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पीरियड्स में कभी पेट खराब तो कभी कब्ज की आफत? जानिए शरीर में होने वाले इस हार्मोनल रोलरकोस्टर का पूरा विज्ञान

महीने के वो चार-पांच दिन केवल मूड स्विंग्स, बदन दर्द और पेट की ऐंठन तक ही सीमित नहीं रहते, बल्कि कई महिलाओं के लिए यह दौर पेट और पाचन तंत्र की एक अजीबोगरीब जंग बन जाता है। कभी अचानक बार-बार वॉशरूम की तरफ भागना पड़ता है और लूज मोशन की समस्या हो जाती है, तो कभी पेट इतना ज्यादा सख्त और भारी हो जाता है कि गंभीर कब्ज यानी कॉन्स्टिपेशन का सामना करना पड़ता है। अक्सर महिलाएं इसे सामान्य पेट की खराबी समझकर दवाएं खाने लगती हैं या खान-पान की गलती मान लेती हैं, लेकिन मेडिकल साइंस और गायनेकोलॉजी के अनुसार यह कोई आकस्मिक बीमारी नहीं बल्कि शरीर के भीतर होने वाला एक जटिल हार्मोनल खेल है। मासिक धर्म के चक्र के साथ हमारी आंतों का तालमेल बेहद संवेदनशील होता है। गर्भाशय और पाचन तंत्र शरीर में एक-दूसरे के बेहद करीब स्थित होते हैं और जब गर्भाशय में बदलाव होते हैं, तो उसका सीधा असर हमारी आंतों की मांसपेशियों और मल त्याग की प्रक्रिया पर पड़ता है। इस समस्या को साइंटिफिक कम्युनिटी में 'पीरियड पूप' या मेंस्ट्रुअल गट डिस्टर्बेंस कहा जाता है, जिसे समझने के लिए शरीर में होने वाले रासायनिक बदलावों की गहराई में जाना जरूरी है।लूज मोशन का सबसे बड़ा गुनहगार: प्रोस्टाग्लैंडिंस हार्मोन का अति-स्रावपीरियड्स शुरू होते ही अचानक लूज मोशन और बार-बार दस्त लगने की सबसे मुख्य वजह 'प्रोस्टाग्लैंडिंस' (Prostaglandins) नामक लिपिड कंपाउंड्स होते हैं। जब शरीर को गर्भधारण न होने का संकेत मिलता है, तो गर्भाशय की अंदरूनी परत यानी एंडोमेट्रियम को टूटना होता है। इस परत को शरीर से बाहर निकालने के लिए गर्भाशय को सिकुड़ना पड़ता है और इसी संकुचन को ट्रिगर करने के लिए प्रोस्टाग्लैंडिंस बड़ी मात्रा में रिलीज होते हैं। जब ये केमिकल्स गर्भाशय की मांसपेशियों को दबाते हैं, तो शरीर में अत्यधिक मात्रा में बने प्रोस्टाग्लैंडिंस रक्त प्रवाह के जरिए पास मौजूद आंतों (Intestines) तक पहुंच जाते हैं। आंतों की चिकनी मांसपेशियों पर इनका असर ठीक गर्भाशय जैसा ही होता है—ये आंतों को भी तेजी से सिकोड़ने लगते हैं। इसके परिणामस्वरूप आंतों की गतिशीलता यानी पेरिस्टालसिस असामान्य रूप से तेज हो जाती है, जिससे भोजन और अपशिष्ट पदार्थ बिना पानी सोखे बहुत तेजी से मलाशय की ओर बढ़ने लगते हैं। यही कारण है कि पीरियड्स के पहले या दूसरे दिन महिलाओं को तेज मरोड़ के साथ पतला दस्त या लूज मोशन झेलना पड़ता है।पीरियड्स से ठीक पहले कब्ज और भारीपन क्यों घेरता है: प्रोजेस्टेरोन का धीमा असरपीरियड्स शुरू होने से कुछ दिन पहले की कहानी एकदम उलट होती है और उस समय लूज मोशन नहीं बल्कि असहनीय कब्ज, पेट फूलना और गैस की समस्या सताती है। इसका मुख्य कारण 'प्रोजेस्टेरोन' (Progesterone) हार्मोन का बढ़ा हुआ स्तर है। ओव्यूलेशन के बाद शरीर संभावित प्रेग्नेंसी की तैयारी करता है, जिसके चलते ल्यूटियल फेज में प्रोजेस्टेरोन का लेवल अपने चरम पर पहुंच जाता है। प्रोजेस्टेरोन का मूल स्वभाव मांसपेशियों को शिथिल यानी रिलैक्स करना होता है। यह हार्मोन न केवल गर्भाशय की दीवारों को शांत रखता है बल्कि आंतों की मांसपेशियों की गति को भी बेहद सुस्त कर देता है। जब आंतें धीमी गति से काम करती हैं, तो खाया हुआ खाना और मल आंतों में सामान्य से अधिक समय तक रुका रहता है। इस दौरान बड़ी आंत उस अपशिष्ट से बहुत अधिक पानी सोख लेती है, जिससे मल कड़ा और सूखा हो जाता है। यही वजह है कि डेट आने से 3 से 4 दिन पहले महिलाओं को मल त्याग करने में काफी जोर लगाना पड़ता है, पेट में गैस भर जाती है और भारी बेचैनी महसूस होती है।तनाव और आंतों का न्यूरोलॉजिकल कनेक्शन: गट-ब्रेन एक्सिस की भूमिकापाचन तंत्र में इस उतार-चढ़ाव का एक और महत्वपूर्ण पहलू हमारा दिमाग और तनाव का स्तर है, जिसे मेडिकल भाषा में गट-ब्रेन एक्सिस (Gut-Brain Axis) कहा जाता है। पीरियड्स से ठीक पहले और उस दौरान एस्ट्रोजन और सेरोटोनिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर के स्तर में भारी गिरावट आती है, जिसके कारण महिलाओं में चिड़चिड़ापन, एंग्जायटी और मूड स्विंग्स बढ़ जाते हैं। हमारा पाचन तंत्र शरीर का दूसरा दिमाग माना जाता है क्योंकि इसमें लाखों न्यूरॉन्स मौजूद होते हैं। जब महिला मानसिक तनाव या शारीरिक दर्द से गुजरती है, तो शरीर का ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम पाचन प्रक्रिया को असंतुलित कर देता है। जो महिलाएं पहले से ही इर्रिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) या एंडोमेट्रियोसिस जैसी समस्याओं से जूझ रही होती हैं, उनके लक्षण पीरियड्स के दिनों में दोगुने तीव्र हो जाते हैं। तनाव आंतों की संवेदनशीलता को इतना बढ़ा देता है कि मामूली गैस का बुलबुला भी असहनीय मरोड़ और दस्त का कारण बन सकता है।इस हार्मोनल रोलरकोस्टर से कैसे पाएं राहत: अपनाएं ये जरूरी सावधानियांमासिक धर्म के दौरान पाचन तंत्र को शांत और संतुलित रखने के लिए कुछ सामान्य लेकिन बेहद प्रभावी बदलाव किए जा सकते हैं।पीरियड्स से 3-4 दिन पहले जब कब्ज की आशंका ज्यादा हो, तब अपने भोजन में घुलनशील फाइबर जैसे ओट्स, पपीता, हरी पत्तेदार सब्जियां और अलसी के बीज शामिल करें ताकि मल कड़ा न हो।पीरियड्स शुरू होते ही जब लूज मोशन का खतरा हो, तो अत्यधिक तीखे, तले-भुने, जंक फूड और कैफीन यानी चाय-कॉफी से पूरी तरह परहेज करें क्योंकि कैफीन आंतों को और अधिक उत्तेजित करके दस्त को गंभीर बना सकता है।पर्याप्त मात्रा में हल्का गुनगुना पानी पिएं, नारियल पानी या छाछ लें ताकि इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन न बिगड़े और शरीर डिहाइड्रेशन से बचा रहे।पेट के निचले हिस्से पर गर्म पानी की थैली यानी हीटिंग पैड से सिकाई करने से गर्भाशय के साथ-साथ आंतों की मांसपेशियों की ऐंठन भी शांत होती है।यदि हर महीने लूज मोशन या कब्ज इतना गंभीर हो जाए कि कमजोरी, चक्कर आना या अत्यधिक खून की कमी महसूस होने लगे, तो इसे केवल सामान्य दर्द न मानकर तुरंत किसी अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए ताकि किसी आंतरिक समस्या का समय पर समाधान हो सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Oct 2026 9:37 pm

नवरात्रि में बिना किसी AI टूल या Prompt के खुद क्रिएट करें '90s Retro Look', इन आसान स्टेप्स के साथ दोबारा जीएं बॉलीवुड का वो सुनहरी दौर

जैसे ही नवरात्रि का त्योहार शुरू होता है, चारों तरफ ढोल-नगाड़ों की थाप और डांडिया की खनक गूंजने लगती है। गरबा नाइट्स पर हर कोई सबसे अलग, खूबसूरत और खास दिखना चाहता है। इस बार अगर आप भी वही घिसे-पिटे या हैवी मॉडर्न लुक्स से बोर हो चुके हैं, तो क्यों न 90 के दशक यानी '90s के उसी पुराने और एवरग्रीन बॉलीवुड रेट्रो लुक (90's Retro Look) को वापस लाया जाए? वह दौर जब सादगी और ड्रामे का एक बहुत ही खूबसूरत बैलेंस हुआ करता था। आजकल इंटरनेट पर AI टूल्स और प्रॉम्ट्स के जरिए विंटेज लुक्स बनाने का बहुत क्रेज है, लेकिन इस नवरात्रि आपको किसी डिजिटल फिल्टर या मशीन की जरूरत नहीं है। आप खुद अपने वॉर्डरोब की मदद से, मां के पुराने दुपट्टों और कुछ सिंपल मेकअप ट्रिक्स के जरिए असली और नेचुरल 90's का देसी रेट्रो लुक घर बैठे तैयार कर सकते हैं। माधुरी दीक्षित, करिश्मा कपूर और रवीना टंडन के उस एवरग्रीन स्टाइल को फिर से जीने का यह एक बेहतरीन मौका है, जिसे देखकर हर कोई आपकी तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाएगा।आउटफिट गाइड: 90 के दशक की वो वाइब्रेंट चनिया चोली और बांधनी का जादू'90s के ट्रेडिशनल गरबा लुक की सबसे बड़ी खासियत होती थी उसके चटकीले और जिंदादिल रंग। उस दौर में आज की तरह पेस्टल या म्यूटेड शेड्स का चलन नहीं था, बल्कि लोग लाल, मैरून, हरा, पीला और नीला जैसे वाइब्रेंट कलर्स पसंद करते थे।चनिया चोली (Chaniya Choli): रेट्रो लुक पाने के लिए सबसे पहले हैवी घेर वाला सूती (cotton) चनिया यानी घाघरा चुनें, जिस पर ट्रेडिशनल पैचवर्क, शीशे (mirror work) का काम या फिर जियोमेट्रिक पैटर्न्स बने हों। इस घाघरे के साथ बांधनी, लहरिया या फिर गुजरात का ब्लॉक प्रिंटेड बॉर्डर बहुत ही विंटेज वाइब देता है।ब्लाउज (Choli) और दुपट्टा: 90 के दशक में चोली की लंबाई थोड़ी छोटी होती थी और उस पर हैवी एम्ब्रॉयडरी या गोटा-पट्टी का काम होता था। अगर आपके पास पुराना गुजराती ब्लाउज है, तो उसे जरूर पहनें। इस पूरे लुक की जान होता है 'दुपट्टा'। इस लुक के लिए एक हैवी बांधनी या लहरिया का दुपट्टा लें।ड्रेपिंग स्टाइल: 90's के स्टाइल में दुपट्टे को सीधे तौर पर कंधे से लेते हुए सामने की तरफ फैलाकर (गुजराती स्टाइल या फिर एक तरफ से खुला छोड़कर) पिनअप किया जाता था। दुपट्टे को कमर के पास बांधना या फिर प्लेट्स बनाकर कंधे पर दबाना उस दौर की खास ड्रेपिंग थी। इसके साथ ही कमर पर एक प्यारा सा सूती या बीड्स वाला कमरबंद बांधना इस लुक में चार चांद लगा देगा।मेकअप गाइड: थिन ब्रोज, काजल और वो आइकोनिक मैट ब्राउन लिप्स90 के दशक का मेकअप आज के 'नो-मेकअप' या 'ग्लोई ग्लैम' से काफी अलग था। उस समय मैट फिनिश और बोल्ड फीचर्स को उभारने पर पूरा ध्यान दिया जाता था। इस नवरात्रि अपना 90's मेकअप करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें:मैट बेस: उस दौर में बहुत ज्यादा हाइलाइटर या ड्यूई फिनिश नहीं होती थी। इसलिए अपनी त्वचा को मॉइस्चराइज करने के बाद एक अच्छा मैट फाउंडेशन या कॉम्पैक्ट लगाएं ताकि गरबा खेलते समय पसीने से भी आपका मेकअप खराब न हो और पूरा मैट लुक आए।आइब्रो और आई मेकअप: 90 के दशक में आईब्रो बहुत ज्यादा थिक यानी घनी नहीं बनाई जाती थीं। अपनी आइब्रो को एक नेचुरल और थोड़ी पतली-धनुषाकार (thin-arched) शेप दें। आंखों पर बहुत ज्यादा कलर्स या शिमर लगाने की जगह केवल एक न्यूट्रल या ब्राउन शैडो लगाएं और पलकों के ऊपर और नीचे (waterline) पर गाढ़ा काजल (kohl) लगाएं। काजल को बाहर की तरफ हल्का सा स्मज यानी फैलाएं ताकि वो 'विंटेज स्मोकी' और गहरा दिखे। साथ ही भरपूर मस्कारा लगाएं।मैट लिपस्टिक और लिप लाइनर: यह इस पूरे लुक का सबसे जरूरी हिस्सा है। '90s के दौर में हर बॉलीवुड एक्ट्रेस डार्क ब्राउन, कॉफी, ईंट जैसे लाल (brick red) या मैरून शेड्स की लिपस्टिक लगाती थीं। सबसे खास बात यह थी कि लिपस्टिक लगाने से पहले होठों पर थोड़े गहरे रंग का लिप लाइनर (Lip Liner) लगाया जाता था, जो साफ दिखाई देता था। आप भी ब्राउन लिप लाइनर से होठों को आउटलाइन करें और फिर अंदर मैट ब्राउन या टेराकोटा लिपस्टिक भरें।बिंदी: माथे के बीचों-बीच एक गोल मरून या काली बिंदी, या फिर 90's की खास चंद्र-आकार (crescent/half-moon) वाली बिंदी लगाएं।एक्सेसरीज और हेयरस्टाइल: पफ, कर्ल्स और ऑक्सीडाइज्ड ज्वेलरी का परफेक्ट मेलकोई भी रेट्रो लुक बिना सही एक्सेसरीज और हेयर स्टाइल के अधूरा है। '90s के दौर में बालों को बहुत सलीके से लेकिन वॉल्यूम के साथ संवारा जाता था।हेयरस्टाइल (Hair): उस समय नेचुरल बाउंस और कर्ल्स का बहुत क्रेज था। आप अपने बालों को हल्का सा कर्ल या वेव कर लें। आगे के बालों को लेकर एक छोटा सा 'पफ' (Puff) बनाएं या फिर बीच से मांग निकालकर दोनों तरफ से बालों को पीछे की तरफ क्लिप कर लें, जिससे आपके बाल घने और खुले हुए लगें। आप चाहें तो बालों में एक छोटी सी 'क्लिप' या मां की पुरानी हेयर एक्सेसरीज लगा सकती हैं।ज्वेलरी (Accessories): नवरात्रि में ऑक्सीडाइज्ड सिल्वर (Oxidized Silver) ज्वेलरी से बेहतर कुछ नहीं हो सकता। 90 के दशक का फील लाने के लिए कानों में बड़े-बड़े झुमके (Jhumkas), गले में एक चोकर या हैवी पेंडेंट वाला हार और दोनों हाथों में रंग-बिरंगी कांच की चूड़ियों के साथ ऑक्सीडाइज्ड मेटल के कड़े पहनें। पैरों में भारी पायल और उंगलियों में बड़ी-बड़ी अंगूठियां पहनना न भूलें।इन आसान और पूरी तरह से पारंपरिक तरीकों को अपनाकर आप इस नवरात्रि न सिर्फ सबसे अनोखी और खूबसूरत दिखेंगी, बल्कि हर किसी को '90s के सुनहरे और रंगीन दिनों की याद दिला देंगी। तो बस, तैयार हो जाइए और डांडिया नाइट्स पर अपने इस असली रेट्रो लुक का जलवा बिखेरिए!अब बिना किसी डिजिटल मदद के, इस विंटेज नवरात्रि गाइड को फॉलो करें और देखें नीचे दी गई इमेज (image_0.png) में कैसे यह 90's का लुक गरबा नाइट्स पर कमाल का दिख रहा है:

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Oct 2026 9:35 pm

Mumbai के शिवाजी पार्क में Aaditya Thackeray और Amit Thackeray का प्रदर्शन तेज

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई के शिवाजी पार्क इलाके में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के आंदोलन के समर्थन में शुरू हुआ प्रदर्शन रविवार को तेज हो गया। शिवसेना (उबाठा) के नेता आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अमित ठाकरे सैकड़ों समर्थकों के साथ वहां पहुंचे। इसके बाद बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती के बीच कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने धरना दिया और नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया समेत अनेक लोगों को हिरासत में लिया गया। आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पास में स्थित सेना भवन के बाहर महिला समेत शिवसेना (उबाठा) के कार्यकर्ताओं पर हमला किया और उनके साथ धक्का-मुक्की की। आदित्य ने दावा किया कि इस दौरान पार्टी की एक महिला कार्यकर्ता की साड़ी फट गई। आदित्य ने कहा, “मैं पूरे मुंबई के लोगों से शिवाजी पार्क आने की अपील कर रहा हूं। अब यह विरोध प्रदर्शन नहीं रुकेगा। अगर आपने प्रदर्शनकारियों को हाथ लगाया, तो गद्दार (मुख्य निर्वाचन आयुक्त) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा देने तक आंदोलन तेज रहेगा।”मनसे नेता अमित ठाकरे ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के कारण पर सवाल उठाया। अमित ठाकरे ने कहा, “कल से हमारे मनसे कार्यकर्ता वहां (प्रदर्शन करने के लिए) मौजूद रहेंगे।”प्रदर्शन के दौरान हिरासत में ली गईं दमानिया ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “जब मैं कॉजपा के समर्थन में शिवाजी पार्क पहुंची, तो सादे कपड़ों में आए पुलिस अधिकारियों ने मुझे हिरासत में ले लिया। सभी पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में थे और मुझे नहीं पता कि वे मुझे कहां ले जा रहे हैं।”अधिकारियों ने बताया कि इलाके से हिरासत में लिए गए ज्यादातर लोगों को शिवाजी पार्क पुलिस थाने में भेज दिया गया है। कुछ लोगों को पास के अन्य पुलिस थानों में ले जाया गया है।

प्रभासाक्षी 11 Oct 2026 9:33 pm

सुबह उठते ही मुंह में घुल जाता है कड़वापन? आजमाएं 5000 साल पुरानी आयुर्वेदिक गंडूष क्रिया, पहले ही दिन दिखेगा जादुई असर

अलार्म बजते ही जैसे ही आंखें खुलती हैं, क्या आपके मुंह के भीतर एक अजीब सा कसैला, सूखा या बेहद कड़वा स्वाद महसूस होता है? अगर हां, तो आप अकेले नहीं हैं। हमारे देश के अधिकांश शहरों में भागदौड़ भरी जिंदगी, देर रात का भारी डिनर और तनाव की वजह से लाखों लोग हर सुबह इसी कड़वे अनुभव के साथ जागते हैं। कई लोग इसे केवल एक सामान्य सी बात समझकर नजरअंदाज कर देते हैं या फिर सीधे ढेर सारा पेस्ट लगाकर ब्रश घिसने लगते हैं। असल में यह स्थिति केवल ब्रश न करने की कमी नहीं दर्शाती, बल्कि यह आपके शरीर के भीतर मौजूद पाचन तंत्र और मौखिक स्वास्थ्य का एक सीधा चेतावनी संकेत है। आयुर्वेद के अनुसार रात भर जब हमारा शरीर विश्राम में होता है, तब पाचन प्रक्रिया के दौरान शरीर 'आम' यानी विषैले तत्वों को बाहर निकालने की कोशिश करता है। जब पाचन अग्नि मंद पड़ जाती है या शरीर में पित्त दोष बढ़ जाता है, तो ये विषैले टॉक्सिन्स हमारी जीभ की सतह, मसूड़ों और लार ग्रंथियों पर जमा होने लगते हैं, जो सुबह उठते ही मुंह में भयानक कड़वाहट, चिपचिपापन और दुर्गंध के रूप में सामने आते हैं। एलोपैथिक नजरिए से भी देखें तो रात में लार का प्रवाह कम होने से एनारोबिक बैक्टीरिया सक्रिय हो जाते हैं, जो सल्फर यौगिक छोड़ते हैं और मुंह का पीएच स्तर बिगाड़ देते हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए आधुनिक माउथवॉश कई बार सिर्फ कुछ मिनटों की खुशबू देते हैं, लेकिन समस्या की जड़ को खत्म नहीं कर पाते। ऐसे में भारतीय आयुर्वेद की हजारों साल पुरानी जीवनशैली पद्धति का एक ऐसा नायाब नुस्खा काम आता है, जो न केवल इस कड़वाहट को जड़ से मिटाता है बल्कि पूरे चेहरे और शरीर को डिटॉक्सिफाई कर देता है।क्या है चमत्कारी आयुर्वेदिक गंडूष क्रिया और यह सामान्य कुल्ले से कैसे अलग हैऋषि चरक और सुश्रुत द्वारा संकलित आयुर्वेद संहिताओं में दैनिक दिनचर्या के अंतर्गत गंडूष क्रिया का विशेष वर्णन मिलता है। आज के आधुनिक दौर में पश्चिमी दुनिया इसे 'ऑयल पुलिंग' का नाम देकर अपना रही है, लेकिन भारतीय परंपरा में इसका विज्ञान अत्यंत गहरा और सटीक है। अधिकांश लोग गंडूष और कवल क्रिया के बीच भ्रमित हो जाते हैं। कवल क्रिया में तरल को मुंह में भरकर धीरे-धीरे घुमाया यानी हिलाया जाता है, जिसे हम आम बोलचाल में कुल्ला करना कहते हैं। इसके विपरीत, गंडूष क्रिया में औषधीय तेल, काढ़े या अर्क को मुंह में पूरी क्षमता के साथ इतनी मात्रा में भरा जाता है कि मुंह के भीतर तरल को हिलाने या घुमाने की बिल्कुल भी जगह न बचे। इस स्थिति में व्यक्ति को मुंह पूरी तरह भरकर शांत मुद्रा में स्थिर खड़े या बैठे रहना होता है। जब तक आंखों और नाक से पानी न आने लगे या मुंह में भारी लार न भर जाए, तब तक उस तरल को मुंह में रोककर रखा जाता है। यह क्रिया केवल दांतों की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सूक्ष्म लिम्फैटिक और टिशू ड्रेनेज थेरेपी की तरह काम करती है। मुंह के भीतर मौजूद नाजुक श्लेष्म झिल्ली यानी म्यूकस मेम्ब्रेन के जरिए तेल पूरे ओरल कैविटी के हानिकारक वसा-घुलनशील टॉक्सिन्स को अपनी ओर खींच लेता है। इस तरह मुंह का कड़वापन पैदा करने वाले पित्त और कफ के विषैले अंश पूरी तरह तेल में घुलकर बाहर आ जाते हैं, जिससे मुंह तुरंत ताजा, हल्का और प्राकृतिक मिठास से भरपूर महसूस होने लगता है।गंडूष क्रिया के लिए कौन सा तेल है सबसे असरदार और क्योंगंडूष क्रिया की सफलता पूरी तरह इस बात पर निर्भर करती है कि आप किस प्रकार के माध्यम या तेल का उपयोग कर रहे हैं। पारंपरिक चरक संहिता के अनुसार, तिल का तेल यानी 'तिल तैल' गंडूष के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। तिल का तेल स्वभाव में हल्का गर्म, सूक्ष्म और गहराई तक प्रवेश करने वाला होता है, जो दांतों की जड़ों तक पहुंचकर हड्डियों और मसूड़ों को मजबूती प्रदान करता है। यदि आपके मुंह में अत्यधिक जलन, छाले या खट्टा-कड़वा स्वाद बना रहता है, तो यह बढ़े हुए पित्त दोष का संकेत है। ऐसी स्थिति में शुद्ध नारियल का तेल यानी वर्जिन कोकोनट ऑयल सबसे उपयुक्त विकल्प माना जाता है। नारियल तेल की तासीर शीतल होती है और इसमें लॉरिक एसिड प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो मुंह के हानिकारक बैक्टीरिया को तुरंत नष्ट करने में सक्षम है। इसके अलावा, जो लोग मसूड़ों से खून आने, पायरिया या अत्यधिक बदबू की समस्या से जूझ रहे हैं, वे इरिमेदादि तैल या त्रिफला के काढ़े का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि इस्तेमाल किया जाने वाला तेल पूरी तरह से शुद्ध, कोल्ड-प्रेस्ड यानी कच्ची घानी का हो और उसमें किसी भी प्रकार का कृत्रिम रसायन, प्रिजर्वेटिव या मिनरल ऑयल न मिला हो। शुद्ध तेल ही मुंह की कोशिकाओं को प्राकृतिक पोषण दे पाता है और टॉक्सिन्स को सोखने की पूरी क्षमता रखता है।स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: सुबह गंडूष क्रिया करने का सबसे सही और वैज्ञानिक तरीकागंडूष क्रिया का पूरा लाभ तभी मिलता है जब इसे सही समय और सही विधि के अनुसार किया जाए। सुबह सोकर उठने के बाद सबसे पहले शौच आदि से निवृत्त हों और बिना कुछ खाए-पिए सीधे इस क्रिया की तैयारी करें।अपनी जीभ को तांबे या स्टील के टंग क्लीनर से बहुत हल्के हाथों से साफ करें ताकि जीभ पर जमी सफेद या पीली मैल की परत हट जाए।एक से दो बड़े चम्मच शुद्ध तिल का तेल या नारियल का तेल लें। यदि सर्दी का मौसम है, तो तेल को हल्का सा गुनगुना कर लें ताकि वह मुंह में सहजता से रुक सके।तेल को मुंह में भरें। ध्यान रहे कि तेल को निगलना बिल्कुल नहीं है। मुंह को पूरी क्षमता से भरें ताकि गाल पूरी तरह फूल जाएं।अपनी गर्दन को थोड़ा सीधा रखें, आंखें बंद करें और अपनी सांसों को सामान्य रखते हुए नाक से सांस लेते रहें। मुंह के भीतर तेल को बिना हिलाए शांत भाव से रोककर रखें।शुरुआत में इसे 3 से 5 मिनट तक रोकें। जैसे-जैसे अभ्यास बढ़ेगा, आप इसे 10 से 15 मिनट तक आसानी से रोक सकेंगे।जब आपकी आंखों के कोरों से हल्का पानी आने लगे, नाक बहने जैसी महसूस हो और मुंह के भीतर लार का दबाव बहुत बढ़ जाए, तो समझ लें कि क्रिया पूरी हो चुकी है।अब इस तेल को वॉशबेसिन में या किसी कचरे के डिब्बे में थूक दें। ध्यान रखें कि यह तेल अत्यधिक विषैला हो चुका होता है, इसलिए इसे कभी भी पेट के अंदर न जाने दें। थूकने के बाद तेल का रंग हल्का दूधिया या सफेद दिखाई देगा।अंत में, हल्के गुनगुने पानी में चुटकी भर सेंधा नमक मिलाकर दो से तीन बार अच्छी तरह कुल्ला करें और फिर प्राकृतिक हर्बल मंजन से हल्के हाथों से दांत साफ कर लें।मुंह के कड़वेपन से परे: इस प्राचीन क्रिया से पूरे शरीर को मिलने वाले अद्भुत लाभनियमित रूप से गंडूष करने से केवल मुंह का कड़वापन ही दूर नहीं होता, बल्कि यह संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह कार्य करता है। सबसे पहला प्रभाव जबड़े की मांसपेशियों और चेहरे की त्वचा पर पड़ता है। तेल को मुंह में रोके रखने से चेहरे की सूक्ष्म मांसपेशियों का व्यायाम होता है, जिससे चेहरे पर प्राकृतिक निखार आता है, झुर्रियां कम होती हैं और डबल चिन की समस्या में भी राहत मिलती है। दूसरा सबसे बड़ा लाभ दांतों और मसूड़ों को मिलता है; यह दांतों की संवेदनशीलता यानी सेंसिटिविटी, ठंडा-गर्म लगना और कैविटी की समस्या को पूरी तरह समाप्त कर देता है। मसूड़े मजबूत होते हैं और ढीले दांतों में कसावट आने लगती है। आयुर्वेद के अनुसार मुंह हमारे सिर और इंद्रियों का प्रवेश द्वार है, इसलिए गंडूष क्रिया करने से गले की खराश, आवाज का भारीपन, साइनस की जकड़न और माइग्रेन जैसी समस्याओं में भी उल्लेखनीय सुधार देखा जाता है। यह पाचन तंत्र को संकेत भेजकर जठराग्नि को जाग्रत करती है, जिससे भूख खुलकर लगती है और दिनभर ताजगी बनी रहती है। जो लोग प्रतिदिन इस सरल अभ्यास को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना लेते हैं, उन्हें न तो दिनभर में किसी कृत्रिम माउथ फ्रेशनर की जरूरत पड़ती है और न ही वे बार-बार होने वाले पेट व गले के संक्रमणों के शिकार होते हैं। यह 5000 साल पुरानी पद्धति आज के तनावपूर्ण जीवन में शरीर को डिटॉक्स करने का सबसे सरल, सस्ता और प्रभावी साधन है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Oct 2026 9:32 pm

