13 लाख फॉलोअर्स वाले फाइनेंस इन्फ्लुएंसर ने की आत्महत्या, पिता ने लगाए गंभीर आरोप
पिता का दावा है कि ऑनलाइन विवाद और लगातार निशाना बनाए जाने से हरीश मानसिक तनाव में आ गए थे। इसी तनाव के चलते उन्होंने आत्महत्या कर ली। हालांकि, हरीश की मौत के मामले में पुलिस ने अभी तक केस दर्ज नहीं किया है।
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केशव प्रसाद मौर्य दिनांक 21 अक्टूबर 2026 को बस्ती जनपद के भ्रमण पर रहेंगे। इस दौरान वह जनप्रतिनिधियों एवं पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद करने के साथ ही विभागीय कार्यों की समीक्षा करेंगे तथा जनपद में संचालित विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर उनकी प्रगति का जायजा लेंगे।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य दोपहर 12:35 बजे ग्राम तेलियाजोत, पोस्ट कटया, थाना नगर, जनपद बस्ती में पूर्व सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री श्री हरीश द्विवेदी जी के आवास पर जाएंगे।तदोपरान्त उप मुख्यमंत्री सर्किट हाउस, बस्ती में पार्टी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। इस दौरान संगठनात्मक गतिविधियों, जनसमस्याओं तथा केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के संबंध में चर्चा करेंगे। साथ ही, कार्यकर्ताओं से सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करेंगे।इसके बाद उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में विकास कार्यों की प्रगति, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तथा शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने की समीक्षा की जाएगी। वह अधिकारियों को निर्देश देंगे कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए तथा जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।तदोपरान्त उप मुख्यमंत्री जनपद में संचालित विकासशील एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। इस दौरान परियोजनाओं की प्रगति, निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित समयसीमा के अनुरूप कार्यों की स्थिति का जायजा लेंगे। उनका जोर रहेगा कि विकास परियोजनाएं समय से पूरी हों और उनका लाभ आमजन को मिले।प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में सुशासन, जनकल्याण और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। उप मुख्यमंत्री का यह भ्रमण विकास कार्यों की प्रभावी निगरानी और जनहितकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण रहेगा।
परविंदर सिंह हत्याकांड: एक्शन में CBI, मानसा पहुंचकर पुलिस से टेकओवर की फाइल
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच के लिए CBI की टीम मानसा पहुंच गई है. मानसा पुलिस ने मामले से जुड़ी फाइल CBI को सौंप दी है. CBI हत्या की साजिश, मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार के नशे के कारोबार से जुड़े लोगों और मामले में किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका की जांच करेगी.
केशव प्रसाद मौर्य का हरदोई भ्रमण कार्यक्रम अपरिहार्य कारणों से निरस्त
निरस्त हो गया कल का कार्यक्रम केशव प्रसाद मौर्य हरदोई जनपद के भ्रमण के दौरान अम्बेडकर पार्क, शाहबाद में विश्व हिन्दू परिषद के जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक स्वर्गीय श्री उपेन्द्र तिवारी जी की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करेंगे। इस अवसर पर वह स्वर्गीय श्री उपेन्द्र तिवारी जी को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके योगदान का स्मरण करेंगे।कार्यक्रम के उपरान्त उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य निरीक्षण भवन, लोक निर्माण विभाग, हरदोई में पार्टी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। इस दौरान संगठनात्मक गतिविधियों, जनसमस्याओं तथा केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की जाएगी। साथ ही, कार्यकर्ताओं से सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने तथा जनसेवा के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने का आह्वान करेंगे।तदोपरान्त उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में ग्रामीण विकास, सड़क एवं आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों तथा शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। वह अधिकारियों को निर्देश देंगे कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित की जाए और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।उप मुख्यमंत्री ने सदैव जनसेवा, सुशासन और विकास कार्यों को प्राथमिकता देने पर बल दिया है। प्रदेश सरकार का संकल्प है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में संचालित विकास योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक जनपद में विकास को गति मिले और आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों।
दस्तक: टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में क्या सनसनीखेज खुलासा हुआ?
आज बात लॉरेंस गैंग के शूटरों के कबूलनामे की. वही सनसनीखेज कबूल नामा जो लॉरेंस गैंग की इंटरनेशनल साजिश का सबसे बड़ा सबूत है. वही सबूत जो लॉरेंस गैंग की कमर तोड़ने के लिए जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ा हथियार बनेगा. बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हमला करने वाले तीन शूटरों ने पूछताछ के दौरान कई राज उगले है. पुलिस को बताया है कि एक ऐप के जरिए अमेरिका में बैठे लॉरेंस बिश्नोई के करीबी अनिल पंडित ने टाइगर श्रॉफ पर हमले का ऑर्डर दिया था. देखें...
केशव प्रसाद मौर्य ने आज उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (UPRRDA) के अंतर्गत 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना' (PMGSY) के कार्यों की गहन समीक्षा की, ग्रामीण बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ बनाने, गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण तथा परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के संदर्भ में अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए ।प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ग्रामीण भारत की प्रगति और समृद्धि की जीवन रेखा है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि ठेकेदारों के नियमानुसार भुगतान प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न की जाए, ताकि कार्य की गति प्रभावित न हो और वर्षा ऋतु के कारण क्षतिग्रस्त एवं गड्ढायुक्त ग्रामीण मार्गों को लेकर अधिकारियों को विशेष अभियान चलाया जाए।उन्होंने कहा कि ऐसे मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित कर गड्ढामुक्त कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी न हो और उनकी यात्रा सुरक्षित एवं सुगम बनी रहे। गड्ढायुक्त सड़कों के कारण आमजन, किसानों, विद्यार्थियों और मरीजों को होने वाली असुविधा को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि सड़कों की स्थिति का नियमित आकलन किया जाए तथा आवश्यक मरम्मत कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराए जाएं। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क संपर्क और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।श्री शिव सहाय अवस्थी ने कहा कि उप मुख्यमंत्री के आदेशों का पालन कराया जाएगा औरअधिकारियों को ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के Phase-3 के अंतर्गत प्रगतिरत कार्यों की स्थिति का सटीक आकलन करने और बचे हुए कार्यों को तीव्र गति से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन ग्रामीण मार्गों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, उन्हें नियमानुसार शीघ्रता से लोक निर्माण विभाग (PWD) को हस्तांतरित/उपलब्ध कराया जाए ताकि उनका रख-रखाव सुचारू रूप से हो सके। इसके साथ ही उन्होंने PMGSY Phase-4 की कार्य योजना के प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए अभी से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने के आदेश दिए।
भारत को अस्थिर करने वाली ‘आसुरी’ ताकतों से सावधान रहें देशवासी : मोहन भागवत
नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने विजयादशमी के अवसर पर देशवासियों से भारत की सामाजिक एकता और सद्भावना बनाए रखने की अपील करते हुए उन ताकतों से सतर्क रहने को कहा, जो दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में सामाजिक असंतोष और अराजकता को बढ़ावा देकर अपने प्रभाव या ‘पिट्ठुओं’ को स्थापित करने […] The post भारत को अस्थिर करने वाली ‘आसुरी’ ताकतों से सावधान रहें देशवासी : मोहन भागवत appeared first on Sabguru News .
Bhagwant Mann को Delhi Airport पर 3 घंटे रोका, लगाया 50 हजार का जुर्माना: AAP
आम आदमी पार्टी (आप) ने रविवार को दावा किया कि पेरिस से लौटने पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को दिल्ली हवाई अड्डे पर तीन घंटे तक रोका गया और उन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। पार्टी के अनुसार, अधिकारियों ने इसके पीछे ऊपर से भारी दबाव होने की बात कही। हालांकि, ‘आप’ ने यह नहीं बताया कि मान को क्यों रोका गया या उन पर जुर्माना क्यों लगाया गया। पंजाब में ‘आप’ के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने इस घटना को मान की विदेश यात्राओं के लिए केंद्र द्वारा बार-बार अनुमति नहीं दिए जाने सहित अन्य मुद्दों से जोड़ा। पन्नू ने एक बयान में केंद्र पर पंजाब की प्रगति के रास्ते में बाधाएं पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मान पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश के बाद पेरिस गए थे और केंद्र सरकार ने एक बार फिर अपनी संकीर्ण मानसिकता का परिचय दिया। पन्नू ने दावा किया, वह (मान) दुनिया के दूसरे सबसे बड़े खाद्य महोत्सव में पंजाब के प्रसिद्ध उत्पादों को पेश करने गए थे। उच्च न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि मान को उचित प्रोटोकॉल दिया जाए, लेकिन केंद्र की मंशा इतनी खराब है कि पेरिस में महावाणिज्य दूत भी मुख्यमंत्री से मिलने नहीं आए। उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री के प्रति केंद्र की नाराजगी और अपमानजनक व्यवहार यहीं नहीं रुका। पन्नू ने कहा, जब मान पेरिस से लौटे और दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचे, तो उन्हें जानबूझकर तीन घंटे तक रोका गया। बहाने बनाए गए कि ‘आपका सामान अभी आ रहा है’ और आपके सामान की जांच की जा रही है। ये बातें सरासर झूठी और पंजाब का अपमान थीं। उन्होंने दावा किया, तीन घंटे बाद जब मान को जाने दिया गया और वह अपना सामान गाड़ी में रखकर रवाना होने वाले थे, तभी अधिकारी दौड़ते हुए उनके पास आए और कहा कि उन पर ऊपर से भारी दबाव था। पन्नू ने आरोप लगाया, इसके बाद उन्होंने 50 हजार रुपये का चालान काट दिया। अधिकारियों ने खुद स्वीकार किया कि वे दबाव में थे। इससे साबित होता है कि पूरी घटना ऊपर से मिले आदेशों के तहत अंजाम दी गई। ‘आप’ नेता ने कहा, ‘‘क्या किसी भारतीय राज्य के मुख्यमंत्री को कभी इस तरह हवाई अड्डे पर तीन घंटे तक रोका गया है? क्या किसी राज्य के मुख्यमंत्री का 50 हजार रुपये का चालान काटकर कभी इस तरह अपमान किया गया है? ऐसा सिर्फ इसलिए हो रहा है, क्योंकि मान पंजाबी हैं, पंजाब के मुख्यमंत्री हैं और पंजाब की बेहतरी के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं।’’
कश्मीरी गेट से ऋषिकेश, देहरादून से लेकर मसूरी तक मिलेगी बस, जानें टाइम टेबल और किराया
उत्तराखंड रोडवेज यात्रियों की सुविधा और बजट को ध्यान में रखते हुए सामान्य और लग्जरी दोनों तरह की बसों का संचालन कर रहा है. यानी आप किराये के मुताबिक बस का विकल्प चुन सकते हैं.
भारत दौरे पर आए अमेरिकी के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत की तारीफ की है। रुबियो ने भारत को शक्तिशाली बताया है। रुबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात की है।
'58 लोगों की जान गई थी', कोयंबटूर ब्लास्ट के 5 दोषियों को 60 दिन की पैरोल, विजय सरकार पर BJP का हमला
1998 के कोयंबटूर बम धमाकों मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे 5 दोषियों को तमिलनाडु की TVK सरकार ने 60 दिन की पैरोल दी है. इस फैसले का VCK नेताओं ने स्वागत किया है और इसे लंबे समय से की जा रही मांग का परिणाम बताया है.
'टाइगर श्रॉफ पर हमले के लिए ट्रेन से लाए गए थे हथियार', 2 महिलाओं समेत 4 और गिरफ्तार
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर 18 अक्टूबर को हुई फायरिंग के मामले में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने दो महिलाओं समेत चार और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनकी पहचान कुणाल (21), सुमित (19), राधा (23) और बबीता (23) के रूप में हुई है।
चुनाव आयोग विवाद के बीच परिसीमन पर सियासी हलचल, जगन रेड्डी के 'पश्चाताप' से विपक्ष को दिखी नई उम्मीद
आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम जगनमोहन रेड्डी द्वारा चुनाव आयुक्तों को कानूनी कवच देने वाले कानून पर पश्चाताप जताने से विपक्षी खेमा परिसीमन बिल के विरोध में उन्हें अपने साथ लाने की कोशिश कर रहा है।
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में दिल्ली से 4 और गिरफ्तार, शूटरों को हथियार देने वाली दो महिलाएं भी शामिल
टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी के मामले में दिल्ली से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो महिलाएं हैं.
Kolkata Stampede: सीएम शुभेंदु अधिकारी ने पीड़ित परिवारों को दिए 25-25 लाख रुपये
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा कर कोलकाता भगदड़ में मारे गए पांच लोगों के परिजन से मुलाकात की और प्रत्येक परिवार को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि सौंपी। उन्होंने इस घटना के बाद विपक्ष की अनुपस्थिति को लेकर उसकी आलोचना भी की। शुभेंदु ने दावा किया कि भगदड़ को लेकर बांग्लादेश से सोशल मीडिया पर फर्जी विमर्श प्रसारित किए जा रहे हैं। उन्होंने ऐसी सामग्री प्रसारित करने या उसका समर्थन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। उत्तर कोलकाता में शनिवार शाम दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई थी और 25 अन्य घायल हो गए थे। शुभेंदु ने विपक्षी नेताओं के घटनास्थल या अस्पतालों में नहीं पहुंचने पर सवाल उठाते हुए पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पूर्ववर्ती ममता बनर्जी के शासनकाल में लोगों की मौत के बावजूद उत्सव जारी रहे। शुभेंदु ने कहा, लोग पिछली सरकार और हमारी सरकार के बीच स्पष्ट अंतर देख सकते हैं। वर्ष 2025 में कोलकाता में बिजली का झटका लगने से 13 लोगों की मौत हुई थी, जबकि दार्जिलिंग के नागराकाटा में अचानक आई बाढ़ में कई लोगों की जान चली गई थी। इसके बावजूद पूजा समारोह, डांडिया कार्यक्रम और कार्निवल आयोजित किए गए थे। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले पूर्व बर्धमान जिले में टोगोर बेज (37) और उनके बेटे संदीप बेज (14) के परिवार से मुलाकात की। इसके बाद वह हुगली जिले के आरामबाग में पियाली प्रमाणिक (25) के परिजन से मिले। पियाली, टोगोर बेज की रिश्तेदार थीं। शुभेंदु ने नदिया जिले के चकदहा में आरती सरकार (45), हुगली के बैद्यबाटी में श्रीपर्णा पोद्दार (26) और हावड़ा के लिलुआ में आकृति राउत (17) के परिजन से भी मुलाकात की। टोगोर और संदीप बेज के घर पर परिवार के सदस्यों को सांत्वना देते हुए अधिकारी ने कहा, मेरे पास आपको सांत्वना देने के लिए शब्द नहीं हैं और न ही उन लोगों को वापस लाने की शक्ति है, जो हमें छोड़कर चले गए हैं। मैं आपका दर्द महसूस कर सकता हूं। मैं आपको 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि सौंप रहा हूं। पियाली प्रमाणिक के परिजन को सांत्वना देते हुए शुभेंदु ने हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, पिछली सरकार के विपरीत, हम शब्दों में नहीं, बल्कि काम करने में विश्वास रखते हैं। मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत में अपने कार्यकाल के दौरान ऐसी घटनाओं से निपटने के तरीके को लेकर पिछली तृणमूल सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा, पहले ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों को जांच के आदेश दिलाने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय का रुख करना पड़ता था। क्या आपने कभी किसी सरकार को 25 लाख रुपये का मुआवजा देते सुना है? शुभेंदु ने कोलकाता भगदड़ में घायल लोगों को सरकारी अस्पताल से निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने के सरकार के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि ऐसा उन्हें सर्वोत्तम संभव उपचार मुहैया कराने और आगे किसी की जान जाने से रोकने के लिए किया गया। शुभेंदु ने मंगलवार शाम स्वास्थ्य भवन में स्वास्थ्य विभाग के नियंत्रण कक्ष का दौरा करने के बाद संवाददाताओं से कहा कि सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध उपचार सुविधाओं का आकलन करने के बाद अधिकारियों ने मौके पर ही यह फैसला किया। उन्होंने कहा, हमने घायलों को निजी अस्पतालों में स्थानांतरित किया, क्योंकि हमें लगा कि वहां उन्हें बेहतर उपचार दिया जा सकता है, ताकि आगे किसी की जान न जाए। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भगदड़ में घायल हुए 25 लोगों में से किसी की भी मौत नहीं हुई। घायलों को स्थानांतरित किए जाने के फैसले की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए शुभेंदु ने कहा कि इसे राज्य के स्वास्थ्य विभाग की विफलता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, घायलों को स्थानांतरित किए जाने के कारण लोग स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव की आलोचना कर रहे हैं। लेकिन मैं कहना चाहूंगा कि इससे यह साबित नहीं होता कि राज्य का स्वास्थ्य ढांचा विफल हो गया है।
दीपके ने सौरव-आशुतोष पर मढ़ा सारा ठीकरा? CJP फाउंडर को रात में क्यों जारी करना पड़ा वीडियो
CJP प्रमुख अभिजीत दीपके के वीडियो बयान के बाद सोशल मीडिया पर विवाद छिड़ गया. दीपके ने आंदोलन के वास्तविक नेतृत्व का श्रेय सौरव दास और आशुतोष रांका को दिया था. इसके बाद कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने आरोप लगाया कि दीपके खुद को बचाने के लिए पूरी जिम्मेदारी दोनों पर डाल रहे हैं.
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दशहरा पर अपने समर्थकों को संदेश दिया जिसमें उन्होंने विरोध प्रदर्शनों पर कुछ दिन के लिए रोकथाम की बात कही है।
दुनिया आजतक: यूक्रेन के खारकीव पर रूसी ड्रोन हमला, 6 की मौत
रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है..सोमवार की रात रूस ने खारकीव और कीव में ज़ोरदार हमला किया..जहां खारकीव में 6 और कीव में तीन लोगों की मौत हो गई है..वहीं यूरोपीय संघ ने रूस के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है..जबकि इस बीच शांति वार्ता की भी कोशिशें की जा रही है..मगर अफसोस कि इस जंग की भारी कीमत आम लोगों को अपनी गंवाकर चुकानी पड़ रही है. देखें...
Delhi CMO की बैठकों में अनिवार्य होगी अफसरों की मौजूदगी, सरकार ने जारी किया सख्त आदेश
दिल्ली सरकार ने अपने नौकरशाहों को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में होने वाली बैठकों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सरकार ने नौकरशाहों को केंद्र या उपराज्यपाल की ओर से बुलाई गई बैठकों में लिए गए निर्णयों और जारी निर्देशों की जानकारी गुप्ता के कार्यालय को भी देने का निर्देश दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने अतिरिक्त मुख्य सचिवों, सचिवों और विभागाध्यक्षों को हाल ही में भेजे गए एक पत्र में मुख्यमंत्री की ओर से बुलाई गई बैठकों में शामिल होने और सरकार के महत्वपूर्ण मामलों पर जानकारी साझा करने के प्रोटोकॉल को दोहराया। यह निर्देश तब आया, जब देखा गया कि कुछ वरिष्ठ अधिकारी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठकों में शामिल नहीं होते हैं और भारत सरकार या उपराज्यपाल की ओर से बुलाई गई बैठकों में लिए गए निर्णयों और निर्देशों की जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) को नहीं दी जा रही है। जीएडी ने इस बात की ओर इशारा किया कि अप्रैल में जारी इसी तरह के निर्देशों का कुछ वरिष्ठ अधिकारी पालन नहीं कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। विभाग ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सीएमओ में बुलाई गई बैठकों में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जीएडी ने विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करने और यह सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव दिल्ली सरकार से संबंधित महत्वपूर्ण घटनाक्रमों से अवगत रहें।
यूरोप में जगह-जगह विरोध-प्रदर्शन क्यों? देखें ब्लैक एंड व्हाइट
फ्रांस, इटली, अल्बानिया, बेल्जियम, स्पेन और पुर्तगाल जैसे देश इस वक्त भयानक दौर से गुजर रहे हैं. सरकारी व्यवस्था और पूरे सिस्टम के खिलाफ ऐसे विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनकी कोई सीमा नहीं है. कुछ ही मिनटों में नारेबाजी और पोस्टरबाजी....तोड़फोड़, आगजनी और लूटपाट तक पहुंच जाती हैं. जब ये तूफान शांत होता है तो हर तरफ बर्बादी और राख के ढेर के नजर आते हैं और इन देशों को सभ्यताओं का स्याह पहलू दिखता है. देखें...
दशहरे पर धूं-धूं कर जला रावण, देशभर से आईं पुतला दहन की तस्वीरें
दशहरा क पावन पर्व पर राजधानी दिल्ली से लेकर देश के अलग-अलग राज्यों तक भव्य आयोजनों की धूम देखने को मिली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत देश के कई दिग्गज नेताओं ने अलग-अलग जगहों पर आयोजित रामलीला और दशहरा उत्सवों में शिरकत की.
