बैंक यूनियनों ने टाली अपनी हड़ताल, आम लोगों के लिए बड़ी राहत
इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ़ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच रविवार को हुई बैठक के बाद प्रस्तावित बैंक हड़ताल टाल दी गई है.
आगजनी-तोड़फोड़ और दहशत, तस्वीरों में देखें LPU छात्रों के प्रदर्शन का मंजर
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में छात्रा से रेप की अफवाह फैलने के बाद से ही छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रों की पुलिस से झड़प भी हुई. छात्रों ने पुलिस की कई गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया.
बाप-बेटे को पीटा, डेढ़ लाख रुपये और चेन लूटी... 2 इनामी आरोपी गिरफ्तार
राजस्थान के धौलपुर में नमकीन फैक्ट्री संचालक पिता-पुत्र पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने दो इनामी आरोपियों को गिरफ्तार किया है. दोनों पर 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित था. 21 अगस्त को बदमाशों ने फैक्ट्री में घुसकर लाठी-डंडे और बेसबॉल बैट से हमला किया था. वारदात CCTV में कैद हुई थी.
36 हजार करोड़ के गंगा एक्सप्रेसवे पर भरा पानी, मछली पकड़ने पहुंचे लोग
Ganga Expressway Waterlogging Unnao: 36 हजार करोड़ की लागत से बन रहे गंगा एक्सप्रेसवे के सोनिक (उन्नाव) टोल प्लाजा पर भरा पानी. जलमग्न रोड पर जाल डालकर मछली पकड़ते दिखे लोग. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
द्वितीया तिथि का श्राद्ध कल, जानें तर्पण-पिंडदान का श्रेष्ठ समय और विधि
शास्त्रों में पितरों के तर्पण और श्राद्ध के लिए कुतुप वेला को सबसे उत्तम माना गया है. यह समय दोपहर के आस-पास पड़ता है. 28 सितंबर को कुतुप काल दोपहर 11:48 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक रहेगा. लेकिन अलग-अलग शहरों में इसका समय एक-दूसरे से थोड़ा अलग हो सकता है.
पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में छात्रा से रेप की अफवाह को लेकर छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हो गया. छात्रों और पुलिस के बीच झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया. देर रात तक विश्वविद्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा.
नहीं टूटेंगे बाल, जावेद हबीब ने हेयरफॉल के लिए बताए 4 मैजिकल तरीके
Jawed Habib Hair Care Tips: अगर आप भी टूटते, गिरते और खराब हो रहे बालों से परेशान हैं तो यहां हम आपको हेयर एक्सपर्ट जावेद हबीब के बताए कुछ ट्रिक्स बता रहे हैं जिन्हें फॉलो कर आप अपने बालों को हेल्दी रख सकते हैं.
कोलकाता के सत्यजीत रे फिल्म इंस्टीट्यूट में झड़प; कई छात्र और प्रोफेसर घायल, भारी पुलिस तैनात
छात्रों ने आरोप लगाया कि अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत (ABGP) की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शामिल वक्ताओं ने बेहद भड़काऊ भाषण दिया। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो संगठन के सदस्यों ने उनकी पिटाई कर दी।
ईरान ने अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और परमाणु वार्ता शुरू करने के लिए 7 दिन का प्रस्ताव दिया है, जिसमें अमेरिकी प्रतिबंध हटाने और संपत्ति जारी करने की शर्तें शामिल हैं।
असम पुलिस की हिरासत से छूटे कॉकरोच के आशुतोष रांका, क्यों कहा- सॉरी शक्तिमान
कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संस्थापक आशुतोष रांका रविवार को असम पुलिस की हिरासत से छूट गए। इसको लेकर उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया। आशुतोष ने लिखा कि असम पुलिस की गैरकानूनी हिरासत खत्म हो गई।
विमान में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया है। इंडिगो के प्रवक्ता ने बताया कि विमान के मेंटेनेंस की जांच की जा रही है।
एक ही गड्ढा, दो हादसे... रात में बस खाई में पलटी, सुबह कार भी गिरी-VIDEO
आजमगढ़-जौनपुर मार्ग पर एक ही जगह कुछ घंटों के भीतर दो वाहन हादसे का शिकार हो गए. शनिवार रात श्रद्धालुओं से भरी बस क्षतिग्रस्त सड़क के गड्ढे में जाकर खाई में पलट गई, जिसमें 13 लोग घायल हो गए. सुबह करीब 5:13 बजे उसी स्थान पर एक कार भी गड्ढे में जा गिरी. दोनों घटनाएं CCTV में कैद हुई हैं.
‘वोट चोरी’ केवल नतीजा नहीं, बल्कि उसके बाद का अहंकार भी लाती है : राहुल गांधी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली की भाजपा सरकार के एक मंत्री वीडियो में एक नौजवान को थप्पड़ मारते दिख रहे हैं। उसका गुनाह? वो वीडियो बना रहा था। मंत्री के सामने सड़क खोदकर दिखाई जा रही थी, और उसके हाथ में कैमरा था।
बेंगलुरु में इंडिगो के एयरबस A321 विमान में 'गो-अराउंड' के दौरान टेल स्ट्राइक की घटना सामने आई, हालांकि दूसरी कोशिश में विमान सुरक्षित उतर गया।
विराट कोहली ने वनडे क्रिकेट में किया ये कारनामा!
भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 27 सितंबर खेला गया. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में हुआ .
गर्भवती महिला को पीट-पीटकर किया बेहोश, बीड से अपहरण कर धुले में जिंदा जलाया
महाराष्ट्र के धुले में गर्भवती महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, जानकारी के मुताबिक इस हत्याकांड में शामिल दो आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है.
मोबाइल रिटेलर्स 2 अक्टूबर को यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित एमडीआर शुल्क के विरोध में 'नो यूपीआई डे' मनाएंगे। इस दिन वे अपने यूपीआई क्यूआर कोड को काले कपड़े से ढककर डिजिटल भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे।
ट्रैफिक पुलिस की ओर से वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिये 51 वॉच टॉवर लगाये गये थे. इतने बड़े आयोजन को संभालने के लिये सत्यनारायण चौधरी के पास सिर्फ ट्रैफिक पुलिस के कुल मिलाकर सिर्फ 3800 कर्मचारी ही थे. फिर भी ये सफलता से हो गया.
जींस का सबसे सस्ता मार्केट... जहां 100-100 रुपये में मिलती है एक जींस?
दिल्ली में कम कीमत में जींस खरीदनी है तो रघुबीर नगर की घोड़े वाली मंदिर मार्केट और गांधी नगर मार्केट के बारे में जानिए. यहां अलग-अलग कीमतों में जींस और दूसरे कपड़े मिलते हैं.
कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) को लेकर वेतनभोगी वर्ग के बीच यह बहस अक्सर देखने को मिलती है कि जब हर महीने कटने वाला अंशदान कर्मचारी की अपनी मेहनत की कमाई है, तो इसे निकालने की तारीख, सीमा और शर्तें तय करने का अधिकार सरकार या ईपीएफओ (EPFO) के पास क्यों होना चाहिए। बहुत से कर्मचारियों का मानना है कि बैंक में जमा साधारण बचत की तरह पीएफ खाते पर भी उनका पूर्ण और बिना शर्त नियंत्रण होना चाहिए। हालांकि, नीति निर्माताओं, अर्थशास्त्रियों और सामाजिक सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ईपीएफ केवल एक नियमित बचत खाता (Savings Account) नहीं है, बल्कि यह एक 'अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा तंत्र' (Mandatory Social Security Scheme) है। सरकार द्वारा निकासी के नियम तय करने के पीछे कई दीर्घकालिक वित्तीय, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक कारण हैं।ईपीएफ बचत खाता नहीं, बल्कि वैधानिक रिटायरमेंट सुरक्षा कवच हैकर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के तहत ईपीएफ का गठन आम उपभोग के लिए नहीं, बल्कि वृद्धावस्था सुरक्षा (Old-Age Financial Security) के उद्देश्य से किया गया था। भारत में अधिकांश संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के पास कोई अन्य सरकारी पेंशन सुरक्षा नहीं होती। यदि पीएफ निकासी को एटीएम की तरह पूरी तरह लचीला बना दिया जाए, तो अधिकांश लोग अपनी कार्यशील उम्र (Working Age) के दौरान ही उपभोक्ता खर्चों, गैजेट्स या छुट्टियों में यह पूंजी खर्च कर बैठेंगे।अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के सिद्धांतों के तहत प्रत्येक कल्याणकारी राज्य की यह जिम्मेदारी होती है कि वह अपने नागरिकों के लिए रिटायरमेंट के बाद जीवन यापन का एक न्यूनतम वित्तीय सहारा सुनिश्चित करे। यही कारण है कि कानूनन इसे लंबे समय के लिए लॉक-इन रखा जाता है।कंपाउंडिंग का जादुई फायदा और सुरक्षित रिटर्न का संरक्षणईपीएफ पर मिलने वाला सालाना ब्याज (जो आमतौर पर 8% से अधिक रहता है) पूरी तरह सरकारी गारंटी से सुरक्षित होता है। जब पैसा लगातार खाते में बना रहता है, तो उस पर चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding Interest) काम करता है।समय से पहले निकासी का नुकसान: यदि कोई कर्मचारी 30-35 वर्ष की आयु में 5 या 10 लाख रुपये निकाल लेता है, तो वह केवल उस मूल राशि को ही नहीं गंवाता, बल्कि अगले 20-25 वर्षों में उस पर बनने वाले 40 से 50 लाख रुपये के संभावित कंपाउंडिंग रिटर्न को भी खो देता है।रिटायरमेंट पर आर्थिक संकट: सरकार का प्रयास रहता है कि 58 या 60 वर्ष की आयु तक पहुंचते-पहुंचते कर्मचारी के पास इतना बड़ा रिटायरमेंट फंड (Corpus) तैयार हो जाए कि उसे वृद्धावस्था में किसी पर निर्भर न रहना पड़े।यदि पूरी छूट दे दी जाए, तो क्या होगा?बिहेवियरल इकोनॉमिक्स (व्यवहारवादी अर्थशास्त्र) के अनुसार, इंसान स्वभाव से भविष्य की तुलना में वर्तमान जरूरतों और इच्छाओं को ज्यादा प्राथमिकता देता है।यदि पीएफ से मनचाही निकासी की खुली छूट दे दी जाए:उपभोग में पैसा खर्च होना: तात्कालिक आकर्षणों या गैर-जरूरी खर्चों के चलते रिटायरमेंट फंड समय से पहले समाप्त हो जाएगा।अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य संकट: उम्र के आखिरी पड़ाव में जब आय बंद हो जाती है और मेडिकल खर्च कई गुना बढ़ जाते हैं, तब बिना फंड वाले बुजुर्ग नागरिकों की जिम्मेदारी सीधे तौर पर सरकार और समाज पर आ जाती है।आर्थिक अनुशासन: ईपीएफ अनिवार्य बचत की आदत डालता है, जिससे आपात स्थिति के अलावा पैसे को छूने से बचा जा सके।क्या सरकार बिल्कुल पैसा नहीं निकालने देती? जानिए आपातकालीन निकासी के नियमयह धारणा पूरी तरह सही नहीं है कि सरकार पैसे को पूरी तरह फ्रीज कर देती है। जीवन की वास्तविक जरूरतों और संकटों को ध्यान में रखते हुए ईपीएफओ ने कई परिस्थितियों में आंशिक निकासी (Partial Withdrawal/Advance) की छूट दी हुई है:घर खरीदने या निर्माण के लिए: 5 वर्ष की सेवा के बाद घर या जमीन खरीदने के लिए पीएफ से बड़ा हिस्सा निकाला जा सकता है।बच्चों की उच्च शिक्षा व शादी: 7 वर्ष की न्यूनतम सेवा पूरी होने पर बच्चों की शादी या उच्च शिक्षा के लिए निकासी की अनुमति है।गंभीर बीमारी के इलाज के लिए: स्वयं या परिवार के सदस्यों (माता-पिता, जीवनसाथी, बच्चे) के गंभीर चिकित्सीय उपचार के लिए बिना किसी न्यूनतम सेवा शर्त के तुरंत एडवांस लिया जा सकता है।बेरोजगारी या नौकरी छूटने पर: नौकरी छूटने के 1 महीने बाद 75% तक और 2 महीने से अधिक बेरोजगार रहने पर पूरा 100% फंड निकालने का अधिकार कर्मचारी के पास होता है।भविष्य निधि के इन नियमों का संतुलन क्यों जरूरी है?संक्षेप में, पीएफ के पैसों पर सरकारी नियमों का नियंत्रण किसी पर पाबंदी लगाने के लिए नहीं, बल्कि व्यक्ति के भविष्य को उसके वर्तमान के अनियोजित खर्चों से सुरक्षित रखने का एक कानूनी ढाल है। हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी तर्क है कि निकासी की ऑनलाइन प्रक्रिया को कागजी अड़चनों और तकनीकी रिजेक्शन से मुक्त कर और अधिक पारदर्शी व तेज बनाया जाना चाहिए, ताकि वास्तविक जरूरत के समय कर्मचारी को अपने ही पैसे के लिए कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने रविवार को यहां कश्मीर के प्रमुख धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक से उनके आवास पर मुलाकात की और इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर की मौजूदा राजनीतिक स्थिति के साथ-साथ युवाओं में मादक पदार्थों की बढ़ती लत समेत गंभीर सामाजिक चुनौतियों पर चर्चा की। यह बैठक उत्तर कश्मीर की गुरेज घाटी में प्रस्तावित ‘तंत्र इन साइलेंस’ रिट्रीट को लेकर दोनों नेताओं द्वारा सार्वजनिक रूप से साझा चिंताएं जताए जाने के कुछ दिनों बाद हुई है। इसके बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि इस कार्यक्रम के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई थी। मीरवाइज ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘‘महबूबाजी आज मुझसे मिलने आईं। हमने हमारे सामने मौजूद सामाजिक चिंताओं और चुनौतियों तथा सभी हितधारकों को साथ लेकर मिल-जुलकर उनका समाधान करने की आवश्यकता पर बातचीत की। हमने जम्मू-कश्मीर की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की। कुल मिलाकर यह एक अच्छी बातचीत रही।’’पीडीपी प्रमुख के करीबी सूत्रों ने बताया कि उन्होंने कश्मीर के युवाओं, विद्वानों, महिलाओं, हितधारकों, कलाकारों और सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ घाटी के सामने मौजूद सामाजिक मुद्दों को लेकर प्रमुख धार्मिक नेता से मुलाकात की। सूत्रों ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री की चिंताओं को उचित स्तर पर उठाया जा रहा है और मीरवाइज को वर्तमान में कश्मीर के सामने मौजूद सामाजिक मुद्दों से अवगत कराया गया। यह बैठक कश्मीर में मादक पदार्थों और युवाओं के सामने मौजूद अन्य चुनौतियों को लेकर धार्मिक एवं सामुदायिक नेताओं के बीच बढ़ती चिंता की पृष्ठभूमि में भी हुई है। यह बैठक गुरेज में प्रस्तावित रिट्रीट को लेकर महबूबा और मीरवाइज के बीच हाल में सार्वजनिक रूप से बनी सहमति के बाद हुई। मीरवाइज ने गुरेज घाटी में 24 से 27 सितंबर के बीच ‘तंत्र इन साइलेंस’ नामक कार्यक्रम आयोजित करने की खबरों पर चिंता जताते हुए संबंधित अधिकारियों से कश्मीर के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक लोकाचार का दोहन रोकने की अपील की थी। महबूबा मुफ्ती ने भी इससे पहले एक पोस्ट में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पुलिस से मामले में हस्तक्षेप करने और उचित कार्रवाई करने की अपील की थी।
