सोशल मीडिया पर DSP अंजू यादव का विवादित कमेंट बना आफत
राजस्थान के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में इस वक्त एक महिला पुलिस अधिकारी के कड़े तेवर और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने पर बहुत बड़ी गाज गिरी है। अजमेर जिले के किशनगढ़ में ट्रैफिक वृत्ताधिकारी (DSP) के पद पर तैनात रहीं महिला अफसर अंजू यादव को राज्य सरकार ने तुरंत प्रभाव से पदस्थापित आदेशों की प्रतीक्षा (APO - Awaiting Posting Orders) में रखते हुए पुलिस मुख्यालय जयपुर में उपस्थिति दर्ज कराने के आदेश जारी कर दिए हैं। डीएसपी अंजू यादव का सबसे पहले एक वकील के साथ तीखी बहस के दौरान थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद वकीलों में आक्रोश फैल गया। इस विवाद के बीच जलती आग में घी डालने का काम डीएसपी अंजू यादव के सोशल मीडिया पर किए गए एक अत्यंत आपत्तिजनक कमेंट ने किया, जिसके बाद राजस्थान भर के वकीलों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और सरकार को विवश होकर उनके खिलाफ यह कड़ा प्रशासनिक एक्शन लेना पड़ा।वकील को थप्पड़ मारने से शुरू हुआ विवाद और सोशल मीडिया कमेंट से भड़का वकीलों का गुस्सायह पूरा हाई-प्रोफाइल विवाद अजमेर के किशनगढ़ इलाके से शुरू हुआ, जहां ट्रैफिक पुलिस अधिकारी के रूप में तैनात डीएसपी अंजू यादव की एक स्थानीय वकील के साथ वाहन चेकिंग और ट्रैफिक नियमों को लेकर कहासुनी हो गई। चश्मदीदों और सामने आए वीडियो के अनुसार, बहस इतनी ज्यादा बढ़ गई कि महिला अधिकारी ने अपना आपा खो दिया और वकील को थप्पड़ जड़ दिया। इस घटना के बाद अजमेर और किशनगढ़ बार एसोसिएशन के वकीलों ने काम ठप कर दिया और डीएसपी के निलंबन व आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। अभी वकील इस घटना का विरोध कर ही रहे थे कि सोशल मीडिया पर डीएसपी अंजू यादव के नाम से एक विवादित और आपत्तिजनक कमेंट वायरल हो गया, जिसमें वकीलों के खिलाफ कथित तौर पर अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। इस कमेंट ने पहले से चले आ रहे विवाद को और भी हवा दे दी, जिससे पूरे प्रदेश के वकीलों में भारी आक्रोश फैल गया।पूरे राजस्थान में वकीलों का कार्य बहिष्कार और सरकार का कड़ा फैसला: डीएसपी अंजू यादव APOडीएसपी अंजू यादव की इस हरकत और आपत्तिजनक पोस्ट के विरोध में जयपुर, अजमेर, जोधपुर और उदयपुर समेत राजस्थान के तमाम बड़े शहरों की अदालतों में वकीलों ने न्यायिक कार्य का पूर्ण बहिष्कार (Pen Down Strike) कर दिया। वकीलों के संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और पुलिस प्रशासन ने महिला अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की, तो राज्यभर की अदालतों में तालेबंदी की जाएगी और आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। मामले की संवेदनशीलता और अदालती काम-काज प्रभावित होने के खतरे को देखते हुए राजस्थान के गृह विभाग और पुलिस महानिदेशक (DGP) ने देर रात कड़ा फैसला लेते हुए डीएसपी अंजू यादव को तुरंत प्रभाव से एपीओ (APO) कर दिया। उनका मुख्यालय अजमेर से बदलकर पुलिस महानिदेशक कार्यालय (PHQ) जयपुर तय किया गया है, जिसका मतलब है कि उन्हें किशनगढ़ ट्रैफिक वृत्ताधिकारी के पद से हटा दिया गया है।विवादों से रहा है पुराना नाता, प्रशासनिक सेवाओं में आचार संहिता पर उठे गंभीर सवालयह पहला मौका नहीं है जब डीएसपी अंजू यादव अपनी तीखी कार्यशैली या बयानों को लेकर विवादों में आई हों। इससे पहले भी उनके रवैये को लेकर स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों द्वारा शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। इस ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जनसेवा और कानून-व्यवस्था संभालने वाले जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारियों के लिए संयम और मर्यादित भाषा कितनी आवश्यक है। कानूनी जानकारों और पूर्व पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सिविल सर्विसेज कंडक्ट रूल्स (आचार संहिता) के तहत किसी भी पुलिस अधिकारी को सार्वजनिक मंचों या सोशल मीडिया पर इस तरह के आपत्तिजनक विचार व्यक्त करने की सख्त मनाही है। यदि कोई अधिकारी इस मर्यादा का उल्लंघन करता है, तो उससे विभाग की छवि खराब होती है।
झारखंड में मानसून की विदाई के बाद बदला मौसम का मिजाज
झारखंड से दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूरी तरह से विदाई हो चुकी है, लेकिन राज्य के मौसमी मिजाज में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मौसम केंद्र रांची द्वारा जारी किए गए ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, मानसून जाने के बाद अब राज्य में सुबह और देर रात गुलाबी ठंड का अहसास शुरू हो गया है, जबकि दोपहर के समय धूप खिलने से तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। आज राज्य की राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 28C से 29C रहने की संभावना है, वहीं राज्य की औद्योगिक राजधानी जमशेदपुर में पारा 32C से 34C के बीच पहुंचेगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले 3-4 दिनों के दौरान पूरे प्रदेश में आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा और बारिश की संभावना नाममात्र की है।रांची, जमशेदपुर और धनबाद समेत प्रमुख शहरों के तापमान का हालमौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के अलग-अलग हिस्सों में तापमान का अंतर साफ तौर पर देखा जा सकता है। रांची और आसपास के पठारी इलाकों में सुबह-शाम की हवाओं में हल्की कनकनी महसूस की जा रही है। राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान गिरकर 20C तक पहुंच गया है, जिससे रात के समय सिहरन बढ़ गई है। इसके विपरीत, कोल्हान प्रमंडल के जमशेदपुर, चाइबासा और सरायकेला क्षेत्र में दिन का पारा 34C के आसपास रहने के कारण हल्की गर्माहट और उमस बनी हुई है। संताल परगना के दुमका, देवघर और धनबाद जिले में भी अधिकतम तापमान 31C से 33C के बीच रहने का अनुमान जताया गया है। मौसम में इस बदलाव के कारण स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों और बुजुर्गों को बदलते मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।मानसून की विदाई के साथ अब राज्य में कड़ाके की ठंड की उल्टी गिनती शुरूभारतीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस साल झारखंड में मानसून का प्रदर्शन सामान्य रहा है और अब उत्तर-पूर्वी हवाओं का प्रवाह धीरे-धीरे सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी में भारी कमी आई है और शुष्क हवाएं चलने लगी हैं। मौसम विभाग का मानना है कि अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से राज्य भर में न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट आएगी, जिससे रात और अलसुबह के समय कोहरे (Fog) की परत दिखने लगेगी। धनतेरस और दीपावली के त्योहारों तक झारखंड में ठंड का असर पूरी तरह से महसूस होने लगेगा।किसानों और आम जनता के लिए IMD की सलाहमौसम पूरी तरह शुष्क और साफ रहने के कारण मौसम विभाग ने राज्य के किसानों को धान की फसल की कटाई और रबी फसलों (जैसे सरसों, चना और गेहूं) की बुवाई के लिए यह समय उपयुक्त बताया है। खुले खेतों में काम करने वाले किसानों को अब बारिश की वजह से फसल खराब होने का कोई बड़ा खतरा नहीं है। हालांकि, अचानक दिन और रात के तापमान में आ रहे 10 से 12 डिग्री के अंतर की वजह से वायरल बुखार, सर्दी और जुकाम के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसके लिए डॉक्टरों ने रात के समय हल्के गर्म कपड़े इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
जिसके हाथ में भी मोबाइल वो पत्रकार बना घूम रहा, सुप्रीम कोर्ट में रीलबाजों पर जमकर हुई बहस
3 अक्टूबर के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान महिला पत्रकारों पर हुए कथित हमले का मामला सुप्रीम कोर्ट में उठाया गया। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने वकील इंदिरा जयसिंह से कहा कि टेक्नोलॉजी के इस दौर में, जिसके पास भी मोबाइल है, वह पत्रकार हो सकता है। मेहता ने कहा कि कई लोग अपने साथ माइक्रोफोन रखते हैं और दावा करते हैं कि वे रिकॉर्डिंग कर रहे हैं, लेकिन बाद में वे वीडियो को 'रील्स' के रूप में अपलोड कर देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि एक रील बनाने वाले और एक स्वतंत्र पत्रकार के बीच फर्क करना मुश्किल है। इसे भी पढ़ें: गिरफ्तारी से सुरक्षा की याचिका पर तुरंत सुनवाई से इनकार, Delhi High Court कल सुनेगा केस जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक नोटिस जारी किया है। यह नोटिस दिल्ली पुलिस के उस फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर दिया गया है, जिसके तहत जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगहों की सूची से हटा दिया गया था। कोर्ट ने सरकार से यह भी पूछा है कि जंतर-मंतर को इस सूची से हटाने का फैसला क्या कोर्ट की मौखिक टिप्पणियों के आधार पर लिया गया था, या फिर सार्वजनिक विरोध-प्रदर्शन स्थल के रूप में इस जगह की उपयोगिता के स्वतंत्र मूल्यांकन के आधार पर? इसे भी पढ़ें: Delhi Police के फैसले पर Supreme Court का सवाल, पूछा- Jantar Mantar को क्यों 'डीनोटिफाई' किया? सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि यह फैसला सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों पर आधारित नहीं था। उन्होंने कहा कि पहले गठित एक समिति ने इस मामले की जांच की थी और एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से महिला पत्रकार को गिरफ्तार न करने को कहा एसीपी विवेक भगत द्वारा एक महिला पत्रकार के खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर का मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने आया, जिस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वे उसे गिरफ्तार न करें। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि अगर वह जांच में शामिल होती है, तो उसे गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
क्यों अंचल कार्यालय के गेट पर कुर्सी लगाकर बैठे जेएमएम विधायक संजीव सरदार
झारखंड की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक विधायक का अनोखा और हैरान करने वाला विरोध प्रदर्शन सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। पूर्वी सिंहभूम जिले की पोटका विधानसभा सीट से झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कद्दावर और लोकप्रिय विधायक संजीव सरदार (Sanjiv Sardar) ने जनता के कामों में हो रही भारी लाचारी और सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एक ऐसा अनूठा तरीका अपनाया जिसने सभी को चौंका दिया। विधायक संजीव सरदार अचानक पोटका अंचल कार्यालय (Circle Office) के मुख्य गेट पर अपनी कुर्सी लगाकर धरने पर बैठ गए और जब एक-एक करके सरकारी कर्मचारी और अधिकारी कार्यालय में प्रवेश करने लगे, तो उन्होंने किसी को डांटने या धमकाने के बजाय सम्मान के साथ माला पहनानी शुरू कर दी। इस तीखे और अनोखे तंज के पीछे का राज जब खुला, तो अधिकारी शर्मिंदा हो गए और अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया।समय पर ऑफिस न आने वाले बाबुओं के खिलाफ विधायक का अनूठा 'गांधीगिरी' विरोधअक्सर यह देखने को मिलता है कि सरकारी कार्यालयों में आम जनता अपने छोटे-छोटे जाति प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र, जमीन के दाखिल-खारिज (Mutation) और पैमाइश के मामलों को लेकर सुबह से चक्कर काटती रहती है, लेकिन बाबू लोग समय पर अपनी कुर्सियों पर नहीं मिलते। पोटका के विधायक संजीव सरदार को अपने निर्वाचन क्षेत्र के दौरे के दौरान लगातार यह शिकायतें मिल रही थीं कि अंचल कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी अपनी मनमानी कर रहे हैं और जनता के आवेदनों को महीनों तक लटका कर रखते हैं। इस व्यवस्था से तंग आकर विधायक ने फैसला किया कि वे खुद सुबह-सुबह अंचल कार्यालय के मुख्य द्वार पर पहुंचेंगे और लेट-लपेट आने वाले कर्मचारियों का स्वागत माला पहनाकर करेंगे। जैसे ही कर्मचारी समय के बाद या बिना तय समय पर दफ्तर पहुंचे, विधायक ने उन्हें माला पहनाई और हाथ जोड़कर कहा कि 'आप लोग जनता के सेवक हैं, जरा समय पर आइए और गरीबों के काम कीजिए।'भ्रष्टाचार और लापरवाही पर फूटा गुस्सा, जनता के कामों में देरी बर्दाश्त नहींअंचल कार्यालय के गेट पर कुर्सी लगाकर बैठे विधायक संजीव सरदार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पोटका विधानसभा क्षेत्र की जनता ने उन्हें अपना नुमाइंदा चुनकर इसलिए भेजा है ताकि उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। विधायक ने मौके पर मौजूद मीडिया और स्थानीय नागरिकों से बातचीत करते हुए कहा कि जमीन के म्यूटेशन, भूमि सुधार और अंचल से जुड़े अन्य कार्यों के नाम पर आम जनता से किस तरह अवैध वसूली की जा रही है और फाइलों को जानबूझकर दबाया जा रहा है, यह अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि कर्मचारियों और अधिकारियों की कार्यशैली में सुधार नहीं आया, तो यह 'गांधीगिरी' वाला विरोध प्रदर्शन और भी उग्र रूप ले सकता है और वे सीधे राज्य स्तर पर इसकी शिकायत मुख्यमंत्री व राजस्व विभाग से करेंगे।अंचल कार्यालय में मचा हड़कंप, अधिकारियों ने मांगी माफी और दिए सुधार के निर्देशविधायक के इस अचानक और कड़े तेवर वाले प्रदर्शन से अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में अंचल अधिकारी (CO) और अन्य प्रमुख कर्मचारी अपनी कुर्सियों से उठकर बाहर आए और विधायक से मुलाकात की। अधिकारियों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए भरोसा दिलाया कि अब से सभी कार्यालय समय पर खुलेंगे और जनता के लंबित पड़े मामलों का निस्तारण तय समय सीमा के भीतर कर दिया जाएगा। विधायक के इस अनोखे और जनता के पक्ष में उठाए गए कदम की स्थानीय स्तर पर जमकर तारीफ हो रही है। लोग कह रहे हैं कि यदि हर जनप्रतिनिधि इसी तरह प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ सड़कों पर उतर आए, तो सरकारी दफ्तरों में सुस्त पड़ी व्यवस्था अपने आप पटरी पर आ जाएगी।आधुनिक एआई और सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के दौर में विधायक के अनोखे प्रदर्शन की चर्चाआज के डिजिटल युग में, जब गूगल, बिंग और आधुनिक एआई सर्च इंजनों (GEO) पर 'JMM MLA Sanjiv Sardar Circle Office Protest' सबसे तेजी से ट्रेंड करने वाला विषय बन गया है, तब इस तरह के स्थानीय जनप्रतिनिधियों के कदम प्रशासनिक जवाबदेही तय करने का एक बड़ा माध्यम बन चुके हैं। सोशल मीडिया पर विधायक के माला पहनाने वाले इस वीडियो और तस्वीरों को हजारों बार शेयर किया जा चुका है। यह घटना इस बात का सटीक उदाहरण है कि कैसे राजनीतिक इच्छाशक्ति और रचनात्मक विरोध के जरिए जनता की आवाज को ताकतवर प्रशासनिक तंत्र तक पहुंचाया जा सकता है।
