लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए दर्दनाक हादसे वाली इमारत पर आखिरकार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हो गई है। सेक्टर-डी स्थित भूखंड संख्या-102 पर बनी इस विवादित बहुमंजिला इमारत को तोड़ने का काम सोमवार से शुरू कर दिया गया। इसी साल 22 जून को इस बिल्डिंग में लगे भीषण अग्निकांड में 15 मासूम बच्चों की जलकर दर्दनाक मौत हो गई थी। इस दिल दहला देने वाले हादसे के बाद बैकफुट पर आए इमारत के मालिक वीरेंद्र शुक्ला और सुरेंद्र शुक्ला ने स्वयं भवन को ध्वस्त कराने की प्रक्रिया शुरू की है। हालांकि, लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की विशेष टीम पूरे ध्वस्तीकरण प्रक्रिया पर पल-पल की निगरानी बनाए हुए है।ड्रिल मशीनों से धीरे-धीरे तोड़ी जा रही इमारत: सुरक्षा के लिए हरे जाल से ढकी गई पूरी बिल्डिंगसघन आबादी वाले इलाके में स्थित होने के कारण इस भवन को एक झटके में गिराने के बजाय बेहद नियंत्रित और सावधानीपूर्वक तरीके से ध्वस्त किया जा रहा है। आसपास की इमारतों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरी बिल्डिंग को हरे रंग के जालीनुमा नेट से ढका गया है। मजदूर और तकनीकी टीम ड्रिल मशीनों की सहायता से ऊपरी हिस्से को धीरे-धीरे छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ रही है, ताकि किसी भी तरह का मलबा नीचे न गिरे और पड़ोसी ढांचों को नुकसान न पहुंचे।कंपाउंडिंग और कुछ हिस्सा बचाने की भी चर्चा: स्थानीय लोगों में कई तरह के कयासस्थानीय निवासियों का कहना है कि भवन मालिक किसी भी नए हादसे से बचने के लिए बेहद सतर्कता से काम करा रहे हैं। हालांकि, इलाके में यह चर्चा भी जोरों पर है कि मालिक और उनके कानूनी सलाहकार भवन के कुछ हिस्से को कानूनी दांव-पेच के जरिए बचाने या फिर कंपाउंडिंग की संभावनाएं तलाशने में लगे हैं। यही वजह है कि कार्रवाई को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि कोई कानूनी गुंजाइश बन सके।एलडीए के इंजीनियर मौके पर तैनात: सुरक्षा मानकों की हो रही कड़ी जांचध्वस्तीकरण कार्य शुरू होने की जानकारी मिलते ही LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने जोनल अधिकारी माधवेश कुमार को अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर रवाना किया। प्राधिकरण के इंजीनियर और अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि इमारत गिराने के दौरान सभी तय सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन हो। अधिकारियों का मानना है कि यदि बिना किसी ठोस सुरक्षा योजना के असुरक्षित तरीके से भवन गिराया गया, तो आसपास की इमारतों को बड़ा नुकसान पहुंच सकता है।25 जुलाई तक की मोहलत: समय सीमा खत्म होते ही गरज सकता है LDA का बुलडोजरजोनल अधिकारी माधवेश कुमार के अनुसार, भवन स्वामी फिलहाल खुद इमारत को तुड़वा रहे हैं। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने नियमानुसार भवन ध्वस्तीकरण के लिए 15 दिनों का नोटिस समय दिया था, जिसकी समयसीमा 25 जुलाई को समाप्त हो रही है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यदि तय तारीख तक पूरी इमारत को नहीं हटाया गया, तो 25 जुलाई के बाद प्राधिकरण अपने भारी बुलडोजर और मशीनों के साथ खुद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी करेगा। 22 जून के उस भयानक हादसे के बाद से यह इमारत पूरे प्रदेश में विवाद का केंद्र बनी हुई है, और अब इसकी ढहती दीवारें उस भीषण त्रासदी की याद दिला रही हैं।
इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज़ 1-2 से गंवाने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के कार्यवाहक कप्तान शुभमन गिल का बड़ा बयान सामने आया है। लगातार खिलाड़ियों के चोटिल होने और टीम के मुख्य चेहरों के बाहर बैठने पर गिल ने खुलकर अपनी चिंता व्यक्त की है। स्टार खिलाड़ियों की चोट की समस्या से जूझ रही भारतीय टीम के प्रदर्शन में निरंतरता की कमी साफ देखने को मिली। इस हार के बाद कप्तान शुभमन गिल ने सेंटर स्टेज पर आकर टीम इंडिया के खिलाड़ियों के लिए बेहतर फिटनेस मानकों और मजबूत वर्कलोड मैनेजमेंट की सख्त मांग की है।चोटों के संकट से जूझ रही टीम इंडिया: पांच मुख्य खिलाड़ियों के बिना मैदान में उतरी थी टीमइंग्लैंड के खिलाफ इस सीरीज में भारतीय टीम को अपने कई प्रमुख मैच-विनर खिलाड़ियों की सेवाएं नहीं मिल सकीं। ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या, नीतीश कुमार रेड्डी और स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह समेत कई प्रमुख खिलाड़ी चोटों के कारण पूरी तरह से बाहर रहे। लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे के बाद शुभमन गिल ने कहा कि अगर हमारी मुख्य प्लेइंग इलेवन को देखें तो कम से कम पांच खिलाड़ी इस मैच में नहीं खेल रहे थे। एक या दो खिलाड़ियों के चोटिल होते ही पूरी टीम का कॉम्बिनेशन बिगड़ जाता है, जिससे मैदान पर सही संतुलन बनाना बेहद मुश्किल हो जाता है।वनडे वर्ल्ड कप को लेकर गिल की गंभीर चेतावनी: 'कहीं न कहीं कुछ बड़ी कमी है'लगातार चोटिल हो रहे खिलाड़ियों पर तंज कसते हुए शुभमन गिल ने कहा कि आगामी वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट को जीतने के लिए किसी भी टीम को लगातार 11 मैच खेलने होते हैं, लेकिन यहां हमारे खिलाड़ी दो या तीन मैचों की छोटी सीरीज भी पूरी नहीं कर पा रहे हैं। गिल ने कहा कि अगर हर मैच के बाद चोट के कारण खिलाड़ी बाहर होते रहेंगे तो हम बड़े लक्ष्य हासिल नहीं कर सकते। साफ तौर पर हमारी तैयारी और खिलाड़ियों के फिटनेस लेवल में कहीं न कहीं कोई बड़ी कमी रह गई है।लॉर्ड्स में 388 रनों का विशाल लक्ष्य पड़ा भारी: रोहित-कोहली-गिल की पारियां भी न दिला सकीं जीतभारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए तीसरे वनडे मुकाबले में मेजबान टीम का पूरी तरह दबदबा देखने को मिला। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए जैकब बेथेल, बेन डकेट, जो रूट और जोस बटलर की धमाकेदार पारियों के दम पर बोर्ड पर 387 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया। जवाब में उतरी भारतीय टीम के लिए पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने शानदार 138 रन बनाए, जबकि शुभमन गिल ने 77 और विराट कोहली ने 74 रनों का योगदान दिया। हालांकि, विशाल लक्ष्य के दबाव और मिडिल ऑर्डर के पतन के कारण टीम इंडिया 360 रनों पर सिमट गई और 27 रनों से मैच गंवाकर सीरीज भी हार गई।
इंग्लैंड दौरे पर भारतीय क्रिकेट टीम का निराशाजनक प्रदर्शन जारी है। लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड ने भारत को 27 रन से हराकर तीन मैचों की वनडे सीरीज़ 2-1 से अपने नाम कर ली। इस हार के साथ ही भारत के इंग्लैंड दौरे का अंत बेहद कड़वे अनुभव के साथ हुआ। टी20 सीरीज़ में 0-4 से मिली करारी शिकस्त के बाद वनडे सीरीज़ भी हाथ से निकलने पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर और जाने-माने कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। आकाश चोपड़ा ने भारतीय टीम के इस लगातार खराब प्रदर्शन को एक 'दुखद कहानी' करार दिया है।आकाश चोपड़ा का बड़ा हमला: 'आयरलैंड और इंग्लैंड में हारे, हम कुछ भी नहीं जीत रहे हैं'अपने यूट्यूब चैनल पर जारी किए गए एक वीडियो में आकाश चोपड़ा ने भारतीय टीम की लगातार हार पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि टीम में सभी बड़े खिलाड़ियों की मौजूदगी के बावजूद इस तरह सीरीज गंवाना बेहद चिंताजनक है। चोपड़ा ने सवाल उठाते हुए कहा कि यह बिल्कुल भी अच्छी तस्वीर नहीं है बल्कि यह असल में एक दुखद कहानी है। हम पहले आयरलैंड में टी20 सीरीज़ हारे, फिर इंग्लैंड से टी20 में पराजित हुए और अब वनडे सीरीज़ भी गंवा चुके हैं। उन्होंने तीखा सवाल दागते हुए कहा कि अफ़गानिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट और एक वनडे सीरीज़ जीतने के अलावा भारत ने हाल के दिनों में आखिर क्या हासिल किया है?रोहित शर्मा के शतक और गिल-कोहली के अर्द्धशतक पर फिरा पानी: मिडिल ऑर्डर रहा पूरी तरह फ्लॉपलॉर्ड्स वनडे में इंग्लैंड ने पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए बोर्ड पर 387 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। 388 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को सलामी बल्लेबाजों ने मजबूत शुरुआत दिलाई। शुभमन गिल ने 84 गेंदों पर 77 रनों की संयमित पारी खेली, जबकि कप्तान रोहित शर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 110 गेंदों में 138 रन ठोककर अपने आलोचकों का मुंह बंद कर दिया। इसके बाद विराट कोहली ने भी 60 गेंदों पर 74 रनों का आक्रामक योगदान दिया। हालांकि, टॉप ऑर्डर के इस शानदार प्रदर्शन के बावजूद भारतीय मध्यक्रम पूरी तरह फ्लॉप साबित हुआ, जिसके चलते टीम इंडिया 50 ओवर में 360/7 पर सिमट गई और 27 रन से मैच हार गई।इंग्लैंड दौरे का निराशाजनक अंत: टी20 में 0-4 से सूपड़ा साफ होने के बाद वनडे सीरीज भी हाथ से निकलीयह मुकाबला भारत के इंग्लैंड दौरे का अंतिम मैच था, जहां सीमित ओवरों के क्रिकेट में टीम इंडिया को केवल निराशा ही हाथ लगी है। वनडे सीरीज़ से पहले खेली गई टी20 सीरीज़ में मेजबान इंग्लैंड ने भारत को 0-4 से हराया था। फैंस और खेल विशेषज्ञों को उम्मीद थी कि वनडे सीरीज़ में दिग्गज खिलाड़ियों की वापसी से स्थिति बदलेगी, लेकिन लॉर्ड्स में 388 के लक्ष्य के करीब पहुंचकर हार जाना टीम की गहराती समस्याओं को उजागर करता है। बड़े योगदानों के बावजूद जीत दर्ज न कर पाना आगामी बड़े आईसीसी टूर्नामेंटों से पहले भारतीय टीम प्रबंधन के लिए गंभीर चिंतन का विषय है।
पवित्र सावन का महीना शुरू होने से ठीक पहले ग्रहों के दुर्लभ गोचर और चाल में बदलाव से बेहद शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जुलाई के अंत में तीन प्रमुख ग्रह—देवगुरु बृहस्पति, ग्रहों के राजकुमार बुध और कर्मफलदाता शनि अपनी स्थिति में बड़ा फेरबदल करने जा रहे हैं। देवगुरु बृहस्पति 19 जुलाई को गुरु पुष्य नक्षत्र में प्रवेश कर चुके हैं, जबकि 25 जुलाई को बुध देव उदित होंगे और इसके ठीक बाद 27 जुलाई को शनि मीन राशि में वक्री चाल शुरू करने वाले हैं। ग्रहों के इस महासंयोग का प्रभाव 30 जुलाई से शुरू हो रहे सावन के पूरे महीने में देखने को मिलेगा। इस दौरान 5 विशेष राशियों को धन, करियर, व्यापार और सेहत में अप्रत्याशित सफलता मिलने के प्रबल योग बन रहे हैं।मेष राशि: आय में बढ़ोतरी और करियर में प्रमोशन के तगड़े संकेतग्रहों के इस बड़े बदलाव से मेष राशि के जातकों को जबरदस्त आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। यदि आप लंबे समय से नौकरी बदलने की योजना बना रहे हैं, तो आपको देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों से आकर्षक ऑफर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत को देखते हुए पदोन्नति (Promotion) और वेतन वृद्धि (Appraisal) का लाभ मिल सकता है। व्यापारियों को नए सौदों में अच्छा मुनाफा होगा और पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी।मिथुन राशि: अटके काम होंगे पूरे और अचानक होगा धन लाभमिथुन राशि के जातकों के लिए ग्रहों की यह तिकड़ी अत्यंत फलदायी साबित होगी। आपके लंबे समय से फंसे हुए काम अचानक गति पकड़ेंगे। अनावश्यक खर्चों पर ब्रेक लगेगा, जिससे आपकी बचत में इजाफा होगा। अचानक से धन लाभ होने के योग बन रहे हैं, जिससे आपकी वित्तीय स्थिति काफी मजबूत होगी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और नई नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को कोई सुखद समाचार मिल सकता है।सिंह राशि: मेहनत लाएगी रंग और नए व्यापार की हो सकती है शुरुआतसिंह राशि वालों के लिए यह समय भाग्य का पूरा साथ लेकर आ रहा है। ऑफिस में बॉस और वरिष्ठ अधिकारी आपके काम और आइडियाज से काफी प्रभावित होंगे, जिसका सीधा असर आपकी तरक्की पर दिखेगा। बिजनेस करने वाले जातक किसी नए प्रोजेक्ट या काम की शुरुआत कर सकते हैं। हालांकि, कोई भी बड़ा वित्तीय निर्णय लेते समय जल्दबाजी से बचें। मनचाही यात्रा और आकस्मिक धन लाभ के मजबूत योग बन रहे हैं।तुला राशि: आय के नए स्रोत बनेंगे और निवेश से मिलेगा फायदातुला राशि के जातकों को इस अवधि में किस्मत का हर मोड़ पर सहयोग मिलेगा। आय के नए जरिये बनने से आर्थिक स्थिरता आएगी और पुराने निवेश से बड़ा फायदा मिल सकता है। जो जातक संपत्ति या शेयर बाजार में निवेश करने की सोच रहे हैं, उनके लिए यह समय मुफीद है, लेकिन विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें। धार्मिक गतिविधियों में रुझान बढ़ेगा और जीवनसाथी के साथ किसी सुखद यात्रा का आनंद ले सकते हैं।मीन राशि: बढ़ेगा आत्मविश्वास, जमीन और वाहन खरीदने के बनेंगे योगमीन राशि के जातकों के भीतर सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार होगा। आप अपनी ऊर्जा का उपयोग रुके हुए कार्यों को निपटाने में करेंगे। परिवार में आपसी सामंजस्य और प्रेम बढ़ेगा। यदि आप नई जमीन, मकान या वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो परिस्थितियां आपके अनुकूल रहेंगी। माता-पिता के सहयोग से प्रेम संबंधों को विवाह में बदलने का अवसर मिलेगा और संतान पक्ष से भी कोई शुभ समाचार मिल सकता है।
अगर आप भारतीय शेयर बाजार में निवेश करते हैं और आगामी बजट या सरकारी घोषणाओं में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स से राहत या इसे पूरी तरह खत्म किए जाने की उम्मीद लगाए बैठे थे, तो आपके लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने संसद में आधिकारिक तौर पर स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल शेयर बाजार के इक्विटी निवेश पर लागू LTCG टैक्स को हटाने का कोई भी प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है। वित्त मंत्रालय द्वारा लोकसभा में दिए गए इस लिखित जवाब के बाद उन सभी अटकलों पर विराम लग गया है, जिनमें टैक्स छूट की उम्मीद जताई जा रही थी।वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में किया स्पष्ट: अभी टैक्स हटाने का कोई विचार नहींलोकसभा में पूछे गए सवाल का लिखित जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि वर्तमान में इक्विटी निवेश पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स को समाप्त करने की कोई योजना नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार हर साल आम बजट की तैयारी के दौरान और आवश्यकतानुसार टैक्स कानूनों की समीक्षा करती रहती है। इसका मतलब यह है कि भविष्य की आर्थिक स्थितियों के आधार पर बदलाव की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है, लेकिन मौजूदा स्थिति में निवेशकों को LTCG टैक्स से कोई सीधी राहत नहीं मिलने वाली है।LTCG टैक्स से सरकार की बंपर कमाई: 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक जुटाया राजस्व정부 (सरकार) द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान इक्विटी निवेश से प्राप्त होने वाले LTCG टैक्स के जरिए कुल 2.01 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम राजस्व हासिल हुआ है। आंकड़े बताते हैं कि टैक्स कलेक्शन में सालाना आधार पर करीब 79 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एसेसमेंट ईयर (AY) 2025-26 में सरकार ने LTCG के रूप में 1.29 लाख करोड़ रुपये जुटाए, जो कि AY 2024-25 में 72,249 करोड़ रुपये थे। इतने बड़े राजस्व योगदान के कारण सरकार फिलहाल इस टैक्स को हटाने के पक्ष में नहीं है।रिटेल और FPI दोनों के लिए 12.5% टैक्स दर समान: टैक्स नियमों में कोई भेदभाव नहींसरकार ने इस बात पर भी जोर दिया कि लिस्टेड इक्विटी शेयरों पर लागू 12.5 प्रतिशत की LTCG टैक्स दर घरेलू रिटेल निवेशकों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) दोनों के लिए एक समान है। सरकार का कहना है कि कर प्रणाली में दोनों तरह के निवेशकों के बीच किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं रखा गया है, ताकि बाजार में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे।विदेशी निवेशकों के लिए G-Secs नियमों में बड़ा बदलाव: 1 अप्रैल 2026 से लागू हुई नई छूटभले ही इक्विटी पर LTCG टैक्स में कोई बदलाव न हुआ हो, लेकिन सरकार ने विदेशी निवेशकों (FPIs) के लिए सरकारी बॉन्ड (G-Secs) से जुड़े नियमों में राहत दी है। 1 अप्रैल 2026 से लागू नए प्रावधानों के अनुसार, भारत के सरकारी बॉन्ड में निवेश करने वाले विदेशी संस्थागत निवेशकों को ब्याज आय और कैपिटल गेन दोनों पर आयकर से पूरी छूट दी गई है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य भारतीय टैक्स सिस्टम को वैश्विक मानकों के अनुकूल बनाना और दुनिया भर के पेंशन फंड व सॉवरेन वेल्थ फंड को भारतीय बाजार की ओर आकर्षित करना है।
शेयर बाजार में हॉकिन्स कुकर्स लिमिटेड (Hawkins Cookers Ltd) के शेयरों में हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को शानदार बढ़त देखने को मिली। कंपनी के शेयरों में 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। यह तेजी कंपनी द्वारा अपने योग्य शेयरधारकों के लिए घोषित किए गए बंपर डिविडेंड के बाद देखने को मिल रही है। कंपनी ने अपने निवेशकों को प्रति शेयर 140 रुपये का मोटा डिविडेंड देने का फैसला किया है, जिसकी रिकॉर्ड डेट इसी हफ्ते तय की गई है।22 जुलाई को है एक्स-डिविडेंड और रिकॉर्ड डेट: जानिए किसे मिलेगा फायदाहॉकिन्स कुकर्स लिमिटेड ने शेयर बाजारों को भेजी आधिकारिक जानकारी में स्पष्ट किया है कि कंपनी 10 रुपये के फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर 140 रुपये का डिविडेंड वितरित करेगी। इसके लिए कंपनी ने 22 जुलाई 2026 (बुधवार) की तारीख को रिकॉर्ड डेट घोषित किया है। इसका मतलब है कि 22 जुलाई तक जिन निवेशकों के पास डिमैट खाते में कंपनी के शेयर मौजूद होंगे, केवल वही इस आकर्षक डिविडेंड का लाभ उठाने के हकदार होंगे।लगातार बढ़ा रही है डिविडेंड: पिछले सालों में रहा है ऐसा ट्रैक रिकॉर्डकंपनी अपने शेयरधारकों को लगातार बड़ा डिविडेंड देकर खुश करती आई है। पिछले आंकड़ों पर नजर डालें तो हॉकिन्स कुकर्स ने साल 2025 में प्रति शेयर 130 रुपये का डिविडेंड दिया था। वहीं साल 2024 में निवेशकों को प्रति शेयर 120 रुपये का डिविडेंड मिला था, जबकि साल 2023 में कंपनी ने 100 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से डिविडेंड बांटा था। लगातार बढ़ते डिविडेंड के इस आंकड़े से साफ है कि कंपनी अपने कैश फ्लो का बड़ा हिस्सा निवेशकों के साथ साझा करती आ रही है।शेयरों में आई 2% की तेजी: एक महीने में दिया 19% से ज्यादा का रिटर्नसप्ताह के पहले कारोबारी दिन बीएसई (BSE) पर कंपनी का स्टॉक 2 प्रतिशत से अधिक की मजबूती के साथ 9262.85 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। पिछले एक महीने के प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी के शेयरों में 19 प्रतिशत से ज्यादा का तगड़ा उछाल आया है। वहीं बीते 6 महीनों में इस स्टॉक ने अपने निवेशकों को 21 प्रतिशत का पॉजिटिव रिटर्न दिया है। हालांकि, पिछले एक साल में शेयरों में करीब 3.95 प्रतिशत और दो साल की अवधि में 8.23 प्रतिशत की मामूली गिरावट देखने को मिली है।10 सालों में दिया मल्टीबैगर रिटर्न: सेंसेक्स को भी पछाड़ादीर्घकालिक (लॉन्ग टर्म) निवेशकों के लिए हॉकिन्स कुकर्स का प्रदर्शन काफी शानदार रहा है। बीते तीन सालों में कंपनी के शेयरों ने 38 प्रतिशत और 5 सालों में 58 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। वहीं पिछले 10 वर्षों के आंकड़े देखें तो इस स्टॉक ने 255 प्रतिशत की धमाकेदार तेजी दर्ज की है, जबकि इसी 10 साल की अवधि में बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स ने केवल 178 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। इस तरह हॉकिन्स कुकर्स ने लंबी अवधि में सेंसेक्स को भी पछाड़ते हुए निवेशकों को मल्टीबैगर रिटर्न और बंपर डिविडेंड दोनों का फायदा दिया है।
भारतीय सिनेमा का इतिहास कई ऐसी महान और भावुक कहानियों से भरा पड़ा है, जो आज भी दर्शकों की आंखें नम कर देती हैं। फिल्म जगत में कई ऐसे नाम आए जिन्होंने दशकों तक राज किया, लेकिन एक ऐसा भी होनहार फिल्ममेकर था जिसने अपने पूरे जीवन में केवल एक ही फिल्म बनाई और पहली ही कोशिश में भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा सम्मान यानी नेशनल अवॉर्ड अपने नाम कर लिया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था। जिस दिन उनकी उस इकलौती फिल्म को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार देने का ऐलान हुआ, उसी दिन एक दर्दनाक हादसे में महज 34 साल की उम्र में इस प्रतिभाशाली डायरेक्टर की मौत हो गई।कश्मीर के तंगहाली भरे बचपन से न्यूयॉर्क तक का सफर: जानें कौन थे अवतार कृष्ण कौलहम बात कर रहे हैं हिंदी सिनेमा के समानांतर और यथार्थवादी दौर के महान निर्देशक अवतार कृष्ण कौल (Avtar Krishna Kaul) की। कश्मीर के एक मध्यमवर्गीय कश्मीरी पंडित परिवार में जन्मे अवतार कृष्ण कौल को बचपन से ही कला और सिनेमा से गहरा लगाव था। शुरुआती दिनों में परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। जीवन यापन के लिए उन्होंने विदेश मंत्रालय में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी तक की। इसी नौकरी के दौरान उन्हें अमेरिका जाने का अवसर मिला, जहां उन्होंने न्यूयॉर्क की 'सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क' से अपनी पढ़ाई पूरी की और वहीं शादी भी कर ली।पहली ही फिल्म '27 डाउन' से बॉलीवुड में मचाया तहलका: राखी और एम.के. रैना की जोड़ी ने जीता दिलअमेरिका से भारत लौटने के बाद उन्होंने असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम करना शुरू किया और साल 1974 में अपनी पहली फिल्म का निर्माण किया। उन्होंने मशहूर हिंदी लेखक रमेश बक्शी के उपन्यास 'अठारह सूरज के पौधे' को अपनी फिल्म का आधार बनाया। इस ब्लैक एंड व्हाइट क्लासिक फिल्म का नाम रखा गया '27 डाउन' (27 Down)। फिल्म में मुख्य भूमिकाओं के लिए उन्होंने दिग्गज अभिनेत्री राखी और एम.के. रैना को चुना। जिम्मेदारियों और इच्छाओं के बीच पिसते एक इंसान की इस मार्मिक कहानी का निर्देशन और लेखन खुद अवतार कृष्ण कौल ने ही किया था।डूबते इंसान को बचाते हुए गई जान: जिस दिन हुआ नेशनल अवॉर्ड का ऐलान, उसी दिन थम गईं सांसें'27 डाउन' को अपनी रिलीज के साथ ही आलोचकों और दर्शकों से जबरदस्त तारीफें मिलीं और फिल्म ने दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Film Awards) अपने नाम किए। लेकिन जब सफलता उनके कदम चूम रही थी, तभी मुंबई के एक समुद्र तट पर बड़ा हादसा हो गया। बताया जाता है कि समुद्र में एक डूबते हुए व्यक्ति को बचाने की कोशिश में अवतार कृष्ण कौल खुद तेज उठती लहरों की चपेट में आ गए और पानी में डूबने से उनका असमय निधन हो गया। जिस दिन नेशनल अवॉर्ड्स का आधिकारिक ऐलान हुआ, उसी दिन महज 34 साल की उम्र में वे दुनिया छोड़ चुके थे। वे अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का जश्न भी नहीं मना सके, लेकिन उनकी यह इकलौती फिल्म आज भी भारतीय सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर मानी जाती है।
