ऑटोरिक्शा ड्राइवर ने 8,900 किमी तय कर बनाया रिकॉर्ड
बेंगलुरु के 35 वर्षीय ऑटोरिक्शा चालक बालकृष्ण मोहन ने ऑटो से 8900 किलोमीटर का सफर पूरा कर लद्दाख के उमलिंग ला तक पहुंचकर मिसाल कायम की. 19000 फीट ऊंचाई तक पहुंचे इस सफर में उन्हें खराब सड़क, खड़ी चढ़ाई, पंचर और वाहन खराब होने जैसी परेशानियां झेलनी पड़ीं. 24 दिनों की यात्रा में जम्मू के बाद सीएनजी छोड़कर पेट्रोल का सहारा लेना पड़ा. यह सफर बच्चों के लिए यादगार रहा
पंचायत आजतक में सीएम योगी ने पेश किया यूपी का रिपोर्ट कार्ड
मथुरा में आयोजित 'पंचायत आजतक' के मंच पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार का व्यापक रिपोर्ट कार्ड पेश किया. उन्होंने कानून-व्यवस्था, विकास और पर्यटन के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि कैसे 2017 के बाद उत्तर प्रदेश की छवि और अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व बदलाव आया है.
AI पर बैन, स्क्रीन टाइम भी होगा तय! न्यूयॉर्क में छात्रों के लिए सख्त हुए नियम
न्यूयॉर्क शहर के सरकारी स्कूलों में आठवीं कक्षा तक के छात्र अगले शैक्षणिक सत्र में जनरेटिव AI टूल्स का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे. मेयर जोहरान ममदानी ने एक साल की रोक का ऐलान किया है. वहीं हाई स्कूल छात्रों के लिए साल में दो बार AI लिटरेसी की कक्षाएं होंगी और कुछ छात्रों को शिक्षकों की निगरानी में चुनिंदा AI प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाएगी.
'मेरा इससे कोई लेना-देना नहीं,' दिशा सालियान केस पर बोले आदित्य ठाकरे
बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिशा सालियान की मौत के मामले में जांच CBI को सौंपी है. छह साल बाद यह मामला फिर से सुर्खियों में है. वहीं आदित्य ठाकरे ने इस मामले में खुद पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया है. उन्होंने कहा कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है.
नीम करोली बाबा ने देखी 'हनुमान अंश'! थियेटर्स में सीट नंबर 9 रिजर्व
हनुमान अंश फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल हो रही है. दर्शकों में भगवान हनुमान और नीम करोली बाबा के प्रति गहरी श्रद्धा और भक्ति भाव को जगा रही है. कुछ थिएटरों में सीट नंबर 9 को भगवान हनुमान के लिए रिजर्व रखा गया है. जानें ऐसा क्यों...
12 सीटर लॉन्च करते ही 62% बढ़ी कंपनी की सेल, इतने लोगों ने खरीदी
अगस्त का महीना फोर्स मोटर्स के लिए अच्छा रहा है. कंपनी की सेल्स इस महीने पिछले साल के अगस्त के मुकाबले 62 परसेंट बढ़ी है. कंपनी की बेहतर सेल्स की वजह उनकी लेटेस्ट वैन्स हैं. ब्रांड ने ट्रैवलर एन को इस साल लॉन्च किया है, जो पहले से बेहतर फीचर्स और बिल्ड क्वालिटी के साथ आती है. आइए समझते हैं फोर्स के लिए ये वैन क्यों खास है.
चुनौतियों वाला उपद्रव प्रदेश नहीं, संभावना का उत्तर प्रदेश बनाया: सीएम योगी
‘पंचायत आजतक’ के मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल और बदलती तस्वीर पर विस्तार से बात की, उन्होंने कहा कि यूपी की असली ताकत उसकी चुनौतियों में नहीं, बल्कि उन चुनौतियों से निपटकर नई संभावनाएं पैदा करने में है.
हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क अभियान के तहत सरसंघचालक मोहन भागवत वैश्विक प्रवास पर हैं। इस अभियान के तहत उन्होंने अमेरिका और कनाडा का दौरा किया और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी भाग लिया। इस दौरान उन्होंने न्यूयॉर्क और फिर टोरंटो में लोगों को संबोधित किया। इन संबोधनों में मोहन भागवत की […] यह लेख हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
मद्रास हाईकोर्ट ने वैवाहिक मामलों पर सुनवाई करते हुए कहा कि पत्नी से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह अपना सब कुछ छोड़कर पति के पीछे-पीछे रहे।
4 ट्रेन कैंसिल, 13 डायवर्ट... अचानक ट्रैक के नीचे से धंस गई जमीन
सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे ने तुरंत 4 पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जबकि 13 ट्रेनों को अलग-अलग दूसरे रूट से चलाने का फैसला किया गया है.
UP में अस्पताल से फिल्मी अंदाज में फरार हुई महिला कैदी
बरेली जिला अस्पताल से पॉक्सो मामले में जेल में बंद महिला कैदी ममता सुरक्षा में तैनात महिला सिपाहियों को चकमा देकर फरार हो गई. अस्पताल में भर्ती महिला टॉयलेट जाने के बहाने वहां पहुंची और सलवार सूट बदलकर बुर्का पहन लिया. इसके बाद वह अस्पताल से निकल गई. टॉयलेट में उसके कपड़े मिलने पर पुलिस को घटना का पता चला. लापरवाही पर दोनों महिला सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया.
देश ने बचा ली 16 फीसदी LPG पर पेट्रोल डीजल की खपत इतनी बढ़ गई, चार्ट में देखें एक महीने के आंकड़े
पेट्रोल और डीजल की बढ़ती खपत के पीछे देश में पर्सनल मोबिलिटी, परिवहन, कृषि और औद्योगिक गतिविधियों के मजबूत होने को वजह बताया गया है. LPG की खपत कैसे कम हुई, ये भी जान लीजिए.
यूपी में भैंस का गजब बर्थडे सेलिब्रेशन, 'बसंती' को पहनाई टोपी, फिर काटा गया केक, वीडियो वायरल
यूपी के बलिया जिले में एक पशुपालक ने अपनी भैंस 'बसंती' का जन्मदिन केक काटकर और गाजे-बाजे के साथ मनाया. इस अनोखे आयोजन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
Auto चलाकर लद्दाख पहुंचा बेंगलुरु का शख्स, बताया कितना आया खर्चा
बेंगलुरु के 35 वर्षीय ऑटो ड्राइवर बालकृष्ण मोहन ने अपने तीन पहियों वाले ऑटोरिक्शा से 8,900 किलोमीटर का सफर पूरा कर लद्दाख के उमलिंग ला तक पहुंचकर नया अनुभव हासिल किया. 24 दिन की इस यात्रा में उन्हें खराब सड़कें, खड़ी चढ़ाई, पंचर और वाहन खराब होने जैसी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. सफर का खर्च 48 हजार रुपये आया.
दिशा सालियान केस की CBI जांच: ठाकरे बोले- मुझे बदनाम कर रही BJP, राम कदम ने लगाए सबूत मिटाने के आरोप
बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा दिशा सालियान केस CBI को सौंपे जाने पर शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने बीजेपी पर बदनाम करने का आरोप लगाया. वहीं, बीजेपी नेता राम कदम ने सवाल उठाया कि तत्कालीन ठाकरे सरकार मामले को क्यों रफा-दफा करना चाहती थी.
दिल्ली में बार-बार सड़कों की खुदाई पर लगेगी रोक, CM रेखा गुप्ता का आदेश
दिल्ली सरकार ने मल्टी-यूटिलिटी डक्ट (MUD) योजना की घोषणा की है. इससे शहर में बार-बार सड़क खुदाई की समस्या कम होगी. इस डक्ट से बिजली, पानी, गैस और फायर हाइड्रेंट की लाइनों को एक ही भूमिगत मार्ग से गुजारा जाएगा. इससे सड़कें मजबूत रहेंगी और ट्रैफिक की दिक्कत कम होगी.
पंकज त्रिपाठी का मुंबई स्थित हॉलिडे होम उनकी सादगी और गांव से जुड़े लगाव की झलक दिखाता है. ‘रूप कथा’ नाम के इस खूबसूरत डुप्लेक्स घर में हरियाली से भरा बगीचा, मिट्टी का चूल्हा, चारपाई और लकड़ी से सजा इंटीरियर है.
राम मंदिर पहुंचते ही एक्शन में दिखे CEO जितेंद्र मिश्र
ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े रहे जीतेंद्र मिश्रा ने अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर में दर्शन किए और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की जिम्मेदारी संभालने की दिशा में कदम बढ़ाया. ट्रस्ट में नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उनका अयोध्या पहुंचना खास माना जा रहा है. मंदिर पहुंचने पर उन्होंने रामलला के दर्शन किए और ट्रस्ट से जुड़े कामकाज को लेकर सक्रियता दिखाई. अब उनकी भूमिका पर सभी की नजरें टिकी हैं.
गूगल मैप्स देखकर तो नहीं बढ़ाते अपनी कार की स्पीड? कट सकता है तगड़ा चालान
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस सड़कवार स्पीड लिमिट का आधिकारिक डेटा गूगल मैप्स, एप्पल मैप्स और MapMyIndia जैसे नेविगेशन ऐप्लिकेशन्स के साथ शेयर नहीं करती. RTI से हुए इस खुलासे के बीच कई सड़कों पर स्पीड लिमिट के बोर्ड भी नहीं हैं. दिल्ली में सड़क के हिसाब से वाहनों की अधिकतम गति 30 से 70 किमी प्रति घंटा तक तय है.
तेलंगाना की पूर्व मंत्री कोंडा सुरेखा ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा कैबिनेट से हटाए जाने के फैसले पर सवाल उठाया है।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर ज़िले में कल रात एक घर गिरने से दो साल के बच्चे समेत दो लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। यह घटना ज़िले के डबरा सिटी पुलिस स्टेशन इलाके के जांगीपुर में हुई। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस और ज़िला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को डबरा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। कल रात करीब 11 बजे से आधी रात के बीच एक पुरानी और जर्जर हालत वाली इमारत गिर गई। इस घटना में एक माँ और उनके बेटे की मौत हो गई। महिला की पहचान सीमा के तौर पर हुई है। तीन लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज चल रहा है। इसे भी पढ़ें: BRICS समिट: 11 सितंबर को New Delhi में बंद रहेंगे केंद्र सरकार के दफ्तर इमारत गिरने की संभावित वजह पर ADM ने कहा, “घर निश्चित रूप से जर्जर हालत में रहा होगा। मैंने खुद तो इसका मुआयना नहीं किया है, लेकिन यह ज़रूर जर्जर हालत में रहा होगा; तभी ऐसी स्थिति पैदा हो सकती थी। असुरक्षित इमारतों की पहचान करने के लिए जारी निर्देशों के बारे में, अधिकारी ने कहा कि निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सभी नगर निगमों और स्थानीय शहरी और ग्रामीण निकायों को ऐसी सभी इमारतों की लिस्ट बनाने का निर्देश दिया गया है। डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने इस बारे में सभी को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा, इसके बावजूद, अगर ऐसी कोई स्थिति हुई है, तो इसे निश्चित रूप से डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के ध्यान में लाया जाएगा। पीड़ितों के मुआवजे के बारे में, ADM ने कहा कि मुआवजे की प्रक्रिया चल रही है और पीड़ितों के परिवार वालों को पेमेंट पक्का करने के लिए इसे जल्द से जल्द शुरू किया जाएगा।
PCOS है तो मां बनने में होगी दिक्कत? डॉक्टर ने बताया
पीसीओएस यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के कारण महिलाओं में पीरियड्स समय पर नहीं आते हैं और ओव्यूलेशन की समस्या रहती है, जिससे गर्भधारण में दिक्कतें आ सकती हैं. डॉक्टर बताते हैं कि पीसीओएस को सही तरीके से मैनेज किया जा सकता है.
जन सेना पार्टी ने गुरुवार को कहा कि डिप्टी सीएम पवन कल्याण की देखरेख में NTR ज़िले के ए कोंडुरु मंडल में लंबे समय से चली आ रही किडनी की बीमारी से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के मकसद से पीने के पानी का एक बड़ा प्रोजेक्ट पूरा कर लिया गया है। पार्टी के बयान के मुताबिक, 'जल जीवन मिशन-अमरजीवी जलधारा' प्रोजेक्ट 49.94 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हुआ है और इससे मंडल के 38 इलाकों में रहने वाले लगभग 75,000 लोगों को पीने का साफ़ पानी मिलने की उम्मीद है। पार्टी ने कहा कि ए कोंडुरु भी आंध्र प्रदेश के उड्डनम इलाके की तरह ही किडनी की पुरानी बीमारी से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहा है। इस मंडल में 21 ग्राम पंचायतें और 38 इलाके (जिनमें 15 आदिवासी बस्तियां भी शामिल हैं) आते हैं, जहाँ के लोग लंबे समय से पीने के पानी की दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: YSRCP Chief Jagan Mohan Reddy ने भरी हुंकार, स्थानीय निकाय चुनावों में 'Welfare vs Failure' की होगी जोरदार जंग बयान के अनुसार, इलाके के लोग सालों से दूषित पानी पीने को मजबूर थे, जबकि इस बात की चिंता थी कि इसका लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। जन सेना पार्टी ने कहा कि 2024 के आम चुनावों से पहले यह मामला डिप्टी सीएम पवन कल्याण के ध्यान में आया था और पद संभालने के बाद उन्होंने प्रभावित लोगों को पीने का साफ़ पानी उपलब्ध कराने का संकल्प लिया। पार्टी का दावा है कि जल जीवन मिशन और अमरजीवी जलधारा योजना के फंड से ग्रामीण जल आपूर्ति विभाग के ज़रिए लागू किए गए इस प्रोजेक्ट का काम 26 महीनों में 100 प्रतिशत पूरा हो गया है। इसे भी पढ़ें: आंध्र प्रदेश में जब भी होंगे चुनाव, राजग ही जीतेगा: चंद्रबाबू नायडू इसमें यह भी आरोप लगाया गया कि पिछली सरकार ने भले ही इस प्रोजेक्ट की घोषणा की थी, लेकिन उसने टेंडर की प्रक्रिया शुरू नहीं की थी और निर्माण का कोई काम भी शुरू नहीं हुआ था। बयान के अनुसार, मार्च 2024 में जल जीवन मिशन की मूल समय-सीमा खत्म होने के बाद प्रोजेक्ट के भविष्य को लेकर भी अनिश्चितता पैदा हो गई थी। पार्टी ने कहा कि इसके बाद मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने प्रोजेक्ट को फिर से शुरू करने और उसमें तेज़ी लाने के लिए कदम उठाए। पार्टी ने आगे कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन की समय-सीमा बढ़ाए जाने और राज्य के हिस्से का फंड जारी किए जाने से काम को पूरा करने में मदद मिली।
जंतर-मंतर प्रदर्शन मामला: CJP नेता सौरभ दास ने पुलिस और मंत्री कपिल मिश्रा पर लगाए गंभीर आरोप
जंतर-मंतर पर हुए हमले को लेकर CJP नेता सौरभ दास ने दावा किया कि घायल संजय के मामले में सख्त धाराएं नहीं जोड़ी गईं और आरोपियों को बचाने की कोशिश हुई.
हीरों से चमकती दोस्ती डिफेंस में जोरावर तक पहुंची, मोदी-डी वेवर की मुलाकात में क्या-क्या हुआ?
भारत-बेल्जियम की नई दोस्ती में दांव कितना बड़ा? डिफेंस से सेमीकंडक्टर और ईयू ट्रेड डील तक, मोदी-डी वेवर मुलाकात की अहम बातें समझिए.
