Delhi High Court ने सरकार को DMC में महिला आरक्षण पर शीघ्र विचार करने को कहा
नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने रेखा गुप्ता नीत सरकार से दिल्ली चिकित्सा परिषद (डीएमसी) में महिलाओं को कम से कम 50 प्रतिशत आरक्षण देने के संबंध में जल्द निर्णय लेने को कहा है। मुख्य न्यायाधीश डी के उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने चिकित्सक अंजू गंभीर की जनहित याचिका पर 30 सितंबर को यह आदेश दिया। याचिका में परिषद में महिला चिकित्सकों को ‘‘समान और सार्थक प्रतिनिधित्व’’ देने का अनुरोध किया गया है। अदालत ने कहा कि डीएमसी का गठन दिल्ली चिकित्सा परिषद अधिनियम, 1997 के तहत किया गया है, जिसमें चुनाव या मनोनयन, किसी भी माध्यम से महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान नहीं है, इसलिए अदालत अधिकारियों को ऐसा कोटा देने का निर्देश नहीं दे सकती। अदालत ने कहा, ‘‘हालांकि, याचिकाकर्ता ने पहले ही एक अभ्यावेदन देकर अपनी मांग रखी है, जिस पर राज्य सरकार के विभिन्न अधिकारी विचार कर रहे हैं।’’पीठ ने आदेश दिया, ‘‘हम वर्तमान याचिका का निपटारा राज्य सरकार और उसके संबंधित अधिकारियों को याचिकाकर्ता के अनुरोध पर विचार करने और उस पर उचित निर्णय जल्द लेने का निर्देश देते हुए करते हैं।’’याचिकाकर्ता ने डीएमसी के अलावा दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन में भी महिलाओं के लिए आरक्षण की मांग की थी। अधिवक्ता रूपेश दत्ता और स्नेहलता चतुर्वेदी के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया कि चिकित्सा क्षेत्र में महिलाओं की संख्या काफी होने के बावजूद डीएमसी में पर्याप्त विविधता और प्रतिनिधित्व नहीं है। याचिका में कहा गया कि इसके कारण विभिन्न मुद्दों पर महत्वपूर्ण निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की आवाज शामिल नहीं हो पाती।
DU की छात्राओं के प्रदर्शन का Priyanka Gandhi ने किया समर्थन, महिला सुरक्षा पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने आस्था कुंज पार्क में 17 साल की लड़की के साथ कथित गैंग-रेप के बाद महिलाओं के खिलाफ हिंसा का विरोध करने के लिए लेडी श्रीराम कॉलेज और दिल्ली यूनिवर्सिटी के दूसरे कॉलेजों के छात्रों की तारीफ़ की। छात्रों ने इस घटना के बाद कड़े कदम उठाने की मांग को लेकर गार्गी कॉलेज और कमला नेहरू कॉलेज के बाहर मार्च निकाला। वायनाड की सांसद ने X पर एक पोस्ट में कहा कि मुझे LSR और दूसरे कॉलेजों की उन सभी लड़कियों पर बहुत गर्व है जो हर दिन महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा के खिलाफ आवाज़ उठा रही हैं। महिलाओं को डर में क्यों रहना चाहिए? उन्हें अन्याय क्यों सहना चाहिए? उन लोगों को कभी जवाबदेह क्यों नहीं ठहराया जाता जो उन पर हमला करते हैं? इसे भी पढ़ें: VCK प्रमुख Thirumavalavan ने मांगा CEC का इस्तीफा, BJP से मिलीभगत का लगाया आरोप उन्होंने और ज़्यादा लोगों के शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि यह सभी महिलाओं की लड़ाई है; हममें से हर एक को आगे आना चाहिए और अपनी आवाज़ बुलंद करनी चाहिए। बड़े पैमाने पर पहला प्रदर्शन 23 सितंबर को हुआ, जब दिल्ली यूनिवर्सिटी के अलग-अलग कॉलेजों—जैसे लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर विमेन, मिरांडा हाउस, गार्गी कॉलेज और डॉ. बी.आर. अंबेडकर यूनिवर्सिटी—के लगभग 200 छात्रों ने सड़कों पर मार्च किया। ये विरोध प्रदर्शन कई दिनों तक जारी रहे। 25 सितंबर को, सैकड़ों महिला छात्रों ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास मार्च किया और सुरक्षित सार्वजनिक जगहों और यौन उत्पीड़न के खिलाफ़ सख़्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस की तैनाती के कारण, प्रदर्शनकारियों को बाद में सिरी फोर्ट रोड से अरुण जेटली पार्क भेज दिया गया। एक और प्रदर्शन फैकल्टी ऑफ़ आर्ट्स में हुआ, जिसमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के सैकड़ों छात्र—जिनमें ज़्यादातर महिलाएं और क्वीयर (queer) लोग शामिल थे—मौजूद थे। यह उस हफ़्ते का तीसरा और सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन था। इसे भी पढ़ें: BJP कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर सपा और कांग्रेस का मुकाबला करें, Vinod Tawde का आह्वान इन घटनाओं के बाद, दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ़ दिल्ली ने पब्लिक पार्कों का एक विस्तृत सुरक्षा ऑडिट किया। इसमें बेहतर लाइटिंग, सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और सूरज डूबने के बाद पार्कों में अनिवार्य पेट्रोलिंग पर ध्यान दिया गया। दिल्ली पुलिस ने पूरे शहर में, खासकर घटना से प्रभावित पार्कों में पेट्रोलिंग बढ़ा दी है। तीनों आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया गया है; वे हरियाणा के फ़रीदाबाद के रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि एक आरोपी लॉ का स्टूडेंट है। एक संदिग्ध को दिल्ली पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया था।
'नहीं गिर रहा सर' बोलकर 43वीं मंजिल से कूदा युवक... सुपरनोवा का नया VIDEO
नोएडा के सुपरनोवा में 29 वर्षीय युवक ने 43वीं मंजिल से छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौत हो गई. घटना के वक्त AC रिपेयरिंग कर रहे लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो सके. युवक ने पिता को WhatsApp पर आखिरी मैसेज भी भेजा था. पुलिस कर्ज की परेशानी समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
अभिषेक के छक्कों से थर्राया PAK, गुरु युवी के रिकॉर्ड की कर ली बराबरी
पाकिस्तान के खिलाफ अभिषेक शर्मा ने बल्ले से कमाल का प्रदर्शन करते हुए टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई. मुश्किल पिच पर अभिषेक शर्मा ने ताबड़तोड़ अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई.
Tejas LCA Mk-1A की डिलीवरी में भारी देरी, IAF अब Mk-2 पर भी कर रही विचार
IAF चीफ एयर चीफ मार्शल AP सिंह ने शनिवार को कहा कि तेजस फाइटर जेट Mk-1A वर्ज़न की डिलीवरी में उम्मीद से ज़्यादा देरी हुई है। साथ ही, उन्होंने संकेत दिया कि भारतीय वायु सेना मौजूदा क्षमता की कमियों को दूर करने के लिए इस एयरक्राफ्ट के Mk-2 वर्ज़न पर भी विचार कर रही है। LCA Mk-1A की डिलीवरी में देरी के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) पर जुर्माना लगाए जाने के सवाल पर सिंह ने कहा कि डिफेंस प्रोग्राम में देरी हो सकती है, लेकिन उन्होंने माना कि मौजूदा देरी काफी ज़्यादा है। IAF चीफ ने कहा कि ऐसा होता है कि आप कुछ प्लान करते हैं, लेकिन काम में देरी हो जाती है। लेकिन इस बार देरी बहुत ज़्यादा हुई है। हम मार्क 2 पर भी विचार कर रहे हैं। ये सभी मौजूदा कमियों को पूरा करने में सक्षम होंगे। इसे भी पढ़ें: IAF Chief ने की Captain Smit Machhar की तारीफ, Cockpit Attack में दिखाई थी गजब की जांबाजी भारतीय वायु सेना की 94वीं वर्षगांठ के मौके पर अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में, सिंह ने रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता के महत्व पर ज़ोर दिया और कहा कि संघर्षों और ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावटों के बीच देश को विदेशी स्रोतों पर अपनी निर्भरता कम करने की ज़रूरत है। सिंह ने कहा कि आज के समय में आत्मनिर्भरता एक ज़रूरी ज़रूरत है। और हमारे लिए यह एक आवश्यकता है। आत्मनिर्भरता एक ज़रूरत है। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए भारत की कोशिशों के तहत चल रहे स्वदेशी प्रोजेक्ट्स का ज़िक्र करते हुए खास तौर पर LCA प्रोग्राम (जिसमें Mk-1A और Mk-2 वैरिएंट शामिल हैं) और एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोग्राम का उदाहरण दिया। सिंह ने इन स्वदेशी प्रोग्राम्स के बारे में बात करते हुए कहा हमारी भागीदारी लगातार बनी हुई है और पूरा समर्थन दिया जा रहा है।
चुंबक से लेकर पूजा मेरी जान तक, इस हफ्ते देखें ये कंटेंट
ओटीटी पर इस हफ्ते कई सारे नए कंटेंट ने दस्तक दी है, जिसे आप अपनी पसंद के मुताबिक देख सकते हैं, एंजॉय कर सकते हैं. नेटफ्लिक्स पर चुंबक वेब सीरीज का दूसरा पार्ट रिलीज हुआ है. वहीं मृणाल ठाकुर की थ्रिलर फिल्म पूजा मेरी जान भी काफी समय बाद रिलीज हुई. आप भी जानें इस हफ्ते कौन-कौन सा नया सिनेमा ओटीटी पर आया है...
'दिल्ली आने की जरूरत नहीं...', आंदोलनों को लेकर राहुल गांधी का बड़ा प्लान
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देशभर में अलग-अलग मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलनों को एक मंच पर लाने के लिए ‘सत्याग्रह’ डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है. उन्होंने कहा कि छात्र, किसान, आशा कार्यकर्ता, आदिवासी, दलित और महिलाएं अपने-अपने मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं.
तैयार हो रही भारत की माइक्रो मिसाइल 'ज्वाला', रॉकेट मोटर्स का टेस्ट सफल
आईजी डिफेंस ने ज्वाला माइक्रो-मिसाइल के दो सॉलिड रॉकेट मोटर्स का सफल परीक्षण किया. यह स्वदेशी काउंटर-ड्रोन क्षमता की दिशा में बड़ा कदम है. सस्ती और बड़े पैमाने पर इस्तेमाल योग्य मिसाइल विकसित हो रही है.
'तूने तो मुझसे लव मैरिज की थी', गर्लफ्रेंड संग पकड़ा पति, रो पड़ी पत्नी
Husband Cheating Wife Viral Video: रतलाम के प्रेसिडेंट होटल में पति को दूसरी महिला संग रंगे हाथों पकड़ पत्नी ने की पिटाई. पुलिस के सामने जड़े थप्पड़. जानिए क्या है पूरा मामला...
Maharashtra में 1972 से भी बदतर सूखा, NCP-SP ने किसानों के लिए कर्जमाफी और राहत मांगी
नेशनल कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 3 नवंबर को बारामती दौरे से पहले उनकी पार्टी का ध्यान महाराष्ट्र में सूखे से प्रभावित लोगों की मदद करने पर है। पवार ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा, पीएम मोदी 3 नवंबर को बारामती आएंगे। आज हमारा पूरा ध्यान सूखे से प्रभावित लोगों की मदद करने पर है। पवार का यह बयान महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में सूखे की स्थिति को लेकर चिंता और पानी व बारिश की कमी से प्रभावित किसानों, खेतिहर मजदूरों और अन्य लोगों के लिए तत्काल राहत उपायों की मांग के बीच आया है। इसे भी पढ़ें: EVMs और SIR विवाद पर ECI के खिलाफ एकजुट हुआ INDIA गठबंधन, मुंबई में 4 अक्टूबर को बड़ा मार्च इससे पहले 28 सितंबर को, NCP-SP के विधायक रोहित पवार ने महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को गंभीर बताया था और दावा किया था कि यह 1972 के सूखे से भी बदतर है। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों और खेतिहर मजदूरों के लिए तुरंत मदद की घोषणा करने की अपील की थी। रोहित पवार ने सूखे से प्रभावित किसानों के कर्ज की वसूली रोकने और उनका पूरा कर्ज माफ करने की भी मांग की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर कोई रियायत नहीं दी जाती है, तो किसानों के बिजली बिल पूरी तरह माफ किए जाएं और सूखा प्रभावित इलाकों में छात्रों की स्कूल फीस भी माफ की जाए। उन्होंने गाय, बैल, भेड़ और बकरियों जैसे पशु पालने वाले किसानों के लिए सीधी आर्थिक मदद की भी मांग की थी। सरकार की सूखा-राहत नीति पर सवाल उठाते हुए, रोहित पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन के अलग-अलग बयानों का ज़िक्र किया था। उन्होंने कहा था, मुख्यमंत्री कहते हैं कि हम तुरंत मदद करेंगे, लेकिन मंत्री गिरीश महाजन कहते हैं कि हम नीति के अनुसार मदद करेंगे। तो नीति क्या है? इसे भी पढ़ें: Sharad Pawar बोले, Maharashtra में Drought पीड़ितों की मदद करना NCP SP की सर्वोच्च प्राथमिकता रोहित पवार द्वारा बताए गए आंकड़ों के अनुसार, 27 सितंबर तक महाराष्ट्र में कुल बारिश में 20 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई थी। उन्होंने कहा कि जून में बारिश सामान्य से 40 प्रतिशत कम थी, जबकि जुलाई में 110 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई। अगस्त में 51 प्रतिशत की कमी देखी गई, और उसके बाद सितंबर में 49 प्रतिशत की कमी रही। उन्होंने कई डिवीजनों में बारिश की कमी पर भी प्रकाश डाला, जिसमें नासिक और छत्रपति संभाजीनगर में 34 प्रतिशत, पुणे में 32 प्रतिशत, नागपुर में 25 प्रतिशत और कोंकण में 9.8 प्रतिशत की कमी शामिल है। रोहित पवार ने दावा किया कि किसानों ने अपनी जेब से लगभग 95,500 करोड़ रुपये खर्च किए थे और अगर उन्हें अपनी उपज के लिए बेहतर दाम मिले होते, तो वे लगभग 1.28 लाख करोड़ रुपये कमा सकते थे। सूखे की स्थिति पर अपनी प्रस्तुति के हिस्से के रूप में, उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों के किसानों से बातचीत भी की थी।
बाजार का महंगा और मिलावटी मावा छोड़ें, घर पर बनाएं ताजा शुद्ध खोया
How to Make Mawa: अगर आप भी नवरात्रि और दिवाली के लिए घर में मिठाई बनाना चाहते हैं तो यहां हम आपको घर पर ही शुद्ध खोया बनाने का तरीका बता रहे हैं ताकि आप बाजार के मिलावटी और महंगे खोया से बच सकें.
