US-ईरान की हाई लेवल मीटिंग! न्यूयॉर्क में कुशनर-विटकॉफ से मिले अराघची
UNGA सेशन में शामिल होने न्यूयॉर्क पहुंचे ईरानी डेलिगेशन और अमेरिकी अधिकारियों की हाई लेवल मीटिंग हुई. तीन घंटे तक चली इस मीटिंग में अमेरिकी अधिकारी स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के साथ ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी शामिल थे. बैठक में ईरान ने होर्मुज खोलने और युद्ध खत्म करने की शर्तें रखीं.
Taurus Tarot Card Rashifal: काम जल्द पूरा करने की कोशिश पड़ सकती है भारी, धैर्य से लेना होगा फैसला
Taurus Tarot Card Horoscope 23 September: The Hierophant की ऊर्जा बड़े बुजुर्गों के मार्गदर्शन और सलाह से लाभ, पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वाह बेहतर तरीके से करने का प्रयास और सोच समझ कर उच्च अधिकारियों के सामने अपने कार्यों को पूरा करने की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते हैं,वृषभ राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों,आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
पेनकिलर कर देगी किडनी खराब, CDSCO ने दर्दनिवारक, एंटीबायोटिक्स के अंधाधुंध इस्तेमाल को लेकर चेताया
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने दर्द निवारक और एंटीबायोटिक दवाओं के अंधाधुंध उपयोग को लेकर चेताया है।
बंगाल में 933 सरकारी स्कूल बंद, शून्य नामांकन के कारण लगा ताला; पुनर्जीवन की संभावना तलाशेगी सरकार
बंगाल में शून्य नामांकन के कारण 933 सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल बंद किए गए हैं। अब राज्य सरकार इन स्कूलों का भौतिक सत्यापन कराकर उनके पुनर्जीवन या भवन-जमीन समेत अन्य संसाधनों के वैकल्पिक इस्तेमाल की संभावना तलाशेगी।
Aries Tarot Card Rashifal: बड़े फैसले में अनुभवी की सलाह आ सकती है काम, जल्दबाजी से बचना होगा जरूरी
Aries Tarot Card Horoscope 23 September:- The Hanged Man की ऊर्जा जीवन में सकारात्मक बदलाव और स्थिरता, क्षमता से अधिक कार्यभार न लेने का प्रयास और बिना सोचे समझे वादा न करने की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते हैं, मेष राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
कम दबाव क्षेत्र ने बढ़ाई टेंशन: ओडिशा से आंध्र-तेलंगाना तक झमाझम बारिश के आसार, कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद- Heavy rain alert from Odisha to Andhra Telangana Deep depression schools colleges closed in several districts
Aquarius Aaj Ka Rashifal: निजी योजनाओं को लेकर बढ़ सकती है व्यस्तता, हर बात सार्वजनिक करने से बचें
Aquarius Horoscope Today 23 September 2026, Kumbh Rashifal: अपनी व्यक्तिगत जानकारी हर व्यक्ति को बताने से बचें. आर्थिक मामलों में विशेष सावधानी आवश्यक रहेगी.
Capricorn Aaj Ka Rashifal: करियर की दिशा में बदलाव की बन सकती है योजना, सोच-समझकर उठाएं अगला कदम
Capricorn Horoscope Today 23 September 2026, Makar Rashifal: धन के मामले में आज व्यक्तिगत जरूरतों पर खर्च बढ़ सकता है. सब कुछ स्वयं संभालने की कोशिश आपको थका सकती है.
Sagittarius Horoscope Today 23 September 2026, Dhanu Rashifal: कार्यस्थल पर कोई ऐसी चर्चा हो सकती है जिसमें आपकी व्यावहारिक राय मांगी जाए. भोजन की मात्रा और समय दोनों पर ध्यान दें.
Scorpio Aaj Ka Rashifal: छोटी यात्रा का बन सकता है प्लान, सफर के दौरान जल्दबाजी से बचना होगा जरूरी
Scorpio Horoscope Today 23 September 2026, Vrishchik Rashifal: छोटी दूरी की यात्रा की योजना बन सकती है. आज का दिन साहस दिखाने के लिए अच्छा है, लेकिन जोखिम उठाने के लिए नहीं.
Libra Aaj Ka Rashifal: घरेलू जरूरतों पर खर्च का बन सकता है दबाव, गैर-जरूरी खरीदारी टालें
Libra Horoscope Today 23 September 2026, Tula Rashifal: कार्यस्थल पर मन पूरी तरह नहीं लगने से आपका काम प्रभावित हो सकता है. संपत्ति से जुड़े मामलों में विशेष सतर्कता रखें.
Virgo Aaj Ka Rashifal: छोटी बात को ज्यादा सोचने से बचें, रिश्तों में बढ़ेगी सहजता
Virgo Horoscope Today 23 September 2026, Kanya Rashifal: सामने वाले के हर छोटे व्यवहार का अर्थ निकालने की कोशिश न करें.काम के क्षेत्र में आपकी विश्लेषण क्षमता मजबूत रहेगी.
छोड़ दिया BJP में जाने का इरादा, राहुल गांधी के समझाने पर कांग्रेस के पूर्व विधायक का फैसला
विदर्भ के चिखली से कांग्रेस के पूर्व विधायक राहुल बोंद्रे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की अपनी योजना पार्टी नेता राहुल गांधी से फोन पर हुई बातचीत के बाद मंगलवार को टाल दी और कांग्रेस के साथ बने रहने की बात कही।
श्रीलंका जा रहे विमान की चेन्नई एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग, खराब हो गया था एक इंजन
चेन्नई हवाई अड्डे पर मंगलवार रात एक विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। यह विमान, विएतनाम के हो ची मिन्ह सिटी से श्रीलंका के कोलंबा जा रहा था। बताया जा रहा है कि यह विमान विएतजेट एयरलाइंस का है।
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बंगाल के 933 सरकारी स्कूलों पर लगा ताला: अब फिर खुलेंगे या किसी और काम आएंगे? शुभेंदु सरकार ने शुरू की कवायद- 933 government schools in Bengal shut down due to having zero students cm Suvendu government formulated plan
आईएसएफ के हाथ से ‘लिफाफा’ क्यों गया?: कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती, आज होगी अहम सुनवाई- Calcutta High Court hear MLA Naushad Siddique petition today challenged EC decision change ISF symbol Envelope
वियतनाम से कोलंबो जा रही फ्लाइट का इंजन फेल, चेन्नई में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग
वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी से श्रीलंका के कोलंबो जा रही वियतजेट एयरलाइंस की फ्लाइट में मंगलवार रात एक इंजन फेल हो गया। इसके बाद विमान को चेन्नई एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी।
दिल्ली: आनंद पर्वत में युवक की चाकू गोदकर हत्या, पुरानी रंजिश का शक
दिल्ली के आनंद पर्वत इलाके में एक युवक की चाकू गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई. मृतक की पहचान 18 साल के कुणाल ढींगरा के रूप में हुई है. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. आरोपी की खोज के लिए पुलिस इलाके की सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है.
केशव प्रसाद मौर्य के धरातलीय क्रियान्वयन से तराई अंचल में स्थित जनपद बलरामपुर में व्यापक सामाजिक और आर्थिक बदलाव परिलक्षित हो रहा है। कभी रोजगार की खोज में बड़े शहरों और अन्य प्रदेशों की ओर रुख करने वाले ग्रामीणों को अब अपनी ही ग्राम पंचायत में आजीविका की वैधानिक सुरक्षा प्राप्त हो रही है। जिला प्रशासन की सतत निगरानी और पारदर्शी कार्यप्रणाली के चलते जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं।जनपद बलरामपुर में योजना के आंकड़ों से इसकी जमीनी सफलता स्पष्ट रूप से रेखांकित होती है। जिला प्रशासन द्वारा जिले में अब तक कुल 1,85,238 जॉब कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 1,13,454 जॉब कार्ड पूर्ण रूप से सक्रिय श्रेणी में हैं। इन जॉब कार्डों के माध्यम से जनपद भर में 1,23,202 सक्रिय श्रमिक विभिन्न विकासपरक परियोजनाओं से जुड़कर सीधे लाभान्वित हो रहे हैं।जनपद बलरामपुर में कार्यरत सक्रिय श्रमिकों में 52,819 महिलाएं सम्मिलित हैं। महिलाओं को घर के निकट नियमित कार्य और पारदर्शी मजदूरी मिलने से न केवल उन गांव के विकास की प्राथमिकताएं स्थानीय खुली बैठकों में ग्रामीणों की सहमति से तय की जाती हैं। इसके अतिरिक्त, कार्यों की सामाजिक उपयोगिता और वित्तीय पारदर्शिता की जांच के लिए ग्राम सभा स्तर पर नियमित सोशल ऑडिट की व्यवस्था को दृढ़ता से लागू किया गया है।के आत्मसम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई है, बल्कि परिवार के पोषण, बच्चों की नियमित शिक्षा और प्राथमिक स्वास्थ्य संबंधी व्यय को पूरा करने में भी वे सक्षम बन रही हैं।
मैथिली ठाकुर ने जमुई कांड पर नहीं दिया 'महिला सुरक्षा' पर ये बयान, पुराना है वीडियो
बिहार के जमुई कांड के मुख्य आरोपी नंदन यादव की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर बीजेपी नेता और लोक गायिका मैथिली ठाकुर का एक वीडियो वायरल हुआ. इसमें वो महिला सुरक्षा को लेकर बयान देती नजर आ रही हैं. फैक्ट चेक में पाया गया कि इस वीडियो का जमुई कांड से कोई लेना-देना नहीं है.
शारजाह में कर्नाटक के व्यक्ति की बेरहमी से हत्या, कार में बैगों से मिले शव के नौ टुकड़े
यूएई के शारजाह में जुलाई में कर्नाटक के कुंदापुर (उडुपी जिला) निवासी अल्विन प्रकाश कुंदर की निर्मम हत्या कर दी गई। उनके शव को नौ टुकड़ों में काटकर दो बैगों में पैक किया गया था, जो ओमान जाने वाले रास्ते पर खड़ी एक कार में मिला।
मध्य प्रदेश ने 25 सितंबर से सात शहरों में 351 बसों, आईटीएमएस निगरानी, सीपीएल और पीपीपी ऑपरेटर की भागीदारी के साथ सीएम
'पहले सीमा पार आतंकवाद पर करो ठोस कार्रवाई', भारत की पाकिस्तान को दो टूक
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान से सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई करने और अपनी कथनी-करनी में समानता लाने को कहा है। भारत ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हवाई हमलों की निंदा की।
राजस्थान: कांग्रेस की फिर करारी हार, 7 में से 6 निगम पर बने BJP के डिप्टी मेयर
राजस्थान के हालिया निकाय चुनावों में बीजेपी ने 7 में से 6 सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन किया है. एक सीट पर निर्दलीय ने जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है. उदयपुर, अजमेर, अलवर, बीकानेर, भीलवाड़ा, भरतपुर और पाली में बीजेपी के उम्मीदवार डिप्टी मेयर चुने गए.
सुप्रीम कोर्ट में यूपी 69000 सहायक शिक्षक भर्ती मामले में सामान्य वर्ग के शिक्षकों ने दलीलें पेश कीं। उन्होंने आरक्षित वर्ग पर आरक्षण का दोहरा लाभ लेने का आरोप लगाया।
जैगुआर-ऑडी कार, सोना और फ्लैट्स... NIMS अधिकारी के पास मिली अकूत दौलत
तेलंगाना एंटी करप्शन ब्यूरो ने निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के एडिशनल मेडिकल सुपरिटेंडेंट नोरी लक्ष्मी भास्कर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच शुरू की है.
तेलंगाना के रिम्स में सोमवार देर रात आग लगने से तीन नवजात बच्चियों की मौत हो गई। जिसमें एक बच्ची फासिल की भी जो अपनी बच्ची के शव को देखकर फूट फूटकर रोने लगा और बोला मैं अपनी पत्नी से क्या कहूंगा।
सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के नगर निगम अधिकारियों को रिहायशी संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग पर कार्रवाई करने और उल्लंघन पाए जाने पर उन्हें सील करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अधिकारी बिना किसी भेदभाव के काम करें, अन्यथा अदालत सख्त रुख अपनाएगी।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने फिल्म की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा, मैंने अपने पूरे परिवार के साथ 'हनुमान अंश' फिल्म देखी है। फिल्म का प्रत्येक दृश्य अत्यंत आत्मीय, जीवंत और भावात्मक है। पूज्य बाबा नीब करौरी महाराज जी के जीवन पर आधारित इस फिल्म ने मुझे गहराई से प्रभावित किया है।अपनी व्यक्तिगत स्मृतियों को साझा करते हुए श्री मौर्य ने कहा कि जब वे विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता के रूप में अयोध्या में कार्य कर रहे थे, तब प्रतिदिन राम मंदिर में राम दरबार की सेवा करना और हनुमान गढ़ी मंदिर जाकर दर्शन कर प्रसाद ग्रहण करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। उन्होंने बताया कि श्री राम जी और श्री हनुमान जी के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेने के बाद ही उनके दिन का प्रारंभ होता था। फिल्म की निर्माता सुश्री अनुप्रिया नागर ने फिल्म की सफलता की यात्रा साझा करते हुए बताया कि फिल्म लगभग 300 करोड़ रुपये के शानदार आंकड़े को छू चुकी है। डॉ. विशाल चतुर्वेदी द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित यह फिल्म बजट की कमी के कारण बंद होने की कगार पर थी। अनुप्रिया नागर ने बताया कि जब वे यूके से भारत आईं, तब उनकी सहेली रागनी के माध्यम से उन्हें इसकी जानकारी मिली। उन्होंने अपने 3 वर्षों की जमा-पूंजी इस फिल्म में लगा दी। आज जो सफलता, धन और नाम उन्हें मिला है, वह सब पूज्य बाबा नीब करौरी महाराज जी का ही चमत्कार है। फिल्म में पूज्य बाबा नीब करौरी महाराज जी का मुख्य किरदार अभिनेता शोभिनव सत्य ने निभाया है।
UP FSDA ने 5 जिलों के 7 फूड आउटलेट्स के लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की
उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग ने पांच जिलों के सात फास्ट-फूड आउटलेट और रेस्तरां के लाइसेंस निलंबित करने की सिफारिश की है। विभाग ने कहा कि निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की तैयारी और प्रसंस्करण स्थलों पर गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। एफएसडीए की ओर से मंगलवार को जारी बयान के अनुसार, ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत कानपुर, आगरा, गाजियाबाद, प्रयागराज और वाराणसी में की गई छापेमारी के दौरान कीड़े-मकौड़ों और चूहों का प्रकोप, खराब हो चुके उत्पादों का इस्तेमाल तथा शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों के भंडारण एवं प्रसंस्करण के लिए अलग-अलग उचित व्यवस्था का अभाव जैसी कई खामियां पाई गईं। विभाग ने बताया कि कानपुर में टुंडे कबाबी, वाराणसी में एक मोमोज आउटलेट और आगरा में ‘अमृतसरी कुलचा’ आउटलेट के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसके अलावा गाजियाबाद में एसी एंटरप्राइज, फ्लोको क्लॉक्स, बीकानेरवाला और नत्थूज के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। एफएसडीए ने बताया कि कई स्थानों पर नालियों में जमा गंदा पानी और कचरा मिला, जिससे खाद्य पदार्थों के दूषित होने का खतरा था। इसके अलावा कई जगहों पर एक्सपायरी खाद्य सामग्री को रखा और इस्तेमाल किया जा रहा था। विभाग ने कहा, ‘‘कानपुर स्थित टुंडे कबाबी में स्वच्छता और साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब पाई गई। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में दुर्गंध थी। कच्चे मांस का उचित तरीके से भंडारण नहीं किया गया था और शाकाहारी एवं मांसाहारी खाद्य पदार्थों के बीच कोई अलगाव नहीं था। नालियों में जमा पानी से दुर्गंध और दूषण की स्थिति बन रही थी। ’’वाराणसी के एक मोमोज आउटलेट में पैक खाद्य पदार्थों पर भविष्य की निर्माण तिथियां अंकित पाई गईं। विभाग के अनुसार, वहां एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक और सॉस भी रखे हुए थे और इस्तेमाल किए जा रहे थे। एफएसडीए ने बताया कि आगरा में संजय पैलेस के पास स्थित ‘अमृतसरी कुलचा’ आउटलेट में स्वच्छता और साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब मिली। खाद्य पदार्थों को अनुपयुक्त कागज में पैक किया जा रहा था। दीवारों का पेंट उखड़ा हुआ था और एक्सपायरी खाद्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था। विभाग ने सुधार होने तक प्रतिष्ठान बंद करने की सिफारिश की है। गाजियाबाद के एसी एंटरप्राइज में डीप फ्रीजर में चिकन और मटन से खून का रिसाव पाया गया, जिससे खाद्य पदार्थों के दूषित होने का खतरा था। वहां शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को अलग रखने की व्यवस्था नहीं थी। प्रसंस्करण क्षेत्र और बेसमेंट में अत्यधिक गंदगी तथा खुले ढक्कन रहित कूड़ेदान मिले। गाजियाबाद के युवराज नगर स्थित फ्लोको क्लॉक्स में डीप फ्रीजर बेहद गंदा पाया गया। वहां भी शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों के लिए अलग व्यवस्था नहीं थी। चिमनियों और अन्य उपकरणों पर गंदगी मिली तथा बर्तनों और उपकरणों की सफाई उचित तरीके से नहीं की जा रही थी। विभाग के अनुसार, गाजियाबाद के राज नगर स्थित नत्थूज में नालियों में जमा कचरे के कारण दुर्गंध पाई गई। खाद्य परिसर में कीड़े-मकौड़ों और कॉकरोच का प्रकोप मिला। बची हुई मिठाइयों का अनुचित भंडारण, तेल का बार-बार इस्तेमाल और खुले कंटेनरों में खाद्य सामग्री रखने जैसी खामियां भी मिलीं। सब्जियां भी खुले में रखी हुई थीं, जिससे दूषण का खतरा था। विभाग ने लाइसेंस निलंबित करने की सिफारिश की है। गाजियाबाद के राजेंद्र नगर स्थित बीकानेरवाला में भी कीड़े-मकौड़ों का प्रकोप पाया गया। स्वच्छता और साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब थी। सफाई क्षेत्र में गंदगी, जाम नालियां और रसोई में खुले कूड़ेदान मिले। विभाग ने जनहित में लाइसेंस निलंबित करने की सिफारिश की है। एफएसडीए ने कहा कि खाद्य प्रतिष्ठानों के लिए स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण, खाद्य पदार्थों के दूषण को रोकना और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। विभाग ने बयान में कहा, ‘‘ निरीक्षण के दौरान सामने आई गंभीर कमियों के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और संबंधित नियमों एवं विनियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
