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दो हजार रुपए से अधिक के यूपीआई पेमेंट पर देना ही होगा अतिरिक्त चार्ज, Supreme Court ने रोक लगाने से किया इनकार

इंटरनेट डेस्क। दो हजार रुपए से ज्यादा के यूपीआई पेमेंट पर अतिरिक्त चार्ज देना ही होगा। उच्चतम न्यायायल ने आज केंद्र सरकार के इस फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। सरकार के फैसले के तहत 15 अक्टूबर से दो हजार रुपए से अधिक के कुछ खास यूपीआई पर्सन-टू-मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर एमडीआर लगाया जाना है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर केंद्र और अन्य से जवाब मांगा है। केंद्र सरकार ने उच्चमत न्यायालय को बताया कि गेटवे का इस्तेमाल करने वाले 96 प्रतिशत लोग इससे छूट प्राप्त हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को कानूनी से ज्यादा तकनीकी बताते हुए केंद्र व अन्य को चार हफ्ते के भीतर अपना जवाब (काउंटर एफिडेविट) दाखिल करने का निर्देश दिया। आपको बात दें कि केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार की ओर से इस महीने की शुरुआत में यूपीआई के लिए एक नया फ्रेमवर्क घोषित किया, जिसके तहत दो हजार रुपए से अधिक के यूपीआई पेमेंट पर 0.4% का एमडीआर लगेगा। हालांकि सरकार ने कहा कि पर्सन-टू-पर्सन ट्रांजैक्शन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। सभी पर्सन-टू-पर्सन ट्रांजैक्शन के लिए यूपीआई पूरी तरह मुफ्त बना रहेगा। PC:britannica अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें

समाचार जगत 28 Sep 2026 3:45 pm

'वो जिसके साथ...', गोविंदा के अफेयर पर सुनीता ने तोड़ी चुुप्पी

गोविंदा के अफेयर की खबरों पर पत्नी सुनीता आहूजा ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. सुनीता ने बेहद शांत और बेबाक अंदाज में कहा कि गोविंदा जिसके साथ भी खुश हैं, वो वहां खुश रहें. अब उन्हें फर्क नहीं पड़ता.

आज तक 28 Sep 2026 3:43 pm

Akhilesh Yadav का दावा: 2027 में सपा सरकार बनते ही पुरानी पेंशन और मदरसा शिक्षकों का वेतन होगा बहाल

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को दावा किया कि 2027 में सपा की सरकार बनने जा रही है और सत्ता में आने पर कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाएगी। लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में पार्टी के सभी विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जमीनों पर कब्जा करने और अवैध गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया, ‘‘2027 में उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनेगी।’’सपा प्रमुख ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीट पर होने वाले चुनाव के लिए पार्टी के प्रत्याशियों की भी घोषणा की। उन्होंने मिर्जापुर-बनारस शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से लाल बिहारी यादव, लखनऊ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सुशील कुमार, आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. प्रकाश चंद्र गुप्ता, गोरखपुर-फैजाबाद से कमलेश यादव, मुरादाबाद-बरेली से दानिश अख्तर और मेरठ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. नितिन तोमर को उम्मीदवार बनाया। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में वाराणसी से आशुतोष सिन्हा, इलाहाबाद-झांसी से डॉ. मान सिंह, आगरा से शशांक यादव, मेरठ से परमिंदर भाटी और लखनऊ खंड से कांति सिंह को प्रत्याशी घोषित किया गया। यादव ने सभी प्रत्याशियों के लिए सहयोग की अपील करते हुए उनकी जीत का दावा किया। उन्होंने कहा, ‘‘2027 के विधानसभा चुनाव के बाद सपा की सरकार बनने पर कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना लागू की जाएगी और इसके लिए आवश्यक वित्तीय प्रबंधन भी किया जाएगा।’’यादव ने कहा कि इसे 2022 के विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में शामिल किया गया था और आगामी घोषणापत्र में भी इसे शामिल किया जाएगा। उन्होंने भाजपा सरकार पर नफरत फैलाने, समाज में खाई पैदा करने और तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। यादव ने आरोप लगाया कि सरकार ने मदरसों के साथ भेदभाव किया है। उन्होंने कहा, ‘‘सपा की सरकार बनने पर मदरसों से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा, आधुनिक मदरसे बनाए जाएंगे, शिक्षकों का वेतन बहाल किया जाएगा और बकाया वेतन का भी भुगतान किया जाएगा।’’उन्होंने कहा कि संस्कृत विद्यालयों की समस्याओं का भी समाधान किया जाएगा।

प्रभासाक्षी 28 Sep 2026 3:43 pm

अरुणाचल प्रदेश की बड़ी उपलब्धि, राज्य में पहला किडनी ट्रांसप्लांट सफल

अरुणाचल प्रदेश के इटानगर स्थित टीआरआईएचएमएस में राज्य का पहला किडनी ट्रांसप्लांट सर गंगाराम अस्पताल की विशेषज्ञ टीम के सहयोग से सफलतापूर्वक किया गया. मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने इसे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ा पड़ाव बताया और कहा कि इससे लोगों को एडवांस इलाज के लिए बाहर जाने की जरूरत कम होगी.

आज तक 28 Sep 2026 3:39 pm

₹25 पेट्रोल का खर्च! आ रही है धांसू Innova, अक्टूबर में लॉन्च

Toyota Innova Flex Fuel: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि, उन्हें टोयोटा की तरफ से अक्टूबर में लॉन्च होने वाली एक फ्लेक्स-फ्यूल कार का निमंत्रण मिला है. ये कार 100 इथेनॉल (Ethanol) पर चलेगी. इतना ही नहीं, इसकी रनिंग कॉस्ट तकरीबन 25 रुपये प्रतिलीटर पेट्रोल के बराबर होगी.

आज तक 28 Sep 2026 3:38 pm

दिल्ली से मात्र 2 घंटे की दूरी पर स्थित है एक ऐसा जादुई उल्टा घर

भागदौड़ भरी इस आधुनिक जिंदगी और रोजमर्रा के तनाव से दूर जब भी कोई इंसान वीकेंड पर घूमने के लिए किसी ऐसी जगह की तलाश करता है जो उसे हैरान और रोमांचित कर दे, तो उसके जेहन में अक्सर हिल स्टेशन या ऐतिहासिक किलों के नाम आते हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी अनोखी, विचित्र और आश्चर्य से भरी हुई जगह के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके बारे में जानकर आपकी आंखें खुली की खुली रह जाएंगी और आपका सिर चकरा जाएगा। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से महज दो घंटे की आरामदायक ड्राइव की दूरी पर एक ऐसा जादुई और अनूठा 'उल्टा घर' (Upside Down House) बनकर तैयार हुआ है जहां कदम रखते ही इस पूरी दुनिया के भौतिक नियम और गुरुत्वाकर्षण (Gravity) का अहसास उल्टा हो जाता है। इस अनोखी जगह पर पहुंचते ही आपको ऐसा प्रतीत होगा मानो आप किसी दूसरी ही दुनिया में आ गए हैं जहां जमीन आपकी छत बन चुकी है और छत पर आपका सामान उल्टा टंगा हुआ है। सोशल मीडिया के इस दौर में यह विचित्र स्थान रील्स और वीडियो बनाने वाले कंटेंट क्रिएटर्स के साथ-साथ परिवारों और बच्चों के बीच बहुत कम समय में एक बेहद लोकप्रिय पर्यटन स्थल बन चुका है। आइए इस विस्तृत और विशेष रिपोर्ट में जानते हैं कि दिल्ली के पास स्थित इस जादुई और उल्टी-पुल्टी दुनिया की असल सच्चाई क्या है और यहां जाकर आपको किस प्रकार का अनोखा अनुभव मिलने वाला है।दिल्ली से महज 2 घंटे की दूरी पर स्थित है यह अजूबा: पर्यटकों के लिए बना नया आकर्षण का केंद्रदिल्ली-एनसीआर के आसपास वीकेंड पर घूमने के लिए वैसे तो कई वाटर पार्क, मॉल और ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से जिस अनोखे प्लेस ने लोगों का सबसे ज्यादा ध्यान अपनी ओर खींचा है, वह अपनी वास्तुकला की विचित्रता के लिए पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। जब आप अपनी गाड़ी या कैब से दिल्ली की व्यस्त सड़कों को छोड़कर इस गंतव्य की तरफ आगे बढ़ते हैं, तो रास्ते का सुहाना सफर ही आपके आधे तनाव को दूर कर देता है। जैसे ही आप उस विचित्र इमारत के मुख्य द्वार के सामने पहुंचते हैं, आपकी पहली नजर जिस चीज पर पड़ती है वह है एक ऐसा मकान जो जमीन पर सीधा खड़ा होने के बजाय अपनी छत के बल उल्टा टिका हुआ है और उसकी खिड़कियां, दरवाजे तथा बाहर खड़ी गाड़ियां तक हवा में या उल्टी दिशा में नजर आती हैं। वास्तुकला के इस नायाब नमूने को देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक परिवार और दोस्तों के साथ पहुंच रहे हैं ताकि वे अपनी आंखों से इस कायनात के नियमों को चुनौती देते हुए उस नजारे को देख सकें जो किसी जादुई फिल्म के सेट जैसा प्रतीत होता है।घर के अंदर कदम रखते ही घूम जाएगा सिर: जमीन पर सोफा और छत पर टंगे होते हैं पंखेइस 'उल्टी-पुल्टी' दुनिया का असली रोमांच इसके मुख्य दरवाजे के अंदर कदम रखते ही शुरू होता है, जहां प्रवेश करते ही आपके मस्तिष्क का संतुलन एक पल के लिए डगमगा जाता है। जब आप घर के भीतर दाखिल होते हैं, तो आप पाते हैं कि आपके पैर जिस सतह पर टिके हैं वह वास्तव में उस मकान की छत है जिसे फर्श की तरह डिजाइन किया गया है, और सोफा, डाइनिंग टेबल, टीवी, फ्रिज तथा अन्य घरेलू सामान आपकी सिर के ऊपर हवा में उल्टे लटके हुए हैं। विज्ञान के नियमों के अनुसार हमारे कान का भीतरी हिस्सा हमारे शरीर के संतुलन को बनाए रखता है, लेकिन इस घर के अंदर की तिरछी बनावट और गुरुत्वाकर्षण के भ्रम के कारण इंसान का दिमाग कुछ पलों के लिए यह तय नहीं कर पाता कि ऊपर क्या है और नीचे क्या है। बच्चे इस अनोखे माहौल में उछल-कूद मचाते हुए बेहद रोमांचित महसूस करते हैं, क्योंकि उन्हें ऐसा लगता है कि वे किसी अंतरिक्ष यात्रा पर आ गए हैं जहां हवा में तैरने का अहसास मिल रहा है।फोटोग्राफी और सोशल मीडिया रील्स के शौकीनों के लिए स्वर्ग है यह जगह: हर कोने में छिपा है एक नया भ्रमआज के डिजिटल और इंस्टाग्राम रील्स के जमाने में हर कोई कुछ ऐसा अलग और हटकर करना चाहता है जो सोशल मीडिया पर आते ही वायरल हो जाए, और इस लिहाज से यह उल्टा घर फोटोग्राफर्स के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है। इस घर के हर एक कमरे—चाहे वह बेडरूम हो, किचन हो या फिर ड्राइंग रूम—को इस खूबी के साथ डिजाइन किया गया है कि जब आप वहां खड़े होकर तस्वीर खींचते हैं और फोन को थोड़ा सा घुमाते हैं, तो ऐसा लगता है कि आप छत पर उल्टे लटककर या गुरुत्वाकर्षण को मात देकर हवा में खड़े हैं। कपल्स और यूथ इन तस्वीरों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर शेयर करके अपने दोस्तों को हैरान कर रहे हैं, क्योंकि पहली नजर में किसी के लिए भी यह पहचान पाना मुश्किल होता है कि तस्वीर असली है या कोई विशेष वीएफएक्स इफेक्ट है। इस अनोखे अनुभव को कैमरे में कैद करने की होड़ ही इस जगह को दिल्ली के आसपास का सबसे तेजी से उभरता हुआ टूरिस्ट हॉटस्पॉट बना रही है।बच्चों की जिज्ञासा और बड़ों के बचपन को जिंदा करने का बेहतरीन ठिकाना: वीकेंड पर जरूर बनाएं प्लानभागदौड़ भरी जिंदगी में जब बड़े लोग अपने दफ्तरों के तनाव से थक जाते हैं और बच्चों की दुनिया केवल वीडियो गेम्स या किताबों तक सिमट कर रह जाती है, तब इस तरह की जगहें उनके भीतर छिपे हुए बच्चे को फिर से बाहर निकाल लाती हैं। यहां आकर न केवल बच्चों को वास्तुकला और भौतिकी के भ्रम को नजदीक से देखने का मौका मिलता है, बल्कि पूरे परिवार को एक साथ खुलकर हंसने और क्वालिटी टाइम बिताने का अनमोल अवसर प्राप्त होता है। स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग भी इस प्रकार के थीम आधारित पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है ताकि लोगों को मनोरंजन के साथ-साथ कुछ नया सीखने को भी मिल सके। यदि आप भी इस आगामी वीकेंड पर अपने परिवार या दोस्तों के साथ शहर की भीड़भाड़ से दूर कुछ पल हंसी-मजाक और आश्चर्य से भरे बिताना चाहते हैं, तो दिल्ली से मात्र दो घंटे की दूरी पर स्थित इस उल्टे-पुल्टी जादुई घर की यात्रा आपके लिए एक बेहद यादगार और कभी न भूलने वाला अनुभव साबित होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 3:38 pm

जीवन के वो हसीन पल जो कैमरे की कैद से ज्यादा सीधे दिल में उतर जाएंगे

दुनिया भर के खूबसूरत और जादुई पर्यटन स्थलों की जब भी फेहरिस्त तैयार की जाती है, तो 'धरती का स्वर्ग' कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर (Kashmir) का नाम हमेशा सबसे ऊपर स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज मिलता है। बर्फ से ढकी ऊंची-ऊंची पहाड़ियों, कलकल बहती बर्फीली नदियों, केसर के खेतों की सोंधी खुशबू और देवदार के लंबे पेड़ों के बीच जब कोई अपने किसी बेहद खास और अजीज के साथ हाथों में हाथ डाले सफर तय करता है, तो वह नजारा किसी परी कथा से कम नहीं लगता। हाल ही में सोशल मीडिया से लेकर यात्रा प्रेमियों के बीच कश्मीर की वादियों से जुड़ा एक ऐसा ही बेहद खूबसूरत, भावनात्मक और रोंगटे खड़े कर देने वाला संस्मरण वायरल हो रहा है, जो यह बयां करता है कि कश्मीर केवल घूमने की एक जगह नहीं है, बल्कि यह अहसास है जो रूह को छू लेता है। भागदौड़ भरी इस आधुनिक जिंदगी से दूर जब दो लोग इस शांत और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर वादियों में कुछ पल बिताते हैं, तो कैमरे के लेंस में कैद होने वाली तस्वीरें तो खूबसूरत होती ही हैं, लेकिन उससे कहीं ज्यादा गहरी और अमिट छाप उनके दिलों पर हमेशा के लिए अंकित हो जाती है। आइए इस विस्तृत और विशेष रिपोर्ट में जानते हैं कि कश्मीर की इन हसीन वादियों में बिताए गए वे पल इंसान के जीवन को कैसे बदलकर रख देते हैं और क्यों यह सफर हर प्रेमी जोड़े की विशलिस्ट में सबसे ऊपर होना चाहिए।कश्मीर की वादियों का जादुई आकर्षण: क्यों हर प्रेमी जोड़े की पहली पसंद है यह धरती का स्वर्ग?जम्मू-कश्मीर की भौगोलिक बनावट और यहां की आबोहवा में कुछ ऐसा प्राकृतिक जादू है जो आने वाले हर मुसाफिर को अपना दीवाना बना लेता है। श्रीनगर की प्रसिद्ध डल झील में शिकारे की सवारी करना, हाउसबोट के बरामदे में बैठकर सूरज ढलने का नजारा देखना और गुलमर्ग के बर्फ से ढके ढलानों पर हाथों में हाथ डालकर टहलना—ये वे अनुभव हैं जिन्हें शब्दों में पूरी तरह बयां नहीं किया जा सकता। जब आप अपनी व्यस्त दिनचर्या और शहर के शोर-शराब से दूर इन वादियों में कदम रखते हैं, तो यहां की ठंडी हवाएं और चारों तरफ फैली खामोशी आपके मन के सारे तनाव और कोलाहल को पल भर में शांत कर देती है। पर्यटन विशेषज्ञों का यह मानना है कि कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता में एक ऐसा सुकून है जो मानसिक शांति चाहने वाले हर यात्री को अपनी तरफ खींचता है, और जब इस खूबसूरती को किसी अपने के साथ साझा किया जाता है, तो इस सफर का आनंद दोगुना हो जाता है।हाथों में हाथ और सामने कश्मीर: वह जादुई पल जो कैमरे के फ्रेम से बहुत परे होता हैआज के डिजिटल और सोशल मीडिया के दौर में हर कोई अपनी हर खूबसूरत याद को कैमरे में कैद करने और तुरंत रील्स या तस्वीरें अपलोड करने की होड़ में लगा रहता है, लेकिन कश्मीर की वादी कुछ ऐसी है जो आपको कैमरा नीचे रखकर सिर्फ महसूस करने पर मजबूर कर देती है। जब आप बर्फ से ढकी पहाड़ियों के सामने खड़े होकर अपने हमसफर के हाथों में हाथ डालते हैं, तो हवाओं की सरसराहट के बीच जो खामोश संवाद होता है, उसे दुनिया का कोई भी महंगा कैमरा या लेंस रिकॉर्ड नहीं कर सकता। वे पल ऐसे होते हैं जो समय की आंधी में भी कभी धुंधले नहीं पड़ते और इंसान जब भी कभी उदास होता है, तो केवल उन यादों को आंखें बंद करके याद करते ही उसके चेहरे पर एक सुकून भरी मुस्कान तैर जाती है। कश्मीर का यह अहसास इस बात की गवाही देता है कि जीवन के सबसे खूबसूरत लम्हे वे होते हैं जिन्हें पैसों से नहीं, बल्कि सच्चे जज्बातों और अपनों के साथ से कमाया जाता है।गुलमर्ग, पहलगाम और सोनमर्ग का वह स्वर्णिम सौंदर्य: जहां प्रकृति हर कदम पर बिखेरती है रंगकश्मीर के अलग-अलग कोने अपनी अलग पहचान और अद्वितीय सुंदरता के लिए पूरी तरह जाने जाते हैं, चाहे वह गुलमर्ग की हरी-भरी वादियां हों जो सर्दियों में सफेद बर्फ की चादर ओढ़ लेती हैं, या फिर पहलगाम की वह शांत घाटियां जहां लिद्दर नदी का संगीत कानों में रस घोलता है। जब पर्यटक इन जगहों पर पहुंचते हैं, तो उन्हें ऐसा महसूस होता है जैसे वे किसी दूसरी ही दुनिया में आ गए हों जहां इंसानी दुखों और चिंताओं के लिए कोई जगह नहीं है। स्थानीय कश्मीरी लोगों की मेहमाननवाज संस्कृति, उनकी सादगी और 'कहवा' (Kashmiri Kahwa) की सोंधी खुशबू इस सफर के अनुभव को और अधिक समृद्ध और यादगार बना देती है। स्थानीय पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों का भी यही कहना है कि जो पर्यटक एक बार कश्मीर की इन वादियों में आ जाता है, वह यहां की आतिथ्य सत्कार और प्राकृतिक वैभव से इस तरह बंध जाता है कि बार-बार यहां लौटने को मजबूर हो जाता है।इस जादुई सफर से मिलने वाला जीवन का संदेश: रिश्तों में ताजगी और रूहानी सुकूनजिंदगी की भागदौड़ में अक्सर हम अपने सबसे करीबी लोगों को वह वक्त और ध्यान नहीं दे पाते जिसके वे हकदार होते हैं, और ऐसे में कश्मीर जैसी शांत और खूबसूरत जगह पर बिताए गए कुछ दिन रिश्तों की पुरानी नमी को फिर से जिंदा कर देते हैं। हाथों में हाथ डालकर पहाड़ों के बीच चलना, एक-दूसरे की आंखों में देखकर जिंदगी के अनकहे सपनों को साझा करना और प्रकृति की इस गोद में खुद को बिल्कुल अकेला और सुरक्षित महसूस करना हमारे मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी एक बेहतरीन हीलिंग थेरेपी की तरह काम करता है। यह सफर हमें यह सिखाता है कि भौतिक सुख-सुविधाओं की अंधी दौड़ से बाहर निकलकर कभी-कभी प्रकृति के करीब बैठना और अपनों के साथ वक्त बिताना ही जिंदगी का सबसे बड़ा और असली सच है। कुल मिलाकर, कश्मीर की वादियों में बिताए गए वे हसीन पल केवल एक वेकेशन की यादें नहीं हैं, बल्कि वे जीवन भर की ऐसी पूंजी हैं जो इंसान के दिल में हमेशा जीवित रहती हैं और उसे हर मुश्किल वक्त में मुस्कुराने की ताकत देती हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 3:36 pm

राइज एंड फॉल में हुई हाथापाई! सिवेत ने शहजाद को घसीटकर पीटा!

