सेल बैनर और रिवील्ड डील्स के अनुसार, सैमसंग गैलेक्सी S25 की बिक्री सेल के दौरान सीधे ₹57,999 की शुरुआती कीमत पर लिस्ट की गई है। लेकिन असली बचत बैंक और कूपन डिस्काउंट के बाद देखने को मिलती है:फ्लैट कूपन व सेल प्राइस कट: फोन की रेगुलर सेलिंग प्राइस पर सीधे बंपर सेल डिस्काउंट दिया जा रहा है।बैंक कार्ड ऑफर: फ्लिपकार्ट एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड या फ्लिपकार्ट एसबीआई क्रेडिट कार्ड (Flipkart SBI Card) का उपयोग करने पर ग्राहकों को फ्लैट ₹4,000 की अतिरिक्त तत्काल छूट (Instant Discount) दी जा रही है। इससे फोन की कीमत सीधे घटकर ₹53,999 रह जाती है।BBD सेल पास डिस्काउंट: जिन ग्राहकों ने सेल से पहले जारी हुआ स्पेशल अर्ली एक्सेस/सेल पास लिया था, उन्हें चेकआउट के समय ₹1,000 का अतिरिक्त फ्लैट ऑफ मिल रहा है।नेट इफेक्टिव प्राइस: इन सभी ऑफर्स को एक साथ लागू करने के बाद सैमसंग गैलेक्सी S25 की प्रभावी डील कीमत मात्र ₹52,999 तक आ जाती है।एक्सचेंज बोनस और नो-कॉस्ट ईएमआई से और आसान होगी खरीदारीयदि आपके पास पहले से कोई पुराना 4G या 5G स्मार्टफोन मौजूद है, तो फ्लिपकार्ट इस पर आकर्षक एक्सचेंज वैल्यू और अतिरिक्त एक्सचेंज बोनस की पेशकश कर रहा है। पुराने फ्लैगशिप फोन (जैसे Galaxy S21 FE, OnePlus या iPhone के पुराने मॉडल) को एक्सचेंज करने पर ₹15,000 से लेकर ₹25,000 तक की अतिरिक्त कटौती संभव है, जिससे यह फोन ₹30,000 से ₹35,000 के ब्रैकेट में भी आ सकता है। इसके अलावा, जो ग्राहक एकमुश्त भुगतान करने से बचना चाहते हैं, उनके लिए प्रमुख बैंकों के क्रेडिट कार्ड पर 6 से 9 महीने की नो-कॉस्ट ईएमआई (No-Cost EMI) का विकल्प दिया गया है, जिसकी किस्त लगभग ₹6,444 प्रति माह से शुरू होती है। फ्लिपकार्ट प्लस और ब्लैक मेंबर्स के लिए सुपरकॉइन्स (SuperCoins) के जरिए अतिरिक्त बचत और 24 घंटे पहले अर्ली एक्सेस का लाभ भी सुनिश्चित किया गया है।स्नैपड्रैगन 8 एलीट और 7 साल के ओएस अपडेट्स का बेजोड़ संगमसैमसंग गैलेक्सी S25 केवल अपने आकर्षक लुक्स के लिए ही नहीं, बल्कि अपने दमदार हार्डवेयर और लॉन्ग-टर्म सॉफ्टवेयर सपोर्ट के लिए भी जाना जाता है। इस स्मार्टफोन में 6.2 इंच का कॉम्पैक्ट डायनामिक एमोलेड 2X डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। परफॉर्मेंस के मोर्चे पर इसमें लेटेस्ट Snapdragon 8 Elite for Galaxy फ्लैगशिप प्रोसेसर मिलता है, जो गेमिंग, मल्टीटास्किंग और ऑन-डिवाइस एआई प्रोसेसिंग को बेहद स्मूथ बनाता है। फोटोग्राफी के लिए फोन के रियर में 50 मेगापिक्सल का मुख्य OIS कैमरा, 12 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड और 3x ऑप्टिकल जूम वाला 10 मेगापिक्सल का टेलीफोटो लेंस दिया गया है। इसके साथ ही सैमसंग ने इस डिवाइस के लिए 7 साल तक के एंड्रॉयड ओएस और सिक्योरिटी अपडेट्स की गारंटी दी है, यानी यह फोन वर्ष 2032 तक पूरी तरह लेटेस्ट सॉफ्टवेयर पर काम करता रहेगा।गैलेक्सी एआई (Galaxy AI) के स्मार्ट फीचर्स जो बनाते हैं इसे खासइस फ्लैगशिप हैंडसेट की सबसे बड़ी यूएसपी इसका इनबिल्ट गैलेक्सी एआई सूट है। फोन में 'सर्कल टू सर्च', रियल-टाइम वॉयस कॉल ट्रांसलेशन, नोट असिस्ट, जनरेटिव फोटो एडिटिंग और एआई समरी जैसे फीचर्स मिलते हैं जो रोजमर्रा के कामकाज को काफी तेज और आसान बना देते हैं। प्रीमियम ग्लास बैक, मैट फिनिश, IP68 वाटर व डस्ट रेजिस्टेंस रेटिंग और वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट इसे हर मायने में एक कंप्लीट कॉम्पैक्ट प्रीमियम पैकेज बनाते हैं। यदि आप 50 से 55 हजार रुपये के दायरे में आईफोन या किसी अन्य एंड्रॉइड फ्लैगशिप का विकल्प तलाश रहे हैं, तो फ्लिपकार्ट बिग बिलियन डेज सेल की यह डील वैल्यू-फॉर-मनी के मामले में इस साल की सबसे बेहतरीन डील्स में से एक मानी जा रही है।
राशिफल: वृषभ, तुला और वृश्चिक रहें सतर्क, जानें 6 अक्टूबर को कैसा रहेगा आपका दिन
कुछ लोगों के अटके काम आगे बढ़ेंगे, जबकि कुछ को जल्दबाजी से बचते हुए सोच-समझकर कदम उठाना होगा।......
घरेलू शेयर बाजार में लगातार दबाव और उतार-चढ़ाव के बीच रीटेल सेक्टर की उभरती कंपनी पटेल रिटेल लिमिटेड (Patel Retail Limited) के शेयरों में ट्रेडर्स और निवेशकों की दिलचस्पी अचानक बढ़ गई है। कंपनी ने अपने बिजनेस पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए एफएमसीजी और स्पाइस सेगमेंट में एक बड़ा दांव चला है। पटेल रिटेल ने अपने लोकप्रिय इन-हाउस प्राइवेट लेबल ब्रांड 'इंडियन चस्का' (Indian Chaska) के तहत 23 नए उत्पादों वाले 'होल स्पाइसेज' (साबुत मसाले) की पूरी रेंज बाजार में लॉन्च करने की आधिकारिक घोषणा की है। इस नए कदम के साथ कंपनी अब न केवल अपने सुपरमार्केट स्टोर्स में बल्कि जनरल ट्रेड और रीजनल डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के जरिए भी अपनी मौजूदगी मजबूत करने जा रही है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस घोषणा से कंपनी के ग्रॉस मार्जिन और ब्रांड विजिबिलिटी दोनों में सुधार देखने को मिल सकता है, जिसके चलते मंगलवार के कारोबारी सत्र में इस स्मॉल-कैप रिटेल स्टॉक पर पैनी नजर रखी जा रही है।'इंडियन चस्का' के तहत 23 मसालों की नई रेंज, मार्जिन सुधारने की बड़ी तैयारीपटेल रिटेल के अनुसार, 'इंडियन चस्का' ब्रांड के तहत उतारी गई इस 23-प्रोडक्ट रेंज में रोजमर्रा के किचन में इस्तेमाल होने वाले साबुत मसाले जैसे जीरा, काली मिर्च, लौंग, दालचीनी, तेजपत्ता और विशेष सुगंधित खड़े मसाले शामिल हैं। कंपनी ने इन मसालों की सोर्सिंग, प्रोसेसिंग और पैकेजिंग के लिए कड़े गुणवत्ता मानक तय किए हैं। खुदरा कारोबार में पैकेज्ड फूड और मसालों जैसे हाई-मार्जिन प्रोडक्ट्स को अपने ब्रांड के तहत बेचने से रिटेलर्स को सीधा मुनाफा होता है, जिसे 'प्राइवेट लेबल एडवांटेज' कहा जाता है। कंपनी के पास गुजरात के दुधई और महाराष्ट्र के अंबरनाथ एमआईडीसी में अपनी अत्याधुनिक फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स हैं। इन यूनिट्स की मदद से पटेल रिटेल थर्ड पार्टी सप्लाई चेन पर निर्भर रहने के बजाय खुद प्रोसेसिंग कर लागत कम रखती है। कंपनी पहले से ही 'पटेल फ्रेश' (दालें, मेवे), 'पटेल एसेंशियल' (क्लीनिंग प्रोडक्ट्स) और 'इंडियन चस्का' के तहत पिसे मसाले बेच रही थी, और अब साबुत मसालों की एंट्री से इसका बास्केट और मजबूत हो गया है।52-वीक हाई से 27% नीचे आया शेयर, डिस्काउंट पर खरीदारी का मौका?अगर स्टॉक के हालिया प्रदर्शन पर नजर डालें, तो बाजार में चली तेज बिकवाली के दौर में पटेल रिटेल के शेयरों में भी ऊपरी स्तरों से भारी मुनाफावसूली देखने को मिली है। यह शेयर अपने 52-सप्ताह के रिकॉर्ड उच्चतम स्तर से करीब 26 से 27 प्रतिशत तक फिसलकर निचले स्तरों पर आ चुका है। बाजार के तकनीकी जानकारों का कहना है कि जब कोई फंडामेंटली मजबूत ग्रोइंग कंपनी अपने रिकॉर्ड हाई से 25-30% के डिस्काउंट पर मिलती है, तो वैल्यू इनवेस्टर्स के लिए रिस्क-टू-रिवॉर्ड रेशियो काफी अनुकूल हो जाता है। तकनीकी चार्ट्स पर स्टॉक अपने अहम सपोर्ट जोन के आसपास कंसोलिडेट कर रहा है। नए प्रोडक्ट लॉन्च की यह सकारात्मक खबर शेयर को निचले स्तरों से बाउंस बैक करने और शॉर्ट-टर्म में बेस बनाने में मदद कर सकती है।रीजनल सुपरमार्केट से नेशनल ब्रांड बनने की दिशा में कदमअगस्त 2025 में भारतीय शेयर बाजारों (BSE और NSE) पर लिस्ट होने के बाद से कंपनी अपने भौगोलिक विस्तार को लेकर काफी आक्रामक रही है। वर्तमान में पटेल रिटेल महाराष्ट्र के ठाणे, रायगढ़ और पालघर जिलों के टियर-3 व सब-अर्बन इलाकों में 'Patel's R Mart' ब्रांड के तहत 50 से अधिक सुपरमार्केट्स का मजबूत नेटवर्क संचालित कर रही है। इसके साथ ही, कंपनी ने हाल ही में अपने 'इंडियन चस्का' ब्रांड के डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मध्य प्रदेश समेत देश के 8 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विस्तार दिया है। कंपनी की यह दोहरी रणनीति है—एक तरफ अपने फिजिकल स्टोर्स के जरिए टियर-3 और ग्रामीण उपनगरीय ग्राहकों को डिस्काउंटेड ग्रॉसरी बेचना, और दूसरी तरफ अपने इन-हाउस मसाला ब्रांड्स को देश भर के किराना नेटवर्क में पहुंचाकर पैन-इंडिया एफएमसीजी प्लेयर के रूप में खुद को स्थापित करना।निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए क्या हैं एक्सपर्ट्स की रायबाजार के जानकारों का मानना है कि भारतीय मसाला और पैकेज्ड फूड बाजार तेजी से असंगठित से संगठित क्षेत्र की ओर शिफ्ट हो रहा है। ऐसे में मजबूत इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी वाली कंपनियों के लिए विकास की असीम संभावनाएं हैं। हालांकि, रिटेल सेक्टर में डीमार्ट (एवेन्यू सुपरमार्ट्स), रिलायंस रिटेल और क्विक कॉमर्स जैसे बड़े दिग्गजों से मिलने वाली कड़ी प्रतिस्पर्धा पटेल रिटेल के सामने एक निरंतर चुनौती बनी हुई है। ट्रेडर्स के लिए सलाह है कि वे ऊपरी स्तरों से 27% गिरे इस स्टॉक में किसी भी उछाल पर स्टॉपलॉस का सख्त ध्यान रखें। वहीं लंबी अवधि के निवेशक कंपनी के आगामी तिमाही नतीजों में इस नए मसाला वर्टिकल से होने वाले रेवेन्यू और मार्जिन ग्रोथ पर नजर रखते हुए धीरे-धीरे पोजीशन बनाने पर विचार कर सकते हैं।
भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टर को जल्द ही केंद्र सरकार की ओर से एक बड़ा वित्तीय संबल मिलने जा रहा है। आधिकारिक सूत्रों के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की आगामी बैठक में बहुप्रतीक्षित ₹10,000 करोड़ के 'एसएमई ग्रोथ फंड' (SME Growth Fund) के औपचारिक प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लग सकती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट में इस महत्वाकांक्षी फंड की स्थापना की रूपरेखा प्रस्तुत की थी। अब संबंधित मंत्रालयों और नीति आयोग के बीच विस्तृत विचार-विमर्श पूरा होने के बाद कैबिनेट नोट तैयार कर लिया गया है। उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों—लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़, भदोही—से लेकर गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु के एमएसएमई क्लस्टर्स के लिए यह फैसला गेमचेंजर साबित हो सकता है। यह फंड उन उद्यमों को सीधे पूंजीगत सहायता देगा जो विस्तार और आधुनिक तकनीकों को अपनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड कैसे करेगा कामअक्सर देखा जाता है कि छोटे उद्यमों को बैंक से पारंपरिक लोन तो मिल जाता है, लेकिन उनके पास दीर्घकालिक इक्विटी पूंजी (Equity Capital) या रिस्क कैपिटल का भारी अभाव रहता है। प्रस्तावित ₹10,000 करोड़ का एसएमई ग्रोथ फंड इसी बुनियादी कमी को पाटने के लिए डिजाइन किया गया है।फंड ऑफ फंड्स मॉडल: इस कोष को 'फंड ऑफ फंड्स' (Fund of Funds) संरचना के तहत संचालित किया जाएगा। इसका प्रबंधन भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) या नेशनल क्रेडिट ट्रस्टी कंपनी द्वारा किया जाएगा।अतिरिक्त निजी पूंजी जुटाना (Crowding-in Private Capital): सरकार के इस 10,000 करोड़ रुपये के सीड फंड के आधार पर अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (AIFs) और वेंचर कैपिटल फर्म्स से निजी पूंजी जुटाई जाएगी, जिससे कुल उपलब्ध वित्तीय पूल ₹40,000 से ₹50,000 करोड़ तक पहुंच सकता है।