Lalitpur में 5 साल की बच्ची से दुष्कर्म का आरोपी सुखपाल सहरिया Encounter में घायल, गिरफ्तार
बांदा (उप्र), तीन अक्टूबर उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में पुलिस ने पांच वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी के अनुसार मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हो गया। ललितपुर के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) कालू सिंह ने बताया कि तालबेहट थाना क्षेत्र के एक गांव में शुक्रवार को पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीम गठित की गई थीं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार आधी रात पवा गांव के जंगल में तलाश के दौरान आरोपी और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई। सिंह ने बताया कि इस दौरान पैर में गोली लगने से घायल हुए आरोपी सुखपाल सहरिया (35) को गिरफ्तार कर लिया गया और उसके पास से अवैध हथियार भी बरामद किया गया। एएसपी ने बताया कि बच्ची को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति सामान्य है।
'भगवान ने बिरयानी खाने के लिए ही भेजा', असम के उपचुनाव में तीखी हुई जुबानी जंग
रकीबुल हुसैन ने अपने बचपन का जिक्र करते हुए कहा कि आमतौर पर बच्चे जन्म के बाद मां का दूध पीते हैं, लेकिन वह शायद पैदा होते ही चिकन बिरयानी खाते थे।इसके बाद हिमंत बिस्वा सरमा ने नौगांव की रैली में हुसैन के बयान का जवाब दिया।
GMC Doda में Burqa विवाद के बाद 3 दिन से छात्रों का कार्य बहिष्कार, अस्पताल प्रशासन ने बैठाई जांच
जम्मू-कश्मीर में डोडा के सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) में एक प्रोफेसर द्वारा कथित तौर पर बुर्का पहने छात्राओं को लेबर रूम में जाने से रोकने के बाद विवाद खड़ा हो गया है, जिससे ज़बरदस्त विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। पिछले तीन दिनों से विरोध कर रहे छात्रों और इंटर्न का आरोप है कि गायनेकोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. मधु चिब ने लेबर रूम के अंदर बुर्का या अबाया पहनने वाली छात्राओं पर आपत्ति जताई थी। सूत्रों के मुताबिक, डॉ. चिब ने कथित तौर पर छात्रों से कहा कि मरीज़ों को देखते समय वे बुर्के की जगह एप्रन पहनें। मुख्य चिंता यह थी कि बाहर के कपड़ों से संक्रमण फैल सकता है और गर्भवती महिलाओं के लिए खतरा पैदा हो सकता है। मेडिकल छात्रों का काम का बहिष्कार पिछले तीन दिनों से छात्र काम का बहिष्कार कर रहे हैं और अस्पताल के बाहर डॉ. चिब के खिलाफ़ विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का दावा है कि यह आदेश सिर्फ़ उत्पीड़न और उनके धार्मिक पहनावे पर हमला था। उन्होंने मेडिकल सुपरिटेंडेंट के पास डॉक्टर के खिलाफ़ शिकायत भी दर्ज कराई है। अस्पताल प्रशासन ने अब इन आरोपों की जांच के आदेश दिए हैं। मामले की जांच के लिए एक समिति बनाई गई है और उसे अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए दो दिन का समय दिया गया है। इस बीच, पुलिस ने विरोध कर रहे छात्रों से बातचीत की है और उनसे आंदोलन वापस लेने का आग्रह किया है। हालांकि, इससे प्रदर्शनकारियों को शांत करने में कोई खास मदद नहीं मिली है। छात्रों ने प्रोफेसर से माफ़ी की मांग की है। इसे भी पढ़ें: Ramban में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरंग में बस पलटने से 33 लोग घायल एक छात्रा इकरा ने 'द हिंदू' को बताया हमसे बुर्का न पहनने के लिए क्यों कहा जा रहा है? वह (प्रोफेसर) खुलेआम कहती हैं कि उन्हें बुर्का पसंद नहीं है। हम डॉक्टर से माफ़ी की मांग करते हैं। उन्होंने कहा था कि जो लोग बुर्का पहनते हैं, वे गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल होते हैं। एक अन्य छात्रा ने आरोप लगाया कि बुर्का पहनने वाली इंटर्न को अलग-थलग किया गया और उन्हें प्रोफेसर के कमरे में भी नहीं जाने दिया गया। छात्रा ने कहा हमने प्रोफेसर से कहा कि अगर लेबर रूम के अंदर बुर्का पहनने की इजाज़त नहीं है, तो लंबे नाखून और दूसरी चीज़ों पर भी रोक लगाई जानी चाहिए। सिर्फ़ बुर्के को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है? इस बीच, डोडा से AAP विधायक मेहराज़ मलिक ने कहा कि वह स्वास्थ्य मंत्री सकीना इत्तू के सामने यह मुद्दा उठा चुके हैं। विधायक ने कहा प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
Assam NRC डेटा ट्रांसफर न होने से 19.07 लाख लोगों की Rejection Slips अटकीं, RGI ने दी जानकारी
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि असम के नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटिज़न्स (NRC) से बाहर रह गए 19.07 लाख लोगों को रिजेक्शन स्लिप जारी करने की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है, क्योंकि फ़ाइनल NRC को अभी तक आधिकारिक तौर पर नोटिफ़ाई नहीं किया गया है। एक हलफ़नामे में भारत के रजिस्ट्रार जनरल ने कहा कि राज्य के NRC कोऑर्डिनेटर अभी भी NRC डेटा को सुरक्षित रखने के लिए एक सुरक्षा व्यवस्था पर काम कर रहे हैं। इसमें कहा गया है कि डेटा अभी तक रजिस्ट्रार जनरल को नहीं सौंपा गया है, और वे फ़ाइनल NRC को तभी नोटिफ़ाई कर सकते हैं जब उन्हें यह डेटा मिल जाए। अगस्त 2019 में जारी अंतिम NRC के अनुसार, 19.07 लाख आवेदकों के नाम सूची से हटा दिए गए थे, जबकि 3.11 करोड़ आवेदकों को इसमें शामिल किया गया था। हलफनामे में कहा गया, राज्य समन्वयक द्वारा NRC डेटा के लिए सुरक्षा व्यवस्था लागू करने का काम चल रहा है और इसलिए डेटा भारत के महापंजीयक (RGI) के साथ साझा नहीं किया गया है। इसमें यह भी कहा गया कि राज्य NRC समन्वयक द्वारा अस्वीकृति पर्ची (rejection slips) जारी करने की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। इसे भी पढ़ें: Assam NRC से बाहर 19 लाख लोगों को rejection slip अभी नहीं, Supreme Court में केंद्र का जवाब सुप्रीम कोर्ट ने पहले राज्य NRC कोऑर्डिनेटर को निर्देश दिया था कि वे फ़ाइनल लिस्ट से बाहर किए गए लोगों को रिजेक्शन स्लिप जारी करने के लिए एक तरीका बनाएं, ताकि वे अपने रिजेक्शन को चुनौती देने के लिए फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल में जा सकें। बाद में, अक्टूबर 2020 में राज्य NRC कोऑर्डिनेटर ने RGI को बताया कि रिजेक्शन स्लिप तभी जारी की जा सकती हैं जब रजिस्ट्रार जनरल फ़ाइनल NRC को नोटिफ़ाई कर दें। यह मामला असम स्टेट जमीयत उलेमा, ऑल असम माइनॉरिटी स्टूडेंट्स यूनियन, जमीयत उलेमा-ए-हिंद और अन्य संगठनों की याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सामने आया। इन संगठनों ने NRC से बाहर किए गए लोगों के लिए 'रिजेक्शन स्लिप' और अंतिम सूची में शामिल लोगों के लिए NRC कार्ड की मांग की है। असम सरकार द्वारा अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगे जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 6 नवंबर तक टाल दी।
वृष राशि के धनधान्य में वृद्धि, आपकी राशि के लिए कल कैसा रहेगा दिन?
Kal Ka Rashifal 4 October 2026: वृषभ राशि वालों को आकर्षक प्रस्ताव मिलने की संभावना है. धन-धान्य में वृद्धि के अवसर बन सकते हैं और आर्थिक मामलों को गति मिलेगी. अतिथि आगमन संभव है. व्यवहार में मधुरता बनाए रखेंगे और मेलजोल बढ़ाने में रुचि लेंगे.
'कुदरत का निजाम' भी PAK को बचा नहीं सका, गोल्ड का ख्वाब अधूरा रह गया
टी20 वर्ल्ड कप 2022 में जिस 'कुदरत का निजाम' ने पाकिस्तान को मुश्किल स्थिति से बाहर निकलने का मौका दिया था, एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में वो कहानी दोहराई नहीं जा सकी. पाकिस्तान फाइनल तक तो पहुंच गया, लेकिन गोल्ड मेडल में उसे हार झेलनी पड़ी बारिश ने इस बार मुकाबला नहीं रोका. यानी फाइनल में पाकिस्तान के पास 'कुदरत' के भरोसे आगे बढ़ने का रास्ता नहीं था.
क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027: भारत के सभी मैच, तारीख और वेन्यू
ICC मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 में भारत अपने ग्रुप-A अभियान की शुरुआत 7 अक्टूबर को केप टाउन में मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करेगा। 10 अक्टूबर को जोहान्सबर्ग में भारत-पाकिस्तान मुकाबला होगा। भारत के ग्रुप मैच अफगानिस्तान, क्वालिफायर-A और जिम्बाब्वे के खिलाफ भी तय हैं। टूर्नामेंट 2 अक्टूबर से 21 नवंबर तक दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा।
VCK प्रमुख Thirumavalavan ने मांगा CEC का इस्तीफा, BJP से मिलीभगत का लगाया आरोप
विदुथलाई चिरुथाइगल काची (VCK) के प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि ज्ञानेश कुमार ने चुनावी गड़बड़ी में BJP और RSS के साथ मिलीभगत की है। थिरुमावलवन ने कहा कि तमिलनाडु में 13 से 15 अक्टूबर तक केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में मुख्यमंत्री विजय की पार्टी 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) भी कांग्रेस, VCK, MDMK और वामपंथी दलों के साथ शामिल होगी। थिरुमावलवन ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के कामों ने संविधान का उल्लंघन किया है और लोकतंत्र को कमज़ोर किया है, इसलिए उन्हें अपने पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए। इसे भी पढ़ें: TVK प्रमुख और मुख्यमंत्री C Joseph Vijay ने मदुरंतकम में ट्रैक्टर चलाकर किया चुनाव प्रचार यह मांग देश भर में कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच उठी है। 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार उन फैसलों और आदेशों पर आधिकारिक तौर पर आपत्ति जताई थी, जो उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए थे। चुनाव आयोग ने कहा कि अलग-अलग राय होना संस्थागत विचार-विमर्श का एक सामान्य हिस्सा है और ज़ोर देकर कहा कि उसके सभी आदेशों को कानूनी मान्यता प्राप्त है और उनका पालन स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार किया गया है। इस बीच, TVK के चुनाव अभियान प्रबंधन महासचिव, आधव अर्जुन ने तमिलनाडु के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई। यह शिकायत पार्टी की धारापुरम उम्मीदवार पी. सत्यभामा के बारे में कथित तौर पर 'बॉडी-शेमिंग' (शारीरिक बनावट का मज़ाक उड़ाने वाली) टिप्पणी करने को लेकर की गई है। इसे भी पढ़ें: DMK नेतृत्व ने उपचुनाव प्रचार में खोया संयम: Tamil Nadu मंत्री Nirmal Kumar 3 अक्टूबर की शिकायत में अर्जुन ने आरोप लगाया कि स्टालिन ने 2 अक्टूबर को धारापुरम में एक चुनावी बैठक के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया। उन्होंने कहा कि इन टिप्पणियों को बड़े पैमाने पर प्रसारित किया गया और सोशल मीडिया पर फैलाया गया। शिकायत के अनुसार, स्टालिन ने सत्यभामा के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कथित नामों, जैसे पेटी बामा (सूटकेस बामा) और पलटी बामा (समरसॉल्ट बामा) का ज़िक्र किया और सवाल उठाया कि उस तरह के रूप-रंग के साथ वह कैसे कलाबाजी (समरसॉल्ट) कर सकती हैं। अर्जुन ने आरोप लगाया कि यह टिप्पणी उनकी नीतियों, सार्वजनिक रिकॉर्ड या राजनीतिक रुख के बजाय उनके रूप-रंग पर केंद्रित थी।
छोटी उम्र में मां-बाप को खोया, अब एशियन गेम्स में जीता GOLD... कहानी अमन सहरावत की
हरियाणा के झज्जर के अमन सहरावत ने एशियन गेम्स में कुश्ती का गोल्ड मेडल जीत लिया. पुरुषों के 57 किग्रा फ्रीस्टाइल फाइनल में अमन ने नॉर्थ कोरिया के वर्ल्ड चैम्पियन चोंग सोंग हान को 11-7 से हराया. 10 साल की उम्र में मां और एक साल बाद पिता को खोने वाले अमन ने मिट्टी के अखाड़े से विश्व स्तर तक सफर तय किया.
एयर चीफ ने कहा- ऑपरेशन सिंदूर में हमारे सुसाइड ड्रोन ने तहलका मचाया
वायु सेना प्रमुख एपी सिंह ने सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वायु शक्ति किसी भी देश की ताकत का आधार है. ऑपरेशन सिंदूर में सफलता, आत्मनिर्भरता और एआई पर जोर दिया. वे इस महीने रिटायर हो रहे हैं.
हनीमून पीरियड कब खत्म होगा.. गोल्ड जीतने के बाद भी श्रेयस अय्यर पर सवाल
एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 19 रन से हराकर गोल्ड मेडल जीता, लेकिन कप्तान श्रेयस अय्यर बल्ले से बड़ी पारी नहीं खेल सके. अय्यर ने 24 गेंदों पर 21 रन बनाए. सोशल मीडिया पर उनकी कप्तानी की तारीफ के साथ-साथ कुछ यूजर्स ने उनकी इस पारी और पिछले प्रदर्शन की तुलना भी की.
सचिन तेंदुलकर का वर्ल्ड रिकॉर्ड ध्वस्त! रोहित शर्मा ने रचा इतिहास
भारतीय टीम के लिए एक बार फिर रोहित शर्मा ने कमाल का प्रदर्शन किया है. वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने 58 गेंदों में अर्धशतक जड़ा. इसके अलावा रोहित ने एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है.
Priyanka Kakkar ने छोड़ी AAP, हरी-भरी Delhi के लिए Congress में हुईं शामिल
आम आदमी पार्टी (AAP) को एक झटका लगा है। शनिवार को पार्टी की मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ कांग्रेस में शामिल हो गईं। उन्होंने कहा कि अब वोटों को बंटने देने की कोई ज़रूरत नहीं है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट के ज़रिए प्रियंका के पार्टी में शामिल होने की घोषणा की। वीडियो में कक्कड़ ने कहा कि वह पार्टी में इसलिए शामिल हो रही हैं क्योंकि वह उस दिल्ली को वापस पाना चाहती हैं जिसमें वह बड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि मैं आज बहुत गर्व के साथ कांग्रेस पार्टी में शामिल हो रही हूँ क्योंकि मैं उस दिल्ली को वापस पाना चाहती हूँ जिसमें मैं बड़ी हुई हूँ। मुझे वैसी ही हरी-भरी, साफ़-सुथरी, प्रगतिशील और सुरक्षित दिल्ली चाहिए जो मेरे बड़े होने के दिनों का एक अहम हिस्सा थी। भारतीय राजनीति में एक दशक से ज़्यादा के अनुभव के बाद, मेरा सच में मानना है कि सिर्फ़ कांग्रेस ही ऐसा कर सकती है। अगर कोई एक नेता है जो सच्चा और ईमानदार है, तो वह राहुल गांधी हैं। वह मुश्किलों का सामना करने वाले और मज़बूत इरादों वाले नेता हैं। यह ज़रूरी है कि हम सब एक साथ आएँ। न्यूज़ एजेंसी ANI से बात करते हुए कक्कड़ ने कहा कि वह बीजेपी की पिछड़ी सोच वाली राजनीति को हराने के लिए पार्टी में शामिल हो रही हैं। उन्होंने कहा कि मैं बहुत गर्व के साथ कांग्रेस में शामिल हो रही हूँ। अब हमें वोटों को बंटने नहीं देना है। हमें ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ लड़ना है और बीजेपी की पिछड़ी सोच वाली राजनीति को भी हराना है। इसे भी पढ़ें: बचाव करना नामुमकिन था, AAP छोड़ Congress में शामिल हुईं Priyanka Kakkar प्रियंका कक्कड़ कौन हैं? प्रियंका कक्कड़ ने हाल ही में AAP की मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर काम किया; उन्हें अप्रैल 2023 में इस पद पर नियुक्त किया गया था। वह 2013 में पार्टी में शामिल हुईं और समय के साथ उन्होंने संगठन से जुड़े कई काम संभाले। इनमें तेलंगाना ऑब्ज़र्वर, दक्षिण दिल्ली संसदीय क्षेत्र के लिए लीगल हेड और राज्यसभा सांसद संजय सिंह की सलाहकार के तौर पर काम करना शामिल है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने छात्रों को दी राहत, आसान हुए पासिंग के नियम
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने 2025-2026 बैच के UG छात्रों के लिए बड़ा बदलाव किया है. छात्रों को 28 क्रेडिट की अनिवार्य शर्तों से एक बार की छूट देने का ऐलान किया है. अब 44 में से 28 क्रेडिट पूरे न होने पर भी छात्रों को केवल इसी वजह से प्रमोशन से नहीं रोका जाएगा.
आंध्र प्रदेश के तिरुपति में दवा फैक्ट्री में बॉयलर फटा, 4 लोगों की मौत
आंध्र प्रदेश के तिरुपति से एक बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर सामने आई है. यहां की एक दवा बनाने वाली कंपनी में सुबह अचानक एक भयानक बॉयलर ब्लास्ट हो गया. इस भीषण हादसे में अब तक चार कर्मचारियों की दर्दनाक मौत होने की पुष्टि हो चुकी है. मृतकों की पहचान भी कर ली गई है, जिनमें से दो लोग तमिलनाडु के रहने वाले थे, जबकि एक व्यक्ति पश्चिम बंगाल और एक स्थानीय आंध्र प्रदेश का निवासी बताया जा रहा है.
अभिजीत दीपके ने कहा, 'गांधी, नेहरू और आंबेडकर जो बड़े बने थे वो त्याग और बलिदान से बड़े बने थे। उन्होंने हमें वोट का अधिकार तब दिया था, जब देश के लोगों को ये पता भी नहीं था कि इलेक्शन क्या होता है।
CJP के समर्थन में उतरीं ममता बनर्जी, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीजेपी (CJP) के समर्थन में खुलकर अपनी आवाज बुलंद की है. इस मामले में बड़ी खबर यह आ रही है कि ममता बनर्जी ने सीसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है. मुख्यमंत्री का कहना है कि वे देश की युवा पीढ़ी और छात्रों के साथ खड़ी हैं और उनका पूरा समर्थन कर रही हैं. छात्रों के हितों की रक्षा के लिए वे हर कदम उठाने को तैयार हैं. इस बीच, मुंबई में हुए भारी विरोध प्रदर्शन के बाद अब देश की राजधानी दिल्ली में भी सीजेपी का जबरदस्त प्रदर्शन शुरू हो गया है. छात्र और युवा लगातार अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं.