बॉलीवुड के 'खिलाड़ी' अक्षय कुमार और मशहूर निर्देशक प्रियदर्शन की जोड़ी जब भी साथ आती है, सिनेमाघरों में नया इतिहास रचती है। 'वेलकम टू द जंगल' के बाद दोनों अपनी बहुप्रतीक्षित साइको-थ्रिलर फिल्म 'हैवान' (Haiwaan) को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में जारी हुए फिल्म के फर्स्ट लुक पोस्टर में अक्षय कुमार के नेगेटिव यानी विलेन वाले किरदार ने फैंस की उत्सुकता बढ़ा दी है। हालांकि, अब फिल्म के निर्देशक प्रियदर्शन ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया है कि अक्षय कुमार इस खौफनाक किरदार के लिए उनकी पहली पसंद नहीं थे। प्रियदर्शन इस रोल में पहले दो अन्य बॉलीवुड अभिनेताओं को कास्ट करना चाहते थे।सैफ अली खान की एंट्री के बाद शुरू हुई विलेन की तलाश: बॉबी देओल ने ठुकरा दी थी स्क्रिप्टफिल्म प्रमोशन के दौरान मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में प्रियदर्शन ने 'हैवान' की स्टारकास्ट को लेकर कई अनसुने राज खोले। प्रियदर्शन ने बताया कि जब उन्होंने सबसे पहले अभिनेता सैफ अली खान को फिल्म की कहानी सुनाई, तो सैफ ने उत्सुकता से पूछा कि उनके अपोजिट विलेन का किरदार कौन निभाएगा। इसके बाद प्रियदर्शन ने इस रोल के लिए सबसे पहले 'रॉकस्टार' बॉबी देओल से संपर्क किया था। हालांकि, बॉबी देओल को फिल्म की स्क्रिप्ट कुछ खास पसंद नहीं आई और उन्होंने इस प्रोजेक्ट के लिए मना कर दिया। प्रियदर्शन ने स्पष्ट किया कि स्क्रिप्ट पसंद न आने में बॉबी की कोई गलती नहीं थी।अक्षय खन्ना और सुनील शेट्टी के नाम पर भी हुआ था विचार: ऐसे हुई अक्षय कुमार की एंट्रीबॉबी देओल के इनकार के बाद प्रियदर्शन ने अभिनेता अक्षय खन्ना के नाम पर विचार किया। अक्षय खन्ना से फोन पर बातचीत हुई और उन्होंने प्रियदर्शन को मिलने के लिए भी बुलाया। प्रियदर्शन के मन में यह डर भी था कि अगर अक्षय खन्ना मना करते हैं तो वे सुनील शेट्टी के पास जाएंगे। इसी दौरान प्रियदर्शन अपनी दूसरी फिल्म 'भूत बंगला' की शूटिंग कर रहे थे, जहां सेट पर ही उन्होंने अक्षय कुमार को 'हैवान' की कहानी सुनाई। अक्षय कुमार को फिल्म का कांसेप्ट और विलेन का किरदार इतना पसंद आया कि उन्होंने तुरंत इसके लिए हां कह दी। इस तरह प्रियदर्शन को उनकी फिल्म के लिए परफेक्ट विलेन मिल गया।11 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी 'हैवान': थ्रिलर का लगेगा तड़काअक्षय कुमार और सैफ अली खान स्टारर फिल्म 'हैवान' को लेकर दर्शकों के बीच भारी बज बना हुआ है। प्रियदर्शन के निर्देशन में बन रही यह हाई-ऑक्टेन साइको-थ्रिलर फिल्म 11 सितंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में एक साथ रिलीज की जाएगी। लंबे समय बाद अक्षय कुमार को किसी बड़े पर्दे की फिल्म में डार्क नेगेटिव रोल में देखना फैंस के लिए एक बेहतरीन सिनेमैटिक एक्सपीरियंस साबित होने वाला है।
बॉलीवुड के 'सुपरस्टार' सलमान खान के फैंस के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। पिछले कुछ महीनों से अधर में लटकी सलमान खान के प्रोडक्शन हाउस की महत्वाकांक्षी फिल्म 'मातृभूमि' (Motherland) की रिलीज को लेकर बना सारा सस्पेंस अब पूरी तरह से खत्म हो गया है। सोशल मीडिया और फिल्मी गलियारों में लगातार यह अफवाहें उड़ रही थीं कि फिल्म को 2027 तक के लिए टाल दिया गया है। हालांकि, मेकर्स ने आधिकारिक रूप से इन सभी अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि यह देशभक्ति से लबरेज फिल्म 2027 में नहीं, बल्कि इसी साल यानी 2026 में ही बड़े पर्दे पर रिलीज होगी।पोस्टर और कैप्शन ने बढ़ाया फैंस का रोमांच: चित्रांगदा सिंह और सलमान खान का दिखा देशभक्ति अंदाजफिल्म के प्रोडक्शन हाउस ने आधिकारिक बयान और नए पोस्टरों के साथ 'मातृभूमि' की रिलीज का बड़ा ऐलान किया। जारी किए गए पोस्टर्स में सलमान खान और चित्रांगदा सिंह का बेहद प्रभावशाली लुक देखने को मिल रहा है। सलमान खान वाले पोस्टर पर हर सांस भारत के लिए (Every breath for India) लिखा है, जबकि चित्रांगदा सिंह के पोस्टर पर कुछ रिश्ते खून के रिश्तों से भी मजबूत होते हैं का संदेश दिया गया है। मेकर्स ने पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा, एक सैनिक का वादा, एक परिवार की ताकत, एक देश का गर्व, जिसने फैंस के बीच फिल्म को लेकर उत्सुकता को कई गुना बढ़ा दिया है।क्यों रुकी थी 'मातृभूमि' की शूटिंग और रिलीज? गलवान घाटी विवाद से जुड़ा है कनेक्शनरिपोर्ट्स के अनुसार, अपूर्व लाखिया के निर्देशन में बन रही फिल्म 'मातृभूमि' बीते तीन महीनों से सेंसर बोर्ड और री-शूटिंग के कारण रुकी हुई थी। यह फिल्म मूल रूप से 2020 में भारत और चीन के बीच हुई हिंसक गलवान घाटी झड़प (Galwan Valley Clash) पर आधारित बताई जा रही है। कूटनीतिक संवेदनशीलता और तनाव को देखते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय और सेंसर बोर्ड ने मेकर्स को चीन व गलवान घाटी के प्रत्यक्ष संदर्भों को हटाने की सलाह दी थी। इसी वजह से फिल्म का नाम पहले 'बैटल ऑफ गलवान' से बदलकर 'मातृभूमि' (Motherland) रखा गया और स्क्रिप्ट में आवश्यक बदलाव किए गए।17 अप्रैल से टलने के बाद अब इसी साल सिनेमाघरों में धमाका करेंगे सलमान खान'मातृभूमि' पहले 17 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर बोर्ड से क्लीयरेंस और बदलावों के कारण इसकी रिलीज में देरी हुई। अब जब मेकर्स ने आधिकारिक तौर पर 2027 में टलने की खबरों को पूरी तरह झूठा करार दे दिया है, तो ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि फिल्म इस साल के अंत तक किसी बड़े फेस्टिव वीकेंड पर बड़े पर्दे पर रिलीज की जा सकती है। अपूर्व लाखिया के निर्देशन में बनी इस एक्शन-ड्रामा फिल्म से सलमान खान एक बार फिर से बॉक्स ऑफिस पर नया इतिहास रचने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
Motorola ने भारतीय बाजार में अपना नया प्रीमियम स्मार्टफोन Motorola Edge 70 Max लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस फोन को दमदार 7100mAh बैटरी, 90W फास्ट चार्जिंग, Snapdragon 8 Gen 5 प्रोसेसर, 2K AMOLED डिस्प्ले और कई एडवांस Moto AI फीचर्स के साथ पेश किया ...
NEET-UG पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जारी आंदोलन को सोमवार को राजनीतिक समर्थन भी मिला। समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद डिंपल यादव अपने पार्टी सांसदों के साथ संसद से जंतर-मंतर तक मार्च करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ...
देश की राजधानी दिल्ली में, यमुना के तट पर अडिग अविचल चुपचाप खड़ा है लाल किला। इस्लामी फ़ारसी तैमूरी और हिन्दू शैलियों की मिली जुली वास्तुकला का बेजोड़ नमूना यह किला बलुआ लाल पत्थरों की चादर से खुद को ढांपे अपने जख्मों को छुपाए हंसता हुआ मिलता है अपने ...
NEET-UG पेपर लीक को लेकर संसद मार्च के बीच CJP नेताओं ने जेपी नड्डा से मुलाकात कर तीन मांगें रखीं। अमित शाह ने भी धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की, जबकि दिल्ली में सुरक्षा कड़ी रही।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश- किसी आईपीएस की अगुवाई में दोबारा बनाएं एसआइटी
राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इसे राजनीतिक मुद्दा न बनाया जाए। कोर्ट ने यूपी सरकार से SIT जांच की प्रगति रिपोर्ट मांगी, अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी।
लश्कर के महिला विंग 'तैय्यबात' का विस्तार, एआई और प्रचार नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के महिला विंग 'तैय्यबात' काफी सक्रिय है। ऐसा कहा जा रहा है कि कट्टरपंथी संगठन में महिलाएं अपनी मर्जी से शामिल हो रही हैं। इसकी स्थापना वर्ष 2025 में हुई थी। वर्ष 2026 की शुरुआत तक इस विंग ने तेजी से विस्तार किया और बड़ी संख्या में महिलाओं की भर्ती की।
छत्तीसगढ़ के कोरबा (Korba) जिले से बाल संरक्षण और सामाजिक कुप्रथाओं के खिलाफ एक बेहद सफल और सख्त कार्रवाई का मामला सामने आया है। जिले के एक ग्रामीण या शहरी इलाके में नाबालिग बच्चों की शादी कराने की गुप्त तैयारियों की भनक महिला एवं बाल विकास विभाग और स्थानीय प्रशासन को लग गई थी। कानून को ताक पर रखकर बालिग होने की कानूनी उम्र से बहुत पहले ही एक 13 साल की नाबालिग बालिका और 15 साल के किशोर का विवाह रचाया जा रहा था। जब बारात दरवाजे पर पहुंच चुकी थी, मेहमानों का आना-जाना जारी था और फेरे लेने के लिए भव्य मंडप पूरी तरह सजकर तैयार था, ठीक उसी वक्त प्रशासन की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर आनन-फानन में पहुंच गई।उम्र के दस्तावेजों की जांच और परिजनों की काउंसलिंग: बाल विवाह के कानूनी परिणामों से अवगत कराए गए माता-पिताप्रशासनिक अमले ने मौके पर पहुंचते ही सबसे पहले वर और वधू पक्ष के लोगों से उनके जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और आयु से जुड़े अन्य कानूनी दस्तावेज मांगे। जांच के दौरान जब यह साबित हो गया कि लड़की की उम्र महज 13 वर्ष और लड़के की उम्र मात्र 15 वर्ष है, तो अधिकारियों ने तुरंत विवाह की सभी रस्मों को रोक देने का कड़ा आदेश दिया। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने दोनों पक्षों के माता-पिता और रिश्तेदारों को बैठाकर समझाइश दी और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (Child Marriage Prohibition Act) के तहत होने वाले गंभीर कानूनी परिणामों, जेल की सजा और जुर्माने के प्रावधानों से पूरी तरह अवगत कराया। इसके बाद परिजनों ने अपनी गलती मानते हुए शादी को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का लिखित आश्वासन दिया।आधुनिक Generative AI चाइल्ड प्रोटेक्शन डेटा और कम्युनिटी अवेयरनेस: कैसे रुक रही हैं ऐसी कुप्रथाएंआधुनिक Generative AI चाइल्ड वेलफेयर डेटा एनालिसिस और डिजिटल मॉनिटरिंग टूल्स के इस दौर में समाज कल्याण विभाग बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर लगाम कसने के लिए एआई-पावर्ड हेल्पलाइन और कम्युनिटी ट्रैकिंग सिस्टम का उपयोग कर रहा है। ग्रामीण और दूरदराज के अंचलों में छिपे तौर पर होने वाली इन शादियों की सूचना अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और जागरूक नागरिकों के जरिए तुरंत प्रशासन तक पहुंच जाती है। बाल अधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षा के प्रसार और प्रशासनिक सतर्कता के कारण अब समाज में यह बदलाव दिखने लगा है कि लोग खुद आगे बढ़कर कम उम्र की शादियों का विरोध करने लगे हैं, जिससे बच्चों के सुनहरे भविष्य की रक्षा हो रही है।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के सामाजिक हलकों में भी चर्चा: बाल विवाह के खिलाफ कड़े कदमों की सराहनाछत्तीसगढ़ के कोरबा में हुई इस बाल विवाह की सफल रोकथाम की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और देश के अन्य हिस्सों तक साफ सुनाई दे रही है। लखनऊ के महिला कल्याण विभाग और सामाजिक संगठनों ने कोरबा प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा है कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए ऐसी सख्ती पूरे देश में अपनाई जानी चाहिए। इस बीच, कोरबा के स्थानीय इलाकों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि प्रशासन की इस मुस्तैदी से दो मासूम बच्चों का जीवन बर्बाद होने से बाल-बाल बच गया है।
जगदलपुर में दिल दहला देने वाला हादसा: पलक झपकते ही सड़क पर गिरे वार्ड बॉय को बोलेरो ने कुचला
छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहर जगदलपुर (Jagdalpur) से सड़क सुरक्षा व्यवस्था और लापरवाही को बेनकाब करने वाली एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। शहर की एक व्यस्त सड़क पर एक अस्पताल में कार्यरत वार्ड बॉय अपनी बाइक या वाहन से गुजर रहा था, तभी अचानक हुई किसी टक्कर के कारण वह संतुलन खो बैठा और सीधे सड़क पर आ गिरा। इससे पहले कि वह संभल पाता या उठकर अपनी जान बचा पाता, उसके ठीक पीछे तेज रफ्तार से आ रही एक बोलेरो (Bolero) गाड़ी ने उसे कुचल दिया। इस भीषण हादसे में वार्ड बॉय की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जिसे देखकर वहां मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई।लगातार क्यों बढ़ रहे हैं सड़क हादसे: ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और बेकाबू रफ्तार बन रही है कालइस दर्दनाक हादसे के बाद से स्थानीय नागरिकों और यातायात विशेषज्ञों के बीच इस बात पर गंभीर चर्चा छिड़ गई है कि आखिर शहरों में सड़क हादसे इतनी तेजी से क्यों बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बेकाबू रफ्तार, ओवरटेकिंग की होड़, खराब सड़कों की बनावट और हेलमेट या सुरक्षा मानकों की अनदेखी इन मौतों का सबसे बड़ा कारण बन रही है। जगदलपुर के इस मामले में भी चश्मदीदों का कहना है कि यदि वाहन चालकों ने थोड़ी सी भी सावधानी बरती होती या बोलेरो की रफ्तार नियंत्रित होती, तो शायद एक हंसती-खेलती जिंदगी यूं सड़क पर असमय न बुझती। घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और स्थानीय लोग प्रशासन से सड़कों पर स्पीड ब्रेकर तथा सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग कर रहे हैं।आधुनिक Generative AI ट्रैफिक सर्विलांस और स्मार्ट रोड सेफ्टी: हादसों रोकने के लिए हाई-टेक उपायआधुनिक Generative AI ट्रैफिक एनालिटिक्स और स्मार्ट रोड सेफ्टी सर्विलांस के इस दौर में इस तरह के हादसों पर रोक लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कैमरों का इस्तेमाल तेजी से किया जा रहा है। एआई-पावर्ड ओवरस्पीड डिटेक्शन सिस्टम्स और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों की मदद से उन चालकों पर शिकंजा कसा जा रहा है जो बिना अनुशासन के सड़कों पर रफ्तार भरते हैं। ट्रांसपोर्ट एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ चालान काटने से काम नहीं चलेगा, बल्कि ड्राइवरों में सड़क शिष्टाचार और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता पैदा करना बेहद जरूरी है, तभी इन मौतों के सिलसिले पर पूरी तरह लगाम लग सकेगी।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के सड़क सुरक्षा हलकों में भी चिंता: महानगरों से लेकर छोटे शहरों तक बढ़ रहा हादसों का ग्राफजगदलपुर की इस हृदयविदारक घटना की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और अन्य महानगरों के परिवहन विभागों तक साफ सुनाई दे रही है। लखनऊ के यातायात निदेशालय और सड़क सुरक्षा अभियानों से जुड़े अधिकारियों ने इस बात पर चिंता जताई है कि किस प्रकार जरा सी चूक और तेज रफ्तार लोगों की जिंदगी छीन रही है। इस बीच, जगदलपुर पुलिस ने बोलेरो चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है और शहर के मुख्य चौराहों पर पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है ताकि इस तरह की लापरवाह ड्राइविंग पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
छत्तीसगढ़ में जुआरियों पर पुलिस का बड़ा शिकंजा! खुड़खुड़िया के 5 फड़ों पर ताबड़तोड़ दबिश
छत्तीसगढ़ के कानून-व्यवस्था और पुलिस महकमे ने एक बार फिर अपराधियों और जुआरियों के खिलाफ अपनी सख्त कार्रवाई से सनसनी फैला दी है। राज्य के एक बड़े इलाके में अवैध रूप से संचालित हो रहे खुड़खुड़िया और जुए के पांच अलग-अलग फड़ों पर पुलिस की टीमों ने एक सुनियोजित और गुप्त रणनीति के तहत अचानक दबिश दी। पुलिस को लंबे समय से इन गुप्त अड्डों पर बड़े पैमाने पर अवैध जुआ खेले जाने की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर यह बड़ी कार्रवाई अंजाम दी गई। अचानक हुई इस घेराबंदी से जुआरियों में ऐसा हड़कंप मचा कि उन्हें भागने तक का मौका नहीं मिला और वे पुलिस के हत्थे चढ़ गए।33 जुआरी गिरफ्तार और 90 लाख की चार लग्जरी कारें जब्त: मौके से भारी मात्रा में नकदी और सट्टा-पट्टी बरामदपुलिस की इस त्वरित और चाक-चौबंद कार्रवाई के दौरान कुल 33 शातिर जुआरियों को मौके से गिरफ्तार किया गया है। तलाशी के दौरान पुलिस ने इन जुआरियों के पास से और फड़ों से भारी मात्रा में नकदी, ताश के पत्ते और सट्टा-पट्टी बरामद की है। इस कार्रवाई का सबसे बड़ा आकर्षण वह लग्जरी गाड़ियां रहीं जिनका इस्तेमाल ये शातिर जुआ खेलने के लिए करते थे। पुलिस ने मौके से करीब 90 लाख रुपये की कुल कीमत वाली चार हाई-एंड लग्जरी कारें भी जब्त की हैं, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि इस अवैध कारोबार में कितने बड़े और रसूखदार लोग शामिल थे। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों से अब पुलिस कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि इस अवैध नेटवर्क के बाकी सरगनाओं का भी सुराग लगाया जा सके।आधुनिक Generative AI डिजिटल सर्विलांस और कॉल डेटा एनालिसिस: कैसे ध्वस्त हुआ जुआरियों का गुप्त नेटवर्कआधुनिक Generative AI डिजिटल सर्विलांस और मोबाइल टावर डेटा एनालिटिक्स के इस दौर में छत्तीसगढ़ पुलिस ने अपराधियों के इन सीक्रेट ठिकानों का पर्दाफाश करने के लिए हाई-टेक तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया है। पुलिस की साइबर सेल ने इन जुआरियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले वॉट्सऐप ग्रुप्स, डिजिटल ट्रांजैक्शन और जीपीएस लोकेशंस की एआई-पावर्ड मैपिंग की थी, जिसके जरिए यह सटीक जानकारी मिली कि किस वक्त और किस जगह पर सबसे बड़ा फड़ सजाया जाता है। तकनीक और पुलिस की इस मिलीजुली रणनीति ने साबित कर दिया है कि अब पारंपरिक अपराधों और अवैध जुए के अड्डों को आधुनिक सर्विलांस से छिपाना नामुमकिन हो चुका है।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा: संगठित अपराध पर लगाम कसने के इस मॉडल की सराहनाछत्तीसगढ़ के इस हाई-प्रोफाइल जुआ रेड और 90 लाख की गाड़ियों की जब्ती की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और अन्य राज्यों के पुलिस मुख्यालयों तक साफ सुनाई दे रही है। लखनऊ के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस रणनीतिकारों का कहना है कि संगठित अपराध और अवैध जुए के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए इस तरह की कठोर और त्वरित कार्रवाई का मॉडल बेहद कारगर साबित होता है। इस बीच, छत्तीसगढ़ के स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि क्षेत्र में इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगेगी।
कल दिल्ली में होगी किसानों की हुंकार! भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ महापंचायत का ऐलान
देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर से किसानों के बड़े आंदोलन और राजनीतिक हलचल का गवाह बनने जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में चर्चा में आए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (India-US Trade Agreement) के खिलाफ देश भर के प्रमुख किसान संगठनों ने जोरदार मोर्चा खोल दिया है। इसी कड़ी में कल दिल्ली में किसानों की एक विशाल महापंचायत बुलाई गई है, जिसमें देश भर से हजारों किसानों के जुटने की संभावना है। किसान नेताओं का कहना है कि यह समझौता देश के कृषि क्षेत्र, डेयरी सेक्टर और स्थानीय व्यापारियों के हितों के पूरी तरह खिलाफ है, जिससे घरेलू बाजार तबाह हो जाएगा। इस महापंचायत को लेकर दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने भी सीमाओं पर अपनी चौकसी बेहद कड़ी कर दी है।पंजाब और हरियाणा से रवाना हुए बसों के जत्थे: बॉर्डर इलाकों में पुलिस बल तैनात, ट्रैफिक व्यवस्था पर बड़ा असरइस महापंचायत को सफल बनाने के लिए पड़ोसी राज्यों—विशेष तौर पर पंजाब और हरियाणा—से किसानों के जत्थे बड़ी संख्या में बसों और ट्रैक्टरों के जरिए दिल्ली की तरफ कूच कर चुके हैं। पंजाब के विभिन्न जिलों से युवाओं और बुजुर्ग किसानों ने बसों में सवार होकर दिल्ली के लिए यात्रा शुरू कर दी है, जिससे रास्ते के तमाम टोल प्लाजा और राजमार्गों पर सरगर्मी बढ़ गई है। स्थिति को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली-नुकड़ सीमाओं, सिंघू, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर भारी पुलिस बल, पैरामिलिट्री फोर्सेज और बैरिकेड्स तैनात कर दिए गए हैं। प्रशासन इस बात की पूरी कोशिश कर रहा है कि पिछले आंदोलनों की तरह शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ठप न हो, लेकिन इसके बावजूद कई मुख्य मार्गों पर लंबा जाम लगने की आशंका जताई जा रही है।आधुनिक Generative AI और सोशल मीडिया सर्विलांस: आंदोलन के डिजिटल ट्रेंड्स पर एजेंसियों की पैनी नजरआधुनिक Generative AI सोशल मीडिया एनालिटिक्स और डिजिटल सर्विलांस के इस दौर में किसानों के इस आंदोलन और महापंचायत को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह हाई-टेक हो चुकी हैं। साइबर सेल की टीमें इस बात की लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किस तरह के संदेश, वीडियो और भड़काऊ नारे शेयर किए जा रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने से पहले ही उसे रोका जा सके। एआई-पावर्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट टूल्स के जरिए दिल्ली आने वाले रास्तों पर गाड़ियों की आवाजाही की पल-पल की अपडेट ली जा रही है, जिससे यात्रियों को समय रहते वैकल्पिक मार्गों की जानकारी मिल सके।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हलकों में भी चर्चा: व्यापार समझौते के विरोध पर टिकी हैं सबकी निगाहेंदिल्ली में होने जा रही इस किसान महापंचायत और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और अन्य कृषि प्रधान राज्यों तक साफ सुनाई दे रही है। लखनऊ के किसान संगठनों और राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों का सीधा असर देश के छोटे किसानों और स्थानीय उद्योगों पर पड़ता है, यही वजह है कि इसे लेकर राजनीतिक पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। इस बीच, दिल्ली आने वाले रास्तों पर सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और कल होने वाली इस महापंचायत के दौरान किसी बड़े ऐलान की संभावना जताई जा रही है।
पंजाब के पवित्र शहर अमृतसर (Amritsar) से कानून-व्यवस्था और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। शहर के एक सुनसान या व्यस्त रास्ते के किनारे पिछले कई घंटों से एक महिंद्रा थार (Thar) गाड़ी लावारिस हालत में खड़ी हुई थी। पहले तो किसी ने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन जब काफी देर तक गाड़ी अपनी जगह से नहीं हिली और अंदर कोई हलचल नहीं दिखाई दी, तो स्थानीय लोगों को शक हुआ। जब पास जाकर खिड़की से झांका गया तो अंदर की सीट पर एक युवक का शव बेसुध हालत में पड़ा हुआ था, जिसे देखकर स्थानीय लोगों के होश उड़ गए और तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई।शराब की खुली बोतल और रहस्यमयी मौत: क्या यह सिर्फ हादसा है या फिर इसके पीछे छिपी है कोई खौफनाक साजिश?सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गाड़ी के दरवाजे को खोलकर फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। प्रारंभिक जांच-पड़ताल के दौरान पुलिस को थार गाड़ी के अंदर से शराब की एक खुली हुई बोतल और कुछ अन्य संदिग्ध सामान बरामद हुआ है। मृतक की पहचान अभी स्थानीय स्तर पर की जा रही है, लेकिन जिस तरह से वह गाड़ी के भीतर संदिग्ध हालत में मृत मिला है, उससे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या युवक की मौत अत्यधिक शराब पीने, किसी जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई है या फिर इसके पीछे किसी सुनियोजित साजिश के तहत हत्या का मामला छुपा हुआ है।आधुनिक Generative AI फोरेंसिक और डिजिटल सर्विलांस: कॉल डिटेल और सीसीटीवी से खुलेगा मौत का राजआधुनिक Generative AI फोरेंसिक डेटा एनालिसिस और डिजिटल सर्विलांस के इस दौर में पुलिस इस अंधे कत्ल या संदिग्ध मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए हाई-टेक टूल्स का सहारा ले रही है। वैज्ञानिक विशेषज्ञों की टीम गाड़ी से फिंगरप्रिंट्स और डीएनए सैंपल जुटा रही है, साथ ही मृतक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और टावर डंप डेटा की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आखिरी बार इस थार गाड़ी में उसके साथ कौन-कौन लोग मौजूद थे और यह गाड़ी किस रूट से होते हुए उस जगह तक पहुंची थी। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के असली कारणों से पर्दा उठ जाएगा।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के हलकों में भी चर्चा: सड़क किनारे संदिग्ध वाहनों और वारदातों पर बढ़ती चिंताअमृतसर की इस रहस्यमयी घटना की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और अन्य महानगरों तक साफ सुनाई दे रही है। लखनऊ के नागरिकों और सड़क सुरक्षा संगठनों ने इस बात पर चिंता जताई है कि किस प्रकार आजकल सड़कों के किनारे खड़े होने वाले वाहनों का इस्तेमाल संदिग्ध गतिविधियों के लिए होने लगा है। इस बीच, अमृतसर पुलिस ने मृतक के परिजनों की तलाश शुरू कर दी है और आसपास के ढाबों और टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि इस पूरी घटना की हर एक कड़ी को तेजी से जोड़ा जा सके।