इक्विटी और क्वासी-इक्विटी निवेश: तेजी से बढ़ते हुए छोटे उद्यमों (Fast-Growing SMEs) को शेयर पूंजी या क्वासी-इक्विटी के रूप में पैसा दिया जाएगा, जिससे उन पर तुरंत मासिक ब्याज या ईएमआई चुकाने का दबाव नहीं पड़ेगा और वे अपने कारोबार को बड़े पैमाने पर ले जा सकेंगे।आईपीओ (IPO) की तैयारी: यह फंड उन एमएसएमई इकाइयों को वित्तीय रूप से मजबूत बनाएगा जो भविष्य में बीएसई एसएमई (BSE SME) या एनएसई इमर्ज (NSE Emerge) प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होकर पब्लिक इश्यू लाना चाहती हैं।छोटे उद्यमों के सामने आ रही पूंजीगत चुनौतियों का होगा समाधानवर्तमान में देश में लगभग 6.3 करोड़ से अधिक एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं, जो देश की जीडीपी में 30% से अधिक और कुल निर्यात में करीब 45% का योगदान देती हैं। इसके बावजूद, इस क्षेत्र को औपचारिक बैंकिंग चैनलों से सस्ती और समय पर पूंजी जुटाने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जमानत (Collateral) की कमी और कठोर क्रेडिट रेटिंग प्रक्रियाओं के चलते कई होनहार उद्यम अपनी पूरी क्षमता का उपयोग नहीं कर पाते। प्रस्तावित ग्रोथ फंड विशेष रूप से उन सेक्टरों पर केंद्रित होगा जो हाई-ग्रोथ और रोजगार सृजन से जुड़े हैं, जैसे कि एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, ऑटो कंपोनेंट्स, टेक्सटाइल व गारमेंट्स, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स हार्डवेयर, एग्री-प्रोसेसिंग और ग्रीन एनर्जी समाधान। फंड के माध्यम से उद्यमों को ऑटोमेशन, रोबोटिक्स, सीएनसी मशीनरी और डिजिटल सप्लाई चेन अपनाने के लिए लंबी अवधि की पूंजी मिल सकेगी।रोजगार सृजन और लोकल मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा भारी बूस्टसरकार का प्राथमिक लक्ष्य केवल वित्तीय मदद देना नहीं, बल्कि देश के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर गुणवत्तापूर्ण रोजगार पैदा करना है। 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' विजन के तहत घरेलू स्तर पर आयात विकल्पों को तैयार करने वाले छोटे उद्योगों को इस फंड से प्राथमिकता दी जाएगी। यदि किसी लघु उद्योग के पास निर्यात के बड़े ऑर्डर हैं लेकिन वर्किंग कैपिटल और प्लांट विस्तार की क्षमता नहीं है, तो यह फंड उसमें हिस्सेदारी खरीदकर उसकी क्षमता को दोगुना-तिगुना करने में मदद करेगा। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर कुशल व अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे, बल्कि टियर-2 और टियर-3 शहरों से महानगरों की ओर होने वाले अनियंत्रित पलायन पर भी लगाम लगेगी।कैबिनेट की मंजूरी के बाद कब से धरातल पर उतरेगी योजनासूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल से हरी झंडी मिलने के तुरंत बाद केंद्रीय एमएसएमई मंत्रालय और वित्तीय सेवा विभाग (DFS) इसके विस्तृत परिचालन दिशानिर्देश (Operational Guidelines) और पात्रता मानदंड जारी करेंगे। इसके तहत एक उच्चस्तरीय संचालन समिति बनाई जाएगी, जो फंड आवंटन की निष्पक्षता और गति की निगरानी करेगी। डिजिटल पोर्टल के माध्यम से आवेदन, अप्रूवल और मॉनिटरिंग की पूरी प्रक्रिया को पेपरलेस और पारदर्शी रखा जाएगा ताकि लालफीताशाही से बचा जा सके। दिवाली और आगामी त्योहारी सीजन के ठीक पहले सरकार की ओर से इस फंड को मिलने वाली मंजूरी छोटे कारोबारियों के लिए एक बड़े बूस्टर डोज का काम करेगी, जिससे देश के औद्योगिक उत्पादन इंडेक्स (IIP) में भी उछाल आने की पूरी उम्मीद है।
कैसा होगा कलयुग का अंत? जानें इससे जुड़ी भविष्यवाणियां
Hindu Dharam: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कलयुग के अंतिम चरण में मनुष्य की आयु घटकर महज 20 साल रह जाएगी और धर्म लगभग समाप्त हो जाएगा. ऐसे घोर अधर्म के बीच कैसे होगा भगवान विष्णु का अंतिम 'कल्कि अवतार'.
देश के कर ढांचे और व्यापार जगत से जुड़े सबसे बड़े नीतिगत मंच 'जीएसटी काउंसिल' (GST Council) की 57वीं बैठक की तारीख में अहम बदलाव किया गया है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के जीएसटी काउंसिल सचिवालय द्वारा जारी आधिकारिक कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum) के अनुसार, अपरिहार्य कारणों के चलते अब यह बैठक 8 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम के समिट रूम में सुबह 11 बजे आयोजित की जाएगी। इससे पहले यह बैठक 7 और 9 अक्टूबर के आसपास प्रस्तावित थी, लेकिन राज्यों के वित्त मंत्रियों की उपलब्धता और प्रशासनिक कारणों को देखते हुए अब 8 अक्टूबर की नई तारीख आधिकारिक तौर पर तय कर दी गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में होने वाली इस उच्चस्तरीय बैठक में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री, वरिष्ठ नौकरशाह और राजस्व विभाग के शीर्ष अधिकारी आमने-सामने बैठकर देश की अर्थव्यवस्था को गति देने वाले कई बड़े आर्थिक प्रस्तावों पर चर्चा करेंगे।आम आदमी से लेकर उद्योग जगत तक, इन बड़े फैसलों पर टिकी निगाहें8 अक्टूबर को होने वाली इस बैठक के एजेंडे में कई ऐसे संवेदनशील और लंबे समय से प्रतीक्षित मुद्दे शामिल हैं जिनका सीधा असर आम जनता की जेब और विभिन्न कारोबारी क्षेत्रों पर पड़ने वाला है। काउंसिल की मेज पर विचार के लिए आने वाले प्रमुख विषय इस प्रकार हैं:हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर जीएसटी छूट: आम नागरिकों के लिए स्वास्थ्य और जीवन बीमा पॉलिसियों पर लगने वाले 18 प्रतिशत जीएसटी को घटाकर 5 प्रतिशत करने या वरिष्ठ नागरिकों के लिए इसे पूरी तरह शून्य करने की मांग पर गठित मंत्रियों के समूह (GoM) की रिपोर्ट पर चर्चा संभव है।दरों का युक्तिकरण (Rate Rationalisation): मौजूदा 4 स्तरीय टैक्स स्लैब (5%, 12%, 18% और 28%) की समीक्षा की जा सकती है। 12% और 18% के स्लैब को मिलाकर एक नया मानक स्लैब बनाने या चुनिंदा जरूरी वस्तुओं को निचले स्लैब में शिफ्ट करने पर सहमति बन सकती है।ऑनलाइन गेमिंग, कैसिनो और हॉर्स रेसिंग पर 28% टैक्स की समीक्षा: ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर पूरे फेस वैल्यू पर लगाए गए 28% जीएसटी नियम के प्रभाव का विस्तृत आकलन काउंसिल के समक्ष पेश किया जा सकता है।अपराधमुक्त करने (Decriminalisation) और गिरफ्तारी के नियम: जीएसटी के तहत मामूली तकनीकी गलतियों पर गिरफ्तारी की शक्तियों को सीमित करने और टैक्स विवादों के समाधान के लिए नियमों को सरल बनाने पर विचार हो सकता है।इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और रिफंड में ढील: छोटे व्यापारियों और निर्यातकों को समय पर रिफंड दिलाने के लिए आईटीसी मिलान नियमों में राहत देने की तैयारी है।राज्यों के राजस्व और क्षतिपूर्ति उपकर (Compensation Cess) का भविष्यकाउंसिल की बैठक में केंद्र और राज्यों के बीच राजस्व संतुलन को लेकर भी लंबी बहस होने के आसार हैं। कोविड-19 के दौरान राज्यों के राजस्व घाटे की भरपाई के लिए लिया गया बैक-टू-बैक ऋण अब लगभग पूरा होने की ओर है। ऐसे में लग्जरी और डिमेरिट सामानों (जैसे तंबाकू, सिगरेट, वातित पेय और बड़ी एसयूवी कारों) पर वसूले जाने वाले क्षतिपूर्ति उपकर (Cess) को आगे जारी रखा जाए या उसे सामान्य टैक्स स्लैब में समाहित कर दिया जाए, इस पर राज्यों के वित्त मंत्री अपनी राय रखेंगे। विपक्ष शासित राज्य अपने स्थानीय संसाधनों और वित्तीय स्वायत्तता को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त वित्तीय पैकेज या उपकर से होने वाली आय में हिस्सेदारी की मांग को पुरजोर तरीके से उठा सकते हैं।छोटे व्यापारियों और एमएसएमई (MSME) सेक्टर को मिल सकती है बड़ी राहतभारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) और खुदरा व्यापारियों के लिए अनुपालन (Compliance) का बोझ हल्का करना सरकार की प्राथमिकताओं में रहा है। 8 अक्टूबर की बैठक में कंपोजिशन स्कीम की मौजूदा सीमाओं में संशोधन, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट पर लगाम लगाने के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन का देशव्यापी विस्तार और ई-इनवॉइसिंग के दायरे को और अधिक सुगम बनाने जैसे तकनीकी सुधारों पर मुहर लग सकती है। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े व्यापारिक राज्यों के व्यापारी संगठन लंबे समय से नोटिस और असेसमेंट प्रक्रियाओं को पूरी तरह फेसलेस और पारदर्शी बनाने की मांग कर रहे हैं, जिस पर काउंसिल ठोस दिशा-निर्देश जारी कर सकती है।त्योहारों से ठीक पहले क्या सस्ती होंगी रोजमर्रा की चीजें?त्योहारी सीजन के मुहाने पर होने के कारण 8 अक्टूबर की यह बैठक उपभोक्ताओं के नजरिए से भी बेहद खास मानी जा रही है। यदि काउंसिल पैकेज्ड फूड आइटम्स, हैंडीक्राफ्ट्स, कपड़ों और घरेलू उपकरणों पर टैक्स की विसंगतियों (Inverted Duty Structure) को ठीक करने का फैसला करती है, तो कई जरूरी उपभोक्ता सामानों की कीमतों में कटौती देखने को मिल सकती है। इसके अतिरिक्त, रियल एस्टेट सेक्टर में अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टीज और बिल्डिंग मटीरियल (जैसे सीमेंट) पर 28% जीएसटी को घटाकर 18% करने की पुरानी मांग पर भी मंथन हो सकता है, जिससे किफायती मकानों की लागत में कमी आ सके। देश भर के बाजारों और निवेशकों की नजरें अब सीधे 8 अक्टूबर को भारत मंडपम से निकलने वाले आधिकारिक बयानों पर जमी हुई हैं।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ विपक्षी गठबंधन 'इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इनक्लूसिव अलायंस' (INDIA) द्वारा घोषित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य कर दी गई है। निर्वाचन आयोग मुख्यालय (निर्वाचन सदन) तथा आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि एसआईआर को लेकर विभिन्न संगठनों के प्रदर्शन के आह्वान के मद्देनजर शुक्रवार से ही नयी दिल्ली के प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एसआईआर में कथित अनियमितताओं को लेकर कई संगठनों और विपक्षी दलों द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन की घोषणा किए जाने के बाद यह कदम उठाया गया है। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने घोषणा की है कि उसके सांसद मंगलवार को निर्वाचन आयोग मुख्यालय तक मार्च करेंगे। गठबंधन के नेता एसआईआर प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताओं से अवगत कराने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे। यह प्रदर्शन 30 सितंबर को 19 विपक्षी दलों की बैठक के बाद घोषित किया गया था। निर्वाचन आयोग के कार्यालय और अन्य संवेदनशील स्थानों के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है, ताकि आवाजाही नियंत्रित की जा सके और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दल लगातार निर्वाचन आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, निर्वाचन आयोग ने अपने तीन सदस्यीय निकाय में किसी भी तरह के मतभेद के आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। निर्वाचन आयोग का रुख: सर्वसम्मति से लिए गए सभी निर्णय विपक्ष के लगातार हमलावर रुख के बीच निर्वाचन आयोग ने आरोपों का खंडन किया है। मुख्य चुनाव आयुक्त और तीन सदस्यीय निकाय के बीच आंतरिक मतभेद या प्रक्रियात्मक कमियों की अटकलों को खारिज करते हुए आयोग ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सभी निर्णय पूर्ण सर्वसम्मति और नियमानुसार लिए गए हैं।
सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न चाहने वाले बैंक निवेशकों के लिए देश के प्रमुख सरकारी बैंकों में शुमार बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) एक बेहद आकर्षक फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम लेकर आया है। बैंक की इस विशेष खुदरा सावधि जमा योजना का नाम 'bob Golden Goal Deposit Scheme' (555 Days FD) है। यह स्कीम उन निवेशकों के लिए सबसे मुफीद मानी जा रही है जो करीब डेढ़ साल (1 वर्ष 6 महीने 7 दिन) की अवधि के लिए अपनी जमा-पूंजी को एकमुश्त निवेश कर अधिकतम ब्याज हासिल करना चाहते हैं। शेयर बाजार की अनिश्चितताओं से दूर रहने वाले रिटेल डिपॉजिटर्स और पेंशनभोगियों के लिए यह योजना न केवल सॉवरेन ग्रेड सुरक्षा प्रदान करती है, बल्कि मौजूदा ब्याज दरों के दौर में सबसे प्रतिस्पर्धी रिटर्न भी सुनिश्चित करती है। लखनऊ, कानपुर, दिल्ली, मुंबई से लेकर देश भर की शाखाओं में इस स्कीम को लेकर ग्राहकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।555 दिन की एफडी पर किसे कितना ब्याज मिल रहा है, समझें पूरा चार्टबैंक ऑफ बड़ौदा ने इस 555 दिनों की स्पेशल एफडी को दो मुख्य प्रारूपों—कॉलेबल (Callable) और नॉन-कॉलेबल (Non-Callable)—में पेश किया है।आम नागरिक (General Public): सामान्य ग्राहकों को 555 दिनों की स्टैंडर्ड कॉलेबल एफडी पर 6.75% प्रति वर्ष का ब्याज दिया जा रहा है। वहीं, यदि आम नागरिक बिना प्री-मैच्योर निकासी वाली नॉन-कॉलेबल एफडी चुनते हैं, तो उन्हें 0.05% अतिरिक्त यानी 6.80% ब्याज मिलेगा।वरिष्ठ नागरिक (Senior Citizens - 60 वर्ष या अधिक): 60 वर्ष से अधिक आयु के रेजिडेंट सीनियर सिटीजन्स को आम दरों के ऊपर 0.50% का अतिरिक्त प्रीमियम मिलता है। इसके तहत कॉलेबल एफडी पर 7.25% और नॉन-कॉलेबल विकल्प में 7.30% का आकर्षक वार्षिक ब्याज देय है।सुपर सीनियर सिटीजन (Super Senior Citizens - 80 वर्ष या अधिक): 80 वर्ष से अधिक उम्र के अति-वरिष्ठ नागरिकों को सीनियर सिटीजन रेट से भी 0.10% एक्स्ट्रा लाभ दिया जा रहा है। यानी कॉलेबल विकल्प में इन्हें 7.35% और नॉन-कॉलेबल एफडी में बैंक अधिकतम 7.40% सालाना ब्याज की पेशकश कर रहा है।कॉलेबल और नॉन-कॉलेबल डिपॉजिट में क्या है बुनियादी अंतरइस स्कीम में निवेश करते समय निवेशकों को कॉलेबल और नॉन-कॉलेबल के फर्क को समझना बेहद जरूरी है। कॉलेबल एफडी में खाताधारक को यह सुविधा मिलती है कि वह किसी मेडिकल इमरजेंसी या अचानक जरूरत पड़ने पर 555 दिन पूरे होने से पहले भी अपनी जमा राशि को समय पूर्व (Premature Withdrawal) निकाल सकता है, जिसके लिए मामूली पेनल्टी काटी जाती है। वहीं, नॉन-कॉलेबल एफडी में बैंक 0.05% ज्यादा ब्याज इसलिए देता है क्योंकि इसमें मैच्योरिटी यानी 555 दिन पूरे होने से पहले पैसा निकालने की कोई अनुमति नहीं होती। इसके साथ ही बैंक के दिशा-निर्देशों के मुताबिक नॉन-कॉलेबल डिपॉजिट पर किसी भी तरह का लोन या ओवरड्राफ्ट सुविधा भी नहीं ली जा सकती। इसलिए यदि आपको अवधि के बीच पैसे की आवश्यकता नहीं पड़ने वाली है, तभी नॉन-कॉलेबल विकल्प चुनकर 7.40% का उच्चतम लाभ उठाना समझदारी होगी।₹5 लाख और ₹10 लाख के निवेश पर कितना बनेगा रिटर्नअगर कोई सुपर सीनियर सिटीजन इस 555 दिनों की नॉन-कॉलेबल एफडी में ₹5,00,000 की राशि जमा करता है, तो 7.40% की दर से त्रैमासिक चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) ब्याज के आधार पर 555 दिनों में कुल ब्याज लगभग ₹58,000 से अधिक बनेगा और मैच्योरिटी राशि लगभग ₹5.58 लाख तक पहुंचेगी। वहीं ₹10,00,000 के निवेश पर सुपर सीनियर नागरिक को कुल ₹1.16 लाख से ज्यादा का शुद्ध ब्याज हासिल होगा। वहीं 60 वर्ष से ऊपर के सीनियर सिटीजन को 7.25% की सामान्य दर पर भी 555 दिनों में लगभग ₹1.14 लाख तक का ब्याज मुनाफा मिल जाता है। सरकारी बैंक होने के नाते इस डिपॉजिट पर डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के तहत ₹5 लाख तक के मूलधन और ब्याज पर 100% सुरक्षा गारंटी भी स्वतः प्राप्त होती है।खाता खोलने की पात्रता, सीमा और प्री-मैच्योरिटी नियमयह स्पेशल स्कीम 3 करोड़ रुपये से कम की रिटेल टर्म डिपॉजिट के लिए लागू है। इस योजना में देश का कोई भी निवासी भारतीय खाता खोल सकता है, जबकि एनआरई (NRE) और एनआरओ (NRO) ग्राहक भी इसका लाभ ले सकते हैं। हालांकि, सीनियर और सुपर सीनियर सिटीजन्स को मिलने वाला अतिरिक्त ब्याज केवल रेजिडेंट भारतीयों के लिए ही मान्य है। कॉलेबल एफडी के मामले में यदि 1 करोड़ रुपये से कम की जमा को समय से पहले बंद किया जाता है, तो लागू दर या अनुबंधित दर में से 1% पेनल्टी की कटौती की जाती है। निवेशक बैंक ऑफ बड़ौदा की किसी भी नजदीकी शाखा में जाकर या घर बैठे 'bob World' मोबाइल बैंकिंग ऐप और नेट बैंकिंग के जरिए मात्र ₹1,000 की न्यूनतम राशि से यह 555-दिवसीय एफडी खाता तुरंत शुरू कर सकते हैं।
दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक ताजा बयान अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में चर्चा का विषय बन गया है। वैश्विक स्तर पर यह माना जा रहा था कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में आपूर्ति बाधित होने की आशंका के कारण कच्चे तेल के दाम चढ़ रहे हैं। हालांकि, ट्रंप ने इस धारणा को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया है कि तेल की कीमतों में उछाल के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य जिम्मेदार नहीं है। उनके मुताबिक, वहां से तेल का निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर जारी है। ट्रंप ने कीमतों में हो रही बढ़ोतरी का सीधा ठीकरा रूस-यूक्रेन युद्ध और तेल शोधन (रिफाइनिंग) से जुड़ी घरेलू व वैश्विक समस्याओं पर फोड़ा है।रूसी रिफाइनरियों पर यूक्रेनी हमलों को ठहराया मुख्य कारणडोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि यूक्रेन द्वारा रूस के ऊर्जा बुनियादी ढांचे, विशेष रूप से तेल रिफाइनरियों पर किए जा रहे लगातार ड्रोन व मिसाइल हमलों ने वैश्विक बाजार में ईंधन की आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है। रूस दुनिया के सबसे बड़े तेल और डीजल निर्यातकों में से एक है। यूक्रेन के सटीक हमलों के चलते रूस की कई प्रमुख रिफाइनरियों की उत्पादन क्षमता ठप हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में शोधित ईंधन (रिफाइंड फ्यूल) की किल्लत बढ़ गई है। ट्रंप का कहना है कि जब तक रिफाइनिंग कैपेसिटी सामान्य नहीं होगी, तब तक कच्चे तेल के प्रवाह के बावजूद तैयार पेट्रोल और डीजल की कीमतें दबाव में रहेंगी।अमेरिका की बंद पड़ी रिफाइनरियों और घरेलू राजनीति पर निशानाअंतरराष्ट्रीय कारणों के साथ-साथ ट्रंप ने अमेरिका की आंतरिक ऊर्जा नीतियों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी के नेतृत्व वाले राज्यों (Blue States) में बंद हुई घरेलू रिफाइनरियों को ईंधन की महंगाई का एक बड़ा कारण बताया। उनका आरोप है कि पर्यावरण से जुड़े कड़े नियमों और नीतियों के कारण कई पारंपरिक रिफाइनरियां बंद हो गईं, जिसके चलते अमेरिका अपनी खुद की कच्ची तेल उत्पादन क्षमता का पूरा फायदा पेट्रोल पंपों तक नहीं पहुंचा पा रहा है। आगामी अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के मद्देनजर बढ़ती महंगाई एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है, और ट्रंप इस स्थिति के लिए पिछली नीतियों और विपक्षी राज्यों के प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।हॉर्मुज जलडमरूमध्य और वैश्विक आपूर्ति का गणितरणनीतिक दृष्टि से हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे संवेदनशील ऊर्जा चोकपॉइंट है, जहां से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल की आवाजाही होती है। मध्य पूर्व में तनाव के चलते बाजार विश्लेषक लगातार इसके बंद होने या नौवहन में रुकावट की चेतावनी दे रहे थे। लेकिन ट्रंप ने स्पष्ट किया कि जलमार्ग से भारी संख्या में तेल के बैरल बिना किसी बड़ी रुकावट के बाहर आ रहे हैं। इस तरह, उन्होंने यह साबित करने की कोशिश की कि समस्या कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की उपलब्धता में नहीं, बल्कि उसे पेट्रोल, डीजल और एविएशन फ्यूल में बदलने वाली वैश्विक रिफाइनरियों की सीमित क्षमता में है।भारत और वैश्विक उपभोक्ताओं पर इसका क्या होगा असरकच्चे तेल और ईंधन की ऊंची कीमतों का सीधा असर भारत जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ता है, जो अपनी कुल तेल खपत का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात करती हैं। यदि रिफाइनरियों की कमी और यूक्रेन-रूस संघर्ष के कारण ईंधन उत्पाद महंगे बने रहते हैं, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के साथ-साथ तैयार ईंधन के आयात की लागत भी बढ़ेगी। इससे माल ढुलाई और आम उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों पर असर पड़ सकता है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक रिफाइनरी क्षमता में सुधार नहीं होता और भू-राजनीतिक संघर्ष थमता नहीं, तब तक ईंधन बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।
चार्ट बनने के बाद भी मिल सकता है ट्रेन का कन्फर्म टिकट! जानें ये खास नियम
ट्रेन का रिजर्वेशन चार्ट तैयार होने के बाद भी टिकट बुक किया जा सकता है. रेलवे की करेंट बुकिंग सुविधा के तहत अगर कोई सीट या बर्थ खाली बची है, तो उसे बुक किया जा सकता है. इस सुविधा में सिर्फ कन्फर्म टिकट जारी होता है, आरएसी या वेटिंग टिकट नहीं.
चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट के लेबर रूम में लगी भीषण आग, एयरपोर्ट सुरक्षाकर्मी मौजूद
लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लेबर रूम में भीषण आग लग गई है. एयरपोर्ट सुरक्षाकर्मी और सरोजिनी नगर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई हैं.
ट्रंप की 'मशीन गन' ने शुरू की नई नौकरी, Fox न्यूज में मिला बड़ा पद
अमेरिका की पूर्व व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट अब Fox News से जुड़ने जा रही हैं. ट्रंप कभी उनकी बोलने की रफ्तार की तुलना 'मशीन गन' से कर चुके हैं. अब 1 नवंबर से वह चैनल की ऑन-एयर कंट्रीब्यूटर के तौर पर नजर आएंगी.
पितृ पक्ष में चीटियों को क्यों खिलाते हैं आटा? जानें इसका रहस्य
Pitru Paksha 2026: गरुड़ पुराण के अनुसार मनुष्य के कर्मों का प्रभाव समस्त जीव-जंतुओं पर पड़ता है. पितृ पक्ष में चीटियों जैसे सूक्ष्म जीवों की भूख शांत करने से मिलने वाला सकारात्मक प्रभाव और पुण्य सीधा हमारे पूर्वजों तक पहुंचता है.
‘जमीन है, मेहनत करते हैं, फिर भी दुल्हन नहीं मिल रही’, CM के दरबार पहुंच गए कुंवारे युवक
कर्नाटक में ग्रामीण युवकों ने CM डीके शिवकुमार के सामने शादी के लिए दुल्हन नहीं मिलने की समस्या उठाई। युवकों का कहना है कि जमीन और खेती होने के बावजूद परिवार सरकारी नौकरी वाले लड़कों को प्राथमिकता देते हैं। 35-40 साल के कई युवक अब भी अविवाहित हैं।
पंजाब CMO की जांच; सियासत और संवैधानिकता का सवाल
ईडी ने पंजाब के डीजीपी गौरव यादव को तीन पत्र लिखे थे. ये पत्र जीएमएडीए भूमि आवंटन से जुड़े मनी-लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दौरान जब्त सामग्री पर आधारित बताए गए. पत्रों में मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े एक संगठित रिश्वतखोरी नेटवर्क का आरोप लगाया गया.
