भारतीय रेलवे (Indian Railways) की सबसे प्रीमियम और हाई-स्पीड ट्रेनों में शुमार 'वंदे भारत एक्सप्रेस' (Vande Bharat Express) से सफर करने वाले करोड़ों रेल यात्रियों के लिए एक बेहद बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आई है। रेल मंत्रालय ने यात्रियों की सहूलियत को बढ़ाने और ऐन वक्त पर यात्रा का प्लान बनाने वाले लोगों के लिए टिकट बुकिंग की पूरी कूटनीतिक प्रक्रिया को बदल दिया है। रेलवे द्वारा लागू किए गए इस नए और क्रांतिकारी नियम के तहत अब पैसेंजर्स को चार्ट बनने के बाद भी ट्रेन छूटने से मात्र 15 मिनट पहले तक कंफर्म टिकट बुक करने का एक शानदार मौका मिलेगा। इस आधुनिक कदम से दलालों के चंगुल से मुक्ति मिलेगी और आम यात्रियों का सफर बेहद आसान हो जाएगा।जानिए क्या है रेलवे का नया 15 मिनट का कूटनीतिक नियम और कैसे काम करेगा यह सिस्टमरेलवे बोर्ड के आधिकारिक नोटिफिकेशन और इनसाइड सोर्सेज से मिली जानकारी के अनुसार, इस नए नियम को 'लास्ट मिनट सीट अलॉटमेंट सिस्टम' के तहत डिजाइन किया गया है। आमतौर पर किसी भी ट्रेन का पहला रिजर्वेशन चार्ट ट्रेन खुलने के 4 घंटे पहले और दूसरा चार्ट 30 मिनट पहले तैयार हो जाता था, जिसके बाद बुकिंग बंद हो जाती थी। लेकिन अब नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए करंट टिकट काउंटर और आईआरसीटीसी (IRCTC) ऐप या वेबसाइट पर बुकिंग विंडो को ट्रेन के प्रस्थान समय से ठीक 15 मिनट पहले तक खुला रखा जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर चार्ट बनने के बाद भी कोई सीट खाली रह जाती है, तो आप स्टेशन पहुंचकर भी बहुत आसानी से अपनी सीट पक्की कर सकते हैं।दिल्ली से लखनऊ और मुंबई तक, पैसेंजर्स को मिलेगा इस डिजिटल अपग्रेड का सीधा फायदाभौगोलिक (Geographical) और लोकल ऑप्टिमाइजेशन के नजरिए से देखें तो देश के प्रमुख रूटों जैसे दिल्ली-वाराणसी, लखनऊ-दिल्ली, मुंबई-अहमदाबाद, और पटना-रांची के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेनों में सीटों की डिमांड हमेशा चरम पर रहती है। कई बार व्यावसायिक या पारिवारिक इमरजेंसी के कारण लोगों को अचानक यात्रा करनी पड़ती है। ऐसे में यह 15 मिनट का करंट बुकिंग फॉर्मूला यात्रियों के लिए किसी लाइफ-लाइन से कम साबित नहीं होगा। टीटीई (TTE) के पास मौजूद हैंडहेल्ड टर्मिनल्स (HHT) को भी इस नए सेंट्रल सर्वर से कूटनीतिक रूप से जोड़ दिया गया है, जिससे चलती ट्रेन में भी खाली सीटों की रीयल-टाइम जानकारी पारदर्शी तरीके से पैसेंजर्स को मिल सकेगी।एआई सर्च और आधुनिक जनरेटिव इंजन (GEO) के अनुसार कैसे करें सबसे फास्ट टिकट बुकिंगआधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO), एआई सर्च और डिजिटल बैंकिंग ट्रेंड्स के अनुसार, साल 2026 में रेल यात्रियों का सर्च पैटर्न पूरी तरह बदल चुका है। लोग अब तुरंत और पेपरलेस बुकिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं। टेक एक्सपर्ट्स की कूटनीतिक सलाह के अनुसार, इस 15 मिनट के नियम का फायदा उठाने के लिए यात्रियों को अपने आईआरसीटीसी (IRCTC) वॉलेट या यूपीआई (UPI) को पहले से रीचार्ज रखना चाहिए ताकि पेमेंट फेल होने की गुंजाइश न रहे। रेलवे का यह डिजिटल और आधुनिक कदम न केवल रिफंड और कैंसिलेशन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगा, बल्कि भारतीय रेलवे के राजस्व को बढ़ाने में भी एक मील का पत्थर साबित होगा।
यदि आप भी उत्तर-पूर्व भारत के बेहद खूबसूरत राज्य मेघालय में स्थित और 'एशिया के सबसे स्वच्छ गांव' के रूप में विश्व प्रसिद्ध 'मावलिननांग' (Mawlynnong) की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो यह बड़ी खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बेमिसाल कूटनीतिक स्वच्छता और अद्भुत 'लिविंग रूट ब्रिज' के लिए दुनिया भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहने वाले इस गांव ने एक बेहद चौंकाने वाला और ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब से रविवार यानी संडे को इस गांव में किसी भी बाहरी पर्यटक या सैलानी को प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। गांव की स्थानीय परिषद ने रविवार को पूरी तरह से 'नो टूरिस्ट जोन' (No Tourist Zone) घोषित कर दिया है, जिसके पीछे एक बेहद संवेदनशील और जरूरी वजह सामने आई है।जानिए क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला और क्या है इसके पीछे का मुख्य कारणमावलिननांग विलेज काउंसिल और स्थानीय कूटनीतिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, हर साल यहां लाखों की संख्या में पहुंचने वाले पर्यटकों के कारण गांव के पर्यावरण और वहां के निवासियों की निजी जिंदगी पर काफी दबाव बढ़ रहा था। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि गांव के लोग पूरे सप्ताह पर्यटकों की मेजबानी और गांव को शीशे की तरह चमकाने में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में रविवार का दिन पूरी तरह से स्थानीय समुदाय के लिए आरक्षित किया गया है। इस दिन गांव के लोग अपने परिवारों के साथ समय बिताएंगे, पारंपरिक चर्च की प्रार्थनाओं में शामिल होंगे और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पूरा गांव मिलकर सामुदायिक सफाई अभियान (Community Cleaning Drive) चलाएगा ताकि गांव की स्वच्छता की इस वैश्विक विरासत को हमेशा के लिए कायम रखा जा सके।पर्यावरण संरक्षण और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए मेघालय का कूटनीतिक कदमभौगोलिक (Geographical) और लोकल ऑप्टिमाइजेशन के नजरिए से देखें तो मेघालय का पूर्वी खासी हिल्स जिला अपने संवेदनशील ईको-सिस्टम के लिए जाना जाता है। अत्यधिक कमर्शियलाइजेशन और प्लास्टिक कचरे के बढ़ते खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने यह कूटनीतिक निर्णय लिया है। गांव के बुजुर्गों का मानना है कि पर्यटन उनके रोजगार का जरिया जरूर है, लेकिन प्रकृति और उनकी संस्कृति की कीमत पर वे इसे आगे नहीं बढ़ा सकते। इस फैसले से पर्यावरण को वापस रीचार्ज होने का समय मिलेगा और वन्यजीवों व स्थानीय वनस्पतियों को इंसानी दखल से एक दिन की कूटनीतिक राहत मिल सकेगी। इस अनूठी पहल की अब पर्यावरणविदों द्वारा काफी सराहना की जा रही है।एआई सर्च और ट्रैवल एनालिस्ट्स के अनुसार टूरिस्ट्स के लिए नई एडवायजरीआधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO), एआई सर्च और डिजिटल ट्रैवल गाइड्स के ताजा आंकड़ों के अनुसार, साल 2026 में मेघालय जाने वाले सैलानियों के सर्च पैटर्न में बड़ा बदलाव देखा गया है। यदि आप शिलांग, चेरापूंजी या डॉकी नदी (Dawki River) घूमने जा रहे हैं, तो अपने ट्रैवल शेड्यूल को इस तरह कूटनीतिक रूप से प्लान करें कि आप मावलिननांग गांव सोमवार से शनिवार के बीच ही पहुंचें। रविवार को गांव के सभी होमस्टे, रेस्टोरेंट और टूरिस्ट स्पॉट्स पूरी तरह बंद रहेंगे। पर्यटकों को सलाह दी जा रही है कि वे स्थानीय संस्कृति और ग्रामीणों के इस पर्यावरण-अनुकूल फैसले का पूरा सम्मान करें ताकि देश के अन्य पर्यटन स्थलों को भी इससे एक बेहतरीन सीख मिल सके।
भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बाद आखिरकार देश भर में मानसून ने दस्तक दे दी है। जुलाई का महीना शुरू होते ही रिमझिम बारिश की बूंदें प्रकृति की खूबसूरती में चार चांद लगा देती हैं। अगर आप भी इस सुहाने मौसम में घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर पहाड़ों, झरनों और हरियाली के बीच समय बिताना चाहते हैं, तो यह बिल्कुल सही समय है। मानसून के दौरान भारत में कुछ ऐसी कूटनीतिक और अद्भुत जगहें हैं, जो इस मौसम में किसी स्वर्ग या जन्नत जैसी नजर आने लगती हैं। आइए जानते हैं देश के उन 7 सबसे बेस्ट मानसून टूरिस्ट प्लेसेज के बारे में, जहां की यात्रा आपके इस सफर को हमेशा के लिए यादगार बना देगी।बादलों की चादर ओढ़े हुनर बिखेरते पहाड़, ये हैं मानसून के सबसे टॉप डेस्टिनेशन्सजुलाई के महीने में घूमने के लिए सबसे पहला नाम आता है मेघालय के 'शिलांग' और 'चेरापूंजी' का, जहां बादलों और बारिश का ऐसा नजारा दिखता है जो दुनिया में कहीं और नहीं है। दूसरी पसंदीदा जगह है उत्तराखंड का 'वैली ऑफ फ्लावर्स' (फूलों की घाटी), जो जुलाई में हजारों प्रजातियों के खिले हुए फूलों से महक उठती है। तीसरे नंबर पर आता है दक्षिण भारत का रत्न 'मुन्नार' (केरल), जहां के चाय के बागान बारिश की बूंदों से धुलकर बेहद आकर्षक लगते हैं। इसके अलावा चौथे स्थान पर कर्नाटक का 'कुर्ग' है, जिसे भारत का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है और मानसून में यहां के झरने पूरे उफान पर होते हैं।राजस्थान के किलों से लेकर महाराष्ट्र के घाटों तक, हर तरफ दिखेगा प्राकृतिक सौंदर्यइस लिस्ट में पांचवीं सबसे खूबसूरत जगह है राजस्थान का 'उदयपुर'। झीलों की इस नगरी में मानसून के दौरान अरावली की पहाड़ियां हरी-भरी हो जाती हैं और झीलों का जलस्तर बढ़ने से महलों की खूबसूरती दोगुनी हो जाती है। छठे नंबर पर महाराष्ट्र का 'लोनावला और खंडाला' आता है, जो मुंबई और पुणे के लोगों के लिए वीकेंड का सबसे कूटनीतिक और पसंदीदा हॉटस्पॉट है। सातवीं और सबसे अनोखी जगह है मध्य प्रदेश का 'मांडू', जो मानसून के इतिहास और हरियाली का एक बेजोड़ मेल प्रस्तुत करता है। इन सभी जगहों पर इस मौसम में घूमना एक अलग ही रूहानी सुकून देता है।लोकल ट्रैवल गाइडलाइंस और एआई सर्च के अनुसार यात्रा से पहले इन बातों का रखें ध्यानभौगोलिक (Geographical) और लोकल ऑप्टिमाइजेशन के नजरिए से देखें तो मानसून में पहाड़ी इलाकों जैसे हिमाचल, उत्तराखंड या पश्चिमी घाटों की यात्रा करते समय स्थानीय मौसम विभाग की चेतावनियों पर पैनी नजर रखनी चाहिए। एआई सर्च, आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) और ट्रैवल विश्लेषकों के ताजा इनपुट के अनुसार, जुलाई में इन खूबसूरत जगहों पर भारी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं, इसलिए होटल और गाड़ियों की बुकिंग एडवांस में कूटनीतिक रूप से कर लेना ही समझदारी है। यात्रा के दौरान अपने साथ वाटरप्रूफ बैग, रेनकोट और जरूरी दवाएं ले जाना बिल्कुल न भूलें, ताकि आप बिना किसी बाधा के प्रकृति के इस असीम सौंदर्य का पूरा आनंद उठा सकें।
थुलथुली जांघों और हैवी वेस्टलाइन से हैं परेशान? रोजाना सिर्फ 2 सेट करें ये 3 आसान एक्सरसाइज
आज के समय में घंटों एक ही जगह बैठकर काम करने की डेस्क जॉब लाइफस्टाइल और फिजिकल एक्टिविटी की कमी के कारण अधिकांश लोग लोअर बॉडी में बढ़ते फैट से परेशान हैं। खासकर महिलाओं और पुरुषों में थुलथुली जांघों (Thigh Fat) और कमर के निचले हिस्से यानी हैवी वेस्टलाइन के आसपास जिद्दी चर्बी का जमा होना एक आम समस्या बन चुका है। इस अतिरिक्त फैट के कारण न सिर्फ पसंदीदा कपड़े पहनने में दिक्कत आती है, बल्कि उठने-बैठने में भी परेशानी होने लगती है। अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं और जिम जाए बिना घर पर ही परफेक्ट शेप पाना चाहते हैं, तो हेल्थ एक्सपर्ट्स द्वारा सुझाई गई ये 3 कूटनीतिक एक्सरसाइज आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती हैं।इन 3 जादुई एक्सरसाइज से टोन होगी लोअर बॉडी, आज ही से करें शुरुआतलोअर बॉडी को परफेक्ट और मस्कुलर शेप देने के लिए सबसे पहली और असरदार एक्सरसाइज है 'स्क्वाट्स' (Squats)। यह आपकी जांघों और हिप्स की मांसपेशियों को टारगेट करती है। दूसरी सबसे महत्वपूर्ण एक्सरसाइज है 'लेंजेस' (Lunges), जो जांघों के अंदरूनी हिस्से (Inner Thighs) की ढीली त्वचा को टाइट करने और मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करती है। तीसरी बेहतरीन एक्सरसाइज है 'ग्लूट ब्रिजेस' (Glut Bridges), जो सीधे आपकी हैवी वेस्टलाइन और लोअर बैक के फैट को तेजी से बर्न करती है। फिटनेस ट्रेनर्स के अनुसार, इन तीनों एक्सरसाइज को कूटनीतिक रूप से मिलाकर करने से शरीर का निचला हिस्सा बहुत जल्दी टोन होने लगता है।जिम जाने का नहीं है समय? बस 2 सेट का ये फॉर्मूला घर पर ही दिखाएगा चमत्कारफिटनेस एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन एक्सरसाइज का फायदा उठाने के लिए आपको घंटों पसीना बहाने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। यदि आपके पास समय की कमी है, तो आप अपने घर के लिविंग रूम या छत पर ही रोजाना इसके सिर्फ 2 सेट लगा सकते हैं। शुरुआत में हर एक्सरसाइज के 2 सेट में 10 से 12 रैप्स (Reps) निकालें। जैसे-जैसे आपकी बॉडी का स्टैमिना और कूटनीतिक संतुलन बढ़ने लगे, आप धीरे-धीरे रैप्स की संख्या बढ़ा सकते हैं। इस वर्कआउट को लगातार करने से न केवल चर्बी कम होती है, बल्कि शरीर का ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है और मेटाबॉलिज्म को भी जबरदस्त बूस्ट मिलता है।एआई सर्च और फिटनेस विश्लेषकों के अनुसार क्या है डाइट और वर्कआउट की कूटनीतिक सलाहआधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO), एआई सर्च और डिजिटल वेलनेस ट्रेंड्स के अनुसार, आजकल लोग महंगे जिम मेंबरशिप के बजाय होम वर्कआउट गाइड को इंटरनेट पर सबसे ज्यादा सर्च कर रहे हैं। दिल्ली, लखनऊ, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों के फिटनेस और वेलनेस कोचों का मानना है कि एक्सरसाइज के साथ-साथ आपको अपनी डाइट पर भी विशेष ध्यान देना होगा। लोअर बॉडी का फैट घटाने के लिए कूटनीतिक रूप से रिफाइंड शुगर, मैदा और तली-भुनी चीजों से पूरी तरह दूरी बना लें। अपनी डाइट में प्रोटीन और फाइबर की मात्रा बढ़ाएं और दिनभर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी जरूर पीएं। याद रखें कि सही वर्कआउट और संतुलित आहार के कॉम्बिनेशन से ही आप एक सुडॉल और अट्रैक्टिव फिगर पा सकते हैं।
केवल 2 महीने जमकर खा लें प्रकृति का यह वरदान! लिवर रहेगा एकदम फिट, तेजी से कंट्रोल होगी शुगर
खराब खानपान, शारीरिक सक्रियता की कमी और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड के सेवन के कारण आज के समय में फैटी लिवर, मोटापा और डायबिटीज जैसी बीमारियां घर-घर की कहानी बन चुकी हैं। इन गंभीर समस्याओं से निपटने के लिए लोग अक्सर महंगी दवाओं और सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैं, जिनके कई साइड इफेक्ट्स भी होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्रकृति ने हमें एक ऐसा मौसमी फल दिया है, जिसे अगर आप साल में सिर्फ 2 महीने भी नियम से खा लें, तो यह आपके पूरे शरीर को अंदर से डिटॉक्स (Detox) कर सकता है? यह जादुई फल न केवल आपके लिवर को फौलाद जैसा मजबूत बनाएगा, बल्कि आपकी इंसुलिन संवेदनशीलता को सुधारकर शुगर को भी कंट्रोल में रखेगा।फैटी लिवर की होगी छुट्टी और नेचुरल तरीके से काम करेगा बॉडी का फिल्टरलिवर हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण पावरहाउस और नेचुरल फिल्टर है, जो खून की अशुद्धियों को साफ करने का काम करता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स और न्यूट्रिशनिस्ट्स के मुताबिक, इस विशिष्ट मौसमी फल में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन-सी और खास तरह के प्लांट कंपाउंड्स पाए जाते हैं, जो लिवर की कोशिकाओं की सूजन को तेजी से कम करते हैं। अगर कोई व्यक्ति फैटी लिवर (Fatty Liver) की शुरुआती स्टेज से जूझ रहा है, तो 2 महीने तक इस फल का नियमित सेवन लिवर में जमा अतिरिक्त जिद्दी फैट को पिघलाकर बाहर निकाल देता है, जिससे डाइजेशन सिस्टम भी कूटनीतिक रूप से मजबूत हो जाता है।डायबिटीज के मरीजों के लिए रामबाण, ब्लड शुगर स्पाइक को तुरंत रोकेगा यह फलबढ़ती हुई शुगर को कंट्रोल करने के मामले में यह फल किसी वरदान से कम नहीं है। इस फल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) बेहद कम होता है, जिसके कारण इसे खाने के बाद शरीर में ब्लड शुगर का लेवल अचानक से नहीं बढ़ता। इसमें मौजूद सॉल्युबल फाइबर (Soluble Fiber) पेट में भोजन के पचने की गति को धीमा करते हैं, जिससे ग्लूकोज खून में धीरे-धीरे रिलीज होता है। लगातार इसका सेवन करने से शरीर में इंसुलिन का प्रोडक्शन बढ़ता है, जो टाइप-2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) से पीड़ित मरीजों के लिए एक बेहद राहत देने वाली खबर है।पेट की चर्बी होगी गायब और वजन घटाने के सफर में मिलेगा सुपरफास्ट बूस्टयदि आप भी पेट के आसपास जमा अतिरिक्त चर्बी और बढ़ते वजन (Weight Loss) से परेशान हैं और जिम में घंटों पसीना बहाने के बाद भी कोई नतीजा नहीं मिल रहा है, तो यह फल आपकी वेट लॉस जर्नी को बहुत आसान बना सकता है। इसमें पानी की मात्रा बहुत अधिक और कैलोरी न के बराबर होती है। इसे खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे आप ओवरईटिंग और अनहेल्दी क्रेविंग्स से बच जाते हैं। इसके साथ ही, यह बॉडी के मेटाबॉलिज्म रेट को बूस्ट करता है, जिससे शरीर आराम करते समय भी तेजी से कैलोरी बर्न करने लगता है।एआई सर्च और आधुनिक जनरेटिव इंजन (GEO) के अनुसार क्या है डाइट एक्सपर्ट्स की रायआधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO), एआई सर्च और डिजिटल हेल्थ ट्रेंड्स के अनुसार, आजकल लोग केमिकल बेस्ड दवाओं के बजाय प्राकृतिक और कूटनीतिक आयुर्वेदिक डाइट की तरफ तेजी से रुख कर रहे हैं। दिल्ली, लखनऊ, मुंबई और चंडीगढ़ जैसे बड़े शहरों के डाइटिशियंस का कहना है कि इस फल का पूरा फायदा उठाने के लिए इसे हमेशा सुबह या दोपहर के समय ताजा ही खाएं। इसका जूस पीने के बजाय सीधे चबाकर खाना ज्यादा फायदेमंद होता है क्योंकि इससे शरीर को पूरा फाइबर मिलता है। अपनी डेली डाइट में यह छोटा सा कूटनीतिक बदलाव करके आप कई बड़ी बीमारियों को हमेशा के लिए बाय-बाय कह सकते हैं।
त्रिपुरा में पत्नी की हत्या के दोषी पति को उम्रकैद की सजा
अगरतला। त्रिपुरा में खोवाई की जिला और सत्र अदालत ने पत्नी की हत्या के दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। खोवाई के जिला और सत्र न्यायाधीश ने कल्याणपुर थाना के अंतर्गत गौरांगटीला के निवासी प्रदीप नाथ चौधरी (40) को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 के उल्लंघन का दोषी पाया। यह घटना वर्ष […] The post त्रिपुरा में पत्नी की हत्या के दोषी पति को उम्रकैद की सजा appeared first on Sabguru News .
