पटना में युवक की हत्या से बवाल, 20 बाइकर्स ने घेरकर मारी गोली
पटना के दिदारगंज थाना क्षेत्र के शुकुलपुर में गुलशन कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई. उसके साथी आलोक के मुताबिक करीब 20 बाइकर्स ने उन्हें घेर लिया था. गुलशन के सिर और पीठ में गोली लगी. हत्या के बाद आक्रोशित लोगों ने NH-30 पर आगजनी कर सड़क जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित हुआ.
भारत में स्टारलिंक बेचने निकले मस्क, US में क्यों बैन हैं ये कंपनियां?
एलन मस्क सवाल उठाते हैं कि भारत में स्टारलिंक को इंटरनेट मुहैया कराने का लाइसेंस नहीं दिया जा रहा है. लेकिन सुरक्षा का हवाला देकर खुद यही नीति अपनाने में अमेरिका गुरेज नहीं करता है. अमेरिका कई कंपनियों के टेलीकॉम उपकरण, सर्विलांस कैमरे, एंटीवायरस सॉफ्टवेयर, चिप्स इस्तेमाल नहीं करता. ऐसे प्रतिबंध मुख्य रूप से सरकारी और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर सबसे सख्त हैं.
CJP प्रदर्शन से पहले दिल्ली छावनी में तब्दील, 35 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन की तैयारी तेज हो गई है
पेंग्विन की दुनिया उजड़ी! 14 साल में 6.8 लाख पक्षी कम हुए
अंटार्कटिका के जिस द्वीप पर कभी दुनिया की सबसे बड़ी पेंग्विन कॉलोनी थी, वहां अब इनकी संख्या तेजी से घट रही है. नई स्टडी के मुताबिक, समुद्र का बढ़ता तापमान और भोजन की तलाश इन पेंग्विन के लिए बड़ी चुनौती बन रहे हैं.
शारदीय नवरात्र 2026: जानें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
मां दुर्गा की आराधना का पावन पर्व शारदीय नवरात्र इस साल 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा. नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में भक्त माता के नौ स्वरूपों की पूजा करेंगे और सुख-समृद्धि की कामना करेंगे. पहले दिन घटस्थापना के साथ पूजा की शुरुआत होगी. सुबह 6:19 से 10:12 बजे तक कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त रहेगा. वहीं, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 से दोपहर 12:31 बजे तक है. 20 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी.
शनि ने बदला नक्षत्र, 5 महीने तक 5 राशि वालों की चमकी किस्मत
Shani Nakshatra Parivartan 2026: 9 अक्टूबर 2026 को शनि ने उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश किया है. शनि के इस नक्षत्र परिवर्तन से 5 राशियों को करियर, धन और कारोबार में लाभ मिल सकता है.
CJP Protest: कई रास्तों पर डायवर्जन, जगह-जगह चेकिंग... प्रोटेस्ट से पहले किले में तब्दील दिल्ली
Delhi CJP Protest Live Update: दिल्ली में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी ने आज 10 अक्टूबर को प्रदर्शन का ऐलान किया है. इस प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस अलर्ट पर है. हालांकि इस प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से अनुमति नहीं दी गई है. राजधानी दिल्ली के कई रास्तों पर डायवर्जन है और जगह-जगह पुलिस की चेकिंग जारी है. बॉर्डर पर भी सुरक्षा बल तैनात हैं.
दिल्ली वालों के लिए जरूरी खबर, आज कई रास्ते बंद रहेंगे
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने शनिवार को कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने की घोषणा की है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें नई दिल्ली या मध्य दिल्ली के रास्ते रेलवे स्टेशन, आईएसबीटी या हवाई अड्डे जाना है तो अतिरिक्त समय लेकर यात्रा करें।
एक घंटे में 300 से ज्यादा कॉल, CJP के सौरव दास का फोन नंबर लीक; दिल्ली पुलिस पर लगाए आरोप
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन से पहले सह-संयोजक सौरव दास ने फोन नंबर लीक होने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि एक घंटे में 300 से ज्यादा कॉल और WhatsApp मैसेज आए।
कहीं भारत ही ना बनाने लगे राफेल जैसे विमान? एक शर्त से डर गया फ्रांस, मानने को नहीं हो रहा तैयार
भारत ने फ्रांस के सामने शर्त रखी है कि राफेल में स्वदेशी हथियार प्रणाली का इस्तेमाल किया जाएगा। इसको लेकर फ्रांस पसोपेश में फंस गया है। भारत ने फ्रांस को दो टूक कह दिया है कि अगर यह शर्त नहीं मानी गई तो सौदा भी नहीं हो सकता।
भुवी की वापसी मजबूरी या जरूरी? जवाब में छिपी है टीम इंडिया की कमजोरी
करीब चार साल बाद भुवनेश्वर कुमार की टीम इंडिया में वापसी हुई है. 36 वर्षीय भुवी का अनुभव और हालिया प्रदर्शन उम्मीद जगाता है, लेकिन उनकी वापसी यह भी बताती है कि जसप्रीत बुमराह के बाद भारतीय क्रिकेट को भरोसेमंद तेज गेंदबाज की तलाश अभी जारी है.
दृश्यम-3: मदिरा पीकर सो गए, छी-छी-छी...
दृश्यम-3 के पहले हाफ में एक थिएटर रिहर्सल के दौरान बोली गई ये लाइन शायद पूरी फिल्म पर भारी पड़ जाती है. क्योंकि इस बार सच में समझ नहीं आता कि पर्दे पर कौन जाग रहा है और कौन सो गया है.
जब अमेरिकी राष्ट्रपति को घाना के मंत्री से मांगनी पड़ी माफी
आज के दिन ही अमेरिका में एक ऐसी घटना घटी. जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका की किरकिरी हुई. अमेरिका के राष्ट्रपति को घाना के मंत्री से सिर्फ इसलिए माफी मांगनी पड़ी, क्योंकि अमेरिका में उनके साथ उनके रंग को लेकर भेदभाव हुआ था. शीत युद्ध के दौर में अफ्रीका और एशिया के देशों के साथ रिश्ते मजबूत करने के लिए अमेरिकी सरकार को यह समझना पड़ा कि नस्लीय भेदभाव उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचा सकता है.
ऋषिकेश-मसूरी नहीं, हिमाचल के इस गांव में बिताएं अपना वीकेंड
Kalpa Village Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश की कल्पा एक ऐसी खूबसूरत जगह है, जहां ऊंचे पहाड़, सेब के बगीचे और शांत वातावरण आपका मन मोह लेंगे. अगर आप भीड़भाड़ से दूर कुछ समय सुकून से बिताना चाहते हैं तो वीकेंड पर यहां घूमने का प्लान बना सकते हैं.
ट्रेनें रद्द हुईं तो बढ़ गया फ्लाइट का किराया, कॉकरोच प्रदर्शन से पहले बढ़ी मुश्किलें
CJP प्रदर्शन के बीच दिल्ली आने-जाने वाली फ्लाइटों के किराये में उछाल देखने को मिला है। वाराणसी से दिल्ली का हवाई किराया 14 हजार रुपये तक पहुंचा, जबकि अमृतसर रूट पर भी टिकट महंगे हुए।
केशव प्रसाद मौर्य ने कांशीराम जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी।श्री मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश के गरीब, दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। सरकार की योजनाओं का उद्देश्य पात्र परिवारों को आर्थिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को पक्के मकान, आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को स्वास्थ्य सुरक्षा तथा अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के माध्यम से शिक्षा में आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के जरिए कौशल विकास, रोजगार और आजीविका के अवसरों को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं, पीएम-सूरज पोर्टल जैसी पहल वंचित वर्गों को ऋण सहायता और स्वरोजगार से जोड़ने में सहायक हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र के साथ बिना भेदभाव पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। सामाजिक समरसता, समान अवसर और सर्वसमावेशी विकास को मजबूत करना ही मान्यवर कांशीराम जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
राहु-केतु के गोचर से इन राशियों को मिलेगा लाभ!
साल 2026 के अंत में राहु और केतु का राशि परिवर्तन ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. गणना के अनुसार, 5 दिसंबर की रात 10:32 बजे राहु मकर और केतु कर्क राशि में प्रवेश करेंगे. मान्यता है कि इस बदलाव से करियर, कारोबार, धन और रिश्तों पर असर पड़ सकता है. मेष, मिथुन और सिंह राशि के जातकों के लिए नए अवसरों की संभावना जताई जा रही है.
सीजेपी प्रदर्शन का आम जनता पर असर, रेल सेवाएं प्रभावित होने से दिल्ली के हवाई किरायों में भारी उछाल
सीजेपी के विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में कड़े प्रतिबंध और कई ट्रेनों के रद होने के कारण इस इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से आने-जाने वाली उड़ानों की आखिरी पल की बुकिंग में मामूली बढ़ोतरी देखी गई है। कुछ मार्गों पर हवाई किराए भी बढ़ गए हैं।
Delhi Police Action: जंतर-मंतर पर कॉजपा के प्रदर्शन से पहले 15 जिलों से 40 संदिग्ध हिरासत में
राष्ट्रीय राजधानी में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के शनिवार को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले एहतियाती कदम उठाते हुए दिल्ली पुलिस ने सभी 15 जिलों में आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा सुरक्षा कड़ी किए जाने के बीच सभी 15 जिलों से आपराधिक रिकॉर्ड वाले लगभग 30 से 40 लोगों को हिरासत में लिया गया है। सूत्रों ने बताया कि पुलिस कुछ ऐसे लोगों की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रख रही है, जो प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लोगों को जुटा सकते हैं या उन्हें इसमें शामिल होने के लिए प्रभावित कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार सुरक्षा उपायों के तहत ऐसे लोगों के आवासों के बाहर निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पूरे दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
आज के दिन: जंतर मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन, दिल्ली-एनसीआर में 45 मेट्रो स्टेशन रहेंगे बंद
आज 10 अक्तूबर 2026 को अश्विना माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या है। आज कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन करने का एलान किया है। इसके साथ ही डीएमआरसी ने 45 मेट्रो स्टेशनों बंद किए हैं।
गोमती नगर स्थित ताज महल होटल में आयोजित 'BUILD कान्क्लेव' अमर उजाला द्वारा को मुख्य अतिथि के रूपअपने संबोधन में उप मुख्यमंत्री ने 'BUILD को परिभषित करते हुए कहा कि भरोसा, उद्यम, इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल से ग्लोबल और सबका विकास का मूल है। इन्हीं पाँच मजबूत स्तंभों के आधार पर देश और प्रदेश विकास की बुलंदियों को छू रहे हैं। में संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रदेश के बदलते आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में आज देश आर्थिक प्रगति के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।सार्थक और दूरदर्शी आयोजन के लिए उप मुख्यमंत्री ने 'BUILD कान्क्लेव' के आयोजकों को पुनः बधाई दी और धन्यवाद दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे मंच प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे। उप मुख्यमंत्री ने 'BUILD को परिभषित करते हुए कहा कि भरोसा, उद्यम, इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल से ग्लोबल और सबका विकास का मूल है। इन्हीं पाँच मजबूत स्तंभों के आधार पर देश और प्रदेश विकास की बुलंदियों को छू रहे हैं। आज बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिससे स्थानीय उत्पादों और उद्योगों को वैश्विक पहचान मिल रही है।
CM Pinarayi Vijayan पर CMRL मामले में दर्ज होगी FIR, सतीशन सरकार मानेगी हाईकोर्ट का आदेश
तिरुवनंतपुरम, नौ अक्टूबर केरलम के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) रिश्वत मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनके परिवार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के केरल उच्च न्यायालय के निर्देश का पालन करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालत के फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं की जाएगी। सतीशन ने मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जब सरकार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से विजयन, उनकी बेटी वीणा टी. और उनके पति पी. ए. मोहम्मद रियास के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की जानकारी मिली थी, तब ‘‘हमने न तो जल्दबाजी में कोई कार्रवाई की और न ही व्यक्तिगत द्वेष के कारण ऐसा किया।’’उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले में कानूनी राय लेने का फैसला किया, क्योंकि इसमें एक पूर्व मुख्यमंत्री और उनके परिवार के सदस्य शामिल थे। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमें मिली कानूनी राय के अनुसार, उच्चतम न्यायालय का एक फैसला है, जिसमें कहा गया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में तथ्यों का पता लगाने के लिए प्रारंभिक जांच की जा सकती है। इसलिए, हमने कानूनी राय के आधार पर प्रारंभिक जांच का आदेश दिया।’’उन्होंने कहा, ‘‘अब अदालत ने प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। हम अदालत के निर्देश का पालन करेंगे और प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कदम उठाएंगे। कानून अपना काम करेगा।’’इस सवाल पर कि क्या प्राथमिकी के संबंध में होने वाली जांच में उन यूडीएफ नेताओं को भी शामिल किया जाएगा, जिन्हें कथित तौर पर सीएमआरएल से चंदा मिला था, सतीशन ने कहा कि उच्च न्यायालय का फैसला स्पष्ट है कि केवल कुछ डायरी प्रविष्टियों के आधार पर जांच का आदेश नहीं दिया जा सकता। सतीशन के नेतृत्व वाली संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार ने ईडी की रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों की प्रारंभिक जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की थी। शुक्रवार को उच्च न्यायालय ने प्राथमिकी दर्ज किए बिना एसआईटी गठित करने के सरकार के फैसले को अवैध करार दिया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर राजधानी दिल्ली में भारी सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों समेत करीब 35,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाने की उम्मीद है।
सेवा सेतु अभियान में दिखेगा PM 25 वर्ष सेवा सुशासन, गॉव गॉव पहुॅचाने का कर रहे प्रयास, केशव मौर्य
श्री मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, जन-धन योजना और स्वच्छ भारत मिशन जैसी पहलों ने पात्र लाभार्थियों तक आवास, स्वास्थ्य सुरक्षा, स्वच्छ ईंधन, आर्थिक सहायता और बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार केंद्र की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए ग्रामीण विकास, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, स्वयं सहायता समूहों के सशक्तीकरण, रोजगार सृजन और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। डबल इंजन सरकार का उद्देश्य है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी पात्र परिवार सरकारी सहायता से वंचित न रहे।
Weather Forecast 10 October 2026: देखिए क्या है आपके यहां मौसम का हाल | Weather Report Today
Weather Forecast 10 October 2026: देखिए क्या है आपके यहां मौसम का हाल | Weather Report Today
'आप भारत के असली बॉस',स्टारलिंक विवाद के बीच अंबानी पर भड़के एलन मस्क; बताने लगे प्रधानमंत्री
स्टारलिंक विवाद के बीच दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क ने मुकेश अंबानी पर निशाना साधते हुए उन्हें प्रधानमंत्री बता दिया। मस्क ने कहा कि मुझे नहीं पता था कि आप ही भारत के असली बॉस हैं।
ट्रंप और पुतिन के बीच हो गई डीजल डील; अमेरिका मिलेगा लाखों टन ईंधन, यूक्रेन के साथ विश्वासघात
डोनाल्ड ट्रंप ने व्लादिमीर पुतिन के साथ डीजल आपूर्ति समझौते की घोषणा की है. इसके तहत रूस अमेरिका को लाखों टन डीजल भेजेगा. यूक्रेन ने इस फैसले की आलोचना की है और अमेरिकी विपक्ष ने भी सवाल उठाए हैं.
सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी और छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन आज जंतर-मंतर पर प्रस्तावित है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है, इसके बावजूद कई लोग जंतर-मंतर पर पहुंचने लगे हैं।
कनाडा में प्रस्तावित खालिस्तानी जनमत संग्रह पर भारत सख्त, विदेश मंत्रालय ने जताई कड़ी आपत्ति
कनाडा में प्रस्तावित तथाकथित खालिस्तान जनमत संग्रह को लेकर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को कहा कि देश सभी भारत-विरोधी गतिविधियों की कड़ी निंदा करता है।
MP High Court ने रद्द किया 27 प्रतिशत OBC Reservation, 14 फीसदी कोटा फिर बहाल
जबलपुर, नौ अक्टूबर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को तत्कालीन कमलनाथ नीत कांग्रेस सरकार द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने संबंधी 2019 के कानून को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि यह उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा के विपरीत है। न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने अपने 159 पृष्ठ के फैसले में कहा कि आरक्षण बढ़ाने के लिए कोई असाधारण परिस्थिति नहीं थी। अदालत ने राज्य में ओबीसी के लिए 14 प्रतिशत आरक्षण बहाल कर दिया। पीठ ने कहा कि संशोधन पर्याप्त तैयारी के बिना और ‘‘अनुचित जल्दबाजी’’ में पारित किया गया था तथा कानून के मसौदे में त्रुटियां सरकार की ‘‘अपर्याप्त तैयारी’’ को दर्शाती हैं। अदालत ने संशोधन को ‘‘संवैधानिक प्रावधानों के अधिकार क्षेत्र से बाहर’’ बताते हुए कहा कि यह उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित 50 प्रतिशत की सीमा के भी विपरीत है। पीठ ने स्पष्ट किया कि मामले में विवाद ओबीसी को आरक्षण देने के अधिकार को लेकर नहीं, बल्कि आरक्षण की सीमा को लेकर है। अदालत ने कहा कि उच्च शिक्षा और सरकारी सेवाओं में ओबीसी के प्रतिनिधित्व से संबंधित उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि इस वर्ग का पर्याप्त प्रतिनिधित्व है। ऐसे में आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने का कोई आधार नहीं बनता। पीठ ने इंद्रा साहनी और जयश्री लक्ष्मणराव पाटिल मामलों में उच्चतम न्यायालय के फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा पार करने के लिए ‘‘कोई असाधारण परिस्थिति या आपात स्थिति मौजूद नहीं है।’’उच्च न्यायालय ने वर्ष 2019 के अध्यादेश और उसके बाद तत्कालीन कमलनाथ नीत कांग्रेस सरकार द्वारा पारित संशोधन को निरस्त कर दिया। इस संशोधन के जरिए सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षा में ओबीसी आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया गया था। पीठ ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी), कर्मचारी चयन मंडल और अन्य भर्ती एजेंसियों को निर्देश दिया कि आरक्षण बढ़ाने संबंधी कानून को चुनौती दिए जाने के बाद रोके गए 13 प्रतिशत पदों को तीन महीने के भीतर अनारक्षित वर्ग से भरा जाए। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि मार्च 2019 से 29 सितंबर 2022 के बीच बढ़े हुए आरक्षण के तहत नियुक्त ओबीसी उम्मीदवारों की सेवाएं समाप्त नहीं की जाएंगी। 14 प्रतिशत की निर्धारित सीमा से अधिक नियुक्त उम्मीदवारों के पदों का समायोजन अगली तीन भर्ती प्रक्रियाओं में किया जाएगा। अदालत ने कहा कि 29 सितंबर 2022 के बाद की गई भर्तियों में 87 प्रतिशत पदों पर नियुक्तियां की गई थीं, जबकि शेष 13 प्रतिशत पदों को मामले में मुकदमेबाजी के परिणाम के इंतजार में रोक दिया गया था। अब इन पदों को अनारक्षित वर्ग से भरा जाएगा। राज्य सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कहा कि अदालत ने दस्तावेजों, आंकड़ों और तालिकाओं की जांच करने के बाद फैसला सुनाया है। उन्होंने कहा कि विवाद पिछड़े वर्गों को आरक्षण देने के अधिकार को लेकर नहीं, बल्कि सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण को 2019 में 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने को लेकर था। तत्कालीन कमलनाथ नीत कांग्रेस सरकार ने आठ मार्च 2019 को अध्यादेश जारी कर ओबीसी आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया था। बाद में 14 अगस्त 2019 को इसे कानून का रूप दिया गया। इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। मामला बाद में उच्चतम न्यायालय पहुंचा, जहां से संबंधित याचिकाओं की संयुक्त सुनवाई और निर्णय के लिए इसे मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय वापस भेज दिया गया। याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई इस साल पांच अगस्त को पूरी हुई, जिसके बाद पीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस बीच, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि उनकी पार्टी 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री मोहन यादव पर ओबीसी वर्ग के खिलाफ साजिश करने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस उच्च न्यायालय के फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देगी। ओबीसी महासभा ने भी फैसले पर निराशा जताई। संगठन की राष्ट्रीय कोर समिति के सदस्य और मामले में याचिकाकर्ता लोकेन्द्र गुर्जर ने कहा कि महासभा फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देगी और ओबीसी वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष जे पी धनौपिया ने आरोप लगाया कि यह फैसला राज्य सरकार की ‘‘दुर्भावनापूर्ण मंशा’’ का परिणाम है। उन्होंने दावा किया कि सरकार अदालत के समक्ष तथ्यों को प्रभावी ढंग से पेश करने में विफल रही, जिसके कारण ओबीसी वर्ग 27 प्रतिशत आरक्षण के लाभ से वंचित रह गया।
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग: Abhijeet Deepke ने दिल्ली जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया
मुंबई, नौ अक्टूबर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने लोगों से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को होने वाले प्रदर्शन में बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए जाने या कड़े कानूनों के तहत कार्रवाई किए जाने के बावजूद वह डरने वाले नहीं हैं। शुक्रवार देर रात जारी एक वीडियो संदेश में दीपके ने कहा कि शनिवार को दिल्ली में होने वाला प्रदर्शन उनके हिरासत में लिए जाने की स्थिति में भी नहीं रुकना चाहिए। दीपके ने कहा, ‘‘कल हमारा मार्च है। मुझे नहीं पता कि मेरे साथ क्या होगा, मुझे हवाईअड्डे से ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा या बाद में गिरफ्तार किया जाएगा। लेकिन मैं झुकने वाला नहीं हूं, क्योंकि हम देश में लोकतंत्र को बचाना चाहते हैं। हिरासत में लिए जाने पर भी मुझे डर नहीं है। सरकार हम पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) या गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) लगा सकती है।’’दीपके ने कहा कि कॉजपा स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहती है। उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार के इस्तीफे, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को समाप्त करने या निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति के लिए निष्पक्ष प्रक्रिया तैयार करने के बिना ऐसा संभव नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की, ‘‘बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचें।’’कॉजपा संस्थापक ने यह भी कहा कि विरोध मार्च शांतिपूर्ण होना चाहिए और लोगों को अहिंसा के रास्ते पर चलना चाहिए। दीपके ने इस आशंका को लेकर भी आगाह किया कि असामाजिक तत्व प्रदर्शन में घुसपैठ कर सकते हैं। संगठन ने बताया कि अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास शनिवार सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के टर्मिनल 3 पर पहुंचेंगे।
MP Deputy CM Jagdish Devda ने OSD को पद से हटाया, शराब ठेके में रिश्वत के आरोपों पर जांच का आदेश
भोपाल, नौ अक्टूबर मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने शराब ठेकों से जुड़े एक मामले में एक करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के आरोप सामने आने के बाद शुक्रवार को अपने विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) दीपम रायचूरा को पद से हटा दिया और कथित अनियमितताओं की जांच के आदेश दिए। देवड़ा ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि उन्हें कथित अनियमितताओं के बारे में समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के माध्यम से जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि रायचूरा फिलहाल उनके ओएसडी थे, लेकिन कथित अनियमितताओं के समय 2024-25 में भोपाल में सहायक आबकारी अधिकारी के पद पर तैनात थे। रायचूरा पर ये आरोप मोहित गोगिया के कथित बयान के आधार पर लगाए गए हैं। गोगिया पर नाइट क्लब, रेस्तरां और रियल एस्टेट से जुड़े कारोबार के जरिए करीब 200 लोगों से लगभग 930 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। वह फिलहाल पंजाब की एक जेल में बंद है। गोगिया भोपाल का निवासी है और उसे दिल्ली पुलिस ने नवंबर 2025 में गिरफ्तार किया था। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे गोगिया के कथित बयान के अनुसार, रायचूरा ने 2024-25 में भोपाल के टीटी नगर क्षेत्र में दो शराब दुकानों के ठेके दिलाने में मदद करने के बदले जसवंत कुमार नामक व्यक्ति के नाम पर एक करोड़ रुपये की रिश्वत ली थी। यह कथित बयान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को दिए गए गोगिया के बयान का हिस्सा बताया जा रहा है। बयान में दावा किया गया है कि 50 लाख रुपये नकद दिए गए, जबकि शेष 50 लाख रुपये भोपाल में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) के पास स्थित एक होटल से जुड़े बैंक खाते में स्थानांतरित किए गए। गोगिया के अनुसार, यह खाता रायचूरा के एक मित्र का था। हालांकि, ‘पीटीआई-भाषा’ सोशल मीडिया पर प्रसारित उस पोस्ट की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका, जिसमें ये आरोप लगाए गए हैं। रायचूरा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उन्हें किसी जांच एजेंसी से कोई नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि रिश्वत लेने के आरोप झूठे हैं। ‘पीटीआई-भाषा’ ने देवड़ा और रायचूरा से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं हो सकी। उन्हें एसएमएस भेजे जाने के बावजूद जवाब नहीं मिला।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन से बातचीत के बाद ट्रंप ने कहा कि रूस अमेरिका और ग्लोबल मार्केट को डीजल सप्लाई करेगा. वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि इस कदम से मॉस्को की युद्ध की कोशिशों को फंड मिलेगा.
Kerala cabinet: बुजुर्गों की देखभाल को कानूनी गारंटी देने वाले विधेयक को मिली मंजूरी
तिरुवनंतपुरम, नौ अक्टूबर केरलम के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने शुक्रवार को कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल और सुरक्षा की कानूनी गारंटी देने के उद्देश्य वाले एक विधेयक को मंजूरी दे दी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 12 अक्टूबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान इसे पारित कराना है। सतीशन ने शुक्रवार सुबह ‘पीटीआई वीडियो’ सेवा को दिए एक साक्षात्कार में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद दिन में मंत्रिमंडल ने विधेयक को मंजूरी दे दी। यहां साप्ताहिक मंत्रिमंडल की बैठक के बाद प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सतीशन ने कहा कि विधानसभा में पेश किए जाने से पहले विधेयक को प्रकाशित किया जाएगा। प्रस्तावित कानून को एक क्रांतिकारी पहल बताते हुए उन्होंने कहा कि केरलम देश का पहला राज्य है, जहां वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक अलग विभाग स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून दुनिया में अपनी तरह का पहला कानून होगा, जिसके तहत विधायी प्रावधानों के माध्यम से बुजुर्गों की देखभाल की कानूनी गारंटी दी जाएगी। सतीशन ने कहा, ‘‘देशभर के राज्य केरलम से इस मॉडल की जानकारी मांग रहे हैं। विधानसभा से पारित होने के बाद यह कानून सभी राज्यों के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में काम करेगा।’’इससे पहले दिन में ‘पीटीआई वीडियो’ को दिए साक्षात्कार में सतीशन ने कहा कि प्रस्तावित कानून का उद्देश्य बदलती जनसांख्यिकी, बढ़ती जीवन प्रत्याशा और कुछ परिवारों में वरिष्ठ नागरिकों की उपेक्षा की चिंताओं के बीच उन्हें जरूरी देखभाल और सहायता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा, ‘‘हम वरिष्ठ नागरिकों को कानूनी गारंटी देने के लिए कानून तैयार कर रहे हैं, ताकि उन्हें सुरक्षा मिले और उनकी देखभाल करने वाला कोई मौजूद हो।’’सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र से पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित कानून के तहत यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी कि वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों पर नजर रखी जाए। इसमें यह देखना भी शामिल होगा कि बुजुर्गों ने नाश्ता, दोपहर और रात का खाना खाया है या नहीं और क्या उन्हें विशेष देखभाल की जरूरत है। सतीशन ने कहा, ‘‘विधानसभा का सत्र 12 अक्टूबर से शुरू होगा। मुझे उम्मीद है कि हम इसी महीने विधेयक पारित कर सकेंगे।’’उन्होंने कहा कि राज्य में हो रहे बड़े जनसांख्यिकीय बदलावों और जीवन प्रत्याशा में लगातार वृद्धि को देखते हुए यह पहल जरूरी है। उन्होंने कहा कि पहले इस मुद्दे पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल पारंपरिक कल्याणकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ‘सिल्वर इकोनॉमी’ यानी बुजुर्गों की जरूरतों को पूरा करने वाली सेवाओं की अवधारणा अपनाकर वरिष्ठ नागरिकों को अधिक सक्रिय, रचनात्मक और उपयोगी बनाने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा, इसमें कल्याण का पहलू तो है, लेकिन हम वरिष्ठ नागरिकों को अधिक सक्रिय और रचनात्मक बनाना चाहते हैं। यही सिल्वर इकोनॉमी की अवधारणा को अपनाना है। सतीशन ने बुजुर्गों की देखभाल के लिए व्यवस्थाओं को मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि रोजगार और अन्य अवसरों के लिए युवाओं के विदेश जाने के कारण कई घरों में बुजुर्ग दंपती अकेले रह रहे हैं। उन्होंने कहा, प्रतिभाओं का पलायन हो रहा है। कई घरों में बुजुर्ग दंपती अकेले रह रहे हैं। हम उनकी सुरक्षा करना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित पहल के तहत बुजुर्गों को देखभाल और सहायता उपलब्ध कराने के उपाय किए जाएंगे। इसमें खास तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि संपन्न बुजुर्गों को भी इस संबंध में सरकारी सहायता की जरूरत पड़ सकती है। कार्यक्रम के तहत प्रत्येक ग्रामीण क्षेत्र या पंचायत में एक स्वयंसेवक नियुक्त किया जाएगा, जो वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल में मदद करेगा। सतीशन ने बताया कि बुजुर्गों की पहचान करने और उनकी जरूरतों का आकलन करने के लिए आंकड़े जुटाने का काम शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए करीब 12 परियोजनाओं की घोषणा पहले ही कर चुकी है। सतीशन ने देखभाल संबंधी प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र वाले पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना के बारे में भी बताया। इन पाठ्यक्रमों के बाद एक वर्ष का मानदेय होगा। इस पहल से प्रशिक्षित देखभालकर्ताओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने के साथ-साथ बुजुर्गों की देखभाल की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है। सरकार वरिष्ठ नागरिकों का एक व्यापक डेटाबेस भी तैयार करना चाहती है, ताकि उनकी संख्या का आकलन किया जा सके और सहायता की जरूरत वाले लोगों की पहचान हो सके। इससे कल्याण और देखभाल संबंधी योजनाओं को आंकड़ों के आधार पर तैयार करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित कानून और उससे जुड़े उपायों का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के लिए राज्य की सहायता व्यवस्था को मजबूत करना है। यह पहल देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है।
सुर्खियां: सीजेपी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पर अड़ी, किला बनी दिल्ली; रूस से तेल खरीदेगा यूएस; इटली में बड़ी चोरी
दिल्ली आने वाली 70 ट्रेनें रद्द, कई मेट्रो स्टेशन बंद जंतर-मंतर पर बना अभेद्य चक्रव्यूह
दिल्ली आने वाली 70 ट्रेनें रद्द, कई मेट्रो स्टेशन बंद जंतर-मंतर पर बना अभेद्य चक्रव्यूह
घर से निकलने से पहले पढ़ लें ट्रैफिक एडवाइजरी, इन 30 रास्तों से बचके
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने शनिवार (10 अक्टूबर) के लिए एडवाइजरी जारी की है. कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए सुबह 6 बजे से दिल्ली के 30 प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रह सकता है. अगर आप आज नई दिल्ली और मध्य दिल्ली से होकर रेलवे स्टेशन, ISBT या एयरपोर्ट जाने वाले हैं, तो अतिरिक्त समय लेकर निकलें.
