केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जब तक सीमाएं सुरक्षित नहीं होंगी, तब तक न तो बंगाल सुरक्षित रह सकता है और न ही भारत। इसलिए देश की सीमाओं को मजबूत बनाना बेहद आवश्यक है।
वैश्विक पटल पर बढ़ता भारत: पीएम मोदी बोले- 'पूरी दुनिया अब भारत को मान रही विकास और उम्मीद का देश'
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि सभी क्षेत्रों में सुधार उनकी सरकार की प्रतिबद्धता है और भारत विकास की गति को बनाए रखने के लिए कई कदम उठा रहा है।
योगेश साहू ने छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के छोटे से गांव टेहका से निकलकर देश के सबसे लोकप्रिय क्विज शो 'कौन बनेगा करोड़पति'शो में शानदार तरीके से खेलते हुए 50 लाख रुपये जीते
भारत का पाकिस्तान को दोटूक जवाब, कहा- पाक की निराशा पर टिप्पणी करने की वजह नहीं
पाकिस्तान की ओर से अमेरिकी राजनयिक को तलब किए जाने पर भारत ने शुक्रवार को इस्लामाबाद को आड़े हाथ लिया और कहा कि उसकी निराशा पर टिप्पणी करने की कोई वजह नहीं है।
'क्या हम पाकिस्तानी लगते हैं', जयपुर में सरकारी स्कूल देखने पहुंचे सीजेपी कार्यकर्ताओं से मारपीट
जयपुर जिले के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में सरकारी प्राथमिक स्कूल को देखने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के कार्यकर्ताओं के साथ ग्रामीणों द्वारा की गई मारपीट पर युवाओं ने शुक्रवार देर शाम जयपुर में नाराजगी जताई।
सुप्रीम कोर्ट की बड़ी पहल: तीन दिवसीय विशेष लोक अदालत शुरू, पहले दिन 400 मामले निपटाए
सुप्रीम कोर्ट ने 'समाधान समारोह' पहल के तहत आयोजित तीन दिवसीय विशेष लोक अदालत के पहले दिन शुक्रवार को 400 से अधिक मामलों का निपटारा किया। इस पहल का उद्देश्य विवादों को आपसी सहमति से सुलझाना है।
मक्खियों के बीच मिठाइयां, पास बंधी थीं भैंसें... लखनऊ में FDA का एक्शन
लखनऊ की एक मिठाई की दुकान में छापेमारी के दौरान ऐसा नजारा सामने आया, जिसने रक्षाबंधन से पहले खाद्य सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
महंगाई के बीच फिर क्यों उठी 'लेवी सिस्टम' की मांग?
राशन की दुकानों तक कम कीमत में चीनी पहुंचाने वाला यह सिस्टम करीब एक दशक पहले बंद कर दिया गया था. अब बढ़ती कीमतों के बीच इसकी वापसी की मांग ने पुराने सिस्टम को फिर चर्चा में ला दिया है.
पढ़ें 22 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचार - लाइव ब्रेकिंग न्यूज
Latest and Breaking News - Read today's latest and breaking news in hindi on Amarujala. यहां पढ़ें देश, दुनिया, खेल, मनोरंजन, धर्म, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और आर्थिक जगत की खबरों का लाइव अपडेशन
BCI चैयरमैन मनन कुमार मिश्रा पर होगा ऐक्शन? सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चैयरमैन मनन कुमार मिश्रा की परेशानियां बढ़ सकती है। सुप्रीम कोर्ट में उन्हें पद से हटाने के लिए याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि मनन मिश्रा पिछले एक दशक से ज्यादा समय से इस पद पर हैं।
देश के कई राज्यों में एच1एन1 वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। दिल्ली, मुंबई, केरल और मध्य प्रदेश में एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है।
ACB को देख पटवारी ने झाड़ी में फेंके रिश्वत के 10000 रुपये, जमीन बंटवारे, तरमीम के लिए हुई थी डील
एसीबी ने लाणेरा के पटवारी मनीष कुमार मीना को जमीन बंटवारे और तरमीम के बदले रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया. टीम को देखकर आरोपी ने नोट झाड़ियों में फेंक दिए थे
राजेंद्र नगर में 19 साल की नर्सिंग छात्रा की मौत, हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटकी मिली
शुरुआती जांच में सामने आया है कि छात्रा की मौत हॉस्टल के कमरे में फंदा लगाकर हुई. हालांकि, छात्रा ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी वजह अभी साफ नहीं हो पाई है.
सुखबीर बादल को सुप्रीम कोर्ट से झटका, मानहानि मामले को रद करने की याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल की 2017 के मानहानि मामले को रद करने की याचिका खारिज कर दी है।
थलपति विजय और अमित शाह की बैठक में ऐसा क्या हो गया? मंत्री को देनी पड़ रही सफाई
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ थलपति विजय की बैठक के बाद तमिलनाडु में बवाल मचा हुआ है। विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि विजय सरकार ने अमित शाह से मुलाकात के दौरान परिसीमन बिल पर अपना आधिकारिक रुख बदल दिया है।
'सुरक्षित रखा जाए दक्षिणी राज्यों का संसद में प्रतिनिधित्व', विजय का केंद्र से आग्रह
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने केंद्र सरकार से दक्षिणी राज्यों के संसदीय प्रतिनिधित्व की रक्षा करने, नीट से छूट देने और ड्रग्स तस्करी पर राज्यों में तालमेल बनाने का आग्रह किया।
Nirmala Sitharaman से मिले सम्राट चौधरी, Kosi River पर बांध की DPR बनाने का निर्देश
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को नयी दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात कर राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान सीतारमण ने कोसी नदी पर प्रस्तावित एक बांध की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) शीघ्र पूरी करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया। मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं सांसद संजय कुमार झा भी मौजूद थे। राज्य सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार बैठक में केंद्रीय बजट में बिहार के लिए घोषित योजनाओं, उनके क्रियान्वयन तथा लंबित परियोजनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। बैठक में कोसी-मेची अंतरराज्यीय रिवर लिंक परियोजना के प्रथम चरण के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता तथा द्वितीय चरण के तकनीकी अनुमोदन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। बयान के अनुसार सप्तकोसी परियोजना पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के आग्रह पर वित्त मंत्री ने ‘कोसी हाई लेवल डैम’ की डीपीआर शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही संयुक्त तकनीकी विशेषज्ञ समिति में बिहार के एक सदस्य को शामिल करने पर सहमति बनी, ताकि परियोजना से जुड़े तकनीकी मामलों में राज्य के हितों का प्रभावी ढंग से प्रतिनिधित्व हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोसी नदी पर प्रस्तावित बांध परियोजना से बिहार के सीमांचल क्षेत्र में सिंचाई, कृषि और जल प्रबंधन को महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने भागलपुर में प्रस्तावित विक्रमशिला विश्वविद्यालय और हाजीपुर में राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टेम) की स्थापना का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के लिए 219 एकड़ तथा निफ्टेम के लिए 100 एकड़ भूमि राज्य सरकार उपलब्ध करा चुकी है और दोनों संस्थानों का कार्य शीघ्र शुरू करने का अनुरोध किया गया है। बैठक में सोन-फल्गू रिवर लिंक परियोजना, महाबोधि कॉरिडोर और विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर के कार्यों को भी जल्द शुरू कराने पर चर्चा हुई। सम्राट चौधरी ने कहा कि बैठक में बिहार के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्र सरकार ने आवश्यक सहयोग तथा शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
देश के खुदरा और थोक बाजारों में चीनी की कीमतों में आई हालिया तेजी को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। उपभोक्ता मामलों और खाद्य मंत्रालय ने उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि गन्ने के रस और शीरे (B-Heavy Molasses) को इथेनॉल उत्पादन में डायवर्ट करने की वजह से घरेलू बाजार में चीनी के दाम बढ़े हैं। सरकार ने साफ किया है कि बाजार में मूल्य वृद्धि का असली कारण कुछ प्रमुख उत्पादक राज्यों में गन्ने की पैदावार में कमी और कुछ व्यापारियों द्वारा की जा रही कृत्रिम जमाखोरी है।इथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी पर सरकार की दो टूक सफाईमंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति और पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिश्रण (E20) के लक्ष्य को पूरा करते हुए हमेशा घरेलू खाद्य सुरक्षा और चीनी की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।सरकार चीनी सीजन की शुरुआत में ही देश की कुल खपत का सटीक आकलन करती है और बफर स्टॉक सुनिश्चित करने के बाद ही अतिरिक्त गन्ने या शीरे को इथेनॉल निर्माण के लिए आवंटित किया जाता है। इसलिए इथेनॉल कार्यक्रम को चीनी की महंगाई के लिए दोषी ठहराना पूरी तरह से तथ्यात्मक रूप से गलत और निराधार है।उत्पादन में गिरावट और मौसमी मारचीनी की कीमतों में हलचल के पीछे का मुख्य कारण प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों, विशेषकर महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में अनियमित मानसून और सूखे जैसी स्थिति के चलते गन्ने की कम रिकवरी और रकबे में आई कमी है।उत्पादन के आंकड़ों में आई इस गिरावट के चलते बाजार में आपूर्ति चक्र को लेकर एक मनोवैज्ञानिक दबाव बना, जिसका फायदा बिचौलियों और बड़े स्टॉकिस्टों ने उठाया। हालांकि, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में उत्पादन संतुलित रहने से देश में कुल उपलब्धता सामान्य स्तर पर बनी हुई है।जमाखोरी और सट्टेबाजी पर केंद्र का सख्त रुखसरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि त्योहारी और मांग वाले सीजन के दौरान कुछ तत्वों द्वारा की जा रही अनुचित जमाखोरी और सट्टेबाजी पर कड़ी नजर रखी जा रही है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिए हैं कि वे चीनी मिलों, थोक विक्रेताओं और बड़े रिटेलर्स के स्टॉक की नियमित निगरानी करें।यदि कोई भी व्यापारी या संस्था निर्धारित स्टॉक लिमिट का उल्लंघन करती पाई गई या कृत्रिम कमी पैदा करके मुनाफाखोरी की कोशिश करेगी, तो आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।पर्याप्त बफर स्टॉक, घबराने की जरूरत नहींखाद्य मंत्रालय ने उपभोक्ताओं और उद्योगों को आश्वस्त किया है कि देश में घरेलू खपत के लिए चीनी का पर्याप्त भंडार (Stock) मौजूद है। सरकार के पास मासिक रिलीज कोटा (Monthly Release Quota) तंत्र के माध्यम से बाजार में आपूर्ति नियंत्रित करने की पूरी व्यवस्था है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कोटा जारी करके कीमतों को तत्काल नियंत्रित किया जाएगा, ताकि आम जनता की रसोई के बजट पर कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े।
कटनी CSP नेहा पच्चीसिया पर गिरी गाज, CM मोहन यादव ने किया सस्पेंड
जमीन की खरीद में धोखाधड़ी और दबाव बनाने के आरोपों में फंसी कटनी की CSP नेहा पच्चीसिया को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सस्पेंड कर दिया है. देखिए इस फर्जीवाड़े की पूरी रिपोर्ट...
