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LPU के छात्रों की सुरक्षा पर John Brittas ने CM Bhagwant Mann को लिखा पत्र

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) के छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मनमाने तरीके से हिरासत में लेने एवं अवैध रूप से निशाना बनाने से रोकने के लिए उनसे तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह किया। ब्रिटास ने कहा कि इस स्थिति से देशभर (खासकर केरल से बड़ी संख्या में एलपीयू में पढ़ने वाले छात्रों के बीच) के छात्रों और उनके परिवारों में गहरी चिंता पैदा हुई है, जिनमें से कई छात्राएं छात्रावासों में रहती हैं। उन्होंने मान को लिखे अपने पत्र में कहा, अभी जो आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं, उनकी सच्चाई चाहे जो भी हो, राज्य के प्राधिकारियों और विश्वविद्यालय प्रशासन की सबसे पहली और अहम जिम्मेदारी हर छात्र की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करना है। एलपीयू के छात्रों ने रविवार को दावा किया था कि विश्वविद्यालय परिसर में किसी बाहरी व्यक्ति ने एक छात्रा के साथ दुष्कर्म किया है, जिसके बाद उन्होंने परिसर के बाहर नयी दिल्ली-अमृतसर राजमार्ग के एक हिस्से को जाम कर दिया था। अधिकारियों ने बताया कि शाम के समय प्रदर्शन हिंसक हो गया, जब प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिसकर्मियों पर कथित तौर पर पथराव किया, उनके वाहनों पर हमला किया और कुछ वस्तुओं में आग लगा दी जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए। उन्होंने कहा कि सोमवार सुबह राजमार्ग पर यातायात बहाल हो गया और परिसर में स्थिति सामान्य हो गई। ब्रिटास ने कहा कि ‘‘डर के माहौल’’ में छात्रावासों में रह रहे छात्रों को प्रभावी सुरक्षा, आवश्यक सेवाओं तक सुरक्षित पहुंच और तत्काल सहायता के लिए भरोसेमंद माध्यम उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों के अभिभावकों को भी उनके बच्चों की सुरक्षा और स्थिति के बारे में पर्याप्त जानकारी दी जानी चाहिए। विश्वविद्यालय में 10 दिन के लिए कक्षाएं निलंबित किए जाने के बाद कई छात्र अपने घर लौट रहे हैं। मध्यावधि परीक्षाएं भी अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई हैं।

प्रभासाक्षी 28 Sep 2026 11:42 pm

उत्‍तर प्रदेश में लगभग ₹2,200 करोड़ का निवेश हुआ प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना से, केशव प्रसाद मौर्य

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश के गांवों में महिलाओं के पास हुनर है, उत्पाद हैं और मेहनत है। डबल इंजन सरकार इन उत्पादों को बाजार, तकनीक और वैश्विक मंच उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है। खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से कृषि एवं बागवानी उत्पादों का मूल्य संवर्धन होने के साथ ही किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि गांव का उत्पाद गांव तक सीमित न रहे, बल्कि उसकी पहुंच देश और दुनिया के बाजारों तक हो। खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराना महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।उन्होंने कहा कि UPITS-2026 उत्तर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बना है। खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा इस आयोजन में कुल 16 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिनकी कुल राशि लगभग 50,000 अमेरिकी डॉलर है। इन समझौतों से प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों एवं उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने तथा निर्यात के नए अवसर विकसित करने में सहायता मिलेगी।खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023, PMFME सहित विभागीय योजनाओं, निवेश संभावनाओं, आधुनिक प्रसंस्करण तकनीक, उत्पादों के मूल्य संवर्धन तथा घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई। विशेष सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग श्री राज कमल यादव, IAS तथा श्री बी.एल. मीना, IAS द्वारा योजनाओं एवं नीतिगत प्रावधानों पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। विशेषज्ञों द्वारा भी खाद्य प्रसंस्करण, उद्यमिता एवं आधुनिक तकनीकों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।श्री मौर्य उत्तर प्रदेश अब ‘लोकल से ग्लोबल’ की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का प्रयास है कि किसान की उपज का मूल्य बढ़े, गांव की महिलाओं की मेहनत को बाजार मिले, युवाओं को रोजगार मिले और उत्तर प्रदेश के उत्पादों की पहचान विश्व स्तर पर बने। यही विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की दिशा में डबल इंजन सरकार का संकल्प है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 11:36 pm

टॉयलेट सीट के बीच बैठा था साइलेंट किलर! बच्ची की चीख से दहला परिवार

Bijnor Snake In Toilet Case: बिजनौर के नहटौर में टॉयलेट के अंदर मिला अति-जहरीला 'कॉमन करैत' सांप. बच्ची की समझदारी से टला हादसा, सर्प मित्र बी-भास्कर ने किया रेस्क्यू. पढ़ें पूरी खबर.

आज तक 28 Sep 2026 11:34 pm

Delhi Weather: राजधानी में बढ़ेगा पारा, IMD ने दी सुहावने मौसम के खत्म होने की जानकारी

राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को भी मौसम सुहावना रहा और अधिकतम तापमान 28.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से छह डिग्री कम है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। मौसम में यह खुशनुमा बदलाव ऐसे समय दिखा है, जब एक दिन पहले ही दिल्ली में पिछले 25 साल में सितंबर का दूसरा सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया था। हालांकि, मौसम कार्यालय ने स्पष्ट किया कि यह समय से पहले सर्दियों की शुरुआत नहीं है। विभाग ने कहा कि सुहावने मौसम का यह दौर जल्द खत्म हो सकता है, क्योंकि आने वाले दिन में तापमान लगातार बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, शहर के प्राथमिक मौसम केंद्र सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.3 डिग्री कम और रविवार की तुलना में दो डिग्री अधिक है। वहीं, रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश व आसपास के क्षेत्र में बने ऊपरी हवा के चक्रवातीय परिसंचरण के असर से दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में तापमान में गिरावट देखी गई। मौसम विभाग ने बताया कि यह स्थिति जल्द ही बदलने वाली है, खासकर एक अक्टूबर से, जब दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास रहने की उम्मीद है। आईएमडी ने कहा कि अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। दिल्ली के मौसम केंद्रों में सोमवार को रिज क्षेत्र में अधिकतम तापमान सबसे कम 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 7.7 डिग्री कम है। वहीं, यहां का न्यूनतम तापमान 18.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 4.2 डिग्री कम है। पालम में अधिकतम तापमान सामान्य से 7.4 डिग्री कम यानी 27.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.1 डिग्री कम होकर 20.4 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा लोधी रोड में अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में कई मौसम केंद्रों पर बूंदाबांदी से लेकर हल्की बारिश दर्ज की गई। रिज में 2.2 मिमी, पालम में एक मिमी और आयानगर में 0.7 मिमी बारिश हुई, जबकि सफदरजंग और लोधी रोड में बूंदाबांदी दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार शाम चार बजे तक दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 56 दर्ज किया गया, जो संतोषजनक श्रेणी में आता है। सीपीसीबी के अनुसार, 0 से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा , 51 से 100 को संतोषजनक , 101 से 200 को मध्यम , 201 से 300 को खराब , 301 से 400 को बहुत खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर श्रेणी में माना जाता है। मौसम विभाग ने मंगलवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान जताया है। इस दौरान न्यूनतम और अधिकतम तापमान क्रमशः 22 और 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

प्रभासाक्षी 28 Sep 2026 11:33 pm

भारतीय दवा कंपनियों को बड़ी राहत, स्पेशल ड्रग्स पर टैरिफ नहीं लगाएगा US

अमेरिकी कॉमर्स डिपार्टमेंट ने भारत समेत 20 देशों से आयातित कुछ विशेष दवाओं और उनके इंग्रीडिएंट्स पर कोई एड वैलोरम टैरिफ नहीं लगाने का निर्णय लिया है. ये कदम दुर्लभ बीमारियों, बांझपन, सेल और जीन थेरेपी, एंटीबॉडी-ड्रग कॉन्जुगेट्स और पशु दवाओं में इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट्स पर लागू होगा.

आज तक 28 Sep 2026 11:32 pm

चेन्नई में SIT ने ग्रेनाइट कारोबारी R Veeramani पर दर्ज किया नया POCSO केस

ग्रेनाइट कारोबारी आर. वीरामाणि के खिलाफ बाल यौन शोषण मामले की जांच कर रही एसआईटी ने सोमवार को एक नाबालिग लड़की की मां की शिकायत के बाद उसके खिलाफ पोक्सो अधिनियम के तहत एक और मामला दर्ज किया। चेन्नई नगर पुलिस ने यह जानकारी दी। चेन्नई नगर पुलिस ने बताया कि नाबालिग लड़की की मां 28 सितंबर को एसआईटी अधिकारियों के सामने पेश हुईं और शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर एक नया मामला दर्ज किया गया है एवं जांच शुरू की गई है। वीरामणि और अन्य लोगों के खिलाफ बच्चों का यौन शोषण से संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम के तहत दर्ज यौन शोषण के मामले की व्यापक जांच करने के लिए तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक महेश कुमार अग्रवाल के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था जिसमें सभी सदस्य महिलाएं हैं। चेन्नई पुलिस ने एक विज्ञप्ति में लोगों से अपील की है कि अगर उनके पास कोई जानकारी, दस्तावेज या सबूत हों तो वे उन्हें साझा करें या ज़रूरत पड़ने पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके लिए वे 9345319676 नंबर पर फ़ोन कॉल या ‘व्हाट्सऐप’ के ज़रिए जांच करने वालों से संपर्क कर सकते हैं। पुलिस ने यह भी कहा कि जानकारी देने वालों की पहचान और सूचना पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी तथा पुष्टि होने के बाद तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने वीरामणि द्वारा 12-16 साल की नाबालिग लड़कियों के कथित यौन शोषण का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने कहा है कि उसकी जांच टीम इस मामले की ज़मीनी स्तर पर जांच करने के लिए चेन्नई जाएगी। शुक्रवार को एक पोक्सो अदालत ने वीरामणि की न्यायिक हिरासत नौ अक्टूबर तक बढ़ा दी। वह 29 अगस्त से न्यायिक हिरासत में है और उसकी मौजूदा रिमांड की अवधि शुक्रवार को खत्म होने वाली थी। वीरामणि पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण का आरोप है। इस बड़े उद्योगपति और तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले ने पूरे तमिलनाडु में हलचल मचा दी है; सभी राजनीतिक दलों और नागरिक संस्था ने इस अपराध के दोषियों को कड़ी सज़ा देने की मांग की है।

प्रभासाक्षी 28 Sep 2026 11:23 pm

Election Commission के SIR प्रोसेस पर उठे सवाल, Kapil Sibal और वकीलों ने CEC के इस्तीफे की मांग की

वरिष्ठ वकीलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिक संस्था के सदस्यों के एक समूह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को वापस लेने, हटाए गए नामों को दोबारा जोड़ने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। प्रतिभागियों ने ‘टुगेदर वी स्टैंड’ बैनर तले आयोजित प्रेस वार्ता में आगामी चुनाव एसआईआर-पूर्व मतदाता सूचियों के आधार पर कराए जाने और इस प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन आयोग द्वारा किये गये फैसलों की संवैधानिक एवं कानूनी वैधता की स्वतंत्र जांच कराने की मांग भी की। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि निर्वाचन आयोग का कामकाज ‘दागदार’ हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह से उच्चतम न्यायालय ने इस मामले को देखा, उससे नागरिकों का आगे आना जरूरी हो गया है। सिब्बल ने कहा, ‘‘अगर निष्पक्ष चुनाव में बाधा आती है, तो क्या लोकतंत्र बचेगा?’’उन्होंने कहा कि एसआईआर के तहत बड़े पैमाने पर नाम हटाने और जोड़ने का मुद्दा कई बार उच्चतम न्यायालय के सामने उठाया गया है। सिब्बल ने कहा, ‘‘अब यह साबित हो चुका है कि वह गलत था। तब से कई चुनाव हो चुके हैं।’’उन्होंने एसआईआर से जुड़े सभी फैसलों को वापस लेने की मांग की क्योंकि ये फैसले निर्वाचन आयोग ने नहीं लिए थे बल्कि आरोप है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने इन्हें जबरन लागू करवाया था और इसलिए इनकी कोई कानूनी वैधता नहीं थी। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय को यह बताया जाना चाहिए कि जिन मामलों को पहले निर्वाचन आयोग के आदेश माना गया था, वे असल में आयोग के फैसले नहीं थे बल्कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने उन्हें एकतरफा तौर पर लिये थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या एसआईआर प्रक्रिया का मकसद मुसलमानों को वोट देने के अधिकार से वंचित करना था, तो सिब्बल ने कहा कि तार्किक विसंगतियों का पैमाना इसी मकसद से बनाया गया था। योगेंद्र यादव ने प्रेसवार्ता में कहा कि एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या से नाम हटाने के पैमाने पर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान, देश में वयस्क आबादी 99 करोड़ थी और मतदाताओं की संख्या 98 करोड़ थी, जो लगभग बराबर थी। हमें गर्व था कि हमारे पास मतदाताओं की एक सटीक सूची थी।’’यादव ने कहा, ‘‘एसआईआर के ज़रिए सुधार के बाद, अब मतदाताओं की संख्या 88 करोड़ या उससे कम है, जबकि वयस्क आबादी 103 करोड़ है। इस तरह, कम से कम 15 करोड़ भारतीय मतदाता सूची से गायब हैं।’’वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने निर्वाचन आयोग द्वारा तार्किक विसंगति शब्द के इस्तेमाल पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या ऐसे मामलों पर फैसला लेने के लिए कोई मानक या ढांचा है। भूषण ने यह भी कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया ‘जनप्रतिनिधित्व कानून’ और नियमों का उल्लंघन करके की जा रही है।

प्रभासाक्षी 28 Sep 2026 11:13 pm

10 तेंदुओं की खाल तस्करी में एनजीओ के CEO का नाम, 11 घंटे तक पूछताछ

Shivpuri Leopard Skin Smuggling Case: 10 तेंदुए की खालों की तस्करी मामले में NGO के सीईओ कार्तिक नारायण से शिवपुरी में 11 घंटे तक पूछताछ. तस्करों ने लिया था नाम. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

आज तक 28 Sep 2026 11:12 pm

चूहे की बीट और छिपकलियां... कयानी कैफे और रॉयल चाइना कार्रवाई; महाराष्ट्र में FDA का ऐक्शन

त्योहारों से पहले महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने पूरे राज्य में बड़ी कार्रवाई की है। 30 खाने की दुकानों के लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन सस्पेंड कर दिए गए हैं। साथ ही 50,601 किलो से ज्यादा खाना जब्त किया गया है, जिसकी कीमत करीब 1.19 करोड़ रुपये है।

लाइव हिन्दुस्तान 28 Sep 2026 11:05 pm

सर्जिकल स्ट्राइक के 10 साल: भारत का एक फैसला और पाकिस्तान के खिलाफ हमेशा के लिए बदल गए नियम

उड़ी हमले के 10 साल बाद भी सर्जिकल स्ट्राइक भारत की आतंकवाद विरोधी नीति का आधार बनी हुई है। इस कार्रवाई ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति और निर्णायक जवाब देने की क्षमता को प्रदर्शित किया।

जागरण 28 Sep 2026 11:05 pm

टार्गेट पूरा करने के चक्कर में लाइफ इंश्योरेंस की मिस-सेलिंग पर लगेगी रोक, IRDAI ने उठाया सख्त कदम

इरडा ने बैंकों और डिस्ट्रीब्यूटरों द्वारा लाइफ इंश्योरेंस की मिस-सेलिंग रोकने के लिए नए प्रस्ताव पेश किए हैं।

जागरण 28 Sep 2026 11:04 pm

बिहार MLC Election में JDU विधायक Anant Singh का बागी रुख, जन सुराज प्रत्याशी को दिया समर्थन

बिहार में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायक अनंत कुमार सिंह ने सोमवार को विधान परिषद (एमएलसी) के आगामी चुनाव में अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी और मौजूदा सदस्य नीरज कुमार को हराने का संकल्प लेते हुए जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार करने का ऐलान किया। मोकामा से विधायक अनंत सिंह ने पटना स्थित अपने आवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की। इस दौरान जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह भी मौजूद थे। अनंत सिंह ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से लगातार चौथी बार चुनाव लड़ रहे नीरज कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि उनके बीच मुकाबला ‘‘व्यक्तिगत’’ है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘नीरज कुमार ने कभी मेरे खिलाफ चुनाव लड़ा था। वह आरसीपी सिंह खेमे में भी थे, जिसने मेरे मोकामा स्थित घर में हथियार और विस्फोटक छिपाकर मेरे खिलाफ साजिश रची थी।’’अनंत सिंह ने 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री और जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार से मतभेद के बाद पार्टी छोड़ दी थी। उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अपनी विधानसभा सीट बरकरार रखी थी। उस समय जदयू ने मोकामा सीट से नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया था। चार वर्ष बाद अनंत सिंह के मोकामा स्थित आवास से एके-47 राइफल और रॉकेट लॉन्चर बरामद होने पर उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया था। पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव से पहले जदयू में दोबारा शामिल हुए अनंत सिंह लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह और उनकी आईपीएस बेटी लिपि सिंह उनके खिलाफ ‘‘साजिश’’ में शामिल थे। लिपि सिंह, 2019 में मोकामा की अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी थीं। अनंत सिंह ने कहा, ‘‘मैंने एक पंडित से सलाह ली है। उन्होंने एक अक्टूबर को नामांकन दाखिल करने के लिए शुभ तिथि बताई है। उस दिन मैं अनुज सिंह के साथ रहूंगा और पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के सभी 26 विधानसभा क्षेत्रों में उनके लिए प्रचार भी करूंगा।’’अपनी ही पार्टी के विधायक के खुले विरोध पर जदयू की ओर से देर शाम तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई। वहीं, जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने दावा किया कि जदयू अब ‘‘केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा भाजपा के हितों की पूर्ति के लिए चलाई जा रही है’’ और नीतीश कुमार के पास कोई निर्णयकारी भूमिका नहीं बची है।

प्रभासाक्षी 28 Sep 2026 11:03 pm

धौलपुर में इंश्योरेंस कंपनी के मैनेजर ने पत्नी सहित की सुसाइड

धौलपुर। शहर के निहालगंज थाना क्षेत्र में सोमवार को यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के मैनेजर बलराम मीणा और उनकी पत्नी सरोज मीणा के शव किराए के मकान में अलग-अलग कमरों में फंदे से लटके मिले। घटना से कुछ समय पहले बलराम के व्हाट्सएप अकाउंट पर ‘अंतिम जोहार’ लिखा स्टेटस दिखाई दिया था। पुलिस को मौके […] The post धौलपुर में इंश्योरेंस कंपनी के मैनेजर ने पत्नी सहित की सुसाइड appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Sep 2026 10:59 pm

लहसुन की यह किस्म बना सकती है खेती को फायदे का सौदा, 135 दिन में फसल तैयार और 40 क्विंटल/एकड़ तक बंपर उपज; जानिए पूरी खासियत