न्यूज डायरी: अजमेर में 2 करोड़ के आभूषण की लूट, छह गिरफ्तार; गुजरात में मासूम की हत्या के दोषी को फांसी की सजा
महुआ मोइत्रा को बंगाल के मुख्य सचिव का कानूनी नोटिस, 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग
बंगाल के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को उनके खिलाफ इंटरनेट मीडिया पर की गई कथित मानहानिकारक टिप्पणियों के मामले में कानूनी नोटिस भेजा है।
देश में इन दिनों लगातार अलग अलग राज्यों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। 26 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच देशभर में 100 से अधिक लोगों वाले 60 प्रदर्शन दर्ज किए गए।
'किशोरियों के स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान दें', पीएम मोदी की बड़ी अपील
महिला एवं बाल विकास पर विभागीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर एहतियाती कदम उठाया जाना चाहिए। इस सिलसिले में विभिन्न विभागों के प्रयासों में समन्वय जरूरी है।
140 करोड़ के घोटाले में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष गिरफ्तार, ईडी ने लिया रिमांड पर
140 करोड़ रुपये के कस्टम मिलिंग (धान से चावल बनाने की प्रक्रिया) घोटाले में ईडी ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया।
गुजरात के भरुच जामा मस्जिद का जैन विहार होने का दावा, हाई कोर्ट में याचिका दायर
गुजरात के भरुच में स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद के जैन विहार होने के दावे और जैन श्रद्धालुओं को पूजा की मंजूरी देने की मांग के साथ हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने विद्युत नियामक आयोगों में लंबे समय से अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली रहने तथा कानूनी विशेषज्ञों की नियुक्ति नहीं होने के आरोपों पर शुक्रवार को 15 राज्यों और दो केंद्रशासित प्रदेशों से जवाब मांगा है।
राजस्थान में दर्दनाक हादसा, जोधपुर में दो किमी दौड़ने के बाद ASI की हार्ट अटैक से मौत
धपुर में एसआइ पद पर पदोन्नति के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा देने पहुंचे 50 वर्षीय एएसआई दुर्गाराम भील की शुक्रवार सुबह हार्ट अटैक से मौत हो गई। दुर्गाराम ने राजस्थान पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (आरपीटीसी) में दो किलोमीटर की दौड़ पूरी कर ली थी।
CBI के 6 अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक शिकायत चलाने का निर्देश, छत्तीसगढ़ के इंटेलिजेंस चीफ भी घिरे
दिल्ली हाई कोर्ट ने अदालत में कथित तौर पर गलत तथ्य पेश करने और झूठे साक्ष्य से जुड़े आरोपों पर छह अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज करने का निर्देश दिया है।
10 October 2026 Horoscope: आज कुछ लोगों को रुका हुआ धन मिलने, करियर में उन्नति और व्यापार में लाभ के संकेत हैं, वहीं कुछ राशियों को स्वास्थ्य, क्रोध और कानूनी मामलों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. पढ़ें राशिफल.
Pisces Tarot Card Rashifal: बच्चों को खुश करने की कोशिश, अधिकारी के तानों से हो सकती है परेशानी
Pisces Tarot Card Horoscope 10 October: Page of swords की ऊर्जा पारिवारिक रिश्तों में तालमेल बनाए रखने के लिए अपने विचारों को सोच समझ कर प्रस्तुत करने का प्रयास, उच्च अधिकारी की आदतों से परेशान और बच्चों के साथ उनकी गतिविधियों में भागीदारी कर उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने की कोशिश की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते हैं, मीन राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तो, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
दिल्ली में दीपके का हल्लाबोल LIVE: गृह मंत्रालय का फरमान- सीजेपी के आंदोलनकारियों को रोकें, राज्यों में क्या?
Aquarius Tarot Card Horoscope 10 October: Justice की ऊर्जा कार्यों को लेकर सजग और सही तरीके से पूरा करने का प्रयास, सामाजिक कार्यों में भागीदारी से मान सम्मान की प्राप्ति और अपने आसपास की गतिविधियों पर नजर बनाए रखने की बातें कर सकती है. आईए जानते हैं, कुंभ राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों,आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
प्रदीप पूर्णेकर मर्डर केस: मंदिर में छिपा था मुख्य आरोपी; ठाणे पुलिस ने 1500 किमी दूर से कैसे पकड़ा?
प्रदीप पूर्णेकर मर्डर केस: मंदिर में छिपा था मुख्य आरोपी; ठाणे पुलिस ने 1500 किमी दूर से कैसे पकड़ा?
पढ़ें 10 अक्टूबर के मुख्य और ताजा समाचार - लाइव ब्रेकिंग न्यूज
Latest and Breaking News - Read today's latest and breaking news in hindi on Amarujala. यहां पढ़ें देश, दुनिया, खेल, मनोरंजन, धर्म, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और आर्थिक जगत की खबरों का लाइव अपडेशन
'राष्ट्रपति की बात को गलत तरीके से पेश कर रहे राहुल', BJP ने लगाया आरोप
बीजेपी का कहना है कि राष्ट्रपति की बात को राहुल गांधी गलत तरीके से पेश कर रहे हैं. बीजेपी ने कांग्रेस नेता के उस दावे को झूठ करार दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राष्ट्रपति ने चुनाव में धांधली के आरोपों से इनकार नहीं किया.
राजधानी दिल्ली में प्रस्तावित आंदोलन से पहले सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई है. BSF, ITBP, CRPF, RAF और दिल्ली पुलिस के हजारों जवानों की तैनाती के साथ संवेदनशील इलाकों में कड़ी निगरानी रखी जा रही है.
सलीम डोला ड्रग्स सिंडिकेट केस में ED ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
ईडी ने सलीम डोला के अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े मामले में प्रवीण शिंदे और बृजेश मोराडिया को गिरफ्तार किया है. जांच में करोड़ों की संपत्ति और हवाला नेटवर्क का खुलासा हुआ. जानें पूरा मामला.
राहुल गांधी ने विपक्षी सांसदों के साथ शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की जिसके बाद उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रपति ने वोट चोरी से इनकार नहीं किया है। वहीं, राहुल गांधी के दावे का सरकार ने खंडन किया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने के बाद राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान से बवाल हो गया है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेता ने अपने राजनैतिक एजेंडे के तहत राष्ट्रपति के साथ हुई बातचीत को गलत तरीके से पेश किया है। सरकारी सूत्रों की तरफ से भी इस पर सफाई आई है।
IPS रवीना त्यागी ने संभाली बाराबंकी SP की कुर्सी, कभी 'रोमियो' ने मुंह पर फूंका था सिगरेट का धुआं
IPS रवीना त्यागी ने बाराबंकी एसपी पद पर ज्वाइन कर लिया है. पहले बरेली में एंटी रोमियो स्क्वॉयड का नेतृत्व करते समय एक मनचले ने उनके मुंह पर सिगरेट का धुआं फूंक दिया था. जानिए उनके करियर और यूपीएससी सफर की कहानी.
Delhi Police ने 2021 के मर्डर केस में भगोड़ा हरीश उर्फ पिलुआ पकड़ा
नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर दिल्ली पुलिस ने 2021 के एक हत्या मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह मामला समयपुर बादली थाने में दर्ज किया गया था और आरोपी को अदालत ने भगोड़ा घोषित किया था। पुलिस अधिकारी ने कहा कि आरोपी हरीश कुमार उर्फ पिलुआ को गुप्त सूचना के आधार पर आठ अक्टूबर को दिल्ली के संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर के पास पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, यह हत्या 21 नवंबर 2021 को हुई थी, जब अभिषेक उर्फ मोनू को हुकुमचंद नामक व्यक्ति से 10 लाख रुपये का कर्ज वसूलने के लिए जीवन पार्क के मास्टर मोहल्ला ले जाया गया था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि अभिषेक और हुकुमचंद के बीच झगड़ा हो गया, जिसके बाद हुकुमचंद, उसके भाई सुनील उर्फ सोनू और हरीश ने अभिषेक पर हमला कर दिया और उसकी जमकर पिटाई की। उन्होंने बताया कि अभिषेक को पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान हुकुमचंद, सुनील और मीना को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि हरीश फरार हो गया था। उसे 19 मई 2022 को भगोड़ा घोषित कर दिया गया था।
अब थोक में नहीं दिए जा सकेंगे फॉर्म-7, चुनाव आयोग ने तय की सीमा
चुनाव आयोग ने फॉर्म-7 के दुरुपयोग को रोकने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब एक व्यक्ति विशेष गहन पुनरीक्षण में अधिकतम 10 और सामान्य पुनरीक्षण में महीने में 5 आवेदन ही दे सकेगा।
'आप ही भारत के रियल बॉस...', एलन मस्क ने अंबानी पर फिर साधा निशाना
एलन मस्क ने एक बार फिर स्टारलिंक की भारत में एंट्री को लेकर अंबानी पर तंज कसा है. उन्होंने अंबानी को 'प्रधानमंत्री अंबानी' कहकर संबोधित करते हुए सवाल उठाया कि क्या वह भारतीय बाजार में स्टारलिंक को प्रतिस्पर्धा करने देंगे. उन्होंने दावा किया कि स्टारलिंक उन इलाकों में इंटरनेट पहुंचा सकता है, जहां कनेक्टिविटी नहीं है.
चंडिका स्थान : शक्ति, साधना और लोकविश्वास का संगम
चंडिका स्थान The post चंडिका स्थान : शक्ति, साधना और लोकविश्वास का संगम appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
Lilavati Hospital Trust वित्तीय धोखाधड़ी मामला: Mumbai Sessions Court ने FIR के आदेश को सही ठहराया
मुंबई, नौ अक्टूबर शहर की एक सत्र अदालत ने शुक्रवार को मजिस्ट्रेट अदालत के उस आदेश को रद्द करने से इनकार कर दिया, जिसमें पुलिस को लीलावती ट्रस्ट के कोष के गबन और ट्रस्टी किशोर मेहता की मौत का कारण बने कथित उत्पीड़न के आरोपों पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया था। लीलावती कीर्तिलाल मेहता मेडिकल ट्रस्ट (एलकेएमएमटी) मुंबई के बांद्रा इलाके में स्थित लीलावती हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर का प्रबंधन करता है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कुणाल धनाजी जाधव ने पूर्व ट्रस्टी चेतन मेहता और अन्य आरोपियों की ओर से दायर पुनर्विचार अर्जी को खारिज करते हुए कहा कि मजिस्ट्रेट अदालत का फैसला ‘‘अधिकार क्षेत्र के दायरे में’’ है और उसमें किसी दखल की ज़रूरत नहीं है। यह विवाद लीलावती कीर्तिलाल मेहता मेडिकल ट्रस्ट की ओर से न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) के सामने दायर की गई एक शिकायत से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि चेतन मेहता और अन्य सह-आरोपियों ने ट्रस्टी के तौर पर काम करते हुए करोड़ों रुपये का गबन किया और ऐसे गैर-कानूनी लेन-देन किए, जिनसे ट्रस्ट गंभीर आर्थिक संकट में फंस गया। सभी दलीलें सुनने के बाद, सत्र अदालत ने प्रथम दृष्टया पाया कि ‘‘कानून के अनिवार्य प्रावधानों का पालन किया गया। इसलिए मजिस्ट्रेट का आदेश (पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देना) अधिकार क्षेत्र के दायरे में है।
पाकिस्तान नहीं, निकला यूपी का शिवम, जबलपुर में पकड़ाए युवक की खुली पोल
Jabalpur News Fact Check: जबलपुर के रांझी में खुद को कराची (पाकिस्तान) का बताने वाले युवक का सच सामने आया. पुलिस जांच में निकला UP के हरदोई का मानसिक अस्वस्थ युवक शिवम पाठक. पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
सिंगापुर में सीतारमण ने की राष्ट्रपति और पीएम से मुलाकात, द्विपक्षीय सहयोग पर जोर
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सिंगापुर के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मुलाकात की, जिसमें दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। सिंगापुर भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का सबसे बड़ा स्रोत है।
पधारो -२ सीता संग श्री राम -२। The post पधारो सीता संग श्री राम appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
खाकी के पीछे भी एक इंसान... दिल्ली पुलिस का ओपन लेटर, लोगों से क्या कहा?