रियलिटी शो में भाई-बहन के रिश्ते की आड़ पर कोजी हरकतों पर फूटा काम्या पंजाबी का गुस्सा, यूट्यूबर और कंटेस्टेंट को लगाई जमकर लताड़; सोशल मीडिया पर मचा भारी बवाल

भारतीय टेलीविजन और डिजिटल ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित होने वाले रियलिटी शोज़ अक्सर विवादों, ड्रामे और मर्यादाओं को लांघने के आरोपों से घिरे रहते हैं, लेकिन हाल ही में एक शो के भीतर जो कुछ कैमरे में कैद हुआ, उसने न केवल आम दर्शकों को स्तब्ध कर दिया बल्कि मनोरंजन जगत के वरिष्ठ कलाकारों के सब्र का बांध भी तोड़ दिया। शो के भीतर खुद को बाहर से 'भाई-बहन' जैसा पवित्र रिश्ता बताने वाले एक मशहूर सोशल मीडिया यूट्यूबर और महिला कंटेस्टेंट के बीच की जरूरत से ज्यादा फिजिकल नजदीकियों और कोजी हरकतों को देखकर टेलीविजन इंडस्ट्री की बेबाक अभिनेत्री काम्या पंजाबी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। काम्या पंजाबी ने बिना किसी लाग-लपेट के सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए शो के कंटेस्टेंट्स के पाखंड, मेकर्स की टीआरपी भूख और भारतीय संस्कृति में पारिवारिक रिश्तों की गरिमा को कैमरे के आगे तार-तार किए जाने पर जोरदार प्रहार किया है। उनकी इस दो टूक और तीखी प्रतिक्रिया के बाद इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है और यूट्यूबर की इस हरकत पर लोगों का भारी आक्रोश फूट पड़ा है।नेशनल टेलीविजन पर रिश्तों का दिखावा और बंद कमरों की कोजी हरकतेंविवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब रियलिटी शो के 24 घंटे लाइव फीड और मुख्य एपिसोड में देखा गया कि सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स रखने वाला चर्चित यूट्यूबर शो की एक फीमेल कंटेस्टेंट के साथ देर रात एक ही कंबल में बेहद नजदीक और कोजी होता नजर आया। चौंकाने वाली बात यह थी कि शो की शुरुआत में और सोशल मीडिया पर दोनों एक-दूसरे को 'भाई और बहन' जैसा पारिवारिक रिश्ता बताते रहे थे और एक-दूसरे के प्रति रक्षात्मक रुख अपनाते थे। लेकिन जैसे-जैसे शो में गेम का दबाव बढ़ा और नॉमिनेशन की प्रक्रिया नजदीक आई, दोनों के बीच शारीरिक नजदीकियों, आलिंगन और आपत्तिजनक बातचीत का दौर शुरू हो गया। फुटेज हासिल करने और स्क्रीन टाइम बटोरने के लिए दोनों के इस बदले हुए समीकरण ने दर्शकों को असहज कर दिया। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने शो के क्लिप्स काटकर वायरल करना शुरू कर दिया, जिसमें दोनों की बॉडी लैंग्वेज भाई-बहन के कथित दावे से कोसों दूर और साफ तौर पर रोमांटिक एंगल गढ़े जाने जैसी दिख रही थी।काम्या पंजाबी का तीखा ट्वीट: टीआरपी और कैमरे के लिए रिश्तों को मत बेचोटेलीविजन अभिनेत्री काम्या पंजाबी, जो रियलिटी शोज़ की बारीकियों को भली-भांति समझती हैं और हमेशा अपनी निष्पक्ष राय रखने के लिए जानी जाती हैं, इस पूरे ड्रामे को देखकर चुप नहीं रह सकीं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक कड़ा पोस्ट साझा करते हुए शो के कंटेस्टेंट्स को आड़े हाथों लिया। काम्या ने लिखा कि जब आप बाहर दुनिया के सामने और शो के मंच पर किसी को अपना भाई या बहन घोषित करते हैं, तो उस रिश्ते की एक पवित्र सीमा और मर्यादा होती है। लेकिन चंद मिनटों की फुटेज, दर्शकों का वोट पाने और शो में टिके रहने के लिए रात के अंधेरे में एक ही बिस्तर पर कोजी होना और शर्मनाक हरकतें करना बेहद घिनौना और अस्वीकार्य है। उन्होंने सवाल किया कि क्या आज के तथाकथित सोशल मीडिया स्टार्स इतने गिर चुके हैं कि उन्हें यह भी समझ नहीं आता कि देश के करोड़ों परिवारों में बैठकर लोग अपने माता-पिता और बच्चों के साथ इन शोज़ को देखते हैं? काम्या ने दोहरे चरित्र वाले ऐसे कंटेस्टेंट्स को आत्ममंथन करने की कड़ी नसीहत दी।सोशल मीडिया पर यूट्यूबर की जबरदस्त ट्रोलिंग और दर्शकों का गुस्साकाम्या पंजाबी के इस तीखे बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स दो धड़ों में बंटने के बजाय काम्या के समर्थन में मजबूती से खड़े नजर आए। लोगो ने संबंधित यूट्यूबर और कंटेस्टेंट को जमकर लताड़ लगाई। यूजर्स का कहना था कि डिजिटल क्रिएटर्स असल जिंदगी में फॉलोअर्स को नैतिकता का पाठ पढ़ाते हैं, लेकिन रियलिटी शो के ग्लैमर और करोड़ों के प्राइज मनी के लालच में वे किसी भी हद तक गिरने को तैयार हो जाते हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि अगर आप दोनों के बीच पहले से रोमांटिक या कैजुअल रिश्ता था, तो पहले भाई-बहन का ड्रामा रचने की क्या जरूरत थी? वहीं कुछ लोगों ने रियलिटी शो के निर्माताओं को भी कटघरे में खड़ा किया कि वे सिर्फ टीआरपी और विवाद पैदा करने के लिए ऐसे आपत्तिजनक दृश्यों को बिना सेंसर किए दर्शकों के सामने परोस रहे हैं, जिससे समाज में रिश्तों की पवित्रता का उपहास उड़ रहा है।रियलिटी शोज़ में गिरते स्तर और फेक बॉन्डिंग का कड़वा सचयह पहली बार नहीं है जब किसी रियलिटी शो में रिश्तों की आड़ में इस तरह का खेल खेला गया हो। पिछले कुछ सालों में रियलिटी टीवी का फॉर्मेट पूरी तरह से ड्रामा, फेक लव एंगल्स और सनसनीखेज झगड़ों पर टिक गया है। कंटेस्टेंट्स को यह अच्छी तरह पता होता है कि शांति से गेम खेलने पर उन्हें स्क्रीन स्पेस नहीं मिलेगा, इसलिए वे घर में घुसते ही या तो जबरन प्रेम प्रहानियां गढ़ते हैं या फिर रिश्तों के नाम पर भ्रम फैलाते हैं। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया की वर्चुअल दुनिया से आने वाले इन्फ्लुएंसर्स अक्सर कैमरे के सामने अपनी सीमाएं भूल जाते हैं। भाई-बहन जैसे सबसे भरोसेमंद और पवित्र सामाजिक बंधन को टीआरपी के तराजू पर तौलना न केवल नैतिक दृष्टि से गलत है, बल्कि यह दर्शकों की भावनाओं के साथ सीधा खिलवाड़ है।काम्या पंजाबी की बेबाकी की हो रही है चारों तरफ सराहनाइस पूरे विवाद में काम्या पंजाबी के इस साहसिक कदम की टीवी इंडस्ट्री के अन्य कलाकारों और आम जनता द्वारा जमकर सराहना की जा रही है। लोग कह रहे हैं कि इंडस्ट्री में जहां ज्यादातर बड़े सितारे विवादों से बचने के लिए चुप्पी साध लेते हैं, वहीं काम्या ने बिना किसी डर के सच का आईना दिखाया है। उनका यह बयान उन तमाम युवाओं और इन्फ्लुएंसर्स के लिए एक सख्त चेतावनी है जो फेम और पैसों के लिए भारतीय पारिवारिक मूल्यों की बलि चढ़ाने से नहीं हिचकिचाते। अब देखना यह होगा कि वीकेंड के वार पर शो के होस्ट इस मामले को लेकर यूट्यूबर और उस कंटेस्टेंट की क्लास लगाते हैं या फिर मेकर्स इसे भी टीआरपी का हथियार बनाकर दबा देते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Oct 2026 9:26 pm

20 साल छोटी इस टॉप एक्ट्रेस संग लिव-इन में रहे थे नाना पाटेकर, कैमरे के सामने दिए थे बेहद बोल्ड और इंटेंस सीन; फिर एक रात ऐसे हुआ दर्दनाक अंत

बॉलीवुड इंडस्ट्री में यूं तो प्रेम कहानियों और ब्रेकअप के अनगिनत किस्से मशहूर हैं, लेकिन 90 के दशक में एक ऐसा रिश्ता परवान चढ़ा था जिसने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया था। यह कहानी थी अपने संजीदा, तीखे और बेबाक अभिनय के लिए मशहूर दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर और उस दौर की सबसे खूबसूरत व कामयाब अभिनेत्रियों में शुमार मनीषा कोइराला की। उम्र में लगभग 20 वर्ष का भारी फासला होने के बावजूद दोनों के बीच पनपे गहरे आकर्षण, प्यार और बाद में टूटे रिश्ते ने फिल्मी पत्रिकाओं के पन्नों पर सालों तक राज किया। दोनों का रिश्ता केवल दोस्ती या अफेयर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दोनों ने कुछ समय तक एक साथ रहकर लिव-इन रिलेशनशिप भी बिताया था। उस दौर में जब बड़े पर्दे पर ज्यादा बोल्डनेस दिखाने से सितारे कतराते थे, तब इन दोनों ने कैमरे के सामने बेहद आक्रामक, भावुक और इंटीमेट सीन्स देकर दर्शकों के साथ-साथ समीक्षकों को भी दंग कर दिया था।फिल्म 'अग्नि साक्षी' के सेट पर जगी थी दोनों के बीच मोहब्बत की चिंगारीसाल 1996 में रिलीज हुई निर्देशक पार्थो घोष की साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म 'अग्नि साक्षी' हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक साबित हुई थी। इस फिल्म में नाना पाटेकर ने एक जुनूनी, सनकी और अपनी पत्नी पर हक जताने वाले पति 'विश्वनाथ' का किरदार निभाया था, जबकि मनीषा कोइराला उनकी प्रताड़ित पत्नी 'शिवांगी' की भूमिका में थीं। फिल्म की पटकथा जितनी आक्रामक और तनावपूर्ण थी, कैमरे के सामने दोनों की अदाकारी उतनी ही जीवंत थी। कहानी की मांग के अनुसार दोनों कलाकारों ने बिना किसी हिचकिचाहट के कई बेहद इंटेंस, भावुक और क्लोज इंटीमेट सीन्स शूट किए थे। शूटिंग के दौरान ही दोनों के बीच की ऑफ-स्क्रीन केमिस्ट्री परवान चढ़ने लगी थी। नाना पाटेकर का रौबदार व्यक्तित्व और मनीषा की मासूमियत ने दोनों को एक-दूसरे के बेहद करीब ला दिया और देखते ही देखते यह पेशेवर रिश्ता एक गंभीर प्रेम संबंध में तब्दील हो गया।लिव-इन रिलेशनशिप और दोनों के स्वाभाव का जटिल तालमेलफिल्म 'अग्नि साक्षी' के बाद यह रिश्ता सिर्फ सेट तक सीमित नहीं रहा। 90 के दशक की प्रमुख फिल्मी पत्रिकाओं और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों ने साथ रहने का फैसला किया और लिव-इन रिलेशनशिप में रहे। नाना पाटेकर उस समय अपनी पत्नी नीलकांति से अलग रह रहे थे, हालांकि उनका कानूनी रूप से तलाक नहीं हुआ था। मनीषा कोइराला अक्सर नाना के घर पर समय बिताती थीं और दोनों सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी एक-दूसरे की मौजूदगी को छिपाते नहीं थे। नाना पाटेकर का स्वभाव बेहद सादगी पसंद, जमीन से जुड़ा और थोड़ा गुस्से वाला था, वहीं मनीषा शाही नेपाली परिवार से ताल्लुक रखती थीं और उनकी जीवनशैली बेहद ग्लैमरस थी। इसके बावजूद दोनों का प्यार इतना गहरा था कि नाना पाटेकर ने एक बार एक साक्षात्कार में मनीषा की तारीफ करते हुए कहा था कि वह इतनी संवेदनशील और मासूम हैं कि अगर कोई रो दे तो वह भी रोने लगती हैं।जब शादी की जिद और तीसरी अभिनेत्री के आने से टूट गया रिश्ताहर प्रेम कहानी की तरह इस रिश्ते में भी एक ऐसा मोड़ आया जिसने सब कुछ तबाह कर दिया। मनीषा कोइराला नाना पाटेकर के साथ अपने रिश्ते को एक मुकम्मल नाम देना चाहती थीं और उनसे शादी करने की ख्वाहिश रखती थीं। लेकिन नाना पाटेकर पहले से शादीशुदा थे और अपनी पत्नी को औपचारिक तलाक देने के लिए तैयार नहीं थे। इसी बीच बॉलीवुड गलियारों में यह खबर तेजी से फैली कि नाना पाटेकर की नजदीकियां फिल्म 'आंच' की शूटिंग के दौरान अभिनेत्री आयशा जुल्का के साथ भी बढ़ने लगी हैं। इस बात को लेकर मनीषा और नाना के बीच तीखे विवाद और मतभेद शुरू हो गए। रिपोर्ट्स के अनुसार एक दिन मनीषा ने नाना पाटेकर और आयशा जुल्का को एक साथ देख लिया था, जिसके बाद काफी हंगामा हुआ और मनीषा ने इस रिश्ते से हमेशा-हमेशा के लिए अपने कदम पीछे खींच लिए। दोनों का लिव-इन रिश्ता एक कड़वे मोड़ पर आकर बिखर गया।ब्रेकअप के बावजूद पेशेवर मर्यादा: पर्दे पर बने पिता और बेटीरिश्ते में आई भारी कड़वाहट और दिल टूटने के बावजूद दोनों कलाकारों ने कभी अपनी निजी जिंदगी को काम के आड़े नहीं आने दिया। उसी दौर में जब दोनों के ब्रेकअप की खबरें गर्म थीं, निर्देशक संजय लीला भंसाली ने दोनों को अपनी क्लासिक फिल्म 'खामोशी: द म्यूजिकल' (1996) में कास्ट किया। इस फिल्म में दोनों ने प्रेमी-प्रेमिका नहीं, बल्कि मूक-बधिर माता-पिता और बेटी का किरदार निभाया। नाना पाटेकर ने जोसेफ ब्रागांजा (पिता) और मनीषा ने एनी (बेटी) की भूमिका में ऐसा कालजयी अभिनय किया जिसे आज भी भारतीय सिनेमा के बेहतरीन सिनेमाई प्रदर्शनों में गिना जाता है। सेट पर दोनों ने एक-दूसरे के साथ पूरी पेशेवर गरिमा बनाए रखी और अपने निजी दर्द को शानदार अभिनय के पीछे छिपा लिया।आज भी याद किया जाता है 90 के दशक का वो तूफानी अफेयरसमय बीतने के साथ दोनों की राहें पूरी तरह अलग हो गईं। मनीषा कोइराला ने बाद में अपनी जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव देखे, कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को मात दी और वेब सीरीज 'हीरामंडी' के जरिए एक बार फिर अपने अभिनय का परचम लहराया। वहीं नाना पाटेकर ने भी फिल्मों के साथ-साथ समाज सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया। वर्षों बाद भी जब कभी दोनों से एक-दूसरे के बारे में पूछा जाता है, तो दोनों ने कभी भी एक-दूसरे पर कीचड़ नहीं उछाला, बल्कि एक-दूसरे की अदाकारी और प्रतिभा का सम्मान ही किया। 90 के दशक का यह रिश्ता आज भी बॉलीवुड के इतिहास में सबसे चर्चित, तीव्र और अधूरा रह जाने वाला प्रेम अध्याय माना जाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Oct 2026 9:23 pm

बांधनी लहंगे और बैकलेस ब्लाउस, सारा का दिखा गॉर्जियस अवतार

Sara Ali Khan Look: अंबानी फैमिली ने अपने ब्रैंड स्वेदश की पहली सालगिरह पर शानदार फंक्शन का आयोजन किया जिसमें एक्ट्रेस सारा अली खान ने भी शिरकत की. इस मौके पर उन्होंने नीले और बैंगनी रंग का शानदार बांधनी लहंगा पहना जिसमें वो बेहद खूबसूरत लग रही थीं.

आज तक 11 Oct 2026 9:22 pm

भोजपुरी म्यूजिक में अक्षरा सिंह का जलवा: यूट्यूब पर फिर छाया वाटरफॉल रोमांस वाला सुपरहिट गाना, पवन सिंह संग ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री ने सोशल मीडिया पर बढ़ाया पारा

भोजपुरी सिनेमा इंडस्ट्री में जब भी सबसे यादगार और स्क्रीन पर आग लगाने वाली ऑनस्क्रीन जोड़ियों की चर्चा होती है, तो उसमें अक्षरा सिंह और पवन सिंह की केमिस्ट्री का नाम सबसे ऊपर आता है। भले ही दोनों सितारे अब अपने-अपने करियर की राहों पर अलग-अलग मुकाम हासिल कर चुके हों, लेकिन यूट्यूब के विशाल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जब भी उनके पुराने क्लासिक म्यूजिक वीडियो दोबारा सतह पर आते हैं, तो दर्शकों का हुजूम उमड़ पड़ता है। हाल ही में प्राकृतिक वादियों और खूबसूरत झरने की पृष्ठभूमि में फिल्माया गया उनका एक ब्लॉकबस्टर रोमांटिक गाना सोशल मीडिया रील्स, शॉर्ट्स और यूट्यूब ट्रेंड्स में अचानक से दोबारा ट्रेंडिंग लिस्ट में दाखिल हो गया है। भोजपुरी गानों के शौकीन दर्शक इस गाने की ताजगी, दिलकश धुनों और अक्षरा सिंह के दिलकश अंदाज को देखकर एक बार फिर मंत्रमुग्ध हो रहे हैं। यह वीडियो साबित करता है कि भोजपुरी संगीत का जादू केवल रिलीज के समय तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सालों बाद भी डिजिटल ऑडियंस को अपनी ओर खींचने की जबरदस्त ताकत रखता है।प्राकृतिक वादियों और झरने के बीच फिल्माया गया यादगार रोमांटिक सीक्वेंसइस सुपरहिट गाने की सबसे बड़ी खासियत इसका लोकेशन और सिनेमैटोग्राफी है, जिसे उत्तर भारत और नेपाल के शांत पहाड़ी इलाकों के खूबसूरत झरनों के बीच शूट किया गया था। गाने के विजुअल्स में कलकल बहते ठंडे पानी की फुहारों के बीच अभिनेता और अक्षरा सिंह के बीच बेहद रोमांटिक, भावुक और हाई-एनर्जी सीन्स दिखाए गए हैं। पारंपरिक भोजपुरी फिल्मों के मुकाबले इस गाने का प्रस्तुतीकरण काफी आधुनिक और सिनेमैटिक अंदाज में किया गया था, जिसमें हीरो और हीरोइन के बीच की नोकझोंक और करीबियों को बेहद खूबसूरती से कैमरे में कैद किया गया है। अक्षरा सिंह ने इस गाने में पारंपरिक भारतीय परिधान के साथ-साथ मॉडर्न लुक का ऐसा बेहतरीन संगम पेश किया है जो उनके फैंस को आज भी दीवाना बना देता है। पानी की बूंदों के बीच फिल्माए गए इस डांस सीक्वेंस ने गाने की ऊर्जा को दोगुना कर दिया है, जिसके चलते यह वीडियो आज भी भोजपुरी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय रेन और वाटरफॉल गानों की फेहरिस्त में शीर्ष पर गिना जाता है।अक्षरा सिंह और पवन सिंह की आइकॉनिक जोड़ी का डिजिटल साम्राज्यभोजपुरी सिनेमा के इतिहास में पवन सिंह और अक्षरा सिंह की जोड़ी को 'गोल्डन पेयर' माना जाता रहा है। दोनों ने साथ में दर्जनों सिल्वर जुबली फिल्में और सैकड़ों चार्टबस्टर गाने दिए हैं। इस विशेष गाने में भी पवन सिंह की जोशीली आवाज और ऑनस्क्रीन स्वैग के साथ अक्षरा सिंह के सधे हुए डांस स्टेप्स और कमाल के फेशियल एक्सप्रेशंस ने ऐसा समां बांधा कि दर्शकों के लिए नजरें हटाना मुश्किल हो जाता है। भोजपुरी संगीत प्रेमियों का मानना है कि इस गाने में दोनों कलाकारों के बीच जो स्वाभाविक कम्फर्ट और सिजलिंग केमिस्ट्री नजर आती है, वह मौजूदा दौर के कई नए गानों में देखने को नहीं मिलती। यही वजह है कि जब भी किसी रोमांटिक गाने का जिक्र होता है, तो भोजपुरी ऑडियंस तुरंत इस वीडियो को सर्च करने लगती है। यूट्यूब पर इस वीडियो के नीचे लाखों प्रशंसकों के भावुक और तारीफों से भरे कमेंट्स इस बात की गवाही देते हैं कि यह जोड़ी आज भी दर्शकों के दिलों में बसी हुई है।यूट्यूब पर व्यूज का तूफान और सोशल मीडिया रील्स पर जबरदस्त क्रेजडिजिटल युग में किसी भी गाने की असली सफलता उसके व्यूज और सोशल मीडिया इंगेजमेंट से मापी जाती है। इस गाने को यूट्यूब पर विभिन्न म्यूजिक चैनलों पर अब तक कई करोड़ बार देखा जा चुका है और इसके कुल व्यूज का आंकड़ा 100 मिलियन (10 करोड़) के पार निकल चुका है। केवल फुल वीडियो ही नहीं, बल्कि इंस्टाग्राम रील्स, फेसबुक वॉच और मोज ऐप जैसे शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म्स पर भी इस गाने की ऑडियो क्लिप पर लाखों क्रिएटर्स ने अपने डांस वीडियो बनाए हैं। खासकर गाने के हुक-स्टेप और झरने वाले सीक्वेंस के छोटे-छोटे कट्स रील्स पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे नई पीढ़ी के युवा भी इस क्लासिक गाने की ओर आकर्षित हो रहे हैं। म्यूजिक एनालिस्ट्स का कहना है कि जब कोई पुराना गाना एल्गोरिदम के जरिए दोबारा पुश पाता है, तो वह यह दर्शाता है कि उसकी संगीत संरचना और विजुअल अपील में कालजयी आकर्षण मौजूद है।दमदार गायकी और कर्णप्रिय संगीत ने बनाया गाने को एवरग्रीनकिसी भी गाने को लंबे समय तक जीवंत रखने में उसके संगीतकार और गीतकार का सबसे बड़ा योगदान होता है। इस गाने की धुन बेहद तेज तर्रार और कानों को भाने वाली है, जिसमें पारंपरिक ढोलक, हारमोनियम और बांसुरी के साथ-साथ आधुनिक सिंथेसाइजर बीट्स का संतुलित प्रयोग किया गया है। पवन सिंह की बुलंद और दिल को छू लेने वाली आवाज ने गाने के भाव को जीवंत कर दिया है, जबकि उनके साथ महिला गायिका की सुरीली तान ने अक्षरा सिंह के स्क्रीन प्रेजेंस को पूरा न्याय दिया है। गाने के बोल बेहद सहज, देहाती रोमांस से भरे और आम बोलचाल की अवधी-भोजपुरी भाषा से जुड़े हुए हैं, जिससे उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और नेपाल के तराई क्षेत्रों के श्रोता खुद को सीधे तौर पर इस गीत से जोड़ पाते हैं। यही संगीतमय गहराई इस गाने को सिर्फ एक बार सुनकर भूल जाने वाला ट्रैक नहीं, बल्कि बार-बार रिपीट मोड पर बजाया जाने वाला एवरग्रीन हिट बनाती है।भोजपुरी सिनेमा की बदलती छवि और अक्षरा सिंह का सोलो स्टारडमयह गाना न केवल मनोरंजन का एक बेहतरीन जरिया है, बल्कि यह भोजपुरी सिनेमा के उस दौर का भी प्रतीक है जब इंडस्ट्री ने बड़े बजट, आउटडोर शूटिंग और बेहतरीन प्रोडक्शन वैल्यू की ओर कदम बढ़ाए थे। वर्तमान में अक्षरा सिंह केवल एक सह-कलाकार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे भोजपुरी इंडस्ट्री की सबसे बड़ी महिला सुपरस्टार और स्वतंत्र गायिका बनकर उभरी हैं। वे अपने दम पर म्यूजिक वीडियो हिट कराने का माद्दा रखती हैं और उनके सोलो गानों को भी करोड़ों व्यूज मिलते हैं। इसके बावजूद, अपने करियर के शुरुआती और स्वर्णिम दौर के इस झरने वाले रोमांटिक गाने को वे आज भी अपने करियर के खास पलों में से एक मानती हैं। यह गाना आज भी यह साबित करता है कि जब बेहतरीन संगीत, खूबसूरत लोकेशन और दमदार अदाकारी एक साथ मिलते हैं, तो वह इतिहास रच देते हैं और समय बीतने के बाद भी उनका जादू कभी फीका नहीं पड़ता।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Oct 2026 9:21 pm

'Russia-Ukraine

Donald Trump Russia-Ukraine Energy Ceasefire:

वन इंडिया 11 Oct 2026 9:13 pm

सूरत के GMC में छात्र आत्महत्या मामले में दो सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर अरेस्ट

गुजरात के सूरत स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज में स्नातकोत्तर (पीजी) के प्रथम वर्ष के एक छात्र की आत्महत्या के दो महीने से अधिक समय बाद पुलिस ने इस सिलसिले में रविवार को दो वरिष्ठ रेजिडेंट चिकित्सकों को गिरफ्तार किया। उन पर छात्र और नौ अन्य लोगों को व्यवस्थित तरीके से प्रताड़ित करने और रैगिंग करने का आरोप है। सहायक पुलिस आयुक्त जेड आर देसाई ने बताया कि आरोपी चिकित्सक दीक्षिता घेवरिया और हिना भट को हर्ष पांड्या की मौत के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार रहने के बाद पकड़ा गया। पांड्या नौ अगस्त को अपने छात्रावास के कमरे में फंदे से लटका मिला था। पांड्या का शव नौ अगस्त की सुबह मिलने के बाद पुलिस ने न्यू सिविल अस्पताल से संबद्ध सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) के द्वितीय वर्ष के चार पीजी छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। देसाई ने कहा, ‘‘चार रेजिडेंट चिकित्सकों में से दो को रविवार को गिरफ्तार किया गया। रैगिंग-रोधी समिति के अनुसार, आरोपी पांड्या की रैगिंग करने में शामिल थे, जिसके बाद उसने आत्महत्या कर ली।’’उन्होंने बताया कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के घरों में छिपे हुए थे और मामले को रद्द कराने के लिए याचिकाएं भी दायर कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दो अन्य आरोपियों -निराली वासावे और अनुज माहेश्वरी- को अभी गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। खटोदरा पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 127(2) (गलत तरीके से बंधक बनाना), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) और 54 के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। संस्थान की ओर से दर्ज शिकायत के अनुसार, द्वितीय वर्ष के रेजिडेंट चिकित्सकों को प्रथम वर्ष के रेजिडेंट चिकित्सकों को कोई काम सौंपने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद आरोपियों ने सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग के प्रथम वर्ष के 10 रेजिडेंट चिकित्सकों को प्रताड़ित किया। देसाई ने कहा कि पांड्या ने मार्च-अप्रैल में दाखिला लिया था और इसके बाद तीन से चार महीने तक उसकी रैगिंग की जाती रही। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी, डॉक्टर पांड्या और अन्य छात्रों को अपमानित करते थे, उन्हें मौखिक रूप से प्रताड़ित करते थे और संकाय सदस्यों से झूठी शिकायत करते थे कि वे अपनी ड्यूटी ठीक से नहीं कर रहे हैं। शिकायत के अनुसार, पांच अगस्त को वरिष्ठ छात्रों ने व्हाट्सऐप संदेश भेजकर प्रथम वर्ष के छात्रों को सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग की सीरोलॉजी प्रयोगशाला में बुलाया। वहां उन्हें कथित तौर पर दो घंटे तक अवैध रूप से रोके रखा गया, मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और अभद्र टिप्पणियां कर अपमानित किया गया। मामले की जांच के लिए गठित एक उच्चस्तरीय समिति ने सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग की प्रमुख डॉ. सुमैया मुल्ला और संकाय सदस्यों डॉ. संगीता राजदे, डॉ. योगिता मिस्त्री तथा डॉ. लतिका पुरोहित को ‘कारण बताओ नोटिस’ भी जारी किए थे। रैगिंग-रोधी समिति ने सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग में कार्यरत वरिष्ठ रेजिडेंट चिकित्सकों, संकाय सदस्यों, तकनीशियनों और सफाईकर्मियों के बयान दर्ज किए थे। यह कार्रवाई प्रथम वर्ष के नौ रेजिडेंट चिकित्सकों और मृतक छात्र के पिता की शिकायतों के आधार पर की गई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि शारीरिक प्रताड़ना या इस तरह की प्रताड़ना के कारण छात्र की मौत होने का कोई सबूत नहीं मिला।

प्रभासाक्षी 11 Oct 2026 9:13 pm

'द डर्टी पिक्चर 2' पर एकता कपूर की मुहर, कहानी पर भी दिया हिंट

एकता कपूर ने 'द डर्टी पिक्चर 2' बनाने की योजना की पुष्टि की है और इसे एक ऐसी महिला की कहानी बताया है जो अपनी सेक्सुअलिटी को खुलकर अपनाती है. इस प्रोजेक्ट की कास्ट, कहानी और रिलीज़ की तारीख के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है.