सनातन धर्म और पौराणिक आख्यानों में भगवान श्री गणेश की लीलाएं जितनी बालसुलभ और रोचक हैं, उतनी ही वे जीवन के गूढ़ आध्यात्मिक और नैतिक संदेशों से परिपूर्ण हैं। बाल गणेश के रूप में उनकी भूख, उनकी बाल लीलाओं और अहंकार के विनाश की ऐसी ही एक प्रसिद्ध कथा जनमानस में सदियों से प्रचलित है, जिसे ग्रामीण व लोक कथाओं में 'अढ़ैया का भोजन' या धनपति कुबेर के अहंकार भंजन की लीला के नाम से जाना जाता है। जब देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर को अपने अकूत धन, सोने-चांदी के महलों और विशाल अन्न भंडारों पर घमंड हो गया, तब प्रथम पूज्य श्री गणेश ने एक ही क्षण में उनके सारे वैभव और अहंकार को धूल में मिला दिया था।जब धनपति कुबेर को हुआ अपनी अकूत संपत्ति का अहंकारपौराणिक कथा के अनुसार, यक्षराज कुबेर तीनों लोकों के कोषाध्यक्ष थे। स्वर्ग से लेकर पाताल तक सारा धन और रत्न उन्हीं के नियंत्रण में था। अपनी तपस्या के बल पर जब उन्होंने स्वर्ण नगरी अलकापुरी का निर्माण किया, तो धीरे-धीरे उनके मन में यह अहंकार घर कर गया कि तीनों लोकों में उनसे बड़ा धनवान और कोई नहीं है।अपने इस विशाल वैभव और संपन्नता का प्रदर्शन करने के लिए कुबेर ने एक भव्य महाभोज (महायज्ञ) का आयोजन किया। उन्होंने स्वर्ग के सभी देवी-देवताओं, यक्षों, गंधर्वों और ऋषियों को निमंत्रण भेजा। कुबेर ने सोचा कि जब तक देवाधिदेव महादेव भगवान शिव उनके महल में अतिथि बनकर नहीं आएंगे, तब तक उनके इस ऐश्वर्य की कीर्ति पूरी तरह स्थापित नहीं होगी। इसी अहंकार में चूर होकर कुबेर सीधे कैलाश पर्वत पहुंचे।कैलाश पर आमंत्रण: शिव जी ने अपने स्थान पर भेजा बाल गणेश कोकैलाश पहुंचकर कुबेर ने अत्यंत गर्व के साथ हाथ जोड़कर महादेव से कहा, हे प्रभु! मैंने अपनी नगरी अलकापुरी में तीनों लोकों के लिए एक विशाल महाभोज का आयोजन किया है। मैंने ऐसा अढ़ैया अन्न भंडार और स्वादिष्ट पकवान तैयार करवाए हैं, जो आज तक किसी ने नहीं देखे होंगे। मेरी प्रार्थना है कि आप माता पार्वती सहित मेरे महल पधारें और मेरा आतिथ्य स्वीकार कर मुझे कृतार्थ करें।त्रिकालदर्शी महादेव शिव जी कुबेर के मन में छिपे दंभ और दिखावे को एक क्षण में भांप गए। भोलेनाथ मुस्कुराए और अत्यंत शांत भाव से बोले, हे कुबेर! मैं तो वैरागी हूं। मेरा यह कैलाश ही मेरा वास है और मुझे इस तरह के आयोजनों में जाने की कोई आवश्यकता नहीं है। लेकिन यदि तुम्हारा इतना ही आग्रह है, तो तुम मेरे छोटे पुत्र गणेश को अपने साथ ले जाओ। यदि तुमने उसे तृप्त कर दिया, तो समझो मुझे तुम्हारा आतिथ्य मिल गया।कुबेर ने बालक गणेश को देखा और मन ही मन हंसे कि यह छोटा बालक भला कितना ही खा लेगा। उन्होंने तुरंत महादेव की बात स्वीकार कर ली और बाल गणेश को आदरपूर्वक अपने रथ में बैठाकर अलकापुरी ले आए।अलकापुरी में महाभोज: गणेश जी का विराट रूप और चट होता अन्न भंडारअलकापुरी पहुंचते ही कुबेर ने सोने-चांदी की थालियों में छप्पन भोग, अढ़ैया प्रकार के मिष्ठान, व्यंजन और पकवान बाल गणेश के सामने परोसने शुरू कर दिए। बाल गणेश भोजन करने बैठे और उन्होंने एक के बाद एक थालियां खाली करनी शुरू कर दीं।देखते ही देखते महल की रसोई में पके सभी पकवान समाप्त हो गए। रसोइयों ने अतिरिक्त भोजन बनाना शुरू किया, लेकिन गणेश जी की भूख शांत होने का नाम नहीं ले रही थी। वे केवल एक ही बात दोहराते रहे, मुझे और भोजन दो! मेरी भूख अभी शांत नहीं हुई है!कुछ ही घंटों के भीतर कुबेर के अन्न भंडारों में रखे अनाज, फल, सूखे मेवे और राशन के सारे गोदाम खाली हो गए। जब सारा पका और कच्चा अन्न समाप्त हो गया, तो गणेश जी ने कुबेर के सोने-चांदी के बर्तन, मेज-कुर्सियां और महल के खंभों को चबाना शुरू कर दिया। वे क्रोधित होकर बोले, कुबेर! यदि तुम्हारे पास मुझे खिलाने के लिए भोजन नहीं था, तो तुमने मुझे क्यों बुलाया? अब मैं तुम्हारी इस पूरी स्वर्ण नगरी को ही खा जाऊंगा!थर-थर कांपे कुबेर, दौड़े पहुंचे कैलाश: शिव जी का रहस्यमयी समाधानयह भयानक दृश्य देखकर कुबेर का सारा अहंकार हवा में उड़ गया। उनका चेहरा पीला पड़ गया और वे कांपते हुए अपनी जान बचाकर सीधे कैलाश की ओर भागे। कैलाश पहुंचकर कुबेर महादेव के चरणों में गिर पड़े और रोते हुए बोले, त्राहिमाम प्रभु! त्राहिमाम! आपके पुत्र ने मेरा पूरा अन्न भंडार, बर्तन और संपत्ति चट कर ली है। अब वे मुझे और मेरी पूरी नगरी को खाने के लिए दौड़ रहे हैं। मेरी रक्षा कीजिए, मुझे क्षमा कर दीजिए!भगवान शिव ने मुस्कुराते हुए कुबेर से कहा, कुबेर! तुम धन के मद में अंधे हो गए थे। तुम भूल गए थे कि संपूर्ण ब्रह्मांड का भरण-पोषण करने वाली जगदंबा पार्वती का पुत्र केवल तुम्हारे अन्न से तृप्त नहीं हो सकता। तुमने भक्ति और प्रेम से नहीं, बल्कि अपने अहंकार के प्रदर्शन के लिए भोजन का आयोजन किया था। अहंकार से परोसा गया छप्पन भोग भी किसी की क्षुधा शांत नहीं कर सकता।शिव जी की रसोई और एक तुलसी दल से शांत हुई भूखइसके बाद महादेव और माता पार्वती ने स्वयं अपने हाथों से प्रेमपूर्वक रसोई तैयार की। माता अन्नपूर्णा (पार्वती जी) ने श्रद्धा और वात्सल्य से पके हुए सात्विक चावल (भात) की एक छोटी सी कटोरी तैयार की और भगवान शिव ने उस पर एक 'तुलसी का पत्ता' (तुलसी दल) रखकर गणेश जी के सामने अर्पित करने का निर्देश दिया।जब कुबेर अत्यंत विनम्रता, पश्चाताप और हाथ जोड़कर वह कटोरी लेकर बाल गणेश के पास पहुंचे, तो गणेश जी ने जैसे ही उस तुलसी दल और प्रेम से बने भात का एक दाना ग्रहण किया, उनका पेट तुरंत भर गया। उन्होंने एक लंबी और तृप्त डकार ली और उनकी वर्षों की भूख शांत हो गई।इस पौराणिक कथा से मिलने वाली जीवनोपयोगी सीखयह पावन कथा केवल एक पौराणिक घटना नहीं है, बल्कि मानव जीवन के लिए गहरे नैतिक और व्यावहारिक संदेश देती है:अहंकार का पतन निश्चित है: धन, दौलत या पद प्रतिष्ठा कितनी भी बड़ी क्यों न हो, उसका घमंड इंसान को अंततः लज्जित और असहाय ही करता है।दिखावे से बड़ा है प्रेम और श्रद्धा: ईश्वर को महंगे उपहारों या छप्पन भोग के दिखावे से प्रसन्न नहीं किया जा सकता; वे केवल सच्चे प्रेम, विनम्रता और एक पत्ते (तुलसी दल) से भी तृप्त हो जाते हैं।अतिथि सत्कार का सच्चा मर्म: किसी की सेवा या आतिथ्य सत्कार अपनी हैसियत दिखाने के लिए नहीं, बल्कि हृदय की शुद्धता और सेवा भाव से किया जाना चाहिए।
'आंटी ऊपर जाइए...', 16 लाख फॉलोअर्स वाली इन्फ्लुएंसर ने क्यों दी जान
Nidhi Tiwari Singrauli Case: सिंगरौली में 16 लाख फॉलोअर्स वाली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी ने फांसी लगाकर दी जान. फोन पर बात करते समय उठाया कदम. पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
राजधानी दिल्ली के तिलक नगर विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य के निरीक्षण के दौरान भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा का एक युवक को सरेआम थप्पड़ जड़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही दिल्ली की सियासत में भूचाल आ गया है। कथित तौर पर घटिया सड़क निर्माण की पोल खोलने और मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड करने के दौरान मंत्री जी का आपा खोने का यह मामला अब पूरी तरह राजनीतिक अखाड़ा बन चुका है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे भाजपा का 'गुंडाराज' और सत्ता का अहंकार करार देते हुए मंत्री की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर दी है। वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए इसे युवाओं की आवाज दबाने की तानाशाही कोशिश बताया है।तिलक नगर में सड़क निरीक्षण के दौरान क्या हुआ: पूरी घटना का सचयह पूरा घटनाक्रम दिल्ली के पश्चिमी इलाके तिलक नगर (विकासपुरी रिंग रोड) में उस समय हुआ, जब पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा स्थानीय अधिकारियों के साथ हाल ही में बनी सड़क का जायजा लेने पहुंचे थे।प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो फुटेज के अनुसार, सड़क निरीक्षण के दौरान स्थानीय आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह के सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर साहिब सिंह अपने मोबाइल कैमरे से सड़क की स्थिति को रिकॉर्ड कर रहे थे। युवक का दावा था कि हाल ही में बनी सड़क की ऊपरी परत हाथों से ही उखड़ रही है और डामरीकरण में भारी भ्रष्टाचार हुआ है।वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जब युवक सड़क की खराब गुणवत्ता पर सवाल उठा रहा था और मंत्री की तरफ कैमरा घुमाया, तो प्रवेश वर्मा भड़क गए। उन्होंने पहले युवक का मोबाइल नीचे किया और फिर आवेश में आकर उसके चेहरे पर जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में हुई इस हाथापाई के बाद मौके पर भारी हंगामा शुरू हो गया।पीड़ित युवक का आरोप: भ्रष्टाचार उजागर करने पर हाथ उठाया और मिली धमकियांथप्पड़ का शिकार हुए युवक साहिब सिंह ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि उसने केवल सच दिखाने की कोशिश की थी।युवक ने कहा:पीडब्ल्यूडी विभाग ने हमें सड़क निरीक्षण के लिए बुलाया था। मैंने मंत्री जी को दिखाया कि कैसे नई बनी सड़क उखड़कर बिखर रही है। इस पर मंत्री जी अपना आपा खो बैठे और उन्होंने पुलिस के सामने ही मुझे थप्पड़ मार दिया।युवक ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि थप्पड़ मारने के बाद मंत्री के साथ मौजूद समर्थकों ने उसे जान से मारने की धमकियां दीं।युवक और स्थानीय विधायक की टीम ने मामले को लेकर स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए मंत्री के खिलाफ एफआईआर और निलंबन की मांग की है।प्रवेश वर्मा की सफाई: 'मेरे परिवार को दी गई गाली, आवेश में आकर उठा हाथ'सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और चौतरफा घिरने के बाद मंत्री प्रवेश वर्मा ने अपने 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर एक वीडियो बयान जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि जो हुआ वह नहीं होना चाहिए था।प्रवेश वर्मा ने अपनी सफाई में कहा:विकासपुरी रिंग रोड पर कई दिनों से सड़क निर्माण का काम चल रहा था। वहां के स्थानीय आप विधायक जरनैल सिंह पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों पर ठेकेदारों से कमीशन दिलवाने का दबाव बना रहे थे। जब उन्हें कमीशन नहीं मिला, तो वे रात में बनी सड़क को उखाड़कर झूठा करप्शन वीडियो बनाने की साजिश कर रहे थे।मंत्री ने आगे दावा किया, मैंने खुद विधायक को मौके पर बुलाया था। जब वे अपने कार्यकर्ताओं के साथ आए तो उन्होंने आते ही बदतमीजी शुरू कर दी। उनके एक कार्यकर्ता ने मेरे परिवार के बारे में अत्यंत अभद्र और गंदी गालियां दीं। जब कोई आपके परिवार को सरेआम गाली देगा, तो किसी को भी गुस्सा आ सकता है और उसी आवेश में यह घटना घटी। लेकिन सरकारी काम में बाधा डालने और कमीशनखोरी को हमारी सरकार कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।केजरीवाल का मोदी सरकार पर सीधा हमला: 'मंत्री को तुरंत गिरफ्तार करो'इस घटना के बाद आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने भाजपा और केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोल दिया है। अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा।केजरीवाल ने पोस्ट किया:मोदी जी के एक मंत्री ने सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार की पोल खोलने पर सरेआम एक नौजवान लड़के को थप्पड़ जड़ दिया। ऐसे अहंकारी मंत्री को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। मैं खुद कल तिलक नगर जाऊंगा और उस सड़क के निर्माण की जांच करूंगा।वहीं आप नेता और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मंत्री के आचरण को कायरतापूर्ण बताते हुए कहा कि पुलिस सुरक्षा के घेरे में एक निहत्थे युवक पर हाथ उठाना भाजपा की तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है। विपक्ष ने यह भी तंज कसा कि एक तरफ मोदी सरकार Gen-Z (युवा पीढ़ी) तक पहुंचने की बात करती है, और दूसरी तरफ उनके मंत्री सवाल पूछने वाले युवाओं पर हाथ छोड़ रहे हैं।दिल्ली की सड़कों पर गरमाई राजनीति: भ्रष्टाचार बनाम कमीशनखोरीइस थप्पड़ कांड ने दिल्ली की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। जहां आम आदमी पार्टी इसे बुनियादी ढांचा निर्माण में भारी घोटाले, कमीशनखोरी और सरेआम गुंडागर्दी का प्रमाण बताकर सड़क पर उतरने की तैयारी कर रही है, वहीं भाजपा इसे अपने विकास कार्यों को बदनाम करने की सोची-समझी साजिश बता रही है। तिलक नगर की इस सड़क को लेकर शुरू हुआ विवाद अब थाने की चौखट और कानूनी कार्रवाई तक पहुंच चुका है, जिससे आने वाले दिनों में दोनों पार्टियों के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होना तय माना जा रहा है।
सेंचुरी वाला संडे... एक ही दिन में 6 शतक, कोहली-गिल का बड़ा धमाका
एक ही दिन में खेले गए अलग-अलग मुकाबलों में बल्लेबाजों ने कोहराम मचाते हुए कुल 6 शानदार शतक जड़ दिए. लेकिन इन सभी शतकों में विराट कोहली द्वारा लगाए गए शतक ने फैन्स को सबसे ज्यादा प्रभावित किया.
हापुड़ में पकौड़े की दुकान पर पैसों के लिए भारी बवाल!
पकौड़े की दुकान पर चले लाठी-डंडे, उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां पकौड़े की दुकान के बाहर पैसों के मामूली लेनदेन को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी झड़प हो गई.
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में लंबे समय तक मारुति सुजुकी की हैचबैक और कॉम्पैक्ट कारों का एकछत्र राज रहा है, लेकिन सब-कॉम्पैक्ट और माइक्रो-एसयूवी सेगमेंट में टाटा मोटर्स की 'टाटा पंच' (Tata Punch) ने बिक्री के सारे पुराने समीकरण उलट दिए हैं। करीब 5.5 से 6 लाख रुपये की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत वाली इस माइक्रो-एसयूवी ने न केवल अपनी ही श्रेणी के प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ा है, बल्कि उससे ऊपरी सेगमेंट में आने वाली मारुति सुजुकी ब्रेजा (Maruti Brezza) और मारुति फ्रॉन्क्स (Maruti Fronx) जैसी स्थापित गाड़ियों के लिए भी कड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।मासिक बिक्री चार्ट में 21,000 से अधिक यूनिट्स की डिस्पैच दर्ज कर टाटा पंच देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार (Best Selling Car in India) के शीर्ष पायदान पर लगातार अपनी दावेदारी मजबूत बनाए हुए है।सेल्स रिपोर्ट का उलटफेर: नंबर-1 की कुर्सी पर टाटा पंच का कब्जाहालिया वाहन बिक्री आंकड़ों के अनुसार, सब-4 मीटर और कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में टाटा पंच लगातार 21,000+ यूनिट्स प्रति माह की बिक्री के साथ पहले स्थान पर काबिज है। वहीं मारुति सुजुकी की क्रॉसओवर फ्रॉन्क्स करीब 18,000 से 18,700 यूनिट्स और मारुति ब्रेजा लगभग 15,000 यूनिट्स के दायरे में सिमट कर रह गई हैं।टाटा पंच की बिक्री में पिछले साल के मुकाबले 90 से 99 प्रतिशत तक की भारी सालाना बढ़ोतरी (YoY Growth) दर्ज की गई है। एक छोटी और बजट-फ्रेंडली कार का मारुति के प्रीमियम नेक्सा और एरीना मॉडलों से आगे निकल जाना भारतीय ग्राहकों की बदलती प्राथमिकताओं को साफ दर्शाता है।पंच की इस आंधी के आगे क्यों लड़खड़ाई ब्रेजा और फ्रॉन्क्स?मारुति ब्रेजा और फ्रॉन्क्स बेहतरीन इंजन, रिलायबिलिटी और माइलेज के लिए जानी जाती हैं, लेकिन टाटा पंच ने कई मोर्चों पर ग्राहकों को वैल्यू-फॉर-मनी विकल्प दिया है:आक्रामक प्राइसिंग (Price Advantage): मारुति ब्रेजा की बेस वेरिएंट की कीमत लगभग 8.34 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) से शुरू होती है, जबकि फ्रॉन्क्स की शुरुआती कीमत करीब 7.51 लाख रुपये है। इसके विपरीत, टाटा पंच का बेस मॉडल करीब 5.75 से 6.13 लाख रुपये के बजट में उपलब्ध हो जाता है। यानी ग्राहक को 2 से 2.5 लाख रुपये कम खर्च में एसयूवी जैसा लुक और अनुभव मिल जाता है।5-स्टार सुरक्षा रेटिंग का भरोसा: भारतीय खरीदारों के बीच अब क्रैश टेस्ट रेटिंग एक बड़ा फैक्टर बन चुकी है। टाटा पंच को भारत एनसीएपी (Bharat NCAP) और ग्लोबल एनसीएपी दोनों में वयस्कों की सुरक्षा के लिए 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग हासिल है। मारुति फ्रॉन्क्स जहां बिना टेस्टेड बॉडीशेल के साथ बेची जा रही है, वहीं पंच का मजबूत बॉडी स्ट्रक्चर परिवारों के लिए पहली पसंद बना।एसयूवी वाला स्टांस और ग्राउंड क्लीयरेंस: फ्रॉन्क्स दिखने में हैचबैक आधारित क्रॉसओवर लगती है, जबकि पंच में 187 से 193 मिमी का शानदार ग्राउंड क्लीयरेंस, मस्कुलर व्हील आर्च, 90-डिग्री तक खुलने वाले दरवाजे और हाई सीटिंग पोजिशन मिलती है। इससे ड्राइवर को सड़क पर एक बड़ी गाड़ी चलाने जैसा कमांडिंग व्यू मिलता है।पावरट्रेन के भरपूर विकल्प: पेट्रोल, ट्विन-सिलेंडर सीएनजी और इलेक्ट्रिकटाटा पंच की सफलता के पीछे कंपनी की मल्टी-पावरट्रेन रणनीति सबसे बड़ा हथियार साबित हुई है:1.2 लीटर रेवोट्रॉन पेट्रोल इंजन: यह इंजन दैनिक शहरी आवागमन और कभी-कभार हाईवे ड्राइव के लिए पर्याप्त पावर और माइलेज देता है। इसमें 5-स्पीड मैनुअल और एएमटी (ऑटोमैटिक) दोनों विकल्प मौजूद हैं।ट्विन-सिलेंडर iCNG टेक्नोलॉजी: पारंपरिक सीएनजी कारों में सिलेंडर की वजह से बूट स्पेस (डिक्की) पूरी तरह खत्म हो जाता था। टाटा ने दो छोटे सिलेंडरों को बूट फ्लोर के नीचे फिट कर 210 लीटर का उपयोगी बूट स्पेस बचा लिया। इस इनोवेशन ने मारुति के सीएनजी एकाधिकार को सबसे तगड़ा झटका दिया।टाटा पंच ईवी (Electric Vehicle): एक्टिवा.ईवी (Acti.EV) आर्किटेक्चर पर बनी पंच ईवी उन खरीदारों को आकर्षित कर रही है जो 300 से 400 किमी की रियल-वर्ल्ड रेंज के साथ पर्यावरण-अनुकूल और आधुनिक टेक फीचर्स वाली गाड़ी चाहते हैं।प्रीमियम फीचर्स और केबिन कम्फर्ट ने खींचे युवा खरीदारटाटा ने समय-समय पर पंच को अपडेट करते हुए इसमें वे फीचर्स जोड़ दिए हैं जो आमतौर पर 10-12 लाख रुपये की गाड़ियों में मिलते हैं। इसमें 10.25-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और एप्पल कारप्ले, वॉयस-असिस्टेड इलेक्ट्रिक सनरूफ, कूल्ड ग्लोवबॉक्स, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, क्रूज कंट्रोल और वायरलेस फोन चार्जर शामिल हैं। इन आधुनिक फीचर्स ने पहली बार कार खरीदने वाले बजट खरीदारों को महंगे मॉडलों की तरफ जाने से रोक दिया।भारतीय ऑटो बाजार 2026: क्या मारुति पलट पाएगी बाजी?टाटा पंच की इस रिकॉर्डतोड़ सफलता ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय खरीदार अब सिर्फ माइलेज या रीसेल वैल्यू के पीछे नहीं भागते, बल्कि वे मजबूत बिल्ड क्वालिटी, आधुनिक डिजाइन, बूट स्पेस और सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं। हालांकि, मारुति सुजुकी भी अपनी फ्रॉन्क्स में हाइब्रिड तकनीक और ब्रेजा के नए अपग्रेड्स पर काम कर रही है, लेकिन 6 लाख के बजट ब्रैकेट में टाटा पंच ने जो मजबूत पकड़ बना ली है, उसे भेद पाना किसी भी प्रतिद्वंद्वी के लिए आसान नहीं रहने वाला है।