असम के जंगलों में फिर लौटी रौनक... मानस-काजीरंगा में सफारी शुरू
बारिश के बाद असम के जंगलों में फिर रौनक लौट आई है. मानस नेशनल पार्क 2 अक्टूबर और काजीरंगा नेशनल पार्क 3 अक्टूबर से पर्यटकों के लिए खुल चुके हैं. अब 13 अक्टूबर को पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य भी खुलेगा. पिछले सीजन में अकेले काजीरंगा में 4.68 लाख से ज्यादा पर्यटक पहुंचे थे.
फ्लाईदुबई विमान को इजरायल में क्रैश कराना चाहता था को-पायलट, बड़ा खुलासा
फ्लाई दुबई विमान हमले के मामले में इजराइली मीडिया ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, विमान के सह-पायलट हमाम अलहमामी के तार आतंकी संगठनों से जुड़े होने की बात सामने आई है. इजराइली मीडिया चैनल आई24 न्यूज का दावा है कि हमाम अलहमामी ने पूछताछ के दौरान यह स्वीकार किया है कि उसका इरादा विमान को इजरायल में क्रैश कराने का था. उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच करने पर अलकायदा से जुड़े आतंकी चेहरों की तस्वीरें और कट्टरपंथी सामग्री मिली है.
UPSC शताब्दी समारोह में बोले PM Modi, ब्रिटिश दौर में भी सिविल सेवा परीक्षा में संस्कृत का पर्चा था
(परामर्श: एक अक्टूबर को जारी दि115 खबर में यह स्पष्ट करते हुए सुधार किया जा रहा है कि सुभाष चंद्र बोस ने संस्कृत विषय की परीक्षा दी थी, न कि उन्होंने सिविल सेवा की पूरी परीक्षा संस्कृत में दी थी) नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की स्वतंत्रता से पहले की प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े एक ऐतिहासिक तथ्य का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्रिटिश शासन के दौरान भी सिविल सेवा परीक्षा में संस्कृत का एक प्रश्नपत्र होता था।राष्ट्रीय राजधानी के ‘भारत मंडपम’ में बृहस्पतिवार को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई अभिलेखीय प्रदर्शनी के एक विवरण का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 1920 में अपनी परीक्षा के दौरान संस्कृत विषय की परीक्षा दी थी।मोदी ने कहा, ‘‘गैलरी को देखते हुए मैंने ध्यान दिया कि इसमें यह जानकारी भी दी गई है कि सुभाष चंद्र बोस ने 1920 में इसी प्रक्रिया से गुजरते हुए परीक्षा दी थी।”उन्होंने कहा, ‘‘मेरा ध्यान इस बात ने खींचा कि उस समय भारत ब्रिटिश शासन होने के बावजूद परीक्षा में संस्कृत एक प्रश्नपत्र हुआ करता था, जिसे सुभाष बाबू ने भी दिया था।’’प्रधानमंत्री ने बोस और अन्य ऐतिहासिक विभूतियों के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले एक शताब्दी में कई लोगों ने परीक्षा प्रक्रिया को “विश्वास की विरासत” में बदल दिया और इस संस्था को नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाया।मोदी ने युवा अभ्यर्थियों और कार्यक्रम में मौजूद लोगों से भारत की सिविल सेवा व्यवस्था की गहरी ऐतिहासिक यात्रा को समझने के लिए गैलरी देखने का आग्रह किया।यूपीएससी के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर प्रधानमंत्री ने एक विशेष स्मारक सिक्का, डाक टिकट और भारत में लोक सेवा आयोगों को आकार देने वाले महत्वपूर्ण निर्णयों को दर्ज करने वाली एक पुस्तक भी जारी की।
एक खेत, 6 तरीके की कमाई... ये मॉडल खोल देगा किसानों की किस्मत
गया में दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय ने दो एकड़ जमीन पर एकीकृत खेती का मॉडल तैयार किया है, जहां गाय, बकरी, मुर्गी, बतख, मछली, फल और सब्जियां साथ में शामिल हैं. यह तरीका किसान को एक फसल पर निर्भरता घटाकर कमाई के कई रास्ते बनाने में मदद दिखाता है.
भारत की टॉप 5 सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बायोपिक, तीसरी फिल्म का रिकॉर्ड 10 साल बाद भी नहीं टूटा
बॉलीवुड में कई फिल्में बनीं जो असल जिंदगी से जुड़ी हुई थीं. इनमें से कई फिल्मों ने तो कमाई के मामले में इतिहास रच दिया. जानिए भारत की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली 5 बायोपिक और इनके वर्ल्डवाइड कलेक्शन.
राजस्थान पंचायत चुनाव की घोषणा हो गई है. राज्य में ग्राम पंचायत चुनाव, जिला परिषद चुनाव, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य चुनाव कराए जाएंगे. पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण की घोषणा पहले ही हो चुकी है.
अक्टूबर में दोस्तों संग घूम आएं ये 7 जगहें, नजारे देख हो जाएंगे खुश
Offbeat October Destinations: हिमाचल और उत्तराखंड के अलावा भी भारत में कई खूबसूरत जगहे हैं, जहां अक्सर लोग जाते ही नहीं है. अक्टूबर में आप इन ऑफबीट लोकेशन की ट्रिप प्लान कर सकते हैं, क्योंकि बारिश के बाद यहां की नेचुरल ब्यूटी दोगुना हो जाती है.
15 हजार थी पहली सैलरी, अब अच्छा नाम, एक नौकरी से नहीं बनाती है पहचान
कई बार लोग ऑफिस पॉलिटिक्स, कम सैलरी और ग्रोथ की वजह से नौकरी चेंज कर देते हैं लेकिन अंकुर वारिकू का करियर एक अलग ही दिशा में लेकर गया. 15,000 रुपये के शुरुआती सैलरी से लेकर इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस में पढ़ाई तक उन्होंने अपनी अनुभव से कहा है कि नौकरी बदलने के पीछे केवल कुछ समय का लाभ छुपा होना चाहिए, पूरे जीवन के करियर का नहीं.
Uttarakhand में SIR पूरा होने के बाद Voter List जारी, कुल 71.58 लाख मतदाता दर्ज
उत्तराखंड की वोटर लिस्ट (इलेक्टोरल रोल) का स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) पूरा होने के बाद शनिवार को इसकी फ़ाइनल लिस्ट जारी की गई। इसके साथ ही राज्य में रजिस्टर्ड वोटरों की कुल संख्या 71,58,949 हो गई है। SIR की प्रक्रिया 8 जून को शुरू हुई थी और इसमें 1 जुलाई, 2026 को क्वालिफ़ाइंग तारीख माना गया था। 14 जुलाई को जारी ड्राफ़्ट वोटर लिस्ट में 71,33,785 वोटर थे, जबकि रिविज़न प्रक्रिया शुरू होने के समय 79,60,762 रजिस्टर्ड वोटर थे। फ़ाइनल लिस्ट जारी होने के बाद राज्य में 8,26,977 वोटर और जुड़ गए। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu Politics | विपक्ष के निशाने पर मुख्यमंत्री विजय, स्टालिन का तंज- भाजपा से क्यों डरते हैं टीवीके प्रमुख, मुख्यमंत्री की तरह आचरण करें 14 जुलाई से 13 अगस्त तक चले दावे और आपत्ति के समय में, वोटर आपत्ति जता सकते थे या वोटर लिस्ट में अपना नाम शामिल करने के लिए कह सकते थे। फाइनल लिस्ट जारी होने से पहले इन दावों और आपत्तियों का निपटारा कर दिया गया था। फाइनल वोटर लिस्ट में 37,37,701 पुरुष वोटर, 34,21,036 महिला वोटर और 212 ऐसे वोटर शामिल हैं जो खुद को थर्ड जेंडर मानते हैं। इसमें 18-19 साल की उम्र के 72,656 वोटर और 80 साल से ज़्यादा उम्र के 1,22,892 वोटर भी शामिल हैं। रिविज़न के दौरान कुल 1,29,872 नए वोटर जोड़े गए, जबकि तय नियमों के अनुसार 1,04,708 नाम हटाए गए। राज्य में अभी 12,543 पोलिंग स्टेशन हैं। भारत के चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि जो वोटर फाइनल वोटर लिस्ट में शामिल नहीं थे, वे अब भी नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6 जमा कर सकते हैं। एप्लीकेशन ECI Net ऐप के ज़रिए ऑनलाइन या संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के ज़रिए ऑफलाइन जमा किए जा सकते हैं। नाम जुड़वाने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे, साथ ही BLO को घर-घर जाकर संपर्क करने का निर्देश दिया गया है। इसे भी पढ़ें: ममता बनर्जी की 2021 की चोट फर्जी थी, साबित करने के लिए मेडिकल सबूत मौजूद: Suvendu Adhikari इस कोशिश के तहत, BLO मौजूदा वोटर लिस्ट की तुलना पहले की SIR लिस्ट से करेंगे और ऐसे वोटरों की लिस्ट तैयार करेंगे जो पिछली लिस्ट में तो थे लेकिन मौजूदा लिस्ट में नहीं हैं। वे इन वोटरों के घर जाकर उनकी स्थिति की जांच करेंगे और योग्य लोगों को फॉर्म 6 जमा करने में मदद करेंगे। घर-घर जाकर किए जाने वाले इस अभियान में उन योग्य मतदाताओं पर भी ध्यान दिया जाएगा जो शायद अनजाने में छूट गए हों, जिनमें पहली बार वोट देने वाले और युवा मतदाता भी शामिल हैं। BLO द्वारा तैयार की गई सूचियां मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) के साथ साझा की जाएंगी। योग्य मतदाताओं को शामिल करने में और मदद के लिए, इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बूथ-वार सूचियां भी उपलब्ध कराएंगे।
लंबाई के मामले में बॉलीवुड की ये 7 हसीनाएं बड़े-बड़े हीरो को टक्कर देती हैं. इनमें एक एक्ट्रेस की हाइट ऐसी थी कि उनके साथ सीन शूट करने के लिए हीरो को स्टूल का सहारा लेना पड़ा था.
कौन हैं नेहा बोरा और क्यों इन दिनों चर्चा में बनी हुई हैं?
who is Neha Bora: जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी-CJP) आंदोलन के दौरान नेहा बोरा (Neha Bora) का नाम प्रमुखता से उभरा था। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और अन्य छात्र नेताओं के साथ 23 दिनों तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की थी, जिससे ...
100 एकड़ का फार्महाउस-99 मकान, करोड़ों के 'साम्राज्य के राजा' हैं मीका
मीका से पूछा गया कि फार्महाउस तक पहुंचने के लिए उन्हें फ्लाइट, फिर कार, नाव और यहां तक कि घोड़े की सवारी भी करनी पड़ती है.
साइबर ठगों पर खाकी का ‘डिजिटल वज्रपात’
उत्तर प्रदेश में सितंबर के दौरान साइबर ठगी की रकम फ्रीज कराने की दर 34 प्रतिशत रही, जबकि राष्ट्रीय औसत 31 प्रतिशत था। राज्य सरकार के अनुसार, लखनऊ स्थित साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर के जरिए शिकायतों पर त्वरित बैंक समन्वय और रियल-टाइम कार्रवाई की जाती है। प्रदेश में 84 हजार साइबर जागरूकता अभियान भी चलाए गए हैं।
क्या रोज रागी खाना सेहत के लिए फायदेमंद है या नुकसानदायक? जानिए...
क्या आप भी रोज खाते हैं रागी, तो एक्सपर्ट से जान लें रागी खाने के फायदे और नुकसान.
जय शाह ने टीम इंडिया को पहनाए GOLD मेडल, PAK को किसने दिया SILVER?
भारत-पाकिस्तान एशियन गेम्स क्रिकेट फाइनल के बाद मेडल सेरेमनी में ICC चेयरमैन जय शाह मौजूद रहे, लेकिन मेडल उन्होंने नहीं पहनाए. निशिन सिटी के मेयर हिरोकी कोंडो ने खिलाड़ियों को मेडल दिए, जबकि सलमान नसीर ने मस्कट दिए. भारत ने पाकिस्तान को 19 रन से हराकर लगातार दूसरी बार गोल्ड जीता. पाकिस्तान को सिल्वर और श्रीलंका को ब्रॉन्ज मिला.
100% बढ़ी इस कंपनी की सेल्स, एक SUV ने बदल दिया पूरा गणित
सितंबर महीना भारतीय बाजार में ज्यादातर ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए अच्छा रहा है. निसान मोटर इंडिया की सेल्स में 100 परसेंट का इजाफा हुआ है. कंपनी ने सितंबर में 10 हजार से ज्यादा कारें बेची हैं, जिसमें घरेलू मार्केट और एक्सपोर्ट दोनों शामिल है. ग्रेवाइट और टेकटॉन के जुड़ने के बाद से निसान की सेल्स बेहतर हुई है. आइए जानते हैं डिटेल्स.
भारत-PAK मैेच में गरमाया माहौल, ईशान की पाकिस्तानी खिलाड़ियों से भिड़ंत
भारतीय टीम ने पाकिस्तान को हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया. इस मुकाबले में ईशान किशन का बल्ला नहीं चला और वो 20 रन बना सके. ईशान किशन की पाकिस्तानी खिलाड़ियों से बहस भी हो गई.
उदयपुर-सूरत वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन 3 अक्टूबर से आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है. इससे राजस्थान और गुजरात के धार्मिक पर्यटन वाले शहरों तक आवाजाही आसान होगी. समय 12 घंटे की जगह 7.30 घंटे रह जाएगा.
नोएडा: सुपरनोवा से युवक ने क्यों लगाई छलांग? देखें अबतक क्या पता चला
नोएडा के सेक्टर 94 में स्थित सुपरनोवा सोसाइटी से एक बेहद दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहाँ दिल्ली-एनसीआर की सबसे ऊँची इमारतों में शुमार सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से कूदकर 35 वर्षीय युवक संभव जैन ने आत्महत्या कर ली. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार संभव जैन पिछले कुछ समय से भारी कर्ज और मानसिक तनाव यानी डिप्रेशन से जूझ रहा था.
IAF Chief ने की Captain Smit Machhar की तारीफ, Cockpit Attack में दिखाई थी गजब की जांबाजी
भारतीय वायु सेना प्रमुख अमर प्रीत सिंह ने शनिवार को कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ़ की। उन्होंने इज़राइल जा रही फ़्लाईदुबई की एक फ़्लाइट के दौरान ओमान के को-पायलट का सामना करते हुए कैप्टन मच्छार की सूझ-बूझ, शारीरिक और मानसिक दृढ़ता की सराहना की; उस को-पायलट ने कथित तौर पर उन पर हमला किया था। एयर फ़ोर्स चीफ़ ने कहा कि फ़्लाईदुबई के पायलट बहादुर हैं, लेकिन एयर फ़ोर्स के नज़रिए से देखें तो अभी ऐसे ख़तरे दिखाई नहीं देते, और अगर ऐसा कुछ होता भी है, तो उसका पता जल्द ही चल जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने जो किया, वह बहुत ही बहादुरी भरा काम था। उन्होंने ज़बरदस्त शारीरिक और मानसिक मज़बूती दिखाई। यह हमारे लिए एक सीख है। इसे भी पढ़ें: मच्छर, हाथी, घोड़ा और बिच्छू… Gujarat के इन अजीब Surnames से जुड़ी कहानी सुनकर चौंक जाएंगे! IAF चीफ़ का यह बयान 30 सितंबर को फ़्लाईदुबई की फ़्लाइट FZ1073 में को-पायलट के हमले में स्मित मच्छार के गंभीर रूप से घायल होने के कुछ दिनों बाद आया है। दुबई से तेल अवीव जा रही इस फ़्लाइट में हमले के बाद एक बड़ी इमरजेंसी की स्थिति बन गई थी; यात्रियों और क्रू के दखल देने से पहले ही विमान तेज़ी से नीचे की ओर जाने लगा था। हालांकि, घायल होने के बावजूद मच्छार कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने में कामयाब रहे, जिससे दूसरे लोग अंदर आ सके और हमलावर को काबू करने में मदद कर सके। इसके बाद विमान का रास्ता बदला गया और उसे सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। फिर, मच्छर को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया और वे अपनी चोटों से उबर रहे हैं। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने उनके शारीरिक और मानसिक संकल्प, दोनों की तारीफ़ की और इस घटना को सिर्फ़ बहादुरी का एक व्यक्तिगत काम नहीं, बल्कि एविएटर्स के लिए एक सबक के तौर पर देखा। शुक्रवार को मच्छार ने अस्पताल से वीडियो कॉल के ज़रिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की और हमले के पलों के बारे में बताया। फ़ोन पर उन्होंने पीएम मोदी को बताया कि चोट लगने के बावजूद उन्हें एहसास हुआ कि विमान नीचे जा रहा है और उन्होंने कॉकपिट के दरवाज़े तक पहुँचने की आखिरी कोशिश की। इसे भी पढ़ें: कैप्टन स्मित मच्छार के मुरीद हुए सलमान खान, बोले- 'कमाल कर दिया पायलट जी, आपके साथ उड़ान भरना खुशी की बात होगी' पाकिस्तान के चीन से 5वीं पीढ़ी के विमान लेने और अपने पायलटों को ट्रेनिंग देने के सवाल पर IAF चीफ ने कहा कि यह चिंता की बात तो है, लेकिन उतनी ज़्यादा नहीं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पास पहले भी एयर पावर थी, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के नतीजों ने हथियारों के इंटीग्रेशन की अहमियत दिखाई। 5वीं पीढ़ी के विमानों के लिए उन्होंने कहा कि भारत का AMCA प्रोग्राम चल रहा है। अगर इस प्रोग्राम में देरी होती है, तो भारत को कहीं और से 5वीं पीढ़ी के विमान लेने होंगे।
'2027 में सरकार बनाएगी कांग्रेस', प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा का दावा
उत्तर प्रदेश कांग्रेस की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने 2027 में सरकार बनाने का लक्ष्य स्पष्ट किया है. उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि उनकी चार पीढ़ियों से कांग्रेस के प्रति निष्ठा की परंपरा रही है.