रियलिटी शो राइज एंड फॉल सीजन 2 के पहले हफ्ते में सिवेत तोमर और शहजाद पूनावाला के बीच विवाद बढ़कर हाथापाई तक पहुंच गया. अल्टीमेट रूलर टास्क के दौरान दोनों में तीखी बहस हुई. इसके बाद सिवेत ने शहजाद को धक्का दिया और खींचतान में उनके कपड़े फट गए. घटना के बाद सिवेत को पेंटहाउस से बाहर कर दिया गया. वहीं, कुछ प्रतियोगियों ने इस फैसले पर सवाल उठाए

आज तक 28 Sep 2026 3:36 pm

पीएम मोदी ने की छत्तीसगढ़ के 'हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा' अभियान की दिल खोलकर तारीफ

भारतीय लोक कल्याणकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास के इतिहास में जब भी जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सुधार और कुपोषण मुक्त समाज की बात की जाएगी, तो छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू किए गए अभियानों का नाम हमेशा सबसे ऊपर लिया जाएगा। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक हालिया संबोधन के दौरान छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) राज्य में चलाए जा रहे बेहद लोकप्रिय और स्वास्थ्यवर्धक अभियान 'हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा' (Sahjan / Drumstick Campaign) की खुले दिल से जमकर सराहना की है, जिसके बाद से पूरे राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में उत्साह की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री द्वारा इस लोक-कल्याणकारी पहल की राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा किए जाने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री ने भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए यह गर्व से कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास और स्वास्थ्य सुधार के नवाचारों को अब पूरे देश में एक नई और बड़ी पहचान मिल रही है। मुनगा यानी सहजन के पौधे में मौजूद औषधीय गुणों और पोषक तत्वों को घर-घर तक पहुंचाने वाले इस अभियान ने बच्चों और महिलाओं में कुपोषण की समस्या से निपटने में एक बहुत बड़ी क्रांति ला दी है। आइए इस विस्तृत और विशेष रिपोर्ट में जानते हैं कि इस अभियान की क्या खासियत है और क्यों प्रधानमंत्री मोदी ने इसकी इतनी सराहना की है।'हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा' अभियान की परिकल्पना और इसके पीछे का स्वास्थ्य उद्देश्यछत्तीसगढ़ के दूरदराज और आदिवासी बहुल इलाकों में बच्चों और गर्भवती महिलाओं के बीच कुपोषण (Malnutrition) और आयरन की कमी को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने कुछ समय पहले 'हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा' नाम से एक अनूठा जन-अभियान शुरू किया था। सहजन या ड्रमस्टिक (Drumstick / Moringa) को वनस्पति विज्ञान और आयुर्वेद में पोषक तत्वों का पावरहाउस माना जाता है, जिसमें दूध से कई गुना अधिक कैल्शियम, संतरे से ज्यादा विटामिन सी और गाजर से अधिक विटामिन ए प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। सरकार का यह उद्देश्य था कि लोग महंगे सप्लीमेंट्स पर निर्भर रहने के बजाय अपने घरों के आसपास या बाड़ी में आसानी से उगने वाले मुनगा के पेड़ लगाएं और इसके पत्तों, फूलों तथा फलियों को अपने दैनिक भोजन में शामिल करें ताकि शरीर को सभी जरूरी विटामिन्स मुफ्त में मिल सकें। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात या अन्य राष्ट्रीय मंचों पर इस अभियान की सफलता का जिक्र करते हुए ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी की तारीफ की, तो इसने इस योजना को एक राष्ट्रीय आंदोलन का रूप दे दिया।प्रधानमंत्री मोदी की सराहना से बढ़ा छत्तीसगढ़ का मान: मुख्यमंत्री ने जताया आभारजब देश के प्रधानमंत्री किसी राज्य की किसी छोटी से छोटी और जमीनी योजना की तारीफ करते हैं, तो उससे न केवल प्रशासनिक अमले का मनोबल बढ़ता है, बल्कि उस योजना से जुड़े आम नागरिकों को भी एक नया सम्मान मिलता है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा' अभियान की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना होना राज्य के हर एक नागरिक के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह सफलता छत्तीसगढ़ के मेहनती किसानों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, महिलाओं और स्थानीय प्रशासन की उस संयुक्त मेहनत का परिणाम है जिन्होंने इस अभियान को केवल कागजों तक सीमित न रखकर हर गांव और हर घर के चूल्हे तक पहुंचाया है। इस राष्ट्रीय मान्यता के मिलने से अब राज्य सरकार को ऐसे अन्य स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रमों को और अधिक तेजी से लागू करने की प्रेरणा मिली है, जिससे ग्रामीण इलाकों की तस्वीर तेजी से बदल रही है।कुपोषण मुक्ति की दिशा में मुनगा (सहजन) बना एक वरदान: वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक महत्वआधुनिक चिकित्सा विज्ञान और प्राचीन आयुर्वेद—दोनों ही इस बात पर एकमत हैं कि सहजन का पौधा किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं है, क्योंकि इसका हर एक हिस्सा मानव शरीर के लिए औषधीय रूप से बेहद फायदेमंद होता है। छत्तीसगढ़ के जंगलों और ग्रामीण अंचलों में प्राकृतिक रूप से उगने वाले इस पौधे की खासियत यह है कि इसके लिए किसी विशेष सिंचाई या महंगे उर्वरकों की जरूरत नहीं पड़ती, और यह कम पानी में भी तेजी से बढ़ता है। अभियान के तहत ग्रामीण महिलाओं को यह प्रशिक्षित किया गया कि वे मुनगा की पत्तियों को सुखाकर उसका पाउडर कैसे बनाएं और कैसे उसे बच्चों के दैनिक दलिया, सूप या दाल में मिलाकर उनके पोषण स्तर को मजबूत करें। जिन क्षेत्रों में कुपोषण दर एक बड़ी चुनौती हुआ करती थी, वहां इस अभियान के लागू होने के बाद से बच्चों के स्वास्थ्य में एक अभूतपूर्व और सकारात्मक सुधार देखने को मिला है, जिसे देश के शीर्ष वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी अपने शोध में सराहा है।ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण का एक नया मॉडल बनकर उभरा यह अभियानयह अभियान केवल स्वास्थ्य और पोषण तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy) और महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) की रीढ़ भी मजबूत कर रहा है। स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की महिलाओं को मुनगा की खेती, इसके प्रोसेसिंग और इसके विभिन्न उत्पादों को बाजार में बेचने की ट्रेनिंग दी जा रही है, जिससे उन्हें एक अतिरिक्त और स्थिर आमदनी का जरिया मिल रहा है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनती हैं, तो पूरे परिवार और समाज का विकास तेजी से होने लगता है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस मॉडल की प्रशंसा किए जाने का अर्थ यह है कि अब देश के अन्य राज्य भी छत्तीसगढ़ के इस सफल फॉर्मूले को अपने यहां लागू करने पर विचार कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह अभियान देश के अन्य राज्यों के लिए भी ग्रामीण स्वास्थ्य सुधार का एक बेहतरीन ब्लूप्रिंट साबित होगा।भविष्य की योजनाएं और छत्तीसगढ़ में सतत विकास का नया अध्यायप्रधानमंत्री की इस सराहना के बाद छत्तीसगढ़ सरकार के हौसले और अधिक बुलंद हो चुके हैं, और प्रशासन अब इस अभियान के दायरे को और अधिक व्यापक बनाने की योजना पर काम कर रहा है। राज्य के हर जिले में सहजन के लाखों पौधों का निःशुल्क वितरण करने के साथ-साथ स्कूलों और अस्पतालों के परिसरों में भी मुनगा वाटिकाएं विकसित की जा रही हैं ताकि आने वाली पीढ़ी इसके औषधीय गुणों से अच्छी तरह वाकिफ हो सके। कुपोषण मुक्त भारत के सपने को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ का यह 'हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा' अभियान आज पूरे देश के लिए एक प्रेरणास्त्रोत बन चुका है। कुल मिलाकर, यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि जब सही दिशा में जमीनी स्तर पर काम किया जाता है, तो उसकी गूंज देश की राजधानी तक सुनाई देती है और वह नवाचार इतिहास के पन्नों में अमर हो जाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 3:35 pm

3 राहत शिविरों में शरण लिए बैठे हैं 5,000 से अधिक लोग, लापता नागरिकों की तलाश जारी

देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज एक बार फिर से बेहद डरावना और विकराल रूप धारण कर चुका है, जिसके कारण आम जनजीवन पूरी तरह से पटरी से उतर गया है। प्राकृतिक आपदाओं और मानसूनी बारिश के इस दौर में छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) राज्य से इस समय एक बेहद चिंताजनक, दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है, जहां लगातार मूसलाधार बारिश और नदियों के उफान पर होने के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। राज्य के कई जिलों में जलभराव की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, बेघर हुए और बाढ़ से प्रभावित लोगों को सुरक्षित आश्रय देने के लिए कुल 43 राहत शिविरों (Relief Camps) का निर्माण किया गया है, जिनमें इस समय 5,000 से अधिक बेबस लोग शरण लेकर रह रहे हैं। इसके साथ ही, तेज बहाव और बाढ़ के पानी में लापता हुए लोगों को ढूंढने के लिए राज्य और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF & SDRF) की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन को पूरी मुस्तैदी से चलाया जा रहा है। आइए इस विस्तृत और विशेष रिपोर्ट में जानते हैं कि छत्तीसगढ़ के इस आपदा प्रभावित इलाके में इस समय जमीन पर हालात कैसे हैं और प्रशासन की तरफ से क्या-क्या कदम उठाए जा रहे हैं।छत्तीसगढ़ में मूसलाधार बारिश का तांडव: नदियां उफान पर और गांवों में भर गया सैलाब का पानीबीते कई दिनों से छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में आकाश से आफत बनकर बरस रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण राज्य की कई प्रमुख नदियां और नाले खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं, जिसके चलते उनका पानी आसपास के निचले इलाकों और रिहायशी बस्तियों में तेजी से घुस गया है। कई ग्रामीण इलाकों में तो स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि लोगों के घरों की छतों तक पानी पहुंच गया है, और उन्हें अपना सब कुछ छोड़कर केवल अपनी जान बचाने के लिए ऊंचे स्थानों की तरफ भागना पड़ा है। मौसम विभाग ने पहले ही कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया था, लेकिन बारिश की बेहिसाब रफ्तार ने जल निकासी के सभी प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी है। सड़कों पर सैलाब जैसा नजारा देखने को मिल रहा है और कई जगहों पर पुल-पुलिया बह जाने के कारण सड़क संपर्क पूरी तरह से कट चुका है, जिससे राहत सामग्री पहुंचाने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।43 राहत शिविरों का गठन: 5,000 से अधिक बेघर लोगों के लिए प्रशासन ने की भोजन और चिकित्सा की व्यवस्थाइस भीषण प्राकृतिक आपदा के बीच सरकार और स्थानीय प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए प्रभावित परिवारों को सुरक्षित निकालने के लिए युद्ध स्तर पर अभियान चलाया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित जिलों में कुल 43 राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां इस समय 5,000 से अधिक विस्थापित लोग शरण लिए हुए हैं। इन राहत शिविरों में लोगों को भोजन, पीने का शुद्ध पानी, कपड़े और कंबल उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी तैनात किया गया है ताकि समय पर दवाइयां और चिकित्सीय सहायता दी जा सके। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार इन कैंपों का दौरा कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी पीड़ित को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े। इसके अलावा, सामाजिक संगठनों और स्थानीय स्वयंसेवकों ने भी आगे आकर राहत सामग्री बांटने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देना शुरू कर दिया है, जो इस संकट की घड़ी में इंसानियत की एक बड़ी मिसाल पेश कर रहा है।लापता लोगों की तलाश के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ का रेस्क्यू ऑपरेशन युद्ध स्तर पर जारीबाढ़ के इस तेज बहाव और जलभराव के बीच छत्तीसगढ़ के कई इलाकों से लोगों के लापता होने की हृदयविदारक खबरें भी लगातार सामने आ रही हैं, जिससे परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। एडमिनिस्ट्रेशन और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों ने एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) के जवानों के साथ मिलकर लापता नागरिकों को ढूंढने के लिए एक बहुत बड़ा सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। मोटरबोट और अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से उन इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है जहां पानी का स्तर अभी भी बहुत ज्यादा खतरनाक बना हुआ है। राज्य के मुख्यमंत्री और उच्चाधिकारियों ने खुद इस पूरे राहत अभियान की कमान अपने हाथ में ले रखी है और हर घंटे ग्राउंड जीरो की रिपोर्ट ली जा रही है। सरकार ने यह निर्देश दिए हैं कि जब तक हर एक लापता व्यक्ति की सही सलामत खोज खबर नहीं मिल जाती और बाढ़ का पानी पूरी तरह उतर नहीं जाता, तब तक राहत एवं बचाव का यह कार्य पूरी ताकत के साथ जारी रहेगा।भारी बारिश के बीच जनजीवन को पटरी पर लाने की चुनौती और मौसम विभाग का आगामी अनुमानइस आपदा के कारण छत्तीसगढ़ की आर्थिक गतिविधियों, खेती-किसानी और दैनिक मजदूरी करने वाले गरीब तबके के लोगों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। धान के खेतों में पानी भर जाने से किसानों की महीनों की मेहनत बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है, जिससे अन्नदाताओं के चेहरों पर गहरी चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं। हालांकि मौसम विभाग का यह अनुमान है कि आने वाले कुछ घंटों में बारिश की रफ्तार में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन तब तक प्रशासन और आम जनता को पूरी तरह सतर्क रहने की आवश्यकता है। इस प्रकार की प्राकृतिक आपदाएं हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि पर्यावरण संरक्षण और जल निकासी के पुख्ता इंतजाम कितने जरूरी हैं। कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ इस समय एक बहुत बड़े संकट के दौर से गुजर रहा है, और सरकार, प्रशासन तथा आम नागरिकों की सामूहिक एकजुटता ही इस आपदा के आंसुओं को पोंछकर एक बार फिर से जीवन को सामान्य बनाने में पूरी तरह कामयाब होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 3:34 pm

माओवादियों के सीक्रेट बंकर से मिले 22 करोड़ रुपये दबा गए दो डीएसपी

भारतीय पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था के इतिहास में कई बार ऐसे हैरान करने वाले और सनसनीखेज खुलासे सामने आते हैं, जिन पर आसानी से विश्वास करना नामुमकिन सा प्रतीत होता है। देश के नक्सल प्रभावित और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों द्वारा माओवादियों (Maoists) के खिलाफ चलाए जाने वाले अभियानों के दौरान अक्सर भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और अवैध रूप से छुपाकर रखा गया कैश बरामद होने की खबरें सामने आती रहती हैं। हाल ही में एक ऐसे ही खुफिया ऑपरेशन और उससे जुड़ी एक बेहद गंभीर अंदरूनी जांच ने पूरे पुलिस महकमे में भूचाल ला दिया है। सोशल मीडिया और कुछ स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि एक बड़े माओवादी बंकर से सुरक्षा बलों को छापेमारी के दौरान लगभग 22 करोड़ रुपये की भारी-भरकम नकदी हाथ लगी थी, लेकिन आरोप यह है कि वहां तैनात दो डीएसपी (DSP) स्तर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस पूरी रकम को आपस में दबा लिया यानी गबन कर लिया। इस सनसनीखेज खबर के सामने आते ही पुलिस मुख्यालय में हड़कंप मच गया और तुरंत एक उच्चस्तरीय गोपनीय जांच बिठा दी गई ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस दावे में कितना सच है और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। आइए इस विस्तृत और विशेष रिपोर्ट में जानते हैं कि इस पूरे मामले की तह तक जाने पर क्या सच्चाई सामने आई है और इस पर प्रशासनिक स्तर पर क्या कार्रवाई की जा रही है।माओवादियों के खिलाफ खुफिया ऑपरेशन और बंकर से बरामदगी का सनसनीखेज दावादेश के उन अंदरूनी और दुर्ग घने जंगलों वाले इलाकों में, जहां लंबे समय से नक्सलवाद और माओवादियों की गतिविधियां एक बड़ा नासूर बनी हुई हैं, सुरक्षा बल लगातार सर्च ऑपरेशन चलाते रहते हैं। कुछ हफ्ते पहले इसी प्रकार के एक बेहद गोपनीय और सुनियोजित अभियान के दौरान खुफिया विभाग को यह इनपुट मिला था कि एक खास इलाके में स्थित माओवादियों के मुख्य कमांडर ने जमीन के नीचे एक बेहद गुप्त और सुरक्षित बंकर बना रखा है, जहां भारी मात्रा में लेवी का पैसा, हथियार और दस्तावेज छुपाए गए हैं। जब सुरक्षा बलों और स्पेशल टास्क फोर्स की संयुक्त टीम ने उस ठिकाने पर धावा बोला, तो वहां से कुछ संदेहास्पद सामग्रियां और दस्तावेज बरामद किए गए। लेकिन जैसे ही यह ऑपरेशन खत्म हुआ, उसके कुछ दिनों बाद महकमे के भीतर ही यह सुगबुगाहट शुरू हो गई कि उस बंकर से मिलने वाली नकदी का आंकड़ा जितना कागजों में दिखाया गया है, असलियत में वह उससे कई गुना ज्यादा था और मौके पर मौजूद कुछ बड़े अधिकारियों ने उस पर हाथ साफ कर दिया है।क्या वाकई 22 करोड़ रुपये बरामद हुए थे? जांच रिपोर्ट में सामने आए चौंकाने वाले तथ्यजब इस प्रकार की गंभीर आंतरिक शिकायतें पुलिस के शीर्ष अधिकारियों और राज्य के गृह विभाग तक पहुंचीं, तो मामले की नजाकत को देखते हुए तुरंत एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया ताकि इस बात की सत्यता की जांच की जा सके कि क्या वाकई 22 करोड़ रुपये की कोई भारी रकम बरामद हुई थी। गोपनीय जांच के दौरान जब उस ऑपरेशन में शामिल जवानों, स्थानीय मुखबिरों और वहां तैनात दोनों डीएसपी स्तर के अधिकारियों से पूछताछ की गई, तो कई परस्पर विरोधी बयान सामने आए। शुरुआती दौर में मीडिया और सोशल प्लेटफार्म्स पर यह दावा किया गया कि माओवादियों के पास से इतनी बड़ी नकदी मिलने की पुख्ता जानकारी थी, लेकिन जब आधिकारिक जब्ती सूची (Seizure List) और मौके के पंचनामा दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई, तो उस पर दर्ज आंकड़े और दावों में जमीन-आसमान का अंतर पाया गया। जांच अधिकारियों के अनुसार, इस बात के कोई ठोस और अकाट्य प्रमाण अभी तक हाथ नहीं लगे हैं कि वहां से 22 करोड़ रुपये बरामद हुए थे, हालांकि कुछ संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और लापरवाही के संकेत जरूर मिले हैं।दो डीएसपी अधिकारियों की भूमिका पर क्यों उठे गंभीर सवाल और क्या है विभागीय कार्रवाई?इस पूरे प्रकरण में जिन दो डीएसपी रैंक के अधिकारियों पर उंगलियां उठाई जा रही हैं, उनकी कार्यप्रणाली और उस ऑपरेशन के दौरान उनकी संदिग्ध गतिविधियों को लेकर आंतरिक जांच एजेंसी अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है। नियमों के मुताबिक, जब भी इस तरह के बड़े नक्सल विरोधी अभियानों में कोई भी कैश या अवैध संपत्ति बरामद होती है, तो उसकी वीडियोग्राफी कराई जाती है, स्वतंत्र गवाहों के सामने जब्ती सूची बनाई जाती है और तुरंत इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी जाती है। लेकिन इस मामले में यह बात सामने आई कि शुरुआती स्तर पर कुछ प्रक्रियागत खामियां छोड़ी गईं, जिसके कारण अफवाहों और शंकाओं का बाजार गर्म हो गया कि अधिकारियों ने बड़ी रकम दबा ली है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने इस मामले पर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए यह स्पष्ट किया है कि यदि जांच में कोई भी अधिकारी दोषी पाया जाता है, तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सबसे कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।नक्सल अभियानों की पारदर्शिता और इस घटना से पुलिस विभाग को मिला कड़ा सबकइस तरह की घटनाएं न केवल पुलिस बल के मनोबल को प्रभावित करती हैं, बल्कि आम जनता के मन में कानून और व्यवस्था की निष्पक्षता को लेकर भी कई तरह के सवाल खड़े कर देती हैं। माओवादियों के खिलाफ जंग लड़ने वाले हमारे सुरक्षा बल देश की रीढ़ हैं, और कुछ भ्रष्ट या लापरवाह अधिकारियों की वजह से पूरी संस्था की छवि पर आंच आना बेहद चिंताजनक विषय है। इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर से इस बात की आवश्यकता को रेखांकित कर दिया है कि भविष्य में इस तरह के संवेदनशील ऑपरेशंस के दौरान हर एक कदम पर डिजिटल मॉनिटरिंग, अनिवार्य वीडियोग्राफी और पारदर्शी दस्तावेजीकरण की व्यवस्था को और अधिक पुख्ता किया जाना चाहिए। जैसे-जैसे इस गोपनीय जांच के नतीजे बाहर आएंगे, यह साफ हो जाएगा कि इस सनसनीखेज दावे में कितनी सच्चाई थी, लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं और भ्रष्टाचार की परतों को छिपाना अब आसान नहीं रह गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 3:33 pm

MMDR Act के खिलाफ आखिरी सांस तक लड़ूंगा, नवीन पटनायक ने ओडिशा में किया विरोध का आह्वान

बीजू जनता दल (बीजद) प्रमुख नवीन पटनायक ने सोमवार को कहा कि वह ‘‘जेन जी के भविष्य की रक्षा’’ के लिए एमएमडीआर अधिनियम के खिलाफ ‘‘आखिरी सांस तक’’ लड़ेंगे। ओडिशा विधानसभा के बाहर खनिज एवं खनन (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 को निरस्त करने की मांग को लेकर आयोजित बीजद की रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य की जनता और राजनीतिक दलों से नए खनन कानून का मिलकर विरोध करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह कानून ‘‘राज्य के अधिकार छीन लेता है’’। पांच बार ओडिशा के मुख्यमंत्री रह चुके पटनायक ने कहा, ‘‘यह नया कानून राज्य की जमीन और संसाधनों पर उसके अधिकार छीनने की कोशिश करता है। इसलिए, मैं एमएमडीआर अधिनियम के खिलाफ अपनी आखिरी सांस तक लड़ूंगा।’’साल 2024 के चुनावों के बाद भुवनेश्वर में अपनी पहली जनसभा को संबोधित करते हुए पटनायक ने दावा किया कि नए खनन कानून के लागू होने के बाद ओडिशा को राजस्व के रूप में करोड़ों रुपये का नुकसान होगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सभी लोगों और राजनीतिक दलों से आह्वान करता हूं कि वे हाथ मिलाएं और हमारी जेन जी के भविष्य के लिए एमएमडीआर अधिनियम का विरोध करें। ओडिशा की भावी पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी, अगर हम इस कानून के खिलाफ लड़ाई नहीं लड़ते, जो हमारे वैध अधिकार छीन लेता है।’’बीजद अध्यक्ष ने राज्य के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसदों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि अगस्त में जब एमएमडीआर संशोधन विधेयक पारित किया गया, तब वे संसद में चुप रहे। उन्होंने पूछा, ‘‘जब इस अधिनियम के कारण ओडिशा को हर साल हजारों करोड़ रुपये का नुकसान होने वाला है, तब राज्य की भाजपा सरकार और पार्टी के करीब 20 सांसद चुप क्यों हैं?’’पटनायक ने कहा कि एमएमडीआर अधिनियम ‘‘कोई साधारण कानून नहीं है’’ और इसका संबंध राज्य के अधिकारों से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने पूछा, ‘ओडिशा की जनता ही राज्य के खनिजों और भूमि की वास्तविक मालिक है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतने महत्वपूर्ण विधेयक को संसद में बिना किसी चर्चा के पारित कर दिया गया। राज्य के 20 भाजपा सांसद किसके हितों की पूर्ति के लिए चुप रहे?’’उन्होंने कहा, ‘‘ओडिशा सरकार भी चुप रही... किसके डर से?’’संसद में एमएमडीआर अधिनियम पारित होने के बाद इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को लिखे अपने पत्रों का जिक्र करते हुए पटनायक ने कहा कि उन्होंने उनसे दो बार पत्र लिखकर आग्रह किया था कि कानून का विरोध करने और इसके खिलाफ सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाए। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मुझे मुख्यमंत्री की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। मुझे इस बात पर भी हैरानी हुई कि 20 सांसदों को लिखे मेरे पत्रों का भी कोई जवाब नहीं आया।’’पटनायक ने 29 अगस्त को ओडिशा के भाजपा सांसदों को भी पत्र लिखकर नए खनन कानून को वापस लेने की मांग करने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा था कि इन बदलावों से खनिज अधिकारों और खनिज वाले भूखंडों पर कर लगाने की राज्य की शक्तियां सीमित हो जाएंगी। उन्होंने पत्र में कहा था, ‘‘मैं आप (भाजपा सांसदों) से गंभीरतापूर्वक अपील करता हूं कि अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें और ओडिशा की भावी पीढ़ियों के बारे में सोचें। मैं आपसे अपील करता हूं कि एमएमडीआर अधिनियम में किए गए उस संशोधन को चुनौती दें और उसे वापस लेने की मांग करें, जो राज्य सरकार की शक्तियां छीन लेता है।’’नेता प्रतिपक्ष ने राज्य की भाजपा सरकार की भी आलोचना की, जिसने 24 वर्षों के बाद उनकी सरकार को बेदखल किया था। उन्होंने माझी प्रशासन को खोखले भाषणबाज़ी का उस्ताद करार दिया। संसद ने अगस्त में खनिज एवं खनन (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पारित किया। इस कानून का उद्देश्य खनिज अधिकारों और खनिज वाले भूखंडों पर कर लगाने की राज्यों की शक्तियों को सीमित करना है।

प्रभासाक्षी 28 Sep 2026 3:33 pm

नेपाल में बारिश से नदियां उफान पर, बिहार और यूपी में बाढ़ का खतरा

नेपाल में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण एक बार फिर तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है. त्रिशूली और नारायणी नदियां उफान पर हैं, जिसका सीधा असर अब भारत के पड़ोसी राज्यों बिहार और उत्तर प्रदेश पर भी पड़ रहा है. नेपाल से आ रहे भारी पानी के कारण उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में बाढ़ का खतरा काफी बढ़ गया है. बिहार के वाल्मीकि नगर बैराज से लाखों क्यूसेक पानी गंडक नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे आसपास के रिहायशी इलाके जलमग्न हो गए हैं.