रबी सीजन में नकदी फसलों की खेती करने वाले किसानों के लिए लहसुन हमेशा से एक अत्यधिक लाभकारी विकल्प रहा है। बाजार में लहसुन की लगातार मजबूत कीमतों और बढ़ती मांग के बीच भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (NHRDF) द्वारा विकसित उन्नत किस्में किसानों की आय को कई गुना बढ़ाने में मील का पत्थर साबित हो रही हैं। लहसुन की ऐसी ही उन्नत और अधिक उपज देने वाली किस्मों (जैसे भीमा ओंकार, यमुना सफेद-3 / G-282 और एग्रीफाउंड पार्वती) ने किसानों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह फसल मात्र 130 से 135 दिनों के भीतर पूरी तरह पककर तैयार हो जाती है और उचित प्रबंधन से प्रति एकड़ 35 से 40 क्विंटल (लगभग 80 से 100 क्विंटल प्रति हेक्टेयर) तक बंपर पैदावार देने की क्षमता रखती है।उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश (विशेष रूप से मंदसौर और नीमच मंडी क्षेत्र), राजस्थान (कोटा और बारां बेल्ट), गुजरात, हरियाणा और बिहार के प्रमुख कृषि अंचलों में लहसुन की यह उन्नत किस्में तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। इस किस्म के कंद (Bulbs) मध्यम से बड़े आकार के, आकर्षक चमकदार सफेद रंग के और बेहद ठोस होते हैं। इसमें पाए जाने वाले तीखेपन और एलिसिन (Allicin) नामक औषधीय तत्व की उच्च मात्रा के कारण इसे घरेलू रसोई के साथ-साथ मसाला व फार्मास्यूटिकल उद्योगों में भी हाथों-हाथ खरीदा जाता है।इस उन्नत किस्म की प्रमुख शारीरिक विशेषताएं और भंडारण क्षमताइस किस्म की सबसे बड़ी खासियत इसकी एक समान कलियां और बेहतरीन भंडारण क्षमता (Storage Capacity) है। अक्सर पारंपरिक देशी लहसुन में यह समस्या देखी जाती है कि फसल कटाई के कुछ महीनों बाद कंद सूखने लगते हैं या अंदर से खोखले हो जाते हैं, जिससे किसानों को औने-पौने दाम पर फसल बेचनी पड़ती है। इसके विपरीत, इस उन्नत किस्म के कंदों का छिलका मोटा और सख्त होता है, जिससे इसे सामान्य तापमान वाले हवादार गोदामों में भी 6 से 8 महीने तक बिना किसी वजन या चमक के नुकसान के आसानी से स्टोर किया जा सकता है।रोग प्रतिरोधक क्षमता के मामले में भी यह किस्म काफी आगे है। यह लहसुन के प्रमुख रोगों जैसे 'बैंगनी धब्बा रोग' (Purple Blotch), डाउनी मिल्ड्यू (Downy Mildew) और तना झुलसा रोग के प्रति सामान्य किस्मों के मुकाबले कहीं अधिक सहनशील है। इसके मजबूत तने और चौड़ी पत्तियां प्रकाश संश्लेषण की क्रिया को तेज करती हैं, जिससे जमीन के नीचे गांठों का विकास तेजी से और भरपूर होता है।बुवाई का सही समय, खेत की तैयारी और जलवायु आवश्यकताएंलहसुन ठंडी जलवायु की फसल है, जिसके वानस्पतिक विकास के लिए 15 से 20 डिग्री सेल्सियस और कंद पकने के समय 25 से 30 डिग्री सेल्सियस का तापमान आदर्श माना जाता है। उत्तर भारत और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में इसकी बुवाई के लिए अक्टूबर के पहले सप्ताह से लेकर नवंबर के मध्य तक का समय सबसे मुफीद रहता है।खेत की तैयारी के लिए अच्छी जल निकासी वाली दोमट या बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है, जिसका पीएच (pH) मान 6.5 से 7.5 के बीच होना चाहिए। खेत को 2 से 3 बार गहरी जुताई करके मिट्टी को भुरभुरा बना लें। अंतिम जुताई के समय प्रति एकड़ 8 से 10 टन अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या 2 टन वर्मीकम्पोस्ट (केंचुआ खाद) मिट्टी में अच्छी तरह मिला देना चाहिए। संतुलित पोषण के लिए मिट्टी परीक्षण के आधार पर नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश के साथ-साथ 10 से 12 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से सल्फर (गंधक) का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें, क्योंकि सल्फर लहसुन के कंदों में तीखापन, सुगंध और कड़कपन बढ़ाने में सीधी भूमिका निभाता है।बीज की मात्रा, उपचार और रोपाई का वैज्ञानिक तरीकाएक एकड़ खेत में बुवाई के लिए स्वस्थ और मोटे कंदों से निकली लगभग 1.5 से 2 क्विंटल (150-200 किग्रा) कलियों (Cloves) की आवश्यकता होती है। बुवाई से पहले कलियों का उपचार करना बेहद जरूरी है। इसके लिए कार्बेन्डाजिम या ट्राइकोडर्मा विरिडी (5 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज) के घोल से कलियों को 15-20 मिनट तक उपचारित करके छाया में सुखा लें। इससे बीज जनित और भूमि जनित फंगल बीमारियों का खतरा पूरी तरह टल जाता है।बुवाई करते समय पंक्ति से पंक्ति की दूरी (Row to Row) 15 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी (Plant to Plant) 8 से 10 सेंटीमीटर रखनी चाहिए। कलियों को जमीन में 2 से 3 सेंटीमीटर की गहराई पर कलिका का नुकीला सिरा ऊपर की ओर रखते हुए गाड़ना चाहिए। बुवाई के तुरंत बाद एक हल्की सिंचाई करें। आधुनिक समय में ड्रिप इरिगेशन (टपक सिंचाई) और रेज्ड बेड (उठी हुई क्यारियों) पर लहसुन की बुवाई करने से पानी की 40% तक बचत होती है और कंदों का आकार 25 से 30% तक बड़ा प्राप्त होता है।लागत, मुनाफा और बाजार अर्थशास्त्र: किसान कैसे कमाएं लाखों का शुद्ध लाभ?एक एकड़ में लहसुन की इस उन्नत किस्म की वैज्ञानिक खेती करने में बीज, जुताई, खाद-उर्वरक, सिंचाई और मजदूरी मिलाकर लगभग 45,000 से 55,000 रुपये तक की कुल लागत आती है। यदि किसान को औसतन 35 से 40 क्विंटल प्रति एकड़ की पैदावार मिलती है और बाजार में सामान्य थोक भाव भी औसतन ₹6,000 से ₹8,000 प्रति क्विंटल (या ऑफ-सीजन में ₹10,000 से ₹15,000 प्रति क्विंटल) मिल जाता है, तो प्रति एकड़ 2.4 लाख से 3.2 लाख रुपये तक का सकल राजस्व आसानी से मिल सकता है।सभी इनपुट खर्चों को घटाने के बाद भी किसान मात्र 135 दिनों की अवधि में एक एकड़ से लगभग 1.8 से 2.5 लाख रुपये तक का शुद्ध मुनाफा कमा सकते हैं। यदि किसान कटाई के तुरंत बाद फसल बेचने के बजाय उसे 3-4 महीने उचित भंडारण में रोककर ऑफ-सीजन में बेचें, तो यह मुनाफा और भी अधिक बढ़ जाता है। उन्नत बीजों का चयन और आधुनिक कृषि तकनीक अपनाकर किसान लहसुन की खेती को वास्तविक अर्थों में मुनाफे की एक ठोस मशीन बना सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 10:58 pm

भारत के 20 सबसे बड़े रेलवे स्टेशन! 23 प्लेटफॉर्म के साथ हावड़ा जंक्शन टॉप पर, देखें देश के सबसे विशाल स्टेशनों की पूरी लिस्ट

भारतीय रेलवे को देश की जीवनरेखा (लाइफलाइन) कहा जाता है, जो प्रतिदिन करोड़ों यात्रियों को उनकी मंजिलों तक पहुंचाती है। रेलवे नेटवर्क के विस्तार और भारी ट्रैफिक को संभालने के लिए देश भर में कई विशालकाय रेलवे स्टेशन स्थापित किए गए हैं। जब प्लेटफॉर्म की संख्या और ट्रेनों के परिचालन की क्षमता की बात आती है, तो पश्चिम बंगाल का ऐतिहासिक हावड़ा जंक्शन (HWH) पूरे देश में निर्विवाद रूप से पहले पायदान पर बना हुआ है। हावड़ा जंक्शन में कुल 23 क्रियाशील प्लेटफॉर्म हैं, जो रोजाना लाखों यात्रियों और सैकड़ों मेल, एक्सप्रेस व उपनगरीय लोकल ट्रेनों का सुचारू संचालन करते हैं।हावड़ा के ठीक बाद दूसरे स्थान पर कोलकाता का ही सियालदह रेलवे स्टेशन (SDAH) आता है, जहां 21 प्लेटफॉर्म मौजूद हैं। यह स्टेशन कोलकाता उपनगरीय रेलवे नेटवर्क का सबसे व्यस्त केंद्र माना जाता है। वहीं, मुंबई का विश्व धरोहर स्थल छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) 18 प्लेटफॉर्म के साथ तीसरे स्थान पर है। इसके बाद दक्षिण भारत का सबसे महत्वपूर्ण रेलवे हब एमजीआर चेन्नई सेंट्रल (MAS) 17 प्लेटफॉर्म के साथ चौथे और देश की राजधानी का नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) 16 प्लेटफॉर्म के साथ पांचवें पायदान पर काबिज है। टॉप-5 के इन सभी स्टेशनों में 16 या उससे अधिक प्लेटफॉर्म हैं, जो भारत के महानगरों को देश के हर कोने से जोड़ते हैं।भारत के 20 सबसे बड़े रेलवे स्टेशनों की पूरी सूची (प्लेटफॉर्म की संख्या के अनुसार)देश के विभिन्न राज्यों में फैले प्रमुख 20 बड़े रेलवे स्टेशनों की स्थिति उनके स्टेशन कोड और प्लेटफॉर्म की संख्या के आधार पर नीचे दी गई है:क्रम संख्यारेलवे स्टेशन का नामस्टेशन कोडराज्य / केंद्र शासित प्रदेशप्लेटफॉर्म की संख्या1.हावड़ा जंक्शनHWHपश्चिम बंगाल232.सियालदह रेलवे स्टेशनSDAHपश्चिम बंगाल213.छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT)CSMTमहाराष्ट्र184.एमजीआर चेन्नई सेंट्रलMASतमिलनाडु175.नई दिल्ली रेलवे स्टेशनNDLSदिल्ली166.अहमदाबाद जंक्शनADIगुजरात127.खड़गपुर जंक्शनKGPपश्चिम बंगाल128.कानपुर सेंट्रलCNBउत्तर प्रदेश109.प्रयागराज जंक्शनPRYJउत्तर प्रदेश1010.विजयवाड़ा जंक्शनBZAआंध्र प्रदेश1011.पटना जंक्शनPNBEबिहार1012.गोरखपुर जंक्शनGKPउत्तर प्रदेश1013.केएसआर बेंगलुरु सिटीSBCकर्नाटक1014.वाराणसी जंक्शन (कैंट)BSBउत्तर प्रदेश915.लखनऊ चारबागLKOउत्तर प्रदेश916.पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन (मुगलसराय)DDUउत्तर प्रदेश817.इटारसी जंक्शनETमध्य प्रदेश818.नागपुर जंक्शनNGPमहाराष्ट्र819.बिलासपुर जंक्शनBSPछत्तीसगढ़820.कल्याण जंक्शनKYNमहाराष्ट्र812, 10 और 9 प्लेटफॉर्म वाले प्रमुख जंक्शन: उत्तर और दक्षिण भारत के व्यस्त केंद्ररैंकिंग में छठे स्थान पर संयुक्त रूप से दो बड़े जंक्शन आते हैं—गुजरात का अहमदाबाद जंक्शन (ADI) और पश्चिम बंगाल का खड़गपुर जंक्शन (KGP), जिनमें 12-12 प्लेटफॉर्म हैं। खड़गपुर जंक्शन लंबे समय तक दुनिया के सबसे लंबे रेलवे प्लेटफॉर्म के लिए भी मशहूर रहा है।इस सूची में आठवें पायदान पर एक साथ छह व्यस्त स्टेशन आते हैं, जिनमें से प्रत्येक में 10-10 प्लेटफॉर्म मौजूद हैं। इनमें उत्तर भारत का विशाल औद्योगिक व रेलवे हब कानपुर सेंट्रल, धार्मिक व प्रशासनिक केंद्र प्रयागराज जंक्शन, दक्षिण भारत का प्रमुख कनेक्टिविटी पॉइंट विजयवाड़ा जंक्शन, बिहार का सबसे व्यस्त पटना जंक्शन, पूर्वोत्तर रेलवे का मुख्यालय गोरखपुर जंक्शन और सिलिकॉन वैली का मुख्य स्टेशन केएसआर बेंगलुरु सिटी शामिल हैं।वहीं 14वें स्थान पर उत्तर प्रदेश के दो सांस्कृतिक और प्रशासनिक केंद्र हैं—वाराणसी जंक्शन (कैंट) और लखनऊ चारबाग, जहां 9-9 प्लेटफॉर्म के जरिए दैनिक रेल यातायात का संचालन होता है।8 प्लेटफॉर्म वाले रणनीतिक जंक्शन और रेलवे का आधुनिकीकरण अभियानसूची के अंतिम पायदानों पर वे रेलवे स्टेशन आते हैं जिनके पास 8-8 प्लेटफॉर्म हैं, लेकिन सामरिक और भौगोलिक दृष्टि से इनका महत्व किसी से कम नहीं है। इनमें एशिया के सबसे बड़े रेलवे मार्शलिंग यार्ड के लिए पहचाने जाने वाला पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन (DDU), उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम रेल कॉरिडोर का केंद्रीय मिलन बिंदु मध्य प्रदेश का इटारसी जंक्शन, मध्य भारत का केंद्र नागपुर जंक्शन, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का मुख्यालय बिलासपुर जंक्शन और मुंबई उपनगरीय नेटवर्क का महत्वपूर्ण नोड कल्याण जंक्शन शामिल हैं।भारतीय रेलवे वर्तमान में 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत इन सभी व्यस्त और बड़े रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास कर रही है। इसके तहत स्टेशनों पर नए फुटओवर ब्रिज, लिफ्ट, एस्केलेटर, आधुनिक वेटिंग लाउंज और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी की सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं, ताकि यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का यात्रा अनुभव मिल सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 10:56 pm

नौसेना कमांडरों की बैठक में ऑपरेशनल तैयारियों और ऊर्जा सुरक्षा पर होगी चर्चा, रक्षा मंत्री करेंगे शिरकत

भारतीय नौसेना का शीर्ष नेतृत्व 29 सितंबर से शुरू हो रहे द्विवार्षिक सम्मेलन में ऑपरेशनल तैयारियों और ऊर्जा सुरक्षा सहित समुद्री हितों की समीक्षा करेगा।

जागरण 28 Sep 2026 10:56 pm

UPI पेमेंट चार्ज विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा दखल, केंद्र, RBI और NPCI को भेजा नोटिस; 15 अक्टूबर से लागू नियम पर रोक से इनकार

देश भर में 140 करोड़ नागरिकों और करोड़ों व्यापारियों के दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बन चुके यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) पर मर्चेंट चार्ज लगाए जाने के केंद्र सरकार के फैसले को लेकर विवाद अब देश की सर्वोच्च अदालत की दहलीज पर पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा व्यापारिक (Person-to-Merchant) यूपीआई लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने की नई व्यवस्था को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) पर अहम कदम उठाया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन सदस्यीय विशेष पीठ ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) को औपचारिक नोटिस जारी कर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।हालांकि, इस विवाद में याचिकाकर्ता को फिलहाल कोई अंतरिम राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होने वाले इस नए एमडीआर फ्रेमवर्क पर किसी भी प्रकार की रोक (Interim Stay) लगाने से साफ इनकार कर दिया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि जब तक मामले की अगली विस्तृत सुनवाई नहीं हो जाती और अदालत कोई विपरीत आदेश नहीं देती, तब तक सरकार और एनपीसीआई द्वारा तय किया गया नया नियम निर्धारित समय पर लागू माना जाएगा। अदालत ने सभी प्रतिवादियों को अपना विस्तृत हलफनामा दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है।सुप्रीम कोर्ट के तीखे सवाल: इस चार्ज से किसे हो रही है कमाई और इसका कानूनी स्वरूप क्या है?सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस नए वित्तीय शुल्क के कानूनी और नीतिगत आधार को लेकर कड़े सवाल खड़े किए। पीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल से पूछा कि आखिर ₹2,000 से ज्यादा के यूपीआई भुगतानों पर लगने वाले इस एमडीआर चार्ज से असल कमाई किसकी होगी? अदालत ने यह भी स्पष्ट करने को कहा कि यह शुल्क कोई टैक्स है, सर्विस फीस है या सेस? कोर्ट ने यह सवाल भी उठाया कि जब एक करदाता से दूसरे करदाता के पास डिजिटल माध्यम से पैसा ट्रांसफर होता है, तो इस लेन-देन पर लगने वाले शुल्क का वैधानिक आधार (Statutory Basis) क्या है और इसमें कौन सी टैक्स देनदारी या संस्थाएं शामिल हैं?केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एन. वेंकटरमण ने अदालत के सामने स्पष्टीकरण देते हुए दलील दी कि यह सरकार द्वारा वसूला जाने वाला कोई नया टैक्स या राजस्व नहीं है। उन्होंने कहा कि एमडीआर डिजिटल भुगतान तंत्र को सुचारू, तकनीकी रूप से सुरक्षित और वित्तीय रूप से टिकाऊ बनाए रखने के लिए बैंकों, पेमेंट गेटवेज और सर्विस प्रोवाइडर्स के बीच बटने वाला एक ऑपरेशनल सेटलमेंट चार्ज है। सरकार को इस वसूली से एक भी रुपया प्राप्त नहीं होगा। सरकार ने यह भी रेखांकित किया कि देश में होने वाले 96 प्रतिशत से अधिक सामान्य और खुदरा व्यापारिक लेन-देन पूरी तरह से मुफ्त रहेंगे।क्या है नया UPI MDR फ्रेमवर्क और किन लेन-देन पर लगेगा शुल्क?केंद्र सरकार और एनपीसीआई द्वारा अधिसूचित नए फ्रेमवर्क के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले नियम के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:सामान्य पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) भुगतान: बड़े व्यापारिक आउटलेट्स या ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर ₹2,000 से अधिक के पात्र लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क तय किया गया है। ₹75,000 या उससे अधिक के बड़े लेन-देन पर अधिकतम चार्ज की सीमा ₹300 (Cap) तय की गई है।फ्लैट-रेट कैटेगरी (Flat MDR): रेलवे टिकट बुकिंग, पेट्रोल पंप, दूरसंचार (Recharge/Bills), बिजली-पानी के बिल, बीमा प्रीमियम और कृषि इनपुट जैसे संवेदनशील व कम मार्जिन वाले क्षेत्रों में ₹2,000 से अधिक के भुगतान पर प्रतिशत के बजाय मात्र ₹5 का फिक्स्ड फ्लैट एमडीआर लगेगा।कैपिटल मार्केट लेन-देन: म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज और स्टॉकब्रोकर से जुड़े लेन-देन पर मात्र 0.02 प्रतिशत (अधिकतम ₹300) का रियायती एमडीआर लागू होगा।किसे नहीं देना होगा कोई चार्ज: एक आम उपभोक्ता से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले सभी पर्सन-टू-पर्सन (P2P) ट्रांसफर पूरी तरह मुफ्त रहेंगे। इसके अलावा, ₹2,000 तक के सभी रोजमर्रा के मर्चेंट पेमेंट और प्रति माह ₹1 लाख तक का टर्नओवर प्राप्त करने वाले छोटे दुकानदारों व ठेले-खोमचे वालों को 'जीरो-एमडीआर' श्रेणी के तहत पूरी तरह छूट दी गई है।याचिकाकर्ता की मुख्य आपत्तियां: क्यों पहुंचा मामला अदालत की चौखट पर?सुप्रीम कोर्ट में यह जनहित याचिका अधिवक्ता अंजन दत्ता द्वारा दाखिल की गई है। याचिका में केंद्र सरकार द्वारा सितंबर माह में जारी अधिसूचना और एनपीसीआई के एमडीआर फ्रेमवर्क को सीधे चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता का मुख्य तर्क यह है कि पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट 2007 (Payment and Settlement Systems Act, 2007) की धारा 10A में किए गए बदलावों के जरिए कार्यपालिका (सरकार) को बिना किसी व्यापक सार्वजनिक परामर्श, ठोस डेटा और विधायी बहस के मनमाने ढंग से वित्तीय शुल्क लगाने का असीमित अधिकार मिल गया है, जो संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और 19(1)(g) का उल्लंघन है।याचिका में यह भी दलील दी गई है कि एक तरफ रुपे (RuPay) डेबिट कार्ड से भुगतान को बिना किसी मौद्रिक सीमा के पूरी तरह शुल्क-मुक्त रखा गया है, वहीं दूसरी तरफ उसी डिजिटल इकोसिस्टम के तहत यूपीआई पर ₹2,000 की सीमा के बाद चार्ज लगाना भेदभावपूर्ण है। याचिकाकर्ता ने यह गंभीर आशंका भी जताई कि भले ही कागजों पर यह शुल्क मर्चेंट यानी व्यापारी को देना हो, लेकिन कम मार्जिन पर काम करने वाले कारोबारी अंततः इस लागत का भार अप्रत्यक्ष रूप से आम उपभोक्ताओं और ग्राहकों की जेब पर ही ट्रांसफर करेंगे, जिससे देश के डिजिटल इंडिया अभियान और कैशलेस अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है।आम जनता और व्यापारियों पर क्या होगा असर? वित्त मंत्रालय का स्पष्टीकरणइस विवाद पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बढ़ती चर्चाओं के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पूर्व में ही स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा था कि इस नए नियम से आम नागरिकों को घबराने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया था कि किसी भी सामान्य नागरिक द्वारा सब्जी, राशन, दूध, किराना, कैब बुकिंग या दोस्तों-रिश्तेदारों को पैसे भेजने पर एक भी नया पैसा अतिरिक्त नहीं कटेगा। यह शुल्क मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) है, जो बैंकों और तकनीकी इन्फ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने के लिए बड़े व्यापारियों से लिया जाने वाला आंतरिक सेवा शुल्क है।फिलहाल सुप्रीम कोर्ट द्वारा अंतरिम रोक न लगाए जाने से डिजिटल पेमेंट कंपनियों, बैंकों और फिनटेक कंपनियों ने थोड़ी राहत महसूस की है, क्योंकि 15 अक्टूबर की तैयारी को कानूनी झटका नहीं लगा है। हालांकि, चार सप्ताह बाद जब केंद्र सरकार, रिजर्व बैंक और एनपीसीआई अदालत में अपना विस्तृत कानूनी पक्ष और हलफनामा दाखिल करेंगे, तब इस बात का अंतिम फैसला होगा कि भारत के सबसे सफल डिजिटल भुगतान तंत्र पर यह नया वित्तीय ढांचा टिका रहेगा या इसमें कोई बड़ा फेरबदल करना पड़ेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 10:55 pm

कॉपी घर भूला, स्कूल से चुपचाप लौटा मासूम, कपड़े उतारे तो कांप उठे मां-बाप

नागौर में कॉपी घर भूलने पर 5वीं के छात्र की शिक्षक द्वारा कथित बेरहमी से पिटाई का मामला सामने आया है. आरोप है कि शिक्षक ने बच्चे को लाठी से पीटा, बाल खींचे और किसी को बताने पर धमकी दी. डर के कारण बच्चा चुप रहा. दो दिन बाद परिजनों ने शरीर पर चोट के निशान देखे. पुलिस ने FIR दर्ज की.