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा आपूर्ति संकट के बीच भारत, अमेरिका और यूएई के विदेश मंत्रियों ने मुंबई में त्रिपक्षीय बैठक की। इसमें क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति को निर्बाध रखने और साझा आर्थिक प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई।
CM विजय के रोड शो में रास्ता रोकने पर NTK उम्मीदवार गिरफ्तार, DMK ने कार्रवाई की निंदा की
चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री विजय के रोड शो के कारण पुलिस ने कार्तिका को प्रचार की अनुमति नहीं दी थी, जिसके विरोध में उन्होंने धारापुरम-मुलानूर मुख्य मार्ग पर विरोध प्रदर्शन और सड़क जाम किया था।
सुरक्षित निवेश और तय समय में पैसे दोगुना करने की गारंटी देने वाली डाकघर की 'किसान विकास पत्र' (KVP) योजना देश के लाखों छोटे और मध्यम वर्ग के निवेशकों की पहली पसंद बनी हुई है। अक्सर जीवन में ऐसी परिस्थितियां आ जाती हैं जब किसी आपात स्थिति, पारिवारिक पुनर्गठन, कानूनी समझौते या किसी परिजन के निधन के चलते निवेशक को अपने नाम चल रहे किसान विकास पत्र को किसी दूसरे व्यक्ति के नाम हस्तांतरित (Transfer) करने की जरूरत पड़ जाती है। लेकिन क्या डाकघर नियमों के तहत एक जीवित खाताधारक अपनी मर्जी से किसी अन्य तीसरे व्यक्ति को अपना केवीपी खाता बेच या ट्रांसफर कर सकता है? इसका सीधा जवाब है कि हां, किसान विकास पत्र को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए डाक विभाग और भारत सरकार द्वारा निर्धारित बेहद सख्त नियम व विशिष्ट शर्तें पूरी करनी होती हैं।सामान्य परिस्थितियों में कोई भी व्यक्ति अपने केवीपी सर्टिफिकेट को किसी अनजान या गैर-पात्र व्यक्ति को सामान्य उपहार की तरह सीधे ट्रांसफर नहीं कर सकता। डाकघर बचत बैंक (POSB) नियमावली और किसान विकास पत्र नियम 2019/2014 के अनुसार, मालिकाना हक (Ownership) बदलने की अनुमति केवल कुछ विशेष और परिभाषित कानूनी दशाओं में ही दी जाती है। यदि आप उन अनिवार्य शर्तों के दायरे में आते हैं, तो संबंधित डाकघर के पोस्टमास्टर की लिखित सहमति और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ट्रांसफर की प्रक्रिया आसानी से पूरी हो जाती है।किन परिस्थितियों में दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर हो सकता है KVP?डाकघर के आधिकारिक नियमों के तहत किसान विकास पत्र का एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर केवल निम्नलिखित स्थितियों में ही मान्य होता है:खाताधारक की मृत्यु होने पर: यदि सिंगल अकाउंट होल्डर का निधन हो जाता है, तो केवीपी खाता स्वतः उसके पंजीकृत नॉमिनी (Nominee) या कानूनी वारिस (Legal Heir) के नाम ट्रांसफर कर दिया जाता है। संयुक्त खाते (Joint Account) की स्थिति में किसी एक खाताधारक की मृत्यु होने पर खाता जीवित खाताधारक के नाम हस्तांतरित हो जाता है।अदालत के आदेश पर (By Order of Court): यदि किसी कानूनी विवाद, संपत्ति बंटवारे या पारिवारिक समझौते में सक्षम अदालत (Court of Law) द्वारा केवीपी का स्वामित्व किसी अन्य व्यक्ति के नाम करने का स्पष्ट आदेश दिया जाता है, तो डाकघर उस आदेश का पालन करते हुए ट्रांसफर करता है।गिरवी रखने के बाद जब्ती पर (Pledging/Forfeiture): यदि आपने किसी सरकारी बैंक, हाउसिंग फाइनेंस कंपनी, आरबीआई, राष्ट्रपति या राज्यपाल के नाम पर लोन या सिक्योरिटी के तौर पर केवीपी को गिरवी (Pledge) रखा था, और किसी चूक के चलते गिरवी रखने वाले प्राधिकारी (Pledgee) द्वारा खाते को जब्त कर लिया जाता है, तो खाता उसके नाम ट्रांसफर हो जाता है।संयुक्त खाते से एकल खाते में (या इसके विपरीत): संयुक्त खाताधारकों में से किसी एक द्वारा दूसरे के पक्ष में अधिकार छोड़ने या आपसी सहमति से नाम जोड़ने/हटाने के मामलों में भी ट्रांसफर की अनुमति मिलती है।नए खाताधारक (Transferee) के लिए क्या हैं पात्रता शर्तें?जिस व्यक्ति के नाम पर किसान विकास पत्र ट्रांसफर किया जा रहा है, उसका भारत सरकार द्वारा तय केवीपी के सभी पात्रता मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य है:वह व्यक्ति भारत का नागरिक और वयस्क (18 वर्ष या उससे अधिक) होना चाहिए।वह हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) या अनिवासी भारतीय (NRI) नहीं होना चाहिए, क्योंकि एनआरआई और संस्थाओं को केवीपी खाता रखने की अनुमति नहीं होती है।नए व्यक्ति को अपने सभी केवाईसी (KYC) दस्तावेज यानी आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो डाकघर में सत्यापन के लिए जमा कराने होंगे।ट्रांसफर के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूचीकेवीपी को दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर करवाते समय मूल खाताधारक और जिसके नाम ट्रांसफर हो रहा है, दोनों को डाकघर में निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं:डाकघर का निर्धारित ट्रांसफर फॉर्म (फॉर्म-बी या ट्रांसफर एप्लीकेशन फॉर्म) विधिवत भरा और हस्ताक्षरित।मूल किसान विकास पत्र पासबुक या सर्टिफिकेट (Original Deposit Receipt/Passbook)।मूल खाताधारक और नए प्राप्तकर्ता दोनों के वैध पहचान प्रमाण (आधार कार्ड, वोटर आईडी, या पासपोर्ट)।दोनों व्यक्तियों के पते का प्रमाण (Address Proof)।नए खाताधारक का पैन कार्ड (PAN Card) और पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ।विशेष मामलों के समर्थन में दस्तावेज—जैसे खाताधारक का मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate), कानूनी वारिस प्रमाण पत्र (Succession Certificate), या अदालत की अधिकृत डिक्री की प्रति।ट्रांसफर प्रक्रिया के लिए डाकघर द्वारा निर्धारित नाममात्र का ट्रांसफर शुल्क (Transfer Fee)।किसान विकास पत्र ट्रांसफर करने का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेसकेवीपी ट्रांसफर की प्रक्रिया ऑनलाइन उपलब्ध नहीं होती है; इसके लिए संबंधित डाकघर में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर ऑफलाइन आवेदन करना पड़ता है:संबंधित डाकघर जाएं: मूल खाताधारक (या उनके नॉमिनी/कानूनी वारिस) और नया प्राप्तकर्ता उस डाकघर (होम ब्रांच) में जाएं जहां केवीपी खाता वर्तमान में संचालित है।ट्रांसफर फॉर्म प्राप्त करें और भरें: डाकघर काउंटर से केवीपी ट्रांसफर फॉर्म लें। फॉर्म में केवीपी खाता संख्या, जमा की तारीख, मूल राशि, मौजूदा खाताधारक का पूरा विवरण और नए खाताधारक की पूरी जानकारी दर्ज करें।ट्रांसफर का वैध कारण स्पष्ट करें: आवेदन में स्पष्ट रूप से उल्लेख करें कि ट्रांसफर किस कारण से किया जा रहा है (जैसे- मृत्यु के बाद नॉमिनी का दावा, कोर्ट ऑर्डर आदि)।दस्तावेज और केवाईसी संलग्न करें: फॉर्म के साथ नए खाताधारक के सभी केवाईसी दस्तावेज, मूल पासबुक और संबंधित कानूनी प्रमाण पत्र संलग्न करें।सत्यापन और पोस्टमास्टर की मंजूरी: डाकघर का सब-पोस्टमास्टर या हेड पोस्टमास्टर सभी दस्तावेजों, हस्ताक्षरों और कानूनी साक्ष्यों का मिलान करेगा। सभी जांच सही पाए जाने पर पोस्टमास्टर ट्रांसफर आवेदन को औपचारिक मंजूरी देगा।नई पासबुक/पुष्टिकरण जारी होना: ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुराने रिकॉर्ड को सिस्टम में अपडेट कर दिया जाएगा और नए खाताधारक के नाम से संशोधित पासबुक या ट्रांसफर एंडोर्समेंट रसीद जारी कर दी जाएगी।क्या ट्रांसफर होने से ब्याज दर या मैच्योरिटी पीरियड बदलता है?कई निवेशकों के मन में यह संशय रहता है कि क्या दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर होने पर खाते की ब्याज दर घट जाती है या समय सीमा दोबारा नए सिरे से शुरू होती है। डाकघर के नियमों के अनुसार ऐसा बिल्कुल नहीं होता।किसान विकास पत्र को जिस तारीख को मूल रूप से खोला गया था, उसी दिन तय की गई ब्याज दर और मैच्योरिटी अवधि नए खाताधारक पर भी हूबहू लागू रहती है। यानी यदि खाता 115 महीने में पैसा दोगुना करने के नियम के तहत खुला था और 3 साल बीत चुके हैं, तो नए खाताधारक को बाकी बचे कार्यकाल के बाद ही पूरा दोगुना पैसा प्राप्त होगा। मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी मूल राशि और संचित ब्याज का भुगतान सीधे नए खाताधारक के खाते में ही किया जाएगा।
टाइगर पर अटैक के लिए राधा और बबीता ट्रेन से लाईं थी हथियार! लॉरेंस के 4 और गुर्गे गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करने वाले शूटरों को हथियार देने के आरोप में चार लोगों को हिरासत में लिया है. इनमें दो महिलाएं और दो पुरुष हैं. चारों हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले हैं.
शेयर बाजार में त्योहारी अवकाश के दिन सरकारी रेलवे नवरत्न कंपनियों के निवेशकों के लिए एक बेहद उत्साहजनक खबर सामने आई है। रेल मंत्रालय के अधीन आने वाले प्रमुख टेलीकॉम और नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर पीएसयू 'रेलटेल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड' (RailTel Corporation of India Ltd) की झोली में एक और बड़ा वर्क ऑर्डर आ गिरा है। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, रेलटेल को हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (HARTRON) की ओर से लगभग ₹47.40 करोड़ (टैक्स सहित) का नया नेटवर्क इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉन्ट्रैक्ट प्राप्त हुआ है। लगातार नए सरकारी प्रोजेक्ट्स हासिल करने के चलते पिछले महज एक सप्ताह के भीतर कंपनी की ऑर्डरबुक में लगभग ₹293 करोड़ का भारी इजाफा दर्ज किया गया है। दूसरी तरफ, शेयर बाजार में हालिया कंसोलिडेशन के चलते यह रेलवे पीएसयू शेयर अपने 52-वीक हाई लेवल से काफी सुधारात्मक और आकर्षक डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है।रेलटेल को मिला यह नया अनुबंध एक 'रेट कॉन्ट्रैक्ट' के रूप में मिला है, जिसके तहत कंपनी हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में फैले राज्य सरकार के विभिन्न प्रशासनिक विभागों के लिए स्ट्रक्चर्ड लैन (LAN) सिस्टम की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग का कार्य संभालेगी। इस परियोजना को पूरा करने की अंतिम समय सीमा 18 अप्रैल 2028 तक निर्धारित की गई है। प्रशासनिक विभागों की आवश्यकताओं के अनुसार समय-समय पर इसके परचेज ऑर्डर जारी किए जाएंगे, जिससे रेलटेल को अगले दो वर्षों तक निरंतर राजस्व प्रवाह हासिल करने में मदद मिलेगी।हफ्ते भर में ₹293 करोड़ के ऑर्डर्स से लबालब हुई ऑर्डरबुकरेलटेल के लिए अक्टूबर का यह तीसरा हफ्ता ऑर्डर इनफ्लो के लिहाज से बेहद शानदार साबित हुआ है। केवल आज का ₹47.40 करोड़ का ऑर्डर ही नहीं, बल्कि इससे पहले कंपनी को रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB सिकंदराबाद) से ₹167.52 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट मिला था, जिसके तहत भर्ती प्रबंधन और परीक्षा संचालन से जुड़ी सेवाएं प्रदान की जानी हैं। इसके अतिरिक्त हेल्थ इंश्योरेंस टीपीए ऑफ इंडिया से लगभग ₹19 करोड़ और अन्य सरकारी उपक्रमों से डिजिटल कनेक्टिविटी और साइबर सिक्योरिटी से जुड़े कांट्रैक्ट्स मिले हैं।इन सभी हालिया वर्क ऑर्डर्स को जोड़ दिया जाए, तो पिछले सात दिनों में कंपनी के खाते में लगभग ₹293 करोड़ से अधिक के नए प्रोजेक्ट्स जुड़ चुके हैं। विश्लेषकों का मानना है कि रेलवे के आधुनिकीकरण, सिग्नलिंग अपग्रेडेशन (कवच प्रोजेक्ट), और विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा डिजिटल गवर्नेंस पर किए जा रहे पूंजीगत व्यय (Capex) का सीधा फायदा रेलटेल के मजबूत फाइबर नेटवर्क को मिल रहा है। कंपनी की कुल ऑर्डरबुक अब ₹5,000 करोड़ के पार पहुंच चुकी है, जो आने वाले तिमाहियों के लिए मजबूत रेवेन्यू विजिबिलिटी प्रदान करती है।52-सप्ताह के उच्च स्तर से सस्ता मिल रहा है शेयररेलवे शेयरों में पिछले कुछ महीनों से चल रहे प्रॉफिट बुकिंग और बाजार के दबाव के चलते रेलटेल का शेयर अपने 52-सप्ताह के रिकॉर्ड हाई से उल्लेखनीय रूप से करेक्ट हो चुका है। जहां यह शेयर अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर काफी ऊंचे पीई (PE) वैल्यूएशन पर पहुंच गया था, वहीं अब इसमें 25 से 30 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिल चुकी है।बाजार के जानकारों का कहना है कि जब कोई कंपनी फंडामेंटली मजबूत हो, शून्य कर्ज (Debt-Free) वाली बैलेंस शीट रखती हो और उसे लगातार केंद्र व राज्य सरकारों से बड़े वर्क ऑर्डर्स मिल रहे हों, तो हाई लेवल से शेयर का सस्ता होना लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए रिस्क-रिवॉर्ड को बेहतर बनाता है। कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) दोनों ही पीएसयू स्पेस में काफी प्रभावशाली बने हुए हैं।टेलीकॉम और आईटी सेक्टर में सरकारी भरोसे का प्रतीकरेलटेल पूरे भारत में फैले रेलवे ट्रैक्स के साथ-साथ बिछे 61,000 से अधिक रूट किलोमीटर के एक्सक्लूसिव ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) नेटवर्क का संचालन करती है। यह नेटवर्क देश के कोने-कोने में स्थित हजारों रेलवे स्टेशनों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड और वाई-फाई कनेक्टिविटी से जोड़ता है। इसके अलावा कंपनी टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर (IP-1), डेटा सेंटर सर्विसेज, क्लाउड होस्टिंग और वीडियो सर्विलांस सिस्टम्स (VSS) जैसी उच्च मार्जिन वाली सेवाएं भी उपलब्ध कराती है।सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सरकारी विभागों द्वारा नेटवर्क विस्तार के लिए रेलटेल को प्राथमिकता दी जाती है। रक्षा क्षेत्र, बैंकिंग और अब राज्य सरकारों के इलेक्ट्रॉनिक्स निगमों से मिल रहे लगातार प्रोजेक्ट्स यह दर्शाते हैं कि कंपनी केवल पारंपरिक रेलवे ऑपरेशंस पर निर्भर न रहकर एक व्यापक एंटरप्राइज टेक सॉल्यूशंस प्रोवाइडर के रूप में खुद को स्थापित कर चुकी है।निवेशकों के लिए क्या है आगे का आउटलुक?दशहरा के बाद जब कल बुधवार को भारतीय शेयर बाजार सामान्य कारोबार के लिए खुलेंगे, तो बाजार के विश्लेषक रेलटेल के शेयर पर निवेशकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, अल्पकालिक ट्रेडर्स को बाजार के व्यापक रुख और आगामी दूसरी तिमाही (Q2) के वित्तीय नतीजों पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।दीर्घावधि के नजरिए से देखें तो भारतीय रेलवे का आधुनिकीकरण बजट, हाई-स्पीड वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों का विस्तार, और स्टेशन रिडेवलपमेंट जैसे वृहद इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स रेलटेल के लिए ग्रोथ के बड़े उत्प्रेरक साबित होंगे। सस्ते वैल्यूएशन और मजबूत ऑर्डरबुक का यह संयोजन इस नवरत्न शेयर को लंबी अवधि के पोर्टफोलियो के लिए एक रडार स्टॉक बनाए रखता है।
भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक, कूटनीतिक और रणनीतिक रिश्तों के लिहाज से एक ऐतिहासिक मोड़ सामने आया है। भारत दौरे पर पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया है कि नई दिल्ली और वॉशिंगटन बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (India-US Trade Agreement) को अंतिम रूप देने के 'बेहद करीब' पहुंच चुके हैं। रुबियो के अनुसार, दोनों देशों के वार्ताकारों ने ज्यादातर विवादित और जटिल मुद्दों को सुलझा लिया है और अब केवल कुछ सीमित तकनीकी पहलुओं को ही अंतिम रूप दिया जाना शेष है। इस बयान के बाद दोनों देशों के कारोबारी गलियारों और वैश्विक बाजारों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है, क्योंकि यह डील एशिया-प्रशांत और वैश्विक सप्लाई चेन के समीकरणों को नई दिशा दे सकती है।अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपने आधिकारिक भारत दौरे के दौरान मुंबई में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारियों से गहन चर्चा की है। उन्होंने कहा कि हालांकि व्यापार समझौतों की तकनीकी वार्ता सीधे तौर पर विदेश विभाग के दायरे में नहीं आती, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और वे खुद इस रणनीतिक डील की प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। रुबियो ने दो टूक शब्दों में कहा कि दोनों पक्ष उतने करीब पहुंच चुके हैं जितना किसी समझौते पर हस्ताक्षर होने से ठीक पहले हो सकते हैं, और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही दोनों देश दुनिया के सामने इस बड़ी खुशखबरी की घोषणा कर इसे औपचारिक रूप से साइन करेंगे।ट्रेड डील के इतने करीब पहुंचे दोनों देश: सिर्फ कुछ चुनिंदा मुद्दे बाकीमार्को रुबियो ने व्यापार समझौते की वर्तमान स्थिति का ब्योरा देते हुए बताया कि दोनों देशों की टीमें पिछले कई महीनों से कानूनी ड्राफ्टिंग और क्लॉज-बाय-क्लॉज समीक्षा पर काम कर रही हैं। दोनों पक्षों का मुख्य उद्देश्य टैरिफ (आयात शुल्क) में पारस्परिक कटौती करना, रणनीतिक सामानों और सेवाओं के लिए बाजारों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करना और गैर-टैरिफ बाधाओं को समाप्त करना है।व्यापार विशेषज्ञों के अनुसार, समझौते का पहला चरण (First Tranche) लगभग तैयार हो चुका है। कुछ संवेदनशील क्षेत्रों, विशेषकर कृषि, डेयरी और चुनिंदा औद्योगिक उत्पादों पर दोनों देशों के घरेलू हितों को संतुलित करने के लिए अंतिम बातचीत चल रही है। रुबियो ने भरोसा जताया कि इन बचे हुए मुद्दों पर भी सहमति बन जाएगी, जिससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच वस्तुओं और सेवाओं के प्रवाह में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिलेगी।'भूगोल एक हकीकत है': रूसी तेल और वैश्विक ऊर्जा संकट पर रुबियो का रुखभारत के साथ ट्रेड डील की बात करते हुए मार्को रुबियो ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा और भारत की ऊर्जा जरूरतों पर अमेरिकी प्रशासन का नजरिया भी साफ किया। उन्होंने कहा कि जब अमेरिकी राष्ट्रपति राष्ट्रीय सुरक्षा छूट (National Security Waivers) या प्रतिबंधों से जुड़े नीतिगत फैसले लेते हैं, तो कई जटिल वैश्विक कारकों को ध्यान में रखा जाता है। रुबियो ने यथार्थवादी टिप्पणी करते हुए कहा कि 'भूगोल एक सच्चाई है' और दुनिया के कुछ देशों के लिए रातों-रात ऊर्जा आपूर्ति के वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर होना संभव नहीं होता।उन्होंने रेखांकित किया कि वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति, कीमतों में स्थिरता और पश्चिम एशिया (हॉर्मुज स्ट्रेट और लाल सागर) में बढ़ते तनाव के बीच ऊर्जा प्रवाह को सुरक्षित रखना पहली प्राथमिकता है। अमेरिकी प्रशासन ने हाल ही में रूसी तेल खरीद पर प्रस्तावित भारी टैरिफ से जुड़े कदमों की समीक्षा के लिए समय लिया है, ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था और साझेदार देशों पर नकारात्मक असर न पड़े। रुबियो ने भारत को अमेरिका का अत्यंत महत्वपूर्ण रणनीतिक सहयोगी बताते हुए कहा कि भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति में विविधता लाने का प्रयास किया है और अमेरिका नई दिल्ली की चिंताओं को पूरी तरह समझता है।भारत को बताया 'रिफाइनिंग सुपरपावर', जामनगर दौरे पर नजरेंअमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत की रिफाइनिंग क्षमता की खुलकर सराहना करते हुए इसे 'रिफाइनिंग सुपरपावर' (Refining Superpower) करार दिया। भारत दौरे के तहत उनका गुजरात के जामनगर जाने का भी कार्यक्रम है, जहां दुनिया का सबसे बड़ा तेल रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स स्थित है। अमेरिकी पक्ष का मानना है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में वेनेजुएला के भारी कच्चे तेल (Heavy Crude) और अन्य स्रोतों के प्रसंस्करण में भारतीय रिफाइनरियां एक अहम संतुलनकारी भूमिका निभा सकती हैं।जामनगर में ऊर्जा बुनियादी ढांचे के अवलोकन और भारतीय ऊर्जा क्षेत्र के दिग्गजों के साथ होने वाली बैठकों से भारत और अमेरिका के बीच केवल पारंपरिक व्यापार ही नहीं, बल्कि पेट्रोकेमिकल्स, एलएनजी (LNG) और ग्रीन एनर्जी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी बड़े दीर्घकालिक समझौतों की जमीन तैयार होगी।द्विपक्षीय व्यापार में नया उछाल और भारतीय अर्थव्यवस्था को मिलने वाले फायदेयदि भारत और अमेरिका के बीच यह व्यापार समझौता जल्द औपचारिक रूप ले लेता है, तो इसके भारतीय निर्यातकों, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और सेवा क्षेत्र के लिए व्यापक सकारात्मक परिणाम होंगे। वर्तमान में अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। डील के जरिए भारतीय कपड़ा, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटो कंपोनेंट्स, जेम्स एंड ज्वैलरी और आईटी सेवाओं को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धी लाभ मिलने की उम्मीद है।दूसरी ओर, अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत के तेजी से बढ़ते उपभोक्ता बाजार, हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस और ऊर्जा उपकरणों के निर्यात की राह और अधिक सुगम होगी। साथ ही, चीन पर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की अत्यधिक निर्भरता को कम करने (De-risking/China+1 Strategy) की दिशा में यह ट्रेड पैक्ट दोनों लोकतांत्रिक देशों को एक मजबूत आर्थिक सुरक्षा घेरा प्रदान करेगा।जल्द हो सकता है आधिकारिक हस्ताक्षर समारोहराजनयिक सूत्रों के अनुसार, मार्को रुबियो और भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के बीच द्विपक्षीय बातचीत के दौरान रक्षा सहयोग, हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) की सुरक्षा स्थिति और व्यापार समझौते के अंतिम प्रारूप पर विस्तार से सहमति बन चुकी है। दोनों देशों के व्यापार मंत्रालयों द्वारा अंतिम कानूनी ड्राफ्ट को मंजूरी दिए जाने के बाद शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर इसकी औपचारिक घोषणा और हस्ताक्षर का कार्यक्रम तय किया जाएगा। रुबियो का यह आशावादी बयान स्पष्ट संकेत देता है कि दशकों से लंबित भारत-अमेरिका व्यापक व्यापार समझौता अब अपने निर्णायक मुकाम पर पहुंच चुका है।
Kolkata भगदड़ में 19 मौतों के बाद BJP नेताओं की गिरफ्तारी की मांग, Abhishek Banerjee का सवाल
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार को सवाल किया कि चोरबागान दुर्गा पूजा समिति में अहम पदों पर काबिज भाजपा नेताओं को भगदड़ में 19 लोगों की मौत के बाद भी गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाने वालों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक ने फेसबुक पोस्ट में पिछले शनिवार को उत्तर कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना के बाद सरकार की कार्रवाई पर कई सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के भतीजे दुर्गा पूजा समिति के मुख्य संरक्षक थे, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उत्तर कोलकाता जिला अध्यक्ष तमोघ्न घोष और पार्टी विधायक विजय ओझा अहम पदों पर थे। अभिषेक ने सवाल किया, “क्या उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा? क्या भगदड़ के लिए वास्तव में जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार किया गया है? पीड़ित परिवार अब भी न्याय का इंतजार क्यों कर रहे हैं?”उन्होंने कहा, “इससे भी ज्यादा शर्मनाक बात यह है कि सोशल मीडिया पर शुभेंदु अधिकारी के भतीजे से जुड़े आरोपों और खबरों के प्रसार के बाद पुलिस ने विभिन्न जिलों में आम नागरिकों को परेशान करना शुरू कर दिया है। कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।”शुभेंदु ने मंगलवार को आरोप लगाया कि कोलकाता में भगदड़ की घटना को लेकर बांग्लादेश से सोशल मीडिया पर ‘भ्रामक बातें’ फैलाई जा रही हैं। उन्होंने ऐसी सामग्री साझा करने या उसका समर्थन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। इससे कुछ घंटे पहले पश्चिम बंगाल पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने कूच बिहार जिले से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। उस पर तीन दिन पहले चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में मरने वालों की संख्या को लेकर सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप है।
सलमान खान थे टारगेट? टाइगर पर अटैक से पहले शूटरों ने की गैलेक्सी अपार्टमेंट की रेकी
सूत्रों के मुताबिक, टाइगर के शूटर्स ने मुंबई आने के बाद सलमान खान के घर की रेकी की थी. इस खुलासे ने दबंग खान के फैंस को टेंशन दे दी है. लॉरेंस बिश्नोई संग सलमान का पुराना विवाद है.