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के ऐलान के बीच दिल्ली पुलिस ने एक्स पर खुला पत्र जारी किया है। पुलिस ने आम लोगों से उनके प्रति मानवीय रुख अपनाने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि वर्दी के पीछे भी एक इंसान और परिवार होता है।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों को वाहन, सारथी, ई-डीएआर और आईआईबी जैसे प्रमुख सरकारी व बीमा डेटाबेस को चार सप्ताह में आपस में जोड़ने का निर्देश दिया है।
अचानक उठी लपटें... CEC के खिलाफ प्रदर्शन, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष झुलसे
Rajgarh News: राजगढ़ के ब्यावरा में CEC ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाते समय भड़की आग. यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमन अरोरा और NSUI कार्यकर्ता विशाल दांगी झुलसे, अस्पताल में भर्ती. पढ़ें पूरी खबर.
हलवे को कहें बाय! घर पर बनाएं साउथ इंडियन शादियों की शान केसरी भात
Rawa Kesari Recipe: घर में जब भी कुछ मीठा बनाना हो तो सबसे पहले हलवा या खीर का ही ख्याल मन में आता है लेकिन अक्सर साउड इंडियन रेस्ट्रॉन्ट या ढाबों पर मीठे में रवा केसरी परोसा जाता है जो देखने में हलवे की तरह ही लगता है तो क्यों न इस बार आप मीठे में साधारण सूजी के हलवे की जगह रवा केसरी बनाकर खाएं.
नाना पाटेकर की मौत का बनाया मजाक! तनुश्री दत्ता पर भड़के राजीव
नाना पाटेकर पर तनुश्री दत्ता के बयान ने सोशल मीडिया पर बवाल मचा दिया है. राजीव अदातिया ने एक्ट्रेस को सुनाई खरी-खोटी. जानिए क्या है पूरा विवाद और मीटू मामले से इसका कनेक्शन.
'राष्ट्रपति ने वोट चोरी के हमारे आरोपों से इनकार नहीं किया', राहुल गांधी ने किया दावा
विपक्षी दलों ने 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी की मांग की।
MP में OBC आरक्षण 14 फीसदी होने पर BJP ने कमलनाथ सरकार को घेरा
इंदौर, नौ अक्टूबर भारतीय जनता पार्टी की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने शुक्रवार को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का आरक्षण 27 प्रतिशत से घटाकर फिर से 14 प्रतिशत किए जाने के उच्च न्यायालय के फैसले के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2019 में तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने ओबीसी आरक्षण के संबंध में बिना तथ्यों की जांच किए जल्दबाजी में दस्तावेज तैयार किए थे। खंडेलवाल ने ओबीसी आरक्षण पर उच्च न्यायालय के फैसले के चंद घंटों बाद इंदौर में संवाददाताओं से कहा,‘‘कमलनाथ की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2019 में जल्दबाजी में बिना तथ्यों की जांच किए जो दस्तावेज तैयार किए थे, उनके आधार पर अदालत का निर्णय हुआ है।’’उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के इस फैसले के बारे में उनकी मुख्यमंत्री मोहन यादव से बात हुई है और आगामी कदम उठाने को लेकर प्रदेश सरकार की शुक्रवार को ही बैठक हुई है। खंडेलवाल ने कहा,‘‘भाजपा ओबीसी को आरक्षण देने के लिए वचनबद्ध है और राज्य सरकार इसके लिए हर जरूरी कदम उठाएगी।’’उच्च न्यायालय ने कमलनाथ की अगुवाई वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा 2019 में ओबीसी आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने के लिए बनाए गए कानून को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया है। इस फैसले के परिणामस्वरूप राज्य में ओबीसी आरक्षण फिर से 14 प्रतिशत के स्तर पर आ गया है।
10 अक्टूबर को नई दिल्ली और निजामुद्दीन पहुंचने वाली कई ट्रेनें रद्द; निकलने से पहले चेक करें स्टेटस
शनिवार, 10 अक्टूबर को देश की राजधानी की यात्रा करने वाले लाखों रेल यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे की ओर से बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी दिल्ली में प्रस्तावित बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों, जंतर-मंतर पर सुरक्षा सतर्कता और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा सेंट्रल दिल्ली में जारी व्यापक ट्रैफिक एडवाइजरी को देखते हुए उत्तर रेलवे (Northern Railway) ने ट्रेनों के संचालन में बड़ा फेरबदल किया है। रेलवे ने 10 अक्टूबर को सुबह 4:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे के बीचनई दिल्लीClick to open side panel for more information औरहजरत निजामुद्दीन दिल्लीClick to open side panel for more information रेलवे स्टेशन पहुंचने वाली 45 से अधिक प्रीमियम सुपरफास्ट, मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के समय में बदलाव (Reschedule) किया गया है।राजधानी और शताब्दी समेत 45 से ज्यादा ट्रेनें कैंसिल, क्यों लिया गया यह फैसलारेल मंत्रालय और दिल्ली पुलिस के अनुसार, शनिवार सुबह 6:00 बजे से मध्य दिल्ली के 30 से अधिक प्रमुख चौराहों पर भारी डायवर्जन और बैरिकेडिंग रहेगी। स्टेशन परिसरों—खासकर अजमेरी गेट, पहाड़गंज, मिंटो रोड, चेम्सफोर्ड रोड और निजामुद्दीन के आसपास भीषण ट्रैफिक जाम लगने और यात्रियों के स्टेशन पर ही फंसने की गंभीर आशंका थी। इसी अव्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने फैसला किया है कि 9 अक्टूबर की दोपहर 2:00 बजे के बाद अपने मूल स्टेशनों से चलकर 10 अक्टूबर की सुबह नई दिल्ली व निजामुद्दीन पहुंचने वाली ट्रेनों को रद्द या पुनर्निर्धारित किया जाए।रद्द रहने वाली प्रमुख ट्रेनों की सूचीप्रभावित होने वाली ट्रेनों में उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और राजस्थान से चलने वाली कई वीआईपी ट्रेनें शामिल हैं:राजधानी व शताब्दी सेवाएं: हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस (12301), सियालदह-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस (12313), राजेंद्र नगर-नई दिल्ली तेजस राजधानी एक्सप्रेस (12309), मुंबई सीएसएमटी-हजरत निजामुद्दीन राजधानी (22221) और कानपुर सेंट्रल-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस (12033)।उत्तर प्रदेश से चलने वाली प्रमुख ट्रेनें: प्रयागराज-नई दिल्ली प्रयागराज एक्सप्रेस (12417), प्रयागराज-नई दिल्ली हमसफर (12275), कानपुर-नई दिल्ली श्रम शक्ति एक्सप्रेस (12451), मानिकपुर-हजरत निजामुद्दीन यूपी संपर्क क्रांति (12447), बनारस-नई दिल्ली शिवगंगा एक्सप्रेस (12559), बनारस-नई दिल्ली सुपरफास्ट (12581), लखनऊ-नई दिल्ली तेजस एक्सप्रेस (82501), लखनऊ मेल (12229), लखनऊ एसी स्पेशल (12429), आगरा कैंट-नई दिल्ली इंटरसिटी (14211) और कासगंज-नई दिल्ली इंटरसिटी (15303)।बिहार व झारखंड रूट: संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस (12393), मगध एक्सप्रेस (20801), राजेंद्र नगर-नई दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस (22361) और रांची-नई दिल्ली एक्सप्रेस (12877)।मध्य प्रदेश व राजस्थान रूट: जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन महाकौशल/संपर्क क्रांति/सुपरफास्ट (22181, 12189, 12121), इंदौर-नई दिल्ली (12415), रानी कमलापति-निजामुद्दीन (12155), कोटा-निजामुद्दीन (12059) और उदयपुर सिटी-हजरत निजामुद्दीन (12964)।रीशेड्यूल ट्रेनें: मुंबई सेंट्रल-नई दिल्ली तेजस राजधानी (12951) और मुंबई सेंट्रल-हजरत निजामुद्दीन अगस्त क्रांति राजधानी (12953) को 5-5 घंटे की देरी से रीशेड्यूल किया गया है।यात्रियों को मिलेगा पूरा रिफंड, स्टेशन निकलने से पहले करें ये कामरेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन यात्रियों की ट्रेनें प्रशासनिक व सुरक्षा कारणों से रद्द की गई हैं, उन्हें 100% पूरा रिफंड दिया जाएगा। आईआरसीटीसी (IRCTC) की वेबसाइट या ऐप से ई-टिकट बुक कराने वाले मुसाफिरों के खातों में बिना किसी कैंसलेशन चार्ज के पूरा पैसा स्वतः क्रेडिट कर दिया जाएगा। जिन यात्रियों ने काउंटर से पीआरएस (PRS) टिकट लिया है, वे निर्धारित समय सीमा के भीतर काउंटर पर जाकर पूरा रिफंड प्राप्त कर सकते हैं।घर से स्टेशन के लिए निकलने से पहले सभी यात्री भारतीय रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट (enquiry.indianrail.gov.in), एनटीईएस (NTES) मोबाइल ऐप पर अपने पीएनआर नंबर या ट्रेन नंबर की लाइव रनिंग स्थिति अवश्य जांच लें, या रेलवे पूछताछ नंबर 139 पर कॉल करके ताजा जानकारी ले लें।
3 दिन के मासूम को ले उड़ी महिला... नोएडा के भंगेल CHC से नवजात चोरी
Noida News: नोएडा के भंगेल सीएचसी अस्पताल से 3 दिन का नवजात चोरी. 2 दिन से रेकी कर रही महिला मौका पाकर बाइक सवार संग फरार. CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस जांच में जुटी. पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
खरीफ फसलों की कटाई पूरी होने और रबी सीजन के आगाज के साथ ही अक्टूबर का महीना भारतीय किसानों के लिए साल का सबसे महत्वपूर्ण कृषि काल माना जाता है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अक्टूबर के दौरान मौसम में हल्की ठंडक, मिट्टी में उचित नमी और 20 से 28 डिग्री सेल्सियस का आदर्श तापमान सब्जियों और नकदी फसलों के अंकुरण व वानस्पतिक विकास के लिए मुफीद माहौल तैयार करता है। पारंपरिक धान-गेहूं के फसल चक्र में सीमित मुनाफे और बढ़ती लागत से जूझ रहे किसानों के लिए यह समय विविधीकरण (Crop Diversification) अपनाने का सबसे बेहतरीन अवसर है। यदि किसान इस समय खेत की सही तैयारी करके अगेती हरी सब्जियों और प्रीमियम मसाला फसलों की बुवाई कर लें, तो नवंबर के अंत और दिसंबर की शुरुआत में जब मंडियों में ताजा उपज की आवक सीमित होती है, तब उन्हें उपज के सबसे ऊंचे थोक भाव मिलते हैं। कृषि वैज्ञानिकों और बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार, अक्टूबर में चुनी गई सही 7 फसलें कम समय और सीमित लागत में किसानों की शुद्ध आय को कई गुना तक बढ़ा सकती हैं।1. हरी मटर की अगेती खेती: 60 दिनों में बंपर रिटर्नअक्टूबर का पहला और दूसरा पखवाड़ा अगेती मटर की बुवाई के लिए सबसे सटीक समय है। 'काशी मुक्ति', 'काशी अगेती', 'आर्केल' और 'पूसा प्रगति' जैसी उन्नत किस्में बुवाई के मात्र 55 से 65 दिनों के भीतर पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती हैं। शादियों और त्योहारी सीजन की शुरुआत के समय बाजार में हरी फलियों की मांग आसमान छूती है, जिससे किसानों को खेत से ही ₹60 से ₹90 प्रति किलोग्राम तक का थोक भाव आसानी से मिल जाता है। मटर की खेती की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह एक दलहनी फसल है, जिसकी जड़ों में मौजूद राइजोबियम जीवाणु वायुमंडलीय नाइट्रोजन को मिट्टी में स्थिर करते हैं। इससे खेत की उर्वरता बढ़ती है और मटर की कटाई के बाद उसी खेत में दिसंबर में पछेती गेहूं या बसंतकालीन गन्ने की बंपर पैदावार ली जा सकती है।2. लहसुन की खेती: कम जोखिम और सालभर सुरक्षित कमाईमसाला फसलों में लहसुन को नकदी का एटीएम माना जाता है। अक्टूबर के महीने में लहसुन की उन्नत किस्मों जैसे 'यमुना सफेद' (G-1, G-50, G-282), 'भीमा ओंकार' और 'एग्रीफाउंड पार्वती' की रोपाई करने से कंदों का आकार बड़ा और वजनदार बनता है। पिछले कुछ वर्षों में देश और अंतरराष्ट्रीय बाजार में लहसुन के दामों में आए भारी उछाल ने इसे किसानों की सबसे पसंदीदा फसल बना दिया है। लहसुन की फसल को जानवर नुकसान नहीं पहुंचाते और इसमें कीट-रोगों का प्रकोप भी अन्य फसलों की तुलना में बेहद कम होता है। उचित जल निकासी वाली बलुई दोमट मिट्टी में 15 सेमी की दूरी पर क्यारियां बनाकर की गई बुवाई से प्रति एकड़ 40 से 50 क्विंटल तक की पैदावार मिलती है, जिसे किसान तुरंत बेचने के बजाय भंडारित करके ऑफ-सीजन में मनचाहे दामों पर भी बेच सकते हैं।