Delhi में लैंडफिल से खाली कराई 100 एकड़ जमीन, Rekha Gupta ने नए प्लांट की रखी नींव
नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को ओखला, गाजीपुर और सिंघोला कूड़े के पहाड़ वाली जगह पर कचरा प्रसंस्करण सुविधाओं की आधारशिला रखी। गुप्ता ने कहा कि सरकार ने पिछले डेढ़ साल में शहर के तीन कूड़े के पहाड़ वाली जगहों से 100 एकड़ जमीन खाली कराई है। इन सुविधाओं का उद्देश्य कूड़े और निर्माण एवं तोड़फोड़ से निकलने वाले कचरे का प्रसंस्करण करना और शहर में कचरे के नए पहाड़ बनने से रोकना है। रेखा गुप्ता ने ओखला में कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से कहा कि सरकार दो मोर्चों पर काम कर रही है, मौजूदा कूड़े के पहाड़ वाली जगह से पुराने कचरे को हटाना और यह सुनिश्चित करना कि रोजाना निकलने वाले कचरे का ढेर लगाए बिना उसका प्रसंस्करण किया जाए। उन्होंने कहा, “आज ओखला में हमने जनवरी 2025 से पहले मौजूद लगभग पूरा पुराना कचरा प्रसंस्कृत कर दिया है।”रेखा गुप्ता ने कहा कि रोजाना करीब 3,000-4,000 मीट्रिक टन कचरा इस स्थल पर पहुंचता है और नयी इकाई के जरिये उसका नियमित रूप से प्रसंस्करण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार मौजूदा कचरे के पहाड़ों को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, “लोग देख रहे हैं कि कूड़े के पहाड़ लगातार छोटे हो रहे हैं और जल्द ही ऐसा समय आएगा जब ये पूरी तरह खत्म हो जाएंगे।”उन्होंने कहा कि कचरा प्रसंस्करण सुविधाओं से बायोगैस, हरित ऊर्जा और खाद का भी उत्पादन होगा। रेखा गुप्ता ने कहा, “कचरा सिर्फ कचरा नहीं रहना चाहिए, दिल्ली को इसका इस्तेमाल संपदा के रूप में करना चाहिए।”उन्होंने कहा कि कचरे को अलग करने और उसके प्रसंस्करण के लिए नई तकनीकों को अपनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर में तकनीक आधारित कचरा प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने के प्रयासों के तहत कचरे और पशुओं के गोबर का इस्तेमाल बायोगैस और खाद बनाने में किया जाएगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकर पर हमला, 5 भारतीयों को सुरक्षित ओमान लाया गया
होर्मुज जलडमरूमध्य में एक टैंकर को प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाए जाने के बाद उस पर सवार पांच भारतीय नागरिकों को सुरक्षित ओमान लाया गया है।भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि कुवैत के झंडे वाले टैंकर MT Kazimah III पर पांच भारतीय नागरिक सवार थे। घटना के बाद दूतावास ने ओमानी अधिकारियों […] यह लेख होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकर पर हमला, 5 भारतीयों को सुरक्षित ओमान लाया गया सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
चौतरफा घिरा ईरान... चरम महंगाई, मुद्रा धराशायी, होमुर्ज पर पकड़ भी कमजोर!
ईरान और अमेरिका के बीच करीब सात महीने से जारी टकराव अब एक नए मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है. ईरान की अर्थव्यवस्था पर महंगाई, कमजोर मुद्रा और अमेरिकी पाबंदियों का दबाव बढ़ रहा है. दूसरी तरफ होर्मुज से तेल की आवाजाही धीरे-धीरे संभल रही है, जिससे ईरान के दबाव की ताकत पर सवाल उठ रहे हैं.
जिन चीजों को मिलेनियल्स में क्रिंज कहती थी Gen Z, अब खुद कर रही वही काम
जेन जी ने कभी मिलेनियल्स की कई आदतों को पुराना और क्रिंज बताया था. लेकिन अब वही चीजें धीरे-धीरे जेन जी की जिंदगी का हिस्सा बन रही हैं. स्किनी जींस से लेकर पुराने फैशन, फैन कल्चर, ग्रुप चैट और इमोजी तक, कई ऐसी आदतें हैं जिन्हें जेन जी कभी पसंद नहीं करती थी, लेकिन अब अपने अंदाज में अपना रही है.
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज, दिल्ली से मुंबई तक प्रदर्शन
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं. छात्र संगठन आइसा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी कर रहा है, वहीं कॉकरोच जनता पार्टी ने मुंबई में प्रदर्शन के बाद अब दिल्ली कूच की चेतावनी दी है. संगठन के प्रमुख अभिजीत दीपके का कहना है कि यदि ज्ञानेश कुमार 10 अक्टूबर तक इस्तीफा नहीं देते हैं, तो देश भर से लोग जंतर-मंतर पर एकत्र होकर बड़ा आंदोलन करेंगे.
LPU में किसने की हिंसा? उपद्रवियों में दो पिज्जा डिलीवरी बॉय! पुलिस ने क्या बताया
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए छात्रों में देश के अलग-अलग राज्यों (हरियाणा, हिमाचल, जम्मू, महाराष्ट्र) के छात्र शामिल हैं।
बार-बार हाथ से गिरती हैं ये चीजें? मिल सकता है ये संकेत!
Vastu Upay: खासकर पूजा-पाठ से जुड़ी वस्तुओं के गिरने को लेकर कई तरह की धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं. आइए जानते हैं किन चीजों का गिरना अशुभ संकेत माना जाता है और ऐसी स्थिति में क्या सावधानी बरतनी चाहिए.
कांग्रेस में गुटबाजी और अपने इस्तीफे पर खुलकर बोले राजा वडिंग, देखें पंजाब आजतक
पंजाब कांग्रेस के प्रधान पद से इस्तीफे के औपचारिक ऐलान के बाद अमरिंदर राजा वड़िंग से आजतक ने खास बातचीत की. जिसमें राजा वड़िंग ने पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी, अपने इस्तीफे और प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने को लेकर खुलकर बात की. देखें पंजाब आजतक.
एशियन गेम्स फाइनल में भारत ने पाक को 19 रन से हराकर जीता गोल्ड
एशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 19 रन से हराकर लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीता। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 211/6 रन बनाए, जबकि पाकिस्तान 192/6 तक ही पहुंच सका।
भारत ने जीता गोल्ड, बीच मैदान PAK खिलाड़ी की हुई फजीहत!
पाकिस्तान को हराकर भारतीय टीम ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है. भारत और पाकिस्तान के बीच गोल्ड के लिए कांटे की टक्कर देखने को मिली. लेकिन इस मैच के दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
Assam NRC से बाहर 19 लाख लोगों को rejection slip अभी नहीं, Supreme Court में केंद्र का जवाब
नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर केंद्र ने उच्चतम न्यायालय को बताया है कि असम के राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) से बाहर किए गए 19 लाख लोगों को अस्वीकृति पर्चियां जारी करने की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है, क्योंकि अंतिम एनआरसी को अभी औपचारिक रूप से अधिसूचित किया जाना बाकी है। अगस्त 2019 में जारी ‘अंतिम राष्ट्रीय नागरिक पंजी’ के अनुसार, 19.07 लाख आवेदकों के नाम सूची से बाहर कर दिए गए थे, जबकि 3.11 करोड़ आवेदकों के नाम एनआरसी में शामिल किए गए थे। उच्चतम न्यायालय में दाखिल एक हलफनामे में भारत के महापंजीयक ने कहा कि राज्य एनआरसी समन्वयक अब भी एनआरसी के आंकड़ों को सुरक्षित रखने के लिए एक ‘‘सुरक्षा व्यवस्था’’ तैयार करने पर काम कर रहे हैं। हलफनामे में कहा गया है कि आंकड़े अभी तक महापंजीयक को नहीं सौंपे गए हैं और वह इन्हें प्राप्त करने के बाद ही अंतिम एनआरसी को अधिसूचित कर सकते हैं। उच्चतम न्यायालय ने पहले राज्य एनआरसी समन्वयक को अंतिम सूची से बाहर किए गए लोगों को अस्वीकृति पर्चियां जारी करने के लिए एक व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया था, ताकि वे अपने नाम खारिज किए जाने को संबंधित न्यायाधिकरणों में चुनौती दे सकें। इसके बाद राज्य एनआरसी समन्वयक ने अक्टूबर 2020 में भारत के महापंजीयक (आरजीआई) को बताया था कि अस्वीकृति पर्चियां तभी जारी की जा सकती हैं, जब आरजीआई अंतिम एनआरसी को अधिसूचित कर दें। असम सरकार द्वारा अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगे जाने के बाद उच्चतम न्यायालय ने मामले की सुनवाई छह नवंबर तक टाल दी। उच्चतम न्यायालय असम राज्य जमीयत उलेमा, ऑल असम माइनॉरिटी स्टूडेंट्स यूनियन, जमीयत उलेमा-ए-हिंद और अन्य की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। याचिकाओं में एनआरसी से बाहर किए गए लोगों को अस्वीकृति पर्चियां और अंतिम सूची में शामिल लोगों को एनआरसी कार्ड जारी करने का अनुरोध किया गया है।
झील का 92% पानी गायब! ग्रीस में दिखा क्लाइमेट चेंज का असर
ग्रीस की कोरोनिया झील कभी हजारों प्रवासी पक्षियों और मछलियों का ठिकाना थी. लेकिन कम बारिश, बढ़ती गर्मी और जरूरत से ज्यादा सिंचाई ने इसका पानी तेजी से घटा दिया. 10 साल में झील का 92 फीसदी हिस्सा सूख चुका है.
'नंदीग्राम में पैर टूटने की बात झूठी थी..., CM शुभेंदु ने ममता पर लगाए आरोप
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर शुभेंदु अधिकारी ने 2021 नंदीग्राम में पैर फ्रैक्चर होने के झूठ बोलने का आरोप लगाया है. उन्होंने मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए जांच कराने की बात कही है.
छोटी रसोई में बिखरे रहते हैं दाल के डिब्बे? इन 6 तरीकों से करें स्टोर
छोटी रसोई में दाल, चावल, आटा और दूसरी चीजों के डिब्बे रखने में अक्सर परेशानी होती है. मगर ऐसा नहीं है कि आप छोटी रसोई को व्यवस्थित नहीं रख सकते हैं. अगर आप थोड़ी समझदारी से इन्हें सही जगह पर रखे तो डिब्बे आसानी से मिल भी जाएंगे और किचन बिखरे-बिखरे भी नहीं लगेगा. जानिए एक जैसे डिब्बों, रैक, कैबिनेट और खाली जगह का इस्तेमाल करके सामान को करीने से रखने के आसान तरीके.
हटाया जा सकता है मेरा एक्स अकाउंट, अभिजीत दीपके ने क्यों जताई ऐसी आशंका?
अभिजीत दीपके को डर है कि उनका 'एक्स' अकाउंट हटाया जा सकता है। दीपके ने ऐसी आशंका क्यों जताई है जानने के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट…
ब्रिटेन में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम, निशाने पर थे यहूदी
ब्रिटेन में यहूदियों के सबसे पवित्र त्योहार से ठीक पहले दहलाने की तैयारी थी, लेकिन समय रहते पुलिस ने बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया. यहूदी समुदाय को निशाना बनाने की फिराक में लगे दो ईरानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है.
नोएडा में एक युवक ने 43वीं मंजिल गिरकर दी जान
नोएडा के सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा सोसाइटी में एक युवक की ऊंचाई से गिरने के बाद मौत हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, युवक ने एक दिन पहले कमरा बुक किया था और घटना से पहले वहां मौजूद एसी मैकेनिक से अपनी मानसिक परेशानी की बात कही थी।
Weather Update: 15 राज्यों में बारिश का अलर्ट, बिहार-यूपी में उफान पर नदियां
Weather Update 3 October : मौसम विभाग ने शनिवार को 15 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तर प्रदेश और बिहार में नदियां उफान पर है। कई शहरों में सड़कों पर पानी भरा हुआ है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत कई राज्यों में आज आसमान साफ ...
INDIA गठबंधन में शामिल होंगे स्वामी प्रसाद मौर्य, बोले- राहुल हों अगले PM
स्वामी प्रसाद मौर्य ने शनिवार को राहुल गांधी से मुलाकात की. उन्होंने बताया कि वे 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन में शामिल होने जा रहे हैं. स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि आज डबल इंजन की सरकार में करोड़ों नौजवान बेरोजगार हो रहे हैं, सरकार की गलत नीतियों के कारण सरकारी नौकरियां मिलनी बंद हो गई है.
गाय चोरी के शक में भीड़ का तांडव... मॉब लिंचिंग में दो युवकों की मौत
पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में गाय चोरी के शक में भीड़ की हिंसा का मामला सामने आया है. माटीगाड़ा इलाके में ग्रामीणों ने मवेशी चोरी के शक में कुछ युवकों को घेर लिया और उनके साथ मारपीट कर दी. एक पिकअप वैन को आग के हवाले कर दिया गया और उसके ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, हमले में घायल दूसरे युवक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया.
UAE ने फ्लाईदुबई मामले को बताया 'टेरर अटैक', हमलावर पर ये खुलासे
संयुक्त अरब अमीरात की फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने क्रैश एक्स से हमला किया.
अफेयर के शक में पत्नी की हत्या, पति ने पीट-पीटकर ले ली जान
महाराष्ट्र में नागपुर के कपिलनगर पुलिस थाना क्षेत्र में पत्नी के चरित्र पर शक को लेकर पति द्वारा बेरहमी से मारपीट कर हत्या का मामला सामने आया है. फिलहाल मेडिकल रिपोर्ट में मारपीट के कारण मौत की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने आरोपी पति को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है.
फ्लाईदुबई मामले में बड़ा खुलासा, जानें हमलावर को-पायलट ने क्या कबूला
फ्लाईदुबई के सह-पायलट को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा सामने आया है. इजराइली मीडिया के हवाले से मिली खबर के मुताबिक, इस विमान हादसे की जांच के दौरान सह-पायलट के आतंकी कनेक्शन का पता चला है. आई ट्वेंटी फॉर न्यूज के दावे के अनुसार, सह-पायलट ने पूछताछ में खुद यह कबूल किया है कि वह इस प्लेन को जानबूझकर क्रैश कराना चाहता था. इसके साथ ही जांचकर्ताओं को कई अन्य महत्वपूर्ण और हैरान करने वाली जानकारियां मिली हैं.
जर्मनी में पानी से ‘चीयर्स’ करने से क्यों बचते हैं लोग? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान
जर्मनी की कुछ पुरानी मान्यताओं में पानी से गिलास टकराकर ‘चीयर्स’ करना अशुभ माना जाता है. इसके पीछे प्राचीन परंपराओं से जुड़ी एक दिलचस्प कहानी बताई जाती है. चलिए जानते हैं.