मोनिश हत्याकांड: मुख्य शूटर रेहान समेत 2 आरोपी गिरफ्तार, दो पिस्तौल बरामद
दिल्ली के रणहोला में 11 अक्टूबर को मोनिश खान की दिनदहाड़े हत्या के मामले में स्पेशल सेल ने मुख्य शूटर रेहान और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है. आरोपियों से दो पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं. पढ़ें पूरी कहानी.
इंदौर में कन्या भोज के लिए बुलाई गईं सात बच्चियों से मारपीट, कपड़े उतरवाने का आरोप
मध्य प्रदेश के इंदौर से एक बेहद हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। इंदौर में नवरात्रि के आखिरी दिन कन्या भोज के दौरान एक सरकारी टीचर पर बच्चियों को पीटने का आरोप लगा है।
CJP नेताओं की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में आज रात सुनवाई नहीं, रिहाई को लेकर बढ़ा इंतजार
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने के खिलाफ दाखिल याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में मंगलवार रात सुनवाई नहीं हो सकी
दशहरे पर रामराज्य का पीएम मोदी ने क्या मतलब बताया? देखें खबरदार
वक्त है हर खबर से आपको खबरदार करने का. पूरा देश में दशहरा मना रहा है देशभर के अलग अलग शहरों में रावण दहन हो रहा है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली के द्वारा में आयोजित विजय दशमी कार्यक्रम में हिस्सा लिया और 221 फीट ऊंचे रावण के पुतले पर प्रतीकात्मक तीर चलाकर दहन किया. प्रधानंमत्री मोदी दशहरा के मौके पर दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन मैदान पहुंचे. उन्होंने वहां रामलीला में शामिल कलाकारों की आरती उतारी. फिर प्रतीकात्मक तीर चलाकर रावण दहन किया. देखें...
दिल्ली-एनसीआर में दैनिक आवाजाही करने वाले लाखों वाहन चालकों, दैनिक यात्रियों और लॉजिस्टिक्स ऑपरेटरों के लिए राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। राजधानी दिल्ली के सराय काले खां और डीएनडी फ्लाईवे से हरियाणा के सोहना और पलवल को सीधे जोड़ने वाले नए एलिवेटेड और सिग्नल-फ्री लिंक एक्सप्रेसवे का ट्रायल रन पूरी तरह 'सुपरहिट' साबित हुआ है। ट्रायल के दौरान इस पूरे 59 किलोमीटर लंबे आधुनिक स्ट्रेच पर गाड़ियां फर्राटा भरते हुए नजर आईं। जिस दूरी को तय करने में आश्रम, बदरपुर, फरीदाबाद और गुरुग्राम के भीषण ट्रैफिक जाम के कारण पीक ऑवर्स में ढाई से तीन घंटे का समय बर्बाद होता था, वह सफर अब ट्रायल के दौरान महज 45 से 50 मिनट में सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया।राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परियोजना के 'अर्बन लिंक पैकेज' के तहत विकसित किया गया यह कॉरिडोर राजधानी की सबसे व्यस्त सड़कों पर दबाव घटाने के लिए एक गेम-चेंजर साबित होने जा रहा है। आश्रम चौक, कालकाजी, ओखला, बदरपुर बॉर्डर, और बल्लभगढ़ जैसे पारंपरिक बॉटलनेक्स पर फंसे बिना गाड़ियां सीधे एलिवेटेड कॉरिडोर के जरिए दिल्ली से बाहर निकल सकेंगी। सफल ट्रायल के बाद अब सुरक्षा ऑडिट और अंतिम फिनिशिंग का काम अंतिम चरण में है, जिसके बाद इसे आधिकारिक तौर पर आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।3 घंटे का सफर 45 मिनट में: कैसे मिली ट्रैफिक से इतनी बड़ी आजादी?वर्तमान में दिल्ली के मध्य और पूर्वी हिस्से से यदि किसी को सोहना, पलवल या जयपुर की ओर निकलना होता है, तो रिंग रोड, मथुरा रोड, बदरपुर फ्लाईओवर और फरीदाबाद बाईपास से होकर गुजरना पड़ता है। इन मार्गों पर दर्जनों रेड लाइट्स, भारी कमर्शियल ट्रैफिक और स्थानीय बाजार होने के चलते वाहन रेंगते हुए चलते हैं। सुबह और शाम के ऑफिस टाइम में 2 से 3 घंटे लगना आम बात हो गई थी।नए कॉरिडोर को पूरी तरह 'कंट्रोल्ड-एक्सेस' और सिग्नल-फ्री बनाया गया है। इसमें 6 लेन का चौड़ा एलिवेटेड स्ट्रक्चर और जमीन पर बेहतर सर्विस लेन तैयार की गई हैं। डिजाइन स्पीड 100 किमी/घंटा रखी गई है। ट्रायल रन के दौरान तकनीकी विशेषज्ञों ने वाहनों की गति, मोड़, प्रवेश और निकास रैंप (Entry-Exit Ramps) तथा लोड क्षमता का परीक्षण किया, जिसमें किसी भी प्रकार की तकनीकी अड़चन दर्ज नहीं हुई। जाम और रेड लाइट न होने के कारण ईंधन की भारी बचत होगी और प्रदूषण में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।सराय काले खां से सोहना-पलवल: समझें नया रूट और प्रमुख इंटरचेंजयह आधुनिक एक्सप्रेसवे अलाइनमेंट दिल्ली के सराय काले खां और डीएनडी फ्लाईवे जंक्शन से शुरू होता है। यहां से यह यमुना नदी के पश्चिमी किनारे और आगरा नहर के समानांतर आगे बढ़ता है:दिल्ली सेक्शन: सराय काले खां, महारानी बाग, ओखला और कालिंदी कुंज को पार करते हुए यह एलिवेटेड रूट फरीदाबाद की सीमा में प्रवेश करता है।हरियाणा सेक्शन (फरीदाबाद बाईपास): फरीदाबाद बाईपास के ऊपर बने मल्टी-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर से होकर यह सीधे बल्लभगढ़ के पास तक पहुंचता है।सोहना और पलवल का स्पर (स्प्लिट): मंडकोला और सेक्टर 65 के पास यह दो हिस्सों में कनेक्ट होता है। एक हिस्सा सीधे केएमपी (KMP Expressway) और सोहना की तरफ दिल्ली-मुंबई मुख्य एक्सप्रेसवे से जुड़ जाता है, जबकि दूसरा स्पर पलवल और आगरा हाईवे (NH-19) की ओर निर्बाध निकास देता है।आश्रम और मथुरा रोड का ट्रैफिक जाम होगा इतिहासइस नए हाईवे के पूरी तरह चालू होने का सबसे बड़ा अप्रत्यक्ष लाभ दक्षिण और पूर्वी दिल्ली की स्थानीय सड़कों को मिलेगा। नोएडा, गाजियाबाद, पूर्वी दिल्ली और मध्य दिल्ली से फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोहना या राजस्थान की ओर जाने वाले भारी वाहन, कमर्शियल ट्रक और लंबी दूरी की कारें अब रिंग रोड या मथुरा रोड पर नहीं उतरेंगी। वे सराय काले खां और डीएनडी से सीधे इस एलिवेटेड रूट पर चढ़ जाएंगे।नतीजतन, आश्रम चौक, सराय काले खां बस अड्डा, मूलचंद, लाजपत नगर, नेहरू प्लेस और बदरपुर बॉर्डर पर स्थानीय वाहनों का दबाव 30 से 40 प्रतिशत तक घट जाएगा। इससे रोजाना दफ्तर आने-जाने वाले स्थानीय यात्रियों को जाम की भीषण किल्लत से स्थायी मुक्ति मिल सकेगी।हाई-टेक सुरक्षा और टोलिंग: ऑटोमैटिक बैरियर-फ्री सिस्टमएनएचएआई ने इस पूरे एक्सप्रेसवे स्ट्रेच को अत्याधुनिक इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (ITS) से लैस किया है। पूरे रूट पर हाई-रेजोल्यूशन एआई कैमरे, वेदर मॉनिटरिंग सिस्टम और ऑटोमैटिक स्पीड डिटेक्शन रडार लगाए गए हैं ताकि तेज रफ्तार के दौरान ओवरस्पीडिंग और लेन अनुशासन का उल्लंघन करने वालों पर नजर रखी जा सके।इसके अतिरिक्त, टोलिंग के लिए पारंपरिक टोल प्लाजा की जगह ओपन टोलिंग और आधुनिक फास्टैग (FASTag) रीडर लगाए जा रहे हैं, जिससे टोल कटने के लिए वाहनों को कतारों में रुकना नहीं पड़ेगा। आपातकालीन स्थिति में त्वरित सहायता के लिए हर 5 किलोमीटर पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स और एम्बुलेंस व क्रेन सहायता की 24x7 व्यवस्था की जा रही है।दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट और उद्योगों को लगेंगे पंखसराय काले खां से सोहना और पलवल तक यात्रा समय में हुई इस ऐतिहासिक कटौती का सीधा असर फरीदाबाद, सोहना और ग्रेटर फरीदाबाद (नेहरपार) के रियल एस्टेट व औद्योगिक सेक्टर पर पड़ेगा। सोहना और पलवल अब दिल्ली से भौगोलिक रूप से दूर होने के बावजूद समय के पैमाने पर केवल 45 मिनट की दूरी पर आ गए हैं।लॉजिस्टिक्स हब, वेयरहाउसिंग पार्क और आईटी कंपनियों के लिए यह कॉरिडोर एक लाइफलाइन साबित होगा। औद्योगिक संगठनों का मानना है कि इससे माल ढुलाई की लागत घटेगी और सप्लाई चेन में तेजी आएगी। आम जनता के लिए इसका औपचारिक लोकार्पण आगामी कुछ हफ्तों में किए जाने की पूरी संभावना है, जो एनसीआर के बुनियादी ढांचे में एक नया मील का पत्थर साबित होगा।
जीवन के स्वर्णिम वर्षों यानी रिटायरमेंट के बाद आत्मनिर्भर और चिंतामुक्त जिंदगी जीने के लिए सही उम्र में वित्तीय योजना बनाना सबसे महत्वपूर्ण फैसला होता है। अक्सर नौकरीपेशा और स्वरोजगार से जुड़े लोग इस दुविधा में रहते हैं कि अपनी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित सरकारी योजनाओं में लगाएं या फिर वेल्थ क्रिएशन के लिए शेयर बाजार से जुड़े म्यूचुअल फंड में एसआईपी (Systematic Investment Plan) का रास्ता चुनें। भारत में लंबी अवधि के सुरक्षित निवेश के लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) दो सबसे भरोसेमंद विकल्प माने जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ महंगाई को मात देकर करोड़ों का वेल्थ तैयार करने के लिए म्यूचुअल फंड एसआईपी निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरी है। यदि कोई निवेशक आज से हर महीने अनुशासित होकर ₹10,000 की बचत करता है, तो 15 से 25 वर्षों में इन तीनों विकल्पों के जरिए कितना बड़ा फंड तैयार हो सकता है, इसका सटीक वित्तीय विश्लेषण समझना हर समझदार निवेशक के लिए जरूरी है।निवेश की दुनिया का सबसे बुनियादी नियम जोखिम और रिटर्न का संतुलन है। जहां एक ओर पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि योजना में केंद्र सरकार की संप्रभु गारंटी (Sovereign Guarantee) मिलती है और आपका मूलधन पूरी तरह सुरक्षित रहता है, वहीं म्यूचुअल फंड में बाजार का उतार-चढ़ाव शामिल होता है, लेकिन दीर्घावधि में मिलने वाला चक्रवृद्धि ब्याज (कंपाउंडिंग) इसे बाकी सभी विकल्पों से मीलों आगे ले जाता है। इसके साथ ही यह समझना भी कानूनी रूप से जरूरी है कि सुकन्या समृद्धि योजना केवल 10 वर्ष से कम उम्र की बेटी के नाम पर ही खोली जा सकती है और इसका मैच्योरिटी फंड बेटी की उच्च शिक्षा या विवाह के लिए होता है, जबकि पीपीएफ और एसआईपी का उपयोग व्यक्ति अपने निजी रिटायरमेंट और पेंशन फंड के निर्माण के लिए स्वतंत्र रूप से कर सकता है।पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF): सुरक्षित रिटायरमेंट के लिए ₹10,000 महीने का हिसाबपब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) भारत के वेतनभोगी और मध्यम वर्ग का सबसे पसंदीदा पारंपरिक निवेश माध्यम रहा है। केंद्र सरकार वर्तमान में पीपीएफ पर 7.1 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दे रही है, जिसकी चक्रवृद्धि गणना हर साल की जाती है। पीपीएफ खाते में एक वित्तीय वर्ष के भीतर अधिकतम ₹1.5 लाख तक जमा किए जा सकते हैं। इस लिहाज से यदि आप हर महीने ₹10,000 जमा करते हैं, तो आपका सालाना कुल निवेश ₹1,20,000 बैठता है, जो तय सीमा के बिल्कुल अनुकूल है।पीपीएफ का प्रारंभिक लॉक-इन पीरियड 15 वर्षों का होता है। यदि आप लगातार 15 वर्षों तक प्रति माह ₹10,000 जमा करते हैं, तो 15 वर्षों में आपकी जेब से कुल ₹18 लाख का निवेश होगा। 7.1% के मौजूदा ब्याज दर के अनुसार, 15 साल बाद आपको लगभग ₹32.55 लाख का मैच्योरिटी फंड प्राप्त होगा, जिसमें ₹14.55 लाख केवल ब्याज से अर्जित कमाई होगी। लेकिन रिटायरमेंट प्लानिंग के नजरिए से असली जादू 15 साल बाद शुरू होता है। पीपीएफ को 5-5 वर्षों के ब्लॉक में आगे बढ़ाने की सुविधा होती है। यदि आप इसे 25 वर्षों तक जारी रखते हैं, तो आपका कुल निवेश ₹30 लाख होगा, लेकिन 25वें वर्ष में आपके हाथ में लगभग ₹1.03 करोड़ का टैक्स-फ्री फंड होगा। पीपीएफ 'ईईई' (Exempt-Exempt-Exempt) श्रेणी में आता है, यानी निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी तीनों पर कोई टैक्स नहीं लगता।सुकन्या समृद्धि योजना (SSY): 8.2% ब्याज दर के साथ बेटी का भविष्य सुरक्षितयदि आपके परिवार में 10 वर्ष से कम आयु की बेटी है और आप उसके भविष्य के साथ-साथ परिवार की वित्तीय सुरक्षा का ताना-बाना बुन रहे हैं, तो सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) डाकघर की सबसे अधिक रिटर्न देने वाली लघु बचत योजना है। केंद्र सरकार इस योजना पर वर्तमान में 8.2 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर ऑफर कर रही है, जो पीपीएफ से पूरे 1.1% अधिक है। इस योजना में भी सालाना अधिकतम ₹1.5 लाख जमा किए जा सकते हैं, इसलिए ₹10,000 प्रति माह (₹1,20,000 सालाना) का निवेश इसमें पूरी तरह मान्य है।सुकन्या योजना का नियम यह है कि इसमें खाता खुलने की तारीख से केवल 15 वर्षों तक ही पैसा जमा करना होता है, जबकि खाता 21 वर्षों में परिपक्व (Mature) होता है। यानी आखिरी के 6 वर्षों में आपको अपनी जेब से कोई पैसा नहीं देना पड़ता, लेकिन खाते में जमा पूरी राशि पर सरकार 8.2% की दर से सालाना ब्याज जोड़ती रहती है। यदि आप हर महीने ₹10,000 जमा करते हैं, तो 15 वर्षों में आपका कुल निवेश ₹18 लाख होगा। लेकिन 21 वर्ष पूरे होने पर जब यह खाता मैच्योर होगा, तो आपकी बेटी को लगभग ₹55.6 लाख से ₹56 लाख का एकमुश्त कॉर्पस मिलेगा। यह योजना भी पूरी तरह ईईई टैक्स छूट के दायरे में आती है। हालांकि, तकनीकी रूप से यह व्यक्तिगत रिटायरमेंट के लिए नहीं है, लेकिन बेटी की शिक्षा या शादी के बड़े खर्च का दायित्व समय रहते पूरा करके यह आपके मुख्य रिटायरमेंट फंड को टूटने से बचा लेती है।म्यूचुअल फंड SIP: वेल्थ क्रिएशन की मशीन, ₹10,000 से बनेगा ₹1.9 करोड़ का फंडरिटायरमेंट प्लानिंग के लिए जब बात संपत्ति निर्माण (Wealth Creation) और महंगाई को पछाड़ने की आती है, तो इक्विटी म्यूचुअल फंड एसआईपी का कोई सानी नहीं है। ऐतिहासिक आंकड़ों के अनुसार, भारत के शीर्ष डायवर्सिफाइड इक्विटी फंड्स, फ्लेक्सी कैप या निफ्टी 50 इंडेक्स फंड्स ने 15 से 20 वर्षों की अवधि में औसतन 12 से 14 प्रतिशत का वार्षिक सीएजीआर (CAGR) रिटर्न दिया है। यदि हम एक रूढ़िवादी और यथार्थवादी 12 प्रतिशत वार्षिक रिटर्न का अनुमान लगाकर चलें, तो ₹10,000 प्रति माह की एसआईपी से बनने वाला कॉर्पस आपकी कल्पना से भी बड़ा हो सकता है:15 साल का परिदृश्य: हर महीने ₹10,000 जमा करने पर 15 वर्षों में कुल जमा पूंजी ₹18 लाख होगी। 12% के अनुमानित रिटर्न पर 15 साल बाद आपके पास लगभग ₹50.45 लाख का फंड तैयार होगा (जो पीपीएफ से लगभग ₹18 लाख ज्यादा है)।20 साल का परिदृश्य: यदि आप इसे 20 वर्षों तक जारी रखते हैं, तो कुल निवेश ₹24 लाख होगा, लेकिन 12% की दर से आपका कुल फंड बढ़कर लगभग ₹99.91 लाख (करीब ₹1 करोड़) हो जाएगा।