भाजपा ने सोनिया गांधी के 1980 के चुनावी रोल में नाम शामिल होने पर सवाल उठाए हैं, जबकि उस समय वह भारतीय नागरिक नहीं थीं।
छात्रों की आत्महत्या पर शिक्षा मंत्रालय सख्त, उच्च शिक्षण संस्थानों को किया सचेत
आईआईटी दिल्ली और बॉम्बे में छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं के बाद शिक्षा मंत्रालय ने केंद्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों को सख्त निर्देश दिए हैं।
देश के 23 IIT में 5 साल में 45 छात्रों ने की आत्महत्या, 62 फीसदी से अधिक आरक्षित वर्ग से
देशभर के 23 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में 2020-21 से 2024-25 के बीच कुल 45 छात्रों ने आत्महत्या की। इनमें से 28 मामले अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदायों से जुड़े छात्रों के थे। आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। ये आंकड़े आठ दिसंबर, 2025 को लोकसभा में पूछे गए एक तारांकित प्रश्न के लिए सभी आईआईटी से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर संकलित किए गए हैं। इन 28 छात्रों की संख्या इस अवधि के दौरान आईआईटी में दर्ज कुल आत्महत्याओं के 62 प्रतिशत से अधिक थी। आत्महत्या करने वाले छात्रों में 12 अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), नौ अनुसूचित जाति (एससी) और सात अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय से थे। वहीं, 16 छात्र सामान्य वर्ग और एक छात्र आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) से था। वर्ष 2023-24 में आत्महत्याओं की संख्या में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। उस वर्ष आईआईटी में 16 छात्रों की आत्महत्या की सूचना मिली, जबकि उससे पिछले वर्ष यह संख्या छह थी। 2024-25 में आत्महत्या के 13 मामले सामने आए। पांच वर्षों के दौरान आईआईटी-हैदराबाद में सबसे अधिक सात आत्महत्याएं दर्ज की गईं। आईआईटी-खड़गपुर, आईआईटी-दिल्ली और आईआईटी-कानपुर में छह-छह, जबकि आईआईटी-मद्रास में पांच और आईआईटी (बीएचयू)-वाराणसी में चार आत्महत्याएं दर्ज की गईं। वर्ष 2024-25 में आत्महत्या करने वाले 13 छात्रों में से चार अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), तीन अनुसूचित जनजाति (एसटी) और दो अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय से थे, जबकि चार छात्र सामान्य वर्ग से थे। आंकड़ों के संकलन में पांच वर्षों के दौरान हुई आठ अप्राकृतिक मौतों को अलग से दर्ज किया गया है। इन्हें आत्महत्या के 45 मामलों में शामिल नहीं किया गया है।
केशव प्रसाद मौर्य ने आज अपने सरकारी आवास 7, कालिदास मार्ग, लखनऊ पर जनता दर्शन कार्यक्रम आयोजित कर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना। एसजीपीजीआई, लखनऊ में उपचार करा रहे श्री मुकुन्द पाण्डेय तथा जनपद जौनपुर निवासी हृदय रोग से पीड़ित श्री विकास तिवारी के उपचार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। उपमुख्यमंत्री जी ने ऐसे प्रकरणों में नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करते हुए जरूरतमंदों को यथासंभव शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने के अधिकारीयों को निर्देश दिए।इसी क्रम में संतकबीर नगर निवासी श्री धर्मेन्द्र कुमार गौड़ द्वारा बारात घर निर्माण कराये जाने, प्रतापगढ़ निवासी श्री इन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा ग्रामीण मार्ग का निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित श्रीमती कलावली, श्रीमती गुड्डी एवं श्रीमती सरिता कुमारी, लखीमपुर खीरी के प्रकरण तथा पीलीभीत निवासी श्रीमती रिंकी एवं श्रीमती शकुन्तला देवी और बाराबंकी निवासी श्रीमती शीला देवी द्वारा आवास एवं शौचालय से संबंधित अनुरोध प्रस्तुत किए गए। चौधरी चरण सिंह इंटर कॉलेज, प्रतापगढ़ के अध्यक्ष श्री महाबली सिंह ने कॉलेज परिसर में हाईमास्ट लाइट लगाए जाने का अनुरोध किया गया।श्री मौर्य ने जनता दर्शन में प्राप्त प्रार्थना पत्रों पर केवल औपचारिकता तक सीमित न रहते हुए तत्काल अधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता कर समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारी कौशाम्बी, लखनऊ एवं अमरोहा, पुलिस अधीक्षक उन्नाव, मंडलायुक्त झांसी सहित अन्य संबंधित अधिकारियों से बात कर प्रकरणों में नियमानुसार शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही सभी प्रकरणों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को जनहित में संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्यवाही करने के लिखित एवं मौखिक निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की सेवा, उनकी समस्याओं का समाधान और जरूरतमंद व्यक्ति को समय पर सहायता उपलब्ध कराना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। जनता दर्शन के माध्यम से शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हो रहा है तथा प्राप्त प्रत्येक शिकायत और अनुरोध का नियमानुसार गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है। जनता दर्शन में बड़ी संख्या में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए युवा, महिला, किसानों ने अपनी समस्याएं एवं अनुरोध पत्र प्रस्तुत किए।
चांद से आगे की उड़ान: अंतरिक्ष में भारत की बड़ी तैयारी, अब पूरी क्षमता विकसित करने पर जोर
अंतरिक्ष संप्रभुता का व्यावहारिक अर्थ है कि महत्वपूर्ण अंतरिक्ष परिसंपत्तियों को डिजाइन, निर्माण, प्रक्षेपण, संचालन और सुरक्षा करने की क्षमता, बिना किसी एक विदेशी आपूर्तिकर्ता या भू-राजनीतिक दबाव पर निर्भर हुए।
IIT कैंपस में गहराता संकट: दो दशकों में 171 छात्रों ने की आत्महत्या, जिम्मेदार कौन?
आईआईटी से जुड़े आंकड़ों ने चौंकाया है, जिसमें पिछले दो दशकों में 171 छात्रों की आत्महत्या या असमय मौतें दर्ज की गई हैं।
बड़े शहरों में अभी भी रुला रहा प्याज, चीनी के दाम पर गडकरी बोले- आपूर्ति से तय होती हैं कीमतें
देश भर के बड़े शहरों में प्याज की कीमतें अभी भी ऊंची बनी हुई हैं, जबकि सरकार बफर स्टॉक से 35 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर प्याज बेच रही है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि चीनी की कीमतें वैश्विक मांग-आपूर्ति से तय होती हैं।
बिना पर्ची Antibiotics और दर्द निवारक दवाएं न बेचें, CDSCO ने जारी किया कड़ा निर्देश
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने आम जनता, स्वास्थ्य क्षेत्र के पेशेवरों, दवा विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं और अस्पतालों को दर्द निवारक तथा एंटीबायोटिक दवाओं के बेहिसाब इस्तेमाल के प्रति आगाह करते हुए कहा कि इनके अनुचित इस्तेमाल से गुर्दे की गंभीर बीमारी और इससे जुड़ी अन्य जटिलताओं का खतरा हो सकता है। दवा नियामक ने 21 सितंबर को जारी एक परिपत्र में नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाओं (एनएसएआईडी) और एंटीबायोटिक दवाओं के तर्कसंगत, सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल की अपील की। इसने डॉक्टर की पर्ची की अनिवार्यता का कड़ाई से पालन करने और रोगाणुरोधी दवाओं के विवेकपूर्ण इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर जोर दिया। भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है कि देश में दवाओं का आयात, निर्माण, बिक्री और वितरण औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा इसके तहत बनाए गए नियमों के अनुसार होता है। सीडीएससीओ ने कहा कि एनएसएआईडी और एंटीबायोटिक समेत सभी दवाएं केवल पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी या विशेषज्ञ चिकित्सक की पर्ची पर ही बेची और वितरित की जा सकती हैं। सीडीएससीओ ने कहा कि संभावित जोखिमों को देखते हुए एनएसएआईडी और एंटीबायोटिक सहित विभिन्न दवाओं को औषधि नियमावली, 1945 की अनुसूची जी, एच, एच1 और एक्स के तहत रखा गया है, जिन्हें केवल उचित चिकित्सकीय देखरेख में ही लिया जाना चाहिए। नियामक ने कहा कि अधिकांश एंटीबायोटिक दवाएं अनुसूची एच1 में आती हैं और इन पर चेतावनी दर्ज होती है कि बिना चिकित्सकीय सलाह इनका इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है। सीडीएससीओ ने आम जनता को सलाह देते हुए कहा कि दर्द निवारक और एंटीबायोटिक दवाओं को बिना चिकित्सकीय सलाह के बिना सोचे समझे, बार-बार या लंबे समय तक नहीं लिया जाना चाहिए। सीडीएससीओ ने दवा विक्रेताओं और वितरकों को अनुसूची एच और एच1 की दवाओं की बिक्री संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन करने तथा राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के औषधि नियंत्रण अधिकारियों को जागरुकता फैलाने तथा नियमों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
कश्मीर पर तुर्की ने फिर अड़ाई टांग, UN में उठाया मुद्दा
तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर मुद्दा फिर से उठाया है. उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया के विवादों को बातचीत और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत सुलझाना चाहिए.
मणिपुर में 17 साल के नागा लड़के की संदिग्ध घात लगाकर हत्या
मणिपुर के तामेंगलोंग में 17 साल के नागा लड़के एनके विफेनबो की संदिग्ध घात लगाकर हत्या का मामला सामने आया है. पुलिस के मुताबिक हमले में संदिग्ध कुकी उग्रवादियों की भूमिका सामने आई है. पढ़ें पूरी कहानी.
भारतीय परिवारों और निवेशकों के बीच पूंजी की पूर्ण सुरक्षा और सुनिश्चित रिटर्न के लिए बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) हमेशा से पहली पसंद रहा है। शेयर बाजार की अस्थिरता और म्यूचुअल फंड्स के जोखिम से दूर रहकर जो लोग एक तय समय पर निश्चित ब्याज कमाना चाहते हैं, उनके लिए एफडी एक आदर्श साधन है।हाल के समय में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट स्थिर रखे जाने के बाद अधिकांश बड़े सरकारी, प्राइवेट और स्मॉल फाइनेंस बैंकों (SFBs) ने अपनी एफडी ब्याज दरों को 6.50% से लेकर 8.25% प्रति वर्ष तक के आकर्षक दायरे में रखा हुआ है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) को सामान्य नागरिकों की तुलना में 0.50% तक का अतिरिक्त ब्याज लाभ मिलता है।Top Banks FD Interest Rates: प्रमुख सरकारी, निजी और स्मॉल फाइनेंस बैंकों की दरेंबैंकों की ब्याज दरें उनके आकार, लिक्विडिटी की जरूरत और जमा की अवधि (Tenure) पर निर्भर करती हैं। वर्तमान में मुख्य धारा के बैंक और स्मॉल फाइनेंस बैंक इस प्रकार ब्याज दरें दे रहे हैं:बैंक / संस्थानसामान्य नागरिक (अधिकतम दर)वरिष्ठ नागरिक (Senior Citizen)State Bank of India (SBI)6.45% – 6.60%6.95% – 7.10%HDFC Bank6.45% – 6.50%6.95% – 7.00%ICICI Bank6.50%7.00% – 7.10%Punjab National Bank (PNB)6.60%7.10%Bank of Baroda (BoB)6.75% – 7.15%7.25% – 7.65%DCB / Bandhan Bank7.45% – 7.50%7.95% – 8.00%Suryoday / Unity Small Finance Bank8.00% – 8.25%8.25% – 8.50%(नोट: बैंक एफडी पर ब्याज तिमाही आधार पर कंपाउंड (Quarterly Compounding) होता है, जिससे वास्तविक वार्षिक यील्ड मूल ब्याज दर से थोड़ी अधिक प्राप्त होती है।)₹5 Lakh FD Return Calculation: जानिए 1, 3 और 5 साल में कितना मिलेगा मुनाफायदि आप किसी बैंक में ₹5,00,000 की एकमुश्त फिक्स्ड डिपॉजिट (Cumulative FD) करते हैं, तो अलग-अलग ब्याज दरों और अवधियों पर मिलने वाला अनुमानित रिटर्न नीचे दिए अनुसार होगा:1. सरकारी और बड़े प्राइवेट बैंक (औसत ब्याज दर ~ 6.50% p.a.)1 साल की अवधि पर:कुल ब्याज कमाई: लगभग ₹33,300कुल मैच्योरिटी राशि: ₹5,33,3003 साल की अवधि पर:कुल ब्याज कमाई: लगभग ₹1,06,700कुल मैच्योरिटी राशि: ₹6,06,7005 साल की अवधि पर:कुल ब्याज कमाई: लगभग ₹1,90,200कुल मैच्योरिटी राशि: ₹6,90,2002. स्मॉल फाइनेंस बैंक या स्पेशल टेन्योर (उच्च ब्याज दर ~ 8.00% p.a.)1 साल की अवधि पर:कुल ब्याज कमाई: लगभग ₹41,200कुल मैच्योरिटी राशि: ₹5,41,2003 साल की अवधि पर:कुल ब्याज कमाई: लगभग ₹1,34,100कुल मैच्योरिटी राशि: ₹6,34,1005 साल की अवधि पर:कुल ब्याज कमाई: लगभग ₹2,42,970कुल मैच्योरिटी राशि: ₹7,42,970स्पष्ट है कि 8% ब्याज दर पर 5 साल में ₹5 लाख की राशि बढ़कर ₹7.42 लाख से अधिक हो जाती है, यानी आपको केवल ब्याज के रूप में लगभग ₹2.43 लाख का शुद्ध लाभ मिलता है।Senior Citizen Extra Benefit: वरिष्ठ नागरिकों को ₹5 लाख पर कितना अतिरिक्त फायदावरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष और उससे अधिक) को लगभग सभी बैंक 0.50% का अतिरिक्त ब्याज देते हैं। अगर कोई वरिष्ठ नागरिक 8.50% की दर से ₹5 लाख 5 वर्ष के लिए जमा करता है, तो:कुल ब्याज लाभ: लगभग ₹2,61,000कुल मैच्योरिटी राशि: ₹7,61,000यह सामान्य नागरिकों की तुलना में लगभग ₹18,000 से ₹20,000 अधिक मुनाफा प्रदान करता है, जो रिटायरमेंट फंड के सुरक्षित निवेश के लिए एक भरोसेमंद विकल्प है।Cumulative vs Non-Cumulative FD: अपनी जरूरत के हिसाब से चुनें विकल्पएफडी कराते समय बैंक दो प्रकार के विकल्प देते हैं:Cumulative FD (री-इन्वेस्टमेंट प्लान): इसमें मिलने वाला ब्याज हर तिमाही मूलधन में जुड़ता जाता है और मैच्योरिटी के समय पूरा पैसा एक साथ मिलता है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो लंबी अवधि में वेल्थ बनाना चाहते हैं।Non-Cumulative FD (मासिक या तिमाही भुगतान): इसमें ब्याज का भुगतान मासिक, त्रैमासिक या छमाही आधार पर सीधे निवेशक के बचत खाते में जमा कर दिया जाता है। यह विकल्प पेंशनभोगियों और नियमित आय चाहने वालों के लिए उपयुक्त है। उदाहरण के लिए, 7.30% वार्षिक दर पर ₹5 लाख की एफडी से हर महीने लगभग ₹3,040 की नियमित आय प्राप्त की जा सकती है।DICGC Insurance and Safety: क्या स्मॉल फाइनेंस बैंकों में ₹5 लाख की एफडी सुरक्षित है?रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की सहायक संस्था DICGC (डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन) के नियमों के तहत देश के सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (सरकारी, निजी और स्मॉल फाइनेंस बैंक) में प्रत्येक जमाकर्ता का मूलधन और ब्याज मिलाकर ₹5 लाख तक का डिपॉजिट 100% बीमित और पूरी तरह सुरक्षित होता है।