घरेलू स्वास्थ्य निगरानी में पल्स ऑक्सीमीटर एक बेहद जरूरी और जीवनरक्षक मेडिकल डिवाइस बनकर उभरा है। भारतीय बाजार में फिंगरटिप पल्स ऑक्सीमीटर की शुरुआती कीमत आमतौर पर ₹300 से शुरू होकर ₹2,500 तक जाती है, जबकि घर में नियमित इस्तेमाल के लिए ₹500 से लेकर ₹1,500 के बजट में बेहतरीन और सटीक रीडिंग देने वाले कई सर्टिफाइड मॉडल्स आसानी से मिल जाते हैं। किसी भी व्यक्ति के शरीर में ऑक्सीजन का स्तर (SpO2) 95% से 100% के बीच सामान्य माना जाता है और 94% से नीचे जाने पर डॉक्टरी सलाह की जरूरत होती है। राजधानी लखनऊ सहित देश भर के मेडिकल स्टोर्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर आज कई ब्रांडेड और गैर-ब्रांडेड मॉडल्स मौजूद हैं, जिन्हें बजट और फीचर्स के आधार पर आसानी से चुना जा सकता है।₹1,500 के बजट में आने वाले प्रमुख मॉडल्सयदि आप ₹1,500 के अंदर एक टिकाऊ और भरोसेमंद पल्स ऑक्सीमीटर खरीदना चाहते हैं, तो निम्नलिखित मॉडल्स प्रमुख विकल्पों में शामिल हैं:1. Tata 1mg Fingertip Pulse Oximeterयह पल्स ऑक्सीमीटर ऑनलाइन लिस्टिंग में करीब ₹1,345 का है. यह फिंगरटिप ऑक्सीमीटर, ऑक्सीजन लेवल और पल्स रेट की रीडिंग देता है.2. Dr Morepen PO-14यह पल्स ऑक्सीमीटर ऑनलाइन लिस्टिंग में करीब ₹1,153 का है. यह भी एक फिंगरटिप पल्स ऑक्सीमीटर है, जो SpO₂ और पल्स रेट की जानकारी देता है.3. Dr. Gene FS10E AccuSureयह ऑक्सीमीटर करीब ₹845 का है. अगर आप कम बजट में ऑक्सीमीटर देख रहे हैं, तो ये आपके लिए एक विकल्प हो सकता है. इस डिवाइस की मदद से भी ऑक्सीजन लेवल और पल्स रेट, दोनों को चेक किया जा सकता है.4. Dr Trust USA Signature Series 201यह डिवाइस करीब ₹1,399 का है. यह SpO₂ और पल्स रेट मापता है. इसमें पल्स वेव और बारग्राफ भी डिस्प्ले होता है.पल्स ऑक्सीमीटर कैसे काम करता है? समझिए इसकी तकनीकपल्स ऑक्सीमीटर एक गैर-आक्रामक (Non-invasive) मेडिकल उपकरण है, जिसका अर्थ है कि यह बिना सुई चुभाए या खून निकाले शरीर में ऑक्सीजन का स्तर मापता है। यह उपकरण पूरी तरह से 'फोटोइलेक्ट्रिक स्पेक्ट्रोफोटोमेट्री' (Light Absorption Technology) के सिद्धांत पर कार्य करता है। जब आप अपनी उंगली को ऑक्सीमीटर की क्लिप के अंदर डालते हैं, तो डिवाइस के ऊपरी हिस्से में मौजूद एलईडी से दो अलग-अलग वेवलेंथ की लाइट किरणें निकलती हैं—एक लाल रोशनी (Red Light - 660 nm) और दूसरी इन्फ्रारेड रोशनी (Infrared Light - 940 nm)। ये दोनों किरणें आपकी उंगली के ऊतकों और नसों में बह रहे खून से होकर गुजरती हैं और नीचे लगे फोटोडिटेक्टर सेंसर तक पहुंचती हैं।मानव रक्त में मौजूद हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन ले जाने का काम करता है। जिस हीमोग्लोबिन में ऑक्सीजन जुड़ी होती है, उसे ऑक्सीजिनेटेड हीमोग्लोबिन कहते हैं, और जिसमें ऑक्सीजन नहीं होती, उसे डी-ऑक्सीजिनेटेड हीमोग्लोबिन कहा जाता है। इन दोनों की रोशनी सोखने की क्षमता अलग-अलग होती है—ऑक्सीजिनेटेड हीमोग्लोबिन इन्फ्रारेड लाइट को ज्यादा सोखता है और लाल लाइट को गुजरने देता है, जबकि बिना ऑक्सीजन वाला हीमोग्लोबिन लाल लाइट को अधिक सोखता है। ऑक्सीमीटर का माइक्रोप्रोसेसर यह गणना करता है कि कितनी मात्रा में दोनों प्रकार की लाइट अवशोषित हुई हैं और फिर एल्गोरिदम की मदद से कुछ ही सेकंड में स्क्रीन पर प्रतिशत के रूप में SpO2 (ब्लड ऑक्सीजन सैचुरेशन) दिखा देता है। इसके साथ ही, दिल की हर धड़कन के साथ रक्त वाहिकाओं में होने वाले स्पंदन को मापकर यह आपकी पल्स रेट (हार्ट बीट) भी प्रदर्शित करता है।ऑक्सीमीटर का इस्तेमाल करते समय बरतें ये जरूरी सावधानियांसटीक रीडिंग पाने के लिए कुछ सामान्य सावधानियों का पालन करना आवश्यक होता है। उंगली पर गहरा नेल पॉलिश, मेहंदी या आर्टिफिशियल नेल्स लगे होने पर लाइट बीम ब्लॉक हो सकती है, जिससे रीडिंग गलत या कम आ सकती है। इसके अलावा, हाथ बहुत ठंडे होने पर या शरीर में कंपकंपी होने पर ब्लड फ्लो धीमा हो जाता है, जिससे परफ्यूजन इंडेक्स गिर जाता है; इसलिए जांच से पहले हाथ को रगड़कर सामान्य तापमान पर लाएं और शांत बैठकर हाथ को सीने के स्तर पर स्थिर रखें। जांच करते समय डिवाइस को 5 से 10 सेकंड स्थिर रहने दें और जब तक स्क्रीन पर रीडिंग स्थिर न हो जाए, तब तक उंगली न हटाएं।
Weather Today at my Location: उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा समेत उत्तर पश्चिम भारत में आज से फिर बारिश का दौर शुरू होने वाला है. मौसम विभाग ने वेदर डिस्टरबेंस के कारण आज से बारिश होने का अनुमान जताया है.
Gadde ki Safai ka Sahi Tarika: गद्दे की सिर्फ चादर बदलना काफी नहीं है. गद्दे में धूल, पसीना और गंदगी जमा हो सकती है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, नियमित वैक्यूमिंग के साथ हर 3 से 6 महीने में डीप क्लीनिंग करें और दाग लगने पर गद्दे को ज्यादा गीला करने से बचें.
'अगला स्टेशन सुल्तानपुर है..दरवाजे बाईं ओर खुलेंगे' मेट्रो में सुनाई देने वाली ये आवाज शम्मी नारंग की है, जिन्होंने 4 अक्टूबर को अपने पौते को पहली बार मेट्रो में सफर कराने का वीडियो शेयर किया है.
अगर आप अपनी गाढ़ी कमाई को बिना किसी जोखिम के सुरक्षित जगह निवेश कर फिक्स्ड और गारंटीड रिटर्न हासिल करना चाहते हैं तो मौजूदा समय फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी कराने के लिए बेहद मुफीद साबित हो रहा है। देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया जहां अपने ग्राहकों को नियमित अवधियों पर औसतन 6.45 प्रतिशत से लेकर 7.00 प्रतिशत के बीच ब्याज ऑफर कर रहा है, वहीं बाजार में कुछ ऐसे बैंक भी मौजूद हैं जहां सामान्य नागरिकों और वरिष्ठ नागरिकों को 8.25 प्रतिशत तक का रिकॉर्डतोड़ सालाना ब्याज दिया जा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति और रेपो रेट के स्थिर रुख के बीच तमाम सार्वजनिक, निजी और स्मॉल फाइनेंस बैंकों ने अपनी जमा दरों को नए सिरे से री-स्ट्रक्चर किया है ताकि आम खाताधारकों और पेंशनभोगियों को उनकी बचत पर अधिकतम मुनाफा मिल सके। राजधानी लखनऊ से लेकर देश भर के छोटे-बड़े शहरों में बैंक शाखाओं के बाहर एफडी के स्पेशल टेन्योर वाले पोस्टर्स आम लोगों को तेजी से आकर्षित कर रहे हैं क्योंकि शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर रहने वाले पारंपरिक निवेशकों के लिए बैंक एफडी आज भी सुरक्षा और तयशुदा मुनाफे का सबसे भरोसेमंद जरिया बनी हुई है।सरकारी बैंकों में एसबीआई और पीएनबी की ब्याज दरों का पूरा गणितसार्वजनिक क्षेत्र के दिग्गज बैंकों की बात करें तो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अपने ग्राहकों को अलग-अलग अवधि के लिए अलग-अलग ब्याज दरें उपलब्ध करा रहा है। एसबीआई में जहां 1 साल से लेकर 2 साल से कम की अवधि पर सामान्य नागरिकों को लगभग 6.80 प्रतिशत का ब्याज मिलता है, वहीं 2 साल से 3 साल से कम की अवधि पर यह दर 6.45 से 7.00 प्रतिशत के दायरे में बैठती है। इसके साथ ही एसबीआई की स्पेशल टेन्योर स्कीमें जैसे 'अमृत कलश' 400 दिनों की अवधि के लिए 7.10 प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिकों को 7.60 प्रतिशत का खास रिटर्न देती हैं। दूसरी तरफ पंजाब नेशनल बैंक यानी पीएनबी ने भी अपने खाताधारकों के लिए दरों को बेहद प्रतिस्पर्धी बना दिया है। पीएनबी में 400 दिनों से लेकर 3 साल तक की अवधि वाली जमाओं पर सामान्य ग्राहकों को 6.50 प्रतिशत से लेकर 7.25 प्रतिशत तक का ब्याज मिल रहा है, जबकि सुपर सीनियर सिटीजंस और सीनियर सिटीजंस को 0.50 से 0.80 प्रतिशत का अतिरिक्त प्रीमियम दिया जा रहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया भी 1 से 3 साल की मध्यम अवधि वाली एफडी पर 6.70 से लेकर 7.30 प्रतिशत का रिटर्न पेश कर रहे हैं, जो सुरक्षित सरकारी गारंटी चाहने वाले खाताधारकों के लिए एक मजबूत विकल्प बनकर उभरा है।एचडीएफसी और आईसीआईसीआई जैसे प्राइवेट दिग्गजों का रिटर्न चार्टनिजी क्षेत्र के सबसे बड़े ऋणदाता एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक ने भी जमा पूंजी जुटाने के लिए अपनी ब्याज दरों में रणनीतिक फेरबदल किए हैं। एचडीएफसी बैंक सामान्य ग्राहकों को 15 महीने से 18 महीने और 18 महीने से 21 महीने की खास अवधियों पर 6.60 प्रतिशत से 7.10 प्रतिशत तक का सालाना ब्याज दे रहा है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए एचडीएफसी में यह दर बढ़कर 7.60 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक भी लगभग समान स्तर पर 15 महीने से 2 साल की अवधि के लिए 7.10 से 7.20 प्रतिशत का ब्याज मुहैया करा रहे हैं। निजी बैंकों की खासियत यह है कि वे डिजिटल बैंकिंग और मोबाइल ऐप के जरिए चंद मिनटों में पेपरलेस तरीके से एफडी खोलने की सुविधा देते हैं, जिससे शहरी वेतनभोगी वर्ग अपनी तात्कालिक बचत को बिना शाखा जाए तुरंत एफडी में पार्क कर पा रहा है। इसके अलावा टैक्स सेविंग एफडी यानी 5 साल के लॉक-इन पीरियड वाली योजनाओं में भी निजी बैंक 7.00 प्रतिशत तक का रिटर्न और आयकर कानून की धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट का दोहरा लाभ निवेशकों को उपलब्ध करा रहे हैं।स्मॉल फाइनेंस बैंकों में 8.25% तक का बंपर मुनाफा और डीआईसीजीसी सुरक्षाजो निवेशक पारंपरिक 6.5 से 7 प्रतिशत के दायरे से बाहर निकलकर अपनी पूंजी पर अधिकतम लाभ कमाना चाहते हैं, उनके लिए यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक, सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक, उत्कर्ष और उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक जैसे संस्थान सबसे आकर्षक विकल्प बने हुए हैं। यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक 1001 दिनों के विशेष टेन्योर पर सामान्य नागरिकों को 7.75 प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिकों को पूरा 8.25 प्रतिशत सालाना ब्याज ऑफर कर रहा है। इसी तरह सूर्योदय बैंक और जना स्मॉल फाइनेंस बैंक भी 2 से 3 साल की अवधि पर आम जनता को 7.50 से 7.75 प्रतिशत और बुजुर्गों को 8.00 से 8.25 प्रतिशत का रिटर्न दे रहे हैं। कई निवेशकों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या स्मॉल फाइनेंस बैंकों में पैसा लगाना सुरक्षित है, तो इसका स्पष्ट जवाब आरबीआई के नियमों में निहित है। भारतीय रिजर्व बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी संस्था डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन यानी डीआईसीजीसी के तहत प्रत्येक बैंक में हर जमाकर्ता की 5 लाख रुपये तक की मूलधन और ब्याज राशि पूरी तरह से बीमाकृत होती है। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आप किसी स्मॉल फाइनेंस बैंक में 5 लाख रुपये तक की एफडी कराते हैं तो आपकी पूंजी उतनी ही सुरक्षित है जितनी किसी बड़े सरकारी बैंक में।प्रमुख बैंकों की एफडी ब्याज दरों की सीधी तुलनाबैंक का नामसामान्य नागरिकों के लिए ब्याज दरवरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दरसबसे आकर्षक अवधि (टेन्योर)यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक7.75%8.25%1001 दिनसूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक7.75%8.25%2 साल से 3 सालपंजाब नेशनल बैंक (PNB)6.50% - 7.25%7.00% - 7.75%400 दिन से 2 सालएचडीएफसी बैंक (HDFC)6.60% - 7.10%7.10% - 7.60%15 महीने से 18 महीनेभारतीय स्टेट बैंक (SBI)6.45% - 7.10%6.95% - 7.60%400 दिन (अमृत कलश)आईसीआईसीआई बैंक (ICICI)6.70% - 7.20%7.20% - 7.70%15 महीने से 2 सालसही एफडी चुनने और रिटर्न को दोगुना करने की स्मार्ट रणनीतिफिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करते समय केवल उच्चतम ब्याज दर देखना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि 'एफडी लैडरिंग' तकनीक अपनाना सबसे समझदारी भरा कदम माना जाता है। लैडरिंग का अर्थ है कि अपनी पूरी जमा पूंजी को किसी एक बैंक या एक ही अवधि की एफडी में बंद करने के बजाय उसे अलग-अलग समयसीमाओं में बांट दिया जाए, जैसे 1 साल, 2 साल और 3 साल की कई एफडी बनाना। इससे निवेशक को नियमित अंतराल पर लिक्विडिटी यानी नकदी मिलती रहती है और ब्याज दरें बढ़ने पर दोबारा ऊंचे रिटर्न पर पैसा लगाने का मौका भी बना रहता है। साथ ही अपनी कुल बचत को बड़े सरकारी बैंकों, मजबूत निजी बैंकों और 5 लाख की सीमा के भीतर स्मॉल फाइनेंस बैंकों में संतुलित रूप से वितरित करने से सुरक्षा और हाई रिटर्न दोनों का बेहतरीन तालमेल हासिल होता है। वरिष्ठ नागरिकों को हमेशा अपने नाम से एफडी करानी चाहिए ताकि उन्हें मिलने वाले 0.50 से 0.75 प्रतिशत के अतिरिक्त ब्याज प्रीमियम का पूरा फायदा उठाया जा सके। निवेश करने से पहले संबंधित बैंक की प्री-मैच्योर विड्रॉल पेनल्टी, टीडीएस कटौती के नियम और फॉर्म 15जी/15एच जमा करने की औपचारिकताएं समझ लेना वित्तीय दृष्टि से अत्यंत लाभकारी रहता है।