3. धनिया: पत्ती और दाने दोनों से दोहरा मुनाफासलाद, चटनी और सब्जियों में दैनिक उपयोग के लिए हरे धनिए की मांग हर घर में 12 महीने बनी रहती है। अक्टूबर में बोया गया हरा धनिया मात्र 30 से 35 दिनों में कटाई योग्य हो जाता है। 'कुंभराज', 'आरसीआर-41', 'पंत हरितमा' और 'हिसार सुगंध' जैसी उन्नत किस्में बार-बार कटाई देने में सक्षम होती हैं। यदि किसान खेत में क्यारियां बनाकर 3 से 4 बार पत्तों की कटाई कर लें, तो प्रति एकड़ केवल ₹5,000 से ₹8,000 की बीज व खाद लागत में ₹40,000 से ₹60,000 तक की सीधी आमदनी हो जाती है। इसके अलावा, अंतिम कटाई के बाद पौधों को छोड़ देने पर मार्च-अप्रैल में बेहतरीन दाना भी तैयार हो जाता है, जिसे मसाला मंडी में बेचकर अतिरिक्त लाभ कमाया जा सकता है।4. फूलगोभी और पत्तागोभी: मध्यम अवधि की नकदी फसलेंअक्टूबर का समय फूलगोभी की मध्यम और पछेती किस्मों जैसे 'पूसा स्नोबॉल', 'पूसा सिंथेटिक' और 'काशी कुंवारी' की रोपाई के लिए सबसे अनुकूल होता है। पत्तागोभी में 'गोल्डन एकर' और 'प्राइड ऑफ इंडिया' जैसी किस्में ठंड के मौसम में बेहद ठोस और चमकदार गट्टे बनाती हैं। नर्सरी में तैयार 20 से 25 दिन पुरानी पौध को अक्टूबर के दौरान मेड़ों (Ridges) पर लगाने से पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं और सिंचाई का पानी सीधे तने पर नहीं लगता, जिससे फंगल बीमारियों का खतरा टल जाता है। दिसंबर से जनवरी के बीच जब बड़े शहरों के होटल और खानपान बाजार में गोभी की भारी खपत होती है, तब यह फसल प्रति एकड़ ₹80,000 से ₹1.2 लाख तक का शुद्ध मुनाफा देने की पूरी क्षमता रखती है।5. गाजर और मूली: 40 से 50 दिनों में खेत खाली, तुरंत नकद पैसाकम जमीन और कम लागत वाले सीमांत किसानों के लिए गाजर और मूली सबसे सुरक्षित विकल्प हैं। मूली की 'पूसा हिमानी', 'पूसा चेतकी' और 'जापानी व्हाइट' किस्में बुवाई के मात्र 40 से 45 दिनों में उखाड़ने लायक हो जाती हैं। वहीं गाजर की देसी लाल किस्में जैसे 'पूसा रुधिर' और 'हिसार गैरिक' अक्टूबर में बोने पर गहरा लाल रंग और बेहतरीन मिठास पकड़ती हैं। मेड़ बनाकर (Ridge Sowing) बुवाई करने से जड़ें सीधी, लंबी और बिना गांठों के विकसित होती हैं, जिससे मंडी में उपज की छंटाई के समय सबसे अव्वल ग्रेड का भाव मिलता है। इन फसलों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इनकी तुड़ाई के तुरंत बाद किसान उसी खेत में रबी की दूसरी फसल या आलू की खेती कर सकता है।6. पालक, मेथी और हरी पत्तेदार सब्जियां: रोजमर्रा की लिक्विड इनकमग्रामीण अर्थव्यवस्था में दैनिक खर्चों और परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए पालक और कसूरी मेथी की खेती का कोई सानी नहीं है। 'पूसा भारती' व 'ऑल ग्रीन' पालक और 'पूसा कसूरी' मेथी की बुवाई अक्टूबर में छिड़काव या कतार विधि से की जाती है। बुवाई के 25 दिन बाद से ही इनकी पहली कटाई शुरू हो जाती है और हर 10 से 12 दिन के अंतराल पर 4 से 5 कटाई आराम से ली जा सकती हैं। स्थानीय हाट-बाजारों और शहरी मंडियों में ताजी हरी पत्तियों की मांग सर्दियों में लगातार बनी रहती है, जिससे किसान को हफ्ते-दर-हफ्ते नकद पैसा मिलता रहता है और उसे खाद-बीज या सिंचाई के लिए किसी कर्ज का सहारा नहीं लेना पड़ता।7. मेथी और सौंफ: कम पानी में भरपूर पैदावार वाली मसाला फसलेंयदि आपके पास सिंचाई के सीमित साधन हैं, तो अक्टूबर में सौंफ और दाना मेथी की बुवाई एक अत्यंत लाभकारी सौदा है। 'गुजरात सौंफ-11', 'आरएफ-125' और मेथी की 'हिसार सुवर्णा' किस्में कम पानी और सामान्य देखरेख में भी शानदार उत्पादन देती हैं। अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में जब दिन का तापमान 25 डिग्री के आसपास स्थिर होता है, तब इनकी बुवाई करने से पौधों में शाखाएं ज्यादा निकलती हैं और दानों में प्राकृतिक तेल की मात्रा बढ़ती है। औषधीय गुणों और अचार-मसाला उद्योग में उच्च मांग के कारण इन फसलों के भाव मंडी में हमेशा स्थिर और आकर्षक रहते हैं, जिससे किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई बड़ा जोखिम नहीं उठाना पड़ता।लखनऊ, पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के किसानों के लिए वैज्ञानिक सलाहउत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (मलिहाबाद, मोहनलालगंज, काकोरी), बाराबंकी, सीतापुर, कानपुर और वाराणसी से लेकर पश्चिमी यूपी के मेरठ-हापुड़ बेल्ट तक की दोमट मिट्टी इन सभी फसलों के लिए अत्यधिक अनुकूल है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों की सलाह है कि किसान बीज की बुवाई से पहले बीजोपचार (Seed Treatment) ट्राइकोडर्मा (Trichoderma) या कार्बेंडाजिम से अवश्य करें ताकि जड़ गलन और उकठा (Wilt) रोग से बचाव हो सके। इसके साथ ही, खेत की आखिरी जुताई के समय प्रति एकड़ 4 से 5 ट्रॉली अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या केंचुआ खाद (Vermicompost) मिलाने से मिट्टी की जलधारण क्षमता सुधरती है और रासायनिक उर्वरकों पर होने वाला गैर-जरूरी खर्च बचता है। ड्रिप सिंचाई या स्प्रिंकलर प्रणाली का उपयोग करने से 40 प्रतिशत पानी की बचत के साथ पैदावार में 25 प्रतिशत तक की अतिरिक्त वृद्धि हासिल की जा सकती है।
दीपावली और छठ पूजा के पावन पर्व से ठीक पहले उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ा त्योहार का उपहार दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के करोड़ों पात्र लाभार्थियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 2 मुफ्त एलपीजी रसोई गैस सिलेंडर रिफिल उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। सरकार के इस कल्याणकारी निर्णय से राज्य के 1.86 करोड़ से अधिक उज्ज्वला परिवारों को सीधे वित्तीय राहत मिलेगी। त्योहारी सीजन में रसोई के बढ़ते खर्चों और महंगाई के बीच मुफ्त सिलेंडर मिलने से उत्तर प्रदेश के ग्रामीण और कस्बाई अंचलों की महिलाओं के चेहरों पर खुशी लौट आई है। योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार के खजाने से ₹2,142.78 करोड़ की भारी-भरकम धनराशि खर्च की जाएगी, ताकि हर गरीब महिला के घर में बिना किसी आर्थिक तंगी के त्योहारी पकवान और खुशियों के दीपक जल सकें।दीपावली और होली पर दो चरणों में मिलेगा मुफ्त सिलेंडर रिफिल का फायदाप्रदेश कैबिनेट के फैसले के बाद खाद्य एवं रसद विभाग ने इस योजना के वितरण की पूरी समय-सारिणी जारी कर दी है। लाभार्थियों को दोनों सिलेंडरों का वितरण दो अलग-अलग त्योहारी चरणों में सुनियोजित तरीके से किया जाएगा। पहले चरण के तहत पात्र महिलाओं को दीपावली पर्व के अवसर पर अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच पहला मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर रिफिल मिलेगा। इसके बाद दूसरे चरण के अंतर्गत होली के पावन पर्व के मौके पर जनवरी से मार्च 2027 के बीच दूसरा मुफ्त सिलेंडर रिफिल कराया जा सकेगा। खाद्य एवं रसद मंत्री ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है। लाभार्थी पहले अपने निर्धारित गैस वितरक (इंडेन, भारत गैस या एचपी गैस) से सामान्य प्रक्रिया के तहत रिफिल बुक करके सिलेंडर प्राप्त करेंगे और राज्य सरकार द्वारा तय की गई सब्सिडी की पूरी धनराशि सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से लाभार्थी महिला के बैंक खाते में वापस भेज दी जाएगी।आधार सीडिंग और बैंक खाता लिंक होना अनिवार्य: क्या हैं शर्तेंमुफ्त सिलेंडर योजना का लाभ लेने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने कुछ आवश्यक दिशा-निर्देश और शर्तें निर्धारित की हैं। सरकार ने दो टूक निर्देश जारी किए हैं कि योजना की सब्सिडी राशि केवल उन्हीं उज्ज्वला लाभार्थियों के खातों में पहुंचेगी जिनका बैंक खाता आधार से लिंक (Aadhaar Seeded) होगा और जिनका ई-केवाईसी (e-KYC) व बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण गैस एजेंसी के रिकॉर्ड में पूरी तरह अपडेट होगा। जिन लाभार्थियों ने अभी तक अपनी गैस एजेंसी पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन या बैंक खाते की एनपीसीआई (NPCI) मैपिंग नहीं कराई है, उन्हें सब्सिडी प्राप्त करने में बाधा आ सकती है। सरकार ने सभी जिलाधिकारियों और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को आदेश दिया है कि वे ग्रामीण इलाकों में विशेष कैंप लगाकर वंचित लाभार्थियों का आधार प्रमाणीकरण तत्काल पूरा करवाएं ताकि दीपावली से पहले किसी भी गरीब मां-बहन का खाता खाली न रहे।लखनऊ से लेकर पूर्वांचल और बुंदेलखंड तक: महिलाओं के स्वास्थ्य को संबलउत्तर प्रदेश के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों—विशेषकर बुंदेलखंड, तराई और पूर्वांचल के जिलों में आज भी लकड़ी, उपले और कोयले के पारंपरिक चूल्हों का धुआं महिलाओं और बच्चों के फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता रहा है। सिलेंडर भरवाने के पैसे न होने के कारण अक्सर गरीब महिलाएं गैस चूल्हा होने के बावजूद कंडे जलाने को मजबूर हो जाती थीं। लखनऊ के ग्रामीण अंचलों—मलिहाबाद, मोहनलालगंज, बख्शी का तालाब से लेकर गोरखपुर, वाराणसी, बांदा, चित्रकूट, आजमगढ़ और झांसी तक के लाखों गरीब परिवारों के लिए यह फैसला वरदान साबित होगा। स्वच्छ ईंधन के निरंतर उपयोग से जहां महिलाओं को धुएं से होने वाली सांस की बीमारियों और आंखों के संक्रमण से स्थायी मुक्ति मिलेगी, वहीं घर की बुनियादी बचत में भी दो सिलेंडरों के बराबर लगभग ₹1,800 से ₹2,000 की सीधी बचत दर्ज होगी।आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को साड़ी और उज्ज्वला परिवारों को दोहरा तोहफाइस कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न केवल उज्ज्वला योजना की महिलाओं को मुफ्त गैस रिफिल का तोहफा दिया, बल्कि जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य और पोषण का जिम्मा संभालने वाली प्रदेश की लाखों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को भी मुफ्त साड़ी वितरण के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखाई है। सरकार का यह कदम नारी सशक्तिकरण (Mission Shakti) और गरीब कल्याण की दिशा में एक समग्र संदेश देता है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सभी पेट्रोलियम कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि त्योहारों के दौरान एलपीजी सिलेंडरों की होम डिलीवरी में कोई देरी या कालाबाजारी न हो। ग्रामीण क्षेत्रों में गैस हॉकर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स पर कड़ी निगरानी रखने के लिए जिला पूर्ति अधिकारियों (DSO) की विशेष फ्लाइंग स्क्वॉड टीमें तैनात कर दी गई हैं। राज्य सरकार की इस पहल से पूरे उत्तर प्रदेश के ग्रामीण बाजारों में सकारात्मक माहौल बन गया है और दीपावली का उल्लास दोगुना हो गया है।
नवरात्र से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने रसगुल्ले की 682 पेटियां पकड़ीं
नवरात्र से पहले कौशांबी में खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है. अझुवा के पीहू मिष्ठान भंडार पर छापेमारी के दौरान हरियाणा से आए उत्तम ब्रांड के रसगुल्लों की 682 पेटियां मिलीं. टीम ने नमूने जांच के लिए भेजकर ट्रक सील कर दिया. मंझनपुर में बेसन और किशमिश के सैंपल भी लिए गए हैं.