इसलिए यदि आप किसी स्मॉल फाइनेंस बैंक में 8% या उससे अधिक ब्याज का लाभ उठाना चाहते हैं, तो एक बैंक में ₹5 लाख तक की मूल राशि जमा करना पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है।FD Tax Rules and TDS: टैक्स के नियम और ब्याज पर बचत के उपायबैंक एफडी पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह कर-योग्य (Taxable) होता है और यह आपकी वार्षिक आय में जोड़कर आपके संबंधित इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स किया जाता है:TDS सीमा: एक वित्तीय वर्ष में यदि एफडी से मिलने वाला ब्याज सामान्य नागरिकों के लिए ₹50,000 और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹1,00,000 से अधिक होता है, तो बैंक 10% की दर से टीडीएस काटते हैं।Form 15G / 15H: यदि आपकी कुल वार्षिक आय मूल छूट सीमा से कम है और आपकी कर देयता शून्य बनती है, तो आप बैंक में फॉर्म 15G (सामान्य नागरिक) या फॉर्म 15H (वरिष्ठ नागरिक) जमा करके टीडीएस कटने से रोक सकते हैं।Tax-Saving FD: 5 साल की लॉक-इन अवधि वाली टैक्स सेवर एफडी में इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत प्रति वर्ष ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट का लाभ लिया जा सकता है (ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत)।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 सितंबर के लिए देश के कई प्रमुख राज्यों में मौसम के मिजाज को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए चक्रवाती परिसंचरण और निम्न दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) के कारण ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में भीषण बारिश का दौर शुरू होने जा रहा है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए स्थानीय प्रशासन और आम जनता को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।मानसून की वापसी से ठीक पहले विकसित हुए इस वेदर सिस्टम के चलते समुद्र तटीय और प्रायद्वीपीय इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंके वाली हवाएं चलने की संभावना है। लगातार मूसलाधार बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव, नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन का खतरा गहरा गया है।Odisha and Andhra Weather Alert: तटीय जिलों में आफत की बारिश, मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाहओडिशा के तटीय और दक्षिणी आंतरिक जिलों में 23 सितंबर को मौसम का सबसे आक्रामक रूप देखने को मिल सकता है। पुरी, गंजाम, गजपति, कोरापुट, रायगड़ा और मलकानगिरी जैसे जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। राज्य सरकार ने तटीय जिलों के जिलाधिकारियों को किसी भी तरह की बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखने का आदेश दिया है।आंध्र प्रदेश के उत्तरी तटीय क्षेत्रों, विशेष रूप से विशाखापट्टनम, विजयनगरम, श्रीकाकुलम और पूर्वी गोदावरी जिलों में मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका के चलते मौसम विभाग ने मछुआरों को 23 सितंबर को गहरे समुद्र में न जाने की सख्त सलाह जारी की है।Chhattisgarh and Telangana Rainfall: निचले इलाकों में बाढ़ और जलभराव की आशंकाछत्तीसगढ़ के बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर सहित दक्षिणी संभाग में 23 सितंबर को भारी से बहुत भारी वर्षा का पूर्वानुमान लगाया गया है। लगातार होने वाली बारिश से इंद्रावती और शबरी जैसी स्थानीय नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, जिससे ग्रामीण इलाकों का संपर्क मुख्य मार्गों से कटने का अंदेशा है।तेलंगाना में हैदराबाद, खम्मम, वारंगल, करीमनगर और भद्राद्री कोठागुडेम जिलों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार पानी गिरने की चेतावनी दी गई है। शहरी इलाकों में ड्रेनेज सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पड़ने से सड़कों पर भारी जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो सकती है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों को जरूरी काम न होने पर खुले आसमान के नीचे या पुराने पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े न होने की हिदायत दी है।Weather in Other States: मध्य प्रदेश, विदर्भ, बंगाल और पूर्वोत्तर भारत में भी बदलेगा मिजाजइस मौसमी तंत्र का प्रभाव केवल चार राज्यों तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी इसका व्यापक असर दिखेगा। मध्य प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों, महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा संभाग में मध्यम से भारी दर्जे की वर्षा होने का अनुमान है।पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों, झारखंड और बिहार के दक्षिणी हिस्सों में घने बादलों की आवाजाही के साथ रुक-रुक कर बारिश और वज्रपात की आशंका बनी हुई है। वहीं पूर्वोत्तर भारत के राज्यों असम, मेघालय, नगालैंड और मणिपुर में मानसून ट्रफ के सक्रिय रहने के कारण नमी वाली हवाएं तेज बौछारें ला सकती हैं।North India Weather Update: यूपी, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में कैसा रहेगा मिजाजउत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में मौसम मिलाजुला बना रहेगा। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी राजस्थान में तेज बारिश की संभावना काफी कम है, हालांकि आंशिक रूप से बादल छाए रहने और उमस भरी गर्मी परेशान कर सकती है।उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बादलों की आवाजाही के बीच कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बूंदाबांदी दर्ज की जा सकती है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से सूखा रहने का अनुमान है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कुछ पर्वतीय इलाकों में स्थानीय संवहनी बादलों के चलते हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है।IMD Advisory and Safety Precautions: बारिश और आकाशीय बिजली से बचाव के लिए जरूरी दिशा-निर्देशमौसम विभाग ने भारी बारिश और आंधी-तूफान के मद्देनजर आम नागरिकों के लिए सुरक्षा गाइडलाइन जारी की है:आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों, टिन शेड और बिजली के ट्रांसफार्मर के पास खड़े होने से बचें।भारी बारिश के दौरान अंडरपास और जलभराव वाली सड़कों पर वाहन चलाने से परहेज करें।किसान अपनी कटी हुई या तैयार फसलों को सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखें और खेतों में जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें।स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी किए जाने वाले वेदर बुलेटिन और आपातकालीन नंबरों पर नजर बनाए रखें।
सहारनपुर PNB Fake Currency मामले में NIA ने नीतू को किया गिरफ्तार
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के करेंसी चेस्ट के जरिए नकली नोटों के प्रसार से जुड़ी साजिश में शामिल एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान नीतू के रूप में हुई है। वह उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के भगवानपुर क्षेत्र के कुंजा बहादुरपुर गांव का रहने वाला है। एनआईए की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, नीतू मामले के मुख्य आरोपी आदेश चौधरी और अन्य आरोपियों का करीबी सहयोगी है। सहारनपुर के सदर बाजार थाने को 29 अगस्त, 2026 को पीएनबी के करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये के अंकित मूल्य वाले भारतीय मुद्रा के नकली नोट बरामद होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया। जांच में बैंक के तीन कर्मचारियों की संलिप्तता भी सामने आई थी, जिन्हें बाद में बैंक ने निलंबित कर दिया। इसके बाद एनआईए ने मामले की जांच की जिम्मेदारी संभाली और तीन सितंबर को फिर से मामला दर्ज किया। एजेंसी ने प्राथमिकी में नामजद आरोपी अमित कुमार को सात सितंबर, मुख्य आरोपी आदेश चौधरी को 15 सितंबर तथा अन्य आरोपी मुकेश कुमार और राजेंद्र को 20 सितंबर को गिरफ्तार किया।
होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (HMSI) ने अपने 350cc मॉडर्न-क्लासिक पोर्टफोलियो को पूरी तरह रिफ्रेश करते हुए नई CB350 रेंज को आधिकारिक तौर पर भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिया है। इस बड़े अपडेट के तहत होंडा ने अपने सबसे चर्चित और पुराने 'H'ness' (हाईनेस) बैज को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया है। अब कंपनी की यह रेट्रो-मॉडर्न बाइक सिर्फ और सिर्फ Honda CB350 नाम से बेची जाएगी। नाम के सरलीकरण के साथ होंडा ने अपने पूरे 350cc लाइनअप को तीन मुख्य मॉडलों में बांट दिया है, जिससे ग्राहकों के लिए अपनी पसंद की बाइक चुनना पहले से कहीं अधिक आसान और स्पष्ट हो गया है।भारतीय रेट्रो मोटरसाइकिल सेगमेंट में रॉयल एनफील्ड के दबदबे को सीधी चुनौती देने के लिए होंडा ने इस बार न सिर्फ डिजाइन और कलर ऑप्शंस को नया रूप दिया है, बल्कि एक नया एंट्री-लेवल स्टैंडर्ड (STD) वैरिएंट भी पेश किया है। नया बेस वैरिएंट आने से पूरी सीरीज की शुरुआती कीमत घटकर अब ₹1,95,200 (एक्स-शोरूम) हो गई है। कंपनी की यह सोची-समझी रणनीति उन युवाओं और रेट्रो बाइक प्रेमियों को आकर्षित करने के लिए बनाई गई है जो बजट के दायरे में रहकर एक रिफाइंड, जापानी तकनीक से लैस प्रीमियम क्रूजर बाइक की तलाश कर रहे हैं।Variant-Wise Price and Models: 3 मॉडल्स और 8 वैरिएंट्स में ₹9,500 का टाइट प्राइस गैपनई 2026 Honda CB350 रेंज की सबसे दिलचस्प बात इसका बेहद टाइट प्राइस ब्रैकेट है। पूरी रेंज में कुल 3 अलग-अलग मॉडल और 8 वैरिएंट्स शामिल हैं। खास बात यह है कि इसके सबसे सस्ते बेस मॉडल और सबसे महंगे टॉप-एंड स्पेशल एडिशन के बीच केवल ₹9,500 का फासला रखा गया है।मॉडलवैरिएंटएक्स-शोरूम कीमत (₹)Honda CB350 (पूर्व में H'ness)Standard (STD)₹1,95,200DLX₹1,97,900Chrome₹1,99,900Honda CB350RSStandard (STD)₹1,99,900DLX₹2,02,500Honda CB350CStandard (STD)₹2,00,300DLX₹2,02,700Special Edition₹2,04,700इस संतुलित प्राइसिंग स्ट्रक्चर से खरीदार को अपनी मनपसंद स्टाइलिंग या अतिरिक्त क्रोम व कॉस्मेटिक ट्रिम्स चुनने के लिए बहुत ज्यादा अतिरिक्त बजट खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती है।Design and Styling: CB350, CB350RS और CB350C में क्या है मुख्य अंतरहोंडा ने अपने इस 350cc प्लेटफॉर्म को तीन अलग-अलग राइडिंग प्राथमिकताओं और जीवनशैलियों के अनुसार ढाला है।पहला मॉडल Honda CB350 है, जो पुरानी हाईनेस का उत्तराधिकारी है। इसमें सिग्नेचर राउंड एलईडी हेडलैंप, क्लासिक टियर-ड्रॉप फ्यूल टैंक, क्रोम एग्जॉस्ट मफलर और चौड़े हैंडलबार के साथ रिलैक्स्ड क्रूजर राइडिंग पॉस्चर मिलता है। यह उन राइडर्स के लिए है जो आधुनिक तकनीक के साथ शांत और आरामदायक रेट्रो ड्राइविंग पसंद करते हैं।दूसरा मॉडल Honda CB350RS है, जिसे ज्यादा आक्रामक और मॉडर्न-अर्बन रोडस्टर थीम पर तैयार किया गया है। इसमें क्रोम की जगह मैट ब्लैक एलिमेंट्स, टक-एंड-रोल स्लिम सीट, अपस्वेप्ट स्पोर्टी एग्जॉस्ट, कॉम्पैक्ट रियर टेल और थोड़ा आगे झुका हुआ राइडिंग स्टांस दिया गया है, जो शहर के ट्रैफिक और वीकेंड ट्विस्टी रोड्स पर राइडिंग का बेहतरीन स्पोर्टी अहसास कराता है।तीसरा मॉडल Honda CB350C है, जिसे कंपनी ने प्योर हेरिटेज और ट्रेडिशनल विंटेज लुक दिया है। इसमें बड़े डीप-कट मडगार्ड्स, स्प्लिट रेट्रो सीट्स, फ्यूल टैंक पर नी-पैड्स और क्लासिक डिजाइन प्रोफाइल मिलता है। इसका सीधा मुकाबला पारंपरिक क्लासिक बाइक्स से होता है।Engine, Mileage and Technical Specifications: 348.6cc का स्मूथ और रिफाइंड पावरट्रेनमैकेनिकल तौर पर होंडा ने अपने भरोसेमंद और बेहद स्मूथ इंजन सेटअप में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। नई सीरीज में वही 348.6cc क्षमता वाला, 4-स्ट्रोक, 4-वाल्व, एयर-कूल्ड, सिंगल-सिलेंडर इंजन काम करता है। यह इंजन 5,500 आरपीएम पर 21.07 PS की अधिकतम पावर और मात्र 3,000 आरपीएम पर 30 Nm का मजबूत पीक टॉर्क जनरेट करता है।कम आरपीएम पर 30 Nm का टॉर्क उपलब्ध होने की वजह से बाइक शहर के धीमे ट्रैफिक में बार-बार गियर बदलने की झंझट से मुक्ति दिलाती है। इसमें 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स दिया गया है जो असिस्ट एंड स्लिपर क्लच तकनीक के साथ काम करता है। स्लिपर क्लच की मौजूदगी से क्लच लीवर बेहद हल्का महसूस होता है और डाउनशिफ्टिंग के दौरान रियर व्हील के लॉक होने का खतरा पूरी तरह टल जाता है। माइलेज की बात करें तो यह इंजन भारतीय ड्राइविंग कंडीशंस में लगभग 35 से 42 किलोमीटर प्रति लीटर तक का माइलेज आसानी से दे देता है।Smart Safety Features: डुअल चैनल ABS, ट्रैक्शन कंट्रोल और रोडसिंक कनेक्टिविटीसुरक्षा और तकनीकी फीचर्स के मामले में होंडा हमेशा से इस सेगमेंट में आगे रही है। नई CB350 सीरीज के सभी मॉडल्स में आगे और पीछे दोनों पहियों पर बड़े डिस्क ब्रेक्स और डुअल-चैनल एबीएस (एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम) स्टैंडर्ड सुरक्षा फीचर के तौर पर दिए गए हैं।इसके साथ ही बाइक में सेगमेंट-फर्स्ट होंडा सेलेक्टेबल टॉर्क कंट्रोल (HSTC) यानी ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम मिलता है। यह सिस्टम बारिश, कीचड़ या गीली सड़कों पर अचानक थ्रॉटल देने पर पिछले पहिये को फिसलने से रोकता है। कॉकपिट में सेमी-डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर दिया गया है, जो होंडा रोडसिंक (Honda RoadSync) ब्लूटूथ कनेक्टिविटी को सपोर्ट करता है। इसके जरिए राइडर स्मार्टफोन को बाइक से जोड़कर टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन, इनकमिंग कॉल्स, म्यूजिक कंट्रोल और मैसेज नोटिफिकेशन जैसी सुविधाएं पा सकता है।Booking, Dealership Availability and Delivery: ₹5,000 में बुकिंग शुरूहोंडा ने इस पूरी नई रेंज की आधिकारिक बुकिंग्स अपनी प्रीमियम बिगविंग (Honda BigWing) डीलरशिप्स और ऑफिशियल ऑनलाइन पोर्टल पर खोल दी हैं। इच्छुक ग्राहक महज ₹5,000 की टोकन राशि जमा करके अपनी पसंदीदा बाइक बुक कर सकते हैं।कंपनी के अनुसार, नई CB350, CB350RS और CB350C की यूनिट्स को देश भर के बिगविंग शोरूम्स में डिस्पैच किया जाना शुरू हो चुका है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, लखनऊ, जयपुर, पुणे, अहमदाबाद, चेन्नई और कोलकाता जैसे तमाम बड़े और छोटे शहरों में टेस्ट राइड और डिलीवरी की प्रक्रिया बिना किसी लंबे वेटिंग पीरियड के शुरू की जा रही है।Market Rivalry: Royal Enfield Classic 350, Hunter 350 और Jawa 350 से सीधा मुकाबलाभारतीय 350cc रेट्रो मोटरसाइकिल बाजार में लंबे समय से रॉयल एनफील्ड का एकतरफा राज रहा है। हालांकि, होंडा ने जब से इस सेगमेंट में कदम रखा है, तब से रिफाइनमेंट, कम वाइब्रेशन और आधुनिक फीचर्स चाहने वाले ग्राहकों को एक ठोस विकल्प मिला है।अब H'ness नाम हटाकर पूरी तरह 'Honda CB350' पहचान स्थापित करने और ₹1.95 लाख की आक्रामक बेस प्राइस तय करने के बाद यह बाइक सीधे Royal Enfield Classic 350, Hunter 350, Bullet 350, Jawa 350 और Triumph Speed T4 जैसी लोकप्रिय मोटरसाइकिलों के सामने एक कड़ी प्रतिद्वंद्वी बनकर खड़ी हो गई है। जिन ग्राहकों को क्लासिक रेट्रो चार्म के साथ जापानी इंजन की स्मूथनेस और ज़ीरो वाइब्रेशन चाहिए, उनके लिए नई CB350 रेंज एक बेहद संतुलित और आकर्षक पैकेज साबित होगी।
बांधवगढ़ में बढ़ा गौर का कुनबा, कान्हा नेशनल पार्क में लौट रहा वन भैंसा
Bandhavgarh Gaur Indian Bison Population: बांधवगढ़ में गौर की संख्या करीब 220-240 तक पहुंच गई है. वहीं कान्हा में वन भैंसा पुनर्स्थापना के तहत अब तक 8 वन भैंसे लाए जा चुके हैं.
होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (HMSI) ने घरेलू बाजार में पर्यावरण के अनुकूल मोबिलिटी सेगमेंट में अपना बड़ा कदम उठाते हुए बहुप्रतीक्षित फैमिली इलेक्ट्रिक स्कूटर Honda QC3 को आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया है। भारतीय दोपहिया बाजार में पेट्रोल सेगमेंट पर लंबे समय से राज करने वाली जापानी ऑटोमोबाइल कंपनी होंडा अब इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में अपनी पकड़ को मजबूती से आगे बढ़ा रही है। कंपनी के पोर्टफोलियो में QC1 और Activa e: के बाद यह तीसरा ऑल-इलेक्ट्रिक मॉडल है, जिसे विशेष रूप से रोजमर्रा की शहरी जरूरतों और पारिवारिक इस्तेमाल को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।यह नया ई-स्कूटर लंबी दूरी तय करने की क्षमता, बेहतर बूट स्पेस, आधुनिक कनेक्टिविटी फीचर्स और किफायती रनिंग कॉस्ट का एक बेहतरीन संतुलन पेश करता है। भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की मांग जिस रफ्तार से बढ़ रही है, उसमें भरोसेमंद ब्रांड नाम, मजबूत बनावट और व्यावहारिक स्पेसिफिकेशंस की तलाश कर रहे ग्राहकों के लिए यह पेशकश एक गेमचेंजर विकल्प मानी जा रही है।Honda QC3 Battery, Range and Charging: 145 किमी की रेंज और तेज चार्जिंग तकनीकHonda QC3 का सबसे अहम तकनीकी आकर्षण इसका पावरट्रेन और बैटरी पैक आर्किटेक्चर है। होंडा ने इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में 3.0 kWh क्षमता वाला आधुनिक लिथियम-आयन फिक्स्ड बैटरी पैक दिया है। कंपनी का आधिकारिक दावा है कि इंडियन ड्राइविंग साइकिल (IDC) के मानकों के अनुसार यह स्कूटर सिंगल फुल चार्ज पर 145 किलोमीटर तक की प्रभावशाली रेंज निकाल कर देता है। यह आंकड़ा होंडा के मौजूदा भारतीय इलेक्ट्रिक लाइनअप में किसी भी स्कूटर द्वारा दी जाने वाली सबसे लंबी दूरी की रेंज बन गया है।चार्जिंग टाइम की बात करें तो शहरी भागदौड़ को ध्यान में रखकर कंपनी ने इसमें फास्ट-चार्जिंग कंपैटिबिलिटी को प्राथमिकता दी है। स्टैंडर्ड होम चार्जर के जरिए यह बैटरी मात्र 2 घंटे 40 मिनट में 0 से 80 प्रतिशत तक चार्ज हो जाती है, जबकि इसे 0 से 100 प्रतिशत पूरी तरह चार्ज होने में लगभग 4 घंटे का समय लगता है। यह चार्जिंग विंडो ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, कॉलेज छात्रों और घरेलू कामकाज के लिए एक ही वाहन पर निर्भर रहने वाले परिवारों के लिए काफी व्यावहारिक साबित होती है, क्योंकि रातभर या ऑफिस पार्किंग में स्कूटर आसानी से तैयार हो जाता है।32-Litre Underseat Storage: रोजमर्रा के काम और पारिवारिक जरूरतों के लिए बड़ा बूट स्पेसभारतीय फैमिली स्कूटर सेगमेंट में स्टोरेज स्पेस सबसे बड़े निर्णायक कारकों में से एक होता है। होंडा ने अपने पुराने इलेक्ट्रिक मॉडल्स और प्रतिस्पर्धी विकल्पों से मिले फीडबैक पर काम करते हुए Honda QC3 में 32 लीटर का विशाल अंडरसीट स्टोरेज उपलब्ध कराया है। यह स्टोरेज स्पेस QC1 के 26 लीटर स्टोरेज की तुलना में काफी बड़ा और गहरा है।इस बड़े बूट स्पेस का सबसे बड़ा फायदा यह है कि राइडर इसमें फुल-फेस हेलमेट, जरूरी दस्तावेज, चार्जर किट, लैपटॉप बैग या फिर बाजार से खरीदे गए किराने का सामान बिना किसी परेशानी के सुरक्षित रख सकता है। इसके अलावा फ्लैट और चौड़ा फ्लोरबोर्ड फुटरेस्ट स्पेस देता है, जिससे पैरों के पास सिलेंडर या शॉपिंग बैग जैसे भारी सामान ले जाना भी आसान रहता है।Smart Features and Connectivity: 5-इंच TFT डिस्प्ले, Smart Key और RoadSync तकनीकHonda QC3 को आज के डिजिटल दौर के राइडर्स की जरूरतों के अनुसार हाई-टेक बनाया गया है। इसमें 5-इंच का कलर TFT डिजिटल इंस्ट्रूमेंट कंसोल लगाया गया है, जो तेज धूप में भी स्पष्ट विजिबिलिटी सुनिश्चित करता है। यह डिस्प्ले होंडा के खास RoadSync स्मार्टफोन कनेक्टिविटी सिस्टम को सपोर्ट करता है। ब्लूटूथ कनेक्टिविटी के जरिए राइडर अपने स्मार्टफोन को सीधे स्कूटर स्क्रीन से पेयर कर सकता है।कनेक्टिविटी सेटअप में टर्न-बाय-टर्न (TBT) नेविगेशन, इनकमिंग कॉल और मैसेज अलर्ट्स, बैटरी पर्सेंटेज, लाइव स्पीड, ट्रिप मीटर और सर्विस रिमाइंडर जैसी जरूरी जानकारियां सीधे स्क्रीन पर नजर आती हैं। इसके साथ ही स्कूटर में होंडा की पेटेंटेड Smart Key टेक्नोलॉजी दी गई है। इस कीलेस एंट्री सिस्टम की मदद से चाबी जेब में रखे ही स्कूटर को स्टार्ट किया जा सकता है, साथ ही इसमें रिमोट बूट अनलॉक, व्हीकल लोकेटर और एंटी-थेफ्ट सिक्योरिटी अलार्म जैसे सुरक्षा उपाय भी मिलते हैं।Design, Comfort and Safety: प्रीमियम लुक, डिस्क ब्रेक और आकर्षक कलर ऑप्शन्सडिजाइन के मामले में Honda QC3 पारंपरिक स्कूटर सिल्हूट और मॉडर्न एस्थेटिक्स का एक संतुलित मेल है। फ्रंट एप्रन पर दी गई स्लीक हॉरिजॉन्टल एलईडी हेडलाइट, इंटीग्रेटेड एलईडी डीआरएल और टेललैंप्स इसे सड़क पर एक प्रीमियम और मॉडर्न रोड प्रजेंस देते हैं। स्कूटर में लंबी, चौड़ी और कुशन वाली सिंगल-पीस सीट दी गई है, जो राइडर और पीछे बैठने वाले सह-यात्री दोनों को लंबे सफर के दौरान थकान मुक्त अनुभव देती है।सवारी की सुरक्षा और स्टेबिलिटी के लिए होंडा ने इसके फ्रंट व्हील में डिस्क ब्रेक और रियर में ड्रम ब्रेक का सेटअप दिया है, जो कंबाइंड ब्रेकिंग सिस्टम (CBS) के साथ काम करता है। सस्पेंशन की बात करें तो फ्रंट में स्मूथ टेलिस्कोपिक फोर्क्स और रियर में ट्विन शॉक एब्जॉर्बर लगाए गए हैं, जो भारतीय सड़कों के गड्ढों और स्पीड ब्रेकर्स पर झटकों को आसानी से सोख लेते हैं। कंपनी ने इसे 4 आकर्षक रंगों में पेश किया है:मैट फोटॉन ग्रे मेटैलिक (Matt Photon Grey Metallic)पर्ल प्रेशियस व्हाइट (Pearl Precious White)पर्ल शैलो ब्लू (Pearl Shallow Blue)पर्ल साइरन ब्लू (Pearl Siren Blue)Price, Booking and Local City Rollout: ₹1.35 लाख कीमत और 5 बड़े शहरों में बिक्री शुरूकीमत के मोर्चे पर Honda QC3 को ₹1.35 लाख (एक्स-शोरूम, नई दिल्ली) की आकर्षक कीमत पर उतारा गया है। होंडा ने इस ई-स्कूटर की आधिकारिक बुकिंग मात्र ₹5,000 की टोकन राशि पर अपनी आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत डीलरशिप्स पर शुरू कर दी है।कंपनी ने अपने पहले चरण (Phase 1) के तहत इसे भारत के 5 प्रमुख शहरों में अपनी प्रीमियम होंडा रेडविंग (Honda RedWing) डीलरशिप्स नेटवर्क के जरिए उपलब्ध कराया है:दिल्ली (Delhi NCR)आगरा (Agra, Uttar Pradesh)सूरत (Surat, Gujarat)कटक (Cuttack, Odisha)कोल्लम (Kollam, Kerala)होंडा के अनुसार, स्थानीय सर्विस इंफ्रास्ट्रक्चर और चार्जिंग नेटवर्क की तैयारी के साथ-साथ आने वाले कुछ ही महीनों में लखनऊ, जयपुर, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, पटना और हैदराबाद जैसे अन्य टियर-1 और टियर-2 शहरों में भी इसकी डिलीवरी और बिक्री का चरणबद्ध विस्तार किया जाएगा।Rivals and Market Verdict: TVS iQube, Ather और Bajaj Chetak से सीधा मुकाबलाभारतीय इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में 1.30 लाख से 1.45 लाख रुपये का प्राइस ब्रैकेट सबसे कड़ा मुकाबला देखने को पाता है। Honda QC3 का सीधा मुकाबला इस सेगमेंट में पहले से स्थापित TVS iQube (3.1 kWh वेरिएंट), Bajaj Chetak 3502, Vida VX2 Plus और Ather Rizta / Ather Konarc से होने जा रहा है।जहां टीवीएस और बजाज अपनी मेटल बॉडी और फैमिली इमेज के दम पर टिके हैं, वहीं होंडा के पास अपने दशकों पुराने इंजन भरोसे, सर्विस विश्वसनीयता और रीसेल वैल्यू का भरोसा है। 145 किलोमीटर की लंबी IDC रेंज, 32-लीटर का बड़ा स्टोरेज स्पेस, फिक्स्ड बैटरी पैक की सहूलियत और ₹1.35 लाख का प्राइस टैग इसे उन परिवारों के लिए एक ठोस और भरोसेमंद विकल्प बनाता है जो पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से छुटकारा पाकर बिना किसी समझौते के इलेक्ट्रिक पर शिफ्ट होना चाहते हैं।
नेपाल बाढ़ के बाद हाई अलर्ट पर अरुणाचल, जोखिम वाली 7 ग्लेशियल झीलों की हुई पहचान
नेपाल में बाढ़ के बाद अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में सात ग्लेशियल झीलों की पहचान की गई है, जिनसे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नियमों में 12 साल बाद बड़ा संशोधन करते हुए केंद्र सरकार ने अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा कवरेज की वेज सीलिंग (Wage Ceiling) को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह कर दिया है। यह बदलाव 17 सितंबर 2026 से प्रभावी हो चुका है।इस फैसले के बाद निजी और संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जिन प्रोफेशनल्स की बेसिक सैलरी (Basic + DA) ₹40,000 या ₹50,000 है, उनकी इन-हैंड सैलरी पर क्या प्रभाव पड़ेगा? क्या उनकी टेक-होम सैलरी घटेगी या पीएफ फंड में इजाफा होगा?इसका सीधा उत्तर आपकी कंपनी के पेरोल स्ट्रक्चर (Payroll Structure) पर निर्भर करता है, जिसे दो प्रमुख श्रेणियों में समझा जा सकता है।दो तरह के पेरोल मॉडल: आपकी कंपनी में कौन सा नियम लागू है?प्राइवेट सेक्टर में उच्च वेतन पाने वाले कर्मचारियों का पीएफ मुख्य रूप से दो तरीकों से काटा जाता है:केस 1: जब कंपनी केवल स्टैच्यूटरी सीलिंग (Statutory Ceiling) पर पीएफ काटती हैकई कंपनियां अपने कर्मचारियों की बेसिक सैलरी चाहे कितनी भी हो, पीएफ कंट्रीब्यूशन केवल सरकारी सीलिंग तक ही सीमित रखती हैं। पहले यह सीमा ₹15,000 थी। अब नई वेज सीलिंग ₹25,000 होने के कारण यह गणना सीधे ₹25,000 पर होगी।केस 2: जब कंपनी वास्तविक बेसिक पे (Actual Basic Salary) पर 12% पीएफ काटती हैयदि आपकी कंपनी पहले से ही आपकी पूरी बेसिक सैलरी (₹40,000 या ₹50,000) पर 12% पीएफ काटती आ रही है, तो आपकी इन-हैंड सैलरी या पीएफ कंट्रीब्यूशन में कोई बदलाव नहीं होगा। केवल नियोक्ता (Employer) के हिस्से से EPS (पेंशन) और EPF के आंतरिक बंटवारे में मामूली तकनीकी बदलाव आएगा।₹40,000 बेसिक सैलरी वालों के लिए वित्तीय समीकरणयदि आपकी बेसिक सैलरी ₹40,000 प्रति माह है और आपकी कंपनी अब तक वैधानिक सीमा (₹15,000) पर पीएफ काट रही थी, तो ₹25,000 की नई सीलिंग से यह बदलाव आएगा:विवरणपुरानी व्यवस्था (₹15,000 सीलिंग)नई व्यवस्था (₹25,000 सीलिंग)शुद्ध अंतर (मासिक)कर्मचारी का पीएफ अंशदान (12%)₹1,800₹3,000₹1,200 अधिक कटौतीकंपनी का कुल पीएफ अंशदान (12%)₹1,800₹3,000₹1,200 अधिक जमाकंपनी शेयर: EPS (पेंशन - 8.33%)₹1,250₹2,083₹833 अधिक पेंशन फंड मेंकंपनी शेयर: शुद्ध EPF (3.67%)₹550₹917₹367 अधिक पीएफ खाते मेंकुल मासिक पीएफ बचत (Employee + Employer)₹3,600₹6,000₹2,400 प्रति माह अधिक बचतइन-हैंड सैलरी पर असर: यदि कंपनी का कंट्रीब्यूशन आपके सीटीसी (CTC) का हिस्सा है, तो आपकी मासिक टेक-होम सैलरी में लगभग ₹2,400 की कमी हो सकती है (कर्मचारी अंशदान ₹1,200 + नियोक्ता अंशदान ₹1,200)। लेकिन यदि नियोक्ता का अंशदान सीटीसी से अलग है, तो आपकी टेक-होम सैलरी केवल ₹1,200 कम होगी।सालाना बचत में उछाल: आपके पीएफ और पेंशन खाते में सालाना ₹28,800 अतिरिक्त जमा होंगे, जिस पर चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) का बड़ा लाभ मिलेगा।₹50,000 बेसिक सैलरी वालों के लिए वित्तीय समीकरण₹50,000 बेसिक सैलरी वाले कर्मचारियों के मामले में भी यदि सीलिंग आधारित कटौती लागू होती है, तो अधिकतम सीमा ₹25,000 ही मानी जाएगी:विवरणपुरानी व्यवस्था (₹15,000 सीलिंग)नई व्यवस्था (₹25,000 सीलिंग)शुद्ध अंतर (मासिक)कर्मचारी का पीएफ अंशदान (12%)₹1,800₹3,000₹1,200 अधिक कटौतीकंपनी का कुल पीएफ अंशदान (12%)₹1,800₹3,000₹1,200 अधिक जमाEPS (पेंशन फंड - 8.33%)₹1,250₹2,083₹833 अधिक पेंशन फंड मेंशुद्ध EPF (Employer Share - 3.67%)₹550₹917₹367 अधिक पीएफ खाते मेंकुल मासिक पीएफ बचत (Employee + Employer)₹3,600₹6,000₹2,400 प्रति माह अधिक बचतचूंकि दोनों ही वेतनमान (₹40,000 और ₹50,000) नई ₹25,000 की वैधानिक सीमा से ऊपर हैं, इसलिए सीलिंग आधारित मॉडल में दोनों पर होने वाला वित्तीय प्रभाव बिल्कुल समान रहेगा।अगर आपकी कंपनी पूरे ₹50,000 पर पीएफ काटती है (Employee: ₹6,000 और Employer: ₹6,000), तो आपकी सैलरी पर शून्य असर पड़ेगा।कर्मचारियों के लिए नफा या नुकसान?लॉन्ग-टर्म रिटायरमेंट कॉर्पस मजबूत: मासिक पीएफ अंशदान ₹3,600 से बढ़कर ₹6,000 होने पर रिटायरमेंट के समय लाखों रुपये का बड़ा फंड तैयार होगा। ईपीएफओ द्वारा मिलने वाला वार्षिक ब्याज (लगभग 8.25%) पूरी तरह सुरक्षित और टैक्स-फ्री (निर्धारित सीमा तक) रिटर्न सुनिश्चित करता है।पेंशन (EPS) में सुधार: पहले पेंशन फंड में अधिकतम ₹1,250 प्रति माह जाते थे, जो अब बढ़कर ₹2,083 प्रति माह हो जाएंगे। इससे 58 वर्ष की आयु के बाद मिलने वाली मासिक पेंशन की राशि में बढ़ोतरी होगी।EDLI बीमा कवर में फायदा: एम्प्लॉई डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस (EDLI) के तहत मिलने वाले जीवन बीमा कवर का आधार भी इस नई सीलिंग से और मजबूत होता है।तात्कालिक लिक्विडिटी में कमी: उन युवा कर्मचारियों को थोड़ी परेशानी हो सकती है जो हर महीने अधिक इन-हैंड कैश पसंद करते हैं, क्योंकि उनकी इन-हैंड सैलरी में ₹1,200 से ₹2,400 की कटौती देखने को मिलेगी।
UN में PAK का फिर से रोना-धोना, भारत ने खोल दी साजिश की पोल
पाकिस्तान को फटकार लगाते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस्लामाबाद की आदत तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने की है और उसने सिंधु जल संधि पर ऐसा ही किया है. पाकिस्तान यहां UNGA मीटिंग में सदस्य देशों के बीच अपना प्रोपेगैंडा चलाने के लिए एक दस्तावेज बांट रहा था.