तमिलनाडु में Madurantakam और Dharapuram विधानसभा सीटों पर शुरू हुआ By-Election
चेन्नई, छह अक्टूबर तमिलनाडु की मदुरांतकम और धारापुरम आरक्षित विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मंगलवार सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मतदान शुरू होने से काफी पहले ही लोग मतदान केंद्रों के बाहर जुटने लगे थे। मतदान केंद्रों पर व्यापक सुरक्षा और निगरानी के इंतजाम किए गए हैं तथा तमिलनाडु पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों को तैनात किया गया है। मतदान शुरू होने से पहले अधिकारियों ने दोनों विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक दलों के एजेंटों की मौजूदगी में ‘मॉक पोल’ कराया, ताकि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के सही तरीके से काम करने की जांच की जा सके। इन दोनों सीट पर उपचुनाव अन्नाद्रमुक के तत्कालीन विधायकों के. मरगतम कुमारवेल (मदुरांतकम) और पी. सत्यबामा (धारापुरम) के इस्तीफे के कारण जरूरी हुए। बाद में दोनों सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) में शामिल हो गईं। टीवीके ने दोनों पूर्व अन्नाद्रमुक नेताओं को क्रमश: मदुरांतकम और धारापुरम से फिर उम्मीदवार बनाया है। इन दोनों सीट पर द्रमुक और अन्नाद्रमुक ने भी उम्मीदवार उतारे हैं।
देश में चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची में गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए विपक्षी दलों के सांसदों ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अपने राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत विपक्षी सांसद मंगलवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे संसद परिसर से निर्वाचन सदन (मुख्य चुनाव आयोग कार्यालय) तक पैदल मार्च निकालेंगे। इस विरोध प्रदर्शन में विभिन्न विपक्षी दलों के प्रमुख नेता और सांसद बड़ी संख्या में शामिल होंगे। विपक्ष के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत निकाले जा रहे इस मार्च में विभिन्न विपक्षी दलों के प्रमुख नेता और सांसद शामिल होंगे। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोमवार को कहा था कि विपक्ष को उम्मीद है कि मार्च शांतिपूर्ण रहेगा और पुलिस सांसदों को रोकने की कोशिश नहीं करेगी। विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर निर्वाचन आयोग तथा केंद्र सरकार से जवाब मांगा जाना जरूरी है। विपक्षी सांसद संसद परिसर में एकत्र होने के बाद निर्वाचन सदन की ओर कूच करेंगे। मार्च के दौरान वे बैनर और तख्तियां लेकर अपनी मांगें उठा सकते हैं। विपक्षी दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर रोक लगाने और मतपत्र से चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Bilateral Investment Treaty का नया ढांचा तैयार, जल्द मिलेगी कैबिनेट की मंजूरी: Nirmala Sitharaman शांतिपूर्ण प्रदर्शन की उम्मीद, बैनर-तख्तियों के साथ जुटेंगे सांसद संसद परिसर में एकत्र होने के बाद सभी विपक्षी सांसद बैनर और तख्तियां लेकर निर्वाचन सदन की ओर प्रस्थान करेंगे। प्रदर्शन के दौरान चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को प्रमुखता से उठाया जाएगा। इसे भी पढ़ें: TVK के INDIA गठबंधन में जुड़ने से तमिलनाडु में विपक्षी मोर्चा मजबूत होगा: मणिकम टैगोर कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोमवार को इस मार्च के संबंध में कहा कि विपक्ष को उम्मीद है कि यह प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहेगा और पुलिस सांसदों को रोकने की कोशिश नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार को मतदाता सूची तथा चुनावी प्रक्रिया से जुड़े गंभीर सवालों के जवाब देने ही होंगे। विपक्ष का कहना है कि लोकतंत्र की रक्षा और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए यह राष्ट्रव्यापी अभियान बेहद आवश्यक है।
‘गुल्लक’, ‘पंचायत’ और ‘दुपहिया सीजन 2’ जैसे शो उन छोटी-छोटी बातों में हास्य, भावनाएं और ड्रामा ढूंढते हैं, जिन्हें ज्यादातर भारतीय अपने जीवन से जोड़ सकते हैं.
'कांग्रेस का कोई कार्यक्रम तो...' हरीश रावत ने अपनी ही पार्टी को घेरा
हरीश रावत ने अपनी 'धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा' को लेकर उठे सवालों पर सफाई देते हुए आगे की 8-10 रैलियां स्थगित करने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा को गलत समझा गया.
सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न की तलाश कर रहे फिक्स्ड इनकम निवेशकों के लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की 444 दिन की अवधि वाली स्पेशल टर्म डिपॉजिट योजना 'अमृत वृष्टि' (Amrit Vrishti) लोकप्रिय विकल्पों में से एक बनी हुई है। इस विशेष रिटेल डिपॉजिट स्कीम में बैंक सामान्य नागरिकों (Regular Citizens) को 6.45% वार्षिक की दर से ब्याज ऑफर कर रहा है, जबकि वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) को 50 बेसिस प्वाइंट का अतिरिक्त लाभ देते हुए 6.95% वार्षिक की दर से रिटर्न दिया जा रहा है।बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज की गणना तिमाही आधार पर चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) के अनुसार की जाती है। 444 दिन की अवधि लगभग 14.5 महीने (1 वर्ष 2 महीने 9 दिन या 1.2164 वर्ष) बैठती है।₹5 लाख के निवेश पर ब्याज और मैच्योरिटी रिटर्न का पूरा हिसाबश्रेणी / निवेशकब्याज दर (p.a.)कुल निवेशअर्जित ब्याज (Interest Earned)कुल मैच्योरिटी राशि (Maturity Value)सामान्य नागरिक (Regular)6.45%₹5,00,000₹40,490₹5,40,490वरिष्ठ नागरिक (Senior Citizen)6.95%₹5,00,000₹43,780₹5,43,780सुपर सीनियर सिटीजन (80+ वर्ष)7.05%₹5,00,000₹44,440₹5,44,440नोट: बैंक कार्यप्रणाली में 444 दिनों के वास्तविक दिनों की संख्या और तिमाही चक्रवृद्धि फॉर्मूले $A = P imes (1 + r/4)^{4 imes t}$ के अनुसार यह अनुमानित आंकड़े हैं। स्रोत पर कर कटौती (TDS) निवेशक की कुल वार्षिक कर योग्य आय के अनुसार अलग से लागू होगी।एफडी से जुड़ी प्रमुख शर्तें और टैक्स नियमसमय पूर्व निकासी (Premature Withdrawal): यदि किसी आपात स्थिति में 444 दिन पूरे होने से पहले एफडी तोड़ी जाती है, तो ₹5 लाख तक के डिपॉजिट पर 0.50% की पेनल्टी काटी जाती है। वास्तविक अवधि के लागू ब्याज दर में से पेनल्टी घटाकर भुगतान किया जाता है।लोन व ओवरड्राफ्ट सुविधा: आपात फंड की जरूरत पड़ने पर एफडी तोड़ने के बजाय जमा राशि के 90% तक का लोन या ओवरड्राफ्ट सीधे योनो (YONO) ऐप या बैंक शाखा से लिया जा सकता है।टीडीएस (TDS) सीमा: एक वित्तीय वर्ष में बैंकों से मिलने वाला कुल एफडी ब्याज यदि सामान्य नागरिकों के लिए ₹50,000 और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹1,00,000 से अधिक होता है, तो बैंक 10% टीडीएस काटते हैं। कर योग्य आय न होने पर निवेशक बैंक में फॉर्म 15G या 15H जमा कर टीडीएस से छूट ले सकते हैं।
418 Trailer Review: हॉरर फिल्में अब तक बहुत ज्यादा सफल नहीं रही हैं. फिर भी समय-समय पर फिल्ममेकर्स इस जॉनर में नए प्रयोग करते रहते हैं. अब, '418' के साथ मैत्री मूवी मेकर्स एक ऐसी जबरदस्त और डरावनी हॉरर कहानी लेकर आ रहे हैं जो हमारी संस्कृति से जुड़ी है.
अक्सर लोग नौकरी बदलने, शहर शिफ्ट होने या किसी खास काम के लिए अलग-अलग बैंकों में बचत (Savings) या चालू (Current) खाता खुलवा लेते हैं, लेकिन कुछ समय बाद उसमें लेनदेन बंद कर देते हैं। अधिकांश खाताधारकों को लगता है कि खाते में पैसा पड़ा है तो वह हमेशा सामान्य रूप से चालू रहेगा। हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बैंकिंग नियमों के तहत ऐसा बिल्कुल नहीं है। वित्तीय धोखाधड़ी, साइबर फ्रॉड और बेनामी लेनदेन पर लगाम लगाने के लिए केंद्रीय बैंक ने निष्क्रिय खातों के वर्गीकरण को लेकर बेहद सख्त 'मास्टर डायरेक्शंस' (Master Directions) लागू किए हैं। आरबीआई के नियमों के अनुसार किसी खाते में ग्राहक द्वारा लेनदेन न किए जाने पर उसे मुख्य रूप से तीन श्रेणियों—इनएक्टिव (Inactive), इनऑपरेटिव/डॉरमेंट (Inoperative/Dormant), और अनक्लेम्ड (Unclaimed Deposit)—में बांटा जाता है। यदि आप भी किसी पुराने खाते को लंबे समय से उपयोग में नहीं ला रहे हैं, तो इन नियमों और समय-सीमाओं को समझना बेहद जरूरी है।1. एक साल तक कोई लेनदेन नहीं: खाता बनता है 'इनएक्टिव' (Inactive)जब किसी बैंक खाते में लगातार 12 महीने (1 साल) तक ग्राहक द्वारा प्रेरित कोई वित्तीय लेनदेन (Customer Induced Transaction) नहीं होता, तो बैंक आंतरिक रूप से उस खाते को 'इनएक्टिव' की श्रेणी में डाल देते हैं।अलर्ट और सूचना: इस चरण में बैंक ग्राहक को उसके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस, ईमेल या पत्र भेजकर आगाह करते हैं कि उनका खाता निष्क्रियता की ओर बढ़ रहा है।लेनदेन की स्थिति: इनएक्टिव स्थिति में खाता पूरी तरह फ्रीज नहीं होता, लेकिन नेट बैंकिंग या एटीएम से बड़े ट्रांजेक्शन करते समय अतिरिक्त सुरक्षा सत्यापन मांगा जा सकता है। ग्राहक यदि एक भी छोटा डिपॉजिट, एटीएम विड्रॉल, यूपीआई ट्रांसफर या चेक क्लीयरेंस करा लेता है, तो खाता तुरंत सामान्य सक्रिय (Active) मोड में बना रहता है।2. दो साल तक सन्नाटा: खाता हो जाता है 'इनऑपरेटिव या डॉरमेंट' (Inoperative/Dormant)यदि किसी बचत या चालू खाते में लगातार 24 महीने (2 साल) से अधिक समय तक कोई भी वित्तीय लेनदेन नहीं होता, तो आरबीआई के नियमों के अनुसार बैंक उस खाते को आधिकारिक तौर पर 'इनऑपरेटिव' या 'डॉरमेंट' घोषित कर देते हैं।क्या-क्या रुक जाता है? डॉरमेंट होते ही खाते से डेबिट कार्ड, एटीएम निकासी, चेक बुक जारी होना, इंटरनेट बैंकिंग और यूपीआई के जरिए पैसे भेजने पर स्वतः सुरक्षा रोक लग जाती है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि कोई जालसाज या तीसरा व्यक्ति इन निष्क्रिय खातों में सेंध लगाकर अवैध धन शोधन (Money Laundering) न कर सके।क्या बैंक ब्याज देना बंद करता है? बिल्कुल नहीं। भले ही खाता डॉरमेंट हो जाए, लेकिन बचत खाते में जमा शेष राशि पर बैंक नियमित अंतराल पर आधिकारिक ब्याज जोड़ना जारी रखते हैं।चार्ज पर आरबीआई का सख्त बैन: केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी खाते को डॉरमेंट घोषित करने या उसे दोबारा एक्टिवेट करने के लिए बैंक ग्राहक से ₹1 का भी चार्ज या पेनल्टी नहीं वसूल सकते।ग्राहक लेनदेन (Customer Induced) बनाम सिस्टम लेनदेन: क्या फर्क है?अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि खाते में हर तिमाही बैंक का ब्याज जमा हो रहा है या न्यूनतम बैलेंस न होने पर चार्ज कट रहा है, तो खाता एक्टिव माना जाएगा। आरबीआई ने इसे पूरी तरह खारिज किया है।बैंक द्वारा लगाया गया चार्ज, ब्याज क्रेडिट होना या सर्विस टैक्स कटना 'सिस्टम-जनरेटेड' प्रविष्टियां हैं, इन्हें सक्रिय लेनदेन नहीं माना जाता।केवल वही लेनदेन मान्य होता है जो ग्राहक ने खुद किया हो—जैसे नकद जमा/निकासी, चेक काटना, एनईएफटी/आरटीजीएस/आईएमपीएस, यूपीआई पेमेंट, या कोई स्थायी निर्देश (Standing Instruction) जैसे ऑटोमैटिक एसआईपी (SIP) कटना।