मुंबई हिट एंड रन: नालासोपारा में रफ्तार का तांडव, कार की टक्कर से एक महिला की मौत; दूसरी घायल
मु्ंबई के नालासोपारा ईस्ट ईलाके में शुक्रवार को तेज रफ्तार कार का कहर देखने को मिला, यहां कार की टक्कर से एक महिला की मौत हो गई, जबकि दूसरी महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
Odisha के Jajpur में बाढ़ से घर डूबा, 18 घंटे छत पर रखा रहा बुजुर्ग का शव
ओडिशा के जाजपुर जिले में एक बुजुर्ग व्यक्ति का शव लगभग 18 घंटे तक उनके घर की छत पर ही पड़ा रहा, क्योंकि बाढ़ का पानी बढ़ने के कारण परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव को नीचे नहीं ला सके। रिश्तेदारों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। यह घटना बारी पंचायत के चिंतासाही गांव की है, जहां ब्राह्मणी और खरास्रोता नदियों में आई बाढ़ के कारण पिछले छह दिनों से कई परिवार पानी से घिरे हुए हैं। मृतक की पहचान 61-वर्षीय हृषिकेश मल्लिक के तौर पर हुई है; उनकी मौत बुधवार शाम करीब 4:30 बजे हुई। रिश्तेदारों ने बताया कि परिवार ने शव को छत पर रखा, क्योंकि घर की निचली मंजिल लगभग चार फुट पानी में डूबी हुई थी। बृहस्पतिवार को जब पानी का स्तर कम हुआ, तो परिजन शव को नीचे लेकर आए। परिवार का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन को सूचित करने और अंतिम संस्कार के लिए शव को बाहर निकालने में मदद मांगने के बावजूद, उन्हें कोई मदद नहीं मिली। मृतक के भतीजे अनिल मल्लिक ने कहा, हमने अपने चाचा के अंतिम संस्कार के लिए प्रशासनिक सहायता मांगने के लिए बारी प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को कई बार फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठाया गया। इसके बाद हमने मदद के लिए इलाके में बचाव कार्यों में लगी मोटर से चलने वाली एक नाव के संचालक से संपर्क किया, लेकिन उसने कहा कि वह ऊंचे अधिकारियों के आदेश के बिना गांव नहीं जा सकता। बाद में, एक स्थानीय समाज-सेवक ने शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने हेतु शव-वाहन का प्रबंध किया।
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने करोड़ों ग्राहकों के लिए सेवा शुल्क (Service Charges) और कैश निकासी से जुड़े नियमों में बड़ा संशोधन किया है। बैंक की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, ये नए नियम 1 अक्टूबर से प्रभावी होंगे। इस बदलाव का सीधा असर बैंक के बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) यानी जीरो बैलेंस खाताधारकों पर पड़ेगा। बैंक ने स्पष्ट किया है कि महीने में निर्धारित मुफ्त सीमा समाप्त होने के बाद अतिरिक्त कैश निकासी पर ग्राहकों को सेवा शुल्क चुकाना होगा।1 अक्टूबर से क्या बदलेगा? समझिए नया शुल्क ढांचाबैंक के संशोधित नियमों के तहत, बीएसबीडी (BSBD) खाताधारकों को प्रति माह मिलने वाले पहले 4 कैश विड्रॉल (निकासी) पूरी तरह से मुफ्त रहेंगे। लेकिन जैसे ही कोई ग्राहक एक कैलेंडर माह में चार बार से अधिक कैश निकालेगा, पांचवें और उसके बाद के प्रत्येक कैश विड्रॉल ट्रांजैक्शन पर ₹15 और उस पर लगने वाला अतिरिक्त जीएसटी (GST) शुल्क के रूप में काटा जाएगा।यह शुल्क शाखा (Branch) काउंटर से निकासी, एसबीआई और अन्य बैंकों के एटीएम से कैश निकालने और आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AePS) के जरिए किए जाने वाले कैश ट्रांजैक्शन पर समान रूप से लागू होगा।डिजिटल लेनदेन पर नहीं लगेगा कोई प्रतिबंधएसबीआई ने साफ किया है कि नकदी निकासी के नियमों को कड़ा करने के बावजूद डिजिटल बैंकिंग सेवाओं को पूरी तरह राहत दी गई है। यूपीआई (UPI), इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, एनईएफटी (NEFT) और आरटीजीएस (RTGS) के जरिए किए जाने वाले सभी प्रकार के डिजिटल ट्रांसफर पूरी तरह से निःशुल्क रहेंगे। डिजिटल लेनदेन की संख्या पर कोई मासिक सीमा नहीं लगाई गई है। बैंक का उद्देश्य ग्राहकों को ज्यादा से ज्यादा कैशलेस और डिजिटल भुगतान अपनाने के लिए प्रेरित करना है।किन खाताधारकों पर पड़ेगा इसका सीधा असर?यह नया संशोधन मुख्य रूप से बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट (BSBD) पर लागू होगा। यह खाता आमतौर पर वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए बिना किसी मिनिमम बैलेंस की अनिवार्यता के खोला जाता है।रेगुलर सेविंग्स बैंक अकाउंट (सामान्य बचत खाता) धारकों के लिए एटीएम और ब्रांच से जुड़े नियम उनकी मौजूदा कैटिगरी और मेट्रो व गैर-मेट्रो शहरों के हिसाब से पूर्ववत रहेंगे। हालांकि, बीएसबीडी खाताधारकों को अब महीने के अपने कैश खर्चों की योजना पहले से बनानी होगी, ताकि वे अतिरिक्त चार्ज से बच सकें।अतिरिक्त चार्ज से बचने के लिए क्या करें ग्राहक?डिजिटल मोड का इस्तेमाल: दैनिक खरीदारी और बिल भुगतान के लिए यूपीआई (UPI) या रुपे डेबिट कार्ड से ऑनलाइन पेमेंट करें।एकमुश्त निकासी: बार-बार छोटे-छोटे अमाउंट निकालने के बजाय महीने की शुरुआत में ही जरूरत के हिसाब से बड़ी राशि एक बार में निकालें ताकि 4 मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा पार न हो।मिनी स्टेटमेंट और बैलेंस चेक: बैलेंस चेक करने या स्टेटमेंट देखने के लिए एटीएम के बजाय बैंक के व्हाट्सएप बैंकिंग, एसएमएस या योनो (YONO) ऐप का सहारा लें।
मेघालय में भड़की हिंसा, सरकारी संपत्तियों पर आगजनी; पुलिस चौकी पर फेंका पेट्रोल बम
मेघालय में पिछले 24 घंटों में सरकारी संपत्तियों पर आगजनी और पेट्रोल बम से हमले हुए हैं, जो शिलांग में छात्र रैली के बाद भड़की हिंसा का विस्तार है।
भारतीय परिवारों में यह एक आम परंपरा है कि जब कोई व्यक्ति किसी जरूरी काम या यात्रा के लिए घर से बाहर निकल रहा हो, तो उसे पीछे से आवाज देकर रोकना या 'कहां जा रहे हो' पूछना वर्जित माना जाता है। बड़े-बुजुर्गों का मानना है कि ऐसा करने से काम बिगड़ जाता है या रास्ते में कोई अड़चन आ सकती है। हालांकि कई लोग इसे केवल अंधविश्वास मानते हैं, लेकिन गहराई से देखें तो इस प्राचीन मान्यता के पीछे मनोवैज्ञानिक (Psychological) और वैज्ञानिक आधार भी जुड़े हुए हैं।एकाग्रता और मानसिक फोकस का टूटना (Psychological Impact)जब कोई व्यक्ति किसी विशेष कार्य, इंटरव्यू, परीक्षा, बिजनेस मीटिंग या लंबी यात्रा के लिए घर से निकलता है, तो उसका मस्तिष्क उस कार्य की तैयारी और योजना पर पूरी तरह केंद्रित होता है।अचानक पीछे से आवाज देकर टोकने पर व्यक्ति का ध्यान और माइंडसेट अचानक टूट जाता है। इस व्याकुलता (Distraction) के कारण कई बार लोग जरूरी कागजात, वॉलेट, चाबियां या टिकट भूल जाते हैं। इसके अलावा, अचानक रुकावट आने से व्यक्ति के भीतर हल्की झुंझलाहट या घबराहट पैदा हो सकती है, जो उसके आत्मविश्वास को प्रभावित करती है।ऊर्जा और सकारात्मक संकल्प में रुकावटप्राचीन भारतीय परंपराओं और ऊर्जा विज्ञान के अनुसार, जब कोई व्यक्ति किसी शुभ काम के लिए कदम बढ़ाता है, तो वह एक सकारात्मक संकल्प (Positive Momentum) के साथ आगे बढ़ रहा होता है।यात्रा शुरू होते ही रोक-टोक करने से उस सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह में अवरोध आता है। इससे व्यक्ति के मन में अनजाने में यह विचार आ सकता है कि शायद समय अनुकूल नहीं है या कोई विघ्न आ सकता है। यह 'सबकॉन्शियस डाउट' (अवचेतन मन का संशय) उसके काम के प्रदर्शन पर नकारात्मक असर डाल सकता है।प्राचीन काल की सुरक्षा और व्यावहारिक आवश्यकतापुराने समय में जब यातायात के आधुनिक साधन नहीं थे, लोग पैदल, बैलगाड़ी या घोड़ों पर लंबी यात्राओं पर जाते थे। उस समय यात्रा का समय, मौसम और ग्रहों के मुहूर्त देखकर निकला जाता था।यदि किसी को पीछे से रोक लिया जाता था, तो उसकी यात्रा में विलंब हो जाता था, जिससे अंधेरा होने से पहले गंतव्य तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था और जंगली जानवरों या डाकुओं का खतरा बढ़ जाता था। इसलिए समय की पाबंदी को बनाए रखने के लिए टोकने की मनाही की गई थी।यदि किसी ने पीछे से टोक दिया हो, तो क्या करें?यदि अनजाने में किसी ने घर से निकलते समय आवाज लगा दी हो, तो घबराने या गुस्सा होने के बजाय इन आसान और व्यावहारिक उपायों को अपनाया जा सकता है:दो मिनट का विराम लें: तुरंत भागने के बजाय 1-2 मिनट शांति से बैठें या खड़े रहें।एक घूंट पानी पिएं: थोड़ा सा जल पीने से मस्तिष्क शांत होता है और ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है।ईष्ट देव का स्मरण: अपने मन में सकारात्मक विचार लाएं और अपने आराध्य का ध्यान करके नए सिरे से कदम बढ़ाएं।
24 से 30 अगस्त का यह सप्ताह ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस हफ्ते चंद्र ग्रहण का गोचरीय प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से देखने को मिलेगा। कुछ राशियों के लिए यह समय आर्थिक लाभ और करियर में तरक्की के नए रास्ते खोलेगा, तो वहीं कुछ राशियों को वाद-विवाद और रिश्तों के मामले में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।मेष, वृषभ और मिथुन: संभलकर करें निवेश, यात्रा के योगमेष राशि: सप्ताह की शुरुआत में काम का दबाव थोड़ा बढ़ सकता है। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी में निर्णय न लें। पारिवारिक सहयोग से मानसिक शांति मिलेगी।वृषभ राशि: कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। रुका हुआ धन वापस मिलने के योग बन रहे हैं। जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।मिथुन राशि: नए संपर्क आपके करियर में गति लाएंगे। व्यापार में लाभ की स्थिति बनेगी, लेकिन कानूनी या कागजी काम में पूरी सतर्कता बरतें।कर्क, सिंह और कन्या: कर्क राशि को बड़ी गुड न्यूज, सिंह रखें वाणी पर संयमकर्क राशि: यह सप्ताह आपके लिए बेहद शुभ संकेत लेकर आया है। करियर या संतान पक्ष की ओर से कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। लंबे समय से अटके काम पूरे होंगे और आय के नए स्रोत बनेंगे।सिंह राशि: ग्रहण के प्रभाव से मन थोड़ा अशांत रह सकता है। कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ बातचीत में विनम्रता बनाए रखें। फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें।कन्या राशि: आपकी योजनाएं सही दिशा में आगे बढ़ेंगी। प्रतियोगी परीक्षाओं और नौकरी के इंटरव्यू की तैयारी कर रहे जातकों को सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।तुला, वृश्चिक और धनु: तुला वाले न तोड़ें भरोसा, वृश्चिक को पदोन्नतितुला राशि: रिश्तों के लिहाज से यह सप्ताह संवेदनशील रहेगा। पार्टनर या करीबी मित्र का भरोसा बिल्कुल न तोड़ें, अन्यथा संबंधों में दरार आ सकती है। वित्तीय लेन-देन में स्पष्टता रखें।वृश्चिक राशि: कार्यक्षेत्र में पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग हैं। अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलेगा। प्रॉपर्टी या वाहन की खरीदारी का विचार बन सकता है।धनु राशि: आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। लंबी दूरी की यात्रा के योग बन रहे हैं। सेहत को लेकर थोड़ी लापरवाही भारी पड़ सकती है, इसलिए खानपान का ध्यान रखें।मकर, कुंभ और मीन: मीन राशि के चमकेंगे सितारे, मकर रहें सतर्कमकर राशि: मेहनत का फल मिलेगा, लेकिन परिणाम आने में थोड़ा समय लग सकता है। गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें और अपनी रणनीतियां किसी से साझा न करें।कुंभ राशि: साझेदारी के काम में अच्छा मुनाफा होने की संभावना है। सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा। परिवार में किसी मांगलिक कार्य की योजना बन सकती है।मीन राशि: कर्क राशि की तरह मीन राशि के जातकों के लिए भी यह सप्ताह वरदान साबित हो सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, पदोन्नति या नई जॉब का ऑफर मिलने के प्रबल संकेत हैं।चंद्र ग्रहण के दौरान करें ये सरल ज्योतिषीय उपायसप्ताह के दौरान नकारात्मक प्रभावों से बचने और मानसिक शांति बनाए रखने के लिए भगवान शिव की आराधना करें। प्रतिदिन 'ॐ नमः शिवाय' और महामृत्युंजय मंत्र का यथासंभव जप करें। जरूरतमंदों को सफेद वस्तुएं जैसे दूध, चावल या चीनी का दान करना मानसिक तनाव को दूर करने में मददगार रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने यूपी गैंग्सटर्स एक्ट को बताया मृत कानून, कहा- दुरुपयोग की आशंका
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश गैंग्सटर्स एक्ट को स्टिलबार्न बताते हुए कहा कि इसमें दुरुपयोग की काफी संभावनाएं हैं क्योंकि यह किसी व्यक्ति को केवल गैंग्सटर करार दिए जाने पर दंडित करता है।
महाभारत काल के सबसे बुद्धिमान और धर्मनिष्ठ मार्गदर्शकों में महात्मा विदुर का नाम शीर्ष पर आता है। हस्तिनापुर के महामंत्री के रूप में उन्होंने राजा धृतराष्ट्र को जीवन, शासन और मानव स्वभाव से जुड़े जो उपदेश दिए थे, वे आज सदियों बाद भी उतने ही प्रासंगिक हैं। 'विदुर नीति' केवल प्राचीन ग्रंथ नहीं, बल्कि आधुनिक जीवन के संकटों से बाहर निकलने और कठिन परिस्थितियों में पक्की सफलता हासिल करने की एक व्यावहारिक गाइडबुक है।1. लक्ष्य को गुप्त रखें और काम पूरा होने पर ही बोलेंविदुर नीति के अनुसार, बुद्धिमान व्यक्ति अपने महत्वपूर्ण निर्णयों, योजनाओं और भावी रणनीतियों को समय से पहले सार्वजनिक नहीं करता। जब तक कोई कार्य पूरी तरह से सफल न हो जाए, तब तक उस पर मौन रहना ही समझदारी है।अक्सर पहले से योजना का ढिंढोरा पीटने से उसमें नकारात्मक रुकावटें आती हैं और विरोधी सतर्क हो जाते हैं। महात्मा विदुर कहते हैं कि व्यक्ति के काम को उसकी योजना से पहले उसके परिणामों के रूप में सामने आना चाहिए।2. अति-क्रोध, अहंकार और ईर्ष्या से खुद को बचाएंविदुर जी का मानना है कि मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि उसका अनियंत्रित क्रोध और अहंकार होता है। क्रोध बुद्धि का नाश करता है और विवेकहीन मन कभी सही निर्णय नहीं ले सकता।जो व्यक्ति दूसरों की प्रगति देखकर ईर्ष्या करता है या खुद को सर्वोपरि मानकर अहंकार में चूर रहता है, उसका पतन निश्चित होता है। किसी भी विपरीत परिस्थिति में अपने मन को शांत रखकर लिया गया संतुलित फैसला ही विजय का मार्ग खोलता है।3. क्षमता से अधिक दिखावा और आलस्य ही विफलता की जड़सफलता पाने के लिए व्यक्ति को अपनी वास्तविक क्षमताओं, वित्तीय स्थिति और सीमाओं का सटीक ज्ञान होना बेहद जरूरी है। महात्मा विदुर के अनुसार, जो व्यक्ति बिना सोचे-समझे अपनी आय से अधिक खर्च करता है और केवल दिखावे के लिए जीता है, वह जीवनभर तनाव और कर्ज के जाल में फंसा रहता है।इसके साथ ही, आलस्य और काम टालने की आदत को विदुर जी ने मनुष्य के भीतर छिपा विष माना है। निरंतर अभ्यास और समय की कद्र ही सफलता का असली आधार है।4. अयोग्य और स्वार्थी लोगों पर आंख मूंदकर भरोसा न करेंविदुर नीति स्पष्ट कहती है कि मनुष्य को मित्र और सलाहकार चुनते समय बेहद सतर्क रहना चाहिए। जो व्यक्ति केवल आपके सामने मीठा बोलता है और पीठ पीछे बुराई करता है, उससे तुरंत दूरी बना लेनी चाहिए।बिना सोचे-समझे किसी पर अत्यधिक भरोसा करना खुद को संकट में डालने जैसा है। सच्चे मित्र और मार्गदर्शक वही हैं जो संकट के समय सच बोलने का साहस रखें और निस्वार्थ भाव से सही सलाह दें।5. सुख और दुख में समान भाव बनाए रखना ही असली शक्तिसफलता का असली मंत्र यह है कि व्यक्ति अनुकूल समय में अहंकारी न बने और प्रतिकूल समय में विचलित होकर धैर्य न खोए। जो व्यक्ति जीवन के उतार-चढ़ाव को सामान्य प्रक्रिया मानकर अपने कर्तव्य पथ पर अडिग रहता है, दुनिया की कोई भी ताकत उसे सफल होने से नहीं रोक सकती।