व्यक्तिगत शोक के बीच भी जनता के साथ खड़े CM हेमंत सोरेन
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन दिनों अपने व्यक्तिगत जीवन के बेहद कठिन और भावुक दौर से गुजर रहे हैं। हाल ही में अपनी मां दिवंगत रूपी सोरेन के निधन के बाद मुख्यमंत्री अपने पैतृक गांव नेमरा (रामगढ़) में पारंपरिक संथाली रीति-रिवाजों के अनुसार शोक और श्राद्ध-कर्म की रस्में निभा रहे हैं। हालांकि, इस असीम व्यक्तिगत दुख के बीच भी राज्य के मुखिया के रूप में अपनी जिम्मेदारी और जनसेवा के संकल्प को उन्होंने पीछे नहीं होने दिया है। नेमरा में अपने आवास और सामुदायिक भवन में मौजूद रहकर सीएम हेमंत सोरेन न केवल राज्य भर से पहुंच रहे आम लोगों और विभिन्न सामाजिक प्रतिनिधियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं, बल्कि गांव से ही राज्य के प्रशासनिक कामकाज को संभालते हुए जरूरी सरकारी फाइलों का तेजी से निपटारा भी कर रहे हैं।नेमरा आवास पर लगा फरियादियों का तांता, सीएम सोरेन ने बारी-बारी सुनी समस्याएंरामगढ़ जिले के गोला प्रखंड स्थित मुख्यमंत्री के पैतृक गांव नेमरा में इन दिनों भारी हलचल है। जहां एक तरफ राज्य के कोने-कोने से लोग और जनप्रतिनिधि दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देने और सोरेन परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करने पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आम ग्रामीण और दूर-दराज से आए लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री से मिल रहे हैं। सीएम हेमंत सोरेन खुद परिसर में आकर लोगों से मिल रहे हैं, संथाली समाज व अन्य प्रतिनिधिमंडलों द्वारा दिए जा रहे ज्ञापनों को स्वीकार कर रहे हैं और अधिकारियों को मौके पर ही समाधान के जरूरी निर्देश दे रहे हैं। शोक की इस घड़ी में भी राज्य के मुख्यमंत्री का आम नागरिकों के प्रति यह सीधा जुड़ाव और संवेदनशीलता जनता के बीच खासा सराही जा रही है।गांव से ही चल रहा सरकार का प्रशासनिक चक्र, अधिकारियों संग निपटा रहे फाइलेंमां के श्राद्ध-कर्म के दौरान धार्मिक नियमों व परंपराओं का पालन करने के साथ-साथ मुख्यमंत्री राज्य के प्रशासनिक तंत्र के साथ निरंतर संपर्क में बने हुए हैं। राज्य में किसी भी महत्वपूर्ण योजना, नीतिगत फैसले या प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी न हो, इसके लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी आवश्यक सरकारी फाइलें लेकर नेमरा पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री सुबह और शाम की रस्मों के बीच मिलने वाले समय का उपयोग सरकारी फाइलों की समीक्षा करने और प्रशासनिक निर्णयों को मंजूरी देने में कर रहे हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि जनहित से जुड़े किसी भी कार्य या विकास परियोजना की गति में जरा सी भी रुकावट नहीं आनी चाहिए।सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 13 IPS और 42 DSP संभाले हुए हैं सुरक्षा व्यवस्थानेमरा गांव में मुख्यमंत्री की मौजूदगी, प्रशासनिक बैठकों और आगामी दशकर्म तथा श्राद्ध भोज में आने वाले हजारों लोगों की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड़ पर है। पुलिस मुख्यालय ने रामगढ़ और नेमरा इलाके में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 13 भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों और 42 डीएसपी स्तर के अधिकारियों की विशेष प्रतिनियुक्ति की है। पूरे गांव और आसपास के संपर्क मार्गों पर जैप और आईआरबी बटालियन के जवानों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही, स्थानीय प्रशासन पैतृक आवास के निकट स्थित उस तालाब के सौंदर्यीकरण और सफाई का काम भी पूरा करवा रहा है, जहां पारंपरिक रस्में अदा की जानी हैं।जनरेटिव एआई और आधुनिक डिजिटल युग में सीएम हेमंत सोरेन का जन-सरोकारआज के आधुनिक सर्च इंजन, गूगल, बिंग और एआई सर्च (GEO) पर 'CM Hemant Soren Nemra Public Interaction' और 'Jharkhand CM Governance From Nemra' सबसे प्रमुखता से ट्रेंड करने वाले विषयों में शामिल है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एक जनप्रतिनिधि द्वारा व्यक्तिगत क्षति और पारिवारिक शोक के बावजूद राज्य के कर्तव्यों को सर्वोपरि रखना भारतीय लोकतांत्रिक मूल्यों में एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। नेमरा से आ रही ये तस्वीरें यह साबित करती हैं कि प्रशासनिक जवाबदेही और जनता के साथ संवाद किसी भी परिस्थिति में निर्बाध रूप से जारी रह सकता है।
अमृतसर में कपड़ा व्यापारी पर जानलेवा हमला और लूटपाट का प्रयास: पैर में मारी गोली
पंजाब के स्वर्ण मंदिर और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए मशहूर शहर अमृतसर में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक और बड़ी वारदात सामने आई है। शहर के एक प्रतिष्ठित कपड़ा व्यापारी को बदमाशों ने लूटपाट का शिकार बनाने की कोशिश की और विरोध करने पर उनके पैर में गोली मार दी। इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे व्यापारिक जगत और स्थानीय निवासियों में भारी रोष फैल गया। हालांकि, अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने बेहद तत्परता और पेशेवर अंदाज दिखाते हुए महज कुछ ही घंटों के भीतर कार्रवाई करते हुए इस पूरी वारदात का खुलासा कर दिया। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद पुलिस ने इस दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देने वाले चारों शातिर आरोपियों को देर रात दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है।दुकान बंद कर घर लौट रहे कपड़ा व्यापारी को बदमाशों ने बनाया निशानाप्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित कपड़ा व्यापारी देर रात अपनी दुकान बंद करके अपनी मोटरसाइकिल या कार से अपने घर की ओर लौट रहे थे। शहर के एक सुनसान और अंधेरे रास्ते पर पहले से ही घात लगाकर बैठे बाइक सवार बदमाशों ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक कर घेर लिया। बदमाशों ने पिस्तौल की नोक पर व्यापारी से नकदी, मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान से भरा बैग सौंपने को कहा। जब व्यापारी ने अपनी मेहनत की कमाई लूटने का कड़ा विरोध किया और बदमाशों से भिड़ने की कोशिश की, तो एक बेखौफ बदमाश ने बिना एक पल गंवाए उन पर गोली चला दी। गोली सीधे व्यापारी के पैर में जा लगी, जिससे वे सड़क पर गिर पड़े और बदमाश मौके से लूटपाट का प्रयास अधूरा छोड़कर फरार हो गए।घायल व्यापारी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, पुलिस ने शुरू की त्वरित कार्रवाईगोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग और राहगीर तुरंत मौके की ओर दौड़े, जिससे घबराए बदमाश वहां से भाग निकले। स्थानीय लोगों की मदद से लहूलुहान हालत में कपड़ा व्यापारी को अमृतसर के एक बड़े अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने तुरंत उनका ऑपरेशन कर पैर से गोली निकाली। डॉक्टरों के मुताबिक, समय पर इलाज मिल जाने के कारण व्यापारी की जान खतरे से बाहर है, लेकिन इस घटना ने व्यापारियों की सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। घटना की सूचना मिलते ही अमृतसर पुलिस के आला अधिकारी, सीआईए स्टाफ और थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ तुरंत अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंचे तथा पीड़ित से घटना की पूरी जानकारी ली।पुलिस की स्पेशल टीम और बदमाशों के बीच देर रात मुठभेड़, चारों आरोपी गिरफ्तारअमृतसर पुलिस कमिश्नर ने इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए आरोपियों को तुरंत पकड़ने के लिए कई विशेष टीमों का गठन किया था। खुफिया तंत्र और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों (CCTV Footages) की मदद से पुलिस ने अपराधियों के भागने के रूट को ट्रेस कर लिया। देर रात जब पुलिस ने एक संदिग्ध इलाके में बदमाशों की घेराबंदी की, तो खुद को घिरता देख आरोपियों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाला और आत्मरक्षार्थ गोली चलाई, जिसमें एक आरोपी के पैर में भी गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने चारों शातिर बदमाशों को दबोच लिया। आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली गई है।व्यापार मंडल में रोष और आधुनिक एआई व एसईओ युग में सुरक्षा के कड़े इंतजामों की मांगइस सनसनीखेज घटना के बाद अमृतसर के स्थानीय व्यापार मंडलों और दुकानदारों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि रात के वक्त बाजारों और सुनसान रास्तों पर पुलिस गश्त बढ़ाई जाए ताकि असामाजिक तत्व ऐसी वारदातों को अंजाम देने की हिम्मत न जुटा सकें। आधुनिक गूगल, बिंग और एआई सर्च इंजन (GEO) के दौर में 'Amritsar Cloth Merchant Shooting Arrest' इंटरनेट पर तेजी से ट्रेंड करने वाला विषय बन गया है। इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पंजाब पुलिस अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से काम कर रही है।
एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में आज 'पंजाब बंद
पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ लगातार मुहिम चलाने वाले प्रमुख एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट (Anti-Drug Activist) परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े गोली मारकर की गई निर्मम हत्या के विरोध में आज, 15 अक्टूबर को पूरे पंजाब में 'पंजाब बंद' (Punjab Bandh) का आयोजन किया गया है। इंसाफ मोर्चा, स्थानीय संघर्ष समितियों, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और विपक्षी दलों के आह्वान पर बुलाए गए इस 11 घंटे के (सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक) बंद का व्यापक असर पूरे राज्य में देखने को मिल रहा है। मानसा, बठिंडा, पटियाला, लुधियाना, अमृतसर और जालंधर जैसे प्रमुख शहरों में दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान और निजी स्कूल पूरी तरह बंद हैं। इस बंद के आह्वान के दौरान सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है और पूरे प्रदेश में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।जानिए आज पंजाब बंद के दौरान क्या रहेगा बंद और किन जरूरी सेवाओं को दी गई है छूट?पंजाब बंद का असर सुबह से ही सड़कों और प्रमुख बाजारों में दिखाई देने लगा है। बंद के समर्थन में व्यापारी संगठनों, निजी परिवहन यूनियनों और किसान संगठनों के आगे आने से ज्यादातर व्यावसायिक केंद्र और निजी स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए हैं। मानसा और आसपास के क्षेत्रों में बस सेवाएं और ऑटो-रिक्शा का संचालन भी काफी प्रभावित हुआ है। हालांकि, प्रदर्शनकारी संगठनों और स्थानीय प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि आम जनता को असुविधा से बचाने के लिए सभी अत्यावश्यक सेवाओं (Essential Services) को बंद से पूरी तरह बाहर रखा गया है। अस्पताल, आपातकालीन मेडिकल स्टोर, एम्बुलेंस सेवाएं, दूध व राशन की गाड़ियां, फायर ब्रिगेड और हवाई/रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों की आवाजाही को बिना रोक-टोक जारी रखा गया है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी आपात स्थिति में पुलिस हेल्पलाइन से संपर्क कर सकते हैं।क्या है परविंदर सिंह झोटा मर्डर केस, जिसने पूरे पंजाब में ला दिया उबाल?परविंदर सिंह झोटा लंबे समय से मानसा और आसपास के इलाकों में नशीली गोलियों व सिंथेटिक ड्रग्स बेचने वाले मेडिकल स्टोरों और ड्रग तस्करों के खिलाफ सक्रिय सामाजिक मुहिम चला रहे थे। बीते दिनों एक मेडिकल स्टोर के बाहर जब उन्होंने कथित तौर पर प्रतिबंधित नशीली दवाएं बेचे जाने का विरोध किया और लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान स्टोर मालिक से सवाल-जवाब किए, तो आरोपी केमिस्ट अश्वनी कुमार ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं, जिससे उनकी मौत हो गई। हालांकि, पंजाब और राजस्थान पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार कर लिया गया और प्रशासन ने उसके अवैध निर्माण पर बुलडोजर भी चलाया, लेकिन जनता का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। पीड़ित परिवार और इंसाफ मोर्चा ने मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने तथा उच्च पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग रखी है।कड़े सुरक्षा घेरे में पंजाब: जनरेटिव एआई और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर छाया 'Justice for Jhota'आज के आधुनिक डिजिटल युग, गूगल, बिंग और जनरेटिव एआई सर्च (GEO) पर 'Punjab Bandh Today Live Updates' और 'Parvinder Singh Jhota Murder Case' सबसे तेजी से ट्रेंड करने वाला विषय बन चुका है। पंजाब में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और राज्य सरकार स्थिति पर पल-पल नजर बनाए हुए है। एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट की हत्या के बाद उभरा यह जनाक्रोश यह दर्शाता है कि नशे की समस्या पंजाब में कितनी संवेदनशील और गंभीर बनी हुई है। मानवाधिकार संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने सरकार से मांग की है कि नशा तस्करों के खिलाफ बिना किसी रियायत के कठोरतम कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में किसी भी सामाजिक कार्यकर्ता को अपनी जान न गंवानी पड़े।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को राहुल गांधी के बर्ताव पर कड़ी आपत्ति जताई और 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए उनके मार्च को लेकर उन्हें फटकार लगाई। कोर्ट ने विपक्ष के नेता से उनके इस कदम के बारे में स्पष्टीकरण मांगा। राहुल गांधी के विरोध मार्च और उसके बाद मची अफरा-तफरी का जिक्र करते हुए, मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत ने कहा कि कोई भी न्यायपालिका को डरा-धमका नहीं सकता। सुप्रीम कोर्ट ने SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन और AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी द्वारा दायर याचिकाओं पर केंद्र और चुनाव आयोग (ECI) को नोटिस जारी किए हैं। इसके अलावा, कोर्ट ने जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन स्थल के रूप में डीनोटिफाई (अधिसूचना रद्द) करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर भी केंद्र से जवाब मांगा है। इसे भी पढ़ें: Rahul की Poster Girl पर बवाल: Bangladesh मॉडल से Anarchy फैलाने की कोशिश, BJP का सनसनीखेज आरोप CJI ने राहुल गांधी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल से कहा उन्हें (राहुल गांधी को) स्पष्टीकरण देना होगा। CJI ने आगे कहा कोई भी न्यायपालिका पर दबाव नहीं डाल सकता। कांग्रेस सांसद और 'इंडिया' गठबंधन के शीर्ष नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR को रद्द करने की अपनी मांग को लेकर अभियान तेज कर दिया है।