देशभर के ताप विद्युत संयंत्रों (थर्मल पावर प्लांट्स) में कोयले की कमी और आगामी त्योहारी सीजन में ब्लैकआउट या बिजली संकट की गहराती आशंकाओं पर केंद्र सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने इन सभी कयासों और नकारात्मक रिपोर्टों को सिरे से खारिज करते हुए आधिकारिक आंकड़े जारी किए हैं। मंत्रालय के अनुसार, पावर सेक्टर को होने वाली दैनिक कोयला आपूर्ति में सितंबर के निचले स्तर की तुलना में अक्टूबर महीने में लगभग 36 प्रतिशत का जोरदार उछाल आया है। मानसून के दौरान खदानों में पानी भरने और भारी बारिश के चलते सितंबर में जो आपूर्ति प्रभावित हुई थी, वह अब तेजी से पटरी पर लौट चुकी है। रेलवे, सड़क और अन्य लॉजिस्टिक्स माध्यमों से निर्बाध ईंधन ढुलाई के दम पर देश के ऊर्जा संयंत्रों में ईंधन की स्थिति पूरी तरह स्थिर हो रही है। सरकार का कहना है कि बिजली उत्पादन में किसी भी प्रकार की रुकावट नहीं आएगी और त्योहारी सीजन के दौरान आम जनता व उद्योगों को 24 घंटे निर्बाध बिजली मिलती रहेगी।कोयले का भंडार घटने की रफ्तार आधी हुई, डिप्लीशन रेट में भारी गिरावटकोयला मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पावर प्लांट्स के यार्ड में रखे कोयला भंडार के घटने (Stock Depletion) की रफ्तार काफी धीमी पड़ चुकी है। सितंबर महीने के दौरान जब बिजली की मांग चरम पर थी और बारिश के कारण सप्लाई बाधित थी, तब बिजलीघरों के कुल भंडार से प्रतिदिन औसतन 2.43 लाख टन कोयला खर्च होकर घट रहा था। अक्टूबर में यह डिप्लीशन रेट गिरकर रोजाना मात्र 1.16 लाख टन रह गया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि भंडार में होने वाली दैनिक कमी अब आधे से भी कम हो गई है। हालांकि मंत्रालय ने यह साफ किया है कि अभी बिजली संयंत्रों में कोयले के कुल इन्वेंट्री स्टॉक का दोबारा बढ़ना (Rebuilding) पूरी तरह शुरू नहीं हुआ है, लेकिन सप्लाई और खपत के बीच का अंतर लगभग खत्म होने की कगार पर है। जैसे ही खदानों से उत्पादन पूरी क्षमता पर पहुंचेगा, प्लांटों में बफर स्टॉक तेजी से जमा होना शुरू हो जाएगा।रेलवे ने झोंके 465 से अधिक रैक, लगातार 3 दिनों तक 470 का लक्ष्य हासिलबिजली संयंत्रों तक समय पर कोयला पहुंचाने के लिए भारतीय रेलवे ने माल ढुलाई नेटवर्क को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। अक्टूबर महीने में रेलवे प्रतिदिन औसतन 465 से अधिक कोयला रैक का संचालन कर रहा है। मंत्रालय ने बताया कि लॉजिस्टिक्स समन्वय इतना मजबूत रहा है कि लगातार तीन दिनों तक प्रतिदिन 470 रैक कोयला भेजने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी सफलतापूर्वक हासिल किया गया। रेल मार्गों के अलावा कोल इंडिया और उसकी सहायक कंपनियों की खदानों से पिटहेड प्लांट्स तक सड़क मार्ग और समर्पित कन्वेयर बेल्ट प्रणाली (MGR) के जरिए भी ढुलाई में सुधार हुआ है। कोयला मंत्रालय, रेल मंत्रालय और ऊर्जा मंत्रालय की संयुक्त समन्वय समिति हर घंटे संवेदनशील बिजली संयंत्रों के कोयला स्टॉक और ट्रेनों की आवाजाही की मॉनिटरिंग कर रही है, ताकि किसी भी स्टेशन पर ईंधन की किल्लत न हो।'क्रिटिकल कोल स्टॉक' का मतलब बिजली संकट नहीं, सरकार ने दूर किया बड़ा भ्रमहालिया दिनों में कई मीडिया रिपोर्टों में कुछ बिजलीघरों को 'क्रिटिकल कोल स्टॉक' (गंभीर कोयला भंडार) श्रेणी में दिखाए जाने पर मचे बवाल पर सरकार ने विस्तार से तकनीकी सफाई दी है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि किसी थर्मल पावर प्लांट को 'क्रिटिकल' लिस्ट में डालने का मतलब यह कतई नहीं होता कि वहां कोयला पूरी तरह समाप्त हो गया है या यूनिट्स बंद होने जा रही हैं। दरअसल, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के नियमों के तहत हर प्लांट के लिए उसकी भौगोलिक दूरी के अनुसार 15 से 25 दिनों का न्यूनतम मानक भंडार (Normative Stock) तय होता है। जब किसी प्लांट के पास निर्धारित मानक से कम दिनों का स्टॉक बचता है, तो सिस्टम स्वतः उसे अर्ली-वार्निंग (पूर्व चेतावनी) के रूप में क्रिटिकल श्रेणी में चिन्हित करता है। इसका मुख्य उद्देश्य ऊर्जा और रेल मंत्रालय को अलर्ट करना होता है ताकि उस विशेष संयंत्र के लिए अतिरिक्त रैक तुरंत डायवर्ट किए जा सकें। इसे वास्तविक ईंधन संकट या प्लांट शटडाउन मानना पूरी तरह भ्रामक है।यूपी, दिल्ली-एनसीआर से लेकर पूरे उत्तर भारत में त्योहारी सीजन की तैयारीअक्टूबर और नवंबर का महीना उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, बिहार, पंजाब और हरियाणा समेत पूरे देश के लिए रोशनी और त्योहारों का समय होता है। करवा चौथ, धनतेरस, दिवाली और छठ महापर्व के दौरान घरेलू बिजली खपत के साथ-साथ बाजारों और कमर्शियल हब में बिजली की पीक डिमांड तेजी से बढ़ती है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, नोएडा और गाजियाबाद के पावर ग्रिड पर इस दौरान अतिरिक्त दबाव रहता है। राज्य के प्रमुख ताप विद्युत संयंत्रों—जैसे अनपरा, ओबरा, हरदुआगंज और परीक्षा थर्मल पावर स्टेशनों में कोयले के रैक की नियमित आवक सुनिश्चित की गई है। सरकार के इस ताजा आश्वासन और 36 फीसदी बढ़ी आपूर्ति के बाद यह तय हो गया है कि त्योहारी सीजन में ग्रिड ट्रिपिंग या कोयले की कमी के कारण लोड शेडिंग की नौबत नहीं आएगी और देश का औद्योगिक व घरेलू उत्पादन पूरी गति से चलता रहेगा।
किशोर न्याय अधिनियम के 10 साल पर सुप्रीम कोर्ट में दो दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श
सुप्रीम कोर्ट किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए दो दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श आयोजित कर रहा है।
सऊदी अरब के रियाद और आसपास के हवाई अड्डों पर बने सुरक्षा तनाव और ड्रोन-मिसाइल हमलों की ताजा रिपोर्टों के बीच भारतीय विमानन कंपनियों ने बड़ा कदम उठाया है। टाटा समूह की एयर इंडिया (Air India), एयर इंडिया एक्सप्रेस (Air India Express) और किफायती एयरलाइन अकासा एयर (Akasa Air) ने एहतियातन 10 अक्टूबर तक रियाद जाने और वहां से आने वाली अपनी सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अस्थायी रूप से रद्द कर दी हैं। एयरलाइंस के इस औचक फैसले के बाद खाड़ी देशों में काम करने वाले हजारों भारतीय प्रवासियों, व्यापारियों और उमराह व यात्रा पर निकले यात्रियों के सामने बड़ी असमंजस की स्थिति बन गई। प्रभावित यात्रियों की चिंताओं को देखते हुए सभी विमानन कंपनियों ने आधिकारिक घोषणा जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि रद्दीकरण से प्रभावित सभी यात्रियों को बिना किसी कैंसलेशन चार्ज के पूरा 100 फीसदी रिफंड दिया जाएगा या फिर वे बिना किसी अतिरिक्त पेनल्टी के अपनी यात्रा की तारीख को आगे के लिए रिशेड्यूल (Reschedule) करा सकते हैं।सुरक्षा कारणों से लिया गया आपात फैसला, बीच रास्ते से लौटे विमानपश्चिम एशिया में अचानक बिगड़े सुरक्षा माहौल और सऊदी अरब के रियाद व आभा स्थित हवाई अड्डों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं के बाद यह सुरक्षा अलर्ट जारी हुआ। स्थिति कितनी नाजुक थी, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली से रियाद के लिए उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-2243 (AI2243) को सुरक्षा इनपुट मिलने के बाद हवा से ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली वापस मोड़ लिया गया। ठीक इसी तरह कोच्चि और कालीकट से रवाना होने वाली उड़ानों के संचालन को भी रोक दिया गया। अकासा एयर ने कोच्चि से रियाद (QP 523) और रियाद से कोच्चि (QP 524) की उड़ानों को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया। एयरलाइंस का कहना है कि यात्रियों, केबिन क्रू और विमानों की हिफाजत उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियों और विमानन नियामक डीजीसीए (DGCA) की सलाह पर 10 अक्टूबर तक संचालन स्थगित रखने का कड़ा फैसला किया गया है।यात्रियों को कितना और कैसे मिलेगा रिफंड: जानिए एयरलाइंस की आधिकारिक गाइडलाइनफ्लाइट्स कैंसिल होने के बाद मुसाफिरों के मन में सबसे बड़ा सवाल रिफंड और टिकट के पैसों को लेकर है। दोनों एयरलाइंस ने अपनी रिफंड पॉलिसी को लेकर पूरी स्थिति साफ कर दी है:100% पूरा रिफंड (Full Refund): जिन यात्रियों की टिकट 10 अक्टूबर तक रियाद रूट पर बुक थी, उन्हें टिकट का पूरा पैसा वापस दिया जाएगा। एयरलाइन की तरफ से फ्लाइट कैंसिल होने के कारण इस पर कोई भी कैंसलेशन फीस, कन्वीनियंस चार्ज या एडमिनिस्ट्रेटिव चार्ज नहीं काटा जाएगा।फ्री रिशेड्यूलिंग की सुविधा (Free Rescheduling): यदि यात्री रिफंड लेने के बजाय हालात सामान्य होने पर अपनी यात्रा पूरी करना चाहते हैं, तो एयर इंडिया एक्सप्रेस और अकासा एयर उन्हें 'वन-टाइम फ्री चेंज' का विकल्प दे रही हैं। इसके तहत वे बिना किसी री-बुकिंग या चेंज पेनल्टी के आगामी उपलब्ध तारीखों के लिए अपनी सीट बुक करा सकते हैं।रिफंड क्लेम करने की प्रक्रिया: यदि आपने एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप से सीधे टिकट बुक की थी, तो 'मैनेज बुकिंग' (Manage Booking) सेक्शन में जाकर पीएनआर (PNR) और सरनेम डालकर कैंसलेशन दर्ज कर सकते हैं; रिफंड राशि 5 से 7 कार्यदिवसों के भीतर उसी बैंक खाते, क्रेडिट कार्ड या यूपीआई में स्वतः क्रेडिट कर दी जाएगी। यदि टिकट किसी ट्रैवल एजेंट, मेकमायट्रिप, इजमायट्रिप या क्लियरट्रिप जैसे थर्ड-पार्टी पोर्टल से बुक की गई थी, तो रिफंड का दावा संबंधित एजेंट के जरिए प्रोसेस किया जाएगा।किन-किन शहरों के यात्रियों पर पड़ा सीधा असरसऊदी अरब के रियाद के लिए भारत से हर हफ्ते दर्जनों सीधी और कनेक्टिंग उड़ानें संचालित होती हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस जहां बेंगलुरु, कोच्चि, कन्नूर और कोझिकोड से रियाद के लिए 16 साप्ताहिक उड़ानें संचालित करती है, वहीं एयर इंडिया दिल्ली और मुंबई से हर हफ्ते 7 उड़ानें भरती है। इसके अलावा अकासा एयर और इंडिगो भी दक्षिण भारत और मुंबई से रियाद को जोड़ती हैं। इस निलंबन के कारण उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, बिहार, केरल और कर्नाटक से खाड़ी जाने वाले हजारों कामगारों और परिवारों की यात्रा योजनाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं।दिल्ली से लेकर लखनऊ तक खाड़ी जाने वाले यात्रियों के लिए सलाहउत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, वाराणसी, दिल्ली और पटना जैसे शहरों से रियाद या सऊदी अरब के अन्य शहरों की यात्रा करने वाले मुसाफिरों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइन के कस्टमर केयर, व्हाट्सएप हेल्पडेस्क या सोशल मीडिया हैंडल्स पर अपनी फ्लाइट का लाइव स्टेटस जरूर जांच लें। विमानन कंपनियों ने चौबीसों घंटे काम करने वाले विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं ताकि यात्रियों को टिकट कैंसिलेशन और रिफंड में कोई तकनीकी दिक्कत न आए। 10 अक्टूबर के बाद उड़ानों को दोबारा शुरू करने का फैसला पश्चिम एशिया के एयरस्पेस की ताजा सुरक्षा समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा।
भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में पिछले दो वर्षों से चल रही बेतहाशा लग्जरी घरों की होड़ अब ठहरती नजर आ रही है। कोरोना महामारी के बाद बड़े बिल्डरों ने मध्यमवर्गीय खरीदारों को नजरअंदाज करते हुए केवल 1.5 करोड़ रुपये से लेकर 5 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले सुपर लग्जरी और प्रीमियम अपार्टमेंट्स बनाने पर पूरा जोर लगा दिया था। लेकिन अब प्रीमियम हाउसिंग सेगमेंट में इन्वेंट्री का दबाव बढ़ने और बिक्री की रफ्तार धीमी पड़ने के बाद रियल एस्टेट डेवलपर्स को अपनी रणनीति बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा है। देश के प्रमुख प्रॉपर्टी सलाहकारों और उद्योग निकायों की ताजा बाजार रिपोर्ट के अनुसार, बिल्डरों ने एक बार फिर भारत के सबसे बड़े उपभोक्ता वर्ग यानी मिडिल क्लास की मांग को प्राथमिकता देना शुरू कर दिया है। चालू कैलेंडर वर्ष 2026 के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश के शीर्ष 7 से 8 प्रमुख महानगरों में 40 लाख रुपये से कम कीमत वाले किफायती और मिड-सेगमेंट मकानों (Affordable Housing) के नए लॉन्च और सप्लाई में सालाना आधार पर लगभग 100 फीसदी यानी दोगुनी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।लग्जरी हाउसिंग की चमक पड़ी फीकी और क्यों थमी बिक्री की रफ्तारपिछले दो सालों में शेयर बाजार की तेजी और कॉरपोरेट मुनाफे के दम पर अल्ट्रा-लग्जरी सेगमेंट में जबरदस्त उछाल देखा गया था। लेकिन अब बाजार विश्लेषकों का मानना है कि प्रीमियम सेगमेंट एक 'सैचुरेशन प्वाइंट' (संतृप्ति स्तर) पर पहुंच चुका है। अत्यधिक ऊंची कीमतों, बढ़ती होम लोन ईएमआई (EMI) और निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली के चलते 1.5 करोड़ से ऊपर के फ्लैट्स की बिक्री वृद्धि दर 25-30% से फिसलकर सिंगल डिजिट में आ गई है। बड़े शहरों में तैयार और निर्माणाधीन लग्जरी प्रोजेक्ट्स की अनसोल्ड इन्वेंट्री (बिना बिके फ्लैट्स) का ढेर लगने लगा है, जिससे डेवलपर्स की वर्किंग कैपिटल फंसने लगी थी। बिल्डरों को यह समझ आ गया है कि देश की 70 फीसदी से अधिक वास्तविक घरेलू मांग (End-User Demand) उस मध्यमवर्गीय और नौकरीपेशा तबके से आती है, जिसका कुल बजट 30 लाख से 45 लाख रुपये के बीच सिमटा हुआ है। यही वजह है कि शीर्ष डेवलपर्स ने अपने प्रोजेक्ट्स का रुख बदलते हुए अब कॉम्पैक्ट 2BHK और किफायती 1BHK यूनिट्स के बड़े पैमाने पर नए फेज लॉन्च करने शुरू कर दिए हैं।