Maharajganj District Court में महिला पर हमले के आरोप में पति और देवर गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में पारिवारिक विवाद की सुनवाई के लिए जिला अदालत आई एक महिला का कथित रूप से गला घोंटने का प्रयास करने और उसे पीटने के आरोप में उसके पति व देवर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि 24 सितंबर को पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के समरधीरा चौराहा निवासी प्रिया त्रिपाठी अपने पति मनीष कुमार मिश्रा से जुड़े भरण-पोषण के मामले की सुनवाई के लिए अपने पिता लक्ष्मीकांत और बहन प्रियंका के साथ अदालत आई थी। पुलिस के मुताबिक, सुनवाई के बाद जब प्रिया अपने पिता व बहन के साथ अदालत कक्ष से बाहर निकली और नीचे पहुंची, तभी वहां उसका पति मनीष, देवर प्रिंस मिश्रा व सतीश मिश्रा नामक एक अन्य व्यक्ति पहुंचे और उसपर हमला कर दिया। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो गया, जिसमें एक व्यक्ति एक महिला के बाल खींचकर उसे घसीटता हुआ दिखाई दे रहा है। पुलिस के मुताबिक, प्रिया द्वारा दर्ज कराई गयी शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने उसका गला घोंटने का प्रयास किया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि बीच-बचाव करने पर उसके पिता और बहन के साथ भी मारपीट की गई। हंगामा होने पर अदालत परिसर में मौजूद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और हस्तक्षेप किया। पुलिस ने बताया कि प्रिया ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने मामला आगे बढ़ाने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने इस मामले में आरोपी मनीष और उसके भाई प्रिंस को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रिया ने पहले अपने पति और ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था तथा महराजगंज कुटुम्ब अदालत में भरण-पोषण का मामला भी जारी है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के कड़े संघर्ष, कानूनी दबाव और अनवरत विरोध-प्रदर्शन के आगे आखिरकार भर्ती चयन आयोग को झुकना ही पड़ा है। भर्ती प्रक्रिया के परिणाम और मेरिट सूची में गंभीर विसंगतियों, पात्र अभ्यर्थियों के नाम गायब होने और आरक्षण व कट-ऑफ नियमों की अनदेखी को लेकर उपजे भारी विवाद के बाद आयोग ने अपनी चूक सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर ली है। आयोग ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि परिणाम तैयार करने के दौरान सॉफ्टवेयर स्तर पर तकनीकी और लिपिकीय त्रुटि (Clerical Error) हुई थी, जिसके चलते मेरिट में स्थान पाने वाले कई मेधावी अभ्यर्थियों के नाम अंतिम चयन सूची से छूट गए थे। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही संशोधित मेरिट सूची (Revised Merit List) प्रकाशित कर सभी वंचित पात्र अभ्यर्थियों के नाम जोड़े जाएंगे।छात्रों का अनवरत धरना और आयोग के गेट पर फूटा आक्रोशविवाद की शुरुआत तब हुई जब आयोग द्वारा जारी किए गए परिणाम में भारी गड़बड़ी के आरोप सामने आए। कट-ऑफ से अधिक अंक हासिल करने के बावजूद दर्जनों अभ्यर्थियों के नाम सूची में नहीं थे, जबकि उनसे कम अंक वाले उम्मीदवारों का चयन दर्शाया गया था। इस विसंगति के सामने आते ही छात्रों में तीव्र असंतोष फैल गया।राजधानी में आयोग मुख्यालय के बाहर हजारों अभ्यर्थियों ने भीषण गर्मी और बारिश की परवाह किए बिना अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी 'रिजल्ट सुधारो' और 'आयोग जवाब दो' जैसे हैशटैग कई दिनों तक ट्रेंड करते रहे। छात्रों का सीधा तर्क था कि वर्षों की कठिन तपस्या, कोचिंग का खर्च और पारिवारिक उम्मीदें आयोग की एक तकनीकी लापरवाही की भेंट नहीं चढ़ सकतीं।कोर्ट की सख्त फटकार और प्रशासनिक जांच का बढ़ा दबावसड़क पर प्रदर्शन के साथ-साथ पीड़ित अभ्यर्थियों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया। कोर्ट में दाखिल याचिका में ओएमआर शीट, आंसर-की और नॉर्मलाइजेशन के फार्मूले पर गंभीर सवाल उठाए गए।अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग से बिंदुवार जवाब-तलब किया और यह सख्त टिप्पणी की कि किसी भी संवैधानिक या स्वायत्त भर्ती संस्था की चूक के कारण योग्य युवाओं का भविष्य अंधकार में नहीं डाला जा सकता। न्यायालय द्वारा दिए गए कड़े अल्टीमेटम और शासन स्तर से गठित उच्चस्तरीय आंतरिक जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में भी परिणाम संकलन के दौरान सॉफ्टवेयर खामियों की पुष्टि हुई। कानूनी और प्रशासनिक घेराबंदी बढ़ने के बाद आयोग के पास अपनी गलती स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।आयोग ने क्या दी सफाई: कैसे हुई इतनी बड़ी मानवीय व तकनीकी चूकआयोग के वरिष्ठ अधिकारियों और परीक्षा नियंत्रक की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में स्वीकार किया गया है कि डेटा प्रोसेसिंग और डिजिटल स्क्रूटनी के दौरान कुछ तकनीकी अड़चनों के कारण कुछ श्रेणियों के डेटा का सही मिलान नहीं हो सका था।आयोग ने स्पष्ट किया:सॉफ्टवेयर मैपिंग में त्रुटि: नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया और विभिन्न पालियों के स्कोरकार्ड को मर्ज करते समय कुछ विशेष रोल नंबर कोड्स का डेटा फिल्टर से बाहर रह गया।दस्तावेज सत्यापन का मिसमैच: कुछ अभ्यर्थियों द्वारा अपलोड किए गए आरक्षण, जाति या ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्रों के सत्यापन में गलत कोडिंग के कारण उनके अंक कट-ऑफ से ऊपर होने के बावजूद अनक्वालिफाइड मार्क हो गए थे।निगरानी में चूक: परिणाम जारी करने से पहले होने वाले अनिवार्य क्रॉस-वेरिफिकेशन और ऑडिट में इस विसंगति को समय रहते नहीं पकड़ा जा सका, जिसे आयोग ने अपनी प्रशासनिक भूल माना है।संशोधित मेरिट लिस्ट का प्रारूप: किसी चयनित अभ्यर्थी का नहीं कटेगा नामआयोग ने आंदोलनकारी छात्रों और पहले से चयनित उम्मीदवारों के बीच संतुलन साधते हुए स्पष्ट किया है कि सुधार प्रक्रिया के दौरान किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।अतिरिक्त पूरक सूची (Supplementary List): जिन पात्र उम्मीदवारों के नाम गलती से छूटे हैं, उन्हें शामिल करने के लिए एक विशेष अनुपूरक या संशोधित मेरिट सूची जारी की जाएगी।पहले से चयनित सुरक्षित: आयोग ने स्पष्ट किया है कि वैध रूप से चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा, बल्कि छूटे हुए योग्य अभ्यर्थियों को समायोजित करने के लिए नियमों के तहत अतिरिक्त पद या वेटिंग क्लीयरेंस का प्रावधान किया जाएगा।पारदर्शी स्कोरकार्ड: सभी अभ्यर्थियों के वास्तविक अंक, नॉर्मलाइज्ड अंक और श्रेणीवार संशोधित कट-ऑफ को दोबारा आधिकारिक पोर्टल पर सार्वजनिक किया जाएगा, ताकि किसी भी तरह के संशय की गुंजाइश न रहे।छात्र शक्ति और लोकतांत्रिक विरोध की बड़ी जीतइस फैसले के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और युवा संगठनों में उत्साह की लहर है। छात्र नेताओं ने इसे पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और लोकतांत्रिक विरोध की ऐतिहासिक जीत करार दिया है। हालांकि, अभ्यर्थियों का कहना है कि वे तब तक सतर्क रहेंगे जब तक आयोग की वेबसाइट पर उनके रोल नंबर और नामों के साथ संशोधित सूची आधिकारिक रूप से अपलोड नहीं हो जाती।विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटनाक्रम से देश और राज्यों के सभी भर्ती बोर्डों को यह कड़ा सबक मिला है कि डिजिटल युग में परिणाम निर्माण की प्रक्रिया को फुल-प्रूफ और त्रि-स्तरीय ऑडिट से गुजारे बिना सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए, ताकि लाखों युवाओं के करियर और मानसिक स्वास्थ्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो।
एमपी के ग्वालियर में 12वीं की एक छात्रा से दुष्कर्म का मामला सामने आया है. आरोपी ने पीड़िता को मिलने के बहाने बुलाया था लेकिन फिर होटल ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया.
मध्य पूर्व (Middle East) की भू-राजनीति में सऊदी अरब और ईरान के बीच की प्रतिद्वंद्विता दशकों से शक्ति संतुलन के केंद्र में रही है। अगर सैन्य खर्च और अत्याधुनिक हथियारों की बात करें, तो सऊदी अरब दुनिया के सबसे बड़े रक्षा खरीदारों में शुमार है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के आंकड़ों के मुताबिक, सऊदी अरब का सालाना सैन्य खर्च 70 से 83 अरब डॉलर के आसपास रहता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना कर रहे ईरान का आधिकारिक रक्षा बजट महज 7 से 8 अरब डॉलर के करीब सीमित है। यानी कागजों पर सऊदी अरब का सैन्य बजट ईरान से लगभग 11 गुना ज्यादा है। इसके बावजूद जब यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ युद्ध और सीमा पार से होने वाले हमलों की बात आई, तो सऊदी अरब के सामने गंभीर रणनीतिक चुनौतियां खड़ी हो गईं।बजट का विरोधाभास: 83 अरब डॉलर बनाम 7.4 अरब डॉलर का खर्चसऊदी अरब अपनी सुरक्षा के लिए मुख्य रूप से पश्चिमी देशों, विशेषकर अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन से खरीदे गए आधुनिक हथियारों पर निर्भर रहा है। सऊदी वायुसेना के पास F-15SA, यूरोफाइटर टाइफून जैसे उन्नत लड़ाकू विमान और जमीन पर अमेरिकी पैट्रियट (Patriot PAC-3) और थाड (THAAD) मिसाइल डिफेंस सिस्टम मौजूद हैं।दूसरी ओर, ईरान दशकों से कड़े अमेरिकी व अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों, वित्तीय सीमाओं और पुरानी वायुसेना के साथ काम कर रहा है। इस भारी आर्थिक और तकनीकी असमानता के बावजूद युद्ध के मैदान में हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के तेल रिफाइनरी प्रतिष्ठानों (जैसे अरामको), हवाई अड्डों और सैन्य अड्डों को सटीक निशाना बनाए जाने ने रक्षा विशेषज्ञों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या केवल भारी रक्षा बजट से आधुनिक युद्ध जीता जा सकता है।असिमेट्रिक वॉरफेयर: सस्ते ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों का घातक जालइस सैन्य असमानता के पीछे सबसे बड़ा कारण 'असिमेट्रिक वॉरफेयर' (Asymmetric Warfare) यानी असममित युद्ध रणनीति है।ईरान का स्वदेशी मॉडल: महंगे पारंपरिक लड़ाकू विमान खरीदने में असमर्थ ईरान ने अपनी पूरी ताकत कम लागत वाली बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और 'कामिकेज़' (आत्मघाती) ड्रोन्स (जैसे शहाब, कुद्स और समद सीरीज) के विकास में झोंक दी।हूतियों को तकनीकी ट्रांसफर: ईरान ने इस तकनीक और पुर्जों को यमन के हूती विद्रोहियों तक पहुंचाया, जिन्होंने स्थानीय वर्कशॉप्स में इन्हें असेंबल कर सऊदी अरब के खिलाफ रणनीतिक हथियार बना लिया।लागत का विनाशकारी खेल: हूती विद्रोही जिस ड्रोन से हमला करते हैं, उसकी निर्माण लागत महज 15,000 से 20,000 डॉलर (लगभग 15 से 20 लाख रुपये) होती है। वहीं, सऊदी अरब को उस एक ड्रोन को हवा में नष्ट करने के लिए अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल दागनी पड़ती है, जिसके एक इंटरसेप्टर रॉकेट की कीमत 30 लाख से 40 लाख डॉलर (लगभग 25 से 35 करोड़ रुपये) होती है।आर्थिक रूप से घाटे का सौदा: 20 हजार डॉलर के ड्रोन को गिराने के लिए 40 लाख डॉलर का हथियार खर्च करना लंबे समय तक चलने वाले युद्ध में किसी भी देश के खजाने के लिए टिकाऊ नहीं हो सकता।भौगोलिक जटिलता और यमन के बीहड़ पहाड़ों की चुनौतीयमन का भूगोल किसी भी पारंपरिक और आधुनिक सेना के लिए सबसे बड़ा दुस्वप्न माना जाता है।गुरिल्ला रणनीति: हूती विद्रोही यमन के उत्तरी पहाड़ी इलाकों (जैसे सादा और सना) की गुफाओं, संकरी घाटियों और बीहड़ों में छिपे रहते हैं। वे आधुनिक सेना की तरह किसी बैरक या छावनी में नहीं रहते, बल्कि छोटे-छोटे दस्तों में बंटकर मोबाइल लॉन्चर्स से मिसाइल दागते हैं और तुरंत गायब हो जाते हैं।हाई-टेक हथियारों की सीमाएं: अरबों डॉलर के स्टील्थ फाइटर जेट्स और सैटेलाइट गाइडेड मिसाइलें उन लक्ष्यों पर बहुत कम प्रभावी होती हैं जो ठोस चट्टानों और गहरी गुफाओं के भीतर छिपे हों। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने हजारों हवाई हमले किए, लेकिन वे हूतियों की मिसाइल लॉन्चिंग क्षमता को पूरी तरह समाप्त नहीं कर पाए।आर्थिक बुनियादी ढांचे की संवेदनशीलता और तेल बाजार का दबावसऊदी अरब की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार उसका तेल उद्योग और बुनियादी ढांचा है। देश के विजन 2030 के तहत रियाद अंतरराष्ट्रीय निवेश, पर्यटन और बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स (जैसे नियोम सिटी) पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।सऊदी के पास खोने के लिए बहुत कुछ: सऊदी अरब जैसे संपन्न देश में यदि एक भी ड्रोन किसी रिफाइनरी या एयरपोर्ट पर गिरता है, तो वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मच जाता है। 2019 में सऊदी अरामको के अबकैक (Abqaiq) और खुरैस संयंत्रों पर हुए ड्रोन-मिसाइल हमलों ने दुनिया की 5 प्रतिशत तेल आपूर्ति को एक झटके में रोक दिया था।हूतियों के पास खोने के लिए कुछ नहीं: युद्धग्रस्त और मानवीय संकट से जूझ रहे यमन में हूतियों के पास ऐसा कोई बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर या आर्थिक संपत्ति नहीं थी जिसके नष्ट होने का उन्हें डर हो। इस मनोवैज्ञानिक और आर्थिक लाभ ने हूतियों के हाथ में बढ़त बनाए रखी।प्रॉक्सी वॉर और डायरेक्ट टकराव से बचने की ईरानी कूटनीतिईरान ने इस पूरे संघर्ष में 'एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस' (Axis of Resistance) के जरिए प्रॉक्सी रणनीति को अपनाया। ईरान ने कभी भी सऊदी अरब से सीधा युद्ध नहीं लड़ा, जिससे वह पश्चिमी प्रतिबंधों और सीधे सैन्य जवाबी हमले के जोखिम से बचता रहा।यमन के हूतियों, लेबनान के हिजबुल्लाह और इराक-सीरिया के मिलिशिया समूहों को हथियार, प्रशिक्षण और खुफिया जानकारी देकर तेहरान ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को उनके ही घर की सीमाओं पर घेर कर रखा। सऊदी अरब को अपनी 1,400 किलोमीटर लंबी दक्षिणी सीमा की रक्षा के लिए अरबों डॉलर की सेना और एयर डिफेंस तैनात रखने पड़े, जबकि ईरान को इस पूरे ऑपरेशन के लिए अपने वार्षिक बजट का एक बहुत छोटा हिस्सा ही खर्च करना पड़ा।सामरिक सीख: तकनीक से बड़ा सबक बना आधुनिक युद्ध का यह टकरावयमन संघर्ष और हूती हमलों ने वैश्विक सैन्य विश्लेषकों को यह स्पष्ट संदेश दिया कि 21वीं सदी के युद्ध केवल सबसे महंगे फाइटर जेट्स, टैंक और विशाल रक्षा बजट से नहीं जीते जा सकते। सस्ते मानवरहित ड्रोन (UAV), हाइपरसोनिक व क्रूज मिसाइलों के स्वदेशी भंडार और असममित रणनीतियों ने आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम की कमजोरियों को उजागर किया है। यही वजह रही कि सऊदी अरब ने अंततः सैन्य टकराव के बजाय कूटनीतिक रास्तों, संघर्ष विराम और क्षेत्रीय स्थिरता के विकल्पों को प्राथमिकता देना शुरू किया।
बाइक से टक्कर, मौत और फिर खुला राज... पत्नी समेत 3 पुलिस हिरासत में
महाराष्ट्र के जालना में 26 वर्षीय शुभम वाघ की मौत को पहले सड़क हादसा माना गया था. मृतक के पिता की शिकायत के बाद पुलिस जांच में हत्या का मामला दर्ज किया गया. शिकायत में पत्नी के कथित प्रेम संबंध को हत्या की वजह बताया गया है. पुलिस ने शुभम की पत्नी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 30 सितंबर तक हिरासत में भेजा है.