आज तक 11 Oct 2026 9:12 pm

'कल पूरा भारत सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेगा...', राहुल गांधी बोले- संविधान बचाने को साथ आएं लोग

राहुल गांधी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने का ऐलान किया है. उन्होंने लोगों से संविधान की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की है. इस मार्च में INDIA ब्लॉक के कई नेताओं के शामिल होने की संभावना है.

आज तक 11 Oct 2026 9:10 pm

IITs में बनेगा मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल्स का स्थायी कैडर, छात्रों-फैकल्टी के मनोवैज्ञानिक कल्याण के लिए बड़ा कदम

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) छात्रों और संकाय सदस्यों के मनोवैज्ञानिक कल्याण के लिए मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों का एक स्थायी संवर्ग बनाने पर विचार कर रहे हैं।

जागरण 11 Oct 2026 9:08 pm

प्रदर्शनकारियों को ले जा रही पुलिस गाड़ी पर चढ़ गए आदित्य ठाकरे, शिवसैनिकों ने खूब काटा गदर

आदित्य ठाकरे ने कहा कि मुंबई पुलिस का रवैया अब दिल्ली पुलिस जैसा होता जा रहा है। उन्होंने मुंबई के लोगों से शिवाजी पार्क पहुंचने की अपील की और चेतावनी दी कि प्रदर्शनकारियों के साथ ज्यादती हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

लाइव हिन्दुस्तान 11 Oct 2026 9:06 pm

विदेशी अंशदान को नियमित करना आज के समय की आवश्यकता

वैश्विक स्तर पर आज विभिन्न देशों के बीच भौगोलिक सीमाएं जैसे समाप्त सी होती दिखाई दे रही हैं। एक तरह से आज हम एक वैश्विक गांव में निवास कर रहे हैं। इन परिस्थितियों के बीच एक देश से दूसरे देश में सहायता के रूप में धनराशि को हस्तांतरित करना भी बहुत आसान बन गया है। […] The post विदेशी अंशदान को नियमित करना आज के समय की आवश्यकता appeared first on प्रवक्‍ता.कॉम - Pravakta.Com .

प्रवक्ता 11 Oct 2026 9:02 pm

MP News: CM

सीएम मोहन यादव ने संदीपनी विद्यालय का उद्घाटन किया, बस सेवाओं की शुरुआत की, पेंशन हस्तांतरित की और 21 विकास परियोजना

वन इंडिया 11 Oct 2026 9:01 pm

'बिना शर्त दें 5110 करोड़ का बकाया', चेन्नई में प्रधानमंत्री के सामने बोले CM विजय

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चेन्नई मेट्रो फेज-3 को जल्द मंजूरी देने की मांग की. विजय ने SSA के तहत तमिलनाडु के लिए 5,110 करोड़ रुपये की पेंडिंग सेंटर राशि जारी करने की भी मांग की.

आज तक 11 Oct 2026 8:58 pm

Virat के अचानक संन्यास पर वसीम जाफर ने तोड़ी चुप्पी!

विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से अचानक संन्यास लेने के फैसले पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है. पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर का मानना है कि कोहली इस बात से खुश नहीं थे कि उनके संन्यास के पूरे मामले को कैसे संभाला गया. जाफर ने चयनकर्ताओं के वरिष्ठ खिलाड़ियों से व्यवहार पर भी सवाल उठाए. हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि कोहली की असली वजह वही बता सकते हैं.

आज तक 11 Oct 2026 8:55 pm

12 October History: नवाज शरीफ को हटाकर Pervez Musharraf ने हथियाई थी पाकिस्तान की सत्ता

इतिहास के पन्नों में 12 अक्टूबर का दिन पड़ोसी देश पाकिस्तान में सेना प्रमुख के हाथों सरकार के तख्तापलट के दिन के तौर पर दर्ज है। दरअसल 1999 में इसी दिन देश के तत्कालीन सेना प्रमुख परवेज मुशर्रफ ने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की सरकार का तख्तापलट कर शासन की बागडोर अपने हाथ में ले ली थी। इस रक्तविहीन क्रांति में नवाज पर श्रीलंका से आ रहे मुशर्रफ के विमान का अपहरण करने और आतंकवाद फैलाने का आरोप लगाने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में उन्हें परिवार के 40 सदस्यों के साथ सऊदी अरब निर्वासित कर दिया गया। देश-दुनिया के इतिहास में 12 अक्टूबर की तारीख में दर्ज अन्य प्रमुख घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-1492 : इटली के खोजकर्ता क्रिस्टोफर कोलंबस की ऐतिहासिक खोज यात्रा पर निकले तीन जहाजों में से एक पर सवार लोगों ने बहामा में वाटलिंग द्वीप देखा। इसे एक नयी दुनिया की खोज कहा गया। 1967 : राजनीतिज्ञ और सामाजिक सरोकारों से जुड़े नेता राम मनोहर लोहिया का निधन। लोहिया को उनके नवाचारी विचारों के लिए याद किया जाता है। 1999 : पाकिस्तान में परवेज मुशर्रफ ने रक्तविहीन क्रांति कर प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की सरकार का तख्ता पलटा और सत्ता हथिया ली। 1999 : संयुक्त राष्ट्र के जनसंख्या कोष के अनुमान के अनुसार, यह 12 अक्टूबर का ही दिन था, जब दुनिया की आबादी ने छह अरब का आंकड़ा छू लिया। 2000 : यमन के बंदरगाह अदन में ईंधन भरने की तैयारी कर रहे अमेरिका के विध्वंसक पोत पर अलकायदा से जुड़े आत्मघाती आतंकवादियों ने हमला किया, 17 नाविकों की मौत। 2001 : संयुक्त राष्ट्र और इसके महासचिव कोफी अन्नान को सदी का पहला नोबेल शांति सम्मान प्रदान किया गया। 2011 : भारत ने मानसून के मिजाज के अध्ययन के लिए एक उपग्रह सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया। 2018 : ओडिशा में ‘तितली’ चक्रवात के कारण भारी बारिश और बाढ़ से 60 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित। 2023: साल 2016 में पठानकोट में वायुसेना स्टेशन पर हुए हमले के मुख्य षड्यंत्रकर्ता शाहिद लतीफ की पाकिस्तान में हत्या। 2024: कोस्टारिका के प्रशांत महासागर तट पर 6.2 तीव्रता का भूकंप।

प्रभासाक्षी 11 Oct 2026 8:53 pm

अभिषेक शर्मा की विस्फोटक पारी ने इंडीज के खिलाफ भारत को 223 रनों तक पहुंचाया

INDvsWI अभिषेक शर्मा की 67 रनों की विस्फोटक पारी की बदौलत भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ इंदौर के होलकर स्टेडियम में 20 ओवर में 10 विकेटों के नुकसान पर 223 रन बना लिए। यह पारी बंद चालू मोटर की तरह रही। एक समय ऐसा लग रहा था भारत रांची टी-20 से ज्यादा रन ...

वेब दुनिया 11 Oct 2026 8:52 pm

कान्हा टाइगर रिजर्व में 8 जंगली भैंसों को छोड़ा, 3 साल में 50 बसाने का लक्ष्य

MP Kanha Wild Buffalo Reintroduction: मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आठ जंगली भैंसों को 17 हेक्टेयर के बड़े बाड़े में छोड़ा. करीब 100 साल बाद जंगली भैंसों को फिर से बसाने की पहल की गई है. सरकार ने तीन साल में 50 जंगली भैंसों को बसाने का लक्ष्य रखा है...

आज तक 11 Oct 2026 8:50 pm

मैदान के बाहर मंधाना की नई पारी, सचिन ने किया स्वागत

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान स्मृति मंधाना अब मैदान के बाहर भी नई जिम्मेदारी निभाएंगी. वह यूनिसेफ इंडिया से सेलिब्रिटी एडवोकेट के तौर पर जुड़ी हैं. इस पहल के जरिए वह बच्चों के अधिकार, लैंगिक समानता और लड़कियों को आगे बढ़ने के समान अवसर दिलाने के लिए आवाज उठाएंगी. सचिन तेंदुलकर ने उनका स्वागत करते हुए भरोसा जताया कि स्मृति बच्चों के अधिकारों के लिए प्रभावशाली आवाज बनेंगी.

आज तक 11 Oct 2026 8:47 pm

Brezza-Nexon की टेंशन! इस दिन आ रही महिंद्रा की CNG एसयूवी

Mahindra XUV 3XO CNG को हाल ही में टेस्टिंग के दौरान स्पॉट किया गया है. ये महिंद्रा की तरफ से पेश की जाने वाली पहली कंपनी फिटेड सीएनजी कार होगी. जिसे आगामी 15 अक्टूबर को भारतीय बाजार में लॉन्च किया जाएगा. अब इसकी पहली झलक सामने आई है.

आज तक 11 Oct 2026 8:47 pm

दिल्ली में प्रदर्शनों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: मेट्रो स्टेशन और इंटरनेट बंद करने पर उठाए तीखे सवाल, केंद्रीय गृह सचिव और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को जारी किया नोटिस

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक प्रदर्शनों और कानून-व्यवस्था के नाम पर इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने तथा मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश-निकास द्वार बंद किए जाने की प्रशासनिक कार्यशैली पर देश की सर्वोच्च अदालत ने बेहद कड़ा ऐतराज जताया है। सुप्रीम कोर्ट की विशेष पीठ ने इस मुद्दे को नागरिकों के बुनियादी मौलिक अधिकारों और दैनिक जीवन में आवागमन की स्वतंत्रता से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय करार दिया है। अदालत ने स्पष्ट रूप से टिप्पणी की कि कानून और व्यवस्था बनाए रखना पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन हर छोटे-बड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक परिवहन तंत्र को ठप कर देना और इंटरनेट बंद कर देना आम जनता के लिए अनुचित प्रताड़ना का कारण बन रहा है। इस मामले में संज्ञान लेते हुए शीर्ष अदालत ने केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के गृह सचिव और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को औपचारिक नोटिस जारी कर विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी: सार्वजनिक असुविधा और संवैधानिक अधिकारों का टकरावसुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति की अध्यक्षता वाली पीठ ने मौखिक टिप्पणियों में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन इसकी आड़ में या इसे रोकने के लिए पूरी राजधानी के जनजीवन को बंधक नहीं बनाया जा सकता। अदालत ने कहा कि लुटियंस दिल्ली, मध्य दिल्ली या संवेदनशील इलाकों में प्रदर्शन के आह्वान मात्र से डीएमआरसी (DMRC) के कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को घंटों या पूरे दिन के लिए बंद कर दिया जाता है। इससे अस्पताल जाने वाले मरीजों, स्कूल-कॉलेज के छात्रों, प्रतियोगी परीक्षा के परीक्षार्थियों और दफ्तर जाने वाले कामकाजी लोगों को भारी जाम और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। अदालत ने सख्त लहजे में पूछा कि क्या कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बुनियादी ढांचे और संचार माध्यमों को बंद करना ही एकमात्र प्रशासनिक विकल्प रह गया है?इंटरनेट शटडाउन और मेट्रो स्टेशन सील करने के मानक नियमों पर सवालयाचिकाकर्ताओं ने अदालत के समक्ष विस्तृत आंकड़े पेश करते हुए तर्क दिया कि दिल्ली जैसे संवेदनशील महानगर में टेलीकॉम सस्पेंशन रूल्स (इंटरनेट निलंबन नियम) और धारा 144 का इस्तेमाल नियमित प्रशासनिक हथियार की तरह किया जाने लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर गहरी चिंता जताते हुए सवाल किया कि क्या स्टेशन बंद करने या मोबाइल इंटरनेट डेटा ब्लॉक करने से पहले किसी भी स्तर पर 'आनुपातिकता के सिद्धांत' (Doctrine of Proportionality) का परीक्षण किया जाता है? अदालत ने अनुराधा भसीन बनाम भारत संघ के ऐतिहासिक फैसले की नजीर याद दिलाते हुए दोहराया कि इंटरनेट का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत विचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अभिन्न हिस्सा है और इसका निलंबन केवल अपरिहार्य राष्ट्रीय सुरक्षा संकट की स्थिति में ही न्यूनतम समय के लिए किया जा सकता है। मेट्रो स्टेशनों की अचानक बंदी से सड़कों पर वाहनों का अत्यधिक दबाव बढ़ जाता है, जिससे पूरी दिल्ली में घंटों ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है।केंद्रीय गृह सचिव और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को नोटिस: किन बिंदुओं पर मांगा जवाब?सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस नेतृत्व को नोटिस जारी करते हुए आगामी सुनवाई से पहले व्यापक जवाब दाखिल करने को कहा है। अदालत ने प्रमुख रूप से तीन बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है:निर्णय लेने की वैधानिक प्रक्रिया: किसी इलाके में मेट्रो स्टेशन बंद करने या टेलीकॉम सेवाएं निलंबित करने का निर्णय किस स्तर के अधिकारी द्वारा लिया जाता है और इसके लिए क्या कोई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) मौजूद है?पूर्व सूचना तंत्र का अभाव: स्टेशनों को बंद करने या रूट डायवर्ट करने की सूचना आम जनता को रियल-टाइम में सही समय पर क्यों नहीं मिल पाती, जिससे लाखों यात्री बीच रास्ते में फंस जाते हैं?वैकल्पिक सुरक्षा रणनीति: क्या राजधानी पुलिस के पास भारी भीड़ और प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए ऐसी आधुनिक तकनीक और रणनीतिक उपाय नहीं हैं जिनसे आम नागरिकों की दैनिक आवाजाही प्रभावित न हो?आम जनता, छात्र और कामकाजी वर्ग पर पड़ रहा दोहरा असरयाचिका में इस बात को प्रमुखता से रेखांकित किया गया है कि राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय, मंडी हाउस, आईटीओ, पटेल चौक और उद्योग भवन जैसे प्रमुख इंटरचेंज और केंद्रीय मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद होने से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) यानी नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद से आने वाले दैनिक यात्रियों की पूरी दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो जाती है। ऑनलाइन डिलीवरी सेवाएं, यूपीआई और डिजिटल भुगतान तंत्र, एम्बुलेंस सेवाएं और अस्पतालों की आपातकालीन कनेक्टिविटी इंटरनेट बंदी के कारण बुरी तरह चरमरा जाती है। वकीलों ने दलील दी कि कई मामलों में छात्रों की ऑनलाइन परीक्षाएं छूट गईं और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं में देरी हुई, जिसकी जवाबदेही प्रशासन को लेनी चाहिए।अदालत की भावी दिशा: राष्ट्रीय स्तर पर स्पष्ट एसओपी (SOP) बनाने की तैयारीसुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिए हैं कि वह इस मामले में केवल दिल्ली तक सीमित रहने के बजाय पूरे देश के लिए विरोध प्रदर्शनों के दौरान संचार और सार्वजनिक परिवहन को नियंत्रित करने के संबंध में एक राष्ट्रीय स्तर का दिशानिर्देश या एसओपी (Standard Operating Procedure) तैयार कर सकता है। अदालत का मानना है कि सुरक्षा एजेंसियों को आधुनिक भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाना चाहिए, ताकि सुरक्षा बनाए रखने के साथ-साथ आम नागरिकों के मौलिक अधिकारों और सार्वजनिक सेवाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सके। मामले की अगली सुनवाई आगामी कुछ हफ्तों में तय की गई है, जिस पर देश भर के कानूनी विशेषज्ञों और आम नागरिकों की निगाहें टिकी हुई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Oct 2026 8:46 pm

EPFO 15 अक्टूबर डेडलाइन: कंपनियों के पास सिर्फ 15 तारीख तक का मौका, ECR फाइलिंग चूकी तो लगेगा भारी जुर्माना; जानें कर्मचारियों की जेब और ब्याज पर क्या होगा असर

देशभर के वेतनभोगी कर्मचारियों और नियोक्ताओं (कंपनियों) के लिए 15 अक्टूबर की तारीख बेहद महत्वपूर्ण है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के वैधानिक नियमों के तहत हर महीने की 15 तारीख तक पिछले वेतन माह का भविष्य निधि (PF), पेंशन (EPS) और बीमा (EDLI) अंशदान जमा करने के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक चालान-सह-रिटर्न (ECR) दाखिल करना कानूनी रूप से अनिवार्य होता है। सितंबर माह के वेतन से काटे गए पीएफ अंशदान और नियोक्ता के अनिवार्य हिस्से को सरकारी पोर्टल पर जमा करने की अंतिम समय-सीमा 15 अक्टूबर तय की गई है। यदि कोई भी संस्थान, प्रतिष्ठान या कंपनी इस निर्धारित तिथि तक ईसीआर फाइल करने और चालान का भुगतान करने में विफल रहती है, तो ईपीएफओ के कड़े प्रावधानों के तहत कंपनी प्रबंधन पर भारी ब्याज और दंडात्मक हर्जाना (Penal Damages) लगाया जाता है।क्या है ECR फाइलिंग और 15 अक्टूबर की डेडलाइन का अनिवार्य नियम?ईसीआर यानी 'इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रिटर्न' एक डिजिटल दस्तावेज है, जिसके माध्यम से कंपनी यह प्रमाणित करती है कि उसने किस कर्मचारी के वेतन से कितना पीएफ काटा है और अपनी तरफ से कितना योगदान जोड़ा है। ईपीएफ अधिनियम 1952 के प्रावधानों के मुताबिक, किसी भी वेतन माह (Wage Month) की समाप्ति के बाद अगले महीने की 15 तारीख तक यह राशि ईपीएफओ के खाते में ट्रांसफर हो जानी चाहिए। 15 अक्टूबर तक कंपनियों को न केवल ईसीआर डेटा अपलोड करना होता है, बल्कि बैंक के माध्यम से चालान का सफल भुगतान कर टीआरआरएन (TRRN - Temporary Return Reference Number) भी जनरेट करना अनिवार्य है। इस प्रक्रिया में देरी होने पर पोर्टल पर तकनीकी रुकावटें आ सकती हैं और डिफॉल्ट की स्थिति में कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो जाती है।15 अक्टूबर की चूक पर कंपनियों की जेब होगी खाली: समझें ब्याज और पेनल्टी का पूरा गणितईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि 15 अक्टूबर की समय-सीमा समाप्त होने के बाद हर एक दिन की देरी कंपनी पर भारी आर्थिक बोझ डालेगी:धारा 7Q के तहत 12% वार्षिक ब्याज: यदि कोई कंपनी 15 तारीख के बाद अंशदान जमा करती है, तो ईपीएफ अधिनियम की धारा 7Q के तहत देय तिथि के अगले दिन से लेकर वास्तविक भुगतान के दिन तक बकाया राशि पर 12% प्रति वर्ष की दर से ब्याज वसूला जाता है।धारा 14B के तहत दंडात्मक हर्जाना (Penal Damages): ब्याज के अतिरिक्त, देरी की अवधि के आधार पर ईपीएफओ 5% से लेकर 25% तक का भारी हर्जाना लगाता है। यदि भुगतान में 2 महीने तक की देरी होती है तो 5%, 2 से 4 महीने की देरी पर 10%, 4 से 6 महीने की देरी पर 15%, और 6 महीने से अधिक की देरी पर 25% तक का अतिरिक्त जुर्माना वसूला जाता है।टैक्स छूट का नुकसान (Income Tax Disallowance): आयकर अधिनियम की धारा 43B और धारा 36(1)(va) के अनुसार, यदि कर्मचारी का पीएफ अंशदान तय समय-सीमा (15 तारीख) तक जमा नहीं होता है, तो कंपनी उस खर्च पर टैक्स छूट का दावा नहीं कर सकती, जिससे कंपनी की कर देनदारी में अप्रत्याशित उछाल आ जाता है।आपराधिक मुकदमा: कर्मचारी के वेतन से पीएफ काटकर ईपीएफओ में जमा न करना भारतीय कानून के तहत आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust) माना जाता है, जिसमें कंपनी के निदेशकों पर मुकदमा दर्ज करने का प्रावधान है।कर्मचारियों पर क्या पड़ेगा सीधा असर?कंपनियों की इस लापरवाही का सीधा और गंभीर असर सीधे कर्मचारियों के वित्तीय भविष्य और सुरक्षा पर पड़ता है:मासिक ब्याज की हानि: ईपीएफओ द्वारा वित्त वर्ष के अंत में घोषित ब्याज (जैसे 8.25%) कर्मचारी के खाते में जमा मासिक शेष राशि (Monthly Running Balance) पर आंका जाता है। यदि कंपनी ने समय पर पैसा जमा नहीं किया, तो कर्मचारी की पासबुक में उस महीने का ब्याज क्रेडिट अटक जाता है या कम हो जाता है।पासबुक अपडेट और दावों में रुकावट: जब तक कंपनी सितंबर माह का ईसीआर फाइल नहीं करती, तब तक कर्मचारी की ऑनलाइन पासबुक में सितंबर महीने का बैलेंस प्रदर्शित नहीं होगा। यदि इस दौरान कर्मचारी पीएफ से एडवांस निकालने, बीमारी के लिए क्लेम करने या नौकरी बदलने के बाद पीएफ ट्रांसफर करने का आवेदन करता है, तो रिकॉर्ड अधूरा होने के कारण क्लेम रिजेक्ट हो सकता है।पेंशन और ईडीएलआई (EDLI) बीमा कवरेज: ईसीआर फाइल होने से ही कर्मचारी का ईपीएस (EPS) पेंशन सेवा रिकॉर्ड और ईडीएलआई के तहत मिलने वाला 7 लाख रुपये तक का मुफ्त जीवन बीमा कवर सक्रिय रहता है। अंशदान में देरी होने से आपात स्थिति में आश्रितों को बीमा दावा मिलने में प्रशासनिक बाधाएं आ सकती हैं।ईपीएफओ पोर्टल पर ईसीआर फाइल करने की सही प्रक्रियानियोक्ताओं को अंतिम समय में सर्वर पर लोड और पोर्टल क्रैश की समस्या से बचने के लिए समय रहते प्रक्रिया पूरी करने की हिदायत दी गई है:ईपीएफओ के एकीकृत नियोक्ता पोर्टल (Unified Employer Portal) पर अपनी एस्टैब्लिशमेंट आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें।'Payment' टैब में जाकर 'ECR / Return Filing' का विकल्प चुनें।सितंबर माह के पे-रोल डेटा के आधार पर तैयार की गई टेक्स्ट फाइल (TXT Format) को अपलोड करें।सिस्टम द्वारा डेटा सत्यापन के बाद टीआरआरएन और चालान जनरेट करें।नेट बैंकिंग के माध्यम से 15 अक्टूबर को रात 11:59 बजे से पहले चालान का भुगतान सुनिश्चित करें और रसीद सुरक्षित रख लें।कर्मचारी कैसे जांचें कि उनका पीएफ जमा हुआ या नहीं?कर्मचारियों को यह सलाह दी जाती है कि वे 15 अक्टूबर के बाद अपनी ईपीएफओ पासबुक अवश्य चेक करें। इसके लिए कर्मचारी ईपीएफओ मेंबर पोर्टल या उमंग (UMANG) ऐप पर अपने 12 अंकों के यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) और पासवर्ड के माध्यम से लॉगिन कर सकते हैं। पासबुक में सितंबर माह की कटौती और कंपनी का शेयर जमा दिखने पर ही यह सुनिश्चित होता है कि नियोक्ता ने समय पर अनुपालन पूरा कर लिया है। यदि राशि कटी हुई न दिखे, तो कर्मचारी तुरंत अपने एचआर या वित्त विभाग से संपर्क कर सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Oct 2026 8:43 pm

Djibouti Boat Tragedy Reason:

Djibouti Boat Accident Reason:

वन इंडिया 11 Oct 2026 8:43 pm

Health Insurance Renewal: पॉलिसी रिन्यू करने से पहले जरूर जांच लें ये 5 जरूरी बातें, जरा सी चूक पर क्लेम के वक्त लग सकता है लाखों का चूना; जानें पूरा गणित

हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का सालाना नवीनीकरण (रिन्युअल) अमूमन लोग केवल प्रीमियम भरकर एक औपचारिक प्रक्रिया की तरह निपटा देते हैं, लेकिन यही लापरवाही आपातकालीन इलाज के वक्त लाखों रुपये की चपत लगा देती है। स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र में तेजी से बदलते नियमों, अस्पताल के बढ़ते शुल्कों और बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) के नवीनतम दिशा-निर्देशों के बीच पॉलिसीधारक के लिए यह समझना बेहद जरूरी हो गया है कि वह जिस सुरक्षा कवर का भुगतान कर रहा है, वह वास्तविक इलाज के समय पूरा साथ देगा या नहीं। कई बार लोग पॉलिसी दस्तावेजों में हुए सूक्ष्म संशोधनों को पढ़े बिना रिन्यू कर देते हैं और अस्पताल में भर्ती होते ही पता चलता है कि जिस कमरे में मरीज भर्ती है, उसका पूरा खर्च बीमा कंपनी नहीं उठाएगी। प्रीमियम की किस्त चुकाने से पहले अपनी मेडिकल पॉलिसी की बारीकियों को री-असेस करना वित्तीय समझदारी का सबसे पहला नियम है।रूम रेंट कैपिंग और प्रोपोर्शनल डिडक्शन का जाल समझेंहेल्थ इंश्योरेंस रिन्युअल के वक्त सबसे पहले पॉलिसी में मौजूद रूम रेंट लिमिट (कमरे के किराए की सीमा) की पड़ताल करनी चाहिए। पुरानी पॉलिसियों में अक्सर यह शर्त होती है कि सम इंश्योर्ड (बीमा राशि) का केवल 1% ही दैनिक कमरे के किराए के रूप में मान्य होगा, यानी 5 लाख रुपये के कवर पर केवल 5,000 रुपये प्रतिदिन का कमरा लिया जा सकता है। यदि मरीज किसी ऐसे प्राइवेट अस्पताल में भर्ती होता है जहां कमरे का किराया 7,500 रुपये प्रतिदिन है, तो बीमा कंपनी केवल कमरे के अंतर का पैसा ही नहीं काटती, बल्कि डॉक्टर की फीस, नर्सिंग चार्ज, सर्जरी और आईसीयू खर्चों पर भी आनुपातिक कटौती (Proportional Deduction) लागू कर देती है। इसका सीधा मतलब यह है कि 5 लाख के बिल में से मरीज को अपनी जेब से डेढ़ से दो लाख रुपये तक चुकाने पड़ सकते हैं। इसलिए रिन्युअल कराते वक्त यह सुनिश्चित करें कि आपकी पॉलिसी 'नो रूम रेंट कैपिंग' या 'सिंगल प्राइवेट एसी रूम' की सुविधा के साथ अपग्रेड हो।नो क्लेम बोनस (NCB) और सम इंश्योर्ड की बढ़ोतरी का हिसाबयदि बीते वर्ष आपने या आपके परिवार ने पॉलिसी से कोई क्लेम नहीं लिया है, तो बीमा कंपनी आपको नो क्लेम बोनस (NCB) प्रदान करती है। रिन्युअल नोटिस में यह स्पष्ट रूप से देखना आवश्यक है कि कंपनी ने आपके बेस सम इंश्योर्ड में बोनस के रूप में कितनी अतिरिक्त राशि जोड़ी है। आज के समय में कई अग्रणी बीमा कंपनियां बिना प्रीमियम बढ़ाए क्लेम-फ्री वर्ष के लिए 20% से लेकर 50% तक, और कुछ पॉलिसियों में 100% तक संचयी बोनस (Cumulative Bonus) की सुविधा देती हैं। यदि आपकी मौजूदा कंपनी नो क्लेम बोनस में संतोषजनक वृद्धि नहीं दे रही है, या क्लेम करने पर पूरा बोनस एक झटके में घटा देती है, तो आपको रिन्युअल के समय ही सुपर-एनसीबी एड-ऑन लेने या अन्य बेहतर पॉलिसी में पोर्ट कराने का विकल्प तलाशना चाहिए। बढ़ती चिकित्सा महंगाई के दौर में बिना अतिरिक्त खर्च के सम इंश्योर्ड का बढ़ना एक बड़ा सुरक्षा कवच साबित होता है।को-पेमेंट (Co-Payment) और सब-लिमिट की छिपी शर्तेंपॉलिसी रिन्यू करते समय पॉलिसी वर्डिंग्स में जोड़ी गई किसी भी नई को-पेमेंट या रोग-विशिष्ट सब-लिमिट (Disease-specific Sub-limit) की जांच करना अनिवार्य है। को-पेमेंट का अर्थ है कि अस्पताल के कुल स्वीकृत बिल का एक निश्चित हिस्सा (जैसे 10%, 20% या 30%) बीमाधारक को स्वयं वहन करना होगा। कई कंपनियां सीनियर सिटीजन पॉलिसियों में या प्रीमियम को सस्ता रखने के नाम पर चुपके से को-पेमेंट क्लॉज जोड़ देती हैं। इसी तरह मोतियाबिंद (Cataract), घुटना प्रत्यारोपण (Knee Replacement), किडनी स्टोन या हर्निया जैसी सामान्य बीमारियों पर खर्च की एक अधिकतम सीमा यानी सब-लिमिट तय कर दी जाती है। यदि किसी ऑपरेशन का वास्तविक खर्च 1.5 लाख रुपये है और पॉलिसी में सब-लिमिट 40,000 रुपये है, तो बाकी 1.10 लाख रुपये बीमाधारक को खुद देने होंगे। प्रीमियम भरने से पहले यह पक्का करें कि आपकी पॉलिसी में शून्य को-पेमेंट और न्यूनतम सब-लिमिट की व्यवस्था हो।कैशलेस नेटवर्क हॉस्पिटल्स की अद्यतन सूची का मिलानबीमा कंपनियां समय-समय पर अस्पतालों के साथ अपनी दर-सूची (Rate Card) और भुगतान शर्तों के आधार पर नेटवर्क अस्पतालों की सूची में संशोधन करती रहती हैं। ऐसा हो सकता है कि जिस बड़े मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल को ध्यान में रखकर आपने मूल पॉलिसी खरीदी थी, वह इस साल बीमा कंपनी के कैशलेस नेटवर्क पैनल से बाहर हो गया हो। आपात स्थिति में कैशलेस सुविधा न मिलने पर मरीज के परिजनों को पहले अपनी जेब से पूरा बिल चुकाना पड़ता है और फिर रिइंबर्समेंट के लिए हफ्तों तक दस्तावेजों और क्लेम फॉर्म के चक्कर काटने पड़ते हैं। रिन्युअल से पहले अपनी कंपनी की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर अपने गृह शहर, जिले और नजदीकी प्रमुख मेडिकल सेंटरों की सक्रिय कैशलेस सूची की दोबारा जांच करें ताकि आपातकालीन स्थिति में तुरंत बिना नकदी इलाज सुनिश्चित हो सके।मौजूदा बीमारियों (Pre-Existing Diseases) और जीवनशैली में बदलाव का खुलासारिन्युअल प्रक्रिया केवल कागजी नवीनीकरण नहीं है, बल्कि अपनी स्वास्थ्य स्थिति को अद्यतन करने का भी मौका है। यदि पिछले एक वर्ष के दौरान परिवार के किसी सदस्य को उच्च रक्तचाप (Hypertension), मधुमेह (Diabetes), थायराइड या हृदय संबंधी किसी नई समस्या का पता चला है, तो बीमा कंपनी को इसकी लिखित सूचना देना कानूनी और तकनीकी दृष्टि से बेहद सुरक्षित रहता है। यद्यपि रिन्युअल पर नई प्रतीक्षा अवधि (Waiting Period) आमतौर पर नहीं लगती, लेकिन किसी भी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य बदलाव को छिपाने पर भविष्य में कंपनी नॉन-डिस्क्लोजर ऑफ मैटेरियल फैक्ट्स (महत्वपूर्ण तथ्य छिपाने) का हवाला देकर क्लेम खारिज कर सकती है। यदि आप अपनी पॉलिसी का दायरा बढ़ाना चाहते हैं, तो रिन्युअल से ठीक 45 दिन पहले ही पॉलिसी पोर्टेबिलिटी (Portability) का आवेदन भी किया जा सकता है, जिससे पुरानी पॉलिसी के तहत बिताया गया वेटिंग पीरियड पूरी तरह सुरक्षित रहता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Oct 2026 8:37 pm

क्या क्रेडिट कार्ड की बिलिंग साइकिल बदली जा सकती है? जानिए RBI का आधिकारिक नियम और सैलरी के अनुसार सही तारीख चुनने का फॉर्मूला

क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते समय सबसे बड़ी चिंता समय पर बिल भरने और पेनल्टी या भारी ब्याज से बचने की होती है। कई बार ऐसा होता है कि क्रेडिट कार्ड का बिल महीने के उस समय आ जाता है जब बैंक खाते में बैलेंस कम होता है, जबकि सैलरी कुछ दिन बाद आने वाली होती है। ऐसे में वेतनभोगी कर्मचारियों के मन में यह सवाल जरूर आता है कि क्या क्रेडिट कार्ड की बिलिंग डेट (Billing Cycle) बदली जा सकती है? इसका सीधा जवाब है—हाँ, बिल्कुल बदली जा सकती है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने इसके लिए स्पष्ट और अनिवार्य दिशा-निर्देश जारी किए हैं।क्रेडिट कार्ड बिलिंग डेट बदलने पर क्या है RBI का नियम?आरबीआई ने क्रेडिट कार्ड धारकों की सुविधा और अनचाहे डिफॉल्ट से बचाने के लिए अपने मास्टर डायरेक्शन (Master Direction on Credit Card and Debit Card Operations) में विशेष प्रावधान किया है।एकमुश्त विकल्प का अधिकार: आरबीआई के नियमों के अनुसार, प्रत्येक कार्ड जारीकर्ता बैंक या गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) को अपने ग्राहकों को कम से कम एक बार अपनी बिलिंग साइकिल (बिल जनरेशन की तारीख) बदलने की अनुमति देना अनिवार्य है।बैंक मना नहीं कर सकते: कोई भी बैंक यह कहकर आवेदन खारिज नहीं कर सकता कि सिस्टम में बिलिंग डेट फिक्स है। ग्राहक अपनी वित्तीय सहूलियत या सैलरी चक्र के हिसाब से नई तारीख का चयन कर सकते हैं।कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं: सामान्यतः बिलिंग साइकिल में बदलाव करने के लिए बैंक कोई शुल्क नहीं लेते। हालांकि, बदलाव के दौरान पहले चक्र का प्रो-राटा बिल (कम या ज्यादा दिनों का अंतराल) जनरेट हो सकता है।सैलरी के हिसाब से कैसे चुनें सबसे सही बिलिंग तारीख?क्रेडिट कार्ड का बिलिंग गणित समझना बेहद आसान है। बिलिंग चक्र में दो तारीखें सबसे महत्वपूर्ण होती हैं:बिलिंग डेट (Statement Date): जिस दिन महीने भर के खर्च का बिल जनरेट होता है।देय तिथि (Payment Due Date): बिल जनरेट होने के आमतौर पर 15 से 20 दिन बाद की तारीख, जिस दिन तक बिना किसी ब्याज के बिल चुकाना होता है।यदि आप सैलरी के तुरंत बाद बिना किसी तनाव के बिल भरना चाहते हैं, तो नीचे दी गई समय-सारणी के अनुसार अपनी बिलिंग डेट सेट करनी चाहिए:यदि आपकी सैलरी इस तारीख को आती हैतो बिलिंग डेट (Statement Date) रखेंदेय तिथि (Due Date) लगभग होगीफायदा1 तारीख (1st of month)महीने की 12 से 15 तारीखअगले महीने की 2 से 5 तारीखसैलरी आते ही 24-48 घंटे में बिल चुकता हो जाएगा7 तारीख (7th of month)महीने की 18 से 20 तारीखअगले महीने की 8 से 10 तारीखसैलरी क्रेडिट होने के तुरंत बाद भुगतान संभवमहीने के अंत में (30/31 तारीख)महीने की 10 से 12 तारीखउसी महीने की 30 तारीख या 1 तारीखपूरे महीने अधिकतम ब्याज-मुक्त अवधि (Interest-Free Period) मिलेगीगोल्डन रूल: हमेशा ऐसी बिलिंग डेट चुनें जिससे आपकी पेमेंट ड्यू डेट सैलरी क्रेडिट होने के 2 से 5 दिन बाद पड़े। ऐसा करने से सैलरी आते ही सबसे पहले कार्ड का भुगतान हो जाएगा और पैसे खत्म होने या ईएमआई बाउंस होने का जोखिम शून्य रहेगा।बिलिंग डेट बदलने के 3 सबसे बड़े फायदे45 से 50 दिनों का पूरा ब्याज-मुक्त क्रेडिट: सही बिलिंग साइकिल चुनने पर बड़े खर्चों को बिल जनरेट होने के ठीक 1-2 दिन बाद प्लान किया जा सकता है, जिससे अधिकतम 50 दिनों तक फ्री क्रेडिट पीरियड का लाभ मिलता है।लेट फीस और भारी ब्याज से सुरक्षा: सैलरी आने से पहले बिल ड्यू होने पर अक्सर मिनिमम ड्यू भरना पड़ता है या लेट पेमेंट होती है। 40% से 45% तक के सालाना ब्याज और लेट फाइन से पूरी तरह मुक्ति मिल जाती है।सिबिल (CIBIL) स्कोर में मजबूती: समय पर 100% भुगतान सुनिश्चित होने से पेमेंट हिस्ट्री (जिसका सिबिल में 30% वेटेज है) हमेशा बेदाग रहती है, जिससे क्रेडिट स्कोर 750+ बनाए रखना आसान होता है।बैंक में बिलिंग साइकिल बदलने के लिए आवेदन कैसे करें?बिलिंग डेट में बदलाव करने के मुख्य रूप से तीन तरीके उपलब्ध हैं:मोबाइल बैंकिंग / नेट बैंकिंग ऐप: अधिकांश प्रमुख बैंक (HDFC, SBI Card, ICICI, Axis Bank आदि) अपने ऐप के 'Card Management' या 'Service Request' सेक्शन में 'Change Billing Cycle' का सीधा विकल्प देते हैं।कस्टमर केयर कॉल: बैंक के 24x7 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके प्रतिनिधि से अपनी पसंदीदा बिलिंग डेट अपडेट करने का अनुरोध किया जा सकता है।ईमेल या चैट सपोर्ट: अपने रजिस्टर्ड ईमेल आईडी से बैंक के क्रेडिट कार्ड डिवीजन को कार्ड के आखिरी 4 अंक और नई पसंदीदा स्टेटमेंट डेट लिखकर रिक्वेस्ट भेज सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Oct 2026 8:34 pm

CIBIL Score का 30x25x25x20 फॉर्मूला: जानें किस ट्रांजेक्शन से कितना सुधरेगा स्कोर और कैसे पहुंचेगा 750 के पार

क्रेडिट स्कोर किसी भी व्यक्ति की वित्तीय साख का आईना होता है। चाहे होम लोन लेना हो, पर्सनल लोन या नया क्रेडिट कार्ड—बैंक सबसे पहले सिबिल (CIBIL) स्कोर की जांच करते हैं। सिबिल स्कोर 300 से 900 अंकों के बीच निर्धारित होता है, जिसमें 750 या उससे अधिक का स्कोर उत्कृष्ट माना जाता है। सिबिल ब्यूरो किसी एक गतिविधि के आधार पर स्कोर तय नहीं करता, बल्कि यह एक सटीक वेटेड मॉडल पर काम करता है जिसे वित्तीय विशेषज्ञ 30:25:25:20 फॉर्मूला कहते हैं।सिबिल स्कोर का 30x25x25x20 फॉर्मूला क्या है?सिबिल स्कोर की गणना में 4 मुख्य घटकों को अलग-अलग भारांक (weightage) दिया गया है:घटक (Factor)हिस्सेदारी (Weightage)600 अंक के पैमाने पर प्रभावमुख्य आधारपेमेंट हिस्ट्री (Payment History)30%~180 अंकईएमआई और बिल भुगतान का ट्रैक रिकॉर्डक्रेडिट यूटिलाइजेशन (Credit Exposure)25%~150 अंककुल लिमिट का कितना प्रतिशत खर्च कियाक्रेडिट मिक्स और ड्यूरेशन (Credit Mix & Age)25%~150 अंकसिक्योर्ड vs अनसिक्योर्ड लोन और खाते की उम्रहार्ड इंक्वायरी (Recent Credit Inquiries)20%~120 अंकनए लोन या कार्ड के लिए हालिया आवेदन1. पेमेंट हिस्ट्री (30% वेटेज) — सबसे बड़ा असरसमय पर भुगतान आपके स्कोर का सबसे मजबूत आधार है। क्रेडिट कार्ड का न्यूनतम देय (Minimum Due) चुकाना डिफॉल्ट से तो बचाता है, लेकिन पूरे बिल का समय पर भुगतान ही स्कोर को अधिकतम गति देता है।समय पर 100% भुगतान: हर महीने समय पर ईएमआई या कार्ड बिल भरने से 3 से 6 महीने में स्कोर में 20 से 40 अंकों का निरंतर सुधार देखने को मिलता है।1 भी मिस हुई ईएमआई: 30 दिन से अधिक की एक चूक (DPD - Days Past Due) स्कोर को तुरंत 50 से 70 अंक नीचे गिरा सकती है।सेटलमेंट या राइट-ऑफ: लोन 'क्लोज' करने के बजाय 'सेटल' कराने पर रिपोर्ट में नकारात्मक फ्लैग दर्ज होता है, जिससे स्कोर 80-100 अंक तक गिर सकता है।2. क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो - CUR (25% वेटेज)यह दर्शाता है कि आप क्रेडिट कार्ड की कुल उपलब्ध लिमिट का कितना हिस्सा इस्तेमाल कर रहे हैं। बैंकिंग मानक के अनुसार यह अनुपात 30% से कम रहना चाहिए।उदाहरण: यदि कार्ड की कुल लिमिट ₹1,00,000 है, तो महीने का बिलिंग साइकिल बैलेंस ₹30,000 के अंदर रहना चाहिए।30% से कम उपयोग: स्कोर को स्थिर रखते हुए धीरे-धीरे 15 से 25 अंक बढ़ाता है।80% से 90% लिमिट उपयोग (मैक्स आउट): बैंक आपको 'क्रेडिट हंग्री' मानते हैं, जिससे स्कोर में हर महीने 15 से 30 अंकों की गिरावट आ सकती है।तुरंत सुधार का तरीका: यदि उपयोग 30% से अधिक हो रहा है, तो बिल जनरेट होने की तारीख से 2-3 दिन पहले आंशिक भुगतान कर दें ताकि ब्यूरो को कम बैलेंस रिपोर्ट हो।3. क्रेडिट मिक्स और अकाउंट की उम्र (25% वेटेज)एकतरफा कर्ज प्रोफाइल के मुकाबले संतुलित लोन पोर्टफोलियो बेहतर माना जाता है।संतुलित मिक्स: केवल पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड (अनसिक्योर्ड) होने के बजाय साथ में ऑटो/होम लोन (सिक्योर्ड) होना वित्तीय अनुशासन दर्शाता है।पुराने क्रेडिट कार्ड चालू रखना: सबसे पुराना कार्ड बंद करने से एवरेज क्रेडिट एज घट जाती है, जिससे स्कोर में 10-15 अंक की अप्रत्याशित गिरावट आ सकती है। पुराने, एक्टिव कार्ड्स को बिना सालाना शुल्क के चालू रखना स्कोर को स्थिरता देता है।4. नई पूछताछ और हार्ड इंक्वायरी (20% वेटेज)जब भी आप किसी बैंक में लोन या कार्ड के लिए आवेदन करते हैं, बैंक आपकी विस्तृत सिबिल रिपोर्ट फेच करता है, जिसे 'हार्ड इंक्वायरी' कहते हैं।अल्पकाल में कई आवेदन: 15 दिनों में 4-5 जगह लोन अप्लाई करने से हर हार्ड इंक्वायरी पर स्कोर 5 से 10 अंक तुरंत कट सकता है।सॉफ्ट इंक्वायरी का असर: अपने स्तर पर सिबिल पोर्टल या बैंकिंग ऐप पर खुद स्कोर चेक करने से स्कोर पर 0% असर पड़ता है।60 से 90 दिनों में 750+ स्कोर हासिल करने का 4-स्टेप एक्शन प्लानक्रेडिट यूटिलाइजेशन को 25% पर लॉक करें: यदि आपकी कुल कार्ड लिमिट ₹2,00,000 है, तो मासिक स्टेटमेंट बैलेंस ₹50,000 से अधिक न जाने दें। जरूरत पड़ने पर बैंक से लिमिट बढ़वाने का अनुरोध करें ताकि यूटिलाइजेशन अपने आप घट जाए।ऑटो-डेबिट सक्रिय करें: सभी चालू ईएमआई और क्रेडिट कार्ड बिलों के लिए बैंक खाते से ऑटो-पे सेट करें ताकि एक भी दिन की देरी न हो।अगले 90 दिनों तक नया लोन आवेदन बंद करें: किसी भी नए कार्ड या अनसिक्योर्ड लोन के लिए आवेदन न करें ताकि हार्ड इंक्वायरी की संख्या शून्य रहे।सिबिल रिपोर्ट में गलतियों की जांच करें: साल में एक बार मिलने वाली मुफ्त सिबिल रिपोर्ट डाउनलोड करें। यदि किसी बंद हो चुके लोन का स्टेटस 'Active' या गलत ओवरड्यू दिख रहा है, तो तत्काल CIBIL पोर्टल पर ऑनलाइन डिस्प्यूट (Dispute) दर्ज करें; सुधार होते ही स्कोर 30-50 अंक उछल सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Oct 2026 8:33 pm

कमर्शियल किचन कामगारों पर प्रदूषण और गर्मी का खतरा, 70% रसोई में गाइडलाइन से ज्यादा एक्सपोजर

कमर्शियल किचन कामगारों पर प्रदूषण और गर्मी का खतरा The post कमर्शियल किचन कामगारों पर प्रदूषण और गर्मी का खतरा, 70% रसोई में गाइडलाइन से ज्यादा एक्सपोजर appeared first on प्रवक्‍ता.कॉम - Pravakta.Com .

प्रवक्ता 11 Oct 2026 8:33 pm

रूस-यूक्रेन के बीच लागू हुआ एनर्जी सीजफायर, ट्रंप का बड़ा दावा; जेलेंस्की ने रखी 60 दिन की शर्त

रूस-यूक्रेन के बीच एनर्जी सीजफायर लागू होने का ट्रंप ने दावा किया है। वहीं जेलेंस्की ने चुनाव के लिए रूस से 60 दिन के पूर्ण युद्धविराम की मांग की है।

देशबन्धु 11 Oct 2026 8:31 pm

फर्जी SMS भेजने के मामले में तीन टेलीमार्केटिंग फर्मों के खिलाफ मामला दर्ज, हेडर और टेम्प्लेट का गलत इस्तेमाल करने का आरोप

तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो ने तीन टेलीमार्केटिंग कंपनियों के खिलाफ धोखाधड़ी वाले SMS भेजने का मामला दर्ज किया है।

जागरण 11 Oct 2026 8:31 pm

'दिपके को तुरंत दी गई थी दादी के निधन की खबर', दिल्ली पुलिस ने जारी किया

अभिजीत दिपके की दादी के निधन को लेकर दिल्ली पुलिस ने एक वीडियो जारी किया है. पुलिस का दावा है कि दिपके को निधन की जानकारी दी गई थी और घर जाने की पेशकश भी की गई थी. हालांकि, दिपके ने हिरासत के दौरान फोन और वकील से संपर्क नहीं करने देने के आरोप लगाए हैं.

आज तक 11 Oct 2026 8:29 pm

Pakistan में शहबाज शरीफ का बड़ा एक्शन, लगा आपातकाल!

पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी पीटीआई और केंद्र सरकार के बीच टकराव बढ़ गया है. राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने 11 अक्टूबर को खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी लागू करने की घोषणा पर हस्ताक्षर किए, जिसके बाद प्रांतीय सरकार के अधिकारों पर रोक लग गई. सरकार ने आतंकवादी हमलों और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को इसकी वजह बताया है. इस बीच इमरान खान की रिहाई और उनसे मुलाकात की मांग को लेकर पीटीआई का मार्च जारी है.

आज तक 11 Oct 2026 8:25 pm

पंजाब: तरनतारन में ASI की गोलियों से भूनकर हत्या, कुछ दिन पहले भतीजे का भी हुआ था मर्डर

Tarn Taran Police ASI Murder: तरनतारन के नौशहरा पन्नूआ में फिरोजपुर पुलिस के ASI इकबाल सिंह की गोलियां मारकर हत्या. गुरुद्वारा साहिब से माथा टेककर लौट रहे थे अफसर. महीने भर पहले भतीजे की भी हुई थी हत्या. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

आज तक 11 Oct 2026 8:23 pm

'प्रेमानंद दुखी...' कोहली पर 5 करोड़ का दावा करने वाले संत ने मांगी माफी

प्रेमानंद महाराज और विराट कोहली पर विवादित बयान देने वाले दिनेश शर्मा फलाहारी महाराज भी बैकफुट पर आ गए हैं. फलाहारी महाराज ने दावा किया था कि प्रेमानंद के आश्रम बुलाने के लिए विराट कोहली को पांच करोड़ रुपए दिए गए थे. हालांकि अपने इस विवादित बयान के लिए अब उन्होंने माफी मांग ली है.

आज तक 11 Oct 2026 8:23 pm

दीपके की दादी के निधन पर घमासान, दिल्ली पुलिस ने वीडियो जारी कर सीजेपी के आरोपों को नकारा

अभिजीत दिपके की दादी के निधन की सूचना को लेकर सीजेपी और दिल्ली पुलिस आमने-सामने हैं। पुलिस ने वीडियो जारी कर परिवार से संपर्क और यात्रा सहायता की पेशकश का दावा किया है।

देशबन्धु 11 Oct 2026 8:23 pm

पूर्व IAS Divya Mittal का Mirzapur में भव्य स्वागत, समर्थकों ने लगाए जिंदाबाद के नारे

भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) से इस्तीफा देकर राजनीति में आने की घोषणा कर चुकीं उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर की पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल का रविवार को जिगना में समर्थकों ने भव्य स्वागत किया। ग्रामीणों ने इस दौरान ‘दिव्या मित्तल जिंदाबाद’ और ‘दिव्या दीदी जिंदाबाद’ के नारे लगाए। राजनीति में आने की घोषणा के बाद मित्तल का इस क्षेत्र का यह पहला दौरा था। उनके पहुंचने पर महिलाओं ने गुलाब की मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया, जबकि लोगों ने उनकी गाड़ी पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाईं। मित्तल ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आप लोगों ने मुझ पर इतने फूल बरसाये हैं। यह आपका प्यार है।’’उन्होंने कहा, ‘‘आप हर बार मुझे भावुक कर देते हैं। ऐसा लगता है कि मिर्जापुर ने मुझे भावनाओं में रुलाने का ठेका ले लिया है। मिर्जापुर को हमेशा हंसते रहना चाहिए। किसी को रोना नहीं है।’’इसके बाद मित्तल ने शारदीय नवरात्र के पहले दिन विंध्याचल स्थित मां विंध्यवासिनी मंदिर में दर्शन-पूजन किया। वह दोपहर करीब दो बजे मंदिर पहुंचीं और श्रद्धालुओं के साथ कतार में खड़े होकर पूजा की। उनके लिए इस दौरान कोई विशेष व्यवस्था नहीं की गई थी। पुजारी पंडित विनय महाराज ने कलश स्थापना की रस्म पूरी कर धार्मिक अनुष्ठान शुरू कराया। हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली मित्तल ने 30 अगस्त को आईएएस की सेवा से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने 29 सितंबर को राजनीति में आने की घोषणा करते हुए कहा था कि वह उत्तर प्रदेश से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत करेंगी। मित्तल ने यह भी स्पष्ट किया था कि वह किसी राजनीतिक दल में शामिल होने के बजाय स्वतंत्र रूप से काम करेंगी और देश की आजादी के 80 वर्षों का हिसाब मांगेंगी। माना जा रहा है कि मित्तल मिर्जापुर से ही अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत कर सकती हैं। मित्तल मिर्जापुर की जिलाधिकारी रहते हुए अपने प्रशासनिक प्रयासों के लिए चर्चा में रही थीं। उन्होंने राजनीति में आने की घोषणा के दौरान जिले के लहुरिया दह गांव से जुड़ा एक अनुभव भी साझा किया था, जिसमें एक महिला की बातों ने उन्हें भावुक कर दिया था।

प्रभासाक्षी 11 Oct 2026 8:23 pm

अभिषेक ने सबसे तेज 2000 रन जड़ रचा इतिहास, तोड़ा धांसू रिकॉर्ड

अभिषेक शर्मा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 2000 रन पूरे कर लिए हैं. इसके साथ ही उन्होंने सूर्यकुमार यादव को पछाड़ते हुए नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है. तीसरे टी20 में अभिषेक ने बल्ले से कमाल का प्रदर्शन किया.

आज तक 11 Oct 2026 8:18 pm

पुरानी चूड़ियों पर लपेटें धागा, सस्ते में बनेंगे सुंदर कड़े

अलमारी में पड़ी पुरानी और फीकी चूड़ियों को फेंकने के बजाय नया लुक दे सकते हैं. रेशमी धागे, मोतियों और लेस की मदद से घर पर ही बाजार जैसे हैवी और राजशाही डिजाइनर कड़े बनाए जा सकते हैं. इसके लिए पैसे भी ज्यादा खर्च नहीं करने होंगे.

आज तक 11 Oct 2026 8:18 pm

जेपी का बिगुल और अधूरा रह गया सम्पूर्ण क्रांति का सपना

जेपी का बिगुल और अधूरा रह गया सम्पूर्ण क्रांति का सपना The post जेपी का बिगुल और अधूरा रह गया सम्पूर्ण क्रांति का सपना appeared first on प्रवक्‍ता.कॉम - Pravakta.Com .

