SENSEX
NIFTY
GOLD
USD/INR

Weather

42    C

डिजिटल समाचार स्रोत

...

33 लाख से अधिक एमएसएमई उद्यमों के साथ राजस्थान बना देश का चौथा सबसे बड़ा MSME राज्य

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार उद्योगों और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है और उसकी नीतियों, प्रयासों एवं उद्यमियों के साहस, आत्मविश्वास और कर्मठता के चलते 33 लाख से अधिक एमएसएमई उद्यमों के साथ राजस्थान आज देश का चौथा सबसे […] The post 33 लाख से अधिक एमएसएमई उद्यमों के साथ राजस्थान बना देश का चौथा सबसे बड़ा MSME राज्य appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 27 Jun 2026 10:05 pm

भीलवाड़ा में पटवारी लोकेश जोशी एक हजार रुपए की रिश्वत लेते अरेस्ट

भीलवाड़ा। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शनिवार को भीलवाड़ा जिले में करेडा तहसील के पटवार हल्का चिलेश्वर के पटवारी लोकेश जोशी को एक हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार एसीबी भीलवाड़ा-प्रथम इकाई को शिकायत मिली कि परिवादी के पिता की मृत्यु के पश्चात परिजनों के नाम फौतगी […] The post भीलवाड़ा में पटवारी लोकेश जोशी एक हजार रुपए की रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 27 Jun 2026 10:01 pm

जेवर में 6,785 करोड़ का बड़ा निवेश! इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की ओर बढ़ा उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जेवर में 6,785 करोड़ रुपये के निवेश से अंबर एंटरप्राइजेज एवं कोरिया सर्किट्स के ज्वाइंट वेंचर ‘एसेंट के सर्किट्स’ का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट क्षेत्र में रोजगार व नए उद्योगों को गति प्रदान करेगा। ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 8:59 pm

बॉलीवुड फ़िल्में जोड़ रही हैं भारत और लैटिन अमेरिका को

Bollywood in Latin America: अपने आप को हर क्षेत्र में बाकी दुनिया से श्रेष्ठ समझने का गर्व करने वाले यूरोप-अमेरिका के फ़िल्म समीक्षक भारतीय फ़िल्मों को गंभरता से नहीं लेते— बहुत अतिरंजित और छिछली मान कर टाल देते हैं। लेकिन, इधर कुछ समय से देखने में ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 8:20 pm

सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव! योगी सरकार ने गुणवत्ता सुधार के लिए तेज की अकादमिक टीम की तैनाती

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार विद्यालयी शिक्षा में गुणवत्ता आधारित परिवर्तन की दिशा में मानव संसाधनों का सबसे व्यापक अकादमिक ढांचा तैयार कर रही है। प्रदेश सरकार का मानना है कि शिक्षा व्यवस्था में स्थायी बदलाव केवल ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 8:12 pm

डोनाल्ड ट्रंप ने टेक टैक्स को लेकर यूरोपीय देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की दी धमकी

वॉशिंगटन। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमरीकी दिग्गज टेक कंपनियों पर डिजिटल सेवा कर लगाने वाले किसी भी यूरोपीय देश के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ऐसे देशों से अमरीका आने वाले तमाम सामान पर तत्काल 100 प्रतिशत का दंडात्मक आयात शुल्क लगाया जाएगा। ‘ट्रुथ सोशल’ […] The post डोनाल्ड ट्रंप ने टेक टैक्स को लेकर यूरोपीय देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की दी धमकी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 27 Jun 2026 7:48 pm

बीकानेर में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से एक युवक की मौत, एक घायल

बीकानेर। राजस्थान में बीकानेर जिले के लूणकरणसर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-62 पर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रैक्टर-ट्रॉली बीकानेर की ओर से चूनावढ़ जा रही थी। देर रात महाजन-मोखमपुरा मार्ग पर अचानक ट्रैक्टर-ट्रॉली बेकाबू होकर पलट गयी। इससे […] The post बीकानेर में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से एक युवक की मौत, एक घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 27 Jun 2026 7:44 pm

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट ने की चंपत राय और डा अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर में चढ़ावे और प्रसाद व्यवस्था को लेकर उठे विवाद के बीच शनिवार को स्पष्ट किया कि महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे प्राप्त हो गए हैं, जिन पर अंतिम निर्णय ट्रस्ट की अगली बैठक में लिया जाएगा। ट्रस्ट ने कहा कि पूरे […] The post श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट ने की चंपत राय और डा अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 27 Jun 2026 7:40 pm

अलवर में बस की चपेट में आने से एक युवक की मौत, एक घायल

अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के शिवाजी पार्क थाना क्षेत्र में शुक्रवार को टेल्को सर्किल के समीप लोक परिवहन सेवा की बस की टक्कर से मोटर साइकिल पर सवार एक युवक की मौत हो गयी, जबकि उसका साथी घायल हो गया। हादसे के बाद बस चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने […] The post अलवर में बस की चपेट में आने से एक युवक की मौत, एक घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 27 Jun 2026 7:35 pm

जम्मू कश्मीर में 6.2 तीव्रता का भूकंप, लोग दहशत में

Jammu Kashmir Earthquake: जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। राजधानी श्रीनगर में भी झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता 6.2 बताई गई है, जबकि इसका केन्द्र अफगानिस्तान में जमीन से 215 किलोमीटर नीचे बताया जा रहा है। शुरुआती ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 7:35 pm

चीन के बड़े कदम से और नीचे आ सकता है Gold, आखिर ऐसा क्या कर दिया China ने

China Big Decision on Gold: यूं तो पिछले कुछ समय से सोना और चांदी की कीमतों में भारत में भी लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। लेकिन, चीन के एक कदम ने सोना-चांदी बाजारों में हलचल मचा दी है। दरअसल, चीन दुनिया में सोने का सबसे बड़ा उपभोक्ता है। हाल ही ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 7:07 pm

छत्तीसगढ़ में हीरा खनन की तैयारी तेज, बलौदा-बेलमुंडी ब्लॉक में बड़े पैमाने पर ड्रिलिंग को मंजूरी

छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (एनसीएल) के निदेशक मंडल की नई दिल्ली में आयोजित बैठक में महासमुंद जिले के बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में परियोजना के अगले चरण को मंजूरी देते हुए लार्ज डायमीटर ड्रिलिंग शुरू करने का निर्णय लिया गया।

देशबन्धु 27 Jun 2026 6:18 pm

मुंबई में मोहर्रम को 'मातम' में बदलने की साजिश, 14900 मौत के कैप्सूल बरामद!

Mumbai Poison Conspiracy: मुंबई को एक बार फिर दहलाने और मुहर्रम के जुलूस को 'मातम के समंदर' में बदलने की एक बेहद खौफनाक और सोची-समझी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। जांच एजेंसियों ने वक्त रहते एक ऐसे 'साइलेंट किलर' को दबोच लिया है, जो बम या बंदूक से नहीं, ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 6:14 pm

तुम्हारे जैसे 1000 पति रख सकती हूं... पत्नी के ताने पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, आरोपी को राहत

MP High Court News: क्या पत्नी द्वारा पति को यह कहना कि 'तुम्हारे जैसे 1000 पति रख सकती हूं... ', एक ऐसा उकसावा है जो किसी को आपा खोने पर मजबूर कर दे? मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक बेहद संवेदनशील और अनोखे मामले में इसे 'गंभीर और अचानक उकसावा' मानते ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 5:21 pm

विटामिन डी की कमी और दिल की सेहत: क्या सिर्फ हड्डियों को नहीं, आपके हार्ट को भी कमजोर कर रहा है 'सनशाइन विटामिन'?

नई दिल्ली/हेल्थ डेस्क: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, बंद कमरों या ऑफिस में घंटों काम करने की आदत और धूप से दूरी के कारण 'विटामिन डी' की कमी एक वैश्विक महामारी का रूप ले चुकी है। आमतौर पर लोग विटामिन डी को सिर्फ मजबूत हड्डियों और दांतों से जोड़कर देखते हैं, लेकिन चिकित्सा विज्ञान के बढ़ते दौर में अब इसके कई और चौंकाने वाले पहलू सामने आ रहे हैं। हाल के वर्षों में हुए कई अंतरराष्ट्रीय शोधों में विटामिन डी और दिल (Heart) की सेहत के बीच एक गहरा कनेक्शन देखा गया है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या शरीर में इस जरूरी विटामिन की कमी आपके दिल को भी बीमार कर सकती है? आइए जानते हैं इस विषय पर नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ (NIH) और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की क्या राय है।क्या विटामिन डी की कमी सीधे तौर पर बढ़ाती है हार्ट अटैक का खतरा?यूएसए के नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ (NIH) और कई कार्डियोलॉजिस्ट्स के अनुसार, जिन लोगों के शरीर में लंबे समय तक विटामिन डी का स्तर कम रहता है, उनमें दिल से जुड़ी बीमारियों (Cardiovascular Diseases) का जोखिम दूसरों के मुकाबले अधिक देखा गया है। दरअसल, विटामिन डी हमारे शरीर में सिर्फ एक पोषक तत्व की तरह नहीं, बल्कि एक हार्मोन की तरह काम करता है, जो ब्लड वेसल्स (रक्त वाहिकाओं) के लचीलेपन और हार्ट की मांसपेशियों के संकुचन को नियंत्रित करने में मदद करता है।हालांकि, डॉक्टरों ने यहां एक जरूरी बात साफ की है। अभी तक उपलब्ध क्लिनिकल रिसर्च यह पूरी तरह और सीधे तौर पर साबित नहीं कर पाए हैं कि केवल विटामिन डी की कमी ही हार्ट अटैक या दिल की बीमारी का एकमात्र कारण है। दिल की सेहत बिगड़ना कई अन्य बड़े फैक्टर्स पर भी निर्भर करता है, जैसे—हाई ब्लड प्रेशर, अनकंट्रोल्ड डायबिटीज, बढ़ता मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता और धूम्रपान (Smoking)। इसलिए विटामिन डी की कमी को दिल की बीमारी का इकलौता कारण मानने के बजाय एक बड़ा 'रिस्क फैक्टर' माना जाता है।शरीर में विटामिन डी कम होने पर दिखते हैं ये 6 शुरुआती लक्षणकई बार विटामिन डी का स्तर गिरने पर शुरुआत में कोई भी लक्षण दिखाई नहीं देता, जिसे 'साइलेंट डेफिसिएंसी' भी कहते हैं। लेकिन जब यह कमी बढ़ने लगती है, तो शरीर नीचे दिए गए संकेत देने लगता है:लगातार थकान और सुस्ती: भरपूर नींद और अच्छे खानपान के बाद भी दिनभर शरीर टूटा-टूटा रहना और अत्यधिक कमजोरी महसूस होना।मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द: उठने-बैठने में मांसपेशियों में खिंचाव, कमजोरी या ऐंठन की शिकायत रहना।हड्डियों और पीठ में लगातार दर्द: विशेषकर रीढ़ की हड्डी (Spine) और पैरों की हड्डियों में एक हल्का, लगातार बना रहने वाला दर्द।बार-बार बीमार पड़ना: इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाने के कारण सर्दी, जुकाम, खांसी या अन्य सीजनल इन्फेक्शन की चपेट में जल्दी आ जाना।घाव भरने में समय लगना: किसी भी तरह की चोट या सर्जरी के घाव को ठीक होने में सामान्य से ज्यादा वक्त लगना।मूड स्विंग्स और तनाव: शरीर में न्यूरोट्रांसमीटर के प्रभावित होने से अचानक डिप्रेशन, एंग्जायटी या उदासी महसूस होना।कैसे बनाए रखें विटामिन डी का सही स्तर? अपनाएं ये 3 आसान तरीकेशरीर में विटामिन डी ($Vitamin D$) का ऑप्टिमम लेवल बनाए रखने के लिए किसी महंगी दवा की नहीं, बल्कि सही लाइफस्टाइल की जरूरत होती है:गुनगुनी धूप सबसे बेस्ट: सूर्य की किरणें विटामिन डी का सबसे बड़ा और मुफ्त स्रोत हैं। रोजाना सुबह के समय 15 से 20 मिनट की हल्की धूप में बैठें या टहलें। ध्यान रहे कि दोपहर की तेज धूप त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए सुबह की गुनगुनी धूप ही सबसे कारगर है।डाइट में शामिल करें ये चीजें: शाकाहारी भोजन में विटामिन डी के स्रोत थोड़े सीमित होते हैं, लेकिन आप फोर्टिफाइड दूध, फोर्टिफाइड अनाज, मशरूम और अंडे की जर्दी (Egg Yolk) को अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। वहीं मांसाहारी लोग फैटी फिश (जैसे साल्मन या टूना) का सेवन कर सकते हैं।बिना डॉक्टर की सलाह के न लें सप्लीमेंट्स: अगर आपको ऊपर बताए गए लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो खुद से दवा दुकान से लाकर विटामिन डी के हाई-डोज सप्लीमेंट्स (जैसे 60K कैप्सूल) खाना शुरू न करें। सबसे पहले किसी अच्छे डॉक्टर की सलाह पर 25-Hydroxy Vitamin D ब्लड टेस्ट करवाएं। जांच में कमी आने पर डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार सही डोज तय करेंगे, क्योंकि शरीर में विटामिन डी की अत्यधिक मात्रा (Vitamin D Toxicity) भी सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 5:04 pm

प्रेग्नेंसी में सुबह की धूप: मां और बच्चे के लिए क्यों है जरूरी? एक्सपर्ट से जानिए सही समय, तरीका और जरूरी सावधानियां

नई दिल्ली/हेल्थ डेस्क: प्रेग्नेंसी (गर्भावस्था) हर महिला के जीवन का सबसे खूबसूरत और महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। इस नौ महीने के सफर में मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों की सेहत का खास ख्याल रखना पड़ता है। खानपान, पर्याप्त आराम और समय पर चेकअप के साथ-साथ इस दौरान रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतें भी बड़ा असर डालती हैं। इन्हीं आदतों में से एक है—सुबह की धूप लेना। पुरानी मान्यताओं से लेकर आधुनिक विज्ञान तक, सुबह की धूप को सेहत के लिए वरदान माना गया है। लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों के चलते कई महिलाओं के मन में यह सवाल उठता है कि क्या इस समय धूप सेकना पूरी तरह सुरक्षित है? आइए दिल्ली की प्रसिद्ध गायनेकोलॉजिस्ट से जानते हैं प्रेग्नेंसी में धूप लेने का सही विज्ञान।प्रेग्नेंसी में सुबह की धूप लेना कितना फायदेमंद? जानिए इसके 4 बड़े लाभदिल्ली के श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट में ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी (प्रसूति एवं स्त्री रोग) विभाग की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. मिनाक्षी बंसल बताती हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान सुबह की हल्की धूप मां और गर्भ में पल रहे बच्चे, दोनों के लिए संजीवनी का काम कर सकती है। इसके मुख्य फायदे इस प्रकार हैं:विटामिन डी का प्राकृतिक स्रोत: सुबह की धूप के संपर्क में आने से हमारा शरीर प्राकृतिक रूप से विटामिन डी ($Vitamin D$) का निर्माण करता है। यह विटामिन मां की हड्डियों और दांतों को मजबूत रखने के साथ-साथ उनके इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) को भी बूस्ट करता है।शिशु की हड्डियों का विकास: मां के शरीर को मिलने वाला विटामिन डी सीधे गर्भ में पल रहे बच्चे तक पहुंचता है, जो शिशु की हड्डियों के सही विकास, मस्कुलर ग्रोथ और उसकी ओवरऑल शारीरिक ग्रोथ के लिए बेहद जरूरी है। इसकी कमी से बच्चे में रिकेट्स जैसी बीमारियां हो सकती हैं।बेहतर नींद (Circadian Rhythm): सुबह की ताजी धूप हमारे शरीर की बॉडी क्लॉक यानी सर्कैडियन रिदम को संतुलित करती है। इससे शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन सही मात्रा में बनता है, जिससे प्रेग्नेंट महिलाओं को रात में गहरी और सुकून भरी नींद आती है।मूड स्विंग्स और स्ट्रेस से राहत: गर्भावस्था में मूड का बार-बार बदलना (Mood Swings) आम है। सुबह की धूप शरीर में 'सेरोटोनिन' यानी हैप्पी हार्मोन का लेवल बढ़ाती है, जिससे मानसिक तनाव, एंग्जायटी और डिप्रेशन का खतरा काफी कम हो जाता है।धूप लेने का सही समय और तरीका क्या है? डॉक्टर की खास गाइडलाइनडॉ. मिनाक्षी बंसल के मुताबिक, धूप का फायदा तभी मिलता है जब उसे सही समय और सही मात्रा में लिया जाए। गलत तरीके से धूप में रहने से त्वचा और सेहत को नुकसान पहुंच सकता है।समय का चयन: धूप हमेशा सुबह की गुनगुनी और हल्की ही होनी चाहिए। सूरज उगने के बाद शुरुआती समय में 15 से 20 मिनट तक धूप में बैठना या टहलना पर्याप्त माना जाता है। दोपहर की तेज और कड़क धूप में जाने से पूरी तरह बचें।मौसम का ध्यान रखें: धूप तभी लें जब बाहर का मौसम सामान्य और सुहावना हो। बहुत ज्यादा उमस, भीषण गर्मी या कड़ाके की ठंड के दौरान धूप में लंबे समय तक बैठने से बचना चाहिए।हाइड्रेशन है जरूरी: धूप सेकने के दौरान या उससे पहले पर्याप्त मात्रा में पानी या नारियल पानी पी लें, क्योंकि धूप के कारण शरीर का तापमान बढ़ सकता है और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) की समस्या हो सकती है।कपड़े और पोजीशन: धूप लेते समय हमेशा ढीले और आरामदायक सूती (कॉटन) कपड़े पहनें। यदि धूप चेहरे पर तेज लग रही हो या आंखों में चुभन हो, तो तुरंत छांव वाली जगह पर आ जाएं।सावधान! किन प्रेग्नेंट महिलाओं को धूप में जाने से पहले लेनी चाहिए डॉक्टर की सलाह?यूं तो धूप लेना पूरी तरह प्राकृतिक है, लेकिन हर महिला की प्रेग्नेंसी एक जैसी नहीं होती। डॉ. मिनाक्षी बंसल के अनुसार, नीचे दी गई स्थितियों में महिलाओं को अपनी मर्जी से धूप में बैठने के बजाय पहले अपनी डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए:हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी: यदि आपकी प्रेग्नेंसी डॉक्टरों द्वारा 'हाई-रिस्क' (उच्च जोखिम) श्रेणी में रखी गई है।मेडिकल कंडीशन्स: यदि गर्भवती महिला को हाई ब्लड प्रेशर (Pre-eclampsia), गर्भकालीन मधुमेह (Gestational Diabetes) या त्वचा से जुड़ी कोई क्रोनिक बीमारी है।चक्कर या कमजोरी आना: यदि धूप में खड़े होने या टहलने के दौरान आपको अचानक चक्कर आना, घबराहट होना, अत्यधिक कमजोरी महसूस होना या सांस फूलने जैसी असहजता हो, तो तुरंत धूप से हट जाएं, पानी पिएं और अपने डॉक्टर से संपर्क करें।अंततः, एक स्वस्थ जीवनशैली के रूप में सुबह की हल्की धूप को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना एक बेहतरीन फैसला है, बस जरूरत है तो थोड़ी सी सतर्कता और सही नियमों को फॉलो करने की।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 4:47 pm

बिना डाइटिंग और एक्सरसाइज के घट रहा है वजन? इसे हल्के में न लें; जानिए बिना कारण वेट लॉस होने के पीछे की असली वजह

नई दिल्ली/हेल्थ डेस्क: आज के दौर में मोटापा और बढ़ता वजन एक बड़ी समस्या है, जिससे छुटकारा पाने के लिए लोग जिम में पसीना बहाते हैं, डाइटिंग करते हैं और एक सख्त रूटीन फॉलो करते हैं। लेकिन जरा सोचिए, अगर बिना किसी कोशिश, बिना एक्सरसाइज और बिना खानपान बदले आपका वजन अचानक और लगातार कम होने लगे, तो क्या यह खुशी की बात है? बिल्कुल नहीं। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बिना किसी प्रयास के अचानक वजन का घटना (Unexplained Weight Loss) शरीर के भीतर पनप रही किसी गंभीर बीमारी का शुरुआती अलार्म हो सकता है। अगर कुछ ही महीनों के भीतर आपके शरीर का कुल वजन 5% या उससे ज्यादा बिना किसी वजह के कम हो गया है, तो इसे सामान्य बदलाव समझकर नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है।बिना वजह वजन घटना किन गंभीर बीमारियों का हो सकता है संकेत?अगर आप कोई वेट लॉस प्रोग्राम फॉलो नहीं कर रहे हैं और फिर भी तराजू पर आपका वजन हर हफ्ते कम होता जा रहा है, तो इसके पीछे शरीर की कोई अंदरूनी मेडिकल कंडीशन हो सकती है। इसके मुख्य कारणों में शामिल हैं:हाइपरथायरायडिज्म (Hyperthyroidism): जब गले में स्थित थायराइड ग्रंधि जरूरत से ज्यादा एक्टिव हो जाती है और थायराइड हार्मोन का अधिक उत्पादन करने लगती है, तो शरीर का मेटाबॉलिज्म (Metabolism) बहुत तेज हो जाता है। इसके कारण शरीर बहुत तेजी से कैलोरी बर्न करने लगता है और वजन घटने लगता है।अनकंट्रोल्ड या टाइप 1 डायबिटीज: शरीर में इंसुलिन हार्मोन की कमी या इसके ठीक से काम न करने के कारण ब्लड शुगर लेवल अनियंत्रित हो जाता है। ऐसी स्थिति में शरीर की कोशिकाओं को ऊर्जा (Energy) नहीं मिल पाती, जिसके कारण शरीर ऊर्जा के लिए फैट और मांसपेशियों को गलाना शुरू कर देता है, जिससे वजन तेजी से गिरता है।पाचन तंत्र और पेट से जुड़ी बीमारियां: सीलिएक रोग (Celiac Disease), क्रोहन रोग (Crohn's Disease) या पेट के अन्य अल्सर के कारण शरीर भोजन से पोषक तत्वों को सही तरीके से एब्जॉर्ब (सोख) नहीं पाता है। पोषण की इसी कमी के कारण वजन कम होने लगता है।क्रोनिक इन्फेक्शन (जैसे टीबी): ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) जैसी पुरानी और गंभीर संक्रामक बीमारियां शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को तोड़ देती हैं और भूख को पूरी तरह खत्म कर देती हैं, जिससे तेजी से वजन घटता है।मानसिक तनाव और डिप्रेशन: गंभीर मानसिक तनाव, एंग्जायटी या डिप्रेशन के कारण व्यक्ति की ईटिंग हैबिट्स (खानपान की आदतें) बुरी तरह प्रभावित होती हैं। कई बार लोग अवसाद में खाना-पीना बेहद कम कर देते हैं, जिससे अचानक वेट लॉस होता है।कैंसर की शुरुआती स्टेज: कुछ मामलों में बिना किसी कारण के तेजी से वजन घटना पेट, फेफड़े, अग्न्याशय (Pancreas) या ब्लड कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का बेहद शुरुआती लक्षण हो सकता है।वजन घटने के साथ दिखने वाले इन 8 खतरनाक लक्षणों को कभी न छिपाएंअकेले वजन का घटना ही सब कुछ नहीं है, बल्कि आपको यह देखना होगा कि आपके शरीर में इसके साथ और क्या बदलाव आ रहे हैं। अगर वजन कम होने के साथ नीचे दिए गए लक्षण भी महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत सावधान हो जाएं:भरपूर आराम करने के बाद भी लगातार अत्यधिक थकान और कमजोरी रहना।अचानक से भूख बहुत ज्यादा बढ़ जाना या भूख पूरी तरह से मर जाना।बिना किसी इंफेक्शन के भी लगातार हल्का या तेज बुखार बने रहना।रात में सोते समय अचानक बहुत तेज पसीना आना (Night Sweats)।बार-बार पेट खराब होना, उल्टी आना या लगातार दस्त (Diarrhea) की शिकायत रहना।खाना निगलने में परेशानी होना या पेट में लगातार दर्द का बने रहना।कई हफ्तों से लगातार खांसी आना या थूक में खून आना।शरीर के किसी भी हिस्से (जैसे गर्दन, बगल या पेट) में किसी अज्ञात गांठ (Lump) का महसूस होना।ऐसी स्थिति में क्या करें और कब तुरंत डॉक्टर के पास जाएं?यदि आपको लगता है कि आपका वजन बिना किसी प्रयास के लगातार कम हो रहा है, तो सबसे पहले अपनी दैनिक दिनचर्या, खानपान और पानी पीने की मात्रा का एक रिकॉर्ड रखें। खुद से कोई भी सप्लीमेंट या दवाइयां खाना शुरू न करें। अगर यह गिरावट कुछ हफ्तों तक लगातार जारी रहती है या ऊपर बताए गए लक्षणों में से एक भी लक्षण आपके शरीर में दिखाई देता है, तो बिना एक दिन की भी देरी किए किसी अच्छे फिजिशियन या विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें।डॉक्टर आपकी स्थिति को समझने के लिए शुरुआती तौर पर कंपलीट ब्लड काउंट (CBC), थायराइड प्रोफाइल (T3, T4, TSH), फास्टिंग ब्लड शुगर और जरूरत पड़ने पर एक्स-रे या स्कैन लिख सकते हैं। सही समय पर कराई गई जांच से बीमारी का शुरुआती स्टेज में ही पता चल जाता है, जिससे उसका इलाज पूरी तरह संभव और आसान हो जाता है। याद रखें, सजगता ही बेहतर स्वास्थ्य की पहली सीढ़ी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 4:42 pm

35 की उम्र के बाद बेबी प्लानिंग: एक्सपर्ट से जानिए क्या यह पूरी तरह सेफ है और किन बातों का रखना होगा खास ख्याल

नई दिल्ली/हेल्थ डेस्क: आज के बदलते दौर में करियर, लाइफ सेटल करने और अन्य पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते देर से शादी और 30 की उम्र के बाद प्रेगनेंसी (Pregnancy) का फैसला लेना एक आम ट्रेंड बन चुका है। हालांकि, मेडिकल साइंस के मुताबिक महिलाओं के लिए 30 साल से पहले कंसीव करना सबसे बेस्ट माना जाता है। ऐसे में जब कोई महिला 35 की उम्र के पार बेबी प्लानिंग का मन बनाती है, तो उसके जहन में कई तरह के सवाल और डर पैदा होने लगते हैं। क्या 35 के बाद मां बनना सुरक्षित है? क्या बच्चे के स्वास्थ्य पर इसका कोई असर पड़ेगा? हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस उम्र में प्रेगनेंसी को 'एडवांस्ड मैटरनल एज' (Advanced Maternal Age) कहा जाता है। इसमें कुछ चुनौतियां जरूर होती हैं, लेकिन सही प्लानिंग और डॉक्टरी सलाह से एक स्वस्थ बच्चे को जन्म देना पूरी तरह मुमकिन है।क्या कहती हैं एक्सपर्ट? 35 के बाद प्रेगनेंसी कितनी सुरक्षित?दिल्ली के कैलाश दीपक हॉस्पिटल की कंसलटेंट प्रेगनेंसी स्पेशलिस्ट और गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. प्रज्ञा कंसल के मुताबिक, बहुत सी महिलाओं के मन में यह डर रहता है कि 35 साल के बाद मां बनना सेफ है या नहीं। एक्सपर्ट का कहना है:हां, यह बिल्कुल सुरक्षित हो सकता है। आज के समय में भी इस उम्र में बहुत सी महिलाओं की प्रेगनेंसी बेहद नॉर्मल और अच्छी रहती है और वे पूरी तरह स्वस्थ बच्चे को जन्म देती हैं। बस अंतर सिर्फ इतना आता है कि 35 साल के बाद हम प्रेगनेंसी को थोड़ा ज्यादा बारीकी और ध्यान से मॉनिटर करते हैं। इसका यह मतलब कतई नहीं है कि कोई समस्या होगी ही, बल्कि इसका उद्देश्य मां और आने वाले बच्चे दोनों को अतिरिक्त सुरक्षा देना होता है।उम्र बढ़ने के साथ शरीर में क्या आते हैं बदलाव? जानिए क्या हैं रिस्क फैक्टर्सएक्सपर्ट्स के मुताबिक, जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, महिलाओं के शरीर में अंडों (Eggs) की क्वालिटी और संख्या धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसी वजह से 35 की उम्र के बाद कंसीव करने (गर्भधारण) में थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है। इसके अलावा, इस उम्र में प्रेगनेंट होने पर कुछ मेडिकल रिस्क भी थोड़े बढ़ जाते हैं:जेस्टेशनल डायबिटीज और हाई बीपी: प्रेगनेंसी के दौरान ब्लड शुगर का अनियंत्रित होना और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ जाता है।मिसकैरेज और प्रीमेच्योर डिलीवरी: छोटी उम्र की तुलना में गर्भपात होने या समय से पहले (नौ महीने से पहले) बच्चे के जन्म की संभावना थोड़ी अधिक होती है।जेनेटिक समस्याएं: बच्चे में डाउन सिंड्रोम जैसी कुछ जेनेटिक या क्रोमोसोमल विसंगतियों का रिस्क पहले के मुकाबले बढ़ जाता है।सबसे पहला और जरूरी कदम: प्री-प्रेगनेंसी हेल्थ चेकअपडॉ. प्रज्ञा कंसल का मानना है कि इस उम्र में अचानक कंसीव करने के बजाय एक प्रॉपर प्लानिंग के तहत आगे बढ़ना चाहिए। जब भी आप बेबी प्लान करने का सोचें, तो कोशिश शुरू करने से पहले ही अपनी गायनेकोलॉजिस्ट से मिलकर 'प्री-प्रेगनेंसी चेकअप' (Pre-Pregnancy Checkup) जरूर करवा लें।इस चेकअप के दौरान डॉक्टर आपकी ओवरऑल हेल्थ, आपकी पुरानी मेडिकल हिस्ट्री, ली जा रही रूटीन दवाइयां और आपके जरूरी वैक्सीनेशन (टीकाकरण) की जांच करते हैं। इसके साथ ही, अगर आपको शुगर, बीपी या थायराइड जैसी कोई समस्या है, तो उसे प्रेगनेंसी से पहले ही दवाओं के जरिए कंट्रोल में लाया जाता है ताकि गर्भधारण के बाद कोई जटिलता न आए।कंसीव करने की कोशिश से पहले ही शुरू कर दें यह जरूरी दवाडॉक्टरों के मुताबिक, यदि आप 35 के बाद बेबी प्लान कर रही हैं, तो प्रेगनेंसी कंसीव करने की कोशिश शुरू करने से कम से कम एक से दो महीने पहले से ही फोलिक एसिड (Folic Acid) की गोलियां लेना शुरू कर देना चाहिए। फोलिक एसिड सप्लीमेंट लेने से गर्भ में पल रहे बच्चे के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में होने वाले जन्मजात दोषों (Neural Tube Defects) का खतरा बहुत हद तक कम हो जाता है।एक सुरक्षित और सुखद प्रेगनेंसी के लिए एक्सपर्ट के 5 गोल्डन टिप्सअगर आप 35 की उम्र पार कर चुकी हैं और मां बनने की राह पर हैं, तो अपनी जीवनशैली में इन बदलावों को तुरंत शामिल करें:पोषक तत्वों से भरपूर डाइट: अपने भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल, साबुत अनाज, दालें और डेयरी प्रोडक्ट्स को शामिल करें। बाहरी जंक फूड और एक्स्ट्रा शुगर से पूरी तरह दूरी बना लें।शारीरिक रूप से एक्टिव रहें: डॉक्टर की सलाह के अनुसार रोजाना हल्की वॉक, प्रेगनेंसी योग या हल्की एक्सरसाइज जरूर करें। इससे नॉर्मल डिलीवरी की संभावना बढ़ती है और शरीर लचीला रहता है।वजन को नियंत्रित रखें: प्रेगनेंसी से पहले और उसके दौरान अपने बॉडी मास इंडेक्स (BMI) के अनुसार वजन को संतुलित रखना बेहद जरूरी है।बुरी आदतों को कहें अलविदा: सिगरेट, शराब या किसी भी तरह के नशीले पदार्थों के सेवन से पूरी तरह दूर रहें। यहां तक कि चाय और कॉफी (कैफीन) का सेवन भी बेहद सीमित कर दें।नियमित डॉक्टर विजिट: डॉक्टर द्वारा बताए गए समय पर सभी अल्ट्रासाउंड, जेनेटिक स्क्रीनिंग टेस्ट और ब्लड टेस्ट समय पर करवाएं और बिना उनकी सलाह के कोई भी घरेलू नुस्खा या दवा न आजमाएं।अंततः, सही और एडवांस प्लानिंग, समय पर उचित डॉक्टरी जांच और एक सकारात्मक सोच के साथ 35 या उसके बाद की उम्र में भी प्रेगनेंसी के इस खूबसूरत सफर को पूरी तरह सुरक्षित और यादगार बनाया जा सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 4:39 pm

8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर पर टिकी केंद्रीय कर्मचारियों की नजर, जानिए 2, 2.5 और 3 का गुणांक लागू होने पर कितनी बढ़ेगी आपकी बेसिक सैलरी और HRA