25 साल का परिदृश्य (आदर्श रिटायरमेंट काल): 25 वर्षों तक ₹10,000 प्रति माह की निरंतर एसआईपी करने पर आपका कुल निवेश केवल ₹30 लाख होगा, लेकिन 12% वार्षिक कंपाउंडिंग की ताकत से 25 साल बाद आपके खाते में लगभग ₹1.89 करोड़ से ₹1.90 करोड़ का विशाल रिटायरमेंट कॉर्पस खड़ा हो जाएगा। यदि रिटर्न 13% या 14% तक पहुंचता है, तो यह आंकड़ा ₹2.5 करोड़ से ₹3 करोड़ तक भी पहुंच सकता है।तीनों विकल्पों की सीधी तुलना: कहां है नफा और कहां है नुकसान?निवेश का फैसला लेने से पहले तीनों संपत्तियों की कार्यप्रणाली, लिक्विडिटी और जोखिम को समझना अनिवार्य है। पीपीएफ और सुकन्या योजना में जहां निश्चित ब्याज और शून्य जोखिम का भरोसा है, वहीं इनमें लॉक-इन अवधि काफी सख्त होती है। पीपीएफ में 15 साल से पहले केवल आंशिक निकासी की अनुमति विशेष शर्तों पर ही मिलती है। सुकन्या योजना में 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर उच्च शिक्षा के लिए केवल 50% राशि निकाली जा सकती है, शेष राशि 21 वर्ष पर ही मिलती है।दूसरी ओर, म्यूचुअल फंड एसआईपी में उच्च लिक्विडिटी मिलती है। यदि आप ईएलएसएस (ELSS) टैक्स सेवर फंड में निवेश नहीं कर रहे हैं, तो आप आपात स्थिति में जब चाहें अपनी यूनिट्स भुना सकते हैं, हालांकि रिटायरमेंट के लक्ष्य के लिए लंबे समय तक बने रहना ही समझदारी है। टैक्स के मोर्चे पर, म्यूचुअल फंड में एक वित्तीय वर्ष में ₹1.25 लाख तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) कर-मुक्त होता है, और उससे अधिक के मुनाफे पर 12.5% की दर से टैक्स लगता है। इसके बावजूद, टैक्स कटौती के बाद भी एसआईपी का नेट रिटर्न फिक्स्ड डिपॉजिट और पीपीएफ की तुलना में काफी ऊंचा रहता है।समझदार निवेशक के लिए क्या होनी चाहिए सही रिटायरमेंट रणनीति?वित्तीय योजनाकारों की सर्वसम्मत राय है कि किसी भी निवेशक को अपना सारा पैसा एक ही टोकरी में नहीं डालना चाहिए। यदि आप हर महीने ₹10,000 की बचत करने की क्षमता रखते हैं, तो सबसे संतुलित रणनीति 'हाइब्रिड अप्रोच' अपनाना है। यदि आपके घर में छोटी बेटी है, तो ₹10,000 में से ₹3,000 सुकन्या समृद्धि योजना में सुरक्षित 8.2% रिटर्न के लिए डालें, ₹2,000 पीपीएफ में टैक्स-फ्री सेफ्टी नेट के लिए रखें, और शेष ₹5,000 की अनुशासित एसआईपी अच्छे फ्लेक्सी-कैप या लार्ज-एंड-मिड कैप म्यूचुअल फंड में शुरू करें।यदि आपके पास बेटी नहीं है और आप विशुद्ध रूप से अपने रिटायरमेंट के लिए योजना बना रहे हैं, तो 70:30 का फॉर्मूला सबसे मुफीद साबित होगा। यानी ₹7,000 प्रति माह म्यूचुअल फंड एसआईपी में लगाएं ताकि महंगाई दर (जो 5 से 6% रहती है) को आसानी से मात दी जा सके, और ₹3,000 प्रति माह पीपीएफ में डालें ताकि बाजार के बड़े क्रैश के समय भी आपके पोर्टफोलियो में एक स्थिर, सुरक्षित और कर-मुक्त आधार बना रहे। सही समय पर लिया गया एक छोटा सा अनुशासित कदम आपको 60 की उम्र में करोड़ों के फंड के साथ एक सम्मानजनक और आत्मनिर्भर रिटायरमेंट जीवन की गारंटी दे सकता है।
Exclusive Interview: 'कर्ज घटाएंगे, इंडिया-फर्स्ट ही रहेगा जियो का विजन', बोले आकाश अंबानी
आकाश अंबानी ने दैनिक जागरण को दिए साक्षात्कार में जियो प्लेटफॉर्म्स के भारत-फर्स्ट दृष्टिकोण पर जोर दिया, जिसमें घरेलू व्यापार और मेड-इन-इंडिया 5जी स्टैक को वैश्विक स्तर पर पेश करने की बात कही गई।
देहरादून में EVM की जांच 23 अक्टूबर से, विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटा प्रशासन
उत्तराखंड में अगले साल प्रस्तावित विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत देहरादून जिले में ‘इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों’ (ईवीएम) की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) जांच 23 अक्टूबर से शुरू होगी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। देहरादून के जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने सोमवार को यहां विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक कर उन्हें एफएलसी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी तथा उनसे ईवीएम की जांच प्रक्रिया के दौरान अनिवार्य रूप से मौजूद रहकर निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने में सहयोग की अपील की। ईवीएम की एफएलसी को निर्वाचन प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक चरण बताते हुए चौहान ने कहा कि इसके तहत मशीनों के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की तकनीकी जांच की जाएगी, ताकि उनके सुचारु एवं त्रुटिरहित संचालन को सुनिश्चित करने के अलावा उनमें डेटा रिकॉर्डिंग की विश्वसनीयता को लेकर किसी प्रकार की आशंका न रहे। उन्होंने बताया कि एफएलसी का कार्य पूरा होने के बाद ईवीएम का विधानसभा क्षेत्रवार ‘रेंडमाइजेशन’ (किसी खास निर्वाचन क्षेत्र के लिए कोई खास ईवीएम का आवंटन नहीं) किया जाएगा। चौहान ने कहा कि इसके पश्चात प्रेक्षक की उपस्थिति में सॉफ्टवेयर के माध्यम से मशीनों का पुनः ‘रेंडमाइजेशन’ कर उन्हें बूथवार आवंटित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे निर्वाचन प्रक्रिया में निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, निर्वाचन कार्यों के लिए तैनात नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारियों के साथ एक अन्य बैठक में जिलाधिकारी ने उन्हें सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने कहा कि जिले के 10 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 2,045 मतदान केंद्र बनाए गए हैं जिनमें से 766 ग्रामीण और 1,279 शहरी क्षेत्र में स्थित हैं। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को अपने क्षेत्रों के मतदेय स्थलों पर बिजली, पेयजल, रैंप, शेड सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के साथ ही मतदान केंद्रों के नामों का सत्यापन करने तथा चार-पांच बूथ वाले केंद्रों पर मतदाताओं के प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्गों की व्यवस्था करने को कहा। जिलाधिकारी ने बताया कि मसूरी क्षेत्र के सात और चकराता क्षेत्र के 12 मतदान केंद्र अभी भी ‘शैडो एरिया’ में हैं जहां नेटवर्क कनेक्टिविटी नहीं या कम है। उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। चौहान ने यह भी कहा कि फरवरी में जिले के 65 मतदान केंद्रों पर बर्फबारी की संभावना के दृष्टिगत उन क्षेत्रों के लिए अभी से आकस्मिकता योजना (कंटीजेंसी प्लान) तैयार कर लिया जाए। जिलाधिकारी ने बताया कि देहरादून की सीमाएं उत्तराखंड के चार जिलों के अलावा हिमाचल प्रदेश के सिरमौर और शिमला तथा उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से लगती है जिसे देखते हुए अंतरराज्यीय सीमाओं पर चेकपोस्ट स्थापित करने तथा प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित की जाए। उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद जिले में कुल 11,94,797 मतदाता हैं जिनमें 6,17,041 पुरुष, 5,77,706 महिलाएं और 50 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। जिले में 10,201 दिव्यांग तथा 85 वर्ष से अधिक आयु के 7,845 मतदाता हैं।
देश की सिलिकॉन वैली बेंगलुरू और वित्तीय राजधानी मुंबई के बीच दैनिक व व्यावसायिक सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे की ओर से बेहद शानदार खबर सामने आई है। रेल मंत्रालय आगामी 1 नवंबर 2026 को कर्नाटक राज्योत्सव (Karnataka Rajyotsava) के शुभ अवसर पर देश की बहुप्रतीक्षित 'बेंगलुरू-मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस' (Bengaluru-Mumbai Vande Bharat Sleeper) का वाणिज्यिक परिचालन शुरू करने की तैयारी में है। अत्याधुनिक सुविधाओं, विश्वस्तरीय सुरक्षा प्रणाली और हाई-स्पीड ट्रैक्शन से लैस यह स्लीपर ट्रेन दोनों महानगरों के बीच यात्रा के समय में सीधे 7 से 8 घंटे की भारी कटौती करेगी। वर्तमान में जहां पारंपरिक सुपरफास्ट ट्रेनों को इस दूरी को तय करने में 21 से 23 घंटे का लंबा वक्त लगता है, वहीं यह नई स्लीपर ट्रेन इस पूरे सफर को महज 13 से 14 घंटे में समेट देगी।बेंगलुरू और मुंबई के बीच आईटी प्रोफेशनल्स, बिजनेसमैन, स्टार्टअप फाउंडर्स और आम यात्रियों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। हवाई किराए में त्योहारी और पीक सीजन के दौरान होने वाली बेतहाशा बढ़ोतरी तथा मौजूदा ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट के चलते एक तेज, आरामदायक और समय की बचत कराने वाली प्रीमियम रेल सेवा की मांग लंबे समय से की जा रही थी। रेलवे बोर्ड ने कर्नाटक स्थापना दिवस के ऐतिहासिक दिन को इस ट्रेन की लॉन्चिंग के लिए चुनकर राज्य की जनता को बड़ा तोहफा दिया है। यह ट्रेन न केवल सफर को सुगम बनाएगी बल्कि दक्षिण भारत और पश्चिमी भारत के औद्योगिक गलियारे को भी मजबूती प्रदान करेगी।8 घंटे कम होगा सफर का समय: रात में बैठिए और सुबह पहुंचिए मुंबईवर्तमान समय में बेंगलुरू के क्रांतिवीर संगोली रायण्णा (KSR) स्टेशन या यशवंतपुर से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के बीच चलने वाली नियमित ट्रेनें जैसे उद्यान एक्सप्रेस या कोयंबटूर-एलटीटी एक्सप्रेस लगभग 1,100 से अधिक किलोमीटर का फासला तय करने में 21 घंटे 30 मिनट से लेकर 24 घंटे तक का समय ले लेती हैं।वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के अनुकूल डिजाइन किया गया है, हालांकि ट्रैक की मौजूदा स्थिति के आधार पर यह औसतन 110 से 130 किमी/घंटे की गति से दौड़ेगी। इस उच्च गति और त्वरित त्वरण (क्विक एक्सेलेरेशन) की बदौलत ट्रेन कुल यात्रा समय को घटाकर करीब 13 से 14 घंटे कर देगी। प्रस्तावित समय सारिणी के अनुसार, ट्रेन बेंगलुरू से शाम के समय रवाना होगी और अगली सुबह तड़के यात्रियों को मुंबई पहुंचा देगी। इसी तरह मुंबई से वापसी में भी ओवरनाइट (रातभर की) यात्रा का ऐसा ही शेड्यूल रखा जा रहा है, जिससे यात्रियों के होटल का खर्च और कार्यदिवस का कीमती समय दोनों बचेंगे।संभावित रूट और प्रमुख स्टॉपेज: कर्नाटक और महाराष्ट्र के इन शहरों को होगा सीधा फायदाबेंगलुरू-मुंबई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का परिचालन हुबली-धारवाड़ और पुणे के रास्ते किए जाने का प्रस्ताव है, जिससे दोनों राज्यों के प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों को तेज कनेक्टिविटी मिलेगी।ट्रेन कर्नाटक के एसबीसी (KSR Bengaluru) या यशवंतपुर जंक्शन से रवाना होकर दावणगेरे, हुबली (Hubballi), धारवाड़ और बेलगावी (Belagavi) जैसे प्रमुख उत्तरी कर्नाटक के शहरों से गुजरेगी। इसके बाद यह महाराष्ट्र की सीमा में प्रवेश कर मिराज, सांगली, सतारा, पुणे (Pune Junction) और ठाणे होते हुए छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) पहुंचेगी। बेलगावी और हुबली के यात्रियों के लिए यह सेवा एक क्रांतिकारी बदलाव साबित होगी, क्योंकि वहां से मुंबई और बेंगलुरू दोनों की दूरी चंद घंटों में तय हो सकेगी।राजधानी एक्सप्रेस से भी बेहतर सुविधाएं: ऐसा है वंदे भारत स्लीपर का इंटीरियरइंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) द्वारा निर्मित इस 16 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर रैक में यात्रियों के आराम का विशेष ख्याल रखा गया है। ट्रेन में 11 थर्ड एसी (3A) कोच, 4 सेकंड एसी (2A) कोच और 1 फर्स्ट एसी (1A) कोच शामिल होंगे:अल्ट्रा-सॉफ्ट कुशनिंग और एर्गोनॉमिक बर्थ: झटकों से मुक्त यात्रा के लिए इसमें सेमी-ऑटोमैटिक कपलर और उन्नत सस्पेंशन सिस्टम दिया गया है। बर्थ का कुशन सामान्य ट्रेनों से कहीं अधिक आरामदायक और बैक-सपोर्टिव है।टच-फ्री बायो-वैक्यूम टॉयलेट्स: विश्वस्तरीय एयरलाइन जैसी फीलिंग देने वाले बायो-वैक्यूम वॉशरूम्स, जिसमें सेंसर्ड नल और बेहतर हाइजीन की व्यवस्था है। फर्स्ट एसी में यात्रियों के लिए गर्म पानी से नहाने हेतु शॉवर की सुविधा भी दी जा रही है।पर्सनल रीडिंग लाइट और चार्जिंग हब: हर बर्थ के साथ यूएसबी टाइप-सी पोर्ट, सामान्य चार्जिंग सॉकेट और नाइट रीडिंग लाइट की व्यवस्था होगी।कवच (KAVACH) सुरक्षा प्रणाली: ट्रेन टक्कर रोधी स्वदेशी तकनीक 'कवच' से पूरी तरह लैस है, जो मानवीय भूल होने पर भी ऑटोमैटिक ब्रेक लगाकर दुर्घटनाओं को रोकती है।किराया संरचना और आम जनता के लिए बुकिंग कब से होगी शुरू?किराए की बात करें तो वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का टिकट पारंपरिक राजधानी या दुरंतो एक्सप्रेस के सामान्य बेस फेयर से करीब 10 से 15 प्रतिशत अधिक रहने की संभावना है।थर्ड एसी (3A): अनुमानित किराया ₹2,800 से ₹3,200 के बीच हो सकता है।सेकंड एसी (2A): संभावित किराया ₹4,000 से ₹4,500 के आसपास रहने की उम्मीद है।फर्स्ट एसी (1A): प्रीमियम सुविधाओं से युक्त इस कोच का किराया ₹5,500 से ₹6,000 के दायरे में हो सकता है (खान-पान शुल्क के साथ)।आईआरसीटीसी (IRCTC) के ऑनलाइन पोर्टल और रेलवे आरक्षण काउंटरों पर 1 नवंबर के उद्घाटन रन और उसके बाद की नियमित कमर्शियल बुकिंग्स के लिए रिजर्वेशन विंडो अगले कुछ दिनों में खोल दी जाएगी।कर्नाटक राज्योत्सव पर पर्यटन और व्यापार को मिलेगी नई रफ्तारकर्नाटक राज्योत्सव के मौके पर इस हाई-स्पीड स्लीपर ट्रेन की शुरुआत को राज्य के औद्योगिक और सामाजिक विकास के लिहाज से एक गेम-चेंजर के रूप में देखा जा रहा है। महाराष्ट्र और कर्नाटक दोनों ही देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में सबसे बड़ा योगदान देने वाले राज्य हैं। इन दोनों की राजधानियों के बीच रेल यात्रा में 8 घंटे की कटौती होने से न केवल व्यापारियों और कॉरपोरेट जगत को सहूलियत मिलेगी, बल्कि पश्चिमी घाट से होकर गुजरने वाला यह सफर रेल पर्यटन के लिए भी एक नया और रोमांचक अनुभव लेकर आएगा। 1 नवंबर को हरी झंडी दिखाए जाने के साथ ही भारतीय रेलवे के स्लीपर इतिहास में एक नया युग दर्ज होने जा रहा है।
तेहरान में फिर लैंड हुआ मुनीर का प्लेन... ऐजेंडे में हूती विद्रोही, ईरान की लड़ाई
आसिम मुनीर ईरान उस वक्त पहुंचे हैं जब हूती बेखौफ सऊदी अरब पर मिसाइलें दाग रहे हैं. ध्यान रखने की बात हूती विद्रोहियों के शक्ति का मुख्य स्रोत ईरान ही है. यही नहीं ईरान-अमेरिका युद्ध में पाकिस्तान की मध्यस्थता भी मुनीर के एजेंडे में है.