आज तक 28 Sep 2026 3:32 pm

ईशा सिंह को सलाम: शुरुआती पिछड़ने के बाद गजब की वापसी

अंतरराष्ट्रीय खेल जगत और शूटिंग रेंज से इस समय भारत के लिए एक बेहद गर्व से भर देने वाली, रोंगटे खड़े कर देने वाली और प्रेरणादायक खबर सामने आ रही है, जिसने देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। आईएसएसएफ (ISSF) विश्व कप और एशियाई स्तर की प्रतियोगिताओं में भारत का परचम लहराने वाली युवा और प्रतिभाशाली स्टार शूटर ईशा सिंह (Esha Singh) ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि असली चैंपियन वह होता है जो विपरीत परिस्थितियों और शुरुआती असफलताओं से घबराने के बजाय मैदान पर दोगुनी ताकत से पलटवार करता है। इस बार के बेहद कड़े और सांस रोक देने वाले मुकाबले के दौरान ईशा सिंह की शुरुआत वैसी नहीं रही जैसी उन्होंने और उनके प्रशंसकों ने उम्मीद की थी, और एक समय ऐसा लग रहा था कि वे पदक की दौड़ से पूरी तरह बाहर हो जाएंगी। लेकिन इसके बाद उन्होंने मानसिक दृढ़ता, गजब के संयम और अटूट आत्मविश्वास का परिचय देते हुए जिस प्रकार शानदार वापसी की और एक के बाद एक कई रोमांचक शूट-ऑफ (Shoot-off) मुकाबले जीते, उसने पूरी दुनिया के खेल विशेषज्ञों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। हालांकि अंत में बेहद मामूली अंतर से उन्हें स्वर्ण पदक से चूकना पड़ा और रजत पदक (Silver Medal) से संतोष करना पड़ा, लेकिन खेल प्रेमियों और विशेषज्ञों का यह एक सुर में मानना है कि ईशा सिंह का यह सिल्वर मेडल किसी भी स्वर्ण पदक से कम नहीं है, बल्कि यह उनकी अटूट जिजीविषा की सबसे बड़ी मिसाल है। आइए इस विस्तृत और विशेष रिपोर्ट में जानते हैं कि उस हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले के दौरान ईशा सिंह ने कैसे इतिहास रच दिया और उनकी इस जादुई वापसी के पीछे की पूरी कहानी क्या है।मुकाबले की तनावपूर्ण शुरुआत: जब शुरुआती दौर में पिछड़ गई थीं भारतीय स्टार ईशा सिंहकिसी भी अंतरराष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला शारीरिक कौशल से ज्यादा मानसिक और भावनात्मक स्थिरता का इम्तिहान होता है, जहां दुनिया के सर्वश्रेष्ठ निशानेबाज एक-एक अंक के लिए आपस में जूझते हैं। इस खिताबी मुकाबले की जब शुरुआत हुई, तो ईशा सिंह का निशाना शुरुआती सीरीज में उस स्तर पर नहीं चल पाया जिसके लिए वे जानी जाती हैं, और उन्होंने कुछ बेहद करीबी शॉट गंवा दिए। स्कोरबोर्ड पर पिछड़ते देख स्टेडियम में मौजूद भारतीय समर्थकों की सांसें थम गईं और ऐसा लगने लगा कि दबाव का यह भारी बोझ इस युवा निशानेबाज के आत्मविश्वास को तोड़ देगा। खेल के इस नाजुक मोड़ पर जहां कई बार अच्छे-अच्छे दिग्गज खिलाड़ी घबराकर अपनी लय खो बैठते हैं, वहीं ईशा सिंह ने अपने भीतर के संयम को टूटने नहीं दिया। उन्होंने अपनी श्वास और मानसिक एकाग्रता को नियंत्रित करते हुए यह साबित किया कि एक सच्चे एथलीट की असली पहचान तब होती है जब वह संकट के बादलों के बीच से रास्ता निकालकर बाहर आता है।शूट-ऑफ पर शूट-ऑफ का रोमांच: ईशा सिंह के अचूक निशानों ने दुनिया को चौंकायाजब मुकाबला अपने अंतिम और सबसे निर्णायक दौर में पहुंचा, तो स्कोर बराबर हो जाने के कारण तनाव अपने चरम पर पहुंच गया और परिणाम का फैसला करने के लिए एक के बाद एक लगातार शूट-ऑफ (Shoot-Off) मुकाबले शुरू हो गए। शूटिंग के खेल में शूट-ऑफ वह स्थिति होती है जहाँ एक-एक शॉट पर पूरा पदक दांव पर लगा होता है और जरा सी मानसिक चूक आपको सीधे पोडियम से बाहर कर देती है। ऐसे अकल्पनीय दबाव वाले माहौल में ईशा सिंह ने जिस फौलादी जिगर और मशीन जैसी सटीकता के साथ अपने निशाने साधे, उसने हर देखने वाले को अंचित कर दिया। उन्होंने एक के बाद एक लगातार कई शूट-ऑफ मुकाबलों में अपने प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ा और हर बार बिल्कुल केंद्र यानी बुलसआई पर निशाना लगाकर यह दिखा दिया कि उनका मानसिक संतुलन कितना मजबूत है। वहां मौजूद विदेशी कोच और कमेंटेटर्स भी ईशा की इस अद्भुत वापसी और शांत चित्त होकर खेलने की कला की तारीफ करते नहीं थक रहे थे, क्योंकि इस स्तर का दबाव झेलना हर किसी के बस की बात नहीं होती है।गोल्ड से चूकीं लेकिन जीता करोड़ों दिलों का सम्मान: इस सिल्वर मेडल का ऐतिहासिक महत्वअंततः बहुत ही रोमांचक और कांटे की टक्कर वाले अंतिम शॉट के बाद ईशा सिंह को स्वर्ण पदक से मामूली अंतर से पिछड़ना पड़ा और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा, लेकिन परिणाम आते ही पूरा स्टेडियम उनकी इस संघर्षी पारी के सम्मान में तालियों से गूंज उठा। खेल के मैदान पर कई बार मेडल का रंग महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि उस पदक को जीतने के लिए खिलाड़ी ने जिस पसीने, संघर्ष और मानसिक लड़ाई का सामना किया है, उसका मूल्य सबसे बड़ा होता है। ईशा सिंह का यह रजत पदक इस बात का जीवंत प्रमाण है कि भारत के युवा खिलाड़ी अब दुनिया के किसी भी दबाव वाले मंच पर घबराने वाले नहीं हैं, बल्कि वे हार को जीत में बदलने का हुनर अच्छी तरह जानते हैं। इस पदक ने न केवल भारत की पदक तालिका को समृद्ध किया है, बल्कि देश भर के उन लाखों उभरते हुए खिलाड़ियों को एक नया सपना और उम्मीद दी है जो विपरीत परिस्थितियों में भी हार न मानने की ठान चुके हैं।भविष्य के लिए एक नई उम्मीद और खेल जगत में ईशा सिंह का बढ़ता हुआ कदइस ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद ईशा सिंह ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि वे आने वाले समय में भारतीय शूटिंग की सबसे बड़ी और चमकदार उम्मीद हैं। उनके इस सफर से यह स्पष्ट सीख मिलती है कि जीवन या खेल में कभी भी शुरुआती असफलता या पिछड़ जाने से हार नहीं माननी चाहिए, क्योंकि असली विजेता वही है जो आखिरी सीटी बजने तक मैदान नहीं छोड़ता। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और राष्ट्रीय शूटिंग महासंघ ने भी ईशा की इस साहसिक वापसी की जमकर सराहना की है और उम्मीद जताई है कि आगामी ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप में वे देश के लिए और भी बड़े रिकॉर्ड बनाएंगी। कुल मिलाकर, ईशा सिंह का यह सिल्वर मेडल केवल एक धातु का टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह उनके अटूट संघर्ष, देश के प्रति समर्पण और उस कभी न हार मानने वाले जज्बे की सबसे बड़ी दास्तान है, जो हमेशा इतिहास के पन्नों में अमर रहेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 3:32 pm

उज्जैन की शाही मस्जिद पर क्यों मचा बवाल, देखें देश-दुनिया की बड़ी खबरें

मध्य प्रदेश के उज्जैन में शाही मस्जिद के अतिक्रमण को हटाने को लेकर विवाद लगातार जारी है. मस्जिद के बाहर बहुत बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग जुटे हैं और वहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. प्रशासन की जेसीबी और पोकलेन मशीनों के पहुंचने के बाद रातभर प्रदर्शन चला और पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े. वहीं, उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी भारी हलचल तेज है. बीजेपी कोर कमेटी की बैठक में एमएलसी चुनाव के लिए माइक्रो मैनेजमेंट की विशेष रणनीति तैयार की गई है. देखें नॉनस्टॉप खबरें.

आज तक 28 Sep 2026 3:30 pm

उज्जैन में जारी रहेगा सड़क चौड़ीकरण का काम, शाही मस्जिद कमेटी को इंदौर HC से झटका

इंदौर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने उज्जैन शाही मस्जिद कमेटी द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया है. अदालत ने प्रशासन को सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के तहत मस्जिद के एक हिस्से को तोड़ने की अनुमति देने वाले आदेश पर रोक लगाने से भी इनकार कर दिया. अदालत के इस फैसले के बाद प्रशासन अब सड़क चौड़ीकरण के काम में मस्जिद के हिस्से को हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकता है.

आज तक 28 Sep 2026 3:29 pm

स्कूल ने बैन क‍िया चैट जीपीटी तो छात्रा ने खड़ी की अपनी AI कंपनी!

जहां एक तरफ पूरी दुनिया के स्कूल इस बात से परेशान हैं कि बच्चे होमवर्क के लिए AI का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं, वहीं 17 साल की नव्या टुटेजा ने स्कूल में लगी पाबंदी को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया. वाई-फाई पर चैट जीपीटी ब्लॉक होने पर नव्या ने खुद का दिमाग चलाया और 'राहा' नाम से अपना खुद का एआई स्टार्टअप खड़ा कर दिया. आज उनके इस प्लेटफॉर्म पर 20 हजार से ज्यादा नौकरियां और 1000 से ज्यादा एक्टिव यूजर्स मौजूद हैं.

आज तक 28 Sep 2026 3:28 pm

फ्री किक पर किया ऐसा जादुई कमाल कि मैदान पर खड़े साथी खिलाड़ी पर यकीन

अंतरराष्ट्रीय और क्लब फुटबॉल के इतिहास में जब भी दुनिया के सबसे महान और चमत्कारिक खिलाड़ियों का जिक्र किया जाएगा, तो अर्जेंटीना के जादुई फुटबॉलर लियोनल मेसी (Lionel Messi) का नाम हमेशा सबसे ऊपर स्वर्णिम अक्षरों में लिखा मिलेगा। फुटबॉल के इस जीवंत लीजेंड ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उम्र केवल एक संख्या मात्र है और उनकी कलाकारी तथा फुटबॉल की सूझबूझ समय के साथ और अधिक धारदार होती जा रही है। हाल ही में खेले गए एक रोमांचक और सांस रोक देने वाले मुकाबले के दौरान लियोनल मेसी ने मैदान पर एक ऐसा हैरतअंगेज और असंभव दिखने वाला गोल दाग दिया, जिसे देखकर स्टेडियम में बैठे दर्शक तो दूर, उनके अपने साथी खिलाड़ी और विरोधी टीम के गोलकीपर तक सन्न रह गए। फुटबॉल प्रेमियों के बीच 'मैजिक मैन' के नाम से मशहूर मेसी ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि दबाव के क्षणों में कैसे मैच का पासा पूरी तरह पलटा जाता है। इस ऐतिहासिक और करिश्माई गोल के बाद से पूरी दुनिया के खेल गलियारों में सिर्फ और सिर्फ लियोनल मेसी के इस जादुई प्रदर्शन की ही चर्चा हो रही है। आइए इस विस्तृत और विशेष रिपोर्ट में जानते हैं कि उस रोमांचक मुकाबले के दौरान आखिर वह कौन सा पल था जब मेसी ने अपनी फ्री किक से पूरी दुनिया को हैरान कर दिया।मैच का वह रोमांचक पल: जब लियोनल मेसी के पैरों से निकला फुटबॉल बना कालजयी करिश्माफुटबॉल के मैदान पर सेट-पीस या फ्री किक (Free Kick) को गोल में बदलना दुनिया के सबसे कुशल खिलाड़ियों के लिए भी एक बड़ी चुनौती माना जाता है, क्योंकि दीवार बनकर खड़े डिफेंडर्स और गोलकीपर की चौकसी को भेदना आसान नहीं होता। उस मुकाबले के दौरान जब मैच अपने सबसे तनावपूर्ण और निर्णायक मोड़ पर था, तब अर्जेंटीना के इस महान कप्तान को विपक्षी टीम के पेनल्टी बॉक्स के ठीक बाहर एक कठिन कोण से फ्री किक लेने का मौका मिला। हर कोई यह उम्मीद कर रहा था कि वे हमेशा की तरह गेंद को साथी खिलाड़ी की तरफ पास करेंगे या फिर एक सामान्य शॉट लेंगे, लेकिन मेसी के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था। उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में पैर की हल्की सी कलात्मक थपकी के साथ गेंद को हवा में ऐसा घुमाया (Curled Shot) कि गेंद फिजिक्स के नियमों को चुनौती देती हुई सीधे गोलपोस्ट के ऊपरी कोने में जाकर चिपक गई। स्टेडियम में मौजूद हजारों प्रशंसकों का शोर उस पल थम गया और हर कोई बस यही सोच रहा था कि आखिर कोई खिलाड़ी इतने सटीक और नामुमकिन शॉट को अंजाम कैसे दे सकता है।साथी खिलाड़ियों की हैरान करने वाली प्रतिक्रियाएं और विरोधी टीम के होश हुए फाख्ताजब गेंद तेजी से नेट के अंदर जा गिरी, तो सबसे पहले हैरान होने वाले लोग कोई और नहीं बल्कि मेसी की अपनी टीम के साथी खिलाड़ी थे, जो अपनी आंखों पर यकीन ही नहीं कर पा रहे थे। मैदान पर दौड़ते हुए उनके साथी खिलाड़ी अपने सिर पर हाथ रखकर अविश्वास की मुद्रा में खड़े हो गए और कुछ ही पलों बाद वे खुशी से झूमते हुए मेसी की तरफ दौड़े ताकि इस जादुई पल का जश्न मना सकें। दूसरी तरफ, विरोधी टीम के डिफेंडर्स और गोलकीपर, जिन्होंने इस फ्री किक को रोकने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी, वे बस शून्य में देखते रह गए क्योंकि उनके पास इस बेहतरीन शॉट का कोई जवाब नहीं था। खेल के जानकारों और पूर्व दिग्गज फुटबॉलरों ने इस गोल को दशक के सबसे खूबसूरत और तकनीकी रूप से परफेक्ट गोल में से एक करार दिया है। यह इस बात का प्रमाण है कि लियोनल मेसी केवल एक खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि वे फुटबॉल की पिच पर एक ऐसे कलाकार हैं जो अपनी हर एक चाल से दर्शकों को सम्मोहित करने की अद्भुत क्षमता रखते हैं।आधुनिक फुटबॉल में लियोनल मेसी का दबदबा और उनके खेल की बेजोड़ कलाकारीजब से लियोनल मेसी ने अमेरिकी मेजर लीग सॉकर (MLS) और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने खेल का नया अध्याय शुरू किया है, तब से उनके प्रशंसकों का दायरा और अधिक व्यापक हो गया है। बढ़ती उम्र के बावजूद उनकी ड्रिबलिंग स्पीड, मैदान को पढ़ने की दूरदृष्टि और गोल करने की अचूक क्षमता में कोई कमी नहीं आई है। खेल वैज्ञानिकों का यह मानना है कि मेसी के पास शारीरिक ऊर्जा के साथ-साथ मानसिक एकाग्रता का जो स्तर है, वह उन्हें दुनिया के अन्य खिलाड़ियों से कोसों आगे रखता है। जब भी उनकी टीम किसी मुश्किल परिस्थिति में फंसती है, तो पूरी दुनिया की निगाहें केवल मेसी के पैरों पर टिक जाती हैं, और वे हर बार अपनी टीम को निराश करने के बजाय इस तरह के जादुई कारनामों से जीत दिला देते हैं। इस हालिया फ्री किक गोल ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि जब तक लियोनल मेसी मैदान पर मौजूद हैं, तब तक फुटबॉल के खेल में रोमांच और अनहोनी के होने की उम्मीद कभी खत्म नहीं हो सकती।विश्वभर के खेल प्रेमियों में उत्साह और सोशल मीडिया पर छाया मेसी का जादुई शॉटसोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जैसे ही इस हैरतअंगेज गोल का वीडियो सामने आया, वह कुछ ही मिनटों के भीतर इंटरनेट पर वायरल हो गया और दुनिया भर के खेलप्रेमियों ने इस पर अपनी दीवानगी जाहिर करनी शुरू कर दी। ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर 'Messi Free Kick Magic' ट्रेंड करने लगा और लाखों लोगों ने इस वीडियो को शेयर करते हुए इसे फुटबॉल इतिहास का सबसे बेहतरीन पल बताया। खेल विश्लेषक और पत्रकार इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि मेसी ने अपने पूरे करियर में न जाने कितने ऐसे अविश्वसनीय गोल किए हैं, फिर भी हर नया गोल पिछले वाले से ज्यादा खूबसूरत और जादुई नजर आता है। यह क्षण केवल एक मैच की जीत या हार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस महान खिलाड़ी के प्रति दुनिया भर के लोगों के अगाध प्रेम और सम्मान का प्रतीक है जिसने अपनी पूरी जिंदगी फुटबॉल के नाम कर दी है। लियोनल मेसी का यह करिश्मा आने वाले कई दशकों तक फुटबॉल प्रेमियों के दिलों में जिंदा रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 3:28 pm

बस और पार्क High Risk Zone नहीं बन सकते, Supreme Court ने Delhi Police से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली-NCR इलाके में चलती बस में 16 साल की लड़की के साथ कथित गैंग-रेप का मामला खुद संज्ञान में लिया और सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि ऐसी घटनाएं कानून लागू करने वाली एजेंसियों और प्रशासन की बुनियादी सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकामी को दिखाती हैं। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा और कहा कि पार्क, बस और सड़कों जैसी जगहों को हाई रिस्क ज़ोन नहीं बनने दिया जा सकता। जस्टिस जेबी पारदीवाला और के विनोद चंद्रन की बेंच ने मीडिया की उन खबरों पर ध्यान दिया जिनमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में नाबालिगों के साथ यौन हिंसा की हालिया कई घटनाओं का ज़िक्र था। कोर्ट ने जिन मामलों का ज़िक्र किया, उनमें लेडी श्रीराम कॉलेज के पास आस्था कुंज पार्क में 17 साल की लड़की के साथ कथित रेप, स्वरूप नगर में एक नाबालिग के साथ कथित गैंग-रेप और ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जा रही बस में एक और नाबालिग के साथ कथित यौन उत्पीड़न की घटना शामिल है। सुप्रीम कोर्ट का यह कदम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता के बीच उठाया गया है। आस्था कुंज मामले ने, जिसमें पुलिसकर्मी बनकर आए तीन लोगों ने 17 साल की लड़की के साथ कथित तौर पर गैंग-रेप किया था, इलाके में सुरक्षा और हिफ़ाज़त को लेकर पहले ही बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इसे भी पढ़ें: IMD Weather Alert: मौसम ने लिया यू-टर्न! एक साथ तीन सिस्टम एक्टिव, 15 राज्यों में अलर्ट सुप्रीम कोर्ट ने 2012 के निर्भया केस से तुलना की सुनवाई के दौरान, बेंच ने यौन उत्पीड़न के मामलों के बार-बार होने पर दुख जताया और सवाल किया कि क्या 2012 के निर्भया केस से सच में कोई सबक सीखा गया है। कोर्ट ने कहा, 2012 के निर्भया केस से दुखद तुलना किए बिना नहीं रहा जा सकता और यह सोचना पड़ता है कि क्या कोई सबक सीखा गया है। लोगों की सुरक्षा की गारंटी के बावजूद NCR में यौन उत्पीड़न की घटनाएं हो रही हैं। हिंसा से मुक्त और सम्मान के साथ जीने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत एक मौलिक अधिकार है। इसे भी पढ़ें: भारत की Energy Needs को पूरा करने के लिए US बढ़ा रहा हाइड्रोकार्बन सप्लाई चलती बस के अंदर क्या हुआ केस की जानकारी के मुताबिक, 16 साल की लड़की 4 अगस्त को ग्रेटर नोएडा में नोएडा जाने के लिए एक स्लीपर बस में चढ़ी थी। आरोप है कि बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने चलती बस में उसके साथ यौन उत्पीड़न किया। इसके बाद लड़की को पुरानी दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके के पास छोड़ दिया गया, जो उस जगह से 40 किलोमीटर से ज़्यादा दूर था जहाँ से वह बस में चढ़ी थी।