नई दिल्ली/बिजनेस डेस्क: आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच उत्सुकता चरम पर है। सरकार द्वारा आयोग के गठन की घोषणा के बाद अब सबसे बड़ा कौतूहल 'फिटमेंट फैक्टर' (Fitment Factor) को लेकर बना हुआ है। फिटमेंट फैक्टर ही वह मुख्य फॉर्मूला या आधार होगा, जिसके जरिए केंद्रीय कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी (मूल वेतन) और भविष्य के सभी भत्ते तय किए जाएंगे। फिटमेंट फैक्टर का आंकड़ा जितना ऊंचा होगा, कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी और उनका हाउस रेंट अलाउंस (HRA) भी उसी अनुपात में छलांग लगाएगा। हालांकि, सरकार की तरफ से अभी फिटमेंट फैक्टर की अंतिम दर पर मुहर लगना बाकी है।आखिर क्या होता है फिटमेंट फैक्टर? आसान भाषा में समझिए इसका गणितफिटमेंट फैक्टर असल में एक 'गुणक' (Multiplier) की तरह काम करता है। सातवें वेतन आयोग के तहत मिल रही मौजूदा बेसिक सैलरी को इसी तय गुणक से गुणा (Multiply) करके नए वेतन आयोग की बेसिक सैलरी निकाली जाती है।उदाहरण के लिए: यदि किसी कर्मचारी का वर्तमान मूल वेतन 20,000 रुपये है और आगामी वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.50 तय किया जाता है, तो उसकी नई बेसिक सैलरी बढ़कर सीधी 50,000 रुपये ($20,000 imes 2.5$) हो जाएगी। यह नई बढ़ी हुई बेसिक सैलरी ही आगे चलकर आपके महंगाई भत्ते (DA), एचआरए (HRA) और प्रोविडेंट फंड (PF) की गणना का नया बेस बनती है।2, 2.5 और 3 के फिटमेंट फैक्टर का पूरा गुणा-भागविशेषज्ञों और कर्मचारी संगठनों के आकलन के मुताबिक, फिटमेंट फैक्टर के अलग-अलग पैमानों पर सैलरी में होने वाला बदलाव कुछ इस प्रकार दिखेगा:यदि फिटमेंट फैक्टर 2 तय हुआ: इस स्थिति में कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी सीधे दोगुनी हो जाएगी। हालांकि, कर्मचारी संगठन इसे कम मान रहे हैं।यदि फिटमेंट फैक्टर 2.5 तय हुआ: मध्यम मार्ग के तहत अगर यह फैक्टर 2.5 लागू होता है, तो सैलरी में एक सम्मानजनक और बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। अधिकांश एक्सपर्ट्स इसी दायरे की उम्मीद जता रहे हैं।यदि फिटमेंट फैक्टर 3 तय हुआ: यदि सरकार कर्मचारियों की मांग मानकर इसे 3 तय करती है, तो पे-मैट्रिक्स के लेवल-1 से लेकर लेवल-13 तक के सभी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और एचआरए में बंपर ऐतिहासिक बढ़ोतरी होगी।बेसिक सैलरी के साथ HRA में भी होगा बंपर इजाफाफिटमेंट फैक्टर बढ़ने का सबसे बड़ा लॉटरी इफेक्ट कर्मचारियों के हाउस रेंट अलाउंस (HRA) पर पड़ता है। चूंकि एचआरए का निर्धारण शहर की कैटेगरी (X, Y और Z) के हिसाब से क्रमशः 27%, 18% और 9% की दर से बेसिक सैलरी के ऊपर ही कैलकुलेट किया जाता है, इसलिए जैसे ही फिटमेंट फैक्टर के कारण बेसिक सैलरी का ग्राफ ऊपर जाएगा, वैसे ही मिलने वाली एचआरए की रकम भी अपने आप कई गुना बढ़ जाएगी। यही वजह है कि देश के तमाम केंद्रीय कर्मचारी संगठन सरकार पर ज्यादा से ज्यादा फिटमेंट फैक्टर रखने का दबाव बना रहे हैं, ताकि उनकी कुल मासिक आय में उल्लेखनीय सुधार हो सके।गठन की घोषणा के बाद अब फाइनल नोटिफिकेशन का इंतजारकेंद्र सरकार ने आठवें वेतन आयोग के गठन को हरी झंडी दे दी है, लेकिन इसके सदस्यों की आधिकारिक नियुक्ति, कार्यक्षेत्र (Terms of Reference) और फिटमेंट फैक्टर के अंतिम फॉर्मूले पर कैबिनेट की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। कर्मचारी यूनियनों की पुरजोर मांग है कि महंगाई के इस दौर को देखते हुए फिटमेंट फैक्टर को कम से कम 2.5 से 3 के बीच ही रखा जाए। फिलहाल, देश के करीब 48 लाख से अधिक सेवारत कर्मचारियों और 67 लाख से ज्यादा पेंशनभोगियों की नजरें अब आयोग की आने वाली सिफारिशों और सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 4:33 pm

EPFO 3.0 के बीच बड़ा सवाल: क्या नौकरी के दौरान निकाल सकते हैं PF का 100% पैसा? जानिए ईपीएफओ के कड़े नियम

नई दिल्ली/बिजनेस डेस्क: कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) देश के करोड़ों नौकरीपेशा (Salaried) लोगों के लिए रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने का सबसे भरोसेमंद और बड़ा जरिया है। इस फंड में कर्मचारी की बेसिक सैलरी का एक हिस्सा और उतना ही योगदान नियोक्ता (Company) की तरफ से जमा होता है, जिस पर सरकार हर साल आकर्षक ब्याज भी देती है। हाल ही में 'EPFO 3.0' के अपग्रेडेशन और डिजिटल सेवाओं में सुधार की चर्चाओं के बीच, कई कर्मचारियों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या वे अपनी किसी भी जरूरत पर जब चाहें अपने पीएफ खाते का 100 फीसदी (पूरा) पैसा निकाल सकते हैं?इसका सीधा और साफ जवाब है—'बिल्कुल नहीं'। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सख्त नियमों के मुताबिक, नौकरी में रहते हुए आपको अपने पीएफ खाते से पूरी रकम निकालने की अनुमति कतई नहीं दी जाती है। 100% निकासी केवल कुछ बेहद विशेष और अनिवार्य परिस्थितियों में ही संभव है।इन 2 खास परिस्थितियों में ही निकाल सकते हैं पीएफ का पूरा पैसामौजूदा ईपीएफओ गाइडलाइंस के अनुसार, कोई भी खाताधारक अपने पीएफ का शत-प्रतिशत पैसा केवल नीचे दी गई स्थितियों में ही निकाल (Final Settlement) सकता है:रिटायरमेंट की उम्र पूरी होने पर: जब कर्मचारी अपनी नौकरी के बाद 58 वर्ष की आयु पूरी कर लेता है, तो वह अपने ईपीएफ खाते में जमा पूरी राशि (कर्मचारी + नियोक्ता का हिस्सा + ब्याज) निकालने के लिए पूरी तरह पात्र हो जाता है।नौकरी छूटने या बेरोजगारी की स्थिति में: यदि किसी कर्मचारी की नौकरी चली जाती है और वह बेरोजगार हो जाता है, तो वह पूरा फंड निकाल सकता है। हालांकि, इसके लिए भी एक समय सीमा तय है।बेरोजगारी के दौरान पैसे निकालने का क्या है '75:25' का फॉर्मूला?नौकरी छूटने की स्थिति में कर्मचारियों को तुरंत वित्तीय संकट से बचाने के लिए ईपीएफओ ने एक विशेष व्यवस्था की है। नियमों के मुताबिक:1 महीना बेरोजगार रहने पर: नौकरी छूटने के ठीक एक महीने बाद (30 दिन पूरे होने पर) कर्मचारी अपनी कुल पीएफ राशि का अधिकतम 75 फीसदी हिस्सा एडवांस के रूप में निकाल सकता है।2 महीने बेरोजगार रहने पर: यदि कर्मचारी को लगातार दो महीने (60 दिन) या उससे अधिक समय तक कोई नई नौकरी नहीं मिलती है, तो वह अपने खाते में बची हुई शेष 25 फीसदी राशि को भी निकालकर अपना फुल एंड फाइनल सेटलमेंट कर सकता है।नई नौकरी मिलते ही पीएफ निकालना घाटे का सौदा, ट्रांसफर करना है बेस्टअक्सर देखा जाता है कि कई कर्मचारी कंपनी बदलते ही अपनी पुरानी पीएफ राशि को सीधे बैंक खाते में निकाल लेते हैं। ईपीएफओ और वित्तीय विशेषज्ञ ऐसा करने की सख्त मनाही करते हैं। संगठन का कहना है कि नौकरी बदलने पर आपको अपनी पुरानी पीएफ राशि को अपने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) की मदद से नई कंपनी के पीएफ खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर (Transfer) कर लेना चाहिए।ऐसा करने से आपके पीएफ खाते पर मिलने वाले चक्रवर्धि ब्याज (Compounding Interest) का क्रम नहीं टूटता, आपकी कुल सर्विस हिस्ट्री (सेवा अवधि) लगातार जुड़ी रहती है (जो आगे चलकर पेंशन के लिए जरूरी है) और रिटायरमेंट तक एक बहुत बड़ा फंड तैयार हो जाता है। बार-बार पीएफ का पैसा निकालने से आपका भविष्य असुरक्षित होता है और यदि सेवा अवधि 5 साल से कम है तो निकाली गई रकम पर भारी टैक्स भी देना पड़ सकता है।एमरॉन्सी में काम आएगी 'आंशिक निकासी' (PF Advance) की सुविधाभले ही नौकरी के दौरान आपको 100% रकम निकालने की इजाजत न हो, लेकिन ईपीएफओ अपने सदस्यों को जीवन की कुछ महत्वपूर्ण और आपातकालीन जरूरतों के लिए आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) यानी पीएफ एडवांस की बेहतरीन सुविधा देता है। आप नीचे दिए गए कार्यों के लिए अपने पीएफ खाते से एक निश्चित सीमा तक पैसा निकाल सकते हैं:स्वयं या बच्चों की उच्च शिक्षा (Higher Education) और शादी के लिए।नया घर खरीदने, प्लॉट लेने या मकान बनवाने के लिए।होम लोन (Home Loan) की बची हुई ईएमआई को चुकाने के लिए।परिवार में किसी गंभीर बीमारी के इलाज (Medical Emergency) के लिए।ध्यान रहे कि हर एक जरूरत के लिए पीएफ से पैसे निकालने की पात्रता, नौकरी की न्यूनतम समय सीमा और निकासी की अधिकतम लिमिट अलग-अलग तय की गई है।फाइनल सेटलमेंट से पहले जरूर करें सोच-विचारफाइनेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईपीएफ को महज एक सेविंग अकाउंट की तरह नहीं देखना चाहिए, बल्कि यह आपके बुढ़ापे की लाठी है। इसमें आपके और कंपनी के योगदान के साथ-साथ सालाना मिलने वाला सरकारी ब्याज आपके फंड को तेजी से बढ़ाता है। इसलिए जब तक कोई बेहद गंभीर संकट न हो, पीएफ के पूरे पैसे को निकालने के बजाय उसे खाते में ही बरकरार रहने दें, ताकि रिटायरमेंट के बाद आपकी आर्थिक आजादी और सुरक्षा पूरी मजबूती के साथ बनी रहे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 4:32 pm

ITR Filing 2026: असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ऑफलाइन एक्सेल यूटिलिटी जारी, 31 जुलाई से पहले निपटा लें काम; जानिए ITR-1 के बड़े बदलाव

नई दिल्ली/बिजनेस डेस्क: देश के करोड़ों टैक्सपेयर्स के लिए एक बेहद जरूरी और बड़ी खबर है। वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए आयकर रिटर्न (Income Tax Return - ITR) दाखिल करने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आयकर विभाग ने टैक्सपेयर्स की सुविधा के लिए ITR-1 (सहज), ITR-2, ITR-3 और ITR-4 (सुगम) फॉर्म की एक्सेल यूटिलिटी (Excel Utility) लाइव कर दी है। इसके साथ ही ITR-1 से लेकर ITR-5 तक के सभी जरूरी फॉर्म भी अधिसूचित (Notified) कर दिए गए हैं। इस ऑफलाइन एक्सेल यूटिलिटी की मदद से टैक्सपेयर्स बिना इंटरनेट के भी अपना रिटर्न आराम से तैयार कर सकते हैं और बाद में उसे ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर आसानी से अपलोड कर सकते हैं। ध्यान रहे, आम करदाताओं (Individual Taxpayers) के लिए बिना किसी लेट फीस के ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई है।इस बार ITR-1 (सहज) फॉर्म में क्या हुए हैं बड़े बदलाव?आयकर विभाग ने इस साल ITR-1 फॉर्म के ढांचे में कुछ महत्वपूर्ण और टैक्सपेयर्स-फ्रेंडली बदलाव किए हैं, जिन्हें फॉर्म भरने से पहले जान लेना बेहद जरूरी है:दो सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी की छूट: अब योग्य टैक्सपेयर्स अपने मालिकाना हक वाली दो सेल्फ-ऑक्यूपाइड (खुद के रहने वाली) हाउस प्रॉपर्टी की पूरी जानकारी ITR-1 फॉर्म में ही दे सकते हैं।अनरियलाइज्ड रेंट (Unrealized Rent) का नया कॉलम: अगर आपकी प्रॉपर्टी से ऐसा कोई किराया था जो कानूनी तौर पर आपको मिलना तय था लेकिन किसी वजह से नहीं मिल पाया, तो उस 'अनरियलाइज्ड रेंट' की जानकारी देने के लिए फॉर्म में एक नया और विशेष कॉलम जोड़ दिया गया है।विदेशी रिटायरमेंट बेनिफिट्स से राहत: फॉर्म से विदेशी रिटायरमेंट बेनिफिट्स (Foreign Retirement Benefits) की अनिवार्य रिपोर्टिंग के नियम को अब पूरी तरह हटा दिया गया है।ध्यान दें: कौन से लोग नहीं भर सकते ITR-1 फॉर्म?नियमों के मुताबिक, सहज (ITR-1) फॉर्म केवल उन लोगों के लिए है जिनकी आय सैलरी, एक हाउस प्रॉपर्टी और अन्य स्रोतों (जैसे बैंक ब्याज) से कुल मिलाकर 50 लाख रुपये तक है। अगर आपकी आय के स्रोत नीचे दिए गए कैटेगरी में आते हैं, तो आप ITR-1 का उपयोग नहीं कर सकते:यदि आपकी आय किसी बिजनेस (व्यापार) या प्रोफेशन (जैसे डॉक्टर, वकील आदि) से होती है।यदि आपको शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड से शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) हुआ हो।यदि आपको वित्त वर्ष में 1.25 लाख रुपये से अधिक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) हुआ हो।यदि आपको एक से अधिक किराए पर उठी हुई (Let-out) प्रॉपर्टी से रेंटल इनकम हो रही हो।रिटर्न फाइल करने की तैयारी: इन 5 डॉक्यूमेंट्स को जरूर रखें पासआयकर विभाग ने सख्त हिदायत दी है कि रिटर्न दाखिल करने की जल्दबाजी में कोई भी गलत जानकारी न भरें। लॉग इन करने से पहले अपने पास ये दस्तावेज और जानकारियां पूरी तरह तैयार रखें:Form-16 और वित्तीय विवरण: अपनी कंपनी से मिला फॉर्म-16, बैंक स्टेटमेंट और ब्याज प्रमाणपत्र (Interest Certificate)।AIS और Form-26AS का मिलान: अपने ई-फाइलिंग अकाउंट से एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और फॉर्म-26AS डाउनलोड करके अपनी कुल कटी हुई टैक्स (TDS) राशि का मिलान कर लें।प्री-फिल्ड डेटा की री-चेकिंग: पोर्टल पर पहले से दर्ज (Pre-filled) जानकारियां जैसे आपका पैन (PAN), वर्तमान पता, एक्टिव मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और रिफंड पाने के लिए बैंक अकाउंट डिटेल्स को अच्छी तरह री-वेरिफाई कर लें। गलत फॉर्म चुनने या गलत डेटा भरने पर आपका रिटर्न 'डिफेक्टिव' (Defective Return) घोषित हो सकता है।सावधान! बिना ई-वेरिफिकेशन के रद्दी माना जाएगा आपका ITRकई टैक्सपेयर्स रिटर्न अपलोड करने के बाद रिलैक्स हो जाते हैं, जो कि एक बड़ी भूल है। ITR दाखिल करने के बाद उसका ई-वेरिफिकेशन (e-Verification) करना कानूनी रूप से अनिवार्य है। जब तक आप अपने रिटर्न को वेरिफाई नहीं करते, तब तक आयकर विभाग उसे मान्य नहीं मानता है।अगर आप किसी तकनीकी कारण से ऑनलाइन (आधार ओटीपी या नेट बैंकिंग के जरिए) वेरिफिकेशन नहीं कर पा रहे हैं, तो आपको अपने ITR-V की हस्ताक्षरित (सिग्नेचर की हुई) फिजिकल कॉपी रिटर्न दाखिल करने के 30 दिनों के भीतर सीपीसी (CPC) बेंगलुरु डाक द्वारा भेजनी होगी।छूटे हुए रिटर्न के लिए ITR-U की सुविधा और लेट फीस का गणितयदि किसी कारणवश आपने पिछले चार असेसमेंट वर्षों का अपना कोई टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया है, तो विभाग आपको 'अद्यतन रिटर्न' यानी ITR-U (Updated ITR) के जरिए उसे सुधारने या दोबारा भरने का एक मौका देता है।लेकिन याद रहे, अगर आप इस साल के लिए तय समय सीमा यानी 31 जुलाई 2026 के बाद अपना रिटर्न दाखिल करते हैं, तो आपको 5,000 रुपये तक की भारी लेट फीस (Late Fee under Section 234F) देनी पड़ सकती है, और यदि कोई टैक्स बकाया है, तो उस पर भारी ब्याज भी भुगतना होगा। इसलिए अंतिम दिनों की वेबसाइट क्रैश और हड़बड़ी से बचने के लिए समय रहते अपने सभी दस्तावेजों की जांच कर सही फॉर्म के साथ अपना ITR फाइल कर दें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 4:27 pm

Lock Upp: नेटफ्लिक्स पर शुरू हुआ 'कैदियों' का तहलका; पहले ही दिन 52 साल के राम कपूर से भिड़ीं श्रेया कालरा, मिला करारा जवाब

मुंबई/मनोरंजन डेस्क: ओटीटी (OTT) की दुनिया में एक बार फिर से 'जेल के कैदियों' का हाई-वोल्टेज ड्रामा और तहलका शुरू हो चुका है। नेटफ्लिक्स का सबसे मच-अवेटेड और चर्चित रियलिटी शो ‘लॉक अप’ (Lock Upp) आज यानी 27 जून 2026 से आधिकारिक तौर पर स्ट्रीम होना शुरू हो गया है। लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि अभी शो का पहला एपिसोड पूरी तरह से दर्शकों के सामने आया भी नहीं है और इसके कंटेस्टेंट्स ने इंटरनेट पर गदर मचाना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर शो का एक वीडियो आग की तरह वायरल हो रहा है, जिसमें पहले ही दिन कंटेस्टेंट्स के बीच तीखी जुबानी जंग देखने को मिल रही है।आप 52 साल के हैं और अब तक सीख ही रहे हैं? श्रेया ने राम कपूर पर साधा निशानानेटफ्लिक्स द्वारा जारी किए गए ‘लॉकअप’ के इस लेटेस्ट प्रोमो ने दर्शकों के उत्साह को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। शो के प्रीमियर से ठीक पहले सामने आए इस वीडियो में रियलिटी शो स्टार और मशहूर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रेया कालरा सीधे टीवी और बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर राम कपूर से पंगा लेती नजर आ रही हैं। वीडियो में श्रेया, अभिनेता राम कपूर को उनकी बातों के बीच में ही टोकते हुए उनकी जिम्मेदारी और उम्र को लेकर उन पर सीधा निशाना साधती हैं। श्रेया ने बेहद आक्रामक अंदाज में कहा:आपके पास इतना बड़ा प्लेटफॉर्म है, इतने सारे लोग आपको देख रहे हैं राम कपूर। आपको इस बात की जिम्मेदारी लेनी होगी। आप 52 साल के हैं और अभी भी सिर्फ सीख ही रहे हैं? ये मेरे लिए सच में बहुत बड़ा शॉक है!राम कपूर ने मुस्कुराते हुए बंद की बोलती: बोले- 'मैं मरते दम तक बच्चा ही रहना चाहता हूं'श्रेया कालरा के इस तीखे और सीधे वार पर दिग्गज अभिनेता राम कपूर भी चुप नहीं रहे। उन्होंने बिना आपा खोए, बड़े ही कूल और बेबाक अंदाज में श्रेया को ऐसा जवाब दिया जिसने उनकी बोलती बंद कर दी। चेहरे पर अपनी सिग्नेचर मुस्कान लाते हुए राम कपूर ने कहा:मैं उम्मीद करता हूं कि मैं जिंदगी भर सीखता रहूं। मैं चाहता हूं कि जब तक मेरी मौत न हो, तब तक मैं कुछ न कुछ नया सीखता रहूं। मैं मरते दम तक एक बच्चा ही बने रहना चाहता हूं। सो सॉरी मैम, आपकी अपनी सोच है और मेरी अपनी। मैं अपनी जिम्मेदारी बहुत पहले ही ले चुका हूं, और मैंने फ्रंट पेज पर खड़े होकर खुद को ‘गिल्टी’ (दोषी) भी स्वीकार किया है।राम कपूर का यह बेबाक और मैच्योर रवैया सोशल मीडिया पर नेटिज़न्स को बेहद पसंद आ रहा है। फैंस उनके इस 'लर्निंग एटीट्यूड' की जमकर तारीफ कर रहे हैं और श्रेया कालरा को बेवजह का मुद्दा बनाने के लिए ट्रोल भी कर रहे हैं।फराह खान और रितेश देशमुख की 'जेल' में होगी अग्निपरीक्षाइस बार नेटफ्लिक्स के ‘लॉकअप’ का नजारा पहले से कहीं ज्यादा दिलचस्प, खतरनाक और ग्लैमरस होने वाला है। इस सीजन में बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर डायरेक्टर-कोरियोग्राफर फराह खान और अपनी बेहतरीन कॉमिक व सीरियस टाइमिंग के लिए मशहूर एक्टर रितेश देशमुख बतौर होस्ट नजर आ रहे हैं। शो की इस अनोखी जेल में इतने अलग, बेबाक और अतरंगी कंटेस्टेंट्स को बंद किया गया है कि पहले ही दिन से माहौल पूरी तरह से गर्म हो चुका है। अब देखना यह बेहद दिलचस्प होगा कि फराह और रितेश इस जेल के कैदियों और उनके ईगो को कैसे संभालते हैं और आने वाले दिनों में यह शो विवादों के क्या नए रिकॉर्ड बनाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 4:12 pm

समांथा रुथ प्रभु की प्रेग्नेंसी का हुआ खुलासा; मॉर्निंग सिकनेस के बावजूद साड़ी पहनकर किया धमाकेदार एक्शन और डांस

हैदराबाद/मनोरंजन डेस्क: साउथ सिनेमा की लेडी सुपरस्टार समांथा रुथ प्रभु (Samantha Ruth Prabhu) इन दिनों अपनी जिंदगी के सबसे खूबसूरत और यादगार फेज में हैं। 39 साल की बेहद लोकप्रिय एक्ट्रेस जल्द ही मां बनने वाली हैं। इस खुशखबरी की पुष्टि खुद उनकी आगामी फिल्म ‘मां इंति बंगारम’ (Maa Inti Bangaram) की डायरेक्टर नंदिनी रेड्डी ने की है। समांथा इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर अपनी इस नई फिल्म की सफलता का स्वाद तो चख ही रही हैं, साथ ही अपनी प्रेग्नेंसी को भी खूब एन्जॉय कर रही हैं। हाल ही में सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म को दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है और पिक्चर अपना बजट निकालकर मुनाफे की राह पर बढ़ चुकी है। फिल्म की डायरेक्टर ने खुलासा किया कि इस एक्शन-ड्रामा फिल्म के कई हिस्सों और गानों की शूटिंग के दौरान समांथा प्रेग्नेंट थीं और गंभीर 'मॉर्निंग सिकनेस' से जूझ रही थीं, लेकिन उन्होंने काम से कोई समझौता नहीं किया।जब एनर्जेटिक गाने की शूटिंग के दौरान डायरेक्टर को पता चली सच्चाईनंदिनी रेड्डी की फिल्म ‘मां इंति बंगारम’ में समांथा रुथ प्रभु साड़ी पहनकर रोंगटे खड़े कर देने वाले एक्शन सीन्स करती नजर आ रही हैं। स्क्रीन पर ये सीन जितने सहज दिखते हैं, असल में उन्हें शूट करना उतना ही चुनौतीपूर्ण था। 'आई ड्रीम मीडिया' (iDream Media) के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल को दिए एक इंटरव्यू में डायरेक्टर नंदिनी ने समांथा की प्रेग्नेंसी के उस पल को याद किया जब उन्हें पहली बार इस बात का पता चला था। नंदिनी ने बताया:मुझे समांथा की प्रेग्नेंसी के बारे में तब पता चला, जब हम फिल्म के एक बेहद हाई-एनर्जी गाने की शूटिंग कर रहे थे। यह हमारी फिल्म के आखिरी शेड्यूल का समय था। शूटिंग की शुरुआत में मुझे क्रू ने बताया कि सुबह से समांथा की तबीयत कुछ ठीक नहीं है। हमें लगा कि शायद मौसम की वजह से उन्हें हल्का बुखार होगा। लेकिन असल में उस जबरदस्त डांस गाने की शूटिंग के बीच समांथा को बार-बार मॉर्निंग सिकनेस (उल्टी और जी मिचलाना) हो रही थी।'Thassadiya' वेडिंग सॉन्ग की शूटिंग और समांथा का जज्बानंदिनी रेड्डी ने आगे बताया, अगले दिन जब मैंने समांथा से उनके स्वास्थ्य और बुखार के बारे में पूछा, तो पहले तो वो थोड़ी देर शांत रहीं। फिर एक मिनट बाद मुस्कुराते हुए उन्होंने मुझसे कहा कि 'नंदिनी, दरअसल मैं प्रेग्नेंट हूं और यह बुखार नहीं, बल्कि मॉर्निंग सिकनेस है।' यह उनकी प्रेग्नेंसी का बिल्कुल शुरुआती दौर (First Trimester) था। यह जानने के बाद हमने सेट पर उनके आराम और सेहत का खास ख्याल रखा। राहत की बात यह थी कि फिल्म के भारी-भरकम एक्शन वाले हिस्से हम पहले ही शूट कर चुके थे।आपको बता दें कि समांथा ने जिस हालत में इस गाने की शूटिंग पूरी की, वह आज सोशल मीडिया पर तबाही मचा रहा है। फिल्म के इस वेडिंग सॉन्ग का नाम 'थसाड़िया' (Thassadiya) है, जिसे यूट्यूब पर अब तक 31 मिलियन (3.1 करोड़) से ज्यादा लोग देख चुके हैं। इस सुपरहिट गाने को मशहूर म्यूजिक कंपोजर संतोष नारायणन ने तैयार किया है, जबकि इसे चिन्मयी श्रीपदा और पुण्य सेल्वा ने अपनी खूबसूरत आवाज दी है। दिग्गज अभिनेता प्रकाश राज की पत्नी और मशहूर कोरियोग्राफर पोनी वर्मा ने इस गाने को कोरियोग्राफ किया है, जिसमें प्रेग्नेंट होने के बावजूद समांथा ने अपनी पूरी एनर्जी के साथ कमाल का डांस स्टेप्स करके फैंस को अपना दीवाना बना दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 4:11 pm

रणबीर कपूर संग दोबारा काम करने की खबरों पर राजकुमार हिरानी का बड़ा खुलासा; बताया क्या है सच

मुंबई/मनोरंजन डेस्क: बॉलीवुड के दिग्गज और सुपरहिट फिल्मों के डायरेक्टर राजकुमार हिरानी इन दिनों अपनी पहली वेब सीरीज ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ को लेकर काफी चर्चा में हैं। इस कॉमेडी-ड्रामा सीरीज के जरिए वे ओटीटी की दुनिया में अपना बड़ा डेब्यू करने जा रहे हैं, जो जल्द ही डिज्नी+ हॉटस्टार पर स्ट्रीम होगी और इसमें अरशद वारसी मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। अपनी इस सीरीज के प्रमोशन के बीच फिल्ममेकर ने उन तमाम कयासों और खबरों पर पूरी तरह विराम लगा दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि वे सुपरस्टार रणबीर कपूर के साथ एक बार फिर से हाथ मिलाने जा रहे हैं। राजकुमार हिरानी ने इन खबरों को कोरी अफवाह बताते हुए साफ किया कि फिलहाल उनका ऐसा कोई प्लान नहीं है।एक एथलीट की बायोपिक की खबरों को हिरानी ने किया खारिजपिछले काफी समय से मीडिया गलियारों और सोशल मीडिया पर यह चर्चा जोरों पर थी कि राजकुमार हिरानी और रणबीर कपूर एक स्पोर्ट्स-बायोपिक के लिए साथ आ रहे हैं, जो एक मशहूर एथलीट की जिंदगी पर आधारित होगी। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में तो यहां तक दावा कर दिया गया था कि स्क्रिप्ट अधूरी होने और दोनों के बिजी शेड्यूल के कारण इस प्रोजेक्ट को साल 2027 तक के लिए टाल दिया गया है। लेकिन अब खुद डायरेक्टर ने सामने आकर इन सभी दावों की हवा निकाल दी है।'अखबार पढ़कर पता चलता है कि मैं कौन सी फिल्म बना रहा हूं'एक हालिया इंटरव्यू में जब राजकुमार हिरानी से रणबीर कपूर के साथ आगामी प्रोजेक्ट को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने हंसते हुए कहा:नहीं, यह बिल्कुल सच नहीं है। मैं अभी रणबीर के साथ किसी भी फिल्म पर काम नहीं कर रहा हूं। हालांकि, रणबीर एक बेहतरीन अभिनेता हैं और भविष्य में उनके साथ दोबारा काम करना मुझे बेहद पसंद बशर्ते कोई सही कहानी मिले। कई बार तो मैं खुद सुबह अखबारों और इंटरनेट पर पढ़ता हूं कि मैं कौन-सी नई फिल्म बनाने जा रहा हूं और हैरान होकर सोचता हूं कि आखिर ये खबरें आती कहां से हैं।'संजू' के 8 साल: बॉक्स ऑफिस पर मचाया था भयंकर गदरआपको बता दें कि राजकुमार हिरानी और रणबीर कपूर की जोड़ी ने अब तक सिनेमा के पर्दे पर सिर्फ एक ही बार साथ काम किया है और वह फिल्म थी साल 2018 में आई ब्लॉकबस्टर बायोपिक 'संजू'। 29 जून 2018 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म को राजकुमार हिरानी ने निर्देशित किया था, जिसमें रणबीर कपूर ने बॉलीवुड के 'खलनायक' यानी संजय दत्त का किरदार इस शिद्दत से निभाया था कि लोग दंग रह गए थे।बॉक्स ऑफिस ट्रैकर सैकनिल्क (Sacnilk) के आंकड़ों के मुताबिक, महज 100 करोड़ रुपये के बजट में बनी 'संजू' ने दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर 588 करोड़ रुपये से ज्यादा का ऐतिहासिक कलेक्शन किया था। इस फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों दोनों का भरपूर प्यार मिला था और इसे IMDb पर 7.6 की शानदार रेटिंग हासिल है। अगर आप इस ब्लॉकबस्टर फिल्म को देखना चाहते हैं, तो यह नेटफ्लिक्स पर ऑनलाइन स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है। फिलहाल रणबीर कपूर अपनी आगामी मेगा-बजट फिल्म 'रामायण' की तैयारियों में व्यस्त हैं, वहीं फैंस को उम्मीद है कि भविष्य में यह सुपरहिट डायरेक्टर-एक्टर की जोड़ी एक बार फिर कोई बड़ा धमाका करेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 4:09 pm

बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में बड़ी लापरवाही: फोन पर बात कर रही नर्स ने मरीज को लगाया बेहोशी का गलत इंजेक्शन, 11 दिन बाद दर्दनाक मौत

सागर/भोपाल: मध्य प्रदेश के सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल की कथित घोर लापरवाही के कारण एक मरीज की जान चली गई है। परिजनों का गंभीर आरोप है कि वार्ड में ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन और ब्लूटूथ इयरफोन पर बात करने में मशगूल एक नर्स ने टोकने के बावजूद मरीज को गलत और अत्यधिक खतरनाक इंजेक्शन लगा दिया। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद जहां एक तरफ पीड़ित परिवार में कोहराम मचा है, वहीं पूरे अस्पताल प्रशासन और प्रदेश के स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।छोटी सी गांठ की जांच कराने आए थे देवेंद्र, लापरवाही ने छीन ली जिंदगीमृतक की पहचान सागर निवासी देवेंद्र पाठक के रूप में हुई है। देवेंद्र को बीती 12 जून को गले में एक छोटी सी गांठ की जांच और बायोप्सी (Biopsy) प्रक्रिया के लिए बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के ईएनटी (ENT) विभाग में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उनके अगले दिन होने वाले ऑपरेशन और जांच की तैयारी के तहत अस्पताल के मेडिकल स्टोर से 'एट्राक्यूरियम बेसीलेट' ($Atracurium Besylate$) नाम का एक विशेष इंजेक्शन मंगवाकर रखने को कहा था। डॉक्टरों की योजना इस दवा को ऑपरेशन थिएटर (OT) के भीतर इस्तेमाल करने की थी।ब्लूटूथ कान में लगा था, मना करने पर भी नर्स ने दे दी 'हाई-रिस्क' दवादेवेंद्र पाठक की पत्नी रीता पाठक ने पुलिस में दर्ज कराई अपनी शिकायत में बेहद चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक, ड्यूटी पर तैनात नर्स शिखा पटले के कानों में ब्लूटूथ इयरफोन लगे हुए थे और वह पूरी तरह फोन पर किसी से बातचीत करने में व्यस्त थी। इसी दौरान वह देवेंद्र को इंजेक्शन लगाने के लिए आगे बढ़ी। परिजनों ने जब देखा कि नर्स का ध्यान फोन पर है, तो उन्होंने उसे रोका और बात बंद करने को कहा, लेकिन नर्स ने उनकी बात को पूरी तरह अनसुना कर दिया। फोन पर बात करते-करते ही नर्स ने वह 'एट्राक्यूरियम बेसीलेट' इंजेक्शन देवेंद्र को वार्ड में ही लगा दिया, जिसे अगले दिन एनेस्थीसिया (बेहोशी) के समय दिया जाना था।वेंटिलेटर पर 11 दिनों तक जिंदगी की जंग, आखिरकार थमी सांसेंचिकित्सा विज्ञान में 'एट्राक्यूरियम बेसीलेट' को एक 'हाई-अलर्ट' और बेहद संवेदनशील दवा माना जाता है। इसका मुख्य काम ऑपरेशन के दौरान मरीज की मांसपेशियों को पूरी तरह शिथिल (पैरालाइज) करना होता है। इसे केवल एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की सीधी निगरानी और वेंटिलेटर सपोर्ट की मौजूदगी में ही दिया जाता है।बिना डॉक्टर की लिखित अनुमति और बिना किसी डबल-चेकिंग के जैसे ही यह दवा देवेंद्र के शरीर में गई, महज कुछ ही सेकंड में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें सांस लेने में भयंकर तकलीफ होने लगी और वे तड़पने लगे। डॉक्टरों को जब इसकी भनक लगी तो आनन-फानन में उन्हें बचाने का प्रयास शुरू हुआ। डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक लगातार सीपीआर (CPR) दिया, लेकिन हालत में सुधार न होते देख उन्हें तुरंत वेंटिलेटर सपोर्ट पर ले जाया गया। देवेंद्र करीब 11 दिनों तक वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत के बीच झूलते रहे, लेकिन आखिरकार 23 जून की सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया।आरोपी नर्स निलंबित, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सिस्टम पर उठाए 5 बड़े सवालमामला तूल पकड़ते ही अस्पताल प्रबंधन ने शुरुआती आंतरिक जांच के बाद आरोपी नर्स शिखा पटले को तुरंत प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है। मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने भी इस घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए उच्च अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।हालांकि, इस घटना ने अस्पताल की पूरी सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इसे सिर्फ एक नर्स की व्यक्तिगत गलती कहकर दबाया नहीं जा सकता। इसके पीछे पूरे मेडिकल कॉलेज के सिस्टम की नाकामी साफ दिखती है, जो कई गंभीर सवाल खड़े करती है:इतनी संवेदनशील और हाई-अलर्ट श्रेणी की दवा बिना डॉक्टर या फार्मासिस्ट की मंजूरी के जनरल वार्ड तक कैसे पहुंच गई?अस्पताल के भीतर 'हाई-रिस्क' दवाओं के रख-रखाव और इस्तेमाल के लिए तय अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन क्यों नहीं किया गया?क्या वार्ड में मरीजों को दवा देने से पहले उसकी 'डबल-चेक' (दो बार मिलान करने) की कोई व्यवस्था लागू नहीं थी?अगर दवा के नाम या इस्तेमाल को लेकर नर्स के मन में कोई संदेह था, तो उसने ऑन-ड्यूटी डॉक्टर से इसकी पुष्टि क्यों नहीं की?फिलहाल, सागर पुलिस और मेडिकल कॉलेज प्रशासन दोनों ही अपने-अपने स्तर पर इस पूरे मामले की गहराई से तफ्तीश कर रहे हैं। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम की फाइनल रिपोर्ट और मेडिकल बोर्ड की जांच के आधार पर आरोपी नर्स व प्रबंधन के अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 4:07 pm