गिरफ्तारी से सुरक्षा की याचिका पर तुरंत सुनवाई से इनकार, Delhi High Court कल सुनेगा केस
दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को एक महिला पत्रकार की याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया। पत्रकार ने यह याचिका सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) विवेक भगत की शिकायत पर 'अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम' के तहत दर्ज एक मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा पाने के लिए दायर की थी। कोर्ट ने इस मामले पर शुक्रवार को सुनवाई करने पर सहमति जताई है। यह याचिका कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव साम्ब्रे और न्यायमूर्ति संजय शर्मा की खंडपीठ के समक्ष रखी गई थी। पत्रकार की ओर से पेश वकील ने गुरुवार को ही तत्काल सुनवाई की मांग की और गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा का अनुरोध किया। हालांकि, खंडपीठ ने कहा कि इस मामले को सुनवाई के लिए कल सूचीबद्ध किया जाएगा। यह मामला 3 अक्टूबर को बूटा सिंह राउंडअबाउट पर हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान, ACP विवेक भगत की शिकायत पर संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान ACP को उनकी जाति को लेकर अपमानित किया गया, डराया-धमकाया गया और उनके सरकारी काम में बाधा डाली गई। इसे भी पढ़ें: दिल्ली प्रदर्शन में NSUI कार्यकर्ता पर हमले को लेकर Kerala Police ने दर्ज की Zero FIR FIR के अनुसार, नई दिल्ली जिले के कनॉट प्लेस सब-डिवीजन में तैनात ACP भगत ने आरोप लगाया है कि भारत निर्वाचन आयोग के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान, जब वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने की ड्यूटी पर थे, तब एक पत्रकार ने उनकी जाति का जिक्र करते हुए अपमानजनक टिप्पणी की। FIR में रोजी, गजेंद्र और एक अज्ञात व्यक्ति को आरोपी बनाया गया है। अपनी शिकायत में, भगत ने बताया कि वे अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से आते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने और उनके ऑपरेटर, कांस्टेबल रवि दहिया ने सुना कि एक पत्रकार उनकी नेमप्लेट और जाति का जिक्र करते हुए, उनकी जाति और ACP के पद पर उनकी नियुक्ति को लेकर अपमानजनक बातें कह रहा था। वहीं, उस पत्रकार ने इस घटना के संबंध में ACP भगत पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। FIR में भारतीय न्याय संहिता की धारा 221, 356(2) और 3(5) के साथ-साथ SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(p), 3(1)(q), 3(1)(r) और 3(1)(s) लगाई गई हैं। दोनों पक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों की अभी जांच होनी बाकी है और इस पर अदालत द्वारा फैसला लिया जाना है।
जिंदा हैं आईआईटी बाबा अभय सिंह! झूठी निकली मौत की खबर
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जंगल की आग की तरह फैल रही 'आईआईटी बाबा' के नाम से मशहूर अभय सिंह की कथित मौत की खबर पूरी तरह से अफवाह और भ्रामक साबित हुई है। इंटरनेट पर दावों का दौर चल रहा था कि रहस्यमयी और आध्यात्मिक जीवन शैली अपनाने वाले पूर्व आईआईटीियन अभय सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे। इस सनसनीखेज खबर ने उनके लाखों प्रशंसकों, अनुयायियों और शुभचिंतकों को गहरे सदमे में डाल दिया था। हालांकि, अब हरियाणा पुलिस ने आधिकारिक तौर पर सामने आकर इस पूरी घटना का सच उजागर कर दिया है। पुलिस ने स्पष्ट और दो टूक शब्दों में पुष्टि की है कि आईआईटी बाबा अभय सिंह पूरी तरह से सुरक्षित, स्वस्थ और सकुशल हैं। मौत की सभी खबरें महज अफवाह और टीआरपी के चक्कर में फैलाई गई फर्जी अफवाहें थीं, जिन पर अब पूरी तरह से विराम लग चुका है।सोशल मीडिया पर अचानक फैली मौत की झूठी खबर और पुलिस का आधिकारिक बयानआईआईटी मुंबई/कानपुर से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद अध्यात्म और वैराग्य का रास्ता चुनने वाले अभय सिंह (आईआईटी बाबा) अपने ज्ञान, बेबाक बयानों और अनोखी जीवन शैली के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुछ अज्ञात खातों और वीडियो चैनल्स के जरिए यह झूठी अफवाह उड़ाई गई कि हरियाणा के रोहतक/हिसार इलाके में उनका निधन हो गया है। देखते ही देखते यह खबर एआई-जेनरेटेड रील्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स के जरिए वायरल हो गई। जैसे ही यह मामला तूल पकड़ने लगा, हरियाणा पुलिस की विशेष टीम ने तत्परता दिखाते हुए मामले की जांच शुरू की और अभय सिंह से सीधे संपर्क साधकर उनके सकुशल होने की पुष्टि की। पुलिस अधिकारियों ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि अभय सिंह बिल्कुल ठीक हैं और अपने आश्रम/डेरे में नियमित साधना में लीन हैं। पुलिस ने यह चेतावनी भी दी है कि बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के ऐसी फर्जी और संवेदनशील खबरें फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।कौन हैं आईआईटी बाबा अभय सिंह और क्यों चर्चा में रहते हैं उनका आध्यात्मिक सफर?अभय सिंह की पहचान केवल एक आम साधु या संत की नहीं है, बल्कि उनका अतीत बेहद प्रेरणादायक और चौंकाने वाला रहा है। देश के सबसे कठिन और प्रतिष्ठित माने जाने वाले भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कॉर्पोरेट दुनिया की चकाचौंध को त्याग दिया। उन्होंने भौतिक सुख-सुविधाओं को छोड़कर अध्यात्म, सनातन धर्म और वेदों के गूढ़ रहस्य को गहराई से समझने के लिए संन्यास का मार्ग चुना। उनके धाराप्रवाह अंग्रेजी और संस्कृत बोलने का अंदाज, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से धर्म की व्याख्या करना और युवाओं को प्रेरित करने की शैली उन्हें अन्य साधुओं से अलग बनाती है। यही वजह है कि जब भी उनके बारे में कोई छोटी सी भी खबर सामने आती है, तो वह इंटरनेट पर तुरंत ट्रेंड करने लगती है।जनरेटिव एआई और सोशल मीडिया अफवाहों का दौर: हरियाणा पुलिस की जनता से अपीलआज के आधुनिक दौर में जहां जनरेटिव एआई (Generative AI), एआई वॉयस क्लोनिंग और फेक न्यूज का चलन तेजी से बढ़ा है, वहां इस तरह की भ्रामक खबरें मिनटों में करोड़ों लोगों तक पहुंच जाती हैं। गूगल, बिंग और आधुनिक एआई सर्च इंजनों (GEO) पर 'IIT Baba Abhay Singh Alive News' लगातार ट्रेंड कर रहा है। हरियाणा पुलिस और साइबर सेल ने आम जनता से यह पुरजोर अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले किसी भी संवेदनशील या सनसनीखेज दावे पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। पुलिस ने साफ किया है कि इंटरनेट पर फर्जी खबरें फैलाने वाले यूट्यूब चैनल्स और सोशल मीडिया पेजों की सूची तैयार की जा रही है ताकि उन पर नफरत और भ्रम फैलाने का मुकदमा दर्ज किया जा सके।प्रशंसकों ने ली राहत की सांस, अभय सिंह ने भी दिया शांति का संदेशहरियाणा पुलिस द्वारा मौत की खबर का आधिकारिक खंडन किए जाने के बाद आईआईटी बाबा अभय सिंह के देश-विदेश में फैले लाखों अनुयायियों ने राहत की सांस ली है। सूत्रों के मुताबिक, अभय सिंह ने अपने समर्थकों और जनता से अपील की है कि वे इस तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और अपनी दैनिक साधना व कर्म में विश्वास रखें। इस पूरी घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि डिजिटल युग में जिम्मेदार पत्रकारिता और प्रामाणिक सूचनाओं का होना कितना जरूरी है, ताकि समाज में बेवजह का खौफ या भ्रम न फैले।
'कौन रील मेकर है और कौन पत्रकार पहचानना मुश्किल', बोले तुषार मेहता
प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों पर हमले और बदसलूकी के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि आज के दौर में मोबाइल से रिकॉर्डिंग करने वाले हर शख्स की पहचान करना मुश्किल है कि वह पत्रकार है या रील मेकर.
'राहुल को अपने आचरण के लिए देनी होगी सफाई...', सुप्रीम कोर्ट ने नेता प्रतिपक्ष को लगाई फटकार
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत ने कहा कि न्यायपालिका को कोई भी डरा-धमका नहीं सकता. राहुल गांधी के आचरण पर सवाल उठाते हुए चीफ जस्टिस ने नाराजगी जताई कि सुप्रीम कोर्ट मार्च और उसके दौरान हुई अव्यवस्था पर याचिकाकर्ता राहुल गांधी को सफाई देनी होगी. यानी अपनी मंशा स्पष्ट करनी होगी.
दिल्ली की साकेत कोर्ट ने गुरुग्राम वाले पते पर नए सिरे से थमाया नोटिस
मशहूर यूट्यूबर और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर ध्रुव राठी (Dhruv Rathee) की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ती ही जा रही हैं। देश की राजधानी दिल्ली की प्रतिष्ठित साकेत कोर्ट (Saket Court) ने 8 साल पुराने एक मानहानि के बहुचर्चित मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए ध्रुव राठी के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। अदालत ने उनके गुरुग्राम स्थित आधिकारिक आवास और पते पर नए सिरे से समन और नोटिस चस्पा करने का आदेश दिया है, ताकि उनकी तामील विधिवत पूरी हो सके। पिछले काफी समय से अदालत के नोटिस से बचते आ रहे या पेश न होने वाले राठी के लिए यह एक बड़ा कानूनी झटका माना जा रहा है। इस पुराने आपराधिक मानहानि मामले की अगली सुनवाई की तारीख भी तय कर दी गई है, जिससे यह साफ हो गया है कि अब डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स को भी न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में जवाबदेह ठहराया जा रहा है।क्या है 8 साल पुराना मानहानि मामला और क्यों गर्माया है यह विवाद?यह पूरा कानूनी विवाद साल 2018 का है, जब सोशल मीडिया और राजनीतिक बहसों के बीच ध्रुव राठी द्वारा अपलोड किए गए एक वीडियो को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। याचिकाकर्ता का आरोप था कि राठी ने अपने वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उनकी छवि को धूमिल करने, झूठे और निराधार आरोप लगाने तथा जनता के बीच उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का कुत्सित प्रयास किया था। इसके खिलाफ आईपीसी की मानहानि से जुड़ी धाराओं के तहत आपराधिक शिकायत दर्ज कराई गई थी। चूंकि पिछले कई वर्षों से अदालत की नोटिस सही पते पर न मिलने या अन्य तकनीकी कारणों से कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पा रही थी, इसलिए शिकायतकर्ता के वकीलों ने साकेत कोर्ट में अर्जी देकर नए सिरे से समन जारी करने की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।गुरुग्राम आवास पर नया नोटिस चस्पा, कानून से बच नहीं पाएंगे डिजिटल सितारेदिल्ली की साकेत कोर्ट के इस सख्त आदेश के बाद स्थानीय पुलिस और कोर्ट के प्रोसेस सर्वर ने हरियाणा के गुरुग्राम स्थित ध्रुव राठी के पते पर पहुंचकर नए सिरे से नोटिस चस्पा कर दिया है। कानूनी जानकारों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाखों-करोड़ों फॉलोअर्स रखने वाले और खुद को स्वतंत्र पत्रकार बताने वाले इनफ्लुएंसर्स को यह समझना होगा कि वर्चुअल दुनिया के नियम असल दुनिया के कानूनों से अलग नहीं हैं। यदि कोई आरोपी अदालत के समन की लगातार अनदेखा करता है, तो कोर्ट उसके खिलाफ जमानती या गैर-जमानती वारंट जारी करने का पूरा अधिकार रखती है। इस खबर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है कि क्या डिजिटल क्रिएटर्स अब कानून के शिकंजे से पूरी तरह बेफिक्र नहीं रह सकते?अगली सुनवाई पर टिकी सबकी निगाहें, क्या कोर्ट में पेश होंगे ध्रुव राठी?साकेत कोर्ट द्वारा तय किए गए नए शेड्यूल के अनुसार इस 8 साल पुराने मानहानि मामले की अगली सुनवाई जल्द ही निश्चित तारीख पर होगी। अदालत ने यह सुनिश्चित करने को कहा है कि नोटिस की तामील की रिपोर्ट अगली सुनवाई से पहले रिकॉर्ड पर आ जाए। यदि इस बार भी आरोपी या उनके वकील अदालत में पक्ष रखने के लिए उपस्थित नहीं होते हैं, तो अदालत एकतरफा (Ex-Parte) कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगी। राजनीतिक और सोशल मीडिया गलियारों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि ध्रुव राठी इस कानूनी दांव-पेंच से कैसे निपटते हैं, क्योंकि हाल ही में उन पर देश के अलग-अलग हिस्सों में कई अन्य मामलों में भी कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है।जनरेटिव एआई और डिजिटल एथिक्स के दौर में न्यायपालिका की सख्त नजरगूगल, बिंग और आधुनिक एआई सर्च (GEO) के युग में 'Dhruv Rathee Saket Court Notice Gurgaon Address' इंटरनेट पर तेजी से ट्रेंड करने वाला विषय बन गया है। आधुनिक सर्च इंजन और एआई एल्गोरिदम यह दर्शाते हैं कि कैसे डिजिटल मीडिया की जवाबदेही तय करने के लिए अब न्यायपालिकाएं भी तकनीकी और पारंपरिक तरीकों का पूरी कड़ाई से पालन कर रही हैं। यह मामला इस बात का बड़ा उदाहरण है कि सोशल मीडिया की ताकत चाहे जितनीबड़ी हो, लेकिन देश का कानून और न्याय व्यवस्था हर किसी के लिए एक समान रूप से लागू होती है।
Mary Millben बोल सकती हैं तो Imran Khan क्यों नहीं? Leave India Notice पर भड़के Abhijeet Dipke