आज तक 28 Sep 2026 10:53 pm

पुलिस कब दर्ज करती है NCR और कब FIR? दिल्ली मंत्री मामले से समझें कानून का पूरा गणित

दिल्ली पुलिस ने पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर में पीडब्ल्यूडी मंत्री परवेश वर्मा के खिलाफ थप्पड़ मारने के मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 115 के तहत गैर-संज्ञेय रिपोर्ट (NCR) दर्ज की है।

जागरण 28 Sep 2026 10:53 pm

बिना रिश्वत नौकरी चाहिए तो Yogi Adityanath को तीसरी बार CM बनाएं: OP Rajbhar

उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सोमवार को 1,375 नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पक्ष में प्रचार करने की अपील की और समाजवादी पार्टी (सपा) तथा कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष राजभर ने यहां नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने सपा और कांग्रेस को ‘‘मरे हुए लोगों’’ की विचारहीन पार्टी बताते हुए आरोप लगाया कि ये दल केवल विरोध के लिए सरकार का विरोध करते हैं। पंचायती राज, अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और हज विभाग के कैबिनेट मंत्री राजभर ने नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों से पूछा कि क्या मौजूदा सरकार सपा सरकार से बेहतर है? उन्होंने दावा किया कि अब सरकारी नौकरियां बिना रिश्वत के मिल रही हैं। राजभर ने कहा, ‘‘जब आप यहां से जाएंगे और जिस भी जिले में आपकी तैनाती होगी, वहां नौकरी शुरू करेंगे तो इसका प्रचार करें। अपने भाई-बहनों को बताएं कि अगर वे भी बिना पैसे दिए नौकरी चाहते हैं तो योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाएं।’’इसके बाद उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों से पूछा कि उनमें से कितने लोग इस संदेश का प्रचार करेंगे। इस पर लगभग सभी लोगों ने हाथ उठाया। राजभर ने भगवान हनुमान का उल्लेख करते हुए नवनियुक्त अधिकारियों से विपक्षी दलों के खिलाफ प्रचार करने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘अकेले हनुमान जी ने रावण की पूरी ताकत का पता लगाने के बाद लंका जलाई थी और फिर भगवान राम को इसकी जानकारी देने लौटे थे। आप यहां 1,375 लोग हैं। मुझे बताएं, क्या आप समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की लंका जलाएंगे या नहीं?’’उन्होंने कहा, ‘‘चिंता मत कीजिए, हालांकि मैं अकेले ही रोज उनकी लंका में आग लगाता रहता हूं।’’मंत्री ने राज्य सरकार के कामकाज की आलोचना करने को लेकर विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिलों के बीच संपर्क बेहतर हुआ है, गांवों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाई गई हैं और विकास कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के लोग कहते हैं कि योगी सरकार ने कुछ किया ही नहीं है। लगता है उनके चश्मे का नंबर बढ़ गया है, इसलिए उन्हें कुछ दिखाई नहीं देता।’’विपक्ष पर हमला करते हुए राजभर ने कहा, ‘‘चाहे कांग्रेस के लोग हों या सपा के, ये लोग वास्तव में मरे हुए लोग हैं... जिंदा नहीं हैं। वे विचारों की राजनीति नहीं करते, बल्कि केवल विरोध की राजनीति करते हैं। वे नफरत की राजनीति करना चाहते हैं, लेकिन जनता नफरत की राजनीति नहीं चाहती। वह भाईचारा और आपसी सद्भाव चाहती है।’’उन्होंने लोगों से अपने माता-पिता और पूर्वजों की सीख के अनुसार काम करने की अपील करते हुए कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में यह सुनिश्चित किया जाए कि सपा समाप्त हो जाए और कांग्रेस आधी रह जाए।

प्रभासाक्षी 28 Sep 2026 10:53 pm

अमेरिका में कुछ खास दवाएं होंगी टैरिफ फ्री, 'फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड' भारत को मिलेगी बड़ी राहत; जानिए किन दवाओं पर होगा असर

वैश्विक व्यापार में संरक्षणवाद और आयात शुल्कों को लेकर जारी उथल-पुथल के बीच भारतीय दवा उद्योग के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के बाजार से एक बेहद राहत भरी और सकारात्मक खबर सामने आई है। अमेरिकी प्रशासन द्वारा अपनी घरेलू स्वास्थ्य प्राथमिकताओं और दवाओं की किल्लत को नियंत्रित करने के उद्देश्य से कुछ खास जरूरी और जीवनरक्षक दवाओं (Essential and Life-Saving Drugs) को आयात शुल्क यानी टैरिफ से पूरी तरह मुक्त (Tariff-Free) करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। इस रणनीतिक फैसले का सीधा और सबसे बड़ा लाभार्थी 'विश्व की फार्मेसी' (Pharmacy of the World) के रूप में विख्यात भारत बनने जा रहा है।भारतीय फार्मास्यूटिकल सेक्टर लंबे समय से अमेरिकी बाजार में जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा और भरोसेमंद आपूर्तिकर्ता रहा है। अमेरिका में बेची जाने वाली हर तीन में से एक जेनेरिक दवा भारतीय कंपनियों के संयंत्रों में तैयार की जाती है। ऐसे में दवाओं की कुछ विशिष्ट श्रेणियों पर आयात शुल्क हटने या शून्य किए जाने से भारतीय फार्मा कंपनियों के लाभ मार्जिन (Profit Margins) में सीधा सुधार होगा और अमेरिका में उनके उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक ताकत और अधिक मजबूत होगी। यह फैसला न केवल भारत के फार्मा निर्यात को नई गति देगा, बल्कि वैश्विक आपूर्ति शृंखला में भारत की केंद्रीय भूमिका पर भी एक बार फिर मुहर लगाएगा।किन दवाओं को मिल सकती है टैरिफ फ्री राहत? कैंसर, हृदय रोग और एंटीबायोटिक्स लिस्ट में आगेअमेरिकी स्वास्थ्य विनियामकों और व्यापार विशेषज्ञों के अनुसार, इस टैरिफ छूट का प्राथमिक दायरा उन दवाओं तक सीमित रखा जा रहा है जिनकी अमेरिकी घरेलू बाजार में गंभीर कमी (Drug Shortages) देखी जा रही है या जिनकी कीमतें वहां के आम नागरिकों की जेब पर अत्यधिक भारी पड़ रही हैं। इसमें कैंसर के उपचार में काम आने वाली ऑन्कोलॉजी दवाएं, हृदय रोग (Cardiovascular) की जरूरी दवाएं, उच्च रक्तचाप, डायबिटीज और कई महत्वपूर्ण एंटीबायोटिक्स व एंटी-इफेक्टिव फॉर्मूलेशन शामिल हैं।इसके अलावा, कुछ विशिष्ट जटिल जेनेरिक फॉर्मूलेशन और रेयर डिजीज (दुर्लभ बीमारियों) में इस्तेमाल होने वाली दवाओं को भी इस टैरिफ-मुक्त व्यवस्था के तहत प्राथमिकता दी जा रही है। अमेरिकी अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा तंत्र पर दवाओं की आसमान छूती कीमतों के चलते भारी दबाव था। स्थानीय स्तर पर इन दवाओं का उत्पादन तुरंत बढ़ाना संभव नहीं था, जिसके चलते अमेरिकी प्रशासन ने आयात निर्भरता को स्वीकार करते हुए शुल्क हटाने का व्यावहारिक रास्ता चुना है। भारत की सन फार्मा, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, सिप्ला, ल्यूपिन, अरबिंदो फार्मा और जाइडस लाइफसाइंसेज जैसी शीर्ष दवा निर्माता कंपनियों के पास इन दवाओं के उत्पादन की विशाल और विश्वस्तरीय क्षमताएं मौजूद हैं, जिससे उन्हें इस नीतिगत ढील का सीधा रणनीतिक लाभ मिलना तय है।यूएस-इंडिया फार्मा व्यापार: भारतीय कंपनियों की बैलेंस शीट और शेयर बाजार पर क्या होगा असर?भारत के कुल दवा निर्यात में अमेरिकी बाजार की हिस्सेदारी लगभग 30 से 35 प्रतिशत के बीच रहती है। पिछले कुछ वर्षों के दौरान सख्त यूएस एफडीए (USFDA) ऑडिट्स, मूल्य दबाव (Price Erosion) और कुछ नियामकीय अनिश्चितताओं के कारण भारतीय फार्मा कंपनियों को अमेरिकी बाजार में कड़े वित्तीय संघर्ष का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में चुनिंदा दवाओं पर टैरिफ खत्म होने से कंपनियों की शिपिंग लागत में सीधी बचत होगी और उनका ईबीआईटीडीए (EBITDA) मार्जिन मजबूत होगा।वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि इस घोषणा के बाद दलाल स्ट्रीट और घरेलू शेयर बाजार में लिस्टेड फार्मा शेयरों में नई चमक देखने को मिलेगी। विशेष रूप से वे कंपनियां जिनका अमेरिकी बाजार में बड़ा एक्सपोजर है और जिनके पास यूएस एफडीए से अनुमोदित एब्रिविएटेड न्यू ड्रग एप्लीकेशंस (ANDAs) की बड़ी पाइपलाइन मौजूद है, उनके राजस्व में आगामी तिमाहियों के दौरान ठोस वृद्धि दर्ज हो सकती है। आयात शुल्क हटने से भारतीय कंपनियां अपनी सप्लाई को अधिक तेजी से अमेरिकी अस्पतालों और फार्मेसी चेन्स तक पहुंचा सकेंगी, जिससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार संतुलन को भी नया संबल मिलेगा।घरेलू स्वास्थ्य प्रणाली और एपीआई (API) सेक्टर को नई दिशा: चीन पर निर्भरता घटने का फायदाअमेरिका द्वारा दवाओं को टैरिफ फ्री करने की यह कवायद केवल तैयार दवाओं (Finished Dosages) तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रीडिएंट्स यानी एपीआई (API) और बल्क ड्रग्स के वैश्विक समीकरणों को भी सीधे प्रभावित करेगी। कोविड महामारी के बाद से ही पश्चिमी देश अपनी दवा आपूर्ति के लिए चीन पर अत्यधिक निर्भरता को खत्म करने की रणनीति (China Plus One) पर काम कर रहे हैं। भारत ने केंद्र सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के जरिए घरेलू स्तर पर एपीआई और की स्टार्टिंग मैटेरियल्स (KSMs) के निर्माण में भारी आत्मनिर्भरता हासिल की है।जब अमेरिका जैसी दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य अर्थव्यवस्था कुछ खास दवाओं पर आयात प्रतिबंधों और टैरिफ में ढील देती है, तो भारतीय निर्माताओं को अपनी उत्पादन क्षमता का विस्तार करने और अनुसंधान व विकास (R&D) में और अधिक पूंजी लगाने का प्रोत्साहन मिलता है। तेलंगाना के हैदराबाद जीनोम वैली, गुजरात के अंकलेश्वर और अहमदाबाद फार्मा क्लस्टर, महाराष्ट्र के तारापुर और हिमाचल प्रदेश के बद्दी जैसे प्रमुख भारतीय फार्मा हब्स से अमेरिकी बाजारों के लिए शिपमेंट्स की रफ्तार तेज होने की पूरी उम्मीद है। संक्षेप में कहें तो, यह घटनाक्रम न केवल भारतीय फार्मा निर्यातकों के लिए एक बड़ी वित्तीय राहत है, बल्कि यह वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा में भारत की अनिवार्य और अपरिहार्य स्थिति का भी स्पष्ट प्रमाण है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 10:52 pm

होर्मुज बंद रहा तो 120 डॉलर तक जा सकती हैं कच्चे तेल की कीमतें, भारत की अर्थव्यवस्था पर गहराएगा संकट

पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार और भारत की अर्थव्यवस्था पर संकट गहरा सकता है।

जागरण 28 Sep 2026 10:52 pm

पैकेज्ड फूड पर फ्रंट पैक वॉर्निंग लेबल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गरमाई बहस, फैसला सुरक्षित; क्या अब पैकेट के आगे छपेगा नमक-चीनी का पूरा सच?

बाजार में बिकने वाले पैकेज्ड खाद्य पदार्थों में छिपे अधिक नमक, चीनी और सैचुरेटेड फैट के गंभीर स्वास्थ्य खतरों से देश के नागरिकों को सीधे तौर पर सचेत करने के लिए पैकेट के ठीक आगे 'फ्रंट-ऑफ-पैक वॉर्निंग लेबल' (Front-of-Pack Labelling - FOPL) अनिवार्य करने की मांग पर देश की सबसे बड़ी अदालत ने अपना रुख स्पष्ट करने की तैयारी कर ली है। सुप्रीम कोर्ट की मुख्य पीठ ने इस संवेदनशील और 140 करोड़ नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़े जनहित के मुद्दे पर सभी पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद अपना अंतिम निर्णय सुरक्षित रख लिया है। शीर्ष अदालत में दाखिल इस जनहित याचिका (PIL) में यह मांग की गई है कि पैकेट के पीछे बेहद छोटे अक्षरों में लिखे पोषण संबंधी जटिल विवरणों को आम उपभोक्ता ठीक से समझ नहीं पाते, इसलिए पैकेट के बिल्कुल सामने स्पष्ट, बड़े और रंगीन चेतावनी संकेत (Warning Labels) अनिवार्य किए जाएं।इस महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं, केंद्र सरकार और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने अपने-अपने पक्ष जोरदार तरीके से रखे। अदालत ने इस बात को गंभीरता से संज्ञान में लिया कि देश में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड और पैकेज्ड स्नैक्स का बाजार जिस तेजी से बढ़ा है, उसी अनुपात में बच्चों, युवाओं और वयस्कों में गैर-संचारी रोगों (NCDs) जैसे मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी गंभीर बीमारियों के मामलों में खतरनाक उछाल आया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसला सुरक्षित रखे जाने के बाद अब समूचे एफएमसीजी (FMCG) उद्योग, खाद्य उत्पादक कंपनियों और उपभोक्ता अधिकार संगठनों की सांसें अटकी हुई हैं क्योंकि अदालत का यह फैसला भारतीय फूड पैकेजिंग के पूरे परिदृश्य को हमेशा के लिए बदलने की ताकत रखता है।पैकेट के पीछे बारीक अक्षरों में छिपी हकीकत बनाम पैकेट के सामने स्पष्ट चेतावनी का सीधा टकराववर्तमान में भारत में बिकने वाले अधिकांश चिप्स, बिस्कुट, नूडल्स, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस और फ्रोजन स्नैक्स के पीछे न्यूट्रिशनल वैल्यू (पोषण तालिका) बेहद बारीक अक्षरों में छापी जाती है। इस प्रणाली की सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि एक सामान्य उपभोक्ता, ग्रामीण नागरिक या कम पढ़ा-लिखा व्यक्ति यह आसानी से नहीं समझ पाता कि उस उत्पाद में मौजूद सोडियम, कुल शुगर और सैचुरेटेड फैट उसकी दैनिक अनुशंसित सीमा (Daily Recommended Allowance) से कितना ज्यादा है। याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने अदालत में रेखांकित किया कि खाद्य निर्माता कंपनियां इस जटिलता का व्यावसायिक लाभ उठाती हैं और हानिकारक तत्वों से भरपूर उत्पादों को भी आकर्षक विज्ञापनों के जरिए 'हेल्दी' या 'एनर्जी से भरपूर' बताकर बेचती हैं।याचिका में वैश्विक स्वास्थ्य मानकों और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अध्ययनों का हवाला देते हुए मांग की गई है कि भारत में लैटिन अमेरिकी देशों जैसे चिली, मेक्सिको और पेरू की तर्ज पर 'ब्लैक हेक्सागोनल वॉर्निंग लेबल' (काले रंग के चेतावनी चिन्ह) अनिवार्य होने चाहिए। इन चिन्हों में पैकेट के बिल्कुल सामने साफ शब्दों में उच्च चीनी (High in Sugar), उच्च नमक (High in Salt) या उच्च वसा (High in Saturated Fat) लिखा होता है। जब कोई उपभोक्ता सुपरमार्केट की शेल्फ से कोई पैकेट उठाता है, तो उसे पहली ही नजर में यह स्पष्ट हो जाना चाहिए कि वह अपने और अपने बच्चों के शरीर में क्या डालने जा रहा है।FSSAI का रुख और 'इंडियन न्यूट्रिशन रेटिंग' (INR) बनाम सख्त वॉर्निंग लेबल्स की जंगसुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) और केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए वकीलों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट पेश की। एफएसएसआई ने अदालत को अवगत कराया कि वह पैकेज्ड फूड्स के लिए फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग नियमों को लागू करने की प्रक्रिया पर काम कर रहा है और इसके लिए विभिन्न हितधारकों, उद्योग प्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ कई दौर का विचार-विमर्श किया जा चुका है। नियामक ने 'इंडियन न्यूट्रिशन रेटिंग' (Indian Nutrition Rating - INR) प्रणाली का प्रस्ताव रखा था, जिसके तहत उत्पादों को स्टार रेटिंग (1 से 5 स्टार) देने की रूपरेखा तैयार की गई थी, ठीक उसी तरह जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर ऊर्जा दक्षता के लिए स्टार दिए जाते हैं।हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों, बाल रोग विशेषज्ञों और याचिकाकर्ताओं ने एफएसएसआई की इस स्टार-रेटिंग प्रणाली का कड़ा विरोध किया है। उनका तर्क है कि स्टार रेटिंग भ्रामक हो सकती है क्योंकि कंपनियां कुछ अतिरिक्त पोषक तत्व (जैसे कृत्रिम विटामिन या फाइबर) मिलाकर अस्वास्थ्यकर जंक फूड को भी 3 या 4 स्टार रेटिंग दिलवाने में सफल हो जाएंगी, जिससे उपभोक्ता भ्रमित होंगे। जनहित याचिका में पुरजोर वकालत की गई है कि भारत जैसे विशाल और बहुभाषी देश में स्टार रेटिंग के बजाय स्पष्ट और सीधी नकारात्मक चेतावनी (Warning Signs) ही सबसे कारगर उपाय है, ताकि भाषा की समझ न होने पर भी रंग और संकेत देखकर अनपढ़ व्यक्ति भी खतरे को तुरंत भांप सके।बच्चों और युवाओं में डायबिटीज व मोटापे का विस्फोट: भारत क्यों बन रहा बीमारियों की राजधानी?चिकित्सा विज्ञान और सार्वजनिक स्वास्थ्य संगठनों ने पैकेज्ड फूड पर सख्त लेबलिंग को आज के समय की सबसे बड़ी राष्ट्रीय आपातकालीन जरूरत करार दिया है। भारत को दुनिया की 'डायबिटीज कैपिटल' कहा जाने लगा है और हालिया अध्ययनों के अनुसार देश में 10 करोड़ से अधिक लोग मधुमेह से पीड़ित हैं, जबकि करोड़ों लोग प्री-डायबिटिक स्थिति में हैं। इससे भी अधिक चिंताजनक स्थिति भारतीय बच्चों की है, जहां पैकेज्ड जंक फूड और मीठे पेयों की अत्यधिक खपत के कारण बचपन में ही मोटापा (Childhood Obesity), फैटी लिवर और उच्च रक्तचाप की समस्याएं तेजी से पांव पसार रही हैं।जब तक पैकेज्ड फूड पर फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग अनिवार्य नहीं होगी, तब तक उपभोक्ता अनजाने में धीमे जहर का सेवन करते रहेंगे। स्कूल-कॉलेजों की कैंटीनों, किराना दुकानों और ऑनलाइन क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर बिकने वाले अधिकांश आकर्षक खाद्य पदार्थ अत्यधिक रिफाइंड कार्ब्स और प्रिजर्वेटिव्स से भरे होते हैं। सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत दलीलों में यह स्पष्ट किया गया कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत नागरिकों को मिला 'जीने का अधिकार' (Right to Life) केवल जीवित रहने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें एक स्वस्थ जीवन और अपने भोजन के बारे में 'जानने का अधिकार' (Right to Know) भी पूरी तरह अंतर्निहित है। नागरिकों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि वे जो उत्पाद खरीद रहे हैं, वह उनके शरीर के अंगों पर क्या असर डालेगा।खाद्य उद्योग (FMCG) की आपत्तियां और सुप्रीम कोर्ट के संभावित फैसले का भविष्य पर असरदूसरी ओर, पैकेज्ड फूड निर्माता कंपनियों और उद्योग लॉबी ने अदालत में यह तर्क दिया है कि अत्यधिक कड़े चेतावनी लेबल लगाने से भारत के तेजी से बढ़ते फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को भारी वित्तीय नुकसान हो सकता है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े कृषि उत्पादों की मांग प्रभावित हो सकती है। उद्योग का कहना है कि सुधारों को क्रमिक रूप से लागू किया जाना चाहिए और कंपनियों को अपनी पैकेजिंग व रेसिपी में बदलाव करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। दोनों पक्षों की इन बेहद जटिल, तीखी और तकनीकी बहसों को सुनने के बाद सर्वोच्च अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट के आने वाले ऐतिहासिक फैसले पर टिकी हैं। यदि अदालत याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला सुनाती है और केंद्र सरकार व एफएसएसआई को सख्त फ्रंट-ऑफ-पैक वॉर्निंग लेबल्स तुरंत लागू करने का आदेश देती है, तो भारत के उपभोक्ता संरक्षण और सार्वजनिक स्वास्थ्य के इतिहास में यह एक युगांतरकारी मोड़ साबित होगा। यह फैसला सीधे तौर पर कंपनियों को अपने उत्पादों में चीनी, नमक और हानिकारक फैट की मात्रा घटाने के लिए मजबूर करेगा, जिससे अंततः भारत के आम नागरिकों की थाली और सेहत अधिक सुरक्षित हो सकेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 10:51 pm

मुनाफे की मशीन हैं Post Office की ये सुपरहिट स्कीम्स, मिलेगा 8.2% तक का बंपर ब्याज और 100% गारंटीड रिटर्न; देखें पूरी लिस्ट