देश भर में कृषि क्षेत्र को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और अधिक लाभकारी बनाने के उद्देश्य से केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा निरंतर प्रोत्साहन योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसी कड़ी में प्राकृतिक खेती, जैविक तकनीक, फसल विविधीकरण (Crop Diversification) और जल संरक्षण जैसे नवाचार अपनाने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित करने के लिए विशेष पुरस्कार योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत चयनित उत्कृष्ट किसानों को 25,000 रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। यदि आप भी पारंपरिक खेती से इतर वैज्ञानिक व टिकाऊ तरीके अपनाकर बेहतर उत्पादन ले रहे हैं, तो 15 सितंबर की अंतिम तिथि से पहले अपना आवेदन संबंधित कृषि विभाग के पोर्टल या कार्यालय में जमा कर सकते हैं।योजना का मुख्य उद्देश्य: आधुनिक और नवाचारी खेती को बढ़ावा देनारासायनिक खादों और कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल से घटती मिट्टी की उर्वरा शक्ति और गिरते भूजल स्तर के दौर में टिकाऊ खेती वक्त की सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है। सरकार का मुख्य मकसद उन जमीनी किसानों को मंच और आर्थिक प्रोत्साहन देना है जिन्होंने सीमित संसाधनों में उत्कृष्ट कार्य किया है।इस योजना के तहत निम्नलिखित श्रेणियों में काम करने वाले कृषकों को प्राथमिकता दी जा रही है:प्राकृतिक एवं जैविक खेती: रसायनों का पूर्ण त्याग कर जीवामृत, बीजामृत और कंपोस्ट खाद के जरिए उच्च गुणवत्ता वाली फसल तैयार करना।सूक्ष्म सिंचाई (Micro Irrigation): ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम का उपयोग कर कम से कम पानी में अधिकतम पैदावार लेना।फसल अवशेष प्रबंधन: पराली या कृषि अपशिष्ट को जलाने के बजाय इन-सीटू या एक्स-सीटू प्रबंधन कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना।बागवानी एवं नकदी फसलें: पारंपरिक गेहूं-धान चक्र से निकलकर फल, फूल, औषधीय पौधों या सब्जियों की सफल व्यावसायिक खेती करना।₹25,000 नकद राशि और मिलने वाले अन्य लाभचयनित किसानों को मिलने वाले लाभ केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह उन्हें सामाजिक प्रतिष्ठा और कृषि विशेषज्ञ का दर्जा भी दिलाते हैं:सीधे खाते में ₹25,000 की राशि: पुरस्कार राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए सीधे किसान के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में भेजी जाएगी।राज्य व जिला स्तर पर सम्मान: जिला कृषि महोत्सव या किसान दिवस (23 दिसंबर) के अवसर पर जिला कलेक्टर और कृषि मंत्रियों द्वारा प्रशस्ति पत्र व मेडल प्रदान किया जाएगा।कृषि मास्टर ट्रेनर बनने का अवसर: पुरस्कृत किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) और आत्मा (ATMA) योजना के तहत मास्टर ट्रेनर बनाया जाता है, जिससे वे अन्य किसानों को प्रशिक्षण देकर अतिरिक्त मानदेय भी अर्जित कर सकते हैं।सरकारी योजनाओं में प्राथमिकता: कृषि यंत्र सब्सिडी, पॉलीहाउस निर्माण या कोल्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स में ऐसे प्रगतिशील किसानों के आवेदनों को वरीयता दी जाती है।कौन कर सकता है आवेदन: पात्रता और आवश्यक शर्तेंइस पुरस्कार योजना के लिए आवेदन करने हेतु आवेदक को कुछ निर्धारित मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य है:सक्रिय किसान होना जरूरी: आवेदक के नाम पर वैध कृषि भूमि होनी चाहिए और वह स्वयं सक्रिय रूप से खेती करता हो।नवाचार का प्रमाण: किसान ने पिछले कम से कम 2 से 3 वर्षों से जैविक, प्राकृतिक या उन्नत कृषि पद्धति को सफलतापूर्वक लागू किया हो।उत्पादन और आय का रिकॉर्ड: अपनाई गई तकनीक से लागत में कमी और शुद्ध आय में बढ़ोतरी का स्पष्ट ब्योरा होना चाहिए।स्थानीय निवासी: आवेदक संबंधित राज्य का मूल निवासी होना चाहिए और उसके पास वैध किसान पंजीकरण (Farmer ID) होना चाहिए।आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज (Checklist)15 सितंबर से पहले आवेदन फॉर्म भरते समय इन दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां संलग्न करना अनिवार्य है:आधार कार्ड और मूल निवास प्रमाण पत्रभूमि संबंधी दस्तावेज (खतौनी, खसरा या जमाबंदी की नकल)बैंक पासबुक की प्रति (खाता आधार और एनपीसीआई से लिंक होना चाहिए)किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) या राज्य किसान पंजीकरण संख्याखेत और फसल के वास्तविक फोटोग्राफ या वीडियो लिंकग्राम प्रधान, सरपंच या स्थानीय कृषि प्रसार अधिकारी (ADO Ag) की अनुशंसा रिपोर्ट15 सितंबर तक कैसे करें ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन?योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं:ऑनलाइन प्रक्रिया:राज्य कृषि विभाग के आधिकारिक डीबीटी पोर्टल (जैसे उत्तर प्रदेश में upagriculture.com, बिहार में dbtagriculture.bihar.gov.in या संबंधित राज्य पोर्टल) पर जाएं।होमपेज पर 'प्रगतिशील किसान पुरस्कार योजना / नवाचार प्रोत्साहन' लिंक पर क्लिक करें।अपनी किसान आईडी दर्ज कर फॉर्म में अपनी फसल, अपनाई गई तकनीक और वार्षिक आय का विवरण भरें।आवश्यक दस्तावेज और खेत के फोटो अपलोड कर फाइनल सबमिट करें और रसीद सुरक्षित रख लें।ऑफलाइन प्रक्रिया: जो किसान ऑनलाइन आवेदन में असमर्थ हैं, वे अपने ब्लॉक के 'कृषि बीज भंडार', उप-कृषि निदेशक (DD Agriculture) कार्यालय या नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) में जाकर निशुल्क फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं। फॉर्म भरकर 15 सितंबर को शाम 5 बजे से पहले भौतिक रूप से जमा कराएं।चयन प्रक्रिया: कैसे तय होंगे विजेता किसान?15 सितंबर को आवेदन की समय सीमा समाप्त होने के बाद मुख्य विकास अधिकारी (CDO) और उप-कृषि निदेशक की अध्यक्षता में एक तकनीकी मूल्यांकन समिति गठित की जाएगी। यह समिति आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद चुनिंदा किसानों के खेतों का औचक निरीक्षण (Physical Verification) करेगी। निरीक्षण के दौरान फसल की गुणवत्ता, मिट्टी की सेहत और किसान के दावों की सत्यता परखी जाएगी। इसके बाद जिलेवार मेरिट सूची तैयार कर अंतिम विजेताओं की घोषणा की जाएगी।
सड़कों पर सफर करने वाले राहगीरों, महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार और नगर प्रशासन ने एक ऐतिहासिक व जनहितैषी कदम उठाया है। अब देश भर के किसी भी छोटे-बड़े होटल, रेस्तरां, ढाबे या पेट्रोल पंप पर आम नागरिक बिना किसी रोक-टोक और बिना किसी शुल्क के शौचालय (Washroom/Toilet) और पीने के साफ पानी की सुविधा का उपयोग कर सकेंगे। अक्सर यह देखा जाता था कि सड़कों पर सार्वजनिक शौचालयों की कमी के चलते राहगीरों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ता था। कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान या होटल यह कहकर लोगों को प्रवेश देने से मना कर देते थे कि वे उनके ग्राहक नहीं हैं। सरकार द्वारा जारी नए सख्त दिशा-निर्देशों के बाद अब यह बहाना पूरी तरह गैर-कानूनी घोषित कर दिया गया है।सराय अधिनियम और स्वच्छ भारत मिशन की संयुक्त पहल का बड़ा फैसलाइस आदेश की कानूनी जड़ें भारत के ऐतिहासिक 'द सराय एक्ट, 1867' (The Sarais Act, 1867) और आधुनिक 'स्वच्छ भारत मिशन' (शहरी व ग्रामीण) की गाइडलाइंस में निहित हैं। सराय अधिनियम के तहत किसी भी होटल, सराय या धर्मशाला के लिए यह अनिवार्य वैधानिक शर्त है कि वह किसी भी राहगीर को मुफ्त में पीने का स्वच्छ पानी और शौचालय का उपयोग करने की अनुमति दे।शहरी विकास मंत्रालय और विभिन्न राज्य सरकारों के नगर विकास विभागों ने स्वच्छता और नागरिक अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए इस प्रावधान को नए सिरे से कड़ाई से लागू करने का आदेश जारी किया है। नगर निगमों के अनुसार, शहर की स्वच्छता, खुले में शौच से मुक्ति (ODF++) और गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को जनहित में अपनी बुनियादी सुविधाओं को सार्वजनिक रूप से साझा करना होगा।पेट्रोल पंपों पर पहले से अनिवार्य है नियम: जानिए क्या हैं 'मार्केटिंग डिसिप्लिन गाइडलाइंस'पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की 'मार्केटिंग डिसिप्लिन गाइडलाइंस' (MDG) के तहत देश के सभी अधिकृत पेट्रोल पंपों (IOCL, BPCL, HPCL, Reliance आदि) पर निम्नलिखित सुविधाएं आम नागरिकों को पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराना अनिवार्य है:साफ और स्वच्छ शौचालय: महिला एवं पुरुष दोनों के लिए अलग-अलग, सुव्यवस्थित और स्वच्छ वॉशरूम होना अनिवार्य है।पेयजल की उपलब्धता: आरओ या साफ पीने के पानी की निरंतर व्यवस्था होनी चाहिए।इमरजेंसी कॉल और फर्स्ट एड: आपातकालीन प्राथमिक चिकित्सा किट और फोन कॉल की सुविधा।मुफ्त हवा: वाहनों के टायरों में हवा भरने की निःशुल्क सुविधा।यदि कोई पेट्रोल पंप संचालक शौचालय पर ताला लगाकर रखता है या 'आउट ऑफ सर्विस' का झूठा बोर्ड लगाकर आम जनता को उपयोग करने से रोकता है, तो इसे डीलरशिप समझौते का सीधा उल्लंघन माना जाता है।क्या होटल में बिना खाना ऑर्डर किए शौचालय जाना कानूनी अधिकार है?सरकार के हालिया आदेश ने स्थिति को बिल्कुल शीशे की तरह साफ कर दिया है। किसी भी व्यक्ति को किसी 5-स्टार, 3-स्टार, बजट होटल, कैफे या रेस्टोरेंट में केवल शौचालय का उपयोग करने या पानी पीने के लिए कोई भोजन या पेय पदार्थ खरीदना जरूरी नहीं है।यदि आप किसी बाजार, हाईवे या मुख्य मार्ग से गुजर रहे हैं और आपको प्राकृतिक क्रिया के लिए जाना है, तो आप सीधे किसी भी नजदीकी प्रतिष्ठान में जा सकते हैं। कोई भी बाउंसर, सुरक्षा गार्ड या होटल स्टाफ आपको गेट पर यह कहकर नहीं रोक सकता कि यह सुविधा सिर्फ 'डाइनिंग कस्टमर्स' के लिए आरक्षित है। ऐसा करना न केवल प्रशासनिक आदेश की अवहेलना है, बल्कि उपभोक्ता अधिकारों और मानवीय गरिमा का भी खुला हनन है।मना करने या बदसलूकी करने पर प्रतिष्ठान पर होगा भारी जुर्माना और लाइसेंस रद्दनए प्रशासनिक आदेश में यह स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि जो भी होटल, रेस्टोरेंट या पेट्रोल पंप आम जनता को वॉशरूम का उपयोग करने से रोकेगा, उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी:ट्रेड और हेल्थ लाइसेंस का निलंबन: नगर निगम या स्थानीय निकाय संबंधित होटल या रेस्टोरेंट का ट्रेड लाइसेंस और फूड सेफ्टी (FSSAI) लाइसेंस निलंबित कर सकते हैं।आर्थिक जुर्माना: पहली बार शिकायत मिलने पर प्रतिष्ठान पर 10,000 रुपये से लेकर 25,000 रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार उल्लंघन करने पर दुकान या आउटलेट को सील किया जा सकता है।पेट्रोल पंप की डीलरशिप पर एक्शन: पेट्रोल पंप द्वारा सुविधा न देने पर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा पंप की सप्लाई अस्थायी रूप से रोकी जा सकती है और जुर्माने की राशि सीधे डीलर के कमीशन से काटी जा सकती है।यदि कोई उपयोग करने से रोके, तो तुरंत कहां और कैसे करें शिकायत?यदि किसी नागरिक को किसी होटल, रेस्टोरेंट या पेट्रोल पंप पर शौचालय का उपयोग करने से मना किया जाता है या उनसे बदसलूकी की जाती है, तो वे तुरंत इन माध्यमों से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं:स्वच्छता ऐप (Swachhata App): केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के 'स्वच्छता ऐप' पर उस प्रतिष्ठान की लोकेशन और फोटो के साथ तत्काल शिकायत दर्ज की जा सकती है, जिस पर नगर निगम की टीम को 24 घंटे के भीतर संज्ञान लेना होता है।स्थानीय नगर निगम हेल्पलाइन: अपने शहर के नगर निगम, नगर पालिका या जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम नंबर पर कॉल करके प्रतिष्ठान के नाम और पते की सीधी शिकायत दर्ज कराएं।पेट्रोल पंप शिकायत निवारण पोर्टल: पेट्रोल पंप की रसीद या बोर्ड पर लिखे ऑयल कंपनी के टोल-फ्री नंबर (जैसे IOCL: 1800 2333 555, BPCL: 1800 22 4344) अथवा पेट्रोलियम मंत्रालय के 'CPGRAMS' पोर्टल पर सीधी ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है।सरकार के इस आदेश से आम लोगों, विशेषकर कामकाजी महिलाओं, गर्भवती माताओं, बच्चों और लंबी यात्रा करने वाले मुसाफिरों को शहरों और राजमार्गों पर एक बड़ी मानसिक व शारीरिक राहत मिली है।
भारत सरकार द्वारा देश के गरीब, मध्यमवर्गीय और वरिष्ठ नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से संचालित 'आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' (AB-PMJAY) को लेकर प्रशासनिक स्तर पर बड़ा डिजिटल अपग्रेड किया गया है। अब पात्र लाभार्थियों को अपना आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए हफ्तों का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के अत्याधुनिक पोर्टल, आधार फेस-ऑथेंटिकेशन और ऑटोमेटेड ई-केवाईसी सिस्टम के जरिए अब आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के महज 24 घंटे के भीतर आयुष्मान कार्ड डिजिटल रूप से अप्रूव होकर डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाता है। इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को देश भर के सरकारी और पैनलबद्ध निजी अस्पतालों में प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस एवं पूरी तरह मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया जाता है।आयुष्मान कार्ड के तहत मिलने वाले प्रमुख वित्तीय व स्वास्थ्य लाभकेंद्र सरकार की यह स्वास्थ्य सुरक्षा योजना दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी वित्तपोषित स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक है। इस कार्ड के माध्यम से लाभार्थियों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं प्राप्त होती हैं:₹5,00,000 का वार्षिक मुफ्त इलाज: योजना से जुड़े परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का सेकेंडरी और टर्शियरी केयर हॉस्पिटलाइजेशन पूरी तरह कैशलेस मिलता है।पूर्व-मौजूदा बीमारियों का पहले दिन से कवर: कई निजी बीमा पॉलिसियों के विपरीत, आयुष्मान भारत योजना में कार्ड बनते ही पुरानी बीमारियां (जैसे हृदय रोग, कैंसर, किडनी विकार, डायबिटीज से जुड़ी जटिलताएं) पहले दिन से कवर होती हैं।दवाएं, जांच और भोजन खर्च शामिल: अस्पताल में भर्ती होने से 3 दिन पहले और डिस्चार्ज होने के 15 दिन बाद तक की दवाओं, नैदानिक परीक्षणों (लैब टेस्ट) और अस्पताल में रहने का खर्च इसी में शामिल रहता है।पोर्टेबिलिटी की सुविधा: यदि आप किसी भी राज्य में रहते हैं, तो देश भर के किसी भी राज्य में स्थित सूचीबद्ध प्राइवेट या सरकारी अस्पताल में इस कार्ड का उपयोग कर सकते हैं।वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष विस्तार: 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को आय सीमा के बिना आयुष्मान वय वंदना कार्ड के तहत अतिरिक्त सुरक्षा का प्रावधान भी जोड़ा गया है।कौन हैं पात्र: अपनी पात्रता (Eligibility) मिनटों में कैसे जांचें?आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन करने से पहले यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि आपका या आपके परिवार का नाम योजना के डेटाबेस में दर्ज है या नहीं। यह योजना सामाजिक, आर्थिक एवं जाति जनगणना (SECC 2011) और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) राशन कार्ड डेटाबेस के आधार पर संचालित होती है।आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले आधिकारिक लाभार्थी पोर्टल beneficiary.nha.gov.in पर विजिट करें या गूगल प्ले स्टोर से 'Ayushman App' डाउनलोड करें।लॉगिन प्रक्रिया: पोर्टल पर 'Beneficiary' विकल्प चुनें, अपना 10 अंकों का सक्रिय मोबाइल नंबर दर्ज करें और प्राप्त ओटीपी के जरिए लॉगिन करें।डेटा सर्च करें: राज्य, योजना (PMJAY), जिला चुनें और फिर अपना आधार नंबर, फैमिली आईडी (राशन कार्ड नंबर) या नाम दर्ज करके सर्च पर क्लिक करें।स्टेटस चेक: स्क्रीन पर आपके परिवार के सभी सदस्यों के नाम आ जाएंगे। यदि नाम के आगे हरा रंग है तो कार्ड पहले से एक्टिव है; यदि पीला या ग्रे रंग है और 'Action/eKYC' का विकल्प दिख रहा है, तो आप तुरंत कार्ड बनवा सकते हैं।सिर्फ 24 घंटे में कैसे बनेगा आयुष्मान कार्ड: स्टेप-बाय-स्टेप ऑनलाइन आवेदननए डिजिटल इंटरफेस के जरिए अब कोई भी व्यक्ति अपने स्मार्टफोन से घर बैठे ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर सकता है:स्टेप 1 - ई-केवाईसी का चयन: परिवार के जिस सदस्य का कार्ड बनाना है, उसके नाम के आगे दिए गए 'e-KYC' बटन पर क्लिक करें।स्टेप 2 - ऑथेंटिकेशन माध्यम चुनें: सत्यापन के लिए आधार ओटीपी (Aadhaar OTP), फिंगरप्रिंट या मोबाइल कैमरे से फेस-ऑथेंटिकेशन (Aadhaar FaceRD App) का विकल्प चुनें। आधार से लिंक मोबाइल पर आए 6 अंकों के ओटीपी को सबमिट करें।स्टेप 3 - लाइव फोटो कैप्चर करें: सिस्टम आवेदक की आधार प्रोफाइल से 80 प्रतिशत से अधिक मैच होने वाली लाइव सेल्फी खींचने को कहेगा। कैमरे के सामने पलकें झपकाकर लाइव फोटो कैप्चर करें।स्टेप 4 - अतिरिक्त जानकारी भरें: मोबाइल नंबर, जन्म का वर्ष, पिन कोड और ग्रामीण/शहरी क्षेत्र जैसी बुनियादी जानकारियों को क्रॉस-चेक करके 'Submit' पर क्लिक करें।स्टेप 5 - अप्रूवल और डाउनलोड: यदि आधार डेटा और राशन कार्ड डेटा में 80% से अधिक मिलान होता है, तो ऑटो-अप्रूवल ट्रिगर हो जाता है। आम तौर पर 2 से 24 घंटे के भीतर आपका आयुष्मान कार्ड डिजिटल रूप से वेरिफाई होकर तैयार हो जाता है, जिसे उसी पोर्टल से पीडीएफ फॉर्मेट में तुरंत डाउनलोड किया जा सकता है।ऑफलाइन आवेदन का विकल्प: सीएससी और सरकारी अस्पतालयदि किसी आवेदक के पास स्मार्टफोन नहीं है या आधार कार्ड में मोबाइल नंबर लिंक नहीं होने के कारण ओटीपी नहीं आ रहा है, तो वे ऑफलाइन माध्यम का सहारा ले सकते हैं:नजदीकी सीएससी (CSC) या जनसेवा केंद्र: अपने मूल आधार कार्ड और राशन कार्ड के साथ नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाएं। वहां वीएलई (VLE) बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैनर के जरिए आपकी ई-केवाईसी पूरी कर देगा।सरकारी अस्पताल में आयुष्मान मित्र: किसी भी जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) या सूचीबद्ध निजी अस्पताल के 'आयुष्मान सहायता केंद्र' पर जाकर भी आयुष्मान मित्र की सहायता से 24 घंटे में कार्ड बनवाया जा सकता है।सरकार की इस त्वरित और आधुनिक पहल से उन गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सबसे बड़ी राहत मिली है, जिन्हें किसी आपातकालीन बीमारी की स्थिति में तुरंत इलाज की आवश्यकता होती है।
बेंगलुरु एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट की टेल स्ट्राइक, रनवे से टकराया पिछला हिस्सा और फिर...