मुंबई पुलिस द्वारा 'भारत छोड़ो' (लीव इंडिया) का नोटिस जारी किए जाने के बाद, CJP कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान के समर्थन में बात कही है। गुरुवार को, दिपके ने अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन और इमरान खान के मामलों के बीच का अंतर उजागर किया। मैरी मिलबेन ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पक्ष में बात की थी, जबकि OCI (ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया) कार्डधारक इमरान खान को पार्टी की आलोचना करने के कारण पाबंदियों का सामना करना पड़ रहा है। इसे भी पढ़ें: आप देश को क्यों बर्बाद कर रहे हैं? जब एयरपोर्ट पर CJP के अभिजीत दिपके को लोगों ने घेरा दिपके ने X पर लिखा कि एक अमेरिकी, मैरी मिलबेन, BJP के पक्ष में बोल सकती हैं। लेकिन एक OCI कार्डधारक, इमरान, BJP के खिलाफ कुछ नहीं कह सकते। इमरान खान, जिनके पास अमेरिकी पासपोर्ट है और जो बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान के भतीजे हैं, उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया है। यह नोटिस मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में हुए एक विरोध प्रदर्शन में इमरान खान के शामिल होने के बाद आया है, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी। अधिकारियों ने खान के खिलाफ इमिग्रेशन एक्ट की धारा 29 और 7 के तहत कार्रवाई शुरू की है। आरोप है कि भारतीय नागरिक न होने के बावजूद वे इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। शनिवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान मुंबई पुलिस ने खान को हिरासत में ले लिया। उन्होंने पुलिस वैन में बैठे हुए अपनी एक तस्वीर शेयर की, जिसके साथ कैप्शन लिखा था कि लगता है मैं ड्राइव पर जा रहा हूँ। पत्रकारों से बात करते हुए खान ने कहा कि मेरी कोई मांग नहीं है। मैं यहाँ एक नागरिक के तौर पर हूँ, एक ऐसे व्यक्ति के रूप में जो इसी शहर में रहता है। मैं यह देखने आया हूँ कि लोगों की आवाजाही की आज़ादी पर रोक क्यों लगाई जा रही है? लोगों की आवाज़ क्यों दबाई जा रही है? बस इसीलिए मैं यहाँ हूँ। इसे भी पढ़ें: Narendra Modi सरकार पर अघोषित आपातकाल का आरोप, Abhijeet Dipke ने साधा निशाना बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने खान की तुरंत गिरफ्तारी और उन्हें देश से बाहर निकालने (डिपॉर्ट करने) की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि खान ने राजनीतिक प्रदर्शन में हिस्सा लेकर OCI (ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया) के नियमों और वीज़ा शर्तों का उल्लंघन किया है। सोमैया का दावा है कि उन्होंने पुलिस को विरोध प्रदर्शन के दौरान खान के भाषणों और उनके पहले दिए गए बयानों के सबूत सौंप दिए हैं।
Assam में मंत्रियों के आश्वासन के बाद Akhil Gogoi ने 13 दिन बाद खत्म किया धरना
असम के दो मंत्रियों द्वारा मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की ओर से चार जिलों के बाढ़ प्रभावित लोगों को पर्याप्त मुआवजा देने की मांग स्वीकार करने का आश्वासन दिए जाने के बाद रायजोर दल के विधायक अखिल गोगोई ने बृहस्पतिवार को अपना 13 दिन से जारी धरना समाप्त कर दिया। राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य केशव महंत और पीयूष हजारिका ने विधानसभा के बाहर धरनास्थल पर गोगोई से मुलाकात की। इसके बाद गोगोई ने धरना समाप्त किया। गोगोई ने ऊपरी असम के शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों के बाढ़ प्रभावित लोगों को पर्याप्त मुआवजा देने की मांग को लेकर दो अक्टूबर को धरना शुरू किया था। विधायक ने सरकार को एक ज्ञापन सौंपकर इन चार जिलों के प्रभावित परिवारों को एकमुश्त अंतरिम सहायता के रूप में 15,000 रुपये और शिवसागर तथा चराइदेव के बाढ़ प्रभावित लोगों को अतिरिक्त 10,000 रुपये देने की मांग की थी। उन्होंने बाढ़ के कारणों की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग भी की थी। महंत ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने हमें गोगोई से इस मुद्दे पर बातचीत करने और सरकार द्वारा उठाए गए कुछ कदमों की जानकारी उन्हें देने के लिए भेजा है।’’उन्होंने कहा, ‘‘रायजोर दल की सूचीमें शामिल 3,068 परिवारों में से प्रत्येक को 15,000 रुपये की अंतरिम वित्तीय सहायता देने के लिए चार करोड़ 60 लाख रुपये से अधिक की जरूरत होगी। सरकार इन परिवारों को यह राशि देने पर सहमत हो गई है।’’महंत ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय जांच कराने का निर्णय लिया है और समिति के बारे में जल्द ही जानकारी दी जाएगी। अतिरिक्त 10,000 रुपये देने की मांग पर मंत्री ने कहा कि सर्वेक्षण कराया जाएगा और उसके आधार पर निर्णय लिया जाएगा। गोगोई ने कहा कि सरकार ने पहले ही 57,000 परिवारों को सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और 15,000 रुपये की लंबित राशि के भुगतान का मुद्दा अब सुलझ गया है। रायजोर दल के विधायक ने दावा किया कि बाढ़ प्रभावित कई परिवार, विशेषकर शिवसागर के परिवार, शुरुआती सर्वेक्षण में शामिल नहीं किए गए थे। हालांकि, सरकार इस आकलन में छूट गए परिवारों की पहचान के लिए नए सिरे से सर्वेक्षण कराने और एक नई सूची तैयार करने पर सहमत हो गई है। बैठक के दौरान गोगोई ने सरकार से बाढ़ प्रभावित परिवारों को ओरुनोदोई योजना के तहत दी जाने वाली वित्तीय सहायता दोगुनी करने का आग्रह किया। उन्होंने बाढ़ में घर गंवाने वाले लोगों को सरकारी आवास उपलब्ध कराने की मांग भी की। विधायक ने कहा कि उन्होंने बाढ़ से हुई मौतों और इससे जुड़े अन्य मुद्दों की सीबीआई जांच की मांग की थी। इसके जवाब में राज्य सरकार ने विशेषज्ञ समिति के माध्यम से उच्चस्तरीय जांच कराने की घोषणा की है। गोगोई ने शिवसागर और चराइदेव में प्रदर्शन कर रहे अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से भी आंदोलन समाप्त करने का आग्रह किया।
Delhi Police के फैसले पर Supreme Court का सवाल, पूछा- Jantar Mantar को क्यों 'डीनोटिफाई' किया?
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक नोटिस जारी किया है। यह नोटिस दिल्ली पुलिस के उस फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर दिया गया है, जिसके तहत जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगहों की सूची से हटा दिया गया था। कोर्ट ने सरकार से यह भी पूछा है कि जंतर-मंतर को इस सूची से हटाने का फैसला क्या कोर्ट की मौखिक टिप्पणियों के आधार पर लिया गया था, या फिर सार्वजनिक विरोध-प्रदर्शन स्थल के रूप में इस जगह की उपयोगिता के स्वतंत्र मूल्यांकन के आधार पर? सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि यह फैसला सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों पर आधारित नहीं था। उन्होंने कहा कि पहले गठित एक समिति ने इस मामले की जांच की थी और एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी। इसे भी पढ़ें: छात्रः सपनों की उड़ान से सृजन की पहचान तक सुप्रीम कोर्ट ने CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश दिया सुप्रीम कोर्ट ने कानून लागू करने वाली एजेंसियों को दिल्ली विरोध प्रदर्शनों से जुड़े सभी CCTV फुटेज और अन्य डिजिटल सामग्री को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। साथ ही, निजी पक्षों को भी वीडियो सुरक्षित रखने और उन्हें सबूत के तौर पर अदालत में पेश करने की अनुमति दी है। अदालत ने सरकार से यह भी पूछा कि जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में हटाए जाने का फैसला क्या सुप्रीम कोर्ट की मौखिक टिप्पणियों पर आधारित था, या फिर सार्वजनिक प्रदर्शनों के लिए उस जगह की उपयोगिता का अलग से आकलन किया गया था? सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि यह फैसला सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों पर आधारित नहीं था, बल्कि पहले गठित एक समिति ने इस मामले की जांच की थी और एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS) की धारा 172 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर नोटिस जारी किया है। इस धारा के तहत लोगों को पुलिस अधिकारियों द्वारा दिए गए कानूनी निर्देशों का पालन करना होता है, और जो लोग इन निर्देशों को नहीं मानते, उन्हें पुलिस हिरासत में ले सकती है या गिरफ्तार कर सकती है।
कब है सरस्वती पूजा? नोट करें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
Saraswati Puja 2026: अक्टूबर 2026 में सरस्वती पूजा कब है? जानें मां सरस्वती की पूजा की सही तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और धार्मिक महत्व। विद्यार्थियों के लिए क्यों खास है यह पर्व, जानें पूरी जानकारी.
पूर्व IAS दिव्या मित्तल ने किया नई पार्टी का ऐलान, यूपी चुनाव लड़ने की घोषणा की
आईएएस की नौकरी से इस्तीफा देने के बाद पूर्व अधिकारी दिव्या मित्तल ने राजनीति में उतरने का ऐलान कर दिया है. उन्होंने अपनी नई पार्टी 'जन नीति भारत' बनाने की घोषणा की है, जो आगामी चुनाव भी लड़ेगी. 2013 बैच की पूर्व आईएएस अधिकारी ने 13 साल के प्रशासनिक करियर के बाद यह कदम उठाया है.
तुर्की के तट पर मिला 4,700 साल पुराना जहाज, प्राचीन समुद्री व्यापार के खुल सकते हैं कई रहस्य
एआई-जनरेटेड तस्वीर आतिफ नूर खान, तहलकातुर्की के अंताल्या तट के पास केकोवा द्वीप के निकट पुरातत्वविदों को लगभग 4,400 से 4,700 साल पुराने जहाज के मलबे का पता चला है। समुद्र की गहराई में मिले इस मलबे से प्राचीन समुद्री व्यापार, नाविकों के जीवन और उस दौर की सभ्यताओं के बीच संबंधों को समझने में […]
हरियाणा का खूंखार अपराधी शाहिद उर्फ आडवाणी एनकाउंटर में ढेर
हरियाणा के कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर पुलिस ने एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। राज्य के सबसे खूंखार, शातिर और आतंक का पर्याय बन चुके कुख्यात अपराधी शाहिद उर्फ आडवाणी को पुलिस ने एक भीषण मुठभेड़ (Encounter) के दौरान ढेर कर दिया है। पिछले कई सालों से हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, जबरन वसूली और महिलाओं के खिलाफ गंभीर यौन अपराधों (रेप) जैसी संगीन वारदातों को अंजाम देने वाले इस वांटेड गैंगस्टर पर हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान की पुलिस की निगाहें टिकी हुई थीं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, शाहिद उर्फ आडवाणी के खिलाफ विभिन्न थानों में 30 से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे और वह लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा था। इस सफल एनकाउंटर के बाद से इलाके में राहत की सांस ली जा रही है और पुलिस महकमे की चारों तरफ तारीफ हो रही है।गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस का कड़ा घेरा और दोनों तरफ से ताबड़तोड़ फायरिंगहरियाणा पुलिस की विशेष कार्य बल (STF) और स्थानीय जिला पुलिस को पक्की खुफिया सूचना मिली थी कि कुख्यात अपराधी शाहिद उर्फ आडवाणी अपने किसी अन्य गुप्त ठिकाने की ओर भागने की फिराक में है और वह किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा है। इस इनपुट के आधार पर पुलिस ने नूंह और उसके आसपास के संदिग्ध इलाकों में सघन चेकिंग अभियान और घेराबंदी शुरू कर दी। जब पुलिस टीमों ने एक सुनसान रास्ते पर उसे रुकने का इशारा किया, तो कानून के शिकंजे से बचने के लिए शाहिद ने पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दीं। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ और जवाबी कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाला और दोनों तरफ से भारी गोलीबारी हुई। इस भीषण मुठभेड़ में शाहिद उर्फ आडवाणी को कई गोलियां लगीं और वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा।अस्पताल ले जाते समय हुई मौत, मौके से अवैध हथियार और कारतूस बरामदमुठभेड़ के तुरंत बाद पुलिस ने भारी सुरक्षा के बीच घायल शाहिद को नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल की फॉरेंसिक जांच कराई है, जहां से एक अत्याधुनिक विदेशी पिस्तौल, भारी मात्रा में जिंदा कारतूस और एक बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद हुई है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि शाहिद अपने आपराधिक सिंडिकेट को फिर से सक्रिय करने और क्षेत्र में दहशत का माहौल कायम करने की कोशिश कर रहा था। उसके मारे जाने से उसके पूरे आपराधिक नेटवर्क को तगड़ा झटका लगा है और पुलिस अब उसके बाकी गुर्गों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।अपराध की दुनिया में खौफ का दूसरा नाम बना शाहिद उर्फ आडवाणी का काला इतिहासशाहिद उर्फ आडवाणी का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा और खौफनाक रहा है। उस पर सिर्फ लूटपाट और हत्या ही नहीं, बल्कि बेकसूर महिलाओं के साथ रेप जैसी घृणित वारदातों के भी कई मामले दर्ज थे। वह स्थानीय अदालतों से कई मामलों में फरार चल रहा था और पुलिस रिकॉर्ड में उसे 'A-Category' का मोस्ट वॉंटेड अपराधी घोषित किया गया था। उसके खौफ की वजह से आम लोग और गवाह उसके खिलाफ खुलकर बोलने से डरते थे। पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि राज्य में संगठित अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। इस एनकाउंटर ने यह साफ कर दिया है कि कानून का हाथ कितना लंबा होता है और जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों का अंजाम यही होगा।आधुनिक एआई सर्च और जियो-लोकेशन ऑप्टिमाइजेशन के दौर में एनकाउंटर की बड़ी खबरआज के डिजिटल, गूगल, बिंग और आधुनिक एआई सर्च (GEO) के दौर में 'Haryana Gangster Shahid alias Advani Encounter' इंटरनेट पर सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाले विषयों में शामिल हो गया है। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं, और लोग पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं। राज्य सरकार और पुलिस महानिदेशक (DGP) ने भी एनकाउंटर को अंजाम देने वाली टीम की बहादुरी की सराहना की है। यह घटना अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश है कि हरियाणा की धरती पर कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
राजपाल यादव जा पाएंगे कनाडा, पासपोर्ट वापस मिलेगा, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- पैसे कमाएं, कर्ज चुकाएं
सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव का पासपोर्ट जारी करने का आदेश दिया है ताकि वह कनाडा में फिल्म की शूटिंग कर सकें. कोर्ट ने राजपाल यादव से कहा कि वे पैसे कमाकर अपने लेनदारों को वापस चुकाएं.
सेहत का खजाना है ये पौधा, घर पर ऐसे लगाएं ड्रमस्टिक
How To Grow Moringa: घर की बालकनी या छत पर गमले में सहजन यानी मोरिंगा का पौधा आसानी से उगा सकते हैं. इसे उगाने के लिए आपको ज्यादा मेहनत भी नहीं करनी पड़ती है और ये उग भी आसानी से जाता है. मोरिंगा घर पर उगाने के लिए सही गमला, मिट्टी, धूप, खाद के बारे में जानकारी होना जरूरी है, ताकि पौधे की अच्छी ग्रोथ हो सके और उसकी पत्तियों व फलियों का इस्तेमाल खाने में किया जा सके.
टेम्बा बावुमा की टीम में बड़ा फेरबदल, स्टार खिलाड़ी की छुट्टी
पहले टेस्ट में हार के बाद मेजबान साउथ अफ्रीका के लिए दूसरा मुकाबला बेहद अहम है. ट्रिस्टन स्टब्स को बाहर करने और मैथ्यू ब्रीट्जके को शामिल करने का फैसला बल्लेबाजी को मजबूत करने की कोशिश माना जा रहा है. अब देखना होगा कि टीम में यह बदलाव ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसे वापसी दिला पाता है या नहीं.