सनातन संस्कृति और हिंदू पौराणिक कथाओं में द्वापर युग के पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान श्री कृष्ण की अलौकिक लीलाओं का वर्णन हर युग में मानव जीवन को प्रेरित करता रहा है। जगत के पालनहार भगवान विष्णु के आठवें अवतार के रूप में पूजने वाले श्री कृष्ण का स्वरूप अत्यंत मनमोहक और रहस्यों से भरा हुआ है। उनके मस्तक पर सुशोभित मोरपंख, शरीर पर पीतांबर और हाथों में सुशोभित मुरली या बांसुरी उनके इस स्वरूप को न केवल अद्भुत बनाती है, बल्कि इसके भीतर संपूर्ण ब्रह्मांड के कई गहरे दार्शनिक और आध्यात्मिक अर्थ भी छिपे हैं। जब भी हम श्री कृष्ण का स्मरण करते हैं, तो उनकी छवि बिना बांसुरी के अधूरी सी प्रतीत होती है। दिखने में बेहद साधारण सी लगने वाली यह बांसुरी कोई साधारण वाद्य यंत्र नहीं है, बल्कि यह मानव आत्मा के परमात्मा से मिलने और ब्रह्मांडीय ऊर्जा के प्रवाह का सबसे पवित्र प्रतीक मानी जाती है।धार्मिक ग्रंथों और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से यह माना जाता है कि भगवान कृष्ण की बांसुरी से निकलने वाली हर एक तान में संपूर्ण सृष्टि को मोह लेने की अद्भुत शक्ति थी। उनकी इस मुरली की धुन सुनकर केवल मनुष्य ही नहीं, बल्कि वन के पशु-पक्षी, नदियां, गोधन और प्रकृति के तमाम जीव-जंतु अपनी सुध-बुध खोकर मंत्रमुग्ध हो जाते थे। आधुनिक युग में जहां इंसान भौतिक चकाचौंध और मानसिक तनाव की अंधी दौड़ में उलझ चुका है, वहां श्री कृष्ण की बांसुरी का यह रहस्य हमें आंतरिक शांति, समर्पण और प्रेम का एक ऐसा मार्ग दिखाता है जो जीवन को पूरी तरह से बदल सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि भगवान कृष्ण हमेशा बांसुरी क्यों बजाते थे और इसके पीछे छिपा वह कौन सा आध्यात्मिक रहस्य है जो इंसान को भौतिक बंधनों से मुक्त कर सकता है।मुरली की धुन और ब्रह्मांडीय ध्वनि 'अनहद नाद' का रहस्यसनातन धर्म और वेदों के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण की बांसुरी से केवल मधुर संगीत ही नहीं गूंजता था, बल्कि उस ध्वनि को संपूर्ण ब्रह्मांड की रचना करने वाली आदि-ध्वनि और ब्रह्मांडीय कंपन का प्रतीक माना गया है। हिंदू शास्त्रों में इस अलौकिक और दिव्य ध्वनि को 'अनहद नाद' की संज्ञा दी गई है। अनहद नाद का सीधा अर्थ उस ध्वनि से है जो बिना किसी भौतिक आघात या दो वस्तुओं के टकराए अपने आप उत्पन्न होती है और पूरे ब्रह्मांड में निरंतर व्याप्त रहती है। ऐसा माना जाता है कि जब श्री कृष्ण अपनी अधरों पर बांसुरी रखकर उसे बजाते थे, तो उस धुन से पूरा ब्रह्मांड एक संगीतबद्ध लय में बंध जाता था।कृष्ण की बांसुरी के ये मधुर स्वर हमें इस बात का निरंतर स्मरण कराते हैं कि यह पूरी सृष्टि अलग-अलग इकाइयों में बंटी हुई नहीं है, बल्कि एक ही ऊर्जा और एक ही दिव्य ध्वनि के धागे से आपस में मजबूती से जुड़ी हुई है। जीवन के जितने भी विविध रूप, अनुभव और उतार-चढ़ाव हैं, वे सब इसी ब्रह्मांडीय संगीत का हिस्सा हैं। जब कोई व्यक्ति ध्यान या साधना की गहरी अवस्था में जाता है, तो उसे भी अपने भीतर इसी अनहद नाद की अनुभूति होती है। भगवान कृष्ण यह संदेश देना चाहते थे कि संगीत और ध्वनि केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि यह उस परम शक्ति तक पहुंचने का सबसे सीधा और सुगम मार्ग हैं जिससे इस संपूर्ण चराचर जगत की उत्पत्ति हुई है।आत्मा को तृप्त करने वाली और ईश्वर से जोड़ने वाली दिव्य पुकारश्री कृष्ण की बांसुरी की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि इसकी आवाज सीधे सुनने वाले के दिल और आत्मा को स्पर्श करती थी। जिस प्रकार ब्रज में भगवान कृष्ण के बांसुरी बजाते ही गोपियां, ग्वाल-बाल और समस्त ब्रजवासी अपने सारे कामकाज छोड़कर खींचे चले आते थे, ठीक उसी प्रकार यह बांसुरी हर उस जीव की आत्मा को तृप्त करती है जो प्रेम और भक्ति के मार्ग पर चलना चाहता है। आध्यात्मिक रूप से बांसुरी और उसके वादक का संबंध बहुत ही गहरा है। जिस प्रकार बांसुरी स्वयं में निर्जीव और खाली होती है, लेकिन जब उस पर कृष्ण अपने स्वर फूंकते हैं तो वह जीवंत हो उठती है और उससे दुनिया का सबसे सुंदर संगीत निकलता है, उसी प्रकार मानव जीवन भी तब तक अधूरा और अर्थहीन है जब तक उसमें ईश्वरीय चेतना का संचार नहीं होता।जब एक साधारण मनुष्य अपनी व्यक्तिगत इच्छाओं और अहंकार को त्यागकर ईश्वर की इच्छा के अनुरूप खुद को समर्पित कर देता है, तभी उसके जीवन में सच्ची संतुष्टि और आनंद की प्राप्ति होती है। बांसुरी के माध्यम से कृष्ण यही सिखाते हैं कि इंसान के भीतर का खालीपन तभी भर सकता है जब उसकी आत्मा परमात्मा के साथ एकरूप हो जाए। बांसुरी की यह जादुई तान व्यक्ति के भीतर सोई हुई दिव्यता के अहसास को जागृत करती है और उसे उसके असली स्वरूप यानी आत्मा का परमात्मा से मिलन का मार्ग दिखाती है। यह इस बात का प्रतीक है कि भगवान अपने हर भक्त को पुकार रहे हैं, बस जरूरत है उस पुकार को सुनने के लिए मन के विकारों को शांत करने की।निश्छल प्रेम, भक्ति और ईश्वरीय आकर्षण का जीवंत प्रतीकभगवान कृष्ण के जीवन चरित्र में प्रेम को सबसे ऊंचा स्थान दिया गया है, और उनकी बांसुरी उसी प्रेम और आकर्षण का सबसे बड़ा माध्यम है। पुराणों में इस बात का बार-बार उल्लेख मिलता है कि जब-जब यमुना के तट पर या गोकुल की कुंज गलियों में कृष्ण ने बांसुरी की तान छेड़ी, तब-तब समय जैसे वहीं ठहर गया। यह बांसुरी इस बात का प्रतीक है कि जहां प्रेम, समर्पण और निष्कलंक भक्ति होती है, वहां भगवान स्वयं खिंचे चले आते हैं। यह ईश्वरीय शक्ति का वह अदृश्य खिंचाव है जो भक्तों के हृदय में अगाध प्रेम और भक्ति की ज्योत प्रज्वलित करता है। आधुनिक जीवन में जहां रिश्तों में दूरियां और स्वार्थ बढ़ रहा है, वहां कृष्ण का बांसुरी प्रेम हमें निश्छल भाव से प्रेम करना सिखाता है।कृष्ण की बांसुरी का संगीत जाति, भेद, ऊंच-नीच और तमाम सांसारिक सीमाओं से परे था। जब वह धुन बजती थी, तो राजा हो या रंक, पशु हो या पक्षी, सभी उस संगीत के सम्मोहन में बंध जाते थे। यह इस बात का द्योतक है कि ईश्वरीय प्रेम और करुणा किसी एक वर्ग विशेष के लिए नहीं है, बल्कि वह इस सृष्टि के प्रत्येक प्राणी के लिए समान रूप से उपलब्ध है। बांसुरी की यह गूंज मानव मन में छिपी घृणा, ईर्ष्या, द्वेष और अहंकार को मिटाकर वहां प्रेम और करुणा का संचार करती है। यह बदलाव लाने वाली वह शक्ति है जो क्रूर से क्रूर हृदय को भी पिघलाकर उसे भक्त के रूप में बदल सकती है।अनासक्ति, पूर्ण समर्पण और अहंकार त्यागने का सबसे बड़ा संदेशश्री कृष्ण के हाथों में हमेशा सुशोभित रहने वाली यह बांसुरी इस बात का सबसे बड़ा और गहरा दार्शनिक संदेश देती है कि जीवन में यदि शांति और आनंद चाहिए, तो इंसान को पूरी तरह से अनासक्त और समर्पित होना पड़ेगा। बांसुरी के जीवन का अध्ययन करें तो हमें कई ऐसी बातें सीखने को मिलती हैं जो हमारे दैनिक जीवन को सफल बना सकती हैं। सबसे पहले, बांसुरी बीच से बिल्कुल खोखली होती है। इसका अर्थ यह है कि जिसके भीतर अहंकार, घमंड, ईर्ष्या और स्वार्थ का कोई भी अंश नहीं बचा हो, यानी जो अंदर से पूरी तरह खाली और निर्मल हो चुका हो, उसी के माध्यम से भगवान अपना सबसे सुंदर संगीत बजा सकते हैं। जब तक मनुष्य का मन और अहंकार भरा रहेगा, तब तक उसमें ईश्वर की कृपा प्रवाहित नहीं हो सकती।दूसरी बात यह है कि बांसुरी में सात छिद्र (होल) होते हैं, जो मानव शरीर में मौजूद सात प्रमुख चक्रों या जीवन की विभिन्न इंद्रियों के प्रतीक माने जाते हैं। जब बांसुरी वादक अपनी उंगलियों से उन छिद्रों को नियंत्रित करता है, तभी उससे मधुर स्वर निकलते हैं। यह इस बात का संकेत है कि मनुष्य को अपनी इंद्रियों और भावनाओं पर पूरा नियंत्रण रखना चाहिए। तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बांसुरी कभी भी अपनी तरफ से आवाज नहीं करती, वह पूरी तरह संगीतकार के अधीन होती है। ठीक इसी प्रकार, मनुष्य को भी अपनी व्यक्तिगत इच्छाओं और परिणामों की चिंता को छोड़कर अपने जीवन की डोर उस परम संचालक यानी ईश्वर के हाथों में सौंप देनी चाहिए। जब भक्त अपने जीवन का नियंत्रण भगवान को सौंप देता है, तो उसका जीवन एक खूबसूरत संगीत बन जाता है।निष्कर्ष: जीवन को बांसुरी की तरह सुंदर और संगीतमय बनानाभगवान कृष्ण की बांसुरी का यह रहस्य केवल धार्मिक या पौराणिक कथाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन के सबसे गहरे दार्शनिक सत्यों का सार है। आज के इस तनावपूर्ण और यंत्रवत जीवन में यदि हम श्री कृष्ण की इस लीला के मर्म को समझ लें, तो हमारे जीवन से कई प्रकार की परेशानियां स्वतः समाप्त हो सकती हैं। बांसुरी हमें यह सिखाती है कि जीवन चाहे कितना भी कठिन और संघर्षपूर्ण क्यों न हो, यदि हमारे भीतर सहनशक्ति, समर्पण और भीतर से खालीपन (अहंकार शून्यता) है, तो भगवान हमारे जीवन के जरिए दुनिया को प्रेम और शांति का संदेश दे सकते हैं। श्री कृष्ण की बांसुरी की वह गूंज आज भी समूची मानवता को यह याद दिलाती है कि हम सब उसी एक परम पिता की संतान हैं और हमारा अंतिम लक्ष्य प्रेम और भक्ति के मार्ग पर चलकर उस परम सत्य में विलीन हो जाना है।
तेलंगाना की राजनीति में इस समय एक बहुत बड़ा और अप्रत्याशित राजनीतिक भूचाल आया हुआ है, जिसने राज्य की सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी कलच और खींचतान को पूरी तरह से बेनकाब कर दिया है। राज्य के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने एक बेहद सख्त और त्वरित राजनीतिक फैसला लेते हुए अपनी ही कैबिनेट की वरिष्ठ सहयोगी और वन एवं बंदोबस्त मंत्री कोंडा सुरेखा को उनके पद से बर्खास्त कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए इस कड़े कदम के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। बताया जा रहा है कि यह पूरी कार्रवाई तब की गई जब कोंडा सुरेखा की बेटी द्वारा मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और पार्टी के अन्य शीर्ष नेताओं के खिलाफ कुछ तीखी और विवादित टिप्पणियां की गईं, जिससे पार्टी के भीतर भारी असंतोष फैल गया था।इस हाई-प्रोफाइल राजनीतिक ड्रामे के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से एक आधिकारिक विज्ञप्ति जारी की गई, जिसमें यह जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री ने कोंडा सुरेखा को मंत्रिपरिषद से हटाने की अपनी सिफारिश राज्य के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला को भेज दी है। एक कैबिनेट मंत्री की बेटी द्वारा पार्टी नेतृत्व और खुद मुख्यमंत्री के खिलाफ सार्वजनिक रूप से इस तरह के बयान दिए जाने से सत्ताधारी दल के विधायकों और वरिष्ठ पदाधिकारियों में गहरी नाराजगी देखी जा रही थी। पिछले कुछ दिनों से हैदराबाद से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक बैठकों और राजनीतिक मुलाकातों का दौर लगातार चल रहा था, जिसके बाद यह बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक फैसला लिया गया। इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी अनुशासन के मामले में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी किसी भी तरह का समझौता करने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं।बेटी के बयानों से उपजा विवाद और कांग्रेस पार्टी के भीतर बढ़ती अनुशासनात्मक खींचतानयह पूरा मामला तब गरमाया जब मंत्री कोंडा सुरेखा की बेटी के द्वारा दिए गए बयानों ने कांग्रेस पार्टी की राज्य इकाई के भीतर भूचाल ला दिया। बेटी के इन बयानों के बाद पार्टी के कई विधायकों ने खुलकर नाराजगी जताई और कोंडा सुरेखा के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग करते हुए मोर्चा खोल दिया। विधायकों का कहना था कि एक जिम्मेदार मंत्री के परिवार के सदस्यों द्वारा इस तरह की बयानबाजी पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाती है। इन तीखे विरोधों के चलते कांग्रेस की राज्य इकाई की अनुशासनात्मक समिति ने भी तुरंत सक्रियता दिखाते हुए मामले का संज्ञान लिया और उच्च नेतृत्व से सुरेखा तथा अन्य संबंधित नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की औपचारिक सिफारिश कर दी।इस पूरे घटनाक्रम के बाद खुद को राजनीतिक संकट में घिरा पाकर कोंडा सुरेखा ने डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की थी। उन्होंने नई दिल्ली का दौरा किया और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तथा एआईसीसी की तेलंगाना मामलों की प्रभारी मीनाक्षी नटराजन से मुलाकात कर अपना पक्ष उनके सामने मजबूती से रखा था। मीडिया से बातचीत के दौरान सुरेखा ने यह दावा किया था कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व से यह आग्रह किया था कि उन्हें उनके पद पर बने रहने दिया जाए क्योंकि एक मंत्री के रूप में उनका कार्य प्रदर्शन हमेशा उत्कृष्ट रहा है और उनके कार्यकाल में भ्रष्टाचार का कोई भी दाग नहीं लगा है। हालांकि, पार्टी के भीतर बढ़ते दबाव और मुख्यमंत्री के कड़े रुख के आगे उनकी दलीलें बेअसर साबित हुईं और अंततः उन्हें अपनी कुर्सी से हाथ धोना ही पड़ा।मंत्रियों और पार्टी नेताओं पर कार्रवाई का सिलसिला जारी, जी. चिन्ना रेड्डी की भी गई कुर्सीकोंडा सुरेखा के खिलाफ की गई इस बड़ी कार्रवाई के साथ ही मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त न करने का कड़ा संदेश दिया है। इस राजनीतिक फेरबदल के तहत केवल कोंडा सुरेखा को ही मंत्रिमंडल से बाहर नहीं किया गया, बल्कि उनके करीबी और पार्टी के एक अन्य जाने-माने नेता जी. चिन्ना रेड्डी के खिलाफ भी बहुत बड़ी गाज गिरी है। मुख्यमंत्री ने राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष के पद पर आसीन जी. चिन्ना रेड्डी की नियुक्ति को भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। चिन्ना रेड्डी पर यह कार्रवाई पार्टी विधायक टुडी मेघा रेड्डी की सार्वजनिक रूप से आलोचना करने और अनुशासनात्मक समिति के नियमों का उल्लंघन करने के चलते की गई है, जिससे यह साफ हो गया है कि पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार की गुटबाजी को अब सहन नहीं किया जाएगा।जी. चिन्ना रेड्डी की छुट्टी किए जाने के तुरंत बाद सरकार ने प्रशासनिक संतुलन बनाते हुए नए राजनीतिक समीकरणों के तहत कई महत्वपूर्ण नियुक्तियों की घोषणा भी कर दी है। राज्य महिला आयोग की वर्तमान अध्यक्ष गडवाल विजयलक्ष्मी को अब अतिरिक्त रूप से राज्य योजना बोर्ड का नया उपाध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया है, ताकि प्रशासनिक कार्यप्रणाली में किसी तरह की बाधा न आए। इसके अलावा, एक अन्य महत्वपूर्ण संगठनात्मक नियुक्ति में कांग्रेस नेत्री नेरेला शारदा को महिला आयोग की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि पूर्व सांसद जी. सुधा रानी को वारंगल के काकतीय शहरी विकास बोर्ड (KUDA) का नया अध्यक्ष बनाया गया है। इन ताबड़तोड़ बदलावों से यह स्पष्ट होता है कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी राज्य में अपनी पकड़ और प्रशासनिक नियंत्रण को और अधिक मजबूत करने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद हैं।दिल्ली दरबार तक पहुंची बात, सुरेखा के बयानों और असंतोष पर गरमाई तेलंगाना की राजनीतिमंत्रिमंडल से बर्खास्त किए जाने के बाद पूर्व मंत्री कोंडा सुरेखा ने अपनी सफाई में कई ऐसे बयान दिए जिन्होंने राज्य की राजनीति में और अधिक सुगबुगाहट पैदा कर दी है। सुरेखा ने मीडिया के सामने खुलकर यह बात रखी कि उन्होंने पार्टी के सर्वोच्च नेताओं यथा सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को ईमेल के जरिए अपनी पूरी स्थिति से अवगत कराया है और अपनी बात पहुंचाई है। जब उनसे यह सवाल किया गया कि क्या वह अपनी बेटी द्वारा दिए गए बयानों का समर्थन करती हैं, तो उन्होंने बचाव की मुद्रा अपनाते हुए कहा कि उनकी बेटी एक स्वतंत्र वयस्क है और उसके द्वारा दिए गए बयानों के लिए उन्हें या उनके राजनीतिक करियर को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ बोलने वाले विधायकों के पीछे कोई अदृश्य शक्ति या बड़ा नेता था जो इस विवाद को हवा दे रहा था।दूसरी ओर, राजनीतिक जानकारों का यह मानना है कि आगामी चुनावों और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस आलाकमान और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने यह कड़ा संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी अनुशासन सर्वोपरि है। भले ही कोंडा सुरेखा ने यह दलील दी हो कि उनके खिलाफ पार्टी के भीतर एक सोची-समझी साजिश रची गई है, लेकिन जिस तरह से उनके खिलाफ अनुशासनात्मक समिति ने रिपोर्ट तैयार की और तुरंत प्रभाव से उन्हें पदमुक्त किया गया, उसने यह साबित कर दिया कि सत्ताधारी दल के भीतर किसी भी प्रकार की आंतरिक बगावत को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस हाई-वोल्टेज राजनीतिक ड्रामे के बाद तेलंगाना की सियासत में आने वाले दिनों में और अधिक बड़े उलटफेर देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि बर्खास्त की गई नेत्री और उनके समर्थक अपने अगले राजनीतिक कदम की रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं।