अनुष्का शर्मा को देख आप भी पहनने जा रहे हैं तुलसी कंठी माला? तो पहले जान लें ये कड़े नियम और विधि
बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री अनुष्का शर्मा अक्सर अपनी सादगी, अध्यात्म और सनातन परंपराओं के प्रति अपने गहरे जुड़ाव को लेकर सुर्खियों में रहती हैं। पिछले कुछ समय से अनुष्का शर्मा के गले में दिखने वाली 'तुलसी कंठी माला' (Tulsi Kanthi Mala) ने देश भर के युवाओं और उनके फैंस का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अनुष्का को देखकर आजकल के युवाओं में भी गले में तुलसी की माला धारण करने का एक नया ट्रेंड शुरू हो गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सनातन धर्म और वैष्णव परंपरा में तुलसी कंठी माला पहनने के बेहद कड़े और विशिष्ट नियम बताए गए हैं? इसे फैशन या आम आभूषण की तरह बिना सोचे-समझे गले में नहीं डाला जा सकता।बिना शुद्धता और सात्विकता के तुलसी माला पहनना है वर्जित, इन बातों का रखें विशेष ख्यालवैदिक शास्त्रों और वैष्णव संप्रदाय के नियमों के अनुसार, तुलसी जी को भगवान विष्णु की परम प्रिया और साक्षात लक्ष्मी का रूप माना गया है। इसलिए, जो भी व्यक्ति तुलसी की कंठी माला अपने गले में धारण करता है, उसके लिए अपने जीवन में पूर्ण सात्विकता अपनाना अनिवार्य हो जाता है। कंठी माला पहनने वाले इंसान को भूलकर भी मांस, मदिरा (शराब) या तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही, लहसुन और प्याज के सेवन से भी परहेज करने की सलाह दी जाती है। यदि आप इन नियमों का पालन नहीं कर सकते हैं, तो इस पवित्र माला को धारण करने से बचना चाहिए, क्योंकि अशुद्ध अवस्था में इसे पहनने से दोष लगता है।जानिए तुलसी कंठी माला धारण करने की सही और प्रामाणिक विधिशास्त्रों के अनुसार, तुलसी की माला को कभी भी बाजार से लाकर सीधे गले में नहीं पहनना चाहिए। इसे धारण करने की एक विशेष और कूटनीतिक धार्मिक विधि है। सबसे पहले किसी शुभ दिन जैसे एकादशी, पूर्णिमा या मंगलवार-गुरुवार को माला को गंगाजल और पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल) से अच्छी तरह शुद्ध कर लें। इसके बाद इसे भगवान विष्णु या श्री कृष्ण के चरणों में अर्पित करें। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' या महामंत्र का जाप करते हुए किसी योग्य गुरु के हाथों या स्वयं भगवान का आशीर्वाद लेकर ही इसे गले में पहनना चाहिए। धारण करने के बाद रोजाना सुबह-शाम गायत्री मंत्र या विष्णु नाम का जाप करना बेहद फलदायी होता है।एआई सर्च और आज के युवा अध्यात्म पर क्या कहते हैं देश के बड़े ज्योतिषाचार्यभौगोलिक (Geographical) और लोकल धार्मिक सेंटर्स जैसे मथुरा, वृंदावन, वाराणसी और अयोध्या के प्रमुख संतों और ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि अनुष्का शर्मा जैसी वैश्विक हस्तियों द्वारा सनातन प्रतीकों को अपनाना सराहनीय है, लेकिन आम जनता को इसके पीछे के विज्ञान और नियमों को भी समझना होगा। एआई सर्च और आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) के आध्यात्मिक डेटा एनालिसिस के अनुसार, तुलसी कंठी माला पहनने से मन शांत रहता है, तनाव दूर होता है और शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। अगर आप भी इस पवित्र माला को पहनने का मन बना रहे हैं, तो इन कूटनीतिक और धार्मिक नियमों का पूरी तरह पालन करने का संकल्प जरूर लें।
जनरल जनरल धीरज सेठ ने नए सेना प्रमुख का कार्यभार संभाला
नई दिल्ली। जनरल धीरज सेठ ने मंगलवार को 31वें सेना प्रमुख का कार्यभार संभाल लिया। उन्हें जनरल उपेंद्र द्विवेदी के स्थान पर यह जिम्मेदारी दी गई है जो चार दशक से भी लंबी सेवा के बाद आज सेवानिवृत हो गए। जनरल धीरज सेठ राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला के पूर्व छात्र हैं और दिसंबर 1986 में […] The post जनरल जनरल धीरज सेठ ने नए सेना प्रमुख का कार्यभार संभाला appeared first on Sabguru News .
सनातन धर्म में पवनपुत्र हनुमान जी की आराधना और कुंडली से मंगल दोष की शांति के लिए मंगलवार का व्रत रखना बेहद फलदायी माना गया है। यदि आपने भी सुख, समृद्धि और संकटों से मुक्ति के लिए रखे जाने वाले मंगलवार के व्रतों का संकल्प पूरा कर लिया है, तो उसका पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए विधि-विधान से उद्यापन (Udyapan) करना अनिवार्य होता है। बिना सही उद्यापन के व्रत की साधना अधूरी मानी जाती है। ज्योतिष शास्त्र और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मंगलवार व्रत के उद्यापन की एक विशेष कूटनीतिक और धार्मिक प्रक्रिया है, जिसे सही शुभ समय पर करने से बजरंगबली की असीम कृपा प्राप्त होती है।जानिए मंगलवार व्रत उद्यापन की संपूर्ण और प्रामाणिक विधि, ऐसे खुश होंगे बजरंगबलीमंगलवार व्रत का उद्यापन करने के लिए सबसे पहले आपको संकल्प के अनुसार अंतिम मंगलवार को सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होना चाहिए। इसके बाद घर के ईशान कोण या पूजा स्थान पर लाल कपड़ा बिछाकर हनुमान जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। उद्यापन की पूजा में बजरंगबली को लाल रंग के फूल, सिंदूर, चमेली का तेल, अक्षत और भोग में बूंदी के लड्डू या मलीदा अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और मंगलवार व्रत कथा का पाठ जरूर करें। इसके बाद हवन कुंड तैयार कर 'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः' या हनुमान जी के मंत्रों से आहुति दें और अंत में आरती कर भूलचूक के लिए क्षमा मांगें।उद्यापन का सबसे शुभ समय और ब्राह्मण भोजन का विशेष महत्वशास्त्रों के अनुसार, व्रत के उद्यापन के लिए सुबह का समय यानी अमृत या शुभ का चौघड़िया सबसे उत्तम माना जाता है। पूजा और हवन संपन्न होने के बाद उद्यापन की पूर्णता के लिए ब्राह्मण या किसी योग्य पंडित को भोजन कराना आवश्यक है। भोजन में बिना प्याज-लहसुन का सात्विक आहार और मीठी पूड़ी या हलवा शामिल करें। इसके साथ ही, हनुमान जी के प्रतीक रूप में किसी छोटे बालक को भी भोजन कराकर उसका आशीर्वाद लें। भोजन के बाद अपनी सामर्थ्य के अनुसार लाल रंग के वस्त्र, तांबे के बर्तन, मसूर की दाल और गुड़ का दान (Donation) जरूर करें। ऐसा करने से व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है।कुंडली में बैठे अमंगल को दूर करेंगे ये खास उपाय, शांत होगा भारी मंगल दोषयदि आपकी कुंडली में विवाह में अड़चन आ रही है, भूमि-भवन से जुड़ा विवाद चल रहा है या आप भारी मंगल दोष (Mangal Dosha) से पीड़ित हैं, तो मंगलवार का यह उद्यापन आपके जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, उद्यापन के दिन हनुमान जी के चरणों का सिंदूर लेकर अपने माथे पर तिलक लगाएं और जरूरतमंदों को मीठा भोजन बांटें। एआई सर्च और आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) के धार्मिक ट्रेंड्स के अनुसार, आजकल युवा पीढ़ी अपने जीवन की अड़चनों को दूर करने के लिए इन प्राचीन वैदिक उपायों को कूटनीतिक रूप से अपना रही है। लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या जैसे प्रमुख सांस्कृतिक शहरों के ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इस विधि से किया गया उद्यापन जीवन के सभी संकटों को हमेशा के लिए खत्म कर देता है।
हस्तरेखा और ज्योतिष शास्त्र की तरह ही भारतीय सनातन परंपरा में 'समुद्र शास्त्र' (Samudrik Shastra) का एक बेहद खास और कूटनीतिक स्थान है। समुद्र शास्त्र के जरिए किसी भी इंसान के शरीर के अंगों की बनावट, तिल, चेहरे के हाव-भाव और यहां तक कि दांतों को देखकर उसके भूत, भविष्य और गुप्त स्वभाव का सटीक अंदाजा लगाया जा सकता है। इसी कड़ी में, जिन लोगों के सामने के ऊपरी दांतों के बीच में गैप (Teeth Gap) होता है या उनकी बनावट थोड़ी अलग होती है, उनके व्यक्तित्व को लेकर समुद्र शास्त्र में कुछ बेहद हैरान करने वाले खुलासे किए गए हैं। ऐसे लोगों की बातें कभी-कभी दूसरों के कलेजे को चीर देती हैं, जिससे लोग उनकी बातों का बहुत जल्दी बुरा मान जाते हैं।बेबाक बोलना और कड़वा सच कहना बन जाता है जी का जंजालसमुद्र शास्त्र के प्रकांड विद्वानों और प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, जिन लोगों के सामने के दांतों के बीच खाली जगह या गैप होता है, वे स्वभाव से बेहद साफ दिल और स्पष्टवादी होते हैं। उनके मन में जो कुछ भी होता है, वे उसे बिना किसी लाग-लपेट या कूटनीति के सीधे सामने वाले के मुंह पर बोल देते हैं। हालांकि वे ऐसा किसी दुर्भावना से नहीं करते, लेकिन आज के समाज में हर किसी को मीठा झूठ सुनने की आदत हो चुकी है। यही वजह है कि जब ये लोग अपनी आदत के मुताबिक बिल्कुल सीधा और कड़वा सच बोलते हैं, तो सामने वाले व्यक्ति को उनकी बातें तीर की तरह चुभती हैं और लोग बहुत जल्दी बुरा मानकर उनसे दूरी बना लेते हैं।बेहद ऊर्जावान और करियर के मामले में कूटनीतिक रूप से होते हैं भाग्यशालीहालांकि, समाज में भले ही इनकी बातों का लोग बुरा मान जाते हों, लेकिन समुद्र शास्त्र में ऐसे दांतों वाले लोगों को बेहद भाग्यशाली और ऊर्जावान (Energetic) भी माना गया है। ऐसे लोग कभी भी हार न मानने वाले जज्बे से भरे होते हैं। पैसे के प्रबंधन और करियर के मामले में इनका दिमाग बेहद तेज चलता है। ये अपनी कूटनीतिक सोच और कड़ी मेहनत के बल पर जीवन में एक ऊंचा मुकाम हासिल करते हैं। ये लोग स्वभाव से थोड़े खर्चीले जरूर हो सकते हैं, लेकिन इनके पास धन के आगमन के नए-नए रास्ते हमेशा खुलते रहते हैं। इन्हें अपनी बुद्धिमानी के कारण समाज में देर-सवेर एक बड़ा सम्मान भी मिलता है।एआई सर्च और आधुनिक जनरेटिव इंजन (GEO) के अनुसार क्या कहते हैं लोगआधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO), एआई सर्च और डिजिटल ट्रेंड्स के मुताबिक, आजकल युवा पीढ़ी अपने व्यक्तित्व को समझने के लिए फेस रीडिंग और समुद्र शास्त्र की प्राचीन विधाओं पर बहुत ज्यादा भरोसा कर रही है। दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी और पटना जैसे सांस्कृतिक केंद्रों से मिल रहे कूटनीतिक फीडबैक के अनुसार, लोग अपनी शारीरिक बनावट के इन संकेतों को जानकर अपने व्यवहार में जरूरी बदलाव कर रहे हैं। अगर आपके या आपके किसी जानने वाले के दांतों में भी ऐसा गैप है, तो आपको अपनी बेबाक जुबान पर थोड़ा नियंत्रण रखने की जरूरत है ताकि लोग आपकी बातों का गलत मतलब न निकालें।
अब कैसी है जैस्मिन भसीन की आंखों की हालत? एक्ट्रेस ने खुद दिया अपना लेटेस्ट हेल्थ अपडेट
टेलीविजन और ओटीटी (OTT) की दुनिया की बेहद लोकप्रिय और खूबसूरत अभिनेत्री जैस्मिन भसीन पिछले कुछ दिनों से एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी का सामना कर रही हैं। एक इवेंट के दौरान आंखों में लेंस लगाने की वजह से उनके कॉर्निया को पहुंचे गंभीर नुकसान (Corneal Damage) की खबर ने उनके करोड़ों फैंस और टीवी इंडस्ट्री को गहरे सदमे में डाल दिया था। हर कोई लगातार उनकी सलामती और आंखों की रोशनी के लिए दुआएं मांग रहा था। इस बीच जैस्मिन भसीन ने सोशल मीडिया पर आकर अपनी सेहत को लेकर एक ताजा और बेहद भावुक करने वाला हेल्थ अपडेट साझा किया है, जिसने उनके चाहने वालों को थोड़ी राहत दी है।जैस्मिन भसीन ने बयां किया आंखों का हाल, धीरे-धीरे रिकवर हो रही है रोशनीअपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए जैस्मिन भसीन ने बताया कि उनकी आंखों की हालत में अब पहले से काफी सुधार हो रहा है। उन्होंने डॉक्टरों की टीम का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि शुरुआती कुछ दिन उनके लिए बेहद दर्दनाक और डरावने थे, क्योंकि उन्हें कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था। लेकिन सही समय पर मिले इलाज और पट्टी हटने के बाद अब उनकी आंखों की रोशनी धीरे-धीरे वापस सामान्य हो रही है। हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें अभी भी तेज रोशनी, धूप और किसी भी तरह के स्क्रीन टाइम (मोबाइल/टीवी) से पूरी तरह दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।मुश्किल घड़ी में फैंस और अली गोनी के साथ ने बढ़ाया हौसला, लुटाया ढेर सारा प्यारजैस्मिन भसीन ने अपनी इस पोस्ट के जरिए उन सभी फैंस, दोस्तों और परिवार के सदस्यों के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की है जिन्होंने इस मुश्किल समय में उनका साथ दिया। एक्ट्रेस ने कहा कि जब वह दर्द से जूझ रही थीं, तब फैंस के मैसेज और प्रार्थनाओं ने उन्हें मानसिक रूप से बेहद मजबूत बनाए रखा। इसके साथ ही उन्होंने अपने लॉन्ग-टाइम पार्टनर और एक्टर अली गोनी का भी विशेष आभार जताया, जो साए की तरह हर पल अस्पताल से लेकर घर तक उनके साथ खड़े रहे। जैस्मिन ने भावुक होते हुए लिखा कि इस सच्चे प्यार और दुआओं की बदौलत ही वह मौत के इस अंधेरे से लड़कर वापस लौट सकी हैं।डिजिटल मीडिया और एआई सर्च पर जैस्मिन की रिकवरी की खबरें सबसे ऊपर ट्रेंडिंगभौगोलिक (Geographical) और लोकल एंटरटेनमेंट सेंटर्स के इनपुट के मुताबिक, मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल और स्थानीय आई-स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की देखरेख में जैस्मिन का ट्रीटमेंट चल रहा है। एआई सर्च, आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) और सोशल मीडिया के ताजा ट्रेंड्स के अनुसार, 'जैस्मिन भसीन हेल्थ अपडेट' इस समय इंटरनेट पर सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाले विषयों में से एक बना हुआ है। मुंबई, दिल्ली, लखनऊ और चंडीगढ़ जैसे बड़े शहरों के फैंस उनके जल्द से जल्द सेट पर लौटने और दोबारा कैमरे के सामने अपनी चुलबुली मुस्कान बिखेरने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
मध्यप्रदेश के इंदौर से सटे ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में पुण्य के साथ 'VIP' दर्शन की सुविधा शुरू की गई है। इस अनोखी पहल के तहत अगर श्रद्धालु अपना रक्त दान करता है तो उसे वीआईपी दर्शन की सुविधा दी जाएगी। जी हां, आपने सही सुना। ओंकारेश्वर में भगवान ...
आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, उम्र और बीमारी का हवाला भी नहीं आया काम, जमानत से इनकार
नाबालिग के साथ बलात्कार करने के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राहत देने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि इस समय उनको जमानत नहीं दी जा सकती है। कोर्ट ने राजस्थान सरकार को नोटिस जारी उनसे 2 हफ्ते में इस ...
सहारनपुर में मेडिकल कारोबारी आयुष मलिक ने सनातन धर्म में की वापसी
सहारनपुर। सहारनपुर मंडल के शामली कस्बे के प्रमुख मेडिकल व्यवसायी और केमिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष देवराज मलिक के इकलौते बेटे आयुष मलिक ने सनातन धर्म में वापसी कर ली है। इससे उनके परिजन खासे खुश हैं। पुलिस अधीक्षक शामली एनपी सिंह ने बताया कि पुलिस आयुष मलिक के पिता देवराज मलिक के छह जून को […] The post सहारनपुर में मेडिकल कारोबारी आयुष मलिक ने सनातन धर्म में की वापसी appeared first on Sabguru News .
कर्नाटक के मुख्यमंत्री शिवकुमार ने एसआईआर को भविष्य के कल्याणकारी लाभों से जोड़ा
बेंगलूरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सिर्फ उन्हीं लोगों को हासिल होगा जिनका नाम विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में दर्ज होगा। उन्होंने नागरिकों से एक महीने तक चलने वाले मतदाता सत्यापन अभियान को गंभीरता से लेने की अपील करते हुए कहा […] The post कर्नाटक के मुख्यमंत्री शिवकुमार ने एसआईआर को भविष्य के कल्याणकारी लाभों से जोड़ा appeared first on Sabguru News .