शाह का मास्टरस्ट्रोक: गांधीनगर से 'भारत टैक्सी' लॉन्च, निजी कंपनियों के शोषण से बचेंगे 7 लाख ड्राइवर

गांधीनगर/बिजनेस डेस्क: देश के सहकारिता आंदोलन को एक नई ऊंचाई देते हुए केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को गुजरात के गांधीनगर में देश की पहली सहकारी मॉडल पर आधारित अनूठी टैक्सी सेवा ‘भारत टैक्सी’ (Bharat Taxi) को औपचारिक रूप से लॉन्च कर दिया। इस क्रांतिकारी पहल की शुरुआत करते हुए उन्होंने साफ कहा कि सरकार के इस कदम का सीधा मकसद निजी कैब कंपनियों के हाथों ड्राइवरों और ग्राहकों दोनों को शोषण से बचाना है। यह मॉडल ड्राइवरों को सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि उन्हें समाज में सम्मान और अपने काम का असली मालिकाना हक दिलाएगा।ड्राइवर नहीं 'सारथी' हैं मालिक, 7 लाख पार्टनर्स बने शेयरहोल्डर्सकेंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ‘भारत टैक्सी’ को लॉन्च करने के पीछे मुख्य विजन यही है कि सेवा देने वाले ‘सारथी’ (ड्राइवर) और सेवा लेने वाले ग्राहक, दोनों में से किसी का भी नुकसान न हो। उन्होंने निजी कंपनियों पर निशाना साधते हुए कहा:अब हमारे भाइयों को किसी प्राइवेट ऐप पर रजिस्ट्रेशन कराकर उनके रहमो-करम पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। यह सहकारी ढांचा सीधे ड्राइवरों को कंपनी का मालिकाना हक सौंपता है। मुझे गर्व है कि ‘भारत टैक्सी’ से जुड़े करीब 7 लाख पार्टनर ही इसके असली मालिक और शेयरधारक (Shareholders) हैं। यह मालिकाना हक सिर्फ एक आर्थिक हिस्सेदारी नहीं है, बल्कि यह हमारे सारथियों के लिए सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि की फुल गारंटी है।गुजरात के सभी प्रमुख शहरों में सेवा शुरू, ऑटो से लेकर फोर-व्हीलर तक के विकल्पअमित शाह ने बताया कि देश के कई हिस्सों में इस सेवा का बेहद सफल ट्रायल किया जा चुका है और अब गुजरात में इसकी कमर्शियल और औपचारिक शुरुआत कर दी गई है। आज से ही गुजरात राज्य के सभी प्रमुख शहरों में ‘भारत टैक्सी’ की गाड़ियां सड़कों पर दौड़ने लगेंगी। इस नई सहकारी टैक्सी सेवा के तहत आम जनता को टू-व्हीलर टैक्सी (बाइक राइड), ऑटो-रिक्शा और फोर-व्हीलर कैब (एसयूवी/सेडान) जैसे सभी बड़े विकल्प एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेंगे।मौजूदा ऐप-आधारित बड़ी टैक्सी कंपनियों की मनमानी पर बोलते हुए सहकारिता मंत्री ने आरोप लगाया कि वे कंपनियों के नाम पर ड्राइवरों से भारी कमीशन वसूलती हैं, उनकी मेहनत की कमाई के भुगतान में बेवजह देरी करती हैं और बिना किसी ठोस कारण के अचानक ड्राइवरों के अकाउंट ब्लॉक कर देती हैं। ऐसी स्थिति में ‘भारत टैक्सी’ यात्रियों और ड्राइवरों दोनों के लिए एक पारदर्शी और मजबूत राष्ट्रीय विकल्प बनकर उभरेगी।अमूल की तर्ज पर ट्रांसपोर्ट सेक्टर में क्रांति, एयरपोर्ट से लेकर मेट्रो तक हुए MoUअमित शाह ने गुजरात के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए डेयरी सेक्टर में 'अमूल कोऑपरेटिव' (Amul) की वैश्विक सफलता का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह अमूल ने पशुपालकों की तकदीर बदली, उसी तरह भारत टैक्सी देश के ट्रांसपोर्ट सेक्टर की सूरत बदलने जा रही है।इस सेवा को बिना किसी रुकावट के पूरी ताकत से जमीन पर उतारने के लिए सरकार ने पहले ही दिन कई बड़े संगठनों के साथ समझौते (MoU) साइन किए हैं। इसके तहत गुजरात मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (GMRC), अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC), गुजरात स्टेट कोऑपरेटिव बैंक, राज्य ट्रैफिक पुलिस समेत प्रमुख एयरपोर्ट्स और रेलवे अथॉरिटी के साथ रणनीतिक भागीदारी की गई है, ताकि यात्रियों को बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डों से सीधे और सुरक्षित कनेक्टिविटी मिल सके।ड्राइवरों की बढ़ेगी बचत और यात्रियों को मिलेगा सबसे सस्ता सफरइस सहकारी पहल से ड्राइवरों की शुद्ध आय में बड़ा इजाफा होगा क्योंकि उन्हें किसी निजी कंपनी को भारी-भरकम कमीशन नहीं देना होगा। इसके साथ ही सरकार उन्हें बेहतर सामाजिक सुरक्षा और बीमा जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगी। दूसरी तरफ, यात्रियों को भी बिना किसी हिडन चार्ज (छिपे हुए शुल्क) या पीक-आवर सर्च प्राइसिंग के पूरी तरह से पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद ट्रांसपोर्ट सर्विस मिलेगी। ‘भारत टैक्सी’ को देश के सहकारिता-आधारित ट्रांसपोर्ट सिस्टम में एक गेम-चेंजर प्रयोग के तौर पर देखा जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 4:05 pm

तिरुपति मंदिर में चढ़ावा प्रबंधन होगा हाईटेक, ICAI तैयार करेगा पारदर्शी और सुरक्षित सिस्टम

आईसीएआई के अध्यक्ष सीए प्रसन्ना कुमार डी. ने इस परियोजना की पुष्टि करते हुए बताया कि विशेषज्ञों की एक टीम पहले लगभग 100 दिनों तक मंदिर की वर्तमान व्यवस्था का विस्तृत अध्ययन करेगी।

देशबन्धु 27 Jun 2026 3:46 pm

DU UG Admission 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएशन दाखिले की रेस शुरू, सिर्फ CUET स्कोर नहीं; 12वीं के सब्जेक्ट भी तय करेंगे आपकी सीट

नई दिल्ली/शिक्षा डेस्क: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अंडरग्रेजुएट (UG) कोर्सों में एडमिशन की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी है। इस बार भी दाखिला पूरी तरह से CUET UG 2026 के स्कोर के आधार पर ही होगा, लेकिन छात्रों को यह ध्यान रखना होगा कि सिर्फ अच्छे नंबर लाना ही काफी नहीं है। डीयू के कड़े नियमों के मुताबिक, उम्मीदवार जिस विषय में ग्रेजुएशन करना चाहता है, वह विषय उसने 12वीं कक्षा में पढ़ा और पास किया होना अनिवार्य है। दिल्ली यूनिवर्सिटी की यह पूरी दाखिला प्रक्रिया 'समान सीट आवंटन प्रणाली' यानी CSAS पोर्टल के जरिए तीन अलग-अलग चरणों में ऑनलाइन पूरी की जाएगी।तीन चरणों में समझें दिल्ली यूनिवर्सिटी का पूरा एडमिशन प्रोसेसदिल्ली विश्वविद्यालय में सीट पाने के लिए छात्रों को तीन अनिवार्य चरणों से गुजरना होगा, जो इस प्रकार हैं:पहला चरण (रजिस्ट्रेशन): सबसे पहले छात्रों को डीयू के आधिकारिक CSAS पोर्टल पर जाकर अपना बेसिक रजिस्ट्रेशन करना होगा।दूसरा चरण (प्रेफरेंस फिलिंग): इस चरण में उम्मीदवारों को अपनी पसंद के कॉलेजों और कोर्सों की प्राथमिकता सूची (Preference List) ऑनलाइन भरनी होगी।तीसरा चरण (सीट अलॉटमेंट): अंत में, छात्र के CUET स्कोर और उसकी चुनी गई प्राथमिकताओं के आधार पर कंप्यूटर द्वारा ऑटोमैटिक सीट अलॉट की जाएगी।'सब्जेक्ट मैपिंग' है सबसे जरूरी, एक गलती से रद्द हो सकती है दावेदारीएडमिशन के दूसरे चरण में सबसे महत्वपूर्ण काम 'विषय मिलान' (Subject Mapping) का होगा। इसके तहत विश्वविद्यालय यह जांच करेगा कि छात्र ने CUET परीक्षा में जिन विषयों को चुना है, क्या वे उसके 12वीं के रिपोर्ट कार्ड से मेल खाते हैं या नहीं। इसी सब्जेक्ट मैपिंग के आधार पर सॉफ्टवेयर खुद तय करेगा कि छात्र किस-किस कोर्स के लिए योग्य (Eligible) है और उसकी फाइनल मेरिट लिस्ट कैसे तैयार होगी। नियमों में विसंगति होने पर आवेदन रिजेक्ट भी किया जा सकता है।72 हजार रेगुलर सीटें, स्पोर्ट्स और ECA कोटे से मिलेगा एक्स्ट्रा मौकादिल्ली यूनिवर्सिटी के विभिन्न कॉलेजों में करीब 72,000 नियमित (Regular) सीटें हैं। इसके अलावा, खेलकूद (Sports Quota), पाठ्येतर गतिविधियां (ECA) और अन्य सुपरन्यूमरेरी कोटे के तहत भी हजारों सीटों पर एडमिशन का मौका मिलेगा। इन सभी अतिरिक्त और आरक्षित सीटों को मिलाकर डीयू में कुल सीटों का आंकड़ा लगभग 85,000 तक पहुंच जाता है, जिससे कट-ऑफ की रेस में पिछड़े छात्रों को भी एक बड़ा बैकअप मिल जाता है।CSAS पोर्टल पर ऐसे करें पहले चरण का रजिस्ट्रेशनआवेदन करने के लिए छात्रों को CSAS पोर्टल पर जाना होगा और अपने CUET UG 2026 के एप्लिकेशन नंबर की मदद से लॉग इन करना होगा। लॉग इन करते ही छात्र का नाम, जन्मतिथि, फोटो और सिग्नेचर जैसी जरूरी जानकारियां CUET के डेटाबेस से अपने आप (Auto-fetch) ले ली जाएंगी। ध्यान रहे कि इस डेटा में बाद में कोई बदलाव या सुधार नहीं किया जा सकेगा। सभी आवश्यक विवरणों को री-चेक करने के बाद निर्धारित फीस का भुगतान करके फॉर्म सबमिट करना होगा।जनरल से लेकर रिजर्व कैटेगरी तक, जानिए कितनी है आवेदन फीसडीयू ने अलग-अलग वर्गों और विशेष कोर्सों के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क का निर्धारण इस प्रकार किया है:कैटेगरी / कोर्स का प्रकारनिर्धारित आवेदन शुल्क (रुपये में)सामान्य, ओबीसी (OBC-NCL) और ईडब्ल्यूएस (EWS)₹250एससी (SC), एसटी (ST) और PwBD वर्ग₹100विशेष कोर्स (BFA, B.Sc PE, BA Hons Music आदि)₹400 (अतिरिक्त)स्पोर्ट्स या ECA कोटा (प्रति कोटा)₹100 (अतिरिक्त)1 अगस्त से घंटी बजेगी, समय पर शुरू होगा नया कॉलेज सेशनशेड्यूल के मुताबिक, सीट अलॉट होने के बाद छात्रों को ऑनलाइन ही डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन कराना होगा और निर्धारित समय के भीतर कॉलेज की फीस जमा कर अपना एडमिशन लॉक करना होगा। दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस साल का नया एजुकेशनल सेशन 1 अगस्त 2026 से शुरू करने की पूरी तैयारी है। एक्सपर्ट्स ने छात्रों को सलाह दी है कि वे आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना समय रहते रजिस्ट्रेशन पूरा करें और अपनी कॉलेज प्रेफरेंस लिस्ट बहुत सोच-समझकर तैयार करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 3:34 pm

RD Burman birth anniversary: सुरों के वो 'जादूगर' जिन्होंने कंचे खेलने की उम्र में बनाई थी पहली धुन, एक्टिंग में भी मनवाया लोहा

मुंबई/मनोरंजन डेस्क: बॉलीवुड के इतिहास में कई ऐसे फनकार हुए हैं जिन्हें किसी एक विधा या दायरे में समेट कर नहीं रखा जा सकता। चाहे वो किशोर कुमार की हरफनमौला गायकी हो या गुलजार की मखमली कलम। लेकिन इसी सुनहरे दौर में एक ऐसा संगीतकार भी आया, जिसने न सिर्फ अपने पिता की महान विरासत को आगे बढ़ाया, बल्कि भारतीय संगीत की परिभाषा को ही हमेशा के लिए बदल दिया। हम बात कर रहे हैं संगीत की दुनिया के बेताज बादशाह आर डी बर्मन की, जिन्हें दुनिया बेहद प्यार से 'पंचम दा' कहती है। उनकी बर्थ एनिवर्सरी के खास मौके पर आइए जानते हैं कि महज 9 साल की उम्र से शुरू हुआ उनका यह संगीतमय सफर कैसे चार दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज करता रहा।सिर्फ 9 साल की उम्र में कंपोज कर दिया था पहला गानाआर डी बर्मन का जन्म दिग्गज संगीतकार एस डी बर्मन के घर हुआ था, इसलिए संगीत उनके खून में दौड़ रहा था। लेकिन पंचम दा की प्रतिभा बचपन से ही हैरान करने वाली थी। जिस उम्र में बच्चे कंचे और खिलौनों से खेलते हैं, उस उम्र में महज 9 साल के आर डी बर्मन ने एक धुन तैयार कर डाली थी। उनकी इस कमाल की धुन को बाद में फिल्म में गाने के तौर पर इस्तेमाल भी किया गया। यानी सिंगल डिजिट की उम्र में ही उन्होंने साबित कर दिया था कि वो लंबी रेस के घोड़े हैं।300 से ज्यादा फिल्मों में बिखेरा जादू, राजेश-किशोर के साथ बनाई 'अमर तिकड़ी'अगर 1970 के दशक को हिंदी सिनेमा और संगीत का स्वर्ण युग कहा जाता है, तो इसके पीछे पंचम दा का ही दिमाग था। उस दौर में सुपरस्टार राजेश खन्ना, गायक किशोर कुमार और संगीतकार आर डी बर्मन की तिकड़ी ने कामयाबी के ऐसे नए रिकॉर्ड बनाए जिनकी गूंज आज भी सुनाई देती है। पंचम दा ने अपने करियर में 331 फिल्मों में यादगार संगीत दिया। इनमें 'शोले', 'तीसरी मंजिल', 'पडोशन', 'अमर प्रेम', 'कटी पतंग', 'हरे रामा हरे कृष्णा', 'यादों की बारात', 'आंधी', 'गोलमाल', 'सत्ते पे सत्ता', 'मासूम' और उनकी आखिरी फिल्म '1942 अ लव स्टोरी' जैसे कई कल्ट नाम शामिल हैं।सिर्फ धुनें ही नहीं बनाईं, अपनी कशिश भरी आवाज से भी जीता दिलआर डी बर्मन सिर्फ बेहतरीन धुनें बनाने वाले उस्ताद नहीं थे, बल्कि उनकी अनूठी और दमदार आवाज का भी एक अलग ही दीवानापन था। उन्होंने गाने में जिस तरह की तकनीकों और 'रफ वॉइस' का इस्तेमाल किया, उसने सबको चौंका दिया। फिल्म 'अपना देश' का मशहूर गाना ‘दुनिया में लोगों को धोखा कभी हो जाता है’ हो या फिर फिल्म 'शोले' का कल्ट गाना ‘महबूबा महबूबा’, पंचम दा ने अपनी गायकी से इन गानों को हमेशा-हमेशा के लिए अमर बना दिया। इसके अलावा 'धन्नो की आंखों में' और 'तुम क्या जानों मोहब्बत क्या है' जैसे गीतों में भी उनका अनोखा अंदाज देखने को मिला।जब संगीत छोड़ महमूद के साथ 'भूत बंगला' में करने लगे एक्टिंगपंचम दा की कला सिर्फ संगीत और गायकी तक ही सीमित नहीं थी। उनके अंदर का कलाकार उन्हें कैमरे के पीछे से खींचकर कैमरे के सामने भी ले आया। करीब सात दशक पहले मशहूर कॉमेडियन महमूद ने भारत की पहली हॉरर-कॉमेडी फिल्म 'भूत बंगला' बनाई थी। इस फिल्म का निर्देशन भी खुद महमूद ने ही किया था। इस फिल्म में पंचम दा ने एक मजेदार कैमियो किया था। फिल्म में महमूद और पंचम दा की कॉमिक टाइमिंग और केमिस्ट्री इतनी शानदार थी कि दर्शकों ने थिएटर में हंसते-हंसते पेट पकड़ लिया था। बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही इस फिल्म से उन्होंने साबित कर दिया कि वो एक पैदाइशी एंटरटेनर थे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 3:31 pm

पिछले 147 साल का रिकॉर्ड टूटा, 'हीट-डोम' से दहला फ्रांस; पेरिस में पारा 44 पार, रेड अलर्ट जारी

पेरिस/इंटरनेशनल डेस्क: यूरोप का खूबसूरत देश फ्रांस इस समय एक भीषण और अप्रत्याशित 'हीट इमरजेंसी' (गर्मी के आपातकाल) का सामना कर रहा है। राजधानी पेरिस सहित पूरे देश में गर्मी ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया है, जिसने पिछले 147 वर्षों (1872-2019) का इतिहास बदल कर रख दिया है। इस हफ्ते पेरिस की सड़कों पर 40C से अधिक तापमान वाले इतने दिन दर्ज किए गए हैं, जितने पिछले डेढ़ सौ साल में कभी नहीं देखे गए। हालात इतने बदतर हैं कि पिस्सॉस में पारा 44.3C तक जा पहुंचा है, जबकि पूरे फ्रांस का राष्ट्रीय औसत तापमान 29.8C रिकॉर्ड हुआ है। मौसम विभाग ने देश के आधे से ज्यादा हिस्से में 'रेड हीट अलर्ट' जारी कर दिया है। इस जानलेवा गर्मी के कारण अब तक 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं नदियों और झीलों में राहत तलाशने के चक्कर में डूबने के मामले भी तेजी से बढ़े हैं।फ्रांस अचानक 'हीट-चैंबर' क्यों बन गया? जानिए इसके पीछे का विज्ञानफ्रांस में अचानक आई इस भयंकर तबाही के पीछे सबसे बड़ा कारण 'हीट डोम' (Heat Dome) को माना जा रहा है। मौसम विज्ञान की भाषा में कहें तो यह एक 'हाई-प्रेशर ब्लॉकिंग सिस्टम' है। जब वायुमंडल के ऊपरी स्तर पर एक बेहद मजबूत हाई प्रेशर जोन बनता है, तो वह आसमान में एक विशाल 'ढक्कन' की तरह काम करने लगता है। यह ढक्कन गर्म हवा को एक ही दायरे में कैद कर लेता है और उसे बाहर नहीं निकलने देता। यह रुकी हुई गर्म हवा नीचे की ओर दबती है और जैसे-जैसे नीचे आती है, इसका घनत्व बढ़ने से यह और ज्यादा खौलने लगती है। फ्रांस के ऊपर यह डोम पिछले कई दिनों से लगातार टिका हुआ है, जिसके कारण तापमान हर दिन नए रिकॉर्ड तोड़ रहा है।यूरोप में भारत से ज्यादा खतरनाक क्यों महसूस हो रही है यह गर्मी?आम तौर पर 40C से 44C का तापमान भारतीयों के लिए नया नहीं है, लेकिन यूरोप के लोगों के लिए यह स्थिति जानलेवा साबित हो रही है। इसके पीछे कुछ मुख्य कारण हैं:यूरोपीय घरों की खास बनावट: भारत के विपरीत, यूरोपीय देशों में घर मोटी दीवारों और तगड़े इन्सुलेशन वाले बनाए जाते हैं। यह तकनीक सर्दियों में तो घर को गर्म रखने में मदद करती है, लेकिन गर्मियों में यह अभिशाप बन जाती है क्योंकि अंदर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती। यहां भारतीय घरों की तरह क्रॉस-वेंटिलेशन (प्राकृतिक हवा का आना-जाना) भी बहुत कम होता है।AC की भारी कमी: ठंडे मौसम के आदी होने के कारण यूरोप के आम घरों और सार्वजनिक जगहों पर एयर कंडीशनिंग (AC) की व्यवस्था नहीं होती है। ऐसे में अचानक आई इस भीषण गर्मी से बचने का लोगों के पास कोई जरिया नहीं बचा है।अर्बन हीट आइलैंड इफेक्ट: पेरिस जैसे बड़े शहरों में कंक्रीट की इमारतें और डामर की सड़कें दिनभर सूरज की तपिश को सोखती हैं और रात के समय उसे वापस छोड़ती हैं, जिससे रात में भी राहत नहीं मिलती।अत्यधिक उमस (Humidity): भारी तापमान के साथ उमस बढ़ जाने के कारण शरीर का पसीना सूख नहीं पाता, जिससे बॉडी का नेचुरल कूलिंग सिस्टम फेल हो जाता है।ग्लोबल वार्मिंग का साइड इफेक्ट: अब सामान्य होती जा रही हैं 'ट्रॉपिकल नाइट्स''वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन' (WWA) के वैज्ञानिकों के एक हालिया अध्ययन ने दुनिया को चौंका दिया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि फ्रांस में आज जो स्थिति है, वैसी भीषण गर्मी साल 1976 में आना लगभग असंभव था। अगर उस दौर में ऐसी कोई हीटवेव आती भी, तो उसका तापमान आज की तुलना में करीब 3.5 डिग्री सेल्सियस कम होता। इसका सीधा मतलब है कि मानव-जनित जलवायु परिवर्तन ने इस गर्मी की मार को कई गुना बढ़ा दिया है।एक्सपर्ट्स के लिए इस समय सबसे बड़ी चिंता 'ट्रॉपिकल नाइट्स' (उष्णकटिबंधीय रातें) बन गई हैं। ये ऐसी रातें होती हैं जब सूरज डूबने के बाद भी तापमान नीचे नहीं गिरता और रातें भी बेहद गर्म बनी रहती हैं। दिन में झुलसाने वाली धूप और रात में भी भारी गर्मी के कारण मानव शरीर को खुद को ठंडा करने और आराम पाने का मौका नहीं मिल पा रहा है। यही वजह है कि लोगों में हीट स्ट्रोक, गंभीर डिहाइड्रेशन और दिल का दौरा पड़ने का खतरा खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।अल-नीनो नहीं, इंसानी गलतियां हैं जिम्मेदार; क्या है इसका परमानेंट इलाज?वैज्ञानिकों ने पूरी तरह साफ कर दिया है कि इस विनाशकारी गर्मी के लिए प्रकृति या अल-नीनो जिम्मेदार नहीं है, बल्कि इंसानों द्वारा कोयला, तेल और गैस जैसे जीवाश्म ईंधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल है। हवा में लगातार बढ़ रही ग्रीनहाउस गैसों के कारण हमारी धरती एक भट्टी बनती जा रही है। चिंताजनक बात यह है कि यूरोप महाद्वीप बाकी दुनिया के औसत की तुलना में करीब दोगुनी तेजी से गर्म हो रहा है।इस वैश्विक संकट का एकमात्र समाधान यही है कि दुनिया भर के देश जीवाश्म ईंधन पर अपनी निर्भरता को तुरंत खत्म करें। इसकी जगह सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा जैसी स्वच्छ और सस्ती तकनीकों को युद्ध स्तर पर अपनाना होगा। साथ ही, अब ऐसे शहरों और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को डिजाइन करने की जरूरत है जो कंक्रीट के जंगल न बनकर अधिक से अधिक पेड़-पौधों और हरियाली से लैस हों, ताकि भविष्य में आने वाली ऐसी घातक हीटवेव्स का सामना किया जा सके। अगर अभी सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में यह तबाही और भी ज्यादा लंबी और जानलेवा होती जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 3:26 pm

अमरनाथ यात्रा में आतंक के साथ मौसम भी चुनौती, यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगाए गए हाईटेक डॉप्लर रडार

Amarnath Yatra 2026 : इस बार की अमरनाथ यात्रा में संभावित और आशंकित आतंकी खतरे से निपटने के लिए किए जा रहे बहुचक्रिय उपायों के साथ ही मौसम के भी विलेन बनने की आशंका सता रही है जिससे निपटने को भी पूरे उपाय करने का दावा किया जाने लगा है।

वेब दुनिया 27 Jun 2026 2:25 pm

राममंदिर चोरी मामले में चंपत राय पर दर्ज हो FIR, दिग्विजय सिंह की मांग, कांग्रेस घर-घर जाकर बताएगी चोरी की पूरी घटना

अयोध्या में राम मंदिर में चोरी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने चपंत राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। शनिवार को उज्जैन में मीडिया से बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने राममंदिर की चोरी की घटना को लेकर आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद और ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 2:19 pm

रांची में बनेगा सिक्स-लेन स्मार्ट रोड, बदलेगी शहर की सूरत

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड की राजधानी रांची अब एक नए और बेहद आधुनिक अवतार में नजर आने वाली है। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को ग्लोबल स्टैंडर्ड का बनाने के लिए एक मेगा प्रोजेक्ट की शुरुआत हो चुकी ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 2:16 pm

3300 करोड़ से संवरेगा टनकपुर, बनेगा विश्वस्तरीय 'शारदा रिवरफ्रंट' और भव्य 'आरती घाट'

उत्तराखंड को एक वैश्विक आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में धामी सरकार ने एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक बड़ा एलान करते हुए बताया कि राज्य सरकार 3,300 ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 1:57 pm

परीक्षा से एक दिन महाराष्ट्र में TET का पेपर लीक, 28 जून की परीक्षा रद्द

Maharashtra TET Exam Cancelled : परीक्षा से एक दिन पहले महाराष्‍ट्र के ठाणे में शनिवार को टीईटी का पेपर लीक होने से हड़कंप मच गया। इसके बाद महाराष्‍ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने 28 जून को होने वाली परीक्षा रद्द कर दी।

वेब दुनिया 27 Jun 2026 1:54 pm

जयपुर में मुहर्रम जुलूस के दौरान ऐतिहासिक 'कुरैशियां का ताजिया' में लगी आग, फायर ब्रिगेड की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा

राजस्थान के जयपुर के बड़ी चौपड़ इलाके में मुहर्रम जुलूस के दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते टला। ऐतिहासिक 'कुरैशियां का ताजिया' के गुंबद में अचानक आग लग गई, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई।

देशबन्धु 27 Jun 2026 12:37 pm

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे अखिलेश सरकार में भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा नमूना : ओम प्रकाश राजभर

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।

देशबन्धु 27 Jun 2026 12:11 pm

दिल्ली-यूपी समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, 90 Kmph की रफ्तार से चलेगी आंधी; जानिए आपके राज्य का हाल

Weather Update 27 June : मौसम विभाग ने एक बार फिर से 27 जून को उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली समेत कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 60 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है।

वेब दुनिया 27 Jun 2026 11:58 am

कोटा में अतिक्रमण पर संग्राम! अवैध कब्जे को लेकर बीजेपी-कांग्रेस में आमने-सामने की जंग, भूमाफिया के आरोपों पर आया पलटवार

राजस्थान की कोचिंग सिटी कोटा (Kota) में अवैध कब्जों और सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण के मुद्दे ने इस समय पूरे संभाग की सियासत को पूरी तरह गर्मा दिया है। इस गंभीर प्रशासनिक और सामाजिक मसले पर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के नेता आमने-सामने आ गए हैं, जिससे शहर का सियासी तापमान अचानक बढ़ गया है। भाजपा के स्थानीय नेतृत्व ने कड़ा रुख अपनाते हुए विपक्षी दल पर सीधे और तीखे हमले किए हैं और आरोप लगाया है कि पूरी कांग्रेस पार्टी इस समय कोटा के बड़े भूमाफियाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस ने भी इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बीजेपी की घेराबंदी शुरू कर दी है और इस पूरे मामले पर अपना आधिकारिक और करारा जवाब जारी किया है।भाजपा का तीखा हमला: वोट बैंक की राजनीति के चक्कर में भूमाफियाओं को मिल रहा है राजनीतिक संरक्षणकोटा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा के जिला पदाधिकारियों और स्थानीय विधायकों ने प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान का पुरजोर समर्थन किया। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में कोटा शहर के कई मुख्य व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों के साथ-साथ कीमती सरकारी चारागाह भूमियों पर भूमाफियाओं ने अवैध रूप से कब्जे किए हैं। बीजेपी का दावा है कि जब भी प्रशासन इन अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने या कार्रवाई करने की कोशिश करता है, तो कांग्रेस के बड़े नेता अपराधियों को बचाने के लिए ढाल बनकर खड़े हो जाते हैं। भाजपा ने साफ कहा कि शहर के सुनियोजित विकास के लिए माफियाओं के खिलाफ यह कड़ा अभियान रुकने वाला नहीं है।कांग्रेस का पलटवार: गरीब जनता की आशियाने उजाड़ रही है सरकार, बदले की भावना से हो रही है कार्रवाईभाजपा के इन गंभीर आरोपों पर पलटवार करने में कांग्रेस ने भी देर नहीं की। कांग्रेस के स्थानीय वरिष्ठ नेताओं और पूर्व मंत्रियों ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि भाजपा असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए भूमाफियाओं का नाम ले रही है। कांग्रेस ने दलील दी कि विकास और अतिक्रमण हटाने के नाम पर सालों से रह रहे गरीब, रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे दुकानदारों के आशियाने उजाड़े जा रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी किसी भी तरह के बड़े अवैध कब्जे का समर्थन नहीं करती है, लेकिन बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था या उचित मुआवजे के की जा रही एकतरफा और बदले की भावना वाली प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ वे हमेशा जनता के साथ खड़े रहेंगे।कोचिंग सिटी के स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों में अनिश्चितता का माहौल, प्रशासन अलर्टनेताओं के बीच छिड़ी इस जुबानी जंग का सीधा असर कोटा के स्थानीय नागरिकों, प्रॉपर्टी डीलरों और व्यापारिक संगठनों पर भी देखने को मिल रहा है। शहर के कुछ चिन्हित इलाकों में जहां पीला पंजा (बुलडोजर) चलने की सुगबुगाहट है, वहां तनाव और अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। कोटा जिला कलेक्टर और पुलिस प्रशासन ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए किसी भी प्रकार के हिंसक विरोध या कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के शहरी विकास विश्लेषकों का भी मानना है कि बड़े शहरों में अतिक्रमण हटाते समय राजनीतिक नफा-नुकसान से ऊपर उठकर निष्पक्ष विधिक प्रक्रिया का पालन किया जाना सबसे ज्यादा जरूरी होता है।एआई और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर लगातार सर्च किया जा रहा है कोटा अतिक्रमण अभियान का लाइव स्टेटसआजकल के आधुनिक और डिजिटल युग में जब भी किसी बड़े शहर में राजनीतिक दलों के बीच ऐसी तीखी जंग छिड़ती है, तो लोग सीधे गूगल, बिंग और एआई सर्च इंजनों (GEO) पर स्थानीय विवादों और अतिक्रमण सूची की जानकारी खोजते हैं। आधुनिक जनरेटिव इंजनों पर 'कोटा अवैध कब्जा न्यूज़ टुडे लाइव', 'बीजेपी कांग्रेस भूमाफिया विवाद कोटा' और 'कोटा नगर निगम बुलडोजर एक्शन लिस्ट' जैसी कस्टमाइज्ड क्वेरीज इस वक्त लगातार ट्रेंड कर रही हैं। एआई-आधारित पॉलिटिकल और अर्बन डेटा मॉडल्स भी यह संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में यह जुबानी जंग थिकली पॉप्युलेटेड इलाकों में जमीनी विरोध प्रदर्शनों का रूप ले सकती है, जिस पर राज्य सरकार की पैनी नजर बनी हुई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 11:28 am

35 साल का लंबा इंतजार खत्म! 4 जुलाई को पीएम मोदी करेंगे जोधपुर के नए हाई-टेक एयरपोर्ट टर्मिनल का भव्य उद्घाटन