शेयर बाजार की अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव भरे दौर में हर निवेशक अपने खून-पसीने की कमाई को ऐसी जगह लगाना चाहता है जहां सुरक्षा पूरी हो और रिटर्न भी आकर्षक मिले। यदि आप भी अपने भविष्य के लिए बिना किसी जोखिम के गारंटीड मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो डाकघर (Post Office) की छोटी बचत योजनाएं (Small Savings Schemes) आज भी देश में निवेश का सबसे मजबूत और विश्वसनीय माध्यम बनी हुई हैं। डाक विभाग की इन योजनाओं की सबसे बड़ी ताकत यह है कि इन्हें भारत सरकार का सॉवरेन गारंटी (Sovereign Guarantee) संरक्षण प्राप्त होता है, यानी यहां आपका एक-एक रुपया और उस पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह सुरक्षित रहता है।चाहे आप अपनी लाडली बेटी के सुनहरे भविष्य और उच्च शिक्षा की योजना बना रहे हों, सेवानिवृत्ति के बाद मासिक पेंशन जैसी नियमित आय चाहते हों, या फिर 5 साल में अपने पैसे पर फिक्स्ड डिपॉजिट से ज्यादा ब्याज कमाना चाहते हों—डाकघर के पास हर वर्ग और उम्र के लिए सुपरहिट विकल्प मौजूद हैं। वित्त मंत्रालय द्वारा इन योजनाओं पर अधिकतम 8.2% प्रति वर्ष तक का बंपर ब्याज दिया जा रहा है, जो अधिकांश बड़े वाणिज्यिक बैंकों की सामान्य सावधि जमा (FD) दरों से कहीं अधिक है।सुकन्या समृद्धि और सीनियर सिटीजन स्कीम: मिलता है सबसे ज्यादा 8.2% का बंपर ब्याजडाकघर की बचत योजनाओं में सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाली दो प्रमुख योजनाएं हैं—सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)। दोनों ही योजनाओं में सरकार वर्तमान में 8.2 प्रतिशत की उच्चतम वार्षिक ब्याज दर प्रदान कर रही है:सुकन्या समृद्धि योजना (SSY): 10 वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं के नाम पर शुरू होने वाला यह खाता बेटियों के भविष्य के लिए वरदान साबित हो रहा है। इसमें 8.2% का वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है। न्यूनतम ₹250 से शुरू होकर इसमें सालाना ₹1.5 लाख तक निवेश किया जा सकता है। सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह योजना 'EEE' श्रेणी में आती है, यानी जमा राशि, मिलने वाला ब्याज और 21 वर्ष बाद मिलने वाली पूरी मैच्योरिटी राशि 100% टैक्स-फ्री होती है।सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS): 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह योजना नियमित आय का सबसे बड़ा सहारा है। इसमें एकमुश्त अधिकतम ₹30 लाख तक निवेश किए जा सकते हैं। 8.2% सालाना ब्याज दर के साथ इसमें हर तिमाही (Quarterly) सीधे बैंक या डाकघर खाते में ब्याज की राशि ट्रांसफर कर दी जाती है, जिससे बुजुर्गों को किसी पर आश्रित नहीं रहना पड़ता।नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) और किसान विकास पत्र (KVP): वेल्थ क्रिएशन के अचूक हथियारयदि आपका लक्ष्य 5 से 10 वर्षों के भीतर एकमुश्त बड़ा फंड तैयार करना है, तो नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट और किसान विकास पत्र बेहतरीन विकल्प हैं:नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC): एनएससी पर सरकार 7.7% की वार्षिक दर से ब्याज दे रही है, जिसकी गणना सालाना चक्रवृद्धि आधार पर होती है और भुगतान 5 साल की मैच्योरिटी पर एक साथ किया जाता है। इस योजना में निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है। साथ ही, आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत प्रतिवर्ष ₹1.5 लाख तक की कर छूट भी प्राप्त होती है।किसान विकास पत्र (KVP): अपने पैसे को पूरी तरह दोगुना करने की चाहत रखने वाले निवेशकों के लिए किसान विकास पत्र सबसे लोकप्रिय माध्यम है। वर्तमान में 7.5% के ब्याज दर के साथ इस योजना में जमा की गई मूल राशि ठीक 115 महीने (9 वर्ष और 7 महीने) में दोगुनी हो जाती है। इसमें भी निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं रखी गई है।मंथली इनकम स्कीम (MIS) और टाइम डिपॉजिट (TD): हर महीने बंधी-बंधाई कमाई का जरियापोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS): यदि आपके पास एकमुश्त पूंजी है और आप हर महीने एक तयशुदा रकम ब्याज के तौर पर पाना चाहते हैं, तो 5 वर्षीय एमआईएस योजना सबसे मुफीद है। इसमें 7.4% प्रति वर्ष की दर से मासिक ब्याज का भुगतान किया जाता है। सिंगल अकाउंट में अधिकतम ₹9 लाख और ज्वाइंट अकाउंट में ₹15 लाख तक जमा किए जा सकते हैं। ₹15 लाख के अधिकतम ज्वाइंट निवेश पर हर महीने बिना किसी जोखिम के ₹9,250 की निश्चित आमदनी घर बैठे प्राप्त होती है।पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (POTD / FD): डाकघर की सावधि जमा योजना 1, 2, 3 और 5 वर्ष की अवधि के लिए उपलब्ध है। 1 वर्ष पर 6.9%, 2 वर्ष पर 7.0%, 3 वर्ष पर 7.1% और 5 वर्ष की एफडी पर 7.5% का आकर्षक ब्याज मिलता है। विशेष रूप से 5 वर्षीय टाइम डिपॉजिट में निवेश करने पर धारा 80C के तहत टैक्स डिडक्शन का दोहरा लाभ भी मिलता है।पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF): 15 साल की दीर्घावधि के लिए पीपीएफ पर 7.1% टैक्स-फ्री ब्याज मिल रहा है, जो रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए सुरक्षित वेल्थ क्रिएटर माना जाता है।डाकघर की प्रमुख बचत योजनाओं की ब्याज दर सूचीयोजना का नाम (Scheme Name)वार्षिक ब्याज दर (%)परिपक्वता अवधि (Tenure)न्यूनतम निवेश सीमाटैक्स लाभ (Tax Benefit)सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)8.2% (सालाना चक्रवृद्धि)21 वर्ष₹250EEE (पूर्णतः टैक्स-फ्री)सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)8.2% (तिमाही भुगतान)5 वर्ष₹1,00080C छूट उपलब्धनेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)7.7% (सालाना चक्रवृद्धि)5 वर्ष₹1,00080C छूट उपलब्धकिसान विकास पत्र (KVP)7.5% (पैसा 115 माह में डबल)115 महीने₹1,000कोई विशेष छूट नहींपोस्ट ऑफिस 5-वर्षीय FD (TD)7.5% (त्रैमासिक चक्रवृद्धि)5 वर्ष₹1,00080C छूट उपलब्धमंथली इनकम स्कीम (POMIS)7.4% (मासिक भुगतान)5 वर्ष₹1,000ब्याज कर-योग्यपब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)7.1% (सालाना चक्रवृद्धि)15 वर्ष₹500EEE (पूर्णतः टैक्स-फ्री)5-वर्षीय रिकrecurring डिपॉजिट (RD)6.7% (त्रैमासिक चक्रवृद्धि)5 वर्ष₹100 प्रतिमाहकोई विशेष छूट नहींखाता कैसे खोलें और किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?डाकघर की इन सुपरहिट बचत योजनाओं में खाता खुलवाना बेहद आसान और झंझट-मुक्त है। आप अपने नजदीकी किसी भी प्रधान डाकघर (Head Post Office) या उप-डाकघर (Sub Post Office) में जाकर आवेदन कर सकते हैं।खाता खोलने के लिए आपको संबंधित योजना का आवेदन पत्र भरकर उसके साथ पहचान प्रमाण (आधार कार्ड या पैन कार्ड), पते का प्रमाण (बिजली बिल, वोटर आईडी, राशन कार्ड), नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो और प्रारंभिक जमा राशि (नकद या चेक) जमा करनी होती है। इसके साथ ही अब इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के मोबाइल बैंकिंग ऐप के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन आरडी, पीपीएफ और सुकन्या खाते में पैसे ट्रांसफर करने की डिजिटल सुविधा भी उपलब्ध है। यदि आप भी अपने भविष्य को आर्थिक सुरक्षा देना चाहते हैं, तो इन योजनाओं में आज ही निवेश की शुरुआत कर सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 10:49 pm

मोबाइल खो जाने पर क्या UPI से खाली हो सकता है बैंक अकाउंट? जानिए कितना है जोखिम और तुरंत करें ये 4 काम

तकनीकी और सुरक्षा के नजरिए से देखें तो केवल मोबाइल हाथ में आने से कोई भी व्यक्ति सीधे आपके बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर नहीं कर सकता। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) सुरक्षा की दोहरी परतों (Two-Factor Authentication) पर काम करता है। किसी भी लेनदेन को पूरा करने के लिए केवल ऐप खोलना काफी नहीं होता, बल्कि 4 या 6 अंकों का गोपनीय UPI पिन (PIN) दर्ज करना अनिवार्य होता है। यह पिन आपके डिवाइस में नहीं, बल्कि बैंक के सुरक्षित सर्वर पर सत्यापित होता है।हालांकि, सुरक्षा के इस मजबूत घेरे के बावजूद असावधानी बरतने पर जोखिम पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता। यदि आपने अपने फोन पर कोई स्क्रीन लॉक (पिन, पासवर्ड, फिंगरप्रिंट) नहीं लगाया है, या आपका स्क्रीन लॉक और UPI पिन एक ही है (जैसे जन्म का साल या 1234), तो गलत हाथों में जाने पर खाता खाली होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, यदि साइबर अपराधी फोन से सिम कार्ड निकालकर किसी अन्य डिवाइस में डाल लें, तो वे बैंक एसएमएस और ओटीपी (OTP) के जरिए पिन रीसेट करने या अन्य वित्तीय सेवाओं तक पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं।फोन खोते ही बिना देर किए तुरंत उठाएं ये 4 जरूरी कदमयदि आपका स्मार्टफोन कभी गुम या चोरी हो जाए, तो घबराने के बजाय नीचे दिए गए कदमों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल पूरा करें:सबसे पहले अपना सिम कार्ड (SIM Card) ब्लॉक करवाएं:जैसे ही फोन गायब हो, किसी परिजन के फोन से अपने टेलीकॉम ऑपरेटर (Jio, Airtel, Vi, BSNL) के कस्टमर केयर पर कॉल करें या नजदीकी स्टोर पर जाएं और उस नंबर का सिम कार्ड तुरंत डिएक्टिवेट/ब्लॉक करवाएं। सिम ब्लॉक होते ही आपके नंबर पर आने वाले बैंक ओटीपी (OTP) और एसएमएस अलर्ट रुक जाएंगे, जिससे कोई भी पासवर्ड रीसेट नहीं कर पाएगा।UPI और पेमेंट ऐप्स (Google Pay, PhonePe, Paytm) की सेवाएं ब्लॉक करें:पेमेंट सेवा प्रदाताओं के हेल्पलाइन नंबरों या वेबसाइट पर जाकर अपने अकाउंट को अस्थायी रूप से सस्पेंड कराएं:Google Pay: हेल्पलाइन नंबर 1800-419-0157 पर संपर्क करें या गूगल अकाउंट से डिवाइस को अनलिंक करें।PhonePe: हेल्पलाइन नंबर 080-68727374 पर कॉल करके 'Report Fraud or Lost Phone' विकल्प चुनें और अकाउंट फ्रीज कराएं।Paytm: हेल्पलाइन नंबर 0120-3888388 पर संपर्क कर 'Lost Phone' विकल्प के जरिए सभी डिवाइसेज से तुरंत लॉग-आउट कराएं।बैंक को सूचित कर नेट बैंकिंग और यूपीआई एक्सेस होल्ड कराएं:अपने बैंक के 24x7 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें और उन्हें मोबाइल खोने की सूचना दें। बैंक प्रतिनिधि से अपने खाते से जुड़े मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई एक्सेस को अस्थायी रूप से ब्लॉक करने का अनुरोध करें। इससे जब तक नया सिम और डिवाइस न मिले, खाते से कोई भी डेबिट ट्रांजैक्शन नहीं हो सकेगा।गूगल 'Find My Device' से फोन का डेटा रिमोटली डिलीट करें:किसी कंप्यूटर या दूसरे फोन के ब्राउज़र में [google.com/android/find](https://google.com/android/find) (आईफोन के लिए [icloud.com/find](https://icloud.com/find)) पर जाएं और अपनी उसी ईमेल आईडी से लॉगिन करें जो खोए हुए फोन में थी। वहां से 'Erase Device' विकल्प चुनकर फोन का सारा डेटा रिमोटली डिलीट (Factory Reset) कर दें। इससे फोन में मौजूद सभी ऐप्स, बैंक क्रेडेंशियल्स और कैशे मेमोरी पूरी तरह साफ हो जाएगी।पुलिस में FIR और CEIR पोर्टल पर फोन ब्लॉक करना न भूलेंवित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद नजदीकी पुलिस स्टेशन में फोन गुमशुदगी की शिकायत (FIR या NCR) दर्ज कराएं। इसके बाद भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के आधिकारिक पोर्टल CEIR (ceir.gov.in) पर जाएं। वहां अपनी पुलिस शिकायत संख्या और फोन के आईएमईआई (IMEI) नंबर की मदद से हैंडसेट को केंद्रीय स्तर पर ब्लॉक करवा दें। इससे वह फोन देश के किसी भी नेटवर्क पर बेकार हो जाएगा और कोई दूसरा व्यक्ति उसमें नया सिम डालकर भी उसका इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 10:48 pm

भूल से भी ना करें रुपये-पैसों से जुड़ी ये 10 गलतियां, जेब खाली होने पर लोग कहते हैं- ‘भारी मिस्टेक हो गई!’

पैसा कमाना जितना कठिन और पसीने का काम है, उसे संभालकर रखना और सही जगह निवेश कर उससे वेल्थ बनाना उससे भी बड़ा हुनर है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, सोशल मीडिया के दिखावे और ई-कॉमर्स की चकाचौंध में लोग अक्सर वित्तीय अनुशासन खो बैठते हैं। महीने की शुरुआत में अकाउंट में सैलरी आते ही शानो-शौकत से खर्च करना और महीने के आखिरी 10 दिनों में उधारी मांगने की नौबत आना अब एक आम मध्यमवर्गीय त्रासदी बन चुकी है। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि वित्तीय संकट का कारण कम कमाई नहीं, बल्कि पैसों से जुड़े गलत और गैर-जिम्मेदाराना फैसले होते हैं। जब क्रेडिट कार्ड के भारी बिल, पर्सनल लोन की ईएमआई और खाली बैंक अकाउंट सामने आता है, तब लोगों के मुंह से बरबस निकलता है—'भारी मिस्टेक हो गई!'अगर आप भी अपनी मेहनत की कमाई को व्यर्थ बहने से बचाना चाहते हैं और भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करना चाहते हैं, तो रुपये-पैसों से जुड़ी इन 10 सबसे बड़ी गलतियों को आज ही समझ लें और इनसे दूरी बना लें।1. इमरजेंसी फंड (आपातकालीन कोष) न बनानाजीवन में बीमारी, नौकरी छूटना, अचानक घर की मरम्मत या कोई पारिवारिक संकट कभी भी बताकर नहीं आता। सबसे बड़ी गलती यह होती है कि लोग अपनी पूरी कमाई खर्च कर देते हैं और कोई लिक्विड इमरजेंसी फंड नहीं रखते। आपातकाल आने पर उन्हें हाई-इंटरेस्ट वाले पर्सनल लोन लेने पड़ते हैं या क्रेडिट कार्ड स्वाइप करना पड़ता है, जो उन्हें लंबे कर्ज के भंवरजाल में धकेल देता है।समाधान: अपने कम से कम 6 महीने के अनिवार्य खर्च (राशन, किराया, ईएमआई, बच्चों की फीस) के बराबर रकम सेविंग्स अकाउंट या लिक्विड म्यूचुअल फंड में अलग सुरक्षित रखें।2. कमाई से ज्यादा खर्च और दिखावे का कल्चर (Lifestyle Inflation)आजकल इंस्टाग्राम और फेसबुक पर लाइफस्टाइल की तस्वीरें डालने की होड़ में लोग अपनी हैसियत से बाहर जाकर महंगे कैफे, डिजाइनर कपड़े और गैजेट्स पर अनाप-शनाप खर्च कर रहे हैं। इसे अर्थशास्त्र की भाषा में 'लाइफस्टाइल इंफ्लेशन' कहा जाता है। आमदनी बढ़ते ही खर्च का दायरा दोगुना बढ़ा लेना भविष्य की बचत का गला घोंट देता है।समाधान: 50-30-20 के क्लासिक बजटिंग नियम का पालन करें—50% बुनियादी जरूरतों पर, 30% इच्छाओं पर और कम से कम 20% अनिवार्य बचत व निवेश में जाना चाहिए।3. क्रेडिट कार्ड का 'Minimum Due' भरकर खुश हो जानाक्रेडिट कार्ड जितनी बड़ी सुविधा है, गलत इस्तेमाल होने पर उतना ही बड़ा वित्तीय फंदा बन जाता है। कई लोग बिल आने पर केवल 'मिनिमम अमाउंट ड्यू' (लगभग 5%) भर देते हैं और सोचते हैं कि काम चल गया। असल में, बचे हुए 95% बकाए पर बैंक 36% से लेकर 45% सालाना तक का चक्रवृद्धित ब्याज (Compound Interest) वसूलते हैं।समाधान: क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल हमेशा ड्यू डेट से 2-3 दिन पहले चुकाएं। यदि पूरा भुगतान करने की क्षमता न हो, तो क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें।4. बिना सोचे-समझे 'Buy Now, Pay Later' (BNPL) और ईएमआई के जाल में फंसनाआजकल हर छोटी-बड़ी ई-कॉमर्स वेबसाइट पर 'नो कॉस्ट ईएमआई' और 'बाय नाउ, पे लेटर' के विकल्प मौजूद हैं। 10 हजार के जूते से लेकर 1 लाख का फोन तक लोग ईएमआई पर उठा लेते हैं। कई छोटी-छोटी ईएमआई मिलकर महीने के वेतन का 40-50% हिस्सा पहले ही काट लेती हैं, जिससे निवेश के लिए एक रुपया नहीं बचता।समाधान: उपभोग की ऐसी किसी भी चीज को ईएमआई पर न खरीदें जो समय के साथ अपनी कीमत खो देती है (Depreciating Assets)। यदि आपके पास नकद पैसे नहीं हैं, तो उस खरीदारी को कुछ महीनों के लिए टाल दें।5. टर्म इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस को फिजूलखर्ची समझनाअक्सर युवा सोचते हैं कि 'मुझे क्या होने वाला है' और वे बीमा लेने से कतराते हैं। एक गंभीर बीमारी पूरे परिवार की दशकों की जमा पूंजी, एफडी और म्यूचुअल फंड को कुछ ही हफ्तों में चट कर सकती है। इसी तरह परिवार के कमाने वाले सदस्य के असामयिक निधन पर पीछे छूटा परिवार सड़क पर आ सकता है।समाधान: अपनी वार्षिक आय का कम से कम 15 से 20 गुना का एक प्योर टर्म प्लान लें। साथ ही, पूरे परिवार के लिए एक व्यापक फैमिली फ्लोटर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी जरूर रखें।6. निवेश शुरू करने में देरी और 'कल से करूंगा' का रवैयापैसों के मामले में समय ही सबसे बड़ा धन है। कई लोग 20 से 30 साल की उम्र सिर्फ यह सोचकर गंवा देते हैं कि जब बड़ी सैलरी होगी तब निवेश शुरू करेंगे। ऐसा करके वे अल्बर्ट आइंस्टीन द्वारा कहे गए दुनिया के आठवें अजूबे—'कंपाउंडिंग की शक्ति' (Power of Compounding)—को पूरी तरह खो देते हैं।समाधान: चाहे ₹500 या ₹1,000 प्रति माह ही क्यों न हो, 20-22 साल की उम्र से ही इक्विटी म्यूचुअल फंड में एसआईपी (SIP) शुरू कर दें। 10 साल की देरी आपके अंतिम कॉर्पस में करोड़ों का नुकसान कर सकती है।7. केवल बैंक सेविंग्स अकाउंट या एफडी पर भरोसा करनाबचत खाते में पड़ा पैसा धीरे-धीरे अपनी क्रय शक्ति खोता रहता है क्योंकि महंगाई दर (Inflation) 5 से 6 प्रतिशत रहती है और सेविंग्स अकाउंट में ब्याज केवल 2.5 से 3 प्रतिशत मिलता है। यानी आपका पैसा वास्तव में बढ़ नहीं रहा, बल्कि सिकुड़ रहा है। एफडी में भी टैक्स कटने के बाद मिलने वाला नेट रिटर्न महंगाई को मात नहीं दे पाता।समाधान: अपने निवेश पोर्टफोलियो में विविधता लाएं। सोने, रियल एस्टेट, पीपीएफ के साथ-साथ इक्विटी और इंडेक्स फंड्स में पैसा लगाएं ताकि महंगाई को पछाड़कर वास्तविक संपत्ति तैयार हो सके।8. सोशल मीडिया टिप्स, इन्फ्लुएंसर्स और पेनी स्टॉक्स के चक्कर में पड़नायूट्यूब, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम पर रातों-रात अमीर बनाने का सपना दिखाने वाले 'फिन-इन्फ्लुएंसर्स' और ऑप्शंस ट्रेडिंग के तथाकथित गुरुओं के बहकावे में आकर अपनी मेहनत की कमाई जुए की तरह गंवा देना आज के युवाओं की सबसे बड़ी त्रासदी है।समाधान: शेयर बाजार को लॉटरी का टिकट न समझें। बिना वित्तीय समझ के फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) और पेनी स्टॉक्स से दूर रहें। केवल सेबी (SEBI) रजिस्टर्ड एडवाइजर्स की सलाह लें या सीधे इंडेक्स फंड्स में निवेश करें।9. इंश्योरेंस और इन्वेस्टमेंट को एक साथ मिलाना (ULIP व पारंपरिक पॉलिसियां)भारत में सबसे ज्यादा बेची जाने वाली पारंपरिक एंडोमेंट पॉलिसियां और मनी-बैक प्लान्स निवेशकों को न तो पर्याप्त बीमा कवर देते हैं और न ही अच्छा रिटर्न। 15-20 साल तक भारी प्रीमियम भरने के बाद जब रिटर्न हाथ आता है, तो वह 4 से 5 प्रतिशत सालाना से ज्यादा नहीं होता, जो बैंक एफडी से भी कम है।समाधान: निवेश और सुरक्षा को हमेशा अलग रखें। सुरक्षा के लिए सस्ता और बड़ा 'टर्म इंश्योरेंस' लें और निवेश के लिए अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार 'म्यूचुअल फंड, पीपीएफ या एनपीएस' का चयन करें।10. रिटायरमेंट प्लानिंग को बुढ़ापे का काम समझनाअधिकांश भारतीय अपने बच्चों की पढ़ाई, शादी और मकान बनाने में अपनी सारी पूंजी झोंक देते हैं, लेकिन अपनी रिटायरमेंट के लिए एक फंड तक नहीं बनाते। वे यह भूल जाते हैं कि उच्च शिक्षा और घर के लिए तो बैंक लोन दे देगा, लेकिन बुढ़ापे में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए कोई भी बैंक 'रिटायरमेंट लोन' नहीं देता।समाधान: अपनी पहली नौकरी से ही रिटायरमेंट की योजना बनाएं। नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS), पीपीएफ (PPF) और इक्विटी फंड्स में हर महीने एक निश्चित हिस्सा अपनी वृद्धावस्था के लिए सुरक्षित करना शुरू करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 10:46 pm

Income Tax Audit की लास्ट डेट 21 अक्टूबर तक बढ़ी, टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत; जानिए अब कब तक भरा जाएगा ITR?