Namo Ghat पर बोले CM Yogi: PM Modi के विजन से Kashi बनी Global Identity, बदला माहौल
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि शहर ने अपनी सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखते हुए एक नया रूप ले लिया है। वाराणसी में 'स्वच्छता मित्र सम्मान' समारोह में बोलते हुए, मुख्यमंत्री योगी ने 2014 से पहले के हालात को याद किया—जब वहां गंदगी के ढेर, सड़कों पर घूमते आवारा पशु, तंग गलियां, बिजली की कमी और भारी ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं थीं। इसे भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में मामा Vs मुख्यमंत्री की जंग तेज! शिवराज सिंह चौहान के तीखे तेवर से राज्य की राजनीति गर्माई उन्होंने कहा कि आप सभी देख सकते हैं कि काशी बदल गई है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में इस चिरंतन काशी का कायाकल्प हुआ है। वह काशी, जिसकी तंग गलियों में 2014 से पहले गंदगी के ढेर दिखाई देते थे, जहाँ सड़कों पर आवारा पशु घूमते थे, और जहाँ बिजली के लिए भी तरसना पड़ता था। वह काशी, जिसकी किस्मत में ट्रैफिक जाम ही लिख गया था... लोगों ने मान लिया था कि इसी गंदगी के बीच जीवन में आगे बढ़ना ही उनकी नियति है। उन्होंने आगे कहा कि आज वही काशी अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए, एक नई आभा, नए रूप और नए कलेवर के साथ आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री योगी ने शहर के विकास को बनाए रखने में जनभागीदारी की भूमिका पर जोर दिया: सरकार निर्माण कार्य तो करा सकती है, लेकिन इसके रखरखाव और सुरक्षा की जिम्मेदारी एक जागरूक समाज की होती है। अगर जनता जागरूक नहीं है, तो सबसे भव्य निर्माण भी खंडहर में बदलने में ज्यादा समय नहीं लेगा। इसे भी पढ़ें: यौन उत्पीड़न के आरोपी कांग्रेस सांसद Bimol Akoijam पर कार्रवाई के लिए Om Birla से मिलेंगी BJP सांसद वाराणसी के अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री ने नमो घाट का निरीक्षण किया। यहाँ वे 22, 23 और 25 अक्टूबर को होने वाले एयर शो की तैयारियों का जायजा ले रहे थे। उन्होंने इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी की भागीदारी के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की और मौके पर मौजूद अधिकारियों से अपडेट लिया। 25 अक्टूबर को होने वाले इस एयर शो में प्रधानमंत्री मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के शामिल होने की उम्मीद है।
BJP विधायक के EVM बयान से क्यों मचा बवाल?
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से भाजपा विधायक रत्नाकर मिश्रा का बयान सोशल मीडिया पर वायरल है. उन्होंने कहा कि वे राम-द्रोहियों और देशद्रोहियों का वोट नहीं चाहते और ऐसे वोट से ईवीएम अशुद्ध होने की बात कही. उन्होंने भारत माता की जय, जय श्री राम और वंदे मातरम बोलने वालों का समर्थन मांगा. दिल्ली में हो रहे प्रदर्शनों को लेकर भी उन्होंने विदेशी साजिश का आरोप लगाया है. उनके बयान के बाद राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है.
राजस्थान में पेपर लीक पर कैसे लगेगा लगाम, प्रेमचंद बैरवा ने बताया सरकार का प्लान
बैरवा ने भरोसा जताया कि सरकार की विकास योजनाओं, रोजगार संबंधी पहलों और ग्रामीण क्षेत्रों पर ध्यान देने का लाभ आगामी पंचायत चुनाव में भाजपा को मिलेगा.
चीनी से 300 गुना मीठी... कैलोरी फ्री! एक बार लगाएं और 5 साल तक कमाई
Stevia Farming Tips: स्टीविया की खेती किसानों के लिए कमाई का नया विकल्प बन सकती है. मीठी तुलसी के नाम से पहचाने जाने वाले इस पौधे की पत्तियों से प्राकृतिक मिठास देने वाले उत्पाद तैयार किए जाते हैं. अनुकूल परिस्थितियों में एक बार पौधे लगाने के बाद कई साल तक उपज ली जा सकती है.
'जॉर्ज सोरोस के 10 अरब डॉलर के फंड से कुछ अच्छा...', सैम पित्रोदा ने क्यों कहा?
इंडियन ओवरसीज कांग्रेस प्रमुख सैम पित्रोदा ने प्रेस वार्ता में कहा कि अच्छे काम के लिए जॉर्ज सोरोस के 10 अरब डॉलर के संभावित निवेश पर विचार किया जा सकता है. उन्होंने छात्रों के विरोध और सरकार के खिलाफ बोलने के अधिकार का समर्थन करते हुए मतभेद बातचीत से सुलझाने पर जोर दिया.
राहुल गांधी की सुप्रीम कोर्ट ने मान ली बात, ज्ञानेश कुमार से मांग लिया जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को INDIA अलायंस को बड़ी राहत दी है। अदालत ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत विपक्षी दलों के नेताओं की याचिका पर भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को नोटिस जारी कर दिया है।
हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाने पर नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
Supreme Court on Reservation: सुप्रीम कोर्ट ने देश में धर्म परिवर्तन और आरक्षण के अधिकार से जुड़े एक मामले में ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि कोई व्यक्ति हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाता है, तो वह केवल ...
मनसा में परविंदर झोटा मर्डर पर क्यों भारी जनाक्रोश? देखें पंजाब आजतक
पंजाब आजतक के स्पेशल बुलेटिन में आज दिखाएंगे इस्तीफ और इंसाफ की जंग में कैसे जल रहा है पंजाब, पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन की जमीन खरीद पर किसने उठाए सवाल, पंजाब में SIR को लेकर सियासत, लेकिन उससे पहले नजर हेडलाइंस पर.
इमरान खान छोड़ेंगे भारत? करोड़ों का घर... उनकी संपत्तियों का क्या होगा?
Imran Khan Networth: बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान को मुंबई पुलिस से देश छोड़ने का नोटिस मिला है. जब उनका करियर पीक पर था, तो वे एक फिल्म के लिए करोड़ों रुपये चार्ज करते थे. फिल्मों के साथ ब्रांड एंडोर्समेंट से भी उनकी कमाई होती थी.
राहुल गांधी क्या अब इंडिया ब्लॉक का प्रमुख चेहरा हैं? जानिए क्या बोले सचिन पायलट
कांग्रेस के महासचिव सचिन पायलट ने आजतक पंचायत राजस्थान के कार्यक्रम में शामिल हुए, इस दौरान उन्होंने चुनाव आयोग की काम काज पर सवाल उठाते हुए राजस्थान के निकाय और पंचायत चुनाव पर बात की. इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी के इंडिया गठबंधन में बढ़ते कद को लेकर भी बात रखी.
क्या नाइट शिफ्ट करने वालों को कैंसर ज्यादा होता है? डॉक्टर ने बताया
लंबे समय तक नाइट शिफ्ट में काम करने वाले लोगों में क्या कैंसर का रिस्क ज्यादा होता है? इसके बारे में जानने के लिए हमने गुरुग्राम के फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. वेदांत काबरा से बातचीत की है.
Rahul की Poster Girl पर बवाल: Bangladesh मॉडल से Anarchy फैलाने की कोशिश, BJP का सनसनीखेज आरोप
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पर 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन' (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा का समर्थन करके लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि विपक्ष की ओर से राजनीतिक प्रतिरोध की बात करने के पीछे असल मकसद सत्ता परिवर्तन करना है। गुरुवार को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, भंडारी ने बांग्लादेश में हुए विरोध-प्रदर्शनों पर नेहा बोरा की टिप्पणियों को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के राजनीतिक अभियान से जोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों की विचारधारा एक ही है, जिसका मकसद भारत में अराजकता फैलाना है। इसे भी पढ़ें: Speaker Om Birla से मिलीं BJP सांसद, JNU उत्पीड़न केस में Congress MP पर कार्रवाई की मांग उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर यह आरोप भी लगाया कि चुनावी रास्ते से सत्ता हासिल करने में नाकाम रहने के बाद, वे लोकतांत्रिक संस्थाओं को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। भंडारी ने कहा कि आपने राहुल गांधी को 'राजनीतिक प्रतिरोध' (political resistance) शब्द का इस्तेमाल करते हुए सुना होगा। आज मैं आपके सामने जो तथ्य रखने जा रहा हूँ, उनसे साबित हो जाएगा कि राहुल गांधी का मकसद लोकतांत्रिक विरोध करना नहीं, बल्कि अराजकता की आड़ में भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करना है। एक विरोध मार्च के दौरान गांधी और बोरा के वीडियो का जिक्र करते हुए, बीजेपी प्रवक्ता ने दावा किया कि गांधी ने बोरा को इस प्रदर्शन का चेहरा बनाया था, जिससे पता चलता है कि दोनों की राजनीतिक विचारधारा एक ही है। भंडारी ने कहा कि कल एक इंटरव्यू में नेहा बोरा ने कहा कि यह आंदोलन बांग्लादेश के विरोध-प्रदर्शनों से प्रेरित है और वे चाहते हैं कि भारत में भी वही सब हो, जो बांग्लादेश में हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि बोरा की ये बातें गांधी की सोच को दर्शाती हैं। उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष सत्ता में लौटने के लिए अराजकता को जायज ठहराना चाहता है। इसे भी पढ़ें: Amarinder Singh की कांग्रेस में वापसी की अटकलें, Sachin Pilot ने कहा- राजनीति में कुछ भी हो सकता है भंडारी ने X पर जाकर गांधी और बोरा के खिलाफ भाजपा के आरोपों को फिर से दोहराया। बुधवार को एक पोस्ट में, भंडारी ने लिखा, राहुल गांधी की 'पोस्टर गर्ल' नेहा बोरा कहती हैं - 'बांग्लादेश ने हमें क्रांति का रास्ता दिखाया है!' उन्होंने आगे कहा कि यह सत्ता परिवर्तन (रेजीम चेंज) की खुली स्वीकारोक्ति है! राहुल गांधी और उनके साथी भारतीय लोकतंत्र के लिए खतरा हैं! एक अन्य पोस्ट में, भंडारी ने कहा कि बोरा की टिप्पणियों से साबित होता है कि गांधी का प्रतिरोध का विचार राजनीतिक प्रकृति का नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका मकसद सत्ता परिवर्तन था और दावा किया कि बोरा बांग्लादेश की घटनाओं से प्रेरित थे और चाहते थे कि वैसी ही घटनाएं भारत में भी दोहराई जाएं। Neha Bora, Rahul Gandhi's poster girl says-‘Bangladesh showed us the way’ for Revolution! This is Open Admission of Regime Change! Rahul Gandhi& Co are a threat to Indian Democracy! https://t.co/Eoi7QVzAtW — Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी) (@pradip103) October 14, 2026
Bumrah और Pant को लेकर रोहित शर्मा ने दिए मजेदार बयान
टीवी शो ‘फैमिली फुल हाउस विद रोहित शर्मा’ में भारतीय क्रिकेटर रोहित शर्मा ने अपनी निजी जिंदगी और साथी खिलाड़ियों को लेकर कई मजेदार खुलासे किए. शादी के सबसे यादगार तोहफे पर उन्होंने कहा कि ससुर ने उन्हें पत्नी का हाथ दिया था. वहीं, जसप्रीत बुमराह को डॉक्टर, युवराज सिंह को हेडमास्टर और ऋषभ पंत को बेबीसिटर बताया. रोहित के इन दिलचस्प जवाबों ने शो में हंसी और पुरानी यादों का रंग भर दिया.
सूरत में बच्चों की दवा के नाम पर खिलवाड़, घोड़े-गाय का लिवर टॉनिक बेचा
गुजरात के सूरत में SOG ने मेडिकल स्टोर संचालक को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि वह पशुओं का लिवर टॉनिक बच्चों की दवा Liv.52 Drops के नाम पर बेच रहा था. पुलिस मामले की जांच कर रही है. पढ़ें पूरी कहानी.