प्रभासाक्षी 28 Sep 2026 3:28 pm

8 सीटों पर नए चेहरों को उतारने की तैयारी, इन दिग्गज नेताओं के नामों पर मंथन तेज

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर से सरगर्मी का दौर बेहद तेज हो गया है, क्योंकि आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले राज्य कोटे की राज्यसभा सीटों (Rajya Sabha Elections) के लिए चुनाव का ऐलान हो चुका है। निर्वाचन आयोग की ओर से जारी चुनावी कार्यक्रम के मुताबिक उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर 16 अक्टूबर को मतदान होना है। इन 10 सीटों में से मौजूदा समय में 8 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का कब्जा है, जबकि एक सीट समाजवादी पार्टी और एक सीट बहुजन समाज पार्टी के पास है। आगामी साल 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए सत्ताधारी दल बीजेपी ने इस बार एक बेहद बड़ा और अचंभित करने वाला प्लान तैयार किया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, बीजेपी इस बार के उच्च सदन के चुनाव में कई मौजूदा सांसदों के टिकट काटकर नए और चौंकाने वाले चेहरों को मैदान में उतारने की बड़ी तैयारी कर रही है। जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के लिए हो रहे इस मंथन से राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। आइए इस विस्तृत और विशेष रिपोर्ट में जानते हैं कि बीजेपी की इस नई रणनीति के पीछे का पूरा गणित क्या है और किन-किन बड़े नामों पर चर्चा चल रही है।राज्यसभा चुनाव का पूरा गणित और बीजेपी की रणनीति का मुख्य फोकसउत्तर प्रदेश की वर्तमान विधानसभा के संख्या बल को यदि देखा जाए तो 403 सदस्यीय सदन में विधायकों की स्थिति के अनुसार भाजपा और उसके सहयोगी दलों का पलड़ा पूरी तरह भारी है। भाजपा के पास एनडीए गठबंधन के रूप में मजबूत संख्या बल है, जिसके दम पर पार्टी अपनी अधिकांश सीटों को आसानी से जीत सकती है। हालांकि, पार्टी इस बार केवल संख्या बल के सहारे जीतने के बजाय 2027 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर एक बड़ा सामाजिक और राजनीतिक संदेश देने की जुगत में है। जानकारों का मानना है कि पार्टी नेतृत्व का पूरा जोर इस बात पर है कि समाज के हर वर्ग—विशेषकर ओबीसी, दलित और युवा चेहरों—को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए ताकि आने वाले चुनावों में किसी भी तरह की एंटी-इम्बेंसी या क्षेत्रीय असंतोष की गुंजाइश न बचे। यही वजह है कि इस बार के राज्यसभा चुनाव महज संसद में सदस्यों को भेजने का जरिया नहीं रह गए हैं, बल्कि यह बीजेपी के लिए आगामी विधानसभा विजय का एक बड़ा सेमीफाइनल बन चुके हैं।नए चेहरों और बड़े नामों पर मंथन: क्या स्मृति ईरानी की होगी उच्च सदन में वापसी?जैसे-जैसे नामांकन की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे संभावित उम्मीदवारों के नामों को लेकर दिल्ली से लेकर लखनऊ तक बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा इस बात की है कि क्या साल 2024 के लोकसभा चुनावों में अमेठी से हार का सामना करने वाली वरिष्ठ नेत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) को पार्टी उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के रास्ते एक बार फिर संसद के उच्च सदन में भेज सकती है? इसके अलावा, संगठन और सरकार में संतुलन बनाने के लिए कुछ केंद्रीय मंत्रियों के भविष्य को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं। पार्टी के भीतर जिन नए और प्रभावशाली नामों पर सबसे ज्यादा चर्चा चल रही है, उनमें कई ऐसे नेता शामिल हैं जो लंबे समय से संगठन में निष्ठापूर्वक काम कर रहे हैं और जिनका अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत जनाधार है। ब्राह्मण, ठाकुर, दलित और पिछड़ी जातियों के संतुलन को ध्यान में रखते हुए पार्टी आलाकमान फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है ताकि हर समीकरण को पूरी तरह साधा जा सके।जातीय समीकरण और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कवायद: पिछड़ों और दलितों पर विशेष नजरउत्तर प्रदेश की राजनीति में बिना सोशल इंजीनियरिंग के कोई भी दल अपनी नैया पार नहीं लगा सकता, और इस बात को बीजेपी बहुत अच्छी तरह जानती है। जिन मौजूदा सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें से कई ऐसे चेहरे हैं जिनकी जगह पार्टी इस बार नए और ऊर्जावान स्थानीय नेताओं को मौका दे सकती है। ओबीसी और दलित कोटे से नए और मजबूत दावेदारों के नामों पर पार्टी के भीतर गहन विचार-विमर्श चल रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वांचल तक के क्षेत्रीय संतुलन को दुरुस्त करने के लिए पार्टी ऐसे चेहरों को आगे लाना चाहती है जो ज़मीन पर जनता के बीच सीधे पैठ रखते हों। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य यह है कि विपक्ष के किसी भी प्रकार के नैरेटिव को काटने के लिए सत्ता पक्ष के पास हर जाति और वर्ग का एक मजबूत और भरोसेमंद प्रतिनिधि मौजूद हो।विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया और आगामी चुनावों पर पड़ने वाले दूरगामी प्रभावभारतीय जनता पार्टी के इस अंदरूनी मंथन और नए चेहरों को उतारने की सुगबुगाहट से विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी (SP) की धड़कनें भी तेज हो गई हैं। सपा इस बात का आकलन करने में जुटी है कि यदि बीजेपी अपने पुराने दिग्गजों के बजाय नए और आक्रामक चेहरों को मैदान में लाती है, तो इसका असर 2027 के चुनावी रण पर किस रूप में पड़ेगा। 16 अक्टूबर को होने वाले इन चुनावों के नतीजे भले ही संख्या बल के आधार पर पहले से तय नजर आते हों, लेकिन इसके जरिए बनने वाले राजनीतिक समीकरण आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की दिशा तय करेंगे। कुल मिलाकर, बीजेपी का यह बड़ा प्लान साबित करता है कि पार्टी चुनाव कोई भी हो, हर मुकाबले को एक बड़े विजन और अचूक रणनीति के साथ लड़ने में विश्वास रखती है, जिस पर राज्य की जनता और राजनीतिक पंडितों की गहरी नजर टिकी हुई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 3:26 pm

यूपी में 15 अक्टूबर से खुले में बिकने वाली मिठाइयों पर 'यूज बाय डेट' दिखाना होगा अनिवार्य

भारतीय खाद्य सुरक्षा और त्योहारी सीजन की तैयारियों के बीच उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और जनहित को ध्यान में रखते हुए एक बेहद कड़ा, ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। आगामी त्योहारों के सीजन में मिलावटी, पुरानी और सड़ी-गली मिठाइयों की बिक्री पर लगाम कसने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने यह नियम बनाया है कि अब राज्य भर में 15 अक्टूबर से खुली (Non-packaged) मिठाइयों की बिक्री के दौरान उनकी 'यूज बाय डेट' यानी उपभोग की अंतिम तिथि दुकानदारों को प्रदर्शित करनी होगी। खाद्य सुरक्षा विभाग की सचिव और आयुक्त रोशन जैकब (Roshan Jacob) द्वारा जारी किए गए इस सख्त आदेश के बाद से पूरे उत्तर प्रदेश के हलवाइयों, मिठाई विक्रेताओं और दुकानदारों के बीच हड़कंप मच गया है। अक्सर ऐसा देखा जाता है कि त्योहारों के इस पावन अवसर पर मिठाइयों की मांग अचानक आसमान छूने लगती है, जिसका फायदा उठाकर कुछ मुनाफाखोर व्यापारी कई दिनों पुरानी और बासी मिठाइयों को बाजार में बेच देते हैं, जिससे आम जनता का स्वास्थ्य गंभीर रूप से प्रभावित होता है। इस नई और सख्त व्यवस्था के लागू होने से न केवल उपभोक्ताओं को शुद्ध और ताजी मिठाइयां मिल सकेंगी, बल्कि खाद्य पदार्थों में होने वाली मिलावटखोरी पर भी बहुत हद तक रोक लगेगी। आइए इस विस्तृत और विशेष रिपोर्ट में जानते हैं कि रोशन जैकब द्वारा जारी किए गए इस नए आदेश के क्या नियम हैं और इसका आम जनता तथा दुकानदारों पर क्या असर पड़ेगा।रोशन जैकब का सख्त आदेश: 15 अक्टूबर से उत्तर प्रदेश में लागू होगा नया खाद्य सुरक्षा नियमउत्तर प्रदेश सरकार में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की प्रमुख सचिव और आयुक्त रोशन जैकब ने अपने महकमे को यह स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य के हर जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए। इसी कड़ी में जारी किए गए नए फरमान के अनुसार, आगामी 15 अक्टूबर से उत्तर प्रदेश की सीमा के भीतर जितने भी मिष्ठान भंडार, बेकरी और रेस्टोरेंट हैं, उन्हें अपनी काउंटर पर सजाई जाने वाली खुली मिठाइयों की ट्रे या डिब्बों के बाहर यह साफ-साफ लिखना होगा कि वह मिठाई किस तारीख और समय तक खाने के लिए सुरक्षित है। अभी तक यह नियम केवल पैक बंद (Packaged) खाद्य पदार्थों पर ही लागू होता था, जिसके कारण खुली मिठाइयों के मामले में दुकानदारों की मनमानी चलती थी और ग्राहक चाहकर भी यह नहीं जान पाते थे कि वह मिठाई कितने दिन पुरानी है। खाद्य आयुक्त रोशन जैकब के इस साहसिक और जनहितैषी कदम की हर तरफ सराहना हो रही है, क्योंकि यह सीधे तौर पर आम आदमी की सेहत और जीवन की सुरक्षा से जुड़ा हुआ एक बहुत बड़ा निर्णय है।त्योहारी सीजन में मिलावट और बासी मिठाइयों के काले कारोबार पर कसेगा शिकंजाभारत में जैसे ही दीपावली, दशहरा, भैयादूज और अन्य बड़े त्योहारों का दौर शुरू होता है, वैसे ही बाजार में मिलावटी खोआ, नकली दूध और मिठाइयों की मांग तेजी से बढ़ने लगती है। मुनाफा कमाने की होड़ में कुछ बेईमान व्यापारी महीनों पुरानी मिठाइयों को रीसायकल करके या केमिकल का इस्तेमाल करके दोबारा बेच देते हैं, जिन्हें खाने से छोटे बच्चों और बुजुर्गों को फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, दस्त और गंभीर उल्टी जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। 'यूज बाय डेट' (Use By Date) का यह नियम लागू हो जाने के बाद अब कोई भी दुकानदार अपनी ट्रे पर यह तारीख लिखने से बच नहीं सकेगा, और यदि कोई व्यापारी नियमों की अनदेखी करते हुए पुरानी मिठाई बेचता पकड़ा गया, तो खाद्य विभाग की टीम उसके खिलाफ भारी जुर्माने से लेकर लाइसेंस रद्द करने तक की कड़ी कार्रवाई करेगी। इस व्यवस्था के आने से उपभोक्ताओं के भीतर एक आत्मविश्वास जागेगा कि वे जो पैसे खर्च कर रहे हैं, उसके बदले उन्हें पूरी तरह से शुद्ध, ताजी और सुरक्षित खाने की चीजें मिल रही हैं।दुकानदारों और हलवाइयों के लिए गाइडलाइन: कैसे करना होगा इस नए नियम का पालन?खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, राज्य के सभी मिठाई विक्रेताओं को अपनी दुकानों के बाहर या मुख्य काउंटर पर एक बड़ा सा डिस्प्ले बोर्ड लगाना होगा, जिस पर उस दिन की बनी हुई प्रमुख मिठाइयों और उनके उपभोग की समय-सीमा स्पष्ट अक्षरों में लिखी होगी। इसके अलावा, यदि कोई ग्राहक खुली मिठाई खरीदता है, तो बिल या थैली पर भी यह जानकारी दी जानी चाहिए कि वह उत्पाद कब तक खाने योग्य है। इस नए आदेश के बाद से उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों में मिठाई विक्रेताओं की बैठकें शुरू हो चुकी हैं, जिसमें उन्हें यह समझाया जा रहा है कि वे स्टॉक का प्रबंधन कैसे करें ताकि उन्हें पुराना सामान फेंकना न पड़े और वे समय पर ताजा मिठाइयों का ही निर्माण करें। हालांकि, कुछ छोटे दुकानदारों का यह मानना है कि इस नियम का पालन करने के लिए उन्हें अपनी कार्यशैली में थोड़ा बदलाव करना होगा, लेकिन जनहित और कानून के दायरे में यह हर व्यापारी की नैतिक जिम्मेदारी है कि वह अपने ग्राहकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराए।स्वास्थ्य सुरक्षा और खाद्य मानकों की दिशा में एक क्रांतिकारी और दूरगामी कदमरोशन जैकब द्वारा उठाया गया यह कदम केवल एक प्रशासनिक आदेश नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा तंत्र को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। जब देश का नागरिक बाजार में जाकर अपनी और अपने परिवार की सेहत के प्रति पूरी तरह आश्वस्त महसूस करेगा, तभी एक स्वस्थ समाज की कल्पना साकार हो सकती है। आने वाले 15 अक्टूबर से जब यह नियम पूरे उत्तर प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू हो जाएगा, तो विभाग के फूड इंस्पेक्टर लगातार औचक निरीक्षण (Raid) करेंगे और सैंपलिंग की प्रक्रिया को तेज करेंगे ताकि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन न हो सके। कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला त्योहारों की मिठास को और अधिक सुरक्षित बनाने के साथ-साथ मिलावटखोरों के दिलों में कड़ा डर पैदा करने के लिए पूरी तरह से तैयार है, जिस पर हर जागरूक नागरिक की निगाहें टिकी रहेंगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 3:24 pm

फूट गया बुलबुला... सोना ₹4000, तो चांदी अचानक 9000 रुपये सस्ती

Gold-Silver Price Crash Today: सोना-चांदी की कीमतों में सोमवार को बड़ी गिरावट आई है. एक झटके में जहां सोने की कीमत 4000 रुपये प्रति 10 ग्राम घट गई, तो वहीं 1 Kg Silver Price 9000 रुपये से ज्यादा कम हो गया.

आज तक 28 Sep 2026 3:24 pm

LPU में छात्रों के प्रदर्शन पर Punjab DGP बोले: पुलिस ने बरता संयम, किया न्यूनतम बल प्रयोग

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में दुष्कर्म की कथित घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के हिंसा पर उतरने के आरोप के एक दिन बाद सोमवार को पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने विश्वविद्यालय का दौरा किया और कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ न्यूनतम बल प्रयोग किया गया। परिसर में रविवार को कथित हंगामे और तोड़फोड़ की घटना पर यादव ने कहा कि पुलिस ने अब तक संयम बरता है, लेकिन तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। छात्र विश्वविद्यालय परिसर में दुष्कर्म की कथित घटना को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। राष्ट्रीय राजधानी में हाल में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में हुए छात्रों के आंदोलन का जिक्र करते हुए यादव ने छात्रों में व्याप्त नाराजगी को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा घटना से निपटने में पुलिस ने रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाया है और न्यूनतम बल का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। डीजीपी ने पंजाब में कपूरथला जिले के फगवाड़ा में स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) का दौरा मुख्यमंत्री भगवंत मान के स्थिति का आकलन करने का निर्देश देने के बाद किया। पत्रकारों से बातचीत में डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पुलिस ने विश्वविद्यालय प्रशासन को लेकर छात्रों की शिकायतों को दूर कराने के लिए इस निजी विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ उनकी बातचीत कराई। यादव ने कहा, ‘‘हमारे अधिकारियों ने तय किया कि न्यूनतम बल का इस्तेमाल किया जाएगा। छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग नहीं करने का फैसला बहुत सोच-समझकर लिया गया।’’उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन से जुड़ी छात्रों की शिकायतों को बातचीत के जरिए सुलझाने के प्रयास किए गए। छात्रों द्वारा दुष्कर्म की कथित घटना का दावा किए जाने के बारे में यादव ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की विस्तृत जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रशासन से जुड़ी शिकायतों में लड़कियों के छात्रावासों में केवल महिला कर्मचारियों की तैनाती की मांग और कुछ अन्य मुद्दे शामिल थे। हमने इन शिकायतों को सुलझाने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाई।’’रविवार शाम प्रदर्शन के कथित तौर पर हिंसक हो जाने पर यादव ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि कुछ तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की और पुलिस के वाहनों पर पथराव किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस ने काफी संयम बरता। पुलिसकर्मियों ने यह सोचकर संयम से काम लिया कि छात्र हमारे बच्चों जैसे हैं और उनकी शिकायतों का समाधान होना चाहिए। इनमें से ज्यादातर शिकायतें विश्वविद्यालय प्रशासन से संबंधित थीं। बैठकें आयोजित की गईं।’’तोड़फोड़ में शामिल लोगों को संदेश देते हुए डीजीपी ने कहा कि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया जा रहा है। उन्होंने छात्रों से बेबुनियाद अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की भी अपील की। परिसर में वॉकी-टॉकी मिलने की कथित खबरों के आधार पर बाहरी लोगों की संभावित भूमिका के बारे में पूछे जाने पर यादव ने कहा, ‘‘मैं स्थिति का समग्र आकलन करने और यह देखने आया हूं कि पर्याप्त पुलिस बल तैनात है या नहीं। हम आपको उचित जानकारी देंगे। हर घटना की बारीकी से जांच की जाएगी।’’एसआईटी की जांच और प्राथमिकी के बारे में उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। एलपीयू और चितकारा विश्वविद्यालय में हुए प्रदर्शनों के बीच किसी संबंध के बारे में पूछे जाने पर यादव ने कहा, ‘‘हम सभी ने जंतर-मंतर पर हुई घटना देखी है। छात्र समुदाय में नाराजगी है। हमारा दृष्टिकोण रचनात्मक रहा है और हम छात्रों को साथ लेकर उनकी शिकायतों का समाधान करना चाहते हैं।’’एलपीयू में यह घटना पटियाला स्थित चितकारा विश्वविद्यालय के छात्रों के प्रदर्शन के एक दिन बाद हुई। वहां भी दो छात्राओं द्वारा परिसर में कथित तौर पर आत्महत्या किए जाने की अपुष्ट खबरों को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया था और कथित तौर पर पुलिस के एक वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया था। एलपीयू के छात्रों ने रविवार को विश्वविद्यालय परिसर के बाहर नयी दिल्ली-अमृतसर राजमार्ग के एक हिस्से को अवरुद्ध कर दिया था। उनका दावा था कि किसी बाहरी व्यक्ति ने विश्वविद्यालय परिसर में एक छात्रा से दुष्कर्म किया। अधिकारियों ने सोमवार सुबह बताया कि सड़क से प्रदर्शनकारियों को हटा दिया गया है और यातायात बहाल कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, रविवार शाम प्रदर्शन ने उस समय हिंसक रूप ले लिया, जब प्रदर्शनकारी छात्रों ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर पथराव किया, उनके वाहनों पर हमला किया और कुछ वस्तुओं में आग लगा दी। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

प्रभासाक्षी 28 Sep 2026 3:23 pm

इजरायल पर कम होगी निर्भरता, हिंद महासागर में खुफिया कम्युनिकेशन आसान

भारतीय नौसेना ने नए GSAT-7R सैटेलाइट के लिए स्वदेशी रुक्मिणी टर्मिनल बनाने को EOI जारी किया. पुराने इजरायली टर्मिनल को बदलकर सुरक्षित समुद्री कम्युनिकेशन मजबूत किया जाएगा.

आज तक 28 Sep 2026 3:21 pm

दो टायरों पर दौड़ता ऑटो अचानक ट्रक से भिड़ा, दो महिलाओं की मौत, Video

तेलंगाना के मैनचेरियल जिले में सोमवार सुबह नासपुर गेट के पास तेज सड़क हादसा हुआ. ऑटो और सामने से आ रही लॉरी की टक्कर में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हुए हैं. हादसे का CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें ऑटो अचानक लॉरी के रास्ते में आता दिखाई दे रहा है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

आज तक 28 Sep 2026 3:18 pm

बैंक कर्मचारियों की हड़ताल टली, 5-डे वीक पर बनेगी कमेटी

28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित देशव्यापी बैंक हड़ताल फिलहाल टाल दी गई है. रविवार रात IBA और UFBU के बीच हुई बैठक के बाद हड़ताल स्थगित करने का फैसला लिया गया. 5-डे वर्किंग की मांग पर हाई लेवल कमेटी बनाने पर सहमति बनी है. PLI समेत अन्य मुद्दों पर भी बातचीत आगे बढ़ेगी. हालांकि, पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था अभी मंजूर नहीं हुई है और अंतिम फैसला बाकी है.

आज तक 28 Sep 2026 3:18 pm

Aligarh Moradabad Expressway निर्माण में किसानों को बाजार दर पर मिले मुआवजा, Akhilesh Yadav की मांग

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने अलीगढ़-मुरादाबाद ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे के लिए ज़मीन अधिग्रहण की नीति को लेकर बीजेपी की आलोचना की और आरोप लगाया कि किसानों को मुआवज़ा देने में भेदभाव किया जा रहा है। 28 सितंबर को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, यादव ने बीजेपी को सबसे बड़ी 'लैंड माफिया' पार्टी बताया और इसे 'भारतीय ज़मीन पार्टी' कहा। उन्होंने ज़मीन की असल बाज़ार कीमत के हिसाब से सर्कल रेट में बदलाव की मांग की। उन्होंने कहा कि बीजेपी सबसे बड़ी 'लैंड माफिया' पार्टी है; यह 'भारतीय ज़मीन पार्टी' है जो ज़मीन हड़पने में सबसे आगे है। फिर भी, जब किसानों को मुआवज़ा देने की बात आती है, तो वे भेदभाव करते हैं। इसे भी पढ़ें: Jammu Kashmir Assembly में राज्य के दर्जे पर भारी हंगामा, चार MLA सदन से निष्कासित यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार के उस दावे पर सवाल उठाया जिसमें कहा गया था कि माफिया से 84,000 हेक्टेयर ज़मीन वापस ली गई है। उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उस ज़मीन का इस्तेमाल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने के लिए क्यों नहीं किया। उन्होंने आगे कहा, मुख्यमंत्री दावा करते थे कि उन्होंने माफिया से 84,000 हेक्टेयर ज़मीन वापस ली और उसे कब्ज़े से मुक्त कराया; तो फिर आप वहाँ उद्योग क्यों नहीं लगा रहे हैं? आप किसानों से ज़मीन क्यों छीन रहे हैं? और अगर आप इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए ज़मीन ले रहे हैं, तो आपको सर्कल रेट बढ़ाकर बाज़ार के हिसाब से कीमत देनी चाहिए। उन्होंने मदरसों के प्रति सरकार के रवैये की भी आलोचना की और सरकार पर समाज में बंटवारा करने और पिछले दस सालों में युवाओं को रोज़गार के अवसर न दे पाने का आरोप लगाया। यादव ने कहा कि वे चाहते हैं कि 1 लाख नौकरियों पर बहस हो। आपने दस सालों तक युवाओं को बेरोज़गार रखा। आपने आरक्षण छीन लिया। आपने पेपर लीक किए। आप सरकारी नौकरी नहीं देना चाहते। आपने मदरसों के साथ भेदभाव किया। आपने शिक्षकों के साथ भेदभाव किया। आपने बिना सरकारी मदद वाले संस्थानों के शिक्षकों के मानदेय (honorarium) का बजट हड़प लिया। कैशलेस के नाम पर आप शिक्षकों और वकीलों को धोखा दे रहे हैं। आपके अस्पतालों को ही इलाज की ज़रूरत है। इसे भी पढ़ें: Tripura TTAADC: 587 ग्राम समितियों की 2,950 सीटों पर मतदान शुरू उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने नफ़रत फैलाने और समाज में बंटवारा करने की नीति अपनाई है। यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में मदरसों से जुड़े सभी मुद्दों का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस सरकार का कोई और एजेंडा नहीं है। इन्होंने लगातार नफ़रत फैलाने, बंटवारा करने, दूरियां बढ़ाने और तुष्टीकरण की नीति अपनाने का काम किया है। सरकार ने मदरसों के साथ भेदभाव किया है। समाजवादी सरकार में मदरसों से जुड़े सभी मुद्दों को हल किया जाएगा।

प्रभासाक्षी 28 Sep 2026 3:17 pm

65 साल के बुजुर्ग संग की मारपीट, गिरफ्तार हुईं दिव्या शिंदे

बिग बॉस मराठी 6 की पूर्व कंटेस्टेंट और इन्फ्लुएंसर दिव्या शिंदे को पुणे पुलिस ने गिरफ्तार किया है. उन पर 65 वर्षीय रिटायर्ड मेडिकल ऑफिसर संग मारपीट करने, धमकाने और पैसे मांगने का आरोप है.