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने असेसमेंट ईयर 2026-27 (फाइनेंशियल ईयर 2025-26) के लिए टैक्स ऑडिट कराने वाले कारोबारियों, कंपनियों और प्रोफेशनल्स को बड़ी राहत दी है। आयकर कानून के तहत टैक्स ऑडिट रिपोर्ट (Tax Audit Report - Form 3CA/3CB-3CD) जमा करने की अंतिम तिथि जो पहले 30 सितंबर निर्धारित थी, उसे बढ़ाकर अब 21 अक्टूबर कर दिया गया है।त्योहारी सीजन से ठीक पहले आई इस घोषणा से देश भर के लाखों व्यापारियों, कॉरपोरेट्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CAs) ने राहत की सांस ली है। विभिन्न व्यापारिक संगठनों और पेशेवर निकायों ने आयकर विभाग के पोर्टल पर भारी लोड, तकनीकी अड़चनों और जीएसटी व टीडीएस रिकॉन्सिलेशन के भारी काम का हवाला देते हुए समयसीमा बढ़ाने की पुरजोर मांग की थी। सीबीडीटी ने इन व्यावहारिक कठिनाइयों को संज्ञान में लेते हुए 21 अतिरिक्त दिनों की मोहलत प्रदान की है।तो अब कब तक भरा जाएगा इनकम टैक्स रिटर्न (ITR)? 21 नवंबर तक का मिला समयटैक्स ऑडिट रिपोर्ट की तारीख बढ़ने के साथ ही सबसे बड़ा सवाल यह था कि ऐसे करदाताओं के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की अंतिम तारीख क्या होगी। नियमों के अनुसार, टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने के बाद ही संबंधित व्यक्ति या संस्था अपना आयकर रिटर्न अंतिम रूप से सबमिट कर सकते हैं।सीबीडीटी ने स्पष्ट किया है कि टैक्स ऑडिट के दायरे में आने वाले करदाताओं (धारा 139(1) के स्पष्टीकरण 2 के तहत आने वाले मामलों) के लिए आईटीआर फाइलिंग की आखिरी तारीख जो पहले 31 अक्टूबर थी, उसे भी आगे बढ़ाकर 21 नवंबर कर दिया गया है। यानी टैक्सपेयर्स को ऑडिट रिपोर्ट सबमिट करने के बाद रिटर्न दाखिल करने के लिए पूरे एक महीने का अतिरिक्त समय मिलेगा।अनुपालन का प्रकार (Compliance)पूर्व निर्धारित अंतिम तिथिघोषित नई अंतिम तिथिटैक्स ऑडिट रिपोर्ट जमा करना (Form 3CA/3CB-3CD)30 सितंबर21 अक्टूबरइनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग (ऑडिट केस)31 अक्टूबर21 नवंबरट्रांसफर प्राइसिंग (TP Cases - Form 3CEB/ITR)31 अक्टूबर (रिपोर्ट) / 30 नवंबर (ITR)यथावत (अपरिवर्तित)किन टैक्सपेयर्स को मिलेगा इस एक्सटेंशन का फायदा और किसे नहीं?यह जानना बेहद जरूरी है कि यह राहत सभी श्रेणी के करदाताओं के लिए सामान्य रूप से लागू नहीं है:किन्हें मिला फायदा:सभी पंजीकृत कंपनियां (प्राइवेट व पब्लिक लिमिटेड)।ऐसे गैर-कॉर्पोरेट कारोबारी, फर्में और प्रोफेशनल्स जिनके खाते आयकर अधिनियम की धारा 44AB या किसी अन्य लागू कानून के तहत ऑडिट होना अनिवार्य हैं।ऐसी ऑडिट योग्य फर्मों के वर्किंग पार्टनर्स (साझेदार)।किन्हें नहीं मिला फायदा:सामान्य वेतनभोगी कर्मचारी (Salaried Individuals) और गैर-ऑडिट वाले सामान्य टैक्सपेयर्स, जिनके लिए ITR-1 और ITR-2 दाखिल करने की मूल समयसीमा (31 जुलाई) पहले ही समाप्त हो चुकी है।ट्रांसफर प्राइसिंग (Transfer Pricing) के दायरे में आने वाली वे बहुराष्ट्रीय कंपनियां जो धारा 92E के तहत फॉर्म 3CEB भरती हैं; उनके लिए निर्धारित समयसीमा पूर्ववत ही लागू रहेगी।टैक्सपेयर्स और प्रोफेशनल्स के लिए जरूरी सलाह: अंतिम दिन का न करें इंतजारकर विशेषज्ञों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का कहना है कि 21 दिनों की यह मोहलत बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन करदाताओं को आखिरी तारीख तक टालमटोल करने से बचना चाहिए। टैक्स ऑडिट के दौरान बैंक खातों का मिलान, फॉर्म 26AS, एआईएस (AIS), टीआईएस (TIS) और जीएसटी पोर्टल के डेटा का पूर्ण मिलान आवश्यक होता है।अंतिम दिनों में ई-फाइलिंग पोर्टल पर सर्वर लोड बढ़ने से ओटीपी वेरिफिकेशन और डिजिटल सिग्नेचर (DSC) अटैच करने में दिक्कतें आती हैं। इसलिए अपने ऑडिटर से संपर्क कर समय रहते ऑडिट रिपोर्ट स्वीकृत करवाएं और 21 नवंबर से पहले अपना आईटीआर फाइल करें, ताकि धारा 234A के तहत लगने वाले ब्याज और लेट फीस के अनावश्यक वित्तीय बोझ से बचा जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 10:45 pm

Himalaya संरक्षण के लिए व्यापक नीति बनाएं केंद्र और राज्य: Murli Manohar Joshi

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने सोमवार को केंद्र और हिमालयी राज्यों की सरकारों से ऐसी योजनाओं को बढ़ावा देने का आग्रह किया, जिससे हिमालय का संरक्षण हो तथा पर्यावरण, विकास, रक्षा क्षेत्र और संस्कृति का भी संवर्धन हो सके। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पिछले कुछ वर्षों से हिमालय क्षेत्र में पर्यावरणीय आपदाओं और विकास कार्यों से समस्त जनजीवन संकट का सामना कर रहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हिमालय के गांवों से पलायन भी निरंतर बढ़ता जा रहा है, विभिन्न निर्माण कार्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण टूट रहे हैं और सड़कें व अन्य बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। उन्होंने पोस्ट में कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय समुदाय बार-बार चेतावनी दे रहा है और ऐसे में जब हिमालय हमारी संस्कृति संरक्षण, प्राकृतिक संपदा और अर्थव्यवस्था का प्रमुख स्रोत है, उसकी उपेक्षा करना देश के लिए एक बड़ा संकट बन सकता है।’’जोशी ने हिमालय की तलहटी में बसे सभी राज्यों द्वारा इस पर गंभीरता से विचार कर संपूर्ण हिमालय के लिए एक समेकित सर्वांगीण विकास योजना बनाने की आवश्यकता पर तत्काल विचार करने भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि हिमालय केवल इन राज्यों से ही संबंधित नहीं है बल्कि हिमालय के कारण सारा देश संरक्षित है। भाजपा नेता ने पोस्ट में कहा कि हिमालय से देश की 20 प्रतिशत जीडीपी प्राप्त होती है, इसलिए उसकी रक्षा करना राष्ट्र की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, ‘‘इस स्थिति में भी कुछ सरकारों द्वारा वैज्ञानिकों, भूगर्भशास्त्रियों, भू-वैज्ञानिकों, कृषि एवं जैव विविधता के विद्वानों के प्रतिवेदनों की उपेक्षा करके, विभिन्न यात्राओं, पर्यटन कार्यक्रमों एवं बिना सोचे-समझे हिमालय क्षेत्र में विकास की ऐसी योजनाओं को संचालित किया जा रहा है, जिससे हिमालय की संधारण क्षमता तेजी से समाप्त होती जा रही है।’’जोशी ने कहा, ‘‘मैं केंद्र एवं हिमालयी राज्यों की सरकारों से आग्रह करता हूं कि वे ऐसी योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाएं, जिससे हिमालय का संरक्षण हो तथा पर्यावरण, विकास, रक्षा क्षेत्र और संस्कृति का संवर्धन हो सके। मेरा मानना है कि हिमालय है तो हम हैं।’’इससे पहले शुक्रवार को, जोशी ने उत्तराखंड के बद्रीनाथ में हाल में आयोजित एक सांस्कृतिक उत्सव पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा था कि किसी पवित्र स्थल पर ऐसे संगीत कार्यक्रम की अनुमति देना न केवल सांस्कृतिक मर्यादा का उल्लंघन है, बल्कि पवित्र धाम की शुचिता पर सीधा हमला भी है। मीडिया की खबरों के अनुसार, उत्तराखंड के चमोली जिले के बद्रीनाथ शहर में ‘संस्कृति हमारी धरोहर, हमारा भविष्य’ विषय पर दो दिवसीय देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया गया था। जोशी ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा था, ‘‘बद्रीनाथ धाम में संगीत समारोह को अनुमति प्रदान करना न केवल सांस्कृतिक मर्यादाओं का उन्लंघन है बल्कि धाम की पवित्रता पर भी सीधा आघात है।

प्रभासाक्षी 28 Sep 2026 10:43 pm

भूपेश बघेल को सुप्रीम कोर्ट से झटका, पाटन चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका रद करने की मांग खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उस याचिका में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने 2023 के विधानसभा चुनाव में पाटन सीट से उनकी जीत को चुनौती देने वाली याचिका को रद करने की मांग की थी।

जागरण 28 Sep 2026 10:41 pm

AAP को चंदा देने वालों की लिस्ट जारी; आशुतोष रांका का भी नाम, केजरीवाल ने कितना दिया

प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट और ट्राइडेंट लिमिटेड ने आप को 5-5 करोड़ रुपये दिए। ट्राइडेंट की ओर से दिया गया 5 करोड़ रुपये का चेक 9 जनवरी 2026 का है। उस समय राजिंदर गुप्ता आप के साथ थे। वह अक्टूबर 2025 में राज्यसभा सदस्य बने थे।

लाइव हिन्दुस्तान 28 Sep 2026 10:39 pm

तीज का श्राद्ध कल, जानें पिंडदान-तर्पण की विधि और मुहूर्त

पितरों के लिए श्राद्ध और तर्पण करने में कुतुप वेला को विशेष महत्व दिया गया है. यह समय दिन के मध्य यानी दोपहर के आस-पास आता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, 29 सितंबर को तीज के श्राद्ध में कुतुप काल सुबह 11:47 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक रहेगा.

आज तक 28 Sep 2026 10:39 pm

वीकेंड आउटिंग को नया रूप देगा बेंगलुरु का यह AI स्टार्टअप, फ्लिपकार्ट वेंचर्स और पावरहाउस से जुटाई ₹9.5 करोड़ की Funding

शहरी भागदौड़ भरी जिंदगी में वीकेंड आउटिंग और लीजर टाइम बिताने के पारंपरिक तौर-तरीकों को पूरी तरह बदलने के लिए बेंगलुरु के एक उभरते हुए टेक स्टार्टअप ने बड़ा कदम उठाया है। बेंगलुरु आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पावर्ड एक्सपीरियंस-टेक प्लेटफॉर्म 'अलाइव ऐप' (Alive App) ने अपने नए फंडिंग राउंड में 1 मिलियन डॉलर यानी करीब 9.5 करोड़ रुपये का निवेश जुटाया है। यह फंडिंग राउंड पावरहाउस वेंचर्स (Powerhouse Ventures) और ई-कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट की निवेश शाखा 'फ्लिपकार्ट वेंचर्स' (Flipkart Ventures) के संयुक्त नेतृत्व में पूरा हुआ है।भारत के तेजी से बढ़ते एक्सपीरियंस इकोनॉमी (Experience Economy) सेक्टर में यह निवेश काफी अहम माना जा रहा है। अब तक देश के बड़े शहरों में वीकेंड बिताने का मतलब सिर्फ किसी रेस्टोरेंट में खाना खाना, मूवी देखना या मॉल जाना ही समझा जाता था। लेकिन विवेक कुमार द्वारा स्थापित Alive App इस सोच को बदलकर लोगों को एडवेंचर, फूड, वेलनेस, आर्ट, कल्चर और नई चीजें सीखने से जुड़े एक्सक्लूसिव और क्यूरेटेड अनुभव उपलब्ध करा रहा है। कंपनी का मुख्य उद्देश्य वीकेंड एक्सप्लोरेशन को एक आदत बनाना है, ताकि शहरी लोग हर हफ्ते अपने खाली समय का भरपूर और रचनात्मक आनंद ले सकें।₹9.5 करोड़ की नई फंडिंग का कहां होगा इस्तेमाल? जानिए कंपनी की 3X ग्रोथ रणनीतिफ्लिपकार्ट वेंचर्स और पावरहाउस वेंचर्स से मिले इस नए फंड का इस्तेमाल कंपनी अपनी टेक्नोलॉजी और सप्लाई इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में करेगी। Alive App का लक्ष्य अपने एआई-इंजन को और अधिक एडवांस बनाना है, जिससे यूजर्स को उनके मूड, लोकेशन और प्राथमिकताओं के आधार पर पर्सनलाइज्ड वीकेंड एक्टिविटीज सुझाई जा सकें। इसके साथ ही, कंपनी आगामी कुछ महीनों में अपने रेवेन्यू में तीन गुना (3X) वृद्धि का लक्ष्य लेकर चल रही है।कंपनी के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही है कि उसने अपने सबसे बड़े और पहले बाजार यानी बेंगलुरु में पहला प्रॉफिटेबल क्वार्टर (Profitable Quarter) दर्ज कर लिया है। इस वित्तीय मजबूती के बाद कंपनी अब अन्य महानगरों में अपनी मौजूदगी को और घना करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। फ्लिपकार्ट वेंचर्स के इस निवेश के जरिए अलाइव ऐप को फ्लिपकार्ट के विशाल डिजिटल इकोसिस्टम, मेंटरशिप और कंज्यूमर रीच का भी सीधा रणनीतिक लाभ मिलने की उम्मीद है।बेंगलुरु से दिल्ली-मुंबई तक विस्तार: 500 से ज्यादा अनोखे अनुभव और 400 क्रिएटर्स का नेटवर्कअलाइव ऐप का दायरा अब सिर्फ आईटी हब बेंगलुरु तक ही सीमित नहीं रह गया है। पिछले छह महीनों के दौरान प्लेटफॉर्म ने तेजी से विस्तार करते हुए मुंबई, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद और गोवा जैसे प्रमुख शहरों में अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं। वर्तमान में इस प्लेटफॉर्म पर 500 से अधिक विभिन्न श्रेणियों के क्यूरेटेड अनुभव उपलब्ध हैं और इसके नेटवर्क में 400 से ज्यादा स्थानीय क्रिएटर्स और पार्टनर्स शामिल हो चुके हैं।कंपनी साधारण लिस्टिंग एग्रीगेटर की तरह काम करने के बजाय क्रिएटर्स के साथ मिलकर नए और अनूठे अनुभव खुद डिजाइन और लॉन्च करती है। कंपनी हर महीने अपने प्लेटफॉर्म पर करीब 100 नए अनुभव जोड़ रही है। Alive App के संस्थापक और सीईओ विवेक कुमार का कहना है कि मुंबई और चेन्नई जैसे शहरों में यूजर्स का रिस्पॉन्स बेंगलुरु के शुरुआती दिनों की तुलना में कहीं अधिक तेज रहा है। भारत के मेट्रो और टियर-1 शहरों के युवा अब सामान्य सैर-सपाटे से आगे बढ़कर ऐसी एक्टिविटीज की तलाश कर रहे हैं जो यादगार हों और उन्हें नई ऊर्जा से भर दें।निवेशकों का भरोसा: भारतीय युवाओं में क्यों बढ़ रहा है 'एक्सपीरियंस इकोनॉमी' का क्रेज?निवेश पर टिप्पणी करते हुए पावरहाउस वेंचर्स के जनरल पार्टनर क्षितिज गोलवलकर ने कहा कि Alive App इस कैटेगरी की सबसे अलग और कैपिटल-एफिशिएंट कंपनियों में से एक है। उन्होंने रेखांकित किया कि किस तरह यह स्टार्टअप सिर्फ एक फीचर के तौर पर नहीं, बल्कि अपने पूरे बिजनेस मॉडल और ऑपरेशन्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके कंज्यूमर टेक सेक्टर में नई मिसाल पेश कर रहा है।भारत में मिलेनियल्स और जेनरेशन-जेड (Gen-Z) के बीच भौतिक वस्तुओं पर खर्च करने के मुकाबले नए अनुभवों को जीने का रुझान तेजी से बढ़ा है। चाहे वीकेंड पर क्ले पॉटरी सीखना हो, स्टारगेजिंग नाइट कैंपिंग हो, या किसी हेरिटेज वॉक का हिस्सा बनना हो—शहरी आबादी अब इन विकल्पों के लिए पैसे खर्च करने से नहीं हिचक रही है। फ्लिपकार्ट वेंचर्स द्वारा मिला यह वित्तीय समर्थन न केवल इस स्टार्टअप के लिए नई राहें खोलेगा, बल्कि देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम में लीजर-टेक और एक्सपीरियंस-टेक सेक्टर को भी एक नई दिशा प्रदान करेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 10:37 pm

‘मुंह मीठा करवा दो’... चेकिंग के बाद टूरिस्ट से कुछ लेने का अंदाज, ASI लाइन हाजिर

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के देहरा में हरियाणा से घूमने आए पर्यटकों से चेकिंग के दौरान कथित तौर पर ‘मुंह मीठा’ कराने की मांग का वीडियो वायरल हुआ है. आरोप संबंधित एएसआई पर लगा है. वीडियो सामने आने के बाद एसपी देहरा ने एएसआई को लाइन हाजिर कर दिया और निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी एसडीपीओ डाडासीबा को सौंपी है.

आज तक 28 Sep 2026 10:32 pm

थप्पड़ कांड में AAP विधायक जरनैल सिंह पर भी FIR, मंत्री प्रवेश वर्मा पर भी जांच

दिल्ली के तिलक नगर में सड़क निर्माण विवाद के दौरान आप विधायक जरनैल सिंह पर सरकारी काम में बाधा डालने की एफआईआर हुई है, वहीं पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा पर एनसीआर दर्ज की गई है।

लाइव हिन्दुस्तान 28 Sep 2026 10:32 pm

Atal Pension Yojana: मात्र ₹210 जमा कर पाएं ₹5000 मासिक पेंशन, जानिए उम्र अनुसार पूरा चार्ट, कैलकुलेटर और ऑनलाइन आवेदन का तरीका

भारत सरकार द्वारा संचालित 'अटल पेंशन योजना' (Atal Pension Yojana - APY) असंगठित क्षेत्र के कामगारों और आम नागरिकों को सेवानिवृत्ति के बाद वित्तीय स्वतंत्रता देने वाली सबसे लोकप्रिय व सुरक्षित योजनाओं में से एक है। पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) द्वारा प्रबंधित इस योजना के तहत 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर लाभार्थी को आजीवन ₹1,000 से लेकर ₹5,000 प्रति माह तक की गारंटीड पेंशन दी जाती है। इस योजना की सबसे बड़ी खूबी इसका 'ट्रिपल बेनिफिट' ढांचा है—खाताधारक के जीवित रहने तक उसे पेंशन मिलती है, उसके निधन के बाद जीवनसाथी (पति/पत्नी) को वही पेंशन ताउम्र मिलती है, और दोनों के निधन के पश्चात पूरा जमा कॉर्पस (₹1.7 लाख से ₹8.5 लाख तक) नॉमिनी को सौंप दिया जाता है।अटल पेंशन योजना में प्रवेश की आयु 18 वर्ष से 40 वर्ष के बीच तय की गई है। खाताधारक को कम से कम 20 वर्षों तक नियमित योगदान करना अनिवार्य होता है। यदि कोई युवा मात्र 18 वर्ष की उम्र में इस योजना से जुड़ता है, तो उसे ₹5,000 मासिक पेंशन पाने के लिए हर महीने मात्र ₹210 की बचत करनी होती है।अटल पेंशन योजना आधिकारिक चार्ट: उम्र और पेंशन स्लैब के अनुसार मासिक योगदानयोजना में मासिक योगदान इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी जुड़ने के समय उम्र क्या है और आप 60 वर्ष की उम्र के बाद कितनी पेंशन लेना चाहते हैं। नीचे दिए गए चार्ट में प्रमुख आयु वर्गों के लिए आवश्यक मासिक प्रीमियम दर्शाया गया है:प्रवेश की उम्र (Entry Age)योगदान अवधि (वर्ष)₹1,000 पेंशन (मासिक किस्त)₹2,000 पेंशन (मासिक किस्त)₹3,000 पेंशन (मासिक किस्त)₹4,000 पेंशन (मासिक किस्त)₹5,000 पेंशन (मासिक किस्त)नॉमिनी को कॉर्पस (₹5,000 पेंशन पर)18 वर्ष42 वर्ष₹42₹84₹126₹168₹210₹8,50,00020 वर्ष40 वर्ष₹50₹100₹150₹198₹248₹8,50,00025 वर्ष35 वर्ष₹76₹151₹226₹301₹376₹8,50,00030 वर्ष30 वर्ष₹116₹231₹347₹462₹577₹8,50,00035 वर्ष25 वर्ष₹181₹362₹543₹722₹902₹8,50,00040 वर्ष20 वर्ष₹291₹582₹873₹1,164₹1,454₹8,50,000APY कैलकुलेटर: देरी करने पर कितना बढ़ता है जेब पर भार?कैलकुलेटर के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि आप जितनी जल्दी योजना में शामिल होंगे, आपको कुल उतना ही कम पैसा अपनी जेब से देना पड़ेगा। यदि आप अधिकतम ₹5,000 प्रति माह वाली पेंशन का लक्ष्य चुनते हैं:18 वर्ष की आयु में: प्रति माह ₹210 12 महीने 42 वर्ष = आपकी जेब से कुल जमा राशि होगी मात्र ₹1,05,840।30 वर्ष की आयु में: प्रति माह ₹577 12 महीने 30 वर्ष = कुल जमा राशि होगी ₹2,07,720।40 वर्ष की आयु में: प्रति माह ₹1,454 12 महीने 20 वर्ष = कुल जमा राशि होगी ₹3,48,960।60 वर्ष की उम्र के बाद मिलने वाली ₹5,000 प्रति माह (सालाना ₹60,000) पेंशन से 18 साल की उम्र में शुरू करने वाले व्यक्ति का पूरा मूलधन पौने दो साल में ही वापस वसूल हो जाता है।पात्रता और नए नियम: कौन खोल सकता है खाता और किन पर है पाबंदी?आयु सीमा: न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष।नागरिकता व बैंक खाता: भारत का कोई भी नागरिक जिसका किसी भी बैंक या डाकघर में सक्रिय बचत खाता (Savings Account) हो।आधार और मोबाइल लिंक: बैंक खाते से आधार कार्ड और सक्रिय मोबाइल नंबर लिंक होना अनिवार्य है।आयकरदाताओं पर रोक: नियमों के तहत जो नागरिक आयकर (Income Tax) के दायरे में आते हैं या टैक्स रिटर्न दाखिल करते हैं, वे इस योजना में नया खाता नहीं खोल सकते। यदि कोई टैक्सपेयर खाता खोलता है, तो उसका खाता निरस्त कर केवल जमा राशि लौटा दी जाती है।ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन का आसान तरीका1. नेट बैंकिंग / मोबाइल ऐप द्वारा ऑनलाइन आवेदन:अपने बैंक (जैसे SBI, PNB, HDFC, ICICI, BoB, Canara Bank) के नेट बैंकिंग या मोबाइल ऐप में लॉगिन करें।'Government Schemes' या 'Services / Social Security Schemes' विकल्प पर जाएं और 'Atal Pension Yojana (APY)' चुनें।अपना बचत खाता नंबर, मासिक पेंशन स्लैब (₹1,000 से ₹5,000) और किस्त का अंतराल (मासिक, तिमाही या छमाही) चुनें।नॉमिनी (नामांकित व्यक्ति) और जीवनसाथी का नाम, आधार व उम्र दर्ज करें।ऑटो-डेबिट (Auto Debit) की सहमति देकर सबमिट करें। तुरंत आपका परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN) जनरेट हो जाएगा।2. बैंक शाखा या पोस्ट ऑफिस द्वारा ऑफलाइन आवेदन:अपनी बैंक शाखा या नजदीकी डाकघर जाएं और APY पंजीकरण फॉर्म प्राप्त करें।फॉर्म में व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाता संख्या, आधार नंबर और नॉमिनी का ब्योरा भरें।फॉर्म पर हस्ताक्षर कर जमा करें। बैंक आपके खाते पर ऑटो-डेबिट सक्रिय कर देगा और पावती रसीद व PRAN नंबर प्रदान करेगा।3. ePRAN और स्टेटमेंट डाउनलोड:खाता शुरू होने के बाद आप Protean (पूर्व में NSDL) के आधिकारिक पोर्टल npslite-nsdl.com पर जाकर अपना PRAN कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं और सालाना लेनदेन का विवरण देख सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 10:31 pm

INDIA ब्लॉक की मीटिंग से दूरी बनाकर अखिलेश क्या दे रहे संदेश? देखें खबरदार

कांग्रेस की तरफ से इंडिया गठबंधन की 30 सितंबर को बैठक बुलाई गई है. बड़ी बात ये है कि इस बैठक में अखिलेश यादव शामिल नहीं होंगे। बल्कि उनकी जगह सपा का कोई प्रतिनिधि इस बैठक में आएगा. मतलब जिस चुनाव आयोग में उठापटक के दावों के आधार पर कांग्रेस और विपक्ष सड़कों पर उतरा हुआ है. ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहा है, उस मुद्दे पर भी इंडिया गठबंधन की एकता सवालों में है. देखें खबरदार.