Asian Games में भारत का परचम, गोल्फ और पुरुष T20 क्रिकेट में जीते स्वर्ण पदक
नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर की विभिन्न फाइल से शनिवार को अपराह्न दो बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार है : खेल31 खेल एशियाड गोल्फ दूसरी लीड भारतप्रणवी एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बनी, टीम ने रजत जीतानागोया: प्रणवी उर्स एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गई जिन्होंने आखिरी दौर में थकान से उबरते हुए एक स्ट्रोक की बढत बरकरार रखकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि अर्जित की और टीम को भी रजत दिलाया। खेल36 खेल एशियाड क्रिकेट लीड भारतअभिषेक और तिलक की धुआंधार बल्लेबाजी, भारत ने स्वर्ण पदक जीतानिशिन: अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा के तूफानी अर्धशतकों की मदद से भारत ने हसन नवाज की आक्रामक पारी के बावजूद रोमांचक फाइनल में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 19 रन से हराकर शनिवार को यहां एशियाई खेलों के पुरुष क्रिकेट में अपने स्वर्ण पदक का सफलतापूर्वक बचाव किया। प्रादे44 मप्र शाहबीएनएस के पूर्ण क्रियान्वयन के बाद भारत दुनिया के सबसे आधुनिक न्याय प्रणालियों में होगा: शाहभोपाल: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के पूर्ण क्रियान्वयन के बाद देश की आपराधिक न्याय व्यवस्था दुनिया की सबसे आधुनिक न्याय प्रणालियों में शामिल होगी। दि7 राहुल सत्याग्रहराहुल ने अधिकारों और न्याय की आवाज के मंच सत्याग्रह की शुरुआत कीनयी दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को ‘सत्याग्रह’ नामक एक नए मंच की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य देशभर में अपने अधिकारों और न्याय के लिए संघर्ष कर रहे लोगों की आवाज को एक साझा मंच पर लाना है। दि20 रक्षा वायुसेनामौजूदा वित्त वर्ष में एमआरएफए सौदे को अंतिम रूप दे सकता है भारत: वायुसेना प्रमुखनयी दिल्ली: वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह ने शनिवार को कहा कि भारत इस वित्त वर्ष में बहुप्रतीक्षित बहु-उद्देशीय लड़ाकू विमान (एमआरएफए) सौदे को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, बशर्ते सब कुछ योजना के मुताबिक हो। प्रादे31 तेलंगाना बस दुर्घटना मौततेलंगाना में बस हादसे में चार महिलाओं की मौत, कई घायलहैदराबाद: तेलंगाना के विकाराबाद जिले में शनिवार को कथित तौर पर ब्रेक फेल होने के बाद एक निजी बस के पलट जाने से चार महिलाओं की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। अर्थ8 सम्मेलन आरबीआई गवर्नरनए जोखिमों को लेकर सतर्क रहने, वित्तीय प्रणाली की मजबूती के लिए रिजर्व बैंक प्रतिबद्ध: मल्होत्रानयी दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शनिवार को कहा कि आज वित्तीय प्रणाली की मजबूती भविष्य के खतरों से सुरक्षा की गारंटी नहीं मानी जा सकती। उन्होंने वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए लगातार सतर्क रहने पर जोर दिया। अर्थ2 उपराष्ट्रपति अर्थव्यवस्थासमावेशिता से ही विकास टिकाऊ बनता है, आम सहमति से लिए जाएं फैसले: उपराष्ट्रपतिनयी दिल्ली: उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने शनिवार को जोर देकर कहा कि समावेशिता ही विकास को टिकाऊ बना सकती है और उन्होंने आम सहमति के आधार पर फैसले लेने पर जोर दिया। वि9 प.एशिया फ्लाईदुबई सह पायलट कुल्हाड़ीफ्लाईदुबई के विमान में सह-पायलट ने कॉकपिट में रखी कुल्हाड़ी से कैप्टन पर हमला किया था: यूएईकाहिरा: संयुक्त अरब अमीरात ने शनिवार को बताया कि फ्लाईदुबई की उड़ान के सह-पायलट ने कॉकपिट में रखी कुल्हाड़ी (क्रैश एक्स) से विमान के कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया था। वि4 संरा गुतारेस गांधी जयंतीविभाजन और संघर्ष के इस दौर में गांधी की शिक्षाएं हमें नए सिरे से सचेत करती हैं: संरा प्रमुखसंयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा कि बढ़ते विभाजन और संघर्ष के मौजूदा दौर में महात्मा गांधी की शिक्षाएं हमें नए सिरे से सचेत करती हैं।
वैभव को आउट कर सैम ने किया ‘बॉस बेबी’ वाला सेलिब्रेशन
एशियन गेम्स 2026 के भारत-पाकिस्तान पुरुष क्रिकेट फाइनल में वैभव सूर्यवंशी 9 गेंदों पर 15 रन बनाकर आउट हुए। सैम अयूब की गेंद पर रिवर्स स्वीप के प्रयास में वैभव का कैच विकेटकीपर उस्मान खान ने लिया।
BNS लागू होने से 3 साल में Supreme Court तक मिलेगा न्याय, Bhopal में बोले Amit Shah
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के पूर्ण क्रियान्वयन के बाद देश की आपराधिक न्याय व्यवस्था दुनिया की सबसे आधुनिक न्याय प्रणालियों में शामिल होगी। शाह ने राज्य की राजधानी भोपाल के भेल क्षेत्र स्थित दशहरा मैदान में आयोजित गोपालक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ऐसी विस्तृत योजना पर काम कर रही है, जिससे 31 दिसंबर 2029 के बाद मध्यप्रदेश में ‘‘नशे के लिए कोई जगह’’ नहीं बचेगी। शाह ने कहा, ‘‘भारत की न्याय व्यवस्था कभी ‘तारीख पर तारीख’ के तानों के लिए जानी जाती थी, लेकिन अब नए आपराधिक कानूनों के पूर्ण क्रियान्वयन के बाद प्राथमिकी दर्ज होने से लेकर उच्चतम न्यायालय तक तीन वर्ष में न्याय दिलाने का पूरा काम हो जाएगा।’’ उन्होंने कहा कि अंग्रेजों द्वारा बनाए गए कानून उनके शासन को बचाने के लिए थे, जबकि तीन नए आपराधिक कानून भारत के नागरिकों के सम्मान, संपत्ति और शरीर की रक्षा के लिए हैं। शाह ने कहा, ‘‘इन कानूनों का मूल मंत्र न्याय है, दंड नहीं। दंड का प्रावधान केवल अपराधियों को अपराध करने से रोकने के लिए है। इन कानूनों के पूर्ण क्रियान्वयन के बाद हमारी आपराधिक न्याय व्यवस्था दुनिया की सबसे आधुनिक न्याय प्रणालियों में शामिल होगी।’’ शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि आजादी के बाद से कृषि व्यवस्था, ग्रामीण विकास और सहकारिता से जुड़े लोगों की अलग सहकारिता मंत्रालय की मांग थी, लेकिन तत्कालीन सत्तारूढ़ पार्टी ने 75 वर्षों तक अलग सहकारिता मंत्रालय नहीं बनने दिया। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अलग सहकारिता मंत्रालय की स्थापना कर सहकारिता क्षेत्र को नयी दिशा दी। इसका सबसे बड़ा लाभ हमारे गोपालकों को मिलेगा। खुले बाजार में दूध बेचने पर बिचौलिए लाभ का बड़ा हिस्सा ले जाते हैं, लेकिन सहकारिता मॉडल में उनके लिए कोई जगह नहीं बची है।’’ शाह ने बड़ी संख्या में सम्मेलन में पहुंचे गोपालकों की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह मध्यप्रदेश में ‘श्वेत क्रांति 2.0’ के लिए शुभ संकेत है। उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्रालय के गठन से सबसे अधिक लाभ गोपालकों को होगा। उन्होंने कहा, ‘‘गोपालकों की यह भागीदारी पशुपालन और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में नए संकल्प और नयी ऊर्जा का प्रतीक है।’’ शाह ने कहा कि देश में 2013-14 में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 307 ग्राम थी, जो बढ़कर 485 ग्राम हो गई है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत आज दुनिया में सबसे अधिक दूध उत्पादन वाला देश है। देश के पांच प्रमुख दूध उत्पादक राज्यों उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में भाजपा की सरकारें हैं। कांग्रेस ने अपने शासन में पशुपालकों के कल्याण के लिए क्या किया, इसका जवाब उसे देना चाहिए। हमारी सरकारों का ध्यान पशुपालकों की आय बढ़ाने, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने पर है।’’ केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अलग-अलग मुद्दों पर केंद्र सरकार का विरोध करने वाले कांग्रेस नेताओं के सवालों का हिसाब देने वह यहां आए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस के 75 वर्षों के शासन में देश का दूध उत्पादन 14.60 करोड़ टन तक पहुंचा, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में यह बढ़कर 25 करोड़ टन तक पहुंचा है। इसके पीछे भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारों की निरंतर मेहनत है।’’ शाह ने कहा कि सरकार ऐसी विस्तृत योजना बना रही है, जिससे 31 दिसंबर 2029 के बाद मध्यप्रदेश में नशे के लिए कोई जगह नहीं बचेगी। शाह ने इससे पहले नए आपराधिक कानूनों पर केंद्रित राज्यस्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और उसका अवलोकन भी किया। शाह कार्यक्रम के बाद भोपाल के भौंरी क्षेत्र स्थित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) के विस्तारित ‘अत्रि’ परिसर का शिलान्यास करेंगे और परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण करेंगे।
Speaker रथिंद्र बोस के हुए Medical Test, Hospital में डॉक्टरों की निगरानी में हालत स्थिर
पश्चिम बंगाल विधानसभा के स्पीकर रथिंद्र बोस को बेचैनी और सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार रात राज्य विधानसभा में एक कार्यक्रम से लौटने के बाद तबीयत खराब लगने पर उन्हें पूर्वी कोलकाता में EM बाईपास के पास एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। विधानसभा अधिकारियों ने बताया कि बोस की हालत अभी स्थिर है और उन्हें निगरानी में रखा गया है। परिवार के सूत्रों ने बताया कि अस्पताल ले जाए जाने के बाद उनके कई मेडिकल टेस्ट हुए और अब वे ठीक हैं। इसे भी पढ़ें: Kolkata में रियल एस्टेट पर भू-माफिया का कब्जा, वित्त मंत्री ने संगठित कंपनियों से मांगी मदद सीने में दर्द के बाद रथिंद्र बोस अस्पताल में भर्ती बोस ने शुक्रवार को महात्मा गांधी की जयंती के मौके पर विधानसभा में आयोजित एक कार्यक्रम और अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। उन्होंने दिन भर में कई अन्य कार्यक्रमों में भी भाग लिया। घर लौटने के बाद, उन्हें अचानक बेचैनी और सीने में दर्द महसूस हुआ। इसके बाद परिवार वाले उन्हें अस्पताल ले गए, जहाँ उनके कई मेडिकल टेस्ट किए गए। इसे भी पढ़ें: बिना Oven के सिर्फ भाप में बनाएं बंगाली Bhapa Doi, मुंह में घुल जाएगा इसका स्वाद रथिंद्र बोस का राजनीतिक सफर बोस ने 2026 के चुनावों में कूचबिहार दक्षिण सीट से बीजेपी के टिकट पर अपना पहला विधानसभा चुनाव जीता था। बाद में उन्हें निर्विरोध पश्चिम बंगाल विधानसभा का स्पीकर चुना गया। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट रहे बोस सक्रिय राजनीति में आने से पहले कई वर्षों तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे थे।
क्या विजय कुमार चौधरी संभालेंगे JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की कमान
बिहार के राजनीतिक गलियारों और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भीतर सांगठनिक बदलावों को लेकर सुगबुगाहट एक बार फिर तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली पार्टी जेडीयू में नेतृत्व और पदों के समीकरण को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अब वरिष्ठ नेता और बिहार सरकार के कद्दावर मंत्री विजय कुमार चौधरी (Vijay Kumar Chaudhary) के नाम को लेकर नए कयास लगाए जाने लगे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के बीच यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि क्या आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर संगठनात्मक मजबूती के लिए विजय कुमार चौधरी को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जैसी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है? उत्तर प्रदेश और बिहार की राजनीतिक गतिविधियों पर पैनी नजर रखने वाले जानकारों का मानना है कि जेडीयू हमेशा से अपने चौंकाने वाले फैसलों के लिए जानी जाती है, और आगामी राजनीतिक रणनीतियों को ध्यान में रखते हुए पार्टी आलाकमान संगठन में संतुलन साधने के लिए कई अहम कदम उठा सकता है। हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों और 'मिशन संजय झा' के पैटर्न को अगर नजदीक से समझा जाए, तो यह साफ नजर आता है कि पार्टी के भीतर वरिष्ठ और वफादार नेताओं को आगे लाकर एक मजबूत संदेश देने की कवायद लगातार जारी है, जिससे विरोधी दलों में भी सुगबुगाहट शुरू हो गई है।'मिशन संजय झा' और जेडीयू के सांगठनिक ढांचे में बदलाव के क्या हैं मायने?जेडीयू के संगठनात्मक इतिहास और पिछले कुछ वर्षों के घटनाक्रमों पर गौर करें तो पार्टी ने समय-समय पर अपने प्रमुख नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारियां सौंपकर एक नया राजनीतिक संदेश दिया है। इससे पहले जब संजय झा को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था, तब उसे 'मिशन संजय झा' के रूप में देखा गया था, जिसके तहत पार्टी अपने राष्ट्रीय विस्तार और एनडीए के भीतर समन्वय को और अधिक मजबूत करने में जुटी थी। संजय झा को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सबसे करीबी और भरोसेमंद रणनीतिकार माना जाता है, जिन्होंने पार्टी को राष्ट्रीय फलक पर ले जाने और अन्य दलों के साथ बेहतर तालमेल बिठाने में अहम भूमिका निभाई है। अब जबकि राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा चल रही है कि विजय कुमार चौधरी को भी संगठन में कोई बड़ी राष्ट्रीय भूमिका दी जा सकती है, तो इसके पीछे पार्टी की भावी चुनावी तैयारियां और प्रशासनिक अनुभवों का पूरा लाभ उठाने की रणनीति साफ झलकती है। उत्तर प्रदेश के राजनीतिक विश्लेषक भी यह मानते हैं कि क्षेत्रीय दलों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए ऐसे अनुभवी और मंजे हुए राजनेताओं की सख्त जरूरत होती है जो हर परिस्थिति में पार्टी को संभाल सकें।विजय कुमार चौधरी का राजनीतिक कद और पार्टी के भीतर उनकी मजबूत पकड़विजय कुमार चौधरी बिहार की राजनीति का एक ऐसा नाम हैं जिन्हें प्रशासनिक मामलों की गहरी समझ और हर विवाद को बेहद शांत तरीके से सुलझाने के लिए जाना जाता है। विधानसभा अध्यक्ष से लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण मंत्रालयों की कमान संभाल चुके विजय कुमार चौधरी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद और पुराने सहयोगियों में से एक माने जाते हैं। जब भी पार्टी के भीतर किसी संकट की स्थिति या नीतिगत फैसले की बात आती है, तो चौधरी साहब की भूमिका सबसे आगे रही है। यही कारण है कि उनके राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने की चर्चाओं ने तूल पकड़ा है, क्योंकि पार्टी के भीतर हर धड़ा उनके प्रशासनिक अनुभव और सांगठनिक सूझबूझ का सम्मान करता है। हालांकि पार्टी के आधिकारिक सूत्रों की तरफ से अभी तक इस पर अंतिम मुहर नहीं लगाई गई है, लेकिन जिस तरह से राजनीतिक गलियारों में उनके नाम की चर्चा हो रही है, उससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में जेडीयू संगठन में कुछ बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है।आगामी चुनावों और राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से क्यों अहम है यह बदलाव?आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी राज्यों की सरगर्मी के बीच जेडीयू किसी भी प्रकार की सुस्ती या आंतरिक कमजोरी को मोल लेना नहीं चाहती है। पार्टी का मुख्य फोकस संगठन को बूथ स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक चाक-चौबंद करने पर है, ताकि विरोधी दलों के हमलों का पूरी ताकत से जवाब दिया जा सके। संजय झा जैसे नेताओं के साथ यदि विजय कुमार चौधरी जैसे वरिष्ठ अनुभवी चेहरे को संगठन की मुख्य कमान में बड़ी जिम्मेदारी मिलती है, तो इससे पार्टी के भीतर और बाहर एक सकारात्मक संदेश जाएगा। कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा और एनडीए गठबंधन के भीतर सीटों के तालमेल तथा प्रचार प्रसार की रणनीति को अधिक धार दी जा सकेगी।संगठन की मजबूती और भविष्य की सियासी दिशा पर टिकी सबकी नजरेंसंक्षेप में कहें तो विजय कुमार चौधरी के नाम से जुड़ी ये चर्चाएं और 'मिशन संजय झा' की यह पूरी रूपरेखा बिहार की सियासत में आने वाले बड़े बदलावों का संकेत दे रही है। देखना यह होगा कि पार्टी नेतृत्व आधिकारिक रूप से इन अटकलों पर क्या फैसला लेता है और संगठन को कितना और मजबूत करता है।