प्रवक्ता 11 Oct 2026 8:15 pm

EPFO Pension Calculation: 10 साल की नौकरी और ₹28,000 सैलरी पर रिटायरमेंट पर कितनी मिलेगी मासिक पेंशन? समझें पूरा गणित

प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले करोड़ों कर्मचारियों के वेतन से हर महीने भविष्य निधि (PF) की कटौती होती है, लेकिन अधिकांश कर्मचारियों को यह स्पष्ट नहीं होता कि रिटायरमेंट के बाद उन्हें मासिक पेंशन के रूप में कितनी राशि मिलेगी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नियमानुसार, किसी भी कर्मचारी को आजीवन मासिक पेंशन की पात्रता हासिल करने के लिए कम से कम 10 वर्ष की निरंतर सेवा अवधि पूरी करनी होती है।ईपीएफ (EPF) और ईपीएस (EPS) का बुनियादी ढांचानिजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी के वेतन (बेसिक सैलरी + डीए) से 12% की कटौती कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में जमा होती है। कंपनी या नियोक्ता भी बराबर 12% का योगदान देता है, लेकिन नियोक्ता के इस 12% हिस्से का विभाजन दो भागों में होता है:3.67% कर्मचारी के ईपीएफ (EPF) खाते में जमा होता है।8.33% कर्मचारी पेंशन योजना यानी ईपीएस (EPS-95) फंड में जाता है।इसके अलावा 0.5% ईडीएलआई (बीमा योजना) और 0.5% प्रशासनिक शुल्क नियोक्ता वहन करता है।ईपीएस वेज सीलिंग की सीमा: ₹28,000 सैलरी का असल सचयहीं पर सबसे बड़ा तकनीकी पेंच आता है जिसे समझना आवश्यक है। सरकार और ईपीएफओ के नियमों के तहत पेंशन फंड (EPS) में योगदान के लिए सांविधिक वेतन सीमा (Statutory Wage Ceiling) अधिकतम ₹15,000 प्रति माह तय की गई है।भले ही कर्मचारी का बेसिक वेतन ₹28,000 हो, सामान्य नियमों के तहत नियोक्ता का 8.33% पेंशन अंशदान केवल अधिकतम ₹15,000 की सीमा पर ही काटा जाता है (अर्थात ₹15,000 का 8.33% = अधिकतम ₹1,250 प्रति माह)। इसलिए पेंशन गणना के लिए पेंशन योग्य वेतन (Pensionable Salary) ₹28,000 न मानकर अधिकतम ₹15,000 ही गिना जाता है (जब तक कि कर्मचारी और नियोक्ता ने संयुक्त रूप से वास्तविक वेतन पर उच्च पेंशन विकल्प का लाभ न लिया हो)।ईपीएस पेंशन निकालने का आधिकारिक फॉर्मूलाईपीएफओ द्वारा तय किया गया मासिक पेंशन फॉर्मूला इस प्रकार है:$$ ext{मासिक पेंशन} = frac{ ext{पेंशन योग्य वेतन (Pensionable Salary)} imes ext{पेंशन योग्य सेवा वर्ष (Service Period)}}{70}$$पेंशन योग्य वेतन: सेवानिवृत्ति से ठीक पहले के पिछले 60 महीनों (5 साल) के औसत मूल वेतन (अधिकतम ₹15,000 की सीलिंग के साथ) को माना जाता है।पेंशन योग्य सेवा वर्ष: कर्मचारी द्वारा पूरी की गई कुल सेवा अवधि (यहाँ 10 वर्ष)।10 साल की सेवा और ₹28,000 सैलरी पर पेंशन की गणनाघटकविवरण / मूल्यवास्तविक वेतन₹28,000 प्रति माहईपीएस सांविधिक वेतन सीमा (Wage Ceiling)₹15,000 प्रति माहपेंशन योग्य वेतन (Pensionable Salary)₹15,000कुल सेवा अवधि10 वर्षन्यूनतम पात्रता शर्त10 वर्ष (पूरी)पेंशन शुरू होने की सामान्य आयु58 वर्ष (सुपरएनुएशन)फॉर्मूले में मान रखने पर:$$ ext{मासिक पेंशन} = frac{15000 imes 10}{70} = frac{150000}{70} approx ext{₹2,143 प्रति माह}$$इस प्रकार, 10 साल की सेवा पूरी करने के बाद 58 वर्ष की आयु में कर्मचारी को लगभग ₹2,143 प्रति माह की आजीवन मासिक पेंशन प्राप्त होगी।(नोट: यदि किसी विशेष मामले में 2014 के संशोधनों के तहत वास्तविक वेतन ₹28,000 पर उच्च पेंशन का विकल्प वैध रूप से लागू हुआ हो, तब गणना $(28,000 imes 10) / 70 = ext{₹4,000 प्रति माह}$ होगी।)पेंशन से जुड़े अहम नियम और शर्तेंन्यूनतम पेंशन की गारंटी: सरकार द्वारा ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन ₹1,000 प्रति माह तय की गई है। गणना यदि ₹1,000 से कम आती है, तब भी कम से कम ₹1,000 मिलते हैं।अर्ली पेंशन (Early Pension) का विकल्प: कर्मचारी 50 वर्ष की आयु के बाद भी पेंशन ले सकता है, लेकिन 58 वर्ष से पहले जितने वर्ष पहले पेंशन शुरू की जाएगी, प्रति वर्ष 4% की कटौती (कटौती दर) लागू होगी।2 वर्ष का बोनस सेवा काल: यदि कोई कर्मचारी 20 वर्ष या उससे अधिक की पेंशन योग्य सेवा पूरी करता है, तो उसे सेवा अवधि में 2 वर्ष का अतिरिक्त वेटेज (Bonus Years) मिलता है (10 वर्ष की सेवा पर यह बोनस लागू नहीं होता)।ईपीएफ का एकमुश्त फंड: यह ₹2,143 केवल मासिक पेंशन है। कर्मचारी और नियोक्ता के ईपीएफ (3.67% + 12%) में जमा हुआ मुख्य मूलधन और उस पर मिलने वाला वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज रिटायरमेंट पर टैक्स-फ्री एकमुश्त (Lump sum) वापस मिलता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Oct 2026 8:15 pm

CJP Protest : सीजेपी आंदोलन फिर होगा शुरू? अभिजीत दिपके ने बॉन्ड की खबरों को नकारा, दिल्ली पुलिस ने क्या बताया

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने ऐलान किया है कि पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना प्रदर्शन फिर शुरू करेगी। उन्होंने उन खबरों को गलत बताया है, जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने और पार्टी के अन्य नेताओं ने ...

वेब दुनिया 11 Oct 2026 8:14 pm

रेलवे में ग्रेजुएट्स के लिए निकली 3,548 पदों पर बंपर भर्ती, शानदार सैलरी और सुरक्षित करियर का सुनहरा मौका; जानें आवेदन प्रक्रिया और जरूरी शर्तें

रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने देश भर के ग्रेजुएट युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का एक बेहद शानदार अवसर पेश किया है। लंबे समय से रेलवे में एक स्थायी और सुरक्षित करियर का सपना देख रहे अभ्यर्थियों के लिए यह भर्ती उम्मीदों की नई रोशनी लेकर आई है। केंद्र सरकार के रेल मंत्रालय के अंतर्गत विभिन्न जोनल रेलवे कार्यालयों और उत्पादन इकाइयों में खाली पड़े 3,548 महत्वपूर्ण गैर-तकनीकी एवं प्रशासनिक पदों को भरने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह भर्ती अभियान न केवल युवाओं को एक प्रतिष्ठित पद दिलाने में मदद करेगा, बल्कि बेहतर पे-स्केल, भत्तों और सरकारी सुविधाओं के साथ एक सुरक्षित भविष्य भी सुनिश्चित करेगा। देश भर के विभिन्न राज्यों और क्षेत्रीय बोर्डों के अंतर्गत आने वाले केंद्रों पर परीक्षा के आयोजन की तैयारी तेज हो गई है, जिससे स्थानीय स्तर के युवाओं को अपने ही नजदीकी शहरों में परीक्षा देने की सहूलियत मिलेगी। इस बड़े अवसर को लेकर प्रतियोगी छात्रों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और कोचिंग सेंटरों से लेकर डिजिटल लाइब्रेरी तक तैयारी का माहौल गर्मा चुका है।रेलवे भर्ती बोर्ड का नया आधिकारिक नोटिफिकेशन और रिक्तियों का विस्तृत वर्गीकरणआरआरबी द्वारा जारी किए गए ताजा विज्ञापन के अनुसार कुल 3,548 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इन पदों में मुख्य रूप से कमर्शियल अप्रेंटिस, स्टेशन मास्टर, गुड्स ट्रेन मैनेजर (पूर्व में गुड्स गार्ड), सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट, और सीनियर कमर्शियल कम टिकट क्लर्क जैसी प्रमुख श्रेणियां शामिल हैं। रेलवे प्रशासन ने सभी वर्गों के लिए आरक्षण नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए अनारक्षित, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए पदों का स्पष्ट कोटा निर्धारित किया है। रेलवे में पदों का यह विभाजन पूरे देश के प्रमुख रेलवे जोन्स जैसे उत्तर रेलवे, पूर्व मध्य रेलवे, पश्चिम रेलवे, दक्षिण रेलवे और मध्य रेलवे के अंतर्गत किया गया है। क्षेत्रीय स्तर पर रिक्तियों की उपलब्धता से स्थानीय युवाओं को अपने गृह क्षेत्र या नजदीकी डिवीजनों में सेवा देने का मौका मिल सकेगा। नोटिफिकेशन के अनुसार सभी योग्य उम्मीदवार रेलवे भर्ती बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइटों पर जाकर अपनी रुचि और वरीयता के अनुसार आवेदन जमा कर सकते हैं।कौन कर सकता है आवेदन: शैक्षणिक योग्यता और अनिवार्य शर्तेंइस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों का किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय अथवा संस्थान से किसी भी संकाय में स्नातक (Graduation) होना अनिवार्य है। चाहे अभ्यर्थी ने कला, विज्ञान, वाणिज्य या इंजीनियरिंग में अपनी डिग्री हासिल की हो, वे सभी इस भर्ती के लिए पूरी तरह पात्र हैं। हालांकि कुछ विशिष्ट तकनीकी या लिपिकीय पदों जैसे सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट के लिए कंप्यूटर टाइपिंग दक्षता अनिवार्य रखी गई है, जिसमें अंग्रेजी में 30 शब्द प्रति मिनट या हिंदी में 25 शब्द प्रति मिनट की टाइपिंग गति होना आवश्यक है। अंतिम वर्ष के परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे ऐसे छात्र जिनका रिजल्ट आवेदन की अंतिम तिथि तक घोषित नहीं होता है, वे इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकेंगे। शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के साथ-साथ अभ्यर्थी का मानसिक और शारीरिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ होना आवश्यक है क्योंकि रेलवे अपने कर्मचारियों के मेडिकल स्टैंडर्ड को लेकर बेहद सख्त रहता है।आयु सीमा, छूट के नियम और महत्वपूर्ण तिथियांरेलवे भर्ती बोर्ड ने सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष और अधिकतम आयु सीमा 33 या 36 वर्ष (नियमों के तहत मिलने वाली सामान्य छूट के आधार पर) तय की है। सरकारी सेवा नियमों के मुताबिक आरक्षित श्रेणियों को ऊपरी आयु सीमा में विशेष छूट प्रदान की गई है। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी नॉन-क्रीमी लेयर) के अभ्यर्थियों को तीन वर्ष की छूट मिलेगी, जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के उम्मीदवारों को पांच वर्ष की छूट का लाभ दिया जाएगा। दिव्यांगजनों और पूर्व सैनिकों के लिए भी नियमानुसार विशेष आयु रियायतें लागू की गई हैं। आयु की गणना निर्धारित कट-ऑफ तारीख के आधार पर की जाएगी, जिसका स्पष्ट उल्लेख नोटिफिकेशन में किया गया है। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे आयु सत्यापन के लिए केवल अपनी 10वीं (मैट्रिकुलेशन) की अंकतालिका या मूल जन्म प्रमाण पत्र का ही इस्तेमाल करें, क्योंकि किसी भी विसंगति पर उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है।आकर्षक वेतनमान, पे-मैट्रिक्स और मिलने वाले रेलवे भत्तेचयनित उम्मीदवारों को 7वें केंद्रीय वेतन आयोग (7th Pay Commission) के आधार पर बेहद आकर्षक वेतनमान दिया जाएगा। पदों के अनुसार पे-मैट्रिक्स लेवल-5 और लेवल-6 के तहत नियुक्तियां की जाएंगी। प्रारंभिक मूल वेतन लगभग 29,200 रुपये से लेकर 35,400 रुपये प्रति माह के बीच होगा। मूल वेतन के अलावा चयनित कर्मचारियों को केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), परिवहन भत्ता (TA) और रेलवे का विशिष्ट रनिंग अलाउंस या नाइट ड्यूटी अलाउंस भी देय होगा। इन सभी भत्तों को मिलाकर एक नए नियुक्त कर्मचारी की इन-हैंड ग्रॉस सैलरी शुरुआती दिनों में ही 45,000 रुपये से लेकर 60,000 रुपये प्रति माह से अधिक पहुंच सकती है। इसके साथ ही भारतीय रेलवे अपने कर्मचारियों और उनके आश्रितों को मुफ्त रेलवे पास, पीटीओ, उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधाएं और सरकारी आवास की सुविधा भी प्रदान करता है, जो इस नौकरी को निजी क्षेत्र की तुलना में कई गुना अधिक सुरक्षित और प्रतिष्ठित बनाता है।त्रिस्तरीय चयन प्रक्रिया और कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) का प्रारूपरेलवे में चयन की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और योग्यता आधारित रखी गई है, जिसमें किसी भी प्रकार के साक्षात्कार (Interview) का प्रावधान नहीं है। पूरी भर्ती प्रक्रिया मुख्य रूप से तीन चरणों में पूरी की जाएगी। प्रथम चरण में कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT-1) होगी, जो सभी पदों के लिए एक स्क्रीनिंग टेस्ट के रूप में काम करेगी। इसमें सामान्य जागरूकता, गणित, और सामान्य बुद्धि एवं तर्कशक्ति (रीजनिंग) से जुड़े 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे, जिन्हें हल करने के लिए 90 मिनट का समय दिया जाएगा। सीबीटी-1 में मेरिट के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों को द्वितीय चरण यानी सीबीटी-2 के लिए बुलाया जाएगा, जिसमें प्रश्नों का कठिनाई स्तर अधिक होगा और कुल 120 प्रश्न पूछे जाएंगे। सीबीटी-2 के अंकों के आधार पर ही अंतिम मेरिट सूची तैयार की जाएगी। जिन पदों के लिए टाइपिंग टेस्ट या एप्टीट्यूड टेस्ट (जैसे स्टेशन मास्टर के लिए साइको टेस्ट) अनिवार्य है, उनके लिए अतिरिक्त स्किल टेस्ट आयोजित किया जाएगा। अंत में दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) और कड़े मेडिकल परीक्षण के बाद अंतिम नियुक्ति पत्र जारी किए जाएंगे। परीक्षा में नकारात्मक अंकन (Negative Marking) भी लागू रहेगा, जहां प्रत्येक गलत उत्तर पर एक-तिहाई (1/3) अंक काटा जाएगा।ऑनलाइन आवेदन करने का सही तरीका और जरूरी सावधानियांइच्छुक और पात्र उम्मीदवारों को केवल रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की आधिकारिक वेबसाइटों के माध्यम से ही ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के लिए सबसे पहले उम्मीदवार को पोर्टल पर अपना प्राथमिक पंजीकरण करना होगा, जिसमें मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज कर ओटीपी सत्यापन कराना जरूरी है। इसके बाद व्यक्तिगत विवरण, शैक्षणिक योग्यता और पते का ब्योरा दर्ज करना होगा। अभ्यर्थियों को अपने पासपोर्ट साइज की नवीनतम रंगीन फोटो और हस्ताक्षर निर्धारित साइज व फॉर्मेट में अपलोड करने होंगे। सामान्य और ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 500 रुपये रखा गया है, जिसमें से सीबीटी-1 परीक्षा में शामिल होने पर निर्धारित राशि बैंक खाते में वापस कर दी जाती है। वहीं एससी, एसटी, महिला और ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए शुल्क 250 रुपये तय किया गया है, जो परीक्षा में उपस्थित होने पर पूर्णतः रिफंडेबल होता है। आवेदन पत्र को अंतिम रूप से सबमिट करने से पहले सभी प्रविष्टियों को भली-भांति जांच लेना चाहिए और भरे हुए फॉर्म का एक प्रिंटआउट भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रख लेना चाहिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Oct 2026 8:13 pm

'हिमाचल-केरल जीतें तो SIR सही, हारें तो खोट; कांग्रेस दोहरे मापदंड बंद करे'

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने SIR प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया. नरसिंहपुर में उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन और नेहरू-गांधी परिवार के राजनीतिक नेतृत्व पर निशाना साधा.

आज तक 11 Oct 2026 8:13 pm

 स्त्री-शक्ति के नौ रूप नवजीवन के प्रतीक हैं

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प्रवक्ता 11 Oct 2026 8:11 pm

बैंक की लापरवाही पड़ेगी भारी: ग्राहकों को मिलेगा ₹100 से ₹5,000 रोजाना तक का हर्जाना, जानिए RBI के वो कड़े नियम जो दिलाएंगे आपका हक

बैंकिंग सेवाओं में तकनीक के विस्तार के बावजूद आज भी लाखों खाताधारकों को बैंकों की लापरवाही और लेटलतीफी का सामना करना पड़ता है। कभी एटीएम से पैसे न निकलने पर खाते से रकम कट जाती है, तो कभी होम लोन चुकाने के महीनों बाद भी प्रॉपर्टी के मूल दस्तावेज (Registry/Sale Deed) नहीं लौटाए जाते। कई बार क्रेडिट कार्ड बंद कराने की अर्जी देने के बाद भी बैंक महीनों तक बिल भेजते रहते हैं। अधिकांश उपभोक्ता इसे अपनी नियति मानकर बैंक शाखाओं के चक्कर काटते रहते हैं, क्योंकि उन्हें यह जानकारी ही नहीं होती कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए सख्त टर्नअराउंड टाइम (TAT) और दैनिक क्षतिपूर्ति (Auto-Compensation) नियम तय कर रखे हैं। यदि बैंक अपनी निर्धारित समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने में विफल रहता है, तो उसे हर दिन की देरी के हिसाब से ₹100, ₹500 और ₹5,000 तक का जुर्माना सीधे ग्राहक के खाते में जमा करना पड़ता है।₹5,000 प्रतिदिन का भारी मुआवजा: लोन चुकता होने के बाद प्रॉपर्टी दस्तावेज में देरी परघर खरीदारों और लोन लेने वालों के लिए यह आरबीआई का अब तक का सबसे सख्त दिशा-निर्देश है। जब आप किसी बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनी से होम लोन या संपत्ति पर ऋण (LAP) लेते हैं, तो बैंक आपकी रजिस्ट्री और मूल कागजात बंधक रख लेता है।नियम: आरबीआई के सर्कुलर के अनुसार, लोन की आखिरी किश्त चुकने या फुल एंड फाइनल सेटलमेंट होने के अधिकतम 30 दिनों के भीतर बैंक को ग्राहक के सभी मूल प्रॉपर्टी दस्तावेज लौटाने और संपत्ति पर दर्ज सरकारी चार्ज (Lien/Hypothecation) हटाना अनिवार्य है।मुआवजा दर: यदि 30 दिन की सीमा समाप्त होने के बाद 31वें दिन से बैंक दस्तावेज सौंपने में एक भी दिन की देरी करता है, तो बैंक को ग्राहक को ₹5,000 प्रति कैलेंडर दिन के हिसाब से मुआवजा देना होगा। यह राशि तब तक जुड़ती रहती है जब तक दस्तावेज वापस न मिल जाएं।कागजात खो जाने पर: यदि बैंक से मूल दस्तावेज गुम या नष्ट हो जाते हैं, तो बैंक को डुप्लीकेट या प्रमाणित प्रतियां निकलवाने का पूरा खर्च उठाना होगा और इसके साथ ₹5,000 प्रतिदिन का जुर्माना भी अदा करना होगा।₹500 रोजाना जुर्माना: क्रेडिट कार्ड बंद कराने में 7 दिन से अधिक की देरीक्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल बंद करने के बाद खाताधारकों की सबसे आम शिकायत यह होती है कि बैंक महीनों तक कार्ड कैंसल नहीं करते और रिन्यूअल फीस या पेनाल्टी जोड़ते रहते हैं।नियम: आरबीआई मास्टर डायरेक्शन के अनुसार, यदि कार्डधारक ने आधिकारिक चैनल (हेल्पलाइन, ईमेल, इंटरनेट बैंकिंग या लिखित आवेदन) से कार्ड क्लोजर की रिक्वेस्ट दी है और कार्ड पर कोई बकाया राशि नहीं है, तो बैंक/कार्ड जारीकर्ता को ठीक 7 कार्यदिवसों (Working Days) के भीतर कार्ड अकाउंट पूरी तरह बंद करना अनिवार्य है।मुआवजा दर: 7 दिनों की मियाद पूरी होने के बाद यदि बैंक कार्ड बंद नहीं करता है, तो 8वें दिन से खाता पूरी तरह बंद होने तक ग्राहक को ₹500 प्रति कैलेंडर दिन की पेनाल्टी अदा करनी होगी। इस नियम के तहत कई ग्राहकों को लाखों रुपये का मुआवजा बैंकों से मिल चुका है।₹100 प्रतिदिन का ऑटो-कंपनसेशन: फेल्ड एटीएम, यूपीआई और डिजिटल पेमेंट्सडिजिटल ट्रांजेक्शन के फेल होने पर कई बार पैसा खाते से कट जाता है लेकिन सामने वाले को नहीं मिलता या एटीएम से नकदी नहीं निकलती। इसके लिए आरबीआई ने 'हार्मोनाइजेशन ऑफ टर्नअराउंड टाइम' (TAT) नियम बनाया है:एटीएम से कैश न निकलने पर: यदि खाते से डेबिट हो गया और कैश नहीं निकला, तो बैंक को ट्रांजेक्शन वाले दिन को छोड़कर अधिकतम T+5 दिनों के भीतर पैसा स्वतः रिवर्स करना होगा। 5 दिन से अधिक देरी होने पर बैंक को ₹100 प्रति दिन की क्षतिपूर्ति देनी होगी।यूपीआई और आईएमपीएस (UPI/IMPS): यूपीआई ट्रांजेक्शन फेल होने पर ऑटो-रिवर्सल का समय T+1 दिन निर्धारित है। यदि तय समय में पैसा वापस नहीं आता, तो ग्राहक बिना किसी अर्जी के ₹100 प्रतिदिन के मुआवजे का हकदार होता है।क्रेडिट रिपोर्ट/सिबिल (CIBIL) की गड़बड़ी: यदि आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में बैंक की गलती से गलत डिफॉल्ट दर्ज है और आपने शिकायत की है, तो बैंक को 30 दिनों में सुधार करना होगा। 30 दिन बाद सुधार न होने पर भी ₹100 प्रतिदिन का हर्जाना लागू होता है।लॉकर में चोरी या आग लगने पर: 100 गुना तक भरपाई का प्रावधानयदि बैंक लॉकर में चोरी, डकैती, आग लगने या बैंक इमारत ढहने जैसी बैंक की सुरक्षा चूक के कारण ग्राहक के सामान का नुकसान होता है, तो बैंक अपने दायित्व से पल्ला नहीं झाड़ सकता। आरबीआई के नियमों के अनुसार, ऐसे मामलों में बैंक की अधिकतम देनदारी उस लॉकर के सालाना किराए के 100 गुना (100 times of Annual Rent) के बराबर तय की गई है। उदाहरण के लिए, यदि आप लॉकर का सालाना किराया ₹3,000 देते हैं, तो बैंक को ₹3 लाख तक की क्षतिपूर्ति देनी होगी।मुआवजा पाने का सही तरीका: बैंक न सुने तो बैंकिंग लोकपाल (Ombudsman) का दरवाजा खटखटाएंयदि बैंक अपनी गलती या देरी के बावजूद यह मुआवजा देने से आनाकानी करता है, तो ग्राहक इन कानूनी चरणों का पालन कर सकते हैं:शाखा प्रबंधक को लिखित शिकायत: सबसे पहले अपनी बैंक शाखा में लिखित पत्र दें या बैंक के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर टिकट दर्ज करें, जिसमें स्पष्ट रूप से आरबीआई के संबंधित सर्कुलर और TAT का उल्लंघन दर्ज करें।प्रिंसिपल नोडल ऑफिसर (PNO) को ईमेल: यदि 7 दिनों में हल न निकले, तो बैंक के नोडल अधिकारी को शिकायत फॉरवर्ड करें।आरबीआई ओम्बड्समैन (CMS Portal): यदि शिकायत दर्ज कराने के 30 दिनों के भीतर बैंक समाधान नहीं करता या अनुचित जवाब देता है, तो ग्राहक बिना एक पैसा खर्च किए आरबीआई के शिकायत प्रबंधन पोर्टल cms.rbi.org.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। लोकपाल न केवल आपका फंसा हुआ पैसा और निर्धारित मुआवजा दिलवाता है, बल्कि मानसिक प्रताड़ना के लिए भी अलग से हर्जाना देने का आदेश दे सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Oct 2026 8:10 pm

दिल्ली मेट्रो में फर्श पर बैठने, खाना खाने या महिला कोच में घुसने पर कितना चालान? DMRC के कड़े नियम और पेनाल्टी की पूरी लिस्ट

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) देश की सबसे बड़ी और आधुनिक रैपिड ट्रांजिट प्रणालियों में से एक है, जिसमें रोजाना लाखों यात्री सफर करते हैं। सफर को सुरक्षित, सुगम और सभी के लिए सुविधाजनक बनाए रखने के लिए दिल्ली मेट्रो रेलवे (संचालन एवं रखरखाव) अधिनियम, 2002 (Delhi Metro Railway Act, 2002) के तहत सख्त नियम बनाए गए हैं। अक्सर जानकारी के अभाव में या लापरवाही के चलते यात्री मेट्रो के भीतर फर्श पर बैठ जाते हैं, कोच में खाना खाने लगते हैं, या पुरुष यात्री आरक्षित महिला कोच में प्रवेश कर जाते हैं। फ्लाइंग स्क्वॉड और सुरक्षा जांच दल ऐसे उल्लंघनों पर तुरंत जुर्माना वसूलते हैं। यात्रा के दौरान किसी भी तरह की कानूनी व वित्तीय परेशानी से बचने के लिए डीएमआरसी के प्रमुख नियमों और पेनाल्टी दरों को जानना बेहद जरूरी है।ट्रेन के फर्श पर बैठने और खाना खाने पर ₹200 का जुर्मानामेट्रो कोच में लंबी दूरी तय करते समय कई यात्री सीट न मिलने पर फर्श पर बैठ जाते हैं, जबकि कुछ लोग यात्रा के दौरान ही स्नैक्स या खाना खाने लगते हैं। डीएमआरसी के नियमों के अनुसार, कोच के फर्श पर बैठना अन्य यात्रियों के आवागमन में बाधा पैदा करता है और आपातकालीन स्थिति में निकासी को प्रभावित करता है। वहीं कोच के भीतर खाना खाने या कुछ पीने से गंदगी फैलने और दुर्गंध का खतरा रहता है।फर्श पर बैठना (Sitting on the floor): दिल्ली मेट्रो अधिनियम की धारा 59 के तहत उपद्रव (Nuisance) की श्रेणी में आता है। इसके लिए यात्री पर ₹200 का जुर्माना लगाया जाता है।खाना खाना और गंदगी फैलाना (Eating/Littering/Spitting): मेट्रो के भीतर खुलेआम भोजन करना, कचरा फेंकना या थूकना प्रतिबंधित है। ऐसा करते पाए जाने पर ₹200 का जुर्माना लगाया जाता है और यात्रा टिकट या स्मार्ट कार्ड जब्त किया जा सकता है।महिला आरक्षित कोच में पुरुष यात्रियों के प्रवेश पर ₹250 का चालानदिल्ली मेट्रो की हर ट्रेन का पहला कोच (चलने की दिशा में) विशेष रूप से महिला यात्रियों के लिए आरक्षित होता है।नियम: इस कोच में केवल महिला यात्री और उनके साथ 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चे ही सफर कर सकते हैं। किसी भी वयस्क पुरुष यात्री का इसमें प्रवेश पूरी तरह वर्जित है।जुर्माना: यदि कोई पुरुष यात्री महिला कोच में यात्रा करता हुआ पाया जाता है, तो उस पर धारा 64 के तहत ₹250 का जुर्माना लगाया जाता है। इसके साथ ही उसे अगले स्टेशन पर कोच से उतार दिया जाता है और यदि वह बहस या विरोध करता है, तो सीआईएसएफ (CISF) या दिल्ली मेट्रो पुलिस के हवाले किया जा सकता है।बिना टिकट या पास के सफर करने पर पेनल्टी: ₹50 जुर्माना + अधिकतम किरायामेट्रो परिसर में बिना वैध टिकट या टोकन के यात्रा करना दंडनीय अपराध है। यदि कोई यात्री ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन (AFC) गेट फांदकर या किसी अन्य अवैध तरीके से सिस्टम में प्रवेश करता है, तो पकड़े जाने पर:यात्री पर ₹50 का सांकेतिक जुर्माना और साथ ही मेट्रो नेटवर्क का अधिकतम किराया (Maximum Fare) वसूला जाता है।इसके अलावा, यदि कोई यात्री तय दूरी या स्टेशन से आगे अनाधिकृत रूप से यात्रा करता है, तो अतिरिक्त दूरी का किराया और अंतर शुल्क लिया जाता है। समय सीमा (Time Limit) से अधिक समय तक स्टेशन परिसर में रुके रहने पर भी प्रति घंटे के हिसाब से ओवरस्टे पेनल्टी लागू होती है।दिल्ली मेट्रो के अन्य प्रमुख अपराध और निर्धारित जुर्माने की सूचीडीएमआरसी परिसर और ट्रेनों के भीतर सुरक्षा व मर्यादा बनाए रखने के लिए विभिन्न उल्लंघनों पर तय जुर्माने का ब्योरा इस प्रकार है:शराब पीकर यात्रा करना या अभद्र व्यवहार (Drunkenness & Misbehaviour): ₹500 तक का जुर्माना और टिकट/पास की जब्ती।मेट्रो ट्रैक पर चलना या अनाधिकृत प्रवेश (Walking on Tracks): ₹500 तक का जुर्माना या 6 महीने तक की जेल।आपत्तिजनक या खतरनाक सामग्री ले जाना (Dangerous Goods): ₹5,000 तक का जुर्माना और 4 साल तक का कारावास।मेट्रो संपत्ति को नुकसान पहुंचाना या पोस्टर चिपकाना (Defacing Property): ₹1,000 तक का जुर्माना या 6 महीने की जेल।इमरजेंसी अलार्म का दुरुपयोग (Misuse of Alarm/PEB): बिना वैध आपात स्थिति के इमरजेंसी बटन दबाने पर ₹1,000 का जुर्माना या 1 वर्ष की जेल।आरामदायक सफर के लिए इन बातों का रखें ध्यानदिल्ली मेट्रो में सफर करते समय हमेशा निर्दिष्ट सीटों का उपयोग करें और दिव्यांग, बुजुर्ग तथा गर्भवती महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों को खाली छोड़ें। मेट्रो कोच के भीतर हेडफोन लगाकर ही संगीत सुनें ताकि अन्य यात्रियों को असुविधा न हो। स्टेशन परिसर और ट्रेन के भीतर स्वच्छता बनाए रखें तथा किसी भी नियम उल्लंघन या संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में 24x7 DMRC हेल्पलाइन 155370 या सुरक्षा हेल्पलाइन 1511 पर तुरंत सूचित करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Oct 2026 8:08 pm

'जेल में भी प्यार से खाना देते है', बिग बॉस 20 में बोले सलमान खान

सलमान खान ने 'बिग बॉस 20' में काजी तौकीर के साथ स्काउट ओपी के 'बेदर्द' बर्ताव के लिए उन्हें खरी-खोटी सुनाई. 'वीकेंड का वार' में जब सलमान ने काजी का साथ दिया, तो काजी की आंखों से आंसू छलक पड़े.