आज तक 28 Sep 2026 10:31 pm

घर में बेकार पड़े हैं पुराने गिफ्ट बैग्स? जानें Reuse करने के तरीके

How To Reuse Gift Bags: घर में पड़े पुराने गिफ्ट बैग्स को अक्सर लोग बेकार समझकर फेंक देते हैं. लेकिन इन्हें फेंकने की गलती आप ना करें. आप इन्हें बहुत ही जबरदस्त तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं. आप इनका इस्तेमाल करके चार्जर, स्टेशनरी और फेस्टिवल डेकोरेशन को आसानी से ऑर्गनाइज कर सकते हैं.

आज तक 28 Sep 2026 10:30 pm

Maiya Samman Yojana 2026: ₹2500 की नई किस्त कब आएगी? घर बैठे ऐसे चेक करें पेमेंट स्टेटस और आधार e-KYC सत्यापन

झारखंड सरकार द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और स्वावलंबन के लिए संचालित 'मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना' (JMMSY) के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जा रही है। शुरुआत में इस योजना के अंतर्गत ₹1,000 प्रति माह दिए जाते थे, जिसे राज्य सरकार ने बढ़ाकर ₹2,500 प्रति माह (सालाना ₹30,000) कर दिया है।योजना की मासिक किस्त का वितरण सामान्यतः हर महीने के दूसरे या तीसरे सप्ताह में चरणबद्ध (फेज-वाइज) तरीके से जिलों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए किया जाता है। यदि आपका आवेदन स्वीकृत है और सभी सत्यापन प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं, तो निर्धारित तारीखों के भीतर राशि आपके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में क्रेडिट कर दी जाती है। जिन महिलाओं की किसी तकनीकी कारणवश पूर्व की किस्त रुकी हुई थी, उन्हें सत्यापन पूरा होने पर लंबित राशि के साथ जोड़कर भुगतान दिया जा रहा है।मैया सम्मान योजना का स्टेटस और बेनिफिशियरी लिस्ट ऑनलाइन कैसे चेक करें?लाभार्थी महिलाएं घर बैठे अपने मोबाइल फोन या नजदीकी प्रज्ञा केंद्र (CSC) के जरिए अपना पेमेंट स्टेटस और आवेदन की स्थिति जांच सकती हैं:आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट mmmsy.jharkhand.gov.in पर विजिट करें।स्टेटस विकल्प चुनें: होमपेज पर दिए गए 'Beneficiary Status' (आवेदन स्थिति) या 'Payment Status' लिंक पर क्लिक करें।आवश्यक विवरण भरें: अपना आवेदन क्रमांक (Application Number), आधार संख्या या पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करें।ओटीपी सत्यापन: मोबाइल पर प्राप्त 6 अंकों के ओटीपी (OTP) को दर्ज कर वेरिफाई करें।स्थिति देखें: स्क्रीन पर आपके आवेदन की स्थिति (Approved/Pending/Rejected), आधार सीडिंग स्टेटस और हालिया भुगतान का यूटीआर (UTR) विवरण प्रदर्शित हो जाएगा।इसके अलावा, ग्राम पंचायत स्तर पर प्रकाशित नई लाभार्थी सूची (Beneficiary List) देखने के लिए पोर्टल पर अपने जिले, ब्लॉक और पंचायत का चयन करके गांव की स्वीकृत लिस्ट भी डाउनलोड की जा सकती है।₹2500 की किस्त रुकने का सबसे बड़ा कारण: आधार-बैंक सीडिंग और भौतिक सत्यापनकई मामलों में देखा गया है कि आवेदन 'Approved' होने के बावजूद खाते में ₹2,500 की सहायता राशि नहीं पहुंच पाती। इसके पीछे मुख्य रूप से दो प्रमुख कारण होते हैं:NPCI आधार मैपिंग व DBT सक्रिय न होना: केवल बैंक खाते में आधार लिंक होना पर्याप्त नहीं है; खाते का भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) मैपर पर डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के लिए सक्षम (Seeded) होना अनिवार्य है। यदि आपका बैंक खाता डीबीटी सक्षम नहीं है, तो अपनी बैंक शाखा में जाकर 'Aadhaar Seeding / NPCI Mapping' फॉर्म जमा करें।सिंगल बैंक खाता अनिवार्य: योजना का लाभ पाने के लिए महिला का व्यक्तिगत (सिंगल) बैंक खाता होना चाहिए। परिवार के किसी अन्य सदस्य के साथ जॉइंट (संयुक्त) खाता होने पर डीबीटी ट्रांसफर अक्सर अस्वीकृत हो जाता है।भौतिक सत्यापन (e-KYC): फर्जीवाड़े और अपात्र आवेदनों को छांटने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा भौतिक सत्यापन कराया जाता है। यदि आपका सत्यापन लंबित है, तो अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र या ब्लॉक कार्यालय (CDPO ऑफिस) में जाकर सत्यापन प्रक्रिया को तुरंत पूरा कराएं।योजना की पात्रता और आवश्यक शर्तेंइस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित मापदंड तय किए गए हैं:आवेदिका महिला झारखंड राज्य की स्थायी निवासी होनी चाहिए।महिला की आयु 18 वर्ष से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए (50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए वृद्धावस्था पेंशन योजना लागू है)।आवेदिका का परिवार राशन कार्ड धारक (गुलाबी, पीला, हरा या सफेद कार्ड) होना चाहिए।परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी सेवा में या आयकरदाता (Income Tax Payee) नहीं होना चाहिए।आवेदिका के पास वैध आधार कार्ड, बैंक खाता और सक्रिय मोबाइल नंबर होना आवश्यक है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 10:30 pm

Sukanya Samriddhi Yojana 2026: 8.2% ब्याज दर के साथ बेटियों का भविष्य करें सुरक्षित, जानिए पात्रता, नियम और जरूरी दस्तावेज

केंद्र सरकार की 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' पहल के तहत संचालित सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) देश की सबसे लोकप्रिय और उच्च रिटर्न देने वाली लघु बचत योजनाओं में शीर्ष पर बनी हुई है। वित्त मंत्रालय द्वारा इस योजना पर 8.2 प्रतिशत प्रति वर्ष की आकर्षक ब्याज दर दी जा रही है, जो सालाना आधार पर चक्रवृद्धि (कंपाउंड) होती है। बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) की तुलना में अधिक ब्याज दर और सरकारी गारंटी होने के कारण यह योजना बेटियों के सुरक्षित वित्तीय भविष्य के लिए माता-पिता की पहली पसंद बनी हुई है।उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत देश के सभी राज्यों में डाकघरों और अधिकृत सरकारी व निजी बैंकों के माध्यम से यह खाता खोला जा सकता है। इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य बालिकाओं की उच्च शिक्षा, करियर निर्माण और विवाह के समय आने वाले भारी वित्तीय खर्चों के लिए एक बड़ा फंड तैयार करना है।सुकन्या समृद्धि योजना की पात्रता और नियम: कौन खोल सकता है खाता?सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खाता खुलवाने के लिए केंद्र सरकार और डाक विभाग द्वारा स्पष्ट पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए हैं:आयु सीमा: खाता केवल 10 वर्ष से कम आयु की बालिका (Girl Child) के नाम पर ही खोला जा सकता है। जन्म से लेकर 10 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले कभी भी यह खाता शुरू किया जा सकता है।अभिभावक द्वारा संचालन: खाता माता-पिता या कानूनी अभिभावक (Legal Guardian) द्वारा खोला और संचालित किया जाता है। बेटी के 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद खाते का संचालन स्वयं बालिका के हाथों में सौंपा जा सकता है।परिवार में खातों की सीमा: एक परिवार में अधिकतम दो बालिकाओं के नाम पर ही सुकन्या समृद्धि खाते खोले जा सकते हैं। हालांकि, यदि पहले प्रसव के बाद या पहले ही प्रसव में जुड़वां या तीन बच्चियां (Twins/Triplets) पैदा होती हैं, तो मेडिकल प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर दो से अधिक खाते खोलने की विशेष छूट मिलती है।नागरिकता: यह योजना केवल भारत में रहने वाली निवासी बालिकाओं के लिए है। यदि बालिका भविष्य में किसी अन्य देश की नागरिकता ले लेती है, तो खाता नियमों के अनुसार बंद कर दिया जाता है।निवेश की सीमा, अवधि और मैच्योरिटी के नियमसुकन्या समृद्धि खाते को न्यूनतम 250 रुपये की प्रारंभिक राशि से खोला जा सकता है। इसके बाद प्रति वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक जमा करने की अनुमति होती है। पैसे नकद, चेक, डिमांड ड्राफ्ट या ऑनलाइन नेट बैंकिंग/आईपीपीबी (IPPB) ऐप के जरिए आसानी से ट्रांसफर किए जा सकते हैं।जमा करने की अवधि: खाता खुलने की तारीख से लेकर अगले 15 वर्षों तक नियमित रूप से धनराशि जमा करनी होती है।कुल परिपक्वता (Maturity Period): खाता खुलने की तारीख से 21 वर्ष पूरे होने पर यह योजना परिपक्व (Mature) होती है। 15 वर्ष बाद जब जमा बंद हो जाता है, तब भी 21 वर्ष पूरे होने तक शेष बची राशि पर निर्धारित ब्याज जुड़ता रहता है।आंशिक निकासी (Higher Education): जब बेटी 18 वर्ष की हो जाए या 10वीं कक्षा उत्तीर्ण कर ले, तब उच्च शिक्षा (कॉलेज फीस, एडमिशन) के लिए खाते में मौजूद कुल बैलेंस का 50 प्रतिशत तक आंशिक निकासी की अनुमति मिलती है।विवाह पर समयपूर्व बंद: बेटी के 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद विवाह के उद्देश्य से खाता समय से पहले बंद कराया जा सकता है। इसके लिए विवाह की तारीख से एक माह पूर्व या तीन माह बाद तक आवेदन किया जा सकता है।खाता खोलने के लिए आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)नजदीकी पोस्ट ऑफिस या बैंक शाखा (जैसे SBI, PNB, BoB, Canara Bank, HDFC, ICICI) में सुकन्या खाता खुलवाने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:बालिका का जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate): नगर निगम, अस्पताल या अधिकृत रजिस्ट्रार द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र।माता-पिता/अभिभावक का पहचान पत्र (ID Proof): आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट या वोटर आईडी।पते का प्रमाण (Address Proof): आधार कार्ड, बिजली बिल, राशन कार्ड या रेंट एग्रीमेंट।पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ: बालिका और अभिभावक दोनों की नवीनतम रंगीन फोटो।SSY खाता खोलने का फॉर्म (Form SSA-1): बैंक या डाकघर से प्राप्त विधिवत भरा हुआ आवेदन पत्र।जुड़वां बच्चों का प्रमाण: यदि जुड़वां या तीन बच्चियों के लिए खाता खोला जा रहा है, तो मेडिकल सर्टिफिकेट या शपथ पत्र।ट्रिपल टैक्स छूट (EEE Status) का बड़ा वित्तीय लाभसुकन्या समृद्धि योजना को आयकर अधिनियम के तहत 'EEE' यानी एक्सेम्प्ट-एक्सेम्प्ट-एक्सेम्प्ट (Exempt-Exempt-Exempt) श्रेणी का दर्जा प्राप्त है:जमा राशि पर छूट: प्रतिवर्ष जमा की जाने वाली 1.5 लाख रुपये तक की मूल राशि पर आयकर अधिनियम के प्रावधानों (पुरानी कर व्यवस्था) के तहत कर छूट मिलती है।ब्याज पर शून्य टैक्स: हर साल मिलने वाला 8.2% का चक्रवृद्धित ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है।मैच्योरिटी राशि टैक्स-फ्री: 21 वर्ष बाद या निकासी के समय मिलने वाली संपूर्ण मैच्योरिटी राशि पर कोई टैक्स नहीं देना होता।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 10:26 pm

यूपी चुनाव से पहले एक हुए अखिलेश-मायावती? दोनों Ex CM ने मिलकर भाजपा की मुश्किलें बढ़ाईं

अखिलेश से पहले बसपा चीफ मायावती ने चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए देश में दोबारा बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की है। इससे भाजपा के लिए टेंशन बढ़ गया है।

लाइव हिन्दुस्तान 28 Sep 2026 10:23 pm

खेत से बाजार तक बदलेगा किसानों का सफर, ट्रेड शो में ब्रांडिंग और डिजिटल बिक्री का मंत्र

ग्रेटर नोएडा, 28 सितंबर। फसल तैयार करने के बाद किसान को बाजार में उसका सही मूल्य मिले, इसके लिए अब खेती के साथ ब्रांडिंग, पैकेजिंग और डिजिटल बिक्री पर भी जोर दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में सोमवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों को इसी बदलते बाजार की तस्वीर दिखाई गई। एक्सपो मार्ट में आयोजित पश्चिम मैदानी कृषि जलवायु क्षेत्र के किसान मेले में मेरठ मंडल समेत पश्चिमी यूपी के सात जिलों के प्रगतिशील किसानों ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने एफपीओ को किसानों की सामूहिक शक्ति के रूप में विकसित कर उत्पादन लागत घटाने, उपज का बेहतर मूल्य हासिल करने और बड़े बाजार तक सीधी पहुंच बनाने के उपाय बताए।एक साथ खरीदेंगे तो घटेगी लागत, साथ बेचेंगे तो बढ़ेगी ताकतकृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम के तहत आयोजित किसान मेले का शुभारंभ संयुक्त कृषि निदेशक (गुणवत्ता नियंत्रण) एवं एफपीओ के नोडल अधिकारी संतोष राय और संयुक्त कृषि निदेशक मेरठ मंडल स्मिता वर्मा ने किया। दोनों अधिकारियों ने कृषि गोष्ठी के साथ मेले में लगाए गए विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया। कार्यक्रम में मेरठ, बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़, बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर के प्रगतिशील एवं उपलब्धि हासिल करने वाले किसान शामिल हुए।परियोजना निदेशक (तकनीकी) नीरज सुव्रत ने एफपीओ के जरिए किसानों को बाजार से जोड़ने की संभावनाओं पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसान समूह बनाकर अपनी उपज को एकत्र करने के साथ उसकी पैकेजिंग और ब्रांडिंग कर सकते हैं। इससे उत्पाद को बड़े खरीदारों और बाजार तक पहुंचाने का रास्ता आसान हो सकता है।किसानों को एफपीओ के जरिए बीज, खाद, कीटनाशक और कृषि यंत्रों की सामूहिक खरीद के फायदे भी बताए गए। थोक खरीद से लागत कम करने और सामूहिक बिक्री से बाजार में सौदेबाजी की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया। एफपीओ के कारोबार से होने वाले लाभ में संगठन के विकास के लिए हिस्सा रखने और सदस्यों को लाभांश देने की व्यवस्था की भी जानकारी दी गई।दुकान से आगे ऑनलाइन बाजार में पहुंचेगी किसान की उपज*किसान मेले में डिजिटल कारोबार को लेकर भी किसानों को जानकारी दी गई। ओएनडीसी के उपाध्यक्ष प्रवीन चौधरी ने बताया कि एफपीओ ई-कॉमर्स के माध्यम से अपने उत्पादों को ऑनलाइन स्टोरफ्रंट पर सीधे ग्राहकों तक पहुंचा सकते हैं। डिजिटल भुगतान, प्रचार और आपूर्ति व्यवस्था जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल कर किसान समूह अपने उत्पादों की बाजार पहुंच बढ़ा सकते हैं। सिद्धार्थ गौतम ने किसानों को उपज का बेहतर मूल्य हासिल करने और उत्पादन लागत कम करने के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि बीज, खाद, कीटनाशक और कृषि यंत्रों की सामूहिक खरीद तथा उपज की सामूहिक बिक्री किसानों की बाजार क्षमता को मजबूत कर सकती है।उप कृषि निदेशक गौतमबुद्धनगर विवेक दुबे ने जिले में कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं और कृषक हित में कराए गए कार्यों की प्रगति प्रस्तुत की। उन्होंने विभिन्न जिलों से आए प्रगतिशील किसानों का आभार जताते हुए कृषि की तकनीकी जानकारी के साथ बाजार की नई व्यवस्थाओं को समझने और अपनाने पर जोर दिया।पश्चिमी यूपी के किसानों के लिए ट्रेड शो का यह मंच खेती से आगे बढ़कर उपज के कारोबार की पूरी श्रृंखला को समझने का अवसर बना। प्रदेश सरकार की कृषि नीति में किसानों को उत्पादन के साथ बाजार, प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। किसान मेले में एफपीओ को इसी बदलाव की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सामने रखा गया।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 10:21 pm

योगी सरकार में नौनिहालों की सीखने की दुनिया होगी और रोचक, 1,235 पीएम श्री विद्यालयों में मिलेंगे ब्लूटूथ स्पीकर, ₹61.75 स्वीकृत

लखनऊ, 28 सितंबर। योगी सरकार प्रदेश के नौनिहालों की प्रारंभिक शिक्षा को अधिक रोचक, सहज और गतिविधि आधारित बनाने की दिशा में एक और पहल करने जा रही है। 1,235 पीएम श्री विद्यालयों में स्थित को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों/ बालवाटिकाओं के लिए ब्लूटूथ स्पीकर उपलब्ध कराने हेतु ₹61.75 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है।प्रत्येक विद्यालय को अधिकतम ₹5,000 की सीमा में ब्लूटूथ स्पीकर उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उपयोग विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के साथ कहानी, कविता, गीत, पहेली आदि गतिविधियों में किया जाएगा, ताकि बच्चों की मौखिक अभिव्यक्ति, सुनने और सीखने की प्रवृत्ति को गतिविधियों के माध्यम से विकसित किया जा सके। इसकी गुणवत्ता और उपयोगिता की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गये हैं।खेल, कहानी और गीत से मजबूत होगी सीखने की बुनियादराष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा को विशेष महत्व दिया गया है। इसी दृष्टि से 3-6 वर्ष के बच्चों में मौखिक भाषा विकास, पर्यावरण से जुड़ाव, संवेदनात्मक एवं सामाजिक विकास के लिए कहानी, कविता, गीत और पहेली जैसी गतिविधियों को उपयोगी माध्यम के रूप में अपनाया जा रहा है। पीएम श्री विद्यालय परिसरों में संचालित को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं में ब्लूटूथ स्पीकर उपलब्ध होने से इन गतिविधियों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा। आदेश के अनुसार स्पीकर का उपयोग बच्चों के साथ ऐसी गतिविधियों में किया जाएगा, जिससे उनमें सुनने, बोलने और अपनी भावनाओं को व्यक्त करने की प्रवृत्ति का विकास हो।1,235 पीएम श्री विद्यालयों को ₹5 हजार तक की सुविधाप्रदेश के 1,235 पीएम श्री विद्यालयों में स्थित को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों/ बालवाटिकाओं में एक-एक ब्लूटूथ स्पीकर की खरीद के लिए प्रति विद्यालय अधिकतम ₹5,000 की धनराशि अनुमन्य की गई है। इसके लिए कुल ₹61.75 लाख की धनराशि एसएनए स्पर्श के अंतर्गत जारी की गई है।ब्लूटूथ स्पीकर में होंगे उपयोगी तकनीकी फीचरस्पीकर की खरीद के लिए निर्धारित नमूना विनिर्देशों में 30 वाट या उससे अधिक पावर, ब्लूटूथ 5.3 या उच्चतर, कम से कम 10 मीटर कनेक्टिविटी रेंज, डुअल 5.2 या उच्चतर ड्राइवर और रिचार्जेबल बैटरी का प्रावधान है। बैटरी बैकअप कम से कम तीन घंटे तथा बैटरी क्षमता 2,000 mAh या अधिक निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त टाइप-C चार्जिंग पोर्ट, चार घंटे या उससे कम में चार्जिंग सपोर्ट, वायरलेस अथवा वायर्ड माइक्रोफोन इनपुट, वॉल्यूम कंट्रोल एवं प्लेबैक कंट्रोल जैसी सुविधाएं भी निर्धारित विनिर्देशों में शामिल हैं।हर शनिवार बच्चों के साथ गतिविधियों में होगा उपयोगशासन के निर्देशों के अनुसार ब्लूटूथ स्पीकर का उपयोग प्रत्येक शनिवार को को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्र/बालवाटिका में 3-6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के साथ किया जाएगा। इसके माध्यम से मॉडल शिक्षक/ आंगनवाड़ी कार्यकत्री/ ईसीसीई एजुकेटर बच्चों को कहानी, कविता, गीत और पहेली जैसी गतिविधियों से जोड़ेंगे।कोट:“बच्चों की शुरुआती सीखने की प्रक्रिया जितनी सहज, रोचक और गतिविधि आधारित होगी, उनकी सीखने की नींव उतनी ही मजबूत होगी। पीएम श्री विद्यालयों के को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं में ब्लूटूथ स्पीकर की सुविधा से कहानी, कविता, गीत और पहेली जैसी गतिविधियों को और प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी। हमारा प्रयास है कि नौनिहाल सीखने को आनंद के साथ अनुभव करें और अपनी अभिव्यक्ति की क्षमता को विकसित करें।संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षाकोट:ब्लूटूथ स्पीकर के माध्यम से निर्धारित गतिविधियों का नियमित संचालन बच्चों के लिए सीखने को अधिक संवादात्मक और आनंददायक बनाएगा। सामग्री की गुणवत्ता, उपलब्धता और प्रभावी उपयोग की निगरानी के लिए जिला एवं ब्लॉक स्तर पर स्पष्ट व्यवस्था की गई है।मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 10:19 pm

कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक का एजेंडा और ज्ञानेश कुमार को घेरने की रणनीति की इनसाइड स्टोरी

कांग्रेस की रणनीति है कि इंडिया गठबंधन के बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग लाने, SIR को रद्द करने और देशव्यापी आंदोलन चलाने के लिए साझा रणनीति बने और उसे लागू किया जाए.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 10:19 pm

'हमले का प्लान तो दे दिया, लेकिन अप्रूवल का भरोसा नहीं था...', सर्जिकल स्ट्राइक की कहानी, जनरल की जुबानी

उरी हमले के बाद भारत ने जब 28 सितंबर 2016 की रात को सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया तो उस दौरान लेफ्टिनेंट जनरल राजेंद्र रामराव निंभोरकर (रिटायर्ड) नगरोटा स्थित 16 कॉर्प्स (व्हाइट नाइट कॉर्प्स) के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) थे. वे भारत के उन 18 लोगों में से एक थे जिन्हें इस घटना की जानकारी थी.