बेहद खतरनाक हो सकता है अल नीनो, भारत समेत दुनियाभर में बाढ़, सूखा और हीटवेव का अलर्ट, UN की चेतावनी
WMO ने चेतावनी दी है कि अल नीनो अब पूरी तरह एक्टिव हो चुका है और 2027 तक अत्यंत शक्तिशाली रूप ले सकता है. इससे दुनिया भर में बाढ़, सूखा, हीटवेव और बारिश के पैटर्न में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
RG Kar Case: अंतिम संस्कार में साजिश के आरोप में TMC नेता Somnath Dey बेंगलुरु से गिरफ्तार
कोलकाता, तीन सितंबर आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की दुष्कर्म-हत्या पीड़िता के शव के कथित तौर पर जल्दबाजी में किए गए दाह संस्कार के सिलसिले में पानीहाटी नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ डे को बृहस्पतिवार को बेंगलुरु से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। बैरकपुर पुलिस आयुक्तालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस द्वारा अंतिम संस्कार की परिस्थितियों की जांच शुरू किए जाने के बाद से फरार चल रहे तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता डे को सुबह बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया। अधिकारी ने बताया कि वह फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और उन्हें बैरकपुर की अदालत में पेश करने से पहले ट्रांजिट रिमांड पर पश्चिम बंगाल लाए जाने की संभावना है। अभियोजन पक्ष पूछताछ के लिए उनकी पुलिस हिरासत की मांग कर सकता है। इस मामले में डे गिरफ्तार होने वाले तीसरे व्यक्ति हैं। वर्ष 2024 में टीएमसी के शासनकाल के दौरान 31 वर्षीय स्नातकोत्तर प्रशिक्षु डॉक्टर की नौ अगस्त को हुई मौत से जुड़े विवाद में इस गिरफ्तारी ने नया राजनीतिक और कानूनी मोड़ ला दिया है। पुलिस ने बताया कि पानीहाटी से तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक निर्मल घोष और पीड़िता के परिवार के पड़ोसी संजीव मुखर्जी को दाह संस्कार से जुड़ी कथित साजिश के सिलसिले में पहले गिरफ्तार किया गया था। दोनों फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। पीड़िता के पिता की शिकायत पर खड़दह थाने में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस ने घोष, मुखर्जी और डे को मुख्य आरोपी बनाया था। परिवार ने आरोप लगाया है कि शव का अंतिम संस्कार अनुचित जल्दबाजी में और उनकी सहमति के बिना किया गया था जिससे यह संदेह पैदा होता है कि शव का आनन-फानन में निपटान करने का उद्देश्य दोबारा पोस्टमॉर्टम होने से रोकना और सबूतों को छिपाने में मदद करना था। डे की गिरफ्तारी से सरकारी अस्पताल में डॉक्टर का शव मिलने और उत्तर 24 परगना जिले के खड़दह थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पानीहाटी श्मशान घाट पर उसके अंतिम संस्कार के बीच घटी घटनाओं की कड़ी पर फिर से सवाल उठने की संभावना है। पुलिस के मुताबिक, कतार में इंतजार कर रहे दो अन्य शवों को नजरअंदाज कर पीड़िता के शव को जल्दबाजी में श्मशान घाट ले जाया गया और उसका दाह संस्कार कर दिया गया।
Himalayan Regions में GLOF, Avalanche का बड़ा खतरा! MHA ने राज्यों को किया अलर्ट
गृह मंत्रालय (MHA) ने हिमालयी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) को ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOFs) और बर्फ के हिमस्खलन (snow avalanches) के लिए शुरुआती चेतावनी सिस्टम और निगरानी को और मज़बूत करने का निर्देश दिया है। यह निर्देश जोखिम वाले ग्लेशियल झीलों और हिमस्खलन की आशंका वाले इलाकों की लगातार और सक्रिय निगरानी पर ज़ोर देता है, खासकर तब जब जोखिम ज़्यादा हो। इसे भी पढ़ें: BJP अध्यक्ष Nitin Nabin का Uttarakhand दौरा, 2027 चुनावी रणनीति पर मंथन केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने नई दिल्ली में एक समीक्षा बैठक के दौरान ये निर्देश जारी किए। उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा कि वे अपनी तैयारियों की योजनाओं का फिर से आकलन करें, शुरुआती चेतावनी और लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुँचाने (इवैक्यूएशन) के तरीकों में कमियों की पहचान करें और किसी भी संभावित बड़ी घटना से पहले ज़रूरी सुधार लागू करें। इस बैठक में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी शामिल हुए। साथ ही, MHA, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), केंद्रीय जल आयोग (CWC), भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और डिफेंस जियो-इन्फॉर्मेटिक्स रिसर्च एस्टेब्लिशमेंट (DGRE) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक में हिमालयी क्षेत्र में GLOF (ग्लेशियर झील के फटने से आने वाली बाढ़) के बढ़ते खतरों पर चर्चा हुई। इसमें खास तौर पर अर्ली वार्निंग सिस्टम (समय से पहले चेतावनी देने वाले सिस्टम), संवेदनशील झीलों और बर्फ से ढके इलाकों की निगरानी, ज़्यादा जोखिम वाली जगहों और पानी के बहाव के रास्तों की पहचान, समय पर अलर्ट जारी करने, लोगों को सुरक्षित निकालने की तैयारी और रिस्पॉन्स सिस्टम को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया गया। इसे भी पढ़ें: Kolkata Politics: अभिषेक बनर्जी के ऑफिस में तोड़फोड़ के बाद TMC-BJP में जुबानी जंग तेज, पुलिस ने 6 को किया गिरफ्तार केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने ज़ोर देते हुए कहा कि GLOF और बर्फ़ के हिमस्खलन (snow avalanches) के लिए तैयारी सिर्फ़ घटना के बाद की कार्रवाई (रिस्पॉन्स) तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसमें जोखिम को ध्यान में रखकर योजना बनाना, बचाव के उपाय करना और समुदाय-स्तर पर तैयारी करना भी शामिल होना चाहिए। MHA ने यह भी कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह दी गई कि वे अपनी तैयारियों की योजनाओं की नियमित समीक्षा करें, अर्ली वार्निंग और लोगों को सुरक्षित निकालने की व्यवस्था में कमियों की पहचान करें और किसी भी बड़ी घटना से पहले ज़रूरी सुधारात्मक कदम उठाएं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
छोटे शहरों की उड़ान होगी अब और आसान: एयरलाइन Fly91 ने दिए 40 नए ATR-72 विमानों के बड़े ऑर्डर
भारतीय विमानन और एविएशन सेक्टर से देश के आम नागरिकों और यात्रा प्रेमियों के लिए एक बेहद उत्साहजनक और बड़ी खबर सामने आ रही है। भारत के क्षेत्रीय हवाई यातायात को नई ऊंचाइयां देने और देश के दूर-दराज के उन छोटे शहरों तक हवाई यात्रा को सुलभ बनाने के लिए, जिन्हें अब तक बड़े महानगरों से सीधी हवाई कनेक्टिविटी का लाभ नहीं मिल पाया था, क्षेत्रीय एयरलाइन कंपनी 'Fly91' ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। एयरलाइन ने देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों के बीच यात्रियों को किफायती, सुरक्षित और तेज सफर का विकल्प देने के लिए कुल 40 नए ATR 72-600 टर्बोप्रॉप विमान खरीदने का पक्का और आधिकारिक ऑर्डर दे दिया है। एविएशन बाजार के वरिष्ठ जानकारों और विशेषज्ञों का यह मानना है कि हाल के कुछ वर्षों में क्षेत्रीय विमानन श्रेणी (Regional Aviation Category) के तहत दिया गया यह अब तक का सबसे बड़ा और व्यापक फ्लीट विस्तार ऑर्डर है, जो आने वाले समय में भारतीय एयरलाइंस बाजार की तस्वीर पूरी तरह से बदलकर रख देगा।कैटलॉग या आधिकारिक लिस्ट प्राइस के मानकों के अनुसार यदि इस विशालकाय सौदे का हिसाब लगाया जाए, तो इन 40 अत्याधुनिक विमानों की कुल कीमत लगभग 8,300 करोड़ रुपये (यानी करीब 1 अरब अमेरिकी डॉलर) से भी ज्यादा बैठती है। हालांकि, व्यावसायिक विमानन समझौतों के नियमों के तहत इतने बड़े आकार के ऑर्डर्स पर विमान निर्माता कंपनियों की तरफ से एयरलाइंस को भारी-भरकम छूट और विशेष रियायतें भी प्रदान की जाती हैं। इसके बावजूद, यह सौदा भारतीय क्षेत्रीय विमानन क्षेत्र में किसी भी निजी एयरलाइन द्वारा किया गया सबसे बड़ा निवेश माना जा रहा है। कंपनी का मुख्य उद्देश्य भारत सरकार की महत्वाकांक्षी 'उड़ान' (UDAN - Ude Desh ka Aam Nagrik) योजना के विजन को जमीन पर उतारना है, जिसके तहत देश के आम आदमी को बहुत ही कम किराए में हवाई जहाज से सफर करने का सपना पूरा कराया जा रहा है। Fly91 के इस कदम से देश के छोटे शहरों के विकास को एक नई रफ्तार मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।वित्तीय मजबूती और निवेशकों के जरिए 250 करोड़ रुपये जुटाने की बड़ी तैयारीइतने बड़े और महत्वाकांक्षी विस्तार प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारने के लिए और विमानों के अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति देने के लिए Fly91 ने अपनी वित्तीय तैयारियों को भी मजबूत करना शुरू कर दिया है। कंपनी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, एयरलाइन अपने मौजूदा और नए निवेशकों के साथ मिलकर लगभग 250 करोड़ रुपये की नई पूंजी जुटाने की प्रक्रिया में पूरी तेजी से जुटी हुई है। विमानन क्षेत्र में शुरुआती चरण की कंपनियों के लिए इतने बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि निवेशकों को भारत के क्षेत्रीय एविएशन बाजार की ग्रोथ और Fly91 के बिजनेस मॉडल पर पूरा भरोसा है। जुटाए गए इस फंड का उपयोग न केवल नए विमानों के फ्लीट को जोड़ने में किया जाएगा, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में नए रूट्स की शुरुआत, ग्राउंड स्टाफ की ट्रेनिंग और यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं के विकास पर भी खर्च किया जाएगा।कंपनी का यह वित्तीय प्रबंधन इस बात को सुनिश्चित करता है कि परिचालन के दौरान किसी भी तरह की नकदी संकट (Cash Flow Issues) का सामना न करना पड़े। देश के विमानन बाजार में इंडिगो और एयर इंडिया जैसी दिग्गज एयरलाइंस के प्रभुत्व के बीच Fly91 ने क्षेत्रीय मार्गों पर अपना एक अलग और मजबूत मुकाम बनाना शुरू कर दिया है। निवेशकों का यह समर्थन इस बात को साबित करता है कि भारत के छोटे शहरों में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में भारी इजाफा हो रहा है और बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। कंपनी के उच्च प्रबंधन का मानना है कि जैसे-जैसे देश की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है और मध्यम वर्ग के लोगों की आय बढ़ रही है, वैसे-वैसे लोग लंबी दूरी की ट्रेनों के बजाय समय बचाने के लिए हवाई यात्रा को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसी बढ़ती हुई मांग को पूरा करने के लिए कंपनी अपनी ऑपरेशनल क्षमताओं को कई गुना बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।वर्तमान फ्लीट का आकार होगा दोगुना, सिंधुदुर्ग और जलगांव जैसे शहरों को मिलेगा बड़ा फायदाइस नए और विशाल ऑर्डर की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि इन 40 नए विमानों के बेड़े में शामिल होने के बाद Fly91 के पास कुल संचालित विमानों की संख्या मौजूदा फ्लीट के आकार से दोगुनी से भी ज्यादा हो जाएगी। वर्तमान समय में यह क्षेत्रीय एयरलाइन छोटे और चुनिंदा विमानों के अपने बेड़े के माध्यम से मुख्य रूप से देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों को आपस में जोड़ने का काम कर रही है। कंपनी वर्तमान में सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना के अंतर्गत महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग और जलगांव जैसे खूबसूरत लेकिन कम हवाई कनेक्टिविटी वाले शहरों के बीच अपनी नियमित उड़ान सेवाएं दे रही है। इन रूट्स पर यात्रियों से मिल रहे शानदार रिस्पॉन्स और भारी डिमांड को देखते ही एयरलाइन प्रबंधन ने अपने पंख और फैलाने का फैसला किया है।जब ये 40 नए ATR 72-600 विमान एक-एक करके कंपनी के बेड़े में जुड़ेंगे, तो देश के दूर-दराज के इलाकों, धार्मिक स्थलों और व्यापारिक केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी का दायरा अभूतपूर्व रूप से मजबूत हो जाएगा। कई ऐसे छोटे शहर जो अभी तक केवल सड़क या रेल मार्ग के भरोसे थे और जहां पहुंचने में 12 से 24 घंटे का समय लग जाता था, वे अब हवाई मार्ग से मात्र एक से दो घंटे की दूरी पर आ जाएंगे। इससे न केवल स्थानीय पर्यटन (Tourism) को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों, रोजगार के नए अवसरों और मेडिकल इमरजेंसी के दौरान मरीजों को बड़े अस्पतालों तक पहुंचाने में भी बहुत बड़ी मदद मिलेगी। Fly91 का यह रणनीतिक विस्तार भारत के उस सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है जिसमें देश का हर नागरिक सस्ते में हवाई सफर का आनंद ले सके।साल 2027 के अंत से शुरू होगी विमानों की डिलीवरी, 2032 तक पूरा होगा पूरा बेड़ाइस बड़े ऑर्डर को लेकर एयरलाइन की समय-सीमा (Timeline) भी पूरी तरह से स्पष्ट कर दी गई है। Fly91 के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मनोज चाको ने प्रमुख समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) के साथ एक विशेष बातचीत में खुलासा करते हुए बताया कि इन 40 नए अत्याधुनिक विमानों की डिलीवरी का सिलसिला साल 2027 के आखिर से मिलना शुरू हो जाएगा। कंपनी का यह लक्ष्य है कि वह चरणबद्ध तरीके से डिलीवरी लेते हुए साल 2032 तक सभी 40 विमानों को अपने बेड़े में पूरी तरह से शामिल कर ले। इतने लंबे समय तक चलने वाले इस चरणबद्ध विस्तार से कंपनी को अपने ऑपरेशंस को स्थिर करने, नए पायलटों और क्रू मेंबर्स की भर्ती करने तथा देश भर के विभिन्न एयरपोर्ट्स पर अपने नेटवर्क को मजबूत करने का पर्याप्त समय और अवसर मिलेगा।वहीं, एयरलाइन के चेयरमैन हर्षा राघवन ने इस ऐतिहासिक सौदे की पुष्टि करते हुए अपने एक बयान में स्पष्ट किया कि लगभग 1 अरब डॉलर की भारी-भरकम लागत वाले इन 40 विमानों के जुड़ने से भारतीय क्षेत्रीय विमानन बाजार में Fly91 की स्थिति और अधिक मजबूत और अप्रतिस्पर्धी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल भौगोलिक विस्तार वाले देश में जहां सड़क और रेल यातायात पर अत्यधिक दबाव है, वहां क्षेत्रीय विमानन की अपार संभावनाएं हैं। आने वाले वर्षों में जैसे-जैसे ये नए विमान आसमान में उड़ान भरेंगे, वैसे-वैसे देश के छोटे शहरों में रहने वाले आम लोगों के लिए दुनिया काफी छोटी और सुलभ हो जाएगी। Fly91 की यह पहल निश्चित रूप से भारतीय विमानन इतिहास में एक नए स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत करने जा रही है।
2027 से बदल जाएंगे कार सेफ्टी के नियम, नितिन गडकरी ने कर दिया बड़ा ऐलान
नितिन गडकरी ने बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि Bharat NCAP 2.0 अक्टूबर 2027 से लागू होगा. इसमें 5-स्टार रेटिंग के नियम कड़े होंगे.