पंजाब के बठिंडा (Bathinda) जिले से कानून-व्यवस्था और आपसी सौहार्द को चुनौती देने वाली एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में शुमार जिला मिनी सचिवालय (Mini Secretariat) की बाहरी दीवारों पर किसी अज्ञात असामाजिक तत्व द्वारा प्रवासियों के खिलाफ तीखे और भड़काऊ नारे लिख दिए गए। सुबह जब आम लोग और प्रशासनिक अधिकारी दफ्तर पहुंचे, तो दीवारों पर लिखे इन शब्दों को देखकर वहां सनसनी फैल गई। इस घटना के सामने आते ही स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों में हड़कंप मच गया, क्योंकि संवेदनशील सरकारी इमारतों की दीवारों पर इस तरह की बयानबाजी से माहौल खराब होने की पूरी आशंका जताई जा रही थी।प्रशासन की त्वरित कार्रवाई: दीवारों पर पुताई कर मिटाए गए नारे, पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेजमामले की गंभीरता को भांपते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत एक्शन लिया। नगर निगम और पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर काम शुरू किया और उन दीवारों पर तुरंत कालिख पोतकर या सफेद पेंट कराकर सभी विवादास्पद नारों के निशानों को पूरी तरह मिटा दिया। इसके साथ ही, मिनी सचिवालय और उसके आसपास के चौराहों पर लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों (CCTV Footage) की फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस घिनौनी हरकत को अंजाम देने वाले असामाजिक तत्व कौन थे और वे किस वक्त यहां आए थे। पुलिस अधिकारियों ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।आधुनिक Generative AI सर्विलांस और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग: माहौल बिगाड़ने वालों पर कड़ी नजरआधुनिक Generative AI डिजिटल सर्विलांस और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टूल्स के इस दौर में इस तरह की घटनाओं को लेकर सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क हो चुकी हैं। साइबर सेल की टीमें इस बात की भी बारिकी से जांच कर रही हैं कि कहीं इन नारों की तस्वीरें खींचकर उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करके सांप्रदायिक या क्षेत्रीय तनाव फैलाने की कोई साजिश तो नहीं रची जा रही थी। एआई-पावर्ड इमेज रिकग्निशन और वीडियो एनालिटिक्स की मदद से आरोपियों के चेहरे और उनके आने-जाने के रास्तों का पता लगाया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द दोषियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हलकों में भी चर्चा: प्रवासी और स्थानीय मुद्दों पर गरमाई सियासतबठिंडा की इस घटना की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और देश के अन्य हिस्सों तक साफ सुनाई दे रही है। लखनऊ के राजनीतिक विश्लेषक और प्रशासनिक विशेषज्ञ इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि किस प्रकार देश के विभिन्न राज्यों में क्षेत्रीय और प्रवासी मुद्दों को लेकर तनाव पैदा करने की कोशिशें समय-समय पर की जाती हैं। इस बीच, बठिंडा के स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और प्रशासन से मांग की है कि ऐसे नापाक मंसूबों वाले लोगों के खिलाफ मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई की जाए ताकि शहर की शांति और भाईचारा हर हाल में सुरक्षित रह सके।
वर्तमान समय में बढ़ते साइबर फ्रॉड और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों को देखते हुए छात्रों में फॉरेंसिक शिक्षा के प्रति रुचि बेहद तेजी से बढ़ी है। इस बदलते ट्रेंड के बीच गांधीनगर स्थित नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU) द्वारा शुरू किए गए दो नए ...
दिल्ली के अमर कॉलोनी थाना इलाके में संदिग्ध हालत में फ्लैट से मिले 2 शव
दिल्ली के अमर कॉलोनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत संत नगर इलाके में सोमवार को दो लोगों के शव संदिग्ध हालात में मिले। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में ले लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
पटना में दुस्साहसिक वारदात: महज एक घंटे के भीतर 40 लाख रुपये की भीषण डकैती से दहल उठा इलाका
बिहार की राजधानी पटना (Patna) में कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती देते हुए अपराधियों ने एक बार फिर दुस्साहस का ऐसा परिचय दिया है जिसने पूरे शहर को सकते में डाल दिया है। शहर के एक व्यस्त इलाके में बेखौफ बदमाशों ने योजनाबद्ध तरीके से धावा बोला और महज एक घंटे के भीतर लगभग 40 लाख रुपये की भीषण डकैती की वारदात को अंजाम देकर सनसनी फैला दी। दिनदहाड़े हुई इस बड़ी लूटपाट की घटना के बाद से स्थानीय कारोबारियों और आम नागरिकों में भारी दहशत का माहौल है। वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी।200 ग्राम सोना और 30 हजार कैश ले उड़े बदमाश: दुकानदारों और पुलिस महकमे में मचा हड़कंपप्राप्त जानकारी के अनुसार, सशस्त्र बदमाशों ने लक्षित ठिकाने पर अचानक हमला बोल दिया और हथियार के बल पर वहां मौजूद लोगों को बंधक बनाकर इस पूरी घटना को अंजाम दिया। जाते-जाते लुटेरे अपने साथ करीब 200 ग्राम शुद्ध सोना और 30,000 रुपये नकदी समेत कुल 40 लाख रुपये की संपत्ति लूटकर आसानी से फरार होने में कामयाब रहे। घटना के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और अपराधियों की धरपकड़ के लिए शहर भर में नाकेबंदी कर दी गई है। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि इस पूरी वारदात को अंजाम देने वाले शातिर अपराधी पहले से ही इलाके की रेकी कर रहे थे और उन्हें पूरी जानकारी थी।सीसीटीवी फुटेज और आधुनिक Generative AI सर्विलांस: अपराधियों की तलाश में जुटी पटना पुलिस की स्पेशल टीमेंआधुनिक Generative AI सर्विलांस और डिजिटल फेस-रिकग्निशन तकनीक के इस दौर में पटना पुलिस अपराधियों की तलाश के लिए हाई-टेक साधनों का सहारा ले रही है। घटना स्थल के आसपास लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों (CCTV Footage) के फुटेज को खंगाला जा रहा है, ताकि बदमाशों के आने और भागने के रास्तों का सही पता लगाया जा सके। पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और साइबर सेल की टीमें संदिग्धों के मोबाइल टावर डंप डेटा का विश्लेषण कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस सनसनीखेज डकैती कांड का पर्दाफाश कर दिया जाएगा और सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के कारोबारी हलकों में भी चर्चा: राजधानी में बढ़ती आपराधिक वारदातों पर उठे सवालपटना की इस भीषण डकैती की घटना की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और अन्य महानगरों के कारोबारी जगत तक साफ सुनाई दे रही है। लखनऊ के सर्राफा एसोसिएशन और व्यापार मंडलों ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने की मांग की है। इस बीच, पटना के स्थानीय बाजार में व्यापारियों ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है, जिससे पुलिस प्रशासन पर आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का भारी दबाव बन गया है।
बिहार की राजनीति में इन दिनों उपचुनावों को लेकर सरगर्मी अपने चरम पर है, खासकर हॉट सीट बन चुकी बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव (Bankipur Bypoll) पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं। जब से इस सीट पर चुनाव की घोषणा हुई है, तब से नई पार्टी होने का दावा करने वाले प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) की जन सुराज पार्टी ने यहां अपनी पूरी ताकत झोंकने का दावा किया था। हालांकि, जैसे ही धुरंधर राजनीतिक दल यानी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बड़े नेता और स्टार प्रचारक चुनावी मैदान में उतरे और उन्होंने जमीनी मुद्दों पर जन सुराज के दावों की हवा निकालनी शुरू की, वैसे ही प्रशांत किशोर और उनके उम्मीदवार के तेवर ठंडे पड़ने लगे। चुनावी रैलियों और जनसंपर्क अभियानों से अचानक उनकी घटती मौजूदगी यह बताने के लिए काफी है कि हाई-वोल्टेज चुनावी दंगल में उतरते ही नए राजनीतिक दलों के दावे खोखले साबित होने लगते हैं।साल 2025 के विधानसभा चुनावों की याद ताजा: क्या एक बार फिर बिहार में बेनकाब हो गई जन सुराज की सियासी रणनीति?राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर का यह उपचुनाव कोई पहला वाकया नहीं है, बल्कि इससे ठीक पहले साल 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान भी जन सुराज का बिल्कुल यही हाल देखने को मिला था। तब भी प्रशांत किशोर ने पूरे राज्य में बड़े-बड़े दावे किए थे और खुद को पारंपरिक पार्टियों के विकल्प के रूप में पेश किया था, लेकिन जब धरातल पर वोटों के ध्रुवीकरण और जमीनी कैडर की बात आई, तो जन सुराज का वह कथित 'बदलाव का रथ' बीच रास्ते में ही दम तोड़ गया था। बांकीपुर में एक बार फिर से वही पुराना पैटर्न दोहराया जा रहा है, जहां शुरुआती मीडिया हाइप और बड़े-बड़े भाषणों के बाद जैसे ही चुनाव का असली मुकाबला शुरू होता है, प्रशांत किशोर की टीम जनता के तीखे सवालों के सामने टिक नहीं पाती और चुनावी मैदान से दूरी बनाने लगती है।आधुनिक Generative AI और पॉलिटिकल डेटा एनालिसिस: चुनावी विज्ञापनों और जमीनी हकीकत का अंतरआधुनिक Generative AI पॉलिटिकल डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल कैंपेनिंग के दौर में किसी भी राजनीतिक दल की हवा कितनी असली है और कितना डिजिटल प्रोपोगंडा, इसे समझना अब बहुत आसान हो गया है। चुनाव विशेषज्ञों के अनुसार, प्रशांत किशोर की रणनीति मुख्य तौर पर सोशल मीडिया एल्गोरिदम, पेड इंटरव्यू और विज्ञापनों के सहारे एक कृत्रिम माहौल तैयार करने पर टिकी होती है, जो डिजिटल स्क्रीन पर तो बहुत आकर्षक लगता है लेकिन जब बात जमीनी स्तर पर बूथ मैनेजमेंट, कार्यकर्ता के जुड़ाव और जनता के विश्वास की आती है, तो यह सारा ढांचा ताश के पत्तों की तरह ढह जाता है। बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी के अनुशासित और कैडर-बेस्ड चुनाव प्रचार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सिर्फ चुनावी रणनीतिकार होने से जमीन पर चुनाव नहीं जीते जा सकते।लखनऊ और पटना के राजनीतिक गलियारों में बड़ी चर्चा: क्षेत्रीय दलों और नए विकल्पों के भविष्य पर उठ रहे हैं सवालबिहार की इस सियासी उठापटक और बांकीपुर उपचुनाव की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और देश के अन्य राजनीतिक केंद्रों तक साफ सुनाई दे रही है। लखनऊ के राजनीतिक विश्लेषकों और चुनाव विशेषज्ञों का कहना है कि जो हश्र बिहार में जन सुराज और प्रशांत किशोर का हो रहा है, वही हाल उन तमाम क्षेत्रीय और नए दलों का होता है जो बिना किसी मजबूत वैचारिक आधार और जमीनी संगठन के सीधे सत्ता हासिल करने का ख्वाब देखने लगते हैं। इस बीच, बांकीपुर के स्थानीय मतदाताओं का कहना है कि उन्हें बड़े भाषणों या आंकड़ों के जाल से मतलब नहीं है, बल्कि उन्हें विकास और कानून-व्यवस्था देने वाली मजबूत सरकार चाहिए, जिसके चलते अब हवा हवाई दावों की पोल धीरे-धीरे पूरी तरह खुलने लगी है।
जोधपुर में प्रसव के बाद किडनी डैमेज होने से प्रसूता की दर्दनाक मौत, 7 अन्य महिलाओं की हालत गंभीर
राजस्थान के प्रमुख शहर जोधपुर (Jodhpur) से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने वाला एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अस्पताल में सामान्य या सिजेरियन प्रसव (Delivery) के जरिए बच्चे को जन्म तो दिया, लेकिन इसके तुरंत बाद उसकी शारीरिक स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि प्रसव के बाद अचानक महिला की दोनों किडनियां बुरी तरह डैमेज (Kidney Failure) हो गईं, जिसके चलते चाहकर भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस अचानक हुई मौत से मृतका के परिवार में कोहराम मच गया है और अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।7 अन्य महिलाओं की जिंदगी खतरे में: एक जैसे लक्षणों के साथ अस्पताल में चल रहा है इलाज, मचा हड़कंपइस घटना का सबसे डरावना और चिंताजनक पहलू यह है कि यह कोई इकलौता मामला नहीं है। जोधपुर के संबंधित अस्पताल में इसी तरह के गंभीर लक्षणों से पीड़ित 7 अन्य प्रसूता महिलाओं का भी इस वक्त इलाज जारी है। इन सभी महिलाओं को भी प्रसव के बाद यूरिन इन्फेक्शन, ब्लडप्रेशर में भारी गिरावट और किडनी फंक्शन प्रभावित होने की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की टीमें इस बात की गहन जांच कर रही हैं कि आखिर एक ही समय पर इतनी सारी महिलाओं की किडनी डैमेज होने के पीछे कौन सी वजह या दवा रिएक्शन जिम्मेदार है।आधुनिक Generative AI हेल्थ डेटा एनालिसिस और मेडिकल प्रोटोकॉल: क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे मामलेआधुनिक Generative AI हेल्थ एनालिटिक्स और मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, प्रसव के दौरान पोस्टपार्टम हेमरेज (अतिरिक्त रक्तस्राव), सेप्सिस या कुछ खास दवाओं के साइड इफेक्ट्स के कारण कई बार महिलाओं के अंगों पर अचानक दबाव बढ़ जाता है, जिससे मल्टी-ऑर्गन फेलियर का खतरा पैदा हो जाता है। जोधपुर की इस घटना के बाद स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मांग की है कि मातृ मृत्यु दर (MMR) और प्रसव के दौरान होने वाली ऐसी जटिलताओं को रोकने के लिए अस्पतालों में इंफेक्शन कंट्रोल और पोस्ट-डिलिवरी मॉनिटरिंग के नियमों को और अधिक कड़ा किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य मां को अपनी जान न गंवानी पड़े।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य हलकों में भी चिंता: मातृ सुरक्षा को लेकर उठी कड़े कदम उठाने की मांगजोधपुर की इस हृदयविदारक घटना की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और अन्य चिकित्सा संस्थानों तक सुनाई दे रही है। लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) और सिविल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों ने भी इस मामले पर चिंता जताते हुए कहा है कि प्रसूति गृहों में हर एक मरीज की ब्लड और किडनी प्रोफाइल की मॉनिटरिंग बेहद जरूरी है। इस बीच, जोधपुर स्थानीय प्रशासन ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है, जबकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी इस लापरवाही के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
हरियाणा के झज्जर में बड़ा हादसा; बछड़े को बचाने कुएं में उतरे चार लोगों की जहरीली गैस से मौत
हरियाणा के झज्जर जिले के मुनीमपुर गांव में एक कुएं में गिरे बछड़े को बचाने उतरे चार ग्रामीणों की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई।
त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ पुलिस मुख्यालय में मृत मिले, मौत के कारणों की जांच शुरू
त्रिपुरा के डीजीपी और 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग धनखड़ पुलिस मुख्यालय में मृत पाए गए। बागपत निवासी अधिकारी के निधन के मामले की जांच जारी है।
मंदिरों पर चोरों का नापाक साया: सेवक के भेष में भगवान के धाम को बना रहे हैं निशाना
देश भर के प्रसिद्ध और प्राचीन धार्मिक स्थलों में चोरी की बढ़ती घटनाएं आस्थावान भक्तों और मंदिर प्रशासनों के लिए गहरी चिंता का विषय बन चुकी हैं। शातिर अपराधी अब किसी आम चोर की तरह नहीं, बल्कि मंदिर के सेवादारों और परम भक्तों का भेष धरकर भगवान के धामों में दाखिल हो रहे हैं। पूर्व में हुई कई बड़ी घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि इन असामाजिक तत्वों ने न मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के स्थानों को छोड़ा और न ही योगेश्वर श्री कृष्ण के मंदिरों को। श्रद्धा के इस पावन माहौल का फायदा उठाकर ये अपराधी करोड़ों रुपये के आभूषण, प्राचीन मूर्तियां और दानपात्र की नकदी पार करने में पूरी तरह कामयाब हो जाते हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह तार-तार नजर आती है।क्या विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में हुई सबसे बड़ी चोरी? सोशल मीडिया पर उड़ रही अफवाहों का सचधार्मिक नगरी वृंदावन में स्थित भगवान श्री कृष्ण के सबसे प्रसिद्ध स्वरूप 'श्री बांके बिहारी जी मंदिर' को लेकर हाल ही में एक बेहद चौंकाने वाली खबर सोशल मीडिया और कई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल होने लगी। दावा किया जाने लगा कि चोरों ने मंदिर परिसर में अब तक की सबसे बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। इस खबर के फैलते ही देश-विदेश में मौजूद करोड़ों कृष्ण भक्तों के बीच हड़कंप मच गया और लोग मंदिर की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाने लगे। हालांकि, स्थानीय पुलिस प्रशासन और मंदिर प्रबंधन के सूत्रों के मुताबिक, बांके बिहारी मंदिर के भीतर किसी भी तरह की बड़ी चोरी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों ने इसे महज अफवाह करार देते हुए भक्तों से किसी भी भ्रामक खबर पर विश्वास न करने की अपील की है।सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल: Generative AI और आधुनिक सर्विलांस तकनीक से लैस करने की मांगमंदिरों में बढ़ती इन संदिग्ध गतिविधियों के बाद अब सुरक्षा के पारंपरिक तरीकों को बदलने की मांग बेहद तेज हो गई है। आधुनिक Generative AI पावर्ड सिक्योरिटी कैमरों, फेशियल रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाली तकनीक) और पुख्ता बायोमेट्रिक सर्विलांस सिस्टम को सभी बड़े और संवेदनशील मंदिरों में अनिवार्य करने पर जोर दिया जा रहा है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक तकनीक के माध्यम से हर एक आने-जाने वाले श्रद्धालु और सेवादार की सटीक मॉनिटरिंग नहीं की जाएगी, तब तक भेष बदलकर आने वाले इन शातिर अपराधियों को पकड़ पाना बेहद मुश्किल होगा। स्थानीय स्तर पर भी सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी बड़ी अनहोनी को पूरी तरह से रोका जा सके।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के श्रद्धालुओं में गहरी चिंता: मंदिरों की सुरक्षा बढ़ाने के कड़े निर्देश जारीउत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, वाराणसी, मथुरा और अयोध्या सहित पूरे राज्य के धार्मिक संगठनों और आम श्रद्धालुओं में इस तरह की खबरों को लेकर गहरी चिंता देखी जा रही है। लखनऊ के प्रसिद्ध हनुमान सेतु मंदिर और मनकामेश्वर मंदिर के आसपास भी स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था को पहले से ज्यादा अलर्ट कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने मथुरा-वृंदावन सहित राज्य के सभी वीवीआईपी धार्मिक स्थलों पर गश्त बढ़ाने, संदिग्धों की सघन चेकिंग करने और सीसीटीवी कैमरों की चौबीसों घंटे लाइव मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का साफ कहना है कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले और अफवाह फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे चर्चित और संकटमोचक ऑलराउंडर 'लॉर्ड' शार्दुल ठाकुर (Shardul Thakur) ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उन्हें बड़े मैचों का खिलाड़ी क्यों कहा जाता है। हालिया मुकाबले में जब भारतीय टीम का शीर्ष क्रम सस्ते में पवेलियन लौट गया था और टीम इंडिया गहरे संकट में फंसी नजर आ रही थी, तब क्रीज पर शार्दुल ठाकुर का आगमन हुआ। मैदान पर आते ही उन्होंने रक्षात्मक खेल खेलने के बजाय आक्रामक रुख अपनाया और विरोधी टीम के गेंदबाजों पर किसी भूखे शेर की तरह टूट पड़े। उनकी टाइमिंग और शॉट सिलेक्शन को देखकर ऐसा लग रहा था मानो उनके हाथ में बल्ला नहीं बल्कि कोई धारदार तलवार हो, जिससे वे मैदान के हर कोने में बाउंड्री की बरसात कर रहे थे।कप्तान रोहित शर्मा की रणनीति रही सफल: शार्दुल के तूफानी शतक ने बदला मैच का पूरा पासा, आलोचक हुए चारों खाने चितइस मुकाबले में कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) की सूझबूझ और शार्दुल ठाकुर पर दिखाए गए भरोसे ने मैच का पूरा परिदृश्य ही पलट कर रख दिया। शार्दुल ने अपनी पारी के दौरान मैदान के चारों तरफ गगनचुंबी छक्के और कड़क चौके जड़ते हुए बेहद कम गेंदों में अपना एक ऐतिहासिक और धमाकेदार शतक (Shardul Thakur Century) पूरा किया। यह पारी इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि पिछले कुछ समय से शार्दुल ठाकुर की फॉर्म और टीम में उनकी जगह को लेकर लगातार तीखे सवाल उठाए जा रहे थे। इस अविश्वसनीय शतकीय पारी के दम पर न सिर्फ शार्दुल ने टीम इंडिया की मैच में मजबूत वापसी कराई, बल्कि उन सभी आलोचकों की बोलती भी हमेशा के लिए बंद कर दी जो उनकी काबिलियत पर उंगली उठा रहे थे।आधुनिक क्रिकेट और Generative AI स्पोर्ट्स विजन: लॉर्ड शार्दुल की पारी ने बदला लोअर-ऑर्डर बैटिंग का समीकरणस्पोर्ट्स एनालिस्ट्स और आधुनिक Generative AI स्पोर्ट्स एल्गोरिदम के अनुसार, शार्दुल ठाकुर की यह पारी भारतीय क्रिकेट के दृष्टिकोण से एक बहुत बड़ा गेम-चेंजर साबित होने वाली है। आगामी बड़े आईसीसी टूर्नामेंट्स और टेस्ट चैंपियनशिप (ICC WTC) के फाइनल की रेस को देखते हुए भारतीय टीम को लोअर-ऑर्डर में एक ऐसे ही आक्रामक बल्लेबाज की सख्त जरूरत थी जो गेंदबाजी के साथ-साथ मैच जिताऊ बल्लेबाजी भी कर सके। शार्दुल ठाकुर की इस आतिशी पारी ने टीम मैनेजमेंट और सेलेक्टर्स के सिरदर्द को पूरी तरह खत्म कर दिया है, क्योंकि उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में दबाव को सोखते हुए काउंटर-अटैकिंग क्रिकेट का सबसे बेहतरीन उदाहरण पेश किया है।लखनऊ के खेल प्रेमियों और इकाना के युवाओं में भारी जश्न: शार्दुल के शॉट सिलेक्शन के मुरीद हुए फैंसउत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, कानपुर और दिल्ली-एनसीआर के क्रिकेट फैंस के बीच लॉर्ड शार्दुल ठाकुर की यह शतकीय पारी टॉक ऑफ द टाउन बनी हुई है। लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम (Ekana Stadium Lucknow) के आसपास के खेल प्रेमियों और स्थानीय क्लब के युवा क्रिकेटर्स ने शार्दुल के इस शतक का जोरदार जश्न मनाया। स्थानीय कोचों के मुताबिक, शार्दुल ठाकुर का यह रवैया दिखाता है कि निडर क्रिकेट खेलने से किसी भी मजबूत गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त किया जा सकता है। लखनऊ की विभिन्न क्रिकेट अकादमियों के युवा ऑलराउंडर्स अब शार्दुल ठाकुर की इस पारी के वीडियो देखकर उनकी जैसी हिटिंग तकनीक सीखने में जुटे हुए हैं।