Islam अपनाने वालों को BC Quota नहीं, Supreme Court ने मद्रास High Court का फैसला सही ठहराया
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मद्रास हाई कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसके अनुसार इस्लाम अपनाने वाला कोई व्यक्ति 'पिछड़ा वर्ग' (BC) आरक्षण का हकदार नहीं है। जस्टिस पी.के. मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की बेंच ने कहा कि जो व्यक्ति हिंदू सामाजिक व्यवस्था से किसी गैर-हिंदू सामाजिक व्यवस्था में चला जाता है, वह इस तरह के लाभों का दावा नहीं कर सकता। तमिलनाडु सरकार ने हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिसने सरकार के उस फैसले को रद्द कर दिया था, जिसमें पिछड़े वर्ग के सात मुस्लिम समूहों को मान्यता दी गई थी। इस फैसले के तहत, पिछड़े वर्गों के लोग इस्लाम अपनाने के बाद भी 'पिछड़ा वर्ग मुस्लिम' के रूप में माने जा सकते थे। राज्य की याचिका को खारिज करते हुए पीठ ने कहा, जो व्यक्ति हिंदू सामाजिक व्यवस्था से किसी गैर-हिंदू सामाजिक व्यवस्था में धर्म परिवर्तन कर लेता है, वह केवल अपने धर्म परिवर्तन से पहले की सामाजिक पिछड़ेपन की स्थिति के आधार पर संविधान के अनुच्छेद 16(4) के तहत विशेष प्रावधानों (affirmative action) का दावा नहीं कर सकता। इसे भी पढ़ें: OpenAI में जासूसी के खुलासे से हड़कंप! AI ने पकड़ा अपना ही इंजीनियर Abdulrahman Alfozan, Silicon Valley में मचा घमासान पीठ ने आगे कहा कि 1950 का 'संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश' अनुसूचित जाति का दर्जा केवल उन लोगों तक सीमित रखता है जो हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म का पालन करते हैं। इसमें आगे कहा गया, पुरानी सामाजिक व्यवस्था में झेला गया पिछड़ापन अपने आप नए धर्म में नहीं जुड़ सकता, जिसके आधार पर उसे उस नए धर्म में 'पिछड़ा वर्ग' का दर्जा मिल जाए। 'संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश' के पैरा 3 के अनुसार, जो व्यक्ति हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म का पालन करता है, उसे अनुसूचित जाति का सदस्य नहीं माना जा सकता। तमिलनाडु सरकार ने तर्क दिया है कि 9 मार्च 2024 का उसका आदेश यह सुनिश्चित करने के लिए था कि सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े समुदायों के लोग केवल इस्लाम में धर्म परिवर्तन करने के कारण आरक्षण के लाभ से वंचित न रह जाएं। यह अपील 25 जून के उस फैसले के खिलाफ दायर की गई थी, जिसमें राज्य सरकार के मार्च 2024 के एक आदेश (GO) को रद्द कर दिया गया था। इस आदेश में कहा गया था कि यदि पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग, विमुक्त समुदाय या अनुसूचित जाति का कोई व्यक्ति इस्लाम अपनाता है, तो उसे आरक्षण का लाभ लेने के लिए 'BC (मुस्लिम)' माना जा सकता है। इस सरकारी आदेश में यह भी कहा गया था कि धर्म परिवर्तन के बाद आरक्षण का लाभ लेने के लिए, व्यक्ति को 7 अधिसूचित समूहों में से किसी एक से संबंधित होने का सामुदायिक प्रमाण पत्र जारी किया जाना चाहिए। उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि यह सरकारी आदेश उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के उन न्यायिक फैसलों के पूरी तरह खिलाफ था, जिनमें यह माना गया है कि इस्लाम अपनाने वाले व्यक्ति को केवल 'मुस्लिम' ही माना जा सकता है। उच्च न्यायालय ने यह भी गौर किया कि ईसाई मिशनरियों और इस्लामिक प्रचारकों का यह दावा रहा है कि उनके धर्मों में सामाजिक समानता है, जबकि हिंदू धर्म में जाति-आधारित पदानुक्रम (caste hierarchy) मौजूद है। यह आदेश समीर अहमद द्वारा दायर एक याचिका पर आया था, जिन्होंने 2015 में इस्लाम अपना लिया था, अपना नाम बदल लिया था और अपने नए धर्म के अनुसार शादी कर ली थी। इसे भी पढ़ें: Caller ID Mandatory India | अब अनजान नंबरों से कॉल्स का झंझट खत्म! 1 नवंबर से फोन स्क्रीन पर दिखेगा कॉलर का असली नाम, सरकार का बड़ा फैसला 2024 के सरकारी आदेश (GO) के आधार पर, उन्होंने 'मुस्लिम लेब्बाई' के रूप में सामुदायिक प्रमाण पत्र (कम्युनिटी सर्टिफिकेट) के लिए आवेदन किया। तमिलनाडु सरकार के इस आदेश के तहत, 'मुस्लिम लेब्बाई' को पिछड़े वर्ग के उन सात मुस्लिम समुदायों में से एक माना गया है जिन्हें मान्यता प्राप्त है। तहसीलदार द्वारा आवेदन खारिज किए जाने के बाद, समीर ने उसी सरकारी आदेश का हवाला देते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। राज्य सरकार ने दलील दी कि यह सरकारी आदेश काफी सोच-विचार के बाद जारी किया गया था, और इसका मकसद केवल यह सुनिश्चित करना था कि जो लोग पहले से आरक्षण का लाभ ले रहे हैं, वे इस्लाम अपनाने की वजह से अपना आरक्षण न खो दें।
Speaker Om Birla से मिलीं BJP सांसद, JNU उत्पीड़न केस में Congress MP पर कार्रवाई की मांग
15 अक्टूबर को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की महिला सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। उन्होंने कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जिन पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की 11 छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। इस प्रतिनिधिमंडल में BJP महिला मोर्चा की प्रभारी डॉ. दग्गुबाती पुरंदेश्वरी के साथ-साथ सांसद बांसुरी स्वराज और रूप कुमारी चौधरी शामिल थीं। उन्होंने एक पत्र सौंपा, जिसमें इन आरोपों की गंभीरता, विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच और अकोइजम के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई का जिक्र किया गया था। इसे भी पढ़ें: यौन उत्पीड़न के आरोपी कांग्रेस सांसद Bimol Akoijam पर कार्रवाई के लिए Om Birla से मिलेंगी BJP सांसद पत्र में कांग्रेस नेतृत्व की प्रतिक्रिया को लेकर चिंता जताई गई है। इसमें कहा गया है कि यह मामला महिलाओं के सम्मान, छात्राओं की सुरक्षा, सार्वजनिक जीवन में नैतिक जवाबदेही और राजनीतिक दलों के आचरण से जुड़ा है। पत्र में विस्तार से बताया गया है कि 11 छात्राओं ने अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराई थीं। अकोइजम, मणिपुर से कांग्रेस सांसद बनने से पहले JNU में प्रोफेसर थे। विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति की जांच में इन आरोपों की पुष्टि हुई, जिसके परिणामस्वरूप 9 अक्टूबर, 2026 को उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया। BJP प्रतिनिधिमंडल ने इस मामले में दर्ज एक FIR का भी जिक्र किया और अपने ज्ञापन के साथ इससे जुड़े जरूरी दस्तावेज भी संलग्न किए। यह घटनाक्रम जवाबदेही तय करने की बीजेपी की लगातार मांगों के बाद सामने आया है। इससे पहले, पार्टी के महिला विंग ने राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से संपर्क कर मामले में हस्तक्षेप करने और शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा के लिए कदम उठाने की मांग की थी। इसे भी पढ़ें: 'कायरता और संवेदनहीनता की पराकाष्ठा', अंकिता भंडारी के माता-पिता की हिरासत पर भड़के मल्लिकार्जुन खरगे, केंद्र पर साधा निशाना ओम बिरला से मुलाकात के बाद, बीजेपी सांसद दग्गुबाती पुरंदेश्वरी ने कहा कि हमने एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें बताया गया है कि कांग्रेस सांसद बिमोल को आंतरिक समिति ने दोषी पाया है। इसलिए, हमने स्पीकर से अनुरोध किया है कि वे इस मामले को एथिक्स कमिटी (आचार समिति) को सौंपें और इसकी जांच कराएं। हमने यह भी मांग की है कि इस बात पर विचार किया जाए कि क्या उन्हें लोकसभा सांसद बने रहना चाहिए या नहीं। यह लोकतंत्र का सबसे पवित्र सदन है। जिस व्यक्ति ने महिलाओं के साथ बहुत बुरा बर्ताव किया हो, उसे लोकतंत्र के इस सर्वोच्च सदन में रहने का कोई हक नहीं है। स्पीकर ने हमें आश्वासन दिया है कि वे इस मामले को देखेंगे और कानूनी तौर पर जो भी संभव होगा, वह करेंगे।
‘दिल्ली पुलिस ने बस से उतारकर पीटा', लॉ स्टूडेंट की शिकायत पर केरल में दर्ज हुई FIR
दिल्ली यूनिवर्सिटी की लॉ स्टूडेंट और NSUI कार्यकर्ता अथिरा विजयन का आरोप है कि हिरासत में लेने के बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें बस से उतारकर पीटा। शिकायत के आधार पर केरल में जीरो FIR दर्ज की गई है।
हूतियों को चीन का सपोर्ट, तैयार कर रहे घातक मिसाइल, निशाने पर सऊदी-इस्राइल!
यमन में सक्रिय ईरान समर्थित हूती विद्रोही अब चीन से मिले पुर्जों की मदद से अपनी एडवांस मध्यम दूरी की मिसाइल विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं।
पाकिस्तान में स्कूल की छत ढहने से 17 छात्रों की मौत
पाकिस्तान के पेशावर शहर में एक स्कूल की छत गिरने से 13 साल से कम उम्र के कम से कम 17 स्टूडेंट्स और एक टीचर की मौत हो गई.
पुणे में हिरासत में ली गई युगांडा की 3 महिलाएं, वापस भेजने की तैयारी शुरू!
पुणे के मारुंजी में वीजा अवधि से ज्यादा रहने के आरोप में युगांडा की तीन महिलाओं को हिरासत में लिया गया. मूल दस्तावेजों के बदले फोटो कॉपी मिलने और वीजा अवधी ना बढ़वाने के मामले में अब विदेशी पंजीकरण कार्यालय ने उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की.
अंकिता भंडारी हत्याकांड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने त्वरित कार्रवाई, निष्पक्ष जांच, प्रभावी अभियोजन और पीड़ित परिवार को सहायता उपलब्ध कराने के स्तर पर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। घटना सामने आने के बाद आरोपियों की ...
'मैंने शिवा को बिल्डिंग से कूदते देखा', श्रद्धा दुबे का नए वीडियो में सनसनीखेज दावा
लखनऊ के शिवा शर्मा डेथ केस में मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे ने नया वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया है. उसका दावा है कि शिवा ने हत्या नहीं बल्कि सुसाइड किया था और उसने उसे खुद बालकनी से कूदते देखा था. श्रद्धा के अनुसार, शिवा पर 15-20 लाख का कर्ज था और वह तनाव में था. उसने मीडिया से अपील की है कि उस पर झूठे आरोप न लगाए जाएं.
जेलेंस्की की धमकी- रूस के तेल रिफाइनरियों पर हमला करेगा यूक्रेन
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले फिर शुरू करेगा. ट्रंप की एनर्जी सीजफायर घोषणा विफल रही क्योंकि रूस ने यूक्रेनी ऊर्जा ठिकानों पर हमले जारी रखे. ट्रंप का प्रभाव कम होता दिख रहा है.
Pakistan की आतंकी हरकत पर भारत करेगा और बड़ा हमला, Rajnath Singh ने दी सीधी चेतावनी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 15 अक्टूबर को कहा कि शांति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शांति बनाए रखने के लिए ताकत और क्षमता का होना जरूरी है। नई दिल्ली में 'टाइम्स नेटवर्क नेशनल डिफेंस कॉन्क्लेव 2026' में बोलते हुए, सिंह ने कहा कि शांति की कामना करना हमारी सभ्यतागत चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों का एक अहम हिस्सा है। हमारी संस्कृति हमें बातचीत, सह-अस्तित्व और शांतिपूर्ण समाधान का रास्ता दिखाती है। लेकिन शांति के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को हमारी कमजोरी नहीं समझना चाहिए। शांति बनाए रखने के लिए ताकत और क्षमता का होना भी जरूरी है। इसे भी पढ़ें: यौन उत्पीड़न के आरोपी कांग्रेस सांसद Bimol Akoijam पर कार्रवाई के लिए Om Birla से मिलेंगी BJP सांसद उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान की तरफ से आगे कोई और आतंकी गतिविधि होती है, तो भारत पहले के ऑपरेशनों से भी बड़ा हमला करेगा। सिंह ने आतंकी हमलों के खिलाफ भारत की निर्णायक जवाबी कार्रवाइयों को याद किया, जिनमें 2016 के उरी आतंकी हमले के बाद की गई सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 के पुलवामा हमले के बाद बालाकोट में की गई एयरस्ट्राइक, और पिछले साल पहलगाम में नागरिकों की हत्या के बाद चलाया गया 'ऑपरेशन सिंदूर' शामिल हैं। 'ऑपरेशन सिंदूर' को आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक प्रहार बताते हुए, सिंह ने कहा कि इसने पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों के ठिकानों को नष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि जिन्होंने आतंकवाद का रास्ता चुना है, वे अब इस रास्ते पर ज्यादा दिन नहीं टिक सकते। हमारे सशस्त्र बल उन्हें बहुत जल्दी ऊपर (परलोक) भेज देते हैं। 2014 के बाद से, ज्यादातर आतंकियों की 'शेल्फ लाइफ' (जीवित रहने की अवधि) 1 साल से भी कम हो गई है। यानी, भारत के खिलाफ हथियार उठाने के एक साल के भीतर ही, हमारे सुरक्षा बलों ने ज्यादातर आतंकियों को खत्म कर दिया है। आतंक का सामना करने में व्यक्तिगत साहस पर जोर देते हुए, सिंह ने कैप्टन स्मिथ मच्छर की बहादुरी का उदाहरण दिया। यह इस बात का सबूत है कि मानवता के प्रति समर्पित संकल्प, नफरत और आतंक पर जीत हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि मानवता में विश्वास रखने वाले एक अकेले व्यक्ति का साहस, नफरत से भरे किसी अकेले आतंकी के इरादों पर भारी पड़ सकता है। कैप्टन स्मिथ मच्छर का साहस इस विश्वास को और मजबूत करता है कि आतंक की ताकत चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, मानवता के लिए समर्पित व्यक्ति का संकल्प उसे हरा सकता है। इसे भी पढ़ें: 'कायरता और संवेदनहीनता की पराकाष्ठा', अंकिता भंडारी के माता-पिता की हिरासत पर भड़के मल्लिकार्जुन खरगे, केंद्र पर साधा निशाना सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त जवाबी कार्रवाई के महत्व को दोहराते हुए कहा कि याद रखें, 2019 में जब पुलवामा में आतंकी हमला हुआ था, तो हमारे सशस्त्र बलों ने बालाकोट में हवाई हमले (एयरस्ट्राइक) किए थे। और यह भी याद रखें कि पिछले साल, जब आतंकवादियों ने पहलगाम में हमारे निर्दोष नागरिकों की हत्या कर दी थी, तब हमने 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों के ठिकानों को नष्ट कर दिया था। भारत के इतिहास में यह पहली बार था जब भारतीय सशस्त्र बलों ने आतंकवाद के सीने पर एक निर्णायक प्रहार किया था।
धर्म बदलने पर नहीं मिलेगा आरक्षण: तमिलनाडु सरकार को सुप्रीम कोर्ट का झटका, जानिए क्या है पूरा मामला?
धर्म बदलने पर नहीं मिलेगा आरक्षण: तमिलनाडु सरकार को सुप्रीम कोर्ट का झटका, जानिए क्या है पूरा मामला?- No reservation upon changing religion Supreme Court blow TamilNadu government find out what whole issue about
मोबाइल से कॉल करते हैं तो 1 नवंबर से बदल रहा है नियम, TRAI का ऐलान
TRAI के नए कॉलर नेम डिस्प्ले नियम से फोन पर आने वाली कॉल की पहचान करना आसान हो सकता है. इस फीचर के तहत कॉल आने पर नंबर के साथ कॉल करने वाले का रजिस्टर्ड नाम भी दिखाई देगा. जानिए इस नियम से स्पैम कॉल और साइबर फ्रॉड से बचने में कैसे मदद मिल सकती है.
'पंजाब बंद' का दिखा मिला-जुला असर, परमिंदर झोटा की हत्या के बाद दी थी कॉल
पंजाब बंद की कॉल का असर लुधियाना के लाडोवाल टोल प्लाजा पर देखने को मिला. यहां किसान यूनियन की ओर से धरना-प्रदर्शन कर टोल प्लाजा को आने-जाने वाले वाहनों के लिए फ्री कर दिया गया है.
Jailer 2 में रजनीकांत के स्वैग ने मचाया भौकाल, छाए ऋतिक
Jailer 2 Public Review: रजनीकांत की फिल्म जेलर 2 ने रिलीज होते ही दर्शकों का दिल जीत लिया है. थलाइवा की शानदार स्क्रीन प्रेजेंस, नेल्सन दिलीपकुमार के निर्देशन और अनिरुद्ध रविचंदर के बैकग्राउंड म्यूजिक ने फिल्म को खास बनाया है.