आज तक 11 Oct 2026 8:07 pm

संगम नगरी में आशियाने का सपना होगा पूरा: प्रयागराज में ₹20 लाख से फ्लैट्स की शुरुआत

धार्मिक, ऐतिहासिक और प्रशासनिक पहचान रखने वाले प्रयागराज में अपना घर बसाने की चाहत रखने वाले मध्यमवर्गीय परिवारों और युवा नौकरीपेशा लोगों के लिए रियल एस्टेट मार्केट से बेहद उत्साहजनक खबर सामने आई है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) की किफायती आवासीय योजनाओं और निजी डेवलपर्स के नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के तहत शहर में मात्र 20 लाख रुपये की शुरुआती कीमत में 1BHK और कॉम्पैक्ट 2BHK फ्लैट्स की विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध कराई जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में कुंभ और महाकुंभ के अंतर्गत हुए बुनियादी ढांचे के कायाकल्प, नए फोर-लेन और सिक्स-लेन फ्लाईओवर्स, गंगा और यमुना पर बने नए ब्रिजों तथा रिंग रोड नेटवर्क ने प्रयागराज के उपनगरीय इलाकों को मुख्य शहर के बराबर ला खड़ा किया है। सीमित बजट वाले खरीदार अब किराए के मकानों पर निर्भर रहने के बजाय खुद की छत हासिल करने के इस मौके का खुलकर लाभ उठा रहे हैं।रेलवे स्टेशनों से शानदार कनेक्टिविटी: सफर हुआ बेहद सुगमप्रयागराज में विकसित हो रहे इन किफायती हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की सबसे बड़ी यूएसपी इनकी सुगम रेल और सड़क कनेक्टिविटी है। ये आवासीय कॉलोनियां मुख्य रेलवे स्टेशनों—जैसेप्रयागराज जंक्शनClick to open side panel for more information,सूबेदार गंजClick to open side panel for more information और छिवकी रेलवे स्टेशन—से मात्र 15 से 25 मिनट की सीधी दूरी पर स्थित हैं। नियमित रूप से लखनऊ, कानपुर, दिल्ली, वाराणसी या पटना की यात्रा करने वाले नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों के लिए यह लोकेशन कनेक्टिविटी बेहद मुफीद साबित हो रही है। इन प्रोजेक्ट्स से प्रयागराज एयरपोर्ट (बमरौली) और प्रमुख व्यावसायिक केंद्रसिविल लाइन्सClick to open side panel for more information तक पहुंचना भी सिग्नल-फ्री चौड़े मार्गों के चलते बेहद आसान हो गया है। ई-रिक्शा, सिटी बस सेवा और कैब की 24 घंटे उपलब्धता ने दैनिक आवागमन की चिंता को पूरी तरह खत्म कर दिया है।किन इलाकों में मिल रहे हैं सबसे सस्ते फ्लैट्स?प्रयागराज के रियल एस्टेट मैप पर तीन प्रमुख इलाके मध्यम वर्ग के लिए सबसे बड़े अफोर्डेबल हब के रूप में उभरे हैं। इनमें सबसे पहला नामनैनीClick to open side panel for more information का है, जो नए यमुना ब्रिज के माध्यम से मुख्य शहर से सीधे जुड़ा हुआ है और यहां औद्योगिक विकास व शैक्षणिक संस्थानों के कारण ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स तेजी से बढ़े हैं। दूसरा प्रमुख क्षेत्रझलवाClick to open side panel for more information और देवघाट का है, जहां ट्रिपल आईटी (IIIT) के आसपास नियोजित कॉलोनियों में 20 से 28 लाख रुपये के दायरे में आधुनिक फ्लैट्स मिल रहे हैं। इसके अलावा कालिंदीपुरम और राजापुर एक्सटेंशन के इलाकों में भी सरकारी और निजी सोसायटियों के तहत किफायती आवास उपलब्ध हैं। इन सोसायटियों में 24 घंटे सुरक्षा, पावर बैकअप, कम्युनिटी हॉल, किड्स प्ले एरिया और ग्रीन पार्क्स जैसी जरूरी बुनियादी नागरिक सुविधाएं भी दी जा रही हैं।त्योहारी सीजन में 18% तक का फ्लैट डिस्काउंट: बिल्डरों के आकर्षक ऑफर्सत्योहारी सीजन (दशहरा, करवा चौथ और दिवाली) के उपलक्ष्य में डेवलपर्स और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों ने घर खरीदारों को आकर्षित करने के लिए ऑफर्स की झड़ी लगा दी है। प्रोजेक्ट्स पर 18 प्रतिशत तक का सीधा एकमुश्त कैश डिस्काउंट (Upfront Discount) दिया जा रहा है। इसके साथ ही कई प्रोजेक्ट्स में 'नो ईएमआई टिल पजेशन' (No EMI till Possession), फ्री मॉड्यूलर किचन, शून्य क्लब मेंबरशिप फीस और मुफ्त कार पार्किंग स्पेस जैसे अतिरिक्त वित्तीय लाभ भी शामिल किए गए हैं। कुछ बिल्डर्स रजिस्ट्री शुल्क (स्टाम्प ड्यूटी) का खर्च स्वयं वहन करने का ऑफर भी दे रहे हैं, जिससे खरीदार के कुल बजट में 2 से 3 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सीधी बचत हो रही है।₹20 लाख के बजट का वित्तीय गणित और लोन की आसान प्रक्रियामध्यमवर्गीय खरीदार के लिए 20 लाख रुपये के फ्लैट का वित्तीय ढांचा बेहद सुविधाजनक है। राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों द्वारा इस बजट के फ्लैट्स पर कुल लागत का 80 से 90 प्रतिशत तक होम लोन आसानी से स्वीकृत किया जा रहा है। इसका अर्थ यह है कि खरीदार को मात्र 2 से 3 लाख रुपये का डाउन पेमेंट करना होता है और शेष राशि आसान मासिक किश्तों (EMI) में तब्दील हो जाती है। 8.5% से 9% की मौजूदा ब्याज दर पर 20 साल के कार्यकाल के लिए मासिक ईएमआई लगभग 15,000 से 16,500 रुपये के दायरे में आती है, जो आमतौर पर शहर में 2BHK फ्लैट के किराए के बराबर ही है।घर बुक करने से पहले इन जरूरी सावधानियों का रखें ध्यानसस्ते फ्लैट्स के आकर्षण में आने से पहले खरीदारों को कुछ महत्वपूर्ण कानूनी व तकनीकी पहलुओं की जांच अवश्य कर लेनी चाहिए। सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (UP RERA) के आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकृत हो और उसका वैध रेरा रजिस्ट्रेशन नंबर मौजूद हो। इसके अलावा प्रोजेक्ट के लेआउट प्लान को प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) से स्वीकृति मिली हो। बैंक से अप्रूव्ड प्रोजेक्ट्स (APF Number) में निवेश करना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है क्योंकि बैंक पहले से ही टाइटल डीड और कानूनी दस्तावेजों की जांच कर चुके होते हैं। सभी दस्तावेजों की पुष्टि के बाद ही टोकन अमाउंट जमा करें ताकि जीवन भर की पूंजी पूरी तरह सुरक्षित रहे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Oct 2026 8:06 pm

बैंक खाते में अचानक जमा हुए पैसे? खुशखबरी नहीं, हो सकता है साइबर ठगी का जाल

डिजिटल लेन-देन के इस दौर में अगर आपके बैंक खाते में अचानक 5,000, 10,000 या 50,000 रुपये जमा होने का मैसेज आए, तो इसे अपनी खुशकिस्मती समझकर खर्च करने या बिना सोचे-समझे वापस भेजने की भूल बिल्कुल न करें। देश भर में इन दिनों साइबर अपराधियों का एक नया और बेहद शातिर गिरोह सक्रिय है, जो आम लोगों की ईमानदारी और घबराहट का फायदा उठाकर 'रॉन्ग मनी ट्रांसफर' (Wrong UPI Transfer Scam) के नाम पर खातों को खाली कर रहा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लेकर दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और अन्य प्रमुख शहरों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां पीड़ितों के खाते में पहले जानबूझकर रकम ट्रांसफर की गई और उसके बाद एक अनजान कॉल या लिंक के जरिए उनका पूरा बैंक बैलेंस उड़ा लिया गया। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की साइबर विंग ने आम जनता को आगाह किया है कि अनचाहे पैसों के लेन-देन में जरा सी असावधानी आपको न सिर्फ कंगाल बना सकती है, बल्कि कानूनी पचड़े में भी फंसा सकती है।कैसे काम करता है यह नया 'UPI रिवर्सल स्कैम'? समझिए जालसाजों की मोडस ऑपरेंडीइस फ्रॉड की शुरुआत जालसाज द्वारा आपके बैंक या यूपीआई खाते में किसी अनजान खाते से एक तय रकम (जैसे 10,000 या 25,000 रुपये) ट्रांसफर करने से होती है। इसके कुछ ही मिनटों के भीतर आपके फोन पर एक घबराए हुए व्यक्ति का फोन आता है, जो खुद को गरीब छात्र, बीमार मरीज का तीमारदार या मजबूरी में फंसा व्यक्ति बताते हुए गिड़गिड़ाने लगता है। कॉलर कहता है कि उसने अस्पताल के बिल या परीक्षा शुल्क के लिए पैसे भेजने थे, लेकिन गलती से एक अंक गलत टाइप होने से पैसे आपके खाते में आ गए। मानवीय संवेदना के चलते जैसे ही आप पैसे वापस लौटाने की बात कहते हैं, ठग असली खेल शुरू करते हैं। वे आपसे कहते हैं कि उनका पुराना खाता ब्लॉक हो गया है, इसलिए वे एक नया मोबाइल नंबर, नया यूपीआई आईडी या क्यूआर कोड (QR Code) भेज रहे हैं, जिस पर पैसे ट्रांसफर कर दिए जाएं। कई मामलों में वे आपको 'पेमेंट रिवर्सल रिक्वेस्ट' या एक दुर्भावनापूर्ण लिंक (Malicious Link) भेजते हैं। जैसे ही आप उस लिंक पर क्लिक करके अपना यूपीआई पिन (UPI PIN) दर्ज करते हैं, रिफंड होने के बजाय आपके खाते में जमा जीवनभर की पूरी पूंजी ठगों के खाते में ट्रांसफर हो जाती है।फ्रॉड के पीछे का दूसरा बड़ा खतरा: मनी लॉन्ड्रिंग और बैंक अकाउंट फ्रीज होने का कानूनी संकटइस स्कैम का एक दूसरा पहलू इससे भी ज्यादा खतरनाक है, जिसे 'मनी म्यूल' (Money Mule) और 'साइबर फ्रॉड मनी ट्रेल' कहा जाता है। कई बार साइबर अपराधी किसी तीसरे पीड़ित से ठगी गई अवैध रकम को पुलिस और जांच एजेंसियों से छिपाने के लिए आपके जैसे किसी निर्दोष नागरिक के खाते में भेज देते हैं। इसके बाद वे आपसे उस रकम को नकद (Cash) में या किसी अन्य यूपीआई खाते पर ट्रांसफर करवा लेते हैं। जब मूल पीड़ित साइबर हेल्पलाइन 1930 या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर एफआईआर दर्ज कराता है, तो जांच एजेंसियां पैसों के ट्रेल को ट्रैक करती हैं। चूंकि पैसा आपके खाते में आया था, इसलिए पुलिस और बैंक आपके खाते को साइबर क्राइम का हिस्सा मानकर तुरंत फ्रीज (Lien Mark) कर देते हैं। इसके बाद बैंक खाता खुलवाने और खुद को निर्दोष साबित करने के लिए आपको महीनों तक पुलिस थानों और कानूनी नोटिसों के चक्कर काटने पड़ सकते हैं।अगर खाते में अचानक आ जाएं अनजान पैसे, तो तुरंत करें ये 4 जरूरी कामकभी भी सीधे पैसे वापस न भेजें: फोन करने वाला चाहे कितनी भी मिन्नतें करे या धमकी दे, कभी भी अपने यूपीआई ऐप से सीधे उसके नंबर या किसी नए क्यूआर कोड पर पैसे ट्रांसफर न करें। सामने वाले से साफ कहें कि वह अपने बैंक से संपर्क करके आधिकारिक 'चार्जबैक' या 'रिवर्सल रिक्वेस्ट' (Chargeback Request) दर्ज कराए। जब उसका बैंक आपके बैंक से संपर्क करेगा, तभी बैंकिंग नियमों के तहत पैसे काटे जाएंगे।आधिकारिक बैंक स्टेटमेंट जांचें: केवल मोबाइल पर आए एसएमएस पर भरोसा न करें, क्योंकि कई बार ठग बैंक के जैसे दिखने वाले फर्जी एसएमएस भेजकर झांसा देते हैं। हमेशा अपने आधिकारिक मोबाइल बैंकिंग ऐप में लॉगिन करके लेन-देन और 12 अंकों के यूटीआर/ट्रांजेक्शन नंबर (UTR Number) की पुष्टि करें।अपनी बैंक शाखा को तुरंत लिखित सूचना दें: यदि वास्तव में अनजान पैसा क्रेडिट हुआ है, तो तुरंत अपने बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल करें या निकटतम ब्रांच में जाकर लिखित आवेदन दें। बैंक को बताएं कि आपके खाते में एक अज्ञात लेन-देन हुआ है, ताकि बैंक के रिकॉर्ड में यह दर्ज हो जाए कि आपकी नीयत उस पैसे को हड़पने की नहीं थी।पैसा खर्च या विड्रॉ न करें: जब तक मामला सुलझ न जाए, उस विवादित राशि को न तो एटीएम से निकालें और न ही किसी शॉपिंग में खर्च करें। भारतीय कानून के तहत गलत आए पैसे को जानबूझकर खर्च करना धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति हड़पने (Dishonest Misappropriation) के दायरे में आ सकता है।साइबर हेल्पलाइन और आरबीआई के सुरक्षा नियमयदि आपको संदेह हो कि आप किसी संगठित साइबर फ्रॉड के घेरे में आ चुके हैं या कॉलर आपको धमकी दे रहा है, तो बिना एक पल गंवाए केंद्रीय गृह मंत्रालय की राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करके घटना की जानकारी दें और आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। याद रखें कि यूपीआई प्रणाली में पैसे प्राप्त करने (Receive) के लिए कभी भी यूपीआई पिन दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होती है। पिन केवल पैसे भेजने (Send) या डेबिट करने के लिए ही इस्तेमाल होती है। सतर्कता, संयम और बैंकिंग नियमों का सही पालन ही आपको साइबर ठगों के इस नए जाल से सुरक्षित रख सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Oct 2026 8:05 pm

'लोकतंत्र बचाने दिल्ली जा रहा हूं', तेजस्वी यादव ने भरी हुंकार

तेजस्वी यादव रविवार पटना से राहुल गांधी के बुलावे पर दिल्ली रवाना हुए हैं. वह जंतर-मंतर पर विपक्ष के प्रदर्शन में शामिल होंगे. पटना एयरपोर्ट पर उन्होंने बीजेपी, आरएसएस और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा. तेजस्वी ने प्रदर्शनकारियों, छात्रों और पत्रकारों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए. उन्होंने चुनाव में गड़बड़ी के आरोप दोहराते हुए संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की.

आज तक 11 Oct 2026 8:04 pm

दिल्ली-NCR में मिडिल क्लास के लिए सस्ता घर कहां? गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा तक 6 शहरों की नई प्रॉपर्टी रेट लिस्ट जारी, जानें बजट का पूरा गणित

देश के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में अपना खुद का मकान खरीदना हर नौकरीपेशा और मध्यमवर्गीय परिवार का सबसे बड़ा सपना होता है। पिछले कुछ वर्षों में बुनियादी ढांचे के तीव्र विस्तार, नमो भारत (RRTS), एक्सप्रेसवे और मेट्रो कनेक्टिविटी के जाल ने दिल्ली से सटे उपनगरीय शहरों के रियल एस्टेट परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। हालांकि, जमीन की आसमान छूती कीमतों और प्रीमियम हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की बाढ़ के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि एक सीमित आय वाले मध्यमवर्गीय परिवार के लिए सबसे सस्ता और किफायती फ्लैट या मकान किस शहर में मिल सकता है। हालिया प्रॉपर्टी मार्केट सर्वे और रियल एस्टेट एनालिटिक्स फर्मों द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट में एनसीआर के छह प्रमुख शहरों—गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम और दिल्ली—की औसत आवासीय दरों का तुलनात्मक विश्लेषण पेश किया गया है। इन आंकड़ों से साफ जाहिर होता है कि जहां गुरुग्राम और साउथ दिल्ली जैसी जगहें अब आम आदमी की पहुंच से कोसों दूर हो चुकी हैं, वहीं कुछ ऐसे उपनगर अब भी मौजूद हैं जो मध्यम वर्ग के लिए मुकम्मल आशियाना तलाशने का सबसे मुफीद ठिकाना बने हुए हैं।गाजियाबाद: अफोर्डेबल हाउसिंग का सबसे बड़ा गढ़ और कनेक्टिविटी का नया हबयदि आपके पास 35 से 60 लाख रुपये का बजट है और आप दिल्ली से बेहद नजदीक रहना चाहते हैं, तो गाजियाबाद Click to open side panel for more information पूरे एनसीआर में मध्यम वर्ग की पहली और सबसे पसंदीदा पसंद बनकर उभरा है। गाजियाबाद में वर्तमान में औसत आवासीय संपत्ति की कीमतें लगभग 4,500 रुपये से लेकर 7,500 रुपये प्रति वर्ग फीट के दायरे में चल रही हैं। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, हिंडन एलिवेटेड रोड और देश की पहली रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) नमो भारत ट्रेन के चालू होने से गाजियाबाद से दिल्ली का सफर मिनटों में सिमट चुका है। क्रॉसिंग्स रिपब्लिक, राजनगर एक्सटेंशन, वेव सिटी और एनएच-9 (एनएच-24) से सटे क्षेत्रों में 2BHK और 3BHK फ्लैट्स आज भी काफी प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध हैं। इसके अलावा, सिद्धार्थ विहार और शालीमार गार्डन जैसे इलाके उन परिवारों को आकर्षित कर रहे हैं जो कम बजट में दिल्ली के बॉर्डर पर रहना पसंद करते हैं। नगर निगम द्वारा बुनियादी सुविधाओं के लगातार अपग्रेडेशन ने इस शहर को मध्यम वर्ग के लिए सबसे किफायती व व्यावहारिक विकल्प बना दिया है।ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट: सुनियोजित चौड़ी सड़कें और बजट फ्रेंडली हाई-राइज सोसाइटीजअफोर्डेबल और मिड-इनकम सेगमेंट में गाजियाबाद के बाद दूसरा सबसे मजबूत दावेदार ग्रेटर नोएडा और विशेष रूप से ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) है। यहां प्रॉपर्टी की औसत दरें 5,500 रुपये से 8,500 रुपये प्रति वर्ग फीट के बीच दर्ज की जा रही हैं। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सबसे बड़ी यूएसपी यह है कि यहां आधुनिक क्लब हाउस, स्विमिंग पूल, 24 घंटे बिजली-पानी बैकअप और सुरक्षा से लैस हाई-राइज गेटेड सोसाइटीज में 45 से 75 लाख रुपये के बजट में 2BHK और 3BHK अपार्टमेंट्स की विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध है। इसके अलावा, यमुना एक्सप्रेसवे और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट) के आसपास के क्षेत्रों में भविष्य की निवेश संभावनाओं को देखते हुए कई युवा नौकरीपेशा लोग ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क, परी चौक और ओमेगा-अल्फा सेक्टरों में प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं। एक्वा लाइन मेट्रो के विस्तार और चौड़ी खुली सड़कों के कारण यह क्षेत्र बच्चों और बुजुर्गों के रहने के लिहाज से बेहद शांत व प्रदूषण मुक्त वातावरण भी प्रदान करता है।नोएडा और फरीदाबाद: इंफ्रास्ट्रक्चर की बुलंदी बनाम मध्यम वर्ग की जेब पर दबावनोएडा Click to open side panel for more information और फरीदाबाद Click to open side panel for more information की बात करें तो ये दोनों शहर मध्यम वर्ग के ऊपरी तबके (Upper-Middle Class) के लिए उपयुक्त साबित हो रहे हैं। नोएडा में केंद्रीय और एक्सप्रेसवे से सटे प्रीमियम सेक्टरों में फ्लैट्स की कीमतें 10,000 रुपये से 18,000 रुपये प्रति वर्ग फीट के पार पहुंच चुकी हैं, जो आम बजट से बाहर हैं। हालांकि, नोएडा के अंतिम छोर वाले सेक्टर जैसे सेक्टर 137, सेक्टर 143 और सेक्टर 168 में 70 लाख से 1 करोड़ रुपये के बीच 2BHK फ्लैट्स के सीमित विकल्प अब भी मौजूद हैं। वहीं, हरियाणा के प्रमुख औद्योगिक शहर फरीदाबाद में मास्टर प्लान के तहत विकसित हो रहे 'ग्रेटर फरीदाबाद' (नहरपार क्षेत्र - सेक्टर 75 से 89) में औसत दरें 6,000 रुपये से 9,500 रुपये प्रति वर्ग फीट के आसपास बनी हुई हैं। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे लिंक रोड और वायलेट लाइन मेट्रो कनेक्टिविटी के चलते फरीदाबाद दक्षिण दिल्ली में काम करने वाले मध्यमवर्गीय पेशेवरों के लिए एक आकर्षक केंद्र बन चुका है, जहां स्वतंत्र फ्लोर्स (Builder Floors) और ग्रुप हाउसिंग दोनों के बेहतर विकल्प मिल जाते हैं।गुरुग्राम और दिल्ली: विलासिता का बोलबाला, बजट फ्लैट्स की भारी किल्लतमिलेनियम सिटीगुरुग्रामClick to open side panel for more information और देश की राजधानीदिल्लीClick to open side panel for more information अब शुद्ध रूप से प्रीमियम, लग्जरी और अल्ट्रा-लक्जरी रियल एस्टेट का केंद्र बन चुके हैं। गुरुग्राम में गोल्फ कोर्स रोड, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन और द्वारका एक्सप्रेसवे के प्राइम बेल्ट में औसत प्रॉपर्टी रेट्स 14,000 रुपये से लेकर 25,000 रुपये प्रति वर्ग फीट से भी अधिक हो चुके हैं। गुरुग्राम में 1.5 करोड़ रुपये से कम बजट में किसी प्रतिष्ठित बिल्डर का 2BHK फ्लैट ढूंढना लगभग नामुमकिन हो गया है, केवल सोहना रोड या पटौदी रोड जैसे दूरदराज के क्षेत्रों में ही कुछ अफोर्डेबल विकल्प शेष हैं। वहीं, दिल्ली के भीतर निजी बिल्डरों के बहुमंजिला प्रोजेक्ट्स का घोर अभाव है। दिल्ली में मध्य वर्ग के लिए केवल डीडीए (DDA) के नरेला या रोहिणी स्थित ड्रॉ वाले फ्लैट्स या फिर उत्तम नगर, बुराड़ी जैसी अनाधिकृत व सेमी-ऑथराइज्ड कॉलोनियों में तंग गलियों के बिल्डर फ्लोर्स ही 30 से 50 लाख के बजट में आते हैं, जहां व्यवस्थित सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर और पार्किंग की भारी कमी से लोगों को जूझना पड़ता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Oct 2026 8:03 pm

CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन, कॉजपा ने दी देशव्यापी प्रदर्शन की चेतावनी