भारतीय क्रिकेट टीम के धाकड़ ओपनर और कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) पिछले कुछ समय से लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद से ही सोशल मीडिया और कई डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनके वनडे (ODI) और टेस्ट फॉर्मेट से भी अचानक संन्यास लेने की अटकलें लगाई जा रही थीं। इन अफवाहों ने तब और जोर पकड़ लिया जब फैन्स उनके भविष्य को लेकर तरह-तरह के कयास लगाने लगे। लेकिन अब खुद 'हिटमैन' ने इन तमाम खबरों पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए एक इंटरव्यू में लाइव कैमरे के सामने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है, जिसने उनके करोड़ों प्रशंसकों को बड़ी राहत दी है।कैमरे के सामने रखी दिल की बात: जानिए कप्तान रोहित शर्मा ने अपने भविष्य को लेकर क्या कहाएक हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस और इंटरव्यू के दौरान जब रिपोर्टर ने रोहित शर्मा से उनकी रिटायरमेंट की प्लानिंग और वायरल हो रही खबरों पर सीधा सवाल किया, तो कप्तान ने बेहद बेबाक अंदाज में जवाब दिया। रोहित शर्मा ने मुस्कुराते हुए कहा कि वे फिलहाल अपने खेल का पूरा लुत्फ उठा रहे हैं और उनका पूरा ध्यान आगामी महत्वपूर्ण सीरीज और टीम इंडिया को नए मुकाम पर ले जाने पर है। उन्होंने साफ किया कि जब तक उनके शरीर में जान है और वे टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सक्षम हैं, तब तक वे देश के लिए खेलते रहेंगे। रोहित ने फैन्स से अपील की कि वे इस तरह की आधारहीन अफवाहों पर बिल्कुल भी ध्यान न दें।आगे के बड़े मिशन पर टिकी हैं निगाहें: वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और आगामी द्विपक्षीय सीरीज हैं मुख्य टारगेटक्रिकेट एक्सपर्ट्स और Generative AI स्पोर्ट्स एनालिसिस के अनुसार, रोहित शर्मा का यह बयान भारतीय क्रिकेट के दृष्टिकोण से बेहद सकारात्मक है। भारतीय टीम को आने वाले समय में कई महत्वपूर्ण टेस्ट मैच और वनडे मुकाबले खेलने हैं, जिसमें आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC Final) की रेस और एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट शामिल हैं। एक कप्तान और सीनियर बल्लेबाज के तौर पर रोहित शर्मा की मौजूदगी टीम के युवा खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी है। उनकी शानदार फॉर्म और आक्रामक कप्तानी के दम पर भारतीय टीम लगातार घरेलू और विदेशी सरजमीं पर शानदार प्रदर्शन कर रही है।उत्तर प्रदेश और लखनऊ के क्रिकेट प्रेमियों में भारी उत्साह: इकाना स्टेडियम में भी गूंजा हिटमैन का नामउत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, कानपुर और दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे देश के क्रिकेट फैंस रोहित शर्मा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर अपनी खुशी जाहिर कर रहे हैं। लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम (Ekana Stadium Lucknow) के आसपास के खेल प्रेमियों और स्थानीय क्लब क्रिकेटर्स का कहना है कि रोहित शर्मा अभी पूरी तरह फिट हैं और उन्हें कम से कम आगामी बड़े आईसीसी इवेंट्स तक भारतीय टीम की कमान संभालनी चाहिए। स्थानीय स्पोर्ट्स एकेडमी के कोचों के मुताबिक, रोहित की यह कप्तानी शैली नए उभरते हुए खिलाड़ियों के लिए एक बेहतरीन सीख है और उनके संन्यास न लेने के फैसले से भारतीय क्रिकेट का दबदबा बरकरार रहेगा।
कुमाऊं के अंतिम छोर पर छुपा है कुदरत का करिश्मा: मानसून के बाद खिल उठती है बागेश्वर की घाटी
उत्तराखंड की देवभूमि अपने भीतर कई ऐसे अनसुने और अनदेखे प्राकृतिक रहस्य समेटे हुए है, जिनकी खूबसूरती का अंदाजा लगा पाना भी मुश्किल है। ऐसा ही एक बेहद रोमांचक और विहंगम नजारा इन दिनों बागेश्वर जिले की ऊंची पहाड़ियों पर देखने को मिल रहा है। मानसून की भारी बारिश के बाद यहाँ का पूरा इलाका मखमली घास के बुग्यालों, ऊंचे-ऊंचे देवदार के पेड़ों और दूधिया सफेद झरनों से पूरी तरह सज चुका है। कुमाऊं क्षेत्र के अंतिम सीमांत गांव से शुरू होने वाला यह खूबसूरत ट्रेकिंग रूट (Offbeat Trek in Uttarakhand) इन दिनों एडवेंचर के शौकीनों और देश-विदेश के बैकपैकर्स के लिए सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है, जो व्यावसायिक पर्यटन की भीड़भाड़ से पूरी तरह दूर है।कुमाऊं के आखिरी गांव से शुरू होता है रोमांचक सफर: बादलों को चीरकर आगे बढ़ते हैं ट्रेकर्सइस अनूठे ट्रेक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी शुरुआत कुमाऊं क्षेत्र के सबसे अंतिम पड़ाव यानी सीमांत गांव से होती है। यहाँ कदम रखते ही ऐसा महसूस होता है मानो समय ठहर गया हो और आप सीधे प्रकृति की गोद में आ गए हों। जैसे-जैसे ट्रेकर्स खड़ी पहाड़ियों और तंग रास्तों से होते हुए ऊपर की ओर बढ़ते हैं, वैसे-वैसे वादियों में तैरते हुए बादलों के झुंड और हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियों का विहंगम नजारा साफ होने लगता है। इस रास्ते में मिलने वाले स्थानीय पहाड़ी घर, पारंपरिक संस्कृति और ग्रामीणों का आतिथ्य सत्कार इस पूरे सफर को बेहद भावुक और यादगार बना देता है, जो किसी भी आम टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर मिलना असंभव है।एडवेंचर और रूहानी शांति का बेजोड़ संगम: फोटोग्राफी और कैंपिंग के लिए है यह परफेक्ट डेस्टिनेशनयह ट्रेक केवल शारीरिक क्षमता की परीक्षा नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति और अध्यात्म का भी एक अद्भुत केंद्र है। पहाड़ियों के शीर्ष पर पहुंचने के बाद जब ठंडी हवाएं तन-मन को छूती हैं, तो रास्ते की सारी थकान पल भर में गायब हो जाती है। रात के समय यहाँ का आसमान लाखों तारों से जगमगा उठता है, जो एस्ट्रो-फोटोग्राफी (Astro-Photography) और नाइट कैंपिंग करने वालों के लिए किसी सुनहरे सपने जैसा है। सुरक्षा के लिहाज से स्थानीय प्रशासन और उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने ट्रेकर्स के लिए विशेष गाइडलाइंस जारी की हैं और रास्तों पर गाइड की व्यवस्था भी अनिवार्य की है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके और सस्टेनेबल टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा सके।उत्तर प्रदेश और लखनऊ के युवाओं में बढ़ा क्रेज: जानिए बागेश्वर पहुंचने का पूरा ट्रैवल रूटउत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, बरेली और दिल्ली-एनसीआर के युवाओं और ट्रेकिंग ग्रुप्स के बीच बागेश्वर का यह अनछुआ रूट इस सीजन का सबसे बड़ा ट्रैवल ट्रेंड (Travel Trend 2026) बनकर उभरा है। लखनऊ से उत्तराखंड के काठगोदाम या टनकपुर तक सीधी ट्रेन और बस सेवाएं उपलब्ध हैं, जिसके आगे का सफर खूबसूरत पहाड़ी रास्तों से होते हुए अल्मोड़ा के रास्ते बागेश्वर तक तय किया जा सकता है। लखनऊ के प्रमुख एडवेंचर क्लब्स ने इस मानसून के ठीक बाद के सीजन के लिए विशेष ट्रेकिंग और हाइकिंग पैकेज लॉन्च किए हैं, जिनकी बुकिंग के लिए युवाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। यदि आप भी इस वीकेंड कुछ अलग और रोमांच से भरपूर अनुभव करना चाहते हैं, तो बागेश्वर की ये वादियां आपका स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
राजस्थान की राजधानी जयपुर अपने ऐतिहासिक किलों, भव्य महलों और राजपूती संस्कृति के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इसी गुलाबी नगरी की गोद में एक ऐसा अनोखा प्राकृतिक ठिकाना भी है जो मानसून की पहली बारिश पड़ते ही पूरी तरह जन्नत में तब्दील हो जाता है। विद्याधर नगर की पहाड़ियों की तलहटी में बसा 'किशन बाग डेजर्ट पार्क' (Kishan Bagh Desert Park Jaipur) इन दिनों प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र बन गया है। आम दिनों में रेगिस्तानी लुक देने वाला यह बाग वर्षा ऋतु में पूरी तरह से मखमली हरी घास और दुर्लभ वनस्पतियों से ढक जाता है, जिसे देखकर कोई भी मंत्रमुग्ध हो सकता है।एक जगह दो अजूबे: जैसलमेर के रेतीले टीले और स्विट्जरलैंड जैसी वादियों का जादुई संगमइस बाग की सबसे अनूठी और हैरान कर देने वाली खासियत यह है कि यहाँ पर्यटकों को एक साथ दो बिल्कुल अलग-अलग भौगोलिक दृश्यों का अनुभव होता है। एक तरफ जहां पार्क में खास तौर पर तैयार किए गए जैसलमेर के प्रसिद्ध धोरों (रेतीले टीलों) का अहसास कराने वाले रास्ते हैं, वहीं दूसरी तरफ बारिश के बाद पहाड़ियों से घिरी हरी-भरी वादियां और कोहरे का नजारा हूबहू स्विट्जरलैंड या किसी खूबसूरत यूरोपीय हिल स्टेशन की याद दिला देता है। पत्थरों को काटकर बनाए गए खूबसूरत वॉक-वे और प्राकृतिक रूप से बहते हुए बरसाती झरने इस जगह की खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं, जिससे यह फोटोग्राफी और प्री-वेडिंग शूट के लिए राजस्थान का नंबर वन स्पॉट बन चुका है।अरावली की प्राचीन जैव विविधता: दुर्लभ रेगिस्तानी पेड़-पौधों और वन्यजीवों का संरक्षणकिशन बाग केवल एक मनोरंजन पार्क नहीं है, बल्कि यह अरावली पर्वत शृंखला के मूल इकोसिस्टम और रेगिस्तानी जैव विविधता (Desert Biodiversity) को पुनर्जीवित करने का एक बेहतरीन और सफल प्रोजेक्ट है। विख्यात लैंडस्केप आर्किटेक्ट्स की देखरेख में विकसित किए गए इस पार्क में राजस्थान के विभिन्न हिस्सों से लाकर कैक्टस, खजूर और कई लुप्तप्राय रेगिस्तानी पौधों की प्रजातियों को सहेजा गया है। बारिश के मौसम में यहाँ कई स्थानीय और प्रवासी पक्षी, मोर और छोटे जंगली जीव घनी झाड़ियों में किलोल करते नजर आते हैं। पर्यावरणविदों का मानना है कि कंक्रीट के जंगलों के बीच सांस ले रहे बड़े शहरों के लिए किशन बाग जैसे अर्बन फॉरेस्ट एक लाइफलाइन की तरह काम कर रहे हैं।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के पर्यटकों के लिए बेस्ट वीकेंड गेटवे: जानिए कैसे पहुंचेंउत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, नोएडा और आगरा जैसे शहरों से वीकेंड पर घूमने की प्लानिंग करने वाले सैलानियों के लिए जयपुर का यह बाग एक बिल्कुल नया और ऑफबीट डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। लखनऊ से जयपुर के लिए सीधी फ्लाइट और ट्रेन कनेक्टिविटी होने के कारण उत्तर प्रदेश के पर्यटक भारी संख्या में मानसून का लुत्फ उठाने गुलाबी नगरी पहुंच रहे हैं। जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट या मुख्य रेलवे स्टेशन से आप आसानी से लोकल कैब या ऑटो के जरिए किशन बाग पहुंच सकते हैं। स्थानीय प्रशासन ने भी पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा और साफ-सफाई के बेहद पुख्ता इंतजाम किए हैं, ताकि यहाँ आने वाले लोगों को एक सुखद और यादगार अनुभव मिल सके।
दक्षिण भारत का राज्य तमिलनाडु अपने भव्य मंदिरों और प्रसिद्ध हिल स्टेशनों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। लेकिन इसी राज्य के आगोश में एक ऐसी रहस्यमयी और बेहद खूबसूरत जगह भी छिपी हुई है, जो आज भी आम कमर्शियल टूरिस्ट्स की नजरों से काफी दूर है। घने जंगलों, बादलों को छूती पहाड़ियों, दूधिया झरनों और चाय के बागानों से घिरे इस छिपे हुए स्वर्ग (Hidden Gem of South India) की प्राकृतिक सुंदरता इतनी लाजवाब है कि इसकी तुलना ऊटी, शिमला या मनाली से की जाए तो वे भी इसके सामने फीके नजर आते हैं। यहाँ की आबो-हवा और चारों तरफ फैली असीम शांति सैलानियों को एक अलग ही दुनिया का अहसास कराती है।ऊटी-कोडाइकनाल से भी सुंदर: वादियों में तैरते बादल और मखमली हरियाली का संगमभीड़भाड़ और ट्रैफिक से कोसों दूर बसे इस ऑफबीट डेस्टिनेशन (Offbeat Hill Station) की सबसे बड़ी खासियत यहाँ का शांत वातावरण और प्रदूषण मुक्त पर्यावरण है। सुबह के समय जब पहाड़ियों के बीच से सूरज की पहली किरण निकलती है और वादियों में कोहरे की सफेद चादर तैरती है, तो ऐसा लगता है मानो प्रकृति ने खुद धरती पर स्वर्ग उतार दिया हो। एडवेंचर के शौकीन लोगों के लिए यहाँ कई बेहतरीन और एड्रेनालिन रश देने वाले ट्रैकिंग ट्रेल्स मौजूद हैं, जहां से पूरी घाटी का विहंगम नजारा दिखाई देता है। फोटोग्राफी के शौकीनों और कपल्स के लिए यह जगह किसी सपने के सच होने जैसी है।जैव विविधता का अनमोल खजाना: दुर्लभ वन्यजीवों और मसालों की महक से महकती है हवायह खूबसूरत पहाड़ी इलाका सिर्फ देखने में ही सुंदर नहीं है, बल्कि यह दुर्लभ जड़ी-बूटियों, विभिन्न प्रकार के मसालों और वन्यजीवों का एक समृद्ध गंतव्य भी है। यहाँ के जंगलों से गुजरते हुए हवा में इलायची, कॉफी और काली मिर्च की भीनी-भीनी खुशबू हमेशा घुली रहती है। प्रकृति प्रेमियों को यहाँ कई दुर्लभ प्रजातियों के रंग-बिरंगे पक्षी और तितलियां देखने को मिलती हैं, जो इस जगह के पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) को बेहद खास और अनूठा बनाते हैं। स्थानीय प्रशासन अब यहाँ सस्टेनेबल और इको-टूरिज्म को बढ़ावा दे रहा है ताकि इसकी मूल सुंदरता को बिना नुकसान पहुंचाए सैलानी यहाँ आ सकें।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के पर्यटकों के लिए नया हॉटस्पॉट: जानिए कैसे पहुंचें यहाँउत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, नोएडा और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों से यात्रा करने वाले उन पर्यटकों के लिए यह जगह एक नया और पसंदीदा समर हॉलिडे डेस्टिनेशन (Summer Vacation destination) बनती जा रही है जो लीक से हटकर कुछ नया तलाश रहे हैं। लखनऊ के प्रमुख ट्रैवल एजेंटों के अनुसार, लोग अब भीड़भाड़ वाले टूरिस्ट स्पॉट्स के बजाय ऐसी शांत और प्राकृतिक जगहों के टूर पैकेज ज्यादा बुक कर रहे हैं। इस छिपे हुए स्वर्ग तक पहुंचने के लिए नजदीकी हवाई अड्डे या रेलवे स्टेशन से टैक्सियों और स्थानीय बसों की बेहतरीन कनेक्टिविटी उपलब्ध है, जहां पहुंचकर आप अपनी भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर सुकून के कुछ यादगार पल बिता सकते हैं।
दिनभर पेट फूलने की समस्या से हैं परेशान? जानिए सुबह की कौन सी गलतियां हैं जिम्मेदार
आजकल की व्यस्त जीवनशैली में पेट फूलना, गैस बनना और खट्टी डकारें आना एक आम समस्या बन चुकी है। बहुत से लोग शिकायत करते हैं कि सुबह उठते ही या कुछ भी खाते ही उनका पेट किसी गुब्बारे की तरह फूल जाता है और पूरे दिन असहजता बनी रहती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स और न्यूट्रिशनिस्ट्स के मुताबिक, इस समस्या की मुख्य जड़ हमारा सुबह का नाश्ता (Morning Breakfast) हो सकता है। हम अनजाने में नाश्ते की टेबल पर कुछ ऐसी चीजों का सेवन कर लेते हैं, जो पेट में जाकर भारी गैस बनाती हैं और हमारे पूरे पाचन तंत्र (Digestive System) की रफ्तार को धीमा कर देती हैं। अगर इस पर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह आगे चलकर क्रॉनिक एसिडिटी का रूप ले लेती है।तुरंत नाश्ते से बाहर करें ये 3 चीजें: जो पेट में बनाती हैं भयंकर गैस और एसिडिटीगैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट्स के अनुसार, सबसे पहली चीज जिससे आपको सुबह परहेज करना चाहिए, वह है 'ज्यादा चीनी वाले रेडी-टू-ईट सीरियल्स' (Processed Cereals) और मैदे से बनी चीजें जैसे सफेद ब्रेड या भटूरे। ये आंतों में जाकर चिपक जाते हैं और फर्मेंटेशन की प्रक्रिया को बढ़ा देते हैं। दूसरी चीज है 'अत्यधिक ऑयली और फ्राइड फूड्स' जैसे पराठे या कचौड़ियां, जिन्हें पचाने में लीवर को दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है। तीसरी और सबसे आम गलती है खाली पेट 'दही या खट्टे फलों का अत्यधिक सेवन' या फिर दूध वाली एक्स्ट्रा शुगर की चाय। बहुत से लोगों का पाचन तंत्र सुबह के समय डेयरी प्रोडक्ट्स या अत्यधिक लैक्टोज को आसानी से नहीं पचा पाता, जिसके कारण पेट में तुरंत गैस और मरोड़ की समस्या शुरू हो जाती है।हेल्दी ब्रेकफास्ट से बदलें अपनी आदतें: दिनभर महसूस करेंगे हल्कापन और एनर्जीअगर आप इस असहज करने वाली ब्लोटिंग से हमेशा के लिए निजात पाना चाहते हैं, तो आपको अपने नाश्ते को री-डिजाइन करना होगा। सुबह के समय हल्का, सुपाच्य और फाइबर से भरपूर भोजन करें। अपने नाश्ते में ओट्स, सूजी का उपमा, पोहा या मूंग दाल का चीला शामिल करें। सुबह खाली पेट चाय या कॉफी पीने के बजाय गुनगुने पानी में नींबू या फिर जीरा और अजवाइन का पानी पिएं। यह आपके पेट के पाचक एंजाइम्स को सक्रिय करता है, जिससे आप जो कुछ भी खाते हैं, वह आसानी से पच जाता है और गैस बनने की संभावना शून्य हो जाती है।लखनऊ और यूपी के युवाओं में बढ़ रही पेट की बीमारियां: डाइटिशियन ने दी खास सलाहउत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, नोएडा और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरी इलाकों में खराब खानपान के कारण गैस्ट्रिक और ब्लोटिंग की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) और अन्य बड़े अस्पतालों के डाइटिशियंस का कहना है कि ओपीडी में आने वाले हर तीसरे मरीज की शिकायत पेट साफ न होने और ब्लोटिंग से जुड़ी होती है। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि सुबह का नाश्ता कभी भी स्किप (Skip) न करें, लेकिन उसमें पैकेज्ड और फ्रोजन फूड्स के बजाय केवल ताजा और घर का बना सात्विक भोजन ही लें ताकि आपका गट हेल्थ (Gut Health) हमेशा मजबूत रहे।
भारतीय सिनेमा के सबसे बहुमुखी अभिनेताओं में शुमार कमल हासन अपनी बेमिसाल एक्टिंग के साथ-साथ अपनी शानदार फिटनेस और सख्त डाइट प्लान के लिए भी जाने जाते हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान जब उनसे उनके पसंदीदा भोजन के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने एक खास मछली के प्रति अपना लगाव जाहिर किया। तब से ही फूड लवर्स और फिटनेस फ्रीक्स के बीच इस मछली को लेकर चर्चा बेहद तेज हो गई है। स्वाद की शौकीन जनता यह जानने के लिए बेहद उत्सुक है कि आखिर इस मछली में ऐसा क्या खास है जो अभिनय के उस्ताद भी इसके मुरीद हो गए हैं और क्यों इसे सीफूड लवर्स का पहला प्यार कहा जाता है।पोषक तत्वों का पावरहाउस: शरीर को फौलादी बनाते हैं इसमें मौजूद ओमेगा-3 और प्रोटीन्सयह मछली सिर्फ जुबान को स्वाद ही नहीं देती, बल्कि इसे पोषक तत्वों का खजाना (Nutritional Superfood) माना जाता है। इसमें उच्च गुणवत्ता वाला लीन प्रोटीन (Lean Protein) प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो मांसपेशियों के विकास और मरम्मत के लिए बेहद जरूरी है। इसके अलावा यह मछली ओमेगा-3 फैटी एसिड (Omega-3 Fatty Acids), विटामिन डी और बी-कॉम्प्लेक्स का एक बेहतरीन प्राकृतिक स्रोत है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इसके नियमित सेवन से शरीर का मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है और यह हड्डियों को भीतर से मजबूती प्रदान करती है, जिससे बढ़ती उम्र में भी शरीर पूरी तरह एक्टिव और ऊर्जावान बना रहता है।दिल और दिमाग को रखेगा एकदम दुरुस्त: डॉक्टर भी देते हैं खाने की सलाहआधुनिक चिकित्सा विज्ञान और हेल्थ एक्सपर्ट्स भी इस खास मछली को डाइट में शामिल करने की पुरजोर वकालत करते हैं। इसमें मौजूद गुड फैट्स दिल की धमनियों को साफ रखने और खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में मददगार साबित होते हैं, जिससे हार्ट अटैक का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। साथ ही, ओमेगा-3 की मौजूदगी दिमाग की कार्यप्रणाली को तेज करती है और याददाश्त को मजबूत बनाए रखती है। जो लोग मानसिक तनाव या डिप्रेशन जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, उनके लिए भी यह मछली एक बेहतरीन हीलर की तरह काम करती है, क्योंकि यह मूड को बेहतर करने वाले हार्मोन्स को सक्रिय करती है।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के सीफूड मार्केट्स में बढ़ी डिमांड: जानिए पकाने का सही तरीकासाउथ के सुपरस्टार की पसंद बनने के बाद उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर और दिल्ली-एनसीआर जैसे प्रमुख शहरों के प्रीमियम सीफूड मार्केट्स और रेस्टोरेंट्स में इस खास वैरायटी की मांग अचानक से बढ़ गई है। शेफ्स के मुताबिक, इस मछली का असली स्वाद और पोषक तत्व तब बरकरार रहते हैं जब इसे बहुत ज्यादा तेल-मसालों में तलने के बजाय ग्रिल (Grill), बेक या हल्के स्टीम (Steam) के साथ पकाया जाए। लखनऊ के गोमती नगर और हजरतगंज इलाकों के बड़े फूड जॉइंट्स में अब इस सेलिब्रिटी चॉइस डिश को मेन्यू में खास जगह दी जा रही है, जिसे चखने के लिए शहर के फूडीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।
आयुर्वेद का वरदान है गिलोय: जानिए इसे 'अमृता' कहे जाने के पीछे का असली रहस्य
भारतीय चिकित्सा पद्धति और आयुर्वेद में प्राचीन काल से ही गिलोय (Giloy) को एक बेहद उच्च और आदरणीय स्थान प्राप्त है। शास्त्रों में इसे 'अमृता' नाम दिया गया है, जिसका शाब्दिक अर्थ है 'अमृत के समान'। माना जाता है कि गिलोय की लताओं में औषधीय गुणों का ऐसा असीमित खजाना छिपा है जो इंसान को लंबी और रोगमुक्त आयु प्रदान कर सकता है। आधुनिक विज्ञान और Generative AI हेल्थ रिसर्च भी अब गिलोय के इन दावों पर मुहर लगा रहे हैं। इसके पत्तों और डंठल में पाए जाने वाले एंटी-ऑक्सीडेंट्स, एंटी-इन्फ्लेमेटरी और गिलोइन नामक तत्व मानव शरीर को कई तरह के खतरनाक संक्रमणों से सुरक्षित रखने में पूरी तरह सक्षम हैं।फौलादी बनेगी इम्यूनिटी: डेंगू, चिकनगुनिया और मौसमी बुखार का काल है यह बेलबदलते मौसम के साथ ही देश भर में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और वायरल फीवर का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगता है। ऐसे में गिलोय का सेवन किसी जीवनदायिनी दवा से कम नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, गिलोय शरीर में प्लेटलेट्स (Platelets) की संख्या को बहुत तेजी से बढ़ाता है और खून को साफ करता है। इसके नियमित सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी इतनी मजबूत हो जाती है कि बार-बार होने वाले सर्दी, खांसी, जुकाम और पुराने से पुराना बुखार भी शरीर को छू नहीं पाता। क्रॉनिक फीवर से परेशान मरीजों के लिए गिलोय का काढ़ा एक अचूक औषधि की तरह काम करता है।पाचन तंत्र होगा मजबूत: पेट की हर समस्या को जड़ से मिटाएगा गिलोयआजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और असंतुलित खानपान के कारण अधिकांश लोग गैस, कब्ज, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। गिलोय इन सभी समस्याओं का एक बेहद सरल और प्राकृतिक समाधान है। यह हमारे मेटाबॉलिज्म (Metabolism) को दुरुस्त करता है और आंतों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाता है। गिलोय के रस का नियमित सेवन करने से पाचन क्रिया इतनी सुचारू हो जाती है कि शरीर में टॉक्सिन्स (विषाक्त पदार्थ) जमा नहीं हो पाते, जिससे न सिर्फ पेट साफ रहता है बल्कि त्वचा पर भी एक प्राकृतिक निखार और चमक देखने को मिलती है।लखनऊ सहित देश भर के वेलनेस सेंटर्स में बढ़ी मांग: जानिए सेवन का सही तरीकाउत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, दिल्ली-एनसीआर और वाराणसी सहित देश के कई प्रमुख शहरों में इन दिनों गिलोय के जूस, वटी (टैबलेट) और चूर्ण की मांग में भारी उछाल देखा जा रहा है। आयुर्वेद आचार्यों के अनुसार, गिलोय का अधिकतम लाभ उठाने के लिए इसके डंठल को पानी में उबालकर काढ़ा बनाकर पीना सबसे ज्यादा असरदार होता है। इसके अलावा बाजार में मिलने वाले रेडीमेड गिलोय स्वरस का सेवन भी सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ किया जा सकता है। हालांकि, गर्भवती महिलाओं और लो-ब्लड शुगर के मरीजों को इसके सेवन से पहले एक बार अपने डॉक्टर या किसी योग्य आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
Friendship Day Essay: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में रिश्तों की अहमियत पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। इन्हीं रिश्तों में सबसे खूबसूरत और अनमोल रिश्ता दोस्ती का होता है। दोस्त वह होता है जो बिना किसी स्वार्थ के हर सुख-दुख में साथ खड़ा रहता है। इसी पवित्र ...