सनातन धर्म में चातुर्मास के अंतर्गत आने वाले चार पवित्र महीनों में सबसे अंतिम और सबसे उत्तम महीना 'कार्तिक मास' माना गया है। शास्त्रों में इस माह को मोक्ष का द्वार और भगवान श्री हरि विष्णु तथा माता लक्ष्मी का सबसे प्रिय महीना कहा गया है। शरद पूर्णिमा के साथ ही आश्विन मास की समाप्ति होती है और अगले दिन से कार्तिक मास के स्नान, दान, तप और संयम के पावन अनुष्ठान का आरंभ हो जाता है। पद्म पुराण और स्कंद पुराण में स्पष्ट रूप से उल्लेख मिलता है कि जिस प्रकार सतयुग जैसा कोई युग नहीं, वेदों जैसा कोई शास्त्र नहीं और गंगा जैसी कोई नदी नहीं, ठीक उसी प्रकार कार्तिक के समान कोई दूसरा कल्याणकारी महीना नहीं है। इस माह में किए गए जप, तप, दीपदान और पवित्र नदियों में स्नान का फल अन्य महीनों की तुलना में कई गुना अधिक प्राप्त होता है।धार्मिक और ज्योतिषीय गणना के अनुसार, साल 2026 में आश्विन मास की शरद पूर्णिमा का पर्व 26 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इसके पश्चात प्रतिपदा तिथि से कार्तिक मास की शुरुआत होगी। इसी महीने में सनातन संस्कृति के सबसे बड़े त्योहार जैसे करवा चौथ, रमा एकादशी, धनतेरस, रूप चौदस (नरक चतुर्दशी), दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज, छठ पूजा, देवउठनी एकादशी, तुलसी विवाह और वैकुंठ चतुर्दशी मनाए जाते हैं। पूरे एक माह तक चलने वाले इस आत्मिक जागरण काल में देश के सभी तीर्थों, विशेषकर अयोध्या, मथुरा-वृंदावन, काशी, हरिद्वार और प्रयागराज के घाटों पर श्रद्धालु कल्पवास और प्रातःकालीन कार्तिक स्नान का संकल्प लेकर पहुंचते हैं।कार्तिक मास 2026 कब से कब तक रहेगा? जानिए सही तारीखपंचांगीय गणना के अनुसार वर्ष 2026 में कार्तिक मास का प्रारंभ मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 से हो रहा है। यह पवित्र माह पूरे 30 दिनों तक चलेगा और इसका समापन बुधवार, 25 नवंबर 2026 को कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली) के पावन स्नान के साथ संपन्न होगा:कार्तिक मास प्रारंभ (कृष्ण पक्ष प्रतिपदा): 27 अक्टूबर 2026 (मंगलवार)कार्तिक स्नान एवं कल्पवास आरंभ: 27 अक्टूबर 2026कार्तिक मास समापन (शुक्ल पक्ष पूर्णिमा): 25 नवंबर 2026 (बुधवार)देव दीपावली एवं त्रिपुरारी पूर्णिमा: 25 नवंबर 2026पूर्णिमांत पंचांग का पालन करने वाले उत्तर भारत के राज्यों (उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा आदि) में कार्तिक मास 27 अक्टूबर से 25 नवंबर तक मान्य होगा। वहीं दक्षिण भारत और गुजरात में अमान्त पंचांग के अनुसार कार्तिक मास का आरंभ दिवाली के अगले दिन यानी कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा से माना जाता है।कार्तिक माह में दीपदान का विशेष महात्म्यकार्तिक महीने का सबसे प्रमुख और अनिवार्य अनुष्ठान 'दीपदान' माना गया है। धर्मग्रंथों के अनुसार, भगवान विष्णु चार महीनों के लिए क्षीरसागर में योगनिद्रा में रहते हैं और कार्तिक शुक्ल एकादशी (देवउठनी एकादशी) को जागते हैं। इस पूरे माह में अंधकार को दूर करने और ईश्वर के स्वागत के लिए दीपक प्रज्वलित करने का विशेष विधान है।श्रद्धालुओं को प्रतिदिन सायंकाल में मंदिर, पवित्र नदी के तट, पीपल के वृक्ष, तुलसी के पौधे, घर की चौखट और आकाश के नीचे (आकाश दीप) शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक जलाना चाहिए। स्कंद पुराण में कथा आती है कि जो व्यक्ति कार्तिक मास में भगवान विष्णु के मंदिर में या तुलसी के पास दीपक जलाता है, उसके जीवन के कई जन्मों के संचित पाप नष्ट हो जाते हैं और मृत्यु के उपरांत उसे यमराज की यातनाएं नहीं सहनी पड़तीं।ब्रह्म मुहूर्त में 'कार्तिक स्नान' और कल्पवास का विधानकार्तिक मास में सूर्योदय से पूर्व तारों की छांव में यानी ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने की परंपरा है। यदि संभव हो तो किसी पवित्र नदी, जैसे गंगा, यमुना, सरयू, नर्मदा या गोदावरी में जाकर स्नान करना चाहिए। यदि नदी पर जाना संभव न हो, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल डालकर स्नान करने से भी तीर्थ स्नान के समान पुण्य प्राप्त होता है।स्नान के उपरांत उगते सूर्य को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें और 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जप करें। तीर्थ स्थलों पर कल्पवास करने वाले साधक पूरे महीने जमीन पर सोते हैं, दिन में केवल एक बार सात्विक आहार ग्रहण करते हैं और निरंतर भगवद् भजन व श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करते हैं।तुलसी सेवा और शालिग्राम पूजन का सबसे उत्तम महीनाकार्तिक मास और तुलसी माता का अत्यंत गहरा आध्यात्मिक संबंध है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, तुलसी जी भगवान विष्णु की सबसे प्रिय हैं। इस महीने में तुलसी के पौधे को जल चढ़ाना, उनके चारों ओर परिक्रमा करना, हल्दी-चंदन से तिलक लगाना और संध्या समय उनके समक्ष घी का दीपक जलाना साक्षात माता लक्ष्मी की कृपा को आकर्षित करता है।कार्तिक शुक्ल नवमी (आंवला नवमी) के दिन आंवले के वृक्ष के नीचे भोजन बनाने और ग्रहण करने का विधान है। इसके साथ ही कार्तिक शुक्ल एकादशी और द्वादशी के दिन भगवान शालिग्राम और माता तुलसी के दिव्य विवाह का आयोजन किया जाता है। माना जाता है कि जो गृहस्थ श्रद्धापूर्वक तुलसी विवाह संपन्न कराते हैं, उन्हें कन्यादान के समान महापुण्य फल की प्राप्ति होती है और वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।कार्तिक मास के प्रमुख नियम क्या हैं और क्या नहीं करना चाहिए?कार्तिक के महीने में तन, मन और भोजन की शुद्धि पर विशेष जोर दिया गया है। शास्त्रों में इस माह के लिए कुछ कड़े नियम निर्धारित किए गए हैं जिनका पालन हर श्रद्धालु को करना चाहिए:तामसिक भोजन का त्याग: पूरे कार्तिक मास में मांस, मदिरा, अंडा, लहसुन और प्याज जैसे तामसिक पदार्थों का पूर्ण रूप से निषेध होता है। सात्विक और हल्का भोजन ही ग्रहण करना चाहिए।बैंगन और दालों से परहेज: आयुर्वेद और धार्मिक नियमों के अनुसार इस महीने में बैंगन, उड़द की दाल, मसूर की दाल और चना खाने की मनाही होती है। विशेष रूप से बैंगन को कार्तिक मास में दूषित माना गया है।भूमि शयन और ब्रह्मचर्य: जो लोग इस महीने विशेष साधना का संकल्प लेते हैं, उन्हें विलासिता का त्याग कर जमीन पर बिस्तर लगाकर सोना चाहिए और पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।द्विदलन और तेल मालिश की मनाही: कार्तिक में शरीर पर प्रतिदिन तेल मालिश करने से बचना चाहिए (केवल नरक चतुर्दशी के दिन तेल मालिश कर स्नान की अनुमति होती है)।वाणी पर नियंत्रण: किसी की चुगली, परनिंदा, क्रोध और असत्य वचन बोलने से बचें। अपने मन को शांत रखकर नियमित रूप से विष्णु सहस्त्रनाम, गीता के 11वें अध्याय अथवा गजेंद्र मोक्ष का पाठ करें।कार्तिक मास आत्मिक शुद्धि, सकारात्मक ऊर्जा के संचार और ईश्वर से जुड़ने का सर्वश्रेष्ठ अवसर है। 27 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 25 नवंबर तक चलने वाले इस 30 दिवसीय आध्यात्मिक महापर्व में बताए गए नियमों का पालन कर कोई भी साधक अपने जीवन को सुखमय, निरोगी और पुण्यवान बना सकता है।
क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन शॉपिंग, फ्लाइट टिकट बुकिंग या रोजमर्रा के भुगतान करते समय अक्सर ऐसी स्थितियां आ जाती हैं जब पैसे कट जाते हैं लेकिन सर्विस नहीं मिलती, गलत सामान डिलीवर होता है, या फिर कार्ड से कोई अनधिकृत (Unauthorized) ट्रांजैक्शन हो जाता है। ऐसी स्थिति में ग्राहकों के पास पैसे वापस पाने के दो मुख्य रास्ते होते हैं—रिफंड (Refund) और चार्जबैक (Chargeback)। कई लोग इन दोनों को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों की प्रक्रिया, समय सीमा और काम करने का तरीका पूरी तरह अलग होता है। यदि मर्चेंट आपकी सुनवाई नहीं कर रहा है, तो सही विकल्प की जानकारी न होने पर आपका पैसा महीनों तक फंसा रह सकता है।रिफंड और चार्जबैक के बुनियादी अंतर को समझना वित्तीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम है। रिफंड जहां सीधे ग्राहक और दुकानदार (मर्चेंट) के बीच का आपसी समझौता होता है, वहीं चार्जबैक एक औपचारिक बैंकिंग विवाद प्रक्रिया है, जिसमें आपका बैंक सीधे दखल देकर मर्चेंट के खाते से पैसे खींचकर आपके खाते में अस्थायी या स्थायी रूप से लौटाता है। आइए जानते हैं कि दोनों में मुख्य अंतर क्या हैं और कब किस विकल्प का इस्तेमाल करना चाहिए।क्रेडिट कार्ड रिफंड और चार्जबैक में मुख्य अंतरआधारक्रेडिट कार्ड रिफंड (Refund)क्रेडिट कार्ड चार्जबैक (Chargeback)पहल कौन करता है?मर्चेंट (दुकानदार/कंपनी)कार्डधारक (ग्राहक अपने बैंक के जरिए)शामिल पक्षग्राहक और मर्चेंट (बैंक केवल माध्यम है)ग्राहक, कार्ड जारीकर्ता बैंक, पेमेंट नेटवर्क (Visa/Mastercard) और मर्चेंट बैंकप्रक्रिया का स्वभावस्वैच्छिक और सौहार्दपूर्ण (दोस्ताना समझौता)विवादित और औपचारिक (मर्चेंट पर पेनल्टी लग सकती है)कारणऑर्डर कैंसिल होना, प्रोडक्ट रिटर्न, फ्लाइट कैंसिलेशनफ्रॉड, डुप्लीकेट बिलिंग, सामान न मिलना और मर्चेंट द्वारा रिफंड से इनकारसमय सीमा (TAT)आम तौर पर 2 से 7 कार्यदिवस30 से 90 दिन (जांच के बाद अंतिम फैसला)मर्चेंट पर प्रभावकोई जुर्माना नहीं लगतामर्चेंट पर चार्जबैक फीस लगती है और उनकी रेटिंग प्रभावित होती हैक्रेडिट कार्ड रिफंड (Refund) क्या है और यह कब मिलता है?रिफंड तब होता है जब आपने किसी मर्चेंट (जैसे Amazon, Flipkart, मेकमाईट्रिप या किसी स्टोर) से कोई सामान या सेवा खरीदी, लेकिन बाद में आपने ऑर्डर कैंसिल कर दिया या सामान वापस लौटा दिया। इस स्थिति में मर्चेंट खुद यह स्वीकार करता है कि सौदा रद्द हो चुका है और वह अपने पेमेंट गेटवे के जरिए आपके कार्ड में राशि वापस भेज देता है।यह कैसे काम करता है: मर्चेंट का सिस्टम आपके बैंक को रिवर्सल रिक्वेस्ट भेजता है। बैंक 2 से 7 कार्यदिवसों के भीतर इस राशि को आपके क्रेडिट कार्ड आउटस्टैंडिंग में क्रेडिट कर देता है।कब अपनाएं: जब मर्चेंट आपकी कैंसिलेशन या रिटर्न पॉलिसी के अनुसार बात मान रहा हो और उसने अपनी तरफ से रिफंड आईडी (ARN/RRN Number) जारी कर दी हो।चार्जबैक (Chargeback) क्या है और बैंक कब करता है हस्तक्षेप?चार्जबैक एक प्रकार का सुरक्षा कवच है जो क्रेडिट कार्ड नेटवर्क (Visa, Mastercard, RuPay, Amex) द्वारा ग्राहकों को धोखाधड़ी और गलत बिलिंग से बचाने के लिए दिया जाता है। जब मर्चेंट आपके साथ धोखाधड़ी करता है, पैसे काटने के बाद भी सामान डिलीवर नहीं करता, या गलत चार्ज लगाने के बाद रिफंड देने से साफ इनकार कर देता है, तब आप अपने बैंक से 'चार्जबैक' की मांग करते हैं।यह कैसे काम करता है: आपका बैंक आपके साक्ष्यों के आधार पर मर्चेंट के बैंक (Acquiring Bank) से राशि की वसूली करता है। जब तक जांच चलती है, बैंक अक्सर आपके कार्ड पर एक अस्थायी क्रेडिट (Provisional Credit) दे देता है। मर्चेंट को अपने बचाव में साक्ष्य पेश करने के लिए 14 से 30 दिन का समय दिया जाता है। यदि मर्चेंट अपनी बात साबित नहीं कर पाता, तो चार्जबैक स्थायी हो जाता है।कब अपनाएं:कार्ड से फर्जी या अनधिकृत ट्रांजैक्शन (Fraudulent Transaction) होने पर।एक ही खरीदारी के दो बार पैसे कट जाने पर (Duplicate Billing)।पूरा भुगतान करने के बावजूद सामान या सर्विस न मिलने पर और मर्चेंट द्वारा रिफंड देने से मना करने पर।टूटा-फूटा या बिल्कुल नकली सामान मिलने पर और मर्चेंट द्वारा सपोर्ट बंद कर देने पर।पैसा वापस पाने का सही तरीका: स्टेप-बाय-स्टेप गाइडयदि किसी ट्रांजैक्शन में आपका पैसा फंस गया है, तो सही कानूनी और बैंकिंग प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है:पहला कदम (मर्चेंट से संपर्क): सबसे पहले संबंधित मर्चेंट की कस्टमर केयर टीम से ईमेल या चैट पर बात करें। ऑर्डर नंबर, ट्रांजैक्शन डेट और कैंसिलेशन की रसीद सुरक्षित रखें। मर्चेंट को रिफंड करने के लिए 5 से 7 दिन का समय दें।लिखित सबूत इकट्ठा करें: मर्चेंट के साथ हुई बातचीत, कैंसिलेशन रिक्वेस्ट, इनवॉइस और डिलीवरी स्लिप का स्क्रीनशॉट लेकर पीडीएफ बना लें।चार्जबैक दर्ज कराएं (यदि मर्चेंट हल न निकाले): यदि मर्चेंट जवाब न दे या रिफंड से मुकर जाए, तो तुरंत अपने क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता बैंक की ऐप या वेबसाइट पर जाएं। संबंधित ट्रांजैक्शन को चुनें और Dispute Transaction या Raise Chargeback के विकल्प पर क्लिक करें।विवाद का सही कारण चुनें: फॉर्म में सही कारण (जैसे- Goods Not Received, Defective Goods, Duplicate Transaction आदि) चुनें और मर्चेंट के साथ हुई बातचीत के साक्ष्य अपलोड करें।आरबीआई टाइमलाइन का ध्यान रखें: चार्जबैक दर्ज कराने की एक निश्चित समय सीमा होती है। आमतौर पर लेन-देन की तारीख से 60 से 120 दिनों के भीतर ही चार्जबैक फाइल किया जा सकता है। फ्रॉड के मामलों में आरबीआई के नियमों के अनुसार पहले 3 दिन के भीतर बैंक को सूचना देने पर ग्राहक की कोई देनदारी नहीं होती।क्रेडिट कार्ड विवाद के समय इन गलतियों से बचेंअक्सर ग्राहक विवाद सुलझने से पहले ही क्रेडिट कार्ड का बिल भरना बंद कर देते हैं, जिससे लेट पेमेंट फीस और भारी ब्याज (36% से 42% सालाना) लग जाता है। जब तक बैंक आपको आधिकारिक रूप से 'टेम्परेरी क्रेडिट' या वेवर न दे, तब तक न्यूनतम देय राशि (Minimum Due) का ध्यान रखें या बैंक के कस्टमर केयर से उस विशेष विवादित राशि को ब्लॉक करने की पुष्टि लें। इसके अलावा, कभी भी झूठा चार्जबैक दर्ज न कराएं; यदि मर्चेंट ने डिलीवरी का पुख्ता प्रमाण पेश कर दिया, तो बैंक चार्जबैक खारिज कर देगा और आप पर विवाद शुल्क भी लगाया जा सकता है।
कोटा में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हादसा, 4 युवकों के डूबने की आशंका
कोटा की कोटड़ी नहर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान नाव पलट गई. हादसे में चार युवकों के डूबने की आशंका है. लापता युवकों की तलाश के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है.
आरोपियों ने कैसे टाइगर श्रॉफ पर हमले की साजिश रची? देखें विशेष
आज बात actor Tiger Shroff पर हुए हमले की...जिसकी मुंबई पुलिस ने जांच तेज कर दी है. इस बीच साजिश की एक-एक कड़ी जुड़ती जा रही है. इसी से जुड़ी इस वक्त की बड़ी खबर हमलावर bollywood के किसी और celebrity को निशाना बनाना चाहते थे...जिसमें कुछ बड़े नाम थे... लेकिन मुंबई पहुंचने के बाद हमलावर अपने उस टारगेट तक नहीं पहुंच पाए. fan post और instagram पेजों के जरिए उन्हें पता चला कि टाइगर श्रॉफ हर रविवार juhu फुटबॉल ग्राउंड जाते हैं और वहां सुरक्षा भी बहुत कम होती है. देखें...
विजयादशमी पर PM Modi का आह्वान, देश विरोधी ताकतों को पहचानकर परास्त करें
(फोटो के साथ)नयी दिल्ली, 20 अक्टूबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को देशवासियों से ‘राष्ट्र प्रथम’ का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि सभी को मिलकर ‘मां भारती’ के उन शत्रुओं की पहचान कर उन्हें परास्त करना चाहिए, जो देश के गौरव को ठेस पहुंचाते हैं, समाज में विभाजन पैदा करते हैं और भारतीय संस्कृति के प्रति घृणा का भाव रखते हैं। राष्ट्रीय राजधानी में विजयादशमी समारोह में शामिल होते हुए मोदी ने भगवान राम के आदर्शों को जीवंत रखने की भारत की परंपरा को भी रेखांकित किया। उन्होंने अत्याचार और आतंक के अंत तथा असत्य पर शाश्वत सत्य की विजय के महत्व पर जोर दिया। प्रधानमंत्री की ये टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं, जब उनकी सरकार को विपक्ष और कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में हो रहे विरोध प्रदर्शनों का सामना करना पड़ रहा है। ये प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किये जा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय राजधानी और विभिन्न राज्यों के कई अन्य स्थानों पर हुए ये विरोध प्रदर्शन उन विदेशी ताकतों के इशारे पर आयोजित किए गए, जो भारत की प्रगति नहीं चाहतीं। मोदी ने कहा, “हर व्यक्ति को ‘राष्ट्र प्रथम’ का संकल्प लेना चाहिए, ताकि सभी मिलकर मां भारती के शत्रुओं की पहचान कर उन्हें परास्त कर सकें। विशेष रूप से उन ताकतों को, जो राष्ट्रीय गौरव को ठेस पहुंचाती हैं, समाज में विभाजन पैदा करती हैं और भारतीय संस्कृति के प्रति घृणा रखती हैं। जब हम सत्य और मानवता के साथ खड़े होते हैं, तो अंततः विजय हमारी ही होती है।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि भगवान राम ने जीवन में अपार कष्टों का सामना किया, लेकिन कभी सत्य और नैतिकता का मार्ग नहीं छोड़ा। भगवान राम के राजतिलक और वनवास, दोनों ही परिस्थितियों में उनकी समभाव की भावना को दर्शाने वाले संस्कृत श्लोकों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भगवान राम ने हर संकट के दौरान धर्म और न्याय के मार्ग पर चलते हुए सत्य की स्थापना की। उन्होंने कहा, “भगवान राम ने दया, करुणा, प्रेम और सद्भाव के उच्च आदर्श स्थापित किए।”मोदी ने कहा कि भारत भगवान राम के आदर्शों को बनाये रखने, अत्याचार और आतंक के अंत की घोषणा करने तथा असत्य पर शाश्वत सत्य की विजय में अटूट विश्वास रखने की परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा, “भगवान राम के आदर्शों को बनाये रखने की परंपरा, अत्याचार और आतंक के अंत की घोषणा तथा असत्य पर शाश्वत सत्य की विजय में अटूट विश्वास-ये हमारे लिए महज त्योहार नहीं हैं, बल्कि भारत की जीवनशक्ति हैं।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि भगवान राम ने सभी को सिखाया कि मार्ग में आने वाली बाधाएं यात्रा को रोक नहीं सकतीं। उन्होंने कहा, “सामने समुद्र था और लंका दूर थी, लेकिन संकल्प दृढ़ था।”उन्होंने कहा कि भगवान राम ने लोगों की सामूहिक शक्ति को जागृत किया, जनभागीदारी को अपना संबल बनाया और उपलब्ध संसाधनों को एकजुट कर ऐसे लक्ष्य को संभव कर दिखाया, जो देखने में असंभव प्रतीत होता था। मोदी ने कहा कि सफलता का मूल मंत्र यही है-अपनी शक्ति पर भरोसा, अपनी क्षमताओं पर विश्वास, संसाधनों का उचित उपयोग और लक्ष्य के प्रति अटूट प्रतिबद्धता। उन्होंने कहा, ‘‘हमें जनशक्ति से संचालित जनकल्याण के माध्यम से जनता की हर आकांक्षा को पूरा करना चाहिए। इसके लिए भी हमें स्वयं भगवान राम से प्रेरणा लेनी चाहिए।’’
अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल कर वसूले 4 करोड़ रुपये , 5 लाख लेते महिला गिरफ्तार
मुंबई के घाटकोपर में अश्लील वीडियो चैट से ब्लैकमेल कर करीब 4 करोड़ रुपये वसूलने का मामला सामने आया है. इस सिलसिले में क्राइम ब्रांच सेल-7 ने 5 लाख रुपये लेते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है. पढ़ें पूरी कहानी.