(फोटो के साथ)नयी दिल्ली, 11 अक्टूबर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने रविवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया। इस बीच, नयी दिल्ली में कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन हुए और करीब 200 लोगों को हिरासत में लिया गया। उच्चतम न्यायालय ने रविवार को निर्देश दिया कि शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा होने वाले लोगों को गैरकानूनी रूप से हिरासत में नहीं लिया जाना चाहिए। अदालत ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि दिल्ली मेट्रो का सामान्य रूप से संचालन जारी रहे और कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए इंटरनेट सेवाओं में कोई बाधा न आए। विशेष सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने केंद्र सरकार को नोटिस भी जारी किया। अदालत में एक याचिका पर सुनवाई हो रही थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कॉजपा के विरोध प्रदर्शन के कारण दिल्ली में मेट्रो और ट्रेन सेवाओं पर पूरी तरह रोक नहीं लगाने के उच्चतम न्यायालय के निर्देश का उल्लंघन किया गया है। याचिका में इस उल्लंघन के लिए अदालत की अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की मांग की गई थी। दिन में इससे पहले, कॉजपा के नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को इस शर्त पर रिहा किया गया कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे। दास ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि सरकार ने अपने ही नागरिकों के खिलाफ पूरे तंत्र को खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि तय जगह पर प्रदर्शन करने की मांग कर रहे लोगों पर प्रतिबंध लगाने के बजाय अधिकारी एक प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुला सकते थे। उन्होंने दावा किया कि हिरासत के दौरान दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बिना जब्ती नोटिस जारी किए उनके फोन ले लिए। दास ने कहा, हमें आशंका है कि अतीत में कार्यकर्ताओं से जुड़े ऐसे ही मामलों में लगाए गए आरोपों की तरह, उनके फोन भी हैक किए गए होंगे ताकि उनमें दस्तावेज या अन्य सामग्री डाली जा सके और बाद में उसे हमारे खिलाफ सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा सके।”उन्होंने कहा कि कॉजपा का आंदोलन जारी है और प्रदर्शन केवल दिल्ली में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में होंगे। दास ने कहा, “विरोध प्रदर्शन जारी हैं। दिल्ली ही नहीं, बल्कि पूरे देश में प्रदर्शन होंगे।”कॉजपा के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने कहा, “जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह विरोध प्रदर्शन नहीं रुकेगा।”रिहाई के समय लगाई गई शर्त का जिक्र करते हुए दास ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि एक साल तक शांति भंग नहीं होनी चाहिए। कॉजपा नेता ने कहा, “शांति भंग करने का काम नरेन्द्र मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार ने किया है।”रांका ने कहा कि तय जगह पर विरोध प्रदर्शन करने से शांति भंग नहीं होती। रविवार को सभी मेट्रो स्टेशन खुले रहे और लुटियंस दिल्ली में यातायात पर कोई बड़ा प्रतिबंध नहीं लगाया गया। हालांकि, इस इलाके की ओर जाने वाली प्रमुख सड़कों पर भारी बैरिकेडिंग की गई थी। कॉजपा के आह्वान पर रविवार को दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी रहा। नयी दिल्ली में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच करीब 200 छात्रों और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। ये लोग नारे लगाते हुए जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे थे। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस बसों में घसीटकर ले जाते हुए देखा गया। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) समेत कई छात्र संगठनों के सदस्यों और कॉजपा समर्थकों को हिरासत में लिया गया। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास और आइसा की अध्यक्ष नेहा बोरा को भी हिरासत में लिया गया। रविवार सुबह कॉजपा के तीन नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को रिहा कर दिया गया। तीनों को एक दिन पहले दिल्ली हवाई अड्डे पर हिरासत में लेने के बाद एहतियातन गिरफ्तार किया गया था। कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने के बाद उन्हें रिहा किया गया। कॉजपा ने एक बयान में इन तीनों नेताओं की रिहाई को बड़ी कानूनी जीत बताया। कॉजपा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “आखिरकार दिल्ली पुलिस को अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को रिहा करने के लिए मजबूर होना पड़ा। कॉकरोच कभी नहीं मरते।”वहीं, दिल्ली पुलिस ने कहा कि एहतियातन गिरफ्तारियां सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए की गई थीं। तीनों नेताओं को रविवार को दिल्ली कैंट स्थित कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने कहा, “एक साल तक शांति बनाए रखने और अच्छा व्यवहार करने की शर्त पर 50,000 रुपये का जमानती बॉण्ड दाखिल किया गया। इसके बाद अदालत ने उन्हें रिहा कर दिया।”यूट्यूबर ध्रुव राठी ने रविवार को दावा किया कि 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सादे कपड़ों में आए लोगों ने उनके घर से उनका ‘‘अपहरण’’ किया और अलग-अलग पुलिस थानों में ले गए। राठी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए वीडियो में कहा कि शनिवार सुबह करीब सात बजे, जब वह सो रहे थे, तब सादे कपड़ों में लगभग 20 लोग उनके घर में घुस आए। राठी ने कहा कि उन्हें अलग-अलग थानों में ले जाया गया और करीब 22 से 23 घंटे तक न तो अपने वकील से संपर्क करने दिया गया और न ही फोन इस्तेमाल करने दिया गया। उन्होंने यह दावा भी किया कि उन्हें अपने शयनकक्ष से बाहर ले जाते समय चोट आईं। राठी ने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा, “मुझे हिरासत में नहीं लिया गया था, मेरा अपहरण किया गया था।”उन्होंने उन्हें उनके घर से ले जाने के तरीके पर सवाल उठाए। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने वाले लोगों को अवैध रूप से हिरासत में नहीं लिया जाना चाहिए। पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से यह सुनिश्चित करने को कहा कि दिल्ली मेट्रो ट्रेनों का संचालन सामान्य रूप से किया जाए और कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए इंटरनेट सेवाएं बाधित न हों। उच्चतम न्यायालय ने मेहता से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि वकीलों, पत्रकारों और अन्य लोगों को उनके पेशेवर कर्तव्यों का पालन करने से न रोका जाए। पीठ ने कहा, ‘‘कानून के अनुसार इंटरनेट सेवाएं निर्बाध जारी रहनी चाहिए। इंटरनेट सेवाएं बाधित नहीं होनी चाहिए।’’इसने कहा, ‘‘तय कानूनी प्रक्रिया के अलावा किसी भी तरह से किसी को भी गैरकानूनी तरीके से हिरासत में नहीं लिया जाना चाहिए। खास तौर पर उन लोगों के मामले में, जो उस क्षेत्र के बाहर एकत्र होते हैं जहां भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू की गई है।”दिल्ली पुलिस ने रविवार को एक महिला से जुड़े पुराने मामले में कॉजपा के नेताओं को नए नोटिस भी जारी किए। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद ये नोटिस जारी किए गए। मामला एक महिला की तस्वीरों से छेड़छाड़ करके आपत्तिजनक तस्वीरें बनाने और उन्हें इंटरनेट पर प्रसारित करने के आरोपों से जुड़ा है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने पहले महिला की याचिका पर कॉजपा के नेताओं को नोटिस जारी किए थे और पुलिस को भी नोटिस जारी करने का निर्देश दिया था। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) ने आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल समेत पार्टी के विभिन्न नेताओं के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बंगला साहिब गुरुद्वारे में कथित व्यवधान और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान ‘‘भ्रामक’’ वीडियो प्रसारित करने का आरोप लगाया गया है। शनिवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने के लिए गुरुद्वारे के परिसर में एकत्र हुए थे। हालांकि, पुलिस ने उनकी कोशिश नाकाम कर दी और उन्हें हिरासत में ले लिया। डीएसजीएमसी की शिकायत में आरोप लगाया गया कि आम आदमी पार्टी से जुड़े कार्यकर्ता और समर्थक गुरुद्वारे के परिसर में घुस आए और वहां प्रदर्शन करने लगे। शिकायत के अनुसार, इससे अफरा-तफरी और अव्यवस्था पैदा हुई। इसमें यह आरोप भी लगाया गया कि उन्होंने राजनीतिक गतिविधियों के लिए ‘गुरु घर’ की पवित्रता का इस्तेमाल करने की कोशिश की। दिल्ली पुलिस ने रविवार को एक वीडियो जारी कर कॉजपा के इस दावे का खंडन किया कि उसके नेता अभिजीत दीपके को हिरासत में रहने के दौरान उनकी दादी की मृत्यु की जानकारी नहीं दी गई थी। पुलिस ने दोहराया कि दीपके को संवेदनशील तरीके से उनकी दादी के निधन की जानकारी दी गई थी। उन्हें अंतिम संस्कार के लिए अपने गृह नगर जाने में मदद की पेशकश भी की गई थी, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था। यह वीडियो दीपके की मां के उस आरोप के बाद जारी किया गया, जिसमें उन्होंने दिल्ली पुलिस पर झूठ बोलने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि उनके बेटे को उसकी दादी के निधन की जानकारी नहीं दी गई। कॉजपा ने भी यही दावा किया था। संवाददाता सम्मेलन में पुलिसकर्मियों द्वारा दीपके को उनकी दादी के निधन की जानकारी देने से संबंधित वीडियो दिखाते हुए पुलिस उपायुक्त (जनसंपर्क कार्यालय) नेहा यादव ने कहा कि कॉजपा नेता को तुरंत इसकी जानकारी दी गई थी। उन्होंने कहा कि उन्हें अंतिम संस्कार का निर्धारित समय भी बताया गया था। पुलिस ने दोहराया कि उन्हें संवेदनशील तरीके से यह खबर दी गई थी और उनके गृह नगर जाकर अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सहायता की पेशकश की गई थी, लेकिन उन्होंने यह प्रस्ताव ‘‘ठुकरा दिया’’। राष्ट्रीय राजधानी में इस महीने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन हुए हैं। इसी बीच, सोमवार को विपक्षी गठबंधन इंडिया की ओर से एक और मार्च निकालने की तैयारी की जा रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उन्होंने और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को शाम चार से पांच बजे के बीच भारत के प्रधान न्यायाधीश से मुलाकात का समय मांगा है और वे ‘‘वोट चोरी’’ के मुद्दे पर प्रधान न्यायाधीश से हस्तक्षेप की मांग करेंगे।

प्रभासाक्षी 11 Oct 2026 8:03 pm

नेशनल हाईवे पर घटे हादसे, अब राज्यों की सड़कों को सुरक्षित बनाएगी सरकार; बढ़ेंगे सुरक्षा उपाय

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय राज्यों को स्थानीय सड़कों पर सड़क सुरक्षा उपाय लागू करने में मदद करेगा, क्योंकि कुल हादसों में इनकी हिस्सेदारी सबसे अधिक है।

जागरण 11 Oct 2026 7:59 pm

IndiGo : दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो की फ्लाइट में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से निकला धुआं, हैदराबाद में करानी पड़ी लैंडिंग

दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट को रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को बीच रास्ते में हैदराबाद डायवर्ट करना पड़ा। विमान के ओवरहेड बिन यानी सीटों के ऊपर बने सामान रखने वाले स्थान में रखे एक यात्री के निजी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से धुआं निकलने की ...

वेब दुनिया 11 Oct 2026 7:58 pm

'रूस-यूक्रेन में हो गया एनर्जी सीजफायर’, ट्रंप बोले- दोनों देश इसे न तोड़ें

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच 'एनर्जी सीजफायर' का ऐलान किया है. ट्रंप ने कहा कि यह सीजफायर तत्काल प्रभाव से लागू होगा और रूस-यूक्रेन युद्ध में दोनों पक्ष इस पर सहमत हो गए हैं. उन्होंने दोनों पक्षों से इसका उल्लंघन नहीं करने की अपील की.

आज तक 11 Oct 2026 7:57 pm

रूस-यूक्रेन युद्ध में ‘एनर्जी सीजफायर’ का ऐलान, ट्रंप बोले- दोनों देश सहमत, तत्काल प्रभाव से लागू

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच 'एनर्जी सीजफायर' का ऐलान किया है. ट्रंप ने कहा कि यह सीजफायर तत्काल प्रभाव से लागू होगा और रूस-यूक्रेन युद्ध में दोनों पक्ष इस पर सहमत हो गए हैं. उन्होंने दोनों पक्षों से इसका उल्लंघन नहीं करने की अपील की.

आज तक 11 Oct 2026 7:57 pm

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ फिर करेंगे प्रदर्शन, किसी बॉण्ड पर दस्तखत नहीं किए: Abhijeet Deepke

कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने रविवार को कहा कि उन्होंने ऐसे किसी बॉण्ड पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, जिसमें यह कहा गया हो कि वह और कॉजपा के दूसरे नेता मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर दोबारा प्रदर्शन नहीं करेंगे। दीपके ने नागपुर हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम फिर से सड़कों पर उतरेंगे। हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से नहीं डरते।’’इसके बाद वह अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए महाराष्ट्र के हिंगोली रवाना हो गए। दीपके ने कहा, ‘‘मुझे सौ बार जेल में डाल दो, हम आपकी तानाशाही से नहीं डरते। हम इस तानाशाही को खत्म करेंगे।’’कॉजपा के संस्थापक की यह टिप्पणी दिल्ली पुलिस द्वारा एक वीडियो जारी किए जाने के कुछ ही समय बाद आई। पुलिस ने यह वीडियो कॉजपा के इस दावे को खारिज करने के लिए जारी किया था कि 10 अक्टूबर को हिरासत में रहने के दौरान दीपके को उनकी दादी के निधन की जानकारी नहीं दी गई थी। दिल्ली पुलिस ने कहा कि उन्हें यह खबर संवेदनशील तरीके से दी गई थी और अंतिम संस्कार के लिए उनके गृह नगर जाने में सहायता की पेशकश की गई थी, लेकिन उन्होंने यह प्रस्ताव “ठुकरा दिया”। यह वीडियो दीपके की मां द्वारा दिल्ली पुलिस पर झूठ बोलने का आरोप लगाने के बाद जारी किया गया। उन्होंने आरोप लगाया था कि शनिवार को उनके बेटे को उसकी दादी के निधन की जानकारी नहीं दी गई थी।

प्रभासाक्षी 11 Oct 2026 7:53 pm

'डरो मत, कल पूरा भारत सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेगा', बड़ी तैयारी में विपक्षी दल

राहुल गांधी ने शनिवार को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने पहुंचे युवाओं को पुलिस और BJP के कार्यकर्ताओं ने पीटा।

लाइव हिन्दुस्तान 11 Oct 2026 7:50 pm

कोहली के अचानक संन्यास पर दिग्गज का आया चौंकाने वाला बयान

भारतीय टीम के लिए कई मैच जिताऊ पारी खेलने वाले विराट कोहली को लेकर पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर का हैरान करने वाला बयान सामने आया है. वसीम जाफर ने कोहली के टेस्ट से संन्यास लेने की वजहों को बताने की कोशिश की है.

आज तक 11 Oct 2026 7:48 pm

'हमेशा विदेशी कंपनियों के साथ क्यों खड़ी होती है कांग्रेस?', स्टारलिंक विवाद पर बीजेपी ने राहुल गांधी को घेरा

भाजपा ने कांग्रेस पर विदेशी कंपनियों के साथ खड़े होने और देश में विभाजन फैलाने का आरोप लगाया, साथ ही पीएम मोदी द्वारा तमिल संस्कृति के सम्मान के प्रयासों पर जोर दिया।

जागरण 11 Oct 2026 7:47 pm

विजय-मोदी की केमेस्ट्री, एक दिन पहले राहुल गांधी संग दिखी दोस्ती; प्रोटोकॉल या कुछ और?

राजनीतिक दांव-पेच सिर्फ सरकार चलाने तक ही सीमित नहीं हैं. कांग्रेस-DMK गठबंधन ने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में तमिलनाडु में जबरदस्त जीत हासिल की थी. 2029 में TVK-कांग्रेस की साझेदारी इस समीकरण को बदल सकती है.

NDTV इंडिया 11 Oct 2026 7:43 pm

BJP विधायक की कार से MP में हुआ बड़ा सड़क हादसा

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के कुरावर में शनिवार सुबह भाजपा विधायक अमर सिंह यादव की फॉर्च्यूनर कार और बाइक की टक्कर हो गई. हादसे में बाइक सवार राघवेंद्र विश्वकर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनके 11 वर्षीय बेटे लक्ष्य को भी चोटें आईं. राघवेंद्र को इलाज के लिए भोपाल रेफर किया गया, जहां उनकी मौत हो गई. पुलिस ने कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर वाहन जब्त कर लिया है.

आज तक 11 Oct 2026 7:42 pm

'दिल्ली पर तुरंत चिंता, PoK और फ्रांस में दमन पर मौन क्यों?' OHCHR के दोहरे मापदंड पर भारत ने उठाया सवाल

भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) की दिल्ली में हुए घटनाक्रम पर व्यक्त चिंताओं को सख्ती से खारिज किया है। विदेश मंत्रालय ने OHCHR के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाते हुए पीओके और फ्रांस में हुई घटनाओं पर उसकी चुप्पी का जिक्र किया।

जागरण 11 Oct 2026 7:42 pm

Uber का One Less Car चैलेंज: एक महीने अपनी गाड़ी छोड़, कैब इस्तेमाल करने का कैसा रहा एक्सपीरियंस?

दिल्ली-NCR में हाल ही में Uber ने One Less Car एक्सपेरिमेंट शुरू किया था. इस दौरान सेलेक्टेड पार्टिशिपेंट को 1 महीने तक अपनी गाड़ी छोड़ Uber कैब और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करना था. इसका हिस्सा मुझे भी बनने का मौका मिला. आइए आपको बताते हैं, इस दौरान मेरा एक्सपीरियंस कैसा रहा.

NDTV इंडिया 11 Oct 2026 7:39 pm

अग्रसेन जयंती पर अजमेर में 160 यूनिट रक्तदान, महिलाओं की भी रही भागीदारी

अजमेर। महाराजा श्री अग्रसेन जी की 5150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित अग्रसेन जयंती महोत्सव के तहत अजमेर में सामाजिक सेवा और जनकल्याण की मिसाल देखने को मिली। श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव समिति-2026 के तत्वावधान में श्री अग्रसेन युवा समिति की ओर से शनिवार को अग्रवाल पाठशाला भवन के सभागार में 22वां विशाल रक्तदान शिविर […] The post अग्रसेन जयंती पर अजमेर में 160 यूनिट रक्तदान, महिलाओं की भी रही भागीदारी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 11 Oct 2026 7:38 pm

दादी के निधन के बाद फोन को लेकर रार, दीपके vs पुलिस में कौन सही-कौन गलत? वीडियो आया सामने

हिरासत से छोड़े जाने के बाद अभिजीत दीपके ने यह आरोप लगाया था कि दिल्ली पुलिस ने दादी की मौत के बाद भी उन्हें घर पर बात करने के लिए फोन नहीं दिया. अब दिल्ली पुलिस ने उस समय का वीडियो जारी कर पूरी कहानी बताई है.

NDTV इंडिया 11 Oct 2026 7:37 pm

'सरकार का विरोध करो तो कूल', CJP प्रोटेस्ट के बीच काजोल की बहन का तंज?

तनीषा मुखर्जी ने सोशल मीडिया के जरिए देशभर में हो रहे CJP आंदोलन पर इशारों-इशारों में अपनी भड़ास निकाली है. उनका गुस्सा उन हिंदुओं पर फूटा है जो पढ़े-लिखे हैं, मगर उनके देश में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं.

आज तक 11 Oct 2026 7:36 pm

अक्टूबर में केरल की इन 5 जगहों का बनाएं प्लान, यादगार बन जाएंगे पल

Best Places to Visit in Kerala: अक्टूबर में केरल में मानसून के बाद की हरियाली, सुहावना मौसम और खूबसूरत प्राकृतिक नजारे देखने को मिलते हैं. साथ ही पीक सीजन की तुलना में भीड़ भी कम मिल सकती है. ऐसे में अगर आप पहाड़, बैकवाटर्स, बीच और जंगल को एक ही ट्रिप में एक्सप्लोर करना चाहते हैं तो अक्टूबर में केरल घूमने का प्लान बना सकते हैं.

आज तक 11 Oct 2026 7:35 pm

Maharashtra Drought: सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए 8 महीने की योजना बनाएगी सरकार, केंद्र से मांगेगी राहत

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार सूखा प्रभावित क्षेत्रों में अगले छह से आठ महीने तक रोजगार, खाद्यान्न, पेयजल और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करने के लिए विस्तृत योजना तैयार कर रही है। फडणवीस ने यहां अपने आधिकारिक आवास पर सूखे की स्थिति का आकलन करने आई केंद्रीय टीम के साथ बैठक में कहा कि फसल की वृद्धि के महत्वपूर्ण चरण में बारिश की कमी से कई क्षेत्रों में सोयाबीन की खेती बुरी तरह प्रभावित हुई है, जबकि कपास, अरहर और गन्ने की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि पानी की कमी के कारण रबी की बुवाई की संभावनाएं धूमिल हैं, जिससे किसानों के पास खरीफ की फसल के नुकसान की भरपाई अगली फसल से करने की बहुत कम गुंजाइश बची है। फडणवीस ने कहा कि खेती में मजदूरी करके अपना गुजारा करने वाले छोटे किसानों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार उन्हें रोजगार और खाद्य सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से सहायता देगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सूखा प्रभावित गांवों का दौरा करने और किसानों से बातचीत करने वाली केंद्रीय टीम केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसमें स्थिति की गंभीरता को रेखांकित किया जाएगा। फडणवीस ने कहा, महाराष्ट्र के कई हिस्सों, विशेषकर छोटे ग्रामीण गांवों में पानी के स्रोत सूख गए हैं। ऐसे में टैंकर के जरिये पानी की आपूर्ति के व्यापक इंतजाम करने की जरूरत है। राज्य सरकार टैंकर के माध्यम से पानी का पारदर्शी और व्यवस्थित वितरण सुनिश्चित करने के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि लोगों और पशुओं के लिए पीने के पानी की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी और उपलब्ध पानी को अगस्त 2027 तक पीने के मकसद के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इन जरूरतों को पूरा करने के बाद ही अन्य इस्तेमाल के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सूखा राहत की मांग के लिए केंद्र सरकार के मानकों के अनुरूप आंकड़ों के आधार पर विस्तृत ज्ञापन सौंपेगी।

प्रभासाक्षी 11 Oct 2026 7:33 pm

OTT पर रिलीज होते ही मिले छप्पर फाड़ व्यू, पहले दिन सबसे ज्यादा देखी जाने वाली फिल्म बनी ये

साउथ सिनेमा के खजाने से निकली ये फिल्म 2 अक्टूबर को ओटीटी प्लैटफॉर्म जियो हॉटस्टार पर रिलीज हुई थी. यहां आते ही इस फिल्म को इतना प्यार मिला कि पहले दिन ही एक रिकॉर्ड अपने नाम कर डाला.

NDTV इंडिया 11 Oct 2026 7:31 pm

लखनऊ कांग्रेस कार्यालय में हंगामा, पदभार समारोह में अजय राय और ममता चौधरी के समर्थकों के बीच मारपीट, चले जूते

​उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित कांग्रेस मुख्यालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब नए पदाधिकारियों के पदभार ग्रहण समारोह के दौरान दो गुट आपस में भिड़ गए। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और ममता चौधरी के समर्थकों के बीच हुआ यह विवाद इतना बढ़ा कि नौबत ...

वेब दुनिया 11 Oct 2026 7:31 pm

अजमेर में महाराजा अग्रसेन जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा, देवी-देवताओं की झांकियों ने मोहा मन

केसरगंज से अग्रसेन नगर तक निकली यात्रा का जगह-जगह स्वागत, अग्रबंधुओं ने की पुष्पवर्षा और आरती अजमेर। महाराजा श्री अग्रसेन जी की जयंती के उपलक्ष्य में श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव समिति के तत्वावधान में शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़ों, आकर्षक धार्मिक झांकियों और महाराजा अग्रसेन जी के रथ के साथ निकली इस […] The post अजमेर में महाराजा अग्रसेन जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा, देवी-देवताओं की झांकियों ने मोहा मन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 11 Oct 2026 7:30 pm

VIDEO: तेज रफ्तार कार की टक्कर से हवा में उछली बाइक, पास खड़ा श्रद्धालु गंभीर घायल

तमिलनाडु के तूतीकोरिन में मनिनगर ब्रिज पर एक तेज रफ्तार कार ने खड़ी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे पास चाय पी रहा एक श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गया।

जागरण 11 Oct 2026 7:30 pm

Nana की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई सामने, खुला मौत का राज

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई है. गोवा मेडिकल कॉलेज के एक वरिष्ठ डॉक्टर के मुताबिक, उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई. दिल की मुख्य धमनी में खून का थक्का जमने के कारण उन्हें गंभीर हृदयाघात आया था. 8 अक्टूबर की सुबह तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बचाने की कोशिश की गई, लेकिन डॉक्टर उन्हें नहीं बचा सके. महाराष्ट्र के डोंजे गांव में उनका अंतिम संस्कार हुआ.

आज तक 11 Oct 2026 7:25 pm

मेट्रो में सीट को लेकर बहस बनी जानलेवा, सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर शख्स की पिटाई, अस्पताल पहुंचते ही मौत

मेट्रो में सीट को लेकर बहस बनी जानलेवा, सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर शख्स की पिटाई, अस्पताल पहुंचते ही मौत

NDTV इंडिया 11 Oct 2026 7:24 pm

'नवरात्रि में करूंगी अगले कदम का ऐलान', मिर्जापुर में बोलीं दिव्या मित्तल

IAS Divya Mittal Latest News: पूर्व IAS अफसर दिव्या मित्तल ने मिर्जापुर के विंध्याचल में मां विंध्यवासिनी के दर्शन किए. राजनीति में आने की घोषणा के बाद उन्होंने किसी पार्टी में शामिल होने से इनकार किया और नवरात्रि के दौरान अपने विजन का खुलासा करने की बात कही. राजा भैया से मुलाकात की चर्चाओं पर भी प्रतिक्रिया दी.

आज तक 11 Oct 2026 7:24 pm

NCB ने असम में 43 करोड़ रुपये की ड्रग्स पकड़ी, दो तस्कर गिरफ्तार

स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने असम में दो ट्रकों के ईंधन टैंकों में छिपाकर रखी गई करीब 43 करोड़ रुपये की 53.93 किलोग्राम मेथामफेटामीन जब्त की और मणिपुर के दो लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई छह अक्टूबर को गुवाहाटी में की गई और मादक पदार्थों की यह खेप म्यांमा से मंगाई गई थी। उन्होंने बताया कि दो ट्रकों से कुल 53.93 किलोग्राम मेथामफेटामीन (याबा टैबलेट) जब्त की गई। उन्होंने बताया कि इन मादक पदार्थों को ईंधन टैंकों के भीतर छिपाया गया था। एनसीबी के इस अभियान में मणिपुर के बिष्णुपुर के रहने वाले दो लोगों को गिरफ़्तार किया गया। अधिकारियों के अनुसार मादक पदार्थों के अवैध बाजार में इसकी अनुमानित कीमत 43 करोड़ रुपये है। अधिकारियों ने बताया कि एक अन्य अभियान में केंद्रीय मादक पदार्थ रोधी एजेंसी ने वांछित छह आरोपियों को भी हिरासत में लिया।

प्रभासाक्षी 11 Oct 2026 7:20 pm

PM Narendra Modi ने CM Vijay संग किया Chennai Metro चरण दो का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि उन्होंने विकास को अपना ‘मंत्र’ माना है और तमिलनाडु के लोगों की सेवा करने तथा मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के साथ मिलकर राज्य की प्रगति सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 12 वर्ष में अलग-अलग क्षेत्रों में हुई तेजी से प्रगति का जिक्र किया, जिसमें रक्षा निर्यात में हुई अत्यधिक बढ़ोतरी भी शामिल है। विजय के साथ मिलकर लगभग 13,000 करोड़ रुपये की लागत वाली रेलवे, सड़क और पेट्रोलियम से जुड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करने के बाद अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री ने विकास सुनिश्चित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उद्घाटन के दौरान, प्रधानमंत्री ने विजय को इशारा करके चेन्नई मेट्रो दूसरे चरण को एक साथ हरी झंडी दिखाने के लिए बुलाया। यह केंद्र और राज्य के रिश्तों के लिहाज से बहुत अहम राजनीतिक घटनाक्रम है। दोनों नेताओं ने मिलकर इस नेटवर्क को हरी झंडी दिखाई। चेन्नई मेट्रो के दूसरे चरण को केंद्र और तमिलनाडु राज्य सरकार के संयुक्त उपक्रम के तौर पर पूरा किया गया है। बाद में, अवसंरचना परियोजनाओं के शिलान्यास के समय भी, प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री विजय का हाथ पकड़कर संयुक्त रूप से इनकी शुरूआत की। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘मैंने हमेशा देश के विकास को ही अपना मंत्र माना है।’’प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘(गुजरात के) मुख्यमंत्री के तौर पर, मैंने राज्य की उम्मीदों को समझा। प्रधानमंत्री बनने के बाद, मैंने न केवल उन उम्मीदों को पूरा करने की कोशिश की, बल्कि यह भी कोशिश की कि सभी राज्य अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकें।’’तमिलनाडु का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब वह (गुजरात के) मुख्यमंत्री थे, उस समय (तमिलनाडु का नेतृत्व कर रहे) एम. करुणानिधि और जे. जयललिता से उन्होंने मुलाकात की थी। और, प्रधानमंत्री बनने के बाद, उन्हें पूर्व मुख्यमंत्रियों, ओ. पनीरसेल्वम, एडप्पादी के. पलानीस्वामी और एम. के. स्टालिन के साथ काम करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा, ‘‘सरकारें बदल सकती हैं, लेकिन तमिलनाडु के विकास और राज्य के लोगों की सेवा करने का मेरा संकल्प दृढ़ है। लोगों की सेवा करने के इसी संकल्प के साथ, मुख्यमंत्री विजय के साथ मिलकर हम राज्य के विकास को आगे बढ़ा रहे हैं।’’टीवीके के संस्थापक विजय ने तमिलनाडु में अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव जीतकर पार्टी की पहली सरकार बनाई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘कुछ दिन पहले, लोगों के आशीर्वाद से मैंने शासन प्रमुख के तौर पर जनसेवा के 25 साल पूरे किए - यह एक अहम पड़ाव है। अक्टूबर 2001 में मैंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। तब से, लोगों ने मुझे उनकी सेवा करने का मौका दिया - पहले मुख्यमंत्री के तौर पर और बाद में प्रधानमंत्री के तौर पर।’’उन्होंने कहा, ‘‘इस दौरान हमारे लोकतंत्र की दो बड़ी ताकतों पर मेरा विश्वास और भी मजबूत हुआ है। पहली, देश की जनता और दूसरी, सहकारी संघवाद।’’उन्होंने कहा कि पोत परिवहन क्षेत्र को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए बंदरगाह अवसंरचना को मजबूत करने की यात्रा में तमिलनाडु ने अहम भूमिका निभाई है। मोदी ने कहा कि लगभग 17,000 करोड़ रुपये के निवेश से, तूत्तुकुडी में वी.ओ. चिदंबरनार बंदरगाह को विश्वस्तरीय विशाल कंटेनर और हरित ऊर्जा केंद्र के तौर पर विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 2014 से भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 11 गुना बढ़ गया है, जबकि रक्षा निर्यात में 50 गुना बढ़ोतरी हुई है। इंजीनियरिंग निर्यात ने भी नये रिकॉर्ड बनाए हैं। विनिर्माण में हुई इस बढ़ोतरी से युवाओं के लिए लाखों नौकरियां पैदा हुई हैं और तमिलनाडु के लोगों ने इस विनिर्माण को गति देने में अहम भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में मेट्रो सेवाएं केवल पांच शहरों में उपलब्ध थीं, लेकिन आज ये देश भर के 25 शहरों में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि मंदिरों के शहर से लेकर मेट्रो सेवा तक, तमिलनाडु के ये अनुभव भारत की उस भावना को दर्शाते हैं, जो अपनी सांस्कृतिक विरासत से शक्ति और प्रेरणा लेती है। उद्घाटन व शिलान्यास के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री विजय और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चेन्नई मेट्रो में पोरूर बाईपास स्टेशन से पूनामल्ली बाईपास स्टेशन तक और फिर वापसी की यात्रा की।

प्रभासाक्षी 11 Oct 2026 7:20 pm

कल का मौसम: दिल्ली में बारिश होगी? यूपी-बिहार समेत उत्तर भारत में मौसम खेल रहा आंख मिचौली

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में 12 अक्टूबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे. पश्चिमी यूपी (मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, अलीगढ़ और आसपास) में छिटपुट से लेकर हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है.