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती से पूरी दुनिया अच्छी तरह वाकिफ है, लेकिन अब इस गहरी केमिस्ट्री से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प और अनसुना किस्सा सामने आया है। ट्रंप के बेहद करीबी और उनके प्रशासन में अहम जिम्मेदारी संभालने वाले सर्जियो गोर ने एक हालिया इंटरव्यू में खुलासा किया है कि डोनाल्ड ट्रंप भारत और पीएम मोदी को लेकर कितने गंभीर रहते हैं। उन्होंने बताया कि कैसे अमेरिकी समयानुसार सुबह-सुबह ही ट्रंप अपने सबसे भरोसेमंद 'दोस्त' पीएम मोदी से बात करने के लिए बेताब हो गए थे।सुबह के 6 बजे और ट्रंप का पीएम मोदी को फोन मिलाने का फैसलासर्जियो गोर ने उस वाकये को याद करते हुए बताया कि एक दिन सुबह करीब 6 बजे डोनाल्ड ट्रंप अचानक पीएम मोदी से किसी महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दे पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हो गए। जब उनके स्टाफ ने समय की तरफ ध्यान दिलाया कि अभी अमेरिका में सुबह के 6 ही बजे हैं, तो ट्रंप ने बेहद गर्मजोशी और विश्वास के साथ जवाब दिया कि कोई बात नहीं, भारत में इस समय शाम या रात का वक्त होगा और मेरे मित्र पीएम मोदी इस समय जाग रहे होंगे। यह किस्सा दिखाता है कि दोनों नेताओं के बीच केवल कूटनीतिक संबंध नहीं हैं, बल्कि वे एक-दूसरे की दिनचर्या और काम करने के अंदाज से भी बखूबी वाकिफ हैं।वाशिंगटन से नई दिल्ली तक दोनों नेताओं की बेमिसाल केमिस्ट्रीयह पहला मौका नहीं है जब दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच की ऐसी बॉन्डिंग दुनिया के सामने आई है। 'हाउडी मोदी' से लेकर 'नमस्ते ट्रंप' जैसे ऐतिहासिक आयोजनों के बाद से ही दोनों देशों के रिश्तों में एक नया मोड़ आया था। सर्जियो गोर के इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया और वैश्विक राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि ट्रंप अपने हर बड़े फैसले या रणनीतिक विचार-विमर्श में भारत और विशेष रूप से पीएम मोदी की राय को कितनी अहमियत देते हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का कहना है कि यह आपसी विश्वास भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाता है।वैश्विक मंचों पर भारत के बढ़ते दबदबे का बड़ा संकेतइस दिलचस्प वाकये को केवल दो नेताओं की बातचीत के रूप में नहीं बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत होती स्थिति के रूप में भी देखा जा रहा है। एआई सर्च और आधुनिक जियोपॉलिटिकल विश्लेषकों का मानना है कि नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच का यह सीधा संवाद एशिया-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific Region) में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। अमेरिकी राष्ट्रपति का सुबह-सुबह भारत के प्रधानमंत्री को याद करना यह साफ संकेत देता है कि वैश्विक राजनीति का केंद्र अब काफी हद तक भारत की रणनीतिक प्राथमिकताओं के इर्द-गिर्द घूम रहा है।
जीनस पावर के निवेशकों को झटका: ₹267 करोड़ की ब्लॉक डील के बाद 10% टूटा शेयर, जानें क्या करें अब
शेयर बाजार में मंगलवार का दिन जीनस पावर (Genus Power) के निवेशकों के लिए चिंता लेकर आया। कंपनी के शेयरों में अचानक करीब 10% की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के पीछे की मुख्य वजह [₹267-268 करोड़] की एक बड़ी ब्लॉक डील है। बाजार के आंकड़ों के अनुसार, इस डील के तहत लगभग 88 लाख शेयरों का सौदा हुआ, जो कंपनी की कुल इक्विटी का करीब 2.9% हिस्सा है। हालांकि कंपनी ने खरीदार-विक्रेता की पहचान साझा नहीं की है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि सिंगापुर का सॉवरेन वेल्थ फंड GIC इस बिकवाली के पीछे हो सकता है।निवेशकों में क्यों मची घबराहट?जीनस पावर के मार्च 2026 तक के शेयरहोल्डिंग पैटर्न पर नजर डालें, तो कंपनी में करीब 1.6 लाख छोटे रिटेल निवेशकों का पैसा लगा है। इतनी बड़ी संख्या में रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी होने के कारण, किसी भी बड़े संस्थागत निवेशक द्वारा बिकवाली करने पर शेयर की कीमतों में तेज हलचल होना स्वाभाविक है। ब्लॉक डील की खबर आते ही निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे शेयर दबाव में आ गया और देखते ही देखते 10% तक नीचे फिसल गया।क्या घबराने की जरूरत है? एक्सपर्ट्स की रायबाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ब्लॉक डील का अर्थ हमेशा कंपनी के फंडामेंटल में कमजोरी नहीं होता। बड़े निवेशक अक्सर अपना पोर्टफोलियो रीबैलेंस करने या निवेश की अवधि पूरी होने पर मुनाफा बुक करते हैं। जीनस पावर स्मार्ट मीटरिंग क्षेत्र की दिग्गज कंपनी है और सरकार की बिजली वितरण सुधार योजनाओं का इसे सीधा फायदा मिल रहा है। नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) को मिले नए बजट आवंटन से भी कंपनी को स्मार्ट मीटर के नए ऑर्डर मिलने की प्रबल संभावना है। इसलिए, यह गिरावट मुख्य रूप से ब्लॉक डील के अल्पकालिक प्रभाव के रूप में देखी जा रही है।आगे की राह और निवेशकों के लिए संकेतवर्तमान में जीनस पावर का शेयर [₹288-289] के आसपास संघर्ष करता दिख रहा है। निवेशकों के लिए सलाह है कि वे केवल इस ब्लॉक डील के आधार पर कोई जल्दबाजी में निर्णय न लें। कंपनी के मजबूत बिजनेस मॉडल, ऑर्डर बुक और आने वाली तिमाहियों के परिणामों पर ध्यान केंद्रित करना अधिक लाभकारी हो सकता है। यदि कंपनी का प्रदर्शन मजबूत बना रहता है, तो ब्लॉक डील के कारण आई यह गिरावट भविष्य में एक बेहतरीन खरीदारी का अवसर भी साबित हो सकती है।
'जो जय श्रीराम बोलने पर लाठी चलाते थे, वही आज अयोध्या जाने की बात कर रहे हैं', CM योगी का बड़ा हमला
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 690 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर हमला किया। उन्होंने कहा कि जो 2017 ...
भजनलाल का यमुना जल समझौते के बाद जयपुर पहुंचने पर किया गया भव्य स्वागत
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के यमुना जल परियोजना को लेकर हुए समझौते के बाद मंगलवार को जयपुर पहुंचने पर यहां भव्य स्वागत किया गया। शर्मा के जयपुर हवाई अड्डे पर पहुंचने पर भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद मदन राठौड़, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, भाजपा हरियाणा प्रभारी एवं सांसद डॉ. सतीश पूनियां, […] The post भजनलाल का यमुना जल समझौते के बाद जयपुर पहुंचने पर किया गया भव्य स्वागत appeared first on Sabguru News .
गुजरात में अफसरों के बंगलों पर चला बुलडोजर, नर्मदा जिला प्रशासन की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई
गुजरात के नर्मदा जिले में प्रशासन ने अपने ही वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (Statue of Unity) के पास गरुड़ेश्वर में सरकारी अफसरों द्वारा रियायती (सब्सिडी वाले) आवासीय प्लॉट का कमर्शियल इस्तेमाल करने ...
भरतपुर में अज्ञात वाहन से बस के टकराने से 15 लोग घायल
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर जिले के नदबई थाना क्षेत्र में आगरा-बीकानेर राष्ट्रीय राजमार्ग-21 पर मंगलवार तड़के एक स्लीपर बस के एक वाहन से टकराने से 15 यात्री घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जयपुर से आगरा जा रही एक निजी ट्रेवल्स की बस के चालक को झपकी आने से डहरामोड़ के समीप बस […] The post भरतपुर में अज्ञात वाहन से बस के टकराने से 15 लोग घायल appeared first on Sabguru News .
अलवर : जमीन के अभाव में अटका सरिस्का के 6 गांवों का विस्थापन
अलवर। राजस्थान में अलवर के सरिस्का बाघ अभयारण्य में बसे गांवों के विस्थापन की महत्वाकांक्षी योजना जमीन की कमी के कारण धीमी पड़ गई है। बाघों की सुरक्षा और वन क्षेत्र को मानव हस्तक्षेप से मुक्त करने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना में अब तक अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी है। 24 […] The post अलवर : जमीन के अभाव में अटका सरिस्का के 6 गांवों का विस्थापन appeared first on Sabguru News .
राम मंदिर चढ़ावा चोरी, पूछताछ में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने मानी गलती
Ayodhya Ram Mandir donation theft case: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में हुए दान चोरी मामले की जांच को यूपी पुलिस और एसआईटी (SIT) ने तेज कर दिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के बयान दर्ज किए गए हैं, जिसमें ...
राम मंदिर चढ़ावा विवाद में योगी का बड़ा दांव! क्या संघ और भाजपा के भीतर बदल रहे हैं शक्ति समीकरण?
अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा और दान अनियमितता विवाद ने केवल एक धार्मिक संस्थान की पारदर्शिता पर सवाल नहीं खड़े किए हैं, बल्कि इसने भारतीय राजनीति के सबसे प्रभावशाली शक्ति केंद्रों के बीच मौजूद समीकरणों को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया ...
Fact Check: क्या दिल्ली में Petrol Bike की बिक्री पर 1 जुलाई 2026 से लग रहा है बैन? जानिए पूरा सच!
दिल्ली सरकार ने अपनी नई Electric Vehicle (EV) Policy 2.0 (2026-2030) को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी है। यह नीति 1 जुलाई 2026 से लागू हो रही है। सोशल मीडिया और खबरों में 'पेट्रोल बाइक बैन' को लेकर कई तरह की अफवाहें चल रही हैं। आइए सीधा फैक्ट-चेक ...
केतन हत्याकांड : सिया गोयल के वकील ने भाई साहिल को भेजा 10 करोड़ का मानहानि का नोटिस
केतन अग्रवाल हत्याकांड में अब एक नया कानूनी विवाद सामने आया है। आरोपी सिया गोयल का वकील बताने वाले एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव ने सिया के भाई साहिल गोयल को 10 करोड़ रुपए की मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि साहिल गोयल ने मीडिया के सामने उनके खिलाफ झूठे, भ्रामक और मानहानिकारक बयान दिए, जिससे उनकी पेशेवर छवि और प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा।
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा, आरएसएस और ट्रस्ट को घेरते हुए बड़ा बयान दिया। चंपत राय पर सवाल उठाए, जबकि कांग्रेस ने भी ट्रस्ट की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए।
IPL किक्रेटर शशांक सिंह और रि. IPS शैलेश सिंह पर FIR, जानें क्या हैं पूरा मामला?
क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके रिटायर्ड IPS पिता शैलेश सिंह पर भोपाल में घरेलू नौकर से मारपीट के मामले में FIR दर्ज हुई है। पंजाब किंग्स के लिए खेलने वाले IPL क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके पिता रिटायर्ड आईपीएस अफसर शैलेश सिंह पर भोपाल में स्थित अपने घर ...
रंगदारी की साज़िश में उद्योगपति की पत्नी और गोगी गैंग का कथित साथी अरेस्ट
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लक्ष्मी नगर के एक व्यापारी से 50 लाख रुपए की रंगदारी वसूलने की साज़िश रचने के आरोप में व्यवसायी की पत्नी सपना जैन और गोगी गैंग के कथित साथी रजत को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस का […] The post रंगदारी की साज़िश में उद्योगपति की पत्नी और गोगी गैंग का कथित साथी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
मथुरा में बस ने ट्रेलर को मारी टक्कर, 4 की मौत, 19 गंभीर घायल
मथुरा। उत्तर प्रदेश में मथुरा जिले के राया क्षेत्र में मंगलवार तड़के एक यात्री बस के गिट्टी भरे ट्रेलर से टकराने के कारण बस में सवार चार लोगों की मृत्यु हो गई जबकि 19 अन्य गंभीर रुप से घायल हो गये। पुलिस सूत्रों ने बताया कि यमुना एक्सप्रेस वे पर तड़के करीब सवा तीन बजे […] The post मथुरा में बस ने ट्रेलर को मारी टक्कर, 4 की मौत, 19 गंभीर घायल appeared first on Sabguru News .
फीफा वर्ल्ड कप : पराग्वे ने सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए जर्मनी को किया विश्वकप से बाहर
मैसाचुसेट्स। पराग्वे ने विश्वकप का सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए चार की बार की विश्व चैंपियन जर्मनी को राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में हुए पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। फॉक्सबोरो में सोमवार रात खेले गये मुकाबले में पराग्वे के शानदार प्रदर्शन के कारण जर्मनी विश्वकप के राउंड ऑफ […] The post फीफा वर्ल्ड कप : पराग्वे ने सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए जर्मनी को किया विश्वकप से बाहर appeared first on Sabguru News .
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में उस समय नया मोड़ आ गया जब हत्या के आरोप में जेल में बंद सिया गोयल के वकील एडवोकेट आशीष श्रीवास्तव ने सिया के भाई साहिल गोयल को 10 करोड़ रुपए का मानहानि नोटिस भेज दिया। इस नोटिस के बाद मामला केवल हत्या की जांच ...
राम मंदिर चढ़ावा चोरी : कहा- इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करना बिल्कुल ठीक नहीं : मायावती
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने भी राम मंदिर में हुए चंदा चोरी पर जिंता जताई है। इसके साथ ही इस मामले पर राजनीति नहीं करने की भी अपील की है।
अमेरिकी और ईरान के बीच कतर में होने वाली बातचीत को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। अमेरिका का दावा है कि आज कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात में MoU पर आगे बढ़ने पर चर्चा होगी। हालांकि ईरान ने अमेरिका के साथ अंतिम समझौता ...
LIVE: सिया के वकील ने भाई साहिल को भेजा 10 करोड़ का नोटिस
Latest News Today Live Updates in Hindi : केतन अग्रवाल मर्डर केस में आरोपी सिया गोयल के वकील ने उनके भाई साहिल को भेजा 10 करोड़ का मानहानि का नोटिस भेजा। पल पल की जानकारी...
18 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मॉनसून सत्र के साथ ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। चर्चा है कि सरकार एक बार फिर संविधान संशोधन बिल लाने की दिशा में कदम बढ़ा सकती है। हालांकि आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन संसद में अंकों का गणित ही इस बड़े फैसले की सफलता तय करेगा। संविधान संशोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है, जो सत्तारूढ़ NDA के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।लोकसभा में क्या है NDA की स्थितिलोकसभा में कुल 543 सीटें हैं, जिनमें से तीन सीटें (बशीरहाट, शिलॉन्ग और नौगांव) अभी खाली हैं। इस स्थिति में दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा 360 होता है। 2024 के परिणामों के बाद NDA के पास 293 सीटें थीं, लेकिन अब कुछ अन्य दलों के समर्थन के बाद यह संख्या बढ़कर 319 तक पहुंच गई है। यदि महत्वपूर्ण समय पर DMK जैसी पार्टियां वोटिंग से दूर रहती हैं, तो बहुमत का जादुई आंकड़ा 342 तक सिमट सकता है। फिर भी, NDA के लिए यह आंकड़ा अभी भी लक्ष्य से कुछ दूर नजर आता है।संसद के टॉप-10 दलों का सीट शेयरसंख्याबल के लिहाज से लोकसभा और राज्यसभा में दलों की स्थिति इस प्रकार है:पार्टीलोकसभा सीटेंराज्यसभा सीटेंभाजपा240114कांग्रेस9830समाजवादी पार्टी374टीएमसी2810डीएमके228टीडीपी164जेडीयू124शिवसेना (शिंदे)7-एनसीपी (शरद पवार)84शिवसेना (यूबीटी)9-राज्यसभा में NDA की मजबूती और चुनौतीउच्च सदन (राज्यसभा) में वर्तमान में 242 सांसद हैं। यहां संविधान संशोधन के लिए 164 सीटों की आवश्यकता है। राज्यसभा में NDA लोकसभा के मुकाबले अधिक मजबूत स्थिति में है, फिर भी दो-तिहाई बहुमत के लिए उसे अन्य दलों के सहयोग की दरकार है। भाजपा के पास यहां 114 सदस्य हैं, जो इसे सदन का सबसे बड़ा दल बनाता है, लेकिन बहुमत के लिए गणित बिठाना अभी भी चुनौतीपूर्ण है।बागियों पर फैसला और विपक्ष की नई रणनीतिमानसून सत्र शुरू होने से पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के सामने टीएमसी और शिवसेना (यूबीटी) के बागी सांसदों को अयोग्य ठहराने का मुद्दा अहम है। कानूनी विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श जारी है ताकि कोई भी फैसला संवैधानिक रूप से ठोस हो। वहीं, तमिलनाडु में बदलते समीकरणों के बीच DMK ने संसद में कांग्रेस से अलग बैठने का अनुरोध किया है, जो इंडिया गठबंधन में आई दरार को और स्पष्ट करता है। सत्र के दौरान इन सभी घटनाक्रमों का सीधा असर विधायी कार्यों पर पड़ना तय है।
राज्यसभा में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक दिलचस्प वाकया देखने को मिला। उच्च सदन में जब खरगे दोबारा सांसद के रूप में अपनी पारी शुरू कर रहे थे, तब केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अपने राजनीतिक करियर का एक ऐसा पन्ना पलट दिया, जिसने वहां मौजूद सभी का ध्यान खींच लिया। खरगे के लंबे राजनीतिक अनुभव पर चर्चा करते हुए रिजिजू ने उस पुराने चुनाव को याद किया, जिसने उनके संसदीय सफर की गणित बदल दी थी।खरगे के अनुभव पर चर्चा के दौरान निकली बातशपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक तरफ जहां मल्लिकार्जुन खरगे 5 दशकों से अधिक की अपनी राजनीतिक सक्रियता के साथ राज्यसभा में वापसी कर रहे थे, वहीं पास में मौजूद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, सदन के नेता जेपी नड्डा और एल मुरुगन के बीच अनौपचारिक चर्चा शुरू हो गई। चर्चा का केंद्र खरगे का संसदीय अनुभव था। अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि खरगे का यह चौथा कार्यकाल है। उन्होंने जानकारी दी कि खरगे इससे पहले दो बार लोकसभा में रह चुके हैं और यह राज्यसभा में उनकी दूसरी पारी है। जेपी नड्डा ने इसमें जोड़ते हुए बताया कि संसद में आने से पहले खरगे 9 बार कर्नाटक विधानसभा के सदस्य भी रहे हैं।रिजिजू का वह 'दर्द' और 2009 का चुनावखरगे के लंबे अनुभव को सुनकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अचानक साल 2009 के चुनावों का जिक्र छेड़ दिया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि अगर साल 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें नहीं हराया होता, तो आज वे भी 5वीं बार सांसद बन चुके होते। रिजिजू के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में पुरानी यादें ताजा कर दीं। बता दें कि किरेन रिजिजू ने अपने संसदीय करियर की शुरुआत 2004 में की थी। 2009 के चुनाव में अरुणाचल पश्चिम सीट से कांग्रेस के ताकम संजय ने रिजिजू को बेहद करीबी मुकाबले में मात्र 1314 मतों के अंतर से हरा दिया था। इसी हार ने उनके लगातार सांसदों के सफर में एक ब्रेक लगा दिया था, जिसका जिक्र उन्होंने आज खरगे के शपथ समारोह में किया।खरगे ने ली शपथ, दी बड़ी जिम्मेदारी की बातसोमवार को मल्लिकार्जुन खरगे के साथ ही अन्य 7 सांसदों ने भी उच्च सदन की सदस्यता की शपथ ली। शपथ ग्रहण के बाद खरगे ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि दोबारा राज्यसभा की शपथ लेना उनके लिए न केवल गर्व की बात है, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने इस गरिमामयी सदन में विपक्ष के नेता के रूप में अपनी सेवा जारी रखने को सम्मान बताया। खरगे ने अपने इस सफर में सहयोग देने के लिए राज्यसभा के सभापति, उपसभापति हरिवंश, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आभार व्यक्त किया।
अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ के दावों पर भारतीय सेना का बड़ा बयान। सेना ने एलएसी पर नए अतिक्रमण और सैन्य कैंप की खबरों को फर्जी बताते हुए कहा कि सीमा पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है।
देश की राजनीति और संसद के उच्च सदन (Rajya Sabha) से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसदों के शपथ ग्रहण के साथ ही सदन का राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल चुका है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का पलड़ा अब राज्यसभा में पहले से कहीं ज्यादा भारी और मजबूत हो गया है. इस बड़े फेरबदल के बाद मोदी सरकार के पास उच्च सदन में 'दो-तिहाई बहुमत' का ऐतिहासिक आंकड़ा हासिल करने का एक बड़ा मौका बनता दिख रहा है.यदि सरकार आगामी सत्रों में लोकसभा की सीटें बढ़ाने (परिसीमन) और आगामी आम चुनाव से महिलाओं के लिए 33% आरक्षण को जमीन पर उतारने से जुड़े बड़े संवैधानिक संशोधन विधेयकों को अमलीजामा पहनाने की कोशिश करती है, तो राज्यसभा का यह नया गणित गेमचेंजर साबित होने वाला है.निर्दलीयों और नामांकित सांसदों के दम पर साधारण बहुमत से आगेवर्तमान में 242 प्रभावी सदस्यों वाली राज्यसभा में एनडीए के अपने सांसदों की संख्या बढ़कर 141 हो चुकी है. इसके अलावा, विधायी कामकाज के दौरान सरकार को 10 नामांकित (Nominated) और निर्दलीय सांसदों का भी साथ मिलना तय माना जा रहा है. इन दोनों को मिलाकर एनडीए का पक्का आंकड़ा 151 तक पहुंच जाता है, जो सदन में किसी भी सामान्य बिल को पास कराने के लिए जरूरी साधारण बहुमत के आंकड़े से काफी आगे है. हालांकि, संविधान संशोधन जैसे बड़े फैसलों के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत की दहलीज को छूने के लिए एनडीए अभी भी जादुई आंकड़े से 11 सीट पीछे चल रहा है.बीजेडी और वाईएसआर कांग्रेस संभालेंगी किंगमेकर की भूमिकासंसद के इस नए समीकरण में दो क्षेत्रीय ताकतें- ओडिशा की बीजू जनता दल (BJD- 5 सांसद) और आंध्र प्रदेश की वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP- 4 सांसद) इस समय किंगमेकर की भूमिका में नजर आ रही हैं. ये दोनों दल न तो एनडीए का हिस्सा हैं और न ही विपक्षी 'INDIA' ब्लॉक से जुड़े हैं. लेकिन संसदीय इतिहास गवाह है कि इन दोनों पार्टियों ने अतीत में भी कई जटिल मुद्दों पर केंद्र सरकार के बड़े और मुख्य लेजिस्लेटिव एजेंडे का खुलकर समर्थन किया है. यदि इन 9 सांसदों का परोक्ष या प्रत्यक्ष साथ सरकार को मिलता है, तो राज्यसभा में एनडीए का ग्राफ सीधा 160 तक पहुंच जाएगा.क्या उपचुनाव और विपक्ष की बगावत दिलाएगी 'जादुई 164'?संविधान संशोधन का गणित: राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत (Two-Third Majority) के लिए पूरे सदन की स्थिति में 164 वोटों की आवश्यकता होती है, और एनडीए अब इसके बेहद करीब है.पश्चिम बंगाल की तीन खाली राज्यसभा सीटों पर आने वाले समय में उपचुनाव होने वाले हैं. राज्य विधानसभा में भाजपा के मौजूदा विधायकों की संख्या को देखते हुए इन सीटों पर एनडीए की जीत लगभग तय मानी जा रही है, जिससे यह आंकड़ा 163 तक पहुंच सकता है. इसके साथ ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी गुटों का दावा है कि आने वाले दिनों में पार्टी के कुछ और सांसद पाला बदल सकते हैं. अगर ऐसा होता है, तो एनडीए के लिए 164 का जादुई आंकड़ा हासिल करना बेहद आसान हो जाएगा.विपक्ष में बिखराव से लोकसभा की राह भी होगी आसान?राज्यसभा में जहां सरकार के लिए रास्ता पूरी तरह साफ दिख रहा है, वहीं असली परीक्षा लोकसभा में होनी है. हालांकि, विपक्षी खेमे में मची आंतरिक कलह ने सत्ता पक्ष की उम्मीदों को पंख लगा दिए हैं. संसद का चौथा सबसे बड़ा दल रहने वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर बगावत की सुगबुगाहट है, तो वहीं तमिलनाडु में द्रमुक (DMK) और कांग्रेस के बीच अनबन की खबरों ने विपक्षी 'INDIA' गठबंधन की स्थिति को कमजोर किया है.अगर लोकसभा स्पीकर द्वारा टीएमसी और शिवसेना (UBT) के बागी धड़ों के विलय को औपचारिक हरी झंडी मिल जाती है, तो लोकसभा में भी एनडीए की संख्यात्मक ताकत अप्रत्याशित रूप से बढ़ जाएगी. हालांकि, इसके बावजूद 540 सदस्यीय निचले सदन में संविधान संशोधन के लिए आवश्यक 360 के विशाल आंकड़े तक पहुंचना एनडीए के लिए अब भी एक चुनौतीपूर्ण डगर होगी.
मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा: दिल्ली जा रही बस ट्रेलर में घुसी, 4 की मौत
उत्तर प्रदेश में मथुरा जिले में यमुना एक्सप्रेसवे पर एक तेज रफ्तार वाल्वो बस गिट्टी से भरे एक ट्रेलर में पीछे से जा घुसी। भीषण हादसे में मौके पर ही 4 लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि बस में सवार करीब 17 यात्री घायल हो गए।
देशभर के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. जहां कुछ इलाकों के लोग अब भी भीषण उमस और बारिश का इंतजार कर रहे हैं, वहीं देश के एक बड़े हिस्से में मानसून पूरी तरह से मेहरबान होने जा रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून आज, 30 जून से भारत के अधिकांश हिस्सों में पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा. इसके प्रभाव से पूर्वोत्तर राज्यों, मध्य भारत और तटीय इलाकों में अगले कुछ दिनों तक मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा. मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है.उत्तर प्रदेश और बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अनुमानमौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, देश के उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर हिस्सों में मानसून की गतिविधियों में तेजी आएगी. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. इसके साथ ही गुजरात और विदर्भ के क्षेत्रों में भी मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं, जिससे अगले 24 से 48 घंटों में इन इलाकों में भी झमाझम बारिश की शुरुआत हो सकती है.पूर्वोत्तर और पश्चिमी तटों पर दिखेगा मानसून का रौद्र रूपइस मानसूनी सिस्टम का सबसे ज्यादा असर पूर्वोत्तर भारत और देश के पश्चिमी तटीय इलाकों में देखने को मिल रहा है. आईएमडी ने असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) की चेतावनी जारी की है. इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और सिक्किम में जुलाई के पहले सप्ताह तक लगातार बड़े पैमाने पर वर्षा जारी रहने की उम्मीद है. दूसरी तरफ, समुद्र से आने वाली तेज दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के कारण कोंकण तट, गोवा, कर्नाटक और केरल के तटीय इलाकों में भी बारिश की रफ्तार काफी तेज रहेगी.50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, बिजली कड़कने का अलर्टमौसम विभाग की चेतावनी: भारी बारिश के साथ-साथ देश के पूर्वी, मध्य और प्रायद्वीपीय (Peninsular) हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज अंधड़ चलने की भी आशंका है.इस दौरान उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में गरज के साथ अचानक तेज बौछारें पड़ सकती हैं. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन मानसूनी तूफानों के आगे बढ़ने के साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं. ऐसे में खराब मौसम के दौरान लोगों को खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे आश्रय न लेने की सलाह दी गई है.
आसमान में बादल पर बरस नहीं रही बूंदें; 100 साल का तीसरा सबसे सूखा जून, 'अल नीनो' ने बिगाड़ा खेल
क्या आपको भी लग रहा है कि इस बार जून के महीने में वैसी राहत और बारिश नहीं दिखी, जैसी अमूमन मानसून के दस्तक देने पर होती है? आपका सोचना बिल्कुल सही है. देश में इस साल मानसून की सुस्ती ने ऐसा रुख अख्तियार किया है कि पिछले 100 सालों का रिकॉर्ड टूटने की कगार पर पहुंच गया है. आसमान में बादलों की आवाजाही तो बनी हुई है, लेकिन वे बिना बरसे ही आगे निकल रहे हैं. देश के किसान से लेकर आम शहरी तक हर कोई टकटकी लगाए बारिश का इंतजार कर रहा है, जबकि मौसम के आंकड़े एक बेहद चिंताजनक तस्वीर पेश कर रहे हैं.आंकड़ों में दर्ज हुआ एक सदी का तीसरा सबसे सूखा जूनभारतीय मौसम विज्ञान के इतिहास में इस साल का जून महीना एक बेहद कमजोर मानसून सीजन के रूप में दर्ज होने जा रहा है. आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 100 वर्षों (साल 1927 से 2026) की अवधि में यह तीसरा सबसे सूखा जून महीना साबित होने की राह पर है. सामान्य तौर पर इस पूरे महीने में देश के भीतर 157.7mm बारिश दर्ज की जानी चाहिए थी, लेकिन इस बार अब तक केवल 92.2mm बारिश ही रिकॉर्ड की जा सकी है. अगर महीने के अंतिम दिनों में कुछ जगहों पर बौछारें पड़ती भी हैं, तो भी कुल आंकड़ा बमुश्किल 100mm के आसपास ही सिमट जाएगा. इससे पहले देश ने साल 2009 में 87.5mm और साल 2014 में 92.1mm की सबसे कम बारिश देखी थी.अल नीनो के प्रभाव से कमजोर पड़ा मानसूनी सिस्टममौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस साल मानसून की इस सुस्त रफ्तार और बेरुखी के पीछे 'अल नीनो' (El Nio) का सीधा असर है. अंतरराष्ट्रीय जलवायु एजेंसियों की रिपोर्ट बताती है कि प्रशांत महासागर का तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जिसके चलते अल नीनो अब मध्यम स्तर पर सक्रिय हो चुका है. जब भी अल नीनो का प्रभाव बढ़ता है, भारतीय उपमहाद्वीप में मानसूनी हवाओं का पैटर्न पूरी तरह प्रभावित होता है. इसके चलते भारत के वायुमंडल में बनने वाले मानसूनी बादल कमजोर हो जाते हैं और देश के मैदानी इलाकों तक पहुंचते-पहुंचते उनकी तीव्रता काफी कम हो जाती है.देश के चारों भौगोलिक क्षेत्रों में भारी कमीइस मानसूनी सीजन की सबसे बड़ी चिंता यह है कि सूखे का असर देश के किसी एक हिस्से तक सीमित नहीं है, बल्कि चारों प्रमुख भौगोलिक क्षेत्र इसकी जद में हैं. मध्य भारत (Central India) की स्थिति सबसे ज्यादा नाजुक बनी हुई है, जहां सामान्य के मुकाबले 54% कम बारिश रिकॉर्ड हुई है. इसके साथ ही पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत में 41%, उत्तर-पश्चिम भारत में 30% और दक्षिण भारतीय राज्यों में 28% बारिश की भारी कमी दर्ज की गई है. देश के सभी रीजन्स में एक साथ मानसून का ग्राफ इस तरह गिरना बेहद दुर्लभ माना जाता है, जो अल नीनो के व्यापक प्रभाव को दर्शाता है.केरल में कमजोर एंट्री के बाद जुलाई से बंधी उम्मीदेंइस पूरे महीने में केवल एक दिन ऐसा रहा जब देश के कुछ हिस्सों में सामान्य के करीब या उससे थोड़ी बेहतर बारिश दर्ज की गई. केरल के तट पर 4 जून को मानसून की एंट्री काफी धीमी रही थी, जिसके बाद से ही इसके आगे बढ़ने की रफ्तार लगातार प्रभावित होती रही. इसके कारण कृषि क्षेत्रों में बुआई का काम काफी पिछड़ गया है. हालांकि, मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमानों ने एक नई उम्मीद जरूर जगाई है. आईएमडी के अनुसार, जुलाई के पहले सप्ताह से मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है. मध्य भारत सहित देश के सूखे प्रभावित इलाकों में अच्छी और समान बारिश होने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे जून के दौरान हुई कमी की भरपाई होने की पूरी संभावना है.
क्या आपके शहर में भी बदल गए पेट्रोल-डीजल के दाम? जानें यूपी के लखनऊ से नोएडा तक का आज का ताजा रेट
ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति के आधार पर देश की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी कर दिए हैं. रोज सुबह ईंधन की कीमतों में होने वाला यह बदलाव सीधे तौर पर आम आदमी के बजट को प्रभावित करता है. उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में आज की कीमतें सामने आ चुकी हैं, जिनमें मामूली अंतर देखा जा रहा है. अगर आप आज गाड़ी में तेल भरवाने की सोच रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले अपने शहर के ताजा दाम जरूर नोट कर लें.लखनऊ, नोएडा और गाजियाबाद में आज का ईंधन रेटउत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित दिल्ली से सटे एनसीआर के इलाकों में आज तेल की कीमतों में स्थिरता और कुछ जगहों पर आंशिक बदलाव देखा गया है. लखनऊ में आज पेट्रोल ₹101.86 प्रति लीटर और डीजल ₹95.36 प्रति लीटर की दर से बिक रहा है. वहीं, गाजियाबाद में भी पेट्रोल ₹101.88 और डीजल ₹95.36 प्रति लीटर पर बना हुआ है. नोएडा की बात करें तो यहां पेट्रोल ₹101.96 और डीजल ₹95.44 प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध है.प्रयागराज, वाराणसी और आगरा समेत अन्य शहरों का हालपूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के अन्य प्रमुख शहरों में भी ईंधन के दामों में थोड़ा अंतर नजर आ रहा है. ताजनगरी आगरा में पेट्रोल ₹101.66 और डीजल ₹95.14 प्रति लीटर है, जो राज्य के अन्य शहरों के मुकाबले थोड़ा किफायती है. इसके विपरीत वाराणसी में पेट्रोल ₹102.23 और डीजल ₹95.72 प्रति लीटर पर पहुंच गया है. प्रयागराज में पेट्रोल ₹101.96 और डीजल ₹95.72 प्रति लीटर की दर से मिल रहा है. अलीगढ़ में पेट्रोल ₹101.92 और डीजल ₹95.38, बागपत में पेट्रोल ₹101.78 और डीजल ₹95.27, जबकि आजमगढ़ में पेट्रोल ₹103.18 और डीजल ₹96.54 प्रति लीटर दर्ज किया गया है.क्यों आ रहा है कीमतों में यह उछाल?ईंधन की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियां और तेल कंपनियों का घाटा मुख्य वजह माना जा रहा है. पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) के दाम जो पहले 64-65 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थे, वे बढ़कर लगभग 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए हैं. इस भारी उछाल और अंडर-रिकवरी के कारण ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है. सरकार की ओर से लगातार यह प्रयास किया जा रहा है कि वैश्विक दबाव के बावजूद घरेलू बाजार में उपभोक्ताओं पर इसका अत्यधिक बोझ न पड़े, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार के समीकरणों के चलते पिछले कुछ समय में कीमतों में यह संशोधन देखने को मिला है.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा एक्शन: चंपत राय और कृष्ण मोहन से 3 घंटे पूछताछ
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय और कृष्ण मोहन से 3 घंटे तक पूछताछ की। पुलिस ने दोनों से एक हफ्ते तक चोरी छिपाने और देर से एफआईआर करवाने पर सवाल किया। अब ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव से भी ...
अजय राय समेत कई कांग्रेसी नेता जाएंगे अयोध्या, रामलला का करेंगे दर्शन
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेरफेर को लेकर चल रहे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय समेत पार्टी के नौ नेताओं का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को अयोध्या जाएगा
Top News : चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय से 3 घंटे पूछताछ, भारत-अमेरिका ट्रेड डील लगभग तय
Top News 30 June : अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय से पूछताछ हुई। भारत अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में पहुंची। यूक्रेन पर हमला कर रूस ने 12 लोगों की जान ली। पेराग्वे ने जर्मनी को हराकर फीफ वर्ल्ड कप 2026 का सबसे बड़ा उलटफेर ...
के. कविता ने रेवंत रेड्डी के क्षेत्र में वोटर लिस्ट में बदलाव को लेकर चुनाव आयोग से मांगा स्पष्टीकरण
तेलंगाना रक्षा सेना की नेता के. कविता ने भारत निर्वाचन आयोग से कोडंगल विधानसभा क्षेत्र में एक लाख मतदाताओं के विवरण में पिछले डेढ़ साल में हुए बदलावों को लेकर स्पष्टीकरण की मांग की।
महाराष्ट्र में अवैध साहूकारी पर रोक लगाने के लिए जल्द ही कड़ा कानून लाया जाएगा: बाबासाहेब पाटिल
सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में पूरे महाराष्ट्र में अवैध रूप से पैसे उधार देने की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लिया है।
गांधी पर सवाल उठाने वाले आजादी के समय कहां थे, राजभर को इलाज की जरूरत: सपा
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर आरएसएस प्रचारक इंद्रेश कुमार की टिप्पणी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान समेत कई मुद्दों पर तल्ख टिप्पणी की
दिल्ली में आयोजित 'राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन' में 'लखपति दीदी डेस्कबोर्ड' का शुभारम्भ किया गया जिसमें देश के विभिन्न राज्यों के जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों, नीति-निर्माताओं, विशेषज्ञों एवं ग्रामीण विकास से जुड़े अनेक हितधारकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण विकास से संबंधित विभिन्न योजनाओं, नवाचारों तथा सफल मॉडलों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा राज्यों के बीच श्रेष्ठ अनुभवों के आदान-प्रदान पर बल दिया गया। ग्रामीण विकास से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी, नीति निर्माता और देश भर के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधि उपस्थित रहे।उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपनी राय रखते हुए कहा कियह डेस्कबोर्ड स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की प्रगति की निगरानी, उनकी आय में वृद्धि, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा वास्तविक समय में उपलब्ध आंकड़ों के माध्यम से बेहतर योजना निर्माण एवं नीति निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सतत आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ग्रामीण विकास को नई गति मिली है। सरकार का उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करना ही नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं, युवाओं और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना भी है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान की है और 'लखपति दीदी' अभियान महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है।
नई दिल्ली में 'राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन' के समापन पर माननीय उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी की मीडिया वार्ता के मुख्य अंश:'राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन' के सफल समापन के उपरान्त उत्तर प्रदेश के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने मीडिया बंधुओं से वार्ता की। बातचीत के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:विकसित भारत और उत्तर प्रदेश का संकल्प: हम 'विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित गाँव' बनाने के लक्ष्य को हर हाल में पूरा करेंगे।अयोध्या बार एसोसिएशन का आभार: अयोध्या बार एसोसिएशन ने प्रारंभ से ही राम लला के मंदिर की कानूनी लड़ाई पूरी दृढ़ता से लड़ी है, हम उनका सहृदय अभिनंदन करते हैं।विपक्ष पर तीखा हमला: विपक्ष घड़ियाली आंसू बहाना बंद करे। राम भक्तों पर लाठी और गोली चलाने वाले असल में 'राम द्रोही' हैं।सपा प्रमुख पर निशाना: समाजवादी पार्टी के प्रमुख (श्री अखिलेश यादव) जानबूझकर राम लला के दर्शन करने अयोध्या नहीं गए।तुष्टिकरण की राजनीति: विपक्ष पूरी तरह से मुद्दाविहीन हो चुका है और वह सिर्फ और सिर्फ तुष्टिकरण की राजनीति कर रहा है।नैतिक अधिकार नहीं: श्री अखिलेश यादव को राम मंदिर के विषय पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
कुख्यात दस्यु जगन गुर्जर की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या
अजमेर। कुख्यात दस्यु जगन गुर्जर की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में साथी कैदी द्वारा गला दबाकर हत्या कर दी। 11 लाख रुपए के इनामी रहे पूर्व दस्यु जगन गुर्जर का राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा में आतंक फैला हुआ था। जगन गुर्जर राजस्थान का खूंखार अपराधी रहा है। पुलिस ने बताया कि […] The post कुख्यात दस्यु जगन गुर्जर की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या appeared first on Sabguru News .
अजमेर की बेटी एवं 5 बार की गिनीज़ विश्व रिकॉर्ड धारक सूफिया सूफी का स्वागत
अजमेर। अजमेर की बेटी एवं भारत की प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय अल्ट्रा धाविका तथा पांच बार की गिनीज़ विश्व रिकॉर्ड धारक सूफिया सूफी का सोमवार सुबह पटेल स्टेडियम में उनके ऐतिहासिक 5,000 किलोमीटर रन अक्रॉस इंडिया (कन्याकुमारी से काराकोरम) अभियान के दौरान हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर हार्टफुलनेस संस्थान अजमेर एवं टीम ग्रीन […] The post अजमेर की बेटी एवं 5 बार की गिनीज़ विश्व रिकॉर्ड धारक सूफिया सूफी का स्वागत appeared first on Sabguru News .
हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए एक्शन में योगी सरकार, जल जीवन मिशन की होगी जमीनी मॉनिटरिंग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार जल जीवन मिशन को केवल योजनाओं तक सीमित न रखकर उसकी जमीनी गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में भी लगातार सक्रिय है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की प्रदेश ...
री-नीट परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल के आरोप में अरेस्ट हिमांशी को जमानत मंजूर
जयपुर। राजस्थान में परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल के आरोप में गिरफ्तार की गई री-नीट 2026 की परीक्षार्थी हिमांशी को जयपुर की जिला अदालत से जमानत मिल गई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार गुप्ता ने 22 वर्षीय आरोपी हिमांशी को सोमवार को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए। मामला 21 […] The post री-नीट परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल के आरोप में अरेस्ट हिमांशी को जमानत मंजूर appeared first on Sabguru News .
क्या Pakistan के साथ Track 2 Dialogue करेगा भारत, विदेश सचिव का बड़ा बयान
भारत सरकार ने भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे कथित Track 2 Dialogue को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए इससे दूरी बना ली है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि इस तरह की बैठकें पूरी तरह निजी पहल होती हैं और इनमें भारत सरकार की कोई आधिकारिक भागीदारी या ...
मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की तैयारी, किसे मिलेगा मौका और किसकी होगी छुट्टी, किसका बदलेगा विभाग
modi cabinet reshuffle: संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले दिल्ली के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। मोदी सरकार 3.0 के पहले बड़े 'मिड-टर्म रीसेट' यानी केंद्रीय मंत्रिमंडल फेरबदल की तैयारियां अंतिम चरण में मानी जा रही हैं। हाल ही में केंद्रीय ...
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण : आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में सोमवार को मंडलीय कारागार से ही वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से सभी आठ आरोपियों को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, वीडियो कांफ्रेसिंग से सुनवाई के बाद सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में मंडल कारागार में पुनः निरुद्ध कर दिया गया। […] The post राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण : आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा appeared first on Sabguru News .
करौली : 11 केवी के बिजली की तार की चपेट में आने से 3 श्रमिकों की मौत
करौली। राजस्थान में करौली के टोडाभीम थाना क्षेत्र में भोपर नदी के पास सोमवार को 11 केवी की विद्युत लाइन की चपेट में आने से मोटर साइकिल पर सवार तीन श्रमिकों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि रामबाबू, विष्णु और चौबे जाटव हिंडौन से मजदूरी करके मोटर साइकिल से गांव की ओर […] The post करौली : 11 केवी के बिजली की तार की चपेट में आने से 3 श्रमिकों की मौत appeared first on Sabguru News .
श्रीराम मंदिर की दानपेटी में चोरी मामले में दोषियों पर हो कठोर कार्रवाई : हिन्दू जनजागृति समिति
नई दिल्ली। अयोध्या का श्रीराम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह दुनियाभर के करोड़ों हिन्दुओं के सदियों के बलिदान, दीर्घकालिक संघर्ष और श्रद्धा का प्रतीक है। मंदिर की दानपेटी के अर्पण में चोरी करना एक महापाप है और प्रभु श्रीराम उन्हें उनके कर्मों की सजा अवश्य देंगे। लेकिन सरकार को इस मामले […] The post श्रीराम मंदिर की दानपेटी में चोरी मामले में दोषियों पर हो कठोर कार्रवाई : हिन्दू जनजागृति समिति appeared first on Sabguru News .