5 साल में 23 IIT में 45 छात्रों ने की खुदकुशी, हैदराबाद में सबसे ज्यादा 7 मामले
देश के 23 IIT में 2020-21 से 2024-25 के बीच कुल 45 छात्रों ने आत्महत्या की। इनमें 28 छात्र SC, ST और OBC समुदायों से थे।
आगामी त्योहारों के सीजन से ठीक पहले रसोई के बजट पर एक बार फिर महंगाई की मार पड़ती नजर आ रही है। भारतीय थाली का अनिवार्य हिस्सा मानी जाने वाली प्याज की कीमतें आम उपभोक्ताओं की आंखों में आंसू लाने को तैयार हैं। केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के मकसद से अपने बफर स्टॉक से नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन (NCCF) और नैफेड (NAFED) के जरिए ₹35 प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर प्याज की बिक्री शुरू की है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि सरकारी हस्तक्षेप और सब्सिडी के बावजूद देश के प्रमुख महानगरों और खुदरा बाजारों में प्याज के दाम लगातार चढ़ते जा रहे हैं। उपभोक्ता मामले मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जहां कीमतें ₹53 से ₹60 प्रति किलो दर्ज की गई हैं, वहीं स्थानीय मंडियों और किराना दुकानों पर अच्छी गुणवत्ता वाली प्याज ₹60 से लेकर ₹70 प्रति किलो तक बिक रही है।मेट्रो शहरों में प्याज के खुदरा भाव: कहां कितना चुका रहे हैं उपभोक्ता?केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्रालय के ताजा आंकड़ों और स्थानीय बाजार रिपोर्टों के अनुसार, देश के प्रमुख मेट्रो शहरों में प्याज के दामों की स्थिति इस प्रकार है:राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली: सरकारी आंकड़ों में दिल्ली में औसत खुदरा भाव ₹53 प्रति किलो दर्ज हुआ है, लेकिन कॉलोनियों और खुदरा मंडियों में यह ₹60 से ₹70 प्रति किलो तक पहुंच चुका है।मुंबई: आर्थिक राजधानी में प्याज के आधिकारिक खुदरा दाम ₹58 प्रति किलो दर्ज किए गए हैं, जबकि प्रीमियम क्वालिटी ₹65 प्रति किलो पार कर चुकी है।कोलकाता और चेन्नई: पूर्वी और दक्षिणी भारत के इन दोनों महानगरों में प्याज के आधिकारिक दाम सबसे ऊंचे यानी ₹60 प्रति किलो पर बने हुए हैं। स्थानीय बाजारों में यह ₹65 से ₹75 प्रति किलो तक बिक रही है।अखिल भारतीय औसत: देशभर में प्याज की औसत खुदरा कीमत ₹54.2 प्रति किलो के आसपास पहुंच गई है, जबकि देश के कुछ संवेदनशील हिस्सों में अधिकतम भाव ₹100 प्रति किलो तक भी दर्ज किया गया है।सरकारी बफर स्टॉक और 'कांदा एक्सप्रेस' के बाद भी क्यों नहीं घटे दाम?कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 के लिए लगभग 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक तैयार किया है। नासिक (महाराष्ट्र) और मध्य प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों से उपभोग केंद्रों तक प्याज तेजी से पहुंचाने के लिए रेलवे की विशेष मालगाड़ी यानी 'कांदा एक्सप्रेस' (Kanda Express) और ट्रकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बावजूद खुदरा कीमतों में राहत न दिखने के पीछे ये प्रमुख कारण सामने आए हैं:सीमित सरकारी आउटलेट्स: NCCF, NAFED और केंद्रीय भंडार की मोबाइल वैन और स्टोर्स मुख्य रूप से चुनिंदा इलाकों तक सीमित हैं। देश की विशाल आबादी और कॉलोनियों के लाखों खुदरा खरीदार अब भी निजी सब्जी मंडियों और स्थानीय रेहड़ी-पटरी वालों पर निर्भर हैं, जहां सब्सिडी वाली प्याज उपलब्ध नहीं है।आपूर्ति और लीन पीरियड (Lean Period) का असर: सितंबर और अक्टूबर का समय प्याज की आपूर्ति के लिहाज से 'लीन सीजन' माना जाता है। इस दौरान रबी फसल का पुराना स्टॉक मंडियों में कम होने लगता है, जबकि खरीफ की नई आवक में अभी कुछ हफ्तों का समय बाकी है।मौसम का मिजाज और लॉजिस्टिक्स में बाधा: मानसून के अंतिम दौर में भारी बारिश और चक्रवाती दबाव के कारण महाराष्ट्र और दक्षिणी राज्यों से होने वाले सड़क परिवहन में देरी हुई है, जिससे स्थानीय मंडियों में तात्कालिक आपूर्ति की कमी पैदा हुई।बिचौलियों की मुनाफाखोरी और जमाखोरी: उत्पादक मंडियों में किसानों से मिलने वाले थोक भाव और शहरों में उपभोक्ताओं द्वारा चुकाए जाने वाले खुदरा भाव के बीच एक बहुत बड़ा अंतर (Price Gap) बना हुआ है। व्यापारी और आढ़ती त्योहारों में मांग बढ़ने की उम्मीद में पुराना स्टॉक रोककर कृत्रिम किल्लत बना रहे हैं।कब तक मिलेगी आम जनता को राहत?कृषि और उपभोक्ता मामलों के जानकारों का मानना है कि त्योहारी सीजन (दशहरा और दिवाली) के दौरान मांग में और तेजी आने की संभावना है। हालांकि सरकार ने 50 से अधिक शहरों में रियायती प्याज की आपूर्ति बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर बफर स्टॉक से और अधिक खेप रेल मार्गों के जरिए भेजने का फैसला किया है।विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक मंडियों में खरीफ सीजन की नई प्याज की आवक पूरी तरह शुरू नहीं हो जाती, तब तक खुदरा कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। यदि सरकार ने स्थानीय स्तर पर जमाखोरी के खिलाफ सख्त निगरानी और वैनों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी नहीं की, तो आने वाले दिनों में प्याज के दाम मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट और बिगाड़ सकते हैं।
कैंसर की दवा कीमत पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, SC ने कहा- ये दिनदहाड़े डकैती है
सुप्रीम कोर्ट ने आवश्यक कैंसर दवाओं की अत्यधिक कीमतों को दिनदहाड़े डकैती और बर्बरता करार दिया है। कोर्ट ने ₹27,000 एमआरपी वाली दवा के ₹2,700 में खुदरा विक्रेताओं को आपूर्ति पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए सख्त मूल्य नियंत्रण की आवश्यकता पर जोर दिया।
एलसीए एमके-1ए के बेड़े में शामिल होने का बेसब्री से इंतजार : वायुसेना उप प्रमुख
वायुसेना के उप प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने बताया कि स्वदेशी लड़ाकू विमान एलसीए एमके-1ए में इंजन लगा दिए गए हैं और बेड़े में शामिल करने से पहले उनका परीक्षण चल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक-दो महीने में तकनीकी समस्याओं को सुलझा लिया जाएगा, जिसके बाद भारतीय वायुसेना को इन विमानों का बेसब्री से इंतजार है।
Delhi Jahangirpuri में कर्मचारी से 90 लाख की 35 किलो चांदी की लूट
उत्तर पश्चिम दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में दो बाइक पर आए हेलमेट पहने चार बदमाशों ने मंगलवार को एक व्यक्ति से कथित तौर पर 35 किलोग्राम चांदी लूट ली। पुलिस ने यह जानकारी दी। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि घटना अपराह्न करीब दो बजे शाह आलम बांध पिकेट के पास हुई। पुलिसकर्मियों ने पास में झगड़ा होते देखा और तुरंत मौके पर पहुंचे। उनके मुताबिक, पीड़ित राजेश पटेल ने कहा कि वह चांदनी चौक के कूचा महाजनी बाजार स्थित ‘यस ऑर्नामेंट’ में कर्मचारी है और मोटरसाइकिल पर 35 किलोग्राम चांदी का पार्सल लेकर जा रहा था। इस चांदी की कीमत करीब 90 लाख रुपये है। उसने दावा किया कि इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार हेलमेट पहने चार लोगों ने उसे रोका, उसके साथ मारपीट की और चांदी से भरा काला बैग लूटकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने बताया कि घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है और मामले में आगे की छानबीन जारी है।
मोबाइल रिचार्ज होंगे सस्ते, TRAI ने कॉलिंग और SMS के लिए दूरसंचार कंपनियां को जारी किया निर्देश
दूरसंचार नियामक ट्राई ने कंपनियों को वॉयस कॉल और एसएमएस के लिए अलग से सस्ते वाउचर जारी करने का निर्देश दिया है।
SSC परीक्षा में सेंटर तय करने वाली कंपनी पर एक्शन, दो डायरेक्टर गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश STF ने SSC द्वारा आयोजित परीक्षाओं में धांधली के मामले में एसेस इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड के दो डायरेक्टरों को नोएडा से गिरफ्तार किया है. जांच में पता चला कि कंपनी ने कई संदिग्ध अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिलाया और प्रॉक्सी सर्वर के जरिए नकल कराने में शामिल थी.
चक्रवाती तूफान अर्नब की आहट; बहुत भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका, कहां-कहां अलर्ट
ओडिशा पर इसका ज्यादा असर पड़ने की संभावना है। राज्य के कई हिस्सों में पहले ही भारी बारिश दर्ज की जा चुकी है। खुर्दा, जगतसिंहपुर, गंजाम और गजपति में स्कूल बंद रहेंगे। मलकानगिरी में 24 सितंबर तक स्कूल बंद रखने का आदेश है।
भाजपा के हेमंत सांखला अजमेर नगर निगम के उप महापौर निर्वाचित
अजमेर। नगर निगम अजमेर के उप महापौर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के हेमंत सांखला विजयी घोषित किए गए। अजमेर नगर निगम चुनाव के रिटर्निंग अधिकारी अनिल कुमार पूनिया ने बताया कि मंगलवार को उपाध्यक्षीय पद के निर्वाचन में 80 पार्षदों ने भाग लिया। इसमें भारतीय जनता पार्टी के हेमंत सांखला एवं इंडियन नेशनल कांग्रेस […] The post भाजपा के हेमंत सांखला अजमेर नगर निगम के उप महापौर निर्वाचित appeared first on Sabguru News .
मौसम में हल्का सा बदलाव आते ही—चाहे बारिश के बाद ठंड की दस्तक हो या सर्दियों के बाद बढ़ती गर्मी—छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर सबसे पहले असर पड़ता है। स्कूल और खेलकूद के दौरान बच्चे लगातार बैक्टीरिया और वायरस के संपर्क में आते हैं। कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immune System) के कारण कई बच्चे हर 15-20 दिन में सर्दी, खांसी, गले में संक्रमण, फ्लू या वायरल बुखार की चपेट में आ जाते हैं। बार-बार एंटीबायोटिक्स या कफ सिरप देना बच्चों के नाजुक लिवर और आंतों के लिए ठीक नहीं होता। पीडियाट्रिशियंस (शिशु रोग विशेषज्ञ) और पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों को मौसमी बीमारियों से सुरक्षित रखने का सबसे टिकाऊ और सुरक्षित तरीका उनकी डाइट में प्राकृतिक इम्यूनिटी-बूस्टिंग सुपरफूड्स को शामिल करना है। अगर बचपन से ही बच्चों के आहार में सही पोषक तत्व दिए जाएं, तो उनका शरीर संक्रमणों से खुद लड़ने में पूरी तरह सक्षम हो जाता है।खट्टे फल और आंवला: विटामिन-सी का सुरक्षा कवचविटामिन-सी बच्चों की रोग प्रतिरोधक प्रणाली का सबसे बुनियादी सिपाही है। यह शरीर में सफेद रक्त कोशिकाओं (White Blood Cells) के निर्माण और उनकी कार्यक्षमता को बढ़ाता है, जो संक्रमण पैदा करने वाले रोगाणुओं को नष्ट करती हैं।कौन से फल दें: बच्चों की दैनिक डाइट में संतरा, मौसमी, कीवी, स्ट्रॉबेरी और अमरूद जैसे ताजे मौसमी फल जरूर शामिल करें।आंवले का जादू: आंवला विटामिन-सी का सबसे समृद्ध प्राकृतिक स्रोत है। इसमें संतरे से 20 गुना अधिक विटामिन-सी पाया जाता है। चूंकि बच्चे आंवला सीधा कसैला होने के कारण नहीं खाते, इसलिए उन्हें घर का बना आंवला मुरब्बा, आंवला कैंडी या शहद के साथ आधा चम्मच आंवला चूर्ण दिया जा सकता है। यह बच्चों के श्वसन तंत्र (Respiratory System) को मजबूत कर मौसमी एलर्जी और जुकाम से बचाता है।भीगे हुए बादाम और अखरोट: जिंक और विटामिन-ई का भंडारसूखे मेवे (Dry Fruits) बच्चों के शारीरिक और मानसिक दोनों विकास के लिए अनिवार्य हैं, लेकिन बदलते मौसम में बादाम और अखरोट विशेष रूप से सुरक्षा प्रदान करते हैं।विटामिन-ई और जिंक: बादाम विटामिन-ई का बेहतरीन स्रोत है, जो कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाता है। वहीं अखरोट में भरपूर ओमेगा-3 फैटी एसिड और जिंक होता है, जो फेफड़ों में सूजन (Inflammation) को कम करने और इम्यूनिटी सेल्स को सक्रिय रखने में मदद करता है।खिलाने का सही तरीका: रातभर पानी में 4-5 बादाम और 1 अखरोट भिगोकर रखें। सुबह छिलका उतारकर बच्चों को चबाकर खाने को दें। यदि बच्चा सीधा खाने में आनाकानी करता है, तो इसे पीसकर गुनगुने दूध या दलिया/ओट्स में मिलाकर स्मूदी के रूप में दिया जा सकता है।ताजा दही और छाछ: मजबूत आंतें ही हैं असली इम्यूनिटी की चाबीचिकित्सा विज्ञान के अनुसार, हमारे शरीर की लगभग 70 प्रतिशत इम्यूनिटी आंतों (Gut Health) में स्थित होती है। यदि बच्चे का पाचन तंत्र स्वस्थ रहेगा और आंतों में अच्छे बैक्टीरिया का संतुलन बना रहेगा, तो कोई भी संक्रमण आसानी से हमला नहीं कर सकता।प्रोबायोटिक्स का प्राकृतिक स्रोत: बाजार के फ्लेवर्ड या पैकेटबंद मीठे योगर्ट के बजाय घर में ताजा जमाया गया दही बच्चों को खिलाएं। इसमें 'लैक्टोबैसिलस' जैसे जीवित प्रोबायोटिक बैक्टीरिया होते हैं, जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं और पेट के संक्रमण, डायरिया और मौसमी फ्लू से बचाते हैं।कैसे दें: दोपहर के भोजन में एक कटोरी सादा दही दें या उसमें भुना जीरा व सेंधा नमक डालकर छाछ के रूप में पिलाएं। ध्यान रखें कि बदलते मौसम में शाम या रात के समय दही देने से बचें, ताकि कफ की समस्या न हो।हल्दी और जायफल वाला गुनगुना दूध: पारंपरिक एंटीसेप्टिक टॉनिकआयुर्वेद में 'गोल्डन मिल्क' यानी हल्दी वाला दूध बच्चों की मौसमी बीमारियों का सबसे पुराना और परखा हुआ घरेलू उपचार है।करक्यूमिन के चमत्कारी गुण: हल्दी में मौजूद 'करक्यूमिन' (Curcumin) एक शक्तिशाली एंटी-वायरल, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी यौगिक है। यह गले की खराश, सीने में जकड़न और रात में उठने वाली सूखी खांसी को तुरंत शांत करता है।बनाने का सही तरीका: रात को सोने से पहले एक गिलास गुनगुने दूध में एक चुटकी शुद्ध हल्दी, चुटकी भर पिसा हुआ जायफल (Nutmeg) और आधा चम्मच शुद्ध देसी घी या थोड़ा सा शहद मिलाएं। जायफल बच्चों को आरामदायक नींद दिलाने में मदद करता है, जबकि घी गले के सूखेपन को खत्म करता है। यह ड्रिंक बदलते मौसम में रातभर बच्चों के शरीर को अंदरूनी गर्माहट देती है।मौसमी हरी पत्तेदार सब्जियां और शकरकंद: बीटा-कैरोटीन का पावरहाउसजंक फूड और मैदे से बनी चीजों की जगह बच्चों की प्लेट में रंग-बिरंगी सब्जियां शामिल करना बेहद जरूरी है।पालक और मेथी: हरी पत्तेदार सब्जियों में प्रचुर मात्रा में फोलेट, आयरन, विटामिन-ए और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर में नई एंटीबॉडीज बनाने की गति को तेज करते हैं।शकरकंद (Sweet Potato): बच्चे शकरकंद को बड़े चाव से खाते हैं। यह बीटा-कैरोटीन (विटामिन-ए) का जबरदस्त स्रोत है। विटामिन-ए हमारे शरीर की म्यूकस मेम्ब्रेन (नाक, गले और फेफड़ों की अंदरूनी झिल्ली) को मजबूत रखता है, जिससे वायरस और बैक्टीरिया शरीर के अंदर प्रवेश ही नहीं कर पाते। शकरकंद को उबालकर या हल्का घी में रोस्ट करके चाट की तरह बच्चों को नाश्ते में दिया जा सकता है।बच्चों की इम्यूनिटी मजबूत रखने के लिए 3 जरूरी सावधानियांसफेद चीनी और पैकेज्ड स्नैक्स पर लगाम: अत्यधिक चीनी, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेज्ड फूड्स बच्चों की रोग प्रतिरोधक कोशिकाओं (Neutrophils) को कई घंटों के लिए सुस्त कर देते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा 50% बढ़ जाता है।पर्याप्त पानी और हाइड्रेशन: मौसम बदलते ही बच्चे प्यास लगने पर भी पानी पीना भूल जाते हैं। शरीर में पानी की कमी से म्यूकस सूख जाता है और रोगाणु आसानी से चिपक जाते हैं। दिनभर गुनगुना पानी, नारियल पानी या घर का बना ताजा सूप जरूर दें।8 से 10 घंटे की गहरी नींद: नींद के दौरान ही शरीर 'साइटोकिन्स' (Cytokines) नामक प्रोटीन छोड़ता है, जो संक्रमण और तनाव से लड़ते हैं। सुनिश्चित करें कि बच्चे रात में समय पर सोएं और भरपूर नींद लें।
एससी-एसटी एक्ट में अग्रिम जमानत पर रोक जारी रहेगी, सुप्रीम कोर्ट बोला- रिव्यू जरूरी नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने एससी-एसटी एक्ट 2018 संशोधन की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी, जिसमें अग्रिम जमानत पर रोक बहाल की गई थी।
उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज एक बार फिर प्रतियोगी छात्रों के बड़े आंदोलन का केंद्र बन गई है। प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त (Aided) माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) और प्रवक्ता (PGT) भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। पत्थर गिरजाघर पर हफ्तों से चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद सैकड़ों छात्र पैदल मार्च करते हुए प्रयागराज स्थित शिक्षा निदेशालय जा पहुंचे और पूरे परिसर का घेराव कर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने पूरे शिक्षा निदेशालय को भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती के साथ पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया है।कफन ओढ़कर परिसर में लेटे अनशनकारी, साथी की मौत के बाद भड़का आक्रोशशिक्षा निदेशालय परिसर में आंदोलन का दृश्य बेहद मार्मिक और तनावपूर्ण बना हुआ है। 5 सितंबर से आमरण अनशन पर बैठे चार अभ्यर्थी रामनामी और कफन ओढ़कर जमीन पर लेट गए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने खुद को शासन की संवेदनहीनता के सामने 'जीवित मृत' मान लिया है और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे। आंदोलन के दौरान ही भूख हड़ताल पर बैठी अभ्यर्थी मीणा सरोज की हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।इस आंदोलन में आक्रोश तब और बढ़ गया जब लंबे समय से भर्ती की तैयारी कर रहे जौनपुर निवासी अभ्यर्थी विजय बहादुर की कथित तौर पर मानसिक तनाव और ब्रेन स्ट्रोक से दुखद मौत हो गई। अभ्यर्थी हाथों में विजय की तस्वीर और कफन लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि नियमों में अचानक बदलाव के चलते वर्षों से तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के सामने उम्र और पात्रता का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।क्या है पूरा विवाद? नई नियमावली से क्यों नाराज हैं अभ्यर्थी?प्रतियोगी छात्रों का विरोध मुख्य रूप से नए शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा लागू किए गए नए नियमों और अर्हताओं को लेकर है। छात्रों का कहना है कि अचानक थोपे गए नए प्रावधानों से प्रदेश के लगभग 7 से 8 लाख अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया से सीधे बाहर होने की कगार पर पहुंच गए हैं:स्नातक में 50% अंकों की बाध्यता: नई नियमावली में ग्रेजुएशन में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य कर दिए गए हैं। अभ्यर्थियों का तर्क है कि 10-15 साल पहले स्नातक करने वाले अधिकांश ग्रामीण और सामान्य पृष्ठभूमि के छात्रों के 50% से कम अंक होते थे, जिससे वे अब हमेशा के लिए अयोग्य हो जाएंगे।नेगेटिव मार्किंग और टीईटी का पेंच: भर्ती परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग और अतिरिक्त पात्रता शर्तों के जुड़ने से पुराना परीक्षा पैटर्न पूरी तरह बदल गया है।विषय संयोजन (Subject Combination) में बदलाव: हिंदी, प्राविधिक कला, संस्कृत, गृह विज्ञान और संगीत जैसे विषयों में पात्रता के कड़े नियम लागू किए गए हैं, जिससे एकल विषय (Single Subject) से डिग्री लेने वाले लाखों छात्र अयोग्य घोषित हो रहे हैं।प्रवक्ता (PGT) में बीएड की अनिवार्यता: पूर्व में पीजीटी के लिए केवल संबंधित विषय में परास्नातक (PG) मान्य था, लेकिन नए मसौदे में बीएड को आवश्यक किए जाने से पुराने छात्र असमंजस में हैं।अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगेंशिक्षा निदेशालय में डटे आंदोलनकारी छात्रों ने प्रशासन और शासन के समक्ष अपनी मांगें स्पष्ट रखी हैं:पुरानी नियमावली के तहत अवसर: सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त लगभग 20,000 टीजीटी-पीजीटी पदों का विज्ञापन पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न पर ही जारी किया जाए।कम से कम दो अतिरिक्त मौके: यदि सरकार को नई नियमावली लागू करनी ही है, तो पुराने नियमों से वर्षों से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को कम से कम दो विशेष अवसर दिए जाएं।विज्ञापन वर्ष 2022 की परीक्षा तिथि घोषित हो: वर्ष 2022 में विज्ञापित टीजीटी-पीजीटी भर्ती की लंबित परीक्षा तिथि तुरंत घोषित की जाए और उसमें सीटें बढ़ाई जाएं।डीएम और उच्चाधिकारियों से वार्ता: आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेताओं ने मांग की है कि जिलाधिकारी (DM) खुद धरनास्थल पर आकर छात्रों से सीधे संवाद करें, न कि केवल पुलिस बल के दम पर आवाज दबाई जाए।विपक्षी दलों और छात्र संगठनों का समर्थन, आंदोलन तेज करने की चेतावनीशिक्षा निदेशालय के घेराव के बाद आंदोलन को विभिन्न छात्र संगठनों जैसे आइसा (AISA), दिशा और युवा मंच का खुला समर्थन मिल चुका है। समाजवादी पार्टी के शिक्षक एमएलसी डॉ. मानसिंह यादव भी धरनास्थल पर पहुंचे और छात्रों की आवाज को शासन और विधानसभा तक मजबूती से उठाने का आश्वासन दिया। वहीं युवा मंच ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर नई नियमावली से उपजे संकट में हस्तक्षेप की मांग की है।प्रतियोगी छात्रों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यह लड़ाई अब आर-पार की है। यदि शासन ने उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो प्रयागराज का यह घेराव पूरे उत्तर प्रदेश में एक विशाल छात्र आंदोलन का रूप ले लेगा। फिलहाल शिक्षा निदेशालय परिसर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और भारी पुलिस बल हर हलचल पर नजर बनाए हुए है।
अजमेर के शास्त्री नगर में ठाकुर जी की रेवाडी धूमधाम से निकाली
अजमेर। जल झूलनी एकादशी के अवसर पर अजमेर के शास्त्री नगर में धार्मिक आस्था और भक्ति का अनूठा नजारा देखने को मिला। श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर समिति की ओर से ठाकुरजी की रेवाड़ी धूमधाम से निकाली गई। गाजे-बाजे के साथ निकली रेवाड़ी में क्षेत्रवासी और समिति सदस्य भजन-कीर्तन करते हुए शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी […] The post अजमेर के शास्त्री नगर में ठाकुर जी की रेवाडी धूमधाम से निकाली appeared first on Sabguru News .