40 लाख से सस्ते मकानों की सप्लाई में 100% का उछाल: क्या है वजहरियल एस्टेट अनुसंधान फर्मों के आंकड़ों के मुताबिक, पिछली तिमाहियों में जहां नए कुल आवासीय लॉन्च में अफोर्डेबल हाउसिंग का हिस्सा घटकर महज 15 से 18 फीसदी रह गया था, वहीं अब यह हिस्सेदारी बढ़कर 32 से 35 फीसदी के पार पहुंच चुकी है। 40 लाख रुपये तक के घरों की सप्लाई दोगुनी होने के पीछे तीन प्रमुख कारक काम कर रहे हैं:सरकारी नीतियां और सब्सिडी की वापसी: केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY Urban 2.0) के तहत ब्याज सब्सिडी योजना को नए सिरे से गति देने और राज्य सरकारों द्वारा किफायती आवासों पर स्टैंप ड्यूटी व लैंड अप्रूवल नियमों को लचीला बनाने से बिल्डरों के लिए इन परियोजनाओं की लागत व्यवहार्य हो गई है।कॉम्पैक्ट और स्मार्ट लेआउट: डेवलपर्स ने बड़े और भारी-भरकम फ्लैट्स के बजाय 550 से 750 वर्ग फीट के सुपर-ऑप्टिमाइज्ड और स्मार्ट 2BHK डिजाइन तैयार किए हैं। इससे जमीन की कम लागत में अधिक यूनिट्स तैयार हो रही हैं, जिससे अंतिम बिक्री मूल्य सीधे 35 से 40 लाख रुपये के दायरे में फिट बैठ रहा है।पेरीफेरल एक्सप्रेसवे और कनेक्टिविटी का विस्तार: मेट्रो विस्तार और आउटर रिंग रोड व एक्सप्रेसवे के चालू होने से शहरों के बाहरी उपनगरों (Suburbs) में सस्ती जमीन उपलब्ध हुई है, जिससे बिल्डर्स कम लागत में पूरी आधुनिक एमिनिटीज वाले गेटेड टाउनशिप प्रोजेक्ट्स ला रहे हैं।दिल्ली-एनसीआर से लेकर लखनऊ और मुंबई तक: किन इलाकों में नए प्रोजेक्ट्स की बाढ़अगर क्षेत्रीय और भौगोलिक रूप से देखें, तो उत्तर भारत से लेकर पश्चिमी भारत के प्रमुख शहरों में इस बदलाव का असर साफ दिखाई दे रहा है:दिल्ली-एनसीआर: ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन), यमुना एक्सप्रेसवे के शुरुआती सेक्टर्स, गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन और सोहना रोड (गुरुग्राम एक्सटेंशन) में 30 से 40 लाख रुपये के बजट वाले नए टाउनशिप प्रोजेक्ट्स तेजी से लॉन्च किए गए हैं।उत्तर प्रदेश और लखनऊ: लखनऊ के किसान पथ (आउटर रिंग रोड), सुल्तानपुर रोड, मोहान रोड योजना और कानपुर रोड कॉरिडोर पर एलडीए (LDA) और निजी प्रमोटरों द्वारा मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए 30 से 45 लाख की रेंज में 2BHK अपार्टमेंट्स और रो-हाउसिंग की भारी आपूर्ति शुरू की गई है।मुंबई एमएमआर और पुणे: मुंबई के मीरा-भायंदर, कल्याण-डोंबिवली, नवी मुंबई के तलोजा और पनवेल में कॉम्पैक्ट होम्स की बिक्री में भारी उछाल आया है, जबकि पुणे के वाघोली, हिंजेवाड़ी फेज-3 और चाकन बेल्ट में आईटी व ऑटो कर्मचारियों के लिए बजट हाउसिंग की नई सप्लाई उतारी गई है।पहली बार घर खरीदने वाले परिवारों के लिए ईएमआई और बजट का गणितमध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह बदलाव सबसे बड़ा वरदान साबित हो रहा है। यदि कोई परिवार 40 लाख रुपये का मकान खरीदता है और 20% यानी 8 लाख रुपये का डाउनपेमेंट खुद लगाता है, तो उसे 32 लाख रुपये का होम लोन लेना पड़ता है। 8.5% की औसत बैंक ब्याज दर पर 20 साल के लिए इसकी मासिक ईएमआई लगभग ₹27,700 बनती है। मेट्रो और सेमी-मेट्रो शहरों में जहां 2BHK का सामान्य मासिक किराया ही 18,000 से 22,000 रुपये तक पहुंच चुका है, वहां किराये में महज 5 से 8 हजार रुपये अतिरिक्त जोड़कर परिवार अपने खुद के घर का मालिक बन रहा है। प्रॉपर्टी विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी त्योहारी सीजन और नए साल में अफोर्डेबल हाउसिंग की मांग चरम पर रहने वाली है, जिससे लंबे समय से किराए के मकानों में रह रहे लाखों मिडिल क्लास परिवारों का 'अपना घर' का सपना साकार हो सकेगा।
PM Modi ने किशोरियों के स्वास्थ्य पर जोर दिया, आंगनवाड़ी केंद्रों में जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान
नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को किशोरियों के स्वास्थ्य, पोषण और समग्र विकास पर अधिक ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और सशक्तीकरण पर जोर देते हुए बच्चों के लिए उनकी उम्र के अनुरूप विशेष ‘मॉड्यूल’ विकसित करने का सुझाव भी दिया। दिल्ली में महिला एवं बाल विकास विभाग के एक शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के जरिए निवारक कदम उठाने के महत्व पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, मोदी की परिकल्पना के अनुरूप आयोजित किए जा रहे विभिन्न विभागीय शिखर सम्मेलनों की श्रृंखला के तहत इस सम्मेलन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्रियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। सम्मेलन में पोषण एवं प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल, बाल संरक्षण, महिलाओं की सुरक्षा एवं सशक्तीकरण तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के जरिए सेवाओं की आपूर्ति व्यवस्था मजबूत करने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बयान में कहा गया कि मोदी ने सम्मेलन में हुई गहन चर्चाओं की सराहना की और केंद्र तथा राज्यों के बीच सहयोगात्मक निर्णय प्रक्रिया के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य इस मॉडल को आगे बढ़ाते हुए जिला स्तर के साथ-साथ नगर निकायों और महानगरों के स्तर पर भी इसी तरह के चिंतन शिविर आयोजित कर सकते हैं। मोदी ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए विशेष चिंतन शिविर आयोजित करने का सुझाव भी दिया, ताकि वे अपने अनुभवों, नवाचारों और जमीनी स्तर पर अपनाए जा रहे व्यावहारिक समाधानों को एक-दूसरे के साथ साझा कर सकें। जनभागीदारी के सिद्धांत पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र को एक अलग-थलग संस्थान के रूप में काम नहीं करना चाहिए, बल्कि इसे सामुदायिक भागीदारी का केंद्र बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों के आसपास रहने वाले परिवारों को भी विशेष अवसरों पर पौष्टिक भोजन, खिलौने और बच्चों के लिए स्थानीय जरूरतों के अनुरूप उपयोगी वस्तुएं उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों की आंगनवाड़ी केंद्रों के साथ अधिक सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
RBI का बड़ा एक्शन! 13 NBFCs का रजिस्ट्रेशन रद्द, 10 कंपनियों ने सरेंडर किया सर्टिफिकेट; जानें वजह
भारतीय वित्तीय तंत्र को सुरक्षित, पारदर्शी और नियमों के अनुकूल बनाए रखने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) पर बड़ा नियामक चाबुक चलाया है। केंद्रीय बैंक ने कड़े कदम उठाते हुए 13 एनबीएफसी के पंजीकरण प्रमाण पत्र (Certificate of Registration - CoR) को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। इसके अतिरिक्त, 10 अन्य वित्तीय संस्थानों ने अपना कारोबार बंद करने या नियमों के पुनर्गठन के चलते स्वेच्छा से अपना रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट आरबीआई को सरेंडर कर दिया है। रिजर्व बैंक द्वारा 9 अक्टूबर को जारी आधिकारिक अधिसूचना के बाद देश के वित्तीय और बैंकिंग सेक्टर में हड़कंप मच गया है। आरबीआई ने स्पष्ट कर दिया है कि वित्तीय अनुशासन, पूंजी पर्याप्तता और उपभोक्ताओं के हितों की अनदेखी करने वाली किसी भी संस्था को देश के बैंकिंग ढांचे में काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।13 कंपनियों पर क्यों गिरी गाज और पश्चिम बंगाल से क्या है बड़ा कनेक्शनरिजर्व बैंक ने यह दंडात्मक कार्रवाई भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) के तहत मिले अधिकारों का उपयोग करते हुए की है। केंद्रीय बैंक की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, जिन 13 एनबीएफसी के लाइसेंस रद्द किए गए हैं, उनमें से 11 कंपनियां अकेले पश्चिम बंगाल (विशेषकर कोलकाता) से संचालित हो रही थीं। इन कंपनियों पर समय-समय पर वित्तीय रिटर्न दाखिल न करने, आरबीआई के विवेकपूर्ण मानदंडों (Prudential Norms) की अनदेखी करने और कानूनी इकाई के रूप में अस्तित्व खोने जैसे गंभीर उल्लंघन पाए गए। इनमें से कुछ कंपनियां जैसे वंदना गृह निर्माण लिमिटेड और रामसिसारिया बिल्डर्स लिमिटेड विलय (Merger), विघटन (Dissolution) या कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा स्ट्राइक-ऑफ होने के कारण पहले ही वैधानिक अस्तित्व खो चुकी थीं। लाइसेंस रद्द होने के बाद अब ये सभी 13 कंपनियां किसी भी प्रकार का वित्तीय लेनदेन, ऋण वितरण या गैर-बैंकिंग संस्था के रूप में जनता से जमा स्वीकार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित हो चुकी हैं।10 एनबीएफसी ने क्यों सरेंडर किया अपना लाइसेंसएक अलग आधिकारिक बयान में रिजर्व बैंक ने बताया कि 10 अन्य एनबीएफसी ने अपना पंजीकरण प्रमाण पत्र स्वयं वापस कर दिया है। इन कंपनियों द्वारा लाइसेंस सरेंडर करने के पीछे कई परिचालन और रणनीतिक कारण रहे हैं। कुछ कंपनियों ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कारोबार से पूरी तरह बाहर निकलने (Business Exit) का निर्णय लिया, जबकि कई कंपनियों ने अनिवार्य पंजीकरण आवश्यकताओं से छूट प्राप्त श्रेणियों में खुद को पुनर्गठित कर लिया। सरेंडर करने वाली प्रमुख कंपनियों में प्रगति फिनकैप लिमिटेड, राजलक्ष्मी वाणिज्य प्राइवेट लिमिटेड, विवृत्ति कैपिटल लिमिटेड, एमएसजे कॉलोनाइजिंग एंड लीजिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, पीकेएसएल इनवेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड और एचसीएल कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड जैसी इकाइयां शामिल हैं। इन कंपनियों के आवेदन और कानूनी औपचारिकताओं की समीक्षा के बाद आरबीआई ने इनके प्रमाण पत्रों को औपचारिक रूप से निरस्त कर दिया है।आम जमाकर्ताओं और कर्जदारों पर क्या होगा इसका सीधा असरआरबीआई द्वारा गैर-अनुपालन वाली एनबीएफसी के खिलाफ चलाए जा रहे इस सफाई अभियान का सबसे बड़ा उद्देश्य आम जनता की गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखना है। अक्सर अनधिकृत या निष्क्रिय एनबीएफसी के नाम पर बाजार में अवैध लोन ऐप्स, ऊंची ब्याज दरों पर कर्ज वसूली और फर्जी निवेश योजनाओं का जाल फैलाया जाता है। जब केंद्रीय बैंक ऐसे लाइसेंस निरस्त करता है, तो आम नागरिकों के लिए यह एक स्पष्ट चेतावनी का काम करता है कि वे इन कंपनियों के साथ किसी भी नए वित्तीय सौदे में न पड़ें। जिन ग्राहकों का इन कंपनियों में पहले से कोई बकाया या कानूनी लेन-देन चल रहा है, उसका निपटारा मौजूदा अनुबंध और संबंधित ट्रिब्यूनल के माध्यम से ही किया जाएगा, लेकिन नई कारोबारी गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा।दिल्ली-एनसीआर, मुंबई से लखनऊ तक एनबीएफसी सेक्टर पर सख्त निगरानीदेशभर में फिनटेक और एनबीएफसी के जरिए डिजिटल लोन का बाजार जिस तेजी से बढ़ा है, उसी अनुपात में डिफॉल्ट और धोखाधड़ी की शिकायतें भी बढ़ी हैं। देश की वित्तीय राजधानी मुंबई, दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, कानपुर और पटना जैसे तेजी से बढ़ते व्यापारिक केंद्रों में भी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की गतिविधियां बहुत व्यापक हैं। आरबीआई ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को यह सख्त निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में सक्रिय एनबीएफसी के बहीखातों, ऑडिट रिपोर्ट, रिकवरी एजेंटों के आचरण और उपभोक्ता शिकायत निवारण तंत्र की लगातार समीक्षा करते रहें। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंक की इस सख्त स्क्रीनिंग से केवल वही कंपनियां बाजार में टिक पाएंगी जो पारदर्शी गवर्नेंस और मजबूत बैलेंस शीट के साथ काम कर रही हैं।