धर्मनगरी हरिद्वार और उससे सटे राजाजी नेशनल पार्क के घने जंगलों की तलहटी में कई ऐसे पौराणिक और रहस्यमयी स्थान मौजूद हैं, जिनका संबंध सीधे देवाधिदेव महादेव के अलौकिक स्वरूप से जुड़ा है। इन्हीं में से एक बेहद चर्चित और रहस्यमयी मान्यता उस प्राचीन वटवृक्ष और जंगल के कोने से जुड़ी है, जहां माना जाता है कि भगवान शिव के प्रिय गण, भूत-प्रेत और अदृश्य शक्तियां आज भी वास करती हैं। स्थानीय लोग और साधु-संत इस स्थान को केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष दैवीय ऊर्जा का केंद्र मानते हैं।शिव की बारात और घने जंगलों में भूतों का डेरापौराणिक कथाओं और शिव महापुराण के अनुसार, जब भगवान शिव माता सती से विवाह करने के लिए कनखल (हरिद्वार) की ओर जा रहे थे, तब उनके साथ देवी-देवताओं के अलावा उनके प्रिय गण, भूत, प्रेत, पिशाच और डाकिनी-शाकिनी की पूरी बारात शामिल थी।कहा जाता है कि कनखल में राजा दक्ष के महल में प्रवेश करने से पहले भगवान शिव ने अपने गणों और बारात के साथ जंगलों के बीच एक विशालकाय वृक्ष की छांव में विश्राम किया था। जब राजा दक्ष और वहां मौजूद लोगों ने शिव के इस भयानक और विचित्र गणों वाले रूप को देखा, तो वे भयभीत हो गए। मान्यता है कि उस विश्राम स्थल पर शिवजी ने अपने गणों को हमेशा के लिए उस वन क्षेत्र की रक्षा करने और वहां वास करने का वरदान दिया था।कनखल और भूतनाथ धाम का रहस्यमयी वटवृक्षहरिद्वार के कनखल क्षेत्र स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर और स्वर्गाश्रम-जंगल सीमा पर स्थित 'भूतनाथ' क्षेत्र में एक अत्यंत प्राचीन वृक्ष मौजूद है। यह पेड़ कई सौ साल पुराना बताया जाता है, जिसकी विशालकाय जटाएं जमीन से लेकर आसमान तक फैली हुई हैं।स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, सूर्यास्त के बाद इस घने जंगली क्षेत्र में एक अजीब सी ऊर्जा और शांति महसूस होती है। मान्यता है कि शिव के गण आज भी सूक्ष्म रूप में इस वृक्ष की शाखाओं और आसपास की प्रकृति में वास करते हैं। यही कारण है कि स्थानीय लोग शाम ढलने के बाद इस क्षेत्र में बिना कारण जाने से बचते हैं और केवल पूर्ण श्रद्धा व शुद्ध मन से ही यहां पूजन-अर्चन किया जाता है।साधु-संतों और तांत्रिकों के लिए सिद्ध साधना स्थलीहरिद्वार का यह जंगली और एकांत क्षेत्र सदियों से अघोरियों, तांत्रिकों और उच्च कोटि के साधकों के लिए गुप्त साधना का केंद्र रहा है। भगवान शिव को 'भूतनाथ' यानी भूतों और आत्माओं का स्वामी कहा गया है।साधकों का मानना है कि इस पवित्र वृक्ष के नीचे बैठकर महामृत्युंजय मंत्र या शिव पंचाक्षर मंत्र का जाप करने से व्यक्ति को भय, अकाल मृत्यु के डर और नकारात्मक ऊर्जाओं से तुरंत मुक्ति मिल जाती है। जो ऊर्जा आम इंसान को भयभीत करती है, वही ऊर्जा शिवभक्तों के लिए परम सुरक्षा कवच का काम करती है।दक्षेश्वर महादेव और सती के यज्ञ कुंड से सीधा जुड़ावइस रहस्यमयी स्थान का इतिहास राजा दक्ष के उस ऐतिहासिक यज्ञ से भी अभिन्न रूप से जुड़ा है, जहां देवी सती ने अपने पिता द्वारा महादेव का अपमान किए जाने पर यज्ञ कुंड में आत्मदाह कर लिया था। इसके बाद भगवान शिव के आदेश पर वीरभद्र और उनके गणों ने दक्ष के यज्ञ का विध्वंस किया था।इतिहासकारों और श्रद्धालुओं के अनुसार, हरिद्वार का यह पूरा इलाका केवल आस्था का तीर्थ नहीं है, बल्कि यहां की हरियाली, पर्वत और प्राचीन वृक्ष शिव और शक्ति के उस महाविनाश और पुनर्जन्म की कहानी के जीवंत साक्षी हैं।
भारत केवल आस्था और धर्म का केंद्र नहीं है, बल्कि यह प्राचीन स्थापत्य कला और ऐसे अनसुलझे रहस्यों की भूमि भी है जिन्हें आज का आधुनिक विज्ञान भी पूरी तरह से समझने में असमर्थ रहा है। देश में कई ऐसे ऐतिहासिक मंदिर मौजूद हैं, जिनकी संरचना, प्राकृतिक घटनाएं और चमत्कारी मान्यताएं किसी को भी हैरान कर देती हैं। कहीं हजारों चूहों का राज है, तो कहीं बिना नींव के सैकड़ों टन वजनी पत्थर हवा में टिके हैं।1. करणी माता मंदिर (देशनोक, राजस्थान): 25,000 चूहों का अनोखा धामराजस्थान के बीकानेर से करीब 30 किलोमीटर दूर देशनोक में स्थित करणी माता का मंदिर दुनियाभर में 'चूहों वाले मंदिर' के नाम से प्रसिद्ध है। इस मंदिर प्रांगण में लगभग 25,000 काले चूहे (जिन्हें 'काबा' कहा जाता है) स्वच्छंद रूप से घूमते हैं।सबसे बड़ा रहस्य यह है कि मंदिर में हजारों चूहों के खुलेआम घूमने और भक्तों द्वारा उनका जूठा किया हुआ प्रसाद खाने के बावजूद आज तक यहां कभी प्लेग या कोई संक्रामक बीमारी नहीं फैली। मंदिर में सफेद चूहे का दिखना अत्यंत शुभ माना जाता है, जिसे स्वयं करणी माता का साक्षात स्वरूप माना गया है।2. अचलेश्वर महादेव मंदिर (धौलपुर, राजस्थान): दिन में तीन रंग बदलने वाला शिवलिंगराजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा पर धौलपुर के पास स्थित अचलेश्वर महादेव मंदिर भगवान शिव के सबसे अनोखे धामों में से एक है। इस मंदिर में स्थापित प्राचीन शिवलिंग दिनभर में तीन बार अपना रंग बदलता है।सुबह के समय यह शिवलिंग लाल रंग का दिखाई देता है, दोपहर में इसका रंग केसरिया हो जाता है और शाम होते-होते यह गहरे सांवले या गेहूंए रंग में बदल जाता है। भूवैज्ञानिकों ने पत्थरों की संरचना और सूर्य की किरणों के अपवर्तन पर कई शोध किए, लेकिन इस रंग परिवर्तन का कोई ठोस वैज्ञानिक निष्कर्ष नहीं निकल सका। इसके अलावा, शिवलिंग का निचला सिरा पाताल लोक से जुड़ा माना जाता है, जिसकी गहराई नापने की कई कोशिशें आज तक नाकाम रही हैं।3. लेपाक्षी मंदिर (आंध्र प्रदेश): हवा में झूलता हुआ खंभा (Hanging Pillar)आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में स्थित 16वीं सदी का वीरभद्र (लेपाक्षी) मंदिर अपनी विजयनगर वास्तुकला और रहस्यमयी 'हैंगिंग पिलर' के लिए विश्वविख्यात है।मंदिर परिसर में कुल 70 विशालकाय नक्काशीदार पत्थर के खंभे हैं, जिनमें से एक खंभा जमीन को बिल्कुल नहीं छूता और पूरी तरह हवा में लटका हुआ है। ब्रिटिश शासनकाल में एक इंजीनियर ने इस खंभे के रहस्य को समझने के लिए इसे हिलाने की कोशिश की थी, जिससे पूरा मंदिर ढांचा हिलने लगा था। मान्यता है कि इस खंभे के नीचे से कपड़ा निकालने पर घर में सुख-समृद्धि आती है।4. जगन्नाथ पुरी मंदिर (ओडिशा): हवा के विपरीत लहराता ध्वज और मौन समुद्रचार धामों में से एक ओडिशा का जगन्नाथ मंदिर चमत्कारों की खान माना जाता है। इस मंदिर के शिखर पर लगा ध्वज (पतित पावन) हमेशा हवा की दिशा के विपरीत लहराता है।इसके अलावा, मंदिर के शीर्ष पर स्थित 20 फीट ऊंचा और कई टन भारी 'सुदर्शन चक्र' शहर के किसी भी कोने से देखने पर हमेशा आपकी तरफ ही मुंह किए हुए दिखाई देता है। मंदिर के सिंहद्वार के अंदर कदम रखते ही बाहर की विशाल समुद्र की लहरों की आवाज पूरी तरह गायब हो जाती है, जबकि एक कदम बाहर आते ही गर्जना फिर सुनाई देने लगती है।5. कैलास मंदिर (एलोरा, महाराष्ट्र): ऊपर से नीचे तराशा गया अखंड पाषाण विस्मयमहाराष्ट्र के औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर) में स्थित एलोरा की गुफा संख्या 16 में बना कैलास मंदिर मानव इतिहास की सबसे जटिल और रहस्यमयी स्थापत्य कला का उदाहरण है। इस पूरे दो मंजिला विशाल मंदिर को नीचे से ऊपर नहीं, बल्कि एक ही विशालकाय ठोस पहाड़ को ऊपर से नीचे की तरफ काटकर (Top-to-Bottom Carving) बनाया गया है।पुरातत्वविदों के अनुसार, इसे बनाने के लिए लगभग 2 से 4 लाख टन पत्थर को काटा गया था। 8वीं शताब्दी में बिना किसी आधुनिक क्रेन, लेजर तकनीक या कंप्यूटर मॉडलिंग के इतने सटीक अनुपातिक मंदिर का निर्माण करना आज के अत्याधुनिक इंजीनियरिंग युग में भी लगभग असंभव माना जाता है।
Vrindavan में Omaxe Mall की शटरिंग गिरने से 3 मजदूरों की मौत, कई घायल
वृंदावन में शुक्रवार सुबह निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत की शटरिंग गिर जाने से तीन मजदूरों की मौत हो गई तथा कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। ओमैक्स के महाप्रबंधक आर. के. जैन ने बताया कि यह घटना सुबह करीब सात बजे वृंदावन कोतवाली थाना क्षेत्र के रुक्मिणी विहार इलाके में स्थित ओमैक्स मॉल निर्माण स्थल पर हुई। उस समय मजदूर चौथी मंजिल पर बाहर निकले हुए स्लैब के लिए कंक्रीट डालने का काम कर रहे थे। शटरिंग गिर जाने से कई मजदूर उसके नीचे दब गए। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस व दमकल विभाग को सूचित किया। पुलिस व दमकल विभाग ने स्थानीय नागरिकों के सहयोग से घायलों को मलबे में से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने बताया कि नेपाल निवासी मजदूर शिवराम (42) की मौके पर ही मौत हो गई। दो अन्य ने जिला अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उनकी पहचान पश्चिम बंगाल के रफीकुल और आलम (दोनों की उम्र 35 से 40 वर्ष के बीच) के रूप में की गई है। दिलदार सिंह (40) की स्थिति बेहद नाजुक देखते हुए उन्हें आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया है। अन्य कई मजदूरों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि दमकल विभाग ने घटनास्थल पर छानबीन कर ली है और अब कोई अन्य मजदूर वहां दबा हुआ नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और शटरिंग गिरने के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को जल्द से जल्द राहत और बचाव कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लिया है और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों के परिवारों की शिकायतों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मौके पर मौजूद ओमैक्स के महाप्रबंधक जैन ने भी परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को चिकित्सा उपचार और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। मॉल का निर्माण करने वाली निर्माण कंपनी के प्रतिनिधि चन्द्रशेखर शुक्ला ने एक बयान में घोषणा की कि कंपनी तीन मृत श्रमिकों में से प्रत्येक के परिजनों को 20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी और सभी घायलों के चिकित्सा उपचार के अलावा, उनके आश्रितों को दो लाख रुपये प्रदान करेगी। मृतकों के परिजन प्रत्येक परिवार के लिए कथित तौर पर 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में, जिलाधिकारी ने कहा कि यह परियोजना मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण से अनुमोदन के बाद क्रियान्वित की जा रही थी, लेकिन इसकी गहन जांच की आवश्यकता है कि यह घटना कैसे हुई और कहां चूक हुई। उन्होंने कहा कि इस जांच की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंपी जा रही है। सिंह ने कहा कि जांच में शटरिंग गिरने के कारणों के साथ-साथ निर्माण के दौरान अपनाए जा रहे सुरक्षा मानकों की भी जांच की जाएगी। यह भी सत्यापित किया जाएगा कि क्या शटरिंग तकनीकी विशिष्टताओं के अनुसार स्थापित की गई थी और क्या श्रमिकों के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दुर्घटना की जवाबदेही तय की जाएगी।
ग्रामीण भारत में इंटरनेट क्रांति लाएगा स्टारलिंक, एलन मस्क की बड़ी पेशकश
एलन मस्क ने भारत के ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में स्टारलिंक इंटरनेट पहुंचाने की पेशकश की है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां पारंपरिक नेटवर्क मुश्किल है।
सुपरस्टार रजनीकांत की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'जेलर' के सीक्वल 'जेलर 2' (Hukum) को लेकर दर्शकों का इंतजार अब बड़े उत्साह में बदल चुका है। फिल्म का पहला धमाकेदार ट्रैक रिलीज कर दिया गया है। पिछली फिल्म में जहां तमन्ना भाटिया के 'कावाला' (Kaavaalaa) गाने ने इंटरनेट पर तहलका मचाया था, वहीं इस बार मेकर्स ने अभिनेत्री और क्लासिकल डांसर शमना कासिम (पूर्णा) को स्क्रीन पर उतारा है। गाना रिलीज होते ही चार्टबस्टर बन गया है, लेकिन इसके साथ ही एक नए विवाद ने भी जन्म ले लिया है।तमन्ना के 'कावाला' के बाद शमना कासिम का जबरदस्त डांस मूव्स'जेलर' के पहले भाग में तमन्ना भाटिया का हुक-स्टेप ग्लोबल ट्रेंड बन गया था। ऐसे में 'जेलर 2' के पहले गाने को लेकर फैंस की उम्मीदें काफी ऊंची थीं। मेकर्स ने इस बार साउथ की लोकप्रिय अभिनेत्री शमना कासिम पर बड़ा दांव खेला है।गाने के विजुअल्स में शमना कासिम का हाई-एनर्जी डांस और एक्सप्रेशंस दर्शकों को काफी पसंद आ रहे हैं। संगीतकार अनिरुद्ध रविचंदर की बीट्स और रजनीकांत की सिग्नेचर स्क्रीन प्रेजेंस ने गाने को रिलीज के कुछ ही घंटों में यूट्यूब पर ट्रेंडिंग लिस्ट में शीर्ष पर पहुंचा दिया है।मलयालम उच्चारण को लेकर सोशल मीडिया पर क्यों छिड़ी बहस?गाने के म्यूजिक और कोरियोग्राफी की जहां जमकर तारीफ हो रही है, वहीं इसके लिरिक्स में इस्तेमाल किए गए मलयालम शब्दों और उच्चारण (Malayalam Pronunciation) को लेकर विवाद शुरू हो गया है।केरल और सोशल मीडिया के तमिल-मलयालम दर्शकों के एक वर्ग का आरोप है कि गाने में शामिल मलयालम पंक्तियों का डिक्शन और उच्चारण सही नहीं है। नेटिजन्स का कहना है कि अनिरुद्ध और गायकों ने शब्दों के टोन को सही तरीके से पेश नहीं किया, जिससे शब्दों का मूल अर्थ और स्थानीय फ्लेवर प्रभावित हुआ है।अनिरुद्ध के म्यूजिक पर मिली-जुली प्रतिक्रियाअनिरुद्ध रविचंदर अपने गानों में अलग-अलग क्षेत्रीय भाषाओं और लोक-धुनों (Folk Beats) के फ्यूजन के लिए जाने जाते हैं। कई फैंस का तर्क है कि यह एक फास्ट-पेस्ड कमर्शियल मास ट्रैक है, जिसे सिनेमाई जरूरत के हिसाब से ढाला गया है, इसलिए इसमें भाषा के व्याकरण या कठोर उच्चारण को मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। वहीं, आलोचकों का मानना है कि दक्षिण भारतीय भाषाओं के सही उच्चारण का ध्यान रखा जाना जरूरी है।'जेलर 2' से क्या हैं दर्शकों की उम्मीदें?नेल्सन दिलीपकुमार के निर्देशन में बन रही 'जेलर 2' को लेकर पैन-इंडिया स्तर पर जबरदस्त बज बना हुआ है। 'जेलर' ने बॉक्स ऑफिस पर 600 करोड़ रुपये से अधिक की ऐतिहासिक कमाई की थी। सीक्वल में रजनीकांत के 'मुथुवेल पांडियन' वाले किरदार को और भी अधिक आक्रामक और रोमांचक अंदाज में पेश किए जाने की चर्चा है।गाने को लेकर चल रहे विवाद के बावजूद यह ट्रैक सोशल मीडिया रील्स और शॉर्ट्स पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने फिल्म के प्रचार को एक नई गति दे दी है।