3. 10 साल तक कोई सुध नहीं: रकम चली जाती है RBI के 'DEA फंड' में (अनक्लेम्ड डिपॉजिट)यदि किसी खाते में पूरे 10 वर्ष (120 महीने) तक कोई लेनदेन नहीं होता, या किसी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD/RD) की मैच्योरिटी के 10 साल बाद तक कोई दावा नहीं किया जाता, तो उस खाते में जमा मूलधन और अर्जित ब्याज को 'अनक्लेम्ड डिपॉजिट' (Unclaimed Deposit) मान लिया जाता है।DEAF में ट्रांसफर: बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट की धारा 26A के तहत बैंक प्रत्येक महीने के अंतिम 5 कार्यदिवसों में ऐसी सभी लावारिस रकम को रिजर्व बैंक के 'डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड' (DEA Fund) में अनिवार्य रूप से ट्रांसफर कर देते हैं।क्या पैसा हमेशा के लिए डूब गया? नहीं, आरबीआई के फंड में पैसा जाने के बाद भी खाताधारक या उसके कानूनी उत्तराधिकारी/नॉमिनी का उस पैसे पर शत-प्रतिशत कानूनी हक बना रहता है। आप 10 साल बाद, 20 साल बाद या कभी भी उचित दस्तावेजों के साथ अपने मूल बैंक में जाकर पूरे ब्याज सहित अपनी रकम वापस मांग सकते हैं।उद्गम (UDGAM) पोर्टल: घर बैठे ऐसे खोजें 10 साल से फंसा हुआ अनक्लेम्ड पैसादेश भर के बैंकों में जमा ₹78,000 करोड़ से अधिक की लावारिस राशि को उनके सही मालिकों तक पहुंचाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने केंद्रीकृत वेब पोर्टल 'UDGAM' (Unclaimed Deposits - Gateway to Access inforMation) शुरू किया है।सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट udgam.rbi.org.in पर जाएं और अपने मोबाइल नंबर व ओटीपी के जरिए रजिस्ट्रेशन करें।लॉगिन करने के बाद खाताधारक का नाम दर्ज करें।खोज को सटीक बनाने के लिए पैन कार्ड (PAN), वोटर आईडी, पासपोर्ट, जन्मतिथि या रजिस्टर्ड पते का विवरण भरें।सर्च बटन दबाते ही देश के सभी प्रमुख सरकारी, निजी और सहकारी बैंकों में उस व्यक्ति के नाम से दर्ज सभी अनक्लेम्ड खातों और शाखाओं की सूची स्क्रीन पर आ जाएगी।ध्यान रखें कि उद्गम पोर्टल केवल पैसे को खोजने (Search) की सुविधा देता है; पैसा क्लेम करने के लिए आपको संबंधित बैंक की शाखा में ही जाना होगा।इनऑपरेटिव या अनक्लेम्ड खाते से पैसा वापस पाने और एक्टिव कराने का आसान तरीकायदि आपका कोई खाता डॉरमेंट हो चुका है या उसकी रकम आरबीआई के डीईए फंड में जा चुकी है, तो उसे दोबारा शुरू कराने और पैसा पाने के लिए यह सरल प्रक्रिया अपनाएं:ब्रांच में जाएं (Re-KYC): अपनी संबंधित बैंक शाखा (या नजदीकी किसी भी शाखा) में जाएं।दस्तावेज जमा करें: हालिया पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, पैन कार्ड और पते के प्रमाण की स्व-प्रमाणित प्रतिलिपि (Self-Attested KYC) के साथ 'री-केवाईसी फॉर्म' और 'अकाउंट एक्टिवेशन एप्लीकेशन' जमा करें।प्रतीकात्मक लेनदेन: बैंक आपकी पहचान सत्यापित करने के बाद खाते को 24 से 48 घंटे के भीतर एक्टिव कर देगा। इसके बाद आपको खाते से एक छोटा लेनदेन (जैसे ₹100 जमा या निकासी) करना होगा।नॉमिनी या उत्तराधिकारी का दावा: यदि मूल खाताधारक जीवित नहीं है, तो नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate), अपना केवाईसी और क्लेम फॉर्म जमा करके पूरा फंड प्राप्त कर सकते हैं।
चार राज्यों के 5 विधानसभा और 1 लोकसभा उपचुनाव के लिए डाले जा रहे वोट, जानें अहमियत
असम की नगांव लोकसभा सीट समेत पांच विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव के लिए वोटिंग हो रही है. असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, पुडुचेरी में ये उपचुनाव हो रहे हैं.
प्राइवेट और कॉर्पोरेट सेक्टर में करियर ग्रोथ, बेहतर पैकेज और नए अवसरों के लिए बार-बार नौकरियां बदलना आम बात है। अमूमन 8 से 10 साल के करियर में कई प्रोफेशनल्स चार से पांच अलग-अलग कंपनियां बदल चुके होते हैं। लेकिन इस जॉब-हॉपिंग के चक्कर में एक गंभीर अनदेखी जो अधिकांश नौकरीपेशा लोग करते हैं, वह है अपने पिछले एम्प्लॉई प्रॉविडेंट फंड (EPF) खातों को नए खाते के साथ मर्ज न कराना। जब आप 5 अलग-अलग संस्थानों में काम करते हैं, तो अक्सर हर कंपनी द्वारा ईपीएफओ (EPFO) के तहत एक नया मेंबर आईडी (Member ID) अलॉट कर दिया जाता है। यदि इन पुराने खातों को ट्रैक करके एक साझा यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) के तहत मर्ज नहीं किया गया, तो आपकी गाढ़ी कमाई का लाखों रुपया अलग-अलग खातों में बिखरकर निष्क्रिय होने के कगार पर पहुंच जाता है। ऐसे में खाताधारकों के मन में सवाल उठता है कि क्या पुराने खातों में पड़े पैसे पर ब्याज मिलता रहेगा, क्या वह पैसा हमेशा के लिए फंस गया है, और इसे सुरक्षित रूप से एक जगह कैसे लाया जाए?पुराने ईपीएफ खातों का क्या होता है? इनऑपरेटिव अकाउंट और ब्याज के कड़े नियमकर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नियमों के अनुसार, जब कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ता है और उसके पुराने पीएफ खाते में नई कंपनी से मासिक अंशदान जमा होना बंद हो जाता है, तो उस खाते की स्थिति बदल जाती है।कब तक मिलता है ब्याज? पहले नियम था कि 36 महीने (3 साल) तक कोई अंशदान न आने पर खाता 'इनऑपरेटिव' (Inoperative) घोषित हो जाता था और उस पर ब्याज बंद हो जाता था। लेकिन ईपीएफओ के संशोधित नियमों के तहत, यदि किसी खाते में पैसा पड़ा है, तो कर्मचारी की उम्र 58 वर्ष होने तक उस पर सरकार द्वारा घोषित आधिकारिक ब्याज दर (वर्तमान में 8.25% वार्षिक) जुड़ती रहती है। 58 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद यदि 36 महीनों तक कोई निकासी नहीं होती, तब खाता पूरी तरह इनऑपरेटिव होकर ब्याज मिलना बंद होता है।सबसे बड़ा वित्तीय नुकसान - टैक्स का झटका: भले ही 58 साल की उम्र तक ब्याज मिलता रहे, लेकिन टैक्स का नियम बेहद सख्त है। जब किसी पीएफ खाते में एक्टिव सर्विस बंद हो जाती है, तो उस निष्क्रिय खाते में जमा रकम पर मिलने वाला वार्षिक ब्याज आयकर नियमों के तहत 'Income from Other Sources' मानकर पूरी तरह टैक्सेबल (Taxable) हो जाता है। इसका मतलब है कि आप जिस भी इनकम टैक्स स्लैब में आते हैं (चाहे 20% या 30%), आपको उस ब्याज पर सरकार को भारी टैक्स चुकाना होगा, जबकि एक्टिव सर्विस वाले पीएफ खाते का ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री रहता है।5 नौकरियां बदलने पर सामने आने वाली 3 सबसे बड़ी समस्याएंजब कोई कर्मचारी 5 बार संस्थान बदलता है, तो ईपीएफ सिस्टम में मुख्य रूप से तीन पेचीदगियां खड़ी होती हैं:मल्टीपल UAN का झंझट: आदर्श स्थिति में हर कर्मचारी का पूरे जीवनकाल में केवल एक ही UAN होना चाहिए। लेकिन कई बार पिछली कंपनी का यूएएन नंबर साझा न करने या एचआर की लापरवाही से नई कंपनी नया UAN जेनरेट कर देती है। 5 नौकरियों के बाद किसी के पास 2 या 3 अलग-अलग यूएएन हो जाते हैं, जिससे खातों को ट्रैक करना सिरदर्द बन जाता है।डेट ऑफ एग्जिट (Date of Exit) दर्ज न होना: पुरानी कंपनी छोड़ने पर यदि नियोक्ता ने ईपीएफओ पोर्टल पर आपकी नौकरी छोड़ने की तारीख (DOE) दर्ज नहीं की है, तो सिस्टम उस खाते को 'कंटिन्यूइंग सर्विस' मानता है। इसके चलते आप न तो उस खाते से पैसा ट्रांसफर कर सकते हैं और न ही निकासी का दावा कर सकते हैं।केवाईसी और नाम में मिसमैच: अलग-अलग कंपनियों के रिकॉर्ड में नाम की स्पेलिंग, पिता का नाम, जन्मतिथि या आधार विवरण में हल्का सा भी अंतर होने पर ईपीएफओ का ऑटोमेटेड सिस्टम क्लेम रिजेक्ट कर देता है।मल्टीपल UAN और 5 अलग-अलग मेंबर आईडी को एक साथ कैसे करें मर्ज?यदि आपके पास 5 कंपनियों के अलग-अलग पीएफ खाते हैं, तो उन्हें घर बैठे ऑनलाइन एक जगह समेटने की चरणबद्ध प्रक्रिया इस प्रकार है:चरणजरूरी एक्शनध्यान रखने योग्य बिंदु1. UAN डी-डुप्लिकेशनयदि 2 या अधिक UAN हैं, तो वर्तमान कंपनी वाले UAN को मुख्य बनाएं।पुराने UAN को डिएक्टिवेट कराने के लिए ईपीएफओ हेल्पडेस्क (uanepf@epfindia.gov.in) को ईमेल करें या पोर्टल पर 'One Member One EPF' रिक्वेस्ट डालें।2. Date of Exit अपडेट करें'Unified Member Portal' पर लॉगिन कर 'Manage > Mark Exit' पर जाएं।नौकरी छोड़ने के कम से कम 2 महीने (60 दिन) बाद कर्मचारी खुद आधार ओटीपी के जरिए अपनी एग्जिट डेट दर्ज कर सकता है।3. ऑनलाइन ट्रांसफर क्लेमपोर्टल के 'Online Services' टैब में जाकर 'One Member - One EPF Account (Transfer Request)' चुनें।अपनी पिछली 4 कंपनियों की मेंबर आईडी एक-एक करके दर्ज करें और अटेस्टेशन के लिए 'Current Employer' का विकल्प चुनें।4. ट्रैकिंग और अप्रूवलफॉर्म 13 (Form 13) डाउनलोड करें और एचआर से अप्रूव कराएं।'Track Claim Status' में जाकर स्टेटस देखें। वर्तमान कंपनी द्वारा डिजिटल सिग्नेचर (DSC) से अप्रूव करते ही 7 से 15 दिनों में पुराना फंड नए खाते में शिफ्ट हो जाता है।5 साल की कुल सर्विस और 10 साल की पेंशन (EPS) का छिपा हुआ फायदापुराने पीएफ खातों को एक साथ मर्ज कराने का केवल वित्तीय ही नहीं, बल्कि भारी कानूनी और सामाजिक सुरक्षा लाभ भी है:TDS और टैक्स से पूर्ण छूट: आयकर कानून के तहत यदि किसी कर्मचारी की कुल निरंतर सेवा (Continuous Service) 5 वर्ष (60 महीने) से कम होती है और वह पीएफ निकालता है, तो उसकी पूरी रकम पर टीडीएस (TDS) कटता है और वह राशि टैक्सेबल हो जाती है। लेकिन जब आप अपने सभी 5 पुराने खातों को मर्ज कर लेते हैं, तो ईपीएफओ उन सभी कंपनियों की सेवा अवधि को आपस में जोड़ देता है। यदि कुल सर्विस 5 साल से अधिक हो जाती है, तो निकासी पूरी तरह टैक्स-फ्री हो जाती है।आजीवन पेंशन (EPS) की पात्रता: कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-95) के तहत 58 वर्ष की आयु के बाद आजीवन मासिक पेंशन पाने के लिए न्यूनतम 10 वर्ष (120 महीने) की अंशदायी सेवा होना अनिवार्य है। जब तक आप अपने पिछले 5 संस्थानों का रिकॉर्ड 'स्कीम सर्टिफिकेट' (Scheme Certificate) या ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए लिंक नहीं करेंगे, तब तक आपकी 10 साल की सेवा अवधि साबित नहीं हो पाएगी और आप पेंशन के अधिकार से वंचित रह सकते हैं।अगर कंपनी बंद हो गई हो या विवाद चल रहा हो तो क्या करें?यदि आपकी 5 पुरानी कंपनियों में से कोई एक या दो कंपनियां हमेशा के लिए बंद हो चुकी हैं, दिवालिया हो गई हैं या पुराना एम्प्लॉयर आपकी ट्रांसफर रिक्वेस्ट अटेस्ट करने से इनकार कर रहा है, तो भी आपका पैसा नहीं डूबेगा। इस स्थिति में:ईपीएफओ पोर्टल पर ट्रांसफर रिक्वेस्ट डालते समय अटेस्टेशन के लिए 'Previous Employer' के बजाय हमेशा 'Present Employer' (वर्तमान कंपनी) का विकल्प चुनें। वर्तमान नियोक्ता के डिजिटल हस्ताक्षर से क्लेम सीधा ईपीएफओ फील्ड ऑफिस को चला जाता है।यदि वर्तमान कंपनी भी न हो, तो आप फॉर्म 13 को फिजिकली डाउनलोड करके अपने बैंक मैनेजर (जिस बैंक में आपका सैलरी खाता है), किसी राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer), या मजिस्ट्रेट से अटेस्ट करवाकर संबंधित क्षेत्रीय ईपीएफओ कार्यालय (Field Office) में सीधे जमा कर सकते हैं।किसी भी अनावश्यक देरी या अड़चन की स्थिति में ईपीएफओ के आधिकारिक ग्रीवेंस पोर्टल 'EPFiGMS' (epfigms.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें। ईपीएफओ नियमों के अनुसार ऐसी शिकायतों का निपटारा 15 से 20 कार्यदिवसों के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाता है। इसलिए घबराने के बजाय आज ही अपने 'सेवा पासबुक' (Passbook) पोर्टल पर लॉगिन करें और अपनी पुरानी सभी पांचों मेंबर आईडी को एक मुख्य यूएएन में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू करें।
रेखा का 45 साल पुराना गाना, लखनऊ के चिड़ियाघर में हुआ शूट, आशा भोसले की आवाज ने रची इतिहास
रेखा की उमराव जान 1981 में रिलीज हुई थी. यह भारतीय सिनेमा की एक ऐतिहासिक और संगीतमय ड्रामा फिल्म है, जिसका निर्देशन मुजफ्फर अली ने किया था.