गुवाहाटी से बेंगलुरु आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 6542 रविवार को केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दूसरी बार लैंडिंग के दौरान टेल स्ट्राइक का शिकार हो गई। विमान का पिछला हिस्सा रनवे से टकरा गया। अच्छी बात ये रही कि प्लेन सुरक्षित उतर गया।
सिर्फ ₹1 में सिम कार्ड के साथ 24GB डेटा, अनलिमिटेड कॉलिंग और SMS! जानिए कंपनी का धमाकेदार प्लान
भारतीय टेलीकॉम बाजार में ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए कंपनियों के बीच डेटा और कॉलिंग वॉर हमेशा चर्चा में रहता है। निजी टेलीकॉम ऑपरेटरों द्वारा रिचार्ज प्लान्स की कीमतों में समय-समय पर किए जाने वाले बदलावों के बीच कई सरकारी और निजी कंपनियां ऐसे प्रमोशनल ऑफर्स पेश करती हैं, जो पहली नजर में किसी को भी हैरान कर दें। ऐसा ही एक बेहद चर्चा में रहने वाला ऑफर सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सुर्खियां बटोर रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि उपभोक्ता मात्र 1 रुपये की टोकन कीमत पर नया सिम कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही ग्राहकों को 24GB तक हाई-स्पीड इंटरनेट डेटा, देश भर के किसी भी नेटवर्क पर अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और डेली मुफ्त एसएमएस की सुविधा दी जा रही है। ऐसे में करोड़ों मोबाइल यूजर्स के लिए यह समझना जरूरी है कि इस आकर्षक ऑफर का पूरा सच क्या है, यह किस नेटवर्क पर लागू है और इसे कैसे एक्टिवेट कराया जा सकता है।1 रुपये का सिम कार्ड ऑफर: क्या-क्या सुविधाएं मिल रही हैं ग्राहकों को?टेलीकॉम सेक्टर में सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) और कुछ चुनिंदा टेलीकॉम प्लेयर्स समय-समय पर नए ग्राहकों को जोड़ने और पोर्ट-इन (MNP) को बढ़ावा देने के लिए ऐसे टोकन प्लान जारी करते हैं। इस खास प्रमोशनल ऑफर के तहत:टोकन सिम चार्ज: नए सिम कार्ड की लागत को घटाकर महज 1 रुपये या नाममात्र का रखा गया है, ताकि ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के नए उपभोक्ता आसानी से डिजिटल नेटवर्क से जुड़ सकें।24GB हाई-स्पीड डेटा: एक्टिवेशन के बाद उपयोगकर्ता को कुल 24GB डेटा का बंडल उपलब्ध कराया जाता है। यह डेटा कई मामलों में एकमुश्त या फिर रोजाना सीमित आधार पर (जैसे 1GB या 2GB प्रतिदिन) उपयोग के लिए क्रेडिट होता है।अनलिमिटेड लोकल और एसटीडी कॉलिंग: देश भर में किसी भी टेलीकॉम ऑपरेटर के नेटवर्क (Jio, Airtel, Vi या BSNL) पर बात करने के लिए पूरी तरह फ्री और अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग दी जाती है।100 फ्री एसएमएस रोजाना: बैंकिंग ओटीपी, सामान्य मैसेजिंग और जरूरी संवाद के लिए प्रतिदिन 100 लोकल व नेशनल एसएमएस की सुविधा भी इस पैक में शामिल रहती है।नए ग्राहकों और MNP (पोर्टेबिलिटी) यूजर्स के लिए विशेष व्यवस्थाकंपनियों द्वारा इस तरह के अल्ट्रा-अफोर्डेबल ऑफर्स आमतौर पर दो श्रेणियों के ग्राहकों के लिए पेश किए जाते हैं। पहला, वे लोग जो पहली बार संबंधित ऑपरेटर का नया सिम कनेक्शन खरीद रहे हैं। दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण वर्ग वे उपभोक्ता हैं, जो अपनी मौजूदा टेलीकॉम कंपनी के महंगे टैरिफ प्लान्स या नेटवर्क समस्याओं से परेशान होकर मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (MNP) के जरिए नेटवर्क स्विच करना चाहते हैं।निजी ऑपरेटरों के बढ़ते टैरिफ के दौर में सेकेंडरी सिम के तौर पर नंबर एक्टिव रखने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए ऐसे कम लागत वाले प्लान किसी वरदान से कम नहीं हैं। ग्राहक अपने पुराने नंबर को बरकरार रखते हुए महज 1 रुपये के सिम शुल्क और प्रमोशनल फर्स्ट रिचार्ज कूपन (FRC) के साथ नए नेटवर्क का अनुभव ले सकते हैं।ऑफर पाने के लिए जरूरी नियम, शर्तें और वैलिडिटी का गणितयद्यपि हेडलाइन और विज्ञापनों में 1 रुपये में सिम और फ्री डेटा का प्रचार काफी आकर्षक दिखता है, लेकिन इसके पीछे कुछ तकनीकी और परिचालन नियम (Terms & Conditions) होते हैं जिन्हें समझना आवश्यक है:वैलिडिटी की मियाद: यह 24GB डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा आमतौर पर 28 दिनों या 30 दिनों की निर्धारित वैधता के साथ आती है। वैधता समाप्त होने के बाद ग्राहक को नियमित टैरिफ प्लान से रिचार्ज कराना अनिवार्य होता है।फर्स्ट रिचार्ज कूपन (FRC): कुछ सर्किलों में सिम कार्ड की कीमत तो 1 रुपये रखी जाती है, लेकिन 24GB डेटा और कॉलिंग का लाभ पाने के लिए न्यूनतम प्रमोशनल FRC रिचार्ज कराना अनिवार्य हो सकता है, जिसे कंपनी पहले महीने के लिए सब्सिडी रेट पर देती है।सर्कल आधारित उपलब्धता: यह ऑफर देश के सभी टेलीकॉम सर्किलों में एक साथ लागू न होकर चुनिंदा राज्यों (जैसे यूपी पूर्व, यूपी पश्चिम, बिहार-झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा या पश्चिम बंगाल) के विशेष कस्टमर सर्विस सेंटर्स (CSC) या अधिकृत रिटेलर्स पर ही सीमित समय के लिए उपलब्ध कराया जाता है।1 रुपये में नया सिम कार्ड और 24GB डेटा कैसे हासिल करें?यदि आप भी इस तरह के किफायती टेलीकॉम ऑफर का लाभ उठाना चाहते हैं, तो इसकी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी है:नजदीकी अधिकृत रिटेलर या सीएससी केंद्र जाएं: अपने नजदीकी टेलीकॉम ऑपरेटर के ग्राहक सेवा केंद्र (CSC) या अधिकृत मोबाइल स्टोर पर जाएं।केवाईसी (e-KYC) दस्तावेज: भारत सरकार और दूरसंचार विभाग (DoT) के नियमों के अनुसार बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य है। इसके लिए अपना मूल आधार कार्ड साथ लेकर जाएं।फिंगरप्रिंट या फेस ऑथेंटिकेशन: स्टोर पर एजेंट आपके आधार कार्ड का बायोमेट्रिक या फेस स्कैन के जरिए ई-केवाईसी करेगा।तुरंत एक्टिवेशन: वेरिफिकेशन पूरा होते ही नया सिम कार्ड हैंडओवर कर दिया जाता है, जो टेली-वेरिफिकेशन के बाद कुछ ही घंटों में सक्रिय हो जाता है और फ्री डेटा व कॉलिंग का लाभ शुरू हो जाता है।टेलीकॉम कंपनियां ऐसे ऑफर्स के जरिए अपने यूजर बेस को तेजी से विस्तार देने का प्रयास करती हैं। यदि आप भी कम खर्च में बेहतर कॉलिंग और पर्याप्त डेटा का लाभ लेना चाहते हैं, तो अपने नजदीकी रिटेलर से इस प्रमोशनल प्लान की स्थानीय उपलब्धता की पुष्टि कर इसका लाभ उठा सकते हैं।
प्रवेश वर्मा थप्पड़ कांड पर राहुल का हमला, भाजपा को जनता का डर नहीं
दिल्ली के तिलक नगर में सड़क निर्माण कार्य के निरीक्षण के दौरान मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा एक युवक को थप्पड़ मारने का वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने भाजपा पर निशाना साधा है
Maharashtra: देवेंद्र फडणवीस किसानों के मुद्दे सुलझाएं या EC के प्रवक्ता बनें, कांग्रेस नेता का तंज
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा राहुल गांधी की आलोचना किए जाने पर पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने रविवार को कहा कि अगर वह सूखा प्रभावित किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं कर सकते, तो उन्हें इस्तीफा देकर निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता के तौर पर काम करना चाहिए। फडणवीस ने विपक्ष के ‘वोट चोरी’ के आरोप को निराधार बताते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं में जनता का विश्वास कमजोर करने और ‘‘अराजकता तथा अव्यवस्था’’ के बीज बोने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। फडणवीस ने निर्वाचन आयोग में मतभेद की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि तीनों निर्वाचन आयुक्तों ने शनिवार को संयुक्त बयान जारी कर स्पष्ट कर दिया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। मुख्यमंत्री के बयान पर सपकाल ने सवाल किया, ‘‘क्या फडणवीस निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता हैं? कांग्रेस द्वारा निर्वाचन आयोग से पूछे गए सवालों का जवाब वह क्यों दे रहे हैं?’’अखबार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर के बाद कांग्रेस और कई अन्य दलों तथा संगठनों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। खबर में दावा किया गया था कि दो निर्वाचन आयुक्तों ने 10 महीने में कम से कम 14 बार एसआईआर प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन आयोग के तरीके पर औपचारिक आपत्ति जताई थी। सपकाल ने कहा कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों से चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता का मुद्दा केंद्र में आ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सवालों का तथ्यों के साथ जवाब देने के बजाय, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता राहुल गांधी की व्यक्तिगत आलोचना कर रहे हैं। सपकाल ने कहा, ‘‘अगर निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर सवाल उठाए गए हैं, तो आयोग को उनका जवाब देना चाहिए। निर्वाचन आयोग का बचाव करने के बजाय मुख्यमंत्री को महाराष्ट्र की जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।’’कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘अगर वह इन मुद्दों का समाधान नहीं कर सकते, तो उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर पूर्णकालिक रूप से निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता के तौर पर काम करना चाहिए।
इंडिगो फ्लाइट की लैंडिंग के दौरान असामान्य रनवे संपर्क, जांच जारी
इंडिगो की फ्लाइट 6E 6542 को केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार को तेज हवाओं के बीच असामान्य रनवे संपर्क का सामना करना पड़ा. सभी यात्री और क्रू सुरक्षित हैं. विमान की जांच की जा रही है और SOP के तहत संबंधित अधिकारियों को सूचित किया गया है.
प्रवेश वर्मा ने जिसे मारा थप्पड़, उस पर पहले से FIR, बीजेपी बोले- ये AAP का गुंडा
दिल्ली में सड़क निरीक्षण के दौरान PWD मंत्री प्रवेश वर्मा पर एक युवक को थप्पड़ मारने का आरोप लगा है. आरोप लगाने वाले युवक की पहचान साहिब सिंह के रूप में हुई है. बीजेपी ने युवक को 'AAP का गुंडा' बताया है.
भारत का उत्थान बिना टकराव और विघटन के समावेशी विकास पर आधारित: Rajnath Singh
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि भारत एक ऐसी सभ्यतागत शक्ति है, जिसका उदय टकराव या व्यवधान के बजाय समावेशी विकास पर आधारित है। उन्होंने कहा कि देश का लक्ष्य बिना किसी विघटन के आगे बढ़ना और संघर्ष के बिना सकारात्मक बदलाव लाना है। ‘एनडीटीवी’ के रक्षा सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान सिंह ने यह भी कहा कि जो राष्ट्र प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नेतृत्व करेगा, उसे युद्ध के मैदान में बढ़त हासिल होगी। उन्होंने पिछले एक दशक में रक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति के साथ-साथ सशस्त्र बलों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए उठाए गए कुछ कदमों को भी रेखांकित किया। विश्व व्यवस्था में भारत की स्थिति पर सिंह ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि हम एक सभ्यतागत शक्ति हैं। हमारे उत्थान का उद्देश्य किसी दूसरे देश को पीछे छोड़ना या मौजूदा व्यवस्था को खत्म करना नहीं है; बल्कि यह सामूहिक और समावेशी विकास के बारे में है। हमारा लक्ष्य है - बिना विघटन के उत्थान, संघर्ष के बिना सकारात्मक बदलाव।’’उन्होंने कहा, ‘‘हम ऐसी दुनिया की कल्पना करते हैं, जहां भारत आगे बढ़े और पूरी दुनिया भी हमारे साथ आगे बढ़े।’’रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि आज का युद्ध केवल सैनिक बनाम सैनिक का मामला नहीं है, बल्कि यह कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। उन्होंने कहा कि इसमें जमीन, हवा, समुद्र, अंतरिक्ष, साइबर क्षेत्र, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, सूचना युद्ध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ड्रोन और सटीक मारक हथियार शामिल हैं।
40 की उम्र में 20 जैसा ग्लो! आजमाएं कोरियन गर्ल्स के ये 3 देसी नुस्खे
पिगमेंटेशन और समय से पहले दिखने वाली झुर्रियां महिलाओं के लिए बहुत बड़ी टेंशन बनी हुई है. आइए जानते हैं फ्लॉलेस स्किन पाने के लिए कोरियन ब्यूटी टिप्स कैसे आपकी मदद करेंगी.
मिथुन-धनु की बढ़ेगी इनकम, जानें आपकी राशि के लिए कैसा होगा अक्टूबर
अक्टूबर माह की शुरुआत होने वाली है. वैसे तो यह महीना पितृपक्ष में शुरू हो रहा है. लेकिन इसमें कई बड़े त्योहारों की दस्तक भी होगी. अक्टूबर में शारदीय नवरात्र, दशहरा, शरद पूर्णिमा और करवा चौथ जैसे बड़े त्योहार भी आने वाले हैं. ग्रहों की चाल अक्टूबर माह को कई राशियों के लिए शुभ बता रही है.
'पहले ही कर लें EMI पेमेंट...', हड़ताल से ऐन पहले बैंकों का अलर्ट
Bank's Alert To Customers: सोमवार को बैंक यूनियनों की तीन दिवसीय हड़ताल शुरू होने जा रही है. इस बीच कई बड़े बैंकों ने अपने ग्राहकों को अलर्ट किया है कि वे अपनी EMI का भुगतान पहले ही कर लें.
Ganjam में गांव पर हमले और भीड़ हिंसा मामले में 5 महिलाओं समेत 13 गिरफ्तार
ओडिशा पुलिस ने 14 सितंबर को गंजाम जिले के एक गांव पर हमले में शामिल होने के आरोप में रविवार को 13 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में पांच महिलाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह ब्रह्मपुर सदर थाना क्षेत्र के कुकुडाखंडी गांव में छापेमारी के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। ब्रह्मपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिनव सोनकर ने बताया कि आरोपियों पर भीड़ हिंसा, गैर-कानूनी तरीके से बंधक बनाने, पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डालने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि भीड़ हिंसा और पुलिस के काम में बाधा डालने में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के मुताबिक, 14 सितंबर की दोपहर तलवार सहित अन्य हथियारों से लैस 8-10 लोगों की भीड़ मोटरसाइकिल पर सवार होकर कुकुडाखंडी बाउरी साही पहुंची और बम फेंके, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस के अनुसार, स्थानीय लोगों ने भीड़ में शामिल दो सदस्यों को उनकी मोटरसाइकिल के साथ पकड़ लिया। पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद कहा कि इस घटना की वजह पुरानी दुश्मनी हो सकती है। उसने बताया कि एक आरोपी के साथ बुरी तरह मारपीट की गई, जबकि दूसरे को सामुदायिक कक्ष के अंदर बंद कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर एक टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, उसने बताया कि भीड़ ने टीम को अपना कर्तव्य निभाने से रोका, उसके सदस्यों पर पत्थर फेंके और उनके साथ बदसलूकी की। पुलिस के मुताबिक, एक आरोपी देर रात दो बजे तक सामुदायिक कक्ष में बंद रहा। बाद में वरिष्ठ अधिकारियों ने अतिरिक्त पुलिस बल और कुकुडाखंडी के कार्यकारी मजिस्ट्रेट के साथ मिलकर दखल दिया, व्यक्ति को बचाया और उसे यहां एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में 15 सितंबर को मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
यूपीआईटीएस में दिखा परिवहन विभाग का सड़क सुरक्षा पर जोर, 28 से 30 सितंबर तक चलेगा ऑपरेशन कवच
लखनऊ/ग्रेटर नोएडा, 27 सितंबर। योगी सरकार के कार्यकाल में परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित, सुगम और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की झलक उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) में भी देखने को मिल रही है। ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपीआईटीएस के चौथे संस्करण में परिवहन विभाग ने अपने स्टॉल के माध्यम से विभागीय सेवाओं, सड़क सुरक्षा और वाहन संबंधी नई व्यवस्थाओं की जानकारी दी। यहीं पर परिवहन विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि सड़क सुरक्षा के तहत 28 से 30 सितंबर तक प्रदेश में अनधिकृत बसों के विरूद्ध ऑपरेशन कवच अभियान चलाया जाएगा।28 से 30 सितंबर तक ऑपरेशन कवचपरिवहन विभाग की तकनीकी कार्यशाला में अपर मुख्य सचिव ने बताया कि अवैध रूप से संचालित बसों के खिलाफ ऑपरेशन कवच के तहत 28 से 30 सितंबर तक प्रदेशव्यापी विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य परिवहन नियमों के अनुपालन को प्रभावी बनाना और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।एनसीआर के प्रदूषण पर ईओएल वाहनों पर फोकसउन्होंने एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण और खराब होती हवा की गुणवत्ता को देखते हुए एंड ऑफ लाइफ (ईओएल) वाहनों को अधिकृत स्क्रैप केंद्र पर स्क्रैप कराने की अपील की। एनसीआर के वाहन स्वामियों से पुराने और निर्धारित मानकों के अनुरूप जीवन पूरा कर चुके वाहनों को अधिकृत केंद्र तक पहुंचाने का आग्रह किया, ताकि पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सके।परिवर्तन पोर्टल से पुराने वाहनों को बदलने का लाभउन्होंने परिवहन विभाग की परिवर्तन योजना की जानकारी देते हुए यूरो मानक बीएस 1,2,3 व 4 वाले वाहनों के स्वामियों से परिवर्तन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने की अपील की। वहीं कार्यशाला में सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को कम करने के लिए यातायात नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया गया। लोगों से नियंत्रित गति से वाहन चलाने, दोपहिया पर हेलमेट और चारपहिया में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने, शराब पीकर वाहन न चलाने व ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की गई।परिवहन विभाग ने बताया कि जनसुविधा के लिए उसकी 52 सेवाओं को फेसलेस किया गया है, जबकि 40 सेवाएं ऑटो अप्रूवल मोड में संचालित की जा रही हैं। ट्रेड शो में ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी आधुनिक तकनीक और सिमुलेटर के जरिए युवाओं को जानकारी भी दी जा रही है।
16 सेकंड में पाइप से सिर पर 14 वार... MP में दिनदहाड़े युवक की हत्या
Sagar Crime News: सागर में पैराडाइज होटल के सामने 28 साल के अंकित पटेल की लोहे के पाइप से पीट-पीटकर हत्या. वारदात का खौफनाक CCTV फुटेज आया सामने. पुलिस जांच में जुटी. पढ़ें पूरी खबर...