सम्राट सरकार खरीदने जा रही 49 लाख रुपये वाले 50 ड्रोन
देश के बदलते प्रशासनिक और तकनीकी परिदृश्य में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल अब केवल विलासिता नहीं बल्कि हर क्षेत्र की एक अनिवार्य जरूरत बन चुका है, और इसी कड़ी में सरकारी महकमों द्वारा तकनीक को अपनाने की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। हाल ही में सामने आई एक बेहद महत्वपूर्ण और चौंकाने वाली जानकारी के अनुसार, सम्राट सरकार (Samrat Government) द्वारा राज्य के भीतर प्रशासनिक निगरानी, कृषि विकास, मैपिंग और सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से अचूक बनाने के लिए करोड़ों रुपये का भारी-भरकम निवेश किया जा रहा है। सरकार बहुत जल्द लगभग 49 लाख रुपये प्रति यूनिट की प्रीमियम कीमत वाले कुल 50 अत्याधुनिक ड्रोन (High-Tech Drones) खरीदने की तैयारी कर चुकी है, जिस पर कुल मिलाकर करीब साढ़े 24 करोड़ रुपये की भारी राशि खर्च की जाएगी। उत्तर प्रदेश से लेकर देश के अन्य विकसित राज्यों तक इस बात की चर्चा जोरों पर है कि आखिर एक साथ इतने महंगे और विशिष्ट श्रेणी के ड्रोन खरीदने के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य क्या है और इससे आम जनता तथा शासन प्रणाली को क्या-क्या बड़े लाभ मिलने वाले हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इन ड्रोन्स में थर्मल इमेजिंग, नाइट विजन, हाई-रेजोल्यूशन कैमरे और लंबी बैटरी लाइफ जैसी कई विश्वस्तरीय विशेषताएं मौजूद होंगी, जो पारंपरिक तरीकों से होने वाले कामों को मिनटों में और पूरी सटीकता के साथ अंजाम देने की क्षमता रखती हैं।क्यों खरीदे जा रहे हैं 49 लाख रुपये की कीमत वाले ये 50 आधुनिक और हाई-टेक ड्रोन?आम नागरिकों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर एक ड्रोन की कीमत 49 लाख रुपये तक क्यों है और सरकार इसमें साढ़े चौबीस करोड़ रुपये का भारी सार्वजनिक धन क्यों निवेश कर रही है। विशेषज्ञों का यह मानना है कि यह कोई आम खिलौने वाले या वीडियोग्राफी करने वाले छोटे ड्रोन नहीं हैं, बल्कि यह मिलिट्री और इंडस्ट्रियल ग्रेड के अत्यधिक एडवांस्ड अनमैंड एरियल व्हीकल्स (UAVs) हैं जिनका इस्तेमाल बेहद संवेदनशील और बड़े अभियानों में किया जाता है। इन ड्रोन्स के जरिए राज्य के दुर्गम इलाकों, घने जंगलों, सीमावर्ती क्षेत्रों और बाढ़ या सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में अचूक मदद मिल सकेगी। इसके अलावा कृषि क्षेत्र में फसल के स्वास्थ्य की निगरानी, कीटनाशकों के छिड़काव और भूमि सर्वे (Land Surveying) के लिए भी इन अत्याधुनिक मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे किसानों का समय और लागत दोनों की भारी बचत होगी। उत्तर प्रदेश और अन्य क्षेत्रों में प्रशासनिक आधुनिकीकरण की दिशा में यह कदम एक मील का पत्थर साबित हो सकता है, क्योंकि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से भ्रष्टाचार और मानवीय भूल की गुंजाइश लगभग नगण्य हो जाती है।साढ़े 24 करोड़ रुपये के इस बड़े निवेश से शासन और सुरक्षा प्रणाली में आएगी अभूतपूर्व पारदर्शितासरकार द्वारा बुनियादी ढांचे और तकनीक पर किए जाने वाले इस 24.5 करोड़ रुपये के निवेश के दूरगामी और सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे, जिससे प्रशासनिक कसावट मजबूत होगी। पुलिस और कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाले विभागों के लिए ये ड्रोन आसमान से तीसरी आंख की तरह काम करेंगे, जो किसी भी उपद्रव, अवैध खनन, तस्करों की गतिविधियों या संदिग्ध आयोजनों पर पलक झपकते ही नजर रख सकेंगे। रात के अंधेरे में भी अपराधियों की थाह लेने में सक्षम ये थर्मल ड्रोन पुलिस बल के लिए एक बहुत बड़ा वरदान साबित होंगे, जिससे जवानों की जान जोखिम में डाले बिना अपराधियों पर शिकंजा कसा जा सकेगा। प्रशासनिक अधिकारियों का यह कहना है कि अत्याधुनिक तकनीक पर यह खर्च असल में भविष्य की सुरक्षा और विकास के लिए एक बहुत ही सुरक्षित और जरूरी निवेश है, जो राज्य को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा।कृषि, राजस्व और आपदा प्रबंधन विभागों को मिलेंगे इन हाई-टेक ड्रोन्स से अनगिनत लाभइन 50 ड्रोन्स के बेड़े में शामिल होने के बाद केवल गृह विभाग ही नहीं, बल्कि राजस्व, कृषि और आपदा प्रबंधन जैसे कई प्रमुख विभाग सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। भूमि पैमाइश के दौरान होने वाले विवादों को सुलझाने के लिए डिजिटल मैपिंग और ड्रोन सर्वे सबसे सटीक और पारदर्शी तरीका माना जाता है, जिससे आम जनता को अदालतों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। प्राकृतिक आपदाओं के समय जब जमीनी रास्ते बंद हो जाते हैं और राहत सामग्री पहुंचानी मुश्किल हो जाती है, तब ये हाई-टेक ड्रोन प्रभावित इलाकों तक जीवनरक्षक दवाइयां और भोजन पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगे। उत्तर प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों में तकनीक आधारित शासन (Tech-driven Governance) की यह पहल अन्य सरकारों के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत बन रही है।तकनीकी आधुनिकीकरण की ओर बढ़ता हुआ यह कदम बनाएगा शासन को अधिक प्रभावीसंक्षेप में कहें तो सम्राट सरकार द्वारा साढ़े 24 करोड़ रुपये खर्च करके खरीदे जा रहे ये 50 ड्रोन केवल एक खरीदारी नहीं हैं, बल्कि यह भविष्य के उन्नत और सुरक्षित भारत की एक मजबूत नींव हैं। तकनीक और प्रशासनिक इच्छाशक्ति का यह अनूठा मेल निश्चित रूप से जनहित के कार्यों को नई गति और पारदर्शिता प्रदान करेगा।
IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को बड़ी राहत
भारतीय राजनीति के गलियारों से एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है, जो बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav), पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी (Rabri Devi) और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) के परिवार से जुड़ी हुई है। बहुचर्चित आईआरसीटीसी होटल घोटाला और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले (IRCTC Money Laundering Case) में राउज एवेन्यू कोर्ट में होने वाली आज की महत्वपूर्ण सुनवाई को फिलहाल टाल दिया गया है, जिससे जोगी परिवार के साथ-साथ आरजेडी खेमे ने भी फिलहाल राहत की सांस ली है। दिल्ली की एक विशेष अदालत द्वारा इस मामले की अगली सुनवाई के लिए अब 30 अक्टूबर 2026 की तारीख मुकर्रर की गई है, जिस दिन दोनों पक्षों के वकीलों द्वारा कोर्ट में अपनी दलीलें पेश की जाएंगी। उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक राजनीतिक हलकों में इस हाई-प्रोफाइल कानूनी मामले पर हर किसी की पैनी नजर बनी हुई है, क्योंकि इस केस का राजनीतिक भविष्य पर गहरा असर पड़ सकता है। अदालत में चली शुरुआती कार्रवाई और वकीलों के आग्रह के बाद न्यायाधीश ने मामले की अगली तारीख तय कर दी, जिसके बाद लालू परिवार के समर्थकों में असमंजस और राहत का मिला-जुला माहौल देखने को मिल रहा है।आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग केस की पृष्ठभूमि और लालू परिवार पर लगे गंभीर आरोपयह पूरा मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री के पद पर आसीन थे और उन पर यह आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करते हुए पुरी और रांची स्थित रेलवे के दो होटलों के रखरखाव और संचालन का ठेका एक निजी कंपनी को दिलवाया था। इसके बदले में कथित तौर पर करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति और जमीन घूस के रूप में लालू परिवार को ट्रांसफर किए जाने की बात प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सीबीआई (CBI) द्वारा अपनी चार्जशीट में कही गई है। इसी वित्तीय अनियमितता और काले धन को सफेद करने के आरोप के तहत प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के प्रावधानों के अंतर्गत यह मामला दर्ज किया गया था, जिसकी लंबी कानूनी लड़ाई पिछले कई सालों से दिल्ली की अदालतों में चल रही है। लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत अन्य आरोपियों ने हमेशा से इन सभी आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित और निराधार बताया है, उनका यह कहना रहा है कि विपक्षी दलों की आवाज दबाने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में आज की कार्यवाही और क्यों टली सुनवाईदिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) में आज जब इस बहुचर्चित मामले की सुनवाई शुरू होनी थी, तो बचाव पक्ष के वकीलों और अभियोजन पक्ष के बीच कुछ कानूनी बिंदुओं पर चर्चा हुई। अदालत की निर्धारित प्रक्रियाओं और कुछ जरूरी दस्तावेजों के अवलोकन के चलते मामले की सुनवाई को आगे के लिए टालने का निर्णय लिया गया, ताकि दोनों पक्षों को अपनी बात रखने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। न्यायाधीश ने इस मामले की अगली सुनवाई आगामी 30 अक्टूबर 2026 तय की है, जिस दिन अदालत में आगे की बहस और चार्ज फ्रेमिंग से जुड़े मामलों पर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश आ सकते हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार के राजनीतिक विश्लेषकों का यह मानना है कि न्यायिक प्रक्रिया के लंबा खींचने से राजनीतिक मोर्चे पर इन नेताओं को अपने खिलाफ प्रचार का मुकाबला करने का समय तो मिल जाता है, लेकिन कानूनी तलवार हमेशा उनके सिर पर लटकी रहती है।आगामी 30 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई का राजनीतिक और कानूनी महत्वआने वाली 30 अक्टूबर 2026 की तारीख लालू परिवार के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होने वाली है, क्योंकि उस दिन अदालत यह तय कर सकती है कि इस मामले में आगे की कानूनी दिशा क्या होगी और क्या आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जाएंगे या नहीं। बिहार की राजनीति में आरजेडी (RJD) पार्टी लगातार इन मुकदमों का मुकाबला जनता की अदालत में करने की बात कहती आई है, और पार्टी नेताओं का यह अटूट विश्वास है कि अंततः न्याय की ही जीत होगी। कानूनी जानकारों का यह कहना है कि मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में सबूतों की गहनता से जांच की जाती है, और दोनों पक्षों को अपनी दलीलें साबित करने के पूरे अवसर दिए जाते हैं, जिसके कारण इस प्रकार के हाई-प्रोफाइल मुकदमे अक्सर लंबे समय तक चलते रहते हैं।कानून की लंबी लड़ाई और राजनीतिक गलियारों में जारी घमासानसंक्षेप में कहें तो IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस में लालू यादव और उनके परिवार को मिली यह स्थगन राहत केवल कुछ हफ्तों के लिए है, क्योंकि असली कानूनी जंग अभी 30 अक्टूबर को अदालत के भीतर लड़ी जानी बाकी है। राजनीति और न्यायपालिका के बीच का यह संतुलन भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था की एक ऐसी वास्तविकता है जिस पर हर देशवासी की नजर टिकी रहती है।
सीएम विजय से मिलने जा रहे 'बाबरी' की नींव रखने वाले हुमायूं कबीर, क्या कहा
आम जनता उन्नयन पार्टी के चीफ हुमायूं कबीर ने कहा है कि वह तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय से मिलेंगे और साथ मिलकर काम करने की बात करेंगे। उन्होंने कहा कि वह मुस्लिमों के हित के लिए काम करना चाहते हैं।
राजस्थान पंचायत चुनाव में बैलेट पेपर से होंगे पंच-सरपंच के चुनाव
राजस्थान के ग्रामीण इलाकों से इस वक्त पंचायत चुनावों को लेकर एक बहुत ही बड़ी और दिलचस्प खबर सामने आ रही है, जो सीधे तौर पर राज्य के करोड़ों मतदाताओं को प्रभावित करने वाली है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा हाल ही में जारी किए गए नए और आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, आगामी पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में वार्ड पंच और सरपंच पद के मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम (EVM) के बजाय पारंपरिक तरीके से यानी मतपेटी और बैलेट पेपर (Ballot Paper) के माध्यम से संपन्न कराए जाएंगे। इस महत्वपूर्ण बदलाव के बाद से ही राजनीतिक गलियारों और गांवों की चौपालों पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है, क्योंकि बैलेट पेपर से चुनाव होने पर पूरी मतदान प्रक्रिया का स्वरूप बिल्कुल अलग नजर आता है। इसके साथ ही महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत का भारी-भरकम आरक्षण लागू कर दिया गया है, जिसके तहत आधे से ज्यादा पदों पर महिला जनप्रतिनिधि ही कमान संभालेंगी। उत्तर प्रदेश सहित अन्य पड़ोसी राज्यों की राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रखने वाले विश्लेषक भी राजस्थान के इस अनोखे और बड़े चुनावी पैटर्न पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि जमीनी स्तर पर होने वाले ये चुनाव राज्य की आगामी राजनीतिक दिशा तय करने में सबसे अहम कड़ी माने जाते हैं।बैलेट पेपर से डाले जाएंगे वोट, पंच और सरपंच पदों के लिए मतपेटी का होगा इस्तेमालजब भी चुनाव प्रणाली में ईवीएम से हटकर दोबारा बैलेट पेपर या मतपेटी का जिक्र आता है, तो चुनावी माहौल में एक अलग ही उत्सुकता देखने को मिलती है। निर्वाचन आयोग के स्पष्ट आदेशों के मुताबिक, इस बार के पंचायत चुनावों में ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाले सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव पूरी तरह से मतपेटियों (Ballot Boxes) के जरिए ही कराए जाएंगे, हालांकि जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव ईवीएम के जरिए ही संपन्न होंगे। आयोग ने इन मतपत्रों के प्रारूप और उनके रंगों को भी पूरी तरह से तय कर दिया है, जिसमें सरपंच पद के लिए सफेद रंग के मतपत्र और वार्ड पंच के लिए गुलाबी रंग के मतपत्र मुद्रित किए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, मतदाताओं के लिए नोटा (NOTA) का विकल्प भी इन मतपत्रों पर पूरी तरह से उपलब्ध रहेगा, ताकि यदि कोई मतदाता किसी भी उम्मीदवार को योग्य नहीं समझता है, तो वह नोटा के पक्ष में अपना मत दर्ज करा सके। जिला स्तर पर सुरक्षा के कड़े पहरे के बीच निजी और सरकारी प्रेसों में इन मतपत्रों की छपाई का काम युद्धस्तर पर पूरा किया जा रहा है, ताकि मतदान के दिन किसी भी प्रकार की प्रशासनिक असुविधा का सामना न करना पड़े।महिलाओं को मिला 50 प्रतिशत आरक्षण, त्रिस्तरीय चुनाव में तय होगी आधी आबादी की जोरदार हिस्सेदारीभारतीय लोकतंत्र और ग्रामीण विकास के इतिहास में महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान सरकार और निर्वाचन आयोग ने पंचायतों में 50 प्रतिशत आरक्षण के नियम को पूरी कड़ाई के साथ लागू किया है। हाल ही में निकाली गई आरक्षण की लॉटरी और नियमों के अनुसार, प्रदेशभर की कुल चौदह हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में से आधी यानी करीब सात हजार से ज्यादा पंचायतों में केवल महिलाएं ही सरपंच पद की कमान संभालती नजर आएंगी। इसके अलावा जिला प्रमुख और पंचायत समिति प्रधान के पदों पर भी महिलाओं के लिए आधे स्थान आरक्षित किए गए हैं, जिससे ग्रामीण राजनीति की तस्वीर पूरी तरह से बदलती हुई दिखाई दे रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस आरक्षण व्यवस्था से गांवों की महिलाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास होगा और वे अपने क्षेत्र के विकास कार्यों में अपनी सक्रिय और सीधी भूमिका निभा सकेंगी। बीकानेर संभाग सहित कई अन्य जिलों में तो महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण और भी अधिक निर्णायक साबित हो रहा है, जहां त्रिस्तरीय चुनावी ढांचे में आधी आबादी का दबदबा स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।लगभग 1.69 लाख नए जनप्रतिनिधियों के चयन के लिए चार चरणों में हो सकते हैं मतदानआगामी पंचायत चुनावों के तहत पूरे राज्य में लगभग 1.69 लाख नए और ऊर्जावान जनप्रतिनिधियों को चुनने की बड़ी प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसमें हजारों वार्ड पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य शामिल हैं। चुनाव आयोग द्वारा यह पूरी चुनावी प्रक्रिया तय समय सीमा के भीतर और पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण मतदाता इस बात को लेकर बेहद उत्साहित हैं कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग करके ऐसे ईमानदार और मेहनती प्रतिनिधियों का चुनाव करें जो उनके गांवों में सड़क, पानी, बिजली और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ कर सकें। प्रशासनिक अमला और पुलिस विभाग पूरी तरह से मुस्तैद हो चुका है ताकि आचार संहिता के दायरे में रहकर शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान कराया जा सके।ग्रामीण लोकतंत्र का महापर्व और भविष्य की राजनीतिक सरगर्मीसंक्षेप में कहें तो राजस्थान के इन पंचायत चुनावों में बैलेट पेपर की वापसी और महिलाओं को मिला 50 प्रतिशत का आरक्षण इसे देश के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण स्थानीय चुनावों में से एक बनाता है। यह चुनाव न केवल गांवों की तस्वीर बदलेंगे, बल्कि भविष्य की राज्य राजनीति के नए समीकरणों की नींव भी रखेंगे।