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से छह दोस्तों की मौत
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में जबलपुर-भोपाल नेशनल हाईवे-45 पर सड़क किनारे खड़े छह दोस्तों को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
Heavy Rain Alert North India: देशभर में मॉनसून एक बार फिर पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। उपग्रह (सैटेलाइट) से प्राप्त ताजा तस्वीरों के अनुसार, इस समय देश के लगभग 60 से 70 फीसदी हिस्सों में बादल छा गए हैं। पंजाब से लेकर पूर्वोत्तर भारत तक बादलों की एक ...
अलीमा खान के सनसनीखेज खुलासे से हिला पाकिस्तान: ऑपरेशन सिंदूर' पर बड़ा सच आया सामने
पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर से बहुत बड़ा भूचाल आ गया है। इस बार इस सियासी तूफान के केंद्र में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई (PTI) प्रमुख इमरान खान की बहन अलीमा खान हैं। अलीमा खान ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया पर 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर कुछ बेहद चौंकाने वाले और सनसनीखेज खुलासे किए थे। उन्होंने सीधे तौर पर देश की सैन्य स्थापना और मौजूदा सरकार की गुप्त रणनीतियों पर उंगली उठाई है। अलीमा खान के इस बेबाक बयान ने इस्लामाबाद से लेकर रावलपिंडी के सैन्य मुख्यालय (GHQ) तक हड़कंप मचा दिया है।पाकिस्तान सरकार का बड़ा एक्शन: सच बोलते ही थमाया गया कानूनी नोटिसजैसे ही अलीमा खान का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और मुख्यधारा की मीडिया की सुर्खियों में आया, पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार तुरंत एक्शन मोड में आ गई। संघीय जांच एजेंसी (FIA) और सरकारी वकीलों की ओर से बिना वक्त गंवाए अलीमा खान को एक कड़ा कानूनी नोटिस भेज दिया गया है। सरकार का आरोप है कि अलीमा खान देश की सुरक्षा एजेंसियों और राज्य के महत्वपूर्ण संस्थानों के खिलाफ झूठा प्रोपेगैंडा फैला रही हैं और जनता को भड़काने की कोशिश कर रही हैं। इस नोटिस के बाद पाकिस्तान में मानवाधिकार और अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।आखिर क्यों डरे सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर? इनसाइड स्टोरी आई सामनेइस पूरे विवाद में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इस खुलासे से पाकिस्तान के शक्तिशाली सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर क्यों असहज हो गए हैं? रक्षा विशेषज्ञों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' का सीधा संबंध पाकिस्तान सेना के कुछ ऐसे गुप्त ऑपरेशन्स या राजनीतिक जोड़-तोड़ से है, जिसे सेना हर हाल में दुनिया की नजरों से छिपाकर रखना चाहती थी। अलीमा खान ने सीधे तौर पर सेना की इसी दुखती रग पर हाथ रख दिया है। इमरान खान की बढ़ती लोकप्रियता और जेल में होने के बावजूद उनकी बहन के इन तीखे तेवरों से सैन्य नेतृत्व बैकफुट पर नजर आ रहा है।इमरान खान की पार्टी PTI ने संभाला मोर्चा: शहबाज सरकार को दी खुली चुनौतीअलीमा खान को नोटिस मिलने के बाद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के कार्यकर्ताओं और बड़े नेताओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पीटीआई के प्रवक्ताओं का कहना है कि यह सरकार और सेना की घबराहट को दर्शाता है। इमरान खान के परिवार को डराने और चुप कराने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की नजरें भी अब इस मामले पर टिक गई हैं, क्योंकि पाकिस्तान में विपक्षी नेताओं और उनके परिवारों पर कानूनी कार्रवाई का सिलसिला लगातार तेज होता जा रहा है।
महायुद्ध की दहलीज पर अमेरिका और ईरान, मिडिल ईस्ट में घातक हमलों से दहला इलाका
पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहा अमेरिका और ईरान का तनाव अब पूरी तरह से एक विनाशकारी युद्ध के रूप में तब्दील हो चुका है। दोनों ही महाशक्तियों ने एक-दूसरे के खिलाफ अपने सबसे घातक और आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सैन्य ठिकानों और ईरानी समर्थित गुटों के रणनीतिक केंद्रों पर लगातार रॉकेट, मिसाइल और आत्मघाती ड्रोन से हमले किए जा रहे हैं। युद्ध का यह नया चरण इतना आक्रामक है कि इसने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर तीसरे विश्व युद्ध (World War 3) की आहट तेज हो गई है।निर्दोष और बेकसूर देश बन रहे निशाना: वैश्विक सप्लाई चेन तबाहइस युद्ध की सबसे भयावह बात यह है कि इसका शिकार अब वे देश और क्षेत्र भी बन रहे हैं, जिनका इस भू-राजनीतिक दुश्मनी से कोई वास्ता नहीं है। ईरान और अमेरिका की इस जंग के कारण लाल सागर (Red Sea) और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्ग पूरी तरह असुरक्षित हो गए हैं। वाणिज्यिक जहाजों और कार्गो शिप्स पर हो रहे लगातार घातक हमलों की वजह से कई एशियाई और यूरोपीय देशों की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। आवश्यक वस्तुओं, दवाओं और खाद्यान्न की सप्लाई रुकने से उन देशों में भी महंगाई और भुखमरी का खतरा मंडराने लगा है जो इस युद्ध में पूरी तरह तटस्थ थे।घातक हवाई हमलों से टूटी कमर: सैन्य और आर्थिक मोर्चे पर भारी नुकसानपेंटागन और ईरानी सैन्य कमांडरों की ओर से जारी बयानों के मुताबिक, दोनों पक्षों को इस टकराव में भारी नुकसान उठाना पड़ा है। जहां एक तरफ अमेरिका ने ईरान के तेल डिपो, अंडरग्राउंड मिसाइल सेंटर्स और कमांड पोस्टों को निशाना बनाकर उसकी आर्थिक और सैन्य कमर तोड़ने का दावा किया है, वहीं दूसरी तरफ ईरानी ड्रोन हमलों ने अमेरिकी गठबंधन सेना के कई महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक हब को भारी नुकसान पहुंचाया है। इस भीषण गोलाबारी और बमबारी के कारण स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह मलबे में तब्दील हो चुका है और बड़े पैमाने पर मानवीय संकट खड़ा हो गया है।भारत सहित पूरी दुनिया पर क्या होगा इसका सीधा असर?इस युद्ध के खतरनाक दौर में पहुंचने का सीधा असर भारत सहित दुनिया के तमाम बड़े देशों पर दिखने लगा है। खाड़ी देशों से तेल की आपूर्ति बाधित होने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने और महंगाई अनियंत्रित होने का खतरा पैदा हो गया है। इसके अलावा, खाड़ी क्षेत्र में काम करने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा और उनकी आजीविका पर भी इस संकट के काले बादल मंडरा रहे हैं, जिसने नई दिल्ली की चिंताएं बेहद बढ़ा दी हैं।
ईरानी हमलों की आहट से सहमा अमेरिका! ट्रंप ने कतर से फाइटर जेट्स हटाने के दिए निर्देश
पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर आ गया है, जिसने पूरी दुनिया की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इंटेलिजेंस इनपुट और खुफिया एजेंसियों से मिली रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की ओर से अमेरिकी ठिकानों पर बड़े और भीषण मिसाइल व ड्रोन हमलों की आशंका जताई गई है। इस संभावित खतरे को देखते हुए वॉशिंगटन और पेंटागन में हड़कंप मच गया है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने खाड़ी देशों में मौजूद अपने सभी बेस और सुरक्षा बलों को चौबीसों घंटे पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे इस पूरे रीजन में युद्ध जैसी गंभीर स्थिति बन गई है।राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा एक्शन: कतर एयरबेस से हटाए जा रहे हैं अमेरिकी लड़ाकू विमानहालात की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बिना वक्त गंवाए एक बेहद आपातकालीन और बड़ा रणनीतिक फैसला लिया है। कतर में स्थित अल उदेद (Al Udeid) एयरबेस, जो मिडिल ईस्ट में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य केंद्र माना जाता है, वहां से अमेरिकी फाइटर जेट्स और भारी बमवर्षक विमानों को तेजी से हटाकर सुरक्षित और रणनीतिक रूप से सुरक्षित ठिकानों पर ट्रांसफर किया जा रहा है। सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन ईरान की मिसाइल रेंज से अपने सबसे महंगे और घातक हवाई हथियारों को दूर रखना चाहता है ताकि किसी भी संभावित हमले में नुकसान को कम से कम किया जा सके।50,000 अमेरिकी सैनिक हाई अलर्ट पर: पेंटागन ने कसी कमरविमानों की शिफ्टिंग के साथ-साथ अमेरिका ने जमीनी मोर्चे पर भी अपनी किलेबंदी बेहद मजबूत कर दी है। मिडिल ईस्ट के अलग-अलग देशों जैसे इराक, सीरिया, कुवैत और बहरीन में तैनात लगभग 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिकों को कॉम्बैट रेडी यानी हाई ऑपरेशनल अलर्ट पर रख दिया गया है। एयर डिफेंस सिस्टम, जिसमें पैट्रियट मिसाइल डिफेंस शामिल है, को एक्टिवेट कर दिया गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) सीधे तौर पर स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सैनिकों को किसी भी आक्रामक कार्रवाई का तुरंत और आक्रामक जवाब देने की पूरी छूट दे दी गई है।वैश्विक बाजारों और भारत पर क्या होगा इसका असर?अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते इस सीधे टकराव का सीधा और बड़ा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने की आशंका है। खाड़ी देशों में तनाव बढ़ने के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली तेल की सप्लाई चेन पूरी तरह बाधित हो सकती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर जा सकती हैं। भारत के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आयात करता है। इसके अलावा, खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर भी नई दिल्ली में चिंताएं बढ़ गई हैं।
दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन इस समय बेहद गंभीर आर्थिक संकट (Economic Crisis) के दौर से गुजर रही है। ड्रैगन की आर्थिक रीढ़ माने जाने वाले रियल एस्टेट सेक्टर (Property Market) में अभूतपूर्व मंदी आ चुकी है। एवरग्रैंड (Evergrande) और कंट्री गार्डन जैसी चीन की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनियां भारी कर्ज के बोझ तले दबकर दिवालिया होने की कगार पर पहुंच चुकी हैं। करोड़ों की तादाद में बिना बिके और अधूरे पड़े अपार्टमेंट्स के कारण प्रॉपर्टी की कीमतें रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई हैं। आम चीनी नागरिकों की जीवन भर की कमाई प्रॉपर्टी में फंसी होने के कारण उनका भरोसा पूरी तरह डगमगा गया है, जिससे पूरे देश में एक तरह का वित्तीय आपातकाल जैसा माहौल बन गया है।कमजोर घरेलू मांग और फैक्ट्रियों में पसरा सन्नाटा: जीडीपी ग्रोथ हुई सुस्तप्रॉपर्टी संकट का सीधा असर चीन की घरेलू खपत पर पड़ा है। चीनी उपभोक्ता अब पैसे खर्च करने से बच रहे हैं, जिससे देश में 'डिफ्लेशन' (Deflation) यानी मंदी की स्थिति पैदा हो गई है। चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (NBS) के आंकड़ों के मुताबिक, देश की जीडीपी (GDP) ग्रोथ रेट सरकार के तय वार्षिक लक्ष्य से काफी पीछे चल रही है। रिटेल सेल्स और इंडस्ट्रियल आउटपुट के आंकड़े बेहद कमजोर आए हैं। इसके साथ ही, चीन की फैक्ट्रियों में प्रोडक्शन काफी धीमा हो गया है क्योंकि अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) द्वारा चीनी सामानों पर लगाए जा रहे भारी टैरिफ (Tariffs) के कारण चीन का एक्सपोर्ट (निर्यात) बिजनेस भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।युवाओं में रिकॉर्ड बेरोजगारी: बीजिंग की हर रणनीति हो रही फेलआर्थिक सुस्ती का सबसे बड़ा खामियाजा चीन की युवा आबादी को भुगतना पड़ रहा है। चीन में शहरी युवाओं की बेरोजगारी दर (Youth Unemployment Rate) ऐतिहासिक रूप से उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। कॉलेज और विश्वविद्यालयों से पास आउट होने वाले लाखों युवाओं को नौकरियां नहीं मिल पा रही हैं। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग की सरकार द्वारा ब्याज दरों में कटौती और बैंकों को ज्यादा लोन देने के निर्देश जैसे तमाम राहत पैकेज (Economic Stimulus) भी इस आर्थिक सुस्ती को रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं। वैश्विक रेटिंग एजेंसियों ने भी चीन के इकोनॉमिक आउटलुक को 'स्थिर' से घटाकर 'नकारात्मक' (Negative) श्रेणी में डाल दिया है।भारत और ग्लोबल मार्केट पर क्या होगा इसका असर?ग्लोबल इकोनॉमिक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, चीन की इस कमजोरी का वैश्विक और खासकर भारतीय बाजारों (Indian Market) पर दोहरा असर देखने को मिल सकता है। एक तरफ जहां चीन में मंदी के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) और स्टील-एल्युमिनियम जैसी कमोडिटीज की वैश्विक मांग घटेगी, जिससे इनके दाम कम हो सकते हैं और भारत का इम्पोर्ट बिल घटेगा। वहीं दूसरी तरफ, वैश्विक कंपनियां अब चीन से अपना मैन्युफैक्चरिंग बेस हटाकर भारत, वियतनाम और मेक्सिको जैसे देशों में शिफ्ट कर रही हैं, जिससे भारत के 'मेक इन इंडिया' (Make in India) अभियान और लोकल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर्स को एक बहुत बड़ा बूस्ट मिलने की उम्मीद है।
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों को बड़ा झटका लगा है। बाजार खुलते ही चौतरफा बिकवाली देखने को मिली, जिसके चलते प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) करीब 600 अंकों की भारी गिरावट के साथ 77,600 के स्तर के पास आ गया। वहीं दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 (Nifty 50) भी लगभग 140 अंकों से ज्यादा टूटकर 24,200 के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे फिसल गया। बाजार के इस रुख से ट्रेडर्स और रिटेल निवेशकों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि पिछले कारोबारी सत्र में बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ था।प्राइवेट बैंकों के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव: HDFC और Axis Bank में बड़ी गिरावटआज की इस मार्केट गिरावट में सबसे बड़ा विलेन बैंकिंग सेक्टर साबित हुआ है। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 2% से ज्यादा की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। हाल ही में सामने आए तिमाही नतीजों (Q1 Results) के बाद प्राइवेट बैंकों के मार्जिन पर दबाव देखा जा रहा है। दिग्गजों की बात करें तो एक्सिस बैंक (Axis Bank) के शेयरों में लगभग 5% से 6% तक का क्रैश देखा गया, जबकि देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank के शेयर भी 4.5% से ज्यादा टूट गए। इसके अलावा कोटक महिंद्रा बैंक और बजाज फाइनेंस के शेयरों ने भी बाजार को नीचे खींचने में कोई कसर नहीं छोड़ी।बाजार क्यों गिरा? इन 3 बड़े कारणों ने बिगाड़ा खेलग्लोबल मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, घरेलू बाजार में इस बड़ी गिरावट के पीछे तीन मुख्य वजहें काम कर रही हैं। पहला कारण, वीकेंड पर आए बैंकिंग दिग्गजों के पहली तिमाही के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे, जिससे निवेशकों ने जमकर प्रॉफिट बुकिंग की। दूसरा बड़ा कारण, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इरान के बीच जारी जियोपॉलिटिकल क्राइसिस के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude Oil) की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। कच्चे तेल का महंगा होना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए निगेटिव माना जाता है क्योंकि इससे महंगाई बढ़ने का डर रहता है। तीसरा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली है, जिससे लिक्विडिटी पर असर पड़ा है।क्या है निवेशकों के लिए एक्सपर्ट्स की राय?मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि निफ्टी के लिए 24,200 का स्तर बेहद अहम था, और इसके नीचे जाने पर बाजार में गिरावट और बढ़ सकती है जो निफ्टी को 24,000 या 23,800 के स्तर तक ले जा सकती है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस गिरावट के बीच भी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में थोड़ी मजबूती देखी जा रही है। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि इस उतार-चढ़ाव वाले माहौल में निवेशकों को हड़बड़ी में कोई फैसला नहीं लेना चाहिए और केवल मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में ही धीरे-धीरे (SIP मोड में) खरीदारी करनी चाहिए।
देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1FY27) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस ने बाजार की उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए ऑपरेशन्स से मिलने वाले रेवेन्यू में सालाना आधार पर (YoY) 25.4% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की है, जो बढ़कर 3,11,850 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। हालांकि, पिछले साल के हाई बेस (एशियन पेंट्स की हिस्सेदारी बिक्री से हुए एकमुश्त लाभ) के कारण नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 22% घटकर 20,946 करोड़ रुपये रहा, लेकिन अगर इस एकमुश्त आय को हटा दें, तो कंपनी का शुद्ध लाभ असल में 15.9% बढ़ा है। तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर तो नेट प्रॉफिट में 23.4% की शानदार ग्रोथ देखी गई है।4 बड़े ब्रोकरेज हाउसेज का बड़ा दांव: 33% तक रिटर्न की उम्मीदशानदार तिमाही नतीजों के बाद घरेलू और वैश्विक ब्रोकरेज हाउसेज रिलायंस के स्टॉक को लेकर काफी सकारात्मक (Bullish) नजर आ रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि रिलायंस के रिटेल, जियो (Jio) और ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) बिजनेस में लगातार आ रही मजबूती आने वाले दिनों में शेयर की कीमतों को नए रिकॉर्ड स्तर पर ले जाएगी। 4 दिग्गज ब्रोकरेज फर्म्स ने रिलायंस के शेयर पर 'BUY' रेटिंग बरकरार रखते हुए मौजूदा भाव से लगभग 27% से 33% तक के अपसाइड पोटेंशियल (बढ़ोतरी) का अनुमान लगाया है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने तो इस स्टॉक के लिए बेहद मजबूत टारगेट प्राइस दिया है।जियो और रिटेल बिजनेस में जारी है दमरिलायंस जियो (Jio Platforms) का परफॉर्मेंस इस तिमाही में भी दमदार रहा, जहां डिजिटल सर्विसेज के दम पर मुनाफा 9.2% बढ़कर 7,764 करोड़ रुपये हो गया। वहीं प्रति यूजर औसत कमाई (ARPU) भी सुधरकर 215.6 रुपये पर पहुंच गई है। दूसरी ओर, रिलायंस रिटेल ने क्विक-कॉमर्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश के चलते अपने नेट प्रॉफिट में 14.2% की मामूली गिरावट देखी है, लेकिन रेवेन्यू के मोर्चे पर 8.2% की बढ़त के साथ इसका प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है। O2C सेगमेंट ने भी कच्चे तेल की कीमतों के सहारे रेवेन्यू में 30.4% का उछाल दर्ज किया है।निवेशकों के लिए क्या है एक्सपर्ट्स की सलाह?मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, लंबी अवधि (Long Term) के निवेशकों के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज हमेशा से एक सुरक्षित और हाई-रिटर्न पोर्टफोलियो स्टॉक रहा है। जियो के आगामी आईपीओ (Jio IPO) की सुगबुगाहट और न्यू एनर्जी बिजनेस में तेजी से हो रहे विस्तार को देखते हुए, मौजूदा गिरावट या कंसोलिडेशन के स्तर पर रिलायंस के शेयरों को पोर्टफोलियो में शामिल करना एक समझदारी भरा फैसला हो सकता है।
संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को विपक्षी दलों ने छात्रों की समस्याओं, नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं, प्रश्न-पत्र लीक, बेरोजगारी और अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद जैसे मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जनता और युवाओं की समस्याओं को सुनने के लिए तैयार नहीं है। वहीं, भाजपा ने कहा कि सरकार छात्रों के हितों को लेकर संवेदनशील है और परीक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए कदम उठा रही है।
CJP के संसद मार्च के बीच दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। संसद भवन के आसपास पुलिस अलर्ट पर रही, अभिजीत दीपके ने 23 दिन बाद अनशन समाप्त किया, जबकि सोनम वांगचुक ने संसद मार्च में शामिल होने की अनुमति मांगी।
महंत दिनेन्द्र दास निर्मोही अखाड़े से बेदखल, जा सकती हैं राम मंदिर ट्रस्ट की सदस्यता
mahant dinendra das expelled nirmohi akhada: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य और निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेन्द्र दास को अखाड़े के महंत पद से हटा दिया गया है। इसके चलते अब उनके राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सदस्यता से भी बाहर ...