भगवंत मान को एयरपोर्ट पर 3 घंटे तक रोका गया, केंद्र सरकार पर भड़की AAP
भगवंत मान की फ्रांस यात्रा को लेकर राजनीतिक विवाद चल रहा है। विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री के विदेश दौरे पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि पंजाब इस समय नशे की समस्या और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा वैचारिक प्रहार किया है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम और संवाद सत्र के दौरान राहुल गांधी ने दो टूक शब्दों में कहा कि उन्हें संघ की विचारधारा से मुकाबला करने और उसके खिलाफ संघर्ष करने में बेहद खुशी और आत्मिक संतोष मिलता है। उन्होंने आरएसएस को सीधे तौर पर एक 'पुरुषवादी' (Male-chauvinist) और 'असंवैधानिक' संगठन करार देते हुए आरोप लगाया कि संघ देश के लोकतांत्रिक ढांचे, बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा रचित संविधान और विविधतापूर्ण सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करने की लगातार कोशिश कर रहा है।राहुल गांधी ने कहा कि उनकी यह लड़ाई किसी व्यक्तिगत द्वेष या राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की नहीं, बल्कि दो बिल्कुल विपरीत और स्पष्ट विचारधाराओं के बीच की ऐतिहासिक जंग है। एक तरफ कांग्रेस और विपक्षी दलों का वह विचार है जो भारत के संविधान, सामाजिक न्याय, बहुलतावाद, महिलाओं की बराबरी और हर नागरिक के मूलभूत अधिकारों की पैरवी करता है; वहीं दूसरी तरफ आरएसएस की वह सोच है जो देश को केवल एक खास चश्मे और केंद्रीकृत नियंत्रण से चलाना चाहती है। नेता प्रतिपक्ष के इस आक्रामक बयान के बाद राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस और भाजपा के बीच एक नया सियासी संग्राम छिड़ गया है।'आरएसएस में महिलाओं के लिए कोई जगह नहीं': राहुल ने क्यों कहा पुरुषवादी संगठन?राहुल गांधी ने अपने संबोधन में विशेष रूप से संघ के संगठनात्मक ढांचे पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि आरएसएस अपनी शाखाओं और नीति-निर्धारण के शीर्ष स्तर पर महिलाओं को बराबरी की भागीदारी नहीं देता। राहुल के अनुसार, जिस संगठन की संरचना में आधी आबादी यानी देश की महिलाओं के लिए शीर्ष पदों पर कोई वास्तविक स्थान न हो, वह आधुनिक भारत और समानता की बात कैसे कर सकता है?उन्होंने कहा कि संघ की पूरी कार्यप्रणाली पुरुष वर्चस्ववादी सोच से प्रेरित है, जहां महिलाओं को केवल पारंपरिक दायरों में समेटने की वकालत की जाती है। नेता प्रतिपक्ष ने जोर देकर कहा कि 21वीं सदी का नया भारत महिलाओं के नेतृत्व, उनकी आर्थिक स्वतंत्रता और निर्णय लेने की सर्वोच्च भूमिका से आगे बढ़ेगा, न कि किसी संकीर्ण और दकियानूसी सोच से। यही वजह है कि वे संघ की इस व्यवस्था का पुरजोर विरोध करते हैं और इसके खिलाफ आवाज उठाना अपना कर्तव्य समझते हैं।'संविधान को सीधे नहीं, संस्थानों के जरिए खोखला कर रहा है संघ'आरएसएस को 'असंवैधानिक' कहे जाने के अपने तर्क को समझाते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि संघ खुलेआम संविधान पर हमला करने से बचता है, लेकिन पर्दे के पीछे से देश की संवैधानिक और स्वायत्त संस्थाओं पर कब्जा करने का अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि आज देश की न्यायपालिका, चुनाव आयोग, विश्वविद्यालय, जांच एजेंसियां और नौकरशाही में योग्यता के बजाय केवल एक खास विचारधारा से जुड़े लोगों को व्यवस्थित तरीके से बैठाया जा रहा है।राहुल गांधी ने कहा कि जब स्वायत्त संस्थाओं की निष्पक्षता समाप्त हो जाती है और वे किसी संगठन के रिमोट कंट्रोल से चलने लगती हैं, तो संविधान स्वयं निष्प्रभावी हो जाता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे केवल एक राजनीतिक चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि भारतीय गणराज्य के मूल अस्तित्व और जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए मैदान में डटे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जितनी बार भी संघ उनके खिलाफ कानूनी मामले दर्ज कराएगा या संसद में उन्हें दबाने की कोशिश करेगा, उनकी आवाज उतनी ही बुलंद होगी।'आरएसएस से लड़ाई मेरे लिए कोई मजबूरी नहीं, यह मेरी खुशी और जुनून है'राहुल गांधी ने अपने संबोधन के सबसे चर्चित हिस्से में कहा कि कई लोग उनसे पूछते हैं कि वे आरएसएस को इतना निशाने पर क्यों लेते हैं और क्या वे इससे थकते नहीं हैं? इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि संघ के साथ यह वैचारिक संघर्ष उनके लिए किसी मजबूरी का विषय नहीं है, बल्कि इससे लड़ने में उन्हें असीम आनंद और ऊर्जा मिलती है।उन्होंने कहा कि जब आप सत्य, न्याय और कमजोरों के अधिकारों के लिए किसी विशाल शक्ति के अहंकार के खिलाफ खड़े होते हैं, तो वह संघर्ष बोझ नहीं लगता। उन्होंने कहा कि उनके परिवार और कांग्रेस पार्टी की परंपरा हमेशा से भयमुक्त राजनीति की रही है। वे महात्मा गांधी की उस सीख को दोहराते हैं जिसमें कहा गया था कि सत्य का मार्ग कठिन हो सकता है, लेकिन अंततः विजय उसी की होती है। राहुल ने दोहराया कि वे किसी भी कीमत पर पीछे हटने वाले नहीं हैं।भाजपा और संघ परिवार का पलटवार: 'राहुल गांधी कुंठा और अज्ञानता के शिकार'राहुल गांधी के इस तीखे बयान पर भारतीय जनता पार्टी और संघ से जुड़े नेताओं ने तत्काल और बेहद कड़ा पलटवार किया है। भाजपा प्रवक्ताओं ने राहुल गांधी के आरोपों को उनकी 'हताशा' और 'भारतीय संस्कृति के प्रति अज्ञानता' का परिणाम बताया। सत्ता पक्ष का कहना है कि आरएसएस दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी और राष्ट्रवादी सामाजिक संगठन है, जो देश में किसी भी प्राकृतिक आपदा, युद्ध या संकट के समय निस्वार्थ भाव से सबसे पहले सेवा के लिए आगे आता है।भाजपा नेताओं ने कहा कि संघ ने देश को समर्पित और राष्ट्रभक्त नेतृत्व दिया है और राहुल गांधी लगातार संघ की देशभक्ति पर सवाल उठाकर दरअसल भारतीय समाज की जड़ों का अपमान कर रहे हैं। महिला भागीदारी के मुद्दे पर संघ समर्थकों ने तर्क दिया कि राष्ट्र सेविका समिति के माध्यम से महिलाएं दशकों से समाज सेवा, राष्ट्र निर्माण और सशक्तिकरण के क्षेत्र में स्वतंत्र और अभूतपूर्व भूमिका निभा रही हैं। भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि एक परिवार विशेष के नियंत्रण में चलने वाली कांग्रेस पार्टी को उन लोकतांत्रिक और स्वयंसेवी संस्थाओं पर उंगली उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है जो बिना किसी सरकारी मदद के करोड़ों नागरिकों के कल्याण में लगी हैं। कुल मिलाकर, राहुल गांधी के इस बयान ने आगामी चुनावी माहौल में 'संविधान बनाम संघ' की वैचारिक बहस को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।
हरमनप्रीत और शेफाली का तूफान, भारत ने जिम्बाब्वे को 92 रन से रौंदा
तीसरे और आखिरी टी20 मुकाबले में जिम्बाब्वे को भारत ने 92 रनों से करारी शिकस्त दी. शेफाली वर्मा ने एक बार फिर टीम के लिए तूफानी पारी खेली. शेफाली वर्मा और हरमनप्रीत कौर की दमदार अर्धशतकीय पारियों के दम पर 20 ओवर में 216 रन बनाए.
अलनीनो का डबल अटैक: खरीफ के बाद अब रबी की फसलों पर मंडराया संकट
अलनीनो का असर खरीफ के बाद अब रबी फसलों पर भी पड़ सकता है, जिससे गेहूं, चना और सरसों की बुवाई व उत्पादकता प्रभावित होगी।
दशहरे पर PM मोदी ने देशवासियों को दिया खास संदेश
विजयादशमी के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में आयोजित समारोह में हिस्सा लेकर देशवासियों को दशहरे की शुभकामनाएं दीं और जनकल्याण को सत्ता का उद्देश्य बताया।
दिल्ली की रेस कोर्स मस्जिद को बेदखली नोटिस, ओवैसी ने रिजिजू से हस्तक्षेप की मांग की
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने दिल्ली की ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद को कथित बेदखली नोटिस मिलने पर चिंता व्यक्त की है।
सेटेलाइट-ड्रोन से निगरानी और जुर्माने का असर, पराली जलाने की घटनाओं पर कितनी लगी लगाम?
पंजाब और राजस्थान को छोड़कर अन्य राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं में कमी आई है, जिसमें हरियाणा सबसे आगे है।
शारदीय नवरात्रि और विजयादशमी के पावन उत्सव के ठीक बाद सनातन धर्म में सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले एकादशी व्रतों की श्रृंखला में 'पापांकुशा एकादशी' का आगमन होता है। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली इस एकादशी को समस्त पापों पर अंकुश लगाने वाली और मोक्ष प्रदायिनी तिथि माना गया है। इस साल पंचांग में तिथियों के घट-बढ़ और दशमी युक्ता एकादशी के चलते श्रद्धालुओं और व्रत रखने वालों के बीच यह संशय बना हुआ है कि ग्यारस का व्रत 21 अक्टूबर को रखा जाए या 22 अक्टूबर को। धार्मिक ग्रंथों, पद्म पुराण और निर्णय सिंधु के स्पष्ट नियमों के अनुसार उदयातिथि और द्वादशी युक्त एकादशी के सिद्धांत के आधार पर सही तारीख का चयन करना अत्यंत आवश्यक है ताकि व्रत का पूर्ण पुण्य फल प्राप्त हो सके।सनातन धर्म की वैष्णव और स्मार्त परंपरा में एकादशी के नियमों का अत्यंत सूक्ष्मता से पालन किया जाता है। जब भी एकादशी तिथि का स्पर्श दशमी तिथि से सूर्योदय के समय होता है, तो शास्त्रों में उसे 'विद्धा एकादशी' माना जाता है, जिसे गृहस्थों के लिए त्यागने की सलाह दी जाती है। वहीं, जब एकादशी का प्रभाव अगले दिन सूर्योदय काल में बना रहता है और द्वादशी तिथि का संयोग बनता है, तो उसे 'शुद्धा एकादशी' या अति पुण्यदायी एकादशी माना जाता है। पंचांगीय गणना के अनुसार आश्विन शुक्ल एकादशी तिथि का आरंभ 21 अक्टूबर की दोपहर से होकर 22 अक्टूबर की सुबह तक प्रभावी रहेगा, जिसके चलते उदयातिथि का मान 22 अक्टूबर 2026 को ही मान्य होगा।21 या 22 अक्टूबर: जानें पापांकुशा एकादशी व्रत की सही तारीखपंचांग के सूक्ष्म विश्लेषण के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 की दोपहर लगभग 01 बजकर 15 मिनट पर हो रही है। यह तिथि अगले दिन यानी गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को सुबह लगभग 11 बजकर 40 मिनट तक व्याप्त रहेगी।शास्त्रों में सर्वमान्य नियम है कि सूर्योदय कालीन तिथि यानी उदयातिथि को ही व्रत और उपवास के लिए स्वीकार किया जाता है। 21 अक्टूबर के सूर्योदय के समय दशमी तिथि विद्यमान रहेगी, जबकि 22 अक्टूबर के सूर्योदय के समय पवित्र एकादशी तिथि उपस्थित रहेगी। अतः गृहस्थ और वैष्णव परंपरा के अनुसार पापांकुशा एकादशी का निर्जला या फलाहारी व्रत गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को ही रखा जाएगा। गुरुवार का दिन होने के कारण भगवान श्री हरि विष्णु की पूजा का संयोग इस बार एकादशी के महत्व को कई गुना और अधिक बढ़ा रहा है।पापांकुशा एकादशी 2026: शुभ पूजा मुहूर्त और पारण का समयएकादशी व्रत का संकल्प और पूजा प्रातः काल सूर्योदय के बाद शुभ चौघड़िया या अमृत मुहूर्त में करना सबसे उत्तम माना जाता है। 22 अक्टूबर की सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर भगवान विष्णु के पद्मनाभ स्वरूप का ध्यान करते हुए पीले वस्त्र, पीले पुष्प, पंचामृत और तुलसी दल अर्पित कर पूजन संपन्न करें।एकादशी तिथि प्रारंभ: 21 अक्टूबर 2026, दोपहर 01:15 बजे सेएकादशी तिथि समाप्त: 22 अक्टूबर 2026, सुबह 11:40 बजे तकव्रत पारण की तिथि: शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026पारण का शुभ समय: 23 अक्टूबर की सुबह 06 बजकर 28 मिनट से सुबह 08 बजकर 45 मिनट के मध्यधार्मिक मान्यता है कि एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पूर्व और हरिवासर काल बीतने के बाद ही किया जाना चाहिए। द्वादशी के भीतर पारण न करने पर व्रत का फल निष्फल हो जाता है, इसलिए शुक्रवार की सुबह तय समय सीमा के भीतर ही ब्राह्मण को अन्न-जल या दान देकर व्रत खोलें।पद्म पुराण में वर्णित पापांकुशा एकादशी का धार्मिक महात्म्यपद्म पुराण में भगवान श्रीकृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर को पापांकुशा एकादशी के माहात्म्य के बारे में विस्तार से बताया है। 'पापांकुशा' शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है—पाप और अंकुश। जिस प्रकार एक महावत अंकुश के सहारे मतवाले हाथी को वश में कर लेता है, ठीक उसी प्रकार यह एकादशी मनुष्य द्वारा जाने-अनजाने में मन, वाणी और कर्म से किए गए घोर पापों पर अंकुश लगाकर उनका शमन कर देती है।शास्त्रों का कथन है कि जो मनुष्य इस दिन सच्चे मन से उपवास रखकर भगवान विष्णु के 'पद्मनाभ' स्वरूप की आराधना करता है, उसे सहस्र अश्वमेध यज्ञ और सौ राजसूय यज्ञों के समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है। यह व्रत न केवल व्रतकर्ता को सांसारिक सुख, ऐश्वर्य और निरोगी काया प्रदान करता है, बल्कि उसके मातृपक्ष, पितृपक्ष और ससुराल पक्ष की कई पीढ़ियों के पितरों को भी यमलोक के कष्टों से मुक्ति दिलाकर वैकुंठ धाम का मार्ग प्रशस्त करता है।पापांकुशा एकादशी की पूजा विधि और व्रत के अनिवार्य नियमपापांकुशा एकादशी का व्रत करने वाले साधकों को दशमी तिथि की संध्या से ही नियमों का पालन शुरू कर देना चाहिए:दशमी के नियम: दशमी तिथि (21 अक्टूबर) को सूर्यास्त से पहले सात्विक भोजन ग्रहण करें। इस दिन तामसिक भोजन, लहसुन, प्याज और चावल का त्याग पूरी तरह अनिवार्य माना गया है।संकल्प और पूजन: एकादशी (22 अक्टूबर) की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर गंगाजल युक्त जल से स्नान करें। हाथ में जल, अक्षत और पुष्प लेकर भगवान विष्णु के सम्मुख व्रत का संकल्प लें।भगवान पद्मनाभ का अभिषेक: पूजा स्थल पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। पंचामृत, गंगाजल और केसर से अभिषेक करें। प्रभु को पीले चंदन का तिलक लगाएं और पीले फल व मिष्ठान का भोग लगाएं। ध्यान रहे कि भोग में तुलसी दल अवश्य शामिल हो, क्योंकि बिना तुलसी के श्रीहरि भोग स्वीकार नहीं करते।मंत्र जाप व कथा श्रवण: पूरे दिन ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का मानसिक जाप करते रहें और दोपहर अथवा संध्या काल में पापांकुशा एकादशी की पौराणिक व्रत कथा का श्रवण व पठन करें।रात्रि जागरण: इस एकादशी में रात्रि जागरण का विशेष विधान है। रात के समय भजन-कीर्तन करते हुए समय व्यतीत करना भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है।एकादशी पर इन गलतियों से बिल्कुल बचेंएकादशी तिथि के दिन कुछ कार्यों को शास्त्रों में पूरी तरह वर्जित माना गया है। सबसे प्रमुख नियम यह है कि इस दिन घर के किसी भी सदस्य को चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। पौराणिक मान्यता के अनुसार एकादशी के दिन चावल खाना महर्षि मेधा के रक्त और मांस के भक्षण के समान माना गया है। इसके अलावा किसी पर क्रोध करना, परनिंदा, झूठ बोलना, पेड़-पौधों की पत्तियां तोड़ना और बाल व नाखून काटना भी इस पावन तिथि पर सर्वथा निषिद्ध है। 22 अक्टूबर को श्रद्धापूर्वक इस व्रत का अनुष्ठान कर साधक अपने जीवन के सभी कष्टों और पापों से मुक्ति पाकर आत्मिक शांति प्राप्त कर सकते हैं।
दिवाली पर ₹3000 में बदलें लिविंग रूम की सूरत, गेस्ट कहेंगे WOW!
दिवाली से पहले अपने पुराने लिविंग रूम को नया और स्टाइलिश लुक देना चाहते हैं? इसके लिए आपको नया फर्नीचर खरीदने या फिर मिस्त्री बुलाए भी आप आसानी से अपने लिविंग रूम को सुंदर बना सकते हैं. खास बात ये है इसके लिए आपको ज्यादा पैसे खर्च करने की भी जरूरत नहीं होगी. इस स्टोरी में दिए गए टिप्स की मदद से आप आसानी से लिविंग रूम को स्टाइलिश और मॉडर्न लुक दे सकते हैं.