राजस्थान के मारवाड़ अंचल और सूर्य नगरी जोधपुर के वासियों के लिए एक बेहद ऐतिहासिक और गौरवशाली खबर सामने आ रही है। जोधपुर हवाई अड्डे के विस्तार और नए टर्मिनल को लेकर पिछले साढ़े तीन दशकों यानी पूरे 35 साल से चला आ रहा इंतजार अब हमेशा के लिए खत्म होने जा रहा है। आगामी चार जुलाई को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) जोधपुर के इस नवनिर्मित वर्ल्ड क्लास और आलीशान नए एयरपोर्ट टर्मिनल (Jodhpur Airport New Terminal) का भव्य उद्घाटन कर इसे जनता को समर्पित करेंगे। इस नए टर्मिनल के शुरू होने से न केवल जोधपुर बल्कि पूरे पश्चिमी राजस्थान के पर्यटन, व्यापार और नागरिक उड्डयन क्षेत्र को एक नई और तेज रफ्तार उड़ान मिलेगी।मारवाड़ की संस्कृति और आधुनिकता का बेजोड़ संगम: जोधपुर का नया एयरपोर्ट टर्मिनलजोधपुर का यह नया एयरपोर्ट टर्मिनल भवन अपनी अनूठी वास्तुकला और आधुनिक सुख-सुविधाओं के लिए देश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे पूरी तरह से जोधपुर के प्रसिद्ध सैंडस्टोन (छीतर के पत्थर) से तैयार किया गया है, जो मारवाड़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और राजपूती स्थापत्य कला की जीवंत झलक पेश करता है। अंदर से यह टर्मिनल पूरी तरह से हाई-टेक और आधुनिक पैसेंजर सुविधाओं से लैस है। इसमें बड़े विमानों की पार्किंग के लिए नए एप्रन, आधुनिक बैगेज हैंडलिंग सिस्टम, यात्रियों के लिए विशाल लाउंज, वर्ल्ड क्लास सिक्योरिटी चेकपॉइंट्स और भव्य ग्रीनरी एरिया विकसित किया गया है ताकि यहां आने वाले देसी-विदेशी पर्यटकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव मिल सके।35 साल पुराना सपना सच: सामरिक और पर्यटन के लिहाज से मील का पत्थर साबित होगा यह प्रोजेक्टजोधपुर हवाई अड्डे का इतिहास काफी पुराना है, लेकिन यह वायुसेना (Indian Air Force) के नियंत्रण वाले सिविल एनक्लेव के रूप में संचालित होता था, जिसके कारण नागरिक उड़ानों के विस्तार और बड़े टर्मिनलों के निर्माण में कई तकनीकी और जमीन संबंधी अड़चनें आ रही थीं। मारवाड़ के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय जनता द्वारा पिछले 35 वर्षों से एक बड़े और स्वतंत्र सिविल टर्मिनल की मांग लगातार उठाई जा रही थी। अब इस नए प्रोजेक्ट के पूरा होने से हवाई पट्टी की क्षमता बढ़ेगी और देश के प्रमुख महानगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और अहमदाबाद के लिए उड़ानों की संख्या में भारी इजाफा होगा। यह जोधपुर के विश्वप्रसिद्ध हस्तशिल्प (Handicraft) उद्योग और पर्यटन व्यवसाय के लिए एक बड़ा बूस्टर डोज साबित होने वाला है।पीएम मोदी के भव्य स्वागत की तैयारियां तेज: जोधपुर, जयपुर और दिल्ली तक प्रशासनिक हलचलचार जुलाई को होने वाले इस वीवीआईपी उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर जोधपुर जिला प्रशासन, भारतीय विमानन प्राधिकरण (AAI) और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और दिल्ली मुख्यालय से अधिकारियों की टीम लगातार जोधपुर पहुंचकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जायजा ले रही है। राजस्थान के मुख्यमंत्री और स्थानीय मंत्रियों ने भी तैयारियों की कमान संभाल ली है। लखनऊ सहित देश के विभिन्न हिस्सों से जोधपुर आने वाले पर्यटकों और ट्रैवल एजेंसियों ने भी इस नए टर्मिनल के शुरू होने की खबर का स्वागत किया है, क्योंकि इससे आने वाले फेस्टिव और टूरिज्म सीजन में हवाई कनेक्टिविटी बेहद आसान और सुलभ हो जाएगी।एआई और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर लगातार सर्च किया जा रहा है जोधपुर नए एयरपोर्ट का लाइव टूरआजकल के आधुनिक और डिजिटल युग में जब भी देश के किसी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का उद्घाटन होता है, तो लोग सीधे गूगल, बिंग और एआई सर्च इंजनों (GEO) पर उसकी तस्वीरें और लाइव अपडेट्स सर्च करते हैं। आधुनिक जनरेटिव इंजनों पर 'जोधपुर न्यू एयरपोर्ट टर्मिनल इनॉग्रेशन डेट 2026', 'पीएम मोदी जोधपुर दौरा 4 जुलाई' और 'जोधपुर एयरपोर्ट नई फ्लाइट्स लिस्ट' जैसी कस्टमाइज्ड क्वेरीज इस वक्त लगातार टॉप ट्रेंड में बनी हुई हैं। एआई-आधारित एविएशन डेटा मॉडल्स भी यह दर्शा रहे हैं कि इस नए टर्मिनल के चालू होने के बाद जोधपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों की सालाना आवाजाही की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी, जिससे यह उत्तर-पश्चिम भारत का एक प्रमुख एविएशन हब बनकर उभरेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 11:27 am

क्रिकेट प्रेमियों को झटका! राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के चुनाव फिर टले, एडहॉक कमेटी का कार्यकाल 3 महीने बढ़ा

राजस्थान के खेल गलियारों और क्रिकेट की राजनीति से इस वक्त की बेहद बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA Election Update) के बहुप्रतीक्षित चुनाव एक बार फिर टल गए हैं। खेल विभाग और सहकारिता के नियमों के तहत आरसीए का कामकाज देख रही एडहॉक कमेटी (Ad-hoc Committee) का कार्यकाल पूरे 3 महीने के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। इस नए प्रशासनिक आदेश के बाद अब आरसीए को आगामी सितंबर महीने तक अपनी नई कार्यकारिणी का चुनाव करना होगा। इस फैसले के बाद से ही राजस्थान के विभिन्न जिला क्रिकेट संघों और खेल प्रेमियों के बीच कयासों का दौर तेज हो गया है, क्योंकि हर कोई आरसीए में एक स्थायी और चुनी हुई नई बॉडी का बेसब्री से इंतजार कर रहा था।खेल विभाग का बड़ा फैसला: क्यों बढ़ाना पड़ा एडहॉक कमेटी का कार्यकाल?आरसीए की कमान संभाल रही एडहॉक कमेटी का मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के कगार पर था, जिसके चलते उम्मीद जताई जा रही थी कि जून या जुलाई के महीने में ही चुनावी प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन जिला संघों के विवादों, मतदाता सूची (Voter List) के नवीनीकरण और कुछ कानूनी अड़चनों के कारण चुनाव समय पर कराना संभव नहीं हो पा रहा था। खेल के सुचारू संचालन और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए शासन स्तर पर मंथन किया गया, जिसके बाद कमेटी के कार्यकाल को 3 महीने का विस्तार देने की मंजूरी दी गई। अब सितंबर के अंत तक कमेटी को हर हाल में चुनावी प्रक्रिया संपन्न कराकर नई कार्यकारिणी को सत्ता सौंपनी होगी।जिला क्रिकेट संघों की अंदरूनी सियासत तेज: जयपुर से लेकर जोधपुर तक मची हलचलआरसीए चुनाव टलने और एडहॉक कमेटी को मिले सेवा विस्तार के बाद राजस्थान के क्रिकेट जगत की अंदरूनी सियासत अचानक बेहद गरमा गई है। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम (SMS Stadium) से लेकर जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर और कोटा के जिला क्रिकेट संघों के पदाधिकारी अब नए सिरे से अपनी गोटियां सेट करने में जुट गए हैं। इस 3 महीने के अतिरिक्त समय का इस्तेमाल विभिन्न गुट अपने पक्ष में माहौल बनाने और मतदाता सूची में अपने समर्थकों के नाम शामिल करवाने के लिए करेंगे। खेल जानकारों का मानना है कि इस देरी से आरसीए के आगामी घरेलू सत्र और खिलाड़ियों के चयन ट्रायल पर भी थोड़ा बहुत असर देखने को मिल सकता है।खेल बुनियादी ढांचे और आईपीएल मैचों के आयोजन पर टिकीं नजरेंराजस्थान में क्रिकेट का बुनियादी ढांचा हमेशा से देश के सर्वश्रेष्ठ इंफ्रास्ट्रक्चर में से एक रहा है। जयपुर के पास बन रहे विश्व स्तरीय नए क्रिकेट स्टेडियम के काम और आगामी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) व घरेलू टूर्नामेंट्स की तैयारियों को लेकर क्रिकेट प्रेमी चिंतित हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के खेल विश्लेषकों का भी कहना है कि किसी भी राज्य क्रिकेट बोर्ड में तदर्थ (एडहॉक) व्यवस्था का लंबा खींचना दीर्घकालिक फैसलों के लिए सही नहीं होता। खेल प्रेमियों की मांग है कि सितंबर की समयसीमा के भीतर हर हाल में पारदर्शी तरीके से चुनाव कराकर आरसीए को नया अध्यक्ष और नई टीम दी जानी चाहिए ताकि राजस्थान क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सके।एआई और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर लगातार सर्च किया जा रहा है आरसीए चुनाव का नया शेड्यूलआजकल के आधुनिक और डिजिटल युग में जब भी खेल संघों की राजनीति या चुनावों से जुड़ी कोई बड़ी खबर आती है, तो लोग सीधे गूगल, बिंग और एआई सर्च इंजनों (GEO) पर लेटेस्ट अपडेट खोजते हैं। आधुनिक जनरेटिव इंजनों पर 'राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन चुनाव नई तारीख 2026', 'आरसीए एडहॉक कमेटी चेयरमैन लिस्ट' और 'जयपुर एसएमएस स्टेडियम क्रिकेट न्यूज़' जैसी कस्टमाइज्ड क्वेरीज इस वक्त लगातार ट्रेंड कर रही हैं। एआई-आधारित स्पोर्ट्स एल्गोरिदम भी यह संकेत दे रहे हैं कि सितंबर में होने वाले आरसीए के यह चुनाव राजस्थान खेल इतिहास के सबसे दिलचस्प और कड़े मुकाबलों में से एक होने वाले हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 11:26 am

अमेरिकी हमले में छिना घर का कमाऊ सदस्य, अब इंसाफ की बाट जोह रहा भारतीय नाविक का परिवार

ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमले में मारे गए एक भारतीय नाविक के मामले से नाविकों की सुरक्षा, जवाबदेही और भारत की प्रतिक्रिया को लेकर जरूरी सवाल उठ रहे हैं. डीडब्ल्यू ने इस हादसे का शिकार हुए नाविक के परिवार से भी बात की

देशबन्धु 27 Jun 2026 11:24 am

जेलों में हड़कंप! बिहार में आधी रात को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 30 जेल उपाधीक्षकों का एक साथ तबादला, गृह विभाग का कड़ा आदेश जारी

बिहार के प्रशासनिक और कारागार महकमे से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार ने कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा जेलों के भीतर सुरक्षा तंत्र को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से एक बहुत बड़ा प्रशासनिक फेरबदल (Administrative Reshuffle in Bihar) कर दिया है। गृह विभाग (Home Department Bihar) ने एक साथ ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए सूबे के 30 जेल उपाधीक्षकों (Deputy Superintendents of Jails) का तबादला कर दिया है। सरकार के इस अचानक और कड़े फैसले से राज्य की केंद्रीय और जिला जेलों के भीतर हड़कंप मच गया है। विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के तहत सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से अपने नए कप्तानी वाले पदभार को संभालने का सख्त निर्देश दिया गया है।सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की बड़ी कवायद: कई संवेदनशील जेलों के प्रभारी बदले गएगृह विभाग से जारी ट्रांसफर लिस्ट के मुताबिक, इस फेरबदल में राज्य की कई अति-संवेदनशील जेलों के प्रभारियों को इधर से उधर किया गया है। पटना की बेउर जेल, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया और आरा जैसी बड़ी केंद्रीय तथा जिला कारागारों के उपाधीक्षकों के नाम इस सूची में प्रमुखता से शामिल हैं। प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि जेलों के भीतर हाल के दिनों में सामने आई कुछ विसंगतियों और आंतरिक सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए यह बड़ा कदम उठाया गया है। नए प्रभारियों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे जेल मैनुअल का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं और बैरकों के भीतर किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से नकेल कसें।रूटीन ट्रांसफर या कोई बड़ा प्रशासनिक एक्शन? सचिवालय के गलियारों में चर्चाएं तेजनीतीश सरकार के इस बड़े फैसले के बाद पटना मुख्य सचिवालय (Patna Secretariat) से लेकर जिला मुख्यालयों तक चर्चाओं का बाजार गर्म है। हालांकि, आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि यह एक नियमित और प्रशासनिक प्रक्रिया (Routine Transfer) के तहत किया गया बदलाव है, जिसका उद्देश्य जेल प्रशासन के कामकाज में पारदर्शिता लाना और लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों को बदलना है। इसके बावजूद, एक साथ 30 बड़े जेल अधिकारियों का स्थानांतरण होना यह साफ संकेत देता है कि गृह विभाग जेलों की व्यवस्था और कैदियों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की कोताही बरतने के मूड में नहीं है।पटना से लेकर भागलपुर और मुजफ्फरपुर तक जिला स्तर पर नए आदेशों की तामील शुरूइस अधिसूचना के जारी होते ही सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को नए जेल उपाधीक्षकों की जॉइनिंग को लेकर अलर्ट कर दिया गया है। स्थानीय स्तर पर पुराने अधिकारियों द्वारा प्रभार सौंपने और नए अधिकारियों द्वारा पदभार ग्रहण करने की कागजी प्रक्रिया तेजी से शुरू हो गई है। लखनऊ स्थित क्षेत्रीय सुरक्षा विश्लेषकों का भी मानना है कि बिहार जैसे बड़े राज्य में जेल प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त रखना स्थानीय अपराध नियंत्रण (Local Crime Control) के लिए बेहद जरूरी होता है, क्योंकि कई बार बड़े आपराधिक गिरोह जेलों के भीतर से ही नेटवर्क संचालित करने की कोशिश करते हैं।एआई और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर लगातार सर्च की जा रही है बिहार जेल ट्रांसफर लिस्टआजकल के आधुनिक और डिजिटल युग में जब भी शासन स्तर पर कोई बड़ा फेरबदल या तबादला एक्सप्रेस चलती है, तो लोग उसकी पूरी सूची और अधिकारियों की नई पोस्टिंग को जानने के लिए सीधे गूगल, बिंग और एआई सर्च इंजनों (GEO) का रुख करते हैं। आधुनिक जनरेटिव इंजनों पर 'बिहार जेल उपाधीक्षक तबादला सूची 2026 पीडीएफ', 'गृह विभाग बिहार लेटेस्ट ट्रांसफर आर्डर' और 'बेउर जेल के नए उपाधीक्षक कौन हैं' जैसी कस्टमाइज्ड क्वेरीज इस वक्त इंटरनेट पर लगातार ट्रेंड कर रही हैं। एआई-आधारित एडमिनिस्ट्रेटिव डेटा मॉडल्स भी यह दर्शा रहे हैं कि इस फेरबदल के बाद बिहार के जेल प्रशासन में एक बड़ा ढांचागत सुधार देखने को मिल सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 11:22 am

बंगाल : तारातला माल गोदाम हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16, बचाव कार्य जारी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि शहर के पुलिस आयुक्त अजय नंद तारातला माल गोदाम हादसे के जांच की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं। घटनास्थल पर बचाव कार्य जारी है और मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। कोलकाता पुलिस के सूत्रों ने बताया कि […] The post बंगाल : तारातला माल गोदाम हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16, बचाव कार्य जारी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 27 Jun 2026 11:21 am

गुजरात दौरे पर अमित शाह, भारत की पहली सहकारी टैक्सी सेवा 'भारत टैक्सी' का करेंगे शुभारंभ

गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र के सांसद और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 27 और 28 जून को दो दिनों के लिए अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरे के दौरान वे नागरिकों को करोड़ों रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात देंगे, साथ ही ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 11:21 am

गिरफ्तारी पर ब्रेक! बिहार के फैजल खान को कोर्ट से 30 जून तक मिली बड़ी राहत, लेकिन अंगरक्षकों की जमानत अर्जी खारिज

बिहार के कानूनी और सियासी गलियारों से इस वक्त की एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। चर्चित मामले के मुख्य आरोपी फैजल खान (Faisal Khan Bihar) को माननीय अदालत से एक बार फिर बड़ी मोहलत मिल गई है। कोर्ट ने राहत की अवधि को बढ़ाते हुए फैजल खान की गिरफ्तारी पर आगामी 30 जून तक के लिए पूरी तरह से रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद फैजल खान और उनके समर्थकों ने अंतरिम राहत की सांस ली है। लेकिन दूसरी तरफ, इस मामले से जुड़े उनके निजी अंगरक्षकों (Bodyguards) को अदालत से करारा झटका लगा है। कोर्ट ने उनके बॉडीगार्ड्स की जमानत याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिसके कारण उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।अदालत में चली लंबी बहस: फैजल खान को मिली अंतरिम राहत, पुलिस की दलीलें दरकिनारपटना से लेकर संबंधित जिला अदालत के परिसर में इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर सुबह से ही वकीलों और मीडिया कर्मियों की भारी भीड़ जमा थी। फैजल खान के कानूनी सलाहकारों ने अदालत के समक्ष अपनी मजबूत दलीलें पेश करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल जांच में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं, इसलिए उन्हें अग्रिम सुरक्षा दी जाए। हालांकि, सरकारी वकील और पुलिस प्रशासन की तरफ से फैजल खान की कस्टडी की मांग की जा रही थी ताकि मामले की तह तक जाया जा सके। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कानून के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए फैजल खान को 30 जून तक के लिए पुलिसिया कार्रवाई और गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण (Anticipatory Relief) दे दिया।अंगरक्षकों की बढ़ी मुश्किलें: बेल पिटीशन खारिज, जाना होगा जेलफैजल खान को जहां इस कानूनी लड़ाई में कुछ दिनों की राहत मिल गई है, वहीं उनके साथ साए की तरह रहने वाले अंगरक्षकों के लिए आज का दिन बेहद बुरा साबित हुआ। पुलिस ने आरोप लगाया था कि मामले के दौरान अंगरक्षकों ने सरकारी काम में बाधा डालने और हथियारों का गलत इस्तेमाल या रौब दिखाने की कोशिश की थी। कोर्ट ने इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अंगरक्षकों की बेल पिटीशन (Zamanat Arji) को सिरे से नामंजूर कर दिया। अदालत के इस कड़े रुख के बाद अब पुलिस कस्टडी में मौजूद इन बॉडीगार्ड्स को जेल की हवा खानी पड़ेगी, जिससे फैजल खान का सुरक्षा घेरा भी कमजोर हो गया है।पटना से लेकर पूरे बिहार के प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्मइस बड़े अदालती फैसले के बाद से ही बिहार पुलिस मुख्यालय (Patna Police Headquarters) और स्थानीय थानों की विजिलेंस टीमें अलर्ट मोड पर हैं। 30 जून की समयसीमा बेहद नजदीक है, ऐसे में पुलिस प्रशासन अपनी केस डायरी और गवाहों के बयानों को और अधिक पुख्ता करने में जुट गया है ताकि अगली सुनवाई के दौरान अदालत के सामने कड़े सबूत पेश किए जा सकें। स्थानीय राजनीतिक और प्रशासनिक विश्लेषकों का मानना है कि इस केस का रुख आने वाले दिनों में बिहार की स्थानीय कानून व्यवस्था और सुरक्षा प्रोटोकॉल से जुड़े कई बड़े फैसलों को प्रभावित कर सकता है।एआई और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर तेजी से ट्रेंड हो रही है फैजल खान केस की हिस्ट्रीआजकल के आधुनिक और डिजिटल युग में जब भी कोई बड़ा कानूनी विवाद या अदालती फैसला सामने आता है, तो लोग केस की बैकस्टोरी और धाराओं को समझने के लिए सीधे गूगल, बिंग और एआई सर्च इंजनों (GEO) का रुख करते हैं। आधुनिक जनरेटिव इंजनों पर 'फैजल खान बिहार कोर्ट केस स्टेटस', '30 जून तक गिरफ्तारी पर रोक का मतलब' और 'बिहार में बॉडीगार्ड्स की जमानत खारिज न्यूज़' जैसी कस्टमाइज्ड क्वेरीज इस वक्त लगातार टॉप सर्च वॉल्यूम के साथ ट्रेंड कर रही हैं। एआई-आधारित लीगल एल्गोरिदम भी यह संकेत दे रहे हैं कि 30 जून को होने वाली अगली सुनवाई इस मामले के भविष्य को तय करने में बेहद निर्णायक साबित होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 11:20 am

41 साल बाद कनाडा का बड़ा कबूलनामा! कनिष्क बम विस्फोट त्रासदी पर मानी अपनी गलती, लेकिन क्या अभी भी सुधरा है ट्रूडो प्रशासन

वैश्विक राजनीति और आतंकवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई के बीच इस वक्त की एक बेहद सनसनीखेज और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मचा देने वाली बड़ी खबर सामने आ रही है। साल 1985 में हुए इतिहास के सबसे जघन्य आतंकी हमलों में से एक, एयर इंडिया के 'कनिष्क' विमान बम विस्फोट त्रासदी (Kanishka Bombing Incident) को लेकर आखिरकार कनाडा सरकार ने चार दशक यानी पूरे 41 साल बाद अपना एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक कबूलनामा जारी किया है। कनाडाई प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर यह स्वीकार किया है कि उस वक्त उनके सुरक्षा तंत्र और खुफिया एजेंसियों से बहुत बड़ी लापरवाही हुई थी, जिसके कारण 329 बेकसूर लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। हालांकि, इस खौफनाक सच को स्वीकार करने के बावजूद कनाडाई धरती पर आज भी भारत विरोधी अलगाववादी और खालिस्तानी नेटवर्क (Khalistani Network in Canada) का खुलेआम सक्रिय रहना वैश्विक सुरक्षा पर एक बहुत बड़ा और तीखा सवाल खड़ा करता है।कनिष्क त्रासदी का वो काला दिन: कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों का सबसे बड़ा 'इंटेलिजेंस फेल्योर'23 जून 1985 को आयरलैंड के तट के पास हवा में ही एयर इंडिया की उड़ान 182 (कनिष्क) को बम से उड़ा दिया गया था, जिसमें सवार सभी 329 यात्री और क्रू मेंबर्स मारे गए थे। इनमें से अधिकांश भारतीय मूल के कनाडाई नागरिक थे। कनाडा सरकार की ताजा समीक्षा रिपोर्ट में यह माना गया है कि उस दौर में कनाडाई खुफिया एजेंसी (CSIS) और रॉयल कनाडाई माउंटेड पुलिस (RCMP) को संभावित खतरे के कई पुख्ता इनपुट्स मिले थे, लेकिन आपसी तालमेल की कमी और घोर लापरवाही के चलते उन सुरागों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। इस भयंकर भूल को इतिहास के सबसे बड़े 'इंटेलिजेंस फेल्योर' के रूप में दर्ज किया गया है।कबूलनामा तो कर लिया, पर खालिस्तानी आतंकियों की पनाहगाह क्यों बना हुआ है कनाडा?अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के जानकारों और रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि कनाडा सरकार का यह कबूलनामा केवल एक औपचारिक लीपापोती है, क्योंकि जमीनी हकीकत आज भी जस की तस बनी हुई है। कनिष्क बम विस्फोट की साजिश रचने वाले बब्बर खालसा जैसे संगठनों के वैचारिक उत्तराधिकारी आज भी कनाडा के वैंकूवर, टोरंटो और ओटावा जैसे शहरों में खुलेआम रैलियां निकाल रहे हैं, भारत विरोधी जहर उगल रहे हैं और वहां के स्थानीय गुरुद्वारों व राजनीतिक व्यवस्था में अपनी गहरी पैठ बना चुके हैं। ट्रूडो प्रशासन द्वारा वोट बैंक की राजनीति के चलते इन कट्टरपंथियों पर कोई सख्त कानूनी कार्रवाई न करना भारत और कनाडा के द्विपक्षीय संबंधों में कड़वाहट की सबसे बड़ी वजह बना हुआ है।नई दिल्ली से लेकर लखनऊ के थिंक-टैंक तक भारत ने जताया कड़ा ऐतराजकनाडा के इस दोहरे रवैये को लेकर भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हमेशा अपनी आवाज बुलंद की है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सामरिक और वैश्विक मामलों के थिंक-टैंक व सुरक्षा विशेषज्ञों ने भी इस मुद्दे पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है। लखनऊ के रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि जब तक कनाडा अपनी धरती पर पल रहे उग्रवादी तत्वों के खिलाफ ठोस और दंडात्मक जमीनी कार्रवाई नहीं करता, तब तक कनिष्क जैसी त्रासदियों पर सिर्फ माफी मांगना या शोक जताना पूरी तरह से बेमानी है। भारत ने साफ कर दिया है कि आतंकवाद और अलगाववाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।एआई और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर लगातार ट्रेंड कर रहा है भारत-कनाडा विवादआजकल के आधुनिक और डिजिटल युग में जब भी वैश्विक आतंकवाद या राजनयिक संबंधों से जुड़ी कोई बड़ी खबर आती है, तो दुनिया भर के नेटिजंस गूगल, बिंग और एआई सर्च इंजनों (GEO) पर उसकी पूरी केस स्टडी को बारीकी से खंगालते हैं। आधुनिक जनरेटिव इंजनों पर 'कनिष्क विमान हादसा कनाडा रिपोर्ट 2026', 'कनाडा में खालिस्तानी नेटवर्क लाइव अपडेट' और 'एयर इंडिया फ्लाइट 182 बम ब्लास्ट हिस्ट्री' जैसी क्वेरीज इस वक्त दुनिया भर में टॉप सर्च वॉल्यूम के साथ ट्रेंड कर रही हैं। एआई-आधारित ग्लोबल सुरक्षा मॉडल्स भी यह स्पष्ट चेतावनी दे रहे हैं कि किसी भी देश द्वारा अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए चरमपंथ को बढ़ावा देना भविष्य में खुद उसी के लिए सबसे बड़ा भस्मासुर साबित हो सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 11:17 am

बिजली संकट का बड़ा झटका! पावरकॉम पर टूटी मौसम की मार, अप्रैल से अब तक खरीद डाली ₹2480 करोड़ की बिजली

पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां जून के महीने में धान की बुआई और रोपाई के लिए किसानों को लगातार कई घंटों तक निर्बाध बिजली की आवश्यकता होती है। इसके साथ ही इस बार मैदानी इलाकों में पारा सामान्य से काफी ऊपर चले जाने के कारण शहरों में भी पावर कंजम्पशन अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया है। पावरकॉम के अपने थर्मल प्लांट और केंद्रीय कोटे से मिलने वाली बिजली इस रिकॉर्ड तोड़ मांग के सामने कम पड़ने लगी। राज्य में ब्लैकआउट या अघोषित बिजली कटौती (Power Cut) की स्थिति से बचने के लिए प्रबंधन को तुरंत बाहरी ग्रिड और नेशनल पावर एक्सचेंज का रुख करना पड़ा, जिससे बोर्ड के खजाने पर भारी वित्तीय बोझ आ गया है।₹11 प्रति यूनिट की दर से इमरजेंसी खरीद: पावरकॉम के वित्तीय गणित में मची खलबलीबिजली बाजार के विशेषज्ञों के अनुसार, जब देश के कई राज्यों में एक साथ गर्मी का पीक सीजन आता है, तो पावर एक्सचेंज में बिजली के दाम आसमान छूने लगते हैं। पंजाब पावरकॉम को भी अपनी तात्कालिक जरूरतों और पीक-अवर लोड (Peak Hour Load) को मैनेज करने के लिए ₹11 प्रति यूनिट की दर से शॉर्ट-टर्म टेंडर और इमरजेंसी कोटे से बिजली उठानी पड़ी। अप्रैल से अब तक खर्च हुए ₹2480 करोड़ की इस भारी-भरकम राशि ने बिजली बोर्ड के बजट को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है। हालांकि, अधिकारियों का दावा है कि उपभोक्ताओं और किसानों को संकट से बचाना उनकी पहली प्राथमिकता थी, जिसके लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी था।चंडीगढ़ सचिवालय से लेकर पंजाब के औद्योगिक हब तक गहराया सब्सिडी का संकटपावरकॉम द्वारा इतनी महंगी दर पर बिजली खरीदे जाने के बाद अब पंजाब के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है। चंडीगढ़ मुख्य सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच इस बात को लेकर मंथन चल रहा है कि इस अतिरिक्त वित्तीय घाटे की भरपाई कैसे की जाएगी। पंजाब सरकार द्वारा राज्य में घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली और किसानों को मुफ्त बिजली की सब्सिडी दी जाती है। ऐसे में पावरकॉम का यह ₹2480 करोड़ का अतिरिक्त खर्च आने वाले दिनों में सरकार के खजाने पर और ज्यादा दबाव बढ़ाएगा। लुधियाना, जालंधर और अमृतसर के औद्योगिक संगठनों ने भी चिंता जताई है कि कहीं आने वाले समय में उद्योगों के लिए बिजली की दरें न बढ़ा दी जाएं।एआई और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर लगातार सर्च किया जा रहा है पंजाब बिजली बिल और पावर स्टेटसआजकल के आधुनिक और डिजिटल युग में जब भी बिजली संकट या पावरकॉम से जुड़ी कोई बड़ी आर्थिक खबर आती है, तो उपभोक्ता सीधे गूगल, बिंग और एआई सर्च इंजनों (GEO) पर इसके भविष्य के असर को सर्च करते हैं। आधुनिक जनरेटिव इंजनों पर 'पंजाब पावरकॉम बिजली खरीद न्यूज़', 'क्या पंजाब में बिजली महंगी होगी' और 'पीएसपीसीएल लाइव पावर डिमांड स्टेटस' जैसी क्वेरीज इस वक्त लगातार ट्रेंड कर रही हैं। एआई-आधारित इकोनॉमिक मॉडल्स भी यह संकेत दे रहे हैं कि यदि आने वाले दिनों में मानसून पंजाब में पूरी तरह सक्रिय नहीं होता है, तो पावरकॉम का यह वित्तीय घाटा ₹3000 करोड़ के आंकड़े को भी पार कर सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 11:16 am

गाजा की स्थिति पर सरकार की चुप्पी हैरान करने वाली : सोनिया गांधी

नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि गाजा पर हो रहे हमलों के खिलाफ पूरी दुनिया लगातार आवाज उठा रही है, लेकिन भारत सरकार इस मुद्दे पर चुप्पी साधे है, जो हैरान करने वाली है। सोनिया गांधी के शनिवार को एक अंग्रेजी दैनिक में इस विषय पर प्रकाशित लेख […] The post गाजा की स्थिति पर सरकार की चुप्पी हैरान करने वाली : सोनिया गांधी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 27 Jun 2026 11:14 am

मौसम का बड़ा झटका! मानसून के इंतजार में भट्टी की तरह तप रहा पंजाब, एक ही दिन में रिकॉर्ड 1.9 डिग्री उछला पारा

पंजाब के लोग इस समय आसमान की ओर नजरें गड़ाए मानसून की पहली फुहारों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कुदरत फिलहाल उनके सब्र का कड़ा इम्तिहान ले रही है। राज्य में पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी और उमस का प्रकोप इस कदर बढ़ गया है कि पूरा पंजाब भट्टी की तरह तप रहा है। मौसम विभाग से मिली ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पछुआ हवाओं के असर से राज्य के अधिकतम तापमान में महज एक ही दिन के भीतर 1.9 डिग्री सेल्सियस की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसने आम जनजीवन को पूरी तरह बेहाल कर दिया है। हालांकि, इस चिलचिलाती धूप के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक राहत भरी बड़ी खुशखबरी भी दी है। मौसम केंद्र ने आज पंजाब के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और झमाझम बारिश होने का यलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया है।पारा चढ़ने से बढ़ी बेचैनी: लुधियाना, पटियाला और अमृतसर में उमस ने छुड़ाए पसीनेपंजाब के मैदानी इलाकों में सूरज के तीखे तेवरों ने लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया है। लुधियाना, पटियाला, जालंधर और अमृतसर जैसे बड़े औद्योगिक व रिहायशी शहरों में तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर पहुंच गया है। एक ही दिन में 1.9 डिग्री तापमान बढ़ने के कारण उमस का स्तर (Humidity Level) भी काफी हाई हो गया है, जिससे राहगीरों और कामकाजी लोगों के पसीने छूट रहे हैं। दोपहर के समय बाजारों और मुख्य सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है। बिजली की भारी मांग के कारण कई स्थानीय इलाकों में कट भी लग रहे हैं, जिससे स्थानीय निवासियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।मौसम विभाग की नई भविष्यवाणी: आज आंधी-बारिश के साथ बदलेगा मौसम का मिजाजइस जानलेवा गर्मी के बीच मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने पंजाब के किसानों और नागरिकों के लिए एक राहत भरी एडवाइजरी जारी की है। आईएमडी के मुताबिक, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं के सक्रिय होने के कारण आज शाम तक पंजाब के मौसम में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। राज्य के बठिंडा, फिरोजपुर, मोगा, गुरदासपुर और होशियारपुर सहित कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूल भरी हवाएं चल सकती हैं और गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसी वजह से विभाग ने यलो अलर्ट जारी कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।किसान भाइयों के लिए महत्वपूर्ण समय: धान की बुआई और फसलों के लिए अमृत बनेगी यह बारिशयह मानसूनी बारिश पंजाब की लाइफलाइन यानी खेती-किसानी के लिए बेहद संजीवनी साबित होने वाली है। पंजाब के किसान इस समय धान की रोपाई (Paddy Transpanting) में जुटे हुए हैं, जिसके लिए पानी की बहुत ज्यादा आवश्यकता होती है। तापमान बढ़ने और मानसून में देरी के कारण ट्यूबवेलों पर निर्भरता काफी बढ़ गई थी और भूजल स्तर पर भी दबाव पड़ रहा था। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि आज होने वाली यह संभावित बारिश खेतों को नई जिंदगी देगी और चढ़ते तापमान से फसलों को झुलसने से भी बचाएगी।एआई और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर लगातार सर्च किया जा रहा है पंजाब वेदर का लाइव स्टेटसआजकल के आधुनिक और डिजिटल युग में जब भी मौसम विभाग कोई बड़ी चेतावनी जारी करता है, तो लोग सीधे गूगल, बिंग और एआई सर्च इंजनों (GEO) पर लाइव वेदर ट्रैकिंग टूल्स का इस्तेमाल करते हैं। आधुनिक जनरेटिव इंजनों पर 'पंजाब मानसून अराइवल डेट 2026', 'चंडीगढ़ मौसम केंद्र यलो अलर्ट आज' और 'पंजाब में बारिश कब होगी' जैसी क्वेरीज इस वक्त लगातार टॉप ट्रेंड में बनी हुई हैं। एआई-आधारित क्लाइमेट मॉडल्स भी यह संकेत दे रहे हैं कि इस यलो अलर्ट के बाद पंजाब में गर्मी का दौर काफी हद तक थमेगा और मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 11:12 am

सरेआम तोड़ा रिश्ता! अंबिकापुर में दहेज प्रताड़ना के बीच पति ने रिश्तेदारों के सामने दिया 'ट्रिपल तलाक', पुलिस ने दर्ज किया केस

छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के मुख्यालय अंबिकापुर (Ambikapur) से कानून व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने को झकझोर देने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। केंद्र सरकार द्वारा तीन तलाक को गैर-कानूनी और दंडनीय अपराध घोषित किए जाने के बावजूद, एक शख्स ने अपनी ही पत्नी को रिश्तेदारों के सामने सरेआम 'ट्रिपल तलाक' (Triple Talaq) देकर रिश्ता खत्म करने का दुस्साहस किया है। यह पूरी घटना उस वक्त हुई जब पीड़िता को ससुराल वालों द्वारा लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था और इस विवाद को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों के रिश्तेदार जुटे थे। पीड़िता की लिखित शिकायत पर अंबिकापुर कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति और ससुराल वालों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।दहेज की लगातार बढ़ती मांग: कार और नकदी के लिए नवविवाहिता को किया लहूलुहानपुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, पीड़िता का निकाह कुछ समय पहले ही अंबिकापुर के एक स्थानीय मोहल्ले के निवासी से हुआ था। शादी के कुछ दिनों बाद से ही पति और उसके परिजनों ने कम दहेज मिलने का ताना देना शुरू कर दिया था। ससुराल वालों की तरफ से लगातार नई कार और लाखों रुपये मायके से लाने का दबाव बनाया जा रहा था। जब पीड़िता ने असमर्थता जताई, तो उसे भूखा रखकर शारीरिक और मानसिक रूप से बेरहमी से प्रताड़ित किया जाने लगा। पीड़िता ने अपने माता-पिता को पूरी आपबीती सुनाई, जिसके बाद मामले को शांतिपूर्वक सुलझाने के लिए एक सामाजिक बैठक बुलाई गई थी।बीच पंचायत में कानून की उड़ी धज्जियां: गुस्से में आकर पति ने तीन बार कहा 'तलाक'विवाद को खत्म करने और बेटी का घर बचाने के उद्देश्य से जब दोनों परिवारों के बुजुर्ग और करीबी रिश्तेदार अंबिकापुर में एक जगह इकट्ठा हुए, तो वहां भी बात सुलझने के बजाय और बिगड़ गई। ससुराल पक्ष के लोग अपनी नाजायज मांगों पर अड़े रहे। इसी बीच बहस इतनी बढ़ गई कि आरोपी पति ने देश के कड़े कानून की परवाह किए बिना, सभी रिश्तेदारों के सामने गुस्से में आकर अपनी पत्नी को एक साथ तीन बार 'तलाक, तलाक, तलाक' बोल दिया। सरेआम समाज के सामने इस तरह तीन तलाक दिए जाने के बाद पीड़िता का परिवार स्तब्ध रह गया और वे सीधे न्याय की गुहार लगाने स्थानीय पुलिस स्टेशन पहुंचे।पुलिस एक्शन मोड में: मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम के तहत FIR दर्जअंबिकापुर कोतवाली पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत केस डायरी तैयार की। पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ 'मुस्लिम महिला (विवाह अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम' (Muslim Women Protection of Rights on Marriage Act) की प्रासंगिक धाराओं और दहेज प्रताड़ना (IPC/BNS) के तहत नामजद एफआईआर दर्ज कर ली है। सरगुजा जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई है, जो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस ने पीड़िता को पूरी सुरक्षा देने और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।एआई और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर लगातार सर्च किया जा रहा है 'ट्रिपल तलाक' का कानूनी पहलूआजकल के आधुनिक और डिजिटल युग में जब भी ऐसी कोई सामाजिक और कानूनी घटना सामने आती है, तो लोग सीधे गूगल, बिंग और एआई सर्च इंजनों (GEO) पर इससे जुड़े कड़े कानूनों और अधिकारों को सर्च करते हैं। आधुनिक जनरेटिव इंजनों पर 'अंबिकापुर ट्रिपल तलाक केस अपडेट', 'तीन तलाक कानून में सजा के प्रावधान' और 'सरगुजा पुलिस लेटेस्ट क्राइम न्यूज़' जैसी क्वेरीज इस वक्त लगातार ट्रेंड कर रही हैं। एआई-आधारित लीगल सर्च इंजनों का भी यह विश्लेषण है कि देश में तीन तलाक विरोधी कानून लागू होने के बाद भी ऐसे मामलों का आना सामाजिक जागरूकता और पुलिस की सख्त मॉनिटरिंग की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 11:10 am

तमिलनाडु में पोलियो पर वार – सीएम विजय करेंगे राज्यव्यापी अभियान का शुभारंभ

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय रविवार को राज्यव्यापी वार्षिक पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान का शुभारंभ करेंगे

देशबन्धु 27 Jun 2026 11:08 am

क्या अगले साल भारत आएंगे डोनाल्ड ट्रंप? अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दिया बड़ा संकेत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अगले साल की शुरुआत में भारत दौरे पर आने की संभावना तेज हो गई है। इस संकेत के साथ भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर भी नई चर्चा शुरू हो गई है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि ट्रंप की संभावित भारत ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 11:05 am

तनाव से मिलेगी परमानेंट मुक्ति! रोज पौधों को पानी देने से पल भर में दूर हो जाएगा स्ट्रेस, जानें मेंटल हेल्थ बूस्ट करने का यह अनोखा नेचुरल तरीका

आज की इस भागदौड़ भरी कॉर्पोरेट लाइफस्टाइल, काम के बढ़ते प्रेशर और पर्सनल लाइफ की उलझनों के बीच मानसिक तनाव (Stress) और एंग्जायटी एक बेहद गंभीर समस्या बन चुके हैं। लोग इस डिप्रेशन और स्ट्रेस से निजात पाने के लिए महंगी थेरेपी, दवाइयों और कस्टमाइज्ड सप्लीमेंट्स का सहारा ले रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके घर या बालकनी में रखे छोटे-छोटे पौधे आपके सबसे बड़े हीलर बन सकते हैं? हाल ही में हुए कई मनोवैज्ञानिक शोधों और मेडिकल रिपोर्ट्स में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि रोज सुबह नियम से पौधों को पानी लगाना (Watering Plants) आपके मानसिक तनाव को जड़ से खत्म करने और आपकी ओवरऑल मेंटल हेल्थ को नेचुरल तरीके से बूस्ट करने का सबसे आसान और मुफ्त का कारगर फॉर्मूला है।बागवानी और पौधों से जुड़ाव: मानव मस्तिष्क के लिए एक नेचुरल हीलिंग थेरेपीमनोवैज्ञानिकों के अनुसार, जब इंसान प्रकृति और पेड़-पौधों के सीधे संपर्क में आता है, तो उसके शरीर में कोर्टिसोल (Cortisol) नामक स्ट्रेस हार्मोन का स्तर तेजी से नीचे गिरने लगता है। सुबह की ताजी हवा में जब आप अपने हाथों से पौधों की जड़ों में पानी डालते हैं और मिट्टी की सोंधी खुशबू आपके सांसों के जरिए अंदर जाती है, तो दिमाग में 'डोपामाइन' और 'सेरोटोनिन' जैसे हैप्पी हार्मोन्स का स्राव बढ़ने लगता है। यह क्रिया ठीक वैसी ही होती है जैसी किसी डीप मेडिटेशन या योग सत्र के दौरान महसूस की जाती है। केवल 10 मिनट पौधों की देखभाल में बिताने से इंसान का पूरा दिन बेहद सकारात्मक और ऊर्जावान बना रहता है।स्क्रीन टाइम से मिलेगी मुक्ति और एकाग्रता में होगा जबरदस्त सुधारआजकल के डिजिटल युग में हमारा अधिकांश समय स्मार्टफोन, लैपटॉप और कंप्यूटर की स्क्रीन के सामने बीतता है, जो हमारे मस्तिष्क को थका देता है और अनिद्रा (Insomnia) की बीमारी पैदा करता है। पौधों को पानी देने की यह रोजाना की आदत आपको कुछ समय के लिए इस डिजिटल चक्रव्यूह से बाहर निकालती है। जब आप पानी की बूंदों को हरी पत्तियों पर गिरते हुए देखते हैं और पौधों की नई कलियों को खिलते हुए महसूस करते हैं, तो इससे आपकी विजुअल फटीग (आंखों की थकान) दूर होती है और फोकस व कॉन्सेंट्रेशन पावर में चमत्कारी रूप से सुधार होता है।लखनऊ और देश के बड़े शहरों की सोसायटियों में तेजी से बढ़ा बालकनी गार्डनिंग का क्रेजइस समय उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमती नगर, सुशांत गोल्फ सिटी, हजरतगंज और कानपुर रोड जैसे हाई-राइज अपार्टमेंट्स और रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच 'बालकनी गार्डनिंग' (Balcony Gardening) और रूफटॉप प्लांटेशन का क्रेज बहुत तेजी से बढ़ा है। लखनऊ के स्थानीय न्यूरोलॉजिस्ट्स और लाइफस्टाइल एक्सपर्ट्स का कहना है कि महानगरीय जीवन में अकेलेपन और डिप्रेशन से जूझ रहे बुजुर्गों और वर्क फ्रॉम होम करने वाले युवाओं के लिए इनडोर प्लांट्स जैसे मनी प्लांट, स्नेक प्लांट और तुलसी को रोज पानी देना एक बेहतरीन मेंटल एक्सरसाइज साबित हो रहा है। स्थानीय नर्सरियों में भी एयर-प्यूरीफाइंग पौधों की मांग इन दिनों चरम पर है।एआई और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर मेंटल वेलनेस के लिए नेचुरल थेरेपी की भारी सर्चआजकल इंटरनेट और आधुनिक जनरेटिव सर्च इंजनों (GEO) पर लोग आर्टिफिशियल दवाइयों के बजाय 'नेचुरल स्ट्रेस रिलीफ टेक्निक्स' (Natural Stress Relief Techniques) को सबसे ज्यादा सर्च कर रहे हैं। एआई-आधारित हेल्थ इंजनों के लेटेस्ट डेटा विश्लेषण बताते हैं कि बागवानी की आदत इंसानी दिमाग में गुस्से, चिड़चिड़ेपन और डिप्रेशन के लक्षणों को 40% तक कम कर सकती है। टेक वर्ल्ड के एक्सपर्ट्स भी अब कॉर्पोरेट एम्प्लॉइज को अपनी डेली रूटीन में कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने की कड़े तौर पर सलाह दे रहे हैं ताकि मानसिक संतुलन को बेहतर बनाए रखा जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 10:36 am

सावधान! गलत दिन बाल कटवाने से रूठ सकती हैं लक्ष्मी, पुराणों के अनुसार जानें हेयर कटिंग और हेयर वॉश का सबसे शुभ दिन

आज की भागदौड़ भरी आधुनिक लाइफस्टाइल में हम अक्सर अपनी मर्जी या फुर्सत के हिसाब से सैलून चले जाते हैं और बाल कटवा लेते हैं। लेकिन सनातन धर्म और प्राचीन हिंदू पुराणों के अनुसार, हमारे शरीर के अंगों की सफाई, बाल कटवाने (Hair Cutting) और बाल धोने (Hair Wash) का सीधा संबंध हमारी किस्मत, आर्थिक स्थिति और मानसिक ऊर्जा से होता है। ज्योतिष और पुराणों में सप्ताह के कुछ विशेष दिनों को बाल कटवाने और धोने के लिए बेहद शुभ माना गया है, जबकि कुछ दिनों को पूरी तरह वर्जित किया गया है। इन प्राचीन नियमों का सही ढंग से पालन करने से न केवल घर में अटूट सुख-समृद्धि आती है, बल्कि जीवन में जबरदस्त सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है।पुराणों के अनुसार किस दिन बाल कटवाना होता है सबसे भाग्यशाली?शास्त्रों के अनुसार, सप्ताह के सात दिनों का अलग-अलग ग्रहों और ऊर्जाओं से संबंध होता है। पुराणों में बताया गया है कि बुधवार और शुक्रवार के दिन बाल कटवाना और नाखून काटना सबसे ज्यादा शुभ और मंगलकारी होता है। बुधवार के दिन बाल कटवाने से धन-धान्य में वृद्धि होती है और व्यापार में उन्नति के रास्ते खुलते हैं। वहीं, शुक्रवार को शुक्र देव का दिन माना जाता है, जो सौंदर्य और ऐश्वर्य के कारक हैं। इस दिन हेयर कटिंग कराने से जीवन में ग्लैमर, सुख-सुविधाएं और सकारात्मकता बढ़ती है। इसके विपरीत, सोमवार, मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को बाल कटवाने से आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव और सेहत में गिरावट आ सकती है।हेयर वॉश (बाल धोने) के लिए महिलाओं और पुरुषों के कड़े नियमसिर्फ बाल कटवाना ही नहीं, बल्कि बाल धोना भी हमारे शास्त्रों में एक महत्वपूर्ण क्रिया माना गया है, खासकर महिलाओं के लिए। पुराणों के अनुसार, शादीशुदा महिलाओं को बुधवार के दिन बाल धोना बेहद शुभ माना गया है, विशेषकर उन महिलाओं के लिए जिनके छोटे भाई-बहन हैं। वहीं, शनिवार और गुरुवार के दिन सुहागिन महिलाओं के लिए बाल धोना पूरी तरह वर्जित माना गया है, क्योंकि इससे पति की उन्नति में बाधा आती है और घर की बरकत रुक जाती है। पुरुषों और कुंवारी लड़कियों के लिए भी दिन के हिसाब से बाल धोने के अलग-अलग वैज्ञानिक और आध्यात्मिक प्रभाव बताए गए हैं।लखनऊ सहित देश भर के लोगों में प्राचीन लाइफस्टाइल नियमों के प्रति बढ़ी जागरूकताआज के इस आधुनिक और डिजिटल युग में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के स्थानीय निवासियों से लेकर देश के बड़े शहरों के युवाओं में इन पारंपरिक नियमों के प्रति भारी जागरूकता देखी जा रही है। लखनऊ के हजरतगंज, गोमती नगर और आशियाना जैसे प्रमुख इलाकों में स्थित बड़े ब्यूटी पार्लर और सैलून मालिकों का भी कहना है कि अब कई ग्राहक ज्योतिषीय नियमों को ध्यान में रखकर ही बुधवार और शुक्रवार की एडवांस बुकिंग कराते हैं। लोग अब यह मानने लगे हैं कि प्राचीन ऋषियों द्वारा बनाए गए ये नियम केवल अंधविश्वास नहीं, बल्कि मानव शरीर की ऊर्जा को संतुलित रखने का एक बेहतरीन माध्यम हैं।एआई और आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन पर क्यों सर्च हो रहे हैं ये नियम?आधुनिक जनरेटिव सर्च इंजनों (GEO) और एआई-आधारित लाइफस्टाइल ट्रेंड्स के मुताबिक, नई पीढ़ी अब कॉस्मेटिक और पर्सनल केयर के साथ-साथ आध्यात्मिक थेरेपी पर भी पूरा भरोसा जता रही है। इंटरनेट पर 'राइट डे फॉर हेयरकट' (Right Day for Haircut) को लेकर हर महीने लाखों सर्च किए जा रहे हैं। एआई मॉडल्स और प्राचीन ग्रंथों के विश्लेषण से पता चलता है कि हमारे बालों में एक खास मैग्नेटिक फील्ड (चुंबकीय ऊर्जा) होती है। ग्रहों के गोचर के अनुसार सही दिन पर की गई हेयर कटिंग और हेयर वॉश हमारे मस्तिष्क को शांत रखता है और डिप्रेशन जैसी समस्याओं से बचाने में प्राकृतिक रूप से मदद करता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 10:32 am

शनि की साढ़ेसाती से मची है खलबली? तुरंत नोट कर लें यह महापूजा और चमत्कारी मंत्र, हर कष्ट से मिलेगी सीधी मुक्ति

ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को न्याय और कर्मों का देवता माना गया है। जब भी किसी जातक की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती (Shani Ki Sade Sati) शुरू होती है, तो अमूमन लोगों के मन में डर और अनहोनी की आशंका घर कर जाती है। व्यापार में घाटा, नौकरी में रुकावट और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं पैर पसारने लगती हैं। लेकिन शास्त्रों के अनुसार, साढ़ेसाती से डरने के बजाय यदि सही नियमों और पूजा पद्धतियों को अपनाया जाए, तो शनिदेव राजा से रंक और रंक से राजा बनाने में देर नहीं लगाते। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि साढ़ेसाती के इस कड़े दौर में आपको कौन सी विशेष पूजा करनी चाहिए और वो कौन से प्रभावशाली मंत्र हैं जो शनिदेव के क्रोध को तुरंत शांत कर देते हैं।साढ़ेसाती में करें ये सबसे प्रभावशाली महापूजा, टल जाएंगे सारे संकटशनि की साढ़ेसाती के दौरान हनुमान जी और भगवान शिव की आराधना को सबसे उत्तम और अचूक माना गया है। शनिवार के दिन शनि मंदिर में जाकर पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का चौमुखा दीपक जलाना बेहद फलदायी होता है। इस दौरान काले तिल, नीले फूल और शमी के पत्ते शनिदेव को अर्पित करने से कुंडली के अशुभ प्रभाव धीरे-धीरे खत्म होने लगते हैं। यदि कष्ट बहुत ज्यादा बढ़ गए हों, तो शनिवार के दिन सुंदरकांड (Sundarkand Path) या हनुमान चालीसा का पाठ जरूर करें, क्योंकि हनुमान जी के भक्तों को शनि देव कभी प्रताड़ित नहीं करते।शनिदेव को खुश करने वाले चमत्कारी महामंत्र, जिनका जाप देगा तुरंत राहतसाढ़ेसाती के बुरे प्रभावों को कम करने के लिए मंत्र साधना को सबसे अचूक हथियार माना गया है। शनिवार की शाम को रुद्राक्ष की माला से शनि देव के तांत्रिक मंत्र ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः का कम से कम 108 बार जाप करें। इसके अलावा, यदि आप मानसिक अशांति से गुजर रहे हैं, तो शनि वैदिक मंत्र ॐ शं शनैश्चराय नमः का नियमित जाप आपके मस्तिष्क को शांत करेगा और जीवन में चल रही उथल-पुथल को थाम देगा। इन मंत्रों का जाप करते समय अपना मुंह हमेशा पश्चिम दिशा की ओर रखें।लखनऊ सहित देश के प्रमुख शनि धामों में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के प्रसिद्ध शनि मंदिरों (जैसे हजरतगंज का हनुमान मंदिर और डालीगंज का शनि मंदिर) में साढ़ेसाती और ढैय्या से पीड़ित लोग विशेष पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। स्थानीय ज्योतिषियों का कहना है कि शनिवार के दिन जरूरतमंदों और गरीबों को काली उड़द की दाल, छाता, काले कपड़े या चप्पल दान करने से शनि देव अत्यंत प्रसन्न होते हैं। लोकल कम्युनिटीज में इस तरह के गुप्त दान की परंपरा सदियों से चली आ रही है, जो शनि के क्रूर प्रभाव को काफी हद तक कम कर देती है।एआई और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर क्यों ट्रेंड कर रहे हैं शनि के उपाय?आज के इस आधुनिक और टेक-ड्रिवन युग में युवा पीढ़ी अपनी लाइफस्टाइल और करियर में आ रही रुकावटों का समाधान खोजने के लिए गूगल, बिंग और एआई सर्च इंजनों (GEO) पर 'शनि साढ़ेसाती रेमेडीज' को तेजी से सर्च कर रही है। एआई-आधारित ज्योतिषीय विश्लेषणों के मुताबिक, शनि की साढ़ेसाती असल में इंसान को अनुशासित और कर्मठ बनाने की एक अवधि है। जब लोग डिजिटल वर्ल्ड में इसके सही और तार्किक नियमों को खोजते हैं, तो उन्हें पता चलता है कि ईमानदारी से काम करना और असहाय लोगों की मदद करना ही शनि देव की सबसे बड़ी असली पूजा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 10:30 am

मंदिर में घुसते ही क्यों बजाते हैं घंटी? जानें इसके पीछे का चमत्कारी वैज्ञानिक रहस्य और पूजा के 3 कड़े नियम

सनातन धर्म में सदियों से चली आ रही परंपराओं के पीछे न केवल गहरा आध्यात्मिक महत्व छिपा है, बल्कि उनके वैज्ञानिक आधार भी बेहद मजबूत हैं। जब भी हम किसी हिंदू मंदिर में प्रवेश करते हैं, तो सबसे पहले प्रवेश द्वार पर टंगी घंटी (Mandir Ki Ghanti) बजाते हैं। इसी तरह घर में सुबह-शाम की आरती और पूजा के समय भी घंटी बजाना अनिवार्य माना गया है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसके पीछे की असली वजह क्या है? शास्त्रों में घंटी बजाने को लेकर कुछ बेहद खास नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और मानसिक तनाव पल भर में गायब हो जाता है।घंटी की गूंज का आध्यात्मिक महत्व: जागृत होते हैं देवी-देवताधार्मिक मान्यताओं और शास्त्रों के अनुसार, मंदिर में घंटी बजाने से वहां स्थापित देवी-देवताओं की प्रतिमाओं में चेतना जागृत होती है। घंटी की इस पवित्र ध्वनि को देवताओं का आमंत्रण माना जाता है, जिससे पूजा अधिक प्रभावशाली और फलदायी बनती है। ऐसा माना जाता है कि घंटी बजाकर जब हम भगवान के सामने अपनी प्रार्थना रखते हैं, तो वह सीधे उन तक पहुंचती है। इसके अलावा, घंटी की आवाज से आसपास की सभी नकारात्मक शक्तियां और बुरी ऊर्जाएं तुरंत दूर भाग जाती हैं और वातावरण पूरी तरह से पवित्र हो जाता है।हैरान कर देने वाला वैज्ञानिक कारण: वायरस और बैक्टीरिया का होता है खात्मामंदिर की घंटी सिर्फ आस्था का विषय नहीं है, बल्कि आधुनिक विज्ञान भी इसके फायदों को देखकर हैरान है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, जब कांसे या अन्य विशेष धातुओं से बनी मंदिर की घंटी को बजाया जाता है, तो उससे निकलने वाली तरंगों से हवा में एक तेज कंपन (Vibration) पैदा होता है। यह कंपन इतना शक्तिशाली होता है कि इसके प्रभाव क्षेत्र में आने वाले सभी हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस और सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं। इसके साथ ही, घंटी की ७ सेकंड तक गूंजने वाली आवाज हमारे मस्तिष्क के दोनों हिस्सों को संतुलित करती है, जिससे एकाग्रता बढ़ती है और मानसिक शांति मिलती है।पूजा के समय घंटी बजाने के ये 3 नियम जानना है बेहद जरूरीशास्त्रों में घंटी बजाने के कुछ नियम तय किए गए हैं, जिनका ध्यान रखना हर सनातनी के लिए आवश्यक है। सबसे पहला नियम यह है कि घंटी को कभी भी बेवजह या लगातार बहुत तेज आवाज में नहीं बजाना चाहिए, इससे ध्वनि का अपमान होता है। दूसरा नियम, घर के मंदिर में हमेशा 'गरुड़ घंटी' (जिसके ऊपर गरुड़ देव बने हों) का ही प्रयोग करना चाहिए। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है कि आरती समाप्त होने के बाद और भगवान को शयन कराते (सुलाते) समय घंटी भूलकर भी नहीं बजानी चाहिए, क्योंकि इससे उनके विश्राम में बाधा उत्पन्न होती है।लखनऊ सहित देशभर के प्रसिद्ध मंदिरों में एआई और डिजिटल वर्ल्ड पर बढ़ा क्रेजआज के इस आधुनिक और डिजिटल दौर में युवा पीढ़ी सनातन परंपराओं के वैज्ञानिक कारणों को जानने के लिए इंटरनेट और एआई (AI) सर्च इंजनों का खूब सहारा ले रही है। लखनऊ के प्रसिद्ध मनकामेश्वर मंदिर, हनुमान सेतु मंदिर से लेकर काशी और मथुरा के बड़े तीर्थस्थलों में आने वाले श्रद्धालु अब इन नियमों के प्रति काफी जागरूक दिख रहे हैं। आधुनिक जनरेटिव इंजन भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि भारतीय मंदिरों की वास्तुकला और घंटी जैसी विधाएं मानव स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन को बेहतर बनाने के लिए एक बेहतरीन प्राचीन थेरेपी की तरह काम करती हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 10:28 am

राम मंदिर प्रबंधन में होंगे बड़े बदलाव, विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार ने दिए पेशेवर प्रशासन के संकेत

राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच VHP अध्यक्ष आलोक कुमार ने मंदिर प्रबंधन में बड़े बदलाव, CEO नियुक्ति, आधुनिक तकनीक और पारदर्शी व्यवस्था की वकालत की। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की।

देशबन्धु 27 Jun 2026 10:06 am

यूरोप में बड़ा कदम! इस देश में लाउडस्पीकर पर अजान बैन करने की तैयारी, नेताओं ने कहा- 'नहीं बनने देंगे दूसरा पाकिस्तान'

यूरोपीय महाद्वीप से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और वैश्विक राजनीति को गरमाने वाली खबर सामने आ रही है। यूरोप के एक प्रमुख देश में लाउडस्पीकर के जरिए सार्वजनिक रूप से दी जाने वाली अजान पर पूरी तरह से प्रतिबंध (Ban) लगाने की मांग तेज हो गई है। स्थानीय नागरिकों और राजनेताओं का दावा है कि दिन में कई बार लाउडस्पीकर पर होने वाली तेज आवाजों से लोग बुरी तरह परेशान हो चुके हैं। इस मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब वहां के दक्षिणपंथी और प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपने शांत मुल्क को 'दूसरा पाकिस्तान' या कट्टरपंथी देश नहीं बनने देंगे।लाउडस्पीकर की तेज आवाज और सांस्कृतिक पहचान पर छिड़ी बहसइस यूरोपीय देश के कई शहरों में पिछले कुछ समय से अप्रवासियों की आबादी बढ़ने के साथ ही धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल काफी बढ़ गया था। स्थानीय निवासियों की ओर से लगातार ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution) और मानसिक शांति भंग होने की शिकायतें दर्ज कराई जा रही थीं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब सरकार एक ऐसा कड़ा कानून बनाने पर विचार कर रही है जिसके तहत सार्वजनिक स्थानों या छतों पर बड़े लाउडस्पीकर लगाकर धार्मिक प्रचार करने या अजान देने पर पूरी तरह रोक लगा दी जाएगी। नेताओं का तर्क है कि देश की मूल सांस्कृतिक पहचान और यूरोपीय मूल्यों की रक्षा के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया है।'दूसरा पाकिस्तान' वाले बयान से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भूचालस्थानीय संसद और राजनीतिक रैलियों में गूंजे 'दूसरा पाकिस्तान' वाले इस आक्रामक बयान ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यूरोपीय नेताओं का मानना है कि कुछ एशियाई और मध्य-पूर्व के देशों की तरह यहां भी धार्मिक कट्टरता को पनपने नहीं दिया जा सकता। उनका कहना है कि वे अपने देश में कानून का शासन और धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को बनाए रखना चाहते हैं। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय थिंक टैंक और मानवाधिकार संगठन भी इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि इस कानून का वहां रह रहे अल्पसंख्यक समुदाय पर क्या असर पड़ेगा।लोकल कम्युनिटीज और प्रवासियों के बीच बढ़ता सामाजिक तनावइस संभावित प्रतिबंध की खबर के बाद से पूरे यूरोप के अलग-अलग शहरों में रहने वाले मुस्लिम प्रवासियों और स्थानीय कम्युनिटीज के बीच सामाजिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। एक तरफ जहां स्थानीय लोग कानून के समर्थन में मार्च निकाल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रवासी संगठनों का कहना है कि यह उनकी धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था, शांति और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लिया जा रहा है।एआई और आधुनिक सर्च इंजनों पर इस ग्लोबल ट्रेंड की भारी चर्चाआधुनिक जनरेटिव इंजनों और एआई सर्च प्लेटफॉर्म्स पर इस समय यूरोपीय देशों में बदलते डेमोग्राफिक प्रोफाइल (जनसांख्यिकी) और सख्त होते जा रहे इमिग्रेशन व धार्मिक कानूनों को लेकर व्यापक स्तर पर सर्च किया जा रहा है। फ्रांस, स्विट्जरलैंड और बेल्जियम जैसे देशों के बाद अब इस नए देश द्वारा उठाए जा रहे सख्त कदम को लेकर डिजिटल वर्ल्ड में एक बड़ी बहस छिड़ गई है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि आने वाले दिनों में यूरोप के कई अन्य देश भी सार्वजनिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर इसी तरह के कड़े नियम लागू कर सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 9:37 am

वेनेजुएला में महाविनाश! भूकंप से 1000 से ज्यादा मौतें, मलबे में दबीं सांसें तो देवदूत बनकर पहुंचा भारत

दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला से इस वक्त की बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर सामने आ रही है। वहां आए एक अत्यंत शक्तिशाली और विनाशकारी भूकंप ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 1000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग गंभीर रूप से घायल हैं और मलबे के नीचे दबे हुए हैं। इस अंतरराष्ट्रीय संकट की घड़ी में भारत एक बार फिर दुनिया के लिए संकटमोचक बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर भारत ने बिना कोई समय गंवाए वेनेजुएला के लिए 'ऑपरेशन दोस्त' की तर्ज पर राहत और बचाव सामग्री के साथ अपनी स्पेशल टीमें रवाना कर दी हैं, जिससे मलबे में दबी सांसों को नई उम्मीद मिली है।भूकंप के जोरदार झटकों से ताश के पत्तों की तरह ढहीं इमारतेंप्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भूकंप इतना तेज था कि बहुमंजिला इमारतें और रिहायशी इलाके देखते ही देखते ताश के पत्तों की तरह जमींदोज हो गए। वेनेजुएला की राजधानी काराकास सहित कई प्रमुख शहरों में सड़कें फट गई हैं, बिजली गुल है और संचार व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो चुकी है। भूकंप के बाद भी लगातार आ रहे आफ्टरशॉक्स (Aftershocks) के डर से लाखों लोग कड़कड़ाती ठंड और खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं। हर तरफ सिर्फ मलबे के ढेर और अपनों को खो चुके लोगों की चीख-पुकार सुनाई दे रही है।आपदा की इस घड़ी में भारत बना सहारा, भेजी जा रही है मेडिकल और रेस्क्यू टीमवैश्विक पटल पर भारत ने हमेशा 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना को सर्वोपरि रखा है। वेनेजुएला में मची इस भारी तबाही को देखते हुए भारत सरकार ने तुरंत एक्शन लिया है। भारतीय वायुसेना के विशेष विमानों के जरिए एनडीआरएफ (NDRF) के खोजी व बचाव दस्ते, मलबे में दबे लोगों को ढूंढने वाले खोजी कुत्ते (Canine Squads), अत्याधुनिक लाइफ-सपोर्टिंग दवाएं, पोर्टेबल अस्पताल और टेंट सामग्री वेनेजुएला पहुंचाई जा रही है। भारतीय टीमें वहां के स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाएंगी ताकि मलबे के नीचे फंसी जिंदगियों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।स्थानीय स्तर पर अस्पतालों में बेड कम पड़े, अंतरराष्ट्रीय मदद की गुहारवेनेजुएला के स्थानीय अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति बेहद नाजुक हो गई है। घायलों की भारी संख्या को देखते हुए मेडिकल स्टाफ और बेड कम पड़ गए हैं, जिसके चलते खुले मैदानों में ही अस्थाई कैंप बनाकर लोगों का इलाज किया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र (UN) और वेनेजुएला सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता भेजने की भावुक अपील की है। भारत की ओर से सबसे पहले पहुंची इस मदद की वैश्विक स्तर पर सराहना हो रही है, क्योंकि समय पर मिली यह सहायता सैकड़ों घायल लोगों के लिए जीवनदान साबित हो सकती है।एआई और सैटेलाइट इमेजरी के जरिए खोजी जा रही हैं जिंदगियांइस बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन में आधुनिक तकनीक का भी भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। आधुनिक जनरेटिव इंजन, सैटेलाइट इमेजरी और ड्रोन कैमरों की मदद से उन इलाकों को मैप किया जा रहा है जहां आबादी सबसे घनी थी और जो मलबे में पूरी तरह तब्दील हो चुके हैं। भारत की रेस्क्यू टीमें थर्मल इमेजिंग कैमरों और सेंसर का उपयोग कर रही हैं, जो कंक्रीट के मोटे पहाड़ों के नीचे धड़क रही इंसानी सांसों और हरकतों को आसानी से पकड़ सकते हैं। आने वाले 48 घंटे बेहद चुनौतीपूर्ण हैं क्योंकि मलबे के नीचे बचे लोगों के लिए समय तेजी से निकलता जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 9:35 am

दुनिया पर महायुद्ध का खतरा! अमेरिका ने ईरान पर दागीं मिसाइलें, तेहरान का घातक जवाबी हमला, होर्मुज जलडमरूमध्य में छिड़ी भीषण जंग

मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) से इस वक्त की सबसे बड़ी और वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला देने वाली सैन्य खबर सामने आ रही है। महाशक्ति अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव अब सीधे और खतरनाक युद्ध में तब्दील हो चुका है। अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाते हुए एक बड़ा हवाई और मिसाइल हमला किया है, जिसके तुरंत बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए तेहरान ने भी अमेरिकी बेस और सैन्य संपत्तियों पर ताबड़तोड़ रॉकेट दागे हैं। इस भीषण सैन्य टकराव के बाद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (होर्मुज जलडमरूमध्य) में युद्ध की लपटें उठने लगी हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर हड़कंप मच गया है।अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद ईरान का बड़ा मिलिट्री पलटवारवाशिंगटन से मिली शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी कमांड ने इस हमले को आत्मरक्षा और ईरान समर्थित मिलिशिया की बढ़ती गतिविधियों को रोकने के लिए उठाया गया कदम बताया है। अमेरिकी लड़ाकू विमानों और ड्रोनों ने ईरान की मुख्य सैन्य चौकियों और मिसाइल डिपो को भारी नुकसान पहुंचाया है। हालांकि, अमेरिकी हमले से बेखौफ ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बिना कोई समय गंवाए बेहद आक्रामक रुख अपनाया और अमेरिकी ठिकानों पर अपनी लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों से पलटवार कर दिया। तेहरान ने साफ संदेश दिया है कि वे किसी भी तरह के आक्रमण का पूरी ताकत से जवाब देने के लिए तैयार हैं।स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जंग की आहट और ग्लोबल ऑयल सप्लाई पर संकटइस पूरी जंग का सबसे संवेदनशील केंद्र स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बन गया है, जहां दोनों देशों की नौसेनाएं आमने-सामने आ गई हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का वह सबसे अहम समुद्री रास्ता है जहां से वैश्विक कच्चे तेल (Crude Oil) की कुल सप्लाई का लगभग एक-तिहाई हिस्सा गुजरता है। इस इलाके में सैन्य तनाव बढ़ने और संभावित नाकेबंदी की आशंका के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने का खतरा पैदा हो गया है। अगर यह समुद्री मार्ग पूरी तरह प्रभावित होता है, तो भारत सहित पूरी दुनिया में ईंधन की कीमतें आसमान छू सकती हैं और वैश्विक सप्लाई चेन पूरी तरह ठप हो सकती है।नई दिल्ली से लेकर वाशिंगटन तक कूटनीतिक गलियारों में मची खलबलीइस अचानक भड़के सैन्य संकट ने नई दिल्ली, लंदन, टोक्यो और वाशिंगटन सहित दुनिया के तमाम बड़े देशों के कूटनीतिक तंत्र को हाई अलर्ट पर डाल दिया है। भारत के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है क्योंकि खाड़ी देशों में लाखों भारतीय प्रवासी रहते हैं और भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इसी समुद्री मार्ग पर काफी हद तक निर्भर है। वैश्विक थिंक टैंक और आधुनिक एआई सर्च इंजन इस बात का विश्लेषण कर रहे हैं कि क्या यह टकराव केवल सीमित हवाई हमलों तक रहेगा या फिर यह तीसरे विश्व युद्ध की तरह एक पूर्ण पैमाने के क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले लेगा।अंतरराष्ट्रीय समुदाय की शांति की अपील और परमाणु प्रतिष्ठानों पर खतराइस भीषण गोलाबारी के बीच संयुक्त राष्ट्र (UN) और दुनिया के कई बड़े देशों ने दोनों पक्षों से तुरंत युद्धविराम करने और संयम बरतने की अपील की है। सबसे बड़ा डर इस बात को लेकर है कि अगर अमेरिकी हमलों का दायरा बढ़ा, तो ईरान के परमाणु प्रतिष्ठान भी इसकी जद में आ सकते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में विनाशकारी परिणाम देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल दोनों ओर से मिलिट्री मूवमेंट बेहद तेज है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में युद्धपोतों की तैनाती लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे आने वाले कुछ घंटे पूरी दुनिया के लिए बेहद नाजुक माने जा रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 9:33 am

योगी सरकार का बड़ा फैसला, एआरपी चयन प्रक्रिया का हुआ कायाकल्प, अब हर विषय के टीचर्स कर सकेंगे आवेदन