आज तक 28 Sep 2026 10:18 pm

यूपीआईटीएस के सांस्कृतिक मंच पर दिखी प्रदेश की समृद्ध विरासत

ग्रेटर नोएडा, 28 सितंबर। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 के चौथे दिन कारोबार और उद्योग के साथ प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भी आकर्षण का केंद्र रही। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तर प्रदेश की लोक एवं शास्त्रीय परंपराओं की विविधता को मंच पर जीवंत किया।वाराणसी के पद्मश्री पं. शिवनाथ मिश्र की सितार प्रस्तुति ने शास्त्रीय संगीत की मधुरता से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। लखनऊ की सबीना सैफी ने सुगम संगीत की प्रस्तुति देकर माहौल को संगीतमय बनाया। नोएडा की निशा केसरी की कथक प्रस्तुति में शास्त्रीय नृत्य की भाव-भंगिमाओं और लयकारी का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला।पीलीभीत के राजनेश राणा द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक थारू जनजातीय नृत्य ने प्रदेश की लोक एवं जनजातीय संस्कृति की विशिष्ट पहचान को मंच पर प्रस्तुत किया। इसके साथ ही सूफी बैंड की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में संगीत की विविध रंगत जोड़ी और दर्शकों को देर तक बांधे रखा।यूपीआईटीएस के सांस्कृतिक मंच पर आयोजित इन प्रस्तुतियों ने व्यापारिक आयोजन को कला, संस्कृति और परंपरा से जोड़ने का काम किया। देश-विदेश से आए आगंतुकों और प्रदर्शकों को उत्तर प्रदेश की विविध सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखने और अनुभव करने का अवसर मिला। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने यह संदेश भी दिया कि यूपीआईटीएस केवल व्यापार और निवेश का मंच नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की कला, संस्कृति, परंपरा और रचनात्मक प्रतिभाओं को व्यापक मंच देने वाला आयोजन भी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 10:16 pm

कैसे रामायण के राम बने रणबीर? अरुण गोविल बोले- स्टार है पर रोज पैर छुए

रणबीर कपूर के बर्थडे पर Ramayana का नया BTS वीडियो आया है. अरुण गोविल ने उनकी तारीफ की, जबकि रणबीर ने भगवान राम के किरदार को बड़ी जिम्मेदारी बताया.

आज तक 28 Sep 2026 10:11 pm

लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में परफॉर्म करने वाली पहली भारतीय सिंगर, खाली पैर गाया था देशभक्ति गाना, अंग्रेजों की धरती पर पूरी दुनिया में किया देश का नाम रौशन

लता मंगेशकर 1974 में लंदन के मशहूर रॉयल अल्बर्ट हॉल में परफॉर्म करने वाली पहली भारतीय बनीं. उन्होंने कई भाषाओं में गाने गाए और खचाखच भरे शो का समापन अपने मशहूर देशभक्ति गीत 'ऐ मेरे वतन के लोगों' से किया.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 10:03 pm

Delhi Pollution: 1 नवंबर से गैर-BS6 बाहरी वाहनों की एंट्री बैन, पार्किंग शुल्क होगा दोगुना

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सर्दियों में बढ़ने वाले प्रदूषण से निपटने के लिए सोमवार को कई कड़े उपायों की घोषणा की, जिनमें नगर से बाहर पंजीकृत बीएस-छह श्रेणी से नीचे के वाहनों के प्रवेश पर रोक, बिना पीयूसी के ईंधन नहीं नियम का सख्ती से पालन और निर्माण व तोड़फोड़ की गतिविधियों पर प्रतिबंध शामिल हैं। सिरसा ने कहा कि दिल्ली के बाहर पंजीकृत बीएस-छह मानकों से नीचे वाली श्रेणी के वाहनों के शहर में प्रवेश पर एक नवंबर से पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) से कोई अतिरिक्त पार्किंग शुल्क नहीं लिया जाएगा। बीएस (एक से छह) श्रेणी वाहनों के उत्सर्जन (धुएं) से जुड़े मानक हैं, जिनमें बीएस-छह गाड़ियां सबसे सख्त नियमों का पालन करती हैं। सिरसा ने कहा कि सरकार इस पाबंदी की जानकारी पहले ही सार्वजनिक करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीएनजी गाड़ियों पर बीएस-चार वाली पाबंदियां लागू नहीं होंगी। हालांकि, दिल्ली सरकार ने यह नहीं बताया कि यह रोक कब तक लागू रहेगी। निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए एक नवंबर से 28 फरवरी तक अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना कर दिया जाएगा, जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों को इस अतिरिक्त पार्किंग शुल्क से छूट मिलेगी। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के स्वामित्व और प्रबंधन वाली पार्किंग जगहें इस बढ़ोतरी के दायरे से बाहर रहेंगी। एक नवंबर से 28 फरवरी की अवधि के दौरान दफ्तरों के खुलने और बंद होने के समय में बदलाव किया जाएगा। इस दौरान दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के दफ्तर सुबह साढ़े आठ बजे से शाम पांच बजे तक और दिल्ली सरकार के दफ्तर सुबह 10 बजे से शाम साढ़े छह बजे तक काम करेंगे। दिल्ली सरकार ने बताया कि सरकारी और निजी दफ्तर अपने यहां आने वाले कर्मचारियों की संख्या में 50 प्रतिशत की कटौती करेंगे, यानी आधा स्टाफ घर से ही काम करेगा। इन उपायों की घोषणा केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में हुई कार्रवाई-आधारित योजना बैठक के बाद की गई। इस बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री प्रवेश वर्मा और पर्यावरण मंत्री सिरसा शामिल हुए। सिरसा ने बताया कि पीयूसी नहीं तो ईंधन नहीं नियम को युद्ध स्तर पर लागू किया जाएगा। अपने उपयोग की मियाद पूरी कर चुके (अयोग्य) वाहनों के खिलाफ कठोर अभियान चलाया जाएगा और इसके लिए दिल्ली के सभी 500 पेट्रोल पंपों को स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) कैमरों से लैस किया गया है। उन्होंने कहा कि अक्टूबर में जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जबकि नवंबर में पीयूसी केंद्रों को अद्यतन व आधुनिक बनाया जाएगा। सिरसा ने कहा कि एएनपीआर कैमरों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए उनकी दोबारा जांच की जाएगी। वहीं, तीन स्वचालित जांच केंद्रों के जरिए करीब 2.5 लाख वाहनों की ‘फिटनेस जांच’ होगी। सरकार परिवर्तन योजना के तहत बीएस-चार और उससे पुरानी बसों तथा मालवाहक गाड़ियों को सड़क से हटाने पर भी काम कर रही है। इसके लिए सभी संबंधित पक्षों को साथ लेकर विशेष अभियान के जरिए युद्ध स्तर पर नयी गाड़ियों का पंजीकरण कराया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि धूल उत्सर्जित करने वाले तोड़फोड़ कार्य और खुले में होने वाले निर्माण कार्यों पर एक नवंबर से 10 दिसंबर तक रोक रहेगी। वहीं, 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक सभी प्रकार के निर्माण और तोड़फोड़ (इमारतों के अंदर होने वाले काम भी शामिल) के कार्यों पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू रहेगा। सरकार ने अपने निगरानी तंत्र पर 723 निर्माण स्थलों को पंजीकृत किया है, जहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित स्वचालित प्रणाली के जरिए प्रदूषण नियंत्रण पर नजर रखी जा रही है। सिरसा ने बताया कि इनमें से दो से तीन प्रतिशत से भी कम साइटों पर नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई है। मकानों के नक्शे पास कराने के लिए एमसीडी के मलबा ऐप पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया जाएगा। वहीं, घरों में मरम्मत और निर्माण कार्य कराने वाले परिवारों के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। पर्यावरण मंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, दिल्लीवासियों को साफ हवा और स्वस्थ वातावरण देना हमारी जिम्मेदारी है, और यह जिम्मेदारी केवल किसी एक मौसम तक सीमित नहीं है। दिल्ली सरकार प्रदूषण नियंत्रण के लिए साल के 365 दिन, 24 घंटे तकनीकी और वैज्ञानिक तरीके से लगातार काम कर रही है। मंत्री के अनुसार, दिल्ली में वर्तमान में 5,088 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए 150 और बसें बेड़े में शामिल की जाएंगी। पर्यावरण मंत्री ने बताया कि जिलाधिकारियों के साथ बैठकों के माध्यम से सर्वाधिक प्रदूषण वाले स्थानों (हॉटस्पॉट) के तीन किलोमीटर के दायरे में आने वाली गतिविधियों - जैसे श्मशान घाट, कूड़ा फेंकने के स्थान और सीमेंट ढुलाई वाले स्थानों - की पहचान की जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले चिह्नित किए गए 62 ‘हॉटस्पॉट’ में से 42 को अब तक नियंत्रित कर लिया गया है। यातायात सिग्नल-मुक्त बनाने के लिए चिन्हित किए गए 15 मार्गों में से आठ का काम पूरा हो चुका है, जबकि बाकी सात को सात अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार प्रदूषण और यातायात जाम वाले संवेदनशील इलाकों (हॉटस्पॉट) पर भी काम कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव सहित मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जन प्रतिनिधि इन इलाकों का दौरा करेंगे।

प्रभासाक्षी 28 Sep 2026 10:03 pm

उज्जैन में शाही मस्जिद पर कल फिर चलेगा काम, स्वेच्छा से हटाया जा रहा प्रभावित हिस्सा

सड़क चौड़ीकरण के तहत उज्जैन की शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने का काम शुक्रवार सुबह शुरू हुआ। मस्जिद कमेटी के सदस्य फहीम सिकंदर ने बताया कि शहर काजी और कमेटी के पदाधिकारियों की प्रशासन से बातचीत के बाद शांतिपूर्वक काम शुरू करने पर सहमति बनी।

वेब दुनिया 28 Sep 2026 10:00 pm

पितृपक्ष में एकादशी कब है? जानिए एकादशी पर श्राद्ध का समय और पूजा विधि

पितृपक्ष होने के चलते इंदिरा एकादशी व्रत करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और भगवान विष्णु की कृपा से पापों से मुक्ति मिलती है. यहां जानिए पितृपक्ष में एकादशी कब है?

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 9:55 pm

MBBS दाखिले में SC Reservation: Allahabad HC ने UP सरकार से मांगा स्पष्टीकरण

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एमबीबीएस काउंसलिंग में अनुसूचित जाति (एससी) आरक्षण से जुड़े उसके पिछले आदेश को किस तरह लागू किया गया। उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को मंगलवार को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अदालत के आदेश के अनुपालन की स्थिति और राज्य सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन के बारे में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की पीठ ने यह आदेश ‘यूथ फॉर इक्वेलिटी फाउंडेशन’ की ओर से दायर जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिका में आरोप लगाया गया था कि राज्य सरकार ने एससी आरक्षण से जुड़े अदालत के आदेश को सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में लागू नहीं किया, बल्कि इसे केवल चार सरकारी मेडिकल कॉलेजों तक सीमित रखा। अदालत ने मामले को अन्य संबंधित याचिकाओं के साथ 29 सितंबर को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। यह विवाद चार सरकारी मेडिकल कॉलेजों-अंबेडकर नगर, कन्नौज, जालौन और सहारनपुर-में अनुसूचित जाति आरक्षण से जुड़ा है। इससे पहले एक विशेष अपील में राज्य सरकार ने अदालत से आग्रह किया था कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 की काउंसलिंग प्रक्रिया को प्रभावित न किया जाए। सरकार ने अदालत को आश्वासन दिया था कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से इन चारों कॉलेजों में एससी आरक्षण को कानून के तहत निर्धारित 21 प्रतिशत सीमा के अनुसार लागू किया जाएगा। इस आश्वासन के आधार पर अदालत ने उस समय चल रही दाखिला प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं किया था। इसके बाद एक अन्य रिट याचिका में 16 सितंबर को पारित आदेश के अनुपालन को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। सोमवार की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप दीक्षित ने कहा कि राज्य सरकार ने अदालत के आदेश को सभी कॉलेजों और सभी सीटों की पूरी काउंसलिंग प्रक्रिया में लागू नहीं किया, बल्कि इसका दायरा केवल उन चार कॉलेजों तक सीमित रखा, जो रिट याचिका से जुड़े थे। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि यह अदालत के पूर्व आदेश और विशेष अपील में राज्य सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन का अनुपालन नहीं है। दलीलों पर गौर करते हुए अदालत ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को मंगलवार को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर सरकार का पक्ष स्पष्ट करने का निर्देश दिया।

प्रभासाक्षी 28 Sep 2026 9:53 pm

अल-नीनो का डबल अटैक: खरीफ के बाद अब रबी फसलों पर भी खतरा, क्या महंगे हो जाएंगे दाल-चावल?

अल-नीनो के कारण अब रबी की फसलें भी प्रभावित होने की आशंका है, कृषि सचिव आतिश चंद्रा ने कम बारिश वाले राज्यों में चुनौतियों की बात कही।

जागरण 28 Sep 2026 9:52 pm

एल्युमिनियम फॉयल कैसे बनाता है? इस्तेमाल की हुई फॉयल इन 3 कामों के लिए है बेस्ट

एल्युमिनियम फॉयल को इस्तेमाल करने बाद फेंकने के बजाय इसका फिर कई कामों में उपयोग किया जा सकता है. यहां जानिए एल्युमिनियम फॉयल का फिर से इस्तेमाल कैसे करें?

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 9:52 pm

इलेक्ट्रिक केतली को कैसे साफ करें? जानिए नीचे जमी गंदगी को साफ करने का सबसे आसान तरीका

आज हम आपको घरेलू नुस्खा बताने जा रहे हैं जिसकी मदद से आप इलेक्ट्रिक केतली को मिनटों में अंदर-बाहर से साफ कर सकते हैं. इसमें आपको ज्यादा मेहनत करने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 9:52 pm

जादू-टोने का शक... पीट-पीटकर मार डाला; जंगल में जलाई लाश, ओडिशा में खौफनाक कांड

ओडिशा के गजपति जिले में गांववालों ने एक 41 साल के आदमी को जादू-टोना करने के शक में बुरी तरह पीटा और मार डाला। इसके बाद उसकी लाश को जंगल में ले जाकर जला दिया।

लाइव हिन्दुस्तान 28 Sep 2026 9:44 pm

पेट्रोल पंप पर नहीं मिलेगा 50 लीटर से ज्यादा डीजल, इन दो बड़ी कंपनियों ने लिया फैसला

जियो-बीपी और नायरा एनर्जी ने अपने खुदरा पेट्रोल पंपों पर डीजल बिक्री की सीमा तय कर दी है।

जागरण 28 Sep 2026 9:41 pm

पहाड़ों पर मौसम ने ली करवट, हिमाचल-उत्तराखंड में भारी बर्फबारी

पहाड़ों पर मौसम का मिजाज बदल गया है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में सीजन की पहली भारी बर्फबारी और लगातार हो रही बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है. हिमाचल की खूबसूरत स्पीति घाटी बर्फ की सफेद चादर से ढक गई है. काजा, चिचम, पिन घाटी और लांजा जैसी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सुबह से ही बर्फबारी जारी है, जिससे चारों तरफ चांदी जैसी चमक बिखर गई है. मौसम विभाग ने हिमाचल के कई जिलों में आने वाले दिनों में और बारिश तथा बर्फबारी की चेतावनी जारी की है. दूसरी ओर, उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भी मौसम ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. गंगोत्री, यमुनोत्री, गोमुख और नेलांग घाटी में जबरदस्त बर्फबारी हुई है.

आज तक 28 Sep 2026 9:40 pm

जंगल अभी बंद है, लेकिन टाइगर देखने की बुकिंग फुल, अक्टूबर से खुलेगा सरिस्का-रणथंभौर

राजस्थान में 1 अक्टूबर से सरिस्का, रणथंभौर, मुकुंदरा और विषधारी समेत सभी टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क पर्यटकों के लिए खुल जाएंगे. मानसून के दौरान तीन महीने बंद रहे जंगलों में सफारी की तैयारियां तेज हैं. सरिस्का और रणथंभौर में अक्टूबर की कई सफारियां पहले ही फुल हो चुकी हैं. पर्यटकों को इस सीजन बेहतर टाइगर साइटिंग की उम्मीद है.

आज तक 28 Sep 2026 9:35 pm

Bigg Boss 20 की रीति तिवारी विवादों में, एकम बावा ने लगाए मानसिक प्रताड़ना के आरोप

बिग बॉस 20 के घर में रीति तिवारी इस समय चर्चा में हैं, लेकिन घर के बाहर उनके परिवार से जुड़ा एक विवाद सुर्खियां बना रहा है. पंजाबी सिंगर एकम बावा ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो जारी कर रीति और उनकी मां रानी तिवारी को लेकर गंभीर दावे किए हैं.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 9:34 pm

CTIL Recruitment 2026: कंसल्टेंट, एसोसिएट समेत कई पदों पर निकली भर्ती, 9 अक्टूबर तक करें आवेदन

नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए CTIL ने बड़ी भर्ती निकाली है. यंग प्रोफेशनल, एसोसिएट और कंसल्टेंट के 5 पदों पर आवेदन मांगे गए हैं. जानें योग्यता, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया, सैलरी और आवेदन की अंतिम तिथि.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 9:33 pm

यात्रियों के लिए खुशखबरी; दिवाली-छठ पर चलेंगी कई स्पेशल ट्रेनें, ये रही पूरी लिस्ट

इन स्पेशल ट्रेनों में सीट बुक करने के लिए यात्री आईआरसीटीसी की वेबसाइट और ऐप के अलावा रेलवे आरक्षण काउंटर का इस्तेमाल कर सकते हैं। ट्रेन की लाइव स्थिति, समय और सीट उपलब्धता की जानकारी NTES से ली जा सकती है।

लाइव हिन्दुस्तान 28 Sep 2026 9:32 pm

Parvesh Verma : प्रवेश वर्मा के खिलाफ दिल्ली पुलिस की NCR दर्ज, थप्पड़ विवाद में शिकायत पर लिया एक्शन

व्यक्ति को थप्पड़ मारने वाले मामले में प्रवेश वर्मा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा सड़क निरीक्षण के दौरान एक व्यक्ति को थप्पड़ मारने के मामले में दिल्ली पुलिस ने नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट (NCR) ...

वेब दुनिया 28 Sep 2026 9:30 pm

Review: कार को अंदर से चमकाएगा ये सस्ता डिवाइस, खरीदें या नहीं

कार की सफाई के लिए अगर कोई टूल तलाश रहे हैं, तो पिछले दिनों हमने ऐसे ही एक डिवाइस को इस्तेमाल किया है. ये डिवाइस कार के इंटीरियर की सफाई के साथ ही कई दूसरे काम में भी मदद करता है. हम बात कर रहे हैं एक्सईसीएच के एक्स-जेट नियो की, जो एक एयर डस्टर है. दो हजार रुपये से कम कीमत वाला ये डिवाइस कई काम में मदद करता है.

आज तक 28 Sep 2026 9:29 pm

आतंकवाद के खिलाफ भारत का 'प्रहार' : अमित शाह ने लॉन्च किया नया प्रत्यर्पण पोर्टल, 36 देशों से लाए गए 288 भगोड़े

गृह मंत्री अमित शाह ने भारत की पहली आतंकरोधी नीति 'प्रहार' को मजबूत करने पर जोर दिया और एक नया प्रत्यर्पण पोर्टल लॉन्च किया।

जागरण 28 Sep 2026 9:28 pm

होर्मुज तनाव के बीच मोजतबा की चेतावनी- अरब सागर से अमेरिकी सेना को खदेड़ेंगे

ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा हुसैनी खामेनेई ने अरब सागर से विदेशी सैन्य बलों को बाहर खदेड़ने की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि ईरानी सेना ने दुश्मनों को देश के दक्षिणी तट के पास समुद्री इलाकों में पीछे हटने को मजबूर कर दिया है.