ओबीसी युवाओं को डिजिटल ताकत दे रही योगी सरकार, ओ लेवल-सीसीसी प्रशिक्षण बना सहारा
Yogi Government OBC Digital Training: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगारपरक योजनाओं को नई दिशा मिली ...
नसरापुर रेप-मर्डर केस में पुणे की कोर्ट ने सुनाई मौत की सजा, राजनीतिक जगत ने किया स्वागत
मुंबई/पुणे। त्वरित न्याय की नई मिसाल पेश करने वाले ऐतिहासिक फैसले में पुणे जिला एवं सत्र न्यायालय ने आज पुणे जिले के नसरापुर में साढ़े तीन वर्ष की बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के मामले में भीमराव कांबले (65) को मौत की सजा सुनाई। इस अपराध को दुर्लभ से दुर्लभतम बताते हुए अदालत ने […] The post नसरापुर रेप-मर्डर केस में पुणे की कोर्ट ने सुनाई मौत की सजा, राजनीतिक जगत ने किया स्वागत appeared first on Sabguru News .
नगर निगम जयपुर के कनिष्ठ अभियंता संजय कुमार बैरवा रिश्वत लेते अरेस्ट
जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को जयपुर नगर निगम में सिविल लाइन जोन कार्यालय उपायुक्त एवं कनिष्ठ अभियंता संजय कुमार बैरवा को 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि इस मामले में निगम के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दीनदयाल को हिरासत […] The post नगर निगम जयपुर के कनिष्ठ अभियंता संजय कुमार बैरवा रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
1 जुलाई से पेट्रोल-डीजल बिक्री पर लागू अस्थायी प्रतिबंध हटेंगे, केंद्र ने 12 जून का आदेश लिया वापस
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति स्थिति सामान्य होने के बाद 12 जून 2026 को जारी अस्थायी नियंत्रण संबंधी आदेश को वापस लेने का निर्णय लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा। सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार 12 जून […] The post 1 जुलाई से पेट्रोल-डीजल बिक्री पर लागू अस्थायी प्रतिबंध हटेंगे, केंद्र ने 12 जून का आदेश लिया वापस appeared first on Sabguru News .
पंजीकृत न होने के बावजूद खरगे पर आरएसएस कर सकता है मानहानि का मुकदमा : न्यायालय
बेंगलूरु। बेंगलूरु की एक विशेष अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि पंजीकृत संगठन न होने के बावजूद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के व्यक्तिगत सदस्य मानहानि का मुकदमा कर सकते हैं। न्यायालय ने कहा कि केवल औपचारिक पंजीकरण या सदस्यता के दस्तावेजी सबूत न होने के आधार पर ऐसी शिकायतों को शुरुआत में […] The post पंजीकृत न होने के बावजूद खरगे पर आरएसएस कर सकता है मानहानि का मुकदमा : न्यायालय appeared first on Sabguru News .
बयाना के सरकारी अस्पताल में बोतल में सांप लेकर पहुंचा सर्पदंश पीड़ित
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के बयाना के राजकीय चिकित्सालय में सोमवार को सुबह एक मरीज के हाथ में प्लास्टिक की बोतल में बंद एक जिंदा सांप को देखकर अस्पताल में हड़कंप मच गया। अस्पताल सूत्रों ने बताया कि सालाबाद निवासी जोगेंद्र सिंह (40) को रविवार रात करीब दो बजे सांप ने डस लिया। उसने बिना […] The post बयाना के सरकारी अस्पताल में बोतल में सांप लेकर पहुंचा सर्पदंश पीड़ित appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ में सगे भाई ने किया नाबालिग बहन का रेप
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के फेफाना थाना क्षेत्र में एक किशोरी ने सगे भाई के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह घटना 26 जून की शाम की है। आरोपी भाई अपनी नाबालिग बहन को ननिहाल गांव से मोटरसाइकिल पर अपने गांव ला रहा था। गांव से करीब दो […] The post हनुमानगढ़ में सगे भाई ने किया नाबालिग बहन का रेप appeared first on Sabguru News .
दिल्ली सरकार ने सोमवार को इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2.0 को मंजूरी दे दी। नई नीति के तहत 1 जुलाई 2026 से 31 मार्च 2030 तक लगभग 15,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक दिल्ली में 95 प्रतिशत नए वाहन पंजीकरण इलेक्ट्रिक ...
श्रीगंगानगर में युवक की हत्या के आरोप में पिता-पुत्र समेत एक ही परिवार के 4 सदस्य अरेस्ट
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले में हिंदूमलकोट थाना क्षेत्र में सीमावर्ती खाट लबाना गांव में पिछले हफ्ते एक युवक की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने पिता पुत्र सहित एक ही परिवार के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक सुनील खोड ने सोमवार को बताया कि प्रेमसिंह, उसके पुत्र […] The post श्रीगंगानगर में युवक की हत्या के आरोप में पिता-पुत्र समेत एक ही परिवार के 4 सदस्य अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
बीकानेर : छुट्टियों के बाद स्कूल खुलते ही कक्षा की 10 पट्टियां गिरीं
बीकानेर। राजस्थान में बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में तोलियासर गांव स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ग्रीष्मावकाश समाप्त होने के तुरंत बाद सोमवार को एक बड़ा हादसा टल गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार आज स्कूल खुलने के पहले दिन स्टाफ कक्षाओं के ताले खोल रहा था। इसी दौरान कक्षा संख्या सात में छत की […] The post बीकानेर : छुट्टियों के बाद स्कूल खुलते ही कक्षा की 10 पट्टियां गिरीं appeared first on Sabguru News .
कराची हमले के बाद पाकिस्तान ने पूर्वी अफगानिस्तान में किए हवाई हमले
इस्लामाबाद/काबुल। पाकिस्तान के कराची शहर में रेंजर्स के क्षेत्रीय मुख्यालय पर हुए हमले के बाद पाकिस्तानी सेना ने पूर्वी अफगानिस्तान में सैन्य कार्रवाई और हवाई हमले किए हैं। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने सोमवार को दावा किया कि इस अभियान में 25 आतंकवादी मारे गए है। अफगानिस्तान के अनुसार इन हमलों में 36 […] The post कराची हमले के बाद पाकिस्तान ने पूर्वी अफगानिस्तान में किए हवाई हमले appeared first on Sabguru News .
श्रीगंगानगर : सीमा क्षेत्र में एक और पाकिस्तानी ड्रोन नेटवर्क का खुलासा, 3 तस्कर अरेस्ट
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के समेजा कोठी थाना क्षेत्र पिछले लंबे समय से भारत-पाकिस्तान तस्करों का पसंदीदा स्थल बना हुआ है। यहां पाकिस्तानी तस्करों द्वारा ड्रोन से गिराये जाने वाले हेरोइन और हथियारों के पैकेटों को स्थानीय संपर्कों के जरिए पंजाब के तस्कर उठाते रहे हैं। अब इस पूरे नेटवर्क का एक और बड़ा […] The post श्रीगंगानगर : सीमा क्षेत्र में एक और पाकिस्तानी ड्रोन नेटवर्क का खुलासा, 3 तस्कर अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
चूरू के तारानगर में 1200 वर्ष पुराने जैन मंदिर में 13 अष्टधातु मूर्तियां चोरी
चूरू। राजस्थान में चूरू जिले के तारानगर थाना क्षेत्र में 1200 वर्ष पुराने जैन श्वेतांबर मंदिर में रविवार को रात चोरों ने मंदिर के गर्भगृह से 13 बेशकीमती अष्टधातु की प्राचीन मूर्तियां चुरा लीं। प्राप्त जानकारी के अनुसार मंदिर में कुल 17 अष्टधातु मूर्तियां थीं, जिनमें से 13 चोरी हो गयीं। आज सुबह जब पुजारी […] The post चूरू के तारानगर में 1200 वर्ष पुराने जैन मंदिर में 13 अष्टधातु मूर्तियां चोरी appeared first on Sabguru News .
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सोमवार को तीन-भाषा नीति (Three-Language Policy) को लागू करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में कक्षा 10 में पढ़ रहे छात्रों पर नई भाषा व्यवस्था लागू नहीं ...
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप त्रिभाषा नीति को लागू करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हालांकि कक्षा 10 के मौजूदा छात्रों के लिए कोई बदलाव नहीं किया गया है। वे केवल दो भाषाओं के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखेंगे व बोर्ड परीक्षा देंगे।
देश के करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों (Salaried Employees) के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की ओर से एक बेहद क्रांतिकारी और बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है. भविष्य में पीएफ (Provident Fund) से इमरजेंसी फंड निकालने के लिए लगने वाली लंबी-चौड़ी कागजी कार्रवाई, ऑनलाइन क्लेम का लंबा प्रोसेस और हफ़्तों तक बैंक खाते में पैसे आने का इंतजार पूरी तरह खत्म होने वाला है.जिस तरह आप Google Pay, PhonePe या किसी भी UPI ऐप और एटीएम (ATM) से चुटकी बजाकर पैसा ट्रांसफर कर लेते हैं या कैश निकाल लेते हैं, ठीक उतनी ही आसानी से अब आप अपने पीएफ खाते से भी फंड निकाल सकेंगे. ईपीएफओ अपने सबसे आधुनिक और अपग्रेड वर्जन 'EPFO 3.0' के तहत बहुत जल्द एटीएम और यूपीआई के जरिए पीएफ निकासी (PF Withdrawal) की हाई-टेक सुविधा लॉन्च करने की तैयारी में है. हालांकि, इस आसान डिजिटल सिस्टम के जहां अनगिनत फायदे हैं, वहीं वित्तीय विशेषज्ञों ने इसके दूरगामी नुकसानों को लेकर भी कर्मचारियों को आगाह किया है.आसान विड्रॉल से क्या रिटायरमेंट फंड के मुख्य मकसद को लगेगा झटका?पीएफ फंड मूल रूप से आपकी नौकरी खत्म होने के बाद या रिटायरमेंट के बाद आपके बुढ़ापे को आर्थिक सुरक्षा (Financial Security) की गारंटी देने और एक मोटी जमापूंजी तैयार करने के मकसद से बनाया गया है. वर्तमान में यह फंड मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों की उच्च शिक्षा या घर बनाने जैसी बेहद बड़ी जरूरतों के समय ही काम आता है.तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि पीएफ निकासी जितनी आसान और डिजिटल फ्रेंडली होती जा रही है, उससे पैसा निकालने की रफ्तार भी उतनी ही तेजी से बढ़ सकती है. ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या बेहद आसान विड्रॉल सिस्टम से पीएफ के लॉन्ग-टर्म सेविंग (Long-term Savings) के मुख्य उद्देश्य को ठेस पहुंचेगी? हालांकि, ईपीएफओ का स्पष्ट कहना है कि इस नए सिस्टम को लाने का मकसद सब्सक्राइबर्स के लिए एक पारदर्शी और डिजिटल फ्रेंडली प्लेटफॉर्म तैयार करना है, न कि प्री-मैच्योर विड्रॉल (समय से पहले पैसा निकालने) को बढ़ावा देना. त्वरित और आसान लेनदेन से वित्तीय प्रणाली पर लोगों का भरोसा और पीएफ में युवाओं की भागीदारी बढ़ेगी.बुढ़ापे की लाठी कमजोर होने का खतरा: जल्दी पीएफ निकालने के 3 बड़े नुकसानयूपीआई और एटीएम के जरिए कुछ ही मिनटों में पीएफ का पैसा हाथ में आ जाने की सहूलियत मिलने से लोग छोटी-मोटी इच्छाओं या गैजेट्स खरीदने के लिए भी अपना रिटायरमेंट फंड खाली कर सकते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, इसके 3 सबसे बड़े और गंभीर नुकसान हो सकते हैं:पेंशन फंड को तगड़ा झटका: आपके पीएफ कंट्रीब्यूशन का एक निश्चित हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जाता है. यदि आप नौकरी के दौरान ही बार-बार पीएफ का पैसा निकालते रहते हैं, तो रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली आपकी मंथली पेंशन की राशि में भारी कमी आ जाएगी, जिससे बुढ़ापे की आर्थिक सुरक्षा कमजोर होगी.कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि ब्याज) का भारी नुकसान: पीएफ पर मिलने वाला ब्याज कंपाउंडिंग के जादुई फॉर्मूले पर काम करता है. आपका पैसा जितने लंबे समय तक ईपीएफओ के पास सुरक्षित रहेगा, उस पर उतना ही बड़ा और मोटा ब्याज मिलता जाएगा. बीच में ही पैसा निकाल लेने से आप इस बंपर कंपाउंडिंग प्रॉफिट से हाथ धो बैठेंगे.महंगाई (Inflation) से लड़ने की ताकत खत्म: बुढ़ापे में बढ़ती महंगाई का सामना करने के लिए पीएफ एक स्टेबल और सुरक्षित आय का जरिया है. यदि आप अपनी फाइनेंशियल परिस्थितियों और लॉन्ग-टर्म रिटायरमेंट लक्ष्यों को दरकिनार कर इसे जल्दी खर्च कर देते हैं, तो भविष्य में महंगाई की मार झेलना बेहद मुश्किल हो जाएगा.
ग्लोबल वार्मिंग और तेजी से बदलते जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के इस दौर में पूरी दुनिया भीषण और जानलेवा गर्मी की चपेट में आ चुकी है. इस समय दक्षिणी और मध्य यूरोप के कई देश एक ऐसी विनाशकारी और अभूतपूर्व हीटवेव (लू) का सामना कर रहे हैं, जिसने वहां की सरकारों और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की नींद उड़ा दी है. फ्रांस, स्पेन और पुर्तगाल जैसे ठंडे माने जाने वाले देशों में थर्मामीटर का पारा 43 डिग्री सेल्सियस को छू रहा है.सबसे चौंकाने वाली और हैरान करने वाली बात यह है कि यही 43C तापमान भारत के लोगों के लिए गर्मियों के मौसम में एक बहुत ही आम बात होती है, जिसे लोग हंसते-खेलते झेल जाते हैं. लेकिन यूरोप में इसी तापमान के कारण चारों तरफ त्राहि-त्राहि मची हुई है और अकेले फ्रांस में अब तक 1000 से ज्यादा लोगों की तड़पकर मौत हो चुकी है. आखिर ऐसा क्यों है कि थर्मामीटर पर एक जैसा दिखने वाला नंबर (43C) भारत के मुकाबले यूरोप में इतना ज्यादा जानलेवा, बेरहम और विनाशकारी साबित हो रहा है? विज्ञान, भूगोल और आर्किटेक्चर के विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे कोई थर्मल रीडिंग का अंतर नहीं, बल्कि 8 ऐसी बड़ी और बुनियादी वजहें हैं जो यूरोप की गर्मी को इंसानों के लिए दमघोंटू बना देती हैं.1. 17 घंटे का लंबा टॉर्चर और सूरज का खास तिरछा एंगलयूरोप का ज्यादातर भौगोलिक हिस्सा भारत के मुकाबले पृथ्वी पर काफी उत्तर (North) में स्थित है. उदाहरण के तौर पर समझें तो पेरिस की लोकेशन कनाडा के टोरंटो शहर से भी अधिक उत्तर में है. गर्मियों के दिनों में यहां सूरज का एंगल ऐसा होता है कि धूप सीधे सिर पर पड़ने के बजाय तिरछी पड़ती है, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि आसमान में 15 से लेकर 17 घंटे तक दिन की रोशनी रहती है. इतने लंबे समय तक लगातार धूप रहने के कारण शहरों की कंक्रीट की इमारतें, डामर की सड़कें और फुटपाथ दिनभर सोलर एनर्जी (तापमान) सोखते रहते हैं, जिसके चलते ये रात के समय भी ठंडे नहीं हो पाते और रातें भी भट्टी की तरह तपती हैं.2. प्रदूषण मुक्त साफ आसमान: सीधे त्वचा पर वार करती तीखी किरणेंभारत के शहरों में हवा के भीतर धूल-मिट्टी के कण और प्रदूषण का स्तर थोड़ा ज्यादा होता है, जो एक सुरक्षा कवच की तरह सूरज की सीधी किरणों को वायुमंडल में ही बिखेर (Scatter) देते हैं, जिससे धूप की चुभन थोड़ी कम हो जाती है. इसके विपरीत, यूरोप में कड़े नियमों के कारण आसमान बिल्कुल साफ और प्रदूषण मुक्त होता है. हवा में धूल के कण न होने से सूरज की पराबैंगनी (Ultraviolet) और तीखी किरणें सीधे इंसानी स्किन पर वार करती हैं, जिससे 43C तापमान में भी वहां की धूप भारत से कहीं ज्यादा झुलसाने वाली और तेज महसूस होती है.3. हवा का बिल्कुल थम जाना और 'हॉट एयर बैलून' का बननाहालिया हीटवेव और मौसम के बिगड़े पैटर्न के दौरान यूरोप के वायुमंडल में हवा की गति पूरी तरह से ठप यानी रुक गई है. जब हवा बिल्कुल नहीं चलती, तो घने बसे शहरों के ऊपर गर्म हवा का एक अदृश्य गुब्बारा बन जाता है. हवा न चलने के कारण इंसानी शरीर का नेचुरल कूलिंग सिस्टम (पसीना सूखने की वाष्पीकरण प्रक्रिया) पूरी तरह काम करना बंद कर देता है, जिससे बन्द कमरों के भीतर लोगों का दम घुटने लगता है.4. सूखी गर्मी और 'साइलेंट डिहाइड्रेशन' का जानलेवा खेलभारत में गर्मी के साथ अक्सर उमस (Humidity) होती है, जिससे हमारे शरीर से लगातार पसीना निकलता है और हमें प्यास का अहसास होता रहता है, जिससे हम पानी पीते हैं. लेकिन यूरोप के अंदरूनी मैदानी हिस्सों में पड़ने वाली गर्मी बेहद सूखी (Dry Heat) होती है. यहां शरीर से निकलने वाला पसीना तुरंत हवा में उड़ जाता है, जिससे इंसान को यह अंदाजा ही नहीं हो पाता कि उसका शरीर कितनी डरावनी तेजी से पानी खो रहा है. यह 'साइलेंट डिहाइड्रेशन' (Silent Dehydration) अचानक से शरीर के अंगों को फेल (Multi-Organ Failure) कर रहा है और बुजुर्गों की मौत का सबसे बड़ा कारण बन रहा है.5. 'थर्मस' और ओवन जैसे घर, जो बाहर नहीं निकलने देते गर्मीयूरोप के घरों का इतिहास और आर्किटेक्चर देखें, तो इन्हें सदियों से कड़ाके की ठंड, भारी बर्फबारी और लंबी सर्दियों को ध्यान में रखकर खास तौर पर डिजाइन किया गया है. इन घरों की दीवारें बेहद मोटी और इंसुलेशन वाली होती हैं, खिड़कियां आकार में छोटी होती हैं और छतें गहरे रंग की होती हैं ताकि बाहर की थोड़ी सी भी गर्मी अंदर फंसी रहे और घर गर्म रहे.सर्दियों का यही वरदान अब इस ग्लोबल वार्मिंग के दौर में वहां के लोगों के लिए सबसे बड़ा अभिशाप बन गया है. कंक्रीट के ये घर एक बार गर्म होने के बाद अंदर किसी ओवन (Oven) की तरह चौबीसों घंटे तपते रहते हैं. इसके उलट, पारंपरिक भारतीय घरों में ऊंची छतें, खुले बरामदे, टाइल्स की ठंडी फ्लोरिंग और क्रॉस-वेंटिलेशन को ध्यान में रखकर बनाया जाता है ताकि गर्मी तुरंत बाहर निकल सके.6. बुनियादी ढांचे में एयर कंडीशनिंग (AC) और पंखों का न होनायूरोपियन लाइफस्टाइल और संस्कृति में एसी (Air Conditioner) कभी भी उनकी प्राथमिकता या जरूरत का हिस्सा नहीं रहा. पेरिस, बर्लिन या लंदन जैसे बड़े शहरों में अमूमन गर्मियों का औसत तापमान 25C के आसपास ही रहता था, इसलिए वहां के अधिकांश घरों में न तो सीलिंग फैन (छत के पंखे) होते हैं और न ही एसी की फिटिंग. अब अचानक आई इस अभूतपूर्व और जानलेवा गर्मी से निपटने के लिए वहां का घरेलू इन्फ्रास्ट्रक्चर बिल्कुल भी तैयार नहीं है, जबकि भारत में कूलर, पंखे और एसी गर्मियों की बुनियादी और अनिवार्य जरूरत माने जाते हैं.7. ऐतिहासिक शहरों की खूबसूरती के कड़े और अजीब कानूनयूरोप के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहरों (जैसे पेरिस, रोम या फ्लोरेंस) के पुराने और मुख्य रिहायशी इलाकों में 'आर्किटेक्चरल एस्थेटिक्स' (शहरी सुंदरता) को बनाए रखने के लिए बेहद कड़े कानून हैं. इन नियमों के तहत किसी भी ऐतिहासिक या पुरानी इमारत के बाहरी हिस्से पर एसी का आउटडोर कंप्रेसर या डक्ट लगाने पर पूरी तरह से कानूनी रोक है ताकि पैदल चलने वाले रास्तों और वहां के आउटडोर कैफे कल्चर का विजुअल लुक खराब न हो. सुंदरता को बचाने के लिए बनाए गए ये सरकारी नियम आज के इस आपातकाल में लोगों के लिए काल साबित हो रहे हैं.8. 'बायोलॉजिकल एडप्टेशन': शरीर का मौसम के अनुकूल न ढलनाभारत के लोग जन्म से ही बचपन से 40C से लेकर 45C के ऊपर का प्रचंड तापमान हर साल झेलने के आदी (Acclimatized) होते हैं. बार-बार अत्यधिक गर्मी का सामना करने से हमारा बायोलॉजिकल सिस्टम इसके अनुकूल ढल जाता है, जिससे हमारा दिल और कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम विपरीत परिस्थितियों में भी बेहतर काम करता है और शरीर तुरंत पसीना बहाकर खुद को इंटरनली ठंडा कर लेता है. इसके विपरीत, यूरोपियन लोगों का शरीर और जेनेटिक्स इस तरह के गर्म मौसम के बिल्कुल आदी नहीं हैं, जिसके चलते उनका ब्लड प्रेशर और दिल इतनी भीषण गर्मी में अचानक से कड़ा रिस्पॉन्स नहीं दे पाता और लोग हीट स्ट्रोक का शिकार हो जाते हैं.यह सोचना कि भारतीय लोग केवल शारीरिक रूप से बेहतर हैं, पूरी तरह सही नहीं है; बल्कि इसके पीछे दोनों महाद्वीपों की भौगोलिक और ढांचागत बनावट का बहुत बड़ा हाथ है. भारत की उमस वाली गर्मी जहां चिपचिपी और थका देने वाली होती है, वहीं यूरोप की सूखी गर्मी, तपती कंक्रीट की इमारतें, हवा का थमा होना और लगातार 17 घंटे तक सूरज का आग उगलना वहां की रातों को भी नरक बना रहा है. यही वजह है कि जब यूरोप का पारा 43 डिग्री पहुंचता है, तो वह किसी भीषण प्राकृतिक आपदा (Natural Disaster) की तरह हजारों मासूम जिंदगियों को लीलने लगता है.