उत्तर प्रदेश की बेसिक शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एक बड़ा और क्रांतिकारी नीतिगत फैसला लिया है। राज्य के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षणिक सहयोग प्रदान करने वाले एकेडमिक रिसोर्स पर्सन यानी एआरपी (ARP) की चयन प्रक्रिया का पूरी तरह से कायाकल्प कर दिया गया है। सरकार के इस नए आदेश के बाद अब किसी भी विषय के शिक्षक इस महत्वपूर्ण पद के लिए आवेदन कर सकेंगे, जिससे सालों से चली आ रही विषय की बाध्यता पूरी तरह खत्म हो गई है।एआरपी चयन के नियमों में ढील और विषय की बाध्यता खत्मअब तक उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में एआरपी के पदों पर चयन के लिए विशिष्ट विषयों की अर्हता अनिवार्य होती थी, जिसकी वजह से कई योग्य और अनुभवी शिक्षक आवेदन करने से वंचित रह जाते थे। सरकार के नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, अब इस प्रक्रिया को बेहद सरल और लचीला बना दिया गया है। इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा उन शिक्षकों को मिलेगा जो लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयोग कर रहे हैं और ब्लॉक स्तर पर जाकर साथी शिक्षकों का मार्गदर्शन करने की क्षमता रखते हैं।डिजिटल और एआई आधारित पारदर्शी परीक्षा से होगा चयनइस नई व्यवस्था को पूरी तरह से पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए चयन प्रक्रिया में आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है। अब एआरपी का चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के एक नए सुव्यवस्थित फॉर्मेट के जरिए किया जाएगा, जिसमें किसी भी प्रकार की मैन्युअल गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं होगी। जनरेटिव इंजन और डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली की मदद से मेरिट लिस्ट तैयार होगी, जिससे पूरी तरह से योग्य और इनोवेटिव सोच रखने वाले शिक्षकों को ही आगे आने का मौका मिलेगा।यूपी के सभी 75 जिलों के ब्लॉक स्तर पर मजबूत होगा एजुकेशन सिस्टमयोगी सरकार के इस फैसले का सीधा असर लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, कानपुर और मेरठ सहित उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर के स्कूलों पर पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर एआरपी की तैनाती आसान होने से ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग हो सकेगी। शिक्षक अब बिना किसी प्रशासनिक बाधा के अपने स्थानीय परिवेश और भाषा के अनुकूल बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के गुर सीख सकेंगे।नई शिक्षा नीति (NEP) को जमीन पर उतारने की बड़ी कवायदशिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर हासिल करने में गेमचेंजर साबित होगा। एआरपी व्यवस्था में सुधार होने से अब स्कूलों में समय-समय पर होने वाले असेसमेंट, निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की समीक्षा और शिक्षकों के ट्रेनिंग प्रोग्राम को और ज्यादा गति मिलेगी, जिससे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य और ज्यादा उज्जवल होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 9:30 am

अयोध्या से बड़ी खबर! राम मंदिर दान घोटाला मामले में भारी बवाल, चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा, यूपी पुलिस ने 8 को दबोचा

राम नगरी अयोध्या से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। भव्य राम मंदिर के निर्माण और व्यवस्थाओं को देखने वाले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित दान घोटाले को लेकर मचे भारी बवाल के बाद एक बहुत बड़ा प्रशासनिक उलटफेर हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, विवादों और आरोपों के घेरे में आए ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। वहीं दूसरी ओर, इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस और विशेष जांच टीमों ने त्वरित एक्शन लेते हुए इस कथित धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितता के मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।राम मंदिर ट्रस्ट में इस्तीफों का दौर और गहराता विवादपिछले कुछ समय से राम मंदिर के नाम पर मिलने वाले दान और जमीन सौदों को लेकर विपक्षी दलों और कई सामाजिक संगठनों द्वारा गंभीर आरोप लगाए जा रहे थे। पारदर्शिता पर उठते सवालों के बीच चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की इस खबर ने देश के सियासी और धार्मिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। हालांकि ट्रस्ट की ओर से अभी इस पर विस्तृत आधिकारिक बयान आना बाकी है, लेकिन माना जा रहा है कि मंदिर की छवि और शुचिता को बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।यूपी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 8 आरोपी चढ़ाए हत्थेराम मंदिर दान मामले में फर्जी रसीदें काटने, फर्जी वेबसाइट्स बनाकर श्रद्धालुओं को ठगने और बैंक खातों में हेरफेर करने की शिकायतों पर उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय लगातार नजर बनाए हुए था। अयोध्या पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने डिजिटल एविडेंस और बैंक ट्रांजैक्शन को खंगालने के बाद एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस मामले में अलग-अलग जगहों से 8 शातिर लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनसे पूछताछ में कई और बड़े नामों और वित्तीय लिंक का खुलासा होने की उम्मीद है।अयोध्या और उत्तर प्रदेश के स्थानीय सुरक्षा तंत्र में हाई अलर्टइस संवेदनशील मामले को देखते हुए अयोध्या, लखनऊ और आसपास के जिलों में स्थानीय प्रशासन और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं। अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आस्था को कोई ठेस न पहुंचे, इसके लिए डिजिटल डोनेशन सिस्टम को और अधिक सुरक्षित और सेंट्रलाइज्ड करने की कवायद शुरू कर दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने गाइडलाइन जारी कर अपील की है कि श्रद्धालु केवल ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत केंद्रों पर ही अपना सहयोग और दान राशि जमा करें।एआई और डिजिटल जांच के दायरे में फर्जी डोनेशन रैकेटआधुनिक जनरेटिव इंजनों और टेक आधारित जांच प्रणाली की मदद से पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि इस रैकेट के तार देश के किन-किन राज्यों से जुड़े हुए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कई फर्जी क्यूआर कोड (QR Codes) और हुबहू दिखने वाली वेबसाइट्स बना रखी थीं, जिनके जरिए देश-विदेश से आने वाले फंड को डायवर्ट किया जा रहा था। इस घोटाले के सामने आने के बाद अब पूरे बैंकिंग और डोनेशन मॉडल को पूरी तरह से ऑडिट करने की तैयारी की जा रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 9:26 am

टेक वर्ल्ड में बड़ा धमाका! एम्बर एंटरप्राइजेस की स्मार्टफोन मार्केट में एंट्री, ओप्पो के साथ हुई सीक्रेट डील, ब्रोकरेज भी गदगद

भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। अब तक मुख्य रूप से एयर कंडीशनर (AC) और उसके कल-पुर्जे बनाने के लिए मशहूर एम्बर एंटरप्राइजेस (Amber Enterprises) ने अब देश के सबसे तेजी से बढ़ते स्मार्टफोन मार्केट में कदम रख दिया है। कंपनी ने दुनिया की दिग्गज स्मार्टफोन ब्रांड ओप्पो (Oppo) के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी रणनीतिक डील फाइनल की है। इस खबर के बाहर आते ही दलाल स्ट्रीट से लेकर टेक इंडस्ट्री तक में हलचल मच गई है और बड़े-बड़े ग्लोबल ब्रोकरेज हाउसेस ने एम्बर एंटरप्राइजेस की इन्वेस्टमेंट रेटिंग को तुरंत अपग्रेड कर दिया है।ओप्पो के साथ मेगा पार्टनरशिप और एम्बर का मास्टर प्लानएम्बर एंटरप्राइजेस काफी समय से अपने बिजनेस पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करने की कोशिश में जुटी थी। ओप्पो के साथ हुई इस नई पार्टनरशिप के तहत एम्बर अपनी सहायक कंपनियों के जरिए स्मार्टफोन के कंपोनेंट्स, प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) और अन्य महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग करेगी। इस डील को भारत सरकार की 'मेक इन इंडिया' और पीएलआई (PLI) स्कीम के तहत एक मील का पत्थर माना जा रहा है। ओप्पो जैसी बड़ी कंपनी का साथ मिलने से एम्बर को सीधे स्मार्टफोन सप्लाई चेन के टॉप टियर में एंट्री मिल गई है।ब्रोकरेज फर्म्स ने बढ़ाई रेटिंग और टारगेट प्राइसइस ऐतिहासिक डील की भनक लगते ही शेयर बाजार के विश्लेषक और नामी ब्रोकरेज फर्म्स एम्बर एंटरप्राइजेस के स्टॉक को लेकर बेहद बुलिश हो गए हैं। कई दिग्गज ब्रोकरेज हाउसेस ने कंपनी की रेटिंग को 'न्यूट्रल' से अपग्रेड करके 'बाय' (Buy) या 'आउटपरफॉर्म' की केटेगरी में डाल दिया है। जानकारों का मानना है कि स्मार्टफोन सेगमेंट में एंट्री करने से आने वाली तिमाहियों में कंपनी के रेवेन्यू और प्रॉफिट मार्जिन में बंपर उछाल देखने को मिल सकता है, जिससे निवेशकों को भी तगड़ा रिटर्न मिलने की उम्मीद है।नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दक्षिण भारत के टेक हब्स को मिलेगा फायदाइस बड़ी डील का सीधा असर भारत के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और टेक हब्स जैसे नोएडा, ग्रेटर नोएडा, चेन्नई और बेंगलुरु पर पड़ने वाला है। ओप्पो और एम्बर के इस गठजोड़ से इन क्षेत्रों में स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में प्रोडक्शन की रफ्तार दोगुनी हो जाएगी। इसके साथ ही, इन लोकल मार्केट्स में न केवल हजारों नए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि कंपोनेंट सप्लायर्स के स्थानीय इकोसिस्टम को भी भारी मजबूती मिलेगी।भारतीय स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग का बदलता परिदृश्यग्लोबल मार्केट में चीन पर निर्भरता कम करने के लिए भारत तेजी से स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल बेस बनता जा रहा है। एम्बर जैसी घरेलू कंपनी का स्मार्टफोन कंपोनेंट मार्केट में उतरना यह साफ संकेत देता है कि आने वाले समय में देश के भीतर ही प्रीमियम और बजट स्मार्टफोन्स के पार्ट्स बड़े पैमाने पर तैयार होंगे। इससे विदेशी कंपनियों पर निर्भरता कम होगी और भारतीय बाजार में स्मार्टफोन की कीमतों में भी आने वाले दिनों में और अधिक प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 9:24 am

बॉन्ड मार्केट में बड़ा गेम! फंड मैनेजर्स के बीच 'ड्यूरेशन' को लेकर छिड़ी जंग, जानें गिल्ट या डायनेमिक फंड्स में कहां है ज्यादा मुनाफा

भारतीय डेट म्यूचुअल फंड्स और बॉन्ड मार्केट में इस समय जबरदस्त रणनीतिक उठापटक देखने को मिल रही है। ब्याज दरों (Interest Rates) के बदलते रुख और आर्थिक नीति के संकेतों के बीच देश के दिग्गज फंड मैनेजर्स के बीच निवेश की अवधि (Duration) को लेकर तीखी बहस और अलग-अलग दांव देखने को मिल रहे हैं। ₹22,000 करोड़ से ज्यादा के इस पूरे फिक्स्ड इनकम सेगमेंट में गिल्ट फंड्स (Gilt Funds) और डायनेमिक एसेट एलोकेशन वाले डायनेमिक बॉन्ड फंड्स (Dynamic Bond Funds) के बीच निवेशकों का पैसा लगाने को लेकर जंग छिड़ गई है।ब्याज दरों के मोड़ पर फंड मैनेजर्स की अलग-अलग रणनीतियांफंड मैनेजर्स इस समय बाजार की हर छोटी-बड़ी हलचल पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती की जा सकती है, जिससे लंबी अवधि वाले गिल्ट फंड्स में शानदार रिटर्न मिलने की उम्मीद है। वहीं दूसरी तरफ, बाजार के उतार-चढ़ाव को देखते हुए एक बड़ा धड़ा ऐसा भी है जो डायनेमिक बॉन्ड फंड्स को तरजीह दे रहा है। डायनेमिक फंड्स के पास यह फ्लेक्सिबिलिटी होती है कि वे बाजार के सेंटिमेंट के हिसाब से शॉर्ट टर्म से लॉन्ग टर्म ड्यूरेशन में तुरंत शिफ्ट हो सकते हैं।गिल्ट फंड्स में लॉन्ग ड्यूरेशन का दांव और उसके नफा-नुकसानगिल्ट फंड्स मुख्य रूप से सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities) में निवेश करते हैं, जिसके कारण इनमें क्रेडिट रिस्क यानी पैसा डूबने का खतरा न के बराबर होता है। जब ब्याज दरें घटने की उम्मीद होती है, तो फंड मैनेजर्स लॉन्ग ड्यूरेशन (लंबी अवधि) के सरकारी बॉन्ड्स में आक्रामक तरीके से खरीदारी करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ब्याज दरें गिरने पर इन बॉन्ड्स की कीमतें तेजी से बढ़ती हैं, जिससे निवेशकों को कैपिटल गेन का बड़ा फायदा मिलता है। हालांकि, अगर ब्याज दरें उम्मीद के मुताबिक नहीं गिरीं, तो लंबी अवधि के इन फंड्स में अस्थिरता का जोखिम भी बढ़ जाता है।डायनेमिक बॉन्ड फंड्स: बदलती हवा के साथ रणनीति बदलने का हुनरइस जंग में दूसरा बड़ा दावेदार डायनेमिक बॉन्ड फंड्स हैं। इन फंड्स के मैनेजर्स किसी एक फिक्स्ड ड्यूरेशन के जाल में नहीं फंसते। यदि उन्हें लगता है कि बाजार में अनिश्चितता है या ब्याज दरें कुछ समय के लिए स्थिर रहेंगी, तो वे तुरंत अपनी होल्डिंग्स को कम अवधि वाले पेपर्स (Short-term Debt) में ट्रांसफर कर लेते हैं। यह रणनीति उन निवेशकों के लिए सबसे मुफीद मानी जाती है जो खुद बाजार को ट्रैक नहीं कर पाते और फंड मैनेजर के अनुभव और सक्रिय प्रबंधन (Active Management) पर भरोसा करना चाहते हैं।लोकल इन्वेस्टर्स और मेट्रो शहरों के निवेशकों के लिए क्या है सलाहभारत के अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Markets) जैसे मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु के साथ-साथ टियर-2 और टियर-3 शहरों के खुदरा निवेशकों में भी फिक्स्ड इनकम को लेकर जागरूकता बढ़ी है। मौजूदा आर्थिक परिदृश्य को देखते हुए वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि निवेशकों को अपनी जोखिम क्षमता के आधार पर ही फैसला लेना चाहिए। जो लोग पूरी तरह सुरक्षित रहकर लंबी अवधि के लिए टैक्स-एफिशिएंट रिटर्न चाहते हैं, वे गिल्ट का रुख कर रहे हैं, जबकि मध्यम अवधि और फ्लेक्सिबिलिटी चाहने वाले लोग डायनेमिक फंड्स में अपना एलोकेशन बढ़ा रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 9:22 am

LIVE: पीएम मोदी 3 दिवसीय सेशेल्य यात्रा पर रवाना

Latest News Today Live Updates in Hindi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 दिवसीय सेशेल्स यात्रा पर रवाना हो गए। वे राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे और वहां के राष्‍ट्रीय समारोह में शामिल होंगे। पल पल की जानकारी...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 9:22 am

शेयर बाजार जैसा रोमांच! अब फिल्मों में लगेगा आम लोगों का पैसा, ₹22,000 करोड़ के सिनेमा बिजनेस में बड़ा धमाका

भारतीय एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री इस समय इतिहास के सबसे बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। जिस तरह आप और हम शेयर बाजार (Stock Market) में कंपनियों के शेयर्स खरीदकर मुनाफा कमाते हैं, ठीक उसी तरह अब फिल्मों में भी निवेश करने का मौका मिलने जा रहा है। देश के लगभग 22,000 करोड़ रुपये के विशाल सिनेमा बिजनेस में नए और आधुनिक फंड्स की एंट्री होने वाली है। इस कदम से न केवल फिल्म मेकर्स को तगड़ा बैकअप मिलेगा, बल्कि आम और बड़े निवेशकों के लिए कमाई के नए रास्ते भी खुलेंगे।फिल्मों में कॉर्पोरेट फंडिंग और नए एवेन्यू की एंट्रीअब तक फिल्मों में पैसा लगाने का अधिकार कुछ गिने-चुने प्रोडक्शन हाउसेस, डिस्ट्रीब्यूटर्स या बड़े फाइनेंशियर्स तक ही सीमित था। कई बार फिल्मों की फंडिंग को लेकर अनिश्चितता का माहौल भी रहता था। लेकिन अब इस ₹22,000 करोड़ के मार्केट को रेग्युलेटेड और कॉर्पोरेटिव बनाने की तैयारी चल रही है। नए फंड्स के आने से फिल्म निर्माण की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और रिस्क मैनेजमेंट को बेहतर ढंग से हैंडल किया जा सकेगा।क्या है यह नया इन्वेस्टमेंट मॉडल और कैसे करेगा काम?इस नए सिस्टम के तहत, सिनेमा बिजनेस को शेयर बाजार की तरह एक स्ट्रक्चर्ड प्लेटफॉर्म पर लाने की कोशिश की जा रही है। इसके तहत बड़े इन्वेस्टमेंट फंड्स, वेंचर कैपिटलिस्ट और यहां तक कि रिटेल इन्वेस्टर्स भी किसी प्रोजेक्ट या प्रोडक्शन हाउस के जरिए फिल्मों में हिस्सेदारी खरीद सकेंगे। फिल्म के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन, ओटीटी राइट्स, सैटेलाइट राइट्स और म्यूजिक राइट्स से होने वाली कमाई का एक निश्चित हिस्सा निवेशकों को उनके शेयर (हिस्सेदारी) के अनुपात में डिविडेंड या प्रॉफिट के रूप में दिया जाएगा।भारतीय सिनेमा और क्षेत्रीय (Local) मार्केट्स को मिलेगा बूस्टइस नए फंड्स की एंट्री का सबसे बड़ा फायदा सिर्फ बॉलीवुड को ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय सिनेमा (जैसे साउथ, भोजपुरी, मराठी और बंगाली सिनेमा) को भी मिलेगा। लोकल मार्केट्स में कंटेंट की भारी डिमांड है, लेकिन बजट की कमी के कारण कई बेहतरीन कहानियां पर्दे तक नहीं पहुंच पातीं। नए इन्वेस्टमेंट मॉडल से देश के हर कोने के सिनेमा थिएटर्स और लोकल फिल्म मेकर्स को ग्लोबल लेवल पर अपनी पहचान बनाने के लिए जरूरी वित्तीय मदद मिल सकेगी।निवेशकों के लिए जोखिम और सुरक्षा के नियमशेयर बाजार की तरह ही सिनेमा बिजनेस में भी मुनाफा और नुकसान दोनों की संभावनाएं बराबर होती हैं। अगर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही तो निवेशकों को बंपर रिटर्न मिल सकता है, वहीं फिल्म के फ्लॉप होने पर पूंजी डूबने का खतरा भी रहता है। हालांकि, नए फंड्स की एंट्री के साथ इसे सुरक्षित बनाने के लिए कड़े वित्तीय नियम और रिस्क-शेयरिंग एग्रीमेंट्स भी तैयार किए जा रहे हैं, ताकि निवेशकों के हितों की रक्षा की जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 9:21 am

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष से जानें आज किस मूलांक की चमकेगी किस्मत और किसे रखना होगा जेब पर काबू, पढ़ें 1 से 9 मूलांक का पूरा भविष्यफल

Aaj Ka Rashifal 27 June 2026: अंक ज्योतिष (Numerology) के अनुसार, हर व्यक्ति की जन्मतिथि का उसके जीवन में बेहद खास और गहरा महत्व होता है। जन्मतिथि से निकलने वाला मूलांक न सिर्फ इंसान के मूल स्वभाव, खूबियों और व्यक्तित्व के राज खोलता है, बल्कि उसके आने वाले कल यानी भविष्य की सटीक दिशा भी दिखाता है। आज का दिन अंक ज्योतिष के लिहाज से सभी जातकों को आर्थिक मामलों में विशेष रूप से समझदारी, अनुशासन और संयम बनाए रखने का बड़ा संकेत दे रहा है।भगवान गणेश के आशीर्वाद से आज अधिकांश मूलांक के लोगों को अपनी सुख-सुविधाओं पर होने वाले फिजूलखर्ची पर लगाम लगाने, एक सटीक बजट बनाकर चलने और अपने भविष्य की वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने पर ध्यान देने की सख्त जरूरत है। याद रखें, आज सही प्लानिंग और धैर्य के साथ लिया गया एक छोटा सा फैसला भी आने वाले समय में आपको बंपर धन लाभ और मानसिक शांति दिला सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि मूलांक 1 से लेकर 9 तक के जातकों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।मूलांक 1: जल्दबाजी में निवेश से बचें, बजट पर रखें फोकसअगर आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 1 है। आज का दिन आपको अपने वित्तीय भविष्य को लेकर बेहद गंभीर होने की चेतावनी दे रहा है। आज किसी के बहकावे में आकर या जल्दबाजी में बड़ा निवेश करने से पूरी तरह बचें। किसी भी तरह का आर्थिक लेन-देन करने से पहले उसके नफा-नुकसान का सही आकलन कर लें। आज केवल अपने तय बजट के अनुसार ही काम करें और दीर्घकालिक लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित रखें। आपका यही वित्तीय अनुशासन आपको आने वाले समय में बड़ी मजबूती देगा।मूलांक 2: लंबी अवधि की योजनाओं के लिए उत्तम दिनअगर आपका जन्म महीने की 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 2 है। आज आपको पैसों से जुड़े मामलों में अत्यधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है। बिना किसी ठोस योजना के कहीं भी धन खर्च न करें और जितना हो सके बचत (Savings) को प्राथमिकता दें। हालांकि, यह समय भविष्य के लिए किसी बड़ी और लंबी अवधि की वित्तीय योजना (Long-term Financial Planning) को कागजों पर उतारने के लिए बेहद शानदार है। आपका धैर्य और सही रणनीति आपको आने वाले दिनों में बड़ी आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेंगी।मूलांक 3: नए अवसरों पर रखें पैनी नजर, होगा धन लाभअगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 3 है। आज आपको सबसे पहले अपनी वर्तमान आर्थिक स्थिति का निष्पक्ष और सही मूल्यांकन करना चाहिए। बाजार के बदलते रुख और आर्थिक खबरों पर अपनी पैनी नजर बनाए रखें, क्योंकि आज आपको कमाई के कुछ बेहतरीन और नए शॉर्ट-टर्म अवसर मिल सकते हैं। यदि परिस्थितियां मांगें, तो अपनी पुरानी वित्तीय योजनाओं में मामूली बदलाव करने से पीछे न हटें। आज आपका सटीक मैनेजमेंट आपको बड़ा मुनाफा दिला सकता है।मूलांक 4: पारिवारिक खर्चों में आएगी तेजी, भावनाओं पर रखें काबूअगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 4 है। आज आपके घर और परिवार से जुड़े खर्चों में अचानक तेजी देखने को मिल सकती है। ऐसे में आपको भावनाओं या दिखावे में आकर कोई भी महंगी खरीदारी करने से बचना चाहिए। केवल उन्हीं चीजों पर पैसा लगाएं जो बेहद जरूरी हों। अपने घरेलू बजट को व्यवस्थित रखें और हर आर्थिक निर्णय बहुत सोच-समझकर लें। आज का यह संयम आपके भविष्य की आर्थिक स्थिरता को डिगने नहीं देगा।मूलांक 5: सकारात्मक रहेगा दिन, नए निवेश से बढ़ेगा बैंक बैलेंसअगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 5 है। आज का दिन आपके आर्थिक मामलों के लिहाज से बेहद सकारात्मक और प्रोग्रेसिव रहने वाला है। आज आप अपने पुराने खर्चों को नियंत्रित करने में पूरी तरह सफल रहेंगे, जिससे आपका बजट संतुलित हो जाएगा। सराफा या शेयर बाजार में नए निवेश के बेहतरीन मौके आपके सामने आ सकते हैं। सही दिशा में और सही समय पर उठाए गए आपके कदम आपकी आर्थिक स्थिति को पहले से कई गुना मजबूत कर देंगे।मूलांक 6: फिजूलखर्ची पर लगाएं लगाम, छोटी बचत देगी बड़ा मुनाफाअगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 6 है। आज के दिन आपको अपनी कुल आय और होने वाले दैनिक खर्चों का एक सटीक हिसाब-किताब अपने पास जरूर रखना चाहिए। मौज-मस्ती और फिजूलखर्ची से खुद को दूर रखें और केवल अनिवार्य आवश्यकताओं पर ही धन व्यय करें। अंक ज्योतिष के अनुसार, आज आपके द्वारा की गई छोटी-छोटी बचत और निवेश की योजनाएं भी भविष्य में आपको बहुत बड़ा रिटर्न दे सकती हैं। विवेक से लिए गए निर्णय अंततः लाभदायक सिद्ध होंगे।मूलांक 7: लग्जरी चीजों से बनाएं दूरी, दिखावे में न गंवाएं पैसाअगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 7 है। आज के दिन आपके लिए अपनी संचित पूंजी और आर्थिक स्थिरता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी। सुख-सुविधाओं और लग्जरी लाइफस्टाइल की चीजों पर मोटी रकम बर्बाद करने से बचें। अपने जीवन के बड़े और मुख्य आर्थिक लक्ष्यों पर फोकस बनाए रखें। आज बजट के कड़े नियमों का पालन करना और योजनाबद्ध तरीके से सुरक्षित जगहों पर निवेश करना ही आपके भविष्य को सुरक्षित बनाएगा।मूलांक 8: निवेश की समीक्षा के लिए श्रेष्ठ दिन, मिलेगी बड़ी सफलताअगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 8 है। आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन आपके लिए काफी फलदायी और अच्छा माना जा सकता है। आज आप भविष्य की बड़ी जरूरतों को ध्यान में रखकर किसी नई इन्वेस्टमेंट स्कीम का हिस्सा बन सकते हैं। इसके साथ ही अपने पुराने निवेशों की एक बार बारीकी से समीक्षा (Review) जरूर कर लें ताकि आप सही दिशा में आगे बढ़ सकें। आज समझदारी और सूझबूझ से लिया गया कोई भी व्यावसायिक फैसला आपको बड़ा लाभ दिलाएगा।मूलांक 9: पैसों के मामलों में बनाएं संतुलन, जल्दबाजी से बचेंअगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 9 है। आज आपको अपने जीवन में पैसों की आवक और जावक के बीच एक मजबूत संतुलन स्थापित करने की जरूरत है। कार्यक्षेत्र में आपको कुछ नए और आकर्षक प्रोजेक्ट्स या डील मिल सकती हैं, लेकिन किसी भी पेपर पर साइन करने या अंतिम फैसला लेने में तनिक भी जल्दबाजी न दिखाएं। अपने आर्थिक लक्ष्यों की समय-समय पर समीक्षा करें और आवश्यकतानुसार रणनीति बदलें। सही प्लानिंग और धैर्य ही आज आपको आर्थिक सफलता के शिखर पर ले जाएंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 8:36 am

Shani Pradosh Vrat 2026 Today: आज शिव और शनि कृपा का महासंयोग, साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति के लिए 5 राशियां तुरंत करें ये उपाय

Shani Pradosh Vrat Today 27 June 2026: सनातन परंपरा में भगवान शिव की आराधना के लिए प्रदोष व्रत को सबसे उत्तम और शीघ्र फलदायी माना गया है। हर महीने के कृष्ण और शुक्ल, दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखने का विधान है। शास्त्रों के अनुसार, इस व्रत की मुख्य पूजा हमेशा शाम के समय यानी 'प्रदोष काल' में की जाती है।दिलचस्प बात यह है कि जब यह त्रयोदशी तिथि शनिवार के दिन पड़ती है, तो इसे 'शनि प्रदोष व्रत' (Shani Pradosh Vrat) कहा जाता है। आज यानी 27 जून 2026, शनिवार को ज्येष्ठ महीने का अंतिम और बेहद फलदायी शनि प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। यह एक ऐसा दुर्लभ और पावन मौका होता है जब श्रद्धालु एक ही दिन महादेव के साथ-साथ न्याय के देवता शनिदेव की भी असीम कृपा पा सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, इस दिन किए गए विशेष उपायों से कुंडली में मौजूद भयंकर शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों से तुरंत और स्थाई राहत मिलती है।शनि प्रदोष व्रत 2026: तिथि और शाम की पूजा का सटीक मुहूर्तहिंदू पंचांग की गणना के अनुसार, ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत कल रात यानी 26 जून 2026 को रात 10:22 बजे हो चुकी है। इस तिथि का समापन कल मध्यरात्रि यानी 28 जून 2026 को रात 12:43 बजे होगा। उदयातिथि और प्रदोष काल के नियमों के चलते यह व्रत आज 27 जून को ही पूर्ण निष्ठा के साथ रखा जा रहा है।भगवान शिव की कृपा बरसाने वाला आज की पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त (प्रदोष काल) शाम 07:23 बजे से लेकर रात 09:23 बजे तक रहेगा। भक्तों को महादेव के साक्षात आशीर्वाद के लिए इस कुल 2 घंटे की पावन अवधि के बीच ही अपनी पूजा, जलाभिषेक और आरती संपन्न कर लेनी चाहिए।इन 5 राशियों पर चल रही है शनि की टेढ़ी नजर, आज जरूर दें ध्यानमौजूदा समय में ग्रहों की चाल के अनुसार, देश के लाखों लोग शनि की महादशा का सामना कर रहे हैं। इस समय कुल पांच राशियां ऐसी हैं जिन पर शनि देव की विशेष नजर बनी हुई है। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, मेष राशि, कुंभ राशि और मीन राशि के जातकों पर इस समय शनि की साढ़ेसाती (Sadesati) का अलग-अलग चरण चल रहा है।दूसरी तरफ, सिंह राशि और धनु राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या (Dhaiya) का भारी प्रभाव बना हुआ है। इन पांचों ही राशियों के जीवन में इस समय मानसिक तनाव, करियर में रुकावटें या आर्थिक तंगी जैसी परेशानियां देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में इन पांचों राशियों के जातकों को आज के इस महासंयोग का पूरा फायदा उठाते हुए नीचे दिए गए 5 अचूक उपाय जरूर करने चाहिए।साढ़ेसाती और ढैय्या के अशुभ प्रभावों को बेअसर करने के 5 महा-उपायज्योतिष शास्त्र और लाल किताब के अनुसार, शनि प्रदोष के दिन यदि पूरी श्रद्धा से ये कार्य किए जाएं, तो शनिदेव अपने उग्र रूप को शांत कर जातक को शुभ फल देना शुरू कर देते हैं:मंत्र जाप और तेल का दीपक: आज शाम के समय किसी नजदीकी शनि मंदिर जाएं। वहां शनिदेव की मूर्ति के सामने बैठकर सरसों के तेल का एक बड़ा दीपक जलाएं। इसके बाद वहीं बैठकर शांत मन से 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का कम से कम 108 बार या अधिक से अधिक जाप करें। इससे शनि देव की वक्र दृष्टि शांत होती है।शनि से संबंधित वस्तुओं का दान: शनि प्रदोष के दिन दान का फल कई गुना बढ़ जाता है। आज के दिन किसी जरूरतमंद या गरीब व्यक्ति को शनि से संबंधित वस्तुएं जैसे—काले वस्त्र, काले तिल, साबुत काली उड़द की दाल, सरसों का तेल या लोहे का कोई बर्तन दान करें। यह उपाय आपके संचित पापों का नाश करता है।पीपल वृक्ष की परिक्रमा: हिंदू धर्म में पीपल के पेड़ में त्रिदेवों के साथ शनिदेव का भी वास माना गया है। आज सूर्यास्त के बाद किसी पुराने पीपल के पेड़ के नीचे जाएं, वहां सरसों के तेल का चौमुखा दीपक जलाएं और पेड़ की सात बार परिक्रमा (परिक्रमा करते समय मन में शिव जी का ध्यान रखें) करें।बजरंगबली की विशेष आराधना: शनिदेव को नियंत्रित करने की शक्ति केवल हनुमान जी के पास है। आज शनि प्रदोष पर हनुमान जी के मंदिर जाकर उन्हें चमेली का तेल और सिंदूर का चोला अर्पित करें। इसके साथ ही साढ़ेसाती के भयंकर कष्टों को कम करने के लिए आसन बिछाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें। संभव हो तो आज के दिन इसका लगातार पाठ करने से मानसिक शांति मिलती है।शिवलिंग का अभिषेक: चूंकि शनिदेव भगवान शिव के परम शिष्य और मानस पुत्र माने जाते हैं, इसलिए शिव जी की भक्ति करने वालों को शनिदेव कभी परेशान नहीं करते। आज प्रदोष काल में शुद्ध जल में गंगाजल और थोड़े से काले तिल मिलाकर शिवलिंग का जलाभिषेक या रुद्राभिषेक करें। महादेव की यह पूजा आपको हर प्रकार के ग्रह दोषों से हमेशा के लिए सुरक्षित कर देगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 8:34 am

UPPSC PCS 2026 Notification Released: यूपी पीसीएस का ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी, डिप्टी कलेक्टर और DSP समेत 500 पदों पर बंपर भर्ती; ऐसे करें अप्लाई