थप्पड़ मामले में कर्नाटक भाजपा विधायक की बेटी ने पुलिस अधिकारी से मांगी माफी
भाजपा विधायक बी. सुरेश गौड़ा की बेटी ऐश्वर्या ने मांड्या मंदिर में महिला पुलिस सब-इंस्पेक्टर को थप्पड़ मारने के मामले में सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है।
CAPF में IPS अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति जरूरी, केंद्र सरकार ने Supreme Court में दाखिल किया हलफनामा
केंद्र ने उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि उसने सोच-समझकर नीतिगत निर्णय लिया है कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों की मौजूदगी उनके प्रभावी कामकाज और उनके विशिष्ट चरित्र को बनाए रखने के लिए आवश्यक है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि यह दावा केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने दो सितंबर को शीर्ष अदालत द्वारा उन्हें जारी किए गए निर्देश के जवाब में दाखिल एक हलफनामे में किया था, जिसमें उनसे यह बताने को कहा गया था कि मई 2025 के उसके आदेश के बावजूद पांच केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में आईपीएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति के क्या कारण हैं, जबकि उस आदेश में इन नियुक्तियों को धीरे-धीरे कम करने का निर्देश दिया गया था। गृह मंत्रालय ने इससे पहले शीर्ष अदालत को बताया था कि पिछले साल अदालत के फैसले के बाद से कुल 46 आईपीएस अधिकारियों को इन बलों में प्रतिनियुक्ति पर लाया गया था। न्यायालय का निर्देश कई सीएपीएफ कैडर अधिकारियों द्वारा दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान आया, जिसमें दावा किया गया था कि सीएपीएफ (सामान्य प्रशासन) अधिनियम 2026 उनके करियर में प्रगति को प्रतिबंधित करता रहेगा क्योंकि मंत्रालय न्यायालय के 2025 के फैसले को लागू नहीं कर रहा था, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि वह उनके पक्ष में था। हलफनामे में कहा गया कि राष्ट्रीय और आंतरिक सुरक्षा की “अंतर्निहित” आवश्यकता को देखते हुए और भारत के संघीय ढांचे की मजबूती के लिए, सीएपीएफ में आईपीएस और सेना के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति देश की समग्र सुरक्षा व्यवस्था में “महत्वपूर्ण” भूमिका निभाती है। हलफनामे में कहा गया कि केंद्र सरकार ने “एक सुविचारित नीतिगत निर्णय” लिया है कि सीएपीएफ में आईपीएस अधिकारियों की मौजूदगी उनके प्रभावी कामकाज और उनके विशिष्ट चरित्र को बनाए रखने के लिए आवश्यक है। इसमें कहा गया, “वे केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच मुख्य समन्वयकारी सेवा हैं, जो दिन-प्रतिदिन के पुलिसिंग कार्यों, कानून और व्यवस्था संबंधी कर्तव्यों के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों में उग्रवाद, आतंकवाद आदि के खिलाफ रणनीति बनाने का कार्य करती हैं, तथा राज्य पुलिस बलों और सशस्त्र पुलिस बलों दोनों में सेवाएं प्रदान करती हैं।”हलफनामे में कहा गया कि संबंधित सीएपीएफ में ग्रुप ए सामान्य ड्यूटी अधिकारियों की नियुक्ति अब हाल ही में अधिनियमित सीएपीएफ (सामान्य प्रशासन) अधिनियम, 2026 द्वारा भी विनियमित होती है।
सुप्रीम कोर्ट ने छह से आठ वर्ष की तीन बच्चियों का बार-बार दुष्कर्म करने वाले एक व्यक्ति की फांसी की सजा पर रोक लगा दी है। पीठ ने हाई कोर्ट के फैसले को स्थगित करते हुए मामले की सुनवाई 20 सप्ताह बाद निर्धारित की है और विभिन्न रिपोर्टें मांगी हैं।
डेढ़ किलो सोना और पांच किलो चांदी हवन में स्वाहा? MP में अद्भुत यज्ञ
Raisen Dhuni Darbar World Record: रायसेन के उदयपुरा में दादा धूनी दरबार में 1.51 लाख किलो सामग्री, सोना-चांदी की आहुति के साथ महायज्ञ संपन्न. संत शिवानंद महाराज को मिला वर्ल्ड रिकॉर्ड. पूरी रिपोर्ट पढ़ें...
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के लापता प्रोपर्टी डीलर युवराज सिंह मनचंदा के मामले में दिल्ली और गुरुग्राम पुलिस को नोटिस जारी किया है।
दिल्ली: बदमाशों ने स्कूटी सवार लड़की का पीछा कर मारी टक्कर, गंभीर रूप से घायल
दिल्ली के हौज खास इलाके में 21 वर्षीय युवती का पीछा कर बाइक सवार दो युवकों ने स्कूटी में टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई. घटना के बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
टिफिन में मेथी की सब्जी लाने पर ठोका जुर्माना, स्कूल के अजीब फरमान से सब हैरान
महाराष्ट्र में एक चौंकाने वाला वाकया होता है। यहां ठाणे के एक स्कूल में जारी हुए फरमान से हर कोई हैरान है। असल में यह छात्र टिफिन में मेथी की सब्जी लेकर आया था। इसके लिए उसके ऊपर 50 रुपए का जुर्माना लगाया गया।
कनिष्क बमकांड: 41 साल बाद भी अधूरा न्याय, जांच समेट रही कनाडा पुलिस
कनाडा पुलिस 41 साल पुराने एयर इंडिया फ्लाइट 182 बम हमले की जांच समेट रही है, क्योंकि उन्हें कोई नया सुराग नहीं मिल रहा है। पीड़ितों के परिवारों को अभी भी पूरा न्याय नहीं मिल पाया है, जिससे उनकी पीड़ा और बढ़ गई है।
आज की तेज-तर्रार जिंदगी, ट्रैफिक का शोर, ऑफिस की समय-सीमा और लगातार बजते मोबाइल फोन के नोटिफिकेशन ने इंसान को मानसिक रूप से बुरी तरह थका दिया है। ऐसे में हर कोई कुछ समय के लिए ऐसी जगह जाना चाहता है जहां न कोई भागमभाग हो, न सांसारिक कोलाहल, बल्कि चारों ओर सिर्फ प्रकृति का मौन, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक शांति हो। भारत अनादि काल से तपस्या, साधना और आत्म-खोज की भूमि रहा है। हालांकि, देश के कई प्रमुख तीर्थस्थलों पर सालभर भारी भीड़ और व्यावसायिकता का पहरा रहता है, जिसके चलते कई बार लोग वहां जाकर भी वह आंतरिक शांति महसूस नहीं कर पाते जिसकी उन्हें दरकार होती है। यदि आप भीड़-भाड़ से दूर किसी एकांत और ऊर्जावान स्थान पर ध्यान लगाने या खुद से जुड़ने की योजना बना रहे हैं, तो भारत के ये 10 शांत आध्यात्मिक स्थल आपकी आत्मा को असीम शांति से भर देंगे।पहाड़ों की गोद में बसे शांत ध्यान और साधना स्थलपहाड़ों की ताजी हवा और देवदार के घने जंगलों के बीच ध्यान का अनुभव मन को तुरंत स्थिर कर देता है:कसार देवी (उत्तराखंड): अल्मोड़ा के पास स्थित कसार देवी मंदिर दुनिया के उन दुर्लभ तीन स्थानों में से एक है जो 'वैन एलेन बेल्ट' (Van Allen Radiation Belt) के अंतर्गत आते हैं। माचू पिच्चू और स्टोनहेंज की तरह यहां अत्यधिक भू-चुंबकीय ऊर्जा (Geomagnetic Energy) पाई जाती है। स्वामी विवेकानंद, रबींद्रनाथ टैगोर और बॉब डिलन जैसी विभूतियों ने यहां गहन साधना की थी। यहां का शांत वातावरण और हिमालय की बर्फीली चोटियों का दृश्य मन को सहज ही शून्य में ले जाता है।तवांग मठ (अरुणाचल प्रदेश): समुद्र तल से लगभग 10,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तवांग बौद्ध मठ भारत का सबसे बड़ा और विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मठ है। बर्फ से ढकी पहाड़ियों के बीच भिक्षुओं की गूंजती मंत्रोच्चार की ध्वनि और उड़ती हुई बौद्ध प्रार्थना पताकाएं मन के सभी संशयों को शांत कर भीतर एक अलौकिक ठहराव पैदा करती हैं।त्रियुगीनारायण और कल्पेश्वर (उत्तराखंड): जहां केदारनाथ में भारी भीड़ रहती है, वहीं रुद्रप्रयाग का त्रियुगीनारायण गांव अत्यंत शांत है। मान्यता है कि यहां भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था और उस विवाह की अखंड धूनी आज भी प्रज्वलित है। इसी तरह पंच केदार में शामिल 'कल्पेश्वर' एकमात्र ऐसा धाम है जो वर्षभर खुला रहता है और वहां की मौन घाटी साधना के लिए अद्वितीय है।मैक्लॉडगंज और धरमकोट (हिमाचल प्रदेश): दलाई लामा का निवास स्थल होने के कारण यह क्षेत्र तिब्बती बौद्ध धर्म और ध्यान की समृद्ध परंपरा का केंद्र है। मुख्य बाजार से थोड़ा ऊपर धरमकोट की शांत पहाड़ियों में कई विपश्यना केंद्र और योग आश्रम स्थित हैं, जहां बिना किसी बातचीत के एकांत में मन की गहराइयों को टटोला जा सकता है।दक्षिण और पूर्व भारत के मौन आध्यात्मिक केंद्रदक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में प्राकृतिक विविधता के बीच स्थित ये स्थल मानसिक पुनर्जीवन के लिए आदर्श माने जाते हैं:अरुणाचल पहाड़ी, तिरुवन्नामलाई (तमिलनाडु): भगवान शिव के अग्नि तत्व का प्रतीक माना जाने वाला अरुणाचलेश्वर मंदिर और महर्षि रमण का आश्रम दुनिया भर के साधकों को आकर्षित करता है। रमण आश्रम के शांत हॉल में बैठकर केवल मौन रहने से ही अवसाद और मानसिक अशांति दूर हो जाती है। अरुणाचल पर्वत की 14 किलोमीटर की 'गिरिवलम' (परिक्रमा) नंगे पांव करना एक गहरा आध्यात्मिक रूपांतरण माना जाता है।माजुली द्वीप (असम): ब्रह्मपुत्र नदी के सीने पर बसा माजुली दुनिया का सबसे बड़ा नदी द्वीप है। यह 15वीं शताब्दी के महान संत श्रीमंत शंकरदेव द्वारा स्थापित 'सत्रों' (वैष्णव मठों) का केंद्र है। ढोल-खोल की मधुर थाप, बोरगीत की गूंज और नदी का शांत प्रवाह आधुनिक दुनिया के कोलाहल से बिल्कुल अलग एक शांत आध्यात्मिक दुनिया की सैर कराता है।गोकर्ण (कर्नाटक): जहां गोवा की पहचान पार्टियों और तेज संगीत से है, वहीं उससे कुछ दूरी पर स्थित गोकर्ण अपने शांत समुद्र तटों और भगवान महाबलेश्वर के प्राचीन आत्मलिंग मंदिर के लिए जाना जाता है। समुद्र की लहरों की आवाज के बीच कुडले बीच या ओंम बीच के शांत कोनों में बैठकर योग और साधना करना मन को गहरे विश्राम में डुबो देता है।पुष्कर (राजस्थान): दुनिया का एकमात्र प्रमुख ब्रह्मा मंदिर और 52 पवित्र घाटों से घिरी शांत पुष्कर झील शाम की महाआरती के समय एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभूति कराती है। घाट की सीढ़ियों पर बैठकर जल में प्रतिबिंबित होते दीयों को देखना और नगाड़ों की गूंज सुनना सांसारिक चिंताओं को पूरी तरह भुला देता है।मौन साधना और चेतना के वैश्विक आश्रमअगर आप पारंपरिक मंदिर दर्शन के बजाय संगठित ध्यान और मौन की तलाश में हैं, तो ये दो केंद्र जीवन बदलने वाले अनुभव प्रदान करते हैं:ऑरोविले और श्री अरविंदो आश्रम (पुडुचेरी): ऑरोविले किसी धर्म या जाति की सीमा से परे एक वैश्विक आध्यात्मिक नगरी है। इसके केंद्र में स्थित स्वर्ण गुंबदनुमा 'मातृमंदिर' (Matrimandir) पूरी तरह मौन एकाग्रता के लिए बनाया गया है। यहां कोई मूर्ति या पूजा-पाठ नहीं होता; केवल सफेद संगमरमर पर गिरती सूर्य की किरण के सामने बैठकर व्यक्ति अपने अंतर्मन से जुड़ता है।धम्म गिरि, इगतपुरी (महाराष्ट्र): यह विश्व का सबसे बड़ा विपश्यना ध्यान केंद्र है। गौतम बुद्ध की 2500 साल पुरानी ध्यान पद्धति 'विपश्यना' के 10 दिवसीय मौन शिविर में व्यक्ति को बाहरी दुनिया, फोन, किताबों और यहां तक कि आपसी बातचीत से पूरी तरह अलग कर दिया जाता है। सह्याद्रि की वादियों में स्थित यह केंद्र उन लोगों के लिए सर्वोत्तम है जो अपने मानसिक विकारों और तनाव की जड़ों को काटकर शुद्ध मन पाना चाहते हैं।
UP Assembly Election 2027: गठबंधन में नेतृत्व को लेकर SP और Congress सांसदों में तकरार
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के दो नेताओं के बीच प्रदेश में गठबंधन के नेतृत्व की भूमिका को लेकर अलग-अलग राय सामने आई। कैराना से समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद इकरा हसन और सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद दोनों 2024 के लोकसभा चुनाव में ‘इंडिया’ गठबंधन के तहत निर्वाचित हुए थे। हालांकि विधानसभा चुनाव में गठबंधन के नेतृत्व को लेकर दोनों नेता आपस में भिड़ गये। दोनों नेताओं ने भाजपा का मुकाबला करने के लिए अपनी-अपनी पार्टी के नेताओं को महत्वपूर्ण बताया। मसूद ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘केवल राहुल गांधी ही पूरे देश में विपक्ष की आवाज हैं, जिनसे भाजपा घबराती है। राहुल जी ने कठिन परिश्रम किया है और अनुकूल माहौल बनाया है। इसलिए राहुल जी के बिना कुछ भी संभव नहीं है।’’मसूद इससे पहले सपा के साथ रहे हैं और वह सीट बंटवारे पर जल्द निर्णय लेने की वकालत करते रहे हैं। उन्होंने गठबंधन में कांग्रेस को ‘‘बड़ा भाई’’ बताया। हालांकि, सपा नेता लगातार कहते रहे हैं कि गठबंधन की रूपरेखा राहुल गांधी और अखिलेश यादव तय करेंगे। वहीं, मंगलवार को इकरा हसन ने गठबंधन की संभावनाओं को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की भूमिका को अहम बताया। उन्होंने कहा, ‘‘केवल अखिलेश यादव भाजपा को हराने में सक्षम हैं। कांग्रेस अपने बल पर बहुत अधिक कुछ हासिल नहीं कर पाएगी।’’दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं की ओर से एकजुटता बनाए रखने के बयानों के बावजूद स्थानीय नेताओं की अलग-अलग टिप्पणियां गठबंधन के भीतर नेतृत्व को लेकर मतभेदों को दर्शाती हैं। सपा और कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में 2024 का लोकसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ा था और कुल 43 सीट पर जीत दर्ज की थी। इन 43 सीट में से सपा ने 37 और कांग्रेस ने छह सीट पर जीत हासिल की थी। गठबंधन ने फैजाबाद सीट पर भी जीत हासिल की थी, जो 2019 में भाजपा के पास थी। इस बीच, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में भाजपा को सत्ता में आने से रोकने की कोशिश कर रहे दलों के साथ गठबंधन के विकल्प पर विचार कर सकती है। ओवैसी ने रविवार को कानपुर में एक जनसभा में कहा था कि उनकी पार्टी भी उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार नहीं चाहती और भाजपा को रोकने के इच्छुक दल एआईएमआईएम के साथ हाथ मिला सकते हैं।