एस्ट्रोलॉजर भावना उपाध्याय ने एकादशी का एक खास उपाय बताया है. एस्ट्रोलॉजर कहती हैं कि इस उपाय को करने से भगवान विष्णु और पितरों की असीम कृपा प्राप्त हो सकती है. आइए जानते हैं इसके बारे में-
त्योहारी सीजन के शुरू होते ही देश के इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में प्रतिस्पर्धा नए मुकाम पर पहुंच गई है। ओला इलेक्ट्रिक, टीवीएस और एथर जैसी दिग्गज कंपनियों को सीधी टक्कर देने के लिए ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (Greaves Electric Mobility) ने अपने लोकप्रिय ब्रांड एम्पीयर के तहत नया फ्लैगशिप इलेक्ट्रिक स्कूटर Ampere Nexus EX+ आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है। इस नए मॉडल को विशेष रूप से भारतीय सड़कों, चढ़ाइयों और बदलती मौसम परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। कंपनी ने इस स्कूटर में 5kW की दमदार मोटर, 202Nm का जबर्दस्त पीक टॉर्क, 30 से अधिक हाई-टेक कनेक्टेड फीचर्स, 2 लाख किलोमीटर तक चलने के लिए डिजाइन की गई LFP बैटरी और 5 साल की लंबी वारंटी दी है। पेट्रोल के बढ़ते दामों से परेशान और दैनिक आवागमन के लिए एक टिकाऊ, मजबूत फैमिली स्कूटर की तलाश कर रहे भारतीय ग्राहकों के लिए यह नया स्कूटर एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है।5kW की मिड-माउंटेड मोटर और 202Nm का टॉर्क: चढ़ाई और भारी वजन पर भी नहीं थमेगी रफ्तारAmpere Nexus EX+ की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग ताकत इसकी नई 5kW (किलोवाट) की शक्तिशाली इलेक्ट्रिक मोटर है। यह मोटर पिछले मॉडलों की तुलना में कहीं बेहतर पिकअप देती है और पहियों पर 202 Nm का अधिकतम टॉर्क पैदा करती है। इस जबर्दस्त पावर के दम पर यह स्कूटर महज 4.5 सेकंड में 0 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ लेता है। कंपनी का दावा है कि भारी पिलियन राइडर (पीछे बैठने वाली सवारी) या अतिरिक्त सामान लोड होने पर भी इसके एक्सीलरेशन और परफॉर्मेंस पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता। शहरों के ऊंचे फ्लाईओवर, खड़ी ढलानों और पहाड़ी रास्तों पर जहां सामान्य इलेक्ट्रिक स्कूटर धीमे पड़ने लगते हैं, वहां यह 5kW मोटर बिना किसी झटके के सुगम और तेज राइडिंग अनुभव सुनिश्चित करती है।2 लाख किमी तक चलने वाली LFP बैटरी, 136 किमी रेंज और 5 साल की वारंटीसुरक्षा और टिकाऊपन के मामले में कंपनी ने स्कूटर में आधुनिक लिथियम आयरन फॉस्फेट (LFP) केमिस्ट्री वाली बैटरी दी है। पारंपरिक NMC बैटरियों की तुलना में एलएफपी बैटरी अधिक सुरक्षित, आग प्रतिरोधी और भारतीय गर्मियों के उच्च तापमान को आसानी से सहन करने वाली मानी जाती है। कंपनी के अनुसार, इस बैटरी पैक को 2,00,000 किलोमीटर (2 लाख किमी) तक चलने के लिहाज से डिजाइन किया गया है। एक बार फुल चार्ज करने पर यह स्कूटर 136 किलोमीटर की आईडीसी (Indian Driving Cycle) रेंज प्रदान करता है, जो सामान्य दैनिक उपयोग के लिए पर्याप्त है। ग्राहकों के मन से बैटरी खराब होने का डर दूर करने के लिए कंपनी इस पर 5 साल या 75,000 किलोमीटर की आधिकारिक वारंटी दे रही है। इसके साथ ही स्कूटर के साथ IP65 रेटिंग वाला वाटर और डस्ट-रेसिस्टेंट चार्जर दिया गया है, जिससे भारी बारिश या उमस भरे मौसम में भी बिना किसी तकनीकी रुकावट के सुरक्षित चार्जिंग की जा सकती है।'Intellipack' के जरिए 30 से ज्यादा स्मार्ट कनेक्टेड फीचर्सAmpere Nexus EX+ को आधुनिक तकनीक से लैस रखने के लिए कंपनी ने इसमें IoT आधारित Intellipack कनेक्टिविटी सुइट का विकल्प दिया है। यूजर अपने स्मार्टफोन में 'Ampere Connect App' डाउनलोड करके स्कूटर के तमाम डेटा को रियल-टाइम ट्रैक कर सकते हैं। इस ऐप में 30 से अधिक हाई-टेक फीचर्स शामिल हैं:लाइव व्हीकल ट्रैकिंग और जियो-फेंसिंग: स्कूटर की रीयल-टाइम लोकेशन जानने और तय सीमा से बाहर जाने पर फोन पर अलर्ट पाने की सुविधा।टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन: डिजिटल कंसोल पर सटीक रास्ता और दिशा-निर्देश।फाइंड माय स्कूटर: भीड़भाड़ वाली पार्किंग में हॉर्न और लाइट के जरिए स्कूटर को आसानी से तलाशने का फीचर।बैटरी हेल्थ स्कोर और एनर्जी इनसाइट्स: बैटरी की लाइफ, चार्जिंग हिस्ट्री, बिजली की बचत और प्रति किमी खर्च का विस्तृत विश्लेषण।रिमोट व्हीकल डायग्नोस्टिक्स: घर बैठे स्कूटर के इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स की जांच और फोन से ही सर्विस बुकिंग की सुविधा।वेरिएंट्स, आकर्षक रंग और एक्स-शोरूम कीमतकंपनी ने Ampere Nexus EX+ को दो बेहद प्रीमियम और स्टाइलिश रंगों—कार्बन नाइट (Carbon Knight) और स्टील ग्रे (Steel Grey) में पेश किया है। बाजार में यह मॉडल दो अलग-अलग वेरिएंट्स में उपलब्ध कराया गया है:Nexus EX+ Standard: इस बेस वेरिएंट की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹1,29,999 (करीब ₹1.30 लाख) रखी गई है।Nexus EX+ Intellipack: 30+ कनेक्टेड स्मार्ट फीचर्स और IoT पैक से लैस टॉप मॉडल की कीमत ₹1,35,999 तय की गई है।कंपनी ने पुष्टि की है कि नया मॉडल देश भर में एम्पीयर के सभी अधिकृत डीलरशिप नेटवर्क पर टेस्ट राइड और तत्काल बुकिंग के लिए उपलब्ध करा दिया गया है।पेट्रोल स्कूटर से इलेक्ट्रिक पर शिफ्ट होने वाले परिवारों के लिए मुफीद विकल्पग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के प्रबंध निदेशक विकास सिंह के मुताबिक, नया Nexus EX+ रोजमर्रा के उपयोग में अत्यधिक व्यावहारिक, मजबूत और पैसे की बचत कराने वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर है। जहां पेट्रोल स्कूटर चलाने पर प्रति किलोमीटर औसतन ₹2 से ₹2.50 का खर्च आता है, वहीं इस इलेक्ट्रिक स्कूटर का रनिंग खर्च महज 25 से 30 पैसे प्रति किलोमीटर बैठता है। 5 साल की वारंटी और 2 लाख किमी चलने वाली मजबूत LFP बैटरी के चलते मध्यमवर्गीय परिवारों को मेंटेनेंस और बैटरी रिप्लेसमेंट के भारी खर्च से पूरी मुक्ति मिलेगी। आकर्षक डिजाइन, मजबूत मेटल चेसिस और लंबी सीट के साथ यह नया स्कूटर भारतीय परिवारों के बजट और लंबी दूरी के सफर की कसौटी पर पूरी तरह खरा उतरता नजर आ रहा है।
पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) में 15 वर्षों तक अनुशासित बचत करने के बाद कई बार खाताधारक मैच्योरिटी की सही तारीख भूल जाते हैं या व्यस्तता के चलते बैंक या डाकघर नहीं पहुंच पाते। ऐसे में खाताधारकों के मन में पहला डर यह बैठता है कि क्या उनका खाता बंद हो गया, क्या सरकार ने ब्याज देना बंद कर दिया, या कहीं जमा रकम फ्रीज तो नहीं हो गई? डाकघर और वाणिज्यिक बैंकों के नियमों के अनुसार यदि आप मैच्योरिटी पर पैसा निकालना भूल भी गए हैं, तो आपकी जमा पूंजी पर कोई आंच नहीं आती। उल्टे, पीपीएफ योजना का ढांचा ऐसा बनाया गया है कि खाताधारक की अनुपस्थिति में भी उसका नुकसान न हो। मैच्योरिटी के बाद कोई कार्रवाई न करने की स्थिति में खाता अपने आप 'डिफ़ॉल्ट एक्सटेंशन मोड' में चला जाता है।खाते में पड़ी रकम का क्या होता है? डिफॉल्ट ऑटो-एक्सटेंशन का नियमपीपीएफ योजना के तहत यदि आप 15 साल (16वें वित्तीय वर्ष के 1 अप्रैल) की मैच्योरिटी के एक वर्ष के भीतर न तो पूरा पैसा निकालते हैं और न ही कोई औपचारिक फॉर्म जमा करते हैं, तो आपका खाता अपने आप अगले 5 वर्षों के लिए 'बिना अंशदान' (Extension Without Contribution) एक्सटेंड हो जाता है।ब्याज मिलना बंद नहीं होता: आपके खाते में मौजूद पूरे मैच्योरिटी बैलेंस पर सरकार द्वारा घोषित मौजूदा ब्याज दर (वर्तमान में 7.1% वार्षिक चक्रवृद्धि) लगातार जुड़ती रहती है।शत-प्रतिशत टैक्स-फ्री स्टेटस: इस अवधि में मिलने वाला ब्याज और मूलधन आयकर कानून की धारा 10(11) / 10(10D) के तहत पूरी तरह टैक्स-फ्री (EEE) बना रहता है।कोई पेनल्टी नहीं: भूल जाने पर किसी भी प्रकार का विलंब शुल्क या पेनल्टी नहीं काटी जाती।इस स्थिति में आपके पास क्या-क्या विकल्प बचते हैं?विकल्पक्या करना होगा?निकासी के नियमनया पैसा जमा होगा?1. पूरा खाता बंद करनाफॉर्म-सी या क्लोजर फॉर्म भरकर बैंक/डाकघर में जमा करें।पूरा फंड एकमुश्त आपके बचत खाते में आ जाएगा।नहीं (खाता समाप्त)।2. बिना नए निवेश के जारी रखना (डिफॉल्ट)कोई फॉर्म भरने की जरूरत नहीं; खाता 5-5 साल के ब्लॉक में चलता रहेगा।प्रत्येक वित्तीय वर्ष में एक बार जितनी चाहें उतनी रकम निकाल सकते हैं।नहीं (नया पैसा डालने पर ब्याज नहीं मिलेगा)।3. नए निवेश के साथ बढ़ाना (शर्त लागू)मैच्योरिटी के 1 साल के भीतर फॉर्म एच (Form H) जमा करना अनिवार्य।5 साल के ब्लॉक में शुरुआती बैलेंस का अधिकतम 60% ही निकाल सकते हैं।हां, हर साल ₹500 से ₹1.5 लाख जमा कर 80C छूट पा सकते हैं।1 साल की डेडलाइन: सबसे बड़ी गलती जिससे हर खाताधारक को बचना चाहिएयदि आप अपने खाते में हर साल नया पैसा (₹500 से ₹1.5 लाख) जमा करना जारी रखना चाहते हैं, तो इसके लिए मैच्योरिटी की तारीख से ठीक 1 वर्ष के भीतर फॉर्म एच जमा करना अनिवार्य कानूनी शर्त है।यदि मैच्योरिटी के 1 साल से अधिक का समय बीत चुका है, तो आप चाहकर भी फॉर्म एच जमा नहीं कर सकते। आपका खाता हमेशा के लिए 'बिना अंशदान' श्रेणी में लॉक हो जाएगा।सबसे बड़ी गलती: कई लोग बिना फॉर्म एच दिए ऑनलाइन नेट बैंकिंग से मैच्योरिटी के बाद खाते में ₹1.5 लाख ट्रांसफर कर देते हैं। नियमों के अनुसार, बिना फॉर्म एच के जमा किया गया नया पैसा 'अनियमित' (Irregular Deposit) माना जाता है। उस नए पैसे पर बैंक कोई ब्याज नहीं देगा और न ही उस पर धारा 80C के तहत टैक्स छूट मिलेगी। वह अतिरिक्त पैसा बिना किसी रिटर्न के खाते में पड़ा रहेगा।डिफॉल्ट एक्सटेंशन बन सकता है शानदार टैक्स-फ्री पेंशन टूलयदि आपको नया पैसा जमा करने की जरूरत नहीं है और 1 साल की मियाद बीत चुकी है, तो यह स्थिति भी आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है। बिना अंशदान वाले इस एक्सटेंशन में आपको जब चाहे, वित्तीय वर्ष में एक बार आंशिक या पूर्ण निकासी की पूरी छूट मिलती है।मान लीजिए 15 साल बाद आपके खाते में ₹40 लाख का फंड जमा है।7.1% की ब्याज दर से आपको हर साल लगभग ₹2.84 लाख का गारंटीड, जोखिम-मुक्त और टैक्स-फ्री ब्याज मिलता रहेगा।आप हर साल जरूरत के मुताबिक यह ब्याज निकाल सकते हैं और मूलधन को सुरक्षित रख सकते हैं, जिससे यह वरिष्ठ नागरिकों और रिटायरमेंट के बाद के जीवन के लिए एक मुफीद मासिक/वार्षिक आय का स्रोत बन जाता है।अब आपको क्या कदम उठाना चाहिए?अपनी पीपीएफ पासबुक या ऑनलाइन बैंकिंग में लॉगिन करके खाते की वास्तविक मैच्योरिटी तिथि जांचें।यदि मैच्योरिटी को 1 वर्ष से कम समय हुआ है और आप आगे निवेश करना चाहते हैं, तो तुरंत अपनी होम ब्रांच में जाकर फॉर्म एच (Form H) दाखिल करें।यदि 1 साल से अधिक समय बीत चुका है, तो खाते में कोई नया पैसा ट्रांसफर न करें। जब तक आपको पूंजी की तत्काल जरूरत न हो, फंड को वहीं रहने दें ताकि उस पर 7.1% टैक्स-फ्री चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ मिलता रहे।जब भी पैसों की जरूरत हो, संबंधित बैंक या डाकघर में विड्रॉल फॉर्म देकर अपनी सुविधानुसार राशि सीधे अपने बचत खाते में ट्रांसफर करा लें।
LIVE: 4 राज्यों की 6 सीटों पर मतदान, असम के नगांव में वोटिंग से पहले भूकंप
Latest News Today Live Updates in Hindi : 4 राज्यों की 6 सीटों पर सुबह 7 बजे से मतदान जारी। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए आज सपा उतारेगी तीसरा उम्मीदवार। आज नामांकन भरेंगे भाजपा के सभी 8 प्रत्याशी। पल पल की जानकारी...