UPPSC PCS 2026 Notification:उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक सेवा का हिस्सा बनने और प्रांतीय सिविल सेवा परीक्षा (PCS) की तैयारी में जुटे लाखों युवाओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित खबर आ चुकी है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने कंबाइंड राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा 2026 के लिए अपना आधिकारिक और विस्तृत नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिष्ठित विभागों में ग्रुप ए और ग्रुप बी के प्रशासनिक पदों पर काम करने के इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।आयोग द्वारा यह विज्ञापन 25 जून 2026 को आधिकारिक तौर पर जारी किया गया है, और इसके साथ ही डिजिटल पोर्टल पर ऑनलाइन फॉर्म भरने की विंडो भी ओपन हो चुकी है। इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं को उत्तर प्रदेश शासन में डिप्टी कलेक्टर (SDM), डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) और ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) जैसे रसूखदार पदों पर सेवा करने का सुनहरा मौका मिलेगा। उम्मीदवार 27 जुलाई 2026 की निर्धारित अंतिम तिथि तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं।वैकेंसी डिटेल्स: करीब 500 पदों पर होगी सीधी भर्तीयूपीपीएससी द्वारा जारी किए गए विस्तृत विज्ञापन के अनुसार, इस साल विभिन्न सरकारी विभागों में ग्रुप ए और ग्रुप बी के कुल मिलाकर करीब 500 रिक्त पदों को भरने के लिए आवेदन मांगे गए हैं। इनमें सबसे प्रमुख रूप से डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, बीडीओ, सब रजिस्ट्रार और जिला प्रशासनिक अधिकारियों के पद शामिल हैं। रिक्तियों की अंतिम संख्या मुख्य परीक्षा के परिणाम आने तक परिस्थितियों और शासन की आवश्यकताओं के आधार पर घट या बढ़ भी सकती है।UPPSC PCS 2026: परीक्षा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण तारीखेंअभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे समय सीमा का विशेष ध्यान रखें और आखिरी दिनों में सर्वर पर बढ़ने वाले लोड से बचने के लिए समय रहते अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें:नोटिफिकेशन जारी होने की तिथि: 25 जून 2026ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की तारीख: 25 जून 2026ऑनलाइन आवेदन करने की आखिरी तारीख: 27 जुलाई 2026ऑफिशियल वेबसाइट: uppsc.up.nic.inआयु सीमा और शैक्षणिक योग्यता का पूरा पैमानायूपी सरकार के कार्मिक विभाग के मौजूदा नियमों के मुताबिक, इस परीक्षा में शामिल होने के लिए सामान्य (General) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। वहीं, उत्तर प्रदेश के मूल निवासी ओबीसी, एससी, एसटी और अन्य आरक्षित श्रेणियों के अभ्यर्थियों को सरकारी नियमानुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी, जिसके तहत वे अधिकतम 45 वर्ष की उम्र तक आवेदन फॉर्म भर सकते हैं।शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो प्रशासनिक पदों जैसे एसडीएम और डीएसपी के लिए उम्मीदवार के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक (Bachelor Degree) की डिग्री होनी अनिवार्य है। हालांकि, कुछ तकनीकी और विशिष्ट पदों जैसे सब रजिस्ट्रार के लिए कानून में स्नातक (LLB) और स्टैटिस्टिकल ऑफिसर (सांख्यिकी अधिकारी) के लिए संबंधित विषय में परास्नातक (Postgraduate) जैसी विशेष योग्यताओं की मांग की गई है।आवेदन प्रक्रिया, वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) और फीसयूपी पीसीएस 2026 की परीक्षा के लिए केवल ऑनलाइन माध्यम से ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इसके लिए उम्मीदवारों को निम्नलिखित चरणों का पालन करना होगा:वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR): आवेदन करने से पहले हर अभ्यर्थी को आयोग की वेबसाइट पर जाकर अपना 'वन टाइम रजिस्ट्रेशन' पूरा करना होगा। बिना ओटीआर नंबर के आगे का फॉर्म नहीं भरा जा सकेगा।फॉर्म सबमिशन: ओटीआर जनरेट होने के बाद उम्मीदवार को लॉगिन कर अपनी शैक्षणिक योग्यता दर्ज करनी होगी, साथ ही दिशा-निर्देशों के अनुरूप अपनी लेटेस्ट पासपोर्ट साइज फोटो और सिग्नेचर स्कैन करके अपलोड करने होंगे।श्रेणीवार आवेदन शुल्क: आवेदन को अंतिम रूप देने के लिए ऑनलाइन गेटवे के माध्यम से फीस का भुगतान करना होगा। सामान्य और ओबीसी श्रेणी के लिए आवेदन शुल्क 125 रुपये निर्धारित किया गया है। अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए यह शुल्क 65 रुपये है, जबकि दिव्यांग (PWD) उम्मीदवारों को मात्र 25 रुपये की फीस देनी होगी।चयन प्रक्रिया: 3 कड़े चरणों को पार कर मिलेगी सफलतायूपीपीएससी पीसीएस 2026 की पूरी चयन प्रक्रिया को पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर तीन मुख्य चरणों में विभाजित किया गया है:प्रारंभिक परीक्षा (Prelims): यह चयन का पहला और छंटनी चरण होता है, जो पूरी तरह से ऑब्जेक्टिव टाइप (MCQs) बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित होता है। इसमें सामान्य अध्ययन के 2 पेपर होते हैं, जिनमें दूसरा पेपर (CSAT) केवल क्वालिफाइंग होता है।मुख्य परीक्षा (Mains): प्रारंभिक परीक्षा में सफल घोषित किए गए शॉर्टलिस्टेड उम्मीदवार मुख्य परीक्षा में बैठेंगे। यह चरण पूरी तरह से वर्णनात्मक (Descriptive) यानी लिखित परीक्षा पर आधारित होता है, जिसमें अभ्यर्थियों के विषय ज्ञान और लेखन शैली का कड़ा इम्तिहान होता है।इंटरव्यू (Personality Test): चयन का अंतिम पड़ाव साक्षात्कार होता है। इसमें आयोग के पैनल द्वारा उम्मीदवार की प्रशासनिक क्षमता, त्वरित निर्णय लेने के कौशल, उनकी पर्सनैलिटी और कम्युनिकेशन स्किल्स का व्यापक मूल्यांकन किया जाता है।आयोग ने स्पष्ट किया है कि मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू का विस्तृत कार्यक्रम तथा प्रारंभिक परीक्षा के एडमिट कार्ड सही समय पर ऑफिशियल पोर्टल पर अपलोड कर दिए जाएंगे। अभ्यर्थी किसी भी भ्रामक खबर से बचने के लिए नियमित रूप से केवल uppsc.up.nic.in पर ही विजिट करते रहें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 8:32 am

Rahu Dhanishtha Nakshatra Gochar 2026: मंगल के घर में मायावी ग्रह की एंट्री से बनेगा 'लघु अंगारक योग', जानें अपनी राशि पर असर और अचूक उपाय

Rahu Dhanishtha Nakshatra Gochar 2026:ज्योतिष शास्त्र में राहु को एक अत्यंत रहस्यमयीग्रह माना जाता है, जो भ्रम, माया और अचानक होने वाली घटनाओं का कारक है। वर्तमान में कुंभ राशि में विराजमान यह छाया ग्रह आने वाली 30 जून 2026 को एक बड़ा बजटीय और नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहा है। राहु अब पराक्रम और साहस के देवता मंगल के 'धनिष्ठा' नक्षत्र में प्रवेश करेगा, जहां वह 5 दिसंबर 2026 तक रहने वाला है। इस लगभग पांच महीने की अवधि के दौरान राहु कुंभ राशि के अंतर्गत धनिष्ठा नक्षत्र के चौथे और तीसरे पद से होकर अपनी यात्रा पूरी करेगा।चूंकि मंगल को अग्नि, ऊर्जा, क्रोध और साहस का कारक माना जाता है, इसलिए राहु जैसे ठंडे और कूटनीतिक ग्रह का मंगल के नक्षत्र में जाना ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बहुत उथल-पुथल भरा माना जा रहा है। इन दोनों विरोधी ऊर्जाओं के मिलन से एक तरह का 'लघु अंगारक योग' (Angarak Yog) बनने जा रहा है, जो कई मायनों में उग्र और चुनौतीपूर्ण परिणाम दे सकता है।आखिर अंगारक योग क्या होता है और क्यों लोग इससे डरते हैं?कुंडली या गोचर में जब भी अग्नि तत्व के स्वामी मंगल और वायु तत्व के राहु का सीधा संबंध या युति बनती है, तो उसे 'अंगारक योग' कहा जाता है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है—अंगारक यानी अंगारे के समान दहकता हुआ। यह योग जातक के भीतर की आक्रामकता, अनियंत्रित गुस्से और जल्दबाजी में गलत फैसले लेने की प्रवृत्ति को अचानक बढ़ा देता है।इस योग के प्रभाव से व्यक्ति बिना सोचे-समझे जोखिम भरे काम कर बैठता है, जिससे बाद में उसे भारी नुकसान उठाना पड़ता है। मानसिक तनाव, पारिवारिक कलह और सेहत से जुड़ी आकस्मिक परेशानियाँ इस योग के मुख्य लक्षण माने जाते हैं।इन 3 भाग्यशाली राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बंपर लाभभले ही इस गोचर से चारों तरफ एक उग्र ऊर्जा का संचार होगा, लेकिन वैदिक ज्योतिष के अनुसार, तीन विशेष राशियां ऐसी हैं जिनके लिए यह 'लघु अंगारक योग' किसी वरदान से कम साबित नहीं होगा। इन राशियों को इस अवधि में जबरदस्त सफलता और धन लाभ मिलने के योग हैं:मेष राशि (Aries): आपकी राशि के स्वामी खुद मंगल देव हैं, इसलिए राहु का यह नक्षत्र परिवर्तन आपके लिए बेहद खास रहने वाला है। आपको कार्यक्षेत्र में मनमुताबिक सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। हालांकि, सेहत के मोर्चे पर आपको थोड़ा उतार-चढ़ाव झेलना पड़ सकता है, लेकिन आर्थिक तौर पर आपकी आय (Income) में बंपर बढ़ोतरी होने के साफ संकेत हैं। फंसा हुआ पैसा वापस मिल सकता है।कन्या राशि (Virgo): कन्या राशि के जातकों के लिए मंगल और राहु की यह जुगलबंदी करियर में तरक्की के नए रास्ते खोलेगी। आप जिस भी काम में हाथ डालेंगे, उसमें एक के बाद एक सफलता की सीढ़ियां चढ़ते जाएंगे। आपके सोचे हुए काम समय पर पूरे होंगे और समाज में आपका मान-सम्मान तथा रुतबा बढ़ेगा। कुल मिलाकर यह समय आपके पक्ष में झुका हुआ है।धनु राशि (Sagittarius): धनु राशि के व्यापारियों और नौकरीपेशा जातकों के लिए यह गोचर आर्थिक समृद्धि लेकर आ रहा है। यदि आप नया बिजनेस शुरू करना चाहते हैं या अपने मौजूदा काम का विस्तार करने की सोच रहे हैं, तो आपका व्यापार इस समय बुलेट की रफ्तार पकड़ेगा। आप अपनी व्यावसायिक ग्रोथ और मुनाफे से बेहद संतुष्ट नज़र आएंगे। निवेश के लिए भी समय अनुकूल है।राहु के नकारात्मक प्रभाव और भ्रम से बचने के सरल तरीकेधनिष्ठा नक्षत्र में बैठकर राहु कई बार बुद्धि को भ्रमित कर देता है, जिससे व्यक्ति आलस का शिकार हो जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहु के इस दोष से बचने के लिए सबसे पहले अपने भीतर के आलस का त्याग करें, क्योंकि आलस बढ़ते ही राहु आपकी निर्णय लेने की क्षमता को नष्ट कर देता है।यदि आपकी कुंडली में राहु की महादशा या अंतर्दशा चल रही है, तो अपने घर और आसपास की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। इसके अलावा, रोजाना शिवलिंग पर शुद्ध जल या दूध अर्पित करें। शनिवार के दिन बहते जल में सूखा नारियल या कोयला प्रवाहित करना और शाम के समय तिल के तेल का दीपक जलाना राहु के कष्टों को तुरंत शांत करता है।अंगारक योग के उग्र असर को बेअसर करने के 4 अचूक ज्योतिषीय उपाययदि इस गोचर के दौरान आपको बात-बात पर बहुत ज्यादा गुस्सा आ रहा है या बनते हुए काम बिगड़ रहे हैं, तो आपको निम्नलिखित उपायों को अपने जीवन में जरूर शामिल करना चाहिए:वाणी और गुस्से पर नियंत्रण: इस पूरे पाँच महीने की अवधि में अपने स्वभाव में धैर्य रखें। किसी भी तरह के वाद-विवाद, कोर्ट-कचहरी के मामलों या सड़क पर होने वाली बहसबाजी से खुद को पूरी तरह दूर रखें।अतिरिक्त ऊर्जा का सही इस्तेमाल: अंगारक योग के कारण शरीर में बढ़ने वाली एक्स्ट्रा एनर्जी को गुस्से में निकालने के बजाय खेलकूद, जिम, योग, प्राणायाम या किसी भी तरह के शारीरिक श्रम (Hard Work) में लगाएं। इससे आपकी ऊर्जा सही दिशा में चैनल की जाएगी।हनुमान जी की शरण: संकटमोचन हनुमान जी की पूजा इस योग में रामबाण मानी जाती है। हर मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी के मंदिर जाएं, उन्हें चोला चढ़ाएं और पूरी श्रद्धा के साथ हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें। इससे मंगल और राहु दोनों के अशुभ प्रभाव शांत होते हैं।अंगारक शांति पूजा: यदि इसके बावजूद जीवन में लगातार परेशानियां, दुर्घटनाएं या मानसिक तनाव बना हुआ है, तो किसी योग्य और विद्वान पंडित के परामर्श से 'अंगारक योग शांति पूजा' संपन्न कराएं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 8:29 am

Delhi Weather Today: क्या आज दिल्ली में एंट्री मारेगा मॉनसून? 47.5 डिग्री वाले 'हीट इंडेक्स' के बीच मौसम विभाग का आया बड़ा अपडेट

Delhi Weather Today: दिल्ली-एनसीआर के लोग इस समय एक अजीब सी कशमकश और भीषण उमस भरी गर्मी के बीच दिन काट रहे हैं। हर साल 27 जून वह तारीख होती है जब दिल्ली में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अपनी आधिकारिक दस्तक दे देता है, लेकिन इस बार बादलों की सुस्त चाल ने दिल्ली वालों की उम्मीदों पर थोड़ा पानी फेर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अभी तक कोई अधिकारिक घोषणा नहीं की है कि दिल्ली में झमाझम मानसूनी बारिश का दौर ठीक किस दिन से शुरू होगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि मौसम वैज्ञानिकों का दावा है कि आने वाले दिनों में मौसमी सिस्टम बारिश के लिए पूरी तरह अनुकूल बने हुए हैं, जिससे जल्द ही इस तपती गर्मी से निजात मिलने की उम्मीद है।मॉनसून की इस बेरुखी के बीच राष्ट्रीय राजधानी में गर्मी और उमस का ऐसा कॉकटेल बना हुआ है कि लोगों का जीना मुहाल है। शुक्रवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से लगभग 4 डिग्री ज्यादा था। लेकिन असली आफत तापमान नहीं, बल्कि हवा में मौजूद नमी ने मचाई। दोपहर 2:30 बजे दिल्ली का 'हीट इंडेक्स' यानी महसूस होने वाला असली तापमान (Real Feel) 47.5 डिग्री सेल्सियस के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। इस उमस के कारण लोगों के लिए घरों से बाहर पैर रखना भी दूभर हो गया, जबकि रात का न्यूनतम तापमान भी 28.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।क्या पिछले सालों का रिकॉर्ड तोड़ेगा इस बार का मॉनसून?अगर बीते वर्षों के इतिहास पर नजर डालें तो दिल्ली में मॉनसून की टाइमलाइन में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले साल यानी 2025 में मॉनसून ने अपने तय समय से थोड़ी देरी करते हुए 29 जून को दिल्ली में एंट्री मारी थी, जबकि उससे पिछले साल 2024 में यह 28 जून को ही राष्ट्रीय राजधानी पहुंच गया था। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि इस साल भी मॉनसून 27 जून की अपनी डेडलाइन को पार कर चुका है, जिससे यह साफ है कि इस बार भी दिल्ली वालों को मानसूनी फुहारों के लिए जून के आखिरी दिनों या जुलाई के शुरुआती हफ्ते का इंतजार करना ही होगा।मौसम विभाग का नया बुलेटिन: अगले 3-4 दिनों में इन राज्यों में पहुंचेगा मॉनसूनआईएमडी के ताजा वेदर अपडेट के मुताबिक, देश के बाकी हिस्सों में मॉनसून की रफ्तार अब धीरे-धीरे जोर पकड़ रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बचे हुए तमाम हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां बेहद मजबूत हो रही हैं। इसके साथ ही मॉनसून की ये हवाएं उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई और इलाकों को भी अपने आगोश में ले लेंगी। इसी सिस्टम के एक्टिव होने से दिल्ली-एनसीआर के आसमान में भी काले घने बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और बारिश की उम्मीदें मजबूत होंगी।अगले 5 दिनों के लिए दिल्ली का मौसम: जानें कब गिरेगा पारामौसम विभाग ने दिल्ली के लिए अगले 5 दिनों का जो विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है, उसके मुताबिक दिल्ली वासियों को उमस से राहत देने के लिए रुक-रुक कर आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है:27 जून: आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 40C और न्यूनतम तापमान 27C के आसपास रहने की उम्मीद है। आसमान में बादल छाए रहने के साथ आंधी और बारिश के आसार हैं, हालांकि मौसम को लेकर कोई गंभीर चेतावनी जारी नहीं है।28 जून: रविवार को भी दिन का पारा 40C और रात का 27C रहेगा। आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है।29 जून: सोमवार से तापमान में एक अच्छी गिरावट देखने को मिल सकती है। दिन का अधिकतम तापमान गिरकर 38C और रात का न्यूनतम तापमान 26C पर आ सकता है। इस दौरान बारिश और आंधी का दौर जारी रहेगा।30 जून: महीने के आखिरी दिन भी मौसम का मिजाज ऐसा ही रहेगा। अधिकतम तापमान 38C और न्यूनतम तापमान 26C के साथ झमाझम बारिश की स्थिति बनी रहेगी।1 जुलाई: नए महीने की शुरुआत दिल्ली वालों के लिए काफी ठंडी और खुशनुमा हो सकती है। बुधवार तक अधिकतम तापमान और ज्यादा गिरकर 36C तक पहुंच जाएगा, जबकि न्यूनतम तापमान 24C के आसपास रहेगा। आंधी-तूफान और लगातार होने वाली बारिश से दिल्ली का मौसम पूरी तरह सुहावना हो जाएगा।जून महीने में सामान्य से बहुत कम बरसे बदरा, बढ़ा पानी का संकटगर्मी के इस कड़े तेवर के पीछे जून महीने में हुई कम बारिश को सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जून के महीने में अब तक केवल 41.8mm बारिश ही दर्ज की गई है। जबकि दिल्ली के पर्यावरण और मौसम के लिहाज से जून के महीने में सामान्य तौर पर कम से कम 74.1mm बारिश होनी अनिवार्य मानी जाती है। सामान्य से लगभग आधी बारिश होने के कारण ही दिल्ली के जलस्तर और तापमान दोनों पर इसका बेहद बुरा असर पड़ा है। अब हर किसी की निगाहें जुलाई की शुरुआत में होने वाली मानसूनी बारिश पर टिकी हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 8:26 am

Petrol Diesel Price Today: जारी हुए पेट्रोल-डीजल के नए दाम, जानें आपके शहर में आज क्या है ईंधन का ताजा रेट

Petrol Diesel Price Today:देश में हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की नई किरणों से नहीं, बल्कि पेट्रोल और डीजल की बदलती कीमतों से भी होती है। ईंधन के ये दाम सीधे तौर पर आम आदमी की जेब और उसके मासिक बजट पर असर डालते हैं। रोजाना सुबह 6 बजे देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियां (OMCs) पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी करती हैं। ये कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) के भाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में होने वाले उतार-चढ़ाव के आधार पर तय की जाती हैं। ईंधन की कीमतों में होने वाला मामूली बदलाव भी ऑफिस जाने वाले नौकरीपेशा लोगों से लेकर फल-सब्जी बेचने वाले छोटे व्यापारियों तक, हर किसी की जिंदगी को प्रभावित करता है।ऐसे में हर दिन अपने शहर के ईंधन के दामों की सही जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि एक समझदारी भरा कदम भी है। भारत में लागू यह दैनिक मूल्य निर्धारण प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं तक किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी न पहुंचे।27 जून 2026: देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल का भावआज देश के अलग-अलग महानगरों और प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के खुदरा दाम इस प्रकार दर्ज किए गए हैं:नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 83.09 रुपये प्रति लीटर।मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये और डीजल 86.00 रुपये प्रति लीटर।कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये और डीजल 93.50 रुपये प्रति लीटर।चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 91.50 रुपये प्रति लीटर।लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये और डीजल 95.75 रुपये प्रति लीटर।नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 91.70 रुपये प्रति लीटर।गुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये और डीजल 91.70 रुपये प्रति लीटर।बेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये और डीजल 90.00 रुपये प्रति लीटर।हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये और डीजल 97.00 रुपये प्रति लीटर flockजयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये और डीजल 90.91 रुपये प्रति लीटर।अहमदाबाद: डीजल 82.25 रुपये प्रति लीटर।पुणे: डीजल 92.50 रुपये प्रति लीटर।भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये प्रति लीटर।चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये प्रति लीटर।पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये प्रति लीटर।तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये प्रति लीटर।पिछले दो साल से क्यों बनी हुई है कीमतों में स्थिरता?अगर आप गौर करें तो मई 2022 के बाद से देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बड़ी स्थिरता देखने को मिली है। दरअसल, मई 2022 में केंद्र सरकार और उसके बाद कई राज्य सरकारों द्वारा उत्पाद शुल्क (Excise Duty) और वैट (VAT) में बड़ी कटौती की गई थी। इसके बाद से, हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कई बार भारी उतार-चढ़ाव आया है, लेकिन भारतीय तेल कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए खुदरा कीमतों को काफी हद तक नियंत्रित और स्थिर रखा है।इन 5 मुख्य कारणों से तय होती हैं ईंधन की खुदरा कीमतेंभारत में जब आप एक लीटर पेट्रोल या डीजल खरीदते हैं, तो उसकी कीमत के पीछे कई आर्थिक कारक काम कर रहे होते हैं:कच्चे तेल (Crude Oil) के वैश्विक दाम: पेट्रोल और डीजल का मुख्य स्रोत कच्चा तेल ही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ओपेक (OPEC) देशों के फैसलों और वैश्विक परिस्थितियों के कारण जब भी कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं, भारतीय बाजार में ईंधन महंगा होने की संभावना बढ़ जाती है।डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति: भारत अपनी जरूरत का लगभग 80-85% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, जिसका भुगतान अमेरिकी डॉलर में होता है। यदि डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होता है, तो तेल का आयात महंगा हो जाता है, जिससे देश में कीमतें बढ़ती हैं।सरकारी टैक्स और वैट: केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला एक्साइज टैक्स और अलग-अलग राज्य सरकारों द्वारा वसूला जाने वाला वैट (VAT) ईंधन की खुदरा कीमत का एक बहुत बड़ा हिस्सा होते हैं। यही वजह है कि एक ही दिन अलग-अलग राज्यों या शहरों में पेट्रोल-डीजल के रेट में अंतर दिखाई देता है।रिफाइनिंग की लागत: विदेशों से आयात होने वाले कच्चे तेल को सीधे गाड़ियों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसे देश की रिफाइनरियों में साफ (रिफाइन) करने की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इस प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स का खर्च भी अंतिम कीमत में शामिल किया जाता है।मांग और आपूर्ति का गणित: बाजार में मांग के बढ़ने या घटने से भी कीमतें प्रभावित होती हैं। त्योहारों के सीजन, भीषण गर्मी या कड़ाके की ठंड के दौरान जब ट्रांसपोर्टेशन और बिजली उत्पादन के लिए ईंधन की खपत अचानक बढ़ जाती है, तो इसका असर बाजार की चाल पर भी पड़ता है।सिर्फ एक SMS के जरिए अपने मोबाइल पर ऐसे चेक करें आज का रेटअगर आप बिना इंटरनेट के भी अपने शहर में पेट्रोल-डीजल का सटीक और ताजा भाव जानना चाहते हैं, तो तेल कंपनियों की एसएमएस सेवा का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए बेहद आसान प्रक्रिया है:इंडियन ऑयल (IOCL) के ग्राहक: अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में RSP [स्पेस] अपने शहर का कोड टाइप करें और इसे 9224992249 पर भेज दें।भारत पेट्रोलियम (BPCL) के ग्राहक: अपने फोन से RSP [स्पेस] शहर का कोड लिखकर 9223112222 पर एसएमएस करें।हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के ग्राहक: HP Price [स्पेस] शहर का कोड टाइप करें और इसे 9222201122 पर भेजकर तुरंत ताजा रेट की जानकारी पा सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 8:23 am

ईरान के मिसाइल ठिकानों पर अमेरिकी हमला, तेहरान का पलटवार; मिडिल ईस्ट में युद्ध का खतरा बढ़ा

US Iran Tension : अमेरिकी और ईरान के बीच तनाव उस समय बड़ गया जब अमेरिकी सेना ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण ठिकानों व तटीय रडार साइट्स पर हमले किए। यह कार्रवाई तब की गई, जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाया। बहरहाल इन ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 8:23 am

Urmila Matondkar Chamma Chamma Song: 'छम्मा छम्मा' गाने को लगभग कर दिया था मना, जानें 12 दिन का शूट कैसे 3 दिन में हुआ पूरा

Urmila Matondkar Chamma Chamma Song:बॉलीवुड की 'रंगीला गर्ल' यानी उर्मिला मातोंडकर ने अपने करियर के सबसे आइकॉनिक और सदाबहार गानों में से एक छम्मा छम्मा को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। उर्मिला ने बताया कि वह इस सुपरहिट डांस नंबर को लगभग रिजेक्ट करने वाली थीं, जो बाद में उनके करियर और बॉलीवुड के इतिहास का सबसे बड़ा चार्टबस्टर गाना साबित हुआ। डांस रियलिटी शो 'इंडियाज़ बेस्ट डांसर सीजन 5' (India's Best Dancer Season 5) के आगामी स्पेशल एपिसोड में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं एक्ट्रेस ने इस गाने की मेकिंग और शूटिंग से जुड़े कई अनसुने किस्से फैंस के साथ शेयर किए हैं।'उस दौर में आइटम सॉन्ग को गलत समझा जाता था' - उर्मिलासाल 1998 में आई कल्ट फिल्म 'चाइना गेट' (China Gate) के इस सुपरहिट गाने के बारे में याद करते हुए उर्मिला मातोंडकर ने बताया कि वह शुरुआत में इस ट्रैक को करने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थीं। उर्मिला ने उस दौर की मानसिकता का जिक्र करते हुए कहा, जब फिल्म के महान निर्देशक राज कुमार संतोषी जी ने मुझसे संपर्क किया और कहा कि आपको इस फिल्म में एक स्पेशल गेस्ट अपीयरेंस के तौर पर आइटम सॉन्ग करना है, तो मैं बिल्कुल हिचकिचा रही थी। सच कहूं तो मैं इसके पक्ष में बिल्कुल नहीं थी, क्योंकि उस दौर में बॉलीवुड में 'आइटम सॉन्ग' शब्द और इस कॉन्सेप्ट को बहुत ही गलत और अजीब नजरिए से देखा जाता था।डायरेक्टर राजकुमार संतोषी के इस एक वाक्य ने बदल दिया फैसलाउर्मिला ने आगे बताया कि कैसे निर्देशक राजकुमार संतोषी के शब्दों ने उनका पूरा नजरिया बदल दिया और उन्हें यह गाना साइन करने के लिए मजबूर होना पड़ा। संतोषी जी ने उर्मिला से कहा था, उर्मिला, बरसों पहले सिनेमा में एक ऐसा गाना आया था जिस पर आज भी लोग डांस की बात करते हैं और उसकी कोरियोग्राफी की मिसाल देते हैं। मुझे अपनी इस फिल्म में उस पुराने ऐतिहासिक गाने से भी बेहतर और भव्य गाना तैयार करना है और यह सिर्फ तुम्हारे साथ ही मुमकिन है। डायरेक्टर के इस भरोसे और विज़न को देखने के बाद उर्मिला खुद को रोक नहीं पाईं और उन्होंने गाने के लिए हां कह दी।12 दिन का शेड्यूल और गणेश आचार्य की कोरियोग्राफी: मात्र 3 दिन में हुआ कमालइस आइकॉनिक ट्रैक की शूटिंग के बारे में बात करते हुए उर्मिला ने एक और बेहद हैरान करने वाला राज खोला। उन्होंने बताया कि इस गाने की कोरियोग्राफी मशहूर डांस मास्टर गणेश आचार्य (Ganesh Acharya) ने की थी। उर्मिला ने याद करते हुए कहा, मैंने गणेश मास्टर जी से पूछा था कि इस बेहद हैवी स्टेप्स और बैकग्राउंड डांसर्स वाले गाने को शूट करने में कितने दिन लगेंगे? उन्होंने मुझे बताया था कि प्रोडक्शन का प्लान पूरे 12 दिनों का है। लेकिन आप विश्वास नहीं करेंगे, हम सभी की कड़ी मेहनत और कमाल के तालमेल की वजह से वह पूरा गाना हमने सिर्फ 3 दिन के भीतर ही शूट करके खत्म कर दिया था।सेट पर मौजूद करिश्मा कपूर ने भी बांधे तारीफों के पुलशो में बतौर जज नजर आ रही बॉलीवुड की एक और सुपरस्टार एक्ट्रेस करिश्मा कपूर (Karisma Kapoor) ने भी उस दौर को याद करते हुए उर्मिला मातोंडकर के स्क्रीन प्रेजेंस की जमकर तारीफ की। करिश्मा ने कहा, मुझे अच्छी तरह याद है जब यह गाना रिलीज हुआ था, तो इसने पूरे देश में तहलका मचा दिया था। मैंने खुद उर्मिला को फोन करके उनकी तारीफ की थी और कहा था कि क्या कमाल का गाना है और तुमने इसमें जो एनर्जी और डांस मूव्स दिखाए हैं, उसका कोई मुकाबला नहीं है। 4 सितंबर को रिलीज होने वाली 'मिर्जापुर द मूवी' और अन्य कल्ट प्रोजेक्ट्स के बीच, टीवी स्क्रीन्स पर उर्मिला का यह नॉस्टैल्जिक लुक और पुराने अनसुने किस्से फैंस को बेहद पसंद आ रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 8:18 am

Samsung Galaxy Z Fold 8 Series Leak: लॉन्च से पहले वजन, डिस्प्ले और सेल की तारीख का हुआ खुलासा; जानें कितना हल्का होगा यह नया फोल्डेबल फोन

Samsung Galaxy Z Fold 8 Series Leak:प्रीमियम फोल्डेबल स्मार्टफोन्स की दुनिया में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए टेक दिग्गज सैमसंग (Samsung) एक बार फिर पूरी तरह तैयार है। उम्मीद जताई जा रही है कि कंपनी अपनी अगली पीढ़ी की फ्लैगशिप फोल्डेबल सीरीज़, यानी 'Samsung Galaxy Z Fold 8', को अगले महीने वैश्विक बाजार में लॉन्च कर सकती है। आधिकारिक लॉन्च से पहले ही इस सीरीज़ से जुड़े कई बड़े और चौंकाने वाले स्पेसिफिकेशन्स ऑनलाइन लीक हो चुके हैं।रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार सैमसंग पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव करते हुए Galaxy Z Fold 8 Ultra और स्टैंडर्ड Galaxy Z Fold 8 जैसे दो अलग-अलग मॉडल्स पेश कर सकती है। लीक्स का दावा है कि जहाँ अल्ट्रा मॉडल का मुख्य डिज़ाइन पिछले Galaxy Z Fold 7 जैसा ही रहने वाला है, वहीं स्टैंडर्ड वर्ज़न में यूज़र्स को पहले के मुकाबले काफी ज्यादा चौड़ी (वाइड) इनर फोल्डेबल स्क्रीन देखने को मिलेगी। इसके अलावा, हालिया लीक ने फोन के वजन और इसकी बिक्री की तारीखों को लेकर भी बेहद दिलचस्प संकेत दिए हैं।स्टैंडर्ड मॉडल का वजन होगा बेहद कम, हाथ में नहीं होगा भारीपन का अहसासकोरियाई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'Naver' पर मशहूर टिपस्टर Lanzuk ने एक पोस्ट में दावा किया है कि इस बार स्टैंडर्ड Galaxy Z Fold 8 का वजन इंजीनियरिंग के स्तर पर बेहद कम किया गया है। उनके मुताबिक, जिन लोगों ने इस प्रोटोटाइप डिवाइस को हाथ में लेकर इस्तेमाल किया है, वे इसके हल्केपन को देखकर हैरान रह गए हैं। टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि फोन का यही 'फैदर-लाइट' (बेहद हल्का) डिज़ाइन बाजार में इसकी सबसे बड़ी यूएसपी (Unique Selling Proposition) साबित हो सकता है।हालांकि, लीक पोस्ट में इसके सटीक वजन का आधिकारिक आंकड़ा तो नहीं दिया गया है, लेकिन उद्योग से जुड़े सूत्रों का मानना है कि इसका कुल वजन मात्र 201 ग्राम के आसपास हो सकता है। अगर यह दावा सच साबित होता है, तो यह पिछले Galaxy Z Fold 7 (वजन 215 ग्राम) के मुकाबले काफी हल्का होगा। गौरतलब है कि मौजूदा मॉडल को भी बुक-स्टाइल फोल्डेबल सेगमेंट में काफी लाइटवेट माना जाता है, ऐसे में 201 ग्राम का वजन इसे सामान्य स्मार्टफोन्स की श्रेणी में ला खड़ा करेगा।बेहतर पिक्सल और स्क्रीन क्रीज से मिलेगी राहत, डिस्प्ले में हुआ बड़ा अपग्रेडडिस्प्ले के मोर्चे पर भी इस बार यूज़र्स को एक बेहतरीन एक्सपीरियंस मिलने वाला है। लीक रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि नए वाइड मॉडल में डिस्प्ले पिक्सल और फोल्डेबल स्क्रीन पर दिखने वाले 'क्रीज एरिया' (Crease Area) को पहले से काफी ज्यादा इम्प्रूव किया गया है।सैमसंग इस बार फोल्ड होने वाले हिस्से पर पहले से काफी मोटे और एडवांस अल्ट्रा-थिन ग्लास (UTG) का इस्तेमाल करने जा रही है। इस तकनीक की वजह से न सिर्फ स्क्रीन के बीच में पड़ने वाली लाइन (क्रीज) लगभग गायब हो जाएगी, बल्कि डिस्प्ले की मजबूती और ड्यूरेबिलिटी भी कई गुना बढ़ जाएगी।4 अगस्त से प्री-बुकिंग और 7 अगस्त से शुरू होगी धमाकेदार सेललॉन्च और सेल टाइमलाइन की बात करें तो टिपस्टर का दावा है कि Galaxy Z Fold 8 और Galaxy Z Fold 8 Ultra दोनों ही प्रीमियम स्मार्टफोन्स 7 अगस्त से वैश्विक स्तर पर बिक्री (Sale) के लिए उपलब्ध करा दिए जाएंगे। वहीं, इन डिवाइसेस के लिए प्री-रिजर्वेशन या प्री-बुकिंग की प्रक्रिया 4 अगस्त से ही लाइव कर दी जाएगी।पुरानी रिपोर्ट्स पर गौर करें तो सैमसंग आगामी 22 जुलाई को लंदन में एक भव्य 'Galaxy Unpacked' इवेंट का आयोजन करने जा रही है, जहाँ इन दोनों फोल्डेबल फोन्स से आधिकारिक तौर पर पर्दा उठाया जाएगा। इसी मंच पर कंपनी अपने क्लैमशेल फोल्डेबल Galaxy Z Flip 8 और नई वियरेबल सीरीज़ Galaxy Watch 9 को भी दुनिया के सामने पेश कर सकती है।स्नैपड्रैगन 8 एलीट प्रोसेसर और 45W फास्ट चार्जिंग का मिलेगा पावरलीक रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार परफॉर्मेंस को नेक्स्ट लेवल पर ले जाने के लिए Galaxy Z Fold 8 और Z Fold 8 Ultra दोनों ही मॉडल्स में Qualcomm का सबसे शक्तिशाली 'Snapdragon 8 Elite Gen 5' चिपसेट दिया जाएगा, जो एडवांस एआई (AI) फीचर्स को बेहद आसानी से हैंडल कर सकेगा।कैमरा सेटअप की बात करें तो स्टैंडर्ड मॉडल में बैक पैनल पर दो 50-मेगापिक्सल सेंसर्स वाला दमदार डुअल रियर कैमरा सेटअप मिलने की उम्मीद है। पावर बैकअप के लिए इस पतले फोन में 4,800mAh की एक सक्षम बैटरी फिट की जाएगी, जो 45W की वायर्ड फास्ट चार्जिंग तकनीक को सपोर्ट करेगी, जिससे आपका फोन कुछ ही मिनटों में चार्ज हो जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 8:15 am