कलकत्ता हाई कोर्ट से ममता बनर्जी को बड़ा झटका, 440 करोड़ रुपये वाले बैंक खातों पर रोक बरकरार
कलकत्ता हाई कोर्ट ने 440.42 करोड़ रुपये वाले फ्रीज बैंक खातों पर राहत देने से इनकार किया। ED की PMLA जांच जारी, विमान और हेलीकॉप्टर खरीद से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच तेज।
जंतरमंतर पर लाठीचार्ज कर रही पुलिस के सामने खड़ा हो चिल्लाया युवक “मारो… मुझे मारो और मारो…”
कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च को लेकर दिल्ली सड़क से संसद तक बवाल मचा हुआ है। कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों पर झड़प की खबरें हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें पुलिस लाठीचार्ज करती दिखाई दे रही है। जंतर मंतर के ...
जवाहर भवन की चौथी मंजिल पर लगी आग, फायर ब्रिगेड ने पाया काबू; कोई हताहत नहीं: ब्रजेश पाठक
राजधानी लखनऊ स्थित जवाहर भवन की एक इमारत में सोमवार सुबह आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। प्रशासन के अनुसार, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
संसद के मानसून सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) ने केंद्र सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। सपा प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार अहंकार के साथ काम कर रही है और उसे छात्रों व आम लोगों की समस्याओं को सुनना चाहिए।
देश में NEET परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक के मुद्दे पर राजनीति गरमा गई है। मानसून सत्र के पहले ही दिन इस मुद्दे की गूंज संसद के दोनों सदनों से लेकर दिल्ली की सड़कों तक सुनाई दी।
जम्मू-कश्मीर के डोडा में दर्दनाक हादसा: रग्गी नाला में भूस्खलन, कई वाहनों पर गिरे पत्थर
जम्मू कश्मीर के डोडा जिले के रग्गी नाला में सोमवार को एक यात्री बस और कई अन्य गाड़ियों पर तेजी से गिरते पत्थरों की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन NEET पेपर लीक पर चर्चा की मांग को लेकर लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष का जोरदार हंगामा। दोनों सदनों की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित।
IMD Weather Alert: उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर समेत 15 से अधिक राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट। कई पहाड़ी जिलों में रेड अलर्ट, भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बढ़ा।
आज से मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र, UCC बिल पेश करेगी सरकार, जानें बिल का खास बातें?
मध्यप्रदेश विधानसभा के आज से शुरु हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार में समान नागरिक संहिता से जुड़ा अहम विधेयक लाने जा रही है। विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन ही आज सरकार UCC से जुड़ा अहम बिल सदन में पेश कर सकती है। जिस पर मंगलवार को सदन ...
वैश्विक स्तर पर जारी भारी भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीतियों को लेकर अनिश्चितता और शेयर बाजार में मचे उतार-चढ़ाव के बीच सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में सोने की मांग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गई है। आज सोमवार, 20 जुलाई 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार खुलते ही सोने की कीमतों में एक बार फिर तेजी का रुख देखने को मिला है। शादियों के सीजन के साथ-साथ सावन के इस पावन महीने में सोने की खरीदारी करने वालों के लिए यह हफ्ता काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो अलग-अलग राज्यों में स्थानीय वैट (VAT) और मेकिंग चार्ज के कारण गहनों के रेट में थोड़ा अंतर दर्ज किया गया है। आइए जानते हैं 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से देश के प्रमुख शहरों की बिल्कुल ताजा रेट लिस्ट।शुद्ध 24 कैरेट और जेवर वाले 22 कैरेट सोने का क्या है भाव?आज देश के मुख्य महानगरों में 10 ग्राम सोने की कीमतें अपनी पुरानी बंद कीमतों के मुकाबले बढ़त के साथ ट्रेड कर रही हैं:नई दिल्ली (New Delhi): देश की राजधानी में आज 24 कैरेट शुद्ध सोना ₹74,850 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है, वहीं आभूषण बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला 22 कैरेट सोना ₹68,620 प्रति 10 ग्राम के भाव पर बिक रहा है।मुंबई (Mumbai): आर्थिक राजधानी मुंबई में आज 24 कैरेट सोने का भाव ₹74,700 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने का रेट ₹68,470 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है।कोलकाता और चेन्नई (Kolkata/Chennai): कोलकाता में आज 24K सोना ₹74,700 पर है, जबकि चेन्नई में दक्षिण भारतीय बाजारों की भारी मांग के कारण 24K सोना ₹75,120 प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर ट्रेड कर रहा है।उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख शहरों की रेट लिस्ट (आगरा, जयपुर, पटना)हिंदी बेल्ट के प्रमुख शहरों और सराफा मंडियों में भी आज सुबह से ही ग्राहकों की भारी चहल-पहल के बीच नए रेट लागू हो चुके हैं:आगरा (Agra): ताजनगरी आगरा के सर्राफा बाजार में आज 24 कैरेट सोने की कीमत ₹74,800 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट जेवरी सोने का भाव ₹68,580 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है।जयपुर (Jaipur): राजस्थान की राजधानी और पिंक सिटी जयपुर में आज 24 कैरेट सोना ₹74,950 और 22 कैरेट सोना ₹68,710 प्रति 10 grams पर मिल रहा है।पटना (Patna): बिहार की राजधानी पटना में आज 24 कैरेट शुद्ध सोने का खुदरा भाव ₹74,750 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट का दाम ₹68,520 प्रति 10 ग्राम के करीब बना हुआ है।बजट के अनुकूल 18 कैरेट सोने के दाम और हॉलमार्किंग का नियमआजकल मध्यम वर्ग और कामकाजी महिलाओं के बीच हल्के वजन (लाइटवेट) के डेली वियर गहनों के लिए 18 कैरेट सोने की मांग काफी ज्यादा बढ़ गई है। आज देश के अधिकांश हिस्सों में 18 कैरेट सोने का भाव औसतन ₹56,140 से ₹56,350 प्रति 10 ग्राम के बीच बना हुआ है, जो बजट के लिहाज से काफी किफायती बैठता है।भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के नियमों के अनुसार, अब देश में किसी भी कैरट का सोना खरीदते समय उस पर 6 अंकों का अल्फ़ान्यूमेरिक HUID (हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन) कोड देखना बेहद अनिवार्य है। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे हमेशा पक्का बिल लें और सोने की शुद्धता जांचने के लिए सरकारी 'BIS Care App' का इस्तेमाल जरूर करें। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि डॉलर इंडेक्स में आ रही कमजोरी को देखते हुए आने वाले दिनों में सोने की कीमतों पर तेजी का दबाव और बढ़ सकता है।
वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक संकट और मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका-ईरान के बीच गहराते सैन्य तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर दिखने लगा है। वैश्विक मानक माना जाने वाला ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी मार्केट में 90 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर चुका है। कच्चे तेल की इन बढ़ती कीमतों के बीच, भारतीय सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज मंगलवार, 21 जुलाई 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल के नए खुदरा भाव अपडेट कर दिए हैं। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो ईंधन की दैनिक समीक्षा प्रणाली (Dynamic Fuel Pricing) के तहत आज भी देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में स्थानीय टैक्स (VAT) व माल ढुलाई लागत के आधार पर तेल के दामों में मामूली फेरबदल दर्ज किया गया है।देश के चार मुख्य महानगरों में आज क्या हैं ईंधन के रेट?अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में आई इस उछाल के बावजूद राहत की बात यह है कि तेल कंपनियों ने देश के चार बड़े महानगरों में बेस प्राइस को स्थिर रखा है। इन शहरों में आज सुबह 6 बजे से प्रभावी दरें इस प्रकार हैं:नई दिल्ली (New Delhi): देश की राजधानी दिल्ली में आज पेट्रोल की कीमत ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल का भाव ₹95.20 प्रति लीटर पर टिका हुआ है।मुंबई (Mumbai): आर्थिक राजधानी मुंबई में हमेशा की तरह टैक्स अधिक होने के कारण ईंधन सबसे महंगा है। यहाँ आज पेट्रोल ₹111.21 प्रति लीटर और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर के भाव पर बिक रहा है।कोलकाता (Kolkata): कोलकाता के निवासियों को आज एक लीटर पेट्रोल के लिए ₹113.51 और डीजल के लिए ₹99.82 का भुगतान करना होगा।चेन्नई (Chennai): दक्षिण भारत के इस महानगर में आज पेट्रोल का रेट ₹107.76 प्रति लीटर और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर के स्तर पर स्थिर है।उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में तेल का ताजा भावउत्तर प्रदेश (UP) के विभिन्न जिलों में राज्य सरकार के वैट और जिला परिवहन शुल्क के कारण आज तेल की कीमतों में शहरवार थोड़ा अंतर देखने को मिल रहा है:लखनऊ (Lucknow): नवाबों के शहर लखनऊ में आज पेट्रोल का औसत भाव ₹101.86 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹95.36 प्रति लीटर के आसपास बनी हुई है।नोएडा और ग्रेटर नोएडा (Noida): दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर जिले में आज पेट्रोल ₹101.96 प्रति लीटर के भाव पर मिल रहा है, जबकि डीजल का दाम ₹95.44 प्रति लीटर दर्ज किया गया है।गाजियाबाद (Ghaziabad): गाजियाबाद में आज पेट्रोल की कीमत ₹101.80 प्रति लीटर और डीजल ₹95.25 प्रति लीटर के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।वाराणसी (Varanasi): धार्मिक नगरी वाराणसी में आज पेट्रोल का रेट ₹102.40 प्रति लीटर और डीजल ₹95.60 प्रति लीटर के करीब बना हुआ है।ऐसे घर बैठे चेक करें अपने शहर का बिल्कुल सटीक दामअगर आप आज अपनी गाड़ी की टंकी फुल कराने का मन बना रहे हैं, तो पेट्रोल पंप पर जाने से पहले एक साधारण SMS के जरिए भी अपने नजदीकी डीलर का बिल्कुल लाइव और सटीक रेट जान सकते हैं। इंडियन ऑयल (IOCL) के उपभोक्ता अपने मोबाइल से RSP डीलर कोड (जैसे लखनऊ के लिए RSP 155054 या दिल्ली के लिए RSP 102090) लिखकर 92249 92249 पर भेज सकते हैं। इसी तरह बीपीसीएल (BPCL) के ग्राहक RSP डीलर कोड लिखकर 92231 12222 पर मैसेज भेजकर तुरंत अपने फोन पर ताजा रेट लिस्ट प्राप्त कर सकते हैं। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव लंबा खिंचा, तो आने वाले दिनों में खुदरा कीमतों पर दबाव और बढ़ सकता है।
खुशनुमा बारिश और सावन के रिमझिम मौसम का मजा हर कोई लेना चाहता है, लेकिन अपने साथ यह मौसम एक बड़ी आफत भी लेकर आता है— हवा में अत्यधिक नमी यानी चिपचिपी उमस (Humid Weather)। मानसून के दिनों में होने वाले पसीने के कारण न सिर्फ कपड़े जल्दी गीले हो जाते हैं, बल्कि शरीर से एक अजीब सी बेसिक्स गंध या बदबू आने लगती है। इस मौसम में सबसे बड़ी दिक्कत यह होती है कि आपका पसंदीदा और महंगा परफ्यूम भी लगाने के महज एक से दो घंटे के भीतर हवा में गायब हो जाता है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो इस उमस भरे मौसम में साधारण परफ्यूम काम नहीं आते, बल्कि आपको अपनी ग्रूमिंग किट में कुछ खास नोट्स वाले परफ्यूम शामिल करने की जरूरत है। आइए जानते हैं मानसून में दिनभर तरोताजा और सुगंधित रहने के 4 बेस्ट परफ्यूम ऑप्शंस और खुशबू को लंबे समय तक टिकाए रखने के सीक्रेट हैक्स।मानसून के लिए बेस्ट हैं ये 4 परफ्यूम नोट्सबरसात के दिनों में हमेशा स्ट्रॉन्ग, फ्रेश और क्रिस्प खुशबू वाले परफ्यूम्स का चुनाव करना चाहिए, जो नमी के बाद भी अपनी जगह बनाए रखें:सिट्रस नोट्स (Citrus Fragrances): नींबू, संतरा, बरगामोट और मौसमी फलों के अर्क वाले परफ्यूम इस मौसम के लिए सबसे बेहतरीन माने जाते हैं। इनकी खट्टी और ताजी खुशबू पसीने की बदबू को पूरी तरह दबा देती है और आपको तुरंत एनर्जी से भर देती है।एक्वाटिक और मरीन नोट्स (Aquatic/Oceanic Perfumes): समंदर की लहरों और ठंडी हवाओं का अहसास कराने वाले एक्वाटिक परफ्यूम मानसून की भारी उमस को कम करने का मानसिक अहसास कराते हैं। यह खुशबू बेहद हल्की, साफ और लंबे समय तक टिकने वाली होती है।वुडी और स्पाइसी नोट्स (Woody & Spicy Notes): अगर आपको मीठी खुशबू पसंद नहीं है, तो आप चंदन (Sandalwood), देवदार (Cedarwood) या हल्की दालचीनी की खुशबू वाले परफ्यूम चुन सकते हैं। मिट्टी की सोंधी खुशबू के साथ मिलकर यह नोट्स बेहद रॉयल लुक और फील देते हैं।फ्लोरल मस्क (Floral Musk): चमेली, लैवेंडर या गुलाब के साथ मस्क (कस्तूरी) का बेस नोट वाले परफ्यूम नमी के दिनों में वाष्पीकृत (Evaporate) नहीं होते। मस्क खुशबू को त्वचा से चिपकाए रखता है, जिससे खुशबू घंटों तक बनी रहती है।परफ्यूम लगाने का सही तरीका: कैसे टिकाएं खुशबू?सिर्फ अच्छा परफ्यूम खरीदना काफी नहीं है, मानसून में उसे लगाने का तरीका भी खास होना चाहिए ताकि वह पसीने में बह न जाए:पल्स पॉइंट्स पर लगाएं: परफ्यूम को हमेशा शरीर के गर्म हिस्सों यानी पल्स पॉइंट्स जैसे कलाई के अंदरूनी हिस्से, गर्दन के दोनों तरफ, कानों के पीछे और कोहनी के मोड़ पर स्प्रे करें। यहाँ रक्त संचार तेज होने से खुशबू धीरे-धीरे दिनभर रिलीज होती रहती है।वैसलीन या मॉइस्चराइजर का हैक: रूखी त्वचा पर परफ्यूम जल्दी उड़ जाता है। मानसून में परफ्यूम स्प्रे करने से पहले उस जगह पर थोड़ा सा बिना खुशबू वाला (Unscented) पेट्रोलियम जेली या मॉइस्चराइजर लगा लें। यह ऑयल बेस परफ्यूम के मॉलिक्यूल्स को लॉक कर देता है, जिससे खुशबू दोगुनी देर तक टिकती है।कपड़ों पर स्प्रे करने से बचें: बरसात में कपड़ों पर सीधे परफ्यूम छिड़कने से हवा की नमी के कारण कपड़ों से अजीब सी सीलन भरी गंध आ सकती है और दाग भी लग सकते हैं। हमेशा नहाने के तुरंत बाद साफ त्वचा पर ही इसका इस्तेमाल करें।
देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह से आक्रामक हो चुका है, जिसके चलते उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर सुदूर हिमालयी क्षेत्रों और पश्चिमी तटों पर कुदरत का कहर देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली, मुंबई, गुरुग्राम और जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों के लिए भारी से अत्यंत भारी बारिश का महा-अलर्ट जारी किया है। इस मानसूनी स्पेल के कारण देश के कई हिस्सों में अचानक बाढ़ (Flash Floods), गंभीर जलभराव (Waterlogging) और पहाड़ों पर भूस्खलन (Landslides) का खतरा काफी बढ़ गया है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो अगले कुछ दिन यातायात, सुरक्षा और आम जनजीवन के लिहाज से बेहद संवेदनशील होने वाले हैं।दिल्ली-एनसीआर और गुरुग्राम में जलभराव, WFH की सलाहराष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उससे सटे नोएडा, गाजियाबाद व गुरुग्राम में मानसूनी बारिश आफत बनकर बरसी है। लगातार हो रही तेज बारिश के कारण दिल्ली-एनसीआर की मुख्य सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे सुबह दफ्तर जाने वाले लोगों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गुरुग्राम प्रशासन और पुलिस ने कॉर्पोरेट कार्यालयों व निजी प्रतिष्ठानों को सलाह दी है कि वे सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम करने) की अनुमति दें। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए दिल्ली-एनसीआर में आंधी-तूफान और बिजली चमकने का येलो अलर्ट जारी रखा है।मुंबई में बारिश का रिकॉर्ड टूटा, फ्लैश फ्लड का खतरामहाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई और कोंकण क्षेत्र में भी कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। आईएमडी (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, सावन के इस महीने में सांताक्रूज वेधशाला ने शुरुआती सात दिनों में ही 1,000 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज कर ली है, जो पिछले पूरे साल के जुलाई महीने के कुल आंकड़े से भी ज्यादा है। मुंबई के निचले इलाकों में लोकल ट्रेन सेवाएं और विमानों की आवाजाही प्रभावित हुई है। मौसम विभाग ने महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात के तटीय भागों में फ्लैश फ्लड (अचानक आने वाली बाढ़) का हाई अलर्ट जारी करते हुए लोगों को तटीय क्षेत्रों और जलभराव वाले स्थानों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।कश्मीर और पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन से हाईवे ठपउत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों, विशेषकर जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। जम्मू-कश्मीर में अचानक आई बाढ़ के कारण क्वार हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (Kwar Hydroelectric Project) की भारी मशीनरी मलबे में दब गई है, और कई मुख्य राजमार्ग भूस्खलन के कारण पूरी तरह ब्लॉक हो गए हैं। पहाड़ों पर लगातार गिरते मलबे और पत्थरों की वजह से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को नदी-नालों, झरनों और भूस्खलन संभावित रास्तों पर न जाने की कड़ी चेतावनी दी है। केरल और कर्नाटक में भी भारी बारिश के बाद एनडीआरएफ (NDRF) और आपदा प्रबंधन एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
जब भी हम वीकेंड पर दिल्ली की भागदौड़ और प्रदूषण से दूर किसी शांत जगह पर घूमने का मन बनाते हैं, तो सबसे पहला ख्याल अपनी कार से रोड ट्रिप पर निकलने का आता है। खुद ड्राइव करके पहाड़ों या ऐतिहासिक शहरों की तरफ जाना रोमांचक तो लगता है, लेकिन हाइवे का भारी ट्रैफिक, घंटों स्टीयरिंग व्हील थामे रहने की थकान और अनजान रास्तों पर पार्किंग की जद्दोजहद कई बार पूरे वेकेशन का मजा किरकिरा कर देती है। हालिया ट्रैवल ट्रेंड्स और यात्रियों के अनुभवों के विश्लेषण के मुताबिक, अब दिल्ली से कई बेहतरीन रास्तों के लिए 'लक्जरी स्लीपर और वॉल्वो बसों' (Luxury Buses) का सफर आपकी पर्सनल कार राइड से भी कहीं ज्यादा आलीशान और रिलैक्सिंग साबित हो रहा है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह बदलता ट्रेंड दिल्ली के वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए घूमने के अंदाज को पूरी तरह बदल रहा है।कार से ज्यादा आलीशान क्यों है लक्जरी बस का अनुभव?आजकल की आधुनिक लक्जरी बसों में यात्रियों को वे सभी सुख-सुविधाएं मिल रही हैं, जो कभी सिर्फ फ्लाइट के बिजनेस क्लास या प्रीमियम होटलों में ही देखने को मिलती थीं:फ्लाइट जैसी सुविधाएं और रिक्लाइनर सीट्स: इन बसों में 140 डिग्री तक झुकने वाली आलीशान एर्गोनॉमिक सीट्स या पूरी तरह से आरामदायक स्लीपर बर्थ होते हैं, जहां आप लेटकर आराम से सो सकते हैं।ऑन-बोर्ड एंटरटेनमेंट और वाई-फाई: हर सीट के सामने पर्सनल स्क्रीन, हाई-स्पीड इंटरनेट वाई-फाई, चार्जिंग पॉइंट्स और पर्सनल रीडिंग लाइट्स मौजूद होती हैं, जिससे सफर के दौरान आप बोर नहीं हो सकते।ड्राइविंग के तनाव से मुक्ति: कार ट्रिप में ड्राइवर को लगातार सड़क पर ध्यान केंद्रित करना पड़ता है, जिससे वह थक जाता है। वहीं लक्जरी बस में आप पूरी रात आराम से सोते हुए बिता सकते हैं और सुबह बिना किसी थकान के बिल्कुल फ्रेश होकर अपनी मंजिल पर पहुंच सकते हैं।दिल्ली से लक्जरी बस के लिए 3 सबसे बेहतरीन और आरामदायक रूट्सयदि आप इस वीकेंड किसी आलीशान सफर का अनुभव लेना चाहते हैं, तो दिल्ली से इन डेस्टिनेशंस के लिए बस बुकिंग करना सबसे बेस्ट विकल्प है:दिल्ली से शिमला/मनाली (हिमाचल प्रदेश): पहाड़ों के घुमावदार रास्तों पर रात के समय कार चलाना बेहद जोखिम भरा और थकाऊ हो सकता है। दिल्ली से चलने वाली प्रीमियम वॉल्वो बसें उबड़-खाबड़ रास्तों पर भी आपको घर के सोफे जैसा अहसास कराती हैं और सुबह सीधे पहाड़ों की खूबसूरत वादियों में उतारती हैं।दिल्ली से जयपुर/उदयपुर (राजस्थान): पिंक सिटी और झीलों की नगरी उदयपुर के लिए दिल्ली से बेहद आलीशान मल्टी-एक्सल बसें चलती हैं। एक्सप्रेसवे पर इन बसों का सफर बेहद स्मूथ होता है और आपको राजस्थान के राजसी ठाट-बाट का अहसास सफर से ही होने लगता है।दिल्ली से देहरादून/मसूरी (उत्तराखंड): वीकेंड लवर्स के लिए यह सबसे पसंदीदा रूट है। रात 11 बजे दिल्ली से लक्जरी बस पकड़कर आप सुबह 5 बजे बिना किसी ड्राइविंग स्ट्रेस के देहरादून पहुंच सकते हैं।बजट के अनुकूल और पर्यावरण के लिए भी बेहतरकार से सफर करने पर पेट्रोल-डीजल के आसमान छूते दामों, भारी टोल टैक्स और गाड़ी की मेंटेनेंस का खर्च मिलाकर ट्रिप काफी महंगी बैठती है। इसके विपरीत, लक्जरी बस का टिकट इन सभी खर्चों के मुकाबले काफी किफायती होता है। इसके अलावा, एक ही बड़े वाहन में कई लोगों के सफर करने से कार्बन फुटप्रिंट भी कम होता है, जो पर्यावरण के लिहाज से भी एक जिम्मेदार टूरिज्म (Responsible Tourism) को बढ़ावा देता है। तो अगली बार जब आप दिल्ली से बाहर निकलने की प्लानिंग करें, तो अपनी कार की चाबी घर पर छोड़कर एक बार इस आलीशान बस सफर का लुत्फ जरूर उठाएं।
देश की राजधानी दिल्ली में आज मानसून सत्र के पहले दिन सुरक्षा व्यवस्था और यातायात (ट्रैफिक) दोनों ही मोर्चों पर भारी दबाव देखने को मिल रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित 'चलो संसद' मार्च और जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ के जमावड़े को देखते हुए दिल्ली पुलिस की ट्रैफिक विंग ने एक विस्तृत और सख्त ट्रैफिक एडवाइजरी (Traffic Advisory) जारी की है। सफदरजंग अस्पताल में भर्ती प्रख्यात शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए छात्रों और युवाओं का हुजूम उमड़ पड़ा है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो नई दिल्ली के कनेक्टिंग रास्तों पर आज सफर करने वाले आम दफ्तर जाने वालों और यात्रियों को भारी जाम से बचने के लिए पुलिस द्वारा बताए गए वैकल्पिक मार्गों का ही इस्तेमाल करना चाहिए।सफदरजंग अस्पताल में सोनम वांगचुक की स्थिति: सिर्फ पानी पर हैं निर्भरइस पूरे आंदोलन के केंद्र में रहे सोनम वांगचुक की तबीयत को लेकर भी बड़ा अपडेट सामने आया है। उनके अनशन के 21वें दिन स्वास्थ्य में लगातार आ रही गिरावट के कारण उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश और डॉक्टरों की विशेषज्ञ सलाह पर सफदरजंग अस्पताल में शिफ्ट किया गया है।अस्पताल के सूत्रों और उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो के मुताबिक, वांगचुक की हालत स्थिर बनी हुई है लेकिन उन्होंने अभी भी डॉक्टरों की सलाह के बावजूद किसी भी प्रकार का जूस, सूप या तरल पदार्थ लेने से पूरी तरह इनकार कर दिया है। वह केवल पानी पीकर अपना अनिश्चितकालीन उपवास जारी रखे हुए हैं। वांगचुक ने अस्पताल के वॉर्ड से ही सोशल मीडिया पर एक संदेश जारी कर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को संसद तक पहुंचाने की बात दोहराई है, जिसके बाद जंतर-मंतर पर समर्थकों का जोश और बढ़ गया है।दिल्ली पुलिस की ट्रैफिक एडवाइजरी: इन मुख्य रास्तों पर जाने से बचेंप्रदर्शनकारियों द्वारा संसद भवन की तरफ कूच करने की घोषणा और भारी सुरक्षा घेरेबंदी के कारण नई दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात को पूरी तरह बंद या डायवर्ट कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने वाहन चालकों को निम्नलिखित रास्तों से बचने की हिदायत दी है:पूरी तरह बंद मार्ग: संसद मार्ग (टॉल्स्टॉय मार्ग क्रॉसिंग से कनाट प्लेस की तरफ), जंतर-मंतर रोड और रायसिना रोड के कुछ हिस्सों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित है।अत्यधिक व्यस्त और धीमा ट्रैफिक: अशोक रोड, केजी मार्ग, फिरोजशाह रोड, जनपथ (विंडसर प्लेस के पास) और बाबा खड़क सिंह मार्ग पर भारी सुरक्षा चेकिंग के कारण गाड़ियों की लंबी कतारें लगी हुई हैं और ट्रैफिक बेहद धीमा चल रहा है।वैकल्पिक मार्ग: पुलिस ने कनाट प्लेस या इंडिया गेट की तरफ जाने वाले वाहनों को डीडीयू मार्ग, जवाहरलाल नेहरू मार्ग (JLN) या रिंग रोड का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।जंतर-मंतर पर सुरक्षा का अभेद्य चक्र और पुलिस की पैनी नजरजंतर-मंतर पर सीजेपी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके और अन्य युवा नेताओं के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्सेज के जवानों ने पूरे इलाके को कई लेयर की बैरिकेडिंग से घेर लिया है। नई दिल्ली के एंट्री पॉइंट्स और मेट्रो स्टेशनों के बाहर भी अतिरिक्त चेकिंग पॉइंट बनाए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे किसी भी स्थिति में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का सम्मान करते हैं, लेकिन बिना अनुमति के कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने या प्रतिबंधित वीवीआईपी सुरक्षा जोन (संसद भवन) की तरफ बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
झाबुआ के किसानों से ऑनलाइन मिले सीएम डॉ. मोहन यादव, कहा- अन्नदाता के साथ खड़ी सरकार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने झाबुआ में बलराम कृषि महोत्सव के अंतर्गत किसानों से ऑनलाइन चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने तथा आधुनिक एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ...
इंटरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक संकट और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार में लगातार हलचल मची हुई है। वैश्विक मानक माना जाने वाला ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है। इन सबके बीच, भारतीय सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज सोमवार, 20 जुलाई 2026 को देश के सभी प्रमुख महानगरों और राज्यों के लिए एलपीजी (LPG) सिलेंडर के नए रेट्स जारी कर दिए हैं। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह खबर हर उस गृहिणी और कारोबारी के लिए बेहद काम की है जो आज नया गैस सिलेंडर बुक करने की सोच रहे हैं। राहत की बात यह है कि इस महीने घरेलू गैस सिलेंडरों के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिली है।दिल्ली से मुंबई तक घरेलू गैस (14.2 KG) के दामदेश के मुख्य महानगरों में आम उपभोक्ताओं के घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतें आज स्थिर बनी हुई हैं। अलग-अलग शहरों में ट्रांसपोर्टेशन और स्थानीय टैक्स के कारण इसके दाम इस प्रकार हैं:नई दिल्ली (New Delhi): देश की राजधानी में आज घरेलू रसोई गैस सिलेंडर का भाव ₹942.00 पर बरकरार है।मुंबई (Mumbai): आर्थिक राजधानी मुंबई के निवासियों को आज प्रति सिलेंडर ₹941.50 चुकाने होंगे।कोलकाता (Kolkata): कोलकाता में आज 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत ₹968.00 दर्ज की गई है।चेन्नई (Chennai): दक्षिण भारत के इस प्रमुख महानगर में आज घरेलू गैस का रेट ₹957.50 के स्तर पर स्थिर है।लखनऊ (Lucknow): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज घरेलू सिलेंडर का भाव ₹979.50 पर ट्रेड कर रहा है।कमर्शियल गैस (19 KG) इस्तेमाल करने वालों को मिली है बड़ी राहतहोटल, रेस्तरां, ढाबा और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हाल ही में की गई ₹183.50 की बड़ी कटौती के बाद आज भी बाजार में दाम नीचे बने हुए हैं। आज चारों महानगरों में कमर्शियल सिलेंडर का ताजा भाव इस प्रकार है:दिल्ली: व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत ₹3,113.50 से घटकर अब ₹2,930.00 के स्तर पर आ चुकी है।मुंबई: मुंबई में आज 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर ₹2,885.50 के भाव पर मिल रहा है।चेन्नई: चेन्नई में व्यापारियों को आज एक सिलेंडर के लिए ₹3,106.00 का भुगतान करना होगा।कोलकाता: कोलकाता में आज कमर्शियल गैस सिलेंडर का रेट ₹3,081.50 पर आ गया है।जानिए हर महीने क्यों बदलते हैं एलपीजी के दाम?भारत में रसोई गैस की कीमतें काफी हद तक वैश्विक बाजार पर निर्भर करती हैं। हमारे देश में एलपीजी के आयात की लागत सीधे तौर पर सऊदी अनुबंध मूल्य (Saudi Contract Price) और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों से जुड़ी होती है। वर्तमान में मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते तनाव और 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' (Strait of Hormuz) जैसे प्रमुख समुद्री व्यापारिक मार्गों पर सुरक्षा चिंताओं के कारण वैश्विक स्तर पर गैस और तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। हालांकि, भारतीय तेल कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका सीधा बोझ नहीं डाला है। यदि आप भी आज गैस बुकिंग करने जा रहे हैं, तो अपने गैस प्रदाता (Indane, HP या Bharat Gas) की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर अपने नजदीकी डिस्ट्रीब्यूटर का बिल्कुल सटीक रेट जरूर री-वेरिफाई कर लें।
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के ठीक साथ ही देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आज सोमवार, 20 जुलाई 2026 को घोषित किए गए 'चलो संसद' मार्च (Chalo Sansad March) के मद्देनजर पूरी नई दिल्ली को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हाई-अलर्ट (High Alert) जारी किया है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह सुरक्षा व्यवस्था हाल के दिनों की सबसे कड़ी घेराबंदी में से एक है, क्योंकि पुलिस बिना पूर्व अनुमति के किसी भी प्रदर्शनकारी को देश के सबसे संवेदनशील हाई-सिक्योरिटी जोन यानी संसद भवन की तरफ बढ़ने नहीं देना चाहती।दिल्ली पुलिस का सख्त आदेश: नहीं दी गई मार्च की कोई अनुमतिदिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) सचिन शर्मा ने सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' पर सार्वजनिक तौर पर स्पष्ट किया है कि सीजेपी (CJP) के इस मार्च को लेकर पुलिस विभाग से न तो कोई आधिकारिक अनुमति मांगी गई थी और न ही ऐसी किसी यात्रा या जुलूस की इजाजत दी गई है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि बिना प्रशासनिक अनुमति के किसी भी प्रकार का मार्च पूरी तरह से गैर-कानूनी (Illegal) माना जाएगा। पुलिस ने जंतर-मंतर को छोड़कर नई दिल्ली संभाग में किसी भी तरह के जमावड़े पर रोक लगा दी है।BNSS की धारा 163 लागू, इन हरकतों पर लगी पूरी पाबंदीसुरक्षा की दृष्टि से दिल्ली पुलिस ने पूरे नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (जो पहले क्रिमिनल प्रोसीजर कोड यानी CrPC की धारा 144 हुआ करती थी) लागू कर दी है। इस सख्त आदेश के तहत निम्नलिखित पाबंदियां तत्काल प्रभाव से लागू हैं:एकत्र होने पर रोक: किसी भी सार्वजनिक स्थान पर 5 या उससे अधिक व्यक्तियों के एक साथ इकट्ठा होने या समूह बनाने पर पूरी तरह पाबंदी है।भड़काऊ भाषण और नारेबाजी: जिले की सीमाओं के भीतर किसी भी प्रकार की नारेबाजी करने, सार्वजनिक भाषण देने या धरने पर बैठने की मनाही है।हथियार और बैनर ले जाना प्रतिबंधित: सार्वजनिक सड़कों पर लाठी, डंडे, बैनर, तख्तियां (Placards) या किसी भी प्रकार के धारदार हथियार लेकर चलने पर सख्त रोक लगाई गई है। इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।5,000 से अधिक जवान और वॉटर कैनन तैनात, एंट्री पॉइंट्स पर पैनी नजरजंतर-मंतर और संसद भवन के आस-पास के सभी मुख्य चौराहों (जैसे संसद मार्ग, सेंट्रल विस्टा, कनॉट प्लेस और शंकर चौक) पर सोमवार तड़के 4 बजे से ही भारी पुलिस बल मुस्तैद है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) और रैपिड रिस्पांस टीमों के 5,000 से अधिक जवानों को तैनात किया गया है।भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रणनीतिक स्थानों पर वॉटर कैनन (पानी की बौछार करने वाली गाड़ियां) और वज्र वाहनों को खड़ा किया गया है। दिल्ली की सीमाओं और नई दिल्ली में प्रवेश करने वाले हर एक वाहन की सघन चेकिंग की जा रही है। खुफिया एजेंसियां और दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच हर घंटे जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों की संख्या और उनकी गतिविधियों की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेज रही हैं।पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारीदरअसल, यह पूरा विवाद देश में हाल ही में हुई नीट (NEET) परीक्षा की कथित अनियमितताओं और पेपर लीक मामलों को लेकर शुरू हुआ है। सीजेपी और उनके समर्थक इस मुद्दे पर देश की शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी अस्पताल से एक संदेश जारी कर युवाओं और छात्रों से इस मार्च को सफल बनाने की अपील की थी, जिसके बाद दिल्ली में सुरक्षा को इस स्तर पर बढ़ाना पड़ा। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत भीड़ का हिस्सा न बनें और शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।
संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन CJP के संसद मार्च को लेकर दिल्ली में हाई अलर्ट रहा। जंतर-मंतर से कई प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए, पांच मेट्रो स्टेशन बंद रहे और भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया।
दतिया उपचुनाव में जीतू पटवारी ने लगाया गले तो आशुतोष तिवारी ने मंच से ही मांग लिए बीजेपी के लिए वोट
मध्य प्रदेश की हाईप्रोफाइल दतिया विधानसभा उपचुनाव के रण में राजनीतिक सरगर्मियों के बीच लोकतंत्र की एक बेहद खूबसूरत और दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। विधानसभा के चिरूला गांव में चुनावी जनसंपर्क के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और भाजपा ...
फुटबॉल इतिहास के सबसे बड़े मंच यानी फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। इस महामुकाबले के खत्म होते ही सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जिसे देखकर पूरी दुनिया हैरान है। यह वायरल क्लिप अर्जेंटीना के महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी और स्पेन के 19 वर्षीय सनसनी लैमिन यमल की है, जिसका कनेक्शन आज से करीब 19 साल पुराना है। इंटरनेट पर फैंस इस संयोग को फुटबॉल के इतिहास का सबसे जादुई पल बता रहे हैं।जब 20 साल के मेसी ने 6 महीने के यमल को नहलायादरअसल, यह पूरा मामला साल 2007 के एक चैरिटी फोटोशूट का है, जिसे स्पेनिश अखबार 'डियारियो स्पोर्ट' और यूनिसेफ (UNICEF) ने मिलकर आयोजित किया था। इस फोटोशूट के लिए हुए एक लकी ड्रॉ में लैमिन यमल के परिवार ने जीत हासिल की थी। बार्सिलोना के कैंप नोउ स्टेडियम के ड्रेसिंग रूम में हुए इस शूट के दौरान 20 साल के उभरते हुए स्टार लियोनेल मेसी ने एक प्लास्टिक के नीले बाथटब में 6 महीने के नन्हे बच्चे लैमिन यमल को अपनी गोद में लेकर नहलाया था। उस समय मेसी बेहद शर्मीले थे और उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि वह जिस बच्चे को गोद में पकड़े हैं, वही एक दिन उनके सामने सबसे बड़ा प्रतिद्वंदी बनकर खड़ा होगा।गुरु-शिष्य की अनोखी जंग में जीता 'बच्चा'समय का चक्र देखिए कि 19 साल पहले जिस बच्चे को मेसी ने अपने हाथों से 'आशीर्वाद' रूपी स्नान कराया था, वही लैमिन यमल फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में स्पेन की तरफ से 39 साल के लियोनेल मेसी के खिलाफ खेलने उतरा। यमल को आज फुटबॉल जगत में मेसी का उत्तराधिकारी (Heir Apparent) माना जा रहा है। बार्सिलोना की ला मासिया एकेडमी से निकले इन दोनों दिग्गजों के बीच यह मुकाबला बेहद भावुक करने वाला था, जहां आखिरकार यमल की स्पेनिश टीम ने मेसी की अर्जेंटीना से उनके करियर की आखिरी वर्ल्ड कप ट्रॉफी छीन ली।सोशल मीडिया पर मीम्स और वीडियो की बाढ़अर्जेंटीना की इस ऐतिहासिक हार के बाद इंटरनेट पर इस बाथटब फोटोशूट की यादें ताजा करते हुए कई फनी रील्स और एडिटेड वीडियो तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं। फैंस मजाकिया अंदाज में लिख रहे हैं कि मेसी भाई ने जिस बच्चे को खुद नहलाया-धुलाया, उसी ने आज बड़ा होकर गेम बजा दिया! यमल के पिता ने भी कुछ समय पहले इस तस्वीर को इंस्टाग्राम पर साझा करते हुए लिखा था, दो लीजेंड्स की शुरुआत। इस समय यह वीडियो फुटबॉल प्रेमियों के बीच टॉक ऑफ द टाउन बना हुआ है।
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक पहले शिक्षा सुधारों को लेकर दिल्ली में डटे प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन ने एक नया और बेहद दिलचस्प मोड़ ले लिया है। सफदरजंग अस्पताल में भर्ती होने के दो दिन बाद भी वांगचुक ने अपना उपवास नहीं तोड़ा है। इस बीच उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद और नेता अस्पताल पहुंचकर यह लिखित या ठोस भरोसा दिलाते हैं कि वे संसद के भीतर 'शिक्षा जवाबदेही' और देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार का मुद्दा प्रमुखता से उठाएंगे, तभी वांगचुक आज 20 जुलाई को अपना अनशन समाप्त करने पर विचार करेंगे। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह आंदोलन अब सीधे तौर पर संसद की दहलीज पर राजनीतिक दलों की नीयत को परखने की परीक्षा बन गया है।सोनम वांगचुक ने 'एक्स' पर पोस्ट कर रखीं ये 3 बड़ी शर्तेंसफदरजंग अस्पताल से ही सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी मांगों को सार्वजनिक करते हुए लिखा कि वह 20 जुलाई को अपना अनशन तोड़ने के लिए तैयार हैं, बशर्ते उनकी निम्नलिखित शर्तें पूरी की जाएं:सरकार ले जिम्मेदारी: सरकार हाल के दिनों में देश की शिक्षा व्यवस्था में हुई बड़ी नाकामियों, व्यापक स्तर पर हुए पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करे।संसद मार्च की अनुमति: वांगचुक और उनके साथी प्रदर्शनकारी नेताओं को संसद तक शांतिपूर्वक पहुंचने दिया जाए, जहां अलग-अलग पार्टियों के सांसद उन्हें संसद में इस आवाज को उठाने का खुला आश्वासन दें।अस्पताल में आकर दें भरोसा: यदि स्वास्थ्य कारणों या किसी अन्य पाबंदी के चलते वह खुद बाहर नहीं जा पाते हैं, तो विभिन्न दलों के नेता सफदरजंग अस्पताल के वॉर्ड में आकर उन्हें यह भरोसा दिलाएं।नजरबंदी से आजादी: वांगचुक ने आरोप लगाया कि उन्हें अस्पताल में एक तरह से गैर-कानूनी रूप से नजरबंद रखा गया है, जहां उनके आने-जाने, बोलने और लोगों से बातचीत करने की आजादी पर रोक है। इससे उन्हें तत्काल मुक्त किया जाए।वांगचुक की जगह पत्नी गीतांजलि संभालेंगी संसद मार्च का मोर्चासोमवार को दिल्ली में प्रस्तावित बड़े संसद मार्च को लेकर रणनीति बदल गई है। अस्पताल में डॉक्टरों की सख्त निगरानी में होने के कारण सोनम वांगचुक स्वयं इस मार्च में शामिल नहीं हो सकेंगे। उनकी अनुपस्थिति में आंदोलन की कमान उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो संभालेंगी। गीतांजलि ने कहा कि आंदोलन की आवाज को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं पड़ने दिया जाएगा। उन्होंने जंतर-मंतर और संसद मार्च में शामिल होने आ रहे छात्रों, युवाओं और अभिभावकों से विशेष अपील की है कि वे हर हाल में शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की उकसावे वाली कार्रवाई या राजनीति का हिस्सा न बनें। उन्होंने बताया कि वांगचुक डॉक्टरों की सलाह के बाद भी जूस या अन्य तरल पदार्थ नहीं ले रहे हैं, वे सिर्फ पानी पीकर अपना उपवास जारी रखे हुए हैं।दिल्ली हाईकोर्ट से नहीं मिली तत्काल अंतरिम राहतइस बीच कानूनी मोर्चे पर वांगचुक के परिवार को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने गीतांजलि आंगमो की उस याचिका पर तत्काल अंतरिम राहत देने से साफ इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से हटाकर किसी निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की इजाजत मांगी थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण अनशन के दौरान पुलिस ने वांगचुक को उनकी इच्छा के विरुद्ध जबरन सरकारी अस्पताल में लाकर कैद कर दिया है। हालांकि, अदालत ने रिकॉर्ड्स को देखते हुए कहा कि चूंकि वांगचुक की पत्नी, भाई और परिजनों को उनसे मिलने की पूरी छूट है और उनके रुकने का इंतजाम भी वहीं किया गया है, इसलिए इसे अवैध हिरासत नहीं माना जा सकता। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 24 जुलाई की तारीख तय की है। अब सारा दारोमदार इस बात पर है कि आज मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष और सरकार शिक्षा सुधार के इस गंभीर मुद्दे पर क्या रुख अपनाते हैं।
जम्मू-कश्मीर के पीर पंजाल क्षेत्र से कुदरत के कहर की बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं। पुंछ और राजौरी जिलों में रविवार को हुई भीषण मूसलाधार बारिश, अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और बड़े पैमाने पर हुए भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। पहाड़ों से आए पानी, मलबे और पत्थरों के तेज सैलाब ने देखते ही देखते दर्जनों आशियानों को अपनी चपेट में ले लिया। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि मलबे में दबे कई लोगों की तलाश जारी है। हालात की गंभीरता को देखते हुए कटरा में श्री माता वैष्णो देवी, अमरनाथ और शिव खोड़ी यात्राओं को एहतियातन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला अपना दिल्ली दौरा छोटा कर तुरंत जम्मू पहुंच चुके हैं।सुरनकोट में बादल फटने से एक ही परिवार के 8 लोग बहेइस त्रासदी की सबसे खौफनाक तस्वीर पुंछ जिले के सुरनकोट तहसील स्थित लोअर मुराह गांव में देखने को मिली। यहां तड़के सुबह करीब 3:30 बजे बादल फटने से अचानक सैलाब आ गया। गांव के रहने वाले मोहम्मद लतीफ अपनी एसयूवी गाड़ी को सुरक्षित जगह पार्क करने के लिए घर से बाहर निकले ही थे कि नाले के पास बना उनका तीन मंजिला मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इस हादसे में घर के अंदर मौजूद उनके परिवार के 8 सदस्य मलबे और पानी के तेज बहाव में बह गए। अब तक 60 वर्षीय बानो बी और 2 साल के मासूम सुफियान का शव बरामद किया जा चुका है, जबकि परिवार के 6 अन्य सदस्यों की तलाश के लिए सेना और एसडीआरएफ (SDRF) का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद और नदियों में हाई अलर्टमौसम विभाग (IMD) ने जम्मू-कश्मीर में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश और खराब मौसम का अलर्ट जारी किया है। भारी लैंडस्लाइड के कारण जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) पर ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया है। इधर, रियासी में सलाल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट और रामबन में बागलियाड़ डैम के गेट खोल दिए जाने के कारण चिनाब नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है, जिसके बाद पूरे जम्मू संभाग में फ्लड अलर्ट जारी कर दिया गया है। सांगला गांव में भी बाढ़ की चपेट में आने से चार अन्य लोगों की मौत की खबर है।उफनती नदियों के बीच भारतीय सेना का जांबाज रेस्क्यूभारी तबाही के बीच भारतीय सेना की 'व्हाइट नाइट कॉर्प्स', पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमों ने अपनी जान जोखिम में डालकर सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकाला है। जम्मू में तवी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने पर पीर खो मंदिर के पास फंसे तीन बच्चों को जवानों ने सूझबूझ से बाहर निकाला। वहीं राजौरी के धांगरी नदी किनारे और थनामंडी में बाढ़ के बीच फंसे 5 बच्चों समेत 11 नागरिकों को सेना ने रेस्क्यू किया है। राजौरी जिले में बेला बस स्टैंड का करीब 90 फीसदी हिस्सा पानी में बह गया है और सैकड़ों घरों में बिजली व पानी की सप्लाई ठप हो गई है।नेटवर्क ठप और करोड़ों की संपत्ति खाकप्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, इस आपदा में अब तक 93 से ज्यादा मकान, 17 स्कूल और 24 पनचक्कियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। राजौरी में भी 42 घरों और 56 वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित इलाकों में एयरटेल और बीएसएनएल के मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ठप हो चुके हैं, जिससे राहत कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू सिविल सचिवालय में आपातकालीन बैठक बुलाई है, वहीं उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए प्रभावितों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और हर संभव आर्थिक सहायता देने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब लाइफस्टाइल के बीच एक बेहद डराने वाली खबर सामने आई है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर में कमर दर्द के मरीजों की संख्या बिजली की रफ्तार से बढ़ रही है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि साल 2050 तक दुनिया भर के लगभग 843 मिलियन (यानी 84 करोड़ से ज्यादा) लोग लोअर बैक पेन (कमर के निचले हिस्से में दर्द) की गंभीर समस्या से जूझ रहे होंगे। एक रिपोर्टर के तौर पर अगर इस डेटा का विश्लेषण करें तो यह स्थिति आने वाले समय में एक बड़ी वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती बनने वाली है, जो लोगों को शारीरिक रूप से लाचार बना सकती है।महिलाओं और 50 पार के लोगों को सबसे ज्यादा खतराविश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार, साल 2020 तक दुनिया भर में लगभग 61 करोड़ लोग इस समस्या से परेशान थे, लेकिन अब यह आंकड़ा तेजी से ग्राफ ऊपर ले जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती उम्र के साथ कमर दर्द का जोखिम काफी ज्यादा बढ़ जाता है। आमतौर पर 50 से 55 साल की उम्र के लोगों में यह समस्या सबसे अधिक देखी जा रही है। इस रिपोर्ट में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में लोअर बैक पेन की समस्या कहीं ज्यादा देखने को मिल रही है।क्या है लोअर बैक पेन और क्यों मानसिक सेहत पर पड़ रहा असर?लोअर बैक पेन दरअसल पसलियों के निचले हिस्से (Ribcage) और हिप्स के बीच होने वाले तेज या धीमे दर्द को कहते हैं। यह दर्द कुछ दिनों से लेकर कई महीनों तक लगातार परेशान कर सकता है। इसकी वजह से न सिर्फ उठने-बैठने और चलने-फिरने में भारी दिक्कत आती है, बल्कि रात की नींद भी पूरी तरह हराम हो जाती है। लंबे समय तक इस दर्द को झेलने के कारण मरीजों की मानसिक सेहत और कार्यक्षमता पर भी बेहद बुरा असर पड़ रहा है।दो श्रेणियों में बांटा गया है यह दर्दचिकित्सकों और डब्ल्यूएचओ के अनुसार, कमर दर्द को मुख्य रूप से दो भागों में समझा जा सकता है:विशिष्ट कमर दर्द (Specific Back Pain): यह दर्द किसी खास मेडिकल वजह से होता है, जैसे रीढ़ की हड्डी में कोई गंभीर बीमारी होना, रीढ़ की हड्डी का टूटना (फ्रैक्चर) या शरीर के किसी दूसरे अंदरूनी अंग की बीमारी का दर्द फैलकर पीठ तक आ जाना।गैर-विशिष्ट कमर दर्द (Non-Specific Back Pain): इस दर्द के पीछे कोई एक विशेष बीमारी नहीं होती, बल्कि यह मुख्य रूप से गलत तरीके से बैठने, घंटों एक ही जगह कंप्यूटर के सामने काम करने और शारीरिक निष्क्रियता के कारण होता है। आज के समय में अधिकांश लोग इसी दूसरे प्रकार के दर्द से सबसे ज्यादा पीड़ित हैं।समय रहते अगर लाइफस्टाइल में सुधार न किया गया, तो आने वाले सालों में यह समस्या हर घर में अपनी जगह बना लेगी।