राजस्थान पंचायती राज चुनाव का आज होगा बड़ा ऐलान
राजस्थान के राजनीतिक गलियारों और ग्रामीण अंचलों से इस समय प्रदेश के सबसे बड़े लोकतांत्रिक पर्व यानी पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को लेकर एक बेहद सनसनीखेज और बड़ी खबर सामने आ रही है। राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission Rajasthan) द्वारा आज किसी भी समय पंचायती राज चुनावों के आधिकारिक कार्यक्रम और तारीखों का ऐलान किया जा सकता है, जिसके बाद दोपहर के वक्त ही पूरे राज्य में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) को सख्ती से लागू कर दिया जाएगा। इस चुनाव के मैदान में प्रदेश के कुल 4.03 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करके यह तय करेंगे कि उनके गांवों की सरकार (Gaon Ki Sarkar) की कमान किस जनप्रतिनिधि के हाथों में सौंपी जाएगी। उत्तर प्रदेश से लेकर राजस्थान तक राजनीतिक दलों और ग्रामीण विकास की योजनाओं पर नजर रखने वाले विश्लेषकों का यह मानना है कि यह चुनाव आगामी राजनीतिक समीकरणों की दिशा तय करने में सबसे अहम भूमिका निभाने वाला है। जैसे ही चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस और तारीखों की घोषणा की जाएगी, वैसे ही जिला परिषदों, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों के स्तर पर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच जाएगी, और गांवों की चौपालों से लेकर चाय की दुकानों तक केवल चुनावों की ही चर्चाएं गूंजने लगेंगी।राजस्थान में पंचायती राज चुनावों का बिगुल और 4.03 करोड़ मतदाताओं की विशाल ताकतप्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस बार राजस्थान के इन बहुप्रतीक्षित पंचायती राज चुनावों में 4.03 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, जिनमें महिला मतदाताओं की संख्या भी एक निर्णायक भूमिका निभाने जा रही है। निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली जा चुकी हैं, और सुरक्षा तथा निष्पक्षता के पुख्ता इंतजाम करने के लिए प्रशासनिक अमले को पूरी तरह से मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। गांवों के विकास कार्यों, मनरेगा, सड़क, पानी, बिजली और शिक्षा जैसे जमीनी मुद्दों को लेकर ग्रामीण जनता इस चुनाव में अपने प्रतिनिधियों का मूल्यांकन करेगी। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों की तर्ज पर ही राजस्थान के गांवों में भी ग्राम पंचायत और प्रधान पद का चुनाव प्रतिष्ठा का प्रश्न बन जाता है, जहां हर एक प्रत्याशी अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक देता है। मतदाताओं की यह विशाल संख्या यह साबित करती है कि भारत के लोकतंत्र की असली ताकत गांवों की मिट्टी में ही बसती है, और जब जनता अपने वोट की चोट करती है, तो बड़े-बड़े सियासी दिग्गजों के समीकरण हिल जाते हैं।दोपहर बाद लागू होगी आदर्श आचार संहिता, प्रशासनिक मशीनरी और राजनीतिक दलों पर कसेगा शिकंजाचुनाव आयोग की घोषणा के साथ ही आज दोपहर के बाद पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी, जिसका मतलब यह होगा कि अब सरकारी स्तर पर किसी भी नई लोकलुभावन घोषणा या उद्घाटन का कार्य नहीं किया जा सकेगा। आचार संहिता लागू होने के बाद राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को चुनाव आयोग द्वारा तय किए गए कड़े नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा, जिसमें रैलियों, विज्ञापनों और खर्च की सीमाओं पर कड़ी नजर रखी जाएगी। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को यह स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना किसी राजनीतिक दबाव के निष्पक्ष तरीके से आचार संहिता का पालन करवाएं और अवैध शराब, नकदी या मतदाताओं को प्रभावित करने वाले उपहारों के वितरण पर पूरी तरह से रोक लगाएं। राजस्थान के सभी जिलों के जिला कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी अपनी-अपनी टीमों के साथ चुनावी मोड में आ चुके हैं, और मतदान केंद्रों के भौतिक सत्यापन तथा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया जा रहा है।'गांव की सरकार' चुनने के लिए प्रत्याशियों में मची होड़, राजनीतिक दलों ने भी झोंकी पूरी ताकतपंचायती राज संस्थाओं के इन चुनावों में केवल स्थानीय चेहरे ही नहीं, बल्कि प्रदेश की मुख्य राजनीतिक पार्टियां यानी कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी अपने समर्थित उम्मीदवारों के जरिए अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की फिराक में हैं। हालांकि ये चुनाव दलीय आधार पर नहीं होते हैं, फिर भी राजनीतिक दल अंदरखाने अपने समर्थित पैनलों को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक देते हैं ताकि आगामी विधानसभा या लोकसभा चुनावों से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी राजनीतिक जमीन को और अधिक पुख्ता किया जा सके। गांवों के युवा, महिलाएं और बुजुर्ग इस बात को लेकर बेहद उत्साहित हैं कि वे अपने क्षेत्र के विकास की बागडोर ऐसे व्यक्ति के हाथ में सौंपे जो उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कर सके। सोशल मीडिया और नुक्कड़ सभाओं के जरिए प्रचार-प्रसार का दौर आज दोपहर के बाद से ही बहुत तेजी से रफ्तार पकड़ लेगा।निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराना निर्वाचन आयोग की सबसे बड़ी प्राथमिकतासंक्षेप में कहें तो राजस्थान में पंचायती राज चुनावों का यह शंखनाद लोकतंत्र के महापर्व की तरह है, जहां हर एक ग्रामीण नागरिक को अपनी सरकार खुद चुनने का सुनहरा अवसर मिलता है। आचार संहिता के दायरे में रहकर शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान संपन्न कराना ही इस समय निर्वाचन आयोग और प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
ना टॉस पर हाथ मिले, ना मैच के बाद...भारत-PAK के बीच क्रिकेट में दूरी कायम
एशियन गेम्स में भारत-पाकिस्तान की क्रिकेट मैच में नो हैंडशेक देखने को मिला. निशिन में पुरुष क्रिकेट फाइनल से पहले कप्तान श्रेयस अय्यर और साहिबजादा फरहान ने टॉस की औपचारिकताएं पूरी कीं, लेकिन हाथ नहीं मिलाया. मैच खत्म होने के बाद ही दोनों टीमों के बीच कोई हैंडशेक नहीं हआ. टेबल टेनिस, स्क्वैश, हॉकी और वॉलीबॉल में दोनों देशों के खिलाड़ियों ने खेल भावना और आपसी सम्मान की मिसाल पेश की.
कभी तिलक, कभी सिंदूर... भारत की जीत के बाद पाकिस्तानी टीम पर ऐसे बने मीम्स
एशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 19 रन से हराकर लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीता. अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा की तूफानी पारियों के दम पर भारत ने 211 रन बनाए, जिसके जवाब में पाकिस्तान की टीम 192/6 रन ही बना सकी. जीत के बाद सोशल मीडिया पर भारत-पाकिस्तान फाइनल से जुड़े मीम्स और प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई.
सीकर के पलसाना में भीषण आग का तांडव: बस निर्माण फैक्ट्री जलकर हुई खाक
राजस्थान के सीकर (Sikar District) जिले के पलसाना क्षेत्र से एक बहुत बड़ी और दिल दहला देने वाली दुर्घटना सामने आ रही है, जिसने पूरे औद्योगिक इलाके में सनसनी फैला दी है। सीकर जिले के पलसाना कस्बे में स्थित एक बड़ी बस निर्माण फैक्ट्री (Bus Manufacturing Factory) में अचानक बीती रात या अलसुबह भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें इतनी तेज और ऊंची थीं कि दूर-दूर तक आसमान में काले धुएं का गुबार साफ देखा जा रहा था। इस दर्दनाक अग्निकांड में फैक्ट्री के भीतर खड़ी कई चकाचक और नई बसें जलकर पूरी तरह से खाक हो चुकी हैं और अब वे केवल लोहे के कबाड़ के ढेर में तब्दील हो चुकी हैं। उत्तर प्रदेश से लेकर राजस्थान तक इस बड़ी औद्योगिक दुर्घटना की चर्चा जोरों पर है, क्योंकि एक साथ इतनी सारी तैयार हो रही बसों का जल जाना फैक्ट्री मालिक और वहां काम करने वाले कामगारों के लिए एक बहुत बड़ा वित्तीय और मानसिक आघात है। जैसे ही फैक्ट्री से आग की भयंकर लपटें उठती हुई दिखाई दीं, स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और दमकल विभाग को दी, जिसके बाद हड़कंप मच गया।कैसे फैली पलसाना की बस फैक्ट्री में आग और मची अफरा-तफरी का खौफनाक मंजरप्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के अनुसार, आग लगने की शुरुआत फैक्ट्री के उस हिस्से से हुई जहां बसों के इंटीरियर, फाइबर पार्ट्स, पेंट और ज्वलनशील सामग्री का भारी स्टॉक रखा हुआ था। शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य तकनीकी कारण से उठी चिंगारी ने पलक झपकते ही भीषण आग का रूप ले लिया और सूखी सामग्री के कारण लपटें तेजी से फैलने लगीं। फैक्ट्री के अंदर उस वक्त यदि कोई कामगार मौजूद था या नहीं, इस बात की जांच की जा रही है, लेकिन आग की भयानकता इतनी अधिक थी कि किसी को भी संभलने का मौका तक नहीं मिला। आग की भयंकर गर्मी और धमाकों की आवाजें सुनकर आसपास के रिहायशी इलाकों में भी भारी डर का माहौल पैदा हो गया, और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों ने अपने स्तर पर पानी की बाल्टी फेंककर आग बुझाने की असफल कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेजी से बढ़ रही थी कि कोई भी उसके पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।खाटूश्यामजी और आसपास के इलाकों से बुलाई गईं दमकल गाड़ियां, घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबूघटना की गंभीरता को देखते हुए पलसाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और सुरक्षा की दृष्टि से आसपास के इलाके को पूरी तरह से सील कर दिया ताकि कोई बड़ा हादसा न हो सके। आग की विकरालता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तुरंत एक्शन लेते हुए प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी (Khatushyamji) और नीमकाथाना तथा सीकर से दमकल गाड़ियों (Fire Tenders) को तुरंत मौके के लिए रवाना किया। दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर पानी का छिड़काव शुरू किया, लेकिन आग इतनी जबरदस्त थी कि उस पर पूरी तरह से काबू पाने के लिए दमकल कर्मियों को कई घंटों की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पानी की लगातार बौछार करने के बाद जब आग की लपटें शांत हुईं, तब जाकर राहत दल ने राहत की सांस ली। इस दौरान फैक्ट्री के अंदर का करोड़ों रुपये का कीमती सामान, मशीनरी और तैयार हो रही लग्जरी बसें पूरी तरह से जलकर नष्ट हो चुकी थीं, और मौके पर केवल राख का ढेर बचा हुआ था।फैक्ट्री मालिक को हुआ करोड़ों का भारी नुकसान, सुरक्षा मानकों पर उठ रहे बड़े सवालप्रारंभिक आकलन के अनुसार, इस भीषण अग्निकांड में बस निर्माण फैक्ट्री के मालिक को करोड़ों रुपये की भारी-भरकम आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है, क्योंकि कई बसें डिलीवरी के लिए बिल्कुल तैयार खड़ी थीं। इस प्रकार की औद्योगिक दुर्घटनाएं अक्सर कारखानों में अग्नि सुरक्षा मानकों (Fire Safety Norms) की अनदेखी और शॉर्ट सर्किट जैसी लापरवाही के कारण घटित होती हैं। श्रम विभाग और जिला प्रशासन ने इस मामले की गहन जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि फैक्ट्री के भीतर अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguishers) और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे या नहीं। उत्तर प्रदेश और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के उद्यमियों के लिए भी यह घटना एक बड़ी चेतावनी है कि उन्हें अपनी फैक्ट्रियों में सुरक्षा उपकरणों को लेकर किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतनी चाहिए।पलसाना प्रशासन की सतर्कता और भविष्य के लिए सबकसंक्षेप में कहें तो सीकर के पलसाना में हुई यह दुर्घटना औद्योगिक सुरक्षा के मामले में एक आंख खोल देने वाला वाकया है। समय रहते दमकल गाड़ियों के पहुंच जाने से आग आसपास की अन्य इमारतों तक नहीं फैल सकी, वरना जान-माल का नुकसान और भी बहुत ज्यादा हो सकता था। इस दुखद हादसे के बाद प्रशासन और फैक्ट्री संचालकों को मिलकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने होंगे ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
UP crime crackdown: गैंगस्टर एक्ट में 15,233 करोड़ की संपत्ति जब्त, 995 पर NSA, 303 अपराधी ढेर
उत्तर प्रदेश में पिछले साढ़े नौ वर्षों में हज़ारों गिरफ्तारियां हुई हैं और बड़ी संख्या में पुलिस मुठभेड़ें हुई हैं। इस दौरान पुलिस मुठभेड़ों में 303 अपराधी मारे गए, जबकि 12,202 अपराधी घायल हुए। ये आंकड़े अलग-अलग कानूनों के तहत और संगठित अपराध के खिलाफ की गई कार्रवाई को भी दिखाते हैं। इनाम वाले 23,601 वॉन्टेड अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 87,835 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। गैंगस्टर एक्ट के तहत 15,233 करोड़ रुपये से ज़्यादा की संपत्ति ज़ब्त की गई, जबकि 995 लोगों पर नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत मामला दर्ज किया गया। इसे भी पढ़ें: Asian Games Final में China के खिलाफ भारतीय टीम को कोच Sjoerd Marijne ने दी थी शेर जैसी एकाग्रता की सीख पुलिस एनकाउंटर और वॉन्टेड अपराधी आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में साढ़े नौ साल के दौरान पुलिस एनकाउंटर में 303 अपराधी मारे गए। ऐसे एनकाउंटर में 12,202 और अपराधी घायल हुए। पुलिस ने इसी दौरान इनाम वाले 23,601 वॉन्टेड अपराधियों को भी गिरफ्तार किया। इसे भी पढ़ें: UP Congress के Reshuffle पर OP Rajbhar का तंज, कहा- इस बदलाव से कोई फर्क नहीं पड़ेगा गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और संपत्ति ज़ब्ती आंकड़ों के मुताबिक, 87,835 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने इस दौरान गैंगस्टर एक्ट के तहत 15,233 करोड़ रुपये से ज़्यादा की संपत्ति भी ज़ब्त की। माफिया और गैंग के खिलाफ कार्रवाई इन आंकड़ों में पहचाने गए माफिया और गैंग से जुड़े मामले भी शामिल हैं। 68 पहचाने गए माफिया और गैंग के खिलाफ कुल 909 मामले दर्ज किए गए, जबकि इनसे जुड़े 651 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसे भी पढ़ें: Yes Milord: नॉनसेंस! पूरी UP पुलिस को खत्म कर दें...अचानक क्यों इतना भड़का सुप्रीम कोर्ट, समझिए NSA मामले और साइबर क्राइम के खिलाफ कार्रवाई आंकड़ों के मुताबिक, 995 लोगों के खिलाफ नेशनल सिक्योरिटी एक्ट का इस्तेमाल किया गया। साइबर क्राइम के मोर्चे पर, साइबर क्राइम के खिलाफ कार्रवाई के तहत 874.58 करोड़ रुपये से ज़्यादा की रकम फ्रीज़ या होल्ड पर रखी गई। आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि साइबर क्राइम के खिलाफ कार्रवाई में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा। इसे भी पढ़ें: पायलट पर भड़के ट्रंप-नेतन्याहू..मुस्लिम देश को 'उड़ाने' का किया ऐलान! UP में साइबर क्राइम के खिलाफ हालिया कार्रवाई ये ताज़ा आंकड़े राज्य में साइबर क्राइम के खिलाफ लगातार हो रही कार्रवाई के साथ सामने आए हैं। 23 सितंबर को, हमीरपुर के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने फर्जी KYC और सिम कार्ड रैकेट के एक कथित मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया। पुलिस ने साइबर फ्रॉड के मामलों में गंवाए गए पैसे को वापस पाने की हालिया कोशिशों की भी जानकारी दी है।