एक अच्छी और सुकून भरी नींद के बाद सुबह उठने पर शरीर में ताजगी और दिमाग में नई ऊर्जा का संचार होना चाहिए। लेकिन आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में लाखों लोग एक अजीब समस्या से जूझ रहे हैं—रातभर 7 से 8 घंटे बिस्तर पर बिताने के बावजूद जब वे सुबह जागते हैं, तो उनका सिर भारी रहता है, माथे या गर्दन के पीछे तेज खिंचाव महसूस होता है और दिनभर किसी भी काम में एकाग्रता (Focus) नहीं बन पाती। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में 'ब्रेन फॉग' और 'मॉर्निंग हेडेक' (Morning Headache) कहा जाता है। अक्सर लोग इसे केवल काम का तनाव या मौसम का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं या सुबह-सुबह पेनकिलर खा लेते हैं। वास्तव में, इस समस्या की जड़ उस तरीके में छिपी होती है जिस तरह से आप सोते हैं और अपनी नींद की दिनचर्या को संभालते हैं।स्नूज़ बटन दबाने की आदत और 'स्लीप इनरशिया' का चक्रव्यूहअलार्म बजने के बाद उसे 5 या 10 मिनट के लिए 'स्नूज़' (Snooze) पर डालना लगभग हर किसी की आम आदत बन चुकी है। लेकिन न्यूरोलॉजिस्ट्स के अनुसार, यह आदत सुबह के सिरदर्द और सुस्ती की सबसे बड़ी वजह है। जब अलार्म पहली बार बजता है, तो दिमाग नींद की अवस्था से बाहर आ चुका होता है।जब आप दोबारा आंखें मूंदकर 10 मिनट के लिए सोते हैं, तो आपका मस्तिष्क एक नए 'स्लीप साइकिल' (Sleep Cycle) में प्रवेश करने की कोशिश करता है। लेकिन 10 मिनट बाद जब अलार्म दोबारा बजता है, तो दिमाग गहरी नींद की प्रक्रिया के बीच में ही झटके से जागता है। इसे 'स्लीप इनरशिया' (Sleep Inertia) कहा जाता है। इस अचानक व्यवधान के कारण न्यूरोकेमिकल्स का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे सुबह उठते ही सिर फटने जैसा महसूस होता है और घंटों तक फोकस करने में भारी परेशानी होती है।देर रात तक स्क्रीन देखना और मेलाटोनिन का क्षरणबिस्तर पर लेटकर अंधेरे कमरे में स्मार्टफोन चलाना, सोशल मीडिया स्क्रॉल करना या वेब सीरीज देखना आंखों के साथ-साथ सीधे दिमाग के प्राकृतिक घड़ी तंत्र को बर्बाद कर देता है। मोबाइल और लैपटॉप की स्क्रीन से निकलने वाली 'ब्लू लाइट' (Blue Light) आंखों के जरिए मस्तिष्क के उस हिस्से को संकेत देती है कि अभी दिन का समय है।इसके प्रभाव से दिमाग में नींद लाने वाले मुख्य हार्मोन मेलाटोनिन (Melatonin) का उत्पादन तुरंत रुक जाता है। भले ही आप देर रात फोन रखकर सो जाएं, लेकिन आपको 'डीप स्लीप' या 'आरईएम स्लीप' नहीं मिल पाती। रातभर दिमाग आधी-अधूरी सक्रियता में रहता है, जिससे मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) पर दबाव पड़ता है और सुबह गंभीर माइग्रेन या तनाव भरे सिरदर्द के साथ नींद खुलती है।गलत तकिया और सोने की अनफिट पोजीशनगर्दन की नसों पर पड़ने वाला दबाव सुबह के सिरदर्द का एक बड़ा शारीरिक कारण है। बहुत ऊंचा, सख्त या बहुत ज्यादा रुई भरा तकिया इस्तेमाल करने से गर्दन की सर्वाइकल रीढ़ की हड्डी अप्राकृतिक कोण (Angle) पर मुड़ जाती है।रात के 6 से 8 घंटे इस गलत मुद्रा में रहने से गर्दन और कंधों की मांसपेशियों में अकड़न आ जाती है। यह तनाव सीधे सिर के आधार (Base of the skull) तक फैल जाता है, जिसे 'सर्विकोजेनिक हेडेक' (Cervicogenic Headache) कहा जाता है। इसके अलावा, पेट के बल चेहरा दबाकर सोने से सांस लेने में रुकावट आती है और मस्तिष्क तक ऑक्सीजन का प्रवाह कम हो जाता है। एक संतुलित ऑर्थोपेडिक तकिया चुनना और पीठ या करवट के बल सोना रीढ़ को सीधा रखता है।स्लीप एपनिया और खर्राटों के कारण ऑक्सीजन की कमीयदि आपको सुबह उठते ही मुंह में सूखापन और सिर में भारीपन महसूस होता है, तो यह 'ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया' (OSA) का स्पष्ट संकेत हो सकता है। इस स्थिति में सोते समय गले की मांसपेशियां ढीली पड़ जाती हैं और सांस नली में रुकावट पैदा होती है, जिसके कारण व्यक्ति तेज खर्राटे लेता है और रातभर में कई बार कुछ सेकंड के लिए सांस रुकती है।सांस में बार-बार बाधा आने से रक्त में कार्बन डाइऑक्साइड का स्तर बढ़ जाता है और मस्तिष्क तक पहुंचने वाली ऑक्सीजन कम हो जाती है। दिमाग खुद को बचाने के लिए रक्त वाहिकाओं को फैला देता है, जिससे सुबह उठते ही तेज सिरदर्द, चिड़चिड़ापन और पूरे दिन अत्यधिक सुस्ती बनी रहती है।डिहाइड्रेशन और देर रात का भारी डिनरनींद के दौरान हमारा शरीर सांस लेने और पसीने के जरिए लगातार पानी खोता है। यदि आप सोने से पहले पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते हैं, तो शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है। निर्जलीकरण के कारण मस्तिष्क के ऊतक अस्थायी रूप से सिकुड़ते हैं और खोपड़ी से खिंचते हैं, जिससे पेन रिसेप्टर्स सक्रिय हो जाते हैं और सुबह सिरदर्द होता है।साथ ही, सोने के ठीक पहले अत्यधिक तैलीय, मसालेदार या मीठा खाना खाने से शरीर रातभर पाचन क्रिया में ही व्यस्त रहता है। पाचन तंत्र की इस अत्यधिक मेहनत से शरीर का तापमान बढ़ता है और नींद बार-बार टूटती है, जिससे अगले दिन कॉग्निटिव फंक्शन (सोचने-समझने की क्षमता) पूरी तरह कमजोर पड़ जाती है।सुबह के सिरदर्द से बचने के लिए अपनाएं 'स्लीप हाइजीन'अपने दिमाग को रीचार्ज और दिनभर केंद्रित रखने के लिए इन आसान आदतों को अपनी दिनचर्या बनाएं:स्क्रीन-फ्री रूटीन: सोने से कम से कम 1 घंटा पहले सभी डिजिटल स्क्रीन्स को बंद कर दें और किताबों या संगीत का सहारा लें।सोने-जागने का एक समय: सप्ताहांत (वीकेंड) सहित हर दिन एक ही निश्चित समय पर सोएं और जागें, ताकि सर्कैडियन रिदम स्थिर रहे।हाइड्रेशन पर ध्यान: सोने से एक घंटा पहले एक गिलास गुनगुना पानी पिएं और सुबह उठते ही सबसे पहले दो गिलास सादा पानी पीकर शरीर को रीहाइड्रेट करें।हल्का स्ट्रेचिंग और ताजी हवा: सुबह उठने के तुरंत बाद 5 मिनट गर्दन और कंधों का हल्का व्यायाम करें और खिड़की खोलकर गहरी सांसें लें ताकि दिमाग को भरपूर ऑक्सीजन मिले।
प्लास्टिक स्टूल में क्यों होता है ये गोल छेद? वजह जानकर चौंक जाएंगे
Why Plastic Stool Have Hole In Center: प्लास्टिक के हर स्टूल के बीच में एक गोल छेद क्यों होता है? पहली नजर में यह सिर्फ डिजाइन का हिस्सा लगता है, लेकिन इसके पीछे कई काम की वजहें छिपी हैं. ये छेद स्टूल को एक-दूसरे के ऊपर रखने में वैक्यूम बनने से रोकने, उसे आसानी से उठाने, पानी निकालने, वजन और दबाव को संभालने के साथ-साथ प्लास्टिक की मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस को बेहतर बनाने में भी मदद करता है.
आंखो पर बांधी पट्टी, डॉक्टर भी बुलाए... मोबाइल की लत छुड़ाने के लिए नाटक
उत्तराखंड के खटीमा के बिरिया गांव के माउटेंसरी इंडियन पब्लिक स्कूल में बच्चों को मोबाइल से दूर रखने के लिए एक अनोखी एंटी मोबाइल एक्टिविटी कराई गई. अभिभावकों की मांग पर स्कूल ने नाटक के माध्यम से मोबाइल के दुष्प्रभावों को दर्शाया.
मंगल-गुरु की युति से बना नीचभंग राजयोग, अक्टूबर में 4 राशियों को धन लाभ
इस वक्त कर्क राशि में मंगल और गुरु एकसाथ बैठे हैं. मंगल 12 नवंबर तक और गुरु 31 अक्टूबर तक इस राशि में रहेंगे. गुरु की यह स्थिति मंगल के नीचत्व को भंग करेगी. यह संयोग चार राशियों के लिए शुभ माना जा रहा है.
निकाय चुनाव में मिली हार पर कांग्रेस में हाहाकार, बीजेपी में भी शुरू हुआ मंथन
राजस्थान के निकाय चुनाव में भाजपा ने 309 निकायों में से 200 में बोर्ड बनाए हैं जबकि कांग्रेस 100 से कम में सफल रही. भाजपा ने 10,235 वार्डों में 4,179 सीटें जीतीं, कांग्रेस को 3,613 और निर्दलीयों को 2,273 सीटें मिलीं.
गर्भावस्था का समय हर महिला के लिए बेहद नाजुक और जिम्मेदारी भरा होता है। इस दौरान खानपान की छोटी सी आदत भी गर्भ में पल रहे शिशु के विकास पर सीधा असर डालती है। अक्सर महिलाएं प्रेगनेंसी की पुष्टि होते ही अपनी जीवनशैली को सुधारने के लिए चाय-कॉफी की जगह 'हेल्दी' विकल्पों की ओर रुख करती हैं। कई बार गर्भवती महिलाएं दूध और चीनी वाली पारंपरिक चाय को पूरी तरह छोड़कर ग्रीन टी (Green Tea) पीना शुरू कर देती हैं, यह मानकर कि यह हर्बल है और पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन क्या वास्तव में प्रेगनेंसी में ग्रीन टी पीना पूरी तरह सुरक्षित है? स्त्री रोग विशेषज्ञों (Gynecologists) और बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार, भले ही ग्रीन टी एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है, लेकिन गर्भावस्था में इसके अत्यधिक या गलत तरीके से सेवन से बच्चे के विकास पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकते हैं।ग्रीन टी में मौजूद कैफीन और फोलिक एसिड पर इसका नकारात्मक प्रभावआम तौर पर लोग यह भूल जाते हैं कि ग्रीन टी कोई 'कैफीन-फ्री' ड्रिंक नहीं है। इसमें भी कैफीन की एक निश्चित मात्रा मौजूद होती है। हालांकि एक कप कॉफी या काली चाय की तुलना में ग्रीन टी में कैफीन कम होता है, लेकिन एक कप (लगभग 240 मिली) ग्रीन टी में 25 से 45 मिलीग्राम तक कैफीन पाया जाता है। प्रेगनेंसी के दौरान महिला का शरीर कैफीन को तेजी से मेटाबोलाइज नहीं कर पाता, जिससे यह कैफीन प्लेसेंटा (गर्भनाल) को पार करके सीधे भ्रूण तक पहुंच जाता है। भ्रूण का लिवर इतना परिपक्व नहीं होता कि वह कैफीन को पचा सके, जिससे शिशु के दिल की धड़कन बढ़ सकती है और गर्भपात (Miscarriage) या समय से पहले जन्म (Preterm Birth) का जोखिम पैदा हो सकता है।इससे भी बड़ा खतरा फोलिक एसिड के अवशोषण को लेकर है। पहली तिमाही (First Trimester) में भ्रूण के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के सही निर्माण के लिए फोलिक एसिड (Folic Acid) सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व होता है। मेडिकल रिसर्च के अनुसार, ग्रीन टी में 'एपिगैलोकैटेचिन गैलेट' (EGCG) नामक एक शक्तिशाली कैटेचिन पाया जाता है। यह तत्व शरीर में फोलिक एसिड के अवशोषण को बाधित कर देता है। यदि कोई गर्भवती महिला शुरुआत के तीन महीनों में जरूरत से ज्यादा ग्रीन टी पीती है, तो उसके शरीर में फोलेट की कमी हो सकती है, जिससे नवजात शिशु में 'न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट' (Neural Tube Defects) जैसी जन्मजात विकृतियों का खतरा काफी बढ़ जाता है।शरीर में आयरन के अवशोषण में रुकावट और एनीमिया का खतरागर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में रक्त की मात्रा लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ जाती है, जिसके लिए प्रचुर मात्रा में आयरन (Iron) की आवश्यकता होती है। ग्रीन टी में पाए जाने वाले 'टैनिन्स' (Tannins) और पॉलीफेनोल्स भोजन में मौजूद नॉन-हीम आयरन (पेड़-पौधों और शाकाहारी भोजन से मिलने वाला आयरन) के साथ बंध जाते हैं।जब कोई महिला भोजन करने के तुरंत पहले या बाद में ग्रीन टी पीती है, तो आंतें भोजन से आयरन को सोख नहीं पातीं। इसके परिणामस्वरूप गर्भवती महिला के शरीर में हीमोग्लोबिन तेजी से गिर सकता है और वह गंभीर एनीमिया (खून की कमी) की शिकार हो सकती है। एनीमिया के कारण मां को लगातार कमजोरी, चक्कर आना और सांस फूलने की समस्या होती है, जबकि शिशु का वजन कम (Low Birth Weight) रह सकता है।प्रेगनेंसी में ग्रीन टी पीने की सुरक्षित सीमा और सही समयगाइनेकोलॉजिस्ट्स का कहना है कि गर्भवती महिलाओं को ग्रीन टी से पूरी तरह परहेज करने की जरूरत नहीं है, लेकिन इसे एक सख्त सीमा और सही समय पर पीना अनिवार्य है:मात्रा का सख्त नियम: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्स्टेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट्स (ACOG) के अनुसार, गर्भावस्था में दिनभर में 200 मिलीग्राम से अधिक कैफीन का सेवन बिल्कुल नहीं होना चाहिए। यदि आप ग्रीन टी पीती हैं, तो दिनभर में 1 से अधिकतम 2 छोटे कप ही सुरक्षित माने जाते हैं।भोजन के तुरंत बाद न पिएं: ग्रीन टी को कभी भी अपने मुख्य भोजन (लंच या डिनर) या आयरन व फोलिक एसिड की दवाओं के साथ न पिएं। भोजन करने के कम से कम 1 से 2 घंटे बाद ही इसका सेवन करें ताकि पोषक तत्वों का अवशोषण प्रभावित न हो।शाम के समय परहेज करें: ग्रीन टी में मौजूद कैफीन के कारण रात में अनिद्रा (Insomnia) और बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है, जिससे प्रेगनेंसी में मिलने वाली जरूरी नींद में खलल पड़ता है।ग्रीन टी के सुरक्षित और पौष्टिक विकल्पयदि आप प्रेगनेंसी में चाय की तलब मिटाने के लिए कोई गर्म और सुकून देने वाला पेय तलाश रही हैं, तो ग्रीन टी के स्थान पर ये सुरक्षित प्राकृतिक विकल्प चुन सकती हैं:अदरक और नींबू की हर्बल चाय: यह सुबह होने वाली मतली (Morning Sickness) और उल्टी से तुरंत राहत दिलाती है।पिपरमिंट टी (Peppermint Tea): पेट की गैस, एसिडिटी और ब्लोटिंग को शांत करने में बेहद मददगार है।कैमोमाइल टी (सीमित मात्रा में): मानसिक तनाव को दूर कर अच्छी नींद लाने में सहायक होती है।गुनगुना नींबू-शहद पानी: शरीर को हाइड्रेटेड रखता है और विटामिन सी की पूर्ति करता है।गर्भावस्था के दौरान किसी भी नई हर्बल ड्रिंक या सप्लीमेंट को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से पहले अपने डॉक्टर या डायटीशियन से सलाह अवश्य लें, क्योंकि हर महिला का शरीर और प्रेगनेंसी की स्थिति अलग होती है।