हरियाणा में किसान आंदोलन और प्रदर्शनों के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए साहिल लोचब का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा साहिल और उनके परिवार के समर्थन में पुलिस थाने पहुंचकर धरने पर बैठने के बाद इस पूरे घटनाक्रम ने बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है। साहिल लोचब उस दर्द और संघर्ष का चेहरा बन चुके हैं, जिसकी गूंज अब संसद से लेकर सड़कों तक सुनाई दे रही है।कौन हैं साहिल लोचब?साहिल लोचब हरियाणा के रोहतक-जींद क्षेत्र के एक सामान्य किसान परिवार से आने वाले युवा हैं। वे किसान आंदोलन और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी सहित किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे प्रदर्शनों में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं।फरवरी-मार्च 2024 के दौरान शंभू और खनौरी बॉर्डर पर सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारी किसानों के बीच हुए टकराव के दौरान साहिल गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आंदोलन स्थल पर सुरक्षा बलों द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चलाए गए पैलेट गन (छर्रे) और रबर बुलेट की सीधी चपेट में साहिल आ गए थे।शरीर में 200 से अधिक छर्रे और आंख की रोशनी पर गहरा आघातअस्पताल में जांच और प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने पाया कि साहिल के चेहरे, सीने, गर्दन और सिर के हिस्से में 200 से अधिक छर्रे (pellets) धंसे हुए थे। सबसे गहरा असर उनकी आंखों पर पड़ा, जहां छर्रों के कारण उनकी एक आंख की लगभग 99% रोशनी चली गई और दूसरी आंख पर भी गंभीर असर पड़ा।लंबे समय तक पीजीआईएमएस (PGIMS) रोहतक और बाद में दिल्ली के उच्च चिकित्सा संस्थानों में साहिल का इलाज चला। कई ऑपरेशनों के बावजूद शरीर के बेहद संवेदनशील और नसों के करीब होने के कारण सभी छर्रों को पूरी तरह से बाहर निकालना संभव नहीं हो सका। साहिल आज भी शारीरिक असहनीय दर्द और आंशिक दृष्टिहीनता के साथ जीवन जीने को मजबूर हैं।राहुल गांधी के थाने में धरने पर बैठने की पूरी वजहइस पूरे मामले ने तब तूल पकड़ा जब पीड़ित परिवार और स्थानीय किसान नेताओं ने पुलिस और प्रशासन पर मामले में ढिलाई बरतने, उचित एफआईआर दर्ज न करने और प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग करने वाले दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।पीड़ित साहिल लोचब से मुलाकात करने पहुंचे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रशासन के इस रवैये पर कड़ा ऐतराज जताया। परिवार को न्याय दिलाने, दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और घायल साहिल को उचित मुआवजा व जीवनयापन सहायता दिए जाने की मांग को लेकर राहुल गांधी कांग्रेस नेताओं के साथ स्थानीय पुलिस थाने पहुंचे और जमीन पर बैठकर धरने पर शामिल हो गए।राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर उठा सवालराहुल गांधी के इस कदम के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र और राज्य सरकार को घेरते हुए सवाल उठाया कि लोकतांत्रिक देश में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने वाले युवाओं पर इस स्तर का घातक बल प्रयोग क्यों किया गया। मानवाधिकार संगठनों ने भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन के इस्तेमाल पर सवाल खड़े किए हैं।दूसरी ओर, प्रशासनिक और पुलिस सूत्रों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और बैरिकेड्स तोड़ने से रोकने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत सीमित बल प्रयोग किया गया था और पुलिस किसी भी तरह की कानूनी प्रक्रिया में पक्षपात नहीं कर रही है।न्याय की उम्मीद में साहिल का परिवारसाहिल लोचब के परिवार का कहना है कि उनका बेटा कोई अपराधी नहीं बल्कि अपने हक की आवाज उठाने गया एक नौजवान था। परिवार की मांग है कि उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि साहिल के भविष्य के लिए स्थायी आर्थिक सुरक्षा, बेहतर मेडिकल सहायता और दोषियों पर जवाबदेही तय की जाए।
रात में खुले आसमान के नीचे कपड़े सुखाना क्यों माना जाता है गलत: जानिए वैज्ञानिक और वास्तु सम्मत कारण
अक्सर घरों में बड़े-बुजुर्ग शाम ढलने के बाद बाहर सूख रहे कपड़ों को अंदर लाने की सलाह देते हैं। कई लोग इसे केवल पुरानी परंपरा या अंधविश्वास मान लेते हैं, लेकिन इसके पीछे गहरे वैज्ञानिक (Scientific) और वास्तु/ज्योतिषीय (Vastu & Energetic) कारण मौजूद हैं।1. वैज्ञानिक और स्वास्थ्य से जुड़े कारण (Scientific Reasons)बैक्टीरिया और फंगस का खतरा: धूप प्राकृतिक सैनिटाइजर का काम करती है। सूर्य की पराबैंगनी किरणें (UV Rays) कपड़ों में मौजूद कीटाणुओं को नष्ट करती हैं। रात में धूप न होने और नमी अधिक होने के कारण कपड़े देर से सूखते हैं, जिससे उनमें फफूंद (Fungus) और बैक्टीरिया पनपने लगते हैं।कीड़े-मकौड़ों का छिपना: रात के समय कई छोटे कीड़े, मकड़ियां और मक्खियां कपड़ों की तहों या नमी वाली जगहों पर छिप जाते हैं। ऐसे कपड़े पहनने से त्वचा पर खुजली, एलर्जी या रैशेज (Dermatitis) हो सकते हैं।ओस और बदबू: रात में गिरने वाली ओस कपड़ों में सीलन पैदा करती है। इससे कपड़ों से एक अजीब सी दुर्गंध आने लगती है जो धोने के बाद भी आसानी से नहीं जाती।प्रदूषण और धूल के कण: रात के तापमान में गिरावट के कारण वातावरण में धूल और सूक्ष्म प्रदूषक कण नीचे बैठते हैं, जो गीले कपड़ों पर आसानी से चिपक जाते हैं।2. वास्तु और ज्योतिषीय दृष्टिकोण (Vastu & Astrological Aspects)नकारात्मक ऊर्जा का अवशोषण: वास्तु शास्त्र के अनुसार, सूर्यास्त के बाद वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energies) का प्रभाव बढ़ जाता है। गीले कपड़े ऊर्जा को तेजी से सोखते हैं। रात भर बाहर टंगे कपड़ों को पहनने से व्यक्ति के स्वभाव में चिड़चिड़ापन, सुस्ती और मानसिक तनाव बढ़ सकता है।सूर्य ऊर्जा का अभाव: भारतीय परंपरा में सूर्य को सकारात्मकता, जीवन शक्ति और आरोग्यता का प्रतीक माना गया है। धूप में सूखे कपड़े शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं, जबकि रात में सूखे कपड़े ऊर्जा स्तर को कमजोर करते हैं।पारिवारिक शांति और समृद्धि पर असर: लोक मान्यताओं और वास्तु के अनुसार, रात में कपड़े खुले में छोड़ने से घर में दरिद्रता और गृह-क्लेश की स्थिति बन सकती है।कपड़े सुखाते समय ध्यान रखने योग्य जरूरी बातेंसूर्यास्त से पहले समेटें: कपड़ों को दिन की धूप में सुखाएं और शाम होने से पहले उतार लें।रात में मजबूरी हो तो: यदि रात में कपड़े सुखाना मजबूरी हो, तो उन्हें बाहर खुले में टांगने के बजाय घर के अंदर, हवादार कमरे में पंखे के नीचे सुखाएं।प्रेस (Iron) का उपयोग: यदि कपड़े पूरी तरह नहीं सूखे हैं, तो उन्हें पहनने से पहले अच्छे से आयरन जरूर करें ताकि गर्माहट से बैक्टीरिया खत्म हो जाएं।
देश के कई प्रमुख शहरों में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की कीमतें ₹100 से ₹105 प्रति किलोग्राम के आंकड़े को छू रही हैं और कुछ इलाकों में पार भी कर चुकी हैं। कभी मध्यम वर्ग और व्यावसायिक वाहन चालकों के लिए सबसे सस्ता और किफायती विकल्प मानी जाने वाली सीएनजी अब पेट्रोल के दामों को सीधी टक्कर दे रही है। जिन लोगों ने पेट्रोल के भारी खर्च से बचने के लिए लाखों रुपये खर्च करके सीएनजी किट लगवाई थी या सीएनजी गाड़ियां खरीदी थीं, वे अब खुद को असमंजस की स्थिति में पा रहे हैं।सीएनजी के दामों में लगातार आग क्यों? जानिए पूरा गणितप्राकृतिक गैस की खुदरा कीमतों में इस ऐतिहासिक बढ़ोतरी के पीछे मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव और घरेलू स्तर पर नीतियों में बदलाव जिम्मेदार हैं। भारत अपनी प्राकृतिक गैस की कुल जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलएनजी (LNG) और कच्चे तेल के भाव बदलते हैं, तो उसका सीधा असर स्थानीय गैस वितरण कंपनियों की लागत पर पड़ता है।इसके अलावा, सरकार द्वारा दी जाने वाली घरेलू एपीएम (Administered Price Mechanism) गैस के कोटे में कटौती और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों को महंगी आयातित गैस पर निर्भर होना पड़ रहा है। परिणामस्वरूप, गैस वितरण कंपनियों ने बढ़ी हुई इनपुट लागत का पूरा बोझ सीधे अंतिम उपभोक्ताओं की जेब पर डाल दिया है।पेट्रोल बनाम सीएनजी: क्या अब भी बचा है बचत का दायरा?अगर तुलनात्मक रूप से देखा जाए, तो पेट्रोल की मौजूदा कीमतें देश के अधिकांश राज्यों में ₹94 से ₹106 प्रति लीटर के बीच बनी हुई हैं। वहीं कई राज्यों और दूर-दराज के जिलों में सीएनजी ₹95 से ₹105 प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रही है।कागजी तौर पर सीएनजी का माइलेज पेट्रोल के मुकाबले प्रति किलोग्राम कुछ किलोमीटर अधिक जरूर रहता है, लेकिन जब दोनों के खुदरा दामों में अंतर लगभग खत्म हो जाता है, तो वाहन मालिक की कुल बचत न के बराबर रह जाती है। सीएनजी किट का नियमित रखरखाव, बूट स्पेस (डिक्की) की कमी, हाइड्रो टेस्टिंग का खर्च और गैस भराने के लिए घंटों लंबी कतारों में लगने वाला समय जोड़ने के बाद यह सौदा अब पहले जैसा फायदेमंद नहीं दिखता।ऑटो और कैब ड्राइवरों की आजीविका पर सीधा प्रहारइस मूल्य वृद्धि का सबसे गंभीर प्रभाव ओला, उबर जैसी ऐप-आधारित टैक्सियों, ऑटो-रिक्शा चालकों और छोटे मालवाहक वाहन स्वामियों पर पड़ा है। महानगरों में कैब चलाकर गुजारा करने वाले चालकों का कहना है कि उनकी रोजाना की कमाई का लगभग 50 से 60 प्रतिशत हिस्सा केवल ईंधन भराने में निकल जाता है।दूसरी ओर, एग्रीगेटर कंपनियों के किराए और यात्री भाड़े में उस अनुपात में बढ़ोतरी नहीं हुई है। इससे चालकों का दैनिक मुनाफा घटकर आधा रह गया है। कई शहरों में ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने किराया बढ़ाने या ईंधन पर लगने वाले टैक्स को कम करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी भी दी है।वैट और टैक्स का दोहरा मार: जीएसटी के दायरे से बाहर ईंधनसीएनजी की ऊंची कीमतों का एक बड़ा कारण कर ढांचा भी है। पेट्रोल और डीजल की तरह सीएनजी को भी अभी तक वस्तु एवं सेवा कर (GST) के दायरे में नहीं लाया गया है। इसके चलते केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और अलग-अलग राज्यों द्वारा लगाया जाने वाला वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) दोनों मिलकर इसकी अंतिम कीमत को बहुत ऊंचा बना देते हैं।उदाहरण के तौर पर, दिल्ली-एनसीआर में जहां वैट की दरें अपेक्षाकृत संतुलित हैं, वहां सीएनजी लगभग ₹80-₹84 प्रति किलो के दायरे में है, लेकिन उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई शहरों में वैट और अतिरिक्त ट्रांसपोर्टेशन लॉजिस्टिक्स जुड़ने के बाद यह दर ₹95 से ₹105 प्रति किलो तक पहुंच जाती है। राज्यों के बीच कीमतों का यह बड़ा अंतर सीधे तौर पर प्रांतीय टैक्स नीतियों को दर्शाता है।क्या कहते हैं ऑटोमोबाइल और ऊर्जा विशेषज्ञ?ऑटोमोबाइल सेक्टर के विश्लेषकों का मानना है कि यदि सीएनजी के दामों में स्थिरता नहीं आई, तो सीएनजी वाहनों की बिक्री में भारी गिरावट आ सकती है। पिछले तीन वर्षों में कई कार निर्माताओं ने डीजल मॉडल बंद करके फैक्टरी-फिटेड सीएनजी गाड़ियों पर बड़ा दांव लगाया था।अब यदि ग्राहक को पेट्रोल और सीएनजी के परिचालन खर्च में उल्लेखनीय अंतर नहीं दिखेगा, तो वे सीएनजी के बजाय पेट्रोल हाइब्रिड या फिर सीधे इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की ओर रुख करेंगे। हालांकि, देश में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अभी भी विकास के चरण में है, जिससे आम उपभोक्ता के सामने किफायती सफर का एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है।आगे की राह: क्या सरकार से राहत की उम्मीद है?जनता की नजरें अब केंद्र और राज्य सरकारों पर टिकी हैं। ऊर्जा जानकारों का सुझाव है कि सीएनजी को तुरंत जीएसटी के दायरे में लाया जाए, जिससे पूरे देश में एक समान और तर्कसंगत कर व्यवस्था लागू हो सके। साथ ही, घरेलू गैस आवंटन में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को उच्च प्राथमिकता देकर सब्सिडी या टैक्स छूट दी जाए, ताकि सार्वजनिक परिवहन और मध्यम वर्ग को महंगाई के इस दोहरे झटके से बचाया जा सके।
मुंबई: गणेश आगमन से पहले बीएमसी ने गड्ढों की मरम्मत में तेजी लाई, पांच दिनों में 68 फीसदी की कमी
पिछले हफ्ते बृहन्मुंबई सार्वजनिक गणेशोत्सव समन्वय समिति ने मेयर रितु तावड़े से मुलाकात कर गणेश मूर्तियों के आगमन से पहले गड्ढे भरने की मांग की थी।
गिरफ्तारी वारंट के खिलाफ HC पहुंचीं महुआ मोइत्रा, हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप
सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ नदिया की कृष्णनगर अदालत ने आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. सांसद ने इस आदेश को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी है. उन्होंने मामले की जल्द सुनवाई की मांग की है. सोमवार को मामले की सुनवाई की जाएगी.