नवजोत सिंह सिद्धू के घर गूंजी किलकारियां: दादा बने पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष
पंजाब की राजनीति और खेल के मैदान में अपने आक्रामक तेवर, बेबाक अंदाज और शानदार कमेंट्री के लिए पूरी दुनिया में एक अलग पहचान रखने वाले कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) के परिवार से इस समय एक बेहद खुशी और उत्साह से भरी हुई बड़ी खबर सामने आ रही है। सिद्धू परिवार में एक नन्हीं परी का आगमन हुआ है, जिसके बाद से पूरे घर में जश्न का माहौल है और नवजोत सिंह सिद्धू आधिकारिक रूप से दादा (Grandfather) बन चुके हैं। घर में आई इस छोटी सी मेहमान का स्वागत पूरे परिवार ने बेहद धूमधाम और पारंपरिक तरीके से किया है, और परिवार वालों ने उसका बहुत ही प्यारा नाम 'आर्या सिद्धू' (Aarya Sidhu) रखा है। उत्तर प्रदेश से लेकर पंजाब और देश के विभिन्न हिस्सों से राजनीतिक दिग्गजों, खेल जगत की मशहूर हस्तियों और उनके चाहने वालों द्वारा लगातार नवजोत सिंह सिद्धू और उनके पूरे परिवार को बधाइयां भेजने का सिलसिला शुरू हो चुका है। पटियाला स्थित उनके आवास पर इस शुभ समाचार के मिलने के बाद से ही मिठाइयां बांटी जा रही हैं और बधाई देने वाले मेहमानों का तांता लगा हुआ है। अपनी तेज-तर्रार राजनीतिक बहसों और मंचों पर शायरी के लिए मशहूर सिद्धू साहब के जीवन में इस नन्हीं परी के आने से एक नया और खुशनुमा अध्याय जुड़ गया है, जिसे उन्होंने खुद सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से अपने प्रशंसकों के साथ साझा किया है।नवजोत सिंह सिद्धू के घर आई नन्हीं परी और परिवार में छाया खुशियों का माहौलकिसी भी परिवार के लिए एक नए बच्चे का जन्म दुनिया की सबसे बड़ी और अनमोल खुशी लेकर आता है, और नवजोत सिंह सिद्धू के घर में तो इस समय खुशियों का ठिकाना नहीं है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जैसे ही यह खबर फैली कि नवजोत सिंह सिद्धू दादा बन गए हैं, उनके लाखों फैंस और शुभचिंतकों ने इंटरनेट पर बधाइयों का तांता लगा दिया। परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह से स्वस्थ और सुरक्षित हैं, जिसके बाद अस्पताल से लेकर घर तक सभी ने राहत की सांस ली है। नवजोत सिंह सिद्धू, जो हमेशा अपनी ऊर्जावान और जोशीली शैली के लिए जाने जाते हैं, अपनी पोती के आगमन से बेहद भावुक और आनंदित नजर आ रहे हैं। उनके चेहरे की वह खुशी साफ झलक रही है जो एक दादा बनने के बाद हर बुजुर्ग के चेहरे पर होती है। उत्तर प्रदेश और देश भर के उनके राजनीतिक सहयोगियों ने भी फोन और सोशल मीडिया के जरिए उन्हें इस नए मेहमान के आने पर शुभकामनाएं प्रेषित की हैं, जिससे यह साबित होता है कि राजनीतिक मतभेदों से परे व्यक्तिगत रिश्तों और खुशियों का यह पल कितना महत्वपूर्ण होता है।लाडली पोती का नाम रखा गया 'आर्या सिद्धू', परिवार ने शेयर की खुशी की यह खास बातजब घर में किसी नए सदस्य का आगमन होता है, तो उसका नामकरण संस्कार परिवार के लिए सबसे बड़ा और खास मौका होता है। सिद्धू परिवार ने बहुत ही विचार-विमर्श के बाद अपनी इस लाडली पोती का नाम 'आर्या सिद्धू' (Aarya Sidhu) तय किया है, जो सुनने में बेहद सुंदर और आधुनिक होने के साथ-साथ पारंपरिक सांस्कृतिक महत्व को भी समेटे हुए है। घर के बड़े-बुजुर्गों और माता-पिता के चेहरों पर इस नाम के रखे जाने के बाद एक अलग ही संतोष और प्रसन्नता दिखाई दे रही है। पंजाब की संस्कृति में परिवार के नए सदस्यों का स्वागत जिस गर्मजोशी और उल्लास के साथ किया जाता है, पटियाला स्थित सिद्धू निवास पर इन दिनों बिल्कुल वैसा ही नजारा देखने को मिल रहा है। ढोल-नगाड़ों की थाप और पारंपरिक गीतों के बीच इस नन्हीं परी का स्वागत किया गया है, और घर के हर कोने को सजाया गया है। राजनीतिक गलियारों में हमेशा गंभीर मुद्दों और चुनावी रणनीतियों पर चर्चा करने वाले नवजोत सिंह सिद्धू अब अपना अधिकांश समय अपनी इस पोती के साथ बिता रहे हैं, जो उनके स्वभाव के एक अलग और कोमल पहलू को दुनिया के सामने लेकर आया है।सोशल मीडिया पर छाई बधाईयों की बाढ़, राजनीति और खेल जगत के दिग्गजों ने दी शुभकामनाएंनवजोत सिंह सिद्धू के दादा बनने की इस खबर ने सोशल मीडिया पर आते ही तहलका मचा दिया और यह देखते ही देखते ट्रेंडिंग टॉपिक्स में शामिल हो गई। क्रिकेट जगत के उनके पुराने साथियों, आईपीएल के कमेंटेटर्स और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने ट्वीट करके नवजोत सिंह सिद्धू और उनके पूरे परिवार को बधाई दी है। लोगों का यह कहना है कि जिस तरह से सिद्धू ने अपने जीवन में हर मोर्चे पर संघर्ष और सफलता का स्वाद चखा है, अब उनकी जिंदगी में इस नई परी का आना उनके लिए एक बहुत बड़ा वरदान साबित होगा। उत्तर प्रदेश के भी कई राजनीतिक प्रेमियों और सोशल मीडिया यूजर्स ने इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए नवजोत सिंह सिद्धू को शुभकामनाएं दी हैं और आर्या सिद्धू के उज्जवल भविष्य की कामना की है। इस तरह के पारिवारिक और निजी सुखद पल राजनीति की कड़वाहट और तनाव को कुछ समय के लिए पूरी तरह से भुलाकर समाज में सकारात्मकता फैलाने का काम करते हैं।सिद्धू परिवार के इस नए सफर की शुरुआत और चाहने वालों की शुभकामनाएंसंक्षेप में कहें तो नवजोत सिंह सिद्धू के घर आई यह नन्हीं परी केवल एक परिवार की खुशी नहीं है, बल्कि उनके तमाम चाहने वालों के लिए भी जश्न मनाने का एक बेहतरीन मौका है। 'आर्या सिद्धू' के इस दुनिया में कदम रखने के साथ ही सिद्धू परिवार में खुशियों का एक नया सूरज उगा है, और हम सब भी इस छोटी सी बच्ची के स्वस्थ, सुखी और उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं।
बचाव करना नामुमकिन था, AAP छोड़ Congress में शामिल हुईं Priyanka Kakkar
प्रियंका कक्कड़ ने शनिवार को आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। उन्होंने कहा कि वह अपनी पुरानी पार्टी के उन कामों का अब और बचाव नहीं कर सकतीं, जिन्हें उन्होंने बचाव के लायक न होने वाला बताया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि वह दिल्ली को हरा-भरा, साफ़-सुथरा, प्रगतिशील और सुरक्षित देखना चाहती हैं, ठीक वैसी ही दिल्ली जैसा वह शहर था जिसमें वह पली-बढ़ी थीं। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu Politics | विपक्ष के निशाने पर मुख्यमंत्री विजय, स्टालिन का तंज- भाजपा से क्यों डरते हैं टीवीके प्रमुख, मुख्यमंत्री की तरह आचरण करें प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि मुझे वही दिल्ली वापस चाहिए जिसमें मैं बड़ी हुई—एक ऐसी हरी-भरी, साफ़-सुथरी, प्रगतिशील और सुरक्षित दिल्ली जो मेरे पालन-पोषण का हिस्सा थी। भारतीय राजनीति में एक दशक से ज़्यादा के अनुभव के बाद, मेरा सचमुच मानना है कि सिर्फ़ कांग्रेस ही ऐसा कर सकती है। कक्कड़ ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की भी तारीफ़ की और कहा कि वह उन्हें एक सच्चे नेता मानती हैं जो अपनी बात कहने से नहीं डरते। उन्होंने कहा कि मैंने यह भी देखा है कि अगर आज हमारे देश की राजनीति में कोई नेता सचमुच सच्चा है और सच्चाई को बढ़ावा देने से नहीं डरता, तो वह राहुल गांधी हैं। वह आज ऐसे इकलौते नेता हैं जिन्होंने कैमरे के सामने कभी आँसू नहीं बहाए और उन्हें नीचा दिखाने या अपमानित करने के लिए पूरी मशीनरी लगाए जाने के बावजूद मज़बूती से डटे रहे। AAP छोड़ने के अपने फ़ैसले के बारे में बताते हुए, कक्कड़ ने आरोप लगाया कि समय के साथ पार्टी का रवैया बदल गया है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में पार्टी ने समझदार और समर्पित लोगों को आकर्षित किया था, लेकिन बाद में उन्हें बनाए रखने में उसे मुश्किल हुई। इसे भी पढ़ें: ममता बनर्जी की 2021 की चोट फर्जी थी, साबित करने के लिए मेडिकल सबूत मौजूद: Suvendu Adhikari उन्होंने कहा कि मैं यह बात अपने निजी अनुभव के आधार पर कह रही हूँ। मैंने AAP इसलिए छोड़ी क्योंकि वे पहले दिखाते थे कि वे बंगले वगैरह नहीं लेंगे, लेकिन बाद में वे प्राइवेट हेलीकॉप्टर में सफ़र करने लगे। मैं ऐसी चीज़ों का बचाव नहीं कर सकती थी जिनका बचाव करना मुमकिन ही नहीं था। कक्कड़ ने यह भी आरोप लगाया कि जिन नेताओं ने राजस्थान में बूथ-स्तर पर अच्छा काम नहीं किया था, उन्हें बाद में पंजाब में पद और दूसरी सुविधाएं दी गईं। उन्होंने पूछा कि मैं कब तक ऐसी चीज़ों का बचाव करती रहूँगी जिनका बचाव करना मुमकिन नहीं है? उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की आलोचना का भी ज़िक्र किया और वोटिंग के अधिकारों तथा चुनावी संस्थाओं के कामकाज को लेकर चिंता जताई।क्कड़ ने कहा कि उनका मानना है कि इन मुद्दों को जनता के सामने लाया जाना चाहिए।
परगट सिंह के पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनने से क्या थमेगी पार्टी की अंदरूनी कलह
पंजाब की राजनीति और वहां के सियासी गलियारों में इन दिनों उठापटक का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है, और कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही सांगठनिक उथल-पुथल ने एक बार फिर से राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। हाल ही में जब यह चर्चाएं जोर पकड़ने लगीं कि तेज-तर्रार और बेबाक छवि वाले नेता परगट सिंह (Pargat Singh) को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) की कमान सौंपी जा सकती है या उन्हें पार्टी में कोई बड़ी भूमिका मिल सकती है, तो इससे गुटबाजी के खत्म होने की उम्मीदें जताई जाने लगी थीं। लेकिन इसी बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग (Amarinder Singh Raja Warring) के हालिया बयानों ने इन अटकलों पर पानी फेर दिया है और यह साफ कर दिया है कि पंजाब कांग्रेस के भीतर गुटबाजी और आपसी खींचतान की आग अभी भी ठंडी नहीं हुई है। उत्तर प्रदेश से लेकर पंजाब तक राजनीतिक पंडितों का यह मानना है कि जब तक पार्टी के सभी बड़े नेता अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को छोड़कर एकजुट होकर काम नहीं करेंगे, तब तक नेतृत्व परिवर्तन से भी जमीनी स्तर पर बहुत बड़ा बदलाव आना मुश्किल नजर आता है। परगट सिंह के तेवरों और राजा वडिंग के बयानों के बीच छिड़ी इस आंतरिक जंग ने कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के लिए भी एक बड़ी सिरदर्दी पैदा कर दी है, क्योंकि आगामी चुनावी चुनौतियों का सामना करने के लिए पार्टी को सबसे पहले अपने घर को ही व्यवस्थित करना होगा।क्या परगट सिंह के नेतृत्व में एकजुट हो पाएगी पंजाब कांग्रेस या गुटबाजी बनेगी सबसे बड़ी बाधा?परगट सिंह को हमेशा से ही एक ऐसे जुझारू और स्पष्टवादी नेता के रूप में जाना जाता है जो बिना किसी डर के जनहित के मुद्दों को उठाते हैं और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करने से कभी पीछे नहीं हटते। जब उनके नाम की चर्चा पंजाब कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के लिए सामने आई, तो पार्टी के कई युवा कार्यकर्ताओं और जमीनी कैडर में यह उम्मीद जगी थी कि शायद अब पार्टी एक नई और मजबूत दिशा में आगे बढ़ेगी। हालांकि, राजनीति में केवल एक अच्छे चेहरे का सामने आ जाना ही काफी नहीं होता, बल्कि पार्टी के भीतर मौजूद विभिन्न क्षत्रपों और गुटों को साथ लेकर चलना सबसे बड़ी चुनौती साबित होता है। पंजाब कांग्रेस लंबे समय से अलग-अलग धड़ों में बंटी रही है, जहां हर एक नेता अपने समर्थकों को आगे बढ़ाने और अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की होड़ में लगा रहता है। परगट सिंह के अध्यक्ष बनने की संभावनाओं या चर्चाओं के बीच जिस तरह से अंदरूनी खींचतान सतह पर आ रही है, उससे यह साफ झलकता है कि पार्टी के भीतर एकता स्थापित करना लोहे के चने चबाने जैसा कठिन काम होगा।राजा वडिंग के बयानों से गरमाई सियासत, क्या अंदरखाने अभी भी जारी है वर्चस्व की लड़ाई?अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के ताजा बयानों ने कांग्रेस पार्टी की इस आंतरिक कलह को एक बार फिर से मीडिया की सुर्खियों में ला दिया है, जिससे यह संदेश गया है कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का यह विश्लेषण है कि राजा वडिंग के तेवर और उनके बयानों के निहितार्थ यह बताते हैं कि संगठन में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर नेताओं के बीच आम सहमति का अभाव है। जब पार्टी के शीर्ष स्तर पर ही इस प्रकार के मतभेद खुलकर सामने आने लगते हैं, तो उसका सीधा असर बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के मनोबल पर पड़ता है। उत्तर प्रदेश के राजनीतिक घटनाक्रमों की तरह ही पंजाब की सियासत में भी जातिगत समीकरणों और व्यक्तिगत प्रभाव का एक अलग ही खेल चलता है, जहां हर नेता अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार रहता है। राजा वडिंग का यह रुख इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि परगट सिंह के आने से भी गुटबाजी रातों-रात खत्म नहीं होने वाली है, बल्कि इसके लिए एक लंबी और कड़ी राजनीतिक कसरत की आवश्यकता होगी।कांग्रेस हाईकमान के सामने पंजाब को बचाने की बड़ी चुनौती और आगामी चुनावी रणनीतियांआगामी विधानसभा या लोकसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस पार्टी के लिए पंजाब एक बेहद महत्वपूर्ण राज्य रहा है, जहां पार्टी अपनी खोई हुई सियासी जमीन को वापस पाने के लिए बेताब है। लेकिन जब तक पार्टी के नेता आपस में ही एक-दूसरे की टांग खींचने में व्यस्त रहेंगे, तब तक वे सत्ताधारी दल या अन्य मजबूत विपक्षी दलों का मुकाबला कैसे कर पाएंगे। कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व इस बात से अच्छी तरह वाकिफ है कि पंजाब में यदि समय रहते इस आंतरिक कलह को नहीं सुलझाया गया, तो पार्टी का जनाधार और अधिक तेजी से खिसक सकता है। यही कारण है कि हाईकमान फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है और किसी भी ऐसे फैसले से बचने की कोशिश कर रहा है जिससे पार्टी के भीतर बगावत के सुर और अधिक तेज हो जाएं। परगट सिंह और राजा वडिंग जैसे नेताओं के बीच सामंजस्य बिठाना अब केंद्रीय पर्यवेक्षकों के लिए सबसे बड़ी परीक्षा बन चुका है।पंजाब की राजनीति का भविष्य और सांगठनिक सुधार की सख्त जरूरतसंक्षेप में कहें तो परगट सिंह के अध्यक्ष बनने या न बनने से ज्यादा महत्वपूर्ण यह सवाल है कि क्या पंजाब कांग्रेस कभी गुटबाजी के दलदल से बाहर निकल पाएगी या नहीं। राजा वडिंग के बयानों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी के भीतर अभी भी अविश्वास और आपसी प्रतिस्पर्धा की गहरी खाई मौजूद है, जिसे पाटने के लिए बहुत बड़े राजनीतिक सुधारों की जरूरत है।

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