माता वैष्णो देवी के दरबार में हाजिरी लगाने की इच्छा रखने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए अक्सर सबसे बड़ी बाधा ट्रेनों में मिलने वाली लंबी वेटिंग लिस्ट होती है। जब भी कोई भक्त अचानक माता के बुलावा आने पर यात्रा का प्रोग्राम बनाता है, तो उसे रेलवे रिजर्वेशन चार्ट में निराशा ही हाथ लगती है। ऐसे में या तो यात्रियों को जनरल डिब्बों की भारी भीड़ और धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ता है, या फिर मजबूरी में निजी ट्रेवल एजेंसियों की महंगी बसों का सहारा लेना पड़ता है, जो जेब पर भारी पड़ती हैं। इन तमाम परेशानियों का एक बहुत ही शानदार, किफायती और सुगम विकल्प हरियाणा रोडवेज की बसें प्रदान कर रही हैं, जो यात्रियों को बेहद कम किराए में सीधे मां के दरबार के बेस कैंप यानी कटड़ा तक पहुंचाती हैं। अगर आप भी इस बार वैष्णो देवी जाने की योजना बना रहे हैं और ट्रेन टिकट न मिलने से परेशान हैं, तो हरियाणा रोडवेज की यह बस सेवा आपके सफर को बेहद आसान और आरामदायक बना सकती है।हरियाणा रोडवेज द्वारा संचालित ये बसें दिल्ली के प्रमुख अंतरराज्यीय बस टर्मिनलों के साथ-साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कई अन्य महत्वपूर्ण शहरों से होकर गुजरती हैं। पानीपत, करनाल, अंबाला, कुरुक्षेत्र, रोहतक और बहादुरगढ़ जैसे इलाकों के यात्रियों के लिए यह बस सेवा किसी वरदान से कम नहीं है। खास बात यह है कि इन बसों का संचालन बेहद व्यवस्थित तरीके से किया जाता है, जिससे यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ता है। सड़क मार्ग से यात्रा करने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि आप अपनी सुविधा और समय के अनुसार अचानक भी प्लान बना सकते हैं और बिना किसी पेचीदगी के सीधे कटड़ा पहुंच सकते हैं। रेलवे की लंबी वेटिंग लिस्ट से तंग आ चुके श्रद्धालुओं के लिए यह रोड ट्रिप न केवल किफायती साबित हो रहा है, बल्कि उन्हें प्राकृतिक नज़ारों के बीच यात्रा करने का अनूठा अनुभव भी दे रहा है।दिल्ली के कश्मीरी गेट बस अड्डे से मिलती है बेहतरीन और सुलभ रात्रि बस सेवाएंयदि आप दिल्ली या उसके आस-पास के इलाकों से वैष्णो देवी की यात्रा शुरू कर रहे हैं, तो कश्मीरी गेट बस अड्डा आपके लिए सबसे बेहतरीन पॉइंट साबित होगा। दिल्ली के इस सबसे बड़े और व्यस्त बस अड्डे से कटड़ा के लिए नियमित रूप से बसें संचालित होती हैं, जिनकी उपलब्धता यात्रियों के लिए बेहद सुविधाजनक है। अधिकांश यात्री रात के समय सफर करना पसंद करते हैं ताकि वे अगली सुबह या दोपहर तक आसानी से अपने गंतव्य पर पहुंच सकें। हरियाणा रोडवेज की ये बसें आमतौर पर रात्रि के समय ही अधिक संख्या में उपलब्ध होती हैं। बसों की फ्रीक्वेंसी इतनी अच्छी है कि यात्रियों को आधे से एक घंटे के अंतराल पर बसें मिल जाती हैं, जिससे उन्हें घंटों तक काउंटर पर इंतजार नहीं करना पड़ता है।किराए के मामले में भी यह विकल्प प्राइवेट ट्रेवल बसों की तुलना में बेहद जेब के अनुकूल है। दिल्ली से कटड़ा के बीच हरियाणा रोडवेज की साधारण बसों का किराया मात्र 600 रुपये से 800 रुपये के बीच है। यही नहीं, यदि आप पानीपत, करनाल या अंबाला जैसे शहरों से बस पकड़ते हैं, तो भी किराया लगभग समान ही रहता है, जो किसी भी आम आदमी के बजट में आसानी से फिट बैठता है। कई बार यह देखने में आता है कि बसें शुरुआती पॉइंट यानी दिल्ली से ही पूरी तरह भरकर चलती हैं, लेकिन हरियाणा रोडवेज ने यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए पानीपत और अन्य स्टेशनों के यात्रियों के लिए भी एडवांस रिजर्वेशन और सीट की व्यवस्था सुलभ कराई है, जिससे बीच रास्ते के यात्रियों को भी किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है।क्या है हरियाणा रोडवेज की बसों का पूरा रूट और सफर में लगने वाला कुल समय?सफर की योजना बनाते समय रूट और समय की जानकारी होना हर यात्री के लिए सबसे जरूरी होता है। हरियाणा रोडवेज की कटड़ा जाने वाली ये बसें पूरी तरह से तयशुदा और सुरक्षित रूट से होकर गुजरती हैं। बसें अपनी यात्रा की शुरुआत करते हुए सोनीपत, पानीपत, करनाल, अंबाला कैंट, लुधियाना और पठानकोट जैसे प्रमुख औद्योगिक और ऐतिहासिक शहरों से होती हुई पंजाब को पार कर सीधे जम्मू और फिर कटड़ा पहुंचती हैं। दिल्ली से कटड़ा की इस पूरी सड़क मार्ग की दूरी को तय करने में इन बसों को औसतन 12 से 13 घंटे का समय लगता है। हालांकि यह समय ट्रैफिक और सड़क की स्थिति पर थोड़ा बहुत निर्भर कर सकता है, लेकिन कुल मिलाकर यह समय सीमा ट्रेन के कई बार लेट होने वाले शेड्यूल से काफी हद तक बेहतर और भरोसेमंद साबित होती है।जब बस अपने अंतिम पड़ाव यानी कटड़ा बस अड्डे पर पहुंचती है, तो यात्रियों के लिए आगे की यात्रा बेहद आसान हो जाती है। कटड़ा बस स्टैंड से माता वैष्णो देवी की मुख्य यात्रा के मार्ग और मुख्य बाजार की दूरी मुश्किल से आधा किलोमीटर रह जाती है, जिसे यात्री आसानी से पैदल या ऑटो के जरिए कुछ ही मिनटों में तय कर सकते हैं। बस के अंदर मिलने वाली सुविधाओं की बात करें तो ये बसें आमतौर पर नॉन-एसी होती हैं और इनमें शयनयान यानी स्लीपर कोच की सुविधा नहीं होती है, बल्कि आरामदायक पुश-बैक और सामान्य सीटें होती हैं। पूरे 12 से 13 घंटे के लंबे सफर के दौरान बस ड्राइवरों और कंडक्टरों द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए रास्ते में दो प्रमुख स्थानों पर सुरक्षित ढाबों या रेस्टोरेंट के पास भोजन और विश्राम के लिए ठहराव दिया जाता है, जहां यात्री अपनी जरूरत का सामान खरीद सकते हैं और तरोताजा हो सकते हैं।सड़क मार्ग से यात्रा के दौरान किन बातों का रखें ध्यान और क्या हैं अन्य विकल्प?सड़क मार्ग से माता वैष्णो देवी की यात्रा करने वाले यात्रियों को कुछ छोटी-मोटी बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। चूंकि हरियाणा रोडवेज की ये बसें नॉन-एसी होती हैं और इनमें स्लीपर बर्थ नहीं होती, इसलिए यदि आप लंबी दूरी के सफर में बैठने के दौरान होने वाली थकान से बचना चाहते हैं, तो अपनी सीट की बुकिंग थोड़ी पहले ही सुनिश्चित कर लें। इसके अलावा, बसें रास्ते में कई बड़े शहरों और कस्बों से गुजरती हैं, लेकिन वे लोकल और छोटे बस अड्डों पर बहुत ज्यादा समय के लिए नहीं रुकती हैं, जिससे आपका समय व्यर्थ नहीं होता है। सफर के दौरान अपने साथ जरूरी गर्म या ठंडे कपड़े, पानी की बोतल और हल्का खान-पान अवश्य रखें ताकि रास्ते में किसी प्रकार की असुविधा न हो।यदि आपका बजट थोड़ा अधिक है और आप रोडवेज की नॉन-एसी बस के बजाय किसी अन्य अधिक आरामदायक विकल्प की तलाश में हैं, तो दिल्ली से कटड़ा के लिए प्राइवेट ऑपरेटरों द्वारा वोल्वो बसों का संचालन भी बड़े पैमाने पर किया जाता है। कई निजी ट्रेवल कंपनियां एसी-स्लीपर और एसी-सीटर वोल्वो बसें रोजाना रात के समय चलाती हैं। इन प्राइवेट वोल्वो बसों का किराया अमूमन 1300 रुपये से 1500 रुपये के बीच होता है। ये बसें भी दिल्ली से रवाना होकर सोनीपत, पानीपत, करनाल और अंबाला के रास्ते ही कटड़ा पहुंचती हैं और इनकी बुकिंग ऑनलाइन ऐप्स या ट्रेवल वेबसाइट्स के जरिए आसानी से की जा सकती है। हालांकि, कम खर्च में और सुरक्षित तरीके से वैष्णो देवी पहुंचने का जो भरोसा हरियाणा रोडवेज की बसों पर यात्रियों को मिलता है, उसका मुकाबला कोई अन्य माध्यम नहीं कर सकता है।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेने में कैसे सफल हुई CJP? आशुतोष रांका ने बताई पूरी कहानी
यह पूरा आंदोलन मई 2026 में आयोजित हुई नीट (NEET-UG) परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण से भड़का। इस घटना से लाखों मेडिकल परीक्षार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया था।
छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों पर बिजली बिल का बकाया 3035 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है. बकाया वसूली के लिए CSEB ने सख्ती बढ़ाते हुए सरकारी कार्यालयों में प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू कर दी है. कई सरकारी कनेक्शनों पर कार्रवाई भी शुरू हो गई है.
रिश्ते तार-तार: छठी क्लास से भांजी को बनाता रहा हवस का शिकार, शादी के बाद पति को बताई खौफनाक आपबीती
समाज और रिश्तों को कलंकित कर देने वाली एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना हरियाणा के सोनीपत और रोहतक जिलों से सामने आई है, जिसने इंसानियत के सारे रिश्तों को तार-तार कर दिया है। एक कलयुगी मामा ने अपनी ही मासूम भांजी को अपनी हवस का शिकार बनाया और बचपन से लेकर उसके बड़े होने तक लगातार कई सालों तक उसका दैहिक शोषण करता रहा। यह दिल दहला देने वाला मामला तब प्रकाश में आया जब पीड़िता ने शादी के बाद हिम्मत जुटाई और अपने पति को अपनी जिंदगी के इस सबसे काले और खौफनाक सच के बारे में बताया। पीड़िता की आपबीती सुनने के बाद उसके पति के पैरों तले जमीन खिसक गई और फिर न्याय की गुहार लगाने के लिए पुलिस थाने का दरवाजा खटखटाया गया। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद से पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है और लोग आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला रोहतक और सोनीपत से जुड़ा हुआ है जहां पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर पोक्सो एक्ट (POCSO Act) और दुष्कर्म की गंभीर धाराओं के तहत जीरो एफआईआर (Zero FIR) दर्ज करके अपनी जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, शुरुआत में यह शिकायत रोहतक के महिला थाने में दी गई थी, जहां पीड़िता ने अपनी आपबीती पुलिस अधिकारियों को बताई। चूंकि घटना से जुड़े अपराध का क्षेत्र सोनीपत जिले के अंतर्गत आता था, इसलिए रोहतक पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नियमों के तहत जीरो एफआईआर काटकर उसे आगे की कानूनी कार्रवाई और तफ्तीश के लिए सोनीपत जिले के संबंधित थाने में ट्रांसफर कर दिया। सोनीपत पुलिस ने इस मामले में दो सितंबर को औपचारिक रूप से मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपी की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।बचपन से ही गंदी नजर रखता था कलयुगी मामा, छठी कक्षा से शुरू हुआ शोषण का खौफनाक दौरपुलिस को दी गई अपनी लिखित शिकायत में पीड़िता ने जो खुलासे किए हैं, वे किसी की भी रूह कंपा देने के लिए काफी हैं। पीड़िता ने बताया कि वह बचपन के दिनों में अपनी नानी के पास उनके गांव में ही रहती थी और वहीं रहकर अपनी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई पूरी कर रही थी। रिश्ते में वह व्यक्ति उसका मामा लगता था जो असल में उसकी नानी की बहन का बेटा था। पीड़िता का आरोप है कि उसका यह कथित मामा बचपन से ही उसे बहुत ही गलत और गंदी नजरों से देखता था तथा अक्सर उसके साथ अछूती हरकतें व आपत्तिजनक इशारे किया करता था। जब भी मासूम भांजी उसके इस घटिया व्यवहार का विरोध करती थी, तो वह उसे बुरी तरह डराता-धमकाता था और किसी को भी बताने पर जान से मारने की धमकी दिया करता था।यह डरावना सिलसिला तब और ज्यादा भयानक हो गया जब पीड़िता छठी कक्षा में पढ़ती थी। अपनी पढ़ाई के दौरान जब वह गांव में नानी के घर पर थी, तब इसी कलयुगी रिश्तेदार ने घर में अकेला पाकर उसके साथ पहली बार दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद आरोपी के हौसले इतने बुलंद हो गए कि उसने मासूम को अपनी धमकियों के साए में रखकर लगातार ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आरोपी ने न केवल गांव में बल्कि बाद में सोनीपत में किराए के मकान और उसके बाद रोहतक स्थित आवास पर भी कई अलग-अलग मौकों पर इस अमानवीय कृत्य को दोहराया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी उसे लगातार यह कहकर डराता था कि अगर उसने मुंह खोला तो वह उसके परिवार को बर्बाद कर देगा और जान से मार डालेगा।शादी के बाद पति को सुनाई आपबीती, रोहतक महिला थाने में दर्ज हुई जीरो एफआईआरलगातार सालों तक शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेलने वाली इस पीड़िता की जिंदगी में साल 2019 एक और खौफनाक साल साबित हुआ जब नानी के घर जाने पर आरोपी ने फिर से उसका दैहिक शोषण किया। नाबालिग अवस्था से लेकर युवा होने तक वह इस खौफ के साए में जीने को मजबूर थी, क्योंकि उसके पास अपनी रक्षा करने का कोई साधन नहीं था और आरोपी के खौफ ने उसे अंदर से तोड़ दिया था। समय बीतता गया और साल 2023 में पीड़िता की शादी हो गई, जिसके बाद उसे एक नया जीवन और एक ऐसा जीवनसाथी मिला जिस पर वह भरोसा कर सकती थी। अपने ससुराल आने के बाद और पति का साथ मिलने पर पीड़िता ने अपनी इस दबी हुई घुटन और बचपन के उस खौफनाक सच को अपने पति के सामने बयां करने का फैसला किया।पति ने जब अपनी पत्नी की आपबीती सुनी तो वे हैरान रह गए और तुरंत अपनी पत्नी को लेकर न्याय के लिए आगे आए। इसके बाद एक सितंबर को रोहतक के महिला थाने में इस पूरे मामले की औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने पीड़िता के बयानों के आधार पर तुरंत कार्रवाई करते हुए आईपीसी और पोक्सो एक्ट की प्रासंगिक धाराओं के तहत जीरो एफआईआर दर्ज की और फाइल को सोनीपत भेज दिया। सोनीपत पुलिस अब इस पूरे मामले की हर पहलू से गहनता से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अपराध में और कौन-कौन शामिल था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उसे कानून के कटघरे में खड़ा करके कड़ी सजा दिलाई जाएगी ताकि समाज में इस तरह के घिनौने अपराध करने वालों को कड़ा संदेश मिल सके।
Satyendar Jain Bail: आपने क्या हासिल किया? PM Modi पर बरसे Arvind Kejriwal, उठाए गंभीर सवाल
दिल्ली जल बोर्ड (DJB) STP टेंडर मामले में राउज़ एवेन्यू कोर्ट से पूर्व दिल्ली मंत्री सत्येंद्र जैन को ज़मानत मिलने के बाद, आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। गिरफ़्तारी के आधार पर सवाल उठाते हुए, AAP प्रमुख ने कहा कि जैन को बिना किसी पुलिस पूछताछ के सीधे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जिसे उन्होंने एक कमज़ोर मामला बताया। केजरीवाल ने कहा, आज सत्येंद्र जैन को ज़मानत मिल गई है। उन्हें गिरफ़्तार क्यों किया गया था? कोई नहीं समझ पाया। आम तौर पर, किसी को पूछताछ के लिए गिरफ़्तार किया जाता है। इसके लिए पुलिस हिरासत ली जाती है। पुलिस हिरासत पूरी होने के बाद, व्यक्ति न्यायिक हिरासत में जाता है। इस मामले में, सत्येंद्र जैन को पुलिस हिरासत में नहीं भेजा गया। उनसे कोई पूछताछ नहीं की गई। उन्हें सीधे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसे भी पढ़ें: Delhi Voter List विवाद: SIR प्रक्रिया पर Arvind Kejriwal का तीखा हमला, कहा- चुनाव आयोग ऐसे तो आबादी घटा देगा केंद्रीय नेतृत्व पर सीधा हमला करते हुए आप प्रमुख ने कहा नके खिलाफ़ मामला इतना कमज़ोर था कि उन्हें सिर्फ़ दस दिनों में ज़मानत मिल गई। मोदी जी, इससे आपको क्या हासिल हुआ? आप दिन-रात बस लोगों को जेल भेजने के बारे में सोचते रहते हैं। आपको देश चलाने में कोई दिलचस्पी नहीं है। और न ही आपको यह पता है कि देश कैसे चलाया जाता है। केजरीवाल ने आगे कहा, सोचिए, आप देश के प्रधानमंत्री बन गए! आपको तो किसी गाँव का स्टेशन हाउस ऑफ़िसर होना चाहिए था; आपका बर्ताव बिल्कुल वैसा ही है। एक तरफ़ आप सत्येंद्र जैन जैसे अच्छे लोगों को जेल भेजते हैं, और दूसरी तरफ़ आप ऐसे गुंडों को पनाह देते रहते हैं। इस बीच, सत्येंद्र जैन की ओर से पेश वकील विवेक जैन ने राउज़ एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के बाद अदालत के फ़ैसले की पुष्टि की और कहा कि पूर्व मंत्री के जल्द ही जेल से बाहर आने की उम्मीद है। इसे भी पढ़ें: AAP 'भ्रष्टाचार का प्रतीक'! BJP का आरोप, Kejriwal-Bhagwant Mann ने Punjab को लूटा उन्होंने कहा हमें उम्मीद है कि वह आज ही बाहर आ जाएंगे। कोर्ट ने माना है कि मिस्टर जैन पर लगे सभी आरोप उन्हें जेल में रखने के लिए काफी नहीं हैं और उन्हें अब और जेल में नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, कोर्ट ने शर्त रखी है कि वह दो दिन से ज़्यादा समय के लिए दिल्ली से बाहर नहीं जा सकते। अगर वह बाहर जाते हैं, तो उन्हें जांच अधिकारी को बताना होगा। इसके अलावा, उन पर कोई और शर्त नहीं लगाई गई है। इससे पहले आज, राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने DJB STP टेंडर घोटाले के कथित मामले में दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को ज़मानत दे दी।
मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में पदस्थ महिला सब इंस्पेक्टर पूजा रघुवंशी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में पूजा रघुवंशी पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए अपनी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी ...
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले CEO नियुक्त किए गए पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा गुरुवार को अयोध्या पहुंचे. इस दौरान उनका एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
'हथकड़ी लगाओ, बेड़ियां बांधो...' क्यों यूपी पुलिस से डरा गैंगस्टर राकेश पंपू?
यूपी के शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या के मुख्य साजिशकर्ता और मास्टरमाइंड गैंगस्टर राकेश पंपू को यूपी पुलिस से एनकाउंटर का डर सता रहा है. करनाल जेल में बंद गैंगस्टर ने एसपी शामली और यूपी डीजीपी को पत्र भेजकर अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है.
Satyendar Jain को Bail मिलते ही Kejriwal का PM Modi पर वार: आपको क्या मिला?