रावण दहन से पहले मिट्टी के गढ़ पर चढ़ते हैं दर्जनों युवा, अनोखी परंपरा
छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ में दशहरे पर सदियों पुरानी गढ़ विच्छेदन परंपरा के बाद रावण दहन किया गया. मिट्टी से बने गढ़ पर चढ़कर दर्जनों युवाओं ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया. आयोजन में हजारों लोग पहुंचे और राजपरिवार ने भी पारंपरिक भूमिका निभाई. राजकुमारी कुलिसा ने इस परंपरा को पूर्वजों के संघर्ष, मिट्टी से जुड़ाव और विजय का प्रतीक बताया.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस और कटिंग-एज टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम करने वाले अनुभवी प्रोफेशनल्स के लिए देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में करियर बनाने का सुनहरा मौका सामने आया है। एसबीआई ने अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और फ्यूचर-रेडी बैंकिंग सिस्टम को मजबूती देने के लिए स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिसर (SCO) पदों के तहत वरिष्ठ तकनीकी पदों पर भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन (Advertisement No: CRPD/SCO/2026-27/30) जारी किया है। इस भर्ती अभियान के जरिए बैंक चीफ एआई ऑफिसर, डिप्टी जनरल मैनेजर (DGM), और एआई आर्किटेक्ट जैसे प्रमुख रणनीतिक पदों पर अनुभवी विशेषज्ञों की नियुक्ति करने जा रहा है।आधुनिक बैंकिंग में जनरेटिव एआई, ऑटोमेशन, रिस्क एनालिटिक्स और साइबर सिक्योरिटी की बढ़ती भूमिका को देखते हुए एसबीआई सीधे इंडस्ट्री के टॉप टैलेंट को अपने साथ जोड़ रहा है। योग्य एवं इच्छुक उम्मीदवार बैंक के आधिकारिक करियर पोर्टल sbi.co.in/careers या bank.sbi/careers पर जाकर 9 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। इन पदों के लिए आकर्षक वेतन पैकेज की पेशकश की गई है, जो वरिष्ठ पदों पर अनुभव और पद के अनुसार सालाना 1 करोड़ से 1.6 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।प्रमुख पद और आयु सीमा का ब्योराएसबीआई एससीओ भर्ती के तहत तकनीकी नेतृत्व से जुड़ी अलग-अलग जिम्मेदारियों के लिए पद सृजित किए गए हैं, जिनमें न्यूनतम और अधिकतम आयु सीमा पद के अनुसार निर्धारित की गई है:जनरल मैनेजर एवं चीफ एआई ऑफिसर (Chief AI Officer): इस शीर्ष पद के लिए उम्मीदवार की आयु 40 वर्ष से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए।डिप्टी जनरल मैनेजर (DGM) - विभिन्न विशेषज्ञताएं:डीजीएम (रिस्क एवं आपरेशनल एनालिटिक्स)डीजीएम (एआई गवर्नेंस एवं कंप्लायंस)डीजीएम (डेटा इंजीनियरिंग, मॉडल एप्लीकेशन डेवलपमेंट और एआई ऑप्स)इन पदों के लिए आयु सीमा 35 वर्ष से 50 वर्ष रखी गई है।एआई सॉल्यूशन आर्किटेक्ट (AI Solution Architect): इस पद के लिए आवेदक की आयु 30 वर्ष से 45 वर्ष के मध्य होनी चाहिए।एंटरप्राइज एआई आर्किटेक्ट (Enterprise AI Architect): इसके लिए भी आयु सीमा 30 से 45 वर्ष निर्धारित है। आरक्षित श्रेणियों (SC/ST/OBC/PwBD) के उम्मीदवारों को सरकारी नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी।शैक्षणिक योग्यता और कार्य अनुभव की शर्तेंइस भर्ती में शामिल सभी पद उच्च तकनीकी विशेषज्ञता की मांग करते हैं, इसलिए पात्रता मानक काफी कड़े और विशिष्ट रखे गए हैं:शैक्षणिक डिग्री: उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से कंप्यूटर साइंस (CS), इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी (IT), इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन, डेटा साइंस या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बीई/बीटेक (B.E./B.Tech) अथवा एमटेक (M.Tech) की डिग्री होनी चाहिए।वैकल्पिक योग्यता: सांख्यिकी (Statistics) या कंप्यूटर साइंस में एमएससी (M.Sc), एम.स्टेट (M.Stat) या मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशंस (MCA) की डिग्री रखने वाले उम्मीदवार भी संबंधित शर्तों के अधीन आवेदन कर सकते हैं।कार्य अनुभव: चूंकि ये सीनियर-लेवल और लीडरशिप रोल्स हैं, इसलिए पदों के अनुसार संबंधित डोमेन में 8 से 15 वर्ष या उससे अधिक का प्रोफेशनल अनुभव अनिवार्य है। उम्मीदवार को एआई/एमएल मॉडल्स, क्लाउड आर्किटेक्चर, बैंकिंग/फिनटेक सिस्टम्स और डेटा पाइपलाइन डिजाइनिंग का व्यावहारिक अनुभव होना चाहिए।चयन प्रक्रिया: बिना लिखित परीक्षा के होगा सीधा चयनएसबीआई एससीओ भर्ती प्रक्रिया की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पारंपरिक लिखित परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। चयन पूरी तरह से उम्मीदवार के अनुभव और प्रदर्शन पर आधारित होगा:शॉर्टलिस्टिंग (Shortlisting): सबसे पहले बैंक की विशेषज्ञ स्क्रीनिंग कमेटी प्राप्त आवेदनों की शैक्षणिक योग्यता, अनुभव की गुणवत्ता और प्रोफाइल प्रासंगिकता के आधार पर उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करेगी। केवल न्यूनतम योग्यता पूरी करने से इंटरव्यू कॉल की गारंटी नहीं होगी।इंटरव्यू एवं प्रेजेंटेशन (Personal Interview & Presentation): शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को व्यक्तिगत साक्षात्कार और प्रेजेंटेशन राउंड के लिए बुलाया जाएगा। प्रेजेंटेशन में उम्मीदवार को अपनी पिछली परियोजनाओं, तकनीकी महारत और एसबीआई के लिए उनके दृष्टिकोण को प्रस्तुत करना होगा। इंटरव्यू कुल 100 अंकों का होगा।मेरिट लिस्ट और सीटीसी नेगोशिएशन (Merit List): अंतिम चयन सूची केवल साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी। चूंकि ये पद अनुबंध/फिक्स्ड टर्म आधार पर हैं, इसलिए चयन के बाद उपयुक्त सीटीसी (सैलरी पैकेज) पर अंतिम वार्ता की जाएगी।आवेदन शुल्क और ऑनलाइन अप्लाई करने का तरीकासामान्य (General), ईडब्ल्यूएस (EWS) और ओबीसी (OBC) वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क ₹750 निर्धारित किया गया है। वहीं अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और दिव्यांग (PwBD) श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन पूरी तरह नि:शुल्क है।आवेदन करने के लिए उम्मीदवार निम्नलिखित स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं:एसबीआई के आधिकारिक करियर पोर्टल sbi.bank.in/web/careers/current-openings पर जाएं।'Engagement of Specialist Cadre Officers on Fixed Term Employment Basis (CRPD/SCO/2026-27/30)' के लिंक पर क्लिक करें।नए रजिस्ट्रेशन के विकल्प पर जाकर अपना बुनियादी विवरण दर्ज करें।लॉगिन करने के बाद शैक्षणिक प्रमाणपत्र, बायोडाटा (निर्धारित प्रारूप में), अनुभव प्रमाण पत्र और फोटो-हस्ताक्षर अपलोड करें।ऑनलाइन माध्यम से शुल्क का भुगतान कर फाइनल फॉर्म सबमिट करें और प्रिंटआउट भविष्य के लिए सुरक्षित रख लें।
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र के लिए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक और दूरगामी फैसला लिया है। लेह में निर्माणाधीन लद्दाख के पहले सरकारी मेडिकल कॉलेज को समयबद्ध तरीके से शुरू करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने भर्ती नियमों में विशेष एकमुश्त छूट (One-Time Relaxation) प्रदान की है। इस महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले के साथ ही मेडिकल कॉलेज के लिए स्वीकृत 103 नियमित पदों पर प्रारंभिक एवं चरणबद्ध भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया है। इस कदम से अत्यधिक विषम भौगोलिक परिस्थितियों और कठोर जलवायु वाले सीमांत क्षेत्र में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए डॉक्टर बनने की राह आसान होगी।सामान्य नियमों के मुताबिक, किसी भी नए मेडिकल कॉलेज में संकाय सदस्यों (Faculty) और तकनीकी कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया तभी शुरू की जाती है जब कॉलेज का बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) कम से कम 80 प्रतिशत तक पूरा हो चुका हो। लद्दाख की भौगोलिक स्थिति, लंबी और कड़ाके की सर्दियां तथा सीमित निर्माण कार्य सत्र (Working Window) को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने इस 80 प्रतिशत निर्माण की अनिवार्य शर्त में छूट दी है। यदि इस नियम में ढील न दी जाती, तो निर्माण पूरा होने के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू करने में सालों का अतिरिक्त विलंब हो जाता और शैक्षणिक सत्र समय पर शुरू नहीं हो पाता। केंद्र के इस रणनीतिक हस्तक्षेप से निर्माण कार्य चलने के साथ-साथ फैकल्टी और नॉन-टीचिंग स्टाफ की चयन प्रक्रिया भी समानांतर रूप से आगे बढ़ सकेगी।103 नियमित पदों पर चरणबद्ध भर्ती: प्रोफेसर से लेकर पैरामेडिकल स्टाफ तककेंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की मंजूरी के बाद लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन अब कॉलेज के लिए स्वीकृत कुल 103 नियमित पदों पर चरणबद्ध तरीके से नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करेगा। इन पदों में डीन, विभिन्न चिकित्सा विभागों के प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, सीनियर रेजिडेंट्स के साथ-साथ प्रयोगशाला तकनीशियन, नर्सिंग स्टाफ और प्रशासनिक संवर्ग के तकनीकी पद शामिल हैं।प्रशासन का उद्देश्य नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के कड़े मानकों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवश्यक न्यूनतम शैक्षणिक फैकल्टी और बुनियादी स्टाफ की उपलब्धता को पहले ही सुनिश्चित करना है। चूंकि लद्दाख जैसे दुर्गम क्षेत्र में अनुभवी डॉक्टरों और वरिष्ठ प्रोफेसरों को आकर्षित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य रहा है, इसलिए अग्रिम भर्ती से प्रशासन को पर्याप्त समय मिलेगा ताकि देश भर से योग्य चिकित्सा शिक्षकों को लेह लाया जा सके और आवश्यक होने पर उन्हें स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किया जा सके।शैक्षणिक सत्र 2027-28 से शुरू होगी पढ़ाई, लद्दाख के छात्रों को नहीं जाना होगा बाहरप्रशासन की योजना के अनुसार, लेह में बन रहे इस पहले मेडिकल कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2027-28 से एमबीबीएस (MBBS) की पहली बैच की पढ़ाई शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक लद्दाख के मेधावी छात्रों को मेडिकल की उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए जम्मू, श्रीनगर, दिल्ली या देश के अन्य राज्यों के मेडिकल कॉलेजों पर निर्भर रहना पड़ता था, जहां सीटों की संख्या सीमित होती थी।गृह क्षेत्र में पहला सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित होने से स्थानीय छात्रों को न केवल अपनी ही धरती पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, बल्कि ऑल इंडिया कोटा (AIQ) के माध्यम से देश भर के छात्र भी लेह में पढ़ाई कर सकेंगे। इससे केंद्र शासित प्रदेश में डॉक्टरों की भारी कमी को स्थायी रूप से दूर करने में मदद मिलेगी, क्योंकि यहां से उत्तीर्ण होने वाले डॉक्टर स्थानीय प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर सेवाएं दे सकेंगे।500 बिस्तरों वाले जिला अस्पताल से संबद्ध, मिलेगी सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवायह मेडिकल कॉलेज लेह स्थित एसएनएम (सोनम नोरबू मेमोरियल) अस्पताल से संबद्ध किया जा रहा है, जिसे आधुनिक सुविधाओं से लैस 500 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशियलिटी शिक्षण अस्पताल के रूप में उन्नत किया जा रहा है। लद्दाख के सुदूरवर्ती नुब्रा, चांगथांग और कारगिल के सीमांत गांवों के मरीजों को अक्सर छोटी-बड़ी गंभीर बीमारियों, हृदय रोग, न्यूरो या जटिल सर्जरी के लिए एयरलिफ्ट होकर चंडीगढ़ या दिल्ली जाना पड़ता था, जो आर्थिक रूप से अत्यंत खर्चीला और आपात स्थिति में जानलेवा साबित होता था।मेडिकल कॉलेज के पूर्ण रूप से चालू होने के बाद लेह में ही उन्नत डायग्नोस्टिक लैब, एमआरआई, सीटी स्कैन, आधुनिक आईसीयू, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और क्रिटिकल केयर यूनिट्स की चौबीसों घंटे उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा बलों, स्थानीय जनजातीय आबादी और भारी संख्या में पहुंचने वाले घरेलू व अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को किसी भी आपात स्थिति में विश्वस्तरीय आपातकालीन चिकित्सा सहायता मिल सकेगी।सीमांत लद्दाख के विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थरवर्ष 2019 में लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद से ही केंद्र सरकार का जोर इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, सड़क संपर्क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के कायाकल्प पर रहा है। शीतकाल में कई महीनों तक शेष भारत से कटे रहने वाले इस संवेदनशील क्षेत्र में आधुनिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना आत्मनिर्भर भारत और संतुलित क्षेत्रीय विकास का सशक्त उदाहरण है।लेह प्रशासन का कहना है कि भर्ती नियमों में छूट मिलने के तुरंत बाद भर्ती विज्ञापन, पात्रता शर्तें और आवेदन प्रक्रिया का विस्तृत नोटिफिकेशन जल्द ही आधिकारिक पोर्टल पर जारी किया जाएगा। इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण और स्टाफ चयन की यह दोहरी रणनीति लद्दाख के स्वास्थ्य इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जा रही है, जो आने वाले वर्षों में पूरे हिमालयी क्षेत्र के लिए संजीवनी साबित होगी।
US विदेश मंत्री रुबियो ने भारत को बताया 'ताकतवर', बोले- 21वीं सदी की दिशा तय करेंगे हमारे रिश्ते
चार महीने से भी कम समय में यह मार्को रुबियो की दूसरी भारत यात्रा है। व्यापार नीतियों और इमिग्रेशन जैसे कुछ मुद्दों पर वैश्विक खींचतान के बावजूद अमेरिकी विदेश मंत्री ने साफ किया कि दोनों देशों के बुनियादी और राष्ट्रीय हितों से जुड़े मुख्य मुद्दों पर 100% अलाइनमेंट है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दिल्ली में दशहरा समारोह में भाग लिया और देशवासियों को अधर्म पर धर्म की विजय के इस पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस दौरान प्रतीकात्मक तीर चलाकर रावण दहन भी किया है।
धनतेरस-दिवाली से पहले सोना सस्ता! 18, 22 और 24 कैरेट का ये रेट
Gold Price Today: धनतेरस और दिवाली जैसे त्योहारों से पहले सोने की कीमतों में गिरावट आई है. घरेलू वायदा बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक सोने के भाव नीचे आए हैं. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, मध्य पूर्व में तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता सोने की चाल पर असर डाल रही है.
पत्नी से पीड़ित पतियों ने जलाया शूर्पणखा का पुतला, कर दी ये बड़ी मांग
छत्रपति संभाजीनगर में पुरुष आयोग की मांग को लेकर पत्नी पीड़ित पुरुष आश्रम ने विजयादशमी पर शूर्पणखा दहन किया. संगठन अध्यक्ष भारत फुलारे का आरोप है कि कुछ कानूनों का दुरुपयोग कर पुरुषों और उनके परिवारों को परेशान किया जाता है. आश्रम पिछले दस वर्षों से यह प्रतीकात्मक आंदोलन कर रहा है और पुरुष आयोग बनने तक संघर्ष जारी रखने की बात कहता है.
Hyderabad Dandiya Event में लाइटिंग ढांचा गिरने से छात्रा की मौत, तीन आरोपी अरेस्ट
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के पास नादरगुल स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज में डांडिया कार्यक्रम के दौरान लाइटिंग के लिए बनाया गया धातु का ढांचा गिरने से एक छात्रा की मौत के मामले में मंगलवार को तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। यह घटना 17 अक्टूबर को हुई थी, जब कॉलेज परिसर में डांडिया कार्यक्रम में भाग ले रहे विद्यार्थियों पर संबंधित ढांचा गिर गया था। इस घटना में 22 विद्यार्थी घायल हो गए थे। पुलिस ने बताया कि घायलों में से एक छात्रा को अस्पताल ले जाया गया, जहां चोट के कारण उसकी मौत हो गई। मामूली चोटें लगने वाले अधिकतर विद्यार्थियों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि तीन का इलाज अब भी जारी है। इस मामले में आदिबटला पुलिस थाने में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए जिम्मेदार लोगों और कॉलेज प्रबंधन से जुड़े लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। शमशाबाद जोन के पुलिस उपायुक्त बी. राजेश ने बताया कि पुलिस ने घटना के सिलसिले में सात आरोपियों की पहचान की है। इनमें से तीन ने मंगलवार को पुलिस थाने में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि शेष चार आरोपी फरार हैं और उन्हें पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, अस्थायी ढांचे को लगाने के लिए जरूरी चार खंभों के बजाय केवल दो खंभों का इस्तेमाल किया गया था। इसके अलावा, ढांचे की स्थापना के दौरान आवश्यक सुरक्षा सावधानियों का भी पालन नहीं किया गया था।
वोट चोरी और रिजीम चेंज... दशहरा रैली में उद्धव-शिंदे के बीच जुबानी जंग
उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे ने दशहरा रैली में किसानों की परेशानी, वोट चोरी और महाराष्ट्र की पहचान जैसे मुद्दों पर एक-दूसरे को घेरा. उद्धव ने सरकार पर सवाल उठाए, जबकि शिंदे ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए रिजीम चेंज की मांग पर भी तंज कसा.
'फ्रांस से लौटे भगवंत मान को दिल्ली एयरपोर्ट पर 3 घंटे रोका', AAP का दावा
आम आदमी पार्टी ने दावा किया है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को फ्रांस से लौटते समय दिल्ली एयरपोर्ट रोका गया. 'आप' ने इसे केंद्र सरकार की मनमानी बताया है. हालांकि अकाली दल का आरोप है कि सीएम मान ने कस्टम नियमों का उल्लंघन किया, जिसके लिए उन्हें रोका गया.
'आतंकवाद पर जीरो टालरेंस जरूरी', जयशंकर का अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो को दोटूक संदेश
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से कहा कि भारत अपने साझेदारों से आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की अपेक्षा करता है।
‘धुरंधर’ के मुरीद हुए शशि थरूर, जमकर की फिल्म तारीफ की
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने फिल्म 'धुरंधर' की कहानी, पटकथा और निर्देशन की जमकर तारीफ की है, इसे एक शानदार सिनेमाई अनुभव बताया।
'लॉरेंस बिश्नोई गैंग में 70 हजार लोग, फडणवीस में हिम्मत है तो...', उद्धव ठाकरे ने दी चुनौती
टाइगर श्रॉफ पर हमले को लेकर उद्धव ठाकरे ने सवाल उठाया कि हमलावरों के पास हथियार कहां से आए और वे इन्हें लेकर वहां तक कैसे पहुंचे। क्या घटना के तुरंत बाद अभिनेता से मिलने जाना सिर्फ प्रचार हासिल करने के लिए था?
इलेक्ट्रॉनिक्स से ऑटोमोबाइल तक: अफ्रीका के बाजार में चीन के दबदबे को भारत दे रहा चुनौती
भारत तेजी से अफ्रीका और आसियान देशों में अपना निर्यात बढ़ा रहा है, जिससे अफ्रीकी बाजार में चीन के प्रभुत्व को चुनौती मिल रही है।
यात्रा के दौरान नहीं काम कर रहा FAStag तो क्या देना होता है दोगुना टैक्स? जानें क्या है NHAI का नियम
यात्रा के दौरान तकनीकी खराबी या अन्य कारणों से FASTag काम नहीं करने पर चालकों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या उन्हें दोगुना टैक्स चुकाना होगा.
लेडी सिंघम का धांसू अंदाज! साड़ी पहनकर IPS अंकिता शर्मा ने चलाई AK-47, वायरल हुआ धमाकेदार वीडियो
Ips Ankita Sharma : दशहरे के मौके पर छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में एसपी और IPS अधिकारी अंकिता शर्मा का अलग अंदाज देखने को मिला.
यहां रावण जलता नहीं, बस तीर खाता है, युद्ध की 247 साल पुरानी अनोखी परंपरा
कौशांबी जिले के दारानगर में रामलीला की 247 साल पुरानी परंपरा आज भी अनोखे अंदाज में निभाई जाती है. यहां राम और रावण की सेनाएं तलवार या तीर-कमान की जगह करीब 200 ग्राम की प्लास्टिक की कुप्पियों से युद्ध करती हैं. दो दिन में सात मुकाबले होते हैं. रावण का पुतला जलाने के बजाय तीर मारकर छोड़ दिया जाता है.
देशभर में Dussehra की धूम, SCO में Rajnath Singh ने आतंकवाद पर दोहरे मापदंड के खिलाफ चेताया
भाषा की विभिन्न फाइल से मंगलवार रात 9.30 बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार है: दि63 दूसरी लीड दशहरादशहरा उत्सव का आनंद लेने के लिए रामलीला मैदानों में उमड़े लोगनयी दिल्ली, अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक दशहरा मंगलवार को पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान लोग रावण के पुतलों का दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में रामलीला मैदानों में पहुंचे। वि20: एससीओ लीड राजनाथआतंकवाद को किसी भी तरह उचित नहीं ठहराया जा सकता, इससे निपटने में दोहरे मापदंड न अपनाए जाएं: राजनाथदुशांबे, भारत ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों से पूरे आतंकी तंत्र को खत्म करने के लिए मिलकर प्रयास करने की अपील करते हुए मंगलवार को कहा कि आतंकवाद को किसी भी तरह सही नहीं ठहराया जा सकता और इससे निपटने में दोहरे मापदंड नहीं अपनाए जाने चाहिए। प्रादे169: भारत अमेरिका यूएई लीड त्रिपक्षीयजयशंकर, रुबियो और अल नाह्यान ने क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा, साझा आर्थिक प्राथमिकताओं पर चर्चा कीमुंबई/नयी दिल्ली, विदेश मंत्री एस जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाह्यान ने मंगलवार को मुंबई में एक त्रिपक्षीय बैठक की, जिसमें क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ साझा आर्थिक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई। दि13: कांग्रेस परिसीमनक्या परिसीमन विधेयक फिर से पारित कराने का प्रयास करेगी सरकार : कांग्रेसनयी दिल्ली, कांग्रेस ने परिसीमन के मुद्दे पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पत्र का सरकार की ओर से दिए गए जवाब का हवाला देते हुए मंगलवार को सवाल किया कि क्या लोकसभा में पराजित हो चुके संविधान संशोधन विधेयक को फिर से लाने और ‘‘महालंकित दो-तिहाई बहुमत’’ से इसे पारित कराने का प्रयास किया जा रहा है ? दि27: राहुल आरएसएसआरएसएस ‘विशुद्ध पुरुषवादी, संविधान विरोधी’; उसकी सोच के खिलाफ लड़ना खुशी देता है : राहुलनयी दिल्ली, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि यह ‘‘विशुद्ध पुरुषवादी और संविधान विरोधी’’ संगठन है, जो महिलाओं को पुरुषों की ‘‘संपत्ति’’ मानता है। प्रादे17: महाराष्ट्र आरएसएस लीड भागवतआंदोलन राजनीतिक स्वार्थ का औजार बनकर समाज में विभाजन बढ़ा सकते हैं: मोहन भागवतनागपुर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मंगलवार को आगाह किया कि सत्ता परिवर्तन के आंदोलन मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं करते और ये राजनीतिक स्वार्थों का औजार बनकर समाज में विभाजन बढ़ा सकते हैं। प्रादे115: पंजाब दूसरी लीड शाहपंजाब: शाह ने मादक पदार्थ का मुद्दा उठाने के बाद आत्महत्या करने वाले व्यक्ति के परिवार से मुलाकात कीचंडीगढ़, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब के संगरूर में मादक पदार्थ की समस्या का मुद्दा उठाने के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात की। प्रादे152: उप्र पटाखा लीड विस्फोटभदोही में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान पटाखा विस्फोट से छह लोग झुलसेभदोही (उप्र), भदोही जिले के चौरी थानाक्षेत्र में मंगलवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान पटाखा विस्फोट होने से कम से कम छह लोग झुलस गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। वि25: पाक अदालत हिंदूपाकिस्तान में दो नाबालिग हिंदू बहनों को अपहरण के डेढ़ महीने बाद माता-पिता के पास लौटने की अनुमतिकराची, सिंध उच्च न्यायालय ने उन दो नाबालिग हिंदू बहनों को अपने माता-पिता के पास लौटने की अनुमति दे दी है, जिन्हें डेढ़ महीने से अधिक समय पहले कथित तौर पर अगवा कर इस्लाम कबूलने के लिए मजबूर किया गया था और जिनका निकाह उम्र में कहीं बड़े मुस्लिम पुरुषों से करा दिया गया था। वि22:पाक मुनीर ईरानक्षेत्रीय तनाव कम करने के प्रयासों के तहत ईरान पहुंचे पाकिस्तान के सेना प्रमुख मुनीरइस्लामाबाद, पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर क्षेत्रीय तनाव कम करने की इस्लामाबाद की कोशिशों के तहत मंगलवार को ईरान पहुंचे। ईरानी मीडिया में आई खबरों में यह जानकारी दी गई। अर्थ30: अंबानी साक्षात्कारजियो सिर्फ दूरसंचार इकाई नहीं, बल्कि एक प्रौद्योगिकी कंपनी: आकाश अंबानी(फाइल फोटो के साथ)नयी दिल्ली, रिलायंस इंडस्ट्रीज की इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने मंगलवार को कहा कि कंपनी वृद्धि के लिए दूरसंचार से आगे अपनी प्रौद्योगिकी, कृत्रिम मेधा और क्लाउड क्षेत्र पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि जियो सिर्फ दूरसंचार इकाई नहीं बल्कि एक प्रौद्योगिकी कंपनी है। अर्थ17: भारत-न्यूजीलैंड लीड एफटीएभारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता लागू, प्रधानमंत्री लक्सन ने ऐतिहासिक करार बतायानयी दिल्ली, भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) मंगलवार से लागू हो गया। इससे कपड़ा, चमड़ा और जूते-चप्पल जैसे श्रम गहन क्षेत्रों सहित विभिन्न भारतीय उत्पादों को न्यूजीलैंड के बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी। समझौते के तहत भारतीय निर्यात की सभी शुल्क श्रेणियों को पहले दिन से शुल्क मुक्त पहुंच प्रदान की गई है। खेल42: खेल महिला भारत पारीहरमनप्रीत की शानदार पारी से भारत के सात विकेट पर 216 रनरायपुर, भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर की नाबाद 91 रन की शानदार पारी के दम पर जिंबॉब्वे के खिलाफ तीसरे और अंतिम महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में मंगलवार को यहां सात विकेट पर 216 रन बनाए। खेल37: खेल एशियाड पैरा संपूर्ण लीड भारतभारत ने एथलेटिक्स में मचाई धूम, अपने पदकों की संख्या 35 पर पहुंचाईनागोया, निषाद कुमार और दीप्ति जीवनजी जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की अगुवाई में भारत ने एशियाई पैरा खेलों की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में मंगलवार को यहां पांच स्वर्ण पदक जीते जिससे देश के कुल पदकों की संख्या 35 पर पहुंच गई।
दिल्ली: बेटे को बचाने के लिए बीच झगड़े में आई मां, चाकू लगने से मौत
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के नजफगढ़ में चाकूबाजी में एक महिला की मौत हो गई. महिला अपने बेटे को बचाने की कोशिश कर रही थी, इसी दौरान उसे चाकू लग गया. पुलिस ने आरोपी सतीश लांबा को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पीड़ित बेटे और उसके दो दोस्तों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है. पुलिस दोनों पक्षों की जांच कर रही है.