केशव प्रसाद मौर्य जी ने आज इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर, लखनऊ में इन्वेस्ट यूपी द्वारा आयोजित जापान-भारत व्यापार नेटवर्किंग कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जापान के राजदूत श्री ओनो केइची जी को पुष्पगुच्छ एवं भगवान बुद्ध का स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।उप मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए कृषि, उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। उत्तर प्रदेश में कृषि उत्पादन की विशाल क्षमता को आधुनिक तकनीक और निवेश के साथ जोड़कर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा खाद्य प्रसंस्करण केंद्र बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जापान के साथ साझेदारी इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।उन्होंने जापानी प्रतिनिधिमंडल तथा देश के घरेलू निवेशकों का उत्तर प्रदेश में स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार निवेशकों को आवश्यक सुविधाएं, सुरक्षित वातावरण और बेहतर कारोबारी माहौल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के व्यापार नेटवर्किंग कार्यक्रम भारत-जापान आर्थिक संबंधों को नई गति देने के साथ ही उत्तर प्रदेश में निवेश, रोजगार और तकनीकी सहयोग के नए अवसर पैदा करेंगे।कार्यक्रम में भारत में जापान के राजदूत श्री ओनो केइची जी, श्री हैरी हाकुई कोसातो, निदेशक, किकोमन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, श्री सुदीप गोयनका, निदेशक, गोल्डी ग्रुप सहित जापान एवं भारत के उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निवेशक, वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य प्रतिष्ठितजन गरिमामयी रूप से उपस्थित रहे।
यूपी पुलिस के हाफ एनकाउंटर की होगी CBI जांच, देखें हाईकोर्ट का आदेश
यूपी में एक हाफ एनकाउंटर के 15 महीने बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने पुलिस को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. श्रावस्ती में हुए इस हाफ एनकाउंटर की सीबीआई जांच का आदेश देते हुए अदालत ने तत्कालीन पुलिस अधिकारी की निशानेबाजी की क्षमता तक जांचने को कहा. क्या है पूरा मामला, जानने के लिए देखें वीडियो.
ISRO अब नहीं बनाएगा लॉन्च व्हीकल! प्राइवेट कंपनियों को सौंपेगा जिम्मा
ISRO लॉन्च व्हीकल और सामान्य सैटेलाइट के निर्माण का काम धीरे-धीरे निजी क्षेत्र को सौंपेगा. वहीं, ISRO रिसर्च, नई तकनीक और वैज्ञानिक मिशनों पर ज्यादा ध्यान देगा. यह बदलाव भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था को 2033 तक 44 अरब डॉलर तक पहुंचाने की योजना का हिस्सा है.
'हिंदू-मुस्लिम मानसिकता से बाहर आएं', वंदे मातरम् पर कंगना का शर्मिला टैगोर को जवाब
भाजपा सांसद कंगना रनौत ने अभिनेत्री शर्मिला टैगोर की 'वंदे मातरम' पर टिप्पणी का विरोध किया है, इसे केवल धार्मिक दृष्टिकोण से देखने को गलत बताया।
क्लासिक और रेट्रो-स्टाइल बाइक्स के शौकीनों के लिए बड़ी खबर है। जावा येज्दी मोटरसाइकल्स (Jawa Yezdi Motorcycles) ने अपने ग्राहकों की सुविधा और डिजिटल पहुंच को विस्तार देते हुए अपनी बेहद लोकप्रिय और प्रीमियम बाइक 'Yezdi Roadster Red Wolf' को देश के प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Amazon.in और Flipkart पर आधिकारिक तौर पर उपलब्ध करा दिया है। अब ग्राहकों को इस दमदार मोटरसाइकिल को बुक करने के लिए सीधे डीलरशिप या शोरूम के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। खरीदार अपने मोबाइल या लैपटॉप से सीधे ई-कॉमर्स साइट पर जाकर एक्स-शोरूम बुकिंग कर सकते हैं और आकर्षक बैंक ऑफर्स व नो-कॉस्ट ईएमआई (EMI) का लाभ भी उठा सकते हैं।कीमत और आकर्षक फाइनेंस विकल्प (Price & Offers)एक्स-शोरूम कीमत: येज्दी रोडस्टर रेड वुल्फ (Yezdi Roadster Red Wolf) की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹2,09,950 (लगभग ₹2.09 लाख) तय की गई है।बैंक ऑफर्स और ईएमआई: अमेजन और फ्लिपकार्ट पर चुनिंदा बैंक क्रेडिट/डेबिट कार्ड्स के जरिए एक्स-शोरूम बुकिंग पर ₹3,000 से ₹5,000 तक का इंस्टेंट डिस्काउंट और आसान मासिक किस्तों (EMI) के विकल्प भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।कैसा है बाइक का डिजाइन और धांसू इंजन (Engine & Performance)1970 के दशक की ऐतिहासिक येज्दी विरासत से प्रेरित इस बाइक को खास 'रेड वुल्फ' लुक में पेश किया गया है:इंजन और पावर: बाइक में 334cc का 350 Alpha2 लिक्विड-कूल्ड, सिंगल सिलेंडर इंजन दिया गया है, जो लगभग 29 bhp की मैक्सिमम पावर और 29.6 Nm का पीक टॉर्क जनरेट करता है।गियरबॉक्स और क्लच: यह बाइक 6-स्पीड गियरबॉक्स के साथ आती है, जिसमें स्मूथ गियर शिफ्टिंग के लिए 'असिस्ट एवं स्लिपर क्लच' (Assist & Slipper Clutch) की सुविधा दी गई है।राइडिंग रेंज और कम्फर्ट: लंबी दूरी के टूरिंग राइडर्स को ध्यान में रखते हुए इसमें 12.5-लीटर का बड़ा फ्यूल टैंक दिया गया है, जो एक बार फुल कराने पर 350 किलोमीटर से अधिक की राइडिंग रेंज देने में सक्षम है।सेफ्टी फीचर्स: बाइक में डुअल-चैनल एबीएस (Dual-Channel ABS), डिस्क ब्रेक्स, आकर्षक क्रोम फिनिश, अलॉय/स्पोक व्हील्स और कंफर्टेबल एर्गोनॉमिक्स दिए गए हैं।Amazon और Flipkart से कैसे खरीदें बाइक? (Online Booking Process)ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के जरिए बाइक खरीदने की पूरी प्रक्रिया को बहुत सरल और पारदर्शी बनाया गया है:ऑनलाइन बुकिंग करें: सबसे पहले Amazon या Flipkart ऐप/वेबसाइट पर जाएं और 'Yezdi Roadster Red Wolf' सर्च करें।पिनकोड और कलर चुनें: अपना डिलीवरी पिनकोड दर्ज करें और उपलब्ध कलर/वेरिएंट सिलेक्ट कर एक्स-शोरूम अमाउंट का पेमेंट (या बुकिंग) पूरा करें।डीलर कन्फर्मेशन: बुकिंग दर्ज होते ही आपके नजदीकी शहर का अधिकृत (Authorised) जावा येज्दी डीलर आपसे संपर्क करेगा और ऑर्डर को कन्फर्म करेगा।कागजी कार्रवाई और ऑन-रोड पेमेंट: स्थानीय डीलरशिप पर जाकर आरटीओ (RTO) रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस और बाकी ऑन-रोड टैक्स की औपचारिकताओं को पूरा करना होगा।डिलीवरी: सभी कागजी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद डीलरशिप से आपको बाइक की अंतिम डिलीवरी सौंप दी जाएगी। आप चाहें तो अतिरिक्त एक्सेसरीज भी डीलरशिप से ही खरीद सकते हैं।ओनरशिप एश्योरेंस प्रोग्राम के बड़े फायदे (Warranty & RSA)जावा येज्दी मोटरसाइकल्स ग्राहकों को अपने 'ओनरशिप एश्योरेंस प्रोग्राम' के तहत व्यापक आफ्टर-सेल्स सपोर्ट भी प्रदान कर रही है:स्टैंडर्ड वारंटी: 4 साल या 50,000 किलोमीटर की स्टैंडर्ड मैन्युफैक्चरर वारंटी।एक्सटेंडेड वारंटी: इसे 6 साल तक बढ़ाने का विशेष विकल्प।रोडसाइड असिस्टेंस (RSA): 8 साल तक 24x7 रोडसाइड असिस्टेंस की सुविधा।सर्विस नेटवर्क: देश भर में 450 से अधिक अधिकृत सेल्स और सर्विस टचपॉइंट्स।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन, आरक्षण और UGC नियमों के विरोध में उतरे हजारों लोग
राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के प्रसिद्ध धरना स्थल जंतर-मंतर पर शुक्रवार को एक बार फिर बड़ा प्रदर्शन हुआ। आरक्षण व्यवस्था में बदलाव और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के इक्विटी रेगुलेशंस के विरोध में हजारों लोग जुटे। प्रदर्शन का आयोजन ‘Reservation ...