आज तक 28 Sep 2026 3:16 pm

Delhi Pollution: 10 दिसंबर से कंस्ट्रक्शन पर पूर्ण रोक, MCD और GNCTD दफ्तरों के बदले समय, पार्किंग फीस दोगुनी

सर्दियों के महीनों में प्रदूषण का स्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए दिल्ली सरकार कई तरह की पाबंदियां और प्रशासनिक बदलाव लागू करने की तैयारी कर रही है। इन उपायों में धूल उड़ाने वाले तोड़-फोड़ के कामों और बाहर होने वाले सिविल निर्माण कार्यों पर रोक, निर्माण और तोड़-फोड़ की गतिविधियों पर कुछ समय के लिए पूरी तरह रोक, पार्किंग की ज़्यादा फीस और ऑफिस के समय में बदलाव शामिल हैं। दिल्ली सरकार ने घोषणा की है कि ये उपाय नवंबर 2026 से फरवरी 2027 के बीच अलग-अलग समय पर लागू किए जाएंगे, और कड़ाके की ठंड के दौरान ज़्यादा सख्त पाबंदियां लागू होंगी। इसे भी पढ़ें: CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर Youth Congress का दिल्ली में प्रदर्शन धूल उड़ाने वाले तोड़-फोड़ और निर्माण कार्यों पर रोक दिल्ली सरकार ने 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक धूल उड़ाने वाली तोड़-फोड़ की गतिविधियों और बाहर होने वाले सिविल निर्माण कार्यों पर रोक लगाने का आदेश दिया है। इन पाबंदियों का मकसद उन गतिविधियों को सीमित करना है जिनसे सर्दियों के महीनों में धूल उड़ सकती है, क्योंकि इस दौरान दिल्ली की हवा की गुणवत्ता एक बड़ी चिंता का विषय बन जाती है। सरकार ने 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 तक निर्माण और तोड़-फोड़ की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने की भी घोषणा की है। यह सख्त रोक उस समय के लिए होगी जब सरकार को लगता है कि प्रदूषण-नियंत्रण उपायों के बीच निर्माण और तोड़-फोड़ की गतिविधियां जारी रखना बहुत मुश्किल होगा। पार्किंग चार्ज दोगुने होंगे निजी गाड़ियों के इस्तेमाल को कम करने के मकसद से एक और कदम उठाते हुए, दिल्ली सरकार ने अधिकृत पार्किंग जगहों पर मौजूदा पार्किंग चार्ज को दोगुना करने का फैसला किया है। बदले हुए पार्किंग चार्ज 1 नवंबर, 2026 से 28 फरवरी, 2027 तक लागू रहेंगे। हालांकि, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के मालिकाना हक और मैनेजमेंट वाली पार्किंग जगहों को इस फैसले से बाहर रखा जाएगा। इस कदम का मकसद सर्दियों के दौरान लोगों को निजी गाड़ियों का इस्तेमाल करने से रोकना और ट्रांसपोर्ट के दूसरे साधनों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकारी दफ्तरों में बदले हुए समय का पालन होगा दिल्ली सरकार ने 1 नवंबर से 28 फरवरी तक दफ्तर के समय में भी बदलाव की घोषणा की है। म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ़ दिल्ली (MCD) के तहत आने वाले दफ्तर सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक काम करेंगे। गवर्नमेंट ऑफ़ नेशनल कैपिटल टेरिटरी ऑफ़ दिल्ली (GNCTD) के तहत आने वाले दफ्तर सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक काम करेंगे। सरकार ने कहा है कि समय में यह बदलाव सर्दियों के मौसम के लिए उठाए जा रहे कदमों का हिस्सा है। सरकारी और स्वायत्त कार्यालयों में 50 प्रतिशत 'वर्क फ्रॉम होम' सरकार ने सरकारी और स्वायत्त कार्यालयों को 50 प्रतिशत 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम करने) की व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया है। इस व्यवस्था के तहत, 50 प्रतिशत कर्मचारी घर से काम करेंगे, जबकि बाकी 50 प्रतिशत कार्यालय से काम करेंगे। यह उपाय 1 नवंबर से 28 फरवरी तक लागू रहेगा। निर्माण और तोड़-फोड़ पर रोक, पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी, कार्यालय के समय में बदलाव और 'वर्क फ्रॉम होम' की व्यवस्था - ये सभी दिल्ली सरकार द्वारा सर्दियों के महीनों में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए कदमों का हिस्सा हैं। इन उपायों को चरणों में लागू किया जाएगा; कुछ प्रतिबंध 1 नवंबर से शुरू होंगे और निर्माण व तोड़-फोड़ की गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध 10 दिसंबर से लागू होगा।

प्रभासाक्षी 28 Sep 2026 3:16 pm

विराट कोहली का नहीं कोई सानी...धमाका देख हैरान पाकिस्तानी

विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ शतकीय पारी खेलकर कई बड़े रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए. कोहली की फिटनेस और फॉर्म की चर्चाएं पाकिस्तान में भी हो रही है. कोहली ने पहले वनडे में नाबाद 139 रनों की पारी खेलकर टीम को जीत दिला दी.

आज तक 28 Sep 2026 3:13 pm

30KM का माइलेज, सनरूफ, ADAS और 360° कैमरा.. Tata Nexon को टक्कर देगी ये 9 लाख वाली SUV

Tata Nexon को टक्कर देने 30km/l माइलेज वाली नई हाइब्रिड SUV Renault Bridger आ रही है. इसको 9 लाख की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया जा सकता है.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 3:13 pm

CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर Youth Congress का दिल्ली में प्रदर्शन

भारतीय युवा कांग्रेस ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया और उनके इस्तीफे तथा ‘देशद्रोह के आरोप’’ में उनकी गिरफ्तारी की मांग की। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में संगठन के कार्यकर्ताओं ने यहां युवा कांग्रेस कार्यालय से निर्वाचन आयोग की ओर मार्च किया। दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। चिब ने कहा, ‘‘निर्वाचन आयोग किसी राजनीतिक दल या सरकार की संपत्ति नहीं है। यह भारत की जनता की संस्था है। जब हमारी चुनावी संस्थाओं के कामकाज को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, तो देश जवाब, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करता है।’’युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा उठाई गई आपत्तियों तथा एसआईआर को लेकर सामने आई खबरों ने आयोग की निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि उठाए गए सभी सवालों की स्वतंत्र जांच का रास्ता साफ होना चाहिए। चिब ने कहा, ‘‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और उन्हें देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया जाए।

प्रभासाक्षी 28 Sep 2026 3:13 pm

'आप कम्प्लीट वुमन, IAS बनवाऊंगा' मैसेज करने वाला सपा नेता अरेस्ट

मथुरा की थाना कोतवाली पुलिस ने समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश महासचिव राजन रिजवी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी पर एक महिला बैंक कर्मचारी को अश्लील मैसेज भेजने, पीछा करने और परेशान करने का आरोप है. पुलिस ने उसे अलीगढ़ के क्वार्सी इलाके से पकड़ा.

आज तक 28 Sep 2026 3:11 pm

किन जगहों पर कार-बाइक पर एक्शन नहीं ले सकती ट्रैफिक पुलिस?

क्या आप जानते हैं दिल्ली में 60 फीट से छोटी सड़क पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से गाड़ियों पर कार्रवाई नहीं की जा सकती है, वहां स्थानीय पुलिस या नगर निगम कार्रवाई करते हैं.

आज तक 28 Sep 2026 3:11 pm

यूक्रेन पर रूसी हमले लगातार जारी, कहां बरपा कहर, देखें दुनिया आजतक

यूक्रेन पर रूसी हमले लगातार जारी हैं. रव‍िवार को राजधानी कीव और ओडेसा में हुए ड्रोन हमलों में बड़ी तबाही मची है. रूसी राष्ट्रपत‍ि ब्लाद‍िमीर पुत‍िन के ताजा बयान से ये साफ है क‍ि शांत‍िवार्ता में रूस अपने ही ह‍ितों के मुताब‍िक ही आगे बढ़ेगा. देश-दुन‍िया की ऐसी ही ताजातरीन और अहम खबरों के ल‍िए देखें दुन‍िया आजतक.

आज तक 28 Sep 2026 3:10 pm

उज्जैन में शाही मस्जिद का एक हिस्सा तोड़े जाने पर हुआ हंगामा, पांच लोग गिरफ्तार

इंटरनेट डेस्क। मध्यप्रदेश में महाकाल की नगरी उज्जैन में शाही मस्जिद का एक हिस्सा तोड़े जाने पर आज जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान लोगों ने पुलिस पर पथराव किया गया। जवाब में पुलिस को भी लाठीचार्ज और आंसू गैस का उपयोग करना पड़ा। भीड़ को हटाने के दौरान महिला थाना प्रभारी घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। शहर काजी की अपील को न मानते हुए उपद्रवियों ने पत्थरबाजी की। स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज किया। पुलिस ने इस मामले में 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। वहीं पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले उज्जैन प्रशासन और शहर काजी की ओर से लोगों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई थी। विवाद बढ़ने के बाद यहां पर फोर्स तैनात की गई। दोपहर होते-होते लोगों ने फिर पथराव कर दिया। इसके बाद पुलिस ने दोबारा लाठीचार्ज कर आंसू गैस छोड़ी। नमाज के समय इसे रोकने के बाद मामला शांत हो गया। PC:jagran अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें

समाचार जगत 28 Sep 2026 3:10 pm

न्यूयॉर्क में बारिश बनी आफत, निचले इलाकों में भरा पानी... Photos

अमेरिका के न्यूयॉर्क में नॉरईस्टर तूफान ने भारी बारिश, तेज हवाओं और तटीय बाढ़ से हालात बिगाड़ दिए हैं. सीबीएस न्यूयॉर्क के मुताबिक, हॉवर्ड बीच जैसे इलाकों में कई इंच से लेकर एक फुट से ज्यादा पानी भर गया, जबकि कुछ जगहों पर लोग बाढ़ वाली सड़कों पर कयाक चलाते नजर आए.

आज तक 28 Sep 2026 3:09 pm

SC का CBSE के थ्री लैंग्वेज पॉलिसी पर आदेश, इन छात्रों को भी मिलेगी राहत

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर चल रहे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने मौजूदा कक्षा 6 के छात्रों को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने निर्देश दिया है कि वर्तमान कक्षा 6 के छात्रों को कक्षा 7 के छात्रों की तरह ही इस नीति के तहत छूट दी जाए. यानी इस बैच के छात्रों पर तीसरी भाषा को लेकर तुरंत उसी तरह का दबाव नहीं होगा, जैसा नई व्यवस्था के तहत लागू किया जा रहा था.

आज तक 28 Sep 2026 3:09 pm

यूपी राज्यसभा चुनाव में भी टाइट फाइट, तीसरा कैंडिडेट उतारेंगे अखिलेश यादव; कौन किसमें लगाएगा सेंध

तीसरे कैंडिडेट के लिए विधायक कैसे जुटाए जाएंगे, यह देखना अहम होगा. बसपा के पास अब कोई विधायक नहीं है, इसलिए बसपा इस बार राज्यसभा में शून्य पर आ जाएगी.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 3:08 pm

नाबालिगों के सोशल मीडिया अकाउंट पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र से कानून के तहत प्रभावी व्यवस्था बनाने को कहा

कोर्ट ने केंद्र से कहा कि सोशल मीडिया कंपनियों के लिए ऐसी व्यवस्था पर विचार किया जाए, जिसके तहत 18 वर्ष से कम उम्र के लोग स्वतंत्र रूप से अपना सोशल मीडिया अकाउंट न बना सकें।

देशबन्धु 28 Sep 2026 3:07 pm

जूही चावला नहीं, अलीशा चिनाई होती आमिर खान की हीरोइन, ‘कयामत से कयामत तक’ के लिए दिया था ऑडिशन, इस वजह से किया इनकार

अलीशा ने बताया सिंगिंग के अलावा, मैं एक एक्ट्रेस भी बनना चाहती थी. यह एक ऐसी कहानी है जो आमिर जानते हैं. यह कयामत से कयामत तक के लिए था. मैं एक ऑडिशन के लिए गई और उन्होंने मेरे साथ डायलॉग्स की रिहर्सल की.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 3:06 pm

'Gen Z के भविष्य के लिए...', MMDR एक्ट के खिलाफ नवीन पटनायक ने तेज की लड़ाई

ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल प्रमुख नवीन पटनायक ने MMDR एक्ट 2026 के खिलाफ अपनी लड़ाई तेज कर दी है. उन्होंने इसे राज्य के अधिकारों पर हमला और भविष्य की पीढ़ियों के लिए खतरा बताया.

आज तक 28 Sep 2026 3:05 pm

दांत कैसे साफ करें? दांतों का पीलापन दूर करेगी 5 रुपये की ये सफेद चीज, एक्सपर्ट से जानिए कैसे करें इस्तेमाल

दांतों की सफाई के लिए फिटकरी आपकी मदद कर सकती है. फिटकरी का सही इस्तेमाल करने से दांतों की समस्या और पीलेपन से छुटकारा मिल सकता है. यहां जानिए फिटकरी के दांत कैसे साफ करें.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 3:05 pm

37 साल पुराना दूरदर्शन का सुपरहिट शो, जिसकी IMDb रेटिंग 9.2, विजय राज ने किया था कैमियो, फिर ऐसे मिली पहली फिल्म

बॉलीवुड फिल्मों में अपनी कॉमेडी रोल के साथ सीरियस किरदारों के लिए जाने जाने वाले विजय राज ने अपने करियर की शुरुआत दूरदर्शन के टीवी शो से की थी. इस शो के बाद ही उन्होंने फिल्मी दुनिया में कदम रखा और उनकी किस्मत बदल गई.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 3:05 pm

100 बार गिन लीजिए, फिर भी होगी गलती! इस तस्वीर में कितनी गेंदें हैं?

Optical Illusion: इस ऑप्टिकल इल्यूजन तस्वीर में सफेद गेंदों को गिनना आसान नहीं है. पहली नजर में कुछ और संख्या दिख सकती है, लेकिन ध्यान से गिनने पर तस्वीर का असली खेल समझ आएगा.

आज तक 28 Sep 2026 3:03 pm

उत्तराखंड में आखिर क्यों बदल रहा बर्फबारी का पैटर्न? वैज्ञानिक खुश भी हैं और चिंतित भी, 10 साल में बड़ा बदलाव

उत्तराखंड में सितंबर के महीने में अब तक तीन बार बर्फबारी हो चुकी है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पहाड़ों में बर्फबारी का पैटर्न तेजी से बदल रहा है. यह एक तरफ तो अच्छा संकेत है, लेकिन दूसरी तरफ चिंता बढ़ाने वाला भी है.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 3:02 pm

LPU में कैसे हैं हालात? छात्रों पर लाठीचार्ज का VIDEO सामने आते राजनीति तेज, DGP बोले- हल्का बल प्रयोग किया

पंजाब की LPU में एक छात्रा के कथित रेप और आत्महत्या की खबरों के बीच छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हो गया. यूनिवर्सिटी ने 10 दिन क्लास और मिड-टर्म एग्जाम सस्पेंड किए. दूसरी तरफ पंजाब पुलिस ने रविवार की रात लाठीचार्ज किया जिसपर बीजेपी और अकाली दल हमलावर है.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 3:01 pm

आगरा में चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के घर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रोटेस्ट, गेट पर लिखे अपशब्द

आगरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार के विजय नगर आवास के बाहर प्रदर्शन किया और गेट-दीवार पर स्प्रे पेंट से नारे लिख दिए. यूथ कांग्रेस ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए सजा दिलाने की बात कही.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 3:01 pm

BPSC TRE-4: STET अभ्यर्थियों के लिए जरूरी अपडेट, आवेदन करते हुए करना होगा ये काम

BPSC TRE 4.0 Form Filling: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की तरफ से टीआरई-4 शिक्षक भर्ती को लेकर बड़ा अपडेट दिया गया है. इसमें बताया गया है कि STET परीक्षा में शामिल हो रहे अभ्यर्थियों को कौन से विकल्प का चुनाव करना है.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 3:00 pm

Boeing 737 MAX में बड़ी गड़बड़ी! लैंडिंग के वक्त बंद हो सकता है ऑटोमेशन

हजारों फीट ऊपर उड़ रहे विमानों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर फिर सवाल उठ रहे हैं. बोइंग 737 MAX के एक सॉफ्टवेयर अपडेट में ऐसी गड़बड़ी सामने आई है, जो लैंडिंग के दौरान ऑटोमेटेड फ्लाइट गाइडेंस को बंद कर सकती है. भारत में Air India Express और Akasa Air के करीब 96 विमान इस मॉडल के हैं.

आज तक 28 Sep 2026 2:59 pm

दिल्ली से जयपुर तक CEC के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, पटना में लेफ्ट का हल्ला बोल

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और वामपंथी दलों समेत कई संगठनों ने दिल्ली, पटना, तेलंगाना, भोपाल और जयपुर में प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर जवाबदेही की मांग की.

आज तक 28 Sep 2026 2:59 pm

Gold-Silver ETF को लेकर SEBI ने सख्त किए नियम, जानें निवेशकों पर क्या पड़ेगा असर

SEBI ETF Vault Rules: गोल्ड और सिल्वर ETF खरीदने-बेचने के तरीके में कोई बदलाव नहीं किया गया है. नए नियम से निवेशकों के डिमैट अकाउंट में दिख रही यूनिट्स के पीछे रखी फिजिकल गोल्ड की कस्टडी और सुरक्षा अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होगी.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 2:59 pm

सपा को चाहिए जिताऊ उम्मीदवार, क्या सोच रही कांग्रेस; यूपी चुनाव 2027 में गठबंधन में दरार?

सीटों के साथ उम्मीदवार का सवाल भी दोनों दलों के बीच अहम मुद्दा बन गया है। सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश-राहुल की मुलाकात में सपा ने कहा था कि कांग्रेस अगर किसी सीट की मांग करती है तो वहां से उतारे जाने वाले उम्मीदवार का नाम बताए।

लाइव हिन्दुस्तान 28 Sep 2026 2:58 pm

'प्रियंका कैसे जीतीं, केरल-हिमाचल में आपकी सरकार कैसे...', EC की सेलेक्टिव आलोचना पर चिराग ने घेरा

एलजेपी -आर नेता चिराग पासवान ने चुनाव आयोग की सफाई पर संतुष्टि जताई है. उन्होंने कहा है कि विपक्ष को सेलेक्टिव आलोचना नहीं करनी चाहिए. आखिर वे केरल में कैसे जीते, हिमाचल प्रदेश में कैसे जीते? केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रियंका गांधी से सवाल पूछा जाना चाहिए कि वे अपना चुनाव कैसे जीतीं

आज तक 28 Sep 2026 2:57 pm

निफ्टी ने तोड़ा 22800 का सपोर्ट, 6 महीने में सबसे नीचे, कोहराम के ये कारण

Nifty Breakdown 22800 Level: सोमवार को कारोबार के दौरान निफ्टी 350 अंक से ज्यादा टूटकर 22,785.55 तक पहुंच गया है, एक्सपर्ट्स की मानें तो निफ्टी का 22800 का सपोर्ट टूटना बाजार के लिए अच्छा संकेत नहीं है. सेंसेक्स भी 1100 अंकों से ज्यादा टूट गया है.

आज तक 28 Sep 2026 2:56 pm

CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे पर अड़ी Congress, देश भर में किया विरोध प्रदर्शन

28 सितंबर को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूरे भारत में विरोध प्रदर्शन किया और वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग की। भोपाल में, मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और कहा कि लोकतांत्रिक फैसलों के लिए जनता का भरोसा बहुत ज़रूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी व्यवस्था को लेकर संदेह पैदा हो गए हैं। इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इसे भी पढ़ें: CPI ने पटना में निकाला मार्च, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे और SIR रद्द करने की मांग पटवारी ने कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बने, तो हमने माना कि शायद हमारी तरफ़ से कुछ कमियां रही होंगी। 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान संविधान चर्चा का विषय बना। इस प्रक्रिया में BJP को 70 सीटों का नुकसान हुआ और माहौल उनके पक्ष में नहीं था; फिर भी, उन्होंने सरकार बनाई। उन्होंने आगे कहा कि शक तब पैदा हुआ जब ऐसा लगा कि चुनाव चुराया जा रहा है, और उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से छेड़छाड़ के आरोपों का ज़िक्र किया। अपने बूथ का उदाहरण देते हुए पटवारी ने कहा कि मेरे बूथ पर BJP का एक भी कार्यकर्ता नहीं था, फिर भी BJP को 300 वोट मिले। उन्होंने लोकतंत्र में जनता का भरोसा खोने के नतीजों पर सवाल उठाया कि लोकतंत्र में अगर भरोसा ही खत्म हो जाए, तो जनता किस पर विश्वास करेगी? पटवारी ने मध्य प्रदेश सरकार की आलोचना करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को हटाए जाने का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने शिवराज सिंह चौहान को हटा दिया और उनकी जगह 'पर्ची से चुने गए मुख्यमंत्री' को भेज दिया। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा खांसी की दवा, ज़हरीली शराब और डूबने से हुई मौतों से निपटने के तरीके की भी निंदा की और इसकी तुलना मुख्यमंत्री की उस प्रतिक्रिया से की जो उन्होंने तीन ईंटें गिरने पर दी थी: वे राज्य के लोगों को बेवकूफ समझते हैं; मुख्यमंत्री ने खांसी की दवा, ज़हरीली शराब या डूबने से हुई मौतों पर आँसू नहीं बहाए, लेकिन तीन ईंटें गिरने पर वे रो पड़े। इसे भी पढ़ें: Sonam Wangchuk ने 2 अक्टूबर के सीजेपी प्रदर्शन का किया समर्थन, खुद नहीं होंगे शामिल राजस्थान के जयपुर में, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन भी किया। तस्वीरों में प्रदर्शन के दौरान लोगों को नारे लगाते हुए देखा गया। ये विरोध प्रदर्शन CEC ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ कांग्रेस के देशव्यापी अभियान का हिस्सा थे, जिसमें उनके इस्तीफ़े की मांग और SIR प्रक्रिया पर आपत्ति जताई गई। श्रीनगर में, कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने चुनावी जनादेश को चुराया हुआ बताया और SIR प्रक्रिया को पूरी तरह से ग़ैर-क़ानूनी क़रार दिया। उन्होंने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन पूरे देश में चल रहा है। CEC ने इस देश को धोखा दिया है; चुनावी जनादेश चुराए जा रहे हैं। SIR पूरी तरह से ग़ैर-क़ानूनी है। फ़ॉर्म 6 में किसी भी बदलाव के लिए इसे संसद में लाना ज़रूरी है। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसलिए, SIR ग़ैर-क़ानूनी हो जाता है। अगर SIR ग़ैर-क़ानूनी है, तो सभी नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया भी ग़ैर-क़ानूनी है। पूरे देश में आक्रोश है। हर कोई विरोध करना चाहता है। देश को बचाने के लिए ज्ञानेश कुमार को हटा दिया जाना चाहिए।

प्रभासाक्षी 28 Sep 2026 2:56 pm

दर्द में गोली लेना कितना सुरक्षित? CDSCO की सलाह

CDSCO ने बिना डॉक्टर की सलाह पेनकिलर और एंटीबायोटिक्स के लंबे समय तक उपयोग से किडनी खराब होने की चेतावनी दी है. ये दवाएं केवल डॉक्टर की सलाह और सही डोज के अनुसार ही लेनी चाहिए. विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार और गलत तरीके से इन दवाओं का सेवन क्रोनिक किडनी डिजीज का कारण बन सकता है.