भारतीय पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में प्रीमियम क्रूज पर्यटन की अग्रणी पहचान बन चुकी कॉर्डेलिया क्रूज (Cordelia Cruises) का संचालन करने वाली पैरेंट कंपनी वाटरवेज लेजर टूरिज्म लिमिटेड (Waterways Leisure Tourism Limited) ने शेयर बाजार में अपने धमाकेदार वित्तीय नतीजों से निवेशकों को चौंका दिया है। चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में कंपनी ने ऐतिहासिक वित्तीय बदलाव (टर्नअराउंड) दर्ज करते हुए घाटे से जोरदार वापसी की है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को दी गई आधिकारिक वित्तीय जानकारी के मुताबिक, वाटरवेज लेजर टूरिज्म ने सितंबर तिमाही में ₹58.50 करोड़ का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा (Net Profit) कमाया है, जबकि ठीक एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को ₹8.93 करोड़ का शुद्ध घाटा झेलना पड़ा था। वहीं कंपनी के परिचालन राजस्व (Revenue from Operations) में भी सालाना आधार पर 30.4 फीसदी यानी करीब 31 प्रतिशत का जोरदार उछाल देखने को मिला है, जिससे कंपनी की कुल आय ₹102 करोड़ से बढ़कर ₹133 करोड़ (₹132.90 करोड़) के स्तर पर पहुंच गई है। भारतीय सैलानियों के बीच समुद्र में छुट्टियों (Cruise Vacations) के बढ़ते क्रेज, रिकॉर्ड बुकिंग और रणनीतिक विस्तार के दम पर कंपनी ने अपने ऑपरेशंस को पूरी तरह मुनाफे के ट्रैक पर ला खड़ा किया है।घाटे से मुनाफे में तब्दील होने का क्या है गणित और एक्स्ट्राऑर्डिनरी गेन का असरकंपनी के इस असाधारण तिमाही नतीजों के पीछे न केवल मजबूत परिचालन प्रदर्शन का हाथ है, बल्कि एक बड़ा वन-ऑफ एक्सेप्शनल गेन (असाधारण लाभ) भी शामिल रहा है। सितंबर तिमाही के दौरान कंपनी के शुद्ध लाभ में ₹49.49 करोड़ (करीब ₹49.5 करोड़) का असाधारण मुनाफा जुड़ा हुआ है। वित्तीय विवरणों के अनुसार, यह राशि कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली विदेशी सहायक कंपनी 'बे क्रूज इन्वेस्टमेंट्स इंक' (Bay Cruise Investments Inc.) द्वारा दर्ज की गई है। कंपनी के आगामी नए लग्जरी क्रूज जहाज 'स्काई' (Vessel Sky) की निर्धारित तारीख 30 सितंबर के बजाय 10 सितंबर को ही समय से पहले डिलीवरी मिल गई थी। इस अर्ली डिलीवरी के एवज में बिना किसी देनदारी के मिले मुआवजे के रूप में यह भारी रकम कंपनी के बहीखाते में दर्ज हुई, जिसने कंपनी के शुद्ध लाभ को अप्रत्याशित ऊंचाई पर पहुंचा दिया। हालांकि, बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस असाधारण मुनाफे को अलग भी रख दिया जाए, तब भी कंपनी का कोर बिजनेस घाटे से उबरकर ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी परिचालन अधिशेष दर्ज करने में पूरी तरह कामयाब रहा है।ऑपरेटिंग लेवल पर दमदार प्रदर्शन: माइनस से प्लस में आया कंपनी का EBITDAकिसी भी हॉस्पिटैलिटी और एविएशन-क्रूज जैसी पूंजी-गहन (Capital-Intensive) कंपनियों की असली वित्तीय सेहत उनके एबिटा (EBITDA - Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortisation) से आंकी जाती है। दूसरी तिमाही में वाटरवेज लेजर टूरिज्म ने इस मोर्चे पर अपनी संचालन दक्षता साबित कर दिखाई है। पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी को ₹5.9 करोड़ का एबिटा घाटा हुआ था, लेकिन इस बार कंपनी ने ₹9.4 करोड़ का सकारात्मक परिचालन लाभ (Positive EBITDA) दर्ज किया है। इसके साथ ही कंपनी का एबिटा मार्जिन सुधरकर 7.1 फीसदी पर पहुंच गया है। मानसून और ऑफ-सीजन मानी जाने वाली जुलाई-सितंबर तिमाही में आमतौर पर समुद्री क्रूज यात्राओं की मांग साल के अन्य महीनों के मुकाबले कम रहती है। इसके बावजूद 7.1% का एबिटा मार्जिन हासिल करना यह प्रमाणित करता है कि कॉर्डेलिया क्रूज ने अपने जहाजों के मेंटेनेंस खर्च, ईंधन की खपत और लीज रेंटल की लागत को काफी समझदारी से नियंत्रित किया है।बैलेंस शीट में 4 गुना का विस्तार और नए जहाजों के साथ बड़ा विस्तार प्लानचालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों (अप्रैल से सितंबर 2026) के संयुक्त प्रदर्शन पर नजर डालें, तो कंपनी की वित्तीय सेहत में अभूतपूर्व मजबूती आई है। पहली छमाही (H1 FY27) में कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा ₹81.27 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के ₹25.83 करोड़ के मुकाबले 214 फीसदी से अधिक की छलांग है। वहीं छमाही राजस्व ₹277.85 करोड़ से बढ़कर ₹323.01 करोड़ हो गया है। 30 सितंबर 2026 तक कंपनी की बैलेंस शीट का कुल आकार मार्च 2026 के ₹341.78 करोड़ से बढ़कर सीधे ₹1,348.43 करोड़ पर पहुंच गया है, जो चार गुना से अधिक का विस्तार दर्शाता है। कंपनी अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए आक्रामक रूप से निवेश कर रही है। दूसरी तिमाही में कंपनी ने नए क्रूज जहाज के अधिग्रहण के लिए एक थर्ड पार्टी को ₹429 करोड़ का ब्याज युक्त लोन अग्रिम दिया है, साथ ही अपने आगामी जहाजों 'स्काई' और 'सन' (Sky and Sun) के लिए क्रूज मालिक को 24.8 मिलियन अमेरिकी डॉलर का लीज किराया एडवांस में चुकाया है। इससे साफ संकेत मिलता है कि कंपनी आने वाले महीनों में अपनी फ्लीट क्षमता को दोगुना करने की तैयारी में है।मुंबई, गोवा से लेकर उत्तर भारत के पर्यटकों में बढ़ा क्रूज का क्रेजभारतीय पर्यटन उद्योग में पिछले कुछ वर्षों में बहुत बड़ा ढांचागत बदलाव देखने को मिला है। पहले जहां भारतीय अमीर परिवार क्रूज का आनंद लेने के लिए सिंगापुर, यूरोप या कैरेबियन देशों का रुख करते थे, वहीं अब घरेलू स्तर पर मुंबई, गोवा, कोच्चि, लक्षद्वीप, विशाखापट्टनम और चेन्नई के तटीय जलमार्गों पर विश्वस्तरीय लग्जरी क्रूजिंग की सुविधा उपलब्ध हो चुकी है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, कानपुर, दिल्ली-एनसीआर, चंडीगढ़, जयपुर और पटना जैसे गैर-तटीय महानगरों से आने वाले पर्यटकों और कॉरपोरेट जगत के बीच कॉर्डेलिया क्रूज की शादियों, कॉरपोरेट सम्मेलनों (MICE) और फैमिली वेकेशन की बुकिंग में 40 से 50 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया है। त्योहारी सीजन, दिवाली, न्यू ईयर और विंटर हॉलिडे के लिए एडवांस्ड बुकिंग फुल चल रही है, जिसका सीधा फायदा कंपनी की आगामी तीसरी और चौथी तिमाही के राजस्व में दिखने की पूरी उम्मीद है।शेयर बाजार में प्रदर्शन और निवेशकों के लिए आगे के संकेतवाटरवेज लेजर टूरिज्म की शेयर बाजार यात्रा की बात करें तो कंपनी इसी वर्ष 1 जुलाई को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर ₹808 के इश्यू प्राइस वाले आईपीओ के बाद लिस्ट हुई थी। लिस्टिंग के बाद कंपनी के बोर्ड और शेयरधारकों ने शेयरों की तरलता (Liquidity) बढ़ाने और छोटे रिटेल निवेशकों की भागीदारी आसान बनाने के लिए ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर को 10 टुकड़ों में बांटते हुए 1:10 के स्टॉक स्प्लिट को मंजूरी दी थी। स्टॉक स्प्लिट के बाद कंपनी का शेयर एनएसई पर ₹100.98 के आसपास कारोबार कर रहा है। हालांकि शुक्रवार को शेयर में मामूली नरमी रही, लेकिन कैलेंडर वर्ष 2026 में अब तक इस शेयर ने अपने निवेशकों को 53 फीसदी से अधिक का शानदार रिटर्न दिया है। बाजार के दिग्गजों का मानना है कि कंपनी के सिर पर वर्तमान में ₹344 करोड़ से अधिक की शॉर्ट-टर्म उधारी जरूर है, लेकिन यदि नए जहाजों के जुड़ने से कंपनी की क्षमता और ऑक्यूपेंसी इसी तरह बढ़ती रही, तो भारत का यह क्रूज ऑपरेटर देश के ब्लू इकोनॉमी विजन का सबसे बड़ा ब्रांड बनकर उभरेगा।
मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 में नवाचार, पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं और सांस्कृतिक विरासत के लिए पुरस्कारों का प्रदर्श
एलन मस्क के AI चैटबॉट 'ग्रोक' ने ही स्टारलिंक पर उठाए सुरक्षा के सवाल, बताए ये 4 बड़े जोखिम
एलन मस्क के एआई चैटबॉट ग्रोक ने भारत में स्टारलिंक की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने पर राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा संप्रभुता सहित चार बड़े जोखिम बताए हैं।
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन को लेकर पुलिस अलर्ट, 20 हजार से ज्यादा जवान तैनात
दिल्ली में होने वाले बड़े प्रदर्शन को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है. इस प्रदर्शन में लगभग 7 से 9 हजार लोगों के जुटने की उम्मीद जताई जा रही है. भारी भीड़ और संभावित सुरक्षा खतरों को देखते हुए दिल्ली पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है. शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली के विभिन्न इलाकों में 20,000 से अधिक सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है. सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए पुलिस ने विशेष इंतजाम किए हैं. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस ने कुल 12 डिटेंशन सेंटर बनाए हैं, जहां उपद्रवियों या कानून हाथ में लेने वालों को रखा जा सकेगा.
SIP vs FD: क्या 5 साल के निवेश पर भी भारी पड़ी FD? जानिए क्यों बढ़ी निवेशकों की टेंशन
शेयर बाजार में पिछले कुछ महीनों से जारी उतार-चढ़ाव, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और वैल्यूएशन की चिंताओं के बीच म्यूचुअल फंड निवेशकों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंचने लगी हैं। पिछले तीन से पांच वर्षों में शानदार रिटर्न देखकर इक्विटी म्यूचुअल फंड में व्यवस्थित निवेश योजना (SIP) शुरू करने वाले कई निवेशक अब यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या बाजार के मौजूदा कंसोलिडेशन दौर में 5 साल के नजरिए से फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) इक्विटी SIP पर भारी पड़ रही है?5 साल के रिटर्न का सच: बाजार की उठापटक ने क्यों बढ़ाई चिंताइक्विटी म्यूचुअल फंड्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह लंबी अवधि में धन सृजन (Wealth Creation) का माध्यम है, लेकिन मध्यम अवधि (3 से 5 साल) में यह पूरी तरह शेयर बाजार के चक्र (Market Cycle) से प्रभावित रहता है। जब बाजार नई ऊंचाइयों पर पहुंचने के बाद सुस्त पड़ता है या करेक्शन के दौर से गुजरता है, तो हाल ही में शुरू की गई एसआईपी के एक्सआईआरआर (XIRR) रिटर्न में अचानक तेज गिरावट दर्ज की जाती है।इसके विपरीत, बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट में ब्याज दरें तय और सुरक्षित रहती हैं। हाल के समय में बैंकों और स्मॉल फाइनेंस बैंकों ने 7% से 8.5% तक के गारंटीड ब्याज की पेशकश की है। ऐसे में जब किसी रूढ़िवादी निवेशक का 5 साल का इक्विटी एसआईपी रिटर्न बाजार गिरावट के चलते घटकर 8% से 9% के दायरे में आ जाता है, तो उसे लगता है कि बिना किसी जोखिम के एफडी में पैसा रखना ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद था।मापदंडम्यूचुअल फंड इक्विटी SIPबैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)रिटर्न का प्रकारबाजार से जुड़ा (परिवर्तनशील 10%-14%)पूरी तरह निश्चित और गारंटीड (6.5%-7.5%)पूंजी की सुरक्षाबाजार जोखिम के अधीन (अस्थिरता संभव)₹5 लाख तक डीआईसीजीसी (DICGC) द्वारा बीमितमुद्रास्फीति (महंगाई) से बचावऐतिहासिक रूप से 5-6% महंगाई को पछाड़ने में सक्षमटैक्स और महंगाई के बाद वास्तविक रिटर्न शून्य या 1-2%कराधान (Taxation)₹1.25 लाख से ऊपर 12.5% LTCGटैक्स स्लैब के अनुसार (30% स्लैब पर भारी टैक्स ड्रैग)5 साल में ₹10,000 मासिक निवेश: SIP बनाम FD का गणितयदि कोई निवेशक 5 साल तक ₹10,000 प्रति माह (कुल निवेश ₹6,00,000) जमा करता है, तो दोनों माध्यमों में अनुमानित आंकड़े इस प्रकार सामने आते हैं:बैंक FD (7.0% सालाना ब्याज मानकर): 5 साल बाद कुल परिपक्वता राशि लगभग ₹7,15,929 बनेगी। यानी कुल ब्याज लाभ लगभग ₹1,15,929 होगा। यदि निवेशक 30% के टैक्स स्लैब में आता है, तो टैक्स कटने के बाद हाथ में आने वाला शुद्ध मुनाफा और कम हो जाता है।इक्विटी SIP (12.0% अनुमानित दीर्घकालिक रिटर्न मानकर): 5 साल बाद कुल राशि लगभग ₹8,24,864 तक पहुंच सकती है। यानी कुल पूंजीगत लाभ लगभग ₹2,24,864 होगा। ₹1.25 लाख की छूट के बाद केवल अतिरिक्त लाभ पर 12.5% एलटीसीजी टैक्स लागू होता है।इस प्रकार, यदि बाजार सामान्य ऐतिहासिक औसत के आसपास भी रहता है, तो इक्विटी एसआईपी 5 साल की अवधि में भी एफडी से आगे निकलती है। लेकिन यदि 5वें साल के अंत में बाजार में 15-20% का बड़ा करेक्शन आ जाए, तो एसआईपी का लाभ काफी घट सकता है, जिसे 'सीक्वेंस ऑफ रिटर्न्स रिस्क' (Sequence of Returns Risk) कहा जाता है।टैक्स और महंगाई: एफडी का छिपा हुआ नुकसानवरिष्ठ नागरिकों या उन लोगों के लिए जो 1 से 3 साल के भीतर पैसा निकालना चाहते हैं, एफडी सबसे मुफीद है। लेकिन 5 साल या उससे अधिक के नजरिए से देखें तो एफडी का सबसे बड़ा दुश्मन है टैक्स और महंगाई हैं।30% आयकर स्लैब में आने वाले व्यक्ति के लिए 7.0% की एफडी का शुद्ध पोस्ट-टैक्स रिटर्न लगभग 4.9% ही रह जाता है।यदि देश में खुदरा महंगाई (CPI) 5% के आसपास बनी रहती है, तो एफडी में रखा पैसा समय के साथ अपनी क्रय शक्ति (Purchasing Power) गंवाने लगता है।इक्विटी एसआईपी में टैक्स केवल रिडेम्पशन के समय लगता है, जिससे पूरे 5 साल तक मूलधन और ब्याज दोनों पर चक्रवृद्धि (Compounding) का पूरा फायदा मिलता रहता है।निवेशकों को क्या रणनीति अपनानी चाहिए?लक्ष्य की अवधि (Time Horizon) के अनुसार आवंटन: यदि आपको 3 साल से कम समय में पैसे की जरूरत है (जैसे बच्चे की फीस, होम लोन डाउनपेमेंट), तो शेयर बाजार में जोखिम न लें और बैंक एफडी या लिक्विड फंड ही चुनें।5 वर्ष या उससे अधिक का नजरिया: यदि लक्ष्य 5 से 7 वर्ष या उससे दूर का है (जैसे रिटायरमेंट या लंबी अवधि का फंड), तो बाजार के अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से घबराकर एसआईपी बंद न करें। मंदी के दौर में एसआईपी से सस्ती एनएवी (NAV) पर अधिक यूनिट्स मिलती हैं (Rupee Cost Averaging)।संतुलित एसेट एलोकेशन: अपनी कुल बचत का 20-30% हिस्सा इमरजेंसी और पूंजी सुरक्षा के लिए बैंक एफडी में रखें और शेष अधिशेष राशि को लंबी अवधि के लिए इंडेक्स फंड या फ्लेक्सी-कैप एसआईपी में लगाएं।

24 C