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट टेंडर मामले में राउज़ एवेन्यू कोर्ट द्वारा दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को ज़मानत दिए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की। केजरीवाल ने जैन की गिरफ़्तारी के औचित्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्व मंत्री को बिना पुलिस पूछताछ के सीधे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जो एक कमज़ोर मामले का संकेत है। इसे भी पढ़ें: BJP अध्यक्ष Nitin Nabin का Uttarakhand दौरा, 2027 चुनावी रणनीति पर मंथन केजरीवाल ने कहा कि आज सत्येंद्र जैन को ज़मानत मिल गई है। उन्हें गिरफ़्तार क्यों किया गया था? कोई नहीं समझ पाया। आम तौर पर, किसी को पूछताछ के लिए गिरफ़्तार किया जाता है। इसके लिए पुलिस हिरासत ली जाती है। पुलिस हिरासत पूरी होने के बाद, व्यक्ति न्यायिक हिरासत में जाता है। इस मामले में, सत्येंद्र जैन को पुलिस हिरासत में नहीं भेजा गया। उनसे कोई पूछताछ नहीं की गई। उन्हें सीधे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। केंद्र सरकार निशाना साधते हुए केजरीवाल ने कहा कि उनके खिलाफ़ मामला इतना कमज़ोर था कि उन्हें सिर्फ़ दस दिनों में ज़मानत मिल गई। मोदी जी, इससे आपको क्या हासिल हुआ? आप दिन-रात बस लोगों को जेल भेजने के बारे में सोचते रहते हैं। आपको देश चलाने में कोई दिलचस्पी नहीं है। और न ही आपको यह पता है कि देश कैसे चलाया जाता है। उन्होंने आगे कहा कि सोचिए, आप देश के प्रधानमंत्री बन गए! आपको तो किसी गाँव का स्टेशन हाउस ऑफ़िसर होना चाहिए था; आपका बर्ताव बिल्कुल वैसा ही है। एक तरफ़ आप सत्येंद्र जैन जैसे अच्छे लोगों को जेल भेजते हैं, और दूसरी तरफ़ आप ऐसे बदमाशों को पनाह देते हैं। इसे भी पढ़ें: Kolkata Politics: अभिषेक बनर्जी के ऑफिस में तोड़फोड़ के बाद TMC-BJP में जुबानी जंग तेज, पुलिस ने 6 को किया गिरफ्तार सत्येंद्र जैन के वकील विवेक जैन ने कोर्ट के फ़ैसले की पुष्टि की और बताया कि पूर्व मंत्री के जल्द ही रिहा होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि वह आज ही बाहर आ जाएँगे। कोर्ट ने माना है कि श्री जैन पर लगाए गए आरोप उन्हें जेल में रखने के लिए काफ़ी नहीं हैं, और उन्हें अब और जेल में नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि कोर्ट ने शर्त रखी है कि वह दो दिन से ज़्यादा समय के लिए दिल्ली से बाहर नहीं जा सकते। अगर वह बाहर जाते हैं, तो उन्हें जाँच अधिकारी को सूचित करना होगा। इसके अलावा, उन पर कोई और शर्त नहीं लगाई गई है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
भारतीय सिनेमा जगत में इन दिनों छोटे बजट की फिल्मों का जादू दर्शकों के सिर चढ़कर बोल रहा है, और इसी कड़ी में रिलीज हुई फिल्म 'हनुमान अंश' (Hanuman Ansh) ने अपनी अद्भुत सफलता से सभी को हैरान कर दिया है। बड़े बैनर और भारी-भरकम बजट वाली फिल्मों को कड़ी टक्कर देते हुए यह फिल्म अपने रिलीज के तीसरे हफ्ते में भी सिनेमाघरों में शानदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म की इस असाधारण सफलता का मुख्य श्रेय इसकी गहरी आध्यात्मिक कहानी और इसके शुद्ध देसी, माटी की खुशबू से सराबोर गानों को जाता है। शुरुआती दिन में महज 10 लाख रुपये की मामूली ओपनिंग के साथ बॉक्स ऑफिस पर खाता खोलने वाली इस फिल्म ने वर्ड ऑफ माउथ पब्लिसिटी के दम पर ऐसा गजब का कमबैक किया है कि आज हर तरफ इसी की चर्चा हो रही है।फिल्म की लोकप्रियता और बॉक्स ऑफिस पर इसकी मजबूत पकड़ को देखते हुए इसके निर्माताओं ने इसके सीक्वल की घोषणा भी कर दी है, जिससे फैंस में उत्साह और अधिक बढ़ गया है। नीम करोली बाबा (Neem Karoli Baba) के अलौकिक जीवन और उनकी दिव्य लीलाओं पर आधारित इस बायोपिक फिल्म ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए आयाम गढ़े हैं, बल्कि दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बना ली है। फिल्म का संगीत इसकी आत्मा है, और इसके एक अन्य लोकप्रिय गीत 'पार्वती' की तरह ही इसका दूसरा बुंदेली लोक शैली में गाया गया गाना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आग की तरह फैल रहा है। इंटरनेट की दुनिया में इस देसी गाने ने रील्स और शॉर्ट्स के जरिए धूम मचा रखी है, जिसे लोग बार-बार सुनना और शेयर करना पसंद कर रहे हैं।लोकगायक साधु तिवारी की सुरीली आवाज और शुद्ध बुंदेली भाषा का अनोखा संगमहम जिस लोकप्रिय गाने की बात कर रहे हैं, वह है फिल्म 'हनुमान अंश' का बेहद प्यारा और रूहानी गीत 'आवागमन'। इस अनूठे गाने को अपनी माटी से जुड़े प्रसिद्ध लोकगायक साधु तिवारी ने गाया है। खास बात यह है कि इस गीत के बोल लिखने के साथ-साथ इसे स्वरबद्ध भी साधु तिवारी ने ही किया है। गाने की सबसे बड़ी खूबी इसकी शुद्ध बुंदेली भाषा और ठेठ देसी अंदाज है, जो सुनने वाले के दिल और दिमाग पर सीधा असर छोड़ता है। जब यह गाना बजता है, तो श्रोता बुंदेलखंड की संस्कृति और उसकी मिट्टी की सोंधी महक में पूरी तरह से खो जाता है। गाने के बोल इतने सरल, सहज और भावपूर्ण हैं कि वे बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के सीधे इंसान के दिल में उतर जाते हैं।इस गाने की पंक्तियाँ - अब ना देर लगाओ देर, बस कृपा करो महादेव - श्रोताओं के रोंगटे खड़े कर देती हैं। साधु तिवारी की दर्द भरी और सुरीली आवाज में गाया गया यह गीत न केवल कानों को तृप्त करता है, बल्कि आत्मा को भीतर तक झकझोर कर रख देता है। बुंदेली संस्कृति और लोक संगीत प्रेमियों के बीच इस गाने ने एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। आज के आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक संगीत के दौर में इस तरह के शुद्ध देसी और पारंपरिक लोक संगीत का वायरल होना इस बात का प्रमाण है कि आज भी देश की जनता अपनी जड़ों से जुड़ी रहना चाहती है और उसे ऐसे ही सच्चे, पारदर्शी और आत्मीय संगीत की तलाश रहती है।जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति और भगवान शिव की आराधना का आध्यात्मिक संदेशफिल्म 'हनुमान अंश' का यह बुंदेली गाना सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह जीवन के सबसे बड़े और गहरे दार्शनिक सत्यों का सार प्रस्तुत करता है। गाने के भीतर छिपे भावों को समझें तो यह स्पष्ट होता है कि इसमें भक्त की भगवान शिव के प्रति अगाध श्रद्धा और उनकी कृपा पाने की तीव्र लालसा को दर्शाया गया है। गाने के बोल इस बात का अहसास कराते हैं कि यह भौतिक संसार और दुनिया के तमाम रिश्ते-नाते एक छलावा मात्र हैं। 'आवागमन मिटा दे भोले शंकर' इस लाइन का सीधा और गहरा अर्थ यह है कि भक्त भगवान शिव से यह विनती कर रहा है कि हे भोलेनाथ! मुझे इस जन्म और मृत्यु के अंतहीन और कष्टदायक चक्र से हमेशा-हमेशा के लिए मुक्त कर दीजिए।यह गीत एक साधारण भक्ति गीत से बढ़कर आत्मा की परमात्मा यानी भगवान शिव से मिलने की अत्यंत भावुक और आध्यात्मिक पुकार बन जाता है। जीवन और मरण के बंधन से छूटकर मोक्ष प्राप्त करने की जो छटपटाहट इस गाने में महसूस होती है, वह श्रोता को ईश्वर की शरण में जाने के लिए मजबूर कर देती है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव और मानसिक अशांति के दौर में इस तरह के आध्यात्मिक और दार्शनिक गाने लोगों को मानसिक शांति दे रहे हैं और उन्हें उनके जीवन का वास्तविक उद्देश्य याद दिला रहे हैं। यह गाना सिर्फ एक संगीत कृति नहीं, बल्कि इंसान को जीवन जीने का सही सलीका और सार सिखाने वाला एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक बन गया है।नीम करोली बाबा के जीवन और चमत्कारों पर आधारित है निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की यह फिल्मअगर बात करें फिल्म 'हनुमान अंश' की पटकथा और मूल कहानी की, तो यह एक बेहद प्रेरणादायक डिवोशनल ड्रामा फिल्म है। यह फिल्म महान आध्यात्मिक संत और दुनिया भर में पूजनीय नीम करोली बाबा के अलौकिक जीवन, उनके उपदेशों और उनके चमータतों को पर्दे पर बेहद खूबसूरती से उकेरती है। इस फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी हैं, जिन्होंने अपनी बहुचर्चित और लोकप्रिय किताब 'डिटूर: दैट चेंज्ड माय लाइफ' (Detour: That Changed My Life) के पन्नों से इस कहानी को निकालकर सिनेमा के परदे पर जीवंत किया है। किताब के मार्मिक प्रसंगों को जब बड़े पर्दे पर उतारा गया, तो उसने दर्शकों के दिलों को गहराई से छू लिया।नीम करोली बाबा के आश्रम और उनके भक्तों की अटूट आस्था को जिस प्रामाणिकता के साथ इस फिल्म में दिखाया गया है, वह इसकी सबसे बड़ी यूएसपी है। छोटे बजट में बनी होने के बावजूद इस फिल्म ने यह साबित कर दिया है कि अगर कंटेंट दमदार हो और उसमें सच्ची श्रद्धा व भावनाओं का पुट हो, तो दर्शक उसे सिर आंखों पर बिठा लेते हैं। फिल्म की पूरी टीम की मेहनत और कलाकारों का सहज अभिनय इस बात का गवाह है कि भारतीय सिनेमा में अब आध्यात्मिक और वैचारिक कहानियों का एक नया और स्वर्णिम दौर शुरू हो चुका है, जिसे हर वर्ग के दर्शक द्वारा भरपूर प्यार मिल रहा है।
चीन की मिसाइल फेल हुई तो PAK ने बनाया अपना हथियार, JF-17 जेट में लगाया
पाकिस्तान ने स्वदेशी 180 किलोमीटर रेंज वाली फाज मिसाइल को जेएफ-17 फाइटर्स पर इंटीग्रेट कर लिया है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह कदम चीनी मिसाइलों पर निर्भरता कम करने और हवाई क्षमता बढ़ाने के लिए उठाया गया है.
जाति जनगणना पर केंद्र सरकार में ही खटपट? आमने-सामने क्यों आ गए दो विभाग, OBC लिस्ट से क्या कनेक्शन
पिछले महीने जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, अगले साल फरवरी में पूरे देश में जाति जनगणना के साथ-साथ जनसंख्या की गिनती की जाएगी। पहाड़ी और बर्फ़बारी वाले इलाकों में यह प्रक्रिया 1 सितंबर को शुरू हो चुकी है।
Kerala के Kottayam में ननों ने शुरू किया Stand By Me क्लोदिंग ब्रांड
कोट्टायम (केरलम), तीन सितंबर कैथोलिक बिशप पर दुष्कर्म का आरोप लगाने के बाद लंबी और कठिन कानूनी लड़ाई लड़ने वाली एक नन और उनके साथ खड़ी रहीं दो अन्य ननों के लिए ‘स्टैंड बाय मी’ ‘क्लोदिंग ब्रांड’ अब उनके जीवन का नया अध्याय बन गया है। कपड़ों का यह ‘क्लोदिंग ब्रांड’ न केवल उनकी आजीविका का साधन बना है बल्कि उन्हें अपना भविष्य संवारने का अवसर भी दे रहा है। पूर्व जालंधर बिशप फ्रैंको मुलक्कल से जुड़े दुष्कर्म मामले ने जब देशभर में ध्यान आकर्षित किया था, उसके कई साल बाद इन तीनों ननों के सामने एक अलग चुनौती खड़ी हुई कि अपने दम पर जीवनयापन कैसे किया जाए। कुराविलंगाडु स्थित अपने ‘कॉन्वेंट’ में उन्हें इसका जवाब एक सिलाई मशीन के रूप में मिला। जिस काम को उन्होंने कभी एक कौशल सीखने के तौर पर शुरू किया था अब वही एक छोटे लेकिन धीरे-धीरे बढ़ते कपड़ों के कारोबार में बदल गया है। इससे उन्हें केवल काम ही नहीं मिला, बल्कि आत्मनिर्भरता और उस मुश्किल दौर से आगे बढ़ने का अवसर भी मिला, जिसने उन्हें सार्वजनिक रूप में चर्चा में ला दिया है। बिशप के खिलाफ आरोप लगाने वाली नन ने बृहस्पतिवार को मीडियाकर्मियों से कहा, ‘‘हमने इसकी शुरुआत जरूरत के कारण की थी। पहले सीखी गई सिलाई अब हमारे लिए आजीविका का साधन बन गई है।’’उन्होंने कहा कि भोजन, कपड़े और दवाइयों के लिए पैसे की जरूरत होती है। जब आर्थिक मदद मिलनी बंद हो गई तो तीनों ने खुद कमाने का फैसला किया। उन्होंने कहा, ‘‘हमें भोजन, कपड़े और दवाइयों के लिए पैसे चाहिए। जब ये चीजें हमें उपलब्ध नहीं कराई गईं तो हमने खुद काम करके धन कमाने का फैसला किया।’’यह कारोबार शुरुआत में बहुत छोटे स्तर पर शुरू हुआ और अधिकतर ऑर्डर उनके परिचित लोगों से मिले। लोगों के समर्थन और उत्साह को देखते हुए अब उन्होंने इसे बड़े स्तर पर ले जाने और ज्यादा लोगों तक पहुंचाने का फैसला किया है। नन ने कहा, ‘‘हमने इसे बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। कई लोग हमारे साथ खड़े रहे हैं और उन्हीं लोगों ने इसका नाम ‘स्टैंड बाय मी’ रखने का सुझाव दिया।’’उन्होंने बताया कि एक महीने के भीतर वे अपने उत्पादों को ऑनलाइन भी उपलब्ध कराने की योजना बना रही हैं। हालांकि, आर्थिक आत्मनिर्भरता की उनकी यात्रा बेहद कठिन दौर से शुरू हुई। वर्ष 2023 में जब ‘कॉन्वेंट’ से मिलने वाली आर्थिक सहायता बंद कर दी गई तो उनके सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का सवाल खड़ा हो गया। नन ने उस समय को याद करते हुए कहा, ‘‘हम सोच रहे थे कि हाथ में एक पैसा भी नहीं होने पर हम कैसे जिंदा रहेंगे।’’इनमें से दो ननों के पास सामाजिक कार्य (एमएसडब्ल्यू) की डिग्री है। उन्होंने इंटर्नशिप की तलाश की, लेकिन कानूनी मामले से जुड़े होने के कारण उनके लिए अवसर हासिल करना मुश्किल साबित हुआ। नन ने कहा, ‘‘तभी हमें समझ आया कि नौकरी पाना आसान नहीं है। इसलिए हमने ऐसा काम करने का फैसला किया जिसे कोई हमसे छीन न सके।’’अपने शुभचिंतकों की मदद से उन्होंने सिलाई मशीनें खरीदीं और अपने पुराने सिलाई कौशल को फिर से अपनाकर आजीविका कमाने लगीं। अब उनका काम कुछ ऑर्डर तक सीमित नहीं रहा है। वे नाइटी, चूड़ीदार टॉप, को-ऑर्ड सेट, बैग, टेबल मैट और टेबल रनर जैसे उत्पाद तैयार करती हैं। उन्होंने दो अन्य लोगों को रोजगार भी दिया है। इन तीनों ननों के लिए ‘स्टैंड बाय मी’ केवल एक कारोबार का नाम नहीं है। यह उन लोगों की याद दिलाता है जो कठिन समय में उनके साथ खड़े रहे और साथ ही यह उनके अपने पैरों पर खड़े होने के संकल्प का प्रतीक भी है।
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बढ़ते तनाव और आतंकवाद के साये के बीच पाकिस्तान की सेना ने एक बार फिर अपनी पश्चिमी सीमा पर बड़ा सैन्य अभियान चलाया है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने खैबर पख्तूनख्वा (KPK) प्रांत में अफगानिस्तान की सीमा से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी टीटीपी (TTP) के आतंकवादियों द्वारा की जा रही घुसपैठ की एक बड़ी और खतरनाक कोशिश को पूरी तरह से नाकाम कर दिया है। पाकिस्तानी सेना के आधिकारिक मीडिया विंग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस त्वरित और भीषण सैन्य कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित संगठन 'फितना अल-खवारिज' (जो कि टीटीपी का ही दूसरा नाम है) से जुड़े कुल 15 खूंखार आतंकवादियों को मौत के घाट उतार दिया है।यह मुठभेड़ और घुसपैठ विरोधी अभियान उस समय शुरू हुआ जब खुफिया एजेंसियों को सीमावर्ती इलाकों में भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों की संदिग्ध गतिविधियों के बारे में पुख्ता जानकारी मिली थी। उत्तरी वजीरिस्तान क्षेत्र के विपरीत दिशा में स्थित अफगान सीमा से इन आतंकवादियों ने पाकिस्तान की सीमा में दाखिल होने की नापाक साजिश रची थी। पाकिस्तानी सेना और आतंकवादियों के बीच यह संघर्ष कोई साधारण झड़प नहीं थी, बल्कि यह करीब 36 घंटे तक लगातार चलने वाला एक मैराथन और बेहद तीव्र सैन्य ऑपरेशन था, जिसमें सुरक्षा बलों ने अपनी सामरिक बढ़त का पूरा इस्तेमाल करते हुए सभी घुसपैठियों को ढेर कर दिया। मारे गए आतंकियों के पास से भारी मात्रा में आधुनिक हथियार, स्वचालित राइफलें, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्रियां भी बरामद की गई हैं।अफगान तालिबान सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल और आईएसजीआर का बयानइस सफल सैन्य कार्रवाई के तुरंत बाद, पाकिस्तानी सैन्य संगठन इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने एक कड़ा आधिकारिक बयान जारी करते हुए पड़ोसी देश अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर तीखा हमला बोला है। ISPR ने अपने बयान में स्पष्ट तौर पर कहा है कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर बार-बार होने वाली इस तरह की घटनाएं एक बार फिर पाकिस्तान के उस पुराने और लगातार रखे जा रहे रुख को बिल्कुल सही साबित करती हैं, जिसमें यह कहा गया है कि काबुल की अफगान तालिबान सरकार अपनी धरती पर पल रहे आतंकवादी संगठनों को पाकिस्तानी सीमा के खिलाफ अपनी जमीन का इस्तेमाल करने से रोकने में पूरी तरह और बुरी तरह नाकाम साबित हुई है।पाकिस्तानी सेना ने आगे यह भी आरोप लगाया है कि अफगान तालिबान सरकार न केवल सीमा का प्रभावी प्रबंधन करने में विफल रही है, बल्कि वह अपनी उन अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों से भी लगातार मुंह फेर रही है जो एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में निभानी होती हैं। जानकारों का मानना है कि दोनों देशों के बीच की सीमा पर सुरक्षा हालात लगातार बदतर होते जा रहे हैं, क्योंकि टीटीपी और अन्य विद्रोही गुट अफगान क्षेत्र का सुरक्षित ठिकाने के रूप में खुलकर इस्तेमाल कर रहे हैं। इस ताजा मुठभेड़ के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और सुरक्षा बलों की गश्त को कई गुना बढ़ा दिया गया है ताकि भविष्य में इस तरह के किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके।बलूचिस्तान में भी उग्रवादियों के खिलाफ बड़ा एक्शन, 21 आतंकवादी मारे गएपश्चिमी सीमा पर टीटीपी के खिलाफ हुई इस बड़ी कार्रवाई से ठीक पहले, पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में भी सुरक्षा बलों और स्थानीय विद्रोहियों के बीच भीषण खून-खराबा देखने को मिला था। पाकिस्तानी सेना द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बलूचिस्तान के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा बलों और सशस्त्र विद्रोहियों के बीच हुई दो अलग-अलग और अत्यधिक हिंसक झड़पों में कम से कम 21 आतंकवादी मारे गए थे। यह घटनाएं मुख्य रूप से सोमवार रात को देश के रणनीतिक रूप से संवेदनशील चगाई जिले के नोकचा इलाके और पिशिन जिले के जियारत क्रॉस के पास घटित हुईं, जहां उग्रवादियों ने सुरक्षा चौकियों को निशाना बनाने की कोशिश की थी।हालांकि इस तीव्र संघर्ष में जहां एक तरफ सुरक्षा बलों ने दो दर्जन के करीब उग्रवादियों को मार गिराने में सफलता हासिल की, वहीं दूसरी तरफ देश को भारी मानवीय क्षति भी उठानी पड़ी। इन आमने-सामने की भीषण लड़ाइयों में पाकिस्तान के पांच सुरक्षा जवान और कस्टम्स विभाग का एक वरिष्ठ अधिकारी भी वीरगति को प्राप्त हो गए। बलूचिस्तान प्रांत में लंबे समय से चल रहा अलगाववादी और विद्रोही संघर्ष पाकिस्तान सरकार और सेना के लिए एक बड़ा सिरदर्द बना हुआ है, और हालिया हताहतों ने देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। एक तरफ जहां खैबर पख्तूनख्वा में टीटीपी का खतरा बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ बलूचिस्तान में उग्रवादी हमले लगातार तेज होते जा रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्धाभ्यास जैसे हालात बने हुए हैं।
'एक-एक इंच मिट्टी हटाई...', कैसे नेपाल बाढ़ में बचीं ये 97 साल की महिला?