डिजिटल मार्केट, मजबूत सप्लाई चेन और सुशासन से यूपी के हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान: भूपेंद्र चौधरी
ग्रेटर नोएडा, 27 सितंबर। एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स के विशेष सत्र में एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि ग्रेटर नोएडा का इंडिया एक्सपो सेंटर बदलते भारत और बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर प्रस्तुत कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश को देश के मजबूत ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित करने का काम हुआ है। सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ गांव, कारीगर, महिला उद्यमी और छोटे कारोबारियों तक पहुंचाना है।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में उद्योग और निर्यात के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में औद्योगिक इकाइयों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है और प्रदेश का निर्यात दो लाख करोड़ रुपये से अधिक के स्तर पर पहुंच चुका है। डिजिटल मार्केट और सप्लाई चेन को मजबूत करने के साथ एक्सपोर्ट हब विकसित किए जा रहे हैं। वाराणसी जैसे प्रमुख केंद्रों पर लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग और कस्टम्स से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर है।भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले के कॉमन फैसिलिटी सेंटर को हाईटेक स्टूडियो के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां ब्रांडिंग, प्रमोशन, 3डी और हाई-डेफिनिशन फोटोग्राफी तथा पैकेजिंग जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इससे स्थानीय उत्पादों को डिजिटल बाजार में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप प्रस्तुत किया जा सकेगा। महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को ई-कॉमर्स से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि सहारनपुर की लकड़ी की नक्काशी, भदोही के कालीन और मुरादाबाद के हस्तशिल्प जैसे उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए डिजिटल प्रमाणन, ऑनलाइन परमिट और ट्रेसबिलिटी जैसी व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। उन्होंने वैश्विक खरीदारों, निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों से उत्तर प्रदेश के एक्सपोर्ट इकोसिस्टम से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रदेश की डिजिटल और औद्योगिक विकास यात्रा अभी रुकने वाली नहीं है।डिजिटल मार्केटिंग और ग्लोबल बाजार से जुड़कर बढ़ाएं हैंडीक्राफ्ट्स का कारोबार: के विजयेंद्र पांडियनआयुक्त (उद्योग) के विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि भविष्य में कारोबार तेजी से डिजिटल होने वाला है, इसलिए हस्तशिल्प उद्यमियों को इंस्टाग्राम, फेसबुक सहित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मार्केटिंग और ब्रांडिंग पर जोर देना होगा। उत्तर प्रदेश एमएसएमई और हस्तशिल्प का बड़ा केंद्र है, ऐसे में स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की व्यापक संभावनाएं हैं। कारोबारियों को केवल ट्रेडिंग तक सीमित न रहकर उत्पाद की गुणवत्ता, मात्रा, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बेहतर मार्जिन पर काम करना चाहिए। उन्होंने जनपदों के विशिष्ट उत्पादों की पहचान कर उन्हें मॉडल के रूप में विकसित करने, होम डेकोर सहित अन्य उत्पादों के लिए डिजिटल और फिजिकल शोरूम तैयार करने तथा एक्सपोर्ट चैन के जरिए विदेशी बाजारों तक पहुंच बनाने पर जोर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों से विशेषज्ञों के सत्रों को ध्यान से सुनने, सफल मॉडलों का अध्ययन करने और अपने सवालों के जवाब लेकर उन्हें अपने कारोबार में लागू करने का आह्वान किया।
Election Commission पुनर्गठन और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की झारखंड में वामदलों ने उठाई मांग
झारखंड में वाम दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को तत्काल रोकने, निर्वाचन आयोग के पुनर्गठन और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की रविवार को मांग की। यहां हुई एक संयुक्त बैठक में भाकपा, माकपा, भाकपा (माले) लिबरेशन, फॉरवर्ड ब्लॉक, आरएसपी और एसयूसीआई के सदस्यों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर 28 सितंबर से दो अक्टूबर तक जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू करने का भी फैसला किया। माकपा की झारखंड इकाई के सचिव प्रकाश विप्लव ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त भाजपा और केंद्र सरकार के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। विप्लव ने कहा, ‘‘हम देश में एसआईआर को तत्काल रोकने, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और निर्वाचन आयोग के पुनर्गठन की मांग करते हैं।’’वाम दलों ने उच्चतम न्यायालय से एसआईआर को लेकर निर्वाचन आयोग में कथित आंतरिक मतभेदों से संबंधित एक खबर का संज्ञान लेने का भी आग्रह किया। भाकपा (माले) लिबरेशन के राज्य सचिव मनोज भक्त ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल, बिहार और महाराष्ट्र में लाखों मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटा दिए गए। उन्होंने दावा किया, ‘‘निर्वाचन आयोग द्वारा हाल में झारखंड के लिए जारी किए गए आंकड़े संकेत देते हैं कि यहां बड़ी संख्या में लोग मतदान के अवसर से वंचित हो जाएंगे और उनके नाम मतदाता सूचियों से हटा दिए जाएंगे।
एआई और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में नई छलांग लगा रहा उत्तर प्रदेश: सुनील कुमार शर्मा
ग्रेटर नोएडा, 27 सितंबर। ‘यूपीज जर्नी फ्रॉम इलेक्ट्रॉनिक्स लीडर टू एआई एंड सेमीकंडक्टर पावरहाउस’ सत्र को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर के क्षेत्र में भी तेजी से अपनी क्षमता विकसित कर रहा है। आने वाले समय में एआई और आईटी का कृषि तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ाव प्रदेश के विकास को नई दिशा देगा।मंत्री ने बताया कि हाल में 52 स्टार्टअप के साथ हुई बैठक में सामने आया कि बड़ी संख्या में स्टार्टअप फूड सप्लाई से जुड़े हैं, जबकि कृषि क्षेत्र में एआई का इस्तेमाल करने वाले स्टार्टअप की संख्या अभी कम है। उन्होंने इसे एक बड़े अवसर के रूप में रेखांकित करते हुए कहा कि एआई और आईटी को कृषि आधारित उद्योगों से जोड़कर किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। प्रदेश में मक्का की खेती को इथेनॉल उत्पादन से जोड़ने के बाद किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है। भविष्य में इसी तरह तकनीक आधारित समाधान कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव ला सकते हैं।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निवेशकों को अनुकूल वातावरण देने के लिए लगातार नीतियों में आवश्यक बदलाव कर रही है। उद्योगों की जरूरत के अनुरूप मुख्यमंत्री के स्तर से नीतिगत सुधार किए जाते हैं। निवेशकों को प्रोत्साहन राशि देने की प्रक्रिया में पारदर्शिता पर विशेष जोर है और विभाग में निवेश प्रोत्साहन से संबंधित कोई फाइल लंबित न रखने की व्यवस्था की गई है। पिछले एक वर्ष में करीब 500 से 600 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन वितरित किए गए हैं।सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने बीते वर्षों में औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन देखा है। एक्सप्रेसवे, इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग तथा एयर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में यूपी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने रक्षा उत्पादन में हुए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां कभी अवैध हथियार निर्माण की चर्चा होती थी, वहीं आज प्रदेश में ब्रह्मोस मिसाइल और एके-203 जैसी आधुनिक रक्षा प्रणालियों के निर्माण की दिशा में काम हो रहा है।उन्होंने प्रदेश के बढ़ते बजट को भी आर्थिक विस्तार से जोड़ते हुए कहा कि 2017 में राज्य का बजट करीब 3.36 लाख करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर लगभग 9.72 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यह बदलाव बढ़ती आर्थिक गतिविधियों, निवेश और राजस्व क्षमता का संकेत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तकनीक और नवाचार के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य इस परिवर्तन को हर जिले तक पहुंचाना है। वर्ष 2026-27 के लिए तकनीक और औद्योगिक विकास को प्रदेश के सभी जिलों तक विस्तार देने के लिए विशेष बजटीय प्रावधान किया गया है। उन्होंने निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों से उत्तर प्रदेश के एआई, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम का हिस्सा बनने का आह्वान किया।
ट्रेड शो में बागपत के घेवर का स्वाद चख बोले लोग, सावन के बाद भी खूब भा रहा
ग्रेटर नोएडा। इंडिया एक्सपो मार्ट में चल रहे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में बागपत का घेवर लोगों को रुकने और स्वाद चखने के लिए मजबूर कर रहा है। वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन के पवेलियन में बागपत के स्टाल पर पहुंच रहे लोग पहले घेवर को बनते देख रहे हैं और फिर उसका स्वाद ले रहे हैं। दिल्ली, गुरुग्राम और गाजियाबाद से आए लोगों ने घेवर की कुरकुराहट और खोये की परत को पसंद किया। कई लोगों के लिए यह भी आकर्षण का विषय रहा कि आमतौर पर सावन की मिठाई माने जाने वाला घेवर यहां सितंबर में भी ताजा तैयार होकर बिक रहा है।बागपत के अमीनगर सराय निवासी ईश्वर दयाल अग्रवाल के परिवार में तीन पीढ़ियों से घेवर बनाने का कारोबार है। इसी परिवार से जुड़े दीपक गोयल ट्रेड शो में स्टाल का संचालन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यहां आने वाले कई लोग घेवर देखकर सवाल करते हैं कि यह तो सावन में मिलने वाली मिठाई है, फिर इस समय कैसे तैयार हो रही है। उन्हें बताया जाता है कि बागपत में घेवर की मांग केवल सावन तक सीमित नहीं है। सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को अलग-अलग मौसम में बागपत के घेवर की उपलब्धता की जानकारी मिल रही है।सामने बन रहा ताजा घेवरट्रेड शो में बागपत से पांच कारीगर आए हैं। ये कारीगर स्टाल पर ही लोगों के सामने ताजा घेवर तैयार कर रहे हैं। इससे भी लोगों की उत्सुकता बढ़ रही है। दीपक गोयल के अनुसार रोजाना अच्छी बिक्री हो रही है और यहां घेवर 600 रुपये किलो की दर से बेचा जा रहा है।घेवर की खासियत बताते हुए उन्होंने कहा कि शुद्ध दूध से तैयार खोये का इस्तेमाल स्वाद को अलग पहचान देता है। नीचे का कुरकुरा हिस्सा और ऊपर जमी खोये की परत इसकी विशेषता है। बागपत के अलावा दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इसकी मांग रहती है।दिल्ली की सोनाली, गुरुग्राम की रवीना कश्यप और गाजियाबाद के धर्मेंद्र भारद्वाज समेत ट्रेड शो में पहुंचे लोगों ने घेवर का स्वाद लिया। लोगों ने स्टाल पर रुककर घेवर बनाने की प्रक्रिया भी देखी। लोग विशेष तरीके से घेवर बनता देख उत्साहित दिखाई दिए। पहली बार एक जिला एक व्यंजन के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों के प्रसिद्ध व्यंजनों को ट्रेड शो में जगह दी गई है। बागपत से घेवर को इसमें शामिल किया गया है। इससे जिले की पारंपरिक मिठाई को दूसरे जिलों से आए लोगों तक पहुंचने का अवसर मिला है।
बारिश से प्रभावित बिजली आपूर्ति बहाल करने में जुटी योगी सरकार
लखनऊ, 27 सितंबर। प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से प्रभावित विद्युत आपूर्ति को जल्द सामान्य करने के लिए योगी सरकार ने निगरानी और राहत कार्य तेज कर दिए हैं।प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं यूपी पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने अधिकारियों को युद्धस्तर पर काम कर जल्द से जल्द विद्युत आपूर्ति सामान्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का फीडरवार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और 1912 पर आने वाली प्रत्येक सूचना को गंभीरता से लिया जाए।प्रमुख सचिव ने निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं को यह भी बताया जाए कि उनकी विद्युत आपूर्ति कब तक बहाल होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि अस्पताल, पेयजल सहित आवश्यक सेवाओं की बिजली आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर बहाल की जाए। बारिश और पेड़ों के गिरने से 33 और 11 केवी फीडरों में बड़े पैमाने पर ब्रेकडाउन हुआ है। कई स्थानों पर बिजली के पोल भी टूटे हैं। इन्हें बदलने के साथ ही क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत का काम दिन-रात जारी है। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में भी टीमें लगातार कार्य कर रही हैं।शहरी क्षेत्रों में आपूर्ति लगभग सामान्यडिस्कॉम अधिकारियों ने बताया कि लखनऊ सहित प्रदेश के अधिकांश शहरी क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति लगभग सामान्य कर दी गई है। मध्यांचल में बरेली मंडल को छोड़कर शहरी क्षेत्रों में आपूर्ति सामान्य है। 33 केवी के छह सबस्टेशन बंद हैं, जिन्हें शाम तक चालू करने का लक्ष्य है। पूर्वांचल में बस्ती और संतकबीरनगर को छोड़कर अधिकांश शहरी क्षेत्रों में आपूर्ति सामान्य है।पश्चिमांचल में अमरोहा, बिजनौर, संभल और मुरादाबाद के ग्रामीण क्षेत्रों को छोड़कर आपूर्ति सामान्य है। दक्षिणांचल में इटावा, कन्नौज, औरैया और फर्रुखाबाद को छोड़कर अन्य शहरों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। केस्को क्षेत्र में 33 केवी का कोई ब्रेकडाउन नहीं है। सब जगह आपूर्ति नॉर्मल कर दी गई है।24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम, मैनपावर की कमी ना होअधिक प्रभावित जिलों में अंबेडकरनगर, भदोही, आजमगढ़, बलिया, बहराइच, बस्ती, बरेली, गोंडा, देवरिया, लखीमपुर, मऊ, सिद्धार्थनगर, कानपुर देहात, हमीरपुर, शाहजहांपुर, आगरा, फिरोजाबाद, कानपुर नगर, बुलंदशहर, गोरखपुर और वाराणसी ग्रामीण शामिल हैं। लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। मुख्यालयों से अधिकारियों को जिलों में भेजा गया है। आरडीएसएस और बिजनेस प्लान के कार्यों में लगी कार्यदायी संस्थाओं को भी अनुरक्षण कार्य में लगाया गया है।शक्तिभवन और डिस्कॉम के कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिययूपीपीसीएल अध्यक्ष ने कहा कि विद्युत आपूर्ति बहाली के कार्य में मैनपावर की कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। जिला और फीडरवार लगातार मॉनिटरिंग करते हुए कार्य कराया जाए और एक भी फीडर छूटने न पाए। अस्पताल, पेयजल सहित अन्य आवश्यक सेवाओं की विद्युत आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर बहाल की जाए। उन्होंने कहा कि सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता है। शक्ति भवन और सभी डिस्कॉम के कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय हैं। डिस्कॉम के प्रबंध निदेशकों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने-अपने क्षेत्रों में आई समस्याओं और चल रहे अनुरक्षण कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। यूपीपीसीएल के प्रबंध निदेशक नितेश कुमार ने भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
लखनऊ, 27 सितंबर। उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रभावित परिवारों तक तत्काल राहत पहुंचाने की संवेदनशीलता और तत्परता दिखाई है। अयोध्या और बस्ती में तेज आंधी-पानी से प्रभावित परिवारों के बीच जनपद के प्रभारी मंत्री एवं कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही पहुंचे और पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने सीएम योगी के निर्देश पर प्रभावित परिवारों को दैवीय आपदा राहत कोष से घटना के 24 घंटे के अंदर चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक सौंपे।अयोध्या में अतिवृष्टि और आंधी-तूफान के कारण चार लोगों की असामयिक मृत्यु हुई। इनमें सोहावल तहसील के शिवदासपुर, शुक्ला का पुरवा निवासी 18 वर्षीय आकाश वर्मा, मिल्कीपुर तहसील निवासी 12 वर्षीय आर्यन, रुदौली तहसील निवासी 76 वर्षीय रामस्वरूप और 40 वर्षीय धर्मराज शामिल हैं। इन सभी की मृत्यु पेड़ गिरने के कारण हुई। प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अयोध्या सर्किट हाउस में आकाश वर्मा, रामस्वरूप और धर्मराज के परिजनों को चार-चार लाख रुपये के चेक सौंपे। वहीं बस्ती में भी आपदा प्रभावित दो परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता दी गई।बस्ती में भी पीड़ित परिवारों को मिली राहतबस्ती सदर तहसील के चौबाह गांव निवासी मोतीराम की आंधी में छप्पर गिरने से मृत्यु हुई थी, उनकी पत्नी कैलाशा देवी को चार लाख रुपये की सहायता दी गई। वहीं महुली पश्चिम के ग्राम बलुआ निवासी प्रशांत की सर्पदंश से मृत्यु के बाद उनकी माता मीरा देवी को भी चार लाख रुपये का चेक सौंपा गया।हर नागरिक के सुख-दुःख में अभिभावक की तरह खड़ी है सरकारकृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा, सेवा और सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री योगी के स्पष्ट निर्देश हैं कि दैवीय या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों को अविलंब राहत, चिकित्सीय सुविधा और आर्थिक संबल उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने जिला प्रशासन को सभी प्रभावितों को हरसंभव सहायता तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
ग्रेटर नोएडा, 27 सितंबर। उत्तर प्रदेश की कला, कौशल और कारीगरी को वैश्विक मंच देने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे दिन उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) का पवेलियन हुनर, रचनात्मकता और सीखने के उत्साह से गुलजार रहा। रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण बड़ी संख्या में परिवार, युवा, बच्चे और बुजुर्ग पवेलियन पहुंचे और यहां न सिर्फ प्रदेश की पारंपरिक कला और उत्पादों को करीब से देखा, बल्कि कई कौशलों को खुद करके सीखने का अनुभव भी लिया।यूपीएसडीएम के ‘स्किल मंच’ पर रविवार को नन्हे-मुन्नों की प्रतिभा ने खास आकर्षण पैदा किया। बच्चों ने मंच पर अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। युवाओं ने भी गायकी और फाइन आर्ट्स के जरिए अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। ‘हुनर’ थीम पर रंगों के जरिए युवाओं ने अपनी कल्पनाओं को मंच पर आकार दिया।खास बात यह रही कि मंच पर सिर्फ युवा ही नहीं, बल्कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन किया। पहली बार शुरू किए गए ‘स्किल मंच’ का उद्देश्य युवाओं और आम लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ कौशल, करियर और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना है।पवेलियन में विभिन्न कौशलों के लाइव डेमो दर्शकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने। पारंपरिक कारीगरी से लेकर आधुनिक कौशल तक, हर स्टॉल पर लोगों को कुछ नया देखने और सीखने को मिला। पॉटरी और टेराकोटा स्टॉल पर विजिटर्स ने मिट्टी को अपने हाथों से आकार देकर सुंदर कलाकृतियां बनाने की कोशिश की। वहीं, लखनऊ की चिकनकारी के स्टॉल पर लोगों ने सुई-धागे से होने वाली बारीक कारीगरी को करीब से समझा और खुद भी इसे आजमाया। यहां कौशल केवल प्रदर्शित नहीं किया गया, बल्कि लोगों को ‘देखिए, समझिए और खुद करके सीखिए’ के अंदाज में इससे जोड़ा गया। बच्चों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों तक ने अलग-अलग स्टॉल पर पहुंचकर कला और कौशल का अभ्यास किया।यूपीएसडीएम पवेलियन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों की कला और उत्पाद भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। बनारस के लकड़ी के खिलौने, आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी और मथुरा के डेकोरेटिव आइटम्स को देखने और उनके बारे में जानने के लिए विजिटर्स की विशेष रुचि दिखाई दी। प्रतापगढ़ के स्टॉल पर लोगों ने आंवला से बने विभिन्न उत्पादों की जानकारी लेने के साथ उनका स्वाद भी चखा। वहीं, लखनऊ की चिकनकारी ने अपनी बारीक कारीगरी से लोगों का ध्यान खींचा। विजिटर्स उत्पादों को देखने के साथ उनके निर्माण, परंपरा और उनसे जुड़े कौशल की जानकारी भी लेते नजर आए। पवेलियन में इस तरह कला, कौशल, सीखने और अनुभव का संगम देखने को मिल रहा है। पवेलियन की गतिविधियां यह संदेश दे रही हैं कि हुनर सिर्फ देखने की चीज नहीं, बल्कि उसे सीखा, समझा और अपने हाथों से आजमाया भी जा सकता है।
Delhi Police ने गैंगस्टर Kapil Sangwan के नाम पर रंगदारी मांगने वाले दो आरोपियों को पकड़ा
दिल्ली पुलिस ने गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू के नाम पर जबरन वसूली गिरोह चलाने और एक व्यापारी से तीन करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि आरोपी डर पैदा करने के लिए लक्षित लोगों के घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कथित तौर पर गोलीबारी की योजना भी बना रहे थे। उन्होंने बताया कि द्वारका में रहने वाले रोहित अरोड़ा (47) और उत्तम नगर निवासी सुधीर गहलोत उर्फ छोटा नंदू (44) ने कथित तौर पर रंगदारी की मांग को लेकर द्वारका इलाके के कई कारोबारियों को फोन किया और पैसे न देने पर उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी। अधिकारी के मुताबिक, “आरोपियों ने फोन करते समय अपनी पहचान छिपाने के लिए कथित तौर पर नकली ईमेल आईडी का इस्तेमाल करके मोबाइल ऐप से बनाए गए वर्चुअल मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया।”उन्होंने बताया कि यह मामला तब सामने आया, जब आरोपियों के शिकायतकर्ता से तीन करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने की शिकायत के आधार पर छह सितंबर को बिंदापुर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। अधिकारी के अनुसार, जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने द्वारका के कम से कम पांच कारोबारियों को निशाना बनाया था, जिनमें तीन जान-पहचान के व्यापारी शामिल थे। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने शूटर का इंतजाम करने और लक्षित व्यापारियों के घरों या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर गोलीबारी करवाने की योजना बनाई थी, ताकि उनमें डर पैदा कर रंगदारी देने के लिए मजबूर किया जा सके। अधिकारी ने कहा, “अपराध शाखा की एक टीम ने जांच शुरू की और उस मोबाइल नंबर की तकनीकी निगरानी की, जिसका इस्तेमाल व्यापारी को धमकी देने के लिए किया गया था। एक संदिग्ध नंबर की पहचान की गई, जिसके गहलोत से जुड़े होने की बात सामने आई।”उन्होंने बताया कि इसके बाद 23 सितंबर को अरोड़ा को द्वारका के सेक्टर-11 से गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारी ने बताया कि अरोड़ा की निशानदेही पर गहलोत को 24 सितंबर को द्वारका इलाके से पकड़ा गया। उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान दोनों ने जबरन वसूली के मामले में अपनी संलिप्तता का खुलासा किया। अधिकारी के मुताबिक, आरोपियों ने एक प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ की मदद से मोबाइल ऐप और फर्जी ईमेल आईडी का इस्तेमाल करके वर्चुअल नंबर बनाए। उन्होंने बताया कि उक्त प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ की पहचान अजय के तौर पर हुई है, जो मध्यप्रदेश के रहने वाला है और जिसे हाल में कनाडा से निर्वासित किया गया था। अधिकारी के अनुसार, “गहलोत जेल में रहने के दौरान गैंगस्टर कपिल सांगवान के भाई ज्योति उर्फ बाबा के संपर्क में आया था और बाद में उसने अपने जान-पहचान वालों के बीच सांगवान के साथ अपने जुड़ाव का जिक्र शुरू कर दिया। दोनों आरोपी क्रिकेट सट्टेबाजी और जुए में भारी नुकसान का सामना कर रहे थे, इसलिए उन्होंने अमीर व्यापारियों से पैसे ऐंठने के लिए सांगवान के नाम का इस्तेमाल करने का फैसला किया।”उन्होंने बताया कि गहलोत ने अरोड़ा से 9,000 रुपये लेने के बाद उसके लिए एक नये स्मार्टफोन का इंतजाम किया और उसे तीन संभावित ‘शिकारों’ के मोबाइल नंबर दिए। आरोप है कि अरोड़ा ने अगस्त के आखिरी दो हफ्तों में इन लोगों को धमकी भरे फोन किए। पुलिस के मुताबिक, बिंदापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अरोड़ा को गिरफ्तारी का डर सताने लगा; उसने फोन करने के लिए इस्तेमाल किया गया मोबाइल ठिकाने लगा दिया और अपने निजी फोन से सिम कार्ड निकाल दिया। पुलिस के अनुसार, अरोड़ा ने पूछताछ के दौरान बताया कि क्रिकेट सट्टेबाजी में उसे करीब 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ था और उसे घर तथा बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च उठाने में दिक्कत हो रही थी। पुलिस ने बताया कि अरोड़ा और गहलोत ने रंगदारी की रकम का इस्तेमाल अपनी आर्थिक देनदारियों को पूरा करने और खुद का जबरन वसूली का नेटवर्क बनाने के लिए करने की योजना बनाई थी। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से छह मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। उसने बताया कि गहलोत धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और जालसाजी के कई मामलों में पहले से नामजद है, जबकि अरोड़ा के खिलाफ भी धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से जुड़ा एक मामला दर्ज है।
भारत को लेकर अमेरिका का 'असली डर' आया सामने; रूसी राजदूत ने बताया 'फ्रॉयडियन स्लिप' का राज
रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने रविवार को दावा किया कि एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी की बिना सोचे कही गई बात से अमेरिका का असली डर सामने आ गया है। उनका कहना है कि वॉशिंगटन नहीं चाहता कि भारत चीन की तरह बड़ा प्रतिद्वंद्वी बने। अलीपोव ने इस टिप्पणी को फ्रॉयडियन स्लिप बताया है।
कोहली ने काटा गदर, छक्का जड़ पूरा किया शतक, तोड़ा सचिन का वर्ल्ड रिकॉर्ड
विराट कोहली ने एक बार फिर बल्ले से अपना दमखम दिखाते हुए कई रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं. विराट कोहली ने वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने 15,000 रन पूरे कर कमाल कर दिया है.