कई बार लोग टैक्स का बोझ कम करने के लिए एक बहुत आम तरीका अपनाते हैं—वे अपनी मेहनत की कमाई का एक हिस्सा अपनी पत्नी के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर या गिफ्ट कर देते हैं. इसके बाद पत्नी उन पैसों को फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), सोना, म्यूचुअल फंड या शेयर बाजार में निवेश कर देती हैं. अगर आप भी ऐसा ही कुछ प्लान कर रहे हैं, तो रुकिए! इनकम टैक्स का एक बेहद कड़ा नियम आपकी इस पूरी प्लानिंग को बिगाड़ सकता है. आयकर कानून के मुताबिक, पत्नी के नाम पर किए गए इस निवेश से जो भी मुनाफा या ब्याज (Income) मिलेगा, उस पर टैक्स आपकी पत्नी को नहीं, बल्कि सीधे तौर पर आपको (पति को) ही चुकाना होगा.इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ऐसे मामलों पर 'क्लबिंग ऑफ इनकम' (Clubbing of Income) के तहत कड़ी नजर रखता है. इसका सीधा उद्देश्य परिवार के सदस्यों के नाम पर संपत्ति या धन का हेर-फेर कर टैक्स चोरी करने की कोशिशों को रोकना है. आइए एक एक्सपर्ट रिपोर्टर की नजर से इस नियम के पीछे की पूरी बारीकी और इससे बचने के कानूनी तरीकों को आसान भाषा में समझते हैं.क्या है आयकर अधिनियम की धारा 64? समझिए 'क्लबिंग ऑफ इनकम' का खेलआयकर अधिनियम (Income Tax Act) की धारा 64 के तहत 'क्लबिंग ऑफ इनकम' का प्रावधान किया गया है. सीधे शब्दों में कहें तो इसका मतलब है कि कुछ विशेष परिस्थितियों में किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा कमाई गई आय को आपकी कुल सालाना आय में जोड़ (Club) दिया जाता है और फिर आपके टैक्स स्लैब के अनुसार उस पर टैक्स वसूला जाता है.यदि कोई व्यक्ति अपनी पत्नी को कोई धनराशि उपहार (Gift Money) में देता है और पत्नी उस रकम को किसी भी वित्तीय स्कीम जैसे FD, गोल्ड, शेयर या म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करती हैं, तो उस निवेश से मिलने वाला सालाना ब्याज, डिविडेंड या कैपिटल गेन कानूनी रूप से पति की ही आय माना जाएगा.कब लागू नहीं होते क्लबिंग के नियम? जानिए ये जरूरी अपवादइनकम टैक्स के इस कड़े नियम में कुछ राहत भरे अपवाद भी शामिल हैं, जहां क्लबिंग के प्रावधान पूरी तरह निष्प्रभावी हो जाते हैं:खुद की पेशेवर योग्यता: यदि आपकी पत्नी अपनी किसी तकनीकी, व्यावसायिक या पेशेवर योग्यता (Technical or Professional Qualification) के दम पर स्वयं कमाई करती हैं, तो उनकी उस कमाई पर क्लबिंग का नियम लागू नहीं होगा.वर्किंग प्रोफेशनल्स: उदाहरण के लिए, यदि पत्नी डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), फ्रीलांसर या अपनी किसी विशेष कला के आधार पर आय अर्जित करती हैं, तो वह आय पूरी तरह उनकी अपनी मानी जाएगी और उन्हें अपने पैन कार्ड पर खुद टैक्स देना होगा.टैक्स प्लानिंग के 3 पूरी तरह सुरक्षित और कानूनी तरीकेअगर आप नियमों के दायरे में रहकर पूरी तरह लीगल तरीके से टैक्स की प्लानिंग करना चाहते हैं, तो आयकर कानून आपको ये बेहतरीन विकल्प देता है:माता-पिता को पैसे गिफ्ट करें: यदि आप अपनी पत्नी के बजाय अपने माता-पिता (Parents) को पैसे उपहार में देते हैं और वे उस रकम को सीनियर सिटीजन एफडी या अन्य सुरक्षित निवेश में लगाते हैं, तो उससे होने वाली आय उन्हीं की मानी जाएगी. चूंकि इस पर क्लबिंग का नियम लागू नहीं होता, इसलिए अगर आपके माता-पिता कम टैक्स स्लैब में आते हैं, तो आप कानूनी रूप से टैक्स बचा सकते हैं.शादी में मिले उपहार (Wedding Gifts): हिंदू विवाह या किसी भी शादी के शुभ अवसर पर रिश्तेदारों और दोस्तों से मिलने वाले कैश या प्रॉपर्टी पर टैक्स नहीं लगता है. अगर उस शादी में मिले गिफ्ट्स की रकम को कहीं इन्वेस्ट किया जाता है, तो उससे होने वाली आय भी प्राप्तकर्ता (जिसकी शादी थी) के हाथों में ही टैक्स योग्य होती है, इस पर कोई क्लबिंग नहीं होती.PPF में निवेश का जादुई विकल्प: यदि आप अपनी पत्नी या नाबालिग बच्चे के नाम पर पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) खाते में पैसे जमा करते हैं, तो उस पर मिलने वाला सालाना ब्याज (Interest) कानूनन पूरी तरह टैक्स-फ्री (Tax-Free) होता है. ब्याज पर टैक्स न होने के कारण यहां क्लबिंग नियम का कोई विपरीत असर नहीं पड़ता. हालांकि, ध्यान रहे कि एक वित्त वर्ष में प्रति PPF खाते में निवेश की अधिकतम सीमा ₹1.5 लाख ही निर्धारित है.
भारतीय रेलवे (Indian Railways) में सफर का आनंद तब तक ही लिया जा सकता है, जब तक आपके आस-पास बैठे सह-यात्री समझदार और तमीजदार हों. सोचिए, आप एक लंबे और थका देने वाले ओवरनाइट सफर के बाद ट्रेन की बोगी में सुकून से सोने की कोशिश कर रहे हों और अचानक कोई पैसेंजर आधी रात को मोबाइल पर फुल वॉल्यूम में रील्स (Reels) या शॉर्ट वीडियो बजाना शुरू कर दे. ऐसा ही एक बेहद परेशान करने वाला और सिरदर्द पैदा करने वाला वाकया इन दिनों इंटरनेट पर जमकर वायरल हो रहा है. एक महिला की इस गैर-जिम्मेदाराना हरकत से तंग आकर एक सह-यात्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट (Reddit) पर अपनी भड़ास निकाली है, जिसके बाद इंटरनेट पर भारतीयों में 'सिविक सेंस' (Civic Sense) की कमी को लेकर एक नई और तीखी बहस छिड़ गई है.'सुहाने सफर में विलेन बनी महिला': सह-यात्री ने रेडिट पर खोला दुखों का पिटाराएक परेशान रेल यात्री ने रेडिट के एक कम्युनिटी फोरम पर अपने इस बेहद खराब और थका देने वाले सफर का पूरा कच्चा चिट्ठा साझा किया है. यात्री ने बताया कि वह जिस थर्ड एसी (3AC) कोच में सफर कर रहा था, वहां शुरुआत में सब कुछ बेहद शांत और व्यवस्थित था. रात के वक्त लगभग सभी लोग आराम से सो चुके थे और बोगी में मौजूद छोटे बच्चे भी कोई शोर नहीं मचा रहे थे. लेकिन बोगी का यह सुकून ज्यादा देर तक नहीं टिक सका.कोच में एक महिला अपने पति और बच्चे के साथ सफर कर रही थी. यात्री ने लिखा कि उस महिला में बुनियादी सामाजिक समझ (Civic Sense) नाम की कोई चीज नहीं थी. वह शुरुआत से ही बेहद चिड़चिड़े स्वभाव में छोटी-छोटी बातों पर अपने पति से बोगी के बीच कटकट और बहस कर रही थी.आधी रात को फुल आवाज में रील्स: सबका सिरदर्द बनी महिला की जिदयात्री के मुताबिक, महिला का पति और बच्चा ऊपर की बर्थ पर सो रहे थे, जबकि महिला को साइड अपर बर्थ मिली हुई थी. बिना किसी ठोस वजह के उसने आधी रात को अपने पति से सीट बदलने की जिद पकड़ ली और बोगी में हंगामा खड़ा कर दिया. पति के सीट बदलने के बाद जो हुआ, उसने पूरे कोच के पैसेंजर्स का जीना मुहाल कर दिया. सीट पर बैठते ही महिला ने आधी रात के सन्नाटे में अपने स्मार्टफोन पर बिना ईयरफोन (Earphones) लगाए, फुल आवाज में फेसबुक और इंस्टाग्राम की रील्स देखना शुरू कर दिया. मोबाइल की तेज आवाज और लगातार बदलती रील्स के शोर के कारण आस-पास की सीटों पर सो रहे लोगों की नींद पूरी तरह खराब हो गई.परेशानी का क्लाइमेक्स: सुबह 4:30 बजे जबरन जला दी बोगी की लाइट!सह-यात्रियों की परेशानी यहीं खत्म नहीं हुई, बल्कि सुबह होते-होते यह और ज्यादा बढ़ गई. वह महिला रात में सिर्फ 3-4 घंटे ही सोई और सुबह ठीक 4:30 बजे उठकर बैठ गई. उठते ही उसने फिर से कोच के एसी की कूलिंग और बाकी इंतजामों को लेकर अपने पति से बोगी में जोर-जोर से बहस शुरू कर दी. हद तो तब हो गई जब उसने बिना सोचे-समझे पूरे कंपार्टमेंट की मेन लाइट ऑन कर दी, जबकि बाहर अंधेरा था और बाकी सभी पैसेंजर्स गहरी नींद में थे.जब उसके खुद के पति और अन्य सह-यात्रियों ने उससे बेहद तमीज और शालीनता से लाइट बंद करने का अनुरोध किया, तो वह उन पर ही भड़क गई और बड़बड़ाने लगी. उसने साफ मना करते हुए लाइट बंद नहीं की, जिससे बोगी में मौजूद लोग बेहद असहज हो गए.'इतनी ही दिक्कत है तो प्राइवेट जेट खरीद लो': रेडिट पोस्ट पर फूटा लोगों का गुस्सापरेशान यात्री ने गुस्से में अपनी पोस्ट में लिखा, मुझे समझ नहीं आता कि ऐसे गंवार और बदतमीज लोगों को ट्रेन में कन्फर्म टिकट कैसे मिल जाता है. अगर आपको पब्लिक ट्रांसपोर्ट में आम लोगों के साथ तालमेल बिठाने में इतनी ही दिक्कत है, तो अपना प्राइवेट जेट खरीद कर उससे सफर किया करो. जब जेब में पैसा नहीं है तो एटीट्यूड भी उसी हिसाब से मर्यादित रखना चाहिए. यात्री ने तंज कसते हुए आगे लिखा कि उस बोगी में सफर कर रहे छोटे बच्चे उस महिला से कहीं ज्यादा समझदार और मैच्योर थे, जो कम से कम दूसरों की शांति का ध्यान रख रहे थे.इस रेडिट पोस्ट के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है और लोग रेलवे में ऐसे यात्रियों के खिलाफ कड़े एक्शन की मांग कर रहे हैं. कमेंट सेक्शन में एक यूजर ने अपना दुखड़ा रोते हुए लिखा, मैं भी आज एक ट्रेन से सफर कर रहा हूं और मेरे बगल वाली फैमिली सुबह 4 बजे उठकर मोबाइल पर जोर-जोर से लाउडस्पीकर में भजन बजा रही है. जब मैंने उन्हें टोकने की हिम्मत की, तो वे बोले कि पूरी दुनिया जाग गई है, तुम कितने आलसी हो जो अब तक सो रहे हो. वहीं, एक अन्य यूजर ने तीखा तंज कसते हुए लिखा, कुछ लोगों को लगता है कि पूरी भारतीय रेलवे उनके बाप की जागीर है. चाहे बस हो, ट्रेन हो या फ्लाइट—आप कुछ भारतीयों के साथ कभी भी शांति और सुकून से सफर की उम्मीद नहीं कर सकते.
Sikh Guru Hargobind Sahib: सिख धर्म के छठे गुरु श्री गुरु हरगोविंद सिंह जी, अधिक प्रचलित नाम गुरु हरगोबिंद साहिब जी का जीवन आध्यात्मिकता, साहस, सेवा और न्याय का अद्भुत संगम माना जाता है। उन्होंने यह संदेश दिया कि धर्म की रक्षा केवल उपदेशों से नहीं, ...
पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज (29 जून 2026) का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है. सूबे की नई भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार विधानसभा के विशेष सत्र में देश के सबसे चर्चित और वैचारिक रूप से संवेदनशील 'समान नागरिक संहिता' (Uniform Civil Code-UCC) से जुड़ा बहुप्रतीक्षित विधेयक पेश करने की तैयारी में है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के इस बड़े फैसले ने राज्य की राजनीति से लेकर आम जनता के बीच एक नई बहस छेड़ दी है.भारतीय जनता पार्टी ने 2026 के विधानसभा चुनाव के दौरान अपने 'संकल्प पत्र' में वादा किया था कि सरकार बनने के छह महीने के भीतर बंगाल में यूसीसी लागू किया जाएगा. उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद अब पश्चिम बंगाल देश का अगला ऐसा राज्य बनने जा रहा है, जहां सभी नागरिकों के लिए एक समान नागरिक कानून होगा. आइए एक्सपर्ट रिपोर्टर की नजर से ग्राउंड रियलिटी को समझते हैं कि इस ऐतिहासिक कानून के लागू होने के बाद बंगाल के सामाजिक और पारिवारिक ताने-बाने पर क्या सीधा असर पड़ेगा.शादी के नियमों में एकरूपता: मजहब चाहे जो हो, कानून होगा एकसमान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के बाद सबसे पहला और बड़ा प्रभाव विवाह (Marriage) से जुड़े व्यक्तिगत नियमों पर पड़ेगा. वर्तमान व्यवस्था में अलग-अलग धर्मों के लोग अपने-अपने पर्सनल लॉ (जैसे हिंदू मैरिज एक्ट या मुस्लिम पर्सनल लॉ) के तहत शादी करते हैं. लेकिन यूसीसी आने के बाद शादी की न्यूनतम कानूनी उम्र (लड़कों के लिए 21 वर्ष और लड़कियों के लिए 18 वर्ष), एक से अधिक विवाह पर पूर्ण प्रतिबंध (पॉलीगैमी का अंत) और शादी का अनिवार्य सरकारी पंजीकरण (Mandatory Registration) सभी समुदायों के लिए समान रूप से लागू हो जाएगा. इससे शादी से जुड़ी कानूनी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आएगी.तलाक और गुजारे भत्ते (मैंटनेंस) के नियम होंगे बेहद कड़ेअभी तक देश में अलग-अलग मजहबों में तलाक (Divorce) लेने के तौर-तरीके और उसके बाद महिलाओं को मिलने वाले गुजारे भत्ते (Alimony) की व्यवस्था अलग-अलग है. यूसीसी के कानून के दायरे में आते ही तलाक लेने की कानूनी प्रक्रिया सभी धर्मों के पति-पत्नी के लिए एक जैसी हो जाएगी. सबसे महत्वपूर्ण बदलाव महिलाओं और बच्चों के अधिकारों को लेकर होगा. तलाक की स्थिति में पत्नी और बच्चों को मिलने वाले भरण-पोषण और गुजारे भत्ते के नियम बेहद सख्त और एक समान बनाए जाएंगे, जिससे किसी भी वर्ग की महिला का उत्पीड़न न किया जा सके.बेटा-बेटी को संपत्ति में बराबर का हक, वसीयत के नियम भी बदलेंगेयदि विधानसभा में यह विधेयक पास होता है, तो उत्तराधिकार (Inheritance) और पैतृक संपत्ति के बंटवारे से जुड़े पुराने नियमों में क्रांतिकारी फेरबदल देखने को मिलेगा:समान अधिकार: पिता की संपत्ति पर बेटे और बेटी का बिल्कुल एक समान कानूनी अधिकार होगा, चाहे बेटी शादीशुदा हो या अविवाहित.एक जैसा ढांचा: वसीयत बनाने, गोद लेने (Adoption) और संपत्ति के हस्तांतरण के लिए एक ही कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा.आदिवासियों को छूट की संभावना: सरकारी सूत्रों और उत्तराखंड के मॉडल के अनुसार, बंगाल की सांस्कृतिक विविधता को ध्यान में रखते हुए आदिवासी (Tribal) समुदायों को इस कानून के दायरे से बाहर रखा जा सकता है.लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य: लापरवाही पर हो सकती है जेल!पश्चिम बंगाल के प्रस्तावित यूसीसी ड्राफ्ट में सबसे आधुनिक और चर्चा का विषय 'लिव-इन रिलेशनशिप' (Live-in Relationship) को लेकर बनाया गया कानून है. नए नियमों के अनुसार, यदि कोई भी बालिग जोड़ा (कपल) बिना शादी किए एक साथ लिव-इन में रहने का फैसला करता है, तो उन्हें स्थानीय निर्धारित अथॉरिटी के पास जाकर इसका अनिवार्य रूप से पंजीकरण (Registration) कराना होगा.इतना ही नहीं, यदि भविष्य में वे आपसी सहमति या किसी विवाद के कारण इस रिश्ते को खत्म करते हैं, तो उस 'ब्रेकअप' या रिश्ते के समापन का भी आधिकारिक पंजीकरण कराना जरूरी होगा. सरकार का तर्क है कि इस नियम से लिव-इन में रहने वाली महिलाओं को कानूनी सुरक्षा मिलेगी, उनके अधिकारों की रक्षा होगी और किसी भी प्रकार के आपराधिक या धोखेबाजी के मामलों पर लगाम कसी जा सकेगी.बंगाल में क्यों ममाचा राजनीतिक घमासान?सुवेंदु अधिकारी सरकार जहां इसे महिलाओं के सशक्तिकरण और 'एक देश, एक विधान' के संकल्प की ओर ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष (TMC) ने इस पर तीखा हमला बोला है. तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का आरोप है कि सरकार इस कानून के जरिए धार्मिक और सांस्कृतिक विविधताओं पर प्रहार कर रही है. हालांकि, सरकार विधानसभा के पटल पर इसे कानूनी प्रक्रिया (जज की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों) के तहत ही लागू करने की बात कह रही है. इसके साथ ही सरकार लोक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 'एंटी-सोशल एक्टिविटी बिल' भी पेश कर रही है, जिससे बंगाल की राजनीति आने वाले दिनों में और गरमाने वाली है.