सनातन हिंदू धर्म और पूजा-पाठ में दीपक प्रज्वलित करने को केवल एक कर्मकांड नहीं, बल्कि साक्षात सकारात्मक ऊर्जा, ज्ञान, तेज और ईश्वर के प्राकट्य का प्रतीक माना गया है। शास्त्रों में अग्नि देव को प्रत्यक्ष देवता और 'हव्यवाहन' माना गया है, जो हमारी प्रार्थनाओं और आहुतियों को सीधे ईश्वर तक पहुंचाते हैं। अक्सर लोग सुबह और शाम की पूजा में पूरी श्रद्धा के साथ दीया जलाते हैं, लेकिन अनजाने में कुछ ऐसी सूक्ष्म गलतियां कर बैठते हैं, जिससे पूजा का शुभ फल मिलने के बजाय घर में नकारात्मकता, दरिद्रता और वास्तु दोष उत्पन्न होने लगता है। धर्मशास्त्रों, गरुड़ पुराण और वास्तु शास्त्र में दीपक जलाने के कई कठोर नियम बताए गए हैं, जिनमें से एक गलती को सबसे बड़ा दोष माना गया है।दीपक से दीपक जलाना: शास्त्रों में सबसे बड़ा वर्जित कर्मपूजा-अर्चना या आरती के दौरान सबसे आम और गंभीर गलती जो लोग करते हैं, वह है 'एक जलते हुए दीपक से दूसरा दीपक जलाना'।शास्त्रों का सख्त निर्देश: धर्मग्रंथों में स्पष्ट उल्लेख मिलता है कि यदि कोई व्यक्ति एक जलते हुए दीपक की लौ से दूसरा दीपक या अगरबत्ती/धूपबत्ती जलाता है, तो वह पूजा दोषपूर्ण मानी जाती है।दरिद्रता और रोग का कारण: पद्म पुराण और भविष्य पुराण के अनुसार, दीपक से दीपक जलाने से घर में आर्थिक तंगी, कर्ज और पारिवारिक सदस्यों में शारीरिक व्याधियां (बीमारियां) बढ़ती हैं।अग्नि का अपमान: हर दीपक का अपना स्वतंत्र स्थान, उद्देश्य और संकल्प होता है। जब आप एक दिए से दूसरा दीया जलाते हैं, तो पहले दीपक की ऊर्जा और शुचिता खंडित हो जाती है। इसलिए हर नए दीपक को हमेशा माचिस या अलग जलती हुई तीली से ही प्रज्वलित करना चाहिए।खंडित या टूटे हुए दीपक का कभी न करें उपयोगमिट्टी के दीये का उपयोग करते समय यह जरूर देखें कि वह कहीं से चटका, टूटा या खुरदरा न हो:अशुभ ऊर्जा का प्रवेश: खंडित दीये में तेल या घी डालकर जलाने से वास्तु दोष बनता है और मां लक्ष्मी अप्रसन्न होती हैं।धातु के बर्तनों की सफाई: यदि आप पीतल, तांबे या चांदी के दीपक का प्रयोग करते हैं, तो उसे हर रोज अच्छी तरह मांजकर और धोकर ही दोबारा जलाएं। बासी या जूठे दीपक में नई बाती लगाना वर्जित माना गया है।बाती के नियम: गोल बाती बनाम लंबी बाती का सही चुनावदीपक में लगाई जाने वाली बाती का भी शास्त्र सम्मत विधान है, जिसे लेकर अक्सर लोग भ्रमित रहते हैं:लंबी बाती (खड़ी बाती): लंबी बाती का प्रयोग हमेशा माता लक्ष्मी, मां दुर्गा, सरस्वती और कुलदेवी की पूजा में किया जाता है। लंबी बाती धन, यश और वंश वृद्धि का कारक मानी जाती है।गोल बाती (फूल बाती): गोल बाती का प्रयोग भगवान शिव, श्री हरि विष्णु, हनुमान जी और बटुक भैरव की उपासना में किया जाता है। यह स्थिरता, आत्मबल और शांति प्रदान करती है।बाती की संख्या: किसी भी शुभ कार्य में कभी भी एक ही दीपक में दो अलग-अलग तरह के तेल/घी या टूटी हुई बातीयों को जोड़कर नहीं जलाना चाहिए।घी और तेल के दीपक के लिए अलग-अलग दिशा और स्थानवास्तु शास्त्र के अनुसार दीपक को सही दिशा और सही हाथ की तरफ रखना अनिवार्य है:शुद्ध देसी घी का दीपक: भगवान के सामने खड़े होने पर घी का दीपक हमेशा आपके बाएं हाथ (Left Hand) की तरफ यानी भगवान के दाहिने हाथ की तरफ होना चाहिए।तिल या सरसों के तेल का दीपक: तेल का दीपक हमेशा आपके दाहिने हाथ (Right Hand) की तरफ यानी भगवान के बाएं हाथ की तरफ रखा जाना चाहिए।दीपक की लौ की दिशा:पूर्व दिशा: स्वास्थ्य, आयु और सकारात्मक विचारों में वृद्धि करती है।उत्तर दिशा: धन लाभ, व्यापारिक प्रगति और सुख-समृद्धि लाती है।दक्षिण दिशा: पूजा के दीपक की लौ कभी भी दक्षिण दिशा की ओर नहीं होनी चाहिए (यह केवल यम और पितरों के निमित्त जलाए जाने वाले दीपक के लिए होती है)।जमीन पर सीधे कभी न रखें दीपक: 'आसन' देना है जरूरीशास्त्रों में नियम है कि दीपक को कभी भी सीधे फर्श या जमीन पर न रखें। अग्नि देव को हमेशा एक 'आसन' प्रदान करना चाहिए। दीपक स्थापित करने से पहले उसके नीचे थोड़े से अक्षत (साबुत चावल), फूल की पंखुड़ियां या एक छोटी प्लेट रखें। बिना आसन के रखा गया दीपक पृथ्वी का ताप बढ़ाता है और पूजा का पुण्य फल अधूरा रह जाता है।
दुपट्टे से घोंटा गला, पैर में ठोकीं 6 कीलें... चाा ने किया भतीजी का मर्डर
Bareilly Horror killing: घर की इज्जत के नाम पर एक बार फिर खून का खेल खेला गया. 28 जुलाई को मिर्च के खेत में काम करने के दौरान जब नाबालिग भतीजी अपने प्रेमी से फोन पर बात कर रही थी, तो गुस्से में आकर सगे चाचा जयप्रकाश ने दुपट्टे से उसका गला घोंट दिया.
सनातन धर्म और वाल्मीकि रामायण की गाथा में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम और उनके पिता अयोध्या के प्रतापी सूर्यवंशी राजा दशरथ का चरित्र त्याग, धर्मपरायणता और सत्यनिष्ठा का सर्वोच्च प्रतीक माना गया है। पूरी दुनिया उन्हें 'महाराजा दशरथ' के नाम से ही जानती और पूजती है। हालांकि, बहुत कम लोग इस रोचक और आध्यात्मिक रहस्य से परिचित हैं कि 'दशरथ' उनका मूल या जन्म का नाम नहीं था, बल्कि यह एक महान उपाधि थी। प्राचीन पौराणिक ग्रंथों, विष्णु पुराण और वाल्मीकि रामायण के अनुसार जन्म के समय अयोध्या के इस तेजस्वी राजकुमार का असली नाम 'नेमी' (Nemi) रखा गया था। आइए जानते हैं कि कैसे एक अद्वितीय युद्ध कौशल और पराक्रम के बल पर राजकुमार नेमी का नाम 'महाराजा दशरथ' पड़ा।सूर्यवंश में राजकुमार 'नेमी' का जन्म और नामकरणइक्ष्वाकु वंश (सूर्यवंश) की वंशावली के अनुसार, अयोध्या के चक्रवर्ती सम्राट राजा अज और उनकी महारानी इंदुमती के घर एक अत्यंत तेजस्वी पुत्र का जन्म हुआ।पहिए की धुरी समान दृढ़ता: संस्कृत भाषा में रथ के पहिए के बाहरी घेरे या चक्र की धुरी को 'नेमी' कहा जाता है।अटूट निश्चय का प्रतीक: आचार्यों और कुलगुरु महर्षि वशिष्ठ ने बालक के तेजस्वी रूप और अडिग संकल्प को देखते हुए उनका नामकरण 'नेमी' किया, जिसका अर्थ था ऐसा व्यक्ति जो धर्म के पहिए को बिना विचलित हुए थामे रखे और जिसका निश्चय कभी डिगे नहीं।देवासुर संग्राम और शंभासुर का उत्पात: जब देवताओं ने मांगी मददपौराणिक कथा के अनुसार, उस कालखंड में 'शंभासुर' (तिमिध्वज) नामक एक अत्यंत मायावी और शक्तिशाली असुर ने स्वर्गलोक पर आक्रमण कर दिया था।देवताओं की पराजय: शंभासुर के पास मायावी अस्त्रों और अंधेरे में युद्ध करने की चमत्कारी विद्या थी, जिसके सामने देवराज इंद्र और अन्य देवता असहाय हो गए।अयोध्या से बुलावा: अपनी रक्षा के लिए देवताओं ने पृथ्वी के सबसे पराक्रमी सूर्यवंशी राजा नेमी (दशरथ) से सहायता की प्रार्थना की। राजा नेमी देवताओं के संकट को दूर करने के लिए अपनी प्रिय पत्नी महारानी कैकेयी के साथ दिव्य रथ पर सवार होकर युद्धभूमि में पहुंचे।दसों दिशाओं में रथ संचालन: ऐसे मिला 'दशरथ' नामयुद्धभूमि में राजा नेमी का ऐसा रौद्र और अप्रतिम रूप देखने को मिला जिसने तीनों लोकों को चकित कर दिया:10 दिशाओं पर एक साथ नियंत्रण: राजा नेमी एक ही समय में सभी दसों दिशाओं—पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, ईशान, नैऋत्य, वायव्य, आग्नेय, आकाश (ऊपर) और पाताल (नीचे)—में अपने रथ को बिना रुके घुमा सकते थे और बाणों की वर्षा कर सकते थे।असुरों में मची भगदड़: उनकी गति इतनी तेज थी कि असुरों को ऐसा प्रतीत होता था मानो एक ही समय में दस अलग-अलग रथ और योद्धा उन पर प्रहार कर रहे हों।इंद्र द्वारा उपाधि: राजा नेमी के इस अद्वितीय कौशल को देखकर देवराज इंद्र और समस्त देवगणों ने उनकी जय-जयकार की। 'दश' (दस) और 'रथ' (रथ संचालन) के अद्भुत संयोग के कारण उन्हें 'दशरथ' (Dasharatha - दसों दिशाओं में रथ चलाने वाले अजेय योद्धा) की उपाधि दी गई। इसके बाद वे पूरे संसार में 'महाराजा दशरथ' के नाम से विख्यात हुए।युद्ध में महारानी कैकेयी की वीरता और दो वरदान की पृष्ठभूमिइसी देवासुर संग्राम के दौरान जब राजा दशरथ शंभासुर की सेना से घिरे हुए थे, तब शत्रु के प्रहार से उनके रथ के पहिए की कील (धुरी/एक्सल) टूट गई थी।उंगली लगाकर रथ को संभाला: उस समय रानी कैकेयी ने अपने अदम्य साहस का परिचय देते हुए रथ की धुरी में अपनी उंगली फंसाकर रथ का संतुलन बनाए रखा, जिससे राजा दशरथ सुरक्षित रूप से युद्ध लड़ते रहे और असुर का वध किया।दो वरदानों का वचन: युद्ध जीतने के बाद जब राजा दशरथ को कैकेयी के इस महान त्याग और घायल होने का पता चला, तो उन्होंने अत्यंत प्रसन्न होकर कैकेयी को दो वरदान मांगने को कहा। यही वे दो वरदान थे, जिन्हें वर्षों बाद अयोध्या में भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास और भरत के राज्याभिषेक के रूप में मांगा गया था।दशरथ नाम का गहरा आध्यात्मिक अर्थभारतीय दर्शन और संत-महात्माओं के अनुसार 'दशरथ' केवल एक नाम नहीं, बल्कि एक गहरा आध्यात्मिक संदेश भी है:दस इंद्रियों का नियंत्रण: मनुष्य के शरीर में 5 ज्ञानेंद्रियां और 5 कर्मेंद्रियां होती हैं। जो साधक अपनी इन दसों इंद्रियों रूपी घोड़ों और रथ पर पूर्ण नियंत्रण (संयम) प्राप्त कर लेता है, वही सच्चा 'दशरथ' है।परमात्मा का प्राकट्य: जब मनुष्य अपनी सभी इंद्रियों को वश में कर लेता है और उसका अंतःकरण शुद्ध हो जाता है, तभी उसके हृदय में 'प्रभु श्री राम' (परम चेतना) का अवतरण संभव होता है।
अब पहाड़ों पर दौड़ेगी 35 Hydrogen Train, जानें किन घाटियों में चलाई जाएगी
भारतीय रेल पहाड़ियों पर 35 हाइड्रोजन ट्रेन चलाने की तैयारी कर रहा है. इलेक्ट्रिफिकेशन की चुनौती की वजह से हाइड्रोजन ट्रेन का विकल्प चुनने की तैयारी है.
संभाजीनगर में परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, तीन की मौत
छत्रपति संभाजीनगर के तिसगांव इलाके में 18 वर्षीय कुणाल को पहाड़ से सुरक्षित वापस लाने की कोशिश के दौरान उसके पिता भी उसके साथ नीचे गिर गए। इस घटना के बाद सदमे में आई मां की भी मौत हो गई। कुछ ही मिनटों में परिवार के तीन सदस्यों की मौत से इलाके में शोक और स्तब्धता फैल गई।
डेथ सेल में कर रहे टॉर्चर-जेल से थोड़ी देर के लिए बाहर आए इमरान खान ने बहनों को क्या बताया?
इमरान खान पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री हैं. मगर उनका परिवार ही घबराया हुआ है. डर इमरान खान को लेकर है. परिवार को इमरान खान ने बताया है कि उन्हें मानसिक और शारीरिक तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है.
'आपका टाइम खत्म हो चुका', शिक्षा मंत्री को आशुतोष रांका की दो टूक, अभिजीत दीपके बोले- जयपुर जाएंगे
जयपुर में CJP कार्यकर्ताओं पर हमले के बाद से सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस ने हमलावर के बीजेपी कार्यकर्ता होने का आरोप लगाया है तो वहीं, सीजेपी ने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है.