NDTV इंडिया 11 Oct 2026 7:20 pm

Kolkata Police ने TMC सांसद Abhishek Banerjee को बिलबोर्ड विवाद में भेजा नया नोटिस

पुलिस रविवार को तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी नीत गुट के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के आवास पर पहुंची और कैमक स्ट्रीट पार्टी कार्यालय बिलबोर्ड मामले में फिर से पूछताछ के लिए बुलाने का नोटिस दिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। हफ्ते भर में पुलिस दूसरी बार डायमंड हार्बर सांसद के कालीघाट स्थित आवास पर इस उद्देश्य से पहुंची। इससे पहले, सात अक्टूबर को बनर्जी घर पर मौजूद नहीं थे और नोटिस लेने के लिए भी कोई उपलब्ध नहीं था। अधिकारी ने बताया कि इस बार नोटिस बनर्जी के आवास पर उनके कर्मचारी को थमाया गया। कोलकाता नगर निगम (केएमसी) की शिकायत के सिलसिले में नोटिस देने के लिए शेक्सपियर सरनी पुलिस थाने की एक टीम कालीघाट में बनर्जी के घर पहुंची। अधिकारी ने बताया कि नगर निकाय ने आरोप लगाया था कि पिछले महीने कैमक स्ट्रीट पर मौजूद एक इमारत से तृणमूल का साइनबोर्ड हटाने की कोशिश के दौरान पुलिसकर्मियों और केएमसी कर्मचारियों को परेशान किया गया तथा उन पर हमला किया गया। इस इमारत में पार्टी का कार्यालय है। शुरूआत में, कोई भी व्यक्ति नोटिस लेने को तैयार नहीं था। हालांकि, कुछ समय बाद, इसे सांसद के कर्मचारी को दे दिया गया। यह घटना 27 अगस्त को मध्य कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित पार्टी कार्यालय की इमारत से बिलबोर्ड हटाने को लेकर हुए हंगामे से संबंधित है। इस घटना के सिलसिले में शेक्सपियर सरनी पुलिस थाने में तीन प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बनर्जी से इनमें से एक मामले में पुलिस थाने में पहले ही पूछताछ की जा चुकी है। यह पूछताछ कई घंटे तक की गई थी। पुलिस अब उसी मामले में उनसे फिर से पूछताछ करना चाहती है। अग्निशमन विभाग ने इस मामले के संबंध में अलग से एक नोटिस जारी कियाथा। पुलिस के इस कदम की निंदा करते हुए तृणमूल प्रवक्ता और विधायक कुणाल घोष ने कहा, ‘‘भाजपा (सरकार) इतने निम्न स्तर तक पहुंच गई है कि महालया के बाद भी नोटिस भेजा गया है, जबकि दुर्गा पूजा में बस कुछ ही दिन बचे हैं।

प्रभासाक्षी 11 Oct 2026 7:20 pm

आज का राशिफल 12 अक्टूबर 2026: सोमवार को बन रहे शुभ योग, मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए करियर

सोमवार 12 अक्टूबर 2026 का दिन भगवान शिव की विशेष कृपा और चंद्र देव के प्रभाव से युक्त रहेगा। इस दिन आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि और स्वाति नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है, जिससे तुला राशि में चंद्रमा और सूर्य का प्रभाव कई राशियों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आर्थिक स्थिरता लेकर आएगा। सोमवार का दिन मन को शांत रखने, नए कार्यों की रूपरेखा तैयार करने और भगवान भोलेनाथ के अभिषेक व आराधना के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। ग्रहों की बदलती चाल का सीधा असर सभी 12 राशियों के जातकों के करियर, पारिवारिक जीवन, आर्थिक लेन-देन और मानसिक स्वास्थ्य पर स्पष्ट रूप से देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं कि 12 अक्टूबर का यह दिन आपकी राशि के लिए किस प्रकार के संकेत और अवसर लेकर आ रहा है।मेष, वृषभ और मिथुन राशि: नई शुरुआत, धन लाभ और संबंधों में मजबूतीमेष राशि के जातकों के लिए 12 अक्टूबर का दिन ऊर्जा और उत्साह से भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में पिछले कई दिनों से अटका हुआ कोई महत्वपूर्ण काम आज उच्चाधिकारियों के सहयोग से पूरा हो सकता है। साझेदारी के व्यापार में नए अनुबंध मिलने की प्रबल संभावना है, हालांकि जल्दबाजी में किसी भी कानूनी दस्तावेज पर बिना पढ़े हस्ताक्षर करने से बचें। वृषभ राशि के लोगों के लिए आज का दिन आर्थिक रूप से बेहद संतोषजनक रहेगा। पुराने निवेश या पैतृक संपत्ति से अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं। कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना होगी और सहकर्मियों का पूरा सहयोग मिलेगा। परिवार में किसी मांगलिक कार्य की योजना बन सकती है। मिथुन राशि के जातकों को अपनी बौद्धिक क्षमता और तार्किक कौशल का पूरा लाभ मिलेगा। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए आज का दिन एकाग्रता बढ़ाने वाला रहेगा। मीडिया, लेखन, मार्केटिंग और आईटी से जुड़े जातकों को किसी नए प्रोजेक्ट का नेतृत्व मिल सकता है। मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए खान-पान पर ध्यान दें।कर्क, सिंह और कन्या राशि: पारिवारिक सुख, मान-सम्मान और संयम की आवश्यकताकर्क राशि के जातकों के लिए आज का दिन भावनाओं पर नियंत्रण रखने और पारिवारिक मामलों को सुलझाने का है। माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा और घर में सुख-सुविधाओं की वस्तुओं की खरीदारी हो सकती है। नौकरीपेशा लोगों को आज अपने कार्यस्थल पर शांत रहकर काम करना चाहिए और बेवजह के विवादों से दूर रहना ही हितकर रहेगा। सिंह राशि के जातकों के लिए सोमवार का दिन पराक्रम और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि कराने वाला साबित होगा। शासन-प्रशासन से जुड़े अटके कार्य पूरे होंगे और आपकी नेतृत्व क्षमता की सराहना की जाएगी। व्यापार में नए ग्राहकों से संपर्क स्थापित होगा जिससे भविष्य में बड़ा आर्थिक लाभ मिल सकता है। भाई-बहनों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। कन्या राशि के जातकों को आज वाणी और वित्तीय प्रबंधन में विशेष सावधानी बरतनी होगी। खर्चों की अधिकता मानसिक तनाव दे सकती है, इसलिए बजट बनाकर चलना ही समझदारी है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का फल मिलेगा, लेकिन किसी को उधार धन देने से फिलहाल बचें। पेट और खानपान से जुड़ी छोटी-मोटी समस्याओं को नजरअंदाज न करें।तुला, वृश्चिक और धनु राशि: आत्मविश्वास, करियर में उछाल और अध्यात्म की ओर झुकावतुला राशि में चंद्रमा का गोचर आपके व्यक्तित्व में निखार लाएगा और आपके निर्णयों को मजबूती प्रदान करेगा। कला, फैशन और डिजाइनिंग से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन सुनहरे मौके लेकर आ सकता है। वैवाहिक जीवन में प्रेम और सामंजस्य बढ़ेगा, जीवनसाथी का हर मोड़ पर सहयोग प्राप्त होगा। वृश्चिक राशि के जातकों को आज गुप्त शत्रुओं और विरोधियों से सावधान रहने की जरूरत है। कार्यक्षेत्र में अपनी गोपनीय योजनाओं को किसी से साझा न करें। विदेश यात्रा या दूर की यात्रा के योग बन सकते हैं। खर्चों पर थोड़ा अंकुश लगाने की जरूरत रहेगी, हालांकि शाम के समय किसी पुराने मित्र से मुलाकात मन को हल्का कर देगी। धनु राशि के जातकों के लिए 12 अक्टूबर का दिन भाग्य वृद्धि का संकेत दे रहा है। आपकी आमदनी के नए स्रोत विकसित हो सकते हैं और रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में आपकी रुचि बढ़ेगी, जिससे मानसिक शांति प्राप्त होगी। वरिष्ठजनों का आशीर्वाद आपके हर काम को गति देगा।मकर, कुंभ और मीन राशि: पदोन्नति, सामाजिक प्रतिष्ठा और सेहत पर ध्यानमकर राशि के जातकों के लिए कार्यक्षेत्र में बड़ी सफलता मिलने के योग बन रहे हैं। अधिकारियों के साथ आपके संबंध मधुर होंगे और पदोन्नति या वेतन वृद्धि से जुड़ी चर्चा सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सकती है। रियल एस्टेट और निर्माण कार्यों से जुड़े व्यापारियों को कोई बड़ा मुनाफा हाथ लग सकता है। कुंभ राशि के जातकों के लिए आज का दिन भाग्य और कर्म के सुंदर तालमेल का रहेगा। समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा और सार्वजनिक मंचों पर आपकी बात को गंभीरता से सुना जाएगा। युवाओं को करियर के नए अवसर प्राप्त होंगे। वैवाहिक और प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। मीन राशि के जातकों को आज स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सतर्कता बरतनी होगी। मौसम के बदलाव के कारण जोड़ों का दर्द या थकान परेशान कर सकती है। हालांकि, शोध, गूढ़ विद्याओं और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए दिन काफी अनुकूल परिणाम देगा। वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखें और विवादों से दूरी बनाए रखें।आज के दिन के अचूक ज्योतिषीय उपायसोमवार के दिन महादेव की कृपा प्राप्त करने के लिए सुबह स्नान के उपरांत शिवलिंग पर कच्चा दूध, जल और बेलपत्र अर्पित करें। 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का 108 बार मानसिक जप करने से मानसिक तनाव दूर होता है और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार आता है। यदि संभव हो तो सफेद वस्त्र, दूध, चावल या चीनी का किसी जरूरतमंद को दान करें। यह छोटा सा उपाय कुंडली में चंद्रमा को बली करता है और दिनभर कार्यों में सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Oct 2026 7:19 pm

BJP ने Rahul Gandhi के तमिल संस्कृति पर दिए बयान को बताया बेबुनियाद

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को राहुल गांधी के इस दावे को बेबुनियाद बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तमिल और संस्कृति पर बड़े पैमाने पर हमला कर रहे हैं। पार्टी ने कांग्रेस नेता पर के आधार पर देश में विभाजन पैदा करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। भाजपा मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि सच्चाई यह है कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में तमिल को बहुत सम्मान मिला है। त्रिवेदी ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में तमिल के विभिन्न रूपों को बढ़ावा देने और पहचान दिलाने के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ये प्रयास केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी किए गए हैं। शनिवार को गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर तमिल भाषा, संस्कृति और इतिहास पर बड़े पैमाने पर हमला करने का आरोप लगाया था। उन्होंने यह दावा भी किया था कि निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन की प्रक्रिया तमिलनाडु को ‘सजा’ देने और संसद में उसकी आवाज कमजोर करने के लिए बनाई गई है। गांधी ने दक्षिण भारत में अपने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के छठे और दक्षिण भारत में पहले संस्करण के दौरान चेन्नई में एक मैदान में जुटी भीड़ को संबोधित करते हुए कहा था, “हम तमिल संस्कृति, आपकी भाषा, इतिहास और परंपराओं पर बड़े पैमाने पर हमला होते देख रहे हैं...।”प्रधानमंत्री मोदी को लेकर गांधी की टिप्पणियों की आलोचना करते हुए त्रिवेदी ने कहा, “ईर्ष्या से ग्रस्त और हताशा से घिरे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चेन्नई में एक बार फिर हमारी सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर बेबुनियाद, गैर-जिम्मेदाराना और निराधार आरोप लगाने की कोशिश की है।”त्रिवेदी ने यह आरोप भी लगाया कि गांधी ने भारत को अराजकता और विभाजन की ओर धकेलने की कोशिश करते हुए प्रधानमंत्री पर ये बेबुनियाद आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता के आधार पर उत्तर और दक्षिण भारत के बीच विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

प्रभासाक्षी 11 Oct 2026 7:19 pm

CPIM सांसद John Brittas का आरोप, दिल्ली में सुरक्षाकर्मियों ने की बदसलूकी और धक्कामुक्की

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने रविवार को आरोप लगाया कि जब वह जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेंद्र कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे, तो दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ के कर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की। दिल्ली में ब्रिटास ने पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) कर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की, जबकि उन्होंने उन्हें (सुरक्षाकर्मियों को) बताया था कि वह सांसद हैं। सीआरपीएफ के कर्मी माकपा सांसद को वहां खड़ी पुलिस बस तक जबरन ले गए और उन्हें बस की एक सीट पर धकेल दिया, जबकि वे लगातार उनसे कह रहे थे कि उन्हें न छुएं और वह सांसद हैं। बाद में, पुलिस बस से उतारे जाने के बाद फुटपाथ पर बैठे ब्रिटास ने पत्रकारों को बताया कि उन्हें और एक अन्य व्यक्ति को जबरदस्ती बस की सीट पर धकेला और बैठाया गया, जिससे उनका दम घुटने लगा। इस आपबीती के बाद सांस लेने में हो रही तकलीफ के बीच, माकपा नेता ने बताया कि पुलिस नियंत्रण कक्ष से एक उपायुक्त (डीसीपी) ने पूरी घटना देखी और बस में मौजूद पुलिस अधिकारियों को फोन करके उन्हें जाने देने को कहा, क्योंकि वह एक सांसद हैं। उन्होंने दावा किया, ‘‘इसके बाद पुलिस ने मुझे बस से बाहर निकाला और एक ऑटो में बिठा दिया, लेकिन मेरे साथ जाने से इनकार कर दिया।’’सांसद के साथ बस में ही मौजूद साजिद हुसैन नामक एक व्यक्ति ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस ने माकपा नेता के साथ बहुत बुरा बर्ताव किया। ब्रिटास ने कहा कि अगर एक सांसद होने और किसी भी कानून का उल्लंघन न करने के बावजूद उनके साथ ऐसा हुआ, तो आम लोगों के साथ क्या किया होगा। उन्होंने दावा किया कि जब वह पत्रकारों से बात कर रहे थे, तब पुलिस और सीआरपीएफ कर्मियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया। ब्रिटास ने कहा, ‘‘यह सुनने के बाद कि हमारे छात्र कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, मैं यहां आया था।

प्रभासाक्षी 11 Oct 2026 7:19 pm

Aradhana Mishra ने संभाला UP Congress अध्यक्ष का पद, लखनऊ मुख्यालय में हुआ हंगामा

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नवनियुक्त अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने रविवार को शारदीय नवरात्र के पहले दिन औपचारिक रूप से पदभार संभाल लिया। हालांकि, इस दौरान लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में दो गुटों के बीच तीखी बहस और हाथापाई हुई। सूत्रों ने बताया कि एक गुट ने मोना के समर्थन में नारे लगाए जबकि दूसरे गुट ने पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्‍यक्ष अजय राय के समर्थन में नारेबाजी की। पार्टी मुख्यालय में मौजूद एक नेता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि किसी कार्यकर्ता की बात से नाराज होकर पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अजय राय कार्यक्रम से बाहर चले गए थे हालांकि, राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी और कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष एवं सांसद इमरान मसूद की पहल पर उन्हें वापस कार्यालय लाया गया। सूत्र ने बताया कि मिश्रा और राय के समर्थकों के बीच अशांति की असल वजह तुरंत साफ नहीं हो पाई लेकिन एक समय जब समर्थक आपस में हाथापाई कर रहे थे और एक-दूसरे को अपशब्द कह रहे थे, तो गुस्से में दिख रहे राय ने कार्यक्रम से बाहर चले जाने की धमकी दी। हालांकि, तिवारी और मसूद समेत वरिष्ठ नेताओं ने बीच-बचाव किया और राय को रुकने के लिए मनाया। बाद में उन्हें मोना का गुलदस्ते के साथ स्वागत करते हुए देखा गया! नेता ने सोशल मीडिया पर मारपीट की खबरों को गलत बताते हुए कहा कि कार्यक्रम की सभी औपचारिकताएं पूरी की गईं और पार्टी नेताओं के बीच कोई मनमुटाव नहीं है। इस बीच, तिवारी और मसूद द्वारा अजय राय को समझाने का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ। कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने ‘एक्स’ पर बताया कि आराधना मिश्रा ने प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के मार्गदर्शन में नेहरू भवन स्थित पार्टी मुख्यालय में पदभार संभाला। पोस्ट के मुताबिक, उन्होंने (आराधना मिश्रा ने) पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए संगठन को मजबूत करने और अपने दायित्वों का निष्ठा से निर्वहन करने का संकल्प लिया। आराधना मिश्रा ने पदभार संभालने के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा पर जोर दिया। उन्होंने मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों, चुनाव की निष्पक्षता और निर्वाचन आयोग की जवाबदेही से जुड़े मुद्दे उठाए। नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष ने बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और किसानों तथा मजदूरों की समस्याओं को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ साप्ताहिक ‘चार्जशीट अभियान’ शुरू करने की घोषणा भी की। इस अभियान के तहत हर सप्ताह जनहित से जुड़े एक प्रमुख मुद्दे पर आरोपपत्र जारी कर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। मिश्रा ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया। कांग्रेस ने दो अक्टूबर को आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश अध्यक्ष और इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया था।

प्रभासाक्षी 11 Oct 2026 7:19 pm

शराब के नशे में धुत चालक ने स्कूटर को मारी टक्कर, 3 छात्रों की मौत

केरल के एर्नाकुलम जिले के नेदुम्बस्सेरी में Mini Cooper कार की टक्कर से स्कूटर सवार तीन छात्रों की मौत हो गई. मृतकों की पहचान देविका, गोपिका और इजाज के रूप में हुई है. पुलिस ने ड्राइवर सुहैल सजीव को हिरासत में लिया है. आरोपी ने बीयर पीने की बात कबूली. उसके खून के नमूने जांच के लिए लिए गए हैं और गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज हुआ है.

आज तक 11 Oct 2026 7:18 pm

Nana Patekar की मौत की वजह आई सामने, कोरोनरी धमनी में रुकावट से पड़ा था दिल का दौरा

अभिनेता नाना पाटेकर की मौत खून का थक्का जमने से दिल का दौरा पड़ने के कारण हुई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने रिपोर्ट के आधार पर रविवार को कहा कि अभिनेता को खून का थक्का जमने के कारण दिल का दौरा पड़ा। उन्होंने कहा कि इस थक्के ने हृदय की बाईं मुख्य धमनी को बंद कर दिया, जो हृदय के एक बड़े हिस्से तक खून पहुंचाती है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण बताते हुए कहा गया है, “धमनियों में वसा जमने से कोरोनरी धमनी में रुकावट के कारण बाईं मुख्य कोरोनरी धमनी में खून का थक्का जम गया, जिससे अचानक दिल का दौरा पड़ा। मौत प्राकृतिक कारणों से हुई।”पाटेकर (75) ने ‘क्रांतिवीर’ और ‘खामोशी: द म्यूजिकल’ समेत अलग-अलग तरह की फिल्मों में अपने शानदार अभिनय से अलग पहचान बनाई थी। उन्हें आठ अक्टूबर की सुबह पणजी के पास दोना पावला स्थित उनके घर से एक निजी अस्पताल ले जाया गया था, जहां सुबह पांच बजकर 10 मिनट पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था।

प्रभासाक्षी 11 Oct 2026 7:18 pm

Mallikarjun Kharge और Rahul Gandhi करेंगे CJI से मुलाकात, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाएंगे सवाल

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को कहा कि वह और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 12 अक्टूबर को भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) से मुलाकात कर लोकतांत्रिक अधिकारों के कथित दमन, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई और निर्वाचन आयोग में कथित अनियमितताओं से जुड़ी चिंताओं को उठाएंगे। खरगे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर देश में ‘‘अघोषित आपातकाल” जैसी स्थिति पैदा करने का आरोप लगाया। खरगे ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने भी राहुल गांधी की तरह सीजेआई को एक पत्र लिखकर मुलाकात का समय मांगा था और उन्हें सोमवार को शाम चार बजे से पांच बजे के बीच मुलाकात का समय दिया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘हम उनके (प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत) सामने किसी चीज की मांग नहीं कर सकते। हम हाथ जोड़कर उनसे अनुरोध करेंगे कि वह इन मुद्दों को ध्यान में रखें।’’खरगे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी उन युवाओं से डरे हुए हैं, जो ‘‘लोकतंत्र बचाओ, हमारे वोट बचाओ’’ की मांग कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री और उनकी सरकार पर नागरिकों के अधिकारों का “दमन” करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान, लोकतंत्र और लोगों के मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस का इस्तेमाल लोगों को विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने और उनकी उचित मांगों को उठाने से रोकने के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि इसके कारण उन युवाओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जो नौकरी, नियुक्ति, स्कूल या कॉलेज जाने के लिए यात्रा करना चाहते हैं। खरगे ने शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित बड़े जन आंदोलन को विफल करने के लिए सुरक्षा के अभूतपूर्व बंदोबस्त और कॉजपा के प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘कल लगभग 32,000 पुलिसकर्मियों और सीआरपीएफ के 7,500 जवानों को तैनात किया गया था। यह अपने आप में दर्शाता है कि सरकार युवाओं के आंदोलन से कितनी डरी हुई है। जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, सड़कों को अवरुद्ध किया गया, संचार माध्यमों को बाधित किया गया, हवाई अड्डे तक पहुंच सीमित कर दी गई और मोबाइल नेटवर्क बंद कर दिये गये। ये सभी बातें दर्शाती हैं कि वह भारत में लोकतंत्र कायम नहीं रहने देना चाहते।’’उन्होंने कहा, “हम लोकतंत्र और लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे।”खरगे ने कहा कि निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसे स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने का अधिकार प्राप्त है लेकिन उसे स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया, “निर्वाचन आयोग के दो सदस्यों ने खुले तौर पर उजागर किया है कि आयोग किस तरह काम कर रहा है, उसमें किस प्रकार की अनियमितताएं हो रही हैं और इस स्थिति को लेकर आयोग के सदस्य स्वयं क्या महसूस करते हैं। इसके बावजूद, इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।’’खरगे ने आरोप लगाया, ‘‘यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि वे (प्रधानमंत्री और भाजपा सरकार) मतों की चोरी का सिलसिला जारी रखना चाहते हैं। अब तक वोटों की जितनी भी चोरी हुई है, उसका इस्तेमाल केंद्र और राज्यों में सरकारें बनाने के लिए किया गया है।’’उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा माहौल बनाने के लिए मोदी ने 2023 में एक कानून बनाया, जिसके तहत मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों को कानूनी संरक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा संरक्षण दिया गया है, जो भारत के राष्ट्रपति या देश के प्रधान न्यायाधीश को भी प्राप्त नहीं है। उन्होंने कहा, “एक निर्वाचन आयुक्त को यह विशेष संरक्षण क्यों दिया गया? यह संरक्षण देने के बाद वोटों की चोरी, ईवीएम में हेरफेर और चुनावी धोखाधड़ी की पूरी प्रक्रिया शुरू कर दी गई। मुख्य निर्वाचन आयुक्त कितनी भी गलतियां क्यों न करें, उन्हें उन गलतियों के लिए जवाबदेही से आजीवन छूट दे दी गई है।’’खरगे ने कहा, ‘‘इसका सीधा मतलब है कि यह जनता के वोट चुराने और लोकतंत्र के साथ धोखाधड़ी करने की साजिश है। ठीक यही किया जा रहा है और हम इसके खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

प्रभासाक्षी 11 Oct 2026 7:18 pm

Moradabad: BJP MLA Kunwar Sushant Singh के सहयोगियों पर तीन युवकों को बंधक बनाकर पीटने का आरोप

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में बढ़ापुर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक कुंवर सुशांत सिंह के सहयोगियों पर तीन लोगों को कथित तौर पर बंधक बनाकर पीटने के संबंध में शिकायत दर्ज कराई गयी है। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि ठाकुरद्वारा थाने में तीन लोगों की ओर से शिकायत दी गई और विधायक के सहयोगियों समेत छह नामजद और नौ अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गयी। उन्होंने बताया कि अब तक मामला दर्ज नहीं किया गया है। पीड़ितों के परिजनों के अनुसार, घरेलू सहायक अतुल व लवेश और उनके दोस्त रामू को विधायक के बेटे का सोने का ब्रेसलेट गायब होने के आरोप में कथित तौर पर बंधक बनाकर पीटा गया। रामू की मां ओमवती ने आरोप लगाया कि सात अक्टूबर को विधायक के एक सहयोगी ने उनके बेटे को घर से बुलाया था, जबकि अन्य दोनों को पहले ही बंधक बना लिया गया था। उन्होंने दावा किया कि तीनों को उल्टा लटकाकर बेल्ट से पीटा गया, बिजली के झटके दिए गए और उनके घावों पर नमक रगड़ा गया। परिजनों के मुताबिक, चोटिल होने के कारण तीनों को उत्तराखंड के काशीपुर स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया और रामू की हालत गंभीर बताई गई है। विधायक सुशांत सिंह ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि घरेलू सहायकों से केवल गायब ब्रेसलेट के बारे में पूछताछ की गई थी। उन्होंने मारपीट के आरोपों से इनकार किया। वहीं, मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद रुचि वीरा ने पीड़ितों को तत्काल न्याय दिलाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। विधायक सुशांत सिंह के पिता दिवंगत कुंवर सर्वेश सिंह और दादा रामपाल सिंह भी कई बार विधायक और सांसद रह चुके हैं। इस परिवार का मुरादाबाद और आसपास के जिलों में राजनीतिक प्रभाव रहा है।

प्रभासाक्षी 11 Oct 2026 7:18 pm