देश के प्रमुख तिलहन उत्पादक राज्यों, विशेष रूप से मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान के लाखों सोयाबीन किसानों के लिए यह सप्ताह बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील साबित होने जा रहा है। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और भावांतर भुगतान योजना (Bhavantar Bhugtan Yojana) के अंतर्गत अपनी उपज का उचित दाम पाने के लिए ऑनलाइन किसान पंजीयन की प्रक्रिया पूरी गति से चल रही है। राज्य कृषि एवं खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने स्पष्ट आधिकारिक निर्देश जारी करते हुए कहा है कि किसान आगामी 17 अक्टूबर 2026 तक हर हाल में अपना पंजीयन अनिवार्य रूप से पूरा करा लें। यदि कोई किसान निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण कराने से चूक जाता है, तो उसे सरकारी समर्थन मूल्य या मॉडल रेट के अंतर की भावांतर राशि का लाभ नहीं मिल पाएगा और मंडियों में औने-पौने दाम पर फसल बेचने के बाद भी सरकारी भुगतान सीधे तौर पर अटक जाएगा। कृषि विभाग ने साफ किया है कि 17 अक्टूबर की मध्यरात्रि के बाद ई-उपार्जन पोर्टल पर सोयाबीन पंजीयन की विंडो पूरी तरह बंद कर दी जाएगी और अंतिम तारीख को आगे बढ़ाने की कोई संभावना नहीं है।भावांतर और MSP का असली गणित: पंजीयन क्यों है हर किसान के लिए अनिवार्य?बाजार में सोयाबीन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और निजी व्यापारियों द्वारा समर्थन मूल्य से कम दाम पर खरीद की आशंकाओं से किसानों को सुरक्षा कवच देने के लिए सरकार ने प्राइस डेफिसिट पेमेंट स्कीम (भावांतर योजना) और उपार्जन नीति को कड़ाई से लागू किया है। इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि जब पंजीकृत किसान कृषि उपज मंडी में अपनी सोयाबीन बेचता है, तो केंद्र सरकार द्वारा घोषित एमएसपी और उस दिन के औसत मंडी मॉडल रेट के बीच का जो घाटा (मूल्य अंतर) होता है, उसकी सीधी भरपाई राज्य सरकार द्वारा डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए किसान के बैंक खाते में भेजकर की जाती है। लेकिन इस पूरी प्रक्रिया की पहली और अनिवार्य शर्त यह है कि किसान का नाम ई-उपार्जन पोर्टल पर वैध रूप से दर्ज होना चाहिए। यदि कोई अपंजीकृत किसान मंडी में अपनी फसल बेचता है, तो उसे भावांतर योजना का एक रुपया भी नहीं मिलेगा। इसलिए अपनी महीनों की मेहनत की फसल को घाटे से बचाने के लिए प्रत्येक किसान को समय रहते यह पंजीकरण सुनिश्चित करना जरूरी है।कहां-कहां करा सकते हैं निःशुल्क पंजीयन? इन केंद्रों पर लगेगा सिर्फ ₹50 का शुल्ककिसानों की सुविधा और किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए प्रशासन ने गांव-गांव में पंजीयन की दोहरी व्यवस्था की है। किसान अपनी सुविधा और पहुंच के अनुसार निम्नलिखित केंद्रों पर संपर्क कर सकते हैं:पूरी तरह निःशुल्क पंजीयन केंद्र: राज्य सरकार ने ग्रामीण स्तर पर ग्राम पंचायत कार्यालयों, जनपद पंचायत सुविधा केंद्रों, तहसील कार्यालयों, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS) और सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित केंद्रों पर पंजीयन की शत-प्रतिशत मुफ्त व्यवस्था की है। यहां किसानों से किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।सशुल्क ऑनलाइन कियोस्क केंद्र: जो किसान अपनी नजदीकी बाजार या कस्बे में पंजीयन कराना चाहते हैं, वे एमपी ऑनलाइन (MP Online) कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), लोक सेवा केंद्रों और अधिकृत साइबर कैफे पर जाकर भी आवेदन कर सकते हैं। सरकार ने कड़ा नियम बनाया है कि इन निजी और अधिकृत सेवा केंद्रों पर प्रति पंजीयन अधिकतम ₹50 से ज्यादा शुल्क किसी भी परिस्थिति में नहीं वसूला जा सकता। यदि कोई कियोस्क संचालक निर्धारित शुल्क से अधिक राशि की मांग करता है, तो किसान सीधे तहसील कार्यालय या सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।पंजीयन के लिए किन-किन दस्तावेजों की होगी जरूरत? चेकलिस्ट कर लें तैयारई-उपार्जन केंद्र जाने से पहले किसानों को अपने सभी मूल दस्तावेज और उनकी प्रतिलिपियां व्यवस्थित कर लेनी चाहिए ताकि सर्वर और केंद्र पर किसी तकनीकी अड़चन का सामना न करना पड़े। पंजीयन के लिए अनिवार्य रूप से निम्नलिखित दस्तावेजों की दरकार होगी:भूमि संबंधी रिकॉर्ड: जमीन की अद्यतन खसरा-खतौनी की नकल, जिसमें चालू वर्ष में बोई गई सोयाबीन की फसल का रकबा स्पष्ट रूप से दर्ज हो।आधार कार्ड: किसान का मूल आधार कार्ड, जिसमें नाम और जन्मतिथि सही दर्ज हो।सक्रिय मोबाइल नंबर: आधार कार्ड से लिंक चालू मोबाइल नंबर, जिस पर वेरिफिकेशन के लिए तत्काल ओटीपी (OTP) प्राप्त हो सके।बैंक पासबुक की प्रति: बैंक खाते की स्पष्ट पासबुक या कैंसिल चेक, जिसमें खाता संख्या और आईएफएससी कोड साफ-साफ पढ़ा जा सके।पहचान पत्र: किसान का वोटर आईडी कार्ड, राशन कार्ड या समग्र आईडी (यदि राज्य में लागू हो)।इसके अतिरिक्त, जो किसान सिकमी (बटाईदार), कोटवार या वन पट्टाधारी हैं, उनके पंजीयन की विशेष व्यवस्था केवल सहकारी समितियों के केंद्रों पर रखी गई है, जहां राजस्व विभाग (तहसीलदार/पटवारी) द्वारा मौके पर भौतिक सत्यापन के बाद ही उनका आवेदन स्वीकार किया जाएगा।बैंक खाते को लेकर सख्त नियम: ये 3 गलतियां कीं तो अटक जाएगा पैसाअक्सर देखा जाता है कि किसान पंजीयन तो करा लेते हैं, लेकिन गलत या निष्क्रिय बैंक खाते की जानकारी देने के चलते महीनों तक उनका पैसा सरकारी खजाने में फंसा रह जाता है। इस बार कृषि विभाग ने बैंक खातों के लिए बेहद कड़े दिशा-निर्देश तय किए हैं:पेमेंट्स बैंक पूरी तरह अमान्य: वित्तीय नियमों के तहत पेटीएम पेमेंट्स बैंक (Paytm), एयरटेल पेमेंट्स बैंक (Airtel) और फिनो पेमेंट्स बैंक (Fino) जैसे वॉलेट या स्मॉल फाइनेंस पेमेंट्स बैंकों के खाते पंजीयन में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। किसानों को केवल राष्ट्रीयकृत (जैसे SBI, PNB, BoB, Canara), शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक या जिला केंद्रीय सहकारी बैंक का ही खाता देना होगा।संयुक्त खाता (Joint Account) मान्य नहीं: पंजीयन केवल उसी किसान के एकल (Single) बैंक खाते पर होगा जिसके नाम पर जमीन का खसरा दर्ज है। पति-पत्नी या भाइयों के संयुक्त खाते पोर्टल पर अस्वीकार कर दिए जाएंगे।निष्क्रिय (Dormant) खाते की जांच: यदि खाते में पिछले छह महीने या साल भर से कोई लेनदेन नहीं हुआ है और खाता फ्रीज या इनऑपरेटिव हो चुका है, तो उसमें डीबीटी भुगतान नहीं आएगा। किसान तुरंत बैंक शाखा जाकर केवाईसी (KYC) कराकर खाता चालू करा लें।₹1 के टेस्ट ट्रांजेक्शन से होगा लाइव सत्यापन, बायोमेट्रिक और ओटीपी अनिवार्यपारदर्शिता सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए इस बार ई-उपार्जन पोर्टल पर एक आधुनिक तकनीक जोड़ी गई है। जैसे ही किसान का पंजीयन दर्ज होगा, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा जेआईटी (JIT) पोर्टल के माध्यम से किसान के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में ₹1 का प्रतीकात्मक परीक्षण लेनदेन (Test Transaction) भेजा जाएगा। जब बैंक से इस ₹1 के सफल जमा होने की पुष्टि हो जाएगी, तभी पोर्टल पर पंजीयन को 'फाइनल अप्रूव्ड' माना जाएगा। इसके साथ ही, पंजीयन और बाद में मंडी में फसल की तौल के समय किसान का आधार आधारित बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट या मोबाइल ओटीपी सत्यापन अनिवार्य होगा। यदि खसरे में दर्ज किसान के नाम और आधार कार्ड के नाम की स्पेलिंग में कोई बड़ा अंतर है, तो घबराने की जरूरत नहीं है; ऐसे प्रकरणों को तुरंत संबंधित तहसीलदार के पास ऑनलाइन भेजा जा रहा है, जहां से मैनुअल अप्रूवल मिलते ही पंजीयन स्वीकृत हो जाएगा। किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि वे 17 अक्टूबर की अंतिम तारीख और सर्वर डाउन होने का इंतजार किए बिना आज ही अपने नजदीकी केंद्र पर जाकर सोयाबीन पंजीयन की रसीद हासिल कर लें।
Puducherry की Thattanchavady सीट पर उपचुनाव के लिए वोटिंग जारी, 11 प्रत्याशी मैदान में
पुडुचेरी, छह अक्टूबर पुडुचेरी की थट्टांचावडी विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच मंगलवार सुबह सात बजे मतदान शुरू हो गया। मतदान शुरू होने से पहले ही लोग मतदान केंद्रों के बाहर पहुंचने लगे और अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। इस उपचुनाव को मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के लिए पहली बड़ी राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है। इस सरकार को बने अभी चार महीने ही हुए हैं। रंगासामी के इस सीट से इस्तीफा देने के बाद उपचुनाव कराना जरूरी हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि मतदान प्रक्रिया शाम छह बजे तक जारी रहेगी और सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चुनावी मैदान में कुल 11 उम्मीदवार हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (एआईएनआरसी) के नेतृत्व वाले राजग, कांग्रेस और उसकी पूर्व सहयोगी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के बीच माना जा रहा है। एआईएनआरसी ने पूर्व विधायक अशोक आनंद, द्रमुक ने सेधु सेल्वम और कांग्रेस ने ई विनायगम को मैदान में उतारा है।

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