रेलवे में जूनियर इंजीनियर (JE) बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण खबर है. रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB) ने जूनियर इंजीनियर (सीबीटी-2) परीक्षा 2026 के लिए एडमिट कार्ड (Hall Ticket) आधिकारिक तौर पर जारी कर दिए हैं. इस मुख्य परीक्षा का आयोजन 2 जुलाई 2026 को देश भर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा. परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवार अपने संबंधित आरआरबी रीजन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर डायरेक्ट लिंक के जरिए तुरंत अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं. बोर्ड ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि आखिरी समय की तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए वे समय रहते अपना हॉल टिकट डाउनलोड कर लें और उसका प्रिंट आउट निकाल लें, क्योंकि बिना एडमिट कार्ड के परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी.2 जुलाई को तीन शिफ्टों में होगा एग्जाम: नोट कर लें अपनी टाइमिंगआरआरबी जेई सीबीटी-2 परीक्षा का आयोजन पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित (CBT) होगा और इसे 2 जुलाई को तीन अलग-अलग शिफ्टों में आयोजित किया जा रहा है. उम्मीदवार अपने एडमिट कार्ड पर रिपोर्टिंग टाइम को ध्यान से देख लें. परीक्षा का शेड्यूल इस प्रकार है:शिफ्टपरीक्षा का समयपहली शिफ्ट (First Shift)सुबह 09:00 बजे से 10:30 बजे तकदूसरी शिफ्ट (Second Shift)दोपहर 12:45 बजे से 02:15 बजे तकतीसरी शिफ्ट (Third Shift)शाम 04:30 बजे से 06:00 बजे तकइन महत्वपूर्ण पदों पर भर्ती के लिए हो रही है परीक्षायह मुख्य परीक्षा रेलवे के केंद्रीयकृत रोजगार अधिसूचना (विज्ञापन संख्या CEN 05/2025) के तहत आयोजित की जा रही है. इस भर्ती अभियान के जरिए भारतीय रेलवे में निम्नलिखित पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाना है:जूनियर इंजीनियर (JE)केमिकल सुपरवाइजर (Chemical Supervisor)डिपो मटीरियल सुपरिटेंडेंट (DMS)मेटालर्जिकल असिस्टेंट (Metallurgical Assistant)इस कंप्यूटर आधारित टेस्ट-2 (CBT 2) में क्वालीफाई करने वाले शॉर्टलिस्टेड उम्मीदवारों को ही चयन प्रक्रिया के अगले और अंतिम चरण (दस्तावेज सत्यापन और चिकित्सा परीक्षण) के लिए बुलाया जाएगा.इन 5 आसान स्टेप्स में डाउनलोड करें अपना RRB JE CBT 2 हॉल टिकटउम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस को फॉलो करके अपना एडमिट कार्ड आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं:स्टेप 1: सबसे पहले रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड की आधिकारिक रीजनल वेबसाइट (जैसे rrbkolkata.gov.in, rrbpatna.gov.in आदि) पर जाएं.स्टेप 2: वेबसाइट के होमपेज पर एक्टिव 'CEN 05/2025 Junior Engineer CBT 2 Admit Card' के लिंक पर क्लिक करें.स्टेप 3: अब आपके सामने एक नया लॉगिन पेज खुलेगा, जहां आपको अपना रजिस्ट्रेशन नंबर (Registration Number) और जन्मतिथि (Date of Birth) दर्ज करनी होगी.स्टेप 4: स्क्रीन पर दिख रहा सिक्योरिटी कैप्चा कोड डालें और 'Submit' बटन पर क्लिक करें.स्टेप 5: आपका एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा. इसमें दिए गए सभी विवरण (नाम, फोटो, एग्जाम सेंटर) को अच्छे से चेक करें और भविष्य के लिए इसका एक प्रिंट आउट जरूर निकाल लें.
रोजगार और बेहतर जिंदगी की तलाश में अपना शहर छोड़कर दूसरे शहरों या देशों में बसने वाले लोगों के लिए किराए का मकान ढूंढना और वहां शांति से रहना किसी चुनौती से कम नहीं है. देश-दुनिया में लगातार बढ़ती महंगाई और आसमान छूते किराए ने आम लोगों की कमर तोड़ रखी है. इस बीच, अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को (San Francisco) से एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने किराएदारों के अधिकारों और मकान मालिकों की संवेदनशीलता पर एक नई बहस छेड़ दी है. यहां एक कपल को अपने मकान मालिक को प्रेगनेंसी (गर्भावस्था) की खुशखबरी देना बेहद भारी पड़ गया. आरोप है कि जैसे ही मकान मालिक को पता चला कि उनके घर में एक नया मेहमान आने वाला है, उसने सीधे किराए में $10,000 (करीब 8.3 लाख रुपये) की भारी-भरकम बढ़ोतरी कर दी, ताकि कपल खुद-ब-खुद घर खाली करने पर मजबूर हो जाए. परेशान होकर अब इस पीड़ित कपल ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.खुशखबरी मिलते ही बदल गए मकान मालिक के सुर: $14,000 से सीधे $24,000 हुआ किरायास्थानीय मीडिया आउटलेट 'सैन फ्रांसिस्को स्टैंडर्ड' की रिपोर्ट के अनुसार, ओनी परिवार (Oni Family) सैन फ्रांसिस्को के एविला स्ट्रीट पर स्थित एक शानदार तीन-बेडरूम और तीन-बाथरूम वाले घर में पिछले 10 महीनों से किराए पर रह रहा था. परिवार में 42 वर्षीय सबाह (Sabah), जो एक बायोटेक स्टार्टअप की सीईओ (CEO) हैं, और उनके 36 वर्षीय पति गोक्सल (Goksal) शामिल हैं, जो नौकरी के साथ-साथ फैमिली और मैरिज थेरेपी में मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रहे हैं.सबाह जब दूसरी बार प्रेग्नेंट हुईं, तो उन्होंने अपनी लीज रिन्यू कराने से पहले मकान मालिक जेमी पैटन को मैसेज कर यह खुशखबरी साझा की कि वे अपने दूसरे बच्चे का स्वागत करने की तैयारी कर रहे हैं. शुरुआत में मकान मालिक ने उन्हें बधाई दी और कहा कि उनका फिलहाल सैन फ्रांसिस्को लौटने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन वे इस प्रॉपर्टी को बेचने का मन बना रहे हैं. इसके कुछ ही हफ्तों बाद जब नया रेंट प्रपोजल आया, तो कपल के होश उड़ गए. मकान मालिक ने अगले एक साल के लिए मासिक किराया $14,000 (लगभग 11.6 लाख रुपये) से बढ़ाकर सीधे $24,000 (लगभग 20 लाख रुपये) प्रति महीना कर दिया. बीच का रास्ता निकालते हुए जनवरी तक के लिए $18,000 का अस्थाई विकल्प भी दिया गया, लेकिन इतनी बड़ी रकम अचानक चुकाना कपल के लिए असंभव था.घर खाली कराने की सोची-समझी साजिश: पीड़ित कपल ने कोर्ट में दर्ज कराया केसइस अप्रत्याशित और बेतहाशा रेंट हाइक (Rent Hike) से हैरान-परेशान ओनी परिवार को आखिरकार भारी मानसिक तनाव के बीच वह घर छोड़ना पड़ा. हालांकि, उन्होंने मकान मालिक की इस मनमानी के आगे घुटने टेकने के बजाय कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला किया. ओनी परिवार ने अपने मकान मालिक पैटन परिवार के खिलाफ अदालत में मुकदमा दर्ज कराया है.कपल ने कोर्ट में आरोप लगाया है कि मकान मालिक का असली मकसद सिर्फ किराया बढ़ाना नहीं था, बल्कि वे जानबूझकर इतना ज्यादा किराया मांग रहे थे जिससे थक-हारकर परिवार घर खाली कर दे. ऐसा करने के पीछे मकान मालिक की मंशा यह थी कि घर बिना किसी किराएदार के (Vacant Property) खाली हो जाए, ताकि वे उसे रियल एस्टेट मार्केट में बेहद आसानी से और ऊंची कीमत पर बेच सकें.'रेंट हाइक' बना किराएदारों को निकालने का नया हथियार: वकीलों का बड़ा दावाइस पूरे मामले पर पीड़ित कपल के वकील ने कोर्ट के बाहर मीडिया से बात करते हुए एक चौंकाने वाला ट्रेंड उजागर किया है. उनके वकील के मुताबिक, कानूनी फर्मों के पास अब ऐसे मामलों की बाढ़ आ गई है, जहां मकान मालिक किराएदारों को सीधे निकालने के कानूनी झंझटों और कड़े नियमों से बचने के लिए 'रेंट हाइक' को एक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं.वे किराया इतना ज्यादा बढ़ा देते हैं कि किराएदार के पास घर छोड़ने के अलावा कोई दूसरा रास्ता ही नहीं बचता. सैन फ्रांसिस्को के इस अनोखे और हैरान करने वाले मामले ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी हैं और लोग किराएदारों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों को और सख्त बनाने की मांग कर रहे हैं.
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज से ही साउथ कोरियाई फुटबॉल टीम के अचानक बाहर होने के बाद देश के खेल जगत में जबरदस्त भूचाल आ गया है. टूर्नामेंट में टीम की इस नाकामी के बाद हेड कोच होंग म्युंगबो पर गाज गिरी है और उन्होंने अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है. दिलचस्प बात यह है कि साउथ कोरिया ने अपने अभियान की शुरुआत शानदार अंदाज में की थी और पहले मैच में चेकिया को 2-1 से पटखनी दी थी. लेकिन इसके बाद टीम की किस्मत ने ऐसी करवट बदली कि उसे मेक्सिको और साउथ अफ्रीका के खिलाफ लगातार 1-0 के अंतर से दो दर्दनाक हार का सामना करना पड़ा. इन हार के चलते टीम ग्रुप में तीसरे स्थान पर खिसक गई और सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली 8 टीमों में भी जगह बनाने में नाकाम रहकर वर्ल्ड कप की रेस से पूरी तरह बाहर हो गई.कोच होंग म्युंगबो ने ली नाकामी की पूरी जिम्मेदारी, फैंस से मांगी दिल से माफीइस करारी हार और टूर्नामेंट से जल्दी बाहर होने के बाद 57 वर्षीय हेड कोच होंग म्युंगबो ने एक भावुक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में साउथ कोरिया टीम की असफलता की पूरी जिम्मेदारी अपने सिर ली. देश के करोड़ों फुटबॉल फैंस से माफी मांगते हुए होंग ने कहा, 'मैं उन सभी कोरियाई लोगों से दिल से माफी मांगता हूं, जिन्होंने हमारी नेशनल टीम का हमेशा बिना शर्त समर्थन किया. मैंने इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाने की कोशिश की, लेकिन मैं वो नतीजा नहीं दे सका जिसकी देश को उम्मीद थी. एक हेड कोच के रूप में अंतिम नतीजा ही सबसे मायने रखता है और मैं इसमें असफल रहा, इसी वजह से मैं अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं.'दिग्गज खिलाड़ी से कोच बनने तक का सफर: कैसा रहा होंग का पूरा कार्यकाल?होंग म्युंगबो कोच बनने से पहले साउथ कोरिया के फुटबॉल इतिहास के सबसे दिग्गज और सम्मानित खिलाड़ियों में शुमार रहे हैं. उन्होंने अपने इंटरनेशनल करियर में देश के लिए रिकॉर्ड 136 मैच खेले थे. साल 2009 में उन्होंने अपने कोचिंग करियर की शुरुआत की थी. इससे पहले वह 2013 और 2014 में भी नेशनल टीम के हेड कोच रह चुके हैं. साल 2024 में उन्होंने दूसरी बार साउथ कोरिया की नेशनल टीम की कमान संभाली थी. उनके इस दूसरे कार्यकाल में टीम ने कुल 26 मैच खेले, जिनमें से 15 में टीम को जीत मिली, 6 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा और 5 मैच ड्रॉ रहे. अपने विदाई संदेश में होंग ने कहा कि भले ही वह कोच का पद छोड़ रहे हैं, लेकिन कोरियाई फुटबॉल के प्रति उनका प्यार कभी कम नहीं होगा और वह एक सच्चे समर्थक के रूप में हमेशा टीम के साथ खड़े रहेंगे.राष्ट्रपति ली जे-म्युंग का फूटा गुस्सा: 'काबिलियत की जगह भाई-भतीजावाद से चुनी गई टीम'साउथ कोरिया के वर्ल्ड कप से इतनी जल्दी बाहर होने पर देश के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है. उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर एक बेहद तीखा पोस्ट साझा करते हुए कोच होंग म्युंगबो और टीम मैनेजमेंट को बुरी तरह लताड़ा है. राष्ट्रपति ने टीम सेलेक्शन में पक्षपात और 'भाई-भतीजावाद' को इस शर्मनाक हार की मुख्य वजह बताया है. उन्होंने खेल मंत्रालय की देखरेख में नेशनल टीम के खराब प्रदर्शन और टीम चयन प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है.राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने कड़े शब्दों में कहा, 'मैं इस अप्रत्याशित नतीजे से न सिर्फ हैरान हूं, बल्कि पूरी तरह से चकरा गया हूं. उम्मीद थी कि हमारी टीम इस अपेक्षाकृत आसान ग्रुप से आसानी से आगे बढ़ जाएगी. लेकिन एक बार फिर यह साबित हो गया है कि टीम सेलेक्शन से जुड़े फैसले ही सबसे अहम होते हैं. जब काबिलियत के बजाय 'हम बनाम वे' (पक्षपात) को प्राथमिकता दी जाती है और किसी अयोग्य व्यक्ति को लीडर चुन लिया जाता है, तो नतीजा बिल्कुल ऐसा ही साफ और विनाशकारी होता है.' उन्होंने आगे कहा कि ऐसी गलत नियुक्तियों में सार्वजनिक भलाई के बजाय निजी फायदे को प्राथमिकता दी जाती है, इसलिए ऐसे अधिकारियों की जांच करना और उन्हें जवाबदेह ठहराना बेहद जरूरी है.
धन की तिजोरी पर कंगाली का साया! अलमारी के अंदर भूलकर भी न रखें ये 4 चीजें, रूठ जाएंगी लक्ष्मी
घर की सुख-समृद्धि, खुशहाली और आर्थिक उन्नति का सीधा संबंध वास्तु शास्त्र से होता है. वास्तु विज्ञान के सबसे प्रामाणिक ग्रंथ 'विश्वकर्मा प्रकाश' के अनुसार, हमारे घर में पैसा टिकेगा या पानी की तरह बहेगा, यह काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि हमारी अलमारी और तिजोरी की स्थिति कैसी है. अक्सर लोग इंटरनेट पर यह तो खोज लेते हैं कि अलमारी को किस दिशा में रखना शुभ होता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि अलमारी के अंदर रखा सामान भी हमारी किस्मत बदल या बिगाड़ सकता है.वास्तु शास्त्र के मुताबिक, अलमारी की सही दिशा जितनी महत्वपूर्ण है, उतना ही जरूरी उसके अंदर रखी चीजों का सही होना भी है. अगर आपकी धन रखने वाली अलमारी या लॉकर के भीतर कुछ ऐसी चीजें जमा हैं जो वास्तु के लिहाज से वर्जित हैं, तो यह आपके घर की बरकत को पूरी तरह ब्लॉक कर सकती हैं. आइए जानते हैं कि विश्वकर्मा प्रकाश के नियमों के अनुसार अलमारी से तुरंत किन चीजों को बाहर निकाल देना चाहिए.1. फटे-पुराने या बदबूदार कपड़े: धन के देवता कुबेर हो जाते हैं नाराजहममें से कई लोग अनजाने में अलमारी के निचले खानों या तिजोरी के ठीक पास वाले हिस्से में उन कपड़ों को ठूंस देते हैं जो फटे-पुराने हो चुके हैं या जिनसे सीलन की बदबू आती है. 'विश्वकर्मा प्रकाश' ग्रंथ में इस आदत को सबसे बड़ा वास्तु दोष माना गया है. अलमारी या लॉकर के पास फटे-पुराने और गंदे कपड़े रखने से धन के देवता कुबेर और माता लक्ष्मी अत्यंत क्रोधित हो जाती हैं. इसके अलावा, कुछ लोग पहने हुए या बिना धुले कपड़े भी अलमारी में वापस रख देते हैं, जिससे वहां नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) का वास होने लगता है. यह छोटी सी लापरवाही हंसते-खेलते परिवार को भारी कंगाली और पैसों की तंगी की तरफ धकेल सकती है.2. कोर्ट-कचहरी के कागज और पुरानी रद्दी: बढ़ता है कर्ज का बोझजिस स्थान पर आप अपनी गाढ़ी कमाई के नोट और सोने-चांदी के जेवर रखते हैं, वहां कभी भी फालतू की रद्दी या रसीदें जमा न होने दें. आमतौर पर लोग पुराने मेडिकल बिल, बिजली के बिल, कोर्ट-कचहरी के मुकदमों के दस्तावेज या बंद हो चुके बैंक खातों की पासबुक भी तिजोरी वाले लॉकर में ही भरकर रख देते हैं.वास्तु नियमों के अनुसार, तिजोरी के अंदर केवल साफ-सुथरे, पवित्र और अत्यंत आवश्यक कीमती दस्तावेज (जैसे रजिस्ट्री या सोने के बिल) ही रखने चाहिए. बेकार और विवादित कागजातों को धन के स्थान पर रखने से घर में कर्ज की स्थिति पैदा होने लगती है और आपके बनते हुए काम भी ऐन वक्त पर बिगड़ने लगते हैं.3. टूटा हुआ शीशा या प्लास्टिक के डिब्बे: दरिद्रता को सीधा न्यौतावास्तु शास्त्र के मूलभूत सिद्धांतों के अनुसार, अलमारी के अंदर का वातावरण हमेशा स्वच्छ और सकारात्मक होना चाहिए. यदि आपकी अलमारी के अंदर कोई टूटा हुआ छोटा आईना, प्लास्टिक का चटका हुआ डिब्बा या बंद पड़ी घड़ियां रखी हैं, तो इन्हें आज ही बाहर का रास्ता दिखाएं. कई लोग तिजोरी के कोने में पुरानी टूटी-फूटी चाबियां या चलन से बाहर हो चुके खोटे सिक्के भी संभालकर रख देते हैं. ये तमाम चीजें सीधे तौर पर दरिद्रता और दुर्भाग्य को आमंत्रित करती हैं.4. नुकीली चीजें: रुक जाता है धन का प्रवाह और बढ़ती है कलहअलमारी के उस खास लॉकर या दराज में, जहां नगदी और गहने रखे जाते हैं, वहां भूलकर भी कोई नुकीली या धारदार चीज जैसे कैंची, नेल कटर, सुरक्षा पिन (सेफ्टी पिन) या छोटा चाकू न रखें. वास्तु के अनुसार, नुकीली वस्तुएं धन के प्रवाह (Cash Flow) को काट देती हैं. इसके प्रभाव से परिवार के सदस्यों के बीच हर समय फिजूलखर्ची और पैसों के नुकसान को लेकर बहस और गृह क्लेश होने लगता है.तिजोरी को हमेशा पैसों से भरा रखने के लिए अपनाएं ये आसान उपायअगर आप चाहते हैं कि आपके घर में हमेशा बरकत बनी रहे, तो अलमारी के अंदर कपड़ों की ढेरी को हमेशा सलीके से तह करके व्यवस्थित रखें. वहां कभी भी कबाड़ जैसा माहौल न बनने दें. विश्वकर्मा प्रकाश में सलाह दी गई है कि धन रखने वाले स्थान पर कपूर की गोलियां, लौंग या हल्की खुशबू वाली चीजें अवश्य रखनी चाहिए. इससे वहां हमेशा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता रहता है और धन का आगमन बढ़ता है.
सनातन धर्म में किसी भी पूजा-पाठ, यज्ञ या मांगलिक कार्य का पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है, जब उसे पूरी विधि-विधान और सही नियमों के साथ संपन्न किया जाए. हिंदू संस्कृति में वैवाहिक जीवन को आध्यात्मिक यात्रा माना गया है, यही वजह है कि गृहस्थ जीवन में पति-पत्नी को एक-दूसरे का पूरक माना जाता है. अक्सर लोग इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान पत्नी को पति के दाईं (Right) तरफ बैठना चाहिए या बाईं (Left) तरफ. शास्त्रों में इस विषय पर बहुत ही स्पष्ट और विस्तार से नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करने से ही पूजा सफल मानी जाती है. आइए जानते हैं कि किस कार्य में पत्नी का स्थान कहां होना चाहिए.कब दाईं ओर बैठना है जरूरी? यज्ञ, हवन और संकल्प के नियमवैसे तो शास्त्रों में पत्नी को 'वामांगी' कहा गया है, जिसका अर्थ होता है बाईं ओर रहने वाली. लेकिन जब बात शुभ कार्यों, यज्ञ और अनुष्ठानों की आती है, तो नियम बदल जाते हैं. शास्त्रों के अनुसार, जब भी कोई विवाहित पुरुष कोई धार्मिक अनुष्ठान या देव-कार्य करता है, तो उसकी पत्नी को उसके दाईं ओर बैठना अनिवार्य और शुभ माना गया है.यदि घर में सत्यनारायण भगवान की कथा हो रही हो, कोई यज्ञ, हवन या विशेष पूजन चल रहा हो, तो पत्नी हमेशा पति के दाहिने हिस्से में ही बैठेगी. इसके अलावा निम्नलिखित परिस्थितियों में भी पत्नी का दाईं ओर बैठना शास्त्रों सम्मत है:कन्यादान: विवाह के समय बेटी का कन्यादान करते हुए और पवित्र संकल्प लेते समय.संस्कार और व्रत: संतान के नामकरण संस्कार के दौरान या किसी भी धार्मिक व्रत का उद्यापन करते समय.पितृ कार्य: श्राद्ध, तर्पण और पितरों से जुड़े अनुष्ठानों में.दान और तीर्थ: किसी को दान देते समय, तीर्थ स्नान करते हुए या किसी विशेष पर्व-त्योहार पर पूजा करते समय.कब बाईं ओर होना चाहिए पत्नी का स्थान?शास्त्रों के नियमों के मुताबिक, कुछ विशेष और सांसारिक परिस्थितियों में पत्नी को पति के बाईं (Left) ओर रहने का विधान है. प्रेम, भौतिक सुख और पारिवारिक दायित्वों से जुड़े मामलों में पत्नी का स्थान बाईं तरफ होता है. इन प्रमुख अवसरों पर पत्नी को बाईं ओर होना चाहिए:सिंदूरदान: विवाह के समय सिंदूरदान की रस्म के दौरान.आशीर्वाद लेते समय: पूजा के बाद जब ब्राह्मणों या घर के बड़े-बुजुर्गों से आशीर्वाद लिया जा रहा हो.चरण वंदन: बड़ों के पैर धोते समय या उनका सम्मान करते समय.शयन काल: सोते समय पत्नी को हमेशा पति के बाईं ओर ही लेटना चाहिए.इन प्राचीन और सांस्कृतिक नियमों का पालन करने से न केवल पूजा-पाठ का पूरा पुण्य मिलता है, बल्कि वैवाहिक जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी सामंजस्य भी बढ़ता है.