Lucknow Police ने बर्खास्त सिपाही Roshan Raza को 50 हजार की रंगदारी मामले में पकड़ा
लखनऊ में एक व्यक्ति से 50,000 रुपये मांगने, जान से मारने और झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने के आरोप में एक बर्खास्त पुलिस कांस्टेबल को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान कुशीनगर जिले के निवासी रोशन रजा (37) के रूप में हुई जो फिलहाल मोहनलालगंज में रह रहा है। लखनऊ पुलिस के अनुसार, मोहनलालगंज के गोपाल खेड़ा के निवासी मनीष सिंह की शिकायत के बाद 15 अगस्त को रजा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पूर्व कांस्टेबल ने उनसे दुर्व्यवहार किया था और उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस ने कहा कि 20 अगस्त को रजा ने कथित तौर पर सिंह को रोका और लगभग 50,000 रुपये की मांग की। पुलिस ने बताया कि रोशन ने दावा किया था कि पहले के मामले के सिलसिले में यह पैसा खर्च हुआ था। पुलिस के अनुसार उसने कथित तौर पर पैसे नहीं देने पर सिंह को जान से मारने और दूसरे मामले में झूठे फंसाने की धमकी दी। पुलिस ने कहा कि रजा के खिलाफ मोहनलालगंज थाने में मामला दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि आरोपी को मोहनलालगंज पुलिस की एक टीम ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया , जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
BJP ने Rahul Gandhi के धरने को बताया कैमराजीवी ड्रामा, नड्डा ने साधा निशाना
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को यहां पुलिस थाने के बाहर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के धरने को सुर्खियों में बने रहने के लिए किया गया ‘‘कैमराजीवी’’ नाटक करार दिया। भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि यह ‘वंदे मातरम्’ के मुद्दे पर कांग्रेस के रुख से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश थी। सत्तारूढ़ पार्टी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता पर संसद मार्ग थाना परिसर स्थित पुलिस उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना देकर ‘‘ओछी और अराजक राजनीति’’ करने का आरोप लगाया और कहा कि उनका उद्देश्य न्याय या जांच की मांग करना नहीं था, बल्कि हंगामा खड़ा करना और कानून-व्यवस्था को चुनौती देना था। गांधी, 20 जुलाई को छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के छर्रों से घायल हुए युवक के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए शुक्रवार को संसद मार्ग थाना परिसर स्थित पुलिस उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। पुलिस द्वारा शिकायत दर्ज किए जाने के बाद धरना समाप्त हुआ। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने कहा कि गांधी का धरना न तो छात्रों के लिए था और न ही न्याय के लिए, बल्कि यह कांग्रेस की ‘‘राजनीतिक हताशा’’ को दर्शाता है। उन्होंने कहा, ‘‘आज पूरे देश ने एक बार फिर राहुल गांधी की ओछी और ध्यान भटकाने वाली राजनीति देखी, जिसका प्रदर्शन उन्होंने संसद मार्ग थाने के बाहर किया।”नड्डा ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘राहुल गांधी का यह विरोध प्रदर्शन न तो छात्रों के लिए है और न ही न्याय के लिए; यह कांग्रेस पार्टी की राजनीतिक हताशा और फुटेज के लिए राहुल गांधी की भूख है।’’नड्डा ने गांधी के विरोध प्रदर्शन को ‘वंदे मातरम्’ को लेकर जारी राजनीतिक विवाद से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि राष्ट्रगीत के मुद्दे पर कांग्रेस को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है और इसी मुद्दे से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए गांधी ने धरना दिया। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस के राष्ट्र-विरोधी चेहरे को छिपाने और अपनी किरकिरी से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए राहुल गांधी ने जल्दबाजी में यह नाटक किया।’’उन्होंने सवाल उठाया कि जब उच्चतम न्यायालय पहले ही 20 जुलाई की घटना का संज्ञान ले चुका है और मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति गठित कर चुका है, तो गांधी ने विरोध प्रदर्शन करने का फैसला क्यों किया। नड्डा ने कहा, ‘‘जब देश की सर्वोच्च अदालत इस मामले की जांच कर रही है, तो कैमरों के सामने पुलिस थाने के बाहर बैठकर राहुल गांधी आखिर क्या साबित करना चाहते हैं? क्या विपक्ष के नेता का न्यायपालिका पर से भरोसा उठ गया है?’’उन्होंने कहा, ‘‘सच्चाई यह है कि राहुल गांधी यह ‘कैमराजीवी’ ड्रामा केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए कर रहे हैं।’’उन्होंने कहा कि देश संविधान, कानून और न्यायिक प्रक्रियाओं के अनुसार चलता है, न कि ‘‘एक परिवार की जिद’’ या “कैमरों के प्रति प्रेम” के अनुसार। नड्डा ने कहा, ‘‘लोग कांग्रेस से जवाब मांग रहे हैं और कांग्रेस को इसका जवाब देना होगा।’’उन्होंने कांग्रेस पर यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा विपक्षी पार्टी से संसद में चर्चा में भाग लेने की अपील के बावजूद वह संसदीय बहस से बच रही है। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘‘आज पूरे देश में वंदे मातरम् के मुद्दे को लेकर कांग्रेस चारों तरफ से घिरी हुई है। राष्ट्रगीत का अपमान करने के लिए लोग कांग्रेस से जवाब मांग रहे हैं।’’उन्होंने कहा, “कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता को तिरंगे की थीम वाला केक काटते हुए देखा गया। इस राष्ट्र-विरोधी चेहरे को छिपाने और अपनी भारी किरकिरी से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए राहुल गांधी ने जल्दबाजी में यह नाटक रचा।”भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सांसद रविशंकर प्रसाद ने यहां संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि गांधी यह विरोध प्रदर्शन लोगों का ध्यान भटकाने के लिए कर रहे हैं, क्योंकि कांग्रेस को एहसास हो गया है कि ‘वंदे मातरम्’ के मुद्दे पर उसका रुख गलत था। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा आरोप है कि ‘वंदे मातरम्’ के मुद्दे पर अपने रुख को लेकर कांग्रेस घिर गई है और अब वह लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।’’प्रसाद ने कहा कि गांधी ने बिना अनुमति या पूर्व सूचना के धरना दिया था। उन्होंने कहा कि मामले की पहले से ही जांच की जा रही है और सवाल उठाया कि जब इस मामले की जांच की जा रही है, तब कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन करने का फैसला क्यों किया। उन्होंने कहा कि यह मामला इस प्रकरण के संबंध में उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति के समक्ष भी विचाराधीन है। प्रसाद ने कहा, ‘‘कांग्रेस अब राहुल गांधी की तुष्टीकरण की राजनीति से संचालित होने वाली पार्टी बन गई है।
108 साल की धनी बाई की अनूठी कावड़ यात्रा, डमरू बजाते हुए पहुंचीं बाबा महाकाल के दरबार
उज्जैन में 108 साल की बुजुर्ग धनी बाई कावड़ और डमरू लेकर बाबा महाकाल के दरबार पहुंची. उन्होंने नदी हॉल में बैठकर डमरू बजाया और पुजारियों ने उनके द्वारा लाए गए जल से बाबा का अभिषेक किया. बुजुर्ग अम्मा की यह अद्भुत भक्ति देखकर हर कोई हैरान रह गया.
iphone की किस्त दे देंगे, नीचे आ जाओ...' महाराष्ट्र में कैसे उजड़ गया पूरा परिवार; इनसाइड स्टोरी
पुलिस के अनुसार आईफोन की EMI को लेकर शुरू हुआ पारिवारिक विवाद ऐसी घटना में बदल गया, जिसमें पूरा परिवार खत्म हो गया.
घर में रखी पीली सरसों से निकालें शुद्ध कड़वा तेल, झटपट होगा तैयार
अगर आप भी बाजार के महंगे और मिलावटी तेल खरीद-खरीदकर परेशान हो चुके हैं तो यहां हम आपको आप बिना मशीन घर पर ही पीली सरसों का तेल निकालने का तरीका बता रहे हैं. इससे आपको घर पर शुद्ध सरसों का तेल मिलेगा और इसका टेस्ट बाजार से कई गुना बढ़िया होगा.
योगी सरकार 52 नेताओं को देगी बुलेटप्रूफ जैकेट, अखिलेश-स्वतंत्र देव का नाम शामिल
लखनऊ में 52 नेताओं और महत्वपूर्ण लोगों को बुलेटप्रूफ जैकेट खरीदी गई हैं. इनमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती शामिल हैं. सुरक्षा श्रेणी के मुताबिक, जैकेट वितरण दो चरणों में किया गया है, जिसमें पहले चरण में 8 और दूसरे में 44 नेताओं को जैकेट दी जाएगी.
UP के Banda में कुएं की जहरीली गैस से दो किसानों की मौत, पुलिस जांच में जुटी
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में शुक्रवार को एक कुएं में खराब मोटर पंप ठीक करने उतरे दो किसानों की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई। पुलिस के एक अधिकारी यह जानकारी दी। बबेरू क्षेत्र के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) कृष्ण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि बिसंडा थाना क्षेत्र के अजीतपारा गांव में दोपहर करीब पौने एक बजे शिवनारायण सिंह के कुएं में पानी निकालने के मोटर पंप को ठीक करने नीचे उतरे लालू (40) जहरीली गैस की चपेट आकर अचेत हो गए। इसके बाद लालू को बचाने कुएं में उतरे खेत मालिक कृष्ण कुमार (45) भी अचेत हो गए। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने ऑक्सीजन गैस के साथ एक अन्य किसान को कुएं में उतार कर अचेत पड़े किसानों को बाहर निकलवाया और अस्पताल ले गई। सीओ ने बताया कि चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद लालू को मृत घोषित कर दिया। बाद में खेत मालिक कृष्ण कुमार की मौत इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज में हो गई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों किसानों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर घटना की जांच शुरू कर दी गई है।
RPF ने साथी को उतारा, कांवड़ियों ने 87 मिनट तक रोकी ट्रेन
RPF Kanwariya Dispute: जसीडीह से रायपुर जा रही ट्रेन में सवार 150 कांवड़ियों ने कुल्टी स्टेशन पर चेन खींचकर ट्रेन रोक दी. वजह थी आरपीएफ की वो कार्रवाई, जिसमें चित्तरंजन स्टेशन पर उनके एक साथी को चेन खींचने के आरोप में ट्रेन से नीचे उतार लिया गया था...
क्या है जापान में आस्ट्रेलिया के राजदूत का 'इंडो-पैसिफिक प्लान', जिस पर चीन को लगी मिर्ची
चीन का मानना है कि जापान, भारत और दक्षिण कोरिया जैसे देश दुनिया में किसी एक देश का वर्चस्व नहीं चाहते. वो खुद के फैसले लेना चाहते हैं. मगर इसकी कीमत वो किसी दूसरी शक्ति से टकराव मोल लेकर नहीं चुकाएंगे.
'वकील कॉकरोच नहीं हैं...', NALSAR विवाद को लेकर मनन कुमार मिश्रा ने AAP और CJP पर साधा निशाना
नालसर विधि विश्वविद्यालय के छात्रों के विरोध और बीसीआई के आदेश पर विवाद के बाद, बीसीआई अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
बौद्ध मठ पर म्यांमार सेना का एयर स्ट्राइक, ध्यान लगा रहे 14 लोगों की मौत
म्यांमार की सेना पर आरोप है कि उसने हाल में लोकतंत्र समर्थकों पर हमले तेज किए हैं. एक शख्स ने बताया कि म्यांमार सेना की फाइटर जेट ने 15 मिनट के अंतराल पर दो बम गिराए. ये हमला एक बौद्ध मठ में हुआ था. जहां बौद्ध धर्म के मानने वाले 100 लोग मौजूद थे.
खबरदार: पैलेट पर घमासान, FIR के लिए राहुल गांधी ने इतना जोर क्यों लगाया?
आज खबरदार में सबसे पहले बात एक FIR के लिए राहुल गांधी के धरने की.. दिल्ली में एक FIR दर्ज करवाने में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को 7 घंटे लग गए... एक महीने पहले छात्रों के आंदोलन में कथित तौर पर पैलेट गन से घायल हुए एक छात्र की FIR करवाने के लिए आज राहुल गांधी ने आंदोलन किया.. सुबह साढ़े 11 बजे राहुल गांधी दिल्ली के संसद मार्ग के थाने पहुंचे.. उनके साथ में पैलेट गन का पीड़ित भी था.. मांग बस ये थी कि FIR हो जाए. देखें...
3 घंटे की मिन्नतें, फिर 3 खौफनाक मौतें, iPhone की जिद ने उजाड़ दिया पूरा परिवार
छत्रपति संभाजीनगर में iPhone को लेकर माता-पिता से विवाद के बाद 19 वर्षीय कुणाल पहाड़ी पर पहुंच गया. उसे बचाने पहुंचे पिता भी पहाड़ी से गिर गए. पति और बेटे को गिरता देख मां ने भी छलांग लगा दी. करीब तीन घंटे तक पुलिस, फायर ब्रिगेड और ग्रामीणों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन परिवार के तीनों सदस्यों की मौत हो गई.
पाकिस्तान की हताशा पर कमेंट करने का कोई मतलब नहीं, अमेरिकी CDA को समन पर विदेश मंत्रालय
सर्जियो गोर के बयान के कुछ ही घंटे बाद पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में अमेरिकी प्रभारी राजदूत को तलब किया था। पाकिस्तान ने गोर की टिप्पणी पर कड़ा विरोध दर्ज कराया और जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बताए जाने को खारिज किया।
कौन हैं वरिष्ठ एडवोकेट प्रदीप राय, जो बने SCBA प्रेसिडेंट, गौरव भाटिया चौथे नंबर पर रहे
प्रदीप राय भारत के सुप्रीम कोर्ट में सीनियर एडवोकेट हैं, जिन्हें 2026–2027 के लिए सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) का प्रेसिडेंट चुना गया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के चुनाव में वरिष्ठ वकील प्रदीप राय प्रेसिडेंट नियुक्त हुए हैं।
बार काउंसिल के चेयरमैन मनन मिश्रा को हटाने की मांग, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
बार काउंसिल ऑफ इंडिया में कथित कुप्रबंधन की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है. याचिका में BCI अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा को हटाने, अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के कार्यकाल की सीमा तय करने, अन्य वित्तीय लेन-देन की निष्पक्ष जांच व ऑडिट की मांग की गई है.
आईफोन तो खरीद लिया, EMI बन गई जंजाल; बाप-बेटे की पहाड़ी से गिरकर दर्दनाक मौत, मां भी चल बसीं
लोगों ने उसे मनाने के लिए यहां तक कह दिया कि वे उसे नया आईफोन 15 प्रो दिला देंगे लेकिन कुणाल पर इस बात का कोई असर नहीं हुआ और वह कंधे उचकाते हुए लगातार यही दोहराता रहा कि मुझे मरना ही होगा, यही एकमात्र रास्ता बचा है।
जंतर-मंतर पर आरक्षण और UGC नियमों के खिलाफ प्रदर्शन
21 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों लोगों ने आरक्षण व्यवस्था और UGC के इक्विटी नियमों के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जाति के बजाय आर्थिक स्थिति को आरक्षण का आधार बनाने और SC/ST एक्ट के कथित दुरुपयोग को रोकने की मांग की।
'वंदे मातरम का विरोध देश की भावनाओं का अपमान', कांग्रेस पर बरसे राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस द्वारा वंदेमातरम् के पूर्ण गायन का विरोध करने को 'असंवैधानिक' और 'निंदनीय' बताया।
Odisha Flood: प्रमुख नदियों का जलस्तर घटने से राहत, IMD ने भारी बारिश का जताया अनुमान
ओडिशा में बाढ़ की स्थिति में शुक्रवार को सुधार के संकेत दिखे, क्योंकि अधिक बारिश नहीं होने के कारण प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया। सुधरे हालात से राज्य सरकार को राहत कार्य तेज करने में मदद मिली। हालांकि, यह राहत ज्यादा समय तक रहने की संभावना नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार से 27 अगस्त तक राज्य में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। इस दौरान तटीय और उत्तरी ओडिशा में भारी बारिश का अनुमान है, जबकि ये क्षेत्र इस साल पहले ही दो बार बाढ़ का सामना कर चुके हैं। राज्य सरकार ने एक बयान में कहा कि बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, मयूरभंज और क्योंझर जिलों में बचाव एवं राहत अभियान चुनौतीपूर्ण रहा, जहां 13.44 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। सुंदरगढ़ जिले को भी शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित जिलों की सूची में शामिल किया गया। विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) कार्यालय ने बताया कि शुक्रवार को प्रमुख नदियों में जलस्तर घटने का रुख देखा गया और वे खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। इसके अनुसार, 880 राहत केंद्रों में 4,87,350 लोगों को आश्रय दिया गया है। एसआरसी राजेश पी. पाटिल ने कहा, सभी प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्य जारी हैं तथा स्थिति पर चौबीस घंटे नजर रखी जा रही है। प्रभावित जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ), अग्निशमन सेवा, पुलिस और नागरिक सुरक्षा कर्मियों की 126 बचाव टीमें तैनात की गई हैं। राज्य सरकार ने बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए 93 चिकित्सा सहायता दल भी तैनात किए हैं।
नोएडा नाबालिग ने दौड़ाई कार, होंडा सिटी को मारी टक्कर, 13 महीने के बच्चे के साथ बाल-बाल बचा परिवार
इस हादसे में हादसे का वीडियो भी वायरल हुआ है. पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
किसानों को किस तरह के लोन पर लगेगा केवल 3 प्रतिशत ब्याज, जानें क्या है शर्त, प्रक्रिया और कैलकुलेशन
बिहार सरकार ने NABARD के साथ MOU साइन किया गया है. इसके तहत किसानों को कृषि लोन पर बिहार सरकार 1 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी देगी.