Vijay की TVK ने बढ़ाई Congress की ताकत, CEC Gyanesh Kumar के खिलाफ Chennai में किया विरोध
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर हुए एक विरोध प्रदर्शन में पहली बार हिस्सा लिया। 15 अक्टूबर को चेन्नई में आयोजित यह रैली, कांग्रेस के नेतृत्व वाले 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन द्वारा आयोजित की गई थी। इसका उद्देश्य मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूचियों के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) का विरोध करना था। इसे भी पढ़ें: अमेरिकी नागरिकता वाले अभिनेता इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस, CEC के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने पर मुंबई पुलिस की कार्रवाई 'लोकतंत्र बचाओ' (Protect Democracy) नाम के इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस सांसद बी. मणिकम टैगोर और तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) ने किया। इस प्रदर्शन में 'इंडिया' गठबंधन की सभी सात पार्टियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। TVK आधिकारिक तौर पर 3 अक्टूबर को INDIA गठबंधन में शामिल हो गया। CEC को हटाने की मांग को लेकर चलाए जा रहे अभियान में यह उनकी पहली भागीदारी थी। TVK की ओर से इसमें स्कूली शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन शामिल हुए। अन्य प्रमुख लोगों में विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) के अध्यक्ष और सांसद थोल थिरुमावलवन, और मारुमलरची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (MDMK) के महासचिव वाइको मौजूद थे। विरोध प्रदर्शन के दौरान बोलते हुए, VCK नेता एसएस बालाजी ने कहा कि जब CJP ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई, तो जल्द ही नतीजा सामने आ गया... अंततः न्याय की जीत होती है और लोकतंत्र जीतता है। INDIA गठबंधन में कई राष्ट्रीय पार्टियां शामिल हैं। तमिलनाडु की बात करें तो, वहां पार्टियों की संख्या सीमित है, और उन्होंने (TVK ने) तमिलनाडु में INDIA गठबंधन से जुड़ने में अपनी दिलचस्पी दिखाई है... जब राष्ट्रीय स्तर पर INDIA गठबंधन की बैठक होगी, तो वे TVK को आधिकारिक तौर पर शामिल करने पर अपनी सहमति देंगे, लेकिन TVK पहले ही INDIA गठबंधन से जुड़ चुका है। इसे भी पढ़ें: Election Commissioners की कानूनी सुरक्षा पर बरसे MA Baby, लामबंद हुआ INDIA गठबंधन कांग्रेस सांसद विजय वसंत ने भी CEC के इस्तीफे की मांग की और कहा कि हम ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं... चुनाव आयोग BJP के इशारे पर काम कर रहा है, जो कि अलोकतांत्रिक है... BJP सरकार जनता की आवाज नहीं सुनती है... इस विरोध प्रदर्शन को और मजबूत करने के लिए, आज TVK भी इसमें शामिल हो रही है। इस विरोध प्रदर्शन में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के प्रमुख के.एम. कादर मोहिदीन, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के राज्य सचिव पी. शनमुगम, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) के राज्य सचिव एम. वीरपांडियन और CPI (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के राज्य सचिव पाला असैथम्बी शामिल हुए। इनके अलावा, तमिलनाडु के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (AICC) के प्रभारी निवेदित अल्वा भी वहां मौजूद थे
धर्मांतरण के बाद नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ, जानें SC का बड़ा फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने धर्म परिवर्तन और जातिगत आरक्षण को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. शीर्ष अदालत ने यह साफ कर दिया है कि यदि कोई व्यक्ति दूसरे धर्म में धर्मांतरण करता है, तो उसे हिंदू जाति व्यवस्था के आधार पर मिलने वाले आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा. अदालत के अनुसार, हिंदू सामाजिक व्यवस्था के तहत मिलने वाला सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ापन धर्म परिवर्तन के बाद नए धर्म की सामाजिक व्यवस्था में अपने आप लागू नहीं हो सकता. सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के उस ऐतिहासिक फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें तमिलनाडु सरकार द्वारा धर्मांतरित मुसलमानों को आरक्षण देने के आदेश को रद्द कर दिया गया था.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने यह बात उत्तराखंड में 2022 में हुई अंकिता भंडारी की हत्या के मामले में उसके माता-पिता को हिरासत में लिए जाने के संदर्भ में कही। गांधी ने कहा कि इस सरकार की पहचान ही यह है कि यह पीड़ितों की आवाज़ दबा देती है और सवाल पूछने वालों को रास्ते से हटा देती है। 19 वर्षीय अंकिता भंडारी के माता-पिता को गुरुवार तड़के रिहा कर दिया गया। उन्हें कुछ घंटे पहले ही इंडिया गेट के पास हिरासत में लिया गया था, जहाँ वे सिक्किम के राज्यपाल के रूप में दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसे भी पढ़ें: Amarinder Singh की कांग्रेस में वापसी की अटकलें, Sachin Pilot ने कहा- राजनीति में कुछ भी हो सकता है हिरासत में लिए जाने के दौरान, अंकिता के पिता ने केंद्र सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया कि वे गौतम की नियुक्ति को रद्द करें। राहुल गांधी ने 'X' पर लिखा कि सुबह के 4 बजे। जब दुनिया सो रही थी, तब अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में ले लिया गया। उनका गुनाह क्या था? वे इंडिया गेट पर शांति से बैठे थे - भारी मन और बिना किसी हंगामे के। उनकी बस यही मांग थी कि जब तक CBI जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल न बनाया जाए। गांधी ने कहा कि कल, प्रियंका और मैं इन माता-पिता से मिले। उस जांच के नतीजे आने से पहले ही, आनन-फानन में कार्रवाई की गई और सवाल पूछने वाले माता-पिता को आधी रात को उठा लिया गया। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि यह इस सरकार की पहचान है: पीड़ितों की आवाज़ को दबा देना और सवाल पूछने वालों को रास्ते से हटा देना। उन्होंने आगे कहा, न्याय की यह लड़ाई न तो दबेगी और न ही रुकेगी। इसे भी पढ़ें: अंकिता भंडारी के माता-पिता का Delhi के इंडिया गेट पर धरना, Rahul Gandhi ने दिया समर्थन उन्होंने 'जस्टिस फॉर अंकिता भंडारी' (अंकिता भंडारी के लिए न्याय) हैशटैग का इस्तेमाल करते हुए कहा कि कांग्रेस अंकिता भंडारी के परिवार के साथ खड़ी है और तब तक उनके साथ खड़ी रहेगी, जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता। सूत्रों के मुताबिक, उनके माता-पिता को सुबह करीब 5 बजे रिहा कर दिया गया। अंकिता के पिता ने धमकी दी है कि अगर सरकार उनकी मांग नहीं मानती है, तो वे देशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे। उनके परिवार का आरोप है कि अंकिता की मौत में गौतम की अहम भूमिका थी।
नालंदा में उत्पाद विभाग की टीम पर फायरिंग, गोली लगने से पुलिसकर्मी की मौत
बिहार के नालंदा में पटना से आई उत्पाद विभाग की टीम पर ऑपरेशन के दौरान गोलीबारी हुई. गोली लगने से एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो में प्रतिनियुक्त पुलिसकर्मी की इलाज के दौरान मौत हो गई. जानें क्या है पूरा मामला?
नेपाल में शिवा शर्मा केस की आरोपी श्रद्धा दुबे, CCTV फुटेज आया सामने
लखनऊ के चर्चित व्यापारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे की पहली तस्वीर सामने आई है. भारत-नेपाल सीमा पर स्थित एसएसबी चेकिंग और टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज में श्रद्धा दुबे को उसकी बहन रश्मि और दोस्त आदिल के साथ देखा गया है. तस्वीरों से साफ जाहिर होता है कि आरोपी श्रद्धा नेपाल के महीम नगर पहुंच चुकी है. हालांकि, फरार होने से पहले श्रद्धा दुबे ने एक वीडियो जारी कर दावा किया था कि वह भागी नहीं है और जल्द ही पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज कराएगी. लेकिन इस सीसीटीवी फुटेज ने उसके दावों की पोल खोल दी है.
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने बांग्लादेश में छात्र आंदोलन से प्रेरित होकर भारत में भी ऐसा आंदोलन खड़ा करने की बात कहकर बवाल खड़ा कर दिया। उनके बयान को लेकर भाजपा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष पर निशाना साधा ...
पत्नी कुएं में कूदी तो पति ने सबके सामने मांगी माफी, तब बाहर आई महिला
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में पति-पत्नी के विवाद के बाद महिला कुएं में कूद गई. पति ने उसे बचाने के लिए रस्सी डाली, लेकिन महिला ने बाहर आने से इनकार कर दिया. उसने शर्त रखी कि पति ग्रामीणों के सामने माफी मांगे. आखिरकार पति ने हाथ जोड़कर माफी मांगी, जिसके बाद महिला कुएं से बाहर आई. महिला का कहना था कि उसका पति घर से बाहर जाते समय दरवाजे पर ताला लगा देता था.
दाल खाना छोड़ें! लंच में बनाएं आंवले की चटपटी मसालेदार सब्जी
Amla Sabzi: अगर आप भी रोज-रोज वही दाल या हरी सब्जी खाकर बोर हो गए हैं तो यहां हम आपको आंवले की टेस्टी और सूखी सब्जी की रेसिपी बता रहे हैं जो रोटी या चावल के साथ बहुत टेस्टी लगती है.
13 घंटे में 994 KM, ₹2600 किराया! SPL वंदे भारत में बुकिंग शुरू
New Delhi-Patna Vande Bharat Special: दिवाली और छठ पूजा पर दिल्ली से बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने खास इंतजाम किया है. त्योहारों में ट्रेनों की बढ़ती मांग को देखते हुए रेलवे ने नई दिल्ली और पटना के बीच वंदे भारत फेस्टिवल स्पेशल चलाई है. इस ट्रेन के लिए बुकिंग शुरू हो चुकी है.
Rahul Gandhi questions the Centre over the Ankita Bhandari case, asks what was their parents crime?
Parminder Singh Jhota की हत्या पर Punjab Bandh, Amritsar में भारी पुलिस बल तैनात
गुरुवार को अमृतसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। मानसा जिले में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में, किसानों और मजदूरों के कई संगठनों ने पूरे पंजाब में 'बंद' का आह्वान किया था। पुलिस ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम जनजीवन में कोई बाधा न आए, इसके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। ANI से बातचीत में, पुलिस उपायुक्त (शहर) जसकरण सिंह तेजा ने कहा कि पुलिस ने पर्याप्त संख्या में जवानों को तैनात किया है और स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है। उन्होंने साफ कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी, और न ही किसी दुकानदार या कारोबारी को जबरन 'बंद' में शामिल होने के लिए मजबूर किया जा सकेगा। इसे भी पढ़ें: Amarinder Singh की कांग्रेस में वापसी की अटकलें, Sachin Pilot ने कहा- राजनीति में कुछ भी हो सकता है तेजा ने कहा कि हमने पर्याप्त बल तैनात कर दिया है। सब कुछ शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है। हम किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेने देंगे। अगर कोई अपनी मर्जी से अपनी दुकान बंद करना चाहता है, तो वह ऐसा कर सकता है। किसी को भी इसमें शामिल होने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कारोबारी खुद तय कर सकते हैं कि वे बंद के दौरान अपनी दुकानें खुली रखना चाहते हैं या बंद रखना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। इस बीच, राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन के हिस्से के रूप में, स्थानीय लोगों ने भैनी बाघा गांव के पास बठिंडा-मानसा सड़क को जाम कर दिया। किसान मजदूर मोर्चा (KMM) के एक नेता ने बताया कि किसान मजदूर संघर्ष समिति पंजाब सहित कई किसान और मजदूर संगठनों ने मिलकर इस बंद का आह्वान किया था। नेता ने दावा किया कि कई इलाकों में यातायात काफी कम हो गया है और ज्यादातर दुकानें और कारोबार बंद रहे। KMM नेता ने भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के खिलाफ और विरोध प्रदर्शन करने की भी घोषणा की। उन्होंने सरकार पर राज्य में नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया। इसे भी पढ़ें: परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के विरोध में Punjab Bandh, कई जिलों में बंद रहीं दुकानें और स्कूल नेता ने कहा कि प्रदर्शनकारी राज्य सरकार की विफलताओं के प्रतीकों को जलाएंगे और कई जगहों पर 'डोेप टेस्ट' (नशे की जांच) करेंगे, ताकि सरकार के उस दावे को चुनौती दी जा सके जिसमें वह नशीले पदार्थों के खिलाफ 'जीरो-टॉलरेंस' नीति अपनाने की बात करती है। सरकार के नशा-विरोधी कदमों पर सवाल उठाते हुए, नेता ने आरोप लगाया कि मौजूदा प्रशासन के तहत नशीले पदार्थों की बिक्री बढ़ी है। उन्होंने अधिकारियों पर लोगों को नशीले पदार्थों से जुड़ी हिंसा से बचाने में नाकाम रहने का भी आरोप लगाया। KMM नेता ने इस बात को भी खारिज कर दिया कि झोटा की हत्या किसी निजी दुश्मनी का नतीजा थी। इसके बजाय, उन्होंने आरोप लगाया कि सामाजिक मुद्दों पर काम करने की वजह से ड्रग माफिया ने इस कार्यकर्ता को निशाना बनाया। राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताते हुए, नेता ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) के इस्तीफे की मांग की।
Jailer 2 Review In Hindi: जेलर 2 सिनेमाघरों में 15 अक्टूबर को रिलीज हो गई है, जिसकी पिछले काफी दिनों से चर्चा हो रही थी. फिल्म का पिछले दिनों ट्रेलर रिलीज किया गया था, जिसमें 10 बड़े सुपरस्टार्स का कैमियो देखने को मिला था.
2 हैदराबादियों का हैदराबाद में तूफान, जीत तय थी, फिर कैसे हारी टीम इंडिया
IND vs WI 4th T20I: भारतीय टीम को हैदराबाद में आखिरी 4 ओवर्स यानी 24 गेंदों में 59 रन चाहिए थे. भारत का स्कोर 189/5 था, तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी क्रीज पर थे, लेकिन इसके बाद भारतीय टीम कैसे मैच हार गई. आइए बताते हैं इसके पीछे की कहानी
बस में भिड़ीं दिल्ली पुलिस कॉन्स्टेबल और NSUI छात्रा, वीडियो वॉर शुरू
दिल्ली में पुलिस और कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई के बीच जारी जंग अब काफी तेज हो गई है. हाल ही में आयोजित विरोध प्रदर्शन के बाद दोनों पक्षों के बीच वीडियो वार और कानूनी कार्रवाई का दौर शुरू हो चुका है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उपस्थिति में एनएसयूआई के छात्र-छात्राओं ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जिसमें दिल्ली पुलिस पर बदसलूकी और हाथापाई करने का गंभीर आरोप लगाया गया. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने भी इसके जवाब में एक वीडियो जारी किया, जिसमें प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों से उलझते और मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं.
जीत तय थी, फिर भी अर्शदीप पर बरसाईं शॉर्ट गेंदें! WI पर उठे सवाल
हैदराबाद टी20 में शमर जोसेफ की बॉडीलाइन गेंदबाजी सुर्खियों में रही. अब दोनों टीमें शनिवार को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में पांचवें और निर्णायक टी20 मुकाबले में आमने-सामने होंगी. इसी मैच से सीरीज के विजेता का फैसला होगा.
प्लास्टिक मग कैसे साफ करें? प्लास्टिक के पीलेपन को कैसे हटाएं, जानिए यहां
Plastic mug kaise chamkaye: टॉयलेट में इस्तेमाल होने वाले मग की सफाई हफ्ते में एक-दो बार जरूर करें. जानें बेकिंग सोडा से दाग हटाने का तरीका, सफाई के दौरान किन चीजों से बचें और मग में दरार पड़ने पर उसे कब बदलना चाहिए.