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने कहा कि भारत की सेनाएं पाकिस्तान के किसी भी खतरे का तेजी से जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
'गाय को जानवर बताने वाले खुद पशु बुद्धि के शिकार', विपक्ष पर बरसे CM योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजरंगियों को उन लोगों से सावधान रहने की सलाह दी जो राम मंदिर आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी पर उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि राम भक्तों को ऐसे लोगों से सतर्क रहना चाहिए जो आंदोलन में घुसपैठ करते हैं.
40 KM तक कार की छत पर लटका रहा पुलिस जवान, तमिलनाडु में फिल्मी स्टाइल में पकड़े गए तंबाकू तस्कर
तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक पुलिस जवान ने तंबाकू तस्करों को पकड़ने के लिए 40 किलोमीटर तक चलती कार की छत पर लटककर पीछा किया। इ
महाराष्ट्र के ग्रामीण और कृषि प्रधान क्षेत्रों में एक बार फिर सूखे की गंभीर समस्या ने विकराल रूप ले लिया है। राज्य के मराठवाड़ा, विदर्भ, उत्तरी महाराष्ट्र और पश्चिमी महाराष्ट्र के कई हिस्सों सहित 30 से अधिक जिलों में बारिश की भारी कमी, गिरते भूजल स्तर और सूखते जलाशयों ने किसानों और आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में खड़ी फसलें पानी के अभाव में नष्ट हो रही हैं और सैकड़ों गांवों व बस्तियों में पीने के पानी की आपूर्ति पूरी तरह से वाटर टैंकरों पर निर्भर हो चुकी है। ऐसे संवेदनशील समय में यह जानना बेहद आवश्यक है कि किसी भी जिले, तहसील या ब्लॉक को आधिकारिक तौर पर सूखाग्रस्त (Drought-Hit) कैसे घोषित किया जाता है, इसके क्या तकनीकी व वैज्ञानिक मानक हैं और घोषणा के बाद प्रभावित किसानों को क्या-क्या सरकारी राहत मिलती है।केंद्र सरकार का ड्रॉट मैनुअल 2016: सूखा निर्धारण का राष्ट्रीय वैज्ञानिक पैमानाभारत में किसी भी राज्य या जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की व्यवस्था मनमाने आधार पर नहीं चलती, बल्कि इसके लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी 'मैनुअल फॉर ड्रॉट मैनेजमेंट 2016' के कड़े वैज्ञानिक दिशा-निर्देश लागू होते हैं। इस मैनुअल से पहले सूखा घोषित करने के नियम काफी व्यक्तिपरक हुआ करते थे, लेकिन 2016 के नए नियमों के तहत पूरी प्रक्रिया को डेटा, सैटेलाइट रिमोट सेंसिंग और जमीनी सर्वेक्षणों से जोड़ दिया गया। इस प्रणाली के तहत सूखे को दो मुख्य श्रेणियों में बांटा जाता है: सामान्य सूखा (Moderate Drought) और गंभीर सूखा (Severe Drought)। किसी भी क्षेत्र में आधिकारिक घोषणा से पहले निर्धारित चरणों और ट्रिगर मैट्रिक्स से गुजरना अनिवार्य होता है।ट्रिगर-1 और ट्रिगर-2: बारिश की कमी और कृषि संकेतकों का सटीक विश्लेषणसूखा घोषित करने की प्रक्रिया मुख्यतः दो बड़े चरणों में बंटी होती है, जिन्हें तकनीकी भाषा में ट्रिगर-1 और ट्रिगर-2 कहा जाता है।पहला चरण यानी 'ट्रिगर-1' पूरी तरह से वर्षा के आंकड़ों पर आधारित होता है। यदि किसी क्षेत्र में सामान्य से 60 प्रतिशत या उससे अधिक वर्षा की कमी दर्ज की जाती है, अथवा लगातार तीन से चार सप्ताह तक बिल्कुल बारिश नहीं होती (Dry Spell), तो पहला ट्रिगर सक्रिय मान लिया जाता है।पहले ट्रिगर के सक्रिय होने के बाद 'ट्रिगर-2' के तहत चार प्रमुख कृषि एवं पर्यावरणीय संकेतकों की विस्तृत जांच की जाती है:कृषि बुवाई का रकबा: क्या तय समय पर 50 प्रतिशत या उससे अधिक बुवाई प्रभावित हुई है?सैटेलाइट आधारित वनस्पति सूचकांक (NDVI/NDWI): रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट्स से यह देखा जाता है कि खेतों में नमी और हरियाली की वास्तविक स्थिति क्या है।मिट्टी की नमी सूचकांक (Soil Moisture Index): मिट्टी की विभिन्न परतों में पौधों की वृद्धि के लिए जरूरी नमी बची है या खत्म हो चुकी है।हाइड्रोलॉजिकल संकेतक: जलाशयों, बांधों, नदियों का जलस्तर और केंद्रीय भूजल बोर्ड के अनुसार भूमिगत जल का स्तर सामान्य से कितना नीचे गिरा है।यदि इन चार पैमानों में से कम से कम तीन पैमाने गंभीर स्थिति दर्शाते हैं, तो मामला अगले चरण यानी जमीनी सत्यापन के लिए आगे बढ़ता है।ग्राउंड ट्रुथिंग सर्वे और नजरअंदाजी: खेतों में जाकर कैसे होती है वास्तविक जांचकागजी आंकड़ों और सैटेलाइट तस्वीरों के बाद तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण कदम 'ग्राउंड ट्रुथिंग' (Ground Truthing) कहलाता है। इसके तहत राज्य राजस्व विभाग, कृषि विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों की संयुक्त टीमें प्रभावित गांवों में सीधे खेतों का दौरा करती हैं।महाराष्ट्र में इस जमीनी पड़ताल को पारंपरिक रूप से 'नजरअंदाजी' या पीक कटिंग एक्सपेरिमेंट के रूप में भी समझा जाता है। अधिकारी प्रत्येक चयनित ब्लॉक के कम से कम 10 प्रतिशत गांवों का औचक निरीक्षण करते हैं। यहां 'क्रॉप कटिंग' के जरिए यह मापा जाता है कि सामान्य वर्षों की तुलना में फसल का उत्पादन कितना घटा है। यदि उत्पादन में 33 प्रतिशत या 50 प्रतिशत से अधिक का सीधा नुकसान दर्ज किया जाता है, तो जिला कलेक्टर अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राज्य सरकार की कैबिनेट उप-समिति को भेजते हैं।राज्य कैबिनेट की मंजूरी और केंद्र सरकार से आर्थिक सहायता की मांगजिला स्तर से आई वैज्ञानिक रिपोर्टों की समीक्षा के बाद राज्य की मंत्रिपरिषद आधिकारिक रूप से संबंधित जिलों, तहसीलों या राजस्व मंडलों को सूखाग्रस्त घोषित करने की अधिसूचना (Gazette Notification) जारी करती है। इसके तुरंत बाद राज्य सरकार केंद्र सरकार को एक औपचारिक ज्ञापन (Memorandum) सौंपती है।ज्ञापन के आधार पर केंद्र सरकार द्वारा एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल (IMCT) राज्य के दौरे पर भेजा जाता है। यह केंद्रीय दल प्रभावित तालुकों का प्रत्यक्ष मुआयना करता है और अपनी अंतिम रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय व उच्च स्तरीय समिति को सौंपता है। इसके बाद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) से राहत पैकेज के रूप में वित्तीय सहायता स्वीकृत की जाती है।सूखाग्रस्त घोषित होने के बाद किसानों और जनता को मिलने वाली प्रमुख राहतेंजब किसी जिले या ब्लॉक को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया जाता है, तो वहां के किसानों और स्थानीय जनता को कई तरह की प्रत्यक्ष प्रशासनिक व वित्तीय रियायतें मिलती हैं:फसल ऋण और वसूली पर रोक: किसानों द्वारा लिए गए अल्पकालिक कृषि ऋणों की वसूली तत्काल रोक दी जाती है और उन्हें मध्यम अवधि के ऋणों में पुनर्गठित (Restructure) कर दिया जाता है।मालगुजारी और बिजली बिलों में छूट: कृषि पंपों के बिजली बिलों में छूट या सब्सिडी दी जाती है और भूमि राजस्व (लगान) माफ कर दिया जाता है।छात्रों की परीक्षा फीस माफी: प्रभावित क्षेत्रों के किसानों के बच्चों की स्कूलों और कॉलेजों की परीक्षा फीस राज्य सरकार द्वारा वहन की जाती है।टैंकरों से जलापूर्ति और मवेशी छावनियां: पेयजल संकट से जूझ रहे गांवों में सरकारी खर्च पर पानी के टैंकर लगाए जाते हैं और पशुओं को बचाने के लिए चारा डिपो व चारा छावनियां (Cattle Camps) शुरू की जाती हैं।मनरेगा कार्यों में बढ़ोतरी: ग्रामीण इलाकों में पलायन रोकने के लिए मनरेगा (MGNREGA) के तहत रोजगार के दिनों की सीमा बढ़ाकर जरूरतमंदों को तत्काल काम उपलब्ध कराया जाता है।
क्या है भारत विस्तार योजना, किसानों के लिए कैसे ये मददगार?
Bharat Vistar Yojna देश के किसानों के लिए कई तरीके से मददगार सरकार स्कीम है. इस ऐप के जरिए किसान अपनी समस्याओं का तत्काल समाधान पर सकते हैं, बल्कि मंडी में फसलों की रेट भी ट्रैक कर सकते हैं.