आज तक 28 Sep 2026 2:55 pm

एनडीटीवी डिफेंस समिट 2026 में होगी भारत की ताकत पर चर्चा, राजनाथ सिंह समेत ये विशेषज्ञ आएंगे

एनडीटीवी डिफेंस समिट 2026 का आयोजन 26 सितंबर को किया जाएगा. इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई विशेषज्ञ शामिल होंगे.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 2:55 pm

CPI ने पटना में निकाला मार्च, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे और SIR रद्द करने की मांग

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के इस्तीफे, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रद्द करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर पटना में बिहार लोक भवन तक विरोध मार्च निकाला। सीपीआई की बिहार इकाई के अनुसार, यह प्रदर्शन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ), ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन (एआईवाईएफ), बिहार महिला समाज, बिहार राज्य किसान सभा, भारतीय खेत मजदूर यूनियन, ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एआईटीयूसी) और तंजीम-ए-इंसाफ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों का ज्ञापन राज्यपाल को सौंपा। पार्टी के बयान के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रद्द करने और वक्फ संशोधन अधिनियम को वापस लेने की मांग की। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड तोड़ने की कोशिश भी की। हालांकि पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। ज्ञापन में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को 200 दिनों के गारंटीशुदा रोजगार और न्यूनतम मजदूरी के साथ बहाल करने, कृषि मजदूरों के लिए व्यापक केंद्रीय कानून बनाने, शहीद-ए-आजम भगत सिंह राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम लागू करने, चारों श्रम संहिताएं वापस लेने तथा सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर रोक लगाने की भी मांग की गई। किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के समर्थन में प्रदर्शनकारियों ने सी2+50 प्रतिशत फार्मूले के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसलों की खरीद की कानूनी गारंटी, एग्रीकल्चरल इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया के तहत फसल बीमा योजना लागू करने, कृषि ऋण माफी और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को रद्द करने की भी मांग की। इस बीच, बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के छात्रों ने भी शैक्षणिक सत्र में देरी और वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल हुए निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा, “सम्राट चौधरी को छात्रों की बात सुननी चाहिए। यहां शैक्षणिक सत्र में देरी हो रही है, परीक्षा शुल्क अधिक लिया जा रहा है और बड़ी संख्या में छात्रों को अनुत्तीर्ण किया जा रहा है।

प्रभासाक्षी 28 Sep 2026 2:53 pm

iPhone 18 Pro Max: बड़ा अपडेट या बस नया iPhone? देखें क्विक रिव्यू

iPhone 18 Pro Max को कुछ समय इस्तेमाल करने के बाद मेरी quick review और पहली राय क्या है? फोन के कैमरे और AI को लेकर बड़े दावे किए जा रहे हैं. लेकिन क्या ये फोन दावे पर खरा उतर रहा है शुरुआती यूज में? क्या iPhone 17 Pro यूजर्स को अपग्रेड करना चाहिए? इस वीडियो में मैं अपने रियल-वर्ल्ड एक्सपीरिएंस के आधार पर iPhone 18 Pro Max के कैमरा, वेरिएबल अपर्चर, A20 Pro chip, performance, thermal system, battery और Apple Intelligence/Siri AI को लेकर अपना एक्सपीरिएंस शेयर कर रहा हूं.

आज तक 28 Sep 2026 2:51 pm

TMC के नाम-निशान पर SC का आदेश, कहा- 4 महीने में मामला सुलझाए EC

सुप्रीम कोर्ट ने TMC के चुनाव चिन्ह 'फूल और घास' को लेकर चल रहे विवाद में चुनाव आयोग को डेडलाइन दी है. आयोग ने अदालत से 6 महीने का समय मांगा था. लेकिन कोर्ट ने आयोग को चार महीने के भीतर अपना आखिरी फैसला देने का निर्देश दिया है.

आज तक 28 Sep 2026 2:51 pm

उज्जैन से कोटा का सफर 3 घंटे में, 98.73 किमी का ग्रीनफील्ड हाईवे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा

Ujjain-Kota Route: उज्जैन से कोटा जाना अब और आसान होने वाला है. दोनों शहरों के बीच की दूरी 3 घंटे में पूरी हो जाएगी. उज्जैन-जावरा एक्सप्रेसवे कोटा शहर की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा. जिससे आरामदायक सफर मिलेगा.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 2:47 pm

Beauty Tips: महंगे प्रोडक्ट्स छोड़ें... चावल के आटे में मिलाएं ये हरी चीज, डल स्किन पर ऐसे लगाएं DIY पैक

Moringa Powder and Rice Flour Face Pack: मोरिंगा पाउडर, चावल का आटा और दही से बना DIY पैक त्वचा को साफ, मुलायम और फ्रेश दिखाने में मदद कर सकता है. मोरिंगा के एंटीऑक्सीडेंट और दही का लैक्टिक एसिड त्वचा की देखभाल में उपयोगी माने जाते हैं.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 2:45 pm

निरहुआ बने थे भिखारी, आम्रपाली जता रही थीं प्यार, 20 मिलियन से ज्यादा बार देखा गया ये भोजपुरी लव सॉन्ग, लोग कहते हैं - ये है भोजपुरी का असली खजाना

दिनेश लाल यादव निरहुआ और आम्रपाली दुबे का तीन साल पुराना गाना 'पलकन की छांव में' एक अलग तरह का गाना है. इसे इसकी सादगी, सरलता और इमोशन्स के लिए दर्शकों का खूब प्यार मिला है.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 2:45 pm

माता के श्रृंगार के पैकेट में होता क्या है? महिला ने वीडियो में दिखाई सच्चाई

नवरात्र आने वाली है ऐसे में लोग माता को श्रृंगार पैकेट खरीदकर चढ़ाते हैं. एक वायरल वीडियो में महिला ने इस पैकेट की सच्चाई दिखाई है. वीडियो में ऐसे श्रृंगार पैकेट खरीदने से लोगों को सावधान किया गया है. क्योंकि, इसमें प्लास्टिक के सिवा कुछ नहीं होता है.

आज तक 28 Sep 2026 2:44 pm

Arvind Kejriwal पर बरसे Pravesh Verma, कहा- गुंडागर्दी से नहीं जीता जाता जनता का दिल

दिल्ली के PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने तिलक नगर में सड़क के निरीक्षण के दौरान हुई एक हालिया घटना को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति ने उनसे बहस की, वह 'जेनरेशन Z' का सदस्य नहीं, बल्कि AAP से जुड़ा एक गुंडा था। X पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए वर्मा ने कहा कि वह AAP विधायक जरनैल सिंह की शिकायतों के बाद उस जगह पर गए थे और दिल्ली सरकार द्वारा किए जा रहे कामों के बारे में जानकारी देना चाहते थे। उन्होंने कहा कि केजरीवाल जी, मैं आपको सिखा सकता हूं कि जनता का दिल कैसे जीता जाता है। लेकिन यह तभी हो सकता है जब आपके पास अपने ड्रामे से फुर्सत हो। पहले यह वीडियो देखिए! इसे भी पढ़ें: Jammu Kashmir Assembly में राज्य के दर्जे पर भारी हंगामा, चार MLA सदन से निष्कासित वर्मा ने केजरीवाल के पुराने बर्ताव की आलोचना करते हुए कहा कि बच्चों की झूठी कसम खाना, वोटिंग के दिन इमोशनल कार्ड खेलने के लिए बुजुर्ग माता-पिता को व्हीलचेयर पर बिठाना, शीश महल में महिला सांसद के साथ मारपीट करना और दिल्ली के मुख्य सचिव की पिटाई करना—ये सब उनकी आदत बन गई थी। और अब, वे 'जेन Z' का बहाना बना रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि केजरीवाल जी, कल मेरे इलाके में जो व्यक्ति आया था, वह जेन Z नहीं था; वह आपका गुंडा था। आपका विधायक कई गुंडों के साथ वहां पहुंचा था। मैं उसे प्यार से समझाना चाहता था कि हम किस तरह का काम कर रहे हैं। अगर आपको कोई शिकायत थी, तो मैं उन शिकायतों को सुनने और उनका समाधान करने के लिए वहां गया था। वर्मा ने कहा कि शायद यह पहला मौका है जब किसी विपक्षी विधायक की शिकायत के बाद कोई मंत्री खुद मौके पर जाकर समाधान करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि अगर आप इन बातों को नहीं समझ पा रहे हैं, तो इसकी वजह यह है कि 15 सालों तक आपने न तो दिल्ली में सड़कें बनाईं और न ही कोई विकास का काम किया। केजरीवाल जी, मैं आपको बताना चाहता हूँ कि आपका यह 'जेन ज़ी' (Gen Z) वाला ड्रामा काम नहीं आएगा। इसे भी पढ़ें: Jammu Kashmir में राज्य के दर्जे पर Omar Abdullah का प्रस्ताव संविधान विरोधी: Sunil Sharma उनसे सवाल-जवाब करने वाले व्यक्ति का ज़िक्र करते हुए वर्मा ने दावा किया कि तीन महीने पहले उस व्यक्ति के ख़िलाफ़ म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ़ दिल्ली (MCD) के एक कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी के साथ मारपीट करने के आरोप में FIR दर्ज की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उसने MCD के एक कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी की गर्दन तोड़ दी थी। उस FIR में जरनैल सिंह के भतीजे का नाम भी शामिल है। हमारी दिल्ली पुलिस ने उन दोनों को गिरफ़्तार किया था। और बाद में, आपने उस बेचारे कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी का घर और दुकान तक तुड़वाने की कोशिश की। वर्मा ने चेतावनी दी कि वह दिल्ली सरकार के काम में रुकावट या अधिकारियों और कॉन्ट्रैक्टर्स को परेशान करने की हरकत बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर आप आज वहाँ जा रहे हैं, तो ज़रूर जाएँ। अपने साथ अपने सभी गुंडों को भी ले जाएँ। जितना चाहें उतना ड्रामा करें, लेकिन मेरे सामने आपकी गुंडागर्दी बिल्कुल नहीं चलेगी।

प्रभासाक्षी 28 Sep 2026 2:44 pm

NTA परीक्षा सुधार के लिए Nandan Nilekani कार्यबल ने K Radhakrishnan से की चर्चा

परीक्षा में सुधार के लिए नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाले उच्चस्तरीय कार्यबल ने पूर्व इसरो अध्यक्ष के. राधाकृष्णन से विचार-विमर्श किया जिन्होंने 2024 में नीट प्रश्नपत्र लीक के बाद केंद्र द्वारा गठित समिति की अध्यक्षता की थी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। जुलाई में गठित यह कार्यबल फिलहाल विभिन्न हितधारकों से परामर्श कर रहा है। उसने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, शैक्षणिक संस्थानों, विषय विशेषज्ञों, उद्योग संगठनों और परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं से भी सुझाव आमंत्रित किए हैं। राधाकृष्णन समिति का गठन जून 2024 में किया गया था और उसने उसी वर्ष अक्टूबर में अपनी सिफारिशें सौंपी थीं। इसके बाद केंद्र ने इन सिफारिशों के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए एक अन्य समिति गठित की थी, जिसे उच्चाधिकार प्राप्त संचालन समिति (एचपीएससी) नाम दिया गया और इसकी अध्यक्षता भी राधाकृष्णन को सौंपी गई। शिक्षा मंत्रालय इन सिफारिशों को लागू कर रहा था, तभी इस वर्ष मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में एक और प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने आया। इसे लेकर व्यापक विवाद और विरोध प्रदर्शन हुए तथा अंततः तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। प्रधान के इस्तीफे के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परीक्षा प्रणाली को प्रश्नपत्र लीक से सुरक्षित बनाने के लिए सुधारों की सिफारिश करने के वास्ते इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय कार्यबल के गठन की घोषणा की थी। कार्यबल ने अभी अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में व्यापक सुधारों का अध्ययन करने और व्यापक सुधारों की सिफारिश करने के लिए पूर्व यूआईडीएआई अध्यक्ष नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में उच्चाधिकार प्राप्त कार्यबल (एचपीटीएफ) का गठन किया गया है। एचपीटीएफ परीक्षा प्रक्रियाओं की समीक्षा कर रहा है और परीक्षा प्रणाली को मजबूत, सुरक्षित, पारदर्शी, विश्वसनीय तथा भविष्य के लिए तैयार बनाने के वास्ते सुधारों की सिफारिश करेगा।’’अधिकारी ने कहा, ‘‘समिति की सिफारिशें नवीनतम प्रौद्योगिकियों के उपयोग और उनके बेहतर इस्तेमाल को लेकर होंगी। कार्यबल ने एनटीए के महानिदेशक और उच्च शिक्षा विभाग समेत विभिन्न हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया है। एचपीटीएफ ने एचपीएससी के अध्यक्ष के. राधाकृष्णन से भी सलाह-मशविरा किया है।’’सात सदस्यीय राधाकृष्णन समिति ने परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल को बेहतर बनाने तथा एनटीए की संरचना और कामकाज में बदलाव के लिए सिफारिशें की थीं। एनटीए के पूर्ण पुनर्गठन की वकालत करते हुए राधाकृष्णन समिति ने परीक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण प्रणालियों के लिए सुरक्षा नियंत्रण मजबूत करने के वास्ते 101 सिफारिशें की थीं। इनमें प्रश्नपत्र प्रणाली, अभ्यर्थी पंजीकरण, शुल्क भुगतान, प्रवेश पत्र प्रणाली, कंप्यूटर आधारित परीक्षा मंच, ओएमआर प्रसंस्करण, सामान्यीकरण प्रणाली और परिणाम प्रणाली शामिल थीं। समिति ने यह भी कहा था कि एनटीए का दायरा उच्च शिक्षा की प्रवेश परीक्षाओं तक ही सीमित किया जाना चाहिए और इसके प्रशासन, सुरक्षा तथा डिजिटल बुनियादी ढांचे में व्यापक बदलाव किया जाना चाहिए। हालांकि, इस वर्ष प्रश्नपत्र लीक होने के बाद उच्चतम न्यायालय ने एनटीए पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था ‘‘उसने कोई सबक नहीं लिया है।’’अधिकारी ने कहा, ‘‘पिछली समिति द्वारा की गई सिफारिशों का नए कार्यबल द्वारा अध्ययन किया जा रहा है। उच्चतम न्यायालय ने भी केंद्र से सिफारिशों के क्रियान्वयन की स्थिति पर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था।’’नीलेकणी के अलावा कार्यबल के अन्य सदस्यों में इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ, खुफिया ब्यूरो के पूर्व निदेशक तपन डेका, आईआईटी चेन्नई के निदेशक वी. कामकोटि, पूर्व शिक्षा सचिव अनिता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा शामिल हैं।

प्रभासाक्षी 28 Sep 2026 2:43 pm

IAS दुर्गा शक्ति नागपाल के आगे झुका कब्जेबाज, 30 साल बाद करोड़ों की जमीन खाली कर भागा

IAS दुर्गा शक्ति नागपाल की सख्ती का बड़ा असर गोंडा में देखने को मिला. 30 साल से सरकारी नजूल जमीन पर कब्जा जमाए बैठे व्यक्ति ने कोर्ट से केस वापस लेकर जमीन खाली कर दी. फर्जी स्कूल के दावे की जांच में भी बड़ा खुलासा हुआ.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 2:41 pm

'सिगरेट के धुंए का छल्ला बनाके' 24 साल पुराना संजू बाबा का गाना, 5 कलाकारों ने मिलकर दी आवाज, Gen Z को भी कूल लगेगा ये पुराना हिट नंबर

2002 में संजय गुप्ता एक फिल्म लेकर आए थे इस फिल्म में संजय दत्त, अमिताभ बच्चन, सुनील शेट्टी लीड रोल में थे. इस फिल्म का एक गाना संजय दत्त ने गाया था जिसे आज भी स्वैग का दूसरा नाम कहा जाता है.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 2:40 pm

INDIA Alliance में 50 फीसद हिस्सेदारी की मांग, UP में 150 सीटों पर अड़ी Congress

2027 के विधानसभा चुनावों से पहले, कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में सीट-शेयरिंग को लेकर अपनी उम्मीदें साफ़ कर दी हैं। राज्य के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा है कि पार्टी गठबंधन के तहत 150 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी। गौतम ने बताया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के बीच सीट-शेयरिंग का समझौता अक्टूबर में फाइनल होने की उम्मीद है। उनके इस बयान से 403 सदस्यों वाली उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस की संभावित हिस्सेदारी की एक निश्चित संख्या सामने आई है, जिससे संकेत मिलता है कि पार्टी समाजवादी पार्टी के साथ चुनावी गठबंधन में अहम भूमिका निभाना चाहती है। इसे भी पढ़ें: त्योहारी सीजन में इलेक्ट्रॉनिक सामान महंगे होने पर Congress का केंद्र पर हमला उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और SP, I.N.D.I.A गठबंधन के मुख्य सहयोगी दल हैं। इन दोनों पार्टियों ने राज्य में 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए साथ मिलकर काम किया था और अब वे 2027 में होने वाले बड़े चुनावी मुकाबले की तैयारी कर रही हैं। गौतम ने कहा कि कांग्रेस पिछले दो महीनों से सीट-शेयरिंग की प्रक्रिया की तैयारी कर रही है और पूरे राज्य में संगठन और उम्मीदवारों के स्तर पर उसकी तैयारियां पूरी हैं। गौतम ने कहा कि सीट-शेयरिंग पर अक्टूबर महीने में अंतिम फैसला होने की संभावना है। कांग्रेस के पास सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार मौजूद हैं। गठबंधन के तहत, कांग्रेस पार्टी को 50 प्रतिशत सीटें मिलनी चाहिए। कांग्रेस 150 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी। साथ ही, गौतम ने पार्टी के उस दावे का भी ज़िक्र किया कि गठबंधन फ़ॉर्मूले के तहत उसे विधानसभा की आधी सीटें मिलनी चाहिए। उत्तर प्रदेश में विधानसभा की 403 सीटें हैं, जिनका आधा हिस्सा 201.5 सीटें होता है। हालांकि, गौतम ने साफ़ तौर पर कहा कि कांग्रेस 150 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी। इसे भी पढ़ें: Congress 29 सितंबर को Delhi में करेगी Dalit Adivasi Swabhiman Baithak गौतम ने कहा कि सीट-शेयरिंग पर बातचीत कांग्रेस संगठन के सबसे ऊँचे स्तर पर हो रही है। उन्होंने कहा कि पिछले दो महीनों से कांग्रेस उत्तर प्रदेश में सीट-शेयरिंग पर काम कर रही है। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल और मैं (राजेंद्र पाल गौतम) इस काम को देख रहे हैं। अक्टूबर में इस व्यवस्था को पूरा करने पर ज़ोर 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों को ध्यान में रखकर दिया जा रहा है। इससे गठबंधन के सहयोगियों को सीटों के बँटवारे पर काम करने और संभावित उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार की तैयारी करने के लिए एक तय समय-सीमा मिल जाएगी।

प्रभासाक्षी 28 Sep 2026 2:39 pm

रोहित शर्मा के साथ हुआ ये हादसा, कोहली दिखे परेशान, VIDEO

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा जब टीम बस से नीचे उतर रहे थे, तभी उनका पैर फिसल गया और वह अपना संतुलन खो बैठे. रोहित को संभालने के लिए सपोर्ट स्टाफ का एक मेम्बर उनकी ओर दौड़ा. वहां मौजूद पुलिसकर्मी ने भी हिटमैन की सहायता की.