डिजिटल कंटेंट क्रिएटर महिमा जालान पिछले डेढ़ साल से दुबई में कंपनियों की पर्सनल ब्रांडिंग का काम कर रही हैं. अब उन्होंने एक पोस्ट के जरिए अपना एक्सपीरियंस शेयर किया है जो लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद, मुंबई पुलिस ने अभिनेता इमरान खान से 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने को कहा। इसके कुछ ही समय बाद, भाजपा नेता किरीट सोमैया ने इमरान खान पर पाकिस्तान से फंड लेने और भारत में अराजकता फैलाने के लिए विदेशी ताकतों के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप लगाया। 'जाने तू... या जाने ना' और 'डेल्ही बेली' जैसी फिल्मों के लिए मशहूर यह बॉलीवुड अभिनेता अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास 'ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया' (OCI) कार्ड है। वे बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान के भतीजे हैं। इसे भी पढ़ें: अमेरिकी नागरिकता वाले अभिनेता इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस, CEC के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने पर मुंबई पुलिस की कार्रवाई मुंबई पुलिस ने गुरुवार को इमरान खान को एक नोटिस जारी कर 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया है। यह नोटिस 10 अक्टूबर को हुए एक विरोध प्रदर्शन में उनके शामिल होने के कारण दिया गया है। पुलिस का आरोप है कि भारतीय नागरिक न होने के बावजूद प्रदर्शन में हिस्सा लेकर उन्होंने 'फॉरेनर्स एक्ट' (विदेशी अधिनियम) का उल्लंघन किया है। खान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाले सोमैया ने नोटिस जारी होने के कुछ ही देर बाद एक वीडियो जारी किया। उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया और अभिनेता पर आरोप लगाया कि उन्होंने भारत में अराजकता फैलाने के लिए पाकिस्तान से फंड लिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नागरिक इमरान खान, जिसने पाकिस्तान से फंड लिया है, भारत में अराजकता फैलाने के लिए विदेशी ताकतों के साथ मिलकर साजिश रच रहा है। मैंने इमरान खान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, और अब उसे 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ना होगा। ये लोग चाहे कोई भी हों - इमरान, इकबाल, नुसरत या अब्दुल - विदेशी नागरिकों या दूसरे देशों से संबंध रखने वाले लोगों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Khyber Pakhtunkhwa में Shehbaz Sharif सरकार ने लगाया आपातकाल, विपक्ष ने बताया बड़ी भूल मुंबई के अगस्त क्रांति मार्ग पर शनिवार को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान इमरान खान और उनकी गर्लफ्रेंड लेखा वाशिंगटन को हिरासत में लिए जाने के कुछ ही समय बाद, सोमैया ने अभिनेता को देश से बाहर निकालने (डिपॉर्ट करने) की मांग की और मुंबई पुलिस से उनकी नागरिकता की जांच करने को कहा। सोमैया ने 10 अक्टूबर को 'X' पर लिखा, अभिनेता इमरान खान को तुरंत देश से बाहर निकाल देना चाहिए। उन्होंने गामदेवी पुलिस स्टेशन जाकर इस बॉलीवुड अभिनेता के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में पूछा और मुंबई एयरपोर्ट स्थित फॉरेन रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) के इमिग्रेशन डिवीजन में एक शिकायत भी दर्ज कराई।
Supreme Court का बड़ा फैसला, हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा धर्म अपनाने पर नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ
Supreme Court on reservation: सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के उस फैसले को सही ठहराया है, जिसमें कहा गया था कि हिंदू धर्म से इस्लाम अपनाने पर व्यक्ति को मुस्लिम आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा।
UP में 12000 से ज्यादा पदों पर होगी शिक्षक भर्ती, आज लास्ट डेट
उत्तर प्रदेश में सरकारी शिक्षक बनने की रेस में इस बार युवाओं के पास खास मौका है. राज्य के सहायक शिक्षक के पद पर 12, 405 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है. युवाओं में इस नौकरी को लेकर क्रेज दिख रहा है. लेकिन इस पद पर किस तरह भर्ती होगी, कैसे नौकरी मिलेगी, इसके बारे में जानते हैं.
मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत नए नाम जोड़ने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। लाड़ली बहनों को लेकर सरकार के दो मंत्री आमने सामने आ गए है। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल नए नाम जोड़ने के ...
सेब की हेल्दी खट्टीमीठी कैंडी, देखें रेसिपी वीडियो
अगर आप कुछ हेल्दी और टेस्टी खाना चाहते हैं, तो सेब से बनी कैंडी को ट्राई कर सकते हैं. देखें रेसिपी वीडियो.
कांग्रेस में नेहा बोरा को इतनी तवज्जो क्यों? राहुल गांधी के साथ दिखीं तो NSUI में ही उठे सवाल
राहुल गांधी के साथ प्रदर्शन में नजर आईं AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा को कांग्रेस में मिल रही तवज्जो से NSUI के भीतर सवाल उठने लगे हैं। जानिए, वामपंथी छात्र नेताओं को अहमियत देने की रणनीति पर कांग्रेस में क्यों छिड़ी बहस और इसके पीछे क्या हैं सियासी मायने।
दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की आशंका। IMD ने 60 किमी प्रति घंटे तक के झोंकों को लेकर चेतावनी जारी की।
Reliance Jio जल्द लाएगी अपना मेगा IPO, धमाकेदार एंट्री की तैयारी
भारत के टेलीकॉम सेक्टर में क्रांति लाने वाला रिलायंस जियो अब शेयर बाजार में कदम रखने के लिए पूरी तरह तैयार है. जियो प्लेटफॉर्म्स अपने प्रस्तावित आईपीओ के जरिए करीब 28,755 करोड़ रुपये से 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रहा है. कंपनी ने इसके लिए प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया है.
17 अक्टूबर से सूर्य-शनि का अशुभ योग! 3 राशियों की बढ़ेगी टेंशन
Shadashtak Yog: 17 अक्टूबर 2026 को सूर्य और शनि के बीच षडाष्टक योग बनने की ज्योतिषीय मान्यता है. जानें सिंह, मेष और वृश्चिक राशि के जातकों को इस दौरान करियर, धन और रिश्तों के मामले में किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए.
'राम भगवान नहीं इंसान थे', रामायण के इंटरनेशल प्रोमो ने चौंकाया
रणबीर कपूर की फिल्म रामायण का इंटरनेशनल कैंपेन 15 अक्टूबर से शुरू हो गया है. नई क्लिप में भगवान राम को इंसान बताया गया है, जो बुराई से लड़ते हैं.
जिम ट्रेनर के मोबाइल से मिले 30 अश्लील वीडियोज, बड़े रैकेट का शक
नालासोपारा में गरबा खेलने वाली महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में जिम ट्रेनर आरिफ शेख को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से 30 से अधिक अश्लील वीडियो बरामद किए गए हैं. इससे पहले 12 अक्टूबर को एक पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ बलात्कार की गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी. इसके अलावा अब आरोपी पर अपने मोबाइल फोन से महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य और सबूत डिलीट करने के भी आरोप लगे हैं.
बांग्लादेश के सतखीरा में 38 साल के वाहिदुज्जमान शमीम की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी है. शमीम के परिवार का कहना है कि वह पिछले कुछ दिनों से अजीब व्यवहार कर रहा था और मानसिक रूप से ठीक नहीं था. उसे एक साल पहले नशाखुरानी गैंग ने अपना शिकार बनाया था जिसके बाद उसके व्यवहार में बदलाव देखा गया था.
Tilak की एक चूक कैसे पड़ी टीम इंडिया पर भारी?
भारत और वेस्टइंडीज के बीच चौथे टी20 मुकाबले में तिलक वर्मा की एक चूक भारतीय टीम को भारी पड़ी. पारी की आखिरी गेंद पर शाई होप 96 रन पर थे, तभी लॉन्ग ऑन पर तिलक उनका कैच नहीं पकड़ सके. उन्होंने बताया कि तेज फ्लडलाइट की वजह से गेंद ठीक से दिखाई नहीं दी. गेंद छक्के के लिए गई और होप ने नाबाद 102 रन बनाकर शतक पूरा किया. वेस्टइंडीज ने 247 रन बनाए.
Karwa Chauth Date 2026: करवा चौथ 2026 का व्रत 29 अक्टूबर गुरुवार को रखा जाएगा. पहली बार व्रत रखने वाली महिलाएं सरगी, पूजा की थाली, व्रत कथा और चंद्रमा को अर्घ्य देने की विधि जान लें. व्रत के दौरान सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है.
AUS में मिली मंजूरी, अब BCCI से आस... अनाया का सपना होगा पूरा?
पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगड़ की बेटी अनाया बांगड़ ने BCCI से ऑस्ट्रेलिया की तर्ज पर ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को महिला क्रिकेट में खेलने का अवसर देने की अपील की है. अनाया के मुताबिक, उन्होंने पहले भी BCCI से इस मुद्दे पर संपर्क किया था, लेकिन उन्हें अभी तक जवाब नहीं मिला है.
Shahdara Police ने बुजुर्ग के घर से 15 लाख के गहने चुराने वाले फर्जी तांत्रिक समेत 3 को पकड़ा
दिल्ली में शाहदरा पुलिस ने जमीन में दफन पुश्तैनी सोना निकालने के बहाने 79 वर्षीय बुजुर्ग से ठगी करने और उनके घर से करीब 15 लाख रुपये के सोने के गहने चोरी करने के आरोप में एक फर्जी तांत्रिक और उसके दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान मुजफ्फरनगर निवासी तहसीन उर्फ कृष्णा शर्मा उर्फ कृष्णा पंडित (48), मयूर विहार निवासी शोएब अली (40) और पश्चिम बंगाल के रहने वाले महाकादर खान (48) के रूप में हुई है। शाहदरा के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि सीमापुरी थाने में यह मामला पीड़ित गिरिजेश सिंह (79) की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि शोएब अली और महाकादर खान ने उन्हें एक तांत्रिक से मिलवाया तथा आरोपियों ने असली सोने का सिक्का दिखाकर उनका विश्वास जीता और फिर अनुष्ठान के नाम पर उनसे नकद एवं एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए करीब 39 हजार रुपये ले लिए। डीसीपी ने बताया कि इसके बाद चार अगस्त की रात आरोपियों ने बुजुर्ग के घर पर मिट्टी के बर्तनों और नकली सोने के बिस्कुटों का इस्तेमाल कर अनुष्ठान करने का नाटक किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान आरोपियों ने बुजुर्ग को कोई नशीला पदार्थ खिला दिया, जिससे वह बेहोश हो गए और होश आने पर उन्हें अपनी अलमारी से करीब 15 लाख रुपये के सोने के जेवर गायब मिले। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान मुख्य आरोपी तहसीन को मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया गया। वह ‘कृष्णा शर्मा’ नाम से फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल कर खुद को तांत्रिक बताता था। उसने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर 2,73,000 रुपये नकद, एक कार, तांत्रिक की पोशाक, 11 अंगूठी, दो आधार कार्ड (तहसीन और कृष्णा शर्मा के नाम पर), एक पैन कार्ड, एक एटीएम कार्ड और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।
मोबाइल यूजर्स के लिए एक बहुत बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब आपको अनजान नंबरों से बार-बार आने वाले कॉल्स और फर्जीवाड़े से जल्द ही छुटकारा मिलने वाला है। भारत सरकार ने टेलीकॉम यूजर्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कॉलर ID (Caller ID) को अनिवार्य कर दिया है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने सभी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स (TSPs) को आगामी 1 नवंबर 2026 से 'कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन' (CNAP) सिस्टम लागू करने का सख्त निर्देश दिया है।CNAP भारत का एक वेरिफाइड कॉलर आइडेंटिफिकेशन सिस्टम है, जो कॉल करने वाले का नंबर और नाम दिखा सकता है। DoT के आदेश के अनुसार, 4G और उससे अगली पीढ़ी के मोबाइल नेटवर्क (जैसे 5G) पर सभी यूज़र्स के लिए CNAP डिफ़ॉल्ट रूप से चालू रहेगा। जब आपको कोई कॉल आएगी, तो CNAP कॉल करने वाले का नाम और नंबर दिखाएगा। आदेश में कहा गया है कि 2G और 3G नेटवर्क तथा पब्लिक स्विच्ड टेलीफोन नेटवर्क (PSTN) पर इसे लागू करने के बारे में अलग से विचार किया जाएगा। कॉलर ID कैसे काम करेगी? आदेश के मुताबिक, जब कोई कॉल आएगी, तो स्क्रीन पर सबसे पहले कॉल करने वाले का नंबर दिखेगा। दूसरे हिस्से में वह नाम दिखाई देगा जो रिसीवर के कॉन्टैक्ट्स में सेव है। अगर नंबर सेव नहीं है, तो घरेलू कॉल (domestic calls) के मामले में, कॉल करने वाले का वह नाम दिखाया जाएगा जो टेलीकॉम ऑपरेटर के सब्सक्राइबर डेटाबेस में दर्ज है। इंटरनेशनल कॉल के मामले में, स्क्रीन पर इंटरनेशनल कॉल लिखा हुआ दिखाई देगा। हर टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर को एक ऐसा डेटाबेस बनाना होगा, जिसमें सब्सक्राइबर्स के नाम और उनके नंबर दर्ज हों। कॉल प्राप्त करने वाला ऑपरेटर इस डेटाबेस से नाम निकालकर यूज़र को दिखाएगा। ऑपरेटर्स को 'सिक्योरिटी-बाय-डिज़ाइन' (security-by-design) अप्रोच का पालन करना होगा। इसके तहत, कॉल खत्म होने के बाद 'क्वेरी-रिस्पॉन्स' मैकेनिज्म के ज़रिए कॉल करने वाले का नाम सेव नहीं रखा जा सकेगा। जिन यूज़र्स ने 'कॉलिंग लाइन आइडेंटिफिकेशन रिस्ट्रिक्शन' (CLIR) सुविधा ले रखी है, उनका नाम नहीं दिखाया जाएगा। बिज़नेस और बल्क कनेक्शन के लिए, ऑपरेटर्स यूज़र्स को अपने रिकॉर्ड में दर्ज नाम के बजाय कोई दूसरा (पसंदीदा) नाम दिखाने का विकल्प दे सकते हैं। यह नाम या तो 'ट्रेड मार्क्स रजिस्ट्री' में यूज़र के नाम से रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क होना चाहिए, या फिर 'गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स' (GST) पोर्टल पर रजिस्टर्ड ट्रेड नेम होना चाहिए। ऑपरेटर्स को इस नाम और इससे जुड़े दस्तावेज़ों का वेरिफिकेशन करना होगा। मौजूदा ग्राहकों को अपना पसंदीदा नाम अपडेट करने के लिए आवेदन करना होगा। यह आदेश पिछले कुछ महीनों में 4G और 5G नेटवर्क पर किए गए ट्रायल के बाद आया है। इसमें टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) की फरवरी 2024 की सिफारिशों का भी जिक्र है। अक्टूबर 2025 में, TRAI ने DoT (दूरसंचार विभाग) के उस प्रस्ताव पर सहमति जताई, जिसके तहत CNAP को डिफ़ॉल्ट रूप से उपलब्ध कराया जाना है; हालाँकि, TRAI की मूल सिफारिश में इसे केवल अनुरोध करने पर ही सक्रिय करने का सुझाव दिया गया था।
क्या सुंदर बनने तुर्की जा रही हैं पाकिस्तानी लड़कियां? जानिए वहां ऐसा क्या है...
पाकिस्तान में अब ब्यूटी ट्रीटमेंट का चलन काफी बढ़ गया है और कई लड़कियां तुर्की में जाकर ब्यूटी ट्रीटमेंट करवा रही हैं. ऐसे में जानते हैं वहां की महिलाएं तुर्की क्यों जा रही हैं?
मां स्कंदमाता की आराधना के साथ सीएम योगी का विपक्ष पर निशाना, गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
नवरात्रि में मां स्कंदमाता की आराधना का संदेश देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सशक्तीकरण को लेकर अपनी सरकार के काम गिनाए. इसी संदेश में उन्होंने 2017 से पहले की सरकारों पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि उस दौर में माताओं के स्वास्थ्य और बेटियों की शिक्षा की अनदेखी हुई.
जैकी श्रॉफ बॉलीवुड के जाने माने एक्टर हैं, जिन्होंने बॉलीवुड से लेकर साउथ की कई फिल्मों में काम किया. वहीं उनकी लेटेस्ट फिल्म सुपस्टार रजनीकांत की जेलर 2 है, जिसमें वह जेलर की तरह उनका धांसू कैमियो देखने को मिल रहा है.
सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु में धर्म परिवर्तन के बाद पिछड़ा वर्ग (मुस्लिम) आरक्षण देने वाले सरकारी आदेश को रद्द करने का मद्रास हाई कोर्ट का फैसला बरकरार रखा।

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