RBI Digital Fraud New Rules: डिजिटल फ्रॉड होने पर अब बैंक लौटाएगा 85% तक पैसा, रिजर्व बैंक ने जारी किए नए कड़े नियम

RBI Digital Fraud New Rules:ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर ठगी का शिकार होने वाले बैंक ग्राहकों के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने एक ऐतिहासिक और बेहद राहत भरी घोषणा की है। डिजिटल पेमेंट के बढ़ते खतरों को देखते हुए केंद्रीय बैंक ने नए नियमों को नोटिफाई कर दिया है, जिसके तहत अगर किसी व्यक्ति के साथ ₹50,000 तक का डिजिटल पेमेंट फ्रॉड होता है, तो उसके नुकसान के एक बहुत बड़े हिस्से की भरपाई बैंक को करनी होगी।आरबीआई द्वारा 24 जून 2026 को जारी किए गए ये नए नियम आगामी 1 जनवरी 2027 से पूरे देश में पूरी तरह लागू हो जाएंगे। इसे उन करोड़ों मध्यम और कम आय वर्ग के खाताधारकों के लिए संजीवनी के रूप में देखा जा रहा है, जिनकी गाढ़ी कमाई पर साइबर अपराधी पलक झपकते ही डाका डाल देते हैं।वित्त वर्ष 2025-26 में ₹48,000 करोड़ से ज्यादा की ठगी, कम आय वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावितआरबीआई ने यह कड़ा कदम यूं ही नहीं उठाया है, बल्कि इसके पीछे डराने वाले आंकड़े हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY26) में देश के भीतर ₹48,000 करोड़ से भी अधिक के डिजिटल फ्रॉड के मामले दर्ज किए गए। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि इन फ्रॉड का शिकार होने वाले अधिकांश लोग कम आय वर्ग (Low Income Group) से ताल्लुक रखते थे, जिनके लिए ₹10,000 या ₹20,000 की रकम भी जीवन भर की जमा-पूंजी जैसी होती है। इसी तबके के आर्थिक हितों की रक्षा करने और डिजिटल बैंकिंग के प्रति जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए आरबीआई ने कंपनसेशन (मुआवजा) के नियमों में यह क्रांतिकारी बदलाव किया है।नुकसान का 85% हिस्सा वापस पाने का हकदार होगा पीड़ित, जानिए क्या है गणितआरबीआई के नए नियमों के तहत अब डिजिटल फ्रॉड का शिकार होने वाला व्यक्ति अपने कुल नुकसान के 85 फीसदी तक की भरपाई का कानूनी हकदार होगा। हालांकि, इसके लिए अधिकतम सीमा ₹25,000 तय की गई है।नियम के मुताबिक, अगर कोई ग्राहक किसी ऐसे फ्रॉड या अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग ट्रांजेक्शन (EBT) की रिपोर्ट दर्ज कराता है, जिसमें उसका कुल नुकसान ₹50,000 तक का है, तो उसे उसके नेट लॉस का 85% या ₹25,000 (इनमें से जो भी राशि कम होगी) वापस दी जाएगी। लेकिन इस पैसे को वापस पाने के लिए ग्राहक को एक बेहद जरूरी शर्त पूरी करनी होगी, और वह है समय पर शिकायत दर्ज कराना।5 दिनों के भीतर करनी होगी शिकायत, ₹500 से ऊपर के हर ट्रांजेक्शन पर अलर्ट जरूरीकेंद्रीय बैंक ने साफ किया है कि फ्रॉड के शिकार व्यक्ति को घटना की जानकारी होने या मैसेज मिलने के अधिकतम 5 दिनों के भीतर अपने बैंक में इसकी आधिकारिक शिकायत दर्ज करानी होगी। यदि फ्रॉड बैंक की सुरक्षा प्रणाली में चूक या लापरवाही के कारण हुआ है, तो बैंक को बिना किसी आनाकानी के पूरी भरपाई करनी होगी।इसके साथ ही, आरबीआई ने बैंकों पर नकेल कसते हुए नियम बनाया है कि ₹500 से अधिक के किसी भी इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजेक्शन पर ग्राहक को तत्काल एसएमएस (SMS) या ईमेल अलर्ट भेजना अनिवार्य होगा, ताकि ग्राहक को तुरंत फ्रॉड का पता चल सके।45 दिनों में करना होगा केस का निपटारा, आरबीआई और बैंक मिलकर उठाएंगे खर्च का बोझआरबीआई ने बैंकों को अपनी शिकायत प्रणाली को अत्यधिक दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। अब हर बैंक को ग्राहकों की शिकायतों के रजिस्ट्रेशन के लिए 24 घंटे सातों दिन (24/7) काम करने वाला चैनल या हेल्पलाइन एक्टिव रखनी होगी। शिकायत मिलने के बाद बैंक को अधिकतम 45 दिनों के भीतर पूरे मामले की जांच कर उसका निपटारा करना होगा। हालांकि, यदि फ्रॉड के तार विदेशों (International Fraud) से जुड़े हैं, तो बैंक को इसके लिए 60 दिनों का समय मिलेगा।असाधारण बात यह है कि ₹29,412 से कम के फ्रॉड के मामलों में, जहां ग्राहक को 85% नुकसान का भुगतान किया जाना है, वहां बैंक पर पूरा बोझ नहीं पड़ेगा। इस कुल लागत का 65 फीसदी हिस्सा खुद आरबीआई वहन करेगा, जबकि 10 फीसदी हिस्सा पीड़ित ग्राहक के बैंक को और बाकी बचा 10 फीसदी हिस्सा उस बैंक को भुगतना होगा, जिस फ्रॉड अकाउंट में पैसा ट्रांसफर किया गया है। इससे बैंकों के बीच भी फ्रॉड रोकने को लेकर मुस्तैदी बढ़ेगी।जागरूकता की भारी कमी: ठगी के बाद डरें नहीं, तुरंत दर्ज कराएं रिपोर्टबैंकिंग एक्सपर्ट्स का मानना है कि आरबीआई के इस नए नियम से उन करोड़ों सीधे-साधे ग्राहकों को बहुत बड़ा वित्तीय सुरक्षा कवच मिलेगा, जो अब तक साइबर ठगों के आगे बेबस नजर आते थे। हालांकि, विशेषज्ञ इस बात पर भी चिंता जताते हैं कि आज भी देश में डिजिटल फ्रॉड को लेकर जागरूकता की भारी कमी है। अक्सर लोग फ्रॉड होने के बाद लोक-लाज या पुलिसिया कार्रवाई के डर से शिकायत ही दर्ज नहीं कराते, जिससे जालसाजों के हौसले और बुलंद हो जाते हैं। अब समय आ गया है कि जनसंचार के सभी माध्यमों, सोशल मीडिया और टीवी विज्ञापनों के जरिए लोगों को इस नए नियम के प्रति जागरूक किया जाए ताकि हर पीड़ित समय रहते अपनी शिकायत दर्ज कराकर अपनी गाढ़ी कमाई वापस पा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 8:09 am

Top News: वेनेजुएला में भूकंप से 920 मौतें, ईरान पर अमेरिकी हमला, हैदराबाद में ट्रंप एवेन्यू

Top News 27 June : वेनेजुएला में भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 920 हुई। अमेरिका ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण ठिकानों व तटीय रडार साइट्स पर हमले किए। हैदराबाद में डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर सड़क। आयरलैंड ने भारत को 34 रनों से हराया। फ्रांस ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 7:51 am

34 साल का सफर, आज भी वही 'दीवाना' अंदाज, मंगलुरु में शाह रुख खान का ऐसा डांस देख फैंस हुए बेकाबू

बॉलीवुड के सुपरस्टार शाह रुख खान हाल ही में मंगलुरु में आयोजित एक भव्य इवेंट में शामिल हुए, जहां उनका स्वागत किसी राजा की तरह किया गया। संयोगवश, यह वही दिन था जब शाह रुख खान की बॉलीवुड डेब्यू फिल्म 'दीवाना' को रिलीज हुए 34 साल पूरे हुए। एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक, अपने चहेते स्टार की एक झलक पाने के लिए प्रशंसकों का हुजूम उमड़ पड़ा। किंग खान ने भी फैंस को निराश नहीं किया और मंच पर अपनी उपस्थिति से पूरे माहौल को ऊर्जावान बना दिया।कन्नड़ में बोला 'नमस्कार', फैंस हुए गदगद इवेंट के दौरान शाह रुख खान ने न केवल अपने अंदाज से लोगों का दिल जीता, बल्कि कन्नड़ भाषा में 'नमस्कार' कहकर स्थानीय लोगों के साथ एक गहरा जुड़ाव भी बनाया। उन्होंने कहा, मंगलुरु आकर जो प्यार और उत्साह मुझे मिला, वह शब्दों से परे है। मैं इस अपनापन का शुक्रगुजार हूं। 'दीवाना' की 34वीं वर्षगांठ का जिक्र करते हुए उन्होंने अपनी पुरानी यादें ताजा कीं और मंच पर जमकर मस्ती करते हुए डांस भी किया, जिसे देख फैंस अपनी कुर्सियों से उठकर झूमने लगे।फैन के प्रपोजल पर क्या बोले किंग खान? इस इवेंट का सबसे यादगार पल तब आया जब एक फैन ने भरी महफिल में कहा कि वह अपने पति से ज्यादा शाह रुख खान से प्यार करती है। अपनी सिग्नेचर मुस्कान बिखेरते हुए शाह रुख ने बड़े ही मजेदार अंदाज में जवाब दिया, ये सब बातें अकेले में बतानी चाहिए, है ना? उन्होंने बड़ी शालीनता से बात को संभालते हुए कहा, मैं आपकी भावनाओं का सम्मान करता हूं और मुझे यकीन है कि आपके पति भी इसे समझते होंगे। मैं आप सभी से, आपके परिवार और आपके पति से भी प्यार करता हूं।एक्टर नहीं होते तो क्या बनते किंग खान? अपने करियर और जीवन से जुड़े एक दिलचस्प सवाल का जवाब देते हुए शाह रुख ने बताया कि अगर वे अभिनेता नहीं होते, तो वे जरूर एक शिक्षक होते। उन्होंने बड़ी सादगी से कहा, अगर मैं मंगलुरु में होता, तो मैं सेंट एलॉयसियस, शारदा विद्यालय या माउंट कार्मेल स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहा होता। बता दें कि शाह रुख खान अब जल्द ही अपनी बेटी सुहाना खान के साथ बहुप्रतीक्षित फिल्म 'किंग' में बड़े पर्दे पर नजर आने वाले हैं, जिसका उनके फैंस को बेसब्री से इंतजार है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 7:37 am

25 साल बाद फिर 'तुलसी' का वही खूनी तेवर! 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' में मैरिटल रेप सीन देख दहल उठे फैंस

भारतीय टेलीविजन के इतिहास में 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' का वह सीन आज भी दर्शकों को याद है, जब तुलसी ने अपनी बहू नंदिनी को बचाने के लिए अपने ही बेटे अंश को मौत के घाट उतार दिया था। अब 25 साल बाद, 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' के हालिया एपिसोड ने इतिहास को फिर से जीवंत कर दिया है। शो में एक बार फिर 'मैरिटल रेप' (वैवाहिक दुष्कर्म) का वह भयावह सीन रीक्रिएट किया गया है, जिसने सोशल मीडिया पर फैंस को झकझोर कर रख दिया है।क्या है पार्थ का काला सच? कहानी में नया मोड़ तब आया जब पार्थ (सोहिल सिंह झूटी) का असली चेहरा सामने आया। अपनी पुश्तैनी संपत्ति को हड़पने के लिए पार्थ ने अपनी पत्नी वैष्णवी (स्वाति शर्मा) को खंडाला के एक फार्महाउस पर ले जाकर डराना-धमकाना शुरू कर दिया। जब वैष्णवी ने संपत्ति के अवैध एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करने से मना किया, तो पार्थ ने नशीली दवा देकर उसके साथ दरिंदगी करने की कोशिश की। यह दृश्य न केवल तनावपूर्ण था, बल्कि यह 25 साल पहले दिखाए गए 'अंश और नंदिनी' वाले उस आइकॉनिक सीन की याद दिलाता है।तुलसी की चेतावनी: 'बहू खिलौना नहीं है' इस रोंगटे खड़े कर देने वाले दृश्य के बीच तुलसी की एंट्री ने माहौल को और भी गंभीर बना दिया। अपनी बहू को दरिंदगी से बचाते हुए तुलसी ने साफ कर दिया कि उसके संस्कार और न्याय की परिभाषा आज भी नहीं बदली है। उसने पार्थ को चेतावनी देते हुए कहा, बीवी है खिलौना नहीं है, शादी इसलिए नहीं की है ताकि हैवानियत कर सको। मैंने अपने बेटे को बहू के लिए मार दिया था और तुझे मारने में मुझे जरा भी संकोच नहीं होगा। स्मृति ईरानी का यह दमदार अभिनय और तुलसी का वही पुराना बेबाक अंदाज सोशल मीडिया पर फैंस की जमकर तारीफें बटोर रहा है। फैंस इसे न केवल ड्रामा, बल्कि एक सशक्त संदेश के रूप में भी देख रहे हैं। अब दर्शकों को इंतजार है कि क्या तुलसी सच में अपने पोते के खिलाफ इतना बड़ा कदम उठाएगी या इस बार अंत कुछ और होगा?

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 7:35 am

अक्षय कुमार की फिल्म ने पहले दिन ही तोड़े रिकॉर्ड्स, छप्परफाड़ कमाई देख फैंस गदगद

बहुप्रतीक्षित 'वेलकम' फ्रेंचाइजी की तीसरी कड़ी 'वेलकम टू द जंगल' (Welcome To The Jungle) आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और आते ही इसने बॉक्स ऑफिस पर गदर मचा दिया है। अक्षय कुमार की इस कॉमेडी फिल्म के लिए दर्शकों का उत्साह चरम पर था, जिसका असर पहले ही दिन की छप्परफाड़ कमाई के रूप में देखने को मिला। अहमद खान के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने न केवल एडवांस बुकिंग में रिकॉर्ड बनाए, बल्कि रिलीज के दिन भी अपनी दमदार पकड़ साबित कर दी है।20 करोड़ के पार पहुंचा कुल कलेक्शन सैकनिल्क की अर्ली रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म को देशभर में 10,487 शोज मिले, जिनमें शाम के शो में दर्शकों की भारी भीड़ देखी गई। फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत करते हुए करीब 15 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। इसके अलावा, पेड प्रिव्यू में हासिल हुए 3.75 करोड़ रुपये को जोड़ दिया जाए, तो फिल्म का कुल कलेक्शन 18.75 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। वहीं, ग्रॉस कलेक्शन की बात करें तो फिल्म पहले ही दिन 20 करोड़ रुपये का जादुई आंकड़ा पार करने में सफल रही है। नॉन-वीकेंड (गुरुवार) रिलीज होने के बावजूद इतनी शानदार कमाई यह इशारा करती है कि शनिवार और रविवार को फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नए कीर्तिमान स्थापित करेगी।सितारों से सजी है 'वेलकम टू द जंगल' 'वेलकम टू द जंगल' सिर्फ अक्षय कुमार की मौजूदगी के कारण ही नहीं, बल्कि अपनी स्टार-पावर्ड कास्ट के लिए भी चर्चा में है। इस कॉमेडी सफर में परेश रावल, सुनील शेट्टी, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडिस, अरशद वारसी, लारा दत्ता और रवीना टंडन जैसे दिग्गज कलाकार एक साथ नजर आ रहे हैं। 'वेलकम बैक' के बाद अक्षय कुमार की इस फ्रेंचाइजी में वापसी ने दर्शकों के रोमांच को दोगुना कर दिया है। फिल्म को मिल रही पॉजिटिव प्रतिक्रिया और कॉमेडी पंचेज को देखते हुए यह कयास लगाए जा रहे हैं कि यह फिल्म जल्द ही इस साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शामिल हो जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 7:33 am

बॉक्स ऑफिस पर ‘कॉकटेल 2’ का जलवा बरकरार! अक्षय कुमार की ‘वेलकम टू द जंगल’ के सामने भी जमकर हुई नोटों की बारिश

बॉलीवुड बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों दो बड़ी फिल्मों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। शाहिद कपूर, रश्मिका मंदाना और कृति सेनन की फिल्म ‘कॉकटेल 2’ सिनेमाघरों में अपना एक हफ्ता पूरा कर चुकी है। अक्षय कुमार की मल्टी-स्टारर कॉमेडी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ (Welcome to the Jungle) के 26 जून को रिलीज होने के बावजूद, ‘कॉकटेल 2’ ने अपनी धाक बरकरार रखी है। नई पीढ़ी यानी जेन-जी (Gen-Z) को यह मॉडर्न लव स्टोरी बेहद पसंद आ रही है, जिसका सीधा असर फिल्म की कमाई पर दिख रहा है।बॉक्स ऑफिस पर बरसे नोट फिल्म के शुरुआती आंकड़ों पर नजर डालें तो ‘कॉकटेल 2’ ने पहले दिन 13.50 करोड़, दूसरे दिन 16.25 करोड़ और तीसरे दिन 17.75 करोड़ रुपये की शानदार कमाई की थी। अपने पहले वीक में फिल्म ने कुल 70.50 करोड़ रुपये का घरेलू कलेक्शन कर लिया था। अब आठवें दिन के आंकड़े भी सामने आ गए हैं, जहां फिल्म ने कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच लगभग 4 करोड़ रुपये का और इजाफा किया है। इस तरह फिल्म का घरेलू बॉक्स ऑफिस कलेक्शन अब 74.50 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि दुनिया भर में यह फिल्म 122 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुकी है।क्या अक्षय कुमार की फिल्म पड़ रही भारी? अक्षय कुमार की ‘वेलकम टू द जंगल’ एक कॉमेडी एंटरटेनर है, जिससे पहले दिन ही 20 करोड़ रुपये की ओपनिंग की उम्मीद जताई जा रही थी। अहमद खान द्वारा निर्देशित इस फिल्म में बड़े सितारों की फौज है, जो दर्शकों को गुदगुदाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही। लेकिन शाहिद कपूर की फिल्म जिस तरह से वीकडेज में भी खुद को संभाले हुए है, वह काबिल-ए-तारीफ है। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ‘कॉकटेल 2’ अगले वीकेंड पर भी ‘वेलकम टू द जंगल’ की कॉमेडी के सामने अपनी मजबूती बनाए रख पाएगी या फिर अक्षय कुमार की फिल्म बॉक्स ऑफिस पर राज करेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 7:32 am

बीजिंग में बड़ा हादसा: सिटिक टॉवर से टकराया कार के आकार का विमान, धमाके से दहली राजधानी; प्रशासन ने सील किया इलाका

चीन की राजधानी बीजिंग से एक बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। शुक्रवार शाम को बीजिंग की सबसे ऊंची 108 मंजिला इमारत 'सिटिक टॉवर' (CITIC Tower) एक बड़े हादसे का गवाह बनी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार के आकार का एक छोटा विमान अनियंत्रित होकर सीधे इमारत की ऊपरी मंजिल से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि उसकी आवाज किसी बड़े बम विस्फोट जैसी सुनाई दी, जिसने आस-पास के लोगों को सकते में डाल दिया।क्या दिखा चश्मदीदों को? मौके पर मौजूद एक कूरियर बॉय ने घटना का आंखों देखा हाल बयां करते हुए बताया कि शाम करीब 6 बजे एक जोरदार धमाके के साथ सब कुछ हिल गया। जब उसने ऊपर देखा, तो कार के आकार का विमान इमारत से टकरा चुका था। इस भीषण टक्कर के कारण इमारत की ऊपरी मंजिलों के दो विशाल शीशे चकनाचूर हो गए और मलबा नीचे गिरने लगा। घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को अपने घेरे में ले लिया और घटनास्थल की ओर जाने वाली सभी सड़कों को सील कर दिया गया।सोशल मीडिया पर 'ब्लैकआउट' की चर्चा सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह है कि चीन के इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से इस घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीरों को तेजी से हटाया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन के प्रमुख ऐप 'श्याओहोंगशू' (Xiaohongshu) पर सिटिक टॉवर सर्च करने पर इस हादसे का कोई भी हालिया अपडेट दिखाई नहीं दे रहा है। वहां केवल पुराने पोस्ट ही मौजूद हैं, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है? फिलहाल, चीनी प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे पूरे इलाके में रहस्य और डर का माहौल बना हुआ है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 7:30 am

आसमान में 'किलर' का राज! अमेरिका बना रहा 1850 किमी रेंज वाली मिसाइल, चीन-रूस के रडार भी नहीं देख पाएंगे दुश्मन का अंत

दुनियाभर में जारी तनाव और बढ़ते सैन्य टकरावों के बीच, अमेरिकी वायुसेना ने भविष्य के हवाई युद्ध में अपनी बादशाहत कायम करने के लिए एक 'गेम-चेंजर' मिसाइल प्रोजेक्ट पर काम तेज कर दिया है। 'एयर फोर्स लॉन्ग रेंज वेपन' (AFLRW) प्रोग्राम के तहत अमेरिका एक ऐसी महाविनाशक मिसाइल विकसित कर रहा है, जो 1,850 किलोमीटर दूर स्थित दुश्मन के ठिकानों को पलक झपकते ही राख में बदल देगी। इस मिसाइल की मारक क्षमता मौजूदा दौर की किसी भी 'एयर-टू-एयर' मिसाइल से कई गुना अधिक है, जो इसे सैन्य क्षेत्र में एक अपराजेय हथियार बनाती है।चीन के लिए सबसे बड़ी चुनौती विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका को इस लंबी दूरी के हथियार की जरूरत मुख्य रूप से प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता को देखते हुए पड़ी है। जहां चीन अपनी PL-17 जैसी मिसाइलों से अमेरिकी सेना को चुनौती देने की कोशिश कर रहा है, वहीं 1,850 किमी रेंज की AFLRW मिसाइल अमेरिका को युद्ध के मैदान में चीन पर एक निर्णायक बढ़त दिलाएगी। इस प्रोजेक्ट की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिकी वायुसेना 25-26 अगस्त 2026 को एगलिन एयरफोर्स बेस पर रक्षा उद्योग के दिग्गजों के साथ इस पर एक गुप्त मंथन करने जा रही है।कैसे काम करेगी यह 'स्मार्ट' मिसाइल? सबसे बड़ा सवाल यह है कि पृथ्वी की गोलाई और रडार की सीमा (550 किमी) के बावजूद यह मिसाइल 1,850 किमी दूर लक्ष्य को कैसे साधेगी? इसका जवाब 'नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर' या 'किल वेब' तकनीक में छिपा है। आधुनिक युद्ध में केवल एक विमान का रडार काफी नहीं होता। यह मिसाइल अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट्स, जमीन पर स्थित रडार स्टेशनों और अन्य टोही विमानों (AEW&C) से मिले डेटा का उपयोग करके अपने लक्ष्य तक पहुंचेगी। यानी, दुश्मन को भनक लगे बिना ही उसे सैकड़ों किलोमीटर दूर से निशाना बनाया जा सकेगा।दुनिया की शीर्ष मिसाइलों के मुकाबले AFLRW की ताकत मौजूदा समय में कोई भी देश अमेरिका के इस प्रस्तावित प्रोजेक्ट के आसपास भी नहीं है। रूस की R-37M (लगभग 300 किमी) या चीन की PL-17 (लगभग 400 किमी) जैसी मिसाइलें AFLRW की 1,850+ किलोमीटर की रेंज के सामने बौनी नजर आती हैं। भारत की अस्त्र फैमिली और यूरोप की मीटियर मिसाइलें भी इस नई अमेरिकी तकनीक के मुकाबले काफी पीछे हैं। अगर अमेरिका का यह प्रयोग सफल रहता है, तो यह 'बियॉन्ड विजुअल रेंज' (BVR) कॉम्बैट में एक नए युग की शुरुआत होगी, जहां दुश्मन विमान के पायलट को यह पता भी नहीं चलेगा कि हमला किसने और कहां से किया।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 7:29 am

होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की नई 'जिद': 60 दिन के सीजफायर के बीच बढ़ रहा तनाव, क्या फिर भड़केगी पश्चिम एशिया की आग

पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों के बीच होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) एक बार फिर बारूद के ढेर पर खड़ा हो गया है। हाल ही में हुए 60 दिन के सीजफायर और 14 सूत्रीय अंतरिम समझौते के बावजूद ईरान ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर अपने नियंत्रण के अधिकार को फिर से दोहराया है। तेहरान ने साफ कर दिया है कि खाड़ी क्षेत्र में किसी भी फैसले में उसकी भूमिका को नजरअंदाज करना असुरक्षा का कारण बनेगा। ओमान के समीप एक जहाज पर हुए हमले ने इस तनाव को और हवा दे दी है, जिससे अमेरिका और छह खाड़ी देश सीधे तौर पर ईरान के सामने आ गए हैं।अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ती खींचतान अमेरिका और खाड़ी देशों के गठबंधन ने ईरान के टोल वसूली और नियंत्रण वाले दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने इसे लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि होर्मुज से गुजरने वाली जहाजों की सुरक्षित आवाजाही तब तक सुनिश्चित नहीं हो सकती, जब तक ईरान को एक तटीय देश के रूप में उचित स्थान न मिले। वहीं, ईरान का आरोप है कि खाड़ी में अमेरिकी सेना की मौजूदगी ही क्षेत्रीय अस्थिरता की असली जड़ है। इस बीच, दुबई में गलती से जारी हुआ मिसाइल अलर्ट भी पूरे क्षेत्र में बढ़े हुए डर और अनिश्चितता को दर्शाता है।परमाणु निरीक्षण और वैश्विक चिंता तनाव के इन संकेतों के बीच, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रासी ने कहा है कि ईरान ने उन्हें अपने परमाणु स्थलों के निरीक्षण की अनुमति दे दी है, जो एक सकारात्मक कदम है। हालांकि, ईरान ने भी स्पष्ट कर दिया है कि 'अंतिम समझौते' तक देश के मुख्य परमाणु स्थलों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा और वहां किसी बाहरी व्यक्ति की पहुंच नहीं होगी। इन सब घटनाक्रमों का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है, जिनमें लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।क्या आगे होगा सैन्य टकराव? अमेरिका और ईरान के बीच 18 जून को हुए 14 सूत्रीय अंतरिम समझौते के तहत एक 'संचार लाइन' की स्थापना की गई थी ताकि किसी भी सैन्य टकराव को टाला जा सके। लेकिन ईरान की ताजा जिद और होर्मुज पर उसके रुख से यह स्पष्ट है कि पश्चिम एशिया का भविष्य अभी भी बेहद नाजुक मोड़ पर है। जहां एक ओर राष्ट्रपति ट्रंप का दावा है कि ईरान आर्थिक संकट से जूझ रहा है, वहीं तेहरान अपनी रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार दिख रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 7:27 am

ट्रंप सरकार ने बंद किया शरण कार्यक्रम, अवैध प्रवासियों की घर वापसी के लिए शुरू हुआ महा-अभियान

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप का कड़ा प्रहार अमेरिका की आव्रजन नीति में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव आया है। सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले से उत्साहित ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अब अमेरिका में अवैध रूप से आने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि अमेरिका का शरण देने का कार्यक्रम अब समाप्त कर दिया गया है। सरकार ने अवैध प्रवासियों को ढूंढ-ढूंढकर उनके मूल देशों में वापस भेजने का अपना अभियान और अधिक आक्रामक और तेज कर दिया है।दुनियाभर के देशों के साथ होगा समझौता ट्रंप प्रशासन ने केवल कठोर बयानों तक सीमित न रहकर कूटनीतिक स्तर पर भी तैयारी शुरू कर दी है। मिलर के अनुसार, अमेरिका दुनिया के लगभग हर उस देश के साथ समझौते की प्रक्रिया में है, जिसके नागरिक अवैध रूप से अमेरिका में मौजूद हैं। इन समझौतों के तहत संबंधित देशों को अपने नागरिकों को वापस स्वीकार करना अनिवार्य होगा। ट्रंप सरकार का संदेश साफ है—अमेरिका अब घुसपैठियों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। जो लोग अपने देश छोड़कर अन्यत्र शरण लेना चाहते हैं, उन्हें अमेरिका के बजाय किसी दूसरे विकल्प की तलाश करनी होगी। यह कदम देश के सीमित संसाधनों को सुरक्षित रखने और अपराध पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है।2028 तक पूरी होगी मेक्सिको सीमा की 'दीवार' घुसपैठ को जड़ से खत्म करने के लिए अमेरिका अपनी सीमा सुरक्षा को अभेद्य बनाने जा रहा है। आंतरिक सुरक्षा मंत्री मार्कवायने मुलिन ने जानकारी दी है कि मेक्सिको बॉर्डर पर चल रही दीवार का निर्माण और घुसपैठ विरोधी तमाम उपाय 2028 तक, यानी ट्रंप के मौजूदा राष्ट्रपति कार्यकाल के अंत तक पूरी तरह से पूरे हो जाएंगे। 2017 में जिस दीवार की नींव रखी गई थी और बीच में काम ठप हो गया था, उसे 2025 में ट्रंप के दोबारा सत्ता में आते ही नई ऊर्जा के साथ शुरू कर दिया गया है। सीमा पर दोहरी दीवार, कटीले तार, हाई-टेक ड्रोन और चौबीसों घंटे निगरानी के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी और घुसपैठ पर पूर्ण विराम लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 7:25 am

मेटा के लिए नई मुसीबत: पूर्व कार्यकारी सारा विन-विलियम्स का जुकरबर्ग पर बड़ा हमला, किताब में खोले कंपनी के 'काले राज'

मेटा की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए गंभीर सवाल इंटरनेट मीडिया की दिग्गज कंपनी मेटा एक बार फिर कानूनी संकट में घिर गई है। कंपनी की पूर्व कार्यकारी सारा विन-विलियम्स ने मेटा के खिलाफ उत्तरी कैलिफोर्निया की संघीय अदालत में मुकदमा दायर किया है। विन-विलियम्स, जो 2011 से 2017 तक मेटा (तब फेसबुक) में ग्लोबल पालिसी डायरेक्टर थीं, ने कंपनी पर उन्हें चुप कराने और अपनी बेस्टसेलिंग किताब 'केयरलेस पीपुल' के प्रचार को रोकने का गंभीर आरोप लगाया है।किताब में जुकरबर्ग पर लगे चौंकाने वाले आरोप सारा विन-विलियम्स की किताब 'केयरलेस पीपुल' ने सिलिकॉन वैली के गलियारों में हलचल मचा दी है। इस किताब में उन्होंने मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग और अन्य उच्च कार्यकारियों के खराब बर्ताव का कच्चा-चिट्ठा खोला है। किताब में सबसे चौंकाने वाला खुलासा जुकरबर्ग द्वारा चीनी अधिकारियों को खुश करने की कथित कोशिशों को लेकर है। विन-विलियम्स का दावा है कि कंपनी छोड़ते समय उन पर जो 'नॉन-डिस्पैरेजमेंट' (कंपनी के खिलाफ न बोलने का) समझौता करने का दबाव बनाया गया था, वह पूरी तरह से गलत था और अब वह उस समझौते को अमान्य करने की मांग कर रही हैं।कंपनी ने आरोपों को नकारा दूसरी ओर, मेटा ने विन-विलियम्स के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पूर्व कार्यकारी ने अपने कानूनी समझौते का उल्लंघन किया है। मेटा का दावा है कि उनकी किताब में दी गई जानकारियां तथ्यात्मक रूप से गलत हैं और कंपनी की छवि खराब करने के उद्देश्य से लिखी गई हैं। अब यह मामला अदालत में है, जहां यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मेटा अपनी नीतियों के बचाव में सफल हो पाती है या सारा विन-विलियम्स के खुलासे कंपनी के लिए बड़ी कानूनी चुनौती बन जाते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 7:24 am

हिंद महासागर में भारत का 'पावर प्ले': प्रधानमंत्री मोदी की सेशेल्स यात्रा से चीन की बढ़ेगी बेचैनी, क्या है मिशन का एजेंडा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज 27 जून से 29 जून तक सेशेल्स की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं। सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के विशेष निमंत्रण पर हो रही यह यात्रा भारत के 'सागर' (SAGAR - Security and Growth for All in the Region) विजन को नई गति प्रदान करेगी। अपनी इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस की स्वर्ण जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। यह यात्रा वैश्विक पटल पर भारत के बढ़ते प्रभाव और हिंद महासागर क्षेत्र में उसकी निर्णायक भूमिका को प्रदर्शित करती है।सामरिक रूप से क्यों अहम है यह दौरा? वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में, विशेषकर पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच, सेशेल्स का महत्व कई गुना बढ़ गया है। भारत की अधिकांश ऊर्जा जरूरतों का आयात इन्हीं समुद्री मार्गों से होता है, जिसके पास सेशेल्स स्थित है। हिंद महासागर में चीन की बढ़ती आर्थिक और रणनीतिक पैठ को देखते हुए भारत के लिए यह देश एक महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रहरी के रूप में कार्य करता है। यह दौरा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देगा, बल्कि समुद्री सुरक्षा, हाइड्रोग्राफी और रक्षा क्षमता निर्माण में भारत की स्थिति को और अधिक सुदृढ़ करेगा।चीन के प्रभाव को मात देने की रणनीति पिछले कुछ वर्षों में चीन ने हिंद महासागर के द्वीपीय देशों में अपनी पहुंच बढ़ाने की पुरजोर कोशिश की है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि वह इस क्षेत्र में खुद को एक 'नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर' (Net Security Provider) के रूप में स्थापित करने के लिए दृढ़ है। फरवरी 2026 में सेशेल्स के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान जो आर्थिक विकास और सुरक्षा का 'दृष्टि प्रपत्र' तैयार किया गया था, उसे धरातल पर उतारने की दिशा में यह दौरा मील का पत्थर साबित होगा।क्या होगा खास? इस दौरे में भारतीय रक्षा बलों की एक टुकड़ी और नौसेना के दो विशेष जहाज भी समारोह का हिस्सा बनेंगे, जो भारत की समुद्री शक्ति और रक्षा सहयोग का स्पष्ट संकेत देंगे। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति हर्मिनी के बीच होने वाली द्विपक्षीय वार्ता में क्षेत्रीय स्थिरता, व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा मुख्य केंद्र में रहेगी। रणनीतिकारों का मानना है कि सेशेल्स के साथ मजबूत साझेदारी भारत को हिंद महासागर में एक अपराजेय सुरक्षा कवच प्रदान करेगी, जो आने वाले समय में चीन के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 7:22 am

टीएमसी नेता मदन मित्रा ने की एंटी सोशल बिल की आलोचना, कहा-ये राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से प्रेरित

तृणमूल कांग्रेस के नेता मदन मित्रा ने पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से लाए जा रहे एंटी सोशल बिल की आलोचना की।

देशबन्धु 27 Jun 2026 3:50 am

95 साल की उम्र में भारतीय नागरिक बनकर अंतिम सांस लेना चाहती हैं आंध्र प्रदेश की महिला

94 वर्षीय के महालक्ष्मम्मा की जिंदगी की अब केवल एक ही अंतिम इच्छा है कि वह भारतीय नागरिक के रूप में अपनी अंतिम सांस लेना चाहती हैं

देशबन्धु 27 Jun 2026 12:17 am