आज तक 28 Sep 2026 2:38 pm

Gardening Tips: पौधों की पत्तियां सिकुड़ गई हैं तो हो गया है पत्ता मरोड़, ये छिड़क देने से हो जाएंगे सब ठीक

आज हम आपको ऐसा देसी नुस्खा बताने जा रहे हैं जिसकी मदद से आप पौधों को पत्ता मरोड़ या लीफ कर्ल वायरस से बचा सकते हैं. इसमें आपको ज्यादा खर्चा करने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 2:38 pm

मंदिर के लाउडस्पीकर से परेशान अल्लू सिरीश को देना पड़ा हनुमान भक्ति का प्रमाण

दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री यानी टॉलीवुड (Tollywood) के जाने-माने अभिनेता और मशहूर स्टार अल्लू अर्जुन के भाई अल्लू सिरीश इन दिनों सोशल मीडिया पर एक बहुत ही अजीबोगरीब और तीखे विवाद के केंद्र में आ चुके हैं। मामला तब गरमाया जब अभिनेता अल्लू सिरीश ने सार्वजनिक रूप से एक मंदिर से बजने वाले लाउडस्पीकर और उससे होने वाली ध्वनि प्रदूषण (Sound Pollution) को लेकर अपनी परेशानी जाहिर की और सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकाली। उनका यह ट्वीट सामने आते ही इंटरनेट पर सनसनी फैल गई और देखते ही देखते यह मामला एक बड़े धार्मिक और वैचारिक संघर्ष में बदल गया। देश भर के हनुमान भक्तों और सोशल मीडिया यूजर्स ने अल्लू सिरीश के इस बयान पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उनसे सवाल किया कि जब देश के अन्य धार्मिक स्थलों और विशेष रूप से मस्जिदों से रोजाना लाउडस्पीकर पर अजान दी जाती है, तब उनकी यह संवेदनशीलता कहां चली जाती है? जनता के इस आक्रामक रुख और चौतरफा घिरने के बाद अभिनेता को मजबूर होकर अपनी हनुमान भक्ति और सनातन संस्कृति के प्रति अपने सम्मान का सार्वजनिक रूप से प्रमाण देना पड़ गया। आइए इस पूरी घटना के बारे में विस्तार से जानते हैं कि कैसे एक छोटे से ट्वीट ने सोशल मीडिया पर घमासान मचा दिया और सेलिब्रिटीज की बयानबाजी पर किस तरह जनता कड़ी नजर रखती है।क्या था पूरा मामला और क्यों अल्लू सिरीश के ट्वीट पर भड़क उठा सोशल मीडिया?साउथ सिनेमा के प्रसिद्ध परिवार से ताल्लुक रखने वाले अभिनेता अल्लू सिरीश ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट शेयर करते हुए यह शिकायत की थी कि उनके घर के आसपास स्थित एक मंदिर से लाउडस्पीकर पर काफी तेज आवाज में भजन या धार्मिक अनुष्ठान प्रसारित किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें और उनके पड़ोसियों को ध्वनि प्रदूषण की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उनका यह बयान जैसे ही सार्वजनिक हुआ, वैसे ही यह इंटरनेट पर आग की तरह फैल गया। सोशल मीडिया के एक वर्ग ने जहां इसे सामान्य नागरिक समस्या के रूप में देखा, वहीं एक बहुत बड़ा वर्ग इस बात पर भड़क उठा कि सेलिब्रिटीज अक्सर केवल हिंदू मंदिरों और त्योहारों के दौरान ही लाउडस्पीकर या अन्य धार्मिक परंपराओं को निशाना बनाते हैं। लोगों का कहना था कि यदि किसी को ध्वनि प्रदूषण से वास्तविक परेशानी है, तो उसे निष्पक्ष रूप से सभी धर्मों के स्थलों पर लागू होने वाले नियमों की बात करनी चाहिए, न कि केवल एकतरफा रूप से मंदिरों को अपनी आलोचना का केंद्र बनाना चाहिए। इस दोहरे मानदंडों वाले रवैये ने सोशल मीडिया यूजर्स को अत्यधिक आक्रामक बना दिया और कुछ ही घंटों में अभिनेता के खिलाफ टिप्पणियों की बाढ़ आ गई।हनुमान भक्तों का तीखा सवाल: क्या आपको सिर्फ मंदिरों के लाउडस्पीकर ही सुनाई देते हैं?अल्लू सिरीश के इस बयान के बाद सबसे ज्यादा गुस्सा देश के हनुमान भक्तों और सनातन प्रेमियों में देखने को मिला। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उनसे सीधे और तीखे शब्दों में पूछना शुरू कर दिया कि क्या उन्हें केवल सुबह या शाम के समय मंदिरों से बजने वाली हनुमान चालीसा या भजन ही ध्वनि प्रदूषण लगते हैं। लोगों ने उनसे यह भी याद दिलाया कि देश के कोने-कोने में स्थित मस्जिदों से दिन में पांच बार लाउडस्पीकर पर तेज आवाज में अजान दी जाती है, लेकिन आज तक किसी भी बड़े फिल्मी स्टार या सेलिब्रिटी में इतनी हिम्मत नहीं हुई कि वे उस पर इस तरह की आपत्ति जता सकें। यूजर्स का यह तर्क था कि स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति के नाम पर केवल बहुसंख्यक समाज की आस्था और धार्मिक परंपराओं को ही बार-बार असहजता का शिकार बनाया जाता है, जिसे अब और अधिक सहन नहीं किया जाएगा। इस चौतरफा दबाव और जनता के कड़े तेवरों को देखकर यह साफ हो गया कि अल्लू सिरीश का यह बयान उनके लिए एक बहुत बड़ी सार्वजनिक मुसीबत बन चुका है, जिससे पार पाना उनके लिए आसान नहीं होने वाला था।जब अल्लू सिरीश को देना पड़ा अपनी हनुमान भक्ति और आस्था का सबूतजब विवाद हद से ज्यादा बढ़ गया और मामला उनकी लोकप्रियता पर असर डालने लगा, तब अभिनेता अल्लू सिरीश को यह अहसास हुआ कि उनके इस बयान से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। जनता के भारी विरोध और तीखे सवालों के जवाब में अभिनेता को अपनी सफाई पेश करनी पड़ी और यह स्पष्ट करना पड़ा कि उनका इरादा किसी भी धर्म या आस्था का अपमान करने का बिल्कुल नहीं था। इतना ही नहीं, खुद को विवादों से बाहर निकालने और अपनी देशभक्ति तथा धार्मिक सहिष्णुता साबित करने के लिए उन्हें अपनी हनुमान भक्ति के पुराने प्रसंगों और मंदिरों के प्रति अपने सम्मान का हवाला देना पड़ गया। उन्होंने सोशल मीडिया पर यह भी सफाई दी कि वे सभी धर्मों का समान रूप से आदर करते हैं और उनकी टिप्पणी केवल अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण की एक आम नागरिक के रूप में की गई शिकायत थी, न कि किसी मंदिर के खिलाफ कोई दुर्भावनापूर्ण अभियान। हालांकि, सोशल मीडिया पर जनता ने उनकी इस सफाई को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया और कई लोगों ने इसे केवल डैमेज कंट्रोल (Damage Control) की एक रणनीति करार दिया।सेलिब्रिटीज की बयानबाजी और सोशल मीडिया के युग में जवाबदेही के मायनेयह पूरी घटना इस बात का सबसे ताजा और सटीक उदाहरण है कि आज के सोशल मीडिया के दौर में देश के बड़े-बड़े सेलिब्रिटीज और फिल्मी सितारों के लिए हर एक शब्द कितना संवेदनशील हो चुका है। जब कोई सार्वजनिक हस्ती बिना सोचे-समझे या किसी एक पक्ष को ध्यान में रखकर कोई बयान देती है, तो जनता अब चुप बैठने के बजाय तुरंत उसका कड़ा हिसाब मांगती है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स की यह जागरूकता इस बात का प्रमाण है कि अब लोग किसी भी दोहरेपन या चुनिंदा आलोचना (Selective Criticism) को आसानी से बर्दाश्त नहीं करते हैं। अल्लू सिरीश के साथ हुआ यह वाकया अन्य कलाकारों के लिए भी एक बड़ा सबक है कि वे अपने निजी विचारों को सार्वजनिक मंच पर रखते समय देश की सांस्कृतिक और धार्मिक भावनाओं का विशेष ध्यान रखें। कुल मिलाकर, इस पूरे विवाद ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया की अदालत में किसी भी सेलिब्रिटी के लिए अपने बयों से बचना अब उतना आसान नहीं रहा जितना पहले हुआ करता था।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 2:37 pm

48 घंटे में सिर्फ 48 किमी चला 308 पहियों वाला 'बाहुबली'ट्रक : जानिए किस मेगा प्रोजेक्ट में होगा इस्तेमाल

उत्तर प्रदेश की सड़कों पर कौतूहल का केंद्र बना 308 पहियों वाला विशाल ट्रक अब बनारस पहुंच चुका है. बेल्जियम से लाई गई 200 टन वजनी और 8 मीटर ऊंची इंडस्ट्रियल मशीन लखीमपुर खीरी में बन रहे एशिया के पहले बायोप्लास्टिक प्लांट के लिए ले जाई जा रही है.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 2:37 pm

'जिन हाथों से बनाई, उन्हीं से तोड़ रहे', उज्जैन शाही मस्जिद में भावुक हुए लोग

उज्जैन में शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने के दौरान कुछ लोग खुद दीवार और जाली तोड़ते दिखे, जबकि आसपास खड़े लोग दुआ मांगते रहे. प्रशासन का कहना है कि यह काम कमेटी और समुदाय की सहमति से हो रहा है, लेकिन अफवाहों और पथराव के बाद सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

आज तक 28 Sep 2026 2:37 pm

सिवेत ने शहजाद पूनावाला को पटकर मारा पंच, बचाने दौड़ीं स्वरा भास्कर और हुआ बड़ा खेल

भारतीय मनोरंजन जगत और रियलिटी शो के गलियारों से एक बेहद सनसनीखेज, चौंकाने वाली और आग की तरह फैलने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर हर तरफ तहलका मचा दिया है। पॉपुलर रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल सीजन 2' (Rise and Fall 2) के सेट से एक ऐसी भयंकर हाथापाई और विवाद की खबर आई है जिसने सबको सन्न कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शो के दौरान तीखी बहस इतनी बढ़ गई कि प्रतियोगी सिवेत ने भाजपा प्रवक्ता और राजनेता शहजाद पूनावाला पर अचानक हमला बोल दिया। उन्होंने शहजाद पूनावाला को जमीन पर गिराकर पटका और मुक्का (पंच) तक जड़ दिया। सेट पर मची इस भगदड़ और हिंसा के दौरान अभिनेत्री स्वरा भास्कर तुरंत बीच-बचाव करने के लिए दौड़ीं और दोनों को अलग करने की कोशिश की। इस अप्रत्याशित और गंभीर घटना के बाद से शो के मेकर्स ने कड़ा कदम उठाते हुए आरोपी कंटेस्टेंट को शो से तुरंत बाहर (Out) कर दिया है। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद से रियलिटी शो के फैंस के बीच इस बात को लेकर भारी उत्सुकता और बहस छिड़ गई है कि आखिर कैमरे के पीछे ऐसा क्या हुआ था जो बात इतनी दूर तक पहुंच गई। आइए इस पूरी घटना के बारे में विस्तार से जानते हैं।'राइज एंड फॉल 2' के सेट पर कैसे भड़की चिंगारी और क्यों हुआ यह खूनी संघर्ष?किसी भी रियलिटी शो में जब अलग-अलग विचारधाराओं, पृष्ठभूमि और तीखे तेवर वाले लोग एक छत के नीचे रहते हैं, तो तनाव और बहसों का होना आम बात मानी जाती है। लेकिन 'राइज एंड फॉल सीजन 2' के सेट पर जिस प्रकार का हिंसक टकराव देखने को मिला, उसने शो की सुरक्षा व्यवस्था और नियमों पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। राजनीतिक बहसों और टास्क के दौरान कंटेस्टेंट्स के बीच आपसी मतभेद इतने गहरे हो गए कि मौखिक तकरार देखते ही देखते शारीरिक हिंसा में तब्दील हो गई। सेट पर मौजूद सूत्रों के अनुसार, बातचीत के दौरान एक तीखे मुद्दे पर शहजाद पूनावाला और सिवेत के बीच तीखी बहस हो रही थी, और बात इतनी अधिक बिगड़ गई कि दूसरा पक्ष गुस्से पर काबू नहीं रख पाया। अचानक हुई इस धक्का-मुक्की और मारपीट से वहां मौजूद अन्य सभी प्रतियोगी पूरी तरह चौंक गए और किसी को कुछ समझ ही नहीं आया कि इस स्थिति को कैसे संभाला जाए। रियलिटी शो के इतिहास में इस तरह की शारीरिक हिंसा को कभी भी बर्दाश्त नहीं किया जाता है, और यही वजह है कि यह मामला अब सोशल मीडिया पर सबसे बड़ा ट्रेंड बन चुका है।जब सिवेत ने शहजाद पूनावाला को पटकर जड़ा पंच: सेट पर मची अफरा-तफरीघटना के विवरण के अनुसार, विवाद के दौरान तनाव अपने चरम पर पहुंच चुका था जब सिवेत ने अपना आपा खो दिया और गुस्से में आकर शहजाद पूनावाला पर हमला बोल दिया। उन्होंने कथित तौर पर शहजाद को धक्का देकर नीचे गिराया और पटका, जिसके बाद सेट पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। एक राजनेता और सार्वजनिक हस्ती पर इस तरह से कैमरे के सामने शारीरिक हमला होना बेहद गंभीर मामला माना जा रहा है। सेट पर मौजूद क्रू मेंबर्स और अन्य साथियों ने तुरंत बीच में आकर दोनों को अलग करने की कोशिश की, ताकि स्थिति को और अधिक बिगड़ने से रोका जा सके। इस पूरी हाथापाई के दौरान वहां मौजूद हर शख्स सहम गया था क्योंकि किसी ने भी यह उम्मीद नहीं की थी कि एक गेम शो का माहौल इतना अधिक हिंसक और खतरनाक हो सकता है। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया और दोनों पक्षों को एक-दूसरे से दूर किया, ताकि किसी को गंभीर चोट न पहुंचे।बचाने दौड़ीं स्वरा भास्कर: अभिनेत्री के साहसिक कदम की हो रही है चर्चाइस भयंकर और तनावपूर्ण हाथापाई के बीच एक और बात ने सबसे ज्यादा लोगों का ध्यान खींचा, और वह थी बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर की प्रतिक्रिया। जब सेट पर सिवेत और शहजाद पूनावाला के बीच मारपीट हो रही थी और बाकी लोग हैरान होकर देख रहे थे, तब स्वरा भास्कर तुरंत अपनी जगह से उठीं और दोनों के बीच-बचाव के लिए दौड़ पड़ीं। उन्होंने आगे बढ़कर दोनों को शांत कराने की कोशिश की और स्थिति को संभालने में अहम भूमिका निभाई। भले ही वैचारिक स्तर पर या अन्य मुद्दों पर विभिन्न हस्तियों के विचार अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन एक इंसानियत के नाते इस तरह की हिंसा के वक्त बीच-बचाव करने के लिए आगे आना एक साहसिक कदम माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर फैंस स्वरा भास्कर के इस त्वरित और सूझबूझ भरे कदम की काफी तारीफ कर रहे हैं, क्योंकि यदि समय रहते कोई बीच-बचाव करने आगे नहीं आता, तो यह मामला और भी ज्यादा खतरनाक रूप ले सकता था।मेकर्स का कड़ा एक्शन: सिवेत शो से हुए बाहर और आने वाले एपिसोड्स पर असरइस गंभीर घटना के तुरंत बाद 'राइज एंड फॉल 2' के मेकर्स और चैनल प्रबंधन ने आपातकालीन बैठक बुलाई और शो के नियमों का उल्लंघन करने तथा शारीरिक हिंसा करने के कड़े आरोप में सिवेत को तुरंत प्रभाव से शो से बाहर (Out) कर दिया। चैनल का यह स्पष्ट संदेश है कि शो में मनोरंजन और ड्रामा स्वीकार्य है, लेकिन किसी भी प्रकार की हिंसा या शारीरिक हमला करने वाले प्रतियोगी को बख्शा नहीं जाएगा। इस निष्कासन के बाद से शो की टीआरपी और आगे की रणनीतियों पर भी गहरा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। दर्शक अब यह जानने के लिए बेहद उत्सुक हैं कि आने वाले एपिसोड्स में इस घटना को किस प्रकार दिखाया जाएगा और क्या शहजाद पूनावाला इस शो में आगे बने रहेंगे या नहीं। कुल मिलाकर, इस सनसनीखेज घटना ने 'राइज एंड फॉल सीजन 2' को सुर्खियों में ला दिया है और मनोरंजन गलियारों में इन दिनों हर तरफ इसी विवाद की चर्चा हो रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 2:36 pm

जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने पूर्ण राज्य का दर्जा प्रस्ताव किया पारित, बीजेपी का वॉकआउट

जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने का प्रस्ताव जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पास हो गया है. इस दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखा टकराव देखने को मिला है. बीजेपी ने सदन से वॉकआउट कर दिया.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 2:35 pm

धर्मेंद्र-दिलीप कुमार को हराकर 59 साल पहले देव आनंद ने जीता था फिल्मफेयर, लेकिन गायकी में मोहम्मद रफी से हार गईं लता मंगेशकर, आज भी ये गाना सदाबहार

देव आनंद, जिन्हें बॉलीवुड का स्टाइलिश एक्टर कहा जाता है. उन्होंने कई हिट फिल्में दीं, जिसमें से एक 60 साल पुरानी फिल्म थी. इस फिल्म के लिए उन्हें 7 फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले थे. जबकि 9 में उन्हें नॉमिनेशन मिला था.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 2:34 pm

धुंरधर एक्टर अक्षय खन्ना ने खरीदा लग्जरी अपार्टमेंट, जानें इसकी खासियत, क्यों इतनी ऊंची है इसकी कीमत?

धुरंधर में रहमान डकैत के किरदार से पॉपुलैरिटी पाने वाले अक्षय खन्ना इस वक्त अपने लग्जरी अपार्टमेंट के चलते चर्चा में हैं. खबर में पढ़ें क्या है इस आलीशान फ्लैट की खासियत.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 2:34 pm

DIY Hacks: मत फेंकिए पुरानी और फेड हो चुकी जीन्स, इन 3 तरीकों से बन जाएंगी फिर से काम की चीजें

अगर आपके यहां भी अलमारी में पुरानी जीन्स रखी हैं, तो उन्हें फेंकिए मत. आप 3 तरीकों की मदद से इन जीन्स को फिर से इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे बनने वाली चीजें आपके घर में भी काफी काम आएंगी.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 2:33 pm

संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत आत्महत्या है या हत्या?

वृंदावन में साधक रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के बाद कई सवाल उठ रहे हैं. पुलिस प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या मानकर जांच कर रही है, जबकि परिवार ने घटना की जानकारी मिलने में देरी और आश्रम में उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दिए जाने पर सवाल उठाए हैं. दीपक के परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है. पुलिस घटनास्थल, अस्पताल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है.

आज तक 28 Sep 2026 2:33 pm

Asian Games में Esha Singh ने जीता रजत, Supreme Court पहुंचा सोहराबुद्दीन मामला

नयी दिल्ली, 28 सितंबर की विभिन्न फाइल से सोमवार अपराह्न दो बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार है : खेल25 : खेल एशियाड निशानेबाजी दूसरी लीड भारतईशा ने 25 मीटर पिस्टल में जीता रजत, मनु का अभियान पदक के बिना समाप्तनागोया, भारतीय निशानेबाज ईशा सिंह ने सोमवार को यहां एशियाई खेलों की महिला 25 मीटर पिस्टल व्यक्तिगत स्पर्धा में एक गलत निशाने से स्वर्ण पदक गंवाया लेकिन लगातार पांच शूट-ऑफ के रोमांचक दौर के बाद रजत पदक पक्का करने में सफल रही। खेल24 : खेल एशियाड क्रिकेट लीड भारतअफगानिस्तान के खिलाफ क्वार्टर फाइनल रद्द, बेहतर रैंकिंग के बूते भारतीय पुरुष टीम के सेमीफाइनल मेंनागोया, भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम सोमवार को यहां खराब मौसम के कारण अफगानिस्तान के खिलाफ एशियाई खेलों का क्वार्टर फाइनल रद्द होने के बाद मैदान पर उतरे बिना ही सेमीफाइनल में पहुंच गई। दि34 : न्यायालय सोहराबुद्दीन मुठभेड़सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ मामला: 22 आरोपियों को बरी किए जाने के खिलाफ याचिका पर विचार करेगा न्यायालयनयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने गैंगस्टर सोहराबुद्दीन शेख, उसकी पत्नी कौसर बी और उसके सहयोगी तुलसीराम प्रजापति से जुड़े 2005 के कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में 21 पुलिसकर्मियों समेत 22 आरोपियों को बरी किए जाने के बंबई उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने को लेकर सोमवार को सहमति जताई। दि33 : न्यायालय तृणमूल अयोग्यताविस अध्यक्ष बागी तृणमूल विधायकों की अयोग्यता पर फैसले की समयसीमा से अवगत हैं: न्यायालयनयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि उसके पास यह मानने के पर्याप्त कारण हैं कि पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष इस अदालत के उस आदेश से ‘‘पूरी तरह अवगत’’ हैं, जिसमें तृणमूल कांग्रेस के 10 बागी विधायकों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिका पर फैसला करने के लिए तीन महीने की समयसीमा तय की गई है। अर्थ18 : कृषि अल नीनो रबीअल नीनो से रबी फसलों पर खतरा, खाद्यान्न उत्पादन प्रभावित होने की आशंका: कृषि सचिवनयी दिल्ली, कृषि सचिव अतीश चंद्रा ने सोमवार को कहा कि अल नीनो के कारण वर्षा आधारित क्षेत्रों के लिए आगामी रबी फसल सत्र चुनौतीपूर्ण हो सकता है और उससे खाद्यान्न उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। प्रादे39 : जम्मू कश्मीर विस हंगामाजम्मू कश्मीर विधानसभा में हंगामा, भाजपा सदस्यों ने समानांतर कार्यवाही चलायी, कागज फाड़ेश्रीनगर, जम्मू कश्मीर विधानसभा में सोमवार को उस समय भारी हंगामा हुआ, जब राज्य का दर्जा जल्द बहाल करने की मांग वाले प्रस्ताव का विरोध कर रहे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य अध्यक्ष के आसन के समीप आ गए, उन्होंने कार्यसूची से जुड़े कागज फाड़ दिए और सदन की समानांतर कार्यवाही चलाने लगे। दि29 : कांग्रेस निर्वाचन आयोगसीईसी का इस्तीफा लोकतंत्र बहाली की दिशा में पहला कदम: कांग्रेसनयी दिल्ली, कांग्रेस ने सोमवार को निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर खड़े हुए विवाद के बीच सोमवार को कहा कि देश में लोकतंत्र की बहाली की राह में पहला कदम मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है। अर्थ16 : न्यायालय यूपीआई शुल्कयूपीआई भुगतान पर एमडीआर के खिलाफ याचिका; न्यायालय का केंद्र, अन्य को नोटिसनयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने 2,000 रुपये से अधिक के निर्धारित यूपीआई व्यक्ति-से-व्यापारी लेनदेन पर ‘मर्चेंट डिस्काउंट रेट’ (एमडीआर) लगाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र और अन्य से सोमवार को जवाब मांगा। प्रादे11 : पंजाब एलपीयू लीड छात्रएलपीयू प्रदर्शन के कारण बाधित हुए एनएच-44 पर यातायात बहाल, स्थिति नियंत्रण में : पुलिसफगवाड़ा (पंजाब), पंजाब के फगवाड़ा में ‘लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी’ (एलपीयू) के छात्रों द्वारा 15 घंटे से अधिक समय तक अवरुद्ध किए गए राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर यातायात बहाल कर दिया गया है और स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। प्रादे30 : मप्र उज्जैन मस्जिद विवादउज्जैन: मस्जिद के हिस्से को गिराने को लेकर विवाद, पथराव के बाद पुलिस ने छोडे़ आंसू गैस के गोलेउज्जैन (मध्यप्रदेश), मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर में साल 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ के मद्देनजर जारी सड़क चौड़ीकरण अभियान के तहत एक मस्जिद का हिस्सा गिराए जाने के दौरान सोमवार को विवाद खड़ा हो गया जब कुछ स्थानीय लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। प्रादे18 : हरियाणा इमारत ढही मृतकअंबाला में इमारत ढहने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर छह हुईअंबाला (हरियाणा), हरियाणा के अंबाला शहर के निकट धूलकोट गांव में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत ढहने से दो और लोगों की मौत हो गई, जिससे हादसे में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर छह हो गई है। वि5 : नेपाल हिमस्खलननेपाल : हिमलुंग हिमाल में हिमस्खलन के बाद लापता 12 लोगों की तलाश में जुटी 14 सदस्यीय टीमकाठमांडू, नेपाल के मनांग जिले में हिमलुंग हिमाल पर हिमस्खलन के बाद लापता हुए 12 नेपाली कामगारों और गाइडों की तलाश के लिए 14 सदस्यीय बचाव दल को तैनात किया गया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। वि7 : थाईलैंड बाढ़बैंकॉक में बारिश थमी, लेकिन लगातार बाढ़ के कारण हजारों लोगों को घर छोड़ना पड़ाबैंकॉक, थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में रविवार को बारिश थम गई, लेकिन निचले इलाकों में कई जगहों पर बाढ़ का पानी जमा रहने के कारण हजारों लोगों को अस्थायी आश्रय स्थलों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। देशभर में पिछले 10 दिनों में कम से कम आठ लोगों की मौत की खबर है।