आज तक 28 Sep 2026 9:24 pm

नोएल टाटा का मास्टर स्ट्रोक, टाटा संस का IPO रोकने के लिए ये फॉर्मूला!

Noel Tata New Plan: टाटा सन्स में टाटा ट्रस्ट्स की 66% हिस्सेदारी हिस्सेदारी है, अब टाटा ट्रस्ट्स ने टाटा संस के बोर्ड को एक पुनर्गठन प्रस्ताव सौंपा है, जिसके तहत ग्रुप की दो गैर-लिस्टेड कंपनियों का विलय सीधे टाटा संस में किया जाएगा.

आज तक 28 Sep 2026 9:24 pm

Asian Games में भारत ने जीते 6 पदक, Sensex 1124 अंक टूटा

नयी दिल्ली, 28 सितंबर की विभिन्न फाइल से सोमवार रात नौ बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार हैं : खेल64खेल एशियाड एथलेटिक्स पांचवीं लीड भारतश्रीशंकर, गुलवीर और यशवीर को रजत, भारत ने एथलेटिक्स में छह पदक जीतेनागोया, गुलवीर सिंह ने एशियाई खेलों में अपना दूसरा रजत पदक जीता जबकि लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर और भाला फेंक खिलाड़ी यशवीर सिंह भी अपनी-अपनी स्पर्धाओं में दूसरे स्थान पर रहे जिससे भारत ने सोमवार को यहां एथलेटिक्स में छह पदक जीते। दि115राहुल लीड एसआईआरज्ञानेश तो जाएंगे, उनसे सब कुछ करवाने वाले ‘सिस्टम’ का भी हिसाब होगा : राहुलनयी दिल्ली, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितता को लेकर सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा और कहा कि सीईसी को तो जाना पड़ेगा, लेकिन उस ‘‘सिस्टम’’ का भी हिसाब होगा, जिसने उनसे यह सब करवाया है। दि91कांग्रेस सीईसी लीड प्रदर्शनसीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस का देशभर में प्रदर्शननयी दिल्ली, कांग्रेस ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े विवाद को लेकर सोमवार को देशभर में जिले स्तर पर प्रदर्शन किया तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। प्रादे126पंजाब एलपीयू दूसरी लीड छात्रएलपीयू प्रदर्शन: परिसर में शांति कायम हुई, विद्यार्थी घर लौटे, पुलिस की कार्रवाई की चेतावनीफगवाड़ा, पंजाब में कपूरथला जिले के फगवाड़ा में ‘लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी’ (एलपीयू) में हिंसक विरोध-प्रदर्शन के एक दिन बाद सोमवार को स्थिति शांतिपूर्ण हो गयी। दि34 : न्यायालय सोहराबुद्दीन मुठभेड़सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ मामला: 22 आरोपियों को बरी किए जाने के खिलाफ याचिका पर विचार करेगा न्यायालयनयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने गैंगस्टर सोहराबुद्दीन शेख, उसकी पत्नी कौसर बी और उसके सहयोगी तुलसीराम प्रजापति से जुड़े 2005 के कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में 21 पुलिसकर्मियों समेत 22 आरोपियों को बरी किए जाने के बंबई उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने को लेकर सोमवार को सहमति जताई। दि41न्यायालय तृणमूल निर्वाचन आयोगन्यायालय ने तृणमूल कांग्रेस नाम और चुनाव चिह्न विवाद पर निर्वाचन आयोग के फैसले के लिए समयसीमा तय कीनयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को निर्वाचन आयोग को तृणमूल कांग्रेस के दो प्रतिद्वंद्वी धड़ों के बीच पार्टी के नाम और ‘‘जोड़ा फूल’’ चुनाव चिह्न को लेकर विवाद पर फैसला करने का निर्देश दिया। प्रादे 72जम्मू कश्मीर प्रस्तावभाजपा के विरोध के बीच जम्मू कश्मीर विधानसभा ने पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का प्रस्ताव पारित कियाश्रीनगर, जम्मू कश्मीर विधानसभा ने सोमवार को विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सदस्यों के सदन से बहिर्गमन के बीच पूर्ण राज्य का दर्जा तत्काल बहाल करने की मांग वाला प्रस्ताव पारित किया। प्रादे117बिहार विधान परिषद सभापति इस्तीफाबिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने दिया इस्तीफापटना, बिहार विधान परिषद के सभापति और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता अवधेश नारायण सिंह ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसे भाजपा और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के बीच सत्ता साझेदारी की व्यवस्था का हिस्सा माना जा रहा है। प्रादे124मप्र अदालत लीड शाही मस्जिदशाही मस्जिद मामला : मुस्लिम पक्ष की दो अपील का निस्तारण, याचिकाकर्ताओं ने समझौते का हवाला दियाइंदौर, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने उज्जैन में वर्ष 2028 के दौरान लगने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ी करने के लिए ऐतिहासिक शाही मस्जिद के बाधक हिस्सों को हटाए जाने के मामले में मुस्लिम पक्ष द्वारा दायर दो रिट अपील का सोमवार को निपटारा कर दिया। अर्थ74टाटा ट्रस्ट पुनर्गठनटाटा ट्रस्ट ने रखा टाटा संस के पुनर्गठन का प्रस्ताव, शेयर बाजार में सूचीबद्धता से बचाने की पहलमुंबई, टाटा ट्रस्ट ने टाटा संस को एनबीएफसी और प्रमुख निवेश कंपनी (सीआईसी) के नियामकीय दायरे से बाहर लाने के लिए सोमवार को उसके पुनर्गठन का प्रस्ताव रखा। इसके तहत समूह की दो कंपनियों का टाटा संस में विलय किया जाएगा, जिससे टाटा संस को गैर-सूचीबद्ध निजी कंपनी के रूप में बनाए रखा जा सके। अर्थ40लीड शेयरसेंसेक्स 1,124 अंक का गोता लगाकर छह महीने के निचले स्तर पर, निफ्टी 360 अंक टूटामुंबई, कच्चे तेल के दाम में तेजी, वैश्विक अनिश्चितता और कमजोर वैश्विक रुख से स्थानीय शेयर बाजार में सोमवार को बड़ी गिरावट आई और मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 1,124 अंक का गोता लगाकर छह महीने के निचले स्तर पर आ गया। वहीं एनएसई निफ्टी 22,800 अंक के नीचे रहा। नीचे रहा। खेल60खेल एशियाड दूसरी संपूर्ण लीड भारतएशियाई खेल : आज भी नहीं मिला पीला तमगा, ईशा, श्रीशंकर, यशवीर और गुलवीर ने जीते रजतनागोया, युवा निशानेबाज ईशा सिंह ,लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह, लंबी कूद में मुरली श्रीशंकर और भाला फेंक में यशवीर सिंह ने एशियाई खेलों में सोमवार को भारत की झोली में रजत पदक डाले हालांकि स्वर्णिम सफलता के करीब पहुंचकर चूकने का सिलसिला जारी रहा। वि10द.अफ्रीका गोलीबारी मृतक संख्याद. अफ्रीका में सप्ताहांत हुई गोलीबारी की दो घटनाओं में मृतक संख्या बढ़कर 28 हुई, एक और पीड़ित की मौतजोहानिसबर्ग, दक्षिण अफ्रीका में सप्ताहांत हुई गोलीबारी की दो घटनाओं में घायल एक पीड़ित ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया जिसके बाद इन घटनाओं मरने वालों की कुल संख्या सोमवार को बढ़कर 28 हो गई। वि20अमेरिका ऑस्ट्रेलिया प्रधानमंत्री मोदीभारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को और प्रगाढ़ करने के लिए मोदी और मैं उत्सुक: अल्बनीजन्यूयॉर्क, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा है कि भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी का पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हो पाया और वह तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘‘इसे ठीक करने के लिए बहुत उत्सुक हैं।

प्रभासाक्षी 28 Sep 2026 9:23 pm

डबरा के छीमक में लव-कुश जन्मोत्सव में शामिल हुए सांसद भारत सिंह कुशवाह, कहा भाजपा ने दिया कुशवाह समाज को सम्मान

ग्वालियर के डबरा के छीमक में में आज कुशवाहा समाज समिति छींमक द्वारा भगवान लव-कुश जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में एक भव्य चल समारोह और गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ग्वालियर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री ...

वेब दुनिया 28 Sep 2026 9:22 pm

JEE-NEET समेत कई प्रवेश परीक्षाएं साल में दो बार होंगी, सरकार ने तैयार किया ड्राफ्ट

शिक्षा मंत्रालय ने जेईई, नीट और सीयूईटी जैसी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों की कोचिंग पर निर्भरता कम करने के लिए एक मसौदा तैयार किया है।

जागरण 28 Sep 2026 9:17 pm

देखते ही देखते सियार को निगल गया अजगर! रोंगटे खड़े कर देंगे ये 3 Video

Bhind Python Attack: भिंड के काशीपुरा में 15 फीट लंबे अजगर ने सियार को अपने शिकंजे में जकड़कर जिंदा निगला. वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू. पढ़ें पूरी खबर...

आज तक 28 Sep 2026 9:10 pm

एक टेबल पर इंडिया-PAK, मीटिंग में शामिल होने इस्लामाबाद पहुंचे भारतीय अफसर?

पाकिस्तान इस समय SCO के काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ स्टेट की अध्यक्षता कर रहा है. पाकिस्तान का कार्यकाल 2026-27 के लिए है और इसी दौरान अगस्त 2027 में SCO के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक इस्लामाबाद में प्रस्तावित है. इस्लामाबाद में इसी मीटिंग की तैयारी हो रही है.

आज तक 28 Sep 2026 9:09 pm

30 साल से सरकारी जमीन पर कब्जा, कोर्ट में पैरवी छोड़ी, जमीन खाली

गोंडा में करीब 30 साल से नजूल की चार सरकारी जमीनें विवाद में थीं. मंडलायुक्त कार्यालय के लिए आरक्षित इन भूखंडों पर स्कूल के नाम से कब्जा होने की बात सामने आई. प्रशासन की दोबारा समीक्षा के बाद वादी दयानन्द मिश्र ने कोर्ट में आगे पैरवी न करने का शपथ-पत्र दिया. इसके साथ ही मौके से करीब 30 साल पुराना कब्जा भी हटा लिया.

आज तक 28 Sep 2026 9:07 pm

Amit Shah ने आतंकवाद रोधी 'प्रहार' नीति के तहत हर स्तर पर स्वचालित प्रतिक्रिया तंत्र बनाने पर दिया जोर

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आतंक-रोधी अभियानों में बिना किसी देरी के कदम उठाने पर जोर देते हुए सोमवार को देश के आतंकवाद रोधी ढांचे ‘प्रहार’ के हर स्तर पर एक ‘स्वचालित प्रतिक्रिया तंत्र’ को संस्थागत रूप देने का आह्वान किया। शाह ने ‘प्रहार-आतंकवाद रोधी नीति और रणनीति’ सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए भगोड़ों को भारत वापस लाने के प्रयासों में तेजी लाने के उद्देश्य से एक विशेष प्रत्यर्पण पोर्टल भी शुरू किया। सूत्रों ने बताया कि नया पोर्टल प्रत्यर्पण के प्रयासों में गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और राज्य एजेंसियों को एक मंच पर लाता है। जब कोई भगोड़ा विदेश में पकड़ा जाता है और सक्षम अदालत की मंजूरी के बाद संबंधित देश को प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा जाना होता है, तब यह पोर्टल प्रक्रिया में मदद करेगा। शाह ने आतंकवाद रोधी अभियान में ‘सक्रिय और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण’ अपनाने की जरूरत पर जोर दिया तथा एजेंसियों से हर स्तर पर ‘स्वचालित प्रतिक्रिया तंत्र’ को संस्थागत रूप देने का आग्रह किया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, गृह मंत्री ने ‘आतंकवादी घटनाओं के निरंतर विश्लेषण’ के जरिए ‘प्रहार’ रणनीति को लगातार मजबूत और बेहतर बनाने के प्रयासों की जरूरत पर भी जोर देते हुए अगले 10 वर्षों के लिए एक मजबूत और ठोस तंत्र स्थापित करने की आवश्यकता बताई। ‘प्रहार’ के सिद्धांतों को थाना स्तर तक पहुंचाने पर जोर देते हुए शाह ने इस पहल के हर पहलू के प्रति सक्रिय दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने फरवरी में देश की पहली राष्ट्रीय आतंकवाद रोधी नीति ‘प्रहार’ की शुरुआत की थी। इसमें आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने, खुफिया जानकारी के आधार पर रोकथाम और चरमपंथी हिंसा से निपटने के लिए समन्वित कार्रवाई पर आधारित बहुस्तरीय रणनीति की रूपरेखा दी गई है। बयान में कहा गया कि सोमवार को आयोजित सम्मेलन में शाह ने आतंकवादी खतरों को कम करने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों का उल्लेख किया। शाह ने ‘प्रहार’ के हर हिस्से के लिए नतीजे पर केंद्रित नजरिए की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि कार्रवाई में जरा भी देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों के बीच तालमेल को जरूरी बताया और इस बात पर जोर दिया कि इस रणनीति के हर हिस्से में नतीजे पर केंद्रित नजरिया अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने उल्लेख किया कि एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के परिणामस्वरूप सीमा पार हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल शहजाद भट्टी नेटवर्क के 40 से अधिक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया, 100 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की गईं और 15 राज्यों में 350 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि इसी दौरान सरकार ने गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत शहजाद भट्टी नेटवर्क को आतंकवादी संगठन घोषित किया। उन्होंने कहा कि 2019 से 2026 के बीच केंद्र सरकार ने 36 देशों से 288 भगोड़े अपराधियों को सफलतापूर्वक भारत वापस लाया। सम्मेलन में केंद्रीय गृह सचिव, विदेश सचिव, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुखों, 15 राज्यों के पुलिस महानिदेशकों तथा सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के आतंकवाद रोधी दस्तों (एटीएस) के प्रमुखों ने भाग लिया। अन्य राज्यों के पुलिस प्रमुखों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भाग लिया।

प्रभासाक्षी 28 Sep 2026 9:03 pm

JDU उम्मीदवार के खिलाफ उतरे अनंत सिंह, जन सुराज प्रत्याशी को दिया खुला समर्थन, कहा- उन्होंने मेरा विरोध किया था अब मेरी बारी

बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट पर चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया है. JDU विधायक अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार का विरोध करते हुए जन सुराज प्रत्याशी अनुज कुमार सिंह को खुला समर्थन देने का ऐलान किया है.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 9:02 pm

बाजार के महंगे लोशन को कहें बाय, घर में 3 चीजों से बनाएं नेचुरल लोशन

Homemade Lotion: सर्दियों की शुरुआत धीरे-धीरे हो रही है. सर्दी में स्किन का रूखा, चटकना और फटना आम बात है. ऐसे में स्किन को सॉफ्ट रखने के लिए आज हम आपको घर पर ही नेचुरल लोशन बनाने का तरीका बता रहे हैं.

आज तक 28 Sep 2026 9:00 pm

थप्पड़ कांड में प्रवेश वर्मा के खिलाफ NCR दर्ज, AAP विधायक पर भी एक्शन की तैयारी

दिल्ली पुलिस ने मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ थप्पड़ मारने की शिकायत पर नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट (NCR) दर्ज की है. साथ ही पुलिस PWD के इंजीनियरों द्वारा जनरल सिंह के खिलाफ डराने-धमकाने और पैसे मांगने की शिकायत पर भी पुलिस कार्रवाई कर रही है.

आज तक 28 Sep 2026 8:58 pm

SC को मिलेंगे तीन नए जज, कॉलेजियम ने लगाई मुहर; किन-किन का हुआ प्रमोशन?

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने तीन जजों के प्रमोशन पर मुहर लगा दी है। यह तीनों जज अब सुप्रीम कोर्ट में जज की जिम्मेदारी संभालेंगे। सुप्रीम कोर्ट में फिलहाल 34 जज हैं, जबकि यहां पर मंजूर पदों की संख्या 38 है।

लाइव हिन्दुस्तान 28 Sep 2026 8:58 pm

63 साल पुराना गाना, 8 लाइनों में बयां किए थे 7 जज्बात, दिल के दर्द को बखूबी बयां करता है मीना कुमारी का ये गीत

63 साल पुराना मीना कुमारी का गाना. इस फिल्म में मीना कुमारी के साथ राजेंद्र कुमार और राजकुमार लीड रोल में थे. जिस कालजयी गाने की हम बात कर रहे हैं उसके बोल हसरत जयपुरी ने लिखे थे और संगीत शंकर जयकिशन ने तैयार किया था.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 8:54 pm

Delhi SIR : बेला एस्टेट में 727 नाम हटने का राहुल गांधी का दावा, EC पर उठाए सवाल

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में दावा किया कि यमुना किनारे स्थित बेला एस्टेट में ...

वेब दुनिया 28 Sep 2026 8:53 pm

'728 में से सिर्फ एक वोटर बचा', SIR प्रक्रिया पर राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को घेरा

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और CEC ज्ञानेश कुमार पर SIR प्रक्रिया को लेकर निशाना साधा।

जागरण 28 Sep 2026 8:51 pm

नहीं भरा चालान तो बढ़ जाएगा बिजली बिल, SC ने निकाला 20000 करोड़ वसूली का गजब जुगाड़

पीठ ने कहा कि अगर लोग यातायात चालान का भुगतान नहीं कर रहे हैं तो इसे उनके बिजली बकाया बिल में जोड़ दें। उन्हें बिजली बिल का भुगतान करना होगा, अन्यथा बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा। इस पर काम करें।

लाइव हिन्दुस्तान 28 Sep 2026 8:51 pm

एआई उत्तर दे सकता है, सवाल करना अच्छी किताब ही सिखाएगी : CM योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सवालों के जवाब दे सकता है और काम आसान कर सकता है, लेकिन सवाल करना अच्छी किताब ही सिखाएगी। तकनीक का उपयोग करें, लेकिन उस पर पूरी तरह निर्भर न हों। अच्छी पुस्तकें और समाचार पत्र ...

वेब दुनिया 28 Sep 2026 8:51 pm

UPITS-2026 में ₹5,500 करोड़ के व्यापारिक समझौते, 4 दिन में 35,387 B2B बैठकें और 3,765 MoU

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘लोकल से ग्लोबल’ विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश को देश-दुनिया के लिए भरोसेमंद व्यापारिक साझेदार के रूप में स्थापित करने की दिशा में आयोजित चौथे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) ने चार दिनों में ही नए कीर्तिमान स्थापित ...

वेब दुनिया 28 Sep 2026 8:50 pm

गंदे पीले तकिये को कैसे साफ करें? तकिया कवर साफ करने का आसान तरीका

जिस तरह घर की सफाई करना जरूरी है वैसे ही तकिया और तकिये के कवर को भी साफ करना जरूरी है. यहां जानिए तकिया कैसे साफ करें, तकिये का कवर साफ करने का आसान तरीका.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 8:49 pm

How To Identify Pagal Kutta: पागल कुत्ते की पहचान कैसे करें? ये 10 लक्षण दिखें तो तुरंत रहें दूर

Pagal kutte ki pehchan kaise karen : किसी कुत्ते के काटने से पहले पागल या रेबीज के कुत्ते की पहचान कैसे करें? अगर आपके मन में भी ये सवाल है, तो यहां इसके जवाब जानते हैं-

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 8:48 pm

पढ़ाई में तेज, करना चाहता था नौकरी... जानें- कैसे प्रेमानंद से जुड़ा दीपक

प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी ने शुक्रवार सुबह गुरुकृपा कुंज अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दीपक के प्राइटवेट पार्ट कटने और ओवर ब्लीडिंग से मौत की बात सामने आई. दीपक के परिजनों ने बताया कि दीपक पढ़ाई में बहुत तेज था और पढ़-लिखकर नौकरी करना चाहता था. तभी अचानक वो प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़ गया और भक्ति मार्ग पर निकल गया.

आज तक 28 Sep 2026 8:48 pm

कानपुर का करोड़पति कारोबारी हत्याकांड, 21 दिन बाद जेल से बाहर आई बहू

Vineet Minocha Murder Case Kanpur: कानपुर के विनीत मीनोचा हत्याकांड में 21 दिन बाद जेल से बाहर आईं शालू मीनोचा. कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में 50 हजार के मुचलके पर दी रिहाई. पढ़ें पूरी खबर...

आज तक 28 Sep 2026 8:47 pm

दुर्गा पूजा-दिवाली-छठ के लिए बिहार में 4 स्पेशल ट्रेन, पटना-पूर्णिया और रक्सौल को फायदा, जानें रूट और शेड्यूल

यात्रियों की सुविधा के लिए बिहार में रेल प्रशासन द्वारा पूर्व से चलाई जा रही 4 स्पेशल ट्रेनों के परिचालन अवधि में विस्तार करने का निर्णय लिया गया है.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 8:47 pm

100 टन कृषि कचरे से बना टेक्सटाइल फाइबर, अब अमेरिका और दक्षिण कोरिया पहुंचेगा यूपी का हेम्प

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश के कारोबारियों को वैश्विक बाजार से जुड़ने का अवसर दे रहा है। संभल की भारत हेम्प एग्रो ने करीब 100 टन भांग (हेम्प) के कृषि अवशेष को हाई-ग्रेड टेक्सटाइल फाइबर में बदलकर नया बाजार तैयार किया है। कंपनी ने अब अमेरिका और ...

वेब दुनिया 28 Sep 2026 8:47 pm

बच्चों पर नहीं हो रहा है मिर्गी की दवाओं का असर, डॉक्टर ने बताया सही इलाज

मिर्गी की दवाओं को लेने के बावजूद कुछ बच्चों में इसके दौरे आते रहते हैं, जिससे उनकी सोचने-समझने की क्षमता, भाषा और व्यवहार प्रभावित हो रहे हैं, विशेषज्ञों का कहना है कि इसको ड्रग-रेजिस्टेंट एपिलेप्सी कहते हैं.

आज तक 28 Sep 2026 8:45 pm