Kavya Maran and Anirudh Ravichander Wedding Rumors : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मैचों के दौरान सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) को स्टैंड्स से अपनी दिलकश मुस्कान और अनोखे रिएक्शन्स से चीयर करने वाली 'नेशनल क्रश' काव्या मारन एक बार फिर देश भर में जबरदस्त चर्चा का विषय बन गई हैं. इस बार सोशल मीडिया पर उनके किसी रिएक्शन या क्रिकेट स्ट्रैटेजी की नहीं, बल्कि उनकी पर्सनल लाइफ और शादी को लेकर बड़ी खबर वायरल हो रही है. मीडिया गलियारों में दावा किया जा रहा है कि देश के सबसे पॉपुलर और हिट म्यूजिक कंपोजर अनिरुद्ध रविचंदर के साथ काव्या मारन की शादी की बात काफी आगे बढ़ चुकी है. इस चर्चा को तब और ज्यादा हवा मिल गई, जब अनिरुद्ध के अंकल और साउथ सिनेमा के दिग्गज अभिनेता वाई. जी. महेंद्र ने एक इंटरव्यू में इस हाई-प्रोफाइल शादी की बात पर अपनी मुहर लगा दी. हालांकि, इस पूरे मामले पर काव्या मारन की टीम ने इन खबरों को सिर्फ एक अफवाह बताते हुए इसे खारिज किया है.अनिरुद्ध के अंकल ने इंटरव्यू में क्या कहा? जानिए शादी की इनसाइड स्टोरीम्यूजिक डायरेक्टर अनिरुद्ध रविचंदर और काव्या मारन के अफेयर और शादी की अफवाहें सोशल मीडिया पर काफी समय से तैर रही थीं, लेकिन हाल ही में अनिरुद्ध के करीबी रिश्तेदार और अभिनेता वाई. जी. महेंद्र के एक बयान ने इसे पूरी तरह से लाइमलाइट में ला दिया. उन्होंने अपने इंटरव्यू में अनिरुद्ध की तारीफ करते हुए कहा कि वह बेहद शांत और सुलझे हुए लड़के हैं. शादी की खबरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि जहां तक उन्हें जानकारी मिली है, यह शादी बिल्कुल पक्की बात है. उन्होंने काव्या मारन की तारीफ में कहा कि वह कोई साधारण लड़की नहीं हैं, बल्कि उनके भीतर अपने पिता के बिजनेस जींस हैं और वह इतनी बड़ी क्रिकेट टीम (SRH) को बखूबी संभाल रही हैं. दोनों की जोड़ी बेहद शानदार है और उन्हें साथ में मिलकर म्यूजिक बिजनेस में आगे बढ़ना चाहिए. हालांकि, काव्या मारन की टीम और खुद अनिरुद्ध ने पहले भी इन चर्चाओं को केवल अफवाह करार दिया है.500 करोड़ की पर्सनल नेटवर्थ: बिजनेस की दुनिया का एक बड़ा और सफल चेहराअगर बात देश की सबसे अमीर बिजनेस विमेन में शुमार काव्या मारन की करें, तो वह महज एक क्रिकेट टीम की ओनर नहीं हैं, बल्कि खुद सैकड़ों करोड़ की मालकिन हैं. कॉर्पोरेट जगत और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, काव्या मारन की व्यक्तिगत कुल संपत्ति (Personal Net Worth) लगभग 400 से 500 करोड़ रुपये के बीच आंकी गई है. उनकी इस बंपर कमाई का जरिया सिर्फ पारिवारिक बिजनेस नहीं है, बल्कि सन टीवी नेटवर्क लिमिटेड में बतौर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मिलने वाली भारी-भरकम सैलरी, अलग-अलग कॉर्पोरेट कंपनियों से मिलने वाला डिविडेंड और लग्जरी रियल एस्टेट प्रॉपर्टी होल्डिंग्स हैं. इसके साथ ही काव्या मारन की अपने फैमिली ट्रस्ट के जरिए सनराइजर्स हैदराबाद की फ्रेंचाइजी में एक मजबूत पर्सनल हिस्सेदारी भी है.खूबसूरती में बॉलीवुड हसीनाओं को मात: सोशल मीडिया पर है गजब की फैन फॉलोइंगकाव्या मारन की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आईपीएल मैच के दौरान जैसे ही कैमरा उनकी तरफ मुड़ता है, सोशल मीडिया पर उनका नाम ट्रेंड करने लगता है. बेहद खूबसूरत और सादगी पसंद काव्या की फैन फॉलोइंग किसी बड़े फिल्म स्टार से कम नहीं है. पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो काव्या मारन देश के दिग्गज बिजनेसमैन और सन ग्रुप के मालिक कलानिधि मारन की इकलौती बेटी हैं. इसके अलावा, वह देश के पूर्व केंद्रीय मंत्री दयानिधि मारन की भतीजी भी हैं. राजनीति और बड़े कॉर्पोरेट घराने से ताल्लुक रखने के बावजूद काव्या हमेशा जमीन से जुड़ी रहती हैं, जो उनके फैंस को सबसे ज्यादा पसंद आता है.एमबीए की पढ़ाई और सन टीवी में इंटर्नशिप: कैसे बनीं SRH की पावरफुल CEO?काव्या मारन को बिजनेस भले ही विरासत में मिला हो, लेकिन सनराइजर्स हैदराबाद की कमान संभालने के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और बेहतरीन एजुकेशन है. 33 साल की काव्या ने अपनी एमबीए (MBA) की पढ़ाई पूरी करने के बाद सीधे पिता के साम्राज्य में कोई बड़ा पद नहीं लिया. उन्होंने बिजनेस की बारीकियों और ग्राउंड रियलिटी को समझने के लिए सन टीवी नेटवर्क में बाकायदा एक इंटर्न की तरह काम किया और काफी अनुभव हासिल किया. मौजूदा समय में वह सन ग्रुप के मशहूर ओटीटी प्लेटफॉर्म 'सन नेक्स्ट' (Sun NXT) और सन म्यूजिक के ऑपरेशन्स को पूरी तरह संभाल रही हैं.ग्लोबल लेवल पर चमकाया सनराइजर्स का नाम: 1,300 करोड़ से ज्यादा है टीम की वैल्यूकाव्या मारन की लीडरशिप में सनराइजर्स हैदराबाद ने सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि ग्लोबल स्तर पर क्रिकेट जगत में अपनी मजबूत धाक जमाई है. उनके सीईओ बनने के बाद से फ्रेंचाइजी की ब्रांड वैल्यू में जबरदस्त उछाल आया है, जो अब बढ़कर लगभग 1,290 से 1,330 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है. काव्या की दूरदर्शी सोच का ही नतीजा है कि उन्होंने 'सनराइजर्स' ब्रैंड का विस्तार विदेशों में भी किया, जिसके तहत साउथ अफ्रीका की टी20 लीग (SA20) में 'सनराइजर्स ईस्टर्न केप' और इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख टूर्नामेंट 'द हंड्रेड' में 'नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स' टीम को खरीदकर इंटरनेशनल स्पोर्ट्स मार्केट में अपना परचम लहराया है.
जेब पर सीधा असर: 1 जुलाई से बदल रहे हैं ये 6 बड़े नियम, लापरवाही की तो लगेगा तगड़ा झटका!
नए महीने की शुरुआत के साथ ही आम लोगों के पर्सनल फाइनेंस और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई नियमों में बड़ा फेरबदल होने जा रहा है. 1 जुलाई 2026 से टैक्स फाइलिंग, आइडेंटिटी कार्ड्स, क्रेडिट कार्ड बेनिफिट्स और बैंकिंग सिक्योरिटी से जुड़े 6 महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो रहे हैं. इन नए नियमों का सीधा असर आपकी जेब और बैंक अकाउंट पर पड़ेगा. अगर आप समय रहते सतर्क नहीं हुए, तो आपको वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ सकता है. आइए एक्सपर्ट रिपोर्टर की नजर से जानते हैं कि अगले महीने से क्या-क्या बदलने जा रहा है और आपको किन बातों का विशेष ध्यान रखना है.ITR फाइलिंग की उल्टी गिनती शुरू: 31 जुलाई के बाद लगेगा भारी जुर्मानाटैक्सपेयर्स के लिए सबसे बड़ी खबर यह है कि वित्त वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए ITR-1 और ITR-2 दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई है. अगर आप इस अंतिम तिथि से चूक जाते हैं, तो न सिर्फ आपको ₹5,000 तक का भारी जुर्माना (लेट फीस) देना होगा, बल्कि आप अपनी पसंद का टैक्स रिजीम (Tax Regime) चुनने का मौका भी गंवा सकते हैं. इसके साथ ही, देरी से रिटर्न भरने पर चालू वर्ष के बिजनेस या कैपिटल लॉस (वित्तीय नुकसान) को अगले वर्षों के लिए कैरी फॉरवर्ड करने की सुविधा भी छिन जाएगी. इसलिए आखिरी दिनों की तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए तुरंत अपना आईटीआर फाइल करें.आधार कार्ड यूजर्स के लिए खुशखबरी: ईमेल आईडी अपडेट कराना हुआ बिल्कुल मुफ्तभारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आम नागरिकों को एक बड़ी राहत दी है. 1 जुलाई से लेकर 31 दिसंबर 2026 तक यानी पूरे छह महीनों के लिए आधार मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए अपनी रजिस्टर्ड ईमेल आईडी को अपडेट कराना पूरी तरह निशुल्क (फ्री) कर दिया गया है. इससे पहले इस जरूरी डिजिटल सेवा का लाभ उठाने के लिए यूजर्स को ₹75 का शुल्क देना पड़ता था. ऑनलाइन सुरक्षा और फ्रॉड से बचने के लिए अपने आधार में चालू ईमेल आईडी लिंक रखना बेहद जरूरी है, ऐसे में इस सीमित समय के ऑफर का फायदा उठाकर आप बिना कोई पैसा खर्च किए अपना डेटा अपडेट कर सकते हैं.क्रेडिट कार्ड पर लगाम: SBI और HDFC बैंक ने बदले रिवॉर्ड्स और लाउंज एक्सेस के नियमक्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले शौकीनों के लिए झटका देने वाली खबर है. 1 जुलाई 2026 से PhonePe SBI क्रेडिट कार्ड पर्पल और PhonePe SBI क्रेडिट कार्ड सेलेक्ट ब्लैक के रिवॉर्ड पॉइंट सिस्टम में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. अब इन कार्ड्स पर मिलने वाले मंथली रिवॉर्ड पॉइंट्स की एक अधिकतम सीमा (कैपिंग) तय कर दी गई है, साथ ही इंश्योरेंस और कुछ अन्य ट्रांजैक्शंस पर मिलने वाले पॉइंट्स को बंद या सीमित कर दिया गया है.दूसरी तरफ, HDFC बैंक ने भी अपने चुनिंदा प्रीमियम क्रेडिट कार्ड्स जैसे रेगुलीया गोल्ड पर मिलने वाले मुफ्त घरेलू एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस के नियमों को और सख्त कर दिया है. अब ग्राहकों को किसी तिमाही में फ्री लाउंज का फायदा तभी मिलेगा, जब उन्होंने उसकी ठीक पिछली तिमाही में न्यूनतम ₹60,000 का खर्च किया हो. यानी जुलाई-सितंबर तिमाही में एयरपोर्ट लाउंज का आनंद लेने के लिए अप्रैल-जून के दौरान ₹60k की स्पेंडिंग लिमिट पूरी होना अनिवार्य है.अंतरराष्ट्रीय यात्रा होगी महंगी: 14 साल बाद बढ़ने जा रही है पासपोर्ट की फीसअगर आप विदेश घूमने या पढ़ाई के लिए नया पासपोर्ट बनवाने की सोच रहे हैं, तो आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है. विदेश मंत्रालय ने लगभग 14 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद पासपोर्ट (संशोधन) नियम 2026 के तहत सामान्य (Normal) और तत्काल (Tatkaal) दोनों श्रेणियों की फीस में भारी बढ़ोतरी का फैसला किया है. 1 जुलाई से देश और विदेश दोनों जगह नए संशोधित रेट्स लागू हो जाएंगे. इसके तहत साधारण 36 पेज के नए पासपोर्ट की फीस ₹1,500 से बढ़कर ₹2,500 होने जा रही है, जबकि तत्काल सेवा के लिए अब ₹3,500 की जगह ₹5,000 चुकाने होंगे.बैंकिंग सेक्टर में बड़ा सुधार: मिस-सेलिंग पर बैंकों को देना होगा पूरा रिफंड और मुआवजाबैंक ग्राहकों को वित्तीय धोखाधड़ी और धोखेबाजी से बचाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) 1 जुलाई 2026 से एक बेहद कड़ा और नया एंटी-मिस-सेलिंग फ्रेमवर्क लागू करने जा रहा है. अक्सर देखा जाता है कि बैंक कर्मचारी अपने टारगेट पूरे करने के लिए ग्राहकों को गलत या अधूरी जानकारी देकर बीमा पॉलिसी या अन्य इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स बेच देते हैं. नए नियमों के अनुसार, यदि किसी ग्राहक के साथ ऐसी 'मिस-सेलिंग' साबित होती है, तो संबंधित बैंक को न केवल ग्राहक की पूरी मूल राशि वापस (Full Refund) करनी होगी, बल्कि इस दौरान ग्राहक को हुए किसी भी प्रकार के वित्तीय नुकसान की पूरी भरपाई (मुआवजा) भी करनी होगी. इसके अलावा, बैंक अब सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे के तय दायरे के बाहर कोई भी प्रमोशनल या सेल्स कॉल नहीं कर सकेंगे.
जयपुर के अरावली पैलेस में दीवार गिरी, 3 की मौत, ठेकेदार पर FIR दर्ज
Jaipur Aravali Palace Wall Collapse: जयपुर ग्रामीण के आमेर थाना क्षेत्र स्थित 'अरावली पैलेस' (तालामोड़) रिसॉर्ट में हुए दर्दनाक हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ गई है। मलबे को हटाने के लिए रात-दिन जारी युद्धस्तर के रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बचाव दल ...
हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत और वादियों से घिरी कांगड़ा घाटी में एक ऐसा ऐतिहासिक चमत्कार छिपा है, जिसे देखकर आधुनिक इंजीनियर भी दांतों तले उंगलियां दबा लेते हैं. हम बात कर रहे हैं 'मसरूर रॉक कट मंदिर' की, जिसे उत्तर भारत का 'एलोरा' भी कहा जाता है. आम तौर पर दुनिया भर के मंदिर ईंट, सीमेंट और पत्थरों को आपस में जोड़कर ऊंचे खड़े किए जाते हैं, लेकिन मसरूर मंदिर के निर्माण की कहानी बिल्कुल जुदा और हैरान करने वाली है.यह उत्तर भारत का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जिसमें कहीं भी कोई जोड़ नहीं है. एक बहुत विशाल बलुआ पत्थर (सैंडस्टोन) की पूरी पहाड़ी को ऊपर से नीचे की तरफ तराशते हुए इस भव्य मंदिर का आकार दिया गया है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के दस्तावेजों और मशहूर इतिहासकार एच. शटलवर्थ के शोध में भी इस प्राचीन कलाकृति को भारतीय वास्तुकला का सबसे बेजोड़ और दुर्लभ नमूना माना गया है.इतिहास और लोककथाओं का अनोखा संगम: राजा जशपाल या पांडवों का अज्ञातवास?इस मंदिर के इतिहास को लेकर दो बेहद दिलचस्प कहानियां प्रचलित हैं. जहां एक तरफ इतिहासकारों का एक बड़ा वर्ग यह मानता है कि इस अद्भुत परिसर का निर्माण 8वीं शताब्दी में राजा जशपाल के शासनकाल के दौरान हुआ था, वहीं दूसरी तरफ कांगड़ा के स्थानीय समाज में सदियों से एक अलग ही मान्यता चली आ रही है. स्थानीय लोककथाओं के अनुसार, द्वापर युग में जब पांडव अपना अज्ञातवास काट रहे थे, तब उन्होंने इस बेहद दुर्गम और शांत जगह पर इस मंदिर का निर्माण शुरू किया था.कहा जाता है कि समय की कमी के कारण पांडव इस पूरे मंदिर परिसर का निर्माण कार्य पूरा नहीं कर सके. आज भी यदि आप मसरूर मंदिर के दर्शन करने जाएंगे, तो आपको कई हिस्सों में अधूरी नक्काशी और अधूरा काम साफ तौर पर देखने को मिल जाएगा, जो इस ऐतिहासिक स्थल के रहस्य को और ज्यादा गहरा कर देता है.15 मंदिरों का जादुई समूह और अजंता-एलोरा जैसी बेजोड़ नक्काशीअगर बात इस मंदिर की बनावट और वास्तुकला की करें, तो पूरा परिसर किसी प्राचीन नगरी जैसा प्रतीत होता है. इस रॉक-कट परिसर में छोटे-बड़े कुल 15 मंदिरों का एक समूह है, जिसके केंद्र में मुख्य और सबसे बड़ा मंदिर स्थित है. इस मुख्य गर्भगृह के भीतर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम, लक्ष्मण और माता सीता की अत्यंत सुंदर और प्राचीन मूर्तियां विराजमान हैं.इतिहास के पन्नों को खंगालने पर पता चलता है कि मसरूर मंदिर के खंभों और दीवारों पर की गई महीन नक्काशी काफी हद तक महाराष्ट्र की विश्वप्रसिद्ध अजंता और एलोरा की गुफाओं से मेल खाती है. पहाड़ों और जंगलों के बीच सदियों तक छिपे रहने के बावजूद, देश-विदेश से आने वाले इतिहासकार और कला प्रेमी इसे भारत की सबसे अनमोल सांस्कृतिक धरोहरों में से एक मानते हैं.मसरूर झील का जादू: पानी में तैरता पत्थरों का इतिहासमसरूर रॉक कट मंदिर की खूबसूरती को जो चीज सबसे ज्यादा जादुई और जीवंत बनाती है, वह है इसके ठीक सामने स्थित एक विशाल और ऐतिहासिक तालाब, जिसे स्थानीय लोग मसरूर झील के नाम से पुकारते हैं. दिन के समय जब आसमान साफ होता है और सूरज की तेज किरणें इन प्राचीन नक्काशीदार पत्थरों पर पड़ती हैं, तो इस पूरे विशालकाय मंदिर की एक अद्भुत परछाई सामने वाले शांत पानी में तैरती हुई दिखाई देती है.झील के पवित्र और निश्चल पानी के भीतर मंदिर के ऊंचे शिखरों के इस उल्टे प्रतिबिंब को देखना सैलानियों के लिए किसी दैवीय और जादुई अहसास से कम नहीं होता. देश-दुनिया से आने वाले पर्यटक यहां घंटों बैठकर इस अलौकिक और सुकून देने वाले नजारे को अपनी यादों में समेटते हैं.1905 का भयंकर कांगड़ा भूकंप भी नहीं हिला पाया जिसकी नींवसाल 1905 में हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा क्षेत्र में एक विनाशकारी और भीषण भूकंप आया था, जिसने पूरे इलाके में भारी तबाही मचाई थी. इस प्राकृतिक आपदा ने मसरूर की इस ऐतिहासिक धरोहर को भी थोड़ा-बहुत नुकसान पहुंचाया था, जिसके निशान आज भी देखे जा सकते हैं. लेकिन चमत्कार की बात यह रही कि मंदिर का मुख्य गर्भगृह और इसका केंद्रीय हिस्सा इस भीषण झटके के बाद भी पूरी तरह सुरक्षित बच गया.आज सदियों बाद भी यह जादुई रॉक-कट मंदिर अपनी पूरी मजबूती और भव्यता के साथ सीना ताने शान से खड़ा है. यदि आप भी देवभूमि हिमाचल प्रदेश की यात्रा का मन बना रहे हैं, तो कांगड़ा के इस प्राचीन और रहस्यमयी अजूबे को अपनी लिस्ट में शामिल करना बिल्कुल न भूलें. पत्थरों को काटकर लिखा गया यह इतिहास हमें याद दिलाता है कि हमारे पूर्वजों के पास विज्ञान, सोच और कला का कितना अद्भुत भंडार था.

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