IIT Bombay छात्र साहिल वाकोडे के पिता न्याय के लिए मुंबई के आजाद मैदान में करेंगे अनशन
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई के छात्र साहिल वाकोडे के पिता रवींद्र वाकोडे सोमवार से मुंबई के आजाद मैदान में धरना शुरू करेंगे और तब तक उपवास जारी रखेंगे जब तक उनके बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा नहीं मिल जाती। साहिल ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। वाकोडे ने रविवार को एक क्षेत्रीय चैनल से कहा, “मुझे परवाह नहीं है, भले ही मुझे गिरफ्तार कर लिया जाए। मेरे बेटे को संवैधानिक रूप से न्याय मिलना चाहिए। यह छत्रपति शिवाजी, फुले, शाहू और आंबेडकर का राज्य है। मैं आजाद मैदान में धरना शुरू करूंगा। मैं न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखूंगा।”संस्थान के द्वितीय वर्ष के छात्र वाकोडे (22) का शव 18 सितंबर की शाम उसके छात्रावास के कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। यह घटना मध्य-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान कथित तौर पर चैटजीपीटी का इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद हुई। उसके माता-पिता ने आरोप लगाया है कि संस्थान में उनके बेटे के साथ जाति के आधार पर भेदभाव किया गया। उन्होंने बृहस्पतिवार को आजाद मैदान में भूख हड़ताल करके विरोध प्रदर्शन किया था। मुंबई पुलिस की अपराध शाखा आत्महत्या के लिए उकसाने के कथित मामले की जांच कर रही है। आईआईटी मुंबई के बोर्ड ने इस हफ्ते की शुरुआत में वाकोडे की कथित आत्महत्या से जुड़े हालात की जांच के लिए 10 सदस्यों की एक समिति गठित की है।
प्रेमानंद के शिष्य की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा
वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी की मौत के मामले में पुलिस जांच जारी है। सीओ संदीप कुमार सिंह के मुताबिक CCTV के आधार पर घटना पहली नजर में आत्महत्या लगती है।
बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव (डीप डिप्रेशन) के मध्य भारत से होते हुए उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ने के कारण राज्य भर में मानसूनी बारिश ने विकराल रूप ले लिया है। पिछले 48 से 60 घंटों में हुई मूसलाधार बारिश से प्रदेश के कई शहरों में रिकॉर्ड जलभराव हो चुका है और कई नदियां उफान पर हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा बुलेटिन जारी कर तराई, मध्य और पूर्वी यूपी के जिलों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।लो-प्रेशर और डिप्रेशन सिस्टम का उत्तर प्रदेश पर असरमौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के रास्ते आगे बढ़ा डिप्रेशन सिस्टम अब पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के ऊपर केंद्रित हो रहा है। इस सिस्टम के उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों तरफ से लगातार प्रचुर मात्रा में नमी आ रही है। मौसम केंद्र लखनऊ के डॉप्लर रडार से इस मानसूनी तंत्र पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसके प्रभाव से कई इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात की प्रबल आशंका बनी हुई है।इन जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्टआईएमडी और आपदा प्रबंधन विभाग ने संवेदनशील जिलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं:तराई और पश्चिमी यूपी: लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, सीतापुर, पीलीभीत, बरेली, रामपुर, शाहजहांपुर, मुरादाबाद और बिजनौर में अत्यधिक भारी बारिश को लेकर रेड व ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। नेपाल सीमा से सटे होने और पहाड़ी पानी के दबाव के चलते इन इलाकों में अचानक बाढ़ (Flash Flood) का खतरा बढ़ गया है।मध्य व अवध क्षेत्र: लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी, रायबरेली, हरदोई, कन्नौज, अमेठी और अयोध्या में लगातार रुक-रुक कर तेज बारिश और जलभराव की स्थिति बनी हुई है।पूर्वी यूपी और पूर्वांचल: गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, गोंडा, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गाजीपुर, प्रयागराज और वाराणसी में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान है।शहरों में जलभराव और नदियों के बढ़ते जलस्तर से जनजीवन प्रभावितलगातार हो रही बारिश के चलते गंगा, यमुना, घाघरा, सरयू और शारदा जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। निचले और कछारी इलाकों में पानी भरने की स्थिति पैदा हो गई है। लखनऊ, कानपुर, मुरादाबाद और बरेली जैसे बड़े शहरों में ड्रेनेज ओवरफ्लो होने से सड़कें जलमग्न हो गई हैं। तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की वजह से पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।प्रशासन और सरकार की तैयारी व सुरक्षा सलाहहालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों और राहत आयुक्त कार्यालय को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित जिलों में राहत शिविर स्थापित करने और जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए पंपिंग सेट सक्रिय किए गए हैं। खराब मौसम और भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए कई जनपदों में स्कूलों को अस्थायी तौर पर बंद रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।मौसम विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास शरण न लें और जलभराव वाले रास्तों पर आवागमन से बचें।
उत्तर भारत में सड़क कनेक्टिविटी के इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित होने जा रहा दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे अब तेजी से धरातल पर उतर रहा है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना के तहत लगभग 39,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार हो रहा यह 670 किलोमीटर लंबा नियंत्रित-पहुंच (Access-Controlled) ग्रीनफील्ड कॉरिडोर उत्तर भारत के सफर की पूरी तस्वीर बदलने के लिए तैयार है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को धार्मिक पर्यटन के दो सबसे बड़े केंद्रों—माता वैष्णो देवी (कटरा) और श्री हरमंदिर साहिब (अमृतसर)—से जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे न केवल समय की भारी बचत करेगा बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (पुराने जीटी रोड) पर लगने वाले भीषण जाम से भी मुसाफिरों को हमेशा के लिए राहत दिलाएगा।दिल्ली से कटरा 6 घंटे और अमृतसर केवल 4 घंटे: सफर का नया दौरवर्तमान समय में दिल्ली से कटरा जाने के लिए यात्रियों को पुराने रूट (लगभग 727 किलोमीटर) से 12 से 14 घंटे तक का लंबा और थकाऊ सफर तय करना पड़ता है। इसी तरह दिल्ली से अमृतसर की दूरी तय करने में लगभग 8 घंटे लग जाते हैं। नए दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के पूरी तरह चालू होने के बाद दिल्ली से कटरा की दूरी घटकर लगभग 588 किलोमीटर रह जाएगी और यह सफर महज 6 से 7 घंटे में पूरा हो सकेगा। वहीं दिल्ली से अमृतसर का 405 किलोमीटर का फासला केवल 4 घंटे में तय किया जा सकेगा। 120 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड वाले इस हाई-स्पीड कॉरिडोर से लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों का समय आधा हो जाएगा।रूट मैप और राज्यों का नेटवर्क: हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर का संगमयह मेगा एक्सप्रेसवे दिल्ली के पास बहादुरगढ़ बॉर्डर और कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे के पास निलोठी गांव से शुरू होता है। यह कॉरिडोर तीन राज्यों हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के प्रमुख जिलों को आपस में जोड़ता है:हरियाणा: यह खंड लगभग 135 किमी लंबा है, जो झज्जर, रोहतक, सोनीपत, जींद, करनाल, कैथल और अंबाला से होकर गुजरता है।पंजाब: पंजाब में यह पटियाला, संगरूर, लुधियाना, जालंधर, कपूरथला, तरनतारन, अमृतसर और गुरदासपुर को कवर करता है। नकोदर के पास यह मुख्य मार्ग दो हिस्सों में बंटता है।अमृतसर स्पर (NE-5A): नकोदर से 99 किलोमीटर लंबा एक अलग ग्रीनफील्ड स्पर सीधे अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक जाता है।जम्मू और कश्मीर (NE-5): मुख्य मार्ग गुरदासपुर और पठानकोट से आगे बढ़ते हुए कठुआ, सांबा, जम्मू रिंग रोड होते हुए त्रिकुटा पर्वत की तलहटी में बसे कटरा तक पहुंचता है।आधुनिक इंजीनियरिंग, ब्यास नदी पर केबल-स्टेड ब्रिज और हाई-टेक सुविधाएंयह 4-लेन का एक्सप्रेसवे है, जिसे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 8-लेन तक विस्तार योग्य डिजाइन किया गया है। जम्मू-कश्मीर और पंजाब के बॉर्डर क्षेत्र में शिवालिक की पहाड़ियों के बीच यह परियोजना इंजीनियरिंग का एक अनूठा उदाहरण पेश करती है। परियोजना के सबसे प्रमुख आकर्षणों में ब्यास नदी पर बनने वाला करीब 1,300 मीटर लंबा भव्य केबल-स्टेड ब्रिज (Cable-Stayed Bridge) और शिवालिक रेंज में बनाई जा रही अत्याधुनिक सुरंगे शामिल हैं। यात्रियों की सुरक्षा और सहूलियत के लिए पूरे रूट पर वे-साइड एमिनिटीज (Wayside Amenities), ट्रॉमा सेंटर, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड स्टेशन, हाई-टेक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, ट्रक ले-बाय और जीपीएस-आधारित ऑटोमैटिक टोल प्लाजा की व्यवस्था की जा रही है।व्यापार, लॉजिस्टिक्स और धार्मिक पर्यटन को मिलेगा अभूतपूर्व बढ़ावाभारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा विकसित किया जा रहा यह कॉरिडोर केवल आवागमन का साधन नहीं बल्कि उत्तर भारत का आर्थिक गलियारा बनेगा। पंजाब के औद्योगिक हब जैसे लुधियाना और जालंधर सीधे दिल्ली एनसीआर के बाजारों और बंदरगाहों से तेजी से जुड़ सकेंगे। कृषि उत्पादों, होजरी और मैन्युफैक्चरिंग गुड्स की ढुलाई तेज होने से लॉजिस्टिक्स लागत में भारी गिरावट आएगी। इसके साथ ही वैष्णो देवी, स्वर्ण मंदिर, तरनतारन साहिब और गोइंदवाल साहिब जैसे विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थलों की यात्रा बेहद सुगम हो जाने से होटल, टूरिज्म, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय रोजगार को जबरदस्त गति मिलेगी।चरणबद्ध तरीके से खुल रहा कॉरिडोर: जानिए कब तक पूरा होगा पूरा प्रोजेक्टपरियोजना को दो मुख्य चरणों और 21 पैकेजों में विभाजित कर तैयार किया जा रहा है। हरियाणा के भीतर 135 किमी का हिस्सा काफी हद तक पूरा होकर संचालन स्थिति में पहुंच चुका है, जबकि पंजाब और जम्मू-कश्मीर के पैकेजों पर निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। भूमि अधिग्रहण और पहाड़ी भौगोलिक चुनौतियों के समाधान के साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इस समूचे 670 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे को पूरी तरह से जनता के लिए समर्पित करने के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। इसके पूरी तरह शुरू होते ही दिल्ली से माता के दरबार कटरा तक का सड़क सफर किसी हवाई यात्रा की रफ्तार और आराम जैसा अनुभव देगा।
LPU में फिर बवाल; पुलिस से भिड़े छात्र, गाड़ियों में तोड़फोड़-आगजनी, हाईवे भी जाम किया
प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्र यूनिवर्सिटी कैंपस में खड़े पुराने मिग-23 विमान और मिलिट्री टैंक पर चढ़ गए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कैंपस की खिड़कियों, गमलों और अन्य सामान को नुकसान पहुंचाते प्रदर्शनकारी नजर आए।
घर पर 3 चीजों से बनाएं नेचुरल शिया बटर क्रीम, स्किन हो जाएगी सॉफ्ट
Winter Shia Butter Cream: मौसम में बदलाव की शुरुआत हो चुकी है और इसी के साथ चेहरे, हाथ-पैर की स्किन भी ड्राई होने लगती है. ऐसे में अगर आप भी बाहर से कोई महंगी क्रीम खरीदने की सोच रहे हैं तो रुक जाएं. यहां हम आपको घर पर ही नेचुरल शिया बटर क्रीम बानने का तरीका बता रहे हैं.
जापान में आएगा वैभव का तूफान? QF में ऐसी हो सकती है प्लेइंग 11
एशियन गेम्स में भारतीय मेन्स क्रिकेट टीम को सीधे क्वार्टर फाइनल में एंट्री मिली थी. अब श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली भारतीय टीम अंतिम-8 मुकाबले में अफगानिस्तान का सामना करेगी. भारतीय टीम ने अफगानिस्तान के खिलाफ हाल ही में तीन मैचों की टी20 सीरीज में हिस्सा लिया था.
जमुई बदसलूकी मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार, अब तक 7 पकड़े गए
बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से बदसलूकी के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. सौरभ राम और छोटू राम की गिरफ्तारी जमुई इलाके से हुई है. एसपी ने फोन पर इसकी पुष्टि की है. इसके साथ ही मामले में पकड़े गए आरोपियों की संख्या बढ़कर सात हो गई है. पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है.
ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे अभिजीत दीपके को मुंबई पुलिस ने दिया बड़ा झटका
अभिजीत दीपके ने कहा है कि मुंबई पुलिस ने दो अक्टूबर से शुरू होने वाले सीजेपी के प्रोटेस्ट के लिए इजाजत देने से इनकार कर दिया है। अगर उन्हें प्रोटेस्ट नहीं करने दिया जाएगा तो जेल भरो आंदोलन की शुरुआत होगी।
चुनाव आयुक्त संधू और जोशी ने उठाए थे ये 4 सवाल, EC ने जारी किए सभी जवाब
भारतीय निर्वाचन आयोग ने चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा पिछले 10 महीनों में उठाए गए 14 मुद्दों पर सुधारों की घोषणा की है।
युवा नवप्रवर्तक पीयूष झा ने एक विकेंद्रीकृत और मॉड्यूलर अपशिष्ट जल उपचार समाधान विकसित किया है, जो गंदे पानी की सफाई के साथ बिजली भी उत्पन्न करता है। यह तकनीक उद्योगों के लिए लागत प्रभावी है।
यूपी और छत्तीसगढ़ में बारिश का कहर, उत्तराखंड के पहाड़ों पर बर्फबारी
देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून के आखिरी दौर में भारी बारिश आफत बनकर बरस रही है. उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. उत्तर प्रदेश में पिछले 60 घंटों में बारिश जनित हादसों के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है और सैकड़ों मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं. छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण इंद्रावती नदी उफान पर है. उत्तराखंड के हेमकुंड साहिब और बद्रीनाथ धाम समेत ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की ताजा बर्फबारी हुई है. बर्फबारी के कारण चारों ओर सफेद चादर बिछ गई है और मैदानी इलाकों में भी ठंड ने दस्तक दे दी है.
यूपी के कई जिलों में बारिश का कहर, हर तरफ तबाही का मंजर, देखें विशेष
उत्तर प्रदेश में मॉनसून अब अपने आखिरी दौर में है, लेकिन बारिश ने फिर जोर पकड़ लिया है. इस बरसात के पीछे वजह बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन है, जो छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश होते हुए उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ा. यानी बारिश का ये दौर मॉनसून से अलग नहीं, बल्कि मॉनसूनी सिस्टम का हिस्सा है. सितंबर की बारिश ने आधे से अधिक प्रदेश को फिर से तर-बतर कर दिया है. देखें विशेष.
कोहली ने रचा इतिहास, 15000 रन बनाने वाले बने दुनिया के दूसरे बल्लेबाज
रविवार को तिरुवनंतपुरम में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए पहले वनडे मुकाबले में भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने अपने शानदार करियर में एक और बड़ा रिकॉर्ड दर्ज कर लिया है.
ऑनलाइन गेमिंग कंपनी गेम्स क्राफ्ट के खिलाफ ईडी की बड़ी कार्रवाई, 442 करोड़ की संपत्ति अटैच
ईडी ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनी गेम्स क्राफ्ट और उसके ऐप रमी कल्चर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच में बड़ी कार्रवाई की है।
TMKOC: 20 साल की उम्र में मिला था बबीता जी का रोल, जानते हैं कितनी थी मुनमुन दत्ता की पहली सैलरी?
तारक मेहता का उल्टा चश्मा शो की जान बन चुकीं बबीता जी ने महज 7 साल की उम्र में काम शुरू कर दिया था. पहले संगीत में दिलचस्पी फिर मॉडलिंग की राह और फिर छोटा पर्दा इस बीच एक्ट्रेस ने इस सक्सेस के लिए बड़ा लंबे संघर्ष भी किया है.
अयोध्या को बदनाम करने वालों से रहें सावधान, सीएम योगी ने विरोधियों पर साधा निशाना
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आयोजित एक कार्यक्रम में राम मंदिर आंदोलन के महानायक अशोक सिंहल के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर कई महत्वपूर्ण बातें साझा कीं. उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने अयोध्या के साथ केवल सौतेला व्यवहार किया था और यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव था. लेकिन आज अयोध्या पूरी तरह बदल चुकी है. राम की पैड़ी में अब अविरल और निर्मल सरयू जल बहता है, जहां लाखों श्रद्धालु एक साथ स्नान कर सकते हैं.
CPI ML Liberation पटना में 1 अक्टूबर को SIR से प्रभावित मतदाताओं की जन सुनवाई करेगा
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) लिबरेशन (भाकपा माले-लिबरेशन) एक अक्टूबर को पटना में “जन सुनवाई” आयोजित करेगी, जिसमें कम से कम 10 विधानसभा क्षेत्रों के उन लोगों को इकट्ठा किया जाएगा, जिन्होंने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभ्यास के दौरान मतदान का अपना अधिकारी कथित तौर पर खो दिया था। पार्टी महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने रविवार को यह जानकारी दी। भट्टाचार्य की यह घोषणा बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस दावे के कुछ दिन बाद आई है कि राज्य में पिछले साल हुई एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कोई अनियमितता नहीं हुई थी। उन्होंने पटना में संवाददाताओं से बातचीत में पार्टी के प्रस्तावित कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा, “उन्हें (भाजपा नेताओं को) आकर खुद देखना चाहिए।”भट्टाचार्य ने निर्वाचन आयोग पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ सांठगांठ में काम करने का आरोप लगाया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने सीईसी की नियुक्ति की प्रक्रिया में बदलाव का भी आह्वान किया। भट्टाचार्य ने एसआईआर को तुरंत रोकने और उन जगहों पर फिर से मतदान कराने की भाकपा (माले) लिबरेशन की मांग को दोहराया, जहां इस प्रक्रिया के बाद चुनाव हुए थे। भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि भाकपा (माले) लिबरेशन को दिल्ली में जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं दी गई और पार्टी सदस्यों को हिरासत में लेकर 40-50 किलोमीटर दूर स्थित पुलिस थानों में रखा गया। भट्टाचार्य ने कहा, “हम एक निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ रहे हैं। यह आंदोलन ज्ञानेश कुमार से शुरू होगा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक पहुंचेगा।”उन्होंने बिहार में कानून-व्यवस्था के ‘पूरी तरह से चरमरा जाने’ का भी आरोप लगाया।
रांची में करमा पूजा से लौट रही युवती के साथ गैंगरेप, आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
झारखंड की राजधानी रांची से एक बेहद ही दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. रांची के रातू थाना क्षेत्र में करमा पूजा के त्योहार से वापस लौट रही एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया है. इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल बना हुआ है.
ब्रिटेन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने को उड़ाने की साजिश? 5 संदिग्ध गिरफ्तार
ब्रिटिश पुलिस ने रविवार को RAF फेयरफोर्ड के पास आतंकवाद से जुड़े अपराध के शक में पांच लोगों को गिरफ्तार किया. पुलिस को तीन संदिग्ध वैन की सूचना मिली थी जो मिलिट्री एयरफील्ड की ओर जा रही थीं. विस्फोटक अधिनियम के तहत ये गिरफ्तारी वेल्फोर्ड इलाके से हुई है.
रवि किशन के आलीशान बंगले में कैसे भरा पानी?
भोजपुरी अभिनेता और सांसद रवि किशन का गोरखपुर के रामगढ़ताल इलाके में आलीशान बंगला है। लगातार बारिश के बीच उनके घर के बाहर जलभराव की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
1 अक्टूबर से महंगे हो जाएंगे AC, फ्रिज, TV और वॉशिंग मशीन; कितनी बढ़ेंगी कीमतें?
1 अक्टूबर से एसी, फ्रिज, टीवी और वाशिंग मशीन सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद 5-8% महंगे हो जाएंगे।
लाल साड़ी, सिंदूर में 'दुल्हन' सी सजीं सोनाक्षी सिन्हा, PHOTOS
सोनाक्षी सिन्हा लाल साड़ी, माथे पर सिंदूर और बालों में मोगरे का गजरा सजाकर इकबाल से शादी के 2 साल बाद फिर 'दुल्हन' बनी नजर आईं. तस्वीरों में उनका ये देसी अवतार लोगों का दिल जीत रहा है.
प्लेन में होटल जैसा बेड! 15 घंटे की फ्लाइट में ऐसी लग्जरी, Viral Video
एतिहाद एयरवेज के A380 फर्स्ट क्लास अपार्टमेंट का स्लीपिंग सेटअप सोशल मीडिया पर चर्चा में है. 15 घंटे की फ्लाइट में बड़े फ्लैट बेड और प्रीमियम बेडिंग ने लोगों का ध्यान खींचा है.
'मैं कल आ रहा हूं, मुझे गिरफ्तार कर लेना', अब अभिजीत दीपके ने किसे दी चेतावनी?
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने असम पुलिस को चेतावनी दी है कि अगर पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रंका को रिहा नहीं किया गया तो वे असम जाएंगे।
Devendra Fadnavis ने कहा Maharashtra के सूखा प्रभावित 265 तालुकों में फसल जांच शुरू
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि 265 तालुकाओं को सूखा प्रभावित घोषित किए जाने के बाद राज्य सरकार ने फसलों की जांच से जुड़ी रिपोर्ट को तैयार करने का काम शुरू कर दिया है और वह प्रभावित किसानों को उचित सहायता भी देगी। अगले वर्ष फरवरी में अल नीनो के चरम पर पहुंचने की संभावना को देखते हुए फडणवीस ने कहा अगर यह और तीव्र होता है, तो हमें परेशानियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। राज्य सरकार ने शनिवार को बारिश की कमी के बीच महाराष्ट्र के 358 में से 265 तालुकों (राज्य के 74 प्रतिशत हिस्से) को सूखाग्रस्त घोषित किया और फसल ऋण पुनर्गठन, भूमि राजस्व में छूट तथा बिजली बिल में सब्सिडी समेत राहत उपायों की घोषणा की। फडणवीस ने कहा कि कुछ तालुकाओं को सूखे के मानदंड से बाहर रखे जाने को लेकर बहुत कम शिकायतें मिली हैं और उन क्षेत्रों में भी किसानों को हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रभावित तालुकाओं को सहायता दी जाएगी। 12 आपात उपायों को मंजूरी दी गई है और शुरुआती संकेत मिलने पर पहले ही आदेश जारी कर इनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।’’फडणवीस ने कहा कि सरकार ने फसल जांच रिपोर्ट तैयार करने का काम कुछ हद तक शुरू कर दिया है और इसके तैयार होने के बाद उचित सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘किसानों को वित्तीय सहायता की घोषणा से पहले सभी जरूरी प्रक्रियाओं को हम तेजी से पूरा कर रहे हैं।’’आगामी गर्मी के मौसम में भीषण गर्मी पड़ने की आशंका और व्यापक राहत उपायों की आवश्यकता से जुड़ी वैश्विक रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने कहा कि अल नीनो मौसम चक्र के अगले साल फरवरी में चरम पर पहुँचने और उसके बाद कम होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रशांत महासागर के ठंडा होने के साथ अल नीनो का प्रभाव कमजोर होगा। इन संभावनाओं को देखते हुए हमें हर तरह से तैयारी करनी चाहिए और अगर अल नीनो का प्रभाव बढ़ता है, तो उससे पैदा होने वाली समस्याओं का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
बिग बॉस 20 में करण वाही की होगी वाइल्ड कार्ड एंट्री? तोड़ी चुप्पी
करण वाही ने बिग बॉस 20 में वाइल्डकार्ड कंटेस्टेंट के तौर पर शामिल होने की खबरों का खंडन किया है. एक्टर ने अपने वायरल UNO कार्ड पोस्ट को लेकर स्थिति स्पष्ट की है.

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