नेपाल में आई बाढ़ में मलबे के नीचे दबी 97 साल की एक बुजुर्ग महिला को बचाया गया था. रेस्क्यू के बाद बुलडोजर पर बैठी इस महिला की तस्वीर काफी चर्चा में रही थी. अब इनकी क्या हालत है और कैसे घंटों मलबे के बीच दबी रहने के बाद भी यह जिंदा बच गई? यह कहानी वाकई में दिल छू लेने वाली है.
'पवन सिंह दारूबाज हैं, हर लड़की न्यूड दिखती है' एक्ट्रेस का आरोप
बिन भय अभय पॉडकास्ट में स्मृति सिन्हा ने पवन सिंह को लेकर कई दावे किए. उन्होंने पावर स्टार की ओर इशारा करते हुए कहा- जो अपने को स्टार बोलते हैं वो महीने के 25 दिन दारू में टुल रहते हैं.
Delhi Jal Board Case: AAP नेता Satyendar Jain को बड़ी राहत, ₹2 लाख के बांड पर मिली Bail
दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन को दिल्ली जल बोर्ड (DJB) से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में ज़मानत दे दी। यह मामला एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने उनके और चार अन्य लोगों के ख़िलाफ़ दर्ज किया था। राउज़ एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज दिगविनय सिंह ने यह राहत दी और आदेश दिया कि जैन को ₹2 लाख के पर्सनल बॉन्ड और उतनी ही रकम की दो ज़मानतों पर रिहा किया जाए। इस आदेश का विस्तृत विवरण अभी जारी होना बाकी है। ACB ने जैन की ज़मानत अर्ज़ी का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने एक प्राइवेट कंपनी को फ़ायदा पहुँचाने के लिए DJB के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के टेंडरों में हेर-फेर करने में अहम भूमिका निभाई थी। ये बातें एडिशनल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर मनीष रावत ने रखीं। इसे भी पढ़ें: Supreme Court ने SEBI और NSE के बीच ₹1,500 करोड़ का समझौता मंजूर कर याचिकाएं निपटाईं ACB ने अपने 13 पेज के लिखित जवाब में आरोप लगाया कि दिल्ली के जल मंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान, जैन ने DJB के सीनियर अधिकारियों (जिनमें पूर्व CEO और सह-आरोपी उदित प्रकाश राय भी शामिल थे) के साथ मिलकर तकनीकी सिफारिशों, STP प्रोजेक्ट की क्षमता और उसकी लागत के अनुमानों में हेरफेर की, और आखिर में टेंडर की शर्तों को इस तरह से तैयार किया कि Euroteck Environmental Pvt. Ltd. को फ़ायदा हो। ACB ने कहा, सत्येंद्र जैन ने हेर-फेर की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई और उनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। यह पता चला है कि जैन ने DJB के पूर्व CEO उदित राय के साथ मिलकर, बिना किसी उचित अध्ययन या तकनीकी सिफारिश के मनमाने ढंग से टेंडर प्रस्तावों में बदलाव किए। इसे भी पढ़ें: Disha Salian Case में CBI जांच पर गरमाई राजनीति, Aditya Thackeray बोले- मेरा कोई लेना-देना नहीं एजेंसी के अनुसार, कथित हेरफेर की शुरुआत 31 अगस्त, 2021 को हुई एक बैठक से हुई, जिसमें जैन, DJB के वरिष्ठ अधिकारी और यूरोटेक के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। ACB ने कहा, बैठक के दौरान यह तय किया गया कि यूरोटेक की प्रस्तावित टेक्नोलॉजी की क्षमता को परखने के लिए कोरोनेशन STP में उसका पायलट रन किया जाएगा। यह भी तय किया गया कि टेंडर में सस्पेंडेड मीडिया और फिक्स्ड मीडिया, दोनों तरह की टेक्नोलॉजी को मंज़ूरी दी जाएगी। हालांकि, ACB का आरोप है कि न तो पायलट रन किया गया और न ही टेंडर में दोनों टेक्नोलॉजी को मंज़ूरी दी गई। इसके बजाय, टेंडर की प्रक्रिया बाद में सिर्फ़ फिक्स्ड मीडिया वाली IFAS (इंटीग्रेटेड फिक्स्ड-फिल्म एक्टिवेटेड स्लज) टेक्नोलॉजी को मंज़ूरी देने की ओर बढ़ गई, जो कथित तौर पर Euroteck के लिए सही थी।
राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO ने की पहली बैठक, समझा ट्रस्ट का ये कामकाज
अयोध्या पहुंचे राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO एयर मार्शल (रिटायर्ड) जीतेंद्र मिश्रा ने गुरुवार को ट्रस्ट के सदस्यों और पदाधिकारियों के साथ पहली बैठक की. उन्हें ट्रस्ट की लेखा और प्रशासनिक व्यवस्था की जानकारी दी गई. मिश्रा ने राम मंदिर में दर्शन भी किए. ट्रस्ट अब CEO की जिम्मेदारियों और अधिकारों को लेकर SOP तैयार करेगा.
युद्ध रोकने के लिए हरसंभव मदद को तैयार भारत, कीव दौरे पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर का बड़ा बयान
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूक्रेन की राजधानी कीव के अपने महत्वपूर्ण आधिकारिक दौरे के दौरान वैश्विक कूटनीति के मोर्चे पर एक बहुत बड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने दुनिया के सामने यह बात पूरी दृढ़ता के साथ दोहराई है कि भारत रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे इस लंबे और विनाशकारी युद्ध को समाप्त कराने के लिए हरसंभव प्रयास करने और किसी भी प्रकार का रचनात्मक योगदान देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। वर्तमान समय में जब पूरा विश्व भू-राजनीतिक उथल-पुथल, ऊर्जा संकट, आर्थिक अस्थिरता और मानवीय त्रासदी के दौर से गुजर रहा है, ऐसे में भारत का यह रुख पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। नई दिल्ली ने हमेशा से ही इस बात पर जोर दिया है कि किसी भी समस्या का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं बल्कि संवाद और कूटनीति की मेज पर ही निकल सकता है।यह बहुप्रतीक्षित और ऐतिहासिक यात्रा तीन से पांच सितंबर के बीच निर्धारित की गई है, जिसमें विदेश मंत्री यूक्रेन के साथ-साथ पोलैंड के भी दौरे पर हैं। रूस द्वारा यूक्रेन के खिलाफ पूर्णिया सैन्य कार्रवाई और बड़े पैमाने पर हमले शुरू किए जाने के बाद से कीव की धरती पर भारतीय विदेश मंत्री की यह पहली उच्च-स्तरीय यात्रा है। अपनी इस तीन दिवसीय सामरिक और कूटनीतिक यात्रा के दौरान, एस. जयशंकर यूक्रेन के शीर्ष नेतृत्व, प्रमुख समकक्षों तथा पोलैंड के उप प्रधानमंत्री रोडोस्लाव सिकोरस्की के साथ गहन द्विपक्षीय चर्चा कर रहे हैं। इन वार्ताओं का मुख्य उद्देश्य न केवल द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत करना है, बल्कि उन संभावित कूटनीतिक रास्तों की तलाश करना भी है जिनके माध्यम से भारत वैश्विक शांति बहाली के प्रयासों में एक निष्पक्ष और विश्वसनीय मध्यस्थ की भूमिका निभा सके।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शांति संदेश की गूंज: अंतहीन युद्ध से शांति की ओर बढ़ना जरूरीकीव में विदेश मंत्री एस. जयशंकर द्वारा दिया गया यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस वैश्विक शांति आह्वान का सीधा विस्तार है, जो उन्होंने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रमुखता से उठाया था। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के इतर बिश्केक में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि संघर्ष के समाधान के लिए अब समय आ गया है कि दुनिया 'अंतहीन युद्ध से युद्ध की समाप्ति की ओर' आगे बढ़े। प्रधानमंत्री ने बहुत ही संवेदनशीलता के साथ यह बात रेखांकित की थी कि युद्ध में बर्बाद होने वाला प्रत्येक दिन पूरी मानवता को कई कदम पीछे धकेल देता है, जबकि शांति की दिशा में उठाया गया हर छोटा कदम मानव समाज में एक नई उम्मीद, सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह का संचार करता है।भारत की यह कूटनीतिक पहल महात्मा बुद्ध और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की उस पावन भूमि के सिद्धांतों पर आधारित है, जिसने हमेशा पूरी दुनिया को शांति, अहिंसा, करुणा और सह-अस्तित्व का मार्ग दिखाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक समुदाय को यह याद दिलाया है कि आज की तारीख में मानवता की सबसे बड़ी और प्राथमिक पुकार यही है कि तमाम क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय विवादों का शांतिपूर्ण समाधान जल्द से जल्द निकाला जाए। आज ग्लोबल साउथ की एक सशक्त और भरोसेमंद आवाज के रूप में भारत विकासशील और विकसित देशों के बीच संवाद स्थापित करने का एक मजबूत सेतु बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखलाओं की बहाली और आम नागरिकों की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण हमेशा से मानवीय और व्यावहारिक रहा है।क्षेत्रीय सुरक्षा, काला सागर के हालात और भारतीयों की सुरक्षा पर विशेष चिंताविदेश मंत्री एस. जयशंकर की यह कीव यात्रा ऐसे संवेदनशील और तनावपूर्ण समय में हो रही है जब कूटनीतिक हलकों में सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ी हुई हैं। हाल ही में कीव में हुए एक भीषण रूसी हवाई हमले की चपेट में आने से एक भारतीय नागरिक की असामयिक मौत हो गई थी, जिसने भारत सरकार और देशवासियों को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस दुखद घटना के बाद नई दिल्ली ने कड़े शब्दों में अपनी चिंता दर्ज कराई है और विदेश धरती पर रह रहे प्रत्येक भारतीय नागरिक की सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। इसके अलावा, भारत ने काला सागर (Black Sea) के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर मालवाहक और व्यापारिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की है, क्योंकि ये मार्ग वैश्विक व्यापार और खाद्य सामग्री की आपूर्ति के लिए बेहद अहम हैं।इन तमाम जटिल चुनौतियों और क्षेत्रीय भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद, भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy) पर कायम रहते हुए दुनिया भर में शांति और स्थिरता स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भारत का यह स्पष्ट रुख कि वह संघर्ष को समाप्त करने में हरसंभव सहायता देने को तैयार है, युद्धग्रस्त क्षेत्रों में मानवीय सहायता पहुंचाने और शांति के मार्ग को प्रशस्त करने की उसकी मंशा को दर्शाता है। जैसे-जैसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस भीषण संकट का कोई स्थायी समाधान तलाशने का प्रयास कर रहा है, भारत की यह शांतिपूर्ण कूटनीति वैश्विक पटल पर एक नई आशा की किरण बनकर उभर रही है, जो आने वाले समय में पूरी दुनिया को एक स्थिर, सुरक्षित और सहयोगात्मक भविष्य की ओर ले जाने में मील का पत्थर साबित होगी।
इस छोटे से देश ने जब्त किया रूस का 'प्रोफेसर मोल्चानोव', तमतमाये पुतिन
नॉर्वे के इस कदम पर रूस ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. रूसी विदेश मंत्रालय की ओर से इसे ‘पाइरेसी’ बताया गया है. पुतिन ने इसे समुद्री डकैती और लूट करार दिया है. रूस ने कहा कि वह इस कानूनी प्रक्रिया को चुनौती दे रहा है और उसे इस कार्रवाई की पूर्व सूचना नहीं दी गई.
मेरी बेटी 6 महीने से घर बैठी है...दामाद के सपा में जाने पर छलका इमरान मसूद का दर्द
मथुरा में आयोजित 'पंचायत आजतक' के मंच पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद उस वक्त बेहद भावुक हो गए जब उनसे उनके सगे दामाद के समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल होने को लेकर सवाल पूछा गया. इस पर छलका अपना पारिवारिक दर्द बयां करते हुए मसूद ने तीखा हमला बोला और कहा कि सियासत के लिए किसी का घर बर्बाद करना ठीक नहीं है.
BJP अध्यक्ष Nitin Nabin का Uttarakhand दौरा, 2027 चुनावी रणनीति पर मंथन
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 9 और 10 सितंबर को उत्तराखंड के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे हल्द्वानी और रुद्रपुर में कई संगठनात्मक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। अपने दौरे के तहत, नितिन नवीन बीजेपी उत्तराखंड राज्य कार्यसमिति की बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में संगठन से जुड़े अहम मुद्दों, ज़मीनी स्तर पर पार्टी संगठन को मज़बूत करने और आने वाली राजनीतिक चुनौतियों के लिए पार्टी की तैयारियों की समीक्षा करने पर ध्यान दिया जाएगा। इसे भी पढ़ें: 5 करोड़ में Rape केस डील! Punjab CM Bhagwant Mann पर BJP का गंभीर आरोप अपने दौरे के दौरान, नितिन नवीन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से बातचीत करेंगे। उम्मीद है कि चर्चाओं में संगठन के विस्तार, पार्टी के अलग-अलग स्तरों के बीच तालमेल और समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुँच बढ़ाने की कोशिशों पर बात होगी। वह एक सैनिक सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे, जिससे उन्हें सेना के सेवारत और रिटायर्ड सदस्यों से बातचीत करने और रक्षा कर्मियों व उनके परिवारों के कल्याण और योगदान से जुड़े मुद्दों को उठाने का मौका मिलेगा। इसे भी पढ़ें: Kolkata Politics: अभिषेक बनर्जी के ऑफिस में तोड़फोड़ के बाद TMC-BJP में जुबानी जंग तेज, पुलिस ने 6 को किया गिरफ्तार यह दौरा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर नियुक्ति के बाद अलग-अलग राज्यों में नितिन नवीन की चल रही संगठनात्मक गतिविधियों का हिस्सा है। इसका मकसद उत्तराखंड में पार्टी के ढांचे को मजबूत करना और राज्य के नेताओं व कार्यकर्ताओं को रणनीतिक मार्गदर्शन देना है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
एक मर्डर, 4 स्टेट... ऐसे हुआ दिल्ली के गुड्डू बादशाह मर्डर केस का खुलासा
दिल्ली के लाल कुआं में गुड्डू बादशाह की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है. दिल्ली, यूपी, बिहार, तेलंगाना और तमिलनाडु में 12 हजार KM के ऑपरेशन के बाद इस मामले में 8 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं. पढ़ें पूरी कहानी.