दिनभर तरोताजा और महकता हुआ दिखना हर किसी के व्यक्तित्व (Personality) का एक अहम हिस्सा होता है। एक बेहतरीन खुशबू न केवल आपके आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा देती है, बल्कि आपके आसपास के लोगों पर भी सकारात्मक प्रभाव छोड़ती है। यही वजह है कि लोग महंगे से महंगे परफ्यूम, डियोड्रेंट और बॉडी मिस्ट पर हजारों रुपये खर्च करते हैं। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि काफी महंगा परफ्यूम लगाने के बावजूद कुछ ही घंटों में उसकी खुशबू गायब हो जाती है या फिर वह अजीब सी दुर्गंध में बदल जाती है। इसका सबसे बड़ा कारण परफ्यूम की गुणवत्ता नहीं, बल्कि उसे लगाने के दौरान की जाने वाली बुनियादी गलतियां हैं। सबसे आम और गलत आदत है पसीना आने के बाद बदबू छिपाने के लिए सीधे परफ्यूम छिड़क लेना।पसीना आने के बाद परफ्यूम लगाना: बदबू छिपाने के बजाय और बढ़ा देती है यह गलतीअक्सर लोग जिम के बाद, धूप से सफर करके आने पर या कार्यालय में पसीना महसूस होने पर तुरंत परफ्यूम की शीशी निकालकर स्प्रे करने लगते हैं। यह परफ्यूम के इस्तेमाल से जुड़ी सबसे बड़ी और भयानक भूल है। पसीने में अपनी कोई विशेष दुर्गंध नहीं होती, लेकिन जब पसीना त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया के संपर्क में आता है, तो वह बदबू पैदा करता है।जब आप पसीने से भीगी त्वचा पर एल्कोहल और केमिकलयुक्त परफ्यूम छिड़कते हैं, तो परफ्यूम के सुगंधित तत्व और बैक्टीरिया युक्त पसीना आपस में मिल जाते हैं। इससे एक बेहद अजीब और तीखी दुर्गंध पैदा होती है, जो आसपास खड़े लोगों के लिए असहनीय हो जाती है। इसके अलावा, पसीने वाले रोमछिद्रों (Sweat Pores) पर सीधे परफ्यूम स्प्रे करने से त्वचा में जलन, खुजली और एलर्जी का खतरा भी बढ़ जाता है। सही तरीका यह है कि पसीना आने पर पहले त्वचा को वेट वाइप्स या साफ गीले तौलिए से पोंछकर सुखाएं, उसके बाद ही हल्की खुशबू का इस्तेमाल करें।परफ्यूम छिड़कने के बाद कलाइयों को आपस में रगड़नाज्यादातर लोगों की यह आदत होती है कि वे कलाई पर परफ्यूम स्प्रे करते ही दोनों हाथों की कलाइयों को आपस में तेजी से रगड़ने लगते हैं। ऐसा करने से परफ्यूम ज्यादा देर तक टिकने के बजाय और जल्दी खत्म हो जाता है। परफ्यूम तीन चरणों—टॉप नोट्स, हार्ट नोट्स और बेस नोट्स—से मिलकर बनता है।जब आप कलाइयों को रगड़ते हैं, तो घर्षण (Friction) की वजह से गर्मी पैदा होती है। यह गर्मी परफ्यूम के सूक्ष्म मॉलिक्यूल्स और टॉप नोट्स को तोड़ देती है, जिससे खुशबू का असली संतुलन बिगड़ जाता है और वह समय से पहले हवा में उड़ जाती है। परफ्यूम को हमेशा कलाई पर हल्के से स्प्रे करें और उसे हवा में अपने आप प्राकृतिक रूप से सूखने दें।रूखी त्वचा पर सीधे स्प्रे करना और पल्स पॉइंट्स को नजरअंदाज करनाखुशबू को लंबे समय तक टिकाए रखने के लिए त्वचा की नमी (Hydration) सबसे अहम भूमिका निभाती है। रूखी (Dry) त्वचा परफ्यूम के तेल को बहुत तेजी से सोख लेती है, जिससे खुशबू एक-दो घंटे में ही गायब हो जाती है। इसके विपरीत, मॉइस्चराइज्ड त्वचा पर परफ्यूम की पकड़ बेहद मजबूत होती है।परफ्यूम लगाने का सबसे सही समय नहाने के तुरंत बाद होता है, जब स्किन पोर्स खुले होते हैं। नहाने के बाद बिना खुशबू वाला मॉइस्चराइजर या वैसलीन (Petroleum Jelly) अपने पल्स पॉइंट्स पर लगाएं और फिर परफ्यूम स्प्रे करें। पल्स पॉइंट्स यानी वे हिस्से जहां रक्त धमनियां त्वचा के सबसे करीब होती हैं और गर्मी पैदा करती हैं—जैसे कलाई, गर्दन के दोनों किनारे, कानों के पीछे, कोहनी के अंदरूनी मोड़ और कॉलरबोन। इन जगहों से निकलने वाली हल्की गर्मी खुशबू को धीरे-धीरे पूरे दिन हवा में फैलाती रहती है।कपड़ों पर परफ्यूम छिड़कना और अत्यधिक ओवर-स्प्रे करनाकई लोगों का मानना होता है कि कपड़ों पर परफ्यूम लगाने से वह ज्यादा समय तक टिकता है। हालांकि कुछ फैब्रिक्स पर खुशबू रह सकती है, लेकिन परफ्यूम में मौजूद इसेंशियल ऑइल्स और एल्कोहल सफेद या हल्के रंग के सूती, सिल्क और लिनेन के कपड़ों पर जिद्दी दाग और पीले धब्बे छोड़ सकते हैं। परफ्यूम को मुख्य रूप से शरीर की गर्मी के साथ रिएक्ट करने के लिए बनाया जाता है, कपड़ों के लिए नहीं।इसके साथ ही, जरूरत से ज्यादा स्प्रे करना भी बड़ी गलती है। खुद को महकाने के चक्कर में 8 से 10 बार स्प्रे करने से खुशबू इतनी तेज हो जाती है कि वह सिरदर्द और छींकों का कारण बन सकती है। एक अच्छे Eau de Parfum (EDP) के 3 से 4 संतुलित स्प्रे ही पूरे दिन के लिए पर्याप्त होते हैं।परफ्यूम को बाथरूम या धूप वाली अलमारी में स्टोर करनापरफ्यूम को लंबे समय तक ताजा बनाए रखने के लिए उसका सही भंडारण (Storage) उतना ही जरूरी है जितना उसे सही तरीके से लगाना। अधिकांश लोग परफ्यूम की शीशी को बाथरूम के शेल्फ पर या खिड़की के पास ड्रेसिंग टेबल पर रख देते हैं। बाथरूम की लगातार नमी, बार-बार बदलने वाला तापमान और खिड़की से आने वाली सीधी धूप (UV Rays) परफ्यूम के रासायनिक फॉर्मूले को खराब कर देती है।धूप और गर्मी के संपर्क में आने से कुछ ही हफ्तों में परफ्यूम का रंग बदल जाता है और उसकी खुशबू खट्टी या फीकी पड़ जाती है। परफ्यूम को हमेशा ठंडी, सूखी और अंधेरी जगह पर रखना चाहिए, जैसे बेडरूम की अलमारी या उसके मूल बॉक्स (Box) के भीतर। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप अपनी पसंदीदा खुशबू का पूरा असर पा सकते हैं।
मोबाइल टेम्पर्ड ग्लास पर सरकार का बड़ा फैसला, 1 अप्रैल से लागू होगा नया नियम
केंद्र सरकार ने स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर को BIS मानकों के दायरे में शामिल किया है, जिससे घटिया उत्पादों पर रोक लगेगी और भारतीय विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
जमुई मामले में गमछे के रंग पर सियासी बयानबाज़ी
जमुई में नाबालिग लड़की से कथित छेड़छाड़ के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद बिहार में सियासी बयानबाजी तेज हो गई. तेजस्वी यादव ने भगवा गमछे का जिक्र किया, जबकि बीजेपी ने लालू यादव के पुराने बयान के जरिए पलटवार किया. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता बताया.
बिहार में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बहुप्रतीक्षित खबर सामने आ चुकी है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने बहुचर्चित शिक्षक भर्ती परीक्षा के चौथे चरण यानी BPSC TRE 4.0 का नया संशोधित शेड्यूल आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है। आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 25 सितंबर 2026 से शुरू होने जा रही है। पूर्व में जारी विज्ञापन संख्या 14/2026 को संशोधित करते हुए अब नए सिरे से आवेदन और शुल्क भुगतान की तिथियां तय की गई हैं। राज्य के शिक्षा विभाग के अंतर्गत कुल 32,388 शिक्षक पदों पर नियुक्ति की जाएगी, जिसमें प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालयों तक के पद शामिल हैं।32,388 पदों पर बंपर भर्ती: किस कक्षा के लिए कितने पद?BPSC TRE 4.0 भर्ती अभियान के तहत राज्य के सरकारी विद्यालयों में चारों स्तरों पर शिक्षकों की बहाली की जाएगी। इस बार सबसे ज्यादा रिक्तियां 11वीं और 12वीं यानी उच्च माध्यमिक संवर्ग में निकाली गई हैं। वर्गवार पदों का विवरण इस प्रकार है:प्राथमिक शिक्षक (कक्षा 1 से 5): 3,847 पदमध्य विद्यालय शिक्षक (कक्षा 6 से 8): 8,563 पदमाध्यमिक शिक्षक (कक्षा 9 से 10): 3,877 पदउच्च माध्यमिक शिक्षक (कक्षा 11 से 12): 16,101 पदउच्च माध्यमिक विद्यालयों में 16 हजार से अधिक पद होने के कारण स्नातकोत्तर और बीएड उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए यह एक बड़ा अवसर माना जा रहा है।आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां और शुल्क विवरणआयोग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के तहत अभ्यर्थियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही फॉर्म और शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा:ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ तिथि: 25 सितंबर 2026आवेदन शुल्क भुगतान की प्रारंभिक तिथि: 25 सितंबर 2026ऑनलाइन शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि: 25 अक्टूबर 2026ऑनलाइन आवेदन फॉर्म सबमिट करने की अंतिम तिथि: 26 अक्टूबर 2026अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना समय रहते अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर लें, ताकि सर्वर संबंधी तकनीकी दिक्कतों से बचा जा सके।परीक्षा पैटर्न और चयन प्रक्रियाBPSC TRE 4.0 के लिए आयोग ने एकल चरण में लिखित परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है। परीक्षा बहुविकल्पीय वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रारूप में ली जाएगी:कुल 150 अंकों के 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे।परीक्षा हल करने के लिए अभ्यर्थियों को 2 घंटे 30 मिनट का समय मिलेगा।परीक्षा में भाषा (Qualifying), सामान्य अध्ययन (General Studies) और संबंधित विषय (Subject Paper) से जुड़े प्रश्न शामिल होंगे।गलत उत्तरों के लिए आयोग के दिशा-निर्देशानुसार नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान रहेगा।चयन पूरी तरह लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार मेरिट लिस्ट और दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) के बाद किया जाएगा; इसमें कोई साक्षात्कार (Interview) नहीं होगा।आधिकारिक पोर्टल पर ऐसे करें ऑनलाइन आवेदनइच्छुक और पात्र उम्मीदवार BPSC के आधिकारिक वेब पोर्टल के माध्यम से इन आसान चरणों में आवेदन कर सकते हैं:सबसे पहले बिहार लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in या OTR पोर्टल bpsconline.bihar.gov.in पर जाएं।होमपेज पर दिए गए 'BPSC TRE 4.0 Recruitment 2026' लिंक पर क्लिक करें।आवश्यक व्यक्तिगत विवरण दर्ज कर One Time Registration (OTR) की प्रक्रिया पूरी करें।रजिस्ट्रेशन क्रेडेंशियल्स के साथ लॉग इन करें और विस्तृत आवेदन फॉर्म भरें।अपनी शैक्षणिक योग्यता, आरक्षण प्रमाण पत्र, फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें।निर्धारित श्रेणीवार आवेदन शुल्क का ऑनलाइन माध्यम से भुगतान करें।फॉर्म की सभी प्रविष्टियों की जांच के बाद फाइनल सबमिट करें और कन्फर्मेशन पेज का प्रिंट आउट सुरक्षित रख लें।BPSC TRE 4.0 परीक्षा की तारीखों और परीक्षा केंद्रों से जुड़ी नई जानकारियों के लिए अभ्यर्थी BPSC TRE 4.0 Exam Date Update पर वीडियो गाइड देख सकते हैं, जो परीक्षा शेड्यूल और रणनीति को स्पष्ट करने के लिए बेहद मददगार है।
Ports और Harbour प्रोजेक्ट्स के लिए Environmental Clearance की वैधता बढ़कर हुई 20 साल
पर्यावरण मंत्रालय ने बंदरगाहों, ‘हार्बर’, ‘ब्रेकवाटर’ और ‘ड्रेजिंग’ परियोजनाओं के लिए दी जाने वाली पर्यावरण मंजूरी की वैधता अवधि मौजूदा 10 साल से बढ़ाकर 20 साल कर दी है। ‘हार्बर’ जहाजों के सुरक्षित ठिकाने को कहा जाता है जबकि ‘ब्रेकवाटर’ तेज लहरों से बंदरगाह, तट या जहाजों को बचाने के लिए समुद्र में बनाई गई सुरक्षा दीवार या संरचना को कहते हैं। ‘ड्रेजिंग’ समुद्र, नदी या बंदरगाह के तल से मिट्टी, गाद, रेत और अन्य जमा सामग्री को निकालने की प्रक्रिया को कहा जाता है। यह कदम मंत्रालय की ओर से मई में एक मसौदा अधिसूचना जारी किए जाने के चार महीने बाद उठाया गया है। मसौदा अधिसूचना में ऐसी परियोजनाओं के लिए पर्यावरण मंजूरी की वैधता को बढ़ाकर 15 साल करने का प्रस्ताव था, जिसके बाद पांच साल के विस्तार का विकल्प था। हालांकि, हितधारकों के साथ परामर्श के बाद पर्यावरण मंजूरी की वैधता बढ़ाकर 20 साल करने का निर्णय लिया गया। बदलावों से संबंधित अधिसूचना सोमवार को जारी की गयी, जिसमें मंत्रालय ने कहा कि बंदरगाह और हार्बर परियोजनाओं के लंबे निर्माण समय और चरणबद्ध विकास की विशेषताओं के कारण यह निर्णय लिया गया। इस कदम पर कांग्रेस की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने मंगलवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि नवीनतम संशोधन ग्रेट निकोबार में प्रस्तावित ट्रांसशिपमेंट पोर्ट के लिए किया गया है जो पूरी संभावना है कि एक मोडाणी (मोदी-अदाणी) उद्यम होगा।
NDMC देगी EV पार्किंग पर 50 प्रतिशत की छूट, मोबाइल पर मिलेगी बुकिंग की सुविधा
NDMC ने यह फैसला किया है कि EV पार्किंग फीस में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी. यह छूट NDMC के 155 पार्किंग एरिया में मिलने वाली है.
जलझूलनी एकादशी पर बाघसुरी में गाजे-बाजे से निकली ठाकुरजी की रेवाड़ियां
भक्ति के रंग में रंगा गांव, गांवाई तालाब में ठाकुरजी का कराया जल विहार; भजन-कीर्तन के साथ हुआ प्रसाद वितरण नसीराबाद। जलझूलनी एकादशी के अवसर पर मंगलवार को नसीराबाद क्षेत्र के बाघसुरी गांव सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में धार्मिक उल्लास का माहौल रहा। विभिन्न मंदिरों से भगवान ठाकुरजी की चल विग्रह प्रतिमाओं की सुसज्जित […] The post जलझूलनी एकादशी पर बाघसुरी में गाजे-बाजे से निकली ठाकुरजी की रेवाड़ियां appeared first on Sabguru News .
संसद में जीरो हो जाएगी BSP, भाजपा को 8 सीट! राज्यसभा चुनाव का पूरा गणित
चुनाव आयोग ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल की 12 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव कराने की घोषणा की. उत्तर प्रदेश में कड़े मुकाबले की स्थिति बन गई है, जहां उम्मीद है कि बीजेपी 10 में से आठ सीटें अपने पास बनाए रखेगी.
पूजा के लिए जुटे पंडित, आधार कार्ड पर मचा बवाल, फायरिंग में 3 की मौत
आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम पूजा के दौरान विवाद के बाद फायरिंग हुई. फायरिंग में अरविंद सिंह की पत्नी बबीता समेत तीन लोगों की मौत की सूचना है. बताया जा रहा है कि करीब दो साल पहले अरविंद के भाई गुड्डू सिंह की हत्या हुई थी. उसकी आत्मा की शांति के लिए रखी पूजा का अरविंद विरोध कर रहा था.
UN में पाक के दोस्त तुर्की ने फिर अलापा कश्मीर राग, UN चार्टर के बहाने चला पुराना घिसापिटा दांव
तुर्की का राष्ट्रपति एर्दोगन ने UNGA में कहा कि दक्षिण एशिया में यह जरूरी है कि कश्मीर मुद्दे समेत सभी विवादों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और संबंधित प्रस्तावों के दायरे में बातचीत के ज़रिए सुलझाया जाए।

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