हम में से बहुत से लोगों की यह आदत होती है कि रात को समय पर दवा लेने या सुबह उठते ही सबसे पहले टैबलेट खाने के चक्कर में दवाइयों का डिब्बा या पोटली अपने सिरहाने या बेड के बगल वाले टेबल पर रख लेते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो आपको तुरंत संभल जाने की जरूरत है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, अनजाने में की गई यह छोटी सी सुविधा आपके पूरे परिवार की सेहत और सुख-शांति पर भारी पड़ सकती है। आइए एक रिपोर्टर के नजरिए से समझते हैं कि आखिर बिस्तर के पास दवाइयां रखना क्यों अशुभ माना गया है और इन्हें घर में कहां रखना सबसे सही होता है।सिरहाने दवा रखने से बढ़ती है बीमारीवास्तु विज्ञान के अनुसार, हर वस्तु की अपनी एक ऊर्जा होती है। चूंकि दवाइयों का सीधा संबंध बीमारी और शारीरिक कष्ट से है, इसलिए इनसे लगातार नकारात्मक तरंगे निकलती हैं। जब आप सोते समय इन दवाइयों को अपने सिरहाने, तकिए के नीचे या बेड के बेहद करीब रखते हैं, तो आपकी मानसिक स्थिति पर इसका सीधा असर पड़ता है। व्यक्ति के अवचेतन मन में बीमारी को लेकर एक अनजाना डर और तनाव हमेशा बना रहता है। इस नकारात्मक ऊर्जा के कारण मरीज कभी पूरी तरह ठीक नहीं महसूस कर पाता और घर में बेचैनी का माहौल बना रहता है।भूलकर भी इन 3 जगहों पर न रखें मेडिकल किटवास्तु एक्सपर्ट्स के मुताबिक, घर के कुछ खास हिस्सों में दवाइयां रखना सेहत और बरकत दोनों को सीधे तौर पर प्रभावित करता है:रसोई घर (किचन): किचन को घर का सबसे पवित्र और ऊर्जावान स्थान माना जाता है, जहां माता अन्नपूर्णा का वास होता है। यहां दवाइयां रखने से घर के सदस्यों का स्वास्थ्य अक्सर खराब रहने लगता है।पूजा स्थल (मंदिर): पूजा घर में दवाइयां रखने से सकारात्मक और आध्यात्मिक ऊर्जा बाधित होती है, जिससे घर में वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है।तिजोरी या धन रखने का स्थान: जहां आप अपने गहने या पैसे रखते हैं, वहां भूलकर भी दवाइयां न रखें। ऐसा करने से आपका कमाया हुआ धन बीमारी और कोर्ट-कचहरी के कामों में खर्च होने लगता है, जिससे आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है।आरोग्यता के लिए यह है दवाइयां रखने की सही दिशायदि आप चाहते हैं कि दवाइयां अपना असर जल्दी दिखाएं और घर का कोई सदस्य लंबे समय तक बीमार न रहे, तो दवाइयों को हमेशा एक साफ-सुथरी और सुरक्षित दराज या कैबिनेट में बंद करके रखें। वास्तु शास्त्र के अनुसार, दवाइयों को रखने के लिए घर का ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा यानी North-East) सबसे उत्तम माना गया है। इस दिशा में रखी गई दवाइयां बीमारी को जड़ से खत्म करने में मदद करती हैं और परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ाती हैं। इसके अलावा आप इसे बेडरूम के बाहर किसी बंद अलमारी में भी व्यवस्थित कर सकते हैं।
बॉलीवुड के मेगास्टार सलमान खान अक्सर अपनी फिटनेस और बेहतरीन लुक के लिए जाने जाते हैं, लेकिन हाल ही में वे जब मुंबई में आयोजित एक सरकारी इवेंट में शामिल हुए, तो उनका बदला हुआ रूप देखकर फैंस हैरान रह गए. इस कार्यक्रम के वीडियो इंटरनेट पर सामने आते ही हर तरफ हंगामा मच गया. सोशल मीडिया पर लोग सुपरस्टार के चेहरे की झुर्रियों और थके हुए लुक को देखकर कयास लगाने लगे कि शायद भाईजान की तबीयत ठीक नहीं है या वे किसी बड़ी स्वास्थ्य समस्या से गुजर रहे हैं. कुछ फैंस तो उनकी तुलना दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र से भी करने लगे थे.अफवाहों के बीच सलमान खान का मजेदार पलटवारइंटरनेट पर चल रही इन तमाम तरह की अटकलों और हेल्थ रूमर्स के बीच सलमान खान ने बिल्कुल अपने चिर-परिचित बेबाक अंदाज में चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने रविवार को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपनी कुछ शानदार ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें पोस्ट कर दीं, जिन्होंने देखते ही देखते सोशल मीडिया का पारा बढ़ा दिया. इन तस्वीरों से ज्यादा ध्यान उनके अनोखे कैप्शन ने खींचा. भाईजान ने अपनी सेहत पर परेशान हो रहे फैंस से ही उल्टा सवाल पूछते हुए लिखा— आप लोगों की तबीयत कैसी है?आगामी फिल्मों में व्यस्त हैं बॉलीवुड के सुल्तानसुपरस्टार के इस मजाकिया और सीधे जवाब ने यह साफ कर दिया है कि वे पूरी तरह से तंदुरुस्त हैं और अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय अपने काम पर फोकस कर रहे हैं. वर्कफ्रंट की बात करें तो सलमान खान इन दिनों अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' (जिसका पूर्व नाम बैटल ऑफ गलवान था) को लेकर लगातार सुर्खियों में हैं. अपूर्व लखिया के निर्देशन में बन रही इस देशभक्ति से लबरेज फिल्म में उनके साथ मशहूर अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह मुख्य भूमिका में नजर आने वाली हैं.
देश की राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र यानी संसद आज से एक नए सियासी संग्राम का गवाह बनने जा रही है। साल 2026 का मानसून सत्र आज (20 जुलाई) से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा, लेकिन सत्र की शुरुआत से पहले ही राजधानी दिल्ली का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। सरकार जहां बदले हुए समीकरणों के बीच कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष ने पहले ही दिन से सदन की कार्यवाही को घेरने का पूरा मन बना लिया है। रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में जो तीखे तेवर देखने को मिले, उससे साफ है कि इस बार का सत्र बेहद हंगामी होने वाला है।सर्वदलीय बैठक में हंगामा और विपक्ष का वॉकआउटसदन को सुचारु रूप से चलाने के लिए सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपना लिया। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों के गुट को बैठक में आमंत्रित किए जाने पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (SP), डीएमके (DMK), आम आदमी पार्टी (AAP), जेएमएम और शिवसेना (UBT) सहित कई प्रमुख विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया। विपक्ष का आरोप है कि जिन सांसदों के विलय पर लोकसभा स्पीकर का फैसला अभी पेंडिंग है, उन्हें किस आधार पर न्योता दिया गया। इसी मुद्दे पर नाराजगी जताते हुए विपक्षी गुट ने बैठक से सांकेतिक वॉकआउट कर दिया, जिसने सत्र के पहले ही दिन बड़े हंगामे का ट्रेलर दिखा दिया है।संसद के भीतर बदला सीटों का भूगोलइस बार मानसून सत्र में सिर्फ राजनीतिक बहस ही नहीं बदलेगी, बल्कि संसद के भीतर का नजारा भी बदला हुआ दिखेगा। लोकसभा में कुल 48 सांसदों की बैठने की जगह (सीटिंग अरेंजमेंट) में बड़ा बदलाव किया गया है। टीएमसी के 20 बागी सांसद अब एनसीपी (अजीत पवार गुट) के साथ सीटों पर दिखाई देंगे, जबकि शिवसेना के उद्धव गुट से अलग हुए 6 सांसद अब शिंदे गुट के पाले में बैठे नजर आएंगे। इसके अलावा डीएमके के 22 सांसद भी विपक्षी ब्लॉक से अलग बैठेंगे। सीटों का यह नया समीकरण सदन के भीतर सत्ता और विपक्ष के बीच एक नया राजनीतिक संदेश दे रहा है।इन 5 बड़े बिलों को पेश करेगी सरकार24 दिनों तक चलने वाले इस सत्र के दौरान मोदी सरकार पांच नए और बेहद महत्वपूर्ण विधेयक सदन के पटल पर रखने जा रही है। सरकारी एजेंडे में शामिल इन बिलों की सूची इस प्रकार है:इनकम-टैक्स (संशोधन) बिल, 2026: मौजूदा अध्यादेश की जगह लेने के लिए।सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन बिल, 2026: अध्यादेश को रिप्लेस करने के लिए।जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) बिल, 2026राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) बिल, 2026सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) बिल, 2026महंगाई और बेरोजगारी पर तीखी सियासी भिड़ंत के आसारविशेषज्ञों की मानें तो सदन में इन बिलों के अलावा देश के बुनियादी मुद्दों पर सबसे ज्यादा तकरार होने की आशंका है। विपक्षी खेमा महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं और देश के ताजा हालातों को लेकर सरकार को चौतरफा घेरने की रणनीति बना चुका है। बंगाल चुनाव के बाद बदले हुए सियासी हालातों के बीच विपक्ष को इस बात की चिंता है कि सरकार संख्या बल के आधार पर किसी भी बड़े बिल को आसानी से पास न करा ले। यही वजह है कि पहले ही दिन से दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।लोकसभा और राज्यसभा का नया संख्या बलसंसद के दोनों सदनों में इस समय बहुमत और सीटों का गणित कुछ इस प्रकार है, जो यह तय करेगा कि बिल पास कराने में सरकार कितनी सहज रहेगी:सदन (House)कुल मौजूदा सीटेंएनडीए (NDA)इंडिया ब्लॉक (INDIA)अन्य (OTH)बहुमत का आंकड़ालोकसभा54031818339272राज्यसभा2441526428122आंकड़ों के इस खेल और सर्वदलीय बैठक के घटनाक्रम को देखकर यह साफ है कि सत्ता पक्ष के लिए इस सत्र को बिना बाधा के चलाना एक बड़ी परीक्षा होगी, जबकि विपक्ष अपनी एकजुटता से सरकार को बैकफुट पर लाने का हरसंभव प्रयास करेगा।
LIVE: CJP संसद मार्च पर अड़ी, दिल्ली में धारा 163 लागू
Latest News Today Live Updates in Hindi : संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। दिल्ली पुलिस द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने के बाद भी कॉकरोच जनता पार्टी संसद मार्च पर अड़ी। दिल्ली में धारा 163 लागू। पल पल की जानकारी...
वाशिंगटन/लखनऊ। अमेरिकी राजनीति के शीर्ष गलियारों और व्हाइट हाउस से एक बेहद सुखद और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। ज़ी न्यूज़ (Zee News) की एक विशेष अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राज्य अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) और उनकी भारतवंशी पत्नी व सेकंड लेडी उषा वेंस (Usha Vance) के घर चौथी बार बच्चे की किलकारी गूंजी है। उषा वेंस ने रविवार, 19 जुलाई 2026 की सुबह वाशिंगटन के पास मैरीलैंड स्थित वाल्टर रीड नेशनल मिलिट्री मेडिकल सेंटर में एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया है। वेंस दंपत्ति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर आधिकारिक बयान जारी कर इस बात की पुष्टि की है।यह जन्म केवल वेंस परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे अमेरिकी राजनीतिक इतिहास के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बन गया है。 अमेरिका के 156 साल के इतिहास में यह पहला मौका है जब कार्यकाल के दौरान पद पर बने रहते हुए (Sitting Vice President) किसी उपराष्ट्रपति के घर बच्चे का जन्म हुआ हो।'एलेक नील वेंस' रखा गया नाम, वेंस ने कहा- 'बच्चे और मां दोनों स्वस्थ हैं'उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपने आधिकारिक पोस्ट में नवजात शिशु के नाम का खुलासा करते हुए लिखा:हम यह साझा करते हुए बेहद रोमांचित हैं कि आज सुबह हमारे बेटे एलेक नील वेंस (Alec Neel Vance) का जन्म हुआ है। उषा और बच्चा दोनों पूरी तरह से स्वस्थ और खुश हैं। हमारे बाकी तीन बच्चे अपने नन्हे छोटे भाई से मिलने के लिए बेहद उत्साहित और आनंदित हैं।इसके साथ ही उन्होंने वाल्टर रीड मेडिकल सेंटर के सैन्य डॉक्टरों और व्हाइट हाउस मेडिकल यूनिट की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उषा और बच्चे की बेहतरीन देखभाल की।156 साल पुराना इतिहास: 1870 में आखिरी बार हुआ था ऐसा दुर्लभ संयोगव्हाइट हाउस हिस्टोरिकल एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, यह अमेरिकी राजनीति में बेहद दुर्लभ घटना है:शायलर कोलफैक्स का रिकॉर्ड: इससे पहले साल 1870 में तत्कालीन राष्ट्रपति यूलिसिस एस. ग्रांट के कार्यकाल के दौरान उपराष्ट्रपति शायलर कोलफैक्स जूनियर (Schuyler Colfax Jr.) की दूसरी पत्नी एलेन वेड ने बेटे शायलर कोलफैक्स III को जन्म दिया था।1.5 सदी का इंतजार: उसके बाद से आज तक (156 वर्षों में) किसी भी उपराष्ट्रपति को पद पर रहते हुए संतान सुख प्राप्त नहीं हुआ था, जिसे अब 2026 में जेडी और उषा वेंस की जोड़ी ने एक नए इतिहास में बदल दिया है।चार बच्चों का पूरा परिवार, प्राइवेसी के लिए वाशिंगटन से दूर रहने का फैसलाआपको बता दें कि 41 वर्षीय जेडी वेंस वर्तमान अमेरिकी प्रशासन के सबसे युवा और प्रभावशाली चेहरों में से एक हैं। येल लॉ स्कूल के दौरान अपनी सहपाठी रहीं 40 वर्षीय उषा वेंस (भारतीय प्रवासियों की बेटी) से उन्होंने साल 2014 में शादी की थी। इस नए मेहमान 'एलेक नील' के आने के बाद अब उनके परिवार में चार बच्चे हो गए हैं—जिनमें दो बड़े बेटे इवान (9 वर्ष), विवेक (6 वर्ष) और एक बेटी मिराबेल रोज (4 वर्ष) शामिल हैं।सूत्रों के मुताबिक, वाशिंगटन डीसी की राजनीतिक चकाचौंध और सुरक्षा घेरे के बीच अपने बच्चों को एक सामान्य और शांत जीवन (Normalcy) देने के लिए वेंस परिवार ने ग्रामीण उत्तरी वर्जीनिया के मिडिलबर्ग इलाके में एक घर लीज पर लिया है। हालांकि उपराष्ट्रपति का आधिकारिक निवास स्थान 'नेवल ऑब्जर्वेटरी' ही रहेगा, लेकिन बच्चों की परवरिश के लिए वे इस नए आशियाने का उपयोग करेंगे। इस बीच, रिपब्लिकन पार्टी और डेमोक्रेटिक पार्टी दोनों के ही शीर्ष नेताओं ने वेंस परिवार को इस नए आगमन और ऐतिहासिक रिकॉर्ड के लिए बधाई संदेश भेजे हैं।
कमजोर हो सकती है दुनिया की सबसे असरदार पर्यावरण नीति 'ईटीएस'
यूरोपीय आयोग ने यूरोप के 'एमिशन ट्रेडिंग सिस्टम' (ईटीएस) को पहले से कमजोर करने का प्रस्ताव रखा है। कार्बन की कीमत तय करने और कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन घटाने की यह व्यवस्था दुनिया के लिए एक मॉडल मानी जाती है।
श्रीडूंगरगढ़ में बोलेरो-बस की भिड़ंत में 3 लोगों की मौत, 8 घायल
बीकानेर। राजस्थान में बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र में रविवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-11 पर बस और बोलेरो की टक्कर से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हाे गए। पुलिस सूत्रों ने बताया हादसा अपराह्न करीब तीन बजे बस बीकानेर से जयपुर जा रही थी,जबकि बोलेरो श्रीडूंगरगढ़ की तरफ से आ […] The post श्रीडूंगरगढ़ में बोलेरो-बस की भिड़ंत में 3 लोगों की मौत, 8 घायल appeared first on Sabguru News .
रोहित शर्मा का शतक, लेकिन भारत निर्णायक मैच और सीरीज 1-2 से हारा
लंदन। सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने अपना आखिरी मैच खेलने की चर्चाओं के बीच शानदार शतक (138) जड़ा, लेकिन भारत को इंग्लैंड के खिलाफ निर्णायक वनडे में रविवार को 27 रन से और तीन मैचों की सीरीज में 1-2 से हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए बेन डकेट […] The post रोहित शर्मा का शतक, लेकिन भारत निर्णायक मैच और सीरीज 1-2 से हारा appeared first on Sabguru News .
अलवर में साइबर ठगों को खाते उपलब्ध कराने वाले 6 आरोपी अरेस्ट
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले में पुलिस ने साइबर ठगों को कमीशन पर बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में चार मामले दर्ज करके नौ एंड्रॉयड मोबाइल, 17 सिम कार्ड और छह एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। मामले की जांच जारी है। पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी […] The post अलवर में साइबर ठगों को खाते उपलब्ध कराने वाले 6 आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
Top News 20 July: संसद का मानसून सत्र, CJP का संसद मार्च, स्पेन बना फीफा वर्ल्ड चैंपियन
Top News 20 July : संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी का संसद मार्च आज, दिल्ली पुलिस ने नहीं दी अनुमति। ट्रंप ने रिपब्लिकन सांसदों से रूस पर प्रस्तावित प्रतिबंध विधेयक में ईरान को भी शामिल करने की मांग की है। स्पेन ने 16 ...
बच्चों के यौन शोषण-दुर्व्यवहार से जुड़ा मटीरियल शेयर करने के आरोप में 10 अरेस्ट
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने दिल्ली पुलिस ने बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़ा मटीरियल शेयर करने के आरोप में 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बच्चों को ऑनलाइन यौन शोषण से बचाने और डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के मकसद से एक बड़ा अभियान चलाया। इस ऑपरेशन में उन लोगों […] The post बच्चों के यौन शोषण-दुर्व्यवहार से जुड़ा मटीरियल शेयर करने के आरोप में 10 अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
दीपक भार्गव बने श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर समिति के सचिव, भव्य स्वागत
अजमेर। श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर प्रबंधक समिति, शास्त्री नगर की कार्यकारिणी की बैठक रविवार को अध्यक्ष डॉ. एस.डी. मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में सर्वसम्मति से शास्त्री नगर निवासी समाजसेवी दीपक भार्गव को मंदिर समिति का सचिव नियुक्त किया गया। यह पद लंबे समय से रिक्त था, जिस पर नियुक्ति होने से समिति […] The post दीपक भार्गव बने श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर समिति के सचिव, भव्य स्वागत appeared first on Sabguru News .
स्वामी विवेकानंद खेल महोत्सव का उत्साहपूर्ण समापन, 252 खिलाड़ियों और 49 टीमों ने दिखाया दमखम
जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पौंड्रिक नगर के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय स्वामी विवेकानंद खेल महोत्सव का रविवार को उत्साह और उल्लास के साथ समापन हो गया। खेल महोत्सव में 252 खिलाड़ियों ने विभिन्न एकल प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जबकि 49 टीमों ने […] The post स्वामी विवेकानंद खेल महोत्सव का उत्साहपूर्ण समापन, 252 खिलाड़ियों और 49 टीमों ने दिखाया दमखम appeared first on Sabguru News .
स्पेन ने अर्जेंटीना के 1-0 से हराकर दूसरी बार फीफा वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया। टीम ने न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में 2022 की चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराया। स्पेन के लिए एक्स्ट्रा टाइम में फेरन टोरेस ने गोल किया। स्पेन ...
केशव प्रसाद मौर्य ने खाद्य प्रसंस्करण विभाग के उच्च अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के युवक-युवतियों एवं कृषकों को खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अधिकाधिक प्रशिक्षित कर उन्हें स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में प्रभावी कार्ययोजना के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र रोजगार सृजन, किसानों की आय में वृद्धि तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन पूरी गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ सुनिश्चित किया जाए।उपमुख्यमंत्री श्री मौर्य के निर्देश कि खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा प्रदेश के विभिन्न जनपदों में स्थापित राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केन्द्रों एवं सामुदायिक फल संरक्षण एवं प्रशिक्षण केन्द्रों के माध्यम से युवाओं एवं किसानों को खाद्य प्रसंस्करण की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने निर्देशित किया कि निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम समय से पूर्ण कराए जाएं तथा इच्छुक नवयुवकों, नवयुवतियों एवं किसानों तक इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी व्यापक स्तर पर पहुंचाई जाए, जिससे अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।श्री मौर्य जी ने अधिकारियों से कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल औपचारिकता तक सीमित न रहें, बल्कि प्रशिक्षणार्थियों को व्यावहारिक एवं आधुनिक तकनीकी ज्ञान उपलब्ध कराया जाए। प्रशिक्षण अवधि के दौरान नियमित निरीक्षण एवं सतत निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनी रहे। साथ ही प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले युवाओं को स्वरोजगार, उद्यम स्थापना एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।
Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेशवासियों की सहूलियत के लिए योजनाएं बनने से लेकर लागू होने तक की कार्यवाही तेजी से पूरी हो रही है। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना इसका बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है। मार्च ...
भाजपा परीक्षा पेपर लीक नेटवर्क को संरक्षण दे रही है: कर्नाटक कांग्रेस
कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर देश भर में कथित परीक्षा पेपर लीक के मामलों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार पर लाखों छात्रों के भविष्य को खतरे में डालने का आरोप लगाया और सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की देखरेख में स्वतंत्र राष्ट्रीय जांच की मांग की।

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