राजधानी दिल्ली में होने जा रहे 18वें ब्रिक्स (BRICS) शीर्षक सम्मेलन की व्यापक तैयारियों के मद्देनजर दिल्ली और नई दिल्ली में स्थित सभी केंद्र सरकारी कार्यालय 11 सितंबर 2026, शुक्रवार को बंद रहेंगे। चूंकि 12 और 13 सितंबर क्रमशः शनिवार और रविवार हैं, इसलिए कर्मचारियों और आम नागरिकों को लगातार तीन दिन का लंबा सप्ताहांत मिलने जा रहा है।
मध्य प्रदेश में सरकरी अफसरों के आए दिन भ्रष्टाचार के मामलों के बीच भाजपा के सीनियर नेता और दमोह विधायक जयंत मलैया ने सिस्टम के भ्रष्टाचार की पोल खोलकर रख दी है। पूर्व मंत्री जयंत मलैया ने अधिकारियों-कर्मचारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों और नगर पालिका ...
2027 में गुर्जर वोट किसके साथ, सोमेंद्र तोमर ने बता दिया आंकड़ा
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले गुर्जर वोट को लेकर सियासी हलचल तेज है. समाजवादी पार्टी की ओर से गुर्जर समाज में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिशों के बीच बीजेपी के सामने अपने इस वोट बैंक को साथ बनाए रखने की चुनौती है.
कंपाउंडर की झाड़ियों में मिली खून से लथपथ लाश, पिता ने जताया हत्या का शक
दरभंगा के बहेड़ा थाना क्षेत्र में करीब 30 वर्षीय युवक का शव घर से महज 200 मीटर दूर झाड़ियों में खून से लथपथ मिला. चेहरे पर धारदार हथियार के कई निशान थे. परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है. घटना से नाराज ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया. पुलिस ने FSL और खोजी कुत्ते की मदद से जांच शुरू कर दी है.
'वंदे मातरम' को लेकर चल रहे विवाद के बीच एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो के एक बयान ने नई बहस छेड़ दी है। गीतांजलि ने सवाल उठाया था कि लोग कह रहे हैं कि वंदे मातरम के बाद के छंदों में हिंदू देवताओं का जिक्र है, तो दूसरे धर्मों के लोग इसे कैसे गा सकते हैं? तो क्या अगर कोई हिंदू सूफी कविता गाएगा तो उसका धर्म भ्रष्ट हो जाएगा। उनके इस बयान पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
वोडाफोन के कुत्ते की तरह पीछे-पीछे नहीं चल सकती पत्नी; हाईकोर्ट ने तलाक पर लगा दी मुहर
फैमिली कोर्ट ने उसकी याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि पति खुद काम के सिलसिले में पत्नी को छोड़कर बाहर गया था और वह अपनी ही गलती का फायदा उठा रहा है।
मौलवी की आलोचना कर फंसे केरल सीएम सतीशन, इस्लामिक स्कॉलर्स ने साधा निशाना
केरल में महिलाओं पर विवादित टिप्पणी करने वाले मौलवी की आलोचना करने के बाद केरल सीएम सतीशन घिर गए हैं। गुरुवार को उनसे मिलने के लिए आए इस्लामिक स्कॉलर्स ने नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा।
नई दिल्ली में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में हुई हिमालयी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की उच्चस्तरीय बैठक ऐसे समय में हुई है, जब नेपाल में हाल में आई भीषण हिमालयी आपदा ने पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर चेतावनी पैदा कर दी है। हम आपको बता दें कि नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में अगस्त के अंत में ग्लेशियर और चट्टानी हिस्से के विशाल ढहाव के बाद आई विनाशकारी बाढ़ ने हजारों लोगों को प्रभावित किया है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार मृतकों की संख्या एक हजार से अधिक हो चुकी है और हजारों लोग अब भी लापता हैं। इस पृष्ठभूमि में भारत द्वारा ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) और हिमस्खलन के खतरों पर की गई यह समीक्षा बदलते हिमालयी पर्यावरण के सामने एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय रणनीतिक पहल है। हम आपको बता दें कि बैठक में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिवों तथा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के प्रतिनिधियों के साथ गृह मंत्रालय, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, केंद्रीय जल आयोग, भारत मौसम विज्ञान विभाग और रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। केंद्रीय गृह सचिव ने विशेष रूप से संवेदनशील ग्लेशियल झीलों, हिमस्खलन संभावित क्षेत्रों और संभावित जल-प्रवाह मार्गों की निरंतर एवं सक्रिय निगरानी पर जोर दिया। इसे भी पढ़ें: भावी संकट की पूर्व चेतावनी है नेपाल त्रासदी देखा जाये तो नेपाल की ताजा त्रासदी ने इस आवश्यकता को और स्पष्ट कर दिया है। वैज्ञानिक अध्ययनों और उपग्रह विश्लेषणों के अनुसार यह घटना सामान्य नदी-बाढ़ नहीं थी। नेपाल के लांगटांग क्षेत्र के निकट ग्लेशियर और चट्टान का एक बड़ा हिस्सा ढहा, जिसके बाद बर्फ, पानी, चट्टानों और मलबे का विशाल प्रवाह संकरी हिमालयी घाटियों से नीचे आया और विनाशकारी फ्लैश फ्लड में बदल गया। वैज्ञानिकों का मानना है कि बढ़ते तापमान, ग्लेशियरों के पिघलने और पर्माफ्रॉस्ट के कमजोर होने से ऊंचाई वाले पर्वतीय ढलान अधिक अस्थिर हो रहे हैं। हालांकि किसी एक घटना को सीधे जलवायु परिवर्तन से जोड़ने के लिए विस्तृत वैज्ञानिक जांच आवश्यक होती है, लेकिन गर्म होते हिमालय में ऐसी घटनाओं की संभावना बढ़ने पर व्यापक वैज्ञानिक सहमति है। नेपाल पहले भी ऐसे खतरों का सामना कर चुका है। वर्ष 2024 में थामे घाटी में ग्लेशियल झीलों के टूटने से भारी तबाही हुई थी। ICIMOD की जांच में पाया गया कि एक विशाल रॉक एवलांच ने ग्लेशियल झील में गिरकर घटनाओं की श्रृंखला शुरू की, जिसके बाद झीलों से भारी मात्रा में पानी निकला और मलबा लगभग 80 किलोमीटर नीचे तक पहुंचा। यही कारण है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की बैठक में केवल राहत और बचाव नहीं, बल्कि Risk-informed Planning, निवारक शमन और सामुदायिक तैयारी पर जोर दिया गया। राज्यों को संवेदनशील झीलों की निगरानी, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली मजबूत करने, चेतावनी को अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचाने, जल-प्रवाह मार्गों की पहचान करने और निकासी योजनाओं को व्यावहारिक बनाने की सलाह दी गई। वैसे यह चिंता केवल नेपाल तक सीमित नहीं है। वैज्ञानिक शोध बताता है कि तथाकथित ‘थर्ड पोल’ यानि तिब्बती पठार और आसपास के हिमालयी क्षेत्रों में GLOF गतिविधियां बढ़ी हैं। एक अध्ययन के अनुसार दक्षिण-पूर्वी तिब्बत और चीन-नेपाल सीमा क्षेत्र में पिछले दशक में जोखिम विशेष रूप से बढ़ा है और संभावित GLOF से हजारों इमारतों, सड़कों, पुलों तथा 100 से अधिक जलविद्युत परियोजनाओं को खतरा हो सकता है। चीन के तिब्बती क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा विशाल बुनियादी ढांचा और जलविद्युत विकास भी इस बहस को महत्वपूर्ण बनाता है। चीन ने निचले यारलुंग जांगबो पर दुनिया की सबसे बड़ी प्रस्तावित जलविद्युत परियोजना का निर्माण शुरू किया है। यह नदी आगे भारत में ब्रह्मपुत्र के रूप में प्रवेश करती है। परियोजना के पर्यावरणीय, पारिस्थितिक और सीमा-पार प्रभावों को लेकर भारत सहित डाउनस्ट्रीम देशों में चिंताएं व्यक्त की गई हैं। इसे सीधे नेपाल की आपदा का कारण कहना वैज्ञानिक रूप से उचित नहीं होगा, लेकिन तेजी से गर्म होते, भूकंपीय रूप से सक्रिय और भूगर्भीय रूप से नाजुक हिमालय में बड़े पैमाने पर निर्माण और जलविद्युत विस्तार के लिए अत्यंत कठोर पर्यावरणीय तथा आपदा-जोखिम आकलन आवश्यक हैं। भारत के लिए यह खतरा काल्पनिक नहीं है। 2023 की सिक्किम आपदा ने दिखाया कि हिमालयी झीलों में अस्थिरता कितनी तेजी से विनाशकारी रूप ले सकती है। ICIMOD के वैज्ञानिक अध्ययन में जलवायु परिवर्तन, पर्माफ्रॉस्ट के पिघलने और मोरेन की अस्थिरता को उस आपदा के महत्वपूर्ण कारकों में शामिल किया गया था। इसी संदर्भ में केंद्र सरकार ने 2024 में अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम और उत्तराखंड के लिए 150 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय GLOF जोखिम शमन परियोजना को मंजूरी दी थी। केंद्र का हिस्सा 135 करोड़ रुपये है। गृह सचिव ने अब राज्यों को इस परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने का स्पष्ट निर्देश दिया है। बैठक का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही है कि हिमालयी आपदाओं से मुकाबला केवल आपदा आने के बाद राहत पहुंचाकर नहीं किया जा सकता। वैज्ञानिक निगरानी, उपग्रह और जमीनी आंकड़ों का समन्वय, समयबद्ध चेतावनी, जिला प्रशासन की तत्परता, सुरक्षित निकासी मार्ग और प्रशिक्षित स्थानीय समुदाय, ये सभी एक ही सुरक्षा श्रृंखला के हिस्से हैं। बहरहाल, नेपाल की त्रासदी ने दिखा दिया है कि हिमालय में आपदा की शुरुआत ऊंचे, दूरस्थ और कभी-कभी सीमा-पार क्षेत्रों से होती है, लेकिन उसका असर सैकड़ों किलोमीटर दूर बसे लोगों तक पहुंच सकता है। इसलिए भारत की यह बैठक महत्वपूर्ण है क्योंकि यह प्रतिक्रिया-केंद्रित व्यवस्था से आगे बढ़कर पूर्वानुमान, रोकथाम, जोखिम आधारित विकास और अंतर-एजेंसी समन्वय की दिशा में संकेत देती है। हिमालय अब केवल प्राकृतिक सौंदर्य और जलस्रोत का प्रश्न नहीं है, वह भारत और पूरे दक्षिण एशिया की जल, ऊर्जा, पर्यावरण और मानव सुरक्षा का केंद्रीय प्रश्न बन चुका है। -नीरज कुमार दुबे
केरल के मुस्लिम धर्मगुरु कांथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार की महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणियों को लेकर विवाद गुरुवार को और बढ़ गया, जब मुस्लिम विद्वानों ने इस मुद्दे पर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर करने के लिए मुख्यमंत्री वीडी सतीसन से मुलाक़ात की। जहाँ एक तरफ़ कांथापुरम के नेतृत्व वाले मुस्लिम गुट के नेताओं ने सतीसन से मुलाक़ात की, वहीं दूसरी तरफ़ एक अन्य प्रमुख मुस्लिम नेता ने कांथापुरम का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणियाँ इस्लामी धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप थीं।यह घटनाक्रम तब हुआ जब सतीसन ने भारत के ग्रैंड मुफ़्ती कांथापुरम की कड़ी आलोचना की। कांथापुरम ने कहा था कि महिलाओं को घरों में ही रहना चाहिए और सार्वजनिक जगहों पर नहीं आना चाहिए, साथ ही चेतावनी दी थी कि महिलाओं को सार्वजनिक जगहों पर लाने से भारी तबाही होगी। इसे भी पढ़ें: Kanthapuram की महिला विरोधी टिप्पणी खारिज: CM Satheesan बोले- यह Progressive Keralam के खिलाफ सतीसन ने इन बयानों को इस्लाम में महिलाओं के इतिहास और आधुनिक समाज व केरल के मूल्यों के खिलाफ़ बताते हुए खारिज कर दिया। हालाँकि, उनकी इन टिप्पणियों की वजह से अब मुस्लिम धार्मिक नेतृत्व के कुछ वर्गों की ओर से उनकी आलोचना हो रही है।इस्लामिक इतिहास का ज़िक्र करते हुए, सथीसन ने पैगंबर मुहम्मद की पहली पत्नी खदीजा और उनकी एक और पत्नी आयशा का उदाहरण देते हुए कहा कि महिलाओं ने सार्वजनिक जीवन में अहम भूमिका निभाई थी। मुख्यमंत्री ने कहा पैगंबर की पहली पत्नी खदीजा एक बड़ी बिजनेसवुमन थीं। पैगंबर की एक और पत्नी आयशा ने 'बैटल ऑफ़ द कैमल' (ऊंट की लड़ाई) में हिस्सा लिया था। वह कमांडर-इन-चीफ़ थीं। इसे भी पढ़ें: एलडीएफ को कमजोर नहीं होने देगी भाकपा, बातचीत से सुलझेगा विवाद: बिनॉय विश्वम उन्होंने कहा हम 21वीं सदी में 19वीं सदी जैसी सोच ज़ाहिर करने का कड़ा विरोध करते हैं। हमारा प्रगतिशील नज़रिया यह है कि महिलाओं को सिर्फ़ घर तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें ज़िंदगी के हर पहलू में हिस्सा लेना चाहिए और मुख्यधारा का हिस्सा बनकर जीना चाहिए। इन बयानों के बाद, कांथपुरम के नेतृत्व वाले गुट के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार रात मुख्यमंत्री से मुलाकात की और उन पर इस्लामी इतिहास की गलत व्याख्या करने का आरोप लगाया, खासकर खदीजा और आयशा के संदर्भ में। इसे भी पढ़ें: आयोजक की आपराधिक पृष्ठभूमि के चलते Chenthi कार्यक्रम में नहीं गया: VD Satheesan नेताओं ने कहा कि बैठक पहले से तय थी, लेकिन बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री की टिप्पणियां एक अहम मुद्दा बन गईं। खबरों के अनुसार, बैठक के दौरान सतीसन अपनी पहले की बात पर कायम रहे। हालांकि, मुख्यमंत्री कार्यालय ने बातचीत में क्या हुआ, इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। सतीसन की टिप्पणियों की मुस्लिम धार्मिक नेतृत्व के कुछ वर्गों ने आलोचना की है। केरल के सबसे बड़े मुस्लिम संगठनों में से एक, समस्था केरल जेम-इय्यथुल उलेमा के अध्यक्ष जिफरी मुथुकोया थंगल ने मुख्यमंत्री पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि आस्था के मामलों पर बोलने के लिए धार्मिक विद्वानों को कमतर नहीं आंका जाना चाहिए।
Abhishek Banerjee के Kolkata दफ्तर में तोड़फोड़, TMC ने लगाया anarchy का आरोप
(फाइल फोटो के साथ)नयी दिल्ली, तीन सितंबर कोलकाता की ‘कैमक स्ट्रीट’ पर बृहस्पतिवार को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कार्यालय में नकाबपोश लोगों द्वारा कथित तौर पर तोड़फोड़ किये जाने के बाद पार्टी सांसदों--महुआ मोइत्रा और सौगत राय ने पश्चिम बंगाल में ‘पूरी तरह से अराजकता होने’ की शिकायत की। मोइत्रा और लोकसभा में पार्टी के उपनेता राय ने यहां प्रेसवार्ता में आरोप लगाया कि तड़के करीब साढ़े चार बजे लगभग 25 लोग दफ्तर में घुस गये, उन्होंने सुरक्षागार्डों को बंधक बना लिया तथा छठी एवं सातवीं मंजिल पर जमकर तोड़फोड़ की। तृणमूल ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने प्रवेश द्वार एवं शीशे तोड़ दिये तथा कंप्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर एवं अन्य उपकरणों को नुकसान पहुंचाया। उसने यह भी आरोप लगाया कि बदमाश परिसर से टेलीविजन स्क्रीन, ‘एयर प्यूरीफ़ायर’ और लैपटॉप ले गए तथा उन्होंने दफ़्तर में दस्तावेज एवं अन्य सामान बिखेर दिया। मोइत्रा ने कहा कि सुरक्षा गार्डों को धमकाया गया और उनसे उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए तथा हमलावरों ने तोड़-फोड़ शुरू करने से पहले सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए। उन्होंने कहा, ‘‘आज बंगाल में अराजकता की ऐसी स्थिति है कि लगता है हम किसी ऐसे अशांत/व्यवस्थाविहीन राज्य में रह रहे हैं जहां तख्तापलट हो चुका है।’’उन्होंने इस घटना को कोलकाता के बीचों-बीच तृणमूल के संगठनात्मक दफ्तर पर हमला बताया। कृष्णानगर की सांसद मोइत्रा ने कहा कि तृणमूल ने सुबह करीब साढ़े चार बजे से ही बार-बार पुलिस से संपर्क किया, लेकिन पुलिसकर्मी सुबह करीब साढ़े छह एवं सात बजे के बीच वहां पहुंचे और वह भी तब जब पार्टी के वकील थाने गए। उन्होंने कहा कि इस घटना के सिलसिले में छह लोगों को पकड़ा गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पकड़े गए लोग वही हैं जो दफ्तर में घुसे थे। मोइत्रा ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी ने घंटों तक कोई कार्रवाई नहीं की तथा बाद में उसने पार्टी सदस्यों को नुकसान का जायजा लेने के लिए प्रभावित मंजिलों पर जाने से भी रोका। तृणमूल ने आरोप लगाया है कि इस हमले के पीछे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता थे। हालांकि भारतीय जनता पार्टी ने इस आरोप से इनकार किया है और घटना को सुनियोजित बताया है। यह घटना बनर्जी के कैमक स्ट्रीट कार्यालय के आस-पास तनाव बढ़ जाने के बीच हुई है। यह तनाव पिछले हफ़्ते तृणमूल नेताओं-कार्यकर्ताओं और कोलकाता पुलिस के जवानों के बीच हुई झड़प के बाद बढ़ा था। यह झड़प इस इमारत की छत से कथित तौर पर बिना मंजूरी के लगाए गए एक ‘बिलबोर्ड’ को हटाने के दौरान हुई थी। उस टकराव के सिलसिले में तीन प्राथमिकी दर्ज की गईं, जिनमें नामजद लोगों में बनर्जी और तृणमूल के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ ब्रायन का उल्लेख है। बनर्जी मंगलवार को कोलकाता पुलिस के सामने पेश हुए, जबकि ओ ब्रायन से बुधवार को पुलिस ने घंटों पूछताछ की थी। मोइत्रा ने कहा कि इस ताज़ा घटना को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने पुलिस के बर्ताव पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि तृणमूल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि को पत्र लिखकर पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के साथ तत्काल मुलाकात का समय मांगा है ताकि उन्हें घटना और राज्य के हालात के बारे में जानकारी दी जा सके।
राहुल गांधी का इंदौर दौरा स्थगित:
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का आगामी इंदौर दौरा स्थगित हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इंदौर में कार्यक्रम को परमिशन नहीं मिली जिसको लेकर अब राजनीतिक गलियारों में घमासान छिड़ गया है। दरअसल, इंदौर में होने वाला 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम अब एक हफ्ते के लिए टाल दिया गया है। यह कार्यक्रम पहले 12 सितंबर को आयोजित होना था जिसे अब 19 सितंबर के लिए स्थगित कर दिया गया है।
यूपी की पिंडरा सीट के सियासी समीकरण, जहां से ताल ठोकेंगे अजय राय
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने 2027 का विधानसभा चुनाव वाराणसी की पिंडरा सीट से लड़ने का ऐलान किया है. पिंडरा अजय राय का पुराना सियासी गढ़ रहा है, जहां से वह पांच बार विधायक रह चुके हैं. 2017 और 2022 में भाजपा के डॉ. अवधेश सिंह से हारने के बाद अब अजय राय की नजर अपने पुराने गढ़ को वापस हासिल करने पर है. कुर्मी-पटेल, दलित, ब्राह्मण-भूमिहार, यादव और मुस्लिम मतदाताओं वाले इस क्षेत्र का जातीय समीकरण चुनाव को दिलचस्प बनाएगा.