SOG बनकर आए, 8 लाख और जेवर लूट ले गए... सिर्फ 66 हजार बरामद
हल्द्वानी के गोरापड़ाव में कथित जुए के अड्डे पर हुई डकैती ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोप है कि बदमाश SOG बनकर पहुंचे और करीब 8 लाख रुपये कैश, सोने की चेन और अंगूठियां लूट ले गए. पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़कर 66 हजार रुपये बरामद करने का दावा किया है, लेकिन बाकी रकम और जेवर अब भी सवाल बने हुए हैं.
शर्मिला टैगोर से देशभक्ति सीखेंगे? वंदे मातरम् विवाद में BJP नेता का अभिनेत्री पर तीखा तंज
भारतीय जनता पार्टी से पश्चिम बंगाल के विधायक ने शर्मिला टैगोर पर निशाना साधा है। वंदे मातरम् विवाद के बीच भाजपा नेता ने कहा कि उन्हें शर्मिला टैगोर या कांग्रेस पार्टी से देश भक्ति सीखने की जरूरत नहीं है।
Vrindavan में Omaxe Mall की निर्माणाधीन इमारत में शटरिंग गिरी, 3 मजदूरों की मौत
वृंदावन में शुक्रवार सुबह निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत की शटरिंग गिर जाने से तीन मजदूरों की मौत हो गई तथा कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। ओमैक्स के महाप्रबंधक आर. के. जैन ने बताया कि यह घटना सुबह करीब सात बजे वृंदावन कोतवाली थाना क्षेत्र के रुक्मिणी विहार इलाके में स्थित ओमैक्स मॉल निर्माण स्थल पर हुई। उस समय मजदूर चौथी मंजिल पर बाहर निकले हुए स्लैब के लिए कंक्रीट डालने का काम कर रहे थे। शटरिंग गिर जाने से कई मजदूर उसके नीचे दब गए। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस व दमकल विभाग को सूचित किया। पुलिस व दमकल विभाग ने स्थानीय नागरिकों के सहयोग से घायलों को मलबे में से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने बताया कि नेपाल निवासी मजदूर शिवराम (42) की मौके पर ही मौत हो गई। दो अन्य ने जिला अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उनकी पहचान पश्चिम बंगाल के रफीकुल और आलम (दोनों की उम्र 35 से 40 वर्ष के बीच) के रूप में की गई है। दिलदार सिंह (40) की स्थिति बेहद नाजुक देखते हुए उन्हें आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया है। अन्य कई मजदूरों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि दमकल विभाग ने घटनास्थल पर छानबीन कर ली है और अब कोई अन्य मजदूर वहां दबा हुआ नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और शटरिंग गिरने के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को जल्द से जल्द राहत और बचाव कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लिया है और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों के परिवारों की शिकायतों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मौके पर मौजूद ओमैक्स के महाप्रबंधक जैन ने भी परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को चिकित्सा उपचार और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। मॉल का निर्माण करने वाली निर्माण कंपनी के प्रतिनिधि चन्द्रशेखर शुक्ला ने एक बयान में घोषणा की कि कंपनी तीन मृत श्रमिकों में से प्रत्येक के परिजनों को 20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी और सभी घायलों के चिकित्सा उपचार के अलावा, उनके आश्रितों को दो लाख रुपये प्रदान करेगी। मृतकों के परिजन प्रत्येक परिवार के लिए कथित तौर पर 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में, जिलाधिकारी ने कहा कि यह परियोजना मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण से अनुमोदन के बाद क्रियान्वित की जा रही थी, लेकिन इसकी गहन जांच की आवश्यकता है कि यह घटना कैसे हुई और कहां चूक हुई। उन्होंने कहा कि इस जांच की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंपी जा रही है। सिंह ने कहा कि जांच में शटरिंग गिरने के कारणों के साथ-साथ निर्माण के दौरान अपनाए जा रहे सुरक्षा मानकों की भी जांच की जाएगी। यह भी सत्यापित किया जाएगा कि क्या शटरिंग तकनीकी विशिष्टताओं के अनुसार स्थापित की गई थी और क्या श्रमिकों के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दुर्घटना की जवाबदेही तय की जाएगी।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में इस्लामाबाद के एक अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को चिकित्सकीय रूप से फिट घोषित किया, जिसके बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया गया। सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने खान की स्वास्थ्य जांच के संबंध में ‘एक्स’ पर लिखा कि नेत्र रोग विशेषज्ञ, हृदय रोग विशेषज्ञ और एक […] The post चिकित्सा जांच में ‘फिट’ पाए जाने के बाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को वापस जेल भेजा appeared first on Sabguru News .
बिना डांटे ऐसे छुड़ाए बच्चों की फोन की लत, अपनाएं ये 5 आसान टिप्स
आजकल छोटे बच्चों में मोबाइल और स्क्रीन की लत एक बड़ी समस्या बन चुकी है. अचानक फोन छीनने से बच्चे अक्सर रोने-चिल्लाने लगते हैं. इस आर्टिकल में हम आपको 5 ऐसे आसान और असरदार पैरेंटिंग टिप्स बताने जा रहे हैं, जिनकी मदद से आप बिना किसी लड़ाई-झगड़े के बच्चों का स्क्रीन टाइम आसानी से कम कर सकते हैं.
ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन में मारे गए अमेरिकी पर्वतारोही का मिला शव
पिछले महीने ब्रॉडपीक पर हुए हिमस्खलन में लापता अमेरिकी पर्वतारोही सारा मैलोरी गीस का शव शुक्रवार को मिल गया। वह निर्मल पुर्जा के नेतृत्व वाले एक अंतरराष्ट्रीय अभियान का हिस्सा थीं।
Ranchi में भर्ती परीक्षा विवाद पर प्रदर्शन, छात्रों की पुलिस से झड़प
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ शुक्रवार को रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले जलाने की कोशिश की तथा उनकी पुलिस के साथ झड़प हुई। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के बैनर तले छात्र नेताओं ने झारखंड सरकार पर अभ्यर्थियों को धोखा देने और विश्वासघात करने का आरोप लगाया है। इससे पहले उच्च न्यायालय ने 11वीं से 13वीं जेएसएससी तथा जेएसएससी-सीजीएल के जरिए की गयी नियुक्तियों को रद्द करने वाली कुछ अधिसूचनाओं पर रोक लगा दी है। एक अधिकारी ने बताया, ‘‘भारी संख्या में प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री सोरेन और राहुल गांधी के पुतले फूंकने के लिए अल्बर्ट एक्का चौक पर एकत्र हुए। जब पुलिस ने उन्हें नियंत्रित करने का प्रयास किया, तो झड़प हो गई... झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता भी मौके पर मौजूद थे।’’लालपुर थाने के प्रभारी रूपेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रदर्शनकारी छात्रों द्वारा तयशुदा रास्ता बदलने और यातायात बाधित करने के बाद झड़प हुई। सिंह ने कहा, ‘‘छात्रों ने मार्च और पुतला दहन के लिए तय किए गए मार्ग को बदल दिया... वे जेपीएससी कार्यालय गए और वहां यातायात ठप कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने निर्धारित रास्ते का पालन करने के हमारे अनुरोधों पर ध्यान नहीं दिया।’’छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस और सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने उन्हें शांतिपूर्ण मार्च निकालने से रोकने की कोशिश की। छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा, वे हमें शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने से नहीं रोक सकते। एक अन्य छात्र नेता पीयूष कुमार सिंह ने दावा किया कि मंच की कोर कमेटी के सदस्यों में से एक कुणाल को पुलिस ने हिरासत में लिया था, लेकिन वह बेहोश हो गए और बाद में उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि झड़प के दौरान जेएमएम कार्यकर्ताओं ने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ भी मारपीट की। हजारीबाग और गिरिडीह से भी इसी तरह की झड़पों की सूचना मिली है, जहां झामुमो कार्यकर्ताओं और सोरेन का पुतला जलाने की कोशिश कर रहे छात्रों के बीच झड़पें हुईं। इस बीच, जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि वह 24 अगस्त से ‘‘भर्ती प्रणाली सुधार यात्रा’’ शुरू करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द किए जाने से जुड़े मामलों का उच्च न्यायालय में मजबूती से बचाव नहीं कर रही है। उन्होंने आगाह किया कि यदि सरकार 15 सितंबर को होने वाली सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखने में नाकाम रहती है, तो वे मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की योजना बनाएंगे।
टीटीई चेकिंग स्टाफ की सतर्कता से ट्रेन में 4 शातिर चोर अरेस्ट, 8 मोबाइल फोन व 4500 रुपए बरामद
अजमेर। उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल में कार्यरत ऑन-ड्यूटी चेकिंग स्टाफ की मुस्तैदी और सतर्कता से गाड़ी संख्या 19412 (दौलतपुर चौक-साबरमती एक्सप्रेस) में शुक्रवार को यात्रियों के सामान व मोबाइल चोरी करने वाले गिरोह के 4 चोरों को रंगे हाथों पकड़ा गया। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक मिहिर देव ने बताया कि पिछले कुछ समय […] The post टीटीई चेकिंग स्टाफ की सतर्कता से ट्रेन में 4 शातिर चोर अरेस्ट, 8 मोबाइल फोन व 4500 रुपए बरामद appeared first on Sabguru News .
विधायक क्या हाई कोर्ट से ऊपर हैं? बॉम्बे HC ने नगर निगम को लगाई फटकार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मीरा भयंदर नगर निगम के अधिकारियों को फटकार लगाई है. दरअसल, भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता के पत्र के बाद नगर निगम ने स्टॉप वर्क नोटिस जारी किए. कोर्ट ने अधिकारियों से पूछा कि क्या विधायक हाईकोर्ट से ऊपर है. कोर्ट के आदेश की अनदेखी क्यों की गई.
दुनिया का सबसे सस्ता डेटा भारत में, सस्ते और अच्छे मोबाइल फोन बना रहे: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि संसाधनों का इस्तेमाल हथियार के तौर पर किए जाने से दुनिया में वृद्धि को लेकर कई चिंताएं हैं, लेकिन भारत को वृद्धि के एक प्रमुख केंद्र के रूप में देखा जा रहा है। NDA सरकार के पास सुधारों के लिए स्पष्ट खाका है।
शराब के नशे में पिता ने बेटी को मारी गोली, 20 वर्षीय अंशिका की मौत
पीलीभीत के बीसलपुर में शुक्रवार शाम सनसनीखेज वारदात सामने आई. रामपुरा नौगवां गांव में 20 वर्षीय अंशिका गंगवार की गोली मारकर हत्या कर दी गई. परिजनों का आरोप है कि अंशिका का पिता अजय पाल गंगवार शराब के नशे में घर आया था. कहासुनी के बाद उसने बेटी के सिर में गोली मार दी. वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया.
नागपुर में 32 लाख की मछली पर चला प्रशासन का बुलडोजर
छत्रपति संभाजीनगर के तिसगांव में खवड्या पहाड़ के पास एक दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। 18 वर्षीय कुणाल को कई घंटों तक परिवार, ग्रामीण, सरपंच, पुलिस और अग्निशमन दल समझाने की कोशिश करते रहे।
सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक सेवा के लिए प्रैक्टिस की अवधि 3 साल से घटाकर एक साल की
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक सेवा में शामिल होने के लिए पहले से कानूनी प्रैक्टिस की शर्त वाले अपने मई 2025 के फैसले पर दोबारा विचार करने से इनकार करते हुए गुरुवार को अनिवार्य वकालत की अवधि तीन साल से घटाकर एक साल कर दी। नए नियमों के तहत चुने गए उम्मीदवारों को एक […] The post सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक सेवा के लिए प्रैक्टिस की अवधि 3 साल से घटाकर एक साल की appeared first on Sabguru News .
पति-पत्नी के बीच हुआ झगड़ा, फिर महिला के घरवालों ने इंजीनियर को पीट-पीट कर मार डाला
निहाल विहार में पारिवारिक विवाद के बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियर विनय गुप्ता की कथित तौर पर पिटाई से मौत हो गई. परिजनों ने ससुराल पक्ष और बहू समेत 6-7 लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है. पुलिस ने चार आरोपियों को हिरासत में लेकर मामला दर्ज किया है.
जंतर-मंतर पर गरमाया माहौल, UGC-आरक्षण के खिलाफ जुटे लोगों को RAF ने हिरासत में लिया
दिल्ली के जंतर-मंतर पर यूजीसी और जातिगत आरक्षण को लेकर प्रदर्शन कर रहे सवर्ण समाज के लोगों पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स ने धरना स्थल से हटाना शुरू कर दिया है. जानकारी के मुताबिक पुलिसका कहना है कि प्रदर्शनकारियों के पास प्रदर्शन की अनुमति नहीं है.
‘निरहुआ ने मुझे प्रपोज किया’, आम्रपाली के सामने खुला राज, घबराए एक्टर
पाखी हेगड़े ने खुलासा किया कि निरहुआ ने कभी उन्हें शादी के लिए प्रपोज किया था. आम्रपाली दुबे के सामने हुए इस खुलासे पर एक्ट्रेस हैरान रह गईं, वहीं निरहुआ भी भावुक नजर आए.
'तो आप भी भुगतिए...', एनालॉग पनीर खिलाने वाले रेस्तरां को बॉम्बे HC ने खूब सुनाया
बॉम्बे हाई कोर्ट ने रेस्तरां को फटकार लगाते हुए कहा कि क्या आपने अपने मेन्यू कार्ड में बताया है और ग्राहकों को जानकारी दी है कि आप उन्हें एनालॉग पनीर खिला रहे हैं? अदालत ने कहा कि आपको कोई राहत नहीं दी जाएगी.
श्रीगंगानगर में पुत्र की हत्या करने के दोषी पिता को उम्र कैद
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने अपने ही पुत्र की सोते समय हत्या करने के आरोपी को शुक्रवार को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश तरुणकांत तिवारी ने अभियुक्त हीरालाल जाट को उसी के पुत्र राकेश (27) की हत्या करने […] The post श्रीगंगानगर में पुत्र की हत्या करने के दोषी पिता को उम्र कैद appeared first on Sabguru News .

31 C