तीन बच्चों की मां है एक्ट्रेस, 44 की उम्र में दूसरी बार बसाएंगी घर?
बिग बॉस में माही से काजी तौकीर ने पर्सनल लाइफ को लेकर सवाल किया. उनसे पूछा गया कि जय से अलग होने के बाद क्या माही की जिंदगी में प्यार की दोबारा एंट्री होगी?
Mumbai के साकीनाका में कबाड़ गोदाम में लगी भीषण आग, चार लोग झुलसे
मुंबई के अंधेरी इलाके के साकीनाका में मंगलवार शाम कबाड़ के एक गोदाम में भीषण आग लगने से चार लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दशहरे के दिन महानगर में आग लगने की यह तीसरी घटना है। अधिकारियों ने बताया कि कैरानी रोड स्थित गोदाम में आग लगने की सूचना दमकल विभाग को शाम छह बजकर 18 मिनट पर मिली। उन्होंने बताया कि आग को दूसरे स्तर की श्रेणी में रखा गया, जो इलाके के लिए गंभीर खतरे का संकेत है। महानगरपालिका के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘आग में 20-वर्षीय एक युवक समेत चार लोग झुलस गए।’’घायलों के शरीर का 10 से 80 प्रतिशत हिस्सा झुलस गया है। उनका महानगरपालिका के राजावाड़ी अस्पताल में इलाज जारी है। आग से उठता घना काला धुआं दूर से ही आसमान में दिखाई दे रहा था, जिससे झुग्गी-बस्ती बहुल इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दमकलकर्मी आग बुझाने में जुटे थे। अभियान में कम से कम आठ दमकल गाड़ियों और अन्य वाहनों को लगाया गया था। महानगरपालिका के एक अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल पर दमकलकर्मियों के अलावा पुलिस, अदाणी इलेक्ट्रिसिटी के कर्मचारी, एंबुलेंस और वार्ड कर्मचारियों को भी तैनात किया गया। इससे पहले दिन में मुंबई के कुर्ला इलाके में 13 मंजिला रिहायशी इमारत की बिजली की ‘डक्ट’ में आग लग गई थी, जिसमें तीन बच्चों समेत नौ लोग घायल हो गए थे। दक्षिण मुंबई में भुलाभाई देसाई रोड स्थित प्रमुख डिपार्टमेंटल स्टोर अमरसन्स में भी आग लग गई थी। कबाड़ के गोदाम में आग लगने की घटना के बाद इन तीन घटनाओं में से दो में घायल हुए लोगों की कुल संख्या 13 हो गई है।
Priyanka Gandhi बोलीं, जनता झेल रही बेरोजगारी और महंगाई रूपी रावण
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने मंगलवार को कहा कि देश की जनता इस समय बेरोजगारी और महंगाई जैसी ‘‘रावण रूपी’’ समस्याओं का सामना कर रही है तथा सत्य एवं असत्य के बीच जारी लड़ाई में उनकी पार्टी सत्य के लिए लड़ती रहेगी। वह विजयादशमी के अवसर पर दिल्ली के लाल किला मैदान में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में शामिल हुईं। प्रियंका ने कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि यह राजनीति करने का अवसर नहीं है और इसलिए वह सरकार के लिए कोई विशेष संदेश नहीं देना चाहतीं। उन्होंने यह भी कहा, ‘‘सिर्फ यह कहना चाहती हूं कि आज देश की जनता बेरोजगारी और महंगाई जैसी रावण रूपी समस्याओं का सामना कर रही है।’’कांग्रेस महासचिव ने कहा कि आज सत्य और असत्य के बीच लड़ाई हो रही है, जिसमें वे सत्य के लिए लड़ रहे हैं और आगे भी लड़ते रहेंगे। उन्होंने लोगों से अपने जीवन में सत्य का साथ देने की अपील करते हुए सभी को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं।
नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने मंगलवार को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अधिकार का समर्थन किया और आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने एक खास राजनीतिक पार्टी को चुनाव जिताने में मदद करने के लिए काम किया है। अब्दुल्ला से आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के इस बयान के बारे में सवाल पूछा गया था कि सत्ता परिवर्तन के उद्देश्य से किए जाने वाले आंदोलन बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं करते, ऐसे आंदोलन राजनीतिक हितों का साधन बन सकते हैं और समाधान देने के बजाय समाज में विभाजन बढ़ा सकते हैं। अब्दुल्ला ने यहां पत्रकारों से कहा, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और संविधान के तहत आपको विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, बशर्ते वे शांतिपूर्ण रहें। इसलिए अभी यह विरोध प्रदर्शन हो रहा है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पूरा देश जानता है कि निर्वाचन आयोग ने अनियमितताएं की हैं। अब्दुल्ला ने आरोप लगाया, उसने (आयोग ने) एक राजनीतिक पार्टी को चुनाव जिताने में मदद करने के लिए काम किया, जबकि उसे ऐसा करना नहीं था। निर्वाचन आयोग के सदस्यों की नियुक्ति करने वाली चयन समिति की संरचना पर सवाल उठाते हुए नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष ने कहा कि चयन प्रक्रिया से भारत के प्रधान न्यायाधीश को बाहर रखने और समिति में सरकार के दो प्रतिनिधियों की मौजूदगी से मौजूदा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा, चयन समिति के तीन सदस्यों में से दो सरकार के हैं और एक विपक्ष का है। इसलिए इस व्यवस्था में बदलाव करना जरूरी है। अब्दुल्ला ने कहा कि निर्वाचन आयोग स्वतंत्र होना चाहिए और उसे अपनी जिम्मेदारियां स्वतंत्र रूप से निभाने में सक्षम होना चाहिए। डॉ. अब्दुल्ला ने यहां परेड मैदान में दशहरा समारोह में भी हिस्सा लिया।
सड़क परिवहन मंत्रालय ने हाईवे परियोजनाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए नए नियम जारी किए हैं।
कोटा में Durga idol immersion के दौरान नहर में नाव पलटी, 4 युवक लापता
राजस्थान के कोटा में मंगलवार शाम सात लोगों को ले जा रही एक नाव पलट जाने से चार युवकों के डूबने की आशंका है। यह घटना उद्योग नगर थाना क्षेत्र में स्टील पुल के पास कोटड़ी नहर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई। हालांकि, हादसे के दौरान तीन लोग तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए जबकि लापता लोगों की तलाश के लिए अधिकारियों ने बचाव अभियान शुरू कर दिया है। घटना की जानकारी मिलने पर राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पंचायत चुनाव के लिए अपने प्रचार को बीच में ही रोक दिया और घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने जिला प्रशासन को लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी पीयूष समारिया और शहर की पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम भी बचाव अभियान की निगरानी के लिए मौके पर पहुंचीं। मंत्री मदन दिलावर ने मीडिया से कहा कि सात लोग एक छोटी और लकड़ी वाली असुरक्षित नाव पर सवार हुए थे, जो नहर के बीच में पलट गई। दिलावर ने कहा हादसे वाला स्थान प्रतिबंधित इलाका था और वहां दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन की अनुमति नहीं थी। उन्होंने कहा कि राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) सहित सभी उपलब्ध संसाधन, मशीनरी और टीम सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि कोलकाता में भगदड़ की घटना के संबंध में सोशल मीडिया पर बांग्लादेश से “फर्जी विमर्श” फैलाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी सामग्री का प्रसार करने या उसका समर्थन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इससे कुछ घंटे पहले पश्चिम बंगाल पुलिस के विशेष कार्यबल ने कूचबिहार जिले से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। उस पर तीन दिन पहले चोरबागान में दुर्गा पूजा के दौरान हुई भगदड़ में मरने वालों की संख्या को लेकर सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप है। शनिवार शाम उत्तर कोलकाता के एक दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मचने से 19 लोगों की मौत हो गई थी और 25 लोग घायल हो गए थे। भगदड़ के पीड़ितों से मिलने पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा, “बांग्लादेश से कुछ भ्रामक बातें फैलाई जा रही थीं। मैंने निर्देश दिया है कि ऐसी पोस्ट को लाइक और साझा करने वालों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत मामले दर्ज किए जाएं।”सोशल मीडिया पर एक पोस्ट का जिक्र करते हुए अधिकारी ने दावा किया कि यह (पोस्ट) बांग्लादेश से आई थी और बाद में कूच बिहार सहित पश्चिम बंगाल में 135 लोगों ने इसे साझा किया। उन्होंने कहा, “उन सभी के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। यहां कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”इस हादसे पर दुख जताते हुए उन्होंने माना कि कुछ चूकों के कारण लोगों की जान गई। मुख्यमंत्री ने कहा, “कुछ गलतियों के कारण इतने लोगों की जान चली गई। यह बेहद दुखद है। मेरे पास कहने के लिए शब्द नहीं हैं।
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए 1 नवंबर से 28 फरवरी तक 'विंटर एक्शन प्लान' की घोषणा की है. सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि हमारी दिल्ली-हमारी जिम्मेदारी है.
टाइगर श्रॉफ पर गोली चलाने वाले रेहान की मां ने किया बेटे का बचाव, बाप ने खोला एक बड़ा राज
शमशीदा ने बताया कि कुछ दिन पहले एक अनजान व्यक्ति उनके घर आया और उनके बेटे को अपने साथ ले गया। इसके बाद से ही रेहान का मोबाइल फोन बंद आ रहा था और पिछले 20 दिनों से उनका अपने बेटे से कोई संपर्क नहीं हो सका था।
Marco Rubio ने Jaishankar से की वार्ता, भारत के साथ Energy Trade बढ़ाने पर दिया जोर
भारत और अमेरिका ने मंगलवार को ऊर्जा और रक्षा सहयोग का विस्तार करने पर चर्चा की, जबकि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस बात पर जोर दिया कि बढ़ता ऊर्जा व्यापार नयी दिल्ली की आपूर्ति शृंखलाओं में विविधता लाने में परिवर्तनकारी भूमिका निभा सकता है। यह बातचीत दोनों देशों के संबंधों में जारी तनाव के बीच हुई। विदेश मंत्री जयशंकर की रुबियो से यह मुलाकात मुंबई में हुई। अमेरिकी विदेश मंत्री पांच महीने के अंदर दूसरी बार भारत आए हैं। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने और रुबियो ने “हमारे संबंधों को और आगे बढ़ाने पर विचार साझा किए, जिसमें व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंधों पर ध्यान केंद्रित किया गया”। अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि विदेश मंत्री -रुबियो और जयशंकर- ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें पश्चिम एशिया के घटनाक्रम भी शामिल थे। इसमें कहा गया है कि रुबियो ने इस बात को दोहराया कि अमेरिका के साथ ऊर्जा व्यापार बढ़ाने से भारत की आपूर्ति शृंखला में विविधता लाने में एक क्रांतिकारी भूमिका निभाई जा सकती है, साथ ही इससे भारत की बड़ी उपभोक्ता मांग को पूरा करने में भी मदद मिल सकती है। विदेश विभाग ने यह भी कहा, ‘‘उन्होंने द्विपक्षीय रक्षा और असैन्य परमाणु सहयोग में हाल ही में हुई प्रगति की सराहना की, और अमेरिकी तकनीकों एवं प्रणालियों की खरीद बढ़ाने का समर्थन किया, जिससे हमारे दोनों देशों की सुरक्षा और समृद्धि को बढ़ावा मिल सकता है।”जयशंकर के साथ बातचीत से पहले रुबियो ने ताज स्मारक का दौरा किया और 26/11 के मुंबई आतंकी हमले के पीड़ितों को पुष्पचक्र अर्पित करके श्रद्धांजलि दी। इस हमले में छह अमेरिकी नागरिकों सहित कई लोग मारे गए थे। अमेरिकी विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘मुंबई में, भारत के विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर और मैंने ऊर्जा सुरक्षा तथा रक्षा सहयोग पर चर्चा की और साथ ही अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के महत्व को दोहराया।’’शीर्ष राजनयिक ने भारत-अमेरिका ऊर्जा संबंधों और साथ ही बुधवार को जामनगर में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की रिफाइनरी की अपनी यात्रा के बारे में मीडिया के सवालों के जवाब भी दिए। उन्होंने कहा, “ऊर्जा को इस्तेमाल के लायक बनाने के लिए, आपको उसका प्रसंस्करण करना पड़ता है। आपके पास एक ऐसी कंपनी है, जिसके पास शोधन की बहुत बड़ी क्षमता है। मुझे लगता है कि मुझे उनसे बात करनी चाहिए, खासकर तब, जब इसमें अलग-अलग देश शामिल हों।”उन्होंने कहा, “हम एक ऐसी कंपनी के पास जा रहे हैं, जिसके पास शोधन की बहुत बड़ी क्षमता है। उनसे इस बारे में बात करना बिल्कुल सही रहेगा। अगर आप उनसे बात नहीं करेंगे, तो किसी चीज को समझना या यह देखना बहुत मुश्किल होगा कि क्या संभावनाएं हैं।”अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत द्वारा रूस से कच्चा तेल खरीदने के सवाल पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “भारत ने बार-बार अपने ऊर्जा ‘पोर्टफोलियो’ में विविधता लाने की इच्छा जताई है, जो कि एक समझदारी भरा कदम है। ऐसा रातों-रात कर पाना आसान नहीं है।”रुबियो ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि उन्होंने इस दिशा में काफी अच्छी प्रगति की है, और यह देखकर हमें खुशी है। लेकिन आखिरकार, बात सिर्फ रूसी तेल की नहीं है; बल्कि यह भारत की अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की इच्छा के बारे में है, और हमें लगता है कि हम भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए एक स्रोत बन सकते हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमने वेनेजुएला और अन्य देशों के बारे में चर्चा की है, और मुझे लगता है कि विविध ऊर्जा पोर्टफोलियो वाले मजबूत सहयोगी होना हमारे हित में है।”यह तुरंत पता नहीं चल पाया है कि रुबियो और जयशंकर के बीच हुई बातचीत में भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते का जिक्र आया या नहीं। अपनी इस यात्रा से पहले रुबियो ने उज्बेकिस्तान में कहा कि अमेरिका भारत के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के ‘‘बेहद करीब’’ है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि रूसी तेल खरीदने पर अमेरिका द्वारा शुल्क में छूट देने का फैसला इसी से जुड़ा है। पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और रूसी तेल के पांच सबसे बड़े खरीदारों पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों को निलंबित कर दिया था, जिनमें भारत भी शामिल है। रुबियो ने कहा, ‘‘हम अभी भारत के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। हम ऐसा करने के बहुत करीब हैं। इसलिए जब राष्ट्रपति राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी छूट या इस तरह के अन्य मामलों पर कोई फैसला लेते हैं तो हम इन बातों को भी ध्यान में रखते हैं।’’भारत और अमेरिका 2025 की शुरुआत से ही एक प्रस्तावित व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। इसका उद्देश्य शुल्क संबंधी विवादों को सुलझाना, गैर-टैरिफ बाधाओं को हटाना और दोनों देशों के बीच बाजार तक पहुंच को बढ़ाना है। भारत चाहता है कि अमेरिकी बाजार में उसके सामान पर उसके प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर शुल्क दरें लागू हों। जयशंकर ने कुछ दिन पहले कहा था कि दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता अब समझौते के अंतिम चरण के करीब पहुंच रही है। पिछले साल अमेरिका द्वारा भारत पर दंडात्मक शुल्क लगाए जाने और ट्रंप द्वारा मई 2025 में भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव को कम करने में अपनी भूमिका के दावे किए जाने के बाद भारत-अमेरिका संबंधों में काफी गिरावट आई थी। ट्रंप के इन दावों पर भारतीय अधिकारियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। अमेरिका की नयी आव्रजन नीति और एच-1बी वीजा शुल्क बढ़ाने के फैसले ने भी भारत-अमेरिका संबंधों में गिरावट में योगदान दिया। इसके अलावा, जब अमेरिका ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और विप्रो जैसी प्रमुख वैश्विक और भारतीय आईटी कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण ग्रीन-कार्ड प्रोसेसिंग प्रोग्राम को सीमित करने का फैसला किया तो दोनों देशों के संबंधों में और अधिक तनाव आ गया।
3 स्पा सेंटरों में पुलिस की छापेमारी, 20 महिलाओं का रेस्क्यू, 11 गिरफ्तार
गाजियाबाद के वैशाली सेक्टर-4 स्थित लाजवंती प्लाजा के तीन स्पा सेंटरों पर कौशांबी पुलिस ने छापेमारी की. पुलिस ने कथित देह व्यापार के मामले में 20 महिलाओं को रेस्क्यू किया, जबकि 11 संचालकों और मैनेजरों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि महिलाओं को नौकरी और अधिक कमाई का लालच देकर इस गतिविधि में शामिल कराया जाता था. मामले में मुकदमा दर्ज है.
BJP नेता ने कहा कि जिन दोषियों ने बम लगाने में मदद की, जिससे कई परिवार तबाह हो गए, उन्हें पैरोल देना मृतकों का अपमान और जीवित बचे लोगों के साथ धोखा है।
1 कप बेसन से झटपट बनाएं आलू-मिर्ची के पकौड़े, चटनी संग लगेंगे टेस्टी
अगर आप भी फेस्टिव सीजन में मीठा खाकर बोर हो गए हैं तो यहां हम आपको आलू-मिर्ची के क्रिस्पी और चटपटे पकौड़े बनाने की रेसिपी बता रहे हैं जो आपको मुंह का स्वाद बदलने के लिए जरूर ट्राई करनी चाहिए.
North-West Delhi की Ramleela में जलाया 30 फुट का Cockroach पुतला
(तस्वीरों के साथ)नयी दिल्ली, 20 अक्टूबर दिल्ली के उत्तर-पश्चिमी इलाके में मंगलवार को दशहरा समारोह के दौरान रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के साथ कॉकरोच के 30 फुट ऊंचे पुतले का भी दहन किया गया। श्री केशव रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा कि कॉकरोच के पुतले का दहन अस्वच्छ वातावरण और बीमारियों के प्रसार से जुड़ी समस्याओं को उजागर करने के साथ-साथ लोगों को अपने घरों और आसपास के इलाकों को साफ रखने की जिम्मेदारी लेने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया। पीतमपुरा के नेताजी सुभाष प्लेस स्थित दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इस दौरान कॉकरोच का विशाल पुतला आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। मॉडल टाउन से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक और कमेटी के अध्यक्ष अशोक गोयल देवराहा ने कहा कि कॉकरोच का पुतला एक सामाजिक समस्या का प्रतीक था। उन्होंने कहा, इस साल कॉकरोच के पुतले का दहन गंदगी और उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया। उन्होंने कहा कि कॉकरोच अस्वच्छ परिस्थितियों से जुड़े होते हैं और इनसे एलर्जी तथा अस्थमा जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस कार्यक्रम में भाजपा के राज्यसभा सदस्य अरुण सिंह, दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा और विश्व हिंदू परिषद की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष कपिल खन्ना मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। भाजपा सांसद सिंह ने कहा कि दशहरा सत्य, कर्तव्य और धार्मिकता के मूल्यों को फिर से अपनाने का अवसर है, जबकि मिश्रा ने दैनिक जीवन में त्योहारों से मिलने वाली सीख को शामिल करने के महत्व पर जोर दिया। आयोजकों के अनुसार, खन्ना ने कहा कि रामलीला और दशहरा जैसे सांस्कृतिक आयोजन सामाजिक एकता को मजबूत करने और भारत की परंपराओं को संरक्षित करने में मदद करते हैं। इस बीच, आम आदमी पार्टी (आप) की दिल्ली इकाई के प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने कॉकरोच का पुतला जलाने को लेकर आयोजकों के खिलाफ उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार से शिकायत की है। भारद्वाज ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में आयोजकों पर जान-बूझकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने, हिंदू धर्म की पवित्र परंपराओं को बदलने और समुदायों के बीच दुश्मनी भड़काने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
पोती के चरणों में सिद्धू ने रखा सिर, बोले-रोते हुए नहीं देख सकता
दादा बनने के बाद से सिद्धू लगातार अपनी पोती की तस्वीरें शेयर कर रहे हैं. अब उन्होंने अपनी नन्ही परी की नई तस्वीरें साझा करके फैंस को बड़ा तोहफा दिया है.
नशामुक्त उत्तराखंड की दिशा में गुटखा-तंबाकू प्रतिबंध जरूरी
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