रात 10 बजे के बाद ट्रेन में टीटीई द्वारा टिकट जांच को लेकर रेलवे के नियम स्पष्ट हैं। यदि यात्री रात में बोर्ड करता है तो टीटीई जांच कर सकता है।
Assam Congress ने Akhil Gogoi की Raijor Dal से तोड़ा गठबंधन, अनुशासनहीनता का आरोप
असम कांग्रेस ने गुरुवार को अखिल गोगोई की अगुवाई वाली 'रायजोर दल' के साथ अपना राजनीतिक गठबंधन औपचारिक रूप से खत्म कर दिया। कांग्रेस ने इस क्षेत्रीय पार्टी पर विपक्षी गठबंधन के नियमों और सिद्धांतों का बार-बार उल्लंघन करने का आरोप लगाया। यह फैसला तुरंत लागू हो गया है और इसे असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) के अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के उप-नेता गौरव गोगोई के निर्देश पर लिया गया। इसे भी पढ़ें: 5 करोड़ में Rape केस डील! Punjab CM Bhagwant Mann पर BJP का गंभीर आरोप इस फैसले की घोषणा करते हुए APCC के महासचिव (संगठन) रमन्ना बरुआ ने एक संगठनात्मक सर्कुलर जारी किया। कांग्रेस ने कहा कि यह गठबंधन लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले क्षेत्रीय और वामपंथी दलों (जिनमें राइजर दल भी शामिल था) को एक साथ लाने के लिए बनाया गया था। इसका मकसद उन ताकतों के खिलाफ एकजुट विपक्ष पेश करना था जिन्हें कांग्रेस ने 'सांप्रदायिक ताकतें' बताया था। हालांकि, पार्टी ने आरोप लगाया कि गठबंधन के दौरान राइजर दल के नेताओं ने दुर्भावनापूर्ण प्रचार और व्यक्तिगत हमलों के जरिए बार-बार कांग्रेस को निशाना बनाया। कांग्रेस पार्टी ने क्षेत्रीय पार्टी के नेतृत्व पर विपक्षी समूह में शामिल अन्य दलों के नेताओं के खिलाफ बेबुनियाद, अनुचित और अपमानजनक टिप्पणी करने का भी आरोप लगाया। कांग्रेस के मुताबिक, ऐसी घटनाओं ने गठबंधन सहयोगियों के बीच आपसी समझ को कमजोर कर दिया और आखिरकार राइजर दल के साथ राजनीतिक संबंध बनाए रखना असंभव हो गया। यह फैसला हाल के दिनों में दोनों पार्टियों के बीच हुई तीखी सार्वजनिक बहस के बाद लिया गया है। रविवार को APCC ने अखिल गोगोई की टिप्पणियों की आलोचना की थी और उन पर गठबंधन के अनुशासन का पालन न करने का आरोप लगाया था। इसे भी पढ़ें: Kolkata Politics: अभिषेक बनर्जी के ऑफिस में तोड़फोड़ के बाद TMC-BJP में जुबानी जंग तेज, पुलिस ने 6 को किया गिरफ्तार एक जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में, असम प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष मीरा बोरठाकुर और APCC के मीडिया और कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन बेदाब्रत बोरा ने गोगोई के बर्ताव पर सवाल उठाए और उन्हें सरकारी एजेंट की तरह काम करने के आरोप को लेकर चेतावनी दी। बोरा ने गौरव गोगोई और विपक्ष के पूर्व नेता देबब्रत सैकिया का बचाव करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता राज्य में बाढ़ राहत और पुनर्वास के कामों में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
मुख्तार अंसारी के चचेरे भाई मंसूर अंसारी को कोर्ट से बड़ी राहत
यूपी के गाजीपुर में माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के चचेरे भाई मंसूर अंसारी को अदालत से बड़ी राहत मिली है. प्रशासन ने कोर्ट के आदेश पर मोहम्मदाबाद स्थित अफजाल अंसारी कटरा की 18 सील दुकानों के ताले खोलकर संपत्ति उन्हें सौंप दी है.
हम निकाल देंगे फंसे मजदूर- सिलक्यारा वाले रैट माइनर्स का नेपाल को ऑफर
2023 में सिलक्यारा टनल रेस्क्यू के रैट माइनर्स ने नेपाल में बाढ़ प्रभावित हाइड्रोपावर टनलों में फंसे मजदूरों को बचाने की पेशकश की है. करीब 500 मजदूर सुरंगों में फंसे बताए जा रहे हैं.
Delhi Police ने CSC Wallet से साइबर ठगी करने वाले 3 शातिरों को UP से पकड़ा
नयी दिल्ली, तीन सितंबर उत्तर दिल्ली पुलिस ने 72 वर्षीय बुजुर्ग के साथ करीब दो लाख रुपये की साइबर ठगी करने के आरोप में ‘कॉमन सर्विस सेंटर’ (सीएससी) वॉलेट संचालक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि आरोपियों की पहचान आशीष कुमार (24), अमित कुमार (23) और उमेश चंद (37) के रूप में हुई है और उन्हें उत्तर प्रदेश के क्रमश: शाहजहांपुर, हरदोई और लखीमपुर खीरी जिलों से पकड़ा गया है। उत्तर दिल्ली की पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) निहारिका भट्ट ने कहा कि अबतक की जांच में बरामद खातों के माध्यम से 2.50 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन का पता चला है, जबकि विभिन्न राज्यों से पांच साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें इनसे जुड़ी हुई हैं। पुलिस के अनुसार, ये गिरफ्तारियां दिल्ली निवासी बुजुर्ग व्यक्ति के साथ हुई ठगी की जांच के दौरान हुई है। पीड़ित ने सौर ऊर्जा कनेक्शन के लिए आवेदन किया था और अपने मौजूदा टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) के बिजली कनेक्शन पर नाम बदलने की प्रक्रिया शुरू की थी। पुलिस ने कहा कि 18 जुलाई को, पीड़ित को एक व्यक्ति का फोन आया और उसने खुद को बिजली कनेक्शन में नाम बदलने की प्रक्रिया से जुड़ा बताया और पीड़ित को 13 रुपये का अतिरिक्त भुगतान करने को कहा। पुलिस के मुताबिक, फोन करने वाले ने व्हाट्सऐप पर एक एपीके फाइल भेजी और पीड़ित को इसे डाउनलोड करने और भुगतान करने को कहा। पुलिस ने बताया कि इसके बाद जालसाज़ों ने पीड़ित का फोन हैक करके उनके बैंक खाते से 1.99 लाख रुपये उड़ा लिए। बाद में एक ई- प्राथमिकी दर्ज की गई और जांच शुरू की गई। डीसीपी ने कहा कि एक टीम ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, आईएमईआई विवरण, आईपी लॉग और वित्तीय लेनदेन का विश्लेषण किया और लगभग 100 संदिग्ध मोबाइल नंबरों और संबंधित उपकरणों पर निगरानी रखी। भट्ट ने कहा कि तकनीकी जांच से पुलिस टीम शाहजहांपुर, हरदोई और लखीमपुर खीरी तक पहुंची, जहां से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि जांच में यह सामने आया कि ठगी गई रकम को एक ‘पेमेंट गेटवे’ के माध्यम से एक सीएससी व्यापारी के खाते में भेजा गया और इसके बाद उसे बाद में आशीष कुमार जनसेवा केंद्र के नाम पर पंजीकृत सीएससी वॉलेट में स्थानांतरित कर दिया गया। अधिकारी ने बताया कि आशीष के नाम पर सीएससी लाइसेंस था, लेकिन वह केंद्र का संचालन नहीं कर रहा था और उसने अमित कुमार के साथ अपना ‘वॉलेट आईडी’ और पासवर्ड साझा किया था। डीसीपी ने बताया कि अमित ने सीएससी वॉलेट, पासवर्ड और बैंक खाते हासिल किए तथा उनसे जुड़े मोबाइल नंबरों को फर्जी नंबरों से बदल दिया। इसके अलावा, पोर्टिंग के दौरान ग्राहकों को जारी किए गए सिम कार्ड भी उसने अपने पास रख लिए और उनका दुरुपयोग सीएससी वॉलेट संचालित करने तथा धोखाधड़ी वाले लेन-देन को अंजाम देने में किया। पुलिस के मुताबिक, उसने उमेश को वॉलेट विवरण दिया और जमा राशि पर पांच प्रतिशत कमीशन पर यह सौदा हुआ। उमेश ने एक अन्य सहयोगी, राम दास के साथ विवरण साझा किया। अधिकारी ने कहा कि आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन, 20 सिम कार्ड, नौ पासबुक, छह चेक बुक, 15 डेबिट/क्रेडिट कार्ड और एक बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट मशीन बरामद की गई। पुलिस ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है।
तेलंगाना की मंत्री को हटाया, बेटी ने CM रेवंत के खिलाफ दिया था बयान
प्रदेश कांग्रेस के अंदर चल रहे विवाद ने तेलंगाना में नया मोड़ लिया है. दरअसल, CM ए रेवंत रेड्डी ने मंत्री कोंडा सुरेखा को मंत्रिमंडल से हटाने की सिफारिश राज्यपाल को भेजी है. मंत्री के खिलाफ ये कार्रवाई उनकी बेटी के बयान के बाद की गई. हालांकि सुरेखा ने बेटी के बयान से खुद को अलग किया है, लेकिन पार्टी में नाराजगी बढ़ी है.
तेलंगाना की मंत्री को पद से हटाया, बेटी ने सीएम रेवंत रेड्डी के खिलाफ दिया था बयान
तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस के अंदर चल रहा विवाद अब और बढ़ गया है. मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने राज्य की मंत्री कोंडा सुरेखा को मंत्रिमंडल से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. सुरेखा को तत्काल प्रभाव से मंत्रिपरिषद से हटाने की सिफारिश राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला को भेज दी गई है. इस कदम से तेलंगाना कांग्रेस में चल रही खींचतान खुलकर सामने आ गई है.
स्टार प्लस के सोशल मीडिया पर कई दिनों से छाया बात खटकी का सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया है. यह मुहिम अनिल कपूर के नए रियलिटी शो 'इंडिया के टॉप 1%' से जुड़ी थी.
अब देश के छोटे शहरों का सफर होगा आसान, क्षेत्रीय एयरलाइन Fly91 ने दिए 40 नए ATR-72 विमानों के ऑर्डर
क्षेत्रीय एयरलाइन Fly91 ने छोटे शहरों तक हवाई सफर आसान बनाने के लिए 40 नए ATR 72-600 टर्बोप्रॉप विमानों का ऑर्डर दिया है।
टॉक्सिक की डायरेक्टर गीतू मोहन दास ने ट्वीट कर जानकारी दी कि अब उनकी फिल्म री रिलीज हो रही है. खास बात ये है कि ये वर्जन थोड़ा छोटा होगा. हालांकि फैन्स इस खबर से खासे खुश नजर नहीं आ रहे हैं.
'आवारापन 2' में इमरान और दिशा की आवाज के पीछे है इस शख्स का हाथ
इमरान हाशमी फिल्म 'आवारपन-2' सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। गुरुवार को वॉयस-ओवर कलाकार विजय विक्रम सिंह ने बताया कि उन्होंने फिल्म के कलाकार इमरान हाशमी और दिशा पाटनी की आवाज में परिवर्तन के लिए काम किया था।
सरकारी बाबुओं के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर कस सकती है नकेल, बताया जाएगा- क्या करें, क्या न करें
केंद्र सरकार सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए नई सोशल मीडिया आचार संहिता लाने पर विचार कर रही है.
BRICS समिट के कारण दिल्ली सरकार ने 11 सितंबर को सभी सरकारी दफ्तरों और PSU में छुट्टी का ऐलान किया
दिल्ली में इस दिन सभी सरकारी कार्यालय, स्वायत्त निकाय और सार्वजनिक उपक्रम बंद रहेंगे। लोगों को जरूरी काम पहले ही निपटाने की सलाह दी गई है.
दिल्ली की 20 वर्षीय छात्रा के पेट से ऑपरेशन में 1.16 किलो बालों का गुच्छा निकाला गया. जानिए ट्राइकोफेगिया, इसके लक्षण और खतरे.
2019 में भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अपने साहस और जज्बे से देशभर में पहचान बनाने वाले पूर्व ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्तमान ने भारतीय वायुसेना से रिटायरमेंट ले लिया है। करीब दो दशक तक एयरफोर्स में सेवा देने के बाद अब उनके करियर ने एक नया मोड़ लिया है। अभिनंदन ने गोवा की प्राइवेट एयरलाइन FLY91 जॉइन कर ली है। अब वह यात्री विमान उड़ाते नजर आएंगे।
ओडिशा में 'शोले' जैसा हाई ड्रामा, टावर पर चढ़ा युवक
ओडिशा के देवगढ़ में पत्नी से विवाद के बाद एक युवक करीब 60 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया. पत्नी के मायके जाने से परेशान युवक ने नीचे मौजूद लोगों से उसे वापस लाने की मांग की और टावर से कूदने की धमकी दी. सूचना पर पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे. छह दमकलकर्मियों ने करीब सात घंटे की मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतारा और अस्पताल पहुंचाया.
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Bharwan Tamatar: अगर आप भी रोज-रोज वही हरी सब्जी या दाल खाकर बोर हो चुके हैं तो आज हम आपको शादी वाले भरवां टमाटर की टेस्टी और चटपटी सब्जी बनाने का तरीका बता रहे हैं.
7900mAh की बैटरी और 2TB का सपोर्ट, Redmi 17 5G भारत में लॉन्च
Xiaomi ने भारत में एक नया और अफोर्डेबल स्मार्टफोन लॉन्च कर दिया है, जिसका नाम Redmi 17 5G है. भारत में इसको दो वेरिएंट में पेश किया गया है. इसमें 7900mAh की बैटरी, 50MP का कैमरा और 2TB तक का माइक्रोएसडी कार्ड लगा सकेंगे.
एक मीटिंग कॉल से PayPal ने 600 इंडियन कर्मचारियों को निकाला!
PayPal ने भारत में अपने कार्यबल का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा, यानी करीब 600 कर्मचारियों को निकाल दिया है। यह कदम कंपनी के वैश्विक पुनर्गठन योजना का हिस्सा है, जिसके तहत दुनिया भर में नौकरियों में कटौती की जा रही है। प्रभावित कर्मचारियों को बिना पूर्व सूचना के निकाला गया, जिससे वे असंतुष्ट हैं।
मेरे कपड़े गीले हो जाते... इस डर से बहन को बचाने पूल में नहीं कूदा शख्स
एक शख्स अपने सामने अपनी छोटी बहन को पूल में डूबता देखता रहा. उसने उसे पानी में कूदकर बचाने की बजाय एक प्लास्टिक का खिलौना आगे बढ़ा दिया, ताकि वह उसे पकड़कर बचकर निकल सके.
कुछ लोग खौलते तेल में हाथ कैसे डाल लेते हैं? क्यों नहीं जलते हैं हाथ
खौलते तेल में हाथ डालने के बावजूद कुछ लोगों का हाथ तुरंत क्यों नहीं जलता? इसके पीछे किसी जादू या खास शक्ति का नहीं, बल्कि लाइडेनफ्रॉस्ट इफेक्ट का हाथ होता है. हाथ पर मौजूद पानी बहुत गर्म तेल के संपर्क में आने पर तेजी से भाप में बदल सकता है.
65 साल पुराना ये गाना टीचर्स डे यानी 5 सितंबर के मौके के लिए एकदम फिट बैठता है. यही नहीं, हेमंत कुमार की आवाज वाला यह गीत आज भी स्कूल कार्यक्रमों की शान है.

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