प्रभासाक्षी 28 Sep 2026 2:33 pm

बैंक खाते में जमा किए 5.2 करोड़ रुपये, ITR में बताई मात्र 7.65 लाख की आय

देश के वित्तीय और कर प्रणाली (Tax System) के गलियारों से एक ऐसा हैरान करने वाला और बेहद दिलचस्प मामला सामने आया है जिसने करदाताओं और टैक्स विशेषज्ञों दोनों को अवाक कर दिया है। एक साधारण करदाता ने अपने बैंक खाते में कुल 5.2 करोड़ रुपये की भारी-भरकम नकद राशि जमा कराई, लेकिन जब उसने अपनी आयकर रिटर्न (ITR) फाइल की, तो उसमें अपनी सालाना आय सिर्फ 7.65 लाख रुपये ही दर्शाई। इतनी बड़ी रकम और घोषित आय के बीच के इस आसमान जैसे अंतर को देखकर इनकम टैक्स विभाग (Income Tax Department) के अधिकारियों की आंखें फटी रह गईं और उन्होंने तुरंत मामले की गहन जांच शुरू कर दी। विभाग ने इसे स्पष्ट रूप से कर चोरी और अघोषित संपत्ति का मामला मानते हुए भारी-भरकम टैक्स और पेनल्टी का नोटिस थमा दिया, जिससे उस शख्स के पैरों तले जमीन खिसक गई। हालांकि, मामला जब आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) के दरवाजे तक पहुंचा, तो वहां एक ऐसा चौंकाने वाला मोड़ आया जिसने पूरे परिदृश्य को ही बदल कर रख दिया। आइए विस्तार से जानते हैं कि उस शख्स ने अपनी इस भारी-भरकम जमा राशि का ऐसा कौन सा ठोस और वैध आधार पेश किया जिसके चलते ITAT ने उसे इस गंभीर मामले से पूरी तरह बरी कर दिया।क्या था पूरा मामला और कैसे इनकम टैक्स विभाग की रडार पर आया करदाता?वित्तीय वर्ष के दौरान जब बैंक खातों की निगरानी और डेटा एनालिटिक्स का काम पूरी सख्ती के साथ किया जा रहा था, तब टैक्स अथॉरिटीज का ध्यान एक ऐसे बैंक खाते पर गया जिसमें अचानक से करोड़ों रुपयों का भारी नकद लेन-देन हुआ था। नियमानुसार, जब कोई व्यक्ति अपनी सामान्य आय के मुकाबले अत्यधिक मात्रा में नकदी बैंक में जमा कराता है, तो वित्तीय खुफिया इकाइयां (FIU) और टैक्स विभाग स्वतः सक्रिय हो जाते हैं। इस मामले में जब जांच अधिकारियों ने संबंधित व्यक्ति के पैन कार्ड और उसके द्वारा फाइल किए गए ITR का मिलान किया, तो वे हैरान रह गए क्योंकि 5.2 करोड़ रुपये जैसी बड़ी रकम जमा कराने वाले शख्स ने रिटर्न में अपनी कुल कमाई महज 7.65 लाख रुपये ही दिखाई थी। इस भारी विसंगति के आधार पर टैक्स विभाग ने तुरंत करदाता को नोटिस जारी कर यह जवाब मांगा कि वह इस अघोषित नकदी के स्रोत (Source of Income) को साबित करे। संतोषजनक और पुख्ता जवाब न मिलने की स्थिति में विभाग ने उस पर टैक्स असेसमेंट की कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी, जिससे करदाता के लिए कानूनी और वित्तीय संकट गहराता चला गया।आईटीआर और बैंक जमा में भारी अंतर का दावा: करदाता की सफाई और दस्तावेजजब इनकम टैक्स विभाग ने करदाता से यह सवाल पूछा कि उसकी सीमित आय के बावजूद उसके बैंक खाते में 5.2 करोड़ रुपये कहां से आए, तो उस शख्स ने जो सफाई दी उसने अधिकारियों को और अधिक उलझन में डाल दिया। करदाता का तर्क था कि यह सारी राशि उसकी व्यक्तिगत छिपी हुई कमाई नहीं थी, बल्कि इसके पीछे कुछ खास व्यावसायिक और पारिवारिक लेन-देन तथा पहले से मौजूद संपत्तियों के मोचन (Liquidation) का पैसा शामिल था। उसने दावा किया कि उसने कुछ पुरानी संपत्तियां बेची थीं और इसके अलावा उसके व्यापारिक सहयोगियों द्वारा उसके खातों में विभिन्न भुगतानों के रूप में यह नकदी भेजी गई थी। हालांकि, टैक्स अधिकारियों ने शुरुआती दौर में उसके इन मौखिक और सतही दस्तावेजों को खारिज कर दिया, क्योंकि 7.65 लाख रुपये कमाने वाला कोई व्यक्ति अचानक से करोड़ों के कारोबार का हिसाब दे रहा था, जो प्रथम दृष्टया संदेहास्पद लग रहा था। इसके बाद अधिकारियों ने कानून सम्मत कार्रवाई करते हुए उसकी पूरी जमा राशि को उसकी अघोषित आय (Undisclosed Income) मानकर उस पर भारी टैक्स और जुर्माना लगा दिया, जिसके खिलाफ करदाता ने उच्च मंच का दरवाजा खटखटाया।ITAT का ऐतिहासिक फैसला: किन सबूतों और तर्कों के आधार पर मिली करदाता को राहत?यह मामला जब इनकम टैक्स अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) के समक्ष सुनवाई के लिए आया, तो बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलों और दस्तावेजों की बहुत बारीकी से और कानूनी दृष्टिकोण से समीक्षा की। ITAT ने पाया कि भले ही करदाता ने अपनी ITR में आय कम दिखाई हो और बैंक में नकदी अधिक जमा की हो, लेकिन उसने अपने दावों के समर्थन में कुछ ऐसे प्रामाणिक और वैधानिक दस्तावेज पेश कर दिए थे जिन्हें पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता था। न्यायाधिकरण ने इस बात पर जोर दिया कि केवल बैंक में नकदी जमा होने मात्र से ही उसे सीधे तौर पर कर चोरी या अवैध कमाई नहीं माना जा सकता, जब तक कि विभाग यह साबित न कर दे कि वह पैसा किसी करदाता की छिपी हुई कमाई का ही हिस्सा था। करदाता ने अपने व्यापारिक बहीखातों, बैंक स्टेटमेंट्स और लेन-देन करने वाले अन्य पक्षों के पुख्ता साक्ष्यों के जरिए यह साबित कर दिया कि वह पैसा व्यावसायिक चक्र और वैध लेन-देन का हिस्सा था। इन तर्कों से संतुष्ट होकर ITAT ने टैक्स विभाग के उस आदेश को खारिज कर दिया जिसमें करोड़ों रुपये पर पेनल्टी लगाई गई थी, और करदाता को इस बड़ी कानूनी राहत से राहत की सांस मिली।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 2:28 pm

महाराष्ट्र के 74% तालुकों में सूखे जैसे हालात, किसानों के लिए 12 राहत उपायों का ऐलान

कम मानसून और बारिश की बेरुखी के चलते महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में बड़े पैमाने पर सूखे जैसे हालात का ऐलान किया है। सरकार ने राज्य के कुल 358 तालुकों में से 265 तालुकों (लगभग 74%) में फसल नुकसान का आकलन करने और किसानों को तुरंत राहत पहुंचाने के ...

वेब दुनिया 28 Sep 2026 2:28 pm

भारी-भरकम राष्ट्रीय कर्ज के बावजूद दुनिया भर के निवेशकों का क्यों बना हुआ है भरोसा

वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों के पटल पर एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाला परिदृश्य देखने को मिल रहा है, जिसने दुनिया भर के अर्थशास्त्रियों और विश्लेषकों को गहराई से सोचने पर मजबूर कर दिया है। एक तरफ जहां संयुक्त राज्य अमेरिका का कुल राष्ट्रीय कर्ज (National Debt) लगातार ऐतिहासिक रूप से आसमान छू रहा है और वित्तीय विशेषज्ञों द्वारा इसे लेकर लगातार गंभीर चेतावनी दी जा रही है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका में आने वाला विदेशी प्रत्यक्ष और संस्थागत निवेश (Foreign Investment) सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। दुनिया भर के बड़े-बड़े कॉरपोरेट घराने, वैश्विक निवेशक और वित्तीय संस्थान अपने भारी-भरकम कर्ज के संकट की खबरों को नजरअंदाज करते हुए अमेरिकी बाजार में लगातार झमाझम पैसा लगा रहे हैं। इस विरोधाभासी स्थिति ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर किस वजह से निवेशक बढ़ते कर्ज के जोखिम के बावजूद अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर इतना अधिक भरोसा जता रहे हैं और इसके पीछे की रणनीतिक व आर्थिक मजबूरियां क्या हैं। आइए इस विस्तृत रिपोर्ट में जानते हैं कि अमेरिकी बाजार की वह कौन सी ताकतें हैं जो निवेशकों को अपनी ओर चुंबक की तरह खींच रही हैं।अमेरिकी अर्थव्यवस्था का बढ़ता राष्ट्रीय कर्ज और वित्तीय विशेषज्ञों की गहरी चिंताएंपिछले कुछ वर्षों में अमेरिकी सरकार के कुल कर्ज के आंकड़े जिस रफ्तार से बढ़े हैं, उसने वैश्विक वित्तीय संस्थानों की नींद उड़ा दी है। खरबों डॉलर के इस भारी कर्ज के बोझ के कारण कई रेटिंग एजेंसियों और अर्थशास्त्रियों ने यह आशंका जताई है कि यदि समय रहते अमेरिकी राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को नियंत्रित नहीं किया गया, तो यह दुनिया की पूरी वित्तीय व्यवस्था के लिए एक बड़ा संकट पैदा कर सकता है। किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में जब कर्ज उसकी जीडीपी (GDP) के अनुपात से अत्यधिक बढ़ जाता है, तो आमतौर पर निवेशकों का विश्वास उस देश की मुद्रा और परिसंपत्तियों से डगमगाने लगता है। हालांकि, अमेरिका के मामले में यह पारंपरिक आर्थिक सिद्धांत फिलहाल उल्टा पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है, क्योंकि कर्ज के आंकड़े जितने ऊंचे जा रहे हैं, विदेशी निवेशकों का उत्साह उतना ही अधिक बढ़ता जा रहा है। इस अनोखी परिस्थिति को समझने के लिए हमें अमेरिकी बाजार की आंतरिक संरचना, वहां के मजबूत बुनियादी ढांचे और वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर के दबदबे को बहुत करीब से देखना होगा।जोखिम के बावजूद अमेरिका में पैसा क्यों लगा रहे हैं दुनिया भर के इन्वेस्टर्स?इस सवाल का सबसे बड़ा और मुख्य जवाब यह है कि वैश्विक निवेशकों की नजर में आज भी अमेरिका दुनिया का सबसे सुरक्षित, पारदर्शी और तरल वित्तीय बाजार (Liquid Financial Market) बना हुआ है। भले ही अमेरिका पर राष्ट्रीय कर्ज का बोझ अधिक है, लेकिन वहां के शेयर बाजार, टेक सेक्टर, स्टार्टअप इकोसिस्टम और सरकारी बॉन्ड जैसी संपत्तियां निवेशकों को जितना सुरक्षित रिटर्न देती हैं, उतना दुनिया के किसी अन्य बाजार में मिलना बेहद कठिन है। इसके अलावा, दुनिया भर के केंद्रीय बैंक और बड़े फंड मैनेजर्स अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए अमेरिकी डॉलर और डॉलर-डिनोमिनेटेड एसेट्स को सबसे बड़ा ढाल मानते हैं। जब दुनिया के बाकी हिस्सों में भू-राजनीतिक तनाव, युद्ध और आर्थिक अनिश्चितताएं बढ़ती हैं, तो वैश्विक पूंजी का रुख स्वाभाविक रूप से अमेरिका की तरफ मुड़ जाता है, जिसे 'सेफ हेवन' (Safe Haven) की श्रेणी में रखा जाता है। यही कारण है कि कर्ज के भारी आंकड़ों की बहस एक तरफ चलती रहती है, लेकिन निवेशकों का पैसा लगातार अमेरिकी अर्थव्यवस्था की धमनियों में बहता रहता है।तकनीकी नवाचार, वॉल स्ट्रीट का दबदबा और वैश्विक आधिपत्य के भविष्य के मायनेअमेरिकी बाजार में विदेशी निवेश के इस ऐतिहासिक सैलाब के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर निर्माण, ग्रीन एनर्जी और अत्याधुनिक तकनीकी कंपनियों (Silicon Valley Tech Giants) का अभूतपूर्व विकास भी एक बहुत बड़ा कारण है। दुनिया भर के निवेशक यह अच्छी तरह जानते हैं कि भविष्य की तकनीकों पर नियंत्रण रखने वाली कंपनियां मुख्य रूप से अमेरिकी धरती पर ही पनप रही हैं, और इसलिए उनके शेयरों में निवेश करने से भारी मुनाफा कमाने की पूरी संभावना बनी रहती है। वॉल स्ट्रीट की मजबूत वित्तीय प्रणालियां और सख्त निवेशक संरक्षण कानून भी वैश्विक पूंजीपतियों को यह भरोसा दिलाते हैं कि उनका पैसा सुरक्षित हाथों में है। हालांकि, अर्थशास्त्रियों का यह भी मानना है कि वर्तमान में यह अंधाधुंध निवेश भले ही अमेरिकी अर्थव्यवस्था को गति दे रहा हो, लेकिन यदि आने वाले समय में कर्ज के संकट को गंभीरता से नहीं संभाला गया, तो इसके दूरगामी परिणाम वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी खतरनाक साबित हो सकते हैं। कुल मिलाकर, अमेरिका में रिकॉर्ड तोड़ विदेशी निवेश का यह मौजूदा दौर इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि आधुनिक वैश्विक वित्त की शतरंज पर अमेरिकी बाजार की पकड़ आज भी सबसे मजबूत बनी हुई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 2:27 pm

अमेरिका छोड़ भारत लौटे IITian, मच्छरों पर शुरू की रिसर्च

IIT-JEE 2000 में AIR-1 हासिल करने वाले नितिन गुप्ता ने कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई के बाद अमेरिका में बायोइन्फॉर्मेटिक्स, सिस्टम बायोलॉजी और न्यूरोसाइंस पर रिसर्च किया. 2014 में भारत लौटकर उन्होंने IIT कानपुर में रिसर्च शुरू की. उनकी लैब मच्छरों के दिमाग, गंध और व्यवहार के बीच संबंध को समझने पर काम करती है. उनका सफर टेक्नोलॉजी से न्यूरोसाइंस तक असामान्य अकादमिक बदलाव की मिसाल है.

आज तक 28 Sep 2026 2:26 pm

ChatGPT Astra की इस सनसनीखेज भविष्यवाणी से क्रिप्टो बाजार में मचा हड़कंप

क्रिप्टोकर करेंसी और डिजिटल एसेट्स के वैश्विक बाजार में इन दिनों हलचल अपने चरम पर पहुंच चुकी है, क्योंकि दुनिया की सबसे बड़ी और लोकप्रिय डिजिटल मुद्रा 'बिटकॉइन' (Bitcoin) को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा अनुमान सामने आया है। अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल 'ChatGPT Astra' ने हाल ही में क्रिप्टोकरेंसी के भविष्य और उसकी कीमतों की चाल का विश्लेषण करते हुए एक भविष्यवाणी की है, जिसके मुताबिक इस साल के अंत तक बिटकॉइन का भाव 95,000 अमेरिकी डॉलर के आंकड़े को छू सकता है। इस सनसनीखेज रिपोर्ट के सामने आने के बाद से दुनिया भर के निवेशकों, ट्रेडर्स और वित्तीय विश्लेषकों के बीच उत्साह और असमंजस का मिलाजुला माहौल बन गया है। जहां एक तरफ निवेशक इस तेजी की उम्मीद में अपनी रणनीतियां तैयार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बाजार के उतार-चढ़ाव को देखने वाले अनुभवी जानकारों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का यह अनुमान वास्तव में सच साबित होगा या फिर यह क्रिप्टो बाजार की अस्थिरता का एक और नया दौर बनकर रह जाएगा। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस भविष्यवाणी के पीछे के मुख्य कारण क्या हैं और आने वाले महीनों में बिटकॉइन का यह सफर कैसा रहने वाला है।क्या है ChatGPT Astra का बिटकॉइन को लेकर नया अनुमान और इसके कड़े तकनीकी आधार?आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग तकनीक ने पिछले कुछ वर्षों में वित्तीय बाजारों के रुझानों को समझने के अपने तरीकों में जबरदस्त सुधार किया है। इसी कड़ी में जब 'ChatGPT Astra' से हालिया बाजार के आंकड़ों, ब्लॉकचेन ट्रांजैक्शन वॉल्यूम, वैश्विक तरलता (Global Liquidity), केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरों और पिछले वर्षों के ऐतिहासिक ट्रेंड्स का विश्लेषण करने को कहा गया, तो सामने आया डेटा बेहद रोमांचक था। एआई मॉडल के विश्लेषण के अनुसार, वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों और संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) की बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए बिटकॉइन में एक बहुत बड़ी तेजी का दौर आने वाला है। एआई ने संकेत दिया है कि यदि बाजार का मौजूदा मोमेंटम इसी तरह बरकरार रहा और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में वित्तीय नीतियां क्रिप्टो के अनुकूल रहीं, तो 95,000 डॉलर का मील का पत्थर हासिल करना असंभव नहीं होगा। हालांकि, एआई ने यह भी चेतावनी दी है कि क्रिप्टो बाजार अपनी अत्यधिक अस्थिरता (High Volatility) के लिए जाना जाता है, इसलिए किसी भी प्रकार के भारी निवेश से पहले तकनीकी संकेतकों और बाजार की चाल पर बारीक नजर रखना बेहद जरूरी होता है।वैश्विक वित्तीय बाजार और संस्थागत निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी का असरबिटकॉइन की कीमतों में हाल के महीनों में आई तेजी के पीछे केवल खुदरा निवेशकों का ही हाथ नहीं है, बल्कि दुनिया भर के बड़े वित्तीय संस्थान, हेज फंड्स और कॉरपोरेट दिग्गज भी इसमें भारी मात्रा में पूंजी लगा रहे हैं। जब से दुनिया के कई देशों में बिटकॉइन ईटीएफ (Bitcoin ETFs) को आधिकारिक मंजूरी मिली है, तब से पारंपरिक निवेशकों के लिए इस डिजिटल मुद्रा में पैसा लगाना बहुत आसान हो गया है। ChatGPT Astra ने अपने विश्लेषण में इसी बात पर जोर दिया है कि जब संस्थागत पूंजी बड़े पैमाने पर किसी एसेट क्लास में प्रवेश करती है, तो उसकी कीमतें पारंपरिक नियमों को तोड़कर काफी ऊपर चली जाती हैं। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर मुद्रास्फीति (Inflation) से बचने के एक सुरक्षित विकल्प के रूप में भी अब निवेशक सोने के साथ-साथ डिजिटल गोल्ड यानी बिटकॉइन को प्राथमिकता दे रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे दुनिया डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही है, वैसे-वैसे बिटकॉइन जैसी विकेंद्रीकृत संपत्तियों की मांग में प्राकृतिक रूप से भारी इजाफा होना तय है, जो इसे 95,000 डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा।क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के जोखिम और निवेशकों के लिए जरूरी सावधानियांभले ही ChatGPT Astra का यह अनुमान निवेशकों के चेहरों पर मुस्कान ले आया हो और बाजार में एक नए बुल रन की उम्मीदें बंध गई हों, लेकिन वित्तीय विशेषज्ञों और बाजार के पुराने खिलाड़ियों का हमेशा से यह मानना रहा है कि क्रिप्टो बाजार में निवेश करना तलवार की धार पर चलने जैसा है। डिजिटल मुद्राओं की कीमतें रातों-रात वैश्विक राजनीतिक बयानों, नियमों में बदलाव या तकनीकी गड़बड़ियों के कारण आसमान से जमीन पर आ सकती हैं। यही वजह है कि वित्तीय सलाहकार हमेशा यह सलाह देते हैं कि किसी भी एआई मॉडल के अनुमान या सोशल मीडिया के बहकावे में आकर अपनी जीवनभर की जमापूंजी को एक साथ जोखिम में नहीं डालना चाहिए। निवेशकों को हमेशा अपने पोर्टफोलियो को डाइविसीफाई (Diversify) करना चाहिए और केवल उतनी ही राशि का निवेश करना चाहिए जिसे वे खोने का जोखिम उठा सकें। यदि आप भी बिटकॉइन या किसी अन्य क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने का मन बना रहे हैं, तो अपने स्तर पर पूरी रिसर्च (DYOR - Do Your Own Research) करने के बाद ही कोई अंतिम वित्तीय निर्णय लें, ताकि आप अप्रत्याशित बाजार जोखिमों से सुरक्षित रह सकें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Sep 2026 2:26 pm

क्या आपने खाई है पानी वाली लिट्टी? जानें इसे बनाने का आासान तरीका

Pani Wali Litti Recipe: लिट्टी-चोखा तो आपने कई बार खाया होगा लेकिन क्या आपने कभी पानी में पकाई हुई लिट्टी ट्राई की है? इस खास तरीके से बनी लिट्टी को बाद में कम तेल में फ्राई किया जाता है, जिससे यह अंदर से सॉफ्ट और बाहर से हल्की क्रिस्पी बनती है.

आज तक 28 Sep 2026 2:25 pm

बिहार की कानून-व्यवस्था पर चिराग पासवान ने अपनी ही सरकार से पूछा सवाल, बोले समय रहते कार्रवाई जरूरी

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार में अपराध और बेटियों की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए राज्य सरकार से समय रहते कार्रवाई करने को कहा है। अपनी पार्टी के सरकार में सहयोगी होने के बावजूद उन्होंने प्रशासन के कामकाज पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने समर्थन वापस लेने की घोषणा नहीं की है।

तहलका 28 Sep 2026 2:25 pm